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मुनमुन सेन और बेटियों को धूल से बचाने के लिए धोई गई सड़क! गर्मियों में पूरे बांकुरा जिले के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पाता। इस इलाके में लोगों के घरों में नल तक नहीं लगे हैं। कुछ लोगों को सड़क किनारे लगे नलों के पास लाइन लगाकर पानी भरना पड़ता है और काफी लोग तालाबों और कुओं पर भी निर्भर रहते हैं।
मुनमुन सेन और बेटियों को धूल से बचाने के लिए धोई गई सड़क! गर्मियों में पूरे बांकुरा जिले के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पाता। इस इलाके में लोगों के घरों में नल तक नहीं लगे हैं। कुछ लोगों को सड़क किनारे लगे नलों के पास लाइन लगाकर पानी भरना पड़ता है और काफी लोग तालाबों और कुओं पर भी निर्भर रहते हैं।
जाए, जिसमे उसके सभी मनोरथ पूरे होने हैं तो वह व्यक्ति नोहे, तांबे या चांदी इत्यादि धातुओं का संग्रह नहीं करता। उसी प्रकार सम्यग्दृष्टि जीव के पास शुद्ध स्वरूप के अनुभव रूप चिन्तामणि रत्न है जिसमें सभी कर्मों का क्षय होता है और परमात्मा को प्राप्ति होती है। अतीन्द्रिय सुख की प्राप्ति होती है। ऐसा सम्यग्दृष्टि जोव शुभ-अशुभरूप अनेक क्रियाओं के विकल्प का संग्रह नहीं करता जिनसे कोई कार्य सिद्धि नहीं होती। शुद्ध स्वरूप के अनुभवरूपो चिन्तामणि रत्न की महिमा वचन गांचर नही है और वह परमपूज्य है ।।१२।। कुण्डलिका अनुभव चिन्तामरिण रतन, जाके हिय परकाश । सो पुनीत शिवपद लहे, बहे चतुर्गति बास ।। दहे चतुर्गति बास, ग्रास धरि क्रिया न मण्डे । पूर्वकृत कर्म बिहण्डे । विकार, न गिण यह भार, न गिणु भव । मांहि रतन चिनामगि अनुभव ।।१२।। इत्थं परिग्रहमपास्य समस्तमेव सामान्यतः स्वपरयोरविवेकहेतुं । ज्ञानमुज्झितमना प्रधुना विशेषाद्भूयस्तमेव परिहर्तुमयं प्रवृत्तः ॥ जीव का कर्म से एकत्वव द्धिम्प जो मिथ्यात्व है वह कैसे छूटे, ऐसा जिनका अभिप्राय है उनको ग्रन्थकर्ता यहां से आरम्भ करके कुछ विशेष कहने का उद्यम करेंगे। जितने भी परद्रव्यरूप परिग्रह हैं उनके भिन्न-भिन्न नामों के विवरण सहित छोड़ने अथवा छुड़वाने के लिए अभी तक जो कुछ कहा वह ऐसे है कि जितनी भी पुद्गल सामग्री कर्म की उपाधि से प्राप्त है, परद्रव्य है, सो त्यागने योग्य है। ऐसा कहकर परद्रव्य का त्याग कहा। अर्थात् जितना परद्रव्य है उतना सब त्याज्य है। क्रोध परद्रव्य है इसलिए त्याज्य है, मान परद्रव्य है इसलिए त्याज्य है, इत्यादि। इसी तरह भोजन परद्रव्य है इसलिए त्याज्य है, पानी पीना परद्रव्य है इसलिए त्याज्य है। परद्रव्य परि ग्रह शुद्धचिद्रूप वस्तु और द्रव्यकर्म, भाववमं तथा नोकमं के एकत्वरूप संस्कार का कारण है। भावार्थ- मिथ्यादृष्टि जीव की जीव और कर्म में एकत्त्व बुद्धि है। इसलिए मिथ्यादृष्टि जांव में परद्रव्य का परिग्रह घटित होता है। सम्यक् - समयसार कलग टीका दृष्टि जीव की भेद वृद्धि है इसलिए परद्रव्य का परिग्रह उस के नहीं घटना। हम विषय का यहां से लेकर कथन करंगे ॥ १३ ॥ मर्वया प्रातम स्वभाव परभावकी न शुद्धि ताकों, जाको मन मगन परिग्रहमें रह्यो है । ऐमो प्रविवेक को निधान परिग्रह राग, ताको त्याग इहालों समुच्रूप कह्यो है । अब निज पर भ्रम दूर करिबेको काज, बहुगे सुगुरु उपदेशको उमग्यो है। परिग्रह ग्रह परिग्रह को विशेष अंग, कहिवेको उद्यम उदार लहलह्यो है ।। दोहा -- त्याग जोग परवस्तु सब, यह सामान्य विचार । विविध वस्तु नाना विरति, यह विशेष विस्तार ॥१३॥ पूर्वबद्ध निजकम्मं विपाकाद् ज्ञानिनो यदि भवत्युपभोगः । तद्भबत्वथ च रागवियोगान्नुनमेति न परिप्रहमावम् ॥१४॥ जहां मे जीव सम्यक्दृष्टि हुआ वहां से विषय सामग्रो में राग-द्वेषमोह से रहित हो गया इसलिए सम्यग्दृष्टि जीव के कदाचित् शरीरादि सम्पूर्ण भांग सामग्री हो तो हो और वह उस सामग्री को भांगता भी हो परंतु यह निश्चय है कि वह विषय सामग्री के स्वीकार के अभिप्राय को नही प्राप्त होता । कोई प्रश्न करे कि ऐसे वैरागी-सम्यग्दृष्टि जीव के विषय सामग्री होती क्यों है ? उत्तर - सभ्यबत्व उपजने से पहले जीव मिथ्यादृष्टि था, रागी था उस गगभाव से जो अपने प्रदेशों में ज्ञानावग्णादि के रूप में कार्माण वर्गणा का बन्ध किया था उसके पककर उदय में आने से विषय सामग्री होती है । भावार्थ -- राग-द्वेष- मोह के परिणामों के मिट जाने पर द्रव्यरूप बाहरी सामग्रो भांग बंध का कारण नहीं है, वह तो पहले से बंधे हुए कर्मों की निर्जरा है ।।१४।। चौपाई पूरब करम उदं रस भुंजे। ज्ञान मगन ममता न प्रयुंजे ।। मन में उदासीनता लहिये। यों बुध परिग्रहवंत न कहिये ।।१४।।
जाए, जिसमे उसके सभी मनोरथ पूरे होने हैं तो वह व्यक्ति नोहे, तांबे या चांदी इत्यादि धातुओं का संग्रह नहीं करता। उसी प्रकार सम्यग्दृष्टि जीव के पास शुद्ध स्वरूप के अनुभव रूप चिन्तामणि रत्न है जिसमें सभी कर्मों का क्षय होता है और परमात्मा को प्राप्ति होती है। अतीन्द्रिय सुख की प्राप्ति होती है। ऐसा सम्यग्दृष्टि जोव शुभ-अशुभरूप अनेक क्रियाओं के विकल्प का संग्रह नहीं करता जिनसे कोई कार्य सिद्धि नहीं होती। शुद्ध स्वरूप के अनुभवरूपो चिन्तामणि रत्न की महिमा वचन गांचर नही है और वह परमपूज्य है ।।बारह।। कुण्डलिका अनुभव चिन्तामरिण रतन, जाके हिय परकाश । सो पुनीत शिवपद लहे, बहे चतुर्गति बास ।। दहे चतुर्गति बास, ग्रास धरि क्रिया न मण्डे । पूर्वकृत कर्म बिहण्डे । विकार, न गिण यह भार, न गिणु भव । मांहि रतन चिनामगि अनुभव ।।बारह।। इत्थं परिग्रहमपास्य समस्तमेव सामान्यतः स्वपरयोरविवेकहेतुं । ज्ञानमुज्झितमना प्रधुना विशेषाद्भूयस्तमेव परिहर्तुमयं प्रवृत्तः ॥ जीव का कर्म से एकत्वव द्धिम्प जो मिथ्यात्व है वह कैसे छूटे, ऐसा जिनका अभिप्राय है उनको ग्रन्थकर्ता यहां से आरम्भ करके कुछ विशेष कहने का उद्यम करेंगे। जितने भी परद्रव्यरूप परिग्रह हैं उनके भिन्न-भिन्न नामों के विवरण सहित छोड़ने अथवा छुड़वाने के लिए अभी तक जो कुछ कहा वह ऐसे है कि जितनी भी पुद्गल सामग्री कर्म की उपाधि से प्राप्त है, परद्रव्य है, सो त्यागने योग्य है। ऐसा कहकर परद्रव्य का त्याग कहा। अर्थात् जितना परद्रव्य है उतना सब त्याज्य है। क्रोध परद्रव्य है इसलिए त्याज्य है, मान परद्रव्य है इसलिए त्याज्य है, इत्यादि। इसी तरह भोजन परद्रव्य है इसलिए त्याज्य है, पानी पीना परद्रव्य है इसलिए त्याज्य है। परद्रव्य परि ग्रह शुद्धचिद्रूप वस्तु और द्रव्यकर्म, भाववमं तथा नोकमं के एकत्वरूप संस्कार का कारण है। भावार्थ- मिथ्यादृष्टि जीव की जीव और कर्म में एकत्त्व बुद्धि है। इसलिए मिथ्यादृष्टि जांव में परद्रव्य का परिग्रह घटित होता है। सम्यक् - समयसार कलग टीका दृष्टि जीव की भेद वृद्धि है इसलिए परद्रव्य का परिग्रह उस के नहीं घटना। हम विषय का यहां से लेकर कथन करंगे ॥ तेरह ॥ मर्वया प्रातम स्वभाव परभावकी न शुद्धि ताकों, जाको मन मगन परिग्रहमें रह्यो है । ऐमो प्रविवेक को निधान परिग्रह राग, ताको त्याग इहालों समुच्रूप कह्यो है । अब निज पर भ्रम दूर करिबेको काज, बहुगे सुगुरु उपदेशको उमग्यो है। परिग्रह ग्रह परिग्रह को विशेष अंग, कहिवेको उद्यम उदार लहलह्यो है ।। दोहा -- त्याग जोग परवस्तु सब, यह सामान्य विचार । विविध वस्तु नाना विरति, यह विशेष विस्तार ॥तेरह॥ पूर्वबद्ध निजकम्मं विपाकाद् ज्ञानिनो यदि भवत्युपभोगः । तद्भबत्वथ च रागवियोगान्नुनमेति न परिप्रहमावम् ॥चौदह॥ जहां मे जीव सम्यक्दृष्टि हुआ वहां से विषय सामग्रो में राग-द्वेषमोह से रहित हो गया इसलिए सम्यग्दृष्टि जीव के कदाचित् शरीरादि सम्पूर्ण भांग सामग्री हो तो हो और वह उस सामग्री को भांगता भी हो परंतु यह निश्चय है कि वह विषय सामग्री के स्वीकार के अभिप्राय को नही प्राप्त होता । कोई प्रश्न करे कि ऐसे वैरागी-सम्यग्दृष्टि जीव के विषय सामग्री होती क्यों है ? उत्तर - सभ्यबत्व उपजने से पहले जीव मिथ्यादृष्टि था, रागी था उस गगभाव से जो अपने प्रदेशों में ज्ञानावग्णादि के रूप में कार्माण वर्गणा का बन्ध किया था उसके पककर उदय में आने से विषय सामग्री होती है । भावार्थ -- राग-द्वेष- मोह के परिणामों के मिट जाने पर द्रव्यरूप बाहरी सामग्रो भांग बंध का कारण नहीं है, वह तो पहले से बंधे हुए कर्मों की निर्जरा है ।।चौदह।। चौपाई पूरब करम उदं रस भुंजे। ज्ञान मगन ममता न प्रयुंजे ।। मन में उदासीनता लहिये। यों बुध परिग्रहवंत न कहिये ।।चौदह।।
नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर कर दिया है. आरबीआई के इस फैसले के नफा-नुकसान को लेकर देशभर में खूब चर्चा हो रही है. साथ ही केंद्रीय बैंक के इस कदम ने इनकम टैक्स चोरी और कालेधन (Black Money) पर भी बहस छेड़ दी है. केंद्रीय बैंक के नोट चलन से बाहर करने के समर्थक और विरोधी, दोनों ही मांग कर रहे हैं कि कालेधन को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार को देश के कानूनों में मौजूद उन सभी 'छिद्रों', को बंद करना चाहिए, जो इनकम टैक्स चोरी में सहायक हैं. बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय सहित बहुत से लोग ने सिक्किम के लोगों को इनकम टैक्स देने से मिली छूट (Sikkim Income Tax Exemption) को बंद करने की मांग करते रहे हैं. गौरतलब है कि सिक्किम भारत का ऐसा राज्य है, जहां के मूल निवासियों को इनकम टैक्स देने से छूट मिली हुई है. मतलब यह कि सिक्किम के लोग कितनी भी कमाई करें, उन्हें एक रुपया भी इनकम टैक्स के रूप में नहीं चुकाना होता है. सिक्किम की आबादी का 95 फीसदी हिस्सा मूल निवासियों की श्रेणी में आता है. सिक्किम को इनकम टैक्स में मिली छूट का गलत इस्तेमाल होने की खबरें गाहे-बगाहे आती रहती है. कुछ लोग इसे भारत का टैक्स हैवन भी कहते हैं. सिक्किम के लोगों के नाम बड़ी मात्रा में डीमैट अकाउंट खोलने का मामला भी सामने आ चुका है. ये भी पढ़ें- भारत के गरीब इन देशों में हो जाते अमीर, इतनी ज्यादा है यहां रुपये की वैल्यू, लाख रुपये लेकर जाओ, करोड़ों में कीमत! क्यों मिली है छूट? वर्ष 1950 में भारत-सिक्किम शांति समझौते के मुताबिक सिक्किम भारत के संरक्षण में आ गया था. भारत गणराज्य में 1975 में इसका पूर्ण विलय हुआ था. सिक्किम शासक चोग्याल थे. इन्होंने वर्ष 1948 में सिक्किम इनकम टैक्स मैनुअल जारी किया था. भारत में विलय की शर्तों में सिक्किमी लोगों को इनकम टैक्स छूट की शर्त भी शामिल थी. इसी शर्त को पूरा करने के लिए भारतीय आयकर अधिनियम की धारा 10 (26एएए) में सिक्किम के तहत मूल निवासियों को आयकर से छूट प्रदान की गई है. गौरतलब है कि पूर्वोतर के तमाम राज्यों को संविधान के आर्टिकल 371-एफ के तहत विशेष दर्जा मिला है. इस कारण देश के दूसरे हिस्से के लोगों के लिए इन राज्यों में संपत्ति या जमीन खरीदने पर पाबंदी है. सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद सिक्किम के लगभग 95 फीसदी लोग इस छूट के दायरे में आ गए हैं. पहले यह छूट सिक्किम सब्जेक्ट सर्टिफिकेट रखने वालों और उनके वंशजों को ही दी जाती थी. इनको सिक्किम नागरिकता संशोधन आदेश, 1989 के तहत भारतीय नागरिक बनाया गया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 26 अप्रैल 1975 (सिक्किम में भारत में विलय से एक दिन पहले) तक सिक्किम में रहनेवाले भारतीय मूल के लोगों को भी सिक्किम के मूल निवासी का दर्जा देने के बाद 95 फीसदी आबादी टैक्स के दायरे से बाहर हो गई है. .
नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक ने दो,शून्य रुपयापये के नोट को चलन से बाहर कर दिया है. आरबीआई के इस फैसले के नफा-नुकसान को लेकर देशभर में खूब चर्चा हो रही है. साथ ही केंद्रीय बैंक के इस कदम ने इनकम टैक्स चोरी और कालेधन पर भी बहस छेड़ दी है. केंद्रीय बैंक के नोट चलन से बाहर करने के समर्थक और विरोधी, दोनों ही मांग कर रहे हैं कि कालेधन को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार को देश के कानूनों में मौजूद उन सभी 'छिद्रों', को बंद करना चाहिए, जो इनकम टैक्स चोरी में सहायक हैं. बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय सहित बहुत से लोग ने सिक्किम के लोगों को इनकम टैक्स देने से मिली छूट को बंद करने की मांग करते रहे हैं. गौरतलब है कि सिक्किम भारत का ऐसा राज्य है, जहां के मूल निवासियों को इनकम टैक्स देने से छूट मिली हुई है. मतलब यह कि सिक्किम के लोग कितनी भी कमाई करें, उन्हें एक रुपया भी इनकम टैक्स के रूप में नहीं चुकाना होता है. सिक्किम की आबादी का पचानवे फीसदी हिस्सा मूल निवासियों की श्रेणी में आता है. सिक्किम को इनकम टैक्स में मिली छूट का गलत इस्तेमाल होने की खबरें गाहे-बगाहे आती रहती है. कुछ लोग इसे भारत का टैक्स हैवन भी कहते हैं. सिक्किम के लोगों के नाम बड़ी मात्रा में डीमैट अकाउंट खोलने का मामला भी सामने आ चुका है. ये भी पढ़ें- भारत के गरीब इन देशों में हो जाते अमीर, इतनी ज्यादा है यहां रुपये की वैल्यू, लाख रुपये लेकर जाओ, करोड़ों में कीमत! क्यों मिली है छूट? वर्ष एक हज़ार नौ सौ पचास में भारत-सिक्किम शांति समझौते के मुताबिक सिक्किम भारत के संरक्षण में आ गया था. भारत गणराज्य में एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर में इसका पूर्ण विलय हुआ था. सिक्किम शासक चोग्याल थे. इन्होंने वर्ष एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस में सिक्किम इनकम टैक्स मैनुअल जारी किया था. भारत में विलय की शर्तों में सिक्किमी लोगों को इनकम टैक्स छूट की शर्त भी शामिल थी. इसी शर्त को पूरा करने के लिए भारतीय आयकर अधिनियम की धारा दस में सिक्किम के तहत मूल निवासियों को आयकर से छूट प्रदान की गई है. गौरतलब है कि पूर्वोतर के तमाम राज्यों को संविधान के आर्टिकल तीन सौ इकहत्तर-एफ के तहत विशेष दर्जा मिला है. इस कारण देश के दूसरे हिस्से के लोगों के लिए इन राज्यों में संपत्ति या जमीन खरीदने पर पाबंदी है. सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद सिक्किम के लगभग पचानवे फीसदी लोग इस छूट के दायरे में आ गए हैं. पहले यह छूट सिक्किम सब्जेक्ट सर्टिफिकेट रखने वालों और उनके वंशजों को ही दी जाती थी. इनको सिक्किम नागरिकता संशोधन आदेश, एक हज़ार नौ सौ नवासी के तहत भारतीय नागरिक बनाया गया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के छब्बीस अप्रैल एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर तक सिक्किम में रहनेवाले भारतीय मूल के लोगों को भी सिक्किम के मूल निवासी का दर्जा देने के बाद पचानवे फीसदी आबादी टैक्स के दायरे से बाहर हो गई है. .
पंजाब में मंगलवार यानी 2 मई से सभी सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव के आदेश को लेकर पत्र जारी किया गया है. पंजाब सरकार के कार्मिक विभाग ने इस पत्र में दो मई से सभी सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव की जानकारी दी है. इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव की घोषणा की थी. यह नया समय 2 मई से बदला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो मई से कार्यालय सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर दो बजे तक खुले रहेंगे. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर कहा था कि पंजाब की सरकार नई सोच की सरकार है. हर दिन लोगों के हक में कुछ न कुछ नए फैसले लिए जा रहे हैं ताकि लोगों की मुश्किलें कम हों. इसके साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि दो मई से पंजाब के सभी सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव किया जा रहा है. पंजाब सरकार के दफ्तर सुबह 7. 30 बजे से 2 बजे तक खुलेंगे. यह फैसला 15 जुलाई तक रहेगा। सीएम मान ने कहा कि इस फैसले को लागू करने से पहले कई लोगों से राय ली गई है और उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है. साथ ही कर्मचारियों ने यह भी कहा कि समय से घर आने पर उन्हें बच्चे के साथ ज्यादा समय बिताने का मौका मिलेगा।
पंजाब में मंगलवार यानी दो मई से सभी सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव के आदेश को लेकर पत्र जारी किया गया है. पंजाब सरकार के कार्मिक विभाग ने इस पत्र में दो मई से सभी सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव की जानकारी दी है. इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव की घोषणा की थी. यह नया समय दो मई से बदला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो मई से कार्यालय सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर दो बजे तक खुले रहेंगे. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर कहा था कि पंजाब की सरकार नई सोच की सरकार है. हर दिन लोगों के हक में कुछ न कुछ नए फैसले लिए जा रहे हैं ताकि लोगों की मुश्किलें कम हों. इसके साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि दो मई से पंजाब के सभी सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव किया जा रहा है. पंजाब सरकार के दफ्तर सुबह सात. तीस बजे से दो बजे तक खुलेंगे. यह फैसला पंद्रह जुलाई तक रहेगा। सीएम मान ने कहा कि इस फैसले को लागू करने से पहले कई लोगों से राय ली गई है और उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है. साथ ही कर्मचारियों ने यह भी कहा कि समय से घर आने पर उन्हें बच्चे के साथ ज्यादा समय बिताने का मौका मिलेगा।
Gujarat Assembly Election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वलसाड जिले में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से श्रीमद राजचंद्र मिशन की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। Gujarat Assembly Election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने गृह राज्य गुजरात में खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। यूपी चुनाव (UP Election) के बाद से लगातार कई मौकों पर गुजरात से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को वलसाड जिले में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से श्रीमद राजचंद्र मिशन (Shrimad Rajchandra Mission) की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 250 बिस्तरों वाला मानव अस्पताल और 150 बिस्तरों वाला पशु अस्पताल प्रमुख है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज शाम साढ़े चार बजे श्रीमद राजचंद्र मिशन के तहत धर्मपुर में श्रीमद राजचंद्र अस्पताल (Shrimad Rajchandra Hospital) का उद्घाटन किया। 250 बिस्तरों वाले इस अस्पताल के निर्माण में 200 करोड़ रूपये खर्च हुए। यह अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं से लैस मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल है, जो खासतौर पर साउथ गुजरात के लोगों को विश्व स्तरीय मेडिकल सुविधा मुहैया कराएगा। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर श्रीमद राजचंद्र पशु चिकित्सालय (Shrimad Rajchandra Veterinary Hospital) की नींव भी रखी। इस अस्पताल को 70 करोड़ रूपये की लागत से बनाया जा रहा है। अस्पताल में 150 बिस्तर होंगे और यहां पशु पालकों को शीर्ष स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इस अस्पताल में पशु डॉक्टरों और सहायक कर्मचारियों की एक टीम हमेशा मौजूद रहेगी। इस मौके पर पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि आज भारत स्वास्थ्य की जिस नीति पर चल पड़ा है उसमें हमारे आसपास के हर जीव के आरोग्य की चिंता है। भारत मनुष्य - मात्र की रक्षा करने वाले टीकों के साथ ही पशुओं के लिए भी राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान चला रहा है। इन सबके अलावा पीएम मोदी ने श्रीमंद राजचंद्र सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वुमेन (Shrimand Rajchandra Center of Excellence for Women) की नींव भी रखी। इसका निर्माण 40 करोड़ रूपये खर्च किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि ये सेंटर 700 आदिवासी महिलाओं को रोजगार देगी और बाद में हजारों अन्य लोगों को भी आजीविका प्रदान करेगा। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार आज बहन-बेटियों के सामने आने वाली हर उस अड़चन को दूर करने में जुटी है, जो उसे आगे बढ़ने से रोकती है।
Gujarat Assembly Election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वलसाड जिले में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से श्रीमद राजचंद्र मिशन की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। Gujarat Assembly Election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने गृह राज्य गुजरात में खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। यूपी चुनाव के बाद से लगातार कई मौकों पर गुजरात से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को वलसाड जिले में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से श्रीमद राजचंद्र मिशन की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें दो सौ पचास बिस्तरों वाला मानव अस्पताल और एक सौ पचास बिस्तरों वाला पशु अस्पताल प्रमुख है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शाम साढ़े चार बजे श्रीमद राजचंद्र मिशन के तहत धर्मपुर में श्रीमद राजचंद्र अस्पताल का उद्घाटन किया। दो सौ पचास बिस्तरों वाले इस अस्पताल के निर्माण में दो सौ करोड़ रूपये खर्च हुए। यह अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं से लैस मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल है, जो खासतौर पर साउथ गुजरात के लोगों को विश्व स्तरीय मेडिकल सुविधा मुहैया कराएगा। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर श्रीमद राजचंद्र पशु चिकित्सालय की नींव भी रखी। इस अस्पताल को सत्तर करोड़ रूपये की लागत से बनाया जा रहा है। अस्पताल में एक सौ पचास बिस्तर होंगे और यहां पशु पालकों को शीर्ष स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इस अस्पताल में पशु डॉक्टरों और सहायक कर्मचारियों की एक टीम हमेशा मौजूद रहेगी। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत स्वास्थ्य की जिस नीति पर चल पड़ा है उसमें हमारे आसपास के हर जीव के आरोग्य की चिंता है। भारत मनुष्य - मात्र की रक्षा करने वाले टीकों के साथ ही पशुओं के लिए भी राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान चला रहा है। इन सबके अलावा पीएम मोदी ने श्रीमंद राजचंद्र सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वुमेन की नींव भी रखी। इसका निर्माण चालीस करोड़ रूपये खर्च किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि ये सेंटर सात सौ आदिवासी महिलाओं को रोजगार देगी और बाद में हजारों अन्य लोगों को भी आजीविका प्रदान करेगा। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार आज बहन-बेटियों के सामने आने वाली हर उस अड़चन को दूर करने में जुटी है, जो उसे आगे बढ़ने से रोकती है।
रुबीना दिलैक इन दिनों वेकेशन इंजॉय कर रही हैं। रुबीना बिग बॉस 14 की विनर भी रह चुकी हैं। वह अपने पति अभिनव शुक्ला के साथ इन दिनो मालदीव में हैं। जहां वह अपने पति का बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। वहीं रुबीना ट्रिप की तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं। रुबीना ने मालदीव की कई तस्वीरें शेयर की हैं जिसमे वह काफी ग्लैमरस दिख रही हैं। इन तस्वीरों मे रुबीना ने अपनी एक बिकिनी फोटोज भी शेयर की हैं। जिसमें वह बेहद खुबसुरत और ग्लैमरस दिखाई दे रही हैं। रुबीना इन तस्वीरों में यैलो बिकिनी के साथ राउंड हैट, ग्रे कलर की थाई स्लिट स्कर्ट और टॉप पहने नजर आ रही हैं। जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं। बता दें कि उनका शो शक्ति ऑफएयर हो गया हैं। जिसके बाद वह अपने पति संग, मालदीव वेकेशन पर हैं। मालदीव से पहले वह अपने पति और दोस्तों के साथ केरल वेकेशन पर गई थीं।
रुबीना दिलैक इन दिनों वेकेशन इंजॉय कर रही हैं। रुबीना बिग बॉस चौदह की विनर भी रह चुकी हैं। वह अपने पति अभिनव शुक्ला के साथ इन दिनो मालदीव में हैं। जहां वह अपने पति का बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। वहीं रुबीना ट्रिप की तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं। रुबीना ने मालदीव की कई तस्वीरें शेयर की हैं जिसमे वह काफी ग्लैमरस दिख रही हैं। इन तस्वीरों मे रुबीना ने अपनी एक बिकिनी फोटोज भी शेयर की हैं। जिसमें वह बेहद खुबसुरत और ग्लैमरस दिखाई दे रही हैं। रुबीना इन तस्वीरों में यैलो बिकिनी के साथ राउंड हैट, ग्रे कलर की थाई स्लिट स्कर्ट और टॉप पहने नजर आ रही हैं। जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं। बता दें कि उनका शो शक्ति ऑफएयर हो गया हैं। जिसके बाद वह अपने पति संग, मालदीव वेकेशन पर हैं। मालदीव से पहले वह अपने पति और दोस्तों के साथ केरल वेकेशन पर गई थीं।
Odisha बड़े बेटे के मुताबिक छोटा भाई मां से पैसे मांग कर फिजूल खर्ची करता था। जमीन बंधक रखकर पैसे लाने के लिए मां पर दबाव बना रहा था। कुछ दिन पहले 10 हजार रुपये की मांग की थी। आठ जनवरी को मां से झगड़ा किया था। राउरकेला, जेएनएन। Odisha: ओडिशा में कुछ पैसे के लिए बेटा अपनी मां की हत्या कर फरार हो गया। घटना राजगांगपुर थाना अंतर्गत बाहीआम गांव से सामने आई है। कुजूर पाड़ा में लक्ष्मी गौड छोटे बेटे राजू के साथ रहती थी। बड़ा बेटा रवि कलुंगा में रहता है। बड़े बेटे के मुताबिक, छोटा भाई मां से पैसे मांग कर फिजूल खर्ची करता था। जमीन बंधक रखकर पैसे लाने के लिए मां पर दबाव बना रहा था। कुछ दिन पहले 10 हजार रुपये की मांग की थी। आठ जनवरी को मां से झगड़ा किया था। वह मां की हत्या कर शव को घर में बंद कर फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रहा है। बीरमित्रपुर थाना अंतर्गत बराहबांस में शनिवार को वृद्ध का शव कुएं से बरामद किया गया। पुलिस अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर घटना की जांच कर रही है। गांव के 60 वर्षीय चालीराम टोप्पो अपने कमरे में अकेला सो रहे थे। सुबह पंचायत भवन में भत्ता वितरण शिविर में उन्हें जाना था। दोपहर तक उनके पंचायत भवन नहीं पहुंचने पर परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की तब घर से कुछ दूरी पर स्थित एक पुराने कुएं में उन्हें मृत पाया गया। असावधानी बस वृद्ध के कुएं में गिरने की आशंका जताई जा रही है। राउरकेला में बंडामुंडा थाना अंतर्गत आरएस कालोनी में पांच साल के बेटे की गला काट कर हत्या के मामले में राउरकेला के प्रथम एडीजे व सेशन जज की अदालत ने आरोपित पिता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना राशि नहीं चुकाने पर सजा की अवधि एक साल अधिक होगी। उल्लेखनीय है कि बंडामुंडा थाना क्षेत्र के आरएस कालोनी के डी ब्लाक निवासी होंडा ओराम ने अपने पांच साल के पुत्र अनुग्रह ओराम की 24 जून 2019 को गला काट कर हत्या कर दी थी। उस समय अनुग्रह की मां सूको ओराम शौच के लिए बाहर गई थी। सुको जब घर लौटी तो होंडा घर में नहीं था। जब वह उसके कमरे में गई तो देखा कि अंदर अनुग्रह का लहूलुहान शरीर पड़ा है। हत्या के बाद होंडा फरार हो गया था। सूको के रिश्तेदार सूमा ओराम ने इस संबंध में बंडामुंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस हत्या जनित मामला दर्ज करने के कुछ दिन बाद होंडा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। इस मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे, सेशन जज दीपक कुमार ने 14 गवाह एवं पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर होंडा ओराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने पांच हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश भी दिया है। यह राशि नहीं देने पर सजा की अवधि और एक साल अधिक होगी। इस मामले में सरकारी वकील सत्यनारायण महापात्र ने पैरवी की।
Odisha बड़े बेटे के मुताबिक छोटा भाई मां से पैसे मांग कर फिजूल खर्ची करता था। जमीन बंधक रखकर पैसे लाने के लिए मां पर दबाव बना रहा था। कुछ दिन पहले दस हजार रुपये की मांग की थी। आठ जनवरी को मां से झगड़ा किया था। राउरकेला, जेएनएन। Odisha: ओडिशा में कुछ पैसे के लिए बेटा अपनी मां की हत्या कर फरार हो गया। घटना राजगांगपुर थाना अंतर्गत बाहीआम गांव से सामने आई है। कुजूर पाड़ा में लक्ष्मी गौड छोटे बेटे राजू के साथ रहती थी। बड़ा बेटा रवि कलुंगा में रहता है। बड़े बेटे के मुताबिक, छोटा भाई मां से पैसे मांग कर फिजूल खर्ची करता था। जमीन बंधक रखकर पैसे लाने के लिए मां पर दबाव बना रहा था। कुछ दिन पहले दस हजार रुपये की मांग की थी। आठ जनवरी को मां से झगड़ा किया था। वह मां की हत्या कर शव को घर में बंद कर फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रहा है। बीरमित्रपुर थाना अंतर्गत बराहबांस में शनिवार को वृद्ध का शव कुएं से बरामद किया गया। पुलिस अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर घटना की जांच कर रही है। गांव के साठ वर्षीय चालीराम टोप्पो अपने कमरे में अकेला सो रहे थे। सुबह पंचायत भवन में भत्ता वितरण शिविर में उन्हें जाना था। दोपहर तक उनके पंचायत भवन नहीं पहुंचने पर परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की तब घर से कुछ दूरी पर स्थित एक पुराने कुएं में उन्हें मृत पाया गया। असावधानी बस वृद्ध के कुएं में गिरने की आशंका जताई जा रही है। राउरकेला में बंडामुंडा थाना अंतर्गत आरएस कालोनी में पांच साल के बेटे की गला काट कर हत्या के मामले में राउरकेला के प्रथम एडीजे व सेशन जज की अदालत ने आरोपित पिता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना राशि नहीं चुकाने पर सजा की अवधि एक साल अधिक होगी। उल्लेखनीय है कि बंडामुंडा थाना क्षेत्र के आरएस कालोनी के डी ब्लाक निवासी होंडा ओराम ने अपने पांच साल के पुत्र अनुग्रह ओराम की चौबीस जून दो हज़ार उन्नीस को गला काट कर हत्या कर दी थी। उस समय अनुग्रह की मां सूको ओराम शौच के लिए बाहर गई थी। सुको जब घर लौटी तो होंडा घर में नहीं था। जब वह उसके कमरे में गई तो देखा कि अंदर अनुग्रह का लहूलुहान शरीर पड़ा है। हत्या के बाद होंडा फरार हो गया था। सूको के रिश्तेदार सूमा ओराम ने इस संबंध में बंडामुंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस हत्या जनित मामला दर्ज करने के कुछ दिन बाद होंडा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। इस मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे, सेशन जज दीपक कुमार ने चौदह गवाह एवं पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर होंडा ओराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने पांच हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश भी दिया है। यह राशि नहीं देने पर सजा की अवधि और एक साल अधिक होगी। इस मामले में सरकारी वकील सत्यनारायण महापात्र ने पैरवी की।
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से बेहद दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. दरअसल हाल के कुछ दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाकर RJD के विधायक अपने नेता यानी उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बना रहे थे. इसी बीच तेजस्वी यादव ने खुद आगे आकर ऐलान कर दिया है कि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनना है. विधानसभा के अंदर जब तेजस्वी इस बात का ऐलान कर रहे होते हैं कि वह मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते हैं, तो उनके बगल में बैठे नीतीश कुमार मन ही मन बेहद प्रसन्न नजर आते हैं और उनके चेहरे पर कोई तनाव भी नजर नहीं आता है. सवाल उठता है कि आखिर नीतीश कुमार प्रसन्न हो भी तो क्यों ना ? इस साल के शुरुआत में जिस तरीके से आरजेडी के नेताओं ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दबाव बनाना शुरू किया था, उसके कारण नीतीश कुमार बेहद असहज नजर आ रहे थे. महागठबंधन सरकार बनने के बाद जो नीतीश कुमार सार्वजनिक कार्यक्रमों में तेजस्वी यादव को आशीर्वाद देते या फिर गले लगाते नजर आते थे और उन्हें बिहार का भविष्य बताते थे, वही नीतीश कुमार कुछ दिनों से तेजस्वी यादव से कई मुद्दों पर अलग राय रखते भी दिखे. जैसे कि गलवान जवान शहीद के पिता को जेल में डालने का मुद्दा हो या फिर तमिलनाडु में कथित तौर पर बिहारी मजदूरों की पिटाई का मामला. स्पष्ट था कि आरजेडी नेताओं के तरफ से सत्ता हस्तांतरण का जो मामला उठाया जा रहा था, वह नीतीश कुमार के गले नहीं उतर रहा था. इसी बीच, नीतीश कुमार की बीजेपी नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत भी शुरू हुई. जैसे कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन करके बिहार के नए गवर्नर के बारे में जानकारी दी और फिर 1 मार्च को नीतीश कुमार के जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक ने उन्हें बधाई दी. ऐसे में सवाल उठता है कि जो नीतीश कुमार सत्ता हस्तांतरण के मुद्दे पर दबाव में नजर आ रहे थे, क्या उनके बचाव में बीजेपी सामने आ गई? जिसके कारण अब वह राहत की सांस ले रहे हैं. घटनाक्रम पर नजर डालें तो नीतीश कुमार पर आरजेडी के दबाव बनाने के साथ ही आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिवार के खिलाफ लैंड फॉर जॉब घोटाले में सीबीआई की कार्यवाही तेज हो गई. सीबीआई ने पटना में जहां पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से पूछताछ की, तो वहीं दिल्ली में लालू प्रसाद से भी कई घंटों की पूछताछ हुई. 15 मार्च को दिल्ली के विशेष सीबीआई कोर्ट में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती की भी पेशी हुई. इसी बीच, तेजस्वी यादव से भी पूछताछ करने के लिए सीबीआई ने तीन बार उन्हें समन जारी किया, मगर वह सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए. आखिरकार जब तेजस्वी यादव से सीबीआई पूछताछ का पूरा मामला दिल्ली हाईकोर्ट में गया तो फिर 25 मार्च को तेजस्वी दिल्ली में सीबीआई के सामने पेश होने के लिए राजी हो गए. दिलचस्प बात यह है कि लालू परिवार के लैंड फॉर जॉब घोटाले में सीबीआई के शिकंजा कसने के साथ ही अचानक से आरजेडी नेताओं के तरफ से बिहार में सत्ता हस्तांतरण का मुद्दा समाप्त हो गया. हालात यह है कि अब आरजेडी के तरफ से कोई भी छोटा या बड़ा नेता अब तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने का मुद्दा नहीं उठा रहा है. जाहिर सी बात है, लालू परिवार इस वक्त सीबीआई के शिकंजे में फंसा हुआ है और उन्हें नीतीश कुमार का भी समर्थन प्राप्त नहीं हो रहा है. तेजस्वी यादव से सीबीआई पूछताछ को लेकर भी पिछले दिनों जब नीतीश कुमार से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने पूरे मामले से कन्नी काट ली थी और केवल इतना कहा था कि जिन से सवाल पूछा जा रहा है, वह जवाब दे ही रहे हैं. साफ था कि नीतीश कुमार भी तेजस्वी यादव के मामले में उनके समर्थन में नहीं दिखे. दूसरी तरफ, सीबीआई और ईडी की कार्रवाई के खिलाफ जब विपक्ष के 9 दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा तो नीतीश कुमार ने भी उस पत्र से कन्नी काट ली और उन्होंने उस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया, जबकि आरजेडी के तरफ से तेजस्वी यादव ने उस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. लालू परिवार के ऊपर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों और सीबीआई पूछताछ के मुद्दे पर पर साफ तौर पर नीतीश कुमार परिवार से दूरी बनाते नजर आए हैं जिसकी वजह से आरजेडी खेमे में भी इस बात को लेकर सुगबुगाहट है कि कहीं सीबीआई और ईडी की कार्यवाही बीजेपी के इशारे पर तो नहीं की जा रही है ताकि नीतीश कुमार को महागठबंधन से एक बार फिर अलग किया जा सके. इसका नतीजा यह निकला कि एक तरफ जहां तेजस्वी यादव सीबीआई और ईडी की जांच के घेरे में फंसे हुए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उन्हें नीतीश कुमार का भी समर्थन प्राप्त नहीं हो रहा है और शायद यही सबसे बड़ा कारण है कि तेजस्वी अब नीतीश कुमार पर कोई दबाव नहीं बनाना चाहते हैं और उन्होंने खुलेआम सोमवार को विधानसभा में ऐलान कर दिया कि वह मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते हैं.
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से बेहद दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. दरअसल हाल के कुछ दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाकर RJD के विधायक अपने नेता यानी उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बना रहे थे. इसी बीच तेजस्वी यादव ने खुद आगे आकर ऐलान कर दिया है कि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनना है. विधानसभा के अंदर जब तेजस्वी इस बात का ऐलान कर रहे होते हैं कि वह मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते हैं, तो उनके बगल में बैठे नीतीश कुमार मन ही मन बेहद प्रसन्न नजर आते हैं और उनके चेहरे पर कोई तनाव भी नजर नहीं आता है. सवाल उठता है कि आखिर नीतीश कुमार प्रसन्न हो भी तो क्यों ना ? इस साल के शुरुआत में जिस तरीके से आरजेडी के नेताओं ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दबाव बनाना शुरू किया था, उसके कारण नीतीश कुमार बेहद असहज नजर आ रहे थे. महागठबंधन सरकार बनने के बाद जो नीतीश कुमार सार्वजनिक कार्यक्रमों में तेजस्वी यादव को आशीर्वाद देते या फिर गले लगाते नजर आते थे और उन्हें बिहार का भविष्य बताते थे, वही नीतीश कुमार कुछ दिनों से तेजस्वी यादव से कई मुद्दों पर अलग राय रखते भी दिखे. जैसे कि गलवान जवान शहीद के पिता को जेल में डालने का मुद्दा हो या फिर तमिलनाडु में कथित तौर पर बिहारी मजदूरों की पिटाई का मामला. स्पष्ट था कि आरजेडी नेताओं के तरफ से सत्ता हस्तांतरण का जो मामला उठाया जा रहा था, वह नीतीश कुमार के गले नहीं उतर रहा था. इसी बीच, नीतीश कुमार की बीजेपी नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत भी शुरू हुई. जैसे कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन करके बिहार के नए गवर्नर के बारे में जानकारी दी और फिर एक मार्च को नीतीश कुमार के जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक ने उन्हें बधाई दी. ऐसे में सवाल उठता है कि जो नीतीश कुमार सत्ता हस्तांतरण के मुद्दे पर दबाव में नजर आ रहे थे, क्या उनके बचाव में बीजेपी सामने आ गई? जिसके कारण अब वह राहत की सांस ले रहे हैं. घटनाक्रम पर नजर डालें तो नीतीश कुमार पर आरजेडी के दबाव बनाने के साथ ही आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिवार के खिलाफ लैंड फॉर जॉब घोटाले में सीबीआई की कार्यवाही तेज हो गई. सीबीआई ने पटना में जहां पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से पूछताछ की, तो वहीं दिल्ली में लालू प्रसाद से भी कई घंटों की पूछताछ हुई. पंद्रह मार्च को दिल्ली के विशेष सीबीआई कोर्ट में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती की भी पेशी हुई. इसी बीच, तेजस्वी यादव से भी पूछताछ करने के लिए सीबीआई ने तीन बार उन्हें समन जारी किया, मगर वह सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए. आखिरकार जब तेजस्वी यादव से सीबीआई पूछताछ का पूरा मामला दिल्ली हाईकोर्ट में गया तो फिर पच्चीस मार्च को तेजस्वी दिल्ली में सीबीआई के सामने पेश होने के लिए राजी हो गए. दिलचस्प बात यह है कि लालू परिवार के लैंड फॉर जॉब घोटाले में सीबीआई के शिकंजा कसने के साथ ही अचानक से आरजेडी नेताओं के तरफ से बिहार में सत्ता हस्तांतरण का मुद्दा समाप्त हो गया. हालात यह है कि अब आरजेडी के तरफ से कोई भी छोटा या बड़ा नेता अब तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने का मुद्दा नहीं उठा रहा है. जाहिर सी बात है, लालू परिवार इस वक्त सीबीआई के शिकंजे में फंसा हुआ है और उन्हें नीतीश कुमार का भी समर्थन प्राप्त नहीं हो रहा है. तेजस्वी यादव से सीबीआई पूछताछ को लेकर भी पिछले दिनों जब नीतीश कुमार से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने पूरे मामले से कन्नी काट ली थी और केवल इतना कहा था कि जिन से सवाल पूछा जा रहा है, वह जवाब दे ही रहे हैं. साफ था कि नीतीश कुमार भी तेजस्वी यादव के मामले में उनके समर्थन में नहीं दिखे. दूसरी तरफ, सीबीआई और ईडी की कार्रवाई के खिलाफ जब विपक्ष के नौ दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा तो नीतीश कुमार ने भी उस पत्र से कन्नी काट ली और उन्होंने उस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया, जबकि आरजेडी के तरफ से तेजस्वी यादव ने उस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. लालू परिवार के ऊपर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों और सीबीआई पूछताछ के मुद्दे पर पर साफ तौर पर नीतीश कुमार परिवार से दूरी बनाते नजर आए हैं जिसकी वजह से आरजेडी खेमे में भी इस बात को लेकर सुगबुगाहट है कि कहीं सीबीआई और ईडी की कार्यवाही बीजेपी के इशारे पर तो नहीं की जा रही है ताकि नीतीश कुमार को महागठबंधन से एक बार फिर अलग किया जा सके. इसका नतीजा यह निकला कि एक तरफ जहां तेजस्वी यादव सीबीआई और ईडी की जांच के घेरे में फंसे हुए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उन्हें नीतीश कुमार का भी समर्थन प्राप्त नहीं हो रहा है और शायद यही सबसे बड़ा कारण है कि तेजस्वी अब नीतीश कुमार पर कोई दबाव नहीं बनाना चाहते हैं और उन्होंने खुलेआम सोमवार को विधानसभा में ऐलान कर दिया कि वह मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निकाय चुनाव में बीजेपी कैंडीडेट के समर्थन में चुनावी जनसभा करेंगे। यह जनसभा ब्रेजेंद्र स्वरुप पार्क में 15 नवम्बर को होगी ,जिसकी तैयारियां शुरू हो गई है। कानपुरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निकाय चुनाव में बीजेपी कैंडीडेट के समर्थन में चुनावी जनसभा करेंगे। यह जनसभा ब्रेजेंद्र स्वरुप पार्क में 15 नवम्बर को होगी ,जिसकी तैयारियां शुरू हो गई है। जनसभा स्थल का बीजेपी कार्यकर्ताओ ने मंत्रोच्चारण के साथ के भूमि पूजन कराया। यह भूमि पूजन कुछ उसी अंदाज में किया गया जैसे लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री की रैली से पूर्व और विधानसभा चुनाव में किया गया था। पूजन में निकाय चुनाव प्रभारी सत्यदेव सिंह और पुरुषोत्तम खंडेलवाल मौजूद रहे है। पूरे विधिविधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निकाय चुनाव में बीजेपी कैंडीडेट के समर्थन में चुनावी जनसभा करेंगे। यह जनसभा ब्रेजेंद्र स्वरुप पार्क में पंद्रह नवम्बर को होगी ,जिसकी तैयारियां शुरू हो गई है। कानपुरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निकाय चुनाव में बीजेपी कैंडीडेट के समर्थन में चुनावी जनसभा करेंगे। यह जनसभा ब्रेजेंद्र स्वरुप पार्क में पंद्रह नवम्बर को होगी ,जिसकी तैयारियां शुरू हो गई है। जनसभा स्थल का बीजेपी कार्यकर्ताओ ने मंत्रोच्चारण के साथ के भूमि पूजन कराया। यह भूमि पूजन कुछ उसी अंदाज में किया गया जैसे लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री की रैली से पूर्व और विधानसभा चुनाव में किया गया था। पूजन में निकाय चुनाव प्रभारी सत्यदेव सिंह और पुरुषोत्तम खंडेलवाल मौजूद रहे है। पूरे विधिविधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन संपन्न हुआ।
ना, ना आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपसे कोई मुश्किल हल नहीं करवाने वाले हैं। हम कुछ हॉलीवुड स्टार्स के नाम दे रहे हैं और आपको बताना है कि उन्होंने किस फिल्म में काम किया है। जैसे ट्रांसफॉरमर फेम लेस्टर स्पीट जिन्होंने इंटरनेशनल खिलाड़ी में काम किया या डेनिस रिचर्ड्स जो अक्षय कुमार के प्यार के तौर पर कमबख्त इश्क में नजर आयी थीं। साथ में हम उस फिल्म की तस्वीर भी दे रहे हैं जिसमें ये कलाकार नजर आये हैं। तो चलिए हो जाइये शुरू।
ना, ना आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपसे कोई मुश्किल हल नहीं करवाने वाले हैं। हम कुछ हॉलीवुड स्टार्स के नाम दे रहे हैं और आपको बताना है कि उन्होंने किस फिल्म में काम किया है। जैसे ट्रांसफॉरमर फेम लेस्टर स्पीट जिन्होंने इंटरनेशनल खिलाड़ी में काम किया या डेनिस रिचर्ड्स जो अक्षय कुमार के प्यार के तौर पर कमबख्त इश्क में नजर आयी थीं। साथ में हम उस फिल्म की तस्वीर भी दे रहे हैं जिसमें ये कलाकार नजर आये हैं। तो चलिए हो जाइये शुरू।
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। इस साल जन्माष्टमी का त्योहार 11 अगस्त को देश भर में मनाया जाएगा। जिसे लेकर घर-घर में तैयारियां जोरों पर है। जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण की विधि-विधान से पूजा की जाती है। श्री कृष्ण के भक्त इस दिन का पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। पूजा पाठ के अलावा इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को खुश करने के लिए कई अन्य उपाय भी किए जाते हैं। मान्यता के अनुसार इस दिन विधि विधान से पूजा करने से भगवान कृष्ण बिगड़े काम बना देते हैं। शास्त्रों के मुताबिक जन्माष्टमी के दिन भगवान की पूजा के लिए पान का विशेष महत्व माना जाता है, मान्यता है कि श्री कृष्ण की पूजा में पान का पत्ता शामिल करने पर मां लक्ष्मी बेहद प्रसन्न होती है। पूजा के दौरान एक ताजा पान का पत्ता ले और उसमें ओम वासुदेवाय नमः लिखकर श्री कृष्ण को अर्पित कर दें, ऐसा करने से पूजा फलदाई होगा। इसके अलावा जन्माष्टमी के दिन तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व है, शास्त्रों के मुताबिक तुलसी भगवान कृष्ण को बेहद प्रिय है। ऐसे में इस दिन तुलसी पूजन करने से शुभ माना जाता है। शाम के समय तुलसी के सामने घी का दीपक जलाने से और 11 बार परिक्रमा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और उनका आशीर्वाद भक्तों पर बना रहता है। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। इस साल जन्माष्टमी का त्योहार ग्यारह अगस्त को देश भर में मनाया जाएगा। जिसे लेकर घर-घर में तैयारियां जोरों पर है। जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण की विधि-विधान से पूजा की जाती है। श्री कृष्ण के भक्त इस दिन का पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। पूजा पाठ के अलावा इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को खुश करने के लिए कई अन्य उपाय भी किए जाते हैं। मान्यता के अनुसार इस दिन विधि विधान से पूजा करने से भगवान कृष्ण बिगड़े काम बना देते हैं। शास्त्रों के मुताबिक जन्माष्टमी के दिन भगवान की पूजा के लिए पान का विशेष महत्व माना जाता है, मान्यता है कि श्री कृष्ण की पूजा में पान का पत्ता शामिल करने पर मां लक्ष्मी बेहद प्रसन्न होती है। पूजा के दौरान एक ताजा पान का पत्ता ले और उसमें ओम वासुदेवाय नमः लिखकर श्री कृष्ण को अर्पित कर दें, ऐसा करने से पूजा फलदाई होगा। इसके अलावा जन्माष्टमी के दिन तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व है, शास्त्रों के मुताबिक तुलसी भगवान कृष्ण को बेहद प्रिय है। ऐसे में इस दिन तुलसी पूजन करने से शुभ माना जाता है। शाम के समय तुलसी के सामने घी का दीपक जलाने से और ग्यारह बार परिक्रमा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और उनका आशीर्वाद भक्तों पर बना रहता है। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
Gopalganj : जिले की पुलिस ने इंटरस्टेट गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है. इन अपराधियों के पास से एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, ज्वेलरी और ₹5000 नगद बरामद किया गया है. एसपी की ओर से गठित एसटीएफ ने उचकागांव थाना क्षेत्र के भुअला गांव के पास मंगलवर को इनकी गिरफ्तारी की है. पकड़े गये अपराधियों की पहचान मीरगंज थाना क्षेत्र के सबेया के रहनेवाले सर्फुद्दीन नट का पुत्र कुख्यात सद्दाम नट, इसी थाने के पेउली गांव के दारोगा मियां का पुत्र मंजूर आलम तथा निजामुद्दीन अली का पुत्र मो. मुस्ताक अली के रूप में हुई है. एसआइटी की छापामारी के दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की है. गोपालगंज के एसपी आनंद कुमार ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार बदमाश लूट, रंगदारी, डकैती समेत 20 से अधिक अपराधिक घटनाओं में संलिप्त हैं. इनके खिलाफ सीवान और गोपालगंज के विभिन्न थानों में अपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस ने बताया कि तीन अंतरराज्यीय अपराधी उचकागांव थाना क्षेत्र के जमसड़ हाता एवं भुअला गांव के बीच सुनसान स्थान पर डकैती की योजना बना रहे थे. छापेमारी के दौरान अपराधियों ने पुलिस को देखते ही गोली चलानी शुरू कर दी. जिसमें पुलिस बाल-बाल बच गयी. हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों अपराधियों को मौके पर दबोच लिया.
Gopalganj : जिले की पुलिस ने इंटरस्टेट गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है. इन अपराधियों के पास से एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, ज्वेलरी और पाँच हज़ार रुपया नगद बरामद किया गया है. एसपी की ओर से गठित एसटीएफ ने उचकागांव थाना क्षेत्र के भुअला गांव के पास मंगलवर को इनकी गिरफ्तारी की है. पकड़े गये अपराधियों की पहचान मीरगंज थाना क्षेत्र के सबेया के रहनेवाले सर्फुद्दीन नट का पुत्र कुख्यात सद्दाम नट, इसी थाने के पेउली गांव के दारोगा मियां का पुत्र मंजूर आलम तथा निजामुद्दीन अली का पुत्र मो. मुस्ताक अली के रूप में हुई है. एसआइटी की छापामारी के दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की है. गोपालगंज के एसपी आनंद कुमार ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार बदमाश लूट, रंगदारी, डकैती समेत बीस से अधिक अपराधिक घटनाओं में संलिप्त हैं. इनके खिलाफ सीवान और गोपालगंज के विभिन्न थानों में अपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस ने बताया कि तीन अंतरराज्यीय अपराधी उचकागांव थाना क्षेत्र के जमसड़ हाता एवं भुअला गांव के बीच सुनसान स्थान पर डकैती की योजना बना रहे थे. छापेमारी के दौरान अपराधियों ने पुलिस को देखते ही गोली चलानी शुरू कर दी. जिसमें पुलिस बाल-बाल बच गयी. हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों अपराधियों को मौके पर दबोच लिया.
श्री शान्तिसागर जैन सिद्धान्त प्रकाशिनी संस्था आचार्य श्री शांतिवीर नगर श्रीमहावीरजी मुद्रक सेठ हीरालाल पाटनी निबाई वाले आवश्यक निवेदन अनन्तधर्मणस्तस्त्वं पश्यन्ती प्रत्यगात्मनः । अनेकान्तमयी मूर्तिर्नित्यमेव प्रकाशताम् । संसारका एक नाम दुनिया है। यह द्विनया शब्दका अपभ्रंश है। इसका अर्थ होता है कि जितना लौकिक पारमार्थिक व्यव हार अथवा कथन है वह सब दो जय-द्रव्यार्मिक और पर्याया शिक इन दोनो नयोंकी अपेक्षा से ही चलता है । एक नयका आश्रयकर जो चलता है वह अपना अभीष्ट सिद्ध नही कर सकता । सर्वज्ञकी वाणी भी यही कहती है कि जितने पदार्थ हैं बे मव एक धर्म वाले नहीं हैं उनमें अनेक बहुतसे अन्त-धर्मं रहते है। उनका वर्णन भी अनेक प्रकार से हो सकता है परन्तु वचन में एक साथ सब धर्मोके वर्णन करने की शक्ति न होनेसे एक धर्मका ही वर्णन एक समय में हो सकता है। बच्चन से जिस एक धर्मका वर्णन किया जा रहा है उसके सिवा अन्य और भी बहुत से धर्म इस पदार्थ में है इस अभिप्रायको प्रगट करनेके लिये 'स्याइ' शब्दका प्रयोग किया जाता है। स्वाद् शब्दके अनेक अर्थ संस्कृत भाषामें होते हैं परन्तु अन्य अर्थका प्रहण न कर यहां 'किसो अपेक्षा से' अथवा 'वर्णनीय घमंकी मुख्यतासे अन्य धर्मोकी गौणता रखकर यह कहना है' यह अर्थ लिया जाता है। इसी अर्थको कहनेवाली पद्धतिका नाम स्यावाद वाणी है। जैनाचार्योंने इसी पद्धतिका आश्रय लेकर तत्त्व विवेचन किया है । 'सर्वधा' पदार्थ नित्य ही है अथवा सर्वथा नही है अथवा अमुक गुण से ही सहित है ऐसा मानना तत्त्वदृष्टि से वाषित है। इसका कारण यह है कि एक पदार्थ में अपना सद्भाव रहता है और दूसरे पदार्थका असद्भाव-अभाव रहता ही है इस तरह
श्री शान्तिसागर जैन सिद्धान्त प्रकाशिनी संस्था आचार्य श्री शांतिवीर नगर श्रीमहावीरजी मुद्रक सेठ हीरालाल पाटनी निबाई वाले आवश्यक निवेदन अनन्तधर्मणस्तस्त्वं पश्यन्ती प्रत्यगात्मनः । अनेकान्तमयी मूर्तिर्नित्यमेव प्रकाशताम् । संसारका एक नाम दुनिया है। यह द्विनया शब्दका अपभ्रंश है। इसका अर्थ होता है कि जितना लौकिक पारमार्थिक व्यव हार अथवा कथन है वह सब दो जय-द्रव्यार्मिक और पर्याया शिक इन दोनो नयोंकी अपेक्षा से ही चलता है । एक नयका आश्रयकर जो चलता है वह अपना अभीष्ट सिद्ध नही कर सकता । सर्वज्ञकी वाणी भी यही कहती है कि जितने पदार्थ हैं बे मव एक धर्म वाले नहीं हैं उनमें अनेक बहुतसे अन्त-धर्मं रहते है। उनका वर्णन भी अनेक प्रकार से हो सकता है परन्तु वचन में एक साथ सब धर्मोके वर्णन करने की शक्ति न होनेसे एक धर्मका ही वर्णन एक समय में हो सकता है। बच्चन से जिस एक धर्मका वर्णन किया जा रहा है उसके सिवा अन्य और भी बहुत से धर्म इस पदार्थ में है इस अभिप्रायको प्रगट करनेके लिये 'स्याइ' शब्दका प्रयोग किया जाता है। स्वाद् शब्दके अनेक अर्थ संस्कृत भाषामें होते हैं परन्तु अन्य अर्थका प्रहण न कर यहां 'किसो अपेक्षा से' अथवा 'वर्णनीय घमंकी मुख्यतासे अन्य धर्मोकी गौणता रखकर यह कहना है' यह अर्थ लिया जाता है। इसी अर्थको कहनेवाली पद्धतिका नाम स्यावाद वाणी है। जैनाचार्योंने इसी पद्धतिका आश्रय लेकर तत्त्व विवेचन किया है । 'सर्वधा' पदार्थ नित्य ही है अथवा सर्वथा नही है अथवा अमुक गुण से ही सहित है ऐसा मानना तत्त्वदृष्टि से वाषित है। इसका कारण यह है कि एक पदार्थ में अपना सद्भाव रहता है और दूसरे पदार्थका असद्भाव-अभाव रहता ही है इस तरह
धार के ग्राम देदला में पावर ग्रिड के समीप खेत पर बने घर में सोमवार सुबह अधेड़ की लाश पलंग पर पड़ी हुई मिली। जिसके बाद परिजनाें ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौक पर पहुंची टीम ने शव का पंचनामा बनाकर परिजनों से घटना को लेकर चर्चा की। इसके बाद सूचना पर एफएसएल टीम व सीएसपी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा व पूरे क्षेत्र की तलाशी ली गई। अधेड के सिर पर चोट के गहरे निशान होने के कारण उसकी मौत हाे गई है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के बाद शव पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा है। जहां से पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। हालांकि परिवार को इस घटना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। ऐसे में पुलिस हत्यारे की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार ग्राम देदला के मुख्य मार्ग बगड़ी रोड पर ग्रिड के समीप ही मृतक जगदीश उर्फ लक्ष्मण पिता गुलाब उम्र 43 साल का खेत हैं। जगदीश का पूरा परिवार गांव के अंदर बने बडे़ मकान में रहता है। तथा जगदीश खेत पर बने मकान में ही निवास करता था, रविवार शाम के समय मृतक की मां अहिल्याबाई व भतीजा शुभम खेत पर काम करने के बाद गांव में स्थित बडे़ घर पर चले गए थे। तब जगदीश खेत पर बंधे पशुओं को चारा देने का काम कर रहा था। सोमवार सुबह 8. 30 बजे भतीजा शुभम पशुओं का दूध निकालने के लिए खेत पर आया तो इस दौरान घर के अंदर जाकर देखा तो काका जगदीश को लोहे के पलंग पर मृत अवस्था में पड़े हुए थे। खून के धब्बे देखें, ऐसे में तुरंत सूचना डॉयल 100 पर दी। जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मृतक जगदीश के सिर पर गहरी चोट होने के साथ ही गले पर भी फंदे के निशान है। अज्ञात व्यक्ति ने पहले सिर पर चोट पहुंचाई। तथा इसके बाद गला दबाकर हत्या कर मौके से फरार हो गया। इधर मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम ने परिवार के लोगों की सूचना के आधार पर मामले में हत्या की धारा में प्रकरण दर्ज किया है। मृतक की पत्नी उसे 20 साल पहले ही छोड़कर चली गई है। टीआई समीर पाटीदार के अनुसार ग्राम देदला में अधेड़ का शव खेत पर बने घर में मिला है सिर पर गहरी चोट होने के चलते पुलिस मामले की जांच में जुट गई है हत्या की धारा में प्रकरण दर्ज किया हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
धार के ग्राम देदला में पावर ग्रिड के समीप खेत पर बने घर में सोमवार सुबह अधेड़ की लाश पलंग पर पड़ी हुई मिली। जिसके बाद परिजनाें ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौक पर पहुंची टीम ने शव का पंचनामा बनाकर परिजनों से घटना को लेकर चर्चा की। इसके बाद सूचना पर एफएसएल टीम व सीएसपी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा व पूरे क्षेत्र की तलाशी ली गई। अधेड के सिर पर चोट के गहरे निशान होने के कारण उसकी मौत हाे गई है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के बाद शव पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा है। जहां से पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। हालांकि परिवार को इस घटना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। ऐसे में पुलिस हत्यारे की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार ग्राम देदला के मुख्य मार्ग बगड़ी रोड पर ग्रिड के समीप ही मृतक जगदीश उर्फ लक्ष्मण पिता गुलाब उम्र तैंतालीस साल का खेत हैं। जगदीश का पूरा परिवार गांव के अंदर बने बडे़ मकान में रहता है। तथा जगदीश खेत पर बने मकान में ही निवास करता था, रविवार शाम के समय मृतक की मां अहिल्याबाई व भतीजा शुभम खेत पर काम करने के बाद गांव में स्थित बडे़ घर पर चले गए थे। तब जगदीश खेत पर बंधे पशुओं को चारा देने का काम कर रहा था। सोमवार सुबह आठ. तीस बजे भतीजा शुभम पशुओं का दूध निकालने के लिए खेत पर आया तो इस दौरान घर के अंदर जाकर देखा तो काका जगदीश को लोहे के पलंग पर मृत अवस्था में पड़े हुए थे। खून के धब्बे देखें, ऐसे में तुरंत सूचना डॉयल एक सौ पर दी। जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मृतक जगदीश के सिर पर गहरी चोट होने के साथ ही गले पर भी फंदे के निशान है। अज्ञात व्यक्ति ने पहले सिर पर चोट पहुंचाई। तथा इसके बाद गला दबाकर हत्या कर मौके से फरार हो गया। इधर मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम ने परिवार के लोगों की सूचना के आधार पर मामले में हत्या की धारा में प्रकरण दर्ज किया है। मृतक की पत्नी उसे बीस साल पहले ही छोड़कर चली गई है। टीआई समीर पाटीदार के अनुसार ग्राम देदला में अधेड़ का शव खेत पर बने घर में मिला है सिर पर गहरी चोट होने के चलते पुलिस मामले की जांच में जुट गई है हत्या की धारा में प्रकरण दर्ज किया हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
न्यूयॉर्कः अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टरों के एक परिवार ने कोरोना वायरस के चलते अपने दो महत्वपूर्ण डॉक्टर सदस्यों को खो दिया है। पिता-पुत्री की मौत से इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस परिवार में माता-पिता और तीन बेटियों सहित सभी पांचों सदस्य डॉक्टर थे, जिनमें से अब केवल तीन सदस्य बचे हैं। प्रिया खन्ना सर्जन पिता और बाल रोग विशेषज्ञ माता की मंझली बेटी थीं जिन्होंने डॉक्टर बनने से पहले अन्य क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन बाद में उन्होंने भी डॉक्टर पेशे को ही चुना। प्रिया के माता-पिता 1970 के दशक के शुरू में भारत से अमेरिका आए थे और उत्तरी न्यूजर्सी में बस गए थे। परिवार को छोड़ गई डॉक्टर प्रिया की छोटी बहन अनीशा खन्ना ने कहा, "वह बहुत ही दयालु थी। उसने कभी किसी का दिल नहीं दुखाया। जब वह अलग करियर में गई तो उसे लगा कि चिकित्सक के पेशे को छोड़कर उसके लिए और कोई पेशा उपयुक्त नहीं है। " कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने के बाद प्रिया और उनके पिता सत्येंद्र खन्ना की अप्रैल महीने में कुछ ही दिनों के भीतर मृत्यु हो गई। वे दोनों उसी अस्पताल में एक-दूसरे के नजदीक थे जहां प्रिया का जन्म हुआ था। डॉक्टरों के इस परिवार ने चिकित्सा सेवा के जरिए अपने जीवन में अनेक लोगों की जान बचाने का काम किया। अनीशा खन्ना और उनकी मां कमलेश खन्ना न्यूजर्सी के ग्लेन रिज में बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में काम करती हैं। परिवार की सबसे बड़ी बेटी सुगंधा खन्ना मैरीलैंड में रहती हैं और वह आपातकालीन कक्ष में फिजीशियन हैं। सत्येंद्र खन्ना एक बड़े सर्जन थे और न्यूजर्सी में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करने वाले पहले सर्जनों में से एक थे। परिवार के प्रभाव का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रिया के अंतिम दिनों में उनकी उसकी देखभाल करने वाले डॉक्टरों में से एक ने कई साल पहले प्रिया के दिशा-निर्देशन में ही पढ़ाई की थी।
न्यूयॉर्कः अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टरों के एक परिवार ने कोरोना वायरस के चलते अपने दो महत्वपूर्ण डॉक्टर सदस्यों को खो दिया है। पिता-पुत्री की मौत से इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस परिवार में माता-पिता और तीन बेटियों सहित सभी पांचों सदस्य डॉक्टर थे, जिनमें से अब केवल तीन सदस्य बचे हैं। प्रिया खन्ना सर्जन पिता और बाल रोग विशेषज्ञ माता की मंझली बेटी थीं जिन्होंने डॉक्टर बनने से पहले अन्य क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन बाद में उन्होंने भी डॉक्टर पेशे को ही चुना। प्रिया के माता-पिता एक हज़ार नौ सौ सत्तर के दशक के शुरू में भारत से अमेरिका आए थे और उत्तरी न्यूजर्सी में बस गए थे। परिवार को छोड़ गई डॉक्टर प्रिया की छोटी बहन अनीशा खन्ना ने कहा, "वह बहुत ही दयालु थी। उसने कभी किसी का दिल नहीं दुखाया। जब वह अलग करियर में गई तो उसे लगा कि चिकित्सक के पेशे को छोड़कर उसके लिए और कोई पेशा उपयुक्त नहीं है। " कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने के बाद प्रिया और उनके पिता सत्येंद्र खन्ना की अप्रैल महीने में कुछ ही दिनों के भीतर मृत्यु हो गई। वे दोनों उसी अस्पताल में एक-दूसरे के नजदीक थे जहां प्रिया का जन्म हुआ था। डॉक्टरों के इस परिवार ने चिकित्सा सेवा के जरिए अपने जीवन में अनेक लोगों की जान बचाने का काम किया। अनीशा खन्ना और उनकी मां कमलेश खन्ना न्यूजर्सी के ग्लेन रिज में बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में काम करती हैं। परिवार की सबसे बड़ी बेटी सुगंधा खन्ना मैरीलैंड में रहती हैं और वह आपातकालीन कक्ष में फिजीशियन हैं। सत्येंद्र खन्ना एक बड़े सर्जन थे और न्यूजर्सी में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करने वाले पहले सर्जनों में से एक थे। परिवार के प्रभाव का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रिया के अंतिम दिनों में उनकी उसकी देखभाल करने वाले डॉक्टरों में से एक ने कई साल पहले प्रिया के दिशा-निर्देशन में ही पढ़ाई की थी।
साउथ सिनेमा की फेमस एक्ट्रेस श्रुति हासन सुपरस्टार कमल हासन की लाडली बेटी हैं। श्रुति की जिंदगी में कई दफा प्यार ने दस्तक दी है। हालांकि, हर मुद्दे पर बिंदास बोलने वाली एक्ट्रेस इन मामलों में कुछ खास नहीं बात करती हैं। अपने करियर के शुरुआती दिनों में श्रुति, सिद्धार्थ को डेट कर रही थीं। फिर कुछ मतभेद के कारण साल 2011 में इनका ब्रेकअप हो गया। श्रुति का नाम एक्टर धनुष के साथ भी जुड़ चुका है। लेकिन धनुष की बीवी ऐश्वर्या रजनीकांत ने मीडिया के सामने महज एक अफवाह का नाम दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्रुति हासन साल 2013 में नागा चैतन्य संग रिलेशनशिप में थीं। इन दोनों की शादी भी तय हो गई थी लेकिन फिर एकाएक ये दोनों अलग हो गए। एक वक्त था जब भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना श्रुति हासन को अपना 'लकी मैस्कॉट' मानते थे। ये दोनों साल 2014 की आईपीएल पार्टी में मिले थे। यूं तो श्रुति हासन ने माइकल कोर्सेल संग अपने रिश्ते को लेकर कभी हामी नहीं भरी लेकिन इंस्टाग्राम हैंडल पर इनके प्यार भरे कैप्शन वाली तस्वीरों ने लोगों को सब बता दिया। फाइनली साल 2022 में श्रुति हासन ने सोशल मीडिया हैंडल पर अपने बॉयफ्रेंड के नाम का खुलासा किया। एक्ट्रेस ने शांतनु हजारिका को सरेआम 'आई लव यू' भी कहा। कमल हासन की बड़ी बेटी श्रुति ने साल 2009 में हिन्दी फिल्म 'लक' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। Thanks For Reading!
साउथ सिनेमा की फेमस एक्ट्रेस श्रुति हासन सुपरस्टार कमल हासन की लाडली बेटी हैं। श्रुति की जिंदगी में कई दफा प्यार ने दस्तक दी है। हालांकि, हर मुद्दे पर बिंदास बोलने वाली एक्ट्रेस इन मामलों में कुछ खास नहीं बात करती हैं। अपने करियर के शुरुआती दिनों में श्रुति, सिद्धार्थ को डेट कर रही थीं। फिर कुछ मतभेद के कारण साल दो हज़ार ग्यारह में इनका ब्रेकअप हो गया। श्रुति का नाम एक्टर धनुष के साथ भी जुड़ चुका है। लेकिन धनुष की बीवी ऐश्वर्या रजनीकांत ने मीडिया के सामने महज एक अफवाह का नाम दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्रुति हासन साल दो हज़ार तेरह में नागा चैतन्य संग रिलेशनशिप में थीं। इन दोनों की शादी भी तय हो गई थी लेकिन फिर एकाएक ये दोनों अलग हो गए। एक वक्त था जब भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना श्रुति हासन को अपना 'लकी मैस्कॉट' मानते थे। ये दोनों साल दो हज़ार चौदह की आईपीएल पार्टी में मिले थे। यूं तो श्रुति हासन ने माइकल कोर्सेल संग अपने रिश्ते को लेकर कभी हामी नहीं भरी लेकिन इंस्टाग्राम हैंडल पर इनके प्यार भरे कैप्शन वाली तस्वीरों ने लोगों को सब बता दिया। फाइनली साल दो हज़ार बाईस में श्रुति हासन ने सोशल मीडिया हैंडल पर अपने बॉयफ्रेंड के नाम का खुलासा किया। एक्ट्रेस ने शांतनु हजारिका को सरेआम 'आई लव यू' भी कहा। कमल हासन की बड़ी बेटी श्रुति ने साल दो हज़ार नौ में हिन्दी फिल्म 'लक' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। Thanks For Reading!
तमिलनाडु की राजनीति में एक नए नेता के लॉन्च की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और वो नेता हैं कमल हासन. कमल हासन भारतीय सिनेमा जगत के स्टार रहे हैं और ये एक इत्तेफ़ाक ही है कि तमिलनाडु में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अब तक तीन फिल्म स्टार बैठ चुके है. कमल हासन 62 साल के हैं. उन्हें उनके फ़ैन 'उलंगा नायगन' कहते हैं जिसका मतलब होता है 'विश्व का हीरो. ' कमल हासन ने ये ख़ुद कहा है कि वो राजनीति में आकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं ताकि जनता के बीच फैले भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता को खत्म कर सकें. उनके मुताबिक तमिलनाडु की जनता को बदलने की ज़रूरत है ताकि वो और ज़्यादा सामाजिक और राजनीतिक रूप से समझदार हो सके. दिसंबर, 2016 में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत के बाद बने राजनीतिक अनिश्चितता के आलम में कमल हासन की तरफ़ से ये बयान अपने आप में बड़ी बात है. राजनीति में आने के कमल हासन के बयान पर चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या वो अपनी अलग पार्टी बना कर तमिलनाडु की राजनीति में नई लहर पैदा करेंगे? कमल हासन पिछले महीने कई नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं और उनका कहना है कि 'अगर राज्य में अगले 100 दिनों में चुनाव होते हैं तो मैं उसमें ज़रूर हिस्सा लूंगा. ' केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद दिए साक्षात्कार में कमल हासन ने ये भी साफ़ किया कि वो इनकी पार्टियों के साथ भविष्य में गठबंधन की संभावनाएं तलाश रहे हैं. तमिल फ़िल्मों के दूसरे सुपरस्टार रजनीकांत के उलट कमल हासन राजनीतिक पार्टियों से अपने संबंधों पर खुलेआम बोलते आए हैं. रजनीकांत ने इसी साल मई में राजनीति में आने की बात कही थी. अपने और रजनीकांत के रिश्तों के बारे में बोलते हुए हासन कहते हैं कि दोनों के बीच दोस्ताना प्रतिस्पर्धा होगी और वो एक दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेंगे, जैसे कि पहले तमिलनाडु की राजनीति में होता रहा है. तमिलनाडु में जिस तरह का भ्रष्टाचार है, साम्प्रदायिक और जातिगत शत्रुता है, उस माहौल में कमल हासन की छवि एक सही सोच वाले व्यक्ति की है. उनकी उदारवादी छवि है जो जाति से जुड़ी रूढ़िवादी सोच को न सिर्फ़ अपनी फ़िल्मों में बल्कि सार्वजनिक मंचों पर खुलेआम चुनौती देते हैं और अपनी फ़िल्मों में उन्होंने धर्म के ऊपर मानवता को जगह दी. ये दोनों बातें उनको रजनीकांत और एमजी रामचन्द्रन से अलग करती हैं. कमल हासन को बतौर हीरो रजनीकांत और एमजी रामचन्द्रन ( जो आगे चल कर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने) की तरह वहां भगवान नहीं माना जाता है. तमिलनाडु की राजनीति में फ़िलहाल राजनीतिक नेतृत्व की कमी है. इस सूरत में कमल हासन की एंट्री को नापसंद नहीं किया जा रहा है. हालांकि कुछ लोगों को इसका शक था. कमल हासन के फ़ैन्स की संख्या 5,00,000 के क़रीब है जो एक व्यवस्थित तरीके से समुदायिक सोच के साथ काम करते हैं. हालांकि ये संख्या रजनीकांत के फ़ैन्स से बहुत कम है. रजनीकांत के 50,000 से ज़्यादा फ़ैन क्लब्स हैं और साथ ही बहुत बड़ा फ़ैन बेस है जो अपने आप में एक वोट बैंक की तरह काम करता है. कमल हासन के फ़ैन क्लब को 'नरपानी इयेक्कम' कहा जाता है. इसका मतलब होता है 'अच्छे काम के लिए आंदोलन. ' उनके फ़ैन क्लब कई तरह के सामाजिक कल्याण के काम करते है पर रजनीकांत फ़ैन क्लब की तरह अपने स्टार की पूजा में विश्वास नहीं रखते हैं. हाल ही में कमल हासन के फ़ैन क्लब की तरफ़ से जारी एक बयान में साफ़ लिखा गया है, "कमल हासन आम राजनेता नहीं हैं, जो लोगों के सामने नाटक करते हों, पर समाज के लिए उन्होंने इयेक्कम के ज़रिए कई काम किए हैं. " कमल हासन ट्वीटर पर भी सक्रिय हैं. उनको 20 लाख लोग फ़ॉलो करते हैं. हाल ही में दिए, प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और नोटबंदी की तारीफ़ वाले उनके इंटरव्यू पर भी लोगों ने कई सवाल उठाए. चेन्नई के एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं, "हालांकि अक्सर वो साफ़ बोलते हैं. लेकिन कभी-कभी स्तब्ध कर देने वाली बातें भी कह जाते हैं. ये जनता को अपील नहीं करती. " एक राजनीतिक जानकार का कहना है, "वो रजनीकांत की तरह चतुर हैं, लेकिन कभी कभी पहेली वाली भाषा में बात करते है, जो आम जनता के समझ से परे होती है. " जो लोग तमिलनाडु की राजनीति को समझते हैं, उनके मुताबिक कमल हसन स्पष्ट बोलते हैं, लेकिन उनमें कूटनीति की कमी है, जिसकी राजनीति में सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है. हासन ने अभी तक ये साफ़ नहीं किया है कि राज्य में शिक्षा, अर्थव्यवस्थआ और रोज़गार के क्षेत्र में किस तरह का काम करेंगे. न ही उन्होंने ये स्पष्ट किया है कि वो अपनी नई पार्टी बनाएंगे या नहीं. कमल हासन तमिलनाडु में वकीलों के उच्च ब्राह्मण परिवार से आते हैं. उनके गांव का नाम परामाकुडी है. हासन के बड़े भाई चारू हासन और भांजी सुहासिनी मणिरत्नम राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हैं. पिछले पचास सालों में उन्होंने जो कुछ हासिल किया है वो उनकी असाधारण प्रतिभा और जुनून को दर्शाता है. बाल कलाकार के तौर पर उन्होंने 1960 में पहली फ़िल्म की और अब तक अलग-अलग भाषाओं में 200 से ज़्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं. कमल हासन कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड भी जीत चुके हैं. उन्होंने कई फ़िल्मों में गाना भी गाया है. वो शास्त्रीय संगीत और भरतनाट्यम में भी कुशल हैं. उनकी कई फ़िल्मों से विवाद भी जुड़ा रहा है. उन्होंने अलग-अलग विषय पर कई फ़िल्में भी की हैं जैसे आतंकवाद के खिलाफ जंग पर फिल्म 'विश्वरूपम', मुस्लिम पहचान और मानवता दिखाती हुई फिल्म 'हे राम' और आस्था पर सवाल उठाती हुई फिल्म 'दशावतारम' और 'अनबे शिवम'. लेकिन ये देखना होगा कि क्या कमल हासन के पर्दे पर निभाए गए किरदार उनको वोट दिला पाते हैं, क्या वो राजनीति में फ़िल्मी पर्दे का जादू बरकरार रख पाते हैं? (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं. )
तमिलनाडु की राजनीति में एक नए नेता के लॉन्च की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और वो नेता हैं कमल हासन. कमल हासन भारतीय सिनेमा जगत के स्टार रहे हैं और ये एक इत्तेफ़ाक ही है कि तमिलनाडु में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अब तक तीन फिल्म स्टार बैठ चुके है. कमल हासन बासठ साल के हैं. उन्हें उनके फ़ैन 'उलंगा नायगन' कहते हैं जिसका मतलब होता है 'विश्व का हीरो. ' कमल हासन ने ये ख़ुद कहा है कि वो राजनीति में आकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं ताकि जनता के बीच फैले भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता को खत्म कर सकें. उनके मुताबिक तमिलनाडु की जनता को बदलने की ज़रूरत है ताकि वो और ज़्यादा सामाजिक और राजनीतिक रूप से समझदार हो सके. दिसंबर, दो हज़ार सोलह में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत के बाद बने राजनीतिक अनिश्चितता के आलम में कमल हासन की तरफ़ से ये बयान अपने आप में बड़ी बात है. राजनीति में आने के कमल हासन के बयान पर चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या वो अपनी अलग पार्टी बना कर तमिलनाडु की राजनीति में नई लहर पैदा करेंगे? कमल हासन पिछले महीने कई नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं और उनका कहना है कि 'अगर राज्य में अगले एक सौ दिनों में चुनाव होते हैं तो मैं उसमें ज़रूर हिस्सा लूंगा. ' केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद दिए साक्षात्कार में कमल हासन ने ये भी साफ़ किया कि वो इनकी पार्टियों के साथ भविष्य में गठबंधन की संभावनाएं तलाश रहे हैं. तमिल फ़िल्मों के दूसरे सुपरस्टार रजनीकांत के उलट कमल हासन राजनीतिक पार्टियों से अपने संबंधों पर खुलेआम बोलते आए हैं. रजनीकांत ने इसी साल मई में राजनीति में आने की बात कही थी. अपने और रजनीकांत के रिश्तों के बारे में बोलते हुए हासन कहते हैं कि दोनों के बीच दोस्ताना प्रतिस्पर्धा होगी और वो एक दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेंगे, जैसे कि पहले तमिलनाडु की राजनीति में होता रहा है. तमिलनाडु में जिस तरह का भ्रष्टाचार है, साम्प्रदायिक और जातिगत शत्रुता है, उस माहौल में कमल हासन की छवि एक सही सोच वाले व्यक्ति की है. उनकी उदारवादी छवि है जो जाति से जुड़ी रूढ़िवादी सोच को न सिर्फ़ अपनी फ़िल्मों में बल्कि सार्वजनिक मंचों पर खुलेआम चुनौती देते हैं और अपनी फ़िल्मों में उन्होंने धर्म के ऊपर मानवता को जगह दी. ये दोनों बातें उनको रजनीकांत और एमजी रामचन्द्रन से अलग करती हैं. कमल हासन को बतौर हीरो रजनीकांत और एमजी रामचन्द्रन की तरह वहां भगवान नहीं माना जाता है. तमिलनाडु की राजनीति में फ़िलहाल राजनीतिक नेतृत्व की कमी है. इस सूरत में कमल हासन की एंट्री को नापसंद नहीं किया जा रहा है. हालांकि कुछ लोगों को इसका शक था. कमल हासन के फ़ैन्स की संख्या पाँच,शून्य,शून्य के क़रीब है जो एक व्यवस्थित तरीके से समुदायिक सोच के साथ काम करते हैं. हालांकि ये संख्या रजनीकांत के फ़ैन्स से बहुत कम है. रजनीकांत के पचास,शून्य से ज़्यादा फ़ैन क्लब्स हैं और साथ ही बहुत बड़ा फ़ैन बेस है जो अपने आप में एक वोट बैंक की तरह काम करता है. कमल हासन के फ़ैन क्लब को 'नरपानी इयेक्कम' कहा जाता है. इसका मतलब होता है 'अच्छे काम के लिए आंदोलन. ' उनके फ़ैन क्लब कई तरह के सामाजिक कल्याण के काम करते है पर रजनीकांत फ़ैन क्लब की तरह अपने स्टार की पूजा में विश्वास नहीं रखते हैं. हाल ही में कमल हासन के फ़ैन क्लब की तरफ़ से जारी एक बयान में साफ़ लिखा गया है, "कमल हासन आम राजनेता नहीं हैं, जो लोगों के सामने नाटक करते हों, पर समाज के लिए उन्होंने इयेक्कम के ज़रिए कई काम किए हैं. " कमल हासन ट्वीटर पर भी सक्रिय हैं. उनको बीस लाख लोग फ़ॉलो करते हैं. हाल ही में दिए, प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और नोटबंदी की तारीफ़ वाले उनके इंटरव्यू पर भी लोगों ने कई सवाल उठाए. चेन्नई के एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं, "हालांकि अक्सर वो साफ़ बोलते हैं. लेकिन कभी-कभी स्तब्ध कर देने वाली बातें भी कह जाते हैं. ये जनता को अपील नहीं करती. " एक राजनीतिक जानकार का कहना है, "वो रजनीकांत की तरह चतुर हैं, लेकिन कभी कभी पहेली वाली भाषा में बात करते है, जो आम जनता के समझ से परे होती है. " जो लोग तमिलनाडु की राजनीति को समझते हैं, उनके मुताबिक कमल हसन स्पष्ट बोलते हैं, लेकिन उनमें कूटनीति की कमी है, जिसकी राजनीति में सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है. हासन ने अभी तक ये साफ़ नहीं किया है कि राज्य में शिक्षा, अर्थव्यवस्थआ और रोज़गार के क्षेत्र में किस तरह का काम करेंगे. न ही उन्होंने ये स्पष्ट किया है कि वो अपनी नई पार्टी बनाएंगे या नहीं. कमल हासन तमिलनाडु में वकीलों के उच्च ब्राह्मण परिवार से आते हैं. उनके गांव का नाम परामाकुडी है. हासन के बड़े भाई चारू हासन और भांजी सुहासिनी मणिरत्नम राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हैं. पिछले पचास सालों में उन्होंने जो कुछ हासिल किया है वो उनकी असाधारण प्रतिभा और जुनून को दर्शाता है. बाल कलाकार के तौर पर उन्होंने एक हज़ार नौ सौ साठ में पहली फ़िल्म की और अब तक अलग-अलग भाषाओं में दो सौ से ज़्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं. कमल हासन कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड भी जीत चुके हैं. उन्होंने कई फ़िल्मों में गाना भी गाया है. वो शास्त्रीय संगीत और भरतनाट्यम में भी कुशल हैं. उनकी कई फ़िल्मों से विवाद भी जुड़ा रहा है. उन्होंने अलग-अलग विषय पर कई फ़िल्में भी की हैं जैसे आतंकवाद के खिलाफ जंग पर फिल्म 'विश्वरूपम', मुस्लिम पहचान और मानवता दिखाती हुई फिल्म 'हे राम' और आस्था पर सवाल उठाती हुई फिल्म 'दशावतारम' और 'अनबे शिवम'. लेकिन ये देखना होगा कि क्या कमल हासन के पर्दे पर निभाए गए किरदार उनको वोट दिला पाते हैं, क्या वो राजनीति में फ़िल्मी पर्दे का जादू बरकरार रख पाते हैं?
स्पोर्ट्स डेस्क. अपने जमाने के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर दिवालियापन से जुड़े अपराधों के कारण ब्रिटेन की कुख्यात वैंड्सवर्थ जेल में बिताए गए 8 महीनों को याद करके रो पड़े. बेकर को जेल में अलग सेल में रखा गया था जहां वह खुद को अकेला महसूस कर रहे थे और उन्हें अपने परिजनों और दोस्तों की कमी खल रही थी. बेकर ने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी में खुद को कभी इतना अकेला महसूस नहीं किया. 3 बार के विम्बलडन चैंपियन बेकर को दिवालिया घोषित किए जाने के बावजूद अवैध रूप से बड़ी मात्रा में धन हस्तांतरित करने और संपत्ति छिपाने के आरोप में अप्रैल में 30 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी. बेकर को रिहाई की पात्रता हासिल करने के लिए कम से कम आधी सजा काटने की जरूरत थी लेकिन विदेशी नागरिकों के लिए फास्ट ट्रैक निर्वासन कार्यक्रम के तहत उन्हें जल्दी रिहा कर दिया गया. बेकर को 15 दिसंबर को उनके देश जर्मनी निर्वासित किया गया था. इस स्टार खिलाड़ी ने कहा कि वह रोज प्रार्थना करते थे तथा उन्हें दूसरे कैदियों से हमले की आशंका रहती थी. जेल के अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अलग सेल में रखा था. बेकर को जेल में रहते हुए पहली बार पता चला कि भूख क्या होती है. जेल में उन्हें अक्सर चावल, आलू और सॉस ही मिलता था. इस 55 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि भूख क्या होती है इसका मुझे अपनी जिंदगी में पहली बार अहसास जेल में हुआ. जेल में रहते हुए बेकर के कुछ दोस्त भी बने जिन्होंने नवंबर में चॉकलेट केक मंगाकर उनका जन्मदिन मनाया था. बेकर ने कहा कि मैंने आजाद दुनिया में भी कभी इस तरह की एकजुटता का अनुभव नहीं किया था.
स्पोर्ट्स डेस्क. अपने जमाने के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर दिवालियापन से जुड़े अपराधों के कारण ब्रिटेन की कुख्यात वैंड्सवर्थ जेल में बिताए गए आठ महीनों को याद करके रो पड़े. बेकर को जेल में अलग सेल में रखा गया था जहां वह खुद को अकेला महसूस कर रहे थे और उन्हें अपने परिजनों और दोस्तों की कमी खल रही थी. बेकर ने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी में खुद को कभी इतना अकेला महसूस नहीं किया. तीन बार के विम्बलडन चैंपियन बेकर को दिवालिया घोषित किए जाने के बावजूद अवैध रूप से बड़ी मात्रा में धन हस्तांतरित करने और संपत्ति छिपाने के आरोप में अप्रैल में तीस महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी. बेकर को रिहाई की पात्रता हासिल करने के लिए कम से कम आधी सजा काटने की जरूरत थी लेकिन विदेशी नागरिकों के लिए फास्ट ट्रैक निर्वासन कार्यक्रम के तहत उन्हें जल्दी रिहा कर दिया गया. बेकर को पंद्रह दिसंबर को उनके देश जर्मनी निर्वासित किया गया था. इस स्टार खिलाड़ी ने कहा कि वह रोज प्रार्थना करते थे तथा उन्हें दूसरे कैदियों से हमले की आशंका रहती थी. जेल के अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अलग सेल में रखा था. बेकर को जेल में रहते हुए पहली बार पता चला कि भूख क्या होती है. जेल में उन्हें अक्सर चावल, आलू और सॉस ही मिलता था. इस पचपन वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि भूख क्या होती है इसका मुझे अपनी जिंदगी में पहली बार अहसास जेल में हुआ. जेल में रहते हुए बेकर के कुछ दोस्त भी बने जिन्होंने नवंबर में चॉकलेट केक मंगाकर उनका जन्मदिन मनाया था. बेकर ने कहा कि मैंने आजाद दुनिया में भी कभी इस तरह की एकजुटता का अनुभव नहीं किया था.
आम परिषद की बैठक के लिए श्रीवारु वेंकटचलपति पैलेस, वनगरम में एकत्र हुए हैं. (फोटो-ANI) नई दिल्ली. AIADMK की याचिका पर हाईकोर्ट के दिये गए फैसले को न्यायमूर्ति एम दुरईस्वामी और न्यायमूर्ति सुंदर मोहन ने बरकरार रखा है. मद्रास हाईकोर्ट ने पार्टी उपनियमों में संशोधन के लिए AIADMK की आम परिषद की कल होने वाली बैठक पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. बीते बुधवार की देर रात न्यायाधीश सुंदर मोहन जस्टिस दुरईस्वामी के आवास पर पहुंचे और याचिका की सुनवाई की. इस याचिका को AIADMK महापरिषद के सदस्य षणमुगम ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका डाला था. बेंच ने देर रात सुनवाई करते हुए इस मामले में दखलअंदाजी देने से इनकार कर दिया. खंडपीठ ने मद्रास एचसी के आदेश को सुरक्षित रखा, जिसमें पार्टी के उपनियमों में संशोधन के लिए 23 जून को अन्नाद्रमुक की आम परिषद की बैठक पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था. मद्रास उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि यहां होने वाली अन्नाद्रमुक की सामान्य एवं कार्यकारी परिषद की बैठक में कोई अन्य अघोषित प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता. अदालत के इस फैसले के बाद पार्टी के संयुक्त सह संयोजक ई. के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाला खेमा एकल नेतृत्व को लेकर कोई कदम नहीं उठा पाएगा. तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक के सर्वोच्च नीति-निर्माता निकाय सामान्य एवं कार्यकारी परिषद की बैठक यहां नजदीक में एक शादी घर में होनी है. देर रात शुरू होकर बृहस्पतिवार तड़के खत्म हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एम. दुरईस्वामी और न्यायमूर्ति सुंदर मोहन की विशेष खंडपीठ ने पार्टी के सह संयोजक ओ पन्नीरसेल्वम को राहत प्रदान की. इस मामले पर विशेष सुनवाई शहर में वरिष्ठ न्यायाधीश के अन्ना नगर स्थित आवास पर हुई। यह सुनवाई एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ दाखिल की गई अपील पर हुई है. पीठ के नए आदेश के अनुसार, निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पार्टी की बैठक आयोजित की जा सकती है और इसमें पहले से तय 23 प्रस्तावों पर चर्चा कर इन्हें पारित किया जा सकता है. इसके अलावा कोई अन्य प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता, जिसमें समन्वयक व संयुक्त समन्वयक पदों को समाप्त करने के लिए पार्टी के उप-नियमों में संशोधन करके एकल नेतृत्व के लिए मार्ग प्रशस्त करना और महासचिव पद की बहाली शामिल है. बेंच ने कहा कि 23 प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है लेकिन उसके अलावा कुछ नहीं. हालांकि, सदस्यों को किसी अन्य मामले पर चर्चा करने की स्वतंत्रता है. खंडपीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को सुरक्षित रखा था, जिसमें पार्टी के उपनियमों में संशोधन के लिए 23 जून को अन्नाद्रुमक की आम परिषद बैठक पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था. वहीं बीते मंगलवार को कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को विपक्षी दल अन्नाद्रमुक की आम परिषद और कार्यकारिणी समिति की बैठक को ध्यान में रखते हुए पुलिस सुरक्षा प्रदान करने को लेकर कदम उठाने का निर्देश दिया था. बता दें कि अन्नाद्रुमक इन दिनों समन्वयक ओ पनीरसेल्वम और संयुक्त समन्वयक के पलानीस्वामी के बीच बंट चुका है. बता दें कि आज होने वाली पार्टी की आम परिषद की बैठक से पहले अन्नाद्रमुक समर्थक वनगम के श्रीवारु वेंकटचलपति पैलेस के बाहर जमा हो गए हैं. अन्नाद्रमुक कार्यकर्ता, नेता आज होने वाली पार्टी की आम परिषद की बैठक के लिए श्रीवारु वेंकटचलपति पैलेस, वनगरम में एकत्र हुए हैं. पार्टी की आम परिषद की बैठक के लिए रवाना हुए अन्नाद्रमुक नेता और तमिलनाडु के पूर्व सीएम एडप्पादी के पलानीस्वामी के समर्थक उनके आवास के बाहर भारी संख्या में मौजूद रहे. .
आम परिषद की बैठक के लिए श्रीवारु वेंकटचलपति पैलेस, वनगरम में एकत्र हुए हैं. नई दिल्ली. AIADMK की याचिका पर हाईकोर्ट के दिये गए फैसले को न्यायमूर्ति एम दुरईस्वामी और न्यायमूर्ति सुंदर मोहन ने बरकरार रखा है. मद्रास हाईकोर्ट ने पार्टी उपनियमों में संशोधन के लिए AIADMK की आम परिषद की कल होने वाली बैठक पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. बीते बुधवार की देर रात न्यायाधीश सुंदर मोहन जस्टिस दुरईस्वामी के आवास पर पहुंचे और याचिका की सुनवाई की. इस याचिका को AIADMK महापरिषद के सदस्य षणमुगम ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका डाला था. बेंच ने देर रात सुनवाई करते हुए इस मामले में दखलअंदाजी देने से इनकार कर दिया. खंडपीठ ने मद्रास एचसी के आदेश को सुरक्षित रखा, जिसमें पार्टी के उपनियमों में संशोधन के लिए तेईस जून को अन्नाद्रमुक की आम परिषद की बैठक पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था. मद्रास उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि यहां होने वाली अन्नाद्रमुक की सामान्य एवं कार्यकारी परिषद की बैठक में कोई अन्य अघोषित प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता. अदालत के इस फैसले के बाद पार्टी के संयुक्त सह संयोजक ई. के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाला खेमा एकल नेतृत्व को लेकर कोई कदम नहीं उठा पाएगा. तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक के सर्वोच्च नीति-निर्माता निकाय सामान्य एवं कार्यकारी परिषद की बैठक यहां नजदीक में एक शादी घर में होनी है. देर रात शुरू होकर बृहस्पतिवार तड़के खत्म हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एम. दुरईस्वामी और न्यायमूर्ति सुंदर मोहन की विशेष खंडपीठ ने पार्टी के सह संयोजक ओ पन्नीरसेल्वम को राहत प्रदान की. इस मामले पर विशेष सुनवाई शहर में वरिष्ठ न्यायाधीश के अन्ना नगर स्थित आवास पर हुई। यह सुनवाई एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ दाखिल की गई अपील पर हुई है. पीठ के नए आदेश के अनुसार, निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पार्टी की बैठक आयोजित की जा सकती है और इसमें पहले से तय तेईस प्रस्तावों पर चर्चा कर इन्हें पारित किया जा सकता है. इसके अलावा कोई अन्य प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता, जिसमें समन्वयक व संयुक्त समन्वयक पदों को समाप्त करने के लिए पार्टी के उप-नियमों में संशोधन करके एकल नेतृत्व के लिए मार्ग प्रशस्त करना और महासचिव पद की बहाली शामिल है. बेंच ने कहा कि तेईस प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है लेकिन उसके अलावा कुछ नहीं. हालांकि, सदस्यों को किसी अन्य मामले पर चर्चा करने की स्वतंत्रता है. खंडपीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को सुरक्षित रखा था, जिसमें पार्टी के उपनियमों में संशोधन के लिए तेईस जून को अन्नाद्रुमक की आम परिषद बैठक पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था. वहीं बीते मंगलवार को कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को विपक्षी दल अन्नाद्रमुक की आम परिषद और कार्यकारिणी समिति की बैठक को ध्यान में रखते हुए पुलिस सुरक्षा प्रदान करने को लेकर कदम उठाने का निर्देश दिया था. बता दें कि अन्नाद्रुमक इन दिनों समन्वयक ओ पनीरसेल्वम और संयुक्त समन्वयक के पलानीस्वामी के बीच बंट चुका है. बता दें कि आज होने वाली पार्टी की आम परिषद की बैठक से पहले अन्नाद्रमुक समर्थक वनगम के श्रीवारु वेंकटचलपति पैलेस के बाहर जमा हो गए हैं. अन्नाद्रमुक कार्यकर्ता, नेता आज होने वाली पार्टी की आम परिषद की बैठक के लिए श्रीवारु वेंकटचलपति पैलेस, वनगरम में एकत्र हुए हैं. पार्टी की आम परिषद की बैठक के लिए रवाना हुए अन्नाद्रमुक नेता और तमिलनाडु के पूर्व सीएम एडप्पादी के पलानीस्वामी के समर्थक उनके आवास के बाहर भारी संख्या में मौजूद रहे. .
Padma Awards 2023: तेलंगाना के 80 वर्षीय भाषा विज्ञान प्रोफेसर बी. रामकृष्ण रेड्डी को साहित्य और शिक्षा (भाषाविज्ञान) के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। Padma Awards 2023: पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया गया है। मुलायम सिंह यादव, एस एम कृष्णा, उस्ताद जाकिर हुसैन, बालकृष्ण दोशी, श्रीनिवास वर्धन और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान शरणार्थी शिविरों में सेवा देने वाले और ओआरएस के जनक दिलीप महालनाबिस को पद्म विभूषण (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। 2023 में 106 लोगों को पद्म पुरस्कार दिया जाएगा। 6 को पद्म विभूषण, 9 को पद्म भूषण और 91 को पद्मश्री से नवाजा जाएगा। इस बार 19 महिलाएं विजेता हैं। उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, उपन्यासकार एस एल भैरप्पा, सुधा मूर्ति सहित नौ व्यक्ति पद्म भूषण से सम्मानित किये जाएंगे। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, संपग्र सरकार में विदेश मंत्री रह चुके एस एम कृष्णा और तबला वादक जाकिर हुसैन सहित छह लोगों को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण के लिए चुना गया है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। मुलायम सिंह यादव के साथ ही डॉक्टर दिलीप महालनाबिस और मशहूर वास्तुकार बालकृष्ण दोशी को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान के लिए चुना गया है। इस साल, देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद्म पुरस्कार पाने वालों को ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने कहा, "भारत के लिए उनके समृद्ध और विविध योगदान और विकास पथ को बढ़ाने के उनके प्रयासों को देश स्वीकार करता है। " अमेरिका स्थित गणितज्ञ श्रीनिवास वर्धन को भी पद्म विभूषण सम्मान के लिए चुना गया है। बयान के अनुसार प्रसिद्ध उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, उपन्यासकार एस एल भैरप्पा और लेखिका सुधा मूर्ति सहित नौ लोगों को पद्म भूषण के लिए चुना गया है। राकेश झुनझुनवाला (मरणोपरांत), अभिनेत्री रवीना टंडन, मणिपुर भाजपा अध्यक्ष टी चौबा सिंह सहित 91 लोगों को पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है। पद्म पुरस्कारों के लिए घोषित नामों में महाराष्ट्र से 12, कर्नाटक और गुजरात से आठ-आठ व्यक्ति शामिल हैं। राष्ट्रपति द्वारा ये सम्मान औपचारिक समारोहों में प्रदान किए जाते हैं जिनका आयोजन आमतौर पर हर साल मार्च या अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में किया जाता है। सात लोगों को मरणोपरांत इस सम्मान के लिए चुना गया है। पद्म सम्मान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं और यह तीन श्रेणियों- पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री में प्रदान किए जाते हैं। रतन चंद्र कार, हीराबाई लोबी, मुनीश्वर चंदर डावर को पद्म श्री देने की घोषणा की गई है। तेलंगाना के 80 वर्षीय भाषा विज्ञान प्रोफेसर बी. रामकृष्ण रेड्डी को साहित्य और शिक्षा (भाषाविज्ञान) के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। कांकेर के गोंड ट्राइबल वुड कार्वर अजय कुमार मंडावी को कला (लकड़ी पर नक्काशी) के क्षेत्र में पद्मश्री से नवाजा जाएगा। 3 दशकों से अधिक समय से मिज़ो सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने वाले आइज़वाल के मिज़ो लोक गायक के. सी. रनरेमसंगी को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। जलपाईगुड़ी के 102 वर्षीय सरिंदा वादक मंगला कांति रॉय को कला (लोक संगीत) के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। जैविक खेती करने वाले 98 वर्षीय किसान तुला राम उप्रेती को भी पद्मश्री मिलेगा। भानुभाई चित्रारा को 400 साल पुरानी माता नी पछेड़ी पारंपरिक शिल्प की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। पिछले 200 वर्षों से कश्मीर में बेहतरीन संतूर बनाने वाले परिवार के 8वीं पीढ़ी के संतूर शिल्पकार गुलाम मोहम्मद ज़ाज़ को कला के क्षेत्र में पद्मश्री से नवाजा जाएगा। छोटा उदयपुर के पिथौरा कलाकार परेश राठवा को कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। गढ़चिरौली के जादीपट्टी रंगभूमि कलाकार परशुराम कोमाजी खुने को कला (रंगमंच) के क्षेत्र में पद्म श्री से नवाज़ा जाएगा। छत्तीसगढ़ी नाट्य नाच कलाकार डोमार सिंह कुंवर को कला (नृत्य) के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। चिक्काबल्लापुर के वयोवृद्ध थमाटे प्रतिपादक मुनिवेंकटप्पा को कला (लोक संगीत) के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। नगा सामाजिक कार्यकर्ता रामकुइवांगबे न्यूमे, केरल के गांधीवादी वी पी अप्पुकुट्टन पोडुवल, नगा संगीतकार मोआ सुबोंग पद्म श्री से सम्मानित होंगे।
Padma Awards दो हज़ार तेईस: तेलंगाना के अस्सी वर्षीय भाषा विज्ञान प्रोफेसर बी. रामकृष्ण रेड्डी को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। Padma Awards दो हज़ार तेईस: पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया गया है। मुलायम सिंह यादव, एस एम कृष्णा, उस्ताद जाकिर हुसैन, बालकृष्ण दोशी, श्रीनिवास वर्धन और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान शरणार्थी शिविरों में सेवा देने वाले और ओआरएस के जनक दिलीप महालनाबिस को पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। दो हज़ार तेईस में एक सौ छः लोगों को पद्म पुरस्कार दिया जाएगा। छः को पद्म विभूषण, नौ को पद्म भूषण और इक्यानवे को पद्मश्री से नवाजा जाएगा। इस बार उन्नीस महिलाएं विजेता हैं। उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, उपन्यासकार एस एल भैरप्पा, सुधा मूर्ति सहित नौ व्यक्ति पद्म भूषण से सम्मानित किये जाएंगे। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, संपग्र सरकार में विदेश मंत्री रह चुके एस एम कृष्णा और तबला वादक जाकिर हुसैन सहित छह लोगों को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण के लिए चुना गया है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। मुलायम सिंह यादव के साथ ही डॉक्टर दिलीप महालनाबिस और मशहूर वास्तुकार बालकृष्ण दोशी को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान के लिए चुना गया है। इस साल, देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद्म पुरस्कार पाने वालों को ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने कहा, "भारत के लिए उनके समृद्ध और विविध योगदान और विकास पथ को बढ़ाने के उनके प्रयासों को देश स्वीकार करता है। " अमेरिका स्थित गणितज्ञ श्रीनिवास वर्धन को भी पद्म विभूषण सम्मान के लिए चुना गया है। बयान के अनुसार प्रसिद्ध उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, उपन्यासकार एस एल भैरप्पा और लेखिका सुधा मूर्ति सहित नौ लोगों को पद्म भूषण के लिए चुना गया है। राकेश झुनझुनवाला , अभिनेत्री रवीना टंडन, मणिपुर भाजपा अध्यक्ष टी चौबा सिंह सहित इक्यानवे लोगों को पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है। पद्म पुरस्कारों के लिए घोषित नामों में महाराष्ट्र से बारह, कर्नाटक और गुजरात से आठ-आठ व्यक्ति शामिल हैं। राष्ट्रपति द्वारा ये सम्मान औपचारिक समारोहों में प्रदान किए जाते हैं जिनका आयोजन आमतौर पर हर साल मार्च या अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में किया जाता है। सात लोगों को मरणोपरांत इस सम्मान के लिए चुना गया है। पद्म सम्मान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं और यह तीन श्रेणियों- पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री में प्रदान किए जाते हैं। रतन चंद्र कार, हीराबाई लोबी, मुनीश्वर चंदर डावर को पद्म श्री देने की घोषणा की गई है। तेलंगाना के अस्सी वर्षीय भाषा विज्ञान प्रोफेसर बी. रामकृष्ण रेड्डी को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। कांकेर के गोंड ट्राइबल वुड कार्वर अजय कुमार मंडावी को कला के क्षेत्र में पद्मश्री से नवाजा जाएगा। तीन दशकों से अधिक समय से मिज़ो सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने वाले आइज़वाल के मिज़ो लोक गायक के. सी. रनरेमसंगी को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। जलपाईगुड़ी के एक सौ दो वर्षीय सरिंदा वादक मंगला कांति रॉय को कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। जैविक खेती करने वाले अट्ठानवे वर्षीय किसान तुला राम उप्रेती को भी पद्मश्री मिलेगा। भानुभाई चित्रारा को चार सौ साल पुरानी माता नी पछेड़ी पारंपरिक शिल्प की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। पिछले दो सौ वर्षों से कश्मीर में बेहतरीन संतूर बनाने वाले परिवार के आठवीं पीढ़ी के संतूर शिल्पकार गुलाम मोहम्मद ज़ाज़ को कला के क्षेत्र में पद्मश्री से नवाजा जाएगा। छोटा उदयपुर के पिथौरा कलाकार परेश राठवा को कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। गढ़चिरौली के जादीपट्टी रंगभूमि कलाकार परशुराम कोमाजी खुने को कला के क्षेत्र में पद्म श्री से नवाज़ा जाएगा। छत्तीसगढ़ी नाट्य नाच कलाकार डोमार सिंह कुंवर को कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। चिक्काबल्लापुर के वयोवृद्ध थमाटे प्रतिपादक मुनिवेंकटप्पा को कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। नगा सामाजिक कार्यकर्ता रामकुइवांगबे न्यूमे, केरल के गांधीवादी वी पी अप्पुकुट्टन पोडुवल, नगा संगीतकार मोआ सुबोंग पद्म श्री से सम्मानित होंगे।
महराजगंज : आश्रम पद्धति विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी बैठक में डीएम का निर्देश- 'निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से कराएं परीक्षा' महराजगंज : समाज कल्याण जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति स्कूलों में कक्षा छह के प्रवेश के लिए परीक्षा 14 फरवरी को जिले के पांच विद्यालयों पर होगी। परीक्षा में 70 सीटों के लिए 334 परीक्षार्थी शामिल होंगे। पर्यवेक्षक एवं केन्द्र व्यवस्थापक परीक्षा की पूरी पारदर्शिता, शुचिता एवं निर्विघ्न रूप से सम्पादित करने का निर्देश डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने दिया। डीएम ने यह निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित परीक्षा के तैयारी बैठक में दिया। खबर साभार : 'दैनिक जागरण' महराजगंज : सदर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों ने गुरुवार को अध्यक्ष अजय धर दूबे के नेतृत्व में डीएम कार्यालय के समक्ष नारेबाजी, प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि रोक लगे खातों का संचलन शुरू कराया जाए, एमडीएम कनवर्जन कास्ट एवं रसोइया मानदेय हर महीने खातों में भेजा जाए, एमडीएम खाते का संचालन ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से ही कराया जाए। ग्राम पंचायतों में विद्यालयों के प्रबंध समिति को समाप्त कर पूर्व की भांति शिक्षा समिति को बहाल किया जाए। खबर साभार : 'दैनिक जागरण' महराजगंज : बृजमनगंज ब्लॉक के जूनियर विद्यालय इलाहाबास में ब्लॉक स्तरीय खेल के लिए पिछले माह दो जनवरी को तैयारी के दौरान सातवीं का छात्र मोहम्मद एहसान का बायां पैर टूट गया था। अध्यापकों ने अभिभावकों को सूचना देकर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बहदुरी बाजार भेज दिया था । वहाँ से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया । जिला अस्पताल में शासन-प्रशासन का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी उसे झांकने तक नहीं आया। बाद में उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। जहाँ गरीब घर वाले खेत गिरवी रखकर चालीस हजार से अधिक खर्च कर इलाज की व्यवस्था कर रहे हैं। खबर साभार : 'हिन्दुस्तान' देवरिया : खेल न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि बच्चों के अंदर नैतिक मूल्यों के विकास का प्रमुख माध्यम है । बच्चे खेलकूद के मैदान में आपसी समन्वय, सदभाव, अनुशासन एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को अपने जीवन में उतारते हैं। यह बातें पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने कही। वह गुरुवार को स्व.रवींद्र किशोर शाही स्टेडियम में जनपदीय बेसिक शिक्षा क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अतिश्योक्ति नहीं होगा कि खेल के मैदान में न सिर्फ प्रतिभावान खिलाड़ी निखरकर बाहर आता है, बल्कि खेल के मैदान में देश का जिम्मेदार नागरिक निर्मित होता है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में प्रतिभागी बच्चों का प्रदर्शन सराहनीय है। इसके लिए संबंधित विद्यालय के शिक्षक, ब्लाक व्यायाम शिक्षक और प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बच्चों को तराशने में जिसने भी अपना योगदान दिया है वह सभी लोग बधाई के पात्र हैं । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी पीके सिंह ने कहा कि ग्रामीण परिवेश के इन बच्चों की खेल प्रतिभा भविष्य के लिए शुभ संकेत है। इसके पूर्व मुख्य अतिथि का बीएसए ने बुके देकर स्वागत किया। तत्पश्चात छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत व रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति कर सबका मन मोह लिया। देवरिया : दो दिवसीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में तहसील देवरिया सदर ओवल आल चैंपियन रहा। जबकि सलेमपुर उप विजेता रहा। प्राथमिक संवर्ग बालक वर्ग में बाल्मीकि रुद्रपुर तहसील, प्राथमिक बालिका वर्ग में शांति देवरिया, पूमावि संवर्ग बालक वर्ग में राहुल सलेमपुर, पूमावि संवर्ग बालिका वर्ग में प्रियंका यादव बरहज तहसील व्यक्तिगत चैंपियन रहे। प्रतियोगिता में सफल सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि एसपी प्रभाकर चौधरी ने पुरस्कृत किया। सरकार की नीतियों के खिलाफ बीएसपी के सदस्यों ने नारेबाजी की। सूत्रों के मुताबिक 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल के लिए वेतन व पेंशन मद में फिलहाल 15% से ज्यादा की बढ़ोतरी बजट में की जा रही है। इसका मतलब सभी विभागों को अपने यहां इस मद में इतनी बढ़ोतरी करानी है। इससे सरकार के खजाने पर खासा बोझ पड़ना तय है। मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अंदाजा लगाया है कि इन नई सिफारिशों को लागू करने पर करीब 25 हजार करोड़ का खर्च अतिरिक्त करना पड़ेगा। सरकार के लिए मुश्किल यह भी है कि इसी साल के बजट में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों में वेतन बढ़ोतरी में 10% का अनुमान लगाया था पर आयोग की ताजा सिफारिशें तो 23 प्रतिशत से ज्यादा तक बढ़ोतरी की हैं। चूंकि यूपी सरकार की वेतन आयोग की सिफारिशों के मामले में केंद्र सरकार के साथ प्रतिबद्धता है। इसलिए केंद्र सरकार जब इन सिफारिशों को अपने यहां लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करेगी तब यूपी सरकार को भी एक-दो महीने में इसे लागू करना होगा। अब अगले वर्ष के शुरू में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार कर्मचारियों को खुश करने के लिए यह तोहफा जल्द देना चाहेगी। जितनी देर से यह तोहफा मिलेगा सरकार को उतना ही एरियर देना होगा। यह बढ़ोतरी इस साल जनवरी से ही लागू होनी है। इलाहाबाद । प्राथमिक विद्यालयों में 72825 शिक्षकों की भर्ती में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 12091 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के लिए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पर चल रहा धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। अभ्यर्थियों का कहना है कि कोर्ट की ओर से तय गाइड लाइन के आधार पर समय सीमा बीत जाने केबाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने बृहस्पतिवार से अनशन शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों ने सचिव कार्यालय पर शुक्रवार को भी धरने का ऐलान किया है। इलाहाबाद । उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित-विज्ञान के 29334 पदों के सापेक्ष काउंसलिंग करवा चुके 82 अंक प्राप्त अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन के बाद बृहस्पतिवार देर शाम को शहर की सड़क पर कैंडल मार्च निकालकर सरकार को जगाने का काम किया। नियुक्ति की मांग कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि मांगे पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा। अंबेडकरनगर : जिलाधिकारी विवेक ने परिषदीय स्कूलों के मंडलीय प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास में आधार की भूमिका खेल प्रतियोगिताएं निभाती हैं। मन और मस्तिष्क के अलावा शरीर को स्वस्थ रखने में खेलों का अहम योगदान रहता है। इसके अलावा अनुशासन की गजब की सीख खेलों में मिलती है। वहीं विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए इसे कॅरियर के तौर पर निखारने का मौका मिलता है। जिलाधिकारी ने इसके लिए ग्रामीण स्तर पर छात्रों को विविध खेल विधाओं में जोड़ने की महती जरूरत पर बल दिया। जिला मुख्यालय के एकलव्य स्पोटर्स स्टेडियम पर आयोजित प्रतियोगिता में जिलाधिकारी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए दीप प्रज्वलित किया। यहां उपस्थित बेसिक के सहायक शिक्षा निदेशक रामशंकर ने जिलाधिकारी को बुके देते हुए बैज अलंकरण कर स्वागत किया। इसी क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. आरबी मौर्य ने एडी बेसिक रामशंकर तथा उर्दू के उप निरीक्षक शिवभूषण लाल श्रीवास्तव समेत फैजाबाद के बीएसए प्रदीप कुमार द्विवेदी, बाराबंकी के बीएसए प्रताप नारायण ¨सह, सुल्तानपुर के बीएसए रमेश यादव तथा अमेठी के बीएसए आनंद कुमार पांडेय का बैज अलंकरण करते हुए माल्यापर्ण कर स्वागत किया। प्रतियोगिता की कमान संभाल रहे खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय चंद्रभूषण पांडेय तथा भीटी के खंड शिक्षा अधिकारी केपी ¨सह के साथ जनपद के खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, आरपी राम, अशोक गौतम, अरुण यादव, रामचंदर मौर्य, बड़कऊ वर्मा, शैलेंद्र त्रिपाठी से विभिन्न जिले से आए खंड शिक्षाधिकारियों का माल्यापर्ण कर स्वागत किया। यहां मोहम्मद हसन, सुधीर चतुर्वेदी, दिनेश नारायण ¨सह व रामपलट ¨सह के अलावा शिक्षक संगठनों के मंडलीय एवं जनपदीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। मंडलीय प्रतियोगिता के आगाज से पहले उक्त जनपदों से प्रतिभाग को आए खिलाड़ियों ने मुख्य अतिथि को बैंडबाजे के साथ सलामी देते हुए जनपद का झंडा थाम मार्च पास्ट निकाला। प्राथमिक विद्यालय एनटीपीसी की छात्राओं ने स्वागतगीत में उपस्थित लोगों को प्रतियोगिता में पधारने के लिए आभार जताया। तदुपरांत नौनिहालों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति कर सभी का मन मोह लिया। वहीं प्रतियोगिता से पहले छात्रों ने मार्चपास्ट और पीटी में जमकर पसीना बहाया। इलाहाबाद : 72,825 शिक्षक भर्ती के तहत काउंसिलिंग करा चुके अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच शुरू हो गई है। तीन चार दिन के अंदर मेरिट सूची जारी की जाएगी। इसके बाद नियुक्ति पत्र बांटा जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में अभिलेखों की जांच व मेरिट सूची बनाने के लिए आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। मालूम हो कि 283 पदों के सापेक्ष सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग कराई थी। बीएसए राजकुमार ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग करा ली है। उन्होंने अपने मूल अभिलेख नहीं जमा किए हैं। उनकी काउंसिलिंग पर विचार नहीं किया जाएगा। इलाहाबादः आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षामित्रों ने एरियर व वेतन भुगतान समय से न होने के चलते वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। पंद्रह फरवरी तक भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद ताला खोल दिया। दरअसल, बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा का निर्देश था कि दस फरवरी तक समायोजित शिक्षामित्रों का एरियर व वेतन का भुगतान उक्त तिथि कर लेखाधिकारी कर दें। बावजूद, लेखा विभाग ने द्वितीय बैच में समायोजित 1823 शिक्षामित्रों का वेतन व एरियर नहीं दिया। जबकि, विभागीय अधिकारी अभिलेखों को पूर्ण कराने की बात कर रहे हैं। गुरुवार को मंडलीय मंत्री शारदा शुक्ला के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने लेखाधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। फोन पर लेखाधिकारी विमलेश यादव ने मंडलीय मंत्री को आश्वासन दिया कि पंद्रह फरवरी तक द्वितीय बैच के समायोजित शिक्षामित्रों के वेतन व एरियर का भुगतान करा दिया जाएगा। इसके बाद समायोजित शिक्षामित्रों ने कार्यालय का ताला खोल दिया। इस अवसर पर समायोजित शिक्षामित्र मनीष पांडेय, पीयूष गुप्ता, टीपू जायसवाल, अरुण सिंह, दीप माला पांडेय, शबीना अख्तर, पूर्णिमा जायसवाल, उषा केसरवानी, विनय पांडेय, राज कुमार मिश्र मौजूद रहे। महराजगंज : काउंसिलिंग के बाद डायट पहुंचे प्रशिक्षु शिक्षकों भर्ती प्रक्रिया के अभ्यर्थियों को जनपदीय चयन समिति ने बुधवार को नियुक्ति पत्र देने से इंकार कर दिया। इस पर अभ्यर्थियों ने डायट परिसर में बैठक कर सुप्रीम कोर्ट में आगामी 24 फरवरी को होने वाली सुनवाई में इस मुद्दे को रखने का निर्णय लिया। इससे पूर्व बुधवार को ही डायट पर काउंसिलिंग प्रक्रिया के दौरान 32 अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग कराई। इस दौरान डायट परिसर में काफी गहमा-गहमी रही। खबर साभार : 'दैनिक जागरण' तथा 'हिन्दुस्तान' महराजगंज : जिले की प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बुधवार को बच्चों को दूध पिलाने की योजना धड़ाम हो गई है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि जब से दूध पिलाने की एक-दो घटनाएं हो गयी हैं तब से ग्वाला भी दूध देने से कतरा रहे हैं। उधर कुछ अन्य प्रधानाध्यापकों का कहना है कि जब अपने घर में चाय पीने को दूध नहीं मिलता तो बच्चों को कहां से पिलाया जाए, सरकार को दूध पिलाने की योजना बंद कर देनी चाहिए। खबर साभार : 'दैनिक जागरण' : 14 से 21 मार्च तक संचालित होने वाली परिषदीय विद्यालयों के कक्षा 5 व 8 की वार्षिक परीक्षाओं में बोर्ड व्यवस्था की झलक मिलेगी। इन दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों की कॉपियां उसी विद्यालय के शिक्षक नहीं जांच सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत कक्षा 5 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन न्याय पंचायत स्तर पर होगा जबकि कक्षा 8 की कॉपियां ब्लॉक स्तर पर जांची जाएंगीं। कक्षा 8 तक की सभी परीक्षाओं के लिए परिषद से प्राप्त आदर्श प्रश्न पत्रों की सीडी के आधार पर प्रश्न पत्रों का निर्माण होगा, जिन्हें सीलबंद पैकेटों में विद्यालयों में परीक्षा के दिन ही खोला जाएगा। इस वर्ष नए प्रावधान के अनुसार कक्षा एक के बच्चों की लिखित परीक्षा नहीं होगी, उनकी मौखिक परीक्षा ली जाएगी। वहीं कक्षा 5 की वार्षिक परीक्षाओं का मूल्यांकन न्याय पंचायत स्तर पर होगा। इस व्यवस्था में कक्षा 5 के छात्र की कॉपी उसी के विद्यालय के अध्यापक या हेड मास्टर नहीं जांच पाएंगे। इसी प्रकार कक्षा 8 के परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ब्लॉक स्तर पर होगा और इनको भी दूसरे विद्यालय के शिक्षक जांचेंगे। राज्य शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद लखनऊ से प्राप्त सीडी को प्रश्न पत्र निर्माण समिति (अध्यक्ष डायट प्राचार्य, सचिव बीएसए, वरिष्ठ एबीएसए सदस्य, जिला समन्वयक प्रशिक्षण सर्व शिक्षा अभियान सदस्य) द्वारा गोपनीय रूप से देखने के बाद उसमें आवश्यक संशोधन कर 20 फरवरी तक जनपद स्तर पर प्रश्न पत्रों का निर्माण होगा और 5 मार्च तक प्रश्न पत्रों का मुद्रण कर सीलबंद पैकेट में डायट प्राचार्य की संरक्षा में रखवा दिया जाएगा। परीक्षा प्रारंभ होने के तीन दिन पहले (10 मार्च तक) ये पैकेट सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे जिन्हें वे परीक्षा तिथि से दो दिन पूर्व (अथवा 12 मार्च तक) केंद्रीय विद्यालय (संकुल का विद्यालय) में पहुंचाएंगे। संकुल विद्यालय के प्रधान अध्यापक द्वारा परीक्षा तिथि को विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध कराएंगे। प्राथमिक कक्षाओं के प्रश्नपत्रों की लागत दर 2.5 रुपये प्रति बच्चा और उच्च प्राथमिक की 5 रुपये प्रति बच्चा है। इसमें सी¨लग व पैके¨जग का भी व्यय शामिल है। मुद्रण कमेटी की देखरेख में गोपनीय तरीके से प्रश्न पत्रों की छपाई होगी। इस समिति के अध्यक्ष डायट प्राचार्य, सचिव बीएसए व सदस्य लेखाधिकारी होंगे। इसी प्रकार उत्तर पुस्तिकाओं के लिए प्राथमिक स्तर तक 7.50 रुपये प्रति बच्चा और जूनियर स्तर तक 15 रुपये प्रति बच्चा की दर से विद्यालय प्रबंधन कमेटी के खाते में धनराशि पहुंचा दी जाएगी।-डा. सर्वेश यादव, जिला समन्वयक, सर्व शिक्षा अभियान। फ्लाइंग एस्कॉर्ट करेगा निगरानीबोर्ड परीक्षाओं की तर्ज पर ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में उड़न दस्ता बनाए जाएंगे जो परीक्षा की निगरानी करेंगे और जिला स्तर पर भी फ्लाइंग एस्कॉर्ट बनाया जाएगा जो प्रश्न पत्रों के रख रखाव, नकल, परीक्षा व्यवस्था आदि की निगरानी करेगा। शासन की मंशा है कि इस नई व्यवस्था से अच्छे छात्र सामने निकल कर आएंगे और परीक्षा पारदर्शिता से संपन्न होगी।-जेपी राजपूत, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, इटावा।
महराजगंज : आश्रम पद्धति विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी बैठक में डीएम का निर्देश- 'निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से कराएं परीक्षा' महराजगंज : समाज कल्याण जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति स्कूलों में कक्षा छह के प्रवेश के लिए परीक्षा चौदह फरवरी को जिले के पांच विद्यालयों पर होगी। परीक्षा में सत्तर सीटों के लिए तीन सौ चौंतीस परीक्षार्थी शामिल होंगे। पर्यवेक्षक एवं केन्द्र व्यवस्थापक परीक्षा की पूरी पारदर्शिता, शुचिता एवं निर्विघ्न रूप से सम्पादित करने का निर्देश डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने दिया। डीएम ने यह निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित परीक्षा के तैयारी बैठक में दिया। खबर साभार : 'दैनिक जागरण' महराजगंज : सदर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों ने गुरुवार को अध्यक्ष अजय धर दूबे के नेतृत्व में डीएम कार्यालय के समक्ष नारेबाजी, प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि रोक लगे खातों का संचलन शुरू कराया जाए, एमडीएम कनवर्जन कास्ट एवं रसोइया मानदेय हर महीने खातों में भेजा जाए, एमडीएम खाते का संचालन ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से ही कराया जाए। ग्राम पंचायतों में विद्यालयों के प्रबंध समिति को समाप्त कर पूर्व की भांति शिक्षा समिति को बहाल किया जाए। खबर साभार : 'दैनिक जागरण' महराजगंज : बृजमनगंज ब्लॉक के जूनियर विद्यालय इलाहाबास में ब्लॉक स्तरीय खेल के लिए पिछले माह दो जनवरी को तैयारी के दौरान सातवीं का छात्र मोहम्मद एहसान का बायां पैर टूट गया था। अध्यापकों ने अभिभावकों को सूचना देकर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बहदुरी बाजार भेज दिया था । वहाँ से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया । जिला अस्पताल में शासन-प्रशासन का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी उसे झांकने तक नहीं आया। बाद में उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। जहाँ गरीब घर वाले खेत गिरवी रखकर चालीस हजार से अधिक खर्च कर इलाज की व्यवस्था कर रहे हैं। खबर साभार : 'हिन्दुस्तान' देवरिया : खेल न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि बच्चों के अंदर नैतिक मूल्यों के विकास का प्रमुख माध्यम है । बच्चे खेलकूद के मैदान में आपसी समन्वय, सदभाव, अनुशासन एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को अपने जीवन में उतारते हैं। यह बातें पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने कही। वह गुरुवार को स्व.रवींद्र किशोर शाही स्टेडियम में जनपदीय बेसिक शिक्षा क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अतिश्योक्ति नहीं होगा कि खेल के मैदान में न सिर्फ प्रतिभावान खिलाड़ी निखरकर बाहर आता है, बल्कि खेल के मैदान में देश का जिम्मेदार नागरिक निर्मित होता है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में प्रतिभागी बच्चों का प्रदर्शन सराहनीय है। इसके लिए संबंधित विद्यालय के शिक्षक, ब्लाक व्यायाम शिक्षक और प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बच्चों को तराशने में जिसने भी अपना योगदान दिया है वह सभी लोग बधाई के पात्र हैं । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी पीके सिंह ने कहा कि ग्रामीण परिवेश के इन बच्चों की खेल प्रतिभा भविष्य के लिए शुभ संकेत है। इसके पूर्व मुख्य अतिथि का बीएसए ने बुके देकर स्वागत किया। तत्पश्चात छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत व रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति कर सबका मन मोह लिया। देवरिया : दो दिवसीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में तहसील देवरिया सदर ओवल आल चैंपियन रहा। जबकि सलेमपुर उप विजेता रहा। प्राथमिक संवर्ग बालक वर्ग में बाल्मीकि रुद्रपुर तहसील, प्राथमिक बालिका वर्ग में शांति देवरिया, पूमावि संवर्ग बालक वर्ग में राहुल सलेमपुर, पूमावि संवर्ग बालिका वर्ग में प्रियंका यादव बरहज तहसील व्यक्तिगत चैंपियन रहे। प्रतियोगिता में सफल सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि एसपी प्रभाकर चौधरी ने पुरस्कृत किया। सरकार की नीतियों के खिलाफ बीएसपी के सदस्यों ने नारेबाजी की। सूत्रों के मुताबिक सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल के लिए वेतन व पेंशन मद में फिलहाल पंद्रह% से ज्यादा की बढ़ोतरी बजट में की जा रही है। इसका मतलब सभी विभागों को अपने यहां इस मद में इतनी बढ़ोतरी करानी है। इससे सरकार के खजाने पर खासा बोझ पड़ना तय है। मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अंदाजा लगाया है कि इन नई सिफारिशों को लागू करने पर करीब पच्चीस हजार करोड़ का खर्च अतिरिक्त करना पड़ेगा। सरकार के लिए मुश्किल यह भी है कि इसी साल के बजट में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में वेतन बढ़ोतरी में दस% का अनुमान लगाया था पर आयोग की ताजा सिफारिशें तो तेईस प्रतिशत से ज्यादा तक बढ़ोतरी की हैं। चूंकि यूपी सरकार की वेतन आयोग की सिफारिशों के मामले में केंद्र सरकार के साथ प्रतिबद्धता है। इसलिए केंद्र सरकार जब इन सिफारिशों को अपने यहां लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करेगी तब यूपी सरकार को भी एक-दो महीने में इसे लागू करना होगा। अब अगले वर्ष के शुरू में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार कर्मचारियों को खुश करने के लिए यह तोहफा जल्द देना चाहेगी। जितनी देर से यह तोहफा मिलेगा सरकार को उतना ही एरियर देना होगा। यह बढ़ोतरी इस साल जनवरी से ही लागू होनी है। इलाहाबाद । प्राथमिक विद्यालयों में बहत्तर हज़ार आठ सौ पच्चीस शिक्षकों की भर्ती में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बारह हज़ार इक्यानवे अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के लिए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पर चल रहा धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। अभ्यर्थियों का कहना है कि कोर्ट की ओर से तय गाइड लाइन के आधार पर समय सीमा बीत जाने केबाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने बृहस्पतिवार से अनशन शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों ने सचिव कार्यालय पर शुक्रवार को भी धरने का ऐलान किया है। इलाहाबाद । उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित-विज्ञान के उनतीस हज़ार तीन सौ चौंतीस पदों के सापेक्ष काउंसलिंग करवा चुके बयासी अंक प्राप्त अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन के बाद बृहस्पतिवार देर शाम को शहर की सड़क पर कैंडल मार्च निकालकर सरकार को जगाने का काम किया। नियुक्ति की मांग कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि मांगे पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा। अंबेडकरनगर : जिलाधिकारी विवेक ने परिषदीय स्कूलों के मंडलीय प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास में आधार की भूमिका खेल प्रतियोगिताएं निभाती हैं। मन और मस्तिष्क के अलावा शरीर को स्वस्थ रखने में खेलों का अहम योगदान रहता है। इसके अलावा अनुशासन की गजब की सीख खेलों में मिलती है। वहीं विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए इसे कॅरियर के तौर पर निखारने का मौका मिलता है। जिलाधिकारी ने इसके लिए ग्रामीण स्तर पर छात्रों को विविध खेल विधाओं में जोड़ने की महती जरूरत पर बल दिया। जिला मुख्यालय के एकलव्य स्पोटर्स स्टेडियम पर आयोजित प्रतियोगिता में जिलाधिकारी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए दीप प्रज्वलित किया। यहां उपस्थित बेसिक के सहायक शिक्षा निदेशक रामशंकर ने जिलाधिकारी को बुके देते हुए बैज अलंकरण कर स्वागत किया। इसी क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. आरबी मौर्य ने एडी बेसिक रामशंकर तथा उर्दू के उप निरीक्षक शिवभूषण लाल श्रीवास्तव समेत फैजाबाद के बीएसए प्रदीप कुमार द्विवेदी, बाराबंकी के बीएसए प्रताप नारायण ¨सह, सुल्तानपुर के बीएसए रमेश यादव तथा अमेठी के बीएसए आनंद कुमार पांडेय का बैज अलंकरण करते हुए माल्यापर्ण कर स्वागत किया। प्रतियोगिता की कमान संभाल रहे खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय चंद्रभूषण पांडेय तथा भीटी के खंड शिक्षा अधिकारी केपी ¨सह के साथ जनपद के खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, आरपी राम, अशोक गौतम, अरुण यादव, रामचंदर मौर्य, बड़कऊ वर्मा, शैलेंद्र त्रिपाठी से विभिन्न जिले से आए खंड शिक्षाधिकारियों का माल्यापर्ण कर स्वागत किया। यहां मोहम्मद हसन, सुधीर चतुर्वेदी, दिनेश नारायण ¨सह व रामपलट ¨सह के अलावा शिक्षक संगठनों के मंडलीय एवं जनपदीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। मंडलीय प्रतियोगिता के आगाज से पहले उक्त जनपदों से प्रतिभाग को आए खिलाड़ियों ने मुख्य अतिथि को बैंडबाजे के साथ सलामी देते हुए जनपद का झंडा थाम मार्च पास्ट निकाला। प्राथमिक विद्यालय एनटीपीसी की छात्राओं ने स्वागतगीत में उपस्थित लोगों को प्रतियोगिता में पधारने के लिए आभार जताया। तदुपरांत नौनिहालों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति कर सभी का मन मोह लिया। वहीं प्रतियोगिता से पहले छात्रों ने मार्चपास्ट और पीटी में जमकर पसीना बहाया। इलाहाबाद : बहत्तर,आठ सौ पच्चीस शिक्षक भर्ती के तहत काउंसिलिंग करा चुके अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच शुरू हो गई है। तीन चार दिन के अंदर मेरिट सूची जारी की जाएगी। इसके बाद नियुक्ति पत्र बांटा जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में अभिलेखों की जांच व मेरिट सूची बनाने के लिए आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। मालूम हो कि दो सौ तिरासी पदों के सापेक्ष सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग कराई थी। बीएसए राजकुमार ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग करा ली है। उन्होंने अपने मूल अभिलेख नहीं जमा किए हैं। उनकी काउंसिलिंग पर विचार नहीं किया जाएगा। इलाहाबादः आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षामित्रों ने एरियर व वेतन भुगतान समय से न होने के चलते वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। पंद्रह फरवरी तक भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद ताला खोल दिया। दरअसल, बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा का निर्देश था कि दस फरवरी तक समायोजित शिक्षामित्रों का एरियर व वेतन का भुगतान उक्त तिथि कर लेखाधिकारी कर दें। बावजूद, लेखा विभाग ने द्वितीय बैच में समायोजित एक हज़ार आठ सौ तेईस शिक्षामित्रों का वेतन व एरियर नहीं दिया। जबकि, विभागीय अधिकारी अभिलेखों को पूर्ण कराने की बात कर रहे हैं। गुरुवार को मंडलीय मंत्री शारदा शुक्ला के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने लेखाधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। फोन पर लेखाधिकारी विमलेश यादव ने मंडलीय मंत्री को आश्वासन दिया कि पंद्रह फरवरी तक द्वितीय बैच के समायोजित शिक्षामित्रों के वेतन व एरियर का भुगतान करा दिया जाएगा। इसके बाद समायोजित शिक्षामित्रों ने कार्यालय का ताला खोल दिया। इस अवसर पर समायोजित शिक्षामित्र मनीष पांडेय, पीयूष गुप्ता, टीपू जायसवाल, अरुण सिंह, दीप माला पांडेय, शबीना अख्तर, पूर्णिमा जायसवाल, उषा केसरवानी, विनय पांडेय, राज कुमार मिश्र मौजूद रहे। महराजगंज : काउंसिलिंग के बाद डायट पहुंचे प्रशिक्षु शिक्षकों भर्ती प्रक्रिया के अभ्यर्थियों को जनपदीय चयन समिति ने बुधवार को नियुक्ति पत्र देने से इंकार कर दिया। इस पर अभ्यर्थियों ने डायट परिसर में बैठक कर सुप्रीम कोर्ट में आगामी चौबीस फरवरी को होने वाली सुनवाई में इस मुद्दे को रखने का निर्णय लिया। इससे पूर्व बुधवार को ही डायट पर काउंसिलिंग प्रक्रिया के दौरान बत्तीस अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग कराई। इस दौरान डायट परिसर में काफी गहमा-गहमी रही। खबर साभार : 'दैनिक जागरण' तथा 'हिन्दुस्तान' महराजगंज : जिले की प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बुधवार को बच्चों को दूध पिलाने की योजना धड़ाम हो गई है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि जब से दूध पिलाने की एक-दो घटनाएं हो गयी हैं तब से ग्वाला भी दूध देने से कतरा रहे हैं। उधर कुछ अन्य प्रधानाध्यापकों का कहना है कि जब अपने घर में चाय पीने को दूध नहीं मिलता तो बच्चों को कहां से पिलाया जाए, सरकार को दूध पिलाने की योजना बंद कर देनी चाहिए। खबर साभार : 'दैनिक जागरण' : चौदह से इक्कीस मार्च तक संचालित होने वाली परिषदीय विद्यालयों के कक्षा पाँच व आठ की वार्षिक परीक्षाओं में बोर्ड व्यवस्था की झलक मिलेगी। इन दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों की कॉपियां उसी विद्यालय के शिक्षक नहीं जांच सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत कक्षा पाँच की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन न्याय पंचायत स्तर पर होगा जबकि कक्षा आठ की कॉपियां ब्लॉक स्तर पर जांची जाएंगीं। कक्षा आठ तक की सभी परीक्षाओं के लिए परिषद से प्राप्त आदर्श प्रश्न पत्रों की सीडी के आधार पर प्रश्न पत्रों का निर्माण होगा, जिन्हें सीलबंद पैकेटों में विद्यालयों में परीक्षा के दिन ही खोला जाएगा। इस वर्ष नए प्रावधान के अनुसार कक्षा एक के बच्चों की लिखित परीक्षा नहीं होगी, उनकी मौखिक परीक्षा ली जाएगी। वहीं कक्षा पाँच की वार्षिक परीक्षाओं का मूल्यांकन न्याय पंचायत स्तर पर होगा। इस व्यवस्था में कक्षा पाँच के छात्र की कॉपी उसी के विद्यालय के अध्यापक या हेड मास्टर नहीं जांच पाएंगे। इसी प्रकार कक्षा आठ के परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ब्लॉक स्तर पर होगा और इनको भी दूसरे विद्यालय के शिक्षक जांचेंगे। राज्य शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद लखनऊ से प्राप्त सीडी को प्रश्न पत्र निर्माण समिति द्वारा गोपनीय रूप से देखने के बाद उसमें आवश्यक संशोधन कर बीस फरवरी तक जनपद स्तर पर प्रश्न पत्रों का निर्माण होगा और पाँच मार्च तक प्रश्न पत्रों का मुद्रण कर सीलबंद पैकेट में डायट प्राचार्य की संरक्षा में रखवा दिया जाएगा। परीक्षा प्रारंभ होने के तीन दिन पहले ये पैकेट सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे जिन्हें वे परीक्षा तिथि से दो दिन पूर्व केंद्रीय विद्यालय में पहुंचाएंगे। संकुल विद्यालय के प्रधान अध्यापक द्वारा परीक्षा तिथि को विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध कराएंगे। प्राथमिक कक्षाओं के प्रश्नपत्रों की लागत दर दो दशमलव पाँच रुपयापये प्रति बच्चा और उच्च प्राथमिक की पाँच रुपयापये प्रति बच्चा है। इसमें सी¨लग व पैके¨जग का भी व्यय शामिल है। मुद्रण कमेटी की देखरेख में गोपनीय तरीके से प्रश्न पत्रों की छपाई होगी। इस समिति के अध्यक्ष डायट प्राचार्य, सचिव बीएसए व सदस्य लेखाधिकारी होंगे। इसी प्रकार उत्तर पुस्तिकाओं के लिए प्राथमिक स्तर तक सात दशमलव पचास रुपयापये प्रति बच्चा और जूनियर स्तर तक पंद्रह रुपयापये प्रति बच्चा की दर से विद्यालय प्रबंधन कमेटी के खाते में धनराशि पहुंचा दी जाएगी।-डा. सर्वेश यादव, जिला समन्वयक, सर्व शिक्षा अभियान। फ्लाइंग एस्कॉर्ट करेगा निगरानीबोर्ड परीक्षाओं की तर्ज पर ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में उड़न दस्ता बनाए जाएंगे जो परीक्षा की निगरानी करेंगे और जिला स्तर पर भी फ्लाइंग एस्कॉर्ट बनाया जाएगा जो प्रश्न पत्रों के रख रखाव, नकल, परीक्षा व्यवस्था आदि की निगरानी करेगा। शासन की मंशा है कि इस नई व्यवस्था से अच्छे छात्र सामने निकल कर आएंगे और परीक्षा पारदर्शिता से संपन्न होगी।-जेपी राजपूत, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, इटावा।
Delhi Fire: दिल्ली के दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। विभाग को सुबह आठ बजकर 22 मिनट पर आग लगने की जानकारी मिली थी, अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है और आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। Delhi Fire पश्चिम दिल्ली के उद्योग नगर स्थित दो मंजिला जूतों के गोदाम में एक दिन पहले लगी आग के बाद मंगलवार को सुबह दमकलकर्मियों ने जला हुआ एक शव बरामद किया है। दिल्ली दमकल सेवा के अधिकारियों ने इस बारे में बताया। उद्योग नगर स्थित दो मंजिला गोदाम के अंदर अब भी तीन कर्मियों के फंसे होने की आशंका है और तलाश अभियान जारी है। गोदाम में सोमवार को आग लग गयी थी जिस पर काबू पाने के लिए दमकल की 35 गाड़ियों और 140 दमकलकर्मियों को भेजा गया था। इस गोदाम में जूते तैयार कर उन्हें बिक्री के लिए पैक किया जाता है। दिल्ली में रोज आग लगने का सिलसिला जारी है। हालांकि लोगों की जान का नुकसान नहीं हो रहा। लेकिन करोड़ों का माल जल खाक हो जा रहा है। इस बीच, पश्चिम दिल्ली के उद्योग नगर (Udyog Nagar) में सोमवार सुबह भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। यहां जूते की एक फैक्ट्री (Shoe Factory) में भंयकर आग लग गई। जिसके बाद हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में दमकल विभाग (Fire Department) को सूचित किया गया। जिसके बाद दमकल की 24 गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। दिल्ली के दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। दिल्ली फायर सर्विस निदेशक अतुल गर्ग ने कहा कि हमें करीब 8:26 बजे सूचना मिली। वहां 31 गाड़ियां पहुंची हैं। आग अभी थोड़ी बढ़ी है इसलिए आग पर अभी काबू नहीं पाया गया है। इस घटना में 5-6 लोग लापता हैं अभी सर्च जारी है और मैं वहां अभी सुपरवाइज करने जा रहा हूं। विभाग को सुबह आठ बजकर 22 मिनट पर आग लगने की जानकारी मिली थी, अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है और आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। इससे पहले, दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में स्थित एक घर में शनिवार को गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया था। इस हादसे में 13 लोग झुलस गए थे। पुलिस को शाम छह बजकर 44 मिनट पर सिलेंडर में धमाके की सूचना मिली। धमाके के चलते लगी आग पर काबू पा लिया गया है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था। पुलिस उपायुक्त (बाहरी) परविंदर सिंह ने कहा कि गणेश नाम के व्यक्ति के घर में विस्फोट उस समय हुआ जब उसकी पत्नी सावित्री सिलेंडर बदल रही थी और गैस लीक होने के चलते यह फट गया। पुलिस ने कहा कि इस घटना में सावित्री, सचिन, गीता, प्रिंस, लक्ष्मी, विनोद, विवेक, छतरपाल, संजू, संध्या, निर्मला, महिमा और मोनिष्का घायल हो गए जिन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि अधिक झुलस जाने के कारण बाद में सावित्री, सचिन, गीता और प्रिंस को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया।
Delhi Fire: दिल्ली के दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। विभाग को सुबह आठ बजकर बाईस मिनट पर आग लगने की जानकारी मिली थी, अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है और आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। Delhi Fire पश्चिम दिल्ली के उद्योग नगर स्थित दो मंजिला जूतों के गोदाम में एक दिन पहले लगी आग के बाद मंगलवार को सुबह दमकलकर्मियों ने जला हुआ एक शव बरामद किया है। दिल्ली दमकल सेवा के अधिकारियों ने इस बारे में बताया। उद्योग नगर स्थित दो मंजिला गोदाम के अंदर अब भी तीन कर्मियों के फंसे होने की आशंका है और तलाश अभियान जारी है। गोदाम में सोमवार को आग लग गयी थी जिस पर काबू पाने के लिए दमकल की पैंतीस गाड़ियों और एक सौ चालीस दमकलकर्मियों को भेजा गया था। इस गोदाम में जूते तैयार कर उन्हें बिक्री के लिए पैक किया जाता है। दिल्ली में रोज आग लगने का सिलसिला जारी है। हालांकि लोगों की जान का नुकसान नहीं हो रहा। लेकिन करोड़ों का माल जल खाक हो जा रहा है। इस बीच, पश्चिम दिल्ली के उद्योग नगर में सोमवार सुबह भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। यहां जूते की एक फैक्ट्री में भंयकर आग लग गई। जिसके बाद हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में दमकल विभाग को सूचित किया गया। जिसके बाद दमकल की चौबीस गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। दिल्ली के दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। दिल्ली फायर सर्विस निदेशक अतुल गर्ग ने कहा कि हमें करीब आठ:छब्बीस बजे सूचना मिली। वहां इकतीस गाड़ियां पहुंची हैं। आग अभी थोड़ी बढ़ी है इसलिए आग पर अभी काबू नहीं पाया गया है। इस घटना में पाँच-छः लोग लापता हैं अभी सर्च जारी है और मैं वहां अभी सुपरवाइज करने जा रहा हूं। विभाग को सुबह आठ बजकर बाईस मिनट पर आग लगने की जानकारी मिली थी, अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है और आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। इससे पहले, दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में स्थित एक घर में शनिवार को गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया था। इस हादसे में तेरह लोग झुलस गए थे। पुलिस को शाम छह बजकर चौंतालीस मिनट पर सिलेंडर में धमाके की सूचना मिली। धमाके के चलते लगी आग पर काबू पा लिया गया है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था। पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने कहा कि गणेश नाम के व्यक्ति के घर में विस्फोट उस समय हुआ जब उसकी पत्नी सावित्री सिलेंडर बदल रही थी और गैस लीक होने के चलते यह फट गया। पुलिस ने कहा कि इस घटना में सावित्री, सचिन, गीता, प्रिंस, लक्ष्मी, विनोद, विवेक, छतरपाल, संजू, संध्या, निर्मला, महिमा और मोनिष्का घायल हो गए जिन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि अधिक झुलस जाने के कारण बाद में सावित्री, सचिन, गीता और प्रिंस को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया।
(www. arya-tv. com)विद्यावती तृतीय वार्ड के अंतर्गत त्रिकालदर्शी महादेव मंदिर के प्रांगण में बैडमिंटन हॉल के बगल में गौतम बुद्ध शांति उपवन पार्क नंबर 2 सेक्टर एच कानपुर रोड लखनऊ में महाशिवरात्रि के पर्व के उपलक्ष में प्रथम विशाल भंडारा दीपक वर्मा के द्वारा कराया गया। जिसकी मुख्य आयोजक मुन्नी देवी पूर्व प्रधान पत्नी स्वर्गीय दुलारे लाल विधायक रही। इस भंडारे में क्षेत्र के संभ्रात व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर दीपक वर्मा ने कहा कि आज महाशिवरात्रि के पर्व पर ईश्वर की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ।
विद्यावती तृतीय वार्ड के अंतर्गत त्रिकालदर्शी महादेव मंदिर के प्रांगण में बैडमिंटन हॉल के बगल में गौतम बुद्ध शांति उपवन पार्क नंबर दो सेक्टर एच कानपुर रोड लखनऊ में महाशिवरात्रि के पर्व के उपलक्ष में प्रथम विशाल भंडारा दीपक वर्मा के द्वारा कराया गया। जिसकी मुख्य आयोजक मुन्नी देवी पूर्व प्रधान पत्नी स्वर्गीय दुलारे लाल विधायक रही। इस भंडारे में क्षेत्र के संभ्रात व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर दीपक वर्मा ने कहा कि आज महाशिवरात्रि के पर्व पर ईश्वर की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ।
न कोई कशिश है न कोई ख़ला है, ये दिल बावला था ये दिल बावला है. गुनहगार ग़ैरों को क्यूँ कर कहें हम, वो थे लोग अपने जिन्होंने छला है. टटोला कई बार ख़ुद को तो पाया, चढ़ा था नज़र में, जिगर तक न पहुँचा, नज़र से जिगर तक बड़ा फ़ासला है. उठाऊंगा मुद्दा क़यामत के दिन ये, मेरे हक़ का हर फ़ैसला क्यूँ टला है. समझना है मुश्किल हुआ क्या अचानक, यहाँ जिस्म रख कर किधर वो चला है. जिसे ले गए सब, वो था 'नूर' जैसा, कोई तो बताए कि क्या मामला है. निलेश "नूर" आदरणीय नूर जी ..कई बार पढ़ा बहुत लुत्फ़ आया ..चढ़ा था नज़र में, जिगर तक न पहुँचा, नज़र से जिगर तक बड़ा फ़ासला है. गुनहगार ग़ैरों को क्यूँ कर कहें हम, वो थे लोग अपने जिन्होंने छला है. ..बहुत खूब आदरणीय निलेश जी! टटोला कई बार ख़ुद को तो पाया, चढ़ा था नज़र में, जिगर तक न पहुँचा, बहुत बहुत शुक्रिया आ. डॉ. गोपाल नारायण जी .. समझना है मुश्किल हुआ क्या अचानक, शुक्रिया आ. गुमनाम पिथौरागढ़ी साहब .. टटोला कई बार ख़ुद को तो पाया, जहाँ धडकने थीं वहाँ आबला है. समझना है मुश्किल हुआ क्या अचानक, यहाँ जिस्म रख कर किधर वो चला है.
न कोई कशिश है न कोई ख़ला है, ये दिल बावला था ये दिल बावला है. गुनहगार ग़ैरों को क्यूँ कर कहें हम, वो थे लोग अपने जिन्होंने छला है. टटोला कई बार ख़ुद को तो पाया, चढ़ा था नज़र में, जिगर तक न पहुँचा, नज़र से जिगर तक बड़ा फ़ासला है. उठाऊंगा मुद्दा क़यामत के दिन ये, मेरे हक़ का हर फ़ैसला क्यूँ टला है. समझना है मुश्किल हुआ क्या अचानक, यहाँ जिस्म रख कर किधर वो चला है. जिसे ले गए सब, वो था 'नूर' जैसा, कोई तो बताए कि क्या मामला है. निलेश "नूर" आदरणीय नूर जी ..कई बार पढ़ा बहुत लुत्फ़ आया ..चढ़ा था नज़र में, जिगर तक न पहुँचा, नज़र से जिगर तक बड़ा फ़ासला है. गुनहगार ग़ैरों को क्यूँ कर कहें हम, वो थे लोग अपने जिन्होंने छला है. ..बहुत खूब आदरणीय निलेश जी! टटोला कई बार ख़ुद को तो पाया, चढ़ा था नज़र में, जिगर तक न पहुँचा, बहुत बहुत शुक्रिया आ. डॉ. गोपाल नारायण जी .. समझना है मुश्किल हुआ क्या अचानक, शुक्रिया आ. गुमनाम पिथौरागढ़ी साहब .. टटोला कई बार ख़ुद को तो पाया, जहाँ धडकने थीं वहाँ आबला है. समझना है मुश्किल हुआ क्या अचानक, यहाँ जिस्म रख कर किधर वो चला है.
मियामी (अमेरिका)। अमेरिका में सीमा शुल्क अधिकारियों ने वेनेजुएला जा रहे एक निजी विमान को पकड़ा है जिसमें एक स्नाइपर राइफल सहित 82 बंदूकें और 63,000 राउंड कारतूस रखे थे। अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा ने मंगलवार को एक समाचार विज्ञप्ति में बताया कि अमेरिका से भारी मात्रा में नकदी और सामान की तस्करी करने और गैर कानूनी रूप से हथियार रखने के आरोप में वेनेजुएला के लुइस अल्बर्टो पैटिनो और ग्रेगरी मेंडेज नामक दो पायलट को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। । विज्ञप्ति के अनुसार विमान और उसमें लदा सामान जब्त कर लिया गया। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि असलहे कहां से खरीदे गए थे। लेकिन इन गिरफ्तारियों के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के बीच पिछले कई महीनों से चला आ रहा तनाव बढ़ गया। 'होमलैंड सिक्योरिटी इंवेस्टिगेशंस' के विशेष एजेंट जेरेड राइन ने एक हलफनामे में कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक ने बताया है कि विमान का अंतिम गंतव्य वेनेजुएला था।
मियामी । अमेरिका में सीमा शुल्क अधिकारियों ने वेनेजुएला जा रहे एक निजी विमान को पकड़ा है जिसमें एक स्नाइपर राइफल सहित बयासी बंदूकें और तिरेसठ,शून्य राउंड कारतूस रखे थे। अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा ने मंगलवार को एक समाचार विज्ञप्ति में बताया कि अमेरिका से भारी मात्रा में नकदी और सामान की तस्करी करने और गैर कानूनी रूप से हथियार रखने के आरोप में वेनेजुएला के लुइस अल्बर्टो पैटिनो और ग्रेगरी मेंडेज नामक दो पायलट को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। । विज्ञप्ति के अनुसार विमान और उसमें लदा सामान जब्त कर लिया गया। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि असलहे कहां से खरीदे गए थे। लेकिन इन गिरफ्तारियों के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के बीच पिछले कई महीनों से चला आ रहा तनाव बढ़ गया। 'होमलैंड सिक्योरिटी इंवेस्टिगेशंस' के विशेष एजेंट जेरेड राइन ने एक हलफनामे में कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक ने बताया है कि विमान का अंतिम गंतव्य वेनेजुएला था।
बिजली उपकरण के आधार पर चल रही हैगैसों का विस्तार जब गर्म होता है, जो तब होता है जब ईंधन प्रज्वलित होता है, सिलेंडर के इंटीरियर में पड़ता है। बहुत से लोगों का मानना है कि 4-स्ट्रोक ब्रिग्स स्ट्रैटन इंजन में सर्वश्रेष्ठ विशेषताएं हैं एक स्पष्ट जवाब पाने के लिए, यह दोनों प्रजातियों के काम की अनोखीताओं को समझने के लिए उपयुक्त है। क्रैंक-क्रैंक डिज़ाइन और गैस के वितरण के लिए जिम्मेदार तंत्र मुख्य घटक हैं, कोई कम महत्वपूर्ण सिस्टम नहीं है जो तत्वों, प्रज्वलन और शक्ति का स्नेहन प्रदान करते हैं। क्रैंक-क्रैंक डिवाइस गैसों के विस्तार के आवश्यक प्रभाव को प्रसारित करता है, जबकि वितरित होने वाले तंत्र सिलेंडर अंतरिक्ष में गैसोलीन की आपूर्ति करते हैं। 4-स्ट्रोक इंजन की विशेषता आर्थिक रूप से होती हैईंधन की खपत, निकास में दहनशील मिश्रणों की कमी, पुनरुत्पादित शोर के कम उच्च स्तर और पर्यावरण मित्रता भी शामिल है, जिससे कारों का उत्पादन करने वाली कई कंपनियों में वितरण हासिल हुआ था। पूरी प्रक्रिया कार्य स्ट्रोक और संपीड़न पर आधारित है। पिस्टन मूल रूप से दो स्थितियों में है -यह नीचे और शीर्ष मृत अंक है जब एक से दूसरे स्थान पर जाते हैं, शुद्ध और निर्वहन बंदरगाह वैकल्पिक रूप से ओवरलैप होता है, तो सिलेंडर में मौजूद गैस अनुबंध शुरू होती है। इस समय, दहनशील मिश्रण इनलेट बंदरगाह से बाहर निकलता है और क्रैंक तंत्र के कक्ष में प्रवेश करता है, जो बाद में इसे संक्षिप्त करेगा। हवा और गैसोलीन पहुंच के वाष्प के बादअधिकतम संपीड़न, मोमबत्ती से आने वाली बिजली की चिंगारी, उन्हें प्रज्वलित करती है इस समय, एक दबाव बनाया गया है जो गैस की मात्रा में तेज वृद्धि और मिश्रण के तापमान के कारण कम बिंदु तक पिस्टन की गति को सुविधाजनक बनाता है। आंदोलन के दौरान, आउटलेट खुलता है और दहन उत्पादों से बाहर निकल जाता है। जब पिस्टन चलता रहता है और यह दहन कक्ष में होता है तो मिश्रण निचोड़ा जाता है, साथ ही एक पुर्जिंग विंडो खोल दी जाती है। तंत्र को पर्याप्त संख्या से अलग किया जाता हैउच्च ईंधन की खपत सहित नुकसान, जिनमें से अधिकतर बर्बाद होते हैं यह निकास के एक साथ उद्घाटन के दौरान वाष्प के मिश्रण की आंशिक रिलीज और खिड़कियों को शुद्ध करने के कारण है। इसके अलावा यह एक सतत तेल की खपत को नोट करना आवश्यक है, क्योंकि यह मिश्रण का एक हिस्सा है और इसके बिना इंजन काम नहीं कर सकता एक अन्य नकारात्मक पक्ष ईंधन मिश्रण की निरंतर तैयारी है। पुश-पुल तंत्र में कम वजन होता है औरएक 4-स्ट्रोक इंजन का दावा नहीं कर सकते हैं। लेकिन कार का उपयोग करने की प्रक्रिया में, इससे अधिक समस्याएं आती हैं, क्योंकि मॉडलिंग के क्षेत्र में ऐसा एक विकल्प सामान्य है, जहां प्रत्येक अतिरिक्त किलोग्राम को विशेष महत्व दिया जाता है। यह अपने हल्के से पूरी तरह से अलग हैएनालॉग। 4-स्ट्रोक इंजन का सिद्धांत अनुक्रमिक सेवन, संपीड़न, स्ट्रोक और निकास की एक चक्र है, जिससे वाल्व प्रणाली का उपयोग किया गया है। पिस्टन नीचे की ओर ले जाने के द्वारा इनलेट को खोलता है, फिर दहनशील मिश्रण सिलेंडर में प्रवेश करते हैं, जबकि काम का मिश्रण प्रयोग की संरचना से अवशेषों के मिश्रण के बाद बनाया जाता है। उन प्रक्रियाओं को व्यवस्थित रूप से दोहराया जाता हैस्थापित अनुक्रम का कार्य चक्र का प्रतिनिधित्व करता है, वे सभी सिलेंडरों में होते हैं और ऊर्जा के रूपांतरण के कारण यांत्रिक कार्य के प्रदर्शन को सुनिश्चित करते हैं। एक साधारण कार में मोटर चार-चरण चक्र के आधार पर काम करती है, यह पिस्टन या दो क्रैंकशाफ्ट क्रांतियों के चार आंदोलनों के दौरान होती है। 4-स्ट्रोक डीजल इंजन पूरी तरह से हैकार्बोरेटर ऑप्शन के मुकाबले कार्य मिश्रण और उसके गठन के प्रज्वलन की दूसरी विधि सेवन स्ट्रोक में मुख्य अंतर, जैसा कि उच्च तापमान मूल्यों को गर्म हवा सिलेंडर डीजल सिलेंडर में प्रवेश करता है, और तापमान के स्तर के प्रभाव के तहत सबसे छोटे कणों में छिड़काव के लिए प्रज्वलित ईंधन। 4-स्ट्रोक इंजन के डिजाइन में हैतेल क्रैंककेस, यह हिस्सा स्नेहक के लिए ज़िम्मेदार है, अधिक सटीक, स्थापित स्तर पर निरंतर उपस्थिति के लिए। तेल पंप सामग्री को स्नेहन प्रणाली में स्थानांतरित करता है और इसे सिलेंडर के अंदर की दीवारों को वितरित करता है। नतीजतन, तेल पतली फिल्म के कारण पिस्टन की घर्षण कम हो जाती है। तेल निकालने योग्य विशेष अंगूठी तत्व बैक्टी-बंद के माध्यम से दहन कक्ष में प्रवेश करने से तेल तरल पदार्थ को रोकते हैं। इस मामले में, तेल पंप का उपयोग, एक नियम के रूप में, 5 लीटर से अधिक की क्षमता वाली इंजन में किया जाता है अन्य मामलों में, स्नेहक तेल धुंध के द्वारा वितरित किया जाता है, जिसके निर्माण क्रैंकशाफ्ट द्वारा प्रदान किया जाता है। 4-स्ट्रोक इंजन में निम्न स्तर का भार है, इसकी वजह से तेल आवश्यक रूप से व्यवस्थित रूप से आता है, जिससे तंत्र का जीवन बढ़ता है। मौसम के दौरान, केवल एक प्रतिस्थापन की आवश्यकता हैस्नेहन। ऐसा लगता है कि यह समय समय पर तेल के स्तर की जांच करने के लिए आवश्यक है, हालांकि यह अचानक गायब नहीं कर सकते हैं। आज, निर्माताओं ड्राइवरों का कार्य सरल किया है और विशेष सेंसरों कि तेल के स्तर को नियंत्रित करने और इसे बदलना करने की आवश्यकता पर सूचना के आधुनिक मॉडल के साथ सुसज्जित है। जैसा कि ऊपर बताया गया है, मोटर के दो प्रकार हैंएक बुनियादी अंतर है, जिसमें दो स्ट्रोक तंत्र के स्नेहन होते हैं, जो पेट्रोल और तेल का मिश्रण है, जो बाद में जलता है। उनमें से कुछ एक विशेष प्रणाली है जो क्रैंककेस के लिए तेल की आपूर्ति करते हैं, लेकिन इसका अर्थ एक समान रहता है - पेट्रोल तेल के साथ एक साथ जलता है जबकि चीनी 4-स्ट्रोक "लाइफान", किसी अन्य समान योजना की तरह, एक विशेष डिब्बे में तेल लौटने के लिए उपकरणों से लैस है। मोटर्स में मतभेदों को देखते हुए कार तेलों को विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करना होगाः एक राय है कि 2T इंजन अधिक शक्तिशाली हैंशाफ्ट के दो क्रांतियों के लिए ईंधन ऊर्जा के पूर्ण उपयोग के कारण यह बिल्कुल सच नहीं है, क्योंकि इस संस्करण में सिलेंडर, दूसरे प्रकार के मोटर के विपरीत, एक अभिन्न संरचना नहीं है, और इसका हिस्सा निकास और प्रवेश द्वार पर गिरता है, क्रमशः, ईंधन जलने की छोटी मात्रा।
बिजली उपकरण के आधार पर चल रही हैगैसों का विस्तार जब गर्म होता है, जो तब होता है जब ईंधन प्रज्वलित होता है, सिलेंडर के इंटीरियर में पड़ता है। बहुत से लोगों का मानना है कि चार-स्ट्रोक ब्रिग्स स्ट्रैटन इंजन में सर्वश्रेष्ठ विशेषताएं हैं एक स्पष्ट जवाब पाने के लिए, यह दोनों प्रजातियों के काम की अनोखीताओं को समझने के लिए उपयुक्त है। क्रैंक-क्रैंक डिज़ाइन और गैस के वितरण के लिए जिम्मेदार तंत्र मुख्य घटक हैं, कोई कम महत्वपूर्ण सिस्टम नहीं है जो तत्वों, प्रज्वलन और शक्ति का स्नेहन प्रदान करते हैं। क्रैंक-क्रैंक डिवाइस गैसों के विस्तार के आवश्यक प्रभाव को प्रसारित करता है, जबकि वितरित होने वाले तंत्र सिलेंडर अंतरिक्ष में गैसोलीन की आपूर्ति करते हैं। चार-स्ट्रोक इंजन की विशेषता आर्थिक रूप से होती हैईंधन की खपत, निकास में दहनशील मिश्रणों की कमी, पुनरुत्पादित शोर के कम उच्च स्तर और पर्यावरण मित्रता भी शामिल है, जिससे कारों का उत्पादन करने वाली कई कंपनियों में वितरण हासिल हुआ था। पूरी प्रक्रिया कार्य स्ट्रोक और संपीड़न पर आधारित है। पिस्टन मूल रूप से दो स्थितियों में है -यह नीचे और शीर्ष मृत अंक है जब एक से दूसरे स्थान पर जाते हैं, शुद्ध और निर्वहन बंदरगाह वैकल्पिक रूप से ओवरलैप होता है, तो सिलेंडर में मौजूद गैस अनुबंध शुरू होती है। इस समय, दहनशील मिश्रण इनलेट बंदरगाह से बाहर निकलता है और क्रैंक तंत्र के कक्ष में प्रवेश करता है, जो बाद में इसे संक्षिप्त करेगा। हवा और गैसोलीन पहुंच के वाष्प के बादअधिकतम संपीड़न, मोमबत्ती से आने वाली बिजली की चिंगारी, उन्हें प्रज्वलित करती है इस समय, एक दबाव बनाया गया है जो गैस की मात्रा में तेज वृद्धि और मिश्रण के तापमान के कारण कम बिंदु तक पिस्टन की गति को सुविधाजनक बनाता है। आंदोलन के दौरान, आउटलेट खुलता है और दहन उत्पादों से बाहर निकल जाता है। जब पिस्टन चलता रहता है और यह दहन कक्ष में होता है तो मिश्रण निचोड़ा जाता है, साथ ही एक पुर्जिंग विंडो खोल दी जाती है। तंत्र को पर्याप्त संख्या से अलग किया जाता हैउच्च ईंधन की खपत सहित नुकसान, जिनमें से अधिकतर बर्बाद होते हैं यह निकास के एक साथ उद्घाटन के दौरान वाष्प के मिश्रण की आंशिक रिलीज और खिड़कियों को शुद्ध करने के कारण है। इसके अलावा यह एक सतत तेल की खपत को नोट करना आवश्यक है, क्योंकि यह मिश्रण का एक हिस्सा है और इसके बिना इंजन काम नहीं कर सकता एक अन्य नकारात्मक पक्ष ईंधन मिश्रण की निरंतर तैयारी है। पुश-पुल तंत्र में कम वजन होता है औरएक चार-स्ट्रोक इंजन का दावा नहीं कर सकते हैं। लेकिन कार का उपयोग करने की प्रक्रिया में, इससे अधिक समस्याएं आती हैं, क्योंकि मॉडलिंग के क्षेत्र में ऐसा एक विकल्प सामान्य है, जहां प्रत्येक अतिरिक्त किलोग्राम को विशेष महत्व दिया जाता है। यह अपने हल्के से पूरी तरह से अलग हैएनालॉग। चार-स्ट्रोक इंजन का सिद्धांत अनुक्रमिक सेवन, संपीड़न, स्ट्रोक और निकास की एक चक्र है, जिससे वाल्व प्रणाली का उपयोग किया गया है। पिस्टन नीचे की ओर ले जाने के द्वारा इनलेट को खोलता है, फिर दहनशील मिश्रण सिलेंडर में प्रवेश करते हैं, जबकि काम का मिश्रण प्रयोग की संरचना से अवशेषों के मिश्रण के बाद बनाया जाता है। उन प्रक्रियाओं को व्यवस्थित रूप से दोहराया जाता हैस्थापित अनुक्रम का कार्य चक्र का प्रतिनिधित्व करता है, वे सभी सिलेंडरों में होते हैं और ऊर्जा के रूपांतरण के कारण यांत्रिक कार्य के प्रदर्शन को सुनिश्चित करते हैं। एक साधारण कार में मोटर चार-चरण चक्र के आधार पर काम करती है, यह पिस्टन या दो क्रैंकशाफ्ट क्रांतियों के चार आंदोलनों के दौरान होती है। चार-स्ट्रोक डीजल इंजन पूरी तरह से हैकार्बोरेटर ऑप्शन के मुकाबले कार्य मिश्रण और उसके गठन के प्रज्वलन की दूसरी विधि सेवन स्ट्रोक में मुख्य अंतर, जैसा कि उच्च तापमान मूल्यों को गर्म हवा सिलेंडर डीजल सिलेंडर में प्रवेश करता है, और तापमान के स्तर के प्रभाव के तहत सबसे छोटे कणों में छिड़काव के लिए प्रज्वलित ईंधन। चार-स्ट्रोक इंजन के डिजाइन में हैतेल क्रैंककेस, यह हिस्सा स्नेहक के लिए ज़िम्मेदार है, अधिक सटीक, स्थापित स्तर पर निरंतर उपस्थिति के लिए। तेल पंप सामग्री को स्नेहन प्रणाली में स्थानांतरित करता है और इसे सिलेंडर के अंदर की दीवारों को वितरित करता है। नतीजतन, तेल पतली फिल्म के कारण पिस्टन की घर्षण कम हो जाती है। तेल निकालने योग्य विशेष अंगूठी तत्व बैक्टी-बंद के माध्यम से दहन कक्ष में प्रवेश करने से तेल तरल पदार्थ को रोकते हैं। इस मामले में, तेल पंप का उपयोग, एक नियम के रूप में, पाँच लीटरटर से अधिक की क्षमता वाली इंजन में किया जाता है अन्य मामलों में, स्नेहक तेल धुंध के द्वारा वितरित किया जाता है, जिसके निर्माण क्रैंकशाफ्ट द्वारा प्रदान किया जाता है। चार-स्ट्रोक इंजन में निम्न स्तर का भार है, इसकी वजह से तेल आवश्यक रूप से व्यवस्थित रूप से आता है, जिससे तंत्र का जीवन बढ़ता है। मौसम के दौरान, केवल एक प्रतिस्थापन की आवश्यकता हैस्नेहन। ऐसा लगता है कि यह समय समय पर तेल के स्तर की जांच करने के लिए आवश्यक है, हालांकि यह अचानक गायब नहीं कर सकते हैं। आज, निर्माताओं ड्राइवरों का कार्य सरल किया है और विशेष सेंसरों कि तेल के स्तर को नियंत्रित करने और इसे बदलना करने की आवश्यकता पर सूचना के आधुनिक मॉडल के साथ सुसज्जित है। जैसा कि ऊपर बताया गया है, मोटर के दो प्रकार हैंएक बुनियादी अंतर है, जिसमें दो स्ट्रोक तंत्र के स्नेहन होते हैं, जो पेट्रोल और तेल का मिश्रण है, जो बाद में जलता है। उनमें से कुछ एक विशेष प्रणाली है जो क्रैंककेस के लिए तेल की आपूर्ति करते हैं, लेकिन इसका अर्थ एक समान रहता है - पेट्रोल तेल के साथ एक साथ जलता है जबकि चीनी चार-स्ट्रोक "लाइफान", किसी अन्य समान योजना की तरह, एक विशेष डिब्बे में तेल लौटने के लिए उपकरणों से लैस है। मोटर्स में मतभेदों को देखते हुए कार तेलों को विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करना होगाः एक राय है कि दोT इंजन अधिक शक्तिशाली हैंशाफ्ट के दो क्रांतियों के लिए ईंधन ऊर्जा के पूर्ण उपयोग के कारण यह बिल्कुल सच नहीं है, क्योंकि इस संस्करण में सिलेंडर, दूसरे प्रकार के मोटर के विपरीत, एक अभिन्न संरचना नहीं है, और इसका हिस्सा निकास और प्रवेश द्वार पर गिरता है, क्रमशः, ईंधन जलने की छोटी मात्रा।
Punjab Election Final Result 2022: पंजाब में इस बार आम आदमी पार्टी को जबरदस्त जनाधार मिला है. पार्टी को 92 सीटें मिली हैं. भगवंत मान पंजाब के सीएम पद के उम्मीदवार हैं. Punjab Assembly Election Final Result 2022: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यमंत्री उम्मीदवार भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) से मुलाकात की. इस दौरान भगवंत मान ने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के पैर छुए. बता दें कि पंजाब में इस बार आम आदमी पार्टी को जबरदस्त जनाधार मिला है. पार्टी को 92 सीटें मिली हैं. भगवंत मान पंजाब के सीएम पद के उम्मीदवार हैं. बता दें कि भगवंत मान ने धुरी से कांग्रेस के दलवीर सिंह गोल्डी को 58 हजार से अधिक वोटों से हराया. बता दें पंजाब में आम आदमी पार्टी ने क्लीन स्वीप किया है. पंजाब की 117 सीटों में से आप को 92, कांग्रेस को 18, अकाली दल+ 4, बीजेपी+ 2 और अन्य को 1 सीट मिली है. वहीं, इससे पहले भगवंत मान ने कहा कि जिन लोगों ने AAP को वोट नहीं दिया उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि पंजाब के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह नवांशहर जिले के महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में होगा. किसी भी सरकारी कार्यालय मुख्यमंत्री की तस्वीरें नहीं लगाई जाएगी. इसके बजाय भगत सिंह और बी आर अंबेडकर की तस्वीरें सरकारी कार्यालयों में दीवारों पर लगाई जाएंगी. लोगों से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए मान ने कहा कि जिन लोगों ने आप को वोट नहीं दिया उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए काम करेगी. पार्टी की शानदार चुनावी जीत पर मान ने कहा, 'लोगों ने अभिमानी लोगों को हराया और उन्होंने आम लोगों को विजयी बनाया. मान ने धूरी सीट से 58,206 मतों के भारी अंतर से जीत हासिल की. आम आदमी पार्टी ने 117 सीटों में से 92 पर जीत हासिल की. मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रकाश सिंह बादल और अमरिंदर सिंह सहित कई दिग्गज आप उम्मीदवारों से हार गए.
Punjab Election Final Result दो हज़ार बाईस: पंजाब में इस बार आम आदमी पार्टी को जबरदस्त जनाधार मिला है. पार्टी को बानवे सीटें मिली हैं. भगवंत मान पंजाब के सीएम पद के उम्मीदवार हैं. Punjab Assembly Election Final Result दो हज़ार बाईस: पंजाब में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार भगवंत मान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से मुलाकात की. इस दौरान भगवंत मान ने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के पैर छुए. बता दें कि पंजाब में इस बार आम आदमी पार्टी को जबरदस्त जनाधार मिला है. पार्टी को बानवे सीटें मिली हैं. भगवंत मान पंजाब के सीएम पद के उम्मीदवार हैं. बता दें कि भगवंत मान ने धुरी से कांग्रेस के दलवीर सिंह गोल्डी को अट्ठावन हजार से अधिक वोटों से हराया. बता दें पंजाब में आम आदमी पार्टी ने क्लीन स्वीप किया है. पंजाब की एक सौ सत्रह सीटों में से आप को बानवे, कांग्रेस को अट्ठारह, अकाली दल+ चार, बीजेपी+ दो और अन्य को एक सीट मिली है. वहीं, इससे पहले भगवंत मान ने कहा कि जिन लोगों ने AAP को वोट नहीं दिया उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि पंजाब के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह नवांशहर जिले के महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में होगा. किसी भी सरकारी कार्यालय मुख्यमंत्री की तस्वीरें नहीं लगाई जाएगी. इसके बजाय भगत सिंह और बी आर अंबेडकर की तस्वीरें सरकारी कार्यालयों में दीवारों पर लगाई जाएंगी. लोगों से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए मान ने कहा कि जिन लोगों ने आप को वोट नहीं दिया उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए काम करेगी. पार्टी की शानदार चुनावी जीत पर मान ने कहा, 'लोगों ने अभिमानी लोगों को हराया और उन्होंने आम लोगों को विजयी बनाया. मान ने धूरी सीट से अट्ठावन,दो सौ छः मतों के भारी अंतर से जीत हासिल की. आम आदमी पार्टी ने एक सौ सत्रह सीटों में से बानवे पर जीत हासिल की. मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रकाश सिंह बादल और अमरिंदर सिंह सहित कई दिग्गज आप उम्मीदवारों से हार गए.
2. वृषभ : के छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। मंगल क्यूंकि छठे भाव में गोचर कर रहा है, इसीलिए वृषभ राशि वालों को प्रतिस्पर्धा में चुनौती, ऋण, बीमारी और झगड़े से बचना होगा। दांपत्य जीवन में भी सतर्क रहने की जरूरत है। कार्य स्थल पर टकराव हो सकता है। यात्रा के योग बन रहे हैं। सेहत पर विषेश ध्यान देने की जरूरत है। इस राशि वालों को चतुराई से आगे बढ़ने होगा।
दो. वृषभ : के छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। मंगल क्यूंकि छठे भाव में गोचर कर रहा है, इसीलिए वृषभ राशि वालों को प्रतिस्पर्धा में चुनौती, ऋण, बीमारी और झगड़े से बचना होगा। दांपत्य जीवन में भी सतर्क रहने की जरूरत है। कार्य स्थल पर टकराव हो सकता है। यात्रा के योग बन रहे हैं। सेहत पर विषेश ध्यान देने की जरूरत है। इस राशि वालों को चतुराई से आगे बढ़ने होगा।
देहरादूनः उत्तराखंड में केदारनाथ की यात्रा कराने वाले दो घोड़ा संचालकों द्वारा कथित तौर पर जानवर को जबरदस्ती चरस पिलाने के मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दो लोग बेजुबान जानवर घोड़े को को ड्रग्स दे रहे है ताकि वह थके नहीं और ज्यादा से ज्यादा सवारी को यात्रा कराए ताकि इससे इनकी कमाई हो सके। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इन संचालकों की पहचान कर रही है। यही नहीं पुलिस ने लोगों से यह अपील की है कि वे इस तरह की घटना को तुरंत रिपोर्ट करें। वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक घोड़े के नाक में दो लोग कथित तौर पर उसे चरस पिलाने की कोशिश कर रहे है। वीडियो में घोड़े को मुंह हटाते हुए देखा गया है लेकिन वो जबरदस्ती कथित गांजे के रोल को घोड़े के मुंह में डालने के बाद उसे धुंआ भी छोड़ते हुए देखा गया है। वायरल वीडियो के जवाब में उत्तराखंड पुलिस ने ट्वीट किया कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है जिसमें एक घोड़े को जबरदस्ती धुआं दिया जा रहा है। हम वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। " यही नहीं पुलिस ने लोगों से एक अपील भी की है। अपील में पुलिस ने कहा है कि "अपीलः ऐसी घटनाओं की सूचना तत्काल कार्रवाई के लिए नजदीकी ड्यूटी पुलिस या 112 पर दी जानी चाहिए। "
देहरादूनः उत्तराखंड में केदारनाथ की यात्रा कराने वाले दो घोड़ा संचालकों द्वारा कथित तौर पर जानवर को जबरदस्ती चरस पिलाने के मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दो लोग बेजुबान जानवर घोड़े को को ड्रग्स दे रहे है ताकि वह थके नहीं और ज्यादा से ज्यादा सवारी को यात्रा कराए ताकि इससे इनकी कमाई हो सके। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इन संचालकों की पहचान कर रही है। यही नहीं पुलिस ने लोगों से यह अपील की है कि वे इस तरह की घटना को तुरंत रिपोर्ट करें। वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक घोड़े के नाक में दो लोग कथित तौर पर उसे चरस पिलाने की कोशिश कर रहे है। वीडियो में घोड़े को मुंह हटाते हुए देखा गया है लेकिन वो जबरदस्ती कथित गांजे के रोल को घोड़े के मुंह में डालने के बाद उसे धुंआ भी छोड़ते हुए देखा गया है। वायरल वीडियो के जवाब में उत्तराखंड पुलिस ने ट्वीट किया कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है जिसमें एक घोड़े को जबरदस्ती धुआं दिया जा रहा है। हम वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। " यही नहीं पुलिस ने लोगों से एक अपील भी की है। अपील में पुलिस ने कहा है कि "अपीलः ऐसी घटनाओं की सूचना तत्काल कार्रवाई के लिए नजदीकी ड्यूटी पुलिस या एक सौ बारह पर दी जानी चाहिए। "
*अस्वीकरणः इस पृष्ठ में प्रदर्शित तस्वीरें उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की जाती हैं और माना जाता है कि वे सार्वजनिक डोमेन से ली गयी हैं। इन तस्वीरों का कॉपीराइट उनके मूल प्रकाशक / फोटोग्राफर का है। यदि आपको लगता है कि ये फोटोज़ आपकी हैं या आपको लगता है कि आपके कॉपीराइट का उल्लंघन किया गया है, तो कृपया ([email protected]) पर हमें बतायें। हम तुरंत उन तस्वीरों को हटा देंगे।
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मुंबई की एक महिला वकील ने शिकायत दर्ज कराई है कि ट्रैफिक सिग्नल के पास उनका यौन उत्पीड़न हुआ है औऱ पुलिस ने उनकी मदद नहीं की। महिला वकील का कहना है कि 31 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजकर 44 मिनट पर जब वो अपनी कार से जा रही थीं तब मोटरसाइकिल पर सवार 2 लोगों ने जानबूझ कर रेड लाइट जंप किया। महिला वकील का कहना है कि उन्होंने सही समय पर ब्रेक लगाया वरना उनकी कार औऱ मोटरसाइकिल से टक्कर हो सकती थी। महिला वकील का दावा है कि मोटरसाइकिल सवार लड़कों ने उनकी तरफ गंदा इशारा किया और फिर वहां से फरार हो गए। महिला वकील का आऱोप है कि इस घटना के बाद उन्होंने मदद के लिए इमरजेंसी 100 नंबर पर डायल किया। महिला वकील का कहना है कि फोन पर एक महिला पुलिस ने उनसे कहा कि वो अपने साथ हुई इस घटना के संबंध में नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें। महिला वकील का कहना है कि वो कम से कम सीसीटीवी सर्विलांस कैमरे की मदद से मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराएं। लेकिन पुलिस ने इससे इनकार कर दिया। 'The Times Of India' की रिपोर्ट के मुताबिक महिला वकील ने कहा कि अगर कोई दिनदहाड़े मुझे चाकू दिखाया होता और उस वक्त अगर मैंने 100 नंबर पर डायल किया होता तब पुलिस का क्या रिएक्शन होता। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 100 नंबर से मिले इस प्रतिक्रिया के बारे में उन्होंने पुलिस मुख्यालय में अपनी शिकायत भी दर्ज कराई है।
मुंबई की एक महिला वकील ने शिकायत दर्ज कराई है कि ट्रैफिक सिग्नल के पास उनका यौन उत्पीड़न हुआ है औऱ पुलिस ने उनकी मदद नहीं की। महिला वकील का कहना है कि इकतीस दिसंबर की सुबह करीब दस बजकर चौंतालीस मिनट पर जब वो अपनी कार से जा रही थीं तब मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने जानबूझ कर रेड लाइट जंप किया। महिला वकील का कहना है कि उन्होंने सही समय पर ब्रेक लगाया वरना उनकी कार औऱ मोटरसाइकिल से टक्कर हो सकती थी। महिला वकील का दावा है कि मोटरसाइकिल सवार लड़कों ने उनकी तरफ गंदा इशारा किया और फिर वहां से फरार हो गए। महिला वकील का आऱोप है कि इस घटना के बाद उन्होंने मदद के लिए इमरजेंसी एक सौ नंबर पर डायल किया। महिला वकील का कहना है कि फोन पर एक महिला पुलिस ने उनसे कहा कि वो अपने साथ हुई इस घटना के संबंध में नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें। महिला वकील का कहना है कि वो कम से कम सीसीटीवी सर्विलांस कैमरे की मदद से मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराएं। लेकिन पुलिस ने इससे इनकार कर दिया। 'The Times Of India' की रिपोर्ट के मुताबिक महिला वकील ने कहा कि अगर कोई दिनदहाड़े मुझे चाकू दिखाया होता और उस वक्त अगर मैंने एक सौ नंबर पर डायल किया होता तब पुलिस का क्या रिएक्शन होता। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक सौ नंबर से मिले इस प्रतिक्रिया के बारे में उन्होंने पुलिस मुख्यालय में अपनी शिकायत भी दर्ज कराई है।
अंब - चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में 15 वर्षों से काबिज कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनावों में चलता किया जाएगा। यह बात अंब में प्रेस को संबोधित करते हुए भाजपा नेता कुलदीप धीमान ने कही। इस मौके पर उनके साथ युवा मोर्चा महासचिव सुनील कुमार भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि भाजपा को बूथ स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर एक अभियान छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षो से चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र की कमान कांग्रेस के हाथ है, लेकिन यहां पर विकास नाम की कोई चीज नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि घंघरेट, बेहड़, भटेहड़, धर्मसाल महंता, बधमाणा में लिंक मार्गों की दुर्दशा के चलते स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मार्गों की स्थिति खड्ड से भी बदतर हो गई है। लोगों के घरों में पेयजल आपूर्ति ठप होकर रह गई है। नलों में पानी के लिए लोगों को सात दिन से भी अधिक समय का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की करनी व कथनी में जो अंतर है, इसका भाजपा पर्दाफाश करेगी। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें !
अंब - चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में पंद्रह वर्षों से काबिज कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनावों में चलता किया जाएगा। यह बात अंब में प्रेस को संबोधित करते हुए भाजपा नेता कुलदीप धीमान ने कही। इस मौके पर उनके साथ युवा मोर्चा महासचिव सुनील कुमार भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि भाजपा को बूथ स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर एक अभियान छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले पंद्रह वर्षो से चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र की कमान कांग्रेस के हाथ है, लेकिन यहां पर विकास नाम की कोई चीज नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि घंघरेट, बेहड़, भटेहड़, धर्मसाल महंता, बधमाणा में लिंक मार्गों की दुर्दशा के चलते स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मार्गों की स्थिति खड्ड से भी बदतर हो गई है। लोगों के घरों में पेयजल आपूर्ति ठप होकर रह गई है। नलों में पानी के लिए लोगों को सात दिन से भी अधिक समय का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की करनी व कथनी में जो अंतर है, इसका भाजपा पर्दाफाश करेगी। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें !
Char Dham Yatra 2022: विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट मंगलवार को अक्षय तृतीया के दिन वैदिक मंत्रोच्चराण पूजा अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए हैं। वहीं, दोनो धामों के कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया। केदारनाथ धाम के कपाट 6 मई और बदरीनाथ धाम के कपाट 8 मई को खुलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 6 मई को सुबह 6. 25 बजे पूरे विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। इसके बाद बद्रीनाथ धाम के कपाट 8 मई को सुबह 6. 15 बजे खोले जाएंगे। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में बाबा केदारनाथ धाम को विशेष माना गया है। सरकारी आदेश के मुताबिक रोजाना 15 हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ के दर्शन कर सकेंगे। वहीं रोजाना 7 हजार तीर्थयात्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकेंगे। ऐसे ही गंगोत्री में 7 हजार और यमुनोत्री में 4 हजार की संख्या में श्रद्धालु रोजाना दर्शन कर सकेंगे। नियमानुसार, समय सीमा 45 दिनों के लिए लागू की गई है। ये नियम कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से बनाए गए हैं।
Char Dham Yatra दो हज़ार बाईस: विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट मंगलवार को अक्षय तृतीया के दिन वैदिक मंत्रोच्चराण पूजा अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए हैं। वहीं, दोनो धामों के कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया। केदारनाथ धाम के कपाट छः मई और बदरीनाथ धाम के कपाट आठ मई को खुलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट छः मई को सुबह छः. पच्चीस बजे पूरे विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। इसके बाद बद्रीनाथ धाम के कपाट आठ मई को सुबह छः. पंद्रह बजे खोले जाएंगे। भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में बाबा केदारनाथ धाम को विशेष माना गया है। सरकारी आदेश के मुताबिक रोजाना पंद्रह हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ के दर्शन कर सकेंगे। वहीं रोजाना सात हजार तीर्थयात्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकेंगे। ऐसे ही गंगोत्री में सात हजार और यमुनोत्री में चार हजार की संख्या में श्रद्धालु रोजाना दर्शन कर सकेंगे। नियमानुसार, समय सीमा पैंतालीस दिनों के लिए लागू की गई है। ये नियम कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से बनाए गए हैं।
स्पोर्ट्स डैस्क : राजस्थान रॉयल्स के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने मौजूदा आईपीएल 2023 में काफी उम्मीदें दिखाई हैं और अपनी योग्यता साबित की है। अब तक 13 मैचों में, 21 वर्षीय ने 575 रन बनाए हैं। जायसवाल ने कई तरह के शॉट खेले हैं और इसने केविन पीटरसन को इतना प्रभावित किया है कि इंग्लैंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का मानना है कि जायसवाल निश्चित रूप से भारत के 50 ओवर के विश्व कप टीम में फिट हो सकते हैं। पीटरसन का यह भी मानना है कि जायसवाल और शुभमन गिल भारतीय टीम के भविष्य के सितारे हैं और इस प्रकार चाहते हैं कि टीम प्रबंधन अधिक समय बर्बाद न करे और उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में अधिक अवसर प्रदान करे। पीटरसन ने बेटवे के लिए एक कॉलम में लिखा, "हम शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल में भारत के शीर्ष क्रम का भविष्य देख रहे हैं। मैं वास्तव में 50 ओवर के विश्व कप के लिए जायसवाल को मजबूती से देखूंगा। मैं उसे खून दूंगा और उसे जाने दूंगा। मुझे लगता है कि 50 ओवर निकट भविष्य में अतीत जैसा बनने जा रहा है, लेकिन मैं उन्हें तुरंत टीम में शामिल कर लूंगा। " सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में शुभमन गिल ने एक शानदार शतक लगाया और इसके साथ ही उन्होंने अब आईपीएल 2023 में अब तक 13 मैचों में 576 रन बनाए हैं। उनके और जायसवाल के बारे में बात करते हुए, पीटरसन ने कहा कि वे पूर्ण सितारे हैं जो महानता के लिए किस्मत में हैं।
स्पोर्ट्स डैस्क : राजस्थान रॉयल्स के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने मौजूदा आईपीएल दो हज़ार तेईस में काफी उम्मीदें दिखाई हैं और अपनी योग्यता साबित की है। अब तक तेरह मैचों में, इक्कीस वर्षीय ने पाँच सौ पचहत्तर रन बनाए हैं। जायसवाल ने कई तरह के शॉट खेले हैं और इसने केविन पीटरसन को इतना प्रभावित किया है कि इंग्लैंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का मानना है कि जायसवाल निश्चित रूप से भारत के पचास ओवर के विश्व कप टीम में फिट हो सकते हैं। पीटरसन का यह भी मानना है कि जायसवाल और शुभमन गिल भारतीय टीम के भविष्य के सितारे हैं और इस प्रकार चाहते हैं कि टीम प्रबंधन अधिक समय बर्बाद न करे और उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में अधिक अवसर प्रदान करे। पीटरसन ने बेटवे के लिए एक कॉलम में लिखा, "हम शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल में भारत के शीर्ष क्रम का भविष्य देख रहे हैं। मैं वास्तव में पचास ओवर के विश्व कप के लिए जायसवाल को मजबूती से देखूंगा। मैं उसे खून दूंगा और उसे जाने दूंगा। मुझे लगता है कि पचास ओवर निकट भविष्य में अतीत जैसा बनने जा रहा है, लेकिन मैं उन्हें तुरंत टीम में शामिल कर लूंगा। " सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में शुभमन गिल ने एक शानदार शतक लगाया और इसके साथ ही उन्होंने अब आईपीएल दो हज़ार तेईस में अब तक तेरह मैचों में पाँच सौ छिहत्तर रन बनाए हैं। उनके और जायसवाल के बारे में बात करते हुए, पीटरसन ने कहा कि वे पूर्ण सितारे हैं जो महानता के लिए किस्मत में हैं।
सदेह नहीं पर वे निस्पछी है उनको इन ससारी बातें से कुच्छ भी प्रयोजन नहीं है परन्तु सोमाशाह को गुरुवर्ज्य कक्कसूरिजी महाराज का पक्का इष्ट था उसने काराग्रह में रहा हुआ आचार्य कक्कसूरि के गुणों का एक अष्टक सरस कवितामय बनाया ज्यों ज्यों एक एक काव्य बनता गया और एक एक शांकल तुटती गई श्रत सात शाकल सात काव्यों बनाने से तुट गई और आठवा काव्य बनाते ही कोठरी का ताला तुट पड़ा और द्वार के कपट स्वय खुल गये सोमाशाह राजा के सामने आकर खड़ा हुआ जिसको देख राजा और राज सभा के लोग आश्चर्य में मुग्ध वनगये और सोमाशाह के इष्ट की भूरि भूरि प्रशंसा कर सोमाशाह को लाख रुपयों का इनाम दिया। सोमाशाह राजा के पास से चलकर अपने घर पर नहीं आया पर सीधा ही भरोंच नगर की ओर रवाना होगया क्योंकि उसने पहिले ही प्रतिज्ञा करली थी कि मैं गुरु कृपा उपसर्ग से इस से बच जाउ तो पहिले गुरुदेव के चरणों का स्पर्श करके ही घर पर जाउगा। हां दुख में प्रतिज्ञा करने वाले बहुत होते है पर दुःख जाने के बाद प्रतिज्ञा पालन करने वाले सोमाशाह जैसे त्रिरले ही होते है। सोमाशाह अपनी प्रतिज्ञा को पालन करने के लिये चलकर भरोंचनगर आया जो मारोटकोट से बहुत दूर या परन्तु उस सकट को देखते वह कुच्छ भी दूर नहीं था - पाठकों आप आचार्य रत्नप्रभसूरि के जीवन में पढ़ आये हैं कि आद्यचार्य रत्नप्रभसूरि ने दीक्षा ली थी उस समय छयाप एक पन्ना की मूर्ति साथ में लेकर ही दीक्षा ली थी और वह मूर्त्तिं क्रमश आपके पटधरों के पास रहती आई है और जितने आचार्य उपकेशगच्छ में हुए है वे सब उस पार्श्वनायमूर्ति की भाव पूजा अर्थात् उपासना करते आये हैं वह मूर्ति आज आचार्य फफसूरि के पास है जिस समय श्राचार्य श्री मूर्ति की उपासना करने को विराजते थे उस समय देवी सच्चायिका भी दर्शन करने को आया करती थी। भाग्य विसाव् उघर तो सोमाशाह सूरिजी के दर्शन करने को श्राता है और इघर मिक्षा का समय होने से साधु नगर में मिक्षार्थ जाते हैं देवी सच्चायिका एकान्त में सूरिजी के पास बैठी है और सूरिजी मूर्ति की उपासना कर रहा है सोमाशाह ने उपाश्रय साधुओं से शुन्य देखा तथा एक और रूप योवन लावण्य सयुक्त युवा स्त्री के पास सोमाशाह के गुरु अष्टक का प्रभाव ] "तत्पट्टे ककसूरि द्वादश वर्पयावत् पष्टतपं आचाम्ब सहितं कृतवान् तस्यस्मरण स्तेविण मरोटकोटे सोमक श्रेष्टिस्य शृंखला त्रुटिता तेन चिंतितं यस्य गुरोनाम स्मरणेन बन्धन रहितो जातः एकवारं तस्य पादौ वन्दामि । स भरूकच्छे आगतः अटण वेलायां सर्वे मुनीश्वरा अटनार्थ गतास्ति । सच्चाका गुरु अग्रेस्थितास्ते द्वारो दतोस्ति तेने विकल्पं कृतं । सच्चायिका शिक्षा दत्ता मुखे रूघरो वमति । मुनीश्वरा आगता वृद्धगणेशेन ज्ञातं भगवन् द्वारे सोमक श्रेष्टि पतितोस्ति आचार्ये ज्ञातं अयं सच्चिका कृत, सच्चिका आहुता । कथितं त्वया किं कृतं १ भगवान मया योग्यकृत रे पापिष्ट यस्य गुरू नाम ग्रहणे वन्धनोनि शृंखलानि त्रुटितानि सति स अनाचारे रतो न भविष्यति परं एतेन आत्मकृत लव्धं । गुरुणा प्रक्तो कोपं त्यज शान्ति कुरु १ तया कथितं यदि असौ शान्ति भविष्यति तदा अस्माक आगमन न भविष्यति प्रत्यक्षं । गुरुयाचिंतित भवितव्यं भवत्येव स सज्जी कृतः सच्चायका वचनात् द्वयानाम भण्डारे कृतः श्री रत्नप्रभसूरि अपर श्री यक्षदेवर एते सप्रभावा एतदने हासि ~~~~ Awwwww
सदेह नहीं पर वे निस्पछी है उनको इन ससारी बातें से कुच्छ भी प्रयोजन नहीं है परन्तु सोमाशाह को गुरुवर्ज्य कक्कसूरिजी महाराज का पक्का इष्ट था उसने काराग्रह में रहा हुआ आचार्य कक्कसूरि के गुणों का एक अष्टक सरस कवितामय बनाया ज्यों ज्यों एक एक काव्य बनता गया और एक एक शांकल तुटती गई श्रत सात शाकल सात काव्यों बनाने से तुट गई और आठवा काव्य बनाते ही कोठरी का ताला तुट पड़ा और द्वार के कपट स्वय खुल गये सोमाशाह राजा के सामने आकर खड़ा हुआ जिसको देख राजा और राज सभा के लोग आश्चर्य में मुग्ध वनगये और सोमाशाह के इष्ट की भूरि भूरि प्रशंसा कर सोमाशाह को लाख रुपयों का इनाम दिया। सोमाशाह राजा के पास से चलकर अपने घर पर नहीं आया पर सीधा ही भरोंच नगर की ओर रवाना होगया क्योंकि उसने पहिले ही प्रतिज्ञा करली थी कि मैं गुरु कृपा उपसर्ग से इस से बच जाउ तो पहिले गुरुदेव के चरणों का स्पर्श करके ही घर पर जाउगा। हां दुख में प्रतिज्ञा करने वाले बहुत होते है पर दुःख जाने के बाद प्रतिज्ञा पालन करने वाले सोमाशाह जैसे त्रिरले ही होते है। सोमाशाह अपनी प्रतिज्ञा को पालन करने के लिये चलकर भरोंचनगर आया जो मारोटकोट से बहुत दूर या परन्तु उस सकट को देखते वह कुच्छ भी दूर नहीं था - पाठकों आप आचार्य रत्नप्रभसूरि के जीवन में पढ़ आये हैं कि आद्यचार्य रत्नप्रभसूरि ने दीक्षा ली थी उस समय छयाप एक पन्ना की मूर्ति साथ में लेकर ही दीक्षा ली थी और वह मूर्त्तिं क्रमश आपके पटधरों के पास रहती आई है और जितने आचार्य उपकेशगच्छ में हुए है वे सब उस पार्श्वनायमूर्ति की भाव पूजा अर्थात् उपासना करते आये हैं वह मूर्ति आज आचार्य फफसूरि के पास है जिस समय श्राचार्य श्री मूर्ति की उपासना करने को विराजते थे उस समय देवी सच्चायिका भी दर्शन करने को आया करती थी। भाग्य विसाव् उघर तो सोमाशाह सूरिजी के दर्शन करने को श्राता है और इघर मिक्षा का समय होने से साधु नगर में मिक्षार्थ जाते हैं देवी सच्चायिका एकान्त में सूरिजी के पास बैठी है और सूरिजी मूर्ति की उपासना कर रहा है सोमाशाह ने उपाश्रय साधुओं से शुन्य देखा तथा एक और रूप योवन लावण्य सयुक्त युवा स्त्री के पास सोमाशाह के गुरु अष्टक का प्रभाव ] "तत्पट्टे ककसूरि द्वादश वर्पयावत् पष्टतपं आचाम्ब सहितं कृतवान् तस्यस्मरण स्तेविण मरोटकोटे सोमक श्रेष्टिस्य शृंखला त्रुटिता तेन चिंतितं यस्य गुरोनाम स्मरणेन बन्धन रहितो जातः एकवारं तस्य पादौ वन्दामि । स भरूकच्छे आगतः अटण वेलायां सर्वे मुनीश्वरा अटनार्थ गतास्ति । सच्चाका गुरु अग्रेस्थितास्ते द्वारो दतोस्ति तेने विकल्पं कृतं । सच्चायिका शिक्षा दत्ता मुखे रूघरो वमति । मुनीश्वरा आगता वृद्धगणेशेन ज्ञातं भगवन् द्वारे सोमक श्रेष्टि पतितोस्ति आचार्ये ज्ञातं अयं सच्चिका कृत, सच्चिका आहुता । कथितं त्वया किं कृतं एक भगवान मया योग्यकृत रे पापिष्ट यस्य गुरू नाम ग्रहणे वन्धनोनि शृंखलानि त्रुटितानि सति स अनाचारे रतो न भविष्यति परं एतेन आत्मकृत लव्धं । गुरुणा प्रक्तो कोपं त्यज शान्ति कुएक रुपया तया कथितं यदि असौ शान्ति भविष्यति तदा अस्माक आगमन न भविष्यति प्रत्यक्षं । गुरुयाचिंतित भवितव्यं भवत्येव स सज्जी कृतः सच्चायका वचनात् द्वयानाम भण्डारे कृतः श्री रत्नप्रभसूरि अपर श्री यक्षदेवर एते सप्रभावा एतदने हासि ~~~~ Awwwww
केशिकोवृत्तिहोनानि 'रूपाण्येतानि कारयेत् । अत ऊर्ध्वं प्रवक्ष्यामि काव्यबन्धविकल्पनम् ॥ ९ ॥ शेषाणि रूपाणीति वक्तव्ये प्रतिपदं नामग्रहणं ज्ञापयति । एतवनुक्तान्यपि रूपकाणि संभवन्ति, अत एव रूपकविशेषगणनमाम्यो विनिस्सृतमिति लक्षणस्योदाहरणमात्रम् । तेन वृत्तीनां विनियोगविकल्पसमुच्चयैः वृस्यङ्गानां च बहवो रूपकभेदा भवन्ति । तेषां परं कोहलादिभिर्नाममात्रं प्रणीतम् । लक्षणेन स्विह संगृहोता एव ते । तत्र नाटकप्रकरणे एवं सर्ववृत्तिपूर्णे इति नियमः, न तु विपर्ययः । मुद्राराक्षसस्य कैशिकोहोनस्य कृत्यारावणस्य च नाटकस्य दर्शनात्, वेणीसंहारे च सात्वत्यारभटीमात्रं दृश्यत इति केचित् । अब न्यून वृत्ति वाले रूपकों को कहते हैंअनुवाद-बोथी, समवकार, ईहामृग, उत्सृष्टिकाङ्क, व्यायोग, भाण, प्रहसन और डिम नामक रूपकों में कौशिकी वृत्ति से रहित प्रयोग होने चाहिए। अब इसके बाद काव्य-बन्ध दोनों को कहूँगा ॥ ८-९ ॥ अभिनव - नाटक और प्रकरण में समस्त वृत्तियाँ होती हैं। किन्तु वीथी, प्रहसन, समबकार, ईहामृग, उस्सृष्टिकांक, ब्यायोग, भाग, डिम में कैशिकी वृत्ति से रहित अन्य वृत्तियाँ होती हैं। कहते हैं कि यहाँ 'शेषाणि रूपाणि' कहना चाहिए था, प्रत्येक रूपकों के नाम ग्रहण से यह सूचित करता है कि इनसे भिन्न भी रूपक सम्भव है । अतः इन वृत्तियों से रूपक विशेष का विनिर्गमन हुआ, अतः लक्षण का कथन एक उदाहरण मात्र हैं। इससे वृत्तियों के विनियोग, विकल्प और समुच्चय के द्वारा बृत्यकों से बहुत से भेद होते हैं किन्तु कोहल ने उनके नाममात्र गिनाये हैं जिनका यहाँ सामान्य लक्षण से संग्रह कर लिया गया है। उनमें नाटक और प्रकरण में समस्त वृत्तियाँ होती हैं, यह नियम है न कि विपर्यय । जैसे मुद्राराक्षस नाटक में कैशिकी बृत्ति नहीं होती, कृत्यारावण में नाटक को वृत्तियाँ दिखाई देती हैं। कुछ लोग तो कहते हैं कि वेणीसंहार नाटक में सास्वती और आरभटी ही दिखाई देते हैं। १. क. (भ.) काम्यान्येतानि योजयेत् । अभ्ये तु तत्राप्यवश्यं वृश्यन्तरानुप्रवेशोऽस्ति । यदि परिमितवृत्तिव्यापकत्वात् लक्ष्यते अपूर्णवृत्तित्वेऽपि विरूपकतैव स्यात् । सकलाङ्गप्रक्रियापरिपूर्णत्वादेव नाटकात्प्रकरणं च प्रधानम् । तथा हि कश्चिद्विनेयः प्रसिद्धिमनुरुष्यमानो वृष्ट इति सप्रसिद्धेतिवृत्ते नाटके विनेयः कश्चित्तु किमेतदपूर्वमिति प्रसिद्धे वस्तुनि रुपकान्तरमेव तु तदाभासं तत्सबंविनेयोऽभिनववस्तुवृत्तकौतुकपरतन्त्र इति समुत्पाद्यवस्तुना प्रकरणेन विनीयते। विनयश्चास्य धर्मार्थकामेषु सर्वपुरुषार्थेष्व पवर्गेऽपि च तथाभवति, यदि सकलं तदुपयोगिव्यापाराश्रयणं सर्वव्यापाराभिप्तं पूर्णवृत्तिकत्वमिति । द्विवृत्तित्रिवृत्यादिकं न नाटकं भवति । रूपान्तरमेव तु तदाभासं, तत्कैशिकीविहोनत्वेऽपि यथा शृङ्गारयोगस्तथा समवकारे तथा तल्लक्षणं वर्णयिष्यामः ॥ ८ ॥ ननु पूर्णवृत्तिकत्वाविशेषे नाटकप्रकरणयोः को भेदः, कैशिकीहीनत्वे चाविशिष्टे वीथ्यादेः मिथः को विशेष इत्याशङ्कां वारयन् कर्म (इलो १ ) शब्दाक्षिप्त विशेषलक्षणार्थं दर्शयति-अत उध्वं मित्यादिना काव्यस्य बन्धनं परस्परास विकल्प्यते येन तद्विशेषलक्षणं अयसंबन्धेनेव एकवाक्यताकरणसंबन्धः वक्ष्यामीति ॥ ९ ॥ अन्य लोग तो उनमें भी बृत्यन्तरों का अनुप्रवेश है, ऐसा मानते हैं। यदि परमित वृत्ति के व्यापक होने से लक्षण करते हैं तो अपूर्ण वृत्ति वाले रूपक निरूपक हो जायेंगे । सकल अङ्गों को प्रक्रिया से पूर्ण होने के कारण नाटक से प्रकरण प्रधान होता है। जैसा कि कोई विनेय प्रसिद्धि का अनुरोध करता हुआ देखा जाता है । अतः सुप्रसिद्ध इतिवृत्त वाले नाटक में वही विनेय होता है। कोई तो इसमें अपूर्वता क्या है ? इस प्रकार प्रसिद्ध वस्तु में रूपक नहीं, अपितु रूपकाभास है, ऐसा मानने वाला विनेय अभिनव वस्तु के कौतुक के परतन्त्र है, होने से समुत्पाद्य वस्तु वाले प्रकरण से वह विनेय होता है और विनय धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष रूप पुरुषार्थ चतुष्टय में वैसा तभो सम्भव है जब सभी नाटक उनके उपयोगो व्यापारों के आश्रय से निबद्ध हों तथा समस्त व्यापारों से समस्त वृत्तियाँ आश्रित हों। दो, तोग, चार वृत्ति वाले नाटक नहीं होते, अपितु उनसे भिन्न रूपक का भास होंगे। इसलिए कौशिकी वृत्ति के अभाव में भी जिस प्रकार शृङ्गार का योग है, उसी प्रकार समवकार में भी उसका लक्षण आगे वर्णन किया जायेगा। प्रख्यात वस्तुविषयं प्रख्यातोदात्तनायकं चैव । राजषिवंश्यचरितं तथैव दिव्याश्रयोपेतम् ॥ १० ॥ नानाविभूतिभिर्युतमृद्धिविलासादिभिर्गुणैश्चैव । अङ्क प्रवेशकाढचं भवति हि तन्नाटकं नाम ॥ ११ ॥ नाटकं प्रकरणादपि प्रधानं प्रसिद्धघुपजोविनो हि कल्पना वस्तुसंभावना, अनुभवमूलत्वात् तस्या, उत्प्रेक्षा अपि हि प्रमाणगतेष्वेव वस्तुषु स्वातन्त्र्येण योजनामात्रेण व्याप्रियन्ते, षड्वन्तो हस्ती खे धावतीति तेनेतिहासादिप्रमाणवस्तुसिद्धप्रदर्शकं नाटकं तावल्लक्षयितुमाह- प्रख्यात वस्तुविषयमित्यादि । अब प्रश्न यह होता है कि जब नाटक और प्रकरण में सम्पूर्ण वृत्तियाँ होतो हैं तो दोनों में परस्पर भेद क्या है ? यदि यह कहते हैं कि कौशिको वृत्ति से होन होना विशेष है ता वीथी आदि से क्या भेद होगा ? इम प्रकार की आशङ्का का निवारण करते हुए कर्म शब्द से आक्षिप्त विशेष लक्षण को 'अत ऊर्ध्वम्' इत्यादि के द्वारा दिखाते हैं। काव्य का बन्धन परस्पर आश्रय के सम्बन्ध से एकवाक्यता से प्राप्त सम्बन्ध में विकल्प होता है जिससे विशेष लक्षण को कहूँगा । नाटक प्रकरण से भी प्रधान होता है, क्योंकि उसमें प्रसिद्धि का उपजीवन करने वालो कल्पना-प्रसूत वस्तुओं को सम्भावना रूप उत्प्रेक्षायें होती हैं और उत्प्रेक्षा भी प्रमाण प्राप्त वस्तुओं में स्वतन्त्र रूप से योजना मात्र से व्याप्त हो जाती है। जैसे छः दातों वाला हाथी आकाश में दौड़ रहा है। इसोलिए इतिहासादि प्रमाणों से सिद्ध वस्तु के प्रदर्शक नाटक का लक्षण करने के लिए कहते हैं१. नाटक अनुवाद - जिसमें कथावस्तु का विषय प्रख्यात हो, और नायक प्रख्यात एवं उदात्त हो, जिसमें राजर्षि वंश का चरित वर्णित हो, तथा जो दिव्य के आश्रय से उपेत हो और जो नाना विभूतियों से समृद्धि और विलासावि गुणों से युक्त हो, तथा जिसमें अङ्क प्रवेशक आदि विद्यमान हों, उसे 'नाटक' समझना चाहिये ॥ १०-११ ॥ १. ग. विषये । १. ख. तथा च । प्रख्याते भारतादौ यद्वस्तु तद्विषयोऽस्य, तत्रापि किञ्चिदप्रसिद्धं भवति, तन्निराकरणाय प्रख्यातोदात्तेति श्रोशङ्ककः । एतत्तु प्रख्यातवस्तुविषयोऽस्येति इयता गतार्थमित्युपाध्याय इत्थमाहुः । इह त्रिविषया प्रसिद्धया प्रसिद्धत्वं भवति, अमुक एवंकारी अमुत्र देश इति । तत्र प्रकर्षेण ख्यातं वस्तु तथा विषयो मालवपाञ्चालाविवेशो यस्मिन् चक्रवतिनोऽपि हि वत्सराजस्य कौशाम्बोव्यतिरिक्ते विषये कार्यान्तरोपक्षेपेण विना यग्निरन्तरं तद्वेरस्याय भवति, तत्र प्रसिद्धिखण्डनेन प्रतोतिविधातात, का कथा रसचर्वणायाः । एवं तावद् उदात्त इति द्वे प्रसिद्धी उक्ते प्रख्यातोदात्तेत्यनेन तृतीया प्रसिद्धिदाता । बोररसयोग्य उक्तः । तेन धोरललितधोर प्रशान्तषोरोद्धतषोरोदात्ताः चत्वारोऽपि गृह्यन्ते । राजर्षिवंश्येत्यनेन प्रख्यातमपि यद्वस्तु ऋषितुल्यानां राज्ञां वंशेन साधुनोचितं, तथा प्रख्यातत्वेऽपि देवचरितं घरप्रभावादिबहुलतयोपायोपवेशायायायोग्यमिति नैतदुभयं निबन्धनोयमिति फलतः प्रतिषेधो दर्शितः । राजानः ऋषय इवेस्युपमितसमासः । तद्वंशे साधु चरितं यस्मिम्निति बहुब्रोहिः । न च सर्वथा देवचरितं तथाऽवर्णनीयम् । किन्तु दिव्यानामाश्रयत्वेन प्रकरीपताकानायकादि रूपेण, उपेतमुपगमोऽङ्गोकरणं यत्र तथा हि नागानन्दे भगवत्याः पूर्णकरुणानिर्भरायाः साक्षात्करणे व्युत्पत्तिर्जायते । निरन्तरभक्तिभावितानामेतम्नाम देवताः प्रसीदन्ति तस्माद्द बताराषन पुरस्सरमुपायानुष्ठानं कार्यमिति । अभिनव - प्रख्यातवस्तुविषयमिति अर्थात् महाभारत आदि प्रख्यात ग्रन्थों में जो कथावस्तु है वह विषय ( प्रतिपाद्य ) है जिसका । कदाचित् इसमें भी अप्रसिद्ध वस्तु हो सकती है उसके निराकरण के लिए प्रख्यात एवं उदात्त नायक कहा गया है यह आचार्य शंकुक का मत है। और जिसका प्रतिपाद्य प्रख्यात वस्तु होती है, उसका नायक उदात्त होने से गतार्थ हो जाता है। यह हमारे उपाध्याय भट्ट तौत कहते हैं। यहाँ तीन प्रकार की प्रसिद्धि से प्रसिद्धि मानी गई है। उनमें प्रथम है अमुक ने अमुक देश में ऐसा किया। इसमें वस्तु प्रकप रूप से ख्यात होता है और विषय मालव पाचाल आदि देश हैं। जहाँ चक्रवर्ती राजा वत्सराज आदि के कौशम्बी से अतिरिक्त प्रदेश में कार्यान्तर के उपक्षेप के विना जो निरन्तर वर्णन है वह वैरस्थ के लिए होता है। वहीं प्रसिद्धि के खण्डन करने से प्रतीति का बिधान हो जाता है, तो रस-चर्वणा की कथा ही क्या है ? इन दो प्रसिद्धियों का कथन किया जा चुका है। 'प्रख्यातोदात्तमापक' के द्वारा तृतीय प्रसिद्धि को कहा गया है। उदात्त यह विशेषण वीर रस के योग्य कहा गया है। इससे धीरललिनत, धीरोदात्त, धीर प्रशान्त और धीरोद्वत चारों नायकों का ग्रहण होता है । 'राजषिवंशचरितम्' यदि तु मुख्यत्वेनैव देवचरितं वर्ण्यते तत्तावद्विप्रलम्भकरणाद्भुतभयानकरसोचितं चेग्निबध्यते तन्मानुषचरितमेव संपद्यते, प्रत्युत देवानामषियाषानं प्रसिद्धिविघातकम् । तत्र चोलो बोषः, विप्रलंभाद्यभावे तु का तत्र विचित्रता रञ्जनाया एतत्प्रमाणत्वात् । अत एव हृदयसंवादोऽपि देवचरिते दुर्लभः, न च तेषां दुःखमस्ति । यत्प्रतीकारोपाये व्युत्पादनं स्यात् । नायिका तु दिव्याप्यविरोधिनी यथोवंशी नायकचरितेनैव तद्वृत्तस्यापक्षेपात् ॥ १० ॥ इस कथन से प्रख्यात वस्तु ऋषितुल्य राजाओं के साधुवंश के योग्य हैं। और देवताओं का चरित यद्यपि प्रख्यात है, तथापि वर प्रभाबादि की बहुलता से उपाय के रूप में उपदेश के योग्य नहीं है। इसलिए दोनों विशेषणों का प्रकृत में उपनिबन्धन नहीं करना चाहिए। इस प्रकार फलमुखेन यहाँ निषेध दिखाया गया है । 'राजा लोग ऋषियों के समान हैं। यह बहुब्रीहि समास है। देवचरित सर्वथा उस रूप में अवर्णनीय है, ऐसी बात नहीं है । किन्तु जहाँ दिव्य कथाओं का आश्रय होता है वहाँ यताका और प्रकरी के रूप में उनका उपगम अङ्गीकरण के योग्य हैं जैसेनागानन्द नाटक में पूर्ण करुणा से निर्भर भगवतो के साक्षात्कार करने में व्युत्पत्ति होती है। यहाँ यह बतलाया गया है कि निरन्तर भक्ति-भावना से भावित प्राणियों पर देवता प्रसन्न हो जाते हैं, अतः देवाराधन पुरःसर उपायों का अनुष्ठान करना चाहिए । यदि मुख्य रूप से देवताओं के चरित का वर्णन करते हैं, और विप्रलम्भ, करुण, अद्भुत, भयानक और रौद्र रस के योग्य यदि निबन्धन किया जाता है तो 'मनुष्य का चरित हो सम्पन्न होता है। ऐसा मानना होगा। प्रत्युत अबुद्धिपूर्वक किया गया देवचरित का आधान प्रसिद्धि का विघातक होगा। वहाँ दोष भी कहा जा चुका है, विप्रलम्भ आदि के अभाव में क्या विचित्रता होगो ? क्योंकि रञ्जना उसका प्रमाण है, इसलिए देवताओं के चरित में हृदय का संवाद भी दुर्लभ होगा, क्योंकि उनमें दुःख ही नहीं है जिसके प्रतीकार के उपायों के सम्बन्ध में व्युत्पादन किया जा सके। नायिका के दिव्या होने पर भी उसके चरित में विरोध नहीं है, क्योंकि नायक के चरित्र के अनुसार नायिका के चरित्र का आक्षेप कर लिया जाता है। जैसे पुरुरवा के चरित से उर्वशी का चरित।
केशिकोवृत्तिहोनानि 'रूपाण्येतानि कारयेत् । अत ऊर्ध्वं प्रवक्ष्यामि काव्यबन्धविकल्पनम् ॥ नौ ॥ शेषाणि रूपाणीति वक्तव्ये प्रतिपदं नामग्रहणं ज्ञापयति । एतवनुक्तान्यपि रूपकाणि संभवन्ति, अत एव रूपकविशेषगणनमाम्यो विनिस्सृतमिति लक्षणस्योदाहरणमात्रम् । तेन वृत्तीनां विनियोगविकल्पसमुच्चयैः वृस्यङ्गानां च बहवो रूपकभेदा भवन्ति । तेषां परं कोहलादिभिर्नाममात्रं प्रणीतम् । लक्षणेन स्विह संगृहोता एव ते । तत्र नाटकप्रकरणे एवं सर्ववृत्तिपूर्णे इति नियमः, न तु विपर्ययः । मुद्राराक्षसस्य कैशिकोहोनस्य कृत्यारावणस्य च नाटकस्य दर्शनात्, वेणीसंहारे च सात्वत्यारभटीमात्रं दृश्यत इति केचित् । अब न्यून वृत्ति वाले रूपकों को कहते हैंअनुवाद-बोथी, समवकार, ईहामृग, उत्सृष्टिकाङ्क, व्यायोग, भाण, प्रहसन और डिम नामक रूपकों में कौशिकी वृत्ति से रहित प्रयोग होने चाहिए। अब इसके बाद काव्य-बन्ध दोनों को कहूँगा ॥ आठ-नौ ॥ अभिनव - नाटक और प्रकरण में समस्त वृत्तियाँ होती हैं। किन्तु वीथी, प्रहसन, समबकार, ईहामृग, उस्सृष्टिकांक, ब्यायोग, भाग, डिम में कैशिकी वृत्ति से रहित अन्य वृत्तियाँ होती हैं। कहते हैं कि यहाँ 'शेषाणि रूपाणि' कहना चाहिए था, प्रत्येक रूपकों के नाम ग्रहण से यह सूचित करता है कि इनसे भिन्न भी रूपक सम्भव है । अतः इन वृत्तियों से रूपक विशेष का विनिर्गमन हुआ, अतः लक्षण का कथन एक उदाहरण मात्र हैं। इससे वृत्तियों के विनियोग, विकल्प और समुच्चय के द्वारा बृत्यकों से बहुत से भेद होते हैं किन्तु कोहल ने उनके नाममात्र गिनाये हैं जिनका यहाँ सामान्य लक्षण से संग्रह कर लिया गया है। उनमें नाटक और प्रकरण में समस्त वृत्तियाँ होती हैं, यह नियम है न कि विपर्यय । जैसे मुद्राराक्षस नाटक में कैशिकी बृत्ति नहीं होती, कृत्यारावण में नाटक को वृत्तियाँ दिखाई देती हैं। कुछ लोग तो कहते हैं कि वेणीसंहार नाटक में सास्वती और आरभटी ही दिखाई देते हैं। एक. क. काम्यान्येतानि योजयेत् । अभ्ये तु तत्राप्यवश्यं वृश्यन्तरानुप्रवेशोऽस्ति । यदि परिमितवृत्तिव्यापकत्वात् लक्ष्यते अपूर्णवृत्तित्वेऽपि विरूपकतैव स्यात् । सकलाङ्गप्रक्रियापरिपूर्णत्वादेव नाटकात्प्रकरणं च प्रधानम् । तथा हि कश्चिद्विनेयः प्रसिद्धिमनुरुष्यमानो वृष्ट इति सप्रसिद्धेतिवृत्ते नाटके विनेयः कश्चित्तु किमेतदपूर्वमिति प्रसिद्धे वस्तुनि रुपकान्तरमेव तु तदाभासं तत्सबंविनेयोऽभिनववस्तुवृत्तकौतुकपरतन्त्र इति समुत्पाद्यवस्तुना प्रकरणेन विनीयते। विनयश्चास्य धर्मार्थकामेषु सर्वपुरुषार्थेष्व पवर्गेऽपि च तथाभवति, यदि सकलं तदुपयोगिव्यापाराश्रयणं सर्वव्यापाराभिप्तं पूर्णवृत्तिकत्वमिति । द्विवृत्तित्रिवृत्यादिकं न नाटकं भवति । रूपान्तरमेव तु तदाभासं, तत्कैशिकीविहोनत्वेऽपि यथा शृङ्गारयोगस्तथा समवकारे तथा तल्लक्षणं वर्णयिष्यामः ॥ आठ ॥ ननु पूर्णवृत्तिकत्वाविशेषे नाटकप्रकरणयोः को भेदः, कैशिकीहीनत्वे चाविशिष्टे वीथ्यादेः मिथः को विशेष इत्याशङ्कां वारयन् कर्म शब्दाक्षिप्त विशेषलक्षणार्थं दर्शयति-अत उध्वं मित्यादिना काव्यस्य बन्धनं परस्परास विकल्प्यते येन तद्विशेषलक्षणं अयसंबन्धेनेव एकवाक्यताकरणसंबन्धः वक्ष्यामीति ॥ नौ ॥ अन्य लोग तो उनमें भी बृत्यन्तरों का अनुप्रवेश है, ऐसा मानते हैं। यदि परमित वृत्ति के व्यापक होने से लक्षण करते हैं तो अपूर्ण वृत्ति वाले रूपक निरूपक हो जायेंगे । सकल अङ्गों को प्रक्रिया से पूर्ण होने के कारण नाटक से प्रकरण प्रधान होता है। जैसा कि कोई विनेय प्रसिद्धि का अनुरोध करता हुआ देखा जाता है । अतः सुप्रसिद्ध इतिवृत्त वाले नाटक में वही विनेय होता है। कोई तो इसमें अपूर्वता क्या है ? इस प्रकार प्रसिद्ध वस्तु में रूपक नहीं, अपितु रूपकाभास है, ऐसा मानने वाला विनेय अभिनव वस्तु के कौतुक के परतन्त्र है, होने से समुत्पाद्य वस्तु वाले प्रकरण से वह विनेय होता है और विनय धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष रूप पुरुषार्थ चतुष्टय में वैसा तभो सम्भव है जब सभी नाटक उनके उपयोगो व्यापारों के आश्रय से निबद्ध हों तथा समस्त व्यापारों से समस्त वृत्तियाँ आश्रित हों। दो, तोग, चार वृत्ति वाले नाटक नहीं होते, अपितु उनसे भिन्न रूपक का भास होंगे। इसलिए कौशिकी वृत्ति के अभाव में भी जिस प्रकार शृङ्गार का योग है, उसी प्रकार समवकार में भी उसका लक्षण आगे वर्णन किया जायेगा। प्रख्यात वस्तुविषयं प्रख्यातोदात्तनायकं चैव । राजषिवंश्यचरितं तथैव दिव्याश्रयोपेतम् ॥ दस ॥ नानाविभूतिभिर्युतमृद्धिविलासादिभिर्गुणैश्चैव । अङ्क प्रवेशकाढचं भवति हि तन्नाटकं नाम ॥ ग्यारह ॥ नाटकं प्रकरणादपि प्रधानं प्रसिद्धघुपजोविनो हि कल्पना वस्तुसंभावना, अनुभवमूलत्वात् तस्या, उत्प्रेक्षा अपि हि प्रमाणगतेष्वेव वस्तुषु स्वातन्त्र्येण योजनामात्रेण व्याप्रियन्ते, षड्वन्तो हस्ती खे धावतीति तेनेतिहासादिप्रमाणवस्तुसिद्धप्रदर्शकं नाटकं तावल्लक्षयितुमाह- प्रख्यात वस्तुविषयमित्यादि । अब प्रश्न यह होता है कि जब नाटक और प्रकरण में सम्पूर्ण वृत्तियाँ होतो हैं तो दोनों में परस्पर भेद क्या है ? यदि यह कहते हैं कि कौशिको वृत्ति से होन होना विशेष है ता वीथी आदि से क्या भेद होगा ? इम प्रकार की आशङ्का का निवारण करते हुए कर्म शब्द से आक्षिप्त विशेष लक्षण को 'अत ऊर्ध्वम्' इत्यादि के द्वारा दिखाते हैं। काव्य का बन्धन परस्पर आश्रय के सम्बन्ध से एकवाक्यता से प्राप्त सम्बन्ध में विकल्प होता है जिससे विशेष लक्षण को कहूँगा । नाटक प्रकरण से भी प्रधान होता है, क्योंकि उसमें प्रसिद्धि का उपजीवन करने वालो कल्पना-प्रसूत वस्तुओं को सम्भावना रूप उत्प्रेक्षायें होती हैं और उत्प्रेक्षा भी प्रमाण प्राप्त वस्तुओं में स्वतन्त्र रूप से योजना मात्र से व्याप्त हो जाती है। जैसे छः दातों वाला हाथी आकाश में दौड़ रहा है। इसोलिए इतिहासादि प्रमाणों से सिद्ध वस्तु के प्रदर्शक नाटक का लक्षण करने के लिए कहते हैंएक. नाटक अनुवाद - जिसमें कथावस्तु का विषय प्रख्यात हो, और नायक प्रख्यात एवं उदात्त हो, जिसमें राजर्षि वंश का चरित वर्णित हो, तथा जो दिव्य के आश्रय से उपेत हो और जो नाना विभूतियों से समृद्धि और विलासावि गुणों से युक्त हो, तथा जिसमें अङ्क प्रवेशक आदि विद्यमान हों, उसे 'नाटक' समझना चाहिये ॥ दस-ग्यारह ॥ एक. ग. विषये । एक. ख. तथा च । प्रख्याते भारतादौ यद्वस्तु तद्विषयोऽस्य, तत्रापि किञ्चिदप्रसिद्धं भवति, तन्निराकरणाय प्रख्यातोदात्तेति श्रोशङ्ककः । एतत्तु प्रख्यातवस्तुविषयोऽस्येति इयता गतार्थमित्युपाध्याय इत्थमाहुः । इह त्रिविषया प्रसिद्धया प्रसिद्धत्वं भवति, अमुक एवंकारी अमुत्र देश इति । तत्र प्रकर्षेण ख्यातं वस्तु तथा विषयो मालवपाञ्चालाविवेशो यस्मिन् चक्रवतिनोऽपि हि वत्सराजस्य कौशाम्बोव्यतिरिक्ते विषये कार्यान्तरोपक्षेपेण विना यग्निरन्तरं तद्वेरस्याय भवति, तत्र प्रसिद्धिखण्डनेन प्रतोतिविधातात, का कथा रसचर्वणायाः । एवं तावद् उदात्त इति द्वे प्रसिद्धी उक्ते प्रख्यातोदात्तेत्यनेन तृतीया प्रसिद्धिदाता । बोररसयोग्य उक्तः । तेन धोरललितधोर प्रशान्तषोरोद्धतषोरोदात्ताः चत्वारोऽपि गृह्यन्ते । राजर्षिवंश्येत्यनेन प्रख्यातमपि यद्वस्तु ऋषितुल्यानां राज्ञां वंशेन साधुनोचितं, तथा प्रख्यातत्वेऽपि देवचरितं घरप्रभावादिबहुलतयोपायोपवेशायायायोग्यमिति नैतदुभयं निबन्धनोयमिति फलतः प्रतिषेधो दर्शितः । राजानः ऋषय इवेस्युपमितसमासः । तद्वंशे साधु चरितं यस्मिम्निति बहुब्रोहिः । न च सर्वथा देवचरितं तथाऽवर्णनीयम् । किन्तु दिव्यानामाश्रयत्वेन प्रकरीपताकानायकादि रूपेण, उपेतमुपगमोऽङ्गोकरणं यत्र तथा हि नागानन्दे भगवत्याः पूर्णकरुणानिर्भरायाः साक्षात्करणे व्युत्पत्तिर्जायते । निरन्तरभक्तिभावितानामेतम्नाम देवताः प्रसीदन्ति तस्माद्द बताराषन पुरस्सरमुपायानुष्ठानं कार्यमिति । अभिनव - प्रख्यातवस्तुविषयमिति अर्थात् महाभारत आदि प्रख्यात ग्रन्थों में जो कथावस्तु है वह विषय है जिसका । कदाचित् इसमें भी अप्रसिद्ध वस्तु हो सकती है उसके निराकरण के लिए प्रख्यात एवं उदात्त नायक कहा गया है यह आचार्य शंकुक का मत है। और जिसका प्रतिपाद्य प्रख्यात वस्तु होती है, उसका नायक उदात्त होने से गतार्थ हो जाता है। यह हमारे उपाध्याय भट्ट तौत कहते हैं। यहाँ तीन प्रकार की प्रसिद्धि से प्रसिद्धि मानी गई है। उनमें प्रथम है अमुक ने अमुक देश में ऐसा किया। इसमें वस्तु प्रकप रूप से ख्यात होता है और विषय मालव पाचाल आदि देश हैं। जहाँ चक्रवर्ती राजा वत्सराज आदि के कौशम्बी से अतिरिक्त प्रदेश में कार्यान्तर के उपक्षेप के विना जो निरन्तर वर्णन है वह वैरस्थ के लिए होता है। वहीं प्रसिद्धि के खण्डन करने से प्रतीति का बिधान हो जाता है, तो रस-चर्वणा की कथा ही क्या है ? इन दो प्रसिद्धियों का कथन किया जा चुका है। 'प्रख्यातोदात्तमापक' के द्वारा तृतीय प्रसिद्धि को कहा गया है। उदात्त यह विशेषण वीर रस के योग्य कहा गया है। इससे धीरललिनत, धीरोदात्त, धीर प्रशान्त और धीरोद्वत चारों नायकों का ग्रहण होता है । 'राजषिवंशचरितम्' यदि तु मुख्यत्वेनैव देवचरितं वर्ण्यते तत्तावद्विप्रलम्भकरणाद्भुतभयानकरसोचितं चेग्निबध्यते तन्मानुषचरितमेव संपद्यते, प्रत्युत देवानामषियाषानं प्रसिद्धिविघातकम् । तत्र चोलो बोषः, विप्रलंभाद्यभावे तु का तत्र विचित्रता रञ्जनाया एतत्प्रमाणत्वात् । अत एव हृदयसंवादोऽपि देवचरिते दुर्लभः, न च तेषां दुःखमस्ति । यत्प्रतीकारोपाये व्युत्पादनं स्यात् । नायिका तु दिव्याप्यविरोधिनी यथोवंशी नायकचरितेनैव तद्वृत्तस्यापक्षेपात् ॥ दस ॥ इस कथन से प्रख्यात वस्तु ऋषितुल्य राजाओं के साधुवंश के योग्य हैं। और देवताओं का चरित यद्यपि प्रख्यात है, तथापि वर प्रभाबादि की बहुलता से उपाय के रूप में उपदेश के योग्य नहीं है। इसलिए दोनों विशेषणों का प्रकृत में उपनिबन्धन नहीं करना चाहिए। इस प्रकार फलमुखेन यहाँ निषेध दिखाया गया है । 'राजा लोग ऋषियों के समान हैं। यह बहुब्रीहि समास है। देवचरित सर्वथा उस रूप में अवर्णनीय है, ऐसी बात नहीं है । किन्तु जहाँ दिव्य कथाओं का आश्रय होता है वहाँ यताका और प्रकरी के रूप में उनका उपगम अङ्गीकरण के योग्य हैं जैसेनागानन्द नाटक में पूर्ण करुणा से निर्भर भगवतो के साक्षात्कार करने में व्युत्पत्ति होती है। यहाँ यह बतलाया गया है कि निरन्तर भक्ति-भावना से भावित प्राणियों पर देवता प्रसन्न हो जाते हैं, अतः देवाराधन पुरःसर उपायों का अनुष्ठान करना चाहिए । यदि मुख्य रूप से देवताओं के चरित का वर्णन करते हैं, और विप्रलम्भ, करुण, अद्भुत, भयानक और रौद्र रस के योग्य यदि निबन्धन किया जाता है तो 'मनुष्य का चरित हो सम्पन्न होता है। ऐसा मानना होगा। प्रत्युत अबुद्धिपूर्वक किया गया देवचरित का आधान प्रसिद्धि का विघातक होगा। वहाँ दोष भी कहा जा चुका है, विप्रलम्भ आदि के अभाव में क्या विचित्रता होगो ? क्योंकि रञ्जना उसका प्रमाण है, इसलिए देवताओं के चरित में हृदय का संवाद भी दुर्लभ होगा, क्योंकि उनमें दुःख ही नहीं है जिसके प्रतीकार के उपायों के सम्बन्ध में व्युत्पादन किया जा सके। नायिका के दिव्या होने पर भी उसके चरित में विरोध नहीं है, क्योंकि नायक के चरित्र के अनुसार नायिका के चरित्र का आक्षेप कर लिया जाता है। जैसे पुरुरवा के चरित से उर्वशी का चरित।
धड़क एक बॉलीवुड ड्रामा फिल्म है, जिसे शशांक खेतान द्वारा निर्देशित किया गया है। फिल्म धड़क में बॉलीवुड की बेहतरीन दिवंगत अदाकारा श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी कपूर और शाहिद कपूर के छोटे भाई ईशान खट्टर मुख्य भूमिका में हैं। धड़क, मराठी फिल्म सैराट का रीमेक है, जिसमे रिंकू राजगुरु और आकाश थॉसर मुख्य भूमिका में नजर आये थे। सैराट मराठी सिनेमा की पहली फिल्म थी, जिसने बॉक्स-ऑफिस पर करीबन 100करोड़ की कमाई का आंकड़ा पार किया था, और यह फिल्म सिनेमाघरों में करीबन 100 दिनों तक चली थी। hindi.filmibeat.comधड़क बेशक अच्छी फिल्म है लेकिन ये फिल्म कई जगहों पर महज अमीर लड़की-गरीब लड़के के प्यार की कहानी लगने लगती है। शशांक क्लाइमैक्स से पहले फिल्म के ज्यादातर टाइम में सिर्फ ऊंच-नीच जाति के मुद्दे को दिखाते रहते हैं। इस जगह धड़क सैराट से मात खा जाती है। Dhadak: Jhanvi Kapoor & Ishaan Khatter shares 'Pehli Baar' song MEMORIES ! अरबाज खान के दुल्हा बनते ही मलाइका अरोड़ा ने किया शादी का ऐलान? बोलीं- मैं जरूर शादी करूंगी.. Seema Haider कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, कहा- 'मेरा कोई नहीं है, अगर वो मुझे पसंद करता है तो...' पार्टी से निकलीं जान्हवी कपूर की हालत देख चौंके यूजर्स, ट्रोल करते हुए बोले- 'फुल पीकर टाइट है' Ayodhya प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचेंगे ये बॉलीवुड और साउथ के सितारे? चौकाने वाली लिस्ट वायरल! Dhadak: Jhanvi Kapoor & Ishaan Khatter shares \'Pehli Baar\' song MEMORIES !
धड़क एक बॉलीवुड ड्रामा फिल्म है, जिसे शशांक खेतान द्वारा निर्देशित किया गया है। फिल्म धड़क में बॉलीवुड की बेहतरीन दिवंगत अदाकारा श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी कपूर और शाहिद कपूर के छोटे भाई ईशान खट्टर मुख्य भूमिका में हैं। धड़क, मराठी फिल्म सैराट का रीमेक है, जिसमे रिंकू राजगुरु और आकाश थॉसर मुख्य भूमिका में नजर आये थे। सैराट मराठी सिनेमा की पहली फिल्म थी, जिसने बॉक्स-ऑफिस पर करीबन एक सौकरोड़ की कमाई का आंकड़ा पार किया था, और यह फिल्म सिनेमाघरों में करीबन एक सौ दिनों तक चली थी। hindi.filmibeat.comधड़क बेशक अच्छी फिल्म है लेकिन ये फिल्म कई जगहों पर महज अमीर लड़की-गरीब लड़के के प्यार की कहानी लगने लगती है। शशांक क्लाइमैक्स से पहले फिल्म के ज्यादातर टाइम में सिर्फ ऊंच-नीच जाति के मुद्दे को दिखाते रहते हैं। इस जगह धड़क सैराट से मात खा जाती है। Dhadak: Jhanvi Kapoor & Ishaan Khatter shares 'Pehli Baar' song MEMORIES ! अरबाज खान के दुल्हा बनते ही मलाइका अरोड़ा ने किया शादी का ऐलान? बोलीं- मैं जरूर शादी करूंगी.. Seema Haider कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, कहा- 'मेरा कोई नहीं है, अगर वो मुझे पसंद करता है तो...' पार्टी से निकलीं जान्हवी कपूर की हालत देख चौंके यूजर्स, ट्रोल करते हुए बोले- 'फुल पीकर टाइट है' Ayodhya प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचेंगे ये बॉलीवुड और साउथ के सितारे? चौकाने वाली लिस्ट वायरल! Dhadak: Jhanvi Kapoor & Ishaan Khatter shares \'Pehli Baar\' song MEMORIES !
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
नई दिल्लीः आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए कप्तानी कर रहे एमएस धोनी संन्यास को लेकर अलग-अलग तरह के संकेत दे रहे हैं। हाल ही उन्होंने टॉस के दौरान प्रजेंटर से कहा था कि आप मान रहे हैं कि ये मेरा आखिरी सीजन है। इससे पहले धोनी ने चेन्नई में कहा था कि वे अपने करियर के आखिरी फेज से गुजर रहे हैं। बहरहाल, जो भी हो धोनी के फैंस उन्हें विदा करने के मूड में नहीं हैं। इस बीच एक मजेदार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें धोनी का एक हमशक्ल स्टेडियम में बैठा नजर आ रहा है। इस शख्स को देख धोनी के फैंस उत्साहित हो गए हैं। उनका कहना है कि ये 2040 में दिखने वाले धोनी हैं। यह क्लिप आईपीएल के मैच नंबर 41 का है जो चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया था। एक इंस्टाग्राम यूजर ने वीडियो को कैप्शन के साथ शेयर किया- "2040 में धोनी इस मैच को देख रहे हैं। " वहीं एक यूजर ने लिखा- लगता है कि हमें 2040 तक इंतजार करना होगा। भारत के पूर्व कप्तान ने 15 अगस्त, 2020 को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया था, लेकिन वह इंडियन प्रीमियर लीग में सक्रिय रहे। सीएसके टीम में धोनी के साथी रहे सुरेश रैना ने खुलासा किया है कि 'थाला' ने उन्हें रिटायरमेंट के विषय पर क्या कहा था। JioCinema पर बोलते हुए रैना ने खुलासा किया कि अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ने आईपीएल के मौजूदा सत्र के दौरान कहा था कि मैं ट्रॉफी जीतकर एक साल और खेलूंगा।
नई दिल्लीः आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए कप्तानी कर रहे एमएस धोनी संन्यास को लेकर अलग-अलग तरह के संकेत दे रहे हैं। हाल ही उन्होंने टॉस के दौरान प्रजेंटर से कहा था कि आप मान रहे हैं कि ये मेरा आखिरी सीजन है। इससे पहले धोनी ने चेन्नई में कहा था कि वे अपने करियर के आखिरी फेज से गुजर रहे हैं। बहरहाल, जो भी हो धोनी के फैंस उन्हें विदा करने के मूड में नहीं हैं। इस बीच एक मजेदार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें धोनी का एक हमशक्ल स्टेडियम में बैठा नजर आ रहा है। इस शख्स को देख धोनी के फैंस उत्साहित हो गए हैं। उनका कहना है कि ये दो हज़ार चालीस में दिखने वाले धोनी हैं। यह क्लिप आईपीएल के मैच नंबर इकतालीस का है जो चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया था। एक इंस्टाग्राम यूजर ने वीडियो को कैप्शन के साथ शेयर किया- "दो हज़ार चालीस में धोनी इस मैच को देख रहे हैं। " वहीं एक यूजर ने लिखा- लगता है कि हमें दो हज़ार चालीस तक इंतजार करना होगा। भारत के पूर्व कप्तान ने पंद्रह अगस्त, दो हज़ार बीस को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया था, लेकिन वह इंडियन प्रीमियर लीग में सक्रिय रहे। सीएसके टीम में धोनी के साथी रहे सुरेश रैना ने खुलासा किया है कि 'थाला' ने उन्हें रिटायरमेंट के विषय पर क्या कहा था। JioCinema पर बोलते हुए रैना ने खुलासा किया कि अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ने आईपीएल के मौजूदा सत्र के दौरान कहा था कि मैं ट्रॉफी जीतकर एक साल और खेलूंगा।
भारत 15 अगस्त, 1947 को आजाद हुआ था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को इसके संविधान को अपनाया गया, जिसके तहत भारत देश को एक लोकतांत्रिक, संप्रभु और गणतंत्र देश घोषित किया गया। लिहाजा, हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल देश 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है। 26 जनवरी ऐसा दिन है जब हर भारतीय के मन में देश भक्ति की लहर और मातृभूमि के प्रति अपार स्नेह भर उठता है। ऐसी अनेक महत्त्वपूर्ण स्मृतियां हैं जो इस दिन के साथ जुड़ी हुई है। इसी दिन भारतीय संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ था। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। जिसे कोई भी एक दिन में नहीं पढ़ सकता है। इसमें कुल 448 आर्टकिल हैं। हर साल इस अवसर पर राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड आयोजित होती है। गणतंत्र दिवस पर लोग देशभक्ति से लबालब होते हैं। अपने जानने वालों, चाहने वालों, दोस्तों, रिश्तेदारों को अलग-अलग अंदाज में शुभकामनाएं भेजते हैं। गूगल पर लोग मजेदार फोटोज, देशभक्ति शायरी, कविताओं को काफी सर्च करते हैं। तो आप भी इन मजेदार चीजों के साथ अपनों को गणतंत्र दिवस की शुभकानाएं भेज सकते हैं। सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा, हम बुलबुले है इसके ये गुलसिता हमारा। हमार देश 15 अगस्त, 1947 को आजाद हुआ था। लेकिन, संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ। इसमें भारत को गणतांत्रिक व्यवस्था वाला देश बनाने की राह तैयार की गई। लिहाजा, हर साल 26 जनवरी को भारत के गणतांत्रिक राष्ट्र बनने के उपलक्ष्य में इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय गणतंत्र के समक्ष बहुत सी चुनौतियां मुंह फैलाए आज भी हमारे सामने खड़ी हैं। देश में आजादी के बाद से ही भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहे हैं, स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। आज भी देश की जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। अधिकांश नेता, मंत्री, सरकारी अफसर, कर्मचारी जिनके पास जिम्मेदारियां हैं, वे ईमानदारी से उनका निर्वाह नहीं कर रहे हैं। लोग गलत तरीके से पैसे कमाने को लालायित है। राजनीति के क्षेत्र में अपराधियों और भ्रष्ट लोगों का जमावड़ा है। अपराधियों और भ्रष्ट नेताओं से न देश और समाज का कभी भला हुआ है और न ही होगा। ना जियो धर्म के नाम पर, ना मरो धर्म के नाम पर, इंसानियत ही है धर्म वतन का, बस जियो वतन के नाम।
भारत पंद्रह अगस्त, एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस को आजाद हुआ था। वहीं, छब्बीस जनवरी एक हज़ार नौ सौ पचास को इसके संविधान को अपनाया गया, जिसके तहत भारत देश को एक लोकतांत्रिक, संप्रभु और गणतंत्र देश घोषित किया गया। लिहाजा, हर साल छब्बीस जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल देश तिहत्तरवां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है। छब्बीस जनवरी ऐसा दिन है जब हर भारतीय के मन में देश भक्ति की लहर और मातृभूमि के प्रति अपार स्नेह भर उठता है। ऐसी अनेक महत्त्वपूर्ण स्मृतियां हैं जो इस दिन के साथ जुड़ी हुई है। इसी दिन भारतीय संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ था। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। जिसे कोई भी एक दिन में नहीं पढ़ सकता है। इसमें कुल चार सौ अड़तालीस आर्टकिल हैं। हर साल इस अवसर पर राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड आयोजित होती है। गणतंत्र दिवस पर लोग देशभक्ति से लबालब होते हैं। अपने जानने वालों, चाहने वालों, दोस्तों, रिश्तेदारों को अलग-अलग अंदाज में शुभकामनाएं भेजते हैं। गूगल पर लोग मजेदार फोटोज, देशभक्ति शायरी, कविताओं को काफी सर्च करते हैं। तो आप भी इन मजेदार चीजों के साथ अपनों को गणतंत्र दिवस की शुभकानाएं भेज सकते हैं। सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा, हम बुलबुले है इसके ये गुलसिता हमारा। हमार देश पंद्रह अगस्त, एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस को आजाद हुआ था। लेकिन, संविधान छब्बीस जनवरी, एक हज़ार नौ सौ पचास को लागू हुआ। इसमें भारत को गणतांत्रिक व्यवस्था वाला देश बनाने की राह तैयार की गई। लिहाजा, हर साल छब्बीस जनवरी को भारत के गणतांत्रिक राष्ट्र बनने के उपलक्ष्य में इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय गणतंत्र के समक्ष बहुत सी चुनौतियां मुंह फैलाए आज भी हमारे सामने खड़ी हैं। देश में आजादी के बाद से ही भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहे हैं, स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। आज भी देश की जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। अधिकांश नेता, मंत्री, सरकारी अफसर, कर्मचारी जिनके पास जिम्मेदारियां हैं, वे ईमानदारी से उनका निर्वाह नहीं कर रहे हैं। लोग गलत तरीके से पैसे कमाने को लालायित है। राजनीति के क्षेत्र में अपराधियों और भ्रष्ट लोगों का जमावड़ा है। अपराधियों और भ्रष्ट नेताओं से न देश और समाज का कभी भला हुआ है और न ही होगा। ना जियो धर्म के नाम पर, ना मरो धर्म के नाम पर, इंसानियत ही है धर्म वतन का, बस जियो वतन के नाम।
पुणे। मुम्बई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट से जुड़े मामले में पांच साल के लिए जेल में बंद बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त मार्च के पहले हफ्ते में रिहा हो जाएंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अंतिम समय में अगर कोई गड़बड़ी नहीं होती है तो फिर दत्त 42 महीने की सजा पूरी होने के बाद 7 मार्च को यहां की यरवदा जेल से रिहा हो जाएंगे। मुंबई बम विस्फोट में शामिल होने के कारण में मार्च 2013 में सर्वोच्च न्यायालय ने संजय दत्त के खिलाफ पांच साल की सजा सुनाई थी। दत्त को टाडा के तहत आतंकवाद के आरोपों से बरी कर दिया गया था लेकिन 1992 में बाबरी विध्वंस के बाद मुंबई में फैली सांप्रदायिकता के दौरान अवैध रूप से हथियार रखने का दोषी पाया था। इसके बाद शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत को रद्द कर चार हफ्तों में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया और 16 मई 2013 में दत्त को आर्थर रोड जेल भेजा गया। इसके एक हफ्ते के बाद दत्त को पुणे की यरवदा जेल भेज दिया गया। यरवदा जेल में रहने के दौरान दत्त ने अच्छे कैदी के रूप में खुद को साबित किया। पांच साल की सजा के दौरान 18 महीनों तक विचाराधीन कैदी के तौर पर रहे दत्त के लिए 42 महीनों की सजा काटना जरूरी था। दत्त 42 महीने की सजा पूरी होने के बाद 7 मार्च को यरवदा जेल से रिहा हो जाएंगे। सजा के दौरान संजय दत्त को समय-समय पर विभिन्न कारणों से पैरोल भी मिलती रही है। इसे लेकर दत्त को आलोचनाओं का भी जमकर सामना करना पड़ा। हालांकि कई बार बड़ी हस्तियों ने इनकी रिहाई की मांग भी की। नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में चोरी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां के जंगपुरा इलाके में स्थित शोरूम को चोरों ने निशाना बनाया। दीवार काटकर चोर शोरूम में दाखिल हुए। यहां से सोना, हीरा और जेवरात चोरी करके फरार हो गए। सीसीटीवी की मदद से चोरों की तलाश की जा रही है। जंगपुरा के ज्वेलरी शोरूम में चोरों ने सेंध लगाकर वारदात को अंजाम दे दिया। चोरों ने छत काटकर करीब 25 करोड़ रुपये के जेवरात चोरी कर लिए। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंगपुरा भोगल इलाके में स्थित शोरूम को चोरों ने निशाना बनाया। दीवार काटकर चोर शोरूम में दाखिल हुए। यहां से 20-25 करोड़ रुपए के सोना, हीरा और जेवरात चोरी करके फरार हो गए। सीसीटीवी की मदद से चोरों की तलाश की जा रही है।
पुणे। मुम्बई में एक हज़ार नौ सौ तिरानवे में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट से जुड़े मामले में पांच साल के लिए जेल में बंद बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त मार्च के पहले हफ्ते में रिहा हो जाएंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अंतिम समय में अगर कोई गड़बड़ी नहीं होती है तो फिर दत्त बयालीस महीने की सजा पूरी होने के बाद सात मार्च को यहां की यरवदा जेल से रिहा हो जाएंगे। मुंबई बम विस्फोट में शामिल होने के कारण में मार्च दो हज़ार तेरह में सर्वोच्च न्यायालय ने संजय दत्त के खिलाफ पांच साल की सजा सुनाई थी। दत्त को टाडा के तहत आतंकवाद के आरोपों से बरी कर दिया गया था लेकिन एक हज़ार नौ सौ बानवे में बाबरी विध्वंस के बाद मुंबई में फैली सांप्रदायिकता के दौरान अवैध रूप से हथियार रखने का दोषी पाया था। इसके बाद शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत को रद्द कर चार हफ्तों में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया और सोलह मई दो हज़ार तेरह में दत्त को आर्थर रोड जेल भेजा गया। इसके एक हफ्ते के बाद दत्त को पुणे की यरवदा जेल भेज दिया गया। यरवदा जेल में रहने के दौरान दत्त ने अच्छे कैदी के रूप में खुद को साबित किया। पांच साल की सजा के दौरान अट्ठारह महीनों तक विचाराधीन कैदी के तौर पर रहे दत्त के लिए बयालीस महीनों की सजा काटना जरूरी था। दत्त बयालीस महीने की सजा पूरी होने के बाद सात मार्च को यरवदा जेल से रिहा हो जाएंगे। सजा के दौरान संजय दत्त को समय-समय पर विभिन्न कारणों से पैरोल भी मिलती रही है। इसे लेकर दत्त को आलोचनाओं का भी जमकर सामना करना पड़ा। हालांकि कई बार बड़ी हस्तियों ने इनकी रिहाई की मांग भी की। नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में चोरी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां के जंगपुरा इलाके में स्थित शोरूम को चोरों ने निशाना बनाया। दीवार काटकर चोर शोरूम में दाखिल हुए। यहां से सोना, हीरा और जेवरात चोरी करके फरार हो गए। सीसीटीवी की मदद से चोरों की तलाश की जा रही है। जंगपुरा के ज्वेलरी शोरूम में चोरों ने सेंध लगाकर वारदात को अंजाम दे दिया। चोरों ने छत काटकर करीब पच्चीस करोड़ रुपये के जेवरात चोरी कर लिए। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंगपुरा भोगल इलाके में स्थित शोरूम को चोरों ने निशाना बनाया। दीवार काटकर चोर शोरूम में दाखिल हुए। यहां से बीस-पच्चीस करोड़ रुपए के सोना, हीरा और जेवरात चोरी करके फरार हो गए। सीसीटीवी की मदद से चोरों की तलाश की जा रही है।
'बिग बॉस' में कुछ दिन पहले टास्क के दौरान सिद्धार्थ डे ने गोविंदा की भांजी आरती सिंह पर विवादित टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद घर में बहुत बवाल हुआ था। यहां तक कि सिद्धार्थ शुक्ला ने सिद्धार्थ डे को मुंह तोड़ने की धमकी भी दी थी। अब इस मामले पर आरती सिंह के भाई और कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक का बयान आया है। कृष्णा ने इंटरव्यू में कहा कि वह सलमान के सामने ही सिद्धार्थ से इस मुद्दे पर बात करेंगे। कृष्णा अभिषेक ने स्पॉटब्वॉय वेबसाइट से बात करते हुए इस मामले पर चुप्पी तोड़ी। कृष्णा ने कहा- 'मुझे बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा है कि सिद्धार्थ डे ऐसा कर रहा है। वह महिलाओं के साथ ऐसा कैसे कर सकता है। ऐसा करके वह अपनी फैन फॉलोइंग कम कर रहा है। लोग उसे गालियां दे रहे हैं। ' कृष्णा ने आगे रहा- 'मैं जब भी उससे मिलूंगा तो उसे ऐसा करने की वजह पूछूंगा। आरती मेरी बहन है। मैं सलमान खान के सामने भी सिद्धार्थ डे से इस मुद्दे पर बात करूंगा। उसे जवाब देना ही पड़ेगा। ' कृष्णा के इस बयान से साफ है कि वह सिद्धार्थ डे बयान से खफा हैं। इससे पहले भी कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह आरती सिंह का समर्थन करते नजर आए थे। 'बिग बॉस' में टास्क के दौरान शेफाली ने आरती से तलाक को लेकर सवाल पूछा था। आरती के तलाक की बात सुनकर सभी घरवाले हैरान रह गए थे। आईबी टाइम्स वेबसाइट से बात करते हुए आरती सिंह की भाभी और कृष्णा अभिषेक की पत्नी कश्मीरा शाह ने करारा जवाब दिया था। कश्मीरा ने कहा था कि 'एक बात हम कह सकते हैं कि जब आरती की बारी आई तो खेल में इस कदर गिरकर नहीं खेली। यही नहीं उसने बगैर दुर्भावनापूर्ण भावना के खेल दिखाया। उसने अपनी गरिमा बनाए रखी और निष्पक्ष लड़ाई लड़ी। आखिर में, यह एक टास्क है। हमें इन बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। मुझे वास्तव में आरती पर गर्व है। '
'बिग बॉस' में कुछ दिन पहले टास्क के दौरान सिद्धार्थ डे ने गोविंदा की भांजी आरती सिंह पर विवादित टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद घर में बहुत बवाल हुआ था। यहां तक कि सिद्धार्थ शुक्ला ने सिद्धार्थ डे को मुंह तोड़ने की धमकी भी दी थी। अब इस मामले पर आरती सिंह के भाई और कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक का बयान आया है। कृष्णा ने इंटरव्यू में कहा कि वह सलमान के सामने ही सिद्धार्थ से इस मुद्दे पर बात करेंगे। कृष्णा अभिषेक ने स्पॉटब्वॉय वेबसाइट से बात करते हुए इस मामले पर चुप्पी तोड़ी। कृष्णा ने कहा- 'मुझे बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा है कि सिद्धार्थ डे ऐसा कर रहा है। वह महिलाओं के साथ ऐसा कैसे कर सकता है। ऐसा करके वह अपनी फैन फॉलोइंग कम कर रहा है। लोग उसे गालियां दे रहे हैं। ' कृष्णा ने आगे रहा- 'मैं जब भी उससे मिलूंगा तो उसे ऐसा करने की वजह पूछूंगा। आरती मेरी बहन है। मैं सलमान खान के सामने भी सिद्धार्थ डे से इस मुद्दे पर बात करूंगा। उसे जवाब देना ही पड़ेगा। ' कृष्णा के इस बयान से साफ है कि वह सिद्धार्थ डे बयान से खफा हैं। इससे पहले भी कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह आरती सिंह का समर्थन करते नजर आए थे। 'बिग बॉस' में टास्क के दौरान शेफाली ने आरती से तलाक को लेकर सवाल पूछा था। आरती के तलाक की बात सुनकर सभी घरवाले हैरान रह गए थे। आईबी टाइम्स वेबसाइट से बात करते हुए आरती सिंह की भाभी और कृष्णा अभिषेक की पत्नी कश्मीरा शाह ने करारा जवाब दिया था। कश्मीरा ने कहा था कि 'एक बात हम कह सकते हैं कि जब आरती की बारी आई तो खेल में इस कदर गिरकर नहीं खेली। यही नहीं उसने बगैर दुर्भावनापूर्ण भावना के खेल दिखाया। उसने अपनी गरिमा बनाए रखी और निष्पक्ष लड़ाई लड़ी। आखिर में, यह एक टास्क है। हमें इन बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। मुझे वास्तव में आरती पर गर्व है। '
महादेव बनाम अल्लाह! भारत में शायद ही कोई चुनाव हिंदू-मुसलमान के बिना सम्पन्न होता है। इस मुद्दे पर तुष्टिकरण और धु्रवीकरण के, राजनीतिक दलों के, तरीके अलग-अलग हैं। चूंकि इस समय गुजरात चुनाव पूरे उफान पर है, लिहाजा मतदाता भी सांप्रदायिक आधार पर बंट रहे हैं। ऐसे निष्कर्ष विभिन्न सर्वेक्षणों और चुनाव विशेषज्ञों के हैं। भाजपा पूरी तरह घोर हिंदुत्व के सहारे चुनाव मैदान में है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम तुष्टिकरण को सीधा आतंकवाद से जोड़ दिया है और अपने संबोधनों में पुरानी घटनाओं का भी उल्लेख कर रहे हैं। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने 2002 के गोधरा दंगों का जिक़्र कर दावा ठोंका है कि हमने उन्हें ऐसा सबक सिखाया है कि उसके बाद कोई दंगा और कफ्र्यू गुजरात में नहीं देखा गया है। ऐसे ही कारण हैं कि अधिकांश मुस्लिम वोटर भाजपा के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। हालांकि इससे जनादेश बहुत कुछ प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि मुस्लिम परंपरागत और खासकर 2002 के दंगों के बाद से भाजपा के खिलाफ मतदान करते रहे हैं। कमोबेश 12-15 फीसदी मुसलमान भाजपा के पक्ष में वोट डालने लगे हैं। यह संकेत भी बेहद महत्त्वपूर्ण है। भाजपा गुजरात में 1995 से लगातार चुनाव जीतती रही है और सत्तारूढ़ है। इस बार भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र के जरिए कुछ और हिंदूवादी संकल्प किए हैं। मसलन-समान नागरिक संहिता लागू करेगी। दंगाइयों की संपत्ति जब्त करने का कानून बनाया जाएगा। जेल में कट्टरवादिता के खिलाफ एक प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। धर्मांतरण पर सख्त पाबंदी चस्पा की जाएगी। यही नहीं, भाजपा गुजरात मतदाताओं के एक तबके में हिंदूवादी मुद्दों पर महत्त्वपूर्ण जागृति फैलाने का भी काम करेगी। गुजरात में न तो कांग्रेस और न ही आम आदमी पार्टी (आप) का 'चुनावी हिंदुत्व' भाजपा की रणनीति का मुकाबला कर सकता है। कमोबेश कांग्रेस ने मुस्लिम लामबंदी और तुष्टिकरण का अलग और अजीब रास्ता अख्तियार किया है। कांग्रेस नेता चंदन ठाकोर ने बयान दिया है कि अगर देश को कोई बचा सकता है, तो सिर्फ मुसलमान ही बचा सकते हैं। ' राजकोट पूर्व से कांग्रेस उम्मीदवार इंद्रनील राजगुरू का मानना है-'गुजरात के सोमनाथ में अल्लाह बैठे हैं और राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह में भगवान महादेव विराजमान हैं। ' हमें समझ नहीं आया कि यह कौन-सी धर्मनिरपेक्ष एकता है? यह कैसी सांप्रदायिक सद्भावना है? क्या कांग्रेस अब साकार और निराकार धार्मिक आस्थाओं की भी तुलना करेगी? एक तरफ मंच से ऐसे सांप्रदायिक नारे बुलंद किए जा रहे हैं और दूसरी तरफ कांग्रेस के बड़े नेता राहुल गांधी को मंदिर में पूजा-पाठ करते हुए दिखाया जा रहा है। यह विरोधाभास कांग्रेस को कितनी और कौन-सी चुनावी ताकत देगा, हमारी समझ के परे है। गुजरात में मुस्लिम वोट बांटने के लिए 'आप' भी लड़ रही है और ओवैसी की मुस्लिमवादी पार्टी भी चुनाव मैदान में है। हैरत होती है कि कांग्रेस के प्रवक्ता टीवी चैनलों की बहस में 1940-42 का मुद्दा उठा रहे हैं कि हिंदू महासभा ने मुस्लिम लीग के साथ साझा सरकार बनाई थी और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उपमुख्यमंत्री थे। वे 2022 के राजनीतिक समीकरण क्यों भूल जाते हैं कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग केरल में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी है। दशकों से यह गठबंधन जारी है और मुस्लिम लीग का चेहरा कांग्रेस नेतृत्व की यूपीए सरकार में भी मंत्री रहा है। सवाल मुस्लिम लीग का नहीं है। तुलना महादेव और अल्लाह की है, जो किसी भी दृष्टि और मत-संप्रदाय-आस्था से गलत है। कांग्रेस नेता आज भी बयान दे रहे हैं कि देश के संसाधनों पर पहला हक अल्पसंख्यकों का है। अल्पसंख्यक कमोबेश मुसलमान नहीं हैं। जैन, बौद्ध व अन्य हैं।
महादेव बनाम अल्लाह! भारत में शायद ही कोई चुनाव हिंदू-मुसलमान के बिना सम्पन्न होता है। इस मुद्दे पर तुष्टिकरण और धु्रवीकरण के, राजनीतिक दलों के, तरीके अलग-अलग हैं। चूंकि इस समय गुजरात चुनाव पूरे उफान पर है, लिहाजा मतदाता भी सांप्रदायिक आधार पर बंट रहे हैं। ऐसे निष्कर्ष विभिन्न सर्वेक्षणों और चुनाव विशेषज्ञों के हैं। भाजपा पूरी तरह घोर हिंदुत्व के सहारे चुनाव मैदान में है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम तुष्टिकरण को सीधा आतंकवाद से जोड़ दिया है और अपने संबोधनों में पुरानी घटनाओं का भी उल्लेख कर रहे हैं। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने दो हज़ार दो के गोधरा दंगों का जिक़्र कर दावा ठोंका है कि हमने उन्हें ऐसा सबक सिखाया है कि उसके बाद कोई दंगा और कफ्र्यू गुजरात में नहीं देखा गया है। ऐसे ही कारण हैं कि अधिकांश मुस्लिम वोटर भाजपा के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। हालांकि इससे जनादेश बहुत कुछ प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि मुस्लिम परंपरागत और खासकर दो हज़ार दो के दंगों के बाद से भाजपा के खिलाफ मतदान करते रहे हैं। कमोबेश बारह-पंद्रह फीसदी मुसलमान भाजपा के पक्ष में वोट डालने लगे हैं। यह संकेत भी बेहद महत्त्वपूर्ण है। भाजपा गुजरात में एक हज़ार नौ सौ पचानवे से लगातार चुनाव जीतती रही है और सत्तारूढ़ है। इस बार भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र के जरिए कुछ और हिंदूवादी संकल्प किए हैं। मसलन-समान नागरिक संहिता लागू करेगी। दंगाइयों की संपत्ति जब्त करने का कानून बनाया जाएगा। जेल में कट्टरवादिता के खिलाफ एक प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। धर्मांतरण पर सख्त पाबंदी चस्पा की जाएगी। यही नहीं, भाजपा गुजरात मतदाताओं के एक तबके में हिंदूवादी मुद्दों पर महत्त्वपूर्ण जागृति फैलाने का भी काम करेगी। गुजरात में न तो कांग्रेस और न ही आम आदमी पार्टी का 'चुनावी हिंदुत्व' भाजपा की रणनीति का मुकाबला कर सकता है। कमोबेश कांग्रेस ने मुस्लिम लामबंदी और तुष्टिकरण का अलग और अजीब रास्ता अख्तियार किया है। कांग्रेस नेता चंदन ठाकोर ने बयान दिया है कि अगर देश को कोई बचा सकता है, तो सिर्फ मुसलमान ही बचा सकते हैं। ' राजकोट पूर्व से कांग्रेस उम्मीदवार इंद्रनील राजगुरू का मानना है-'गुजरात के सोमनाथ में अल्लाह बैठे हैं और राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह में भगवान महादेव विराजमान हैं। ' हमें समझ नहीं आया कि यह कौन-सी धर्मनिरपेक्ष एकता है? यह कैसी सांप्रदायिक सद्भावना है? क्या कांग्रेस अब साकार और निराकार धार्मिक आस्थाओं की भी तुलना करेगी? एक तरफ मंच से ऐसे सांप्रदायिक नारे बुलंद किए जा रहे हैं और दूसरी तरफ कांग्रेस के बड़े नेता राहुल गांधी को मंदिर में पूजा-पाठ करते हुए दिखाया जा रहा है। यह विरोधाभास कांग्रेस को कितनी और कौन-सी चुनावी ताकत देगा, हमारी समझ के परे है। गुजरात में मुस्लिम वोट बांटने के लिए 'आप' भी लड़ रही है और ओवैसी की मुस्लिमवादी पार्टी भी चुनाव मैदान में है। हैरत होती है कि कांग्रेस के प्रवक्ता टीवी चैनलों की बहस में एक हज़ार नौ सौ चालीस-बयालीस का मुद्दा उठा रहे हैं कि हिंदू महासभा ने मुस्लिम लीग के साथ साझा सरकार बनाई थी और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उपमुख्यमंत्री थे। वे दो हज़ार बाईस के राजनीतिक समीकरण क्यों भूल जाते हैं कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग केरल में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी है। दशकों से यह गठबंधन जारी है और मुस्लिम लीग का चेहरा कांग्रेस नेतृत्व की यूपीए सरकार में भी मंत्री रहा है। सवाल मुस्लिम लीग का नहीं है। तुलना महादेव और अल्लाह की है, जो किसी भी दृष्टि और मत-संप्रदाय-आस्था से गलत है। कांग्रेस नेता आज भी बयान दे रहे हैं कि देश के संसाधनों पर पहला हक अल्पसंख्यकों का है। अल्पसंख्यक कमोबेश मुसलमान नहीं हैं। जैन, बौद्ध व अन्य हैं।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मस्जिदों को लाउडस्पीकर पर अजान देने से रोकने का आदेश देने से इनकार करते हुए अधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण और लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध के बारे में नियमों को लागू करने का निर्देश दिया. बेंगलुरुः कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि लाउडस्पीकर पर 'अजान' देने से अन्य धर्मों के लोगों के मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं होता. अदालत ने मस्जिदों को लाउडस्पीकर पर अजान देने से रोकने का आदेश देने से इनकार कर दिया. हालांकि, अदालत ने अधिकारियों को लाउडस्पीकरों से संबंधित 'ध्वनि प्रदूषण नियम' लागू करने और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आलोक अराधे के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने बेंगलुरु के निवासी मंजूनाथ एस. हलावर की एक जनहित याचिका पर सुनवाई की. अदालत ने कहा कि इस तर्क को स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि अजान की आवाज याचिकाकर्ता के साथ-साथ अन्य धर्म के लोगों को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, हालांकि, अदालत ने अधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण और लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध के बारे में नियमों को लागू करने का निर्देश दिया. इसने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि लाउडस्पीकर, सार्वजनिक संबोधन प्रणाली, ध्वनि पैदा करने वाले वाद्ययंत्र और अन्य संगीत वाद्ययंत्रों को रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच उचित डेसिबल के उपयोग की अनुमति न दी जाए. हाईकोर्ट की एक अन्य खंडपीठ ने 17 जून, 2022 को अधिकारियों को लाउडस्पीकरों और सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक अभियान चलाने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट ने अब अधिकारियों को आठ सप्ताह की अवधि के भीतर इस अदालत के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. (समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मस्जिदों को लाउडस्पीकर पर अजान देने से रोकने का आदेश देने से इनकार करते हुए अधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण और लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध के बारे में नियमों को लागू करने का निर्देश दिया. बेंगलुरुः कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि लाउडस्पीकर पर 'अजान' देने से अन्य धर्मों के लोगों के मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं होता. अदालत ने मस्जिदों को लाउडस्पीकर पर अजान देने से रोकने का आदेश देने से इनकार कर दिया. हालांकि, अदालत ने अधिकारियों को लाउडस्पीकरों से संबंधित 'ध्वनि प्रदूषण नियम' लागू करने और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आलोक अराधे के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने बेंगलुरु के निवासी मंजूनाथ एस. हलावर की एक जनहित याचिका पर सुनवाई की. अदालत ने कहा कि इस तर्क को स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि अजान की आवाज याचिकाकर्ता के साथ-साथ अन्य धर्म के लोगों को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, हालांकि, अदालत ने अधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण और लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध के बारे में नियमों को लागू करने का निर्देश दिया. इसने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि लाउडस्पीकर, सार्वजनिक संबोधन प्रणाली, ध्वनि पैदा करने वाले वाद्ययंत्र और अन्य संगीत वाद्ययंत्रों को रात के दस बजे से सुबह छः बजे के बीच उचित डेसिबल के उपयोग की अनुमति न दी जाए. हाईकोर्ट की एक अन्य खंडपीठ ने सत्रह जून, दो हज़ार बाईस को अधिकारियों को लाउडस्पीकरों और सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक अभियान चलाने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट ने अब अधिकारियों को आठ सप्ताह की अवधि के भीतर इस अदालत के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.
लीड्सः बुधवार को हेडिंग्ले में तीसरे टेस्ट के पहले दिन भारतीय कप्तान विराट कोहली को आउट करने के बाद जेम्स एंडरसन काफी खुश नजर आए। लॉर्ड्स में भारत द्वारा जीते गए दूसरे टेस्ट के अंतिम दो दिनों में यह जोड़ी आपस में काफी जुबानी जंग कर चुकी थी। कोहली ने एंडरसन की एक फुल डिलीवरी पर स्ट्रेट ड्राइव का प्रयास किया और गेंद बल्ले का किनारा लेते हुए जोस बटलर के हाथों में समा गई। एंडरसन खुशी से चिल्लाए और जश्न मनाने के लिए सीधे रूट के पास दौड़ पड़े। एंडरसन ने दिन के खेल के बाद कहा, "मुझे लगता है कि यह विशेष था। हमने पिछले कुछ वर्षों में बेहतरीन टक्कर की हैं। वह एक शानदार खिलाड़ी है जिसके सामने आप एक टीम के रूप में चुप रहना चाहते हैं। विशेष रूप से, पांच मैचों की श्रृंखला में, अगर वह रन बनाने जा रहा है तो वह बहुत खतरनाक हो सकता है। " उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जिस तरह से हमने पूरी सीरीज में कोहली को गेंदबाजी की है, वह बहुत अच्छी है। हमें बस ऐसा करते रहना है और जितनी बार हो सके उसे शांत रखना है। " 39 वर्षीय एंडरसन ने आठ ओवरों में 3/6 के प्रभावशाली आंकड़े के साथ इंग्लैंड के लिए नई गेंद से खेल सेट किया। यह उनका शुरुआती कमाल था जिसने केएल राहुल (0), चेतेश्वर पुजारा (1) और कोहली (7) को आउट किया और इंग्लैंड के लिए दिन पर हावी होने का मंच तैयार किया। एंडरसन ने स्वीकार किया कि लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान सभी बकवास बातों के बाद, हेडिंग्ले में ध्यान चुप रहकर अपना काम करने पर था और इसने काम किया क्योंकि उन्होंने भारत को 78 रन पर आउट कर दिया। एंडरसन ने कहा, "हमने केवल हम पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करने का प्रयास किया है, जो हम अच्छा करते हैं और कोशिश करते हैं और बाकी सब कुछ अनदेखा करते हैं, बाहरी बातों पर ध्यान ना देकर सुनिश्चित करें कि क्या पर एक वास्तविक फोकस पर हैं कि हम अच्छा करते हैं। " भारत की शर्मनाक बल्लेबाज के जवाब में इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज हसीब हमीद (नाबाद 60) और रोरी बर्न (नाबाद 52) नाबाद रहे और इंग्लैंड बिना किसी नुकसान के 120 रन बना चुका था।
लीड्सः बुधवार को हेडिंग्ले में तीसरे टेस्ट के पहले दिन भारतीय कप्तान विराट कोहली को आउट करने के बाद जेम्स एंडरसन काफी खुश नजर आए। लॉर्ड्स में भारत द्वारा जीते गए दूसरे टेस्ट के अंतिम दो दिनों में यह जोड़ी आपस में काफी जुबानी जंग कर चुकी थी। कोहली ने एंडरसन की एक फुल डिलीवरी पर स्ट्रेट ड्राइव का प्रयास किया और गेंद बल्ले का किनारा लेते हुए जोस बटलर के हाथों में समा गई। एंडरसन खुशी से चिल्लाए और जश्न मनाने के लिए सीधे रूट के पास दौड़ पड़े। एंडरसन ने दिन के खेल के बाद कहा, "मुझे लगता है कि यह विशेष था। हमने पिछले कुछ वर्षों में बेहतरीन टक्कर की हैं। वह एक शानदार खिलाड़ी है जिसके सामने आप एक टीम के रूप में चुप रहना चाहते हैं। विशेष रूप से, पांच मैचों की श्रृंखला में, अगर वह रन बनाने जा रहा है तो वह बहुत खतरनाक हो सकता है। " उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जिस तरह से हमने पूरी सीरीज में कोहली को गेंदबाजी की है, वह बहुत अच्छी है। हमें बस ऐसा करते रहना है और जितनी बार हो सके उसे शांत रखना है। " उनतालीस वर्षीय एंडरसन ने आठ ओवरों में तीन/छः के प्रभावशाली आंकड़े के साथ इंग्लैंड के लिए नई गेंद से खेल सेट किया। यह उनका शुरुआती कमाल था जिसने केएल राहुल , चेतेश्वर पुजारा और कोहली को आउट किया और इंग्लैंड के लिए दिन पर हावी होने का मंच तैयार किया। एंडरसन ने स्वीकार किया कि लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान सभी बकवास बातों के बाद, हेडिंग्ले में ध्यान चुप रहकर अपना काम करने पर था और इसने काम किया क्योंकि उन्होंने भारत को अठहत्तर रन पर आउट कर दिया। एंडरसन ने कहा, "हमने केवल हम पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करने का प्रयास किया है, जो हम अच्छा करते हैं और कोशिश करते हैं और बाकी सब कुछ अनदेखा करते हैं, बाहरी बातों पर ध्यान ना देकर सुनिश्चित करें कि क्या पर एक वास्तविक फोकस पर हैं कि हम अच्छा करते हैं। " भारत की शर्मनाक बल्लेबाज के जवाब में इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज हसीब हमीद और रोरी बर्न नाबाद रहे और इंग्लैंड बिना किसी नुकसान के एक सौ बीस रन बना चुका था।
(www. arya-tv. com)11 हजार करोड़ रुपए के गन्ना भुगतान को लेकर धरने पर बैठे किसानों को पुलिस ने जबरन हटा दिया। शुक्रवार रात करीब 12 बजे सैकड़ों पुलिस वाले पहुंच गए और उन्होंने गन्ना संस्थान का कैंपस खाली करने को कहा। इसको लेकर किसान नेता वीएम सिंह और पुलिस के बीच बहस भी हुई। लेकिन दबाव में किसानों को हटाना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने बल का प्रयोग किया । उत्तर प्रदेश किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों ने 15 जुलाई से गन्ना आयुक्त कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया था। जिसमें बड़ी संख्या में किसानों का हुजूम गन्ना संस्थान पहुंचा था। इस बीच खबर आ रही थी कि इस आंदोलन में और बड़ी संख्या में किसान आ रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने शुक्रवार की देर रात किसानों को गन्ना संस्थान के बाहर कर दिया। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी भी की है। साथ ही लाठी भी भांजी है। जिसमें कई किसान चोटिल हो गए हैं। राष्ट्र किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह का कहना है कि हम इससे डरने वाले नहीं है। आंदोलन अभी और बड़ा होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाया है। किसाना शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। लेकिन, पुलिस ने इस आंदोलन को रौंदने के लिए जिस तरीके का प्रयोग किया है वह निंदनीय है। किसानों का कहना है कि वह अपनी मांगों के लिए नहीं बल्कि हक के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने की दर को 450 रूपए प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए। लगातार महंगाई बढ़ रही है। गन्ना किसान बेहाल हैं। लेकिन सरकार को इन सब चीजों से फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल की कीमतों के कारण लगातार खेती की लागत बढ़ रही है। इसके अलावा किसानों का ब्याल जोड़ दिया जाए तो पिछले दस साल का करीब 8 हजार करोड़ रुपए का भुगतान होना है। ऐसे में किसानों को चीनी मिलों से करीब 19 हजार करोड़ रुपए का भुगतान लेना है। प्रदेश में 70 लाख किसान परिवार गन्ना से जड़े है।
ग्यारह हजार करोड़ रुपए के गन्ना भुगतान को लेकर धरने पर बैठे किसानों को पुलिस ने जबरन हटा दिया। शुक्रवार रात करीब बारह बजे सैकड़ों पुलिस वाले पहुंच गए और उन्होंने गन्ना संस्थान का कैंपस खाली करने को कहा। इसको लेकर किसान नेता वीएम सिंह और पुलिस के बीच बहस भी हुई। लेकिन दबाव में किसानों को हटाना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने बल का प्रयोग किया । उत्तर प्रदेश किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों ने पंद्रह जुलाई से गन्ना आयुक्त कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया था। जिसमें बड़ी संख्या में किसानों का हुजूम गन्ना संस्थान पहुंचा था। इस बीच खबर आ रही थी कि इस आंदोलन में और बड़ी संख्या में किसान आ रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने शुक्रवार की देर रात किसानों को गन्ना संस्थान के बाहर कर दिया। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी भी की है। साथ ही लाठी भी भांजी है। जिसमें कई किसान चोटिल हो गए हैं। राष्ट्र किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह का कहना है कि हम इससे डरने वाले नहीं है। आंदोलन अभी और बड़ा होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाया है। किसाना शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। लेकिन, पुलिस ने इस आंदोलन को रौंदने के लिए जिस तरीके का प्रयोग किया है वह निंदनीय है। किसानों का कहना है कि वह अपनी मांगों के लिए नहीं बल्कि हक के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने की दर को चार सौ पचास रूपए प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए। लगातार महंगाई बढ़ रही है। गन्ना किसान बेहाल हैं। लेकिन सरकार को इन सब चीजों से फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल की कीमतों के कारण लगातार खेती की लागत बढ़ रही है। इसके अलावा किसानों का ब्याल जोड़ दिया जाए तो पिछले दस साल का करीब आठ हजार करोड़ रुपए का भुगतान होना है। ऐसे में किसानों को चीनी मिलों से करीब उन्नीस हजार करोड़ रुपए का भुगतान लेना है। प्रदेश में सत्तर लाख किसान परिवार गन्ना से जड़े है।
अद्यावन्ति ! पतद्ग्रहं कुरु करे माये ! शनैर्वीजयच्छत्रं काञ्चि! गृहाण काशि ! पुरतः पादूयुगं धारय । नायोध्ये ! भज सम्भ्रमं स्तुतिकथां नोद्गारय द्वारके ! देवीयं भवतीषु हन्त मथुरा दृष्टिप्रसादं दधे ॥४॥ जो श्रीगोविन्दके चरणकमलोंमें भक्तिरूपी मुक्तिका वितरण करनेमें परम निपुण हैं, जो भवसिन्धुमें तारनेवाली तथा कृष्णप्रेम प्रदान करनेवाली तारक और पारक दोनों विद्याओंसे परिशोभित हैं एवं निखिल जगन्मण्डलके शिरोमणिस्वरूप श्रीकृष्णकी बाल्यादि लीलाओंके स्थान हैं, वे वैकुण्ठकी भी आदरणीया श्रीमथुरापुरी तुम्हारे निखिल प्रकारके मङ्गलोंका विधान करें ॥१॥ जिनकी कान्ति करोड़ों चन्द्रोंकी कान्तिसे भी बढ़कर है, अत्यन्त वेगवान् संसारके अविद्या आदि पञ्चक्लेशरूप प्रबल योद्धा भी जिनको पराजित करनेमें असमर्थ हैं, अर्थात् जहाँ वास करनेसे भव-यन्त्रणासे सहज ही मुक्त हुआ जा सकता है, जिस पुरीमें वास करनेके माहात्म्यसे मायावी देवगण भी भयभीत रहते हैं, शुक- शौनक आदि मुनियोंके भी मनको हरण करनेवाली कृष्णलीलाएँ जहाँ नित्यसिद्ध हैं, जो उपासकोंकी सब प्रकारकी कामनाओंको पूर्ण करनेवाली हैं, शिवादि देवगण भी जिस पुरीमें प्रहरीका कार्य करनेके लिए लालायित रहते हैं, श्रीवराहदेवने भी जिनकी कीर्त्तिका गान किया है, वे श्रीमथुरापुरी तुमलोगोंको प्रेमभक्ति प्रदान करें ॥ २ ॥ जो मुक्तिरूप वृक्षके बीज स्वरूप तथा अनर्थोंकी परम्परासे निस्तार करनेवाली हैं, जो सब प्रकारके अमङ्गलोंसे रक्षा करनेवाली तथा प्रेमरसके आधारस्वरूप एवं कृष्ण-वश्यतारूप कामनाको पूर्ण करनेवाली हैं, श्रीकृष्णकी सच्चिदानन्दमय चित्-शक्ति युगल जहाँ निरन्तर प्रकाशित है, वही श्रीमथुरापुरी तुम्हारे लिङ्गशरीर (सूक्षमशरीर) तक पापराशिका ध्वंसकर प्रेमभक्तिका विधान करें ॥ ३ ॥ हे अवन्तिके (उज्जैनी ) ! आज तुम हाथमें ॥३॥ पीकदान ग्रहण करो, हे मायापुरी (हरिद्वार ) ! तुम चामर व्यजन करो, हे काञ्ची! तुम छत्र धारण करो, हे काशी ! तुम दोनों हाथोंसे पादुका लेकर आगे रखो, हे अयोध्या ! तुम और भयभीत न होना, हे द्वारके ! तुम आज स्तुति मत करना, क्योंकि आज महाराज श्रीकृष्णकी राजमहिषी श्रीमथुरादेवी तुम किङ्करियोंके प्रति प्रसन्न हो गयी हैं ॥ ४ ॥ श्रीश्रीवृन्दावनाष्टकम् मुकुन्दमुरलीरवश्रवणफुल्लहृद्वल्लवीकदम्बककरम्बितप्रतिकदम्बकुञ्जान्तरा । कलिन्दगिरिनन्दिनीकमलकन्दलान्दोलिना सुगन्धिरनिलेन मे शरणमस्तु वृन्दाटवी ॥ १ ॥ विकुण्ठपुरसंश्रयाद्विपिनतोऽपि निःश्रेयसात् सहस्रगुणितां श्रियं प्रदुहती रसश्रेयसीम् । चतुर्मुखमुखैरपि स्पृहिततार्णदेहोद्भवा जगद्गुरुभिरग्रिमैः शरणमस्तु वृन्दाटवी ॥२॥ अमन्दमकरन्दभृद्विटपिवृन्दवन्दीकृतद्विरेफकुलवन्दिता शरणमस्तु वृन्दाटवी ॥३॥ सुवल्गुभिरलङ्कृता ललितलक्ष्मलक्ष्मीभरैः । तयोर्नखरमण्डलीशिखरकेलिचर्योचितैर्वृताकिसलयाङ्कुरैः शरणमस्तु वृन्दाटवी ॥ ४ ॥ व्रजेन्द्रसखनन्दिनीशुभतराधिकारक्रियाप्रभावजसुखोत्सवस्फुरितजङ्गमस्थावरा ।
अद्यावन्ति ! पतद्ग्रहं कुरु करे माये ! शनैर्वीजयच्छत्रं काञ्चि! गृहाण काशि ! पुरतः पादूयुगं धारय । नायोध्ये ! भज सम्भ्रमं स्तुतिकथां नोद्गारय द्वारके ! देवीयं भवतीषु हन्त मथुरा दृष्टिप्रसादं दधे ॥चार॥ जो श्रीगोविन्दके चरणकमलोंमें भक्तिरूपी मुक्तिका वितरण करनेमें परम निपुण हैं, जो भवसिन्धुमें तारनेवाली तथा कृष्णप्रेम प्रदान करनेवाली तारक और पारक दोनों विद्याओंसे परिशोभित हैं एवं निखिल जगन्मण्डलके शिरोमणिस्वरूप श्रीकृष्णकी बाल्यादि लीलाओंके स्थान हैं, वे वैकुण्ठकी भी आदरणीया श्रीमथुरापुरी तुम्हारे निखिल प्रकारके मङ्गलोंका विधान करें ॥एक॥ जिनकी कान्ति करोड़ों चन्द्रोंकी कान्तिसे भी बढ़कर है, अत्यन्त वेगवान् संसारके अविद्या आदि पञ्चक्लेशरूप प्रबल योद्धा भी जिनको पराजित करनेमें असमर्थ हैं, अर्थात् जहाँ वास करनेसे भव-यन्त्रणासे सहज ही मुक्त हुआ जा सकता है, जिस पुरीमें वास करनेके माहात्म्यसे मायावी देवगण भी भयभीत रहते हैं, शुक- शौनक आदि मुनियोंके भी मनको हरण करनेवाली कृष्णलीलाएँ जहाँ नित्यसिद्ध हैं, जो उपासकोंकी सब प्रकारकी कामनाओंको पूर्ण करनेवाली हैं, शिवादि देवगण भी जिस पुरीमें प्रहरीका कार्य करनेके लिए लालायित रहते हैं, श्रीवराहदेवने भी जिनकी कीर्त्तिका गान किया है, वे श्रीमथुरापुरी तुमलोगोंको प्रेमभक्ति प्रदान करें ॥ दो ॥ जो मुक्तिरूप वृक्षके बीज स्वरूप तथा अनर्थोंकी परम्परासे निस्तार करनेवाली हैं, जो सब प्रकारके अमङ्गलोंसे रक्षा करनेवाली तथा प्रेमरसके आधारस्वरूप एवं कृष्ण-वश्यतारूप कामनाको पूर्ण करनेवाली हैं, श्रीकृष्णकी सच्चिदानन्दमय चित्-शक्ति युगल जहाँ निरन्तर प्रकाशित है, वही श्रीमथुरापुरी तुम्हारे लिङ्गशरीर तक पापराशिका ध्वंसकर प्रेमभक्तिका विधान करें ॥ तीन ॥ हे अवन्तिके ! आज तुम हाथमें ॥तीन॥ पीकदान ग्रहण करो, हे मायापुरी ! तुम चामर व्यजन करो, हे काञ्ची! तुम छत्र धारण करो, हे काशी ! तुम दोनों हाथोंसे पादुका लेकर आगे रखो, हे अयोध्या ! तुम और भयभीत न होना, हे द्वारके ! तुम आज स्तुति मत करना, क्योंकि आज महाराज श्रीकृष्णकी राजमहिषी श्रीमथुरादेवी तुम किङ्करियोंके प्रति प्रसन्न हो गयी हैं ॥ चार ॥ श्रीश्रीवृन्दावनाष्टकम् मुकुन्दमुरलीरवश्रवणफुल्लहृद्वल्लवीकदम्बककरम्बितप्रतिकदम्बकुञ्जान्तरा । कलिन्दगिरिनन्दिनीकमलकन्दलान्दोलिना सुगन्धिरनिलेन मे शरणमस्तु वृन्दाटवी ॥ एक ॥ विकुण्ठपुरसंश्रयाद्विपिनतोऽपि निःश्रेयसात् सहस्रगुणितां श्रियं प्रदुहती रसश्रेयसीम् । चतुर्मुखमुखैरपि स्पृहिततार्णदेहोद्भवा जगद्गुरुभिरग्रिमैः शरणमस्तु वृन्दाटवी ॥दो॥ अमन्दमकरन्दभृद्विटपिवृन्दवन्दीकृतद्विरेफकुलवन्दिता शरणमस्तु वृन्दाटवी ॥तीन॥ सुवल्गुभिरलङ्कृता ललितलक्ष्मलक्ष्मीभरैः । तयोर्नखरमण्डलीशिखरकेलिचर्योचितैर्वृताकिसलयाङ्कुरैः शरणमस्तु वृन्दाटवी ॥ चार ॥ व्रजेन्द्रसखनन्दिनीशुभतराधिकारक्रियाप्रभावजसुखोत्सवस्फुरितजङ्गमस्थावरा ।
निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट ने दो दोषियों विनय कुमार शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, यह मेरे लिए बड़ा दिन है। मैंने 7 साल तक बहुत संघर्ष किया है। नई दिल्ली. निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट ने दो दोषियों विनय कुमार शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, यह मेरे लिए बड़ा दिन है। मैंने 7 साल तक बहुत संघर्ष किया है। मेरे लिए 22 जनवरी सबसे बड़ा दिन होगा, जिस दिन निर्भया के चारों दोषियों के फांसी पर लटकाया जाएगा। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी देने की तारीख तय किया है। दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो चुकी है, लेकिन अभी दो दोषियों के पास क्यूरेटिव पिटीशन का विकल्प बचा है। इसके अलावा चारों दोषियों के पास क्षमा याचना का विकल्प बचा है, जो राष्ट्रपति तय करेंगे। फिलहाल अभी तक किसी भी दोषी ने क्षमा याचिका नहीं भेजी है। पटियाला हाउस कोर्ट के डेथ वॉरन्ट जारी करने के बाद चारों दोषियों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।
निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट ने दो दोषियों विनय कुमार शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, यह मेरे लिए बड़ा दिन है। मैंने सात साल तक बहुत संघर्ष किया है। नई दिल्ली. निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट ने दो दोषियों विनय कुमार शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, यह मेरे लिए बड़ा दिन है। मैंने सात साल तक बहुत संघर्ष किया है। मेरे लिए बाईस जनवरी सबसे बड़ा दिन होगा, जिस दिन निर्भया के चारों दोषियों के फांसी पर लटकाया जाएगा। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों को बाईस जनवरी की सुबह सात बजे फांसी देने की तारीख तय किया है। दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो चुकी है, लेकिन अभी दो दोषियों के पास क्यूरेटिव पिटीशन का विकल्प बचा है। इसके अलावा चारों दोषियों के पास क्षमा याचना का विकल्प बचा है, जो राष्ट्रपति तय करेंगे। फिलहाल अभी तक किसी भी दोषी ने क्षमा याचिका नहीं भेजी है। पटियाला हाउस कोर्ट के डेथ वॉरन्ट जारी करने के बाद चारों दोषियों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर सोलह-सत्रह दिसंबर दो हज़ार बारह की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित छः लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के तेरहवें दिन उनतीस दिसंबर दो हज़ार बारह को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। इन्फोसिस लिमिटेड एक बहुराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी मुख्यालय है जो बेंगलुरु, भारत में स्थित है। यह एक भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है जिसके पास 30 जून 2008 को (सहायकों सहित) 94,379 से अधिक पेशेवर हैं। इसके भारत में 9 विकास केन्द्र हैं और दुनिया भर में 30 से अधिक कार्यालय हैं। वित्तीय वर्ष।वित्तीय वर्ष २००७-२००८ के लिए इसका वार्षिक राजस्व US$4 बिलियन से अधिक है, इसकी बाजार पूंजी US$30 बिलियन से अधिक है। . प्रारम्भिक बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का मानचित्र यह एक निगम या उपक्रम होता है जो कि कम से कम दो देशों या राष्ट्रों में उत्पादन की स्थापना का प्रबन्धन करते हैं, या सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। कई बहुत बड़ी बहु-राष्ट्रीय कम्पनियों के बजट तो कई देशों के सालाना आर्थिक बजट से भी ज्यादा होते हैं। इन कम्पनियों का स्थानीय अर्थव्यवस्था व अन्तराष्ट्रीय सम्बन्धों पर शक्तिशाली प्रभाव होता है। इन कम्पनियों की विश्वव्यापकीकरण में अहम भूमिका होती है। इन्हें प्रचलित भाषा में एम एन सी या मल्टीनेशनल कम्पनी भी कहते हैं। . इंफोसिस और बहुराष्ट्रीय कम्पनी आम में एक बात है (यूनियनपीडिया में): बहुराष्ट्रीय कम्पनी। प्रारम्भिक बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का मानचित्र यह एक निगम या उपक्रम होता है जो कि कम से कम दो देशों या राष्ट्रों में उत्पादन की स्थापना का प्रबन्धन करते हैं, या सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। कई बहुत बड़ी बहु-राष्ट्रीय कम्पनियों के बजट तो कई देशों के सालाना आर्थिक बजट से भी ज्यादा होते हैं। इन कम्पनियों का स्थानीय अर्थव्यवस्था व अन्तराष्ट्रीय सम्बन्धों पर शक्तिशाली प्रभाव होता है। इन कम्पनियों की विश्वव्यापकीकरण में अहम भूमिका होती है। इन्हें प्रचलित भाषा में एम एन सी या मल्टीनेशनल कम्पनी भी कहते हैं। . इंफोसिस 82 संबंध है और बहुराष्ट्रीय कम्पनी 13 है। वे आम 1 में है, समानता सूचकांक 1.05% है = 1 / (82 + 13)। यह लेख इंफोसिस और बहुराष्ट्रीय कम्पनी के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। इन्फोसिस लिमिटेड एक बहुराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी मुख्यालय है जो बेंगलुरु, भारत में स्थित है। यह एक भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है जिसके पास तीस जून दो हज़ार आठ को चौरानवे,तीन सौ उन्यासी से अधिक पेशेवर हैं। इसके भारत में नौ विकास केन्द्र हैं और दुनिया भर में तीस से अधिक कार्यालय हैं। वित्तीय वर्ष।वित्तीय वर्ष दो हज़ार सात-दो हज़ार आठ के लिए इसका वार्षिक राजस्व चार डॉलर बिलियन से अधिक है, इसकी बाजार पूंजी तीस डॉलर बिलियन से अधिक है। . प्रारम्भिक बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का मानचित्र यह एक निगम या उपक्रम होता है जो कि कम से कम दो देशों या राष्ट्रों में उत्पादन की स्थापना का प्रबन्धन करते हैं, या सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। कई बहुत बड़ी बहु-राष्ट्रीय कम्पनियों के बजट तो कई देशों के सालाना आर्थिक बजट से भी ज्यादा होते हैं। इन कम्पनियों का स्थानीय अर्थव्यवस्था व अन्तराष्ट्रीय सम्बन्धों पर शक्तिशाली प्रभाव होता है। इन कम्पनियों की विश्वव्यापकीकरण में अहम भूमिका होती है। इन्हें प्रचलित भाषा में एम एन सी या मल्टीनेशनल कम्पनी भी कहते हैं। . इंफोसिस और बहुराष्ट्रीय कम्पनी आम में एक बात है : बहुराष्ट्रीय कम्पनी। प्रारम्भिक बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का मानचित्र यह एक निगम या उपक्रम होता है जो कि कम से कम दो देशों या राष्ट्रों में उत्पादन की स्थापना का प्रबन्धन करते हैं, या सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। कई बहुत बड़ी बहु-राष्ट्रीय कम्पनियों के बजट तो कई देशों के सालाना आर्थिक बजट से भी ज्यादा होते हैं। इन कम्पनियों का स्थानीय अर्थव्यवस्था व अन्तराष्ट्रीय सम्बन्धों पर शक्तिशाली प्रभाव होता है। इन कम्पनियों की विश्वव्यापकीकरण में अहम भूमिका होती है। इन्हें प्रचलित भाषा में एम एन सी या मल्टीनेशनल कम्पनी भी कहते हैं। . इंफोसिस बयासी संबंध है और बहुराष्ट्रीय कम्पनी तेरह है। वे आम एक में है, समानता सूचकांक एक.पाँच% है = एक / । यह लेख इंफोसिस और बहुराष्ट्रीय कम्पनी के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
क्या 15 अगस्त को जैसलमेर जाना ठीक रहेगा? Jaisalmer in august shows hot weather though not scorching. You might see rains and sun. September is one such ideal time to travel to Rajasthan. Upto you. Yes You can go to Jaisalmer in September as It may be Rain in Jaisalmer nd temperature is not much high during that time. Earn credits when your answers are upvoted by others. हम पति पत्नी कार से बिलासपुर छत्तीसगढ़ से पुरी तक की यात्रा में जा रहे हैं । रास्ते में एक जगह रात्रि विश्राम करेंगे । कृपयाकोई मित्र यह बताने का कष्ट करें कि रात्रि विश्राम किस जगह करना ठीक रहेगा व रास्ते में और क्या क्या देख सकते हैं । क्या चंडीगढ़ से मनाली बस सर्विस चालू है अभी, और sunday को भी मिल सकती है क्या?
क्या पंद्रह अगस्त को जैसलमेर जाना ठीक रहेगा? Jaisalmer in august shows hot weather though not scorching. You might see rains and sun. September is one such ideal time to travel to Rajasthan. Upto you. Yes You can go to Jaisalmer in September as It may be Rain in Jaisalmer nd temperature is not much high during that time. Earn credits when your answers are upvoted by others. हम पति पत्नी कार से बिलासपुर छत्तीसगढ़ से पुरी तक की यात्रा में जा रहे हैं । रास्ते में एक जगह रात्रि विश्राम करेंगे । कृपयाकोई मित्र यह बताने का कष्ट करें कि रात्रि विश्राम किस जगह करना ठीक रहेगा व रास्ते में और क्या क्या देख सकते हैं । क्या चंडीगढ़ से मनाली बस सर्विस चालू है अभी, और sunday को भी मिल सकती है क्या?
मानव शरीर को अपने मालिक के बारे में बहुमूल्य जानकारी का स्रोत माना जाता है। बहुत से लोग अतीत, वर्तमान को निर्धारित करने और हाथों की रेखाओं से भाग्य की भविष्यवाणी करने का प्रयास करते हैं। जन्म के आधार पर, आंखें, बाल, शिल्पकार व्यक्ति के बारे में बहुत सारी रोचक बातें सीखते हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक एक आदमी को उसके चेहरे की विशेषताओं में क्या दिलचस्पी थी। इसे सीखने की इच्छा पूरी विज्ञान में उभरी है और इसकी खोजों से आश्चर्यचकित है। चेहरे की 5 मुख्य विशेषताएं हैंः आंखें, भौहें, मुंह, नाक और कान, जिनकी विशेषताएं अब हम मानते हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि चेहरे की विशेषताओं पर महिलाओं की प्रकृति पुरुषों की तुलना में निर्धारित करना अधिक कठिन है, क्योंकि निष्पक्ष सेक्स कॉस्मेटिक्स का उपयोग करता है जो कुछ सूक्ष्मताओं को छुपा सकता है। हालांकि, चेहरे की आंखें और आकार समान रहता है, इसलिए वे इसके बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं। केवल अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा चेहरे की विशेषताओं द्वारा किसी व्यक्ति के मनोविज्ञान की पहचान करें। हालांकि, हम उनकी मुख्य विशेषताओं पर विचार करने की कोशिश करेंगे। चेहरे की विशेषताएं क्या हैं? - भौहें चेहरे, जिद्दी व्यक्ति के इस हिस्से का व्यापक, कठिन और मोटा होना। भौहें के चाप के बीच में उठाया, क्रूरता और उद्यम के बारे में बात कर सकते हैं। इसके विपरीत, पतली, संकीर्ण भौहें कुलीनता की पुष्टि करती हैं। लघु भौहें एक अमूर्त प्रकृति, और उसकी लंबी बुद्धि को अलग करती हैं। - आंखें आंखों के रूप में ऐसी चेहरे की विशेषताओं से किसी व्यक्ति को चित्रित करने के लिए, आप बिना किसी प्रयास के कर सकते हैं। बड़ी आंखें ग्रहणशीलता, संवेदनशीलता, मर्दाना और अपमान, छोटे व्यक्त जिद्दीपन, प्रसन्नता और ईर्ष्या की बात करती हैं। यदि पलकें मध्य में कम हो जाती हैं, तो यह किसी व्यक्ति की समझ और निपुणता प्रदान करती है। पूरे लंबाई के साथ घूमने वाली पलक का मतलब है कि यह प्रकृति गर्म और नारी है। - नाक नाक के रूप में इस तरह के गुण से किसी व्यक्ति के मनोविज्ञान को परिभाषित करना, किसी को निम्नलिखित में ध्यान देना चाहिए, एक लंबी नाक रूढ़िवादी की विशेषता है, एक बहुत लंबा - बौद्धिक और मज़बूत प्रकृति के लिए, शांत और लंबी शांति की बोलती है स्वभाव और टिकाऊ चरित्र, और एक छोटा सा एक खुला और दोस्ताना आशावादी देता है। - मुंह अगर किसी व्यक्ति के पास बड़ा मुंह होता है, तो इसका मतलब है कि वह एक घरेलू, मापा जीवन की तुलना में एक करियर के इच्छुक है। एक छोटा मुंह एक कमजोर चरित्र की बात करता है, और पतले होंठ क्रूरता का संकेत हैं। मोटे होंठ प्रकृति की दयालुता और कामुकता देते हैं। - कान यदि कान बाहर निकलते हैं, तो इसका मतलब है कि आप एक संवेदनशील व्यक्ति हैं, जो पहले करने में सक्षम हैं, और फिर बहस करते हैं। यदि कान की चौड़ाई ऊंचाई से कम है, तो यह व्यक्ति कमजोर है। दूसरे के ऊपर एक कान एक जिद्दी और भावुक व्यक्ति का संकेत है।
मानव शरीर को अपने मालिक के बारे में बहुमूल्य जानकारी का स्रोत माना जाता है। बहुत से लोग अतीत, वर्तमान को निर्धारित करने और हाथों की रेखाओं से भाग्य की भविष्यवाणी करने का प्रयास करते हैं। जन्म के आधार पर, आंखें, बाल, शिल्पकार व्यक्ति के बारे में बहुत सारी रोचक बातें सीखते हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक एक आदमी को उसके चेहरे की विशेषताओं में क्या दिलचस्पी थी। इसे सीखने की इच्छा पूरी विज्ञान में उभरी है और इसकी खोजों से आश्चर्यचकित है। चेहरे की पाँच मुख्य विशेषताएं हैंः आंखें, भौहें, मुंह, नाक और कान, जिनकी विशेषताएं अब हम मानते हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि चेहरे की विशेषताओं पर महिलाओं की प्रकृति पुरुषों की तुलना में निर्धारित करना अधिक कठिन है, क्योंकि निष्पक्ष सेक्स कॉस्मेटिक्स का उपयोग करता है जो कुछ सूक्ष्मताओं को छुपा सकता है। हालांकि, चेहरे की आंखें और आकार समान रहता है, इसलिए वे इसके बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं। केवल अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा चेहरे की विशेषताओं द्वारा किसी व्यक्ति के मनोविज्ञान की पहचान करें। हालांकि, हम उनकी मुख्य विशेषताओं पर विचार करने की कोशिश करेंगे। चेहरे की विशेषताएं क्या हैं? - भौहें चेहरे, जिद्दी व्यक्ति के इस हिस्से का व्यापक, कठिन और मोटा होना। भौहें के चाप के बीच में उठाया, क्रूरता और उद्यम के बारे में बात कर सकते हैं। इसके विपरीत, पतली, संकीर्ण भौहें कुलीनता की पुष्टि करती हैं। लघु भौहें एक अमूर्त प्रकृति, और उसकी लंबी बुद्धि को अलग करती हैं। - आंखें आंखों के रूप में ऐसी चेहरे की विशेषताओं से किसी व्यक्ति को चित्रित करने के लिए, आप बिना किसी प्रयास के कर सकते हैं। बड़ी आंखें ग्रहणशीलता, संवेदनशीलता, मर्दाना और अपमान, छोटे व्यक्त जिद्दीपन, प्रसन्नता और ईर्ष्या की बात करती हैं। यदि पलकें मध्य में कम हो जाती हैं, तो यह किसी व्यक्ति की समझ और निपुणता प्रदान करती है। पूरे लंबाई के साथ घूमने वाली पलक का मतलब है कि यह प्रकृति गर्म और नारी है। - नाक नाक के रूप में इस तरह के गुण से किसी व्यक्ति के मनोविज्ञान को परिभाषित करना, किसी को निम्नलिखित में ध्यान देना चाहिए, एक लंबी नाक रूढ़िवादी की विशेषता है, एक बहुत लंबा - बौद्धिक और मज़बूत प्रकृति के लिए, शांत और लंबी शांति की बोलती है स्वभाव और टिकाऊ चरित्र, और एक छोटा सा एक खुला और दोस्ताना आशावादी देता है। - मुंह अगर किसी व्यक्ति के पास बड़ा मुंह होता है, तो इसका मतलब है कि वह एक घरेलू, मापा जीवन की तुलना में एक करियर के इच्छुक है। एक छोटा मुंह एक कमजोर चरित्र की बात करता है, और पतले होंठ क्रूरता का संकेत हैं। मोटे होंठ प्रकृति की दयालुता और कामुकता देते हैं। - कान यदि कान बाहर निकलते हैं, तो इसका मतलब है कि आप एक संवेदनशील व्यक्ति हैं, जो पहले करने में सक्षम हैं, और फिर बहस करते हैं। यदि कान की चौड़ाई ऊंचाई से कम है, तो यह व्यक्ति कमजोर है। दूसरे के ऊपर एक कान एक जिद्दी और भावुक व्यक्ति का संकेत है।
चुनाव के दौरान अपने मतदान का प्रयोग करना हर भारतीय का अधिकार है. लेकिन कई लोग इस अधिकार से वंचित रह जाते हैं. इसका कारण है उनके पास वोटिंग कार्ड का न होना. वैसे चुनाव आयोग जनता को जागरूक करने की मुमकिन कोशिश करता है. लेकिन ऐसा भी होता है कि वोटिंग कार्ड खो जाने के बाद लोग यह नहीं समझ पाते हैं कि कैसे दुबारा वोटिंग कार्ड बनाया जाए. चलिए हम आपको बताते हैं कि डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड बनवाने के स्टेप्स : 1. ध्यान रहे वोटर आईडी खो जाने पर सबसे पहले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाएं. उसके पुलिस द्वारा दी गई एफआईआर की कॉपी को अपने पास सुरक्षित रखलें. 2. इसके बाद आपको इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म 002 भरना होगा. इस फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारियों को ध्यान पूर्वक भर दें. उसके बाद एफआईआर की कॉपी को फॉर्म के साथ अटैच जमा कर दें. अगर आप ऑनलाइन नहीं भरना चाहते हैं तो आपको यह फॉर्म इलेक्शन कमीशन के दफ्तर में भी मिल जाएगा. 3. ध्यान रहे इसके साथ ही आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस के फोटो कॉपी जमा करनी होगी. इसके साथ ही आपको एड्रेस प्रूफ भी देना होगा. बता दें कि ऑनलाइन फॉर्म भरने से वोटर आईडी जल्दी बनता है. 4. इसके बाद आप अपने डाक्यूमेंट्स को बीएलओ ऑफिस में जमा कर दें. फॉर्म जमा करने के बाद आपको एक रिसीविंग कॉपी अधिकारीयों द्वारा दी जाएगी.
चुनाव के दौरान अपने मतदान का प्रयोग करना हर भारतीय का अधिकार है. लेकिन कई लोग इस अधिकार से वंचित रह जाते हैं. इसका कारण है उनके पास वोटिंग कार्ड का न होना. वैसे चुनाव आयोग जनता को जागरूक करने की मुमकिन कोशिश करता है. लेकिन ऐसा भी होता है कि वोटिंग कार्ड खो जाने के बाद लोग यह नहीं समझ पाते हैं कि कैसे दुबारा वोटिंग कार्ड बनाया जाए. चलिए हम आपको बताते हैं कि डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड बनवाने के स्टेप्स : एक. ध्यान रहे वोटर आईडी खो जाने पर सबसे पहले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाएं. उसके पुलिस द्वारा दी गई एफआईआर की कॉपी को अपने पास सुरक्षित रखलें. दो. इसके बाद आपको इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म दो भरना होगा. इस फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारियों को ध्यान पूर्वक भर दें. उसके बाद एफआईआर की कॉपी को फॉर्म के साथ अटैच जमा कर दें. अगर आप ऑनलाइन नहीं भरना चाहते हैं तो आपको यह फॉर्म इलेक्शन कमीशन के दफ्तर में भी मिल जाएगा. तीन. ध्यान रहे इसके साथ ही आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस के फोटो कॉपी जमा करनी होगी. इसके साथ ही आपको एड्रेस प्रूफ भी देना होगा. बता दें कि ऑनलाइन फॉर्म भरने से वोटर आईडी जल्दी बनता है. चार. इसके बाद आप अपने डाक्यूमेंट्स को बीएलओ ऑफिस में जमा कर दें. फॉर्म जमा करने के बाद आपको एक रिसीविंग कॉपी अधिकारीयों द्वारा दी जाएगी.
कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रीपरिषद के हमारे साथी स्मृति ईरानी जी, डॉक्टर महेंद्रभाई, सभी अधिकारीगण, सभी अभिभावक एवं शिक्षकगण, और भारत के भविष्य, ऐसे मेरे सभी युवा साथियों! आप सबसे बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। आपसे आपके अनुभवों के बारे में जानने को भी मिला। कला-संस्कृति से लेकर वीरता, शिक्षा से लेकर इनोवेशन, समाजसेवा और खेल, जैसे अनेकविध क्षेत्रों में आपकी असाधारण उपलब्धियों के लिए आपको अवार्ड मिले हैं। और ये अवार्ड एक बहुत बड़ी स्पर्धा के बाद आपको मिले हैं। देश के हर कोने से बच्चे आगे आए हैं। उसमें से आपका नंबर लगा है। मतलब कि अवार्ड पाने वालों की संख्या भले कम है, लेकिन इस प्रकार से होनहार बालकों की संख्या हमारे देश में अपरम्पार है। आप सबको एक बार फिर इन पुरस्कारों के लिए बहुत बहुत बधाई। आज National Girl Child Day भी है। मैं देश की सभी बेटियों को भी बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं। आपके साथ-साथ मैं आपके माता-पिता और टीचर्स को भी विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ। आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं, इसके पीछे उनका भी बहुत बड़ा योगदान है। इसीलिए, आपकी हर सफलता आपके अपनों की भी सफलता है। उसमें आपके अपनों का प्रयास और उनकी भावनाएं शामिल हैं। मेरे नौजवान साथियों, आपको आज ये जो अवार्ड मिला है, ये एक और वजह से बहुत खास है। ये वजह है- इन पुरस्कारों का अवसर! देश इस समय अपनी आज़ादी के 75 साल का पर्व मना रहा है। आपको ये अवार्ड इस महत्वपूर्ण कालखंड में मिला है। आप जीवन भर, गर्व से कहेंगे कि जब मेरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा था, तब मुझे ये अवार्ड मिला था। इस अवार्ड के साथ आपको बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भी मिली है। अब दोस्तों की, परिवार की, समाज की, हर किसी की आपसे अपेक्षाएँ भी बढ़ गई हैं। इन अपेक्षाओं का आपको दबाव नहीं लेना है, इनसे प्रेरणा लेनी है। युवा साथियों, हमारे देश के छोटे छोटे बच्चों ने, बेटे-बेटियों ने हर युग में इतिहास लिखा है। हमारी आज़ादी की लड़ाई में वीरबाला कनकलता बरुआ, खुदीराम बोस, रानी गाइडिनिल्यू जैसे वीरों का ऐसा इतिहास है जो हमें गर्व से भर देता है। इन सेनानियों ने छोटी सी उम्र में ही देश की आज़ादी को अपने जीवन का मिशन बना लिया था, उसके लिए खुद को समर्पित कर दिया था। आपने टीवी देखा होगा, मैं पिछले साल दीवाली पर जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में गया था। वहां मेरी मुलाकात श्रीमान बलदेव सिंह और श्रीमान बसंत सिंह नाम के ऐसे वीरों से हुई जिन्होंने आज़ादी के तुरंत बाद जो युद्ध हुआ था कश्मीर की धरती पर, अभी तो इनकी उम्र बहुत बड़ी है, तब वो बहुत छोटी उम्र के थे और उन्होंने उस युद्ध में बाल सैनिक की भूमिका निभाई थी। और हमारी सेना में पहली बार बाल-सैनिक के रूप में उनकी पहचान की गई थी। उन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए उतनी कम उम्र में अपनी सेना की मदद की थी। इसी तरह, हमारे भारत का एक और उदाहरण है- गुरु गोविन्द सिंह जी के बेटों का शौर्य और बलिदान! साहिबज़ादों ने जब असीम वीरता के साथ, धैर्य के साथ, साहस के साथ पूर्ण समर्पण भाव से बलिदान दिया था तब उनकी उम्र बहुत कम थी। भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था और धर्म के लिए उनका बलिदान अतुलनीय है। साहिबज़ादों के बलिदान की स्मृति में देश ने 26 दिसम्बर को 'वीर बाल दिवस' की भी शुरुआत की है। मैं चाहूँगा कि आप सब, और देश के सभी युवा वीर साहिबज़ादों के बारे में जरूर पढ़ें। आपने ये भी जरूर देखा होगा, कल दिल्ली में इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाषचंद्र बोस की डिजिटल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। नेताजी से हमें सबसे बड़ी प्रेरणा मिलती है- कर्तव्य की, राष्ट्रप्रथम की! नेताजी से प्रेरणा लेकर हम सबको, और युवा पीढ़ी को विशेष रूप से देश के लिए अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ना है। हमारी आजादी के 75 साल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आज हमारे सामने अपने अतीत पर गर्व करने का, उससे ऊर्जा लेने का समय है। ये समय वर्तमान के संकल्पों को पूरा करने का है। ये समय भविष्य के लिए नए सपने देखने का है, नए लक्ष्य निर्धारित करके उन पर बढ़ने का है। ये लक्ष्य अगले 25 सालों के लिए हैं, जब देश अपनी आज़ादी के सौ साल पूरे करेगा। अब आप कल्पना कीजिए, आज आप में से ज्यादातर लोग 10 और 20 के बीच की उम्र के हैं। जब आजादी के सौ साल होंगे तब आप जीवन के उस पड़ाव पर होंगे, तब ये देश कितना भव्य, दिव्य, प्रगतिशील, ऊंचाइयों पर पहुंचा हुआ, आपका जीवन कितना सुख-शांति से भरा हुआ होगा। यानी, ये लक्ष्य हमारे युवाओं के लिए हैं, आपकी पीढ़ी और आपके लिए हैं। अगले 25 सालों में देश जिस ऊंचाई पर होगा, देश का जो सामर्थ्य बढ़ेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका हमारी युवा पीढ़ी की है। हमारे पूर्वजों ने जो बोया, उन्होंने जो तप किया, त्याग किया, उसके फल हम सबको नसीब हुए हैं। लेकिन आप वो लोग हैं, आप एक ऐसे कालखंड में पहुंचे हैं, देश आज उस जगह पर पहुंचा हुआ है कि आप जो बोऐंगे उसके फल आपको खाने को मिलेंगे, इतना जल्दी से बदलाव होने वाला है। इसीलिए, आप देखते होंगे, आज देश में जो नीतियाँ बन रही हैं, जो प्रयास हो रहे हैं, उन सबके केंद्र में हमारी युवा पीढ़ी है, आप लोग हैं। आप किसी सेक्टर को सामने रखिए, आज देश के सामने स्टार्टअप इंडिया जैसे मिशन हैं, स्टैंडअप इंडिया जैसे प्रोग्राम चल रहे हैं, डिजिटल इंडिया का इतना बड़ा अभियान हमारे सामने है, मेक इन इंडिया को गति दी जा रही है, आत्मनिर्भर भारत का जनआंदोलन देश ने शुरू किया है, देश के हर कोने में तेजी से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर विस्तार ले रहा है, हाइवेज़ बन रहे हैं, हाइस्पीड एक्सप्रेसवेज़ बन रहे हैं, ये प्रगति, ये गति किसकी स्पीड से मैच करती है? आप लोग ही हैं जो इन सब बदलावों से खुद को जोड़कर देखते हैं, इन सबके लिए इतना excited रहते हैं। आपकी ही जेनेरेशन, भारत ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी इस नए दौर को लीड कर रही है। आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों के CEO, हर कोई उसकी चर्चा कर रहा है, ये CEO कौन हैं, हमारे ही देश की संतान हैं। इसी देश की युवा पीढ़ी है जो आज विश्व में छाई हुई है। आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि भारत के युवा स्टार्ट अप की दुनिया में अपना परचम फहरा रहे हैं। आज हमें गर्व होता है, जब हम देखते हैं कि भारत के युवा नए-नए इनोवेशन कर रहे हैं, देश को आगे बढ़ा रहे हैं। अब से कुछ समय बाद, भारत अपने दमखम पर, पहली बार अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने वाला है। इस गगनयान मिशन का दारोमदार भी हमारे युवाओं के पर ही है। जो युवा इस मिशन के लिए चुने गए हैं, वो इस समय कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आज आपको मिले ये अवार्ड भी हमारी युवा पीढ़ी के साहस और वीरता को भी celebrate करते हैं। ये साहस और वीरता ही आज नए भारत की पहचान है। कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई हमने देखी है, हमारे वैज्ञानिकों ने, हमारे वैक्सीन Manufacturers ने दुनिया में लीड लेते हुये देश को वैक्सीन्स दीं। हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी बिना डरे, बिना रुके देशवासियों की सेवा की, हमारी नर्सेस गाँव गाँव, मुश्किल से मुश्किल जगहों पर जाकर लोगों को वैक्सीन लगा रही हैं, ये एक देश के रूप में साहस और हिम्मत की बड़ी मिसाल है। इसी तरह, सीमाओं पर डटे हमारे सैनिकों की वीरता को देखिए। देश की रक्षा के लिए उनकी जांबाजी हमारी पहचान बन गई है। हमारे खिलाड़ी भी आज वो मुकाम हासिल कर रहे हैं, जो भारत के लिए कभी संभव नहीं माने जाते थे। इसी तरह, जिन क्षेत्रों में बेटियों को पहले इजाजत भी नहीं होती थी, बेटियाँ आज उनमें कमाल कर रही हैं। यही तो वो नया भारत है, जो नया करने से पीछे नहीं रहता, हिम्मत और हौसला आज भारत की पहचान है। आज भारत, अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए निरंतर कदम उठा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। इससे आपको पढ़ने में, सीखने में और आसानी होगी। आप अपनी पसंद के विषय पढ़ पाएं, इसके लिए भी शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश भर के हजारों स्कूलों में बन रही अटल टिंकरिंग लैब्स, पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही बच्चों में इनोवेशन का सामर्थ्य बढ़ा रही हैं। भारत के बच्चों ने, युवा पीढ़ी ने हमेशा साबित किया है कि वो 21वीं सदी में भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कितने सामर्थ्य से भरे हुए हैं। मुझे याद है, चंद्रयान के समय, मैंने देशभर के बच्चों को बुलाया था। उनका उत्साह, उनका जोश मैं कभी भूल नहीं सकता। भारत के बच्चों ने, अभी वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी अपनी आधुनिक और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है। 3 जनवरी के बाद से सिर्फ 20 दिनों में ही चार करोड़ से ज्यादा बच्चों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। ये दिखाता है कि हमारे देश के बच्चे कितने जागरूक हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का कितना एहसास है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता का बहुत बड़ा श्रेय भी मैं भारत के बच्चों को देता हूं। आप लोगों ने घर-घर में बाल सैनिक बनकर, स्वच्छाग्रही बनकर अपने परिवार को स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित किया। घर के लोग, स्वच्छता रखें, घर के भीतर और बाहर गंदगी ना हो, इसका बीड़ा बच्चों ने खुद उठा लिया था। आज मैं देश के बच्चों से एक और बात के लिए सहयोग मांग रहा हूं। और बच्चे मेरा साथ देंगे तो हर परिवार में परिवर्तन आएगा। और मुझे विश्वास है ये मेरे नन्हें-मुन्हें साथी, यही मेरी बाल सेना मुझे इस काम में बहुत मदद करेगी। जैसे आप स्वच्छता अभियान के लिए आगे आए, वैसे ही आप वोकल फॉर लोकल अभियान के लिए भी आगे आइए। आप घर में बैठ करके, सब भाई-बहन बैठ करके एक लिस्ट बनाइए, गिनती करिए, कागज ले करके देखिए, सुबह से रात देर तक आप जो चीजों का उपयोग करते हैं, घर में जो सामान है, ऐसे कितने Products हैं, जो भारत में नहीं बने हैं, विदेशी हैं। इसके बाद घर के लोगों से आग्रह करें कि भविष्य में जब वैसा ही कोई Product खरीदा जाए तो वो भारत में बना हो। उसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो, जिसमें भारत के युवाओं के पसीने की सुगंध हो। जब आप भारत में बनी चीजें खरीदेंगे तो क्या होने वाला है। एकदम से हमारा उत्पादन बढ़ने लग जाएगा। हर चीज में उत्पादन बढ़ेगा। और जब उत्पादन बढ़ेगा, तो रोजगार के भी नए अवसर बनेंगे। जब रोजगार बढ़ेंगे तो आपका जीवन भी आत्मनिर्भर बनेगा। इसलिए आत्मनिर्भर भारत का अभियान, हमारी युवा पीढ़ी, आप सभी से भी जुड़ा हुआ है। आज से दो दिन बाद देश अपना गणतन्त्र दिवस भी मनाएगा। हमें गणतन्त्र दिवस पर अपने देश के लिए कुछ नए संकल्प लेने हैं। हमारे ये संकल्प समाज के लिए, देश के लिए, और पूरे विश्व के भविष्य के लिए हो सकते हैं। जैसे कि पर्यावरण का उदाहरण हमारे सामने है। भारत पर्यावरण की दिशा में आज इतना कुछ कर रहा है, और इसका लाभ पूरे विश्व को मिलेगा। मैं चाहूँगा कि आप उन संकल्पों के बारे में सोचें जो भारत की पहचान से जुड़े हों, जो भारत को आधुनिक और विकसित बनाने में मदद करें। मुझे पूरा भरोसा है, आपके सपने देश के संकल्पों से जुड़ेंगे, और आप आने वाले समय में देश के लिए अनगिनत कीर्तिमान स्थापित करेंगे। इसी विश्वास के साथ आप सभी को एक बार फिर बहुत बहुत बधाई, सभी मेरे बाल मित्रों को बहुत-बहुत प्यार, बहुत-बहुत बधाई, बहुत बहुत धन्यवाद !
कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रीपरिषद के हमारे साथी स्मृति ईरानी जी, डॉक्टर महेंद्रभाई, सभी अधिकारीगण, सभी अभिभावक एवं शिक्षकगण, और भारत के भविष्य, ऐसे मेरे सभी युवा साथियों! आप सबसे बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। आपसे आपके अनुभवों के बारे में जानने को भी मिला। कला-संस्कृति से लेकर वीरता, शिक्षा से लेकर इनोवेशन, समाजसेवा और खेल, जैसे अनेकविध क्षेत्रों में आपकी असाधारण उपलब्धियों के लिए आपको अवार्ड मिले हैं। और ये अवार्ड एक बहुत बड़ी स्पर्धा के बाद आपको मिले हैं। देश के हर कोने से बच्चे आगे आए हैं। उसमें से आपका नंबर लगा है। मतलब कि अवार्ड पाने वालों की संख्या भले कम है, लेकिन इस प्रकार से होनहार बालकों की संख्या हमारे देश में अपरम्पार है। आप सबको एक बार फिर इन पुरस्कारों के लिए बहुत बहुत बधाई। आज National Girl Child Day भी है। मैं देश की सभी बेटियों को भी बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं। आपके साथ-साथ मैं आपके माता-पिता और टीचर्स को भी विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ। आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं, इसके पीछे उनका भी बहुत बड़ा योगदान है। इसीलिए, आपकी हर सफलता आपके अपनों की भी सफलता है। उसमें आपके अपनों का प्रयास और उनकी भावनाएं शामिल हैं। मेरे नौजवान साथियों, आपको आज ये जो अवार्ड मिला है, ये एक और वजह से बहुत खास है। ये वजह है- इन पुरस्कारों का अवसर! देश इस समय अपनी आज़ादी के पचहत्तर साल का पर्व मना रहा है। आपको ये अवार्ड इस महत्वपूर्ण कालखंड में मिला है। आप जीवन भर, गर्व से कहेंगे कि जब मेरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा था, तब मुझे ये अवार्ड मिला था। इस अवार्ड के साथ आपको बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भी मिली है। अब दोस्तों की, परिवार की, समाज की, हर किसी की आपसे अपेक्षाएँ भी बढ़ गई हैं। इन अपेक्षाओं का आपको दबाव नहीं लेना है, इनसे प्रेरणा लेनी है। युवा साथियों, हमारे देश के छोटे छोटे बच्चों ने, बेटे-बेटियों ने हर युग में इतिहास लिखा है। हमारी आज़ादी की लड़ाई में वीरबाला कनकलता बरुआ, खुदीराम बोस, रानी गाइडिनिल्यू जैसे वीरों का ऐसा इतिहास है जो हमें गर्व से भर देता है। इन सेनानियों ने छोटी सी उम्र में ही देश की आज़ादी को अपने जीवन का मिशन बना लिया था, उसके लिए खुद को समर्पित कर दिया था। आपने टीवी देखा होगा, मैं पिछले साल दीवाली पर जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में गया था। वहां मेरी मुलाकात श्रीमान बलदेव सिंह और श्रीमान बसंत सिंह नाम के ऐसे वीरों से हुई जिन्होंने आज़ादी के तुरंत बाद जो युद्ध हुआ था कश्मीर की धरती पर, अभी तो इनकी उम्र बहुत बड़ी है, तब वो बहुत छोटी उम्र के थे और उन्होंने उस युद्ध में बाल सैनिक की भूमिका निभाई थी। और हमारी सेना में पहली बार बाल-सैनिक के रूप में उनकी पहचान की गई थी। उन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए उतनी कम उम्र में अपनी सेना की मदद की थी। इसी तरह, हमारे भारत का एक और उदाहरण है- गुरु गोविन्द सिंह जी के बेटों का शौर्य और बलिदान! साहिबज़ादों ने जब असीम वीरता के साथ, धैर्य के साथ, साहस के साथ पूर्ण समर्पण भाव से बलिदान दिया था तब उनकी उम्र बहुत कम थी। भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था और धर्म के लिए उनका बलिदान अतुलनीय है। साहिबज़ादों के बलिदान की स्मृति में देश ने छब्बीस दिसम्बर को 'वीर बाल दिवस' की भी शुरुआत की है। मैं चाहूँगा कि आप सब, और देश के सभी युवा वीर साहिबज़ादों के बारे में जरूर पढ़ें। आपने ये भी जरूर देखा होगा, कल दिल्ली में इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाषचंद्र बोस की डिजिटल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। नेताजी से हमें सबसे बड़ी प्रेरणा मिलती है- कर्तव्य की, राष्ट्रप्रथम की! नेताजी से प्रेरणा लेकर हम सबको, और युवा पीढ़ी को विशेष रूप से देश के लिए अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ना है। हमारी आजादी के पचहत्तर साल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आज हमारे सामने अपने अतीत पर गर्व करने का, उससे ऊर्जा लेने का समय है। ये समय वर्तमान के संकल्पों को पूरा करने का है। ये समय भविष्य के लिए नए सपने देखने का है, नए लक्ष्य निर्धारित करके उन पर बढ़ने का है। ये लक्ष्य अगले पच्चीस सालों के लिए हैं, जब देश अपनी आज़ादी के सौ साल पूरे करेगा। अब आप कल्पना कीजिए, आज आप में से ज्यादातर लोग दस और बीस के बीच की उम्र के हैं। जब आजादी के सौ साल होंगे तब आप जीवन के उस पड़ाव पर होंगे, तब ये देश कितना भव्य, दिव्य, प्रगतिशील, ऊंचाइयों पर पहुंचा हुआ, आपका जीवन कितना सुख-शांति से भरा हुआ होगा। यानी, ये लक्ष्य हमारे युवाओं के लिए हैं, आपकी पीढ़ी और आपके लिए हैं। अगले पच्चीस सालों में देश जिस ऊंचाई पर होगा, देश का जो सामर्थ्य बढ़ेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका हमारी युवा पीढ़ी की है। हमारे पूर्वजों ने जो बोया, उन्होंने जो तप किया, त्याग किया, उसके फल हम सबको नसीब हुए हैं। लेकिन आप वो लोग हैं, आप एक ऐसे कालखंड में पहुंचे हैं, देश आज उस जगह पर पहुंचा हुआ है कि आप जो बोऐंगे उसके फल आपको खाने को मिलेंगे, इतना जल्दी से बदलाव होने वाला है। इसीलिए, आप देखते होंगे, आज देश में जो नीतियाँ बन रही हैं, जो प्रयास हो रहे हैं, उन सबके केंद्र में हमारी युवा पीढ़ी है, आप लोग हैं। आप किसी सेक्टर को सामने रखिए, आज देश के सामने स्टार्टअप इंडिया जैसे मिशन हैं, स्टैंडअप इंडिया जैसे प्रोग्राम चल रहे हैं, डिजिटल इंडिया का इतना बड़ा अभियान हमारे सामने है, मेक इन इंडिया को गति दी जा रही है, आत्मनिर्भर भारत का जनआंदोलन देश ने शुरू किया है, देश के हर कोने में तेजी से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर विस्तार ले रहा है, हाइवेज़ बन रहे हैं, हाइस्पीड एक्सप्रेसवेज़ बन रहे हैं, ये प्रगति, ये गति किसकी स्पीड से मैच करती है? आप लोग ही हैं जो इन सब बदलावों से खुद को जोड़कर देखते हैं, इन सबके लिए इतना excited रहते हैं। आपकी ही जेनेरेशन, भारत ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी इस नए दौर को लीड कर रही है। आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों के CEO, हर कोई उसकी चर्चा कर रहा है, ये CEO कौन हैं, हमारे ही देश की संतान हैं। इसी देश की युवा पीढ़ी है जो आज विश्व में छाई हुई है। आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि भारत के युवा स्टार्ट अप की दुनिया में अपना परचम फहरा रहे हैं। आज हमें गर्व होता है, जब हम देखते हैं कि भारत के युवा नए-नए इनोवेशन कर रहे हैं, देश को आगे बढ़ा रहे हैं। अब से कुछ समय बाद, भारत अपने दमखम पर, पहली बार अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने वाला है। इस गगनयान मिशन का दारोमदार भी हमारे युवाओं के पर ही है। जो युवा इस मिशन के लिए चुने गए हैं, वो इस समय कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आज आपको मिले ये अवार्ड भी हमारी युवा पीढ़ी के साहस और वीरता को भी celebrate करते हैं। ये साहस और वीरता ही आज नए भारत की पहचान है। कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई हमने देखी है, हमारे वैज्ञानिकों ने, हमारे वैक्सीन Manufacturers ने दुनिया में लीड लेते हुये देश को वैक्सीन्स दीं। हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी बिना डरे, बिना रुके देशवासियों की सेवा की, हमारी नर्सेस गाँव गाँव, मुश्किल से मुश्किल जगहों पर जाकर लोगों को वैक्सीन लगा रही हैं, ये एक देश के रूप में साहस और हिम्मत की बड़ी मिसाल है। इसी तरह, सीमाओं पर डटे हमारे सैनिकों की वीरता को देखिए। देश की रक्षा के लिए उनकी जांबाजी हमारी पहचान बन गई है। हमारे खिलाड़ी भी आज वो मुकाम हासिल कर रहे हैं, जो भारत के लिए कभी संभव नहीं माने जाते थे। इसी तरह, जिन क्षेत्रों में बेटियों को पहले इजाजत भी नहीं होती थी, बेटियाँ आज उनमें कमाल कर रही हैं। यही तो वो नया भारत है, जो नया करने से पीछे नहीं रहता, हिम्मत और हौसला आज भारत की पहचान है। आज भारत, अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए निरंतर कदम उठा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। इससे आपको पढ़ने में, सीखने में और आसानी होगी। आप अपनी पसंद के विषय पढ़ पाएं, इसके लिए भी शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश भर के हजारों स्कूलों में बन रही अटल टिंकरिंग लैब्स, पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही बच्चों में इनोवेशन का सामर्थ्य बढ़ा रही हैं। भारत के बच्चों ने, युवा पीढ़ी ने हमेशा साबित किया है कि वो इक्कीसवीं सदी में भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कितने सामर्थ्य से भरे हुए हैं। मुझे याद है, चंद्रयान के समय, मैंने देशभर के बच्चों को बुलाया था। उनका उत्साह, उनका जोश मैं कभी भूल नहीं सकता। भारत के बच्चों ने, अभी वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी अपनी आधुनिक और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है। तीन जनवरी के बाद से सिर्फ बीस दिनों में ही चार करोड़ से ज्यादा बच्चों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। ये दिखाता है कि हमारे देश के बच्चे कितने जागरूक हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का कितना एहसास है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता का बहुत बड़ा श्रेय भी मैं भारत के बच्चों को देता हूं। आप लोगों ने घर-घर में बाल सैनिक बनकर, स्वच्छाग्रही बनकर अपने परिवार को स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित किया। घर के लोग, स्वच्छता रखें, घर के भीतर और बाहर गंदगी ना हो, इसका बीड़ा बच्चों ने खुद उठा लिया था। आज मैं देश के बच्चों से एक और बात के लिए सहयोग मांग रहा हूं। और बच्चे मेरा साथ देंगे तो हर परिवार में परिवर्तन आएगा। और मुझे विश्वास है ये मेरे नन्हें-मुन्हें साथी, यही मेरी बाल सेना मुझे इस काम में बहुत मदद करेगी। जैसे आप स्वच्छता अभियान के लिए आगे आए, वैसे ही आप वोकल फॉर लोकल अभियान के लिए भी आगे आइए। आप घर में बैठ करके, सब भाई-बहन बैठ करके एक लिस्ट बनाइए, गिनती करिए, कागज ले करके देखिए, सुबह से रात देर तक आप जो चीजों का उपयोग करते हैं, घर में जो सामान है, ऐसे कितने Products हैं, जो भारत में नहीं बने हैं, विदेशी हैं। इसके बाद घर के लोगों से आग्रह करें कि भविष्य में जब वैसा ही कोई Product खरीदा जाए तो वो भारत में बना हो। उसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो, जिसमें भारत के युवाओं के पसीने की सुगंध हो। जब आप भारत में बनी चीजें खरीदेंगे तो क्या होने वाला है। एकदम से हमारा उत्पादन बढ़ने लग जाएगा। हर चीज में उत्पादन बढ़ेगा। और जब उत्पादन बढ़ेगा, तो रोजगार के भी नए अवसर बनेंगे। जब रोजगार बढ़ेंगे तो आपका जीवन भी आत्मनिर्भर बनेगा। इसलिए आत्मनिर्भर भारत का अभियान, हमारी युवा पीढ़ी, आप सभी से भी जुड़ा हुआ है। आज से दो दिन बाद देश अपना गणतन्त्र दिवस भी मनाएगा। हमें गणतन्त्र दिवस पर अपने देश के लिए कुछ नए संकल्प लेने हैं। हमारे ये संकल्प समाज के लिए, देश के लिए, और पूरे विश्व के भविष्य के लिए हो सकते हैं। जैसे कि पर्यावरण का उदाहरण हमारे सामने है। भारत पर्यावरण की दिशा में आज इतना कुछ कर रहा है, और इसका लाभ पूरे विश्व को मिलेगा। मैं चाहूँगा कि आप उन संकल्पों के बारे में सोचें जो भारत की पहचान से जुड़े हों, जो भारत को आधुनिक और विकसित बनाने में मदद करें। मुझे पूरा भरोसा है, आपके सपने देश के संकल्पों से जुड़ेंगे, और आप आने वाले समय में देश के लिए अनगिनत कीर्तिमान स्थापित करेंगे। इसी विश्वास के साथ आप सभी को एक बार फिर बहुत बहुत बधाई, सभी मेरे बाल मित्रों को बहुत-बहुत प्यार, बहुत-बहुत बधाई, बहुत बहुत धन्यवाद !
आपको ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल होती है तो हाल में हुआ एक अध्ययन आपके लिये फायदेमंद साबित हो सकता है जिसके मुताबिक रोजाना 10 मिनट ध्यान करने से आपके दिमाग का भटकाव कम हो सकता है और बार-बार बेचैन करने वाले ख्याल आने भी कम हो सकते हैं। कनाडा के वाटरलू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बेचैनी का अनुभव करने वाले 82 प्रतिभागियों पर ध्यान के प्रभाव का अध्ययन किया। प्रतिभागियों को कंप्यूटर पर एक काम करने के लिये कहा गया जिसमें रूकावट के साथ उनके काम पर ध्यान केंद्रित करने की उनकी क्षमता को मापा गया। इसके बाद शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों को दो समूहों में बांट दिया। नियंत्रण वाले समूह को एक आॅडियो कहानी सुनने के लिये दी गयी जबकि दूसरे समूह का आकलन करने से पहले उन्हें कुछ देर के लिये ध्यान का अभ्यास करने को कहा गया। उन्होंने पाया कि मौजूदा वक्त की जागरूकता के चलते दोहराव के मामलों, और काम के इतर सोच में कमी आई जो चिंता का अहम लक्षण है। वाटरलू विश्वविद्यालय के मेनग्रान सू ने कहा, "हमारे नतीजे संकेत देते हैं कि दिमागी प्रशिक्षण से चिंता करने वाले लोगों के दिमाग के भटकने पर सुरक्षात्मक प्रभाव हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर इसके अलावा, कई महिलाओं को लेबर पेन और डिलीवरी से जुड़ी अन्य बातों को सोचकर भी तनाव हो जाता है। जबकि कोई और समस्या हो या न हो, ये तनाव ज़रूर ऐसे में अपने आप में एक बड़ी समस्या है। इससे आपके अपने और बच्चे के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए ये ज़रूरी है कि आपको इस बात की जानकारी हो कि ऐसे में होने वाले तनाव को कैसे नियंत्रित करना है। प्रेगनेंसी में होने वाले तनाव से बचने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है मेडिटेशन। घर का एक शांत कोना चुनें और 10 मिनट निकालकर मेडिटेशन करें। ऐसा रोज़ करें, ताकि आप अपना तनाव धीरे-धीरे कम करती जाएं। कई अध्ययनों में भी ये बातें सामने आई हैं कि जो महिलाएं गर्भावस्था में उचित देखभाल के साथ-साथ माइंड-बॉडी थैरेपी जैसे योग व मेडिटेशन करती हैं, उन्हें लेबर कम देर का होता है, डिलिवरी के दौरान कम दवाओं की ज़रूरत पढ़ती है और वो जल्दी रिकवर कर जाती हैं। जब आप मेडिटेशन करें तो सामान्य रूप से सांस लेती रहें। जब आप ध्यान लगाने की कोशिश करें तो ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से बचें। मन के अंदर सकारात्मक विचार आने दें। पूरी प्रेगनेंसी के दौरान मेडिटेशन को अपनी आदत बना लें, इससे आपको ज्यादा से ज्यादा फायदे मिल पाएंगे।
आपको ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल होती है तो हाल में हुआ एक अध्ययन आपके लिये फायदेमंद साबित हो सकता है जिसके मुताबिक रोजाना दस मिनट ध्यान करने से आपके दिमाग का भटकाव कम हो सकता है और बार-बार बेचैन करने वाले ख्याल आने भी कम हो सकते हैं। कनाडा के वाटरलू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बेचैनी का अनुभव करने वाले बयासी प्रतिभागियों पर ध्यान के प्रभाव का अध्ययन किया। प्रतिभागियों को कंप्यूटर पर एक काम करने के लिये कहा गया जिसमें रूकावट के साथ उनके काम पर ध्यान केंद्रित करने की उनकी क्षमता को मापा गया। इसके बाद शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों को दो समूहों में बांट दिया। नियंत्रण वाले समूह को एक आॅडियो कहानी सुनने के लिये दी गयी जबकि दूसरे समूह का आकलन करने से पहले उन्हें कुछ देर के लिये ध्यान का अभ्यास करने को कहा गया। उन्होंने पाया कि मौजूदा वक्त की जागरूकता के चलते दोहराव के मामलों, और काम के इतर सोच में कमी आई जो चिंता का अहम लक्षण है। वाटरलू विश्वविद्यालय के मेनग्रान सू ने कहा, "हमारे नतीजे संकेत देते हैं कि दिमागी प्रशिक्षण से चिंता करने वाले लोगों के दिमाग के भटकने पर सुरक्षात्मक प्रभाव हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर इसके अलावा, कई महिलाओं को लेबर पेन और डिलीवरी से जुड़ी अन्य बातों को सोचकर भी तनाव हो जाता है। जबकि कोई और समस्या हो या न हो, ये तनाव ज़रूर ऐसे में अपने आप में एक बड़ी समस्या है। इससे आपके अपने और बच्चे के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए ये ज़रूरी है कि आपको इस बात की जानकारी हो कि ऐसे में होने वाले तनाव को कैसे नियंत्रित करना है। प्रेगनेंसी में होने वाले तनाव से बचने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है मेडिटेशन। घर का एक शांत कोना चुनें और दस मिनट निकालकर मेडिटेशन करें। ऐसा रोज़ करें, ताकि आप अपना तनाव धीरे-धीरे कम करती जाएं। कई अध्ययनों में भी ये बातें सामने आई हैं कि जो महिलाएं गर्भावस्था में उचित देखभाल के साथ-साथ माइंड-बॉडी थैरेपी जैसे योग व मेडिटेशन करती हैं, उन्हें लेबर कम देर का होता है, डिलिवरी के दौरान कम दवाओं की ज़रूरत पढ़ती है और वो जल्दी रिकवर कर जाती हैं। जब आप मेडिटेशन करें तो सामान्य रूप से सांस लेती रहें। जब आप ध्यान लगाने की कोशिश करें तो ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से बचें। मन के अंदर सकारात्मक विचार आने दें। पूरी प्रेगनेंसी के दौरान मेडिटेशन को अपनी आदत बना लें, इससे आपको ज्यादा से ज्यादा फायदे मिल पाएंगे।
तापसी पन्नू फिल्मों से अधिक इन दिनों ट्रैवेल में बिजी हैं. सोमवार को उन्होंने पहली बार इंस्टाग्राम पर आस्क मी एनीथिंग सेशन किया और फैन्स के प्रश्नों के उत्तर दिए. इस दौरान उन्होंने अपनी विवाह से लेकर आने वाली फिल्म डंकी को लेकर उत्तर दिया. तापसी ने अपने वेकेशन को लेकर बोला कि ऐसा लग रहा है कि वह इस वर्ष काम कम और घूम अधिक रही हैं. जिस फिल्म की शूटिंग इन दिनों कर रही हैं उसे पूरा करने के बाद वह फिर से ट्रिप पर जाएंगी. वह कहां जाएंगी इसका निर्णय अभी नहीं किया है. एक फैन ने उनसे पूछा कि 'आप विवाह कब करोगे? ' इस पर तापसी ने कहा, 'मैं अभी तक प्रेग्नेंट नहीं हुई हूं इसलिए अभी शीघ्र तो नहीं. ' इतना कहने के बाद वह हंसने लगती हैं. उनसे दूसरा प्रश्न पूछा गया कि उन्होंने गूगल पर अंतिम बार क्या सर्च किया तो उन्होंने बताया विम्बलडन 2023 सर्च किया. इस समय तापसी सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय नहीं दिख रही हैं. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा, 'मैंने सोशल मीडिया ज्वॉइन किया तो सोचा लोगों से कनेक्ट करूंगी. एक पॉजिटिव वार्ता होगी लेकिन फिर यह मीडियम निगेटिविटी से भर गया. सबको एक मौका चाहिए था कि कब किसको गाली दे दे, कुछ प्रॉब्लम निकाल दें. इसे मैं एंजॉय नहीं कर रही थी. ' तापसी ने बताया उन्होंने हाल ही में थियेटर में विद्या बालन की फिल्म 'नीयत' और इंग्लिश में 'हार्ड फीलिंग्स' देखी है.
तापसी पन्नू फिल्मों से अधिक इन दिनों ट्रैवेल में बिजी हैं. सोमवार को उन्होंने पहली बार इंस्टाग्राम पर आस्क मी एनीथिंग सेशन किया और फैन्स के प्रश्नों के उत्तर दिए. इस दौरान उन्होंने अपनी विवाह से लेकर आने वाली फिल्म डंकी को लेकर उत्तर दिया. तापसी ने अपने वेकेशन को लेकर बोला कि ऐसा लग रहा है कि वह इस वर्ष काम कम और घूम अधिक रही हैं. जिस फिल्म की शूटिंग इन दिनों कर रही हैं उसे पूरा करने के बाद वह फिर से ट्रिप पर जाएंगी. वह कहां जाएंगी इसका निर्णय अभी नहीं किया है. एक फैन ने उनसे पूछा कि 'आप विवाह कब करोगे? ' इस पर तापसी ने कहा, 'मैं अभी तक प्रेग्नेंट नहीं हुई हूं इसलिए अभी शीघ्र तो नहीं. ' इतना कहने के बाद वह हंसने लगती हैं. उनसे दूसरा प्रश्न पूछा गया कि उन्होंने गूगल पर अंतिम बार क्या सर्च किया तो उन्होंने बताया विम्बलडन दो हज़ार तेईस सर्च किया. इस समय तापसी सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय नहीं दिख रही हैं. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा, 'मैंने सोशल मीडिया ज्वॉइन किया तो सोचा लोगों से कनेक्ट करूंगी. एक पॉजिटिव वार्ता होगी लेकिन फिर यह मीडियम निगेटिविटी से भर गया. सबको एक मौका चाहिए था कि कब किसको गाली दे दे, कुछ प्रॉब्लम निकाल दें. इसे मैं एंजॉय नहीं कर रही थी. ' तापसी ने बताया उन्होंने हाल ही में थियेटर में विद्या बालन की फिल्म 'नीयत' और इंग्लिश में 'हार्ड फीलिंग्स' देखी है.
वरः शुज़रा २६ व कालहलजी-न १६ ५८९ हैं। (८०) और वह जो मुझे मारेगा (और) फिर जिंदा करेगा । (८१) ओर वह जिस से मैं उम्मीद रखता हूं कि क़ियामत के दिन मेरे गुनाह बख़्शेगा। (८२) ऐ परवरदिगार ! मुझे इल्म और सूझ-बूझ अता फ़रमा और नेकों में शामिल कर । (८३) और पिछले लोगों में मेरा जिक्र ( जारी ) कर । (८४) और मुझे नेमत की बहिश्त के वारिसों में कर । (८५) और मेरे बाप को बख्श दे कि वह गुमराहों में से है । ( ८६ ) और जिस दिन लोग उठा खड़े किए जाएंगे, मुझे रुसवा न कोजियो । (८७) जिस दिन न माल ही कुछ फ़ायदा दे सकेगा और न बेटे । ( ८८ ) हां, जो शख्स ख़ुदा के पास पाक दिल ले कर आया, (वह बच जाएगा), (८६) और बहिश्त परहेजगारों के क़रीब कर दी जाएगी । (६०) और दोजख गुमराहों के सामने लायी जाएगी। (६१) और उन से कहा जाएगा कि जिन को तुम पूजते थे, वे वहां हैं ? ( ९२ ) (यानी जिन को ) ख़ुदा के सिवा (पूजते थे) क्या वे तुम्हारी मदद कर सकते हैं या खुद बदला ले सकते हैं ? (६३) तो वे गुमराह (यानी बुत और बुतपरस्त) औंधे मुंह दोजख में डाल दिए जाएंगे। (६४) और शैतान के लश्कर सब के सब ( जहन्नम में दाखिल होंगे ) । ( ६५ ) वहां वे आपस में झगड़ेंगे और कहेंगे, ( ९६ ) कि खुदा की कसम ! म तो खुली गुमराही में थे। (६७) जब कि तुम्हें ( खुदा-ए-) रब्बुल आलमीन के बराबर ठहराते थे, (६८) और हम को इन गुनाहगारों ही ने गुमराह किया था, (६६) तो (आज) न कोई हमारा सिफ़ारिश करने वाला है, (१००) और न गर्मजोश दोस्त । ( १०१ ) काश, हमें ( दुनिया में ) फिर जाना हो, तो हम मोमिनों में हो जाएं । ( १०२ ) बेशक इस में निशानी है और इन में अक्सर ईमान लाने वाले वहीं । ( १०३) और तुम्हार परवरदिगार तो ग़ालिब और मेहरबान है । (१०४) नूह की क़ौम ने भी पैग़म्बरों को झुठलाया, (१०५) जब उन से उन के भाई नूह ने कहा कि तुम डरते क्यों नहीं ? (१०६) मैं तो तुम्हारा अमानतदार पैग़म्बर हूं। (१०७) तो खुदा से डरो और मेरा कहा मानो । (१०८) और मैं इस काम का तुम से बदला नहीं मांगता । मेरा बदला तो खुदाए- रब्बुल आलमीन ही पर है। (१०१) तो खुदा से डरो और मेरे कहने पर चलो । (११०) वे बोले वे कि क्या हम तुम को मान लें और तुम्हारी पैरवी करने वाले तो नीच लोग हुए हैं। (१११) (नूह ने)
वरः शुज़रा छब्बीस व कालहलजी-न सोलह पाँच सौ नवासी हैं। और वह जो मुझे मारेगा फिर जिंदा करेगा । ओर वह जिस से मैं उम्मीद रखता हूं कि क़ियामत के दिन मेरे गुनाह बख़्शेगा। ऐ परवरदिगार ! मुझे इल्म और सूझ-बूझ अता फ़रमा और नेकों में शामिल कर । और पिछले लोगों में मेरा जिक्र कर । और मुझे नेमत की बहिश्त के वारिसों में कर । और मेरे बाप को बख्श दे कि वह गुमराहों में से है । और जिस दिन लोग उठा खड़े किए जाएंगे, मुझे रुसवा न कोजियो । जिस दिन न माल ही कुछ फ़ायदा दे सकेगा और न बेटे । हां, जो शख्स ख़ुदा के पास पाक दिल ले कर आया, , और बहिश्त परहेजगारों के क़रीब कर दी जाएगी । और दोजख गुमराहों के सामने लायी जाएगी। और उन से कहा जाएगा कि जिन को तुम पूजते थे, वे वहां हैं ? ख़ुदा के सिवा क्या वे तुम्हारी मदद कर सकते हैं या खुद बदला ले सकते हैं ? तो वे गुमराह औंधे मुंह दोजख में डाल दिए जाएंगे। और शैतान के लश्कर सब के सब । वहां वे आपस में झगड़ेंगे और कहेंगे, कि खुदा की कसम ! म तो खुली गुमराही में थे। जब कि तुम्हें रब्बुल आलमीन के बराबर ठहराते थे, और हम को इन गुनाहगारों ही ने गुमराह किया था, तो न कोई हमारा सिफ़ारिश करने वाला है, और न गर्मजोश दोस्त । काश, हमें फिर जाना हो, तो हम मोमिनों में हो जाएं । बेशक इस में निशानी है और इन में अक्सर ईमान लाने वाले वहीं । और तुम्हार परवरदिगार तो ग़ालिब और मेहरबान है । नूह की क़ौम ने भी पैग़म्बरों को झुठलाया, जब उन से उन के भाई नूह ने कहा कि तुम डरते क्यों नहीं ? मैं तो तुम्हारा अमानतदार पैग़म्बर हूं। तो खुदा से डरो और मेरा कहा मानो । और मैं इस काम का तुम से बदला नहीं मांगता । मेरा बदला तो खुदाए- रब्बुल आलमीन ही पर है। तो खुदा से डरो और मेरे कहने पर चलो । वे बोले वे कि क्या हम तुम को मान लें और तुम्हारी पैरवी करने वाले तो नीच लोग हुए हैं।
लखनऊः भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला गया। भारतीय महिला टीम ने इस मुकाबले को 9 विकेट से जीतकर हिसाब बराबर कर लिया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित 50 ओवर से पहले ही अपने सभी विकेट गंवा दिए। उनकी पूरी टीम 157 रन पर ढेर हो गई, Lara Goodall ने सर्वाधिक 49 रन बनाए। कप्तान Sune Luss 36 रन बनाकर मानसी जोशी का शिकार हुई। इस मुकाबले में भी एक बार फिर झूलन गोस्वामी की अनुभवी गेंदबाजी भारत के काम आई। उन्होंने 10 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट लिए। मानसी जोशी ने 7 ओवर में 23 रन देकर दो विकेट झटके। इसके अलावा राजेश्वरी गायकवाड़ ने 9 ओवर में 37 रन देकर तीन विकेट लिए। भारतीय महिला टीम ने 29वें ओवर में ही मैच अपने नाम कर लिया। पांचवें ओवर में पहला विकेट गिरने के बाद स्मृति मंधाना और पूनम रावत ने टीम को संभाला। भारत में सिर्फ 1 विकेट खोकर 160 रन बना लिए। स्मृति मंधाना ने मात्र 64 गेंदों में नाबाद 80 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 10 चौके और 3 छक्के लगाए। उनका भरपूर साथ दिया पूनम रावत ने, जिन्होंने 89 गेंदों में 62 रनों की पारी खेली। इस दौरान पूनम रावत ने 4 चौके लगाए। भारत और दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट के पहले वनडे मुकाबले में भारत को 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इसी का बदला लेते हुए दूसरे वनडे में टीम ने जबरदस्त वापसी की। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने मिलकर दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी पर धावा बोल दिया। पहले ऑल आउट करके आसान लक्ष्य लिया गया, उसके बाद जबरदस्त बल्लेबाजी के दम पर मैच को अपने नाम कर लिया।
लखनऊः भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला गया। भारतीय महिला टीम ने इस मुकाबले को नौ विकेट से जीतकर हिसाब बराबर कर लिया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित पचास ओवर से पहले ही अपने सभी विकेट गंवा दिए। उनकी पूरी टीम एक सौ सत्तावन रन पर ढेर हो गई, Lara Goodall ने सर्वाधिक उनचास रन बनाए। कप्तान Sune Luss छत्तीस रन बनाकर मानसी जोशी का शिकार हुई। इस मुकाबले में भी एक बार फिर झूलन गोस्वामी की अनुभवी गेंदबाजी भारत के काम आई। उन्होंने दस ओवर में बयालीस रन देकर चार विकेट लिए। मानसी जोशी ने सात ओवर में तेईस रन देकर दो विकेट झटके। इसके अलावा राजेश्वरी गायकवाड़ ने नौ ओवर में सैंतीस रन देकर तीन विकेट लिए। भारतीय महिला टीम ने उनतीसवें ओवर में ही मैच अपने नाम कर लिया। पांचवें ओवर में पहला विकेट गिरने के बाद स्मृति मंधाना और पूनम रावत ने टीम को संभाला। भारत में सिर्फ एक विकेट खोकर एक सौ साठ रन बना लिए। स्मृति मंधाना ने मात्र चौंसठ गेंदों में नाबाद अस्सी रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान दस चौके और तीन छक्के लगाए। उनका भरपूर साथ दिया पूनम रावत ने, जिन्होंने नवासी गेंदों में बासठ रनों की पारी खेली। इस दौरान पूनम रावत ने चार चौके लगाए। भारत और दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट के पहले वनडे मुकाबले में भारत को आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इसी का बदला लेते हुए दूसरे वनडे में टीम ने जबरदस्त वापसी की। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने मिलकर दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी पर धावा बोल दिया। पहले ऑल आउट करके आसान लक्ष्य लिया गया, उसके बाद जबरदस्त बल्लेबाजी के दम पर मैच को अपने नाम कर लिया।
के नियमों का उल्लेख आनुषङ्गिक रूप से ही प्राप्त होता है । के अनुशीलन से विवाह, उसके प्रकार, पुत्रों के विभिन्न भेद, दत्तक पुत्र का बिधान, धनविभाग-दायभाग, श्राद्ध और स्त्रीधन के विषय में अनेक महत्त्वपूर्ण सिद्धांतों का परिचय हमें प्राप्त होता है । परन्तु यह सामग्री व्यवस्थित रूप से एक स्थान पर प्राप्त नहीं होती । प्रत्युत भिन्न-भिन्न मंत्रों के अनुशीलन से हम इन विषयों का किञ्चित् ज्ञान प्राप्त कर सकते है । परन्तु धर्मशास्त्र के इन सिद्धांतों का विशाल भाण्डार स्मृति ही है । सामाजिक दृष्टि से भी स्मृतियों का महत्व बहुत ही अधिक है । भारतीय समाज चतुर्वर्ण तथा चतुराश्रम के सिद्धांत पर व्यवस्थित किया गया है। भारतीय समाज को व्यवस्था तथा प्रतिष्ठा देने में इस पद्धति को जो महत्व प्राप्त है इसका वर्णन हम श्रागे करेंगे। चारों वर्गों तथा चारों आश्रमों के विशुद्ध रूप जानने के लिये धर्मशास्त्र ही हमारे एकमात्र पथप्रदर्शक है। हिन्दुओं के षोडश संस्कार (उपनयन, विवाह, श्राद्ध श्रादि) का विशिष्ट वर्णन इन स्मृतियों में पाया जाता है । भारतीय समाज की दशा जानने के लिये स्मृतियों का अध्ययन नितान्त आवश्यक है । भारतीय व्यवहार ( कानून ) को समझने के लिये इन स्मृतियों का अनुशीलन अनिवार्य है। मनु, याज्ञवल्क्य, नारद आदि स्मृतियों में तथा मध्यकालीन जीमूतवाहन आदि के 'निबन्धों' में भारतीय व्यवहार (कानून) शास्त्र का जो विस्तृत तथा पाण्डित्य पूर्ण विवेचन मिलता है वह किसी भी प्रकाण्ड कानूनवेत्ता को आश्चर्य के सागर में डुबा सकता है। श्राजकल अँगरेजी कचहरियों में दायभागादि के लिये जो व्यवस्था या नियम है वह हमारे धर्मशास्त्रों के ऊपर ही अवलम्बित है। उदाहरण के लिये बंगाल में दायभाग के लिये जो कानून लागू है वह जीमूतवाहन के सुप्रसिद्ध ग्रंथ के अनुसार है। भारत के इतर प्रांतों में इस विषय की जो व्यवस्था है वह
के नियमों का उल्लेख आनुषङ्गिक रूप से ही प्राप्त होता है । के अनुशीलन से विवाह, उसके प्रकार, पुत्रों के विभिन्न भेद, दत्तक पुत्र का बिधान, धनविभाग-दायभाग, श्राद्ध और स्त्रीधन के विषय में अनेक महत्त्वपूर्ण सिद्धांतों का परिचय हमें प्राप्त होता है । परन्तु यह सामग्री व्यवस्थित रूप से एक स्थान पर प्राप्त नहीं होती । प्रत्युत भिन्न-भिन्न मंत्रों के अनुशीलन से हम इन विषयों का किञ्चित् ज्ञान प्राप्त कर सकते है । परन्तु धर्मशास्त्र के इन सिद्धांतों का विशाल भाण्डार स्मृति ही है । सामाजिक दृष्टि से भी स्मृतियों का महत्व बहुत ही अधिक है । भारतीय समाज चतुर्वर्ण तथा चतुराश्रम के सिद्धांत पर व्यवस्थित किया गया है। भारतीय समाज को व्यवस्था तथा प्रतिष्ठा देने में इस पद्धति को जो महत्व प्राप्त है इसका वर्णन हम श्रागे करेंगे। चारों वर्गों तथा चारों आश्रमों के विशुद्ध रूप जानने के लिये धर्मशास्त्र ही हमारे एकमात्र पथप्रदर्शक है। हिन्दुओं के षोडश संस्कार का विशिष्ट वर्णन इन स्मृतियों में पाया जाता है । भारतीय समाज की दशा जानने के लिये स्मृतियों का अध्ययन नितान्त आवश्यक है । भारतीय व्यवहार को समझने के लिये इन स्मृतियों का अनुशीलन अनिवार्य है। मनु, याज्ञवल्क्य, नारद आदि स्मृतियों में तथा मध्यकालीन जीमूतवाहन आदि के 'निबन्धों' में भारतीय व्यवहार शास्त्र का जो विस्तृत तथा पाण्डित्य पूर्ण विवेचन मिलता है वह किसी भी प्रकाण्ड कानूनवेत्ता को आश्चर्य के सागर में डुबा सकता है। श्राजकल अँगरेजी कचहरियों में दायभागादि के लिये जो व्यवस्था या नियम है वह हमारे धर्मशास्त्रों के ऊपर ही अवलम्बित है। उदाहरण के लिये बंगाल में दायभाग के लिये जो कानून लागू है वह जीमूतवाहन के सुप्रसिद्ध ग्रंथ के अनुसार है। भारत के इतर प्रांतों में इस विषय की जो व्यवस्था है वह
-सिटी में चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान पांचवें दिन भी रहा जारी, शुक्रवार को सिटी के तीन इलाकों मैदागिन से बुलानाला, इंग्लिशिया लाइन व शिवाला क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ दस्ते के पहुंचने से पहले ही हड़कंप मच गया। पांच दिनों से चल रहे इस अभियान के दौरान शुक्रवार को इन इलाकों में दस्ते के पहुंचने से पहले ही भारी भरकम फोर्स ने पहुंचकर लोगों में ऐसा खौफ बनाया कि लोग किए गए अतिक्रमण को खुद से तोड़ने लगे। व्यापारियों को मेहनत करते देख अधिकारी भी पसीज गए। उन्होंने कई स्थानों पर दो घंटे का एक्स्ट्रा समय दे दिया। जिसके बाद बुल्डोजर के गरजने से पहले ही लोगों ने फटाफट खुद से अपना सामान समेट लिया। इस कारण प्रशासन को भी ज्यादा पसीना नहीं बहाना पड़ा। शहर के मैदागिन इलाके के मालवीय मार्केट व बुलानाला में सुबह में ही बुल्डोजर संग फोर्स व प्रशासनिक अधिकारी आ डटे और तोड़फोड़ शुरू हो गई। इस दौरान कई दुकानदार अपने अगल-बगल के प्रतिद्वंदी दुकानदारों की चुगलखोरी कर उनके अतिक्रमण की जानकारी देकर अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश में लगे रहे। इस बीच दो दुकानदारों के बीच कहासुनी भी हो गई। वहीं शिवाला और इंग्लिशिया लाइन में जब दस्ता पहुंचा तो दूसरे दुकानदारों के सामने पड़े सामानों को कई दुकानदारों ने दस्ते को सौंपकर अपना पल्ला झाड़ लिया। तेज धूप और गर्मी ने शुक्रवार को दस्ते में शामिल अधिकारियों को बेहाल कर दिया। पसीने पसीने हो चुके अधिकारी अभियान से किनारा कर एसी शोरूम्स में बैठकर अपना पसीना सूखाने में जुटे रहे। हालांकि कुछ देर बाद अधिकारी फिर से जुट गए अभियान को सफल बनाने में। वहीं भेलूपुर जोन में नाली पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने में जुटे अधिकारियों को यहां पब्लिक की समस्याओं से भी रूबरू होना पड़ा। दस्ता जब नाली पर से अतिक्रमण हटा रहा था कि इस बीच लोकल पब्लिक ने अधिकारियों से गुहार करनी शुरू कर दी कि साहब नाली तो तोड़ दिए अब पक्की नाली बनवा भी दीजिए ताकि पानी की निकासी हो सके।
-सिटी में चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान पांचवें दिन भी रहा जारी, शुक्रवार को सिटी के तीन इलाकों मैदागिन से बुलानाला, इंग्लिशिया लाइन व शिवाला क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ दस्ते के पहुंचने से पहले ही हड़कंप मच गया। पांच दिनों से चल रहे इस अभियान के दौरान शुक्रवार को इन इलाकों में दस्ते के पहुंचने से पहले ही भारी भरकम फोर्स ने पहुंचकर लोगों में ऐसा खौफ बनाया कि लोग किए गए अतिक्रमण को खुद से तोड़ने लगे। व्यापारियों को मेहनत करते देख अधिकारी भी पसीज गए। उन्होंने कई स्थानों पर दो घंटे का एक्स्ट्रा समय दे दिया। जिसके बाद बुल्डोजर के गरजने से पहले ही लोगों ने फटाफट खुद से अपना सामान समेट लिया। इस कारण प्रशासन को भी ज्यादा पसीना नहीं बहाना पड़ा। शहर के मैदागिन इलाके के मालवीय मार्केट व बुलानाला में सुबह में ही बुल्डोजर संग फोर्स व प्रशासनिक अधिकारी आ डटे और तोड़फोड़ शुरू हो गई। इस दौरान कई दुकानदार अपने अगल-बगल के प्रतिद्वंदी दुकानदारों की चुगलखोरी कर उनके अतिक्रमण की जानकारी देकर अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश में लगे रहे। इस बीच दो दुकानदारों के बीच कहासुनी भी हो गई। वहीं शिवाला और इंग्लिशिया लाइन में जब दस्ता पहुंचा तो दूसरे दुकानदारों के सामने पड़े सामानों को कई दुकानदारों ने दस्ते को सौंपकर अपना पल्ला झाड़ लिया। तेज धूप और गर्मी ने शुक्रवार को दस्ते में शामिल अधिकारियों को बेहाल कर दिया। पसीने पसीने हो चुके अधिकारी अभियान से किनारा कर एसी शोरूम्स में बैठकर अपना पसीना सूखाने में जुटे रहे। हालांकि कुछ देर बाद अधिकारी फिर से जुट गए अभियान को सफल बनाने में। वहीं भेलूपुर जोन में नाली पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने में जुटे अधिकारियों को यहां पब्लिक की समस्याओं से भी रूबरू होना पड़ा। दस्ता जब नाली पर से अतिक्रमण हटा रहा था कि इस बीच लोकल पब्लिक ने अधिकारियों से गुहार करनी शुरू कर दी कि साहब नाली तो तोड़ दिए अब पक्की नाली बनवा भी दीजिए ताकि पानी की निकासी हो सके।
By: Ruchi D Sharma । Publish Date: Wed, 13 Jan 2016 13:14:01 (IST) ये हैं जस्टिन बीबर, एक बार फिर एक नए लुक में। देखा न आपने भी इनका नया लुक इनकी नई हेयर स्टाइल में। है न मस्त। अक्सर अपनी हेयर स्टाइल में कुछ न कुछ चेंज करने वाले बीबर ने इस बार बालों के लिए बंस को सेलेक्ट किया है। आप भी देखिए कैसी लग रही है ये मैन बन बीबर के फेस पर।
By: Ruchi D Sharma । Publish Date: Wed, तेरह जनवरी दो हज़ार सोलह तेरह:चौदह:एक ये हैं जस्टिन बीबर, एक बार फिर एक नए लुक में। देखा न आपने भी इनका नया लुक इनकी नई हेयर स्टाइल में। है न मस्त। अक्सर अपनी हेयर स्टाइल में कुछ न कुछ चेंज करने वाले बीबर ने इस बार बालों के लिए बंस को सेलेक्ट किया है। आप भी देखिए कैसी लग रही है ये मैन बन बीबर के फेस पर।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस पावर और उसके प्रबंधन को अदालत को गुमराह करने के लिए फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कंपनी की याचिका में 'छल कपट वाली' लगती है। रिलायंस पावर द्वारा वित्तीय सेवा कंपनी एडलवाइस ग्रुप के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के आर श्रीराम ने कंपनी के खिलाफ इन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। रिलायंस पावर ने एडलवाइस द्वारा उसके गिरवी रखे शेयरों की इसी महीने बिक्री को लेकर यह याचिका दायर की थी। इससे पहले 13 फरवरी को न्यायाधीश ने कंपनी को एडलवाइस के खिलाफ किसी तरह की राहत देने या बिक्री प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा था कि प्रथम ²ष्टया उनकी याचिका का कोई आधार नहीं है। अदालत ने कहा कि वह अंतरिम राहत नहीं देने की वजह को बाद में बताएगी। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि रिलायंस पावर की पूरी याचिका 'छलकपट वाली लगती है और यह उसकी ओर से अदालत को भ्रमित करने का प्रयास है। रिलायंस समूह ने यह दलील दी थी कि एडलवाइस ईसीएल फाइनेंस द्वारा उसके गिरवी रखे शेयरों की बिक्री गैरकानूनी है। साथ ही रिलायंस ने उसे हुए वित्तीय नुकसान तथा उसकी छवि को पहुंचे आघात के लिए 2,700 करोड़ रुपये की हर्जाने की भी मांग की थी। अदालत ने कहा कि एडलवाइस ने जो किया उसमें कुछ गलत नहीं है। अदालत ने एडलवाइस को अपना जवाब सुनवाई की अगली तारीख 22 मार्च तक देने को कहा है। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस पावर और उसके प्रबंधन को अदालत को गुमराह करने के लिए फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कंपनी की याचिका में 'छल कपट वाली' लगती है। रिलायंस पावर द्वारा वित्तीय सेवा कंपनी एडलवाइस ग्रुप के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के आर श्रीराम ने कंपनी के खिलाफ इन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। रिलायंस पावर ने एडलवाइस द्वारा उसके गिरवी रखे शेयरों की इसी महीने बिक्री को लेकर यह याचिका दायर की थी। इससे पहले तेरह फरवरी को न्यायाधीश ने कंपनी को एडलवाइस के खिलाफ किसी तरह की राहत देने या बिक्री प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा था कि प्रथम ²ष्टया उनकी याचिका का कोई आधार नहीं है। अदालत ने कहा कि वह अंतरिम राहत नहीं देने की वजह को बाद में बताएगी। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि रिलायंस पावर की पूरी याचिका 'छलकपट वाली लगती है और यह उसकी ओर से अदालत को भ्रमित करने का प्रयास है। रिलायंस समूह ने यह दलील दी थी कि एडलवाइस ईसीएल फाइनेंस द्वारा उसके गिरवी रखे शेयरों की बिक्री गैरकानूनी है। साथ ही रिलायंस ने उसे हुए वित्तीय नुकसान तथा उसकी छवि को पहुंचे आघात के लिए दो,सात सौ करोड़ रुपये की हर्जाने की भी मांग की थी। अदालत ने कहा कि एडलवाइस ने जो किया उसमें कुछ गलत नहीं है। अदालत ने एडलवाइस को अपना जवाब सुनवाई की अगली तारीख बाईस मार्च तक देने को कहा है। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
Swiggy Layoffs 2023: कंपनी अपना नया मीट वर्टिकल को भी बंद करने जा रही है। मजेटी ने कहा कि बहुत जल्द हम अपने मीट मार्केटप्लेस को बंद कर देंगे। Swiggy layoff: वैश्विक स्तर पर फैली आर्थिक अस्थिरता का प्रभाव भारतीय कंपनियों पर भी दिखाई दे रहा है। कंपनियां इससे बचने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं। इसमें एक कदम कर्मचारियों की छंटनी भी शामिल है। मैक्रोइकोनॉमिक स्थितियों ने निपटने के लिए भारत की फूड एग्रीगेटर स्विगी ने शुक्रवार को अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने का ऐलान किया है। कंपनी ने 380 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। छंटनी के संदर्भ में कर्मचारियों को लिखे पत्र में स्विगी के सह-संस्थापक श्रीहर्ष मजेटी ने कहा कि हम पुनर्गठन अभ्यास के एक भाग के रूप में अपनी टीम के आकार को कम करने के लिए एक बहुत ही कठिन निर्णय लागू कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में हम 380 प्रतिभाशाली स्विगस्टर्स को अलविदा कह देंगे। उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी का चुनौतीपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक स्थितियों का हवाला दिया है। उनका कहना है कि मौजूदा समय इन स्थितियों की वजह लोगों की नौकरी में कौटती करने लिए मजबूर होना पड़ा रहा है। वहीं, कंपनी ने कहा कि कंपनी के अनुमानों के मुकाबले खाद्य वितरण की विकास दर धीमी हो गई है। हमारा ओवरहायरिंग खराब निर्णय का मामला है और मुझे यहां बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था। इसके अलावा कंपनी अपना नया मीट वर्टिकल को भी बंद करने जा रही है। मजेटी ने कहा कि बहुत जल्द हम अपने मीट मार्केटप्लेस को बंद कर देंगे। जबकि टीम ने ठोस इनपुट के साथ असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। हम अपने पुनरावृत्तियों के बावजूद उत्पाद बाजार में फिट नहीं हो पाए हैं। आगे उन्होंने कहा कि हम अन्य सभी नए वर्टिकल में निवेश करना जारी रखेंगे। हटाए जा रहे कर्मियों को स्विगी कई विभिन्न सेवाएं भी प्रदान करेगी। इसमेंकर्मचारियों को करियर ट्रांजिशन सपोर्ट, छह महीने के स्वास्थ्य बीमा और तीन महीने का अतिरिक्त वेतन प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा कंपनी कर्मचारियों को जॉब सर्च में मदद के लिए वर्क-एलोकेटेड लैपटॉप रखने की सुविधा भी दे रही है। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक मंदी ने स्विगी के आईपीओ और लिस्टिंग महत्वाकांक्षाओं में पानी फेर दिया है। कंपनी अपने आईपीओ को भविष्य के लिए टाल दिया है। Swiggy की मूल कंपनी Bundl Technologies ने हाल ही में जारी कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस साल दोगुना नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी को वित्त वर्ष 2022 में 3,628 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इससे पहले बीते वित्त वर्ष 2021 में यह 1,616 करोड़ रुपये था। घाटे में वृद्धि इसके खर्चों की पृष्ठभूमि के खिलाफ भी आती है, जो पिछले वर्ष में 4,292 करोड़ रुपये से 9,748 करोड़ रुपये तक तेजी से बढ़ रहा है।
Swiggy Layoffs दो हज़ार तेईस: कंपनी अपना नया मीट वर्टिकल को भी बंद करने जा रही है। मजेटी ने कहा कि बहुत जल्द हम अपने मीट मार्केटप्लेस को बंद कर देंगे। Swiggy layoff: वैश्विक स्तर पर फैली आर्थिक अस्थिरता का प्रभाव भारतीय कंपनियों पर भी दिखाई दे रहा है। कंपनियां इससे बचने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं। इसमें एक कदम कर्मचारियों की छंटनी भी शामिल है। मैक्रोइकोनॉमिक स्थितियों ने निपटने के लिए भारत की फूड एग्रीगेटर स्विगी ने शुक्रवार को अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने का ऐलान किया है। कंपनी ने तीन सौ अस्सी कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। छंटनी के संदर्भ में कर्मचारियों को लिखे पत्र में स्विगी के सह-संस्थापक श्रीहर्ष मजेटी ने कहा कि हम पुनर्गठन अभ्यास के एक भाग के रूप में अपनी टीम के आकार को कम करने के लिए एक बहुत ही कठिन निर्णय लागू कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में हम तीन सौ अस्सी प्रतिभाशाली स्विगस्टर्स को अलविदा कह देंगे। उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी का चुनौतीपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक स्थितियों का हवाला दिया है। उनका कहना है कि मौजूदा समय इन स्थितियों की वजह लोगों की नौकरी में कौटती करने लिए मजबूर होना पड़ा रहा है। वहीं, कंपनी ने कहा कि कंपनी के अनुमानों के मुकाबले खाद्य वितरण की विकास दर धीमी हो गई है। हमारा ओवरहायरिंग खराब निर्णय का मामला है और मुझे यहां बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था। इसके अलावा कंपनी अपना नया मीट वर्टिकल को भी बंद करने जा रही है। मजेटी ने कहा कि बहुत जल्द हम अपने मीट मार्केटप्लेस को बंद कर देंगे। जबकि टीम ने ठोस इनपुट के साथ असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। हम अपने पुनरावृत्तियों के बावजूद उत्पाद बाजार में फिट नहीं हो पाए हैं। आगे उन्होंने कहा कि हम अन्य सभी नए वर्टिकल में निवेश करना जारी रखेंगे। हटाए जा रहे कर्मियों को स्विगी कई विभिन्न सेवाएं भी प्रदान करेगी। इसमेंकर्मचारियों को करियर ट्रांजिशन सपोर्ट, छह महीने के स्वास्थ्य बीमा और तीन महीने का अतिरिक्त वेतन प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा कंपनी कर्मचारियों को जॉब सर्च में मदद के लिए वर्क-एलोकेटेड लैपटॉप रखने की सुविधा भी दे रही है। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक मंदी ने स्विगी के आईपीओ और लिस्टिंग महत्वाकांक्षाओं में पानी फेर दिया है। कंपनी अपने आईपीओ को भविष्य के लिए टाल दिया है। Swiggy की मूल कंपनी Bundl Technologies ने हाल ही में जारी कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस साल दोगुना नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी को वित्त वर्ष दो हज़ार बाईस में तीन,छः सौ अट्ठाईस करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इससे पहले बीते वित्त वर्ष दो हज़ार इक्कीस में यह एक,छः सौ सोलह करोड़ रुपये था। घाटे में वृद्धि इसके खर्चों की पृष्ठभूमि के खिलाफ भी आती है, जो पिछले वर्ष में चार,दो सौ बानवे करोड़ रुपये से नौ,सात सौ अड़तालीस करोड़ रुपये तक तेजी से बढ़ रहा है।
चरण वर्मा तथा स्वतंत्र प्रेरणा को परिवर्धित करते रहे । प्रेमचन्द ने अपने साहित्य मे गॉधी का दर्शन दिया तो इलाचन्द्र ने मनोविज्ञान का । भगवती प्रसाद वाजपेयी ने मध्ययुग की भावुकता में आधुनिक पालिश चढाई तो भगवती चरण वर्मा ने उसमे ब्रासो की चमक ला दी । निराला और जैद्र ने भारतीय दर्शन को व्यावहारिकता दी तो ने स्नेह की स्पष्टता । वृन्दावन लाल वर्मा का इतिहास और साहित्य का समन्वय अपने ढंग का अकेला है, जैसे प्रसाद के नाटको का । बग-भग के बाद सलिला की अन्तः भाँति प्रवाहित क्रान्ति की भावना ने भी साहित्य में अपने मनतव्य का प्रकाशन पाया है । यशपाल इसके अगुवा हैं, किन्तु क्रान्ति की अपेक्षा यौवन की उष्णता के वे अधिक निकट हैं । एक ही राष्ट्र के भीतर विभिन्न जीवन स्रोतो की भाँति कथासाहित्य की बहुमुखी अभिनव प्रेरणाये पनपती जा रही हैं और उपन्यास अपना सात्विक तथा शाश्वत निखार पा रहा है। आज कथाकार, जीवन-व्यापी संघर्ष की कठोरता, जीवन की प्रवृत्तियो की विविधता और वातावरण तथा परिस्थितियों के प्रभाव से विकसित मनोविकारो की मार्मिकता का अनुभूत उद्घाटन करके सम्पूर्ण मानवता के लिये कल्याण का मार्ग मुक्त कर रहा है। वह जानता है कि उसकी रचना जीवन के केन्द्र पर स्थित होकर ही उसकी मर्म-पीड़ा का प्रकाशन एवं उपचार का साधन सामने रखने में सफल हो सकेगी, अन्यथा नही । सामूहिक जीवन की जीर्ण शीर्ण रुग्णता को दूर करके उसे स्वस्थ और सशक्त बनाने का प्रयत्न ही आधुनिक उपन्यास का लक्ष्यविन्दु है । प्रमुखतः आधुनिक उपन्यास के विकास की यही कथा है ।
चरण वर्मा तथा स्वतंत्र प्रेरणा को परिवर्धित करते रहे । प्रेमचन्द ने अपने साहित्य मे गॉधी का दर्शन दिया तो इलाचन्द्र ने मनोविज्ञान का । भगवती प्रसाद वाजपेयी ने मध्ययुग की भावुकता में आधुनिक पालिश चढाई तो भगवती चरण वर्मा ने उसमे ब्रासो की चमक ला दी । निराला और जैद्र ने भारतीय दर्शन को व्यावहारिकता दी तो ने स्नेह की स्पष्टता । वृन्दावन लाल वर्मा का इतिहास और साहित्य का समन्वय अपने ढंग का अकेला है, जैसे प्रसाद के नाटको का । बग-भग के बाद सलिला की अन्तः भाँति प्रवाहित क्रान्ति की भावना ने भी साहित्य में अपने मनतव्य का प्रकाशन पाया है । यशपाल इसके अगुवा हैं, किन्तु क्रान्ति की अपेक्षा यौवन की उष्णता के वे अधिक निकट हैं । एक ही राष्ट्र के भीतर विभिन्न जीवन स्रोतो की भाँति कथासाहित्य की बहुमुखी अभिनव प्रेरणाये पनपती जा रही हैं और उपन्यास अपना सात्विक तथा शाश्वत निखार पा रहा है। आज कथाकार, जीवन-व्यापी संघर्ष की कठोरता, जीवन की प्रवृत्तियो की विविधता और वातावरण तथा परिस्थितियों के प्रभाव से विकसित मनोविकारो की मार्मिकता का अनुभूत उद्घाटन करके सम्पूर्ण मानवता के लिये कल्याण का मार्ग मुक्त कर रहा है। वह जानता है कि उसकी रचना जीवन के केन्द्र पर स्थित होकर ही उसकी मर्म-पीड़ा का प्रकाशन एवं उपचार का साधन सामने रखने में सफल हो सकेगी, अन्यथा नही । सामूहिक जीवन की जीर्ण शीर्ण रुग्णता को दूर करके उसे स्वस्थ और सशक्त बनाने का प्रयत्न ही आधुनिक उपन्यास का लक्ष्यविन्दु है । प्रमुखतः आधुनिक उपन्यास के विकास की यही कथा है ।
हमारे देश में इन दिनों देश में स्वच्छ भारत अभियान चल रहा हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किये गये अभियान में देश के सभी लोग बढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और अपने देश को एकदम स्वच्छ और पवित्र बनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी भी इस शानदार मुहीम से जुड़े हुए हैं. हाल में ही टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और टीम के हेड कोच रवि शास्त्री को नागपुर एकदिवसीय के दौरान स्वच्छता का नारा लगाते हुए देखा गया था और टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे तो मुंबई की सड़को पर झाड़ू के साथ भी दिखाई दिए थे. एक तरह जहाँ पूरी भारतीय क्रिकेट टीम स्वच्छता अभियान में पूरी तरह से जुटी हुई हैं, वही दूसरी ओर टीम के लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल एक अलग ही मिशन पर निकले हुए हैं. दरअसल हाल में ही टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल को उनके ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो सन्देश देते हुए देखा गया. इस वीडियो सन्देश में अक्षर पटेल पुश फॉर चेंज चैलेंज के बारे में बात कर रहे हैं. आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि पुश फॉर चेंज चैलेंज गार्नियर मैन कंपनी द्वारा आयोजित किया गया हैं और इस चैलेंज के दौरान मुंबई के गरीब बच्चो की मदद की जाएँगी. मौजूदा समय में अक्षर पटेल टीम इंडिया का अहम हिस्सा बने हुए हैं. इतना ही नहीं, बल्कि स्पिन डिपार्टमेंट को भी अक्षर पटेल ही लीड कर रहे हैं. आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि पहले तीन वनडे मैचों में चोटिल होने के कारण अक्षर टीम के लिए नहीं खेल पाए थे, लेकिन आखिरी के दो एकदिवसीय मैचों में अक्षर पटेल को टीम में मौक मिला और वह तीन विकेट लेने में सफल रहे. वनडे सीरीज खत्म होने के बाद अब अक्षर पटेल टी ट्वेंटी श्रृंखला में भी टीम इंडिया के लिए खेलते हुए दिखाई देंगे.
हमारे देश में इन दिनों देश में स्वच्छ भारत अभियान चल रहा हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किये गये अभियान में देश के सभी लोग बढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और अपने देश को एकदम स्वच्छ और पवित्र बनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी भी इस शानदार मुहीम से जुड़े हुए हैं. हाल में ही टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और टीम के हेड कोच रवि शास्त्री को नागपुर एकदिवसीय के दौरान स्वच्छता का नारा लगाते हुए देखा गया था और टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे तो मुंबई की सड़को पर झाड़ू के साथ भी दिखाई दिए थे. एक तरह जहाँ पूरी भारतीय क्रिकेट टीम स्वच्छता अभियान में पूरी तरह से जुटी हुई हैं, वही दूसरी ओर टीम के लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल एक अलग ही मिशन पर निकले हुए हैं. दरअसल हाल में ही टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल को उनके ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो सन्देश देते हुए देखा गया. इस वीडियो सन्देश में अक्षर पटेल पुश फॉर चेंज चैलेंज के बारे में बात कर रहे हैं. आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि पुश फॉर चेंज चैलेंज गार्नियर मैन कंपनी द्वारा आयोजित किया गया हैं और इस चैलेंज के दौरान मुंबई के गरीब बच्चो की मदद की जाएँगी. मौजूदा समय में अक्षर पटेल टीम इंडिया का अहम हिस्सा बने हुए हैं. इतना ही नहीं, बल्कि स्पिन डिपार्टमेंट को भी अक्षर पटेल ही लीड कर रहे हैं. आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि पहले तीन वनडे मैचों में चोटिल होने के कारण अक्षर टीम के लिए नहीं खेल पाए थे, लेकिन आखिरी के दो एकदिवसीय मैचों में अक्षर पटेल को टीम में मौक मिला और वह तीन विकेट लेने में सफल रहे. वनडे सीरीज खत्म होने के बाद अब अक्षर पटेल टी ट्वेंटी श्रृंखला में भी टीम इंडिया के लिए खेलते हुए दिखाई देंगे.
इंडिया न्यूजः एक ऐसी दुनिया में जहां एकता और समावेशिता पहले से कहीं अधीक महत्वपूर्ण है। एक एनजीओ समुदायों को एक साथ लाने के लिए प्रयास कर रही है। आपको बता दे यह एकता मिशन की कहानी है। 25 अप्रैल सन् 2000 को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मदनलाल खुराना जी, श्री नरेंद्र चंचल जी, श्री अरुण जेटली जी, व श्री कृष्ण कुमार जी के आर्शीवाद से प्रेरित एक समूह ने सामाजिक कार्य विविधताओं में एकता को बढ़ावा देने और समाज के सभी वर्गो में सकारात्मकता लाने के सपने के साथ एकता मिशन की शुरुवात की। वर्षो से यह संगठन एक आशा की किरण बन भारत में सकारात्मक बदलाव लाने कि कोशिश कर रहा है। अनेक पहलों को एक विस्तृत श्रृंखला के माध्यम से एकता मिशन ने अनगिनत व्यक्तियों के जीवन को छुआ है। उनका काम विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है। संगीत कार्यक्रमों के साथ प्रतिभाशाली बच्चों के समर्थन करने और वृक्षारोपण अभियान को आयोजीत करने से लेकर कपड़े, कंबल , और राशन वितरित करके जरुरतमंद लोगों को सहायता प्रदान करना । प्रमुख संरक्षणों समर्थकों को खोने के बावजूद एकता मिशन अपने मजबूत मुल्यों और चेयर मैन अनूप जलोटा, अधयक्ष पवन मोंगा और महा सचिव संजय मलिक सहीत अपने नेताओं की अटूट प्रतिबद्धता से निर्देशित है। उनके लचीलेपन ने संगठन को दिल्ली रत्न और इसके अध्यक्ष के लिए डॉक्टरेट की उपाधि जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किए हैं। भविष्य की ओर देखते हुए एकता मिशन और भी अधीक महत्वपूर्ण प्रभाव की कल्पना करता है। संगठन वार्षीक भगत सिंह पुरस्कार आयोजीत करने, मुंबई में अपने सिंगर सर्च कार्य का विस्तार करने और सभी के लिए सदस्यता खोलने की योजना बना रहे हैं। जिससे सभी क्षेत्रों के लोग अपने मिशन में योगदान दे सकें। समाज की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरुप एकता मिशन प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, स्वच्छता अभियान और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का भी समर्थन करता है। जैसा की वह नयी सामाजीक पहलों को नवाचार और परीचय करना जारी रखते हैं।
इंडिया न्यूजः एक ऐसी दुनिया में जहां एकता और समावेशिता पहले से कहीं अधीक महत्वपूर्ण है। एक एनजीओ समुदायों को एक साथ लाने के लिए प्रयास कर रही है। आपको बता दे यह एकता मिशन की कहानी है। पच्चीस अप्रैल सन् दो हज़ार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मदनलाल खुराना जी, श्री नरेंद्र चंचल जी, श्री अरुण जेटली जी, व श्री कृष्ण कुमार जी के आर्शीवाद से प्रेरित एक समूह ने सामाजिक कार्य विविधताओं में एकता को बढ़ावा देने और समाज के सभी वर्गो में सकारात्मकता लाने के सपने के साथ एकता मिशन की शुरुवात की। वर्षो से यह संगठन एक आशा की किरण बन भारत में सकारात्मक बदलाव लाने कि कोशिश कर रहा है। अनेक पहलों को एक विस्तृत श्रृंखला के माध्यम से एकता मिशन ने अनगिनत व्यक्तियों के जीवन को छुआ है। उनका काम विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है। संगीत कार्यक्रमों के साथ प्रतिभाशाली बच्चों के समर्थन करने और वृक्षारोपण अभियान को आयोजीत करने से लेकर कपड़े, कंबल , और राशन वितरित करके जरुरतमंद लोगों को सहायता प्रदान करना । प्रमुख संरक्षणों समर्थकों को खोने के बावजूद एकता मिशन अपने मजबूत मुल्यों और चेयर मैन अनूप जलोटा, अधयक्ष पवन मोंगा और महा सचिव संजय मलिक सहीत अपने नेताओं की अटूट प्रतिबद्धता से निर्देशित है। उनके लचीलेपन ने संगठन को दिल्ली रत्न और इसके अध्यक्ष के लिए डॉक्टरेट की उपाधि जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किए हैं। भविष्य की ओर देखते हुए एकता मिशन और भी अधीक महत्वपूर्ण प्रभाव की कल्पना करता है। संगठन वार्षीक भगत सिंह पुरस्कार आयोजीत करने, मुंबई में अपने सिंगर सर्च कार्य का विस्तार करने और सभी के लिए सदस्यता खोलने की योजना बना रहे हैं। जिससे सभी क्षेत्रों के लोग अपने मिशन में योगदान दे सकें। समाज की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरुप एकता मिशन प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, स्वच्छता अभियान और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का भी समर्थन करता है। जैसा की वह नयी सामाजीक पहलों को नवाचार और परीचय करना जारी रखते हैं।
स्वतंत्रा सेनानी मोहन रनाडे का मंगलवार सुबह पुणे के एक अस्पताल में देहान्त हो गया। वह पिछले कई सालों से कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे। वह विनायक दामोदर सावर्कर और उनके भाई गणेश सावर्कर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों से प्रभावित थे और उन्होंने गोवा को पुर्तगाल राज से आज़ाद कराने के लिए लड़ाई लड़ी थी। 1950 में जब उनकी उम्र 21 थी, वह एक शिक्षक के रूप में गोवा गए और 'आज़ाद गोमंतक दल' की स्थापना की जिसका मक़सद पुर्तगाल राज के ख़िलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़ना था। उसके बाद वह एक थाने पर हमले के दौरान वह घायल हो गए और पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए। उनको 26 साल के क़ैद की सज़ा सुनाई गई और पुर्तगाल के लिस्बन शहर में स्थित फोर्ट ऑफ कैक्ज़ियस जेल भेज दिया गया। छः सालों तक उनको एकान्त कारावास में रखा गया। 1961 में गोवा की आज़ादी के बाद मोहन रनाडे की रिहाई की बड़ी कोशिशों के बावजूद पुर्तगाल सरकार ने उनको नहीं छोड़ा। कई सालों बाद तमिलनाडु की मुख्य मंत्री अन्नादुरई के आग्रह करने पर पोप पॉल-VI ने उनको रिहा कराने की कोशिश शुरू की, जिसके बाद 1969 में 14 सालों बाद वह जेल से रिहा हुए। जेल से रिहाई के बाद वह पुणे में समाज सेवा के कार्य से जुड़ गए। वहां वह पिछड़े और आदिवासी छात्रों की सहायता के लिए एक संगठन चलाते थे। अपने जेल के अनुभवों के बारे में उन्होंने अंग्रेज़ी और मराठी में दो किताबें 'स्ट्रगल अनफिनिश्ड' और 'सतीचे वाण' लिखी थी। उनको भारत के चौथे सबसे बड़े सम्मान 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था।
स्वतंत्रा सेनानी मोहन रनाडे का मंगलवार सुबह पुणे के एक अस्पताल में देहान्त हो गया। वह पिछले कई सालों से कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे। वह विनायक दामोदर सावर्कर और उनके भाई गणेश सावर्कर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों से प्रभावित थे और उन्होंने गोवा को पुर्तगाल राज से आज़ाद कराने के लिए लड़ाई लड़ी थी। एक हज़ार नौ सौ पचास में जब उनकी उम्र इक्कीस थी, वह एक शिक्षक के रूप में गोवा गए और 'आज़ाद गोमंतक दल' की स्थापना की जिसका मक़सद पुर्तगाल राज के ख़िलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़ना था। उसके बाद वह एक थाने पर हमले के दौरान वह घायल हो गए और पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए। उनको छब्बीस साल के क़ैद की सज़ा सुनाई गई और पुर्तगाल के लिस्बन शहर में स्थित फोर्ट ऑफ कैक्ज़ियस जेल भेज दिया गया। छः सालों तक उनको एकान्त कारावास में रखा गया। एक हज़ार नौ सौ इकसठ में गोवा की आज़ादी के बाद मोहन रनाडे की रिहाई की बड़ी कोशिशों के बावजूद पुर्तगाल सरकार ने उनको नहीं छोड़ा। कई सालों बाद तमिलनाडु की मुख्य मंत्री अन्नादुरई के आग्रह करने पर पोप पॉल-VI ने उनको रिहा कराने की कोशिश शुरू की, जिसके बाद एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर में चौदह सालों बाद वह जेल से रिहा हुए। जेल से रिहाई के बाद वह पुणे में समाज सेवा के कार्य से जुड़ गए। वहां वह पिछड़े और आदिवासी छात्रों की सहायता के लिए एक संगठन चलाते थे। अपने जेल के अनुभवों के बारे में उन्होंने अंग्रेज़ी और मराठी में दो किताबें 'स्ट्रगल अनफिनिश्ड' और 'सतीचे वाण' लिखी थी। उनको भारत के चौथे सबसे बड़े सम्मान 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था।
Amazon से आप खूबसूरत और फैशनेबल Lehenga Choli बेहद किफायती कीमत में ऑर्डर कर सकती हैं। इन्हें पहनकर आप किसी भी पार्टी-फंक्शन में सबसे स्पेशल दिखेंगी। यह सभी बढ़िया क्वालिटी के क्लॉथ मैटेरियल से बने हुए हैं और काफी आरामदायक भी है। इनपर खूबसूरत वर्क भी किया गया है, वहीं इनका वाइब्रेंट कलर सबकी आंखों को आपकी ओर जरूर आकर्षित करेगा। यह पहनकर आप किसी भी शादी में पार्टी फंक्शन में या फिर ट्रेडिशनल त्यौहार में अपने लुक को कई गुना ज्यादा बेहतर बना सकती हैं। इन्हें अभी आप यहां से भारी डिस्काउंट पर ऑर्डर कर सकती हैं।
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गुजरात दंगों से जुड़े एक केस में तीस्ता सीतलवाड की जमानत याचिका पर सुनवाई शनिवार की रात में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने की। Teesta Setalvad bail: गुजरात दंगों से जुड़े एक केस में तीस्ता सीतलवाड की जमानत याचिका पर सुनवाई शनिवार रात में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने की। तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत मिल गई है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट के दो जजों जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस पीके मिश्रा के बीच मतभेद हो गया था। फिर इस केस को CJI को भेज दिया गया था। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने केस को सुनने के लिए तीन जजों की बेंच बनाई। शनिवार रात सवा नौ बजे बेंच इस मामले में सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों जस्टिस बीआर गवई (Justice BR Gavai), जस्टिस एएस बोपन्ना (Justice AS Bopanna), जस्टिस दीपांकर दत्ता (Justice Dipankar Datta) की बेंच इस मामले की सुनवाई करते हुए सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने तीस्ता को सात दिनों की अंतरिम जमानत मंजूर की है। गुजरात दंगों से जुड़े मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत से इनकार करते हुए तुरंत सरेंडर का आदेश दिया था। शनिवार को तीस्ता की ओर से दाखिल जमानत याचिक पर गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अब सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच के पास मामला भेजा गया है। हालांकि, तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी सिर्फ इसलिए नहीं हो रही क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल सितंबर में अंतरिम जमानत दी थी। तीस्ता सीतलवाड़ को क्यों जमानत की जरूरत? तीस्ता सीतलवाड़ और पूर्व पुलिस अधिकारी आरबी श्रीकुमार को कथित तौर पर सबूत गढ़ने, जालसाजी करने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सीतलवाड़ को गुजरात के साबरमति जेल में रखा गया था। पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत दिया था। इसके बाद वह जेल से बाहर आईं थी। तीस्ता सीतलवाड़ पर 2002 में गुजरात में हुए दंगे के मामले में झूठे सबूत और फर्जी गवाह का इस्तेमाल कर निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप है। इस संबंध संबंध में गुजरात एटीएस ने FIR दर्ज किया था। FIR में आरोप लगाया गया है कि गवाहों के झूठे बयान तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा तैयार किए गए थे और दंगों की जांच के लिए गठित नानावती आयोग के समक्ष दायर किए गए थे। आरोप है कि तीस्ता सीतलवाड़ और श्रीकुमार ने झूठे सबूत गढ़कर और निर्दोष लोगों के खिलाफ झूठी और दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कार्यवाही शुरू करके कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की साजिश रची थी। गुजरात दंगों में पीएम नरेंद्र मोदी को फंसाने के लिए सबूतों को गढ़ने के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि तीस्ता सीतलवाड़ ने गुजरात सरकार को बदनाम करने की साजिश रची। उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 2002 के गोधरा दंगों के संबंध में मौत की सजा दिलाने की साजिश की। यह भी पढ़ेंः
गुजरात दंगों से जुड़े एक केस में तीस्ता सीतलवाड की जमानत याचिका पर सुनवाई शनिवार की रात में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने की। Teesta Setalvad bail: गुजरात दंगों से जुड़े एक केस में तीस्ता सीतलवाड की जमानत याचिका पर सुनवाई शनिवार रात में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने की। तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत मिल गई है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट के दो जजों जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस पीके मिश्रा के बीच मतभेद हो गया था। फिर इस केस को CJI को भेज दिया गया था। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने केस को सुनने के लिए तीन जजों की बेंच बनाई। शनिवार रात सवा नौ बजे बेंच इस मामले में सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों जस्टिस बीआर गवई , जस्टिस एएस बोपन्ना , जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच इस मामले की सुनवाई करते हुए सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने तीस्ता को सात दिनों की अंतरिम जमानत मंजूर की है। गुजरात दंगों से जुड़े मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत से इनकार करते हुए तुरंत सरेंडर का आदेश दिया था। शनिवार को तीस्ता की ओर से दाखिल जमानत याचिक पर गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अब सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच के पास मामला भेजा गया है। हालांकि, तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी सिर्फ इसलिए नहीं हो रही क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल सितंबर में अंतरिम जमानत दी थी। तीस्ता सीतलवाड़ को क्यों जमानत की जरूरत? तीस्ता सीतलवाड़ और पूर्व पुलिस अधिकारी आरबी श्रीकुमार को कथित तौर पर सबूत गढ़ने, जालसाजी करने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सीतलवाड़ को गुजरात के साबरमति जेल में रखा गया था। पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत दिया था। इसके बाद वह जेल से बाहर आईं थी। तीस्ता सीतलवाड़ पर दो हज़ार दो में गुजरात में हुए दंगे के मामले में झूठे सबूत और फर्जी गवाह का इस्तेमाल कर निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप है। इस संबंध संबंध में गुजरात एटीएस ने FIR दर्ज किया था। FIR में आरोप लगाया गया है कि गवाहों के झूठे बयान तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा तैयार किए गए थे और दंगों की जांच के लिए गठित नानावती आयोग के समक्ष दायर किए गए थे। आरोप है कि तीस्ता सीतलवाड़ और श्रीकुमार ने झूठे सबूत गढ़कर और निर्दोष लोगों के खिलाफ झूठी और दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कार्यवाही शुरू करके कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की साजिश रची थी। गुजरात दंगों में पीएम नरेंद्र मोदी को फंसाने के लिए सबूतों को गढ़ने के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि तीस्ता सीतलवाड़ ने गुजरात सरकार को बदनाम करने की साजिश रची। उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को दो हज़ार दो के गोधरा दंगों के संबंध में मौत की सजा दिलाने की साजिश की। यह भी पढ़ेंः
था- फ्रन्ट से एक दिन के लिए दिल्ली आया हूं, लिए दिल्ली आया हूं, मिलना चाहता हूं शाम के समय वह मिलने आया तो हिन्दुस्तान में पनाह ले रही बंगाली औरतों के संबंध में बताते हुए कहने लगा -- 'बहुत-सी बूढ़ी औरतें हैं, पर जवान भी हैं, उन्हें हम नावों में से उतारकर कैम्पों में पहुंचाते हैं। मुझे सिर्फ़ यही बात कहनी थी कि जिसने आपके नाविल पढ़े हैं, वह उन पराई औरतों के साथ आदर का सलूक करता है, उन पर बुरा हाथ नहीं डालता ।' लगा, आज तक जो कुछ लिखा था, ठिकाने पड़ गया है । मेरे उपन्यास आलोचकों की मेज़ों तक न पहुंचें, न सही, यह उससे कहीं दूर, साधारण सिपाहियों के मन तक पहुंच गए हैं... आज याद आ रहा है - इससे पहली लड़ाई के समय, एक सिपाही ने जंग पर हुए अपनी कविताओं की हस्तलिखित लिपि मेरे नाम रजिस्ट्री करवाकर भेज दी थी कि 'अगर मैं जीता रहा तो वापस आकर ले लूंगा । अगर मर गया तो ये कविताएं कहीं छाप दीजियेगा ।' मैंने जिसे कभी देखा नहीं था उसका कैसा विश्वास जीत लिया था-आंखें भर आयी थीं... जून १९७२ में नेपाल के एक उपन्यासकार धूसवां सायमी नेपाल एम्वेसी के • कल्चरल कौंसिलर के पद पर दिल्ली आए, तो मिलने आए । बताने लगे -- 'मेरी री में एक जगह लिखा हुआ है - न्हैन आयी रीड अमृता प्रीतम माई इंडियन फ़ीलिंग्ज आर वैनिश्ड । " कलम ने अज्ज तोड़िया गीतां दा क़ाफ़िया, एह इश्क़ मेरा पहुंचिया अज्ज हड़े मुकाम ते ।" वह भी एक मुकाम था १९६० का जब यह कविता लिखी थी, ते और फिर - यह भी एक मुकाम है, दूर-पार वसने वाले लोगों के प्यार का जहां पहुंचकर हैरान भी हूं और उन राहों की शुक्रगुज़ार भी जो आखिर मुझे इस मुकाम पर ले आए हैं... धूप के टुकड़े देश के विभाजन से पहले तक मेरे पास एक चीज़ थी जिसे मैं संभाल-संभालकर रखती थी । यह साहिर की नज़्म 'ताजमहल' थी जो उसने फ्रेम कराकर १. मैं जब अमृता प्रीतम की कोई रचना पढ़ता हूं तव मेरी भारत-विरोधी भावनाएं खत्म हो जाती हैं । २. कलम ने आज गीतों का क़ाफ़िया तोड़ दिया, आज मेरा इश्क़ किस मुकाम पर पहुंचा है... रसीदी टिकट : ६७
था- फ्रन्ट से एक दिन के लिए दिल्ली आया हूं, लिए दिल्ली आया हूं, मिलना चाहता हूं शाम के समय वह मिलने आया तो हिन्दुस्तान में पनाह ले रही बंगाली औरतों के संबंध में बताते हुए कहने लगा -- 'बहुत-सी बूढ़ी औरतें हैं, पर जवान भी हैं, उन्हें हम नावों में से उतारकर कैम्पों में पहुंचाते हैं। मुझे सिर्फ़ यही बात कहनी थी कि जिसने आपके नाविल पढ़े हैं, वह उन पराई औरतों के साथ आदर का सलूक करता है, उन पर बुरा हाथ नहीं डालता ।' लगा, आज तक जो कुछ लिखा था, ठिकाने पड़ गया है । मेरे उपन्यास आलोचकों की मेज़ों तक न पहुंचें, न सही, यह उससे कहीं दूर, साधारण सिपाहियों के मन तक पहुंच गए हैं... आज याद आ रहा है - इससे पहली लड़ाई के समय, एक सिपाही ने जंग पर हुए अपनी कविताओं की हस्तलिखित लिपि मेरे नाम रजिस्ट्री करवाकर भेज दी थी कि 'अगर मैं जीता रहा तो वापस आकर ले लूंगा । अगर मर गया तो ये कविताएं कहीं छाप दीजियेगा ।' मैंने जिसे कभी देखा नहीं था उसका कैसा विश्वास जीत लिया था-आंखें भर आयी थीं... जून एक हज़ार नौ सौ बहत्तर में नेपाल के एक उपन्यासकार धूसवां सायमी नेपाल एम्वेसी के • कल्चरल कौंसिलर के पद पर दिल्ली आए, तो मिलने आए । बताने लगे -- 'मेरी री में एक जगह लिखा हुआ है - न्हैन आयी रीड अमृता प्रीतम माई इंडियन फ़ीलिंग्ज आर वैनिश्ड । " कलम ने अज्ज तोड़िया गीतां दा क़ाफ़िया, एह इश्क़ मेरा पहुंचिया अज्ज हड़े मुकाम ते ।" वह भी एक मुकाम था एक हज़ार नौ सौ साठ का जब यह कविता लिखी थी, ते और फिर - यह भी एक मुकाम है, दूर-पार वसने वाले लोगों के प्यार का जहां पहुंचकर हैरान भी हूं और उन राहों की शुक्रगुज़ार भी जो आखिर मुझे इस मुकाम पर ले आए हैं... धूप के टुकड़े देश के विभाजन से पहले तक मेरे पास एक चीज़ थी जिसे मैं संभाल-संभालकर रखती थी । यह साहिर की नज़्म 'ताजमहल' थी जो उसने फ्रेम कराकर एक. मैं जब अमृता प्रीतम की कोई रचना पढ़ता हूं तव मेरी भारत-विरोधी भावनाएं खत्म हो जाती हैं । दो. कलम ने आज गीतों का क़ाफ़िया तोड़ दिया, आज मेरा इश्क़ किस मुकाम पर पहुंचा है... रसीदी टिकट : सरसठ
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। जॉन विलियम वाटरहाउस द्वारा रचित "दैवज्ञ से परामर्श"; जिसमे आठ महिला पुरोहितों को भविष्यवाणी के एक मंदिर में दिखाया गया है प्राचीन पुरातनता में, दैवज्ञ एक व्यक्ति या एजेंसी को कहा जाता था जिसे ईश्वरप्रेरित बुद्धिमत्तापूर्ण सलाह या भविष्यसूचक (पूर्वकथित) विचार, भविष्यवाणियों या पूर्व ज्ञान का एक स्रोत माना जाता था। इस प्रकार यह भविष्यवाणी का एक रूप है। इस शब्द की उत्पत्ति लैटिन क्रिया ōrāre (अर्थात "बोलना") से हुई है एवं यह सही-सही भविष्यवाणी करने वाले पुजारी या पुजारिन को संदर्भित करता है। विस्तृत प्रयोग में, दैवज्ञ अपने स्थल, एवं यूनानी भाषा में khrēsmoi (χρησμοί) कहे जाने वाले दैवीय कथनों को भी संदर्भित कर सकता है। देवज्ञों को ऐसा प्रवेश-द्वार माना जाता था जिसके माध्यम से ईश्वर मनुष्य से सीधे बात करते थे। इस अर्थ में, वे भविष्यद्रष्टाओं (manteis, μάντεις) से भिन्न होते थे जो पक्षियों के चिह्नों, पशु की अंतरियों एवं अन्य विभिन्न विधियों के माध्यम से ईश्वर के द्वारा भेजे गए प्रतीकों की व्याख्या करते थे।फ्लॉवर, माइकल एत्यह. यहूदी धर्म इस्राइल और हिब्रू भाषियों का राजधर्म है और इसका पवित्र ग्रंथ तनख़ बाईबल का प्राचीन भाग माना जाता है। धार्मिक पैग़म्बरी मान्यता मानने वाले धर्म इस्लाम और ईसाई धर्म का आधार इसी परम्परा और विचारधारा को माना जाता है। इस धर्म में एकेश्वरवाद और ईश्वर के दूत यानि पैग़म्बर की मान्यता प्रधान है। अपने लिखित इतिहास की वजह से ये कम से कम ३००० साल पुराना माना जाता है। यहूदी धर्म को माननेवाले विश्व में करीब १.४३ करोड़ है, जो विश्व की जनसंख्या में ०.2% है। . दैवज्ञ और यहूदी धर्म आम में 3 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): बाइबिल, यहूदी धर्म, ईसाई धर्म। बाइबिल (अथवा बाइबल, Bible, अर्थात "किताब") ईसाई धर्म(मसीही धर्म) की आधारशिला है और ईसाइयों (मसीहियों) का पवित्रतम धर्मग्रन्थ है। इसके दो भाग हैंः पूर्वविधान (ओल्ड टेस्टामैंट) और नवविधान (न्यू टेस्टामेंट)। बाइबिल का पूर्वार्ध अर्थात् पूर्वविधान यहूदियों का भी धर्मग्रंथ है। बाइबिल ईश्वरप्रेरित (इंस्पायर्ड) है किंतु उसे अपौरुषेय नहीं कहा जा सकता। ईश्वर ने बाइबिल के विभिन्न लेखकों को इस प्रकार प्रेरित किया है कि वे ईश्वरकृत होते हुए भी उनकी अपनी रचनाएँ भी कही जा सकती हैं। ईश्वर ने बोलकर उनसे बाइबिल नहीं लिखवाई। वे अवश्य ही ईश्वर की प्रेरणा से लिखने में प्रवृत्त हुए किंतु उन्होंने अपनी संस्कृति, शैली तथा विचारधारा की विशेषताओं के अनुसार ही उसे लिखा है। अतः बाइबिल ईश्वरीय प्रेरणा तथा मानवीय परिश्रम दोनों का सम्मिलित परिणाम है। मानव जाति तथा यहूदियों के लिए ईश्वर ने जो कुछ किया और इसके प्रति मनुष्य की जो प्रतिक्रिया हुई उसका इतिहास और विवरण ही बाइबिल का वण्र्य विषय है। बाइबिल गूढ़ दार्शनिक सत्यों का संकलन नहीं है बल्कि इसमें दिखलाया गया है कि ईश्वर ने मानव जाति की मुक्ति का क्या प्रबंध किया है। वास्तव में बाइबिल ईश्वरीय मुक्तिविधान के कार्यान्वयन का इतिहास है जो ओल्ड टेस्टामेंट में प्रारंभ होकर ईसा के द्वारा न्यू टेस्टामेंट में संपादित हुआ है। अतः बाइबिल के दोनों भागों में घनिष्ठ संबंध है। ओल्ड टेस्टामेंट की घटनाओं द्वारा ईसा के जीवन की घटनाओं की पृष्ठभूमि तैयार की गई है। न्यू टेस्टामेंट में दिखलाया गया है कि मुक्तिविधान किस प्रकार ईसा के व्यक्तित्व, चमत्कारों, शिक्षा, मरण तथा पुनरुत्थान द्वारा संपन्न हुआ है; किस प्रकार ईसा ने चर्च की स्थापना की और इस चर्च ने अपने प्रारंभिक विकास में ईसा के जीवन की घटनाओं को किस दृष्टि से देखा है कि उनमें से क्या निष्कर्ष निकाला है। बाइबिल में प्रसंगवश लौकिक ज्ञान विज्ञान संबंधी बातें भी आ गई हैं; उनपर तात्कालिक धारणाओं की पूरी छाप है क्योंकि बाइबिल उनके विषय में शायद ही कोई निर्देश देना चाहती है। मानव जाति के इतिहास की ईश्वरीय व्याख्या प्रस्तुत करना और धर्म एवं मुक्ति को समझना, यही बाइबिल का प्रधान उद्देश्य है, बाइबिल की तत्संबंधी शिक्षा में कोई भ्रांति नहीं हो सकती। उसमें अनेक स्थलों पर मनुष्यों के पापाचरण का भी वर्णन मिलता है। ऐसा आचरण अनुकरणीय आदर्श के रूप में नहीं प्रस्तुत हुआ है किंतु उसके द्वारा स्पष्ट हो जाता है कि मनुष्य कितने कलुषित हैं और उनको ईश्वर की मुक्ति की कितनी आवश्यकता है। . यहूदी धर्म इस्राइल और हिब्रू भाषियों का राजधर्म है और इसका पवित्र ग्रंथ तनख़ बाईबल का प्राचीन भाग माना जाता है। धार्मिक पैग़म्बरी मान्यता मानने वाले धर्म इस्लाम और ईसाई धर्म का आधार इसी परम्परा और विचारधारा को माना जाता है। इस धर्म में एकेश्वरवाद और ईश्वर के दूत यानि पैग़म्बर की मान्यता प्रधान है। अपने लिखित इतिहास की वजह से ये कम से कम ३००० साल पुराना माना जाता है। यहूदी धर्म को माननेवाले विश्व में करीब १.४३ करोड़ है, जो विश्व की जनसंख्या में ०.2% है। . "'ईद्भास/क्रॉस"' - यह ईसाई धर्म का निशान है ईसाई धर्म (अन्य प्रचलित नामःमसीही धर्म व क्रिश्चियन धर्म) एक इब्राहीमीChristianity's status as monotheistic is affirmed in, amongst other sources, the Catholic Encyclopedia (article ""); William F. Albright, From the Stone Age to Christianity; H. Richard Niebuhr; About.com,; Kirsch, God Against the Gods; Woodhead, An Introduction to Christianity; The Columbia Electronic Encyclopedia; The New Dictionary of Cultural Literacy,; New Dictionary of Theology,, pp. दैवज्ञ 27 संबंध है और यहूदी धर्म 24 है। वे आम 3 में है, समानता सूचकांक 5.88% है = 3 / (27 + 24)। यह लेख दैवज्ञ और यहूदी धर्म के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। जॉन विलियम वाटरहाउस द्वारा रचित "दैवज्ञ से परामर्श"; जिसमे आठ महिला पुरोहितों को भविष्यवाणी के एक मंदिर में दिखाया गया है प्राचीन पुरातनता में, दैवज्ञ एक व्यक्ति या एजेंसी को कहा जाता था जिसे ईश्वरप्रेरित बुद्धिमत्तापूर्ण सलाह या भविष्यसूचक विचार, भविष्यवाणियों या पूर्व ज्ञान का एक स्रोत माना जाता था। इस प्रकार यह भविष्यवाणी का एक रूप है। इस शब्द की उत्पत्ति लैटिन क्रिया ōrāre से हुई है एवं यह सही-सही भविष्यवाणी करने वाले पुजारी या पुजारिन को संदर्भित करता है। विस्तृत प्रयोग में, दैवज्ञ अपने स्थल, एवं यूनानी भाषा में khrēsmoi कहे जाने वाले दैवीय कथनों को भी संदर्भित कर सकता है। देवज्ञों को ऐसा प्रवेश-द्वार माना जाता था जिसके माध्यम से ईश्वर मनुष्य से सीधे बात करते थे। इस अर्थ में, वे भविष्यद्रष्टाओं से भिन्न होते थे जो पक्षियों के चिह्नों, पशु की अंतरियों एवं अन्य विभिन्न विधियों के माध्यम से ईश्वर के द्वारा भेजे गए प्रतीकों की व्याख्या करते थे।फ्लॉवर, माइकल एत्यह. यहूदी धर्म इस्राइल और हिब्रू भाषियों का राजधर्म है और इसका पवित्र ग्रंथ तनख़ बाईबल का प्राचीन भाग माना जाता है। धार्मिक पैग़म्बरी मान्यता मानने वाले धर्म इस्लाम और ईसाई धर्म का आधार इसी परम्परा और विचारधारा को माना जाता है। इस धर्म में एकेश्वरवाद और ईश्वर के दूत यानि पैग़म्बर की मान्यता प्रधान है। अपने लिखित इतिहास की वजह से ये कम से कम तीन हज़ार साल पुराना माना जाता है। यहूदी धर्म को माननेवाले विश्व में करीब एक.तैंतालीस करोड़ है, जो विश्व की जनसंख्या में शून्य.दो% है। . दैवज्ञ और यहूदी धर्म आम में तीन बातें हैं : बाइबिल, यहूदी धर्म, ईसाई धर्म। बाइबिल ईसाई धर्म की आधारशिला है और ईसाइयों का पवित्रतम धर्मग्रन्थ है। इसके दो भाग हैंः पूर्वविधान और नवविधान । बाइबिल का पूर्वार्ध अर्थात् पूर्वविधान यहूदियों का भी धर्मग्रंथ है। बाइबिल ईश्वरप्रेरित है किंतु उसे अपौरुषेय नहीं कहा जा सकता। ईश्वर ने बाइबिल के विभिन्न लेखकों को इस प्रकार प्रेरित किया है कि वे ईश्वरकृत होते हुए भी उनकी अपनी रचनाएँ भी कही जा सकती हैं। ईश्वर ने बोलकर उनसे बाइबिल नहीं लिखवाई। वे अवश्य ही ईश्वर की प्रेरणा से लिखने में प्रवृत्त हुए किंतु उन्होंने अपनी संस्कृति, शैली तथा विचारधारा की विशेषताओं के अनुसार ही उसे लिखा है। अतः बाइबिल ईश्वरीय प्रेरणा तथा मानवीय परिश्रम दोनों का सम्मिलित परिणाम है। मानव जाति तथा यहूदियों के लिए ईश्वर ने जो कुछ किया और इसके प्रति मनुष्य की जो प्रतिक्रिया हुई उसका इतिहास और विवरण ही बाइबिल का वण्र्य विषय है। बाइबिल गूढ़ दार्शनिक सत्यों का संकलन नहीं है बल्कि इसमें दिखलाया गया है कि ईश्वर ने मानव जाति की मुक्ति का क्या प्रबंध किया है। वास्तव में बाइबिल ईश्वरीय मुक्तिविधान के कार्यान्वयन का इतिहास है जो ओल्ड टेस्टामेंट में प्रारंभ होकर ईसा के द्वारा न्यू टेस्टामेंट में संपादित हुआ है। अतः बाइबिल के दोनों भागों में घनिष्ठ संबंध है। ओल्ड टेस्टामेंट की घटनाओं द्वारा ईसा के जीवन की घटनाओं की पृष्ठभूमि तैयार की गई है। न्यू टेस्टामेंट में दिखलाया गया है कि मुक्तिविधान किस प्रकार ईसा के व्यक्तित्व, चमत्कारों, शिक्षा, मरण तथा पुनरुत्थान द्वारा संपन्न हुआ है; किस प्रकार ईसा ने चर्च की स्थापना की और इस चर्च ने अपने प्रारंभिक विकास में ईसा के जीवन की घटनाओं को किस दृष्टि से देखा है कि उनमें से क्या निष्कर्ष निकाला है। बाइबिल में प्रसंगवश लौकिक ज्ञान विज्ञान संबंधी बातें भी आ गई हैं; उनपर तात्कालिक धारणाओं की पूरी छाप है क्योंकि बाइबिल उनके विषय में शायद ही कोई निर्देश देना चाहती है। मानव जाति के इतिहास की ईश्वरीय व्याख्या प्रस्तुत करना और धर्म एवं मुक्ति को समझना, यही बाइबिल का प्रधान उद्देश्य है, बाइबिल की तत्संबंधी शिक्षा में कोई भ्रांति नहीं हो सकती। उसमें अनेक स्थलों पर मनुष्यों के पापाचरण का भी वर्णन मिलता है। ऐसा आचरण अनुकरणीय आदर्श के रूप में नहीं प्रस्तुत हुआ है किंतु उसके द्वारा स्पष्ट हो जाता है कि मनुष्य कितने कलुषित हैं और उनको ईश्वर की मुक्ति की कितनी आवश्यकता है। . यहूदी धर्म इस्राइल और हिब्रू भाषियों का राजधर्म है और इसका पवित्र ग्रंथ तनख़ बाईबल का प्राचीन भाग माना जाता है। धार्मिक पैग़म्बरी मान्यता मानने वाले धर्म इस्लाम और ईसाई धर्म का आधार इसी परम्परा और विचारधारा को माना जाता है। इस धर्म में एकेश्वरवाद और ईश्वर के दूत यानि पैग़म्बर की मान्यता प्रधान है। अपने लिखित इतिहास की वजह से ये कम से कम तीन हज़ार साल पुराना माना जाता है। यहूदी धर्म को माननेवाले विश्व में करीब एक.तैंतालीस करोड़ है, जो विश्व की जनसंख्या में शून्य.दो% है। . "'ईद्भास/क्रॉस"' - यह ईसाई धर्म का निशान है ईसाई धर्म एक इब्राहीमीChristianity's status as monotheistic is affirmed in, amongst other sources, the Catholic Encyclopedia ; William F. Albright, From the Stone Age to Christianity; H. Richard Niebuhr; About.com,; Kirsch, God Against the Gods; Woodhead, An Introduction to Christianity; The Columbia Electronic Encyclopedia; The New Dictionary of Cultural Literacy,; New Dictionary of Theology,, pp. दैवज्ञ सत्ताईस संबंध है और यहूदी धर्म चौबीस है। वे आम तीन में है, समानता सूचकांक पाँच.अठासी% है = तीन / । यह लेख दैवज्ञ और यहूदी धर्म के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी में इन दिनों प्रदर्शन का दौर जारी है। जहां एक ओर पिछले 17 दिनों से SCERT कार्यालय पर 22000 सीटों को 69000 शिक्षक भर्ती में जुड़वाने के लिए कई अभ्यर्थी डटें हुए हैं वहीं दूसरी तरफ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में LT GIC 2018 के चयनित अभ्यर्थी, अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन करने की चेतावनी दे रहे हैं। दरअसल, बुधवार को LT GIC 2018 के चयनित अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचे और ऐलान किया कि जबतक हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान का पोर्टल नहीं खुलता या उन्हें लिखित तौर पर कोई आश्वासन नहीं मिलता तब तक वे निदेशालय परिसर में क्रमिक अनशन पर बैठे रहेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि आज तो संख्या कम है लेकिन कल यानि गुरुवार को यह संख्या 2000 तक पहुंचेगी और निदेशालय परिसर में सभी अभ्यर्थी क्रमिक अनशन पर बैठ जाएंगे। बता दें कि बीती एक जुलाई को अभ्यर्थियों का जमावड़ा राजधानी स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पहुंचा था जहां उनकी मुलाकात अपर सचिव आराधना शुक्ला से हुई थी। इस मुलाकात में अभ्यर्थियों को मौखिक आश्वासन दिया गया था 16 या 22 तारीख को विद्यालय पोर्टल खोला जाएगा और इसकी विज्ञप्ति एक-दो दिन में जारी कर दी जाएगी। हालांकि, अभ्यर्थियों के विज्ञप्ति जारी नहीं की गई, इसी वजह से अभ्यर्थी आज यहां पहुंचे हैं और क्रमिक अनशन की चेतावनी दे रहे हैं। एक जुलाई को ही अभ्यर्थियों ने ऐलान किया था कि अगर लिखित आश्वासन नहीं मिला तो क्रमिक अनशन होगा और जबतक नियुक्ति नहीं मिल जाती तब तक निदेशालय परिसर में प्रदर्शन जारी रहेगा।
लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी में इन दिनों प्रदर्शन का दौर जारी है। जहां एक ओर पिछले सत्रह दिनों से SCERT कार्यालय पर बाईस हज़ार सीटों को उनहत्तर हज़ार शिक्षक भर्ती में जुड़वाने के लिए कई अभ्यर्थी डटें हुए हैं वहीं दूसरी तरफ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में LT GIC दो हज़ार अट्ठारह के चयनित अभ्यर्थी, अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन करने की चेतावनी दे रहे हैं। दरअसल, बुधवार को LT GIC दो हज़ार अट्ठारह के चयनित अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचे और ऐलान किया कि जबतक हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान का पोर्टल नहीं खुलता या उन्हें लिखित तौर पर कोई आश्वासन नहीं मिलता तब तक वे निदेशालय परिसर में क्रमिक अनशन पर बैठे रहेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि आज तो संख्या कम है लेकिन कल यानि गुरुवार को यह संख्या दो हज़ार तक पहुंचेगी और निदेशालय परिसर में सभी अभ्यर्थी क्रमिक अनशन पर बैठ जाएंगे। बता दें कि बीती एक जुलाई को अभ्यर्थियों का जमावड़ा राजधानी स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पहुंचा था जहां उनकी मुलाकात अपर सचिव आराधना शुक्ला से हुई थी। इस मुलाकात में अभ्यर्थियों को मौखिक आश्वासन दिया गया था सोलह या बाईस तारीख को विद्यालय पोर्टल खोला जाएगा और इसकी विज्ञप्ति एक-दो दिन में जारी कर दी जाएगी। हालांकि, अभ्यर्थियों के विज्ञप्ति जारी नहीं की गई, इसी वजह से अभ्यर्थी आज यहां पहुंचे हैं और क्रमिक अनशन की चेतावनी दे रहे हैं। एक जुलाई को ही अभ्यर्थियों ने ऐलान किया था कि अगर लिखित आश्वासन नहीं मिला तो क्रमिक अनशन होगा और जबतक नियुक्ति नहीं मिल जाती तब तक निदेशालय परिसर में प्रदर्शन जारी रहेगा।
के शोषणके कारण शायद प्रोषोण की उत्पत्ति होती है । यह लगभग २५ मीलकी ऊँचाई तक फैला हुआ है। यद्यपि अब तक यह ठीक-ठीक नहीं मालूम हो पाया है कि यह कैसे बनता है परन्तु इसमें कोई संदेह नहीं है कि इसके कारण पृथ्वीकी जलवायु पर काफी प्रभाव पड़ता है क्योंकि यह सूर्यकी पराकासनी किरणोंका शोषण कर लेता है जिसमें बहुत गरमी होती है। गुब्बारोंकी सहायतासे वायुमंडलकी खोज २०-२५ मोल की ऊँचाईसे ज्यादा दूर तक न की जा सकी। ज्यादा ऊँचाई पर खोजके लिये वैज्ञानिकोंको रेडियो (आकाशवाणी) तरङ्गोंकी शरण लेनी पड़ती हैं। जब मारकोनी ( Marconi ) सन् १९०१ ई० में कार्नवालसे न्यूफाउण्डलैण्डको रेडियो के संकेत भेजनेमें सफल हो गये तो इनने तमाम वैज्ञानिकों को बड़े चक्करमें डाल दिया। वे सोचने लगे कि पृथ्वीकी सतहके गोलाकार होने पर भी ये रेडियो तरंगें इतनी दूर कैसे पहुँच सकीं । सन् १९०२ ई० में केनीलो ( Kennelly ) और हैवीसाईड ( Heaviside ) ने लगभग साथ ही साथ इस प्रश्नको हल किया। उन्होंने सोचा कि ऊपरी वायुमंडलमें लगभग ६० मीलकी ऊँचाई पर एक ऐसी चालक-तह है जिसमें बहुतसे ऋणाणु हैं और विषय-प्रवेश ] जिससे यह रेडियो तरंगें वैसे ही परावर्तित ( reflect ) हो जाती हैं जैसे दर्पणसे मामूली रोशनी । इस केनेलीहैवीसाईड स्तरकी सच्चाई १९२४ ई० में प्रयोग द्वारा सिद्ध कर दी गई। परन्तु रेडियो तरंगोंकी सहायतासे अब यह भी सिद्ध कर दिया गया है कि ऊपरी वायुमंडलमें ऋणाशुओंकी ऐसी एक ही स्तर नहीं है बल्कि और भी बहुत सो हैं जिनमें मुख्य दो हैं । एक तो इ-स्तर जो ६० मोलकी ऊँचाई पर है और दूसरी फ-स्तर जो १५५ मीलकी ऊँचाई पर है। इसके अतिरिक्त दिनके किसी विशेष समयमें और भी स्तरें पैदा हो जाती हैं जिनमें से ई-स्तर इ-स्तरके ऊपर तथा फा-स्तर फ-स्तरसे ज़रा ऊपर होती है। इन कुल स्तरोंको आयन-मंडल ( ionosphere ) कहते हैं । इस आयन-मंडलके अतिरिक्त वायुमंडलमें कई और जगहों पर भी ऐसी ही अणुयुक्त स्तरें पैदा हो जाती हैं जिनमें आयनमंडलके नीचे ड-स्तर तथा स-स्तर मुख्य हैं और आयन-मंडल के ऊपर ज-स्तर तथा ह-स्तर हैं। ड-स्तरकी ऊँचाई लगभग ३०-३५ मील और स-स्तरकी ऊँचाई लगभग १५-२० मील है तथा ज-स्तरकी ऊँचाई लगभग ३५० मील और ह-स्तरकी ऊँचाई लगभग ६०० मील है। आजकल योरोप तथा अमेरिकामें इन स्तरों पर बहुतसी विद्वत्ता पूर्ण गवेषणायें हो रही हैं। भारतवर्षमें भी इन पर कलकत्त और इलाहाबाद में काम हो रहा है। इन स्तरोंका ज्ञान रेडियो तरंगोंके गमनके
के शोषणके कारण शायद प्रोषोण की उत्पत्ति होती है । यह लगभग पच्चीस मीलकी ऊँचाई तक फैला हुआ है। यद्यपि अब तक यह ठीक-ठीक नहीं मालूम हो पाया है कि यह कैसे बनता है परन्तु इसमें कोई संदेह नहीं है कि इसके कारण पृथ्वीकी जलवायु पर काफी प्रभाव पड़ता है क्योंकि यह सूर्यकी पराकासनी किरणोंका शोषण कर लेता है जिसमें बहुत गरमी होती है। गुब्बारोंकी सहायतासे वायुमंडलकी खोज बीस-पच्चीस मोल की ऊँचाईसे ज्यादा दूर तक न की जा सकी। ज्यादा ऊँचाई पर खोजके लिये वैज्ञानिकोंको रेडियो तरङ्गोंकी शरण लेनी पड़ती हैं। जब मारकोनी सन् एक हज़ार नौ सौ एक ईशून्य में कार्नवालसे न्यूफाउण्डलैण्डको रेडियो के संकेत भेजनेमें सफल हो गये तो इनने तमाम वैज्ञानिकों को बड़े चक्करमें डाल दिया। वे सोचने लगे कि पृथ्वीकी सतहके गोलाकार होने पर भी ये रेडियो तरंगें इतनी दूर कैसे पहुँच सकीं । सन् एक हज़ार नौ सौ दो ईशून्य में केनीलो और हैवीसाईड ने लगभग साथ ही साथ इस प्रश्नको हल किया। उन्होंने सोचा कि ऊपरी वायुमंडलमें लगभग साठ मीलकी ऊँचाई पर एक ऐसी चालक-तह है जिसमें बहुतसे ऋणाणु हैं और विषय-प्रवेश ] जिससे यह रेडियो तरंगें वैसे ही परावर्तित हो जाती हैं जैसे दर्पणसे मामूली रोशनी । इस केनेलीहैवीसाईड स्तरकी सच्चाई एक हज़ार नौ सौ चौबीस ईशून्य में प्रयोग द्वारा सिद्ध कर दी गई। परन्तु रेडियो तरंगोंकी सहायतासे अब यह भी सिद्ध कर दिया गया है कि ऊपरी वायुमंडलमें ऋणाशुओंकी ऐसी एक ही स्तर नहीं है बल्कि और भी बहुत सो हैं जिनमें मुख्य दो हैं । एक तो इ-स्तर जो साठ मोलकी ऊँचाई पर है और दूसरी फ-स्तर जो एक सौ पचपन मीलकी ऊँचाई पर है। इसके अतिरिक्त दिनके किसी विशेष समयमें और भी स्तरें पैदा हो जाती हैं जिनमें से ई-स्तर इ-स्तरके ऊपर तथा फा-स्तर फ-स्तरसे ज़रा ऊपर होती है। इन कुल स्तरोंको आयन-मंडल कहते हैं । इस आयन-मंडलके अतिरिक्त वायुमंडलमें कई और जगहों पर भी ऐसी ही अणुयुक्त स्तरें पैदा हो जाती हैं जिनमें आयनमंडलके नीचे ड-स्तर तथा स-स्तर मुख्य हैं और आयन-मंडल के ऊपर ज-स्तर तथा ह-स्तर हैं। ड-स्तरकी ऊँचाई लगभग तीस-पैंतीस मील और स-स्तरकी ऊँचाई लगभग पंद्रह-बीस मील है तथा ज-स्तरकी ऊँचाई लगभग तीन सौ पचास मील और ह-स्तरकी ऊँचाई लगभग छः सौ मील है। आजकल योरोप तथा अमेरिकामें इन स्तरों पर बहुतसी विद्वत्ता पूर्ण गवेषणायें हो रही हैं। भारतवर्षमें भी इन पर कलकत्त और इलाहाबाद में काम हो रहा है। इन स्तरोंका ज्ञान रेडियो तरंगोंके गमनके
MEJA ( 8 Nov, JNN ): रिश्ते में आने वाले करछना इलाके के प्रेमी से मिलने गांव के बाहर गई युवती रंगे हाथ पकड़ी गई तो ट्रेन के सामने कूद कर जान दे दी। यह देख परिजन व ग्रामीण ट्रैक की ओर दौड़ पड़े। मौका पा कर उसका प्रेमी वहां से फरार हो गया। जबकि उसके साथ आए दोस्त को पकड़ कर पिटाई के बाद लोग पुलिस को सौंप दिए। युवती की शादी परिजनों ने तय कर दी थी, पर वह प्रेमी को ही हमसफर बनाना चाहती थी। मेजा थाना क्षेत्र के बलुहा गांव की एक युवती करछना के कंजासा गांव निवासी रिश्तेदार के बेटे से प्यार करती थी। रफ्ता-रफ्ता दोनों का इश्क परवान चढ़ गया। उनके मन में इश्क की यह चिंगारी सुलग ही रही थी कि परिजनों ने युवती की शादी तय कर दी। युवती प्रेमी के सिवा किसी और से शादी नहीं करना चाहती थी। सोमवार की रात अपने दोस्त के साथ प्रेमिका से मिलने उसके गांव बलुहा आ गया। किसी तरह वे प्रेमिका को खुद से मिलने का संदेश भेजा। प्रेमी के बुलावे का पैगाम सुन वह बावरी हो गई। छोटी बहन के साथ रात करीब आठ बजे वे उससे मिलने गांव के बाहर जा पहुंची। दोनों के बीच मीठी बातें शुरू ही हुई थीं कि उनके मिलन की भनक परिजनों को लग गई। मालूम चलते ही युवती के परिजन व गांव के कुछ लोग घेर कर दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिए। परिजन प्रेमी व उसके दोस्त को खरी-खोटी सुना ही रहे थे कि युवती परिजनों से हाथ छुड़ा कर पास के रेलवे ट्रेक की तरफ दौड़ पड़ी। उसकी मंशा भांपते हुए पकड़ने के लिए परिजन व लोग भी उसके पीछे-पीछे दौड़ पड़े। तब तक सामने से आई माल गाड़ी के सामने कूद कर युवती जान दे दी। सभी उधर व्यस्त हुए तो मौका पा कर उसका प्रेमी वहां से फरार हो गया। पकड़े गए युवक के दोस्त की पिटाई कर लोगों ने पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोई तहरीर न मिलने पर पुलिस ने उसके दोस्त को भी छोड़ दिया। चौकी इंचार्ज मेजा रोड प्रिंस दीक्षित ने बताया कि लड़की के परिजन तहरीर देंगे तो मामले में कार्रवाई की जाएगी।
MEJA : रिश्ते में आने वाले करछना इलाके के प्रेमी से मिलने गांव के बाहर गई युवती रंगे हाथ पकड़ी गई तो ट्रेन के सामने कूद कर जान दे दी। यह देख परिजन व ग्रामीण ट्रैक की ओर दौड़ पड़े। मौका पा कर उसका प्रेमी वहां से फरार हो गया। जबकि उसके साथ आए दोस्त को पकड़ कर पिटाई के बाद लोग पुलिस को सौंप दिए। युवती की शादी परिजनों ने तय कर दी थी, पर वह प्रेमी को ही हमसफर बनाना चाहती थी। मेजा थाना क्षेत्र के बलुहा गांव की एक युवती करछना के कंजासा गांव निवासी रिश्तेदार के बेटे से प्यार करती थी। रफ्ता-रफ्ता दोनों का इश्क परवान चढ़ गया। उनके मन में इश्क की यह चिंगारी सुलग ही रही थी कि परिजनों ने युवती की शादी तय कर दी। युवती प्रेमी के सिवा किसी और से शादी नहीं करना चाहती थी। सोमवार की रात अपने दोस्त के साथ प्रेमिका से मिलने उसके गांव बलुहा आ गया। किसी तरह वे प्रेमिका को खुद से मिलने का संदेश भेजा। प्रेमी के बुलावे का पैगाम सुन वह बावरी हो गई। छोटी बहन के साथ रात करीब आठ बजे वे उससे मिलने गांव के बाहर जा पहुंची। दोनों के बीच मीठी बातें शुरू ही हुई थीं कि उनके मिलन की भनक परिजनों को लग गई। मालूम चलते ही युवती के परिजन व गांव के कुछ लोग घेर कर दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिए। परिजन प्रेमी व उसके दोस्त को खरी-खोटी सुना ही रहे थे कि युवती परिजनों से हाथ छुड़ा कर पास के रेलवे ट्रेक की तरफ दौड़ पड़ी। उसकी मंशा भांपते हुए पकड़ने के लिए परिजन व लोग भी उसके पीछे-पीछे दौड़ पड़े। तब तक सामने से आई माल गाड़ी के सामने कूद कर युवती जान दे दी। सभी उधर व्यस्त हुए तो मौका पा कर उसका प्रेमी वहां से फरार हो गया। पकड़े गए युवक के दोस्त की पिटाई कर लोगों ने पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोई तहरीर न मिलने पर पुलिस ने उसके दोस्त को भी छोड़ दिया। चौकी इंचार्ज मेजा रोड प्रिंस दीक्षित ने बताया कि लड़की के परिजन तहरीर देंगे तो मामले में कार्रवाई की जाएगी।
बह्र-ए-मुत्दारिक मुइज़ाफ़ी मुसम्मन सालिम (16 रुक्ऩी ) ग़ज़ल का यह प्रयास आपको पसंद आया, मन खुश हो गया. इस सराहना और उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए आभारी हूँ आदरणीया कांता जी. इससे दोष दूर हो जायेगा , ग़ज़ल खारिज नही होगी , काफिले और दाखिले वाले शे र सुधार लीजियेगा न भी सुधरे तो गज़ल मे पाँच अशआर बच ही रहेंगे । सोच के देखियेगा ।
बह्र-ए-मुत्दारिक मुइज़ाफ़ी मुसम्मन सालिम ग़ज़ल का यह प्रयास आपको पसंद आया, मन खुश हो गया. इस सराहना और उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए आभारी हूँ आदरणीया कांता जी. इससे दोष दूर हो जायेगा , ग़ज़ल खारिज नही होगी , काफिले और दाखिले वाले शे र सुधार लीजियेगा न भी सुधरे तो गज़ल मे पाँच अशआर बच ही रहेंगे । सोच के देखियेगा ।
Hardik Pandya: आईपीएल का 57वां मुकाबला मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइंटस (MI vs GT) के बीच कुछ देर में वानखेड़ में शुरू होने वाला है. जिसमें एक तरफ आईपीएल के सबसे कप्तान रोहित शर्मा होंगे. तो दूसरी तरफ दूसरी बार कप्तानी करने वाले हार्दिक पांड्या. लेकिन इस मैच से पहले हार्दिक का एक वीडियो सामने आया है. जिसमें वह पोलार्ड-सूर्या से अपना पुराना याराना दिखा रहे हैं तो वहीं रोहित शर्मा को इंग्नोर करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं. गुजरात टाइंटस के कप्तान हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) की टीम का सामना उनकी पुरानी फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस से होने वाला है. गुजरात का कप्तान बनने से पहले पाड्या साल 2021 तक का मुंबई टीम का हिस्सा थे वह इस टीम से काफी लंबे समय तक जुड़े रहे. उनका इस टीम के खिलाड़ियों के साथ अनोखा रिश्ता है. जिसे वह कभी नहीं भुला सकते हैं. मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइंटस (MI vs GT) के बीच खेले जाने वाले मुकाबले में से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर अभ्यास कर रहे थे. इस दौरान हार्दिक पांड्या ने पुरानी फ्रेंचाइंजी मुंबई के खिलाड़ी सूर्याकुमार यादव और किरन पोलार्ड से अनोखे अंदाज में मिलते हुए नजर आए. लेकिन वह कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को नजरअंदाज करते हुए दिखाई पड़े. हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) आईपीएल में गुजरात टाइटंस के कप्तान है. उनकी कप्तानी में पिछले साल यानी साल 2022 में यह टीम चैंपियन बनी थी. लेकिन इस टीम से ज्यादा वह मुंबई इंडियंस की टीम को प्यार करते हैं. वह इस टीम से साल 2015 में जुडे और तकरीबन 7 साल तक उन्होंने अपनी सेवाएं इस टीम को दी थी. कई बार खिताबी जीत का हिस्सा भी रहे. जो उनके दिल के बहुत करीब है. उन्होंने एक इंटरव्यू MI l को अपना पहला प्यार बताते हुए कहा था कि "मुंबई इंडियंस मेरे लिए एक विशेष टीम है, यह मेरे पहले प्यार की तरह रही है". जिसके बाद उनका यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था.
Hardik Pandya: आईपीएल का सत्तावनवां मुकाबला मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइंटस के बीच कुछ देर में वानखेड़ में शुरू होने वाला है. जिसमें एक तरफ आईपीएल के सबसे कप्तान रोहित शर्मा होंगे. तो दूसरी तरफ दूसरी बार कप्तानी करने वाले हार्दिक पांड्या. लेकिन इस मैच से पहले हार्दिक का एक वीडियो सामने आया है. जिसमें वह पोलार्ड-सूर्या से अपना पुराना याराना दिखा रहे हैं तो वहीं रोहित शर्मा को इंग्नोर करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं. गुजरात टाइंटस के कप्तान हार्दिक पांड्या की टीम का सामना उनकी पुरानी फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस से होने वाला है. गुजरात का कप्तान बनने से पहले पाड्या साल दो हज़ार इक्कीस तक का मुंबई टीम का हिस्सा थे वह इस टीम से काफी लंबे समय तक जुड़े रहे. उनका इस टीम के खिलाड़ियों के साथ अनोखा रिश्ता है. जिसे वह कभी नहीं भुला सकते हैं. मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइंटस के बीच खेले जाने वाले मुकाबले में से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर अभ्यास कर रहे थे. इस दौरान हार्दिक पांड्या ने पुरानी फ्रेंचाइंजी मुंबई के खिलाड़ी सूर्याकुमार यादव और किरन पोलार्ड से अनोखे अंदाज में मिलते हुए नजर आए. लेकिन वह कप्तान रोहित शर्मा को नजरअंदाज करते हुए दिखाई पड़े. हार्दिक पांड्या आईपीएल में गुजरात टाइटंस के कप्तान है. उनकी कप्तानी में पिछले साल यानी साल दो हज़ार बाईस में यह टीम चैंपियन बनी थी. लेकिन इस टीम से ज्यादा वह मुंबई इंडियंस की टीम को प्यार करते हैं. वह इस टीम से साल दो हज़ार पंद्रह में जुडे और तकरीबन सात साल तक उन्होंने अपनी सेवाएं इस टीम को दी थी. कई बार खिताबी जीत का हिस्सा भी रहे. जो उनके दिल के बहुत करीब है. उन्होंने एक इंटरव्यू MI l को अपना पहला प्यार बताते हुए कहा था कि "मुंबई इंडियंस मेरे लिए एक विशेष टीम है, यह मेरे पहले प्यार की तरह रही है". जिसके बाद उनका यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था.
Aaj Ka mithun Rashifal: आज का दिन मिथुन राशि के जातकों के लिए मिलाजुला सा रह सकता है। आज आपको अपने कार्यक्षेत्र में उलझन और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। खर्च पर भी नियंत्रण रखना होगा। जानें आज का मिथुन राशिफल विस्तार से। Gemini Horoscope Today, 6 July 2023: मिथुन राशि से आज चंद्रमा का संचार अष्टम से नवम भाव में होने जा रहा है। ऐसे में आज दिन का पहला भाग आपके लिए कुछ उलझन भरा रहेगा लेकिन शाम तक स्थिति में सुधार संभव है। खर्च भी बढा रहेगा जिस पर नियंत्रण रखना होगा। जानें आज का मिथुन राशिफल विस्तार से। मिथुन राशि के लिए आज करियरः आज मिथुन राशि के लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ अचानक बनने वाली परिस्थिति के कारण आपका काम प्रभावित होगा। आर्थिक मामलों में आपको आज हाथ सख्त करके चलना होगा क्योंकि आपके खर्चे बढे रहेंगे। बिजनस में आपको आज किसी डील के फंस जाने से तनाव मिल सकता है। सरकारी क्षेत्र से संबंधित काम दोपहर के बाद बन जाने से खुशी मिलेगी। मिथुन राशि के लिए आज पारिवारिक राशिफलः पारिवारिक जीवन के मामले में आज का दिन मिथुन राशि के जातकों के लिए मिलाजुला रहेगा। जीवनसाथी के सेहत को लेकर भी आपको चिंता हो सकती है। आज आपको अपनी वाणी और व्यवहार को संयमित रखना होगा, क्योकि किसी निकट संबंधी से कहासुनी हो सकती है। आज आपकी सेहतः मिथुन राशि के जातक दिन के पहले भाग में थकान और तनाव महसूस कर सकते हैं। लेकिन दिन का दूसरा भाग आपके लिए थोड़ा बेहतर होगा। इस समय से आप अधिक सक्रिय नजर आएंगे लेकिन सलाह है कि जोश में आकर जोखिम लेने से बचें। आज मिथुन राशि के उपायः गणेश चालीसा का पाठ करें, गणेशजी को सिंदूर और दुर्वा अर्पित करना शुभ रहेगा।
Aaj Ka mithun Rashifal: आज का दिन मिथुन राशि के जातकों के लिए मिलाजुला सा रह सकता है। आज आपको अपने कार्यक्षेत्र में उलझन और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। खर्च पर भी नियंत्रण रखना होगा। जानें आज का मिथुन राशिफल विस्तार से। Gemini Horoscope Today, छः जुलाईy दो हज़ार तेईस: मिथुन राशि से आज चंद्रमा का संचार अष्टम से नवम भाव में होने जा रहा है। ऐसे में आज दिन का पहला भाग आपके लिए कुछ उलझन भरा रहेगा लेकिन शाम तक स्थिति में सुधार संभव है। खर्च भी बढा रहेगा जिस पर नियंत्रण रखना होगा। जानें आज का मिथुन राशिफल विस्तार से। मिथुन राशि के लिए आज करियरः आज मिथुन राशि के लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ अचानक बनने वाली परिस्थिति के कारण आपका काम प्रभावित होगा। आर्थिक मामलों में आपको आज हाथ सख्त करके चलना होगा क्योंकि आपके खर्चे बढे रहेंगे। बिजनस में आपको आज किसी डील के फंस जाने से तनाव मिल सकता है। सरकारी क्षेत्र से संबंधित काम दोपहर के बाद बन जाने से खुशी मिलेगी। मिथुन राशि के लिए आज पारिवारिक राशिफलः पारिवारिक जीवन के मामले में आज का दिन मिथुन राशि के जातकों के लिए मिलाजुला रहेगा। जीवनसाथी के सेहत को लेकर भी आपको चिंता हो सकती है। आज आपको अपनी वाणी और व्यवहार को संयमित रखना होगा, क्योकि किसी निकट संबंधी से कहासुनी हो सकती है। आज आपकी सेहतः मिथुन राशि के जातक दिन के पहले भाग में थकान और तनाव महसूस कर सकते हैं। लेकिन दिन का दूसरा भाग आपके लिए थोड़ा बेहतर होगा। इस समय से आप अधिक सक्रिय नजर आएंगे लेकिन सलाह है कि जोश में आकर जोखिम लेने से बचें। आज मिथुन राशि के उपायः गणेश चालीसा का पाठ करें, गणेशजी को सिंदूर और दुर्वा अर्पित करना शुभ रहेगा।
MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र में एक युवक ने सुसाइड कर लिया है। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। आपको बताते चलें कि पूरा मामला जिले के सकरा थाना क्षेत्र के ढोली बाजार का है। जहां सकरा थाना क्षेत्र के ढोली बाजार निवासी अशोक साह के 22 वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र कुमार ने सुसाइड कर लिया है। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। बता दें कि मृतक धर्मेंद्र कुमार का कपड़े का ढोली बाजार में दुकान है। जहां वह रहता था आज अचानक उसने सुसाइड कर लिया। वही स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की सूचना सकरा थाने को दी। सूचना पर पहुंचे सकरा थाने के 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। वही मामले में सकरा थाना में 112 की टीम ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई थी कि सकरा थाना क्षेत्र के ढोली बाजार में एक युवक ने सुसाइड कर लिया है। जिसके बाद मौके पर पहुंचकर कागजी प्रक्रिया पूरा करने के बाद शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। जबकि युवक ने सुसाइड क्यों किया इसका अभी तक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र में एक युवक ने सुसाइड कर लिया है। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। आपको बताते चलें कि पूरा मामला जिले के सकरा थाना क्षेत्र के ढोली बाजार का है। जहां सकरा थाना क्षेत्र के ढोली बाजार निवासी अशोक साह के बाईस वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र कुमार ने सुसाइड कर लिया है। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। बता दें कि मृतक धर्मेंद्र कुमार का कपड़े का ढोली बाजार में दुकान है। जहां वह रहता था आज अचानक उसने सुसाइड कर लिया। वही स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की सूचना सकरा थाने को दी। सूचना पर पहुंचे सकरा थाने के एक सौ बारह की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। वही मामले में सकरा थाना में एक सौ बारह की टीम ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई थी कि सकरा थाना क्षेत्र के ढोली बाजार में एक युवक ने सुसाइड कर लिया है। जिसके बाद मौके पर पहुंचकर कागजी प्रक्रिया पूरा करने के बाद शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। जबकि युवक ने सुसाइड क्यों किया इसका अभी तक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
गौरव को घटाने को अपेक्षा वर्द्धित ही अधिक करेगी। यह कह कर सब लोगों ने महाराणा का हाथ पकड़ कर उन्हें रिक्त सिंहासन पर आरूढ़ कर दिया । घटना बहुत साधारण है। पर हिन्दुओं की राज्य कल्पना के वास्तविक उद्देश्यों को बतलाने वाली है । यह घटना बतलाती है कि, हिन्दुओं की राज्य कल्पना का आदर्श यह नहीं था कि, राजा प्रजा को अपनी इच्छानुकूल चलावे, और देश का शासन भी व्यक्तिगत इच्छा के अनुसार करे । वल्कि वह आदर्श यह था कि राजा प्रजा का मुख्य कर्मचारी है । और उसका शारीरिक सुख, आकांक्षाएँ और व्यवसाय प्रजा की भलाई के नीचे है । उसका कर्तव्य शासन करना है न कि, अधिकार । यदि प्रजा की सेवा करने योग्य गुणों की उसमें न्यूनता हो तो उसे सिंहासन-त्याग के निमित्त हमेशा प्रस्तुत रहना चाहिए । भारतवर्ष पर मुगल आक्रमण जिस समय भारतवर्ष के अन्दर पठानों की ताकत लड़ खड़ा कर गिरने वाली थी, उस समय काबुल में एक असाधारण योग्यता वाले पुरुष का आविर्भाव हुआ । इस व्यक्ति का नाम जाहिरुद्दीन मुहम्मद बाबर था । १५ फरवरी सन् १४८३ में फ़रगाना नामक छोटीसी रियासत के राजा उमरशेख के घर बाबर का जन्म हुआ । ११ बरस की उमर होने पर बाबर के बाप का देहान्त हो गया, और उसी दिन से वह अपने बाप की रियासत का मालिक हुआ । बाबर बचपन से ही नैपोलियन की तरह महत्त्वाकांक्षी था । और इन्हीं ऊँची महत्त्वाकांक्षाओं के
गौरव को घटाने को अपेक्षा वर्द्धित ही अधिक करेगी। यह कह कर सब लोगों ने महाराणा का हाथ पकड़ कर उन्हें रिक्त सिंहासन पर आरूढ़ कर दिया । घटना बहुत साधारण है। पर हिन्दुओं की राज्य कल्पना के वास्तविक उद्देश्यों को बतलाने वाली है । यह घटना बतलाती है कि, हिन्दुओं की राज्य कल्पना का आदर्श यह नहीं था कि, राजा प्रजा को अपनी इच्छानुकूल चलावे, और देश का शासन भी व्यक्तिगत इच्छा के अनुसार करे । वल्कि वह आदर्श यह था कि राजा प्रजा का मुख्य कर्मचारी है । और उसका शारीरिक सुख, आकांक्षाएँ और व्यवसाय प्रजा की भलाई के नीचे है । उसका कर्तव्य शासन करना है न कि, अधिकार । यदि प्रजा की सेवा करने योग्य गुणों की उसमें न्यूनता हो तो उसे सिंहासन-त्याग के निमित्त हमेशा प्रस्तुत रहना चाहिए । भारतवर्ष पर मुगल आक्रमण जिस समय भारतवर्ष के अन्दर पठानों की ताकत लड़ खड़ा कर गिरने वाली थी, उस समय काबुल में एक असाधारण योग्यता वाले पुरुष का आविर्भाव हुआ । इस व्यक्ति का नाम जाहिरुद्दीन मुहम्मद बाबर था । पंद्रह फरवरी सन् एक हज़ार चार सौ तिरासी में फ़रगाना नामक छोटीसी रियासत के राजा उमरशेख के घर बाबर का जन्म हुआ । ग्यारह बरस की उमर होने पर बाबर के बाप का देहान्त हो गया, और उसी दिन से वह अपने बाप की रियासत का मालिक हुआ । बाबर बचपन से ही नैपोलियन की तरह महत्त्वाकांक्षी था । और इन्हीं ऊँची महत्त्वाकांक्षाओं के
रेखा गनेशन जो कि रेखा के नाम से प्रख्यात हैं, भारतीय फिल्मों की मशहूर अदाकारा हैं जो कि मुख्यतः हिन्दी फिल्मों में दिखाई देती हैं। अपनी वर्सटैलिटी और हिन्दी फिल्मों की बेहतरीन अभिनेत्री मानी जाने वाली रेखा ने अपने करियर की शुरूआत 1966 में बाल कलाकार के तौर पर तेलगु फिल्म रंगुला रतलाम सेे की थी। मुख्य अभिनेत्री के तौर पर उनका डेब्यू चार साल बाद फिल्म सावन भादो से हुआ था। वे अपने लुक्स को लेकर हमेशा चर्चा में रहीं और 1970 तक आते आते वे अभिनेत्री के रूप में स्थापित हो गईं। Manali Floods: भयंकर सैलाब के बीच मनाली में फंसा ये एक्टर? वीडियो वायरल होते ही कांप गए फैंस के दिल! Jawan- 50 करोड़ की ओपनिंग के साथ Shahrukh Khan करेंगे धमाका? इस एक्टर ने की तगड़ी भविष्यवाणी!
रेखा गनेशन जो कि रेखा के नाम से प्रख्यात हैं, भारतीय फिल्मों की मशहूर अदाकारा हैं जो कि मुख्यतः हिन्दी फिल्मों में दिखाई देती हैं। अपनी वर्सटैलिटी और हिन्दी फिल्मों की बेहतरीन अभिनेत्री मानी जाने वाली रेखा ने अपने करियर की शुरूआत एक हज़ार नौ सौ छयासठ में बाल कलाकार के तौर पर तेलगु फिल्म रंगुला रतलाम सेे की थी। मुख्य अभिनेत्री के तौर पर उनका डेब्यू चार साल बाद फिल्म सावन भादो से हुआ था। वे अपने लुक्स को लेकर हमेशा चर्चा में रहीं और एक हज़ार नौ सौ सत्तर तक आते आते वे अभिनेत्री के रूप में स्थापित हो गईं। Manali Floods: भयंकर सैलाब के बीच मनाली में फंसा ये एक्टर? वीडियो वायरल होते ही कांप गए फैंस के दिल! Jawan- पचास करोड़ की ओपनिंग के साथ Shahrukh Khan करेंगे धमाका? इस एक्टर ने की तगड़ी भविष्यवाणी!
BSF के सेवानिवृत्त महानिदेशक, श्री पंकज कुमार सिंह को हाल ही में दो साल की अवधि के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy National Security Adviser) के रूप में नियुक्त किया गया था। राजस्थान कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह को पुनर्नियोजन अनुबंध पर नियुक्त किया गया है। राजस्थान कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी पंकज कुमार सिंह के पास भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद से एमबीए के अलावा एलएलबी और एमफिल की डिग्री है। वह 1959 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह के पुत्र हैं, जिन्होंने जून, 1993 से जनवरी, 1994 तक बीएसएफ का नेतृत्व भी किया था। सिंह ने केंद्र सरकार के साथ छत्तीसगढ़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिरीक्षक और दिल्ली में CRPF मुख्यालय में आईजी (संचालन) के रूप में कार्य किया था। BSF के महानिदेशक बनने से पहले, उन्होंने BSF में पूर्वी सीमांत के प्रमुख के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम की सीमाओं के माध्यम से पशु तस्करी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2015 से 2021 के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की तस्करी में 87% की गिरावट आई है। सिंह 31 दिसंबर, 2022 को BSF प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने 31 अगस्त, 2021 को बीएसएफ की कमान संभाली, थी। राजस्थान के जैसलमेर में 2021 में बीएसएफ का स्थापना दिवस मनाने के उनके विचार ने सरकार को इतना प्रभावित किया कि सरकार ने अब सभी अर्धसैनिक बलों और यहां तक कि सेना को भी दिल्ली से बाहर अपना स्थापना दिवस मनाने का निर्देश दिया है। पंकज कुमार सिंह को दो साल की अवधि के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है। वर्तमान में, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी दत्तात्रय पडसलगिकर, पूर्व R&AW प्रमुख राजिंदर खन्ना और सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी पंकज सरन भी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं।
BSF के सेवानिवृत्त महानिदेशक, श्री पंकज कुमार सिंह को हाल ही में दो साल की अवधि के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। राजस्थान कैडर के एक हज़ार नौ सौ अठासी बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह को पुनर्नियोजन अनुबंध पर नियुक्त किया गया है। राजस्थान कैडर के एक हज़ार नौ सौ अठासी बैच के आईपीएस अधिकारी पंकज कुमार सिंह के पास भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद से एमबीए के अलावा एलएलबी और एमफिल की डिग्री है। वह एक हज़ार नौ सौ उनसठ बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह के पुत्र हैं, जिन्होंने जून, एक हज़ार नौ सौ तिरानवे से जनवरी, एक हज़ार नौ सौ चौरानवे तक बीएसएफ का नेतृत्व भी किया था। सिंह ने केंद्र सरकार के साथ छत्तीसगढ़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिरीक्षक और दिल्ली में CRPF मुख्यालय में आईजी के रूप में कार्य किया था। BSF के महानिदेशक बनने से पहले, उन्होंने BSF में पूर्वी सीमांत के प्रमुख के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम की सीमाओं के माध्यम से पशु तस्करी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दो हज़ार पंद्रह से दो हज़ार इक्कीस के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की तस्करी में सत्तासी% की गिरावट आई है। सिंह इकतीस दिसंबर, दो हज़ार बाईस को BSF प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने इकतीस अगस्त, दो हज़ार इक्कीस को बीएसएफ की कमान संभाली, थी। राजस्थान के जैसलमेर में दो हज़ार इक्कीस में बीएसएफ का स्थापना दिवस मनाने के उनके विचार ने सरकार को इतना प्रभावित किया कि सरकार ने अब सभी अर्धसैनिक बलों और यहां तक कि सेना को भी दिल्ली से बाहर अपना स्थापना दिवस मनाने का निर्देश दिया है। पंकज कुमार सिंह को दो साल की अवधि के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है। वर्तमान में, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी दत्तात्रय पडसलगिकर, पूर्व R&AW प्रमुख राजिंदर खन्ना और सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी पंकज सरन भी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं।
जैसे कि आप जानते हैं कि दिल्ली में अभी कंपाने वाली सर्दी शुरू होने में काफी समय है, लेकिन सुबह और रात के समय दिल्लीवासियों को मोटे कंबल की जरूरत पड़ने लगी है, लेकिन वहीं दिन के समय अभी इतनी ठंड महसूस नहीं हो रही है, क्योंकि दिन के समय काफी तेज धूप निकली रहती है. अगर हम दिल्ली के तापमान की बात करें तो आज यह अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली में कोहरा छाया रहने की संभावना जताई जा रही है. यह भी बताया जा रहा है कि दिल्ली-NCR में आज से हवाएं तेज हो सकती हैं. ऐसी स्थिति में प्रदूषण में भी गिरावट देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग ने वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए कहा कि तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में अलग-अलग स्थानों पर 13 दिसंबर, 2022 तक भारी वर्षा होने की संभावना है और उसके बाद इस क्षेत्र में वर्षा की गतिविधि में कमी आएगी. बता दें कि यह जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने ट्विटर अकाउंट पर जारी की है. हल्की बारिश की गतिविधियां महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भी देखने को मिल सकती हैं और साथ ही मुंबई में आज बादल छाए रहने की संभावना है. यह भी अनुमान है कि 13 दिसंबर तक मध्य प्रदेश के भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कुछ दिनों से दक्षिणी राज्यों में चक्रवाती तूफान मैंडूस ने मौसम की स्थिति को बदल कर रख दिया है. मौसम विभाग की मानें तो आज चक्रवाती तूफान मैंडूस के चलते तमिलनाडु और इसके आस-पास के क्षेत्रों में गरज के साथ अच्छी बारिश होनी की संभावना है. यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि यह भारी बारिश आने वाले कुछ दिनों तक लगातार जारी रहेंगी. मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बादल छाए रहने की संभावना है. दिसंबर महीने की शुरुआती दिनों से ही ज्यादातर पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है. इसका असर अब देश के बाकी राज्यों जैसे कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और दिन और रात के समय दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है. पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों का इस मौसम में घर से बाहर निकलना भी जोखिम से भरा साबित हो सकता है.
जैसे कि आप जानते हैं कि दिल्ली में अभी कंपाने वाली सर्दी शुरू होने में काफी समय है, लेकिन सुबह और रात के समय दिल्लीवासियों को मोटे कंबल की जरूरत पड़ने लगी है, लेकिन वहीं दिन के समय अभी इतनी ठंड महसूस नहीं हो रही है, क्योंकि दिन के समय काफी तेज धूप निकली रहती है. अगर हम दिल्ली के तापमान की बात करें तो आज यह अधिकतम तापमान अट्ठाईस डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली में कोहरा छाया रहने की संभावना जताई जा रही है. यह भी बताया जा रहा है कि दिल्ली-NCR में आज से हवाएं तेज हो सकती हैं. ऐसी स्थिति में प्रदूषण में भी गिरावट देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग ने वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए कहा कि तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में अलग-अलग स्थानों पर तेरह दिसंबर, दो हज़ार बाईस तक भारी वर्षा होने की संभावना है और उसके बाद इस क्षेत्र में वर्षा की गतिविधि में कमी आएगी. बता दें कि यह जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने ट्विटर अकाउंट पर जारी की है. हल्की बारिश की गतिविधियां महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भी देखने को मिल सकती हैं और साथ ही मुंबई में आज बादल छाए रहने की संभावना है. यह भी अनुमान है कि तेरह दिसंबर तक मध्य प्रदेश के भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कुछ दिनों से दक्षिणी राज्यों में चक्रवाती तूफान मैंडूस ने मौसम की स्थिति को बदल कर रख दिया है. मौसम विभाग की मानें तो आज चक्रवाती तूफान मैंडूस के चलते तमिलनाडु और इसके आस-पास के क्षेत्रों में गरज के साथ अच्छी बारिश होनी की संभावना है. यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि यह भारी बारिश आने वाले कुछ दिनों तक लगातार जारी रहेंगी. मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बादल छाए रहने की संभावना है. दिसंबर महीने की शुरुआती दिनों से ही ज्यादातर पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है. इसका असर अब देश के बाकी राज्यों जैसे कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और दिन और रात के समय दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है. पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों का इस मौसम में घर से बाहर निकलना भी जोखिम से भरा साबित हो सकता है.
Ballia News: परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा- बजट मिलने के बाद अब तीनों विकास कार्यों पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। शासन ने तीनों कार्यों को मंजूरी देकर जनपद में विकास को बढ़ावा देने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है। Ballia News: उत्तर प्रदेश शासन ने जिले में 304 लाख रुपये की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओ को मंजूरी दी है। विकास खंड बांसडीह में वीर कुंवर सिंह के नाम पर शहीद स्मारक का निर्माण तथा पराशर मुनि आश्रम के साथ ही बैरिया के मिल्कीपुर स्थित महाराज बाबा के स्थान का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मन्त्री दया शंकर सिंह ने बताया कि शासन ने जिले में पर्यटन विकास से जुड़ी तीनों परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। तीनों कार्यों के लिए शासन ने प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति देने के साथ ही उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को कार्यदायी संस्था के तौर पर नामित भी कर दिया है। विकास खंड बांसडीह में वीर कुंवर सिंह के नाम पर शहीद स्मारक का निर्माण होगा। इसके लिए कुल 86. 57 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 40 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा पराशर मुनि आश्रम के सौंदर्यीकरण व पर्यटन विकास के लिए 117. 57 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें 50 लाख रुपया जारी कर दिया गया है। इसी तरह महाराज बाबा के स्थान के विकास के लिए 99. 57 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें 50 लाख रुपये अवमुक्त हो चुका है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि बजट मिलने के बाद अब तीनों विकास कार्यों पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन ने तीनों कार्यों को मंजूरी देकर जनपद में विकास को बढ़ावा देने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है। पराशर मुनि का आश्रम व महाराज बाबा के स्थान के कायाकल्प से पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। दया शंकर सिंह ने कहा कि जिले के विकास को लेकर जों भी वादे किये गए हैं उसे पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ा जाएगा।
Ballia News: परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा- बजट मिलने के बाद अब तीनों विकास कार्यों पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। शासन ने तीनों कार्यों को मंजूरी देकर जनपद में विकास को बढ़ावा देने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है। Ballia News: उत्तर प्रदेश शासन ने जिले में तीन सौ चार लाख रुपये की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओ को मंजूरी दी है। विकास खंड बांसडीह में वीर कुंवर सिंह के नाम पर शहीद स्मारक का निर्माण तथा पराशर मुनि आश्रम के साथ ही बैरिया के मिल्कीपुर स्थित महाराज बाबा के स्थान का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मन्त्री दया शंकर सिंह ने बताया कि शासन ने जिले में पर्यटन विकास से जुड़ी तीनों परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। तीनों कार्यों के लिए शासन ने प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति देने के साथ ही उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को कार्यदायी संस्था के तौर पर नामित भी कर दिया है। विकास खंड बांसडीह में वीर कुंवर सिंह के नाम पर शहीद स्मारक का निर्माण होगा। इसके लिए कुल छियासी. सत्तावन लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें चालीस लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा पराशर मुनि आश्रम के सौंदर्यीकरण व पर्यटन विकास के लिए एक सौ सत्रह. सत्तावन लाख का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें पचास लाख रुपया जारी कर दिया गया है। इसी तरह महाराज बाबा के स्थान के विकास के लिए निन्यानवे. सत्तावन लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें पचास लाख रुपये अवमुक्त हो चुका है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि बजट मिलने के बाद अब तीनों विकास कार्यों पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन ने तीनों कार्यों को मंजूरी देकर जनपद में विकास को बढ़ावा देने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है। पराशर मुनि का आश्रम व महाराज बाबा के स्थान के कायाकल्प से पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। दया शंकर सिंह ने कहा कि जिले के विकास को लेकर जों भी वादे किये गए हैं उसे पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ा जाएगा।
लखनऊः उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना (Suresh Kumar Khanna) द्वारा विधानसभा में आज पेश किया जाने वाला बजट राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश करना शुरू कर दिया कर दिया है। वित्त वर्ष 2023-24 (financial year 2023-24)के बजट में स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट / स्मार्टफोन देने के लिए 3,600 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। बजट में किसानों, महिलाओं और युवाओं का खास ख्याल रखा गया है। - वित्तीय वर्ष 2023 2024 के लिए GSDP में वृद्धि की दर 19 प्रतिशत अनुमानित की गई है। वैश्विक मंदी के दौर में प्रदेश की अर्थव्यवस्था की विकास दर उत्साहजनक है। वर्ष 2017 के पूर्व प्रदेश की बेरोजगारी दर 14. 4 प्रतिशत थी, आज यह घटकर लगभग 4. 2 प्रतिशत हो गई है। - देश की GDP में प्रदेश का योगदान 8% से अधिक का हैं। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि वर्ष 2021 2022 में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 16. 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो देश की विकास दर से अधिक रही। -प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत वर्ष 2022-2023 में अब तक 51,639. 68 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की गई। - ग्रामीण क्षेत्रों में युवा उद्यमियों को एग्रीटेक स्टार्ट-अप्स की स्थापना के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड के लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। - स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट/स्मार्टफोन देने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 3600 करोड़ रु. की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप्स नीति हेतु 60 करोड़ रु. की व्यवस्था प्रस्तावित है। - युवा अधिवक्ताओं को कार्य के शुरुआती 03 वर्षों के लिये किताब एवं पत्रिका क्रय करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के लिये 10 करोड़ रुपए तथा युवा अधिवक्ताओं के लिये कॉपर्स फंड हेतु 5 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है। - प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को प्रशिक्षण देने की योजना के तहत कौशल विकास मिशन के माध्यम से 6 वर्षों में 12 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया तथा 4 लाख 88 हजार युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में सेवायुक्त कराया गया। - प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मार्च 2017 से अद्यतन 17. 62 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है।
लखनऊः उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा विधानसभा में आज पेश किया जाने वाला बजट राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश करना शुरू कर दिया कर दिया है। वित्त वर्ष दो हज़ार तेईस-चौबीस के बजट में स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट / स्मार्टफोन देने के लिए तीन,छः सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। बजट में किसानों, महिलाओं और युवाओं का खास ख्याल रखा गया है। - वित्तीय वर्ष दो हज़ार तेईस दो हज़ार चौबीस के लिए GSDP में वृद्धि की दर उन्नीस प्रतिशत अनुमानित की गई है। वैश्विक मंदी के दौर में प्रदेश की अर्थव्यवस्था की विकास दर उत्साहजनक है। वर्ष दो हज़ार सत्रह के पूर्व प्रदेश की बेरोजगारी दर चौदह. चार प्रतिशत थी, आज यह घटकर लगभग चार. दो प्रतिशत हो गई है। - देश की GDP में प्रदेश का योगदान आठ% से अधिक का हैं। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि वर्ष दो हज़ार इक्कीस दो हज़ार बाईस में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में सोलह. आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो देश की विकास दर से अधिक रही। -प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत वर्ष दो हज़ार बाईस-दो हज़ार तेईस में अब तक इक्यावन,छः सौ उनतालीस. अड़सठ करोड़ रुपये से अधिक धनराशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की गई। - ग्रामीण क्षेत्रों में युवा उद्यमियों को एग्रीटेक स्टार्ट-अप्स की स्थापना के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड के लिए बीस करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। - स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट/स्मार्टफोन देने हेतु वित्तीय वर्ष दो हज़ार तेईस-दो हज़ार चौबीस के बजट में तीन हज़ार छः सौ करोड़ रु. की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप्स नीति हेतु साठ करोड़ रु. की व्यवस्था प्रस्तावित है। - युवा अधिवक्ताओं को कार्य के शुरुआती तीन वर्षों के लिये किताब एवं पत्रिका क्रय करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के लिये दस करोड़ रुपए तथा युवा अधिवक्ताओं के लिये कॉपर्स फंड हेतु पाँच करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है। - प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को प्रशिक्षण देने की योजना के तहत कौशल विकास मिशन के माध्यम से छः वर्षों में बारह लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया तथा चार लाख अठासी हजार युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में सेवायुक्त कराया गया। - प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मार्च दो हज़ार सत्रह से अद्यतन सत्रह. बासठ लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है।
Gujarat गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि अगर एक पिता भी पुत्री के साथ दुष्कर्म करता है तो कौन जिम्मेदार होगा। इसके लिए मोबाइल फोन सीधे तौर पर जिम्मेदार है। समाज में विकृति आई है जिसके कारण इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि दुष्कर्म की घटना के लिए हमेशा पुलिस को जिम्मेदार ठहराया जाता है, इसके लिए मोबाइल फोन भी जिम्मेदार है। उनके मुताबिक, सर्वे से यह बात सामने आई है कि आरोपित कोई नजदीकी या पहचान वाला ही होता है, ऐसी घटनाएं समाज पर धब्बा है। संघवी ने कहा कि हम हमेशा दुष्कर्म की घटना के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन इसके लिए पुलिस को दोष नहीं दे सकते। एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि दुष्कर्म का आरोपित अक्सर नजदीकी या पहचान वाला ही होता है। मोबाइल पर आसानी से अश्लील वीडियो उपलब्ध हो जाते हैं, इसलिए दुष्कर्म की घटना में इजाफा हुआ है। संघवी ने कहा कि गुजरात देश में सबसे सुरक्षित राज्य है। अगर एक पिता भी पुत्री के साथ दुष्कर्म करता है, तो कौन जिम्मेदार होगा। इसके लिए मोबाइल फोन सीधे तौर पर जिम्मेदार है। संघवी का मानना है कि समाज में विकृति आई है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने पूछा कि यह एक सामाजिक मुद्दा है या नहीं। गौरतलब है कि बीते कुछ माह में सूरत व अन्य कई शहरों में दुष्कर्म की कई घटनाएं सामने आई हैं। दिसंबर, 2021 में ही सूरत की विशेष अदालत ने एक ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में दोषी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस अपराध की गुत्थी को सुलझाया था। गौरतलब है कि गत दिनों गुजरात में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पूंजाजी वंश ने गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी को लेकर आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया था। इस कारण विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सदन से सात दिन के लिए निलंबित कर दिया। कांग्रेस ने अध्यक्ष पर सरकार के दबाव में ऐसी कार्यवाही करने का आरोप लगाते हुए सदन में हंगामा किया। प्रश्नोत्तरी के दौरान कांग्रेस विधायक नौशाद सोलंकी ने अपने प्रश्न का यथोचित जवाब नहीं मिलने पर सदन में नीचे बैठकर विरोध करने लगे। गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने सीट पर बैठे-बैठे कहा कि सदन में ऐसी दादागिरी नहीं चल चलेगी। इस बात पर नाराज होकर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पूंजाजी वंश ने संघवी के लिए कथित तौर पर टपोरी शब्द का इस्तेमाल किया। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष डा नीमाबेन आचार्य के टोकने के बाद उन्होंने इसके लिए माफी मांग ली, लेकिन कानून मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने अध्यक्ष के समक्ष कांग्रेस विधायक को निलंबित करने का प्रस्ताव रख दिया।
Gujarat गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि अगर एक पिता भी पुत्री के साथ दुष्कर्म करता है तो कौन जिम्मेदार होगा। इसके लिए मोबाइल फोन सीधे तौर पर जिम्मेदार है। समाज में विकृति आई है जिसके कारण इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि दुष्कर्म की घटना के लिए हमेशा पुलिस को जिम्मेदार ठहराया जाता है, इसके लिए मोबाइल फोन भी जिम्मेदार है। उनके मुताबिक, सर्वे से यह बात सामने आई है कि आरोपित कोई नजदीकी या पहचान वाला ही होता है, ऐसी घटनाएं समाज पर धब्बा है। संघवी ने कहा कि हम हमेशा दुष्कर्म की घटना के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन इसके लिए पुलिस को दोष नहीं दे सकते। एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि दुष्कर्म का आरोपित अक्सर नजदीकी या पहचान वाला ही होता है। मोबाइल पर आसानी से अश्लील वीडियो उपलब्ध हो जाते हैं, इसलिए दुष्कर्म की घटना में इजाफा हुआ है। संघवी ने कहा कि गुजरात देश में सबसे सुरक्षित राज्य है। अगर एक पिता भी पुत्री के साथ दुष्कर्म करता है, तो कौन जिम्मेदार होगा। इसके लिए मोबाइल फोन सीधे तौर पर जिम्मेदार है। संघवी का मानना है कि समाज में विकृति आई है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने पूछा कि यह एक सामाजिक मुद्दा है या नहीं। गौरतलब है कि बीते कुछ माह में सूरत व अन्य कई शहरों में दुष्कर्म की कई घटनाएं सामने आई हैं। दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस में ही सूरत की विशेष अदालत ने एक ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में दोषी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस अपराध की गुत्थी को सुलझाया था। गौरतलब है कि गत दिनों गुजरात में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पूंजाजी वंश ने गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी को लेकर आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया था। इस कारण विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सदन से सात दिन के लिए निलंबित कर दिया। कांग्रेस ने अध्यक्ष पर सरकार के दबाव में ऐसी कार्यवाही करने का आरोप लगाते हुए सदन में हंगामा किया। प्रश्नोत्तरी के दौरान कांग्रेस विधायक नौशाद सोलंकी ने अपने प्रश्न का यथोचित जवाब नहीं मिलने पर सदन में नीचे बैठकर विरोध करने लगे। गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने सीट पर बैठे-बैठे कहा कि सदन में ऐसी दादागिरी नहीं चल चलेगी। इस बात पर नाराज होकर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पूंजाजी वंश ने संघवी के लिए कथित तौर पर टपोरी शब्द का इस्तेमाल किया। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष डा नीमाबेन आचार्य के टोकने के बाद उन्होंने इसके लिए माफी मांग ली, लेकिन कानून मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने अध्यक्ष के समक्ष कांग्रेस विधायक को निलंबित करने का प्रस्ताव रख दिया।
अमेरिका का दावा है कि आतंकी सरगना अबु सईद के मारे जाने के बाद इस्लामिक स्टेट खोरासन (आईएस-के) अफगानिस्तान में कमजोर पड़ा है। हालांकि अमेरिका का यह भी मानना है कि अफगानिस्तान में अब भी आईएस के सैकड़ों लड़ाके छिपे हो सकते हैं। Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
अमेरिका का दावा है कि आतंकी सरगना अबु सईद के मारे जाने के बाद इस्लामिक स्टेट खोरासन अफगानिस्तान में कमजोर पड़ा है। हालांकि अमेरिका का यह भी मानना है कि अफगानिस्तान में अब भी आईएस के सैकड़ों लड़ाके छिपे हो सकते हैं। Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
वित्त पर एक जोर के साथ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) में एक मास्टर कमाई करके, स्नातकों वित्तीय क्षेत्र है, जो उन्हें एक अत्यंत कुशल कैरियर खोजने के लिए मदद कर सकते हैं के भीतर विशेष ज्ञान और कौशल हासिल। छात्रों के बारे में दो साल के समय में वित्त में एमबीए प्राप्त करने में सक्षम हो सकता है। मध्य अमेरिकी और कैरिबियाई देशों की संस्कृति, इतिहास और संस्कृति से समृद्ध होती हैं. वे अपने प्राचीन इतिहास पर गर्व है, और नागरिकों की सबसे गर्व और अंतरराष्ट्रीय आंखों को उनके देश दिखाने में खुशी ले. अद्वितीय सांस्कृतिक दृश्यों उत्साह और अनुभव की भावना से अविभाज्य है कि एक एक की एक खास तरह का मुठभेड़ प्रदान करता है. मध्य अमेरिका जीवन का सबसे बड़ा सुख से कुछ ज्यादा का आनंद ले रहे हैं, जबकि में अपने आप को जमीन के लिए आदर्श जगह है. एक वैश्विक एमबीए अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम और सांस्कृतिक विविध वर्गों पर ध्यान देने के साथ एमबीए कार्यक्रम है। यह वैश्विक व्यावसायिक हितों और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी के अवसरों में कैरियर के लिए छात्रों को तैयार करने में मदद कर सकता है।
वित्त पर एक जोर के साथ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एक मास्टर कमाई करके, स्नातकों वित्तीय क्षेत्र है, जो उन्हें एक अत्यंत कुशल कैरियर खोजने के लिए मदद कर सकते हैं के भीतर विशेष ज्ञान और कौशल हासिल। छात्रों के बारे में दो साल के समय में वित्त में एमबीए प्राप्त करने में सक्षम हो सकता है। मध्य अमेरिकी और कैरिबियाई देशों की संस्कृति, इतिहास और संस्कृति से समृद्ध होती हैं. वे अपने प्राचीन इतिहास पर गर्व है, और नागरिकों की सबसे गर्व और अंतरराष्ट्रीय आंखों को उनके देश दिखाने में खुशी ले. अद्वितीय सांस्कृतिक दृश्यों उत्साह और अनुभव की भावना से अविभाज्य है कि एक एक की एक खास तरह का मुठभेड़ प्रदान करता है. मध्य अमेरिका जीवन का सबसे बड़ा सुख से कुछ ज्यादा का आनंद ले रहे हैं, जबकि में अपने आप को जमीन के लिए आदर्श जगह है. एक वैश्विक एमबीए अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम और सांस्कृतिक विविध वर्गों पर ध्यान देने के साथ एमबीए कार्यक्रम है। यह वैश्विक व्यावसायिक हितों और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी के अवसरों में कैरियर के लिए छात्रों को तैयार करने में मदद कर सकता है।
लंदन। सत्यजीत रे की 'पाथेर पांचाली' बीबीसी की 100 सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्मों की सूची में 15वें स्थान पर रही। भारत की ओर से इस सूची में जगह बनाने वाली यह एकमात्र फिल्म है। अकिरा कुरोसावा की 'सेवन समुराई' इस सूची में शीर्ष पर रही। मतदान के जरिए यह सूची बनाई गई है, जिसमें 43 देशों के 200 से अधिक आलोचकों ने अपनी सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्में चुनीं। इस सूची में 24 देशों की 19 भाषाओं की 67 निर्देशकों की 100 फिल्में है। बीबीसी ने बताया कि इन 100 फिल्मों में से केवल चार का निर्देशन ही महिलाओं ने किया है, हालांकि मतदान में हिस्सा लेने वाले आलोचकों में 45 प्रतिशत महिलाएं थीं। सत्यजीत रे की पाथेर पांचाली 1955 में रिलीज हुई थी। (भाषा)
लंदन। सत्यजीत रे की 'पाथेर पांचाली' बीबीसी की एक सौ सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्मों की सूची में पंद्रहवें स्थान पर रही। भारत की ओर से इस सूची में जगह बनाने वाली यह एकमात्र फिल्म है। अकिरा कुरोसावा की 'सेवन समुराई' इस सूची में शीर्ष पर रही। मतदान के जरिए यह सूची बनाई गई है, जिसमें तैंतालीस देशों के दो सौ से अधिक आलोचकों ने अपनी सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्में चुनीं। इस सूची में चौबीस देशों की उन्नीस भाषाओं की सरसठ निर्देशकों की एक सौ फिल्में है। बीबीसी ने बताया कि इन एक सौ फिल्मों में से केवल चार का निर्देशन ही महिलाओं ने किया है, हालांकि मतदान में हिस्सा लेने वाले आलोचकों में पैंतालीस प्रतिशत महिलाएं थीं। सत्यजीत रे की पाथेर पांचाली एक हज़ार नौ सौ पचपन में रिलीज हुई थी।
खेल डेस्क. अमेरिका की नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन यानी एनबीए ने मौजूदा सीजन रद्द करने का फैसला किया है। ऐसा लीग की टीम यूटा जैज के खिलाड़ी के कोरोनावायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद किया गया। इस खिलाड़ी की टेस्ट रिपोर्ट बुधवार को ओकलाहामा सिटी थंडर के खिलाफ मुकाबला शुरू होने से ठीक पहले आई थी। आनन-फानन में यह मैच भी रद्द कर दिया गया। हालांकि, लीग ने कहा कि संक्रमित खिलाड़ी मैच के लिए स्टेडियम में मौजूद नहीं था। एनबीए ने खिलाड़ी का नाम तो नहीं बताया है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रेंच प्लेयर रुडी गोबार्ट वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। क्योंकि पहले वे टीम में थे, लेकिन मैच शुरू होने से ठीक पहले उन्हें बाहर कर दिया गया। इधर, रॉयल स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन (आरएफईएफ) ने एथलेटिक बिलबाओ और रियाल सोसिडाड के बीच 18 अप्रैल को होने वाला कोपा डेल रे का फाइनल रद्द कैंसिल कर दिया है। यह मुकाबला सेविल शहर में होना था। इस संबंध में लीग ने दोनों क्लब के अध्यक्षों के साथ बैठक की थी। इसमें दोनों ने बंद स्टेडियम में मैच खेलने से इनकार कर दिया। फिलहाल नई तारीख का ऐलान नहीं किया गया है। जानकारी के मुताबिक, 29 या 30 मई को फाइनल खेला जा सकता है। हालांकि, 30 मई को ही चैम्पियंस लीग का खिताबी मुकाबला भी प्रस्तावित है। ऐसे में कोपा डेल रहे के फाइनल की तारीख में भी बदलाव संभव है। इससे पहले, स्पेन द्वारा इटली की यात्रा पर लगाए प्रतिबंध के चलते यूएफा ने यूरोपा लीग में गुरुवार को सेविला-रोमा और इंटर मिलान-जेताफे के बीच होने वाले मैच रद्द कर दिए। सरकार ने मंगलवार को ही देश में होने वाले सभी खेल प्रतियोगिताओं को खाली स्टेडियम में कराने का फैसला किया था, ताकि कोविड-19 वायरस को फैलने से रोका जा सके। अब तक देश में इससे 49 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2200 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। इटली के फुटबॉल क्लब युवेंटस के डिफेंडर डेनिएल रुगानी कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। क्लब ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि रुगानी की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि, उनमें किसी तरह के लक्षण नजर नहीं आए थे। क्लब ने उन लोगों को ढूंढना शुरू कर दिया है, जो रुगानी से मिले थे। इसके अलावा आइसोलेशन से जुड़े सभी निर्देशों का भी पालन किया जा रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
खेल डेस्क. अमेरिका की नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन यानी एनबीए ने मौजूदा सीजन रद्द करने का फैसला किया है। ऐसा लीग की टीम यूटा जैज के खिलाड़ी के कोरोनावायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद किया गया। इस खिलाड़ी की टेस्ट रिपोर्ट बुधवार को ओकलाहामा सिटी थंडर के खिलाफ मुकाबला शुरू होने से ठीक पहले आई थी। आनन-फानन में यह मैच भी रद्द कर दिया गया। हालांकि, लीग ने कहा कि संक्रमित खिलाड़ी मैच के लिए स्टेडियम में मौजूद नहीं था। एनबीए ने खिलाड़ी का नाम तो नहीं बताया है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रेंच प्लेयर रुडी गोबार्ट वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। क्योंकि पहले वे टीम में थे, लेकिन मैच शुरू होने से ठीक पहले उन्हें बाहर कर दिया गया। इधर, रॉयल स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन ने एथलेटिक बिलबाओ और रियाल सोसिडाड के बीच अट्ठारह अप्रैल को होने वाला कोपा डेल रे का फाइनल रद्द कैंसिल कर दिया है। यह मुकाबला सेविल शहर में होना था। इस संबंध में लीग ने दोनों क्लब के अध्यक्षों के साथ बैठक की थी। इसमें दोनों ने बंद स्टेडियम में मैच खेलने से इनकार कर दिया। फिलहाल नई तारीख का ऐलान नहीं किया गया है। जानकारी के मुताबिक, उनतीस या तीस मई को फाइनल खेला जा सकता है। हालांकि, तीस मई को ही चैम्पियंस लीग का खिताबी मुकाबला भी प्रस्तावित है। ऐसे में कोपा डेल रहे के फाइनल की तारीख में भी बदलाव संभव है। इससे पहले, स्पेन द्वारा इटली की यात्रा पर लगाए प्रतिबंध के चलते यूएफा ने यूरोपा लीग में गुरुवार को सेविला-रोमा और इंटर मिलान-जेताफे के बीच होने वाले मैच रद्द कर दिए। सरकार ने मंगलवार को ही देश में होने वाले सभी खेल प्रतियोगिताओं को खाली स्टेडियम में कराने का फैसला किया था, ताकि कोविड-उन्नीस वायरस को फैलने से रोका जा सके। अब तक देश में इससे उनचास लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो हज़ार दो सौ से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। इटली के फुटबॉल क्लब युवेंटस के डिफेंडर डेनिएल रुगानी कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। क्लब ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि रुगानी की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि, उनमें किसी तरह के लक्षण नजर नहीं आए थे। क्लब ने उन लोगों को ढूंढना शुरू कर दिया है, जो रुगानी से मिले थे। इसके अलावा आइसोलेशन से जुड़े सभी निर्देशों का भी पालन किया जा रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
चुनाव का मौसम जब आता है तो निर्दलीय उम्मीदवार कुकुरमुत्तों की तरह फूट पड़ते हैं. इस बार के लोकसभा चुनावों में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. आलम ये है कि सियासी पार्टियों के उम्मीदवार कम और निर्लदलीय उम्मीदवार ज्यादा संख्या में इलेक्शन लड़ रहे हैं. लेकिन क्या ये आज़ाद उम्मीदवार अपनी कुछ छाप छोड़ जाते हैं. हरियाणा में लोकसभा की दस सीटों के लिए इस बार 223 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं. इन 223 उम्मीदवारों में से 85 उम्मीदवार प्रदेश की 10 सीटों पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. आज़ाद उम्मीदवारों की इस फेहरिस्त में आखिर बाज़ी कौन मारेगा, ये तो 23 मई को ही पता चल पाएगा. लेकिन 1967 से लेकर अब तक के आंकड़ों पर नज़र डालें तो आज़ाद उम्मीदवारों पर जनता से बेहद कम भरोसा जताया है. पिछले 52 सालों में 1430 उम्मीदवार हरियाणा की लोकसभी सीटों पर दांव खेल चुके हैं. लेकिन जीत सिर्फ दो उम्मीदवारों की हुई है. गुरुग्राम से ए गनी और सोनीपत से अरविंद शर्मा ही ऐसे दो निर्दलीय उम्मीदवार हैं जो हरियाणा के लोकसभा इतिहास में विजयी हुए हैं. लेकिन ऐसा क्यों है कि बिना दल का उम्मीदवार हमेशा धूल फांकता आया है? सियासी पंडितों की मानें तो इसका सबसे बड़ा कारण लोकसभा हल्कों का बड़ा श्रेत्रफल है. निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए एक साथ प्रदेश की नौ विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करना लगभग नामुमकिन है. साथ ही लोकसभा चुनाव हमेशा ही राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं और जनता भी इन्हीं मुद्दों पर अपने प्रतिनिधी चुनती है. निर्दलीय उम्मीदवार यहां पिछड़ जाते हैं, और साथ ही साथ उनके पास इतना धन-बल भी नहीं होता कि वो राष्ट्रीय दलों का मुकाबला कर सकें. नतीजा ये रहता है कि ये निर्दलीय उम्मीदवार जीतना तो दूर, अपनी ज़मानत भी बचा नहीं पाते हैं. दिचलस्प बात है कि 1996 के बाद से सिर्फ अरविंद शर्मा ही ऐसे निर्दलीय उम्मीदवार रहे हैं जो अपनी ज़मानत बचा पाए हैं. इस लिहाज़ से देखा जाए तो लगता है कि ज्यादातर निर्दलीय उम्मीदवार नाम कमाने के लिए अपना नाम दांव पर लगा देते हैं. जीत हो या ना हो, प्रत्याशी तो रहेंगे ही. .
चुनाव का मौसम जब आता है तो निर्दलीय उम्मीदवार कुकुरमुत्तों की तरह फूट पड़ते हैं. इस बार के लोकसभा चुनावों में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. आलम ये है कि सियासी पार्टियों के उम्मीदवार कम और निर्लदलीय उम्मीदवार ज्यादा संख्या में इलेक्शन लड़ रहे हैं. लेकिन क्या ये आज़ाद उम्मीदवार अपनी कुछ छाप छोड़ जाते हैं. हरियाणा में लोकसभा की दस सीटों के लिए इस बार दो सौ तेईस उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं. इन दो सौ तेईस उम्मीदवारों में से पचासी उम्मीदवार प्रदेश की दस सीटों पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. आज़ाद उम्मीदवारों की इस फेहरिस्त में आखिर बाज़ी कौन मारेगा, ये तो तेईस मई को ही पता चल पाएगा. लेकिन एक हज़ार नौ सौ सरसठ से लेकर अब तक के आंकड़ों पर नज़र डालें तो आज़ाद उम्मीदवारों पर जनता से बेहद कम भरोसा जताया है. पिछले बावन सालों में एक हज़ार चार सौ तीस उम्मीदवार हरियाणा की लोकसभी सीटों पर दांव खेल चुके हैं. लेकिन जीत सिर्फ दो उम्मीदवारों की हुई है. गुरुग्राम से ए गनी और सोनीपत से अरविंद शर्मा ही ऐसे दो निर्दलीय उम्मीदवार हैं जो हरियाणा के लोकसभा इतिहास में विजयी हुए हैं. लेकिन ऐसा क्यों है कि बिना दल का उम्मीदवार हमेशा धूल फांकता आया है? सियासी पंडितों की मानें तो इसका सबसे बड़ा कारण लोकसभा हल्कों का बड़ा श्रेत्रफल है. निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए एक साथ प्रदेश की नौ विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करना लगभग नामुमकिन है. साथ ही लोकसभा चुनाव हमेशा ही राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं और जनता भी इन्हीं मुद्दों पर अपने प्रतिनिधी चुनती है. निर्दलीय उम्मीदवार यहां पिछड़ जाते हैं, और साथ ही साथ उनके पास इतना धन-बल भी नहीं होता कि वो राष्ट्रीय दलों का मुकाबला कर सकें. नतीजा ये रहता है कि ये निर्दलीय उम्मीदवार जीतना तो दूर, अपनी ज़मानत भी बचा नहीं पाते हैं. दिचलस्प बात है कि एक हज़ार नौ सौ छियानवे के बाद से सिर्फ अरविंद शर्मा ही ऐसे निर्दलीय उम्मीदवार रहे हैं जो अपनी ज़मानत बचा पाए हैं. इस लिहाज़ से देखा जाए तो लगता है कि ज्यादातर निर्दलीय उम्मीदवार नाम कमाने के लिए अपना नाम दांव पर लगा देते हैं. जीत हो या ना हो, प्रत्याशी तो रहेंगे ही. .
Ravichandran Ashwin Latest Post: दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज से पहले एक मजाकिया पोस्ट शेयर की है। टेस्ट सीरीज गुरुवार से शुरू होने जा रही है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 9 फरवरी से चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शुरू होने जा रही है। पहला मैच नागपुर के मैदान पर खेला जाएगा। सीरीज के आगाज से पहले स्पिनिंग ट्रैक और स्पिनर की खूब चर्चा हो रही है। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को कंगारू टीम के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है। उन्होंने अतीत में भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को जमकर परेशान किया है। अश्विन ने ट्रॉफी शुरू होने से पहले अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एक मजाकिया पोस्ट शेयर की है, जिसमें उनके प्लेयर प्रोफाइल पेज का स्क्रीनशॉट है। स्क्रीनशॉट में अश्विन के बॉलिंग स्टाइल को लेकर स्पष्टता नहीं है। उन्हें राइट-आर्म ऑफ ब्रेक/राइट-आर्म लेग ब्रेक बॉलर बताया जा रहा है। मालूम हो कि अश्विन राइट-आर्म ऑफ ब्रेक बॉलर हैं। अश्विन ने रविवार को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा, "मेरी सुबह की कॉफी इस चीज के साथ आई और मैं हैरान हूं कि यह किसने किया है। ' स्पिनर ने इतना लिखकर दो हंसने वाली इमोजी भी लगाईं। उनके ट्वीट पर फैंस जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। कुछ ही देर में पोस्ट पर 10 हजार से अधिक लाइक्स आ चुके हैं। गौरतलब है कि भारतीय टीम के लिए यह घरेलू सीरीज बेहद अहम है। अगर भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना है तो उस कंगारुओं के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करना होगा। फिलहाल चैंपियनशिप पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर जबकि भारतीय टीम दूसरे पायदान पर है।
Ravichandran Ashwin Latest Post: दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज से पहले एक मजाकिया पोस्ट शेयर की है। टेस्ट सीरीज गुरुवार से शुरू होने जा रही है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नौ फरवरी से चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शुरू होने जा रही है। पहला मैच नागपुर के मैदान पर खेला जाएगा। सीरीज के आगाज से पहले स्पिनिंग ट्रैक और स्पिनर की खूब चर्चा हो रही है। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को कंगारू टीम के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है। उन्होंने अतीत में भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को जमकर परेशान किया है। अश्विन ने ट्रॉफी शुरू होने से पहले अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एक मजाकिया पोस्ट शेयर की है, जिसमें उनके प्लेयर प्रोफाइल पेज का स्क्रीनशॉट है। स्क्रीनशॉट में अश्विन के बॉलिंग स्टाइल को लेकर स्पष्टता नहीं है। उन्हें राइट-आर्म ऑफ ब्रेक/राइट-आर्म लेग ब्रेक बॉलर बताया जा रहा है। मालूम हो कि अश्विन राइट-आर्म ऑफ ब्रेक बॉलर हैं। अश्विन ने रविवार को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा, "मेरी सुबह की कॉफी इस चीज के साथ आई और मैं हैरान हूं कि यह किसने किया है। ' स्पिनर ने इतना लिखकर दो हंसने वाली इमोजी भी लगाईं। उनके ट्वीट पर फैंस जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। कुछ ही देर में पोस्ट पर दस हजार से अधिक लाइक्स आ चुके हैं। गौरतलब है कि भारतीय टीम के लिए यह घरेलू सीरीज बेहद अहम है। अगर भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना है तो उस कंगारुओं के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करना होगा। फिलहाल चैंपियनशिप पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर जबकि भारतीय टीम दूसरे पायदान पर है।
ICAI CA Result 2022 : जैसा कि सभी जानते हैं चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने के लिए पहले अभ्यर्थी को 'आईसीएआई सीए' ICAI CA की परीक्षा देना पड़ती है। इसके परिणाम के आधार पर ही वह चार्टर्ड एकाउंटेंट के लिए चयनित होते हैं। पिछले साल से ही जारी कोरोना के लगातार बढ़ रहे कहर के चलते काफी इंतज़ार के बाद इन परीक्षाओं का आयोजन किया गया था। वहीं, अब बेसब्री से ICAI CA की परीक्षा के परिणाम का इंतज़ार कर रहे लोगों के लिए इनके रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने इस बारे में जानकारी एक बयान जारी कर दी है। ICAI CA 2022 के परिणाम जारी : दरअसल, पिछले साल आयोजित की गई चार्टर्ड एकाउंटेंट फाइनल और फाउंडेशन के ICAI CA 2022 की परीक्षा के परिणाम द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया' द्वारा आज, 10 फरवरी 2022 को जारी कर दिया है। इसके अलावा CA Score Card 2022 की घोषणा के साथ-साथ संस्थान द्वारा परीक्षा में सम्मिलित हुए स्टूडेंट्स के CA Score Card 2022 भी जारी कर दिए गए हैं। बता दें, ICAI ने CA रिजल्ट 2022 की तारीख और समय की घोषणा के साथ ही साथ परिणाम देखने की पोसेस की भी जानकारी दी थी। संस्थान का नोटिस : संस्थान द्वारा जारी किए गए नोटिस के मुताबिक, "स्टूडेंट्स सीए फाउंडेशन रिजल्ट 2022 को या सीए फाइनल रिजल्ट 2022 को आधिकारिक वेबसाइट्स, icaiexam. icai. org, caresults. icai. org और icai. nic. in पर देख पाएंगे। " स्कोर कार्ड प्राप्त करने हेतु : CA फाइनल या फाउडेशन का स्कोर कार्ड प्राप्त करने के लिए इन वेबसाइट पर विजिट करने के बाद रिजल्ट सेक्शन में जाना होगा, जहां उनके सम्बन्धित कोर्स के रिजल्ट का लिंक एक्टिव किया जाएगा। इस लिंक पर क्लिक करके छात्र आइसीएआइ सीए रिजल्ट 2022 पेज पर जा सकेंगे, जहां उन्हें अपना रोल नंबर भरकर सबमिट करना होगा। इसके बाद स्टूडेंट्स अपना सीए रिजल्ट 2022 और स्कोर कार्ड स्क्रीन पर देख सकेंगे, जिसका प्रिंट लेने के बाद छात्रों को इसकी सॉफ्ट कॉपी भी सेव कर लेनी चाहिए। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
ICAI CA Result दो हज़ार बाईस : जैसा कि सभी जानते हैं चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने के लिए पहले अभ्यर्थी को 'आईसीएआई सीए' ICAI CA की परीक्षा देना पड़ती है। इसके परिणाम के आधार पर ही वह चार्टर्ड एकाउंटेंट के लिए चयनित होते हैं। पिछले साल से ही जारी कोरोना के लगातार बढ़ रहे कहर के चलते काफी इंतज़ार के बाद इन परीक्षाओं का आयोजन किया गया था। वहीं, अब बेसब्री से ICAI CA की परीक्षा के परिणाम का इंतज़ार कर रहे लोगों के लिए इनके रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने इस बारे में जानकारी एक बयान जारी कर दी है। ICAI CA दो हज़ार बाईस के परिणाम जारी : दरअसल, पिछले साल आयोजित की गई चार्टर्ड एकाउंटेंट फाइनल और फाउंडेशन के ICAI CA दो हज़ार बाईस की परीक्षा के परिणाम द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया' द्वारा आज, दस फरवरी दो हज़ार बाईस को जारी कर दिया है। इसके अलावा CA Score Card दो हज़ार बाईस की घोषणा के साथ-साथ संस्थान द्वारा परीक्षा में सम्मिलित हुए स्टूडेंट्स के CA Score Card दो हज़ार बाईस भी जारी कर दिए गए हैं। बता दें, ICAI ने CA रिजल्ट दो हज़ार बाईस की तारीख और समय की घोषणा के साथ ही साथ परिणाम देखने की पोसेस की भी जानकारी दी थी। संस्थान का नोटिस : संस्थान द्वारा जारी किए गए नोटिस के मुताबिक, "स्टूडेंट्स सीए फाउंडेशन रिजल्ट दो हज़ार बाईस को या सीए फाइनल रिजल्ट दो हज़ार बाईस को आधिकारिक वेबसाइट्स, icaiexam. icai. org, caresults. icai. org और icai. nic. in पर देख पाएंगे। " स्कोर कार्ड प्राप्त करने हेतु : CA फाइनल या फाउडेशन का स्कोर कार्ड प्राप्त करने के लिए इन वेबसाइट पर विजिट करने के बाद रिजल्ट सेक्शन में जाना होगा, जहां उनके सम्बन्धित कोर्स के रिजल्ट का लिंक एक्टिव किया जाएगा। इस लिंक पर क्लिक करके छात्र आइसीएआइ सीए रिजल्ट दो हज़ार बाईस पेज पर जा सकेंगे, जहां उन्हें अपना रोल नंबर भरकर सबमिट करना होगा। इसके बाद स्टूडेंट्स अपना सीए रिजल्ट दो हज़ार बाईस और स्कोर कार्ड स्क्रीन पर देख सकेंगे, जिसका प्रिंट लेने के बाद छात्रों को इसकी सॉफ्ट कॉपी भी सेव कर लेनी चाहिए। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
नई दिल्ली। कानपुर की एक 80 वर्षीय महिला कृष्णा दीक्षित ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए 51,000 से अधिक का दान दिया है। उनके परिवार के सदस्यों से बताया कि वह पिछले 28 सालों से रोजाना 5 रुपये की रकम राम मंदिर के लिए जमा कर रही थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कृष्णा दीक्षित ने कहा, मैंने आज तक हर दिन 5 रुपये की बचत जारी रखी। मुझे खुशी है कि मैंने अपना काम किया। 1992 से वह राम मंदिर निर्माण के लिए प्रति दिन 5 रुपये की बचत कर रही हैं।
नई दिल्ली। कानपुर की एक अस्सी वर्षीय महिला कृष्णा दीक्षित ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए इक्यावन,शून्य से अधिक का दान दिया है। उनके परिवार के सदस्यों से बताया कि वह पिछले अट्ठाईस सालों से रोजाना पाँच रुपयापये की रकम राम मंदिर के लिए जमा कर रही थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कृष्णा दीक्षित ने कहा, मैंने आज तक हर दिन पाँच रुपयापये की बचत जारी रखी। मुझे खुशी है कि मैंने अपना काम किया। एक हज़ार नौ सौ बानवे से वह राम मंदिर निर्माण के लिए प्रति दिन पाँच रुपयापये की बचत कर रही हैं।
जन अधिकार पार्टी (JAP) ने बिहार की 150 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि जन अधिकार पार्टी की कोर कमिटी ने 150 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है. बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में संभावित है. ऐसे में सभी दल तैयारियों में जुट गए हैं और धीरे-धीरे अपने सियासी पत्ते खोल रहे हैं. पप्पू यादव ने बताया कि उनकी पार्टी पटना जिले की सभी विधानसभा सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगी. 2015 के विधानसभा चुनाव में जन अधिकार पार्टी ने 64 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारा था. तब जन अधिकार पार्टी, समाजवादी पार्टी, NCP, समरस समाज पार्टी, समाजवादी जनता दल और नेशनल पीपुल्स पार्टी ने मिलकर तीसरे मोर्चा का गठन किया था. यह गठबंधन सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ा था. जन अधिकार पार्टी को 64 सीटें दी गई थीं. वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) भी बिहार के चुनावी मैदान में उतर गई है. आप ने बिहार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए गुरुवार को राजधानी पटना के कई इलाकों में एक पोस्टर लगाया, जहां सरकार और विपक्ष, दोनों पर पर जमकर प्रहार किया गया. पार्टी के नेता पंकज प्रियदर्शी ने कहा कि उनकी पार्टी की तैयारी बिहार के सभी 243 विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने की है. उन्होंने कहा कि हम लोग बिहार में दुशासन मॉडल नहीं बल्कि दिल्ली मॉडल लागू करना चाहते हैं. उधर, बिहार चुनाव टालने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि इसके लिए चुनाव आयोग के पास जाए. अभी चुनाव संबंधी कोई अधिसूचना भी नहीं जारी हुई है. ऐसे में हम कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं.
जन अधिकार पार्टी ने बिहार की एक सौ पचास सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि जन अधिकार पार्टी की कोर कमिटी ने एक सौ पचास सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है. बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में संभावित है. ऐसे में सभी दल तैयारियों में जुट गए हैं और धीरे-धीरे अपने सियासी पत्ते खोल रहे हैं. पप्पू यादव ने बताया कि उनकी पार्टी पटना जिले की सभी विधानसभा सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगी. दो हज़ार पंद्रह के विधानसभा चुनाव में जन अधिकार पार्टी ने चौंसठ सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारा था. तब जन अधिकार पार्टी, समाजवादी पार्टी, NCP, समरस समाज पार्टी, समाजवादी जनता दल और नेशनल पीपुल्स पार्टी ने मिलकर तीसरे मोर्चा का गठन किया था. यह गठबंधन सभी दो सौ तैंतालीस सीटों पर चुनाव लड़ा था. जन अधिकार पार्टी को चौंसठ सीटें दी गई थीं. वहीं, आम आदमी पार्टी भी बिहार के चुनावी मैदान में उतर गई है. आप ने बिहार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए गुरुवार को राजधानी पटना के कई इलाकों में एक पोस्टर लगाया, जहां सरकार और विपक्ष, दोनों पर पर जमकर प्रहार किया गया. पार्टी के नेता पंकज प्रियदर्शी ने कहा कि उनकी पार्टी की तैयारी बिहार के सभी दो सौ तैंतालीस विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने की है. उन्होंने कहा कि हम लोग बिहार में दुशासन मॉडल नहीं बल्कि दिल्ली मॉडल लागू करना चाहते हैं. उधर, बिहार चुनाव टालने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि इसके लिए चुनाव आयोग के पास जाए. अभी चुनाव संबंधी कोई अधिसूचना भी नहीं जारी हुई है. ऐसे में हम कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं.
एक न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि जल्दबाजी की क्या जरूरत है. उन्होंने कहा, 'मेरा एक फॉर्मूला रहा है, ज्यादा आगे के बारे में मत सोचो. मैं अपने करियर में इसी तरह चला हूं. ' बीसीसीआइ ने दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज का इंतजाम किया है जिससे अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि ऐसा तेंदुलकर को घरेलू सरजमीं पर 200 टेस्ट खेलने की उपलब्धि हासिल करने का मौका देने और उन्हें भव्य विदाई देने के लिए किया गया है. तेंदुलकर ने 23 साल के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक 51 शतक की मदद से 53. 86 की औसत से सर्वाधिक 15837 टेस्ट रन बनाए. इस स्टार बल्लेबाज ने पिछले साल वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी. उन्होंने 463 मैचों में 49 शतक की मदद से 44. 83 की औसत के साथ सर्वाधिक 18426 रन बनाए.
एक न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि जल्दबाजी की क्या जरूरत है. उन्होंने कहा, 'मेरा एक फॉर्मूला रहा है, ज्यादा आगे के बारे में मत सोचो. मैं अपने करियर में इसी तरह चला हूं. ' बीसीसीआइ ने दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज का इंतजाम किया है जिससे अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि ऐसा तेंदुलकर को घरेलू सरजमीं पर दो सौ टेस्ट खेलने की उपलब्धि हासिल करने का मौका देने और उन्हें भव्य विदाई देने के लिए किया गया है. तेंदुलकर ने तेईस साल के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक इक्यावन शतक की मदद से तिरेपन. छियासी की औसत से सर्वाधिक पंद्रह हज़ार आठ सौ सैंतीस टेस्ट रन बनाए. इस स्टार बल्लेबाज ने पिछले साल वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी. उन्होंने चार सौ तिरेसठ मैचों में उनचास शतक की मदद से चौंतालीस. तिरासी की औसत के साथ सर्वाधिक अट्ठारह हज़ार चार सौ छब्बीस रन बनाए.
मेष : संतान से संबंधित दायित्वों की पूर्ति हेतु तत्पर होंगे. निकट संबंधों में भावनात्मक सहयोग से मन उत्साहित होगा. शिक्षा-प्रतियोगिता में मनोवांछित सफलता मिलेगी. निकट संबंधों में शंकाओं को न हावी होने दें.
मेष : संतान से संबंधित दायित्वों की पूर्ति हेतु तत्पर होंगे. निकट संबंधों में भावनात्मक सहयोग से मन उत्साहित होगा. शिक्षा-प्रतियोगिता में मनोवांछित सफलता मिलेगी. निकट संबंधों में शंकाओं को न हावी होने दें.
Bhopal- Agriculture Minister Compassionate Appointment letter : कृषि मंत्री कमल पटेल ने रविंद्र भवन में मंगलवार को मंडी बोर्ड के द्वारा आयोजित नियुक्ति प्रदाय कार्यक्रम में 25 अभ्यर्थियों को अनुकंपा नियुक्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस मौके पर अनुकंपा नियुक्ति पत्र लेने आए अभ्यर्थियों की आंखे नम हो गई। कृषि मंत्री पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सभी नवनियुक्त कर्मचारी स्वयं को कभी भी अकेला न समझे। वह सभी उनके परिवार के सदस्य की तरह है। उनकी समस्या के निराकरण के लिए वह स्वयं सदैव तत्पर रहेंगे। कृषि मंत्री पटेल ने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की। मंडी बोर्ड उपाध्यक्ष मंजू दादू ने भी नवनियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि मंडी बोर्ड में अभी तक 181 अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है।
Bhopal- Agriculture Minister Compassionate Appointment letter : कृषि मंत्री कमल पटेल ने रविंद्र भवन में मंगलवार को मंडी बोर्ड के द्वारा आयोजित नियुक्ति प्रदाय कार्यक्रम में पच्चीस अभ्यर्थियों को अनुकंपा नियुक्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस मौके पर अनुकंपा नियुक्ति पत्र लेने आए अभ्यर्थियों की आंखे नम हो गई। कृषि मंत्री पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सभी नवनियुक्त कर्मचारी स्वयं को कभी भी अकेला न समझे। वह सभी उनके परिवार के सदस्य की तरह है। उनकी समस्या के निराकरण के लिए वह स्वयं सदैव तत्पर रहेंगे। कृषि मंत्री पटेल ने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की। मंडी बोर्ड उपाध्यक्ष मंजू दादू ने भी नवनियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि मंडी बोर्ड में अभी तक एक सौ इक्यासी अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है।
Sunrisers Eastern Cape vs Pretorius Capitals: ट्रिस्टन स्टब्स की हालिया फॉर्म को देखते हुए आप उन्हें अपनी टीम का कप्तान बनाने के बारे में सोच सकते हैं। एनरिक नोर्टजे भी बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। SA20 लीग में आज सनराइजर्स ईस्टर्न केप (EAC) का सामना प्रिटोरिया कैपिटल्स (PRE)से होगा। दोनों टीमें इस मैच को जीतकर टूर्नामेंट का शानदार आगाज करना चाहेंगी। सनराइजर्स ईस्टर्न केप का नेतृत्व स्थानीय हीरो एडेन मार्कराम कर रहे हैं वहीं वेन पार्नेल प्रिटोरिया कैपिटल्स का नेतृत्व करते हुए नजर आएंगे। मुंबई इंडियंस के लिए आईपील में खेलने वाले युवा अफ्रीकी खिलाड़ी ट्रिस्टन स्टबस इस मैच में मैन ऑफ द मैच बन सकते हैं। ट्रिस्टन स्टबस जिस तरह के आक्रामक खिलाड़ी हैं उसको देखकर इस पिच पर वो आग उगल सकते हैं। ट्रिस्टन स्टबस के अलावा एडेन मार्करम और राइली रूसो पर भी आप दांव लगाने के बारे में सोच सकते हैं। अगर आप किसी गेंदबाज को अपनी टीम का कप्तान बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो एनरिक नोर्टजे सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इस मैच का लुफ्त आप जियो सिनेमा ऐप में फ्री में देख सकते हैं। EAC vs PRE pitch report: सेंट जॉर्ज पार्क की सतह बल्लेबाजों के पक्ष में है। ऐसे में आज का मैच हाई स्कोरिंग हो सकता है। पेसर्स को भी इस टर्फ पर शानदार कैरी मिलता है ऐसे में आप अपनी टीम में ज्यादा से ज्यादा ऑलराउंडर को शामिल करने के बारे में सोच सकते हैं। टॉस जीतने वाला कप्तान संभवतः पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकता है। स्पिन गेंदबाजों को इस पिच से ना के बराबर उम्मीद मिलने की संभावना है। EAC vs PRE dream 11 prediction: विकेटकीपर- फिल सॉल्ट, बल्लेबाज- राइली रूसो, एडेन मार्करम (उपकप्तान), ट्रिस्टन स्टबस (कप्तान), ऑलराउंडर- वेन पार्नेल, जेजे स्मटस, जेम्स नीशम, मार्को जैनसन, गेंदबाज- आदिल रशीद, मेसन क्रेन, एनरिक नोर्टजे। EAC Predicted Playing XI: जेजे स्मट्स, एडम रॉसिंगटन, एडन मार्कराम (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स (विकेटकीपर), जॉर्डन कॉक्स, मार्केस एकरमैन, रूलोफ वैन डेर मर्व, मार्को जानसन, सिसंडा मगाला, मेसन क्रेन/जेम्स फुलर, जुनैद दाऊद। PRE Predicted Playing XI: कैमरून डेलपोर्ट, फिल सॉल्ट, राइली रूसो, मार्को माराइस, थ्यूनिस डी ब्रुइन, मिगेल प्रिटोरियस, जिमी नीशम, वेन पार्नेल (कप्तान), आदिल रशीद, जोशुआ लिटिल, एनरिक नार्टजे।
Sunrisers Eastern Cape vs Pretorius Capitals: ट्रिस्टन स्टब्स की हालिया फॉर्म को देखते हुए आप उन्हें अपनी टीम का कप्तान बनाने के बारे में सोच सकते हैं। एनरिक नोर्टजे भी बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। SAबीस लीटरग में आज सनराइजर्स ईस्टर्न केप का सामना प्रिटोरिया कैपिटल्स से होगा। दोनों टीमें इस मैच को जीतकर टूर्नामेंट का शानदार आगाज करना चाहेंगी। सनराइजर्स ईस्टर्न केप का नेतृत्व स्थानीय हीरो एडेन मार्कराम कर रहे हैं वहीं वेन पार्नेल प्रिटोरिया कैपिटल्स का नेतृत्व करते हुए नजर आएंगे। मुंबई इंडियंस के लिए आईपील में खेलने वाले युवा अफ्रीकी खिलाड़ी ट्रिस्टन स्टबस इस मैच में मैन ऑफ द मैच बन सकते हैं। ट्रिस्टन स्टबस जिस तरह के आक्रामक खिलाड़ी हैं उसको देखकर इस पिच पर वो आग उगल सकते हैं। ट्रिस्टन स्टबस के अलावा एडेन मार्करम और राइली रूसो पर भी आप दांव लगाने के बारे में सोच सकते हैं। अगर आप किसी गेंदबाज को अपनी टीम का कप्तान बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो एनरिक नोर्टजे सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इस मैच का लुफ्त आप जियो सिनेमा ऐप में फ्री में देख सकते हैं। EAC vs PRE pitch report: सेंट जॉर्ज पार्क की सतह बल्लेबाजों के पक्ष में है। ऐसे में आज का मैच हाई स्कोरिंग हो सकता है। पेसर्स को भी इस टर्फ पर शानदार कैरी मिलता है ऐसे में आप अपनी टीम में ज्यादा से ज्यादा ऑलराउंडर को शामिल करने के बारे में सोच सकते हैं। टॉस जीतने वाला कप्तान संभवतः पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकता है। स्पिन गेंदबाजों को इस पिच से ना के बराबर उम्मीद मिलने की संभावना है। EAC vs PRE dream ग्यारह prediction: विकेटकीपर- फिल सॉल्ट, बल्लेबाज- राइली रूसो, एडेन मार्करम , ट्रिस्टन स्टबस , ऑलराउंडर- वेन पार्नेल, जेजे स्मटस, जेम्स नीशम, मार्को जैनसन, गेंदबाज- आदिल रशीद, मेसन क्रेन, एनरिक नोर्टजे। EAC Predicted Playing XI: जेजे स्मट्स, एडम रॉसिंगटन, एडन मार्कराम , ट्रिस्टन स्टब्स , जॉर्डन कॉक्स, मार्केस एकरमैन, रूलोफ वैन डेर मर्व, मार्को जानसन, सिसंडा मगाला, मेसन क्रेन/जेम्स फुलर, जुनैद दाऊद। PRE Predicted Playing XI: कैमरून डेलपोर्ट, फिल सॉल्ट, राइली रूसो, मार्को माराइस, थ्यूनिस डी ब्रुइन, मिगेल प्रिटोरियस, जिमी नीशम, वेन पार्नेल , आदिल रशीद, जोशुआ लिटिल, एनरिक नार्टजे।
इंडिया न्यूज़ (दिल्ली) : भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा अगले साल जून तक पार्टी का बतौर अध्य्क्ष नेतृत्व करते रहेंगे। जिसकी घोषणा बीजेपी के वरिष्ठ रणनीतिकार अमित शाह ने मंगलवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन की। जानकारी दें, बीजेपी के संविधान के अनुसार किसी पार्टी अध्यक्ष को 3-3 साल के लगातार दो कार्यकाल मिल सकते हैं। इसमें यह भी प्रावधान है कि कम से कम 50 फीसदी राज्य इकाइयों में संगठनात्मक चुनाव होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कोविड महामारी के कारण संगठनात्मक चुनाव हो नहीं पाया तो संवैधानिक रूप से ये संभव नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी बहुत बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और लोकतांत्रिक प्रकिया से ही यह फैसला लिया गया। शाह ने यह भी बताया कि राजनाथ सिंह ने जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जिसपर सभी ने सर्वसम्मति से हामी भरी । - कोविड के दौरान उनके नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लोगों की सेवा की। -बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा और यूपी में जेपी नड्डा के नेत्रित्व में सफलता प्राप्त मिली। - बंगाल में 3 से बढ़कर 77 सीटें मिलीं, दक्षिण में पार्टी का पावर बढ़ा। - गोवा में पहली बार पूर्ण बहुमत मिला, गुजरात में प्रचंड जीत मिली। - जेपी नड्डा विभिन्न राज्यों में पार्टी का विस्तार किया। - जम्मू-कश्मीर के बीडीसी चुनाव में बीजेपी ने यश प्राप्त किया। -बूथ सशक्तीकरण, लोकसभा प्रवास योजना, हर घर तिरंगा कार्यक्रम में जेपी नड्डा की अहम भूमिका रही। - सेवा ही संगठन और पीएम मोदी के जन्मदिन पर सेवा पखवाड़ा का सफल आयोजन किया। - मन की बात को जन का कार्यक्रम बनाया, देशभर में विजय संकल्प सभाएं, अपना बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन किया।
इंडिया न्यूज़ : भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा अगले साल जून तक पार्टी का बतौर अध्य्क्ष नेतृत्व करते रहेंगे। जिसकी घोषणा बीजेपी के वरिष्ठ रणनीतिकार अमित शाह ने मंगलवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन की। जानकारी दें, बीजेपी के संविधान के अनुसार किसी पार्टी अध्यक्ष को तीन-तीन साल के लगातार दो कार्यकाल मिल सकते हैं। इसमें यह भी प्रावधान है कि कम से कम पचास फीसदी राज्य इकाइयों में संगठनात्मक चुनाव होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कोविड महामारी के कारण संगठनात्मक चुनाव हो नहीं पाया तो संवैधानिक रूप से ये संभव नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी बहुत बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और लोकतांत्रिक प्रकिया से ही यह फैसला लिया गया। शाह ने यह भी बताया कि राजनाथ सिंह ने जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जिसपर सभी ने सर्वसम्मति से हामी भरी । - कोविड के दौरान उनके नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लोगों की सेवा की। -बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा और यूपी में जेपी नड्डा के नेत्रित्व में सफलता प्राप्त मिली। - बंगाल में तीन से बढ़कर सतहत्तर सीटें मिलीं, दक्षिण में पार्टी का पावर बढ़ा। - गोवा में पहली बार पूर्ण बहुमत मिला, गुजरात में प्रचंड जीत मिली। - जेपी नड्डा विभिन्न राज्यों में पार्टी का विस्तार किया। - जम्मू-कश्मीर के बीडीसी चुनाव में बीजेपी ने यश प्राप्त किया। -बूथ सशक्तीकरण, लोकसभा प्रवास योजना, हर घर तिरंगा कार्यक्रम में जेपी नड्डा की अहम भूमिका रही। - सेवा ही संगठन और पीएम मोदी के जन्मदिन पर सेवा पखवाड़ा का सफल आयोजन किया। - मन की बात को जन का कार्यक्रम बनाया, देशभर में विजय संकल्प सभाएं, अपना बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन किया।
भारत और भारतीयों से जुड़ी हर वो ख़बर जिससे हम और आप होते हैं प्रभावित (Today's National News in Hindi) पता चला है कि रिया चक्रवर्ती ही सुशांत के लिए ड्रग्स मँगवाती थी। उन्होंने सुशांत को रोका क्यों नहीं, ये भी एनसीबी का सवाल होगा। केरल के पतनमतिट्टा में कोरोना संक्रमित लड़की के साथ बलात्कार की घटना सामने आई है। आरोपित एंबुलेस चालक नौफल है। दिल्ली पुलिस ने हिंदू विरोधी दंगे के दौरान शिव विहार में राहुल सोलंकी की हत्या के आरोप में मुस्तकीम सैफी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से हथियार भी बरामद किए हैं। अगर कोई व्यक्ति इस तरह से आत्महत्या करता है तो ये निशान तिरछा बनता है और गर्दन के ऊपर होता है। लेकिन सुशांत मामले में यह बीच में था। महिला की शिकायत पर आरोपितों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार भी किया है। अपने पति पर केस करते हुए वर्षा ने आरोप लगाया है कि अनुभव मोहंती को शराब की लत है और वो अपने घर पर साथियों संग शराब की महफ़िल जमाते रहते हैं। जहाँ कभी इनके खून-पसीने के बनाए हुए घर थे, वो अब विदेश हो चुका है। अब इन 200 परिवारों का घर भारत है। इन्हें दिल्ली में बसाया गया है। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सामने आए ड्रग कनेक्शन के बाद नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) को अब 'एक बड़ी मछली' की तलाश है।
भारत और भारतीयों से जुड़ी हर वो ख़बर जिससे हम और आप होते हैं प्रभावित पता चला है कि रिया चक्रवर्ती ही सुशांत के लिए ड्रग्स मँगवाती थी। उन्होंने सुशांत को रोका क्यों नहीं, ये भी एनसीबी का सवाल होगा। केरल के पतनमतिट्टा में कोरोना संक्रमित लड़की के साथ बलात्कार की घटना सामने आई है। आरोपित एंबुलेस चालक नौफल है। दिल्ली पुलिस ने हिंदू विरोधी दंगे के दौरान शिव विहार में राहुल सोलंकी की हत्या के आरोप में मुस्तकीम सैफी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से हथियार भी बरामद किए हैं। अगर कोई व्यक्ति इस तरह से आत्महत्या करता है तो ये निशान तिरछा बनता है और गर्दन के ऊपर होता है। लेकिन सुशांत मामले में यह बीच में था। महिला की शिकायत पर आरोपितों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार भी किया है। अपने पति पर केस करते हुए वर्षा ने आरोप लगाया है कि अनुभव मोहंती को शराब की लत है और वो अपने घर पर साथियों संग शराब की महफ़िल जमाते रहते हैं। जहाँ कभी इनके खून-पसीने के बनाए हुए घर थे, वो अब विदेश हो चुका है। अब इन दो सौ परिवारों का घर भारत है। इन्हें दिल्ली में बसाया गया है। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सामने आए ड्रग कनेक्शन के बाद नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो को अब 'एक बड़ी मछली' की तलाश है।
बहरोड़ की अनाज मंडी में चोर गिरोह लगातार सक्रिय है। यहां पिछले 1 महीने से लगातार अनाज से भरे हुए कट्टों की चोरी की जा रही थी। लेकिन आज दिनदहाड़े अज्ञात चोर मंडी के अंदर घुसा और अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी फार्म दुकान के अंदर ताला तोड़कर 5 लाख 50 हजार रुपए की नकदी चोरी कर ले गया। घटना के समय व्यापारी रामरहन अग्रवाल अनाज मंडी के अंदर खुली बोली लगाकर सरसों खरीद करने गया था। जब वापस आकर देखा तो गल्ले का ताला टूटा हुआ मिला। चेक बुक और अन्य सामान बाहर निकले हुए दिखे। जिसकी सूचना उन्होंने आसपास के व्यापारियों को दुकान के अंदर से चोरी होने की जानकारी दी गई। इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर मौके पर थाना अधिकारी वीरेंद्र पाल सिंह व डीएसपी आनंद राव मौके पर पहुंचे। यहां घटना की जानकारी ली। वहीं व्यापारियों की दुकानों में लगे हुए CCTV फुटेज खंगाने में लगी हुई है। अनाज मंडी में आए दिन हो रही चोरी की वारदातों से व्यापारियों में भय बना हुआ है। अनाज मंडी व्यापारी मनीष अग्रवाल, रमेश सैनी, नरेश अग्रवाल, दिनेश गुप्ता, ओम प्रकाश यादव, बिडदी चंद, कुलदीप यादव, मुन्नालाल, सीताराम महावर, वीरेंद्र यादव, जगमाल सिंह ने बताया कि अनाज मंडी में पिछले 1 महीने से गेहूं, चना और सरसों के कट्टों की दिनदहाड़े चोरी हो रही है। सीसीटीवी कैमरे में वारदात कैद होने के बावजूद भी चोर पकड़े नहीं जा रहे। ऐसे में अनाज मंडी के व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ मानसिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। अनाज मंडी समिति के द्वारा मंडी परिसर में लाखों रुपए की लागत से सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए हैं। लेकिन पिछले करीब 1 महिने से खराब पड़े हैं। अनाज मंडी प्रभारी राकेश यादव ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे ठीक करवाने के लिए पत्र भेजा गया है। लेकिन अभी तक ठीक नहीं करवाए गए। ऐसे में लाखों रुपए की लागत से लगे हुए 22 कैमरे अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
बहरोड़ की अनाज मंडी में चोर गिरोह लगातार सक्रिय है। यहां पिछले एक महीने से लगातार अनाज से भरे हुए कट्टों की चोरी की जा रही थी। लेकिन आज दिनदहाड़े अज्ञात चोर मंडी के अंदर घुसा और अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी फार्म दुकान के अंदर ताला तोड़कर पाँच लाख पचास हजार रुपए की नकदी चोरी कर ले गया। घटना के समय व्यापारी रामरहन अग्रवाल अनाज मंडी के अंदर खुली बोली लगाकर सरसों खरीद करने गया था। जब वापस आकर देखा तो गल्ले का ताला टूटा हुआ मिला। चेक बुक और अन्य सामान बाहर निकले हुए दिखे। जिसकी सूचना उन्होंने आसपास के व्यापारियों को दुकान के अंदर से चोरी होने की जानकारी दी गई। इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर मौके पर थाना अधिकारी वीरेंद्र पाल सिंह व डीएसपी आनंद राव मौके पर पहुंचे। यहां घटना की जानकारी ली। वहीं व्यापारियों की दुकानों में लगे हुए CCTV फुटेज खंगाने में लगी हुई है। अनाज मंडी में आए दिन हो रही चोरी की वारदातों से व्यापारियों में भय बना हुआ है। अनाज मंडी व्यापारी मनीष अग्रवाल, रमेश सैनी, नरेश अग्रवाल, दिनेश गुप्ता, ओम प्रकाश यादव, बिडदी चंद, कुलदीप यादव, मुन्नालाल, सीताराम महावर, वीरेंद्र यादव, जगमाल सिंह ने बताया कि अनाज मंडी में पिछले एक महीने से गेहूं, चना और सरसों के कट्टों की दिनदहाड़े चोरी हो रही है। सीसीटीवी कैमरे में वारदात कैद होने के बावजूद भी चोर पकड़े नहीं जा रहे। ऐसे में अनाज मंडी के व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ मानसिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। अनाज मंडी समिति के द्वारा मंडी परिसर में लाखों रुपए की लागत से सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए हैं। लेकिन पिछले करीब एक महिने से खराब पड़े हैं। अनाज मंडी प्रभारी राकेश यादव ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे ठीक करवाने के लिए पत्र भेजा गया है। लेकिन अभी तक ठीक नहीं करवाए गए। ऐसे में लाखों रुपए की लागत से लगे हुए बाईस कैमरे अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.