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|---|---|---|
2,484 | कहीं - कहीं वे किरदार से बाहर निकल जाते हैं । | negative |
2,485 | शास्त्री के रूप में मिथुन चक्रवर्ती कृत्रिम और बनावटी लगते हैं । | negative |
2,486 | पीरियड फिल्म में उनका उच्चारण और लहजा आड़े आ जाता है । | neutral |
2,487 | पल्लवी शारदा कुशल नृत्यांगना हैं । | neutral |
2,488 | उनके अभिनय के बारे में यही बात नहीं कही जा सकती । | neutral |
2,489 | बाल कलाकार नमन जैन प्रभावित करते हैं । | positive |
2,490 | उनकी मासूमियत और संलग्नता प्रशंसनीय है । | positive |
2,491 | ' हवाईजादा ' में गीतों के अत्यधिक उपयोग से कथा की गति बाधित होती है । | negative |
2,492 | नायक के समाज प्रेम और प्रयोग का द्वंद्व चलता रहता है । | neutral |
2,493 | शिमित अमीन की ' अब तक छप्पन ' 2004 में आई थी । | neutral |
2,494 | उस फिल्म में नाना पाटेकर ने साधु आगाशे की भूमिका निभाई थी । | neutral |
2,495 | उन्होंने अभिनय में यथार्थ लाने की सफल कोशिश की । | positive |
2,496 | अभिनय का रियलिरूट तरीका अब सूक्ष्म और सरल हो गया है । | neutral |
2,497 | नाना को अगली पीढ़ी के अभिनेताओं में इरफान खान , मनोज बाजपेयी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी को देखने की जरूरत है । | neutral |
2,498 | ये तीनों हिंदी सिनेमा में अभिनय के तीन भिन्न आयाम हैं । | neutral |
2,499 | ' अब तक छप्पन 2 ' में सिर्फ नाना ही नहीं बाकी सारे अभिनेता भी नाना जमाने की एक्टिंग कर रहे हैं । | neutral |
2,500 | यहां तक की गुल पनाग भी इस प्रभाव से नहीं बच पाई हैं । | neutral |
2,501 | फिल्म की घटनाओं का अनुमान पहले से हो जाता है । | neutral |
2,502 | नाना के होने के बावजूद फिल्म निराश करती है । | negative |
2,503 | स्थितियां बदल चुकी हैं । | neutral |
2,504 | मुंबई के माहौल में अंडरवर्ल्ड और एनकाउंटर अब सुर्खियों के शब्द नहीं हैं । | neutral |
2,505 | फिल्मों के साथ समाज ने भी भ्रष्ट नेताओं को एक्सपोज किया है । | neutral |
2,506 | भ्रष्टाचार के मामले में बड़े नेता , बिजनेश मैन और समाज के कथित सम्मानित व्यक्ति जेल की सजा काट रहे हैं । | neutral |
2,507 | उनके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं । | neutral |
2,508 | इस पृष्ठभूमि में आई ' अब तक छप्पन 2 ' अप्रासंगिक और बचकाना प्रयास लगती है । | negative |
2,509 | पटकथा और अभिनय में सामंजस्य नहीं है । | negative |
2,510 | दोनों का ढीलापन दो घंटे से छोटी फिल्म में भी ऊब पैदा करता है । | negative |
2,511 | मनीष गुप्ता की ' रहस्य ' हत्या की गुत्थियों को सुलझाती फिल्म है , जिसमें कुछ कलाकारों ने बेहतरीन परफॉर्मेंस की हैं । | positive |
2,512 | उन कलाकारों की अदाकारी और लंबे समय तक हत्या का रहस्य बनाए रखने में कामयाब निर्देशक की सूझ - बूझ से फिल्म में रोचकता बनी रहती है । | positive |
2,513 | अगर पटकथा और चुस्त रहती तो यह फिल्म ' किसने की होगी हत्या ' जोनर की सफल फिल्म होती । | neutral |
2,514 | लंबे समय के बाद आशीष विद्यार्थी हिंदी सिनेमा के पर्दे पर आए हैं । | neutral |
2,515 | समर्थ अभिनेता अपनी मौजूदगी के लिए संवादों का मोहताज नहीं होता । | neutral |
2,516 | ऐसा लगता है कि फिल्म सीमित बजट में जल्दबाजी में बनाई गई है । | neutral |
2,517 | दृश्यों की तारतम्यता अनेक जगहों पर टूटती है । | negative |
2,518 | कुछ दृश्यों के बाद उनमें दोहराव आने लगता है । | negative |
2,519 | भट्ट कैंप की ' खामोशियां ' नए निर्देशक करण दारा ने निर्देशित की है । | neutral |
2,520 | उन्हें दो नए कलाकार गुरमीत चौधरी और सपना पब्बी दिए गए हैं । | neutral |
2,521 | उनके साथ अली फजल हैं । | neutral |
2,522 | कहानी विक्रम भट्ट ने लिखी है और एक किरदार में वे स्वयं भी मौजूद हैं । | neutral |
2,523 | ऐसा लगता है कि अभी तक भट्ट कैंप अपनी फिल्मों में जिन मसालों का इस्तेमाल करता रहा है , उनकी बची - खुची और मिस्क मात्रा करण को दे दी गई है । | neutral |
2,524 | प्रस्तुति और स्वभाव में भट्ट कैंप की यह फिल्म उनकी पिछली फिल्मों से कमजोर है । | negative |
2,525 | इस बार भट्ट कैंप अपनी एक्सपेरिमेंट देने में चूक गया है । | negative |
2,526 | सस्पेंस , मर्डर , हॉरर , भूत - प्रेत , सेक्स , रोमांस और प्रेम जैसे सभी तत्वों के होने के बावजूद यह फिल्म प्रभावित नहीं करती । | negative |
2,527 | कारण स्पष्ट है कि लेखक - निर्देशक की विधा और प्रस्तुति के प्रति स्पष्ट नहीं है । | negative |
2,528 | कथा बढऩे के साथ छिटकती रहती है और आखिरकार बिखर जाती है । | negative |
2,529 | किरदारों में केवल कबीर अली फजल पर मेहनत की गई । | positive |
2,530 | मीरा सपना पब्बी और जयदेव गुरमीत चौधरी आधे - अधूरे रचे गए हैं । | neutral |
2,531 | ' खामोशियां ' का लोकेशन सुंदर है । | positive |
2,532 | दक्षिण अफ्रीका में कश्मीर रच दिया गया है । | neutral |
2,533 | फिल्म में गीतों के फिल्मांकन पर पूरा ध्यान दिया गया है । | positive |
2,534 | गीत - संगीत के चुनाव में भट्ट बंधु हमेशा सफल रहते हैं । | positive |
2,535 | उनकी फिल्मों के गीत लोकप्रिय होते हैं । | positive |
2,536 | ' खामोशियां ' में भी यही बात हुई है । | neutral |
2,537 | फिल्म देखते हुए लगता है कि गानों के म्यूजिक वीडियो से एक लचर कथा को जोड़ा गया है । | neutral |
2,538 | भूत , आत्मा , प्रेम ओर आकर्षण की ' खामोशियां ' में तर्क खामोश ही रहते हैं । | neutral |
2,539 | यह फिल्म प्रेम और विश्वास से अधिक अंधविश्वास पर टिकी हुई है । | neutral |
2,540 | ऐसी फिल्मों में मंत्र , जाप और उपचार का मनगढ़ंत उपयोग किया जाता है । | neutral |
2,541 | लेखक - निर्देशक तथ्यों और साक्ष्यों पर गौर नहीं करते । | negative |
2,542 | ' खामोशियां ' में ऐसी लापरवाहियों की अति हो गई है । | negative |
2,543 | कलाकारों में अली फजल अपनी सीमाओं में कबीर को निभाते हैं । | neutral |
2,544 | उन्हें अपने अभिनय में प्रवाह पर ध्यान देना चाहिए । | neutral |
2,545 | इस फिल्म के प्रचार में गुरमीत चौधरी के नाम का शोर मचाया गया , लेकिन फिल्म में उन्हें बहुत कम स्पेस और फुटेज मिला है । | neutral |
2,546 | इनमें से भी आधे दृश्यों में वे अचेत लेटे रहते हैं । | neutral |
2,547 | सपना पब्बी अपने किरदार मीरा की जरूरतों को पूरा नहीं कर पातीं । | negative |
2,548 | खामोशियां ' का गीत - संगीत पॉपुलर रुचि का है । | positive |
2,549 | यों फिल्म की कथा से उसका अधिक तालमेल नहीं है । | negative |
2,550 | लंबे समय के बाद ... जी हां , लंबे समय के बाद एक ऐसी फिल्म आई है , जो हिंदी फिल्मों के ढांचे में रहते हुए स्वस्थ मनोरंजन करती है । | positive |
2,551 | इसमें पर्याप्त मात्रा में रहस्य और रोमांच है । | positive |
2,552 | अच्छी बात है कि इसमें इन दिनों के प्रचलित मनोरंजक उपादानों का सहारा नहीं लिया गया है । | positive |
2,553 | ' बेबी ' अपने कथ्य और चित्रण से बांधे रखती है । | neutral |
2,554 | निर्देशक ने दृश्यों का अपेक्षित गति दी है , जिससे उत्सुकता बनी रहती है । | positive |
2,555 | ' बेबी ' आतंकवाद की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म है । | neutral |
2,556 | ऐसी फिल्मों में देशभक्ति के जोश में अंधराष्ट्रवाद का खतरा रहता है । | neutral |
2,557 | नीरज पांडे ऐसी भूल नहीं करते । | neutral |
2,558 | यह वैसे जांबाज अधिकारियों की कहानी है , जिनके लिए यह कार्य किसी कांफ्रेंस में शामिल होने की तरह है । | neutral |
2,559 | फिल्म के नायक अजय अक्षय कुमार और उनकी पत्नी के बीच के संवादों में इस कांफ्रेंस का बार - बार जिक्र आता है । | neutral |
2,560 | नीरज पांडे का उद्देश्य राजनीतिक और सामाजिक फिल्म बनाने का नहीं है , लेकिन विवेक और समझदारी हो तो संदर्भ और परिप्रेक्ष्य में ये तत्व आ जाते हैं । | positive |
2,561 | ' बेबी ' आतंकवाद पर बनी एक समझदार फिल्म है । | positive |
2,562 | एक - एक कर उनकी धड़ - पकड़ से अजय और उसकी टीम मुख्य ठिकाने और सरगना तक पहुंचती है । | neutral |
2,563 | नीरज पांडे ने मुख्य आतंकवादी तक पहुंचने की व्यूह रचना और घटनाक्रम में पर्याप्त उत्सुकता बनाए रखी है । | positive |
2,564 | क्लाइमेक्स के 30-40 मिनट में नीरज पांडे की पकड़ दिखती है । | positive |
2,565 | छोटे - छोटे दृश्यों से स्थितियां बनती हैं और उत्सुकता बढ़ती जाती है । | positive |
2,566 | नीरज पांडे का दृश्य विधान प्रेडिक्टेबल नहीं है । | neutral |
2,567 | अनुमान से अलग किरदारों का व्यवहार चौंकाता है । | neutral |
2,568 | क्लाइमेक्स दृश्यों में हल्का दोहराव आता है , जो अधिकांश दर्शकों के लिए हंसी का कारण हो सकता है । | positive |
2,569 | क्लाइमेक्स में अजय और शुक्ला अनुपम खेर की नोंक - झोंक तनाव ढीला कर राहत देती है । | positive |
2,570 | कह सकते हैं कि नीरज पांडे अपनी प्रस्तुति में परिपूर्णता के करीब पहुंच जाते हैं । | positive |
2,571 | किरदारों के गठन और कलाकारों के चयन में निर्देशक और कास्टिंग डायरेक्टर की सूझ - बूझ फिल्म को सही रूप देती है । | positive |
2,572 | विकी सदाना की कास्टिंग उल्लेखनीय है । | positive |
2,573 | छोटे - छोटे दृश्यों में भी समर्थ अभिनेताओं की मौजूदगी कथ्य गाढ़ा करती है । | neutral |
2,574 | ड्रामा का घनत्व बढ़ाती है । | neutral |
2,575 | अक्षय कुमार फिल्म की लीड भूमिका में जंचे हैं । | positive |
2,576 | एक्शन दृश्यों में उनकी गति और स्फूर्ति उल्लेखनीय है । | positive |
2,578 | एक दृश्य में प्रिया सूर्यवंशी तापसी पन्नू और वसीम सुशांत सिंह के बीच की भिड़ंत उल्लेखनीय है । | positive |
2,579 | हिंदी फिल्मों में महिला किरदारों को नाजुक दिखाने की परंपरा रही है । | neutral |
2,580 | हां प्रिया भिड़ती है और नायक अजय के आने तक उसे सुला चुकी होती है । | neutral |
2,581 | डैनी डैंजोग्पा , मधुरिमा तुली , मुरली शर्मा , सुशांत सिंह , जमील खान और अनेक अपिरिचित चेहरे अपने अभिनय से किरदारों को विशेष रंग देने के साथ विश्वसनीय बनाते हैं । | positive |
2,582 | नीरज पांडे की ' बेबी ' आतंकवाद पर बनी एक समझदार फिल्म है । | positive |
2,583 | अतिरकों से बचती हुई यह पूरी ईमानदारी से एक्शन और ड्रामा के साथ थ्रिल पैदा करती है । | positive |
2,584 | ' बेबी ' दर्शनीय है । | positive |
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