text
stringlengths
19
64.8k
category
stringclasses
89 values
row_number
int64
0
183k
title
stringclasses
0 values
token_count
int64
10
10.2k
== सार्वजनिक वित्त का महत्व == सार्वजनिक वित्त, विकसित एवं विकासशील देशों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार अनेक गतिविधियां संपन्न करती है, इसलिए वर्तमान समय में, सार्वजनिक वित्त ने बहुत महत्व अर्जित कर लिया है।
अर्थशास्त्र
4,700
null
36
अर्थशास्त्र के सन्दर्भ में, लोच (elasticity) शब्द का उपयोग किसी आर्थिक चर को बदलने पर किसी दूसरे चर में हुए परिवर्तन की मात्रा बताने के लिये किया जाता है। यदि एक चर के परिवर्तन से दूसरा चर अधिक परिवर्तित होता है तो कहते हैं कि लोच अधिक है। उदाहरण के लिये, यदि किसी उत्पाद के मूल्य में कमी की जाय तो उसकी बिक्री कितनी बढ़...
अर्थशास्त्र
4,701
null
150
== माँग की लोच == किसी वस्तु की कीमत में होने वाले परिवर्तन के फलस्वरूप उस वस्तु की माँगी गई मात्रा में होने वाले परिवर्तन की माप को ही माँग की लोच कहा जाता है। अर्थशास्त्र में माँग का नियम एक महत्त्वपूर्ण नियम है जो किसी वस्तु की कीमत में होने वाले परिवर्तन के परिणामस्वरूप उस वस्तु की माँग में होने वाले परिवर्तन की दि...
अर्थशास्त्र
4,702
null
107
परन्तु नियम यह बताने में असमर्थ है माँग में कितना परिवर्तन होगा।
अर्थशास्त्र
4,703
null
12
किसी वस्तु की कीमत में होने वाले परिवर्तन के परिणामस्वरूप माँग में होने वाले आनुपातिक परिवर्तन की जानकारी जिस धारणा से होती है उसे माँग की लोच (Elasticity of demand) कहा जाता है। अतः यह कहना उचित होगा कि माँग की लोच एक परिमाणात्मक कथन (क्वाण्टिटेटिव स्टेटमेण्ट) है।
अर्थशास्त्र
4,704
null
48
=== अर्थ एवं परिभाषा === किसी वस्तु की कीमत में होने वाले परिवर्तन के फलस्वरूप उस वस्तु की माँगी गई मात्रा में होने वाले परिवर्तन की माप को ही माँग की लोच कहा जाता है आधुनिक अर्थशास्त्री बोल्डिंग एवं श्रीमती जॉन रोबिन्सन ने माँग की मूल्य लोच को गणितीय में प्रकट किया है। श्रीमती जॉन रोबिन्सन के अनुसार, माँग की लोच किसी ...
अर्थशास्त्र
4,705
null
102
माँग की लोच = माँग की मात्रा में आनुपातिक परिवर्तन / मूल्य में आनुपातिक परितर्वन
अर्थशास्त्र
4,706
null
15
E d = Δ Q d / Q d Δ P / P {\displaystyle E_{d}={\frac {\Delta Q_{d}/Q_{d}}{\Delta P/P}}}
अर्थशास्त्र
4,707
null
18
जहाँ E d {\displaystyle E_{d}} लोच, Q d {\displaystyle Q_{d}} माँग की मात्रा, तथा P {\displaystyle P} मूल्य है। अतः यह कहना उचित होगा कि 'माँग का मूल्य लोच' किसी वस्तु के मूल्य में परिवर्तन के फलस्वरूप उसकी माँगी गई मात्रा में परिवर्तन की दर होती है।
अर्थशास्त्र
4,708
null
47
उदाहरण एक साबुन का मूल्य पहले १० रूपये था और इसकी बिक्री १ लाख प्रतिदिन थी। जब इसका मूल्य बढ़ाकर ११ रूपये कर दिया गया तब इसकी बिक्री घटकर ९५ हजार प्रतिदिन हो गयी। तो,
अर्थशास्त्र
4,709
null
35
मांग की लोच = { ( १ लाख - ९५ हजार ) / (१ लाख) } / { (११ रूपये - १० रूपये) / १० रूपये} = (५ हजार / १ लाख ) / ( १ / १०) = ( ५००० x १० ) / १००००० = ०.५ अतः इस साबुन के मांग की लोच ०.५ या ५० प्रतिशत है।
अर्थशास्त्र
4,710
null
60
जब किसी एक वस्तु के बदले दूसरी वस्तु का लेना या देना होता है वह वस्तु विनिमय (Bartering) कहलाते हैं। जैसे एक गाय लेकर 10 बकरियाँ देना। इस पद्धति में विनिमय की सार्वजनिक (सर्वमान्य) इकाई अर्थात मुद्रा (रूपये-पैसे) का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। मुद्रा के प्रादुर्भाव के पहले सारा लेन-देन (विनिमय) वस्तु-विनिमय के रूप में ...
अर्थशास्त्र
4,711
null
103
सरकार को प्राप्त कुल राजस्व और कुल व्यय के बीच का अंतर वित्तीय घाटा कहलाता है।
अर्थशास्त्र
4,712
null
16
जब कोइ विदेशी कम्पनी भारत की किसी कम्पनी मे पूंजी निवेश करती है तो उसे विदेशी पूंजी निवेश कहा जाता है। वेदेशी पूंजी निवेश दो पप्र्कर का होता है -
अर्थशास्त्र
4,713
null
30
फौरेन डाइरेक्ट इंवेस्ट्मेंट फौरेन इंस्टिट्यूश्नल इंवेस्ट्मेंट पिछ्ले वर्शो मे भारत मे विदेशी पूंजी निवेश मे काफी बढोत्तरी हुई है।
अर्थशास्त्र
4,714
null
19
विधि एवं अर्थशास्त्र या विधि के अर्थशास्त्रीय विश्लेषण (economic analysis of law) के अन्तर्गत आर्थिक सिद्धान्तों का उपयोग करते हुए विधि का विश्लेषण किया जाता है और देखा जाता है कि कौन से कानून आर्थिक रूप से अधिक प्रभावी (दक्ष) हैं और कौन नहीं। विधि के अर्थशास्त्रीय विश्लेषण का आरम्भ शिकागो स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स के विद्वान...
अर्थशास्त्र
4,715
null
132
विनिमय का अर्थ है किसी वस्तु के बदले किसी दूसरी वस्तु का आदान-प्रदान करना। जब हम किसी वस्तु के बदले दूसरी वस्तु देते या प्राप्त करते हैं तो वह विनिमय कार्य कहलाता हैं। विनिमय को दो वर्गों में विभाजित किया गया हैं।
अर्थशास्त्र
4,716
null
42
क्रय विनिमय- जब हम कोई वस्तु खरीदते हैं तो उसके बदले में जो भी मूल्य देते हैं, क्रय विनिमय कहलाता है। विक्रय विनिमय - जब हम कोई वस्तु बेचते हैं और इसके बदले मे जो मूल्य प्राप्त करते हैं, विक्रय विनिमय कहलाता है। प्राचीन काल में व्यावस्था विधमान थी विनिमय अर्थशास्त्र विषय की विषय सामग्री है।
अर्थशास्त्र
4,717
null
56
== विनिमय के प्रकार == मौद्रिक दृष्टि से विनिमय के दो प्रकार हो सकते हैं :-
अर्थशास्त्र
4,718
null
16
वस्तु विनिमय - जब हम किसी वस्तु के बदले दूसरी वस्तु प्राप्त करते या देते हैं, वस्तु विनिमय कहलाता है। जैसे : दो बोरी गेहूं के बदले एक गाय प्राप्त करना, आदि। मुद्रा विनिमय - जब हम किसी वस्तु के बदले मुद्रा प्राप्त करते हैं या देते हैं, मुद्रा विनिमय कहलाता है। जैसे : १०० किलो गेहूं के बदले १००० रूपए प्राप्त करना, आदि।
अर्थशास्त्र
4,719
null
64
सरकार द्वारा संचित निधि से रकम निकासी को मंजूरी दिलाने के लिए संसद में प्रस्तुत विधेयक विनियोग विधेयक कहलाता है।इसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 114 में है। संविधान के अनुच्छेद 266 (1) में भारत की संचित निधि गठित करने का प्रावधान है। भारत सरकार की संपूर्ण आय संचित निधि में जमा होता है और संपूर्ण व्यय भी संचित निधि से ...
अर्थशास्त्र
4,720
null
76
विनियोग को राज्यसभा केवल 14 दिनों तक रोक सकता है वित्त विधेयक केवल राष्ट्रपति की सिफारिश पर ही प्रस्तुत किया जाता है। विनियोग विधेयक के लागू होने तक सरकार भारत की संचित निधि से कोई धन आहरित नहीं कर सकती है।
अर्थशास्त्र
4,721
null
41
विनिवेश (Disinvestment) से आशय किसी देश की सरकार, किसी उद्योग, या किसी कम्पनी का योजनाबद्ध रूप से आर्थिक बहिष्कार करने से है ताकि उसे अपनी नीतियों को बदलने के लिए विवश किया जा सके। किसी सरकार में विनिवेश करने का उद्देश्य उस सरकार को बदलकर नयी सरकार लाना भी हो सकता है। विनिवेश (डिस-इन्वेस्टमेन्ट) शब्द का उपयोग सबसे पहले...
अर्थशास्त्र
4,722
null
131
== सन्दर्भ == सरकार की संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति या कंपनी को बेचना
अर्थशास्त्र
4,723
null
14
== इन्हें भी देखें == निजीकरण बीडीएस संगठन द्वारा इज़राइल का बहिष्कार
अर्थशास्त्र
4,724
null
12
= विभिन्न उद्योगों का भारत मे विकास = 1990 के बाद से भारत मे काफी सारे उद्योगों का तेज़ी से विकास हुआ है। ज़्यादातर लोगों के नज़रिये से 1990 से अबक किये गये आर्थिक सुधार। आर्थिक सुधारों ने ही भारत को दुनिया में एक सशक्त आर्थिक देश का दर्ज़ा दिलाया। विभिन्न उद्योगों का भारत मे विकास अभूत्पूर्व है।
अर्थशास्त्र
4,725
null
58
== सॉफ्ट्वेयर == सॉफ्ट्वेयर के क्शेत्र मे भारत मे '70 के दशक से विकास शुरू हुआ। ये वोह समय था जब इंफोसिस, विप्रो, सत्यम, आदि भारतीय कम्पनियों की स्थापना हुई। '80 के दशक मे भारत के तत्कालीन प्रधान्मंत्री श्री राजीव गान्धी ने भारत मे कम्प्यूटर के प्रयोग को पहली बार सरकारी रूप से प्रोत्साहन दिया। हालाकि उस समय सॉफ्ट्वेयर ...
अर्थशास्त्र
4,726
null
237
== बीपीओ == सॉफ्ट्वेयर के बाद अगला उद्योग जिसने भारत के मध्यम वर्गीय युवा वर्ग को पह्चान दिलायी। इस उद्योग की शुरुआत '90 के दशक मे हुई।
अर्थशास्त्र
4,727
null
27
== बैंकिंग == पहले भारत मे सिर्फ सर्कारी बैंक होते थे। स्टेट बैंक और उसकी दूसरी बैंकों का वर्चस्व होता था। ये बैंक काफी इनैफिशियैंट होते थे। इन्मे बाबूगीरी और लाल फीताशाही क बोल्बाला था। नयी तक्नीकों से, जैसे कम्प्यूटर, एटीएम, इंटर्नेट, से इनका कोइ वास्ता नहीं था। उस समय बैंक उपभोगताओं का खाता खोल के उनपे एह्सान करते थ...
अर्थशास्त्र
4,728
null
312
== रीटेल == रीटेल उद्योग को '00 के दशक से बढावा मिल्ना शुरू हुआ। अभी ये उद्योग प्रारम्भिक अवस्था मे है। पर यहाँ तरक्की के निशान पूत के पाँव पालने मे ही दिख रहे है। इस उद्योग ने 2004-2006 के दौरान हज़ारों लोगो के लिये रोज़्गार के द्वार खोल दिये हैं। बडे शहरों मे ऑलरेडी कयी मॉल खुल चुके है। फूड्वर्ल्ड, मंडे टु संडे, बिग ...
अर्थशास्त्र
4,729
null
144
== विमानन == 90 के शुरुआती वर्शो तक इस उद्योग मे सरकारी कम्पनियों - इंडियन एयर्लाइंस और एयर इंडिया का एकाधिकार था। फिर मैदान मे आये सहारा और जैट। सरकारी एकाधिकार टूटा और भारत मे पह्ली बार इस उद्योग मे कोइ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। ये वोह समय था जब कि विमान मे उडान भरना रहीसी का प्रतीक और मध्यम वर्ग का सपना था। '00 के...
अर्थशास्त्र
4,730
null
191
अर्थशास्त्र की दृष्टि से विलासिता की वस्तुएँ उन वस्तुओं को कहा जात है जिनकी माँग आय के साथ बढ़ती है। यह माँग अत्यावश्यक वस्तुओं के बिल्कुल ही विपरीत है।
अर्थशास्त्र
4,731
null
29
== उदाहरण == सेलफ़ोन आधुनिक युग में एक आवश्यक वस्तु मान लिया गया है। परन्तु स्मार्ट फ़ोन और उनमें कई असाधारण रूप से विकसित क्षमताओं वाले फ़ोन विलासिता की वस्तुओं की श्रेणी में आती हैं। किसी यात्रा के दौरान साधारण होटल में ठहरना एक आवश्यकता को पूरी करता है। परन्तु कई विशेषता सुविधाओं वाली पाँच सितारा होटल का चयन विलासित...
अर्थशास्त्र
4,732
null
63
वृहदुत्पादन, जिसे प्रवाह उत्पादन या निरन्तर उत्पादन के रूप में भी जाना जाता है, निरन्तर प्रवाह में मानकीकृत उत्पादों की पर्याप्त मात्रा का उत्पादन होता है, जिसमें विशेष रूप से असेम्बली लाइन शामिल हैं। रोजगार उत्पादन और बैच इत्पादन के साथ, यह तीन मुख्य उत्पादन विधियों में से एक है। कुछ वृहदुत्पादन तकनीकें, जैसे मानकीकृत...
अर्थशास्त्र
4,733
null
93
== वृहद उत्पादन की विशेषताएँ == वस्तुएँ भारी मात्रा में या भारी संख्या में उत्पन्न की जाती हैं। प्रति इकाई वस्तु का मूल्य कम होता है। अधिक मात्रा में पूँजी (संयंत्र तथा मशीन) की आवश्यकता होती है। कार्य करने वाले अत्यन्त संगठिक रूप में कार्य करते हैं (प्रायः असेम्बली लाइन के रूप में) श्रम का विभाजन
अर्थशास्त्र
4,734
null
56
== बाहरी कड़ियाँ == कारखाना कारखानों में उत्पादन का इतिहास प्रबन्धन
अर्थशास्त्र
4,735
null
11
वेबलेन वस्तु (अंग्रेज़ी: Veblen good) से आशय उन सामग्रियों से है जिनके लिए उपभोक्ताओं की पसंद या नापसंद उस वस्तु विशेष की कीमत में बढ़ोत्तरी या गिरावट से तय होता हो। अर्थशास्त्र की माँग आपूर्ति नियम की शृंखला में वेबलेन प्रभाव उस दशा को दर्शाता है जब उपभोक्ता द्वारा किसी वस्तु की कीमत गिरने को उसकी सामाजिक स्थिति (वैभव...
अर्थशास्त्र
4,736
null
97
== औचित्य == कुछ वस्तुएँ जैसै कि लग्जरी कारें, डिजायनर कपड़े या उत्पाद, वेबलेन वस्तुओं की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में इन उत्पादों की कीमत में कमी कर देने से उपभोक्ताओं के मन में इन वस्तुओं के प्रति रूचि और उनके वैभव प्रतीक में भी गिरावट के रूप में देखा जाने लगता है। चूंकि वैभव विलास से जुड़ी वस्तुओं के मूल्य ही बहुधा उ...
अर्थशास्त्र
4,737
null
89
== संबंधित अवधारणाएँ == स्नॉब प्रभाव : जब उपभोक्ता किसी वस्तु को केवल इसलिए वरीयता देता है कि वह वस्तु अत्यधिक महँगी या दुर्लभ है तथा जिससे उस उपभोक्ता के वैभव प्रतीक (स्टेटस सिंबल) में इजाफा होता है तो इस स्थिति को स्नॉब प्रभाव माना जाता है। उपभोक्ता माँग से संबंधित इस अवस्था में उपभोक्ता द्वारा चुकाया गया मूल्य वस्तु...
अर्थशास्त्र
4,738
null
151
== बाहरी कड़ियाँ == https://web.archive.org/web/20131029030934/http://www0.gsb.columbia.edu/faculty/lhodrick/veblen%20effects.pdf Veblen effects in a theory of conspicuous consumption ; Bagwell, Laurie Simon; Bernheim, B Douglas The American Economic Review; Jun 1996; 86, 3; ABI/INFORM Global pg. 349- 373, अभिगमन तिथि ...
अर्थशास्त्र
4,739
null
39
वैकासिक अर्थशास्त्र (Development economics) अर्थशास्त्र की एक शाखा है जो प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में पिछड़े रहने वाले देशों को उनकी ग़रीबी से छुटकारा दिलाने से संबंधित नीतियाँ और सिद्धांत प्रस्तावित करते हैं। 'विकास' (डिवेलपमेंट) और 'संवृद्धि' (ग्रोथ) के प्रत्ययों में स्पष्ट अंतर करने वाले इस अ...
अर्थशास्त्र
4,740
null
70
== इतिहास == विलियम पेटी के वणिकवाद और ऐडम स्मिथ के क्लासिकल अर्थशास्त्र में इसकी शुरुआती झलक मिलती है। अट्ठारहवीं सदी में स्मिथ और उनके साथियों ने आर्थिक वृद्धि की प्रक्रिया को मानव इतिहास के विभिन्न चरणों के ज़रिये समझने की कोशिश की थी। इसके मुताबिक सबसे पहले आखेट आधारित आदिम अवस्था थी जिसका विकास घुमंतू पशुपालन में ...
अर्थशास्त्र
4,741
null
80
== सिद्धांत == वैकासिक अर्थशास्त्र इस मूल सिद्धांत पर आधारित है कि अगर ग़रीब देशों की कृषि आधारित अर्थव्यवस्थाओं को निर्यात-आयात आधारित वाणिज्य और कारख़ाना उत्पादन का आधार मिल जाए तो उनका आर्थिक कल्याण सम्भव है। वैकासिक अर्थशास्त्र के सिद्धांत दीर्घकालीन बचत, उसके निवेश और प्रौद्योगिकीय प्रगति की भूमिका के इर्द- गिर्द ...
अर्थशास्त्र
4,742
null
1,167
== सन्दर्भ == 1. एन. ज़िमेल (सम्पा.) (1987), सर्वेज़ इन डिवेलपमेंट इकॉनॉमिक्स, ब्लैकवेल, ऑक्सफ़र्ड. 2. जी.एम. मीर (2005), बॉयोग्राफ़ी ऑफ़ अ डिवेलपमेंट : ऐन इवोल्यूशन ऑफ़ डिवेलपमेंट इकॉनॉमिक्स, ऑक्सफ़र्ड युनिवर्सिटी प्रेस, ऑक्सफ़र्ड.
अर्थशास्त्र
4,743
null
32
वैयक्तिक उपयोग की वस्तुएं, अर्जित आय तथा बचत साथ ही उत्पादन के कतिपय साधन जो व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं, वैयक्तिक संपत्ति (Personal Property) कहलाते हैं। वैयक्तिक संपत्ति की प्रकृति निजी संपत्ति से मूलतः भिन्न होती है। निजी संपत्ति मनुष्य द्वारा मनुष्य के शोषण के, दूसरों के श्रम के फलों को हड़पने के साधन के...
अर्थशास्त्र
4,744
null
117
व्यवसाय (Business) विधिक रूप से मान्य संस्था है, जो उपभोक्ताओं को कोई उत्पाद या सेवा प्रदान करने के लक्ष्य से निर्मित की जाती है। व्यवसाय को 'कम्पनी', 'इंटरप्राइज' या 'फर्म' भी कहते हैं। पूँजीवादी अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार का प्रमुख स्थान है जो अधिकांशत: निजी हाथों में होते हैं और लाभ कमाने के ध्येय से काम करते हैं तथ...
अर्थशास्त्र
4,745
null
196
== व्यवसाय की प्रकृति तथा क्षेत्र == जब हम अपने आसपास ध्यान देते हैं तो देखते हैं कि ज्यादातर लोग किसी न किसी काम में संलग्न हैं। अध्यापक विद्यालयों में पढ़ाते हैं, किसान खेतों में काम करते हैं, मजदूर कारखानों में काम करते हैं, चालक गाड़ियाँ चलाते हैं, दुकानदार सामान बेचते हैं, चिकित्सक रोगियों को देखते हैं आदि। इस तरह...
अर्थशास्त्र
4,746
null
144
== मानवीय क्रियाएँ == मनुष्य द्वारा की जाने वाली विभिन्न क्रियाएँ मानवीय क्रियाएँ कहलाती हैं। इन सभी क्रियाओं को हम दो वर्गो में बाँट सकते हैं-
अर्थशास्त्र
4,747
null
26
=== आर्थिक क्रियाएँ === जो क्रियाएँ धन अर्जित करने के उद्देश्य से की जाती हैं, उन्हें आर्थिक क्रियाएँ कहते हैं। उदाहरण के लिए, किसान खेत में हल चलाकर फसल उगाता है और उसे बेचकर धन अर्जित करता है, कारखाने अथवा कार्यालय का कर्मचारी अपने काम के बदले वेतन या मजदूरी प्राप्त करता है, व्यापारी वस्तुओं के क्रय विक्रय से लाभ अर्...
अर्थशास्त्र
4,748
null
68
=== अनार्थिक क्रियाएँ === जो क्रियाएँ धन अर्जित करने की अपेक्षा, संतुष्टि प्राप्त करने के उद्देश्य से की जाती हैं उन्हें अनार्थिक क्रियाएँ कहते हैं। इस तरह की क्रियाएँ, सामाजिक उत्तरदायित्वों की पूर्ति, मनोरंजन या स्वास्थ्य लाभ के लिए की जाती हैं। लोग पूजा स्थलों पर जाते हैं, बाढ़ अथवा भूकंप राहत कोष में दान देते हैं, ...
अर्थशास्त्र
4,749
null
92
== आर्थिक क्रियाओं के प्रकार == आमतौर पर आर्थिक क्रियाएँ धन अर्जित करने के उद्देश्यों से की जाती है। साधरणतया लोग इस तरह की क्रियाओं में नियमित रूप में संलग्न होते हैं, जिसे आर्थिक क्रिया कहा जाता है।
अर्थशास्त्र
4,750
null
38
व्यवसाय : व्यवसाय का अर्थ है एक ऐसा धंधा, जिसमें धन के बदले वस्तुओं अथवा सेवाओं का उत्पादन, विक्रय और विनिमय होता है। यह नियमित रूप से किया जाता है तथा इसे लाभ कमाने के उद्देश्य से किया जाता है। खनन, उत्पादन, व्यापार, परिवहन, भंडारण, बैंकिंग तथा बीमा आदि व्यावसायिक क्रियाओं के उदाहरण हैं। पेशा : कोई भी व्यक्ति हर क्षेत...
अर्थशास्त्र
4,751
null
279
== व्यवसाय वित्त कि विशेषताएँ == व्यवसाय को इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है :
अर्थशास्त्र
4,752
null
16
‘‘व्यवसाय एक ऐसी क्रिया है, जिसमें लाभ कमाने के उद्देश्य से वस्तुओं अथवा सेवाओं का नियमित उत्पादन क्रय-विक्रय तथा विनिमय सम्मिलित है’’। व्यवसाय की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं :
अर्थशास्त्र
4,753
null
29
वस्तुओं तथा सेवाओं का लेन-देन : व्यवसाय में लोग वस्तुओं अथवा सेवाओं के उत्पादन तथा वितरण कार्यों में संलग्न होते हैं। इन वस्तुओं में ब्रेड, मक्खन, दूध, चाय आदि जैसी उपभोक्ता वस्तुएं भी हो सकती हैं और संयन्त्रा, मशीनरी, उपकरण आदि जैसी पूंजीगत वस्तुएँ भी। सेवाएँ- परिवहन, बैंकिंग, बीमा, विज्ञापन आदि रूपों में हो सकती हैं।
अर्थशास्त्र
4,754
null
56
वस्तुओं तथा सेवाओं का विक्रय अथवा विनिमय : यदि कोई व्यक्ति अपने उपयोग के लिए या किसी व्यक्ति को उपहार देने के लिए कोई वस्तु खरीदता या उत्पादित करता है तो वह किसी प्रकार के व्यवसाय में संलग्न नहीं है। लेकिन जब वह किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने के लिए किसी वस्तु का उत्पादन करता है अथवा खरीदता है तो वह व्यवसाय में संलग्न होत...
अर्थशास्त्र
4,755
null
351
== व्यवसाय विकास == भारत की सांस्कृतिक ध्रोहर बहुत समृद्ध है। लेकिन शायद यह बहुत कम लोग जानते होंगे कि प्राचीन काल में भारत, अर्थव्यवस्था तथा व्यवसाय के स्तर पर बहुत ही विकसित देश था। यह बात ऐतिहासिक साक्ष्यों, खुदाई से प्राप्त प्रमाणों, साहित्य व लिखित दस्तावेज़ों से सिधि होती हैं। इन सबसे अध्कि भारत की असीम धन संपत्त...
अर्थशास्त्र
4,756
null
657
== व्यवसाय के उद्देश्य == सभी व्यावसायिक क्रियाएँ कुछ उद्देश्यों की पूर्ति के लिए की जाती हैं। व्यवसाय के उद्देश्यों को निम्न प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है :
अर्थशास्त्र
4,757
null
29
=== आर्थिक उद्देश्य === व्यवसाय के आर्थिक उद्देश्यों के अंतर्गत लाभ कमाने के उद्देश्य के साथ वे समस्त आवश्यक क्रियाएँ भी आती हैं, जिनके द्वारा लाभ कमाने के उद्देश्य की पूर्ति की जाती है, जैसे ग्राहक बनाना, नियमित नव प्रवर्तन तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग आदि।
अर्थशास्त्र
4,758
null
47
==== लाभ कमाना ==== लाभ, व्यवसाय के लिए जीवन दायिनी शक्ति का कार्य करता है। इसके बिना कोई भी व्यवसाय प्रतियोगिता के बाजार में टिका नहीं रह सकता। वास्तव में किसी भी व्यावसायिक इकाई के अस्तित्व में आने का उद्देश्य होता है- लाभ कमाना। लाभ, व्यवसायी को न केवल उसकी आजीविका अर्जित करने में सहायता करता है, अपितु लाभ का एक भाग...
अर्थशास्त्र
4,759
null
94
ग्राहक बनाना : जब तक उत्पाद को और सेवाओं को खरीदने वाले ग्राहक न हों, तब तक किसी भी व्यवसाय का अस्तित्व में बने रहना संभव नहीं है। कोई भी व्यवसायी तभी लाभ अर्जित कर सकता है जबकि वह लाभ के बदले में अपने ग्राहकों को अच्छी गुणवत्ता की वस्तुएँ और सेवाएँ उपलब्ध कराए। इसके लिए यह आवश्यक है वह अपनी विद्यमान वस्तुओं के लिए ग्र...
अर्थशास्त्र
4,760
null
266
=== सामाजिक उद्देश्य === सामाजिक उद्देश्य व्यवसाय के वे उद्देश्य होते हैं, जिन्हें समाज के हितों के लिए प्राप्त करना आवश्यक होता है। अतः हर व्यवसाय का उद्देश्य होना चाहिए कि वह किसी भी प्रकार से समाज को हानि न पहुँचाए। व्यवसाय के सामाजिक उद्देश्यों के अंतर्गत अच्छी गुणवत्ता वाली वस्तुओं तथा सेवाओं का उत्पादन तथा पूर्ति...
अर्थशास्त्र
4,761
null
76
अच्छी गुणवत्ता वाली वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन तथा पूर्ति : चूंकि व्यवसाय समाज के विविध संसाध्नों का उपयोग करता है। इसलिए समाज की अपेक्षा होती है कि व्यवसाय उसे गुणवत्ता वाली वस्तुओं तथा सेवाओं की आपूर्ति करे। इसलिए व्यवसाय का उद्देश्य होना चाहिए कि वह अच्छी गुणवत्ता वाली वस्तुओं तथा सेवाओं का उत्पादन करे तथा उचित की...
अर्थशास्त्र
4,762
null
251
=== मानवीय उद्देश्य === मानवीय उद्देश्यों से अभिप्राय उन उद्देश्यों से है, जिनमें समाज के अक्षम तथा विकलांग, शिक्षा अथवा प्रशिक्षण से वंचित लोगों के कल्याण तथा कर्मचारियों की अपेक्षाओं की पूर्ति के लक्ष्य निहित होते हैं। इस प्रकार व्यवसाय के मानवीय उद्देश्यों के अंतर्गत कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक तथा मनोवैज...
अर्थशास्त्र
4,763
null
60
कर्मचारियों का आर्थिक कल्याण : व्यवसाय में कर्मचारियों को उचित वेतन, कार्य-निष्पादन के लिए अभिप्रेरणाएं, भविष्यनिधि् ;प्रोविडेंट पंफडद्ध के लाभ, पैंशन तथा अन्य अनुलाभ जैसे चिकित्सा सुविध, आवासीय सुविध आदि उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इससे कार्य क्षेत्र में व्यक्ति अधिक संतुष्टि का अनुभव करेंगे और व्यवसाय के लिए अधिक योगदान ...
अर्थशास्त्र
4,764
null
301
=== राष्ट्रीय उद्देश्य === व्यवसाय, देश का एक महत्वपूर्ण अंग होता है अतः राष्ट्रीय लक्ष्यों और आकांक्षाओं की प्राप्ति प्रत्येक व्यवसाय का उद्देश्य होना चाहिए। व्यवसाय के राष्ट्रीय उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
अर्थशास्त्र
4,765
null
31
रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना - व्यवसाय के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय लक्ष्य है, लोगों को लाभपूर्ण रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना। इस लक्ष्य की पूर्ति नई व्यावसायिक इकाईयाँ स्थापित करके, बाजार का विस्तार करके तथा वितरण प्रणाली को और अधिक व्यापक बनाकर की जा सकती है। सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना -एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में एक व...
अर्थशास्त्र
4,766
null
260
=== वैश्विक उद्देश्य === पहले भारत के अन्य देशों के साथ बहुत ही सीमित व्यापारिक संबंध थे। तब वस्तुओं की आयात और निर्यात संबंधी नीतियाँ बहुत कठोर थीं, लेकिन आजकल उदारवादी आर्थिक नीतियों के कारण काफी हद तक विदेशी निवेश पर प्रतिबंध समाप्त हो चुका है, तथा आयातित वस्तुओं पर लगने वाला शुल्क भी काफी कम हो गया है। इन परिवर्तनो...
अर्थशास्त्र
4,767
null
125
सामान्य जीवन स्तर में वृद्धि : व्यावसायिक गतिविध्यिं के विकास के कारण अब दुनिया भर में उचित मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता वाली वस्तुएँ आसानी से उपलब्ध हैं। इस प्रकार एक देश का व्यक्ति दूसरे देश के व्यक्ति द्वारा उपयोग किए जा रहे उसी प्रकार के सामान का उपयोग कर सकता है। इससे लोगों के सामान्य जीवन स्तर में वृद्धि होती है। विभि...
अर्थशास्त्र
4,768
null
157
== व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व ki Pramukh visheshtaen == लोग लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से व्यवसाय चलाते हैं। लेकिन केवल लाभ अर्जित करना ही व्यवसाय का एकमात्रा उद्देश्य नहीं होता। समाज का एक अंग होने के नाते इसे बहुत से सामाजिक कार्य भी करने होते हैं। यह विशेष रूप से अपने अस्तित्व की सुरक्षा में संलग्न स्वामियों, ...
अर्थशास्त्र
4,769
null
375
== विभिन्न हित समूहों के प्रति उत्तरदायित्व == व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व की अवधरणा तथा इसके महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेने के बाद आइए जानें कि व्यवसाय का इसके विभिन्न हित-समूहों, जिन पर यह आश्रित है, के प्रति क्या उत्तरदायित्व हैं। व्यवसाय प्रायः स्वामियों, विनिवेशकों, कर्मचारियों, पूर्तिकर्ताओं, ग्राह...
अर्थशास्त्र
4,770
null
84
=== स्वामियों तथा निवेशकों के प्रति उत्तरदायित्व === व्यवसाय के अपने स्वामियों के प्रति उत्तरदायित्व हैं :
अर्थशास्त्र
4,771
null
17
व्यवसाय को प्रभावी ढंग से चलाना, पूँजी तथा अन्य संसाध्नों का उचित प्रयोग करना, पूँजी की वृद्धि एवं मूल्य वृद्धि करना, विनिवेशित पूँजी पर नियमित तथा उचित प्रतिफल सुनिश्चित करना, उनके निवेश की सुरक्षा का आश्वासन देना, ब्याज का नियमित भुगतान करना, मूलध्न की, समय पर वापसी करना।
अर्थशास्त्र
4,772
null
48
=== लेनदारों के प्रति उत्तरदायित्व === व्यवसाय के अपने लेनदारों के प्रति उत्तरदायित्व हैः
अर्थशास्त्र
4,773
null
14
समय पर भुगतान करना, उनके द्वारा दिए गए उधर की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अन्य व्यवसायों की भाँति व्यवसाय के मानकों का पालन करना।
अर्थशास्त्र
4,774
null
23
=== कर्मचारियों के प्रति उत्तरदायित्व === व्यवसाय के अपने कर्मचारियों के प्रति निम्नलिखित उत्तरदायित्व हैं :
अर्थशास्त्र
4,775
null
16
वेतन अथवा मजदूरी का नियमित तथा समय पर भुगतान, उचित कार्य दशाएँ तथा कल्याणकारी सुविधएँ, भावी जीविका का श्रेष्ठ अवसर, नौकरी की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा जैसे भविष्य निधि् की सुविधएँ, सामूहिक बीमा, पेंशन, अवकाश प्राप्ति के बाद की सुविधएँ, मुआवजा आदि, श्रेष्ठ रहन-सहन जैसे- गृह, यातयात, जलपान गृह, शिक्षु संरक्षण गृह उपलब्ध क...
अर्थशास्त्र
4,776
null
57
=== आपूर्तिकर्ताओं के प्रति उत्तरदायित्व === व्यवसाय के अपने आपूर्तिकर्त्ताओं के प्रति उत्तरदायित्व निम्नलिखित हैं :
अर्थशास्त्र
4,777
null
16
वस्तुओं के क्रय के लिए नियमित आदेश देना, उचित नियमों तथा शर्तों के आधर पर लेन-देन करना, उचित उधर अवधि् का लाभ उठाना, बकाया राशि का समय पर भुगतान करना।
अर्थशास्त्र
4,778
null
30
=== ग्राहकों के प्रति उत्तरदायित्व === ग्राहकों के प्रति व्यवसाय के उत्तरदायित्व निम्नलिखित हैं :
अर्थशास्त्र
4,779
null
15
वस्तुओं तथा सेवाएं ऐसी होनी चाहिएँ कि उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रख सकें, वस्तुओं तथा सेवाओं की गुणवत्ता श्रेष्ठ होनी चाहिए, वस्तुओं तथा सेवाओं की आपूर्ति में नियमितता होनी चाहिए, वस्तुओं तथा सेवाओं के मूल्य उचित तथा सामर्थ्य क्षमता के अनुकूल होने चाहिएँ, वस्तुओं के हर गुण तथा दोष तथा उनके उपभोग के बारे में ...
अर्थशास्त्र
4,780
null
94
=== प्रतियोगियों के प्रति उत्तरदायित्व === व्यवसाय के अपने प्रतियोगियों के प्रति निम्नलिखित उत्तरदायित्व हैं :
अर्थशास्त्र
4,781
null
16
अत्यध्कि विक्रय कमीशन का प्रस्ताव न दें, प्रत्येक बिक्री पर ऊँची छूट दर या प्रत्येक वस्तु के साथ मुफ्रत वस्तुएँ न दें, झूठे और अभद्र विज्ञापन के द्वारा अपने प्रतियोगियों को बदनाम करने की कोशिश न करें।
अर्थशास्त्र
4,782
null
37
=== सरकार के प्रति उत्तरदायित्व === सरकार के प्रति व्यवसाय के विभिन्न उत्तरदायित्व निम्नलिखित हैं :
अर्थशास्त्र
4,783
null
16
सरकार के निर्देशों के अनुसार ही व्यावसायिक इकाइयों की स्थापना करना, फीस, कर, अध्भिर आदि का नियमित तथा ईमानदारी के साथ भुगतान करना, प्रतिबंध्ति तथा एकाध्किरी व्यावसायिक गतिविध्यिं में संलग्न न होना, सरकार द्वारा स्थापित प्रदूषण नियंत्राण मान दंडों का पालन करना, रिश्वत तथा गैर कानूनी क्रियाओं द्वारा भ्रष्टाचार में लिप्त ...
अर्थशास्त्र
4,784
null
53
=== समाज के प्रति उत्तरदायित्व === एक समाज, व्यक्तियों, समूहों, संगठनों, परिवारों आदि से मिलकर बनता है। ये सभी समाज के सदस्य होते हैं। ये सभी एक दूसरे के साथ मिलते-जुलते हैं तथा अपनी लगभग सभी गतिविधियों के लिए एक दूसरे पर निर्भर होते हैं। इन सभी के बीच एक संबंध होता है, चाहे वह प्रत्यक्ष हो या अप्रत्यक्ष। समाज का एक अं...
अर्थशास्त्र
4,785
null
100
समाज के पिछड़े तथा कमजोर वर्गों की सहायता करना, सामाजिक तथा सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करना, रोजगार के अवसर जुटाना, पर्यावरण की सुरक्षा करना, प्राकृतिक संसाध्नों तथा वन्य जीवन का संरक्षण करना, खेलों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान प्रोद्यौगिकी आदि के क्षेत्रों में सहायक तथा विकासात...
अर्थशास्त्र
4,786
null
57
व्यावसायिक अर्थशास्त्र (business economics) अर्थशास्त्र की एक संप्रयोग शाखा है जो व्यापार प्रबंधन के साथ जुड़ा हुआ है। यह सामान्य अर्थशास्त्र की एक व्यावसायिक शाखा है जिसे आमतौर पर प्रबंधकीय अर्थशास्त्र भी कहते हैं।
अर्थशास्त्र
4,787
null
34
== इतिहास == यह 1950 के दशक के शुरुआती वर्षों में अस्तित्व में आया, जब व्यवसाय प्रबंधन के व्यवहारिक मुद्दे और व्यापार की समस्याए बिना आर्थिक सिद्धांतों के निरंतर लागू करने के, सुलझाए नहीं जा सकते थे। यह व्यापार के दैनिक कार्यों जैसे निर्णय लेने की प्रक्रिया में सूक्ष्म और स्थूल आर्थिक अवधारणाओं और सिद्धांतों का उपयोग क...
अर्थशास्त्र
4,788
null
113
== परिभाषा == व्यावसायिक अर्थशास्त्र आर्थिक सिद्धांतों, तर्क और व्यापार निर्णय लेने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया आर्थिक विश्लेषण के औजार का अध्ययन है। आर्थिक सिद्धांतों और आर्थिक विश्लेषण की तकनीकों उचित व्यापार निर्णय लेने के लिए व्यापार के अवसरों का मूल्यांकन, व्यापार की समस्याओं का विश्लेषण करने के लिए लागू कर रहे...
अर्थशास्त्र
4,789
null
131
=== व्यावसायिक अर्थशास्त्र की विशेषताएँ === व्यावसायिक अर्थशास्त्र प्रकृति में सूक्ष्म है। यह एक समग्र रूप से अर्थव्यवस्था का अध्ययन नहीं करता है। व्यावसायिक अर्थशास्त्र फर्म और उसकी समस्याओं के अध्ययन पर केंद्रित है। व्यावसायिक अर्थशास्त्र दैनिक व्यापार के व्यावहारिक निर्णय लेने से संबंधित है। व्यावसायिक अर्थशास्त्र व...
अर्थशास्त्र
4,790
null
84
=== व्यावसायिक अर्थशास्त्र का घेरा === मांग के सिद्धांत- एक उत्पाद का उत्पादन और बिक्री उसकी मांग पर निर्भर करता है।
अर्थशास्त्र
4,791
null
21
== इन्हें भी देखें == औद्योगिक संगठन (Industrial organisation) व्यवसाय अध्ययन (business study)
अर्थशास्त्र
4,792
null
13
== बाहरी कड़ियाँ == व्यावसायिक अर्थशास्त्र का अर्थ एवं परिभाषा व्यावसायिक अर्थशास्त्र में विज्ञान के मास्टर (एमएससी)
अर्थशास्त्र
4,793
null
17
व्यवहारवादी अर्थशास्त्र (behavioral economics) तथा इससे ही सम्बन्धित 'व्यवहारवादी वित्त' नामक विषय व्यक्तिओं तथा संस्थाओं के आर्थिक निर्णयों पर मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, संज्ञानात्मक तथा भावनात्मक घटकों के प्रभावों का अध्ययन करते हैं। अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड थेलर को 2017 का नोबेल पुरस्कार उनके व्यवहारवादी अर्थशास्त्री...
अर्थशास्त्र
4,794
null
49
== इन्हें भी देखें == व्यवहारवाद व्यवहारवाद (राजनीति विज्ञान) डैनियल कान्नमैन
अर्थशास्त्र
4,795
null
11
सूक्ष्मअर्थशास्त्र (ग्रीक उपसर्ग माइक्रो - अर्थ "छोटा" + "अर्थशास्त्र") अर्थशास्त्र की एक शाखा है जो यह अध्ययन करता है कि किस प्रकार अर्थव्यवस्था के व्यक्तिगत अवयव, परिवार एवं फर्म, विशिष्ट रूप से उन बाजारों में सीमित संसाधनों के आवंटन का निर्णय करते हैं, जहां वस्तुएं एवं सेवाएं खरीदी एवं बेचीं जाती हैं। सूक्ष्म अर्थशा...
अर्थशास्त्र
4,796
null
278
== पूर्वधारणाएं और परिभाषाएं == आम तौर पर आपूर्ति और मांग का सिद्धांत यह मानता है कि बाजार पूर्ण रूप से प्रतिस्पर्द्धात्मक होते हैं। इसका मतलब यह है कि बाजार में कई क्रेता एवं विक्रेता हैं और किसी में भी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करने की क्षमता नहीं होती है। कई वास्तविक जीवन के लेनदेन मे...
अर्थशास्त्र
4,797
null
412
== परिचालन की विधियां == यह मान लिया जाता है कि सभी फर्म (कंपनियां) तर्कसंगत निर्णय-निर्धारण का अनुसरण कर रही हैं और वे लाभ को अधिकतम करने वाले आउटपुट पर उत्पादन करेंगे. इस धारणा को देखते हुए, चार श्रेणियों में एक फर्म के लाभ पर विचार किया जा सकता है।
अर्थशास्त्र
4,798
null
50
एक फर्म को आर्थिक लाभ करता हुआ कहा जाता है जब इसकी कुल औसत लागत लाभ को अधिकतम करने वाले आउटपुट पर प्रत्येक अतिरिक्त उत्पाद की कीमत से कम होती है। आर्थिक लाभ मात्रा आउटपुट और कुल औसत लागत एवं मूल्य के अंतर के गुणनफल के बराबर होता है। एक फर्म को सामान्य लाभ करता हुआ कहा जाता है जब इसका आर्थिक लाभ शून्य के बराबर होता है। ...
अर्थशास्त्र
4,799
null
296