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माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके द बाद की कई सारी मिठाइयाँ भी... | |
मेरा घर में दो पलंग हैं। - - - | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे कब दुखी है सब दुखी हैं। | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इसमें सब दुखी हैं। | |
विमला और अजय मेला देखने गये। उन्हें मेले में तरह-तरह की दुकाने दिखीं। मेले में बहुत झूले थे। वहाँ गरम-गरम हलवा और जलेबियाँ भी बिक रहीं थीं। जलेबी देखकर दोनों के मुँह में पानी आने लगा। उन्हें जलेबी खाने का मन करने लगा। विमला ने जलेबी खरीदी। दोनों ने मिलकर जलेबी खाई। शाम को दोनों घर लौट आये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
मेरा मेरे चाचा की शादी है। सबने नए कपड़े बने हैं। सब म मेहमान आ रहे। घर में धूम-धाम से। | |
बाजार में सुनार की दुकान है। सुनार जेवर बनाता है। जेवर चाँदी और सोने के होते हैं। सभी जेवर पहनना पसंद करते हैं। | |
नग़मा समझदार लड़की थी। मगर उसका छोटा भाई अमन बहुत नटखट था। एक दिन दोनों बाज़ार में घूम रहे थे। अमन ने रास्ते में पकौड़े देखे। उसे पकौड़े बहुत पसंद थे। माँ उसके लिये पकौड़े बनाती थी। नग़मा ने कहा यह पकौड़े तीखे होंगे। मगर अमन नहीं माना। अमन ने पकौड़े खाये और उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने का करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अलेक अकेला था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखाई। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की की कई सारी मिठाई भी... | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगा उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सब सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। खाद मंग मंग मँगाकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा कि ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समो समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरी... | |
सोनम गाना गाती है। उसने गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
रात हो गई है। चाँद दिख रहा है। तारे भी चमक रहे हैं। सब लोग सो गए हैं। | |
बहुत दिन दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी सभी जगह गन गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकला निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बच्बाचे भी घरो से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौ कौए को भोजन मिलने लगा। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झुलले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीद। राधा ने उन्हें ... | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाईयां लाती है। मैं नानी के साथ साथ जाती हूँ। वहां मुझे कहानी सुनाती है। | |
हम सब घूमने गए। वह हमने बंदर देखे। हमने उनको खेले दिए। सबने खेले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के काणण अपने लिए भोजन जुठा नहीं पता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए बूढ़े कोई से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कुए को भोजन मिलने लगा। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमने ले गई। बाज़ार में कोई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा संमान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें उन्होंने मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उनके पसंद की अच्छा लगत... | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते थे । पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम के दुकान चलाते हैं। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़े थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखाई । माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद को कई सारी ... | |
मो मेरे पास एक किताब है। उपमे उपमें प परी की कहानी है। यह कहानी मुझे ब बहुत पदँद है। मैं संबको यह कहिनी सु सुनाकाई हूँ। | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। और छाता खोलकर घूम रहे हैं। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। वहाँ कोई देखने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बग़ीचा बनाया जाए। खाद मंगाकर हर तरह के पौधे लगाये गए। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने जाते हैं। | |
सोनम गाना गाती है। सब पड़ी उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की रह र राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलने लगे। | |
केशव अपनी दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादीजी केशव को बगीचा घुमाने ले गयी । बगीचे में कई खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादी पास के पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। स्याम शाम शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दाजी दादीजी ने उसके लिए खूब सारी खू... | |
सो सोनम गाना गाती है। उसे गान गाना अच्छा लगता है। उसकी उसकी आवाज़ मीठी है। सब सब उसे पसंद | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। - - - - - - - | |
बग़ीचे में पेड़ हैं। पेड़ पर एक तोता रहता है। तोते का रंग हरा है। वह लाल टमाटर खाता है। | |
गाँव में बरगद का पेड़ एक पेड़ था। उस पर बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थीं। उसकी छाँव में एक कुत्ता भी रहता था। एक दिन एक आदमी उस पेड़ को काटने लगा। तभी एक चिड़िया ने उसके सिर पर ज़ोर से चोंच मारी। कुत्ता ज़ोर से भौंकने लगा। आदमी डरकर भाग गया। सबने मिलकर बरगद के पेड़ को बचा लिया। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घूमने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और उस अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भ... | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की त राह देख रहे थे। अ अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े *सुखने/सुखाने* लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी दु बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसे उसके पसंद की कई सारी म... | |
रूपा बाहरा खेल रही थी। खेलता-खेलता राता हो गई। माँ उसको घर ले आई। वह खाना खाकर सोवा गई। | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी हैं। | |
विमला और अजय मेला मेला देखने गये। उन्हों उन्हें मेले में तरह-तरह की दुकाने दिखायी। मेले में बहुत झूले थे। वहाँ गरम-गरम हल हलवा और जलेबियाँ भी बिक रहीं थीं। जलेबी देखकर दोनों के मुँह में पानी आने लगे। उन्हें उन्हें जलेबियाँ खाने का मन करने लगा। विमला ने जलेबी खरीदी। दे दोनों ने मिलकर जलेबी खाए। शाम को दोनों घर लौट आये... | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के एक पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हों उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखायी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सा... | |
बग़ीचे में पेड़ हैं। पेड़ पर एक तोता रहता है। तोते का रंग हरा है। वह वह लाल टमाटर खाता है। | |
गाँव में बरगद का एक पेड़ था। उस पेड़ उस पर बहुत स सारी प चिड़ियाँ रहती थीं। उसकी छाँव में एक कुत्ता भी रहता है। एक दिन एक आदमी उस पेड़ को काटने लगा। तभी एक चि चिड़िया ने उसके सिर पर चोंच ज़ोर से चोंच मार मारि। कुत्ता ज़ोर से भौंकने लगा। आदमी डरकर भाग गया। सबने मिलकर बरगद के पेड़ को बचा लिया। | |
आज सुबह रानी बाज़ार गई। बाज़ार में बहुत दुकान थीं। रानी ने जलेबी ख़रीदी। उसने जलेबी खाने में मज़ा आया। | |
माँ ने हलवा बनाया। वह वह बहुत मीठा था। उस उस - | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सब सबको यह कहानी सुना | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
जी ये पढ़ना है हम सब घू घू म ने घूमने एक नई गए। वहाँ ह म ने हमने दं द र दंदर खे देखे। ह म ने हमने उ न को उनको देखे देखे केले दिए। स ब ने सबने के ले केले खाये खा लिया | |
मैं पापा के साथ बाज़ार गया। बाजा और जूता लाया। बाजा बाजा बजाकर गीत गाऊँगा। जू। | |
सोनम गान गाती है। उसे गान अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब ओसे पसंद करती हैं। | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलते चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अ अ अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अ अमन से बहुत खुश हुए। वह अब अर अरम आराम से दुकान चलाते हैं। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी मा माधव को झील दिखाने के ले गई। वह वहाँ खूब च चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वह वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माध... | |
माँ ने ह माँ ने हलवा हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खा खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कू बुदा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडे अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
रा राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने के लिए ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के कूड़े भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोडा थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरी... | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाई लाती है। मैं नानी के साथ सोता हूँ। वह मुझे कहानी सुनाती है। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बग़ीचा बनाया जाए। खाद मंगाकर हर तरह के पौधे लगाये गए। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने जाते हैं। | |
आज मा गाए हैं। मिठाई साथ लाए हैं। हम सब मिठाई खायेंगे। फिर मामा से कहानी सुनेंगे। | |
सावन का महीना था। आसमान में बहुत से "काले" बादल छाये से। डरी- डरिय्हा "चल" रहा रही थी। मैंने सोचा, आज झूला झूलते हैं। बड़े भैया एक एक मोटी सी रस्सी लेकर आए। हमने उसने पेड़ से लटका कर झूला बनाया। सब ने मि मिलकर झूले झूले झूले। बहुत सारे बच्चे आकर मज़े से खेलने लगे। खेलते-खेलते रात हो गई। | |
गाँव में भालू आया वाला आया। उसने भालू का नाच दिखा देखी देखीए। सभी लोग को माज मज़ा आया। सबने ता ली ताली बजाई। | |
सावन का म ही ना महीना था। आ स मा न आसमानी में बहुत सब स से काल बादले छा या छाया था --- --- --- --- --- --- --- | |
नीतू के घर में गाया है। उसका रंग उसका रंग उसका रंग सफ़ेद है। ग ख गया है धास खाती है घास खाती है। वह बहुत दूख देती है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कुछ रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जा जाते औ और कुछ को कछुओं को कछुओं को देखते। कभी कुछ कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर को। ल लकड़ लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर घर जाकर सबको कुछ कछुए की कहानी सुनाते। | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश है हो रही थी। गाँव में सभी जगह गदा गंदा पानी भर गया था। सभी भारिश बारिश के रुकने की राह देख रहते रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई अरे गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश है हो गये। | |
गाँव में भालू वाला आया। उसने भा भालू का नाचा नाच दिखाया। सब लोगों को मज़ा आया। सबने ताली ब बजाई। | |
एक दिन बकरी, चील और मेंढक मेंढक ने आकाश में उठने उड़ने की सोची। चील एक बड़ा सा गुल्लारा गुब्बारा ले आई। बकरी एक घो घो धोरी डोरी और मेंढक के एक ठोकरी टोकरी के ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उठन उड़न टोकरी बनाई। तीनों उसने उसमें बैठकर उठने उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग से गु गुबभारा गुब्बारा फट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरी मेरा भाई सोता है। | |
एक दिन बकरी, चील और मेंढक ने आकाश में उड़ने की सोची। चील एक बड़ा सा गुमबारे गुब्बारा ले आई। बकरी एक डोरी और मेंढक एक टोकरी ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उड़न टोकरी बनाई। तीन तीनों उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग में से गुमबारे गुब्बारा फट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव की को झील दिखाने ले गई। वह झूल झील दिखाने ले गई वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठ... | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
राजू नाम राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी ली खिलाड़ी थी। उसे बल्ली दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोगो लोग नींबू का श शर पी रहे हैं। और छ छ छाता खोल घूम रहे हैं। | |
हम सब भूल घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घूम ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ... | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक बाग में बहुत सो सोरे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतरी आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परी परीलोक वापिस लौट गई। | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सो सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक खरगोश था। वह बहुत असली था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वह बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें अप... | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
एक दिन बकरी, चील और मेंढक ने आकाश में उड़ने की सोची। चील एक बड़ा सा गुब्बारा ले आई। बकरी एक डोरी और मेंढक एक टोकरी ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उड़न टोकरी बनाई। तीनों उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग से गुब्बारा फट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बज़ार घुमाने ले गई। बज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी खर... |
Subsets and Splits
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The query retrieves audio paths and their corresponding transcribed text, excluding specific patterns in the URLs, which provides basic filtering but limited analytical value.