raw_text stringlengths 113 616k | normalized_text stringlengths 98 618k |
|---|---|
कहा जा रहा है कि आपकी फिल्म रॉकस्टार पर 70 करोड़ रुपए लगे हैं. क्या इस वजह से आपको इसके रिजल्ट को लेकर थोड़ी टेंशन हो रही है?
मुझे नहीं पता कि फिल्म की कीमत क्या है. मुझे नहीं लगता कि इतनी कीमत सही है, लेकिन इस फिल्म को मैं अपॉच्र्युटी की तरह देखता हूं. ये एक लाइफटाइम रोल है जो मुझे इतनी कम उम्र में ऑफर हुआ है. हमने बस फिल्म के लिए खुद को सरेंडर कर दिया और ये भी रियलाइज नहीं किया कि फिल्म कब शुरू हो रही है और कब खत्म.
मैं फिल्म बनाने के लिए पैशनेट रहा हूं. लेकिन मुझे लगता है कि अभी एक इम्मैच्योर एम्बिशन है. मेरे पास आइडियाज हैं लेकिन मेरा डिसएडवॉन्टेज ये है कि मैं इन्हें लिख नहीं सकता. मुझे लगता है कि ऐसा दो या तीन साल में होगा.
आप 32 साल की एज तक डैड भी बनना चाहते थे?
ये भी एक इम्मेच्योर स्टेटमेंट था. मैं शादी की सही वजह मिलने पर ही शादी करना चाहता हूं. फिजिकल अट्रैक्शन इम्पॉर्टेंट हो सकता है लेकिन डीप कनेक्शन होना चाहिए. बच्चे इसी का ऑर्गेनिक रिजल्ट हैं और वे तभी आएंगे जब उन्हें आना होगा. मैं अभी 29 साल का हूं, इसलिए बच्चे के लिए मुझे अभी शादी करनी होगी. ये तो अभी होने वाला नहीं है.
आपकी कैसनोवा की इमेज कैसे बन गई?
जाने लगा.
हां, हो सकता है मगर मैं इस तरह के टैग्स को सीरियसली नहीं लेता.
क्या आपको कैसनोवा सुनकर बुरा फील होता है?
पहले फील होता था, लेकिन अब मैं इसके लिए प्रिपेयर हो गया हूं. मुझे पहले ही पता है कि हर न्यूकमर जिसके साथ मैं काम करूंगा उसके साथ मेरा नाम जोड़ा जाएगा. मैं सिंगल हूं और अगर मैं किसी के साथ डिनर पर जाना चाहता हूं तो इसमें कोई बुराई नहीं है.
क्या इस टैग को लेकर आपके पैरेंट्स अपसेट हैं?
गायब हो जाएगी.
गल्र्स से आपको जो अटेंशन मिलता है उससे आप कम्फर्टेबल हैं?
हां, मुझे अच्छा लगता है जब मेरी शर्ट और कपड़े फाड़ दिए जाते हैं. मुझे ऑटोग्राफ देना पसंद है.
इमरान खान के साथ आपके ऑन/ऑफ रिलेशनशिप के बारे में अक्सर सुनने में आता है?
मैं उनकी रिस्पेक्ट करता हूं, वह अच्छे हैं, मेच्योर इंसान हैं लेकिन हम कभी बेस्ट फ्रेंड्स में से नहीं रहे हैं. हम सब प्रतीक, शाहिद, मैं और इमरान एक-दूसरे को जानते हैं. हम लोगों के एक-दूसरे के खिलाफ करना बेकार है क्योंकि इससे हम दोनों को हार्ड वर्क करने की इंस्पिरेशन मिलती है. हम खान्स की विरासत को आगे ले जाना चाहते हैं और ये बड़ी रिस्पॉन्सिबिलिटी है. मैं चाहता हूं कि मेरी फिल्में इतनी हिट हों जितनी खान ब्रिगेड की होती हैं, हो सकता है कि मैं कुछ ज्यादा सोच रहा हूं, लेकिन वे यहां 25 साल से हैं. ये अचीव करने में वक्त लगता है, लेकिन मुझे पता है कि मैं इसे कर लूंगा, मैं ऊंचाइयों को छूना चाहता हूं.
क्या आपने माई फ्रेंड पिंटो फिल्म रिजेक्ट की थी?
जिस फिल्म को मैंने ना कह दिया हो, उसके बारे में बात करना बहुत गलत है. वो फिल्में चल भी जाती हैं तो मुझे रिग्रेट नहीं होता.
जैसे डेल्ही बेली?
शायद, लेकिन मैं अपने करियर ग्राफ से खुश हूं.
अब आप दीपिका पादुकोण के साथ एक फिल्म कर रहे हैं. क्या अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड के साथ काम करना अॅकवर्ड लगेगा?
दीपिका और मैं आज एक पॉजिटिव प्लेस पर हैं. मैं चाहता हूं कि वह जिंदगी भर मेरी दोस्त रहें. वह आगे बढ़ चुकी हैं और मैं भी. लेकिन आप अपनी जिंदगी से किसी इंसान को इसलिए तो नहीं निकाल सकते कि अब आप रिलेशनशिप में नहीं हैं. वह मेरी जिंदगी का हिस्सा रही हैं हमारे बीच एक खूबसूरत रिलेशनशिप रहा है. मैं उनसे इसलिए तो किनारा नहीं कर सकता कि अब हम साथ नहीं हैं.
फिर तब क्या हुआ था जब दीपिका और सोनम ने करन के चैट शो पर आपके बारे में बोला था?
मुझे इतना बुरा नहीं लगा. मैं सोनम को बचपन से जानता हूं और उसे हमेशा पसंद करता रहूंगा. वह थोड़ी सी ड्र्रामा क्वीन है लेकिन मैं उसे पसंद करता हूं. अगर उसे मैं सेक्सी नहीं लगता तो ठीक है, उसमें ये बात पब्लिक प्लेटफॉर्म में कहने की हिम्मत तो है.
डैड एकदम ऑनेस्ट हैं. उन्होंने अंजाना अंजानी तक नहीं देखी क्योंकि उन्हें इसके ट्र्रेलर्स ही पसंद नहीं आए थे. इसलिए थैंक्स टु हिम, मुझे सच्चाई का पता लग जाता है. अब तक मेरी परफॉर्मेंस पर वह लïट्टू नहीं हुए. उम्मीद है कि उन्हें रॉकस्टार पसंद आएगी.
| कहा जा रहा है कि आपकी फिल्म रॉकस्टार पर सत्तर करोड़ रुपए लगे हैं. क्या इस वजह से आपको इसके रिजल्ट को लेकर थोड़ी टेंशन हो रही है? मुझे नहीं पता कि फिल्म की कीमत क्या है. मुझे नहीं लगता कि इतनी कीमत सही है, लेकिन इस फिल्म को मैं अपॉच्र्युटी की तरह देखता हूं. ये एक लाइफटाइम रोल है जो मुझे इतनी कम उम्र में ऑफर हुआ है. हमने बस फिल्म के लिए खुद को सरेंडर कर दिया और ये भी रियलाइज नहीं किया कि फिल्म कब शुरू हो रही है और कब खत्म. मैं फिल्म बनाने के लिए पैशनेट रहा हूं. लेकिन मुझे लगता है कि अभी एक इम्मैच्योर एम्बिशन है. मेरे पास आइडियाज हैं लेकिन मेरा डिसएडवॉन्टेज ये है कि मैं इन्हें लिख नहीं सकता. मुझे लगता है कि ऐसा दो या तीन साल में होगा. आप बत्तीस साल की एज तक डैड भी बनना चाहते थे? ये भी एक इम्मेच्योर स्टेटमेंट था. मैं शादी की सही वजह मिलने पर ही शादी करना चाहता हूं. फिजिकल अट्रैक्शन इम्पॉर्टेंट हो सकता है लेकिन डीप कनेक्शन होना चाहिए. बच्चे इसी का ऑर्गेनिक रिजल्ट हैं और वे तभी आएंगे जब उन्हें आना होगा. मैं अभी उनतीस साल का हूं, इसलिए बच्चे के लिए मुझे अभी शादी करनी होगी. ये तो अभी होने वाला नहीं है. आपकी कैसनोवा की इमेज कैसे बन गई? जाने लगा. हां, हो सकता है मगर मैं इस तरह के टैग्स को सीरियसली नहीं लेता. क्या आपको कैसनोवा सुनकर बुरा फील होता है? पहले फील होता था, लेकिन अब मैं इसके लिए प्रिपेयर हो गया हूं. मुझे पहले ही पता है कि हर न्यूकमर जिसके साथ मैं काम करूंगा उसके साथ मेरा नाम जोड़ा जाएगा. मैं सिंगल हूं और अगर मैं किसी के साथ डिनर पर जाना चाहता हूं तो इसमें कोई बुराई नहीं है. क्या इस टैग को लेकर आपके पैरेंट्स अपसेट हैं? गायब हो जाएगी. गल्र्स से आपको जो अटेंशन मिलता है उससे आप कम्फर्टेबल हैं? हां, मुझे अच्छा लगता है जब मेरी शर्ट और कपड़े फाड़ दिए जाते हैं. मुझे ऑटोग्राफ देना पसंद है. इमरान खान के साथ आपके ऑन/ऑफ रिलेशनशिप के बारे में अक्सर सुनने में आता है? मैं उनकी रिस्पेक्ट करता हूं, वह अच्छे हैं, मेच्योर इंसान हैं लेकिन हम कभी बेस्ट फ्रेंड्स में से नहीं रहे हैं. हम सब प्रतीक, शाहिद, मैं और इमरान एक-दूसरे को जानते हैं. हम लोगों के एक-दूसरे के खिलाफ करना बेकार है क्योंकि इससे हम दोनों को हार्ड वर्क करने की इंस्पिरेशन मिलती है. हम खान्स की विरासत को आगे ले जाना चाहते हैं और ये बड़ी रिस्पॉन्सिबिलिटी है. मैं चाहता हूं कि मेरी फिल्में इतनी हिट हों जितनी खान ब्रिगेड की होती हैं, हो सकता है कि मैं कुछ ज्यादा सोच रहा हूं, लेकिन वे यहां पच्चीस साल से हैं. ये अचीव करने में वक्त लगता है, लेकिन मुझे पता है कि मैं इसे कर लूंगा, मैं ऊंचाइयों को छूना चाहता हूं. क्या आपने माई फ्रेंड पिंटो फिल्म रिजेक्ट की थी? जिस फिल्म को मैंने ना कह दिया हो, उसके बारे में बात करना बहुत गलत है. वो फिल्में चल भी जाती हैं तो मुझे रिग्रेट नहीं होता. जैसे डेल्ही बेली? शायद, लेकिन मैं अपने करियर ग्राफ से खुश हूं. अब आप दीपिका पादुकोण के साथ एक फिल्म कर रहे हैं. क्या अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड के साथ काम करना अॅकवर्ड लगेगा? दीपिका और मैं आज एक पॉजिटिव प्लेस पर हैं. मैं चाहता हूं कि वह जिंदगी भर मेरी दोस्त रहें. वह आगे बढ़ चुकी हैं और मैं भी. लेकिन आप अपनी जिंदगी से किसी इंसान को इसलिए तो नहीं निकाल सकते कि अब आप रिलेशनशिप में नहीं हैं. वह मेरी जिंदगी का हिस्सा रही हैं हमारे बीच एक खूबसूरत रिलेशनशिप रहा है. मैं उनसे इसलिए तो किनारा नहीं कर सकता कि अब हम साथ नहीं हैं. फिर तब क्या हुआ था जब दीपिका और सोनम ने करन के चैट शो पर आपके बारे में बोला था? मुझे इतना बुरा नहीं लगा. मैं सोनम को बचपन से जानता हूं और उसे हमेशा पसंद करता रहूंगा. वह थोड़ी सी ड्र्रामा क्वीन है लेकिन मैं उसे पसंद करता हूं. अगर उसे मैं सेक्सी नहीं लगता तो ठीक है, उसमें ये बात पब्लिक प्लेटफॉर्म में कहने की हिम्मत तो है. डैड एकदम ऑनेस्ट हैं. उन्होंने अंजाना अंजानी तक नहीं देखी क्योंकि उन्हें इसके ट्र्रेलर्स ही पसंद नहीं आए थे. इसलिए थैंक्स टु हिम, मुझे सच्चाई का पता लग जाता है. अब तक मेरी परफॉर्मेंस पर वह लïट्टू नहीं हुए. उम्मीद है कि उन्हें रॉकस्टार पसंद आएगी. |
डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि और दो अन्य संत मंगलवार को करीब छह घंटे तक गाजियाबाद पुलिस की कस्टडी में रहे। लोगों को लगातार मिल रहीं 'सिर तन से जुदा' करने जैसी धमकियों को लेकर आज वे दिल्ली में राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि के पास उपवास पर बैठने के लिए जा रहे थे। कानून व्यवस्था बिगड़ने की दृष्टि से पुलिस ने उन्हें सुबह 10 बजे यूपी-दिल्ली बॉर्डर से कस्टडी में ले लिया और शाम 4 बजे तक कौशांबी थाने में बैठाए रखा। यति के साथ अमृतानंद महाराज और सत्यदेवानंद महाराज भी पुलिस कस्टडी में बैठे रहे। शाम 4 बजे तीनों को छोड़ दिया गया।
'जो हिन्दुओं की आवाज उठाता, उसे मिलती है धमकी'
पिछले दिनों एक बयान में यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा था, "आज इस्लामिक जिहादियों द्वारा जितना अत्याचार हिंदुओं पर किया जा रहा है, वो अवर्णनीय है। बहुत ही सुनियोजित तरीके से हर दिन इस्लाम के जिहादी किसी ना किसी हिंदू की हत्या करते हैं और प्रतिवर्ष लाखों हिन्दू बेटियों को बर्बाद कर देते हैं। जो हिंदुओं की आत्मरक्षा के लिए आवाज उठाता है, उसे 'सिर तन से जुदा' करने की धमकियां दी जाती हैं। "
यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा, "देश में हिंदुओं की दुर्दशा के पीछे गांधी की विचारधारा है, जो आज हर राजनेता का वैचारिक आदर्श बन चुका है। इसलिए गांधी को ही हिंदुओं के विनाश का जिम्मेदार समझते हुए मुझे गांधी प्रतिमा पर एक दिवसीय उपवास रखकर अनुयायियों का ध्यान इस कत्लेआम की तरफ दिलाना था। "
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि और दो अन्य संत मंगलवार को करीब छह घंटे तक गाजियाबाद पुलिस की कस्टडी में रहे। लोगों को लगातार मिल रहीं 'सिर तन से जुदा' करने जैसी धमकियों को लेकर आज वे दिल्ली में राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि के पास उपवास पर बैठने के लिए जा रहे थे। कानून व्यवस्था बिगड़ने की दृष्टि से पुलिस ने उन्हें सुबह दस बजे यूपी-दिल्ली बॉर्डर से कस्टडी में ले लिया और शाम चार बजे तक कौशांबी थाने में बैठाए रखा। यति के साथ अमृतानंद महाराज और सत्यदेवानंद महाराज भी पुलिस कस्टडी में बैठे रहे। शाम चार बजे तीनों को छोड़ दिया गया। 'जो हिन्दुओं की आवाज उठाता, उसे मिलती है धमकी' पिछले दिनों एक बयान में यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा था, "आज इस्लामिक जिहादियों द्वारा जितना अत्याचार हिंदुओं पर किया जा रहा है, वो अवर्णनीय है। बहुत ही सुनियोजित तरीके से हर दिन इस्लाम के जिहादी किसी ना किसी हिंदू की हत्या करते हैं और प्रतिवर्ष लाखों हिन्दू बेटियों को बर्बाद कर देते हैं। जो हिंदुओं की आत्मरक्षा के लिए आवाज उठाता है, उसे 'सिर तन से जुदा' करने की धमकियां दी जाती हैं। " यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा, "देश में हिंदुओं की दुर्दशा के पीछे गांधी की विचारधारा है, जो आज हर राजनेता का वैचारिक आदर्श बन चुका है। इसलिए गांधी को ही हिंदुओं के विनाश का जिम्मेदार समझते हुए मुझे गांधी प्रतिमा पर एक दिवसीय उपवास रखकर अनुयायियों का ध्यान इस कत्लेआम की तरफ दिलाना था। " This website follows the DNPA Code of Ethics. |
भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग तेजी से बढ़ रही है जिसके चलते कार निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक कार और टू व्हीलर निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक लॉन्च कर रही हैं जिसके चलते इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की रेंज काफी बड़ी हो चुकी है जिसमें एक और नई इलेक्ट्रिक बाइक का नाम जुड़ गया है।
इलेक्ट्रिक टू व्हील निर्माता कंपनी Ignitron Motocorp ने अपनी इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च की है जो इस देश की पहली इलेक्ट्रिक क्रूजर बाइक है जिसे कंपनी ने अपने CYBORG ब्रांड के तहत बाजार में उतारा है और इसको Cyborg Yoda नाम दिया गया है।
कंपनी ने भारतीय बाजार में मौजूद तमाम विकल्पों को देखने के बाद इस बाइक को क्रूजर बाइक बनाने का निर्णय लिया था जिसेक बाद इसका निर्माण किया गया है।
कंपनी ने इस बाइक को एक रेट्रो लुक के साथ डिजाइन किया है जो आपको एक क्रूजर बाइक के फील के साथ क्लासिक रेट्रो स्टाइल भी देता है।
इस बाइक की बैटरी और मोटर पावर को लेकर कंपनी ने अभी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है लेकिन इसकी ड्राइविंग रेंज को लेकर कंपनी का दावा है कि ये क्रूजर बाइक एक बार फुल चार्ज होने के बाद 120 किलोमीटर की लंबी रेंज देती है।
(ये भी पढ़ें- टॉप 3 स्कूटर जो देते हैं स्टाइलिश डिजाइन के साथ 57 kmpl तक की दमदार माइलेज, पढ़ें पूरी डिटेल)
इस बाइक में दी गई है स्वाइपेबल बैटरी जिसे कंपनी द्वारा दिए जा रहे कॉम्पैक्ट होम चार्जर के जरिए आप ऑफिस, घर, दुकान या कहीं दूसरी जगह आसानी से चार्ज कर सकते हैं। जिसमें ये चार्जर 30 मिनट में 50 प्रतिशत तक बैटरी चार्ज कर देगा।
(ये भी पढ़ें- पेट्रोल पंप का रास्ता भुला देंगे ये टॉप 3 इलेक्ट्रिक स्कूटर, सिंगल चार्ज में देते हैं 236 km तक की रेंज)
इसके अलावा कंपनी ने घोषणा की है कि इस चार्जिंग की समस्या से निपटने के लिए कंपनी रोड साइड असिस्टेंस के लिए स्थानीय वेंडर्स के साथ भी साझेदारी करेगी। स्थानीय कंपनियों से साझेदारी के बाद हर एक किलोमीटर पर एक चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जाएगा।
इस इलेक्ट्रिक क्रूजर बाइक साइबोर्ग योडा के फीचर्स की बात करें तो कंपनी ने इसमें एंटी थेफ्ट अलार्म, पिलर बैकरेस्ट, कीलेस स्टार्ट-स्टॉप, एलईडी हैडलाइट और टेल लाइट्स, जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
कंपनी ने इस क्रूजर इलेक्ट्रिक बाइक की कीमत को लेकर अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है लेकिन जानकारों के मुताबिक, कंपनी इस बाइक को 1. 25 से 1. 50 लाख रुपये के बीच पेश कर सकती है।
| भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग तेजी से बढ़ रही है जिसके चलते कार निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक कार और टू व्हीलर निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक लॉन्च कर रही हैं जिसके चलते इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की रेंज काफी बड़ी हो चुकी है जिसमें एक और नई इलेक्ट्रिक बाइक का नाम जुड़ गया है। इलेक्ट्रिक टू व्हील निर्माता कंपनी Ignitron Motocorp ने अपनी इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च की है जो इस देश की पहली इलेक्ट्रिक क्रूजर बाइक है जिसे कंपनी ने अपने CYBORG ब्रांड के तहत बाजार में उतारा है और इसको Cyborg Yoda नाम दिया गया है। कंपनी ने भारतीय बाजार में मौजूद तमाम विकल्पों को देखने के बाद इस बाइक को क्रूजर बाइक बनाने का निर्णय लिया था जिसेक बाद इसका निर्माण किया गया है। कंपनी ने इस बाइक को एक रेट्रो लुक के साथ डिजाइन किया है जो आपको एक क्रूजर बाइक के फील के साथ क्लासिक रेट्रो स्टाइल भी देता है। इस बाइक की बैटरी और मोटर पावर को लेकर कंपनी ने अभी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है लेकिन इसकी ड्राइविंग रेंज को लेकर कंपनी का दावा है कि ये क्रूजर बाइक एक बार फुल चार्ज होने के बाद एक सौ बीस किलोग्राममीटर की लंबी रेंज देती है। इस बाइक में दी गई है स्वाइपेबल बैटरी जिसे कंपनी द्वारा दिए जा रहे कॉम्पैक्ट होम चार्जर के जरिए आप ऑफिस, घर, दुकान या कहीं दूसरी जगह आसानी से चार्ज कर सकते हैं। जिसमें ये चार्जर तीस मिनट में पचास प्रतिशत तक बैटरी चार्ज कर देगा। इसके अलावा कंपनी ने घोषणा की है कि इस चार्जिंग की समस्या से निपटने के लिए कंपनी रोड साइड असिस्टेंस के लिए स्थानीय वेंडर्स के साथ भी साझेदारी करेगी। स्थानीय कंपनियों से साझेदारी के बाद हर एक किलोमीटर पर एक चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जाएगा। इस इलेक्ट्रिक क्रूजर बाइक साइबोर्ग योडा के फीचर्स की बात करें तो कंपनी ने इसमें एंटी थेफ्ट अलार्म, पिलर बैकरेस्ट, कीलेस स्टार्ट-स्टॉप, एलईडी हैडलाइट और टेल लाइट्स, जैसे फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी ने इस क्रूजर इलेक्ट्रिक बाइक की कीमत को लेकर अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है लेकिन जानकारों के मुताबिक, कंपनी इस बाइक को एक. पच्चीस से एक. पचास लाख रुपये के बीच पेश कर सकती है। |
Indian Railways Seats Allocation: इंडियन रेलवे की शुरूआत 6 मई, 1836 को ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी. भारतीय रेलवे का इतिहास आज 186 साल पुराना हो चुका है. इंडियन रेलवे की पहली ट्रेन 19वीं सदी में चलाई गई थी. क़रीब 1,15,000 किमी में फ़ैले अपने विशाल नेटवर्क के साथ भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है. इंडियन रेलवे आज दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क बन चुका है. भारत में हर रोज क़रीब ढाई करोड़ यात्री ट्रेन में सफ़र करते हैं. भारत के 7349 स्टेशनों से रोजाना 20 हज़ार से अधिक यात्री ट्रेनें और 7 हज़ार से अधिक मालगाड़ियां चलती हैं.
भारतीय रेलवे (Indian Railways) की हज़ारों ट्रेनें रोजाना यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रेन में रिजर्वेशन या टिकट बुक कराते समय मनचाही सीट क्यों नहीं सेलेक्ट कर पाते? यात्रा के दौरान हमें रेलवे की ओर से जो सीट मुहैया कराई जाती है, उसी में सफर करना पड़ता है. आख़िर सिनेमाहॉल की तरह हम ट्रेन में भी अपनी मनचाही सीट बुक क्यों नहीं कर सकते हैं?
दरअसल, इसके पीछे रेलवे का विज्ञान छिपा हुआ है. ट्रेन में रिजर्वेशन करना सिनेमाहॉल में सीट बुक करने से एकदम अलग होता है. क्योंकि थियेटर एक कमरे की तरह होता है, जबकि ट्रेन एक चलती फिरती गाड़ी है. इंडियन रेलवे की ट्रेनों में सुरक्षा सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है. लिहाजा रेलवे के बुकिंग सॉफ़्टवेयर को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ये सॉफ़्टवेयर इस तरह से टिकट बुक करेगा ताकि ट्रेन में समान रूप से लोड बांटा जा सके.
कैसे होती है सीट की बुकिंग?
अगर किसी ट्रेन में S1, S2, S3, S4, S5, S6, S7, S8, S9 और S10 नंबर वाले स्लीपर कोच हैं तो इसका मतलब सभी कोच में 72-72 सीटें होंगी. इस दौरान जब कोई ट्रेन में पहली बार टिकट बुक करेगा, तो सॉफ़्टवेयर सबसे पहले बीच के कोच में 1 सीट आवंटित करेगा. उदाहरण के तौर पर कोच में S5, 30-40 नंबर की कोई एक सीट मिलेगी. इसके अलावा रेलवे पहले 'लोअर बर्थ' को बुक करता है, ताकि ट्रेन को गुरुत्वाकर्षण केंद्र कम मिले.
इंडियन रेलवे (Indian Railway) का सॉफ़्टवेयर इस तरह से सीटें बुक करता है ताकि सभी कोचों में एक समान यात्री हों. इस दौरान ट्रेन में सीटों की बुकिंग बीच की सीटों 36 से शुरू होकर गेट के पास की सीटों 1-2 या 71-72 से 'निचली बर्थ' से 'ऊपरी बर्थ' तक जाती है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ट्रेन का संतुलन बना रहे और सभी कोच पर समान भार पड़े. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अंत में टिकट बुक करने वाले लोगों को 'अपर बर्थ' आवंटित की जाती है.
अगर IRCTC द्वारा इस नियम का पालन नहीं किया जाता है तो ट्रेन के पटरी से उतरने की संभावना बढ़ जाती है. इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं- अगर S1, S2, S3 पूरी तरह से भरे हुए हैं और S5, S6, S7 पूरी तरह से खाली हैं. जबकि अन्य कोच आंशिक रूप से भरे हैं तो ऐसे में जब ट्रेन मोड़ लेती है, तो कुछ डिब्बों को Centrifugal Force का सामना करना पड़ता है तो कुछ को नहीं. इस स्थिति में ट्रेन के पहिए पटरी से उतर की संभावना 100 % बढ़ जाती है.
यही वजह है कि इंडियन रेलवे (Indian Railway) पैसेंजर्स को ट्रेन में सीट चुनने की अनुमति नहीं देती है.
ये भी पढ़ें- ट्रेन के डिब्बे के ऊपर 5 अंकों की संख्या लिखी होती है, कभी सोचा है कि इसका मतलब क्या होता है?
| Indian Railways Seats Allocation: इंडियन रेलवे की शुरूआत छः मई, एक हज़ार आठ सौ छत्तीस को ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी. भारतीय रेलवे का इतिहास आज एक सौ छियासी साल पुराना हो चुका है. इंडियन रेलवे की पहली ट्रेन उन्नीसवीं सदी में चलाई गई थी. क़रीब एक,पंद्रह,शून्य किमी में फ़ैले अपने विशाल नेटवर्क के साथ भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है. इंडियन रेलवे आज दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क बन चुका है. भारत में हर रोज क़रीब ढाई करोड़ यात्री ट्रेन में सफ़र करते हैं. भारत के सात हज़ार तीन सौ उनचास स्टेशनों से रोजाना बीस हज़ार से अधिक यात्री ट्रेनें और सात हज़ार से अधिक मालगाड़ियां चलती हैं. भारतीय रेलवे की हज़ारों ट्रेनें रोजाना यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रेन में रिजर्वेशन या टिकट बुक कराते समय मनचाही सीट क्यों नहीं सेलेक्ट कर पाते? यात्रा के दौरान हमें रेलवे की ओर से जो सीट मुहैया कराई जाती है, उसी में सफर करना पड़ता है. आख़िर सिनेमाहॉल की तरह हम ट्रेन में भी अपनी मनचाही सीट बुक क्यों नहीं कर सकते हैं? दरअसल, इसके पीछे रेलवे का विज्ञान छिपा हुआ है. ट्रेन में रिजर्वेशन करना सिनेमाहॉल में सीट बुक करने से एकदम अलग होता है. क्योंकि थियेटर एक कमरे की तरह होता है, जबकि ट्रेन एक चलती फिरती गाड़ी है. इंडियन रेलवे की ट्रेनों में सुरक्षा सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है. लिहाजा रेलवे के बुकिंग सॉफ़्टवेयर को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ये सॉफ़्टवेयर इस तरह से टिकट बुक करेगा ताकि ट्रेन में समान रूप से लोड बांटा जा सके. कैसे होती है सीट की बुकिंग? अगर किसी ट्रेन में Sएक, Sदो, Sतीन, Sचार, Sपाँच, Sछः, Sसात, Sआठ, Sनौ और Sदस नंबर वाले स्लीपर कोच हैं तो इसका मतलब सभी कोच में बहत्तर-बहत्तर सीटें होंगी. इस दौरान जब कोई ट्रेन में पहली बार टिकट बुक करेगा, तो सॉफ़्टवेयर सबसे पहले बीच के कोच में एक सीट आवंटित करेगा. उदाहरण के तौर पर कोच में Sपाँच, तीस-चालीस नंबर की कोई एक सीट मिलेगी. इसके अलावा रेलवे पहले 'लोअर बर्थ' को बुक करता है, ताकि ट्रेन को गुरुत्वाकर्षण केंद्र कम मिले. इंडियन रेलवे का सॉफ़्टवेयर इस तरह से सीटें बुक करता है ताकि सभी कोचों में एक समान यात्री हों. इस दौरान ट्रेन में सीटों की बुकिंग बीच की सीटों छत्तीस से शुरू होकर गेट के पास की सीटों एक-दो या इकहत्तर-बहत्तर से 'निचली बर्थ' से 'ऊपरी बर्थ' तक जाती है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ट्रेन का संतुलन बना रहे और सभी कोच पर समान भार पड़े. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अंत में टिकट बुक करने वाले लोगों को 'अपर बर्थ' आवंटित की जाती है. अगर IRCTC द्वारा इस नियम का पालन नहीं किया जाता है तो ट्रेन के पटरी से उतरने की संभावना बढ़ जाती है. इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं- अगर Sएक, Sदो, Sतीन पूरी तरह से भरे हुए हैं और Sपाँच, Sछः, Sसात पूरी तरह से खाली हैं. जबकि अन्य कोच आंशिक रूप से भरे हैं तो ऐसे में जब ट्रेन मोड़ लेती है, तो कुछ डिब्बों को Centrifugal Force का सामना करना पड़ता है तो कुछ को नहीं. इस स्थिति में ट्रेन के पहिए पटरी से उतर की संभावना एक सौ % बढ़ जाती है. यही वजह है कि इंडियन रेलवे पैसेंजर्स को ट्रेन में सीट चुनने की अनुमति नहीं देती है. ये भी पढ़ें- ट्रेन के डिब्बे के ऊपर पाँच अंकों की संख्या लिखी होती है, कभी सोचा है कि इसका मतलब क्या होता है? |
CHAIBASA : चाईबासा शहर में भी अब ट्रैफिक नियम लागू होने वाला है। इसके लिए गुरुवार को लारसन एंड टर्बो कंपनी की ओर से शहर में चलने वाले गाडि़यों का सर्वे सरायकेला मोड़ पर किया जा रहा है। इस संबंध में कंपनी के प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि चाईबासा शहर में कितनी गाडि़यां हैं, कितनी शहर आती हैं और कितनी शहर से बाहर जाती हैं। इसका इसका अनुमानित सर्वे किया जा रहा है। यह सर्वे आने वाले 20 वर्षो को ध्यान में रख कर तैयार किया जा रहा है, जिससे चाईबासा शहर में भी ट्रैफिक का व्यवस्था की किया जा सके। इसके अलावा शहर बाहर से बाईपास व रिंग रोड़ भी बनाया जा सके। गाड़ी की संख्या को देखते हुए शहर के बीच से बस स्टैंड को भी हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी मुख्य मार्ग पर सर्वे किया जायेगा। जिससे चाईबासा शहर के अंदर आने व जाने वाले वाहनों की संख्या का पता लगाया जा सके। इसके बाद शहर के अंदर भी बस स्टेंड समेत अन्य जगहों का सर्वे किया जायेगा।
CHAIBASA : कोल्हान श्रमिक युवा संघ के नेतृत्व में ख्क् मार्च को किरीबुरू मेघाहातुबुरू लौह अयस्क खदान के मुख्य गेट पर विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय अध्यक्ष आशिषकुदादा ने दी। उन्होंने बताया कि शिक्षित बेरोजगार युवक युवतियां, ठेका मजदूर एवं विभिन्न बेरोजगार संगठन सेल प्रबंधन से बहाली के लिए लिखित परीक्षा को रद्द कर मौखिक साक्षात्कार द्वारा नियुक्ति की मांग करेगा। उन्होंने सभी बेरोजगार युवकों-युवतियों को इस रैली में शामिल होने की अपील की।
ष्ट॥ न्ढ्ढक्चन्स्न् : इंडियन रेड क्रास सोसाइटी चाईबासा की ओर से निःशुल्क हेपाटाइटिस बी और हेपाटाइटिस ए का टीकाकरण शिविर स्थानीय कार्यालय मधु बाजार में ख्क् मार्च की सुबह क्0. फ्0 बजे से लगाया जायेगा।
| CHAIBASA : चाईबासा शहर में भी अब ट्रैफिक नियम लागू होने वाला है। इसके लिए गुरुवार को लारसन एंड टर्बो कंपनी की ओर से शहर में चलने वाले गाडि़यों का सर्वे सरायकेला मोड़ पर किया जा रहा है। इस संबंध में कंपनी के प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि चाईबासा शहर में कितनी गाडि़यां हैं, कितनी शहर आती हैं और कितनी शहर से बाहर जाती हैं। इसका इसका अनुमानित सर्वे किया जा रहा है। यह सर्वे आने वाले बीस वर्षो को ध्यान में रख कर तैयार किया जा रहा है, जिससे चाईबासा शहर में भी ट्रैफिक का व्यवस्था की किया जा सके। इसके अलावा शहर बाहर से बाईपास व रिंग रोड़ भी बनाया जा सके। गाड़ी की संख्या को देखते हुए शहर के बीच से बस स्टैंड को भी हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी मुख्य मार्ग पर सर्वे किया जायेगा। जिससे चाईबासा शहर के अंदर आने व जाने वाले वाहनों की संख्या का पता लगाया जा सके। इसके बाद शहर के अंदर भी बस स्टेंड समेत अन्य जगहों का सर्वे किया जायेगा। CHAIBASA : कोल्हान श्रमिक युवा संघ के नेतृत्व में ख्क् मार्च को किरीबुरू मेघाहातुबुरू लौह अयस्क खदान के मुख्य गेट पर विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय अध्यक्ष आशिषकुदादा ने दी। उन्होंने बताया कि शिक्षित बेरोजगार युवक युवतियां, ठेका मजदूर एवं विभिन्न बेरोजगार संगठन सेल प्रबंधन से बहाली के लिए लिखित परीक्षा को रद्द कर मौखिक साक्षात्कार द्वारा नियुक्ति की मांग करेगा। उन्होंने सभी बेरोजगार युवकों-युवतियों को इस रैली में शामिल होने की अपील की। ष्ट॥ न्ढ्ढक्चन्स्न् : इंडियन रेड क्रास सोसाइटी चाईबासा की ओर से निःशुल्क हेपाटाइटिस बी और हेपाटाइटिस ए का टीकाकरण शिविर स्थानीय कार्यालय मधु बाजार में ख्क् मार्च की सुबह क्शून्य. फ्शून्य बजे से लगाया जायेगा। |
धनु : कुछ नये समीकरण लाभकारी होंगे. प्रणय संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी. आय-व्यय में संतुलन बनाने का प्रयत्न करें. आलस्य का त्याग करें. रोजगार में व्यस्तता रहेगी किंतु कार्यों को समय से पूर्ण करें.
| धनु : कुछ नये समीकरण लाभकारी होंगे. प्रणय संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी. आय-व्यय में संतुलन बनाने का प्रयत्न करें. आलस्य का त्याग करें. रोजगार में व्यस्तता रहेगी किंतु कार्यों को समय से पूर्ण करें. |
ये कहानी है एक 73 साल के बुजुर्ग की जो फिलहाल पांचवी कक्षा में पढ़ रहा है। अपने से तकरीबन 60 साल छोटे बच्चों के बीच बैठकर यह न केवल पढ़ाई करता है बल्कि बच्चों के संग पीटी भी करता है। है न अनोखी बात? जहां इंसान इतनी उम्र होने के बाद रिटायरमेंट के ख्वाब देखने लगता है, वहीं इस शख्स ने स्कूल जाने का फैसला लेकर मिसाल कायम की है।
जी हां, मिजोरम के चम्फाई जिले के न्यू रुआईकॉन गांव में यह बुजुर्ग रोजाना स्कूल जाता है। पेशे से चौकीदार इस बुजुर्ग का नाम लालरिंगथारा है। दरअसल, उम्र के इस पड़ाव पर अपने सपने को पूरा करने के लिए लालरिंगथारा ने गांव के माध्यमिक स्कूल में 5वीं कक्षा में एडमिशन कराया है। वह रोजाना स्कूल जाते हैं और रात को चौकीदारी करते हैं।
लालरिंगथारा का जन्म 1945 भारत-म्यांमार बॉर्डर पर हुआ था। इनके गांव का नाम खुआंगलेंग था। महज दो साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। लालरिंगथारा अपने मां-बाप की अकेली संतान थे, पिता के जाने के बाद वह अपनी मां का अकेला सहारा बन गए। बचपन से ही घर की जिम्मेदारी को समझने लगे। घर के कामों से लेकर खेतों में काम करने तक, वो मां का हाथ बंटाते। ऐसे में स्कूल की पढ़ाई पीछे छूट गई। लालरिंगथारा का सपना केवल सपना बनकर ही रह गया।
घर चलाने के लिए नौकरी की तलाश में लालरिंगथारा इधर-उधर भटकने लगे, लेकिन कुछ सालों पहले वो अपना गांव छोड़कर न्यू रुआईकॉन गांव में हमेशा के लिए बस गए। यहां चर्च में चौकीदारी की नौकरी मिल गई। यहां पास ही में स्कूल था जिसे देखकर लाल का यह सपना फिर से उन्हें पुकारने लगा। फिर एक दिन वो हुआ जो खबर बन गया। लालरिंगथारा ने स्कूल में दाखिला ले लिया और जा बैठे पांचवी के उन बच्चों के बीच जो उम्र में उनसे बेहद छोटे थे।
अब लाल की बारी थी अपने सपने को जीने की। लालरिंगथारा आसानी से पढ़-लिख लेते हैं लेकिन अंग्रेजी से उनका बड़ा लगाव है। वह चाहते हैं कि एक दिन इस भाषा में वो बोलें और लिखकर दिखाएं।
| ये कहानी है एक तिहत्तर साल के बुजुर्ग की जो फिलहाल पांचवी कक्षा में पढ़ रहा है। अपने से तकरीबन साठ साल छोटे बच्चों के बीच बैठकर यह न केवल पढ़ाई करता है बल्कि बच्चों के संग पीटी भी करता है। है न अनोखी बात? जहां इंसान इतनी उम्र होने के बाद रिटायरमेंट के ख्वाब देखने लगता है, वहीं इस शख्स ने स्कूल जाने का फैसला लेकर मिसाल कायम की है। जी हां, मिजोरम के चम्फाई जिले के न्यू रुआईकॉन गांव में यह बुजुर्ग रोजाना स्कूल जाता है। पेशे से चौकीदार इस बुजुर्ग का नाम लालरिंगथारा है। दरअसल, उम्र के इस पड़ाव पर अपने सपने को पूरा करने के लिए लालरिंगथारा ने गांव के माध्यमिक स्कूल में पाँचवीं कक्षा में एडमिशन कराया है। वह रोजाना स्कूल जाते हैं और रात को चौकीदारी करते हैं। लालरिंगथारा का जन्म एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस भारत-म्यांमार बॉर्डर पर हुआ था। इनके गांव का नाम खुआंगलेंग था। महज दो साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। लालरिंगथारा अपने मां-बाप की अकेली संतान थे, पिता के जाने के बाद वह अपनी मां का अकेला सहारा बन गए। बचपन से ही घर की जिम्मेदारी को समझने लगे। घर के कामों से लेकर खेतों में काम करने तक, वो मां का हाथ बंटाते। ऐसे में स्कूल की पढ़ाई पीछे छूट गई। लालरिंगथारा का सपना केवल सपना बनकर ही रह गया। घर चलाने के लिए नौकरी की तलाश में लालरिंगथारा इधर-उधर भटकने लगे, लेकिन कुछ सालों पहले वो अपना गांव छोड़कर न्यू रुआईकॉन गांव में हमेशा के लिए बस गए। यहां चर्च में चौकीदारी की नौकरी मिल गई। यहां पास ही में स्कूल था जिसे देखकर लाल का यह सपना फिर से उन्हें पुकारने लगा। फिर एक दिन वो हुआ जो खबर बन गया। लालरिंगथारा ने स्कूल में दाखिला ले लिया और जा बैठे पांचवी के उन बच्चों के बीच जो उम्र में उनसे बेहद छोटे थे। अब लाल की बारी थी अपने सपने को जीने की। लालरिंगथारा आसानी से पढ़-लिख लेते हैं लेकिन अंग्रेजी से उनका बड़ा लगाव है। वह चाहते हैं कि एक दिन इस भाषा में वो बोलें और लिखकर दिखाएं। |
शाहगंज जौनपुर। स्थानीय राजकीय महिला अस्पताल में डिवोर्ट सिक्युरिटी ऑफ ह्युमन राइटर के बैनर तले मानवाधिकार जागरु कता विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रियाशी जायसवाल द्वारा आए हुए सभी आगंतुकों का स्वागत गीत द्वारा किया गया। मानवाधिकार का मतलब समानता सरलता और गरिमा से जीवन जीने का हक है। मानवाधिकार दो तरीके से प्राप्त होता है नैसर्गिक व कानूनी। यदि आप का मुकदमा पुलिस नहीं दर्ज करती है तो आपके पास न्यायालय में मामला दर्ज कराने का अधिकार प्राप्त है। उक्त बातें डीएसएचआरडी के बैनर तले राजकीय महिला अस्पताल कैंपस में शनिवार को मानवाधिकार जागरूकता सेमिनार में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सखाराम यादव ने बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने घरेलू हिंसा पर विस्तार से बताया कहा कि मानव अधिकार वह अधिकार है जो किसी भी व्यक्ति के लिए सामान्य रूप से जीवन बिताने एवं उसके अस्तित्व के लिए आवश्यक है। जरूरत है जागरूकता की आपको अपने हक की लड़ाई लड़ना आपका अधिकार है। विशिष्ट अतिथि डीएस एचआरडी ह्यूमन राइट के राष्ट्रीय चेयरमैन मधु गुप्ता ने कहा कि मानवाधिकार का सवाल मानव गरिमा की रक्षा से शुरू हुआ वर्तमान दौर में जो राजनीति हो रही है मानवाधिकारवादी नहीं है। सभी लोगों को अपने अधिकार के प्रति सचेत रहना चाहिए आज भारत में कई कानून होने के बावजूद घरेलू हिंसा महिला अत्याचार दुराचार जैसी वारदातें हो रही हैं। जो चिंता का विषय है। अध्यक्षता कर रहे लखनऊ हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति राजमणि चौहान ने कहा कि आज मनुष्य की सबसे बड़ी जरूरत शिक्षा और स्वास्थ्य आम लोगों की पहुंची से बाहर हो गई। शिक्षा और स्वास्थ्य आम नागरिक का अधिकार है। कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम कर लोगों का मन मोह लिया। संचालन ओपी सिंह व प्रशांत अग्रहरि ने आगंतुकों के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर ह्यूमन राइट महिला सेल के प्रदेश अध्यक्ष आशा बिहारी, मोहन सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सौरव कुमार मोदनवाल, धर्मा चौबे ,अमित कुमार अग्रहरी, बागीश सिंह, रमाकांत जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, देवेन्द्र उर्फ शेखर साहू, डॉ एसएल गुप्ता, मोहम्मद अब्बास, राहुल वर्मा, डॉ आलोक पालीवाल आदि लोगा मौजूद रहे।
| शाहगंज जौनपुर। स्थानीय राजकीय महिला अस्पताल में डिवोर्ट सिक्युरिटी ऑफ ह्युमन राइटर के बैनर तले मानवाधिकार जागरु कता विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रियाशी जायसवाल द्वारा आए हुए सभी आगंतुकों का स्वागत गीत द्वारा किया गया। मानवाधिकार का मतलब समानता सरलता और गरिमा से जीवन जीने का हक है। मानवाधिकार दो तरीके से प्राप्त होता है नैसर्गिक व कानूनी। यदि आप का मुकदमा पुलिस नहीं दर्ज करती है तो आपके पास न्यायालय में मामला दर्ज कराने का अधिकार प्राप्त है। उक्त बातें डीएसएचआरडी के बैनर तले राजकीय महिला अस्पताल कैंपस में शनिवार को मानवाधिकार जागरूकता सेमिनार में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सखाराम यादव ने बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने घरेलू हिंसा पर विस्तार से बताया कहा कि मानव अधिकार वह अधिकार है जो किसी भी व्यक्ति के लिए सामान्य रूप से जीवन बिताने एवं उसके अस्तित्व के लिए आवश्यक है। जरूरत है जागरूकता की आपको अपने हक की लड़ाई लड़ना आपका अधिकार है। विशिष्ट अतिथि डीएस एचआरडी ह्यूमन राइट के राष्ट्रीय चेयरमैन मधु गुप्ता ने कहा कि मानवाधिकार का सवाल मानव गरिमा की रक्षा से शुरू हुआ वर्तमान दौर में जो राजनीति हो रही है मानवाधिकारवादी नहीं है। सभी लोगों को अपने अधिकार के प्रति सचेत रहना चाहिए आज भारत में कई कानून होने के बावजूद घरेलू हिंसा महिला अत्याचार दुराचार जैसी वारदातें हो रही हैं। जो चिंता का विषय है। अध्यक्षता कर रहे लखनऊ हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति राजमणि चौहान ने कहा कि आज मनुष्य की सबसे बड़ी जरूरत शिक्षा और स्वास्थ्य आम लोगों की पहुंची से बाहर हो गई। शिक्षा और स्वास्थ्य आम नागरिक का अधिकार है। कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम कर लोगों का मन मोह लिया। संचालन ओपी सिंह व प्रशांत अग्रहरि ने आगंतुकों के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर ह्यूमन राइट महिला सेल के प्रदेश अध्यक्ष आशा बिहारी, मोहन सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सौरव कुमार मोदनवाल, धर्मा चौबे ,अमित कुमार अग्रहरी, बागीश सिंह, रमाकांत जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, देवेन्द्र उर्फ शेखर साहू, डॉ एसएल गुप्ता, मोहम्मद अब्बास, राहुल वर्मा, डॉ आलोक पालीवाल आदि लोगा मौजूद रहे। |
अबू धाबी में कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेला गया 39वां मैच बैंगलोर ने 8 विकेट से जीत लिया है। मोहम्मद सिराज की धारदार गेंदबाजी के चलते कोलकाता बैंगलोर के सामने जीत के लिए महज 85 रनों का लक्ष्य रख सका। इस लक्ष्य को विराट कोहली की कप्तानी वाली बैंगलोर ने 13. 3 ओवर में 2 विकेट गंवाकर बिना खास परेशानी के हासिल कर लिया। मोहम्मद सिराज को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया।
इसके पहले कोलकाता ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का चुनाव किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी केकेआर पूरे 20 ओवर खेलने के बाद भी 8 विकेट के बदले महज 84 रन जोड़ सकी। उनके लिए कप्तान इयान मॉर्गन ने 34 गेंदों का सामना करते हुए सबसे ज्यादा 30 रन बनाए। लोकी फरगयुसन ने 19 और कुलदीप यादव ने 12 रनों का योगदान दिया।
इस सीजन का चौथा मुकाबला खेल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने धारदार गेंदबाजी का नजारा पेश करते हुए 4 ओवर में महज 8 रन खर्च कर 3 विकेट झटके। यूजवेन्द्र चहल ने 2 और नवदीप सैनी व वॉशिंग्टन सुंदर ने एक-एक विकेट झटके।
85 रनों के जवाब में देवदत्त पाडिक्कल और एरॉन फिंच ने बैंगलोर के लिए 46 रनों की ओपनिंग साझेदारी निभाई। लेकिन 46 के स्कोर पर पहले फिंच और फिर पाडिक्कल डग आउट वापस लौट गए। फिंच 16 और पाडिक्कल 25 रन बनाकर चलते बने। नंबर 3 पर विराट कोहली की जगह गुरकीरत सिंह बल्लेबाजी के लिए आए। वे 4 चौके की मदद से 26 गेंदों में 21 रन बनाकर अंत नाबाद रहे। उनका साथ नंबर 4 पर बल्लेबाजी के लिए आए कोहली ने दिया। कोहली 17 गेंदों में 18 रन नॉट आउट वापस लौटे। एरॉन फिंच के रूप में एकमात्र विकेट लोकी फरगयुसन को मिला। जबकि पाडिक्कल रन आउट हुए।
इस बड़ी जीत के साथ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर अब पॉइंट्स टेबल पर 14 पॉइंट्स और 0. 182 के नेट रन रेट साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। बैंगलोर को 10 मैचों में से 7 में जीत और 3 में हार मिली है। जबकि दिल्ली कैपिटल्स 14 पॉइंट्स और 0. 774 के नेट रन रेट के साथ पहले पायदान पर कायम है। 12 अंक लेकर मुंबई इंडियंस तीसरे और 10 अंक लेकर कोलकाता चौथे पायदान पर है।
विराट कोहली आईपीएल के इतिहास में 500 चौके पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। 500 चौके पूरे करने के लिए कोहली ने 187 मैचों की 179 पारियों का किया। इस दौरान कोहली के बल्ले से 5777 रन, 5 शतक और 38 अर्धशतक आए। 500 या उससे अधिक चौके लगाने के मामले दिल्ली कैपिटल्स के शिखर धवन नंबर 1 पर हैं। धवन 169 मैचों की 168 पारियों में 575 चौके अब तक जड़ चुके हैं। उनके नाम पर 5044 रन, 2 शतक और 39 अर्धशतक शामिल है।
| अबू धाबी में कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेला गया उनतालीसवां मैच बैंगलोर ने आठ विकेट से जीत लिया है। मोहम्मद सिराज की धारदार गेंदबाजी के चलते कोलकाता बैंगलोर के सामने जीत के लिए महज पचासी रनों का लक्ष्य रख सका। इस लक्ष्य को विराट कोहली की कप्तानी वाली बैंगलोर ने तेरह. तीन ओवर में दो विकेट गंवाकर बिना खास परेशानी के हासिल कर लिया। मोहम्मद सिराज को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया। इसके पहले कोलकाता ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का चुनाव किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी केकेआर पूरे बीस ओवर खेलने के बाद भी आठ विकेट के बदले महज चौरासी रन जोड़ सकी। उनके लिए कप्तान इयान मॉर्गन ने चौंतीस गेंदों का सामना करते हुए सबसे ज्यादा तीस रन बनाए। लोकी फरगयुसन ने उन्नीस और कुलदीप यादव ने बारह रनों का योगदान दिया। इस सीजन का चौथा मुकाबला खेल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने धारदार गेंदबाजी का नजारा पेश करते हुए चार ओवर में महज आठ रन खर्च कर तीन विकेट झटके। यूजवेन्द्र चहल ने दो और नवदीप सैनी व वॉशिंग्टन सुंदर ने एक-एक विकेट झटके। पचासी रनों के जवाब में देवदत्त पाडिक्कल और एरॉन फिंच ने बैंगलोर के लिए छियालीस रनों की ओपनिंग साझेदारी निभाई। लेकिन छियालीस के स्कोर पर पहले फिंच और फिर पाडिक्कल डग आउट वापस लौट गए। फिंच सोलह और पाडिक्कल पच्चीस रन बनाकर चलते बने। नंबर तीन पर विराट कोहली की जगह गुरकीरत सिंह बल्लेबाजी के लिए आए। वे चार चौके की मदद से छब्बीस गेंदों में इक्कीस रन बनाकर अंत नाबाद रहे। उनका साथ नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए आए कोहली ने दिया। कोहली सत्रह गेंदों में अट्ठारह रन नॉट आउट वापस लौटे। एरॉन फिंच के रूप में एकमात्र विकेट लोकी फरगयुसन को मिला। जबकि पाडिक्कल रन आउट हुए। इस बड़ी जीत के साथ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर अब पॉइंट्स टेबल पर चौदह पॉइंट्स और शून्य. एक सौ बयासी के नेट रन रेट साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। बैंगलोर को दस मैचों में से सात में जीत और तीन में हार मिली है। जबकि दिल्ली कैपिटल्स चौदह पॉइंट्स और शून्य. सात सौ चौहत्तर के नेट रन रेट के साथ पहले पायदान पर कायम है। बारह अंक लेकर मुंबई इंडियंस तीसरे और दस अंक लेकर कोलकाता चौथे पायदान पर है। विराट कोहली आईपीएल के इतिहास में पाँच सौ चौके पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। पाँच सौ चौके पूरे करने के लिए कोहली ने एक सौ सत्तासी मैचों की एक सौ उन्यासी पारियों का किया। इस दौरान कोहली के बल्ले से पाँच हज़ार सात सौ सतहत्तर रन, पाँच शतक और अड़तीस अर्धशतक आए। पाँच सौ या उससे अधिक चौके लगाने के मामले दिल्ली कैपिटल्स के शिखर धवन नंबर एक पर हैं। धवन एक सौ उनहत्तर मैचों की एक सौ अड़सठ पारियों में पाँच सौ पचहत्तर चौके अब तक जड़ चुके हैं। उनके नाम पर पाँच हज़ार चौंतालीस रन, दो शतक और उनतालीस अर्धशतक शामिल है। |
ग्लासगो। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आनंद पवार 50,000 डॉलर इनामी राशि वाले स्कॉटिश ओपन ग्रांप्री. के पुरुष एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। महिला वर्ग में भी सैली राणे सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब रहीं। एमिरेट्स अरेना में खेले गए पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में गुरुवार को सातवें वरीय आनंद ने बेल्जियम के युहान टान को 53 मिनट में 21-16, 14-21, 21-10 से हराया। आनंद और युहान के बीच करियर का यह दूसरा मुकाबला रहा। दोनों ही मौकों पर आनंद ही विजयी रहे।
मुंबई के आनंद सेमीफाइनल में अब 10वें वरीय चीनी ताइपे के त्जु वी वांग से भिड़ेंगे। इससे पहले वांग और आनंद के बीच एक मात्र मुकाबला दो साल पहले वियतनाम में हुआ था जिसमें भारतीय खिलाड़ी को हार का सामना करना पड़ा था।
दूसरी ओर, महिला एकल वर्ग के अंतिम-आठ में सैली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी वरीय बुल्गारिया की लिंडा जेत्किरी को 38 मिनट में 21-18, 21-11 से हराया। सैली अब सेमीफाइनल में स्पेन की दूसरी वरीय बेट्रिज कोरालेस के खिलाफ खेलेंगी।
नई दिल्ली। चीन के हांग्जो Asian games 2023 के चौथे दिन नेपाल क्रिकेट टीम का मुकाबला मंगोलिया से खेला जा रहा है। इस मैच में मंगोलिया ने टॉस जीतकर पहले नेपाल टीम को बल्लेबाजी करने के लिए उतारा।
नेपाल टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मैच में रिकॉर्ड्स का अंबार लगा दिया है। नेपाल की टीम में इस मैच में T20I क्रिकेट में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर जड़ दिया है। नेपाल की ओर से एक बल्लेबाज ने शतक और दो ने अर्धशतक लगाए हैं।
नेपाल ने मंगोलिया के सामने जीत के लिए 3 विकेट गंवाकर 314 रन का लक्ष्य रखा है। ऐसे में नेपाल टी20I क्रिकेट में 300 का आंकड़ा पार करने वाली पहले टीम बन गई है। इससे पहले अफगानिस्तान के नाम टी20 का सबसे बड़ा स्कोर दर्ज है। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 2019 में टी20 में 278 रन का सबसे बड़ा स्कोर बनाया था।
इसके अलावा नेपाल के बल्लेबाज ने टी20 क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। कुशल मल्ला ने 34 गेंदों में शतक पूरा करके वर्ल्ड रिकॉर्ड सेट किया। उन्होंने इस मामले में डेविड मिलर और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने 35 गेंदों में अपना शतक पूरा किया था।
इसके अलावा नेपाल ने सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी बनाया है। दीपेंद्र सिंह ऐरी ने 9 गेंदों में अपना अर्धशतक लगाया। ये टी20 में सबसे कम गेंदों में अर्धशतक पूरा करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने युवराज सिंह का बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। नेपाल क्रिकेट टीम ने टी20 क्रिकेट के तीन बड़े रिकॉर्ड्स पर अपना नाम लिखाते हुए अन्य क्रिकेट टीम के बीच खलबली मचा दी है।
| ग्लासगो। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आनंद पवार पचास,शून्य डॉलर इनामी राशि वाले स्कॉटिश ओपन ग्रांप्री. के पुरुष एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। महिला वर्ग में भी सैली राणे सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब रहीं। एमिरेट्स अरेना में खेले गए पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में गुरुवार को सातवें वरीय आनंद ने बेल्जियम के युहान टान को तिरेपन मिनट में इक्कीस-सोलह, चौदह-इक्कीस, इक्कीस-दस से हराया। आनंद और युहान के बीच करियर का यह दूसरा मुकाबला रहा। दोनों ही मौकों पर आनंद ही विजयी रहे। मुंबई के आनंद सेमीफाइनल में अब दसवें वरीय चीनी ताइपे के त्जु वी वांग से भिड़ेंगे। इससे पहले वांग और आनंद के बीच एक मात्र मुकाबला दो साल पहले वियतनाम में हुआ था जिसमें भारतीय खिलाड़ी को हार का सामना करना पड़ा था। दूसरी ओर, महिला एकल वर्ग के अंतिम-आठ में सैली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी वरीय बुल्गारिया की लिंडा जेत्किरी को अड़तीस मिनट में इक्कीस-अट्ठारह, इक्कीस-ग्यारह से हराया। सैली अब सेमीफाइनल में स्पेन की दूसरी वरीय बेट्रिज कोरालेस के खिलाफ खेलेंगी। नई दिल्ली। चीन के हांग्जो Asian games दो हज़ार तेईस के चौथे दिन नेपाल क्रिकेट टीम का मुकाबला मंगोलिया से खेला जा रहा है। इस मैच में मंगोलिया ने टॉस जीतकर पहले नेपाल टीम को बल्लेबाजी करने के लिए उतारा। नेपाल टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मैच में रिकॉर्ड्स का अंबार लगा दिया है। नेपाल की टीम में इस मैच में TबीसI क्रिकेट में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर जड़ दिया है। नेपाल की ओर से एक बल्लेबाज ने शतक और दो ने अर्धशतक लगाए हैं। नेपाल ने मंगोलिया के सामने जीत के लिए तीन विकेट गंवाकर तीन सौ चौदह रन का लक्ष्य रखा है। ऐसे में नेपाल टीबीसI क्रिकेट में तीन सौ का आंकड़ा पार करने वाली पहले टीम बन गई है। इससे पहले अफगानिस्तान के नाम टीबीस का सबसे बड़ा स्कोर दर्ज है। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ दो हज़ार उन्नीस में टीबीस में दो सौ अठहत्तर रन का सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। इसके अलावा नेपाल के बल्लेबाज ने टीबीस क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। कुशल मल्ला ने चौंतीस गेंदों में शतक पूरा करके वर्ल्ड रिकॉर्ड सेट किया। उन्होंने इस मामले में डेविड मिलर और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने पैंतीस गेंदों में अपना शतक पूरा किया था। इसके अलावा नेपाल ने सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी बनाया है। दीपेंद्र सिंह ऐरी ने नौ गेंदों में अपना अर्धशतक लगाया। ये टीबीस में सबसे कम गेंदों में अर्धशतक पूरा करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने युवराज सिंह का बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। नेपाल क्रिकेट टीम ने टीबीस क्रिकेट के तीन बड़े रिकॉर्ड्स पर अपना नाम लिखाते हुए अन्य क्रिकेट टीम के बीच खलबली मचा दी है। |
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में आज आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि कैसे आप अपने घर से वास्तु संबंधी दोष को दूर कर सकते हैं।
Vastu Tips: डाइनिंग रूम में आईना लगाना बहुत ही अच्छा माना जाता है और वो भी बड़ी आकृति का। भोजनकक्ष की दिवार पर लगे बड़े-बड़े आईने ऊर्जा के अद्भुत स्त्रोत होते हैं। यह भाग्य के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।
Vastu Tips: कठिन मेहनत के बाद भी सफलता हाथ नहीं लग रही है तो आज ही घर में इस पक्षी की तस्वीर लगा लें। वास्तु के मुताबिक, इस खास पक्षी की तस्वीर लगाने से आपकी सफलता के रास्ते में आ रही हर बाधा दूर हो जाएगी।
Vastu Tips: वैसे तो आप असली के पक्षी भी अपने घर में रख सकते हैं, लेकिन पक्षियों की तस्वीर अथवा मूर्ति घर में रखने से भी सकरात्मक ऊर्जा का निवास होता है और नकारात्मक उर्जा से छुटकारा मिलता है।
यदि आपके घर में भी पीपल का पेड़ उग जाए तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आज हम आपको बताएंगे कि बिना कोई वास्तु दोष लगे आप पीपल के पेड़ को कैसे घर से हटा सकते हैं।
Vastu Tips: इस बात का ध्यान रखें कि लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को रसोई, डायनिंग रूम या बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। साथ ही इसकी पूजा भी नहीं की जानी चाहिए।
Vastu Tips: बाजार में भी अलग-अलग डिजाइन और आकार में बहुत तरह के लाफिंग बुद्धा मिलते हैं, लेकिन कौन-सा आपके लिए ठीक रहेगा, कौन-सा लाफिंग बुद्धा आपकी परेशानियों के अनुकुल है, यहां सब कुछ जानिए।
Vastu Tips: घर में मोबाईल फोन, डोर बैल, घड़ी और अन्य आवाज उत्पन्न करने वाली चीजें होती हैं। इन आवाजों का घर के वातावरण पर बहुत गहरा असर होता है।
Vastu Tips: नमक सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता है बल्कि यह आपके हेल्थ को भी ठीक रख सकता है। आज वास्तु शास्त्र में आचार्य इंदु प्रकाश से जानेंगे कि कैसे आप नमक का उपयोग कर के अपने घर में बीमारी को दूर कर सकते हैं।
Vastu Tips: वास्तु के मुताबित, बाथरूम में टाइल्स के लिए इन रंगों का चुनाव बिल्कुल नहीं करना चाहिए। वरना इसका अशुभ असर आपके घर-परिवार पर हो सकता है।
Vastu Tips: घर में रखा नमक आपके खाने का ही नहीं बल्कि आपकी जिंदगी का स्वाद भी बढ़ा सकता है। इसके लिए बस आपको नमक का ये उपाय करना होगा।
Vastu Tips For Money: आज वास्तु शास्त्र में हम आपकों ऐसी 10 चीजों के बारें मे बता रहें है, जिन्हें जितना संभव हो सके उतनी ही जल्दी घर से बाहर कर दें। ताकि देवी लक्ष्मी का आपके घर निवास हो।
Vastu Tips: अगर आप चाहते हैं आपके हाथ पैसों से कभी खाली न हो तो आज ही अपने पर्स में इन चीजों को रखना शुरू कर दें। इन उपायों को करने से पर्स कभी खाली नहीं रहता है और न धन की समस्या होती है।
आचार्य इंदु प्रकाश जी से जानिए आज क्या कह रहे हैं आपके सितारे, दैनिक राशिफल पंचाग और शुभ मुहूर्त, जन्मांक और नाम के अनुसार जानिए कैसा रहेगा आज का दिन ? चुनें अपनी राशि औऱ जानिए भविष्यफल।
Vastu Tips: आचार्य इंदु प्रकाश से आज वास्तु शास्त्र में जानिए कि घर में सुख-समृद्धि और धन प्राप्ति के लिए क्या उपाय करना चाहिए।
Vastu Tips: वास्तु की मानें तो गलत दिशा में भोजन करने से कई तरह का वास्तु दोष लगता है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं खाना खाने के 5 नियमों के बारे में।
Vastu Tips: आज वास्तु शास्त्र में आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि दुकान का मुख्य द्वार पश्चिम दिशा और दक्षिण दिशा में बनवाने से क्या होता है।
Vastu Tips: अगर आप व्यापार में मुनाफा चाहते हैं तो दुकान के मुख्य द्वार का निर्माण इस में करवाएं। वास्तु शास्त्र में दुकान के द्वार के लिए कई जरूरी बाते बताई गई हैं। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए सही दिशा के बारे में।
Vastu Tips: अगर आप अपने व्यापार में मुनाफा चाहते हैं तो दुकान के मुख्य द्वार का निर्माण कभी भी इस दिशा में न बनवाएं। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि दुकान के दरवाजा के लिए कौनसी दिशा शुभ है।
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में दक्षिण मुखी घर या द्वार को शुभ नहीं माना गया है। इस दिशा में घर बनाने से वास्तु दोष लगता है। ऐसे में अगर आपका घर दक्षिण मुखी है तो तुरंत इन उपायों को अपना लीजिए।
| Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में आज आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि कैसे आप अपने घर से वास्तु संबंधी दोष को दूर कर सकते हैं। Vastu Tips: डाइनिंग रूम में आईना लगाना बहुत ही अच्छा माना जाता है और वो भी बड़ी आकृति का। भोजनकक्ष की दिवार पर लगे बड़े-बड़े आईने ऊर्जा के अद्भुत स्त्रोत होते हैं। यह भाग्य के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। Vastu Tips: कठिन मेहनत के बाद भी सफलता हाथ नहीं लग रही है तो आज ही घर में इस पक्षी की तस्वीर लगा लें। वास्तु के मुताबिक, इस खास पक्षी की तस्वीर लगाने से आपकी सफलता के रास्ते में आ रही हर बाधा दूर हो जाएगी। Vastu Tips: वैसे तो आप असली के पक्षी भी अपने घर में रख सकते हैं, लेकिन पक्षियों की तस्वीर अथवा मूर्ति घर में रखने से भी सकरात्मक ऊर्जा का निवास होता है और नकारात्मक उर्जा से छुटकारा मिलता है। यदि आपके घर में भी पीपल का पेड़ उग जाए तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आज हम आपको बताएंगे कि बिना कोई वास्तु दोष लगे आप पीपल के पेड़ को कैसे घर से हटा सकते हैं। Vastu Tips: इस बात का ध्यान रखें कि लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को रसोई, डायनिंग रूम या बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। साथ ही इसकी पूजा भी नहीं की जानी चाहिए। Vastu Tips: बाजार में भी अलग-अलग डिजाइन और आकार में बहुत तरह के लाफिंग बुद्धा मिलते हैं, लेकिन कौन-सा आपके लिए ठीक रहेगा, कौन-सा लाफिंग बुद्धा आपकी परेशानियों के अनुकुल है, यहां सब कुछ जानिए। Vastu Tips: घर में मोबाईल फोन, डोर बैल, घड़ी और अन्य आवाज उत्पन्न करने वाली चीजें होती हैं। इन आवाजों का घर के वातावरण पर बहुत गहरा असर होता है। Vastu Tips: नमक सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता है बल्कि यह आपके हेल्थ को भी ठीक रख सकता है। आज वास्तु शास्त्र में आचार्य इंदु प्रकाश से जानेंगे कि कैसे आप नमक का उपयोग कर के अपने घर में बीमारी को दूर कर सकते हैं। Vastu Tips: वास्तु के मुताबित, बाथरूम में टाइल्स के लिए इन रंगों का चुनाव बिल्कुल नहीं करना चाहिए। वरना इसका अशुभ असर आपके घर-परिवार पर हो सकता है। Vastu Tips: घर में रखा नमक आपके खाने का ही नहीं बल्कि आपकी जिंदगी का स्वाद भी बढ़ा सकता है। इसके लिए बस आपको नमक का ये उपाय करना होगा। Vastu Tips For Money: आज वास्तु शास्त्र में हम आपकों ऐसी दस चीजों के बारें मे बता रहें है, जिन्हें जितना संभव हो सके उतनी ही जल्दी घर से बाहर कर दें। ताकि देवी लक्ष्मी का आपके घर निवास हो। Vastu Tips: अगर आप चाहते हैं आपके हाथ पैसों से कभी खाली न हो तो आज ही अपने पर्स में इन चीजों को रखना शुरू कर दें। इन उपायों को करने से पर्स कभी खाली नहीं रहता है और न धन की समस्या होती है। आचार्य इंदु प्रकाश जी से जानिए आज क्या कह रहे हैं आपके सितारे, दैनिक राशिफल पंचाग और शुभ मुहूर्त, जन्मांक और नाम के अनुसार जानिए कैसा रहेगा आज का दिन ? चुनें अपनी राशि औऱ जानिए भविष्यफल। Vastu Tips: आचार्य इंदु प्रकाश से आज वास्तु शास्त्र में जानिए कि घर में सुख-समृद्धि और धन प्राप्ति के लिए क्या उपाय करना चाहिए। Vastu Tips: वास्तु की मानें तो गलत दिशा में भोजन करने से कई तरह का वास्तु दोष लगता है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं खाना खाने के पाँच नियमों के बारे में। Vastu Tips: आज वास्तु शास्त्र में आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि दुकान का मुख्य द्वार पश्चिम दिशा और दक्षिण दिशा में बनवाने से क्या होता है। Vastu Tips: अगर आप व्यापार में मुनाफा चाहते हैं तो दुकान के मुख्य द्वार का निर्माण इस में करवाएं। वास्तु शास्त्र में दुकान के द्वार के लिए कई जरूरी बाते बताई गई हैं। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए सही दिशा के बारे में। Vastu Tips: अगर आप अपने व्यापार में मुनाफा चाहते हैं तो दुकान के मुख्य द्वार का निर्माण कभी भी इस दिशा में न बनवाएं। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि दुकान के दरवाजा के लिए कौनसी दिशा शुभ है। Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में दक्षिण मुखी घर या द्वार को शुभ नहीं माना गया है। इस दिशा में घर बनाने से वास्तु दोष लगता है। ऐसे में अगर आपका घर दक्षिण मुखी है तो तुरंत इन उपायों को अपना लीजिए। |
वामन ने आदेश दिया है कि समग्र गुण होने के कारण वैदर्भी रीति का ही प्रयोग कविगण करें। किन्तु कोई कवि किसी रीति का प्रयोग आदेश या प्रयत्न से नहीं करता । यदि कभी वह करता भी है तो उसकी रचना कृत्रिम हो जाती है। किसी विशिष्ट रीति का प्रयोग किसी कृति में किसी कृतिकार के विशिष्ट प्रकार के व्यक्तित्व या उसके किसी एक तत्त्व - प्रतिभा, अनुभूति, भावना, मनोवृत्ति, व्युत्पत्ति आदि के कारण होता है; प्रयत्न के कारण नहीं । रीतियों के प्रयोग अथवा उनके भीतर गुणों के समावेश के विषय में कोई निश्चित नियम नहीं बनाया जा सकता । किसी विशिष्ट रीति के प्रदर्शनार्थ या उसमें कतिपय गुणों के समावेशार्थ वास्तविक कविता नहीं की जाती । सच्चा कवि अपने व्यक्तित्व या मनोवृत्ति की प्रेरणा, प्रभाव या प्रतिक्रिया की अभिव्यक्ति के लिए काव्य-सृष्टि करता है। कवि-स्वभाव या उसकी वृत्ति विशेष की भिन्नता के अनुसार उसके द्वारा प्रयुक्त रीति भी विभिन्न प्रकार की हो सकती है । कोई कवि सदा एक ही प्रकार की रीति या शैली में रचना नहीं करता ; यह दूसरी बात है कि उसकी सभी रचनाओं में किसी एक रीति या शैली का प्राधान्य पाया जाता हो । श्रेष्ठ कवियों तथा कृतियों में विषय, परिस्थिति, कवि की मनोवृत्ति, रस आदि के अनुकूल अनेक प्रकार की शैलियाँ पाई जाती हैं। सदा एक ही रीति में रचना करने से या किसी लम्बी कृति में एक ही रीति के प्रयोग से रोचकता का अभाव हो जाता है। जायसी के महाकाव्य में सदा एक ही रीति के प्रयोग से रोचकता की कमी हो गई है । विभिन्न रसों के वर्णन, जैसे- वीर, भयानक, रौद्र आदि रस वैदर्भी रीति के प्रयोग से उतनी मात्रा में खिल नहीं सके हैं जितनी मात्रा में वे तुलसी के रामचरित मानस में खिले हैं । श्रेष्ठ कवियों तथा कृतियों में अनेक प्रकार की शैलियाँ मिलती हैं अनेक शैलियों के अच्छे गुण मिलते हैं। वस्तुतः शैली के प्राण का सम्बन्ध कवि की भावात्मक स्थिति, मनोवृत्ति, अनुभूति, तत्त्वज्ञान, जीवन-परिस्थिति आदि से है। उसके शरीर का संबंध पद, बंध-गुण, अलंकार, समास आदि से है । सच्ची शैली भाषा या पदावली से
प्रभावित या परिवर्तित नहीं होती; वह भाषा को प्रभावित एवं परिवर्तित करती है। झूठी शैली वाले या प्रारंभिक लेखक भाषा से प्रभावित होकर अपना लेखन कार्य करते हैं । भाषा को प्रभावित करने की सामर्थ्य रीति में लेखक की भावात्मक प्रवृत्ति से आती है। जब भावात्मक प्रवृत्ति से भाषा का न होता है तब सच्ची शैली कारस्फुरित होता है; तब वह नवीनता से अनुप्राणित होकर आत्मीयता से कवि के को व्यक्त करती है। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि शैली की नवीनता या भिन्नता का मूल स्रोत कवि के व्यक्तित्व में अंतर्निहित है, किसी बाह्य प्रयत्न या उपदेश में नहीं ।
शैली स्वभाव की द्योतक है - इसका
स्वतंत्र रूप से विवेचन रीतिवादी
ने नहीं किया। इनके ग्रंथ प्रायः कवि शिक्षा पद्धति की दृष्टि
से लिखे जान पड़ते हैं; उनमें कवि की दृष्टि से वास्तविक विवेचन कम है, यत्किंचित् है भी; वह आदर्श कवि-निर्माण की दृष्टि से । रसिक की दृष्टि से ही इन लोगों ने काव्य-तत्त्वों का विवेचन अधिक किया है । कुंतक के पूर्व की रीति- विवेचना में कवि प्रायः बाहर ही बाहर दिखाई पड़ता है । कवि के निसर्ग- सिद्ध तथा उपार्जित स्वभाव के आधार पर ही काव्य के मार्ग स्थिर होते हैं। इसका स्पष्टीकरण रीति-सम्प्रदाय - वादियों ने नहीं किया । कालिदास को वैदर्भी क्यों अधिक पसंद है तथा भारवि को गौड़ी क्यों इसका विश्लेषण किसी ने नहीं किया । कवि का चरित संबंधी अध्ययन रीति- विवेचन में सबसे महत्त्वपूर्ण है - इसे रीतिवादी आचार्य नहीं पहचान सके ।· रीति के कवि-निष्ठ रूप में उल्लिखित करके भी आचार्य उसका यथोचित विश्लेषण नहीं कर सके । रोति- विचार कवि-स्वभाव के मनोवैज्ञानिक अनुशीलन के बिना सम्यक् रूप में त्रिवेचित नहीं हो सकता । इस दृष्टि से रीति वादियों का रीति- विवेचन अधूरा ही कहा जायगा, किन्तु इसके लिए हम रीतिवाद आचार्यों को अधिक दोष नहीं दे सकते, क्योंकि संस्कृत भाषा के कवियों की जीवनी उस समय उन्हें उपलब्ध नहीं थी। दूसरे मनोविज्ञान सम्बन्धी सामग्री हमें जितनी आज सुलभ है उतनी प्राचीन काल | वामन ने आदेश दिया है कि समग्र गुण होने के कारण वैदर्भी रीति का ही प्रयोग कविगण करें। किन्तु कोई कवि किसी रीति का प्रयोग आदेश या प्रयत्न से नहीं करता । यदि कभी वह करता भी है तो उसकी रचना कृत्रिम हो जाती है। किसी विशिष्ट रीति का प्रयोग किसी कृति में किसी कृतिकार के विशिष्ट प्रकार के व्यक्तित्व या उसके किसी एक तत्त्व - प्रतिभा, अनुभूति, भावना, मनोवृत्ति, व्युत्पत्ति आदि के कारण होता है; प्रयत्न के कारण नहीं । रीतियों के प्रयोग अथवा उनके भीतर गुणों के समावेश के विषय में कोई निश्चित नियम नहीं बनाया जा सकता । किसी विशिष्ट रीति के प्रदर्शनार्थ या उसमें कतिपय गुणों के समावेशार्थ वास्तविक कविता नहीं की जाती । सच्चा कवि अपने व्यक्तित्व या मनोवृत्ति की प्रेरणा, प्रभाव या प्रतिक्रिया की अभिव्यक्ति के लिए काव्य-सृष्टि करता है। कवि-स्वभाव या उसकी वृत्ति विशेष की भिन्नता के अनुसार उसके द्वारा प्रयुक्त रीति भी विभिन्न प्रकार की हो सकती है । कोई कवि सदा एक ही प्रकार की रीति या शैली में रचना नहीं करता ; यह दूसरी बात है कि उसकी सभी रचनाओं में किसी एक रीति या शैली का प्राधान्य पाया जाता हो । श्रेष्ठ कवियों तथा कृतियों में विषय, परिस्थिति, कवि की मनोवृत्ति, रस आदि के अनुकूल अनेक प्रकार की शैलियाँ पाई जाती हैं। सदा एक ही रीति में रचना करने से या किसी लम्बी कृति में एक ही रीति के प्रयोग से रोचकता का अभाव हो जाता है। जायसी के महाकाव्य में सदा एक ही रीति के प्रयोग से रोचकता की कमी हो गई है । विभिन्न रसों के वर्णन, जैसे- वीर, भयानक, रौद्र आदि रस वैदर्भी रीति के प्रयोग से उतनी मात्रा में खिल नहीं सके हैं जितनी मात्रा में वे तुलसी के रामचरित मानस में खिले हैं । श्रेष्ठ कवियों तथा कृतियों में अनेक प्रकार की शैलियाँ मिलती हैं अनेक शैलियों के अच्छे गुण मिलते हैं। वस्तुतः शैली के प्राण का सम्बन्ध कवि की भावात्मक स्थिति, मनोवृत्ति, अनुभूति, तत्त्वज्ञान, जीवन-परिस्थिति आदि से है। उसके शरीर का संबंध पद, बंध-गुण, अलंकार, समास आदि से है । सच्ची शैली भाषा या पदावली से प्रभावित या परिवर्तित नहीं होती; वह भाषा को प्रभावित एवं परिवर्तित करती है। झूठी शैली वाले या प्रारंभिक लेखक भाषा से प्रभावित होकर अपना लेखन कार्य करते हैं । भाषा को प्रभावित करने की सामर्थ्य रीति में लेखक की भावात्मक प्रवृत्ति से आती है। जब भावात्मक प्रवृत्ति से भाषा का न होता है तब सच्ची शैली कारस्फुरित होता है; तब वह नवीनता से अनुप्राणित होकर आत्मीयता से कवि के को व्यक्त करती है। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि शैली की नवीनता या भिन्नता का मूल स्रोत कवि के व्यक्तित्व में अंतर्निहित है, किसी बाह्य प्रयत्न या उपदेश में नहीं । शैली स्वभाव की द्योतक है - इसका स्वतंत्र रूप से विवेचन रीतिवादी ने नहीं किया। इनके ग्रंथ प्रायः कवि शिक्षा पद्धति की दृष्टि से लिखे जान पड़ते हैं; उनमें कवि की दृष्टि से वास्तविक विवेचन कम है, यत्किंचित् है भी; वह आदर्श कवि-निर्माण की दृष्टि से । रसिक की दृष्टि से ही इन लोगों ने काव्य-तत्त्वों का विवेचन अधिक किया है । कुंतक के पूर्व की रीति- विवेचना में कवि प्रायः बाहर ही बाहर दिखाई पड़ता है । कवि के निसर्ग- सिद्ध तथा उपार्जित स्वभाव के आधार पर ही काव्य के मार्ग स्थिर होते हैं। इसका स्पष्टीकरण रीति-सम्प्रदाय - वादियों ने नहीं किया । कालिदास को वैदर्भी क्यों अधिक पसंद है तथा भारवि को गौड़ी क्यों इसका विश्लेषण किसी ने नहीं किया । कवि का चरित संबंधी अध्ययन रीति- विवेचन में सबसे महत्त्वपूर्ण है - इसे रीतिवादी आचार्य नहीं पहचान सके ।· रीति के कवि-निष्ठ रूप में उल्लिखित करके भी आचार्य उसका यथोचित विश्लेषण नहीं कर सके । रोति- विचार कवि-स्वभाव के मनोवैज्ञानिक अनुशीलन के बिना सम्यक् रूप में त्रिवेचित नहीं हो सकता । इस दृष्टि से रीति वादियों का रीति- विवेचन अधूरा ही कहा जायगा, किन्तु इसके लिए हम रीतिवाद आचार्यों को अधिक दोष नहीं दे सकते, क्योंकि संस्कृत भाषा के कवियों की जीवनी उस समय उन्हें उपलब्ध नहीं थी। दूसरे मनोविज्ञान सम्बन्धी सामग्री हमें जितनी आज सुलभ है उतनी प्राचीन काल |
दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 2726 कोरोना के नये मामले सामने आये है। वहीं कोरोना के कारण एक दिन में 37 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 2643 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों से छूट्टी दे दी गई।
दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले लगातार आ रहे है। जो कि दिल्लीवालों के लिए खतरा बना हुआ है। वहीं दिल्ली में पिछले कुछ महीनों से मौतों की संख्या रूकी नहीं है। हर रोज लोग संक्रमण से दिल्ली में मर रहे है। ऐसे में दिल्ली के लोगों को सरकार द्वारा दिये गये सभी नियमों को पालन करना बेहद जरूरी है। ताकि आप और आपका परिवार संक्रमण मुक्त रह सके। इसी बीच, दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 2726 कोरोना के नये मामले सामने आये है। वहीं कोरोना के कारण एक दिन में 37 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 2643 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों से छूट्टी दे दी गई।
दिल्ली में पॉजिटिव रेट 5. 47 फीसदी और मृत्यु दर 1. 37 फीसदी पर पहुंच गई है। नये संक्रमण की संख्या को मिला दिल्ली में अब कुल 3 लाख के पार संक्रमितों की संख्या पहुंच गई है। दिल्ली में अब तक कुल 2 लाख 72 हजार से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि दिल्ली में इस वैश्विक महामारी से 5616 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय दिल्ली में 22 से अधिक सक्रिय मामले है। जिसमें से 13 हजार के आस पास लोग होम आइसोलेशन में रहकर अपना उपचार करवा रहे है।
कोविड अस्पतालों में 10 हजार से अधिक बेड खाली पड़े है वहीं इन अस्पतालों में 5 हजार से अधिक बेडों पर मरीजों का इलाज चल रहा है। कोविड केयर सेंटरों और हेल्थ सेंटरों में 5 हजार से ज्यादा बेड खाली है 1200 के करीब मरीजों का इलाज हो रहा है। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कुल 53322 लोगों की कोरोना जांच की गई हैं। जिसमें 10125 आरटी-पीसीआर जांच और सबसे अधिक 43197 रैपिड एंटीजन जांच की गई हैं। दिल्ली में अब तक 34 लाख से अधिक लोगों के कोरोना टेस्ट किये जा चुके है।
| दिल्ली में पिछले चौबीस घंटाटे में दो हज़ार सात सौ छब्बीस कोरोना के नये मामले सामने आये है। वहीं कोरोना के कारण एक दिन में सैंतीस लोगों की मौत हो गई है। जबकि दो हज़ार छः सौ तैंतालीस मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों से छूट्टी दे दी गई। दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले लगातार आ रहे है। जो कि दिल्लीवालों के लिए खतरा बना हुआ है। वहीं दिल्ली में पिछले कुछ महीनों से मौतों की संख्या रूकी नहीं है। हर रोज लोग संक्रमण से दिल्ली में मर रहे है। ऐसे में दिल्ली के लोगों को सरकार द्वारा दिये गये सभी नियमों को पालन करना बेहद जरूरी है। ताकि आप और आपका परिवार संक्रमण मुक्त रह सके। इसी बीच, दिल्ली में पिछले चौबीस घंटाटे में दो हज़ार सात सौ छब्बीस कोरोना के नये मामले सामने आये है। वहीं कोरोना के कारण एक दिन में सैंतीस लोगों की मौत हो गई है। जबकि दो हज़ार छः सौ तैंतालीस मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों से छूट्टी दे दी गई। दिल्ली में पॉजिटिव रेट पाँच. सैंतालीस फीसदी और मृत्यु दर एक. सैंतीस फीसदी पर पहुंच गई है। नये संक्रमण की संख्या को मिला दिल्ली में अब कुल तीन लाख के पार संक्रमितों की संख्या पहुंच गई है। दिल्ली में अब तक कुल दो लाख बहत्तर हजार से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि दिल्ली में इस वैश्विक महामारी से पाँच हज़ार छः सौ सोलह लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय दिल्ली में बाईस से अधिक सक्रिय मामले है। जिसमें से तेरह हजार के आस पास लोग होम आइसोलेशन में रहकर अपना उपचार करवा रहे है। कोविड अस्पतालों में दस हजार से अधिक बेड खाली पड़े है वहीं इन अस्पतालों में पाँच हजार से अधिक बेडों पर मरीजों का इलाज चल रहा है। कोविड केयर सेंटरों और हेल्थ सेंटरों में पाँच हजार से ज्यादा बेड खाली है एक हज़ार दो सौ के करीब मरीजों का इलाज हो रहा है। पिछले चौबीस घंटाटे में दिल्ली में कुल तिरेपन हज़ार तीन सौ बाईस लोगों की कोरोना जांच की गई हैं। जिसमें दस हज़ार एक सौ पच्चीस आरटी-पीसीआर जांच और सबसे अधिक तैंतालीस हज़ार एक सौ सत्तानवे रैपिड एंटीजन जांच की गई हैं। दिल्ली में अब तक चौंतीस लाख से अधिक लोगों के कोरोना टेस्ट किये जा चुके है। |
टीवी जगत का पॉपुलर शो 'द कपिल शर्मा' शो दर्शकों के बीच अपनी लोकप्रियता बटोर रहा है। इस हफ्ते की टीआरपी रेटिंग्स में भी कपिल शर्मा शो ने अपनी जगह बनाई है। यही कारण है कि दर्शक शो के आगामी एपिसोड का बेसब्री से इंतजार करते हैं। शो के होस्ट कपिल शर्मा भी दर्शकों का मनोरंजन करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ते हैं। अब इस शो का एक प्रोमो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शो में सोनाली बेंद्रे गेस्ट के तौर पर दिखाई दे रही हैं।
हाल ही में, छोटे पर्दे का चर्चित शो 'द कपिल शर्मा' शो के मेकर्स ने आगामी एपिसोड का प्रोमो लॉन्च किया है। इस प्रोमो में बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे शो में गेस्ट के तौर पर आई हैं। इस प्रोमो में नजर आ रहा है कि कपिल ने मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को नाराज कर दिया है। दरअसल शो में सोनाली बेंद्रे, टेरेंस लुईस, गीता कपूर और जय भानुशाली अपने आगामी डांस शो का प्रमोशन करने पहुंचे थे।
इन तीनों के आगमन ने शो में ही नहीं बल्कि ऑडियंस के दिलों में भी काफी उत्साह भर दिया था। शो के प्रोमो में सभी जमकर मस्ती करते नजर आ रहे हैं। कपिल भी अपनी कॉमिक टाइमिंग से उन्हें हंसाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है, लेकिन इस दौरान सोनाली ने कपिल से अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। शो में सोनाली ने कहा, कपिल ने उन्हें कभी अपने शो में इंवाइट नहीं किया है। इसलिए वह कपिल से काफी अपसेट भी हैं।
कपिल ने सोनाली की बात को तुरंत संभालते हुए कहा कि अगर उन्हें पता होता कि उनके एक बार बुलाने पर ही सोनाली शो में आ जाएंगी तो वह बहुत पहले ही बॉलीवुड की इस खूबसूरत एक्ट्रेस को शो में बुला लेते और आज उन्हें यह शिकायत नहीं करनी पड़ती। ऑडियंस भी कपिल के इस जवाब के बाद काफी उत्साहित हो गए और उनकी बातों पर हंसने लगे।
आपको बता दें कि शो का प्रोमो रिलीज होने के तुरंत बाद ही दर्शकों के बीच काफी वायरल हो रहा है। यूजर्स भी इस प्रोमो पर जमकर कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, 'क्या कपिल भाई तुम क्या करते हो। ' दूसरे यूजर ने लिखा, 'कपिल से तो भारी मिस्टेक हो गया। ' एक और यूजर ने लिखा, 'शो बेहद दिलचस्प होने वाला है। ' बता दें कि आगामी एपिसोड में दर्शकों को भारती और कृष्णा अभिषेक नजर नहीं आने वाले हैं।
| टीवी जगत का पॉपुलर शो 'द कपिल शर्मा' शो दर्शकों के बीच अपनी लोकप्रियता बटोर रहा है। इस हफ्ते की टीआरपी रेटिंग्स में भी कपिल शर्मा शो ने अपनी जगह बनाई है। यही कारण है कि दर्शक शो के आगामी एपिसोड का बेसब्री से इंतजार करते हैं। शो के होस्ट कपिल शर्मा भी दर्शकों का मनोरंजन करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ते हैं। अब इस शो का एक प्रोमो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शो में सोनाली बेंद्रे गेस्ट के तौर पर दिखाई दे रही हैं। हाल ही में, छोटे पर्दे का चर्चित शो 'द कपिल शर्मा' शो के मेकर्स ने आगामी एपिसोड का प्रोमो लॉन्च किया है। इस प्रोमो में बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे शो में गेस्ट के तौर पर आई हैं। इस प्रोमो में नजर आ रहा है कि कपिल ने मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को नाराज कर दिया है। दरअसल शो में सोनाली बेंद्रे, टेरेंस लुईस, गीता कपूर और जय भानुशाली अपने आगामी डांस शो का प्रमोशन करने पहुंचे थे। इन तीनों के आगमन ने शो में ही नहीं बल्कि ऑडियंस के दिलों में भी काफी उत्साह भर दिया था। शो के प्रोमो में सभी जमकर मस्ती करते नजर आ रहे हैं। कपिल भी अपनी कॉमिक टाइमिंग से उन्हें हंसाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है, लेकिन इस दौरान सोनाली ने कपिल से अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। शो में सोनाली ने कहा, कपिल ने उन्हें कभी अपने शो में इंवाइट नहीं किया है। इसलिए वह कपिल से काफी अपसेट भी हैं। कपिल ने सोनाली की बात को तुरंत संभालते हुए कहा कि अगर उन्हें पता होता कि उनके एक बार बुलाने पर ही सोनाली शो में आ जाएंगी तो वह बहुत पहले ही बॉलीवुड की इस खूबसूरत एक्ट्रेस को शो में बुला लेते और आज उन्हें यह शिकायत नहीं करनी पड़ती। ऑडियंस भी कपिल के इस जवाब के बाद काफी उत्साहित हो गए और उनकी बातों पर हंसने लगे। आपको बता दें कि शो का प्रोमो रिलीज होने के तुरंत बाद ही दर्शकों के बीच काफी वायरल हो रहा है। यूजर्स भी इस प्रोमो पर जमकर कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, 'क्या कपिल भाई तुम क्या करते हो। ' दूसरे यूजर ने लिखा, 'कपिल से तो भारी मिस्टेक हो गया। ' एक और यूजर ने लिखा, 'शो बेहद दिलचस्प होने वाला है। ' बता दें कि आगामी एपिसोड में दर्शकों को भारती और कृष्णा अभिषेक नजर नहीं आने वाले हैं। |
Most Expensive Hindi Web Series: ओटीटी पर वेब सीरीज का कारोबार भी कुछ कम नहीं है. एक-एक वेब सीरीज को बनाने में करोड़ों रूपए खर्चे जा रहे हैं. चलिए बताते हैं सबसे महंगी वेब सीरीज के बारे में.
Made in Heaven: इस ग्रैंड वेब सीरीज को बनाने में भी खूब पैसा खर्चा किया गया है. इसके बजट की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक 100 करोड़ रूपए इस सीरीज को तैयार करने में खर्च हुए हैं. शोभिता धूलिपाला, जिम सरभ स्टारर इस सीरीज के दूसरे सीजन का इंतजार भी हो रहा है.
Sacred Games: नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सैफ अली खान जैसे सितारों से सजी सेक्रेड गेम्स का बजट जानकर भी आपको बड़ा झटका लग सकता है. कहा जाता है कि पहला सीजन जहां 40 करोड़ में बना वही दूसरा सीजन 100 करोड़ में तैयार हुआ था.
Mirzapur2: पूर्वांचल पर बेस्ड ये क्राइम ड्रामा भी खूब पॉपुलर है जिसके 2 सीजन आ चुके हैं. अमेजन प्राइम वीडियो की सबसे चर्चित सीरीज मिर्जापुर 2 का बजट 60 करोड़ बताया जाता है जबकि पहले सीजन का बजट काफी कम था.
The Family Man: मनोज वाजपेयी की द फैमिली मैन के दो सीजन आ चुके हैं. और रिपोर्ट्स की माने तो दोनो पार्ट को बनाने में 50-50 करोड़ का बजट लगा है. यानि अच्छा खासा पैसा इस सीरीज को बनाने में खर्च हुआ है. लेकिन इन सीरीज ने जबरदस्त कमाई भी की है.
The Empire: टाइम पीरीयड सीरीज द अम्पायर ने भी खूब सुर्खियां बंटोरी है. दमदार कलाकारों से सजी ये सीरीज जबरदस्त है जिसमें पैसा भी खूब बहाया गया है. इस सीरीज का बजट 40-50 करोड़ बताया जाता है.
| Most Expensive Hindi Web Series: ओटीटी पर वेब सीरीज का कारोबार भी कुछ कम नहीं है. एक-एक वेब सीरीज को बनाने में करोड़ों रूपए खर्चे जा रहे हैं. चलिए बताते हैं सबसे महंगी वेब सीरीज के बारे में. Made in Heaven: इस ग्रैंड वेब सीरीज को बनाने में भी खूब पैसा खर्चा किया गया है. इसके बजट की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक एक सौ करोड़ रूपए इस सीरीज को तैयार करने में खर्च हुए हैं. शोभिता धूलिपाला, जिम सरभ स्टारर इस सीरीज के दूसरे सीजन का इंतजार भी हो रहा है. Sacred Games: नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सैफ अली खान जैसे सितारों से सजी सेक्रेड गेम्स का बजट जानकर भी आपको बड़ा झटका लग सकता है. कहा जाता है कि पहला सीजन जहां चालीस करोड़ में बना वही दूसरा सीजन एक सौ करोड़ में तैयार हुआ था. Mirzapurदो: पूर्वांचल पर बेस्ड ये क्राइम ड्रामा भी खूब पॉपुलर है जिसके दो सीजन आ चुके हैं. अमेजन प्राइम वीडियो की सबसे चर्चित सीरीज मिर्जापुर दो का बजट साठ करोड़ बताया जाता है जबकि पहले सीजन का बजट काफी कम था. The Family Man: मनोज वाजपेयी की द फैमिली मैन के दो सीजन आ चुके हैं. और रिपोर्ट्स की माने तो दोनो पार्ट को बनाने में पचास-पचास करोड़ का बजट लगा है. यानि अच्छा खासा पैसा इस सीरीज को बनाने में खर्च हुआ है. लेकिन इन सीरीज ने जबरदस्त कमाई भी की है. The Empire: टाइम पीरीयड सीरीज द अम्पायर ने भी खूब सुर्खियां बंटोरी है. दमदार कलाकारों से सजी ये सीरीज जबरदस्त है जिसमें पैसा भी खूब बहाया गया है. इस सीरीज का बजट चालीस-पचास करोड़ बताया जाता है. |
मरहमों और लेपों का अधिक प्रयोग होता है। अन्य औषधियों को ये लोग प्रायः हानिकर समझते हैं ।
ये दोनों वर्ग ( ब्राह्मण और श्रमरण ) सहनशीलता का बड़ा करते हैं। कभी-कभी ये दिन-दिन-भर एक ही आसन से निश्चल खड़े रह जाते हैं ।
"इनके अतिरिक्त ज्योतिषी ( रम्माल अर्थात् ऐसे लोग, जो ज्योतिष के पूर्ण विद्वान् न होते हुए भी याही इधर-उधर के लटकों से त्रिकाल की बातें बताने का दावा करते हैं )
प्रतादि को वश करनेवाले या जादूगर) और प्रेत-कर्म जाननेवाले ( ऐसे लोग जो मृत्यु के पीछे के संस्कार कराते हैं, महाब्राह्मण) भी होते हैं, जो ग्रामों ओर नगरों में भिक्षा माँगते फिरते हैं ।
जो लोग बड़े विद्वान हैं, वे भी परलोक के विषय में ऐसी-ऐसी अन्धविश्वास मूलक बातों की शिक्षा देते हैं, जिनको सुनकर और डर कर) लोग धर्माचरण करें । कहीं-कहीं इनके साथ स्त्रियाँ भी दर्शन शास्त्र का अभ्यास करती हैं ।
अशोक की राजाज्ञाओं से ही विदित होता है कि वे एक शिक्षित प्रजा के लिए निकाली गई थीं। अशिक्षित जनता उच्च कोटि की नैतिक दीक्षा को समझ ही नहीं सकती, उसके लिए जो धार्मिक उपदेश होगा, उसमें पद-पद पर स्वर्ग का प्रलोभन और नरक का भय विद्यमान होगा । वह कदापि ऐसी शिक्षा को ग्रहण न कर सकेगी जिसमें ईश्वर तक का पता न हो ।
उस समय शिक्षित जनता के सामने क्या साहित्य था, यह
ठीक-ठीक नहीं कहा जा सकता । वेद तो थे ही, परन्तु तत्कालीन बौद्ध ग्रन्थों में अथर्व वेद का कहीं नाम नहीं आता। इससे यही अनुमान होता है कि उस समय अथर्व वेद और वेदों से पृथक् नहीं किया गया था । प्राचीन वैदिक धर्म की प्राचीन पुस्तकों में तीन ही वेदों का नाम है। कई स्थलों पर ऋक, यजु, साम
के साथ-साथ 'अंगिरस' शब्द आता है, और
के अर्थ में लिया जाता है, क्योंकि कहीं-कहीं अथर्वा गिरस' नाम भी आता है। पर यह स्पष्ट है कि अथर्ववेद और वेदों से पीछे बना था । वेदों के अपौरुपे यत्न पर ध्यान देते हुए यों कहिए कि उसके मंत्रों का संग्रह पीछे हुआ, और बौद्ध ग्रन्थों के प्रमाण से ऐसा ज्ञात होता है कि कम-से-कम अशोक के समय तक यह काम नहीं हुआ था । गृह्यादि और सूत्र अवश्य रहे होंगे, नहीं तो लोगों को कर्मकाण्ड की शिक्षा कैसे दी जाती । स्मृतियों का प्रश्न टेढ़ा है । इसमें सन्देह नहीं कि बीज रूप से स्मृतियाँ रही होंगी, क्रम से इनके मुख्य सिद्धान्तों के अनुसार कार्यवाही होती रही होगी, अधिकांश विद्वानों की यह सम्मति है कि वर्तमान स्मृति ग्रन्थ उस समय नहीं थे । मनुस्मृति भी, जो सबसे प्राचीन और प्रामारिक मानी जाती है, गुप्त-काल अर्थात् अशोक से लगभग सातसौ वर्ष पीछे की बनी मानी जाती है ।
उस समय शायद इतिहास- ग्रन्थ अर्थात् रामायण और महाभारत भी नहीं थे । इसका भी यही प्रमाण है कि बौद्ध ग्रन्थो में इनका नाम नहीं मिलता। यह प्रमाण पर्याप्त नहीं है, पर अनुमान - | मरहमों और लेपों का अधिक प्रयोग होता है। अन्य औषधियों को ये लोग प्रायः हानिकर समझते हैं । ये दोनों वर्ग सहनशीलता का बड़ा करते हैं। कभी-कभी ये दिन-दिन-भर एक ही आसन से निश्चल खड़े रह जाते हैं । "इनके अतिरिक्त ज्योतिषी प्रतादि को वश करनेवाले या जादूगर) और प्रेत-कर्म जाननेवाले भी होते हैं, जो ग्रामों ओर नगरों में भिक्षा माँगते फिरते हैं । जो लोग बड़े विद्वान हैं, वे भी परलोक के विषय में ऐसी-ऐसी अन्धविश्वास मूलक बातों की शिक्षा देते हैं, जिनको सुनकर और डर कर) लोग धर्माचरण करें । कहीं-कहीं इनके साथ स्त्रियाँ भी दर्शन शास्त्र का अभ्यास करती हैं । अशोक की राजाज्ञाओं से ही विदित होता है कि वे एक शिक्षित प्रजा के लिए निकाली गई थीं। अशिक्षित जनता उच्च कोटि की नैतिक दीक्षा को समझ ही नहीं सकती, उसके लिए जो धार्मिक उपदेश होगा, उसमें पद-पद पर स्वर्ग का प्रलोभन और नरक का भय विद्यमान होगा । वह कदापि ऐसी शिक्षा को ग्रहण न कर सकेगी जिसमें ईश्वर तक का पता न हो । उस समय शिक्षित जनता के सामने क्या साहित्य था, यह ठीक-ठीक नहीं कहा जा सकता । वेद तो थे ही, परन्तु तत्कालीन बौद्ध ग्रन्थों में अथर्व वेद का कहीं नाम नहीं आता। इससे यही अनुमान होता है कि उस समय अथर्व वेद और वेदों से पृथक् नहीं किया गया था । प्राचीन वैदिक धर्म की प्राचीन पुस्तकों में तीन ही वेदों का नाम है। कई स्थलों पर ऋक, यजु, साम के साथ-साथ 'अंगिरस' शब्द आता है, और के अर्थ में लिया जाता है, क्योंकि कहीं-कहीं अथर्वा गिरस' नाम भी आता है। पर यह स्पष्ट है कि अथर्ववेद और वेदों से पीछे बना था । वेदों के अपौरुपे यत्न पर ध्यान देते हुए यों कहिए कि उसके मंत्रों का संग्रह पीछे हुआ, और बौद्ध ग्रन्थों के प्रमाण से ऐसा ज्ञात होता है कि कम-से-कम अशोक के समय तक यह काम नहीं हुआ था । गृह्यादि और सूत्र अवश्य रहे होंगे, नहीं तो लोगों को कर्मकाण्ड की शिक्षा कैसे दी जाती । स्मृतियों का प्रश्न टेढ़ा है । इसमें सन्देह नहीं कि बीज रूप से स्मृतियाँ रही होंगी, क्रम से इनके मुख्य सिद्धान्तों के अनुसार कार्यवाही होती रही होगी, अधिकांश विद्वानों की यह सम्मति है कि वर्तमान स्मृति ग्रन्थ उस समय नहीं थे । मनुस्मृति भी, जो सबसे प्राचीन और प्रामारिक मानी जाती है, गुप्त-काल अर्थात् अशोक से लगभग सातसौ वर्ष पीछे की बनी मानी जाती है । उस समय शायद इतिहास- ग्रन्थ अर्थात् रामायण और महाभारत भी नहीं थे । इसका भी यही प्रमाण है कि बौद्ध ग्रन्थो में इनका नाम नहीं मिलता। यह प्रमाण पर्याप्त नहीं है, पर अनुमान - |
जनस्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोनोवायरस (Coronavirus) के 37 नए मामले सामने आए हैं, जिससे संक्रमितों की संख्या 521 पहुंच गई है और 15 लोगों की मौत हो चुकी है.
अफगान प्रेसिडेंशियल पैलेस (Afghan Presidential Palace) में 517 सैंपलों की जांच के बाद कम से कम 20 कर्मचारियों को कोरोनावायरस पॉजिटिव (Covid-19 positive) पाया गया है. टोलो न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि इन मामलों के सामने आने के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्यकर्मियों के 10 समूहों ने राष्ट्रपति पैलेस के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं.
डॉक्टरों ने कहा कि हमें अधिक परीक्षण किटों की आवश्यकता है, क्योंकि परीक्षण से देश में वायरस के फैलने को रोका जा सकता है. काबुल (Kabul) में कोरोना संक्रमकों के अस्पताल के प्रमुख असदुल्लाह अस्मत ने कहा, "अगर हमारे पास पर्याप्त किट उपलब्ध होंगे तो हम अच्छे परिणाम दे सकते हैं.
उन्होंने कहा, "हम ज्यादा से ज्यादा लोगों का टेस्ट कर के, समय रहते उन रोगियों का पता लगा सकते है, जो वायरस से संक्रमित हैं. इस प्रकार से वायरस पर काबू पाया जा सकता है." जनस्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोनोवायरस (Coronavirus) के 37 नए मामले सामने आए हैं, जिससे संक्रमितों की संख्या 521 पहुंच गई है और 15 लोगों की मौत हो चुकी है.
| जनस्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोनोवायरस के सैंतीस नए मामले सामने आए हैं, जिससे संक्रमितों की संख्या पाँच सौ इक्कीस पहुंच गई है और पंद्रह लोगों की मौत हो चुकी है. अफगान प्रेसिडेंशियल पैलेस में पाँच सौ सत्रह सैंपलों की जांच के बाद कम से कम बीस कर्मचारियों को कोरोनावायरस पॉजिटिव पाया गया है. टोलो न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि इन मामलों के सामने आने के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्यकर्मियों के दस समूहों ने राष्ट्रपति पैलेस के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं. डॉक्टरों ने कहा कि हमें अधिक परीक्षण किटों की आवश्यकता है, क्योंकि परीक्षण से देश में वायरस के फैलने को रोका जा सकता है. काबुल में कोरोना संक्रमकों के अस्पताल के प्रमुख असदुल्लाह अस्मत ने कहा, "अगर हमारे पास पर्याप्त किट उपलब्ध होंगे तो हम अच्छे परिणाम दे सकते हैं. उन्होंने कहा, "हम ज्यादा से ज्यादा लोगों का टेस्ट कर के, समय रहते उन रोगियों का पता लगा सकते है, जो वायरस से संक्रमित हैं. इस प्रकार से वायरस पर काबू पाया जा सकता है." जनस्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोनोवायरस के सैंतीस नए मामले सामने आए हैं, जिससे संक्रमितों की संख्या पाँच सौ इक्कीस पहुंच गई है और पंद्रह लोगों की मौत हो चुकी है. |
न्यूजीलैंड की धरती पर विराट कोहली पर जीतने का जुनून सवार था. ये जुनून सीरीज के पहले 3 वनडे में विराट की कप्तानी में खूब दिखा. लेकिन, 5 वनडे मैचों की सीरीज के पहले 3 मुकाबले जीतने के बाद जब सीरीज पर टीम इंडिया का कब्जा हो गया तो विराट कोहली को आराम दे दिया गया. विराट के आराम पर जाने के बाद कप्तानी की बागडोर अब सीरीज के बाकी मुकाबलों के लिए रोहित शर्मा के हाथों में आ गई है. मतलब ये कि न्यूजीलैंड को हराते रहने का जो खेल विराट कोहली ने शुरू किया था उसे अब अंजाम तक रोहित शर्मा को पहुंचाना है. और, इसमें टीम इंडिया के हिटमैन कामयाब भी होंगे. वो विराट की कमान में मिली सीरीज जीत को क्लीन स्वीप की शक्ल दे पाएंगे, इसकी गवाही उनके पिछले रिकॉर्ड भी देते हैं.
भारत के लिए बतौर कप्तान रोहित का करियर ज्यादा लंबा नहीं है लेकिन जितना है दमदार है. रोहित ने अब तक 8 वनडे में भारत की बागडोर संभाली है, जिसमें 7 जीते और सिर्फ 1 मुकाबला हारे हैं. यानी, उनकी जीत का प्रतिशत 87. 5 का रहा है. खास बात ये है कि जो एक मुकाबला रोहित ने गंवाया वो उनका बतौर कप्तान पहला वनडे मुकाबला था. यानी, उसके बाद उन्होंने लगातार 7 मैच जीते हैं. आंकड़ों के जरिए रोहित जितने बड़े कप्तान नजर आते हैं अपनी कप्तानी में वो उतने ही बड़े बल्लेबाज भी हैं. बतौर कप्तान रोहित ने 8 वनडे में 106. 8 की औसत के साथ 534 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक शामिल हैं.
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का चौथा मुकाबला हैमिल्टन में हैं. यहां खेले 5 वनडे में भारत सिर्फ 1 ही जीत सका है जबकि 4 में उसे मुंह की खानी पड़ी है. मतलब, रिकॉर्ड अच्छा नहीं है. लेकिन , रोहित की कप्तानी का रिकॉर्ड भारत के जीत की गारंटी बन सकता है. इसके अलावा इस मैदान पर रोहित की बल्लेबाजी का औसत भी करीब 50 यानी कि 49. 50 का है. यहां खेली 2 पारियों में उन्होंने 1 अर्धशतक के साथ 99 रन बनाए हैं.
इन सबके अलावा रोहित शर्मा के पास हैमिल्टन वनडे को जीतने की पर्सनल वजह भी है. और वो ये कि ये उनके करियर का 200वां वनडे हैं, जिसका जश्न वो न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में क्लीन स्वीप की ओर एक और कदम बढ़ाकर मनाना चाहेंगे.
| न्यूजीलैंड की धरती पर विराट कोहली पर जीतने का जुनून सवार था. ये जुनून सीरीज के पहले तीन वनडे में विराट की कप्तानी में खूब दिखा. लेकिन, पाँच वनडे मैचों की सीरीज के पहले तीन मुकाबले जीतने के बाद जब सीरीज पर टीम इंडिया का कब्जा हो गया तो विराट कोहली को आराम दे दिया गया. विराट के आराम पर जाने के बाद कप्तानी की बागडोर अब सीरीज के बाकी मुकाबलों के लिए रोहित शर्मा के हाथों में आ गई है. मतलब ये कि न्यूजीलैंड को हराते रहने का जो खेल विराट कोहली ने शुरू किया था उसे अब अंजाम तक रोहित शर्मा को पहुंचाना है. और, इसमें टीम इंडिया के हिटमैन कामयाब भी होंगे. वो विराट की कमान में मिली सीरीज जीत को क्लीन स्वीप की शक्ल दे पाएंगे, इसकी गवाही उनके पिछले रिकॉर्ड भी देते हैं. भारत के लिए बतौर कप्तान रोहित का करियर ज्यादा लंबा नहीं है लेकिन जितना है दमदार है. रोहित ने अब तक आठ वनडे में भारत की बागडोर संभाली है, जिसमें सात जीते और सिर्फ एक मुकाबला हारे हैं. यानी, उनकी जीत का प्रतिशत सत्तासी. पाँच का रहा है. खास बात ये है कि जो एक मुकाबला रोहित ने गंवाया वो उनका बतौर कप्तान पहला वनडे मुकाबला था. यानी, उसके बाद उन्होंने लगातार सात मैच जीते हैं. आंकड़ों के जरिए रोहित जितने बड़े कप्तान नजर आते हैं अपनी कप्तानी में वो उतने ही बड़े बल्लेबाज भी हैं. बतौर कप्तान रोहित ने आठ वनडे में एक सौ छः. आठ की औसत के साथ पाँच सौ चौंतीस रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक शामिल हैं. भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का चौथा मुकाबला हैमिल्टन में हैं. यहां खेले पाँच वनडे में भारत सिर्फ एक ही जीत सका है जबकि चार में उसे मुंह की खानी पड़ी है. मतलब, रिकॉर्ड अच्छा नहीं है. लेकिन , रोहित की कप्तानी का रिकॉर्ड भारत के जीत की गारंटी बन सकता है. इसके अलावा इस मैदान पर रोहित की बल्लेबाजी का औसत भी करीब पचास यानी कि उनचास. पचास का है. यहां खेली दो पारियों में उन्होंने एक अर्धशतक के साथ निन्यानवे रन बनाए हैं. इन सबके अलावा रोहित शर्मा के पास हैमिल्टन वनडे को जीतने की पर्सनल वजह भी है. और वो ये कि ये उनके करियर का दो सौवां वनडे हैं, जिसका जश्न वो न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में क्लीन स्वीप की ओर एक और कदम बढ़ाकर मनाना चाहेंगे. |
के नाम से सम्बोधित किया जाता है । केवल पेड़ों पर चढ़ने जैसे गुण के अलावा और कोई विकास का लक्षण नहीं था । जंग धड़ंग या खाल लपेटे ऐसे आदि पुरुषों का काम केवल शिकार करना, फल-फूल तोड़ना और इन्हें कच्चा चबा जाना था। बाद में जंगल में लगी आग और दो लकड़ियों की रगड़ को देखकर उन्होंने आग जलाना सीख लिया और मांस तथा अन्न भूनना भी सीख किया । मिट्टी के बर्तन बनाने की कला भी अचानक उन्हें प्राप्त हो गयी । आदि मानव अपने भोजन को गड्ढों में आग जलाकर भूनते थे । कई बार आग जलाने और भूनने के बाद गड़ने का एक मोटा हिस्सा सांचे की तरह पक कर अलग हो गया । मनुष्य ने देखा कि यह बरतन काफी मजबूत तथा टिकाऊ है मैदानी हिस्सों में
तो गड्ढा खोदकर वह मांस भून लेता था या बरतन में खा लेता था, लेकिन जहां पहाड़ी इलाका होता था वहां उसे मजबूत चट्टानो को चुन चुन कर इकट्ठा करके चुल्हा बनाना पड़ता था तब उसमें खाट्य पदार्थों को धूनना पड़ता था । पत्थरों और आग के इसी सम्पर्क ने खनिजों का परिचय कराया । जब आग की तपन से पिघलकर खनिज पत्थरों से बाहर आ गए तब भोजन के बाद बुझी हुई राख से पेड़ चढ़वा किस्म के लोगों को एक ऐसी ठोस वस्तु प्राप्त हुई जो पत्थरों से भी अधिक मजबूत थी । आदमी को तो हथियार के लिए ऐसी चीज की जरूरत ही थी, जो काफी कड़ी, मजबूत तथा उपयोगी हो । मजबूती, जंग न लगने, जल्दी साफ होकर चमकदार हो जाने वाले कुछ खनिज पदार्थ जैसे तांबा, लोहा, सोना, चांदी इतने लोकप्रिय हुए कि उनके आधार पर उस युग का ही नामकरण किया गया- धातु युग ।
खनिजों के खोज की यह कहानी उस युग से सम्बन्धित है जब न इतिहास था न सभ्यता, न संस्कृति थी न आदमी की कोई भाषा । लेकिन श्री हंसमुख घी. सांकालिया, राहुल सांस्कृत्यायन तथा
भगवत शरण उपाध्याय ने खनिजों की खोज की, इस सम्भावना का संकेत किया है । कई विद्वान इस खोज का श्रेय प्रकृति को देते हैं कि जंगली आग से चट्टाने जलने लगीं और उनसे लावे के रूप में खनिज पदार्थ निकले जो बाद में मनुष्य के हाथ लगे तथा इसकी मजबूती देख उसने इन्हें अपनाया ।
मनुष्य और खनिज के सम्बन्धों को दृढ़ करके खोज के लिए उत्साहित करने में इस अंध विश्वास ने बड़ी सहायता की कि खनिजों जैसे सोना, तांबा लौहा के प्रयोग से भूत, चुड़ैल आदि दुरात्मायें दूर रहती है, पास नहीं फटकती । इस अंधविश्वास पर हमें हंसी आती है लेकिन हमारे समाज में आज भी यह अंधविश्वास अनेक रूपों में वर्तमान है । हम सौभाग्य के लिए अंगूठी पहनते हैं, ताबीज तांबे ही की खोल में रखकर पहनी जाती है, नजर और टोने से बचने के लिए नाव की कील की अंगूठी पहनी जाती है । प्रसिद्ध इतिहासकार एवं मानव विकास का अध्येता गोर्डन चाइल्ड ने लिखा है कि प्रारम्भिक एवं आदि समाज में खनिजों को जादुई महत्व प्राप्त हुआ । पत्थरों की खोज से ही खनिजों की कहानी शुरू हुई, कड़े से कड़े पत्थरों की खोज में वे ऐसे पत्थरों तक पहुंचे जो खनिजों से युक्त थे । उदाहरणार्थ मैलेकाइट एक लोकप्रिय पत्थर था जो वास्तव में तांबे का कार्बोनेट है । इसी प्रकार फिरोजा अल्मुनियम का फास्फेट है, जिसमें ताबे का हल्का मिश्रण है । उन्हें कई पत्थरों के ऐसे नमूने मिले जो ठोस तो थे ही पीटने पर फेल भी जाते थे । अयस्कों में खनिजकण वर्तमान रहते हैं उसे देखकर आदमी ने चट्टानों को प्राप्त करने में खनन को महत्व दिया होगा ।
गोर्डन चाइल्ड महोदय ने लिखा है कि मैकेलाइट तथा फिरोजा जैसे अयस्कों की खोज ने उन्हें तांबे से परिचित कराया होगा । उन्हें कुछ ऐसे अयस्क मिले होंगे जिनमें धातु की मात्रा ज्यादा थी | के नाम से सम्बोधित किया जाता है । केवल पेड़ों पर चढ़ने जैसे गुण के अलावा और कोई विकास का लक्षण नहीं था । जंग धड़ंग या खाल लपेटे ऐसे आदि पुरुषों का काम केवल शिकार करना, फल-फूल तोड़ना और इन्हें कच्चा चबा जाना था। बाद में जंगल में लगी आग और दो लकड़ियों की रगड़ को देखकर उन्होंने आग जलाना सीख लिया और मांस तथा अन्न भूनना भी सीख किया । मिट्टी के बर्तन बनाने की कला भी अचानक उन्हें प्राप्त हो गयी । आदि मानव अपने भोजन को गड्ढों में आग जलाकर भूनते थे । कई बार आग जलाने और भूनने के बाद गड़ने का एक मोटा हिस्सा सांचे की तरह पक कर अलग हो गया । मनुष्य ने देखा कि यह बरतन काफी मजबूत तथा टिकाऊ है मैदानी हिस्सों में तो गड्ढा खोदकर वह मांस भून लेता था या बरतन में खा लेता था, लेकिन जहां पहाड़ी इलाका होता था वहां उसे मजबूत चट्टानो को चुन चुन कर इकट्ठा करके चुल्हा बनाना पड़ता था तब उसमें खाट्य पदार्थों को धूनना पड़ता था । पत्थरों और आग के इसी सम्पर्क ने खनिजों का परिचय कराया । जब आग की तपन से पिघलकर खनिज पत्थरों से बाहर आ गए तब भोजन के बाद बुझी हुई राख से पेड़ चढ़वा किस्म के लोगों को एक ऐसी ठोस वस्तु प्राप्त हुई जो पत्थरों से भी अधिक मजबूत थी । आदमी को तो हथियार के लिए ऐसी चीज की जरूरत ही थी, जो काफी कड़ी, मजबूत तथा उपयोगी हो । मजबूती, जंग न लगने, जल्दी साफ होकर चमकदार हो जाने वाले कुछ खनिज पदार्थ जैसे तांबा, लोहा, सोना, चांदी इतने लोकप्रिय हुए कि उनके आधार पर उस युग का ही नामकरण किया गया- धातु युग । खनिजों के खोज की यह कहानी उस युग से सम्बन्धित है जब न इतिहास था न सभ्यता, न संस्कृति थी न आदमी की कोई भाषा । लेकिन श्री हंसमुख घी. सांकालिया, राहुल सांस्कृत्यायन तथा भगवत शरण उपाध्याय ने खनिजों की खोज की, इस सम्भावना का संकेत किया है । कई विद्वान इस खोज का श्रेय प्रकृति को देते हैं कि जंगली आग से चट्टाने जलने लगीं और उनसे लावे के रूप में खनिज पदार्थ निकले जो बाद में मनुष्य के हाथ लगे तथा इसकी मजबूती देख उसने इन्हें अपनाया । मनुष्य और खनिज के सम्बन्धों को दृढ़ करके खोज के लिए उत्साहित करने में इस अंध विश्वास ने बड़ी सहायता की कि खनिजों जैसे सोना, तांबा लौहा के प्रयोग से भूत, चुड़ैल आदि दुरात्मायें दूर रहती है, पास नहीं फटकती । इस अंधविश्वास पर हमें हंसी आती है लेकिन हमारे समाज में आज भी यह अंधविश्वास अनेक रूपों में वर्तमान है । हम सौभाग्य के लिए अंगूठी पहनते हैं, ताबीज तांबे ही की खोल में रखकर पहनी जाती है, नजर और टोने से बचने के लिए नाव की कील की अंगूठी पहनी जाती है । प्रसिद्ध इतिहासकार एवं मानव विकास का अध्येता गोर्डन चाइल्ड ने लिखा है कि प्रारम्भिक एवं आदि समाज में खनिजों को जादुई महत्व प्राप्त हुआ । पत्थरों की खोज से ही खनिजों की कहानी शुरू हुई, कड़े से कड़े पत्थरों की खोज में वे ऐसे पत्थरों तक पहुंचे जो खनिजों से युक्त थे । उदाहरणार्थ मैलेकाइट एक लोकप्रिय पत्थर था जो वास्तव में तांबे का कार्बोनेट है । इसी प्रकार फिरोजा अल्मुनियम का फास्फेट है, जिसमें ताबे का हल्का मिश्रण है । उन्हें कई पत्थरों के ऐसे नमूने मिले जो ठोस तो थे ही पीटने पर फेल भी जाते थे । अयस्कों में खनिजकण वर्तमान रहते हैं उसे देखकर आदमी ने चट्टानों को प्राप्त करने में खनन को महत्व दिया होगा । गोर्डन चाइल्ड महोदय ने लिखा है कि मैकेलाइट तथा फिरोजा जैसे अयस्कों की खोज ने उन्हें तांबे से परिचित कराया होगा । उन्हें कुछ ऐसे अयस्क मिले होंगे जिनमें धातु की मात्रा ज्यादा थी |
सम्पूर्णानंद संस्कृत विद्यालय एशियाई शिक्षण का एक संस्थान है। 1200 से अधिक संस्कृत-माध्यम स्कूल और कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। सम्पूर्णानंद संस्कृत विद्यालय भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसका पूरे देश में व्यापक प्रसार है। वर्ष 1791 में, माननीय ईस्ट इंडिया कंपनी के निवासी जोनाथन डंकन ने भाषा में रुचि को प्रोत्साहित करने और बनाने के लिए एक संस्कृत कॉलेज की स्थापना का प्रस्ताव रखा। 1857 में, कॉलेज ने अपने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए। 1894 में, सरस्वती भवन ग्रंथालय का निर्माण किया गया था जो हजारों पांडुलिपियों को संरक्षित करता है। भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद 1958 में इस संस्थान की स्थिति एक कॉलेज से बदलकर संस्कृत विश्वविद्यालय कर दी गई।
उत्तर प्रदेश में एक शिक्षक और राजनीतिज्ञ सम्पूर्णानंद के प्रयासों के कारण यह संभव हुआ। 1974 में, विश्वविद्यालय का नाम बदलकर सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय कर दिया गया। यह देश का एकमात्र विश्वविद्यालय है जहाँ पूरे भारत के स्कूल और कॉलेज विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। उत्तर प्रदेश के नौ सौ साठ कॉलेज, राजस्थान में सात कॉलेज, महाराष्ट्र में सात कॉलेज, गुजरात में इक्कीस कॉलेज, दिल्ली में तेरह कॉलेज, कश्मीर में दो कॉलेज, हिमाचल प्रदेश में तीन कॉलेज और सिक्किम में चार कॉलेज इससे संबद्ध हैं।
विश्वविद्यालय के संकायों में वेद-वेदांग हैं, जिनमें वेदा के तीन विभाग हैं, व्याकरण विभाग, और ज्योतिष विभाग। साहित्य संस्कृति संकाय में दो विभाग हैं, अर्थात् साहित्य विभाग और पुराणपंथी विभाग।
दर्शन या दर्शनशास्त्र के संकाय में भी दो विभाग हैं, अर्थात् वेदांत विभाग और संख्ययोगांतराम विभाग। श्रमण विद्या संकाय में एक विभाग, पाली और थेवड विभाग हैं। अधिन्यन ज्ञान विज्ञान संकाय भी एक विभाग को आधुनिक भाषा और भाषाविज्ञान विभाग का प्रमुख बनाता है।
इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य इस प्राचीन भाषा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है, जो भारतीय सभ्यता में गहराई से अंतर्निहित है।
| सम्पूर्णानंद संस्कृत विद्यालय एशियाई शिक्षण का एक संस्थान है। एक हज़ार दो सौ से अधिक संस्कृत-माध्यम स्कूल और कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। सम्पूर्णानंद संस्कृत विद्यालय भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसका पूरे देश में व्यापक प्रसार है। वर्ष एक हज़ार सात सौ इक्यानवे में, माननीय ईस्ट इंडिया कंपनी के निवासी जोनाथन डंकन ने भाषा में रुचि को प्रोत्साहित करने और बनाने के लिए एक संस्कृत कॉलेज की स्थापना का प्रस्ताव रखा। एक हज़ार आठ सौ सत्तावन में, कॉलेज ने अपने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए। एक हज़ार आठ सौ चौरानवे में, सरस्वती भवन ग्रंथालय का निर्माण किया गया था जो हजारों पांडुलिपियों को संरक्षित करता है। भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद एक हज़ार नौ सौ अट्ठावन में इस संस्थान की स्थिति एक कॉलेज से बदलकर संस्कृत विश्वविद्यालय कर दी गई। उत्तर प्रदेश में एक शिक्षक और राजनीतिज्ञ सम्पूर्णानंद के प्रयासों के कारण यह संभव हुआ। एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर में, विश्वविद्यालय का नाम बदलकर सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय कर दिया गया। यह देश का एकमात्र विश्वविद्यालय है जहाँ पूरे भारत के स्कूल और कॉलेज विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। उत्तर प्रदेश के नौ सौ साठ कॉलेज, राजस्थान में सात कॉलेज, महाराष्ट्र में सात कॉलेज, गुजरात में इक्कीस कॉलेज, दिल्ली में तेरह कॉलेज, कश्मीर में दो कॉलेज, हिमाचल प्रदेश में तीन कॉलेज और सिक्किम में चार कॉलेज इससे संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय के संकायों में वेद-वेदांग हैं, जिनमें वेदा के तीन विभाग हैं, व्याकरण विभाग, और ज्योतिष विभाग। साहित्य संस्कृति संकाय में दो विभाग हैं, अर्थात् साहित्य विभाग और पुराणपंथी विभाग। दर्शन या दर्शनशास्त्र के संकाय में भी दो विभाग हैं, अर्थात् वेदांत विभाग और संख्ययोगांतराम विभाग। श्रमण विद्या संकाय में एक विभाग, पाली और थेवड विभाग हैं। अधिन्यन ज्ञान विज्ञान संकाय भी एक विभाग को आधुनिक भाषा और भाषाविज्ञान विभाग का प्रमुख बनाता है। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य इस प्राचीन भाषा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है, जो भारतीय सभ्यता में गहराई से अंतर्निहित है। |
१०८. तेल देखो तेल की धार देखो-आगे २ देखना क्या होता है। १०३. तेली का बैल - दिन रात काम करने पर भी कछु न मिलना । ११०. तेली से यारी कर के पानी से सोचना-बड़ों से मेल होने पर भी तकलीफ उठाना ।
१११. तेली वे तेली तेरे सिर पर कोतू - वे बुनियाद घात करना । ११२. होता घसमी फरना-वे बफाई करना । ११३. थूक में सत्तू साधना-थोड़े खर्च से बड़ा काम करना । ११४. दर्जी की सुई कभी रजाई में कभी मुखमल में काम वाले के कभी छोटा कभी मोदा काम मिलता है। ११५. दाता दे और भंडारी पेट पीटे - खर्च कोई करे और जी निक
किसी का
११६. दादा खरीदे पोता बरते- मजबूत चोज बहुत चलती है। ११७. देशी कुत्ता मराठी चाल-दूसरों की नकल करना । ११८. दाल भात में मुगलचन्द- व्यर्थ में काम बिगाड़ने वाले । २१६. दाई से पेट नहीं छिपता-जानने वाले से भेद नहीं छिपता। १२० दिये तले अन्धेरा, पास की घा घर की खबर न ले और दूर २ की सोचे
१२१. दोर्तो तले जंगलो दबाना - आश्चर्य करना । १२२. ना बांस रहे ना धँसी बजे- भट्ट को ही खोद डालना। १२३. ननौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी- न हो पूरा धन होगा और न पूरा काम होगा।
१२४. न पाने की खुशी न खोने का रंज-हर हालत में खुश रहना । १२५. परदेशी की प्रीती फूस का तापना-अनजाम से प्रेम करने में मुख थोड़ा और दुःख अधिोता है। १२६. पढ़ाई खोर और हो गया दलिया-ज्ञाभ के पदले हानि हो गई। | एक सौ आठ. तेल देखो तेल की धार देखो-आगे दो देखना क्या होता है। एक सौ तीन. तेली का बैल - दिन रात काम करने पर भी कछु न मिलना । एक सौ दस. तेली से यारी कर के पानी से सोचना-बड़ों से मेल होने पर भी तकलीफ उठाना । एक सौ ग्यारह. तेली वे तेली तेरे सिर पर कोतू - वे बुनियाद घात करना । एक सौ बारह. होता घसमी फरना-वे बफाई करना । एक सौ तेरह. थूक में सत्तू साधना-थोड़े खर्च से बड़ा काम करना । एक सौ चौदह. दर्जी की सुई कभी रजाई में कभी मुखमल में काम वाले के कभी छोटा कभी मोदा काम मिलता है। एक सौ पंद्रह. दाता दे और भंडारी पेट पीटे - खर्च कोई करे और जी निक किसी का एक सौ सोलह. दादा खरीदे पोता बरते- मजबूत चोज बहुत चलती है। एक सौ सत्रह. देशी कुत्ता मराठी चाल-दूसरों की नकल करना । एक सौ अट्ठारह. दाल भात में मुगलचन्द- व्यर्थ में काम बिगाड़ने वाले । दो सौ सोलह. दाई से पेट नहीं छिपता-जानने वाले से भेद नहीं छिपता। एक सौ बीस दिये तले अन्धेरा, पास की घा घर की खबर न ले और दूर दो की सोचे एक सौ इक्कीस. दोर्तो तले जंगलो दबाना - आश्चर्य करना । एक सौ बाईस. ना बांस रहे ना धँसी बजे- भट्ट को ही खोद डालना। एक सौ तेईस. ननौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी- न हो पूरा धन होगा और न पूरा काम होगा। एक सौ चौबीस. न पाने की खुशी न खोने का रंज-हर हालत में खुश रहना । एक सौ पच्चीस. परदेशी की प्रीती फूस का तापना-अनजाम से प्रेम करने में मुख थोड़ा और दुःख अधिोता है। एक सौ छब्बीस. पढ़ाई खोर और हो गया दलिया-ज्ञाभ के पदले हानि हो गई। |
रायपुर। महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती के मौके पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र समापन अनगिनत यादों के साथ, बयानों, कहावतों और भाषणों के साथ हुआ. समापन हुआ गाँधी के अंतिम शब्द हे राम ! छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दूसरे दिन विपक्ष के एक वरिष्ठ विधायक के लिए एक बयान के लिए कहना पड़ा हे राम ! बाद में मुख्यमंत्री इसे लेकर ट्वीट भी किया.
दरअसल सदन में भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर गाँधी पर बोल रहे थे, तभी उन्होंने गाँधी के हत्यारे गोडसे का नाम सम्मान जनक शब्द के साथ गोडसे जी कहकर संबोधित किया. इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति की. मुख्यमंत्री वरिष्ठ विधायक के मुख्य गाँधी हत्यारे के लिए सम्मान जनक शब्द सुनकर बोल उठे हे राम !
बाद में उन्होंने ट्विटर पर लिखा- छल, कपट, कायरता जिनके मन में हो वो सामने आ ही जाती है. छलपूर्वक, कायरता से बापू के सीने में गोली मारने वाले गोडसे को आज उन्होंने फिर 'गोडसे जी' कहकर बापू की आत्मा पर पुनः प्रहार किया है. कल जो गाँधी जी के सिद्धांतों पर चलने का ढोंग कर रहे थे, आज उनका नकाब उतर गया.
हे राम!
| रायपुर। महात्मा गाँधी की एक सौ पचासवीं जयंती के मौके पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र समापन अनगिनत यादों के साथ, बयानों, कहावतों और भाषणों के साथ हुआ. समापन हुआ गाँधी के अंतिम शब्द हे राम ! छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दूसरे दिन विपक्ष के एक वरिष्ठ विधायक के लिए एक बयान के लिए कहना पड़ा हे राम ! बाद में मुख्यमंत्री इसे लेकर ट्वीट भी किया. दरअसल सदन में भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर गाँधी पर बोल रहे थे, तभी उन्होंने गाँधी के हत्यारे गोडसे का नाम सम्मान जनक शब्द के साथ गोडसे जी कहकर संबोधित किया. इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति की. मुख्यमंत्री वरिष्ठ विधायक के मुख्य गाँधी हत्यारे के लिए सम्मान जनक शब्द सुनकर बोल उठे हे राम ! बाद में उन्होंने ट्विटर पर लिखा- छल, कपट, कायरता जिनके मन में हो वो सामने आ ही जाती है. छलपूर्वक, कायरता से बापू के सीने में गोली मारने वाले गोडसे को आज उन्होंने फिर 'गोडसे जी' कहकर बापू की आत्मा पर पुनः प्रहार किया है. कल जो गाँधी जी के सिद्धांतों पर चलने का ढोंग कर रहे थे, आज उनका नकाब उतर गया. हे राम! |
बुधवार (28 जून) को स्वीडन के स्टॉकहोम में ईद-उल-अज़हा के मौके पर एक व्यक्ति ने मस्जिद के बाहर कुरान फाड़ दिया और जला दिया। तुर्की और सऊदी अरब समेत अन्य इस्लामिक देशों ने इस घटना की निंदा की. रविवार (2 जुलाई) को 57 देशों के समूह इस्लामिक कोऑपरेशन (आईओसी) ने कहा कि धार्मिक नफरत को रोकने के लिए सामूहिक कार्रवाई की जरूरत है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. ' आईओसी ने अपने बयान में कहा कि हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अंतरराष्ट्रीय कानून के बारे में लगातार याद दिलाना चाहिए. जो स्पष्ट रूप से धार्मिक घृणा के किसी भी कृत्य पर रोक लगाता है।
सऊदी अरब ने कुरान जलाने के मुद्दे पर सोमवार (3 जुलाई) को स्वीडन के राजदूत को भी तलब किया। सऊदी विदेश मंत्रालय ने स्वीडन से ऐसी सभी कार्रवाइयों को रोकने की कोशिश करने को कहा, जो सहिष्णुता, संयम और चरमपंथ की अस्वीकृति के मूल्यों का प्रसार करके देशों के बीच संबंधों को सीधे नुकसान पहुंचाते हैं। स्वीडिश सरकार और संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी इस घटना की निंदा की और बगदाद में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
| बुधवार को स्वीडन के स्टॉकहोम में ईद-उल-अज़हा के मौके पर एक व्यक्ति ने मस्जिद के बाहर कुरान फाड़ दिया और जला दिया। तुर्की और सऊदी अरब समेत अन्य इस्लामिक देशों ने इस घटना की निंदा की. रविवार को सत्तावन देशों के समूह इस्लामिक कोऑपरेशन ने कहा कि धार्मिक नफरत को रोकने के लिए सामूहिक कार्रवाई की जरूरत है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. ' आईओसी ने अपने बयान में कहा कि हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अंतरराष्ट्रीय कानून के बारे में लगातार याद दिलाना चाहिए. जो स्पष्ट रूप से धार्मिक घृणा के किसी भी कृत्य पर रोक लगाता है। सऊदी अरब ने कुरान जलाने के मुद्दे पर सोमवार को स्वीडन के राजदूत को भी तलब किया। सऊदी विदेश मंत्रालय ने स्वीडन से ऐसी सभी कार्रवाइयों को रोकने की कोशिश करने को कहा, जो सहिष्णुता, संयम और चरमपंथ की अस्वीकृति के मूल्यों का प्रसार करके देशों के बीच संबंधों को सीधे नुकसान पहुंचाते हैं। स्वीडिश सरकार और संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी इस घटना की निंदा की और बगदाद में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। |
सिंगापुर, 27 अप्रैल (आईएएनएस). सिंगापुर में एक भारतीय मूल के आदमी को आव्रजन फायदा हासिल करने के लिए अपने सहकर्मी और अपनी भतीजी की विवाह कराने के आरोप में छह महीने की कारागार की सजा सुनाई गई है. एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.
टुडे अखबार ने बताया कि मीरान गनी नागूर पिचाई ने 25 हजार $ के बदले आर्थिक तंगी का सामना कर रही अपनी भतीजी की विवाह भारतीय नागरिक अब्दुल कादर कासिम से, करा दी, जो 2016 में अपनी अल्पकालिक यात्रा पास का विस्तार करना चाहता था.
गौरतलब है कि सिंगापुर में प्रवेश की अपनी तिथि से 89 दिनों के बाद लघु अवधि के विस्तार की मांग करने वालों को क्षेत्रीय प्रायोजक की जरूरत होती है.
ऐसे में पिचाई ने अपनी भतीजी, नूरजन अब्दुल को कासिम का प्रायोजक बनाने की प्रबंध की.
धन की बात तय होने पर कासिम और नूरजन विवाह के लिए सहमत हो गए. पिचाई को नूरजन के पूर्व पति ने 1 हजार $ दिए.
सितंबर 2016 में विवाह हुई थी. पिछले वर्ष इमिग्रेशन एंड चेकपॉइंट्स अथॉरिटी के ऑफिसरों ने अप्रवासन फायदा प्राप्त करने के लिए नकली शादी आयोजित करने के आरोप में पिचाई को अरैस्ट कर लिया.
आईसीए के सहायक अधीक्षक (एएसपी) गणेशवरन धनशेखरन ने न्यायालय से पिचाई के लिए छह महीने की कारागार की सजा की मांग की.
बचाव पक्ष के वकील राजन सुब्रमण्यम ने बोला कि उनके मुवक्किल का इरादा सिर्फ अपने सहयोगी और भतीजी की सहायता करना था.
टुडे ने रिपोर्ट किया कि सुब्रमण्यम ने पिचाई के लिए कम सजा की मांग की.
जिला न्यायाधीश वोंग पेक ने बोला कि पिचाई को प्रबंध से आर्थिक रूप से फायदा नहीं हुआ, लेकिन विवाह की प्रबंध में प्रमुख किरदार निभाई.
पेक ने कहा, मैं अभियोजन पक्ष से सहमत हूं कि सामान्य रोकथाम की जरूरत है क्योंकि नकली शादी का पता लगाना कठिनाई है.
कासिम को पिछले वर्ष अगस्त में छह महीने की कारागार की सजा सुनाई गई थी, जबकि नूरजन को इस वर्ष फरवरी में सात महीने की कारागार की सजा सुनाई गई.
| सिंगापुर, सत्ताईस अप्रैल . सिंगापुर में एक भारतीय मूल के आदमी को आव्रजन फायदा हासिल करने के लिए अपने सहकर्मी और अपनी भतीजी की विवाह कराने के आरोप में छह महीने की कारागार की सजा सुनाई गई है. एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. टुडे अखबार ने बताया कि मीरान गनी नागूर पिचाई ने पच्चीस हजार $ के बदले आर्थिक तंगी का सामना कर रही अपनी भतीजी की विवाह भारतीय नागरिक अब्दुल कादर कासिम से, करा दी, जो दो हज़ार सोलह में अपनी अल्पकालिक यात्रा पास का विस्तार करना चाहता था. गौरतलब है कि सिंगापुर में प्रवेश की अपनी तिथि से नवासी दिनों के बाद लघु अवधि के विस्तार की मांग करने वालों को क्षेत्रीय प्रायोजक की जरूरत होती है. ऐसे में पिचाई ने अपनी भतीजी, नूरजन अब्दुल को कासिम का प्रायोजक बनाने की प्रबंध की. धन की बात तय होने पर कासिम और नूरजन विवाह के लिए सहमत हो गए. पिचाई को नूरजन के पूर्व पति ने एक हजार $ दिए. सितंबर दो हज़ार सोलह में विवाह हुई थी. पिछले वर्ष इमिग्रेशन एंड चेकपॉइंट्स अथॉरिटी के ऑफिसरों ने अप्रवासन फायदा प्राप्त करने के लिए नकली शादी आयोजित करने के आरोप में पिचाई को अरैस्ट कर लिया. आईसीए के सहायक अधीक्षक गणेशवरन धनशेखरन ने न्यायालय से पिचाई के लिए छह महीने की कारागार की सजा की मांग की. बचाव पक्ष के वकील राजन सुब्रमण्यम ने बोला कि उनके मुवक्किल का इरादा सिर्फ अपने सहयोगी और भतीजी की सहायता करना था. टुडे ने रिपोर्ट किया कि सुब्रमण्यम ने पिचाई के लिए कम सजा की मांग की. जिला न्यायाधीश वोंग पेक ने बोला कि पिचाई को प्रबंध से आर्थिक रूप से फायदा नहीं हुआ, लेकिन विवाह की प्रबंध में प्रमुख किरदार निभाई. पेक ने कहा, मैं अभियोजन पक्ष से सहमत हूं कि सामान्य रोकथाम की जरूरत है क्योंकि नकली शादी का पता लगाना कठिनाई है. कासिम को पिछले वर्ष अगस्त में छह महीने की कारागार की सजा सुनाई गई थी, जबकि नूरजन को इस वर्ष फरवरी में सात महीने की कारागार की सजा सुनाई गई. |
बॉलीवुड एक्ट्रेस नेहा धूपिया (Neha Dhupia) इन दिनों अपने एक बयान को लेकर खूब ट्रोल हो रही हैं। एक्ट्रेस पिछले काफी वक्त से एमटीवी के शो 'रोडीज (Roadies)' में एक गैंग लीडर के तौर पर जुड़ी हुई हैं। इस बार भी नेहा धूपिया बतौर गैंग लीडर 'रोडीज रिवोल्यूशन' का हिस्सा हैं। लेकिन हाल ही में एक्ट्रेस को 'रोडीज (Roadies Revolution)' में दिए गए एक बयान को लेकर काफी ट्रोलर्स का सामना करना पड़ रहा है।
'रोडीज (Roadies Revolution)' में फिलहाल ऑडिशंस चल रहे हैं। इस दौरान शो में आए एक कंटेस्टेंट ने बताया था कि उसने अपनी कथित गर्लफ्रेंड को थप्पड़ मारा था। 'रोडीज (Roadies)' में कंटेस्टेंट बताता है कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड को थप्पड़ मारा था क्योंकि वह 5 अन्य लड़कों के साथ भी रिलेशनशिप में थी और उसे चीट कर रही थी। इस पर नेहा (Neha Dhupia) ने कंटेस्टेंट को सुनाते हुए कहा था, "यह जो तू बोल रहा है ना कि एक नहीं पांच लड़कों के साथ गई थी। सुन मेरी बात, यह उसका फैसला है, शायद तुझ में ही कोई कमी हो। लेकिन तुम्हें लड़की को थप्पड़ मारने का कोई अधिकार नहीं है"। अपने इस बयान को लेकर नेहा खूब ट्रोल हुईं।
नेहा के सपोर्ट में बहुत सारे सेलेब्स आए लेकिन, कंगना रनौत की बहन रंगोली चंदेल ने नेहा के खिलाफ ट्वीट्स की बरसात कर दी। रंगोली ने कहा कि ये नए नए फेमिनिस्ट को कुछ नहीं पता, अपनी पॉलिश्ड अंग्रेज़ी को लिख देने का ये मतलब नहीं होता कि आप सही हैं। उन्होंने ये भी लिखा कि अगर नेहा को लगता है कि बताए बिना पांच लड़को के साथ रहना बिलकुल ठीक है, तो करण जौहर की फ्रेंड को अब इसके साइड इफेक्ट दिखेंगे। वैसे बता देगी इस बयान पर नेहा के पति अंगद बेदी ने भी एक पोस्ट साझा किया था इस पोस्ट पर उन्होंने लिखा है कि सुनो यह है मेरी 5 गर्लफ्रेंड जिसमें उन्होंने सिर्फ नेहा की अलग अलग तस्वीरें शेयर की थी।
करण जोहर, सोनम कपूर, सोफी चौधरी और तापसी पन्नू जैसी कई अभिनेत्रियों ने नेहा को सपोर्ट किया। थप्पड़ की कहानी और वाकये के बारे में सालों से बाते चले आ रही हैं इसपर बवाल कबीर सिंह के ज़रिये भी खूब जोर पकड़ा था और फिर तापसी की फ़िल्म थप्पड़ ने भी कई सवाल उठाए, लेकिन कौन सही है और कौन गलत इसका फैसला न कभी जनता, और ना ही कभी ये सेलेब्स मिलकर भी कर पाएं... वही बात है 100 लोग 100 बातें और उनकी 100 तरह की सोच!
| बॉलीवुड एक्ट्रेस नेहा धूपिया इन दिनों अपने एक बयान को लेकर खूब ट्रोल हो रही हैं। एक्ट्रेस पिछले काफी वक्त से एमटीवी के शो 'रोडीज ' में एक गैंग लीडर के तौर पर जुड़ी हुई हैं। इस बार भी नेहा धूपिया बतौर गैंग लीडर 'रोडीज रिवोल्यूशन' का हिस्सा हैं। लेकिन हाल ही में एक्ट्रेस को 'रोडीज ' में दिए गए एक बयान को लेकर काफी ट्रोलर्स का सामना करना पड़ रहा है। 'रोडीज ' में फिलहाल ऑडिशंस चल रहे हैं। इस दौरान शो में आए एक कंटेस्टेंट ने बताया था कि उसने अपनी कथित गर्लफ्रेंड को थप्पड़ मारा था। 'रोडीज ' में कंटेस्टेंट बताता है कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड को थप्पड़ मारा था क्योंकि वह पाँच अन्य लड़कों के साथ भी रिलेशनशिप में थी और उसे चीट कर रही थी। इस पर नेहा ने कंटेस्टेंट को सुनाते हुए कहा था, "यह जो तू बोल रहा है ना कि एक नहीं पांच लड़कों के साथ गई थी। सुन मेरी बात, यह उसका फैसला है, शायद तुझ में ही कोई कमी हो। लेकिन तुम्हें लड़की को थप्पड़ मारने का कोई अधिकार नहीं है"। अपने इस बयान को लेकर नेहा खूब ट्रोल हुईं। नेहा के सपोर्ट में बहुत सारे सेलेब्स आए लेकिन, कंगना रनौत की बहन रंगोली चंदेल ने नेहा के खिलाफ ट्वीट्स की बरसात कर दी। रंगोली ने कहा कि ये नए नए फेमिनिस्ट को कुछ नहीं पता, अपनी पॉलिश्ड अंग्रेज़ी को लिख देने का ये मतलब नहीं होता कि आप सही हैं। उन्होंने ये भी लिखा कि अगर नेहा को लगता है कि बताए बिना पांच लड़को के साथ रहना बिलकुल ठीक है, तो करण जौहर की फ्रेंड को अब इसके साइड इफेक्ट दिखेंगे। वैसे बता देगी इस बयान पर नेहा के पति अंगद बेदी ने भी एक पोस्ट साझा किया था इस पोस्ट पर उन्होंने लिखा है कि सुनो यह है मेरी पाँच गर्लफ्रेंड जिसमें उन्होंने सिर्फ नेहा की अलग अलग तस्वीरें शेयर की थी। करण जोहर, सोनम कपूर, सोफी चौधरी और तापसी पन्नू जैसी कई अभिनेत्रियों ने नेहा को सपोर्ट किया। थप्पड़ की कहानी और वाकये के बारे में सालों से बाते चले आ रही हैं इसपर बवाल कबीर सिंह के ज़रिये भी खूब जोर पकड़ा था और फिर तापसी की फ़िल्म थप्पड़ ने भी कई सवाल उठाए, लेकिन कौन सही है और कौन गलत इसका फैसला न कभी जनता, और ना ही कभी ये सेलेब्स मिलकर भी कर पाएं... वही बात है एक सौ लोग एक सौ बातें और उनकी एक सौ तरह की सोच! |
चर्चा में क्यों?
2 नवंबर, 2021 को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा कोविड-19 टीकाकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'वैक्सीन मित्र' चैटबोट लॉन्च किया गया।
- बिहार सरकार ने यह चैटबोट मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ह्वाट्सएप के साथ मिलकर लॉन्च किया है।
- यह ह्वाट्सएप एपीआई प्लेटफॉर्म की नवीनतम सहज क्षमताओं के साथ बनाया गया है, जो उपयोगकर्त्ताओं को त्वरित उत्तर चुनने में सक्षम बनाता है।
- यह अंग्रेजी तथा हिन्दी दोनों भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम है।
- यह टीकों के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करता है तथा निकटतम टीकाकरण केंद्र की जानकारी उपलब्ध कराता है।
- इस चैटबोट का प्रयोग करने के लिये ह्वाट्सएप प्रयोगकर्त्ता को 9431025555 पर 'हाय' (Hi) लिखकर भेजना होता है।
| चर्चा में क्यों? दो नवंबर, दो हज़ार इक्कीस को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा कोविड-उन्नीस टीकाकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'वैक्सीन मित्र' चैटबोट लॉन्च किया गया। - बिहार सरकार ने यह चैटबोट मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ह्वाट्सएप के साथ मिलकर लॉन्च किया है। - यह ह्वाट्सएप एपीआई प्लेटफॉर्म की नवीनतम सहज क्षमताओं के साथ बनाया गया है, जो उपयोगकर्त्ताओं को त्वरित उत्तर चुनने में सक्षम बनाता है। - यह अंग्रेजी तथा हिन्दी दोनों भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम है। - यह टीकों के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करता है तथा निकटतम टीकाकरण केंद्र की जानकारी उपलब्ध कराता है। - इस चैटबोट का प्रयोग करने के लिये ह्वाट्सएप प्रयोगकर्त्ता को नौ चार तीन एक शून्य दो पाँच पाँच पाँच पाँच पर 'हाय' लिखकर भेजना होता है। |
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर शुक्रवार को पुलिस ने पहले से ही चिह्नित किए गए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील गांवों में पीएसी बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने ड्रोन उड़ाकर गांव की सुरक्षा का जायजा लिया।
दौराला थाना प्रभारी किरण पाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पीएसी बल के साथ दौराला कस्बा, मटौर, वलीदपुर, पनवाड़ी, समौली, खेड़ी टप्पा आदि में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान पुलिस ने ऐसे लोगों को भी चेतावनी दी जो बिना मॉस्क के घूम रहे थे। पुलिस ने मतदान केंद्र और बूथों का निरीक्षण किया और संवेदनशील गांवों में ड्रोन उड़ाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया तो कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एसआई केपी सिंह, हिमांशु, ओमवीर आदि रहे।
| त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर शुक्रवार को पुलिस ने पहले से ही चिह्नित किए गए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील गांवों में पीएसी बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने ड्रोन उड़ाकर गांव की सुरक्षा का जायजा लिया। दौराला थाना प्रभारी किरण पाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पीएसी बल के साथ दौराला कस्बा, मटौर, वलीदपुर, पनवाड़ी, समौली, खेड़ी टप्पा आदि में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान पुलिस ने ऐसे लोगों को भी चेतावनी दी जो बिना मॉस्क के घूम रहे थे। पुलिस ने मतदान केंद्र और बूथों का निरीक्षण किया और संवेदनशील गांवों में ड्रोन उड़ाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया तो कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एसआई केपी सिंह, हिमांशु, ओमवीर आदि रहे। |
इस्तांबुल मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका परिषद ने हाईवे ट्यूब क्रॉसिंग के कारण हेदरपासा पोर्ट में अधिकारों के नुकसान के कारण टीसीडीडी की ज़ोनिंग की अनुमति नहीं दी।
TCDD ने अनुरोध किया कि "बोस्फोरस हाईवे क्रॉसिंग टनल प्रोजेक्ट" के कारण ज़ोनिंग अधिकारों की हानि उन्हें बंदरगाह के दूसरे हिस्से में निर्माण के अधिकार के रूप में दी जाए।
दूसरी ओर, इस्तांबुल मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका सिटी प्लानिंग निदेशालय ने कहा कि नगर परिषद को "ईः 0.03 और एचः 2 मंजिल से अधिक नहीं" के रूप में दिया गया निर्माण अधिकार इमारतों और सुविधाओं के निर्माण के लिए पर्याप्त है, और यह कि " सक्रिय हरित क्षेत्र" तटीय क्षेत्र में स्थित है, ऐतिहासिक प्रायद्वीप पर इसके स्थान और बोस्फोरस स्काईलाइन के संदर्भ में इसके महत्व को ध्यान में रखते हुए, इसे "सक्रिय हरित क्षेत्र" के रूप में रहना चाहिए क्योंकि यह "सार्वजनिक उपयोग" के लिए खुला होना चाहिए।
सिटी काउंसिल ने ज़ोनिंग कमीशन की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए TCDD के अनुरोध को स्वीकार कर लिया, जिसे "1/5000 स्केल योजना में सिटी प्लानिंग निदेशालय द्वारा तैयार की गई सूचना शीट में बदलाव करना और 1/5000 स्केल योजना प्रावधानों को संरक्षित करना" के रूप में तैयार किया गया था। दूसरे मामले"।
| इस्तांबुल मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका परिषद ने हाईवे ट्यूब क्रॉसिंग के कारण हेदरपासा पोर्ट में अधिकारों के नुकसान के कारण टीसीडीडी की ज़ोनिंग की अनुमति नहीं दी। TCDD ने अनुरोध किया कि "बोस्फोरस हाईवे क्रॉसिंग टनल प्रोजेक्ट" के कारण ज़ोनिंग अधिकारों की हानि उन्हें बंदरगाह के दूसरे हिस्से में निर्माण के अधिकार के रूप में दी जाए। दूसरी ओर, इस्तांबुल मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका सिटी प्लानिंग निदेशालय ने कहा कि नगर परिषद को "ईः शून्य.तीन और एचः दो मंजिल से अधिक नहीं" के रूप में दिया गया निर्माण अधिकार इमारतों और सुविधाओं के निर्माण के लिए पर्याप्त है, और यह कि " सक्रिय हरित क्षेत्र" तटीय क्षेत्र में स्थित है, ऐतिहासिक प्रायद्वीप पर इसके स्थान और बोस्फोरस स्काईलाइन के संदर्भ में इसके महत्व को ध्यान में रखते हुए, इसे "सक्रिय हरित क्षेत्र" के रूप में रहना चाहिए क्योंकि यह "सार्वजनिक उपयोग" के लिए खुला होना चाहिए। सिटी काउंसिल ने ज़ोनिंग कमीशन की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए TCDD के अनुरोध को स्वीकार कर लिया, जिसे "एक/पाँच हज़ार स्केल योजना में सिटी प्लानिंग निदेशालय द्वारा तैयार की गई सूचना शीट में बदलाव करना और एक/पाँच हज़ार स्केल योजना प्रावधानों को संरक्षित करना" के रूप में तैयार किया गया था। दूसरे मामले"। |
- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण?
NMACC के म्यूजियम में रखा गया सोनम कपूर का वेडिंग आउटफिट, जानें क्या है लहंगे की खासियत?
'नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर' का उद्घाटन 31 मार्च 2023 को मुंबई में किया गया। 'नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर' देश का पहला मल्टी-आर्ट सेंटर है। इसकी लॉन्चिंग पार्टी में देश-विदेश से कई सारे टॉप सिलेब्रिटीज शामिल हुए थे।
इस कल्चरल सेंटर के म्यूजियम में कई चीजों की प्रदर्शनी की गई है, जिसमें एक्ट्रेस सोनम कपूर की शादी का खूबसूरत लहंगा भी शामिल है। सोनम कपूर की शाादी का लहंगा काफी वजहों से खास हैं।
सोनम कपूर ने अपनी शादी में पहने लहंगे को NMACC में प्रदर्शन के लिए दिया है। सोनम के लहंगे की कई सारी खासियते हैं, जो उसे NMACC में रखने के लायक बनाती हैं।
सोनम के शादी के लहंगे को बनने में लगभग छह महीने लगे थे। सोनम ने फेमस डिजाइनर अनुराधा वकील का लाल लहंगा डिजाइन करवाया था। इस लहंगे की कीमत 70 से 80 लाख रूपये के बीच है, जिसे मध्य प्रदेश के महेश्वर नामक जगह पर बनाया गया था। सोनम कपूर की शादी साल 2018 में बिजनेस मैन आनंद आहूजा के साथ हुई है। उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया है, जिसका नाम वायु है। हाल ही में सोनम और आनंद आहूजा के बेटे वायु का उसके दादा-दादी के दिल्ली के घर पर ग्रेंड वेलकेम हुआ था।
वहीं अगर लहंगे पर किए वर्क की बात करें तो इस पर गोल्डन कलर की लेस पर काम था, साथ ही इस लहंगे में कालाबट्टू टेक्नीक का यूज किया गया था। पूरे लहंगे पर कमल के फूल के डिजाइन उभरे थे। दुपट्टे पर हैवी फ्लोरल वर्क किया गया था।
| - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? NMACC के म्यूजियम में रखा गया सोनम कपूर का वेडिंग आउटफिट, जानें क्या है लहंगे की खासियत? 'नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर' का उद्घाटन इकतीस मार्च दो हज़ार तेईस को मुंबई में किया गया। 'नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर' देश का पहला मल्टी-आर्ट सेंटर है। इसकी लॉन्चिंग पार्टी में देश-विदेश से कई सारे टॉप सिलेब्रिटीज शामिल हुए थे। इस कल्चरल सेंटर के म्यूजियम में कई चीजों की प्रदर्शनी की गई है, जिसमें एक्ट्रेस सोनम कपूर की शादी का खूबसूरत लहंगा भी शामिल है। सोनम कपूर की शाादी का लहंगा काफी वजहों से खास हैं। सोनम कपूर ने अपनी शादी में पहने लहंगे को NMACC में प्रदर्शन के लिए दिया है। सोनम के लहंगे की कई सारी खासियते हैं, जो उसे NMACC में रखने के लायक बनाती हैं। सोनम के शादी के लहंगे को बनने में लगभग छह महीने लगे थे। सोनम ने फेमस डिजाइनर अनुराधा वकील का लाल लहंगा डिजाइन करवाया था। इस लहंगे की कीमत सत्तर से अस्सी लाख रूपये के बीच है, जिसे मध्य प्रदेश के महेश्वर नामक जगह पर बनाया गया था। सोनम कपूर की शादी साल दो हज़ार अट्ठारह में बिजनेस मैन आनंद आहूजा के साथ हुई है। उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया है, जिसका नाम वायु है। हाल ही में सोनम और आनंद आहूजा के बेटे वायु का उसके दादा-दादी के दिल्ली के घर पर ग्रेंड वेलकेम हुआ था। वहीं अगर लहंगे पर किए वर्क की बात करें तो इस पर गोल्डन कलर की लेस पर काम था, साथ ही इस लहंगे में कालाबट्टू टेक्नीक का यूज किया गया था। पूरे लहंगे पर कमल के फूल के डिजाइन उभरे थे। दुपट्टे पर हैवी फ्लोरल वर्क किया गया था। |
पायलट ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों को संरक्षण देने के उद्देश्य से ऐसा प्रावधान लागू करना चाहती है, जिससे भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों के खिलाफ तब तक कोई कार्रवाई नहीं हो जब तक कि संबंधित विभाग द्वारा अभियोजन स्वीकृति न दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार जिस प्रकार से सी. आर. पी. सी. व आई. पी. सी. में संशोधन कर 'दण्ड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017' ला रही है, उसके अनुसार इस्तगासों के माध्यम से भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो, इसे सुनिश्चित किया जाएगा तथा मीडिया द्वारा ऐसे व्यक्तियों की सूचना भी सार्वजनिक नहीं की जा सकेगी और सार्वजनिक किए जाने पर दण्डात्मक प्रावधान रखे गए हैं, जो मीडिया के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने जैसा है। उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को संस्थागत करने के प्रावधान को कानूनी रूप दे रही है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य में भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के नाम पर सत्ता में आई थी, परन्तु भ्रष्टाचार को कैसे सरकारी संरक्षण में बढ़ावा दिया जाता है, उसे मूर्तरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गत समय हुए करोड़ों के खनन घोटाले को कांग्रेस ने उजागर किया था, जिससे सरकार को सभी आवंटित खानों को निरस्त करना पड़ा था। प्रदेश की मुख्यमंत्री ने खनन घोटाले के मुख्य आरोपी अधिकारी को आखिर में बहाल कर स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों की संरक्षक है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस का विधायक दल सरकार द्वारा लाए जा रहे 'दण्ड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017' का जमकर विरोध करेगा तथा प्रदेश कांग्रेस का संगठन सरकार की भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की कवायद का हर स्तर पर विरोध कर सरकार को इस प्रावधान को वापस लेने पर मजबूर करेगा।
| पायलट ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों को संरक्षण देने के उद्देश्य से ऐसा प्रावधान लागू करना चाहती है, जिससे भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों के खिलाफ तब तक कोई कार्रवाई नहीं हो जब तक कि संबंधित विभाग द्वारा अभियोजन स्वीकृति न दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार जिस प्रकार से सी. आर. पी. सी. व आई. पी. सी. में संशोधन कर 'दण्ड विधियां अध्यादेश, दो हज़ार सत्रह' ला रही है, उसके अनुसार इस्तगासों के माध्यम से भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो, इसे सुनिश्चित किया जाएगा तथा मीडिया द्वारा ऐसे व्यक्तियों की सूचना भी सार्वजनिक नहीं की जा सकेगी और सार्वजनिक किए जाने पर दण्डात्मक प्रावधान रखे गए हैं, जो मीडिया के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने जैसा है। उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को संस्थागत करने के प्रावधान को कानूनी रूप दे रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य में भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के नाम पर सत्ता में आई थी, परन्तु भ्रष्टाचार को कैसे सरकारी संरक्षण में बढ़ावा दिया जाता है, उसे मूर्तरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गत समय हुए करोड़ों के खनन घोटाले को कांग्रेस ने उजागर किया था, जिससे सरकार को सभी आवंटित खानों को निरस्त करना पड़ा था। प्रदेश की मुख्यमंत्री ने खनन घोटाले के मुख्य आरोपी अधिकारी को आखिर में बहाल कर स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों की संरक्षक है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस का विधायक दल सरकार द्वारा लाए जा रहे 'दण्ड विधियां अध्यादेश, दो हज़ार सत्रह' का जमकर विरोध करेगा तथा प्रदेश कांग्रेस का संगठन सरकार की भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की कवायद का हर स्तर पर विरोध कर सरकार को इस प्रावधान को वापस लेने पर मजबूर करेगा। |
Twitter War in Madhya Pradesh: भोपाल। गुना जिले में पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मारे गए छोटू पठान को लेकर टि्वटर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भाजपा नेता भिड़ गए। जैसे ही छोटू के एनकाउंटर की खबर आई तो भाजपा नेताओं द्वारा एक के बाद एक कई ट्वीट किए। इसका जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह ने भी ट्वीट किए। यह सिलसिला काफी देर तक चला। इसके बाद फोटो वाले कुछ ट्वीट डिलीट भी कर दिए गए। गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने छोटू उर्फ जहीर के एनकाउंटर में मारे जाने की सूचना दी। इसके बाद भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने जयवर्धन सिंह के साथ फोटो ट्वीट किया। इसके पहले लिखा के पुलिस के जवानों की जान लेने वाला छोटू पठान भी मुठभेड़ में ढेर।
भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने भी तीन फोटो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया कि शिकारियों के साथ चचाजान (दिग्विजय सिंह) और जयवर्धन सिंह भाईजान। साथ ही वीडियो भी जारी किया कि क्या लिखा है, कौन से फोटो जारी किए हैं और काउंटर शुरू कर दिया। इन एनकाउंटर पर राजनीति मत करिए। पुलिसकर्मियों के हत्यारे शिकारियों के पक्ष में आप और आपकी पार्टी क्यों नजर आ रही है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया कि लो अब एक और उससे भी बड़ा झूठ। जिस छोटू पठान का फोटो मेरे व जयवर्धन के साथ बताया गया है, वो छोटू पठान ही नहीं है, जिसे गुना पुलिस ने एनकाउंटर में मारा। शिवराज जी, वीडी शर्मा जी और नरोत्तम मिश्रा जी आपकी फौज का संभालिए। महाराज की फौज को बचाते-बचाते आप स्वयं फंसते जा रहे हैं।
भोपाल। प्रदेश में अब अपराधियों में कानून का खौफ नहीं रह गया है। सिवनी के बाद अब मंडला में तीन आदिवासियों की हत्या कर दी गई। लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। आखिर क्या वजह है कि कानून व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। गुप्तचर एजेंसियों को सूचनाएं क्यों नहीं मिल रही हैं।
यह प्रश्न प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ और नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने उठाए। मंडला की घटना पर कमल नाथ ने कहा कि आदिवासियों पर प्रदेश में अत्याचार लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार इनके नाम पर घोषणाएं तो बहुत करती है, लेकिन कोई ठोस काम नहीं हो रहा है। डा. सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। देवास के नेमावर में पांच आदिवासियों की हत्या कर दी गई, लेकिन आरोपितों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
| Twitter War in Madhya Pradesh: भोपाल। गुना जिले में पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मारे गए छोटू पठान को लेकर टि्वटर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भाजपा नेता भिड़ गए। जैसे ही छोटू के एनकाउंटर की खबर आई तो भाजपा नेताओं द्वारा एक के बाद एक कई ट्वीट किए। इसका जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह ने भी ट्वीट किए। यह सिलसिला काफी देर तक चला। इसके बाद फोटो वाले कुछ ट्वीट डिलीट भी कर दिए गए। गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने छोटू उर्फ जहीर के एनकाउंटर में मारे जाने की सूचना दी। इसके बाद भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने जयवर्धन सिंह के साथ फोटो ट्वीट किया। इसके पहले लिखा के पुलिस के जवानों की जान लेने वाला छोटू पठान भी मुठभेड़ में ढेर। भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने भी तीन फोटो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया कि शिकारियों के साथ चचाजान और जयवर्धन सिंह भाईजान। साथ ही वीडियो भी जारी किया कि क्या लिखा है, कौन से फोटो जारी किए हैं और काउंटर शुरू कर दिया। इन एनकाउंटर पर राजनीति मत करिए। पुलिसकर्मियों के हत्यारे शिकारियों के पक्ष में आप और आपकी पार्टी क्यों नजर आ रही है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया कि लो अब एक और उससे भी बड़ा झूठ। जिस छोटू पठान का फोटो मेरे व जयवर्धन के साथ बताया गया है, वो छोटू पठान ही नहीं है, जिसे गुना पुलिस ने एनकाउंटर में मारा। शिवराज जी, वीडी शर्मा जी और नरोत्तम मिश्रा जी आपकी फौज का संभालिए। महाराज की फौज को बचाते-बचाते आप स्वयं फंसते जा रहे हैं। भोपाल। प्रदेश में अब अपराधियों में कानून का खौफ नहीं रह गया है। सिवनी के बाद अब मंडला में तीन आदिवासियों की हत्या कर दी गई। लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। आखिर क्या वजह है कि कानून व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। गुप्तचर एजेंसियों को सूचनाएं क्यों नहीं मिल रही हैं। यह प्रश्न प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ और नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने उठाए। मंडला की घटना पर कमल नाथ ने कहा कि आदिवासियों पर प्रदेश में अत्याचार लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार इनके नाम पर घोषणाएं तो बहुत करती है, लेकिन कोई ठोस काम नहीं हो रहा है। डा. सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। देवास के नेमावर में पांच आदिवासियों की हत्या कर दी गई, लेकिन आरोपितों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। |
राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आज राज्य के 470 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। राजस्थान पुलिस सिपाही भर्ती की इस परीक्षा में करीब 18. 83 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं।
Rajasthan Police Constable Exam 2022 : राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आज राज्य के 470 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। राजस्थान पुलिस सिपाही भर्ती की इस परीक्षा में करीब 18. 83 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। राजस्थान प्रशासन ने पिछली भर्ती परीक्षाओं में नकल व पेपर लीक मामले सामने आने के बाद कड़ी निगरानी में इस परीक्षा को आयोजित कराने का फैसला किया है। परीक्षा का आयोजन रोज दो पालियों में किया जाएगा। राजस्थान पुलिस की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, अभ्यर्थियों को परीक्षा से 30 मिनट पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। परीक्षा में बॉयोमेट्रिक मशीन के जरिए ही छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।
जानिए जरूरी बातें व निर्देशः
कांस्टेबल परीक्षा को लेकर जारी राजस्थान पुलिस के निर्देशों के अनुसार, लिखित परीक्षा के दिन सभी अभ्यर्थियों के दोनों अंगूठों का उपयोग उपस्थिति एवं पहचान के लिए बॉयोमेट्रिक थम्ब इंप्रेशन आदि में किया जाएगा। इसलिए सभी अभ्यर्थी अपने दोनों हाथों के अंगूठों को साफ रखें। अंगूठे पर स्याही, मेहंदी आदि न लगी हो अभ्यर्थी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने से रोका जा सकता है।
रोडवेज बसों में फ्री यात्रा की सुविधाः
उम्मीदवारों को परीक्षा में यात्रा करने के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए रोडवेज ने भी परीक्षा से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक फ्री सफर देने की घोषणा की है। परीक्षा से एक दिन पहले, परीक्षा के अगले दिन तक रोडवेज बसों में परीक्षार्थी प्रवेशपत्र और फोटो आईडी दिखाकर निशुल्क आ-जा सकेंगे।
| राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आज राज्य के चार सौ सत्तर परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। राजस्थान पुलिस सिपाही भर्ती की इस परीक्षा में करीब अट्ठारह. तिरासी लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। Rajasthan Police Constable Exam दो हज़ार बाईस : राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आज राज्य के चार सौ सत्तर परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। राजस्थान पुलिस सिपाही भर्ती की इस परीक्षा में करीब अट्ठारह. तिरासी लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। राजस्थान प्रशासन ने पिछली भर्ती परीक्षाओं में नकल व पेपर लीक मामले सामने आने के बाद कड़ी निगरानी में इस परीक्षा को आयोजित कराने का फैसला किया है। परीक्षा का आयोजन रोज दो पालियों में किया जाएगा। राजस्थान पुलिस की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, अभ्यर्थियों को परीक्षा से तीस मिनट पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। परीक्षा में बॉयोमेट्रिक मशीन के जरिए ही छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। जानिए जरूरी बातें व निर्देशः कांस्टेबल परीक्षा को लेकर जारी राजस्थान पुलिस के निर्देशों के अनुसार, लिखित परीक्षा के दिन सभी अभ्यर्थियों के दोनों अंगूठों का उपयोग उपस्थिति एवं पहचान के लिए बॉयोमेट्रिक थम्ब इंप्रेशन आदि में किया जाएगा। इसलिए सभी अभ्यर्थी अपने दोनों हाथों के अंगूठों को साफ रखें। अंगूठे पर स्याही, मेहंदी आदि न लगी हो अभ्यर्थी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने से रोका जा सकता है। रोडवेज बसों में फ्री यात्रा की सुविधाः उम्मीदवारों को परीक्षा में यात्रा करने के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए रोडवेज ने भी परीक्षा से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक फ्री सफर देने की घोषणा की है। परीक्षा से एक दिन पहले, परीक्षा के अगले दिन तक रोडवेज बसों में परीक्षार्थी प्रवेशपत्र और फोटो आईडी दिखाकर निशुल्क आ-जा सकेंगे। |
आजकल सभी लोगों के घर बड़े और खूबसूरत होते हैं. अपने घर को खूबसूरत बनाने के लिए लोग घरों में मार्बल लगाते हैं. मार्बल लगाने से घर बहुत खूबसूरत दिखने लगता है. घर में मार्बल की साफ सफाई का खास ध्यान देना पड़ता है. मार्बल को साफ़ ना करने से ये गंदे हो जाते है, गंदे मार्बल आपके घर के पुरे लुक को ख़राब कर सकते हैं. आज हम आपको मार्बल को साफ करने के कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं.
1- आप अपने घर के मार्बल की सफाई करने के लिए पीएच नेचुरल या क्लीनर का इस्तेमाल कर सकते हैं. घटिया क्वालिटी के क्लीनर से मार्बल की सफाई करने पर इनमें निशान पड़ने लगते हैं.
2- अगर मार्बल पर कुछ गिर जाए तो यह गंदे हो जाते हैं. मार्बल के निशानों को साफ करने के लिए अमोनिया युक्त हाइड्रोजन पैरॉक्साइड क्लीनर का इस्तेमाल करें.
3- मार्बल पर लगे तेल, चिकनाई और मिट्टी के दागों को साफ करने के लिए थोड़े से पानी में वाशिंग पाउडर और थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं. इसके इस्तेमाल से आपके घर में लगे मार्बल चमक जाएंगे.
| आजकल सभी लोगों के घर बड़े और खूबसूरत होते हैं. अपने घर को खूबसूरत बनाने के लिए लोग घरों में मार्बल लगाते हैं. मार्बल लगाने से घर बहुत खूबसूरत दिखने लगता है. घर में मार्बल की साफ सफाई का खास ध्यान देना पड़ता है. मार्बल को साफ़ ना करने से ये गंदे हो जाते है, गंदे मार्बल आपके घर के पुरे लुक को ख़राब कर सकते हैं. आज हम आपको मार्बल को साफ करने के कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं. एक- आप अपने घर के मार्बल की सफाई करने के लिए पीएच नेचुरल या क्लीनर का इस्तेमाल कर सकते हैं. घटिया क्वालिटी के क्लीनर से मार्बल की सफाई करने पर इनमें निशान पड़ने लगते हैं. दो- अगर मार्बल पर कुछ गिर जाए तो यह गंदे हो जाते हैं. मार्बल के निशानों को साफ करने के लिए अमोनिया युक्त हाइड्रोजन पैरॉक्साइड क्लीनर का इस्तेमाल करें. तीन- मार्बल पर लगे तेल, चिकनाई और मिट्टी के दागों को साफ करने के लिए थोड़े से पानी में वाशिंग पाउडर और थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं. इसके इस्तेमाल से आपके घर में लगे मार्बल चमक जाएंगे. |
है उसे खोल कर श्रात्मा को स्वतन्त्र करना है। ये सब साधन मौजूद है, पर पुरुषार्थ करना है, कोई दूसरा आपको सम्यग्दृष्टि नही बना सकता । ।
मुल्तान दिगम्बर जैन समाज, जयपुर द्वारा निर्मित यह भव्य मन्दिर धर्म का आयतन है । ऐसे भव्य जिनालयो के लिये समन्तभद्राचार्य ने कहा है कि"दृष्ट जिनेन्द्रभवन भवतापहारी" अर्थात् ऐसे भव्य जिनमन्दिर भवताप हरने मे माध्यम है । यह मन्दिर इन मुल्तानवासियो की धर्मश्रद्धा का द्योतक है । सत्य है -- मानव कही भी रहे, कही भी जाये, पर धर्म नही छोडना चाहिये ।
धम्मो मगलमुक्कि हासजमो तवो । देवावि तस्स परणमति, जस्स धम्मे सयामरणो ।।
अर्थ - धर्म परम मंगल है :
कौनसा धर्म ?
हिंसा धर्म ! आत्मा की वीतरागता ही है। जब तक आत्मा अपने स्वभाव मे स्थिर रहता है तब तक वह अहिंसक है, परभाव में स्थित होने पर वह हिंसक है ।
संयम धर्म ! इन्द्रिय और कषाय निरोध ।
तपरूप धर्म ! ज्ञान ही तप है ।
साधू केवल ज्ञान प्राप्ति के लिये ही तप, व्रत और उपवास किया करते है ।
जिस मनुष्य का मन उक्त धर्म में सदा तल्लीन रहता है उसे देवता भी नमस्कार करते हैं ।
परोपकार ही कल्पवृक्ष है
धर्म स्वय मे पूर्ण है, उसका एक अश भी उपयोगी है । उजाले के ज्ञान के लिये अधकार का ज्ञान होना भी आवश्यक है। दोनो पक्षो का ज्ञान होगा तभी भेद ज्ञान होगा ।
भारतीय संस्कृति का मूलाधार पवित्र मन व पवित्र विचारधारा ही है । के परिणामो को पतनोन्मुखी बनाता है ।
भगवान् के नाम उच्चारण करने योग्य उपक्रम नही कर सकते, पर चिन्तन मनन तो कर सकते है । धर्मात्मा के लिये मनन, चिन्तन व अन्तरग जाप आवश्यक है । जीवन को मुसस्कार, आचरण व आदर्श प्रदान करो । एक अच्छाई का बीज भी कल्पवृक्ष बन जायेगा ।
कुये के मूल मे जल का स्रोत होता है अतः उसका प्रवाह चलता रहता जल स्वच्छ व निर्मल रहता है, यदि वर्षा का जल कही एकत्रित हो जाता है, वह प्रवाहमयी नही रहता, वह जल स्थायी कुछ समय के लिये ही रहता । इसी प्रकार यदि मनुष्य के मन मे, अन्त मे धर्म है तो वह शाश्वत है । स्वय के मन के को ठीक रखने के लिये मन्दिर, ग्रन्थ प्रवचन, तत्त्वज्ञान आदि सब साधन हैं । आध्यात्मिक तत्त्ववेत्ताओ ने कहा है कि सच्चा भाग्यशाली वही है जिसके मन मे धर्म है, जिसका मन पवित्र है । किसी बहिरग वस्तु के सयोग से वह भाग्यशाली नही है । मन चचल है, इसकी गति घोडे के वेग से भी तीव्र है । मन वेगवान् सही पर स्वच्छ निर्मल होना चाहिये । प्रकाश मे पतग उडती है, जब हवा कम होने लगती है और पतग नीचे गिरने लगती है तो उसकी डोर खीचकर उसे तान लिया जाता है, सतुलित कर लिया जाता है, इसी प्रकार जब भी मन पतनोन्मुख होने लगे तो उसे सन्तुलित कीजिये, जब भी मन मे विकृतिया
पनपने लगे तब ही उसे नियन्त्रित कर ले । यदि मन पवित्र है, स्वच्छ है तो वह कही भी उडान भरे, कोई भी डर नही । आचार्य कहते है - पवित्र मन ही श्रेष्ठ है । स्रोत के मूल मे जल स्वच्छ होगा तो प्रवाह भी स्वच्छ होगा । जिसका मन स्वच्छ है पवित्र है, उसका जीवन, आत्मा - सर्वस्व पवित्र है, वह उपकारक है। एक हिन्दी कवि ने कहा है -
मन बढे धन बढ़े घन बढ, मन बढ़ जाय । मन वढते सब बढत है, बढत बढ़त वड़ जाय ।।
अर्थात् मन पवित्र है तो धन भी बढता है, घन बढता है तो मन भी उदार होता जाता है और वह उपकारक सिद्ध होता है ।
धन बहुत है, पर साथ मे मन उदार नही है तो उस धन का कोई मूल्य नही । धन यदि परोपकारी-कल्याणकारी काम मे न आये तो वह धन का दुरुपयोग है । धन जितना खतरनाक है उतना खतरनाक कोई नही । जैसे शस्त्र सुरक्षा के साधन के साथ स्वघातक व परघातक भी सिद्ध होता है वैसे ही वन का सदुपयोग भी हो सकता है और व्यसनो के द्वारा दुरुपयोग, नाश भी होता । किसी भी दान- परोपकार के कार्य मे धन के साथ-साथ मन की श्रद्धा भी होती है । मन्दिर बनता है तो केवल कला व धन से नही बनता, उसके निर्माण मे 'श्रद्धा' भी साथ है । जो मनमे होता है वही ( प्रशतः ही सही ) व्यक्त होता हैं । मन विकृत भी होता है तो पवित्र - उन्नतशील भी ज्ञान के लिये घेरे का ज्ञान होना भी आवश्यक है, हीरे के ज्ञान के लिये काच का ज्ञान भी आवश्यक है, दोनो पक्षो का ज्ञान होगा तभी भेद ज्ञान होगा । पवित्र मन का ज्ञान अपवित्र मन के परिचय से होगा । कवि ने कहा हैमन घटे, धन घटे, धन घट, मन घट जाय ।
मन घटते सब घटत है, पटत घटत घट जाय ॥
अर्थात् मन विकृत हो जाय, उसमे हिंसा की, दूसरे के नुकसान की भावना उत्पन्न हो तो वह अवनत मन है । जैसे पानी का प्रवाह सदैव नीचे की प्रोर ही रहता है वैसे ही अवनत मन आत्मा को पतनोन्मुखी बनाता है । पवित्र मन आत्मा को विकास मार्ग पर ले जाता है । हमारे तपस्वियो, महपियो ने अपने अनुभव के आधार पर कहा है - प्रवृत्ति दो प्रकार से है - धर्म रूप व धर्मरूप । धर्म-अधर्म बाहर नही मन मे है । जब मन अवनत होता जाता है तो धन भी घटता जाता है और जब मन और धन दोनो ही घट जाये तो जीवन का सर्वस्व समाप्त हो जाता है, सव घट जाता है । फिर तो उसका नाम | है उसे खोल कर श्रात्मा को स्वतन्त्र करना है। ये सब साधन मौजूद है, पर पुरुषार्थ करना है, कोई दूसरा आपको सम्यग्दृष्टि नही बना सकता । । मुल्तान दिगम्बर जैन समाज, जयपुर द्वारा निर्मित यह भव्य मन्दिर धर्म का आयतन है । ऐसे भव्य जिनालयो के लिये समन्तभद्राचार्य ने कहा है कि"दृष्ट जिनेन्द्रभवन भवतापहारी" अर्थात् ऐसे भव्य जिनमन्दिर भवताप हरने मे माध्यम है । यह मन्दिर इन मुल्तानवासियो की धर्मश्रद्धा का द्योतक है । सत्य है -- मानव कही भी रहे, कही भी जाये, पर धर्म नही छोडना चाहिये । धम्मो मगलमुक्कि हासजमो तवो । देवावि तस्स परणमति, जस्स धम्मे सयामरणो ।। अर्थ - धर्म परम मंगल है : कौनसा धर्म ? हिंसा धर्म ! आत्मा की वीतरागता ही है। जब तक आत्मा अपने स्वभाव मे स्थिर रहता है तब तक वह अहिंसक है, परभाव में स्थित होने पर वह हिंसक है । संयम धर्म ! इन्द्रिय और कषाय निरोध । तपरूप धर्म ! ज्ञान ही तप है । साधू केवल ज्ञान प्राप्ति के लिये ही तप, व्रत और उपवास किया करते है । जिस मनुष्य का मन उक्त धर्म में सदा तल्लीन रहता है उसे देवता भी नमस्कार करते हैं । परोपकार ही कल्पवृक्ष है धर्म स्वय मे पूर्ण है, उसका एक अश भी उपयोगी है । उजाले के ज्ञान के लिये अधकार का ज्ञान होना भी आवश्यक है। दोनो पक्षो का ज्ञान होगा तभी भेद ज्ञान होगा । भारतीय संस्कृति का मूलाधार पवित्र मन व पवित्र विचारधारा ही है । के परिणामो को पतनोन्मुखी बनाता है । भगवान् के नाम उच्चारण करने योग्य उपक्रम नही कर सकते, पर चिन्तन मनन तो कर सकते है । धर्मात्मा के लिये मनन, चिन्तन व अन्तरग जाप आवश्यक है । जीवन को मुसस्कार, आचरण व आदर्श प्रदान करो । एक अच्छाई का बीज भी कल्पवृक्ष बन जायेगा । कुये के मूल मे जल का स्रोत होता है अतः उसका प्रवाह चलता रहता जल स्वच्छ व निर्मल रहता है, यदि वर्षा का जल कही एकत्रित हो जाता है, वह प्रवाहमयी नही रहता, वह जल स्थायी कुछ समय के लिये ही रहता । इसी प्रकार यदि मनुष्य के मन मे, अन्त मे धर्म है तो वह शाश्वत है । स्वय के मन के को ठीक रखने के लिये मन्दिर, ग्रन्थ प्रवचन, तत्त्वज्ञान आदि सब साधन हैं । आध्यात्मिक तत्त्ववेत्ताओ ने कहा है कि सच्चा भाग्यशाली वही है जिसके मन मे धर्म है, जिसका मन पवित्र है । किसी बहिरग वस्तु के सयोग से वह भाग्यशाली नही है । मन चचल है, इसकी गति घोडे के वेग से भी तीव्र है । मन वेगवान् सही पर स्वच्छ निर्मल होना चाहिये । प्रकाश मे पतग उडती है, जब हवा कम होने लगती है और पतग नीचे गिरने लगती है तो उसकी डोर खीचकर उसे तान लिया जाता है, सतुलित कर लिया जाता है, इसी प्रकार जब भी मन पतनोन्मुख होने लगे तो उसे सन्तुलित कीजिये, जब भी मन मे विकृतिया पनपने लगे तब ही उसे नियन्त्रित कर ले । यदि मन पवित्र है, स्वच्छ है तो वह कही भी उडान भरे, कोई भी डर नही । आचार्य कहते है - पवित्र मन ही श्रेष्ठ है । स्रोत के मूल मे जल स्वच्छ होगा तो प्रवाह भी स्वच्छ होगा । जिसका मन स्वच्छ है पवित्र है, उसका जीवन, आत्मा - सर्वस्व पवित्र है, वह उपकारक है। एक हिन्दी कवि ने कहा है - मन बढे धन बढ़े घन बढ, मन बढ़ जाय । मन वढते सब बढत है, बढत बढ़त वड़ जाय ।। अर्थात् मन पवित्र है तो धन भी बढता है, घन बढता है तो मन भी उदार होता जाता है और वह उपकारक सिद्ध होता है । धन बहुत है, पर साथ मे मन उदार नही है तो उस धन का कोई मूल्य नही । धन यदि परोपकारी-कल्याणकारी काम मे न आये तो वह धन का दुरुपयोग है । धन जितना खतरनाक है उतना खतरनाक कोई नही । जैसे शस्त्र सुरक्षा के साधन के साथ स्वघातक व परघातक भी सिद्ध होता है वैसे ही वन का सदुपयोग भी हो सकता है और व्यसनो के द्वारा दुरुपयोग, नाश भी होता । किसी भी दान- परोपकार के कार्य मे धन के साथ-साथ मन की श्रद्धा भी होती है । मन्दिर बनता है तो केवल कला व धन से नही बनता, उसके निर्माण मे 'श्रद्धा' भी साथ है । जो मनमे होता है वही व्यक्त होता हैं । मन विकृत भी होता है तो पवित्र - उन्नतशील भी ज्ञान के लिये घेरे का ज्ञान होना भी आवश्यक है, हीरे के ज्ञान के लिये काच का ज्ञान भी आवश्यक है, दोनो पक्षो का ज्ञान होगा तभी भेद ज्ञान होगा । पवित्र मन का ज्ञान अपवित्र मन के परिचय से होगा । कवि ने कहा हैमन घटे, धन घटे, धन घट, मन घट जाय । मन घटते सब घटत है, पटत घटत घट जाय ॥ अर्थात् मन विकृत हो जाय, उसमे हिंसा की, दूसरे के नुकसान की भावना उत्पन्न हो तो वह अवनत मन है । जैसे पानी का प्रवाह सदैव नीचे की प्रोर ही रहता है वैसे ही अवनत मन आत्मा को पतनोन्मुखी बनाता है । पवित्र मन आत्मा को विकास मार्ग पर ले जाता है । हमारे तपस्वियो, महपियो ने अपने अनुभव के आधार पर कहा है - प्रवृत्ति दो प्रकार से है - धर्म रूप व धर्मरूप । धर्म-अधर्म बाहर नही मन मे है । जब मन अवनत होता जाता है तो धन भी घटता जाता है और जब मन और धन दोनो ही घट जाये तो जीवन का सर्वस्व समाप्त हो जाता है, सव घट जाता है । फिर तो उसका नाम |
कई बार एक्सपर्ट्स ने भी कहा है कि इस वायरस से लड़ाई का सारा खेल बस मजबूत इम्युन सिस्टम से जुड़ा है. अगर आपका इम्युन सिस्टम मजबूत है तो कोरोना वायरस का असर आप पर ज्यादा नहीं होगा.
देश में इस समय कोरोना वायरस महामारी से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. देश में तीन दिन से 2 लाख से ज्यादा केस आ रहे हैं. एक्टिव केसेज की संख्या भी 20 लाख तक पहुंच गई है. कई राज्यों में ऑक्सीजन और बेड्स की कमी है. ऐसे में कोविड प्रोटोकॉल जैसे मास्क पहनना, सैनिटाइजर का प्रयोग करना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करते हुए खुद को सुरक्षित रखने की सख्त जरूरत है. इससे अलग आज हम आपको उन तीन चीजों के बारे में बताते हैं जिन्हें फिलहाल के लिए अपनी डाइट से हटा दीजिए.
मजबूत इम्युन सिस्टम कोरोना से बचाव!
साल 2020 से ही कोरोना वायरस का कहर जारी है. कई बार एक्सपर्ट्स ने भी कहा है कि इस वायरस से लड़ाई का सारा खेल बस मजबूत इम्युन सिस्टम से जुड़ा है. अगर आपका इम्युन सिस्टम मजबूत है तो कोरोना वायरस का असर आप पर ज्यादा नहीं होगा. ऐसे में उन चीजों का सेवन करिए जो आपके इम्युन सिस्टम को मजबूत करें.
इस समय वर्क फ्रॉम होम है और ऐसे में आप शायद कई बार कॉफी या चाय पी डालते होंगे. आपको इसकी मात्रा कम करने की जरूरत है. चाय कॉफी में मौजूद कैफीन का बुरा प्रभाव आपके इम्युन सिस्टम पर पड़ता है. कैफीन आपके खून में मिल जाता है और इसकी ज्यादा मात्रा आपके दिमाग को प्रभावित कर सकती है. ज्यादा चाय कॉफी की जगह आपको पानी, छाछ और जूस को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. ये सभी आपको हाइड्रेट रखते हैं और आपका ब्लड सर्कुलेशन भी सही रहता है.
यह दोनों ही शरीर के लिए काफी ज्यादा खतरनाक होते हैं. इसे खाने से इंसान का इम्यून सिस्टम बुरी तरह बर्बाद हो जाता है. इसलिए बेहतर है कि आप प्रोसेस्ट फूड से दूरी बनाकर रखें. प्रोसेस्ड फूड जैसे बेक्ड आइटम्स जिसमें बिस्कुट, पाई, फ्रोजन पिज्जा, कुकिज, और ऐसी चीजें आती हैं, उनमें हाइड्रोजेनेट फैट होता है. इस तरह का फैट आपके शरीर के लिए घातक साबित हो सकता है. इसके अलावा रेड और फैटी मीट, मक्खन और फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स भी आपके इम्युन सिस्टम को कमजोर कर सकते हैं. आपका भोजन इस समय फाइबर और प्रोटीन से भरा होना चाहिए.
आज के समय में ज्यादातर लोग फास्ट फूड खाने के शौकीन हैं. ऐसे में आपको बता दें कि ये फूड धीरे धीरे आपकी इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं. इसके साथ ही आपको कई बीमारियां होने का डर रहता है. इसलिए कोरोना काल में फास्ट फूड से दूरी बनाना ही बेहतर है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की तरफ से कहा गया है कि अपने भोजन में नट्स जैसे बादाम, अखरोट, दाल, फल और सब्जियों को जरूर शामिल करें.
इस तरह के फूड आइटम्स आपकी डाइट को मजबूत करते हैं और आपका इम्युन सिस्टम भी प्रभावी रहता है. आपका भोजन ऐसा होना चाहिए जो प्राकृतिक संसाधनों से आया हो. इसके अलावा सही अनुपात में अंडे, डेयरी प्रॉडक्ट्स, पोल्ट्री और मछली को भी आप खाने में तरजीह दे सकते हैं.
अमेरिका के ब्यूमॉन्ट एलर्जीस्ट एंड इम्यूनोलॉजिस्ट डॉक्टर कार्ल लॉटर के मुताबिक सिर्फ सप्लीमेंट्स लेने या फिर स्पेशल डाइट से ही आपका इम्युन सिस्टम मजबूत होगा, ये सोचना गलत है. उन्होंने कहा कि एक्सरसाइज, अच्छी नींद, अच्छा और हेल्दी खाना और साथ ही स्ट्रेस से दूर रहना भी आपके इम्युन सिस्टम को मजबूत बनाएगा. ऐसे में इन बातों को हरगिज नजरअंदाज न करें.
वहीं डॉक्टर वेंडी मिलर जो डॉक्टर कार्ल की सहयोगी हैं और जिन्होंने अमेरिका में कोविड के दौरान कई लोगों को गाइडेंस दी थी, उनका कहना है रिफाइंड या प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें. चिप्स, ब्रेड और मिठाई आपको कमजोर करते हैं. ज्यादा से ज्यादा सब्जियां और फल, नट्स, बीज और प्रोटीन वाले फूड ही कोविड-19 के खिलाफ मजबूत इम्युनिटी के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं. डॉक्टर कार्ल और डॉक्टर वेंडी ने अमेरिका में कोविड-19 के पीक के समय बेहतर इम्युन सिस्टम पर एक रिसर्च भी की थी. दोनों ने साबित किया था कि कोविड में मजबूत इम्युन सिस्टम क्यों बहुत जरूरी है.
| कई बार एक्सपर्ट्स ने भी कहा है कि इस वायरस से लड़ाई का सारा खेल बस मजबूत इम्युन सिस्टम से जुड़ा है. अगर आपका इम्युन सिस्टम मजबूत है तो कोरोना वायरस का असर आप पर ज्यादा नहीं होगा. देश में इस समय कोरोना वायरस महामारी से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. देश में तीन दिन से दो लाख से ज्यादा केस आ रहे हैं. एक्टिव केसेज की संख्या भी बीस लाख तक पहुंच गई है. कई राज्यों में ऑक्सीजन और बेड्स की कमी है. ऐसे में कोविड प्रोटोकॉल जैसे मास्क पहनना, सैनिटाइजर का प्रयोग करना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करते हुए खुद को सुरक्षित रखने की सख्त जरूरत है. इससे अलग आज हम आपको उन तीन चीजों के बारे में बताते हैं जिन्हें फिलहाल के लिए अपनी डाइट से हटा दीजिए. मजबूत इम्युन सिस्टम कोरोना से बचाव! साल दो हज़ार बीस से ही कोरोना वायरस का कहर जारी है. कई बार एक्सपर्ट्स ने भी कहा है कि इस वायरस से लड़ाई का सारा खेल बस मजबूत इम्युन सिस्टम से जुड़ा है. अगर आपका इम्युन सिस्टम मजबूत है तो कोरोना वायरस का असर आप पर ज्यादा नहीं होगा. ऐसे में उन चीजों का सेवन करिए जो आपके इम्युन सिस्टम को मजबूत करें. इस समय वर्क फ्रॉम होम है और ऐसे में आप शायद कई बार कॉफी या चाय पी डालते होंगे. आपको इसकी मात्रा कम करने की जरूरत है. चाय कॉफी में मौजूद कैफीन का बुरा प्रभाव आपके इम्युन सिस्टम पर पड़ता है. कैफीन आपके खून में मिल जाता है और इसकी ज्यादा मात्रा आपके दिमाग को प्रभावित कर सकती है. ज्यादा चाय कॉफी की जगह आपको पानी, छाछ और जूस को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. ये सभी आपको हाइड्रेट रखते हैं और आपका ब्लड सर्कुलेशन भी सही रहता है. यह दोनों ही शरीर के लिए काफी ज्यादा खतरनाक होते हैं. इसे खाने से इंसान का इम्यून सिस्टम बुरी तरह बर्बाद हो जाता है. इसलिए बेहतर है कि आप प्रोसेस्ट फूड से दूरी बनाकर रखें. प्रोसेस्ड फूड जैसे बेक्ड आइटम्स जिसमें बिस्कुट, पाई, फ्रोजन पिज्जा, कुकिज, और ऐसी चीजें आती हैं, उनमें हाइड्रोजेनेट फैट होता है. इस तरह का फैट आपके शरीर के लिए घातक साबित हो सकता है. इसके अलावा रेड और फैटी मीट, मक्खन और फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स भी आपके इम्युन सिस्टम को कमजोर कर सकते हैं. आपका भोजन इस समय फाइबर और प्रोटीन से भरा होना चाहिए. आज के समय में ज्यादातर लोग फास्ट फूड खाने के शौकीन हैं. ऐसे में आपको बता दें कि ये फूड धीरे धीरे आपकी इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं. इसके साथ ही आपको कई बीमारियां होने का डर रहता है. इसलिए कोरोना काल में फास्ट फूड से दूरी बनाना ही बेहतर है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से कहा गया है कि अपने भोजन में नट्स जैसे बादाम, अखरोट, दाल, फल और सब्जियों को जरूर शामिल करें. इस तरह के फूड आइटम्स आपकी डाइट को मजबूत करते हैं और आपका इम्युन सिस्टम भी प्रभावी रहता है. आपका भोजन ऐसा होना चाहिए जो प्राकृतिक संसाधनों से आया हो. इसके अलावा सही अनुपात में अंडे, डेयरी प्रॉडक्ट्स, पोल्ट्री और मछली को भी आप खाने में तरजीह दे सकते हैं. अमेरिका के ब्यूमॉन्ट एलर्जीस्ट एंड इम्यूनोलॉजिस्ट डॉक्टर कार्ल लॉटर के मुताबिक सिर्फ सप्लीमेंट्स लेने या फिर स्पेशल डाइट से ही आपका इम्युन सिस्टम मजबूत होगा, ये सोचना गलत है. उन्होंने कहा कि एक्सरसाइज, अच्छी नींद, अच्छा और हेल्दी खाना और साथ ही स्ट्रेस से दूर रहना भी आपके इम्युन सिस्टम को मजबूत बनाएगा. ऐसे में इन बातों को हरगिज नजरअंदाज न करें. वहीं डॉक्टर वेंडी मिलर जो डॉक्टर कार्ल की सहयोगी हैं और जिन्होंने अमेरिका में कोविड के दौरान कई लोगों को गाइडेंस दी थी, उनका कहना है रिफाइंड या प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें. चिप्स, ब्रेड और मिठाई आपको कमजोर करते हैं. ज्यादा से ज्यादा सब्जियां और फल, नट्स, बीज और प्रोटीन वाले फूड ही कोविड-उन्नीस के खिलाफ मजबूत इम्युनिटी के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं. डॉक्टर कार्ल और डॉक्टर वेंडी ने अमेरिका में कोविड-उन्नीस के पीक के समय बेहतर इम्युन सिस्टम पर एक रिसर्च भी की थी. दोनों ने साबित किया था कि कोविड में मजबूत इम्युन सिस्टम क्यों बहुत जरूरी है. |
एन-95 मास्क को धोकर प्रयोग करना कितना सुरक्षित है?
- दिल्ली के लेडी हार्डिंग कॉलेज के डॉ. घनश्याम पांग्टेय बताते हैं, 'एक एन-95 मास्क को चार बार प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए लोगों के पास 3-4 मास्क होने चाहिए, ताकि प्रत्येक मास्क का नंबर तीसरे या चौथे दिन आए। एन-95 मास्क धो नहीं सकते हैं। धोने से मास्क में वायरस को रोकने की क्षमता कम हो जाती है और कई बार खत्म भी हो जाती है। डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी, पुलिस बल और अन्य फ्रंट लाइन वर्कर तो धुले हुए एन-95 मास्क का प्रयोग कतई नहीं कर सकते हैं, क्योंकि वो संक्रमित लोगों के सीधे संपर्क में आते हैं। '
ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन 70. 4 प्रतिशत तक गुणवत्ता वाली है, इस पर क्या कहेंगे?
- डॉ. घनश्याम पांग्टेय कहते हैं, 'दुनियाभर में 100 से ज्यादा वैक्सीन ट्रायल मोड में हैं। उनमें 10-12 वैक्सीन आखिरी फेज में चल रही हैं। ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन थर्ड फेज के ट्रायल में 70-90 प्रतिशत तक गुणवत्ता वाली है। इसके अलावा कई वैक्सीन हैं, जैसे फाइजर, मॉडर्ना, जिनकी गुणवत्ता 90-95 प्रतिशत बताई गई है। इनमें भारत की कोवैक्सीन भी शामिल है। हां, ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह अन्य की अपेक्षा थोड़ी सस्ती है। '
लोग कोविड प्रोटोकॉल को भूल चुके हैं, ऐसे लोगों को क्या कहेंगे?
- डॉ. घनश्याम पांग्टेय कहते हैं, 'त्योहार बीत चुके हैं, लेकिन अभी लोग फेस्टिव मूड में हैं और मिलना-जुलना वैसे ही बढ़ा रहे हैं, जिसकी वजह से स्थिति चिंताजनक हो रही है। जिस तरह से केस कम होने के बाद फिर से तेजी से बढ़ रहे हैं, कहीं ऐसा न हो कि अस्पताल में बेड कम पड़ने लगें। ऐसा हुआ तो लोगों में पैनिक बढ़ेगा और संक्रमित बढ़ते जाएंगे। इसलिए प्रोटोकॉल को फॉलो करें। '
कोरोना काल में गरम खाना खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन ऑफिस, स्कूल में ऐसा संभव नहीं है, ऐसे में क्या करें?
- डॉ. घनश्याम पांग्टेय बताते हैं, 'कोरोना काल में लोगों को गरम खाना खाने या गर्म पानी पीने को कहा जाता है, लेकिन अगर गर्म करने की व्यवस्था नहीं है तो परेशान न हों। अगर खाना घर का है और किसी और के संपर्क में नहीं आया है तो संक्रमण की संभावना कम है। जहां तक ठंडा की बात है तो कई लंच बॉक्स ऐसे आ गए हैं कि जिसमें जिस तापमान पर खाना पैक करते हैं, कई घंटे तक उस तापमान पर बना रहता है। इसके अलावा ध्यान इस बात का रखना है कि खाना या लंच अकेले में करें। '
| एन-पचानवे मास्क को धोकर प्रयोग करना कितना सुरक्षित है? - दिल्ली के लेडी हार्डिंग कॉलेज के डॉ. घनश्याम पांग्टेय बताते हैं, 'एक एन-पचानवे मास्क को चार बार प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए लोगों के पास तीन-चार मास्क होने चाहिए, ताकि प्रत्येक मास्क का नंबर तीसरे या चौथे दिन आए। एन-पचानवे मास्क धो नहीं सकते हैं। धोने से मास्क में वायरस को रोकने की क्षमता कम हो जाती है और कई बार खत्म भी हो जाती है। डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी, पुलिस बल और अन्य फ्रंट लाइन वर्कर तो धुले हुए एन-पचानवे मास्क का प्रयोग कतई नहीं कर सकते हैं, क्योंकि वो संक्रमित लोगों के सीधे संपर्क में आते हैं। ' ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन सत्तर. चार प्रतिशत तक गुणवत्ता वाली है, इस पर क्या कहेंगे? - डॉ. घनश्याम पांग्टेय कहते हैं, 'दुनियाभर में एक सौ से ज्यादा वैक्सीन ट्रायल मोड में हैं। उनमें दस-बारह वैक्सीन आखिरी फेज में चल रही हैं। ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन थर्ड फेज के ट्रायल में सत्तर-नब्बे प्रतिशत तक गुणवत्ता वाली है। इसके अलावा कई वैक्सीन हैं, जैसे फाइजर, मॉडर्ना, जिनकी गुणवत्ता नब्बे-पचानवे प्रतिशत बताई गई है। इनमें भारत की कोवैक्सीन भी शामिल है। हां, ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह अन्य की अपेक्षा थोड़ी सस्ती है। ' लोग कोविड प्रोटोकॉल को भूल चुके हैं, ऐसे लोगों को क्या कहेंगे? - डॉ. घनश्याम पांग्टेय कहते हैं, 'त्योहार बीत चुके हैं, लेकिन अभी लोग फेस्टिव मूड में हैं और मिलना-जुलना वैसे ही बढ़ा रहे हैं, जिसकी वजह से स्थिति चिंताजनक हो रही है। जिस तरह से केस कम होने के बाद फिर से तेजी से बढ़ रहे हैं, कहीं ऐसा न हो कि अस्पताल में बेड कम पड़ने लगें। ऐसा हुआ तो लोगों में पैनिक बढ़ेगा और संक्रमित बढ़ते जाएंगे। इसलिए प्रोटोकॉल को फॉलो करें। ' कोरोना काल में गरम खाना खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन ऑफिस, स्कूल में ऐसा संभव नहीं है, ऐसे में क्या करें? - डॉ. घनश्याम पांग्टेय बताते हैं, 'कोरोना काल में लोगों को गरम खाना खाने या गर्म पानी पीने को कहा जाता है, लेकिन अगर गर्म करने की व्यवस्था नहीं है तो परेशान न हों। अगर खाना घर का है और किसी और के संपर्क में नहीं आया है तो संक्रमण की संभावना कम है। जहां तक ठंडा की बात है तो कई लंच बॉक्स ऐसे आ गए हैं कि जिसमें जिस तापमान पर खाना पैक करते हैं, कई घंटे तक उस तापमान पर बना रहता है। इसके अलावा ध्यान इस बात का रखना है कि खाना या लंच अकेले में करें। ' |
ग्रंथ निर्णय
इन लीलाओं के महाप्रभु द्वारा बतलाए हुए लक्षणों को ही सूरदास ने भी उक्त पद में कहा है। इससे उक्त बात की और पुष्टि होती है । महाप्रभु ने इन लीलाओं की व्याख्या इस प्रकार की है -
"अशीविष्णोः पुरुष शरीर स्वीकारः + 'सर्गः । पुरुपाद्ब्रह्मादीनामुत्पत्ति 'र्विसर्गः, उत्पन्नानां तत्तन्मर्यादया पलनं 'स्थान', स्थितानामभिवृद्धि : 'पोपण', पुष्टानामाचार 'ऊतिः, तत्रापि सदाचारो 'मन्वन्तरम्' तत्रापि विष्णुभक्तिरीशानुकथा भक्तांना प्रपञ्चाभावो 'निरोधः, निष्प्रपञ्चानां स्वरूपलाभो 'मुक्ति', मुक्तानां ब्रह्म स्वरूपेणावस्थान 'माश्रयः' ।११
प्राचार्य श्री के इस कथन का अर्थ वही होता है, जो सूरदास सूरदास ने उक्त पद में सरलरीत्या किया है। इससे जाना जा सकता है कि महाप्रभु ने । लीलाभेद से भागवत के द्वादश स्कर्धी का अर्थ पुरुषोत्तम सहस्रनाम के उपदेश द्वारा सूरदास के हृदय में स्थापित किया था। इसी के अनुसंधान से सूरदास ने श्रीमद्भागवत को दो प्रकार से गाया था । एक द्वादश स्कंधात्मक कथा रूप से, जिसको सूरसागर कहते हैं, और दूसरे उसके सिद्धांतात्मक सर्गादि 'दशविध लीलाओं के सार-तत्व-रूप से, जिसको उन्होंने सारावली नाम दिया है। जैसा कि स्पष्ट किया जा रहा है, सारावली 'पुरुरोत्तम सहस्रनाम' के श्राधार
- पर की गयी होने से उसमें उन लीलाओं के अनुकूल और पोषक अन्य पुराणादि की कथाओं का भी समावेश हुआ है । 'पुरुषोत्तम सहस्रनाम' में प्राचार्य जी
ने श्रीमद्भागवत की दशचिव लीलाओं के एक हजार नामों के उपरांत अन्य पुराणादि से भी तत्तत्लीला पोषक ७५ नामों को विशेष रूप से उद्धृत किया है ।
जैसा कि :
'पञ्चसप्तति विस्तीर्ण पुराणांतर भाषितम् ।" २४६
इसीलिए सूरदास ने भी अन्य पुराणादि की कथाओं को स्वीकार किया है । महाप्रभु जी श्रीमद्भागवत से विरूद्ध ऐसे सर्गादि पांच लक्षण वाले अन्य पुराणों को भी 'हरि का स्वरूप मानते हैं ।
of तत्त्व रूप से ।
* देखो निबंध प्रकाश' आदि ग्रंथ ।
।। पुराण हरिरेवमः । पुराणेष्वपि सर्वेषु, तत्तद्रूपो हरिस्तथा । (निवध)
भागवत के प्रथमस्कंध से द्वादशस्कंध पर्यंत कीर्तनों की 'सूरसागर' नाम से प्रसिद्ध है । यह प्रसिद्धि महाप्रभु के समय से ही है, क्योकि वार्ता में लिखा है कि महाप्रभु सूरदास को देखते तत्र 'श्रायो सूरसागर !' इस प्रकार कहते थे । महाप्रभु श्रीमद्भागवत को 'सागर' मानते हैं। जैसा कि"हर्यावेशित चित्तेन श्रीमद्भागवत सागरात् ।" ( पु० सहस्रनाम )
भागवत की इन्ही दशविध लोलाओं को सूरदास के हृदय मे स्थापित कर सूरदास को भी महाप्रभु ने 'सागर' बना दिया था । इससे सूरदास 'भागवत' स्वरूप हो चुके थे, इसलिए ही महाप्रभु उनको 'सागर' कहते थे । महाप्रभु द्वारा कहा हुआ 'सागर' नाम सूरदास के हृदय से उच्छलित लीला भाव के तरंग रूप पदों से सार्थक हुआ है 1
सुरसागर " कथन की पुष्टि "सागर सूर विकार जल भरचौ" वाले प्रत. साध्य से होती है। इससे मानना होगा कि महाप्रभु के समय में ही सूरदास भागवत की द्वादश स्वधात्मक लीला को विशेषतया गा चुके थे, तभी तो वे उस समय में भी 'सागर' नाम से प्रसिद्ध थे ।
अब सारावली के 'एक लक्ष पद बद' वाले उल्लेख पर विचार करेंगे । यहाँ 'एक लक्ष' वाला कथन संख्या वाची नहीं है, किंतु वह कृष्ण का सूचक है। अर्थात् श्रीमद्भागवत में नवलक्षण - सर्गादि नव लीलाओं से लक्ष्य प्राश्रयस्वरूप श्रीकृष्ण का ही निरूपण किया गया है। इसलिए इन दशविध लोलाओ को गाने के पूर्व उन लीलात्मक श्रीकृष्ण के पद की वदना सूरदास ने की है । इस कथन का समर्थन 'सूरसागर' के भागवत-माहात्म्य वाले प्रारंभिक मंगलाचरण के इस पद से होता है,
"वदों श्री गिरिधरनलाल के चरन कमल रज सदा सोस बस । जिनकी कृपा कटाच्छ होत ही पायौ परम तत्व लीला रस ।।" नददास ने भी अपने श्रीमद्भागवत भाषा के मगलाचरण मे नत्र लक्षण से लक्ष्यं श्रीकृष्ण की वंदना की है ।
नव लक्षण करि 'लक्ष' जो, दसयें श्राश्रय रूप । नद बदि लें ताहि को श्रीकृष्णास्य अनूप ॥
+ कांकरोली सरस्वती भंडार मे प्राप्त सूरसागर के भागवत माहात्म्य वर्णन के प्रारंभिक मगलाचरण का पद । | ग्रंथ निर्णय इन लीलाओं के महाप्रभु द्वारा बतलाए हुए लक्षणों को ही सूरदास ने भी उक्त पद में कहा है। इससे उक्त बात की और पुष्टि होती है । महाप्रभु ने इन लीलाओं की व्याख्या इस प्रकार की है - "अशीविष्णोः पुरुष शरीर स्वीकारः + 'सर्गः । पुरुपाद्ब्रह्मादीनामुत्पत्ति 'र्विसर्गः, उत्पन्नानां तत्तन्मर्यादया पलनं 'स्थान', स्थितानामभिवृद्धि : 'पोपण', पुष्टानामाचार 'ऊतिः, तत्रापि सदाचारो 'मन्वन्तरम्' तत्रापि विष्णुभक्तिरीशानुकथा भक्तांना प्रपञ्चाभावो 'निरोधः, निष्प्रपञ्चानां स्वरूपलाभो 'मुक्ति', मुक्तानां ब्रह्म स्वरूपेणावस्थान 'माश्रयः' ।ग्यारह प्राचार्य श्री के इस कथन का अर्थ वही होता है, जो सूरदास सूरदास ने उक्त पद में सरलरीत्या किया है। इससे जाना जा सकता है कि महाप्रभु ने । लीलाभेद से भागवत के द्वादश स्कर्धी का अर्थ पुरुषोत्तम सहस्रनाम के उपदेश द्वारा सूरदास के हृदय में स्थापित किया था। इसी के अनुसंधान से सूरदास ने श्रीमद्भागवत को दो प्रकार से गाया था । एक द्वादश स्कंधात्मक कथा रूप से, जिसको सूरसागर कहते हैं, और दूसरे उसके सिद्धांतात्मक सर्गादि 'दशविध लीलाओं के सार-तत्व-रूप से, जिसको उन्होंने सारावली नाम दिया है। जैसा कि स्पष्ट किया जा रहा है, सारावली 'पुरुरोत्तम सहस्रनाम' के श्राधार - पर की गयी होने से उसमें उन लीलाओं के अनुकूल और पोषक अन्य पुराणादि की कथाओं का भी समावेश हुआ है । 'पुरुषोत्तम सहस्रनाम' में प्राचार्य जी ने श्रीमद्भागवत की दशचिव लीलाओं के एक हजार नामों के उपरांत अन्य पुराणादि से भी तत्तत्लीला पोषक पचहत्तर नामों को विशेष रूप से उद्धृत किया है । जैसा कि : 'पञ्चसप्तति विस्तीर्ण पुराणांतर भाषितम् ।" दो सौ छियालीस इसीलिए सूरदास ने भी अन्य पुराणादि की कथाओं को स्वीकार किया है । महाप्रभु जी श्रीमद्भागवत से विरूद्ध ऐसे सर्गादि पांच लक्षण वाले अन्य पुराणों को भी 'हरि का स्वरूप मानते हैं । of तत्त्व रूप से । * देखो निबंध प्रकाश' आदि ग्रंथ । ।। पुराण हरिरेवमः । पुराणेष्वपि सर्वेषु, तत्तद्रूपो हरिस्तथा । भागवत के प्रथमस्कंध से द्वादशस्कंध पर्यंत कीर्तनों की 'सूरसागर' नाम से प्रसिद्ध है । यह प्रसिद्धि महाप्रभु के समय से ही है, क्योकि वार्ता में लिखा है कि महाप्रभु सूरदास को देखते तत्र 'श्रायो सूरसागर !' इस प्रकार कहते थे । महाप्रभु श्रीमद्भागवत को 'सागर' मानते हैं। जैसा कि"हर्यावेशित चित्तेन श्रीमद्भागवत सागरात् ।" भागवत की इन्ही दशविध लोलाओं को सूरदास के हृदय मे स्थापित कर सूरदास को भी महाप्रभु ने 'सागर' बना दिया था । इससे सूरदास 'भागवत' स्वरूप हो चुके थे, इसलिए ही महाप्रभु उनको 'सागर' कहते थे । महाप्रभु द्वारा कहा हुआ 'सागर' नाम सूरदास के हृदय से उच्छलित लीला भाव के तरंग रूप पदों से सार्थक हुआ है एक सुरसागर " कथन की पुष्टि "सागर सूर विकार जल भरचौ" वाले प्रत. साध्य से होती है। इससे मानना होगा कि महाप्रभु के समय में ही सूरदास भागवत की द्वादश स्वधात्मक लीला को विशेषतया गा चुके थे, तभी तो वे उस समय में भी 'सागर' नाम से प्रसिद्ध थे । अब सारावली के 'एक लक्ष पद बद' वाले उल्लेख पर विचार करेंगे । यहाँ 'एक लक्ष' वाला कथन संख्या वाची नहीं है, किंतु वह कृष्ण का सूचक है। अर्थात् श्रीमद्भागवत में नवलक्षण - सर्गादि नव लीलाओं से लक्ष्य प्राश्रयस्वरूप श्रीकृष्ण का ही निरूपण किया गया है। इसलिए इन दशविध लोलाओ को गाने के पूर्व उन लीलात्मक श्रीकृष्ण के पद की वदना सूरदास ने की है । इस कथन का समर्थन 'सूरसागर' के भागवत-माहात्म्य वाले प्रारंभिक मंगलाचरण के इस पद से होता है, "वदों श्री गिरिधरनलाल के चरन कमल रज सदा सोस बस । जिनकी कृपा कटाच्छ होत ही पायौ परम तत्व लीला रस ।।" नददास ने भी अपने श्रीमद्भागवत भाषा के मगलाचरण मे नत्र लक्षण से लक्ष्यं श्रीकृष्ण की वंदना की है । नव लक्षण करि 'लक्ष' जो, दसयें श्राश्रय रूप । नद बदि लें ताहि को श्रीकृष्णास्य अनूप ॥ + कांकरोली सरस्वती भंडार मे प्राप्त सूरसागर के भागवत माहात्म्य वर्णन के प्रारंभिक मगलाचरण का पद । |
लंदन, (भाषा)। एक महीने से भी अधिक समय बाद कोर्ट पर वापसी कर रही भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को कल से यहां शुरू हो रही विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में जल्द की लय में आना होगा। पिछली दो विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली 21 वर्षीय साइना इस साल अपने टखने की चोट से परेशान रही है लेकिन अब तक पूरी तरह से फिट हैं और इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने काफी कड़ी तैयारी की है। साइना ने कहा, मैं पिछले चार से पांच महीने से काफी कड़ी मेहनत कर रही हूं। काफी सुधार हुआ है लेकिन काफी कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि मैं लंदन में कोर्ट से कैसे सामंजस्य बै"ाती हूं और शुरूआती राउंड में कैसा खेलती हूं। दुनिया की छ"s नंबर की खिलाड़ी को पहले दौर में बाई मिली है जबकि उन्हें दूसरे दौर में आदियांती फिरदासरी का सामना करना पड़ सकता है। साइना ने इंडोनेशिया की इस खिलाड़ी के खिलाफ दो बार जीत दर्ज की है जबकि दो बार उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस छ"ाr वरीय भारतीय को प्री क्वार्टर फाइनल में 14वीं वरीय हांगकांग की प्युइ यिन यिप का सामना करना पड़ सकता है लेकिन उनका असली परीक्षा क्वार्टर फाइनल में होगी जहां उनका संभावित मुकाबला दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी चीन की वैंग शिन से हो सकता है। शिन ने साइना को तीन बार हराया है लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने मई में सुदीरमन कप के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए पिछले मुकाबले में बाजी मारी थी। साइना अगर सेमीफाइनल में पहुंचती है तो उन्हें दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी वैंग यिहान का सामना करना पड़ सकता है। पुरुष एकल में पी कश्यप और अजय जयराम इस प्रष्"ित टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगे जिसे अगले साल लंदन में हेने वाले ओलंपिक को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है। पहली बार विश्व चैम्पियनशिप में खेल रहे दुनिया के 35वें नंबर के खिलाड़ी अजय को पहले दौर में जापान के 15वें वरीय केनिची टैगो का सामना करना है और उन्हें अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है। दुनिया के 28वें नंबर के खिलाड़ी कश्यप अपने अभियान की शुरूआत वेम्बले एरेना में जर्मनी के डाइटेर डोम्के के खिलाफ करेंगे जिन्हें उन्होंने तीन बार हराया है। कश्यप अगर डोम्के को हराने में सफल रहते हैं तो उन्हें सातवें वरीय टिएन मिन्ह एनगुएन से भिड़ना पड़ सकता है जिसे उन्होंने पिछले महीने अमेरिकी ओपन के दौरान हराया था। पिछले साल दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान कांस्य पदक जीतने वाले कश्यप ने कहा, यह बड़ा टूर्नामेंट है और सभी ने काफी अच्छी तैयारी की होगी। मैं दूसरे या तीसरे दौर के बारे में नहीं सोचना चाहता। मेरा ध्यान फिलहाल सिर्फ पहले दौर पर है। कश्यप ने कहा, मैंने ड्रा देखा है, यह "ाrक है। यह सबसे कड़ा नहीं है लेकिन यह असान भी नहीं है। कुछ अच्छे खिलाड़ी मौजूद है, मैंने उन्हें अतीत में हराया है इसलिए मुझे कम से कम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना चाहिए लेकिन यह बड़ा टूर्नामेंट है और मैं काफी अधिक नहीं सोचना चाहता। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की भारत की शीर्ष महिला युगल जोड़ी अपने अभियान की शुरूआत इवा ली और पाला लिन ओबानाना की मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ करेगी। वी दीजू पी" के आपरेशन से उबरने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करेंगे। मिश्रित युगल में उनकी और ज्वाला की 16वीं वरीय जोड़ी को पहले दौर में बाई मिला है। उन्हें दूसरे दौर में जिएन गुओ ओंग और सुक चिन चोंग की मलेशियाई जोड़ी तथा मिन चुन लियाओ और सियाओ हुआन चेन की चीनी ताइपे की जोड़ी के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता जोड़ी से भिड़ना होगा। रूपेश कुमार और सनावे थामस की पुरुष युगल जोड़ी को पहले दौर में माइकल फुक और ओलिवर रोथ की जोड़ी का सामना करना है। पहली बार विश्व चैम्पियन में खेल रही प्रणव चोपड़ा और तरुण कोना की युवा भारतीय जोड़ी को पहले दौर में कल चीनी ताइपे के हुंग लिंग चेन और यु लैंग लिन से भिड़ना है।
| लंदन, । एक महीने से भी अधिक समय बाद कोर्ट पर वापसी कर रही भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को कल से यहां शुरू हो रही विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में जल्द की लय में आना होगा। पिछली दो विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली इक्कीस वर्षीय साइना इस साल अपने टखने की चोट से परेशान रही है लेकिन अब तक पूरी तरह से फिट हैं और इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने काफी कड़ी तैयारी की है। साइना ने कहा, मैं पिछले चार से पांच महीने से काफी कड़ी मेहनत कर रही हूं। काफी सुधार हुआ है लेकिन काफी कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि मैं लंदन में कोर्ट से कैसे सामंजस्य बै"ाती हूं और शुरूआती राउंड में कैसा खेलती हूं। दुनिया की छ"s नंबर की खिलाड़ी को पहले दौर में बाई मिली है जबकि उन्हें दूसरे दौर में आदियांती फिरदासरी का सामना करना पड़ सकता है। साइना ने इंडोनेशिया की इस खिलाड़ी के खिलाफ दो बार जीत दर्ज की है जबकि दो बार उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस छ"ाr वरीय भारतीय को प्री क्वार्टर फाइनल में चौदहवीं वरीय हांगकांग की प्युइ यिन यिप का सामना करना पड़ सकता है लेकिन उनका असली परीक्षा क्वार्टर फाइनल में होगी जहां उनका संभावित मुकाबला दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी चीन की वैंग शिन से हो सकता है। शिन ने साइना को तीन बार हराया है लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने मई में सुदीरमन कप के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए पिछले मुकाबले में बाजी मारी थी। साइना अगर सेमीफाइनल में पहुंचती है तो उन्हें दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी वैंग यिहान का सामना करना पड़ सकता है। पुरुष एकल में पी कश्यप और अजय जयराम इस प्रष्"ित टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगे जिसे अगले साल लंदन में हेने वाले ओलंपिक को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है। पहली बार विश्व चैम्पियनशिप में खेल रहे दुनिया के पैंतीसवें नंबर के खिलाड़ी अजय को पहले दौर में जापान के पंद्रहवें वरीय केनिची टैगो का सामना करना है और उन्हें अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है। दुनिया के अट्ठाईसवें नंबर के खिलाड़ी कश्यप अपने अभियान की शुरूआत वेम्बले एरेना में जर्मनी के डाइटेर डोम्के के खिलाफ करेंगे जिन्हें उन्होंने तीन बार हराया है। कश्यप अगर डोम्के को हराने में सफल रहते हैं तो उन्हें सातवें वरीय टिएन मिन्ह एनगुएन से भिड़ना पड़ सकता है जिसे उन्होंने पिछले महीने अमेरिकी ओपन के दौरान हराया था। पिछले साल दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान कांस्य पदक जीतने वाले कश्यप ने कहा, यह बड़ा टूर्नामेंट है और सभी ने काफी अच्छी तैयारी की होगी। मैं दूसरे या तीसरे दौर के बारे में नहीं सोचना चाहता। मेरा ध्यान फिलहाल सिर्फ पहले दौर पर है। कश्यप ने कहा, मैंने ड्रा देखा है, यह "ाrक है। यह सबसे कड़ा नहीं है लेकिन यह असान भी नहीं है। कुछ अच्छे खिलाड़ी मौजूद है, मैंने उन्हें अतीत में हराया है इसलिए मुझे कम से कम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना चाहिए लेकिन यह बड़ा टूर्नामेंट है और मैं काफी अधिक नहीं सोचना चाहता। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की भारत की शीर्ष महिला युगल जोड़ी अपने अभियान की शुरूआत इवा ली और पाला लिन ओबानाना की मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ करेगी। वी दीजू पी" के आपरेशन से उबरने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करेंगे। मिश्रित युगल में उनकी और ज्वाला की सोलहवीं वरीय जोड़ी को पहले दौर में बाई मिला है। उन्हें दूसरे दौर में जिएन गुओ ओंग और सुक चिन चोंग की मलेशियाई जोड़ी तथा मिन चुन लियाओ और सियाओ हुआन चेन की चीनी ताइपे की जोड़ी के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता जोड़ी से भिड़ना होगा। रूपेश कुमार और सनावे थामस की पुरुष युगल जोड़ी को पहले दौर में माइकल फुक और ओलिवर रोथ की जोड़ी का सामना करना है। पहली बार विश्व चैम्पियन में खेल रही प्रणव चोपड़ा और तरुण कोना की युवा भारतीय जोड़ी को पहले दौर में कल चीनी ताइपे के हुंग लिंग चेन और यु लैंग लिन से भिड़ना है। |
भारत में नागरिकता संशोधन कानून के बनने के बाद से ही पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान सहित कई मंत्री और सांसद नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
भारत और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कट्टर आलोचक पाकिस्तानी सांसद फिर से अपने एक ट्वीट को लेकर जमकर ट्रोल किए जा रहे हैं। पाकिस्तानी सांसद रहमान मलिक भारत के नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर और पूर्व पोर्नस्टार मिया खलीफा को लेकर एक ऐसा ट्वीट किया कि उनका मजाक बनने लगा है। पाकिस्तानी सांसद रहमान मलिक ने पूर्व पोर्नस्टार मिया खलीफा की फोटो को रिट्वीट करते हुए सीएए विरोध में शामिल पीड़ित लड़की करार दिया है। अब्दुल रहमान ने ट्वीट कर लिखा, भगवान इनकी मदद करें। (May God Bless her). जैसे ही सांसद रहमान मलिक का यह ट्वीट आया वह वायरल हो गया है।
असल में ट्विटर यूजर @Thrillov ने एक ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था, सर, भारतीय क्षेत्रीय फिल्मों की प्रभावशाली अभिनेत्रियों ने हिजाब पहनकर नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) का विरोध करनेवाले भारतीय मुसलमानों के साथ एकजुटता दिखाई है। उन्हें सलाम, मोदी जल्द ही देंगे इस्तीफा। इस ट्वीट के साथ यूजर ने हिजाब पहने तीन लड़कियों की तस्वीर शेयर की थी। इन तीन तस्वीरों में पोर्न स्टार्स मिया खलीफा और नादिया अली की फोटो भी थी। इसी ट्वीट को रहमान मलिक ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से रिट्वीट किया। शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- May God Bless her.
हालांकि ट्रोल होने के बाद जब रहमान मलिक को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। हालांकि तब तक उनके ट्वीट के स्क्रीनशॉट्स वायरल हो चुके थे।
पत्रकार नायला इनायत ने ट्वीट के स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए लिखा था, सीनेटर रहमान मलिक ने भारतीय मुसलमानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा को अपना आशीर्वाद दिया है।
हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी सांसद रहमान मलिक ट्विटर पर ट्रोल हुए हैं। भारत विरोधी ट्वीट को लेकर वह उस वक्त भी ट्रोल हुए थे जब जम्मू-कश्मीर से नरेंद्र मोदी की सरकार ने आर्टिकल 370 हटाई थी।
बता दें कि भारत में नागरिकता संशोधन कानून के बनने के बाद से ही पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान सहित कई मंत्री और सांसद नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं। पाकिस्तान के पीएम ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और संघ मिलकर भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।
| भारत में नागरिकता संशोधन कानून के बनने के बाद से ही पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान सहित कई मंत्री और सांसद नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं। भारत और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कट्टर आलोचक पाकिस्तानी सांसद फिर से अपने एक ट्वीट को लेकर जमकर ट्रोल किए जा रहे हैं। पाकिस्तानी सांसद रहमान मलिक भारत के नागरिकता संशोधन कानून को लेकर और पूर्व पोर्नस्टार मिया खलीफा को लेकर एक ऐसा ट्वीट किया कि उनका मजाक बनने लगा है। पाकिस्तानी सांसद रहमान मलिक ने पूर्व पोर्नस्टार मिया खलीफा की फोटो को रिट्वीट करते हुए सीएए विरोध में शामिल पीड़ित लड़की करार दिया है। अब्दुल रहमान ने ट्वीट कर लिखा, भगवान इनकी मदद करें। . जैसे ही सांसद रहमान मलिक का यह ट्वीट आया वह वायरल हो गया है। असल में ट्विटर यूजर @Thrillov ने एक ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था, सर, भारतीय क्षेत्रीय फिल्मों की प्रभावशाली अभिनेत्रियों ने हिजाब पहनकर नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करनेवाले भारतीय मुसलमानों के साथ एकजुटता दिखाई है। उन्हें सलाम, मोदी जल्द ही देंगे इस्तीफा। इस ट्वीट के साथ यूजर ने हिजाब पहने तीन लड़कियों की तस्वीर शेयर की थी। इन तीन तस्वीरों में पोर्न स्टार्स मिया खलीफा और नादिया अली की फोटो भी थी। इसी ट्वीट को रहमान मलिक ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से रिट्वीट किया। शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- May God Bless her. हालांकि ट्रोल होने के बाद जब रहमान मलिक को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। हालांकि तब तक उनके ट्वीट के स्क्रीनशॉट्स वायरल हो चुके थे। पत्रकार नायला इनायत ने ट्वीट के स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए लिखा था, सीनेटर रहमान मलिक ने भारतीय मुसलमानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा को अपना आशीर्वाद दिया है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी सांसद रहमान मलिक ट्विटर पर ट्रोल हुए हैं। भारत विरोधी ट्वीट को लेकर वह उस वक्त भी ट्रोल हुए थे जब जम्मू-कश्मीर से नरेंद्र मोदी की सरकार ने आर्टिकल तीन सौ सत्तर हटाई थी। बता दें कि भारत में नागरिकता संशोधन कानून के बनने के बाद से ही पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान सहित कई मंत्री और सांसद नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं। पाकिस्तान के पीएम ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और संघ मिलकर भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं। |
कोलकाता : राज्य में वैक्सीनेशन का आंकड़ा नए मुकाम पर पहुंच गया है। सोमवार को एक नया रिकॉर्ड राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बनाया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक 1 दिन में 5 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगी। अब तक 36691335 से अधिक लोगों को वैक्सीन राज्य में लग चुकी है। एक और नया रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग ने हासिल किया है। इसके तहत दूसरी डोज लेने वालों का आंकड़ा एक करोड़ पार कर गया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि 1 दिन में 10 लाख से अधिक टीके लगाए जाने में हम सक्षम हैं। जरूरत है कि हमें समय पर वैक्सीन मिल सके।
| कोलकाता : राज्य में वैक्सीनेशन का आंकड़ा नए मुकाम पर पहुंच गया है। सोमवार को एक नया रिकॉर्ड राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बनाया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक एक दिन में पाँच लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगी। अब तक तीन करोड़ छयासठ लाख इक्यानवे हज़ार तीन सौ पैंतीस से अधिक लोगों को वैक्सीन राज्य में लग चुकी है। एक और नया रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग ने हासिल किया है। इसके तहत दूसरी डोज लेने वालों का आंकड़ा एक करोड़ पार कर गया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एक दिन में दस लाख से अधिक टीके लगाए जाने में हम सक्षम हैं। जरूरत है कि हमें समय पर वैक्सीन मिल सके। |
मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड संगमा ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री गिरिराज सिंह से भेंट की। इस दौरान राज्य में पशुपालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से सुअर पालन विकास परियोजना पर विचार-विमर्श किया गया। राज्य सरकार के साथ राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा वित्त पोषित इस परियोजना को जल्द ही मेघालय में शुरू किया किया जाएगा। प्रस्तावित सुअर पालन विकास परियोजना से समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र में मांस की घरेलू उपलब्धता बढ़ जाएगी और इसके निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे लोगों को आजीविका के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही बेहतर प्रजनन स्टॉक के साथ सुअर पालन शुरू करने के लिए ग्रामीणों के बीच जागरूकता बढ़ेगी।
केन्द्रीय मंत्री ने मेघालय के मुख्यमंत्री के साथ राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया। यही नहीं, केन्द्रीय मंत्री ने मेघालय के मुख्यमंत्री को इस संबंध में हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
| मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड संगमा ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री गिरिराज सिंह से भेंट की। इस दौरान राज्य में पशुपालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से सुअर पालन विकास परियोजना पर विचार-विमर्श किया गया। राज्य सरकार के साथ राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा वित्त पोषित इस परियोजना को जल्द ही मेघालय में शुरू किया किया जाएगा। प्रस्तावित सुअर पालन विकास परियोजना से समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र में मांस की घरेलू उपलब्धता बढ़ जाएगी और इसके निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे लोगों को आजीविका के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही बेहतर प्रजनन स्टॉक के साथ सुअर पालन शुरू करने के लिए ग्रामीणों के बीच जागरूकता बढ़ेगी। केन्द्रीय मंत्री ने मेघालय के मुख्यमंत्री के साथ राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया। यही नहीं, केन्द्रीय मंत्री ने मेघालय के मुख्यमंत्री को इस संबंध में हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। |
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार (2 मई, 2023) को पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव भी नहीं लड़ने का फैसला किया है। उनके इस ऐलान का एनसीपी कार्यकर्ता जमकर विरोध कर रहे हैं। शरद पवार के एनसीपी के मुखिया का पद छोड़ने के ऐलान के बीच अब इस बात पर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि अगला अध्यक्ष कौन हो सकता है? पवार की बेटी सुप्रिया सुले और उनके भतीजे अजित पवार में से किसी एक के पार्टी प्रमुख का पद संभालने की संभावना है।
शरद पवार के बाद क्या सुप्रिया सुले को मिलेगी कमान? : राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शरद पवार की बेटी और बारामती से तीन बार सांसद रहीं सुप्रिया सुले अभी या बाद में एनसीपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। राज्य की राजनीति के बजाय राष्ट्रीय राजनीति की ओर सुले का झुकाव साफ दिखता है। पिछले कुछ सालों में पार्टी में उनके उत्थान को एक पिता द्वारा अपनी बेटी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने के रूप में देखा गया है।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के हिस्से के रूप में सुप्रिया सुले प्रमुख निर्णयों में शामिल होती है। वह कम समय में कई जिलों में यात्रा करती हैं और पार्टी के सभी कार्यक्रमों में भाग लेती हैं। वह केंद्र सरकार और शिंदे-फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की निंदा करती हैं।
| नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव भी नहीं लड़ने का फैसला किया है। उनके इस ऐलान का एनसीपी कार्यकर्ता जमकर विरोध कर रहे हैं। शरद पवार के एनसीपी के मुखिया का पद छोड़ने के ऐलान के बीच अब इस बात पर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि अगला अध्यक्ष कौन हो सकता है? पवार की बेटी सुप्रिया सुले और उनके भतीजे अजित पवार में से किसी एक के पार्टी प्रमुख का पद संभालने की संभावना है। शरद पवार के बाद क्या सुप्रिया सुले को मिलेगी कमान? : राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शरद पवार की बेटी और बारामती से तीन बार सांसद रहीं सुप्रिया सुले अभी या बाद में एनसीपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। राज्य की राजनीति के बजाय राष्ट्रीय राजनीति की ओर सुले का झुकाव साफ दिखता है। पिछले कुछ सालों में पार्टी में उनके उत्थान को एक पिता द्वारा अपनी बेटी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने के रूप में देखा गया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के हिस्से के रूप में सुप्रिया सुले प्रमुख निर्णयों में शामिल होती है। वह कम समय में कई जिलों में यात्रा करती हैं और पार्टी के सभी कार्यक्रमों में भाग लेती हैं। वह केंद्र सरकार और शिंदे-फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की निंदा करती हैं। |
Welcome!
Forgot your password?
A password will be e-mailed to you.
मजेदार जोक्स :-रिश्तेदार- जीवन में खूब तरक्की करो बेटा।
मजेदार जोक्स :-गप्पू पहली बार ट्रेन में सफर करने वाला था।
मजेदार जोक्स :-व्यापारियों की जिंदगी उस मुकाम पर है,
© Copyright 2020 Navyug Sandesh, All Rights Reserved.
| Welcome! Forgot your password? A password will be e-mailed to you. मजेदार जोक्स :-रिश्तेदार- जीवन में खूब तरक्की करो बेटा। मजेदार जोक्स :-गप्पू पहली बार ट्रेन में सफर करने वाला था। मजेदार जोक्स :-व्यापारियों की जिंदगी उस मुकाम पर है, © Copyright दो हज़ार बीस Navyug Sandesh, All Rights Reserved. |
सिख विद्वान किरपाल सिंह बडूंगर शनिवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के नए प्रधान निर्वाचित हुए हैं। बडूंगर को सुखबीर बादल का खासमखास माना जाता है। बडूंगर एसजीपीसी के मौजूदा प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ का स्थान लेंगे। मक्कड़ इस पद पर 11 वर्ष से थे। एसजीपीसी के इस शीर्ष पद का चुनाव लगभग छह साल बाद होता है। एसजीपीसी पर पंजाब में सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल का वर्चस्व रहता है। एसजीपीसी की महासभा ने शुक्रवार को अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को एसजीपीसी के नए अध्यक्ष का चयन करने के लिए अधिकृत किया था। बडूंगर को सिख इतिहास पर उनके काम के लिए जाना जाता है। शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता और पंजाब के शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने बडूंगर को 'सर्वसम्मति से चुने' जाने का स्वागत किया। चीमा ने मीडिया से कहा,"एसजीपीसी का प्रधान बनने के लिए उनमें सभी गुण और अनुभव हैं। उन्हें तीसरी बार चुना गया है। "
| सिख विद्वान किरपाल सिंह बडूंगर शनिवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नए प्रधान निर्वाचित हुए हैं। बडूंगर को सुखबीर बादल का खासमखास माना जाता है। बडूंगर एसजीपीसी के मौजूदा प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ का स्थान लेंगे। मक्कड़ इस पद पर ग्यारह वर्ष से थे। एसजीपीसी के इस शीर्ष पद का चुनाव लगभग छह साल बाद होता है। एसजीपीसी पर पंजाब में सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल का वर्चस्व रहता है। एसजीपीसी की महासभा ने शुक्रवार को अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को एसजीपीसी के नए अध्यक्ष का चयन करने के लिए अधिकृत किया था। बडूंगर को सिख इतिहास पर उनके काम के लिए जाना जाता है। शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता और पंजाब के शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने बडूंगर को 'सर्वसम्मति से चुने' जाने का स्वागत किया। चीमा ने मीडिया से कहा,"एसजीपीसी का प्रधान बनने के लिए उनमें सभी गुण और अनुभव हैं। उन्हें तीसरी बार चुना गया है। " |
कुल्लू। वीकेंड पर पर्यटन नगरी मनाली के साथ मणिकर्ण, बंजार घाटी सैलानियों से पैक होने लगी है। मनाली में पिछले दिनों रोजाना 1000 से 1200 वाहन आ रहे थे। लेकिन वीकेंड में मनाली में 1750 गाड़ियां पहुंची हैं। इसके अलावा तीन माह बाद 24 वोल्वो भी सैलानियों को लेकर मनाली पहुंची हैं।
वोल्वो की आवाजाही होने से कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबार में दोगुना उछाल आने की उम्मीद है। पर्यटन निगम के होटलों में सबसे अधिक 70 और निजी होटलों में 60 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी चल रही है। अगले सप्ताह के लिए भी एडवांस बुकिंग 75 फीसदी हो गई है। कोरोना के कारण करीब दो माह बाद बंदिशों के हटने से पर्यटन कारोबार पटरी पर आने लगा है। मनाली में 90 फीसदी होटल, कॉटेज व होम स्टे खुल गए हैं। इसके अलावा पार्वती घाटी में 50 फीसदी तथा बंजार वैली पूरी तरह से पैक चल रही है। यहां कई सैलानियों को ठहरने के लिए जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में उन्हें कुल्लू-मनाली का रुख करना पड़ रहा है। पर्यटन कारोबारी एवं जिभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन के प्रधान ललित ने कहा कि घाटी की हसीन वादियों में शांति पाने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। जिभी और तीर्थन घाटी में होटलों, होम स्टे की 100 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी चल रही है। मणिकर्ण वैली होटल एसोसिएशन के प्रधान किशन ठाकुर ने कहा कि मणिकर्ण में सैलानी पहुंच रहे हैं। अब वोल्वो बसों के चलने से पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि मणिकर्ण में 60 फीसदी होटल पैक हैं। प्रदेश पर्यटन विकास निगम के डीजीएम अनिल तनेजा ने कहा कि निगम के होटल 70 फीसदी पैक है और एडवांस बुकिंग भी हो रही है। मनाली होटलियर प्रधान अनूप ठाकुर ने कहा कि वीकेंड में हजारों सैलानी मनाली में सैर सपाटे के लिए आ रहे हैं। वोल्वो बसें चलने से पर्यटन कारोबार में दोगुना बढ़ोतरी होगी।
| कुल्लू। वीकेंड पर पर्यटन नगरी मनाली के साथ मणिकर्ण, बंजार घाटी सैलानियों से पैक होने लगी है। मनाली में पिछले दिनों रोजाना एक हज़ार से एक हज़ार दो सौ वाहन आ रहे थे। लेकिन वीकेंड में मनाली में एक हज़ार सात सौ पचास गाड़ियां पहुंची हैं। इसके अलावा तीन माह बाद चौबीस वोल्वो भी सैलानियों को लेकर मनाली पहुंची हैं। वोल्वो की आवाजाही होने से कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबार में दोगुना उछाल आने की उम्मीद है। पर्यटन निगम के होटलों में सबसे अधिक सत्तर और निजी होटलों में साठ प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी चल रही है। अगले सप्ताह के लिए भी एडवांस बुकिंग पचहत्तर फीसदी हो गई है। कोरोना के कारण करीब दो माह बाद बंदिशों के हटने से पर्यटन कारोबार पटरी पर आने लगा है। मनाली में नब्बे फीसदी होटल, कॉटेज व होम स्टे खुल गए हैं। इसके अलावा पार्वती घाटी में पचास फीसदी तथा बंजार वैली पूरी तरह से पैक चल रही है। यहां कई सैलानियों को ठहरने के लिए जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में उन्हें कुल्लू-मनाली का रुख करना पड़ रहा है। पर्यटन कारोबारी एवं जिभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन के प्रधान ललित ने कहा कि घाटी की हसीन वादियों में शांति पाने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। जिभी और तीर्थन घाटी में होटलों, होम स्टे की एक सौ प्रतिशत ऑक्यूपेंसी चल रही है। मणिकर्ण वैली होटल एसोसिएशन के प्रधान किशन ठाकुर ने कहा कि मणिकर्ण में सैलानी पहुंच रहे हैं। अब वोल्वो बसों के चलने से पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि मणिकर्ण में साठ फीसदी होटल पैक हैं। प्रदेश पर्यटन विकास निगम के डीजीएम अनिल तनेजा ने कहा कि निगम के होटल सत्तर फीसदी पैक है और एडवांस बुकिंग भी हो रही है। मनाली होटलियर प्रधान अनूप ठाकुर ने कहा कि वीकेंड में हजारों सैलानी मनाली में सैर सपाटे के लिए आ रहे हैं। वोल्वो बसें चलने से पर्यटन कारोबार में दोगुना बढ़ोतरी होगी। |
लेकिन लौट आने के बाद सुजाता को क्षय रोग से मुक्त करने का प्रयत्न मैंने बंद नहीं किया। उसी के लिए मेरी आज इतनी दुर्दशा हुई है। यह सब समझने के लिए वे बार-बार मुझको आपके निकट जाने के लिए आदेश कर रहे थे। क्रिया बहुत ही खराब हो जाती है। जाने दीजिए अब काफी अच्छा हो रहा है। मेरे जीवन की एक बड़ी साध है कि मरने के पहले एक बार बाबा का या भृगुराम परमहंसदेव का दर्शन करूँ अथवा दर्शन की आकांक्षा करके, सोचते-सोचते प्राण त्याग दूँ । इस प्रकार चिंता होने से भूल हो सकती है। हम लोगों ने कितनी भूख हड़तालें की हैं। कितने निष्क्रिय प्रतिरोध किये हैं जिसका मूल्य भ्रांतिहीन था, उसको पाने के लिए प्राणप्रण करके बैठ नहीं सका। दोनों ओर आनंद ही आनंद है। यदि दर्शन मिला तो वाह-वाह, नहीं तो मृत्यु हो जाये तो क्या बुरा है ? इस प्रकार की मृत्यु भी उनको पाना ही है, इन्हीं सब नाना प्रकार की चिंताओं ने व्यग्र कर डाला है।
महापुरुष से जब हमने आपके बारे में पूछा तब वे आपकी क्रिया के विषय में अटपटी और दुर्बोध्य भाषा में व्याख्या करने लगे : 'देखो इतने दिन में उन्होंने इन सब चक्रों को भेद करके यह स्थिति प्राप्त की है। वे अब केवल एक जगह पर अटक गये हैं। उस रंध्र के विषय में उन्होंने कहा कि इसे भेद करने में कुछ समय और लगेगा लेकिन अब अधिक विलंब नहीं है। रंध्र भेद होने ही वाला है। तुम शीघ्र से शीघ्र चले जाओ और कुछ दिन उनके पास रहकर आओ। अभी अगर न कर सको तो एक साल के बाद अवश्य जाना। अब मुझे भी उनके पास जाने की बहुत इच्छा हुई है।'
किंतु भाई गोपी दा! इस समय हम कैसे आपके पास पहुँचें, कोनाल को अकेले रख करके। वह वृद्ध नौकर नहीं है, नया नौकर बदमाश "उसके भरोसे पर छोड़कर नहीं जा सकता। उपरांत खर्चा, दो मास्टर रखे हैं। बाईस रुपये मासिक पर-नौकर दस रुपयामकान का किराया बारह रुपया - स्कूल का खर्चा सात रुपया प्रायः । उसके ऊपर खाने का व्यय और सब लेकर मासिक साठ-सत्तर रुपया बँधा खर्च है। आय एकदम नहीं है। ऐसे समय दुकान बंद करके नहीं जाया जा सकता।
दसवाँ पास करने के बाद क्या करेगा नहीं मालूम। अभी तक कुछ तय नहीं किया है। लेकिन हमको हाथरस छोड़ना ही होगा। अलीगढ़ में काम है, मुकदमा खत्म करके ही मरना पड़ेगा, नहीं तो इन लोगों के पंजे से रुपया निकालना कोनाल की शक्ति के बाहर है।
अब नहीं लिख पा रहे हैं - पूजा के लिए रुपया भेजे हैं, पा गये होंगे।
मेरा विजय का प्रणाम श्रीचरण ग्रहण करेंगे और भाभी एवं और सबको जनाइयेगा। इस बृहद् पत्र का लिखना बेकार हो जायेगा यदि आप कृपा करके इतना न जनावें कि महापुरुष का कथन कहाँ तक सच है ?
दिनांक प्राप्तकर्त्ता
पत्र संख्या १२
श्रीमती कल्याणी मल्लिक, कलकत्ता ।
कल्याणीजी टैगोर की बड़ी बहन की पौत्री हैं। पहले इन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय के रायबहादुर खगेंद्रनाथ मित्र के निर्देशन में पोज़ीशन ऑव विमेन इन ऐंशंट इंडिया' शीर्षक विषय पर शोधकार्य आरंभ किया। मित्र महाशय ने इनको कविराजजी के पास पथप्रदर्शन प्राप्त करने के लिए भेजा। कविराजजी ने इन्हें बताया कि इस विषय पर पर्याप्त कार्य हो चुका है, अतः यदि ये वास्तव में शोधकार्य में रुचि रखती हैं तो किसी नये विषय पर कार्य करें। उन्होंने इस संबंध में नाथपंथ के इतिहास दर्शन तथा साधना-प्रणाली पर अनुसंधान करने का सुझाव दिया। कल्याणीजी तैयार हो गयीं। इन्होंने भारत के विभिन्न प्रदेशों में घूम-घूमकर एतद्विषयक बहुमूल्य सामग्री संकलित की। कविराजजी की देख-रेख में यह शोध निबंध बँगला में 'नाथसंप्रदायेर इतिहास, दर्शन ओ साधन प्रणाली' नाम से प्रस्तुत हुआ। १९५० ई० में कलकत्ता विश्वविद्यालय ने इसे प्रकाशित किया।
तुमने भिन्न-भिन्न स्थानों से जो पुस्तकें प्राप्त की थीं, आशा है उन्हें अब तक पढ़ चुकी होंगी। 'योग-तारावली' वास्तव में नाथ संप्रदाय का ग्रंथ नहीं है। वह आचार्य शंकर के नाम से प्रचलित है, परन्तु उसमें योग के विषय में आलोचना है, इसलिए वह भी उपयोगी होगा। 'षट्चक्र-निरूपण' तांत्रिक आचार्य पूर्णानंद परमहंस के 'श्रीतत्वचिंतामणि' नामक ग्रंथ का एक अध्ययन मात्र है। ग्रंथकार गोस्वामी नहीं थे। 'अमनस्क', 'सिद्ध-सिद्धांतपद्धति', 'सिद्धसिद्धांत संग्रह', 'गोरक्ष-शतक', 'मीनचेतन', 'गोरक्ष-उपनिषद्', 'गोरक्षसिद्धांत-संग्रह' प्रभृति ग्रंथ क्रमशः देखती रहो। नाथधर्म के आलोचन की सामग्री कम नहीं है। संस्कृत, बंगला, हिन्दी, उड़िया आदि विभिन्न भाषाओं में ज्ञातव्य विषयों का सन्निवेश बहुत है। क्रमशः सब देखना होगा। मध्ययुग में नाथधर्म के उद्भव और विस्तार के विषय में स्पष्ट धारणा न रहने से बंगभाषा में नाथधर्म के विषय में जो ग्रंथ और गान उपलब्ध हैं उनका वैशिष्ट्य निरूपण करना कठिन है।
भारतीय धर्म-साधना के इतिहास में मत्स्येंद्र, गोरक्ष प्रभृति संप्रदायों तथा साधनाओं का विशेष स्थान है। यह समझने के लिए अन्य समकालीन धर्म-साधन-धाराओं का थोड़ाबहुत परिचय अवश्य देना चाहिए। बहुत लोगों के विचार से हठयोग के प्रवर्तक मत्स्येंद्रनाथ थे। इस विश्वास के मूल में कितना सत्य है परीक्षा करके निर्णय करना होगा। प्राचीन भारत में योगविद्या का बहुत प्रचार था। उसमें हठयोग का बीज निहित था या नहीं? यह आलोचना
का विषय है। उसके बाद पांतजल योग, बौद्धों द्वारा प्रचारित योगमार्ग और जैनों की योग पद्धति- इन सबसे मत्स्येंद्रनाथ के संप्रदाय में किन-किन विषयों में विलक्षणता थी, यह ढूँढ़कर निकालना पड़ेगा। इस वैलक्षण्य के मूल में तंत्रोपदिष्ट योगमार्ग का रहस्य है या और कुछ ? यह विचार का विषय है।
काया- साधन नाथयोग का एक मुख्य कर्तव्य है। इसका विशेष विवरण संग्रह करने की चेष्टा करना। नाथसिद्ध, शैवसिद्ध, शाक्तसिद्ध तथा बौद्ध सिद्धाचार्यों का साधन आदर्श व आचारगत सादृश्य तथा वैषम्य विशेष रूप से ध्यान देने का विषय है। प्रासंगिक रूप से तिब्बतीय लामाधर्म के तत्व और साधन के विषय में ठीक-ठीक ज्ञान रहना चाहिए। माहेश्वरसंप्रदाय के अंतर्गत रससंप्रदाय के सिद्धों से पूर्वोक्त सिद्धों का किसी अंश में वैशिष्ट्य था या नहीं, जानना चाहिए। गोरक्ष-संप्रदाय में भी रस-साधना का प्रादुर्भाव था या नहीं? अगर रहा हो तो पूर्वोक्त संप्रदायों की साधना से उसका किन-किन विषयों में पार्थक्य रहा था? यह जानना होगा। नाथों के महाज्ञान का स्वरूप क्या है? मृत्यु को जय करने के लिए विभिन्न प्रणालियों के भीतर किन-किन प्रणालियों का नाथाचार्यगण अवलंबन करते थे ? यह जानना चाहिए। अमरत्वलाभ की प्रक्रिया में हठयोग में उपदिष्ट - अमरौली, वज्रौली और सहजौली मुद्रा का रहस्य क्या है ? इनके साथ वज्रयान या सहजयान नामक बौद्ध संप्रदाय में प्रसिद्ध योगसाधना का कोई संबंध है या नहीं? कुंडलिनी- विज्ञान, अजपारहस्य, गुप्तचक्र का विवरण, आज्ञाचक्र से सहस्रार और उसके भी आगे के विभिन्न आध्यात्मिक केन्द्रों का तत्व भी विशेष रूप से आलोच्य है। प्राचीन आगमसिद्धान्त के साथ उसकी तुलना भी करनी चाहिए। नाथों की सृष्टि प्रक्रिया और दीक्षादि विषय में विशेष आलोचना होनी चाहिए।
मत्स्येंद्रनाथ के साथ कौलधर्म प्रचार का संबंध है या नहीं। मत्स्येंद्र, गोरक्ष, जालंधर, चर्पटीनाथ, विचारनाथ, चतुरंगनाथ, कांथेरीनाथ प्रभृति सिद्धों का ऐतिहासिक वृत्तांत संग्रह करना चाहिए। गोपीचंद मैनावती प्रभृति की आख्यायिकाएँ जिस रूप से बंगदेश में प्रचलित हैं, दूसरे स्थानों में उनका प्रचार ठीक उसी प्रकार है या भिन्न रूप से ? 'कल्याण' पत्र के 'योगांक' में सिद्धनाथों और नाथ संप्रदाय का जो विवरण प्रकाशित हुआ है, उसे देख लेना चाहिए। 'दोहाकोष' अच्छी तरह से देख लेना। क्योंकि उसकी भाषा तथा विषय दोनों ही कठिन हैं। देहतत्व अच्छी तरह से समझना चाहिए। बाउल, सहजिया और संतों का इस विषय में सिद्धांत जानना चाहिए। नाड़ी-चक्र के विषय में स्पष्ट धारणा चाहिए। महायानबौद्धों का आश्रय परावृत्ति और स्कंध-सिद्धि न समझने से कायासाधन का महत्व समझ में नहीं आयेगा। महाराष्ट्र भाषा में 'ज्ञानेश्वरी' नामक गीताव्याख्या का बहुत आदर है। उसके रचयिता ज्ञानेश्वर महाराज एक उच्चांग के सिद्ध पुरुष थे। उनका नाथ संप्रदाय के साथ गुरुशिष्य संबंध था। 'ज्ञानेश्वरी' अवश्य देख लेना। और विषय कालांतर में होगा।
पत्र संख्या १३
१७ मई, १९४४ ई० । स्वामी उमेशानन्द, मिर्जापुर।
डॉ० उपेन्द्रनाथ बनर्जी, मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) के एक प्रसिद्ध चिकित्सक थे। ये धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इनकी बड़ी बहन अरविंदाश्रम (पांडेचेरी) में रहती थीं। इस नाते ये भी वहाँ जाया करते थे। इस सूत्र से ये योगिराज अरविंद के संपर्क में आये और उनके कृपापात्र हो गये। १९४८ ई० के आसपास ये पांडेचेरी गये। वहाँ कई वर्षों तक निवास करने के पश्चात् ये मिर्जापुर लौट आये। यहाँ माँ आनंदमयी का आश्रम था। उनके दर्शनार्थ ये निरंतर उपस्थित होते थे। कविराजजी से इनका परिचय यहीं हुआ।
इनकी साधना-प्रणाली में डॉ० बनर्जी विशेष दिलचस्पी लेने लगे। इस संबंध में दोनों में पत्रव्यवहार होता रहता था। प्रस्तुत पत्र उन्हीं में से एक है। पांडेचेरी जाने के पूर्व ही उन्होंने संन्यास ग्रहण कर लिया था। उमेशानंद नाम इसी स्थिति का है। कुछ ही महीने पूर्व इनका देहावसान हो गया। इनकी बड़ी बहन अभी जीवित हैं और पांडेचेरी आश्रम में साधनापूर्ण जीवन व्यतीत कर रही हैं।
विषय- नादानुसंधान
परम श्रद्धेय स्वामी जी,
आज प्रातः काल में आपके साथ जो आलोचना हुई थी, उसका तात्पर्य यदि चित्त में धारण कर सकें तो बहुत विषयों के समझने में सुविधा होगी।
नाद का आभास आपको कुछ-कुछ मिल रहा है, परन्तु यह आभास मात्र है, अभी यर्थाथ नाद की स्फूर्ति नहीं हुई। नाद का बहुत वैशिष्ट्य है, भेद भी बहुत है, परन्तु मूलनाद एक ही है। नाद के प्रभाव से ही विशुद्ध सृष्टि की सूचना होती है। विशुद्धसृष्टि का अवलंबन करके ही अध्यात्म साधना संपन्न होती है। मलिन सत्ता के शुद्ध होने पर जब उस शुद्धसत्ता में उज्ज्वल चिदालोक प्रतिफलित होता है, तभी महाचैतन्य की ओर स्वाभाविक आकर्षण का अनुभव होता है। इस महाचैतन्य से भी अतीत अवस्था है।
परन्तु यह सब सोच-विचार करके समझने का विषय नहीं है। समय आने पर अपने आप ही सब समझ में आ जायगा। इस समय चाहिए निरंतर नाद का अनुसंधान मात्र नाद अविच्छिन्न है, उसका विराम नहीं है। किन्तु आपका मन अविच्छिन्न रूप से नाद- प्रवाह में युक्त नहीं रह सकता। इसीलिए कभी-कभी योगसूत्र टूट जाता है।
जब तक मन विक्षिप्त रहता है, तब तक नाद की उपलब्धि नहीं होती। एकाग्र होने पर भी नाद का अनुभव नहीं होता। विक्षिप्त अवस्था से एकाग्र भूमि में क्रमशः संचरण
करना ही नाद की साधना है। नाद तरंग रूप में प्रवाहित होता है। चिदाकाश अथवा कुंडलिनी से ही उस प्रवाह का उद्गम होता है। कुंडलिनी ही बिंदु-स्वरूपा महामाया है। भगवान् की कृपाशक्ति अर्थात् चित्शक्ति महामाया में संचरित होने पर महामाया क्षुब्ध होकर नादरूप में परिणत होती है। नाद की अभिव्यक्ति का मूल है चिदाकाश में चित् शक्ति का आघात। यही महाकृपा का रूप है। परन्तु नाद अभिव्यक्ति होने पर भी जब तक मन उसमें युक्त नहीं होता तब तक वह सुनने में नहीं आता क्रियाकौशल से अथवा प्रबल इच्छा शक्ति के प्रभाव से मन को अंतर्मुख करने पर नाद सुनने में आता है। उसके बाद नाद ही क्रमशः मन को आकर्षित करने लगता है। जिस मात्रा से मन नाद में आकृष्ट होता है, उसी मात्रा में मन की एकाग्रता होती है। नाद उत्थित होता है चिदाकाश से और लीन भी होता है चिदाकाश में । नाद लौटने के समय अपने साथ मन को खींच ले जाता है। बिन्दु ही चिदाकाश है। जब मन बिन्दु में पहुँच जाता है तब उसकी चंचलता नहीं रहती। वह स्थिर हो जाता है। इसी का नाम एकाग्रता है। इस अवस्था में मन का लय नहीं होता। चैतन्यावस्था है। इसी का नाम प्रज्ञा है। यह मन की जागृत अवस्था है।
नाद का आश्रय न मिलने पर मन बिन्दु से स्थितिलाभ नहीं कर सकता। करने पर भी वह स्थिति चैतन्यरूप न होकर सुषुप्ति का ही नामांतर होती है। मन को बिन्दु रूपी केंद्रस्थल में ले जाने के लिए एक मार्ग अवलंबन करना पड़ता है - यह है नाड़ी पथ । बिन्दु से असंख्य रश्मियों का निर्गम हुआ है। उनमें से जिसके साथ मन का योग हुआ है, वही मन का अपना मार्ग है। उसी से मन आरोह-क्रम में चलता रहता है और शब्द की निवृत्तिधारा में पकड़ कर बिन्दुस्थान में पहुँच जाता है। किसी-किसी के लिए नाद का आश्रय लिये बिना भी मन चेतना भाव से बिन्दु में रह सकता है, परन्तु ऐसे व्यक्ति विरल हैं। इसका कारण यह है कि चित् शक्ति साक्षात् रूप से माया में संचारित नहीं होती, महामाया में प्रतिफलित होकर माया में संचारित होती है। उस समय माया में क्षोभ उत्पन्न होता है। मायाकाश से जिस शब्द का उद्गम होता है, वह अशुद्ध शब्द है। उससे भेदज्ञान उत्पन्न होता है और बंधन होता है। इसी से विकल्प उत्पन्न होता है। मातृकाचक्र के रूप में यह वर्णमाला जीव को अनंत विकल्पमयी वृत्ताकार धारण करके आबद्ध रखती है। उस मायाजाल से उद्धार प्राप्त करने के लिए ही विशुद्ध नादमय शब्द का आश्रय ग्रहण करना पड़ता है। नादमय शब्द ही जागृतमंत्र है। यह अभेद ज्ञान उत्पादन करके अशुद्धवर्णात्मक शब्दजाल को तोड़ डालता है।
इससे समझ सकियेगा कि चैतन्य का आश्रय लिये बिना मन को निरोध करने का प्रयत्न तमोभाव और जड़त्व का आवाहन करना है। इसके द्वारा, नाद का विस्तार कितना व्यापक है, यह जानने का प्रयत्न न करियेगा। प्रयत्न करने पर भी जान नहीं सकेंगे, क्योंकि जिस स्थान में आपके मन के साथ नाद का योग है आप उसी को नाद की सीमा समझेंगे। इसी स्थान से आपके प्रत्यावर्तन का आरंभ है। सबके लिए यही नियम है। जो नादसृष्टि की धारा में बहिर्भाव होकर बह रहा है, वह ज्ञानगोचर नहीं है। इसीलिए सृष्टि के मूल को अज्ञान माना जाता है। इसी से सृष्टि की धारा अज्ञान की धारा कही जाती है। मन इस समय निद्रा की गोद में स्वप्नदर्शन कर रहा है। परन्तु इस धारा के साथ मन के युक्त होने पर ही अज्ञान की धारा ज्ञान के | लेकिन लौट आने के बाद सुजाता को क्षय रोग से मुक्त करने का प्रयत्न मैंने बंद नहीं किया। उसी के लिए मेरी आज इतनी दुर्दशा हुई है। यह सब समझने के लिए वे बार-बार मुझको आपके निकट जाने के लिए आदेश कर रहे थे। क्रिया बहुत ही खराब हो जाती है। जाने दीजिए अब काफी अच्छा हो रहा है। मेरे जीवन की एक बड़ी साध है कि मरने के पहले एक बार बाबा का या भृगुराम परमहंसदेव का दर्शन करूँ अथवा दर्शन की आकांक्षा करके, सोचते-सोचते प्राण त्याग दूँ । इस प्रकार चिंता होने से भूल हो सकती है। हम लोगों ने कितनी भूख हड़तालें की हैं। कितने निष्क्रिय प्रतिरोध किये हैं जिसका मूल्य भ्रांतिहीन था, उसको पाने के लिए प्राणप्रण करके बैठ नहीं सका। दोनों ओर आनंद ही आनंद है। यदि दर्शन मिला तो वाह-वाह, नहीं तो मृत्यु हो जाये तो क्या बुरा है ? इस प्रकार की मृत्यु भी उनको पाना ही है, इन्हीं सब नाना प्रकार की चिंताओं ने व्यग्र कर डाला है। महापुरुष से जब हमने आपके बारे में पूछा तब वे आपकी क्रिया के विषय में अटपटी और दुर्बोध्य भाषा में व्याख्या करने लगे : 'देखो इतने दिन में उन्होंने इन सब चक्रों को भेद करके यह स्थिति प्राप्त की है। वे अब केवल एक जगह पर अटक गये हैं। उस रंध्र के विषय में उन्होंने कहा कि इसे भेद करने में कुछ समय और लगेगा लेकिन अब अधिक विलंब नहीं है। रंध्र भेद होने ही वाला है। तुम शीघ्र से शीघ्र चले जाओ और कुछ दिन उनके पास रहकर आओ। अभी अगर न कर सको तो एक साल के बाद अवश्य जाना। अब मुझे भी उनके पास जाने की बहुत इच्छा हुई है।' किंतु भाई गोपी दा! इस समय हम कैसे आपके पास पहुँचें, कोनाल को अकेले रख करके। वह वृद्ध नौकर नहीं है, नया नौकर बदमाश "उसके भरोसे पर छोड़कर नहीं जा सकता। उपरांत खर्चा, दो मास्टर रखे हैं। बाईस रुपये मासिक पर-नौकर दस रुपयामकान का किराया बारह रुपया - स्कूल का खर्चा सात रुपया प्रायः । उसके ऊपर खाने का व्यय और सब लेकर मासिक साठ-सत्तर रुपया बँधा खर्च है। आय एकदम नहीं है। ऐसे समय दुकान बंद करके नहीं जाया जा सकता। दसवाँ पास करने के बाद क्या करेगा नहीं मालूम। अभी तक कुछ तय नहीं किया है। लेकिन हमको हाथरस छोड़ना ही होगा। अलीगढ़ में काम है, मुकदमा खत्म करके ही मरना पड़ेगा, नहीं तो इन लोगों के पंजे से रुपया निकालना कोनाल की शक्ति के बाहर है। अब नहीं लिख पा रहे हैं - पूजा के लिए रुपया भेजे हैं, पा गये होंगे। मेरा विजय का प्रणाम श्रीचरण ग्रहण करेंगे और भाभी एवं और सबको जनाइयेगा। इस बृहद् पत्र का लिखना बेकार हो जायेगा यदि आप कृपा करके इतना न जनावें कि महापुरुष का कथन कहाँ तक सच है ? दिनांक प्राप्तकर्त्ता पत्र संख्या बारह श्रीमती कल्याणी मल्लिक, कलकत्ता । कल्याणीजी टैगोर की बड़ी बहन की पौत्री हैं। पहले इन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय के रायबहादुर खगेंद्रनाथ मित्र के निर्देशन में पोज़ीशन ऑव विमेन इन ऐंशंट इंडिया' शीर्षक विषय पर शोधकार्य आरंभ किया। मित्र महाशय ने इनको कविराजजी के पास पथप्रदर्शन प्राप्त करने के लिए भेजा। कविराजजी ने इन्हें बताया कि इस विषय पर पर्याप्त कार्य हो चुका है, अतः यदि ये वास्तव में शोधकार्य में रुचि रखती हैं तो किसी नये विषय पर कार्य करें। उन्होंने इस संबंध में नाथपंथ के इतिहास दर्शन तथा साधना-प्रणाली पर अनुसंधान करने का सुझाव दिया। कल्याणीजी तैयार हो गयीं। इन्होंने भारत के विभिन्न प्रदेशों में घूम-घूमकर एतद्विषयक बहुमूल्य सामग्री संकलित की। कविराजजी की देख-रेख में यह शोध निबंध बँगला में 'नाथसंप्रदायेर इतिहास, दर्शन ओ साधन प्रणाली' नाम से प्रस्तुत हुआ। एक हज़ार नौ सौ पचास ईशून्य में कलकत्ता विश्वविद्यालय ने इसे प्रकाशित किया। तुमने भिन्न-भिन्न स्थानों से जो पुस्तकें प्राप्त की थीं, आशा है उन्हें अब तक पढ़ चुकी होंगी। 'योग-तारावली' वास्तव में नाथ संप्रदाय का ग्रंथ नहीं है। वह आचार्य शंकर के नाम से प्रचलित है, परन्तु उसमें योग के विषय में आलोचना है, इसलिए वह भी उपयोगी होगा। 'षट्चक्र-निरूपण' तांत्रिक आचार्य पूर्णानंद परमहंस के 'श्रीतत्वचिंतामणि' नामक ग्रंथ का एक अध्ययन मात्र है। ग्रंथकार गोस्वामी नहीं थे। 'अमनस्क', 'सिद्ध-सिद्धांतपद्धति', 'सिद्धसिद्धांत संग्रह', 'गोरक्ष-शतक', 'मीनचेतन', 'गोरक्ष-उपनिषद्', 'गोरक्षसिद्धांत-संग्रह' प्रभृति ग्रंथ क्रमशः देखती रहो। नाथधर्म के आलोचन की सामग्री कम नहीं है। संस्कृत, बंगला, हिन्दी, उड़िया आदि विभिन्न भाषाओं में ज्ञातव्य विषयों का सन्निवेश बहुत है। क्रमशः सब देखना होगा। मध्ययुग में नाथधर्म के उद्भव और विस्तार के विषय में स्पष्ट धारणा न रहने से बंगभाषा में नाथधर्म के विषय में जो ग्रंथ और गान उपलब्ध हैं उनका वैशिष्ट्य निरूपण करना कठिन है। भारतीय धर्म-साधना के इतिहास में मत्स्येंद्र, गोरक्ष प्रभृति संप्रदायों तथा साधनाओं का विशेष स्थान है। यह समझने के लिए अन्य समकालीन धर्म-साधन-धाराओं का थोड़ाबहुत परिचय अवश्य देना चाहिए। बहुत लोगों के विचार से हठयोग के प्रवर्तक मत्स्येंद्रनाथ थे। इस विश्वास के मूल में कितना सत्य है परीक्षा करके निर्णय करना होगा। प्राचीन भारत में योगविद्या का बहुत प्रचार था। उसमें हठयोग का बीज निहित था या नहीं? यह आलोचना का विषय है। उसके बाद पांतजल योग, बौद्धों द्वारा प्रचारित योगमार्ग और जैनों की योग पद्धति- इन सबसे मत्स्येंद्रनाथ के संप्रदाय में किन-किन विषयों में विलक्षणता थी, यह ढूँढ़कर निकालना पड़ेगा। इस वैलक्षण्य के मूल में तंत्रोपदिष्ट योगमार्ग का रहस्य है या और कुछ ? यह विचार का विषय है। काया- साधन नाथयोग का एक मुख्य कर्तव्य है। इसका विशेष विवरण संग्रह करने की चेष्टा करना। नाथसिद्ध, शैवसिद्ध, शाक्तसिद्ध तथा बौद्ध सिद्धाचार्यों का साधन आदर्श व आचारगत सादृश्य तथा वैषम्य विशेष रूप से ध्यान देने का विषय है। प्रासंगिक रूप से तिब्बतीय लामाधर्म के तत्व और साधन के विषय में ठीक-ठीक ज्ञान रहना चाहिए। माहेश्वरसंप्रदाय के अंतर्गत रससंप्रदाय के सिद्धों से पूर्वोक्त सिद्धों का किसी अंश में वैशिष्ट्य था या नहीं, जानना चाहिए। गोरक्ष-संप्रदाय में भी रस-साधना का प्रादुर्भाव था या नहीं? अगर रहा हो तो पूर्वोक्त संप्रदायों की साधना से उसका किन-किन विषयों में पार्थक्य रहा था? यह जानना होगा। नाथों के महाज्ञान का स्वरूप क्या है? मृत्यु को जय करने के लिए विभिन्न प्रणालियों के भीतर किन-किन प्रणालियों का नाथाचार्यगण अवलंबन करते थे ? यह जानना चाहिए। अमरत्वलाभ की प्रक्रिया में हठयोग में उपदिष्ट - अमरौली, वज्रौली और सहजौली मुद्रा का रहस्य क्या है ? इनके साथ वज्रयान या सहजयान नामक बौद्ध संप्रदाय में प्रसिद्ध योगसाधना का कोई संबंध है या नहीं? कुंडलिनी- विज्ञान, अजपारहस्य, गुप्तचक्र का विवरण, आज्ञाचक्र से सहस्रार और उसके भी आगे के विभिन्न आध्यात्मिक केन्द्रों का तत्व भी विशेष रूप से आलोच्य है। प्राचीन आगमसिद्धान्त के साथ उसकी तुलना भी करनी चाहिए। नाथों की सृष्टि प्रक्रिया और दीक्षादि विषय में विशेष आलोचना होनी चाहिए। मत्स्येंद्रनाथ के साथ कौलधर्म प्रचार का संबंध है या नहीं। मत्स्येंद्र, गोरक्ष, जालंधर, चर्पटीनाथ, विचारनाथ, चतुरंगनाथ, कांथेरीनाथ प्रभृति सिद्धों का ऐतिहासिक वृत्तांत संग्रह करना चाहिए। गोपीचंद मैनावती प्रभृति की आख्यायिकाएँ जिस रूप से बंगदेश में प्रचलित हैं, दूसरे स्थानों में उनका प्रचार ठीक उसी प्रकार है या भिन्न रूप से ? 'कल्याण' पत्र के 'योगांक' में सिद्धनाथों और नाथ संप्रदाय का जो विवरण प्रकाशित हुआ है, उसे देख लेना चाहिए। 'दोहाकोष' अच्छी तरह से देख लेना। क्योंकि उसकी भाषा तथा विषय दोनों ही कठिन हैं। देहतत्व अच्छी तरह से समझना चाहिए। बाउल, सहजिया और संतों का इस विषय में सिद्धांत जानना चाहिए। नाड़ी-चक्र के विषय में स्पष्ट धारणा चाहिए। महायानबौद्धों का आश्रय परावृत्ति और स्कंध-सिद्धि न समझने से कायासाधन का महत्व समझ में नहीं आयेगा। महाराष्ट्र भाषा में 'ज्ञानेश्वरी' नामक गीताव्याख्या का बहुत आदर है। उसके रचयिता ज्ञानेश्वर महाराज एक उच्चांग के सिद्ध पुरुष थे। उनका नाथ संप्रदाय के साथ गुरुशिष्य संबंध था। 'ज्ञानेश्वरी' अवश्य देख लेना। और विषय कालांतर में होगा। पत्र संख्या तेरह सत्रह मई, एक हज़ार नौ सौ चौंतालीस ईशून्य । स्वामी उमेशानन्द, मिर्जापुर। डॉशून्य उपेन्द्रनाथ बनर्जी, मिर्जापुर के एक प्रसिद्ध चिकित्सक थे। ये धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इनकी बड़ी बहन अरविंदाश्रम में रहती थीं। इस नाते ये भी वहाँ जाया करते थे। इस सूत्र से ये योगिराज अरविंद के संपर्क में आये और उनके कृपापात्र हो गये। एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस ईशून्य के आसपास ये पांडेचेरी गये। वहाँ कई वर्षों तक निवास करने के पश्चात् ये मिर्जापुर लौट आये। यहाँ माँ आनंदमयी का आश्रम था। उनके दर्शनार्थ ये निरंतर उपस्थित होते थे। कविराजजी से इनका परिचय यहीं हुआ। इनकी साधना-प्रणाली में डॉशून्य बनर्जी विशेष दिलचस्पी लेने लगे। इस संबंध में दोनों में पत्रव्यवहार होता रहता था। प्रस्तुत पत्र उन्हीं में से एक है। पांडेचेरी जाने के पूर्व ही उन्होंने संन्यास ग्रहण कर लिया था। उमेशानंद नाम इसी स्थिति का है। कुछ ही महीने पूर्व इनका देहावसान हो गया। इनकी बड़ी बहन अभी जीवित हैं और पांडेचेरी आश्रम में साधनापूर्ण जीवन व्यतीत कर रही हैं। विषय- नादानुसंधान परम श्रद्धेय स्वामी जी, आज प्रातः काल में आपके साथ जो आलोचना हुई थी, उसका तात्पर्य यदि चित्त में धारण कर सकें तो बहुत विषयों के समझने में सुविधा होगी। नाद का आभास आपको कुछ-कुछ मिल रहा है, परन्तु यह आभास मात्र है, अभी यर्थाथ नाद की स्फूर्ति नहीं हुई। नाद का बहुत वैशिष्ट्य है, भेद भी बहुत है, परन्तु मूलनाद एक ही है। नाद के प्रभाव से ही विशुद्ध सृष्टि की सूचना होती है। विशुद्धसृष्टि का अवलंबन करके ही अध्यात्म साधना संपन्न होती है। मलिन सत्ता के शुद्ध होने पर जब उस शुद्धसत्ता में उज्ज्वल चिदालोक प्रतिफलित होता है, तभी महाचैतन्य की ओर स्वाभाविक आकर्षण का अनुभव होता है। इस महाचैतन्य से भी अतीत अवस्था है। परन्तु यह सब सोच-विचार करके समझने का विषय नहीं है। समय आने पर अपने आप ही सब समझ में आ जायगा। इस समय चाहिए निरंतर नाद का अनुसंधान मात्र नाद अविच्छिन्न है, उसका विराम नहीं है। किन्तु आपका मन अविच्छिन्न रूप से नाद- प्रवाह में युक्त नहीं रह सकता। इसीलिए कभी-कभी योगसूत्र टूट जाता है। जब तक मन विक्षिप्त रहता है, तब तक नाद की उपलब्धि नहीं होती। एकाग्र होने पर भी नाद का अनुभव नहीं होता। विक्षिप्त अवस्था से एकाग्र भूमि में क्रमशः संचरण करना ही नाद की साधना है। नाद तरंग रूप में प्रवाहित होता है। चिदाकाश अथवा कुंडलिनी से ही उस प्रवाह का उद्गम होता है। कुंडलिनी ही बिंदु-स्वरूपा महामाया है। भगवान् की कृपाशक्ति अर्थात् चित्शक्ति महामाया में संचरित होने पर महामाया क्षुब्ध होकर नादरूप में परिणत होती है। नाद की अभिव्यक्ति का मूल है चिदाकाश में चित् शक्ति का आघात। यही महाकृपा का रूप है। परन्तु नाद अभिव्यक्ति होने पर भी जब तक मन उसमें युक्त नहीं होता तब तक वह सुनने में नहीं आता क्रियाकौशल से अथवा प्रबल इच्छा शक्ति के प्रभाव से मन को अंतर्मुख करने पर नाद सुनने में आता है। उसके बाद नाद ही क्रमशः मन को आकर्षित करने लगता है। जिस मात्रा से मन नाद में आकृष्ट होता है, उसी मात्रा में मन की एकाग्रता होती है। नाद उत्थित होता है चिदाकाश से और लीन भी होता है चिदाकाश में । नाद लौटने के समय अपने साथ मन को खींच ले जाता है। बिन्दु ही चिदाकाश है। जब मन बिन्दु में पहुँच जाता है तब उसकी चंचलता नहीं रहती। वह स्थिर हो जाता है। इसी का नाम एकाग्रता है। इस अवस्था में मन का लय नहीं होता। चैतन्यावस्था है। इसी का नाम प्रज्ञा है। यह मन की जागृत अवस्था है। नाद का आश्रय न मिलने पर मन बिन्दु से स्थितिलाभ नहीं कर सकता। करने पर भी वह स्थिति चैतन्यरूप न होकर सुषुप्ति का ही नामांतर होती है। मन को बिन्दु रूपी केंद्रस्थल में ले जाने के लिए एक मार्ग अवलंबन करना पड़ता है - यह है नाड़ी पथ । बिन्दु से असंख्य रश्मियों का निर्गम हुआ है। उनमें से जिसके साथ मन का योग हुआ है, वही मन का अपना मार्ग है। उसी से मन आरोह-क्रम में चलता रहता है और शब्द की निवृत्तिधारा में पकड़ कर बिन्दुस्थान में पहुँच जाता है। किसी-किसी के लिए नाद का आश्रय लिये बिना भी मन चेतना भाव से बिन्दु में रह सकता है, परन्तु ऐसे व्यक्ति विरल हैं। इसका कारण यह है कि चित् शक्ति साक्षात् रूप से माया में संचारित नहीं होती, महामाया में प्रतिफलित होकर माया में संचारित होती है। उस समय माया में क्षोभ उत्पन्न होता है। मायाकाश से जिस शब्द का उद्गम होता है, वह अशुद्ध शब्द है। उससे भेदज्ञान उत्पन्न होता है और बंधन होता है। इसी से विकल्प उत्पन्न होता है। मातृकाचक्र के रूप में यह वर्णमाला जीव को अनंत विकल्पमयी वृत्ताकार धारण करके आबद्ध रखती है। उस मायाजाल से उद्धार प्राप्त करने के लिए ही विशुद्ध नादमय शब्द का आश्रय ग्रहण करना पड़ता है। नादमय शब्द ही जागृतमंत्र है। यह अभेद ज्ञान उत्पादन करके अशुद्धवर्णात्मक शब्दजाल को तोड़ डालता है। इससे समझ सकियेगा कि चैतन्य का आश्रय लिये बिना मन को निरोध करने का प्रयत्न तमोभाव और जड़त्व का आवाहन करना है। इसके द्वारा, नाद का विस्तार कितना व्यापक है, यह जानने का प्रयत्न न करियेगा। प्रयत्न करने पर भी जान नहीं सकेंगे, क्योंकि जिस स्थान में आपके मन के साथ नाद का योग है आप उसी को नाद की सीमा समझेंगे। इसी स्थान से आपके प्रत्यावर्तन का आरंभ है। सबके लिए यही नियम है। जो नादसृष्टि की धारा में बहिर्भाव होकर बह रहा है, वह ज्ञानगोचर नहीं है। इसीलिए सृष्टि के मूल को अज्ञान माना जाता है। इसी से सृष्टि की धारा अज्ञान की धारा कही जाती है। मन इस समय निद्रा की गोद में स्वप्नदर्शन कर रहा है। परन्तु इस धारा के साथ मन के युक्त होने पर ही अज्ञान की धारा ज्ञान के |
New Delhi : राष्ट्रीय राजधानी में लोकसभा चुनाव के लिए 17 महिला मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें से 10 पूर्वी दिल्ली में होंगे. महिला मतदान केंद्र में सभी कर्मचारी महिलाएं ही होती हैं. एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी.
दिल्ली में चुनाव 12 मई को होंगे और दिल्ली में 1. 43 करोड़ से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 78,73,022 पुरुष और 64,42,762 महिलाएं हैं.
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा कि हम सात संसदीय क्षेत्रों में 17 विशेष मतदान केंद्र स्थापित करेंगे, जिनमें एक पीठासीन अधिकारी से लेकर अन्य सभी कर्मचारी केवल महिलाएं ही होंगी. पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में अधिकतम 10 मतदान केंद्र होंगे.
यह योजना बनाई गई है कि सात लोकसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में कम से कम एक मतदान केंद्र ऐसा हो. दिल्ली में 2,696 स्थानों पर कुल 13,819 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे. 70 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में एक मॉडल मतदान केंद्र होगा.
| New Delhi : राष्ट्रीय राजधानी में लोकसभा चुनाव के लिए सत्रह महिला मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें से दस पूर्वी दिल्ली में होंगे. महिला मतदान केंद्र में सभी कर्मचारी महिलाएं ही होती हैं. एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. दिल्ली में चुनाव बारह मई को होंगे और दिल्ली में एक. तैंतालीस करोड़ से अधिक मतदाता हैं, जिनमें अठहत्तर,तिहत्तर,बाईस पुरुष और चौंसठ,बयालीस,सात सौ बासठ महिलाएं हैं. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा कि हम सात संसदीय क्षेत्रों में सत्रह विशेष मतदान केंद्र स्थापित करेंगे, जिनमें एक पीठासीन अधिकारी से लेकर अन्य सभी कर्मचारी केवल महिलाएं ही होंगी. पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में अधिकतम दस मतदान केंद्र होंगे. यह योजना बनाई गई है कि सात लोकसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में कम से कम एक मतदान केंद्र ऐसा हो. दिल्ली में दो,छः सौ छियानवे स्थानों पर कुल तेरह,आठ सौ उन्नीस मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे. सत्तर विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में एक मॉडल मतदान केंद्र होगा. |
शहर के एक निजी शिक्षण संस्था में कमिटी ऑन कॅरियर कॉन्सलिंग ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के बैनर तले सीपीई स्टडी चैप्टर ऑफ सीआईआरसी ऑफ आईसीए आई द्वारा आयोजित चार्टर्ड अकाउन्टेंट्स सुपर मेगा कॅरियर कंसलटिंग प्रोग्राम 2022 के दौरान उप खण्ड अधिकारी जीतू कुलहरी ने उपस्थितों को संबोधित किया।
कुलहरी ने बच्चों से कहा कि देश में आयोजित सबसे बड़ी परीक्षाओं को पास करने वाले भी आप ही की तरह के लोग होते है बस उनका लक्ष्य निर्धारित होने के साथ साथ वे निरंतर प्रयास करते रहते है और एक दिन उनके कठिन परिश्रम का फल सफलता के रूप में उनको मिलकर रहता है। कुलहरी ने कहा कि एकाग्रता, समय प्रबंधन, निरंतरता और अडिग विश्वास सफलता की कुंजी है।
इस अवसर पर सीपीई के संयोजक सीए डॉ मुकेश रुवटिया ने सीए कोर्स के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि जब आप 12वीं कक्षा पास कर लेते हो तो सी ए फाउंडेशन के द्वार लिए आपके रास्ते खुल जाते है, इंटर एग्जाम पास करके आप सीए बनने की अहर्ता हासिल कर लेते है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन के बाद दो चरणों की परीक्षाओं और तीन साल का किसी भी प्रतिष्ठित सीए के अधीन प्रैक्टिकल करना अनिवार्य होता है। डॉ. रुवटिया ने बताया कि मेहनत करने वाले बच्चे यह परीक्षा आराम से पास करते है।
इस दौरान सीए दिनेश रुवटिया, सीए ओम प्रकाश अग्रवाल, सीए गोपी चंद लोहिया, सीए नितेश माथुर, सीए संजय पाटोदी, सीए मुकेश डालुका ने सीए फाउंडेशन से लेकर एंट्रेंस एग्जाम व प्रेक्टिकल को विस्तार से समझाया। संस्था चेयरमैन डॉ बजरंग सिंह राठौड़ व निदेशक इंजी रणजीत सिंह राठौड़ ने आगंतुक अथितियों का अभिनंदन किया।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| शहर के एक निजी शिक्षण संस्था में कमिटी ऑन कॅरियर कॉन्सलिंग ऑफ इंडिया के बैनर तले सीपीई स्टडी चैप्टर ऑफ सीआईआरसी ऑफ आईसीए आई द्वारा आयोजित चार्टर्ड अकाउन्टेंट्स सुपर मेगा कॅरियर कंसलटिंग प्रोग्राम दो हज़ार बाईस के दौरान उप खण्ड अधिकारी जीतू कुलहरी ने उपस्थितों को संबोधित किया। कुलहरी ने बच्चों से कहा कि देश में आयोजित सबसे बड़ी परीक्षाओं को पास करने वाले भी आप ही की तरह के लोग होते है बस उनका लक्ष्य निर्धारित होने के साथ साथ वे निरंतर प्रयास करते रहते है और एक दिन उनके कठिन परिश्रम का फल सफलता के रूप में उनको मिलकर रहता है। कुलहरी ने कहा कि एकाग्रता, समय प्रबंधन, निरंतरता और अडिग विश्वास सफलता की कुंजी है। इस अवसर पर सीपीई के संयोजक सीए डॉ मुकेश रुवटिया ने सीए कोर्स के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि जब आप बारहवीं कक्षा पास कर लेते हो तो सी ए फाउंडेशन के द्वार लिए आपके रास्ते खुल जाते है, इंटर एग्जाम पास करके आप सीए बनने की अहर्ता हासिल कर लेते है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन के बाद दो चरणों की परीक्षाओं और तीन साल का किसी भी प्रतिष्ठित सीए के अधीन प्रैक्टिकल करना अनिवार्य होता है। डॉ. रुवटिया ने बताया कि मेहनत करने वाले बच्चे यह परीक्षा आराम से पास करते है। इस दौरान सीए दिनेश रुवटिया, सीए ओम प्रकाश अग्रवाल, सीए गोपी चंद लोहिया, सीए नितेश माथुर, सीए संजय पाटोदी, सीए मुकेश डालुका ने सीए फाउंडेशन से लेकर एंट्रेंस एग्जाम व प्रेक्टिकल को विस्तार से समझाया। संस्था चेयरमैन डॉ बजरंग सिंह राठौड़ व निदेशक इंजी रणजीत सिंह राठौड़ ने आगंतुक अथितियों का अभिनंदन किया। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कोच्चि मेट्रो का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ 'मेट्रोमैन' ई. श्रीधरन, वेंकैया नायडू भी उपस्थित रहे। उद्घाटन के बाद पीएम ने मेट्रो की सवारी भी की । मेट्रोमैन की उपस्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं गर्म हैं। क्योंकि कहा जा रहा है कि सरकार श्रीधरन को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बना सकती है। उद्घाटन करने के बाद मोदी ने ट्रेन में सवार होने के पहले मुख्यमंत्री और श्रीधरन से हाथ मिलाया। श्रीधरन से मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं क्योंकि आगामी राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनजर इनका नाम भी राष्ट्रपति पद की रेस में चल रहा है।
भाषण के दौरान पीएम मोदी की बड़ी बातेंः
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोच्चि मेट्रो की लकड़ी से बनी आकृति भेंट की।
वेंकैया नायडू ने कहा कि यह केरल सरकार और केंद्र सरकार का ज्वाइंट वेंचर है। कोच्चि मेट्रो के लिए केंद्र सरकार ने 2032. 91 करोड़ रुपये राज्य सरकार को दिए।
मेट्रो में उनके साथ केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और मेट्रोमैन ई. श्रीधरन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद है।
कोच्चि मेट्रो की सवारी कर रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कोच्चि मेट्रो का उद्घाटन किया।
पीएम मोदी कोच्चि मेट्रो के पलरिवतोम स्टेशन पहुंचे।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कोच्चि मेट्रो का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ 'मेट्रोमैन' ई. श्रीधरन, वेंकैया नायडू भी उपस्थित रहे। उद्घाटन के बाद पीएम ने मेट्रो की सवारी भी की । मेट्रोमैन की उपस्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं गर्म हैं। क्योंकि कहा जा रहा है कि सरकार श्रीधरन को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बना सकती है। उद्घाटन करने के बाद मोदी ने ट्रेन में सवार होने के पहले मुख्यमंत्री और श्रीधरन से हाथ मिलाया। श्रीधरन से मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं क्योंकि आगामी राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनजर इनका नाम भी राष्ट्रपति पद की रेस में चल रहा है। भाषण के दौरान पीएम मोदी की बड़ी बातेंः केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोच्चि मेट्रो की लकड़ी से बनी आकृति भेंट की। वेंकैया नायडू ने कहा कि यह केरल सरकार और केंद्र सरकार का ज्वाइंट वेंचर है। कोच्चि मेट्रो के लिए केंद्र सरकार ने दो हज़ार बत्तीस. इक्यानवे करोड़ रुपये राज्य सरकार को दिए। मेट्रो में उनके साथ केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और मेट्रोमैन ई. श्रीधरन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद है। कोच्चि मेट्रो की सवारी कर रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। पीएम नरेंद्र मोदी ने कोच्चि मेट्रो का उद्घाटन किया। पीएम मोदी कोच्चि मेट्रो के पलरिवतोम स्टेशन पहुंचे। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
संसार के महान व प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी ने रिकॉर्ड छठी बार फीफा प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब जीता है. उन्होंने फुटबॉल जगत के महान खिलाड़ी पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो व लिवरपूल के वर्जिल वान दिक को पछाड़ते हुए यह खिताब हासिल की. रोनाल्डो पांच बार यह खिताब अपने नाम कर चुके हैं. मेसी ने पिछले सीजन में बार्सिलोना के साथ स्पेनिश ला लीगा का खिताब जीता था. सभी कॉम्पिटिशन में उन्होंने 58 मैच में कुल 54 गोल किए थे.
मेसी ने पिछली बार 2015 में फीफा प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब जीता था. मेसी ने इससे पहले 2009, 2010, 2011, 2012 व 2015 में यह खिताब जीता था. बीते एक दशक से इस खिताब पर सिर्फ मेसी व रोनाल्डो का ही अतिक्रमण रहा। 2007 में ब्राजील के काका ने यह खिताब जीता था व इसके बाद 2017 तक सिर्फ मेसी व रोनाल्डो के नाम यह खिताब रहा, लेकिन पिछले वर्ष क्रोएशिया के मिडफील्डर लुका मोड्रिच ने इन दोनों दिग्गजों का वर्चस्व समाप्त करते हुए इस खिताब को अपने नाम किया था.
मोड्रिच ने अपनी कप्तानी में टीम को वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचाया था। हालांकि खिताबी मुकाबले में क्रोएशिया को फ्रांस के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था. उधर अमेरिका की मेगन रेपीनो को महिला फुटबॉल के वर्ग में बड़े सम्मान से नवाजा गया. उन्होंने यूएस को महिला दुनिया कप दिलवाने में अहम किरदार निभाई थी.
| संसार के महान व प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी ने रिकॉर्ड छठी बार फीफा प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब जीता है. उन्होंने फुटबॉल जगत के महान खिलाड़ी पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो व लिवरपूल के वर्जिल वान दिक को पछाड़ते हुए यह खिताब हासिल की. रोनाल्डो पांच बार यह खिताब अपने नाम कर चुके हैं. मेसी ने पिछले सीजन में बार्सिलोना के साथ स्पेनिश ला लीगा का खिताब जीता था. सभी कॉम्पिटिशन में उन्होंने अट्ठावन मैच में कुल चौवन गोल किए थे. मेसी ने पिछली बार दो हज़ार पंद्रह में फीफा प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब जीता था. मेसी ने इससे पहले दो हज़ार नौ, दो हज़ार दस, दो हज़ार ग्यारह, दो हज़ार बारह व दो हज़ार पंद्रह में यह खिताब जीता था. बीते एक दशक से इस खिताब पर सिर्फ मेसी व रोनाल्डो का ही अतिक्रमण रहा। दो हज़ार सात में ब्राजील के काका ने यह खिताब जीता था व इसके बाद दो हज़ार सत्रह तक सिर्फ मेसी व रोनाल्डो के नाम यह खिताब रहा, लेकिन पिछले वर्ष क्रोएशिया के मिडफील्डर लुका मोड्रिच ने इन दोनों दिग्गजों का वर्चस्व समाप्त करते हुए इस खिताब को अपने नाम किया था. मोड्रिच ने अपनी कप्तानी में टीम को वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचाया था। हालांकि खिताबी मुकाबले में क्रोएशिया को फ्रांस के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था. उधर अमेरिका की मेगन रेपीनो को महिला फुटबॉल के वर्ग में बड़े सम्मान से नवाजा गया. उन्होंने यूएस को महिला दुनिया कप दिलवाने में अहम किरदार निभाई थी. |
Messi की टीम अर्जेंटीना के खिलाफ सऊदी अरब (Argentina v Saudi Arabia) ने फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World CUp) में बड़ा उलटफेर करते हुए 1-2 से हरा दिया. हालांकि शुरूआत में मेस्सी ने गोल करके अपनी टीम को बढ़त दिला दी थी लेकिन इसके बाद सऊदी अरब के लिए सालेह अलशेहरी और सलेम अल-दावसारी ने गोल करके टीम को बढ़त दिलाई और ऐतिहासिक जीत दिला दी. अर्जेंटीना की हार ने फुटबॉल के फैन्स को भी चौंका दिया. बता दें कि सऊदी अरब की इस शानदार जीत के बाद इस देश के फैन्स अपनी खुशी नहीं छूपा पा रहे हैं. दरअसल, एक वीडियो सामने आया है जिसमें सऊदी अरब के फैन्स ने रोनाल्डो के जश्न के जैसा जश्न मनाकर इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साऊदी के फैन्स उसी अंदाज में जश्न मनाते दिख रहे हैं जिस अंदाज में रोनाल्डो गोल करने के बाद अपने साथियों के साथ जश्न मनाते हैं.
रोनाल्डो द्वारा एक अलग तरह का जश्न मनाया जाता है जिसमें खिलाड़ी गोल करने के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर ऊंची छलांग लगाता है और मध्य हवा में "सिउ! कहकर चिल्लाता है. "सिउ! " इसका मतलब स्पेनिश में 'हां' होता है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है.
भले ही लियोनल मेसी की टीम को हार का सामना करना पड़ा है लेकिन उन्होंने इस मैच में एक गोल करके एक खास रिकॉर्ड भी बना दिया. दरअसल, मेसी अब क्रिस्टियानो रोनाल्डो के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. बता दें कि मेसी अर्जेंटीना के लिए चार अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। . यह उनका पांचवां वर्ल्ड कप है. वहीं मेसी फुटबॉल इतिहास में पांचवें ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने चार अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल किया है, ऐसा कर मेसी ने ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले, जर्मनी के उवे सीलर, मिरोस्लाव क्लोज और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो की बराबरी कर अपने नाम के आगे एक और रिकॉर्ड दर्ज कर दिया है.
| Messi की टीम अर्जेंटीना के खिलाफ सऊदी अरब ने फीफा वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर करते हुए एक-दो से हरा दिया. हालांकि शुरूआत में मेस्सी ने गोल करके अपनी टीम को बढ़त दिला दी थी लेकिन इसके बाद सऊदी अरब के लिए सालेह अलशेहरी और सलेम अल-दावसारी ने गोल करके टीम को बढ़त दिलाई और ऐतिहासिक जीत दिला दी. अर्जेंटीना की हार ने फुटबॉल के फैन्स को भी चौंका दिया. बता दें कि सऊदी अरब की इस शानदार जीत के बाद इस देश के फैन्स अपनी खुशी नहीं छूपा पा रहे हैं. दरअसल, एक वीडियो सामने आया है जिसमें सऊदी अरब के फैन्स ने रोनाल्डो के जश्न के जैसा जश्न मनाकर इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साऊदी के फैन्स उसी अंदाज में जश्न मनाते दिख रहे हैं जिस अंदाज में रोनाल्डो गोल करने के बाद अपने साथियों के साथ जश्न मनाते हैं. रोनाल्डो द्वारा एक अलग तरह का जश्न मनाया जाता है जिसमें खिलाड़ी गोल करने के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर ऊंची छलांग लगाता है और मध्य हवा में "सिउ! कहकर चिल्लाता है. "सिउ! " इसका मतलब स्पेनिश में 'हां' होता है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है. भले ही लियोनल मेसी की टीम को हार का सामना करना पड़ा है लेकिन उन्होंने इस मैच में एक गोल करके एक खास रिकॉर्ड भी बना दिया. दरअसल, मेसी अब क्रिस्टियानो रोनाल्डो के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. बता दें कि मेसी अर्जेंटीना के लिए चार अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। . यह उनका पांचवां वर्ल्ड कप है. वहीं मेसी फुटबॉल इतिहास में पांचवें ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने चार अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल किया है, ऐसा कर मेसी ने ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले, जर्मनी के उवे सीलर, मिरोस्लाव क्लोज और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो की बराबरी कर अपने नाम के आगे एक और रिकॉर्ड दर्ज कर दिया है. |
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA के 77वें सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही दोनों देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए भारत जल्द जी-20 और आतंकवाद से निपटने वाली कमेटी की अध्यक्षता करने जा रहा है।
उन्होंने कहा- कोई भी बयानबाजी करके अपनी करतूत नहीं छिपा सकता है। उनका ये बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के 'आर्टिकल 370' पर दिए गए बयान के बाद सामने आया। दरअसल, पाकिस्तान के PM शाहबाज ने कहा था- जम्मू कश्मीर को हिंदू टेरेटरी बनाने की साजिश हो रही है। भारत ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बदलने के लिए 5 अगस्त 2019 को एकतरफा कदम उठाया। भारत के फैसले से समाधान और मुश्किल हो गया है।
उन्होंने कहा- संयुक्त राष्ट्र अपराधियों पर प्रतिबंध लगाकर आतंकवाद का जवाब देता है। UN सुरक्षा परिषद 1267 समिति (सैंक्शन रिजीम) के तहत आतंकियों पर प्रतिबंध लगाता है। जो देश UNSC की 1267 समिति का राजनीतिकरण और संयुक्त राष्ट्र में घोषित आतंकवादियों का बचाव करते हैं वो अपने जोखिम पर ऐसा करते हैं। ऐसा करके वो अपनी रेपुटेशन नहीं सुधार सकते हैं। यहां उनका इशारा चीन और पाकिस्तान की ओर था। चीन ने कई बार पाकिस्तान के आतंकवादियों को सुरक्षा परिषद की ग्लोबल टेरेरिस्ट लिस्ट में शामिल करने पर अड़ंगा लगाया है।
एस जयशंकर ने कहा- हमें आतंकवाद बर्दाश्त नहीं है। आतंकवाद फैलाने और आतंकियों को पनाह देने वाले देशों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने 16 मिनट तक दिए भाषण की शुरुआत करते हुए कहा- मैं दुनिया के सबसे बड़े डेमोक्रेटिक देश से 1. 3 बिलियन लोगों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह नया भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में अपने विकास को लेकर प्रतिबद्ध है।
जयशंकर ने रूस-यूक्रेन जंग का जिक्र करते हुए कहा- यूक्रेन संघर्ष को लेकर हमसे पूछा जाता है कि हम किस के पक्ष में हैं और हमारा जवाब हर बार सीधा और ईमानदार होता है। भारत शांति के पक्ष में है। हम उस पक्ष में हैं जो बातचीत और कूटनीति को ही एकमात्र रास्ता बताता है।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA के सतहत्तरवें सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही दोनों देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए भारत जल्द जी-बीस और आतंकवाद से निपटने वाली कमेटी की अध्यक्षता करने जा रहा है। उन्होंने कहा- कोई भी बयानबाजी करके अपनी करतूत नहीं छिपा सकता है। उनका ये बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के 'आर्टिकल तीन सौ सत्तर' पर दिए गए बयान के बाद सामने आया। दरअसल, पाकिस्तान के PM शाहबाज ने कहा था- जम्मू कश्मीर को हिंदू टेरेटरी बनाने की साजिश हो रही है। भारत ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बदलने के लिए पाँच अगस्त दो हज़ार उन्नीस को एकतरफा कदम उठाया। भारत के फैसले से समाधान और मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा- संयुक्त राष्ट्र अपराधियों पर प्रतिबंध लगाकर आतंकवाद का जवाब देता है। UN सुरक्षा परिषद एक हज़ार दो सौ सरसठ समिति के तहत आतंकियों पर प्रतिबंध लगाता है। जो देश UNSC की एक हज़ार दो सौ सरसठ समिति का राजनीतिकरण और संयुक्त राष्ट्र में घोषित आतंकवादियों का बचाव करते हैं वो अपने जोखिम पर ऐसा करते हैं। ऐसा करके वो अपनी रेपुटेशन नहीं सुधार सकते हैं। यहां उनका इशारा चीन और पाकिस्तान की ओर था। चीन ने कई बार पाकिस्तान के आतंकवादियों को सुरक्षा परिषद की ग्लोबल टेरेरिस्ट लिस्ट में शामिल करने पर अड़ंगा लगाया है। एस जयशंकर ने कहा- हमें आतंकवाद बर्दाश्त नहीं है। आतंकवाद फैलाने और आतंकियों को पनाह देने वाले देशों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने सोलह मिनट तक दिए भाषण की शुरुआत करते हुए कहा- मैं दुनिया के सबसे बड़े डेमोक्रेटिक देश से एक. तीन बिलियन लोगों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह नया भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में अपने विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। जयशंकर ने रूस-यूक्रेन जंग का जिक्र करते हुए कहा- यूक्रेन संघर्ष को लेकर हमसे पूछा जाता है कि हम किस के पक्ष में हैं और हमारा जवाब हर बार सीधा और ईमानदार होता है। भारत शांति के पक्ष में है। हम उस पक्ष में हैं जो बातचीत और कूटनीति को ही एकमात्र रास्ता बताता है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
PATNA : राजधानी पटना में लुटेरों को पकड़ने के लिए गाड़ी का पीछा कर रही पुलिस की वैन का एक्सीडेंट हो गया है. इस हादसे में पुलिस की दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं. एक्सीडेंट में थानेदार और चार पुलिसवालों को गंभीर चोटे आई हैं. सभी जख्मी पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.
यह हादसा पटना के बिहटा में हुआ है. बिहटा में अपराधी का पीछा करने के दौरान पुलिस गाड़ी रोड एक्सीडेंट का शिकयर हो गई है. जिसमें थाना प्रभारी और 4 सिपाही घायल हो गए हैं. जख्मी हालत में पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि बिहटा थाना की पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी भाग रहे हैं. सूचना के आधार पर बिहटा थानाध्यक्ष ऋतुराज अपने दल बल के साथ अपराधी का पीछा करने निकल गये.
पीछा करने के दौरान जिनपुरा मोड़ के पास बिहटा थाना की जिप्सी सहित दो वाहनों का एक्सीडेंट हो गया. बताया जा रहा है कि पीछा करने के दौरान अचानक जिप्सी का बैलेंस गड़बड़ा गया. जिससे जिप्सी और बोलेरो दुर्घटना का शिकार हुआ. दुर्घटना में थानाध्यक्ष के हाथ में गंभीर चोट आई हैं. साथ ही गाड़ी चालक के सीने में चोट लगी है. सिपाही को भी गंभीर चोटें आई है. सभी घायलों को निजी नर्सिंग होम में एडमिट किय गया है.
घायलों में बिहटा थानाध्यक्ष ऋतुराज सिंह, ड्राईवर संजीत कुमार, गार्ड रमाकांत कुमार और बिंदु व राहुल शामिल हैं. दुर्घटना के बाद हल्के रुप से जख्मी जवानों ने गंभीर चोट से जूझ रहे सहकर्मियों को अस्पताल लेकर गये. हालांकि इस मामले में कोई अधिकारी अभी कुछ बताने से परहेज कर रहे हैं.
| PATNA : राजधानी पटना में लुटेरों को पकड़ने के लिए गाड़ी का पीछा कर रही पुलिस की वैन का एक्सीडेंट हो गया है. इस हादसे में पुलिस की दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं. एक्सीडेंट में थानेदार और चार पुलिसवालों को गंभीर चोटे आई हैं. सभी जख्मी पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. यह हादसा पटना के बिहटा में हुआ है. बिहटा में अपराधी का पीछा करने के दौरान पुलिस गाड़ी रोड एक्सीडेंट का शिकयर हो गई है. जिसमें थाना प्रभारी और चार सिपाही घायल हो गए हैं. जख्मी हालत में पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि बिहटा थाना की पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी भाग रहे हैं. सूचना के आधार पर बिहटा थानाध्यक्ष ऋतुराज अपने दल बल के साथ अपराधी का पीछा करने निकल गये. पीछा करने के दौरान जिनपुरा मोड़ के पास बिहटा थाना की जिप्सी सहित दो वाहनों का एक्सीडेंट हो गया. बताया जा रहा है कि पीछा करने के दौरान अचानक जिप्सी का बैलेंस गड़बड़ा गया. जिससे जिप्सी और बोलेरो दुर्घटना का शिकार हुआ. दुर्घटना में थानाध्यक्ष के हाथ में गंभीर चोट आई हैं. साथ ही गाड़ी चालक के सीने में चोट लगी है. सिपाही को भी गंभीर चोटें आई है. सभी घायलों को निजी नर्सिंग होम में एडमिट किय गया है. घायलों में बिहटा थानाध्यक्ष ऋतुराज सिंह, ड्राईवर संजीत कुमार, गार्ड रमाकांत कुमार और बिंदु व राहुल शामिल हैं. दुर्घटना के बाद हल्के रुप से जख्मी जवानों ने गंभीर चोट से जूझ रहे सहकर्मियों को अस्पताल लेकर गये. हालांकि इस मामले में कोई अधिकारी अभी कुछ बताने से परहेज कर रहे हैं. |
Hema Malini Birthday Special: बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल यानी हेमा मालिनी की लव स्टोरी काफी दिलचस्प है. धर्मेंद्र और हेमा मालिनी इंडस्ट्री की पॉपुलर जोड़ी में से एक हैं लेकिन इनकी शादी में बहुत मुश्किलें भी आईं. इन्होंने प्यार तो कर लिया लेकिन समाज की कई बंदिशों को तोड़कर इन्होंने जो कदम उठाया वो हर किसी के बस की बात नहीं है. हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की उम्र में लगभग 15 साल का डिफ्रेंस है लेकिन फिर भी इन्होंने हर बंदिशों को तोड़ा और प्यार में शादी की मंजिल को पा ही लिया. चलिए बताते हैं कैसी रही इनकी लव स्टोरी?
कैसी है हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की लव स्टोरी?
साल 1970 में फिल्म तुम हसीन मैं जवान के सेट पर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की पहली मुलाकात हुई थी. धर्मेंद्र पहली नजर में हेमा के दीवाने हो गए थे लेकिन हेमा उनके में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती थीं क्योंकि धर्मेंद्र शादीशुदा थे. हेमा को उन दिनों कई एक्टर्स पसंद करते थे उनमें से एक जितेंद्र भी थे.
खबरों के मुताबिक, जितेंद्र के साथ तो उनकी शादी भी तय हो गई थी और सगाई के दिन धर्मेंद्र सगाई रुकवाने पहुंच गए थे. बाद में हेमा मालिनी को लगा कि अब धर्मेंद्र नहीं मानेंगे तो उन्हें अपने प्यार को स्वीकार करना पड़ा.
यह भी पढ़ेंः Bigg Boss 16: 'शर्ट निकालने पर मजबूर मत करो', शालिन भनोट से ऐसा क्यों बोले सलमान खान?
सिमी ग्रेवाल के इंटरव्यू में हेमा मालिनी न कहा था कि वे पहले धर्मेंद्र में दिलचस्पी नहीं दिखाती थीं लेकिन उनसे प्यार होने के बाद भी वे शादीशुदा के साथ शादी नहीं करना चाहती थीं. जब हेमा मालिनी मान गईं तो उनके माता-पिता नहीं माने. उन्हें धर्मेंद्र की पहली शादी और 4 बच्चों से एतराज था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मेंद्र की शादी प्रकाश कौर से 19 साल की उम्र में गांव में ही हो गई थी. प्रकाश कौर से उन्हें 4 बच्चे थे इसलिए उन्होंने धर्मेंद्र को तलाक देने से मना कर दिया.
मगर धर्मेंद्र ठान चुके थे कि वे हेमा मालिनी से शादी करेंगे. इसलिए उन्होंने धर्म परिवर्तन करके इस्लाम कबूल किया और प्रकाश कौर को तलाक दिए बिना हेमा मालिनी के साथ दूसरी शादी कर ली थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक धर्मेंद्र का इस्लामिक नाम दिलावर खां केवल कृष्ण है तो वहीं हेमा मालिनी का इस्लामिक नाम आएशा बी आर चक्रवर्ती रखा था. उनकी दूसरी शादी साल 1980 में हुई थी जिसके बाद ये कपल दो बेटियों के माता-पिता बने.
| Hema Malini Birthday Special: बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल यानी हेमा मालिनी की लव स्टोरी काफी दिलचस्प है. धर्मेंद्र और हेमा मालिनी इंडस्ट्री की पॉपुलर जोड़ी में से एक हैं लेकिन इनकी शादी में बहुत मुश्किलें भी आईं. इन्होंने प्यार तो कर लिया लेकिन समाज की कई बंदिशों को तोड़कर इन्होंने जो कदम उठाया वो हर किसी के बस की बात नहीं है. हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की उम्र में लगभग पंद्रह साल का डिफ्रेंस है लेकिन फिर भी इन्होंने हर बंदिशों को तोड़ा और प्यार में शादी की मंजिल को पा ही लिया. चलिए बताते हैं कैसी रही इनकी लव स्टोरी? कैसी है हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की लव स्टोरी? साल एक हज़ार नौ सौ सत्तर में फिल्म तुम हसीन मैं जवान के सेट पर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की पहली मुलाकात हुई थी. धर्मेंद्र पहली नजर में हेमा के दीवाने हो गए थे लेकिन हेमा उनके में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती थीं क्योंकि धर्मेंद्र शादीशुदा थे. हेमा को उन दिनों कई एक्टर्स पसंद करते थे उनमें से एक जितेंद्र भी थे. खबरों के मुताबिक, जितेंद्र के साथ तो उनकी शादी भी तय हो गई थी और सगाई के दिन धर्मेंद्र सगाई रुकवाने पहुंच गए थे. बाद में हेमा मालिनी को लगा कि अब धर्मेंद्र नहीं मानेंगे तो उन्हें अपने प्यार को स्वीकार करना पड़ा. यह भी पढ़ेंः Bigg Boss सोलह: 'शर्ट निकालने पर मजबूर मत करो', शालिन भनोट से ऐसा क्यों बोले सलमान खान? सिमी ग्रेवाल के इंटरव्यू में हेमा मालिनी न कहा था कि वे पहले धर्मेंद्र में दिलचस्पी नहीं दिखाती थीं लेकिन उनसे प्यार होने के बाद भी वे शादीशुदा के साथ शादी नहीं करना चाहती थीं. जब हेमा मालिनी मान गईं तो उनके माता-पिता नहीं माने. उन्हें धर्मेंद्र की पहली शादी और चार बच्चों से एतराज था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मेंद्र की शादी प्रकाश कौर से उन्नीस साल की उम्र में गांव में ही हो गई थी. प्रकाश कौर से उन्हें चार बच्चे थे इसलिए उन्होंने धर्मेंद्र को तलाक देने से मना कर दिया. मगर धर्मेंद्र ठान चुके थे कि वे हेमा मालिनी से शादी करेंगे. इसलिए उन्होंने धर्म परिवर्तन करके इस्लाम कबूल किया और प्रकाश कौर को तलाक दिए बिना हेमा मालिनी के साथ दूसरी शादी कर ली थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक धर्मेंद्र का इस्लामिक नाम दिलावर खां केवल कृष्ण है तो वहीं हेमा मालिनी का इस्लामिक नाम आएशा बी आर चक्रवर्ती रखा था. उनकी दूसरी शादी साल एक हज़ार नौ सौ अस्सी में हुई थी जिसके बाद ये कपल दो बेटियों के माता-पिता बने. |
जोशी ने पीटीआई (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया) कर्मचारी संघ के 'ऑल इंडिया फेडरेशन' की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के प्रसार के चलते मीडिया की विश्वसनीयता बहुत बदल गयी है। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों पर लोकतंत्र खड़ा है अगर उन्हें ही कमजोर कर दिया गया तो लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता।
उन्होंने मीडिया के लोगों को एकजुट होने तथा लोकतंत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने की अपील की।
समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष अर्चना शर्मा ने कहा कि वर्तमान संदर्भ में समाचारों का स्वरूप बदल गया है। उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मियों ने (कोविड-19) महामारी की दूसरी लहर के दौरान गंगा में तैरते शवों, अस्पतालों और अन्य स्थानों पर लोगों की स्थिति आदि पर खबरें देते हुए अपनी जान को खतरे में डाला।
शर्मा ने कहा कि यह सभी के लिए जरूरी है कि खबरों की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बरकरार रहे।
पीटीआई कर्मचारी संघ के 'ऑल इंडिया फेडरेशन' के महासचिव एम एस यादव ने मीडिया के समक्ष मौजूद चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और अन्य मीडिया कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।
वार्षिक आम बैठक के एक अन्य सत्र को संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने कहा कि गहलोत सरकार पत्रकारों सहित समाज के सभी वर्गों के हित में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना करने का मीडिया का अधिकार बरकरार रहना चाहिए।
| जोशी ने पीटीआई कर्मचारी संघ के 'ऑल इंडिया फेडरेशन' की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के प्रसार के चलते मीडिया की विश्वसनीयता बहुत बदल गयी है। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों पर लोकतंत्र खड़ा है अगर उन्हें ही कमजोर कर दिया गया तो लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता। उन्होंने मीडिया के लोगों को एकजुट होने तथा लोकतंत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने की अपील की। समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष अर्चना शर्मा ने कहा कि वर्तमान संदर्भ में समाचारों का स्वरूप बदल गया है। उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मियों ने महामारी की दूसरी लहर के दौरान गंगा में तैरते शवों, अस्पतालों और अन्य स्थानों पर लोगों की स्थिति आदि पर खबरें देते हुए अपनी जान को खतरे में डाला। शर्मा ने कहा कि यह सभी के लिए जरूरी है कि खबरों की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बरकरार रहे। पीटीआई कर्मचारी संघ के 'ऑल इंडिया फेडरेशन' के महासचिव एम एस यादव ने मीडिया के समक्ष मौजूद चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और अन्य मीडिया कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए। वार्षिक आम बैठक के एक अन्य सत्र को संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने कहा कि गहलोत सरकार पत्रकारों सहित समाज के सभी वर्गों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना करने का मीडिया का अधिकार बरकरार रहना चाहिए। |
स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः द एलिफेंट व्हिस्पर्स ने शॉर्ट फिल्म डॉक्यूमेंट्री कैटेगरी में ऑस्कर अवॉर्ड हासिल किया है, इस फिल्म ने पूरे विश्व में देश का गौरव बढ़ाया है। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक मौका है। फिल्म के ऑस्कर अवॉर्ड की जीत पर निर्माता गुनीत मोंगा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पुरस्कार के साथ तस्वीर साझा की है। गुनीत मोंगा ने तस्वीर को साझा करते हुए लिखा-रात ऐतिहासिक है क्योंकि यह किसी भारतीय प्रोडक्शन के लिए अब तक का पहला ऑस्कर है।
| स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः द एलिफेंट व्हिस्पर्स ने शॉर्ट फिल्म डॉक्यूमेंट्री कैटेगरी में ऑस्कर अवॉर्ड हासिल किया है, इस फिल्म ने पूरे विश्व में देश का गौरव बढ़ाया है। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक मौका है। फिल्म के ऑस्कर अवॉर्ड की जीत पर निर्माता गुनीत मोंगा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पुरस्कार के साथ तस्वीर साझा की है। गुनीत मोंगा ने तस्वीर को साझा करते हुए लिखा-रात ऐतिहासिक है क्योंकि यह किसी भारतीय प्रोडक्शन के लिए अब तक का पहला ऑस्कर है। |
DESK. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक मोटर दुर्घटना के मामले में देय मुआवजे को 50 लाख रुपये कर दिया, जहां एक व्यक्ति को 2010 में 5 साल के लड़के के रूप में दुर्घटना के बाद लकवा मार गया था। बेंच ने 49,93,000 रुपए पर 7. 5 % प्रति वर्ष ब्याज के साथ देय मुआवजे का निर्धारण करते हुए कहा, "मानसिक और शारीरिक नुकसान की गणना पैसे के संदर्भ में नहीं की जा सकती है, लेकिन पीड़ित को मुआवजे के भुगतान के अलावा कोई अन्य तरीका नहीं है। "
न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली पीड़ित द्वारा दायर एक अपील पर विचार कर रही थी, जिसने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा प्रदान किए गए मुआवजे को 18,24,000 रुपये की राशि से घटाकर 13,46,805 रुपये कर दिया। पीठ ने 10,00,000 रुपये की राशि अपीलकर्ता के पिता को वितरित करने और शेष राशि को एक या अधिक सावधि जमा रसीदों में निवेश करने का निर्देश दिया है ताकि ब्याज की अधिकतम दर को आकर्षित किया जा सके।
बेंच ने निम्नलिखित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मुआवजे में वृद्धि की हैः - अपीलकर्ता की शारीरिक स्थिति को देखते हुए वह अपने पूरे जीवन के लिए एक परिचारक का हकदार है और वह सहायक उपकरण की सहायता से चलने में सक्षम हो सकता है। हालांकि, यह देखते हुए कि डिवाइस को हर 5 साल में बदलने की आवश्यकता होती है, कोर्ट ने 2 उपकरणों की लागत यानी 10 लाख रुपये का अवार्ड देना उचित पाया। - अदालत के अनुसार, अपीलकर्ता ने न केवल अपना बचपन बल्कि वयस्क जीवन भी खो दिया है, इसलिए, विवाह की संभावनाओं के नुकसान को भी सम्मानित किया जाना है।
| DESK. सुप्रीम कोर्ट ने एक मोटर दुर्घटना के मामले में देय मुआवजे को पचास लाख रुपये कर दिया, जहां एक व्यक्ति को दो हज़ार दस में पाँच साल के लड़के के रूप में दुर्घटना के बाद लकवा मार गया था। बेंच ने उनचास,तिरानवे,शून्य रुपयापए पर सात. पाँच % प्रति वर्ष ब्याज के साथ देय मुआवजे का निर्धारण करते हुए कहा, "मानसिक और शारीरिक नुकसान की गणना पैसे के संदर्भ में नहीं की जा सकती है, लेकिन पीड़ित को मुआवजे के भुगतान के अलावा कोई अन्य तरीका नहीं है। " न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली पीड़ित द्वारा दायर एक अपील पर विचार कर रही थी, जिसने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा प्रदान किए गए मुआवजे को अट्ठारह,चौबीस,शून्य रुपयापये की राशि से घटाकर तेरह,छियालीस,आठ सौ पाँच रुपयापये कर दिया। पीठ ने दस,शून्य,शून्य रुपयापये की राशि अपीलकर्ता के पिता को वितरित करने और शेष राशि को एक या अधिक सावधि जमा रसीदों में निवेश करने का निर्देश दिया है ताकि ब्याज की अधिकतम दर को आकर्षित किया जा सके। बेंच ने निम्नलिखित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मुआवजे में वृद्धि की हैः - अपीलकर्ता की शारीरिक स्थिति को देखते हुए वह अपने पूरे जीवन के लिए एक परिचारक का हकदार है और वह सहायक उपकरण की सहायता से चलने में सक्षम हो सकता है। हालांकि, यह देखते हुए कि डिवाइस को हर पाँच साल में बदलने की आवश्यकता होती है, कोर्ट ने दो उपकरणों की लागत यानी दस लाख रुपये का अवार्ड देना उचित पाया। - अदालत के अनुसार, अपीलकर्ता ने न केवल अपना बचपन बल्कि वयस्क जीवन भी खो दिया है, इसलिए, विवाह की संभावनाओं के नुकसान को भी सम्मानित किया जाना है। |
रूस के हमलों से गुरुवार को यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहर कांप उठे। कीव में चार शक्तिशाली धमाके हुए जिनकी गूंज जमीन के नीचे बने बंकरों तक सुनी गई। उत्तरी शहर चेर्निहिव में 33 नागरिकों के मारे जाने की खबर है। ऑयल डिपो भी जलकर खाक हो गया। भारी बमबारी के बाद मारियुपोल में भी बड़े स्तर पर लोग हताहत हुए हैं। वहीं, खारकिव और अन्य शहरों व कस्बों में रूसी मिसाइलें, गोले और रॉकेट लगातार आवासीय भवनों और शहर के प्रमुख केंद्रों को निशाना बना रहे हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में एक भारतीय छात्र की जान जाने के कुछ दिनों बाद यूक्रेन की राजधानी कीव में एक और भारतीय छात्र को गोली लगी है। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के राज्य मंत्री (MoS) जनरल वीके सिंह ने गुरुवार को पोलैंड के रेज़ज़ो हवाई अड्डे पर इसकी जानकारी दी।
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग का सीधा असर भारत पर भी दिखने लगा है। यूक्रेन में छिड़ी जंग में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई थी। मृतक छात्र की पहचान कर्नाटक के रहने वाले नवीन के तौर पर हुई थी। बताया गया कि कर्नाटक का रहने वाला नवीन गवर्नर हाउस के पास कुछ अन्य लोगों के साथ खाने का सामान लेने के लिए स्टोर के पास खड़ा था, उसी वक्त वह रूसी सैनिकों की गोलीबारी की चपेट में आ गया।
| रूस के हमलों से गुरुवार को यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहर कांप उठे। कीव में चार शक्तिशाली धमाके हुए जिनकी गूंज जमीन के नीचे बने बंकरों तक सुनी गई। उत्तरी शहर चेर्निहिव में तैंतीस नागरिकों के मारे जाने की खबर है। ऑयल डिपो भी जलकर खाक हो गया। भारी बमबारी के बाद मारियुपोल में भी बड़े स्तर पर लोग हताहत हुए हैं। वहीं, खारकिव और अन्य शहरों व कस्बों में रूसी मिसाइलें, गोले और रॉकेट लगातार आवासीय भवनों और शहर के प्रमुख केंद्रों को निशाना बना रहे हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में एक भारतीय छात्र की जान जाने के कुछ दिनों बाद यूक्रेन की राजधानी कीव में एक और भारतीय छात्र को गोली लगी है। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने गुरुवार को पोलैंड के रेज़ज़ो हवाई अड्डे पर इसकी जानकारी दी। रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग का सीधा असर भारत पर भी दिखने लगा है। यूक्रेन में छिड़ी जंग में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई थी। मृतक छात्र की पहचान कर्नाटक के रहने वाले नवीन के तौर पर हुई थी। बताया गया कि कर्नाटक का रहने वाला नवीन गवर्नर हाउस के पास कुछ अन्य लोगों के साथ खाने का सामान लेने के लिए स्टोर के पास खड़ा था, उसी वक्त वह रूसी सैनिकों की गोलीबारी की चपेट में आ गया। |
कैथल, 7 जून (हप्र)
कैथल कांग्रेस समर्थित नगर परिषद के चेयरपर्सन उम्मीदवार आदर्श थरेजा ने आज पिहोवा चौक पर चुनावी कार्यालय का शुभारंभ किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुदीप सुरजेवाला विशेष तौर से इस समारोह में उपस्थित रहे। हवन यज्ञ कर चुनावी कार्यालय का मिठाई बांटकर शुरुआत की गई। सुदीप सुरजेवाला ने चेयरपर्सन उम्मीदवार आदर्श थरेजा को शुभकामनाएं दी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं व रणदीप सुरजेवाला के समर्थकों को खुद रणदीप बनकर चुनाव में आदर्श थरेजा को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। सुदीप ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता और कैथल की जनता आदर्श थरेजा के चुनाव प्रचार में 31 वार्डों के कोने-कोने तक अपनी हाजिरी दे रहे हैं और कैथल शहर की तरक्की व विकास के लिए आदर्श थरेजा के समर्थन में जनता से वोटों की अपील कर रहे हैं। नगर परिषद की चेयरपर्सन उम्मीदवार आदर्श थरेजा व डॉ पवन थरेजा ने कहा कि कैथल की तरक्की व विकास का अगर कोई निर्माता है तो वो रणदीप सुरजेवाला हैं। सुरजेवाला हमेशा 36 बिरादरी को साथ लेकर चले हैं। इस अवसर पर सुधीर मेहता, रामनिवास मित्तल, अश्विनी शोरेवाला, नरेश बतरा, कविराज शर्मा, जोगेंद्र मेहता, प्रदर्शन परुथी, महेन्द्र खन्ना, सुषमा कपूर, सोनू सेठ, कृष्ण नारंग, कृष्ण गांधी, सुरेन्द्र कत्याल, धर्मवीर कैमिस्ट, तुषांत मक्कड़, राहुल शर्मा, पुनीत मल्होत्रा, सुशीला शर्मा, शमशेर फौजी, टेकचंद वर्मा, दिनेश शर्मा मौजूद थे।
| कैथल, सात जून कैथल कांग्रेस समर्थित नगर परिषद के चेयरपर्सन उम्मीदवार आदर्श थरेजा ने आज पिहोवा चौक पर चुनावी कार्यालय का शुभारंभ किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुदीप सुरजेवाला विशेष तौर से इस समारोह में उपस्थित रहे। हवन यज्ञ कर चुनावी कार्यालय का मिठाई बांटकर शुरुआत की गई। सुदीप सुरजेवाला ने चेयरपर्सन उम्मीदवार आदर्श थरेजा को शुभकामनाएं दी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं व रणदीप सुरजेवाला के समर्थकों को खुद रणदीप बनकर चुनाव में आदर्श थरेजा को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। सुदीप ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता और कैथल की जनता आदर्श थरेजा के चुनाव प्रचार में इकतीस वार्डों के कोने-कोने तक अपनी हाजिरी दे रहे हैं और कैथल शहर की तरक्की व विकास के लिए आदर्श थरेजा के समर्थन में जनता से वोटों की अपील कर रहे हैं। नगर परिषद की चेयरपर्सन उम्मीदवार आदर्श थरेजा व डॉ पवन थरेजा ने कहा कि कैथल की तरक्की व विकास का अगर कोई निर्माता है तो वो रणदीप सुरजेवाला हैं। सुरजेवाला हमेशा छत्तीस बिरादरी को साथ लेकर चले हैं। इस अवसर पर सुधीर मेहता, रामनिवास मित्तल, अश्विनी शोरेवाला, नरेश बतरा, कविराज शर्मा, जोगेंद्र मेहता, प्रदर्शन परुथी, महेन्द्र खन्ना, सुषमा कपूर, सोनू सेठ, कृष्ण नारंग, कृष्ण गांधी, सुरेन्द्र कत्याल, धर्मवीर कैमिस्ट, तुषांत मक्कड़, राहुल शर्मा, पुनीत मल्होत्रा, सुशीला शर्मा, शमशेर फौजी, टेकचंद वर्मा, दिनेश शर्मा मौजूद थे। |
सदर तहसील के कस्बा राजा का ताल में नौजवानों ने कोरोना महामारी को लेकर जागरूकता दिखाई। उन्होंने सदर बाजार में मुख्य सड़क से जुड़े कई गली मोहल्लों को बैरिकेटिंग कर सील कर दिया। बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति मोहल्ले में प्रवेश न कर सकेगा।
शनिवार को कस्बा राजा का ताल में जैन वीर मंडल संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ आसपास के अनेक नौजवान एकत्रित हुए। उन्होंने अपने अपने मोहल्लों के बाहर बैरिकेटिंग करने की योजना बनाई। इसके बाद युवाओं ने स्वयं बांस-बल्ली लाकर सदर बाजार की मुख्य सड़क को जोड़ने वाले कई मोहल्लों की बाहर से बैरिकेडिंग कर दी।
यही नहीं उन्होंने एक एक बैरिकेटिंग पर दो-दो युवाओं की ड्यूटी लगा ली गई। बाहर से आने वाला व्यक्ति मोहल्ले में आता है तो वे उसे बाहर ही रोक रहे थे और समझा-बुझाकर बाहरी लोगों को अपने घर वापस भेज रहे हैं। सुविधि जैन, आशीष जैन, मनोज बघेल, अमित जैन, संभव जैन, रजत जैन, राजेश जैन, प्रवीण जैन, बच्चू सिंह कुशवाह आदि ने बैरिकेडिंग की है।
| सदर तहसील के कस्बा राजा का ताल में नौजवानों ने कोरोना महामारी को लेकर जागरूकता दिखाई। उन्होंने सदर बाजार में मुख्य सड़क से जुड़े कई गली मोहल्लों को बैरिकेटिंग कर सील कर दिया। बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति मोहल्ले में प्रवेश न कर सकेगा। शनिवार को कस्बा राजा का ताल में जैन वीर मंडल संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ आसपास के अनेक नौजवान एकत्रित हुए। उन्होंने अपने अपने मोहल्लों के बाहर बैरिकेटिंग करने की योजना बनाई। इसके बाद युवाओं ने स्वयं बांस-बल्ली लाकर सदर बाजार की मुख्य सड़क को जोड़ने वाले कई मोहल्लों की बाहर से बैरिकेडिंग कर दी। यही नहीं उन्होंने एक एक बैरिकेटिंग पर दो-दो युवाओं की ड्यूटी लगा ली गई। बाहर से आने वाला व्यक्ति मोहल्ले में आता है तो वे उसे बाहर ही रोक रहे थे और समझा-बुझाकर बाहरी लोगों को अपने घर वापस भेज रहे हैं। सुविधि जैन, आशीष जैन, मनोज बघेल, अमित जैन, संभव जैन, रजत जैन, राजेश जैन, प्रवीण जैन, बच्चू सिंह कुशवाह आदि ने बैरिकेडिंग की है। |
नई दिल्लीः
बॉलीवुड में जितनी तेजी से रिश्ते बनते है, उससे कही ज्यादा जल्दी टूटते भी है. फिल्मी दुनिया में बनते-बिगड़ते रिश्तों का सिलसिला तो अब आम हो चुका है लेकिन जब फैंस ये खबरें सुनते हैं. तो वो दंग रह जाते हैं. शनिवार को बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट यानी आमिर खान (Aamir Khan) ने अपनी दूसरी पत्नी किरण राव को तलाक देने (Aamir Khan-Kiran Rao Divorce) का ऐलान किया तो लोग हैरान हो गए. लोगों को इस अलगाव की वजह अभी तक पता नहीं चल सकी है. वहीं अब साउथ एक्ट्रेस मेहरीन पीरजादा (Mehreen Peerzada) ने कांग्रेस नेता भव्य बिश्नोई (Bhavya Bishnoi) से अपनी सगाई तोड़ दी है.
भव्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप विश्नोई के बेटे और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजनलाल के पौत्र हैं. तो वहीं मेहरीन पीरजादा साउथ फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा चेहरा हैं. भव्य बिश्नोई (Bhavya Bishnoi) और अभिनेत्री मेहरीन पीरजादा (Mehreen Peerzada) की सगाई मार्च में हुई थी. दोनों की रिंग सेरेमनी खूब धूमधाम से जयपुर में हुई थी. मेहरीन और भव्य 2020 में लॉकडाउन के दौरान मिले थे. कुछ दिन की बातचीत के बाद दोनों जल्द ही रिलेशनशिप में आ गए. इसके बाद दोनों ने सगाई करने का फैसला लिया.
मेहरीन ने खुद सोशल मीडिया पर अपने और भव्य के रिलेशन के बारे में बताया था. और अब कपल ने सगाई तोड़ने का फैसला किया है. मेहरीन ने सगाई तोड़ने वाली बात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए शेयर की है. मेहरीन ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कि 'भव्य और मैंने सगाई तोड़ ली है. हमने यह फैसला मिलकर लिया है.' अब इस हैरान करने वाली खबर से उनके फैंस सोशल मीडिया पर सगाई तोड़ने की वजह पूछ रहे हैं.
वहीं भव्य बिश्नोई ने बयान जारी कर लिखा कि 'दो दिन पहले मैंने और मेहरीन ने साथ मिलकर अपनी सगाई को तोड़ने का फैसला किया था. इसका कारण हमारे विचारों और वैल्यू का अलग-अलग होना है. मैं इस रिश्ते को छोड़कर सिर उठाकर जा रहा हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि मैंने मेहरीन और उनके परिवार को प्यार देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है.'
| नई दिल्लीः बॉलीवुड में जितनी तेजी से रिश्ते बनते है, उससे कही ज्यादा जल्दी टूटते भी है. फिल्मी दुनिया में बनते-बिगड़ते रिश्तों का सिलसिला तो अब आम हो चुका है लेकिन जब फैंस ये खबरें सुनते हैं. तो वो दंग रह जाते हैं. शनिवार को बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट यानी आमिर खान ने अपनी दूसरी पत्नी किरण राव को तलाक देने का ऐलान किया तो लोग हैरान हो गए. लोगों को इस अलगाव की वजह अभी तक पता नहीं चल सकी है. वहीं अब साउथ एक्ट्रेस मेहरीन पीरजादा ने कांग्रेस नेता भव्य बिश्नोई से अपनी सगाई तोड़ दी है. भव्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप विश्नोई के बेटे और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजनलाल के पौत्र हैं. तो वहीं मेहरीन पीरजादा साउथ फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा चेहरा हैं. भव्य बिश्नोई और अभिनेत्री मेहरीन पीरजादा की सगाई मार्च में हुई थी. दोनों की रिंग सेरेमनी खूब धूमधाम से जयपुर में हुई थी. मेहरीन और भव्य दो हज़ार बीस में लॉकडाउन के दौरान मिले थे. कुछ दिन की बातचीत के बाद दोनों जल्द ही रिलेशनशिप में आ गए. इसके बाद दोनों ने सगाई करने का फैसला लिया. मेहरीन ने खुद सोशल मीडिया पर अपने और भव्य के रिलेशन के बारे में बताया था. और अब कपल ने सगाई तोड़ने का फैसला किया है. मेहरीन ने सगाई तोड़ने वाली बात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए शेयर की है. मेहरीन ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कि 'भव्य और मैंने सगाई तोड़ ली है. हमने यह फैसला मिलकर लिया है.' अब इस हैरान करने वाली खबर से उनके फैंस सोशल मीडिया पर सगाई तोड़ने की वजह पूछ रहे हैं. वहीं भव्य बिश्नोई ने बयान जारी कर लिखा कि 'दो दिन पहले मैंने और मेहरीन ने साथ मिलकर अपनी सगाई को तोड़ने का फैसला किया था. इसका कारण हमारे विचारों और वैल्यू का अलग-अलग होना है. मैं इस रिश्ते को छोड़कर सिर उठाकर जा रहा हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि मैंने मेहरीन और उनके परिवार को प्यार देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है.' |
मुंबई। बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण का नाम आते ही उनकी फिल्मों से ज्यादा, उनकी शादी की चर्चा होती है। बीते दिनों दोनों की शादी की खबरें आई थीं। काफी हद तक इस बात की पुष्टि कर दी गई थी कि इस साल के अंत तक दीपिका और रणवीर शादी कर लेंगे।
रणवीर ने आगे कहा कि इस समय हम दोनों ही अपने काम को लेकर बेहद व्यस्त हैं। इसके अलावा, दीपिका का बैक पेन ठीक हो रहा हैं। अगर भविष्य में शादी को लेकर कुछ भी होगा तो आप मुझे किसी टैरेस से चिल्लाते हुए ये ऐलान करते देखेंगे। रणवीर ने अपने इस बयान से ये तो साफ कर दिया कि फिलहाल वे दीपिका पादुकोण से शादी नहीं करने जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने दीपिका से शादी करने को इंकार भी नहीं किया है।
| मुंबई। बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण का नाम आते ही उनकी फिल्मों से ज्यादा, उनकी शादी की चर्चा होती है। बीते दिनों दोनों की शादी की खबरें आई थीं। काफी हद तक इस बात की पुष्टि कर दी गई थी कि इस साल के अंत तक दीपिका और रणवीर शादी कर लेंगे। रणवीर ने आगे कहा कि इस समय हम दोनों ही अपने काम को लेकर बेहद व्यस्त हैं। इसके अलावा, दीपिका का बैक पेन ठीक हो रहा हैं। अगर भविष्य में शादी को लेकर कुछ भी होगा तो आप मुझे किसी टैरेस से चिल्लाते हुए ये ऐलान करते देखेंगे। रणवीर ने अपने इस बयान से ये तो साफ कर दिया कि फिलहाल वे दीपिका पादुकोण से शादी नहीं करने जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने दीपिका से शादी करने को इंकार भी नहीं किया है। |
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को आज (2 अगस्त, 2016) को राष्ट्रपति भवन में आईआईएम अहमदाबाद के प्रोफेसर अनिल के. गुप्ता की लिखी पुस्तक 'ग्रास्रुट्स इनोवेशन' भेंट की गई। प्रोफेसर गुप्ता राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन के उपाध्यक्ष भी हैं।
राष्ट्रपति ने प्रोफेसर अनिल के.गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि हमारे लोगों की सृजन और नवाचार क्षमता के बारे में किया गया कार्य प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि डाक्टर गुप्ता की पुस्तक असाधारण पुरुषों और महिलाओं की कहानी प्रस्तुत करती है। ऐसे पुरुष और महिलाओं की कहानी जो समाज के आर्थिक विकास और प्रगति के लिए चुपचाप नवाचारी योगदान कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि जमीनी स्तर के नवाचारियों को सरकार द्वारा संस्थागत समर्थन दिया जाना चाहिए। अगर हितधारकों के साथ जमीनी स्तर के नवाचारियों के संपर्क नहीं होंगे तो उनके प्रयासों की सराहना नहीं होगी। राष्ट्रपति भवन द्वारा राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन के सहयोग से नवाचार उत्सव के आयोजन से विभिन्न क्षेत्रों सृजनात्मक ऊर्जा को एकत्रित करने में मदद मिली है।
राष्ट्रपति ने डॉक्टर गुप्ता और उनकी टीम को आगे भी जमीनी स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए शुभकामना दी।
इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा और राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन के अध्यक्ष डाक्टर आर. ए. माशेलकर भी उपस्थित थे।
| राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को आज को राष्ट्रपति भवन में आईआईएम अहमदाबाद के प्रोफेसर अनिल के. गुप्ता की लिखी पुस्तक 'ग्रास्रुट्स इनोवेशन' भेंट की गई। प्रोफेसर गुप्ता राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन के उपाध्यक्ष भी हैं। राष्ट्रपति ने प्रोफेसर अनिल के.गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि हमारे लोगों की सृजन और नवाचार क्षमता के बारे में किया गया कार्य प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि डाक्टर गुप्ता की पुस्तक असाधारण पुरुषों और महिलाओं की कहानी प्रस्तुत करती है। ऐसे पुरुष और महिलाओं की कहानी जो समाज के आर्थिक विकास और प्रगति के लिए चुपचाप नवाचारी योगदान कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि जमीनी स्तर के नवाचारियों को सरकार द्वारा संस्थागत समर्थन दिया जाना चाहिए। अगर हितधारकों के साथ जमीनी स्तर के नवाचारियों के संपर्क नहीं होंगे तो उनके प्रयासों की सराहना नहीं होगी। राष्ट्रपति भवन द्वारा राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन के सहयोग से नवाचार उत्सव के आयोजन से विभिन्न क्षेत्रों सृजनात्मक ऊर्जा को एकत्रित करने में मदद मिली है। राष्ट्रपति ने डॉक्टर गुप्ता और उनकी टीम को आगे भी जमीनी स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए शुभकामना दी। इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा और राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन के अध्यक्ष डाक्टर आर. ए. माशेलकर भी उपस्थित थे। |
हामिद मीर ने बुधवार को जियो टीवी के एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें संघीय सरकार के कुछ जिम्मेदार लोगों ने बताया है कि UAE ने पाकिस्तानी नेतृत्व से कहा है कि वह कश्मीर को मुसलमानों का मसला न बनाए.
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि उन्हें शीर्ष अधिकारियों से पता चला है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान से कहा है कि वह कश्मीर को मुसलमानों का मुद्दा न बनाए. हामिद मीर ने बुधवार को जियो टीवी के एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें संघीय सरकार के कुछ जिम्मेदार लोगों ने बताया है कि UAE ने पाकिस्तानी नेतृत्व से कहा है कि वह कश्मीर को मुसलमानों का मसला न बनाए.
मालूम हो कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को बदनाम करने के लिए हथकंडे अपना रहा है. जब उसे कहीं सफलता नहीं मिली तो उसने कश्मीर को मुसलमानों का मसला बनाने की भी कोशिश की. पाकिस्तान ने मुस्लिम देशों के संघ OIC में भी कश्मीर मसले को उठाया था.
| हामिद मीर ने बुधवार को जियो टीवी के एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें संघीय सरकार के कुछ जिम्मेदार लोगों ने बताया है कि UAE ने पाकिस्तानी नेतृत्व से कहा है कि वह कश्मीर को मुसलमानों का मसला न बनाए. पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि उन्हें शीर्ष अधिकारियों से पता चला है कि संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान से कहा है कि वह कश्मीर को मुसलमानों का मुद्दा न बनाए. हामिद मीर ने बुधवार को जियो टीवी के एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें संघीय सरकार के कुछ जिम्मेदार लोगों ने बताया है कि UAE ने पाकिस्तानी नेतृत्व से कहा है कि वह कश्मीर को मुसलमानों का मसला न बनाए. मालूम हो कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल तीन सौ सत्तर हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को बदनाम करने के लिए हथकंडे अपना रहा है. जब उसे कहीं सफलता नहीं मिली तो उसने कश्मीर को मुसलमानों का मसला बनाने की भी कोशिश की. पाकिस्तान ने मुस्लिम देशों के संघ OIC में भी कश्मीर मसले को उठाया था. |
उर्फी जावेद का नाम भला कौन नहीं जानता। आए दिन अपने अतरंगी फैशन के चलते एक्ट्रेस फैंस की सुर्खियों का कारण बन ही जाती है। अपने बोल्ड फैशन के चलते उर्फी सोशल मीडिया सेंसेशन बन चुकी हैं। हाल ही में उर्फी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसके देख फैंस काफी शॉक्ड हो गए हैं। इस वीडियो में एक्ट्रेस पहले साइकिल चलाती नजर आ रही है। साइकिल की चैन टूट जाती है और उसी दौरान एक्ट्रेस के दिमाग की बत्ती जलती है और टूटी हुई चैन से अपने लिए टॉप और स्कर्ट् बना लेती हैं।
उर्फी के इस वीडियो में शुरुआत में वह ग्रीन कलर की ब्रालेट और शॉर्ट्स पहने हुए साइकिल चलाती नजर आ रही हैं। इसी दौरान उनकी साइकिल की चैन टूट जाती है। पहले तो उर्फी कुछ सोचती हुई चेन को घुमाती है और फिर हंसने लगती हैं और पलक झपकते ही उर्फी शरीर पर सिर्फ साइकिल की चेन लपेटे हुए नजर आती हैं। उर्फी ने टॉप के साथ-साथ स्कर्ट भी साइकिल की चेन की ही बना लेती हैं। उर्फी का यह सबसे अजीबो गरीब ड्रेसिंग सेंस देख फैंस चौक ही गए हैं। लोग कमेंट करते हुए उन्हें काफी ट्रॉल कर रहे हैं।
उर्फी का यह वीडियो देखने के बाद फैंस ने उन्हें ट्रोल कर दिया है। एक यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि - 'हाय मैं मर गई अब ध्यान रखना पड़ेगा, चैन को कोई चुरा न ले जाए। '
अन्य ने लिखा कि - 'अब तो हद हो गई मतलब गरीबों की साइकिल भी सुरक्षित नहीं, मोदी जी प्लीज कुछ करो। '
एक ने लिखा कि - 'अब समझा कि 2-3 दिन पहले मेरी साइकिल क्यों चोरी हो गई थी। '
उर्फी जावेद एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जिन्होंने अपने अतंरगी फैशन के जरिए ही फैंस के दिलों में जगह बनाई है। आए दिन उर्फी अपने नए-नए फैशन का नमूना फैंस को दिखाती रहती हैं। कभी साइकिल की चेन तो कभी कपड़े सुखाने वाली चिमटी से तैयार ड्रेसेज पहन फैंस को इंप्रेस कर ही लेती हैं ।
| उर्फी जावेद का नाम भला कौन नहीं जानता। आए दिन अपने अतरंगी फैशन के चलते एक्ट्रेस फैंस की सुर्खियों का कारण बन ही जाती है। अपने बोल्ड फैशन के चलते उर्फी सोशल मीडिया सेंसेशन बन चुकी हैं। हाल ही में उर्फी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसके देख फैंस काफी शॉक्ड हो गए हैं। इस वीडियो में एक्ट्रेस पहले साइकिल चलाती नजर आ रही है। साइकिल की चैन टूट जाती है और उसी दौरान एक्ट्रेस के दिमाग की बत्ती जलती है और टूटी हुई चैन से अपने लिए टॉप और स्कर्ट् बना लेती हैं। उर्फी के इस वीडियो में शुरुआत में वह ग्रीन कलर की ब्रालेट और शॉर्ट्स पहने हुए साइकिल चलाती नजर आ रही हैं। इसी दौरान उनकी साइकिल की चैन टूट जाती है। पहले तो उर्फी कुछ सोचती हुई चेन को घुमाती है और फिर हंसने लगती हैं और पलक झपकते ही उर्फी शरीर पर सिर्फ साइकिल की चेन लपेटे हुए नजर आती हैं। उर्फी ने टॉप के साथ-साथ स्कर्ट भी साइकिल की चेन की ही बना लेती हैं। उर्फी का यह सबसे अजीबो गरीब ड्रेसिंग सेंस देख फैंस चौक ही गए हैं। लोग कमेंट करते हुए उन्हें काफी ट्रॉल कर रहे हैं। उर्फी का यह वीडियो देखने के बाद फैंस ने उन्हें ट्रोल कर दिया है। एक यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि - 'हाय मैं मर गई अब ध्यान रखना पड़ेगा, चैन को कोई चुरा न ले जाए। ' अन्य ने लिखा कि - 'अब तो हद हो गई मतलब गरीबों की साइकिल भी सुरक्षित नहीं, मोदी जी प्लीज कुछ करो। ' एक ने लिखा कि - 'अब समझा कि दो-तीन दिन पहले मेरी साइकिल क्यों चोरी हो गई थी। ' उर्फी जावेद एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जिन्होंने अपने अतंरगी फैशन के जरिए ही फैंस के दिलों में जगह बनाई है। आए दिन उर्फी अपने नए-नए फैशन का नमूना फैंस को दिखाती रहती हैं। कभी साइकिल की चेन तो कभी कपड़े सुखाने वाली चिमटी से तैयार ड्रेसेज पहन फैंस को इंप्रेस कर ही लेती हैं । |
कोलकाताः कोरोना महामारी से अगर आपको बचाव रखना है तो आपका मास्क पहनना सबसे जरूरी है। हालांकि आपका मास्क वायरस को रोकने में कितना सक्षम है ये जानना बहुत जरूरी है। हालिया रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कोरोनावायरस का ट्रांसमिशन हवा के जरिए भी हो रहा है। इसलिए लोगों को घर में रहने की सलाह दी जा रही है। एक्सपर्ट की मानें तो इन दिनों आपको घर में भी मास्क पहनकर रहना चाहिए। हालांकि आपका मास्क कोरोना वायरस को रोकने में कितना सक्षम है ये जानना बहुत जरूरी है। आपका मास्क लूज और अनफिट तो नहीं है। इसलिए जरूरी है कि आपका मास्क पूरी तरह फिट हो और अगर आप कपड़े का मास्क पहन रहे हैं तो आपको डबल मास्क पहनने की जरूरत है। आइए कोरोना वायरस से निपटने के लिए हमारा मास्क कैसा होना चाहिए।
कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से ये वायरस कणों के जरिए हवा में फैलता है। हवा से ये दूसरे शख्स के शरीर में पहुंच जाता है। रिपोर्ट्स में यह दावा किया है कि अगर संक्रमित शख्स सांस छोड़ता है तो उसी हवा में सांस लेने से स्वस्थ इंसान भी कोरोना से संक्रामित हो सकता है। इसलिए कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनना बहुत जरूरी है।
कोरोना से बचाने के लिए मास्क कैसा हो?
सर्जिकल मास्क- आप कोई भी तीन लेयर वाला मास्क पहन सकते हैं ये बेस्ट होते हैं। थ्री लेयर मास्क से हवा में मौजूद बड़े पॉल्यूशन के कण भी हमारे अंदर नहीं पहुंच पाते। यूज एंड थ्रो वाला यह सर्जिकल मास्क कोरोना से बचाव के लिए भी उपयोगी है।
N95 मास्क- इसे सबसे सुरक्षित मास्क माना जाता है लेकिन इसे बिना वाल्व के इस्तेमाल करें। कोई भी वॉल्व वाला मास्क रिस्की हो सकता है। इससे हवा बाहर और अंदर आती जाती है जो आपको संक्रामित कर सकता है। N95 मास्क का इस्तेमाल ज्यादातर मेडिकल स्टॉफ ही करता है।
कपड़े का मास्क- कॉटन के कपड़े का मास्क लगाने में काफी आरामदायर होते हैं, लेकिन ध्यान रखें ये मास्क तीन लेयर वाला होना चाहिए। आप इसे वॉश करके इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपको ये मास्क सुरक्षित नहीं लगते तो आप पहले कपड़े का मास्क और फिर उसके ऊपर सर्जिकल मास्क भी लगा लें। इससे आप सुरक्षित रहेंगे।
रूमाल, तौलिया या अंगोछा भी है विकल्प- अगर आप भीड़-भाड़ में नहीं जाते तो आप दो-तीन लेयर बना कर रूमाल, तोलिया या अंगोछा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। घर में आकर इसे ऐसे उतारें कि चेहरे पर हाथ नहीं लगें।
- मास्क ऐसा हो जिसमें नाक, मुंह और ठुड्डी सही कवर हो।
- ऐसा मास्क हो जिसे आपको बार-बार एडजस्ट नहीं करना पड़े।
- मास्क पहनने के बाद चेहरे और मास्क के बीच ज्यादा गैप नहीं हो।
- सांस लेते समय हवा मास्क से गुजरनी चाहिए, सांस लेने में दिक्कत नहीं हो।
- मास्क पहनने के बाद बार-बार मास्क को हाथों से ठीक न करें।
- मास्क उतारने के बाद 20 सेकंड तक अच्छी तरह साबुन से हाथ धोने चाहिए।
| कोलकाताः कोरोना महामारी से अगर आपको बचाव रखना है तो आपका मास्क पहनना सबसे जरूरी है। हालांकि आपका मास्क वायरस को रोकने में कितना सक्षम है ये जानना बहुत जरूरी है। हालिया रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कोरोनावायरस का ट्रांसमिशन हवा के जरिए भी हो रहा है। इसलिए लोगों को घर में रहने की सलाह दी जा रही है। एक्सपर्ट की मानें तो इन दिनों आपको घर में भी मास्क पहनकर रहना चाहिए। हालांकि आपका मास्क कोरोना वायरस को रोकने में कितना सक्षम है ये जानना बहुत जरूरी है। आपका मास्क लूज और अनफिट तो नहीं है। इसलिए जरूरी है कि आपका मास्क पूरी तरह फिट हो और अगर आप कपड़े का मास्क पहन रहे हैं तो आपको डबल मास्क पहनने की जरूरत है। आइए कोरोना वायरस से निपटने के लिए हमारा मास्क कैसा होना चाहिए। कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से ये वायरस कणों के जरिए हवा में फैलता है। हवा से ये दूसरे शख्स के शरीर में पहुंच जाता है। रिपोर्ट्स में यह दावा किया है कि अगर संक्रमित शख्स सांस छोड़ता है तो उसी हवा में सांस लेने से स्वस्थ इंसान भी कोरोना से संक्रामित हो सकता है। इसलिए कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनना बहुत जरूरी है। कोरोना से बचाने के लिए मास्क कैसा हो? सर्जिकल मास्क- आप कोई भी तीन लेयर वाला मास्क पहन सकते हैं ये बेस्ट होते हैं। थ्री लेयर मास्क से हवा में मौजूद बड़े पॉल्यूशन के कण भी हमारे अंदर नहीं पहुंच पाते। यूज एंड थ्रो वाला यह सर्जिकल मास्क कोरोना से बचाव के लिए भी उपयोगी है। Nपचानवे मास्क- इसे सबसे सुरक्षित मास्क माना जाता है लेकिन इसे बिना वाल्व के इस्तेमाल करें। कोई भी वॉल्व वाला मास्क रिस्की हो सकता है। इससे हवा बाहर और अंदर आती जाती है जो आपको संक्रामित कर सकता है। Nपचानवे मास्क का इस्तेमाल ज्यादातर मेडिकल स्टॉफ ही करता है। कपड़े का मास्क- कॉटन के कपड़े का मास्क लगाने में काफी आरामदायर होते हैं, लेकिन ध्यान रखें ये मास्क तीन लेयर वाला होना चाहिए। आप इसे वॉश करके इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपको ये मास्क सुरक्षित नहीं लगते तो आप पहले कपड़े का मास्क और फिर उसके ऊपर सर्जिकल मास्क भी लगा लें। इससे आप सुरक्षित रहेंगे। रूमाल, तौलिया या अंगोछा भी है विकल्प- अगर आप भीड़-भाड़ में नहीं जाते तो आप दो-तीन लेयर बना कर रूमाल, तोलिया या अंगोछा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। घर में आकर इसे ऐसे उतारें कि चेहरे पर हाथ नहीं लगें। - मास्क ऐसा हो जिसमें नाक, मुंह और ठुड्डी सही कवर हो। - ऐसा मास्क हो जिसे आपको बार-बार एडजस्ट नहीं करना पड़े। - मास्क पहनने के बाद चेहरे और मास्क के बीच ज्यादा गैप नहीं हो। - सांस लेते समय हवा मास्क से गुजरनी चाहिए, सांस लेने में दिक्कत नहीं हो। - मास्क पहनने के बाद बार-बार मास्क को हाथों से ठीक न करें। - मास्क उतारने के बाद बीस सेकंड तक अच्छी तरह साबुन से हाथ धोने चाहिए। |
जयपुर में शादी का झांसा देकर एक युवती से रेप का मामला सामने आया है। पिछले एक साल तक आरोपी ने देहशोषण किया। शादी करने का दबाव बनाने पर मना कर दिया। मुहाना थाना पुलिस ने रविवार रात रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएचओ लखन सिंह खटाना ने बताया कि बिजोलिया भीलवाड़ा निवासी 24 साल की युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसके पति से अनबन होने के बाद वह जयपुर अपने माता-पिता के पास आ गई। आनन्द विहार सांगानेर सदर में किराए से रहकर रीको कांटा स्थित एक कंपनी में काम करने लगी।
इस दौरान आरोपी अनिल से उसकी मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान पति से दूरी का आरोपी ने फायदा उठाकर उसे प्रेम जाल में फांस लिया। करीब एक साल पहले शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। लगातार एक साल देहशोषण के दौरान शादी का दबाव बनाने पर आरोपी अनिल ने मना कर दिया। रविवार देर शाम पीड़िता शिकायत लेकर थाने पहुंची। आरोपी अनिल के खिलाफ देहशोषण का मामला दर्ज कराया।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| जयपुर में शादी का झांसा देकर एक युवती से रेप का मामला सामने आया है। पिछले एक साल तक आरोपी ने देहशोषण किया। शादी करने का दबाव बनाने पर मना कर दिया। मुहाना थाना पुलिस ने रविवार रात रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ लखन सिंह खटाना ने बताया कि बिजोलिया भीलवाड़ा निवासी चौबीस साल की युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसके पति से अनबन होने के बाद वह जयपुर अपने माता-पिता के पास आ गई। आनन्द विहार सांगानेर सदर में किराए से रहकर रीको कांटा स्थित एक कंपनी में काम करने लगी। इस दौरान आरोपी अनिल से उसकी मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान पति से दूरी का आरोपी ने फायदा उठाकर उसे प्रेम जाल में फांस लिया। करीब एक साल पहले शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। लगातार एक साल देहशोषण के दौरान शादी का दबाव बनाने पर आरोपी अनिल ने मना कर दिया। रविवार देर शाम पीड़िता शिकायत लेकर थाने पहुंची। आरोपी अनिल के खिलाफ देहशोषण का मामला दर्ज कराया। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
श्रंगारा के रहने से, उसी समय वुझ जायगी। इससे स्पष्ट जाना जा सकता है कि शरीर की शक्ति की रक्षा करने में श्वास से हम लोग जो हवा लेते हैं, वह विशुद्ध होनी चाहिए। जो औरतें खास कर गरमी में मुँह को जाल से ढके रहती हैं, उनके विषय में तो कुछ कहना ही नहीं है। उनका मुख मलिन और रुग्ण देख पड़ता है। उनके सिर में पीड़ा भी हुआ करती है । वह जाल विशुद्ध वायु के सेवन में चाधा डालता है, और उसके कारण श्वासा में चार-चार अंगारा भीतर जाता है।
लड़कों को यह अच्छी तरह समझा देना चाहिए कि स्वास्थ्य का नियम तोड़ने से ईश्वरीय नियम नष्ट होता है, और शीघ्र ही रोग के रूप में उसका दंड भी भोगना पड़ता है।
जिस घर में अच्छी तरह हवा नहीं श्राती-जाती, वह यदि श्रादमियों से भर जाय, तो उसका श्रोषजन शोषित और अंगाराम्ल संचित होगा। ऐसी अवस्था में घर का प्रकाश फीका पड़ जायगा। जितना श्रोषजन घायु घट जायगा, उतना ही प्रकाश भी धीमा होकर वुझने के करीव हो जायगा । जिस घर की रोशनी साफ़ साफ़ नहीं होती~-तेज़ नहीं होती वह घर साँस लेने के लायक नहीं होता। इसी कारण कुएँ या तहख़ाने में उतरते समय पहले एक दोपक लटकाना चाहिए। अगर वत्ती घुझ जाय, तो वहाँ अंगाराम्ल स चाहिए। उस दूषित गैस को निकाले विना उसमें उतरने से मृत्यु अवश्यंभावी हो जाती है। हर २४ घंटे में हम लोगों के फुसफुस और चमड़े से भी दो पॉड से अधिक दूषित पदार्थ निकलता है। यह दूषित वायु घर में
व्याप्त हो जाता है। वह दूर न होने से फुसफुस साँस लेने के लायक नहीं रहता।
श्रोपजन के अपसारण से, या अंगाराम्ल की अधिकता से, अथवा फुसफुस और चमड़े से श्रंगाराम्ल के निकलने से, चाहे जिस कारण से हो, वायु दूषित होने पर रक्त दूषित होकर शरीर में तरह-तरह की व्याधियाँ उत्पन्न कर सकता है। इस कारण घर, स्कूल, कारखाने श्रादि में विशुद्ध हवा के आने और दूषित वायु के निकलने का प्रबंध रहना चाहिए। और कुछ दूषित होने पर उसका उपाय किया जा सकता है, किंतु भोजन या पोशाक के दूषित होने पर किसी चीज़ से उसका प्रतिविधान नही हो सकता ।
स्कूल के मकान में यदि अच्छी तरह हवा के श्राने जाने का प्रबंध नहीं रहता, तो विद्यार्थियों के मस्तिष्क में दूषित रक्त भर जाता है, और मस्तिष्क ठीक-ठोक काम नहीं करता । फल यह होता है कि विद्यार्थी पढ़ने में असर्थ हो जाते हैं; उनकी सोचने की शक्ति लुप्त हो जाती है; और सिर की पीड़ा भी उन लोगों को घेर लेती है। अंगाराम्ल की अधिकता से ही ये बातें होती हैं ।
ख़ास कर सोने का स्थान ऐसा हवादार होना चाहिए कि सवेरे की हवा संध्या काल में विश्राम काल की हवा की तरह विशुद्ध हो । इससे सवेरे सिर की पीड़ा फिर न होगी । साथ ही कमज़ोर श्रादमी को भी सबेरे भूक लगेगी । हरएक रहने का स्थान ऐसा बनना चाहिए कि उसमें बिना किसी रुकावट के विशुद्ध वायु आ सके । दूषित वायु से शरीर कम | श्रंगारा के रहने से, उसी समय वुझ जायगी। इससे स्पष्ट जाना जा सकता है कि शरीर की शक्ति की रक्षा करने में श्वास से हम लोग जो हवा लेते हैं, वह विशुद्ध होनी चाहिए। जो औरतें खास कर गरमी में मुँह को जाल से ढके रहती हैं, उनके विषय में तो कुछ कहना ही नहीं है। उनका मुख मलिन और रुग्ण देख पड़ता है। उनके सिर में पीड़ा भी हुआ करती है । वह जाल विशुद्ध वायु के सेवन में चाधा डालता है, और उसके कारण श्वासा में चार-चार अंगारा भीतर जाता है। लड़कों को यह अच्छी तरह समझा देना चाहिए कि स्वास्थ्य का नियम तोड़ने से ईश्वरीय नियम नष्ट होता है, और शीघ्र ही रोग के रूप में उसका दंड भी भोगना पड़ता है। जिस घर में अच्छी तरह हवा नहीं श्राती-जाती, वह यदि श्रादमियों से भर जाय, तो उसका श्रोषजन शोषित और अंगाराम्ल संचित होगा। ऐसी अवस्था में घर का प्रकाश फीका पड़ जायगा। जितना श्रोषजन घायु घट जायगा, उतना ही प्रकाश भी धीमा होकर वुझने के करीव हो जायगा । जिस घर की रोशनी साफ़ साफ़ नहीं होती~-तेज़ नहीं होती वह घर साँस लेने के लायक नहीं होता। इसी कारण कुएँ या तहख़ाने में उतरते समय पहले एक दोपक लटकाना चाहिए। अगर वत्ती घुझ जाय, तो वहाँ अंगाराम्ल स चाहिए। उस दूषित गैस को निकाले विना उसमें उतरने से मृत्यु अवश्यंभावी हो जाती है। हर चौबीस घंटाटे में हम लोगों के फुसफुस और चमड़े से भी दो पॉड से अधिक दूषित पदार्थ निकलता है। यह दूषित वायु घर में व्याप्त हो जाता है। वह दूर न होने से फुसफुस साँस लेने के लायक नहीं रहता। श्रोपजन के अपसारण से, या अंगाराम्ल की अधिकता से, अथवा फुसफुस और चमड़े से श्रंगाराम्ल के निकलने से, चाहे जिस कारण से हो, वायु दूषित होने पर रक्त दूषित होकर शरीर में तरह-तरह की व्याधियाँ उत्पन्न कर सकता है। इस कारण घर, स्कूल, कारखाने श्रादि में विशुद्ध हवा के आने और दूषित वायु के निकलने का प्रबंध रहना चाहिए। और कुछ दूषित होने पर उसका उपाय किया जा सकता है, किंतु भोजन या पोशाक के दूषित होने पर किसी चीज़ से उसका प्रतिविधान नही हो सकता । स्कूल के मकान में यदि अच्छी तरह हवा के श्राने जाने का प्रबंध नहीं रहता, तो विद्यार्थियों के मस्तिष्क में दूषित रक्त भर जाता है, और मस्तिष्क ठीक-ठोक काम नहीं करता । फल यह होता है कि विद्यार्थी पढ़ने में असर्थ हो जाते हैं; उनकी सोचने की शक्ति लुप्त हो जाती है; और सिर की पीड़ा भी उन लोगों को घेर लेती है। अंगाराम्ल की अधिकता से ही ये बातें होती हैं । ख़ास कर सोने का स्थान ऐसा हवादार होना चाहिए कि सवेरे की हवा संध्या काल में विश्राम काल की हवा की तरह विशुद्ध हो । इससे सवेरे सिर की पीड़ा फिर न होगी । साथ ही कमज़ोर श्रादमी को भी सबेरे भूक लगेगी । हरएक रहने का स्थान ऐसा बनना चाहिए कि उसमें बिना किसी रुकावट के विशुद्ध वायु आ सके । दूषित वायु से शरीर कम |
बैतूल, नवदुनिया प्रतिनिधि। जिले की जनपद पंचायत बैतूल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेमनी के झाड़ेगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच के लिए पहुंची टीम की मौजूदगी में उपसरपंच को पंचायत की सरपंच के पति, जनपद सदस्य समेत तीन लोगों ने मिलकर पीट दिया। इस मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल हो रहा है। मारपीट में घायल हुए उप सरपंच ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई है। इस पर पुलिस ने सरपंच पति, जनपद सदस्य एवं एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार टेमनी ग्राम पंचायत के उपसरपंच सुखलाल उइके शुक्रवार को जनपद पंचायत से प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की जांच करने के लिए पहुंची टीम के साथ हितग्राही के आवास पर पहुंचे। इसी दौरान गड़बड़ी की शिकायत करने वाले जनपद सदस्य धन्नू उइके, सरपंच पति आशीष खातरकर और अमर सिंह पंद्राम ने उपसरपंच की मौजूदगी को लेकर विरोध प्रारंभ कर दिया। उपसरपंच का कहना था कि ग्राम पंचायत का मामला है, इस कारण जांच दल के समक्ष वे भी मौजूद रह सकते हैं। इसी बात को लेकर जनपद सदस्य, सरपंच पति से जमकर विवाद हो गया। सरपंच पति आशीष एवं धन्नू ने उप सरपंच सुखलाल पर लात-घूंसे बरसाना प्रारंभ कर दिया। अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। मारपीट के कारण उप सरपंच सुखलाल को चेहरे पर चोट आई है। वायरल हो रहे वीडियो में प्रधानमंत्री आवास में ही मारपीट करते हुए तीन लोग नजर आ रहे हैं। शुक्रवार देर शाम उपसरपंच सुखलाल ने तीन लोगों के द्वारा मारपीट करने के संबंध में कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली थाना में पदस्थ उप निरीक्षक अमित पवार ने बताया कि जनपद सदस्य धन्नू उइके, सरपंच पति आशीष खातरकर और अमर सिंह पंद्राम के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
| बैतूल, नवदुनिया प्रतिनिधि। जिले की जनपद पंचायत बैतूल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेमनी के झाड़ेगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच के लिए पहुंची टीम की मौजूदगी में उपसरपंच को पंचायत की सरपंच के पति, जनपद सदस्य समेत तीन लोगों ने मिलकर पीट दिया। इस मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल हो रहा है। मारपीट में घायल हुए उप सरपंच ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई है। इस पर पुलिस ने सरपंच पति, जनपद सदस्य एवं एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार टेमनी ग्राम पंचायत के उपसरपंच सुखलाल उइके शुक्रवार को जनपद पंचायत से प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की जांच करने के लिए पहुंची टीम के साथ हितग्राही के आवास पर पहुंचे। इसी दौरान गड़बड़ी की शिकायत करने वाले जनपद सदस्य धन्नू उइके, सरपंच पति आशीष खातरकर और अमर सिंह पंद्राम ने उपसरपंच की मौजूदगी को लेकर विरोध प्रारंभ कर दिया। उपसरपंच का कहना था कि ग्राम पंचायत का मामला है, इस कारण जांच दल के समक्ष वे भी मौजूद रह सकते हैं। इसी बात को लेकर जनपद सदस्य, सरपंच पति से जमकर विवाद हो गया। सरपंच पति आशीष एवं धन्नू ने उप सरपंच सुखलाल पर लात-घूंसे बरसाना प्रारंभ कर दिया। अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। मारपीट के कारण उप सरपंच सुखलाल को चेहरे पर चोट आई है। वायरल हो रहे वीडियो में प्रधानमंत्री आवास में ही मारपीट करते हुए तीन लोग नजर आ रहे हैं। शुक्रवार देर शाम उपसरपंच सुखलाल ने तीन लोगों के द्वारा मारपीट करने के संबंध में कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली थाना में पदस्थ उप निरीक्षक अमित पवार ने बताया कि जनपद सदस्य धन्नू उइके, सरपंच पति आशीष खातरकर और अमर सिंह पंद्राम के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है। |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों और संस्थाओं के प्रमुखों द्वारा विकसित यह पोर्टल और रूपरेखा वर्तमान में इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थाओं के लिए उपलब्ध है। अगले एक माह में विश्वविद्यालयों के साथ-साथ वास्तुकला और नियोजन संस्थाओं के लिए भी प्रक्रिया, मापदंड और वरीयता की प्रक्रिया आनलॉइन उपलब्ध होगी।
समारोह को संबोधित करते हुए श्रीमती स्मृति ईरानी ने कहा कि राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग रूपरेखा में भारतीय दृष्टिकोण का अनुकरण किया गया है जिसमें भारत पर केंद्रित मापदंड जैसे विविधता और विस्तृत के साथ शिक्षण अध्ययन और अनुसंधान में श्रेष्ठता पर ध्यान दिया गया है। इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थाओं के लिए उपलब्ध इस रूपरेखा को आगामी चार सप्ताह में वास्तुकला, औषध विज्ञान और मानविकी के साथ-साथ विश्वविद्यालयों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
एनआईआरएफ अंग्रेजी के अतिरिक्त अन्य भाषाओं में कार्य कर रही और हाल में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही संस्थाओं के लिए वरीयता में एक समान अवसर सुगम करेगा। एनआईआरएफ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित की गई एक आवश्यकता और परिणामस्वरूप राष्ट्रीय वरीयता रूपरेखा को तैयार करने में प्राप्त सुझावों का परिणाम है।
श्रीमती ईरानी ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य में कार्यरत विशेषज्ञों के दल की प्रशंसा करते हुए इस लक्ष्य को एक वर्ष के भीतर मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा प्राप्त करने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होनें कहा कि यह देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जवाबदेही तय करने में एक ओर कदम तय करने के समान है।
| शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों और संस्थाओं के प्रमुखों द्वारा विकसित यह पोर्टल और रूपरेखा वर्तमान में इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थाओं के लिए उपलब्ध है। अगले एक माह में विश्वविद्यालयों के साथ-साथ वास्तुकला और नियोजन संस्थाओं के लिए भी प्रक्रिया, मापदंड और वरीयता की प्रक्रिया आनलॉइन उपलब्ध होगी। समारोह को संबोधित करते हुए श्रीमती स्मृति ईरानी ने कहा कि राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग रूपरेखा में भारतीय दृष्टिकोण का अनुकरण किया गया है जिसमें भारत पर केंद्रित मापदंड जैसे विविधता और विस्तृत के साथ शिक्षण अध्ययन और अनुसंधान में श्रेष्ठता पर ध्यान दिया गया है। इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थाओं के लिए उपलब्ध इस रूपरेखा को आगामी चार सप्ताह में वास्तुकला, औषध विज्ञान और मानविकी के साथ-साथ विश्वविद्यालयों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। एनआईआरएफ अंग्रेजी के अतिरिक्त अन्य भाषाओं में कार्य कर रही और हाल में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही संस्थाओं के लिए वरीयता में एक समान अवसर सुगम करेगा। एनआईआरएफ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित की गई एक आवश्यकता और परिणामस्वरूप राष्ट्रीय वरीयता रूपरेखा को तैयार करने में प्राप्त सुझावों का परिणाम है। श्रीमती ईरानी ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य में कार्यरत विशेषज्ञों के दल की प्रशंसा करते हुए इस लक्ष्य को एक वर्ष के भीतर मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा प्राप्त करने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होनें कहा कि यह देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जवाबदेही तय करने में एक ओर कदम तय करने के समान है। |
अपनी मातृ-भू के,
प्यारे-प्यारे गांवों को,
प्यार करने वाले,
सुधी चिंतकों के,
कर कमलों में सादर।
जीवन को स्वस्थ्य और समृद्ध बनाने वाली पावन ग्राम-स्थली जहां जीवन की सभी मूलभूत सुविधाऐं प्राप्त होती हैं, उस अंचल में आने का आग्रह इस कविता संगह 'गांव की तलाश 'में किया गया है। यह पावन स्थली श्रमिक और अन्नदाताओं के श्रमकणों से पूर्ण समृद्ध है जिसे एक बार आकर अवश्य देखने का प्रयास करें। इन्हीं आशाओं के साथ, आपके आगमन की प्रती्क्षा में यह धरती लालायित है।
मुझे लक्ष्य तक जाना साथी, हार-जीत नहीं सोची मन में।।
आशाओं के तार पुरे हैं, कहीं निराशा जगह न पाती।
उन्नत चोटी की धरती पर, मैंने बांची निरभ्य पाती।।
नहीं अंधेरे मग टकराए जल का प्लावन था, हर घन में।।
हाथों में थी विमल रोशनी ज्वलत दीप थे सूरज चंदा।
चीर दिया था, तम का सीना, नहीं फसा मैं, जग के फंदा।।
झंझाऐं नहीं रोक सकेंगी, अंगद पैर, जमे है मग में।।
विजय चूमती मेरे पग को, अडि़ग पगों से, छोटा भा मग।
नहीं बुझी लौ, उम्मीदों की, उम्मीदों से है सारा जग।
रस्ता, अपने आप बन गया, देरी लगी नहीं, एक क्षण में।।
नाम जिंदगी का जानो अब, बदलावों का भरा समंदर।
नहीं रोक पाएंगे मुझको, कितनेऊ गहरे, खाई खन्दर।
भटका वही, जो चला नहीं है, चाह लक्ष्य की, साथी मन में।।।
मेहनत के सब साज, अखाड़ा यहां मेहनत का।
कहां कुपोषण रोग, केन्द्र यह है शैहत का ।
छोटे- मोटे रोग, गांव तो जान न पाते।
कब आते हैं, और कबै वापिस हो जाते।
सब कुछ देखत गांव, दूर दृष्टि है उसकी।
फिर भी है अंजान, प्यार की अनुपम बस्ती।।
पूत पालने पांव, देख लेता है भाई।
और कौंख में पली बात नहिं छुपै - छुपाई।
दीवालों के पार उसी ने सब कुछ जाना।
लगे लंगोटी दाग, सिकन को भी पहिचाना।
आंखें, भौंह मिशाल, पांव की ठुमका ठुमकी।
जानत-शास्त्रीय अर्थ, वे बिंदिया कैसे चमकी।।
सडक नहीं तब राह बना, मेहनत बोता था।
अब कितना बेचैन, चैन से जो सोता था।
सड़क शहर से आय, गांव को खींच रही है।
खिंचत दिखे हैं गांव, बात अनकही, कही है।
चलन, सभ्यता आदि, बदलती दिखी गांव की।
पहुंच गया बाजार, बिक गई छांव, गांव की।।
सब कुछ बिकते दिखा, गांव ही, हाट हो गया।
बदल गया ब्यौहार, सही में भाट हो गया।
बिछे सड़क के जाल, गांव की अजब कहानी।
सुख का वह संसार, हो गया - पानी -पानी।
समझ नहीं कोउ सके, बदल दी चाल हमारी।
बिन कीमत हो गए, उधड़ रही खाल हमारी।।
पटवारी के साथ, शहर गांवों में आया।
लिए दरोगा संग, शहर ने रौब जमाया।
रिश्वत, लालच-जाल, जाल में फंस गया गांव।
चले समेटते शहर ओर, अपने सब सांमां।
चुस रहे जौंक संमान, पुलिस हो या अधिकारी।
रांधी मेहनत खीर, चर गए सब - सरकारी ।।
सब्जी, दूध, अनाज, पसीना, शहर चला है।
लोभ - सुरा का रोग, गांव में आज पला है।
पुडि़या बो रही जहर, सिगरेट, यहां मौत को।
जानबूझ कैं मरबैं, इन्हें समुझाय, बहुत को।
भोले-भाले गांव, जहां जीवन था - भोला।
शहरों की खा हवा, बदल लओ, अपना चोला।।
मैड़े का वट- पीपल, म्हांरे गांवों की पहिचान।
स्वागत में फैलाकर बांहैं, करता है सम्मान।।
आओ साजन, बैठ छांव में कुछ क्षण तो सुस्ता लो।।
कुअला पानी पियो प्रेम से, कुछ तो समय बितालो।
इसी शैर से चलते जाना, यही गांव की शान।।
गांव, देश पहिचान।।
मंदिर ऊपर, सुघर-सुराही बह है मेरा गांव।
झण्डा बुला रहा फहराकर, चलो - अपन पौ - पांव।।
मंदिर घाट, सरित के तीरे, सीढिन सरित नहाय।
घने वृक्ष लूमत तट प्यारे, पंचवटी - सी छांव।
शीतल जल से, सरित भरी जो गाती निर्झर तान।
गांव, देश पहिचान।।
ताल वृक्ष वे, खरी जुन्हैया, में भी, मार्ग बताते।
भटक नहीं पाओगे साथी, हौलें से, बतियाते।
पत्थर कोल्हू खड़ा तिराहा, पहाड़ी करके, जाओ।
पहुंच जाओगे, अपने ही घर, मंदिर घंटा गाते।
चौपालों पर बैठे होंगे, कोई वृद्ध - सुजान।।
गांव देश पहिचान।।
गढ़ी दिख रही उस पहाड़ी पर, वह है गांव हमार।
उच्च सुराही है वाड़े की पीपल ठाड़ा न्यारा।
ऐसी कई एक पहिचानें , गांव गांव में पाओ।
शहरों की भटकन से बचलो, यह मनमस्ती नारा।
जरा आओ तो । देश के गांवनें, बनो गांव मेहमान।।
गांव देश की शान।।
उलझत - सुलझत सब रहते जहां सगुन जाल में।
जहां छींक के, अधिक भाव में, रमण काल में।
बिल्ली काटत गैल, मिलै बिध्वा जो अकेली।
सांप दर्श कहीं होय, राह मिलै कान्हा, जेली।
ज्योतिष तांत्रिक ठगा, यहां अनभिज्ञ गांव है।
अपशगुनों की विषम बाढ़ में पला गांव है।।
आदिम युग को लिए, गांव फिरता है फूला।
वर्तमान की छांव, अभी तक, वह नहीं भूला।
जहां इन्द्रियां शुद्ध शुद्ध सब, गांव जानता।
अलख चरित्री खेल, उसे बह नहीं मानता।
पंचों का जो न्याय, मानता ईश्वर लीला।
जीवन जीता रहा, बंधा ऐसे दृढ़ कीला।।
धर्म, जाति का दम्भ्, संस्कृति मान रहा है।
परबस कितना हुआ, सभी कुछ जान रहा है।
युग का क्या परिवेश, उसे वह नहीं जानता।
जो कुछ मिल जाए हाल, उसे उपलब्धि मानता।
शिक्षालय है गांव, सीख उससे कुछ ले लो।
और अधिक शुभ ज्ञान, बैठ चौपालें बयलो।।
गहरा सेवा भाव, शहर से अधिक गांव में।
हंसकर सब ही मिलै, बैठकर नींम छांव में।
समता का व्यवहार, चलन में अपना बैठा।
सच्चे मन से जियत, चलाता अपना रैंटा।
हिलमिल करता प्रीति, सुखों का जहां बसेरा।
लगता है जन मीत, राम राज्यी-सा डेरा।।
है नमन - है नमन, ग्राम्य रज - रेत को,
जिससे प्यारा, दुलारा, ये जीवन बना।
उसके प्यारों को मनमस्त,, भूला नहीं।
नेह, स्नेह पाया, घना सा घना।।
शूल-भी, फूल से बनके प्यारे लगे,
जिसकी माटी ने, इस तन को शक्ति दई।
जिन्दगी की बहारौं को मौसम दिया,
खुशनुमा -सी, इस जीवन की राहैं भईं।
उन ही राहों पर, चलते रहे हम सदां,
राहगीरों सफर - सा, सुहाना बना।।
चांदनी रात में, खेल खेल कई,
रोशनी के सुहाने सफर को जिया।
गुलशनों की बहारैं मिलीं हर कहीं,
गीत, गाते अजाने ही, जीवन जिया।
राह, हंसते सितारों से नजरें मिलीं,
चांद से भी, घना दोस्ताना बना।।
सारीं खुशियों का, वो ही खजाना रहा,
मोद, आमोद के स्वप्न साजे सभी।
सुख पाया घना-सा तेरी गोद में,
याद सब कुछ है अब तक, न भूला कभी।
बहुत ऐहसान तेरे हैं मुझ पर, वतन,
होता बलिहार, स्नेह तुझसे घना।।
सच में गांव प्रमाण गांव की भाषा बोलत।
कितने हल्के शहर, तराजू पर, सब तौलत।
इतने भावुक राम, बेर शबरी के खाए।
सच्चा प्रेम निर्वाह, बिदुर घर, कृष्ण अघाए।
पारलोक- सा धाम, गांव है, गांव सरीखा।
उपमा में, बे-जोड़ करो चाहे, लाख परीक्षा।।
रच-पच मन में बसा, गांव का प्यारा जीवन।
अपने घर में बैठ, सीं रहा, उधड़ी-सींवन।
शुद्ध हवा, जलधार, गांव में ही मिल पाती।
बिना रोग के यहां, रबी की किरणें आतीं।
सब कुछ सह कर जिएं, गांव के भोले वासी।
मान, पान, अभिमान, त्याग, बन गए, सुख राशि।।
शुद्ध संस्कृति जहां, घूमती है गलियारे।
मिलत प्रकाशित यहां, द्वीप दीपक उजियारे।
शहरों में भर गई, नशीली-नफरत लीला।
गांव इन्हीं से दूर, जियत- जीवन, कर गीला।
नहीं देखे जिन गांव, लगै सब, झीना झीना।
अधिक समझना अगर, गांव में आकर, जी ना।।
अक्सर भटका मिला शहर में नव पीढ़ी नर।
अपनी गलती आप-कोशता है, जीवन भर।
सुनकर भी नहीं सुने, बुजुर्गों की, सत वाणी।
नहीं सुनने की चाह, क्या उपदेश कहानी।
भाग दौड़ इतनी कि, बचपन बीत गया कब।
आता है जब होश, बहुत पछताता है तब।।
प्रकृति प्रेयसी आन खड़ी है, इस बसंत के द्वार।
रंग-बिरंगे, कुशुम दलों, का पहनाने मृदु हार।।
अरमानों की अमित गंध ने, डाला यहां बसेरा।
नव-ऊषा, मुस्कान लिए ही, आया यहां सवेरा।
हंस-मुस्कातीं चलीं तारिका, रून-झुन गीत सुनातीं।
चिडि़यों के कलख से भागा, मानो यहां अंधेरा।
सुमन-सुअर्पण हंसते कर रही, ज्यौं उपहार, बहार।।
कितनी मधुर लग रही देखो, कलियों की अरूणाई।
नई कौयलों ने अंगड़ाकर लई नई अंगड़ाई।
सोहैं गेशू घन-बादल से, अंगड़ाती, अंगड़ाई।
देह-यष्टि की अनुपम झांकी पर बलि है, स्मार।।
गलियन उड़त पराग मनोरम, भ्रमर नृतय अलबेला।
आम्र मंजरी, डोलि बुकाती, दे-दे करके हेला।
बौराईं-सी दसौं-दिशा भईं जिसे नियति हंस, झेला।
डम-डम डमरू बजा, खड़े शिव, तांडव-नृत्य-विहार।।
धरा-गगन आश्चर्य भरे हैं, ऋषियन खुल गई तारी।
मरियादाएं छोड़ चल पड़े, अग जग जंगम सारी।
सृष्टि प्रलय क्या। चिंतित ब्रम्हा चतुर मुखों से झांका।
धन्य-धन्य हो। ऋतुराज तुम यौं, कह, ब्रम्हा पुकारी।
ततक्षण सब मनमस्त हो गया, मरियादित संसार।।
| अपनी मातृ-भू के, प्यारे-प्यारे गांवों को, प्यार करने वाले, सुधी चिंतकों के, कर कमलों में सादर। जीवन को स्वस्थ्य और समृद्ध बनाने वाली पावन ग्राम-स्थली जहां जीवन की सभी मूलभूत सुविधाऐं प्राप्त होती हैं, उस अंचल में आने का आग्रह इस कविता संगह 'गांव की तलाश 'में किया गया है। यह पावन स्थली श्रमिक और अन्नदाताओं के श्रमकणों से पूर्ण समृद्ध है जिसे एक बार आकर अवश्य देखने का प्रयास करें। इन्हीं आशाओं के साथ, आपके आगमन की प्रती्क्षा में यह धरती लालायित है। मुझे लक्ष्य तक जाना साथी, हार-जीत नहीं सोची मन में।। आशाओं के तार पुरे हैं, कहीं निराशा जगह न पाती। उन्नत चोटी की धरती पर, मैंने बांची निरभ्य पाती।। नहीं अंधेरे मग टकराए जल का प्लावन था, हर घन में।। हाथों में थी विमल रोशनी ज्वलत दीप थे सूरज चंदा। चीर दिया था, तम का सीना, नहीं फसा मैं, जग के फंदा।। झंझाऐं नहीं रोक सकेंगी, अंगद पैर, जमे है मग में।। विजय चूमती मेरे पग को, अडि़ग पगों से, छोटा भा मग। नहीं बुझी लौ, उम्मीदों की, उम्मीदों से है सारा जग। रस्ता, अपने आप बन गया, देरी लगी नहीं, एक क्षण में।। नाम जिंदगी का जानो अब, बदलावों का भरा समंदर। नहीं रोक पाएंगे मुझको, कितनेऊ गहरे, खाई खन्दर। भटका वही, जो चला नहीं है, चाह लक्ष्य की, साथी मन में।।। मेहनत के सब साज, अखाड़ा यहां मेहनत का। कहां कुपोषण रोग, केन्द्र यह है शैहत का । छोटे- मोटे रोग, गांव तो जान न पाते। कब आते हैं, और कबै वापिस हो जाते। सब कुछ देखत गांव, दूर दृष्टि है उसकी। फिर भी है अंजान, प्यार की अनुपम बस्ती।। पूत पालने पांव, देख लेता है भाई। और कौंख में पली बात नहिं छुपै - छुपाई। दीवालों के पार उसी ने सब कुछ जाना। लगे लंगोटी दाग, सिकन को भी पहिचाना। आंखें, भौंह मिशाल, पांव की ठुमका ठुमकी। जानत-शास्त्रीय अर्थ, वे बिंदिया कैसे चमकी।। सडक नहीं तब राह बना, मेहनत बोता था। अब कितना बेचैन, चैन से जो सोता था। सड़क शहर से आय, गांव को खींच रही है। खिंचत दिखे हैं गांव, बात अनकही, कही है। चलन, सभ्यता आदि, बदलती दिखी गांव की। पहुंच गया बाजार, बिक गई छांव, गांव की।। सब कुछ बिकते दिखा, गांव ही, हाट हो गया। बदल गया ब्यौहार, सही में भाट हो गया। बिछे सड़क के जाल, गांव की अजब कहानी। सुख का वह संसार, हो गया - पानी -पानी। समझ नहीं कोउ सके, बदल दी चाल हमारी। बिन कीमत हो गए, उधड़ रही खाल हमारी।। पटवारी के साथ, शहर गांवों में आया। लिए दरोगा संग, शहर ने रौब जमाया। रिश्वत, लालच-जाल, जाल में फंस गया गांव। चले समेटते शहर ओर, अपने सब सांमां। चुस रहे जौंक संमान, पुलिस हो या अधिकारी। रांधी मेहनत खीर, चर गए सब - सरकारी ।। सब्जी, दूध, अनाज, पसीना, शहर चला है। लोभ - सुरा का रोग, गांव में आज पला है। पुडि़या बो रही जहर, सिगरेट, यहां मौत को। जानबूझ कैं मरबैं, इन्हें समुझाय, बहुत को। भोले-भाले गांव, जहां जीवन था - भोला। शहरों की खा हवा, बदल लओ, अपना चोला।। मैड़े का वट- पीपल, म्हांरे गांवों की पहिचान। स्वागत में फैलाकर बांहैं, करता है सम्मान।। आओ साजन, बैठ छांव में कुछ क्षण तो सुस्ता लो।। कुअला पानी पियो प्रेम से, कुछ तो समय बितालो। इसी शैर से चलते जाना, यही गांव की शान।। गांव, देश पहिचान।। मंदिर ऊपर, सुघर-सुराही बह है मेरा गांव। झण्डा बुला रहा फहराकर, चलो - अपन पौ - पांव।। मंदिर घाट, सरित के तीरे, सीढिन सरित नहाय। घने वृक्ष लूमत तट प्यारे, पंचवटी - सी छांव। शीतल जल से, सरित भरी जो गाती निर्झर तान। गांव, देश पहिचान।। ताल वृक्ष वे, खरी जुन्हैया, में भी, मार्ग बताते। भटक नहीं पाओगे साथी, हौलें से, बतियाते। पत्थर कोल्हू खड़ा तिराहा, पहाड़ी करके, जाओ। पहुंच जाओगे, अपने ही घर, मंदिर घंटा गाते। चौपालों पर बैठे होंगे, कोई वृद्ध - सुजान।। गांव देश पहिचान।। गढ़ी दिख रही उस पहाड़ी पर, वह है गांव हमार। उच्च सुराही है वाड़े की पीपल ठाड़ा न्यारा। ऐसी कई एक पहिचानें , गांव गांव में पाओ। शहरों की भटकन से बचलो, यह मनमस्ती नारा। जरा आओ तो । देश के गांवनें, बनो गांव मेहमान।। गांव देश की शान।। उलझत - सुलझत सब रहते जहां सगुन जाल में। जहां छींक के, अधिक भाव में, रमण काल में। बिल्ली काटत गैल, मिलै बिध्वा जो अकेली। सांप दर्श कहीं होय, राह मिलै कान्हा, जेली। ज्योतिष तांत्रिक ठगा, यहां अनभिज्ञ गांव है। अपशगुनों की विषम बाढ़ में पला गांव है।। आदिम युग को लिए, गांव फिरता है फूला। वर्तमान की छांव, अभी तक, वह नहीं भूला। जहां इन्द्रियां शुद्ध शुद्ध सब, गांव जानता। अलख चरित्री खेल, उसे बह नहीं मानता। पंचों का जो न्याय, मानता ईश्वर लीला। जीवन जीता रहा, बंधा ऐसे दृढ़ कीला।। धर्म, जाति का दम्भ्, संस्कृति मान रहा है। परबस कितना हुआ, सभी कुछ जान रहा है। युग का क्या परिवेश, उसे वह नहीं जानता। जो कुछ मिल जाए हाल, उसे उपलब्धि मानता। शिक्षालय है गांव, सीख उससे कुछ ले लो। और अधिक शुभ ज्ञान, बैठ चौपालें बयलो।। गहरा सेवा भाव, शहर से अधिक गांव में। हंसकर सब ही मिलै, बैठकर नींम छांव में। समता का व्यवहार, चलन में अपना बैठा। सच्चे मन से जियत, चलाता अपना रैंटा। हिलमिल करता प्रीति, सुखों का जहां बसेरा। लगता है जन मीत, राम राज्यी-सा डेरा।। है नमन - है नमन, ग्राम्य रज - रेत को, जिससे प्यारा, दुलारा, ये जीवन बना। उसके प्यारों को मनमस्त,, भूला नहीं। नेह, स्नेह पाया, घना सा घना।। शूल-भी, फूल से बनके प्यारे लगे, जिसकी माटी ने, इस तन को शक्ति दई। जिन्दगी की बहारौं को मौसम दिया, खुशनुमा -सी, इस जीवन की राहैं भईं। उन ही राहों पर, चलते रहे हम सदां, राहगीरों सफर - सा, सुहाना बना।। चांदनी रात में, खेल खेल कई, रोशनी के सुहाने सफर को जिया। गुलशनों की बहारैं मिलीं हर कहीं, गीत, गाते अजाने ही, जीवन जिया। राह, हंसते सितारों से नजरें मिलीं, चांद से भी, घना दोस्ताना बना।। सारीं खुशियों का, वो ही खजाना रहा, मोद, आमोद के स्वप्न साजे सभी। सुख पाया घना-सा तेरी गोद में, याद सब कुछ है अब तक, न भूला कभी। बहुत ऐहसान तेरे हैं मुझ पर, वतन, होता बलिहार, स्नेह तुझसे घना।। सच में गांव प्रमाण गांव की भाषा बोलत। कितने हल्के शहर, तराजू पर, सब तौलत। इतने भावुक राम, बेर शबरी के खाए। सच्चा प्रेम निर्वाह, बिदुर घर, कृष्ण अघाए। पारलोक- सा धाम, गांव है, गांव सरीखा। उपमा में, बे-जोड़ करो चाहे, लाख परीक्षा।। रच-पच मन में बसा, गांव का प्यारा जीवन। अपने घर में बैठ, सीं रहा, उधड़ी-सींवन। शुद्ध हवा, जलधार, गांव में ही मिल पाती। बिना रोग के यहां, रबी की किरणें आतीं। सब कुछ सह कर जिएं, गांव के भोले वासी। मान, पान, अभिमान, त्याग, बन गए, सुख राशि।। शुद्ध संस्कृति जहां, घूमती है गलियारे। मिलत प्रकाशित यहां, द्वीप दीपक उजियारे। शहरों में भर गई, नशीली-नफरत लीला। गांव इन्हीं से दूर, जियत- जीवन, कर गीला। नहीं देखे जिन गांव, लगै सब, झीना झीना। अधिक समझना अगर, गांव में आकर, जी ना।। अक्सर भटका मिला शहर में नव पीढ़ी नर। अपनी गलती आप-कोशता है, जीवन भर। सुनकर भी नहीं सुने, बुजुर्गों की, सत वाणी। नहीं सुनने की चाह, क्या उपदेश कहानी। भाग दौड़ इतनी कि, बचपन बीत गया कब। आता है जब होश, बहुत पछताता है तब।। प्रकृति प्रेयसी आन खड़ी है, इस बसंत के द्वार। रंग-बिरंगे, कुशुम दलों, का पहनाने मृदु हार।। अरमानों की अमित गंध ने, डाला यहां बसेरा। नव-ऊषा, मुस्कान लिए ही, आया यहां सवेरा। हंस-मुस्कातीं चलीं तारिका, रून-झुन गीत सुनातीं। चिडि़यों के कलख से भागा, मानो यहां अंधेरा। सुमन-सुअर्पण हंसते कर रही, ज्यौं उपहार, बहार।। कितनी मधुर लग रही देखो, कलियों की अरूणाई। नई कौयलों ने अंगड़ाकर लई नई अंगड़ाई। सोहैं गेशू घन-बादल से, अंगड़ाती, अंगड़ाई। देह-यष्टि की अनुपम झांकी पर बलि है, स्मार।। गलियन उड़त पराग मनोरम, भ्रमर नृतय अलबेला। आम्र मंजरी, डोलि बुकाती, दे-दे करके हेला। बौराईं-सी दसौं-दिशा भईं जिसे नियति हंस, झेला। डम-डम डमरू बजा, खड़े शिव, तांडव-नृत्य-विहार।। धरा-गगन आश्चर्य भरे हैं, ऋषियन खुल गई तारी। मरियादाएं छोड़ चल पड़े, अग जग जंगम सारी। सृष्टि प्रलय क्या। चिंतित ब्रम्हा चतुर मुखों से झांका। धन्य-धन्य हो। ऋतुराज तुम यौं, कह, ब्रम्हा पुकारी। ततक्षण सब मनमस्त हो गया, मरियादित संसार।। |
- 58 min ago बॉलीवुड को लेकर एक्ट्रेस ने दिया विवादित बयान, बोलीं- अगर बॉलीवुड में लांच हुई होती तो कपड़े उतरवा देते...'
Don't Miss!
कोरोना की वजह से हुए इस लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के कई केस सामने आए हैं। भारत ही नहीं, दुनियाभर में लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। ये स्थिति बेहद निराशाजनक है। जहां एक ओर इंसान कोरोना जैसी महारारी से जूझ रहा है, वहीं लोग घरेलू हिंसा का शिकार भी बन रहे हैं। लिहाजा, इस मु्द्दे को उठाने के लिए और लोगों को जागरूक करने के लिए बॉलीवुड सितारे और खिलाड़ी साथ आए हैं।
एक वीडियो के जरिए घरेलू हिंसा पर भी लॉकाउन लगाने की मांग की गई है। इस वीडियो को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शेयर किया है। इस वीडियो में अनुष्का शर्मा, विद्या बालन, माधुरी दीक्षित, फरहान अख्तर, राहुल बोस, दीया मिर्जा और करण जौहर जैसे बॉलीवुड और सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा और मिताली राज जैसे खिलाड़ी शामिल हुए हैं।
वीडियो में कहा गया है- सभी पुरषों को हम कहते हैं, यही समय है हिंसा के खिलाफ बोलने का.. महिलाओं से हम कहना चाहते हैं- यही समय है अपनी चुप्पी तोड़ने का.. अगर आप घेरलू हिंसा का शिकार हैं, फिर चाहे वो घर पर हों, आपको रिपोर्ट करना चाहिए.. घरेलू हिंसा पर भी लॉकडाउन लगाया जाए..
इस मुहिम के साथ बॉलीवुड सितारे और खिलाड़ियां का जुड़ना काबिले तारीफ है। कोरोना की जंग में भी सेलेब्रिटीज ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है और लोगों को जागरूक करते नजर आए हैं।
Viral Video: बंद कमरे में लड़कियों ने की ऐसी हरकत, वीडियो देख भड़के यूजर्स, बोले- 'पढ़ने लिखने की उम्र में...'
| - अट्ठावन मिनट ago बॉलीवुड को लेकर एक्ट्रेस ने दिया विवादित बयान, बोलीं- अगर बॉलीवुड में लांच हुई होती तो कपड़े उतरवा देते...' Don't Miss! कोरोना की वजह से हुए इस लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के कई केस सामने आए हैं। भारत ही नहीं, दुनियाभर में लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। ये स्थिति बेहद निराशाजनक है। जहां एक ओर इंसान कोरोना जैसी महारारी से जूझ रहा है, वहीं लोग घरेलू हिंसा का शिकार भी बन रहे हैं। लिहाजा, इस मु्द्दे को उठाने के लिए और लोगों को जागरूक करने के लिए बॉलीवुड सितारे और खिलाड़ी साथ आए हैं। एक वीडियो के जरिए घरेलू हिंसा पर भी लॉकाउन लगाने की मांग की गई है। इस वीडियो को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शेयर किया है। इस वीडियो में अनुष्का शर्मा, विद्या बालन, माधुरी दीक्षित, फरहान अख्तर, राहुल बोस, दीया मिर्जा और करण जौहर जैसे बॉलीवुड और सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा और मिताली राज जैसे खिलाड़ी शामिल हुए हैं। वीडियो में कहा गया है- सभी पुरषों को हम कहते हैं, यही समय है हिंसा के खिलाफ बोलने का.. महिलाओं से हम कहना चाहते हैं- यही समय है अपनी चुप्पी तोड़ने का.. अगर आप घेरलू हिंसा का शिकार हैं, फिर चाहे वो घर पर हों, आपको रिपोर्ट करना चाहिए.. घरेलू हिंसा पर भी लॉकडाउन लगाया जाए.. इस मुहिम के साथ बॉलीवुड सितारे और खिलाड़ियां का जुड़ना काबिले तारीफ है। कोरोना की जंग में भी सेलेब्रिटीज ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है और लोगों को जागरूक करते नजर आए हैं। Viral Video: बंद कमरे में लड़कियों ने की ऐसी हरकत, वीडियो देख भड़के यूजर्स, बोले- 'पढ़ने लिखने की उम्र में...' |
एडमंटन। रामकुमार रामनाथन की पहले उलट एकल मैच में हार के साथ ही भारत का लगातार चौथे वर्ष डेविस कप विश्व ग्रुप में पहुंचने का सपना टूट गया। भारत को कनाडा के हाथों विश्व ग्रुप प्ले ऑफ मुकाबले में 2-3 से हार का सामना करना पड़ा।
भारत यह मुकाबला हार जाने के बाद अब अगले वर्ष एशिया ओसनिया जोन ग्रुप एक में खेलने लौटेगा। रामकुमार ने अपना पहला एकल मैच जीता था, लेकिन रविवार को पहले उलट एकल में उन्हें विश्व के 51वें नंबर के खिलाड़ी डेनिस शापोवालोव से हार का सामना करना पड़ा।
शापोवालोव ने रामकुमार को लगातार सेटों में 6-3, 7-6, 6-3 से हराकर कनाडा को 3-1 की विजयी बढ़त दिला दी। रामकुमार की हार के बाद अंतिम उलट एकल मैच औपचारिकता मात्र रह गया और इसे बेस्ट ऑफ थ्री सेट का कर दिया गया।
यूकी ने महज औपचारिकता मात्र रह गए पांचवें मैच में ब्रेडन शनर को 6-4, 4-6, 6-4 से हराकर भारत की हार का अंतर घटाकर 2-3 किया। भारत इसके साथ ही लगातार चौथी बार प्ले ऑफ की बाधा पार करने में विफल रहा। पिछले तीन प्रयासों में भारत को सर्बिया, चेक गणराज्य और स्पेन के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा था और इस बार कनाडा ने उसकी उम्मीदों को तोड़ दिया। भारत को शनिवार को युगल मैच हारना अंत में भारी पड़ गया।
कनाडा ने इस तरह पिछले साल फरवरी में ब्रिटेन के खिलाफ पहले दौर में मिली शिकस्त के बाद 16 देशों के विश्व ग्रुप में वापसी कर ली। कनाडा अब 2018 में विश्व ग्रुप में खेलेगा। युगल में रोहन बोपन्ना और पूरव राजा की हार के बाद भारत की सारी उम्मीदें रामकुमार पर टिकी हुई थीं1 भारत को मुक़ाबला जीतने के लिए अंतिम दोनों मैच जीतने थे।
अपना पहला मैच शानदार अंदाज में जीतने वाले रामकुमार विश्व के 51वें नंबर के खिलाड़ी शापोवालोव की चुनौती से पार नहीं पा सके, जिन्होंने हाल ही में जुआन मार्टिन डेल पोत्रो और राफेल नडाल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को हराया था।
पहले उलट एकल मैच में रामकुमार जब तक संभल पाते तब तक शापोवालोव ने पहले गेम में उनकी सर्विस तोड़कर 4-1 की बढ़त बना ली थी। बाएं हाथ के खिलाड़ी शापोवालोव ने पहले आठ गेम में सिर्फ तीन अंक गंवाए। रामकुमार को कुछ शानदार रिटर्न की बदौलत नौवें गेम में दो ब्रेक अंक मिले लेकिन उन्होंने इन दोनों को बचाने के बाद ऐस के साथ पहला सेट अपने नाम किया।
रामकुमार ने दूसरे सेट में बेहतर प्रदर्शन किया और एक समय 5-4 से आगे चल रहे थे। रामकुमार को 12वें गेम में चार सेट अंक मिले लेकिन वह एक का भी फायदा नहीं उठा पाए और अंततः टाइब्रेक में मैच के अपने पांचवें डबल फाल्ट के साथ उन्होंने दूसरा सेट भी गंवा दिया। दबाव के बावजूद शापोवालोव ने दूसरे सेट के अंतिम 15 में से 13 अंक जीते और टाइब्रेक 7-1 से अपने नाम किया 1 रामकुमार छह में से एक भी ब्रेक अंक का फायदा नहीं उठा पाए।
तीसरे सेट के छठे गेम में शापोवालोव ने रामकुमार की सर्विस तोड़कर 4-2 की बढ़त बनाई और फिर नौवें गेम में भारतीय खिलाड़ी की बेजां भूल के साथ सेट, मैच और मुकाबला कनाडा के नाम कर दिया। कनाडाई खिलाड़ी ने यह मैच दो घंटे पांच मिनट में जीता। (वार्ता)
| एडमंटन। रामकुमार रामनाथन की पहले उलट एकल मैच में हार के साथ ही भारत का लगातार चौथे वर्ष डेविस कप विश्व ग्रुप में पहुंचने का सपना टूट गया। भारत को कनाडा के हाथों विश्व ग्रुप प्ले ऑफ मुकाबले में दो-तीन से हार का सामना करना पड़ा। भारत यह मुकाबला हार जाने के बाद अब अगले वर्ष एशिया ओसनिया जोन ग्रुप एक में खेलने लौटेगा। रामकुमार ने अपना पहला एकल मैच जीता था, लेकिन रविवार को पहले उलट एकल में उन्हें विश्व के इक्यावनवें नंबर के खिलाड़ी डेनिस शापोवालोव से हार का सामना करना पड़ा। शापोवालोव ने रामकुमार को लगातार सेटों में छः-तीन, सात-छः, छः-तीन से हराकर कनाडा को तीन-एक की विजयी बढ़त दिला दी। रामकुमार की हार के बाद अंतिम उलट एकल मैच औपचारिकता मात्र रह गया और इसे बेस्ट ऑफ थ्री सेट का कर दिया गया। यूकी ने महज औपचारिकता मात्र रह गए पांचवें मैच में ब्रेडन शनर को छः-चार, चार-छः, छः-चार से हराकर भारत की हार का अंतर घटाकर दो-तीन किया। भारत इसके साथ ही लगातार चौथी बार प्ले ऑफ की बाधा पार करने में विफल रहा। पिछले तीन प्रयासों में भारत को सर्बिया, चेक गणराज्य और स्पेन के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा था और इस बार कनाडा ने उसकी उम्मीदों को तोड़ दिया। भारत को शनिवार को युगल मैच हारना अंत में भारी पड़ गया। कनाडा ने इस तरह पिछले साल फरवरी में ब्रिटेन के खिलाफ पहले दौर में मिली शिकस्त के बाद सोलह देशों के विश्व ग्रुप में वापसी कर ली। कनाडा अब दो हज़ार अट्ठारह में विश्व ग्रुप में खेलेगा। युगल में रोहन बोपन्ना और पूरव राजा की हार के बाद भारत की सारी उम्मीदें रामकुमार पर टिकी हुई थींएक भारत को मुक़ाबला जीतने के लिए अंतिम दोनों मैच जीतने थे। अपना पहला मैच शानदार अंदाज में जीतने वाले रामकुमार विश्व के इक्यावनवें नंबर के खिलाड़ी शापोवालोव की चुनौती से पार नहीं पा सके, जिन्होंने हाल ही में जुआन मार्टिन डेल पोत्रो और राफेल नडाल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को हराया था। पहले उलट एकल मैच में रामकुमार जब तक संभल पाते तब तक शापोवालोव ने पहले गेम में उनकी सर्विस तोड़कर चार-एक की बढ़त बना ली थी। बाएं हाथ के खिलाड़ी शापोवालोव ने पहले आठ गेम में सिर्फ तीन अंक गंवाए। रामकुमार को कुछ शानदार रिटर्न की बदौलत नौवें गेम में दो ब्रेक अंक मिले लेकिन उन्होंने इन दोनों को बचाने के बाद ऐस के साथ पहला सेट अपने नाम किया। रामकुमार ने दूसरे सेट में बेहतर प्रदर्शन किया और एक समय पाँच-चार से आगे चल रहे थे। रामकुमार को बारहवें गेम में चार सेट अंक मिले लेकिन वह एक का भी फायदा नहीं उठा पाए और अंततः टाइब्रेक में मैच के अपने पांचवें डबल फाल्ट के साथ उन्होंने दूसरा सेट भी गंवा दिया। दबाव के बावजूद शापोवालोव ने दूसरे सेट के अंतिम पंद्रह में से तेरह अंक जीते और टाइब्रेक सात-एक से अपने नाम किया एक रामकुमार छह में से एक भी ब्रेक अंक का फायदा नहीं उठा पाए। तीसरे सेट के छठे गेम में शापोवालोव ने रामकुमार की सर्विस तोड़कर चार-दो की बढ़त बनाई और फिर नौवें गेम में भारतीय खिलाड़ी की बेजां भूल के साथ सेट, मैच और मुकाबला कनाडा के नाम कर दिया। कनाडाई खिलाड़ी ने यह मैच दो घंटे पांच मिनट में जीता। |
झाड़ू के मान-सम्मान से घटती-बढती हैं घर की आमदनी. . वास्तु की मान्यता है कि घर के कचरे में कई प्रकार की नकारात्मक शक्तियां विद्यमान होती हैं जो घर और वहां रहने वाले सभी सदस्यों पर बुरा प्रभाव डालती हैं। इसके साथ ही परिवार की सुख-शांति में भी परेशानियां उत्पन्न हो जाती हैं। इनसे निजात पाने के लिए घर को एकदम साफ और स्वच्छ रखने के लिए झाड़ू का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। शास्त्रों में झाड़ू को देवी लक्ष्मी का रूप माना है अतः इसका किसी भी प्रकार से अनादर नहीं होना चाहिए।
- - यदि घर में झाड़ू सबके सामने रखा जाता है तो कई बार अन्य लोगों के पैर उस पर लगते हैं जो कि अशुभ है। इससे घर पर बुरी शक्तियों का प्रभाव बढ़ता है और धन संबंधी परेशानियां भी बढ़ती हैं। इसी वजह से झाड़ू को एक तरफ छुपाकर रखना चाहिए, जहां किसी की नजर ना पहुंच सके। झाड़ू को दरवाजे के पीछे रखना काफी शुभ माना गया है। देवी लक्ष्मी का पूरा सम्मान करने पर ही वे हमारे घर पर कृपा बनाए रखेंगी।
- - शास्त्रों के अनुसार धन से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर करने के लिए धन की देवी महालक्ष्मी की आराधना श्रेष्ठ उपाय है। इसके साथ ही सभी के घर में साफ-सफाई के लिए झाड़ू अवश्य ही होती है। झाड़ू को महालक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है जो गंदगी और धूल मिट्टी में निवास करने वाली दरिद्रता को रोज हमारे घर से बाहर करती है।
- - -घर की साफ-सफाई सभी करते हैं और इस काम के लिए घरों में झाड़ू अवश्य ही रहती है। शास्त्रों के अनुसार झाड़ू के संबंध कई महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं। झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है, जब यह घर की गंदगी, धूल-मिट्टी साफ करती है तो इसका मतलब यही है कि देवी महालक्ष्मी हमारे घर से दरिद्रता को बाहर निकाल देती है। घर में कई वस्तुएं होती हैं कुछ बहुत सामान्य रहती है। इनकी ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। ऐसी चीजों में से एक है झाड़ू। जब भी साफ-सफाई करना हो तभी झाड़ू का काम होता है। अन्यथा इसकी ओर कोई ध्यान नहीं देता। घर यदि साफ और स्वच्छ रहेगा तो हमारे जीवन में धन संबंधी कई परेशानियां स्वतः ही दूर हो जाती हैं। जब घर में झाड़ू का इस्तेमाल न हो, तब उसे नजरों के सामने से हटाकर रखना चाहिए।
- - जब घर में झाड़ू का कार्य न हो तब उसे ऐसे स्थान पर रखा जाता है जहां किसी की नजर न पड़े। वास्तु के अनुसार भी ऐसी मान्यता है कि यदि झाड़ू बाहर दिखाई देती है तो घर में कलह होता है। साथ ही माना जाता है कि झाड़ू का पैर लगने से उसका अपमान होता है। इसीलिए झाड़ू को हमेशा छुपाकर रखना चाहिए जहां किसी की नजर एकदम ना पड़े क्योंकि मान्यता है कि इससे घर की बरकत जाती है।
- - -झाड़ू वैसे तो एक सामान्य सी चीज है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। प्राचीन परंपराओं को मानने वाले लोग आज भी झाड़ू पर पैर लगने के बाद उसे प्रणाम करते हैं क्योंकि झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है।
- - -विद्वानों के अनुसार झाड़ू पर पैर लगने से महालक्ष्मी का अनादर होता है। झाड़ू घर का कचरा बाहर करती है और कचरे को दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। जिस घर में पूरी साफ-सफाई रहती है वहां धन, संपत्ति और सुख-शांति रहती है। इसके विपरित जहां गंदगी रहती है वहां दरिद्रता का वास होता है। ऐसे घरों में रहने वाले सभी सदस्यों को कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी कारण घर को पूरी तरह साफ रखने पर जोर दिया जाता है ताकि घर की दरिद्रता दूर हो सके और महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सके।
- - -घर से दरिद्रता रूपी कचरे को दूर करके झाड़ू यानि महालक्ष्मी हमें धन-धान्य, सुख-संपत्ति प्रदान करती है। जब घर में झाड़ू का कार्य न हो तब उसे ऐसे स्थान पर रखा जाता है जहां किसी की नजर न पड़े। इसके अलावा झाड़ू को अलग रखने से उस पर किसी का पैर नहीं लगेगा जिससे देवी महालक्ष्मी का निरादर नहीं होगा।
- - -झाड़ू को कभी भी खड़ा नहीं रखना चाहिए।
- - ध्यान रहे झाड़ू पर जाने-अनजाने पैर नहीं लगने चाहिए, इससे महालक्ष्मी का अपमान होता है।
- - -झाड़ू हमेशा साफ रखें ,गिला न छोडे ।
- - -ज्यादा पुरानी झाड़ू को घर में न रखें।
- - झाड़ू को कभी घर के बाहर बिखरकर न फहके ,जलाना नहीं चाहिए।
- - शनिवार को पुरानी झाड़ू बदल देना चाहिए।
- - घर के मुख्य दरवाजा के पीछे एक छोटी झाड़ू टांगकर रखना चाहिए। इससे घर में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
- -पूजा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोने में झाडू व कूड़ेदान आदि नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में बरकत नहीं रहती है इसलिए वास्तु के अनुसार अगर संभव हो तो पूजा घर को साफ करने के लिए एक अलग से साफ कपड़े को रखें।
| झाड़ू के मान-सम्मान से घटती-बढती हैं घर की आमदनी. . वास्तु की मान्यता है कि घर के कचरे में कई प्रकार की नकारात्मक शक्तियां विद्यमान होती हैं जो घर और वहां रहने वाले सभी सदस्यों पर बुरा प्रभाव डालती हैं। इसके साथ ही परिवार की सुख-शांति में भी परेशानियां उत्पन्न हो जाती हैं। इनसे निजात पाने के लिए घर को एकदम साफ और स्वच्छ रखने के लिए झाड़ू का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। शास्त्रों में झाड़ू को देवी लक्ष्मी का रूप माना है अतः इसका किसी भी प्रकार से अनादर नहीं होना चाहिए। - - यदि घर में झाड़ू सबके सामने रखा जाता है तो कई बार अन्य लोगों के पैर उस पर लगते हैं जो कि अशुभ है। इससे घर पर बुरी शक्तियों का प्रभाव बढ़ता है और धन संबंधी परेशानियां भी बढ़ती हैं। इसी वजह से झाड़ू को एक तरफ छुपाकर रखना चाहिए, जहां किसी की नजर ना पहुंच सके। झाड़ू को दरवाजे के पीछे रखना काफी शुभ माना गया है। देवी लक्ष्मी का पूरा सम्मान करने पर ही वे हमारे घर पर कृपा बनाए रखेंगी। - - शास्त्रों के अनुसार धन से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर करने के लिए धन की देवी महालक्ष्मी की आराधना श्रेष्ठ उपाय है। इसके साथ ही सभी के घर में साफ-सफाई के लिए झाड़ू अवश्य ही होती है। झाड़ू को महालक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है जो गंदगी और धूल मिट्टी में निवास करने वाली दरिद्रता को रोज हमारे घर से बाहर करती है। - - -घर की साफ-सफाई सभी करते हैं और इस काम के लिए घरों में झाड़ू अवश्य ही रहती है। शास्त्रों के अनुसार झाड़ू के संबंध कई महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं। झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है, जब यह घर की गंदगी, धूल-मिट्टी साफ करती है तो इसका मतलब यही है कि देवी महालक्ष्मी हमारे घर से दरिद्रता को बाहर निकाल देती है। घर में कई वस्तुएं होती हैं कुछ बहुत सामान्य रहती है। इनकी ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। ऐसी चीजों में से एक है झाड़ू। जब भी साफ-सफाई करना हो तभी झाड़ू का काम होता है। अन्यथा इसकी ओर कोई ध्यान नहीं देता। घर यदि साफ और स्वच्छ रहेगा तो हमारे जीवन में धन संबंधी कई परेशानियां स्वतः ही दूर हो जाती हैं। जब घर में झाड़ू का इस्तेमाल न हो, तब उसे नजरों के सामने से हटाकर रखना चाहिए। - - जब घर में झाड़ू का कार्य न हो तब उसे ऐसे स्थान पर रखा जाता है जहां किसी की नजर न पड़े। वास्तु के अनुसार भी ऐसी मान्यता है कि यदि झाड़ू बाहर दिखाई देती है तो घर में कलह होता है। साथ ही माना जाता है कि झाड़ू का पैर लगने से उसका अपमान होता है। इसीलिए झाड़ू को हमेशा छुपाकर रखना चाहिए जहां किसी की नजर एकदम ना पड़े क्योंकि मान्यता है कि इससे घर की बरकत जाती है। - - -झाड़ू वैसे तो एक सामान्य सी चीज है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। प्राचीन परंपराओं को मानने वाले लोग आज भी झाड़ू पर पैर लगने के बाद उसे प्रणाम करते हैं क्योंकि झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है। - - -विद्वानों के अनुसार झाड़ू पर पैर लगने से महालक्ष्मी का अनादर होता है। झाड़ू घर का कचरा बाहर करती है और कचरे को दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। जिस घर में पूरी साफ-सफाई रहती है वहां धन, संपत्ति और सुख-शांति रहती है। इसके विपरित जहां गंदगी रहती है वहां दरिद्रता का वास होता है। ऐसे घरों में रहने वाले सभी सदस्यों को कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी कारण घर को पूरी तरह साफ रखने पर जोर दिया जाता है ताकि घर की दरिद्रता दूर हो सके और महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सके। - - -घर से दरिद्रता रूपी कचरे को दूर करके झाड़ू यानि महालक्ष्मी हमें धन-धान्य, सुख-संपत्ति प्रदान करती है। जब घर में झाड़ू का कार्य न हो तब उसे ऐसे स्थान पर रखा जाता है जहां किसी की नजर न पड़े। इसके अलावा झाड़ू को अलग रखने से उस पर किसी का पैर नहीं लगेगा जिससे देवी महालक्ष्मी का निरादर नहीं होगा। - - -झाड़ू को कभी भी खड़ा नहीं रखना चाहिए। - - ध्यान रहे झाड़ू पर जाने-अनजाने पैर नहीं लगने चाहिए, इससे महालक्ष्मी का अपमान होता है। - - -झाड़ू हमेशा साफ रखें ,गिला न छोडे । - - -ज्यादा पुरानी झाड़ू को घर में न रखें। - - झाड़ू को कभी घर के बाहर बिखरकर न फहके ,जलाना नहीं चाहिए। - - शनिवार को पुरानी झाड़ू बदल देना चाहिए। - - घर के मुख्य दरवाजा के पीछे एक छोटी झाड़ू टांगकर रखना चाहिए। इससे घर में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। - -पूजा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोने में झाडू व कूड़ेदान आदि नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में बरकत नहीं रहती है इसलिए वास्तु के अनुसार अगर संभव हो तो पूजा घर को साफ करने के लिए एक अलग से साफ कपड़े को रखें। |
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
पूर्वी ईरानी भाषाएँ और बाख़्त्री भाषा आम में 2 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): पश्तो भाषा, सोग़दा।
कोई विवरण नहीं।
३०० ईसापूर्व में सोग़दा का क्षेत्र एक चीनी शिल्प-वस्तु पर सोग़दाई लोगों का चित्रण सोग़दाई व्यापारी भगवान बुद्ध को भेंट देते हुए (बाएँ की तस्वीर के निचले हिस्से को दाई तरफ़ बड़ा कर के दिखाया गया है) सोग़दा, सोग़दिया या सोग़दियाना (ताजिकः Суғд, सुग़्द; तुर्कीः Soğut, सोग़ुत) मध्य एशिया में स्थित एक प्राचीन सभ्यता थी। यह आधुनिक उज़्बेकिस्तान के समरक़न्द, बुख़ारा, ख़ुजन्द और शहर-ए-सब्ज़ के नगरों के इलाक़े में फैली हुई थी। सोग़दा के लोग एक सोग़दाई नामक भाषा बोलते थे जो पूर्वी ईरानी भाषा थी और समय के साथ विलुप्त हो गई। माना जाता है कि आधुनिक काल के ताजिक, पश्तून और यग़नोबी लोगों में से बहुत इन्ही सोग़दाई लोगों के वंशज हैं। .
पूर्वी ईरानी भाषाएँ 15 संबंध है और बाख़्त्री भाषा 14 है। वे आम 2 में है, समानता सूचकांक 6.90% है = 2 / (15 + 14)।
यह लेख पूर्वी ईरानी भाषाएँ और बाख़्त्री भाषा के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
| शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। पूर्वी ईरानी भाषाएँ और बाख़्त्री भाषा आम में दो बातें हैं : पश्तो भाषा, सोग़दा। कोई विवरण नहीं। तीन सौ ईसापूर्व में सोग़दा का क्षेत्र एक चीनी शिल्प-वस्तु पर सोग़दाई लोगों का चित्रण सोग़दाई व्यापारी भगवान बुद्ध को भेंट देते हुए सोग़दा, सोग़दिया या सोग़दियाना मध्य एशिया में स्थित एक प्राचीन सभ्यता थी। यह आधुनिक उज़्बेकिस्तान के समरक़न्द, बुख़ारा, ख़ुजन्द और शहर-ए-सब्ज़ के नगरों के इलाक़े में फैली हुई थी। सोग़दा के लोग एक सोग़दाई नामक भाषा बोलते थे जो पूर्वी ईरानी भाषा थी और समय के साथ विलुप्त हो गई। माना जाता है कि आधुनिक काल के ताजिक, पश्तून और यग़नोबी लोगों में से बहुत इन्ही सोग़दाई लोगों के वंशज हैं। . पूर्वी ईरानी भाषाएँ पंद्रह संबंध है और बाख़्त्री भाषा चौदह है। वे आम दो में है, समानता सूचकांक छः.नब्बे% है = दो / । यह लेख पूर्वी ईरानी भाषाएँ और बाख़्त्री भाषा के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः |
IPL 2023: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2023) का 22वां मैच रविवार को मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स (MI Vs KKR) के बीच खेला गया. पांच बार की चैंपियन MI ने KKR को पांच विकेट से हराकर इस सीजन की अपनी दूसरी जीत हासिल की है. इस मैच में मुंबई इंडियंस की कप्तानी रोहित शर्मा की जगह सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) कर रहे थे. आईपीएल में पहली बार कप्तानी कर उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाया लेकिन उन्हें इस मैच में जुर्माना भी भरना पड़ा. वहीं KKR के नितीश राणा और MI के गेंदबाज ऋतिक शौकीन पर भी जुर्माना लगा है.
सूर्यकुमार पर यह जुर्माना मैच में आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर लगाया गया है. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान सूर्यकुमार की टीम पर धीमी ओवर गति (slow over-rate) बनाए रखने के बाद जुर्माना ठोका गया है. आईपीएल ने एक बयान में बताया कि जैसा कि आईपीएल की स्लो ओवर-रेट अपराधों से संबंधित आचार संहिता के तहत मुंबई की टीम का सीजन का यह पहला अपराध था, इसलिए सूर्यकुमार यादव पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
दरअसल, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स (MI Vs KKR) के बीच हुए मुकाबले में KKR पहले बल्लेबाजी करने उतरी. इस दौरान जब नितीश राणा बल्लेबाजी करने आए तो वह MI के गेंदबाज ऋतिक शौकीन से भिड़ गए. जिसको लेकर नितीश राणा पर आईपीएल आचार संहिता के उल्लंघन के लिए मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है. राणा ने आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2. 21 के तहत लेवल 1 के अपराध को स्वीकार कर लिया है.
वहीं मुंबई इंडियंस के गेंदबाज ऋतिक शौकीन पर कोलकाता के खिलाफ अपनी टीम के मैच के दौरान आईपीएल आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है. शौकीन ने आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2. 5 के तहत लेवल 1 के अपराध को स्वीकार कर लिया है. आचार संहिता के स्तर 1 के उल्लंघन के लिए, मैच रेफरी का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी है. राणा जब आउट होकर जाने लगे तो शौकीन अपनी साथियों के साथ विकेट का जश्न मना रहे थे जो शायद केकेआर के कप्तान को पसंद नहीं आया और उन्होंने गुस्से में शौकीन से कुछ अपशब्द कह दिया.
| IPL दो हज़ार तेईस: इंडियन प्रीमियर लीग का बाईसवां मैच रविवार को मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया. पांच बार की चैंपियन MI ने KKR को पांच विकेट से हराकर इस सीजन की अपनी दूसरी जीत हासिल की है. इस मैच में मुंबई इंडियंस की कप्तानी रोहित शर्मा की जगह सूर्यकुमार यादव कर रहे थे. आईपीएल में पहली बार कप्तानी कर उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाया लेकिन उन्हें इस मैच में जुर्माना भी भरना पड़ा. वहीं KKR के नितीश राणा और MI के गेंदबाज ऋतिक शौकीन पर भी जुर्माना लगा है. सूर्यकुमार पर यह जुर्माना मैच में आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर लगाया गया है. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान सूर्यकुमार की टीम पर धीमी ओवर गति बनाए रखने के बाद जुर्माना ठोका गया है. आईपीएल ने एक बयान में बताया कि जैसा कि आईपीएल की स्लो ओवर-रेट अपराधों से संबंधित आचार संहिता के तहत मुंबई की टीम का सीजन का यह पहला अपराध था, इसलिए सूर्यकुमार यादव पर बारह लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. दरअसल, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हुए मुकाबले में KKR पहले बल्लेबाजी करने उतरी. इस दौरान जब नितीश राणा बल्लेबाजी करने आए तो वह MI के गेंदबाज ऋतिक शौकीन से भिड़ गए. जिसको लेकर नितीश राणा पर आईपीएल आचार संहिता के उल्लंघन के लिए मैच फीस का पच्चीस प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है. राणा ने आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद दो. इक्कीस के तहत लेवल एक के अपराध को स्वीकार कर लिया है. वहीं मुंबई इंडियंस के गेंदबाज ऋतिक शौकीन पर कोलकाता के खिलाफ अपनी टीम के मैच के दौरान आईपीएल आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए मैच फीस का दस प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है. शौकीन ने आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद दो. पाँच के तहत लेवल एक के अपराध को स्वीकार कर लिया है. आचार संहिता के स्तर एक के उल्लंघन के लिए, मैच रेफरी का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी है. राणा जब आउट होकर जाने लगे तो शौकीन अपनी साथियों के साथ विकेट का जश्न मना रहे थे जो शायद केकेआर के कप्तान को पसंद नहीं आया और उन्होंने गुस्से में शौकीन से कुछ अपशब्द कह दिया. |
महाराष्ट्र में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए वहां आज रात 8 बजे से कड़ी पाबंदियां लगा दी जाएंगी। महाराष्ट्र में बुधवार(14 अप्रैल) शाम आठ बजे से अगले 15 दिनों तक के लिए ये कड़ी पाबंदियां पूरे राज्य में लगा दी गई हैं। इन कड़ी पाबंदियों के तहत पूरे महाराष्ट्र में अगले 15 दिनों के लिए आवश्यक सेवाओं के अलावा सभी तरह की आवाजाही बंद कर दी गई है। महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार इसे लॉकडाउन(Locdown) नहीं कह रही है। लेकिन इसका आर्थिक असर लगभग लॉकडाउन जैसा ही रहने की संभावना जताई जा रही है।
आज रात 8 बजे से लगाने जाने वाले इन प्रतिबंधों के तहत बुधवार 14 अप्रैल शाम आठ बजे से अगले 15 दिनों तक के लिए पूरे राज्य में धारा 144 लागू कर दी जाएगी। इसका मतलब राज्य में बिना किसी परमिशनव के कहीं भी चार से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते। इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़ी लोगों को छोड़ कर हर तरह की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। यह प्रतिबंध पूरे राज्य में सुबह सात बजे से शाम आठ बजे तक लागू रहेंगे। उसके बाद से पूरे महाराष्ट्र में सुबह तक नाइट कर्फ्यू लगा रहेगा।
क्या-क्या रहेगा बंद ?
- ई-कॉमर्स के डिलीवरी वालों को भी सिर्फ आवश्यक वस्तुएं घरों तक पहुंचाने की अनुमति मिलेगी, वो भी ई-पास ले कर।
- शादियों में सिर्फ 25 और अंतिम संस्कार में 20 लोगों को उपस्थित रहने की अनुमति मिलेगी।
- बस और लोकल ट्रेन जैसी सार्वजनिक यातायात सेवाएं चलती रहेंगी, लेकिन यात्रा की अनुमति सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को मिलेगी।
- घरों में काम करने वालों, खाना पकाने वालों, ड्राइवरों इत्यादि को आवश्यक सेवाओं में शामिल नहीं किया गया है, इसलिए उन्हें आने जाने और काम करने की अनुमति मिलेगी या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
क्या खुला रहेगा ?
- आवश्यक सेवाओं में अस्पताल, बैंक, मीडिया, ई-कॉमर्स और पेट्रोल/डीजल/सीएनजी स्टेशन खुले रहेंगे।
- किराना की दुकानें, फलों, सब्जियों और दूध की दुकानें, बेकरी और हर तरह के खाने पीने से जुड़ी दुकानें खुली रहेंगी।
| महाराष्ट्र में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए वहां आज रात आठ बजे से कड़ी पाबंदियां लगा दी जाएंगी। महाराष्ट्र में बुधवार शाम आठ बजे से अगले पंद्रह दिनों तक के लिए ये कड़ी पाबंदियां पूरे राज्य में लगा दी गई हैं। इन कड़ी पाबंदियों के तहत पूरे महाराष्ट्र में अगले पंद्रह दिनों के लिए आवश्यक सेवाओं के अलावा सभी तरह की आवाजाही बंद कर दी गई है। महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार इसे लॉकडाउन नहीं कह रही है। लेकिन इसका आर्थिक असर लगभग लॉकडाउन जैसा ही रहने की संभावना जताई जा रही है। आज रात आठ बजे से लगाने जाने वाले इन प्रतिबंधों के तहत बुधवार चौदह अप्रैल शाम आठ बजे से अगले पंद्रह दिनों तक के लिए पूरे राज्य में धारा एक सौ चौंतालीस लागू कर दी जाएगी। इसका मतलब राज्य में बिना किसी परमिशनव के कहीं भी चार से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते। इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़ी लोगों को छोड़ कर हर तरह की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। यह प्रतिबंध पूरे राज्य में सुबह सात बजे से शाम आठ बजे तक लागू रहेंगे। उसके बाद से पूरे महाराष्ट्र में सुबह तक नाइट कर्फ्यू लगा रहेगा। क्या-क्या रहेगा बंद ? - ई-कॉमर्स के डिलीवरी वालों को भी सिर्फ आवश्यक वस्तुएं घरों तक पहुंचाने की अनुमति मिलेगी, वो भी ई-पास ले कर। - शादियों में सिर्फ पच्चीस और अंतिम संस्कार में बीस लोगों को उपस्थित रहने की अनुमति मिलेगी। - बस और लोकल ट्रेन जैसी सार्वजनिक यातायात सेवाएं चलती रहेंगी, लेकिन यात्रा की अनुमति सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को मिलेगी। - घरों में काम करने वालों, खाना पकाने वालों, ड्राइवरों इत्यादि को आवश्यक सेवाओं में शामिल नहीं किया गया है, इसलिए उन्हें आने जाने और काम करने की अनुमति मिलेगी या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। क्या खुला रहेगा ? - आवश्यक सेवाओं में अस्पताल, बैंक, मीडिया, ई-कॉमर्स और पेट्रोल/डीजल/सीएनजी स्टेशन खुले रहेंगे। - किराना की दुकानें, फलों, सब्जियों और दूध की दुकानें, बेकरी और हर तरह के खाने पीने से जुड़ी दुकानें खुली रहेंगी। |
आईपीएल 2013 में स्पॉट फ़िक्सिंग का विवाद सामने आने के बाद शुरु हुई जाँच में प्राथमिक आरोपों के चलते ही श्रीसंत पर 7 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था. जिसके बाद उन्हें किसी भी तरह का क्रिकेट खेलने की कोई अनुमति नहीं थी. यही सिलसिला कोई 1 दिन नहीं बल्कि इस गेंदबाज़ के साथ पूरे 7 साल रहा.
आखिर में कोर्ट में चली जिरह के बाद श्रीसंत के आरोप मुक्त होने के बाद ये कहना गलत नहीं होगा कि उनके साथ सरासर अन्याय हुआ. आप किसी खिलाड़ी पर आरोप सिद्ध हुए बगैर क्रिकेट से दूर कैसे रख सकते हैं. इस लिहाज़ से ये तर्क भी आईपीएल में श्रीसंत की वापसी की मजबूती से पैरवी करता है.
| आईपीएल दो हज़ार तेरह में स्पॉट फ़िक्सिंग का विवाद सामने आने के बाद शुरु हुई जाँच में प्राथमिक आरोपों के चलते ही श्रीसंत पर सात साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था. जिसके बाद उन्हें किसी भी तरह का क्रिकेट खेलने की कोई अनुमति नहीं थी. यही सिलसिला कोई एक दिन नहीं बल्कि इस गेंदबाज़ के साथ पूरे सात साल रहा. आखिर में कोर्ट में चली जिरह के बाद श्रीसंत के आरोप मुक्त होने के बाद ये कहना गलत नहीं होगा कि उनके साथ सरासर अन्याय हुआ. आप किसी खिलाड़ी पर आरोप सिद्ध हुए बगैर क्रिकेट से दूर कैसे रख सकते हैं. इस लिहाज़ से ये तर्क भी आईपीएल में श्रीसंत की वापसी की मजबूती से पैरवी करता है. |
मुंबई। 'न्यूयॉर्क फैशन वीक' में रैंप पर चलने वाली पहली बॉलीवुड अभिनेत्री बनीं सनी लियोन ने कहा कि उनके करियर के शुरुआती दौर में उन्हें मॉडल बनने के लिए बहुत मोटी कहा गया था।
सनी 8 सितंबर को प्रतिष्ठित फैशन वीक के रैंप पर चलीं और अर्चना कोचर द्वारा डिजाइन किए गए गाउन में शो स्टॉपर के तौर पर बेहद खूबसूरत लग रही थीं। 'मस्तीजादे' स्टार के लिए रैंप पर चलना उनके आलोचकों के लिए एक झटका है, जो यह सोचते थे कि वे कभी मॉडल नहीं बन सकती हैं।
सनी ने न्यूयॉर्क से दिए ई-मेल साक्षात्कार में कहा कि मुझे बहुत अद्भुत लग रहा था। जब मैं छोटी लड़की थी तो मैं मॉडल बनना चाहती थी और जब मैं 18 साल की हुई तो मैंने इसके लिए कोशिश भी की। मुझसे कहा गया है कि मैं बहुत छोटी, बहुत मोटी, बहुत व्यावसायिक हूं या उन्हें मुझ में दिलचस्पी नहीं थी। (भाषा)
| मुंबई। 'न्यूयॉर्क फैशन वीक' में रैंप पर चलने वाली पहली बॉलीवुड अभिनेत्री बनीं सनी लियोन ने कहा कि उनके करियर के शुरुआती दौर में उन्हें मॉडल बनने के लिए बहुत मोटी कहा गया था। सनी आठ सितंबर को प्रतिष्ठित फैशन वीक के रैंप पर चलीं और अर्चना कोचर द्वारा डिजाइन किए गए गाउन में शो स्टॉपर के तौर पर बेहद खूबसूरत लग रही थीं। 'मस्तीजादे' स्टार के लिए रैंप पर चलना उनके आलोचकों के लिए एक झटका है, जो यह सोचते थे कि वे कभी मॉडल नहीं बन सकती हैं। सनी ने न्यूयॉर्क से दिए ई-मेल साक्षात्कार में कहा कि मुझे बहुत अद्भुत लग रहा था। जब मैं छोटी लड़की थी तो मैं मॉडल बनना चाहती थी और जब मैं अट्ठारह साल की हुई तो मैंने इसके लिए कोशिश भी की। मुझसे कहा गया है कि मैं बहुत छोटी, बहुत मोटी, बहुत व्यावसायिक हूं या उन्हें मुझ में दिलचस्पी नहीं थी। |
सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया, "वह मानसिक दबाव नहीं झेल सके और दो दिन पहले आत्महत्या कर ली। यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं बहुत आहत हूं। "
दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीबीआई ने पिछले महीने सिसोदिया के दिल्ली आवास पर छापा मारा था।
डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल विधायकों का अवैध शिकार करके गैर-भाजपा राज्यों में सरकारों को अस्थिर करने के बारे में सोचते हैं।
सिसोदिया ने कहा, "मैं प्रधान मंत्री से तीन प्रश्न पूछना चाहता हूं, अधिकारियों पर इतना दबाव क्यों डाला जा रहा है कि उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है? क्या केंद्र का काम केवल ऑपरेशन लोटस चलाना है? इसे कुचलने के लिए कितने बलिदान देने होंगे। "
यह बहुत खेदजनक है, उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना। मैं प्रधान मंत्री से कहना चाहता हूं कि मुझे फंसाओ। अगर आप गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो मुझे बताएं कि कहां आना है, मैं आऊंगा, लेकिन ऐसे अधिकारियों पर और दबाव न डालें, यह उनका जीवन बर्बाद कर रहा है। आप स्कूल कब शुरू करने के बारे में सोचेंगे?
बीजेपी के वीडियो स्टिंग ऑपरेशन पर सिसोदिया ने कहा, "भाजपा लंबे समय से हल्ला काट रही है कि घोटाला हुआ है। सीबीआई ने दोनों कंपनियों के बीच लेन-देन की तलाशी ली और मेरे लॉकर में कुछ नहीं मिला। उन्होंने सड़क पर कार में बैठकर वीडियो बनाया। यह किस तरह का स्टिंग ऑपरेशन है, मेरे पास भी ऐसे वीडियो हैं। "
| सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया, "वह मानसिक दबाव नहीं झेल सके और दो दिन पहले आत्महत्या कर ली। यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं बहुत आहत हूं। " दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीबीआई ने पिछले महीने सिसोदिया के दिल्ली आवास पर छापा मारा था। डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल विधायकों का अवैध शिकार करके गैर-भाजपा राज्यों में सरकारों को अस्थिर करने के बारे में सोचते हैं। सिसोदिया ने कहा, "मैं प्रधान मंत्री से तीन प्रश्न पूछना चाहता हूं, अधिकारियों पर इतना दबाव क्यों डाला जा रहा है कि उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है? क्या केंद्र का काम केवल ऑपरेशन लोटस चलाना है? इसे कुचलने के लिए कितने बलिदान देने होंगे। " यह बहुत खेदजनक है, उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना। मैं प्रधान मंत्री से कहना चाहता हूं कि मुझे फंसाओ। अगर आप गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो मुझे बताएं कि कहां आना है, मैं आऊंगा, लेकिन ऐसे अधिकारियों पर और दबाव न डालें, यह उनका जीवन बर्बाद कर रहा है। आप स्कूल कब शुरू करने के बारे में सोचेंगे? बीजेपी के वीडियो स्टिंग ऑपरेशन पर सिसोदिया ने कहा, "भाजपा लंबे समय से हल्ला काट रही है कि घोटाला हुआ है। सीबीआई ने दोनों कंपनियों के बीच लेन-देन की तलाशी ली और मेरे लॉकर में कुछ नहीं मिला। उन्होंने सड़क पर कार में बैठकर वीडियो बनाया। यह किस तरह का स्टिंग ऑपरेशन है, मेरे पास भी ऐसे वीडियो हैं। " |
नए-नए भर्ती हुए देशभर के टीचरों के लिए ये खबर बड़े काम की है। पढ़ें, आवेदन करें और फायदा उठाएं, कहीं ऐसा न हो कि मौका हाथ से छूट जाए।
दरअसल, भर्ती हुए नए शिक्षकों का हुनर निखारने के लिए एमएचआरडी ने शुरू की नई पहल की है। 100 घंटे के ट्रेनिंग के लिए 40 सीटें तय हुई हैं। देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने की ओर कदम बढ़ाए जाने हैं। इसके लिए एमएचआरडी (मिनिस्ट्री आफ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट) व डीएचई (डिपार्टमेंट आफ हायर एजूकेशन) ने मिल कर शिक्षकों का हुनर तराशने की योजना बनाई है।
इसके तहत नए शिक्षकों को शिक्षा में सुधार के साथ विद्यार्थियों को कैसे पढ़ाया जाए, यह सिखाया जाएगा। इसे फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम नाम दिया गया है। इसके लिए एमडीयू में फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर (एफडीसी) बनाया गया है। देश में ऐसे 20 सेंटर बनाए जाने हैं। हरियाणा एमडीयू के अलावा दूसरा सेंटर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बनाया जाएगा।
एमडीयू में फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ सात जनवरी से होने जा रहा है। यह पहला बैच पांच फरवरी तक चलेगा। इस 100 घंटे की ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए 12 मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। ये मॉड्यूल 250 से 300 घंटे की ट्रेनिंग के लिए बनाए गए हैं। रिसोर्स पर्सन इन 12 में छह कोर मॉड्यूल पढ़ाएंगे। इसमें दो से तीन इलेक्टिव मॉड्यूल भी शामिल हैं।
एमडीयू में शुरू होने जा रहे पहले बैच में 40 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विवि से 100 से ज्यादा आवेदन आए हैं। इनमें से एचओडी की अनुमति से भेजे गए आवेदनों को प्राथमिकता देते हुए 40 शिक्षकों को प्रशिक्षण के चुना गया है। शेष को अगले बैच में शामिल किया जाएगा।
| नए-नए भर्ती हुए देशभर के टीचरों के लिए ये खबर बड़े काम की है। पढ़ें, आवेदन करें और फायदा उठाएं, कहीं ऐसा न हो कि मौका हाथ से छूट जाए। दरअसल, भर्ती हुए नए शिक्षकों का हुनर निखारने के लिए एमएचआरडी ने शुरू की नई पहल की है। एक सौ घंटाटे के ट्रेनिंग के लिए चालीस सीटें तय हुई हैं। देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने की ओर कदम बढ़ाए जाने हैं। इसके लिए एमएचआरडी व डीएचई ने मिल कर शिक्षकों का हुनर तराशने की योजना बनाई है। इसके तहत नए शिक्षकों को शिक्षा में सुधार के साथ विद्यार्थियों को कैसे पढ़ाया जाए, यह सिखाया जाएगा। इसे फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम नाम दिया गया है। इसके लिए एमडीयू में फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर बनाया गया है। देश में ऐसे बीस सेंटर बनाए जाने हैं। हरियाणा एमडीयू के अलावा दूसरा सेंटर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बनाया जाएगा। एमडीयू में फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ सात जनवरी से होने जा रहा है। यह पहला बैच पांच फरवरी तक चलेगा। इस एक सौ घंटाटे की ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए बारह मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। ये मॉड्यूल दो सौ पचास से तीन सौ घंटाटे की ट्रेनिंग के लिए बनाए गए हैं। रिसोर्स पर्सन इन बारह में छह कोर मॉड्यूल पढ़ाएंगे। इसमें दो से तीन इलेक्टिव मॉड्यूल भी शामिल हैं। एमडीयू में शुरू होने जा रहे पहले बैच में चालीस शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विवि से एक सौ से ज्यादा आवेदन आए हैं। इनमें से एचओडी की अनुमति से भेजे गए आवेदनों को प्राथमिकता देते हुए चालीस शिक्षकों को प्रशिक्षण के चुना गया है। शेष को अगले बैच में शामिल किया जाएगा। |
1. हाल ही में रैट होल खनन के लिये समाचारों में रहे इस राज्य की पहचान करेंः
उत्तर : मेघालय : प्रतिबंध के बावजूद, रैट-होल खनन मेघालय में कोयला खनन की एक प्रचलित प्रथा है, जहाँ हाल ही में एक खदान के ढहने की खबर समाचारों में रही। रैट होल खनन के अंतर्गत बहुत छोटी सुरंगों की खुदाई शामिल है, ये सुरंगें आम-तौर पर केवल 3 से 4 फीट ऊँची होती है, इनमें श्रमिक (अक्सर बच्चे) प्रवेश करते हैं और कोयला निकालते हैं। वर्ष 2014 में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (National Green Tribunal-NGT) ने इसे प्रतिबंधित कर दिया था, क्योंकि यह श्रमिकों के लिये अवैज्ञानिक और असुरक्षित है। राज्य (मेघालय) सरकार ने NGT के प्रतिबंध को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
2. उस स्थान की पहचान करें जहाँ 'डायमंड ट्रायंगल' स्थित है।
उत्तर : ओड़िशाः हाल ही में प्रधानमंत्री ने ओड़िशा के ललितगिरि में बौद्ध पुरातत्त्व संग्रहालय का उद्घाटन किया। ललितगिरि (लाल पहाड़ी), रत्नागिरि (कीमती रत्नों की पहाड़ी), उदयगिरि (उगते सूरज की पहाड़ी) को ओडिशा के 'डायमंड ट्रायंगल' के रूप में जाना जाता है, जो मौर्य युग की वास्तुकला और शिल्पकला की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्त्व करते हैं, जिसने उत्कृष्टता के एक नए स्तर को छूआ।
3. उस स्थान की पहचान करें जहाँ दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
उत्तर : जम्मू-कश्मीरः दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान (Dachigam National Park) एक खूबसूरत स्थान है, जो जम्मू-कश्मीर राज्य के श्रीनगर ज़िले से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह पार्क अपने अनोखे और विविध वन्यजीवों तथा पक्षी प्रजातियों के लिये प्रसिद्ध है। इसे हंगुल का आखिरी अविवादित आवास माना जाता है। कश्मीरी बारहसिंगे को कश्मीर में स्थानीय रूप से हंगुल (Hangul) भी कहा जाता है जो भारत में यूरोपीय लाल हिरणों की एकमात्र उप-प्रजाति है। हंगुल जम्मू-कश्मीर का राजकीय पशु भी है।
IOR) की स्थापना की गई है।
उत्तर : गुरुग्राम, हरियाणाः 22 दिसंबर, 2018 को सूचना संलयन केंद्र - हिंद महासागरीय क्षेत्र (IFC-IOR) की स्थापना गुरुग्राम में नौसेना के सूचना प्रबंधन और विश्लेषण केंद्र (Information Management and Analysis Centre- IMAC) में की गई है। यह केंद्र समुद्री सूचना संग्रह और साझाकरण में समुद्री अभ्यास और प्रशिक्षण संबंधी जानकारियों का संग्रहण करेगा। यह केंद्र समुद्री सूचना संग्रह और साझाकरण में समुद्री अभ्यास और प्रशिक्षण संबंधी जानकारियों का संग्रहण भी करेगा।
5. उस स्थान की पहचान करें जो हाल ही में शैलोत्कीर्ण के लिये समाचारों में था।
उत्तर : आंध्र प्रदेशः कुरनूल ज़िले के मेकाला बेनची में आंध्र प्रदेश की दूसरे सबसे बड़े शैलोत्कीर्ण स्थल (लगभग 80 शैलोत्कीर्ण) की खोज की गई है। आंध्र प्रदेश का कंदनाथी 200 शैलोत्कीर्ण वाला राज्य का सबसे बड़ा शैलोत्कीर्ण स्थल है, यह भी कुरनूल ज़िले में ही अवस्थित है। शैलोत्कीर्ण पत्थरों पर की गई नक्काशी होती है (रॉक पेंटिंग्स को पिक्टोग्राफ अथवा चित्रलिपि कहा जाता है), इसमें किसी पत्थर की छेनी और एक हथौड़ा का उपयोग करके चट्टान की सतह पर आकृति को उकेरा जाता है।
| एक. हाल ही में रैट होल खनन के लिये समाचारों में रहे इस राज्य की पहचान करेंः उत्तर : मेघालय : प्रतिबंध के बावजूद, रैट-होल खनन मेघालय में कोयला खनन की एक प्रचलित प्रथा है, जहाँ हाल ही में एक खदान के ढहने की खबर समाचारों में रही। रैट होल खनन के अंतर्गत बहुत छोटी सुरंगों की खुदाई शामिल है, ये सुरंगें आम-तौर पर केवल तीन से चार फीट ऊँची होती है, इनमें श्रमिक प्रवेश करते हैं और कोयला निकालते हैं। वर्ष दो हज़ार चौदह में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने इसे प्रतिबंधित कर दिया था, क्योंकि यह श्रमिकों के लिये अवैज्ञानिक और असुरक्षित है। राज्य सरकार ने NGT के प्रतिबंध को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। दो. उस स्थान की पहचान करें जहाँ 'डायमंड ट्रायंगल' स्थित है। उत्तर : ओड़िशाः हाल ही में प्रधानमंत्री ने ओड़िशा के ललितगिरि में बौद्ध पुरातत्त्व संग्रहालय का उद्घाटन किया। ललितगिरि , रत्नागिरि , उदयगिरि को ओडिशा के 'डायमंड ट्रायंगल' के रूप में जाना जाता है, जो मौर्य युग की वास्तुकला और शिल्पकला की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्त्व करते हैं, जिसने उत्कृष्टता के एक नए स्तर को छूआ। तीन. उस स्थान की पहचान करें जहाँ दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान स्थित है। उत्तर : जम्मू-कश्मीरः दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान एक खूबसूरत स्थान है, जो जम्मू-कश्मीर राज्य के श्रीनगर ज़िले से लगभग बाईस किलोग्राममीटर की दूरी पर स्थित है। यह पार्क अपने अनोखे और विविध वन्यजीवों तथा पक्षी प्रजातियों के लिये प्रसिद्ध है। इसे हंगुल का आखिरी अविवादित आवास माना जाता है। कश्मीरी बारहसिंगे को कश्मीर में स्थानीय रूप से हंगुल भी कहा जाता है जो भारत में यूरोपीय लाल हिरणों की एकमात्र उप-प्रजाति है। हंगुल जम्मू-कश्मीर का राजकीय पशु भी है। IOR) की स्थापना की गई है। उत्तर : गुरुग्राम, हरियाणाः बाईस दिसंबर, दो हज़ार अट्ठारह को सूचना संलयन केंद्र - हिंद महासागरीय क्षेत्र की स्थापना गुरुग्राम में नौसेना के सूचना प्रबंधन और विश्लेषण केंद्र में की गई है। यह केंद्र समुद्री सूचना संग्रह और साझाकरण में समुद्री अभ्यास और प्रशिक्षण संबंधी जानकारियों का संग्रहण करेगा। यह केंद्र समुद्री सूचना संग्रह और साझाकरण में समुद्री अभ्यास और प्रशिक्षण संबंधी जानकारियों का संग्रहण भी करेगा। पाँच. उस स्थान की पहचान करें जो हाल ही में शैलोत्कीर्ण के लिये समाचारों में था। उत्तर : आंध्र प्रदेशः कुरनूल ज़िले के मेकाला बेनची में आंध्र प्रदेश की दूसरे सबसे बड़े शैलोत्कीर्ण स्थल की खोज की गई है। आंध्र प्रदेश का कंदनाथी दो सौ शैलोत्कीर्ण वाला राज्य का सबसे बड़ा शैलोत्कीर्ण स्थल है, यह भी कुरनूल ज़िले में ही अवस्थित है। शैलोत्कीर्ण पत्थरों पर की गई नक्काशी होती है , इसमें किसी पत्थर की छेनी और एक हथौड़ा का उपयोग करके चट्टान की सतह पर आकृति को उकेरा जाता है। |
झारखंड के कांग्रेस विधायक से बीजेपी के विधायक ने जबरन जय श्री राम के नारे लगवाने की कोशिश की है। यह मामला एक वीडियो वायरल होने के बाद आया है। वीडियो के मुताबिक जब विधायक इरफ़ान अंसारी सदन में मुद्दों को उठाकर बाहर आये तो पत्रकारों से उसी मुद्दे पर बात कर रहे थे। और उन्होंने ने कहा कि जय श्री राम के नारों के बहाने मुद्दों को बीजेपी सरकार भटकाने की कोशिश कर रही है।
इसके तुरंत बाद बीजेपी विधायक भी बाहर आ गये और पत्रकारों ने यही सवाल उनके पास रखा। बीजेपी विधायक ने जवाब देने के बजाए इरफ़ान अंसारी से जय श्री राम के नारे लगाने पर दबाव बनाने लगे।
मालूम हो कि झारखंड सूखे की दहलीज पर खड़ा है। सूबे में अबतक सामान्य से 45 फीसदी कम बारिश हुई है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को विधानसभा में उठा रहा है।
मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी किसान की वेश में विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उनके हाथ में धान का सूखा हुआ बिचड़ा था।
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हल्की बारिश से खुश हो जा रही है, जबकि सूबे के किसान परेशान हैं। सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। राज्य में सूखे की स्थिति है।
| झारखंड के कांग्रेस विधायक से बीजेपी के विधायक ने जबरन जय श्री राम के नारे लगवाने की कोशिश की है। यह मामला एक वीडियो वायरल होने के बाद आया है। वीडियो के मुताबिक जब विधायक इरफ़ान अंसारी सदन में मुद्दों को उठाकर बाहर आये तो पत्रकारों से उसी मुद्दे पर बात कर रहे थे। और उन्होंने ने कहा कि जय श्री राम के नारों के बहाने मुद्दों को बीजेपी सरकार भटकाने की कोशिश कर रही है। इसके तुरंत बाद बीजेपी विधायक भी बाहर आ गये और पत्रकारों ने यही सवाल उनके पास रखा। बीजेपी विधायक ने जवाब देने के बजाए इरफ़ान अंसारी से जय श्री राम के नारे लगाने पर दबाव बनाने लगे। मालूम हो कि झारखंड सूखे की दहलीज पर खड़ा है। सूबे में अबतक सामान्य से पैंतालीस फीसदी कम बारिश हुई है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को विधानसभा में उठा रहा है। मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी किसान की वेश में विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उनके हाथ में धान का सूखा हुआ बिचड़ा था। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हल्की बारिश से खुश हो जा रही है, जबकि सूबे के किसान परेशान हैं। सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। राज्य में सूखे की स्थिति है। |
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आईएमए परेड में भाग लेने के लिए शुक्रवार शाम को देहरादून पहुंच गए। वह शाम करीब चार बजे वायुसेना के विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचे। यहां पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा, राज्यपाल गुरमीत सिंह, आईजी वी मुरुगेशन मौजूद रहे। यहां से राष्ट्रपति चौपर से देहरादून के लिए रवाना हो गए।
- राष्ट्रपति के प्रस्थान के समय जौलीग्रांट एयरपोर्ट, भानियावाला तिराहा, रिस्पना, रायपुर, ईसी रोड, न्यू कैंट रोड, विजय कॉलोनी पुल, राजभवन, सीएम आवास तिराहा, जीटीसी हैलीपेड, गढ़ी कैंट चौक, कौलागढ़ चौक, एफआरआई क्षेत्रांतर्गत, बल्लुपुर चौक, आईएमए क्षेत्रान्तर्गत आदि समस्त वीवीआईपी मार्गों पर जीरो जोन रहेगा।
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
| राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आईएमए परेड में भाग लेने के लिए शुक्रवार शाम को देहरादून पहुंच गए। वह शाम करीब चार बजे वायुसेना के विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचे। यहां पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा, राज्यपाल गुरमीत सिंह, आईजी वी मुरुगेशन मौजूद रहे। यहां से राष्ट्रपति चौपर से देहरादून के लिए रवाना हो गए। - राष्ट्रपति के प्रस्थान के समय जौलीग्रांट एयरपोर्ट, भानियावाला तिराहा, रिस्पना, रायपुर, ईसी रोड, न्यू कैंट रोड, विजय कॉलोनी पुल, राजभवन, सीएम आवास तिराहा, जीटीसी हैलीपेड, गढ़ी कैंट चौक, कौलागढ़ चौक, एफआरआई क्षेत्रांतर्गत, बल्लुपुर चौक, आईएमए क्षेत्रान्तर्गत आदि समस्त वीवीआईपी मार्गों पर जीरो जोन रहेगा। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi. |
भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी रामकुमार रामनाथन ने वर्ष की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की है। उन्होंने एडिलेड इंटरनेशनल टूर्नामेंट के पहले राउंड में धमाकेदार जीत अपने नाम कर ली है। वहीं पुरुषों में रामकुमार रामनाथन और रोहन बोपन्ना की जोड़ी ने जीत के साथ शुरुआत की।
रामकुमार रामनाथन और रोहन बोपन्ना पहली बार किसी ATP टूर्नामेंट में जोड़ी बनाकर खेल रहे थे। दोनों ने अमेरिका के जेमी सेरेटनी और ब्राजीन के फर्नांडो रोमबोली की जोड़ी को 6-2, 6-1 से मात दे चुके है। इस जीत के साथ ही रामकुमार और बोपन्ना प्री-क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुके है। वहां उनका मुकाबला अमेरिकी जोड़ी नाथानियल लेमोन्स और जैक्सन बिथ्रो की जोड़ी से होने वाला है।
मैच जीतने के उपरांत रामकुमान ने मीडिया से बात की। उन्होंने बोला है कि हमारा मैच शानदार था। हम बेहतरीन तरीके सर्व और रिटर्न कर चुके है। हम एक साथ बेहतर खेले और योजना के अनुसार कार्य कर चुके है। हमने पहले एक साथ अभ्यास भी पूरा किया था। उसका लाभ इस मैच में मिला। हमेशा बोपन्ना के साथ खेलने में मजा आता है। वे बहुत अनुभवी हैं। उन्होंने मेरी काफी सहायता की है।
| भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी रामकुमार रामनाथन ने वर्ष की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की है। उन्होंने एडिलेड इंटरनेशनल टूर्नामेंट के पहले राउंड में धमाकेदार जीत अपने नाम कर ली है। वहीं पुरुषों में रामकुमार रामनाथन और रोहन बोपन्ना की जोड़ी ने जीत के साथ शुरुआत की। रामकुमार रामनाथन और रोहन बोपन्ना पहली बार किसी ATP टूर्नामेंट में जोड़ी बनाकर खेल रहे थे। दोनों ने अमेरिका के जेमी सेरेटनी और ब्राजीन के फर्नांडो रोमबोली की जोड़ी को छः-दो, छः-एक से मात दे चुके है। इस जीत के साथ ही रामकुमार और बोपन्ना प्री-क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुके है। वहां उनका मुकाबला अमेरिकी जोड़ी नाथानियल लेमोन्स और जैक्सन बिथ्रो की जोड़ी से होने वाला है। मैच जीतने के उपरांत रामकुमान ने मीडिया से बात की। उन्होंने बोला है कि हमारा मैच शानदार था। हम बेहतरीन तरीके सर्व और रिटर्न कर चुके है। हम एक साथ बेहतर खेले और योजना के अनुसार कार्य कर चुके है। हमने पहले एक साथ अभ्यास भी पूरा किया था। उसका लाभ इस मैच में मिला। हमेशा बोपन्ना के साथ खेलने में मजा आता है। वे बहुत अनुभवी हैं। उन्होंने मेरी काफी सहायता की है। |
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहासरकार संसद के बजट सत्र के दौरान सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार | बिजनौर और बलिया से शुरू हुई गंगा यात्रा का आज कानपुर में भव्य समारोह में होगा समापन
कई केन्द्रीय और राज्य सरकार के मंत्री रहेंगे मौजूद
नेपाल से सटे प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों में नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए बरती जा रही है अतिरिक्त सतर्कता
फर्रुखाबाद में पुलिस ने एक व्यक्ति द्वारा बंधक बनाए गये तेईस बच्चों को आज तड़के सुरक्षित छुड़ाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार बजट सत्र के दौरान सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है
वे कल नई दिल्ली में बजट सत्र से पूर्व आयोजित सर्वदलीय बैठक को संबोधित कर रहे थे
प्रधानमंत्री ने अधिकांश सदस्यों के इन विचारों से सहमति जताई कि सत्र के दौरान देश की आर्थिक स्थिति पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और वी मुरलीधरन समेत सभी दलों के सदस्यों ने हिस्सा लिया
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बजट सत्र के दौरान पैंतालिस विधेयक लाए जाएंगे
उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कल शाम राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई
अध्यक्ष ने संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों को भरोसा दिलाते हुए उनसे जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए कानूनों को पारित कराने में मदद करने को कहा
संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है
सत्र की शुरूआत संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ होगी
आर्थिक सर्वेक्षण भी आज ही संसद में पेश किया जाएगा
आम बजट कल पेश किया जाएगा
इस बजट सत्र का पहला चरण ग्यारह फरवरी को समाप्त होगा जबकि दूसरा चरण दो मार्च से तीन अप्रैल तक चलेगा
प्रदेश में बिजनौर और बलिया से शुरू हुई गंगा यात्रा का आज कानपुर में भव्य समारोह में समापन होगा
गंगा को स्वच्छ बनाये रखने का संदेश जनजन तक पहुंचाने के लिए गत सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पश्चिम में बिजनौर से और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पूरब में बलिया से गंगा यात्रा के दो रथों को रवाना किया था
ये दोनों रथ प्रदेश के विभिन्न जनपदों की एक हजार तीन सौ अट्ठावन किलोमीटर की दूरी तय कर कानपुर पहुंचे हैं जहां आज यात्रा का समापन कार्यक्रम आयोजित होगा
कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री भाग लेंगे
और विवरण हमारे कानपुर प्रतिनिधि सेनमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा निकाली जा रही गंगा यात्रा गुरुवार को देर रात कानपुर पहुंची
गंगा यात्रा के आगमन पर बड़ी संख्या में जगह जगह लोगो ने बैंड बाजों और पुष्प वर्षा के साथ यात्रा दल का स्वागत किया
बिठूर के पत्थर घाट पर यात्रा दल के सदस्यों और स्थानीय लोगो के साथ प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना और कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार राणा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माँ गंगा का पूजन अर्चन कर आरती किया इस बीच बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माँ गंगा की विशेष स्तुति भी की गयी
कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार राणा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की प्रेरणा और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर निकाली जा रही गंगा यात्रा के दौरान लोगो का अभूतपूर्व समर्थन मिला है
लोग मोदीजी और योगीजी के सोच को साकार करने के लिए गंगा की अविरलता निर्मलता और स्वक्षता जैसे विषयो को लेकर प्रतिज्ञा ले रहे है
इससे पूर्व बलिया से शुरू हुई गंगा यात्रा के कल कौशाम्बी पहुंचने पर शीतला धाम कड़ा में भव्य स्वागत किया गया
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा कि गंगा आस्था के साथसाथ अर्थव्यवस्था का भी केंद्र है
उन्होंने कहा कि गंगा यात्रा का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से किया जा रहा है और इसका उद्देश्य गंगा की अविरलता और पवित्रता को बनाए रखना है
श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वृहद स्तर पर गंगा यात्रा का आयोजन किया है और इसे लोगों का पूरा समर्थन मिला है
प्रतापगढ़ में कल केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा गंगा यात्रा में शामिल हुए
वहीं बिजनौर से शुरू हुई गंगा यात्रा के कल कन्नौज पहुंचने पर वहां यात्रा का भव्य स्वागत किया गया
इस अवसर एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गंगा यात्रा का उद्देश्य गंगा किनारे रहने वाले करोड़ों लोगों को रोजगार देना है
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नगरों से दूषित जल गंगा में न जाए
गंगा यात्रा कल फर्रुखाबाद भी पहुंची जहां यात्रा के रथ का भव्य स्वागत किया गया
उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने युवाओं से अपील की है कि वे उन लोगों से दूरी बनाए रखें जो हिंसा को बढ़ावा देते हैं क्योंकि ऐसे लोग देश के हित के खिलाफ काम कर रहे हैं
कल नई दिल्ली में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों से उन्होंने यह बात कही
नेपाल में कोरोना वायरस के मामले प्रकाश में आने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है
बलरामपुर जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने होटलों में ठहरने वाले विदेशी नागरिकों की एहतियातन सूचना देने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की तुरन्त पहचान की जा सके
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर घनश्याम सिंह ने बताया कि नेपाल की सीमा से सटे देवीपाटन मंडल के बहराइच बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में विभाग ने इस सम्बंध में एडवाइजरी जारी की है
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रों और उपकेन्द्रों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिये गये हैं
उधर केन्द्र सरकार ने नोवेल कोरोना वायरस की जांच के लिए देश में प्रयोगशाला सुविधाएं बढ़ाने का फैसला किया है
कल से छह और प्रयोगशालाओं ने काम करना शुरू कर दिया
छह अन्य प्रयोगशालाएं आज से काम करना शुरू कर देंगी
केन्द्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने कल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विदेश रक्षा गृह नागर विमानन सूचना और प्रसारण श्रम और रोजगार तथा जहाजरानी जैसे संबद्ध मंत्रालयों के साथ कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की
कैबिनेट सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के मुख्य सचिवों के साथ भी इस वायरस से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया
सरकार ने बेहतर ढंग से निगरानी के लिए संबद्ध पर्यटक स्थलों पर चैकपोस्ट बनाने का भी फैसला किया है
ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है
राज्यों को सलाह दी गई है कि वे नियंत्रण कक्ष स्थापित करें नोडल अधिकारी नियुक्त करें और नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बर को प्रचारित करें
संबद्ध राज्यों द्वारा सूचना और संचार सामग्री स्थानीय भाषा में तैयार कराई जा रही है
इस बीच केरल में कोरोना वायरस से संक्रमित एक रोगी की पुष्टि हुई है जो चीन के वुहान विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहा था
उसे अस्पताल में पृथक वार्ड में रखा गया है
में फर्रुखाबाद के केसरिया गांव में एक व्यक्ति द्वारा बंधक बनाए गये तेईस बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है
पुलिस ने आठ घंटे के प्रयास के बाद आज तड़के बच्चों को मुक्त कराया और बंधक बनाने वाले व्यक्ति को मार गिराया
उसने अपनी बेटी के जन्मदिन पर बच्चों को बुलाकर उन्हें बंधक बना रखा था
अभियुक्त की मंशा का अभी पता नहीं चला है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से इस घटना पर बारीकी से नजर रखी
देश ने कल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की बहत्तरवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
उन्नीस सौ अड़तालिस में कल ही के दिन महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी
यह दिन शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है
प्रदेश में भी गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया
बदायूं में कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने शहीद पार्क में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दो मिनट का मौन रख राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की
इस अवसर पर लोगों से अच्छे और विकास कार्यों के लिये शपथ दिलाई गई |उधर इस अवसर पर मऊ जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कुष्ठ रोगों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए तेरह फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता पखवाड़ा मनाया जा रहा है
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सतीश चन्द्र सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान जनपद में कुष्ट रोग के लक्षण वाले मरीजों की पहचान की जाएगी और उन्हें निःशुल्क जांच और दवाएं दी जाएंगी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा है कि विपक्षी दलों के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वे नागरिकता संशोधन कानून के बारे में लोगों को भ्रमित कर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं
श्री सिंह कल जौनपुर के नईगंज में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे
उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून राष्ट्रहीत में है
उन्होंने कहा कि यह कानून लोगों को नागरिकता देने के लिये लागू किया गया है और इससे किसी की नागरिकता नहीं जाएगी
श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीन तलाक की प्रथा और जम्मूकश्मीर से धारा तीन सौ सत्तर को समाप्त करने जैसे ऐतिहासिक फैसले किए गए
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहासरकार संसद के बजट सत्र के दौरान सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार | बिजनौर और बलिया से शुरू हुई गंगा यात्रा का आज कानपुर में भव्य समारोह में होगा समापन कई केन्द्रीय और राज्य सरकार के मंत्री रहेंगे मौजूद नेपाल से सटे प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों में नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए बरती जा रही है अतिरिक्त सतर्कता फर्रुखाबाद में पुलिस ने एक व्यक्ति द्वारा बंधक बनाए गये तेईस बच्चों को आज तड़के सुरक्षित छुड़ाया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार बजट सत्र के दौरान सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है वे कल नई दिल्ली में बजट सत्र से पूर्व आयोजित सर्वदलीय बैठक को संबोधित कर रहे थे प्रधानमंत्री ने अधिकांश सदस्यों के इन विचारों से सहमति जताई कि सत्र के दौरान देश की आर्थिक स्थिति पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और वी मुरलीधरन समेत सभी दलों के सदस्यों ने हिस्सा लिया सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बजट सत्र के दौरान पैंतालिस विधेयक लाए जाएंगे उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कल शाम राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई अध्यक्ष ने संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों को भरोसा दिलाते हुए उनसे जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए कानूनों को पारित कराने में मदद करने को कहा संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है सत्र की शुरूआत संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ होगी आर्थिक सर्वेक्षण भी आज ही संसद में पेश किया जाएगा आम बजट कल पेश किया जाएगा इस बजट सत्र का पहला चरण ग्यारह फरवरी को समाप्त होगा जबकि दूसरा चरण दो मार्च से तीन अप्रैल तक चलेगा प्रदेश में बिजनौर और बलिया से शुरू हुई गंगा यात्रा का आज कानपुर में भव्य समारोह में समापन होगा गंगा को स्वच्छ बनाये रखने का संदेश जनजन तक पहुंचाने के लिए गत सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पश्चिम में बिजनौर से और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पूरब में बलिया से गंगा यात्रा के दो रथों को रवाना किया था ये दोनों रथ प्रदेश के विभिन्न जनपदों की एक हजार तीन सौ अट्ठावन किलोमीटर की दूरी तय कर कानपुर पहुंचे हैं जहां आज यात्रा का समापन कार्यक्रम आयोजित होगा कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री भाग लेंगे और विवरण हमारे कानपुर प्रतिनिधि सेनमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा निकाली जा रही गंगा यात्रा गुरुवार को देर रात कानपुर पहुंची गंगा यात्रा के आगमन पर बड़ी संख्या में जगह जगह लोगो ने बैंड बाजों और पुष्प वर्षा के साथ यात्रा दल का स्वागत किया बिठूर के पत्थर घाट पर यात्रा दल के सदस्यों और स्थानीय लोगो के साथ प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना और कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार राणा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माँ गंगा का पूजन अर्चन कर आरती किया इस बीच बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माँ गंगा की विशेष स्तुति भी की गयी कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार राणा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की प्रेरणा और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर निकाली जा रही गंगा यात्रा के दौरान लोगो का अभूतपूर्व समर्थन मिला है लोग मोदीजी और योगीजी के सोच को साकार करने के लिए गंगा की अविरलता निर्मलता और स्वक्षता जैसे विषयो को लेकर प्रतिज्ञा ले रहे है इससे पूर्व बलिया से शुरू हुई गंगा यात्रा के कल कौशाम्बी पहुंचने पर शीतला धाम कड़ा में भव्य स्वागत किया गया इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा कि गंगा आस्था के साथसाथ अर्थव्यवस्था का भी केंद्र है उन्होंने कहा कि गंगा यात्रा का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से किया जा रहा है और इसका उद्देश्य गंगा की अविरलता और पवित्रता को बनाए रखना है श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वृहद स्तर पर गंगा यात्रा का आयोजन किया है और इसे लोगों का पूरा समर्थन मिला है प्रतापगढ़ में कल केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा गंगा यात्रा में शामिल हुए वहीं बिजनौर से शुरू हुई गंगा यात्रा के कल कन्नौज पहुंचने पर वहां यात्रा का भव्य स्वागत किया गया इस अवसर एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गंगा यात्रा का उद्देश्य गंगा किनारे रहने वाले करोड़ों लोगों को रोजगार देना है उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नगरों से दूषित जल गंगा में न जाए गंगा यात्रा कल फर्रुखाबाद भी पहुंची जहां यात्रा के रथ का भव्य स्वागत किया गया उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने युवाओं से अपील की है कि वे उन लोगों से दूरी बनाए रखें जो हिंसा को बढ़ावा देते हैं क्योंकि ऐसे लोग देश के हित के खिलाफ काम कर रहे हैं कल नई दिल्ली में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों से उन्होंने यह बात कही नेपाल में कोरोना वायरस के मामले प्रकाश में आने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है बलरामपुर जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने होटलों में ठहरने वाले विदेशी नागरिकों की एहतियातन सूचना देने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की तुरन्त पहचान की जा सके मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर घनश्याम सिंह ने बताया कि नेपाल की सीमा से सटे देवीपाटन मंडल के बहराइच बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में विभाग ने इस सम्बंध में एडवाइजरी जारी की है उन्होंने कहा कि सीमावर्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रों और उपकेन्द्रों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिये गये हैं उधर केन्द्र सरकार ने नोवेल कोरोना वायरस की जांच के लिए देश में प्रयोगशाला सुविधाएं बढ़ाने का फैसला किया है कल से छह और प्रयोगशालाओं ने काम करना शुरू कर दिया छह अन्य प्रयोगशालाएं आज से काम करना शुरू कर देंगी केन्द्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने कल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विदेश रक्षा गृह नागर विमानन सूचना और प्रसारण श्रम और रोजगार तथा जहाजरानी जैसे संबद्ध मंत्रालयों के साथ कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की कैबिनेट सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के मुख्य सचिवों के साथ भी इस वायरस से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया सरकार ने बेहतर ढंग से निगरानी के लिए संबद्ध पर्यटक स्थलों पर चैकपोस्ट बनाने का भी फैसला किया है ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है राज्यों को सलाह दी गई है कि वे नियंत्रण कक्ष स्थापित करें नोडल अधिकारी नियुक्त करें और नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बर को प्रचारित करें संबद्ध राज्यों द्वारा सूचना और संचार सामग्री स्थानीय भाषा में तैयार कराई जा रही है इस बीच केरल में कोरोना वायरस से संक्रमित एक रोगी की पुष्टि हुई है जो चीन के वुहान विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहा था उसे अस्पताल में पृथक वार्ड में रखा गया है में फर्रुखाबाद के केसरिया गांव में एक व्यक्ति द्वारा बंधक बनाए गये तेईस बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है पुलिस ने आठ घंटे के प्रयास के बाद आज तड़के बच्चों को मुक्त कराया और बंधक बनाने वाले व्यक्ति को मार गिराया उसने अपनी बेटी के जन्मदिन पर बच्चों को बुलाकर उन्हें बंधक बना रखा था अभियुक्त की मंशा का अभी पता नहीं चला है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से इस घटना पर बारीकी से नजर रखी देश ने कल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की बहत्तरवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की उन्नीस सौ अड़तालिस में कल ही के दिन महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी यह दिन शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है प्रदेश में भी गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया बदायूं में कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने शहीद पार्क में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दो मिनट का मौन रख राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की इस अवसर पर लोगों से अच्छे और विकास कार्यों के लिये शपथ दिलाई गई |उधर इस अवसर पर मऊ जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कुष्ठ रोगों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए तेरह फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता पखवाड़ा मनाया जा रहा है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सतीश चन्द्र सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान जनपद में कुष्ट रोग के लक्षण वाले मरीजों की पहचान की जाएगी और उन्हें निःशुल्क जांच और दवाएं दी जाएंगी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा है कि विपक्षी दलों के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वे नागरिकता संशोधन कानून के बारे में लोगों को भ्रमित कर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं श्री सिंह कल जौनपुर के नईगंज में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून राष्ट्रहीत में है उन्होंने कहा कि यह कानून लोगों को नागरिकता देने के लिये लागू किया गया है और इससे किसी की नागरिकता नहीं जाएगी श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीन तलाक की प्रथा और जम्मूकश्मीर से धारा तीन सौ सत्तर को समाप्त करने जैसे ऐतिहासिक फैसले किए गए उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है |
- आप क्रेडिट कार्ड बिल चुका दें।
- पर्सनल लोन के पैसे दे दें।
- होम लोन का कुछ पैसा भी दे दें।
1-3 साल की अवधि के लिएः शॉर्ट टर्म डेट फंड्स, एफएमपीएस, एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट्स) या आर्बिट्रेज फंड्स में निवेश करें।
3-5 साल की अवधि के लिएः खतरे उठाने की क्षमता के मुताबिक आप इन विकल्पों में किसी का चुनाव कर लें।
- अगर आपकी आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है तो एनएससी, एफडी, सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करें।
- अगर आपकी आय 5% के सबसे निचले टैक्स स्लैब आती है तो टैक्स बचाने वाले निवेश को प्राथमिकता दें। लेकिन, अगर 80C की तहत टैक्स छूट वाले निवेश के बाद भी पैसे बचे हैं तो आप शॉर्ट टर्म डेट फंड्स, आर्बिट्रेज फंड्स में निवेश कर सकते हैं। लेकिन, जिनके पास 80C के तहत निवेश का विकल्प बचा हुआ है, वो एफडी, एनएससी, सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर सकते हैं।
- अगर आपकी आय टैक्सेबल नहीं है तो एनएससी, एमआईपी, डेट ऑरियेंटेड हाइब्रिड फंड्स में निवेश करें।
- अगर आपकी आय 5% वाले टैक्स ब्रैकेट से ज्यादा है और आपने 80C के विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया है तो आप एमआईपी, डेट ऑरियेंटेड हाइब्रिड फंड्स का चुनाव कर सकते हैं। लेकिन, अगर 80C के विकल्प बचे हैं तो ईलएसएस फंड्स में निवेश करें।
जिनकी आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है, वो इक्विटी और बैलेंस्ड फंड्स में निवेश कर सकते हैं।
जिनकी आय 5% के सबसे कम टैक्स ब्रैकेट में आती है, उन्होंने अगर 80C के विकल्पों का इस्तेमाल नहीं किया है तो इक्विटी और बैलेंस्ड फंड्स में निवेश करें। अगर आपके पास 80C के विकल्प बचे हैं तो ईएलएसएस फंड्स में निवेश कर सकते हैं।
- अगर आप ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, भले ही जोखिम कितनी भी हो तो शेयरों, मिड-कैप और मल्टी-कैप इक्वटी फंडों में निवेश करें।
- अगर आप थोड़ा-थोड़ा रिस्क लेते हुए अच्छा रिटर्न चाहते हैं तो लार्ज कैप, मल्टीकैप इक्विटी फंडों और इक्विटी-ऑरियेंटेड बैलेंस्ड फंड्स में निवेश करना बेहतर होगा।
- अगर आप महंगाई के मुताबिक रिटर्न्स चाहते हैं तो एमआईपी, डेट ऑरियेंटेड हाइब्रिड फंडों में पैसे डालें।
- अगर आप चाहते हैं कि आपका पैसा किसी भी हाल में डूबे नहीं तो फिक्स्ड डिपॉजिट, एनएससी और सुकन्या समृद्धि योजना का रुख करें।
| - आप क्रेडिट कार्ड बिल चुका दें। - पर्सनल लोन के पैसे दे दें। - होम लोन का कुछ पैसा भी दे दें। एक-तीन साल की अवधि के लिएः शॉर्ट टर्म डेट फंड्स, एफएमपीएस, एफडी या आर्बिट्रेज फंड्स में निवेश करें। तीन-पाँच साल की अवधि के लिएः खतरे उठाने की क्षमता के मुताबिक आप इन विकल्पों में किसी का चुनाव कर लें। - अगर आपकी आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है तो एनएससी, एफडी, सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करें। - अगर आपकी आय पाँच% के सबसे निचले टैक्स स्लैब आती है तो टैक्स बचाने वाले निवेश को प्राथमिकता दें। लेकिन, अगर अस्सी डिग्री सेल्सियस की तहत टैक्स छूट वाले निवेश के बाद भी पैसे बचे हैं तो आप शॉर्ट टर्म डेट फंड्स, आर्बिट्रेज फंड्स में निवेश कर सकते हैं। लेकिन, जिनके पास अस्सी डिग्री सेल्सियस के तहत निवेश का विकल्प बचा हुआ है, वो एफडी, एनएससी, सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर सकते हैं। - अगर आपकी आय टैक्सेबल नहीं है तो एनएससी, एमआईपी, डेट ऑरियेंटेड हाइब्रिड फंड्स में निवेश करें। - अगर आपकी आय पाँच% वाले टैक्स ब्रैकेट से ज्यादा है और आपने अस्सी डिग्री सेल्सियस के विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया है तो आप एमआईपी, डेट ऑरियेंटेड हाइब्रिड फंड्स का चुनाव कर सकते हैं। लेकिन, अगर अस्सी डिग्री सेल्सियस के विकल्प बचे हैं तो ईलएसएस फंड्स में निवेश करें। जिनकी आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है, वो इक्विटी और बैलेंस्ड फंड्स में निवेश कर सकते हैं। जिनकी आय पाँच% के सबसे कम टैक्स ब्रैकेट में आती है, उन्होंने अगर अस्सी डिग्री सेल्सियस के विकल्पों का इस्तेमाल नहीं किया है तो इक्विटी और बैलेंस्ड फंड्स में निवेश करें। अगर आपके पास अस्सी डिग्री सेल्सियस के विकल्प बचे हैं तो ईएलएसएस फंड्स में निवेश कर सकते हैं। - अगर आप ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, भले ही जोखिम कितनी भी हो तो शेयरों, मिड-कैप और मल्टी-कैप इक्वटी फंडों में निवेश करें। - अगर आप थोड़ा-थोड़ा रिस्क लेते हुए अच्छा रिटर्न चाहते हैं तो लार्ज कैप, मल्टीकैप इक्विटी फंडों और इक्विटी-ऑरियेंटेड बैलेंस्ड फंड्स में निवेश करना बेहतर होगा। - अगर आप महंगाई के मुताबिक रिटर्न्स चाहते हैं तो एमआईपी, डेट ऑरियेंटेड हाइब्रिड फंडों में पैसे डालें। - अगर आप चाहते हैं कि आपका पैसा किसी भी हाल में डूबे नहीं तो फिक्स्ड डिपॉजिट, एनएससी और सुकन्या समृद्धि योजना का रुख करें। |
महादिया पर औला है। करते। कोतको
मेर बट्रास होडरविया, जवना दिरा दो, मैं दरवाजे से घर के नहीं माना और उन्हें जाने का एक हिस्सा निराना पड एकदिन भी माना कि उम्रकानमा ठडा हुआ और लोग म के लिए मे गए। उसे जाकर सह पर लोगों को मोड़ जन गई। हमें भर्ती कराने से जा रहे हैं।" और यह कि बिदा होता रहा। तभी से निकली। किसे विलकर गाड़ी रोकने को कहा और बाड़ी से
पड़ा। यह अनुरूप के पास जाना और जमीन तक मुक्कर बोला 'मेरी जान, मेरी प्यारी, मैंने तुमसे दो साल तक प्यार किया और अज ये मुझे फ़ौज मे भर्ती करने से जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि तुझ बंडी निर्दोष सड़की मेरे गुनाहो को माफ कर देगी। और यह कहकर वह फिर झुक गया। अकुल्का पहले तो ऐसी निष्कम्प-सी सड़ी रही जैसे वह भयभीत हो । लेकिन कुछ देर बाद वह भी झुको और बोलो, 'अलविदा, मेरे जवान, मुझे तुमसे कोई शिकायत नहीं। इसके बाद वह घर क ओर मुड़ गई। मैं भी उसके पीछे चल पड़ा। घर में पहुंचकर मैंने कहा 'चुड़ैल, तूने उससे ऐसा क्यों कहा ?' यकीन करो या न करो, मगर उसने जवाब दिया, 'मैंने उससे ऐसा इसलिए कहा कि मुझे उससे प्यार है। "वया बकते हो !"
"उसके बाद सारा दिन मैंने उससे कुछ नहीं कहा। शाम हुई और तब मैं बोला, 'अतुल्का, इसके लिए मैं तुम्हारी जान लेकर रहूंगा। मैं उस रात सो नहीं सका और गलियारे में जाकर स्वासपी आया | महादिया पर औला है। करते। कोतको मेर बट्रास होडरविया, जवना दिरा दो, मैं दरवाजे से घर के नहीं माना और उन्हें जाने का एक हिस्सा निराना पड एकदिन भी माना कि उम्रकानमा ठडा हुआ और लोग म के लिए मे गए। उसे जाकर सह पर लोगों को मोड़ जन गई। हमें भर्ती कराने से जा रहे हैं।" और यह कि बिदा होता रहा। तभी से निकली। किसे विलकर गाड़ी रोकने को कहा और बाड़ी से पड़ा। यह अनुरूप के पास जाना और जमीन तक मुक्कर बोला 'मेरी जान, मेरी प्यारी, मैंने तुमसे दो साल तक प्यार किया और अज ये मुझे फ़ौज मे भर्ती करने से जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि तुझ बंडी निर्दोष सड़की मेरे गुनाहो को माफ कर देगी। और यह कहकर वह फिर झुक गया। अकुल्का पहले तो ऐसी निष्कम्प-सी सड़ी रही जैसे वह भयभीत हो । लेकिन कुछ देर बाद वह भी झुको और बोलो, 'अलविदा, मेरे जवान, मुझे तुमसे कोई शिकायत नहीं। इसके बाद वह घर क ओर मुड़ गई। मैं भी उसके पीछे चल पड़ा। घर में पहुंचकर मैंने कहा 'चुड़ैल, तूने उससे ऐसा क्यों कहा ?' यकीन करो या न करो, मगर उसने जवाब दिया, 'मैंने उससे ऐसा इसलिए कहा कि मुझे उससे प्यार है। "वया बकते हो !" "उसके बाद सारा दिन मैंने उससे कुछ नहीं कहा। शाम हुई और तब मैं बोला, 'अतुल्का, इसके लिए मैं तुम्हारी जान लेकर रहूंगा। मैं उस रात सो नहीं सका और गलियारे में जाकर स्वासपी आया |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
Mathura News: इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसके बाद टीचर पर ये कार्रवाई की गई.
मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा (Mathura) में स्कूल में जलभराव से बचने के लिए स्कूली छात्रों से कुर्सी का पुल बनवाकर क्लासरूम तक पहुंचने वाली शिक्षिका पर गाज गिरी है. शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने शिक्षिका पर कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया है. ये मामला मथुरा के दघेंटा प्राथमिक विद्यालय का है. जहां एक शिक्षिका ने गंदे पानी से बचने के लिए छात्रों से कुर्सियों का एक पुल बनवाया था जिसपर चढ़कर वो जलभराव को पार करते दिखाई दी थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसके बाद टीचर पर ये कार्रवाई की गई.
दरअसल पिछले दिनों मथुरा में हुई तेज बारिश की वजह से यहां के दघेंटा स्कूल में पानी भर गया था. जिसके बाद इस टीचर ने खुद को गंदे पानी से बचाने के लिए स्कूली बच्चों को पानी में उतार दिया और खुद के लिए प्लास्टिक की कुर्सियों से एक पुल तैयार करवाया. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. शिक्षिका का वीडियो वायरल हुआ तो शिक्षा विभाग तुरंत एक्शन में आ गया.
कार्यवाहक बेसिक शिक्षाधिकारी ने शिक्षिका पल्लवी श्रोत्रीय को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिया. इसके अलावा शिक्षिका से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, जिसके जवाब में शिक्षिका ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें पानी से बचने की सलाह दी थी जिस वजह से उन्होंने ऐसा किया. इसके लिए आरोपी शिक्षिका ने माफी भी मांगी है.
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो विभाग ने भी इसकी सुध ली और शिक्षिका को निलंबित कर दिया. खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय नीतू सिंह ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आया है. जिसके शिक्षिका पल्लवी श्रोत्रीय को निलंबित कर दिया गया है. वहीं शिक्षिका पल्लवी श्रोत्रीय ने विभाग को दिए स्पष्टीकरण में कहा है कि छोटे बच्चों को जलभराव से सुरक्षित निकालने के लिए बड़े बच्चों ने कुर्सियों का पुल बना दिया था. क्योंकि उनके पैर में भी चोट लगी थी. डॉक्टर ने पानी से बचाव के लिए कहा था इसलिए वह कुर्सियों के पुल से होकर निकली थीं.
.
| Mathura News: इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसके बाद टीचर पर ये कार्रवाई की गई. मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्कूल में जलभराव से बचने के लिए स्कूली छात्रों से कुर्सी का पुल बनवाकर क्लासरूम तक पहुंचने वाली शिक्षिका पर गाज गिरी है. शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने शिक्षिका पर कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया है. ये मामला मथुरा के दघेंटा प्राथमिक विद्यालय का है. जहां एक शिक्षिका ने गंदे पानी से बचने के लिए छात्रों से कुर्सियों का एक पुल बनवाया था जिसपर चढ़कर वो जलभराव को पार करते दिखाई दी थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसके बाद टीचर पर ये कार्रवाई की गई. दरअसल पिछले दिनों मथुरा में हुई तेज बारिश की वजह से यहां के दघेंटा स्कूल में पानी भर गया था. जिसके बाद इस टीचर ने खुद को गंदे पानी से बचाने के लिए स्कूली बच्चों को पानी में उतार दिया और खुद के लिए प्लास्टिक की कुर्सियों से एक पुल तैयार करवाया. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. शिक्षिका का वीडियो वायरल हुआ तो शिक्षा विभाग तुरंत एक्शन में आ गया. कार्यवाहक बेसिक शिक्षाधिकारी ने शिक्षिका पल्लवी श्रोत्रीय को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिया. इसके अलावा शिक्षिका से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, जिसके जवाब में शिक्षिका ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें पानी से बचने की सलाह दी थी जिस वजह से उन्होंने ऐसा किया. इसके लिए आरोपी शिक्षिका ने माफी भी मांगी है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो विभाग ने भी इसकी सुध ली और शिक्षिका को निलंबित कर दिया. खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय नीतू सिंह ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आया है. जिसके शिक्षिका पल्लवी श्रोत्रीय को निलंबित कर दिया गया है. वहीं शिक्षिका पल्लवी श्रोत्रीय ने विभाग को दिए स्पष्टीकरण में कहा है कि छोटे बच्चों को जलभराव से सुरक्षित निकालने के लिए बड़े बच्चों ने कुर्सियों का पुल बना दिया था. क्योंकि उनके पैर में भी चोट लगी थी. डॉक्टर ने पानी से बचाव के लिए कहा था इसलिए वह कुर्सियों के पुल से होकर निकली थीं. . |
नेरवा - कुपवी तहसील के अढ़ाई दर्जन गांव के लोग बीते कई दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। तहसील की धार चांदना, बावत, बौहर व पबाण पंचायतों में शाम ढलते ही साढ़े छह बजे बत्ती गुल्ल हो जाती है जोकि साढ़े आठ बजे के बाद ही बहाल होती है। लोगों को रात्रि का भोजन तैयार आदि करने का यही समय होता है व गांव के लोग आम तौर पर खाना खा कर आठ बजे सो जाते हैं। लोगों का आरोप है कि विद्युत् विभाग के रवैय्ये के चलते उनका शाम का भोजन हर रोज अंधेरे में होता है। लोग इस समस्या को कई बार विद्युत विभाग के समक्ष उठा चुके हैं, परंतु अभी तक कोई भी समाधान नहीं निकल पाया है। इन चार पंचायतों को जिला सिरमौर के शिलाई से विद्युत आपूर्ति की जाती है। यदि विद्युत् विभाग शिलाई यूनिट की माने तो यह समस्या लाइन में लोड की कमी के चलते उत्पन्न हुई है। कनिष्ठ अभियंता विद्युत् यूनिट शिलाई अनिल शर्मा ने बताया कि शिलाई में 3 . 5 एमवीए के दो अलग अलग यूनिट में इस समय 6 . 3 एमवीए लोड उपलब्ध है, जबकि जरूरत के मुताबिक साढ़े सात एमवीए लोड होना चाहिए। लिहाजा इस समय 1 . 2 एमवीए लोड की कमी है। इनमे से एक यूनिट से उपरोक्त पंचायतों को विद्युत् आपूर्ति करने वाले धारवा सब स्टेशन के अतिरिक्त दो अन्य सब स्टेशन शिलाई मेन व आईपीएच शिलाई चलते हैं। लाइन में लोड अधिक होने से शिलाई में लगा वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी) सिस्टम बंद हो जाता है। इस सिस्टम को नुकसान ना पंहुचे व लोड को संतुलित करने के लिए तीनों सब स्टेशन में अलग अलग समय में कट लगाए जाते हैं। उधर जानकारों का कहना है कि इन चार पंचायतों में विद्युत् समस्या चुटकियों में हल हो सकती है, यदि बिजली बोर्ड कुपवी में छह माह पूर्व बन कर तैयार हो चुके 33 केवीए सब स्टेशन को चालु कर दे। गौरतलब है कि क्षेत्र में बिजली के संकट को देखते हुए पूर्व सरकार ने कुपवी में 33 केवीए सब स्टेशन बनाने को मंजूरी दी थी, जोकि छह माह पूर्व बन कर तैयार भी हो चुका है। परन्तु बिजली बोर्ड व सरकार इस सब स्टेशन को छह माह बीत जाने के बावजूद चालु करने में नाकामयाब रहा है एवं यह सब स्टेशन छः माह से सफेद हाथी साबित हो रहा है। इससे लोगों में सरकार व बिजली बोर्ड के प्रति गुस्सा है। ग्राम पंचायत धार चांदना के प्रधान आत्मा राम, उप प्रधान नाग चंद शर्मा, बावत के प्रधान पदम् शर्मा उप प्रधान श्याम सिंह, बौहर की प्रधान सरला जोशी, उप प्रधान जोगेंद्र, पबाण की प्रधान गीता देवी, उप प्रधान श्रीचंद, बावत के पूर्व प्रधान आत्मा राम, धार चांदना के पूर्व प्रधान रणवीर चौहान, पबाण के पूर्व प्रधान सुख राम, दिनेश राणा व रणवीर तेगवान ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उक्त पंचायतों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो बिजली बोर्ड के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
| नेरवा - कुपवी तहसील के अढ़ाई दर्जन गांव के लोग बीते कई दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। तहसील की धार चांदना, बावत, बौहर व पबाण पंचायतों में शाम ढलते ही साढ़े छह बजे बत्ती गुल्ल हो जाती है जोकि साढ़े आठ बजे के बाद ही बहाल होती है। लोगों को रात्रि का भोजन तैयार आदि करने का यही समय होता है व गांव के लोग आम तौर पर खाना खा कर आठ बजे सो जाते हैं। लोगों का आरोप है कि विद्युत् विभाग के रवैय्ये के चलते उनका शाम का भोजन हर रोज अंधेरे में होता है। लोग इस समस्या को कई बार विद्युत विभाग के समक्ष उठा चुके हैं, परंतु अभी तक कोई भी समाधान नहीं निकल पाया है। इन चार पंचायतों को जिला सिरमौर के शिलाई से विद्युत आपूर्ति की जाती है। यदि विद्युत् विभाग शिलाई यूनिट की माने तो यह समस्या लाइन में लोड की कमी के चलते उत्पन्न हुई है। कनिष्ठ अभियंता विद्युत् यूनिट शिलाई अनिल शर्मा ने बताया कि शिलाई में तीन . पाँच एमवीए के दो अलग अलग यूनिट में इस समय छः . तीन एमवीए लोड उपलब्ध है, जबकि जरूरत के मुताबिक साढ़े सात एमवीए लोड होना चाहिए। लिहाजा इस समय एक . दो एमवीए लोड की कमी है। इनमे से एक यूनिट से उपरोक्त पंचायतों को विद्युत् आपूर्ति करने वाले धारवा सब स्टेशन के अतिरिक्त दो अन्य सब स्टेशन शिलाई मेन व आईपीएच शिलाई चलते हैं। लाइन में लोड अधिक होने से शिलाई में लगा वैक्यूम सर्किट ब्रेकर सिस्टम बंद हो जाता है। इस सिस्टम को नुकसान ना पंहुचे व लोड को संतुलित करने के लिए तीनों सब स्टेशन में अलग अलग समय में कट लगाए जाते हैं। उधर जानकारों का कहना है कि इन चार पंचायतों में विद्युत् समस्या चुटकियों में हल हो सकती है, यदि बिजली बोर्ड कुपवी में छह माह पूर्व बन कर तैयार हो चुके तैंतीस केवीए सब स्टेशन को चालु कर दे। गौरतलब है कि क्षेत्र में बिजली के संकट को देखते हुए पूर्व सरकार ने कुपवी में तैंतीस केवीए सब स्टेशन बनाने को मंजूरी दी थी, जोकि छह माह पूर्व बन कर तैयार भी हो चुका है। परन्तु बिजली बोर्ड व सरकार इस सब स्टेशन को छह माह बीत जाने के बावजूद चालु करने में नाकामयाब रहा है एवं यह सब स्टेशन छः माह से सफेद हाथी साबित हो रहा है। इससे लोगों में सरकार व बिजली बोर्ड के प्रति गुस्सा है। ग्राम पंचायत धार चांदना के प्रधान आत्मा राम, उप प्रधान नाग चंद शर्मा, बावत के प्रधान पदम् शर्मा उप प्रधान श्याम सिंह, बौहर की प्रधान सरला जोशी, उप प्रधान जोगेंद्र, पबाण की प्रधान गीता देवी, उप प्रधान श्रीचंद, बावत के पूर्व प्रधान आत्मा राम, धार चांदना के पूर्व प्रधान रणवीर चौहान, पबाण के पूर्व प्रधान सुख राम, दिनेश राणा व रणवीर तेगवान ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उक्त पंचायतों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो बिजली बोर्ड के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। |
नांदेड़/दि. 12- मध्य रेल्वे ने सोलापुर विभाग के दौंड रेल्वेस्थानक के यार्ड में भूमिगत पुल का कार्य पूर्ण करने के लिए ट्राफिक ब्लॉक लिया है. जिसके चलते मध्य रेल्वे के कुछ रेल्वे रद्द तो कुछ अंशतः रद्द की है.
पुणे-निझामाबाद डेमू (11409), निझामाबाद-पुणे डेमू (11410), निझामाबाद-पंढरपुर डेमू, पंढरपुर-निझामाबाज डेमू 13 से 29 मई तक 17 दिनों तक रद्द की गई है. वहीं नांदेड़-पनवेल एक्सप्रेस (17614) 25 से 28 मई तक चार दिन कुर्डूवाडी से पनवेल दरमियान अंशतः रद्द की गई है. यह ट्रेन उपरोक्त कालावधि में नांदेड़ से कुर्डूवाडी के लिए दौड़ेगी. आते समय भी पनवेल-नांदेड़ एक्सप्रेस 26 से 29 मई तक चार दिन पनवेल से कुर्डूवाडी दरमियान रद्द किए जाने के साथ ही इस कालावधि में कुर्डूवाडी से नांदेड़ के लिए दौड़ेगी.
| नांदेड़/दि. बारह- मध्य रेल्वे ने सोलापुर विभाग के दौंड रेल्वेस्थानक के यार्ड में भूमिगत पुल का कार्य पूर्ण करने के लिए ट्राफिक ब्लॉक लिया है. जिसके चलते मध्य रेल्वे के कुछ रेल्वे रद्द तो कुछ अंशतः रद्द की है. पुणे-निझामाबाद डेमू , निझामाबाद-पुणे डेमू , निझामाबाद-पंढरपुर डेमू, पंढरपुर-निझामाबाज डेमू तेरह से उनतीस मई तक सत्रह दिनों तक रद्द की गई है. वहीं नांदेड़-पनवेल एक्सप्रेस पच्चीस से अट्ठाईस मई तक चार दिन कुर्डूवाडी से पनवेल दरमियान अंशतः रद्द की गई है. यह ट्रेन उपरोक्त कालावधि में नांदेड़ से कुर्डूवाडी के लिए दौड़ेगी. आते समय भी पनवेल-नांदेड़ एक्सप्रेस छब्बीस से उनतीस मई तक चार दिन पनवेल से कुर्डूवाडी दरमियान रद्द किए जाने के साथ ही इस कालावधि में कुर्डूवाडी से नांदेड़ के लिए दौड़ेगी. |
आज हर किसी की चाहत होती है की उसका वजन कम हो जाये, तो हम इसके लिए आपको एक नुस्खा बताने जा रहे हैं. आपको बता दें कि किचन में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए कई लोग करी पत्ते का इस्तेमाल करते हैं. इसकी खुशबू और स्वाद से व्यंजन में और ज्यादा जान आ जाती है. करी पत्ते का इस्तेमाल साउथ इंडियन फूड में काफी ज्यादा किया जाता है.
बता दें कि इसके अलावा आज कल तो हर कोई इसका इस्तेमाल करने लगा है. करी पत्ते को एक सुपरफूड माना जाता है. क्या आप जानते हैं कि करी पत्ता केवल आपके खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ता बल्कि ये सेहत के लिए काफी लाभदायक है. ये कई व्यंजनों के स्वाद और कई बीमारियों से छुटाकारा पाने के लिए जाना जाता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्व होते हैं.
वहीँ एक स्टडी के मुताबिक करी पत्ता शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ता है. इसके अलावा ये हृदय संबंधी रोगों में भी फायदेमंद है. करी पत्ते में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं. इसका सेवन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और ये एनीमिया को दूर करने में भी कारगर है. इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं.
बता दें कि खाली पेट करी पत्ते का सेवन करने से इम्युनिटी बढ़ती है. इसके अलावा करी पत्ता वजन घटाने में भी मदद कर सकता है. आजकल मोटापा एक बड़ी समस्या बन गया है. इससे निपटने के लिए भी करी पत्ता आपकी मदद कर सकता है. अगर करी पत्तों को खाली पेट खाया जाए तो ये शरीर से अधिक फैट से छुटकारा पाने में मदद कर सकते हैं. ये मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कम करने में मदद कर सकते हैं. खाली पेट नियमित रूप से करी पत्ते को चबाने या खाने से न केवल शरीर से हानिकारक टॉक्सिन बाहर निकलते बल्कि कैलोरी भी बर्न होती है.
| आज हर किसी की चाहत होती है की उसका वजन कम हो जाये, तो हम इसके लिए आपको एक नुस्खा बताने जा रहे हैं. आपको बता दें कि किचन में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए कई लोग करी पत्ते का इस्तेमाल करते हैं. इसकी खुशबू और स्वाद से व्यंजन में और ज्यादा जान आ जाती है. करी पत्ते का इस्तेमाल साउथ इंडियन फूड में काफी ज्यादा किया जाता है. बता दें कि इसके अलावा आज कल तो हर कोई इसका इस्तेमाल करने लगा है. करी पत्ते को एक सुपरफूड माना जाता है. क्या आप जानते हैं कि करी पत्ता केवल आपके खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ता बल्कि ये सेहत के लिए काफी लाभदायक है. ये कई व्यंजनों के स्वाद और कई बीमारियों से छुटाकारा पाने के लिए जाना जाता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्व होते हैं. वहीँ एक स्टडी के मुताबिक करी पत्ता शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ता है. इसके अलावा ये हृदय संबंधी रोगों में भी फायदेमंद है. करी पत्ते में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं. इसका सेवन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और ये एनीमिया को दूर करने में भी कारगर है. इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. बता दें कि खाली पेट करी पत्ते का सेवन करने से इम्युनिटी बढ़ती है. इसके अलावा करी पत्ता वजन घटाने में भी मदद कर सकता है. आजकल मोटापा एक बड़ी समस्या बन गया है. इससे निपटने के लिए भी करी पत्ता आपकी मदद कर सकता है. अगर करी पत्तों को खाली पेट खाया जाए तो ये शरीर से अधिक फैट से छुटकारा पाने में मदद कर सकते हैं. ये मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कम करने में मदद कर सकते हैं. खाली पेट नियमित रूप से करी पत्ते को चबाने या खाने से न केवल शरीर से हानिकारक टॉक्सिन बाहर निकलते बल्कि कैलोरी भी बर्न होती है. |
भिवानी के बडे़सरा गांव पूर्व सरपंच प्रतिनिधि आनंद और पूर्व सरपंच मनोज के परिवारों की आपसी रंजिश को लेकर काफी चर्चित रहा है। मनोज समेत उसके परिवार के पांच सदस्यों की इस वारदात में हत्या की जा चुकी है। बाकी पर भी खतरा अभी मंडरा रहा है।
भिवानी, जागरण संवाददाता। भिवानी के गांव बडेसरा में बुधवार रात को बाइक पर सवार होकर आए दो हथियारबंद व्यक्तियों ने खेत से आ रहे एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि एक अन्य व्यक्ति को गोली मारकर घायल कर डाला। वारदात को अंजाम देकर हमलावर आसानी से फरार हो गए। दोनों को हिसार के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां पर महेंद्र नामक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बवानीखेड़ा थाना प्रभारी संदीप शर्मा ने टीम के साथ मौके पर पहुंच कर घटना की जांच की।
गांव बडेसरा निवासी 50 वर्षीय किसान महेंद्र सिंह व परिवार का ही अजीत उर्फ वालिया एक साथ बुधवार रात करीब साढ़े सात बजे खेत से अपने घर आ रहे थे। उनके खेत गांव से बाहर थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर दो व्यक्ति आए। दोनों के हाथों में पिस्तौल थी। उन्हें रोक कर महेंद्र के सिर पर गोली चला दी। जिसके बाद वह नीचे गिर पड़ा। अजीत वहां से भागने लगा तो उस पर भी कई गोलियां चलाई।
गोली लगने से अजीत भी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को मृत समझ कर हमलावर फरार हो गए। गांव के लोगों को गोली चलने का पता चला तो वह मौके पर पहुंचे। दोनों को परिवार के लोग कार में डालकर सीधे हिसार के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही महेंद्र की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने सूचना मिलते ही आस-पास के एरिया में नाकाबंदी कर हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई।
पुलिस ने महेंद्र व अजीत के परिवार से पूछताछ कर रंजिश का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अभी ज्यादा कुछ नहीं बता पाए। परिजनों का कहना था कि उनके परिवार की ऐसी कोई बड़ी दुश्मनी किसी से नहीं है।
बडे़सरा गांव पूर्व सरपंच प्रतिनिधि आनंद और पूर्व सरपंच मनोज के परिवारों की आपसी रंजिश को लेकर काफी चर्चित रहा है। मनोज समेत उसके परिवार के पांच सदस्यों की इस वारदात में हत्या की जा चुकी है। बाकी पर भी खतरा अभी मंडरा रहा है। वहीं आनंद, उसके दोनों बेटे व कुछ रिश्तेदार इस मामले में जेल में है। वर्ष 2021 में भी कुछ युवक एक व्यक्ति को गोली मारकर फरार हो गए थे।
पुलिस द्वारा मौके पर पहुंच कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हमलावर बाइक पर आए थे। महेंद्र नामक व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस द्वारा हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
-- अजीत सिंह, शेखावत, एसपी भिवानी।
| भिवानी के बडे़सरा गांव पूर्व सरपंच प्रतिनिधि आनंद और पूर्व सरपंच मनोज के परिवारों की आपसी रंजिश को लेकर काफी चर्चित रहा है। मनोज समेत उसके परिवार के पांच सदस्यों की इस वारदात में हत्या की जा चुकी है। बाकी पर भी खतरा अभी मंडरा रहा है। भिवानी, जागरण संवाददाता। भिवानी के गांव बडेसरा में बुधवार रात को बाइक पर सवार होकर आए दो हथियारबंद व्यक्तियों ने खेत से आ रहे एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि एक अन्य व्यक्ति को गोली मारकर घायल कर डाला। वारदात को अंजाम देकर हमलावर आसानी से फरार हो गए। दोनों को हिसार के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां पर महेंद्र नामक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बवानीखेड़ा थाना प्रभारी संदीप शर्मा ने टीम के साथ मौके पर पहुंच कर घटना की जांच की। गांव बडेसरा निवासी पचास वर्षीय किसान महेंद्र सिंह व परिवार का ही अजीत उर्फ वालिया एक साथ बुधवार रात करीब साढ़े सात बजे खेत से अपने घर आ रहे थे। उनके खेत गांव से बाहर थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर दो व्यक्ति आए। दोनों के हाथों में पिस्तौल थी। उन्हें रोक कर महेंद्र के सिर पर गोली चला दी। जिसके बाद वह नीचे गिर पड़ा। अजीत वहां से भागने लगा तो उस पर भी कई गोलियां चलाई। गोली लगने से अजीत भी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को मृत समझ कर हमलावर फरार हो गए। गांव के लोगों को गोली चलने का पता चला तो वह मौके पर पहुंचे। दोनों को परिवार के लोग कार में डालकर सीधे हिसार के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही महेंद्र की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने सूचना मिलते ही आस-पास के एरिया में नाकाबंदी कर हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई। पुलिस ने महेंद्र व अजीत के परिवार से पूछताछ कर रंजिश का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अभी ज्यादा कुछ नहीं बता पाए। परिजनों का कहना था कि उनके परिवार की ऐसी कोई बड़ी दुश्मनी किसी से नहीं है। बडे़सरा गांव पूर्व सरपंच प्रतिनिधि आनंद और पूर्व सरपंच मनोज के परिवारों की आपसी रंजिश को लेकर काफी चर्चित रहा है। मनोज समेत उसके परिवार के पांच सदस्यों की इस वारदात में हत्या की जा चुकी है। बाकी पर भी खतरा अभी मंडरा रहा है। वहीं आनंद, उसके दोनों बेटे व कुछ रिश्तेदार इस मामले में जेल में है। वर्ष दो हज़ार इक्कीस में भी कुछ युवक एक व्यक्ति को गोली मारकर फरार हो गए थे। पुलिस द्वारा मौके पर पहुंच कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हमलावर बाइक पर आए थे। महेंद्र नामक व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस द्वारा हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। -- अजीत सिंह, शेखावत, एसपी भिवानी। |
फलों का राजा कहे जाने वाला आम भारतीय इतिहास का अभिन्न अंग है। दुनिया भर में खाया जाने वाला गर्मियों का फल विटामिन ए, सी और डी का एक बड़ा स्रोत है।
अकेले भारत में, आम कई अलग-अलग किस्मों में आते हैं जिनमें अल्फांसो, लंगड़ा, मालदा, बलिया, आम्रपाली, हिमसागर, फाज़िया, शमासी, निगारिन खेरिया, चोरस्य, धमन, धून और गेलचिया शामिल हैं। इस उत्तम फल का सम्मान करने के लिए, 22 जुलाई को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय आम दिवस मनाया जाता है।
भारत में सबसे पहले आम लगभग 5,000 साल पहले उगाए गए थे। यह फल भारतीय लोककथाओं से जुड़ा हुआ है और कहा गया है कि भगवान बुद्ध को एक आम का बाग दिया गया था ताकि वे पेड़ के नीचे आराम कर सकें।
आम शब्द, जो मलयालम शब्द मन्ना से लिया गया था, अंग्रेजी और स्पेनिश भाषी देशों द्वारा इस्तेमाल किया जाने लगा। बाद में, जब 1498 में पुर्तगाली केरल पहुंचे, तो उन्होंने 'मंगा' शब्द सुना।
अफ्रीका ने इसका उत्पादन 10वीं शताब्दी ईसा पूर्व से शुरू किया था। आम के पेड़ को लगभग 1700 तक पश्चिमी गोलार्ध में नहीं लाया गया था, लेकिन अपने मूल देश से, आम के बीज मनुष्यों के साथ एशिया से मध्य पूर्व, पूर्वी अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में 300-400 ई. दुनिया। 18वीं शताब्दी में इसे ब्राजील में सफलतापूर्वक लगाया गया था।
अब, भारत आम का सबसे बड़ा उत्पादक है, इसके बाद चीन और थाईलैंड का स्थान है। इसे भारत, पाकिस्तान, फिलीपींस और बांग्लादेश के राष्ट्रीय फल के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा, बांग्लादेश ने आम के पेड़ को खेती के लिए अपने राष्ट्रीय पेड़ के रूप में चिह्नित किया।
| फलों का राजा कहे जाने वाला आम भारतीय इतिहास का अभिन्न अंग है। दुनिया भर में खाया जाने वाला गर्मियों का फल विटामिन ए, सी और डी का एक बड़ा स्रोत है। अकेले भारत में, आम कई अलग-अलग किस्मों में आते हैं जिनमें अल्फांसो, लंगड़ा, मालदा, बलिया, आम्रपाली, हिमसागर, फाज़िया, शमासी, निगारिन खेरिया, चोरस्य, धमन, धून और गेलचिया शामिल हैं। इस उत्तम फल का सम्मान करने के लिए, बाईस जुलाई को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय आम दिवस मनाया जाता है। भारत में सबसे पहले आम लगभग पाँच,शून्य साल पहले उगाए गए थे। यह फल भारतीय लोककथाओं से जुड़ा हुआ है और कहा गया है कि भगवान बुद्ध को एक आम का बाग दिया गया था ताकि वे पेड़ के नीचे आराम कर सकें। आम शब्द, जो मलयालम शब्द मन्ना से लिया गया था, अंग्रेजी और स्पेनिश भाषी देशों द्वारा इस्तेमाल किया जाने लगा। बाद में, जब एक हज़ार चार सौ अट्ठानवे में पुर्तगाली केरल पहुंचे, तो उन्होंने 'मंगा' शब्द सुना। अफ्रीका ने इसका उत्पादन दसवीं शताब्दी ईसा पूर्व से शुरू किया था। आम के पेड़ को लगभग एक हज़ार सात सौ तक पश्चिमी गोलार्ध में नहीं लाया गया था, लेकिन अपने मूल देश से, आम के बीज मनुष्यों के साथ एशिया से मध्य पूर्व, पूर्वी अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में तीन सौ-चार सौ ई. दुनिया। अट्ठारहवीं शताब्दी में इसे ब्राजील में सफलतापूर्वक लगाया गया था। अब, भारत आम का सबसे बड़ा उत्पादक है, इसके बाद चीन और थाईलैंड का स्थान है। इसे भारत, पाकिस्तान, फिलीपींस और बांग्लादेश के राष्ट्रीय फल के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा, बांग्लादेश ने आम के पेड़ को खेती के लिए अपने राष्ट्रीय पेड़ के रूप में चिह्नित किया। |
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई है। अधिनियम, उसके लघु शीर्षक, उद्देश्यों और लागू होने के बारे में जानकारी प्रदान की गई है। उपयोगकर्ता अधिनियम में किये गये संशोधन और धाराओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रयोक्ता गुजरात के कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा कृषि वस्तु रूपरेखा प्राप्त कर सकते हैं। केला, आम, मूंगफली, चीकू, प्याज, सौंफ आदि जैसी विभिन्न वस्तुओं की विस्तृत जानकारी दी गई है।
आप हिमाचल प्रदेश नागर आपूर्ति निगम लिमिटेड एवं इसके विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। विभिन्न वस्तुओं, खाद्य-आपूर्ति, खाद्यान्न वितरण, मध्याह्न भोजन योजना, बिक्री, मासिक बिक्री इत्यादि से संबंधित जानकारी यहाँ दी गई है।
खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के अंतर्गत आने वाले चीनी निदेशालय से संबंधित जानकारी प्राप्त करें। चीनी नीति, चीनी उद्योग, चीनी उत्पादन, चीनी व्यापार, चीनी की खपत, चीनी कीमत, चीनी की आपूर्ति के बारे में जानकारी दी गई है। प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों, चीनी मिलों, बफर सब्सिडी, चीनी उद्योग के लिए विकास परिषद, नई मिलों की स्थापना के बारे में जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
प्रयोक्ता खाद्य, नागरिक आपूर्ति और पंजाब सरकार के उपभोक्ता कार्य विभाग के बारे में विस्तृत जानकारी का उपयोग कर सकते हैं। उपभोक्ताओं शिकायत, व्यापार के नियमों, कानूनी मैट्रोलोजी, प्रशासनिक सेटअप, उद्देश्यों और कानूनी सहायक आदि पर सूचना प्रदान दी गई है।
अनुदान या आवश्यक वस्तुओं के लिए लाइसेंस के नवीकरण हेतु आवेदन पत्र प्राप्त करें। यह आवेदन प्रपत्र उपभोक्ता मामलों एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जम्मू-कश्मीर राज्य सरकार के द्वारा उपलब्ध कराया गया है।
जम्मू और कश्मीर में मटन व्यवसाय सम्बंधी लाइसेंस प्रदान करने के लिए आवेदन पत्र प्राप्त करें। आवेदक प्रपत्र डाउनलोड कर निर्देशानुसार लाइसेंस प्राप्ति हेतु आवेदन प्रपत्र भर सकते हैं।
प्रयोक्ता उपभोक्ता कार्य विभाग और जम्मू - कश्मीर की सार्वजनिक वितरण के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उपभोक्ता संरक्षण संगठन सेटअप, कानूनी मैट्रोलोजी, योजनाएं और अनाज आदि जारी करने पर सूचना दी गई है।
प्रयोक्ता किसान सहकारी एनएएफईडी के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नाफेड के मूल, प्रबंधन, निदेशक मंडल, पारदर्शिता नीति, आंतरिक व्यापार, उपभोक्ता विपणन, जैविक खेती, कृषि मदों, तेल, बीज और दालों आदि पर सूचना दी गई है। नाफेड के वित्तीय डेटा भी प्रयोक्ता के लिए प्रदान किए गए हैं।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय फल उत्पाद पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। आंवला के उत्पादों, केले के चिप्स, डिब्बाबंद अनानास, लाल मिर्च का अचार, निर्जलित सब्जियों, फलों सलाखों, फल आरक्षित और फल स्क्वैश आदि पर भी जानकारी दी गई है।
हिंदुस्तान वनस्पति तेल निगम लिमिटेड (एचवीओसी) सरकार द्वारा अंगीकृत की गई एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी है। उपयोगकर्ता एचवीओसी, इसके संचालन के इतिहास, संगठनात्मक संरचना और कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
| खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम दो हज़ार छः के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई है। अधिनियम, उसके लघु शीर्षक, उद्देश्यों और लागू होने के बारे में जानकारी प्रदान की गई है। उपयोगकर्ता अधिनियम में किये गये संशोधन और धाराओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रयोक्ता गुजरात के कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा कृषि वस्तु रूपरेखा प्राप्त कर सकते हैं। केला, आम, मूंगफली, चीकू, प्याज, सौंफ आदि जैसी विभिन्न वस्तुओं की विस्तृत जानकारी दी गई है। आप हिमाचल प्रदेश नागर आपूर्ति निगम लिमिटेड एवं इसके विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। विभिन्न वस्तुओं, खाद्य-आपूर्ति, खाद्यान्न वितरण, मध्याह्न भोजन योजना, बिक्री, मासिक बिक्री इत्यादि से संबंधित जानकारी यहाँ दी गई है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के अंतर्गत आने वाले चीनी निदेशालय से संबंधित जानकारी प्राप्त करें। चीनी नीति, चीनी उद्योग, चीनी उत्पादन, चीनी व्यापार, चीनी की खपत, चीनी कीमत, चीनी की आपूर्ति के बारे में जानकारी दी गई है। प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों, चीनी मिलों, बफर सब्सिडी, चीनी उद्योग के लिए विकास परिषद, नई मिलों की स्थापना के बारे में जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। प्रयोक्ता खाद्य, नागरिक आपूर्ति और पंजाब सरकार के उपभोक्ता कार्य विभाग के बारे में विस्तृत जानकारी का उपयोग कर सकते हैं। उपभोक्ताओं शिकायत, व्यापार के नियमों, कानूनी मैट्रोलोजी, प्रशासनिक सेटअप, उद्देश्यों और कानूनी सहायक आदि पर सूचना प्रदान दी गई है। अनुदान या आवश्यक वस्तुओं के लिए लाइसेंस के नवीकरण हेतु आवेदन पत्र प्राप्त करें। यह आवेदन प्रपत्र उपभोक्ता मामलों एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जम्मू-कश्मीर राज्य सरकार के द्वारा उपलब्ध कराया गया है। जम्मू और कश्मीर में मटन व्यवसाय सम्बंधी लाइसेंस प्रदान करने के लिए आवेदन पत्र प्राप्त करें। आवेदक प्रपत्र डाउनलोड कर निर्देशानुसार लाइसेंस प्राप्ति हेतु आवेदन प्रपत्र भर सकते हैं। प्रयोक्ता उपभोक्ता कार्य विभाग और जम्मू - कश्मीर की सार्वजनिक वितरण के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उपभोक्ता संरक्षण संगठन सेटअप, कानूनी मैट्रोलोजी, योजनाएं और अनाज आदि जारी करने पर सूचना दी गई है। प्रयोक्ता किसान सहकारी एनएएफईडी के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नाफेड के मूल, प्रबंधन, निदेशक मंडल, पारदर्शिता नीति, आंतरिक व्यापार, उपभोक्ता विपणन, जैविक खेती, कृषि मदों, तेल, बीज और दालों आदि पर सूचना दी गई है। नाफेड के वित्तीय डेटा भी प्रयोक्ता के लिए प्रदान किए गए हैं। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय फल उत्पाद पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। आंवला के उत्पादों, केले के चिप्स, डिब्बाबंद अनानास, लाल मिर्च का अचार, निर्जलित सब्जियों, फलों सलाखों, फल आरक्षित और फल स्क्वैश आदि पर भी जानकारी दी गई है। हिंदुस्तान वनस्पति तेल निगम लिमिटेड सरकार द्वारा अंगीकृत की गई एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी है। उपयोगकर्ता एचवीओसी, इसके संचालन के इतिहास, संगठनात्मक संरचना और कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। |
राकेश पांडेय लखनउ। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अपनी वसीयत भी लिखी थी जो कि आज तक खोली नहीं गयी और देश के एक बैंक में अब भी रखी हुई है। यह भी कि उसी बैंक में जिसमें जलियांवाला काण्ड के समय पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर रहे जनरल माइकल ओ s डायर का भी खाता था जो उनके वापस लंदन चले जाने के बाद तक जारी रहा। जलियांवाला बाग में गोली चलाने का आदेश देने वाले ब्रिगेडियर जनरल रेगीनाल्ड डायर का खाता भी उसी बैंक में था। जल्दी ही यह और ऐसी बहुत सी दुर्लभ जानकारियां देश के प्राचीनतम बैंको में से एक इलाहाबाद बैंक में आम जनता के लिए उपलब्ध हो जायेगी। बैंक अपने शुरुआती दिनों के लेजर-ंबैंक की खाता बही-ं और अन्य दस्तावेजों को एकत्रित करके एक आरकाइव-ंपूरा लेख एवं दस्तावेज संग्रहालय-ं की स्थापना करने जा रहा है जहां आम लोग भी जाकर उन्हें देख सकेगा। लखनउg में तैनात इलाहाबाद बैंक के सहायक महाप्रबंधक हरिमोहन ने ढढभार्षां को बताया, ढढहम शीघ्र ही बैंक के लखनउg स्थित सौ साल पुराने भवन में एक संग्रहालय बनाने जा रहे हैं जिसमें बैंक की स्थापना से लेकर आज तक के अनेक दुर्लभ लेजर और दस्तावेज आम जनता के लिए रखे जाएंगे जिनके पन्नों पर इतिहास की अनेक रोचक जानकारी अंकित हैं।
| राकेश पांडेय लखनउ। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अपनी वसीयत भी लिखी थी जो कि आज तक खोली नहीं गयी और देश के एक बैंक में अब भी रखी हुई है। यह भी कि उसी बैंक में जिसमें जलियांवाला काण्ड के समय पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर रहे जनरल माइकल ओ s डायर का भी खाता था जो उनके वापस लंदन चले जाने के बाद तक जारी रहा। जलियांवाला बाग में गोली चलाने का आदेश देने वाले ब्रिगेडियर जनरल रेगीनाल्ड डायर का खाता भी उसी बैंक में था। जल्दी ही यह और ऐसी बहुत सी दुर्लभ जानकारियां देश के प्राचीनतम बैंको में से एक इलाहाबाद बैंक में आम जनता के लिए उपलब्ध हो जायेगी। बैंक अपने शुरुआती दिनों के लेजर-ंबैंक की खाता बही-ं और अन्य दस्तावेजों को एकत्रित करके एक आरकाइव-ंपूरा लेख एवं दस्तावेज संग्रहालय-ं की स्थापना करने जा रहा है जहां आम लोग भी जाकर उन्हें देख सकेगा। लखनउg में तैनात इलाहाबाद बैंक के सहायक महाप्रबंधक हरिमोहन ने ढढभार्षां को बताया, ढढहम शीघ्र ही बैंक के लखनउg स्थित सौ साल पुराने भवन में एक संग्रहालय बनाने जा रहे हैं जिसमें बैंक की स्थापना से लेकर आज तक के अनेक दुर्लभ लेजर और दस्तावेज आम जनता के लिए रखे जाएंगे जिनके पन्नों पर इतिहास की अनेक रोचक जानकारी अंकित हैं। |
Don't Miss!
- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण?
BOX OFFICE: अजय देवगन का धमाका. . 300 करोड़ क्लब में एंट्री. . जबरदस्त!
2017 में बॉलीवुड की पहली 200 करोड़ी फिल्म बन चुकी है रोहित शेट्टी की गोलमाल अगेन। फिल्म को ब्लॉकबस्टर करार दे दिया गया है। बता दें, गोलमाल अगेन के बाद कई फिल्में रिलीज हुईं. . लेकिन इस धमाकेदार फिल्म का रास्ता कोई नहीं रोक पाई।
वहीं, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म ने 304 करोड़ का आंकड़ा भी पार कर लिया है। जी हां, ओवरसीज में फिल्म ने लगभग 50 करोड़ की कमाई की है। यह अजय देवगन की सबसे शानदार फिल्म साबित हो चुकी है।
वहीं, रोहित शेट्टी और अजय देवगन की जोड़ी के लिए भी यह काफी बड़ी बात है। इस जोड़ी ने बैक टू बैक 7 हिट फिल्में दी हैं। बता दें, गोलमाल 3 ने अब तक 150 प्रतिशत मुनाफा भी कमा लिया है।
Ajay Devgn starrer Golmaal Again crosses the Rs 300 crore mark at worldwide box office.
| Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? BOX OFFICE: अजय देवगन का धमाका. . तीन सौ करोड़ क्लब में एंट्री. . जबरदस्त! दो हज़ार सत्रह में बॉलीवुड की पहली दो सौ करोड़ी फिल्म बन चुकी है रोहित शेट्टी की गोलमाल अगेन। फिल्म को ब्लॉकबस्टर करार दे दिया गया है। बता दें, गोलमाल अगेन के बाद कई फिल्में रिलीज हुईं. . लेकिन इस धमाकेदार फिल्म का रास्ता कोई नहीं रोक पाई। वहीं, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म ने तीन सौ चार करोड़ का आंकड़ा भी पार कर लिया है। जी हां, ओवरसीज में फिल्म ने लगभग पचास करोड़ की कमाई की है। यह अजय देवगन की सबसे शानदार फिल्म साबित हो चुकी है। वहीं, रोहित शेट्टी और अजय देवगन की जोड़ी के लिए भी यह काफी बड़ी बात है। इस जोड़ी ने बैक टू बैक सात हिट फिल्में दी हैं। बता दें, गोलमाल तीन ने अब तक एक सौ पचास प्रतिशत मुनाफा भी कमा लिया है। Ajay Devgn starrer Golmaal Again crosses the तीन सौ रुपया crore mark at worldwide box office. |
पिछले काफी समय से Vivo X80 सीरीज़ का लॉन्च सुर्खियों में है। अब कंपनी ने फोन के चीन में लॉन्च की आधिकारिक घोषणा कर दी है। अभी यह साफ नहीं हुआ है कि सीरीज़ में कुल कितने फोन आएंगे। उम्मीद की जा रही है कि सीरीज़ में कुल Vivo X80, Vivo X80 Pro और Vivo X80 Pro+ स्मार्टफोंस होंगे।
विवो (Vivo) ने चीनी माइक्रोब्लोगिंग वैबसाइट वेबो (Weibo) पर खुलासा किया है कि Vivo X80 सीरीज़ को चीन में 25 अप्रैल को लॉन्च किया जाएगा। लोकल टाइम के मुताबिक, इवेंट शाम 7 बजे शुरू होगा और भारतीय समय के अनुसार इवेंट 4.30 बजे शुरू होगा। लॉन्च की तारीख का खुलासा करते हुए कंपनी ने कुछ पोस्टर्स साझा किए हैं।
पोस्टर में फोन का ऑरेंज वेरिएंट देखा जा सकता है जिसके बैक पर बड़ा कैमरा मॉड्यूल दिया जाएगा। कैमरा मॉड्यूल में क्वाड रियर कैमरा सेटअप और LED फ्लैश दी जाएगी। कैमरा सेटअप के साथ Carl Zeiss लिखा देखा गया है। फोन के फ्रंट पर सेल्फी कैमरा के साथ पंच-होल कटआउट दिया जाएगा।
पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, सीरीज़ के प्रो और प्रो प्लस डिवाइसेज़ डिमेन्सिटी और स्नैपड्रैगन प्रॉसेसर साथ आएंगे। प्रो प्लस वेरिएंट में 50MP GN1 प्राइमरी कैमरा, 48MP का Sony IMX598 बेस्ड अल्ट्रा-वाइड कैमरा, 12MP का पोट्रेट सेंसर और 8MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। सेल्फी के ल्लिए फोन के फ्रंट पर 32MP का कैमरा दिया जाएगा। सीरीज़ में 6.78 इंच की AMOLED E5 कर्व एज डिस्प्ले मिल सकती है जिसकी रिफ्रेश रेट 120Hz होगी।
| पिछले काफी समय से Vivo Xअस्सी सीरीज़ का लॉन्च सुर्खियों में है। अब कंपनी ने फोन के चीन में लॉन्च की आधिकारिक घोषणा कर दी है। अभी यह साफ नहीं हुआ है कि सीरीज़ में कुल कितने फोन आएंगे। उम्मीद की जा रही है कि सीरीज़ में कुल Vivo Xअस्सी, Vivo Xअस्सी Pro और Vivo Xअस्सी Pro+ स्मार्टफोंस होंगे। विवो ने चीनी माइक्रोब्लोगिंग वैबसाइट वेबो पर खुलासा किया है कि Vivo Xअस्सी सीरीज़ को चीन में पच्चीस अप्रैल को लॉन्च किया जाएगा। लोकल टाइम के मुताबिक, इवेंट शाम सात बजे शुरू होगा और भारतीय समय के अनुसार इवेंट चार.तीस बजे शुरू होगा। लॉन्च की तारीख का खुलासा करते हुए कंपनी ने कुछ पोस्टर्स साझा किए हैं। पोस्टर में फोन का ऑरेंज वेरिएंट देखा जा सकता है जिसके बैक पर बड़ा कैमरा मॉड्यूल दिया जाएगा। कैमरा मॉड्यूल में क्वाड रियर कैमरा सेटअप और LED फ्लैश दी जाएगी। कैमरा सेटअप के साथ Carl Zeiss लिखा देखा गया है। फोन के फ्रंट पर सेल्फी कैमरा के साथ पंच-होल कटआउट दिया जाएगा। पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, सीरीज़ के प्रो और प्रो प्लस डिवाइसेज़ डिमेन्सिटी और स्नैपड्रैगन प्रॉसेसर साथ आएंगे। प्रो प्लस वेरिएंट में पचासMP GNएक प्राइमरी कैमरा, अड़तालीसMP का Sony IMXपाँच सौ अट्ठानवे बेस्ड अल्ट्रा-वाइड कैमरा, बारहMP का पोट्रेट सेंसर और आठMP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। सेल्फी के ल्लिए फोन के फ्रंट पर बत्तीसMP का कैमरा दिया जाएगा। सीरीज़ में छः.अठहत्तर इंच की AMOLED Eपाँच कर्व एज डिस्प्ले मिल सकती है जिसकी रिफ्रेश रेट एक सौ बीस हर्ट्ज़ होगी। |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.