inputs
stringlengths
800
163k
targets
stringlengths
20
291
template_id
int64
0
34
template_lang
stringclasses
1 value
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार शाम को असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से फोन पर बोडोलैंड क्षेत्रीय प्रशासन वाले जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की, जहां एक व्यक्ति की मौत हो गई। 10 नवंबर को भड़की हिंसा के बाद अब तक छह लोग मारे जा चुके हैं।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गोगोई ने प्रधानमंत्री को हालात की विस्तृत जानकारी दी और हिंसा को काबू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया। प्रधानमंत्री राज्यसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रधानमंत्री ने गोगोई से कहा कि कुछ ताकतें क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही हैं। मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए सभी कदम उठाएगी। उन्होंने राज्य सरकार को शांति बहाल करने और स्थिति सामान्य करने में सहयोग का आश्वासन दिया। कोकराझार जिले के तेलीपाड़ा में गुरुवार सुबह निरिसुन बासुमुतरी नामक व्यक्ति की गोली लगने से मौत के बाद कोकराझार शहर में बेमियादी कर्फ्यू लगा दिया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कोकराझार के साप्ताहिक बाजार में धारदार हथियारों से किए गए हमले में अब्दुल कलाम नामक व्यापारी घायल हो गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गोगोई ने प्रधानमंत्री को हालात की विस्तृत जानकारी दी और हिंसा को काबू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया। प्रधानमंत्री राज्यसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रधानमंत्री ने गोगोई से कहा कि कुछ ताकतें क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही हैं। मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए सभी कदम उठाएगी। उन्होंने राज्य सरकार को शांति बहाल करने और स्थिति सामान्य करने में सहयोग का आश्वासन दिया। कोकराझार जिले के तेलीपाड़ा में गुरुवार सुबह निरिसुन बासुमुतरी नामक व्यक्ति की गोली लगने से मौत के बाद कोकराझार शहर में बेमियादी कर्फ्यू लगा दिया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कोकराझार के साप्ताहिक बाजार में धारदार हथियारों से किए गए हमले में अब्दुल कलाम नामक व्यापारी घायल हो गया। मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए सभी कदम उठाएगी। उन्होंने राज्य सरकार को शांति बहाल करने और स्थिति सामान्य करने में सहयोग का आश्वासन दिया। कोकराझार जिले के तेलीपाड़ा में गुरुवार सुबह निरिसुन बासुमुतरी नामक व्यक्ति की गोली लगने से मौत के बाद कोकराझार शहर में बेमियादी कर्फ्यू लगा दिया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कोकराझार के साप्ताहिक बाजार में धारदार हथियारों से किए गए हमले में अब्दुल कलाम नामक व्यापारी घायल हो गया।
संक्षिप्त पाठ: 10 नवंबर को भड़की हिंसा के बाद छह लोग मारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने प्रधानमंत्री को हालात की विस्तृत जानकारी दी और हिंसा को काबू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: रोहतक के अपना घर से दरिंदगी की नई−नई कहानियां सामने आ रही हैं। एनडीटीवी इंडिया की जांच में पता चला कि घर की छत पर एक पिंजरा बना हुआ है जिसमें महिलाओं और बच्चियों को बंद रखते थे। अब इस एनजीओ पर सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है। इस बीच पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर बने पैनल ने यहां से छुड़ाई गई सभी 103 महिलाओं और बच्चियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक इन लड़कियों ने अपने बयान में कई आरोप लगाए हैं। महिलाओं और बच्चियों का आरोप है कि उनका यौन शोषण और बलात्कार तक होता रहा। संचालक जसवंती नारवाल पर बच्चियों को बेचने के भी आरोप लगे और ये भी कि वह विदेशियों को इनके अश्लील फोटो खींचने देती थीं लेकिन याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इस खौफनाक कहानी के गुनाहगारों को सरकार की शह हासिल थी। सूत्रों के मुताबिक इन लड़कियों ने अपने बयान में कई आरोप लगाए हैं। महिलाओं और बच्चियों का आरोप है कि उनका यौन शोषण और बलात्कार तक होता रहा। संचालक जसवंती नारवाल पर बच्चियों को बेचने के भी आरोप लगे और ये भी कि वह विदेशियों को इनके अश्लील फोटो खींचने देती थीं लेकिन याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इस खौफनाक कहानी के गुनाहगारों को सरकार की शह हासिल थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एनडीटीवी इंडिया की जांच में पता चला कि घर की छत पर एक पिंजरा बना हुआ है जिसमें महिलाओं और बच्चियों को बंद रखते थे।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि इस वर्ष के अंत तक उनका देश भारत को सबसे पसंदीदा देश (एमएफएन) का दर्जा दे सकता है। ऐसा करते हुए वह व्यापार से सम्बंधित बाधाओं को कम करेगा और दोनों देशों के बीच व्यापार के क्षेत्र को बढ़ाएगा।  अधिकारी ने कहा कि इससे उम्मीद है कि मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार तीन वर्ष में तिगुनी हो जाएगी। भारत पहले ही पाकिस्तान को एमएफएन का दर्जा दे चुका है लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को देखते हुए वह अभी ऐसा नहीं कर सका है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के सलाहकार मिर्जा इख्तिआर बेग ने कहा, "पाकिस्तान के व्यापारिक समुदाय ने सरकार से जोरदार सिफारिश की है कि भारत को सर्वाधिक पसंदीदा देश का दर्जा दिया जाना चाहिए।" भारत दौरे पर आए बेग ने कहा, "पाकिस्तान सरकार इसे लेकर साकारात्मक है और शीघ्र ही आप एक सुखद समाचार सुनेंगे। यह शायद वर्ष के अंत तक हो सकता है।" उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में दोनों देशों के वाणिज्य सचिव नवम्बर में मुलाकात करेंगे।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि इस वर्ष के अंत तक उनका देश भारत को सबसे पसंदीदा देश (एमएफएन) का दर्जा दे सकता है।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय फुटबाल का मक्का कोलकाता एक बार फिर दुनिया के नामचीन खिलाड़ियों के जलवाअफरोज होने का साक्षी बनेगा जब 23 जनवरी को साल्टलेक स्टेडियम में दो बार के विश्व कप विजेता काफू की कप्तानी वाली टीम ड्रीम भारतीय एकादश से भिड़ेगी। ब्राजील के 71 वर्षीय काफू सुपरस्टार्स एकादश का हिस्सा होंगे। इसमें ब्राजील के रोनाल्डो भी खेलेंगे। टीम में 1998 विश्व कप विजेता फ्रांसीसी टीम के सदस्य मार्शेल डैसेली और इटली के महान डिफेंडर पाओलो मालदिनी भी होंगे। टीम के कोच हालैंड के पूर्व सुपरस्टार रूड गुलिट होंगे। आयोजकों की विज्ञप्ति के अनुसार फुटबाल प्लेयर्स एसोसिएशन आफ इंडिया द्वारा चुनी गई टीम के कप्तान बाईचुंग भूटिया होंगे। टीम में महान फारवर्ड आई एम विजयन भी होंगे। श्याम थापा कोच होंगे जिनकी टीम में जो पाल अंचेरी, ब्रूनो कोउटिन्हो भी शामिल हैं। विज्ञप्ति के अनुसार 120000 की क्षमता वाले स्टेडियम में टिकट दर 300 से 500 रूपये रखी गई है। मैच के बारे में और जानकारी छह जनवरी को दी जाएगी। इससे पहले पेले, डिएगो माराडोना, ओलिवर कान और लियोनेल मेस्सी जैसे सितारे कोलकाता आ चुके हैं।
संक्षिप्त पाठ: भारतीय फुटबाल का मक्का कोलकाता एक बार फिर दुनिया के नामचीन खिलाड़ियों के जलवा अफरोज होने का साक्षी बनेगा जब 23 जनवरी को साल्टलेक स्टेडियम में दो बार के विश्व कप विजेता काफू की कप्तानी वाली टीम ड्रीम भारतीय एकादश से भिड़ेगी।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के कैलिफोर्निया के फ्रेमोंट में एक 20 वर्षीय भारतीय अमेरिकी की गोली मार कर हत्या कर दी गयी जिससे समुदाय के लोग सदमे में हैं।टिप्पणियां करीब सात साल पहले अपने माता पिता के साथ जालंधर से अमेरिका आ बसे रोहित शर्मा के सिर में पांच अप्रैल को उस समय गोली मारी गयी जब वह फ्रेमोंट में अपने घर के दरवाजे पर खड़ा था। उसे सेन जोस के रीजनल मेडिकल सेंटर में ले जाए जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। उसकी हत्या के कारण का पता नहीं चला है। फ्रेमोंट पुलिस ने इस सप्ताह एक संदिग्ध का रेखाचित्र जारी किया है। उसके विवरण में बताया गया है कि यह 20-25 के आसपास की उम्र का अश्वेत पुरुष है जिसने सफेद टीशर्ट के साथ ही अपने दोनों कानों में बालियां पहन रखी हैं। उसकी मां देविंदर शर्मा ने जेन जोस मर्करी न्यूज को परिवार की ओर से भेजे एक ईमेल संदेश में कहा है, ‘मेरा बेटा एक अच्छा लड़का था जो स्कूल जाना चाहता था और अच्छे काम करना चाहता था।’ राहुल अपने पिता प्राण शर्मा, मां देविंदर शर्मा, दो बहनों महक (18) और दीप्ति (22) तथा एक साल के छोटे भाई के साथ रहता था। नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने इस हत्या की निंदा करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। करीब सात साल पहले अपने माता पिता के साथ जालंधर से अमेरिका आ बसे रोहित शर्मा के सिर में पांच अप्रैल को उस समय गोली मारी गयी जब वह फ्रेमोंट में अपने घर के दरवाजे पर खड़ा था। उसे सेन जोस के रीजनल मेडिकल सेंटर में ले जाए जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। उसकी हत्या के कारण का पता नहीं चला है। फ्रेमोंट पुलिस ने इस सप्ताह एक संदिग्ध का रेखाचित्र जारी किया है। उसके विवरण में बताया गया है कि यह 20-25 के आसपास की उम्र का अश्वेत पुरुष है जिसने सफेद टीशर्ट के साथ ही अपने दोनों कानों में बालियां पहन रखी हैं। उसकी मां देविंदर शर्मा ने जेन जोस मर्करी न्यूज को परिवार की ओर से भेजे एक ईमेल संदेश में कहा है, ‘मेरा बेटा एक अच्छा लड़का था जो स्कूल जाना चाहता था और अच्छे काम करना चाहता था।’ राहुल अपने पिता प्राण शर्मा, मां देविंदर शर्मा, दो बहनों महक (18) और दीप्ति (22) तथा एक साल के छोटे भाई के साथ रहता था। नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने इस हत्या की निंदा करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। फ्रेमोंट पुलिस ने इस सप्ताह एक संदिग्ध का रेखाचित्र जारी किया है। उसके विवरण में बताया गया है कि यह 20-25 के आसपास की उम्र का अश्वेत पुरुष है जिसने सफेद टीशर्ट के साथ ही अपने दोनों कानों में बालियां पहन रखी हैं। उसकी मां देविंदर शर्मा ने जेन जोस मर्करी न्यूज को परिवार की ओर से भेजे एक ईमेल संदेश में कहा है, ‘मेरा बेटा एक अच्छा लड़का था जो स्कूल जाना चाहता था और अच्छे काम करना चाहता था।’ राहुल अपने पिता प्राण शर्मा, मां देविंदर शर्मा, दो बहनों महक (18) और दीप्ति (22) तथा एक साल के छोटे भाई के साथ रहता था। नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने इस हत्या की निंदा करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
सारांश: करीब सात साल पहले अपने माता पिता के साथ जालंधर से अमेरिका आ बसे रोहित शर्मा के सिर में पांच अप्रैल को उस समय गोली मारी गयी जब वह फ्रेमोंट में अपने घर के दरवाजे पर खड़ा था।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा (Loksabha) ने गुरुवार को देश में तीन मानद संस्कृत विश्वविद्यालयों (Deemed Sanskrit University) को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान करने वाले केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक 2019 (Central Sanskrit Universities Bill 2019) को मंजूरी दे दी है. इस विधेयक के तहत नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान (Rashtriya Sanskrit Sansthan) और श्री लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ ( Shree Lal Bahadur Shastri Sanskrit Vidyapeeth) के साथ-साथ तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ (Rashtriya Sanskrit Vidyapeeth) को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है.  मुझे पूर्ण विश्वास है की केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा पाने के बाद यह संस्थान एक नए उत्साह के साथ संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।#CentralSanskritUniversitiesBill2019 केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' (Ramesh Pokhriyal 'Nishank') ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक 2019 पर बहस का जवाब देते हुए कहा कि इन विश्वविद्यालयों का उद्देश्य छात्रों को संस्कृत की शिक्षा देना है, जिससे उनको संस्कृत भाषा-साहित्य का  ज्ञान प्राप्त हो और वे देश के विकास में सहायक बन सकें. संस्कृत को देश की आत्मा बताते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि अतीत में भारत को विश्वगुरु बनाने में इस भाषा का योगदान रहा है. बहस की शुरुआत में उन्होंने कहा कि जर्मनी के 14 विश्वविद्यालयों समेत 100 देशों के 250 विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा की पढ़ाई होती है. यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में आज संस्कृत भाषा के उत्थान, प्रचार-प्रसार एवं संस्कृत की गुणवत्तापरक, नवाचार युक्त शिक्षा देने के संकल्प के साथ 3 डीम्ड विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने संबंधी विधेयक को लोकसभा में पारित किया । सरकार संस्कृत के साथ ही तमिल, तेलुगू, बांग्ला, मलयालम, गुजराती, कन्नड़ आदि सभी भारतीय भाषाओं को सशक्त करने की पक्षधर है और सभी को मजबूत बनाना चाहती है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, श्री लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ और राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरुपति तीनों महत्वपूर्ण संस्थान हैं जिन्हें केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान करने का प्रस्ताव लाया गया है. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक 2019 लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ. अन्य केन्द्रीय विश्वविद्यालय की भांति संस्कृत के लिए समर्पित ये विश्वविद्यालय भी सम्बन्धित विषयों के अध्ययन-अध्यापन एवं अनुसंधान की दिशा में पूर्ण स्वायत्तता के साथ कार्य करेगें तथा भारतीय संस्कृति की ज्ञान परम्परा में निहित विज्ञानपरक उपलब्धियों का नियोजन करेगें।
संक्षिप्त सारांश: तीन मानद संस्कृत विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा इन विश्वविद्यालयों का उद्देश्य छात्रों को संस्कृत की शिक्षा देना है लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ विधेयक
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: RRB JE की परीक्षा तारीख, शहर और शिफ्ट की डिटेल जारी कर दी गई है. RRB JE Exam 22 मई से शुरू होगा. परीक्षा से संबंधित हर जानकारी आरआरबी की सभी वेबसाइट्स पर जारी की गई है. उम्मीदवार परीक्षा शहर और शिफ्ट की डिटेल (RRB JE Date City Shift Details) अपने रीजन की आरआरबी वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं. उम्मीदवारों को डिटेल चेक करने के रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से लॉग इन करना होगा. बता दें कि रेलवे (Railway) ने मॉक टेस्ट (RRB JE Mock Test) का लिंक भी एक्टिव कर दिया है, मॉक टेस्ट की मदद से उम्मीदवार पेपर सॉल्व करने की प्रैक्टिस कर सकते हैं. मॉक टेस्ट तैयारी के लिए काफी अहम होता है, इसकी मदद से उम्मीदवारों को पेपर पैटर्न और कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा के बारे में जानने को मिलेगा. उम्मीदवारों को बता दें कि अभी एडमिट कार्ड (RRB JE Admit Card) जारी नहीं किया गया है, लेकिन परीक्षा के 4 दिन पहले इस लिंक से ही उम्मीदवार एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे.  -उम्मीदवार परीक्षा से संबंधित हर जानकारी चेक करने के लिए नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करें.RRB JE Exam Details -अब City Intimation and Mock Test for CBT stage 1 के लिंक पर क्लिक करें. -अपने रीजन की RRB सेलेक्ट करें.  -अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालकर लॉग इन करें. -परीक्षा से संबंधित हर जानकारी आपकी स्क्रीन पर आ जाएगी.
सारांश: जूनियर इंजीनियर परीक्षा 22 अप्रैल से शुरू होगी. एडमिट कार्ड परीक्षा से 4 दिन पहले जारी होगा. भर्ती 13,000 से ज्यादा पदों पर होनी है.
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने कहा है कि कृषि क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के लिए खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है। कृषि मंत्री शरद पवार ने बुधवार को कहा कि भारत में ज्यादातर किसानों के पास छोटी जोत वाले खेत हैं, ऐसे में कृषि क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश :एफडीआई: की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का स्वागत किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद :आईसीएआर: की वार्षिक आम बैठक के मौके पर पवार ने कहा, कृषि के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की कोई आवश्यकता नहीं है। हमारे पास 82 से 86 प्रतिशत ऐसे किसान हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से कम की कृषि भूमि है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि कृषि के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने की कोई जरूरत है। उन्होंने कहा, कृषि प्रसंस्करण के क्षेत्र में तो विदेशी निवेश की बात तो समझी जा सकती है, वहां इसका स्वागत है। हम शीत भंडार श्रृंखला और कृषि प्रसंस्करण इकाइयों में एफडीआई का स्वागत करेंगे, लेकिन खेती में नहीं। मौजूदा रबी फसलों की संभावना के बारे में पवार ने कहा कि अभी तक स्थिति काफी उत्साहवर्धक है और देश में गेहूं, दलहन और गन्ने का भारी उत्पादन होगा। मंत्री ने कहा, गेहूं खेती का रकबा पिछले साल से ज्यादा है। वास्तव में इसका रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था और इस वर्ष उत्पादन पिछले साल से भी बेहतर रहेगा। यह पूछने पर कि क्या सरकार 2010-11 के फसल वर्ष :जुलाई-जून: में 8.2 करोड़ टन गेहूं उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करेगी, पवार ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए क्योंकि फसल की स्थिति बेहतर है और इसका रकबा भी पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है। उन्होंने कहा, एक और उपलब्धि यह है कि दलहन खेती का रकबा भी पर्याप्त बढ़ा है और हमें इस वर्ष बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। गन्ने का रकबा भी बढ़ा है और हमें इस साल भी बेहतर गन्ना फसल होने की उम्मीद है। कृषि मंत्रालय की बजट से अपेक्षाओं के बारे में पवार ने कहा, बजट के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। मेरी वित्त मंत्री के साथ विस्तार से चर्चा हुई है। देखें क्या कुछ निकलता है।
यह एक सारांश है: आईसीएआर की वार्षिक आम बैठक के मौके पर पवार ने कहा, कृषि के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की कोई आवश्यकता नहीं है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Redmi K20 Pro और Redmi K20 भारत में कब लॉन्च होंगे? इस सवाल का जवाब मिलता हुआ दिख रहा है। जानकारी दी गई है कि रेडमी के-सीरीज़ के दोनों ही फोन भारत में लॉन्च होने से चार हफ्ते दूर हैं। यह खुलासा Xiaomi इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनु कुमार जैन ने किया। Redmi K-सीरीज़ के दोनों ही फोन बीते महीने चीन में लॉन्च हुए थे। हाल ही में शाओमी ने ट्वीट किया था कि Redmi K20 Pro दुनिया का 'सबसे तेज़ स्मार्टफोन' है। बता दें कि Redmi K20 Pro स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर के साथ आता है जबकि Redmi K20 में स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर है। दोनों ही फोन 8 जीबी तक रैम से लैस हैं। मार्केट में Redmi K20 Pro की भिड़ंत OnePlus 7 Pro से होगी। यह फोन भी पॉप-अप सेल्फी कैमरा मॉड्यूल और इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ आता है। मनु कुमार जैन ने एक ट्वीट के ज़रिए Redmi K20 Pro और Redmi K20 के लॉन्च के संबंध में इशारा दिया है। उन्होंने लिखा, "One step at a time, one punch at a time, and one round at a time. Let's do it, guys. Let's show them how it's done. 4 weeks to go" अफसोस कि लॉन्च की तारीख को लेकर अभी भी कुछ नहीं बताया गया है। गौर करने वाली बात है कि यह पहला मौका नहीं है जब मनु कुमार जैन ने रेडमी के20 प्रो और रेडमी के 20 को भारत में लॉन्च के संबंध में कोई जानकारी दी है। इस महीने ही उन्होंने टीज़र ज़ारी करके इशारा दिया था कि Redmi K20 Pro और Redmi K20 भारतीय मार्केट में जुलाई के मध्य में लॉन्च हो सकते हैं। लेटेस्ट ट्वीट से भी यही इशारा मिलता है। बीते हफ्ते Xiaomi इंडिया ने Redmi K20 Pro का टीज़र ज़ारी किया था। इसमें दावा किया गया था कि यह दुनिया का सबसे तेज़ स्मार्टफोन है। इशारा साफ है, कंपनी दमदार स्पेसिफिकेशन के दम पर OnePlus 7 Pro को चुनौती देना चाहती है। कीमत को लेकर कोई टीज़र नहीं जारी किया गया है। लेकिन भारत में Redmi K20 और K20 Pro के दाम चीनी मार्केट के आसपास ही रहने की उम्मीद है। चीनी मार्केट में नए रेडमी के20 प्रो की शुरुआती कीमत 2,499 चीनी युआन (लगभग 25,200 रुपये) है। इस दाम में 6 जीबी रैम+ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट बेचा जाएगा। 6 जीबी रैम+ 128 जीबी, 8 जीबी रैम+ 128 जीबी और 8 जीबी रैम+ 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत क्रमश: 2,599 चीनी युआन (लगभग 26,200 रुपये), 2,799 चीनी युआन (लगभग 28,200 रुपये) और 2,999 चीनी युआन (लगभग 30,200 रुपये) है। Redmi K20 की शुरुआती कीमत 1,999 चीनी युआन (लगभग 20,200 रुपये) है, इस दाम में 6 जीबी + 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट बेचा जाएगा। फोन के 6 जीबी + 128 जीबी वेरिएंट की कीमत 2,099 चीनी युआन (लगभग 21,200 रुपये) होगी। हैंडसेट के 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 2,599 चीनी युआन (करीब 26,200 रुपये) में बेचा जाएगा। डुअल-सिम (नैनो) वाला रेडमी के20 प्रो स्मार्टफोन एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलता है। फोन में 6.39 इंच का एमोलेड फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) स्क्रीन है, इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5: 9 आस्पेक्ट रेशियो है। स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो 91.9 प्रतिशत है। Redmi K20 Pro स्मार्टफोन हार्डवेयर डीसी डिमिंग सपोर्ट और इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर से लैस है। Redmi K20 Pro में 2.85 गीगाहर्ट्ज़ ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। साथ ही इसमें ऐड्रेनो 640 जीपीयू और 8 जीबी तक रैम है। अब बात कैमरा सेटअप की। Redmi ब्रांड के इस फोन में तीन रियर कैमरे हैं, 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा है जो सोनी आईएमएक्स586 सेंसर से लैस है और इसका अपर्चर एफ/1.75 है। 13 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा है, वाइड-एंगल लेंस के साथ और तीसरा सेंसर 8 मेगापिक्सल का है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 20 मेगापिक्सल का पॉप-अप सेल्फी कैमरा दिया गया है। Redmi K20 Pro में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी है जो 27 वाट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट से लैस है। रेडमी के20 प्रो में यूएसबी टाइप-सी पोर्ट और 3.5 मिलीमीटर हेडफोन जैक भी दिया गया है। कनेक्टिविटी की बात करें तो फोन में वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ वर्जन 5.0, जीपीएस और एनएफसी सपोर्ट दिया गया है। फोटो, वीडियो और अन्य चीजों को सेव करने के लिए 256 जीबी तक स्टोरेज है, माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज को 512 जीबी तक बढ़ाना संभव है। फोन की लंबाई-चौड़ाई 156.7x74.3x8.8 मिलीमीटर और वज़न 191 ग्राम है। रेडमी के20 का डिज़ाइन और स्पेसिफिकेशन लगभग Redmi K20 Pro से मिलते-जुलते हैं। लेकिन Redmi K20 में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। Redmi K20 के तीन वेरिएंट हैं, 6 जीबी रैम/64 जीबी, 6 जीबी रैम/128 जीबी स्टोरेज और 8 जीबी रैम/256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट। यह फोन 18 वाट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट से लैस है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: Redmi K20 की शुरुआती कीमत 1,999 चीनी युआन (लगभग 20,200 रुपये) है रेडमी के20 प्रो की शुरुआती कीमत 2,499 चीनी युआन (लगभग 25,200 रुपये) है दोनों Redmi स्मार्टफोन 48 मेगापिक्सल के कैमरे से हैं लैस
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी मुम्बई इंडियंस टीम चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में वेस्टइंडीज की त्रिनिदाद एंड टोबैगो के खिलाफ सोमवार को जीत की लय बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी वहीं विपक्षी टीम की नजर पहली जीत दर्ज करने पर होगी। मुम्बई इंडियंस ने शनिवार को खेले गए अपने पहले मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स को तीन विकेट से हरा दिया। मुम्बई इंडियंस दो अंक अर्जित कर ग्रुप-'ए' में दूसरे स्थान पर है। त्रिनिदाद एंड टोबैगो टीम क्वालीफायर मुकाबलों के तहत मुख्य दौर में प्रवेश करने में सफल रही है। इस टीम ने अपने पहले क्वालीफायर मुकाबले में श्रीलंका की रुहुना राइनोज को पांच विकेट से हराया था जबकि दूसरे और अंतिम क्वालीफायर मुकाबले में त्रिनिदाद एंड टोबैगो ने इंग्लिश काउंटी टीम लीसेस्टरशायर को 51 रनों से मात दी थी। सुपर किंग्स के खिलाफ पहले मुकाबले में जीत दर्ज कर मुम्बई इंडियंस के हौंसले बुलंद हैं। नियमित कप्तान सचिन तेंदुलकर सहित कुल आठ खिलाड़ियों के चोट के कारण इस टूर्नामेंट से बाहर हो जाने के बावजूद हरभजन सिंह की कप्तानी में मुम्बई इंडियंस ने अंतिम ओवर में जीत दर्ज कर उन खिलाड़ियों की कमी को महसूस नहीं होने दिया। मुम्बई इंडियंस को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी एक बार फिर डेवी जैकब्स और आइडेन ब्लीजार्ड के कंधों पर होगी वहीं हरफनमौला एंड्रयू सायमंड्स, केरोन पोलार्ड मध्यक्रम को मजबूती प्रदान करेंगे। हरभजन और लसिथ मलिंगा ने सुपर किंग्स के खिलाफ आठवें विकेट के लिए नाबाद 53 रनों की साझेदारी की। इस प्रकार इस मुकाबले में भी उनसे गेंद के अलावा बल्ले से उम्मीद होगी। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मलिंगा, अबू नेचिम अहमद और पोलार्ड के कंधों पर होगी वहीं स्पिन की बागडोर हरभजन के हाथों में रहेगी। दूसरी ओर, त्रिनिदाद एंड टोबैगो टीम में लेंडल सिमंस, एड्रियन बाराथ, डेरेन ब्रावो, कप्तान डरेन गंगा, दिनेश रामदीन और जेसन मोहम्मद जैसे बल्लेबाज मौजूद हैं वहीं तेज गेंदबाजी में रवि रामपॉल और सैमुअल बद्री के अलावा कई और ऐसे गेंदबाज हैं जो सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को बेताब हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुम्बई इंडियंस चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में त्रिनिदाद एंड टोबैगो के खिलाफ सोमवार को जीत की लय बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया केस में मनी ट्रेल की जांच के लिए 5 देशों से संपर्क किया है. सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि 5 देशों को LR'S यानी लेटर ऑफ रोगेटरी भेजे गए हैं. इनमें यूके, स्विट्ज़रलैंड, बरमूडा, मॉरीशस और सिंगापुर शामिल हैं. आपको बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम को इसी मामले में कल सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया था. बृहस्पतिवार को उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया था. यहां दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि तथ्यों पर विचार करने के बाद रिमांड देना सही है और उन्हें 26 अगस्त तक सीबीआई की रिमांड पर भेज दिया.   कोर्ट ने चिदंबरम (P Chidambaram) के परिवार और वकील को हर रोज उनसे एक घंटे की मुलाकात की इजाजत दी है. इससे पहले बहस के दौरान सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद ही उन्हें अरेस्ट किया गया. दूसरे आरोपियों के आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करनी है. चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. सीबीआई का कहना था कि चिदंबरम ने पूरे दस्तावेज नहीं दिए बार-बार कहने के बाद भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए.  सीबीआई की विशेष अदालत में बहस के दौरान चिदंबरम (P. Chidambaram) ने भी अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा, 'सीबीआई ने मुझसे पूछा कि आपका कोई विदेश में अकाउंट है? मैंने बताया कि मेरे बेटे का विदेश में अकाउंट है. मेरा कोई अकाउंट बाहर नहीं है. मैंने 6 जून 2018 को सीबीआई के हर सवाल का जबाब दिया था. मैंने कोई पैसा नहीं लिया है. बता दें कि चिदंबरम ने 2 बार कोर्ट में बोलने की कोशिश की, लेकिन सीबीआई ने दोनों बार इसका विरोध किया. सीबीआई की तरफ से कहा गया कि ये गलत परंपरा है. इनकी तरफ से 2 वकील दलीलें दे रहे हैं, जिसका हमने विरोध नहीं किया.
यहाँ एक सारांश है:CBI ने पांच देशों से जांच में मांगी मदद इन देशों को LR'S यानी लेटर ऑफ रोगेटरी भेजे गए पी चिदंबरम इसी मामले में हैं सीबीआई हिरासत में
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बार्कलेज ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि का अनुमान घटाकर 4.7 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी ने कहा है कि 2014 में होने वाले आम चुनाव की अनिश्चितताओं के बीच देश की वृद्धि और राजकोषीय स्थिति पर दबाव रह सकता है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2012-13 में घटकर 5 प्रतिशत रह गई थी, जो एक दशक का न्यूनतम स्तर है। दशकभर के न्यूनतम स्तर पर आ गई थी। खनन एवं विनिर्माण उत्पादन में गिरावट के मद्देनजर अप्रैल से जून की तिमाही में वृद्धि दर घटकर 4.4 प्रतिशत पर आ गई, जो पिछले कई साल का न्यनूतम स्तर है।टिप्पणियां बार्कलेज के मुताबिक, विनिर्माण व खनन के रुझान नरम है और उच्च ब्याज दर की संभावना भी औद्योगिक वृद्धि के आड़े आ रही है। इसके अलावा देश राजकोषीय दबाव में है और आगामी आम चुनाव (अप्रैल से मई 2014) के कारण अर्थव्यवस्था में संभावित अनिश्चितता का माहौल है और यह निवेश की प्रक्रिया फिर से शुरू करने के आड़े आ सकता है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2012-13 में घटकर 5 प्रतिशत रह गई थी, जो एक दशक का न्यूनतम स्तर है। दशकभर के न्यूनतम स्तर पर आ गई थी। खनन एवं विनिर्माण उत्पादन में गिरावट के मद्देनजर अप्रैल से जून की तिमाही में वृद्धि दर घटकर 4.4 प्रतिशत पर आ गई, जो पिछले कई साल का न्यनूतम स्तर है।टिप्पणियां बार्कलेज के मुताबिक, विनिर्माण व खनन के रुझान नरम है और उच्च ब्याज दर की संभावना भी औद्योगिक वृद्धि के आड़े आ रही है। इसके अलावा देश राजकोषीय दबाव में है और आगामी आम चुनाव (अप्रैल से मई 2014) के कारण अर्थव्यवस्था में संभावित अनिश्चितता का माहौल है और यह निवेश की प्रक्रिया फिर से शुरू करने के आड़े आ सकता है। बार्कलेज के मुताबिक, विनिर्माण व खनन के रुझान नरम है और उच्च ब्याज दर की संभावना भी औद्योगिक वृद्धि के आड़े आ रही है। इसके अलावा देश राजकोषीय दबाव में है और आगामी आम चुनाव (अप्रैल से मई 2014) के कारण अर्थव्यवस्था में संभावित अनिश्चितता का माहौल है और यह निवेश की प्रक्रिया फिर से शुरू करने के आड़े आ सकता है। इसके अलावा देश राजकोषीय दबाव में है और आगामी आम चुनाव (अप्रैल से मई 2014) के कारण अर्थव्यवस्था में संभावित अनिश्चितता का माहौल है और यह निवेश की प्रक्रिया फिर से शुरू करने के आड़े आ सकता है।
सारांश: वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी ने कहा है कि 2014 में होने वाले आम चुनाव की अनिश्चितताओं के बीच देश की वृद्धि और राजकोषीय स्थिति पर दबाव रह सकता है।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी की मान्यता समाप्त करने की मांग की थी।टिप्पणियां स्वामी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को 90 करोड़ रुपये का ऋण देकर नियमों का उल्लंघन किया है। निर्वाचन आयोग ने स्वामी को भेजे एक पत्र में कहा है, "तीन और पांच नवम्बर को भेजा गया आपका पत्र विचारणीय नहीं है।" निर्वाचन आयोग ने आगे कहा है, "यदि पार्टी (कांग्रेस) ने आयकर अधिनियम के किसी प्रावधान का पालन नहीं किया है, जैसा कि आपने आरोप लगाया है, तो यह मामला आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।" स्वामी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को 90 करोड़ रुपये का ऋण देकर नियमों का उल्लंघन किया है। निर्वाचन आयोग ने स्वामी को भेजे एक पत्र में कहा है, "तीन और पांच नवम्बर को भेजा गया आपका पत्र विचारणीय नहीं है।" निर्वाचन आयोग ने आगे कहा है, "यदि पार्टी (कांग्रेस) ने आयकर अधिनियम के किसी प्रावधान का पालन नहीं किया है, जैसा कि आपने आरोप लगाया है, तो यह मामला आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।" निर्वाचन आयोग ने आगे कहा है, "यदि पार्टी (कांग्रेस) ने आयकर अधिनियम के किसी प्रावधान का पालन नहीं किया है, जैसा कि आपने आरोप लगाया है, तो यह मामला आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।"
यह एक सारांश है: निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी की मान्यता समाप्त करने की मांग की थी।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर मामले को लेकर भारत को आइसीजे (ICJ) में घसीटने की धमकी देने वाले पाकिस्तान को एक और झटका लगा है. इस मामले को लेकर पाकिस्तान के वकील खावर कुरैशी ने इमरान खान सरकार को आईना दिखाया है. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय(आईसीजे) में पाकिस्तान के वकील ने कहा है कि किसी राष्ट्र के हाथों हो रहे जनसंहार को साबित करने के लिए पुख्ता सबूत जुटाना मुश्किल है. पाकिस्तानी वकील ने कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र न्यायालय में ले जाये जाने की इमरान खान सरकार की कोशिशों के बीच यह दलील दी है. बहुचर्चित कुलभूषण जाधव मामले में आईसीजे में पाकिस्तान का पक्ष रखने वाले वकील खावर कुरैशी ने पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल से कहा कि जनसंहार को साबित करना काफी मुश्किल है. कुरैशी ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, "जनसंहार को साबित करने के लिए सबसे मौलिक बात ठोस सबूत जुटाना है और किसी राष्ट्र के हाथों हो रहे जनसंहार को साबित करना बेहद मुश्किल है." पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को आईसीजे में ले जाने की धमकी दी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कश्मीर मामले में दुनिया के कई देशों से संपर्क कर चुके हैं. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने और जम्मू कश्मीर को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बांटने के भारत सरकार के निर्णय के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहद तल्ख हो गए हैं.
संक्षिप्त सारांश: कश्मीर मसले पर पाक को लगा एक और झटका पाकिस्तानी वकील ने दिखाया इमरान खान सरकार को आईना कहा- जनसंहार को साबित करने के लिए सबूत जुटाना मुश्किल
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दक्षिणी दिल्ली में रविवार तड़के एक स्पोर्ट्स कार लैम्बोर्घिनी बस स्टॉप की रेलिंग से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें चालक की मौत हो गई, जबकि कार की टक्कर से एक साइकिल सवार घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना सुबह 5.30 बजे पंचशील एंक्लेव के पास हुई। कार चालक की पहचान सैनिक फार्म्स निवासी एक रियल इस्टेट कारोबारी के बेटे ऋषि के रूप में हुई, जबकि साइकिल सवार की पहचान 45 वर्षीय किशन के रूप में की गई है। उसे इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ऋषि की अलग-अलग उम्र बता रही है। मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने उसकी उम्र 27 बताई है, जबकि क्षेत्र की पुलिस चौकी के अधिकारी ने उसकी उम्र 28 वर्ष बताई है।टिप्पणियां पुलिस ने अंदेशा जताया है कि जताया है कि ऋषि सम्भवत: तेज गति से कार चला रहा था और इसी क्रम में उसने कार पर से नियंत्रण खो दिया और कार बस रैपिड ट्रांजिट (बीआरटी) कॉरीडोर से टकरा गई। पुलिस अधिकारी के अनुसार, "साइकिल सवार खानपुर गांव का रहने वाला है। उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वह बच जाएगा।" पुलिस के अनुसार, दुर्घटना सुबह 5.30 बजे पंचशील एंक्लेव के पास हुई। कार चालक की पहचान सैनिक फार्म्स निवासी एक रियल इस्टेट कारोबारी के बेटे ऋषि के रूप में हुई, जबकि साइकिल सवार की पहचान 45 वर्षीय किशन के रूप में की गई है। उसे इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ऋषि की अलग-अलग उम्र बता रही है। मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने उसकी उम्र 27 बताई है, जबकि क्षेत्र की पुलिस चौकी के अधिकारी ने उसकी उम्र 28 वर्ष बताई है।टिप्पणियां पुलिस ने अंदेशा जताया है कि जताया है कि ऋषि सम्भवत: तेज गति से कार चला रहा था और इसी क्रम में उसने कार पर से नियंत्रण खो दिया और कार बस रैपिड ट्रांजिट (बीआरटी) कॉरीडोर से टकरा गई। पुलिस अधिकारी के अनुसार, "साइकिल सवार खानपुर गांव का रहने वाला है। उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वह बच जाएगा।" पुलिस ऋषि की अलग-अलग उम्र बता रही है। मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने उसकी उम्र 27 बताई है, जबकि क्षेत्र की पुलिस चौकी के अधिकारी ने उसकी उम्र 28 वर्ष बताई है।टिप्पणियां पुलिस ने अंदेशा जताया है कि जताया है कि ऋषि सम्भवत: तेज गति से कार चला रहा था और इसी क्रम में उसने कार पर से नियंत्रण खो दिया और कार बस रैपिड ट्रांजिट (बीआरटी) कॉरीडोर से टकरा गई। पुलिस अधिकारी के अनुसार, "साइकिल सवार खानपुर गांव का रहने वाला है। उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वह बच जाएगा।" पुलिस ने अंदेशा जताया है कि जताया है कि ऋषि सम्भवत: तेज गति से कार चला रहा था और इसी क्रम में उसने कार पर से नियंत्रण खो दिया और कार बस रैपिड ट्रांजिट (बीआरटी) कॉरीडोर से टकरा गई। पुलिस अधिकारी के अनुसार, "साइकिल सवार खानपुर गांव का रहने वाला है। उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वह बच जाएगा।" पुलिस अधिकारी के अनुसार, "साइकिल सवार खानपुर गांव का रहने वाला है। उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वह बच जाएगा।"
यहाँ एक सारांश है:दक्षिणी दिल्ली में रविवार तड़के एक स्पोर्ट्स कार लैम्बोर्घिनी बस स्टॉप की रेलिंग से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें चालक की मौत हो गई, जबकि कार की टक्कर से एक साइकिल सवार घायल हो गया।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: बिहार के बक्सर जिले में आक्रोशित लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले में शामिल एक पुलिस वाहन के शीशे तोड़ दिए। मुख्यमंत्री अपनी सेवा यात्रा के दौरान मंगलवार से बक्सर जिले में हैं। इस दौरान बुधवार को वह विकास कार्यक्रमों का जायजा ले रहे थे कि जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर चौसा के समीप बिजली-पानी की समस्या को लेकर लोग हंगामा करने लगे।टिप्पणियां राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने बताया कि इस हंगामे के बाद मुख्यमंत्री ने आक्रोशित लोगों से बात की और समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद जब मुख्यमंत्री का काफिला चला गया, तब पीछे से आ रहे पुलिस वाहन पर किसी व्यक्ति ने ईंट फेंक दी जिससे वाहन के शीशे टूट गए। अभयानंद ने नीतीश के काफिले पर हमले की किसी भी घटना से इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सेवा यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। मुख्यमंत्री अपनी सेवा यात्रा के दौरान मंगलवार से बक्सर जिले में हैं। इस दौरान बुधवार को वह विकास कार्यक्रमों का जायजा ले रहे थे कि जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर चौसा के समीप बिजली-पानी की समस्या को लेकर लोग हंगामा करने लगे।टिप्पणियां राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने बताया कि इस हंगामे के बाद मुख्यमंत्री ने आक्रोशित लोगों से बात की और समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद जब मुख्यमंत्री का काफिला चला गया, तब पीछे से आ रहे पुलिस वाहन पर किसी व्यक्ति ने ईंट फेंक दी जिससे वाहन के शीशे टूट गए। अभयानंद ने नीतीश के काफिले पर हमले की किसी भी घटना से इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सेवा यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने बताया कि इस हंगामे के बाद मुख्यमंत्री ने आक्रोशित लोगों से बात की और समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद जब मुख्यमंत्री का काफिला चला गया, तब पीछे से आ रहे पुलिस वाहन पर किसी व्यक्ति ने ईंट फेंक दी जिससे वाहन के शीशे टूट गए। अभयानंद ने नीतीश के काफिले पर हमले की किसी भी घटना से इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सेवा यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। अभयानंद ने नीतीश के काफिले पर हमले की किसी भी घटना से इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सेवा यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
संक्षिप्त सारांश: बिहार के बक्सर जिले में आक्रोशित लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले में शामिल एक पुलिस वाहन के शीशे तोड़ दिए।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर ब्रीफकेस बम विस्फोट को अंजाम देने में संभवत: इस्तेमाल किया गया एक स्विच बरामद किया गया लेकिन विस्फोट के चार दिन बाद भी जांच अधिकारियों को कोई सफलता नहीं मिली है। शहर के विभिन्न अस्पतालों में अब भी 33 घायलों का उपचार चल रहा है। जांच अधिकारी विस्फोट मामले में ठोस सुराग हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वे अब इस बात की संभावना की जांच कर रहे हैं कि क्या इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादियों की हमले को अंजाम देने में किसी अन्य समूह ने मदद की। इस विस्फोट में 13 लोगों की मौत हुई थी और 88 अन्य घायल हुए थे। सूत्रों ने बताया कि बम विस्फोट में इस्तेमाल किए गए एक स्विच को जांच अधिकारियों ने बरामद किया है। लेकिन उन्होंने कहा कि अगर टाइमर उपकरण का इस्तेमाल किया गया था तो उसे बरामद किया जाना अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के आतंकवाद निरोधी दस्ते मामले पर काम कर रहे हैं लेकिन किसी को भी ठोस सुराग नहीं मिला है। जांच अधिकारी इंडियन मुजाहिदीन के कार्यकर्ताओं को कुछ अन्य समूहों से मदद मिलने की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। ऐसा 13 जुलाई को मुंबई में हुए तिहरे धमाके और उच्च न्यायालय के बाहर हुए विस्फोट के तुलनात्मक विश्लेषण के आधार पर कहा जा रहा है क्योंकि दोनों बमों में पाए गए घटक समान हैं। जांच अधिकारियों ने इस बात पर भी संदेह जताया कि साल 2008 में दिल्ली में हुए सिलसिलेवार धमाकों में कथित तौर पर शामिल इंडियन मुजाहिदीन के फरार 11 आतंकवादियों ने उच्च न्यायालय विस्फोट मामले में हो सकता है भूमिका निभाई हो।
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर ब्रीफकेस बम विस्फोट को अंजाम देने में संभवत: इस्तेमाल किया गया एक स्विच बरामद किया गया।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में ये पुरस्कार दिए जाएंगे. कार्यक्रम में उप- राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री और कई अन्य गणमान्य लोग शिरकत करेंगे. सरकार ने इस साल गरीबों की सेवा करने वालों, नि: शुल्क शिक्षा मुहैया कराने वाले स्कूल संचालित करने वालों और वैश्विक स्तर पर जनजातीय कलाकारों को लोकप्रिय बनाने वाली कई हस्तियों को पद्म पुरस्कारों के लिए चुना है. अधिकारी ने बताया कि इस साल 84 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई थी. इस सूची में तीन पद्म विभूषण, नौ पद्म भूषण और 72 पद्मश्री पुरस्कार शामिल थे.टिप्पणियां हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा की जाती है.  पद्म पुरस्कार 2018 के लिए नामित शेष लोगों को दो अप्रैल को आयोजित विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा.   हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा की जाती है.  पद्म पुरस्कार 2018 के लिए नामित शेष लोगों को दो अप्रैल को आयोजित विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा.
यह एक सारांश है: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 43 जानीमानी हस्तियों को देंगे पद्म पुरस्‍कार संगीतकार इलैयाराजा और हिंदुत्व विचारक परमेश्वरन परमेश्वरन को मिलेंगे पद्म राजनाथ सिंह ने 43 प्रमुख लोगों के लिए रात्रि भोज की मेजबानी
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा की अहम सहयोगी शिवसेना ने आज कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पूर्व संप्रग सरकार द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं का सिर्फ ‘‘उद्घाटन करने या उनका नाम बदलने’’ का ही काम किया है और उसने अपने तीन साल के शासन में नोटबंदी को छोड़कर कुछ भी उपलब्धि हासिल नहीं की है. राजग सरकार की घटक शिवसेना ने यह भी सवाल उठाया कि उसके तीन साल पूरे होने पर मनाए गए जश्न में क्या वे आम आदमी और किसान भी शामिल थे, जो नोटबंदी की मार सबसे ज्यादा झेलने वाले लोगों में थे. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में छपे एक संपादकीय में कहा गया कि नोटबंदी के अलावा सरकार ने कुछ भी नया नहीं किया. असम में भूपेन हजारिका ढोला-सदिया पुल और जम्मू-कश्मीर में चेनानी-नाशरी सुरंग का उदाहरण देते हुए संपादकीय में कहा गया, ‘‘कुछ अहम और बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत पिछली सरकार ने की थी और उनके उद्घाटन एवं नाम बदलने मात्र का काम पूरे जोर-शोर से किया गया.’’ पार्टी ने कहा कि बड़े नोटों को बंद कर देने के मोदी सरकार के ‘‘मजबूत एवं महत्वाकांक्षी’’ कदम ने औद्योगिक गतिविधियों में पंगुता ला दी और आईटी क्षेत्र में इससे बड़े स्तर पर रोजगार में कमी हुई.टिप्पणियां मराठी दैनिक ने कहा कि नोटबंदी किसानों के लिए एक झटका साबित हुई. उन्हें खरीफ के मौसम से पहले खेती के लिए रिण प्राप्त करने में मुश्किल हो रही है. नोटबंदी की घोषणा हुए छह माह से अधिक बीत चुके हैं. इस फैसले ने जिला सहकारी बैंकों को बुरी तरह प्रभावित किया. ये बैंक खेती से जुड़े रिणों का अहम स्रोत होते हैं. इसमें कहा गया कि सरकार शेयर बाजार के आंकड़े बढ़ने से खुश है लेकिन व्यथित किसानों और जिला सहकारी बैंकों की ‘तबाही’ से उस पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं देता. शिवसेना के मुखपत्र ने बड़े नोटों को बंद करने को लेकर रिजर्व बैंक पर भी निशाना साधा. शिवसेना ने सवाल उठाया, ‘‘किसानों की मेहनत की कमाई को कूड़ेदान में फेंक देने का अधिकार आरबीआई को किसने दिया?’’ राजग सरकार की घटक शिवसेना ने यह भी सवाल उठाया कि उसके तीन साल पूरे होने पर मनाए गए जश्न में क्या वे आम आदमी और किसान भी शामिल थे, जो नोटबंदी की मार सबसे ज्यादा झेलने वाले लोगों में थे. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में छपे एक संपादकीय में कहा गया कि नोटबंदी के अलावा सरकार ने कुछ भी नया नहीं किया. असम में भूपेन हजारिका ढोला-सदिया पुल और जम्मू-कश्मीर में चेनानी-नाशरी सुरंग का उदाहरण देते हुए संपादकीय में कहा गया, ‘‘कुछ अहम और बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत पिछली सरकार ने की थी और उनके उद्घाटन एवं नाम बदलने मात्र का काम पूरे जोर-शोर से किया गया.’’ पार्टी ने कहा कि बड़े नोटों को बंद कर देने के मोदी सरकार के ‘‘मजबूत एवं महत्वाकांक्षी’’ कदम ने औद्योगिक गतिविधियों में पंगुता ला दी और आईटी क्षेत्र में इससे बड़े स्तर पर रोजगार में कमी हुई.टिप्पणियां मराठी दैनिक ने कहा कि नोटबंदी किसानों के लिए एक झटका साबित हुई. उन्हें खरीफ के मौसम से पहले खेती के लिए रिण प्राप्त करने में मुश्किल हो रही है. नोटबंदी की घोषणा हुए छह माह से अधिक बीत चुके हैं. इस फैसले ने जिला सहकारी बैंकों को बुरी तरह प्रभावित किया. ये बैंक खेती से जुड़े रिणों का अहम स्रोत होते हैं. इसमें कहा गया कि सरकार शेयर बाजार के आंकड़े बढ़ने से खुश है लेकिन व्यथित किसानों और जिला सहकारी बैंकों की ‘तबाही’ से उस पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं देता. शिवसेना के मुखपत्र ने बड़े नोटों को बंद करने को लेकर रिजर्व बैंक पर भी निशाना साधा. शिवसेना ने सवाल उठाया, ‘‘किसानों की मेहनत की कमाई को कूड़ेदान में फेंक देने का अधिकार आरबीआई को किसने दिया?’’ शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में छपे एक संपादकीय में कहा गया कि नोटबंदी के अलावा सरकार ने कुछ भी नया नहीं किया. असम में भूपेन हजारिका ढोला-सदिया पुल और जम्मू-कश्मीर में चेनानी-नाशरी सुरंग का उदाहरण देते हुए संपादकीय में कहा गया, ‘‘कुछ अहम और बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत पिछली सरकार ने की थी और उनके उद्घाटन एवं नाम बदलने मात्र का काम पूरे जोर-शोर से किया गया.’’ पार्टी ने कहा कि बड़े नोटों को बंद कर देने के मोदी सरकार के ‘‘मजबूत एवं महत्वाकांक्षी’’ कदम ने औद्योगिक गतिविधियों में पंगुता ला दी और आईटी क्षेत्र में इससे बड़े स्तर पर रोजगार में कमी हुई.टिप्पणियां मराठी दैनिक ने कहा कि नोटबंदी किसानों के लिए एक झटका साबित हुई. उन्हें खरीफ के मौसम से पहले खेती के लिए रिण प्राप्त करने में मुश्किल हो रही है. नोटबंदी की घोषणा हुए छह माह से अधिक बीत चुके हैं. इस फैसले ने जिला सहकारी बैंकों को बुरी तरह प्रभावित किया. ये बैंक खेती से जुड़े रिणों का अहम स्रोत होते हैं. इसमें कहा गया कि सरकार शेयर बाजार के आंकड़े बढ़ने से खुश है लेकिन व्यथित किसानों और जिला सहकारी बैंकों की ‘तबाही’ से उस पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं देता. शिवसेना के मुखपत्र ने बड़े नोटों को बंद करने को लेकर रिजर्व बैंक पर भी निशाना साधा. शिवसेना ने सवाल उठाया, ‘‘किसानों की मेहनत की कमाई को कूड़ेदान में फेंक देने का अधिकार आरबीआई को किसने दिया?’’ असम में भूपेन हजारिका ढोला-सदिया पुल और जम्मू-कश्मीर में चेनानी-नाशरी सुरंग का उदाहरण देते हुए संपादकीय में कहा गया, ‘‘कुछ अहम और बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत पिछली सरकार ने की थी और उनके उद्घाटन एवं नाम बदलने मात्र का काम पूरे जोर-शोर से किया गया.’’ पार्टी ने कहा कि बड़े नोटों को बंद कर देने के मोदी सरकार के ‘‘मजबूत एवं महत्वाकांक्षी’’ कदम ने औद्योगिक गतिविधियों में पंगुता ला दी और आईटी क्षेत्र में इससे बड़े स्तर पर रोजगार में कमी हुई.टिप्पणियां मराठी दैनिक ने कहा कि नोटबंदी किसानों के लिए एक झटका साबित हुई. उन्हें खरीफ के मौसम से पहले खेती के लिए रिण प्राप्त करने में मुश्किल हो रही है. नोटबंदी की घोषणा हुए छह माह से अधिक बीत चुके हैं. इस फैसले ने जिला सहकारी बैंकों को बुरी तरह प्रभावित किया. ये बैंक खेती से जुड़े रिणों का अहम स्रोत होते हैं. इसमें कहा गया कि सरकार शेयर बाजार के आंकड़े बढ़ने से खुश है लेकिन व्यथित किसानों और जिला सहकारी बैंकों की ‘तबाही’ से उस पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं देता. शिवसेना के मुखपत्र ने बड़े नोटों को बंद करने को लेकर रिजर्व बैंक पर भी निशाना साधा. शिवसेना ने सवाल उठाया, ‘‘किसानों की मेहनत की कमाई को कूड़ेदान में फेंक देने का अधिकार आरबीआई को किसने दिया?’’ मराठी दैनिक ने कहा कि नोटबंदी किसानों के लिए एक झटका साबित हुई. उन्हें खरीफ के मौसम से पहले खेती के लिए रिण प्राप्त करने में मुश्किल हो रही है. नोटबंदी की घोषणा हुए छह माह से अधिक बीत चुके हैं. इस फैसले ने जिला सहकारी बैंकों को बुरी तरह प्रभावित किया. ये बैंक खेती से जुड़े रिणों का अहम स्रोत होते हैं. इसमें कहा गया कि सरकार शेयर बाजार के आंकड़े बढ़ने से खुश है लेकिन व्यथित किसानों और जिला सहकारी बैंकों की ‘तबाही’ से उस पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं देता. शिवसेना के मुखपत्र ने बड़े नोटों को बंद करने को लेकर रिजर्व बैंक पर भी निशाना साधा. शिवसेना ने सवाल उठाया, ‘‘किसानों की मेहनत की कमाई को कूड़ेदान में फेंक देने का अधिकार आरबीआई को किसने दिया?’’ इसमें कहा गया कि सरकार शेयर बाजार के आंकड़े बढ़ने से खुश है लेकिन व्यथित किसानों और जिला सहकारी बैंकों की ‘तबाही’ से उस पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं देता. शिवसेना के मुखपत्र ने बड़े नोटों को बंद करने को लेकर रिजर्व बैंक पर भी निशाना साधा. शिवसेना ने सवाल उठाया, ‘‘किसानों की मेहनत की कमाई को कूड़ेदान में फेंक देने का अधिकार आरबीआई को किसने दिया?’’
नोटबंदी के अलावा सरकार ने कुछ भी नया नहीं किया. राजग सरकार की घटक शिवसेना ने यह भी सवाल उठाया उद्घाटन एवं नाम बदलने मात्र का काम पूरे जोर-शोर से किया गया
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा वित्त वर्ष 2010-11 का आम बजट पेश किए जाने के अगले ही दिन यानी मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं हो सका और यह विपक्षी दलों के हंगामे की भेंट चढ़ गया। मध्य प्रदेश में किसानों की हालत, वर्ष 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों, जाति आधारित जनगणना और फोन टैपिंग के मामले को लेकर विपक्षी सदस्यों ने दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया। इसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल के सदस्यों ने 84 के दंगों में हरियाणा के रेवाड़ी में मारे गए लोगों के मामले को उठाने और इस पर चर्चा कराने की अनुमति की मांग करते हुए जबकि जनता दल (युनाइटेड) के सदस्यों ने जाति आधारित जनगणना और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सदस्यों ने टेलीफोन टैपिंग के मामले पर दोनों सदनों में हंगामा किया। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही पहली बार 11.15 बजे तक फिर दोपहर 12 बजे और उसके बाद दो बजे तक स्थगित हुई। उधर राज्यसभा 12 बजे तक स्थगित हुई। इसके बाद सदन में काकाज सामान्य रूप से चला। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने इसे गम्भीर मामला बताते हुए इस पर सदन में चर्चा कराए जाने की मांग की। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के तीन दिनों बाद कथित तौर पर गुस्साई भीड़ ने सिखों के गांव में हमला कर काफी खूनखराबा किया था। इस दौरान 32 लोग मारे गए थे। जिला प्रशासन को इस घटना की जांच करने का आदेश दिया गया था। भाजपा के सदस्यों ने मध्यप्रदेश में किसानों की हालत को लेकर काफी हंगामा किया। भाजपा के भूपेन्दर सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार पहले ही किसानों की सहायता के लिए 900 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार आग्रह किए जाने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से किसी प्रकार की सहायता मुहैया नहीं कराई जा रही है। लोकसभा में जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर भी हंगामा हुआ। सदस्यों ने कहा कि सरकार यह बताए कि जाति के आधार पर कब और कैसे जनगणना कराई जाएगी। विरोध कर रहे सांसद अध्यक्ष के आसन के करीब आ गए जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही 12 बजे जैसे ही शुरू हुई गृहमंत्री पी. चिदम्बरम ने जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। चिदम्बरम ने कहा, "जाति आधारित जनगणना जून में आरम्भ होगी और सितम्बर में समाप्त हो जाएगी। यदि कोई भी सदस्य अपनी सलाह देना चाहता है कि यह कैसे कराई जाए, तो उस पर विचार किया जाएगा।" ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सदस्य फोन टैपिंग मामले को लेकर इस दौरान लोकसभा में हंगामा कर रहे थे। उधर, राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को जैसे ही शुरू हुई भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी अकाली दल के सदस्यों ने रेवाड़ी में हुए सिखों की हत्या के मामले को उठाने की अनुमति देने की मांग की। राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने सदस्यों से कहा कि वह इस मामले में पहले नोटिस दे। उन्होंने सदस्यों से इस मुद्दे को शून्य काल के दौरान उठाने की बात कही। सदस्यों के शांत नहीं होने पर सभापति ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। लेकिन सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भाजपा के सदस्यों ने इस बार दूसरे मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
संक्षिप्त पाठ: वित्त मंत्री द्वारा वित्त वर्ष 2010-11 का आम बजट पेश किए जाने के अगले ही दिन यानी मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं हो सका।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लखनऊ समेत सूबे भर में एक सितंबर के बाद कहीं भी प्रतिबंधित प्लास्टिक बिकता पाया गया तो संबंधित क्षेत्र के थानेदार व नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे. कल से प्रदेश में 50 माइक्रान से पतली प्लास्टिक से कम के उत्पादों का इस्तेमाल करते पाया गया तो एक लाख रूपये तक जुर्माना और छह महीने की जेल की सजा का प्रावधान है. गृह विभाग के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने सोमवार 26 अगस्त को जारी निर्देश में कहा था कि 31 अगस्त के बाद अगर उत्तर प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक बेचे जाने की खबर मिली तो सम्बन्धित थानाध्यक्ष, नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी, वाणिज्य कर के क्षेत्रीय अफसर तथा सम्बन्धित क्षेत्र के मजिस्ट्रेट एवं क्षेत्राधिकारी को संयुक्त रूप से जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये कि वे सम्बन्धित मजिस्ट्रेट/क्षेत्राधिकारी से उनके क्षेत्र में पॉलीथीन की बिक्री रोकने के लिये समुचित कार्रवाई करने और विक्रय पूरी तरह रोकने के बारे में तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट दें. प्रमुख सचिव ने कहा था कि व्यापार मण्डल को लिखित रूप से प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बारे में बताकर उनसे सहमति ले ली जाए. इसके अलावा, सम्बन्धित जन प्रतिनिधि को भी इस बारे में अवगत कराया जाए. उन्होंने कहा था कि वह खुद इन क्षेत्रों में जाकर देखेंगे कि पाबंदी का पालन किया जा रहा है या नहीं. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाये जाने और ऐसा न होने पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी के बाद लखनऊ पुलिस ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुये लोगों से कहा है कि प्लास्टिक की बिक्री और निर्माण करने वालों के बारे में इस नंबर पर सूचित करें. लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने गुरूवार को कहा था, 'शहर के लोग आगे आएं और शहर में प्लास्टिक निर्माण और बिक्री के बारे में एंटी क्राइम हेल्पलाइन नंबर 7839861314 पर सूचित करें. सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जायेगी.' यूपी विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने संसद की तर्ज पर यूपी विधानसभा के विधानभवन परिसर को पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं.  दीक्षित ने बताया कि यह निर्देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्लास्टिक के इस्तेमाल को पूरी तरह से बंद करने के सुझाव पर दिए गए हैं.
यह एक सारांश है: यूपी में आज से प्लास्टिक और उससे बने सामान पर प्रतिबंध एक लाख रूपये तक जुर्माना और छह महीने की जेल की सजा का प्रावधान लखनऊ पुलिस ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: पर्यावरण संबंधी समूह सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल हेल्थ ने एक जांच में पेप्सी के उत्पादों में कैंसरकारी तत्त्व पाया है। समूह ने बुधवार को कहा कि पेप्सी में इस्तेमाल किए गए कैरामेल कलरिंग में अब भी एक कैंसरकारी तत्त्व चिंताजनक स्तर पर मौजूद है, भले ही कंपनी ने कहा है कि वह अपना फार्मूला बदलेगी। मार्च में पेप्सीको और कोका कोला दोनों ही कंपनियों ने कहा था कि वे राष्ट्रीय स्तर पर अपने-अपने फार्मूले में बदलाव करेगी। कंपनियों ने यह बयान कैलिफोर्निया सरकार द्वारा एक कानून पारित करने के बाद दिया था।टिप्पणियां कैलिफोर्निया की सरकार ने कानून पारित कर यह अनिवार्य किया है कि पेय पदार्थ में एक निश्चित स्तर तक ही कैंसरकारी तत्त्व मौजूद रह सकते हैं और साथ ही कंपनियों को कैंसर की चेतावनी वाला एक लेबल लगाना होगा। समूह ने पाया कि जहां कोक के उत्पादों में टेस्ट पॉजिटिव नहीं थी, वहीं कैलिफोर्निया से बाहर बेचे गए पेप्सी के उत्पादों में ये तत्त्व अब भी मौजूद हैं। मार्च में पेप्सीको और कोका कोला दोनों ही कंपनियों ने कहा था कि वे राष्ट्रीय स्तर पर अपने-अपने फार्मूले में बदलाव करेगी। कंपनियों ने यह बयान कैलिफोर्निया सरकार द्वारा एक कानून पारित करने के बाद दिया था।टिप्पणियां कैलिफोर्निया की सरकार ने कानून पारित कर यह अनिवार्य किया है कि पेय पदार्थ में एक निश्चित स्तर तक ही कैंसरकारी तत्त्व मौजूद रह सकते हैं और साथ ही कंपनियों को कैंसर की चेतावनी वाला एक लेबल लगाना होगा। समूह ने पाया कि जहां कोक के उत्पादों में टेस्ट पॉजिटिव नहीं थी, वहीं कैलिफोर्निया से बाहर बेचे गए पेप्सी के उत्पादों में ये तत्त्व अब भी मौजूद हैं। कैलिफोर्निया की सरकार ने कानून पारित कर यह अनिवार्य किया है कि पेय पदार्थ में एक निश्चित स्तर तक ही कैंसरकारी तत्त्व मौजूद रह सकते हैं और साथ ही कंपनियों को कैंसर की चेतावनी वाला एक लेबल लगाना होगा। समूह ने पाया कि जहां कोक के उत्पादों में टेस्ट पॉजिटिव नहीं थी, वहीं कैलिफोर्निया से बाहर बेचे गए पेप्सी के उत्पादों में ये तत्त्व अब भी मौजूद हैं। समूह ने पाया कि जहां कोक के उत्पादों में टेस्ट पॉजिटिव नहीं थी, वहीं कैलिफोर्निया से बाहर बेचे गए पेप्सी के उत्पादों में ये तत्त्व अब भी मौजूद हैं।
यहाँ एक सारांश है:कैलिफोर्निया की सरकार ने कानून पारित कर यह अनिवार्य किया है कि पेय पदार्थ में एक निश्चित स्तर तक ही कैंसरकारी तत्त्व मौजूद रह सकते हैं और साथ ही कंपनियों को कैंसर की चेतावनी वाला एक लेबल लगाना होगा।
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री और गुजरात क्रिकेट संघ के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी व्यस्तता के चलते झारखंड की राजधानी रांची में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं आ सकेंगे। मोदी के जनसंपर्क अधिकारी जगदीश ने फोन पर बताया कि अपनी पूर्व व्यस्तताओं के चलते मोदी ने नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के उद्घाटन कार्यक्रम में आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है।टिप्पणियां इस बारे में फिलहाल झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन झारखंड भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भी इस खबर की पुष्टि की है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 जनवरी को भारत-इंग्लैंड मैच से पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री और झारखंड के कार्यवाहक मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को 18 जनवरी को रंगारंग कार्यक्रम में इस स्टेडियम का उद्घाटन करना था। 19 जनवरी को निर्धारित तीसरे एकदिवसीय क्रिकेट मैच के लिए बुधवार शाम भारत और इंग्लैंड की टीमें यहां पहुंच गईं और गुरुवार को वह नवनिर्मित स्टेडियम में अभ्यास कर रही हैं। मोदी के जनसंपर्क अधिकारी जगदीश ने फोन पर बताया कि अपनी पूर्व व्यस्तताओं के चलते मोदी ने नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के उद्घाटन कार्यक्रम में आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है।टिप्पणियां इस बारे में फिलहाल झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन झारखंड भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भी इस खबर की पुष्टि की है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 जनवरी को भारत-इंग्लैंड मैच से पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री और झारखंड के कार्यवाहक मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को 18 जनवरी को रंगारंग कार्यक्रम में इस स्टेडियम का उद्घाटन करना था। 19 जनवरी को निर्धारित तीसरे एकदिवसीय क्रिकेट मैच के लिए बुधवार शाम भारत और इंग्लैंड की टीमें यहां पहुंच गईं और गुरुवार को वह नवनिर्मित स्टेडियम में अभ्यास कर रही हैं। इस बारे में फिलहाल झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन झारखंड भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भी इस खबर की पुष्टि की है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 जनवरी को भारत-इंग्लैंड मैच से पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री और झारखंड के कार्यवाहक मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को 18 जनवरी को रंगारंग कार्यक्रम में इस स्टेडियम का उद्घाटन करना था। 19 जनवरी को निर्धारित तीसरे एकदिवसीय क्रिकेट मैच के लिए बुधवार शाम भारत और इंग्लैंड की टीमें यहां पहुंच गईं और गुरुवार को वह नवनिर्मित स्टेडियम में अभ्यास कर रही हैं। 19 जनवरी को निर्धारित तीसरे एकदिवसीय क्रिकेट मैच के लिए बुधवार शाम भारत और इंग्लैंड की टीमें यहां पहुंच गईं और गुरुवार को वह नवनिर्मित स्टेडियम में अभ्यास कर रही हैं।
संक्षिप्त सारांश: गुजरात के मुख्यमंत्री और गुजरात क्रिकेट संघ के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी व्यस्तता के चलते झारखंड की राजधानी रांची में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं आ सकेंगे।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: पीसीबी के अंतरिम अध्यक्ष नजम सेठी ने कहा कि ब्रिटिश टैबलायड के दावे को लेकर बोर्ड आईसीसी के संपर्क में है।टिप्पणियां अखबार ने कहा था कि पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच हाल में खेली गई एक-दिवसीय शृंखला के मैचों की आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक एवं सुरक्षा इकाई जांच कर रही है। सेठी ने कहा कि बोर्ड इस मामले में पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से संपर्क कर चुका है और उसने मीडिया रिपोर्ट पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले को लेकर आईसीसी के संपर्क में हैं और हमने उनसे स्थिति स्पष्ट करने के लिये कहा है।’’ अखबार ने कहा था कि पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच हाल में खेली गई एक-दिवसीय शृंखला के मैचों की आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक एवं सुरक्षा इकाई जांच कर रही है। सेठी ने कहा कि बोर्ड इस मामले में पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से संपर्क कर चुका है और उसने मीडिया रिपोर्ट पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले को लेकर आईसीसी के संपर्क में हैं और हमने उनसे स्थिति स्पष्ट करने के लिये कहा है।’’ सेठी ने कहा कि बोर्ड इस मामले में पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से संपर्क कर चुका है और उसने मीडिया रिपोर्ट पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले को लेकर आईसीसी के संपर्क में हैं और हमने उनसे स्थिति स्पष्ट करने के लिये कहा है।’’
संक्षिप्त सारांश: अखबार ने कहा था कि पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच हाल में खेली गई एक-दिवसीय शृंखला के मैचों की आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक एवं सुरक्षा इकाई जांच कर रही है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध में लगातार बयान दे रहे दो सांसदों को बुधवार को जनता दल (युनाइटेड) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया। इसकी पुष्टि करते हुए जद (यू) के प्रवक्ता क़े सी़ त्यागी ने बुधवार को बताया कि मुजफ्फरपुर के सांसद जय नारायण निषाद और गोपालगंज के सांसद पूर्णमासी राम को पार्टी से छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया। दोनों सांसद लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और बिहार के मुख्यमंत्री के विरोध में बयान दे रहे थे।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व निषाद ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा पूर्ति के लिए एक यज्ञ करवाया था। उधर, राम ने मंगलवार को नीतीश पर चारा घोटाला में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर वे दोषी हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इसकी पुष्टि करते हुए जद (यू) के प्रवक्ता क़े सी़ त्यागी ने बुधवार को बताया कि मुजफ्फरपुर के सांसद जय नारायण निषाद और गोपालगंज के सांसद पूर्णमासी राम को पार्टी से छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया। दोनों सांसद लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और बिहार के मुख्यमंत्री के विरोध में बयान दे रहे थे।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व निषाद ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा पूर्ति के लिए एक यज्ञ करवाया था। उधर, राम ने मंगलवार को नीतीश पर चारा घोटाला में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर वे दोषी हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व निषाद ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा पूर्ति के लिए एक यज्ञ करवाया था। उधर, राम ने मंगलवार को नीतीश पर चारा घोटाला में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर वे दोषी हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, राम ने मंगलवार को नीतीश पर चारा घोटाला में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर वे दोषी हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
यहाँ एक सारांश है:बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध में लगातार बयान दे रहे दो सांसदों को बुधवार को जनता दल (युनाइटेड) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इलाहाबाद में चल रहे कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर पांच स्थित परमानंद शिविर में आग लगने की खबर है। शिविर के दो तंबुओं में आग लग गई। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दूसरी ओर, संगम के सभी अठारह घाट 'हर-हर गंगे' और 'जय गंगा मैया' के नारों से गुंजायमान हैं। तड़के तीन बजे से श्रद्घालुओं के घाटों पर पहुंचने और स्नान करने का सिलसिला जारी है। इलाहाबाद मंडल के मण्डलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने संवाददाताओं को बताया कि दोपहर एक बजे तक करीब 45 लाख श्रद्घालु स्नान कर चुके हैं। शाम तक 70 लाख से अधिक श्रद्घालुओं के डुबकी लगाने की सम्भावना है। ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक करीब सत्तर साल बाद पौष पूर्णिमा पर रवि-पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ योग बना है। पौष पूर्णिमा के शाही स्नान के साथ कल्पवास की शुरुआत हो गई है। अगले एक महीने तक देश-विदेश के श्रद्घालु संगम तट पर कल्पवास कर के जप-तप करेंगे। दूसरे शाही स्नान पर संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। महाकुम्भ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आऱ क़े एस़ राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि चप्पे-चप्पे पर तैनात करीब तीस हजार सुरक्षाकर्मी हर आने जाने वाले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। आयोजन स्थल पर पुलिस बलों को सादी वर्दी में भी तैनात किया गया है।टिप्पणियां राठौर ने बताया कि सभी घाटों पर जल पुलिस के जवान लगाए गए हैं, ताकि स्नान के वक्त कोई श्रद्घालु न डूबे। मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान के अवसर पर करीब एक करोड़ श्रद्घालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 14 जनवरी को शुरू हुए 55 दिवसीय महाकुम्भ मेले का समापन दस फरवरी होगा। दूसरी ओर, संगम के सभी अठारह घाट 'हर-हर गंगे' और 'जय गंगा मैया' के नारों से गुंजायमान हैं। तड़के तीन बजे से श्रद्घालुओं के घाटों पर पहुंचने और स्नान करने का सिलसिला जारी है। इलाहाबाद मंडल के मण्डलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने संवाददाताओं को बताया कि दोपहर एक बजे तक करीब 45 लाख श्रद्घालु स्नान कर चुके हैं। शाम तक 70 लाख से अधिक श्रद्घालुओं के डुबकी लगाने की सम्भावना है। ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक करीब सत्तर साल बाद पौष पूर्णिमा पर रवि-पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ योग बना है। पौष पूर्णिमा के शाही स्नान के साथ कल्पवास की शुरुआत हो गई है। अगले एक महीने तक देश-विदेश के श्रद्घालु संगम तट पर कल्पवास कर के जप-तप करेंगे। दूसरे शाही स्नान पर संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। महाकुम्भ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आऱ क़े एस़ राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि चप्पे-चप्पे पर तैनात करीब तीस हजार सुरक्षाकर्मी हर आने जाने वाले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। आयोजन स्थल पर पुलिस बलों को सादी वर्दी में भी तैनात किया गया है।टिप्पणियां राठौर ने बताया कि सभी घाटों पर जल पुलिस के जवान लगाए गए हैं, ताकि स्नान के वक्त कोई श्रद्घालु न डूबे। मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान के अवसर पर करीब एक करोड़ श्रद्घालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 14 जनवरी को शुरू हुए 55 दिवसीय महाकुम्भ मेले का समापन दस फरवरी होगा। इलाहाबाद मंडल के मण्डलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने संवाददाताओं को बताया कि दोपहर एक बजे तक करीब 45 लाख श्रद्घालु स्नान कर चुके हैं। शाम तक 70 लाख से अधिक श्रद्घालुओं के डुबकी लगाने की सम्भावना है। ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक करीब सत्तर साल बाद पौष पूर्णिमा पर रवि-पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ योग बना है। पौष पूर्णिमा के शाही स्नान के साथ कल्पवास की शुरुआत हो गई है। अगले एक महीने तक देश-विदेश के श्रद्घालु संगम तट पर कल्पवास कर के जप-तप करेंगे। दूसरे शाही स्नान पर संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। महाकुम्भ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आऱ क़े एस़ राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि चप्पे-चप्पे पर तैनात करीब तीस हजार सुरक्षाकर्मी हर आने जाने वाले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। आयोजन स्थल पर पुलिस बलों को सादी वर्दी में भी तैनात किया गया है।टिप्पणियां राठौर ने बताया कि सभी घाटों पर जल पुलिस के जवान लगाए गए हैं, ताकि स्नान के वक्त कोई श्रद्घालु न डूबे। मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान के अवसर पर करीब एक करोड़ श्रद्घालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 14 जनवरी को शुरू हुए 55 दिवसीय महाकुम्भ मेले का समापन दस फरवरी होगा। ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक करीब सत्तर साल बाद पौष पूर्णिमा पर रवि-पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ योग बना है। पौष पूर्णिमा के शाही स्नान के साथ कल्पवास की शुरुआत हो गई है। अगले एक महीने तक देश-विदेश के श्रद्घालु संगम तट पर कल्पवास कर के जप-तप करेंगे। दूसरे शाही स्नान पर संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। महाकुम्भ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आऱ क़े एस़ राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि चप्पे-चप्पे पर तैनात करीब तीस हजार सुरक्षाकर्मी हर आने जाने वाले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। आयोजन स्थल पर पुलिस बलों को सादी वर्दी में भी तैनात किया गया है।टिप्पणियां राठौर ने बताया कि सभी घाटों पर जल पुलिस के जवान लगाए गए हैं, ताकि स्नान के वक्त कोई श्रद्घालु न डूबे। मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान के अवसर पर करीब एक करोड़ श्रद्घालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 14 जनवरी को शुरू हुए 55 दिवसीय महाकुम्भ मेले का समापन दस फरवरी होगा। पौष पूर्णिमा के शाही स्नान के साथ कल्पवास की शुरुआत हो गई है। अगले एक महीने तक देश-विदेश के श्रद्घालु संगम तट पर कल्पवास कर के जप-तप करेंगे। दूसरे शाही स्नान पर संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। महाकुम्भ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आऱ क़े एस़ राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि चप्पे-चप्पे पर तैनात करीब तीस हजार सुरक्षाकर्मी हर आने जाने वाले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। आयोजन स्थल पर पुलिस बलों को सादी वर्दी में भी तैनात किया गया है।टिप्पणियां राठौर ने बताया कि सभी घाटों पर जल पुलिस के जवान लगाए गए हैं, ताकि स्नान के वक्त कोई श्रद्घालु न डूबे। मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान के अवसर पर करीब एक करोड़ श्रद्घालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 14 जनवरी को शुरू हुए 55 दिवसीय महाकुम्भ मेले का समापन दस फरवरी होगा। दूसरे शाही स्नान पर संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। महाकुम्भ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आऱ क़े एस़ राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि चप्पे-चप्पे पर तैनात करीब तीस हजार सुरक्षाकर्मी हर आने जाने वाले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। आयोजन स्थल पर पुलिस बलों को सादी वर्दी में भी तैनात किया गया है।टिप्पणियां राठौर ने बताया कि सभी घाटों पर जल पुलिस के जवान लगाए गए हैं, ताकि स्नान के वक्त कोई श्रद्घालु न डूबे। मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान के अवसर पर करीब एक करोड़ श्रद्घालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 14 जनवरी को शुरू हुए 55 दिवसीय महाकुम्भ मेले का समापन दस फरवरी होगा। महाकुम्भ मेले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आऱ क़े एस़ राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि चप्पे-चप्पे पर तैनात करीब तीस हजार सुरक्षाकर्मी हर आने जाने वाले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। आयोजन स्थल पर पुलिस बलों को सादी वर्दी में भी तैनात किया गया है।टिप्पणियां राठौर ने बताया कि सभी घाटों पर जल पुलिस के जवान लगाए गए हैं, ताकि स्नान के वक्त कोई श्रद्घालु न डूबे। मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान के अवसर पर करीब एक करोड़ श्रद्घालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 14 जनवरी को शुरू हुए 55 दिवसीय महाकुम्भ मेले का समापन दस फरवरी होगा। राठौर ने बताया कि सभी घाटों पर जल पुलिस के जवान लगाए गए हैं, ताकि स्नान के वक्त कोई श्रद्घालु न डूबे। मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान के अवसर पर करीब एक करोड़ श्रद्घालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 14 जनवरी को शुरू हुए 55 दिवसीय महाकुम्भ मेले का समापन दस फरवरी होगा। मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान के अवसर पर करीब एक करोड़ श्रद्घालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 14 जनवरी को शुरू हुए 55 दिवसीय महाकुम्भ मेले का समापन दस फरवरी होगा।
सारांश: इलाहाबाद में चल रहे कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर पांच स्थित परमानंद शिविर में आग लगने की खबर है। शिविर के दो तंबुओं में आग लग गई। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद ने पाकिस्तान सरकार से नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर भारत के साथ ‘गंभीर बातचीत’ करने का आह्वान किया है। लाहौर से 70 किलोमीटर दूर, सीमावर्ती शहर सियालकोट में सोमवार को सईद ने जमात-उद-दावा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। सईद ने कहा ‘‘इस्लामाबाद को इस गंभीर मुद्दे पर नयी दिल्ली के साथ गंभीर बातचीत करनी चाहिए क्योंकि इससे पाकिस्तान की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है।’’ उसने कहा ‘‘यहां आने वाले पानी को रोक कर भारत हमारे देश को बंजर बनाने का प्रयास कर रहा है।’’ प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक ने कहा कि विश्व समुदाय जम्मू और कश्मीर के लोगों के बलिदान को कभी नजरअंदाज नहीं कर सकता।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि हजारों कश्मीरियों के बलिदान का परिणाम जल्द ही मिलेगा। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा नाटो बलों के लिए आपूर्ति की खातिर अफगानिस्तान जाने वाले मार्ग खोले जाने की आलोचना करते हुए सईद ने कहा कि इस निर्णय के खिलाफ देफा-ए-पाकिस्तान काउंसिल अपना विरोध जारी रखेगा। नाटो बलों के लिए आपूर्ति की खातिर अफगानिस्तान जाने वाले मार्ग पिछले सात माह से बंद थे। हाल ही में पाक सरकार ने इन मार्गों को खोल दिया। यह मार्ग पाकिस्तान ने गत नवंबर में नाटो बलों के हवाई हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के विरोध में बंद किया था। पिछले दिनों अमेरिका ने इस घटना के लिए माफी मांगी, तब पाक ने यह मार्ग खोले। अमेरिका ने सईद को पकड़ने के लिए एक करोड़ डालर का इनाम रखा है लेकिन जमाद उद दावा का यह नेता देश में, खास कर पंजाब प्रांत में खुले आम सार्वजनिक सभाएं करता रहा है। सईद ने कहा ‘‘इस्लामाबाद को इस गंभीर मुद्दे पर नयी दिल्ली के साथ गंभीर बातचीत करनी चाहिए क्योंकि इससे पाकिस्तान की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है।’’ उसने कहा ‘‘यहां आने वाले पानी को रोक कर भारत हमारे देश को बंजर बनाने का प्रयास कर रहा है।’’ प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक ने कहा कि विश्व समुदाय जम्मू और कश्मीर के लोगों के बलिदान को कभी नजरअंदाज नहीं कर सकता।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि हजारों कश्मीरियों के बलिदान का परिणाम जल्द ही मिलेगा। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा नाटो बलों के लिए आपूर्ति की खातिर अफगानिस्तान जाने वाले मार्ग खोले जाने की आलोचना करते हुए सईद ने कहा कि इस निर्णय के खिलाफ देफा-ए-पाकिस्तान काउंसिल अपना विरोध जारी रखेगा। नाटो बलों के लिए आपूर्ति की खातिर अफगानिस्तान जाने वाले मार्ग पिछले सात माह से बंद थे। हाल ही में पाक सरकार ने इन मार्गों को खोल दिया। यह मार्ग पाकिस्तान ने गत नवंबर में नाटो बलों के हवाई हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के विरोध में बंद किया था। पिछले दिनों अमेरिका ने इस घटना के लिए माफी मांगी, तब पाक ने यह मार्ग खोले। अमेरिका ने सईद को पकड़ने के लिए एक करोड़ डालर का इनाम रखा है लेकिन जमाद उद दावा का यह नेता देश में, खास कर पंजाब प्रांत में खुले आम सार्वजनिक सभाएं करता रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों कश्मीरियों के बलिदान का परिणाम जल्द ही मिलेगा। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा नाटो बलों के लिए आपूर्ति की खातिर अफगानिस्तान जाने वाले मार्ग खोले जाने की आलोचना करते हुए सईद ने कहा कि इस निर्णय के खिलाफ देफा-ए-पाकिस्तान काउंसिल अपना विरोध जारी रखेगा। नाटो बलों के लिए आपूर्ति की खातिर अफगानिस्तान जाने वाले मार्ग पिछले सात माह से बंद थे। हाल ही में पाक सरकार ने इन मार्गों को खोल दिया। यह मार्ग पाकिस्तान ने गत नवंबर में नाटो बलों के हवाई हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के विरोध में बंद किया था। पिछले दिनों अमेरिका ने इस घटना के लिए माफी मांगी, तब पाक ने यह मार्ग खोले। अमेरिका ने सईद को पकड़ने के लिए एक करोड़ डालर का इनाम रखा है लेकिन जमाद उद दावा का यह नेता देश में, खास कर पंजाब प्रांत में खुले आम सार्वजनिक सभाएं करता रहा है। यह मार्ग पाकिस्तान ने गत नवंबर में नाटो बलों के हवाई हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के विरोध में बंद किया था। पिछले दिनों अमेरिका ने इस घटना के लिए माफी मांगी, तब पाक ने यह मार्ग खोले। अमेरिका ने सईद को पकड़ने के लिए एक करोड़ डालर का इनाम रखा है लेकिन जमाद उद दावा का यह नेता देश में, खास कर पंजाब प्रांत में खुले आम सार्वजनिक सभाएं करता रहा है।
सारांश: जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद ने पाकिस्तान सरकार से नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर भारत के साथ ‘गंभीर बातचीत’ करने का आह्वान किया है।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओं ने अपने देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर व्यक्त चिंताओं को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि चीन वृद्धि की राह पर मजबूती से बढ़ता रहेगा और विश्व अर्थव्यवस्था की प्रगति में उसका योगदान होगा। हू ने मेक्सिको में जी-20 शिखर बैठक से पहले वहां के अखबार ‘रिफार्मा’ के साथ बातचीत में कहा, ‘चीन की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आर्थिक वृद्धि की राह पर बनी हुई है।’ शिखर सम्मेलन वहां लास काबोस में आयोजित किया गया है। उल्लेखनीय है कि हाल में चीन के निर्यात की वृद्धि दर में गिरावट को देखते हुए उसकी आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं को लेकर आंशकाएं जाहिर की गयी हैं।टिप्पणियां चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके देश की अर्थव्यवस्था को को इस समय ‘जटिल और गंभीर आर्थिक परिस्थितियों’ का सामना करना पड़ रहा है। इसको देखते हुए चीन ने वृहद आर्थिक नियमों को सुधारने और सुदृढ़ करने, वृद्धि के माडल में बदलाव की प्रक्रिया को गति देने, आर्थिक ढांचे को समायोजित करने तथा घरेलू मांग को दीर्घकाल में बढ़ाने के लिए सुनिश्चित कदम उठाए हैं।’ हू ने बताया कि चालू वर्ष की पहली तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि 8.1 प्रतिशत रही और चालू खाते की बचत घट कर जीडीपी के 1.4 प्रतिशत के स्तर पर आ गयी। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अनुसार पिछले साल चीन की वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत थी और इस बार यह 8.5 प्रशित रहने की संभावना है। अमेरिका और यूरोप में नरमी के कारण चीन की आर्थिक चक्की भी काफी धीमी हो गयी है। चीन ने जीडीपी में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। हू ने मेक्सिको में जी-20 शिखर बैठक से पहले वहां के अखबार ‘रिफार्मा’ के साथ बातचीत में कहा, ‘चीन की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आर्थिक वृद्धि की राह पर बनी हुई है।’ शिखर सम्मेलन वहां लास काबोस में आयोजित किया गया है। उल्लेखनीय है कि हाल में चीन के निर्यात की वृद्धि दर में गिरावट को देखते हुए उसकी आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं को लेकर आंशकाएं जाहिर की गयी हैं।टिप्पणियां चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके देश की अर्थव्यवस्था को को इस समय ‘जटिल और गंभीर आर्थिक परिस्थितियों’ का सामना करना पड़ रहा है। इसको देखते हुए चीन ने वृहद आर्थिक नियमों को सुधारने और सुदृढ़ करने, वृद्धि के माडल में बदलाव की प्रक्रिया को गति देने, आर्थिक ढांचे को समायोजित करने तथा घरेलू मांग को दीर्घकाल में बढ़ाने के लिए सुनिश्चित कदम उठाए हैं।’ हू ने बताया कि चालू वर्ष की पहली तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि 8.1 प्रतिशत रही और चालू खाते की बचत घट कर जीडीपी के 1.4 प्रतिशत के स्तर पर आ गयी। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अनुसार पिछले साल चीन की वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत थी और इस बार यह 8.5 प्रशित रहने की संभावना है। अमेरिका और यूरोप में नरमी के कारण चीन की आर्थिक चक्की भी काफी धीमी हो गयी है। चीन ने जीडीपी में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके देश की अर्थव्यवस्था को को इस समय ‘जटिल और गंभीर आर्थिक परिस्थितियों’ का सामना करना पड़ रहा है। इसको देखते हुए चीन ने वृहद आर्थिक नियमों को सुधारने और सुदृढ़ करने, वृद्धि के माडल में बदलाव की प्रक्रिया को गति देने, आर्थिक ढांचे को समायोजित करने तथा घरेलू मांग को दीर्घकाल में बढ़ाने के लिए सुनिश्चित कदम उठाए हैं।’ हू ने बताया कि चालू वर्ष की पहली तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि 8.1 प्रतिशत रही और चालू खाते की बचत घट कर जीडीपी के 1.4 प्रतिशत के स्तर पर आ गयी। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अनुसार पिछले साल चीन की वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत थी और इस बार यह 8.5 प्रशित रहने की संभावना है। अमेरिका और यूरोप में नरमी के कारण चीन की आर्थिक चक्की भी काफी धीमी हो गयी है। चीन ने जीडीपी में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अनुसार पिछले साल चीन की वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत थी और इस बार यह 8.5 प्रशित रहने की संभावना है। अमेरिका और यूरोप में नरमी के कारण चीन की आर्थिक चक्की भी काफी धीमी हो गयी है। चीन ने जीडीपी में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखा है।
यहाँ एक सारांश है:चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओं ने अपने देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर व्यक्त चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि चीन वृद्धि की राह पर मजबूती से बढ़ता रहेगा और विश्व अर्थव्यवस्था की प्रगति में उसका योगदान होगा।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की 'स्वर कोकिला' लता मंगेशकर को 20 अक्टूबर को बंगविभूषण से सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम लता के अस्वस्थ होने के चलते टाल दिया गया है. सारेगामा इंडिया के चेयरमैन संजीव गोयनका ने सोमवार को यह जानकारी दी. गोयनका ने बयान जारी कर कहा, "लता मंगेशकर अस्वस्थ हैं. इसलिए 20 अक्टूबर को मुंबई स्थित उनके आवास पर होने वाला बंगविभूषण सम्मान समारोह स्थगित कर दिया गया है."अब लता मंगेशकर को बंगविभूषण सम्मान से नवाजने के लिए मुंबई में ही संभवत: नवंबर में समारोह का आयोजन किया जा सकता है. गोयनका ने कहा, "हम सभी लता मंगेशकर के अस्वस्थ होने की खबर सुनकर दुखी हैं और हम जल्द से जल्द उन्हें स्वस्थ देखना चाहते हैं."टिप्पणियां बंगाल सरकार ने लता मंगेशकर द्वारा बांग्ला में गाए गीतों के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान करने का फैसला किया है.बंगविभूषण सम्मान 2011 में शुरू किया गया और अब तक इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित की गई हस्तियों में बैले नृत्यांगना अमला शंकर, सरोद वादक अमजद अली खान, प्रख्यात गायक मन्ना डे, लेखिका महाश्वेता देवी, फुटबाल खिलाड़ी साइलेन मन्ना, ओलिंपिक खेल चुके हॉकी खिलाड़ी लेस्ली क्लाउडियस, चित्रकार जोगेन चौधरी, लेखक शीर्षेदु मुखोपाध्याय, फिल्म निर्देशक गौतम घोष, शास्त्रीय संगीत समीक्षक अजोय चक्रवर्ती और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली शामिल हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गोयनका ने बयान जारी कर कहा, "लता मंगेशकर अस्वस्थ हैं. इसलिए 20 अक्टूबर को मुंबई स्थित उनके आवास पर होने वाला बंगविभूषण सम्मान समारोह स्थगित कर दिया गया है."अब लता मंगेशकर को बंगविभूषण सम्मान से नवाजने के लिए मुंबई में ही संभवत: नवंबर में समारोह का आयोजन किया जा सकता है. गोयनका ने कहा, "हम सभी लता मंगेशकर के अस्वस्थ होने की खबर सुनकर दुखी हैं और हम जल्द से जल्द उन्हें स्वस्थ देखना चाहते हैं."टिप्पणियां बंगाल सरकार ने लता मंगेशकर द्वारा बांग्ला में गाए गीतों के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान करने का फैसला किया है.बंगविभूषण सम्मान 2011 में शुरू किया गया और अब तक इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित की गई हस्तियों में बैले नृत्यांगना अमला शंकर, सरोद वादक अमजद अली खान, प्रख्यात गायक मन्ना डे, लेखिका महाश्वेता देवी, फुटबाल खिलाड़ी साइलेन मन्ना, ओलिंपिक खेल चुके हॉकी खिलाड़ी लेस्ली क्लाउडियस, चित्रकार जोगेन चौधरी, लेखक शीर्षेदु मुखोपाध्याय, फिल्म निर्देशक गौतम घोष, शास्त्रीय संगीत समीक्षक अजोय चक्रवर्ती और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली शामिल हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बंगाल सरकार ने लता मंगेशकर द्वारा बांग्ला में गाए गीतों के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान करने का फैसला किया है.बंगविभूषण सम्मान 2011 में शुरू किया गया और अब तक इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित की गई हस्तियों में बैले नृत्यांगना अमला शंकर, सरोद वादक अमजद अली खान, प्रख्यात गायक मन्ना डे, लेखिका महाश्वेता देवी, फुटबाल खिलाड़ी साइलेन मन्ना, ओलिंपिक खेल चुके हॉकी खिलाड़ी लेस्ली क्लाउडियस, चित्रकार जोगेन चौधरी, लेखक शीर्षेदु मुखोपाध्याय, फिल्म निर्देशक गौतम घोष, शास्त्रीय संगीत समीक्षक अजोय चक्रवर्ती और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली शामिल हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 20 अक्‍टूबर को मुंबई में उनके निवास पर होना था यह समारोह बांग्‍ला में गाए गीतों के लिए लता को दिया जाना था यह सम्‍मान सौरव गांगुली, अमजद अली खान, मन्‍ना डे को भी मिल चुका यह अवार्ड
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय सर्तकता आयुक्त (सीवीसी) के तौर पर पीजे थॉमस की नियुक्ति को देश के सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया है, और इस फैसले के बाद थॉमस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि थॉमस की नियुक्ति को लेकर उच्चस्तरीय समिति ने जो अनुशंसाएं कीं, वे 'कानून के अनुरूप' नहीं हैं। न्यायालय के मुताबिक, समिति भले ही किसी भी कारण से, लेकिन थॉमस के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करने से संबंधित सामग्री पर विचार करने में असफल रही। न्यायालय ने सरकार के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि वर्ष 2008 में सीवीसी की नियुक्ति के लिए सतर्कता विभाग ने जो मंजूरी दी थी, उसी को पद पर नियुक्ति के लिए बनी उम्मीदवार सूची में थॉमस के नाम को शामिल करने का आधार बनाया गया। न्यायालय ने कहा कि थॉमस के नाम की अनुशंसा करते हुए न समिति और न ही सरकार के किसी अधिकारी ने सीवीसी कार्यालय की संस्थागत ईमानदारी के व्यापक मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया। थॉमस केरल के वर्ष 1992 में हुए पामोलिन आयात घोटाले में आरोपी हैं, जिससे सरकार को 2.8 करोड़ रुपये का चूना लगा था। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि फैसले से सीवीसी के दफ्तर की गरिमा बची है। इससे पूर्व थॉमस मामले में चीफ जस्टिस एसएच कपाड़िया, जस्टिस केएस राधाकृष्णन और जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने 10 फरवरी को फैसला सुरक्षित रखा था। उल्लेखनीय है कि थॉमस को पिछले साल 7 सितंबर को सीवीसी के तौर पर तैनात किया गया था, हालांकि उनकी नियुक्ति पर श्रीमती स्वराज ने एतराज़ जताया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कई बार तीखे सवालों या टिप्पणियों से सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया। उधर, अपनी दलील में थॉमस ने यह तर्क भी रखा था कि संसद में करीब 28 फीसदी सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, फिर भी वे कानून बनाने में भूमिका अदा कर रहे हैं तो उनकी तैनाती गलत क्यों।
संक्षिप्त पाठ: सीवीसी के तौर पर पीजे थॉमस की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है, और फैसले के बाद थॉमस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act 2019) पर पूर्वोत्तर में जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. पूर्वोत्तर में बीजेपी की प्रमुख सहयोगियों में से एक असम गण परिषद ने पहले कानून का समर्थन किया था, लेकिन अब इसके विरोध का ऐलान किया है. असम गण परिषद (AGP) ने वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक के बाद यह फैसला लिया है. वहीं, असम गण परिषद ने यह भी कहा है कि वो नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी. इस मुद्दे पर असम गण परिषद का एक दल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से भी मिलेगा. बता दें कि एजीपी बीजेपी की अगुवाई वाली असम सरकार का भी हिस्सा है और राज्य की कैबिनेट में उसके तीन मंत्री भी हैं.  आपको बता दें कि असम गण परिषद (AGP) ने संसद में नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन किया था. इसके बाद पार्टी में दो फाड़ की खबरें आईं. पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने पद से इस्तीफा दे दिय़ा. आपको बता दें कि ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन (आसू) ने भी संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. आसू के प्रमुख सलाहकार समज्जुल भट्टाचार्य ने असम के लोगों से कथित ‘‘विश्वासघात'' करने के लिए भाजपा के शीर्ष नेताओं की निंदा की और इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.
सारांश: बीजेपी की सहयोगी है असम गण परिषद असम सरकार में परिषद के तीन मंत्री भी हैं अब एजीपी ने कानून का विरोध करने का फैसला लिय़ा
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश ने खुद को खुले में शौच मुक्त (ODF) राज्य बताया है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है. दक्षिण राज्य ने एक कदम आगे जाते हुए खुद को ODF Plus बताया है. हालांकि लोगों को लगता है कि यह दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं. पिछले साल जून में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के ODF होने की घोषणा की थी. उन्होंने दावा किया था कि राज्य ने 2.77 लाख निजी शौचालय बनाकर राज्य के लक्ष्य को पार कर लिया है. बता दें कि वर्ष 2016 में महात्मा गांधी जयंती के मौके पर राज्य के सभी 110 शहरी स्थानीय निकाय ने दावा किया था कि उन्होंने स्वच्छ आंध्र कारपोरेशन (SAC) के माध्यम से ODF के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है. SAC की स्थापना राज्य सरकार ने 2015 में स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए की थी. हालांकि कई लोग ऐसे हैं, जो सरकार के इन दावों को स्वीकार नहीं करते हैं. उनका कहना है कि ग्रामीण और शहरी स्थानों पर अभी भी लोग खुले में शौच जा रहे हैं. विजयवाड़ा में सामाजिक कार्यकर्ता वी. सत्यनारायण ने कहा, 'सार्वजनिक स्थान पर शौचालय बना देना ही लक्ष्य नहीं हो सकता. उनके रखरखाव का क्या? कोई भी शहर में जाकर देख सकता है, लोग अभी भी शौचालयों के स्थान पर उनके पास ही खुले में पेशाब कर रहे हैं और इसका कारण है बनाए गए शौचालयों के रखरखाव में कमी.' वी. सत्यनारायण ने दावा किया कि विभिन्न विभागों में किसी प्रकार का कोई तालमेल नहीं है. उन्हें बिना तालमेल के बनाया गया है. इस वजह से अधिक शौचालय प्रयोग में लाने लायक नहीं हैं. उन्होंने पूछा, 'उन्होंने उचित जल निकासी भी सुनिश्चित नहीं की. कई सार्वजनिक शौचालयों में या तो पानी का ठहराव है या वे बदबू मार रहे हैं. सिर्फ शौचालय बना देने से सरकार की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती है. उनके रखरखाव का क्या हुआ?'
संक्षिप्त पाठ: जून में तत्कालीन CM चंद्रबाबू ने राज्य के ODF होने की घोषण की थी 2.77 लाख निजी शौचालय बनाकर राज्य के लक्ष्य हासिल करने का दावा कई लोग ऐसे हैं, जो सरकार के इन दावों को स्वीकार नहीं करते हैं
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्मार्टकार्ड इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो ने आज से ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा शुरू कर दी। डीएमआरसी अधिकारी ने बताया कि इस नई सुविधा से यात्री अब अपने स्मार्ट कार्ड में डेबिट या क्रेडिट कार्डों के जरिये रुपया डलवा सकते हैं। हालांकि, नेट-बैंकिंग के जरिये रिचार्ज करने की सुविधा अभी शुरू नहीं की गई है। मेट्रो यात्री अपने स्मार्ट कार्ड को डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट दिल्लीमेट्रोरेल डॉट कॉम और डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट डीएमआरसीस्मार्टकार्ड डॉट कॉम से रिचार्ज करवा सकते हैं। रिचार्ज पूरा होने के बाद, यात्री कार्ड में रुपया पहुंचा या नहीं इसकी जांच टिकट रीडर-कम-एड वैल्यू मशीनों के जरिये कर सकते हैं। डीएमआरसी के प्रंबध निर्देशक मंगू सिंह ने बारखंभा रोड मेट्रो स्टेशन पर आज पहले टिकट रीडर-कम-एड वैल्यू मशीन का उद्घाटन किया। 13 मेट्रो स्टेशनों पर 39 टच स्क्रीच वाली यह मशीन लगाई जाएगी। यह स्टेशन हैं, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, वेलकम, सीलमपुर, शास्त्री पार्क, प्रगति मैदान, कड़कड़डूमा, निर्माण विहार, लक्ष्मी नगर, बारखंभा रोड, आरके आश्रम मार्ग, झंडेवालान और राजेन्द्र प्लेस। सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में इस तरह की करीब 100 मशीन लगाई जाएंगी।टिप्पणियां यह मशीन यात्रियों को स्मार्ट कार्ड में बची शेष राशि, अंतिम बार रिचार्ज का ब्यौरा और अंतिम पांच बार प्रवेश-निकास के बारे में भी बताएगी। इस समय, लगभग 69.75 प्रतिशत मेट्रो यात्री स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और लगभग 17,000 स्मार्ट कार्ड मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन खरीदे जाते हैं। अब तक एक करोड़ मेट्रो कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। डीएमआरसी अधिकारी ने बताया कि इस नई सुविधा से यात्री अब अपने स्मार्ट कार्ड में डेबिट या क्रेडिट कार्डों के जरिये रुपया डलवा सकते हैं। हालांकि, नेट-बैंकिंग के जरिये रिचार्ज करने की सुविधा अभी शुरू नहीं की गई है। मेट्रो यात्री अपने स्मार्ट कार्ड को डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट दिल्लीमेट्रोरेल डॉट कॉम और डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट डीएमआरसीस्मार्टकार्ड डॉट कॉम से रिचार्ज करवा सकते हैं। रिचार्ज पूरा होने के बाद, यात्री कार्ड में रुपया पहुंचा या नहीं इसकी जांच टिकट रीडर-कम-एड वैल्यू मशीनों के जरिये कर सकते हैं। डीएमआरसी के प्रंबध निर्देशक मंगू सिंह ने बारखंभा रोड मेट्रो स्टेशन पर आज पहले टिकट रीडर-कम-एड वैल्यू मशीन का उद्घाटन किया। 13 मेट्रो स्टेशनों पर 39 टच स्क्रीच वाली यह मशीन लगाई जाएगी। यह स्टेशन हैं, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, वेलकम, सीलमपुर, शास्त्री पार्क, प्रगति मैदान, कड़कड़डूमा, निर्माण विहार, लक्ष्मी नगर, बारखंभा रोड, आरके आश्रम मार्ग, झंडेवालान और राजेन्द्र प्लेस। सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में इस तरह की करीब 100 मशीन लगाई जाएंगी।टिप्पणियां यह मशीन यात्रियों को स्मार्ट कार्ड में बची शेष राशि, अंतिम बार रिचार्ज का ब्यौरा और अंतिम पांच बार प्रवेश-निकास के बारे में भी बताएगी। इस समय, लगभग 69.75 प्रतिशत मेट्रो यात्री स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और लगभग 17,000 स्मार्ट कार्ड मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन खरीदे जाते हैं। अब तक एक करोड़ मेट्रो कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। मेट्रो यात्री अपने स्मार्ट कार्ड को डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट दिल्लीमेट्रोरेल डॉट कॉम और डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट डीएमआरसीस्मार्टकार्ड डॉट कॉम से रिचार्ज करवा सकते हैं। रिचार्ज पूरा होने के बाद, यात्री कार्ड में रुपया पहुंचा या नहीं इसकी जांच टिकट रीडर-कम-एड वैल्यू मशीनों के जरिये कर सकते हैं। डीएमआरसी के प्रंबध निर्देशक मंगू सिंह ने बारखंभा रोड मेट्रो स्टेशन पर आज पहले टिकट रीडर-कम-एड वैल्यू मशीन का उद्घाटन किया। 13 मेट्रो स्टेशनों पर 39 टच स्क्रीच वाली यह मशीन लगाई जाएगी। यह स्टेशन हैं, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, वेलकम, सीलमपुर, शास्त्री पार्क, प्रगति मैदान, कड़कड़डूमा, निर्माण विहार, लक्ष्मी नगर, बारखंभा रोड, आरके आश्रम मार्ग, झंडेवालान और राजेन्द्र प्लेस। सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में इस तरह की करीब 100 मशीन लगाई जाएंगी।टिप्पणियां यह मशीन यात्रियों को स्मार्ट कार्ड में बची शेष राशि, अंतिम बार रिचार्ज का ब्यौरा और अंतिम पांच बार प्रवेश-निकास के बारे में भी बताएगी। इस समय, लगभग 69.75 प्रतिशत मेट्रो यात्री स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और लगभग 17,000 स्मार्ट कार्ड मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन खरीदे जाते हैं। अब तक एक करोड़ मेट्रो कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। रिचार्ज पूरा होने के बाद, यात्री कार्ड में रुपया पहुंचा या नहीं इसकी जांच टिकट रीडर-कम-एड वैल्यू मशीनों के जरिये कर सकते हैं। डीएमआरसी के प्रंबध निर्देशक मंगू सिंह ने बारखंभा रोड मेट्रो स्टेशन पर आज पहले टिकट रीडर-कम-एड वैल्यू मशीन का उद्घाटन किया। 13 मेट्रो स्टेशनों पर 39 टच स्क्रीच वाली यह मशीन लगाई जाएगी। यह स्टेशन हैं, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, वेलकम, सीलमपुर, शास्त्री पार्क, प्रगति मैदान, कड़कड़डूमा, निर्माण विहार, लक्ष्मी नगर, बारखंभा रोड, आरके आश्रम मार्ग, झंडेवालान और राजेन्द्र प्लेस। सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में इस तरह की करीब 100 मशीन लगाई जाएंगी।टिप्पणियां यह मशीन यात्रियों को स्मार्ट कार्ड में बची शेष राशि, अंतिम बार रिचार्ज का ब्यौरा और अंतिम पांच बार प्रवेश-निकास के बारे में भी बताएगी। इस समय, लगभग 69.75 प्रतिशत मेट्रो यात्री स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और लगभग 17,000 स्मार्ट कार्ड मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन खरीदे जाते हैं। अब तक एक करोड़ मेट्रो कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। डीएमआरसी के प्रंबध निर्देशक मंगू सिंह ने बारखंभा रोड मेट्रो स्टेशन पर आज पहले टिकट रीडर-कम-एड वैल्यू मशीन का उद्घाटन किया। 13 मेट्रो स्टेशनों पर 39 टच स्क्रीच वाली यह मशीन लगाई जाएगी। यह स्टेशन हैं, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, वेलकम, सीलमपुर, शास्त्री पार्क, प्रगति मैदान, कड़कड़डूमा, निर्माण विहार, लक्ष्मी नगर, बारखंभा रोड, आरके आश्रम मार्ग, झंडेवालान और राजेन्द्र प्लेस। सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में इस तरह की करीब 100 मशीन लगाई जाएंगी।टिप्पणियां यह मशीन यात्रियों को स्मार्ट कार्ड में बची शेष राशि, अंतिम बार रिचार्ज का ब्यौरा और अंतिम पांच बार प्रवेश-निकास के बारे में भी बताएगी। इस समय, लगभग 69.75 प्रतिशत मेट्रो यात्री स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और लगभग 17,000 स्मार्ट कार्ड मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन खरीदे जाते हैं। अब तक एक करोड़ मेट्रो कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। 13 मेट्रो स्टेशनों पर 39 टच स्क्रीच वाली यह मशीन लगाई जाएगी। यह स्टेशन हैं, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, वेलकम, सीलमपुर, शास्त्री पार्क, प्रगति मैदान, कड़कड़डूमा, निर्माण विहार, लक्ष्मी नगर, बारखंभा रोड, आरके आश्रम मार्ग, झंडेवालान और राजेन्द्र प्लेस। सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में इस तरह की करीब 100 मशीन लगाई जाएंगी।टिप्पणियां यह मशीन यात्रियों को स्मार्ट कार्ड में बची शेष राशि, अंतिम बार रिचार्ज का ब्यौरा और अंतिम पांच बार प्रवेश-निकास के बारे में भी बताएगी। इस समय, लगभग 69.75 प्रतिशत मेट्रो यात्री स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और लगभग 17,000 स्मार्ट कार्ड मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन खरीदे जाते हैं। अब तक एक करोड़ मेट्रो कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में इस तरह की करीब 100 मशीन लगाई जाएंगी।टिप्पणियां यह मशीन यात्रियों को स्मार्ट कार्ड में बची शेष राशि, अंतिम बार रिचार्ज का ब्यौरा और अंतिम पांच बार प्रवेश-निकास के बारे में भी बताएगी। इस समय, लगभग 69.75 प्रतिशत मेट्रो यात्री स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और लगभग 17,000 स्मार्ट कार्ड मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन खरीदे जाते हैं। अब तक एक करोड़ मेट्रो कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। यह मशीन यात्रियों को स्मार्ट कार्ड में बची शेष राशि, अंतिम बार रिचार्ज का ब्यौरा और अंतिम पांच बार प्रवेश-निकास के बारे में भी बताएगी। इस समय, लगभग 69.75 प्रतिशत मेट्रो यात्री स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और लगभग 17,000 स्मार्ट कार्ड मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन खरीदे जाते हैं। अब तक एक करोड़ मेट्रो कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। इस समय, लगभग 69.75 प्रतिशत मेट्रो यात्री स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और लगभग 17,000 स्मार्ट कार्ड मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन खरीदे जाते हैं। अब तक एक करोड़ मेट्रो कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।
सारांश: डीएमआरसी अधिकारी ने बताया कि इस नई सुविधा से यात्री अब अपने स्मार्ट कार्ड में डेबिट या क्रेडिट कार्डों के जरिये रुपया डलवा सकते हैं।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बांग्लादेश हाई कोर्ट ने मैरिज सर्टिफिकेट पर लिखे 'वर्जिन' शब्द को महिलाओं के लिए अपमानजनक बताते हुए इसे हटाने का ऐलान किया है. क्योंकि दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों में मौजूद मुस्लिम विवाह कानून प्रमाणपत्र में दुल्हन को खुद की पहचान बताने के लिए तीन ऑप्शन दिए जाते हैं. इन तीन ऑप्शन्स में वर्जिन (Virgin), विडो (Widow) या डायवॉर्स (Divorce) शामिल हैं.यानी दुल्हन को शादी के सर्टिफिकेट पर यह बताना पड़ता है कि वह वर्जिन है या नहीं. बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने अब इस शब्द को सर्टिफिकेट से हटाने के लिए कहा है. हाल ही में बांग्लादेश कोर्ट ने सरकार को वर्जिन शब्द हटाने के आदेश दिए हैं. डेप्यूटी अटॉर्नी जनरल अमित तालुकदर ने बताया कि 'वर्जिन की जगह अनमैरिड (Unmarried) लिखा जाएगा.' यह शब्द इस साल अक्टूबर तक सर्टिफिकेट से हटा दिया जाएगा.  गुस्साए गैंडे ने अपने सिर से यूं पलटी कार की उड़ गए परखच्चे...अदंर मौजूद था ड्राइवर, Video Viral इस शब्द को हटाने के लिए पेटिशन फाइल करने वाले एक वकील ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है. आगे उन्होंने बताया कि 1961 से सर्टिफिकेट पर लिखा आ रहा यह शब्द महिलाओं के लिए अपमानजनक और भेदभावपूर्ण है. इससे शादी करने जा रही लड़िकयों की गोपनीयता भंग हो रही है. हमने साल 2014 में इसे हटाने की बार-बार मांग की और अब फैसला आ चुका है.  पाकिस्तानी पीएम के सचिवालय की बत्ती हो सकती है गुल, बिजली विभाग ने भेजा 41 लाख का नोटिस कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सर्टिफिकेट पर अनमैरिड, विडो और डायवॉर्स लिखा आएगा.  बता दें, बांग्लादेश की 90 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है. यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है.   पठानी सूट पहने कुर्सी पर बैठे दिखे 'स्टीव जॉब्स' !, Photo देख लोग हुए हैरान, बोले - क्या जिंदा हैं एप्पल फाउंडर!
संक्षिप्त सारांश: मैरिज सर्टिफिकेट से हटेगा वर्जिन शब्द मुस्लिस मैरिज लॉ सर्टिफिकेट में मौजूद है 1961 से सर्टिफिकेट पर लिखा आ रहा है ये शब्द
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: एसकेएस इस्पात एंड पॉवर लिमिटेड कंपनी को दो कोयला ब्लाक अलॉट करने की सिफारिश सुबोधकांत सहाय के गले की फांस बन गया है। एनडीटीवी के खुलासे पर सफाई दे रहे केंद्रीय मंत्री सहाय ने माना कि उनके भाई 7 फरवरी 2008 को कोयला मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में मौजूद थे जिसमें एसकेएस कंपनी को दो कोयला ब्लॉक देने पर विचार हुआ था लेकिन उनका दावा है कि इस कंपनी में उनके भाई की कोई हिस्सेदारी नहीं है। सुबोध कांत सहाय ने कहा, 'मेरे भाई सुधीर सहाय न स्टेकहोल्डर हैं और न कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर हैं। उनके प्रोफेशनल संबंध हैं कंपनी से…वह एक्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर हैं कंपनी में।'   दरअसल, एनडीटीवी ने खुलासा किया था कि 7 फरवरी 2008 को केंद्रीय मंत्री सहाय के भाई सुधीर सहाय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में एसकेएस के डायरेक्टर की हैसियत से शामिल हुए थे जहां दो कोल ब्लॉक्स देने पर विचार हुआ जबकि सहाय इसके दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर सिफारिश कर चुके थे। टिप्पणियां यह मामला सीधे तौर पर 'कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' का है। एक केन्द्रीय मंत्री ने कोल ब्लॉक की सिफारिश उस कंपनी के लिए की जिसका रिश्ता सीधे तौर पर उसके भाई से था। हालांकि सहाय को इसमें कुछ गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अगर कोई प्रस्ताव निजी कंपनी की तरफ से आता है जिससे झारखंड का फायदा होगा तो वह उसे आगे बढ़ाएंगे। सुबोध कांत सहाय ने कोयला आवंटन मामले में अपने ऊपर लगे हर आरोप पर सफाई पेश करने की कोशिश की लेकिन यह समझाने में नाकाम रहे कि क्यों केन्द्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने ऐसी कंपनी को कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश पीएम से की जिनके साथ उनके अपने ही भाई के कामकाजी संबंध थे। एनडीटीवी के खुलासे पर सफाई दे रहे केंद्रीय मंत्री सहाय ने माना कि उनके भाई 7 फरवरी 2008 को कोयला मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में मौजूद थे जिसमें एसकेएस कंपनी को दो कोयला ब्लॉक देने पर विचार हुआ था लेकिन उनका दावा है कि इस कंपनी में उनके भाई की कोई हिस्सेदारी नहीं है। सुबोध कांत सहाय ने कहा, 'मेरे भाई सुधीर सहाय न स्टेकहोल्डर हैं और न कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर हैं। उनके प्रोफेशनल संबंध हैं कंपनी से…वह एक्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर हैं कंपनी में।'   दरअसल, एनडीटीवी ने खुलासा किया था कि 7 फरवरी 2008 को केंद्रीय मंत्री सहाय के भाई सुधीर सहाय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में एसकेएस के डायरेक्टर की हैसियत से शामिल हुए थे जहां दो कोल ब्लॉक्स देने पर विचार हुआ जबकि सहाय इसके दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर सिफारिश कर चुके थे। टिप्पणियां यह मामला सीधे तौर पर 'कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' का है। एक केन्द्रीय मंत्री ने कोल ब्लॉक की सिफारिश उस कंपनी के लिए की जिसका रिश्ता सीधे तौर पर उसके भाई से था। हालांकि सहाय को इसमें कुछ गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अगर कोई प्रस्ताव निजी कंपनी की तरफ से आता है जिससे झारखंड का फायदा होगा तो वह उसे आगे बढ़ाएंगे। सुबोध कांत सहाय ने कोयला आवंटन मामले में अपने ऊपर लगे हर आरोप पर सफाई पेश करने की कोशिश की लेकिन यह समझाने में नाकाम रहे कि क्यों केन्द्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने ऐसी कंपनी को कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश पीएम से की जिनके साथ उनके अपने ही भाई के कामकाजी संबंध थे। सुबोध कांत सहाय ने कहा, 'मेरे भाई सुधीर सहाय न स्टेकहोल्डर हैं और न कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर हैं। उनके प्रोफेशनल संबंध हैं कंपनी से…वह एक्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर हैं कंपनी में।'   दरअसल, एनडीटीवी ने खुलासा किया था कि 7 फरवरी 2008 को केंद्रीय मंत्री सहाय के भाई सुधीर सहाय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में एसकेएस के डायरेक्टर की हैसियत से शामिल हुए थे जहां दो कोल ब्लॉक्स देने पर विचार हुआ जबकि सहाय इसके दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर सिफारिश कर चुके थे। टिप्पणियां यह मामला सीधे तौर पर 'कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' का है। एक केन्द्रीय मंत्री ने कोल ब्लॉक की सिफारिश उस कंपनी के लिए की जिसका रिश्ता सीधे तौर पर उसके भाई से था। हालांकि सहाय को इसमें कुछ गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अगर कोई प्रस्ताव निजी कंपनी की तरफ से आता है जिससे झारखंड का फायदा होगा तो वह उसे आगे बढ़ाएंगे। सुबोध कांत सहाय ने कोयला आवंटन मामले में अपने ऊपर लगे हर आरोप पर सफाई पेश करने की कोशिश की लेकिन यह समझाने में नाकाम रहे कि क्यों केन्द्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने ऐसी कंपनी को कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश पीएम से की जिनके साथ उनके अपने ही भाई के कामकाजी संबंध थे। दरअसल, एनडीटीवी ने खुलासा किया था कि 7 फरवरी 2008 को केंद्रीय मंत्री सहाय के भाई सुधीर सहाय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में एसकेएस के डायरेक्टर की हैसियत से शामिल हुए थे जहां दो कोल ब्लॉक्स देने पर विचार हुआ जबकि सहाय इसके दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर सिफारिश कर चुके थे। टिप्पणियां यह मामला सीधे तौर पर 'कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' का है। एक केन्द्रीय मंत्री ने कोल ब्लॉक की सिफारिश उस कंपनी के लिए की जिसका रिश्ता सीधे तौर पर उसके भाई से था। हालांकि सहाय को इसमें कुछ गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अगर कोई प्रस्ताव निजी कंपनी की तरफ से आता है जिससे झारखंड का फायदा होगा तो वह उसे आगे बढ़ाएंगे। सुबोध कांत सहाय ने कोयला आवंटन मामले में अपने ऊपर लगे हर आरोप पर सफाई पेश करने की कोशिश की लेकिन यह समझाने में नाकाम रहे कि क्यों केन्द्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने ऐसी कंपनी को कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश पीएम से की जिनके साथ उनके अपने ही भाई के कामकाजी संबंध थे। यह मामला सीधे तौर पर 'कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' का है। एक केन्द्रीय मंत्री ने कोल ब्लॉक की सिफारिश उस कंपनी के लिए की जिसका रिश्ता सीधे तौर पर उसके भाई से था। हालांकि सहाय को इसमें कुछ गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अगर कोई प्रस्ताव निजी कंपनी की तरफ से आता है जिससे झारखंड का फायदा होगा तो वह उसे आगे बढ़ाएंगे। सुबोध कांत सहाय ने कोयला आवंटन मामले में अपने ऊपर लगे हर आरोप पर सफाई पेश करने की कोशिश की लेकिन यह समझाने में नाकाम रहे कि क्यों केन्द्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने ऐसी कंपनी को कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश पीएम से की जिनके साथ उनके अपने ही भाई के कामकाजी संबंध थे। सुबोध कांत सहाय ने कोयला आवंटन मामले में अपने ऊपर लगे हर आरोप पर सफाई पेश करने की कोशिश की लेकिन यह समझाने में नाकाम रहे कि क्यों केन्द्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने ऐसी कंपनी को कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश पीएम से की जिनके साथ उनके अपने ही भाई के कामकाजी संबंध थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एसकेएस इस्पात एंड पॉवर लिमिटेड कंपनी को दो कोयला ब्लाक अलॉट करने की सिफारिश सुबोधकांत सहाय के गले की फांस बन गया है।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई ने 109 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. पार्टी ने 109 वार्डों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं. इन 109 में से 46 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं. पार्टी ने इन 46 के अलावा 3 अनारक्षित सीटों पर भी महिला उम्मीदवारों पर दांव खेला है. पार्टी का कहना है कि 109 उम्मीदवारों में से 64 पार्टी के युवा चेहरे हैं. पार्टी के दिल्ली संयोजक दिलीप पाण्डेय ने इस संबंध में बताया कि सभी 272 वार्डों में कार्यकर्ताओं की बैठकें बुलाकर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की जा रही है. जिन उम्मीदवारों ने नामांकन किया था, उनके नामों पर कार्यकर्ताओं के अलावा स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों ने विचार किया और इसके बाद चयनित संभावित उम्मीदवारों की सूची पार्टी की पीएसी के समक्ष रखी गई.  पीएसी ने आज विचार के लिए रखे गए सभी 109 वार्डों के उम्मीदवारों के नामों को स्वीकृति दी. दिलीप पाण्डेय ने बताया की बाकी वार्डों में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी.टिप्पणियां दिलीप पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने दिल्ली के नगर निगमों में पिछले बीस सालों में भ्रष्टाचार का साम्राज्य कायम कर दिया है. इस बार दिल्ली के लोग नगर निगम चुनावों में झाड़ू चलाएंगे और दिल्ली को भ्रष्टाचार से आज़ादी दिलाएंगे. पढ़ें आप ने किस को कहां से दिया है टिकट   पार्टी के दिल्ली संयोजक दिलीप पाण्डेय ने इस संबंध में बताया कि सभी 272 वार्डों में कार्यकर्ताओं की बैठकें बुलाकर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की जा रही है. जिन उम्मीदवारों ने नामांकन किया था, उनके नामों पर कार्यकर्ताओं के अलावा स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों ने विचार किया और इसके बाद चयनित संभावित उम्मीदवारों की सूची पार्टी की पीएसी के समक्ष रखी गई.  पीएसी ने आज विचार के लिए रखे गए सभी 109 वार्डों के उम्मीदवारों के नामों को स्वीकृति दी. दिलीप पाण्डेय ने बताया की बाकी वार्डों में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी.टिप्पणियां दिलीप पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने दिल्ली के नगर निगमों में पिछले बीस सालों में भ्रष्टाचार का साम्राज्य कायम कर दिया है. इस बार दिल्ली के लोग नगर निगम चुनावों में झाड़ू चलाएंगे और दिल्ली को भ्रष्टाचार से आज़ादी दिलाएंगे. पढ़ें आप ने किस को कहां से दिया है टिकट   दिलीप पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने दिल्ली के नगर निगमों में पिछले बीस सालों में भ्रष्टाचार का साम्राज्य कायम कर दिया है. इस बार दिल्ली के लोग नगर निगम चुनावों में झाड़ू चलाएंगे और दिल्ली को भ्रष्टाचार से आज़ादी दिलाएंगे. पढ़ें आप ने किस को कहां से दिया है टिकट   पढ़ें आप ने किस को कहां से दिया है टिकट
यह एक सारांश है: इस दिल्ली में एमसीडी चुनाव होने फिलहाल एमसीडी पर बीजेपी का कब्जा है आप ने पहली प्रत्याशी सूची जारी कर बाजी मारी है.
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संगरूर से आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ जलालाबाद सीट से ताल ठोंक रहे हैं. पिछले डेढ़ महीने में लगभग सवा सौ सभाएं कर चुके भगवंत मान का आरोप है कि अकाली दल ने पंजाब को कैलिफोर्निया बनाने का वादा किया था लेकिन अफगानिस्तान बना दिया है. उनकी पार्टी प्रदेश को कैलिफोर्निया, लंदन या पेरिस नहीं बल्कि पहले जैसा पंजाब बनाना चाहती है. एनडीटीवी से खास बातचीत में भगवंत मान ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाबी ही होगा लेकिन मैं सीएम पद का दावेदार नहीं हूं. पार्टी पोस्टर लगाने को कहेगी तो वह करूंगा. उन्होंने कहा कि सरकार बनी तो मतदान की तारीख 4 फरवरी को पंजाब का आजादी दिवस मनाएंगे.   भगवंत मान ने कहा कि पंजाब को कैलिफोर्निया, लंदन या पेरिस नहीं बल्कि पहले वाला पंजाब बनाना लक्ष्य है. अकाली दल ने पंजाब को कैलिफोर्निया बनाने का वादा किया था लेकिन अफगानिस्तान बना दिया. आप नेता ने कहा कि कांग्रेस पिछले चुनाव में सनी देओल को प्रचार के लिए लाई थी, अब नवजोत सिद्धू को ला रही है. कांग्रेस और अकाली दल केजरीवाल को पहले दिल्ली वाला बताते हैं, फिर कहते हैं कि पंजाब से चुनाव लड़ो.टिप्पणियां एक प्रश्न के जवाब में मान ने कहा कि विरोधी पहले कहते थे कि जनता मुझे सीरियसली नहीं लेती, अब आरोप लगा रहे हैं कि मैं हिंसा भड़का रहा हूं. उन्होंने कहा कि अकाली दल, कांग्रेस की आपस में नूरा कुश्ती हो रही है इसलिए उन्होंने सुखबीर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. दोनों पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ कमजोर उम्मीदवार खड़े करती हैं.   पंजाब में शराब बंदी के सवाल पर भगवंत मान ने कहा कि शराब बंदी पर फैसला पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी. शराब माफिया को खत्म करेंगे. एनडीटीवी से खास बातचीत में भगवंत मान ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाबी ही होगा लेकिन मैं सीएम पद का दावेदार नहीं हूं. पार्टी पोस्टर लगाने को कहेगी तो वह करूंगा. उन्होंने कहा कि सरकार बनी तो मतदान की तारीख 4 फरवरी को पंजाब का आजादी दिवस मनाएंगे.   भगवंत मान ने कहा कि पंजाब को कैलिफोर्निया, लंदन या पेरिस नहीं बल्कि पहले वाला पंजाब बनाना लक्ष्य है. अकाली दल ने पंजाब को कैलिफोर्निया बनाने का वादा किया था लेकिन अफगानिस्तान बना दिया. आप नेता ने कहा कि कांग्रेस पिछले चुनाव में सनी देओल को प्रचार के लिए लाई थी, अब नवजोत सिद्धू को ला रही है. कांग्रेस और अकाली दल केजरीवाल को पहले दिल्ली वाला बताते हैं, फिर कहते हैं कि पंजाब से चुनाव लड़ो.टिप्पणियां एक प्रश्न के जवाब में मान ने कहा कि विरोधी पहले कहते थे कि जनता मुझे सीरियसली नहीं लेती, अब आरोप लगा रहे हैं कि मैं हिंसा भड़का रहा हूं. उन्होंने कहा कि अकाली दल, कांग्रेस की आपस में नूरा कुश्ती हो रही है इसलिए उन्होंने सुखबीर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. दोनों पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ कमजोर उम्मीदवार खड़े करती हैं.   पंजाब में शराब बंदी के सवाल पर भगवंत मान ने कहा कि शराब बंदी पर फैसला पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी. शराब माफिया को खत्म करेंगे. भगवंत मान ने कहा कि पंजाब को कैलिफोर्निया, लंदन या पेरिस नहीं बल्कि पहले वाला पंजाब बनाना लक्ष्य है. अकाली दल ने पंजाब को कैलिफोर्निया बनाने का वादा किया था लेकिन अफगानिस्तान बना दिया. आप नेता ने कहा कि कांग्रेस पिछले चुनाव में सनी देओल को प्रचार के लिए लाई थी, अब नवजोत सिद्धू को ला रही है. कांग्रेस और अकाली दल केजरीवाल को पहले दिल्ली वाला बताते हैं, फिर कहते हैं कि पंजाब से चुनाव लड़ो.टिप्पणियां एक प्रश्न के जवाब में मान ने कहा कि विरोधी पहले कहते थे कि जनता मुझे सीरियसली नहीं लेती, अब आरोप लगा रहे हैं कि मैं हिंसा भड़का रहा हूं. उन्होंने कहा कि अकाली दल, कांग्रेस की आपस में नूरा कुश्ती हो रही है इसलिए उन्होंने सुखबीर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. दोनों पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ कमजोर उम्मीदवार खड़े करती हैं.   पंजाब में शराब बंदी के सवाल पर भगवंत मान ने कहा कि शराब बंदी पर फैसला पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी. शराब माफिया को खत्म करेंगे. आप नेता ने कहा कि कांग्रेस पिछले चुनाव में सनी देओल को प्रचार के लिए लाई थी, अब नवजोत सिद्धू को ला रही है. कांग्रेस और अकाली दल केजरीवाल को पहले दिल्ली वाला बताते हैं, फिर कहते हैं कि पंजाब से चुनाव लड़ो.टिप्पणियां एक प्रश्न के जवाब में मान ने कहा कि विरोधी पहले कहते थे कि जनता मुझे सीरियसली नहीं लेती, अब आरोप लगा रहे हैं कि मैं हिंसा भड़का रहा हूं. उन्होंने कहा कि अकाली दल, कांग्रेस की आपस में नूरा कुश्ती हो रही है इसलिए उन्होंने सुखबीर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. दोनों पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ कमजोर उम्मीदवार खड़े करती हैं.   पंजाब में शराब बंदी के सवाल पर भगवंत मान ने कहा कि शराब बंदी पर फैसला पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी. शराब माफिया को खत्म करेंगे. एक प्रश्न के जवाब में मान ने कहा कि विरोधी पहले कहते थे कि जनता मुझे सीरियसली नहीं लेती, अब आरोप लगा रहे हैं कि मैं हिंसा भड़का रहा हूं. उन्होंने कहा कि अकाली दल, कांग्रेस की आपस में नूरा कुश्ती हो रही है इसलिए उन्होंने सुखबीर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. दोनों पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ कमजोर उम्मीदवार खड़े करती हैं.   पंजाब में शराब बंदी के सवाल पर भगवंत मान ने कहा कि शराब बंदी पर फैसला पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी. शराब माफिया को खत्म करेंगे. पंजाब में शराब बंदी के सवाल पर भगवंत मान ने कहा कि शराब बंदी पर फैसला पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी. शराब माफिया को खत्म करेंगे.
संक्षिप्त सारांश: जलालाबाद से सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं भगवंत मान सरकार बनी तो मतदान तिथि 4 फरवरी को पंजाब का आजादी दिवस मनाएंगे कहा, अकाली दल और कांग्रेस की आपस में नूरा कुश्ती हो रही है
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत-चीन सीमा पर तैनाती और संचालनात्मक योजनाओं की अत्यंत गोपनीय ब्योरा लीक करने के मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने छह सैन्य अधिकारियों को दोषी ठहराया है। सूत्रों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले हुई इस घटना के संबंध में अनेक मामलों में दोषसिद्ध करार दिए गए सैन्य अधिकारी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने बताया कि रंगिया आधारित 21 माउंटेन डिविजन को लिखा तेजपुर आधारित 4 कोर का अत्यंत गोपनीय पत्र लीक होने के चलते संवेदनशील सूचना गलत हाथों में चला गया होगा। समझा जाता है कि इस पत्र में चीन सीमा से संबंधित संचालनात्मक योजनाएं और अन्य अहम सूचनाएं थी। सूत्रों ने बताया कि उस समय 21 माउंटेन डिविजन का कमांड मेजर जनरल एनएस घेइ के पास था, जिन्हें बाद में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया। अभी उनके पास पाकिस्तान सीमा पर बठिंडा आधारित 10 कोर का कमांड है।टिप्पणियां यह अत्यंत गोपनीय पत्र 21 माउंटेन डिविजन को प्राप्त होने के एक हफ्ते बाद लापता हो गया और अभी तक उसका अता-पता नहीं चल सका है। अभी यह साफ नही है कि क्या सेना के शीर्ष अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय को एक ऐसे समय में इतने संवेदनशील पत्र के गुम होने की सूचना दी थी, जब जनरल वीके सिंह सेना प्रमुख थे। सेना चीन से लगी सीमा पर अपनी क्षमताओं का निर्माण कर रही है, जिसमें 'माउंटेन स्ट्राइक कोर' के माध्यम से 90 हजार अतिरिक्त सैनिकों की बहाली शामिल है। माउंटेन स्ट्राइक कोर का गठन होना अभी बाकी है। सूत्रों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले हुई इस घटना के संबंध में अनेक मामलों में दोषसिद्ध करार दिए गए सैन्य अधिकारी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने बताया कि रंगिया आधारित 21 माउंटेन डिविजन को लिखा तेजपुर आधारित 4 कोर का अत्यंत गोपनीय पत्र लीक होने के चलते संवेदनशील सूचना गलत हाथों में चला गया होगा। समझा जाता है कि इस पत्र में चीन सीमा से संबंधित संचालनात्मक योजनाएं और अन्य अहम सूचनाएं थी। सूत्रों ने बताया कि उस समय 21 माउंटेन डिविजन का कमांड मेजर जनरल एनएस घेइ के पास था, जिन्हें बाद में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया। अभी उनके पास पाकिस्तान सीमा पर बठिंडा आधारित 10 कोर का कमांड है।टिप्पणियां यह अत्यंत गोपनीय पत्र 21 माउंटेन डिविजन को प्राप्त होने के एक हफ्ते बाद लापता हो गया और अभी तक उसका अता-पता नहीं चल सका है। अभी यह साफ नही है कि क्या सेना के शीर्ष अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय को एक ऐसे समय में इतने संवेदनशील पत्र के गुम होने की सूचना दी थी, जब जनरल वीके सिंह सेना प्रमुख थे। सेना चीन से लगी सीमा पर अपनी क्षमताओं का निर्माण कर रही है, जिसमें 'माउंटेन स्ट्राइक कोर' के माध्यम से 90 हजार अतिरिक्त सैनिकों की बहाली शामिल है। माउंटेन स्ट्राइक कोर का गठन होना अभी बाकी है। समझा जाता है कि इस पत्र में चीन सीमा से संबंधित संचालनात्मक योजनाएं और अन्य अहम सूचनाएं थी। सूत्रों ने बताया कि उस समय 21 माउंटेन डिविजन का कमांड मेजर जनरल एनएस घेइ के पास था, जिन्हें बाद में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया। अभी उनके पास पाकिस्तान सीमा पर बठिंडा आधारित 10 कोर का कमांड है।टिप्पणियां यह अत्यंत गोपनीय पत्र 21 माउंटेन डिविजन को प्राप्त होने के एक हफ्ते बाद लापता हो गया और अभी तक उसका अता-पता नहीं चल सका है। अभी यह साफ नही है कि क्या सेना के शीर्ष अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय को एक ऐसे समय में इतने संवेदनशील पत्र के गुम होने की सूचना दी थी, जब जनरल वीके सिंह सेना प्रमुख थे। सेना चीन से लगी सीमा पर अपनी क्षमताओं का निर्माण कर रही है, जिसमें 'माउंटेन स्ट्राइक कोर' के माध्यम से 90 हजार अतिरिक्त सैनिकों की बहाली शामिल है। माउंटेन स्ट्राइक कोर का गठन होना अभी बाकी है। यह अत्यंत गोपनीय पत्र 21 माउंटेन डिविजन को प्राप्त होने के एक हफ्ते बाद लापता हो गया और अभी तक उसका अता-पता नहीं चल सका है। अभी यह साफ नही है कि क्या सेना के शीर्ष अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय को एक ऐसे समय में इतने संवेदनशील पत्र के गुम होने की सूचना दी थी, जब जनरल वीके सिंह सेना प्रमुख थे। सेना चीन से लगी सीमा पर अपनी क्षमताओं का निर्माण कर रही है, जिसमें 'माउंटेन स्ट्राइक कोर' के माध्यम से 90 हजार अतिरिक्त सैनिकों की बहाली शामिल है। माउंटेन स्ट्राइक कोर का गठन होना अभी बाकी है। सेना चीन से लगी सीमा पर अपनी क्षमताओं का निर्माण कर रही है, जिसमें 'माउंटेन स्ट्राइक कोर' के माध्यम से 90 हजार अतिरिक्त सैनिकों की बहाली शामिल है। माउंटेन स्ट्राइक कोर का गठन होना अभी बाकी है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत-चीन सीमा पर तैनाती और संचालनात्मक योजनाओं की अत्यंत गोपनीय ब्योरा लीक करने के मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने छह सैन्य अधिकारियों को दोषी ठहराया है।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्व केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ, कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में अनियमितता के लिए मंगलवार को नए मामले दर्ज किए हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद जहां भाजपा ने इस मामले में हुए आर्थिक लेनेदेन की जांच करने की सीबीआई से मांग की है, वहीं बम्बई शेयर बाजार में जिंदल स्टील के शेयर धड़ाम से लुढ़क गए। सीबीआई ने कहा है, "आरोप है कि दिल्ली स्थित इस्पात व लोहे की दो कम्पनियों ने कोयला खंड हासिल करने के लिए गलत तथ्य प्रस्तुत किए। दिल्ली स्थित कम्पनी समूह द्वारा हैदराबाद स्थित एक कम्पनी में कथित निवेश करने के भी आरोप हैं।" सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, "इन दोनों के अलावा नवीन जिंदल की कम्पनी जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड, गगन स्पॉन्ज और दो अन्य कम्पनियों के खिलाफ भी एक मामला दर्ज किया गया है।" यह संदर्भ जिंदल स्टील और गगन स्पॉन्ज के अलावा जिंदल समूह की दो कम्पनियों- जिंदल रियलिटी और एनडी एक्सिम को आवंटित झारखंड में अमरकोंडा मुरगादांगल कोयला खंड को लेकर है। राव की कम्पनी सौभाग्य मीडिया का भी नाम इस मामले में शामिल है।   ये सभी कम्पनियां भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने की आरोपी हैं। सीबीआई ने कहा, "इस मामले के सम्बंध में दिल्ली और हैदाराबाद में आज 19 स्थानों पर छापे की कार्रवाई चल रही है।" सीबीआई की टीम ने दासारि के घर और उनके स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी के दफ्तर पर एक साथ छापा मारा। सीबीआई ने जिंदल के भी घर और दफ्तर की तलाशी ली है। हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके में स्थित दासारि के घर पर छापा मारने वाली टीम में शामिल अधिकारियों ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। जांच एजेंसी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला के सिलसिले में मंगलवार को 12वीं प्राथमिकी दर्ज की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद जहां भाजपा ने इस मामले में हुए आर्थिक लेनेदेन की जांच करने की सीबीआई से मांग की है, वहीं बम्बई शेयर बाजार में जिंदल स्टील के शेयर धड़ाम से लुढ़क गए। सीबीआई ने कहा है, "आरोप है कि दिल्ली स्थित इस्पात व लोहे की दो कम्पनियों ने कोयला खंड हासिल करने के लिए गलत तथ्य प्रस्तुत किए। दिल्ली स्थित कम्पनी समूह द्वारा हैदराबाद स्थित एक कम्पनी में कथित निवेश करने के भी आरोप हैं।" सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, "इन दोनों के अलावा नवीन जिंदल की कम्पनी जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड, गगन स्पॉन्ज और दो अन्य कम्पनियों के खिलाफ भी एक मामला दर्ज किया गया है।" यह संदर्भ जिंदल स्टील और गगन स्पॉन्ज के अलावा जिंदल समूह की दो कम्पनियों- जिंदल रियलिटी और एनडी एक्सिम को आवंटित झारखंड में अमरकोंडा मुरगादांगल कोयला खंड को लेकर है। राव की कम्पनी सौभाग्य मीडिया का भी नाम इस मामले में शामिल है।   ये सभी कम्पनियां भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने की आरोपी हैं। सीबीआई ने कहा, "इस मामले के सम्बंध में दिल्ली और हैदाराबाद में आज 19 स्थानों पर छापे की कार्रवाई चल रही है।" सीबीआई की टीम ने दासारि के घर और उनके स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी के दफ्तर पर एक साथ छापा मारा। सीबीआई ने जिंदल के भी घर और दफ्तर की तलाशी ली है। हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके में स्थित दासारि के घर पर छापा मारने वाली टीम में शामिल अधिकारियों ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। जांच एजेंसी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला के सिलसिले में मंगलवार को 12वीं प्राथमिकी दर्ज की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। सीबीआई ने कहा है, "आरोप है कि दिल्ली स्थित इस्पात व लोहे की दो कम्पनियों ने कोयला खंड हासिल करने के लिए गलत तथ्य प्रस्तुत किए। दिल्ली स्थित कम्पनी समूह द्वारा हैदराबाद स्थित एक कम्पनी में कथित निवेश करने के भी आरोप हैं।" सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, "इन दोनों के अलावा नवीन जिंदल की कम्पनी जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड, गगन स्पॉन्ज और दो अन्य कम्पनियों के खिलाफ भी एक मामला दर्ज किया गया है।" यह संदर्भ जिंदल स्टील और गगन स्पॉन्ज के अलावा जिंदल समूह की दो कम्पनियों- जिंदल रियलिटी और एनडी एक्सिम को आवंटित झारखंड में अमरकोंडा मुरगादांगल कोयला खंड को लेकर है। राव की कम्पनी सौभाग्य मीडिया का भी नाम इस मामले में शामिल है।   ये सभी कम्पनियां भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने की आरोपी हैं। सीबीआई ने कहा, "इस मामले के सम्बंध में दिल्ली और हैदाराबाद में आज 19 स्थानों पर छापे की कार्रवाई चल रही है।" सीबीआई की टीम ने दासारि के घर और उनके स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी के दफ्तर पर एक साथ छापा मारा। सीबीआई ने जिंदल के भी घर और दफ्तर की तलाशी ली है। हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके में स्थित दासारि के घर पर छापा मारने वाली टीम में शामिल अधिकारियों ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। जांच एजेंसी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला के सिलसिले में मंगलवार को 12वीं प्राथमिकी दर्ज की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, "इन दोनों के अलावा नवीन जिंदल की कम्पनी जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड, गगन स्पॉन्ज और दो अन्य कम्पनियों के खिलाफ भी एक मामला दर्ज किया गया है।" यह संदर्भ जिंदल स्टील और गगन स्पॉन्ज के अलावा जिंदल समूह की दो कम्पनियों- जिंदल रियलिटी और एनडी एक्सिम को आवंटित झारखंड में अमरकोंडा मुरगादांगल कोयला खंड को लेकर है। राव की कम्पनी सौभाग्य मीडिया का भी नाम इस मामले में शामिल है।   ये सभी कम्पनियां भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने की आरोपी हैं। सीबीआई ने कहा, "इस मामले के सम्बंध में दिल्ली और हैदाराबाद में आज 19 स्थानों पर छापे की कार्रवाई चल रही है।" सीबीआई की टीम ने दासारि के घर और उनके स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी के दफ्तर पर एक साथ छापा मारा। सीबीआई ने जिंदल के भी घर और दफ्तर की तलाशी ली है। हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके में स्थित दासारि के घर पर छापा मारने वाली टीम में शामिल अधिकारियों ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। जांच एजेंसी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला के सिलसिले में मंगलवार को 12वीं प्राथमिकी दर्ज की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। यह संदर्भ जिंदल स्टील और गगन स्पॉन्ज के अलावा जिंदल समूह की दो कम्पनियों- जिंदल रियलिटी और एनडी एक्सिम को आवंटित झारखंड में अमरकोंडा मुरगादांगल कोयला खंड को लेकर है। राव की कम्पनी सौभाग्य मीडिया का भी नाम इस मामले में शामिल है।   ये सभी कम्पनियां भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने की आरोपी हैं। सीबीआई ने कहा, "इस मामले के सम्बंध में दिल्ली और हैदाराबाद में आज 19 स्थानों पर छापे की कार्रवाई चल रही है।" सीबीआई की टीम ने दासारि के घर और उनके स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी के दफ्तर पर एक साथ छापा मारा। सीबीआई ने जिंदल के भी घर और दफ्तर की तलाशी ली है। हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके में स्थित दासारि के घर पर छापा मारने वाली टीम में शामिल अधिकारियों ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। जांच एजेंसी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला के सिलसिले में मंगलवार को 12वीं प्राथमिकी दर्ज की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। सीबीआई ने कहा, "इस मामले के सम्बंध में दिल्ली और हैदाराबाद में आज 19 स्थानों पर छापे की कार्रवाई चल रही है।" सीबीआई की टीम ने दासारि के घर और उनके स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी के दफ्तर पर एक साथ छापा मारा। सीबीआई ने जिंदल के भी घर और दफ्तर की तलाशी ली है। हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके में स्थित दासारि के घर पर छापा मारने वाली टीम में शामिल अधिकारियों ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। जांच एजेंसी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला के सिलसिले में मंगलवार को 12वीं प्राथमिकी दर्ज की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। सीबीआई की टीम ने दासारि के घर और उनके स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी के दफ्तर पर एक साथ छापा मारा। सीबीआई ने जिंदल के भी घर और दफ्तर की तलाशी ली है। हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके में स्थित दासारि के घर पर छापा मारने वाली टीम में शामिल अधिकारियों ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। जांच एजेंसी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला के सिलसिले में मंगलवार को 12वीं प्राथमिकी दर्ज की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके में स्थित दासारि के घर पर छापा मारने वाली टीम में शामिल अधिकारियों ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। जांच एजेंसी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला के सिलसिले में मंगलवार को 12वीं प्राथमिकी दर्ज की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। जांच एजेंसी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला के सिलसिले में मंगलवार को 12वीं प्राथमिकी दर्ज की है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि सीबीआई, तेलुगू फिल्म निर्माता से नेता बने दासारि से पूछताछ करेगी या नहीं। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। दासारि केंद्र सरकार में 2006 से 2009 तक कोयला राज्य मंत्री थे। इसी अवधि में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित गड़बड़ी हुई थी। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। सीबीआई द्वारा जिंदल के खिलाफ, कोयला खंड आवंटन मामले में मामला दर्ज करने और उनके यहां छापेमारी की कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को जिंदल स्टील पॉवर के शेयर लुढ़क गए। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। बम्बई शेयर बाजार में इसके शेयर चार वर्षो के सबसे निचले स्तर 202.75 रुपये को स्पर्श करने के बाद दिन के कारोबार में 15.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 226.35 पर बंद हुए। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। सीबीआई की इस कार्रवाई पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी को कोयला खंड आवंटन में अनियमितताओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का पता लगाने के लिए रुपये के लेनदेन की जांच करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम इस मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का स्वागत करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमारी शिकायत पर सीबीआई ने मामले की जांच 15 माह पहले शुरू की थी और अब उन्हें छापों में कुछ नहीं मिलने वाला। सीबीआई रुपये के लेनदेन की जांच करे, क्योंकि यह 50 लाख करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।" उन्होंने कहा, "सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि किसने किसे पैसे दिए, किसने कितना लिया और धन कहां है। इसमें बड़े पैमाने पर लीपा-पोती हुई है। हमने देखा है कि किस तरह केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए पूरी रिपोर्ट ही बदलने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के पास ही उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार था।"टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में भारी अनियमितता हुई है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। इसी मामले में केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार को पद गंवाना पड़ा है, क्योंकि इस मामले की सीबीआई रपट को सर्वोच्च न्यायालय में सौंपने से पहले उन्होंने उसे देखने की गलती की थी। सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।
यह एक सारांश है: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्व केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री दासारि नारायण राव और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ, कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में अनियमितता के लिए मंगलवार को नए मामले दर्ज किए हैं।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अपने प्रमुख गेंदबाज जहीर खान की अनुपस्थिति में शुक्रवार को मजबूर होकर गेंदबाजी के लिए आना पड़ा। जब धोनी ने गेंदबाजी की, तब राहुल द्रविड़ ने विकेटकीपिंग का जिम्मा संभाला। धोनी ने लंच के तुरंत बाद पहला ओवर किया और पहली गेंद पर ही केविन पीटरसन के खिलाफ उन्होंने पगबाधा की जोरदार अपील की। अंपायर बिली बोडेन ने हालांकि इसे ठुकरा दिया। रीप्ले से लग रहा था कि गेंद लेग स्टंप पर लग रही थी। अगले ओवर में पीटरसन के खिलाफ विकेट के पीछे अपील पर बोडेन की मुड़ी हुई अंगुली उठ गई। भारतीय जश्न मना रहे थे, लेकिन पीटरसन ने रेफरल लिया और हाक आई से पता चला कि गेंद बल्ले को छूकर नहीं गई थी। यह पहला अवसर है, जबकि धोनी ने टेस्ट मैचों में एक से अधिक ओवर किए। यह टेस्ट क्रिकेट में चौथा अवसर है, जबकि धोनी ने दस्ताने छोड़कर गेंद थामी। इससे पहले धोनी ने जो तीन टेस्ट मैचों में तीन ओवर किए थे, उनमें कुल मिलाकर 19 रन दिए, लेकिन आज अपने पहले ओवर में उन्होंने केवल एक रन दिया। अपना 58वां टेस्ट मैच खेल रहे धोनी ने सबसे पहले पाकिस्तान के खिलाफ जनवरी, 2006 में फैसलाबाद में दूसरी पारी में गेंदबाजी की थी। तब तत्कालीन कप्तान द्रविड़ ने ही विकेटकीपर की जिम्मेदारी संभाली। धोनी ने इस एकमात्र ओवर में 13 रन दिए थे। धोनी ने वनडे मैचों में भी एक बार 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जोहानिसबर्ग में दो ओवर फेंके थे, जिसमें उन्होंने 14 रन दिए थे। वैसे भारत के सबसे सफल विकेटकीपर सैयद किरमानी ने भी अपने टेस्ट करियर में गेंदबाजी की थी और वह दुनिया के उन विकेटकीपरों में शामिल हैं, जिनके नाम पर विकेट दर्ज है।
संक्षिप्त पाठ: अपना 58वां टेस्ट मैच खेल रहे धोनी ने सबसे पहले पाकिस्तान के खिलाफ जनवरी, 2006 में फैसलाबाद में दूसरी पारी में गेंदबाजी की थी।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएसी) की एक दुर्लभ एवं बंद कमरे में बैठक बेनतीजा या बगैर किसी बयान के समाप्त हो जाने से इस विषय का अंतरराष्ट्रीयकरण करने में जुटे पाकिस्तान और उसके सहयोगी देश चीन को एक बड़ा झटका लगा है. वैश्विक संस्था की 15 देशों की सदस्यता वाली परिषद के ज्यादातर देशों ने इस बात पर जोर दिया कि यह भारत और पाक के बीच एक द्विपक्षीय मामला है. चीन के अनुरोध पर शुक्रवार को बुलायी गयी यह अनौपचारिक बैठक करीब एक घंटे तक चली. उसके बाद संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत झांग जुन और पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोदी ने एक-एक कर टिप्पणी. उन्होंने संवाददाताओं का कोई सवाल नहीं लिया. बैठक में हुई चर्चा के बारे में सूत्रों ने बताया कि चीन किसी नतीजे के लिए या पोलैंड द्वारा कोई विज्ञप्ति जारी किये जाने पर जोर दे रहा था. ब्रिटेन ने भी प्रेस विज्ञप्ति की मांग पर चीन का साथ दिया. पोलैंड अगस्त महीने के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है.  सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में ज्यादातर का कहना था कि इस चर्चा के बाद कोई बयान या नतीजा जारी नहीं किया जाना चाहिए और आखिरकार उनकी ही बात रही. उसके बाद चीन बैठक से बाहर आ गया और बतौर एक देश उसने बयान दिया. फिर पाकिस्तान ने भी बयान दिया. सूत्रों ने बताया कि यूएनएससी अध्यक्ष ने चर्चा के बाद कहा, ‘पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाने का कोई आधार नहीं है. इस बार भी उसकी बातों में कोई दम नहीं था. कोई नतीजा नहीं निकला, परामर्श के बाद पोलैंड ने कोई बयान नहीं दिया.' संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने मीडिया से कहा कि ‘‘यदि राष्ट्रीय बयानों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की इच्छा के रूप में पेश करने कोशिश की जाएगी'' तो वह भी भारत का राष्ट्रीय रूख सामने रखेंगे. उनका इशारा चीन और पाकिस्तान के बयानों की ओर था.  सूत्रों के अनुसार सुरक्षा परिषद के ज्यादातर सदस्यों ने माना कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है और उन दोनों को ही आपस में इसका समाधान करने की जरूरत है. यह कश्मीर का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की मंशा रखने वाले पाकिस्तान के लिए एक झटका है. सुरक्षा परिषद में वीटो का अधिकार वाले पांच स्थायी सदस्य देशों में शामिल चीन ने यह बैठक बुलाने की मांग की थी. परिषद की प्रक्रियाओं के अनुसार उसके सदस्य किसी भी मुद्दे पर चर्चा की मांग कर सकते हैं, लेकिन बंद कमरे में बैठकों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाएगा. सूत्रों के अनुसार सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ इस चर्चा में भारत ने एक-एक कर सारी दलीलें ध्वस्त कर दी. भारत का यह रूख रहा कि कैसे कोई संवैधानिक मामला शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है, जैसा कि पाकिस्तान ने अनुच्छेद 370 के संदर्भ में दावा किया है.  सूत्रों ने बताया कि भारत का कहना था, ‘कैसे किसी संघीय व्यवस्था का सीमा के पार असर हो सकता है.' भारत बार-बार इस बात पर बल दे रहा है कि वह कश्मीर मुद्दे पर शिमला समझौते के प्रति प्रतिबद्ध है. मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मुद्दे पर सूत्रों ने कहा, ‘पाकिस्तान इस मोर्चे पर भी मात खा गया क्योंकि चीन मानवाधिकारों की दुहाई दे रहा है.' सूत्रों ने कहा कि यदि पाकिस्तान महसूस करता है कि अनुच्छेद 370 स्थिति में एक बड़ा बदलाव है तो चीन- पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) क्या है. सूत्रों के अनुसार परिषद में अफ्रीकी देशों, आईवरी कोस्ट एवं इक्वेटोरियल गुएना, डोमिनिकन रिपब्लिक, जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस और रूस ने भारत का समर्थन किया. संयुक्त राष्ट्र के कूटनीतिक सूत्र ने कहा कि फ्रांस क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखे हुए है. उसकी प्राथमिकता यह है कि भारत एवं पाकिस्तान द्विपक्षीय संवाद करे. अमेरिका और जर्मनी का भी यही रूख था.  रूस के उप-स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोलिंस्की ने बैठक कक्ष में जाने से पहले संवाददाताओं से कहा कि मॉस्को का मानना है कि यह भारत एवं पाकिस्तान का ‘द्विपक्षीय मामला' है. इंडोनेशिया भी बढ़ते तनाव से चिंतित था और उसने दोनों देशों से संवाद एवं कूटनीति पर लौटने की अपील की. ब्रिटिश सरकार के प्रवक्ता ने कहा, ‘आज सुरक्षा परिषद ने कश्मीर की स्थिति पर चर्चा की. हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. कश्मीर की घटनाओं की क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रासंगिकता है. हम सभी से शांति एवं सतर्कता बनाए रखने की अपील करते हैं.' बंद कमरे में हुई सुरक्षा परिषद की इस बैठक से पहले पाकिस्तान को कई झटके लगे हैं. उसने इस विषय पर खुली बैठक की मांग की थी. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पत्र लिखकर जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के भारत के कदम पर सुरक्षा परिषद में चर्चा की मांग की थी, लेकिन सुरक्षा परिषद ने एक अनौपचारिक और बंद कमरे में बैठक की. कुरैशी ने यह भी अनुरोध किया था कि पाकिस्तान सरकार के एक प्रतिनिधि को बैठक में हिस्सा लेने दिया जाए. उस अनुरोध को भी नहीं माना गया क्योंकि चर्चा बस सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों के बीच थी.
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान और उसके सहयोगी चीन को तगड़ा झटका परिषद ने कहा, यह भारत और पाक के बीच द्विपक्षीय मामला अध्यक्ष ने कहा, कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाने का कोई आधार नहीं
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना का स्वत: संज्ञान लिया और मामले पर सुनवाई का फैसला किया। इस मामले को एक जनहित मुकदमे के तौर पर दर्ज किया गया है और मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबासाहेब भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई करेगी।टिप्पणियां अदालत के सूत्रों के अनुसार मुख्य न्यायाधीश ने बीती 29 जुलाई को हुई इस जघन्य घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई का फैसला किया। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस मामले को एक जनहित मुकदमे के तौर पर दर्ज किया गया है और मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबासाहेब भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई करेगी।टिप्पणियां अदालत के सूत्रों के अनुसार मुख्य न्यायाधीश ने बीती 29 जुलाई को हुई इस जघन्य घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई का फैसला किया। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अदालत के सूत्रों के अनुसार मुख्य न्यायाधीश ने बीती 29 जुलाई को हुई इस जघन्य घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई का फैसला किया। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: इसे एक जनहित मुकदमे के तौर पर दर्ज किया गया चीफ जस्टिस की खंडपीठ करेगी सुनवाई बीती 29 जुलाई को होगी घटना
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कालेधन की समस्या से निपटने में आम लोगों की राय और उनके सुझाव जानने के लिए सरकार ने अलग से ईमेल आईडी सृजित की है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके लिए नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर के सर्वर पर --बीएम-फीडबैक एट द रेट ऑफ एनआईसी.इन नाम से ईमेल बनाया गया है। इस ईमेल पर आम लोगों से कालेधन की समस्या से निपटने के सुझाव भेजने को कहा गया है। अधिकारी ने कहा, कालेधन से निपटने के लिए क्या क्या उपाय किए जा सकते हैं, इस बारे में आम नागरिक इस ईमेल पर अपनी राय भेजें। आम जनता ये भी सुझा सकती है कि इसके अलए क्या दंड होने चाहिए और किस तरह की दंड संहिता होनी चाहिए। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार प्रत्यक्ष कर केन्द्रीय बोर्ड के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र की अध्यक्षता में एक समिति का गठन पहले ही कर चुकी है। इस समिति से कालेधन की समस्या से निजात पाने के लिए नई रणनीति बनाने को कहा गया है। उम्मीद है कि समिति अगले छह महीने में इस संबंध में अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी। नए ईमेल पर वित्त मंत्रालय सतत नजर रखेगा और इससे प्राप्त होने वाले सुझावों को समिति को भी उपलब्ध कराएगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कालेधन की समस्या से निपटने में आम लोगों की राय और उनके सुझाव जानने के लिए सरकार ने अलग से ईमेल आईडी सृजित की है।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: योग गुरु बाबा रामदेव ने शनिवार को दावा किया कि सरकार काले धन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित करने और विदेशों में धन जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की उनकी मांग पर राजी हो गई है। लेकिन उन्होंने कहा कि उनका अनशन तभी समाप्त होगा, जब सरकार उन्हें लिखित आश्वासन देगी। रामदेव ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हमने मांग की थी कि सरकार को काले धन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित कर देनी चाहिए, और विदेशों में अवैध धन जमा करने को देशद्रोह घोषित कर दिया जाना चाहिए। सरकार हमारी इन सभी मांगों पर सहमत हो गई है।" बाबा रामदेव ने हालांकि कहा कि वह अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब सरकार उन्हें लिखित आश्वासन दे देगी। बाबा रामदेव ने कहा, "अभी फोन पर सहमति बनी है और जब मुझे यह लिखित में मिल जाएगा, मैं अनशन समाप्त कर दूंगा।" रामदेव ने दिल्ली के रामलीला मैदान में शनिवार को देश भर से आए हजारों समर्थकों के साथ अनशन शुरू किया।
यह एक सारांश है: रामदेव ने दावा किया कि सरकार काले धन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित करने और विदेशों में धन जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर राजी है।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय मूर्तिकारों ने इस बार ड्रैगन का दम निकाल दिया है. दिवाली के लिए सजे बाजारों से चीन से आयातित देवी देवताओं की मूर्तियां यानी 'गॉड फिगर' गायब हैं और बाजार में भारतीय मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई मूर्तियां छाई हुई हैं. पिछले कुछ साल से दिवाली पर देवी-देवताओं की मूर्तियों के बाजार पर 'चीनी सामान' का दबदबा था. ग्राहक भी बेहतर फिनिशिंग और कम दामों वाली चीन से आयातित मूर्तियों की मांग करते थे, लेकिन इस बार हवा का रख बदला दिखाई दे रहा है. ग्राहक चीनी माल के बजाय स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहा है. राजधानी के प्रमुख थोक बाजार सदर बाजार के कारोबारियों का कहना है कि इस बार बाजार में चीन से आयातित 'गॉड फिगर' की उपस्थिति काफी कम है. भारतीय कारीगरों ने अधिक आकषर्क और बेहतर फिनिशिंग वाली मूर्तियों से बाजार को पाट दिया है जिससे 'ड्रैगन' गायब हो गया है. सदर बाजार में पिछले कई दशक से 'गिफ्ट आइटम' का कारोबार करने वाले स्टैंडर्ड ट्रेडिंग के सुरेंद्र बजाज बताते हैं, "इस बार एक अच्छा रुख दिखाई दे रहा है. कम से कम देवी देवताओं की मूर्तियों के बाजार से चीन पूरी तरह गायब है. ग्राहक भी भारतीय मूर्तियों की मांग कर रहे हैं." बजाज कहते हैं कि इस बार मुख्य रूप से बाजार में दिल्ली के पंखा रोड, बुराड़ी, सुल्तानपुरी, गाजीपुर तथा अन्य इलाकों से मूर्तियां आई हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश का मेरठ भी मूर्तियों का बड़ा केन्द्र है, जहां से मूर्तियां दिल्ली और आसपास के राज्यों में आती हैं. दिल्ली व्यापार संघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा बताते हैं कि चीन के विनिर्माता पहले भारतीय बाजार में आकर सर्वे करते हैं और उसके बाद वे सस्ते दामों पर अधिक आकषर्क उत्पाद पेश कर देते हैं. बवेजा ने कहा कि दिवाली पर मुख्य रूप से गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों की मांग रहती है. इसके अलावा रामदरबार, हुनमान जी, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, शिव-पार्वती, कृष्ण और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों से भी बाजार पटे हैं. इन मूर्तियों की कीमत 100 रुपये से शुरू होती है. बाजार में 5,000 रुपये तक की आकषर्क मूर्तियां उपलब्ध हैं. बवेजा के अनुसार इस बार हमारे मूर्तिकारों ने भी चीन की तकनीक व कला को समझ लिया है और अब वे चाइनीज विनिर्माताओं की टक्कर के उत्पाद पेश कर रहे हैं. कारोबारियों का कहना है कि इन मूर्तियों के बाजार पर चीन का हिस्सा 60-70 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन इस बार यह सिर्फ 10 प्रतिशत तक रह गया है. कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट‌) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के अभियान का असर दिख रहा है. अब ग्राहक भी चाहते हैं कि वे देश में बने उत्पादों से दिवाली पर घर की सजावट करें. खंडेलवाल के अनुसार, इस बार व्यापारी भी अधिक से अधिक भारतीय उत्पादों को बेचने में रुचि दिखा रहे हैं. हरियाणा नॉवल्टी हाउस के पवन कहते हैं कि इस बार बाजार पर पूरी तरह दिल्ली और आसपास के इलाकों से बनी मूर्तियों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि हमारे विनिर्माता फिनिशिंग और खूबसूरती में चीन से मात खा जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हैं.टिप्पणियां रिटेलर अनुराग के अनुसार कभी समय था कि चीन में बनी मूर्तियां भारतीयों के त्योहार पर छाई हुई थीं. पर अब ऐसा नहीं है. चीन के उत्पाद बेशक आकषर्क दिखते हैं, लेकिन वे अधिक टिकाऊ नहीं होते और जल्द उनको लेकर शिकायतें आने लगती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पिछले कुछ साल से दिवाली पर देवी-देवताओं की मूर्तियों के बाजार पर 'चीनी सामान' का दबदबा था. ग्राहक भी बेहतर फिनिशिंग और कम दामों वाली चीन से आयातित मूर्तियों की मांग करते थे, लेकिन इस बार हवा का रख बदला दिखाई दे रहा है. ग्राहक चीनी माल के बजाय स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहा है. राजधानी के प्रमुख थोक बाजार सदर बाजार के कारोबारियों का कहना है कि इस बार बाजार में चीन से आयातित 'गॉड फिगर' की उपस्थिति काफी कम है. भारतीय कारीगरों ने अधिक आकषर्क और बेहतर फिनिशिंग वाली मूर्तियों से बाजार को पाट दिया है जिससे 'ड्रैगन' गायब हो गया है. सदर बाजार में पिछले कई दशक से 'गिफ्ट आइटम' का कारोबार करने वाले स्टैंडर्ड ट्रेडिंग के सुरेंद्र बजाज बताते हैं, "इस बार एक अच्छा रुख दिखाई दे रहा है. कम से कम देवी देवताओं की मूर्तियों के बाजार से चीन पूरी तरह गायब है. ग्राहक भी भारतीय मूर्तियों की मांग कर रहे हैं." बजाज कहते हैं कि इस बार मुख्य रूप से बाजार में दिल्ली के पंखा रोड, बुराड़ी, सुल्तानपुरी, गाजीपुर तथा अन्य इलाकों से मूर्तियां आई हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश का मेरठ भी मूर्तियों का बड़ा केन्द्र है, जहां से मूर्तियां दिल्ली और आसपास के राज्यों में आती हैं. दिल्ली व्यापार संघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा बताते हैं कि चीन के विनिर्माता पहले भारतीय बाजार में आकर सर्वे करते हैं और उसके बाद वे सस्ते दामों पर अधिक आकषर्क उत्पाद पेश कर देते हैं. बवेजा ने कहा कि दिवाली पर मुख्य रूप से गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों की मांग रहती है. इसके अलावा रामदरबार, हुनमान जी, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, शिव-पार्वती, कृष्ण और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों से भी बाजार पटे हैं. इन मूर्तियों की कीमत 100 रुपये से शुरू होती है. बाजार में 5,000 रुपये तक की आकषर्क मूर्तियां उपलब्ध हैं. बवेजा के अनुसार इस बार हमारे मूर्तिकारों ने भी चीन की तकनीक व कला को समझ लिया है और अब वे चाइनीज विनिर्माताओं की टक्कर के उत्पाद पेश कर रहे हैं. कारोबारियों का कहना है कि इन मूर्तियों के बाजार पर चीन का हिस्सा 60-70 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन इस बार यह सिर्फ 10 प्रतिशत तक रह गया है. कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट‌) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के अभियान का असर दिख रहा है. अब ग्राहक भी चाहते हैं कि वे देश में बने उत्पादों से दिवाली पर घर की सजावट करें. खंडेलवाल के अनुसार, इस बार व्यापारी भी अधिक से अधिक भारतीय उत्पादों को बेचने में रुचि दिखा रहे हैं. हरियाणा नॉवल्टी हाउस के पवन कहते हैं कि इस बार बाजार पर पूरी तरह दिल्ली और आसपास के इलाकों से बनी मूर्तियों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि हमारे विनिर्माता फिनिशिंग और खूबसूरती में चीन से मात खा जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हैं.टिप्पणियां रिटेलर अनुराग के अनुसार कभी समय था कि चीन में बनी मूर्तियां भारतीयों के त्योहार पर छाई हुई थीं. पर अब ऐसा नहीं है. चीन के उत्पाद बेशक आकषर्क दिखते हैं, लेकिन वे अधिक टिकाऊ नहीं होते और जल्द उनको लेकर शिकायतें आने लगती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राजधानी के प्रमुख थोक बाजार सदर बाजार के कारोबारियों का कहना है कि इस बार बाजार में चीन से आयातित 'गॉड फिगर' की उपस्थिति काफी कम है. भारतीय कारीगरों ने अधिक आकषर्क और बेहतर फिनिशिंग वाली मूर्तियों से बाजार को पाट दिया है जिससे 'ड्रैगन' गायब हो गया है. सदर बाजार में पिछले कई दशक से 'गिफ्ट आइटम' का कारोबार करने वाले स्टैंडर्ड ट्रेडिंग के सुरेंद्र बजाज बताते हैं, "इस बार एक अच्छा रुख दिखाई दे रहा है. कम से कम देवी देवताओं की मूर्तियों के बाजार से चीन पूरी तरह गायब है. ग्राहक भी भारतीय मूर्तियों की मांग कर रहे हैं." बजाज कहते हैं कि इस बार मुख्य रूप से बाजार में दिल्ली के पंखा रोड, बुराड़ी, सुल्तानपुरी, गाजीपुर तथा अन्य इलाकों से मूर्तियां आई हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश का मेरठ भी मूर्तियों का बड़ा केन्द्र है, जहां से मूर्तियां दिल्ली और आसपास के राज्यों में आती हैं. दिल्ली व्यापार संघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा बताते हैं कि चीन के विनिर्माता पहले भारतीय बाजार में आकर सर्वे करते हैं और उसके बाद वे सस्ते दामों पर अधिक आकषर्क उत्पाद पेश कर देते हैं. बवेजा ने कहा कि दिवाली पर मुख्य रूप से गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों की मांग रहती है. इसके अलावा रामदरबार, हुनमान जी, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, शिव-पार्वती, कृष्ण और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों से भी बाजार पटे हैं. इन मूर्तियों की कीमत 100 रुपये से शुरू होती है. बाजार में 5,000 रुपये तक की आकषर्क मूर्तियां उपलब्ध हैं. बवेजा के अनुसार इस बार हमारे मूर्तिकारों ने भी चीन की तकनीक व कला को समझ लिया है और अब वे चाइनीज विनिर्माताओं की टक्कर के उत्पाद पेश कर रहे हैं. कारोबारियों का कहना है कि इन मूर्तियों के बाजार पर चीन का हिस्सा 60-70 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन इस बार यह सिर्फ 10 प्रतिशत तक रह गया है. कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट‌) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के अभियान का असर दिख रहा है. अब ग्राहक भी चाहते हैं कि वे देश में बने उत्पादों से दिवाली पर घर की सजावट करें. खंडेलवाल के अनुसार, इस बार व्यापारी भी अधिक से अधिक भारतीय उत्पादों को बेचने में रुचि दिखा रहे हैं. हरियाणा नॉवल्टी हाउस के पवन कहते हैं कि इस बार बाजार पर पूरी तरह दिल्ली और आसपास के इलाकों से बनी मूर्तियों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि हमारे विनिर्माता फिनिशिंग और खूबसूरती में चीन से मात खा जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हैं.टिप्पणियां रिटेलर अनुराग के अनुसार कभी समय था कि चीन में बनी मूर्तियां भारतीयों के त्योहार पर छाई हुई थीं. पर अब ऐसा नहीं है. चीन के उत्पाद बेशक आकषर्क दिखते हैं, लेकिन वे अधिक टिकाऊ नहीं होते और जल्द उनको लेकर शिकायतें आने लगती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ग्राहक भी भारतीय मूर्तियों की मांग कर रहे हैं." बजाज कहते हैं कि इस बार मुख्य रूप से बाजार में दिल्ली के पंखा रोड, बुराड़ी, सुल्तानपुरी, गाजीपुर तथा अन्य इलाकों से मूर्तियां आई हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश का मेरठ भी मूर्तियों का बड़ा केन्द्र है, जहां से मूर्तियां दिल्ली और आसपास के राज्यों में आती हैं. दिल्ली व्यापार संघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा बताते हैं कि चीन के विनिर्माता पहले भारतीय बाजार में आकर सर्वे करते हैं और उसके बाद वे सस्ते दामों पर अधिक आकषर्क उत्पाद पेश कर देते हैं. बवेजा ने कहा कि दिवाली पर मुख्य रूप से गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों की मांग रहती है. इसके अलावा रामदरबार, हुनमान जी, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, शिव-पार्वती, कृष्ण और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों से भी बाजार पटे हैं. इन मूर्तियों की कीमत 100 रुपये से शुरू होती है. बाजार में 5,000 रुपये तक की आकषर्क मूर्तियां उपलब्ध हैं. बवेजा के अनुसार इस बार हमारे मूर्तिकारों ने भी चीन की तकनीक व कला को समझ लिया है और अब वे चाइनीज विनिर्माताओं की टक्कर के उत्पाद पेश कर रहे हैं. कारोबारियों का कहना है कि इन मूर्तियों के बाजार पर चीन का हिस्सा 60-70 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन इस बार यह सिर्फ 10 प्रतिशत तक रह गया है. कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट‌) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के अभियान का असर दिख रहा है. अब ग्राहक भी चाहते हैं कि वे देश में बने उत्पादों से दिवाली पर घर की सजावट करें. खंडेलवाल के अनुसार, इस बार व्यापारी भी अधिक से अधिक भारतीय उत्पादों को बेचने में रुचि दिखा रहे हैं. हरियाणा नॉवल्टी हाउस के पवन कहते हैं कि इस बार बाजार पर पूरी तरह दिल्ली और आसपास के इलाकों से बनी मूर्तियों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि हमारे विनिर्माता फिनिशिंग और खूबसूरती में चीन से मात खा जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हैं.टिप्पणियां रिटेलर अनुराग के अनुसार कभी समय था कि चीन में बनी मूर्तियां भारतीयों के त्योहार पर छाई हुई थीं. पर अब ऐसा नहीं है. चीन के उत्पाद बेशक आकषर्क दिखते हैं, लेकिन वे अधिक टिकाऊ नहीं होते और जल्द उनको लेकर शिकायतें आने लगती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली व्यापार संघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा बताते हैं कि चीन के विनिर्माता पहले भारतीय बाजार में आकर सर्वे करते हैं और उसके बाद वे सस्ते दामों पर अधिक आकषर्क उत्पाद पेश कर देते हैं. बवेजा ने कहा कि दिवाली पर मुख्य रूप से गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों की मांग रहती है. इसके अलावा रामदरबार, हुनमान जी, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, शिव-पार्वती, कृष्ण और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों से भी बाजार पटे हैं. इन मूर्तियों की कीमत 100 रुपये से शुरू होती है. बाजार में 5,000 रुपये तक की आकषर्क मूर्तियां उपलब्ध हैं. बवेजा के अनुसार इस बार हमारे मूर्तिकारों ने भी चीन की तकनीक व कला को समझ लिया है और अब वे चाइनीज विनिर्माताओं की टक्कर के उत्पाद पेश कर रहे हैं. कारोबारियों का कहना है कि इन मूर्तियों के बाजार पर चीन का हिस्सा 60-70 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन इस बार यह सिर्फ 10 प्रतिशत तक रह गया है. कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट‌) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के अभियान का असर दिख रहा है. अब ग्राहक भी चाहते हैं कि वे देश में बने उत्पादों से दिवाली पर घर की सजावट करें. खंडेलवाल के अनुसार, इस बार व्यापारी भी अधिक से अधिक भारतीय उत्पादों को बेचने में रुचि दिखा रहे हैं. हरियाणा नॉवल्टी हाउस के पवन कहते हैं कि इस बार बाजार पर पूरी तरह दिल्ली और आसपास के इलाकों से बनी मूर्तियों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि हमारे विनिर्माता फिनिशिंग और खूबसूरती में चीन से मात खा जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हैं.टिप्पणियां रिटेलर अनुराग के अनुसार कभी समय था कि चीन में बनी मूर्तियां भारतीयों के त्योहार पर छाई हुई थीं. पर अब ऐसा नहीं है. चीन के उत्पाद बेशक आकषर्क दिखते हैं, लेकिन वे अधिक टिकाऊ नहीं होते और जल्द उनको लेकर शिकायतें आने लगती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बवेजा के अनुसार इस बार हमारे मूर्तिकारों ने भी चीन की तकनीक व कला को समझ लिया है और अब वे चाइनीज विनिर्माताओं की टक्कर के उत्पाद पेश कर रहे हैं. कारोबारियों का कहना है कि इन मूर्तियों के बाजार पर चीन का हिस्सा 60-70 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन इस बार यह सिर्फ 10 प्रतिशत तक रह गया है. कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट‌) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के अभियान का असर दिख रहा है. अब ग्राहक भी चाहते हैं कि वे देश में बने उत्पादों से दिवाली पर घर की सजावट करें. खंडेलवाल के अनुसार, इस बार व्यापारी भी अधिक से अधिक भारतीय उत्पादों को बेचने में रुचि दिखा रहे हैं. हरियाणा नॉवल्टी हाउस के पवन कहते हैं कि इस बार बाजार पर पूरी तरह दिल्ली और आसपास के इलाकों से बनी मूर्तियों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि हमारे विनिर्माता फिनिशिंग और खूबसूरती में चीन से मात खा जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हैं.टिप्पणियां रिटेलर अनुराग के अनुसार कभी समय था कि चीन में बनी मूर्तियां भारतीयों के त्योहार पर छाई हुई थीं. पर अब ऐसा नहीं है. चीन के उत्पाद बेशक आकषर्क दिखते हैं, लेकिन वे अधिक टिकाऊ नहीं होते और जल्द उनको लेकर शिकायतें आने लगती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) खंडेलवाल के अनुसार, इस बार व्यापारी भी अधिक से अधिक भारतीय उत्पादों को बेचने में रुचि दिखा रहे हैं. हरियाणा नॉवल्टी हाउस के पवन कहते हैं कि इस बार बाजार पर पूरी तरह दिल्ली और आसपास के इलाकों से बनी मूर्तियों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि हमारे विनिर्माता फिनिशिंग और खूबसूरती में चीन से मात खा जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हैं.टिप्पणियां रिटेलर अनुराग के अनुसार कभी समय था कि चीन में बनी मूर्तियां भारतीयों के त्योहार पर छाई हुई थीं. पर अब ऐसा नहीं है. चीन के उत्पाद बेशक आकषर्क दिखते हैं, लेकिन वे अधिक टिकाऊ नहीं होते और जल्द उनको लेकर शिकायतें आने लगती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रिटेलर अनुराग के अनुसार कभी समय था कि चीन में बनी मूर्तियां भारतीयों के त्योहार पर छाई हुई थीं. पर अब ऐसा नहीं है. चीन के उत्पाद बेशक आकषर्क दिखते हैं, लेकिन वे अधिक टिकाऊ नहीं होते और जल्द उनको लेकर शिकायतें आने लगती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बाजारों से चीन से आयातित देवी देवताओं की मूर्तियां यानी 'गॉड फिगर' गायब बाजार में भारतीय मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई मूर्तियां छाई हुई हैं ग्राहक चीनी माल के बजाय स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहा है
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: रुपये में हाल के दिनों में आई तेज गिरावट के लिये चालू खाते के ऊंचे घाटे को मुख्य वजह बताते हुए रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने गुरुवार को कहा कि रुपये में मौजूदा घटबढ़ को थामने के लिए केन्द्रीय बैंक हर संभव कदम उठाएगा। चक्रवर्ती ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘...अगर चालू खाते का घाटा तथा राजकोषीय घाटा है तो रुपये की विनिमय दर में गिरावट तय है..लेकिन गिरावट व्यवस्थित होनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय बैंक हर वो कदम उठाएगा जिससे रुपये में उतार-चढ़ाव कम हो।’’ हालांकि, उन्होंने इस बारे में रणनीति का खुलासा नहीं किया। बाह्य क्षेत्र की स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व बैंक के पास 290 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने भी रुपये में गिरावट का कारण चालू खाते के ऊंचे घाटे को बताया। उन्होंने कहा, ‘‘..ऐसी स्थिति में जहां चालू खाते का घाटा ज्यादा हो, आप रुपये में मजबूती की उम्मीद नहीं कर सकते। अगर यह कमजोर होता है तो मुझे कोई अचंभा नहीं होगा।’’ अमेरिका द्वारा प्रोत्साहन पैकेज वापस लेने को लेकर चिंता के बीच पिछले आठ दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपया 150 पैसे से अधिक कमजोर हुआ है। सुबह के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 56.89-57.00 के स्तर पर था। मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने आगे कहा कि दुनिया की सभी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर मजबूत हो रहा है और रुपये की विनिमय दर उतनी कम नहीं हुई है जितनी कि उसके समकक्ष अन्य मुद्राओं की हुई है। चालू खाते के घाटे के बारे में उन्होंने कहा कि यह 2013-14 में निश्चित रूप से 5 प्रतिशत से कम होगा पर चार प्रतिशत के स्तर पर नहीं आएगा। वित्त वर्ष 2012-13 में सीएडी अब तक के उच्च स्तर पर पहुंच गया। खाद्य सुरक्षा विधेयक के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा कि सरकार विधेयक पर निश्चित तौर पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसके कारण सरकार पर सालाना 20,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईंधन में सब्सिडी कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अप्रत्यक्ष करों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कर सुधार के तौर पर लाये जाने वाले वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले नहीं लाया जा सकेगा। उन्होंने अप्रत्यक्ष करों पर अधिक ध्यान दिए जाने की आवश्यकता जताई। अहलूवालिया ने कहा कि अगले दो सप्ताह में आर्थिक वृद्धि की दिशा में अहम कदम उठाए जा सकते हैं, लेकिन उन्होंने इसके बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं बताया।
रुपये में हाल के दिनों में आई तेज गिरावट के लिये चालू खाते के ऊंचे घाटे को मुख्य वजह बताते हुए रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने गुरुवार को कहा कि रुपये में मौजूदा घटबढ़ को थामने के लिए केन्द्रीय बैंक हर संभव कदम उठाएगा।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अध्यक्ष अरुंधती भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि सोमवार तक बैंक के 1000 एटीएम 2000 रुपये के नोट देने लायक बना दिए जाएंगे. भट्टाचार्य ने कहा, "हम बैंकिंग सेवा में सामान्य स्थिति लाने के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं. हम उम्मीद करते हैं अखिल भारतीय स्तर पर सोमवार रात तक 1000 एटीम और उसके बाद धीरे-धीरे बाकी एटीएम भी नए नोटों के लायक बना दिए जाएंगे." भट्टाचार्य ने कहा कि बैंक ने नए 500 रुपये और 2000 रुपये के नोट के लिए एटीएम को अनुकूल बनाने का काम शुरू कर दिया है. फिलहाल बैंक अपने एटीएम में 100 रुपये के नोट डाल रहा है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, "हम एटीएम में 100 रुपये के नोट डाल रहे हैं. लेकिन एक एटीएम में 100 रुपये के लगभग 2,500 नोट की ही जगह होती है. इसलिए लगभग 125 लोगों को सेवा देने के बाद एटीएम खाली हो जा रहे हैं." भट्टाचार्य ने कहा कि बैंक 100 रुपये के नोट मुहैया कराने के लिए अपनी सर्वोत्तम कोशिश कर रहा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भट्टाचार्य ने कहा, "हम बैंकिंग सेवा में सामान्य स्थिति लाने के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं. हम उम्मीद करते हैं अखिल भारतीय स्तर पर सोमवार रात तक 1000 एटीम और उसके बाद धीरे-धीरे बाकी एटीएम भी नए नोटों के लायक बना दिए जाएंगे." भट्टाचार्य ने कहा कि बैंक ने नए 500 रुपये और 2000 रुपये के नोट के लिए एटीएम को अनुकूल बनाने का काम शुरू कर दिया है. फिलहाल बैंक अपने एटीएम में 100 रुपये के नोट डाल रहा है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, "हम एटीएम में 100 रुपये के नोट डाल रहे हैं. लेकिन एक एटीएम में 100 रुपये के लगभग 2,500 नोट की ही जगह होती है. इसलिए लगभग 125 लोगों को सेवा देने के बाद एटीएम खाली हो जा रहे हैं." भट्टाचार्य ने कहा कि बैंक 100 रुपये के नोट मुहैया कराने के लिए अपनी सर्वोत्तम कोशिश कर रहा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भट्टाचार्य ने कहा कि बैंक ने नए 500 रुपये और 2000 रुपये के नोट के लिए एटीएम को अनुकूल बनाने का काम शुरू कर दिया है. फिलहाल बैंक अपने एटीएम में 100 रुपये के नोट डाल रहा है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, "हम एटीएम में 100 रुपये के नोट डाल रहे हैं. लेकिन एक एटीएम में 100 रुपये के लगभग 2,500 नोट की ही जगह होती है. इसलिए लगभग 125 लोगों को सेवा देने के बाद एटीएम खाली हो जा रहे हैं." भट्टाचार्य ने कहा कि बैंक 100 रुपये के नोट मुहैया कराने के लिए अपनी सर्वोत्तम कोशिश कर रहा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "हम एटीएम में 100 रुपये के नोट डाल रहे हैं. लेकिन एक एटीएम में 100 रुपये के लगभग 2,500 नोट की ही जगह होती है. इसलिए लगभग 125 लोगों को सेवा देने के बाद एटीएम खाली हो जा रहे हैं." भट्टाचार्य ने कहा कि बैंक 100 रुपये के नोट मुहैया कराने के लिए अपनी सर्वोत्तम कोशिश कर रहा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:धीरे-धीरे बाकी एटीएम भी नए नोट के लायक बना दिए जाएंगे 2000 रुपये के नोट के लिए एटीएम को अनुकूल बनाने का काम शुरू फिलहाल बैंक अपने एटीएम में 100 रुपये के नोट डाल रहा है
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तेजी से तरक्की के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था निवेश की दृष्टि से 'बेहद जोखिमभरी' है। साथ ही रूस, इंडोनेशिया, नाइजीरिया और फिलीपींस में भी निवेश खतरारहित नहीं है। यह नतीजा मैपलक्रॉफ्ट कम्पनी के सर्वेक्षण से सामने आया है। सर्वेक्षण में 175 देशों को शामिल किया गया और वहां की अर्थव्यवस्था में निवेशकों के लिए जोखिम का अध्ययन किया गया। सर्वेक्षण के आधार पर जारी ग्लोबल रिस्क एटलस 2011 की रिपोर्ट में अफगानिस्तान, सोमालिया और सूडान की अर्थव्यस्था को निवेशकों के लिए 'सबसे अधिक जोखिमभरा' बताया गया है। इसका आधार कमजोर शासन, आंतरिक संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता को बनाया गया है। मैपलक्रॉफ्ट के अनुसार सुरक्षा, सरकार, अनुचित अर्थनीति, संसाधनों की सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, महामारी, सामाजिक उदारता और मानवाधिकार निवेशकों के लिए सात प्रमुख 'वैश्विक जोखिम' हैं। भारत, रूस, नाइजीरिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस में हालांकि निवेशकों के हितों का खास खयाल रखा जाता है, लेकिन वहां व्यापार को चुनौतियां भी बहुत हैं। मैपलक्रॉफ ने अपनी रिपोर्ट में फिलीपींस को 8वें स्थान पर रखा है, जबकि रूस को 10वें और भारत को 11वें स्थान पर रखा गया है। उसके अनुसार इन देशों में राजनीतिक हिंसा, आतंकवाद और सुरक्षा कारणों से अर्थव्यवस्था को खतरा है। इसलिए इन देशों में काम करने वाली कम्पनियों को उन चुनौतियों को पहचाने और उस पर निगरानी रखने की जरूरत है, जो उन्हें अवसरों के साथ ही साथ मिलती है। मैपलक्रॉफ्ट की रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था को सुरक्षा कारणों से जोखिमभरा बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत को आतंकवादियों और नक्सलियों से लगातार खतरा बना है। सामाजिक व्यवस्था में लचीलापन के अभाव को इसका एक महत्वपूर्ण कारण बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत अर्थव्यवस्था के बावजूद वहां मानवाधिकारों की स्थिति बेहद खराब है और समाज का एक बड़ा वर्ग शिक्षा, स्वास्थ्य तथा स्वच्छता जैसी मौलिक जरूरतों की पहुंच से दूर है। रूस में भी करीब-करीब यही स्थिति है। यह लगातार आतंकवादियों और अलगाववादियों के निशाने पर है।
संक्षिप्त सारांश: सर्वेक्षण में 175 देशों को शामिल किया गया और वहां की अर्थव्यवस्था में निवेशकों के लिए जोखिम का अध्ययन किया गया।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: How to vote India: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के चौथे चरण (4th Phase Election) के चुनावों के लिए आज 9 राज्यों की 72 सीटों पर मतदान हो रहा है. चौथे चरण के लिए बिहार की 5 सीटें, जम्मू-कश्मीर की 1, झारखंड की 3, मध्य प्रदेश की 6, महाराष्ट्र की 17, ओडिशा की 6, उत्तर प्रदेश की13, पश्चिम बंगाल की 8 और राजस्थान की 13 सीटों के लिए मतदान हो रहे हैं. 71 लोकसभा सीटों पर कुल 943 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इन चुनावों में 12.79 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र हैं. भाकपा के कन्हैया कुमार, बीजेपी के बैजयंत पांडा, कांग्रेस की उर्मिला मातोंडकर, समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव, तृणमूल कांग्रेस की शताब्दी रॉय और कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा सहित कई अन्य उम्मीदवार भी चौथे चरण में चुनाव लड़ रहे नामी चेहरों में शामिल हैं. चुनाव आयोग ने 1.40 लाख मतदान केंद्र बनाए हैं और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. चौथे चरण के चुनाव के साथ ही महाराष्ट्र की सभी सीटों पर चुनाव संपन्न हो जाएगा. गूगल लोगों को भारत में हो रहे जनरल इलेक्शन 2019 (Lok Sabha Election) में वोट कैसे देना है, क्या प्रक्रिया है, वोटर लिस्ट नाम कैसे चेक करना है आदि सब कुछ बता रहा है. इस डूडल पर जैसे ही आप क्लिक करते हैं, ये आपको लोकसभा चुनावों में वोट देने के लिए ज़रुरी बातों के बारे में बताएगा. जैसे: और हां, पोलिंग बूथ में मोबाइल फोन्स, कैमरा या फिर किसी भी तरह का गैजेट को ले जाने पर मनाही है.
संक्षिप्त पाठ: लोकसभा चुनाव आज से शुरू गूगल ने लोकसभा चुनाव पर बनाया डूडल डूडल में बताया how to vote #India
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ईवीएम में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर चुनाव आयोग के पक्ष में अपनी राय व्यक्त की है. हालांकि उनकी पार्टी कांग्रेस ईवीएम की गड़बड़ी का मुद्दा उठाती रही है. पंजाब ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां हाल ही हुए विधानसभा में चुनाव के बाद कांग्रेस ने कैप्टन के नेतृत्व में सरकार बनाई. अमरिंदर ने कहा कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी हुई होती तो मैं मुख्यमंत्री नहीं होता. अकाली दल सत्ता में होता.  गौरतलब है कि कांग्रेस ने पंजाब में 117 विधानसभा सीटों में से 77 पर जीत हासिल की थी और लंबे समय से सत्तासीन अकाली दल को बेदखल कर दिया था. लेकिन आज कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों के साथ चुनाव आयोग में ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत की. पार्टियों का आरोप है कि मशीन में गड़बड़ी के चलते बीजेपी को उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत मिला है. हालांकि पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि वह तकनीकी का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि अब बैलेट पेपर से चुनाव करवाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. यह प्रगतिवादी कदम नहीं है. मुझे नहीं लगता कि हमें फिर से पुराने तौर-तरीके अपनाने चाहिए.    टिप्पणियां मोइली ने एनडीटीवी से कहा, "हम अपने सिस्टम को सेंसर कर रहे हैं. ईवीएम की शुरुआत तब की गई थी जब हम सत्ता में थे और मशीनों की जांच अच्छे से की गई थी." पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के बयान से कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है. वहीं, कांग्रेस पार्टी के नेता गुलाब नबी आजाद, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और  बीएसपी मायावती ने चुनाव आयोग से ईवीएम वापस लेने और बैलेट से चुनाव करवाने की मांग की है. उधर, ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के राजनीतिक हमलों के बीच एक बार फिर चुनाव आयोग ने दावा किया है कि इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं और साफ कहा है कि ईवीएम के साथ कोई टैंपरिंग संभव नहीं है. आयोग ईवीएम के समर्थन में खुलकर सामने आया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर बार-बार सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग मई के पहले हफ्ते में EVM से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती देगा. यह चुनौती 10 दिन तक खुली रहेगी. इस दौरान ईवीएम में तीन से चार स्तर तक टैंपरिंग करने की खुली चुनौती होगी. यही नहीं चुनाव आयोग ईवीएम मशीन खोलकर भी उसमें छेड़छाड़ करने की चुनौती दे सकता है. चुनाव आयोग का कहना है कि 2009 में भी ईवीएम की स्वामित्वता पर सवाल उठाए जाने के बाद हमने खुला चैलेंज दिया था लेकिन कोई इसे प्रूव नहीं कर सका. गौरतलब है कि कांग्रेस ने पंजाब में 117 विधानसभा सीटों में से 77 पर जीत हासिल की थी और लंबे समय से सत्तासीन अकाली दल को बेदखल कर दिया था. लेकिन आज कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों के साथ चुनाव आयोग में ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत की. पार्टियों का आरोप है कि मशीन में गड़बड़ी के चलते बीजेपी को उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत मिला है. हालांकि पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि वह तकनीकी का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि अब बैलेट पेपर से चुनाव करवाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. यह प्रगतिवादी कदम नहीं है. मुझे नहीं लगता कि हमें फिर से पुराने तौर-तरीके अपनाने चाहिए.    टिप्पणियां मोइली ने एनडीटीवी से कहा, "हम अपने सिस्टम को सेंसर कर रहे हैं. ईवीएम की शुरुआत तब की गई थी जब हम सत्ता में थे और मशीनों की जांच अच्छे से की गई थी." पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के बयान से कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है. वहीं, कांग्रेस पार्टी के नेता गुलाब नबी आजाद, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और  बीएसपी मायावती ने चुनाव आयोग से ईवीएम वापस लेने और बैलेट से चुनाव करवाने की मांग की है. उधर, ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के राजनीतिक हमलों के बीच एक बार फिर चुनाव आयोग ने दावा किया है कि इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं और साफ कहा है कि ईवीएम के साथ कोई टैंपरिंग संभव नहीं है. आयोग ईवीएम के समर्थन में खुलकर सामने आया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर बार-बार सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग मई के पहले हफ्ते में EVM से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती देगा. यह चुनौती 10 दिन तक खुली रहेगी. इस दौरान ईवीएम में तीन से चार स्तर तक टैंपरिंग करने की खुली चुनौती होगी. यही नहीं चुनाव आयोग ईवीएम मशीन खोलकर भी उसमें छेड़छाड़ करने की चुनौती दे सकता है. चुनाव आयोग का कहना है कि 2009 में भी ईवीएम की स्वामित्वता पर सवाल उठाए जाने के बाद हमने खुला चैलेंज दिया था लेकिन कोई इसे प्रूव नहीं कर सका. हालांकि पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि वह तकनीकी का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि अब बैलेट पेपर से चुनाव करवाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. यह प्रगतिवादी कदम नहीं है. मुझे नहीं लगता कि हमें फिर से पुराने तौर-तरीके अपनाने चाहिए.    टिप्पणियां मोइली ने एनडीटीवी से कहा, "हम अपने सिस्टम को सेंसर कर रहे हैं. ईवीएम की शुरुआत तब की गई थी जब हम सत्ता में थे और मशीनों की जांच अच्छे से की गई थी." पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के बयान से कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है. वहीं, कांग्रेस पार्टी के नेता गुलाब नबी आजाद, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और  बीएसपी मायावती ने चुनाव आयोग से ईवीएम वापस लेने और बैलेट से चुनाव करवाने की मांग की है. उधर, ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के राजनीतिक हमलों के बीच एक बार फिर चुनाव आयोग ने दावा किया है कि इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं और साफ कहा है कि ईवीएम के साथ कोई टैंपरिंग संभव नहीं है. आयोग ईवीएम के समर्थन में खुलकर सामने आया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर बार-बार सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग मई के पहले हफ्ते में EVM से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती देगा. यह चुनौती 10 दिन तक खुली रहेगी. इस दौरान ईवीएम में तीन से चार स्तर तक टैंपरिंग करने की खुली चुनौती होगी. यही नहीं चुनाव आयोग ईवीएम मशीन खोलकर भी उसमें छेड़छाड़ करने की चुनौती दे सकता है. चुनाव आयोग का कहना है कि 2009 में भी ईवीएम की स्वामित्वता पर सवाल उठाए जाने के बाद हमने खुला चैलेंज दिया था लेकिन कोई इसे प्रूव नहीं कर सका. मोइली ने एनडीटीवी से कहा, "हम अपने सिस्टम को सेंसर कर रहे हैं. ईवीएम की शुरुआत तब की गई थी जब हम सत्ता में थे और मशीनों की जांच अच्छे से की गई थी." पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के बयान से कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है. वहीं, कांग्रेस पार्टी के नेता गुलाब नबी आजाद, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और  बीएसपी मायावती ने चुनाव आयोग से ईवीएम वापस लेने और बैलेट से चुनाव करवाने की मांग की है. उधर, ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के राजनीतिक हमलों के बीच एक बार फिर चुनाव आयोग ने दावा किया है कि इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं और साफ कहा है कि ईवीएम के साथ कोई टैंपरिंग संभव नहीं है. आयोग ईवीएम के समर्थन में खुलकर सामने आया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर बार-बार सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग मई के पहले हफ्ते में EVM से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती देगा. यह चुनौती 10 दिन तक खुली रहेगी. इस दौरान ईवीएम में तीन से चार स्तर तक टैंपरिंग करने की खुली चुनौती होगी. यही नहीं चुनाव आयोग ईवीएम मशीन खोलकर भी उसमें छेड़छाड़ करने की चुनौती दे सकता है. चुनाव आयोग का कहना है कि 2009 में भी ईवीएम की स्वामित्वता पर सवाल उठाए जाने के बाद हमने खुला चैलेंज दिया था लेकिन कोई इसे प्रूव नहीं कर सका. उधर, ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के राजनीतिक हमलों के बीच एक बार फिर चुनाव आयोग ने दावा किया है कि इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं और साफ कहा है कि ईवीएम के साथ कोई टैंपरिंग संभव नहीं है. आयोग ईवीएम के समर्थन में खुलकर सामने आया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर बार-बार सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग मई के पहले हफ्ते में EVM से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती देगा. यह चुनौती 10 दिन तक खुली रहेगी. इस दौरान ईवीएम में तीन से चार स्तर तक टैंपरिंग करने की खुली चुनौती होगी. यही नहीं चुनाव आयोग ईवीएम मशीन खोलकर भी उसमें छेड़छाड़ करने की चुनौती दे सकता है. चुनाव आयोग का कहना है कि 2009 में भी ईवीएम की स्वामित्वता पर सवाल उठाए जाने के बाद हमने खुला चैलेंज दिया था लेकिन कोई इसे प्रूव नहीं कर सका.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस के रुख से बिल्कुल उलट है पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस ईवीएम की गड़बड़ी का मुद्दा उठाती रही है, लेकिन पंजाब पर चुप कांग्रेस ने पंजाब में 117 विधानसभा सीटों में से 77 पर जीत हासिल की थी
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता लालू प्रसाद यादव द्वारा लोकसभा में बीजेपी सदस्य के खिलाफ की गई एक टिप्पणी पर सदन में माहौल इतना गर्म हो गया कि सदन की बैठक को करीब सवा तीन बजे 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। इसके बाद लालू प्रसाद ने अपनी इस टिप्पणी को वापस ले लिया और उसके बाद ही कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकी। मल्टी-ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर सदन में बहस चल रही थी। आसन की ओर से अपना नाम पुकारे जाने पर लालू भाषण के लिए खड़े हुए। इसी बीच, बीजेपी के किसी सदस्य ने लालू को इंगित करते हुए कहा कि उधर (सत्ता पक्ष) चले जाइए। इस पर लालू गुस्सा गए और उन्होंने बीजेपी सदस्य विष्णुपद राय के खिलाफ कोई टिप्पणी की, जिस पर समूचा विपक्ष उत्तेजित हो गया। बीजेपी के अनंत कुमार अड़ गए कि जब तक लालू माफी नहीं मांगेंगे, उन्हें उनकी बात रखने नहीं देंगे। उधर, लालू ने कहा कि उन्होंने कुछ भी असंसदीय नहीं कहा है और वह माफी नहीं मांगेंगे। बीजेपी सदस्य और लालू प्रसाद के अपने अपने रुख पर कायम रहने के कारण सदन में गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने लालू की सीट पर जाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कमलनाथ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कोई भी भड़काने वाली बात नहीं कहने की अपील की। सदन में गतिरोध बने रहने पर उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने बैठक 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही स्थगित रहने के दौरान विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और बीजेपी संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी शब्दकोश में टिप्पणी का अर्थ खोजते देखे गए।टिप्पणियां उधर सपा के शैलेन्द्र कुमार ने चुटकी लेते हुए लालू की टिप्पणी को जम्हूरियत से जोड़ दिया, जिस पर आसपास खड़े सदस्यों के साथ ही मीडिया गैलरी में मौजूद पत्रकार भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। सदन की बैठक तीन बजकर 25 मिनट पर दोबारा शुरू होने पर पीठासीन सभापति पीसी चाको ने लालू का नाम पुकारा, लेकिन वह अपनी सीट पर नहीं थे। इस पर चाको ने बीजेपी सदस्य मुरली मनोहर जोशी को अपनी बात रखने की अनुमति दी। इसी बीच, लालू प्रसाद सदन में लौट आए। सदस्यों ने उन्हें देखते ही फुसफुसाना शुरू कर दिया, आ गए, आ गए। लालू ने कहा कि लोगों ने किताब में शब्द का अर्थ खोजा है और वह असंसदीय पाया गया है, इसलिए मैं अपनी बात वापस लेता हूं। मुरली मनोहर जोशी ने इस पर कहा कि पहले ही वापस ले लेते, तो बहुत कुछ होने से बच जाता। इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पड़ी। इसके बाद लालू प्रसाद ने अपनी इस टिप्पणी को वापस ले लिया और उसके बाद ही कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकी। मल्टी-ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर सदन में बहस चल रही थी। आसन की ओर से अपना नाम पुकारे जाने पर लालू भाषण के लिए खड़े हुए। इसी बीच, बीजेपी के किसी सदस्य ने लालू को इंगित करते हुए कहा कि उधर (सत्ता पक्ष) चले जाइए। इस पर लालू गुस्सा गए और उन्होंने बीजेपी सदस्य विष्णुपद राय के खिलाफ कोई टिप्पणी की, जिस पर समूचा विपक्ष उत्तेजित हो गया। बीजेपी के अनंत कुमार अड़ गए कि जब तक लालू माफी नहीं मांगेंगे, उन्हें उनकी बात रखने नहीं देंगे। उधर, लालू ने कहा कि उन्होंने कुछ भी असंसदीय नहीं कहा है और वह माफी नहीं मांगेंगे। बीजेपी सदस्य और लालू प्रसाद के अपने अपने रुख पर कायम रहने के कारण सदन में गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने लालू की सीट पर जाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कमलनाथ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कोई भी भड़काने वाली बात नहीं कहने की अपील की। सदन में गतिरोध बने रहने पर उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने बैठक 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही स्थगित रहने के दौरान विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और बीजेपी संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी शब्दकोश में टिप्पणी का अर्थ खोजते देखे गए।टिप्पणियां उधर सपा के शैलेन्द्र कुमार ने चुटकी लेते हुए लालू की टिप्पणी को जम्हूरियत से जोड़ दिया, जिस पर आसपास खड़े सदस्यों के साथ ही मीडिया गैलरी में मौजूद पत्रकार भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। सदन की बैठक तीन बजकर 25 मिनट पर दोबारा शुरू होने पर पीठासीन सभापति पीसी चाको ने लालू का नाम पुकारा, लेकिन वह अपनी सीट पर नहीं थे। इस पर चाको ने बीजेपी सदस्य मुरली मनोहर जोशी को अपनी बात रखने की अनुमति दी। इसी बीच, लालू प्रसाद सदन में लौट आए। सदस्यों ने उन्हें देखते ही फुसफुसाना शुरू कर दिया, आ गए, आ गए। लालू ने कहा कि लोगों ने किताब में शब्द का अर्थ खोजा है और वह असंसदीय पाया गया है, इसलिए मैं अपनी बात वापस लेता हूं। मुरली मनोहर जोशी ने इस पर कहा कि पहले ही वापस ले लेते, तो बहुत कुछ होने से बच जाता। इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पड़ी। इसी बीच, बीजेपी के किसी सदस्य ने लालू को इंगित करते हुए कहा कि उधर (सत्ता पक्ष) चले जाइए। इस पर लालू गुस्सा गए और उन्होंने बीजेपी सदस्य विष्णुपद राय के खिलाफ कोई टिप्पणी की, जिस पर समूचा विपक्ष उत्तेजित हो गया। बीजेपी के अनंत कुमार अड़ गए कि जब तक लालू माफी नहीं मांगेंगे, उन्हें उनकी बात रखने नहीं देंगे। उधर, लालू ने कहा कि उन्होंने कुछ भी असंसदीय नहीं कहा है और वह माफी नहीं मांगेंगे। बीजेपी सदस्य और लालू प्रसाद के अपने अपने रुख पर कायम रहने के कारण सदन में गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने लालू की सीट पर जाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कमलनाथ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कोई भी भड़काने वाली बात नहीं कहने की अपील की। सदन में गतिरोध बने रहने पर उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने बैठक 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही स्थगित रहने के दौरान विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और बीजेपी संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी शब्दकोश में टिप्पणी का अर्थ खोजते देखे गए।टिप्पणियां उधर सपा के शैलेन्द्र कुमार ने चुटकी लेते हुए लालू की टिप्पणी को जम्हूरियत से जोड़ दिया, जिस पर आसपास खड़े सदस्यों के साथ ही मीडिया गैलरी में मौजूद पत्रकार भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। सदन की बैठक तीन बजकर 25 मिनट पर दोबारा शुरू होने पर पीठासीन सभापति पीसी चाको ने लालू का नाम पुकारा, लेकिन वह अपनी सीट पर नहीं थे। इस पर चाको ने बीजेपी सदस्य मुरली मनोहर जोशी को अपनी बात रखने की अनुमति दी। इसी बीच, लालू प्रसाद सदन में लौट आए। सदस्यों ने उन्हें देखते ही फुसफुसाना शुरू कर दिया, आ गए, आ गए। लालू ने कहा कि लोगों ने किताब में शब्द का अर्थ खोजा है और वह असंसदीय पाया गया है, इसलिए मैं अपनी बात वापस लेता हूं। मुरली मनोहर जोशी ने इस पर कहा कि पहले ही वापस ले लेते, तो बहुत कुछ होने से बच जाता। इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पड़ी। बीजेपी के अनंत कुमार अड़ गए कि जब तक लालू माफी नहीं मांगेंगे, उन्हें उनकी बात रखने नहीं देंगे। उधर, लालू ने कहा कि उन्होंने कुछ भी असंसदीय नहीं कहा है और वह माफी नहीं मांगेंगे। बीजेपी सदस्य और लालू प्रसाद के अपने अपने रुख पर कायम रहने के कारण सदन में गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने लालू की सीट पर जाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कमलनाथ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कोई भी भड़काने वाली बात नहीं कहने की अपील की। सदन में गतिरोध बने रहने पर उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने बैठक 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही स्थगित रहने के दौरान विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और बीजेपी संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी शब्दकोश में टिप्पणी का अर्थ खोजते देखे गए।टिप्पणियां उधर सपा के शैलेन्द्र कुमार ने चुटकी लेते हुए लालू की टिप्पणी को जम्हूरियत से जोड़ दिया, जिस पर आसपास खड़े सदस्यों के साथ ही मीडिया गैलरी में मौजूद पत्रकार भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। सदन की बैठक तीन बजकर 25 मिनट पर दोबारा शुरू होने पर पीठासीन सभापति पीसी चाको ने लालू का नाम पुकारा, लेकिन वह अपनी सीट पर नहीं थे। इस पर चाको ने बीजेपी सदस्य मुरली मनोहर जोशी को अपनी बात रखने की अनुमति दी। इसी बीच, लालू प्रसाद सदन में लौट आए। सदस्यों ने उन्हें देखते ही फुसफुसाना शुरू कर दिया, आ गए, आ गए। लालू ने कहा कि लोगों ने किताब में शब्द का अर्थ खोजा है और वह असंसदीय पाया गया है, इसलिए मैं अपनी बात वापस लेता हूं। मुरली मनोहर जोशी ने इस पर कहा कि पहले ही वापस ले लेते, तो बहुत कुछ होने से बच जाता। इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पड़ी। संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने लालू की सीट पर जाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कमलनाथ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कोई भी भड़काने वाली बात नहीं कहने की अपील की। सदन में गतिरोध बने रहने पर उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने बैठक 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही स्थगित रहने के दौरान विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और बीजेपी संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी शब्दकोश में टिप्पणी का अर्थ खोजते देखे गए।टिप्पणियां उधर सपा के शैलेन्द्र कुमार ने चुटकी लेते हुए लालू की टिप्पणी को जम्हूरियत से जोड़ दिया, जिस पर आसपास खड़े सदस्यों के साथ ही मीडिया गैलरी में मौजूद पत्रकार भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। सदन की बैठक तीन बजकर 25 मिनट पर दोबारा शुरू होने पर पीठासीन सभापति पीसी चाको ने लालू का नाम पुकारा, लेकिन वह अपनी सीट पर नहीं थे। इस पर चाको ने बीजेपी सदस्य मुरली मनोहर जोशी को अपनी बात रखने की अनुमति दी। इसी बीच, लालू प्रसाद सदन में लौट आए। सदस्यों ने उन्हें देखते ही फुसफुसाना शुरू कर दिया, आ गए, आ गए। लालू ने कहा कि लोगों ने किताब में शब्द का अर्थ खोजा है और वह असंसदीय पाया गया है, इसलिए मैं अपनी बात वापस लेता हूं। मुरली मनोहर जोशी ने इस पर कहा कि पहले ही वापस ले लेते, तो बहुत कुछ होने से बच जाता। इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पड़ी। उधर सपा के शैलेन्द्र कुमार ने चुटकी लेते हुए लालू की टिप्पणी को जम्हूरियत से जोड़ दिया, जिस पर आसपास खड़े सदस्यों के साथ ही मीडिया गैलरी में मौजूद पत्रकार भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। सदन की बैठक तीन बजकर 25 मिनट पर दोबारा शुरू होने पर पीठासीन सभापति पीसी चाको ने लालू का नाम पुकारा, लेकिन वह अपनी सीट पर नहीं थे। इस पर चाको ने बीजेपी सदस्य मुरली मनोहर जोशी को अपनी बात रखने की अनुमति दी। इसी बीच, लालू प्रसाद सदन में लौट आए। सदस्यों ने उन्हें देखते ही फुसफुसाना शुरू कर दिया, आ गए, आ गए। लालू ने कहा कि लोगों ने किताब में शब्द का अर्थ खोजा है और वह असंसदीय पाया गया है, इसलिए मैं अपनी बात वापस लेता हूं। मुरली मनोहर जोशी ने इस पर कहा कि पहले ही वापस ले लेते, तो बहुत कुछ होने से बच जाता। इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पड़ी। इसी बीच, लालू प्रसाद सदन में लौट आए। सदस्यों ने उन्हें देखते ही फुसफुसाना शुरू कर दिया, आ गए, आ गए। लालू ने कहा कि लोगों ने किताब में शब्द का अर्थ खोजा है और वह असंसदीय पाया गया है, इसलिए मैं अपनी बात वापस लेता हूं। मुरली मनोहर जोशी ने इस पर कहा कि पहले ही वापस ले लेते, तो बहुत कुछ होने से बच जाता। इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पड़ी।
यहाँ एक सारांश है:बीजेपी के किसी सदस्य ने लालू को इंगित करते हुए कहा कि उधर (सत्ता पक्ष) चले जाइए। इस पर लालू गुस्सा गए और उन्होंने बीजेपी सदस्य विष्णुपद राय के खिलाफ कोई टिप्पणी की, जिस पर समूचा विपक्ष उत्तेजित हो गया।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत ने रूस को बता दिया है कि जो राष्ट्र आतंकवाद को पाल रहा है और बढ़ावा दे रहा है उसके साथ साझा सैन्य अभ्यास भविष्य में दिक्कतें ही पैदा करेगा. यह बात भारत ने मॉस्को से उसके पाकिस्तान के साथ साझा सैन्य अभ्यास को लेकर कही. रूस की समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती के साथ एक इंटरव्यू में भारत के अंबेसेडर ने पंकज सरन ने कहा कि हमने रूस को अपने विचारों से अवगत करा दिया है. हमने कहा कि जो देश आतंकवाद को बढ़ाना देने को अपनी राष्ट्रीय नीति का हिस्सा मानता हो उसके साथ साझा सैन्य अभ्यास भविष्य में मुसीबतें से खड़ा करेगा. 14 अक्टूबर को गोवा में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भारत आने वाले हैं. यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच मुलाकात होगी और इस मुलाकात से पहले भारतीय अंबेसेडर का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पिछले माह पहली बार भारत ने रूस और पाकिस्तानी सेनाओं के साझा सैन्य अभ्यास पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया में नाराजगी जाहिर की थी. भारत की प्रतिक्रिया पर रूस ने ज्यादा तवज्जो ने देते हुए साफ कहा था कि इस प्रकार का सैन्य अभ्यास दूसरे देशों के साथ भी चलता रहता है. सरन ने कहा कि यह कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बात होगी. भारत और रूस के बीच संबंधों पर अपनी बात रखते हुए सरन ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे से लिए रणनीतिक साझीदार हैं और खास जगह रखते हैं. साथ ही उन्होंने ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि सैन्य और तकनीक के क्षेत्र में समय के साथ यह मजबूत ही हुआ है.टिप्पणियां सरन ने कहा कि भारत-रूस की साझेदारी दुनिया और क्षेत्र में शांति और स्थायित्व का सूत्रपात है. भारतीय राजदूत पंकज सरन ने कहा कि हम पिछले कई सालों से रूस के साथ इस प्रकार का साझा सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगा. सरन ने भारत और रूस के बीच सिविल न्यूक्लियर सेक्ट के साथ साथ व्यापार और निवेश का भी जिक्र किया. रूस की समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती के साथ एक इंटरव्यू में भारत के अंबेसेडर ने पंकज सरन ने कहा कि हमने रूस को अपने विचारों से अवगत करा दिया है. हमने कहा कि जो देश आतंकवाद को बढ़ाना देने को अपनी राष्ट्रीय नीति का हिस्सा मानता हो उसके साथ साझा सैन्य अभ्यास भविष्य में मुसीबतें से खड़ा करेगा. 14 अक्टूबर को गोवा में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भारत आने वाले हैं. यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच मुलाकात होगी और इस मुलाकात से पहले भारतीय अंबेसेडर का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पिछले माह पहली बार भारत ने रूस और पाकिस्तानी सेनाओं के साझा सैन्य अभ्यास पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया में नाराजगी जाहिर की थी. भारत की प्रतिक्रिया पर रूस ने ज्यादा तवज्जो ने देते हुए साफ कहा था कि इस प्रकार का सैन्य अभ्यास दूसरे देशों के साथ भी चलता रहता है. सरन ने कहा कि यह कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बात होगी. भारत और रूस के बीच संबंधों पर अपनी बात रखते हुए सरन ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे से लिए रणनीतिक साझीदार हैं और खास जगह रखते हैं. साथ ही उन्होंने ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि सैन्य और तकनीक के क्षेत्र में समय के साथ यह मजबूत ही हुआ है.टिप्पणियां सरन ने कहा कि भारत-रूस की साझेदारी दुनिया और क्षेत्र में शांति और स्थायित्व का सूत्रपात है. भारतीय राजदूत पंकज सरन ने कहा कि हम पिछले कई सालों से रूस के साथ इस प्रकार का साझा सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगा. सरन ने भारत और रूस के बीच सिविल न्यूक्लियर सेक्ट के साथ साथ व्यापार और निवेश का भी जिक्र किया. 14 अक्टूबर को गोवा में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भारत आने वाले हैं. यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच मुलाकात होगी और इस मुलाकात से पहले भारतीय अंबेसेडर का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पिछले माह पहली बार भारत ने रूस और पाकिस्तानी सेनाओं के साझा सैन्य अभ्यास पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया में नाराजगी जाहिर की थी. भारत की प्रतिक्रिया पर रूस ने ज्यादा तवज्जो ने देते हुए साफ कहा था कि इस प्रकार का सैन्य अभ्यास दूसरे देशों के साथ भी चलता रहता है. सरन ने कहा कि यह कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बात होगी. भारत और रूस के बीच संबंधों पर अपनी बात रखते हुए सरन ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे से लिए रणनीतिक साझीदार हैं और खास जगह रखते हैं. साथ ही उन्होंने ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि सैन्य और तकनीक के क्षेत्र में समय के साथ यह मजबूत ही हुआ है.टिप्पणियां सरन ने कहा कि भारत-रूस की साझेदारी दुनिया और क्षेत्र में शांति और स्थायित्व का सूत्रपात है. भारतीय राजदूत पंकज सरन ने कहा कि हम पिछले कई सालों से रूस के साथ इस प्रकार का साझा सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगा. सरन ने भारत और रूस के बीच सिविल न्यूक्लियर सेक्ट के साथ साथ व्यापार और निवेश का भी जिक्र किया. पिछले माह पहली बार भारत ने रूस और पाकिस्तानी सेनाओं के साझा सैन्य अभ्यास पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया में नाराजगी जाहिर की थी. भारत की प्रतिक्रिया पर रूस ने ज्यादा तवज्जो ने देते हुए साफ कहा था कि इस प्रकार का सैन्य अभ्यास दूसरे देशों के साथ भी चलता रहता है. सरन ने कहा कि यह कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बात होगी. भारत और रूस के बीच संबंधों पर अपनी बात रखते हुए सरन ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे से लिए रणनीतिक साझीदार हैं और खास जगह रखते हैं. साथ ही उन्होंने ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि सैन्य और तकनीक के क्षेत्र में समय के साथ यह मजबूत ही हुआ है.टिप्पणियां सरन ने कहा कि भारत-रूस की साझेदारी दुनिया और क्षेत्र में शांति और स्थायित्व का सूत्रपात है. भारतीय राजदूत पंकज सरन ने कहा कि हम पिछले कई सालों से रूस के साथ इस प्रकार का साझा सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगा. सरन ने भारत और रूस के बीच सिविल न्यूक्लियर सेक्ट के साथ साथ व्यापार और निवेश का भी जिक्र किया. सरन ने कहा कि यह कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बात होगी. भारत और रूस के बीच संबंधों पर अपनी बात रखते हुए सरन ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे से लिए रणनीतिक साझीदार हैं और खास जगह रखते हैं. साथ ही उन्होंने ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि सैन्य और तकनीक के क्षेत्र में समय के साथ यह मजबूत ही हुआ है.टिप्पणियां सरन ने कहा कि भारत-रूस की साझेदारी दुनिया और क्षेत्र में शांति और स्थायित्व का सूत्रपात है. भारतीय राजदूत पंकज सरन ने कहा कि हम पिछले कई सालों से रूस के साथ इस प्रकार का साझा सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगा. सरन ने भारत और रूस के बीच सिविल न्यूक्लियर सेक्ट के साथ साथ व्यापार और निवेश का भी जिक्र किया. भारत और रूस के बीच संबंधों पर अपनी बात रखते हुए सरन ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे से लिए रणनीतिक साझीदार हैं और खास जगह रखते हैं. साथ ही उन्होंने ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि सैन्य और तकनीक के क्षेत्र में समय के साथ यह मजबूत ही हुआ है.टिप्पणियां सरन ने कहा कि भारत-रूस की साझेदारी दुनिया और क्षेत्र में शांति और स्थायित्व का सूत्रपात है. भारतीय राजदूत पंकज सरन ने कहा कि हम पिछले कई सालों से रूस के साथ इस प्रकार का साझा सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगा. सरन ने भारत और रूस के बीच सिविल न्यूक्लियर सेक्ट के साथ साथ व्यापार और निवेश का भी जिक्र किया. सरन ने कहा कि भारत-रूस की साझेदारी दुनिया और क्षेत्र में शांति और स्थायित्व का सूत्रपात है. भारतीय राजदूत पंकज सरन ने कहा कि हम पिछले कई सालों से रूस के साथ इस प्रकार का साझा सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगा. सरन ने भारत और रूस के बीच सिविल न्यूक्लियर सेक्ट के साथ साथ व्यापार और निवेश का भी जिक्र किया. भारतीय राजदूत पंकज सरन ने कहा कि हम पिछले कई सालों से रूस के साथ इस प्रकार का साझा सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगा. सरन ने भारत और रूस के बीच सिविल न्यूक्लियर सेक्ट के साथ साथ व्यापार और निवेश का भी जिक्र किया.
सारांश: हमने रूस को अपने विचारों से अवगत करा दिया है : पंकज सरन ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति भारत आने वाले हैं 'भारत-रूस की साझेदारी दुनिया में शांति और स्थायित्व का सूत्रपात है'
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेट छोड़ने के बाद भी ब्रैंड और विज्ञापनों की दुनिया में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर का जलवा बरकरार है, खेल के सामान बनाने वाली कंपनी स्पार्टन के साथ उन्होंने क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स वियर की नई रेंज शुरू की है, जिसे खुद सचिन ने अपनी टीम के साथ डिजाइन किया है. इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक अपने नाम करने वाले सचिन ने इस मौके पर कहा कि रंगीन बल्लों के इस दौर में वे अपने हाथ में तिरंगा बल्ला ही रखना पसंद करेंगे. मास्टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर भले ही रिटायर हो चुके हैं , लेकिन क्रिकेट से उनका नाता अभी भी नहीं टूटा है. देश के प्रति अपने समर्पण को दर्शाते हुए मास्‍टर ब्‍लास्‍टर ने करियर का आखिरी टेस्‍ट तिरंगे बल्‍ले से खेला. इस बल्‍ले के ग्रिप पर तिरंगे के रंग थे.   क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स वियर की रेंज लांच की तस्‍वीरटिप्पणियां उन्‍होंने कहा कि वे जब भी बल्ला थामेंगे, ख्वाहिश रहेगी कि वह तिरंगा हो, सचिन ने कहा,  " सौ फीसदी वह भारत के रंगों में होगा. अगर आपको याद हो मैंने अपना आख़िरी टेस्ट मैच  तिरंगे बल्ले से खेला था जिससे मैं अपने फैंस का एक तरह से शुक्रिया अदा करना चाहता था.  24 सालों तक उन्होंने मेरे लिए दुआएं मांगी, धूप-गर्मी में खड़े रहे इसलिये बग़ैर कोई शक मेरे देश के रंग तिरंगा होगा." क्रिकेट से सचिन तेंदुलकर टेनिस के मैदान पर गए, इस बारे में उन्‍होंने बताया कि वे स्विट्जरलैंड के स्‍टार टेनिस खिलाड़ी के मुरीद हैं. " 2005-06 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुझसे पूछा गया कि मैं संन्यास कब लूंगा, मेरा सर्वश्रेष्ठ उसके बाद आया, इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि 2011 वर्ल्डकप में चैंपियन बनना रहा. सचिन ने कहा कि मैं हमेशा से फेडरर का बहुत बड़ा फैन रहा हूं. " उन्‍होंने कहा कि वे जब भी बल्ला थामेंगे, ख्वाहिश रहेगी कि वह तिरंगा हो, सचिन ने कहा,  " सौ फीसदी वह भारत के रंगों में होगा. अगर आपको याद हो मैंने अपना आख़िरी टेस्ट मैच  तिरंगे बल्ले से खेला था जिससे मैं अपने फैंस का एक तरह से शुक्रिया अदा करना चाहता था.  24 सालों तक उन्होंने मेरे लिए दुआएं मांगी, धूप-गर्मी में खड़े रहे इसलिये बग़ैर कोई शक मेरे देश के रंग तिरंगा होगा." क्रिकेट से सचिन तेंदुलकर टेनिस के मैदान पर गए, इस बारे में उन्‍होंने बताया कि वे स्विट्जरलैंड के स्‍टार टेनिस खिलाड़ी के मुरीद हैं. " 2005-06 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुझसे पूछा गया कि मैं संन्यास कब लूंगा, मेरा सर्वश्रेष्ठ उसके बाद आया, इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि 2011 वर्ल्डकप में चैंपियन बनना रहा. सचिन ने कहा कि मैं हमेशा से फेडरर का बहुत बड़ा फैन रहा हूं. " क्रिकेट से सचिन तेंदुलकर टेनिस के मैदान पर गए, इस बारे में उन्‍होंने बताया कि वे स्विट्जरलैंड के स्‍टार टेनिस खिलाड़ी के मुरीद हैं. " 2005-06 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुझसे पूछा गया कि मैं संन्यास कब लूंगा, मेरा सर्वश्रेष्ठ उसके बाद आया, इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि 2011 वर्ल्डकप में चैंपियन बनना रहा. सचिन ने कहा कि मैं हमेशा से फेडरर का बहुत बड़ा फैन रहा हूं. "
सचिन ने स्‍पार्टन के साथ क्रिकेट किट की नई रेंज शुरू की इसे तेंदुलकर ने अपनी टीम के साथ डिजाइन किया है टेनिस स्‍टार रोजर फेडरर के फैन हैं मास्‍टर ब्‍लास्‍टर
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन ने कहा है कि उन्हें भारत में गेंदबाजी करना बेहद पसंद है। अपनी नपी-तुली गेंदबाजी, अनुभव और मौजूदा फार्म के लिहाज से जॉनसन भारत दौरे पर आने वाले ऑस्ट्रेलियाई टीम के अहम सदस्य होंगे। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच 22 फरवरी से 26 मार्च के बीच चार टेस्ट मैच खेले जाने हैं। भारत में टेस्ट मैच एसजी गेंदों से खेले जाते हैं और जॉनसन को एसजी गेंदों से गेंदबाजी करना पसंद है।टिप्पणियां जॉनसन ने कहा, मुझे एसजी गेंदों से गेंदबाजी पसंद है। सीम पर यह थोड़ी पतली है, लेकिन इसके बावजूद मुझे यह काफी पसंद है। मैंने सीखा है कि भारत में गेंद स्विंग नहीं करती, ऐसे में सीम की मदद से विकेट लेने का प्रयास करना बेहतर होता है। भारत में रिवर्स स्विंग काफी प्रभावी होती है और आसानी से हाथ में समा जाने के कारण एससी गेंद से रिवर्स स्विंग कराना आसान भी होता है। मिशेल काफी कारगर गेंदबाज होने के अलावा उपयोगी बल्लेबाज भी हैं। 31 साल के जॉनसन टेस्ट मैचों में सात अर्धशतक और एक शतक लगा चुके हैं। 50 टेस्ट मैचों में उनके नाम 1403 रन और 205 विकेट दर्ज हैं। अपनी नपी-तुली गेंदबाजी, अनुभव और मौजूदा फार्म के लिहाज से जॉनसन भारत दौरे पर आने वाले ऑस्ट्रेलियाई टीम के अहम सदस्य होंगे। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच 22 फरवरी से 26 मार्च के बीच चार टेस्ट मैच खेले जाने हैं। भारत में टेस्ट मैच एसजी गेंदों से खेले जाते हैं और जॉनसन को एसजी गेंदों से गेंदबाजी करना पसंद है।टिप्पणियां जॉनसन ने कहा, मुझे एसजी गेंदों से गेंदबाजी पसंद है। सीम पर यह थोड़ी पतली है, लेकिन इसके बावजूद मुझे यह काफी पसंद है। मैंने सीखा है कि भारत में गेंद स्विंग नहीं करती, ऐसे में सीम की मदद से विकेट लेने का प्रयास करना बेहतर होता है। भारत में रिवर्स स्विंग काफी प्रभावी होती है और आसानी से हाथ में समा जाने के कारण एससी गेंद से रिवर्स स्विंग कराना आसान भी होता है। मिशेल काफी कारगर गेंदबाज होने के अलावा उपयोगी बल्लेबाज भी हैं। 31 साल के जॉनसन टेस्ट मैचों में सात अर्धशतक और एक शतक लगा चुके हैं। 50 टेस्ट मैचों में उनके नाम 1403 रन और 205 विकेट दर्ज हैं। भारत में टेस्ट मैच एसजी गेंदों से खेले जाते हैं और जॉनसन को एसजी गेंदों से गेंदबाजी करना पसंद है।टिप्पणियां जॉनसन ने कहा, मुझे एसजी गेंदों से गेंदबाजी पसंद है। सीम पर यह थोड़ी पतली है, लेकिन इसके बावजूद मुझे यह काफी पसंद है। मैंने सीखा है कि भारत में गेंद स्विंग नहीं करती, ऐसे में सीम की मदद से विकेट लेने का प्रयास करना बेहतर होता है। भारत में रिवर्स स्विंग काफी प्रभावी होती है और आसानी से हाथ में समा जाने के कारण एससी गेंद से रिवर्स स्विंग कराना आसान भी होता है। मिशेल काफी कारगर गेंदबाज होने के अलावा उपयोगी बल्लेबाज भी हैं। 31 साल के जॉनसन टेस्ट मैचों में सात अर्धशतक और एक शतक लगा चुके हैं। 50 टेस्ट मैचों में उनके नाम 1403 रन और 205 विकेट दर्ज हैं। जॉनसन ने कहा, मुझे एसजी गेंदों से गेंदबाजी पसंद है। सीम पर यह थोड़ी पतली है, लेकिन इसके बावजूद मुझे यह काफी पसंद है। मैंने सीखा है कि भारत में गेंद स्विंग नहीं करती, ऐसे में सीम की मदद से विकेट लेने का प्रयास करना बेहतर होता है। भारत में रिवर्स स्विंग काफी प्रभावी होती है और आसानी से हाथ में समा जाने के कारण एससी गेंद से रिवर्स स्विंग कराना आसान भी होता है। मिशेल काफी कारगर गेंदबाज होने के अलावा उपयोगी बल्लेबाज भी हैं। 31 साल के जॉनसन टेस्ट मैचों में सात अर्धशतक और एक शतक लगा चुके हैं। 50 टेस्ट मैचों में उनके नाम 1403 रन और 205 विकेट दर्ज हैं। मिशेल काफी कारगर गेंदबाज होने के अलावा उपयोगी बल्लेबाज भी हैं। 31 साल के जॉनसन टेस्ट मैचों में सात अर्धशतक और एक शतक लगा चुके हैं। 50 टेस्ट मैचों में उनके नाम 1403 रन और 205 विकेट दर्ज हैं।
यह एक सारांश है: अपनी नपी-तुली गेंदबाजी, अनुभव और मौजूदा फार्म के लिहाज से जॉनसन भारत दौरे पर आने वाले ऑस्ट्रेलियाई टीम के अहम सदस्य होंगे।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संगठन 'आसियान' ने कहा है कि वह लीबिया में विद्रोही समूह राष्ट्रीय संक्रमणकालीन परिषद (एनटीसी) के नेतृत्व में चल रही लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का समर्थन करता है। समाचार एजेंसी एकेआई के मुताबिक जकार्ता से संचालित 10 सदस्यीय आसियान ने सोमवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह सुलह को बढ़ावा देने और एक लोकतांत्रिक व स्थिर लीबिया के निर्माण के एनटीसी के प्रयासों का समर्थन करता है। वैसे आसियान ने यह भी कहा है कि इस तरह के प्रयास लीबियाई लोगों की आकांक्षाओं और इच्छाओं के मुताबिक होने चाहिए। वक्तव्य में कहा गया है, "इस पूरे संकट के दौरान आसियान के सदस्य देशों ने लगातार सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता और लीबियाई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।" इसमें कहा गया है कि राजनीतिक प्रक्रिया से लीबियाई लोगों को अपना भविष्य सुनिश्चित करने में मदद मिलनी चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भी यह लक्ष्य हासिल करने में मदद करनी चाहिए। इसके अनुसार, "संयुक्त राष्ट्र सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लीबियाई नागरिकों की सुरक्षा के लिए अनुकूल स्थितियां बनाने और राजनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत में मदद करनी चाहिए।"
यह एक सारांश है: आसियान ने कहा है कि वह लीबिया में एनटीसी के नेतृत्व में चल रही लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का समर्थन करता है।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजद ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा को फायदा पहुंचाने के चार चरणों में चुनाव कराया जा रहा है क्योंकि यहां भगवा दल की जीत की संभावना बहुत कम है. बीजू जनता दल (बीजद) प्रवक्ता अमर पटनायक ने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में ज्यादा सीटें हैं, वहां एक ही चरण में चुनाव कराने की घोषणा की गई है जबकि ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव चार चरणों में कराने का निर्णय किया गया है. यह फैसला भाजपा द्वारा प्रभावित किया गया लगता है.उल्लेखनीय है कि राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ - साथ कराए जा रहे हैं. बहरहाल, बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने चुनाव कार्यक्रम का स्वागत किया है.अमर पटनायक ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश (25 लोकसभा सीटें) और गुजरात (26 लोकसभा सीटें) जैसे राज्यों में एक ही चरण में मतदान कराया जा रहा, जबकि ओडिशा में चार चरणों में मतदान होगा, जहां केवल 21 लोकसभा सीटें हैं.
संक्षिप्त सारांश: ओडिशा में चार चरणों में चुनाव कार्यक्रम हुआ है घोषित सत्ताधारी बीजद ने चुनाव कार्यक्रम पर उठाए सवाल कहा- 21 सीटों वाले राज्य में 4 चरण में क्यों कराया जा रहा चुनाव
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने एक बार फिर से यूट्यूब (YouTube) पर धूम मचा दी है. इस बार वो रॉकस्टार अवतार में स्टेज पर धमाल मचाते नजर आ रहे हैं. खेसारी लाल यादव का भोजपुरी सॉन्ग 'फुलवा सुखल बा' (Phoolawa Sukhal Ba) यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहा है. इस गाने में उनकी और काजल राघवानी (Kajal Raghwani) की जोड़ी नजर आ रही है. खेसारी लाल यादव का यह भोजपुरी सॉन्ग उनके फैन्स को खूब पसंद आ रहा है. इस वीडियो में वो रॉकस्टार बन डांस कर रहे हैं. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के गाने 'फुलवा सुखल बा' (Phoolawa Sukhal Ba) की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अभी तक 3 करोड़ 72 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इसे देखने का सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इस गाने का बोल प्यारे लाल यादव ने लिखे हैं. जबकि मधुकर आनंद ने इस गाने में संगीत दिया है. खेसारी लाल यादव के अलावा रंजीता ने इस गाने में अपनी आवाज दी है. यह गाना भोजपुरी फिल्म 'मुकद्दर' का है. बता दें कि खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) भारत के प्रसिद्ध भोजपुरी गायक और अभिनेता हैं. खेसारी को पहली सफलता अपने भोजपुरी एल्बम 'माल भेटाई मेला' से मिली थी. 2012 में आई अपनी पहली फिल्म 'साजन चले ससुराल' से वो रातो रात भोजपुरी फिल्म जगत के सितारे बन गए. अपनी गायकी में वे अपनी ठेठ देहाती भाषा का उपयोग करते हैं. शुरू से ही खेसारी लाल लोक गायक और साथ ही वो एक अच्छे नृतक भी हैं. शुरुआत में उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन आज वो भोजपुरी के सबसे सितारों में से एक हैं.
संक्षिप्त पाठ: खेसारी लाल यादव का रॉकस्टार अवतार यूट्यूब पर वीडियो की मची धूम काजल राघवानी संग आए नजर
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान अपने संन्यास के बयान को लेकर उठे बवाल से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने दो साल बाद यानी 2013 में रिटायरमेंट की बात कही थी जिसे गलत तरीके से विवाद का मुद्दा बनाया गया। उन्होंने साफ किया कि उनके बयान का मतलब था कि जो भी खिलाड़ी टीम का अगला कप्तान बने 2014 वर्ल्ड कप में जाने से पहले उसके पास काफी अनुभव होना चाहिए और ऐसा तभी हो सकता है अगर वह 2013 तक रिटायरमेंट लेकर किसी और खिलाड़ी को टीम आगे आने का मौका दें।टिप्पणियां टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने खुलकर कहा है कि अगर कोई बेहतर विकल्प मिले तो वह टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें करीब साढ़े तीन साल पहले टीम की जिम्मेदारी मिली थी और उनका इरादा हमेशा यही रहा कि उनकी अगुआई में टीम बेहतर करे। उन्होंने कहा कि वह कप्तानी पकड़ कर नहीं रखना चाहते। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर टीम को कोई बेहतर विकल्प मिलता है तो टेस्ट की कप्तानी छोड़ने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने खुलकर कहा है कि अगर कोई बेहतर विकल्प मिले तो वह टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें करीब साढ़े तीन साल पहले टीम की जिम्मेदारी मिली थी और उनका इरादा हमेशा यही रहा कि उनकी अगुआई में टीम बेहतर करे। उन्होंने कहा कि वह कप्तानी पकड़ कर नहीं रखना चाहते। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर टीम को कोई बेहतर विकल्प मिलता है तो टेस्ट की कप्तानी छोड़ने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वह कप्तानी पकड़ कर नहीं रखना चाहते। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर टीम को कोई बेहतर विकल्प मिलता है तो टेस्ट की कप्तानी छोड़ने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
संक्षिप्त सारांश: धोनी ने यह साफ कर दिया कि अगर टीम को कोई बेहतर विकल्प मिलता है तो टेस्ट की कप्तानी छोड़ने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक युवक के शव की पड़ताल के लिए उस पर ढके कपड़े को अपने जूतों से हटाने तथा पैर से ही लाश को पलटने की कोशिश करने की तस्वीरें अखबारों में छपने के बाद पुलिस के सर्किल ऑफिसर जय प्रकाश सिंह यादव को ऑफिस अटैच कर दिया है यानी उन्हें अब वह फील्ड में न जाकर दफ्तर ही में बैठेंगे। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया, तस्वीर में शव पर ढके कपड़े को जूतों से हटाने की अमानवीय हरकत करने वाले क्षेत्राधिकारी जय प्रकाश सिंह यादव को हटा दिया गया है। साथ ही मैंने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक बालेन्दु भूषण से कराने के आदेश भी दिए हैं।टिप्पणियां पुलिस के बेगैरत चेहरे को उजागर करता यह मामला आज स्थानीय अखबारों में एक फोटो छपने पर सामने आया। उस तस्वीर में क्षेत्राधिकारी जय प्रकाश सिंह यादव को एक लावारिस शव की पड़ताल के लिए उस पर ढके कपड़े को अपने जूतों से हटाते हुए दिखाया गया है। गौरतलब है कि रेउसा क्षेत्र के बसंतापुर गांव के बाहर खेत में हत्या करके फेंके गए करीब 35 वर्षीय व्यक्ति के लावारिस शव का मुआयना करने अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे यादव ने वह शर्मसार कर देने वाली हरकत अंजाम दी। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया, तस्वीर में शव पर ढके कपड़े को जूतों से हटाने की अमानवीय हरकत करने वाले क्षेत्राधिकारी जय प्रकाश सिंह यादव को हटा दिया गया है। साथ ही मैंने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक बालेन्दु भूषण से कराने के आदेश भी दिए हैं।टिप्पणियां पुलिस के बेगैरत चेहरे को उजागर करता यह मामला आज स्थानीय अखबारों में एक फोटो छपने पर सामने आया। उस तस्वीर में क्षेत्राधिकारी जय प्रकाश सिंह यादव को एक लावारिस शव की पड़ताल के लिए उस पर ढके कपड़े को अपने जूतों से हटाते हुए दिखाया गया है। गौरतलब है कि रेउसा क्षेत्र के बसंतापुर गांव के बाहर खेत में हत्या करके फेंके गए करीब 35 वर्षीय व्यक्ति के लावारिस शव का मुआयना करने अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे यादव ने वह शर्मसार कर देने वाली हरकत अंजाम दी। पुलिस के बेगैरत चेहरे को उजागर करता यह मामला आज स्थानीय अखबारों में एक फोटो छपने पर सामने आया। उस तस्वीर में क्षेत्राधिकारी जय प्रकाश सिंह यादव को एक लावारिस शव की पड़ताल के लिए उस पर ढके कपड़े को अपने जूतों से हटाते हुए दिखाया गया है। गौरतलब है कि रेउसा क्षेत्र के बसंतापुर गांव के बाहर खेत में हत्या करके फेंके गए करीब 35 वर्षीय व्यक्ति के लावारिस शव का मुआयना करने अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे यादव ने वह शर्मसार कर देने वाली हरकत अंजाम दी। गौरतलब है कि रेउसा क्षेत्र के बसंतापुर गांव के बाहर खेत में हत्या करके फेंके गए करीब 35 वर्षीय व्यक्ति के लावारिस शव का मुआयना करने अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे यादव ने वह शर्मसार कर देने वाली हरकत अंजाम दी।
यह एक सारांश है: सीतापुर में एक शव की पड़ताल के लिए उस पर ढके कपड़े को अपने जूतों से हटाने की तस्वीरें अखबारों में छपने के बाद पुलिस के सर्किल ऑफिसर जय प्रकाश सिंह यादव को ऑफिस अटैच कर दिया है।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: वर्ल्‍ड टी20 चैम्पियनशिप के सातवें टूर्नामेंट को रद्द करने की तैयारी लगभग पूरी हो गई है और इस 2020 में आयोजित किया जा सकता है क्योंकि 2018 में अधिकांश शीर्ष सदस्य देश द्विपक्षीय प्रतिबद्धताओं में व्यस्त हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के शीर्ष पदस्थ सूत्रों के अनुसार आईसीसी वर्ल्‍ड टी20 के अगले टूर्नामेंट का आयोजन 2020 में ही होगा लेकिन अभी इसके लिए स्थल तय नहीं किया गया है. इस संदर्भ में आईसीसी के एक प्रभावशाली सूत्र ने कहा, 'हां, यह सही है कि हम 2018 में वर्ल्‍ड टी20 टूर्नामेंट को आयोजित नहीं कर रहे. किसी स्थल पर फैसला नहीं किया गया है. मुख्य कारण यह है कि सदस्य देशों के बीच काफी द्विपक्षीय सीरीज होनी हैं. 2018 में टूर्नामेंट का कार्यक्रम तय करने की संभावना नहीं है. हालांकि पूरी संभावना है कि 2020 में इस टूर्नामेंट की वापसी होगी. सूत्र ने कहा, 'हां, 2020 में टूर्नामेंट की वापसी होगी. यह दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया में हो सकता है. द्विपक्षीय सीरीज के अलावा अन्य कारण यह है कि काफी आईसीसी टूर्नामेंट होने के कारण सदस्य देशों का मानना है कि उन्हें भी समय की जरूरत है. अब तक दक्षिण अफ्रीका (2007) , इंग्लैंड (2009), वेस्टइंडीज (2010), श्रीलंका (2012), बांग्लादेश (2014) और भारत (2016) में वर्ल्‍ड टी20 टूर्नामेंट का आयोजन हो सकता है.साथ ही द्विपक्षीय सीरीज से सभी देशों को कमाई होती है जिसका बड़ा हिस्सा प्रसारण करार से आता है. विशेषकर जब भारत किसी देश का दौरा करता है तो मेजबान बोर्ड टीवी प्रसारण अधिकार से लाखों डॉलर की कमाई करता है. यह पूछने पर कि क्या वर्ल्‍ड टी20 का आयोजन नहीं होना आईसीसी के लिए झटका होगा, सूत्र ने कहा, 'बिलकुल भी नहीं. पर्याप्त टी20 लीग मौजूद हैं और प्रशंसकों के लिए काफी क्रिकेट मौजूद है.' भारतीय टीम अगले साल अधिकांश समय दौरे पर रहेगी जिसकी शुरुआत दक्षिण अफ्रीका से होगी जिसके बाद टीम इंडिया को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भी जाना है. फिलहाल 2021 में चैंपियंस ट्रॉफी के अगले टूर्नामेंट के भारत में आयोजन का कार्यक्रम है. कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.टिप्पणियां कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस संदर्भ में आईसीसी के एक प्रभावशाली सूत्र ने कहा, 'हां, यह सही है कि हम 2018 में वर्ल्‍ड टी20 टूर्नामेंट को आयोजित नहीं कर रहे. किसी स्थल पर फैसला नहीं किया गया है. मुख्य कारण यह है कि सदस्य देशों के बीच काफी द्विपक्षीय सीरीज होनी हैं. 2018 में टूर्नामेंट का कार्यक्रम तय करने की संभावना नहीं है. हालांकि पूरी संभावना है कि 2020 में इस टूर्नामेंट की वापसी होगी. सूत्र ने कहा, 'हां, 2020 में टूर्नामेंट की वापसी होगी. यह दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया में हो सकता है. द्विपक्षीय सीरीज के अलावा अन्य कारण यह है कि काफी आईसीसी टूर्नामेंट होने के कारण सदस्य देशों का मानना है कि उन्हें भी समय की जरूरत है. अब तक दक्षिण अफ्रीका (2007) , इंग्लैंड (2009), वेस्टइंडीज (2010), श्रीलंका (2012), बांग्लादेश (2014) और भारत (2016) में वर्ल्‍ड टी20 टूर्नामेंट का आयोजन हो सकता है.साथ ही द्विपक्षीय सीरीज से सभी देशों को कमाई होती है जिसका बड़ा हिस्सा प्रसारण करार से आता है. विशेषकर जब भारत किसी देश का दौरा करता है तो मेजबान बोर्ड टीवी प्रसारण अधिकार से लाखों डॉलर की कमाई करता है. यह पूछने पर कि क्या वर्ल्‍ड टी20 का आयोजन नहीं होना आईसीसी के लिए झटका होगा, सूत्र ने कहा, 'बिलकुल भी नहीं. पर्याप्त टी20 लीग मौजूद हैं और प्रशंसकों के लिए काफी क्रिकेट मौजूद है.' भारतीय टीम अगले साल अधिकांश समय दौरे पर रहेगी जिसकी शुरुआत दक्षिण अफ्रीका से होगी जिसके बाद टीम इंडिया को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भी जाना है. फिलहाल 2021 में चैंपियंस ट्रॉफी के अगले टूर्नामेंट के भारत में आयोजन का कार्यक्रम है. कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.टिप्पणियां कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्र ने कहा, 'हां, 2020 में टूर्नामेंट की वापसी होगी. यह दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया में हो सकता है. द्विपक्षीय सीरीज के अलावा अन्य कारण यह है कि काफी आईसीसी टूर्नामेंट होने के कारण सदस्य देशों का मानना है कि उन्हें भी समय की जरूरत है. अब तक दक्षिण अफ्रीका (2007) , इंग्लैंड (2009), वेस्टइंडीज (2010), श्रीलंका (2012), बांग्लादेश (2014) और भारत (2016) में वर्ल्‍ड टी20 टूर्नामेंट का आयोजन हो सकता है.साथ ही द्विपक्षीय सीरीज से सभी देशों को कमाई होती है जिसका बड़ा हिस्सा प्रसारण करार से आता है. विशेषकर जब भारत किसी देश का दौरा करता है तो मेजबान बोर्ड टीवी प्रसारण अधिकार से लाखों डॉलर की कमाई करता है. यह पूछने पर कि क्या वर्ल्‍ड टी20 का आयोजन नहीं होना आईसीसी के लिए झटका होगा, सूत्र ने कहा, 'बिलकुल भी नहीं. पर्याप्त टी20 लीग मौजूद हैं और प्रशंसकों के लिए काफी क्रिकेट मौजूद है.' भारतीय टीम अगले साल अधिकांश समय दौरे पर रहेगी जिसकी शुरुआत दक्षिण अफ्रीका से होगी जिसके बाद टीम इंडिया को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भी जाना है. फिलहाल 2021 में चैंपियंस ट्रॉफी के अगले टूर्नामेंट के भारत में आयोजन का कार्यक्रम है. कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.टिप्पणियां कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह पूछने पर कि क्या वर्ल्‍ड टी20 का आयोजन नहीं होना आईसीसी के लिए झटका होगा, सूत्र ने कहा, 'बिलकुल भी नहीं. पर्याप्त टी20 लीग मौजूद हैं और प्रशंसकों के लिए काफी क्रिकेट मौजूद है.' भारतीय टीम अगले साल अधिकांश समय दौरे पर रहेगी जिसकी शुरुआत दक्षिण अफ्रीका से होगी जिसके बाद टीम इंडिया को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भी जाना है. फिलहाल 2021 में चैंपियंस ट्रॉफी के अगले टूर्नामेंट के भारत में आयोजन का कार्यक्रम है. कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.टिप्पणियां कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.टिप्पणियां कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कल से यहां शुरू हो रहे आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में वर्ल्‍ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर चर्चा हो सकती है. आईसीसी लंबे समय से सभी प्रारूपों में कम से कम एक विश्व प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बना रहा है. पता चला है कि बीसीसीआई अब प्रस्तावित अपने 39 करोड़ डॉलर के हिस्से में इजाफे का आग्रह कर सकता है लेकिन सदस्य देश इसे अनुचित समझते हैं तो उनके इस मांग को मानने की संभावना नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:ज्‍यादातर देश द्विपक्षीय सीरीजों में रहेंगे व्‍यस्‍त अगला टूर्नामेंट वर्ष 2020 में आयोजित होगा द. अफ्रीका या ऑस्‍ट्रेलिया में हो सकता है आयोजन
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: गोवा में ब्रिक्स और बिम्सटेक की मीडिया कवरेज की व्यवस्था भी अपने आप में एक बड़ा आयोजन है. देश विदेश से आए मीडियाकर्मियों को पल पल की जानकारी मिलती रहे इसके लिए कई मीडिया सेंटर बनाए गए हैं. भारतीय मीडिया के लिए दो और विदेशी मीडिया के लिए एक मीडिया सेंटर है. यहां बड़ी स्क्रीन पर सीधी तस्वीर आने की व्यवस्था की गई है. अलग अलग देशों के नेताओं के हवाई अड्डे पर आगमन और स्वागत से लेकर उनके बीच की मीटिंग तक की तस्वीर मीडिया सेंटर में बैठे बैठे देखी जा सकती है.टिप्पणियां गोवा में हो रहे बिक्स सम्मिट और बिम्सटेक आउटरीच मीटिंग की कवरेज के लिए देश विदेश से 1000 से ज़्यादा पत्रकारों ने रजिस्ट्रेशन कराया. इनमें से ज़्यादातर गोवा पहुंच चुके हैं. विदेश मंत्रालय को 500 के आसपास पत्रकारों की उम्मीद थी और इसी हिसाब से व्यवस्था भी की गई थी लेकिन उम्मीद से दुगुणा पत्रकारों के पहुंचने के कारण मीडिया सेंटर छोटा पड़ गया. लिहाज़ा मंत्रालय को और मीडिया सेंटर बनान पड़ा. पत्रकारों को ब्रिक्स और बिम्सटेक मीटिंग के लिए अलग अलग पास जारी किए गए हैं. ब्रिक्स के लिए ताज होटेल में जबकि बिम्सटेक के लिए होटल लीला में मीडिया सेंटर बनाया गया है. विदेश पत्रकारों के लिए ताज में ही अलग व्यवस्था की गई है. ब्रिक्स के साथ साथ भारत की दूसरे देशों के साथ द्विपक्षीय मुलाक़ातों की कवरेज के लिए ख़ासतौर पर दूरदर्शन और एजेंसी को अनुमति दी गई है. इतनी बड़ी तादाद में मीडियाकर्मियों को हर इवेंट के लिए अनुमति देना मुमकिन नहीं. लिहाज़ा मीडिया सेंटर में इस बात की व्यवस्था की गई है कि हर किसी हर जानकारी एक साथ मिल सके.   गोवा में हो रहे बिक्स सम्मिट और बिम्सटेक आउटरीच मीटिंग की कवरेज के लिए देश विदेश से 1000 से ज़्यादा पत्रकारों ने रजिस्ट्रेशन कराया. इनमें से ज़्यादातर गोवा पहुंच चुके हैं. विदेश मंत्रालय को 500 के आसपास पत्रकारों की उम्मीद थी और इसी हिसाब से व्यवस्था भी की गई थी लेकिन उम्मीद से दुगुणा पत्रकारों के पहुंचने के कारण मीडिया सेंटर छोटा पड़ गया. लिहाज़ा मंत्रालय को और मीडिया सेंटर बनान पड़ा. पत्रकारों को ब्रिक्स और बिम्सटेक मीटिंग के लिए अलग अलग पास जारी किए गए हैं. ब्रिक्स के लिए ताज होटेल में जबकि बिम्सटेक के लिए होटल लीला में मीडिया सेंटर बनाया गया है. विदेश पत्रकारों के लिए ताज में ही अलग व्यवस्था की गई है. ब्रिक्स के साथ साथ भारत की दूसरे देशों के साथ द्विपक्षीय मुलाक़ातों की कवरेज के लिए ख़ासतौर पर दूरदर्शन और एजेंसी को अनुमति दी गई है. इतनी बड़ी तादाद में मीडियाकर्मियों को हर इवेंट के लिए अनुमति देना मुमकिन नहीं. लिहाज़ा मीडिया सेंटर में इस बात की व्यवस्था की गई है कि हर किसी हर जानकारी एक साथ मिल सके.   ब्रिक्स के साथ साथ भारत की दूसरे देशों के साथ द्विपक्षीय मुलाक़ातों की कवरेज के लिए ख़ासतौर पर दूरदर्शन और एजेंसी को अनुमति दी गई है. इतनी बड़ी तादाद में मीडियाकर्मियों को हर इवेंट के लिए अनुमति देना मुमकिन नहीं. लिहाज़ा मीडिया सेंटर में इस बात की व्यवस्था की गई है कि हर किसी हर जानकारी एक साथ मिल सके.
यहाँ एक सारांश है:इस इवेंट के लिए देश विदेश से 1000 पत्रकारों ने रजिस्टर करवाया विदेश मंत्रालय को 500 के आसपास पत्रकारों की उम्मीद थी विदेश पत्रकारों के लिए ताज में ही अलग व्यवस्था
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: चैम्पियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के प्रदर्शन से निराश कोच डेव वॉटमोर ने कहा कि इस हार के मायने यह नहीं है कि उनकी टीम खराब है। पाकिस्तान के मुख्य कोच ने कहा, ‘‘यह सीरीज हमारे लिए अच्छी नहीं रही लेकिन हर सीरीज में आप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते। तैयारी अच्छी थी लेकिन हमने गलतियां की।’’ भारत के हाथों आठ विकेट से हार के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में मिली हार पाकिस्तान के लिये सबसे नुकसानदेह रही। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अभ्यास मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था और हम हालात से भी वाकिफ थे लेकिन उसका फायदा नहीं उठा सके।’’ वॉटमोर ने कहा, ‘‘हमने बाद में बल्लेबाजी की हो या पहले, हम रन नहीं बना सके। लगातार विकेट गिरते रहे और ऐसे छोटे टूर्नामेंट में यह नुकसानदेह रहा।’’ उन्होंने कहा कि युवा गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और फील्डिंग में भी सुधार आ रहा है। उन्होंने इस हार के लिये बल्लेबाजों को जिम्मेदारी ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘जब लगातार विकेट गिरते रहे, तो आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।’’ वॉटमोर ने इस बात से इनकार किया कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी चिंता का सबब है। टीम दक्षिण अफ्रीका से वनडे सीरीज भी हार चुकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा सिर्फ इस सीरीज में देखने को मिला। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि एक सीरीज आपको खराब नहीं बनाती। लगभग इसी टीम ने भारत को भारत में 2.1 से हराया था।’’ वाटमोर ने पाकिस्तानी चयनकर्ताओं से 2015 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम चुनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह उन पर निर्भर करता है कि वे कौन से खिलाड़ी चाहते हैं। पाकिस्तान में घरेलू ढांचा बहुत अच्छा है।’’ पाकिस्तान के मुख्य कोच ने कहा, ‘‘यह सीरीज हमारे लिए अच्छी नहीं रही लेकिन हर सीरीज में आप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते। तैयारी अच्छी थी लेकिन हमने गलतियां की।’’ भारत के हाथों आठ विकेट से हार के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में मिली हार पाकिस्तान के लिये सबसे नुकसानदेह रही। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अभ्यास मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था और हम हालात से भी वाकिफ थे लेकिन उसका फायदा नहीं उठा सके।’’ वॉटमोर ने कहा, ‘‘हमने बाद में बल्लेबाजी की हो या पहले, हम रन नहीं बना सके। लगातार विकेट गिरते रहे और ऐसे छोटे टूर्नामेंट में यह नुकसानदेह रहा।’’ उन्होंने कहा कि युवा गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और फील्डिंग में भी सुधार आ रहा है। उन्होंने इस हार के लिये बल्लेबाजों को जिम्मेदारी ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘जब लगातार विकेट गिरते रहे, तो आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।’’ वॉटमोर ने इस बात से इनकार किया कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी चिंता का सबब है। टीम दक्षिण अफ्रीका से वनडे सीरीज भी हार चुकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा सिर्फ इस सीरीज में देखने को मिला। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि एक सीरीज आपको खराब नहीं बनाती। लगभग इसी टीम ने भारत को भारत में 2.1 से हराया था।’’ वाटमोर ने पाकिस्तानी चयनकर्ताओं से 2015 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम चुनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह उन पर निर्भर करता है कि वे कौन से खिलाड़ी चाहते हैं। पाकिस्तान में घरेलू ढांचा बहुत अच्छा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने अभ्यास मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था और हम हालात से भी वाकिफ थे लेकिन उसका फायदा नहीं उठा सके।’’ वॉटमोर ने कहा, ‘‘हमने बाद में बल्लेबाजी की हो या पहले, हम रन नहीं बना सके। लगातार विकेट गिरते रहे और ऐसे छोटे टूर्नामेंट में यह नुकसानदेह रहा।’’ उन्होंने कहा कि युवा गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और फील्डिंग में भी सुधार आ रहा है। उन्होंने इस हार के लिये बल्लेबाजों को जिम्मेदारी ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘जब लगातार विकेट गिरते रहे, तो आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।’’ वॉटमोर ने इस बात से इनकार किया कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी चिंता का सबब है। टीम दक्षिण अफ्रीका से वनडे सीरीज भी हार चुकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा सिर्फ इस सीरीज में देखने को मिला। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि एक सीरीज आपको खराब नहीं बनाती। लगभग इसी टीम ने भारत को भारत में 2.1 से हराया था।’’ वाटमोर ने पाकिस्तानी चयनकर्ताओं से 2015 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम चुनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह उन पर निर्भर करता है कि वे कौन से खिलाड़ी चाहते हैं। पाकिस्तान में घरेलू ढांचा बहुत अच्छा है।’’ वॉटमोर ने कहा, ‘‘हमने बाद में बल्लेबाजी की हो या पहले, हम रन नहीं बना सके। लगातार विकेट गिरते रहे और ऐसे छोटे टूर्नामेंट में यह नुकसानदेह रहा।’’ उन्होंने कहा कि युवा गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और फील्डिंग में भी सुधार आ रहा है। उन्होंने इस हार के लिये बल्लेबाजों को जिम्मेदारी ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘जब लगातार विकेट गिरते रहे, तो आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।’’ वॉटमोर ने इस बात से इनकार किया कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी चिंता का सबब है। टीम दक्षिण अफ्रीका से वनडे सीरीज भी हार चुकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा सिर्फ इस सीरीज में देखने को मिला। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि एक सीरीज आपको खराब नहीं बनाती। लगभग इसी टीम ने भारत को भारत में 2.1 से हराया था।’’ वाटमोर ने पाकिस्तानी चयनकर्ताओं से 2015 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम चुनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह उन पर निर्भर करता है कि वे कौन से खिलाड़ी चाहते हैं। पाकिस्तान में घरेलू ढांचा बहुत अच्छा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब लगातार विकेट गिरते रहे, तो आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।’’ वॉटमोर ने इस बात से इनकार किया कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी चिंता का सबब है। टीम दक्षिण अफ्रीका से वनडे सीरीज भी हार चुकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा सिर्फ इस सीरीज में देखने को मिला। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि एक सीरीज आपको खराब नहीं बनाती। लगभग इसी टीम ने भारत को भारत में 2.1 से हराया था।’’ वाटमोर ने पाकिस्तानी चयनकर्ताओं से 2015 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम चुनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह उन पर निर्भर करता है कि वे कौन से खिलाड़ी चाहते हैं। पाकिस्तान में घरेलू ढांचा बहुत अच्छा है।’’ वॉटमोर ने इस बात से इनकार किया कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी चिंता का सबब है। टीम दक्षिण अफ्रीका से वनडे सीरीज भी हार चुकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा सिर्फ इस सीरीज में देखने को मिला। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि एक सीरीज आपको खराब नहीं बनाती। लगभग इसी टीम ने भारत को भारत में 2.1 से हराया था।’’ वाटमोर ने पाकिस्तानी चयनकर्ताओं से 2015 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम चुनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह उन पर निर्भर करता है कि वे कौन से खिलाड़ी चाहते हैं। पाकिस्तान में घरेलू ढांचा बहुत अच्छा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा सिर्फ इस सीरीज में देखने को मिला। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि एक सीरीज आपको खराब नहीं बनाती। लगभग इसी टीम ने भारत को भारत में 2.1 से हराया था।’’ वाटमोर ने पाकिस्तानी चयनकर्ताओं से 2015 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम चुनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह उन पर निर्भर करता है कि वे कौन से खिलाड़ी चाहते हैं। पाकिस्तान में घरेलू ढांचा बहुत अच्छा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह उन पर निर्भर करता है कि वे कौन से खिलाड़ी चाहते हैं। पाकिस्तान में घरेलू ढांचा बहुत अच्छा है।’’
संक्षिप्त पाठ: चैम्पियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के प्रदर्शन से निराश कोच डेव वॉटमोर ने कहा कि इस हार के मायने यह नहीं है कि उनकी टीम खराब है।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह लगभग 1.5 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तीन फीसदी से अधिक गिरावट रही और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु सूचकांक पांच फीसदी से अधिक लुढ़का। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 1.50 फीसदी या 296.42 अंकों की गिरावट के साथ 19,484.77 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी इस दौरान 1.59 फीसदी या 95.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,903.50 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में इस दौरान तीन फीसदी से अधिक गिरावट रही। मिडकैप 3.04 फीसदी या 211.49 अंकों की गिरावट के साथ 6,756.01 पर तथा स्मॉलकैप सूचकांक 3.72 फीसदी या 262.34 अंकों की गिरावट के साथ 6,794.14 पर बंद हुआ। आलोच्य अवधि में सेंसेक्स के सात शेयरों में तेजी रही। टीसीएस (5.71 फीसदी), एचडीएफसी (3.85 फीसदी), सन फार्मा (3.37 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (1.48 फीसदी) और विप्रो (0.90 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (9.56 फीसदी), सिप्ला (7.92 फीसदी), भेल (7.48 फीसदी), ओएनजीसी (5.72 फीसदी) और एनटीपीसी (5.58 फीसदी)। बीएसई के 13 में से सिर्फ दो सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (1.73 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.16 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (4.67 फीसदी), धातु (4.35 फीसदी), बिजली (4.25 फीसदी) और तेल एवं गैस (3.82 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम अनुमान जारी कर कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में पांच फीसदी वृद्धि रहेगी। 2011-12 में यह वृद्धि दर 6.2 फीसदी थी।" सरकारी अनुमानों के मुताबिक इस सुस्त विकास दर का प्रमुख कारण कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का खराब प्रदर्शन है। यह विकास दर पिछले एक दशक में सबसे कम है। इससे पहले 2002-03 में विकास दर चार फीसदी रही थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कृषि और सहायक गतिविधियों की विकास दर 1.8 फीसदी रहेगी, जो 2011-12 में 3.6 फीसदी। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा कारोबारी साल में विकास दर क्रमश: 5.9 फीसदी और 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने हालांकि आंकड़ों पर निराशा जताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा बेहतर रह सकता है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 1.50 फीसदी या 296.42 अंकों की गिरावट के साथ 19,484.77 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी इस दौरान 1.59 फीसदी या 95.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,903.50 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में इस दौरान तीन फीसदी से अधिक गिरावट रही। मिडकैप 3.04 फीसदी या 211.49 अंकों की गिरावट के साथ 6,756.01 पर तथा स्मॉलकैप सूचकांक 3.72 फीसदी या 262.34 अंकों की गिरावट के साथ 6,794.14 पर बंद हुआ। आलोच्य अवधि में सेंसेक्स के सात शेयरों में तेजी रही। टीसीएस (5.71 फीसदी), एचडीएफसी (3.85 फीसदी), सन फार्मा (3.37 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (1.48 फीसदी) और विप्रो (0.90 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (9.56 फीसदी), सिप्ला (7.92 फीसदी), भेल (7.48 फीसदी), ओएनजीसी (5.72 फीसदी) और एनटीपीसी (5.58 फीसदी)। बीएसई के 13 में से सिर्फ दो सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (1.73 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.16 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (4.67 फीसदी), धातु (4.35 फीसदी), बिजली (4.25 फीसदी) और तेल एवं गैस (3.82 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम अनुमान जारी कर कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में पांच फीसदी वृद्धि रहेगी। 2011-12 में यह वृद्धि दर 6.2 फीसदी थी।" सरकारी अनुमानों के मुताबिक इस सुस्त विकास दर का प्रमुख कारण कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का खराब प्रदर्शन है। यह विकास दर पिछले एक दशक में सबसे कम है। इससे पहले 2002-03 में विकास दर चार फीसदी रही थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कृषि और सहायक गतिविधियों की विकास दर 1.8 फीसदी रहेगी, जो 2011-12 में 3.6 फीसदी। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा कारोबारी साल में विकास दर क्रमश: 5.9 फीसदी और 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने हालांकि आंकड़ों पर निराशा जताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा बेहतर रह सकता है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में इस दौरान तीन फीसदी से अधिक गिरावट रही। मिडकैप 3.04 फीसदी या 211.49 अंकों की गिरावट के साथ 6,756.01 पर तथा स्मॉलकैप सूचकांक 3.72 फीसदी या 262.34 अंकों की गिरावट के साथ 6,794.14 पर बंद हुआ। आलोच्य अवधि में सेंसेक्स के सात शेयरों में तेजी रही। टीसीएस (5.71 फीसदी), एचडीएफसी (3.85 फीसदी), सन फार्मा (3.37 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (1.48 फीसदी) और विप्रो (0.90 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (9.56 फीसदी), सिप्ला (7.92 फीसदी), भेल (7.48 फीसदी), ओएनजीसी (5.72 फीसदी) और एनटीपीसी (5.58 फीसदी)। बीएसई के 13 में से सिर्फ दो सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (1.73 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.16 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (4.67 फीसदी), धातु (4.35 फीसदी), बिजली (4.25 फीसदी) और तेल एवं गैस (3.82 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम अनुमान जारी कर कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में पांच फीसदी वृद्धि रहेगी। 2011-12 में यह वृद्धि दर 6.2 फीसदी थी।" सरकारी अनुमानों के मुताबिक इस सुस्त विकास दर का प्रमुख कारण कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का खराब प्रदर्शन है। यह विकास दर पिछले एक दशक में सबसे कम है। इससे पहले 2002-03 में विकास दर चार फीसदी रही थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कृषि और सहायक गतिविधियों की विकास दर 1.8 फीसदी रहेगी, जो 2011-12 में 3.6 फीसदी। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा कारोबारी साल में विकास दर क्रमश: 5.9 फीसदी और 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने हालांकि आंकड़ों पर निराशा जताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा बेहतर रह सकता है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। आलोच्य अवधि में सेंसेक्स के सात शेयरों में तेजी रही। टीसीएस (5.71 फीसदी), एचडीएफसी (3.85 फीसदी), सन फार्मा (3.37 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (1.48 फीसदी) और विप्रो (0.90 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (9.56 फीसदी), सिप्ला (7.92 फीसदी), भेल (7.48 फीसदी), ओएनजीसी (5.72 फीसदी) और एनटीपीसी (5.58 फीसदी)। बीएसई के 13 में से सिर्फ दो सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (1.73 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.16 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (4.67 फीसदी), धातु (4.35 फीसदी), बिजली (4.25 फीसदी) और तेल एवं गैस (3.82 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम अनुमान जारी कर कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में पांच फीसदी वृद्धि रहेगी। 2011-12 में यह वृद्धि दर 6.2 फीसदी थी।" सरकारी अनुमानों के मुताबिक इस सुस्त विकास दर का प्रमुख कारण कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का खराब प्रदर्शन है। यह विकास दर पिछले एक दशक में सबसे कम है। इससे पहले 2002-03 में विकास दर चार फीसदी रही थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कृषि और सहायक गतिविधियों की विकास दर 1.8 फीसदी रहेगी, जो 2011-12 में 3.6 फीसदी। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा कारोबारी साल में विकास दर क्रमश: 5.9 फीसदी और 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने हालांकि आंकड़ों पर निराशा जताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा बेहतर रह सकता है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। बीएसई के 13 में से सिर्फ दो सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (1.73 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.16 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (4.67 फीसदी), धातु (4.35 फीसदी), बिजली (4.25 फीसदी) और तेल एवं गैस (3.82 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम अनुमान जारी कर कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में पांच फीसदी वृद्धि रहेगी। 2011-12 में यह वृद्धि दर 6.2 फीसदी थी।" सरकारी अनुमानों के मुताबिक इस सुस्त विकास दर का प्रमुख कारण कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का खराब प्रदर्शन है। यह विकास दर पिछले एक दशक में सबसे कम है। इससे पहले 2002-03 में विकास दर चार फीसदी रही थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कृषि और सहायक गतिविधियों की विकास दर 1.8 फीसदी रहेगी, जो 2011-12 में 3.6 फीसदी। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा कारोबारी साल में विकास दर क्रमश: 5.9 फीसदी और 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने हालांकि आंकड़ों पर निराशा जताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा बेहतर रह सकता है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम अनुमान जारी कर कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में पांच फीसदी वृद्धि रहेगी। 2011-12 में यह वृद्धि दर 6.2 फीसदी थी।" सरकारी अनुमानों के मुताबिक इस सुस्त विकास दर का प्रमुख कारण कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का खराब प्रदर्शन है। यह विकास दर पिछले एक दशक में सबसे कम है। इससे पहले 2002-03 में विकास दर चार फीसदी रही थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कृषि और सहायक गतिविधियों की विकास दर 1.8 फीसदी रहेगी, जो 2011-12 में 3.6 फीसदी। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा कारोबारी साल में विकास दर क्रमश: 5.9 फीसदी और 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने हालांकि आंकड़ों पर निराशा जताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा बेहतर रह सकता है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। सरकारी अनुमानों के मुताबिक इस सुस्त विकास दर का प्रमुख कारण कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का खराब प्रदर्शन है। यह विकास दर पिछले एक दशक में सबसे कम है। इससे पहले 2002-03 में विकास दर चार फीसदी रही थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कृषि और सहायक गतिविधियों की विकास दर 1.8 फीसदी रहेगी, जो 2011-12 में 3.6 फीसदी। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा कारोबारी साल में विकास दर क्रमश: 5.9 फीसदी और 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने हालांकि आंकड़ों पर निराशा जताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा बेहतर रह सकता है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कृषि और सहायक गतिविधियों की विकास दर 1.8 फीसदी रहेगी, जो 2011-12 में 3.6 फीसदी। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा कारोबारी साल में विकास दर क्रमश: 5.9 फीसदी और 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने हालांकि आंकड़ों पर निराशा जताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा बेहतर रह सकता है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने हालांकि आंकड़ों पर निराशा जताते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा बेहतर रह सकता है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर 1.8 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 3.6 फीसदी), विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 1.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 2.7 फीसदी) और गैस एवं जलापूर्ति क्षेत्र में 4.9 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 6.5 फीसदी) रह सकती है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। खनन क्षेत्र विकास दर 0.4 फीसदी (पिछले कारोबारी साल में 0.6 फीसदी गिरावट) रहने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। व्यापार, होटल, परिवहन और संचार जैसे सेवा क्षेत्र में विकास दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में 7.00 फीसदी विकास दर रही थी। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विकास दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले कारोबारी साल में विकास दर 11.7 फीसदी रही थी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू स्तर पर नीतिगत अवरोध के कारण हालांकि हाल की तिमाही में विकास दर घटी है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय 31 मार्च को समाप्त होने वाले मौजूदा कारोबारी साल में पिछले कारोबारी साल की तुलना में 2.9 फीसदी बढ़कर 39,143 रुपये हो सकती है। पिछले कारोबारी वर्ष में यह 38,037 रुपये थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को ही कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए सरकार और अधिक कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। चिदम्बरम ने सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्रालय में हमलोग जो अनुमान लगा रहे थे उससे निश्चित रूप से सीएसओ की अनुमानित विकास दर कम है।" वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। वित्त मंत्री ने एक बयान में कहा, "हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, हम विकास में तेजी लाने के लिए पहले भी कदम उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।"टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक सुधार के कई कदम उठाए हैं और वास्तविक विकास दर इससे बेहतर रह सकती है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। चिदम्बरम ने बताया कि यह पूर्वानुमान नवम्बर 2012 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है।
यहाँ एक सारांश है:देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह लगभग 1.5 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तीन फीसदी से अधिक गिरावट रही और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु सूचकांक पांच फीसदी से अधिक लुढ़का।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जयललिता सरकार ने एक साल पूरा करने के अवसर पर तमिलनाडु के सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की उपलब्धियों को गिनाने के लिए बुधवार को पूरे देश में मीडिया में व्यापक विज्ञापन दिया। हालांकि इस मीडिया अभियान की आलोचना भी हुई। भाकपा ने इसे ‘अस्वीकार्य’ बताया और कहा कि एक राजनीतिक नेता की छवि के संवर्धन के लिए यह सरकारी धन की बर्बादी है। चेन्नई, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से निकलने वाले लगभग सभी अंग्रेजी दैनिकों में राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक ने चार पृष्ठ के विज्ञापन दिए थे। इन अखबारों में आर्थिक पत्र भी शामिल हैं। विज्ञापन तमिल अखबारों में नजर आए लेकिन विपक्षी द्रमुक परिवार के अखबारों से ये नदारद रहे।टिप्पणियां हालांकि सरकार ने करोड़ों रुपए के इस मीडिया विज्ञापन के खर्च के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है लेकिन अनधिकारिक अनुमानों के अनुसार इस पर 15 से 25 करोड़ रुपए का खर्च आया होगा। भाकपा के गुरूदास दासगुप्ता ने कहा कि सत्ता में रहने वालों लोगों के लिए अपनी छवि चमकाने के वास्ते सरकारी धन की बर्बादी ताजा संस्कृति बन गयी है। जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इस विज्ञान की आलोचना की और कहा कि इस पर व्यय धन किसी और कार्य पर लगाया जा सकता था। उन्होंने धन का स्रोत जानना चाहा। हालांकि इस मीडिया अभियान की आलोचना भी हुई। भाकपा ने इसे ‘अस्वीकार्य’ बताया और कहा कि एक राजनीतिक नेता की छवि के संवर्धन के लिए यह सरकारी धन की बर्बादी है। चेन्नई, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से निकलने वाले लगभग सभी अंग्रेजी दैनिकों में राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक ने चार पृष्ठ के विज्ञापन दिए थे। इन अखबारों में आर्थिक पत्र भी शामिल हैं। विज्ञापन तमिल अखबारों में नजर आए लेकिन विपक्षी द्रमुक परिवार के अखबारों से ये नदारद रहे।टिप्पणियां हालांकि सरकार ने करोड़ों रुपए के इस मीडिया विज्ञापन के खर्च के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है लेकिन अनधिकारिक अनुमानों के अनुसार इस पर 15 से 25 करोड़ रुपए का खर्च आया होगा। भाकपा के गुरूदास दासगुप्ता ने कहा कि सत्ता में रहने वालों लोगों के लिए अपनी छवि चमकाने के वास्ते सरकारी धन की बर्बादी ताजा संस्कृति बन गयी है। जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इस विज्ञान की आलोचना की और कहा कि इस पर व्यय धन किसी और कार्य पर लगाया जा सकता था। उन्होंने धन का स्रोत जानना चाहा। चेन्नई, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से निकलने वाले लगभग सभी अंग्रेजी दैनिकों में राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक ने चार पृष्ठ के विज्ञापन दिए थे। इन अखबारों में आर्थिक पत्र भी शामिल हैं। विज्ञापन तमिल अखबारों में नजर आए लेकिन विपक्षी द्रमुक परिवार के अखबारों से ये नदारद रहे।टिप्पणियां हालांकि सरकार ने करोड़ों रुपए के इस मीडिया विज्ञापन के खर्च के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है लेकिन अनधिकारिक अनुमानों के अनुसार इस पर 15 से 25 करोड़ रुपए का खर्च आया होगा। भाकपा के गुरूदास दासगुप्ता ने कहा कि सत्ता में रहने वालों लोगों के लिए अपनी छवि चमकाने के वास्ते सरकारी धन की बर्बादी ताजा संस्कृति बन गयी है। जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इस विज्ञान की आलोचना की और कहा कि इस पर व्यय धन किसी और कार्य पर लगाया जा सकता था। उन्होंने धन का स्रोत जानना चाहा। हालांकि सरकार ने करोड़ों रुपए के इस मीडिया विज्ञापन के खर्च के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है लेकिन अनधिकारिक अनुमानों के अनुसार इस पर 15 से 25 करोड़ रुपए का खर्च आया होगा। भाकपा के गुरूदास दासगुप्ता ने कहा कि सत्ता में रहने वालों लोगों के लिए अपनी छवि चमकाने के वास्ते सरकारी धन की बर्बादी ताजा संस्कृति बन गयी है। जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इस विज्ञान की आलोचना की और कहा कि इस पर व्यय धन किसी और कार्य पर लगाया जा सकता था। उन्होंने धन का स्रोत जानना चाहा। भाकपा के गुरूदास दासगुप्ता ने कहा कि सत्ता में रहने वालों लोगों के लिए अपनी छवि चमकाने के वास्ते सरकारी धन की बर्बादी ताजा संस्कृति बन गयी है। जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इस विज्ञान की आलोचना की और कहा कि इस पर व्यय धन किसी और कार्य पर लगाया जा सकता था। उन्होंने धन का स्रोत जानना चाहा।
यहाँ एक सारांश है:जयललिता सरकार ने एक साल पूरा करने के अवसर पर तमिलनाडु के सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की उपलब्धियों को गिनाने के लिए बुधवार को पूरे देश में मीडिया में व्यापक विज्ञापन दिया।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: माकपा विधायक अनिसुर रहमान द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर संज्ञान लेते हुए पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग ने शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक को तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक गांगुली ने कहा, ‘‘हमने इटाहार में अनिसुर रहमान द्वारा की गई टिप्पणी के संबंध में संज्ञान लिया है और नोटिस जारी किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने डीजीपी से पड़ताल करने और तीन सप्ताह के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। उन्हें सीडी तथा अन्य संबंधित सामग्री एकत्रित करने का निर्देश दिया गया है।’’ पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे रहमान ने बुधवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार में राजनीतिक रैली के दौरान बयान दिया था। टिप्पणियां विधानसभा में माकपा के उपनेता रहमान ने जहां माकपा के प्रदेश मुख्यालय पर तुरत फुरत बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया वहीं पार्टी के प्रदेश सचिव बिमान बोस ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह के बयानों को मंजूर नहीं करती। ममता के बारे में दिए गए रहमान के बयान के गुरुवार को टीवी चैनलों पर प्रसारण के बाद बबाल मच गया था। तृणमूल कांग्रेस ने रहमान के खिलाफ मानहानि का मामला दाखिल करने की चेतावनी दी और उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक गांगुली ने कहा, ‘‘हमने इटाहार में अनिसुर रहमान द्वारा की गई टिप्पणी के संबंध में संज्ञान लिया है और नोटिस जारी किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने डीजीपी से पड़ताल करने और तीन सप्ताह के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। उन्हें सीडी तथा अन्य संबंधित सामग्री एकत्रित करने का निर्देश दिया गया है।’’ पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे रहमान ने बुधवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार में राजनीतिक रैली के दौरान बयान दिया था। टिप्पणियां विधानसभा में माकपा के उपनेता रहमान ने जहां माकपा के प्रदेश मुख्यालय पर तुरत फुरत बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया वहीं पार्टी के प्रदेश सचिव बिमान बोस ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह के बयानों को मंजूर नहीं करती। ममता के बारे में दिए गए रहमान के बयान के गुरुवार को टीवी चैनलों पर प्रसारण के बाद बबाल मच गया था। तृणमूल कांग्रेस ने रहमान के खिलाफ मानहानि का मामला दाखिल करने की चेतावनी दी और उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे रहमान ने बुधवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार में राजनीतिक रैली के दौरान बयान दिया था। टिप्पणियां विधानसभा में माकपा के उपनेता रहमान ने जहां माकपा के प्रदेश मुख्यालय पर तुरत फुरत बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया वहीं पार्टी के प्रदेश सचिव बिमान बोस ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह के बयानों को मंजूर नहीं करती। ममता के बारे में दिए गए रहमान के बयान के गुरुवार को टीवी चैनलों पर प्रसारण के बाद बबाल मच गया था। तृणमूल कांग्रेस ने रहमान के खिलाफ मानहानि का मामला दाखिल करने की चेतावनी दी और उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। विधानसभा में माकपा के उपनेता रहमान ने जहां माकपा के प्रदेश मुख्यालय पर तुरत फुरत बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया वहीं पार्टी के प्रदेश सचिव बिमान बोस ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह के बयानों को मंजूर नहीं करती। ममता के बारे में दिए गए रहमान के बयान के गुरुवार को टीवी चैनलों पर प्रसारण के बाद बबाल मच गया था। तृणमूल कांग्रेस ने रहमान के खिलाफ मानहानि का मामला दाखिल करने की चेतावनी दी और उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। ममता के बारे में दिए गए रहमान के बयान के गुरुवार को टीवी चैनलों पर प्रसारण के बाद बबाल मच गया था। तृणमूल कांग्रेस ने रहमान के खिलाफ मानहानि का मामला दाखिल करने की चेतावनी दी और उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया।
यहाँ एक सारांश है:माकपा विधायक अनिसुर रहमान द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर संज्ञान लेते हुए पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग ने शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक को तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की खरीद में दलाली के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई की टीम इटली पहुंच गई है। टीम के अधिकारी इटली के मिलान शहर में उन अधिकारियों से मिलेंगे, जो इस मामले की जांच कर रहे हैं। इसके बाद सीबीआई की टीम रोम जाएगी जहां वह इटली के रक्षा और विदेश मंत्रालय के अफसरों से मिलेगी।टिप्पणियां दरअसल, इस मामले की जांच इटली ने भी की है और वहां के जांचकर्ताओं की रिपोर्ट में पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी और उनके परिवार पर आरोप लगाए गए हैं, हालांकि पूर्व वायुसेना प्रमुख तक सीधे पैसे पहुंचने की बात नहीं कही गई है। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि ऑगस्टा वेस्टलैंड के 12 हेलीकॉप्टरों के सौदे के लिए क्या कोई दलाली दी गई है। इससे पूर्व इटली के कंपनी फिनमेकानिका के ब्रिटिश इकाई ऑगस्टा वेस्टलैन्ड से 12 एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टरों की खरीद में दलाली दिए जाने के मामले की जांच कर रहे इटली के अभियोजकों ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा था कि भारत के पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी के खिलाफ उनके पास 'ढेरों' सबूत हैं, और त्यागी परिवार के लोगों के अलावा किसी भारतीय का नाम हमारी जांच में सामने नहीं आया है। इन अभियोजकों ने नाम न छापने की शर्त पर यह दावा भी किया कि इस मामले में अब तक किसी भारतीय नेता के शामिल होने का भी कोई सबूत नहीं मिला है। दरअसल, इस मामले की जांच इटली ने भी की है और वहां के जांचकर्ताओं की रिपोर्ट में पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी और उनके परिवार पर आरोप लगाए गए हैं, हालांकि पूर्व वायुसेना प्रमुख तक सीधे पैसे पहुंचने की बात नहीं कही गई है। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि ऑगस्टा वेस्टलैंड के 12 हेलीकॉप्टरों के सौदे के लिए क्या कोई दलाली दी गई है। इससे पूर्व इटली के कंपनी फिनमेकानिका के ब्रिटिश इकाई ऑगस्टा वेस्टलैन्ड से 12 एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टरों की खरीद में दलाली दिए जाने के मामले की जांच कर रहे इटली के अभियोजकों ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा था कि भारत के पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी के खिलाफ उनके पास 'ढेरों' सबूत हैं, और त्यागी परिवार के लोगों के अलावा किसी भारतीय का नाम हमारी जांच में सामने नहीं आया है। इन अभियोजकों ने नाम न छापने की शर्त पर यह दावा भी किया कि इस मामले में अब तक किसी भारतीय नेता के शामिल होने का भी कोई सबूत नहीं मिला है। इससे पूर्व इटली के कंपनी फिनमेकानिका के ब्रिटिश इकाई ऑगस्टा वेस्टलैन्ड से 12 एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टरों की खरीद में दलाली दिए जाने के मामले की जांच कर रहे इटली के अभियोजकों ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा था कि भारत के पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी के खिलाफ उनके पास 'ढेरों' सबूत हैं, और त्यागी परिवार के लोगों के अलावा किसी भारतीय का नाम हमारी जांच में सामने नहीं आया है। इन अभियोजकों ने नाम न छापने की शर्त पर यह दावा भी किया कि इस मामले में अब तक किसी भारतीय नेता के शामिल होने का भी कोई सबूत नहीं मिला है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हेलीकॉप्टर सौदे में कथित दलाली की जांच के लिए सीबीआई और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की एक टीम आज इटालियन अभियोजकों से मिलेगी।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जिम्बाब्वे के विकेटकीपर बल्लेबाज तातैंडा तायबू ने अपनी बल्लेबाजी में लगातार सुधार का श्रेय पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को दिया जिनसे उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान महत्वपूर्ण टिप्स लिये थे। तायबू आईपीएल के पहले सत्र में कोलकाता नाइटराइडर्स की तरफ खेल चुके हैं और इस दौरान उन्हें गांगुली और आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के साथ समय बिताने का मौका मिला था। छोटे कद के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने विश्व कप में सोमवार को कनाडा के खिलाफ 98 रन की शानदार पारी खेलने के बाद कहा कि इन दोनों से मिली सीख के कारण उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद मिली। तायबू ने जिम्बाब्वे की 175 रन की जीत के बाद कहा, सौरव गांगुली और रिकी पोंटिंग जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम में एक साथ रहना बहुत अच्छा अनुभव था। मैंने उनसे इस खेल के बारे में काफी कुछ सीखा। मैंने उनसे टिप्स लिये और इससे मुझे खिलाड़ी के तौर पर सुधार करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, रन बनाना हमेशा जिम्मेदारी रही है। हम भाग्यशाली रहे कि हमने बीच के ओवरों में गेंद को सीमा रेखा पार भेजा। मैं रेमंड प्राइस और प्रास्पर उत्सेया का बड़ा प्रशंसक हूं और उनकी गेंदबाजी पर विकेटकीपिंग करने का भरपूर मजा लेता हूं। जिम्बाब्वे के कप्तान एल्टन चिंगुबुरा ने कहा कि उनकी टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, हम अब भी अगले दौर की दौड़ में हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच काफी महत्वपूर्ण होगा। क्रेग :इर्विन: और तातेंडा ने हमें मैच में वापसी दिलायी और हमारी गेंदबाजी शानदार रही। अगला मैच काफी महत्वपूर्ण है और उसमें हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। कनाडा के कप्तान आशीष बगई ने स्वीकार किया कि उनकी टीम अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रही। उन्होंने कहा, हमने अच्छी शुरुआत की और शुरू में ही उनके दो विकेट निकाल दिये लेकिन इसके बाद सही लाइन और लेंथ से गेंदबाजी नहीं कर पाये। फिर मैं अपनी गेंदबाजी से निराश नहीं हूं क्योंकि जब तायबू और इर्विन खेल रहे थे तब लग रहा था कि 325 रन का स्कोर बन जाएगा लेकिन हम उन्हें 298 पर रोकने में सफल रहे।
यह एक सारांश है: तायबू ने अपनी बल्लेबाजी में लगातार सुधार का श्रेय सौरव गांगुली को दिया जिनसे उन्होंने आईपीएल लीग के दौरान महत्वपूर्ण टिप्स लिए थे।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया. यह हमला बालाकोट में  किया गया. सूत्रों के मुताबिक बालाकोट वही जगह है जिसे कभी मुगलों और अफगानियों ने भारत पर हमलों के दोरान अपना बेस बनाया था.     सन 1971 के बाद यह पहली बार हुआ जब भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) को क्रॉस करके पाक पर हमला किया. वायुसेना ने सिर्फ डेढ़ मिनट में आतंकी गढ़ बालाकोट को तबाह कर दिया. इस हमले में करीब 300 आतंकी मारे गए. भारत पर कुछ सदियों पहले अफगानियों और मुगलों ने हमले किए थे. इन हमलों के दौरान इन दोनों हमलावरों ने अपना बेस बालाकोट को बनाया था. अब भारत ने इस स्थान पर हमला करके वहां मौजूद आतंकी कैंपों को नेस्तनाबूत कर दिया. वायुसेना ने पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर ही यह कार्रवाई की.   सूत्रों ने बताया कि बालाकोट इलाके में बीच में जंगल है और चारों ओर खड़े पत्थरों के पहाड़ हैं. यह खैबर पख्तून का इलाका है. इस स्थान की एलओसी से हवाई सीमा करीब 60 किलोमीटर है. हमले में 250 से 300 आतंकियों के मारे जाने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकी लॉन्चिंग पैड से पीछे आ गए थे. बालाकोट में जैश का मुख्य ट्रेनिंग सेंटर था जिसमें 6 बैरकों में आतंकी रहे रहे थे. यहां तीन तरह के कोर्स बेसिक, एडवांस और बैट चल रहे थे. हर कोर्स करीब तीन महीने का होता था. मसूद अजहर के बेटे की ट्रेनिंग यहीं पर हुई थी. 160 बैट कमांडो की ट्रेनिंग जुलाई 2017 में यहीं हुई थी. मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर इस कैम्प का प्रमुख था. पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड अब्दुल रशीद गाजी की ट्रेनिंग यहीं हुई थी. बालाकोट पर इंडियन एयर फोर्स मिराज का अटैकिंग समय महज डेढ़ मिनट था. यह पूरी कार्रवाई 20 मिनट में पूरी हो गई. इस समय में लड़ाकू विमानों का आना-जाना शामिल है. हमला लेजर गाइडेड बम से किया गया. सारे निशाने पूरी तरह सटीक बैठे.
सारांश: बालाकोट में जैश का मुख्य ट्रेनिंग सेंटर था, 6 बैरकों में आतंकी रह रहे थे आतंकवादी सरगना मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर कैम्प का प्रमुख था सन 1971 के बाद पहली बार वायुसेना ने एलओसी क्रॉस करके हमला किया
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने 14 जून से तीन दिनों तक देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन शुरू करने के साथ 17 जून को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. आईएमए ने अस्पतालों में डॉक्टरों के खिलाफ होने वाले हिंसा की जांच के लिए कानून बनाए जाने की मांग की है. संगठन का कहना है कि इसका उल्लंघन करने वालों को कम से कम  सात साल जेल की सजा का प्रावधान होना चाहिए. वहीं, बंगाल में अब तक 300 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं, जिसमें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के 175 डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया है. जूनियर डॉक्टरों के जॉइंट फोरम के प्रवक्ता डॉ.अरिंदम दत्ता ने हड़ताल वापस लेने के लिए सीएम बनर्जी के सामने छह शर्तें रखी हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों को राज्य सचिवालय में बैठक के लिये बुलाया जिसे डॉक्टरों ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह उनकी एकता को तोड़ने की एक चाल है.  ममता ने चार दिनों से सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सामान्य सेवाओं को बाधित करने वाले गतिरोध का हल खोजने के लिए बैठक बुलाई थी. वरिष्ठ चिकित्सक सुकुमार मुखर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चिकित्सकों के नहीं आने पर उन्हें शनिवार शाम पांच बजे राज्य सचिवालय नाबन्ना में मिलने का समय दिया. मुखर्जी, आंदोलन में शामिल नहीं हुए अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ ममता से मिलने गए और इस समस्या का हल निकालने के लिए सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ दो घंटे तक बैठक की.  इसके बाद ममता ने मेडिकल एजुकेशन के निदेशक प्रदीप मित्रा तीन-चार जूनियर डॉक्टरों को बैठक के लिये सचिवालय में बुलाने के लिये कहा. जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त मंच के एक प्रवक्ता ने कहा, "यह हमारी एकता और आंदोलन को तोड़ने की चाल है। हम राज्य सचिवालय में किसी बैठक में शिरकत नहीं करेंगे. मुख्यमंत्री को यहां (एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) आना होगा और कल एसएसकेएम अस्पताल के दौरे के दौरान उन्होंने हमें जिस तरह से संबोधित किया, उसके लिये बिना शर्त माफी मांगनी होगी." ममता ने गुरुवार को एसएसकेएम अस्पताल का दौरा करते वक्त कहा था कि बाहरी लोग मेडिकल कॉलेजों में गतिरोध पैदा करने के लिये यहां घुस आए हैं और यह आंदोनल माकपा और भाजपा का षडयंत्र हैं. बता दें कि जूनियर डॉक्टर एक रोगी के परिजन द्वारा चिकित्सक से मारपीट के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं.
देश भर में जारी है डॉक्टरों का प्रदर्शन बंगाल में अब तक 300 डॉक्टर दे चुके हैं इस्तीफा एसएसकेएम अस्पताल के 175 डॉक्टरों ने दिया सामूहिक रूप से इस्तीफा
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सोमवार रात को व्हाइट हाउस में आयोजित रात्रिभोज से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पत्रकारों को संबोधित करेंगे. पहले निर्धारित किए गए कार्यक्रम में बताया गया था कि दोनों में से कोई भी नेता किसी पत्रकार के किसी भी सवाल का जवाब नहीं देंगे, लेकिन इसमें बदलाव करते हुए अमेरिका और भारत ने अब तय किया है कि उनकी बैठक को लेकर संयुक्त बयान जारी किया जाएगा, और दोनों नेता पहले से निर्धारित एक-एक सवाल का जवाब देंगे. भारतीय समयानुसार रात 1:20 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 20 मिनट की बातचीत होगी, जिसमें सिर्फ दोनों नेता ही शामिल रहेंगे. इसके बाद शिष्टमंडल-स्तरीय बातचीत शुरू होगी, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे, और उसके बाद प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही भारतीय प्रधानमंत्री पहले ऐसे विदेशी नेता बन जाएंगे, जिनके लिए ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में रात्रिभोज का आयोजन किया गया. भारतीय अधिकारी दोनों नेताओं की आमने-सामने होने वाली इस मुलाकात से बहुत ज़्यादा उम्मीदें बांधना नहीं चाहते हैं, और उनका कहना है कि यह मुलाकात निजी मेल-जोल बढ़ाने और दोस्ताना रिश्ता कायम करने पर केंद्रित होगी, क्योंकि जलवायु तथा आव्रजन सहित बहुत-से मुद्दों पर इन दोनों नेताओं के विचार एक दूसरे से बिल्कुल उलट हैं. वैसे, शुरुआती संकेत काफी उम्मीद-अफजाह थे, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'सच्चा मित्र' बताया था, और प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह डोनाल्ड ट्रंप से होने वाली मुलाकात को लेकर 'बेहद उत्साहित' हैं. कुछ लोगों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच एक अनूठी साम्यता है, क्योंकि दोनों ही नेताओं ने राष्ट्रवादी दृष्टिकोण दिखाकर परंपरागत रूप से सत्ता में बैठे लोगों को पराजित किया है. मीडिया से भी दोनों के ही रिश्ते कुछ खास अच्छे नहीं रहे हैं, और दोनों ही सोशल मीडिया के ज़रिये जनता तक सीधी पहुंच बनाने में विश्वास रखते हैं. भारत के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद पीएम मोदी की यह पांचवीं अमेरिका यात्रा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनके आत्मीय संबंधों के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 की गणतंत्र दिवस परेड में ओबामा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया गया था. उधर, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बन जाने के बाद अपनी 'अमेरिका-फर्स्ट' नीति के तहत उन्होंने एच-1बी वीसा कार्यक्रम में भारी बदलाव की घोषणा की. भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञों को अमेरिका भेजने के लिए इसी कार्यक्रम का इस्तेमाल करती हैं. इसके बाद इसी महीने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर समझौते का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ा ऐतराज़ दर्ज कराया.टिप्पणियां लेकिन अब सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बयान में अमेरिका द्वारा भारत को लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर कीमत पर प्रीडेटर नौसैनिक ड्रोन बेचे जाने की घोषणा की जा सकती है. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे. भारतीय समयानुसार रात 1:20 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 20 मिनट की बातचीत होगी, जिसमें सिर्फ दोनों नेता ही शामिल रहेंगे. इसके बाद शिष्टमंडल-स्तरीय बातचीत शुरू होगी, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे, और उसके बाद प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही भारतीय प्रधानमंत्री पहले ऐसे विदेशी नेता बन जाएंगे, जिनके लिए ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में रात्रिभोज का आयोजन किया गया. भारतीय अधिकारी दोनों नेताओं की आमने-सामने होने वाली इस मुलाकात से बहुत ज़्यादा उम्मीदें बांधना नहीं चाहते हैं, और उनका कहना है कि यह मुलाकात निजी मेल-जोल बढ़ाने और दोस्ताना रिश्ता कायम करने पर केंद्रित होगी, क्योंकि जलवायु तथा आव्रजन सहित बहुत-से मुद्दों पर इन दोनों नेताओं के विचार एक दूसरे से बिल्कुल उलट हैं. वैसे, शुरुआती संकेत काफी उम्मीद-अफजाह थे, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'सच्चा मित्र' बताया था, और प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह डोनाल्ड ट्रंप से होने वाली मुलाकात को लेकर 'बेहद उत्साहित' हैं. कुछ लोगों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच एक अनूठी साम्यता है, क्योंकि दोनों ही नेताओं ने राष्ट्रवादी दृष्टिकोण दिखाकर परंपरागत रूप से सत्ता में बैठे लोगों को पराजित किया है. मीडिया से भी दोनों के ही रिश्ते कुछ खास अच्छे नहीं रहे हैं, और दोनों ही सोशल मीडिया के ज़रिये जनता तक सीधी पहुंच बनाने में विश्वास रखते हैं. भारत के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद पीएम मोदी की यह पांचवीं अमेरिका यात्रा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनके आत्मीय संबंधों के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 की गणतंत्र दिवस परेड में ओबामा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया गया था. उधर, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बन जाने के बाद अपनी 'अमेरिका-फर्स्ट' नीति के तहत उन्होंने एच-1बी वीसा कार्यक्रम में भारी बदलाव की घोषणा की. भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञों को अमेरिका भेजने के लिए इसी कार्यक्रम का इस्तेमाल करती हैं. इसके बाद इसी महीने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर समझौते का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ा ऐतराज़ दर्ज कराया.टिप्पणियां लेकिन अब सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बयान में अमेरिका द्वारा भारत को लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर कीमत पर प्रीडेटर नौसैनिक ड्रोन बेचे जाने की घोषणा की जा सकती है. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे. भारतीय अधिकारी दोनों नेताओं की आमने-सामने होने वाली इस मुलाकात से बहुत ज़्यादा उम्मीदें बांधना नहीं चाहते हैं, और उनका कहना है कि यह मुलाकात निजी मेल-जोल बढ़ाने और दोस्ताना रिश्ता कायम करने पर केंद्रित होगी, क्योंकि जलवायु तथा आव्रजन सहित बहुत-से मुद्दों पर इन दोनों नेताओं के विचार एक दूसरे से बिल्कुल उलट हैं. वैसे, शुरुआती संकेत काफी उम्मीद-अफजाह थे, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'सच्चा मित्र' बताया था, और प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह डोनाल्ड ट्रंप से होने वाली मुलाकात को लेकर 'बेहद उत्साहित' हैं. कुछ लोगों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच एक अनूठी साम्यता है, क्योंकि दोनों ही नेताओं ने राष्ट्रवादी दृष्टिकोण दिखाकर परंपरागत रूप से सत्ता में बैठे लोगों को पराजित किया है. मीडिया से भी दोनों के ही रिश्ते कुछ खास अच्छे नहीं रहे हैं, और दोनों ही सोशल मीडिया के ज़रिये जनता तक सीधी पहुंच बनाने में विश्वास रखते हैं. भारत के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद पीएम मोदी की यह पांचवीं अमेरिका यात्रा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनके आत्मीय संबंधों के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 की गणतंत्र दिवस परेड में ओबामा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया गया था. उधर, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बन जाने के बाद अपनी 'अमेरिका-फर्स्ट' नीति के तहत उन्होंने एच-1बी वीसा कार्यक्रम में भारी बदलाव की घोषणा की. भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञों को अमेरिका भेजने के लिए इसी कार्यक्रम का इस्तेमाल करती हैं. इसके बाद इसी महीने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर समझौते का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ा ऐतराज़ दर्ज कराया.टिप्पणियां लेकिन अब सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बयान में अमेरिका द्वारा भारत को लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर कीमत पर प्रीडेटर नौसैनिक ड्रोन बेचे जाने की घोषणा की जा सकती है. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे. वैसे, शुरुआती संकेत काफी उम्मीद-अफजाह थे, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'सच्चा मित्र' बताया था, और प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह डोनाल्ड ट्रंप से होने वाली मुलाकात को लेकर 'बेहद उत्साहित' हैं. कुछ लोगों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच एक अनूठी साम्यता है, क्योंकि दोनों ही नेताओं ने राष्ट्रवादी दृष्टिकोण दिखाकर परंपरागत रूप से सत्ता में बैठे लोगों को पराजित किया है. मीडिया से भी दोनों के ही रिश्ते कुछ खास अच्छे नहीं रहे हैं, और दोनों ही सोशल मीडिया के ज़रिये जनता तक सीधी पहुंच बनाने में विश्वास रखते हैं. भारत के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद पीएम मोदी की यह पांचवीं अमेरिका यात्रा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनके आत्मीय संबंधों के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 की गणतंत्र दिवस परेड में ओबामा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया गया था. उधर, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बन जाने के बाद अपनी 'अमेरिका-फर्स्ट' नीति के तहत उन्होंने एच-1बी वीसा कार्यक्रम में भारी बदलाव की घोषणा की. भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञों को अमेरिका भेजने के लिए इसी कार्यक्रम का इस्तेमाल करती हैं. इसके बाद इसी महीने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर समझौते का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ा ऐतराज़ दर्ज कराया.टिप्पणियां लेकिन अब सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बयान में अमेरिका द्वारा भारत को लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर कीमत पर प्रीडेटर नौसैनिक ड्रोन बेचे जाने की घोषणा की जा सकती है. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे. कुछ लोगों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच एक अनूठी साम्यता है, क्योंकि दोनों ही नेताओं ने राष्ट्रवादी दृष्टिकोण दिखाकर परंपरागत रूप से सत्ता में बैठे लोगों को पराजित किया है. मीडिया से भी दोनों के ही रिश्ते कुछ खास अच्छे नहीं रहे हैं, और दोनों ही सोशल मीडिया के ज़रिये जनता तक सीधी पहुंच बनाने में विश्वास रखते हैं. भारत के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद पीएम मोदी की यह पांचवीं अमेरिका यात्रा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनके आत्मीय संबंधों के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 की गणतंत्र दिवस परेड में ओबामा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया गया था. उधर, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बन जाने के बाद अपनी 'अमेरिका-फर्स्ट' नीति के तहत उन्होंने एच-1बी वीसा कार्यक्रम में भारी बदलाव की घोषणा की. भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञों को अमेरिका भेजने के लिए इसी कार्यक्रम का इस्तेमाल करती हैं. इसके बाद इसी महीने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर समझौते का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ा ऐतराज़ दर्ज कराया.टिप्पणियां लेकिन अब सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बयान में अमेरिका द्वारा भारत को लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर कीमत पर प्रीडेटर नौसैनिक ड्रोन बेचे जाने की घोषणा की जा सकती है. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे. भारत के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद पीएम मोदी की यह पांचवीं अमेरिका यात्रा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनके आत्मीय संबंधों के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 की गणतंत्र दिवस परेड में ओबामा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया गया था. उधर, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बन जाने के बाद अपनी 'अमेरिका-फर्स्ट' नीति के तहत उन्होंने एच-1बी वीसा कार्यक्रम में भारी बदलाव की घोषणा की. भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञों को अमेरिका भेजने के लिए इसी कार्यक्रम का इस्तेमाल करती हैं. इसके बाद इसी महीने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर समझौते का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ा ऐतराज़ दर्ज कराया.टिप्पणियां लेकिन अब सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बयान में अमेरिका द्वारा भारत को लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर कीमत पर प्रीडेटर नौसैनिक ड्रोन बेचे जाने की घोषणा की जा सकती है. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे. उधर, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बन जाने के बाद अपनी 'अमेरिका-फर्स्ट' नीति के तहत उन्होंने एच-1बी वीसा कार्यक्रम में भारी बदलाव की घोषणा की. भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञों को अमेरिका भेजने के लिए इसी कार्यक्रम का इस्तेमाल करती हैं. इसके बाद इसी महीने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर समझौते का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ा ऐतराज़ दर्ज कराया.टिप्पणियां लेकिन अब सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बयान में अमेरिका द्वारा भारत को लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर कीमत पर प्रीडेटर नौसैनिक ड्रोन बेचे जाने की घोषणा की जा सकती है. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे. इसके बाद इसी महीने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर समझौते का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ा ऐतराज़ दर्ज कराया.टिप्पणियां लेकिन अब सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बयान में अमेरिका द्वारा भारत को लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर कीमत पर प्रीडेटर नौसैनिक ड्रोन बेचे जाने की घोषणा की जा सकती है. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे. लेकिन अब सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बयान में अमेरिका द्वारा भारत को लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर कीमत पर प्रीडेटर नौसैनिक ड्रोन बेचे जाने की घोषणा की जा सकती है. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे. यूरेशिया ग्रुप के शैलेश कुमार का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य कतई स्पष्ट और सीधा है - सुनिश्चित किया जाए कि भारत लगातार अमेरिका की योजनाओं में बना रहे, तथा अमेरिका का नया प्रशासन भी भारत को लेकर पिछली नीति पर ही आगे बढ़ता रहे.
सारांश: मुलाकात के बाद पीएम मोदी और ट्रंप संयुक्त बयान जारी करेंगे दोनों नेता पहले से निर्धारित एक-एक सवाल का जवाब भी देंगे प्रेस ब्रीफिंग के बाद व्हाइट हाउस में भोज में शामिल होंगे पीएम और ट्रंप
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान ने भारत द्वारा द्विपक्षीय हॉकी शृंखला के रद्द होने और नया वीजा समझौता लागू करने में देरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि खेल संबंध विश्वास बहाली के उपायों (सीबीएम) का हिस्सा है, जो दोनों देशों के बीच शांति के लिए जरूरी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने कहा, पाकिस्तान का मानना है कि पाकिस्तान और भारत के बीच शांति बरकरार रखने के व्यापक हित के लिए लगातार सीबीएम की प्रक्रिया कार्यान्वित करना जरूरी है, जिसमें खेल प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, खेलों, सांस्कृतिक स्पर्धाओं और लोगों के बीच आपसी संपर्कों से दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ेगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने कहा, पाकिस्तान का मानना है कि पाकिस्तान और भारत के बीच शांति बरकरार रखने के व्यापक हित के लिए लगातार सीबीएम की प्रक्रिया कार्यान्वित करना जरूरी है, जिसमें खेल प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, खेलों, सांस्कृतिक स्पर्धाओं और लोगों के बीच आपसी संपर्कों से दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ेगा।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान ने भारत द्वारा द्विपक्षीय हॉकी शृंखला के रद्द होने और नया वीजा समझौता लागू करने में देरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि खेल संबंध विश्वास बहाली के उपायों (सीबीएम) का हिस्सा है, जो दोनों देशों के बीच शांति के लिए जरूरी है।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नर्मदा नदी में जल सत्याग्रह कर रहे लोगों की आवाज 14 दिन बाद भी भोपाल नहीं पहुंची है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बसाए बिना नर्मदा नदी पर ओंकारेश्वर बांध में पानी 189 मीटर से बढ़ाकर 193 मीटर करने के विरोध में जल सत्याग्रह चल रहा है। नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि मध्य प्रदेश सरकार कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी कर रही है, जिसमें पानी बढ़ाने से 6 महीने पहले लोगों को कहीं और बसाने की बात कही गई है। आंदोलन कर रहे लोगों की सेहत खराब होने लगी है और त्वचा पर भी बुरा असर पड़ रहा है। मौके पर न कोई एंबुलेंस है और न ही प्रशासन का कोई नुमाइंदा। आंदोलनकारी जिले के अफसरों और राज्य के चीफ प्रिसिंपल सेक्रेटरी से मिल चुके हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ओंकारेश्वर बांध में पानी 190.5 मीटर तक पहुंच चुका है और इसका असर घोगल, कामनखेड़ा जैसे 28 दूसरे गांवों में देखा जा सकता है। बढ़ता पानी फसलों को भी बर्बाद कर रहा है। आंदोलन कर रहे लोगों की सेहत खराब होने लगी है और त्वचा पर भी बुरा असर पड़ रहा है। मौके पर न कोई एंबुलेंस है और न ही प्रशासन का कोई नुमाइंदा। आंदोलनकारी जिले के अफसरों और राज्य के चीफ प्रिसिंपल सेक्रेटरी से मिल चुके हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ओंकारेश्वर बांध में पानी 190.5 मीटर तक पहुंच चुका है और इसका असर घोगल, कामनखेड़ा जैसे 28 दूसरे गांवों में देखा जा सकता है। बढ़ता पानी फसलों को भी बर्बाद कर रहा है।
सारांश: नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि मध्य प्रदेश सरकार कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी कर रही है, जिसमें पानी बढ़ाने से 6 महीने पहले लोगों को कहीं और बसाने की बात कही गई है।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: तीन महीने से कश्मीर में चल रही अशांति से शादियों का यह पारंपरिक मौसम प्रभावित हुआ है, लेकिन घाटी के पुलवामा जिले में मुस्लिमों और सिखों ने एक पंडित जोड़ी की शादी कराने में हाथ बंटाकर सांप्रदायिक सौहार्द और भाइचारे का उदाहरण पेश किया है. तहाब गांव के आशू टिक्कू ने कल निकटवर्ती लोसवाणी गांव की नीशू पंडिता से शादी की और दोनों गैर प्रवासी परिवारों के साथ मुसलमान और सिख पड़ोसी भी शामिल हुए. पड़ोसियों में अधिकतर मुसलमान और सिख हैं, जिन्होंने दोनों परिवारों को शामियाना गाड़ने, विवाह की दावत के लिए जलावन की व्यवस्था करने, और कई प्रवासी पंडित रिश्तेदारों सहित मेहमानों के आवभगत सहित कई कामों में मदद की. शादी के दौरान पारंपरिक लोक गीत 'वानवुन' के दौरान युगल के परिजनों से ज्यादा मुसलमान महिलाएं वहां मौजूद थीं और पुरूष लोग दुल्हन के घर को सजाने में व्यस्त थे.टिप्पणियां दरअसल, अशांति की वजह से घाटी में आम जनजीवन पर असर पड़ने के साथ ही शादी का मौसम भी प्रभावित हुआ है. विवाह में शरीक हुए सिखों और मुसलमानों ने कहा, 'हमें नहीं लगता कि हमने कुछ नायाब किया है. वे सभी हमारे अपने लोग हैं और एक दूसरे की मदद करना हमारा फर्ज है. यही तो कश्मीरियत है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तहाब गांव के आशू टिक्कू ने कल निकटवर्ती लोसवाणी गांव की नीशू पंडिता से शादी की और दोनों गैर प्रवासी परिवारों के साथ मुसलमान और सिख पड़ोसी भी शामिल हुए. पड़ोसियों में अधिकतर मुसलमान और सिख हैं, जिन्होंने दोनों परिवारों को शामियाना गाड़ने, विवाह की दावत के लिए जलावन की व्यवस्था करने, और कई प्रवासी पंडित रिश्तेदारों सहित मेहमानों के आवभगत सहित कई कामों में मदद की. शादी के दौरान पारंपरिक लोक गीत 'वानवुन' के दौरान युगल के परिजनों से ज्यादा मुसलमान महिलाएं वहां मौजूद थीं और पुरूष लोग दुल्हन के घर को सजाने में व्यस्त थे.टिप्पणियां दरअसल, अशांति की वजह से घाटी में आम जनजीवन पर असर पड़ने के साथ ही शादी का मौसम भी प्रभावित हुआ है. विवाह में शरीक हुए सिखों और मुसलमानों ने कहा, 'हमें नहीं लगता कि हमने कुछ नायाब किया है. वे सभी हमारे अपने लोग हैं और एक दूसरे की मदद करना हमारा फर्ज है. यही तो कश्मीरियत है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पड़ोसियों में अधिकतर मुसलमान और सिख हैं, जिन्होंने दोनों परिवारों को शामियाना गाड़ने, विवाह की दावत के लिए जलावन की व्यवस्था करने, और कई प्रवासी पंडित रिश्तेदारों सहित मेहमानों के आवभगत सहित कई कामों में मदद की. शादी के दौरान पारंपरिक लोक गीत 'वानवुन' के दौरान युगल के परिजनों से ज्यादा मुसलमान महिलाएं वहां मौजूद थीं और पुरूष लोग दुल्हन के घर को सजाने में व्यस्त थे.टिप्पणियां दरअसल, अशांति की वजह से घाटी में आम जनजीवन पर असर पड़ने के साथ ही शादी का मौसम भी प्रभावित हुआ है. विवाह में शरीक हुए सिखों और मुसलमानों ने कहा, 'हमें नहीं लगता कि हमने कुछ नायाब किया है. वे सभी हमारे अपने लोग हैं और एक दूसरे की मदद करना हमारा फर्ज है. यही तो कश्मीरियत है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दरअसल, अशांति की वजह से घाटी में आम जनजीवन पर असर पड़ने के साथ ही शादी का मौसम भी प्रभावित हुआ है. विवाह में शरीक हुए सिखों और मुसलमानों ने कहा, 'हमें नहीं लगता कि हमने कुछ नायाब किया है. वे सभी हमारे अपने लोग हैं और एक दूसरे की मदद करना हमारा फर्ज है. यही तो कश्मीरियत है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:लोग बोले- मदद करना हमारा फर्ज है. यही तो कश्मीरियत है. शादी की तैयारियों से लेकर अन्‍य कामों में बंटाया हाथ. घाटी में अशांति के कारण शादी का मौसम भी प्रभावित हुआ है.
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लगातार छह मैचों में हार के बावजूद दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान माहेला जयवर्धने ने खिलाड़ियों को सकारात्मक बने रहने की सलाह देते हुए कहा कि अब यह दिखाने का समय आ गया है कि उनकी टीम वास्तव में अच्छी है। दिल्ली को कल यहां चेन्नई सुपरकिंग्स ने 86 रन से करारी शिकस्त दी, जो उसकी लगातार छठी हार है। डेयरडेविल्स आईपीएल की पहली टीम बन गई है, जिसने किसी एक टूर्नामेंट में पहले छह मैच गंवाए हैं। जयवर्धने ने कहा, यदि हम खुद पर विश्वास नहीं कर पाते तो फिर टूर्नामेंट में बने रहने का कोई मतलब नहीं है। हमें खुद पर यह विश्वास करने की जरूरत है कि हम वापसी कर सकते हैं। प्रत्येक जीत रहा है केवल हमारी टीम के अंक नहीं हैं। यदि हम दो तीन मैच जीत जाते हैं तो कुछ स्थान आगे बढ़ जाएंगे। हमें अब यह दिखाना होगा कि हमारी टीम अच्छी है। उन्होंने कहा, हमने अब तक केवल दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। मुंबई इंडियन्स के खिलाफ मुंबई और यहां (चेन्नई के खिलाफ) हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन अन्य मैचों में हमने आखिर तक हार नहीं मानी और हमारे पास अवसर थे। जयवर्धने ने कहा, हमें अब तक कम से कम दो मैच जीतने चाहिए थे, लेकिन हम सही तरह से अंत नहीं कर पाए। इस तरह के टूर्नामेंट में यदि आपके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है तो इस पर काम करने की जरूरत होती है। इसलिए अब प्रत्येक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।   जयवर्धने ने यह बात मानने से इनकार कर दिया कि टीम को केविन पीटरसन की कमी खल रही है या वीरेंद्र सहवाग का खराब प्रदर्शन टीम पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने कहा, केपी पहला इंसान होगा, जो यह स्वीकार करेगा कि यह केवल एक खिलाड़ी के कारण नहीं है। पिछले साल हमने अच्छी शुरुआत की और प्रत्येक खिलाड़ी फार्म में था, जिससे हमें दबदबा बनाने में मदद मिली। जयवर्धने ने कहा, इसका कारण केवल वीरू भी नहीं है। केवल उनके होने से हमारी परेशानियों का निदान नहीं हो सकता। हमें बल्लेबाजी में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है तथा टी-20 में चोटी के चार या पांच बल्लेबाज अधिकतर ओवर खेलते हैं। हमने इस पर बात भी की, लेकिन दुर्भाग्य से इसे लागू नहीं कर पाए। टिप्पणियां टी-20 मैचों में इसी से अंतर पैदा होता है। इस श्रीलंकाई खिलाड़ी से जब पूछा गया कि क्या भारत के घरेलू खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ रहा है, उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि हमारे पास कुछ अच्छे खिलाड़ी हैं। उन्मुक्त (चंद) ने भारतीय अंडर 19 टीम और दिल्ली की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया है। मनप्रीत (जुनेजा) और केदार (जाधव) भी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। जब टीम हार रही हो तो कमजोरियां निकालना आसान होता है। यह बल्ले और गेंद के बीच की जंग है, जिसे हम नहीं जीत पा रहे हैं। चेन्नई के खिलाफ दिल्ली की टीम 83 रन पर लुढ़क गई। जयवर्धने ने कहा, इस विकेट पर 160-170 रन का स्कोर अच्छा था, क्योंकि आउटफील्ड काफी तेज थी। हमें अच्छी शुरुआत और उन पर दबाव बनाने की जरूरत थी जैसे कि पिछले मैच में 16वें ओवर के बाद हमने किया था, लेकिन हमने शुरू में ही बहुत अधिक विकेट गंवा दिए। दिल्ली को कल यहां चेन्नई सुपरकिंग्स ने 86 रन से करारी शिकस्त दी, जो उसकी लगातार छठी हार है। डेयरडेविल्स आईपीएल की पहली टीम बन गई है, जिसने किसी एक टूर्नामेंट में पहले छह मैच गंवाए हैं। जयवर्धने ने कहा, यदि हम खुद पर विश्वास नहीं कर पाते तो फिर टूर्नामेंट में बने रहने का कोई मतलब नहीं है। हमें खुद पर यह विश्वास करने की जरूरत है कि हम वापसी कर सकते हैं। प्रत्येक जीत रहा है केवल हमारी टीम के अंक नहीं हैं। यदि हम दो तीन मैच जीत जाते हैं तो कुछ स्थान आगे बढ़ जाएंगे। हमें अब यह दिखाना होगा कि हमारी टीम अच्छी है। उन्होंने कहा, हमने अब तक केवल दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। मुंबई इंडियन्स के खिलाफ मुंबई और यहां (चेन्नई के खिलाफ) हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन अन्य मैचों में हमने आखिर तक हार नहीं मानी और हमारे पास अवसर थे। जयवर्धने ने कहा, हमें अब तक कम से कम दो मैच जीतने चाहिए थे, लेकिन हम सही तरह से अंत नहीं कर पाए। इस तरह के टूर्नामेंट में यदि आपके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है तो इस पर काम करने की जरूरत होती है। इसलिए अब प्रत्येक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।   जयवर्धने ने यह बात मानने से इनकार कर दिया कि टीम को केविन पीटरसन की कमी खल रही है या वीरेंद्र सहवाग का खराब प्रदर्शन टीम पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने कहा, केपी पहला इंसान होगा, जो यह स्वीकार करेगा कि यह केवल एक खिलाड़ी के कारण नहीं है। पिछले साल हमने अच्छी शुरुआत की और प्रत्येक खिलाड़ी फार्म में था, जिससे हमें दबदबा बनाने में मदद मिली। जयवर्धने ने कहा, इसका कारण केवल वीरू भी नहीं है। केवल उनके होने से हमारी परेशानियों का निदान नहीं हो सकता। हमें बल्लेबाजी में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है तथा टी-20 में चोटी के चार या पांच बल्लेबाज अधिकतर ओवर खेलते हैं। हमने इस पर बात भी की, लेकिन दुर्भाग्य से इसे लागू नहीं कर पाए। टिप्पणियां टी-20 मैचों में इसी से अंतर पैदा होता है। इस श्रीलंकाई खिलाड़ी से जब पूछा गया कि क्या भारत के घरेलू खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ रहा है, उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि हमारे पास कुछ अच्छे खिलाड़ी हैं। उन्मुक्त (चंद) ने भारतीय अंडर 19 टीम और दिल्ली की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया है। मनप्रीत (जुनेजा) और केदार (जाधव) भी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। जब टीम हार रही हो तो कमजोरियां निकालना आसान होता है। यह बल्ले और गेंद के बीच की जंग है, जिसे हम नहीं जीत पा रहे हैं। चेन्नई के खिलाफ दिल्ली की टीम 83 रन पर लुढ़क गई। जयवर्धने ने कहा, इस विकेट पर 160-170 रन का स्कोर अच्छा था, क्योंकि आउटफील्ड काफी तेज थी। हमें अच्छी शुरुआत और उन पर दबाव बनाने की जरूरत थी जैसे कि पिछले मैच में 16वें ओवर के बाद हमने किया था, लेकिन हमने शुरू में ही बहुत अधिक विकेट गंवा दिए। जयवर्धने ने कहा, हमें अब तक कम से कम दो मैच जीतने चाहिए थे, लेकिन हम सही तरह से अंत नहीं कर पाए। इस तरह के टूर्नामेंट में यदि आपके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है तो इस पर काम करने की जरूरत होती है। इसलिए अब प्रत्येक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।   जयवर्धने ने यह बात मानने से इनकार कर दिया कि टीम को केविन पीटरसन की कमी खल रही है या वीरेंद्र सहवाग का खराब प्रदर्शन टीम पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने कहा, केपी पहला इंसान होगा, जो यह स्वीकार करेगा कि यह केवल एक खिलाड़ी के कारण नहीं है। पिछले साल हमने अच्छी शुरुआत की और प्रत्येक खिलाड़ी फार्म में था, जिससे हमें दबदबा बनाने में मदद मिली। जयवर्धने ने कहा, इसका कारण केवल वीरू भी नहीं है। केवल उनके होने से हमारी परेशानियों का निदान नहीं हो सकता। हमें बल्लेबाजी में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है तथा टी-20 में चोटी के चार या पांच बल्लेबाज अधिकतर ओवर खेलते हैं। हमने इस पर बात भी की, लेकिन दुर्भाग्य से इसे लागू नहीं कर पाए। टिप्पणियां टी-20 मैचों में इसी से अंतर पैदा होता है। इस श्रीलंकाई खिलाड़ी से जब पूछा गया कि क्या भारत के घरेलू खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ रहा है, उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि हमारे पास कुछ अच्छे खिलाड़ी हैं। उन्मुक्त (चंद) ने भारतीय अंडर 19 टीम और दिल्ली की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया है। मनप्रीत (जुनेजा) और केदार (जाधव) भी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। जब टीम हार रही हो तो कमजोरियां निकालना आसान होता है। यह बल्ले और गेंद के बीच की जंग है, जिसे हम नहीं जीत पा रहे हैं। चेन्नई के खिलाफ दिल्ली की टीम 83 रन पर लुढ़क गई। जयवर्धने ने कहा, इस विकेट पर 160-170 रन का स्कोर अच्छा था, क्योंकि आउटफील्ड काफी तेज थी। हमें अच्छी शुरुआत और उन पर दबाव बनाने की जरूरत थी जैसे कि पिछले मैच में 16वें ओवर के बाद हमने किया था, लेकिन हमने शुरू में ही बहुत अधिक विकेट गंवा दिए। टी-20 मैचों में इसी से अंतर पैदा होता है। इस श्रीलंकाई खिलाड़ी से जब पूछा गया कि क्या भारत के घरेलू खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ रहा है, उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि हमारे पास कुछ अच्छे खिलाड़ी हैं। उन्मुक्त (चंद) ने भारतीय अंडर 19 टीम और दिल्ली की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया है। मनप्रीत (जुनेजा) और केदार (जाधव) भी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। जब टीम हार रही हो तो कमजोरियां निकालना आसान होता है। यह बल्ले और गेंद के बीच की जंग है, जिसे हम नहीं जीत पा रहे हैं। चेन्नई के खिलाफ दिल्ली की टीम 83 रन पर लुढ़क गई। जयवर्धने ने कहा, इस विकेट पर 160-170 रन का स्कोर अच्छा था, क्योंकि आउटफील्ड काफी तेज थी। हमें अच्छी शुरुआत और उन पर दबाव बनाने की जरूरत थी जैसे कि पिछले मैच में 16वें ओवर के बाद हमने किया था, लेकिन हमने शुरू में ही बहुत अधिक विकेट गंवा दिए। चेन्नई के खिलाफ दिल्ली की टीम 83 रन पर लुढ़क गई। जयवर्धने ने कहा, इस विकेट पर 160-170 रन का स्कोर अच्छा था, क्योंकि आउटफील्ड काफी तेज थी। हमें अच्छी शुरुआत और उन पर दबाव बनाने की जरूरत थी जैसे कि पिछले मैच में 16वें ओवर के बाद हमने किया था, लेकिन हमने शुरू में ही बहुत अधिक विकेट गंवा दिए।
सारांश: लगातार छह मैचों में हार के बावजूद दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान माहेला जयवर्धने ने खिलाड़ियों को सकारात्मक बने रहने की सलाह देते हुए कहा कि अब यह दिखाने का समय आ गया है कि उनकी टीम वास्तव में अच्छी है।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ‘कक्षा की सफाई करने से’ इनकार करने वाली 14 साल की एक लड़की को उसकी दो शिक्षिकाओं ने स्कूल की इमारत की छत से कथित तौर पर धक्का दे दिया. यह जानकारी मीडिया में आई एक रिपोर्ट में दी गई है. नौवीं कक्षा की छात्रा फज्जर नूर लाहौर के घुरकी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है. उसकी हड्डियां कई जगह से टूट गई हैं और उसकी रीढ़ की हड्डी भी टूट गई है. नूर ने होश में आने पर डॉन न्यूज से कहा, ‘‘मेरी कक्षा की शिक्षिकाओं बुशरा और रेहाना ने मुझे कक्षा की सफाई करने का आदेश दिया क्योंकि आज (23 मई) को कक्षा की सफाई करने की बारी मेरी थी. मैंने उन्हें कहा कि मैं स्वस्थ महसूस नहीं कर रही और किसी अन्य दिन सफाई कर दूंगी. इस पर वे मुझे एक दूसरे कमरे में ले गईं और मुझे थप्पड़ मारने शुरू कर दिए. इसके बाद वे मुझे छत पर ले गईं और मुझे छत साफ करने का आदेश दिया. जब मैंने अपनी बात रखी तो उन्होंने मुझे छत से धक्का दे दिया.’’ यह घटना शाहदरा के कोट शाहाबदीन स्थित सिटी डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल की है. शिक्षिकाओं के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है. पंजाब के शिक्षा सचिव (स्कूल) अल्लाह बख्श मलिक ने कहा कि वरिष्ठ शिक्षिकाओं रेहाना कौसर और बुशरा तूफैल ने पहले फज्जल नूर को पीटकर उसे सजा दी और इसके बाद वे उसे स्कूल की इमारत की सबसे ऊपरी यानी तीसरी मंजिल पर ले गईं और वहां से उसे धक्का देकर नीचे फेंक दिया. मलिक ने कहा, ‘‘यह घटना 23 मई की है लेकिन स्कूल प्रशासन और कुछ अन्य अधिकारियों ने इसे शिक्षा विभाग से छिपाकर रखा.’’ मलिक ने कहा, ‘‘हमें शनिवार शाम को इस घटना का पता चला. इस मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और यह मामला पूर्ण जांच के लिए मुख्यमंत्री जांच दल को भेज दिया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने यह घटना छिपाने के कारण जिला शिक्षा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहसान मलिक, उप डीईओ तैयबा बट और प्राचार्या नगमाना इरशाद को तत्काल निलंबित कर दिया है. दोनों शिक्षिकाओं को भी निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ पंजाब कर्मचारी दक्षता एवं अनुशासन कानून के तहत मामला चलाया जाएगा.’’टिप्पणियां नूर की मां रुखसाना बीबी ने कहा, ‘‘हालांकि मलिक हमसे मिलने आए और हमारी चिंताओं को कम करने की कोशिश की. मुख्यमंत्री को आकर मेरी बेटी की हालत देखनी चाहिए. वह तेज दर्द से जूझ रही है.’’ शाहदरा टाउन की पुलिस ने शिक्षिकाओं के खिलाफ धारा 324 (हत्या का प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस के दल उनके आवासों पर छापे मार रहे हैं. हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह घटना शाहदरा के कोट शाहाबदीन स्थित सिटी डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल की है. शिक्षिकाओं के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है. पंजाब के शिक्षा सचिव (स्कूल) अल्लाह बख्श मलिक ने कहा कि वरिष्ठ शिक्षिकाओं रेहाना कौसर और बुशरा तूफैल ने पहले फज्जल नूर को पीटकर उसे सजा दी और इसके बाद वे उसे स्कूल की इमारत की सबसे ऊपरी यानी तीसरी मंजिल पर ले गईं और वहां से उसे धक्का देकर नीचे फेंक दिया. मलिक ने कहा, ‘‘यह घटना 23 मई की है लेकिन स्कूल प्रशासन और कुछ अन्य अधिकारियों ने इसे शिक्षा विभाग से छिपाकर रखा.’’ मलिक ने कहा, ‘‘हमें शनिवार शाम को इस घटना का पता चला. इस मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और यह मामला पूर्ण जांच के लिए मुख्यमंत्री जांच दल को भेज दिया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने यह घटना छिपाने के कारण जिला शिक्षा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहसान मलिक, उप डीईओ तैयबा बट और प्राचार्या नगमाना इरशाद को तत्काल निलंबित कर दिया है. दोनों शिक्षिकाओं को भी निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ पंजाब कर्मचारी दक्षता एवं अनुशासन कानून के तहत मामला चलाया जाएगा.’’टिप्पणियां नूर की मां रुखसाना बीबी ने कहा, ‘‘हालांकि मलिक हमसे मिलने आए और हमारी चिंताओं को कम करने की कोशिश की. मुख्यमंत्री को आकर मेरी बेटी की हालत देखनी चाहिए. वह तेज दर्द से जूझ रही है.’’ शाहदरा टाउन की पुलिस ने शिक्षिकाओं के खिलाफ धारा 324 (हत्या का प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस के दल उनके आवासों पर छापे मार रहे हैं. हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मलिक ने कहा, ‘‘यह घटना 23 मई की है लेकिन स्कूल प्रशासन और कुछ अन्य अधिकारियों ने इसे शिक्षा विभाग से छिपाकर रखा.’’ मलिक ने कहा, ‘‘हमें शनिवार शाम को इस घटना का पता चला. इस मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और यह मामला पूर्ण जांच के लिए मुख्यमंत्री जांच दल को भेज दिया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने यह घटना छिपाने के कारण जिला शिक्षा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहसान मलिक, उप डीईओ तैयबा बट और प्राचार्या नगमाना इरशाद को तत्काल निलंबित कर दिया है. दोनों शिक्षिकाओं को भी निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ पंजाब कर्मचारी दक्षता एवं अनुशासन कानून के तहत मामला चलाया जाएगा.’’टिप्पणियां नूर की मां रुखसाना बीबी ने कहा, ‘‘हालांकि मलिक हमसे मिलने आए और हमारी चिंताओं को कम करने की कोशिश की. मुख्यमंत्री को आकर मेरी बेटी की हालत देखनी चाहिए. वह तेज दर्द से जूझ रही है.’’ शाहदरा टाउन की पुलिस ने शिक्षिकाओं के खिलाफ धारा 324 (हत्या का प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस के दल उनके आवासों पर छापे मार रहे हैं. हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नूर की मां रुखसाना बीबी ने कहा, ‘‘हालांकि मलिक हमसे मिलने आए और हमारी चिंताओं को कम करने की कोशिश की. मुख्यमंत्री को आकर मेरी बेटी की हालत देखनी चाहिए. वह तेज दर्द से जूझ रही है.’’ शाहदरा टाउन की पुलिस ने शिक्षिकाओं के खिलाफ धारा 324 (हत्या का प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस के दल उनके आवासों पर छापे मार रहे हैं. हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:मामले में छापेमारी के बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है दोनों शिक्षिकाओं और स्‍कूल की प्राचार्या को भी निलंबित कर दिया गया है तीसरी मंजिल पर ले जाकर धक्‍का देने से पहले छात्रा को पीटा भी गया
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टेनिस के नम्बर-1 पुरुष खिलाड़ी नोवाक जोकोविच और महिला टेनिस खिलाड़ी एना इवानोविच कल से शुरू होने वाले होपमैन टेनिस कप में सर्बिया के लिए टीम के रूप में खेलते नजर आएंगे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार नए पर्थ एरिना में खेले जा रहे इस 10 लाख डॉलर के इनामी टूर्नामेंट में दोनों की जोड़ी शीर्ष वरीयता प्राप्त हैं। दोनों इस टूर्नामेंट में तीसरी बार हिस्सा ले रहे हैं।टिप्पणियां दोनों ने पहली बार इस मिश्रित टीम टूर्नामेंट में सर्बिया की ओर से हिस्सा लिया था। वर्ष 2006 में मोंटेंग्रो में दोनों टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर हार गए थे। वर्ष 2008 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाली इवानोविच ने कहा, "नोवाक और मैं यह टूर्नामेंट कई वर्षो से खेल रहे हैं, इसलिए हमें उम्मीद हैं कि इस बार हम एक कदम आगे बढ़कर खिताब पर कब्जा जमा लेंगे।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार नए पर्थ एरिना में खेले जा रहे इस 10 लाख डॉलर के इनामी टूर्नामेंट में दोनों की जोड़ी शीर्ष वरीयता प्राप्त हैं। दोनों इस टूर्नामेंट में तीसरी बार हिस्सा ले रहे हैं।टिप्पणियां दोनों ने पहली बार इस मिश्रित टीम टूर्नामेंट में सर्बिया की ओर से हिस्सा लिया था। वर्ष 2006 में मोंटेंग्रो में दोनों टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर हार गए थे। वर्ष 2008 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाली इवानोविच ने कहा, "नोवाक और मैं यह टूर्नामेंट कई वर्षो से खेल रहे हैं, इसलिए हमें उम्मीद हैं कि इस बार हम एक कदम आगे बढ़कर खिताब पर कब्जा जमा लेंगे।" दोनों ने पहली बार इस मिश्रित टीम टूर्नामेंट में सर्बिया की ओर से हिस्सा लिया था। वर्ष 2006 में मोंटेंग्रो में दोनों टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर हार गए थे। वर्ष 2008 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाली इवानोविच ने कहा, "नोवाक और मैं यह टूर्नामेंट कई वर्षो से खेल रहे हैं, इसलिए हमें उम्मीद हैं कि इस बार हम एक कदम आगे बढ़कर खिताब पर कब्जा जमा लेंगे।" वर्ष 2008 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाली इवानोविच ने कहा, "नोवाक और मैं यह टूर्नामेंट कई वर्षो से खेल रहे हैं, इसलिए हमें उम्मीद हैं कि इस बार हम एक कदम आगे बढ़कर खिताब पर कब्जा जमा लेंगे।"
यहाँ एक सारांश है:टेनिस के नम्बर-1 पुरुष खिलाड़ी नोवाक जोकोविच और महिला टेनिस खिलाड़ी एना इवानोविच कल से शुरू होने वाले होपमैन टेनिस कप में सर्बिया के लिए टीम के रूप में खेलते नजर आएंगे।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि अगर लोग मुद्दे का निराकरण करने के लिए आगे नहीं आए तो पेरिस में हुई बैठक जैसी कोई बैठक या कोई भी कानून पर्यावरण की रक्षा नहीं कर सकता है.टिप्पणियां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस मनाना निर्थक है, अगर लोग पूरे साल पर्यावरण संरक्षण के विचार को अपने भीतर समाहित नहीं करते हैं और ग्रह को बचाने के लिए कम से कम में काम चलाने वाली जीवनशैली की वकालत की. उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की भूमिका सिर्फ नियामक की बजाय लोगों को शामिल कर धरती के संरक्षण के लिए अग्रसक्रिय कदम उठाकर सुविधा मुहैया कराने वाले की होनी चाहिए. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस मनाना निर्थक है, अगर लोग पूरे साल पर्यावरण संरक्षण के विचार को अपने भीतर समाहित नहीं करते हैं और ग्रह को बचाने के लिए कम से कम में काम चलाने वाली जीवनशैली की वकालत की. उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की भूमिका सिर्फ नियामक की बजाय लोगों को शामिल कर धरती के संरक्षण के लिए अग्रसक्रिय कदम उठाकर सुविधा मुहैया कराने वाले की होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की भूमिका सिर्फ नियामक की बजाय लोगों को शामिल कर धरती के संरक्षण के लिए अग्रसक्रिय कदम उठाकर सुविधा मुहैया कराने वाले की होनी चाहिए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या कोई बैठक या कोई भी कानून पर्यावरण की रक्षा नहीं कर सकता है. पर्यावरण संरक्षण के विचार को अपने भीतर समाहित करें
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडोनेशिया के सुमात्रा में जबरदस्त भूकम्प के बाद श्रीलंका में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को यहां दी। पुलिस के अनुसार, राजधानी कोलम्बो सहित देश के बाकी हिस्सों में भूकम्प के झटके महसूस किए गए। लेकिन जान-माल के नुकसान की फिलहाल कोई सूचना नहीं है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आपदा प्रबंधन केंद्र के अधिकारियों ने एहतियातन सुनामी की चेतावनी जारी की है और देश के दक्षिणी, पूर्वी व कोलम्बो क्षेत्र के लोगों से अन्य स्थानों पर चले जाने को कहा गया है। इंडोनेशिया, भारत और थाईलैंड ने भी सुनामी की चेतावनियां जारी की हैं। कोलम्बो में झटके महसूस होने के बाद हजारों की संख्या में लोग अपने कार्यालयों से बाहर आ गए और फुटपाथ पर खड़े हो गए।टिप्पणियां कार्यालय अधिशासी चामिंडा अमरसिंघे ने कहा, "मैं अपने कार्यालय की इमारत में सातवें मंजिल पर था। उसी समय हमने झटके महसूस किए.. उसके बाद सभी लोग इमारत से बाहर आ गए।" ज्ञात हो कि 2004 की सुनामी में श्रीलंका में करीब 40,000 लोग मारे गए थे। पुलिस के अनुसार, राजधानी कोलम्बो सहित देश के बाकी हिस्सों में भूकम्प के झटके महसूस किए गए। लेकिन जान-माल के नुकसान की फिलहाल कोई सूचना नहीं है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आपदा प्रबंधन केंद्र के अधिकारियों ने एहतियातन सुनामी की चेतावनी जारी की है और देश के दक्षिणी, पूर्वी व कोलम्बो क्षेत्र के लोगों से अन्य स्थानों पर चले जाने को कहा गया है। इंडोनेशिया, भारत और थाईलैंड ने भी सुनामी की चेतावनियां जारी की हैं। कोलम्बो में झटके महसूस होने के बाद हजारों की संख्या में लोग अपने कार्यालयों से बाहर आ गए और फुटपाथ पर खड़े हो गए।टिप्पणियां कार्यालय अधिशासी चामिंडा अमरसिंघे ने कहा, "मैं अपने कार्यालय की इमारत में सातवें मंजिल पर था। उसी समय हमने झटके महसूस किए.. उसके बाद सभी लोग इमारत से बाहर आ गए।" ज्ञात हो कि 2004 की सुनामी में श्रीलंका में करीब 40,000 लोग मारे गए थे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आपदा प्रबंधन केंद्र के अधिकारियों ने एहतियातन सुनामी की चेतावनी जारी की है और देश के दक्षिणी, पूर्वी व कोलम्बो क्षेत्र के लोगों से अन्य स्थानों पर चले जाने को कहा गया है। इंडोनेशिया, भारत और थाईलैंड ने भी सुनामी की चेतावनियां जारी की हैं। कोलम्बो में झटके महसूस होने के बाद हजारों की संख्या में लोग अपने कार्यालयों से बाहर आ गए और फुटपाथ पर खड़े हो गए।टिप्पणियां कार्यालय अधिशासी चामिंडा अमरसिंघे ने कहा, "मैं अपने कार्यालय की इमारत में सातवें मंजिल पर था। उसी समय हमने झटके महसूस किए.. उसके बाद सभी लोग इमारत से बाहर आ गए।" ज्ञात हो कि 2004 की सुनामी में श्रीलंका में करीब 40,000 लोग मारे गए थे। इंडोनेशिया, भारत और थाईलैंड ने भी सुनामी की चेतावनियां जारी की हैं। कोलम्बो में झटके महसूस होने के बाद हजारों की संख्या में लोग अपने कार्यालयों से बाहर आ गए और फुटपाथ पर खड़े हो गए।टिप्पणियां कार्यालय अधिशासी चामिंडा अमरसिंघे ने कहा, "मैं अपने कार्यालय की इमारत में सातवें मंजिल पर था। उसी समय हमने झटके महसूस किए.. उसके बाद सभी लोग इमारत से बाहर आ गए।" ज्ञात हो कि 2004 की सुनामी में श्रीलंका में करीब 40,000 लोग मारे गए थे। कार्यालय अधिशासी चामिंडा अमरसिंघे ने कहा, "मैं अपने कार्यालय की इमारत में सातवें मंजिल पर था। उसी समय हमने झटके महसूस किए.. उसके बाद सभी लोग इमारत से बाहर आ गए।" ज्ञात हो कि 2004 की सुनामी में श्रीलंका में करीब 40,000 लोग मारे गए थे। ज्ञात हो कि 2004 की सुनामी में श्रीलंका में करीब 40,000 लोग मारे गए थे।
सारांश: इंडोनेशिया के सुमात्रा में जबरदस्त भूकम्प के बाद श्रीलंका में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को यहां दी।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि दक्षिण सोमालिया में वर्ष 2009 से इस्लामवादियों द्वारा बंधक बनाकर रखे गए एक फ्रांसीसी बंधक को छुड़ाने के असफल प्रयास में दो सैनिकों और 17 आतंकवादियों की मौत हो गई। रक्षामंत्री जीन-यवेस ली ड्रेन ने एक बयान में कहा कि फ्रांस की एलीट डीजीएसई खुफिया सेवा की ओर से रात में यह अभियान चलाया गया था। उन्होंने कहा कि यह अभियान आतंकवादियों के कट्टर रवैये के कारण चलाया गया है।टिप्पणियां उन्होंने पिछले साढ़े तीन सालों से डेनिस एलेक्स को अमानवीय स्थितियों में बंधक बना कर रखा है और बातचीत करने को भी तैयार नहीं हैं। लेकिन 'शेबाब' चरमपंथियों ने रक्षा मंत्री के बयान को खारिज किया है कि उन्होंने फ्रांस के एक खुफिया एजेंट जिसका एक नाम डेनिस एलेक्स है, को मार दिया है। शेबाब ने पेरिस को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे उसके भविष्य का फैसला दो दिन में करेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान दो सैनिक और 17 आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने मारे गए सैनिकों के परिजनों को सांत्वना दिया है और जवानों के बहादुरी भरे कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मृतक सैनिकों के परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है। रक्षामंत्री जीन-यवेस ली ड्रेन ने एक बयान में कहा कि फ्रांस की एलीट डीजीएसई खुफिया सेवा की ओर से रात में यह अभियान चलाया गया था। उन्होंने कहा कि यह अभियान आतंकवादियों के कट्टर रवैये के कारण चलाया गया है।टिप्पणियां उन्होंने पिछले साढ़े तीन सालों से डेनिस एलेक्स को अमानवीय स्थितियों में बंधक बना कर रखा है और बातचीत करने को भी तैयार नहीं हैं। लेकिन 'शेबाब' चरमपंथियों ने रक्षा मंत्री के बयान को खारिज किया है कि उन्होंने फ्रांस के एक खुफिया एजेंट जिसका एक नाम डेनिस एलेक्स है, को मार दिया है। शेबाब ने पेरिस को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे उसके भविष्य का फैसला दो दिन में करेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान दो सैनिक और 17 आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने मारे गए सैनिकों के परिजनों को सांत्वना दिया है और जवानों के बहादुरी भरे कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मृतक सैनिकों के परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है। उन्होंने पिछले साढ़े तीन सालों से डेनिस एलेक्स को अमानवीय स्थितियों में बंधक बना कर रखा है और बातचीत करने को भी तैयार नहीं हैं। लेकिन 'शेबाब' चरमपंथियों ने रक्षा मंत्री के बयान को खारिज किया है कि उन्होंने फ्रांस के एक खुफिया एजेंट जिसका एक नाम डेनिस एलेक्स है, को मार दिया है। शेबाब ने पेरिस को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे उसके भविष्य का फैसला दो दिन में करेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान दो सैनिक और 17 आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने मारे गए सैनिकों के परिजनों को सांत्वना दिया है और जवानों के बहादुरी भरे कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मृतक सैनिकों के परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है। शेबाब ने पेरिस को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे उसके भविष्य का फैसला दो दिन में करेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान दो सैनिक और 17 आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने मारे गए सैनिकों के परिजनों को सांत्वना दिया है और जवानों के बहादुरी भरे कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मृतक सैनिकों के परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है।
फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि दक्षिण सोमालिया में वर्ष 2009 से इस्लामवादियों द्वारा बंधक बनाकर रखे गए एक फ्रांसीसी बंधक को छुड़ाने के असफल प्रयास में दो सैनिकों और 17 आतंकवादियों की मौत हो गई।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा राज्‍यसभा की सदस्‍यता से इस्‍तीफा देने के बाद बीजेपी ने उनकी जगह उच्‍च सदन के लिए अभिनेत्री रूपा गांगुली को पार्टी की तरफ से नामांकित किया है. गौरतलब है कि चार महीने पहले ही बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से रूपा गांगुली ने अपना पहला चुनाव लड़ा था, लेकिन तृणमूल कांग्रेस उम्‍मीदवार एक अन्‍य पूर्व क्रिकेटर लक्ष्‍मीरतन शुक्‍ला से हार गई थीं. उल्‍लेखनीय है कि रूपा गांगुली लोकप्रिय टीवी धारावाहिक 'महाभारत' में 'द्रौपदी' का किरदार निभाकर सुर्खियों में आई थीं. अभी पिछले साल ही वह बीजेपी में शामिल हुई हैं और उसके बाद कई कारणों से सुर्खियों में रही हैं. अप्रैल में बंगाल चुनावों में वोटिंग वाले दिन उनको हावड़ा उत्‍तर सीट पर तृणमूल कांग्रेस की समर्थक एक महिला को थप्‍पड़ जड़ते हुए कैमरे में कैद किया गया था. गांगुली हावड़ा उत्‍तर से ही बीजेपी की प्रत्‍याशी थीं. टिप्पणियां उसके अगले महीने तृणमूल कांग्रेस के कथित कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया था, जिसके चलते उनके सिर पर चोटें आई थीं. संसद में रूपा गांगुली, एक्‍टर रेखा और सुरेश गोपी की कतार में शामिल होंगी. केरल के एक्‍टर सुरेश गोपी को अप्रैल में नवजोत सिंह सिद्धू के साथ राज्‍यसभा के लिए नामांकित किया गया था. उल्‍लेखनीय है कि रूपा गांगुली लोकप्रिय टीवी धारावाहिक 'महाभारत' में 'द्रौपदी' का किरदार निभाकर सुर्खियों में आई थीं. अभी पिछले साल ही वह बीजेपी में शामिल हुई हैं और उसके बाद कई कारणों से सुर्खियों में रही हैं. अप्रैल में बंगाल चुनावों में वोटिंग वाले दिन उनको हावड़ा उत्‍तर सीट पर तृणमूल कांग्रेस की समर्थक एक महिला को थप्‍पड़ जड़ते हुए कैमरे में कैद किया गया था. गांगुली हावड़ा उत्‍तर से ही बीजेपी की प्रत्‍याशी थीं. टिप्पणियां उसके अगले महीने तृणमूल कांग्रेस के कथित कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया था, जिसके चलते उनके सिर पर चोटें आई थीं. संसद में रूपा गांगुली, एक्‍टर रेखा और सुरेश गोपी की कतार में शामिल होंगी. केरल के एक्‍टर सुरेश गोपी को अप्रैल में नवजोत सिंह सिद्धू के साथ राज्‍यसभा के लिए नामांकित किया गया था. अप्रैल में बंगाल चुनावों में वोटिंग वाले दिन उनको हावड़ा उत्‍तर सीट पर तृणमूल कांग्रेस की समर्थक एक महिला को थप्‍पड़ जड़ते हुए कैमरे में कैद किया गया था. गांगुली हावड़ा उत्‍तर से ही बीजेपी की प्रत्‍याशी थीं. टिप्पणियां उसके अगले महीने तृणमूल कांग्रेस के कथित कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया था, जिसके चलते उनके सिर पर चोटें आई थीं. संसद में रूपा गांगुली, एक्‍टर रेखा और सुरेश गोपी की कतार में शामिल होंगी. केरल के एक्‍टर सुरेश गोपी को अप्रैल में नवजोत सिंह सिद्धू के साथ राज्‍यसभा के लिए नामांकित किया गया था. उसके अगले महीने तृणमूल कांग्रेस के कथित कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया था, जिसके चलते उनके सिर पर चोटें आई थीं. संसद में रूपा गांगुली, एक्‍टर रेखा और सुरेश गोपी की कतार में शामिल होंगी. केरल के एक्‍टर सुरेश गोपी को अप्रैल में नवजोत सिंह सिद्धू के साथ राज्‍यसभा के लिए नामांकित किया गया था. संसद में रूपा गांगुली, एक्‍टर रेखा और सुरेश गोपी की कतार में शामिल होंगी. केरल के एक्‍टर सुरेश गोपी को अप्रैल में नवजोत सिंह सिद्धू के साथ राज्‍यसभा के लिए नामांकित किया गया था.
सारांश: इस साल बंगाल चुनावों में रूपा गांगुली ने अपना पहला चुनाव लड़ा उसमें वह तृणमूल कांग्रेस के लक्ष्‍मीरतन शुक्‍ला से हार गई थीं पिछले साल गांगुली ने बीजेपी ज्‍वाइन की थी
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राहुल द्रविड़ का मानना है कि भारत और इंग्लैंड के बीच आगामी टेस्ट शृंखला में जिस टीम का भी गेंदबाजी आक्रमण मजबूत होगा, वह फायदे में रहेगी। द्रविड़ ने कहा, उनका गेंदबाजी आक्रमण अच्छा है। हम जब उनसे आखिरी बार खेले थे, तब से उनमें सुधार हुआ है। हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन हम भी जानते हैं कि हम अच्छा खेल सकते हैं। टीम का आक्रमण शृंखला का फैसला करेगा। इंग्लैंड के गेंदबाजी विभाग में तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन, क्रिस ट्रेमलेट और स्टुअर्ट ब्राड तथा ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान हैं, जबकि भारतीय टीम में सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और स्वयं द्रविड़ जैसे बल्लेबाज हैं। द्रविड़ ने कहा, दोनों टीमें पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। हमें घरेलू सरजमीं पर और विदेशी धरती पर अपने रिकॉर्ड पर गर्व है। इंग्लैंड का रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा है। इससे निश्चित तौर पर यह शृंखला महत्वपूर्ण बन गई है। दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि उनकी टीम के लिए अच्छी शुरुआत करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि हम अच्छी शुरुआत करें। कई बार हमें लगा कि शुरुआत वैसी नहीं रही, जैसी हम चाहते थे। हम अच्छी शुरुआत चाहते हैं, क्योंकि यह बड़ा अंतर पैदा कर सकती है। द्रविड़ ने कहा कि जब भी लॉर्ड्स में खेलते हैं, तो उन्हें घर जैसा लगता है। उन्होंने 15 साल पहले इसी मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने कहा, मेरी यहां खास यादें जुड़ी है। यहां घर जैसा लगता है। यह ऐसा स्थान है, जहां खेल का इतिहास और परंपरा जुड़ी है। मेरे पदार्पण मैच में बनाए गये 95 रन मेरे लिए काफी मायने रखते हैं। उन्होंने कहा, मुझे याद है जब मैं 50 रन पर खेल रहा था और उस शाम श्रीनाथ के साथ लॉर्ड्स पर खड़ा था, तो मुझे महसूस हुआ कि यह बहुत अहम पारी है। इससे मुझे राहत मिली। मुझे लगा नहीं था कि यह किसी बात की शुरुआत है और 15 साल बाद भी मैं यहां खड़ा होकर इसके बारे में बात करूंगा। द्रविड़ ने कहा कि टीम में उनकी भूमिका पारी के सूत्रधार की है, ताकि स्ट्रोक खेलने वाले बल्लेबाज बड़ा स्कोर बना सके। उन्होंने कहा, वनडे और टी-20 क्रिकेट के आने से कई बेहतरीन शॉट देखने को मिल रहे हैं। हर टीम में हर खिलाड़ी की विशेष भूमिका होती है। जोनाथन ट्राट जैसे खिलाड़ी की भूमिका अलग होगी। वीरू, सचिन और लक्ष्मण जैसे आक्रामक स्ट्रोक खेलने वाले खिलाड़ी हैं। ऐसे ही खिलाड़ी मिलकर अच्छी टीम बनाते हैं। सॉमरसेट के खिलाफ अभ्यास मैच में भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, लेकिन द्रविड़ ने कहा कि वह इससे चिंतित नहीं हैं।
सारांश: राहुल द्रविड़ का मानना है कि भारत और इंग्लैंड के बीच आगामी टेस्ट शृंखला में जिस टीम का भी गेंदबाजी आक्रमण मजबूत होगा, वह फायदे में रहेगी।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को स्मार्टफ़ोन पर लोगों का लगे रहना अच्छा नहीं लगता. ये बात नीतीश कुमार अब आये दिन सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलने से परहेज नहीं करते. शनिवार को पटना में एक कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने आईटी का महत्व गिनाते हुए कहा, 'आजकल जहां जइए वहां लोग फ़ोन पर दाएं बाएं करते हुए दिख जाते हैं.' नीतीश ने कहा कि लोगों का मोबाइल से चिपके रहना दिखाता है कि भविष्य में माता-पिता का स्वास्थ्य ख़राब होने पर लोग देखने की बजाय ये मैसेज डालेंगे कि जल्द माता-पिता के स्वस्थ होने की कामना करता हूं. नीतीश ने इस संबंध में एक व्यक्तिगत अनुभव की चर्चा करते हुए कहा, 'अभी हाल ही में उनकी पार्टी से जुड़े एक नेता की मौत के बाद जब उन्होंने उनके बेटे को फ़ोन किया और पूछा कि उन्हें क्या हो गया था तो उसने बताया कि वॉट्सऐप पर उसने डाला था कि उनका स्वास्थ्य ख़राब चल रहा है. तब नीतीश ने सलाह दी कि मोबाइल फ़ोन लोगों की ज़रूरत में सहायक है ना की लोग उसके आदी हो जाएं. नीतीश कुमार ने फिर की जातिगत जनगणना की वकालत... दरअसल नीतीश कुमार को चिढ़ इस बात की है कि आजकल लोग जब आमने-सामने की बात करते हैं तो अधिकांश समय अपने आपको मोबाइल फ़ोन पर व्यस्त कर लेते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव होने वाले हैं और जब चुनावी रैली भी होती है तो भीड़ में कम से कम 30 प्रतिशत ऐसे लोग होते हैं जो नेता का भाषण सुनने की बजाय मोबाइल फ़ोन पर ही व्यस्त रहते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'लोगों को मोबाइल फोन की लत न लगे' 'रैली में भी 30 फीसदी लोग फोन में ही लगे रहते हैं' 'आमने-सामने की बातचीत में भी फोन बना बाधा'
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संप्रग सरकार के प्रमुख घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई लागू करने के मामले में लोकसभा में प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने के बाद कहा है कि वह महाराष्ट्र में इसे लागू किए जाने के पक्ष में नहीं है। लोकसभा में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का प्रस्ताव पारित होने के बाद राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘‘राकांपा बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का समर्थन नहीं करती।’’ उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई लागू करने का निर्णय सहयोगी पार्टी कांग्रेस के साथ परामर्श के बाद किया जाएगा।टिप्पणियां इससे पहले, लोकसभा में बहस के दौरान पटेल ने दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल के उस बयान से मतभेद जताया था जिसमें सिब्बल ने कहा था कि महाराष्ट्र सरकार ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा कि चूंकि एफडीआई को केवल उन्हीं शहरों में लागू किया जाएगा जिनकी आबादी 10 लाख से अधिक है, ‘‘यह संभव है कि यह प्रयोग सफल न हो। अगर यह काम नहीं करता है तो वह चाहे राकांपा प्रमुख हों या मैं, हम अपना विचार बदल सकते हैं।’’ लोकसभा में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का प्रस्ताव पारित होने के बाद राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘‘राकांपा बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का समर्थन नहीं करती।’’ उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई लागू करने का निर्णय सहयोगी पार्टी कांग्रेस के साथ परामर्श के बाद किया जाएगा।टिप्पणियां इससे पहले, लोकसभा में बहस के दौरान पटेल ने दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल के उस बयान से मतभेद जताया था जिसमें सिब्बल ने कहा था कि महाराष्ट्र सरकार ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा कि चूंकि एफडीआई को केवल उन्हीं शहरों में लागू किया जाएगा जिनकी आबादी 10 लाख से अधिक है, ‘‘यह संभव है कि यह प्रयोग सफल न हो। अगर यह काम नहीं करता है तो वह चाहे राकांपा प्रमुख हों या मैं, हम अपना विचार बदल सकते हैं।’’ इससे पहले, लोकसभा में बहस के दौरान पटेल ने दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल के उस बयान से मतभेद जताया था जिसमें सिब्बल ने कहा था कि महाराष्ट्र सरकार ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा कि चूंकि एफडीआई को केवल उन्हीं शहरों में लागू किया जाएगा जिनकी आबादी 10 लाख से अधिक है, ‘‘यह संभव है कि यह प्रयोग सफल न हो। अगर यह काम नहीं करता है तो वह चाहे राकांपा प्रमुख हों या मैं, हम अपना विचार बदल सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि चूंकि एफडीआई को केवल उन्हीं शहरों में लागू किया जाएगा जिनकी आबादी 10 लाख से अधिक है, ‘‘यह संभव है कि यह प्रयोग सफल न हो। अगर यह काम नहीं करता है तो वह चाहे राकांपा प्रमुख हों या मैं, हम अपना विचार बदल सकते हैं।’’
यहाँ एक सारांश है:संप्रग सरकार के प्रमुख घटक दल राकांपा ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई लागू करने के मामले में लोकसभा में प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने के बाद कहा है कि वह महाराष्ट्र में इसे लागू किए जाने के पक्ष में नहीं है।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकपाल पर आज हुई बहस के बाद वोटिंग कराने को लेकर सरकार और मुख्य दल विपक्षी में सहमति हो गई है। सदन में ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित होगा। इसे लेकर टीम अन्ना और सरकार के बीच बातचीत अटक गई थी। अन्ना के सहयोगी प्रशांत भूषण ने कहा था कि जन लोकपाल के मुद्दे पर लोकसभा में सिर्फ चर्चा हमारी मांग नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में कोई रिज्योलूशन पास नहीं होना और वोटिंग नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशांत भूषण ने कहा कि हमें बताया गया कि कोई प्रस्ताव नहीं होगा, कोई मतविभाजन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर अन्ना हजारे के पत्र पर इस प्रकार की प्रतिक्रिया है, तो यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में अन्ना ने तीनों प्रमुख मुद्दों - लोकपाल की तरह राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति, इसके दायरे में सभी कर्मचारियों को लाने और नागरिक चार्टर पर संसद में मतदान के जरिए एक प्रस्ताव पारित कराने को कहा था। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर संसद में केवल चर्चा से वे संतुष्ट नहीं है। देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि उनके सांसद इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाते हैं, इसलिए मतदान जरूरी है। भूषण ने यह भी कहा कि यदि इन मुद्दों पर मतदान के जरिए प्रस्ताव पारित नहीं किया जाता है, तो अनशन तोड़ने के बारे में फैसला अन्ना हजारे खुद लेंगे। इससे पहले, देश में लोकपाल मुद्दे पर बने संवेदनशील माहौल के बीच लोकसभा में सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस तथा मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने अन्ना हजारे की जन लोकपाल विधेयक की तीन प्रमुख मांगों पर अंतत: एक ही मंच पर आते हुए अपनी सहमति जाहिर कर दी।केंद्र तथा राज्यों में लोकायुक्त नियुक्त किए जाने, शिकायत निवारण प्रक्रिया को मजबूती प्रदान किए जाने तथा निचले स्तर की नौकरशाही को अधिक जवाबदेह बनाने की व्यवस्था किए जाने संबंधी अन्ना टीम की तीन प्रमुख मांगों पर न केवल विपक्ष, बल्कि कांग्रेस ने भी अपना पूर्ण समर्थन जताया। विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने लोकपाल मुद्दे पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि लोकपाल के गठन के लिए इतिहास ने संसद को यह एक ऐतिहासिक मौका दिया है और इस अवसर से हमें चूकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम आज यह मौका चूके तो आने वाली पीढ़ियां भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हो पाएंगी। उन्होंने लोकपाल को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किए जाने के लिए इसमें सरकारी पक्ष को कम महत्व दिए जाने तथा एक संतुलित रास्ता अपनाए जाने का सुझाव दिया। लेकिन साथ ही सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपने दायित्व के निर्वहन में होने वाली देरी के हर मामले में भ्रष्टाचार देखे जाने की अन्ना टीम के लोकपाल के प्रावधान से असहमति जतायी। निचले स्तर की नौकरशाही को अधिक जवाबदेह बनाए जाने से भी उन्हें एकमत जाहिर करते हुए कहा कि छोटे स्तर के भ्रष्टाचार से जनता अधिक परेशान है और यही कारण है कि देशभर में जनता आंदोलित है। इस बीच, टीम अन्ना की प्रणब मुखर्जी से उनके दफ्तर में एक अहम बैठक भी हुई। राज्यसभा में  विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने भी प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। इस दौरान सलमान खुर्शीद भी मौजूद थे। इससे पहले, प्रणब मुखर्जी के लोकपाल बिल पर बयान के बाद विपक्षी पार्टी बीजेपी के वरिष्ठ सदस्य लालकृष्ण आडवाणी ने दोहराया कि सदन की प्राथमिकता अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाना है। आडवाणी ने कहा कि सदन में लोकपाल बिल पर चर्चा शाम तक जारी रह सकती है, लेकिन सभी सदस्यों को शाम तक कोई नतीजा निकालना जरूरी है। आडवाणी ने इस बात पर जोर दिया कि शाम तक अन्ना हजारे का अनशन तोड़ा जाए।(इनपुट भाषा से भी)
सारांश: लोकपाल पर बहस के बाद वोटिंग कराने को लेकर सरकार और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी में सहमति है। प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किया जाएगा।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपी के सहारनपुर में बुधवार को फिर भड़की हिंसा के मामले में अभी तक 24 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. दलितों और राजपूतों के बीच 3 हफ्तों में चौथी बार हिंसा भड़क उठी, जिसमें एक शख़्स की मौत हो गई है और छह लोग घायल हुए हैं. कई घरों में तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई है. बीएसपी अध्यक्ष मायावती की रैली के बाद लौट रहे दलितों की गाड़ी पर भी हमला किया गया. ताज़ा हिंसा के लिए बीजेपी ने मायावती को ज़िम्मेदार ठहराया है. इस बीच गृह सचिव आईजी एसटीएफ समेत कई बड़े अधिकारियों को सहारनपुर भेजा गया है.  यूपी के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस पर कहा कि सहारनपुर में अमन और शांति कायम हो गई थी. मायावती अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने गईं. टिप्पणियां वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सहारनपुर में घटी घटना को दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना में मृत युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा है कि इस घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्ह्ति कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में जो लापरवाही घटित हुई है, उससे संबंधित अधिकारियों को दंडित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह सरकार सबकी है. जाति, पंथ, मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा. सहारनपुर में बार-बार भड़क रही हिंसा कानून व्यवस्था पर तो सवाल उठा रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन पर कोई जबाव है क्या. सहारनपुर में ही कुछ दिनों पहले बीजेपी विधायक और सांसद की अगुवाई में शहर के एसएसपी के घर पर हमला बोला गया था. जब पुलिस वाले सुरक्षित नहीं तो फिर आम आदमी या दलितों की सुरक्षा की कितनी उम्मीद की जाए. यूपी के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस पर कहा कि सहारनपुर में अमन और शांति कायम हो गई थी. मायावती अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने गईं. टिप्पणियां वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सहारनपुर में घटी घटना को दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना में मृत युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा है कि इस घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्ह्ति कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में जो लापरवाही घटित हुई है, उससे संबंधित अधिकारियों को दंडित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह सरकार सबकी है. जाति, पंथ, मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा. सहारनपुर में बार-बार भड़क रही हिंसा कानून व्यवस्था पर तो सवाल उठा रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन पर कोई जबाव है क्या. सहारनपुर में ही कुछ दिनों पहले बीजेपी विधायक और सांसद की अगुवाई में शहर के एसएसपी के घर पर हमला बोला गया था. जब पुलिस वाले सुरक्षित नहीं तो फिर आम आदमी या दलितों की सुरक्षा की कितनी उम्मीद की जाए. वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सहारनपुर में घटी घटना को दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना में मृत युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा है कि इस घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्ह्ति कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में जो लापरवाही घटित हुई है, उससे संबंधित अधिकारियों को दंडित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह सरकार सबकी है. जाति, पंथ, मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा. सहारनपुर में बार-बार भड़क रही हिंसा कानून व्यवस्था पर तो सवाल उठा रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन पर कोई जबाव है क्या. सहारनपुर में ही कुछ दिनों पहले बीजेपी विधायक और सांसद की अगुवाई में शहर के एसएसपी के घर पर हमला बोला गया था. जब पुलिस वाले सुरक्षित नहीं तो फिर आम आदमी या दलितों की सुरक्षा की कितनी उम्मीद की जाए. सहारनपुर में बार-बार भड़क रही हिंसा कानून व्यवस्था पर तो सवाल उठा रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन पर कोई जबाव है क्या. सहारनपुर में ही कुछ दिनों पहले बीजेपी विधायक और सांसद की अगुवाई में शहर के एसएसपी के घर पर हमला बोला गया था. जब पुलिस वाले सुरक्षित नहीं तो फिर आम आदमी या दलितों की सुरक्षा की कितनी उम्मीद की जाए.
सीएम योगी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया इस मामले में 24 लोगों की गिरफ्तारी 3 हफ्तों में चौथी बार हिंसा
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Weight Loss: वैसे तो हल्दी के कई फायदों के बारे में आपने अक्सर सुना होगा लेकिन, हल्दी के सेवन से आप वजन कम (Weight Loss) कर सकते हैं यह शायद आप पहली बार सुन रहे हों. हल्दी डायबिटीज कंट्रोल (Control Diabetes) करने में, कैंसर (Cancer) से बचाव करने में, खून साफ करने, दिमाग स्वस्थ (Healthy Brain) रखने, शरीर को डिटॉक्स (Detox Body) करने में फायदेमंद होती है. लेकिन वजन कम करने के लिए भी हल्दी काफी कारगर साबित हो सकती है. मोटापे से परेशान लोग वजन कम करने वाली डाइट (Weight Loss Diet), वजन कम करने वाली एक्सरसाइज (Weight Loss Exercise) के साथ मोटापा घटाने (Reduce Obesity) के तरीके ढूंढते रहते हैं लेकिन हमारे किचन में ही आसानी से वजन घटाने वाली चीज मौजूद है तो क्यों न इसका इस्तेमाल किया जाए. Belly Fat Diet: पेट की चर्बी घटाने के लिए खाएं ये 4 चीजें, तेजी से घटेगा वजन! रहें स्लिम और ट्रिम वजन कम करने के लिए हल्दी (Termeric For Weight Loss) एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करती है. लेकिन वजन कम करने के लिए हल्दी का सेवन कैसे करें यह सवाल आपके मन भी आ रहा होगा, तो यहां बता रहें कि हल्दी कैसे घटाती है आपका मोटापा और वजन घटाने के लिए कैसे करें हल्दी का इस्तेमाल...  हल्दी भारत का पारंपरिक औषधि माना जाता है. एक ओर जहां हल्दी में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, वहीं यह पेट की चर्बी (Belly Fat) को कम करने में मददगार हो सकती है. रोजाना डाइट (Diet) में हल्दी  को शामिल करके आप सूजन और गैस जैसी परेशानी को भी दूर कर सकते हैं. भारतीय आयुर्वेद में हल्दी को दर्द निवारक दवा के तौर पर भी उपयोग किया जाता रहा है. नींबू-शहद का पानी शरीर को डिटॉक्स करने के अलावा वजन घटाने और पाचन के लिए भी फायदेमंद! और भी कई गजब फायदे हल्दी में करक्यूमिन पाया जाता है. करक्यूमिन कई तरह की बीमारियों के इलाज में उपयोग किया जाता है. इम्यून सिस्टम और इम्यूनिटी बेहतर करने के लिए हल्दी का सेवन फायदेमंद होता है. सुबह के समय गुनगुने पानी के साथ हल्दी का सेवन करने से पाचन तंत्र बेहतर हो सकता है. हल्दी का सेवन खाली पेट करने से ब्लड शुगर (Blood Sugar) नियमित रहता है और वजन कम करने में मदद मिलती है. खाली पेट हल्दी का सेवन करने से बॉडी डिटॉक्स हो सकती है. शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने के लिए सुबह गुनगुने पानी के साथ हल्दी का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है. Winter Diet: सर्दियों में ये 8 चीजें हैं स्वास्थ्य के लिए रामबाण! डाइट में शामिल कर देंखें कमाल एक चम्मच हल्दी को एक गिलास पानी में मिलाकर बनाना है. इसके लिए सबसे पहले एक गिलास पानी को उबाल लें. उबलने के बाद हल्दी डालें. इसके बाद ठंडा होने के लिए छोड़ दें. जब हल्का गुनगुना हो जाये तो एक चम्मच शहद मिलाकर पी लें. और खबरों के लिए क्लिक करें Dry Fruits: ड्राई फ्रूट्स के फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान! जानें कैसे करें मेवे का सेवन! Weight Loss: सुबह की ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, होंगे ये नुकसान, रहें सावधान! Weight Loss: ये 5 चीजें तेजी से घटाएंगी आपका मोटापा! इस तरीके से खाएं... Weight Loss: सुबह खाली पेट पानी पीने से तेजी से कम होता है मोटापा? जानें और कई गजब फायदे Blood Sugar: कुट्टू का आटा डायबिटीज को करेगा कंट्रोल! जानें ब्लड शुगर नियंत्रित करने के लिए और क्या खाएं Benefits Of Jackfruit: कटहल पाचन, स्किन और आंखों के लिए है फायदेमंद! जानें इस सुपरफूड के कई और लाभ
वजन घटाने के लिए हल्दी हो सकती है फायदेमंद. हल्दी पेट की मोटापा घटाने के लिए है लाभदायक. जानें हल्दी के कई और गजब के फायदे.
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सचिन तेंदुलकर भले ही लॉर्ड्स पर कभी शतक नहीं बना पाए लेकिन इंग्लैंड के अन्य मैदानों पर उनका बल्ला खूब चला है। इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि रिकॉर्डों का बादशाह का जल्द ही अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा करेगा। क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स पर तेंदुलकर ने शुरू से ही बेहद लचर प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस मैदान पर जो पांच टेस्ट मैच में खेले हैं उनमें केवल 195 रन बनाए हैं और उनका उच्चतम स्कोर 37 रन है। वह भारत और इंग्लैंड के बीच यहां खेले गए पहले टेस्ट मैच में 34 और 12 रन ही बना पाए थे लेकिन जब इंग्लैंड के अन्य मैदानों की बात आती है तो तस्वीर एकदम से बदल जाती है। ट्रेंटब्रिज, एजबेस्टन, मैनचेस्टर, हैंडिंग्ले जैसे मैदानों पर उनकी तूती बोली है लेकिन लंदन के ही एक अन्य मैदान ओवल पर उन्हें पहले शतक का इंतजार है। ओवल में इस श्रृंखला का चौथा और अंति टेस्ट मैच होगा। नाटिंघम के ट्रेंटब्रिज मैदान पर 29 जुलाई से दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा। इस मैदान पर तेंदुलकर ने तीन मैच में 78.16 की औसत से 469 रन बनाए हैं। उन्होंने 1996 में ट्रेंटब्रिज पर जो पहला मैच खेला था उसमें 177 रन ठोके थे लेकिन तेंदुलकर को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि इसके बाद उन्होंने इस मैदान पर जो दो अन्य टेस्ट मैच (2002 और 2007 में) खेले उन दोनों में वह नर्वस नाइंटीज के शिकार बने थे। लॉर्ड्स की तरह लंदन में स्थित अन्य मशहूर टेस्ट मैदान ओवल में भी तेंदुलकर का रिकॉर्ड आकर्षक नहीं है। इस मैदान पर उन्होंने अब तक तीन टेस्ट मैच में 158 रन बनाए हैं जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 82 रन है। तेंदुलकर अब 18 अगस्त से होने वाले चौथे टेस्ट मैच में ओवल में शतक जड़ने की कोशिश करेंगे। इन चारों मैदान के अलावा तेंदुलकर ने इंग्लैंड के मैनचेस्टर और लीड्स में भी टेस्ट मैच खेले हैं। वह मैनचेस्टर का ओल्ड ट्रैफर्ड का ही मैदान था जहां 1990 में तेंदुलकर ने अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर का पहला शतक जड़ा था। यह उनका नौवां टेस्ट मैच था जिसकी दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 119 रन बनाये थे। इसके अलावा उन्होंने हेंडिग्ले, लीड्स में भी एक टेस्ट मैच खेला जिसकी एकमात्र पारी में उन्होंने 193 रन बनाए थे। भारत को इस दौरे में इन दोनों स्थानों पर टेस्ट मैच नहीं खेलने हैं लेकिन वह मैनचेस्टर में ट्वेंटी-20 मैच खेलेगा।  तेंदुलकर भारतीय ट्वेंटी-20 टीम के सदस्य नहीं हैं लेकिन उन्हें इस दौरे में लार्ड्स पर शतक जड़ने का एक और मौका मिल सकता है। भारत को इंग्लैंड के खिलाफ चौथा एकदिवसीय मैच इसी ऐतिहासिक मैदान पर खेलना है और वन-डे में भारतीय पारी का आगाज करने वाले तेंदुलकर तब मौका नहीं गंवाना चाहेंगे।
सारांश: सचिन तेंदुलकर भले ही लॉर्ड्स पर कभी शतक नहीं बना पाए लेकिन इंग्लैंड के अन्य मैदानों पर उनका बल्ला खूब चला है।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फ्रांस में पैगम्बर मुहम्मद का आपत्तिजनक कार्टून प्रकाशित करने वाली पत्रिका 'चार्ली हेबदो' के खिलाफ नफरत फैलाने की शिकायत दर्ज की गई है। 'बीबीसी' के अनुसार, पत्रिका के खिलाफ शिकायत बुधवार को सीरियन फ्रीडम एसोसिएशन ने दर्ज कराई। फ्रांस में रह रहे सीरिया नागरिकों का यह संगठन इस साल की शुरुआत में गठित हुआ था।टिप्पणियां एसोसिएशन ने अपनी शिकायत में कहा है कि पैगम्बर मुहम्मद के आपत्तिजनक कार्टून प्रकाशित कर 'चार्ली हेबदो' ने नफरत और जातीय व नस्लीय तथा धार्मिक हिंसा भड़काने का काम किया है। इस बीच, पत्रिका के एक कार्टूनिस्ट ने कार्टून के प्रकाशन का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हिंसात्मक प्रतिक्रिया को बढ़ावा देना नहीं था। अमेरिका में बनी कथित इस्लाम विरोधी फिल्म को लेकर दुनियाभर में हो रहे प्रदर्शन पर वे जिस तरह की समाचार सामग्री देते हैं, उसी तरह की इसमें दी गई। 'बीबीसी' के अनुसार, पत्रिका के खिलाफ शिकायत बुधवार को सीरियन फ्रीडम एसोसिएशन ने दर्ज कराई। फ्रांस में रह रहे सीरिया नागरिकों का यह संगठन इस साल की शुरुआत में गठित हुआ था।टिप्पणियां एसोसिएशन ने अपनी शिकायत में कहा है कि पैगम्बर मुहम्मद के आपत्तिजनक कार्टून प्रकाशित कर 'चार्ली हेबदो' ने नफरत और जातीय व नस्लीय तथा धार्मिक हिंसा भड़काने का काम किया है। इस बीच, पत्रिका के एक कार्टूनिस्ट ने कार्टून के प्रकाशन का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हिंसात्मक प्रतिक्रिया को बढ़ावा देना नहीं था। अमेरिका में बनी कथित इस्लाम विरोधी फिल्म को लेकर दुनियाभर में हो रहे प्रदर्शन पर वे जिस तरह की समाचार सामग्री देते हैं, उसी तरह की इसमें दी गई। एसोसिएशन ने अपनी शिकायत में कहा है कि पैगम्बर मुहम्मद के आपत्तिजनक कार्टून प्रकाशित कर 'चार्ली हेबदो' ने नफरत और जातीय व नस्लीय तथा धार्मिक हिंसा भड़काने का काम किया है। इस बीच, पत्रिका के एक कार्टूनिस्ट ने कार्टून के प्रकाशन का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हिंसात्मक प्रतिक्रिया को बढ़ावा देना नहीं था। अमेरिका में बनी कथित इस्लाम विरोधी फिल्म को लेकर दुनियाभर में हो रहे प्रदर्शन पर वे जिस तरह की समाचार सामग्री देते हैं, उसी तरह की इसमें दी गई। इस बीच, पत्रिका के एक कार्टूनिस्ट ने कार्टून के प्रकाशन का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हिंसात्मक प्रतिक्रिया को बढ़ावा देना नहीं था। अमेरिका में बनी कथित इस्लाम विरोधी फिल्म को लेकर दुनियाभर में हो रहे प्रदर्शन पर वे जिस तरह की समाचार सामग्री देते हैं, उसी तरह की इसमें दी गई।
फ्रांस में पैगम्बर मुहम्मद का आपत्तिजनक कार्टून प्रकाशित करने वाली पत्रिका 'चार्ली हेबदो' के खिलाफ नफरत फैलाने की शिकायत दर्ज की गई है।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी के बाद सरकार की सख्ती और बैंकों द्वारा पुराने एवं नए खातों के लिए पैन अनिवार्य कर दिए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग पैन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं. अधिक आवेदन के चलते पैन नंबर मिलने में कई सप्ताहों का समय लग रहा है. लेकिन इस ममाले में कुछ राहत देने वाली खबर आई हिअ. अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो जल्द ही यह समस्या खत्म हो जाएगी. आपको अपना पैन नंबर मिनटों में मिल जाएगा. इतना ही नहीं आयकर विभाग आयकर जमा करने के लिए भी और सहूलियत देने जा रहा है. अब आप अपने स्मार्टफोन से ऐप के जरिए आयकर जमा कर सकेंगे. आयकर विभाग ई-केवाईसी के आधार पर आवेदक को पैन कुछ ही मिनट में जारी करने की एक परियोजना पर काम कर रहा है. इससे लोगों के लिए स्थायी खाता संख्या (पैन) हासिल करना आसान होगा और ज्यादा से ज्यादा लोग कर दायरे में आएंगे. अधिकारियों ने बताया कि ऐप की अवधारणा शुरुआती चरण में है. वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद प्रायोगिक परियोजना शुरू की जाएगी. इस ऐप के जरिए कर का आनलाइन भुगतान किया जा सकेगा, पैन के लिए आवेदन किया जा सकेगा व कर रिटर्न को देखा जा सकेगा. टिप्पणियां आधार के जरिए ईकेवाईसी से पैन आवेदक से जुड़ी जानकारी का सत्यापन तेजी से संभव होगा. अब तक 111 करोड़ से अधिक आधार जारी किए गए हैं. वहीं देश भर में इस समय 25 करोड़ से अधिक पैन कार्डधारक हैं. हर साल देश भर से 2.5 करोड़ लोग पैन के लिए आवेदन करते हैं. हालांकि, इस प्रक्रिया से पैन नंबर तो आपको तुरंत मिल जाएगा. माना जा रहा है कि सीबीडीटी और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कई कंपनियों के साथ मिलकर एक समझौता किया है. इस समझौते में एक साझे फॉर्म के जरिए चार घंटों में पैन जारी किया जा सकता है. इसके पीछे भी मकसद त्वरित तौर पर पैन जारी करना है. आयकर विभाग ई-केवाईसी के आधार पर आवेदक को पैन कुछ ही मिनट में जारी करने की एक परियोजना पर काम कर रहा है. इससे लोगों के लिए स्थायी खाता संख्या (पैन) हासिल करना आसान होगा और ज्यादा से ज्यादा लोग कर दायरे में आएंगे. अधिकारियों ने बताया कि ऐप की अवधारणा शुरुआती चरण में है. वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद प्रायोगिक परियोजना शुरू की जाएगी. इस ऐप के जरिए कर का आनलाइन भुगतान किया जा सकेगा, पैन के लिए आवेदन किया जा सकेगा व कर रिटर्न को देखा जा सकेगा. टिप्पणियां आधार के जरिए ईकेवाईसी से पैन आवेदक से जुड़ी जानकारी का सत्यापन तेजी से संभव होगा. अब तक 111 करोड़ से अधिक आधार जारी किए गए हैं. वहीं देश भर में इस समय 25 करोड़ से अधिक पैन कार्डधारक हैं. हर साल देश भर से 2.5 करोड़ लोग पैन के लिए आवेदन करते हैं. हालांकि, इस प्रक्रिया से पैन नंबर तो आपको तुरंत मिल जाएगा. माना जा रहा है कि सीबीडीटी और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कई कंपनियों के साथ मिलकर एक समझौता किया है. इस समझौते में एक साझे फॉर्म के जरिए चार घंटों में पैन जारी किया जा सकता है. इसके पीछे भी मकसद त्वरित तौर पर पैन जारी करना है. अधिकारियों ने बताया कि ऐप की अवधारणा शुरुआती चरण में है. वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद प्रायोगिक परियोजना शुरू की जाएगी. इस ऐप के जरिए कर का आनलाइन भुगतान किया जा सकेगा, पैन के लिए आवेदन किया जा सकेगा व कर रिटर्न को देखा जा सकेगा. टिप्पणियां आधार के जरिए ईकेवाईसी से पैन आवेदक से जुड़ी जानकारी का सत्यापन तेजी से संभव होगा. अब तक 111 करोड़ से अधिक आधार जारी किए गए हैं. वहीं देश भर में इस समय 25 करोड़ से अधिक पैन कार्डधारक हैं. हर साल देश भर से 2.5 करोड़ लोग पैन के लिए आवेदन करते हैं. हालांकि, इस प्रक्रिया से पैन नंबर तो आपको तुरंत मिल जाएगा. माना जा रहा है कि सीबीडीटी और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कई कंपनियों के साथ मिलकर एक समझौता किया है. इस समझौते में एक साझे फॉर्म के जरिए चार घंटों में पैन जारी किया जा सकता है. इसके पीछे भी मकसद त्वरित तौर पर पैन जारी करना है. आधार के जरिए ईकेवाईसी से पैन आवेदक से जुड़ी जानकारी का सत्यापन तेजी से संभव होगा. अब तक 111 करोड़ से अधिक आधार जारी किए गए हैं. वहीं देश भर में इस समय 25 करोड़ से अधिक पैन कार्डधारक हैं. हर साल देश भर से 2.5 करोड़ लोग पैन के लिए आवेदन करते हैं. हालांकि, इस प्रक्रिया से पैन नंबर तो आपको तुरंत मिल जाएगा. माना जा रहा है कि सीबीडीटी और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कई कंपनियों के साथ मिलकर एक समझौता किया है. इस समझौते में एक साझे फॉर्म के जरिए चार घंटों में पैन जारी किया जा सकता है. इसके पीछे भी मकसद त्वरित तौर पर पैन जारी करना है. हालांकि, इस प्रक्रिया से पैन नंबर तो आपको तुरंत मिल जाएगा. माना जा रहा है कि सीबीडीटी और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कई कंपनियों के साथ मिलकर एक समझौता किया है. इस समझौते में एक साझे फॉर्म के जरिए चार घंटों में पैन जारी किया जा सकता है. इसके पीछे भी मकसद त्वरित तौर पर पैन जारी करना है.
संक्षिप्त पाठ: आयकर विभाग ई-केवाईसी के आधार पर देगा पैन नंबर ज्यादा से ज्यादा लोग कर दायरे में आ सकेंगे वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना शुरू होगी
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के सत्तारूढ़ दल लेबर पार्टी के नेतृत्व की लड़ाई में प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड को पछाड़ कर केविन रड ने महत्वपूर्ण वापसी की है। तीन वर्ष पहले पार्टी के अंदर हुए उठा-पटक के दौरान रड को पीछे छोड़ गिलार्ड प्रधानमंत्री बनी थीं। रड के समर्थकों द्वारा प्रधानमंत्री पद को चुनौती देने के लिए पार्टी के निर्णायक मंडल में प्रस्ताव लाए जाने के संबंध में मीडिया में खबरें आने के बाद गिलार्ड ने एक टीवी साक्षात्कार में रड को नेतृत्व के फैसले के लिए मतदान की चुनौती दी, जिसमें गिलार्ड 45 के मुकाबले निर्णायक मंडल के 57 मतों से हार गईं। तीन वर्ष पहले गिलार्ड ने पूर्व प्रधानमंत्री रड को मात देकर प्रधानमंत्री के पद पर कब्जा किया था। यह सभी बदलाव सितंबर 2014 में होने वाले आम चुनाव से पहले हो रहे हैं। सर्वेक्षणों का अनुमान है कि इस चुनाव में लेबर पार्टी हारने वाली है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रड सितंबर में चुनाव कराने के गिलार्ड के कार्यक्रम पर ही चलेंगे या फिर समय से पहले चुनाव कराएंगे। रड उससे पहले तीन अगस्त को चुनाव कराने की बात कह सकते हैं। नेतृत्व के लिए हुए इस मतदान के परिणाम के साथ ही ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री 51 वर्षीय गिलार्ड का राजनीतिक करियर समाप्त हो सकता है। गिलार्ड ने इससे पहले घोषणा की थी कि इस मतदान में हारने के बाद वह अगले चुनाव में भाग नहीं लेंगी।टिप्पणियां संभावना है कि स्कूली शिक्षा मंत्री पीटर गैरेट सहित अन्य कई मंत्री भी कैबिनेट से इस्तीफा दे देंगे क्योंकि इन सभी ने रड से फिर से निर्वाचित होने पर इस्तीफा देने की बात कही थी। मतदान से पहले रड ने कहा था कि लाखों की संख्या में ऑस्ट्रेलियाई उनसे नेतृत्व अपने हाथ में लेने को कह रहे थे। रड के समर्थकों द्वारा प्रधानमंत्री पद को चुनौती देने के लिए पार्टी के निर्णायक मंडल में प्रस्ताव लाए जाने के संबंध में मीडिया में खबरें आने के बाद गिलार्ड ने एक टीवी साक्षात्कार में रड को नेतृत्व के फैसले के लिए मतदान की चुनौती दी, जिसमें गिलार्ड 45 के मुकाबले निर्णायक मंडल के 57 मतों से हार गईं। तीन वर्ष पहले गिलार्ड ने पूर्व प्रधानमंत्री रड को मात देकर प्रधानमंत्री के पद पर कब्जा किया था। यह सभी बदलाव सितंबर 2014 में होने वाले आम चुनाव से पहले हो रहे हैं। सर्वेक्षणों का अनुमान है कि इस चुनाव में लेबर पार्टी हारने वाली है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रड सितंबर में चुनाव कराने के गिलार्ड के कार्यक्रम पर ही चलेंगे या फिर समय से पहले चुनाव कराएंगे। रड उससे पहले तीन अगस्त को चुनाव कराने की बात कह सकते हैं। नेतृत्व के लिए हुए इस मतदान के परिणाम के साथ ही ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री 51 वर्षीय गिलार्ड का राजनीतिक करियर समाप्त हो सकता है। गिलार्ड ने इससे पहले घोषणा की थी कि इस मतदान में हारने के बाद वह अगले चुनाव में भाग नहीं लेंगी।टिप्पणियां संभावना है कि स्कूली शिक्षा मंत्री पीटर गैरेट सहित अन्य कई मंत्री भी कैबिनेट से इस्तीफा दे देंगे क्योंकि इन सभी ने रड से फिर से निर्वाचित होने पर इस्तीफा देने की बात कही थी। मतदान से पहले रड ने कहा था कि लाखों की संख्या में ऑस्ट्रेलियाई उनसे नेतृत्व अपने हाथ में लेने को कह रहे थे। तीन वर्ष पहले गिलार्ड ने पूर्व प्रधानमंत्री रड को मात देकर प्रधानमंत्री के पद पर कब्जा किया था। यह सभी बदलाव सितंबर 2014 में होने वाले आम चुनाव से पहले हो रहे हैं। सर्वेक्षणों का अनुमान है कि इस चुनाव में लेबर पार्टी हारने वाली है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रड सितंबर में चुनाव कराने के गिलार्ड के कार्यक्रम पर ही चलेंगे या फिर समय से पहले चुनाव कराएंगे। रड उससे पहले तीन अगस्त को चुनाव कराने की बात कह सकते हैं। नेतृत्व के लिए हुए इस मतदान के परिणाम के साथ ही ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री 51 वर्षीय गिलार्ड का राजनीतिक करियर समाप्त हो सकता है। गिलार्ड ने इससे पहले घोषणा की थी कि इस मतदान में हारने के बाद वह अगले चुनाव में भाग नहीं लेंगी।टिप्पणियां संभावना है कि स्कूली शिक्षा मंत्री पीटर गैरेट सहित अन्य कई मंत्री भी कैबिनेट से इस्तीफा दे देंगे क्योंकि इन सभी ने रड से फिर से निर्वाचित होने पर इस्तीफा देने की बात कही थी। मतदान से पहले रड ने कहा था कि लाखों की संख्या में ऑस्ट्रेलियाई उनसे नेतृत्व अपने हाथ में लेने को कह रहे थे। यह सभी बदलाव सितंबर 2014 में होने वाले आम चुनाव से पहले हो रहे हैं। सर्वेक्षणों का अनुमान है कि इस चुनाव में लेबर पार्टी हारने वाली है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रड सितंबर में चुनाव कराने के गिलार्ड के कार्यक्रम पर ही चलेंगे या फिर समय से पहले चुनाव कराएंगे। रड उससे पहले तीन अगस्त को चुनाव कराने की बात कह सकते हैं। नेतृत्व के लिए हुए इस मतदान के परिणाम के साथ ही ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री 51 वर्षीय गिलार्ड का राजनीतिक करियर समाप्त हो सकता है। गिलार्ड ने इससे पहले घोषणा की थी कि इस मतदान में हारने के बाद वह अगले चुनाव में भाग नहीं लेंगी।टिप्पणियां संभावना है कि स्कूली शिक्षा मंत्री पीटर गैरेट सहित अन्य कई मंत्री भी कैबिनेट से इस्तीफा दे देंगे क्योंकि इन सभी ने रड से फिर से निर्वाचित होने पर इस्तीफा देने की बात कही थी। मतदान से पहले रड ने कहा था कि लाखों की संख्या में ऑस्ट्रेलियाई उनसे नेतृत्व अपने हाथ में लेने को कह रहे थे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रड सितंबर में चुनाव कराने के गिलार्ड के कार्यक्रम पर ही चलेंगे या फिर समय से पहले चुनाव कराएंगे। रड उससे पहले तीन अगस्त को चुनाव कराने की बात कह सकते हैं। नेतृत्व के लिए हुए इस मतदान के परिणाम के साथ ही ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री 51 वर्षीय गिलार्ड का राजनीतिक करियर समाप्त हो सकता है। गिलार्ड ने इससे पहले घोषणा की थी कि इस मतदान में हारने के बाद वह अगले चुनाव में भाग नहीं लेंगी।टिप्पणियां संभावना है कि स्कूली शिक्षा मंत्री पीटर गैरेट सहित अन्य कई मंत्री भी कैबिनेट से इस्तीफा दे देंगे क्योंकि इन सभी ने रड से फिर से निर्वाचित होने पर इस्तीफा देने की बात कही थी। मतदान से पहले रड ने कहा था कि लाखों की संख्या में ऑस्ट्रेलियाई उनसे नेतृत्व अपने हाथ में लेने को कह रहे थे। नेतृत्व के लिए हुए इस मतदान के परिणाम के साथ ही ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री 51 वर्षीय गिलार्ड का राजनीतिक करियर समाप्त हो सकता है। गिलार्ड ने इससे पहले घोषणा की थी कि इस मतदान में हारने के बाद वह अगले चुनाव में भाग नहीं लेंगी।टिप्पणियां संभावना है कि स्कूली शिक्षा मंत्री पीटर गैरेट सहित अन्य कई मंत्री भी कैबिनेट से इस्तीफा दे देंगे क्योंकि इन सभी ने रड से फिर से निर्वाचित होने पर इस्तीफा देने की बात कही थी। मतदान से पहले रड ने कहा था कि लाखों की संख्या में ऑस्ट्रेलियाई उनसे नेतृत्व अपने हाथ में लेने को कह रहे थे। संभावना है कि स्कूली शिक्षा मंत्री पीटर गैरेट सहित अन्य कई मंत्री भी कैबिनेट से इस्तीफा दे देंगे क्योंकि इन सभी ने रड से फिर से निर्वाचित होने पर इस्तीफा देने की बात कही थी। मतदान से पहले रड ने कहा था कि लाखों की संख्या में ऑस्ट्रेलियाई उनसे नेतृत्व अपने हाथ में लेने को कह रहे थे। मतदान से पहले रड ने कहा था कि लाखों की संख्या में ऑस्ट्रेलियाई उनसे नेतृत्व अपने हाथ में लेने को कह रहे थे।
यहाँ एक सारांश है:ऑस्ट्रेलिया के सत्तारूढ़ दल लेबर पार्टी के नेतृत्व की लड़ाई में प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड को पछाड़ कर केविन रड ने महत्वपूर्ण वापसी की है। तीन वर्ष पहले पार्टी के अंदर हुए उठा-पटक के दौरान रड को पीछे छोड़ गिलार्ड प्रधानमंत्री बनी थीं।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को वामपंथी प्रदर्शनकारियों ने हजारों की संख्या में राज्य सचिवालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के चार में से तीन द्वारों को अवरुद्ध कर दिया। विपक्षी वामपंथी दलों ने सौर ऊर्जा घोटाला मामले में चांडी के इस्तीफे तक सोमवार से किसी को भी सचिवालय में प्रवेश न करने देने की घोषणा की है। वामपंथी दलों ने सभी चार द्वारों को जाम करने की घोषणा की थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सिर्फ तीन द्वार ही अवरुद्ध हो पाए, और चांडी एवं उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी आपात बैठक के लिए चौथे द्वार से सुबह सात बजे यहां पहुंचे। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद चांडी सचिवालय से निकले और कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रास्ते में रोकने की कोशिश की, लेकिन मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेताओं कोदियेरी बालाकृष्णन और एलामारम करीम ने प्रदर्शनकारियों को शांत किया। स्वास्थ्य मंत्री वीएस शिवकुमार को रोका गया और वह सचिवालय लौट गए। वामपंथियों ने इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन सौर ऊर्जा घोटाले के बाद किया है, जिसमें सरिता नायर और उनके लिव इन पार्टनर बिजु राधाकृष्णन ने कथित तौर पर कई लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी की थी। इन्होंने ग्राहकों को भरी छूट के साथ सौर ऊर्जा उपकरण की पेशकश की थी। टिप्पणियां आरोपियों ने ग्राहकों से भारी धनराशि की ठगी करने में कथित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय से अपनी सांठगांठ का इस्तेमाल किया था। इस दौरान स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 20 टुकड़ियां और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) मौके पर पहुंच गई है और पुलिस भी मौके पर मौजूद है। माकपा के पूर्व मंत्री थॉमस इसाक ने कहा, हमें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक घेराव के लिए हमारे लाख से अधिक समर्थक यहां पहुंच जाएंगे। हम चांडी के इस्तीफे तक यहां से नहीं हटेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और माकपा के महासचिव प्रकाश करात के सचिवालय के मुख्य द्वार पर सुबह 11 बजे पहुंचने के बाद प्रस्तावित प्रदर्शन आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। चांडी आज राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे, जिसे उनके नियमित दौरे का हिस्सा बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के चार में से तीन द्वारों को अवरुद्ध कर दिया। विपक्षी वामपंथी दलों ने सौर ऊर्जा घोटाला मामले में चांडी के इस्तीफे तक सोमवार से किसी को भी सचिवालय में प्रवेश न करने देने की घोषणा की है। वामपंथी दलों ने सभी चार द्वारों को जाम करने की घोषणा की थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सिर्फ तीन द्वार ही अवरुद्ध हो पाए, और चांडी एवं उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी आपात बैठक के लिए चौथे द्वार से सुबह सात बजे यहां पहुंचे। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद चांडी सचिवालय से निकले और कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रास्ते में रोकने की कोशिश की, लेकिन मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेताओं कोदियेरी बालाकृष्णन और एलामारम करीम ने प्रदर्शनकारियों को शांत किया। स्वास्थ्य मंत्री वीएस शिवकुमार को रोका गया और वह सचिवालय लौट गए। वामपंथियों ने इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन सौर ऊर्जा घोटाले के बाद किया है, जिसमें सरिता नायर और उनके लिव इन पार्टनर बिजु राधाकृष्णन ने कथित तौर पर कई लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी की थी। इन्होंने ग्राहकों को भरी छूट के साथ सौर ऊर्जा उपकरण की पेशकश की थी। टिप्पणियां आरोपियों ने ग्राहकों से भारी धनराशि की ठगी करने में कथित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय से अपनी सांठगांठ का इस्तेमाल किया था। इस दौरान स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 20 टुकड़ियां और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) मौके पर पहुंच गई है और पुलिस भी मौके पर मौजूद है। माकपा के पूर्व मंत्री थॉमस इसाक ने कहा, हमें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक घेराव के लिए हमारे लाख से अधिक समर्थक यहां पहुंच जाएंगे। हम चांडी के इस्तीफे तक यहां से नहीं हटेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और माकपा के महासचिव प्रकाश करात के सचिवालय के मुख्य द्वार पर सुबह 11 बजे पहुंचने के बाद प्रस्तावित प्रदर्शन आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। चांडी आज राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे, जिसे उनके नियमित दौरे का हिस्सा बताया जा रहा है। वामपंथी दलों ने सभी चार द्वारों को जाम करने की घोषणा की थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सिर्फ तीन द्वार ही अवरुद्ध हो पाए, और चांडी एवं उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी आपात बैठक के लिए चौथे द्वार से सुबह सात बजे यहां पहुंचे। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद चांडी सचिवालय से निकले और कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रास्ते में रोकने की कोशिश की, लेकिन मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेताओं कोदियेरी बालाकृष्णन और एलामारम करीम ने प्रदर्शनकारियों को शांत किया। स्वास्थ्य मंत्री वीएस शिवकुमार को रोका गया और वह सचिवालय लौट गए। वामपंथियों ने इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन सौर ऊर्जा घोटाले के बाद किया है, जिसमें सरिता नायर और उनके लिव इन पार्टनर बिजु राधाकृष्णन ने कथित तौर पर कई लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी की थी। इन्होंने ग्राहकों को भरी छूट के साथ सौर ऊर्जा उपकरण की पेशकश की थी। टिप्पणियां आरोपियों ने ग्राहकों से भारी धनराशि की ठगी करने में कथित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय से अपनी सांठगांठ का इस्तेमाल किया था। इस दौरान स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 20 टुकड़ियां और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) मौके पर पहुंच गई है और पुलिस भी मौके पर मौजूद है। माकपा के पूर्व मंत्री थॉमस इसाक ने कहा, हमें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक घेराव के लिए हमारे लाख से अधिक समर्थक यहां पहुंच जाएंगे। हम चांडी के इस्तीफे तक यहां से नहीं हटेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और माकपा के महासचिव प्रकाश करात के सचिवालय के मुख्य द्वार पर सुबह 11 बजे पहुंचने के बाद प्रस्तावित प्रदर्शन आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। चांडी आज राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे, जिसे उनके नियमित दौरे का हिस्सा बताया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री वीएस शिवकुमार को रोका गया और वह सचिवालय लौट गए। वामपंथियों ने इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन सौर ऊर्जा घोटाले के बाद किया है, जिसमें सरिता नायर और उनके लिव इन पार्टनर बिजु राधाकृष्णन ने कथित तौर पर कई लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी की थी। इन्होंने ग्राहकों को भरी छूट के साथ सौर ऊर्जा उपकरण की पेशकश की थी। टिप्पणियां आरोपियों ने ग्राहकों से भारी धनराशि की ठगी करने में कथित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय से अपनी सांठगांठ का इस्तेमाल किया था। इस दौरान स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 20 टुकड़ियां और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) मौके पर पहुंच गई है और पुलिस भी मौके पर मौजूद है। माकपा के पूर्व मंत्री थॉमस इसाक ने कहा, हमें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक घेराव के लिए हमारे लाख से अधिक समर्थक यहां पहुंच जाएंगे। हम चांडी के इस्तीफे तक यहां से नहीं हटेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और माकपा के महासचिव प्रकाश करात के सचिवालय के मुख्य द्वार पर सुबह 11 बजे पहुंचने के बाद प्रस्तावित प्रदर्शन आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। चांडी आज राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे, जिसे उनके नियमित दौरे का हिस्सा बताया जा रहा है। आरोपियों ने ग्राहकों से भारी धनराशि की ठगी करने में कथित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय से अपनी सांठगांठ का इस्तेमाल किया था। इस दौरान स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 20 टुकड़ियां और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) मौके पर पहुंच गई है और पुलिस भी मौके पर मौजूद है। माकपा के पूर्व मंत्री थॉमस इसाक ने कहा, हमें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक घेराव के लिए हमारे लाख से अधिक समर्थक यहां पहुंच जाएंगे। हम चांडी के इस्तीफे तक यहां से नहीं हटेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और माकपा के महासचिव प्रकाश करात के सचिवालय के मुख्य द्वार पर सुबह 11 बजे पहुंचने के बाद प्रस्तावित प्रदर्शन आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। चांडी आज राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे, जिसे उनके नियमित दौरे का हिस्सा बताया जा रहा है। माकपा के पूर्व मंत्री थॉमस इसाक ने कहा, हमें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक घेराव के लिए हमारे लाख से अधिक समर्थक यहां पहुंच जाएंगे। हम चांडी के इस्तीफे तक यहां से नहीं हटेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और माकपा के महासचिव प्रकाश करात के सचिवालय के मुख्य द्वार पर सुबह 11 बजे पहुंचने के बाद प्रस्तावित प्रदर्शन आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। चांडी आज राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे, जिसे उनके नियमित दौरे का हिस्सा बताया जा रहा है।
संक्षिप्त सारांश: केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को वामपंथी प्रदर्शनकारियों ने हजारों की संख्या में राज्य सचिवालय का घेराव किया।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरना अब और महंगा हो सकता है। हवाई अड्डा आर्थिक विनियामक प्राधिकरण ने देश के इस प्रमुख हवाई अड्डे का परिचालन करने वाली कंपनी को विमानों के उतरने, पार्किंग और दूसरी सुविधाओं से जुड़े शुल्कों में 346 प्रतिशत तक बढ़ाने की अनुमति देने का निर्णय किया। नई दरें दो वर्ष के लिए लागू होंगी। इसके अलावा प्राधिकरण ने घरेलू और विदेशी उड़ानों के यात्रियों पर उपयोक्ता विकास शुल्क (यूडीएफ) भी बढ़ा दिया है। अगले साल से यह शुल्क और ऊंचा हो जाएगा। आदेश में कहा गया है कि इन शुल्कों को विमानन कंपनियों और हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने वाले दूसरे लोगों को चुकाना होगा।टिप्पणियां हालांकि वर्ष 2012-13 के लिए हवाई अड्डे शुल्क में की गई बढ़ोतरी जीएमआर के नेतृत्व वाले संयुक्त वेंचर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) द्वारा की गई मांग के मुकाबले आधी है। डायल ने शुल्कों में औसतन 774 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की थी। आदेश में कहा गया है कि 2012 से 2014 के बीच यह 345.92 प्रतिशत बढ़ोतरी ‘नियंत्रित अवधि के दौरान एकल बार की जा सकेगी।’ प्राधिकरण ने विमान से हवाई अड्डे पर उतरने वाले यात्रियों को भी यूडीएफ के दायरे में शामिल किया है। पहले सिर्फ हवाई अड्डे से उड़ाने भरने वाले यात्री इसके दायरे में आते थे और घरेलू यात्रियों को 200 रुपये, जबकि विदेशी यात्रियों को 1,300 रुपये शुल्क चुकाना पड़ता है। उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि बढ़े हुए बोझ को विमानन कंपनियां यात्रियों पर डालेंगी, जिससे टिकटों के दामों में और बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा प्राधिकरण ने घरेलू और विदेशी उड़ानों के यात्रियों पर उपयोक्ता विकास शुल्क (यूडीएफ) भी बढ़ा दिया है। अगले साल से यह शुल्क और ऊंचा हो जाएगा। आदेश में कहा गया है कि इन शुल्कों को विमानन कंपनियों और हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने वाले दूसरे लोगों को चुकाना होगा।टिप्पणियां हालांकि वर्ष 2012-13 के लिए हवाई अड्डे शुल्क में की गई बढ़ोतरी जीएमआर के नेतृत्व वाले संयुक्त वेंचर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) द्वारा की गई मांग के मुकाबले आधी है। डायल ने शुल्कों में औसतन 774 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की थी। आदेश में कहा गया है कि 2012 से 2014 के बीच यह 345.92 प्रतिशत बढ़ोतरी ‘नियंत्रित अवधि के दौरान एकल बार की जा सकेगी।’ प्राधिकरण ने विमान से हवाई अड्डे पर उतरने वाले यात्रियों को भी यूडीएफ के दायरे में शामिल किया है। पहले सिर्फ हवाई अड्डे से उड़ाने भरने वाले यात्री इसके दायरे में आते थे और घरेलू यात्रियों को 200 रुपये, जबकि विदेशी यात्रियों को 1,300 रुपये शुल्क चुकाना पड़ता है। उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि बढ़े हुए बोझ को विमानन कंपनियां यात्रियों पर डालेंगी, जिससे टिकटों के दामों में और बढ़ोतरी होगी। हालांकि वर्ष 2012-13 के लिए हवाई अड्डे शुल्क में की गई बढ़ोतरी जीएमआर के नेतृत्व वाले संयुक्त वेंचर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) द्वारा की गई मांग के मुकाबले आधी है। डायल ने शुल्कों में औसतन 774 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की थी। आदेश में कहा गया है कि 2012 से 2014 के बीच यह 345.92 प्रतिशत बढ़ोतरी ‘नियंत्रित अवधि के दौरान एकल बार की जा सकेगी।’ प्राधिकरण ने विमान से हवाई अड्डे पर उतरने वाले यात्रियों को भी यूडीएफ के दायरे में शामिल किया है। पहले सिर्फ हवाई अड्डे से उड़ाने भरने वाले यात्री इसके दायरे में आते थे और घरेलू यात्रियों को 200 रुपये, जबकि विदेशी यात्रियों को 1,300 रुपये शुल्क चुकाना पड़ता है। उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि बढ़े हुए बोझ को विमानन कंपनियां यात्रियों पर डालेंगी, जिससे टिकटों के दामों में और बढ़ोतरी होगी। प्राधिकरण ने विमान से हवाई अड्डे पर उतरने वाले यात्रियों को भी यूडीएफ के दायरे में शामिल किया है। पहले सिर्फ हवाई अड्डे से उड़ाने भरने वाले यात्री इसके दायरे में आते थे और घरेलू यात्रियों को 200 रुपये, जबकि विदेशी यात्रियों को 1,300 रुपये शुल्क चुकाना पड़ता है। उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि बढ़े हुए बोझ को विमानन कंपनियां यात्रियों पर डालेंगी, जिससे टिकटों के दामों में और बढ़ोतरी होगी।
हवाई अड्डा आर्थिक विनियामक प्राधिकरण ने इस हवाई अड्डे का परिचालन करने वाली कंपनी को सुविधाओं से जुड़े शुल्कों में 346 प्रतिशत तक बढ़ाने की अनुमति देने का निर्णय किया।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: नेपाल में दूसरी बार माओवादियों की सरकार बनने जा रही है। तीन वर्ष में चौथे प्रधानमंत्री के लिए रविवार को हुए मतदान में माओवादी उम्मीदवार बाबूराम भट्टराई चुनाव जीत गए हैं। माओवादियों के उपप्रमुख बाबूराम भट्टराई (57) नेपाल के 35वें प्रधानमंत्री होंगे। वह पश्चिमी नेपाल के गोरखा जिले के एक निम्न मध्यमवर्गीय किसान परिवार से हैं। भट्टराई नेपाल की बोर्ड परीक्षा के टॉपर हैं और उन्होंने नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। माओवादी पार्टी के 10 वर्ष के हिंसक संघर्ष के दौरान भट्टराई को लालध्वज के नाम से भी जाना जाता था। भट्टराई का प्रधानमंत्री बनना पहले ही लगभग तय हो गया था, क्योंकि अंतिम समय में उनकी पार्टी पांच क्षेत्रीय पार्टियों के एक गठबंधन का समर्थन हासिल करने में सफल हो गई थी। इन पांचों पार्टियों ने रविवार के मतदान में प्रमुख भूमिका निभाई है। तराई की पांच पार्टियों वाले मधेसी मोर्चा के पास 71 सांसद हैं। इसके अलावा एक छोटी वामपंथी पार्टी, जन मोर्चा ने भी भट्टराई का साथ दिया। इस पार्टी के पास पांच सांसद हैं। यहां तक कि चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले भी भट्टराई अपने प्रतिद्वंद्वी, नेपाली कांग्रेस के रामचंद्र पौडल पर भारी थे, क्योंकि माओवादियों की पार्टी 601 सदस्यीय संसद में 237 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। जबकि नेपाली कांग्रेस के 114 सदस्य हैं। कुछ सांसदों के निधन और कुछ की संसदीय सदस्यता समाप्त किए जाने के कारण इस समय संसद में कुल 594 सांसद रह गए हैं, और चुनाव जीतने के लिए 298 मतों की जरूरत थी। जबकि भट्टराई को 340 सांसदों के मत प्राप्त हुए। मतदान के दौरान कुल 575 सांसद मौजूद थे। पौडल पूर्व उपप्रधानमंत्री हैं और इसके पहले हुए 17 चक्र के मतदान में भी नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार थे। शनिवार की रात वह कम्युनिस्टों का समर्थन हासिल करने में सफल हो गए। लेकिन 108 कम्युनिस्ट सांसदों के समर्थन के बावजूद पौडल की जीत कठिन थी। और रविवार को उन्हें 235 सांसदों के मत ही प्राप्त हुए। पिछली बार हुए 17 दौर के मतदान के विपरीत रविवार का मतदान चुनावी नियम में हुए एक परिवर्तन के कारण भी निर्णायक साबित हुआ है। इस परिवर्तन के कारण सांसद न तो मतदान में तटस्थ रह सकते थे और न तो ऐसा ही कर सकते थे कि वे मतदान में हिस्सा न लेते। नेपाल में राजशाही की वापसी की मांग करने वाली राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी नेपाल ने मतदान का बहिष्कार किया। उसने नई संसद के चुनाव के लिए फिर से चुनाव की मांग की। कम्युनिस्ट विचारधारा वाली नेपाल वर्कर्स एवं पीजेंट पार्टी ने भी यही मांग की।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तीन वर्ष में चौथे प्रधानमंत्री के लिए रविवार को हुए मतदान में माओवादी उम्मीदवार बाबूराम भट्टराई चुनाव जीत गए हैं।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गणतंत्र दिवस समारोहों (Repubic Day) के दौरान दिल्ली (Delhi) में आतंकवादी हमलों की साजिश बनाने के आरोप में जैश-ए-मोहम्मद (Jaish E Mohammad) के दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के वाकुरा और बाटापोरा निवासियों अब्दुल लतीफ गनी (29) ऊर्फ उमैर ऊर्फ दिलावर और हीलाल अहमद भट (26) को गिरफ्तार किया गया है. स्पेशल सेल के डिप्टी कमीश्नर पीएस कुश्वाह ने बताया कि सैन्य खुफिया तंत्र से सूचना मिली थी कि लक्ष्मी नगर के एक मकान में कुछ संदिग्ध लोग आ-जा रहे हैं. इसी आधार पर 20-21 जनवरी की दरम्यानी रात के दौरान दिलावर को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि पुलिस को पता चला था कि दिलावर किसी से मिलने के लिए राजघाट जाने वाला है. उसी के आधार पर बलों की तैनाती कर संदिग्ध सामग्री के साथ उसे गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि दिलावर के पास से 32 बोर की पिस्तौल और 26 कारतूस मिले हैं. जेईएम कमांडरों के तीन स्टांप और अन्य चीजें भी मिली हैं. उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस को दिलावर की पहचान करने में कुछ महीने का वक्त लगा.
कथित तौर पर हमले की साजिश रच रहे संदिग्ध गिरफ्तार 20-21 की रात हुई गिरफ्तारी संदिग्धों के पास जेईएम कमांडरों के स्टांप और अन्य सामान मिले
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजय देवगन (Ajay Devgan) ने इस फिल्म को लेकर मीडिया से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, 'ये फिल्म एक पारिवारिक मनोरंजक फिल्म है. इस फिल्म में ऐसी बहुत सी बातें कही गईं हैं,जो सीन पर काफी फिट बैठती हैं. फिल्म की शूटिंग लंदन और मनाली में की गई है. ये फिल्म समाज में प्यार फैलाने के संदेश को मजबूती के साथ देने वाली फिल्म साबित होगी.' वहीं, जब तब्बू (Tabu) ने कहा, 'मुझे इस फिल्म में काम करने में बहुत मजा आया. इस फिल्म की कहानी को बहुत ही खूबसूरती से लिखा गया है. शूटिंग के दौरान सेट पर बिताया गया हर एक दिन मजेदार था. मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मुझे इस तरह की रोल मिल रहे हैं, जो एक एक्टर के विकास के लिए जरूरी है.' रकुल प्रीत कौर (Rakul Preet Kaur) ने फिल्म में अपने रोल के बारे में कहा, 'मैं इसमें आयशा नाम की लड़की का किदार निभा रही हूं. फिल्म में आयशा जवान है और आजाद ख्यालों की लड़की है. आयशा बारटेंडर का काम करती है.' जब रकुल से अजय देवगन के साथ रोमांटिक सीन को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा मुझे नहीं लगता कि फिल्म में अपने से बड़े व्यक्ति के साथ रोमांस करना गलत है, क्योंकि व्यक्ति का दिल मायने रखता है, जबकि उम्र सिर्फ एक संख्या होती है.
यह एक सारांश है: 'दे दे प्यार दे' के प्रमोशन के लिए दिल्ली पहुंची स्टारकास्ट मीडिया से साझा किए फिल्म के अनुभव लव ट्रायंगल पर बेस्ड है 'दे दे प्यार दे'
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी (AAP) से निलंबित विधायक और दिल्ली सरकार के बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा कथित तौर पर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ हजारों पन्नों के साथ मीडिया के सामने आए. अनशन के पांचवें दिन कपिल मिश्रा ने कहा कि इनकी जानकारियों का अंदाजा कुछ लोगों को होगा. उन्होंने करोड़ों के लेन देन के बारे में ब्योरा रखा. उन्होंने बताया कि किस प्रकार फर्जी कंपनियों से लेन देन किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में अरविंद केजरीवाल को पूरी जानकारी थी. कैसे सैकड़ों की संख्या में फर्जी कंपनियों से पार्टी को फंड दिया गया और पार्टी ने इसकी जानकारी चुनाव आयोग और आयकर विभाग से छिपाई. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि पांच लोगों की विदेश यात्राओं के बारे में पार्टी जानकारी नहीं दे रही है. यह सारा खेल हवाला का है और कालाधन को सफेद करने का है. मिश्रा ने कहा कि देश के साथ धोखा हुआ है. उन्होंने कहा कि इस अनशन को जबरजस्ती ने तुड़वाया जाए. उन्होंने यह मांग गृहमंत्री, एलजी और दिल्ली पुलिस से की. कपिल मिश्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता से चंदा को लेकर धोखा दिया. नकली कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया गया. कालेधन के सफेद किया गया. मिश्रा का आरोप है कि इसमें अरविंद केजरीवाल के निजी लोग शामिल हैं. आज इस बात को लेकर सीबीआई में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर धोखा दिया गया. नील नाम के एक शख्स का परिचय कराने के बाद उन्होंने कहाकि इन्होंने यह कागज एकत्र किए हैं. मीडिया से बात करते हुए मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो दिखाया.  इसमें अरविंद केजरीवाल  कह रहे हैं कि हमने किसी से गलत पैसा नहीं लिया. नहीं तो सरकार बनने के बाद ऐहसान चुकाना पड़ता है. वे कह रहे हैं कि पार्टी चलाने के लिए पैसा चाहिए. सरकार बनने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए पैसा चाहिए. उन्होंने कहा कि गलत लोगों से गलत पैसा लेने के बाद उनके लिए काम करना पड़ता है.  मिश्रा ने कहा कि 2013-14 को पार्टी के अकाउंट में जो पैसा था उसका हिसाब कितान चुनाव आयोग से छिपाया गया. जो अकाउंट में पैसा था उसकी डिटेल भी पार्टी की वेबसाइट पर नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी सच नहीं बताया गया.  तीन साल के बाद आयकर विभाग के नोटिस में इन्होंने चुनाव आयोग को अमाउंट  बदलकर जवाब दिया. 2015-16 में बैंक में 65 करोड़ से ज्यादा पैसा था, लेकिन चुनाव आयोग को बताया गया 32 करोड़ का हिसाब किताब. और वेबसाइट पर भी अलग अमाउंट डाले गए. कई बोगस एंट्री की गई. उन्होंने कहा कि कई चुनाव आयोग से लगातार तीन साल तक जानकारी छिपाई गईं. साथ ही कहा कि आयकर विभाग से सभी बातें छिपाई गईं. कई बोगस कंपनियों को आयकर विभाग ने पकड़ा. दो करोड़ का हिसाब किताब विभाग ने पकड़ा जिसे अरविंद केजरीवाल ने नकार दिया. उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी जानकारी नहीं है. कोई भी चंदा दे सकता है. मेरे अकाउंट में कौन पैसा डाल रहा है उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं. (मिश्रा के अनुसार) उन्होंने कई कंपनियों के नाम लेकर आरोप लगाया कि इन फर्जी कंपनियों का रिश्ता अरविंद केजरीवाल से हैं या फिर उनके करीबियों की हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इन सारी बातों की जानकारी थीं. करीब 16 फर्जी कंपनियों से लेन देन किए गए हैं. उन्होंने कुछ ऐसे आदमियों के नाम भी लिए जिनके नाम से चंदा दिए गया. इनमें कई के खाते उसी एक्सिस बैंक की शाखा से हैं जहां नोटबंदी के दौरान छापा मारा गया था. ये कृष्णानगर ब्रांच का किस्सा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  कैसे सैकड़ों की संख्या में फर्जी कंपनियों से पार्टी को फंड दिया गया और पार्टी ने इसकी जानकारी चुनाव आयोग और आयकर विभाग से छिपाई. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि पांच लोगों की विदेश यात्राओं के बारे में पार्टी जानकारी नहीं दे रही है. यह सारा खेल हवाला का है और कालाधन को सफेद करने का है. मिश्रा ने कहा कि देश के साथ धोखा हुआ है. उन्होंने कहा कि इस अनशन को जबरजस्ती ने तुड़वाया जाए. उन्होंने यह मांग गृहमंत्री, एलजी और दिल्ली पुलिस से की. कपिल मिश्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता से चंदा को लेकर धोखा दिया. नकली कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया गया. कालेधन के सफेद किया गया. मिश्रा का आरोप है कि इसमें अरविंद केजरीवाल के निजी लोग शामिल हैं. आज इस बात को लेकर सीबीआई में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर धोखा दिया गया. नील नाम के एक शख्स का परिचय कराने के बाद उन्होंने कहाकि इन्होंने यह कागज एकत्र किए हैं. मीडिया से बात करते हुए मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो दिखाया.  इसमें अरविंद केजरीवाल  कह रहे हैं कि हमने किसी से गलत पैसा नहीं लिया. नहीं तो सरकार बनने के बाद ऐहसान चुकाना पड़ता है. वे कह रहे हैं कि पार्टी चलाने के लिए पैसा चाहिए. सरकार बनने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए पैसा चाहिए. उन्होंने कहा कि गलत लोगों से गलत पैसा लेने के बाद उनके लिए काम करना पड़ता है.  मिश्रा ने कहा कि 2013-14 को पार्टी के अकाउंट में जो पैसा था उसका हिसाब कितान चुनाव आयोग से छिपाया गया. जो अकाउंट में पैसा था उसकी डिटेल भी पार्टी की वेबसाइट पर नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी सच नहीं बताया गया.  तीन साल के बाद आयकर विभाग के नोटिस में इन्होंने चुनाव आयोग को अमाउंट  बदलकर जवाब दिया. 2015-16 में बैंक में 65 करोड़ से ज्यादा पैसा था, लेकिन चुनाव आयोग को बताया गया 32 करोड़ का हिसाब किताब. और वेबसाइट पर भी अलग अमाउंट डाले गए. कई बोगस एंट्री की गई. उन्होंने कहा कि कई चुनाव आयोग से लगातार तीन साल तक जानकारी छिपाई गईं. साथ ही कहा कि आयकर विभाग से सभी बातें छिपाई गईं. कई बोगस कंपनियों को आयकर विभाग ने पकड़ा. दो करोड़ का हिसाब किताब विभाग ने पकड़ा जिसे अरविंद केजरीवाल ने नकार दिया. उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी जानकारी नहीं है. कोई भी चंदा दे सकता है. मेरे अकाउंट में कौन पैसा डाल रहा है उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं. (मिश्रा के अनुसार) उन्होंने कई कंपनियों के नाम लेकर आरोप लगाया कि इन फर्जी कंपनियों का रिश्ता अरविंद केजरीवाल से हैं या फिर उनके करीबियों की हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इन सारी बातों की जानकारी थीं. करीब 16 फर्जी कंपनियों से लेन देन किए गए हैं. उन्होंने कुछ ऐसे आदमियों के नाम भी लिए जिनके नाम से चंदा दिए गया. इनमें कई के खाते उसी एक्सिस बैंक की शाखा से हैं जहां नोटबंदी के दौरान छापा मारा गया था. ये कृष्णानगर ब्रांच का किस्सा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  मिश्रा ने कहा कि देश के साथ धोखा हुआ है. उन्होंने कहा कि इस अनशन को जबरजस्ती ने तुड़वाया जाए. उन्होंने यह मांग गृहमंत्री, एलजी और दिल्ली पुलिस से की. कपिल मिश्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता से चंदा को लेकर धोखा दिया. नकली कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया गया. कालेधन के सफेद किया गया. मिश्रा का आरोप है कि इसमें अरविंद केजरीवाल के निजी लोग शामिल हैं. आज इस बात को लेकर सीबीआई में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर धोखा दिया गया. नील नाम के एक शख्स का परिचय कराने के बाद उन्होंने कहाकि इन्होंने यह कागज एकत्र किए हैं. मीडिया से बात करते हुए मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो दिखाया.  इसमें अरविंद केजरीवाल  कह रहे हैं कि हमने किसी से गलत पैसा नहीं लिया. नहीं तो सरकार बनने के बाद ऐहसान चुकाना पड़ता है. वे कह रहे हैं कि पार्टी चलाने के लिए पैसा चाहिए. सरकार बनने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए पैसा चाहिए. उन्होंने कहा कि गलत लोगों से गलत पैसा लेने के बाद उनके लिए काम करना पड़ता है.  मिश्रा ने कहा कि 2013-14 को पार्टी के अकाउंट में जो पैसा था उसका हिसाब कितान चुनाव आयोग से छिपाया गया. जो अकाउंट में पैसा था उसकी डिटेल भी पार्टी की वेबसाइट पर नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी सच नहीं बताया गया.  तीन साल के बाद आयकर विभाग के नोटिस में इन्होंने चुनाव आयोग को अमाउंट  बदलकर जवाब दिया. 2015-16 में बैंक में 65 करोड़ से ज्यादा पैसा था, लेकिन चुनाव आयोग को बताया गया 32 करोड़ का हिसाब किताब. और वेबसाइट पर भी अलग अमाउंट डाले गए. कई बोगस एंट्री की गई. उन्होंने कहा कि कई चुनाव आयोग से लगातार तीन साल तक जानकारी छिपाई गईं. साथ ही कहा कि आयकर विभाग से सभी बातें छिपाई गईं. कई बोगस कंपनियों को आयकर विभाग ने पकड़ा. दो करोड़ का हिसाब किताब विभाग ने पकड़ा जिसे अरविंद केजरीवाल ने नकार दिया. उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी जानकारी नहीं है. कोई भी चंदा दे सकता है. मेरे अकाउंट में कौन पैसा डाल रहा है उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं. (मिश्रा के अनुसार) उन्होंने कई कंपनियों के नाम लेकर आरोप लगाया कि इन फर्जी कंपनियों का रिश्ता अरविंद केजरीवाल से हैं या फिर उनके करीबियों की हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इन सारी बातों की जानकारी थीं. करीब 16 फर्जी कंपनियों से लेन देन किए गए हैं. उन्होंने कुछ ऐसे आदमियों के नाम भी लिए जिनके नाम से चंदा दिए गया. इनमें कई के खाते उसी एक्सिस बैंक की शाखा से हैं जहां नोटबंदी के दौरान छापा मारा गया था. ये कृष्णानगर ब्रांच का किस्सा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  कपिल मिश्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता से चंदा को लेकर धोखा दिया. नकली कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया गया. कालेधन के सफेद किया गया. मिश्रा का आरोप है कि इसमें अरविंद केजरीवाल के निजी लोग शामिल हैं. आज इस बात को लेकर सीबीआई में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर धोखा दिया गया. नील नाम के एक शख्स का परिचय कराने के बाद उन्होंने कहाकि इन्होंने यह कागज एकत्र किए हैं. मीडिया से बात करते हुए मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो दिखाया.  इसमें अरविंद केजरीवाल  कह रहे हैं कि हमने किसी से गलत पैसा नहीं लिया. नहीं तो सरकार बनने के बाद ऐहसान चुकाना पड़ता है. वे कह रहे हैं कि पार्टी चलाने के लिए पैसा चाहिए. सरकार बनने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए पैसा चाहिए. उन्होंने कहा कि गलत लोगों से गलत पैसा लेने के बाद उनके लिए काम करना पड़ता है.  मिश्रा ने कहा कि 2013-14 को पार्टी के अकाउंट में जो पैसा था उसका हिसाब कितान चुनाव आयोग से छिपाया गया. जो अकाउंट में पैसा था उसकी डिटेल भी पार्टी की वेबसाइट पर नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी सच नहीं बताया गया.  तीन साल के बाद आयकर विभाग के नोटिस में इन्होंने चुनाव आयोग को अमाउंट  बदलकर जवाब दिया. 2015-16 में बैंक में 65 करोड़ से ज्यादा पैसा था, लेकिन चुनाव आयोग को बताया गया 32 करोड़ का हिसाब किताब. और वेबसाइट पर भी अलग अमाउंट डाले गए. कई बोगस एंट्री की गई. उन्होंने कहा कि कई चुनाव आयोग से लगातार तीन साल तक जानकारी छिपाई गईं. साथ ही कहा कि आयकर विभाग से सभी बातें छिपाई गईं. कई बोगस कंपनियों को आयकर विभाग ने पकड़ा. दो करोड़ का हिसाब किताब विभाग ने पकड़ा जिसे अरविंद केजरीवाल ने नकार दिया. उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी जानकारी नहीं है. कोई भी चंदा दे सकता है. मेरे अकाउंट में कौन पैसा डाल रहा है उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं. (मिश्रा के अनुसार) उन्होंने कई कंपनियों के नाम लेकर आरोप लगाया कि इन फर्जी कंपनियों का रिश्ता अरविंद केजरीवाल से हैं या फिर उनके करीबियों की हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इन सारी बातों की जानकारी थीं. करीब 16 फर्जी कंपनियों से लेन देन किए गए हैं. उन्होंने कुछ ऐसे आदमियों के नाम भी लिए जिनके नाम से चंदा दिए गया. इनमें कई के खाते उसी एक्सिस बैंक की शाखा से हैं जहां नोटबंदी के दौरान छापा मारा गया था. ये कृष्णानगर ब्रांच का किस्सा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  मीडिया से बात करते हुए मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो दिखाया.  इसमें अरविंद केजरीवाल  कह रहे हैं कि हमने किसी से गलत पैसा नहीं लिया. नहीं तो सरकार बनने के बाद ऐहसान चुकाना पड़ता है. वे कह रहे हैं कि पार्टी चलाने के लिए पैसा चाहिए. सरकार बनने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए पैसा चाहिए. उन्होंने कहा कि गलत लोगों से गलत पैसा लेने के बाद उनके लिए काम करना पड़ता है.  मिश्रा ने कहा कि 2013-14 को पार्टी के अकाउंट में जो पैसा था उसका हिसाब कितान चुनाव आयोग से छिपाया गया. जो अकाउंट में पैसा था उसकी डिटेल भी पार्टी की वेबसाइट पर नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी सच नहीं बताया गया.  तीन साल के बाद आयकर विभाग के नोटिस में इन्होंने चुनाव आयोग को अमाउंट  बदलकर जवाब दिया. 2015-16 में बैंक में 65 करोड़ से ज्यादा पैसा था, लेकिन चुनाव आयोग को बताया गया 32 करोड़ का हिसाब किताब. और वेबसाइट पर भी अलग अमाउंट डाले गए. कई बोगस एंट्री की गई. उन्होंने कहा कि कई चुनाव आयोग से लगातार तीन साल तक जानकारी छिपाई गईं. साथ ही कहा कि आयकर विभाग से सभी बातें छिपाई गईं. कई बोगस कंपनियों को आयकर विभाग ने पकड़ा. दो करोड़ का हिसाब किताब विभाग ने पकड़ा जिसे अरविंद केजरीवाल ने नकार दिया. उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी जानकारी नहीं है. कोई भी चंदा दे सकता है. मेरे अकाउंट में कौन पैसा डाल रहा है उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं. (मिश्रा के अनुसार) उन्होंने कई कंपनियों के नाम लेकर आरोप लगाया कि इन फर्जी कंपनियों का रिश्ता अरविंद केजरीवाल से हैं या फिर उनके करीबियों की हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इन सारी बातों की जानकारी थीं. करीब 16 फर्जी कंपनियों से लेन देन किए गए हैं. उन्होंने कुछ ऐसे आदमियों के नाम भी लिए जिनके नाम से चंदा दिए गया. इनमें कई के खाते उसी एक्सिस बैंक की शाखा से हैं जहां नोटबंदी के दौरान छापा मारा गया था. ये कृष्णानगर ब्रांच का किस्सा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  मिश्रा ने कहा कि 2013-14 को पार्टी के अकाउंट में जो पैसा था उसका हिसाब कितान चुनाव आयोग से छिपाया गया. जो अकाउंट में पैसा था उसकी डिटेल भी पार्टी की वेबसाइट पर नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी सच नहीं बताया गया.  तीन साल के बाद आयकर विभाग के नोटिस में इन्होंने चुनाव आयोग को अमाउंट  बदलकर जवाब दिया. 2015-16 में बैंक में 65 करोड़ से ज्यादा पैसा था, लेकिन चुनाव आयोग को बताया गया 32 करोड़ का हिसाब किताब. और वेबसाइट पर भी अलग अमाउंट डाले गए. कई बोगस एंट्री की गई. उन्होंने कहा कि कई चुनाव आयोग से लगातार तीन साल तक जानकारी छिपाई गईं. साथ ही कहा कि आयकर विभाग से सभी बातें छिपाई गईं. कई बोगस कंपनियों को आयकर विभाग ने पकड़ा. दो करोड़ का हिसाब किताब विभाग ने पकड़ा जिसे अरविंद केजरीवाल ने नकार दिया. उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी जानकारी नहीं है. कोई भी चंदा दे सकता है. मेरे अकाउंट में कौन पैसा डाल रहा है उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं. (मिश्रा के अनुसार) उन्होंने कई कंपनियों के नाम लेकर आरोप लगाया कि इन फर्जी कंपनियों का रिश्ता अरविंद केजरीवाल से हैं या फिर उनके करीबियों की हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इन सारी बातों की जानकारी थीं. करीब 16 फर्जी कंपनियों से लेन देन किए गए हैं. उन्होंने कुछ ऐसे आदमियों के नाम भी लिए जिनके नाम से चंदा दिए गया. इनमें कई के खाते उसी एक्सिस बैंक की शाखा से हैं जहां नोटबंदी के दौरान छापा मारा गया था. ये कृष्णानगर ब्रांच का किस्सा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  तीन साल के बाद आयकर विभाग के नोटिस में इन्होंने चुनाव आयोग को अमाउंट  बदलकर जवाब दिया. 2015-16 में बैंक में 65 करोड़ से ज्यादा पैसा था, लेकिन चुनाव आयोग को बताया गया 32 करोड़ का हिसाब किताब. और वेबसाइट पर भी अलग अमाउंट डाले गए. कई बोगस एंट्री की गई. उन्होंने कहा कि कई चुनाव आयोग से लगातार तीन साल तक जानकारी छिपाई गईं. साथ ही कहा कि आयकर विभाग से सभी बातें छिपाई गईं. कई बोगस कंपनियों को आयकर विभाग ने पकड़ा. दो करोड़ का हिसाब किताब विभाग ने पकड़ा जिसे अरविंद केजरीवाल ने नकार दिया. उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी जानकारी नहीं है. कोई भी चंदा दे सकता है. मेरे अकाउंट में कौन पैसा डाल रहा है उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं. (मिश्रा के अनुसार) उन्होंने कई कंपनियों के नाम लेकर आरोप लगाया कि इन फर्जी कंपनियों का रिश्ता अरविंद केजरीवाल से हैं या फिर उनके करीबियों की हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इन सारी बातों की जानकारी थीं. करीब 16 फर्जी कंपनियों से लेन देन किए गए हैं. उन्होंने कुछ ऐसे आदमियों के नाम भी लिए जिनके नाम से चंदा दिए गया. इनमें कई के खाते उसी एक्सिस बैंक की शाखा से हैं जहां नोटबंदी के दौरान छापा मारा गया था. ये कृष्णानगर ब्रांच का किस्सा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  कई बोगस कंपनियों को आयकर विभाग ने पकड़ा. दो करोड़ का हिसाब किताब विभाग ने पकड़ा जिसे अरविंद केजरीवाल ने नकार दिया. उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी जानकारी नहीं है. कोई भी चंदा दे सकता है. मेरे अकाउंट में कौन पैसा डाल रहा है उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं. (मिश्रा के अनुसार) उन्होंने कई कंपनियों के नाम लेकर आरोप लगाया कि इन फर्जी कंपनियों का रिश्ता अरविंद केजरीवाल से हैं या फिर उनके करीबियों की हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इन सारी बातों की जानकारी थीं. करीब 16 फर्जी कंपनियों से लेन देन किए गए हैं. उन्होंने कुछ ऐसे आदमियों के नाम भी लिए जिनके नाम से चंदा दिए गया. इनमें कई के खाते उसी एक्सिस बैंक की शाखा से हैं जहां नोटबंदी के दौरान छापा मारा गया था. ये कृष्णानगर ब्रांच का किस्सा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  उन्होंने कई कंपनियों के नाम लेकर आरोप लगाया कि इन फर्जी कंपनियों का रिश्ता अरविंद केजरीवाल से हैं या फिर उनके करीबियों की हैं. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इन सारी बातों की जानकारी थीं. करीब 16 फर्जी कंपनियों से लेन देन किए गए हैं. उन्होंने कुछ ऐसे आदमियों के नाम भी लिए जिनके नाम से चंदा दिए गया. इनमें कई के खाते उसी एक्सिस बैंक की शाखा से हैं जहां नोटबंदी के दौरान छापा मारा गया था. ये कृष्णानगर ब्रांच का किस्सा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  उन्होंने कहा कि अधिकतर चंदे रात के 12 बजे के करीब आए. यहां पर कालाधन के सफेद करने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि ये फर्जी कंपनियों बनाने वाले चार्टेड अकाउंटेंट एक है. इसे ईडी ने गिरफ्तार कर रखा है. इस पर नोटबंदी के दौरान फर्जीवाड़े का आरोप है. मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  मिश्रा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल का भी इनसे सीधा लिंक है. उन्होंने कहा कि गोयल ने अपने एफिडेविट में झूठ बोला. इन्होंने कई फर्जी कंपनियों के जरिए कालाधन को सफेद किया और पार्टी को चंदा दिया. रात में चंदा देने वाली कंपनियों में इनकी भी कंपनी है. इनकी कंपनियों से दो करोड़ पार्टी के दिए गए. इनके बारे में अरविंद केजरीवाल ने इनकार किया था... कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  कपिल मिश्रा ने दीपक अग्रवाल का नाम लिया. कहा कि इनका सीधा संबंध गोयल से कहा जिनकी कंपनी में ये डायरेक्टर रहे. उन्होंने कहा कि हेमंत कुमार नाम का आदमी भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं. उन्होंने सुशील कुमार गुप्ता का नाम लिया और कहा कि इन्होंने गोयल को दो करोड़ रुपये दिए थे.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  कपिल मिश्रा ने दावा किया कि ये लोग चंदे के लिए हेर फेर करते रहे. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को हवाला का पैसा दिया. उन्होंने पार्टी विधायक नरेश यादव कंपनी का भी जिक्र किया जिसके जरिए कालाधन पार्टी को दिया गया. कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल को अपने विधायकों की ये सारी जानकारी थी. उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक की उसी शाखा में ये सारे लेन देन हुए हैं. उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  उन्होंने कई और लोगों के नाम लिए जिन्होंने फर्जीवाड़े के जरिए पार्टी को चंदा दिए. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कंपनियों एक ही पते पर बनाया गया. कई कंपनियों को विदेशी कंपनी भी दिखाया गया. उन्होंने रमेश का जिक्र किया जिन्होंने एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का पार्टी को दान दिया. उन्होंने कहा कि यह आदमी इतना चंदा देने की इलेजिबिलिटी भी नहीं रखता. यह केवल 2500 रुपये दे सकता था.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  एक महिला ने 90 लाख रुपये दिए जिसने अभी तक केवल 4000 रुपये का आयकर भरा है. उन्होंने कई ऐसे चेक दिखाए जिन पर कोई नाम नहीं है, उन पर कोई तारीख नहीं है. फिर भी पार्टी के खाते में पैसे आ गए. यह सब एक्सिस बैंक से जुड़े हैं. कई और चेक ऐसे और सामने आए. कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  कपिल मिश्रा ने योगेश चंद नाम के आदमी का चेक भी दिखाया. उन्होंने 35-35 करोड़ के दो चेक आए. इसका भी हिसाब कितान नहीं दे पाए. ये चेक भी उन्हीं कंपनियों के हैं. इन पर भी तारीख नहीं है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल चंदा छिपा रहे थे. करोड़ों का हेरफेर कर रहे थे, हवाला में लगे थे. शेल कंपनियां बनाकर पैसा पार्टी के नाम पर डालना. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने फर्जी कंपनियों से चंदा लिया. अब तो यह स्पष्ट है अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के साथ गद्दारी की है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ भिजवाकर रहूंगा. इसके बाद वह बेहोश हो गए. इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  इस सब के बीच भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा था. लेकिन, कपिल इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. उनका कहना है कि जिन डॉक्टरों की टीम से उनकी रिपोर्ट ली जा रही है वो सही नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम वहां लगातार मौजूद है. मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  मिश्रा के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर तंबू लगाया गया है. बता दें कि इस भूख हड़ताल के लिए उनकी मांग वे पहले ही साफ कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक आम आदमी पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी, तब तक वह अनशन करेंगे.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  जानकारी के लिए बता दें कि कपिल मिश्रा जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक. कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे. टिप्पणियां उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक. कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.  कपिल मिश्रा पहले ही कह चुके हैं पार्टी संजय सिंह विदेश दौरों पर गए थे और लोगों से टिकट आदि के नाम पर पैसे वसूल रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक आरोप लगाए कि संजय सिंह के अलावा उनके रिश्तेदार भी यह काम करने में लगे रहे. बता दें कि पंजाब चुनाव के दौरान में भी संजय सिंह पर इस प्रकार के कई आरोप लगे थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.
संक्षिप्त पाठ: निलंबित विधायक कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर लगाए गंभीर आरोप अरविंद केजरीवाल पर आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप भूख हड़ताल के पांचवें दिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है.
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: लालू के इस पोस्‍ट से साफ है कि जहां एक ओर वे नीतीश के प्रति हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं, वहीं, दूसरी ओर जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव को साथ मिलाने की पूरी कोशिश में जुटे हुए हैं. इससे पहले मंगलवार को ही लालू ने खुले तौर पर नीतीश पर जदयू नेता शरद यादव को महत्व न देने का आरोप लगाते हुए कहा कि शरद ने उन्हें (नीतीश को) 'बड़ा नेता' बनाने में काफी योगदान दिया है.टिप्पणियां लालू ने कहा कि उन्होंने शरद से 'वहां (जदयू) से बाहर आने और सांप्रदायिक ताकतों से देश को बचाने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों से हाथ मिलाने' का अनुरोध किया है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि शरद से राजद में शामिल होने का नहीं बल्कि सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनने का अनुरोध किया गया है. लालू ने कहा कि उन्होंने शरद से 'वहां (जदयू) से बाहर आने और सांप्रदायिक ताकतों से देश को बचाने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों से हाथ मिलाने' का अनुरोध किया है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि शरद से राजद में शामिल होने का नहीं बल्कि सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनने का अनुरोध किया गया है. लालू ने कहा कि उन्होंने शरद से 'वहां (जदयू) से बाहर आने और सांप्रदायिक ताकतों से देश को बचाने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों से हाथ मिलाने' का अनुरोध किया है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि शरद से राजद में शामिल होने का नहीं बल्कि सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनने का अनुरोध किया गया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महागठबंधन से हटने के बाद लालू खुलकर नीतीश पर जुबानी हमले कर रहे हैं. लालू ने अपने फेसबुक पेज पर अपने साथ शरद यादव की एक तस्‍वीर पोस्‍ट की. नीतीश से पूछा, बताओ मंडल कमीशन लागू करवाने में तुम्हारा क्या रोल था?
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हालिया आतंकी हमलों के बावजूद पाकिस्तानी तालिबान के साथ वार्ता की वकालत करने वाले पूर्व क्रिकेटर और राजनेता इमरान खान ने आज अपनी राय के समर्थन में पूर्वी पाकिस्तान की ‘पराजय’ का हवाला देते हुए कहा कि सैन्य अभियान कभी भी किसी भी समस्या का हल नहीं होते।टिप्पणियां पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख ने कहा, पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में हार होने पर देश के विभाजन ने मुझे इस बात का पूरा यकीन दिलाया कि सैन्य अभियान कभी भी किसी भी समस्या का समाधान नहीं होते। उन्होंने न्यूज इंटरनेशनल डेली में लिखा, एक सुसंगठित वार्ता के साथ शुरू होने वाली सर्वदलीय बैठक एक अच्छे रुख को औचित्य प्रदान करती है। सैन्य कार्रवाई और युद्ध हमेशा अंतिम विकल्प होता है। उन्होंने तर्क दिया कि अधिकतर देशों को सरकार और नागरिकों के खिलाफ हथियार उठाने वाले या आतंकी कार्रवाइयां करने वाले लोगों के साथ आखिरकर वार्ता ही करनी पड़ी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख ने कहा, पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में हार होने पर देश के विभाजन ने मुझे इस बात का पूरा यकीन दिलाया कि सैन्य अभियान कभी भी किसी भी समस्या का समाधान नहीं होते। उन्होंने न्यूज इंटरनेशनल डेली में लिखा, एक सुसंगठित वार्ता के साथ शुरू होने वाली सर्वदलीय बैठक एक अच्छे रुख को औचित्य प्रदान करती है। सैन्य कार्रवाई और युद्ध हमेशा अंतिम विकल्प होता है। उन्होंने तर्क दिया कि अधिकतर देशों को सरकार और नागरिकों के खिलाफ हथियार उठाने वाले या आतंकी कार्रवाइयां करने वाले लोगों के साथ आखिरकर वार्ता ही करनी पड़ी। उन्होंने न्यूज इंटरनेशनल डेली में लिखा, एक सुसंगठित वार्ता के साथ शुरू होने वाली सर्वदलीय बैठक एक अच्छे रुख को औचित्य प्रदान करती है। सैन्य कार्रवाई और युद्ध हमेशा अंतिम विकल्प होता है। उन्होंने तर्क दिया कि अधिकतर देशों को सरकार और नागरिकों के खिलाफ हथियार उठाने वाले या आतंकी कार्रवाइयां करने वाले लोगों के साथ आखिरकर वार्ता ही करनी पड़ी।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख ने कहा, पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में हार होने पर देश के विभाजन ने मुझे इस बात का पूरा यकीन दिलाया कि सैन्य अभियान कभी भी किसी भी समस्या का समाधान नहीं होते।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के लिहाज से कोल इंडिया लिमिटेड ने तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) को पीछे छोड़ दिया है। बाजार पूंजीकरण के मामले में कोल इंडिया सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बन गई है, जबकि निजी क्षेत्र की रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार में अभी भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। बीते सप्ताह कोल इंडिया लिमिटेड का बाजार पूंजीकरण 14,022.32 करोड़ रुपये बढ़कर 2,45,232.68 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आलोच्य सप्ताह में ओएनजीसी के बाजार पूंजीकरण में 7,657.15 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 2,42,120.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बाजार पूंजीकरण के मामले में ओएनजीसी तीसरे स्थान पर है। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में 8,151.22 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 3,09,778.88 करोड़ रुपये पर पहुंच गय। सप्ताह के दौरान देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से पांच के बाजार पूंजीकरण में 35,237.57 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इसी प्रकार निजी क्षेत्र की आईटीसी और आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण भी क्रमश: 2,553.57 करोड़ और 2,853.31 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 1,46,327.31 करोड़ रुपये और 1,23,149.87 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। समीक्षाधीन सप्ताह में टीसीएस, इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज, एसबीआई, भारती एयरटेल और एनटीपीसी के बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज की गई। मई के आखिरी सप्ताह में टीसीएस और इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज के बाजार पूंजीकरण में कुल 10,434.54 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह टीसीएस की बाजार पूंजीकरण घटकर 2,23,404.59 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का 1,60,067.36 करोड़ रुपये पर आ गया। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख भारतीय स्टेट बैंक का बाजार पूंजीकरण 5,559.33 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 1,41,888.52 करोड़ रुपये पर आ गया, जबकि बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी का पूंजीकरण 3,710.46 करोड़ घटकर 1,39,224.59 करोड़ रुपये रह गया। प्रमुख दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 550.64 करोड़ रुपये घटकर 1,41,362.68 करोड़ रुपये पर आ गया।
बाजार पूंजीकरण में कोल इंडिया सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बन गई है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'जॉन विक 3 (John Wick: Chapter 3 Parabellum)'  की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां, 'जॉन विक 2'  (John Wick 2) की खत्म होती है. जॉन विक (John Wick) अपने अपराधी समाज के नियमों को तोड़ चुका है और अब उसे अपनी जान बचानी है. जॉन विक (John Wick) की जान की कीमत 1.4 करोड़ डॉलर लगाई गई है और मैनहेटन के सारे अपराधियों के निशाने पर है तो जॉन विक (John Wick). इस बार जॉन विक का साथ देने के लिए हेल बेरी उनके साथ हैं. लेकिन जॉन विक की जान लेना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन लगती है. 'जॉन विक 3 (John Wick: Chapter 3 Parabellum)'  में कमाल का एक्शन देखने को मिलता है, और लंबे समय बाद हॉलीवुड (Hollywood) में इस तरह की एक्शन फिल्म देखने को मिली है. कियानू रीव्स (Keanu Reeves) तो कमाल के लगते हैं. उनका पूरा गेटअप और एक्शन देखकर मुंह से वाह निकल जाता है. कमाल 52 वर्षीया हेल बेरी (Halle Berry) भी हैं, उन्हें देखकर भी आपके मुंह से वाउ निकल जाएगा. इस बार एक्शन में जॉन विक (John Wick) का साथ देने के लिए सोफिया (Sofia) यानी हेल बेरी (Halle Berry) मौजूद हैं.
सारांश: जॉन विक (John Wick) की हुई वापसी कियानू रीव्स (Keanu Reeves) ने तीसरी बार जॉन विक का किरदार निभाया एक्शन से है भरपूर
7
['hin']