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|---|---|---|---|---|
मुद्रास्फीति वह स्थिति है जिसमें मुद्रा का आंतरिक मूल्य गिरता है और वस्तुओं के मूल्य बढ़ते हैं। यानी मुद्रा तथा साख की पूर्ति और उसका प्रसार अधिक हो जाता है। इसे मुद्रा प्रसार या मुद्रा का फैलाव भी कहा जाता है। | अर्थशास्त्र | 4,100 | null | 41 |
यह कार्य सरकार द्वारा किया जाता है। इस क्रिया से मुद्रा का केवल बाह्य मूल्य कम होता है। जब देशी मुद्रा की विनिमय दर विदेशी मुद्रा के अनुपात में अपेक्षाकृत कम कर दी जाती है, तो इस स्थिति को मुद्रा का अवमूल्यन कहा जाता है। | अर्थशास्त्र | 4,101 | null | 45 |
मुद्रास्फीति का यह नर्म रूप है। यदि अर्थव्यवस्था में मूल्यों में अत्यंत धीमी गति से वृद्धि होती है तो इसे रेंगती हुई स्फीति कहते हैं। अर्थशास्त्री इस श्रेणी में एक फीसदी से तीन फीसदी तक सालाना की वृद्धि को रखते हैं। यह स्फीति अर्थव्यवस्था को जड़ता से बचाती है। | अर्थशास्त्र | 4,102 | null | 49 |
बोनस शेयर, राइट शेयर या लाभांश आदि घोषित करने के लिए कंपनी एक ऐसी तारीख की घोषणा करती है जिस तारीख से रजिस्टर बंद हो जाएंगे। इस घोषित तारीख तक कंपनी के रजिस्टर में अंकित प्रतिभूति धारक ही वास्तव में धारक माने जाते हैं। इस तारीख को ही रेकॉर्ड तारीख माना जाता है। | अर्थशास्त्र | 4,103 | null | 53 |
यदि किसी शेयर आवेदन पत्र पर शेयर आवंटन की कार्यवाही नहीं होती तो कंपनी को आवेदन पत्र के साथ संपूर्ण रकम वापस करनी होती है। रकम वापसी के लिए कंपनी जो प्रपत्र भेजती है उसे रिफंड ऑर्डर कहा जाता है। रिफंड ऑर्डर चेक, ड्राफ्ट या बैंकर चेक के रूप में होता है तथा जारीकर्ता बैंक की स्थानीय शाखा में सामान्यत: सममूल्य पर भुनाए जा... | अर्थशास्त्र | 4,104 | null | 65 |
विभाजन योग्य लाभों का वह हिस्सा जो शेयरधारकों के बीच वितरित किया जाता है, लाभांश कहा जाता है। यह करयुक्त और करमुक्त दोनों हो सकता है। यह शेयरधारकों की आय है। | अर्थशास्त्र | 4,105 | null | 31 |
कंपनी के एक शेयर पर दी जाने वाली लाभांश की राशि को यदि शेयर के अंकित मूल्य के साथ व्यक्त किया जाए तो इसे लाभांश दर कहा जाता है। इसे अमूमन फीसदी में व्यक्त किया जाता है। | अर्थशास्त्र | 4,106 | null | 37 |
जिन प्रतिभूतियों पर प्रतिफल के रूप में निवेशक को लाभांश मिलता है, उन्हें लाभांश वाली प्रतिभूतियां कहा जाता है। जैसे समता शेयर, पूर्वाधिकारी शेयर। | अर्थशास्त्र | 4,107 | null | 24 |
शून्य ब्याज ऋणपत्र (Zero Rated Deventure) इस श्रेणी के डिबेंचरों या बॉन्डों पर सीधे ब्याज नहीं दिया जाता, बल्कि इन्हें जारी करते वक्त कटौती मूल्य पर बेचा जाता है और परिपक्व होने पर पूर्ण मूल्य पर शोधित किया जाता है। जारी करने के लिए निर्धारित कटौती मूल्य के अंतर को ही ब्याज मान लिया जाता है। | अर्थशास्त्र | 4,108 | null | 56 |
असंगठित क्षेत्र के उद्यम (informal sector enterprises) : 10 से कम श्रमिकों की संख्या वाले निजी क्षेत्र के उद्योग। अदृश्य मदें (Invisible items) : पर्यटन, जहाजरानी, वायु परिवहन, बीमा बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, सरकारी अनुदान, ब्याज, लाभ एवं लाभांश आदि चालू खाते की मदें जो सामान्यत: वस्तु के रूप में दिखाई नहीं देती है। अनार... | अर्थशास्त्र | 4,109 | null | 6,014 |
सी.आर.आर.(नकद आरक्षण अनुपात) -- सी.आर.आर. वह धन है जो बैंकों को रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के पास गारंटी के रूप में रखना होता है। बैंक दर -- जिस दर पर रिज़र्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को उधार देता है बैंक दर कहलाती है। वैधानिक तरलता अनुपात (एस.एल.आर.) -- किसी आपात देनदारी को पूरा करने के लिए वाणिज्यिक बैंक अपने प्रतिदिन कारोब... | अर्थशास्त्र | 4,110 | null | 518 |
== बजट शब्दावली == बजट लेखा-जोखा : वित्त वर्ष के दौरान सरकार द्वारा विभिन्न करों से प्राप्त राजस्व और खर्च के आकलन को बजट लेखा-जोखा कहा जाता है। संशोधित लेखा-जोखा : बजट में किए गए आकलनों और मौजूदा आर्थिक परिस्थिति के मद्देनजर इनके वास्तविक आंकड़ों के बीच का अंतर संशोधित लेखा-जोखा कहलाता है। इसका जिक्र आने वाले बजट में ... | अर्थशास्त्र | 4,111 | null | 1,184 |
नीचे अर्थशास्त्र तथा इससे सम्बन्धित विषयों में प्रयुक्त शब्दावली दी गयी है- | अर्थशास्त्र | 4,112 | null | 12 |
== A == Absolute advantage – Adaptive expectations – Aggregate demand – Aggregate supply – Aggregation problem – Agent – कृषि अर्थशास्त्र (Agricultural economics) – Allocative efficiency – Antitrust law – अनुप्रयुक्त अर्थशास्त्र (Applied economics) – Appropriate technology – Arbitrage – Arrow's impossibility theorem – ... | अर्थशास्त्र | 4,113 | null | 73 |
== B == Backward induction – Balance of payments – व्यापार संतुलन (Balance of trade) – Balanced budget – बैंक – Barriers to entry – Barter – Behavioral economics – Bellman equation – Bequest motive – Bertrand-Edgeworth model – Black-Scholes model – Bond – Break-even point – Bretton Woods system – Budget deficit – Budge... | अर्थशास्त्र | 4,114 | null | 75 |
== C == Capacity utilization – Capital – Capital cost – Capital flight – Capital good – Central bank – Circular flow of income – Circulation – Competition law – Computational economics – Consumer choice – Consumer confidence – उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer price index) – Consumer surplus – Consumption – Consumption ... | अर्थशास्त्र | 4,115 | null | 97 |
== D == Deadweight loss – Deflation – Deflator – Demand deposit – Demand shock – Diminishing returns – Depression – Discretionary income – Disposable income – Dissaving – Distribution – Duopoly – Dynamic stochastic general equilibrium – | अर्थशास्त्र | 4,116 | null | 38 |
== E == अर्थमिति (Econometrics) – Economic efficiency – Economic equilibrium – आर्थिक विकास – Economic indicator – Economic model – Economic rent – Economic shortage – Economic surplus – अर्थ तंत्र (Economic system) – अर्थशास्त्र – Economies of scale – अर्थशास्त्री – अर्थव्यवस्त्था (Economy) – Effective demand – Elasti... | अर्थशास्त्र | 4,117 | null | 69 |
== F == Factors of production – Financial economics – Fiscal policy – Fixed cost – Frictional unemployment – Full employment – Functions of money – Future value – | अर्थशास्त्र | 4,118 | null | 29 |
== G == General equilibrium theory – General Theory of Employment, Interest and Money – वस्तु एवं सेवा (Goods and services) – Government spending – सकल घरेलू उत्पाद (Gross domestic product) – | अर्थशास्त्र | 4,119 | null | 32 |
== I == Implicit cost – Import quota – Imports – Income distribution – Indifference curve – Industrial organization – मुद्रास्फीति (Inflation) – Information economics – Interest – ब्याज दर – International economics – Intertemporal choice – निवेश (Investment) – IS–LM model – | अर्थशास्त्र | 4,120 | null | 43 |
== J == JEL classification codes – Job hunting – Joint product pricing – Just price – | अर्थशास्त्र | 4,121 | null | 17 |
== L == Labour economics – Law of demand – Law of increasing costs – | अर्थशास्त्र | 4,122 | null | 15 |
== M == Macroeconomics – Managerial economics – Marginal cost – Marginal product of labor – Marginal propensity to consume – Marginal revenue – Marginal value – Market – Market basket – Market economy – Market failure – Market structure – Market system – Microeconomics – Monetary economics – Monetary policy – Monetary ... | अर्थशास्त्र | 4,123 | null | 70 |
== N == Nash equilibrium – Natural monopoly – Natural resource economics – Non-convexity – | अर्थशास्त्र | 4,124 | null | 15 |
== O == Oligopoly – Oligopsony – Opportunity cost – | अर्थशास्त्र | 4,125 | null | 10 |
== P == Perfect competition – Preference – Price elasticity of demand – Price elasticity of supply – Price index – Price level – Prime rate – Producer surplus – Product differentiation – Production – Production set – लाभ – Public economics – लोक कल्याण (Public good) – Purchasing power parity – | अर्थशास्त्र | 4,126 | null | 52 |
== R == Rate of profit – Rational expectations – मंदी (Recession) – Regional science – Returns to scale – Risk aversion – | अर्थशास्त्र | 4,127 | null | 23 |
== S == बचत – अभाव (Scarcity) – Shortage – Social choice theory – Stagflation – Substitution effect – Structural unemployment – Sunk costs – आपूर्ति – माँग और आपूर्ति – Supply shock – | अर्थशास्त्र | 4,128 | null | 34 |
== T == कर दर (टैक्स रेट)– Theory of the firm – Thermoeconomics – Total cost – व्यापार – Transaction cost – Trough – | अर्थशास्त्र | 4,129 | null | 24 |
== V == Variable cost – Velocity of money – | अर्थशास्त्र | 4,130 | null | 10 |
== W == Wealth effect – Willingness to accept – Willingness to pay – | अर्थशास्त्र | 4,131 | null | 14 |
== इन्हें भी देखें == अर्थशास्त्र अर्थशास्त्र के प्रमुख सिद्धान्त समष्टि अर्थशास्त्र की शब्दावली | अर्थशास्त्र | 4,132 | null | 14 |
== बाहरी कड़ियाँ == अर्थव्यवस्था पारिभाषिक शब्दावली बैंकिंग शब्दावाली अर्थशास्त्र की पारिभाषिक शब्दावली अर्थव्यवस्था : शब्दावली (जागरण जोश) अर्थशास्त्र की शब्दावली | अर्थशास्त्र | 4,133 | null | 21 |
आर्थिक समस्या का कथन है कि किसी भी अर्थव्यवस्था के सीमित संसाधन मानव की सभी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकते। इसका मानना है कि मानव की आवश्यकताएँ असीमीत हैं, जबकि उनको पूरा करने के साधन कम होते हैं। 'आर्थिक समस्या' को ही 'मूलभूत आर्थिक समस्या' भी कहते हैं। इसके कारण तीन प्रश्न उठते हैं- | अर्थशास्त्र | 4,134 | null | 55 |
(१) क्या पैदा किया जाय? (२) कैसे पैदा किया जाय? (३) किसके लिए पैदा किया जाय? | अर्थशास्त्र | 4,135 | null | 16 |
वर्तमान अर्थनीतिक परिप्रेक्ष्य में आर्थिक साम्राज्यवाद (Economic imperialism) से आशय आर्थिक सिद्धान्तों को सामाजिक विज्ञान के अन्य सम्बन्धित क्षेत्रों में भी लागू करने का क्रमबद्ध प्रयत्न करना है। इस तरह के प्रयत्न के परिणामस्वरूप कई नई विधाओं (disciplines) का जन्म हुआ। | अर्थशास्त्र | 4,136 | null | 41 |
आर्थिक सुधार एक वृहद अर्थ वाला शब्द है। प्रायः इसका उपयोग अल्पतर सरकारी नियंत्रण, अल्पतर सरकारी निषेध, निजी कम्पनियों की अधिक भागीदारी, करों की अल्पतर दर आदि के सन्दर्भ में किया जाता है। उदारीकरण के पक्ष में मुख्य तर्क यह दिया जाता है कि इससे दक्षता आती है और हरेक को कुछ अधिक प्राप्त होता है। भारत में आर्थिक सुधारों की... | अर्थशास्त्र | 4,137 | null | 88 |
== इन्हें भी देखें == भारत का आर्थिक सुधार पूंजीवाद मुक्त बाजार वैश्वीकरण निजीकरण | अर्थशास्त्र | 4,138 | null | 14 |
इंजीनियरी अर्थशास्त्र (Engineering economics), अर्थशास्त्र का एक उपविषय है जिसमें इंजीनियरी निर्णय लेने के सम्बन्ध में आर्थिक सिद्धान्तों के उपयोग का अध्ययन किया जाता है। | अर्थशास्त्र | 4,139 | null | 25 |
""उत्पाद शुल्क"" या आबकारी एक अप्रत्यक्ष कर है जो भारत में विनिर्माण की जाने वाली उन वस्तुओं पर लगाया जाता है जो घरेलू खपत के लिए होती हैं। कर 'विनिर्माण' पर लगाया जाता है और जैसे ही वस्तुओं का विनिर्माण हो जाता है केन्द्रीय उत्पाद शुल्क देय हो जाता है। यह विनिर्माण पर लगाया गया कर है जो विनिर्माता द्वारा अदा क... | अर्थशास्त्र | 4,140 | null | 678 |
== परिभाषा == देश के अनुसार उत्पाद कर की परिभाषा बदलती रहती है जैसे: भारत में उत्पाद कर से आशय उस कर से है जो भारत में उत्पादित वस्तुओं पर लगाया जाता है। यू के में उत्पाद कर कुछ विशेष प्रकार के नशीले पदार्थो पर ,पर्यावरण कर ,जुआ ,हवाला तम्बाकू आदि इस श्रेणी में आते हैं।इनमें से अधिकांश उत्पाद ना होकर सेवाएं हैं जिन पर ... | अर्थशास्त्र | 4,141 | null | 85 |
उत्पादकता (Productivity) उत्पादन के दक्षता की औसत माप है।उत्पादन प्रक्रिया में आउटपुट और इनपुट के अनुपात को उत्पादकता कह सकते हैं। उत्पादकता का विचार सर्वप्रथम 1766 में प्रकृतिवाद के संस्थापक क्वेसने के लेख में सामने आया। बहुत समय तक इसका अर्थ अस्पष्ट रहा। सम्पूर्ण उत्पादकता वस्तुओं एवं सेवाओं के रूप में उत्पाद तथा सम्... | अर्थशास्त्र | 4,142 | null | 156 |
उत्पादकता = समस्त प्रकार का उत्पादन / समस्त प्रकार की लागत | अर्थशास्त्र | 4,143 | null | 11 |
== उत्पादकता एवं उत्पादन में अंतर == प्रायः ‘उत्पादकता‘ एवं ‘उत्पादन‘ शब्द को पर्यायवाची समझे जाने की भूल की जाती है। वास्तव में इन दोनों शब्दों में पर्याप्त अंतर है। ‘उत्पादकता‘ साधनों का कुल उत्पत्ति से अनुपात है। समस्त साधनों से प्राप्त होने वाला माल एवं सेवाएँ ‘उत्पादन‘ है। इसमें व्यय के पहलू पर ध्यान नहीं दिया जात... | अर्थशास्त्र | 4,144 | null | 131 |
== उत्पादकता को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारक == उत्पादकता को प्रभावित करने वाले कारक अत्यंत जटिल तथा अंतर्संबंधित है क्योंकि इन्हें किसी तार्किक एवं क्रमबद्ध क्रम में व्यवस्थित करना कठिन है। यह प्रमाणित करना कठिन है कि उत्पादन में वृद्धि अमुक कारक के परिणाम स्वरूप है अथवा अनेक कारकों के सम्मिलित प्रभाव के कारण है। अ... | अर्थशास्त्र | 4,145 | null | 88 |
== इन्हें भी देखें == उत्पादकता वृद्धि करने वाली प्रौद्योगिकियाँ | अर्थशास्त्र | 4,146 | null | 10 |
उद्योगों द्वारा किसी वस्तु तथा सेवा का निर्माण करना। जिससे मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है उसे उत्पाद कहते है। | अर्थशास्त्र | 4,147 | null | 22 |
== आधारभूत कारक == उत्पादन के लिए चार मूल आवश्यकताएँ होती हैं। | अर्थशास्त्र | 4,148 | null | 12 |
1- भूमि तथा अन्य प्राकृतिक संसाधन जैसे जल, वन, खनिज। 2- श्रम। 3- भौतिक पूँजी अर्थात उत्पादन के प्रत्एक स्तर पर आई लागत। 4 मानव पूँजी। | अर्थशास्त्र | 4,149 | null | 26 |
== इन्हें भी देखें == उत्पादकता उत्पादकता वृद्धि करने वाली प्रौद्योगिकियाँ श्रम | अर्थशास्त्र | 4,150 | null | 12 |
उत्पादन फलन (अंग्रेज़ी: Production function) अर्थशास्त्र में उपादानों (Inputs) एवं उत्पादनों (Outputs) के फलनात्मक सम्बन्ध (Functional Relationship) को दर्शाता है। उत्पादन फलन के द्वारा हमें यह पता चलता है कि समय की एक निश्चित अवधि में दिए गए उपादानों का प्रयोग करके हम कितना उत्पादन कर सकते हैं। उत्पादन फलन मुख्यधारा क... | अर्थशास्त्र | 4,151 | null | 184 |
उत्पादन फलन को हम गणितीय फलन के रूप में इस प्रकार दर्शाते हैं : | अर्थशास्त्र | 4,152 | null | 14 |
Q = f ( X 1 , X 2 , X 3 , … , X n ) {\displaystyle Q=f(X_{1},X_{2},X_{3},\dotsc ,X_{n})} | अर्थशास्त्र | 4,153 | null | 21 |
यहां पर Q {\displaystyle Q} उत्पादन की मात्रा है और | अर्थशास्त्र | 4,154 | null | 10 |
X 1 , X 2 , X 3 , … , X n {\displaystyle X_{1},X_{2},X_{3},\dotsc ,X_{n}} उपादान कारकों की मात्रा हैं (जैसे पूंजी, श्रम, भूमि या कच्चा माल). यदि X 1 = X 2 = . . . = X n = 0 {\displaystyle X_{1}=X_{2}=...=X_{n}=0} हुआ तो Q = 0 {\displaystyle Q=0} होगा क्योंकि बिना आगत के हम कुछ भी उत्पादन नहीं कर सकते। | अर्थशास्त्र | 4,155 | null | 64 |
== बाहरी कड़ियाँ == उत्पादन फलन का एक और विवरण Archived 2016-06-12 at the वेबैक मशीन 3डी में कॉब-डगलस टाइप उत्पादन फलन का एनाटॉमी 3डी में सीइएस टाइप उत्पादन फलन का एनाटॉमी | अर्थशास्त्र | 4,156 | null | 32 |
उदासीनता वक्र या तटस्थता वक्र (इनडिफरेन्स कर्व) किसी उपभोक्ता के व्यवहार को बताने वाला वक्र है जिस में किसी एक वक्र के किसी भी बिंदु पर उपभोक्ता को प्राप्त होने वाली उपभोग सामग्री से समान संतुष्टि प्राप्त होती है। Sachin या, "उदासीन वक्र उसे कहते हैं, जिसके सभी बिंदुओं पर समान संतुष्टि मिले। उदासीन वक्र मुख्यतः दो वस्त... | अर्थशास्त्र | 4,157 | null | 138 |
उदासीनता वक्र की परिभाषाएँ (१) यह वस्तुओं की मात्राओं के उन संयोगों का बिन्दु है जिसके बीच व्यक्ति तटस्थ यानी उदासीन रहता है, इसलिए इन्हें तटस्थ वक्र कहते हैं। (पी.के.साहू) (२) समान अनुराग दिखाने वाली वक्र रेखाएं तटस्थ वक्र कहलाती हैं, क्योंकि वे वस्तुओं के एेसे संयोगों को व्यक्त करती हैं, जो एक दूसरे से न तो अच्छे होत... | अर्थशास्त्र | 4,158 | null | 129 |
१० बेर और १ अमरूद ८ बेर और २ अमरूद ५ बेर और ३ अमरूद ३ बेर और ४ अमरूद अतः यदि एक वक्र खींचा जाय जो इन चारों बिन्दुओं से होकर गुजरे, तो वह मोहन के लिए एक तटस्थता वक्र होगा। | अर्थशास्त्र | 4,159 | null | 42 |
== इतिहास == तटस्थता वक्र विश्लेषण का प्रारंभ 1871 में अंग्रेज अर्थशास्त्री एजवर्थ ने किया था। 1906 में इतालवी अर्थशास्त्री पैरेटो ने एजवर्थ की रीति को अपनाया। 1915 में रूसी अर्थशास्त्री स्लूटस्की ने पैरेटो की इस विधि की व्याख्या की थी, लेकिन रूसी भाषा में होने के कारण और प्रथम विश्वयुद्ध की उथल-पुथल के कारण उस व्याख्य... | अर्थशास्त्र | 4,160 | null | 105 |
हिक्स की धारणा हिक्स के अनुसार सीमान्त उपयोगिता का कोई निश्चित अर्थ नहीं है। प्रो. हिक्स ने लिखा है कि उपयोगिता ह्रास नियम के स्थान पर प्रतिस्थापन की घटती सीमान्त दर का सिद्धान्त प्रयोग करना केवल भाषान्तर नहीं, वरन यह इस सिद्धान्त की नींव में एक ठोस परिवर्तन है। | अर्थशास्त्र | 4,161 | null | 49 |
किसी विशेष क्षेत्र में भारी मात्रा में सामान का निर्माण/उत्पादन या वृहद रूप से सेवा प्रदान करने के मानवीय कर्म को उद्योग (industry) कहते हैं। उद्योगों के कारण गुणवत्ता वाले उत्पाद सस्ते दामों पर प्राप्त होते हैं जिससे लोगों का रहन-सहन के स्तर में सुधार होता है और जीवन सुविधाजनक होता चला जाता है। औद्योगिक क्रांति के परि... | अर्थशास्त्र | 4,162 | null | 185 |
== वर्गीकरण == औद्योगिक आर्थिक क्रियाकलापों को मुख्यतः चार वर्गों में बांटा जा सकता है: | अर्थशास्त्र | 4,163 | null | 15 |
प्राथमिक क्षेत्र (प्राइमरी सेक्टर) इसमें मुख्यतः कच्चे माल के निष्कर्षण (extraction) से सम्बन्धित क्रियाकलाप आते हैं। जैसे - खनन (माइनिंग), कृषि आदि | अर्थशास्त्र | 4,164 | null | 22 |
द्वितियक क्षेत्र (सेकेन्डरी सेक्टर) इसमें तेल-शोषक कारखाने, निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) से जुड़े उद्योग आदि आते हैं | अर्थशास्त्र | 4,165 | null | 15 |
तृतियक क्षेत्र (टर्शियरी सेक्टर) इसमें सेवायें जैसे कानून, बैंक, स्वास्थ्य एवं उत्पादों के वितरण से सम्बन्धित उद्योग आते हैं। | अर्थशास्त्र | 4,166 | null | 19 |
चतुर्थक क्षेत्र यह अपेक्षाकृत नवीन क्षेत्र है। इसमें ज्ञान आधारित उद्योग आते हैं। जैसे अनुसंधान, डिजाइअन एवं विकास (R&D); कम्प्यूटर प्रोग्रामन, जैवरसायन आदि आते हैं। इनके अतिरिक्त एक पांचवा क्षेत्र का अस्तित्व भी माना जाता है जो बिना लाभ के कार्य करने का क्षेत्र है। | अर्थशास्त्र | 4,167 | null | 45 |
== उद्योगों के प्रकार == कुटीर उद्योग सरकारी क्षेत्र के उद्योग फुटलूज उद्योग पर्यटन उद्योग फिल्म उद्योग लघु उद्योग वर्तमान समय के प्रमुख उद्योग हैं- | अर्थशास्त्र | 4,168 | null | 25 |
खनन उद्योग / भारी उद्योग धातु उद्योग लोहा एवं इस्पात उद्योग हार्डवेयर उद्योग मशीनरी उद्योग वाहन उद्योग / ॲटोमोबाईल स्पेअर सप्लाई उद्योग होलसेल ॲटोमोबाईल कार ॲटोमोबाइल रिसायकलींग उद्योग वायु एवं अंतरिक्ष उद्योग जलयान निर्माण उद्योग विद्युत उद्योग कार्यालय मशीन उद्योग रेडियो एवं टेलीविजन उपकरण उद्योग प्रकाशिकी, घड़ी उद्य... | अर्थशास्त्र | 4,169 | null | 88 |
== उद्योगों के आधार == खेती पर आधारित पशुओं पर आधारित वनो पर आधारित तकनीक पर आधारित | अर्थशास्त्र | 4,170 | null | 17 |
== उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं == मजदूर उचित जलवायु पूजीं शक्ति के साधन बाजार की निकटता कच्चेमाल की निकटता परिवहन सरकारी सहायता | अर्थशास्त्र | 4,171 | null | 23 |
=== लोहा इस्पात उद्योग === विश्व का कुल धातु उत्पादन का 90% से अधिक लौह होता है। विश्व के प्रमुख उत्पादक देश- अमेरिका, चीन, जापान, रूसिया, उक्रेन, जर्मनी, इटली, भारत, ब्राजील और साउथ कोरिया प्रमुख है। 70% उत्पादन विश्व के 10 देश मिलकर करते हैं। | अर्थशास्त्र | 4,172 | null | 45 |
==== यूएसए ==== यहां पूर्वी भाग में उद्योग का संकेन्द्रण है। क्योंकि अप्लेशियन से कोयला, सुपिरियर झील के दक्षिण से लौह अयस्क प्राप्त हो जाता है। यहाँ परिवहन के साधन का विकास और बाजार की उपलब्धता है। | अर्थशास्त्र | 4,173 | null | 37 |
प्रमुख क्षेत्र 1. पिट्सवर्ग क्षेत्र- इसे विश्व का इस्पात नगरी कहते हैं। यह प्रारम्भ में विश्व का सर्वप्रमुख उत्पादक क्षेत्र था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद महत्त्व कम होने लगा और इस्पात उद्योग दक्षिण और पश्चिमी की ओर खिसकने लगा। वर्तमान में शिकागो-गैरी क्षेत्र सर्वप्रथम उत्पादक है। 2. शिकागो-गैरी क्षेत्र - यह यूएसए का स... | अर्थशास्त्र | 4,174 | null | 146 |
==== कनाडा ==== यहाँ लोहा इस्पात उद्योग के प्रमुख क्षेत्र निम्न हैं 1. हेमिल्टन क्षेत्र- पश्चिम ओंटेरियो झील पर स्थित इसे कनाडा का बर्मिंघम कहते हैं। 2. साल्ट सेंट मेरी क्षेत्र- सुपीरियर झील, हरन झील के संगम पर स्थिता 3. नोवास्कोशिया क्षेत्र- सिडनी क्षेत्र। | अर्थशास्त्र | 4,175 | null | 44 |
==== रूस एवं यूक्रेन ==== यहां निम्न क्षेत्र प्रमुख है यूक्रेन क्षेत्र- यूक्रेन क्षेत्र को उक्राइन या डोनबास क्षेत्र कहते हैं। यहां सर्वाधिक कारखाने डोनेट्ज कोयला क्षेत्र पर अवस्थित है। यह पूर्व सोवियत संघ का रूर कहलाता है। प्रमुख केंद्र क्रिवायरग, निकोपाल, कर्च है। यूराल क्षेत्र- यह CIS का वृहत्तम उत्पादक क्षेत्र है। ... | अर्थशास्त्र | 4,176 | null | 126 |
==== जर्मनी ==== यहाँ रूर क्षेत्र में 80% इस्पात का उत्पादन होता है। इसे राइन-वेस्टफेलिया क्षेत्र भी कहते हैं। दूसरा प्रमुख क्षेत्र सार प्रदेश है। | अर्थशास्त्र | 4,177 | null | 25 |
==== इटली ==== यहां समुद्र तटीय क्षेत्रों में आयात पर आधारित उद्योग का विकास हुआ है। | अर्थशास्त्र | 4,178 | null | 16 |
==== फ्रांस ==== फ्रांस में लारेन क्षेत्र में यहां का 70% उत्पादन होता है। | अर्थशास्त्र | 4,179 | null | 14 |
==== यूनाइटेड किंगडम ==== दक्षिण वेल्स प्रदेश ब्रिटेन का वृहत्तम उत्पादक क्षेत्र है। इसके अतिरिक्त उत्तरी-पूर्व तटीय प्रदेश, शैफील्ड प्रदेश, मिडलैण्ड या बर्मिघम क्षेत्र प्रमुख है। ब्रिटेन का 65% मिश्र उत्पादन शैफील्ड में तैयार होता है। शैफिल्ड में यह उद्योग भौगोलिक जड़त्व का उदाहरण है। | अर्थशास्त्र | 4,180 | null | 45 |
==== स्वीडेन ==== यहाँ इस्पात उद्योग छोटे पैमाने पर परन्तु उच्च कोटि का इस्पात तैयार होता है। यहां सर्जिकल इस्पात तैयार की जाती है। यहां के सर्जिकल इस्पात का काफी मांग है। स्वीडन के इस्पात केन्द्र किरूना, गैलिबिरा की खान पर आधारित नहीं है। बल्कि बसलागेन की खान पर आधारित है। | अर्थशास्त्र | 4,181 | null | 51 |
==== स्पेन ==== स्पेन का मुख्य केन्द्र बिल्बाओ है। यहां स्थानीय लोहा मिलता है। | अर्थशास्त्र | 4,182 | null | 14 |
==== जापान ==== जापान लोहा और कोयला दोनों या आयात होता है। अतः आयातित कच्चा माल पर यहां लोहा-इस्पात उद्योग का विकास हुआ है। यहां कोकीन कोयला, यूएसए, कनाडा, आस्ट्रेलिया से आयात होता है। लोहा- भारत, मलेशिया से आयात होता है। स्क्रप आयरन U.S.A. से आयात होता है। | अर्थशास्त्र | 4,183 | null | 48 |
जापान के प्रमुख क्षेत्र 1. याबाता- तोबाता क्षेत्र यह उत्तरी क्यूशू में स्थित है। जापान का 70% उत्पादन यहां होता है। यहां प्रमुख केंद्र याबात, तोबाता, मोजी एवं नागासाकी है। 2. कोबे- ओसाका क्षेत्र, दक्षिण होन्शु के पूर्वी तट पर लोहा इस्पात उद्योग का संकेन्द्रण है। कोबे, ओसाका, बाकायामा प्रमुख केन्द्र है। 3. टोक्यो- याकोह... | अर्थशास्त्र | 4,184 | null | 76 |
==== चीन ==== 1. मंचुरिया क्षेत्र यह चीन का प्रमुख क्षेत्र है। यहां दक्षिण मंचुरिया में मुख्यतः उत्पादन होता है। यहाँ चीन का सर्वाधिक उत्पादन होता है। 2. यहां प्रमुख केन्द्र- अंशान, फशून, पेंचिहु, मुक्डेन है। 3. मध्य चीन में- शंघाई, बुहान प्रमुख केंद्र है। 4. उत्तरी चीन में- शांतुंग, होपे प्रमुख केंद्र है। | अर्थशास्त्र | 4,185 | null | 54 |
==== आस्ट्रेलिया ==== उत्तर में न्यू कैलश प्रमुख हैं। यहां हंटर घाटी से कोक कोयला मिलता है। | अर्थशास्त्र | 4,186 | null | 17 |
==== ब्राजील ==== मिनास-गिरास राज्य में छोटे-होटे कारखाने हैं, जिसमें रियो-दे-जेनरो, साओपालो, वौल्टारडेन्डा प्रमुख उत्पादक है। | अर्थशास्त्र | 4,187 | null | 16 |
==== दक्षिण अफ्रीका ==== यहाँ नेटाल एवं प्रिटोरिया प्रमुख केंद्र है। | अर्थशास्त्र | 4,188 | null | 11 |
==== सूती वस्त्र उद्योग ==== प्रमुख उत्पादक- चीन, भारत और यूएसए हैं। चीन- यहां का 50% उत्पादन यांगटसी बेसिन में होता है। सबसे बड़ा केंद्र शंघाई है, इसे चीन का मेनचेस्टर कहते हैं। चीन के दक्षिण में सिक्यांग के मुहाने पर कैटन प्रमुख केन्द्र है। बुहान, नानकिंग अन्य महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यूएसए - यहाँ पूर्वी भाग में अप्लेश... | अर्थशास्त्र | 4,189 | null | 173 |
रुस - मॉस्को, इवानोवा क्षेत्र सर्वप्रमुख है। इवानोवो को पूर्व सोवियत संघ का मेनचेस्टर कहते हैं। जापान- यहां किनकी प्रदेश प्रमुख उत्पादक है। ओसाका प्रमुख केंद्र है। इसे जापान का मेनेचेस्टर कहते हैं। ओसाका प्रमुख केंद्र है। ब्रिटेन- सूती वस्त्र में कारखाना प्रणाली का विकास यहीं हुआ था। 18वीं से 20वीं सदी के प्रारम्भ तक य... | अर्थशास्त्र | 4,190 | null | 141 |
==== ऊनी वस्त्र ==== ऊनी वस्त्र केन्द्रीकृत उद्योग है और विश्व के सीमित क्षेत्र में ही विकास हुआ है। विश्व में प्रमुख उत्पादक U.S.A., CIS, U.K. है। दक्षिणी गोलार्द्ध के देश बड़े ऊन उत्पादक हैं। लेकिन यहां विश्व का केवल 5% ऊनी वस्त्र बनता है। उत्तरी गोलार्द्ध में शेष 95% ऊनी वस्त्र का उत्पादन होता है। यूएसए - यहाँ न्यू ... | अर्थशास्त्र | 4,191 | null | 116 |
==== रेशमी वस्त्र ==== चीन, जापान, क्यूबा एवं भारत प्रमुख उत्पादक है। चीन में रेशमी वस्त्र घरेलू उद्योग के रुप में विकसित हुआ है। यहां सिक्यांग एवं यांगटिसिक्यांग की घाटी में विकास हुआ है। यहां शंघाई प्रमुख केंद्र है। जापान में यह उद्योग क्वेटा क्षेत्र में विकसित हुआ है। मुख्य केन्द्र नागोया, ओकाया है। यूएसए में पैटर्स... | अर्थशास्त्र | 4,192 | null | 105 |
==== पेट्रोलियम शोधन उद्योग ==== पेट्रोलियम उद्योग के विकास पर कच्चे तेल एवं बाजार का मुख्य प्रभाव है। विश्व में 50 से अधिक देशों में तेलशोधन कारखाने हैं। कारखानों की संख्या के अनुसार- U.S.A., कैरीबियन प्रदेश, पश्चिमी यूरोप, CIS, पश्चिम एशिया प्रमुख है। U.S.A. में खाड़ी तटीय क्षेत्र में तथा वृहद झील प्रदेश में सर्वाधिक... | अर्थशास्त्र | 4,193 | null | 144 |
== भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र == भिलाई बोकारो फ़रीदाबाद वाराणसी मोदीनगर शिवकाशी रामपुर फिरोजाबाद जमशेदपुर अलीगढ़ लुधियाना सांगली | अर्थशास्त्र | 4,194 | null | 19 |
== उद्योग स्थापना की सिद्धान्त == वेबर का सिद्धान्त (आइसोडापेन) ग्रोथ पोल का सिद्धान्त क्लार्क का सेक्टर मॉडल | अर्थशास्त्र | 4,195 | null | 18 |
== उद्योग शब्दावली == 1. कृषि पर आधारित उद्योग : जो उद्योग कृषि उत्पादों को औद्योगिक उत्पादों में परिवर्तित करता है 2. आधारभूत उद्योग : ये भारी उद्योग हैं जो अन्य उद्योगों के लिए आधारभूत हैं। जैसे-लोहा तथा इस्पात उद्योग। 3. सहकारी उद्योग : ये उद्योग लोगों के समूह द्वारा व्यवस्थित किए जाते हैं जो कि कच्चे माल के उत्पादक... | अर्थशास्त्र | 4,196 | null | 347 |
== इन्हें भी देखें == अनौद्योगीकरण (Deindustrialization) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत) | अर्थशास्त्र | 4,197 | null | 24 |
== बाहरी कड़ियाँ == SME toolkit India - अपना उद्योग स्थापित करने एवं उसे चलाने से सम्बन्धित सम्पूर्ण जानकारी (हिन्दी में) लघु उद्योग निर्देशिका (गूगल पुस्तक ; लेखक - अवधेश चतुर्वेदी) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग आयुक्त (भारत सरकार) राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (भारत) औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (भारत) | अर्थशास्त्र | 4,198 | null | 50 |
ऊर्जा अर्थशास्त्र (Energy economics) एक विस्तृत वैज्ञानिक क्षेत्र है जिसमें समाज में ऊर्जा की आपूर्ति व उपयोग से संबंधित विषयों का उध्ययन किया जाता है। | अर्थशास्त्र | 4,199 | null | 25 |
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