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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन की यात्रा पर पहुंचे पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हाल के वर्षों में बीजिंग के साथ नई दिल्ली को भी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों का तमगा मिला था, लेकिन सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की वजह से साल में सबसे बेहतर वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या बढ़ी है. बता दें, जावेड़कर ने विश्व की सबसे तेजी बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत और चीन (ब्रिक्स) के मंत्रियों की 29वीं बैठक में शनिवार को जावड़ेकर ने कहा, ‘प्रदूषण के स्तर के संदर्भ में दिल्ली में बेहतर दिनों की संख्या बढ़ी है और खराब वायु गुणवत्ता वाले दिवसों की संख्या घटी है.' जावड़ेकर ने कहा, 'वर्ष 2014 से ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की वजह से दिल्ली में हवा की गुणवत्ता सुधरी है.'
बैठक में चीनी समकक्ष ली गंजेइ से बातचीत के बाद जावड़ेकर ने कहा कि चीन प्रदूषण से मुकाबला करने के लिए खासतौर पर बीजिंग में लड़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘चीन भारत से सीख रहा है. ली ने पूछा कि इस साल वायु प्रदूषण से कैसे निपटेंगे. यह लगातार चलने वाली लड़ाई है और इसके लिए लगातार नए नवोन्मेष उपायों की जरूरत है. जावड़ेकर ने कहा कि दिल्ली और बीजिंग प्रदूषण से लड़ने में सहयोग कर रहे हैं और इसमें वृद्धि की संभावनाओं को तलाशेंगे, क्योंकि पहले ही दोनों शहरों को ‘सिस्टर सिटीज' घोषित किया गया है. | संक्षिप्त सारांश: प्रदूषण के स्तर के संदर्भ में दिल्ली में बेहतर दिनों की संख्या बढ़ी है
चीन प्रदूषण से मुकाबला करने के लिए खासतौर पर बीजिंग में लड़ रहा है
प्रदूषण के खिलाफ यह लगातार चलने वाली लड़ाई है | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत ने अमेरिका की ओर से लश्कर-ए-तैयबा आतंकी डेविड हेडली को प्रत्यर्पित करने से इनकार करने पर निराशा व्यक्त की है, साथ ही मुम्बई पर 26/11 आतंकी हमले में उसकी भूमिका के लिए उसे यहां लाने की अपनी मांग को आगे जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।टिप्पणियां
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने पाकिस्तान को भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि मुम्बई हमले के मामले को तब तक किसी रूप में बंद नहीं किया जा सकता है जब तक कि लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद समेत सभी हमलावरों को न्याय के कटघरे में खड़ा नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान की ओर से आने वाले उम्मीद के कुछ संकेतों से भारत तब तक संतुष्ट नहीं हो सकता है जब तक कि मुम्बई पर आतंकी हमले में शामिल लोगों को जवाबदेह नहीं बनाया जाता।
हेडली के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भारत अपनी मांग को जारी रखेगा हालांकि हम समझते हैं कि अमेरिका को अपने कानूनी ढांचे के तहत काम करना है।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने पाकिस्तान को भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि मुम्बई हमले के मामले को तब तक किसी रूप में बंद नहीं किया जा सकता है जब तक कि लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद समेत सभी हमलावरों को न्याय के कटघरे में खड़ा नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान की ओर से आने वाले उम्मीद के कुछ संकेतों से भारत तब तक संतुष्ट नहीं हो सकता है जब तक कि मुम्बई पर आतंकी हमले में शामिल लोगों को जवाबदेह नहीं बनाया जाता।
हेडली के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भारत अपनी मांग को जारी रखेगा हालांकि हम समझते हैं कि अमेरिका को अपने कानूनी ढांचे के तहत काम करना है।
हेडली के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भारत अपनी मांग को जारी रखेगा हालांकि हम समझते हैं कि अमेरिका को अपने कानूनी ढांचे के तहत काम करना है। | यहाँ एक सारांश है:भारत ने अमेरिका की ओर से लश्कर-ए-तैयबा आतंकी डेविड हेडली को प्रत्यर्पित करने से इनकार करने पर निराशा व्यक्त की है, साथ ही मुम्बई पर 26/11 आतंकी हमले में उसकी भूमिका के लिए उसे यहां लाने की अपनी मांग को आगे जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऐसा कई फिल्मों देखा गया है. लेकिन असल जिंदगी में पहली बार देखने को मिला है. बिहार के नवादा जिले के गांव शाहपुर की रहने वाली पिंकी ससुरालवालों के अत्याचार से तंग आ चुकी थी. पिंकी की शादी गया जिले के गांव रैसिर में उसकी शादी हुई थी. उसका कहना था कि उसके साथ में ससुराल में मारपीट की जाती थी और वह लोग उसे पागल करार देना चाहते थे. रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया. वह खुदकुशी के लिए घर निकल पड़ी. पिंकी ने ट्रेन से कटकर जान देने का इरादा कर लिया था.
लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रास्ते में उसकी मुलाकात पास के ही गांव बकड़झोली के रहने अखिलेश मांझी से हो गई. अखिलेश ने बातों-बातों में जान लिया था कि पिंकी कुछ गलत करने जा रही है. इसके बाद अखिलेश ने पिंकी को खूब समझाया और उसे अपने घर ले आया. इधर पिंकी के ससुराल और मायकेवालों ने उसके गायब होने की सूचना अपने-अपने इलाके के थाने में दर्ज करवा दिया.
कुछ दिनों बाद पता चला कि पिंकी बकड़झोली में किसी के साथ रहती है. जब परिजन उसे लेने पहुंचे तो पता लगा कि पिंकी ने अखिलेश से शादी कर ली है. इतना ही नहीं अखिलेश के पिता और पूरे परिवार ने पिंकी को बहू को तौर स्वीकार कर लिया था.
गांववालों ने बताया कि अखिलेश और पिंकी ने दूसरे दिन ही गांव के मंदिर में शादी कर ली थी ताकि कोई उनके ऊपर सवाल न खड़ा कर सके.
हालांकि दोनों की शादी अंतरजातीय है. कुछ लोगों ने इस बात को भी मुद्दा बनाने की कोशिश की है. लेकिन अखिलेश के परिजनों का इसका कोई असर पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है. वहीं कुछ लोग पिंकी और अखिलेश के फैसले की तारीफ भी कर रहे हैं उनका कहना है कि पिंकी ने जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला कर बहुत अच्छा किया है. | संक्षिप्त सारांश: ससुराल की प्रताड़ना से तंग से आ चुकी थी लड़की
ट्रेन से कटकर जान देने का कर लिया था फैसला
रास्ते में मिल गया एक युवक और उससे हो गया प्यार | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के सराय काले खां में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। फिलहाल जो जानकारी मिल रही है कि महिला बस स्टैंड पर खड़ी थी तभी नशे में धुत एक युवक उसके पास आया और उससे ज़बर्दस्ती करने की कोशिश की।
लड़का उसे अपने साथ ले जाना चाहता था, जब महिला ने उसका विरोध किया तो उस युवक ने महिला को दो गोली मारी। महिला को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक दोनों एक दूसरे को पहचानते थे। दोनों ही भजनपुरा के रहनेवाले थे।
आस-पास खड़े लोगों ने आरोपी को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
शुरुआती खबरों के अनुसार पूर्वी दिल्ली में भजनपुरा की निवासी पूजा का पहले आरोपी मुंशी यादव के साथ झगड़ा हुआ। इसी दौरान उसने पूजा को गोली मार दी। पूजा को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। मुंशी को भीड़ ने तुरंत पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया।
सामूहिक बलात्कार कांड के बाद इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने कहा कि यह वारदात उस वक्त हुई जब पूजा नाम की एक महिला अंतरराज्यीय बस अड्डे और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटे सराय काले खां में रिंग रोड पर अपने पति मोहन प्रसाद के साथ थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमलावर की पहचान बिहार के रहने वाले मुंशी यादव के तौर पर हुई है। यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि पीड़िता और हमलावर एक दूसरे को जानते थे और यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा लगती है।
अधिकारी ने कहा, ‘वह कथित तौर पर नशे में था। उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया तो महिला ने ऐतराज जताया। इससे नाराज आरोपी ने महिला पर गोली चला दी। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।’टिप्पणियां
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
लड़का उसे अपने साथ ले जाना चाहता था, जब महिला ने उसका विरोध किया तो उस युवक ने महिला को दो गोली मारी। महिला को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक दोनों एक दूसरे को पहचानते थे। दोनों ही भजनपुरा के रहनेवाले थे।
आस-पास खड़े लोगों ने आरोपी को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
शुरुआती खबरों के अनुसार पूर्वी दिल्ली में भजनपुरा की निवासी पूजा का पहले आरोपी मुंशी यादव के साथ झगड़ा हुआ। इसी दौरान उसने पूजा को गोली मार दी। पूजा को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। मुंशी को भीड़ ने तुरंत पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया।
सामूहिक बलात्कार कांड के बाद इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने कहा कि यह वारदात उस वक्त हुई जब पूजा नाम की एक महिला अंतरराज्यीय बस अड्डे और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटे सराय काले खां में रिंग रोड पर अपने पति मोहन प्रसाद के साथ थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमलावर की पहचान बिहार के रहने वाले मुंशी यादव के तौर पर हुई है। यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि पीड़िता और हमलावर एक दूसरे को जानते थे और यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा लगती है।
अधिकारी ने कहा, ‘वह कथित तौर पर नशे में था। उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया तो महिला ने ऐतराज जताया। इससे नाराज आरोपी ने महिला पर गोली चला दी। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।’टिप्पणियां
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
आस-पास खड़े लोगों ने आरोपी को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
शुरुआती खबरों के अनुसार पूर्वी दिल्ली में भजनपुरा की निवासी पूजा का पहले आरोपी मुंशी यादव के साथ झगड़ा हुआ। इसी दौरान उसने पूजा को गोली मार दी। पूजा को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। मुंशी को भीड़ ने तुरंत पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया।
सामूहिक बलात्कार कांड के बाद इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने कहा कि यह वारदात उस वक्त हुई जब पूजा नाम की एक महिला अंतरराज्यीय बस अड्डे और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटे सराय काले खां में रिंग रोड पर अपने पति मोहन प्रसाद के साथ थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमलावर की पहचान बिहार के रहने वाले मुंशी यादव के तौर पर हुई है। यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि पीड़िता और हमलावर एक दूसरे को जानते थे और यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा लगती है।
अधिकारी ने कहा, ‘वह कथित तौर पर नशे में था। उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया तो महिला ने ऐतराज जताया। इससे नाराज आरोपी ने महिला पर गोली चला दी। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।’टिप्पणियां
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
शुरुआती खबरों के अनुसार पूर्वी दिल्ली में भजनपुरा की निवासी पूजा का पहले आरोपी मुंशी यादव के साथ झगड़ा हुआ। इसी दौरान उसने पूजा को गोली मार दी। पूजा को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। मुंशी को भीड़ ने तुरंत पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया।
सामूहिक बलात्कार कांड के बाद इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने कहा कि यह वारदात उस वक्त हुई जब पूजा नाम की एक महिला अंतरराज्यीय बस अड्डे और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटे सराय काले खां में रिंग रोड पर अपने पति मोहन प्रसाद के साथ थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमलावर की पहचान बिहार के रहने वाले मुंशी यादव के तौर पर हुई है। यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि पीड़िता और हमलावर एक दूसरे को जानते थे और यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा लगती है।
अधिकारी ने कहा, ‘वह कथित तौर पर नशे में था। उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया तो महिला ने ऐतराज जताया। इससे नाराज आरोपी ने महिला पर गोली चला दी। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।’टिप्पणियां
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
सामूहिक बलात्कार कांड के बाद इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने कहा कि यह वारदात उस वक्त हुई जब पूजा नाम की एक महिला अंतरराज्यीय बस अड्डे और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटे सराय काले खां में रिंग रोड पर अपने पति मोहन प्रसाद के साथ थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमलावर की पहचान बिहार के रहने वाले मुंशी यादव के तौर पर हुई है। यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि पीड़िता और हमलावर एक दूसरे को जानते थे और यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा लगती है।
अधिकारी ने कहा, ‘वह कथित तौर पर नशे में था। उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया तो महिला ने ऐतराज जताया। इससे नाराज आरोपी ने महिला पर गोली चला दी। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।’टिप्पणियां
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
पुलिस ने कहा कि यह वारदात उस वक्त हुई जब पूजा नाम की एक महिला अंतरराज्यीय बस अड्डे और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटे सराय काले खां में रिंग रोड पर अपने पति मोहन प्रसाद के साथ थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमलावर की पहचान बिहार के रहने वाले मुंशी यादव के तौर पर हुई है। यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि पीड़िता और हमलावर एक दूसरे को जानते थे और यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा लगती है।
अधिकारी ने कहा, ‘वह कथित तौर पर नशे में था। उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया तो महिला ने ऐतराज जताया। इससे नाराज आरोपी ने महिला पर गोली चला दी। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।’टिप्पणियां
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमलावर की पहचान बिहार के रहने वाले मुंशी यादव के तौर पर हुई है। यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि पीड़िता और हमलावर एक दूसरे को जानते थे और यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा लगती है।
अधिकारी ने कहा, ‘वह कथित तौर पर नशे में था। उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया तो महिला ने ऐतराज जताया। इससे नाराज आरोपी ने महिला पर गोली चला दी। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।’टिप्पणियां
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
पुलिस ने कहा कि पीड़िता और हमलावर एक दूसरे को जानते थे और यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा लगती है।
अधिकारी ने कहा, ‘वह कथित तौर पर नशे में था। उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया तो महिला ने ऐतराज जताया। इससे नाराज आरोपी ने महिला पर गोली चला दी। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।’टिप्पणियां
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
अधिकारी ने कहा, ‘वह कथित तौर पर नशे में था। उसने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया तो महिला ने ऐतराज जताया। इससे नाराज आरोपी ने महिला पर गोली चला दी। मौके पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।’टिप्पणियां
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
चश्मदीदों ने बताया कि राहगीरों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से 100 मीटर की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी है। पीसीआर वैन घटना के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुंच गई। घटना रात के करीब आठ बजे हुई।
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’
राकेश कुमार नाम के एक चश्मदीद ने बताया कि उसने महिला और हमलावर को किसी मुद्दे पर बहस करते सुना था। कुमार ने बताया कि हमलावर के पास एक देसी पिस्तौल थी। उसने बताया, ‘हमने उसकी जेब में कुछ गोलियां देखीं।’ | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली के सराय काले खां में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। फिलहाल जो जानकारी मिल रही है कि महिला बस स्टैंड पर खड़ी थी तभी नशे में धुत एक युवक उसके पास आया और उससे ज़बर्दस्ती करने की कोशिश की। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अफजल गुरु को फांसी दिए जाने की निंदा की, वहीं, उनके पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के प्रमुख फारुख अब्दुल्ला ने साफ कहा कि पूरी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही फांसी दी गई है।
अफजल के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अफजल गुरु को फांसी दिए जाने से पहले उन्हें मिलने का अवसर तक नहीं दिया गया।
गौरतलब है कि संसद पर हमला करने आए आतंकियों को पूरे हथियार मुहैया कराने का आरोप अफजल गुरु पर साबित हुआ था।
बता दें कि केंद्र की यूपीए सरकार में नेशनल कॉन्फ्रेंस साझेदार है।
उमर ने अपने बयान में कहा था कि यह समझ से परे है कि अफजल को अंतिम बार अपने परिजनों से मिलने नहीं दिया गया। उमर का आरोप यहां तक है कि अफजल को फांसी दिए जाने के पीछे राजनीतिक कारण हैं।
उमर का कहना है कि इस घटना का राज्य की कानून व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। उनका कहना है कि राज्य में तमाम लोगों का यह मानना है कि अफजल गुरु के मामले में निष्पक्ष तरीके से सुनवाई नहीं हुई। राज्य के तमाम लोग इस बात से भी नाराज हैं कि अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में ही दफना दिया गया। टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आखिर अफजल को जल्दबाजी में फांसी क्यों दी गई जबकि राजीव गांधी के हत्यारों और मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे अभी भी जिंदा है।
फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि अफजल गुरु को तमाम कोर्टों ने सजा सुनाई। राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी। मामला खत्म हो गया। राज्य की क्या स्थिति है यह मुख्यमंत्री जानते हैं।
अफजल के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अफजल गुरु को फांसी दिए जाने से पहले उन्हें मिलने का अवसर तक नहीं दिया गया।
गौरतलब है कि संसद पर हमला करने आए आतंकियों को पूरे हथियार मुहैया कराने का आरोप अफजल गुरु पर साबित हुआ था।
बता दें कि केंद्र की यूपीए सरकार में नेशनल कॉन्फ्रेंस साझेदार है।
उमर ने अपने बयान में कहा था कि यह समझ से परे है कि अफजल को अंतिम बार अपने परिजनों से मिलने नहीं दिया गया। उमर का आरोप यहां तक है कि अफजल को फांसी दिए जाने के पीछे राजनीतिक कारण हैं।
उमर का कहना है कि इस घटना का राज्य की कानून व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। उनका कहना है कि राज्य में तमाम लोगों का यह मानना है कि अफजल गुरु के मामले में निष्पक्ष तरीके से सुनवाई नहीं हुई। राज्य के तमाम लोग इस बात से भी नाराज हैं कि अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में ही दफना दिया गया। टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आखिर अफजल को जल्दबाजी में फांसी क्यों दी गई जबकि राजीव गांधी के हत्यारों और मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे अभी भी जिंदा है।
फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि अफजल गुरु को तमाम कोर्टों ने सजा सुनाई। राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी। मामला खत्म हो गया। राज्य की क्या स्थिति है यह मुख्यमंत्री जानते हैं।
गौरतलब है कि संसद पर हमला करने आए आतंकियों को पूरे हथियार मुहैया कराने का आरोप अफजल गुरु पर साबित हुआ था।
बता दें कि केंद्र की यूपीए सरकार में नेशनल कॉन्फ्रेंस साझेदार है।
उमर ने अपने बयान में कहा था कि यह समझ से परे है कि अफजल को अंतिम बार अपने परिजनों से मिलने नहीं दिया गया। उमर का आरोप यहां तक है कि अफजल को फांसी दिए जाने के पीछे राजनीतिक कारण हैं।
उमर का कहना है कि इस घटना का राज्य की कानून व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। उनका कहना है कि राज्य में तमाम लोगों का यह मानना है कि अफजल गुरु के मामले में निष्पक्ष तरीके से सुनवाई नहीं हुई। राज्य के तमाम लोग इस बात से भी नाराज हैं कि अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में ही दफना दिया गया। टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आखिर अफजल को जल्दबाजी में फांसी क्यों दी गई जबकि राजीव गांधी के हत्यारों और मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे अभी भी जिंदा है।
फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि अफजल गुरु को तमाम कोर्टों ने सजा सुनाई। राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी। मामला खत्म हो गया। राज्य की क्या स्थिति है यह मुख्यमंत्री जानते हैं।
उमर ने अपने बयान में कहा था कि यह समझ से परे है कि अफजल को अंतिम बार अपने परिजनों से मिलने नहीं दिया गया। उमर का आरोप यहां तक है कि अफजल को फांसी दिए जाने के पीछे राजनीतिक कारण हैं।
उमर का कहना है कि इस घटना का राज्य की कानून व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। उनका कहना है कि राज्य में तमाम लोगों का यह मानना है कि अफजल गुरु के मामले में निष्पक्ष तरीके से सुनवाई नहीं हुई। राज्य के तमाम लोग इस बात से भी नाराज हैं कि अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में ही दफना दिया गया। टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आखिर अफजल को जल्दबाजी में फांसी क्यों दी गई जबकि राजीव गांधी के हत्यारों और मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे अभी भी जिंदा है।
फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि अफजल गुरु को तमाम कोर्टों ने सजा सुनाई। राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी। मामला खत्म हो गया। राज्य की क्या स्थिति है यह मुख्यमंत्री जानते हैं।
उमर का कहना है कि इस घटना का राज्य की कानून व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। उनका कहना है कि राज्य में तमाम लोगों का यह मानना है कि अफजल गुरु के मामले में निष्पक्ष तरीके से सुनवाई नहीं हुई। राज्य के तमाम लोग इस बात से भी नाराज हैं कि अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में ही दफना दिया गया। टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आखिर अफजल को जल्दबाजी में फांसी क्यों दी गई जबकि राजीव गांधी के हत्यारों और मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे अभी भी जिंदा है।
फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि अफजल गुरु को तमाम कोर्टों ने सजा सुनाई। राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी। मामला खत्म हो गया। राज्य की क्या स्थिति है यह मुख्यमंत्री जानते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आखिर अफजल को जल्दबाजी में फांसी क्यों दी गई जबकि राजीव गांधी के हत्यारों और मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे अभी भी जिंदा है।
फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि अफजल गुरु को तमाम कोर्टों ने सजा सुनाई। राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी। मामला खत्म हो गया। राज्य की क्या स्थिति है यह मुख्यमंत्री जानते हैं।
फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि अफजल गुरु को तमाम कोर्टों ने सजा सुनाई। राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी। मामला खत्म हो गया। राज्य की क्या स्थिति है यह मुख्यमंत्री जानते हैं। | यहाँ एक सारांश है:जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अफजल गुरु को फांसी दिए जाने की निंदा की, वहीं, उनके पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के प्रमुख फारुख अब्दुल्ला ने साफ कहा कि पूरी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही फांसी दी गई है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इराक की राजधानी बगदाद के समीपवर्ती शिया बहुल इलाकों में सोमवार को कार बम हमलों में कम से कम 66 लोग मारे गए जबकि कई अन्य घायल हो गए। दोपहर से ये हमले शुरू हुए।
इस रक्तपात की किसी भी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन हमलों के स्वरूप से लगता है कि यह अलकायदा की इराकी शाखा का कृत्य हो सकता है।
इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक नामक संगठन शिया की अगुवाई वाली सरकार में इराकियों का विश्वास कम करने के प्रयास के तहत अक्सर कार बम और इस तरह के समन्वित धमाके करता है।टिप्पणियां
सबसे घातक हमला सद्र जिले के समीप हबीबिया में हुआ जहां दो बम धमाके हुए। इन धमाकों में 12 लोगों की जान चली गयी और 35 घायल हो गए।
अल मालिफ इलाके में बम धमाकों में पांच की मौत हो गयी जबकि 12 अन्य घायल हो गए। सादौन स्ट्रीट में कार बम हमले में पांच नागरिक मारे गए जबकि 13 अन्य घायल हुए। इसी तरह कई अन्य बम हमले हुए।
इस रक्तपात की किसी भी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन हमलों के स्वरूप से लगता है कि यह अलकायदा की इराकी शाखा का कृत्य हो सकता है।
इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक नामक संगठन शिया की अगुवाई वाली सरकार में इराकियों का विश्वास कम करने के प्रयास के तहत अक्सर कार बम और इस तरह के समन्वित धमाके करता है।टिप्पणियां
सबसे घातक हमला सद्र जिले के समीप हबीबिया में हुआ जहां दो बम धमाके हुए। इन धमाकों में 12 लोगों की जान चली गयी और 35 घायल हो गए।
अल मालिफ इलाके में बम धमाकों में पांच की मौत हो गयी जबकि 12 अन्य घायल हो गए। सादौन स्ट्रीट में कार बम हमले में पांच नागरिक मारे गए जबकि 13 अन्य घायल हुए। इसी तरह कई अन्य बम हमले हुए।
इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक नामक संगठन शिया की अगुवाई वाली सरकार में इराकियों का विश्वास कम करने के प्रयास के तहत अक्सर कार बम और इस तरह के समन्वित धमाके करता है।टिप्पणियां
सबसे घातक हमला सद्र जिले के समीप हबीबिया में हुआ जहां दो बम धमाके हुए। इन धमाकों में 12 लोगों की जान चली गयी और 35 घायल हो गए।
अल मालिफ इलाके में बम धमाकों में पांच की मौत हो गयी जबकि 12 अन्य घायल हो गए। सादौन स्ट्रीट में कार बम हमले में पांच नागरिक मारे गए जबकि 13 अन्य घायल हुए। इसी तरह कई अन्य बम हमले हुए।
सबसे घातक हमला सद्र जिले के समीप हबीबिया में हुआ जहां दो बम धमाके हुए। इन धमाकों में 12 लोगों की जान चली गयी और 35 घायल हो गए।
अल मालिफ इलाके में बम धमाकों में पांच की मौत हो गयी जबकि 12 अन्य घायल हो गए। सादौन स्ट्रीट में कार बम हमले में पांच नागरिक मारे गए जबकि 13 अन्य घायल हुए। इसी तरह कई अन्य बम हमले हुए।
अल मालिफ इलाके में बम धमाकों में पांच की मौत हो गयी जबकि 12 अन्य घायल हो गए। सादौन स्ट्रीट में कार बम हमले में पांच नागरिक मारे गए जबकि 13 अन्य घायल हुए। इसी तरह कई अन्य बम हमले हुए। | संक्षिप्त सारांश: इराक की राजधानी बगदाद के समीपवर्ती शिया बहुल इलाकों में सोमवार को कार बम हमलों में कम से कम 66 लोग मारे गए जबकि कई अन्य घायल हो गए। दोपहर से ये हमले शुरू हुए। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत में गरीबों की तादाद भले ही सबसे अधिक हो लेकिन भारतीयों की औसत संपत्ति पिछले 10 साल में लगभग तिगुनी हो कर 5,500 डॉलर (करीब 2.70 लाख रुपये) तक पहुंच गई है। इसी के चलते भारत वैश्विक संपत्ति में योगदान करने वाल छठा सबसे बड़ा देश बन गया है। यह बात निवेश बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख संस्था क्रेडिट सुईस की वैश्विक संपत्ति रपट में कही गई। हालांकि भारतीयों की औसत संपत्ति 51,000 डॉलर के वैश्विक औसत से बहुत कम और स्विट्जरलैंड के प्रति व्यक्ति 5,40,010 डॉलर की एक फीसद के बराबर है। भारत में साल 2000 में प्रति व्यक्ति संपत्ति 2,000 डॉलर थी जो फिलहाल बढ़कर 5,500 डॉलर हो गई लेकिन संपत्ति वितरण अभी भी बहुत बेतरतीब है और यहां गरीबी बहुत अधिक है। क्रेडिट सुईस ने अपनी रपट में कहा भातर में संपत्ति बढ़ रही है और मध्य वर्ग व संपन्न लोगों की तादाद बढ़ रही है हालांकि हर किसी की इस वृद्धि में हिस्सेदारी नहीं है और अभी भी बहुत अधिक गरीबी है। रपट के मुताबिक भारत में 43 फीसद वयस्कों की संपत्ति 1,000 डॉलर से कम है जबकि विश्व में औसत 27 फीसद लोगों की सम्पत्ति 1,000 डॉलर से नीचे है। भारतीय जनसंख्या का बहुत छोटा वर्ग :0.4 फीसद: ही है जिसकी निवल परिसंपत्ति 1,00,000 डॉलर से उपर है। भारत समेत उभरती अर्थव्यवस्थाओं के योगदान के कारण वैश्विक संपत्ति जनवरी 2010 से 14 फीसद बढ़कर जून 2011 में 231,000 अबर डॉलर हो गई। | संक्षिप्त पाठ: भारत वैश्विक संपत्ति में योगदान करने वाल छठा सबसे बड़ा देश बन गया है। यह बात क्रेडिट सुईस नाम की संस्था की वैश्विक संपत्ति रपट में कही गई है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ड्रग प्रकरण में फंसे ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह को खेल मंत्रालय के दबाव के कारण आज नाडा अधिकारियों को प्रतियोगिता से इतर डोप परीक्षण देना पड़ा।
लगभग एक महीने पहले इस प्रकरण के खुलासे के बाद से ही विजेंदर ने डोप परीक्षण देने से इनकार कर दिया था। इस मुक्केबाज के मूत्र और रक्त के नमूनों को बुधवार की सुबह लिया गया लेकिन पता चला है कि परीक्षण विशेष रूप से हेरोइन के लिये नहीं होगा।
केंद्रीय खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने विजेंदर के डोप परीक्षण देने का खुलासा किया। उन्होंने इस मुक्केबाज को दोषी पाये जाने पर रिहैबिलिटेशन से गुजरने की सलाह भी दी। मंत्री ने कहा, ‘‘नाडा ने आज सुबह विजेंदर के नमूने लिये। विजेंदर और अन्य मुक्केबाजों के रक्त और मूत्र के नमूने लिये गए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कार्रवाई पर कोई फैसला करने से पहले परिणाम का इंतजार करूंगा। मैं कोई कयास नहीं लगाना चाहता। लेकिन यदि विजेंदर ने गलती की है तो निश्चित तौर पर उसे सजा मिलनी चाहिए लेकिन इसके बाद उसका रिहैबिलिटेशन शुरू होना चाहिए।’’
सिंह ने कहा, ‘‘हमें यह देखने की जरूरत है कि हमारे खिलाड़ी रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम में भाग लें ताकि भविष्य में वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें।’’
नाडा के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि विजेंदर के रक्त और मूत्र के नमूने आज लिए गए लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया।
नाडा जो कि स्वायत्त संस्था है, वह विजेंदर का प्रतियोगिता से इतर डोप परीक्षण करने लिये तैयार थी लेकिन उसने विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के नियमों का हवाला देकर हेरोइन की जांच का परीक्षण करने में असमर्थता जतायी थी।टिप्पणियां
जितेंद्र ने कहा, ‘‘वाडा मंत्रालय को परीक्षण के लिये कहने से नहीं रोकता।’’ अब भी हालांकि पक्के तौर पर यह पता नहीं चला कि किस तरह का परीक्षण किया गया क्योंकि खेल मंत्रालय और नाडा अधिकारियों दोनों ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
नाडा अधिकारी से पूछा गया कि क्या विजेंदर का हेराइन के लिए परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह गोपनीय मसला है। वाडा नियमों के अनुसार हम परीक्षणों के बारे में खुलासा नहीं कर सकते।’’
लगभग एक महीने पहले इस प्रकरण के खुलासे के बाद से ही विजेंदर ने डोप परीक्षण देने से इनकार कर दिया था। इस मुक्केबाज के मूत्र और रक्त के नमूनों को बुधवार की सुबह लिया गया लेकिन पता चला है कि परीक्षण विशेष रूप से हेरोइन के लिये नहीं होगा।
केंद्रीय खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने विजेंदर के डोप परीक्षण देने का खुलासा किया। उन्होंने इस मुक्केबाज को दोषी पाये जाने पर रिहैबिलिटेशन से गुजरने की सलाह भी दी। मंत्री ने कहा, ‘‘नाडा ने आज सुबह विजेंदर के नमूने लिये। विजेंदर और अन्य मुक्केबाजों के रक्त और मूत्र के नमूने लिये गए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कार्रवाई पर कोई फैसला करने से पहले परिणाम का इंतजार करूंगा। मैं कोई कयास नहीं लगाना चाहता। लेकिन यदि विजेंदर ने गलती की है तो निश्चित तौर पर उसे सजा मिलनी चाहिए लेकिन इसके बाद उसका रिहैबिलिटेशन शुरू होना चाहिए।’’
सिंह ने कहा, ‘‘हमें यह देखने की जरूरत है कि हमारे खिलाड़ी रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम में भाग लें ताकि भविष्य में वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें।’’
नाडा के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि विजेंदर के रक्त और मूत्र के नमूने आज लिए गए लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया।
नाडा जो कि स्वायत्त संस्था है, वह विजेंदर का प्रतियोगिता से इतर डोप परीक्षण करने लिये तैयार थी लेकिन उसने विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के नियमों का हवाला देकर हेरोइन की जांच का परीक्षण करने में असमर्थता जतायी थी।टिप्पणियां
जितेंद्र ने कहा, ‘‘वाडा मंत्रालय को परीक्षण के लिये कहने से नहीं रोकता।’’ अब भी हालांकि पक्के तौर पर यह पता नहीं चला कि किस तरह का परीक्षण किया गया क्योंकि खेल मंत्रालय और नाडा अधिकारियों दोनों ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
नाडा अधिकारी से पूछा गया कि क्या विजेंदर का हेराइन के लिए परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह गोपनीय मसला है। वाडा नियमों के अनुसार हम परीक्षणों के बारे में खुलासा नहीं कर सकते।’’
केंद्रीय खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने विजेंदर के डोप परीक्षण देने का खुलासा किया। उन्होंने इस मुक्केबाज को दोषी पाये जाने पर रिहैबिलिटेशन से गुजरने की सलाह भी दी। मंत्री ने कहा, ‘‘नाडा ने आज सुबह विजेंदर के नमूने लिये। विजेंदर और अन्य मुक्केबाजों के रक्त और मूत्र के नमूने लिये गए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कार्रवाई पर कोई फैसला करने से पहले परिणाम का इंतजार करूंगा। मैं कोई कयास नहीं लगाना चाहता। लेकिन यदि विजेंदर ने गलती की है तो निश्चित तौर पर उसे सजा मिलनी चाहिए लेकिन इसके बाद उसका रिहैबिलिटेशन शुरू होना चाहिए।’’
सिंह ने कहा, ‘‘हमें यह देखने की जरूरत है कि हमारे खिलाड़ी रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम में भाग लें ताकि भविष्य में वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें।’’
नाडा के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि विजेंदर के रक्त और मूत्र के नमूने आज लिए गए लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया।
नाडा जो कि स्वायत्त संस्था है, वह विजेंदर का प्रतियोगिता से इतर डोप परीक्षण करने लिये तैयार थी लेकिन उसने विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के नियमों का हवाला देकर हेरोइन की जांच का परीक्षण करने में असमर्थता जतायी थी।टिप्पणियां
जितेंद्र ने कहा, ‘‘वाडा मंत्रालय को परीक्षण के लिये कहने से नहीं रोकता।’’ अब भी हालांकि पक्के तौर पर यह पता नहीं चला कि किस तरह का परीक्षण किया गया क्योंकि खेल मंत्रालय और नाडा अधिकारियों दोनों ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
नाडा अधिकारी से पूछा गया कि क्या विजेंदर का हेराइन के लिए परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह गोपनीय मसला है। वाडा नियमों के अनुसार हम परीक्षणों के बारे में खुलासा नहीं कर सकते।’’
सिंह ने कहा, ‘‘हमें यह देखने की जरूरत है कि हमारे खिलाड़ी रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम में भाग लें ताकि भविष्य में वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें।’’
नाडा के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि विजेंदर के रक्त और मूत्र के नमूने आज लिए गए लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया।
नाडा जो कि स्वायत्त संस्था है, वह विजेंदर का प्रतियोगिता से इतर डोप परीक्षण करने लिये तैयार थी लेकिन उसने विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के नियमों का हवाला देकर हेरोइन की जांच का परीक्षण करने में असमर्थता जतायी थी।टिप्पणियां
जितेंद्र ने कहा, ‘‘वाडा मंत्रालय को परीक्षण के लिये कहने से नहीं रोकता।’’ अब भी हालांकि पक्के तौर पर यह पता नहीं चला कि किस तरह का परीक्षण किया गया क्योंकि खेल मंत्रालय और नाडा अधिकारियों दोनों ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
नाडा अधिकारी से पूछा गया कि क्या विजेंदर का हेराइन के लिए परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह गोपनीय मसला है। वाडा नियमों के अनुसार हम परीक्षणों के बारे में खुलासा नहीं कर सकते।’’
नाडा के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि विजेंदर के रक्त और मूत्र के नमूने आज लिए गए लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया।
नाडा जो कि स्वायत्त संस्था है, वह विजेंदर का प्रतियोगिता से इतर डोप परीक्षण करने लिये तैयार थी लेकिन उसने विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के नियमों का हवाला देकर हेरोइन की जांच का परीक्षण करने में असमर्थता जतायी थी।टिप्पणियां
जितेंद्र ने कहा, ‘‘वाडा मंत्रालय को परीक्षण के लिये कहने से नहीं रोकता।’’ अब भी हालांकि पक्के तौर पर यह पता नहीं चला कि किस तरह का परीक्षण किया गया क्योंकि खेल मंत्रालय और नाडा अधिकारियों दोनों ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
नाडा अधिकारी से पूछा गया कि क्या विजेंदर का हेराइन के लिए परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह गोपनीय मसला है। वाडा नियमों के अनुसार हम परीक्षणों के बारे में खुलासा नहीं कर सकते।’’
नाडा जो कि स्वायत्त संस्था है, वह विजेंदर का प्रतियोगिता से इतर डोप परीक्षण करने लिये तैयार थी लेकिन उसने विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के नियमों का हवाला देकर हेरोइन की जांच का परीक्षण करने में असमर्थता जतायी थी।टिप्पणियां
जितेंद्र ने कहा, ‘‘वाडा मंत्रालय को परीक्षण के लिये कहने से नहीं रोकता।’’ अब भी हालांकि पक्के तौर पर यह पता नहीं चला कि किस तरह का परीक्षण किया गया क्योंकि खेल मंत्रालय और नाडा अधिकारियों दोनों ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
नाडा अधिकारी से पूछा गया कि क्या विजेंदर का हेराइन के लिए परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह गोपनीय मसला है। वाडा नियमों के अनुसार हम परीक्षणों के बारे में खुलासा नहीं कर सकते।’’
जितेंद्र ने कहा, ‘‘वाडा मंत्रालय को परीक्षण के लिये कहने से नहीं रोकता।’’ अब भी हालांकि पक्के तौर पर यह पता नहीं चला कि किस तरह का परीक्षण किया गया क्योंकि खेल मंत्रालय और नाडा अधिकारियों दोनों ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
नाडा अधिकारी से पूछा गया कि क्या विजेंदर का हेराइन के लिए परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह गोपनीय मसला है। वाडा नियमों के अनुसार हम परीक्षणों के बारे में खुलासा नहीं कर सकते।’’
नाडा अधिकारी से पूछा गया कि क्या विजेंदर का हेराइन के लिए परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह गोपनीय मसला है। वाडा नियमों के अनुसार हम परीक्षणों के बारे में खुलासा नहीं कर सकते।’’ | यह एक सारांश है: लगभग एक महीने पहले इस प्रकरण के खुलासे के बाद से ही विजेंदर ने डोप परीक्षण देने से इनकार कर दिया था। इस मुक्केबाज के मूत्र और रक्त के नमूनों को बुधवार की सुबह लिया गया लेकिन पता चला है कि परीक्षण विशेष रूप से हेरोइन के लिये नहीं होगा। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जब वह तैयार होकर बैठते थे तो नेट सत्र में सभी की नजरें सचिन रमेश तेंदुलकर पर होती थी लेकिन आज एक युवा और लंबे तेंदुलकर ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. यह और कोई नहीं बल्कि सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर थे. भारतीय मीडिया का एक समूह आज दक्षिण अफ्रीका के वैकल्पिक अभ्यास सत्र के लिए लार्ड्स क्रिकेट मैदान पर पहुंचा था. यहां चैंपियंस ट्रॉफी का कोई मैच नहीं होना है लिहाजा क्रिकेट के मुरीदों के लिये क्रिकेट के मक्का का दौरा करने का यह सुनहरा मौका था.टिप्पणियां
हर कोई माहौल में डूब रहा था, तभी एक युवा को नेट के पास क्रिकेट के सामान की दुकान पर देखा गया. करीब छह फुट से अधिक लंबे अर्जुन यहां अभ्यास के लिए आये था. पिछले कुछ साल से हर गर्मियों में वह यहां अभ्यास के लिये आते हैं. जैसे ही पत्रकारों ने तस्वीरें लेनी शुरू की, अर्जुन के चेहरे पर झुंझलाहट नजर आने लगी. वह तुरंत नेट्स पर चला गया जहां कोच से बात करके स्पिनरों के खिलाफ बल्लेबाजी शुरू की.मीडिया उन्हें अभ्यास करते देखने रुक गए और अर्जुन भी पलटकर मुस्कुराते नजर आए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हर कोई माहौल में डूब रहा था, तभी एक युवा को नेट के पास क्रिकेट के सामान की दुकान पर देखा गया. करीब छह फुट से अधिक लंबे अर्जुन यहां अभ्यास के लिए आये था. पिछले कुछ साल से हर गर्मियों में वह यहां अभ्यास के लिये आते हैं. जैसे ही पत्रकारों ने तस्वीरें लेनी शुरू की, अर्जुन के चेहरे पर झुंझलाहट नजर आने लगी. वह तुरंत नेट्स पर चला गया जहां कोच से बात करके स्पिनरों के खिलाफ बल्लेबाजी शुरू की.मीडिया उन्हें अभ्यास करते देखने रुक गए और अर्जुन भी पलटकर मुस्कुराते नजर आए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सबकी निगाहों का केंद्र रहा यह 'जूनियर तेंदुलकर'
अर्जुन तेंदुलकर ने स्पिनरों के खिलाफ बल्लेबाजी प्रारंभ की
उन्हें अभ्यास करते हुए देखने के लिए रुक गया मीडिया | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार की तरफ से कहा गया है कि एक रुपये का नया नोट जल्द ही जारी किया जाएगा. यह अपने पिछले स्वरूप की तुलना में एक अलग रंग का होगा और इस पर सागर सम्राट तेल अन्वेषण योजना की छवि होगी. एक अधिकारी ने यह बात कही.
बीते वर्ष नवंबर माह में विमुद्रीकरण के बाद से सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली यह तीसरी नई मुद्रा होगी. सरकार ने विमुद्रीकरण के दौरान 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को अचानक बंद कर दिया था.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते साल 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद अपडेटिड सिक्योरिटी फीचर्स के साथ 2,000 और 500 रुपये के नए नोट लाए गए थे.
अधिकारियों ने कहा कि एक रुपये का नोट गुलाबी और हरे रंग की थीम पर होगा. नोट में 15 भाषाओं में संख्या '1' भी लिखी होगी.
बीते वर्ष नवंबर माह में विमुद्रीकरण के बाद से सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली यह तीसरी नई मुद्रा होगी. सरकार ने विमुद्रीकरण के दौरान 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को अचानक बंद कर दिया था.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते साल 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद अपडेटिड सिक्योरिटी फीचर्स के साथ 2,000 और 500 रुपये के नए नोट लाए गए थे.
अधिकारियों ने कहा कि एक रुपये का नोट गुलाबी और हरे रंग की थीम पर होगा. नोट में 15 भाषाओं में संख्या '1' भी लिखी होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते साल 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद अपडेटिड सिक्योरिटी फीचर्स के साथ 2,000 और 500 रुपये के नए नोट लाए गए थे.
अधिकारियों ने कहा कि एक रुपये का नोट गुलाबी और हरे रंग की थीम पर होगा. नोट में 15 भाषाओं में संख्या '1' भी लिखी होगी.
अधिकारियों ने कहा कि एक रुपये का नोट गुलाबी और हरे रंग की थीम पर होगा. नोट में 15 भाषाओं में संख्या '1' भी लिखी होगी. | यहाँ एक सारांश है:नोट पर सागर सम्राट तेल अन्वेषण योजना की छवि होगी.
मोदी सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली यह तीसरी नई मुद्रा होगी.
नोट में 15 भाषाओं में संख्या '1' भी लिखी होगी. | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बराक ओबामा लगातार दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए हैं। उन्होंने चुनाव में जीत हासिल करने के बाद ट्विटर पर लिखा, "चार साल और।" ओबामा ने अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी को करीबी टक्कर देकर जीत हासिल करने के कुछ ही मिनटों बाद लिखा, "चार साल और।"
उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, "इस सबमें हम सभी साथ हैं। हमने जिस तरह चुनाव अभियान चलाया और हम जो हैं, उस सब में हम साथ हैं। शुक्रिया।"टिप्पणियां
समाचार चैनलों पर जीत का अनुमान व्यक्त किए जाने के बाद ओबामा के समर्थक सड़कों पर आकर जश्न मनाने लगे। शिकागो में ओबामा के प्रचार अभियान के मुख्यालय के सामने समर्थकों का बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। शिकागो ओबामा का गृहनगर है। पूरे अमेरिका में ओबामा समर्थक भारी जश्न मना रहे हैं।
शिकागो से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर तक लोग खुशी में झूमते नजर आए। अमेरिकी इतिहास का यह सबसे महंगा चुनाव है। ओबामा की जीत कैलिफोर्निया के परिणाम से पक्की हुई, जहां निर्वाचक मंडल के सबसे अधिक 55 मत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचक मंडल के कुल 538 मत हैं और राष्ट्रपति बनने के लिए कुल 270 मत हासिल करना जरूरी होता है।
उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, "इस सबमें हम सभी साथ हैं। हमने जिस तरह चुनाव अभियान चलाया और हम जो हैं, उस सब में हम साथ हैं। शुक्रिया।"टिप्पणियां
समाचार चैनलों पर जीत का अनुमान व्यक्त किए जाने के बाद ओबामा के समर्थक सड़कों पर आकर जश्न मनाने लगे। शिकागो में ओबामा के प्रचार अभियान के मुख्यालय के सामने समर्थकों का बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। शिकागो ओबामा का गृहनगर है। पूरे अमेरिका में ओबामा समर्थक भारी जश्न मना रहे हैं।
शिकागो से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर तक लोग खुशी में झूमते नजर आए। अमेरिकी इतिहास का यह सबसे महंगा चुनाव है। ओबामा की जीत कैलिफोर्निया के परिणाम से पक्की हुई, जहां निर्वाचक मंडल के सबसे अधिक 55 मत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचक मंडल के कुल 538 मत हैं और राष्ट्रपति बनने के लिए कुल 270 मत हासिल करना जरूरी होता है।
समाचार चैनलों पर जीत का अनुमान व्यक्त किए जाने के बाद ओबामा के समर्थक सड़कों पर आकर जश्न मनाने लगे। शिकागो में ओबामा के प्रचार अभियान के मुख्यालय के सामने समर्थकों का बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। शिकागो ओबामा का गृहनगर है। पूरे अमेरिका में ओबामा समर्थक भारी जश्न मना रहे हैं।
शिकागो से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर तक लोग खुशी में झूमते नजर आए। अमेरिकी इतिहास का यह सबसे महंगा चुनाव है। ओबामा की जीत कैलिफोर्निया के परिणाम से पक्की हुई, जहां निर्वाचक मंडल के सबसे अधिक 55 मत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचक मंडल के कुल 538 मत हैं और राष्ट्रपति बनने के लिए कुल 270 मत हासिल करना जरूरी होता है।
शिकागो से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर तक लोग खुशी में झूमते नजर आए। अमेरिकी इतिहास का यह सबसे महंगा चुनाव है। ओबामा की जीत कैलिफोर्निया के परिणाम से पक्की हुई, जहां निर्वाचक मंडल के सबसे अधिक 55 मत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचक मंडल के कुल 538 मत हैं और राष्ट्रपति बनने के लिए कुल 270 मत हासिल करना जरूरी होता है। | संक्षिप्त सारांश: ओबामा ने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी पर जीत हासिल करने के कुछ ही मिनट बाद लिखा, "चार साल और... हम सभी साथ हैं...शुक्रिया..." | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका में पिछले साल करीब चार करोड़ 46 लाख लोग गरीबी में जीवन बिताने के लिए विवश रहे जो वहां की आबादी का 15 प्रतिशत है। यह घोषणा बुधवार को अमेरिका के जनगणना ब्यूरो ने की।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक गरीबी की यह दर उससे पिछले साल के मुकाबले सांख्यिकीय तौर पर अलग नहीं थी।
जनगणना के मुताबिक साल 2011 के मध्य में परिवारों की आय 50,054 डॉलर थी, जो 2010 के मध्य के मुकाबले 1.5 प्रतिशत कम था। साथ ही यह लगातार दूसरी वार्षिक गिरावट थी।
अमेरिका में स्वास्थ्य बीमे के दायरे में न आने वाले लोगों की संख्या साल 2010 में जहां पांच करोड़ थी वहीं 2011 में घटकर यह 4.86 करोड़ हो गई। यानी साल 2010 के 16.3 प्रतिशत के मुकाबले 2011 में घटकर 15.7 प्रतिशत हो गई थी।टिप्पणियां
'न्यू अमेरिका फाउंडेशन' में असेट बिल्डिंग प्रोग्राम के निदेशक रीड क्रैमर का कहना है कि मंदी के बाद गरीबी की दर में आई तेजी समाप्त होने के बावजूद गरीबी ऐतिहासिक और अवांछित स्तर पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा, नया आंकड़ा यह संकेत दे रहा है कि कैसी व्यापक आर्थिक कठिनाई पैदा हो गई हैं। इसने व्यवहार्य और मजबूत सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक गरीबी की यह दर उससे पिछले साल के मुकाबले सांख्यिकीय तौर पर अलग नहीं थी।
जनगणना के मुताबिक साल 2011 के मध्य में परिवारों की आय 50,054 डॉलर थी, जो 2010 के मध्य के मुकाबले 1.5 प्रतिशत कम था। साथ ही यह लगातार दूसरी वार्षिक गिरावट थी।
अमेरिका में स्वास्थ्य बीमे के दायरे में न आने वाले लोगों की संख्या साल 2010 में जहां पांच करोड़ थी वहीं 2011 में घटकर यह 4.86 करोड़ हो गई। यानी साल 2010 के 16.3 प्रतिशत के मुकाबले 2011 में घटकर 15.7 प्रतिशत हो गई थी।टिप्पणियां
'न्यू अमेरिका फाउंडेशन' में असेट बिल्डिंग प्रोग्राम के निदेशक रीड क्रैमर का कहना है कि मंदी के बाद गरीबी की दर में आई तेजी समाप्त होने के बावजूद गरीबी ऐतिहासिक और अवांछित स्तर पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा, नया आंकड़ा यह संकेत दे रहा है कि कैसी व्यापक आर्थिक कठिनाई पैदा हो गई हैं। इसने व्यवहार्य और मजबूत सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया है।
जनगणना के मुताबिक साल 2011 के मध्य में परिवारों की आय 50,054 डॉलर थी, जो 2010 के मध्य के मुकाबले 1.5 प्रतिशत कम था। साथ ही यह लगातार दूसरी वार्षिक गिरावट थी।
अमेरिका में स्वास्थ्य बीमे के दायरे में न आने वाले लोगों की संख्या साल 2010 में जहां पांच करोड़ थी वहीं 2011 में घटकर यह 4.86 करोड़ हो गई। यानी साल 2010 के 16.3 प्रतिशत के मुकाबले 2011 में घटकर 15.7 प्रतिशत हो गई थी।टिप्पणियां
'न्यू अमेरिका फाउंडेशन' में असेट बिल्डिंग प्रोग्राम के निदेशक रीड क्रैमर का कहना है कि मंदी के बाद गरीबी की दर में आई तेजी समाप्त होने के बावजूद गरीबी ऐतिहासिक और अवांछित स्तर पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा, नया आंकड़ा यह संकेत दे रहा है कि कैसी व्यापक आर्थिक कठिनाई पैदा हो गई हैं। इसने व्यवहार्य और मजबूत सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया है।
अमेरिका में स्वास्थ्य बीमे के दायरे में न आने वाले लोगों की संख्या साल 2010 में जहां पांच करोड़ थी वहीं 2011 में घटकर यह 4.86 करोड़ हो गई। यानी साल 2010 के 16.3 प्रतिशत के मुकाबले 2011 में घटकर 15.7 प्रतिशत हो गई थी।टिप्पणियां
'न्यू अमेरिका फाउंडेशन' में असेट बिल्डिंग प्रोग्राम के निदेशक रीड क्रैमर का कहना है कि मंदी के बाद गरीबी की दर में आई तेजी समाप्त होने के बावजूद गरीबी ऐतिहासिक और अवांछित स्तर पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा, नया आंकड़ा यह संकेत दे रहा है कि कैसी व्यापक आर्थिक कठिनाई पैदा हो गई हैं। इसने व्यवहार्य और मजबूत सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया है।
'न्यू अमेरिका फाउंडेशन' में असेट बिल्डिंग प्रोग्राम के निदेशक रीड क्रैमर का कहना है कि मंदी के बाद गरीबी की दर में आई तेजी समाप्त होने के बावजूद गरीबी ऐतिहासिक और अवांछित स्तर पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा, नया आंकड़ा यह संकेत दे रहा है कि कैसी व्यापक आर्थिक कठिनाई पैदा हो गई हैं। इसने व्यवहार्य और मजबूत सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया है।
उन्होंने कहा, नया आंकड़ा यह संकेत दे रहा है कि कैसी व्यापक आर्थिक कठिनाई पैदा हो गई हैं। इसने व्यवहार्य और मजबूत सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया है। | सारांश: अमेरिका में पिछले साल करीब चार करोड़ 46 लाख लोग गरीबी में जीवन बिताने के लिए विवश रहे जो वहां की आबादी का 15 प्रतिशत है। | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बता दें कि दिल्ली के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश में चुनावों के दौरान छोटे दल बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं क्योंकि जाति राज्य के प्रमुख कारकों में से एक है. इस बार यहां तक कि बीजेपी भी 2014 के केवल दो सीटों पर जीत हासिल करने वाले एक छोटे संगठन, अपना दल के साथ गठबंधन जारी रखा है. सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन के तीन नए सहयोगियों का पूर्वी उत्तर प्रदेश में अच्छा खासा प्रभाव है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ गोरखपुर है.
गौरतलब है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रभारी पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी हैं. पिछले हफ्ते कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रयागराज से वाराणसी तक की तीन दिवसीय बोट यात्रा कर गंगा किनारे के मछुआरों, वोट चलाने वाले को साधा है. बता दें कि कांग्रेस यूपी की 80 सीटों में से अधिकांश पर लड़ेगी.
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि निषाद पार्टी, जनवादी पार्टी (समाजवादी) और राष्ट्रीय समानता दल पूरे राज्य में गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे.' अखिलेश यादव ने यह संकेत दिया कि ये पार्टियां वोट ट्रांसफर करने में मदद करेंगी, क्योंकि मायावती ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की संभावनाओं से इनकार कर दिया है.
निषाद पार्टी का नाविकों और मछुआरों के बीच प्रभाव है. यह पार्टी पिछले साल उस समय सुर्खियों में आई थी, जब पार्टी प्रमुख संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद गोरखपुर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के दौरान गठबंधन के उम्मीदवार बने थे. गठबंधन के लिए एक परीक्षण के रूप में किया गया यह प्रयोग बेहद सफल रहा था. यूपी के मुख्यमंत्री बनने से पहले यह सीट योगी आदित्यनाथ ने पांच बार जीती थी, लेकिन बीजेपी ने वह सीट प्रवीण कुमार निषाद से गंवा दी. प्रवीण निषाद ने सपा उम्मीदवार के तौर पर इस सीट से चुनाव लड़ा था.
संजय सिंह चौहान के नेतृत्व वाली जनवादी पार्टी (समाजवादी) का अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित समुदाय पर अधिक प्रभाव है. 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले इस पार्टी ने मायावती का समर्थन किया था. वहीं, राष्ट्रीय समानता दल का पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक अन्य ओबीसी समुदाय कुशवाहा जाति के बीच अच्छी पकड़ है. | यूपी में सपा-बसपा-आरएलडी से जुड़ीं तीन क्षेत्रीय पार्टियां
अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुआ ऐलान
सपा प्रमुख बोले-इन दलों के साथ आने से परिवर्तन दिखेगा | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीरी पंडितों और आतंकवाद से पीड़ित बांग्लादेशी हिंदुओं द्वारा आयोजित समारोह में ट्रंप ने कहा, 'मैं हिंदू और भारत का एक बड़ा प्रशंसक हूं. अगर मैं चुना जाता हूं तो भारतीय और हिंदू समुदाय को व्हाइट हाउस में एक सच्चा दोस्त मिल जाएगा.' ट्रंप ने कहा कि भारत में उन्हें यकीन हैं. उन्होंने भारत और उसकी जनता को अद्भुत बताते हुए कहा कि मैं 19 महीने पहले भारत गया था और कई बार वहां जाना चाहता हूं.
ट्रंप ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की भूमिका की सराहना की. उन्होंने 'इस्लामी आतंकवाद' शब्द का इस्तेमाल न करने को लेकर अपनी प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन की आलोचना करते हुए कहा, 'हम इस बात की सराहना करते हैं कि हमारा अच्छा दोस्त भारत चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के साथ रहा है.' ट्रंप ने कहा कि भारत ने 'आतंकवाद की निर्ममता' को प्रत्यक्ष रूप से झेला है. इसमें 'मुंबई में मचा उत्पात भी शामिल है. वह एक ऐसी जगह है, जिसे मैं प्यार करता हूं और मैं समझता हूं.'
ट्रंप ने कहा कि मुंबई में हुआ आतंकी हमला और भारतीय संसद पर हुआ हमला 'बेहद घृणित' और भयावह है. भारत को एक अहम रणनीतिक सहयोगी बताते हुए ट्रंप ने कहा कि वह कूटनीतिक और सैन्य सहयोग को गहरा करना चाहते हैं. ऐसा करना दोनों देशों के हित में है.
ट्रंप ने कहा, 'आपके महान प्रधानमंत्री भारत के लिए विकास समर्थक नेता रहे हैं. उन्होंने कर व्यवस्था को आसान बनाया है, करों में कटौती की है और अर्थव्यवस्था प्रति वर्ष सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. यह शानदार है. अमेरिका में हमारी अर्थव्यवस्था व्यवहारिक तौर पर बिल्कुल नहीं बढ़ रही. यह बिल्कुल शून्य है. भारत के साथ हमारा एक बढ़िया रिश्ता रहेगा.'
भारतीय समुदाय की मेहनत और उद्यमिता की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हिंदुओं और भारतीय-अमेरिकियों की पीढ़ियों ने हमारे देश को मजबूत किया है.' उद्यमिता की सर्वोच्च दर के लिए भारतीय समुदाय को मुबारकबाद देते हुए उन्होंने कहा, 'यह बेहद प्रभावशाली है.' उन्होंने कहा कि वह अमेरिका में भी नौकरशाही में थोड़ी 'गंभीर' कटौती करने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है यह बहुत जरूरी है.
ट्रंप ने चीन और मेक्सिको के साथ अच्छे संबंध रखने की बात तो कही, लेकिन साथ ही चीन के उद्योग संबंधी तौर-तरीकों को लेकर निशाना भी साधा. उन्होंने खासतौर पर बौद्धिक संपत्ति की चोरी को लेकर चीन की आलोचना की.
ट्रंप के स्वागत संबोधन में रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति पद के एक बड़े उम्मीदवार ने चुनाव से महज तीन सप्ताह पहले हिंदू-अमेरिकियों को संबोधित किया है. उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में ट्रंप को वोट दें और आतंकवाद से लड़ने में मदद करें.टिप्पणियां
ट्रंप ने कहा, 'हम चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद को हराएंगे. हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. आईएसआईएस के इस दौर में यह बेहद अहम है.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की भूमिका की सराहना की. उन्होंने 'इस्लामी आतंकवाद' शब्द का इस्तेमाल न करने को लेकर अपनी प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन की आलोचना करते हुए कहा, 'हम इस बात की सराहना करते हैं कि हमारा अच्छा दोस्त भारत चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के साथ रहा है.' ट्रंप ने कहा कि भारत ने 'आतंकवाद की निर्ममता' को प्रत्यक्ष रूप से झेला है. इसमें 'मुंबई में मचा उत्पात भी शामिल है. वह एक ऐसी जगह है, जिसे मैं प्यार करता हूं और मैं समझता हूं.'
ट्रंप ने कहा कि मुंबई में हुआ आतंकी हमला और भारतीय संसद पर हुआ हमला 'बेहद घृणित' और भयावह है. भारत को एक अहम रणनीतिक सहयोगी बताते हुए ट्रंप ने कहा कि वह कूटनीतिक और सैन्य सहयोग को गहरा करना चाहते हैं. ऐसा करना दोनों देशों के हित में है.
ट्रंप ने कहा, 'आपके महान प्रधानमंत्री भारत के लिए विकास समर्थक नेता रहे हैं. उन्होंने कर व्यवस्था को आसान बनाया है, करों में कटौती की है और अर्थव्यवस्था प्रति वर्ष सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. यह शानदार है. अमेरिका में हमारी अर्थव्यवस्था व्यवहारिक तौर पर बिल्कुल नहीं बढ़ रही. यह बिल्कुल शून्य है. भारत के साथ हमारा एक बढ़िया रिश्ता रहेगा.'
भारतीय समुदाय की मेहनत और उद्यमिता की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हिंदुओं और भारतीय-अमेरिकियों की पीढ़ियों ने हमारे देश को मजबूत किया है.' उद्यमिता की सर्वोच्च दर के लिए भारतीय समुदाय को मुबारकबाद देते हुए उन्होंने कहा, 'यह बेहद प्रभावशाली है.' उन्होंने कहा कि वह अमेरिका में भी नौकरशाही में थोड़ी 'गंभीर' कटौती करने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है यह बहुत जरूरी है.
ट्रंप ने चीन और मेक्सिको के साथ अच्छे संबंध रखने की बात तो कही, लेकिन साथ ही चीन के उद्योग संबंधी तौर-तरीकों को लेकर निशाना भी साधा. उन्होंने खासतौर पर बौद्धिक संपत्ति की चोरी को लेकर चीन की आलोचना की.
ट्रंप के स्वागत संबोधन में रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति पद के एक बड़े उम्मीदवार ने चुनाव से महज तीन सप्ताह पहले हिंदू-अमेरिकियों को संबोधित किया है. उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में ट्रंप को वोट दें और आतंकवाद से लड़ने में मदद करें.टिप्पणियां
ट्रंप ने कहा, 'हम चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद को हराएंगे. हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. आईएसआईएस के इस दौर में यह बेहद अहम है.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप ने कहा कि मुंबई में हुआ आतंकी हमला और भारतीय संसद पर हुआ हमला 'बेहद घृणित' और भयावह है. भारत को एक अहम रणनीतिक सहयोगी बताते हुए ट्रंप ने कहा कि वह कूटनीतिक और सैन्य सहयोग को गहरा करना चाहते हैं. ऐसा करना दोनों देशों के हित में है.
ट्रंप ने कहा, 'आपके महान प्रधानमंत्री भारत के लिए विकास समर्थक नेता रहे हैं. उन्होंने कर व्यवस्था को आसान बनाया है, करों में कटौती की है और अर्थव्यवस्था प्रति वर्ष सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. यह शानदार है. अमेरिका में हमारी अर्थव्यवस्था व्यवहारिक तौर पर बिल्कुल नहीं बढ़ रही. यह बिल्कुल शून्य है. भारत के साथ हमारा एक बढ़िया रिश्ता रहेगा.'
भारतीय समुदाय की मेहनत और उद्यमिता की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हिंदुओं और भारतीय-अमेरिकियों की पीढ़ियों ने हमारे देश को मजबूत किया है.' उद्यमिता की सर्वोच्च दर के लिए भारतीय समुदाय को मुबारकबाद देते हुए उन्होंने कहा, 'यह बेहद प्रभावशाली है.' उन्होंने कहा कि वह अमेरिका में भी नौकरशाही में थोड़ी 'गंभीर' कटौती करने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है यह बहुत जरूरी है.
ट्रंप ने चीन और मेक्सिको के साथ अच्छे संबंध रखने की बात तो कही, लेकिन साथ ही चीन के उद्योग संबंधी तौर-तरीकों को लेकर निशाना भी साधा. उन्होंने खासतौर पर बौद्धिक संपत्ति की चोरी को लेकर चीन की आलोचना की.
ट्रंप के स्वागत संबोधन में रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति पद के एक बड़े उम्मीदवार ने चुनाव से महज तीन सप्ताह पहले हिंदू-अमेरिकियों को संबोधित किया है. उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में ट्रंप को वोट दें और आतंकवाद से लड़ने में मदद करें.टिप्पणियां
ट्रंप ने कहा, 'हम चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद को हराएंगे. हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. आईएसआईएस के इस दौर में यह बेहद अहम है.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप ने कहा, 'आपके महान प्रधानमंत्री भारत के लिए विकास समर्थक नेता रहे हैं. उन्होंने कर व्यवस्था को आसान बनाया है, करों में कटौती की है और अर्थव्यवस्था प्रति वर्ष सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. यह शानदार है. अमेरिका में हमारी अर्थव्यवस्था व्यवहारिक तौर पर बिल्कुल नहीं बढ़ रही. यह बिल्कुल शून्य है. भारत के साथ हमारा एक बढ़िया रिश्ता रहेगा.'
भारतीय समुदाय की मेहनत और उद्यमिता की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हिंदुओं और भारतीय-अमेरिकियों की पीढ़ियों ने हमारे देश को मजबूत किया है.' उद्यमिता की सर्वोच्च दर के लिए भारतीय समुदाय को मुबारकबाद देते हुए उन्होंने कहा, 'यह बेहद प्रभावशाली है.' उन्होंने कहा कि वह अमेरिका में भी नौकरशाही में थोड़ी 'गंभीर' कटौती करने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है यह बहुत जरूरी है.
ट्रंप ने चीन और मेक्सिको के साथ अच्छे संबंध रखने की बात तो कही, लेकिन साथ ही चीन के उद्योग संबंधी तौर-तरीकों को लेकर निशाना भी साधा. उन्होंने खासतौर पर बौद्धिक संपत्ति की चोरी को लेकर चीन की आलोचना की.
ट्रंप के स्वागत संबोधन में रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति पद के एक बड़े उम्मीदवार ने चुनाव से महज तीन सप्ताह पहले हिंदू-अमेरिकियों को संबोधित किया है. उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में ट्रंप को वोट दें और आतंकवाद से लड़ने में मदद करें.टिप्पणियां
ट्रंप ने कहा, 'हम चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद को हराएंगे. हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. आईएसआईएस के इस दौर में यह बेहद अहम है.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारतीय समुदाय की मेहनत और उद्यमिता की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हिंदुओं और भारतीय-अमेरिकियों की पीढ़ियों ने हमारे देश को मजबूत किया है.' उद्यमिता की सर्वोच्च दर के लिए भारतीय समुदाय को मुबारकबाद देते हुए उन्होंने कहा, 'यह बेहद प्रभावशाली है.' उन्होंने कहा कि वह अमेरिका में भी नौकरशाही में थोड़ी 'गंभीर' कटौती करने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है यह बहुत जरूरी है.
ट्रंप ने चीन और मेक्सिको के साथ अच्छे संबंध रखने की बात तो कही, लेकिन साथ ही चीन के उद्योग संबंधी तौर-तरीकों को लेकर निशाना भी साधा. उन्होंने खासतौर पर बौद्धिक संपत्ति की चोरी को लेकर चीन की आलोचना की.
ट्रंप के स्वागत संबोधन में रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति पद के एक बड़े उम्मीदवार ने चुनाव से महज तीन सप्ताह पहले हिंदू-अमेरिकियों को संबोधित किया है. उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में ट्रंप को वोट दें और आतंकवाद से लड़ने में मदद करें.टिप्पणियां
ट्रंप ने कहा, 'हम चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद को हराएंगे. हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. आईएसआईएस के इस दौर में यह बेहद अहम है.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप ने चीन और मेक्सिको के साथ अच्छे संबंध रखने की बात तो कही, लेकिन साथ ही चीन के उद्योग संबंधी तौर-तरीकों को लेकर निशाना भी साधा. उन्होंने खासतौर पर बौद्धिक संपत्ति की चोरी को लेकर चीन की आलोचना की.
ट्रंप के स्वागत संबोधन में रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति पद के एक बड़े उम्मीदवार ने चुनाव से महज तीन सप्ताह पहले हिंदू-अमेरिकियों को संबोधित किया है. उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में ट्रंप को वोट दें और आतंकवाद से लड़ने में मदद करें.टिप्पणियां
ट्रंप ने कहा, 'हम चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद को हराएंगे. हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. आईएसआईएस के इस दौर में यह बेहद अहम है.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप के स्वागत संबोधन में रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति पद के एक बड़े उम्मीदवार ने चुनाव से महज तीन सप्ताह पहले हिंदू-अमेरिकियों को संबोधित किया है. उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में ट्रंप को वोट दें और आतंकवाद से लड़ने में मदद करें.टिप्पणियां
ट्रंप ने कहा, 'हम चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद को हराएंगे. हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. आईएसआईएस के इस दौर में यह बेहद अहम है.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप ने कहा, 'हम चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद को हराएंगे. हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. आईएसआईएस के इस दौर में यह बेहद अहम है.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का साथ देंगे : ट्रंप
भारत को तेज विकास पथ पर लाने के लिए पीएम मोदी की तारीफ की
ट्रंप ने कहा, भारत के साथ सैन्य सहयोग मजबूत करने को लेकर आशांवित | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मेरठ जिले के थाना टीपी नगर क्षेत्र में एक किशोरी से कथित रेप के आरोपी डॉक्टर ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बीयूएमएस डॉक्टर चंद्रपाल सिंह टीपी नगर के चौहानपुरी नई बस्ती इलाके के निवासी थे। घर पर ही उनका क्लीनिक था।
गुरुवार को को पड़ोस की एक किशोरी ने डॉक्टर पर रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, गुरुवार को डॉक्टर ने घर पर अकेली पाकर किशोरी के साथ रेप का प्रयास किया। शोर मचाने पर लोग वहां पहुंचे और डॉक्टर भाग गया।टिप्पणियां
पुलिस ने पूछताछ के लिए डॉक्टर को फोन कर थाने बुलाया था, लेकिन वह थाने नहीं गया और घर से एक किमी दूर शिवपुरम रेलवे लाइन पर ऋषिकेश पैसेंजर के आगे कूद कर उसने जान दे दी।
मृतक की पत्नी ने पति पर लगे रेप के आरोपों को नकारते हुए कहा, सभासद चुनाव की रंजिश निकालने के लिए विरोधियों ने उन पर बदनामी का ऐसा आरोप लगाया कि जिसको वह सहन नहीं कर सके और जान दे दी। पिछले साल डॉक्टर ने नगर निगम में सभासद का चुनाव भी लड़ा था।
गुरुवार को को पड़ोस की एक किशोरी ने डॉक्टर पर रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, गुरुवार को डॉक्टर ने घर पर अकेली पाकर किशोरी के साथ रेप का प्रयास किया। शोर मचाने पर लोग वहां पहुंचे और डॉक्टर भाग गया।टिप्पणियां
पुलिस ने पूछताछ के लिए डॉक्टर को फोन कर थाने बुलाया था, लेकिन वह थाने नहीं गया और घर से एक किमी दूर शिवपुरम रेलवे लाइन पर ऋषिकेश पैसेंजर के आगे कूद कर उसने जान दे दी।
मृतक की पत्नी ने पति पर लगे रेप के आरोपों को नकारते हुए कहा, सभासद चुनाव की रंजिश निकालने के लिए विरोधियों ने उन पर बदनामी का ऐसा आरोप लगाया कि जिसको वह सहन नहीं कर सके और जान दे दी। पिछले साल डॉक्टर ने नगर निगम में सभासद का चुनाव भी लड़ा था।
पुलिस ने पूछताछ के लिए डॉक्टर को फोन कर थाने बुलाया था, लेकिन वह थाने नहीं गया और घर से एक किमी दूर शिवपुरम रेलवे लाइन पर ऋषिकेश पैसेंजर के आगे कूद कर उसने जान दे दी।
मृतक की पत्नी ने पति पर लगे रेप के आरोपों को नकारते हुए कहा, सभासद चुनाव की रंजिश निकालने के लिए विरोधियों ने उन पर बदनामी का ऐसा आरोप लगाया कि जिसको वह सहन नहीं कर सके और जान दे दी। पिछले साल डॉक्टर ने नगर निगम में सभासद का चुनाव भी लड़ा था।
मृतक की पत्नी ने पति पर लगे रेप के आरोपों को नकारते हुए कहा, सभासद चुनाव की रंजिश निकालने के लिए विरोधियों ने उन पर बदनामी का ऐसा आरोप लगाया कि जिसको वह सहन नहीं कर सके और जान दे दी। पिछले साल डॉक्टर ने नगर निगम में सभासद का चुनाव भी लड़ा था। | मेरठ जिले के थाना टीपी नगर क्षेत्र में एक किशोरी से कथित रेप के आरोपी डॉक्टर ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के सिटानाबाद पंचायत के छोटे से गांव गंगा प्रसाद टोले की प्रियंका सिंह ने अपनी जिद और आत्मविश्वास के दम पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को आइना दिखा दिया. दरअसल बोर्ड द्वारा मैट्रिक की परीक्षा में फेल घोषित कर दी गई प्रियंका ने हाईकोर्ट में चुनौती दी. जांच में बोर्ड के बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ. प्रियंका परीक्षा में सिर्फ पास ही नहीं घोषित गई, बल्कि प्रथम श्रेणी से राज्य भर में दसवां स्थान भी पाया. इस मामले में कोर्ट ने बिहार बोर्ड को पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. राजीव कुमार सिंह की पुत्री प्रियंका ने मैट्रिक की परीक्षा डीडी हाई स्कूल सरडीहा से दी थी. उसका रोल कोड 41047 और रोल नंबर 1700124 था. उसे संस्कृत में मात्र 9 अंक मिले, जिसके कारण वह फेल कर दी गई. साइंस में मिला अंक भी उसे काफी कम लग रहा था. रिजल्ट देखने के बाद प्रियंका सदमे में आ गई. बोर्ड की रिजल्ट में वह फेल थी. प्रियंका इसे मानने को तैयार नहीं थी कि वह फेल हो सकती है.
यह भी पढ़ें : बिहार की बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों के अंक बढ़ाने का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
अभिभावकों को रजामंद करने के बाद प्रियंका ने आंसर-शीट की स्क्रूटनी के लिए फार्म भरा. लेकिन बोर्ड ने 'नो चेंज' कहकर प्रियंका को फिर से फेल कह दिया. वह अब भी हार मानने को तैयार नहीं थी. वह अपने अभिभावकों को भरोसे में लेकर किसी तरह हाईकोर्ट पहुंची और न्याय की गुहार लगाई. बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने प्रियंका सिंह के दावे को यहां भी पहले झुठलाने की कोशिश की. यही नहीं कोर्ट और बोर्ड का समय बर्बाद करने का आरोप भी लगाया. प्रियंका अपने भरोसे पर अड़ी रही कि फेल हूं तो कोर्ट उसकी आंसर-शीट दिखावे. हाईकोर्ट ने आंसर शीट दिखाने का निर्देश दिया, जिसके बाद बोर्ड के कहे अनुसार 40 हजार रुपये जमा करने को कहा व दावा गलत निकलने पर रुपये जब्त हो जाने की बात भी कही. प्रियंका ने पैसे की व्यवस्था कर रुपये जमा कराए. पैसा जमा होने के बाद कोर्ट ने एग्जामिनेशन बोर्ड को प्रियंका की संस्कृत और साइंस की आंसर शीट लेकर आने को कहा.
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बोर्ड कॉपी लेकर कोर्ट में पहुंचा और फिर से जांचने में कोई गड़बड़ी नहीं होने की बात दुहराई. प्रियंका ने जज साहब से मांग कर कॉपी देखी तो कॉपी ही बदला पाया. प्रियंका ने चैलेंज किया और कोर्ट ने सामने बैठकर हैंडराइटिंग का नमूना देने को कहा. कोर्ट ने भी पाया कि प्रियंका की आंसर शीट और ओरिजनल हैंडराइटिंग मेल नहीं खाता है. आंसर शीट की तलाश शुरू हुई. तलाश में बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भांडा फूटा. मालूम हुआ कि प्रियंका की आंसर शीट में बार कोडिंग गलत तरीके से हुई थी, जिससे प्रियंका की आंसर-शीट से दूसरी छात्रा संतुष्टि कुमारी को संस्कृत और साइंस में फेल से पास कर दिया गया. जबकि प्रियंका पास से फेल कर दी गई थी. कोर्ट ने एग्जामिनेशन बोर्ड को पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा और मैट्रिक परीक्षा 2017 की सभी आंसर शीट सुरक्षित रखने का निर्देश दिया. प्रियंका की जिद ने बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर दिया और अपनी प्रतिभा का परचम लहराया.
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अभिभावकों को रजामंद करने के बाद प्रियंका ने आंसर-शीट की स्क्रूटनी के लिए फार्म भरा. लेकिन बोर्ड ने 'नो चेंज' कहकर प्रियंका को फिर से फेल कह दिया. वह अब भी हार मानने को तैयार नहीं थी. वह अपने अभिभावकों को भरोसे में लेकर किसी तरह हाईकोर्ट पहुंची और न्याय की गुहार लगाई. बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने प्रियंका सिंह के दावे को यहां भी पहले झुठलाने की कोशिश की. यही नहीं कोर्ट और बोर्ड का समय बर्बाद करने का आरोप भी लगाया. प्रियंका अपने भरोसे पर अड़ी रही कि फेल हूं तो कोर्ट उसकी आंसर-शीट दिखावे. हाईकोर्ट ने आंसर शीट दिखाने का निर्देश दिया, जिसके बाद बोर्ड के कहे अनुसार 40 हजार रुपये जमा करने को कहा व दावा गलत निकलने पर रुपये जब्त हो जाने की बात भी कही. प्रियंका ने पैसे की व्यवस्था कर रुपये जमा कराए. पैसा जमा होने के बाद कोर्ट ने एग्जामिनेशन बोर्ड को प्रियंका की संस्कृत और साइंस की आंसर शीट लेकर आने को कहा.
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बोर्ड कॉपी लेकर कोर्ट में पहुंचा और फिर से जांचने में कोई गड़बड़ी नहीं होने की बात दुहराई. प्रियंका ने जज साहब से मांग कर कॉपी देखी तो कॉपी ही बदला पाया. प्रियंका ने चैलेंज किया और कोर्ट ने सामने बैठकर हैंडराइटिंग का नमूना देने को कहा. कोर्ट ने भी पाया कि प्रियंका की आंसर शीट और ओरिजनल हैंडराइटिंग मेल नहीं खाता है. आंसर शीट की तलाश शुरू हुई. तलाश में बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भांडा फूटा. मालूम हुआ कि प्रियंका की आंसर शीट में बार कोडिंग गलत तरीके से हुई थी, जिससे प्रियंका की आंसर-शीट से दूसरी छात्रा संतुष्टि कुमारी को संस्कृत और साइंस में फेल से पास कर दिया गया. जबकि प्रियंका पास से फेल कर दी गई थी. कोर्ट ने एग्जामिनेशन बोर्ड को पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा और मैट्रिक परीक्षा 2017 की सभी आंसर शीट सुरक्षित रखने का निर्देश दिया. प्रियंका की जिद ने बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर दिया और अपनी प्रतिभा का परचम लहराया.
अभिभावकों को रजामंद करने के बाद प्रियंका ने आंसर-शीट की स्क्रूटनी के लिए फार्म भरा. लेकिन बोर्ड ने 'नो चेंज' कहकर प्रियंका को फिर से फेल कह दिया. वह अब भी हार मानने को तैयार नहीं थी. वह अपने अभिभावकों को भरोसे में लेकर किसी तरह हाईकोर्ट पहुंची और न्याय की गुहार लगाई. बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने प्रियंका सिंह के दावे को यहां भी पहले झुठलाने की कोशिश की. यही नहीं कोर्ट और बोर्ड का समय बर्बाद करने का आरोप भी लगाया. प्रियंका अपने भरोसे पर अड़ी रही कि फेल हूं तो कोर्ट उसकी आंसर-शीट दिखावे. हाईकोर्ट ने आंसर शीट दिखाने का निर्देश दिया, जिसके बाद बोर्ड के कहे अनुसार 40 हजार रुपये जमा करने को कहा व दावा गलत निकलने पर रुपये जब्त हो जाने की बात भी कही. प्रियंका ने पैसे की व्यवस्था कर रुपये जमा कराए. पैसा जमा होने के बाद कोर्ट ने एग्जामिनेशन बोर्ड को प्रियंका की संस्कृत और साइंस की आंसर शीट लेकर आने को कहा.
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बोर्ड कॉपी लेकर कोर्ट में पहुंचा और फिर से जांचने में कोई गड़बड़ी नहीं होने की बात दुहराई. प्रियंका ने जज साहब से मांग कर कॉपी देखी तो कॉपी ही बदला पाया. प्रियंका ने चैलेंज किया और कोर्ट ने सामने बैठकर हैंडराइटिंग का नमूना देने को कहा. कोर्ट ने भी पाया कि प्रियंका की आंसर शीट और ओरिजनल हैंडराइटिंग मेल नहीं खाता है. आंसर शीट की तलाश शुरू हुई. तलाश में बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भांडा फूटा. मालूम हुआ कि प्रियंका की आंसर शीट में बार कोडिंग गलत तरीके से हुई थी, जिससे प्रियंका की आंसर-शीट से दूसरी छात्रा संतुष्टि कुमारी को संस्कृत और साइंस में फेल से पास कर दिया गया. जबकि प्रियंका पास से फेल कर दी गई थी. कोर्ट ने एग्जामिनेशन बोर्ड को पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा और मैट्रिक परीक्षा 2017 की सभी आंसर शीट सुरक्षित रखने का निर्देश दिया. प्रियंका की जिद ने बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर दिया और अपनी प्रतिभा का परचम लहराया.
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बोर्ड कॉपी लेकर कोर्ट में पहुंचा और फिर से जांचने में कोई गड़बड़ी नहीं होने की बात दुहराई. प्रियंका ने जज साहब से मांग कर कॉपी देखी तो कॉपी ही बदला पाया. प्रियंका ने चैलेंज किया और कोर्ट ने सामने बैठकर हैंडराइटिंग का नमूना देने को कहा. कोर्ट ने भी पाया कि प्रियंका की आंसर शीट और ओरिजनल हैंडराइटिंग मेल नहीं खाता है. आंसर शीट की तलाश शुरू हुई. तलाश में बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भांडा फूटा. मालूम हुआ कि प्रियंका की आंसर शीट में बार कोडिंग गलत तरीके से हुई थी, जिससे प्रियंका की आंसर-शीट से दूसरी छात्रा संतुष्टि कुमारी को संस्कृत और साइंस में फेल से पास कर दिया गया. जबकि प्रियंका पास से फेल कर दी गई थी. कोर्ट ने एग्जामिनेशन बोर्ड को पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा और मैट्रिक परीक्षा 2017 की सभी आंसर शीट सुरक्षित रखने का निर्देश दिया. प्रियंका की जिद ने बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर दिया और अपनी प्रतिभा का परचम लहराया.
बोर्ड कॉपी लेकर कोर्ट में पहुंचा और फिर से जांचने में कोई गड़बड़ी नहीं होने की बात दुहराई. प्रियंका ने जज साहब से मांग कर कॉपी देखी तो कॉपी ही बदला पाया. प्रियंका ने चैलेंज किया और कोर्ट ने सामने बैठकर हैंडराइटिंग का नमूना देने को कहा. कोर्ट ने भी पाया कि प्रियंका की आंसर शीट और ओरिजनल हैंडराइटिंग मेल नहीं खाता है. आंसर शीट की तलाश शुरू हुई. तलाश में बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भांडा फूटा. मालूम हुआ कि प्रियंका की आंसर शीट में बार कोडिंग गलत तरीके से हुई थी, जिससे प्रियंका की आंसर-शीट से दूसरी छात्रा संतुष्टि कुमारी को संस्कृत और साइंस में फेल से पास कर दिया गया. जबकि प्रियंका पास से फेल कर दी गई थी. कोर्ट ने एग्जामिनेशन बोर्ड को पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा और मैट्रिक परीक्षा 2017 की सभी आंसर शीट सुरक्षित रखने का निर्देश दिया. प्रियंका की जिद ने बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर दिया और अपनी प्रतिभा का परचम लहराया.
प्रियंका की जिद ने बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर दिया और अपनी प्रतिभा का परचम लहराया. | प्रियंका को संस्कृत में सिर्फ 9 अंक मिले, साइंस में भी कम नंबर दिए गए
प्रियंका ने हाईकोर्ट में अपने रिजल्ट को चुनौती दी
जांच में हुआ खुलासा, प्रियंका की आंसर शीट बदल दी गई थी | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्टार ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह के दो गोलों की मदद भारतीय टीम ने नेशनल स्टेडियम में जारी हीरो एफआईएच रोड टू लंदन टूर्नामेंट के अपने चौथे पूल मैच में बुधवार को कनाडा को रोमांचक भिड़ंत के बाद 3-2 से हरा दिया। इस लगातार चौथी जीत के साथ भारत के कुल 12 अंक हो गए हैं और उसका फाइनल में पहुंचना तय हो गया है।
भारत के लिए संदीप (40वें और 61वें मिनट) के अलावा शिवेंद्र सिंह ने 26वें मिनट में गोल किया। शिवेंद्र के फील्ड गोल के माध्यम से ही भारत ने खाता खोला था। इसके बाद संदीप ने शानदार ड्रैग फ्लिक से स्कोर को 40वें मिनट में 2-0 कर दिया था। मध्यांतर तक भारतीय टीम 1-0 से आगे थी।
कनाडा से जवाबी हमले की उम्मीद की जा रही थी और उसने 50वें मिनट में ऐसा कर दिखाया। इग्नेस टिर्की की गलती का फायदा उठाकर मार्क पीयरसन ने भारतीय गोलकीपर श्रीजेश को छकाया और अपनी टीम के लिए पहला गोल किया।
कनाडा ने 53वें मिनट में बराबरी का गोल दागकर नेशनल स्टेडियम में मौजूद 2000 से अधिक दर्शकों को चौंका दिया। ऐसा लग रहा था कि मैच बराबरी पर समाप्त होगा लेकिन इसी बीच 61वें मिनट में भारतीय अग्रिम पंक्ति ने कनाडा के डिफेंडरों को गलती के लिए मजबूर किया, जिस पर भारत को पेनाल्टी कार्नर मिला। संदीप ने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की।
इस जीत के बाद भारत का फाइनल में पहुंचना तय हो गया है। भारत की अगली भिड़ंत शुक्रवार को पोलैंड के साथ होनी है, जिसके खाते में चार मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस के भी खाते में इतने ही मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस को शुक्रवार को कनाडा से भिड़ना है, जिसके छह अंक हैं।
फ्रांस अगर कनाडा को हरा देता है तो उसके 12 अंक हो जाएंगे और वह अंकों के लिहाज से भारत की बराबरी पर आ जाएगा। भारत अगर पोलैंड से हार भी जाता है तो उसके फ्रांस और पोलैंड के बराबर 12 अंक रहेंगे लेकिन गोल अंतर के लिहाज से भारत का पूल में शीर्ष पर रहना निश्चित है।
इससे पहले, फ्रांस ने अपने चौथे पूल मैच में इटली को 3-0 से हरा दिया। भारत से पिटने के बाद यह फ्रांस की पहली और कुल तीसरी जीत है। फ्रांस ने अपने पहले मैच में पोलैंड को 2-1 से और दूसरे मैच में सिंगापुर को 9-0 से हराया था।
अब तक अपना खाता न खोल पाने वाली इटली की टीम के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए फ्रांस को हालांकि एक लिहाज से संघर्ष करना पड़ा क्योंकि इटली ने उसे मध्यांतर तक एक भी गोल नहीं करने दिया था।
फ्रांस के लिए पहला गोल 43वें मिनट में कप्तान अनार्ड बैक्टुवे ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इसके बाद मानो फ्रांसीसी टीम मानो लय में लौट आई क्योंकि उसने 52वें मिनट में दूसरा गोल करके अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
भारत के लिए संदीप (40वें और 61वें मिनट) के अलावा शिवेंद्र सिंह ने 26वें मिनट में गोल किया। शिवेंद्र के फील्ड गोल के माध्यम से ही भारत ने खाता खोला था। इसके बाद संदीप ने शानदार ड्रैग फ्लिक से स्कोर को 40वें मिनट में 2-0 कर दिया था। मध्यांतर तक भारतीय टीम 1-0 से आगे थी।
कनाडा से जवाबी हमले की उम्मीद की जा रही थी और उसने 50वें मिनट में ऐसा कर दिखाया। इग्नेस टिर्की की गलती का फायदा उठाकर मार्क पीयरसन ने भारतीय गोलकीपर श्रीजेश को छकाया और अपनी टीम के लिए पहला गोल किया।
कनाडा ने 53वें मिनट में बराबरी का गोल दागकर नेशनल स्टेडियम में मौजूद 2000 से अधिक दर्शकों को चौंका दिया। ऐसा लग रहा था कि मैच बराबरी पर समाप्त होगा लेकिन इसी बीच 61वें मिनट में भारतीय अग्रिम पंक्ति ने कनाडा के डिफेंडरों को गलती के लिए मजबूर किया, जिस पर भारत को पेनाल्टी कार्नर मिला। संदीप ने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की।
इस जीत के बाद भारत का फाइनल में पहुंचना तय हो गया है। भारत की अगली भिड़ंत शुक्रवार को पोलैंड के साथ होनी है, जिसके खाते में चार मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस के भी खाते में इतने ही मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस को शुक्रवार को कनाडा से भिड़ना है, जिसके छह अंक हैं।
फ्रांस अगर कनाडा को हरा देता है तो उसके 12 अंक हो जाएंगे और वह अंकों के लिहाज से भारत की बराबरी पर आ जाएगा। भारत अगर पोलैंड से हार भी जाता है तो उसके फ्रांस और पोलैंड के बराबर 12 अंक रहेंगे लेकिन गोल अंतर के लिहाज से भारत का पूल में शीर्ष पर रहना निश्चित है।
इससे पहले, फ्रांस ने अपने चौथे पूल मैच में इटली को 3-0 से हरा दिया। भारत से पिटने के बाद यह फ्रांस की पहली और कुल तीसरी जीत है। फ्रांस ने अपने पहले मैच में पोलैंड को 2-1 से और दूसरे मैच में सिंगापुर को 9-0 से हराया था।
अब तक अपना खाता न खोल पाने वाली इटली की टीम के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए फ्रांस को हालांकि एक लिहाज से संघर्ष करना पड़ा क्योंकि इटली ने उसे मध्यांतर तक एक भी गोल नहीं करने दिया था।
फ्रांस के लिए पहला गोल 43वें मिनट में कप्तान अनार्ड बैक्टुवे ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इसके बाद मानो फ्रांसीसी टीम मानो लय में लौट आई क्योंकि उसने 52वें मिनट में दूसरा गोल करके अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
कनाडा से जवाबी हमले की उम्मीद की जा रही थी और उसने 50वें मिनट में ऐसा कर दिखाया। इग्नेस टिर्की की गलती का फायदा उठाकर मार्क पीयरसन ने भारतीय गोलकीपर श्रीजेश को छकाया और अपनी टीम के लिए पहला गोल किया।
कनाडा ने 53वें मिनट में बराबरी का गोल दागकर नेशनल स्टेडियम में मौजूद 2000 से अधिक दर्शकों को चौंका दिया। ऐसा लग रहा था कि मैच बराबरी पर समाप्त होगा लेकिन इसी बीच 61वें मिनट में भारतीय अग्रिम पंक्ति ने कनाडा के डिफेंडरों को गलती के लिए मजबूर किया, जिस पर भारत को पेनाल्टी कार्नर मिला। संदीप ने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की।
इस जीत के बाद भारत का फाइनल में पहुंचना तय हो गया है। भारत की अगली भिड़ंत शुक्रवार को पोलैंड के साथ होनी है, जिसके खाते में चार मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस के भी खाते में इतने ही मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस को शुक्रवार को कनाडा से भिड़ना है, जिसके छह अंक हैं।
फ्रांस अगर कनाडा को हरा देता है तो उसके 12 अंक हो जाएंगे और वह अंकों के लिहाज से भारत की बराबरी पर आ जाएगा। भारत अगर पोलैंड से हार भी जाता है तो उसके फ्रांस और पोलैंड के बराबर 12 अंक रहेंगे लेकिन गोल अंतर के लिहाज से भारत का पूल में शीर्ष पर रहना निश्चित है।
इससे पहले, फ्रांस ने अपने चौथे पूल मैच में इटली को 3-0 से हरा दिया। भारत से पिटने के बाद यह फ्रांस की पहली और कुल तीसरी जीत है। फ्रांस ने अपने पहले मैच में पोलैंड को 2-1 से और दूसरे मैच में सिंगापुर को 9-0 से हराया था।
अब तक अपना खाता न खोल पाने वाली इटली की टीम के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए फ्रांस को हालांकि एक लिहाज से संघर्ष करना पड़ा क्योंकि इटली ने उसे मध्यांतर तक एक भी गोल नहीं करने दिया था।
फ्रांस के लिए पहला गोल 43वें मिनट में कप्तान अनार्ड बैक्टुवे ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इसके बाद मानो फ्रांसीसी टीम मानो लय में लौट आई क्योंकि उसने 52वें मिनट में दूसरा गोल करके अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
कनाडा ने 53वें मिनट में बराबरी का गोल दागकर नेशनल स्टेडियम में मौजूद 2000 से अधिक दर्शकों को चौंका दिया। ऐसा लग रहा था कि मैच बराबरी पर समाप्त होगा लेकिन इसी बीच 61वें मिनट में भारतीय अग्रिम पंक्ति ने कनाडा के डिफेंडरों को गलती के लिए मजबूर किया, जिस पर भारत को पेनाल्टी कार्नर मिला। संदीप ने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की।
इस जीत के बाद भारत का फाइनल में पहुंचना तय हो गया है। भारत की अगली भिड़ंत शुक्रवार को पोलैंड के साथ होनी है, जिसके खाते में चार मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस के भी खाते में इतने ही मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस को शुक्रवार को कनाडा से भिड़ना है, जिसके छह अंक हैं।
फ्रांस अगर कनाडा को हरा देता है तो उसके 12 अंक हो जाएंगे और वह अंकों के लिहाज से भारत की बराबरी पर आ जाएगा। भारत अगर पोलैंड से हार भी जाता है तो उसके फ्रांस और पोलैंड के बराबर 12 अंक रहेंगे लेकिन गोल अंतर के लिहाज से भारत का पूल में शीर्ष पर रहना निश्चित है।
इससे पहले, फ्रांस ने अपने चौथे पूल मैच में इटली को 3-0 से हरा दिया। भारत से पिटने के बाद यह फ्रांस की पहली और कुल तीसरी जीत है। फ्रांस ने अपने पहले मैच में पोलैंड को 2-1 से और दूसरे मैच में सिंगापुर को 9-0 से हराया था।
अब तक अपना खाता न खोल पाने वाली इटली की टीम के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए फ्रांस को हालांकि एक लिहाज से संघर्ष करना पड़ा क्योंकि इटली ने उसे मध्यांतर तक एक भी गोल नहीं करने दिया था।
फ्रांस के लिए पहला गोल 43वें मिनट में कप्तान अनार्ड बैक्टुवे ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इसके बाद मानो फ्रांसीसी टीम मानो लय में लौट आई क्योंकि उसने 52वें मिनट में दूसरा गोल करके अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
इस जीत के बाद भारत का फाइनल में पहुंचना तय हो गया है। भारत की अगली भिड़ंत शुक्रवार को पोलैंड के साथ होनी है, जिसके खाते में चार मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस के भी खाते में इतने ही मैचों से नौ अंक हैं। फ्रांस को शुक्रवार को कनाडा से भिड़ना है, जिसके छह अंक हैं।
फ्रांस अगर कनाडा को हरा देता है तो उसके 12 अंक हो जाएंगे और वह अंकों के लिहाज से भारत की बराबरी पर आ जाएगा। भारत अगर पोलैंड से हार भी जाता है तो उसके फ्रांस और पोलैंड के बराबर 12 अंक रहेंगे लेकिन गोल अंतर के लिहाज से भारत का पूल में शीर्ष पर रहना निश्चित है।
इससे पहले, फ्रांस ने अपने चौथे पूल मैच में इटली को 3-0 से हरा दिया। भारत से पिटने के बाद यह फ्रांस की पहली और कुल तीसरी जीत है। फ्रांस ने अपने पहले मैच में पोलैंड को 2-1 से और दूसरे मैच में सिंगापुर को 9-0 से हराया था।
अब तक अपना खाता न खोल पाने वाली इटली की टीम के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए फ्रांस को हालांकि एक लिहाज से संघर्ष करना पड़ा क्योंकि इटली ने उसे मध्यांतर तक एक भी गोल नहीं करने दिया था।
फ्रांस के लिए पहला गोल 43वें मिनट में कप्तान अनार्ड बैक्टुवे ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इसके बाद मानो फ्रांसीसी टीम मानो लय में लौट आई क्योंकि उसने 52वें मिनट में दूसरा गोल करके अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
फ्रांस अगर कनाडा को हरा देता है तो उसके 12 अंक हो जाएंगे और वह अंकों के लिहाज से भारत की बराबरी पर आ जाएगा। भारत अगर पोलैंड से हार भी जाता है तो उसके फ्रांस और पोलैंड के बराबर 12 अंक रहेंगे लेकिन गोल अंतर के लिहाज से भारत का पूल में शीर्ष पर रहना निश्चित है।
इससे पहले, फ्रांस ने अपने चौथे पूल मैच में इटली को 3-0 से हरा दिया। भारत से पिटने के बाद यह फ्रांस की पहली और कुल तीसरी जीत है। फ्रांस ने अपने पहले मैच में पोलैंड को 2-1 से और दूसरे मैच में सिंगापुर को 9-0 से हराया था।
अब तक अपना खाता न खोल पाने वाली इटली की टीम के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए फ्रांस को हालांकि एक लिहाज से संघर्ष करना पड़ा क्योंकि इटली ने उसे मध्यांतर तक एक भी गोल नहीं करने दिया था।
फ्रांस के लिए पहला गोल 43वें मिनट में कप्तान अनार्ड बैक्टुवे ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इसके बाद मानो फ्रांसीसी टीम मानो लय में लौट आई क्योंकि उसने 52वें मिनट में दूसरा गोल करके अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
इससे पहले, फ्रांस ने अपने चौथे पूल मैच में इटली को 3-0 से हरा दिया। भारत से पिटने के बाद यह फ्रांस की पहली और कुल तीसरी जीत है। फ्रांस ने अपने पहले मैच में पोलैंड को 2-1 से और दूसरे मैच में सिंगापुर को 9-0 से हराया था।
अब तक अपना खाता न खोल पाने वाली इटली की टीम के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए फ्रांस को हालांकि एक लिहाज से संघर्ष करना पड़ा क्योंकि इटली ने उसे मध्यांतर तक एक भी गोल नहीं करने दिया था।
फ्रांस के लिए पहला गोल 43वें मिनट में कप्तान अनार्ड बैक्टुवे ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इसके बाद मानो फ्रांसीसी टीम मानो लय में लौट आई क्योंकि उसने 52वें मिनट में दूसरा गोल करके अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
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पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
अब तक अपना खाता न खोल पाने वाली इटली की टीम के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए फ्रांस को हालांकि एक लिहाज से संघर्ष करना पड़ा क्योंकि इटली ने उसे मध्यांतर तक एक भी गोल नहीं करने दिया था।
फ्रांस के लिए पहला गोल 43वें मिनट में कप्तान अनार्ड बैक्टुवे ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इसके बाद मानो फ्रांसीसी टीम मानो लय में लौट आई क्योंकि उसने 52वें मिनट में दूसरा गोल करके अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
फ्रांस के लिए पहला गोल 43वें मिनट में कप्तान अनार्ड बैक्टुवे ने पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया। इसके बाद मानो फ्रांसीसी टीम मानो लय में लौट आई क्योंकि उसने 52वें मिनट में दूसरा गोल करके अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
फ्रांस के लिए दूसरा गोल मार्टिन जेनेस्टेट ने किया, जो फ्रांसीसी टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फ्रांस का तीसरा गोल 57वें मिनट में हुआ और इसका श्रेय फ्रेडरिक वेरियर को मिला। फ्रांस ने तीनों गोल पेनाल्टी कार्नर से किए।
इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
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इससे पहले, पोलैंड ने अपने चौथे पूल मैच में सिंगापुर को 11-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ पोलैंड की टीम छह टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। पोलैं़ड ने चार मैचों से अब तक नौ अंक जुटाए हैं। सिंगापुर चार मैचों में 50 गोलकर खाकर तालिका में सबसे नीचे है।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
पोलैंड ने मंगलवार को इटली को 7-2 से हराया था। उसने रविवार को कनाडा को 3-2 से मात दी थी। अपने पहले मैच में उसे फ्रांस के हाथों 1-2 से हार मिली थी।टिप्पणियां
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मध्यांतर तक 0-3 से आगे रहने वाली पोलैंड की टीम के लिए साइमन ओसीजेक ने नौवें, 59वें और 63वें मिनट में तीन गोल किए जबकि मैटिवेज पोल्टासेवस्की ने 40वें और 64वें मिनट में गोल किया।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था।
पूल स्तर पर लगातार चौथी हार का सामना करने वाली सिंगापुर की टीम के लिए फरहान कमसानी ने 37वें तथा 49वें और फाजरी जियालानी ने अंतिम मिनट में गोल दागा। सिंगापुर को भारत ने 15-1, फ्रांस ने 9-0, और कनाडा ने 15-1 से हराया था। | संदीप सिंह के दो गोलों की मदद भारतीय टीम ने जारी हीरो एफआईएच रोड टू लंदन टूर्नामेंट के अपने चौथे पूल मैच में कनाडा को रोमांचक भिड़ंत के बाद 3-2 से हरा दिया। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बुलंदशहर के स्याना कांड मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कथित गोकशी के एक आरोपी महबूब अली की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी रासुका ( NSA) पर रोक लगा दी है. मामले में जस्टिस रोहिंटन नरीमन ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है जहां शांति और सौहार्द भंग हो. यह बेतुका है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के इस फैसले से महबूब अली जेल से बाहर आ सकता है. महबूब अली ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उसका नाम FIR में भी नहीं था लेकिन यूपी पुलिस ने अन्य लोगों के बयानों के आधार पर उसको आरोपी बनाया. उसे जमानत ना मिले इसलिए उस पर भी रासुका लगा दिया गया. ये हिरासत पूरी तरह गैर कानूनी है और गोकशी में शामिल नहीं था.
इससे पहले उसकी ओर से इस हिरासत के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में हैबियस कॉरपस याचिका लगाई थी और हिरासत को गैर कानूनी बताया था. लेकिन मई 2019 में हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी. दरअसल बुलंदशहर जिला प्रशासन ने स्याना तहसील में दिसंबर 2018 हुई गोकशी की कथित घटना के संबंध में गिरफ्तार तीन लोगों पर कड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया था. जिससे इन आरोपियों को जमानत मिलना मुश्किल हो गया था.
स्याना के गांव महाव के बाहर खेतों में तीन दिसंबर को मवेशियों के कंकाल मिले थे जिसके बाद भीड़ ने उत्पात मचाते हुए चिंगरावठी पुलिस चौकी पर हमला कर दिया था. निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह (44) और चिंगरावठी के एक व्यक्ति सुमित कुमार (20) की इस हिंसा में गोली लगने से मौत हुई थी.
इस घटना के संबंध में स्याना थाने में दो FIR दर्ज हुई थीं. पहली FIR हिंसा के संबंध में दर्ज हुई जिसमें करीब 80 लोगों को नामजद किया गया. जबकि दूसरी FIR गोकशी के लिए दर्ज हुई. गोकशी मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया जिसमें से तीन आरोपियों अजहर खान, नदीम खान और महबूब अली पर रासुका लगाया गया है.
जिला मजिस्ट्रेट अनुज झा ने कहा था तीन आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन दिया था और उन्हें जमानत मिलने की संभावना थी. इस बात को ध्यान में रखते हुए उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया गया है.
झा ने एक बयान में कहा था कि लोक व्यवस्था और शांति कायम रखते हुए तीनों को रासुका की धारा तीन की उपधारा तीन के तहत नामजद किया गया है.कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट के आधार पर की गई जिसमें कहा गया कि तीनों गैरकानूनी तरीके से धन कमाने के लिए गोकशी में संलिप्त थे.
झा ने कहा कि उनके कृत्यों ने महाव और नयाबांस गांवों में हिन्दुओं की भावनाओं को चोट पहुंचाई जिसके बाद हिंसा हुई और इसमें लोगों ने लाठियों तथा धारदार हथियारों से पुलिस पर हमला किया और निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की मौत हुई. इससे कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल बिगड़ा. | यह एक सारांश है: स्याला कांड में गोकशी के आरोपी की रासुका पर रोक
जेल से बाहर आ सकता है गोकशी का आरोपी
यह ऐसा मामला नहीं जिससे शांति भंग हो: जस्टिस | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अब हरियाणा के सरकारी अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को पत्राचार में नागरिकों को सम्मान देना होगा. शिष्टाचार के मूलभूत नियमों पर अमल की जरूरत को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा कि अब किसी नागरिक को लिखे जाने वाले जवाबी पत्र की शुरुआत 'सर, मैडम' जैसे सम्मान सूचक शब्द से करनी होगी.टिप्पणियां
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया, "नागरिकों के लिए न्यूनतम मूलभूत शिष्टाचार का विस्तार सुशासन का अहम हिस्सा है. इस तरह के सभी संवाद पर सावधानी से विचार करना चाहिए तथा उचित स्तर पर शीघ्रता से जवाब दिया जाना चाहिए." प्रवक्ता ने कहा कि पत्र में जवाब देने वाले अधिकारी का नाम, पद, टेलीफोन नंबर, फैक्स नंबर और ईमेल का उल्लेख (जहां जो संभव हो) करना होगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया, "नागरिकों के लिए न्यूनतम मूलभूत शिष्टाचार का विस्तार सुशासन का अहम हिस्सा है. इस तरह के सभी संवाद पर सावधानी से विचार करना चाहिए तथा उचित स्तर पर शीघ्रता से जवाब दिया जाना चाहिए." प्रवक्ता ने कहा कि पत्र में जवाब देने वाले अधिकारी का नाम, पद, टेलीफोन नंबर, फैक्स नंबर और ईमेल का उल्लेख (जहां जो संभव हो) करना होगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: पत्राचार में नागरिकों को सम्मान देना होगा
शिष्टाचार के मूलभूत नियमों पर दिया जाएगा जोर
पत्र में अधिकारी को अपना पूरा विवरण देना होगा | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने तालिबान द्वारा बंदी बनाए गए अपने एक सैनिक को छुड़ाने के एवज़ में तालिबानी कैदियों को रिहा करने के मामले पर बातचीत से इनकार नहीं किया है।
विदेशविभाग की प्रवक्ता जेन प्साकी ने संवाददाताओं से कहा, हमने तालिबान कैदियों को उन्हें सौंपने का निर्णय नहीं लिया है, हालांकि हमारा अनुमान है कि तालिबान इस मामले को उठाएंगे। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, हम कांग्रेस से विचार-विमर्श करने के बाद और अमेरिकी कानून के अनुसार ही इस प्रकार का कोई निर्णय लेंगे। अमेरिका पिछले कई वर्षों में पहली बार तालिबान से प्रत्यक्ष बातचीत का कार्यक्रम बनाने पर काम कर रहा है।
अमेरिकी कैदी सार्जेंट बेर्गदाल को छोड़ने के एवज़ में पांच तालिबानी कैदियों को रिहा करने के तालिबान के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, हम सार्जेंट बेर्गदाल के प्रति अपनी भावनाओं और उन्हें छुड़ाए जाने की जरूरत को लेकर हमेशा स्पष्ट रहे हैं। सार्जेंट बेर्गदाल को 30 जून 2009 को अफगानिस्तान में बंदी बनाया गया था। सार्जेंट ने एक वीडियो में कहा था कि गश्त करते समय जब वह अपनी टुकड़ी से पीछे रह गए थे तभी उन्हें पकड़ लिया गया था।टिप्पणियां
इस बीच एक अमेरिकी सांसद ने ओबामा प्रशासन के तालिबान के साथ वार्ता संबंधी कदम का विरोध करते हुए कहा कि इस आतंकवादी संगठन के साथ बातचीत सफल नहीं रहेगी। सांसद डाना रोहराबचेर ने विदेश मंत्री जॉन कैरी को पत्र लिखकर कहा, अमेरिका और तालिबान के बीच इस सप्ताह घोषित की गई वार्ता सफल नहीं होगी।
उन्होंने कहा, यह गृह युद्ध है। युद्धरत पक्षों उत्तरी मोर्चे और तालिबान के बीच बातचीत होनी चाहिए। जब तक उत्तरी मोर्चा वार्ता की मेज़ पर नहीं बैठता तब तक युद्ध जारी रहेगा। रोहराबचेर ने कहा, अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ तालिबान की आतंकवादी गतिविधियों के मद्देनज़र तालिबान नेता मुल्ला उमर से केवल उसके आत्मसमर्पण के मामले पर बातचीत की जानी चाहिए। इसके अलावा उससे या उसके प्रतिनिधियों से किसी भी मामले पर वार्ता नहीं की जानी चाहिए।
विदेशविभाग की प्रवक्ता जेन प्साकी ने संवाददाताओं से कहा, हमने तालिबान कैदियों को उन्हें सौंपने का निर्णय नहीं लिया है, हालांकि हमारा अनुमान है कि तालिबान इस मामले को उठाएंगे। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, हम कांग्रेस से विचार-विमर्श करने के बाद और अमेरिकी कानून के अनुसार ही इस प्रकार का कोई निर्णय लेंगे। अमेरिका पिछले कई वर्षों में पहली बार तालिबान से प्रत्यक्ष बातचीत का कार्यक्रम बनाने पर काम कर रहा है।
अमेरिकी कैदी सार्जेंट बेर्गदाल को छोड़ने के एवज़ में पांच तालिबानी कैदियों को रिहा करने के तालिबान के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, हम सार्जेंट बेर्गदाल के प्रति अपनी भावनाओं और उन्हें छुड़ाए जाने की जरूरत को लेकर हमेशा स्पष्ट रहे हैं। सार्जेंट बेर्गदाल को 30 जून 2009 को अफगानिस्तान में बंदी बनाया गया था। सार्जेंट ने एक वीडियो में कहा था कि गश्त करते समय जब वह अपनी टुकड़ी से पीछे रह गए थे तभी उन्हें पकड़ लिया गया था।टिप्पणियां
इस बीच एक अमेरिकी सांसद ने ओबामा प्रशासन के तालिबान के साथ वार्ता संबंधी कदम का विरोध करते हुए कहा कि इस आतंकवादी संगठन के साथ बातचीत सफल नहीं रहेगी। सांसद डाना रोहराबचेर ने विदेश मंत्री जॉन कैरी को पत्र लिखकर कहा, अमेरिका और तालिबान के बीच इस सप्ताह घोषित की गई वार्ता सफल नहीं होगी।
उन्होंने कहा, यह गृह युद्ध है। युद्धरत पक्षों उत्तरी मोर्चे और तालिबान के बीच बातचीत होनी चाहिए। जब तक उत्तरी मोर्चा वार्ता की मेज़ पर नहीं बैठता तब तक युद्ध जारी रहेगा। रोहराबचेर ने कहा, अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ तालिबान की आतंकवादी गतिविधियों के मद्देनज़र तालिबान नेता मुल्ला उमर से केवल उसके आत्मसमर्पण के मामले पर बातचीत की जानी चाहिए। इसके अलावा उससे या उसके प्रतिनिधियों से किसी भी मामले पर वार्ता नहीं की जानी चाहिए।
अमेरिकी कैदी सार्जेंट बेर्गदाल को छोड़ने के एवज़ में पांच तालिबानी कैदियों को रिहा करने के तालिबान के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, हम सार्जेंट बेर्गदाल के प्रति अपनी भावनाओं और उन्हें छुड़ाए जाने की जरूरत को लेकर हमेशा स्पष्ट रहे हैं। सार्जेंट बेर्गदाल को 30 जून 2009 को अफगानिस्तान में बंदी बनाया गया था। सार्जेंट ने एक वीडियो में कहा था कि गश्त करते समय जब वह अपनी टुकड़ी से पीछे रह गए थे तभी उन्हें पकड़ लिया गया था।टिप्पणियां
इस बीच एक अमेरिकी सांसद ने ओबामा प्रशासन के तालिबान के साथ वार्ता संबंधी कदम का विरोध करते हुए कहा कि इस आतंकवादी संगठन के साथ बातचीत सफल नहीं रहेगी। सांसद डाना रोहराबचेर ने विदेश मंत्री जॉन कैरी को पत्र लिखकर कहा, अमेरिका और तालिबान के बीच इस सप्ताह घोषित की गई वार्ता सफल नहीं होगी।
उन्होंने कहा, यह गृह युद्ध है। युद्धरत पक्षों उत्तरी मोर्चे और तालिबान के बीच बातचीत होनी चाहिए। जब तक उत्तरी मोर्चा वार्ता की मेज़ पर नहीं बैठता तब तक युद्ध जारी रहेगा। रोहराबचेर ने कहा, अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ तालिबान की आतंकवादी गतिविधियों के मद्देनज़र तालिबान नेता मुल्ला उमर से केवल उसके आत्मसमर्पण के मामले पर बातचीत की जानी चाहिए। इसके अलावा उससे या उसके प्रतिनिधियों से किसी भी मामले पर वार्ता नहीं की जानी चाहिए।
इस बीच एक अमेरिकी सांसद ने ओबामा प्रशासन के तालिबान के साथ वार्ता संबंधी कदम का विरोध करते हुए कहा कि इस आतंकवादी संगठन के साथ बातचीत सफल नहीं रहेगी। सांसद डाना रोहराबचेर ने विदेश मंत्री जॉन कैरी को पत्र लिखकर कहा, अमेरिका और तालिबान के बीच इस सप्ताह घोषित की गई वार्ता सफल नहीं होगी।
उन्होंने कहा, यह गृह युद्ध है। युद्धरत पक्षों उत्तरी मोर्चे और तालिबान के बीच बातचीत होनी चाहिए। जब तक उत्तरी मोर्चा वार्ता की मेज़ पर नहीं बैठता तब तक युद्ध जारी रहेगा। रोहराबचेर ने कहा, अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ तालिबान की आतंकवादी गतिविधियों के मद्देनज़र तालिबान नेता मुल्ला उमर से केवल उसके आत्मसमर्पण के मामले पर बातचीत की जानी चाहिए। इसके अलावा उससे या उसके प्रतिनिधियों से किसी भी मामले पर वार्ता नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, यह गृह युद्ध है। युद्धरत पक्षों उत्तरी मोर्चे और तालिबान के बीच बातचीत होनी चाहिए। जब तक उत्तरी मोर्चा वार्ता की मेज़ पर नहीं बैठता तब तक युद्ध जारी रहेगा। रोहराबचेर ने कहा, अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ तालिबान की आतंकवादी गतिविधियों के मद्देनज़र तालिबान नेता मुल्ला उमर से केवल उसके आत्मसमर्पण के मामले पर बातचीत की जानी चाहिए। इसके अलावा उससे या उसके प्रतिनिधियों से किसी भी मामले पर वार्ता नहीं की जानी चाहिए। | सारांश: अमेरिका ने तालिबान द्वारा बंदी बनाए गए अपने एक सैनिक को छुड़ाने के एवज़ में तालिबानी कैदियों को रिहा करने के मामले पर बातचीत से इनकार नहीं किया है। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) पार्टी की पूरी कमान युवाशक्ति को सौंपने वाले हैं. इस कड़ी में उन्होंने समस्तीपुर लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद और अपने भतीजे प्रिंस राज को पार्टी की बिहार प्रदेश इकाई की कमान सौंप दी है और अब वह अपने पुत्र और जमुई से सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan) को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने वाले हैं. एक सूत्र ने बताया कि राम विलास पासवान अगले महीने 28 नवंबर को पार्टी के स्थापना दिवस पर अपने पुत्र और जमुई से सांसद चिराग पासवान को पार्टी अध्यक्ष पद की कमान सौंपने का ऐलान कर सकते हैं.
राम विलास पासवान ने 28 नवंबर, 2000 को लोजपा का गठन किया था. तब से वह पार्टी के अध्यक्ष हैं. नवनिर्वाचित सांसद प्रिंस राज के शनिवार को दिल्ली पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां उनका स्वागत किया. राम विलास पासवान ने उनके संसदीय जीवन की शुरुआत की शुभकामनाओं के साथ उनको उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया. यह जानकारी उन्होंने एक ट्वीट के जरिए दी.
इससे पहले शुक्रवार को लोजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड के चेयरमैन व सांसद चिराग पासवान ने प्रिंस राज को पार्टी का बिहार प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि पार्टी सांसद वीणा देवी लोजपा महिला सेल की प्रमुख होंगी और चंदन कुमार युवा विंग की कमान संभालेंगे. वीणा देवी वैशाली से सांसद हैं, जबकि चंदन कुमार नवादा से सांसद हैं.
प्रिंस राज हाल ही में बिहार के समस्तीपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में अजेय बहुमत से निर्वाचित हुए हैं. इससे पहले उनके पिता रामचंद्र पासवान समस्तीपुर से सांसद थे. इसी साल उनका निधन हो जाने के बाद उपचुनाव करवाया गया था. | पार्टी की पूरी कमान युवाशक्ति को सौंपने वाले हैं राम विलास पासवान
प्रिंस राज को पार्टी की बिहार प्रदेश इकाई की कमान
चिराग पासवान को मिल सकती है राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार और काले धन को लेकर दिल्ली में 9 अगस्त से बाबा रामदेव के प्रस्तावित आंदोलन से ऐन पहले योग गुरु पर अंगुली उठाते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने सनसनीखेज आशंका जाहिर की कि उनके निकट सहयोगी बालकृष्ण को जान का खतरा है। बालकृष्ण इस वक्त जालसाजी के मामले में उत्तराखंड की एक जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद हैं।टिप्पणियां
दिग्विजय ने रामदेव को 'अपराधी किस्म का व्यक्तिट करार देते हुए यह दावा भी किया कि रामदेव अपनी पोल खुलने के डर से बालकृष्ण के साथ कुछ भी कर सकते हैं। कांग्रेस महासचिव ने संवाददाताओं से कहा, मुझे इस बात की शंका है कि रामदेव की पूरी पोलपट्टी उनके सहयोगी बालकृष्ण के पास है। सरकार से मेरी प्रार्थना है कि वह बालकृष्ण के जीवन की रक्षा करे, क्योंकि रामदेव अपराधी किस्म के व्यक्ति हैं। रामदेव अपनी पोल खुलने के डर से बालकृष्ण के साथ कुछ भी कर सकते हैं।
दिग्विजय ने कहा, मैं अपनी पूरी समझदारी और जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि बालकृष्ण की जान को खतरा है। फिलहाल उत्तराखंड की सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद बालकृष्ण पर जालसाजी और भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के उल्लंघन के आरोप हैं। देहरादून की अदालत उनकी जमानत अर्जी को पखवाड़े भर में दो बार खारिज कर चुकी है।
दिग्विजय ने रामदेव को 'अपराधी किस्म का व्यक्तिट करार देते हुए यह दावा भी किया कि रामदेव अपनी पोल खुलने के डर से बालकृष्ण के साथ कुछ भी कर सकते हैं। कांग्रेस महासचिव ने संवाददाताओं से कहा, मुझे इस बात की शंका है कि रामदेव की पूरी पोलपट्टी उनके सहयोगी बालकृष्ण के पास है। सरकार से मेरी प्रार्थना है कि वह बालकृष्ण के जीवन की रक्षा करे, क्योंकि रामदेव अपराधी किस्म के व्यक्ति हैं। रामदेव अपनी पोल खुलने के डर से बालकृष्ण के साथ कुछ भी कर सकते हैं।
दिग्विजय ने कहा, मैं अपनी पूरी समझदारी और जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि बालकृष्ण की जान को खतरा है। फिलहाल उत्तराखंड की सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद बालकृष्ण पर जालसाजी और भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के उल्लंघन के आरोप हैं। देहरादून की अदालत उनकी जमानत अर्जी को पखवाड़े भर में दो बार खारिज कर चुकी है।
दिग्विजय ने कहा, मैं अपनी पूरी समझदारी और जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि बालकृष्ण की जान को खतरा है। फिलहाल उत्तराखंड की सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद बालकृष्ण पर जालसाजी और भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के उल्लंघन के आरोप हैं। देहरादून की अदालत उनकी जमानत अर्जी को पखवाड़े भर में दो बार खारिज कर चुकी है। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली में 9 अगस्त से बाबा रामदेव के प्रस्तावित आंदोलन से ऐन पहले योग गुरु पर अंगुली उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने आशंका जाहिर की कि उनके निकट सहयोगी बालकृष्ण को जान का खतरा है। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रचलित मानसिकता है कि दो अभिनेत्रियों के बीच सामंजस्य कम होता है. लेकिन फिल्म निर्माता करण जौहर का कहना है कि अभिनेत्रियों के मुकाबले दो अभिनेताओं के बीच मतभेद ज्यादा होते हैं. आजकल फिल्म में दो अभिनेताओं को रखना एक कठिन काम हो गया है.
जौहर ने 18वें जियो एमएएमआई मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में पैनल विमर्श के दौरान कहा, ‘‘दो अभिनेताओं की फीस वहन करना आसान नहीं है और अभिनेता खुद भी एक-दूसरे के साथ काम नहीं करना चाहते हैं. यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं है.’’ उन्होंने कहा कि यह कारण है कि रोहित शेट्टी के साथ मिलकर ‘राम-लखन’ बनाना संभव नहीं हो पाया है.
जौहर के इस विचार के बावजूद भी ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुश कभी गम’, ‘कल हो ना हो’, ‘दोस्ताना’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ और अभी हाल की फिल्म ‘कपूर एंड सन्स’ जैसी इनकी फिल्मों में दो हीरो दिखे हैं. उनकी फिल्म ‘ए दिल है मुश्किल’ रिलीज होने के लिए तैयार है. इस फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन, रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा मुख्य भूमिका में हैं.टिप्पणियां
सत्र में जौहर के साथ आई अनुष्का ने कहा कि इस फिल्म में ऐश्वर्या और वह सिर्फ एक दृश्य में साथ हैं. एक घटना को याद करते हुए 28 वर्षीय अनुष्का ने कहा कि जब वह एक पुरस्कार समारोह में विदेश गई थीं तो ऐश्वर्या ने उनकी मदद की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जौहर ने 18वें जियो एमएएमआई मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में पैनल विमर्श के दौरान कहा, ‘‘दो अभिनेताओं की फीस वहन करना आसान नहीं है और अभिनेता खुद भी एक-दूसरे के साथ काम नहीं करना चाहते हैं. यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं है.’’ उन्होंने कहा कि यह कारण है कि रोहित शेट्टी के साथ मिलकर ‘राम-लखन’ बनाना संभव नहीं हो पाया है.
जौहर के इस विचार के बावजूद भी ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुश कभी गम’, ‘कल हो ना हो’, ‘दोस्ताना’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ और अभी हाल की फिल्म ‘कपूर एंड सन्स’ जैसी इनकी फिल्मों में दो हीरो दिखे हैं. उनकी फिल्म ‘ए दिल है मुश्किल’ रिलीज होने के लिए तैयार है. इस फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन, रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा मुख्य भूमिका में हैं.टिप्पणियां
सत्र में जौहर के साथ आई अनुष्का ने कहा कि इस फिल्म में ऐश्वर्या और वह सिर्फ एक दृश्य में साथ हैं. एक घटना को याद करते हुए 28 वर्षीय अनुष्का ने कहा कि जब वह एक पुरस्कार समारोह में विदेश गई थीं तो ऐश्वर्या ने उनकी मदद की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जौहर के इस विचार के बावजूद भी ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुश कभी गम’, ‘कल हो ना हो’, ‘दोस्ताना’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ और अभी हाल की फिल्म ‘कपूर एंड सन्स’ जैसी इनकी फिल्मों में दो हीरो दिखे हैं. उनकी फिल्म ‘ए दिल है मुश्किल’ रिलीज होने के लिए तैयार है. इस फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन, रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा मुख्य भूमिका में हैं.टिप्पणियां
सत्र में जौहर के साथ आई अनुष्का ने कहा कि इस फिल्म में ऐश्वर्या और वह सिर्फ एक दृश्य में साथ हैं. एक घटना को याद करते हुए 28 वर्षीय अनुष्का ने कहा कि जब वह एक पुरस्कार समारोह में विदेश गई थीं तो ऐश्वर्या ने उनकी मदद की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सत्र में जौहर के साथ आई अनुष्का ने कहा कि इस फिल्म में ऐश्वर्या और वह सिर्फ एक दृश्य में साथ हैं. एक घटना को याद करते हुए 28 वर्षीय अनुष्का ने कहा कि जब वह एक पुरस्कार समारोह में विदेश गई थीं तो ऐश्वर्या ने उनकी मदद की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: करण जौहर के मुताबिक दो अभिनेत्रियों में मतभेद कम होते हैं
अभिनेत्रियों की तुलना में अभिनेताओं के बीच ज्यादा मतभेद
अभिनेता खुद भी एक दूसरे के साथ काम करना पसंद नहीं करते | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) इन दिनों फिल्म 'द स्काइ इज पिंक' (The Sky Is Pink) के प्रमोशन में बिजी हैं. उनकी फिल्म को रिलीज होने में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. फिल्म के शानदार प्रदर्शन के लिए प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) काफी मेहनत कर रही हैं. हाल ही में उन्होंने फिल्म के सिलसिले में कई इंटरव्यू दिये, जिसमें कई बार उन्होंने निक जोनास (Nick Jonas) से जुड़ी खास बातें भी बताईं. पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने इस बात का खुलासा किया कि जब वह निक के साथ नहीं होतीं और उन्हें प्रियंका की याद आती है तो वह क्या करते हैं.
इंटरव्यू में प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra)ने बताया कि जब भी उनके पति और अमेरिकन सिंगर निक जोनास को उनकी याद आती है तो वह उनकी फिल्म देखते हैं. इस बारे में बताते हुए प्रियंका चोपड़ा ने कहा, "उन्होंने एक दिन खुद ही मैरी कॉम देखी. मैं सफर कर रही थी और उन्होंने मुझे कॉल किया और कहा, "मैं आपको याद कर रहा हूं, इसलिए मैं आपकी मूवी देख रहा हूं." मुझे यह चीज काफी प्यारी लगी. अभी हम दोनों एक-दूसरे की प्रोफेश्नल जिंदगी को तलाश रहे हैं. उनसे मिलने से पहले मैं जोनास ब्रदर्स और उनके संगीत के बारे में नहीं जानती थी. वह मेरे काम के बारे में भी काफी कुछ पता कर रहे हैं. हम अपनी चीजों को ऐसे साझा करते हैं, जैसे यह मेरा पहला वीडियो है." | प्रियंका चोपड़ा ने पति निक जोनास को लेकर किया खुलासा
एक्ट्रेस ने बताया कि उनकी याद आने पर निक क्या करते हैं?
प्रियंका की फिल्म को रिलीज होने में बचे हैं केवल 2 दिन | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज उस वक्त लोगों को चौंका दिया जब वह संसद मार्ग स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा में पहुंचे और आम लोगों की तरह कतार में खड़े होकर 500 और 1000 रुपये के अपने पुराने नोट बदलवाए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह बात समझ नहीं आएगी कि केंद्र सरकार के इस कदम के कारण लोगों को कितनी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है.
मोदी पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि सरकार गरीबों के लिए होनी चाहिए, सिर्फ 15-20 लोगों के लिए नहीं. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि वह कतार में इसलिए खड़े हैं क्योंकि लोग अपने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलवाने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.
राहुल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस कतार में कोई करोड़पति नहीं है. गरीब लोग कई घंटे से कतार में खड़े हैं. मैं कहना चाहता हूं कि सरकार गरीबों के लिए होनी चाहिए, सिर्फ 15-20 लोगों के लिए नहीं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए मैं उनके साथ खड़े होने आया हूं. मैं यहां 4,000 रुपये के पुराने नोट जमाकर नए नोट लेने आया हूं.’’ राहुल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘न तो आप, न ही आपके करोड़पति मालिक और न ही प्रधानमंत्री समझ पाएंगे कि लोगों को कैसी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है.’’
शाम 4 बजकर 25 मिनट पर एसबीआई शाखा पहुंचे राहुल ने अपने पुराने नोट बदलवाने के लिए कतार में खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार किया. उन्होंने कतार में खड़े लोगों से बात भी की और उनकी मुश्किलें सुनीं. कई लोगों ने राहुल के साथ सेल्फी भी ली. राहुल के बैंक पहुंचने पर वहां मौजूद लोगों को थोड़ी तकलीफ का सामना भी करना पड़ा. कई लोग राहुल की एक झलक पाने की कोशिश कर रहे थे. बैंक के भी कई कर्मियों को राहुल के साथ तस्वीरें खिंचवाते देखा गया.टिप्पणियां
राहुल करीब 40 मिनट तक बैंक में रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि सरकार गरीबों के लिए होनी चाहिए, सिर्फ 15-20 लोगों के लिए नहीं. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि वह कतार में इसलिए खड़े हैं क्योंकि लोग अपने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलवाने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.
राहुल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस कतार में कोई करोड़पति नहीं है. गरीब लोग कई घंटे से कतार में खड़े हैं. मैं कहना चाहता हूं कि सरकार गरीबों के लिए होनी चाहिए, सिर्फ 15-20 लोगों के लिए नहीं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए मैं उनके साथ खड़े होने आया हूं. मैं यहां 4,000 रुपये के पुराने नोट जमाकर नए नोट लेने आया हूं.’’ राहुल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘न तो आप, न ही आपके करोड़पति मालिक और न ही प्रधानमंत्री समझ पाएंगे कि लोगों को कैसी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है.’’
शाम 4 बजकर 25 मिनट पर एसबीआई शाखा पहुंचे राहुल ने अपने पुराने नोट बदलवाने के लिए कतार में खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार किया. उन्होंने कतार में खड़े लोगों से बात भी की और उनकी मुश्किलें सुनीं. कई लोगों ने राहुल के साथ सेल्फी भी ली. राहुल के बैंक पहुंचने पर वहां मौजूद लोगों को थोड़ी तकलीफ का सामना भी करना पड़ा. कई लोग राहुल की एक झलक पाने की कोशिश कर रहे थे. बैंक के भी कई कर्मियों को राहुल के साथ तस्वीरें खिंचवाते देखा गया.टिप्पणियां
राहुल करीब 40 मिनट तक बैंक में रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राहुल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस कतार में कोई करोड़पति नहीं है. गरीब लोग कई घंटे से कतार में खड़े हैं. मैं कहना चाहता हूं कि सरकार गरीबों के लिए होनी चाहिए, सिर्फ 15-20 लोगों के लिए नहीं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए मैं उनके साथ खड़े होने आया हूं. मैं यहां 4,000 रुपये के पुराने नोट जमाकर नए नोट लेने आया हूं.’’ राहुल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘न तो आप, न ही आपके करोड़पति मालिक और न ही प्रधानमंत्री समझ पाएंगे कि लोगों को कैसी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है.’’
शाम 4 बजकर 25 मिनट पर एसबीआई शाखा पहुंचे राहुल ने अपने पुराने नोट बदलवाने के लिए कतार में खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार किया. उन्होंने कतार में खड़े लोगों से बात भी की और उनकी मुश्किलें सुनीं. कई लोगों ने राहुल के साथ सेल्फी भी ली. राहुल के बैंक पहुंचने पर वहां मौजूद लोगों को थोड़ी तकलीफ का सामना भी करना पड़ा. कई लोग राहुल की एक झलक पाने की कोशिश कर रहे थे. बैंक के भी कई कर्मियों को राहुल के साथ तस्वीरें खिंचवाते देखा गया.टिप्पणियां
राहुल करीब 40 मिनट तक बैंक में रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शाम 4 बजकर 25 मिनट पर एसबीआई शाखा पहुंचे राहुल ने अपने पुराने नोट बदलवाने के लिए कतार में खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार किया. उन्होंने कतार में खड़े लोगों से बात भी की और उनकी मुश्किलें सुनीं. कई लोगों ने राहुल के साथ सेल्फी भी ली. राहुल के बैंक पहुंचने पर वहां मौजूद लोगों को थोड़ी तकलीफ का सामना भी करना पड़ा. कई लोग राहुल की एक झलक पाने की कोशिश कर रहे थे. बैंक के भी कई कर्मियों को राहुल के साथ तस्वीरें खिंचवाते देखा गया.टिप्पणियां
राहुल करीब 40 मिनट तक बैंक में रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राहुल करीब 40 मिनट तक बैंक में रहे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | कांग्रेस उपाध्यक्ष ने संसद मार्ग स्थित एसबीआई की शाखा में पहुंचकर चौंकाया
कहा, सरकार गरीबों के लिए होनी चाहिए, सिर्फ 15-20 लोगों के लिए नहीं
प्रधानमंत्री नहीं समझेंगे कि लोगों को कैसी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान विराट कोहली ने पाकिस्तान के जुनून और जज्बे को सलाम करते हुए स्वीकार किया कि उनकी टीम ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में छोटी-छोटी गलतियां कीं, जो कि आखिर में उन्हें भारी पड़ी. जसप्रीत बुमराह ने अगर शुरू में नोबॉल नहीं की होती तो फखर जमां तीन रन पर आउट हो जाते, लेकिन उन्होंने बाद में 114 रन बनाए, जिससे पाकिस्तान चार विकेट पर 338 रन बनाने में सफल रहा. इसके जवाब में भारतीय टीम 158 रन पर ढेर हो गई.
कोहली ने मैच के बाद कहा, 'छोटी छोटी गलतियां बहुत भारी पड़ सकती हैं, लेकिन हमने क्रिकेट का एक मैच ही गंवाया है. हमें अब इसको पीछे छोड़कर आगे बढ़ना होगा और गलतियों से सीख लेनी होगी.' उन्होंने पाकिस्तान को जीत का श्रेय दिया और माना कि उनकी टीम खेल के हर विभाग में दोयम दर्जे की साबित हुई.
कोहली ने कहा, 'मैं पाकिस्तान को बधाई देना चाहता हूं. उनके लिए यह टूर्नामेंट शानदार रहा. जिस तरह से उन्होंने पूरा पासा पलटा, उससे पता चलता है कि उनके पास प्रतिभा की कमी नहीं है. उन्होंने फिर से साबित कर दिया कि जब उनका दिन होता है, तो वे किसी को भी उलटफेर का शिकार बना सकते हैं.' टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हमारे लिए निराशाजनक है, लेकिन मेरे चेहरे पर मुस्कान है, क्योंकि हम अच्छा खेलकर फाइनल तक पहुंचे. पाकिस्तान को श्रेय जाता है. उन्होंने हमें सभी विभागों में हराया. खेल में ऐसा होता है.' कोहली ने कहा, 'हम किसी को भी हल्के से नहीं ले सकते हैं, लेकिन आज उन्होंने अच्छा जज्बा और जुनून दिखाया. गेंदबाजी में हम विकेट लेने के कुछ और मौके निकाल सकते थे. हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन गेंदबाजी में भी वे आक्रामक थे. हम डटकर नहीं खेल पाए. हार्दिक की पारी बेजोड़ थी.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कोहली ने मैच के बाद कहा, 'छोटी छोटी गलतियां बहुत भारी पड़ सकती हैं, लेकिन हमने क्रिकेट का एक मैच ही गंवाया है. हमें अब इसको पीछे छोड़कर आगे बढ़ना होगा और गलतियों से सीख लेनी होगी.' उन्होंने पाकिस्तान को जीत का श्रेय दिया और माना कि उनकी टीम खेल के हर विभाग में दोयम दर्जे की साबित हुई.
कोहली ने कहा, 'मैं पाकिस्तान को बधाई देना चाहता हूं. उनके लिए यह टूर्नामेंट शानदार रहा. जिस तरह से उन्होंने पूरा पासा पलटा, उससे पता चलता है कि उनके पास प्रतिभा की कमी नहीं है. उन्होंने फिर से साबित कर दिया कि जब उनका दिन होता है, तो वे किसी को भी उलटफेर का शिकार बना सकते हैं.' टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हमारे लिए निराशाजनक है, लेकिन मेरे चेहरे पर मुस्कान है, क्योंकि हम अच्छा खेलकर फाइनल तक पहुंचे. पाकिस्तान को श्रेय जाता है. उन्होंने हमें सभी विभागों में हराया. खेल में ऐसा होता है.' कोहली ने कहा, 'हम किसी को भी हल्के से नहीं ले सकते हैं, लेकिन आज उन्होंने अच्छा जज्बा और जुनून दिखाया. गेंदबाजी में हम विकेट लेने के कुछ और मौके निकाल सकते थे. हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन गेंदबाजी में भी वे आक्रामक थे. हम डटकर नहीं खेल पाए. हार्दिक की पारी बेजोड़ थी.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कोहली ने कहा, 'मैं पाकिस्तान को बधाई देना चाहता हूं. उनके लिए यह टूर्नामेंट शानदार रहा. जिस तरह से उन्होंने पूरा पासा पलटा, उससे पता चलता है कि उनके पास प्रतिभा की कमी नहीं है. उन्होंने फिर से साबित कर दिया कि जब उनका दिन होता है, तो वे किसी को भी उलटफेर का शिकार बना सकते हैं.' टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हमारे लिए निराशाजनक है, लेकिन मेरे चेहरे पर मुस्कान है, क्योंकि हम अच्छा खेलकर फाइनल तक पहुंचे. पाकिस्तान को श्रेय जाता है. उन्होंने हमें सभी विभागों में हराया. खेल में ऐसा होता है.' कोहली ने कहा, 'हम किसी को भी हल्के से नहीं ले सकते हैं, लेकिन आज उन्होंने अच्छा जज्बा और जुनून दिखाया. गेंदबाजी में हम विकेट लेने के कुछ और मौके निकाल सकते थे. हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन गेंदबाजी में भी वे आक्रामक थे. हम डटकर नहीं खेल पाए. हार्दिक की पारी बेजोड़ थी.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'हमारे लिए निराशाजनक है, लेकिन मेरे चेहरे पर मुस्कान है, क्योंकि हम अच्छा खेलकर फाइनल तक पहुंचे. पाकिस्तान को श्रेय जाता है. उन्होंने हमें सभी विभागों में हराया. खेल में ऐसा होता है.' कोहली ने कहा, 'हम किसी को भी हल्के से नहीं ले सकते हैं, लेकिन आज उन्होंने अच्छा जज्बा और जुनून दिखाया. गेंदबाजी में हम विकेट लेने के कुछ और मौके निकाल सकते थे. हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन गेंदबाजी में भी वे आक्रामक थे. हम डटकर नहीं खेल पाए. हार्दिक की पारी बेजोड़ थी.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान ने साबित किया कि उसके पास प्रतिभा की कमी नहीं- कोहली
'हमें गलतियों से सीख लेनी होगी और आगे बढ़ना होगा'
'हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन गेंदबाजी में भी पाकिस्तान आक्रामक था' | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी सरकार ने पेट्रोल चोरी पकड़ने के लिए प्रदेश के सभी 6,600 पेट्रोल पंपों पर रेड करने का फैसला किया है. हाल ही में एसटीएफ ने पेट्रोल पंपों पर कम पेट्रोल डालने के लिए रिमोट कंट्रोल वाली इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाने वाले एक शख्स को पकड़ा तो उसने 1,000 चिप लगाना कबूल किया और यह भी बताया कि यूपी के 99 फीसदी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल चोरी करने की चिप लगी हुई है.
लिहाज़ा, बुधवार को एक साथ यूपी के सारे पेट्रोल पंपों पर हर जिले में रेड शुरू हुई. जिला प्रशासन के लोग हर जगह पर जा रहे हैं. पेट्रोल पंपों पर रस्सी लगाकर उनको बंद किया जा रहा है. उनकी जांच हो रही है, क्योंकि सरकार का कहना है कि जितने भी 6,600 पेट्रोल पंप हैं, सभी की जांच होगी.
यह कार्रवाई इसलिए शुरू की गई है, क्योंकि जो शख्स चिप लगाने वाला था, उसने यह कहा है कि यूपी के 90 फीसदी पेट्रोल पपों पर पेट्रोल की चोरी होती है. यही नहीं, उसका कहना है कि दिल्ली और देश के दूसरे इलाकों में भी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की चोरी हो रही है.
लखनऊ में रेड शुरू हुई तो पहले पेट्रोल पंपों पर ही दो मशीनों में चिप लगी मिली. यहां अब तक 15 पेट्रोल पंपों पर रेड हुई है, जिसमें सभी 15 पंपों में पेट्रोल चोरी पाई गई. लखनऊ के एसीएम (द्वितीय) डीपी मिश्रा ने बताया कि इनके पास चार मशीनें हैं, जिनमें से दो में डिवाइस लगी पाई गई. जिससे घटतौली रिमोट के माध्यम से की जाती थी और मशीनों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई है. जिन दो मशीनों में चिप लगी पाई गई, उन्हें सील कर दिया गया है.टिप्पणियां
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
लिहाज़ा, बुधवार को एक साथ यूपी के सारे पेट्रोल पंपों पर हर जिले में रेड शुरू हुई. जिला प्रशासन के लोग हर जगह पर जा रहे हैं. पेट्रोल पंपों पर रस्सी लगाकर उनको बंद किया जा रहा है. उनकी जांच हो रही है, क्योंकि सरकार का कहना है कि जितने भी 6,600 पेट्रोल पंप हैं, सभी की जांच होगी.
यह कार्रवाई इसलिए शुरू की गई है, क्योंकि जो शख्स चिप लगाने वाला था, उसने यह कहा है कि यूपी के 90 फीसदी पेट्रोल पपों पर पेट्रोल की चोरी होती है. यही नहीं, उसका कहना है कि दिल्ली और देश के दूसरे इलाकों में भी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की चोरी हो रही है.
लखनऊ में रेड शुरू हुई तो पहले पेट्रोल पंपों पर ही दो मशीनों में चिप लगी मिली. यहां अब तक 15 पेट्रोल पंपों पर रेड हुई है, जिसमें सभी 15 पंपों में पेट्रोल चोरी पाई गई. लखनऊ के एसीएम (द्वितीय) डीपी मिश्रा ने बताया कि इनके पास चार मशीनें हैं, जिनमें से दो में डिवाइस लगी पाई गई. जिससे घटतौली रिमोट के माध्यम से की जाती थी और मशीनों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई है. जिन दो मशीनों में चिप लगी पाई गई, उन्हें सील कर दिया गया है.टिप्पणियां
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
यह कार्रवाई इसलिए शुरू की गई है, क्योंकि जो शख्स चिप लगाने वाला था, उसने यह कहा है कि यूपी के 90 फीसदी पेट्रोल पपों पर पेट्रोल की चोरी होती है. यही नहीं, उसका कहना है कि दिल्ली और देश के दूसरे इलाकों में भी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की चोरी हो रही है.
लखनऊ में रेड शुरू हुई तो पहले पेट्रोल पंपों पर ही दो मशीनों में चिप लगी मिली. यहां अब तक 15 पेट्रोल पंपों पर रेड हुई है, जिसमें सभी 15 पंपों में पेट्रोल चोरी पाई गई. लखनऊ के एसीएम (द्वितीय) डीपी मिश्रा ने बताया कि इनके पास चार मशीनें हैं, जिनमें से दो में डिवाइस लगी पाई गई. जिससे घटतौली रिमोट के माध्यम से की जाती थी और मशीनों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई है. जिन दो मशीनों में चिप लगी पाई गई, उन्हें सील कर दिया गया है.टिप्पणियां
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
लखनऊ में रेड शुरू हुई तो पहले पेट्रोल पंपों पर ही दो मशीनों में चिप लगी मिली. यहां अब तक 15 पेट्रोल पंपों पर रेड हुई है, जिसमें सभी 15 पंपों में पेट्रोल चोरी पाई गई. लखनऊ के एसीएम (द्वितीय) डीपी मिश्रा ने बताया कि इनके पास चार मशीनें हैं, जिनमें से दो में डिवाइस लगी पाई गई. जिससे घटतौली रिमोट के माध्यम से की जाती थी और मशीनों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई है. जिन दो मशीनों में चिप लगी पाई गई, उन्हें सील कर दिया गया है.टिप्पणियां
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
यूपी एसटीएफ ने पहली रेड 27 अप्रैल को की थी. एक पेट्रोल पंप पर कई पेट्रोल डिस्पेंसिंग नोज़ल होते हैं, जिनमें से कुछ में चिप लगी मिली है, कुछ में नहीं. लेकिन मिलने पर पूरा पंप सील हो रहा है. इस अंदेशे से अगर यूपी के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर चिप निकल आए और सभी सील कर दिए जाएं तो प्रदेश ठप्प पर जाएगा, इसलिए अब सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप मिलती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है.
डीपी मिश्रा ने बताया कि यह जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि जैसी सूचना है कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों में डिवाइस लगी हुई है तो अगर एकदम से सारे बंद हो गए तो जनता को बहुत बड़ी असुविधा हो सकती है. | यहाँ एक सारांश है:गिरफ्तार शख्स ने 1,000 चिप लगाना कबूल किया.
बुधवार को एक साथ यूपी के सारे पेट्रोल पंपों पर हर जिले में रेड शुरू हुई.
अभी सिर्फ उस मशीन को सील जा रहा है, जिसमें चिप लगी मिलती है. | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि राज्य में 11 सितंबर से गुटखे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस के मौके मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘मुझे गुजरात के युवाओं को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाना है और यही कारण है कि गुटखे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया गया है।’’ गुजरात में इस साल विधानसभा चुनाव होना है।
उन्होंने कहा कि गुटखे की बिक्री, उत्पादन तथा वितरण पर प्रतिबंध 11 सितंबर से प्रभावी होगा। मोदी ने कहा कि युवाओं को गुटखा खाने के लिये प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता। अगर रुपये के हिसाब से आकलन किया जाए तो गुटखा की खपत बादाम खाने से ज्यादा महंगा है।टिप्पणियां
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा केरल, मध्य प्रदेश तथा बिहार में गुटखे पर प्रतिबंध है। राजस्थान सरकार ने भी पिछले महीने इस पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
राज्य के एक अधिकारी ने कहा कि गुटके पर प्रतिबंध लगाने की समयसीमा का निर्धारण सोच समझकर किया गया है ताकि तब तक जो व्यापारियों के पास माल है, वह निकल जाए।
स्वतंत्रता दिवस के मौके मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘मुझे गुजरात के युवाओं को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाना है और यही कारण है कि गुटखे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया गया है।’’ गुजरात में इस साल विधानसभा चुनाव होना है।
उन्होंने कहा कि गुटखे की बिक्री, उत्पादन तथा वितरण पर प्रतिबंध 11 सितंबर से प्रभावी होगा। मोदी ने कहा कि युवाओं को गुटखा खाने के लिये प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता। अगर रुपये के हिसाब से आकलन किया जाए तो गुटखा की खपत बादाम खाने से ज्यादा महंगा है।टिप्पणियां
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा केरल, मध्य प्रदेश तथा बिहार में गुटखे पर प्रतिबंध है। राजस्थान सरकार ने भी पिछले महीने इस पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
राज्य के एक अधिकारी ने कहा कि गुटके पर प्रतिबंध लगाने की समयसीमा का निर्धारण सोच समझकर किया गया है ताकि तब तक जो व्यापारियों के पास माल है, वह निकल जाए।
उन्होंने कहा कि गुटखे की बिक्री, उत्पादन तथा वितरण पर प्रतिबंध 11 सितंबर से प्रभावी होगा। मोदी ने कहा कि युवाओं को गुटखा खाने के लिये प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता। अगर रुपये के हिसाब से आकलन किया जाए तो गुटखा की खपत बादाम खाने से ज्यादा महंगा है।टिप्पणियां
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा केरल, मध्य प्रदेश तथा बिहार में गुटखे पर प्रतिबंध है। राजस्थान सरकार ने भी पिछले महीने इस पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
राज्य के एक अधिकारी ने कहा कि गुटके पर प्रतिबंध लगाने की समयसीमा का निर्धारण सोच समझकर किया गया है ताकि तब तक जो व्यापारियों के पास माल है, वह निकल जाए।
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा केरल, मध्य प्रदेश तथा बिहार में गुटखे पर प्रतिबंध है। राजस्थान सरकार ने भी पिछले महीने इस पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
राज्य के एक अधिकारी ने कहा कि गुटके पर प्रतिबंध लगाने की समयसीमा का निर्धारण सोच समझकर किया गया है ताकि तब तक जो व्यापारियों के पास माल है, वह निकल जाए।
राज्य के एक अधिकारी ने कहा कि गुटके पर प्रतिबंध लगाने की समयसीमा का निर्धारण सोच समझकर किया गया है ताकि तब तक जो व्यापारियों के पास माल है, वह निकल जाए। | यहाँ एक सारांश है:गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि राज्य में 11 सितंबर से गुटखे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आधी रात हो चुकी थी, तभी नौसेना मुख्यालय पर तैनात वरिष्ठ नौसेनाधिकारी का फोन बजा... कॉल करने वाले की आवाज़ आई, "'द ऑस्ट्रेलियन' ने एक ख़बर छापी है, जिसमें उसने दावा किया है कि उसके पास प्रोजेक्ट 75 (पनडुब्बी प्रोजेक्ट का आधिकारिक नाम) की डिटेल्स लीक हो गई हैं..."
कुछ ही मिनट बाद जब यह ख़बर फोन पर सुना दी गई, नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा को सूचना दे दी गई.
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने, जिन्हें इसकी जानकारी उसी समय दूसरे माध्यमों से दे दी गई थी, तुरंत नौसेना से डैमेज एसेसमेंट (नुकसान का आकलन) करने और यह पता लगने के लिए कहा कि लीक कहां से हुआ हो सकता है.
फिर सुबह होने पर पर्रिकर ने पत्रकारों को बताया, "हमें कल रात इसके बारे में पता चला..." लेकिन जो उन्होंने पत्रकारों को नहीं बताया, वह था रातभर मची रही हलचल...
और फिर एक ही घंटे के भीतर प्रोजेक्ट 75 पर निगरानी रखने वाले दक्षिणी दिल्ली वाले ऑफिस में सभी पहुंचे हुए थे... कुछ अधिकारी स्कॉर्पीन पनडुब्बी से जुड़े ओरिजिनल दस्तावेज़ को उस रिपोर्ट के दस्तावेज़ों से मिलाकर देख रहे हैं, जो 'द ऑस्ट्रेलियन' में छपी है... कुछ अन्य अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि किस-किस अधिकारी की पहुंच इन दस्तावेज़ों तक थी, और दस्तावेज़ कहां-कहां पहुंचे थे, ताकि पता लगाया जा सके कि लीक कहां और कैसे हुआ...
ठीक उसी वक्त, देशभर में अलग-अलग स्थानों पर तैनात भारतीय नौसेना के साइबर विशेषज्ञ, जिन्हें बेहतरीन में शुमार किया जाता है, दोहरे काम में जुटे थे... वे भारत में कम्प्यूटरों से लीक की जड़ का पता लगाने की कोशिश भी कर रहे थे, और साथ ही यह भी जानने की कोशिश कर रहे थे कि समाचारपत्र को दस्तावेज़ किस तरह पहुंचे हो सकते हैं... उधर, मुंबई में उस मझगांव डॉक पर भी यही कवायद जारी थी, जहां इन पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है...
रातभर इसी तरह जांच चलती रही... सुबह होने के बाद ही अधिकारियों को घर जाकर नहाने-धोने और तैयार होने की इजाज़त दी गई, और एक ही घंटे में सभी दोबारा काम पर लौट आए...
छोटी और तथ्यपरक शुरुआती जांच रिपोर्ट रक्षामंत्री के सामने पेश की गई, जो सुबह चार बजे तक एक समारोह में शिरकत करने के बावजूद 10 बजे से पहले अपने ऑफिस में पहुंचे हुए थे...
दोपहर तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी, जो देश में सुरक्षा मामलों को लेकर फैसले करने वाली सबसे बड़ी इकाई है, की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना थी...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
कुछ ही मिनट बाद जब यह ख़बर फोन पर सुना दी गई, नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा को सूचना दे दी गई.
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने, जिन्हें इसकी जानकारी उसी समय दूसरे माध्यमों से दे दी गई थी, तुरंत नौसेना से डैमेज एसेसमेंट (नुकसान का आकलन) करने और यह पता लगने के लिए कहा कि लीक कहां से हुआ हो सकता है.
फिर सुबह होने पर पर्रिकर ने पत्रकारों को बताया, "हमें कल रात इसके बारे में पता चला..." लेकिन जो उन्होंने पत्रकारों को नहीं बताया, वह था रातभर मची रही हलचल...
और फिर एक ही घंटे के भीतर प्रोजेक्ट 75 पर निगरानी रखने वाले दक्षिणी दिल्ली वाले ऑफिस में सभी पहुंचे हुए थे... कुछ अधिकारी स्कॉर्पीन पनडुब्बी से जुड़े ओरिजिनल दस्तावेज़ को उस रिपोर्ट के दस्तावेज़ों से मिलाकर देख रहे हैं, जो 'द ऑस्ट्रेलियन' में छपी है... कुछ अन्य अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि किस-किस अधिकारी की पहुंच इन दस्तावेज़ों तक थी, और दस्तावेज़ कहां-कहां पहुंचे थे, ताकि पता लगाया जा सके कि लीक कहां और कैसे हुआ...
ठीक उसी वक्त, देशभर में अलग-अलग स्थानों पर तैनात भारतीय नौसेना के साइबर विशेषज्ञ, जिन्हें बेहतरीन में शुमार किया जाता है, दोहरे काम में जुटे थे... वे भारत में कम्प्यूटरों से लीक की जड़ का पता लगाने की कोशिश भी कर रहे थे, और साथ ही यह भी जानने की कोशिश कर रहे थे कि समाचारपत्र को दस्तावेज़ किस तरह पहुंचे हो सकते हैं... उधर, मुंबई में उस मझगांव डॉक पर भी यही कवायद जारी थी, जहां इन पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है...
रातभर इसी तरह जांच चलती रही... सुबह होने के बाद ही अधिकारियों को घर जाकर नहाने-धोने और तैयार होने की इजाज़त दी गई, और एक ही घंटे में सभी दोबारा काम पर लौट आए...
छोटी और तथ्यपरक शुरुआती जांच रिपोर्ट रक्षामंत्री के सामने पेश की गई, जो सुबह चार बजे तक एक समारोह में शिरकत करने के बावजूद 10 बजे से पहले अपने ऑफिस में पहुंचे हुए थे...
दोपहर तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी, जो देश में सुरक्षा मामलों को लेकर फैसले करने वाली सबसे बड़ी इकाई है, की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना थी...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने, जिन्हें इसकी जानकारी उसी समय दूसरे माध्यमों से दे दी गई थी, तुरंत नौसेना से डैमेज एसेसमेंट (नुकसान का आकलन) करने और यह पता लगने के लिए कहा कि लीक कहां से हुआ हो सकता है.
फिर सुबह होने पर पर्रिकर ने पत्रकारों को बताया, "हमें कल रात इसके बारे में पता चला..." लेकिन जो उन्होंने पत्रकारों को नहीं बताया, वह था रातभर मची रही हलचल...
और फिर एक ही घंटे के भीतर प्रोजेक्ट 75 पर निगरानी रखने वाले दक्षिणी दिल्ली वाले ऑफिस में सभी पहुंचे हुए थे... कुछ अधिकारी स्कॉर्पीन पनडुब्बी से जुड़े ओरिजिनल दस्तावेज़ को उस रिपोर्ट के दस्तावेज़ों से मिलाकर देख रहे हैं, जो 'द ऑस्ट्रेलियन' में छपी है... कुछ अन्य अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि किस-किस अधिकारी की पहुंच इन दस्तावेज़ों तक थी, और दस्तावेज़ कहां-कहां पहुंचे थे, ताकि पता लगाया जा सके कि लीक कहां और कैसे हुआ...
ठीक उसी वक्त, देशभर में अलग-अलग स्थानों पर तैनात भारतीय नौसेना के साइबर विशेषज्ञ, जिन्हें बेहतरीन में शुमार किया जाता है, दोहरे काम में जुटे थे... वे भारत में कम्प्यूटरों से लीक की जड़ का पता लगाने की कोशिश भी कर रहे थे, और साथ ही यह भी जानने की कोशिश कर रहे थे कि समाचारपत्र को दस्तावेज़ किस तरह पहुंचे हो सकते हैं... उधर, मुंबई में उस मझगांव डॉक पर भी यही कवायद जारी थी, जहां इन पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है...
रातभर इसी तरह जांच चलती रही... सुबह होने के बाद ही अधिकारियों को घर जाकर नहाने-धोने और तैयार होने की इजाज़त दी गई, और एक ही घंटे में सभी दोबारा काम पर लौट आए...
छोटी और तथ्यपरक शुरुआती जांच रिपोर्ट रक्षामंत्री के सामने पेश की गई, जो सुबह चार बजे तक एक समारोह में शिरकत करने के बावजूद 10 बजे से पहले अपने ऑफिस में पहुंचे हुए थे...
दोपहर तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी, जो देश में सुरक्षा मामलों को लेकर फैसले करने वाली सबसे बड़ी इकाई है, की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना थी...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
फिर सुबह होने पर पर्रिकर ने पत्रकारों को बताया, "हमें कल रात इसके बारे में पता चला..." लेकिन जो उन्होंने पत्रकारों को नहीं बताया, वह था रातभर मची रही हलचल...
और फिर एक ही घंटे के भीतर प्रोजेक्ट 75 पर निगरानी रखने वाले दक्षिणी दिल्ली वाले ऑफिस में सभी पहुंचे हुए थे... कुछ अधिकारी स्कॉर्पीन पनडुब्बी से जुड़े ओरिजिनल दस्तावेज़ को उस रिपोर्ट के दस्तावेज़ों से मिलाकर देख रहे हैं, जो 'द ऑस्ट्रेलियन' में छपी है... कुछ अन्य अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि किस-किस अधिकारी की पहुंच इन दस्तावेज़ों तक थी, और दस्तावेज़ कहां-कहां पहुंचे थे, ताकि पता लगाया जा सके कि लीक कहां और कैसे हुआ...
ठीक उसी वक्त, देशभर में अलग-अलग स्थानों पर तैनात भारतीय नौसेना के साइबर विशेषज्ञ, जिन्हें बेहतरीन में शुमार किया जाता है, दोहरे काम में जुटे थे... वे भारत में कम्प्यूटरों से लीक की जड़ का पता लगाने की कोशिश भी कर रहे थे, और साथ ही यह भी जानने की कोशिश कर रहे थे कि समाचारपत्र को दस्तावेज़ किस तरह पहुंचे हो सकते हैं... उधर, मुंबई में उस मझगांव डॉक पर भी यही कवायद जारी थी, जहां इन पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है...
रातभर इसी तरह जांच चलती रही... सुबह होने के बाद ही अधिकारियों को घर जाकर नहाने-धोने और तैयार होने की इजाज़त दी गई, और एक ही घंटे में सभी दोबारा काम पर लौट आए...
छोटी और तथ्यपरक शुरुआती जांच रिपोर्ट रक्षामंत्री के सामने पेश की गई, जो सुबह चार बजे तक एक समारोह में शिरकत करने के बावजूद 10 बजे से पहले अपने ऑफिस में पहुंचे हुए थे...
दोपहर तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी, जो देश में सुरक्षा मामलों को लेकर फैसले करने वाली सबसे बड़ी इकाई है, की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना थी...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
और फिर एक ही घंटे के भीतर प्रोजेक्ट 75 पर निगरानी रखने वाले दक्षिणी दिल्ली वाले ऑफिस में सभी पहुंचे हुए थे... कुछ अधिकारी स्कॉर्पीन पनडुब्बी से जुड़े ओरिजिनल दस्तावेज़ को उस रिपोर्ट के दस्तावेज़ों से मिलाकर देख रहे हैं, जो 'द ऑस्ट्रेलियन' में छपी है... कुछ अन्य अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि किस-किस अधिकारी की पहुंच इन दस्तावेज़ों तक थी, और दस्तावेज़ कहां-कहां पहुंचे थे, ताकि पता लगाया जा सके कि लीक कहां और कैसे हुआ...
ठीक उसी वक्त, देशभर में अलग-अलग स्थानों पर तैनात भारतीय नौसेना के साइबर विशेषज्ञ, जिन्हें बेहतरीन में शुमार किया जाता है, दोहरे काम में जुटे थे... वे भारत में कम्प्यूटरों से लीक की जड़ का पता लगाने की कोशिश भी कर रहे थे, और साथ ही यह भी जानने की कोशिश कर रहे थे कि समाचारपत्र को दस्तावेज़ किस तरह पहुंचे हो सकते हैं... उधर, मुंबई में उस मझगांव डॉक पर भी यही कवायद जारी थी, जहां इन पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है...
रातभर इसी तरह जांच चलती रही... सुबह होने के बाद ही अधिकारियों को घर जाकर नहाने-धोने और तैयार होने की इजाज़त दी गई, और एक ही घंटे में सभी दोबारा काम पर लौट आए...
छोटी और तथ्यपरक शुरुआती जांच रिपोर्ट रक्षामंत्री के सामने पेश की गई, जो सुबह चार बजे तक एक समारोह में शिरकत करने के बावजूद 10 बजे से पहले अपने ऑफिस में पहुंचे हुए थे...
दोपहर तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी, जो देश में सुरक्षा मामलों को लेकर फैसले करने वाली सबसे बड़ी इकाई है, की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना थी...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
ठीक उसी वक्त, देशभर में अलग-अलग स्थानों पर तैनात भारतीय नौसेना के साइबर विशेषज्ञ, जिन्हें बेहतरीन में शुमार किया जाता है, दोहरे काम में जुटे थे... वे भारत में कम्प्यूटरों से लीक की जड़ का पता लगाने की कोशिश भी कर रहे थे, और साथ ही यह भी जानने की कोशिश कर रहे थे कि समाचारपत्र को दस्तावेज़ किस तरह पहुंचे हो सकते हैं... उधर, मुंबई में उस मझगांव डॉक पर भी यही कवायद जारी थी, जहां इन पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है...
रातभर इसी तरह जांच चलती रही... सुबह होने के बाद ही अधिकारियों को घर जाकर नहाने-धोने और तैयार होने की इजाज़त दी गई, और एक ही घंटे में सभी दोबारा काम पर लौट आए...
छोटी और तथ्यपरक शुरुआती जांच रिपोर्ट रक्षामंत्री के सामने पेश की गई, जो सुबह चार बजे तक एक समारोह में शिरकत करने के बावजूद 10 बजे से पहले अपने ऑफिस में पहुंचे हुए थे...
दोपहर तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी, जो देश में सुरक्षा मामलों को लेकर फैसले करने वाली सबसे बड़ी इकाई है, की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना थी...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
रातभर इसी तरह जांच चलती रही... सुबह होने के बाद ही अधिकारियों को घर जाकर नहाने-धोने और तैयार होने की इजाज़त दी गई, और एक ही घंटे में सभी दोबारा काम पर लौट आए...
छोटी और तथ्यपरक शुरुआती जांच रिपोर्ट रक्षामंत्री के सामने पेश की गई, जो सुबह चार बजे तक एक समारोह में शिरकत करने के बावजूद 10 बजे से पहले अपने ऑफिस में पहुंचे हुए थे...
दोपहर तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी, जो देश में सुरक्षा मामलों को लेकर फैसले करने वाली सबसे बड़ी इकाई है, की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना थी...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
छोटी और तथ्यपरक शुरुआती जांच रिपोर्ट रक्षामंत्री के सामने पेश की गई, जो सुबह चार बजे तक एक समारोह में शिरकत करने के बावजूद 10 बजे से पहले अपने ऑफिस में पहुंचे हुए थे...
दोपहर तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी, जो देश में सुरक्षा मामलों को लेकर फैसले करने वाली सबसे बड़ी इकाई है, की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना थी...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
दोपहर तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी, जो देश में सुरक्षा मामलों को लेकर फैसले करने वाली सबसे बड़ी इकाई है, की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना थी...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
जैसे ही वह बैठक के लिए रवाना हुए, मनोहर पर्रिकर ने नौसेना से इस घटना को लेकर आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए कहा, जिसमें बताया गया कि दस्तावेज़ भारत से लीक नहीं हुए हैं... रातभर जागकर काम करते रहे साइबर विशेषज्ञों ने मंत्रालय को बताया कि लीक हुए दस्तावेज़ का साइबर ट्रेल भारत से शुरू नहीं हुआ था...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
जैसे ही वह बैठक से लौटे, नौसेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर को फिर मामले की ताजा जानकारी दी. यह ब्रीफिंग पहले से ज़्यादा जानकारीयुक्त थी, और लीक से हो सकने वाले संभावित नुकसान पर भी इसमें चर्चा की गई... नौसेना का निष्कर्ष वही रहा, जो शुरुआती आकलन के समय मंत्रालय को बताया गया था...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
रक्षामंत्री को बताया गया कि भारत ने यह सौदा मैसर्स अरामिस के साथ किया था, डीसीएनएस के साथ नहीं, लेकिन बाद में डीसीएनएस ने अरामिस को खरीद लिया... लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि वे डीसीएनएस से निकले... मनोहर पर्रिकर को यह भी बताया गया कि लीक हुए दस्तावेज़ों में दी गई जानकारी अलग है...टिप्पणियां
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, "(पनडुब्बी का) बेसिक आकार और ढांचा, जैसे ऊंचाई वगैरह वही हैं, लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब से इसमें काफी बदलाव किए गए थे... आसान शब्दों में कहें, तो कम्प्यूटर प्रोग्राम विन्डोज़ में बेसिक समानताएं होती हैं, लेकिन 2007 और 2010 के विन्डोज़ में काफी अंतर है..."
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए...
देर शाम तक मनोहर पर्रिकर और नौसेना के बीच फिर बैठक हो रही थी... नौसेना ने फिर कहा कि सभी तरफ से यही संकेत मिलता है कि लीक विदेश में ही हुआ, और यदि कोई नुकसान हो रहा है, तो वह बेहद मामूली है... रक्षामंत्री ने नौसेना से फ्रांसीसी निर्माता डीसीएनएस को खत भेजने के लिए कहा, जिसमें उनसे लीक का पता लगाने और भारत को उसकी सूचना देने के लिए कहा जाए... | आधी रात को नौसेना को इसकी जानकारी मिली थी
नौसेना प्रमुख तथा रक्षामंत्री को तत्काल सूचना दी गई
रातभर और अगले पूरे दिन जांच में लगे रहे देशभर के अधिकारी | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन के दम पर शुक्रवार को केनिंग्टन ओवल मैदान पर खेले गए आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी-2013 के अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान को दो विकेट से हरा दिया।
वेस्टइंडीज ने केमर रोच (3 विकेट) और सुनील नरेन (3 विकेट) की उम्दा गेंदबाजी के दम पर पहले तो पाकिस्तान को 170 रनों के मामूली योग पर समेटा और फिर क्रिस गेल (39), मार्लन सैमुएल्स (30) और कीरन पोलार्ड (30) की संयमभरी पारियों की मदद से 40.4 ओवरों में आठ विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।
दिनेश रामदीन 11 और रोच पांच रनों पर नाबाद लौटे। गेल ने अपनी 47 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया जबकि सैमुएल्स ने 57 गेंदों पर तीन चौके जड़े। पोलार्ड ने अपनी छवि के विपरीत 58 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया।
कप्तान ड्वेन ब्रावो ने 19 रनों का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से सात फुट के गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने अपनी टीम की जीत के लिए हर एक सम्भावना को खंगालते हुए तीन विकेट लिए जबकि स्पिन गेंदबाज सईद अजमल और वहाब रियाज को दो-दो सफलता मिली। मोहम्मद हफीज ने भी एक विकेट लिया।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम 48 ओवरों में 170 रनों पर ढेर हो गई। उसकी शुरुआत बेहद खराब रही और कप्तान मिस्बाह उल हक (नाबाद 96) तथा नासिर जमशेद (50) के अलावा उसका कोई बल्लेबाज दहाई के आकड़े को छू भी नहीं सका।
पाकिस्तान के शुरुआती तीन विकेट मात्र 15 रनों के कुल योग पर गिर चुके थे। इमरान फरहत (2), मोहम्मद हफीज (4) और असद शफीक (0) के शुरुआती तीनों विकेट वेस्टइंडीज के गेंदबाज केमर रोच ने लिए।
इसके बाद मिस्बाह ने सलामी बल्लेबाज जमशेद के साथ चौथे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी निभाकर पाकिस्तान को काफी सहारा दिया।
हालांकि जमशेद के 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर रवि रामपॉल के हाथों लपके जाने के बाद फिर से पाकिस्तान के विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। जमशेद ने 93 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके लगाए।
105 के कुल योग पर जमशेद के आउट होने के बाद 33 रनों के अंतराल पर पाकिस्तान के पांच और विकेट गिर गए।
शोएब मलिक (0), कामरा अकमल (2), वहाब रियाज (6), सईद अजमल (2) तथा जुनैद खान बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।टिप्पणियां
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
वेस्टइंडीज ने केमर रोच (3 विकेट) और सुनील नरेन (3 विकेट) की उम्दा गेंदबाजी के दम पर पहले तो पाकिस्तान को 170 रनों के मामूली योग पर समेटा और फिर क्रिस गेल (39), मार्लन सैमुएल्स (30) और कीरन पोलार्ड (30) की संयमभरी पारियों की मदद से 40.4 ओवरों में आठ विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।
दिनेश रामदीन 11 और रोच पांच रनों पर नाबाद लौटे। गेल ने अपनी 47 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया जबकि सैमुएल्स ने 57 गेंदों पर तीन चौके जड़े। पोलार्ड ने अपनी छवि के विपरीत 58 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया।
कप्तान ड्वेन ब्रावो ने 19 रनों का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से सात फुट के गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने अपनी टीम की जीत के लिए हर एक सम्भावना को खंगालते हुए तीन विकेट लिए जबकि स्पिन गेंदबाज सईद अजमल और वहाब रियाज को दो-दो सफलता मिली। मोहम्मद हफीज ने भी एक विकेट लिया।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम 48 ओवरों में 170 रनों पर ढेर हो गई। उसकी शुरुआत बेहद खराब रही और कप्तान मिस्बाह उल हक (नाबाद 96) तथा नासिर जमशेद (50) के अलावा उसका कोई बल्लेबाज दहाई के आकड़े को छू भी नहीं सका।
पाकिस्तान के शुरुआती तीन विकेट मात्र 15 रनों के कुल योग पर गिर चुके थे। इमरान फरहत (2), मोहम्मद हफीज (4) और असद शफीक (0) के शुरुआती तीनों विकेट वेस्टइंडीज के गेंदबाज केमर रोच ने लिए।
इसके बाद मिस्बाह ने सलामी बल्लेबाज जमशेद के साथ चौथे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी निभाकर पाकिस्तान को काफी सहारा दिया।
हालांकि जमशेद के 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर रवि रामपॉल के हाथों लपके जाने के बाद फिर से पाकिस्तान के विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। जमशेद ने 93 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके लगाए।
105 के कुल योग पर जमशेद के आउट होने के बाद 33 रनों के अंतराल पर पाकिस्तान के पांच और विकेट गिर गए।
शोएब मलिक (0), कामरा अकमल (2), वहाब रियाज (6), सईद अजमल (2) तथा जुनैद खान बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।टिप्पणियां
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
दिनेश रामदीन 11 और रोच पांच रनों पर नाबाद लौटे। गेल ने अपनी 47 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया जबकि सैमुएल्स ने 57 गेंदों पर तीन चौके जड़े। पोलार्ड ने अपनी छवि के विपरीत 58 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया।
कप्तान ड्वेन ब्रावो ने 19 रनों का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से सात फुट के गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने अपनी टीम की जीत के लिए हर एक सम्भावना को खंगालते हुए तीन विकेट लिए जबकि स्पिन गेंदबाज सईद अजमल और वहाब रियाज को दो-दो सफलता मिली। मोहम्मद हफीज ने भी एक विकेट लिया।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम 48 ओवरों में 170 रनों पर ढेर हो गई। उसकी शुरुआत बेहद खराब रही और कप्तान मिस्बाह उल हक (नाबाद 96) तथा नासिर जमशेद (50) के अलावा उसका कोई बल्लेबाज दहाई के आकड़े को छू भी नहीं सका।
पाकिस्तान के शुरुआती तीन विकेट मात्र 15 रनों के कुल योग पर गिर चुके थे। इमरान फरहत (2), मोहम्मद हफीज (4) और असद शफीक (0) के शुरुआती तीनों विकेट वेस्टइंडीज के गेंदबाज केमर रोच ने लिए।
इसके बाद मिस्बाह ने सलामी बल्लेबाज जमशेद के साथ चौथे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी निभाकर पाकिस्तान को काफी सहारा दिया।
हालांकि जमशेद के 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर रवि रामपॉल के हाथों लपके जाने के बाद फिर से पाकिस्तान के विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। जमशेद ने 93 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके लगाए।
105 के कुल योग पर जमशेद के आउट होने के बाद 33 रनों के अंतराल पर पाकिस्तान के पांच और विकेट गिर गए।
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138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
कप्तान ड्वेन ब्रावो ने 19 रनों का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से सात फुट के गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने अपनी टीम की जीत के लिए हर एक सम्भावना को खंगालते हुए तीन विकेट लिए जबकि स्पिन गेंदबाज सईद अजमल और वहाब रियाज को दो-दो सफलता मिली। मोहम्मद हफीज ने भी एक विकेट लिया।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम 48 ओवरों में 170 रनों पर ढेर हो गई। उसकी शुरुआत बेहद खराब रही और कप्तान मिस्बाह उल हक (नाबाद 96) तथा नासिर जमशेद (50) के अलावा उसका कोई बल्लेबाज दहाई के आकड़े को छू भी नहीं सका।
पाकिस्तान के शुरुआती तीन विकेट मात्र 15 रनों के कुल योग पर गिर चुके थे। इमरान फरहत (2), मोहम्मद हफीज (4) और असद शफीक (0) के शुरुआती तीनों विकेट वेस्टइंडीज के गेंदबाज केमर रोच ने लिए।
इसके बाद मिस्बाह ने सलामी बल्लेबाज जमशेद के साथ चौथे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी निभाकर पाकिस्तान को काफी सहारा दिया।
हालांकि जमशेद के 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर रवि रामपॉल के हाथों लपके जाने के बाद फिर से पाकिस्तान के विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। जमशेद ने 93 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके लगाए।
105 के कुल योग पर जमशेद के आउट होने के बाद 33 रनों के अंतराल पर पाकिस्तान के पांच और विकेट गिर गए।
शोएब मलिक (0), कामरा अकमल (2), वहाब रियाज (6), सईद अजमल (2) तथा जुनैद खान बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।टिप्पणियां
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम 48 ओवरों में 170 रनों पर ढेर हो गई। उसकी शुरुआत बेहद खराब रही और कप्तान मिस्बाह उल हक (नाबाद 96) तथा नासिर जमशेद (50) के अलावा उसका कोई बल्लेबाज दहाई के आकड़े को छू भी नहीं सका।
पाकिस्तान के शुरुआती तीन विकेट मात्र 15 रनों के कुल योग पर गिर चुके थे। इमरान फरहत (2), मोहम्मद हफीज (4) और असद शफीक (0) के शुरुआती तीनों विकेट वेस्टइंडीज के गेंदबाज केमर रोच ने लिए।
इसके बाद मिस्बाह ने सलामी बल्लेबाज जमशेद के साथ चौथे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी निभाकर पाकिस्तान को काफी सहारा दिया।
हालांकि जमशेद के 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर रवि रामपॉल के हाथों लपके जाने के बाद फिर से पाकिस्तान के विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। जमशेद ने 93 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके लगाए।
105 के कुल योग पर जमशेद के आउट होने के बाद 33 रनों के अंतराल पर पाकिस्तान के पांच और विकेट गिर गए।
शोएब मलिक (0), कामरा अकमल (2), वहाब रियाज (6), सईद अजमल (2) तथा जुनैद खान बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।टिप्पणियां
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
पाकिस्तान के शुरुआती तीन विकेट मात्र 15 रनों के कुल योग पर गिर चुके थे। इमरान फरहत (2), मोहम्मद हफीज (4) और असद शफीक (0) के शुरुआती तीनों विकेट वेस्टइंडीज के गेंदबाज केमर रोच ने लिए।
इसके बाद मिस्बाह ने सलामी बल्लेबाज जमशेद के साथ चौथे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी निभाकर पाकिस्तान को काफी सहारा दिया।
हालांकि जमशेद के 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर रवि रामपॉल के हाथों लपके जाने के बाद फिर से पाकिस्तान के विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। जमशेद ने 93 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके लगाए।
105 के कुल योग पर जमशेद के आउट होने के बाद 33 रनों के अंतराल पर पाकिस्तान के पांच और विकेट गिर गए।
शोएब मलिक (0), कामरा अकमल (2), वहाब रियाज (6), सईद अजमल (2) तथा जुनैद खान बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।टिप्पणियां
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
इसके बाद मिस्बाह ने सलामी बल्लेबाज जमशेद के साथ चौथे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी निभाकर पाकिस्तान को काफी सहारा दिया।
हालांकि जमशेद के 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर रवि रामपॉल के हाथों लपके जाने के बाद फिर से पाकिस्तान के विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। जमशेद ने 93 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके लगाए।
105 के कुल योग पर जमशेद के आउट होने के बाद 33 रनों के अंतराल पर पाकिस्तान के पांच और विकेट गिर गए।
शोएब मलिक (0), कामरा अकमल (2), वहाब रियाज (6), सईद अजमल (2) तथा जुनैद खान बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।टिप्पणियां
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
हालांकि जमशेद के 30वें ओवर की दूसरी गेंद पर रवि रामपॉल के हाथों लपके जाने के बाद फिर से पाकिस्तान के विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। जमशेद ने 93 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके लगाए।
105 के कुल योग पर जमशेद के आउट होने के बाद 33 रनों के अंतराल पर पाकिस्तान के पांच और विकेट गिर गए।
शोएब मलिक (0), कामरा अकमल (2), वहाब रियाज (6), सईद अजमल (2) तथा जुनैद खान बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।टिप्पणियां
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
105 के कुल योग पर जमशेद के आउट होने के बाद 33 रनों के अंतराल पर पाकिस्तान के पांच और विकेट गिर गए।
शोएब मलिक (0), कामरा अकमल (2), वहाब रियाज (6), सईद अजमल (2) तथा जुनैद खान बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।टिप्पणियां
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
शोएब मलिक (0), कामरा अकमल (2), वहाब रियाज (6), सईद अजमल (2) तथा जुनैद खान बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।टिप्पणियां
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
138 रनों के कुल योग पर नौ विकेट गिरने के बाद मिस्बाह ने मोहम्मद इरफान (2) के साथ दसवें विकेट के लिए एकतरफा संघर्ष करते हुए 32 रन जोड़े और 48 ओवर की आखिरी गेंद पर इरफान के ब्रावो द्वारा लपके जाने तक पाकिस्तान को 170 तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला।
वेस्टइंडीज की तरफ से रोच और नरेन ने पाकिस्तान के तीन-तीन विकेट चटकाए और रामपॉल तथा कप्तान ड्वेन ब्रावो को एक-एक विकेट मिला। | यहाँ एक सारांश है:वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन के दम पर शुक्रवार को केनिंग्टन ओवल मैदान पर खेले गए आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी-2013 के अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान को दो विकेट से हरा दिया। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: निरहुआ (Nirahua) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) की फिल्म को लेकर दावे के अनुसार, मुस्कान मूवी इंडिया प्रा. लि. और सरकार प्रोडक्शन निर्मित फिल्म 'जय वीरू' (Jay Veeru) की मेकिंग में लेखक-निर्देशक सुब्बा राव गोसांग अपनी कोशिशों में सफल रहे हैं, लेकिन ये तब पता चलेगा, जब फिल्म सिनेमाघरों में होगी. वैसे ट्रेलर रिलीज के साथ फिल्म के रिलीज का डेट भी अनाउंस कर दिया गया है, जो 13 जून है. 13 जून से यह फिल्म देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी. वहीं, ट्रेलर को मिले रिस्पांस के बाद फिल्म के निर्माता नासिर जमाल और इरफान जफर (मंटो) ने खुशी जाहिर की और कहा कि हमने बेहद अच्छी फिल्म बनाई है, जिसकी एक झलक ट्रेलर के जरिये देखा जा सकता है. साथ ही हमने फिल्म को रिलीज करने की तैयारी भी पूरी कर ली है.
आपको बता दें कि निरहुआ (Nirahua) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) की फिल्म का ट्रेलर आउट होने के बाद दर्शकों का शानदार रिस्पांस आना शुरू हो गया. दर्शकों ने यू-ट्यूब पर कमेंट बॉक्स में जाकर जहां फिल्म के लिए बेसब्री का इजहार किया, वहीं भोजपुरी के अन्य अभिनेताओं के नाम से बने फैंस क्लब से भी फिल्म को बधाई व शुभकामनाएं दी गई. मो. परवेज नाम के एक यूजर ने लिखा कि वे मस्त अली के बड़े फैन हैं और उनकी साउथ की फिल्मों को वे आठ साल से देख रहे हैं. ऐसे में भोजपुरी पर्दे पर उनको देखने को लेकर एक्साइटेड हूं. सरोज कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि निरहुआ की फिल्म ब्लॉक बस्टर होगी. कई लोगों को निरहुआ और आम्रपाली की जोड़ी खूब पसंद आ रही है.
बहरहाल, अब निरहुआ (Nirahua) की फिल्म जय वीरू' (Jay Veeru) का इंतजार पूरी इंडस्ट्री को है, जिसकी शूटिंग हैदराबाद फिल्म सिटी में हुई है. 'जय वीरू' के निर्माता नासिर जमाल और इरफान जफर (मंटो) हैं। फिल्म के लेखक - निर्देशक सुब्बा राव गोसांग हैं. फिल्म में दिनेशलाल यादव निरहुआ, हैदराबाद के सुपर स्टार मस्त अली (सलीम फेकू), आम्रपाली दुबे, निशा सिंह, प्रकाश जैश, आर के मामा, तबर, गोपाल राय, रागिनी, मंटो और नरेंद्र शर्मा लीड रोल में हैं. पीआरओ संजय भूषण पटियाला हैं. डीओपी प्रकाश का है. म्यूजिक धनंजय मिश्रा, बैकग्राउंड म्यूजिक डायरेक्टर जेबू, एक्शन सी एच रामकृष्ण, एडिटर संतोष हरवाडे, कोरियोग्राफी राम देवन व दिलीप, आर्ट शेरा का है. | संक्षिप्त सारांश: निरहुआ ने फिर मचाई धूम
आम्रपाली संग खूब जमी जोड़ी
वीडियो हुआ वायरल | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली कांग्रेस के 5 पूर्व मुस्लिम विधायकों ने मांग की है पार्टी को दिल्ली की कम से कम एक सीट पर मुस्लिम को उम्मीदवार उतारना चाहिए. आपको बता दें कि अभी तक सिर्फ आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है. कांग्रेस और बीजेपी ने उम्मीदवारों के नाम तय नहीं किए हैं. दिल्ली में 16 अप्रैल से नामांकन भरे जाएंगे. आप के साथ गठबंधन करने के मुद्दे पर दो हिस्सों में बंटी दिल्ली कांग्रेस के सामने नयी चिंता पैदा हो गयी है जहां उसके वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं ने नाराजगी के साथ ही आशंका जतायी कि लोकसभा चुनावों में किसी मुसलमान नेता को टिकट नहीं मिलेगा. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शनिवार को लिखे पत्र में पांच पूर्व विधायकों ने चांदनी चौक या उत्तर पूर्व दिल्ली लोकसभा सीटों से किसी मुस्लिम नेता को उतारने की मांग की है. इनमें तीन नेता पांच बार दिल्ली के विधायक रह चुके हैं. पार्टी की दिल्ली इकाई के मुस्लिम नेताओं की नाराजगी राजधानी की सातों सीटों पर उम्मीदवारों के नाम के ऐलान से कुछ ही दिन पहले सामने आई है. इस पत्र पर मतीन अहमद, शोएब इकबाल, हसन अहमद और आसिफ मोहम्मद खान के हस्ताक्षर हैं और उम्मीदवार के नाम के लिए दिल्ली कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ के नाम का भी जिक्र है. इनमें हारून यूसुफ, मतीन अहमद और शोएब इकबाल पांच बार विधायक रह चुके हैं. हसन अहमद और आसिफ मोहम्मद खान दो बार दिल्ली विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
नेताओं ने पत्र में लिखा, ''मुस्लिम वोटों की संख्या, पांच मुस्लिम नेताओं के जीतने के ट्रैक रिकॉर्ड और उनके योगदान को देखते हुए इनमें से किसी एक को चांदनी चौक या उत्तर पूर्व दिल्ली संसदीय क्षेत्र से टिकट दिया जाना चाहिए." राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा गया है कि पांचों नेता मुसलमानों और अन्य समुदायों में बहुत लोकप्रिय हैं तथा बहुत सक्रिय हैं. उन्होंने आशंका जताते हुए कहा, ''लोगों में बहुत नाराजगी है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली से किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया जा रहा." चार नेताओं ने इस मुद्दे पर विरोध जताने के लिए दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित से मुलाकात की थी. मतीन अहमद ने मुलाकात के बाद कहा, ''दीक्षित ने कहा कि दिल्ली में टिकटों का ऐलान अभी नहीं किया गया है और उन्होंने हमारी मांग पर विचार करने का वादा किया." सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के सातों कांग्रेस उम्मीदवारों के नाम सोमवार (15 अप्रैल) को घोषित किये जा सकते हैं. दिल्ली में नामांकन 16 अप्रैल से भरे जाएंगे.
दिल्ली की सातों सीटों पर 12 मई को मतदान होगा. सूत्रों ने दावा किया कि चांदनी चौक सीट के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और उत्तर पूर्व दिल्ली सीट के लिए पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल के नाम तय कर लिये गये हैं. यूसुफ ने कहा कि उन्हें पार्टी पर भरोसा है और दिल्ली में उम्मीदवारों के चयन पर वह पार्टी के फैसले को स्वीकार करेंगे. | मुस्लिम प्रत्याशी की मांग
उत्तर पूर्व दिल्ली सीट से जेपी अग्रवाल का नाम तय : सूत्र
उत्तर पूर्व दिल्ली सीट से जेपी अग्रवाल का नाम तय : सूत्र | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अंबाती रायुडू (Ambati Rayudu) के इंटरनेशनल क्रिकेट (International Cricket)में गेंदबाजी करने से सोमवार को प्रतिबंधित कर दिया क्योंकि इस भारतीय क्रिकेटर ने 14 दिन की निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने संदिग्ध एक्शन की जांच कराने से इनकार कर दिया. रायुडू के एक्शन की शिकायत 13 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे के दौरान की गई थी. हालांकि रायुडू की गेंदबाजी पर लगे इस प्रतिबंध का भारतीय टीम के लिहाज से कोई ज्यादा फर्क पड़ने वाला नहीं है. इसका कारण यह है कि रायुडू टीम इंडिया के नियमित गेंदबाज नहीं हैं और कभी कभार ही उन्हें स्पिन गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.
विराट कोहली के बल्ले को अपने लिए लकी मानते हैं अंबाती रायुडू...
आईसीसी ने एक बयान में कहा,‘इस खिलाड़ी ने 14 दिन की समय सीमा के भीतर अपने गेंदबाजी एक्शन की जांच कराने से इनकार कर दिया लिहाजा उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है.'गेंदबाजी एक्शन की वैधता संबंधी आईसीसी नियमों के प्रावधान 4.2 के तहत उन पर प्रतिबंध लगाया गया है.
क्रिकेट की शीर्ष संस्था, आईसीसी ने कहा ,‘‘ उसकी जांच होने तक यह यह प्रतिबंध लागू रहेगा. उन्हें यह दिखाना होगा कि वह वैध एक्शन के साथ गेंदबाजी कर सकता है.' रायुडू बीसीसीआई की सहमति से घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजी कर सकता है. रायुडू मूल रूप से बल्लेबाज है और वनडे क्रिकेट में अब तक 49 मैचों में सिर्फ 121 गेंद डाली है. | संक्षिप्त पाठ: रायुडू ने तय सीमा में एक्शन की जांच कराने से इनकार किया
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में हुई थी शिकायत
फैसले से नहीं पड़ेगा ज्यादा फर्क, नियमित बॉलर नहीं हैं रायुडू | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय टीम की ऐजबस्टन टेस्ट में करारी शिकस्त का बुरा असर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को छोड़कर ज्यादातर सभी खिलाड़ियों की ताजा आईसीसी टेस्ट रैंकिंग पर पड़ा है। धोनी को छोड़कर सभी क्रिकेटर अपने स्थान से फिसल गए हैं। भारत को तीसरे टेस्ट में 242 रन की करारी शिकस्त का मुंह देखना पड़ा जिससे टीम चार मैचों की सीरीज में 0.3 से पिछड़ रही है। धोनी 77 और नाबाद 74 रन के स्कोर से चार पायदान के फायदे से 36वें स्थान पर पहुंच गए हैं जबकि सचिन तेंदुलकर एक पायदान खिसककर चौथे स्थान पर आ गए हैं। मौजूदा सीरीज में शतक जड़ने वाले एकमात्र भारतीय राहुल द्रविड़ भी तीन पायदान खिसककर 14वें नंबर पर हैं। वीवीएस लक्ष्मण को तीन पायदान का नुकसान हुआ है और वह 12वें, वीरेंद्र सहवाग (सात पायदान खिसककर) 17वें और गौतम गंभीर (तीन पायदान खिसककर) 30वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में प्रवीण कुमार (29) एकमात्र भारतीय हैं जिनकी रैंकिंग में सुधार हुआ है लेकिन वह भी केवल एक पायदान का है। टखने की चोट के कारण पूरे दौरे से बाहर हुए जहीर खान भी दो पायदान लुड़कने के बाद सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। ईशांत शर्मा भी तीन पायदान खिसकने से शीर्ष 10 से बाहर होकर 11वें नंबर पर जबकि सुरेश रैना सात पायदान के नुकसान से 30वें स्थान पर हैं। वहीं इंग्लैंड के खिलाड़ियों के लिए पूरा परिदृश्य ही बदला हुआ है क्योंकि सलामी बल्लेबाज एलिस्टेयर कुक ने अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की। वह ऐजबस्टन में कैरियर की सर्वश्रेष्ठ 294 रन की पारी खेलने से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। एलजी आईसीसी पुरस्कार 2011 में वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर और वर्ष के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट खिलाड़ी के लिए नामांकित हुए कुक को आठ पायदान का फायदा हुआ है। इंग्लैंड के कई और खिलाड़ियों ने रैंकिंग में छलांग लगायी है। केविन पीटरसन 13वें, कप्तान एंड्रयू स्ट्रास 34वें और इयोन मोर्गन 52वें स्थान पर पहुंच गए हैं। टिम ब्रेसनन ने नौ पायदान की छलांग लगाते हुए अपने कैरियर में पहली बार शीर्ष 20 में प्रवेश किया है और वह 16वें नंबर पर काबिज हो गए हैं। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय टीम की ऐजबस्टन टेस्ट में करारी शिकस्त का बुरा असर धोनी को छोड़कर ज्यादातर सभी खिलाड़ियों की आईसीसी टेस्ट रैंकिंग पर पड़ा है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र महिला आयोग अब अपनी लीगल टीम से विचार करने में लग गई है कि क्या एक्शन लिया जा सकता है सलमान खान के खिलाफ़। महाराष्ट्र महिला आयोग के तीसरे समन का जवाब सलमान ख़ान ने लिखित रूप में दे तो दिया मगर इसमें क्या लिखा है अब तक ये साफ़ नहीं किया है।
और यही वजह है कि महाराष्ट्र महिला आयोग अपने लीगल कमिटी से सलाह मशविरे में जुट गई है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि सलमान ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने बलात्कार पीड़ित महिला का मज़ाक़ नहीं उड़ाया है बल्कि फिल्म शूटिंग के दौरान अपनी मेहनत की तुलना रेप पीड़ित महिला के दर्द से की है।टिप्पणियां
इस मामले पर महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि "हमें सलमान ख़ान का पत्र मिला है। हम इसका अध्ययन कर रहे हैं। उसके बाद बताएंगे कि हमें क्या करना है"।
गौरतलब है कि सलमान खान के रेप वाले बयान पर महाराष्ट्र महिला आयोग ने सलमान से माफ़ी मांगने को कहा था। सलमान के पास इसके लिए 3 सम्मन भेजे गए मगर सलमान हाज़िर नहीं हुए और लगता है कि सलमान ने माफ़ी भी नहीं मांगी है। शायद इसी लिए महाराष्ट्र महिला आयोग अपनी लीगल टीम से सलाह मशवरा कर रहा है। विजया रहाटकर ने बताया कि हम अपनी लीगल टीम से बातचीत कर रहे हैं और सलमान का पत्र लीगल टीम को दे दिया गया है। हम उस पत्र को पढ़ने के बाद अगला निर्णय लेंगे।
और यही वजह है कि महाराष्ट्र महिला आयोग अपने लीगल कमिटी से सलाह मशविरे में जुट गई है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि सलमान ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने बलात्कार पीड़ित महिला का मज़ाक़ नहीं उड़ाया है बल्कि फिल्म शूटिंग के दौरान अपनी मेहनत की तुलना रेप पीड़ित महिला के दर्द से की है।टिप्पणियां
इस मामले पर महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि "हमें सलमान ख़ान का पत्र मिला है। हम इसका अध्ययन कर रहे हैं। उसके बाद बताएंगे कि हमें क्या करना है"।
गौरतलब है कि सलमान खान के रेप वाले बयान पर महाराष्ट्र महिला आयोग ने सलमान से माफ़ी मांगने को कहा था। सलमान के पास इसके लिए 3 सम्मन भेजे गए मगर सलमान हाज़िर नहीं हुए और लगता है कि सलमान ने माफ़ी भी नहीं मांगी है। शायद इसी लिए महाराष्ट्र महिला आयोग अपनी लीगल टीम से सलाह मशवरा कर रहा है। विजया रहाटकर ने बताया कि हम अपनी लीगल टीम से बातचीत कर रहे हैं और सलमान का पत्र लीगल टीम को दे दिया गया है। हम उस पत्र को पढ़ने के बाद अगला निर्णय लेंगे।
इस मामले पर महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि "हमें सलमान ख़ान का पत्र मिला है। हम इसका अध्ययन कर रहे हैं। उसके बाद बताएंगे कि हमें क्या करना है"।
गौरतलब है कि सलमान खान के रेप वाले बयान पर महाराष्ट्र महिला आयोग ने सलमान से माफ़ी मांगने को कहा था। सलमान के पास इसके लिए 3 सम्मन भेजे गए मगर सलमान हाज़िर नहीं हुए और लगता है कि सलमान ने माफ़ी भी नहीं मांगी है। शायद इसी लिए महाराष्ट्र महिला आयोग अपनी लीगल टीम से सलाह मशवरा कर रहा है। विजया रहाटकर ने बताया कि हम अपनी लीगल टीम से बातचीत कर रहे हैं और सलमान का पत्र लीगल टीम को दे दिया गया है। हम उस पत्र को पढ़ने के बाद अगला निर्णय लेंगे।
गौरतलब है कि सलमान खान के रेप वाले बयान पर महाराष्ट्र महिला आयोग ने सलमान से माफ़ी मांगने को कहा था। सलमान के पास इसके लिए 3 सम्मन भेजे गए मगर सलमान हाज़िर नहीं हुए और लगता है कि सलमान ने माफ़ी भी नहीं मांगी है। शायद इसी लिए महाराष्ट्र महिला आयोग अपनी लीगल टीम से सलाह मशवरा कर रहा है। विजया रहाटकर ने बताया कि हम अपनी लीगल टीम से बातचीत कर रहे हैं और सलमान का पत्र लीगल टीम को दे दिया गया है। हम उस पत्र को पढ़ने के बाद अगला निर्णय लेंगे। | सलमान ने अपने जवाब में दिया स्पष्टीकरण
आयोग इस पर लीगल कमेटी से कर रहा सलाह मशविरा
उसके अध्ययन के बाद ही लिया जाएगा निर्णय | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम के नारायणन ने दलाई लामा द्वारा संबोधित किए गए एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। दलाई लामा ने कहा कि उनके प्रति चीन का विरोध नई बात नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी मदर टेरेसा की स्मृति में हुए इस कार्यक्रम में जाना था लेकिन अपनी मां के अस्वस्थ होने के चलते वह वहां नहीं जा सकीं। हालांकि, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन को भेजा। इसी कार्यक्रम में दलाई लामा ने भी संबोधित किया। ब्रायन ने कहा, यही एक कारण है कि ममता यहां नहीं हैं। वह 200 फीसदी यहां होतीं लेकिन उनकी मां स्वस्थ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दलाई लामा को न सिर्फ कोलकाता की जनता की ओर से बल्कि पूरे बंगाल की जनता की ओर से शुभकामना भेजी। चीनी वाणिज्य दूतावास ने असाधारण कदम उठाते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखकर कहा कि वह यह सुनिश्चित करायें कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री या राज्यपाल शामिल नहीं हों। चीनी वाणिज्य दूतावास के पत्र के बारे में पूछे जाने पर नारायणन ने कहा, आप इस बारे में मुझसे क्या करने की अपेक्षा रखते हैं। अगर उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखा होगा तो लिखा होगा। भारत ने चीन की इस बात को भी मानने से इनकार कर दिया था कि सरकार दिल्ली में बौद्ध भिक्षुओं के एक समारोह में दलाई लामा को भाग लेने की इजाजत नहीं दे। इसके चलते ऐन वक्त पर सीमा वार्ता स्थगित हो गयी। यह वार्ता बीते सोमवार को होनी थी। दलाई लामा ने दिल्ली में इस समारोह को संबोधित किया लेकिन उन्होंने कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की। चीन की आपत्तियों के बारे में संवाददाताओं के पूछे सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके लिये यह आम बात है क्योंकि अपनी जिम्मेदारियों से उनके आंशिक रूप से निवृत्त हो जाने के बावजूद चीन उन्हें बुरा मानता है। जब एक संवाददाता ने पूछा कि चीन के वाणिज्य दूतावास ने उनके इस कार्यक्रम में आने पर आपत्ति जतायी है, दलाईलामा ने कहा, यह कोई नई बात नहीं है। उनके हिसाब से यह तार्किक है। चीन के कुछ अधिकारी मुझे एक दानव मानते हैं। वे हर तरह की आपत्ति उठाते हैं। इस सवाल पर कि क्या उन्हें चीन सरकार की ओर से ऐसी प्रतिक्रिया की उम्मीद थी, उन्होंने कहा, मैंने ऐसी प्रतिक्रियाओं का पहले भी सामना किया है। मैं चीन के वाणिज्य दूतावास की ओर से लिखे पत्र पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा, इस वर्ष मार्च में मैंने आधिकारिक रूप से राजनीतिक नेतृत्व सौंप दिया था। इसलिए मैं अब राजनीतिक प्रशासन का नेता नहीं हूं। मैं यहां पर अपनी यात्रा का राजनीतीकरण नहीं करना चाहता। जहां एक ओर चीन तिब्बत के आध्यात्मिक नेता के साथ अवांछित व्यक्ति जैसा बर्ताव करता है, वहीं भारत ने उन्हें सम्मानित धार्मिक नेता का दर्जा दिया हुआ है तथा उसका कहना है कि लोकतांत्रिक देश में भाषण की स्वतंत्रता पर कोई प्रतिबंध नहीं है। | यहाँ एक सारांश है:चीन की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम के नारायणन ने दलाई लामा द्वारा संबोधित किए गए एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: तेल की लगातार बढ़ती कीमतों से सभी परेशान हैं. सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला दे रही है. बात तो सही है मगर यह समस्या का हल नहीं है. हो सकता है कि ईरान संकट के चलते आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं. सरकार को इस पर लगाम लगानी ही होगी, मगर सबसे बड़ा सवाल है कैसे?
दिक्कत ये है कि जब कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम थी तब भी भारत सरकार ने तेल की कीमत कम नहीं की और अपना खजाना भरती रही. अब सरकार के एक केन्द्रीय मंत्री ने दलील दी है कि तेल की बढ़ी कीमतों से जो पैसा सरकार के पास आ रहा है वह सड़क बनाने और अन्य जनहित योजनाओं में खर्च किया जाता है.
सरकार ने नवंबर 2014 से लेकर फरवरी 2016 तक 9 बार तेल की एक्साईज ड्यूटी बढ़ाई हालांकि उस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं. इस दौरान सरकार ने समय-समय पर 12 रु 2 पैसे पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई जबकि इसी दौरान सरकार ने डीजल की कीमतों में 13 रु 7 पैसे का इजाफा किया.
एक तरफ सरकार ने 9 बार तेल की कीमतें बढ़ाई हैं वहीं एक बार कम भी की है. 4 अक्टूबर 2017 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2-2 रुपए कम किए गए. ऐसे हालात में फिक्की के अध्यक्ष राजेश शाह का बयान महत्वपूर्ण है जिसमें उन्होंने कहा कि कुल एक्साईज ड्यूटी पेट्रोल पर 11 रु77 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 13 रु 47 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई जा चुकी है जबकि सिर्फ 2 रु प्रति लीटर घटाई गई है. इसलिए एक्साइज ड्यूटी घटाने की गुंजाईश है. टिप्पणियां
इस सबके बीच आप यह जान कर चौंक जाएंगे कि अपने देश की तेल कंपनियों के मुनाफे का क्या हाल है. अमूमन ऐसे हालात में इन कंपनियों की बुरी हालत होनी चाहिए मगर ऐसा है नहीं. इंडियन ऑयल का मुनाफा मार्च 2013 में 5 हजार करोड़ था जो कि 2017 में बढ़ कर 19 हजार करोड़ और मार्च 2018 में 21 हजार करोड़ हो गया. यही नहीं, तेल की कीमत बढ़ाने में राज्य सरकारों का भी हाथ होता है महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश में प्रति लीटर 35 फीसदी से अधिक वैट है.
दरअसल राज्य सरकारें भी तेल पर अपना मुनाफा छोड़ना नहीं चाहती हैं. ऐसे हालत में लोगों को राहत मिले तो मिले कैसे. सबसे पहले केन्द्र और राज्य सरकारों को तेल कंपनियों के साथ बैठक कर अपना मुनाफा थोड़ा थोड़ा कम करना पड़ेगा जिससे कि आम लोगों को राहत मिल सके. वरना जो हालात हैं अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेल की कीमतों में आग लगी रहेगी. इस साल सरकार का तेल बिल 20 फीसदी तक बढ़ सकता है. अभी जो तेल का बिल 88 अरब डॉलर है, वह 105 अरब डॉलर तक जा सकता है. ऐसे में राहत की उम्मीद कम ही रखनी चाहिए यदि सरकार अपना मुनाफा कम करती है तो फिर राहत की उम्मीद की जा सकती है.
दिक्कत ये है कि जब कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम थी तब भी भारत सरकार ने तेल की कीमत कम नहीं की और अपना खजाना भरती रही. अब सरकार के एक केन्द्रीय मंत्री ने दलील दी है कि तेल की बढ़ी कीमतों से जो पैसा सरकार के पास आ रहा है वह सड़क बनाने और अन्य जनहित योजनाओं में खर्च किया जाता है.
सरकार ने नवंबर 2014 से लेकर फरवरी 2016 तक 9 बार तेल की एक्साईज ड्यूटी बढ़ाई हालांकि उस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं. इस दौरान सरकार ने समय-समय पर 12 रु 2 पैसे पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई जबकि इसी दौरान सरकार ने डीजल की कीमतों में 13 रु 7 पैसे का इजाफा किया.
एक तरफ सरकार ने 9 बार तेल की कीमतें बढ़ाई हैं वहीं एक बार कम भी की है. 4 अक्टूबर 2017 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2-2 रुपए कम किए गए. ऐसे हालात में फिक्की के अध्यक्ष राजेश शाह का बयान महत्वपूर्ण है जिसमें उन्होंने कहा कि कुल एक्साईज ड्यूटी पेट्रोल पर 11 रु77 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 13 रु 47 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई जा चुकी है जबकि सिर्फ 2 रु प्रति लीटर घटाई गई है. इसलिए एक्साइज ड्यूटी घटाने की गुंजाईश है. टिप्पणियां
इस सबके बीच आप यह जान कर चौंक जाएंगे कि अपने देश की तेल कंपनियों के मुनाफे का क्या हाल है. अमूमन ऐसे हालात में इन कंपनियों की बुरी हालत होनी चाहिए मगर ऐसा है नहीं. इंडियन ऑयल का मुनाफा मार्च 2013 में 5 हजार करोड़ था जो कि 2017 में बढ़ कर 19 हजार करोड़ और मार्च 2018 में 21 हजार करोड़ हो गया. यही नहीं, तेल की कीमत बढ़ाने में राज्य सरकारों का भी हाथ होता है महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश में प्रति लीटर 35 फीसदी से अधिक वैट है.
दरअसल राज्य सरकारें भी तेल पर अपना मुनाफा छोड़ना नहीं चाहती हैं. ऐसे हालत में लोगों को राहत मिले तो मिले कैसे. सबसे पहले केन्द्र और राज्य सरकारों को तेल कंपनियों के साथ बैठक कर अपना मुनाफा थोड़ा थोड़ा कम करना पड़ेगा जिससे कि आम लोगों को राहत मिल सके. वरना जो हालात हैं अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेल की कीमतों में आग लगी रहेगी. इस साल सरकार का तेल बिल 20 फीसदी तक बढ़ सकता है. अभी जो तेल का बिल 88 अरब डॉलर है, वह 105 अरब डॉलर तक जा सकता है. ऐसे में राहत की उम्मीद कम ही रखनी चाहिए यदि सरकार अपना मुनाफा कम करती है तो फिर राहत की उम्मीद की जा सकती है.
सरकार ने नवंबर 2014 से लेकर फरवरी 2016 तक 9 बार तेल की एक्साईज ड्यूटी बढ़ाई हालांकि उस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं. इस दौरान सरकार ने समय-समय पर 12 रु 2 पैसे पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई जबकि इसी दौरान सरकार ने डीजल की कीमतों में 13 रु 7 पैसे का इजाफा किया.
एक तरफ सरकार ने 9 बार तेल की कीमतें बढ़ाई हैं वहीं एक बार कम भी की है. 4 अक्टूबर 2017 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2-2 रुपए कम किए गए. ऐसे हालात में फिक्की के अध्यक्ष राजेश शाह का बयान महत्वपूर्ण है जिसमें उन्होंने कहा कि कुल एक्साईज ड्यूटी पेट्रोल पर 11 रु77 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 13 रु 47 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई जा चुकी है जबकि सिर्फ 2 रु प्रति लीटर घटाई गई है. इसलिए एक्साइज ड्यूटी घटाने की गुंजाईश है. टिप्पणियां
इस सबके बीच आप यह जान कर चौंक जाएंगे कि अपने देश की तेल कंपनियों के मुनाफे का क्या हाल है. अमूमन ऐसे हालात में इन कंपनियों की बुरी हालत होनी चाहिए मगर ऐसा है नहीं. इंडियन ऑयल का मुनाफा मार्च 2013 में 5 हजार करोड़ था जो कि 2017 में बढ़ कर 19 हजार करोड़ और मार्च 2018 में 21 हजार करोड़ हो गया. यही नहीं, तेल की कीमत बढ़ाने में राज्य सरकारों का भी हाथ होता है महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश में प्रति लीटर 35 फीसदी से अधिक वैट है.
दरअसल राज्य सरकारें भी तेल पर अपना मुनाफा छोड़ना नहीं चाहती हैं. ऐसे हालत में लोगों को राहत मिले तो मिले कैसे. सबसे पहले केन्द्र और राज्य सरकारों को तेल कंपनियों के साथ बैठक कर अपना मुनाफा थोड़ा थोड़ा कम करना पड़ेगा जिससे कि आम लोगों को राहत मिल सके. वरना जो हालात हैं अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेल की कीमतों में आग लगी रहेगी. इस साल सरकार का तेल बिल 20 फीसदी तक बढ़ सकता है. अभी जो तेल का बिल 88 अरब डॉलर है, वह 105 अरब डॉलर तक जा सकता है. ऐसे में राहत की उम्मीद कम ही रखनी चाहिए यदि सरकार अपना मुनाफा कम करती है तो फिर राहत की उम्मीद की जा सकती है.
एक तरफ सरकार ने 9 बार तेल की कीमतें बढ़ाई हैं वहीं एक बार कम भी की है. 4 अक्टूबर 2017 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2-2 रुपए कम किए गए. ऐसे हालात में फिक्की के अध्यक्ष राजेश शाह का बयान महत्वपूर्ण है जिसमें उन्होंने कहा कि कुल एक्साईज ड्यूटी पेट्रोल पर 11 रु77 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 13 रु 47 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई जा चुकी है जबकि सिर्फ 2 रु प्रति लीटर घटाई गई है. इसलिए एक्साइज ड्यूटी घटाने की गुंजाईश है. टिप्पणियां
इस सबके बीच आप यह जान कर चौंक जाएंगे कि अपने देश की तेल कंपनियों के मुनाफे का क्या हाल है. अमूमन ऐसे हालात में इन कंपनियों की बुरी हालत होनी चाहिए मगर ऐसा है नहीं. इंडियन ऑयल का मुनाफा मार्च 2013 में 5 हजार करोड़ था जो कि 2017 में बढ़ कर 19 हजार करोड़ और मार्च 2018 में 21 हजार करोड़ हो गया. यही नहीं, तेल की कीमत बढ़ाने में राज्य सरकारों का भी हाथ होता है महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश में प्रति लीटर 35 फीसदी से अधिक वैट है.
दरअसल राज्य सरकारें भी तेल पर अपना मुनाफा छोड़ना नहीं चाहती हैं. ऐसे हालत में लोगों को राहत मिले तो मिले कैसे. सबसे पहले केन्द्र और राज्य सरकारों को तेल कंपनियों के साथ बैठक कर अपना मुनाफा थोड़ा थोड़ा कम करना पड़ेगा जिससे कि आम लोगों को राहत मिल सके. वरना जो हालात हैं अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेल की कीमतों में आग लगी रहेगी. इस साल सरकार का तेल बिल 20 फीसदी तक बढ़ सकता है. अभी जो तेल का बिल 88 अरब डॉलर है, वह 105 अरब डॉलर तक जा सकता है. ऐसे में राहत की उम्मीद कम ही रखनी चाहिए यदि सरकार अपना मुनाफा कम करती है तो फिर राहत की उम्मीद की जा सकती है.
इस सबके बीच आप यह जान कर चौंक जाएंगे कि अपने देश की तेल कंपनियों के मुनाफे का क्या हाल है. अमूमन ऐसे हालात में इन कंपनियों की बुरी हालत होनी चाहिए मगर ऐसा है नहीं. इंडियन ऑयल का मुनाफा मार्च 2013 में 5 हजार करोड़ था जो कि 2017 में बढ़ कर 19 हजार करोड़ और मार्च 2018 में 21 हजार करोड़ हो गया. यही नहीं, तेल की कीमत बढ़ाने में राज्य सरकारों का भी हाथ होता है महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश में प्रति लीटर 35 फीसदी से अधिक वैट है.
दरअसल राज्य सरकारें भी तेल पर अपना मुनाफा छोड़ना नहीं चाहती हैं. ऐसे हालत में लोगों को राहत मिले तो मिले कैसे. सबसे पहले केन्द्र और राज्य सरकारों को तेल कंपनियों के साथ बैठक कर अपना मुनाफा थोड़ा थोड़ा कम करना पड़ेगा जिससे कि आम लोगों को राहत मिल सके. वरना जो हालात हैं अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेल की कीमतों में आग लगी रहेगी. इस साल सरकार का तेल बिल 20 फीसदी तक बढ़ सकता है. अभी जो तेल का बिल 88 अरब डॉलर है, वह 105 अरब डॉलर तक जा सकता है. ऐसे में राहत की उम्मीद कम ही रखनी चाहिए यदि सरकार अपना मुनाफा कम करती है तो फिर राहत की उम्मीद की जा सकती है.
दरअसल राज्य सरकारें भी तेल पर अपना मुनाफा छोड़ना नहीं चाहती हैं. ऐसे हालत में लोगों को राहत मिले तो मिले कैसे. सबसे पहले केन्द्र और राज्य सरकारों को तेल कंपनियों के साथ बैठक कर अपना मुनाफा थोड़ा थोड़ा कम करना पड़ेगा जिससे कि आम लोगों को राहत मिल सके. वरना जो हालात हैं अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेल की कीमतों में आग लगी रहेगी. इस साल सरकार का तेल बिल 20 फीसदी तक बढ़ सकता है. अभी जो तेल का बिल 88 अरब डॉलर है, वह 105 अरब डॉलर तक जा सकता है. ऐसे में राहत की उम्मीद कम ही रखनी चाहिए यदि सरकार अपना मुनाफा कम करती है तो फिर राहत की उम्मीद की जा सकती है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लगातार बढ़ रहे हैं तेल के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊपर गए तेल के दाम
तेल कंपनियों की आमदनी में भी इजाफा | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आप इस पर यकीन करें या ना करें, लेकिन एक नए शोध में कहा गया है कि कुत्ते सांस तथा मल के नमूनों को सूंघकर उच्च स्तर की सटीकता के साथ यह पता लगा सकते हैं कि क्या व्यक्ति को आंतों का कैंसर है। शोधकर्ताओं के अनुसार, मानव के सबसे बेहतर दोस्त कहे जाने वाले कुत्तों में सूंघने की क्षमता मनुष्य के मुकाबले एक हजार गुना अधिक होती है। इसके नतीजतन वह कुछ प्रकार के कैंसर में पाये जाने वाले विशिष्ट रासायनिक तत्वों की पहचान कर सकता है। गट पत्रिका में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, लेब्रेडॉर नस्ल के कुत्ते नमूनों को सूंघकर 90 फीसदी से अधिक सटीकता के साथ कैंसर का पता लगा सकते हैं। जापानी शोधकर्ताओं ने लेब्रेडॉर नस्ल के एक कुत्ते पर 74 परीक्षण किए। हर परीक्षण में आंत के कैंसर के मरीज का एक नमूना, जबकि स्वस्थ व्यक्ति के चार नमूने शामिल किए। इन नमूनों को पांच अलग-अलग बक्सों में रख दिया गया। आंत के कैंसर के रसायनों को सूंघने के लिए खासतौर पर प्रशिक्षित किए गए इस लेब्रेडॉर ने सबसे पहले कैंसर के मरीज के नमूने को ही सूंघा। यह परीक्षण अलग-अलग बक्सों के साथ बार-बार किया गया। डेली मेल के अनुसार, शोधकर्ताओं ने कहा कि लेब्रेडॉर श्वास के नमूनों में 95 फीसदी और मल के नमूनों में 98 फीसदी सटीकता के साथ कैंसर का पता लगा सकते हैं। | संक्षिप्त पाठ: आंत के कैंसर के रसायनों को सूंघने के लिए खासतौर पर प्रशिक्षित किए गए इस लेब्रेडॉर ने सबसे पहले कैंसर के मरीज के नमूने को ही सूंघा। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार की राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में सोमवार को अमन और सद्भावना का पर्व ईद-उल-फितर धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस मौके पर ईदगाहों और मस्जिदों में ईद की विशेष नमाज अदा की गई. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी गांधी मैदान पहुंचकर नमाजियों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और समाज में मोहब्ब्त और प्रेम, सदभाव बने रहने की कामना की.
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भी बड़ी संख्या में मुस्लिम संप्रदाय के लोगों ने एकत्र होकर ईद की नमाज अदा की. इस मौके पर बच्चों में खास उत्साह देखा गया. पटना के प्रसिद्घ खानकाह मजीबिया और इमारत-ए-शरिया में भी नामाजियों ने ईद की नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी. पटना जंक्शन के जामा मस्जिद, फुलवारी शरीफ, गुलजारबाग के शाही ईदगाह में रमजान के पाक महीने में रोजा रखने के बाद ईद के मौके पर मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने नवाज अदा कर अल्लाह से दुआएं मांगी.टिप्पणियां
पटना सिटी के गुलजारबाग स्थित शाही ईदगाह में हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने ईद की नमाज अदा की. राज्य के भागलुपर, सीवान, किशनगंज, मोतिहारी, मुजफ्फपुर, बेगूसराय सहित राज्य के अन्य जिलों में भी सामूहिक नमाज का आयोजन किया गया. इन क्षेत्रों में भी भाईचारे के पर्व ईद को मनाया गया. ईद को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध
किए गए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भी बड़ी संख्या में मुस्लिम संप्रदाय के लोगों ने एकत्र होकर ईद की नमाज अदा की. इस मौके पर बच्चों में खास उत्साह देखा गया. पटना के प्रसिद्घ खानकाह मजीबिया और इमारत-ए-शरिया में भी नामाजियों ने ईद की नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी. पटना जंक्शन के जामा मस्जिद, फुलवारी शरीफ, गुलजारबाग के शाही ईदगाह में रमजान के पाक महीने में रोजा रखने के बाद ईद के मौके पर मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने नवाज अदा कर अल्लाह से दुआएं मांगी.टिप्पणियां
पटना सिटी के गुलजारबाग स्थित शाही ईदगाह में हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने ईद की नमाज अदा की. राज्य के भागलुपर, सीवान, किशनगंज, मोतिहारी, मुजफ्फपुर, बेगूसराय सहित राज्य के अन्य जिलों में भी सामूहिक नमाज का आयोजन किया गया. इन क्षेत्रों में भी भाईचारे के पर्व ईद को मनाया गया. ईद को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध
किए गए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पटना सिटी के गुलजारबाग स्थित शाही ईदगाह में हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने ईद की नमाज अदा की. राज्य के भागलुपर, सीवान, किशनगंज, मोतिहारी, मुजफ्फपुर, बेगूसराय सहित राज्य के अन्य जिलों में भी सामूहिक नमाज का आयोजन किया गया. इन क्षेत्रों में भी भाईचारे के पर्व ईद को मनाया गया. ईद को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध
किए गए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की
पटना में अलग-अलग जगहों पर लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी
राज्य के कई जिलों में सामूहिक नमाज का आयोजन किया गया | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: योजना आयोग ने पेट्रोल और डीजल जैसे प्रदूषण फैलाने वाले ऊर्जा स्रोतों पर एक उपकर लगाए जाने की वकालत की, ताकि उपकर से मिले धन का इस्तेमाल देश में स्वच्छ ऊर्जा पर सब्सिडी देने में किया जा सके। जलवायु परिवर्तन पर आयोजित सम्मेलन के दौरान योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा, प्रदूषण फैलाने वाले ऊर्जा स्रोतों पर उपकर लगाकर स्वच्छ ऊर्जा को सब्सिडी उपलब्ध कराने का एक मामला बनता है। उन्होंने कहा, जब तक हम इसे (स्वच्छ ऊर्जा) आत्मनिर्भर नहीं बनाते, पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा जैसे स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन के लिए हमें सब्सिडी पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिसे बजट में उपलब्ध कराया जा सकता है। मोंटेक ने कहा कि सरकार ने पिछले साल कोयला पर 5 प्रतिशत उपकर पेश कर इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कोयले पर उपकर से मिली राशि से एक हरित ऊर्जा कोष बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल अनुसंधान या इस तरह की परियोजनाओं को लागू करने में किया जाएगा। | संक्षिप्त सारांश: योजना आयोग ने पेट्रोल और डीजल जैसे प्रदूषण फैलाने वाले ऊर्जा स्रोतों पर एक उपकर लगाए जाने की वकालत की, ताकि उपकर से मिले धन का इस्तेमाल देश में स्वच्छ ऊर्जा पर सब्सिडी देने में किया जा सके। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस मामले में बहुजन समाज पार्टी की विधायक रामबाई ने दावा किया था कि कांग्रेस नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार से समर्थन वापस लेने के लिए भाजपा ने उन्हें मंत्री पद और करोड़ों रुपये का ऑफर दिया है. मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों में से 114 सीट कांग्रेस के पास हैं और बीजेपी के पास 109 सीटें हैं.
जिस तरह से बाकी राज्यों में कांग्रेस के विधायक उसका साथ छोड़ रहे हैं, अगर मध्य प्रदेश में भी कुछ इस तरह का हुआ तो कमलनाथ सरकार संकट में पड़ जाएगी. लोकसभा में बीजेपी को मिले प्रचंड बहुमत के बाद से ही इस तरह की चर्चा थी कि राज्य में किसी भी वक्त कांग्रेस की सरकार गिर सकती है. जिसके बाद कमलनाथ ने विधायक दल की बैठक भी बुलाई थी.
पंजाब में भी कांग्रेस के अंदर गुटबाजी की खबरें पहले ही सामने आ चुकी हैं. नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच सबकुछ सही नहीं है. कैप्टन ने तो सार्वजनिक तौर पर यह तक कह दिया था कि सिद्धू उनकी जगह लेना चाहते हैं और सीएम बनना चाहते हैं. पंजाब की राजनीति में यह मामला काफी गरमा गया था. जहां सिद्धू कांग्रेस के स्टार नेता हैं वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह पार्टी के सीनियर नेताओं में से एक हैं जिनका पंजाब में काफी प्रभाव है.
इस समय पंजाब, राजस्थान, एमपी, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और पुडुचेरी में कांग्रेस की सरकार है लेकिन तमाम सियासी गतिरोधों और केंद्र में नेतृत्व के अभाव की वजह से कांग्रेस सहज नहीं हो पा रही है. एक तरफ अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे से कांग्रेस उबर नहीं पाई थी और अब कर्नाटक और गोवा में भी उस पर गाज गिर गई. कर्नाटक गतिरोध पर तो आज 10 बागी विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होगी. | यह एक सारांश है: बतौर पार्टी कांग्रेस बहुत बुरे दौर से गुजर रही
लोकसभा में हार के बाद अध्यक्ष पद का संकट खड़ा हुआ
अब कर्नाटक और गोवा में पार्टी को मिला बड़ा झटका | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लश्कर सरगना हाफिज सईद की पूरे पाकिस्तान में विरोध-प्रदर्शनों की धमकी के बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को पाकिस्तान जा रहे हैं, जहां वह सार्क देशों के गृहमंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे. इसी साल की शुरुआत में पहले पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हमला और उसके बाद जम्मू एवं कश्मीर में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने व उसके बाद हुई संघर्ष की घटनाओं के बीच राजनाथ सिंह का यह दो-दिवसीय पाकिस्तान दौरा काफी अहम है.
भारत की ओर से पहले ही साफ किया जा चुका है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान में केवल सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और पाकिस्तान सरकार से अलग से कोई बैठक नहीं करेंगे.
उधर, हाफिज़ सईद और सैयद सलाउद्दीन की धमकियों को देखते हुए राजनाथ सिंह की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पाक सूत्रों की मानें तो इन दो दिनों के दौरान राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति सरीखी सुरक्षा मिलेगी और वह 200 सुरक्षाकर्मियों के घेरे में रहेंगे. बीएसएफ के डीजी केके शर्मा ने कड़े लहजे में कहा है कि आतंकी हाफिज सईद के नापाक मंसूबों के किसी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा. इस मामले पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पाकिस्तान से दो टूक कहा गया है कि वह राजनाथ सिंह की सुरक्षा के फूलप्रूफ इंतजाम करे. टिप्पणियां
इस बात की भी पूरी उम्मीद है कि राजनाथ सिंह 4 अगस्त को सार्क सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पहलुओं का एक बार फिर खुलासा कर सकते हैं, खासकर आतंकी बुरहानी वानी को शहीद बताने और कश्मीर में घुसपैठ और आतंकियों को शह देने को लेकर.
इस बीच, ऐसी ख़बरें भी हैं कि हाफिज सईद वाघा बॉर्डर से सिर्फ आठ किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुका है, और इसे देखते हुए सरहद पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है.
भारत की ओर से पहले ही साफ किया जा चुका है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान में केवल सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और पाकिस्तान सरकार से अलग से कोई बैठक नहीं करेंगे.
उधर, हाफिज़ सईद और सैयद सलाउद्दीन की धमकियों को देखते हुए राजनाथ सिंह की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पाक सूत्रों की मानें तो इन दो दिनों के दौरान राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति सरीखी सुरक्षा मिलेगी और वह 200 सुरक्षाकर्मियों के घेरे में रहेंगे. बीएसएफ के डीजी केके शर्मा ने कड़े लहजे में कहा है कि आतंकी हाफिज सईद के नापाक मंसूबों के किसी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा. इस मामले पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पाकिस्तान से दो टूक कहा गया है कि वह राजनाथ सिंह की सुरक्षा के फूलप्रूफ इंतजाम करे. टिप्पणियां
इस बात की भी पूरी उम्मीद है कि राजनाथ सिंह 4 अगस्त को सार्क सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पहलुओं का एक बार फिर खुलासा कर सकते हैं, खासकर आतंकी बुरहानी वानी को शहीद बताने और कश्मीर में घुसपैठ और आतंकियों को शह देने को लेकर.
इस बीच, ऐसी ख़बरें भी हैं कि हाफिज सईद वाघा बॉर्डर से सिर्फ आठ किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुका है, और इसे देखते हुए सरहद पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है.
उधर, हाफिज़ सईद और सैयद सलाउद्दीन की धमकियों को देखते हुए राजनाथ सिंह की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पाक सूत्रों की मानें तो इन दो दिनों के दौरान राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति सरीखी सुरक्षा मिलेगी और वह 200 सुरक्षाकर्मियों के घेरे में रहेंगे. बीएसएफ के डीजी केके शर्मा ने कड़े लहजे में कहा है कि आतंकी हाफिज सईद के नापाक मंसूबों के किसी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा. इस मामले पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पाकिस्तान से दो टूक कहा गया है कि वह राजनाथ सिंह की सुरक्षा के फूलप्रूफ इंतजाम करे. टिप्पणियां
इस बात की भी पूरी उम्मीद है कि राजनाथ सिंह 4 अगस्त को सार्क सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पहलुओं का एक बार फिर खुलासा कर सकते हैं, खासकर आतंकी बुरहानी वानी को शहीद बताने और कश्मीर में घुसपैठ और आतंकियों को शह देने को लेकर.
इस बीच, ऐसी ख़बरें भी हैं कि हाफिज सईद वाघा बॉर्डर से सिर्फ आठ किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुका है, और इसे देखते हुए सरहद पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है.
इस बात की भी पूरी उम्मीद है कि राजनाथ सिंह 4 अगस्त को सार्क सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पहलुओं का एक बार फिर खुलासा कर सकते हैं, खासकर आतंकी बुरहानी वानी को शहीद बताने और कश्मीर में घुसपैठ और आतंकियों को शह देने को लेकर.
इस बीच, ऐसी ख़बरें भी हैं कि हाफिज सईद वाघा बॉर्डर से सिर्फ आठ किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुका है, और इसे देखते हुए सरहद पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है.
इस बीच, ऐसी ख़बरें भी हैं कि हाफिज सईद वाघा बॉर्डर से सिर्फ आठ किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुका है, और इसे देखते हुए सरहद पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है. | यह एक सारांश है: लश्कर सरगना हाफिज सईद ने दी पूरे पाकिस्तान में विरोध-प्रदर्शनों की धमकी
गृहमंत्री पाकिस्तान में केवल सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं
भारत ने साफ किया, पाक सरकार से अलग से कोई बैठक नहीं करेंगे राजनाथ | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस सीएस कर्णन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने किसी प्रकार से राहत देने से इनकार कर दिया. यानी फिलहाल जस्टिस कर्णन जेल में ही रहेंगे. कोर्ट ने जस्टिस कर्णन की जमानत याचिका और सजा पर रोक पर सुनवाई से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी करने की जरूरत नहीं है.
बता दें कि जस्टिस कर्णन को अवमानना के मामले में 6 माह की सजा सुनवाई गई है. जस्टिस कर्णन को 40 दिनों की फरारी के बाद गिरफ्तार किया गया था.
सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के दोषी कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस करनन सोमवार को कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की. इससे पहले जस्टिस करनन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नही मिली थी. करनन ने अर्जी दाखिल कर जमानत और सज़ा को रद्द करने की मांग की थी.
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था कि इस मामले की सुनवाई 7 जजों की संवैधानिक पीठ ने की थी और 6 महीने की सज़ा का फ़ैसला सुनाया था ऐसे में 2 जजों की पीठ इस मामले की सुनवाई कैसे कर सकती है.
जिसपर करनन के वकील ने कहा जब तक इस मामले में संवैधानिक पीठ का गठन नही होता तब तक उन्हें ज़मानत दे दी जाए. गर्मियों की छुटियों के बाद 3 जुलाई को कोर्ट खुलेगा तब तक उन्हें जमानत दे दी जाए.
जिसपर कोर्ट ने कहा कि आदेश 7 जजों की संवैधानिक पीठ का है ऐसे में हम कोई आदेश नही दे सकते. जब कोर्ट खुलेगा तब आप मुख्य न्यायाधीश के सामने अपनी अर्जी पर सुनवाई की मांग कर सकते है. ये कहते हुए कोर्ट ने उनकी ज़मानत और सज़ा को रद्द करने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर कर दिया. | यहाँ एक सारांश है:कोर्ट ने कर्णन की जमानत याचिका और सजा पर रोक पर सुनवाई से इनकार कर दिया
जस्टिस कर्णन को अवमानना के मामले में 6 माह की सजा सुनवाई गई है
जस्टिस कर्णन को 40 दिनों की फरारी के बाद गिरफ्तार किया गया था | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बारिश की आंख मिचौली और डकवर्थ लुईस पद्धति के दिलचस्प नाटक के बीच दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच टाई कराकर आईसीसी चैंपियन्स ट्राफी के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
वेस्टइंडीज ने निर्धारित किए गए 31 ओवरों में 231 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 26 ओवर तक पांच विकेट पर 190 रन बनाए थे लेकिन भाग्य द. अफ्रीका के साथ था। अगले ओवर की पहली गेंद पर कीरोन पोलार्ड आउट हो गए और तभी बारिश भी आ गई। इस तरह से वेस्टइंडीज का स्कोर 26.1 ओवर में छह विकेट पर 190 रन हो गया।
डकवर्थ लुईस पद्धति से उस समय मैच बराबरी पर था। बारिश नहीं थमी और मैच को टाई समाप्त घोषित कर दिया गया। इस तरह से दक्षिण अफ्रीका बेहतर रन रेट के आधार पर आगे बढ़ने में सफल रहा।
इससे पहले, बारिश के कारण लगभग चार घंटे देरी से शुरू हुए मैच में ओवरों की संख्या 31 कर दी गई। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर छह विकेट पर 230 रन बनाए। टिप्पणियां
सलामी बल्लेबाज कोलिन इंग्राम ने 73 रन की तेज तर्रार पारी खेली। उनके अलावा डेविड मिलर (38), कप्तान एबी डिविलियर्स (37) और फाफ डु प्लेसिस (35) ने भी उपयोगी योगदान दिया।
वेस्टइंडीज के लिए क्रिस गेल ने 36 और डेवोन स्मिथ ने 30 रन बनाए लेकिन वह मलरेन सैमुअल्स की 38 गेंद पर खेली गई 48 रन की पारी थी जिससे कैरेबियाई टीम डकवर्थ लुईस के आंकड़े से दक्षिण अफ्रीका के स्कोर तक पहुंचा। यदि पोलार्ड (28) आउट नहीं होता तो वेस्टइंडीज तीन रन से यह मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचता लेकिन अब उसे बोरिया बिस्तर समेटकर घर की राह पकड़नी होगी। भारत इस तरह से ग्रुप बी में शीर्ष पर रहेगा। पाकिस्तान के खिलाफ कल के मैच के परिणाम से उसकी स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा।
वेस्टइंडीज ने निर्धारित किए गए 31 ओवरों में 231 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 26 ओवर तक पांच विकेट पर 190 रन बनाए थे लेकिन भाग्य द. अफ्रीका के साथ था। अगले ओवर की पहली गेंद पर कीरोन पोलार्ड आउट हो गए और तभी बारिश भी आ गई। इस तरह से वेस्टइंडीज का स्कोर 26.1 ओवर में छह विकेट पर 190 रन हो गया।
डकवर्थ लुईस पद्धति से उस समय मैच बराबरी पर था। बारिश नहीं थमी और मैच को टाई समाप्त घोषित कर दिया गया। इस तरह से दक्षिण अफ्रीका बेहतर रन रेट के आधार पर आगे बढ़ने में सफल रहा।
इससे पहले, बारिश के कारण लगभग चार घंटे देरी से शुरू हुए मैच में ओवरों की संख्या 31 कर दी गई। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर छह विकेट पर 230 रन बनाए। टिप्पणियां
सलामी बल्लेबाज कोलिन इंग्राम ने 73 रन की तेज तर्रार पारी खेली। उनके अलावा डेविड मिलर (38), कप्तान एबी डिविलियर्स (37) और फाफ डु प्लेसिस (35) ने भी उपयोगी योगदान दिया।
वेस्टइंडीज के लिए क्रिस गेल ने 36 और डेवोन स्मिथ ने 30 रन बनाए लेकिन वह मलरेन सैमुअल्स की 38 गेंद पर खेली गई 48 रन की पारी थी जिससे कैरेबियाई टीम डकवर्थ लुईस के आंकड़े से दक्षिण अफ्रीका के स्कोर तक पहुंचा। यदि पोलार्ड (28) आउट नहीं होता तो वेस्टइंडीज तीन रन से यह मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचता लेकिन अब उसे बोरिया बिस्तर समेटकर घर की राह पकड़नी होगी। भारत इस तरह से ग्रुप बी में शीर्ष पर रहेगा। पाकिस्तान के खिलाफ कल के मैच के परिणाम से उसकी स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा।
डकवर्थ लुईस पद्धति से उस समय मैच बराबरी पर था। बारिश नहीं थमी और मैच को टाई समाप्त घोषित कर दिया गया। इस तरह से दक्षिण अफ्रीका बेहतर रन रेट के आधार पर आगे बढ़ने में सफल रहा।
इससे पहले, बारिश के कारण लगभग चार घंटे देरी से शुरू हुए मैच में ओवरों की संख्या 31 कर दी गई। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर छह विकेट पर 230 रन बनाए। टिप्पणियां
सलामी बल्लेबाज कोलिन इंग्राम ने 73 रन की तेज तर्रार पारी खेली। उनके अलावा डेविड मिलर (38), कप्तान एबी डिविलियर्स (37) और फाफ डु प्लेसिस (35) ने भी उपयोगी योगदान दिया।
वेस्टइंडीज के लिए क्रिस गेल ने 36 और डेवोन स्मिथ ने 30 रन बनाए लेकिन वह मलरेन सैमुअल्स की 38 गेंद पर खेली गई 48 रन की पारी थी जिससे कैरेबियाई टीम डकवर्थ लुईस के आंकड़े से दक्षिण अफ्रीका के स्कोर तक पहुंचा। यदि पोलार्ड (28) आउट नहीं होता तो वेस्टइंडीज तीन रन से यह मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचता लेकिन अब उसे बोरिया बिस्तर समेटकर घर की राह पकड़नी होगी। भारत इस तरह से ग्रुप बी में शीर्ष पर रहेगा। पाकिस्तान के खिलाफ कल के मैच के परिणाम से उसकी स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा।
इससे पहले, बारिश के कारण लगभग चार घंटे देरी से शुरू हुए मैच में ओवरों की संख्या 31 कर दी गई। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर छह विकेट पर 230 रन बनाए। टिप्पणियां
सलामी बल्लेबाज कोलिन इंग्राम ने 73 रन की तेज तर्रार पारी खेली। उनके अलावा डेविड मिलर (38), कप्तान एबी डिविलियर्स (37) और फाफ डु प्लेसिस (35) ने भी उपयोगी योगदान दिया।
वेस्टइंडीज के लिए क्रिस गेल ने 36 और डेवोन स्मिथ ने 30 रन बनाए लेकिन वह मलरेन सैमुअल्स की 38 गेंद पर खेली गई 48 रन की पारी थी जिससे कैरेबियाई टीम डकवर्थ लुईस के आंकड़े से दक्षिण अफ्रीका के स्कोर तक पहुंचा। यदि पोलार्ड (28) आउट नहीं होता तो वेस्टइंडीज तीन रन से यह मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचता लेकिन अब उसे बोरिया बिस्तर समेटकर घर की राह पकड़नी होगी। भारत इस तरह से ग्रुप बी में शीर्ष पर रहेगा। पाकिस्तान के खिलाफ कल के मैच के परिणाम से उसकी स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा।
सलामी बल्लेबाज कोलिन इंग्राम ने 73 रन की तेज तर्रार पारी खेली। उनके अलावा डेविड मिलर (38), कप्तान एबी डिविलियर्स (37) और फाफ डु प्लेसिस (35) ने भी उपयोगी योगदान दिया।
वेस्टइंडीज के लिए क्रिस गेल ने 36 और डेवोन स्मिथ ने 30 रन बनाए लेकिन वह मलरेन सैमुअल्स की 38 गेंद पर खेली गई 48 रन की पारी थी जिससे कैरेबियाई टीम डकवर्थ लुईस के आंकड़े से दक्षिण अफ्रीका के स्कोर तक पहुंचा। यदि पोलार्ड (28) आउट नहीं होता तो वेस्टइंडीज तीन रन से यह मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचता लेकिन अब उसे बोरिया बिस्तर समेटकर घर की राह पकड़नी होगी। भारत इस तरह से ग्रुप बी में शीर्ष पर रहेगा। पाकिस्तान के खिलाफ कल के मैच के परिणाम से उसकी स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा।
वेस्टइंडीज के लिए क्रिस गेल ने 36 और डेवोन स्मिथ ने 30 रन बनाए लेकिन वह मलरेन सैमुअल्स की 38 गेंद पर खेली गई 48 रन की पारी थी जिससे कैरेबियाई टीम डकवर्थ लुईस के आंकड़े से दक्षिण अफ्रीका के स्कोर तक पहुंचा। यदि पोलार्ड (28) आउट नहीं होता तो वेस्टइंडीज तीन रन से यह मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचता लेकिन अब उसे बोरिया बिस्तर समेटकर घर की राह पकड़नी होगी। भारत इस तरह से ग्रुप बी में शीर्ष पर रहेगा। पाकिस्तान के खिलाफ कल के मैच के परिणाम से उसकी स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा। | संक्षिप्त पाठ: बारिश की आंख मिचौली और डकवर्थ लुईस पद्धति के दिलचस्प नाटक के बीच दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच टाई कराकर आईसीसी चैंपियन्स ट्राफी के सेमीफाइनल में जगह बनाई। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन के वैज्ञानिकों ने एचआईवी के एक टीके के क्लीनिकल परीक्षण के पहले चरण में कामयाबी का दावा किया है। परीक्षण का दूसरा चरण अगले कुछ महीनों में शुरू होगा। चीन के राष्ट्रीय एड्स..एटीडी नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के मुख्य विशेषज्ञ शाओ यिमिंग ने चाइना डेली को बताया कि इस टीके के परीक्षण का दूसरा चरण तीन या चार महीनों में आरंभ किया जाएगा। दूसरे चरण के लिए राष्ट्रीय औषद्यि प्राधिकरण ने इजाजत दे दी है। यिमिंग ने कहा कि देश की 11वीं पंचवर्षीय योजना (2006-2010) में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े 16 बड़े कार्यक्रमों को मंजूरी दी गई थी। एचआईवी का टीका भी इन्हीं कार्यक्रमों का हिस्सा था। संक्रमण से फैलने वाली इस बीमारी से निजात पाने के मकसद से तैयार किए जा रहे टीके का तीन चरणों के परीक्षण में सफल होना जरूरी है। इसके बाद ही इसका इस्तेमाल इंसानों पर किया जा सकता है। एचआईवी टीके से जुड़े परीक्षण के दूसरे चरण को कई देश पूरा कर चुके हैं, हालांकि अब तक कोई तीसरे चरण को पूरा नहीं कर पाया है। चीन में 7.40 लाख लोग ऐसे हैं, जो एचआईवी और एड्स से संक्रमित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हाओ याओ का कहना है कि यह आंकड़ा 2015 के आखिर तक 12 लाख हो जाएगा। | संक्षिप्त सारांश: चीन के वैज्ञानिकों ने एचआईवी के एक टीके के क्लीनिकल परीक्षण के पहले चरण में कामयाबी का दावा किया है। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हेगड़े ने इससे पहले एक कार्यक्रम में विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि हिन्दू लड़की को छूने वाला हाथ बचना नहीं चाहिए. इसके बाद राहुल गांधी ने हेगड़े को हर भारतीय के लिए शर्मिंदगी का विषय करार देते हुए कहा था कि हेगड़े मंत्री पद के योग्य नहीं हैं और उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए. गांधी ने एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, 'यह व्यक्ति (हेगड़े) हर भारतीय के लिए शर्मिंदगी का विषय है. वह केंद्रीय मंत्री पद के लिए योग्य नहीं है और उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए.'
अनंत कुमार हेगड़े के बयान के बाद कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख दिनेश गुंडुराव और उनके बीच ट्विटर पर वाकयुद्ध छिड़ गया था. गुंडु राव ने ट्वीट कर पूछा था, 'केंद्रीय मंत्री या सांसद बनने के बाद आपकी उपलब्धियां क्या रही हैं? कर्नाटक के विकास में आपका क्या योगदान है? मैं निश्चित रूप से यह कह सकता हूं कि यह अफसोस की बात है कि ऐसे लोग मंत्री बन गए हैं और सांसद के रूप में चुने जाने में कामयाब रहे हैं.'
इसके बाद राव पर निशाना साधते हुए हेगड़े ने कहा था, 'मैं जरूर इस शख्स के सवाल का जवाब दूंगा लेकिन उससे पहले वह कृपया अपनी उपलब्धियों का खुलासा करें? मैं इस शख्स को केवल इस तरह जानता हूं जो एक मुस्लिम महिला के पीछे भागा था.' इसके बाद राव ने कहा कि यह दुखद है, 'यह दुखद है कि वह इस तरह बात कर रहे हैं. लेकिन इस हद तक गिरना और व्यक्तिगत टिप्पणी करना संस्कृति के अभाव को दिखाता है. अनुमान लगाता हूं कि उन्होंने हिंदू ग्रंथों से कुछ भी नहीं सीखा है.'
इसके बाद दिनेश गुंडू राव की पत्नी तबस्सुम भी इस बहस में आ गईं और उन्होंने हेगड़े पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेता ‘अपनी पत्नी की साड़ी के पल्लू के पीछे छिपना' बंद करें और राव के साथ राजनीतिक लड़ाई लड़ें. तबस्सुम ने फेसबुक पर लिखा था कि वह न तो किसी पार्टी से जुड़ी हैं और न ही किसी सार्वजनिक पद पर हैं. उन्होंने कहा, ‘अपनी सस्ती राजनीति के लिये वह मेरे नाम का इस्तेमाल मोहरे की तरह न करें. मैंने भाजपा के किसी नेता के खिलाफ कोई व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी नहीं की. अपनी सस्ती राजनीति के लिये मोहरे की तरह मेरे नाम का इस्तेमाल किया गया, जिस पर मैं कड़ी आपत्ति जताती हूं. हिम्मत है तो अपनी बीवी की साड़ी के पल्लू के पीछे छिपकर पत्थर फेंकने के बजाय वे मेरे पति को राजनीतिक चुनौती दें.'
साथ ही उन्होंने लिखा था, ‘जी हां मैं जन्म से मुसलमान हूं लेकिन सबसे पहले हमें भारतीय होने पर गर्व है. भारत का संविधान धर्मनिरपेक्षता की बुनियाद पर आधारित है जो हर नागरिक को सोचने, अभिव्यक्ति, आस्था, धर्म और पूजा की आजादी की गारंटी देता है.' | संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय मंत्री का राहुल गांधी पर निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष को बताया ‘मिश्रित नस्ल’
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र निकाय चुनाव के तहत शुक्रवार शाम चार बजे तक घोषित नतीजों के मुताबिक मुम्बई और ठाणे नगर निगम चुनावों में शिव सेना-भारतीय जनता पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) गठबंधन ने सबसे अधिक सीटें जीतकर फिर से अपना परचम लहराया है जबकि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को तगड़ा झटका लगा है।
शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन हालांकि, बृह्न्मुम्बई नगर निगम (बीएमसी) और ठाणे नगर निगम (टीएमसी) पर काबिज होने के लिए आवश्यक बहुमत के आंकड़े से थोड़ा दूर है लेकिन समझा जाता है कि गठबंधन आंकड़े की इस कमी को विद्रोही पार्षदों और निर्दलीयों की मदद से पूरा कर लेगा।
दोनों नगर निगमों की सत्ता पर इस गठबंधन को काबिज होने के लिए राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के समर्थन की तुरंत आवश्यकता नहीं समझी जा रही है।
इस बार के मुम्बई, पुणे और नासिक नगर निगम चुनावों में मनसे का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। इन नगर निगमों में गठबंधन को सत्ता में लाने में मनसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
शाम चार बजे तक प्राप्त नतीजों के मुताबिक मुम्बई की कुल 227 सीटों में से शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन कुल 107 सीटें जीत चुका है जबकि कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गठबंधन के खाते में 65 सीटें आई हैं। मनसे को 29 और निर्दलीय एवं अन्य को 26 सीटें मिली हैं।
ठाणे में शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने जहां 62 सीटें जीती हैं, वहीं कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 52 सीटें, मनसे को सात और निर्दलीय एवं अन्य को नौ सीटें मिली हैं।
वहीं, 73 सीटों वाले अकोला नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के खाते में 23 सीटें गई हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने 26 सीटों पर कब्जा जमाया है। यहां मनसे को एक, निर्दलीय एवं अन्य को 23 सीटें मिली हैं।
87 सीटों वाले अमरावती नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-रांकापा गठबंधन ने 43 सीटें जीती हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन के खाते में 19 सीटें आई हैं। यहां निर्दलीय एवं अन्य ने 25 सीटें जीती हैं।टिप्पणियां
128 सीटों वाले पिम्परी-चिंचवाड नगर निमम चुनावों में राकांपा को सर्वाधिक सीटें मिली हैं। यहां राकांपा ने 83 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली हैं। शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन को यहां महज 18 सीटें से ही संतोष करना पड़ा है। मनसे ने चार, निर्दलीयों और अन्य ने नौ सीटें जीती हैं।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है।
शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन हालांकि, बृह्न्मुम्बई नगर निगम (बीएमसी) और ठाणे नगर निगम (टीएमसी) पर काबिज होने के लिए आवश्यक बहुमत के आंकड़े से थोड़ा दूर है लेकिन समझा जाता है कि गठबंधन आंकड़े की इस कमी को विद्रोही पार्षदों और निर्दलीयों की मदद से पूरा कर लेगा।
दोनों नगर निगमों की सत्ता पर इस गठबंधन को काबिज होने के लिए राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के समर्थन की तुरंत आवश्यकता नहीं समझी जा रही है।
इस बार के मुम्बई, पुणे और नासिक नगर निगम चुनावों में मनसे का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। इन नगर निगमों में गठबंधन को सत्ता में लाने में मनसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
शाम चार बजे तक प्राप्त नतीजों के मुताबिक मुम्बई की कुल 227 सीटों में से शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन कुल 107 सीटें जीत चुका है जबकि कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गठबंधन के खाते में 65 सीटें आई हैं। मनसे को 29 और निर्दलीय एवं अन्य को 26 सीटें मिली हैं।
ठाणे में शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने जहां 62 सीटें जीती हैं, वहीं कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 52 सीटें, मनसे को सात और निर्दलीय एवं अन्य को नौ सीटें मिली हैं।
वहीं, 73 सीटों वाले अकोला नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के खाते में 23 सीटें गई हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने 26 सीटों पर कब्जा जमाया है। यहां मनसे को एक, निर्दलीय एवं अन्य को 23 सीटें मिली हैं।
87 सीटों वाले अमरावती नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-रांकापा गठबंधन ने 43 सीटें जीती हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन के खाते में 19 सीटें आई हैं। यहां निर्दलीय एवं अन्य ने 25 सीटें जीती हैं।टिप्पणियां
128 सीटों वाले पिम्परी-चिंचवाड नगर निमम चुनावों में राकांपा को सर्वाधिक सीटें मिली हैं। यहां राकांपा ने 83 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली हैं। शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन को यहां महज 18 सीटें से ही संतोष करना पड़ा है। मनसे ने चार, निर्दलीयों और अन्य ने नौ सीटें जीती हैं।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है।
दोनों नगर निगमों की सत्ता पर इस गठबंधन को काबिज होने के लिए राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के समर्थन की तुरंत आवश्यकता नहीं समझी जा रही है।
इस बार के मुम्बई, पुणे और नासिक नगर निगम चुनावों में मनसे का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। इन नगर निगमों में गठबंधन को सत्ता में लाने में मनसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
शाम चार बजे तक प्राप्त नतीजों के मुताबिक मुम्बई की कुल 227 सीटों में से शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन कुल 107 सीटें जीत चुका है जबकि कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गठबंधन के खाते में 65 सीटें आई हैं। मनसे को 29 और निर्दलीय एवं अन्य को 26 सीटें मिली हैं।
ठाणे में शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने जहां 62 सीटें जीती हैं, वहीं कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 52 सीटें, मनसे को सात और निर्दलीय एवं अन्य को नौ सीटें मिली हैं।
वहीं, 73 सीटों वाले अकोला नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के खाते में 23 सीटें गई हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने 26 सीटों पर कब्जा जमाया है। यहां मनसे को एक, निर्दलीय एवं अन्य को 23 सीटें मिली हैं।
87 सीटों वाले अमरावती नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-रांकापा गठबंधन ने 43 सीटें जीती हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन के खाते में 19 सीटें आई हैं। यहां निर्दलीय एवं अन्य ने 25 सीटें जीती हैं।टिप्पणियां
128 सीटों वाले पिम्परी-चिंचवाड नगर निमम चुनावों में राकांपा को सर्वाधिक सीटें मिली हैं। यहां राकांपा ने 83 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली हैं। शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन को यहां महज 18 सीटें से ही संतोष करना पड़ा है। मनसे ने चार, निर्दलीयों और अन्य ने नौ सीटें जीती हैं।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है।
इस बार के मुम्बई, पुणे और नासिक नगर निगम चुनावों में मनसे का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। इन नगर निगमों में गठबंधन को सत्ता में लाने में मनसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
शाम चार बजे तक प्राप्त नतीजों के मुताबिक मुम्बई की कुल 227 सीटों में से शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन कुल 107 सीटें जीत चुका है जबकि कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गठबंधन के खाते में 65 सीटें आई हैं। मनसे को 29 और निर्दलीय एवं अन्य को 26 सीटें मिली हैं।
ठाणे में शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने जहां 62 सीटें जीती हैं, वहीं कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 52 सीटें, मनसे को सात और निर्दलीय एवं अन्य को नौ सीटें मिली हैं।
वहीं, 73 सीटों वाले अकोला नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के खाते में 23 सीटें गई हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने 26 सीटों पर कब्जा जमाया है। यहां मनसे को एक, निर्दलीय एवं अन्य को 23 सीटें मिली हैं।
87 सीटों वाले अमरावती नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-रांकापा गठबंधन ने 43 सीटें जीती हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन के खाते में 19 सीटें आई हैं। यहां निर्दलीय एवं अन्य ने 25 सीटें जीती हैं।टिप्पणियां
128 सीटों वाले पिम्परी-चिंचवाड नगर निमम चुनावों में राकांपा को सर्वाधिक सीटें मिली हैं। यहां राकांपा ने 83 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली हैं। शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन को यहां महज 18 सीटें से ही संतोष करना पड़ा है। मनसे ने चार, निर्दलीयों और अन्य ने नौ सीटें जीती हैं।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है।
शाम चार बजे तक प्राप्त नतीजों के मुताबिक मुम्बई की कुल 227 सीटों में से शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन कुल 107 सीटें जीत चुका है जबकि कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गठबंधन के खाते में 65 सीटें आई हैं। मनसे को 29 और निर्दलीय एवं अन्य को 26 सीटें मिली हैं।
ठाणे में शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने जहां 62 सीटें जीती हैं, वहीं कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 52 सीटें, मनसे को सात और निर्दलीय एवं अन्य को नौ सीटें मिली हैं।
वहीं, 73 सीटों वाले अकोला नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के खाते में 23 सीटें गई हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने 26 सीटों पर कब्जा जमाया है। यहां मनसे को एक, निर्दलीय एवं अन्य को 23 सीटें मिली हैं।
87 सीटों वाले अमरावती नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-रांकापा गठबंधन ने 43 सीटें जीती हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन के खाते में 19 सीटें आई हैं। यहां निर्दलीय एवं अन्य ने 25 सीटें जीती हैं।टिप्पणियां
128 सीटों वाले पिम्परी-चिंचवाड नगर निमम चुनावों में राकांपा को सर्वाधिक सीटें मिली हैं। यहां राकांपा ने 83 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली हैं। शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन को यहां महज 18 सीटें से ही संतोष करना पड़ा है। मनसे ने चार, निर्दलीयों और अन्य ने नौ सीटें जीती हैं।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है।
ठाणे में शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने जहां 62 सीटें जीती हैं, वहीं कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 52 सीटें, मनसे को सात और निर्दलीय एवं अन्य को नौ सीटें मिली हैं।
वहीं, 73 सीटों वाले अकोला नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के खाते में 23 सीटें गई हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने 26 सीटों पर कब्जा जमाया है। यहां मनसे को एक, निर्दलीय एवं अन्य को 23 सीटें मिली हैं।
87 सीटों वाले अमरावती नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-रांकापा गठबंधन ने 43 सीटें जीती हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन के खाते में 19 सीटें आई हैं। यहां निर्दलीय एवं अन्य ने 25 सीटें जीती हैं।टिप्पणियां
128 सीटों वाले पिम्परी-चिंचवाड नगर निमम चुनावों में राकांपा को सर्वाधिक सीटें मिली हैं। यहां राकांपा ने 83 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली हैं। शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन को यहां महज 18 सीटें से ही संतोष करना पड़ा है। मनसे ने चार, निर्दलीयों और अन्य ने नौ सीटें जीती हैं।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है।
वहीं, 73 सीटों वाले अकोला नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के खाते में 23 सीटें गई हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन ने 26 सीटों पर कब्जा जमाया है। यहां मनसे को एक, निर्दलीय एवं अन्य को 23 सीटें मिली हैं।
87 सीटों वाले अमरावती नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-रांकापा गठबंधन ने 43 सीटें जीती हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन के खाते में 19 सीटें आई हैं। यहां निर्दलीय एवं अन्य ने 25 सीटें जीती हैं।टिप्पणियां
128 सीटों वाले पिम्परी-चिंचवाड नगर निमम चुनावों में राकांपा को सर्वाधिक सीटें मिली हैं। यहां राकांपा ने 83 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली हैं। शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन को यहां महज 18 सीटें से ही संतोष करना पड़ा है। मनसे ने चार, निर्दलीयों और अन्य ने नौ सीटें जीती हैं।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है।
87 सीटों वाले अमरावती नगर निगम चुनावों में कांग्रेस-रांकापा गठबंधन ने 43 सीटें जीती हैं जबकि शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन के खाते में 19 सीटें आई हैं। यहां निर्दलीय एवं अन्य ने 25 सीटें जीती हैं।टिप्पणियां
128 सीटों वाले पिम्परी-चिंचवाड नगर निमम चुनावों में राकांपा को सर्वाधिक सीटें मिली हैं। यहां राकांपा ने 83 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली हैं। शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन को यहां महज 18 सीटें से ही संतोष करना पड़ा है। मनसे ने चार, निर्दलीयों और अन्य ने नौ सीटें जीती हैं।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है।
128 सीटों वाले पिम्परी-चिंचवाड नगर निमम चुनावों में राकांपा को सर्वाधिक सीटें मिली हैं। यहां राकांपा ने 83 सीटों पर कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली हैं। शिव सेना-भाजपा-आरपीआई गठबंधन को यहां महज 18 सीटें से ही संतोष करना पड़ा है। मनसे ने चार, निर्दलीयों और अन्य ने नौ सीटें जीती हैं।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है।
पांच अन्य महत्वपूर्ण नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी जारी है। | संक्षिप्त सारांश: मुम्बई और ठाणे नगर निगम चुनावों में शिव सेना-भारतीय जनता पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया गठबंधन ने सबसे अधिक सीटें जीतकर फिर से अपना परचम लहराया है जबकि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि वह अच्छे दिन का वादा कर लोगों से वोट मांगती है लेकिन सत्ता में आने के बाद उनके साथ ‘विश्वासघात’ करती है. नीतीश कुमार ने लोगों से जीएम फसलों से सचेत रहने को कहा है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने इसका जोरदार तरीके से विरोध किया था क्योंकि यह लोगों और किसानों के लिए लाभकारी नहीं होगा.
पूर्व उप प्रधानमंत्री दिवंगत देवी लाल की 103वीं जयंती के उपलक्ष्य में इनेलोद के आयोजन में हुई इस रैली में संबोधन करने वाले नेताओं में कुमार के अलावा समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवपाल यादव, जदयू नेता केसी त्यागी, इनेलोद के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला, इनेलोद सांसद दुष्यंत चौटाला उपस्थित थे.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूर्व उप प्रधानमंत्री दिवंगत देवी लाल की 103वीं जयंती के उपलक्ष्य में इनेलोद के आयोजन में हुई इस रैली में संबोधन करने वाले नेताओं में कुमार के अलावा समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवपाल यादव, जदयू नेता केसी त्यागी, इनेलोद के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला, इनेलोद सांसद दुष्यंत चौटाला उपस्थित थे.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा सरकार पर हमला बोला
कहा है कि वह अच्छे दिन का वादा करके करती है ‘विश्वासघात’
पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल की 103वीं जयंती में रैली में हुए शामिल | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिकॉर्डधारी भारतीय अमेरिकी नासा अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स और दो अन्य अंतरिक्षयात्री चार महीने अंतरिक्ष में बिताने के बाद रविवार को धरती पर वापस आएंगे।
अपनी रवानगी से पहले विलियम्स ने शनिवार को औपचारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कमान अपने सहयोगी नासा अंतरिक्षयात्री केविन फोर्ड को सौंप दी।
विलियम्स जापान एयरोस्पेस एक्प्लोरेशन एजेंसी के अकी होशीदे और रूसी सोयुज कमांडर यूरी मालेनचेंको के साथ आज धरती पर लौटेंगी।
एक्पेडिशन कमांडर 33 (अभियान की कमांडर) सुनीता विलियम्स मालेनचेंको और होशीदे के साथ अंतरिक्ष स्टेशन में मध्य जुलाई से थीं। अब अभियान 34 आरंभ हो गया है।
विलियम्स ने कमान सौंपने के दौरान कहा, ‘‘हमने इस यान को अच्छी स्थिति में छोड़ा है और केविन को इसे सौंपते हुए मुझे काफी गर्व हो रहा है। अब हम जल्द ही घर पहुंचने वाले हैं और यान की जिम्मेदारी भी एक जिम्मेदार व्यक्ति के हाथ में होगी।’’
25 अक्टूबर को स्टेशन पहुंचने के बाद फोर्ड ने अभियान 33 में फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर यहां काम करना शुरू किया था और अब वे अभियान 34 के कमांडर होंगे। उसी दौरान सोयुज टीएमए-05 एम विलियम्स, होशीदे और मालेनचेंको को लेकर अंतरिक्ष स्टेशन से कजाखस्तान की धरती पर उतरने के लिए शाम पांच बज कर 26 मिनट (ईस्टर्न स्टैंडर्ड समयानुसार) पर रवाना होगा।
15 जुलाई से कजाखस्तान से लॉन्च के बाद उनकी यह यात्रा 127 दिनों तक चली जिसमें 125 दिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए।टिप्पणियां
नासा के अंतरिक्षयात्री टॉम मार्शबर्न, कनाडा अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्षयात्री क्रिस हैडफील्ड और रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी के अंतरिक्षयात्री रोमन रोमानेंको 19 दिसंबर को बैकानूर कॉस्मोड्रोम से अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होंगे और दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन की पांच महीने की यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचेंगे।
मार्च में फोर्ड, नोवित्सकी और टैरेल्किन की अंतरिक्ष स्टेशन से रवानगी के बाद हैडफील्ड पहले कनाडाई होंगे जो अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभालेंगे और 35वें अभियान की शुरुआत करेंगे।
अपनी रवानगी से पहले विलियम्स ने शनिवार को औपचारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कमान अपने सहयोगी नासा अंतरिक्षयात्री केविन फोर्ड को सौंप दी।
विलियम्स जापान एयरोस्पेस एक्प्लोरेशन एजेंसी के अकी होशीदे और रूसी सोयुज कमांडर यूरी मालेनचेंको के साथ आज धरती पर लौटेंगी।
एक्पेडिशन कमांडर 33 (अभियान की कमांडर) सुनीता विलियम्स मालेनचेंको और होशीदे के साथ अंतरिक्ष स्टेशन में मध्य जुलाई से थीं। अब अभियान 34 आरंभ हो गया है।
विलियम्स ने कमान सौंपने के दौरान कहा, ‘‘हमने इस यान को अच्छी स्थिति में छोड़ा है और केविन को इसे सौंपते हुए मुझे काफी गर्व हो रहा है। अब हम जल्द ही घर पहुंचने वाले हैं और यान की जिम्मेदारी भी एक जिम्मेदार व्यक्ति के हाथ में होगी।’’
25 अक्टूबर को स्टेशन पहुंचने के बाद फोर्ड ने अभियान 33 में फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर यहां काम करना शुरू किया था और अब वे अभियान 34 के कमांडर होंगे। उसी दौरान सोयुज टीएमए-05 एम विलियम्स, होशीदे और मालेनचेंको को लेकर अंतरिक्ष स्टेशन से कजाखस्तान की धरती पर उतरने के लिए शाम पांच बज कर 26 मिनट (ईस्टर्न स्टैंडर्ड समयानुसार) पर रवाना होगा।
15 जुलाई से कजाखस्तान से लॉन्च के बाद उनकी यह यात्रा 127 दिनों तक चली जिसमें 125 दिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए।टिप्पणियां
नासा के अंतरिक्षयात्री टॉम मार्शबर्न, कनाडा अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्षयात्री क्रिस हैडफील्ड और रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी के अंतरिक्षयात्री रोमन रोमानेंको 19 दिसंबर को बैकानूर कॉस्मोड्रोम से अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होंगे और दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन की पांच महीने की यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचेंगे।
मार्च में फोर्ड, नोवित्सकी और टैरेल्किन की अंतरिक्ष स्टेशन से रवानगी के बाद हैडफील्ड पहले कनाडाई होंगे जो अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभालेंगे और 35वें अभियान की शुरुआत करेंगे।
विलियम्स जापान एयरोस्पेस एक्प्लोरेशन एजेंसी के अकी होशीदे और रूसी सोयुज कमांडर यूरी मालेनचेंको के साथ आज धरती पर लौटेंगी।
एक्पेडिशन कमांडर 33 (अभियान की कमांडर) सुनीता विलियम्स मालेनचेंको और होशीदे के साथ अंतरिक्ष स्टेशन में मध्य जुलाई से थीं। अब अभियान 34 आरंभ हो गया है।
विलियम्स ने कमान सौंपने के दौरान कहा, ‘‘हमने इस यान को अच्छी स्थिति में छोड़ा है और केविन को इसे सौंपते हुए मुझे काफी गर्व हो रहा है। अब हम जल्द ही घर पहुंचने वाले हैं और यान की जिम्मेदारी भी एक जिम्मेदार व्यक्ति के हाथ में होगी।’’
25 अक्टूबर को स्टेशन पहुंचने के बाद फोर्ड ने अभियान 33 में फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर यहां काम करना शुरू किया था और अब वे अभियान 34 के कमांडर होंगे। उसी दौरान सोयुज टीएमए-05 एम विलियम्स, होशीदे और मालेनचेंको को लेकर अंतरिक्ष स्टेशन से कजाखस्तान की धरती पर उतरने के लिए शाम पांच बज कर 26 मिनट (ईस्टर्न स्टैंडर्ड समयानुसार) पर रवाना होगा।
15 जुलाई से कजाखस्तान से लॉन्च के बाद उनकी यह यात्रा 127 दिनों तक चली जिसमें 125 दिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए।टिप्पणियां
नासा के अंतरिक्षयात्री टॉम मार्शबर्न, कनाडा अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्षयात्री क्रिस हैडफील्ड और रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी के अंतरिक्षयात्री रोमन रोमानेंको 19 दिसंबर को बैकानूर कॉस्मोड्रोम से अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होंगे और दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन की पांच महीने की यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचेंगे।
मार्च में फोर्ड, नोवित्सकी और टैरेल्किन की अंतरिक्ष स्टेशन से रवानगी के बाद हैडफील्ड पहले कनाडाई होंगे जो अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभालेंगे और 35वें अभियान की शुरुआत करेंगे।
एक्पेडिशन कमांडर 33 (अभियान की कमांडर) सुनीता विलियम्स मालेनचेंको और होशीदे के साथ अंतरिक्ष स्टेशन में मध्य जुलाई से थीं। अब अभियान 34 आरंभ हो गया है।
विलियम्स ने कमान सौंपने के दौरान कहा, ‘‘हमने इस यान को अच्छी स्थिति में छोड़ा है और केविन को इसे सौंपते हुए मुझे काफी गर्व हो रहा है। अब हम जल्द ही घर पहुंचने वाले हैं और यान की जिम्मेदारी भी एक जिम्मेदार व्यक्ति के हाथ में होगी।’’
25 अक्टूबर को स्टेशन पहुंचने के बाद फोर्ड ने अभियान 33 में फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर यहां काम करना शुरू किया था और अब वे अभियान 34 के कमांडर होंगे। उसी दौरान सोयुज टीएमए-05 एम विलियम्स, होशीदे और मालेनचेंको को लेकर अंतरिक्ष स्टेशन से कजाखस्तान की धरती पर उतरने के लिए शाम पांच बज कर 26 मिनट (ईस्टर्न स्टैंडर्ड समयानुसार) पर रवाना होगा।
15 जुलाई से कजाखस्तान से लॉन्च के बाद उनकी यह यात्रा 127 दिनों तक चली जिसमें 125 दिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए।टिप्पणियां
नासा के अंतरिक्षयात्री टॉम मार्शबर्न, कनाडा अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्षयात्री क्रिस हैडफील्ड और रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी के अंतरिक्षयात्री रोमन रोमानेंको 19 दिसंबर को बैकानूर कॉस्मोड्रोम से अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होंगे और दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन की पांच महीने की यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचेंगे।
मार्च में फोर्ड, नोवित्सकी और टैरेल्किन की अंतरिक्ष स्टेशन से रवानगी के बाद हैडफील्ड पहले कनाडाई होंगे जो अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभालेंगे और 35वें अभियान की शुरुआत करेंगे।
विलियम्स ने कमान सौंपने के दौरान कहा, ‘‘हमने इस यान को अच्छी स्थिति में छोड़ा है और केविन को इसे सौंपते हुए मुझे काफी गर्व हो रहा है। अब हम जल्द ही घर पहुंचने वाले हैं और यान की जिम्मेदारी भी एक जिम्मेदार व्यक्ति के हाथ में होगी।’’
25 अक्टूबर को स्टेशन पहुंचने के बाद फोर्ड ने अभियान 33 में फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर यहां काम करना शुरू किया था और अब वे अभियान 34 के कमांडर होंगे। उसी दौरान सोयुज टीएमए-05 एम विलियम्स, होशीदे और मालेनचेंको को लेकर अंतरिक्ष स्टेशन से कजाखस्तान की धरती पर उतरने के लिए शाम पांच बज कर 26 मिनट (ईस्टर्न स्टैंडर्ड समयानुसार) पर रवाना होगा।
15 जुलाई से कजाखस्तान से लॉन्च के बाद उनकी यह यात्रा 127 दिनों तक चली जिसमें 125 दिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए।टिप्पणियां
नासा के अंतरिक्षयात्री टॉम मार्शबर्न, कनाडा अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्षयात्री क्रिस हैडफील्ड और रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी के अंतरिक्षयात्री रोमन रोमानेंको 19 दिसंबर को बैकानूर कॉस्मोड्रोम से अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होंगे और दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन की पांच महीने की यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचेंगे।
मार्च में फोर्ड, नोवित्सकी और टैरेल्किन की अंतरिक्ष स्टेशन से रवानगी के बाद हैडफील्ड पहले कनाडाई होंगे जो अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभालेंगे और 35वें अभियान की शुरुआत करेंगे।
15 जुलाई से कजाखस्तान से लॉन्च के बाद उनकी यह यात्रा 127 दिनों तक चली जिसमें 125 दिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए।टिप्पणियां
नासा के अंतरिक्षयात्री टॉम मार्शबर्न, कनाडा अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्षयात्री क्रिस हैडफील्ड और रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी के अंतरिक्षयात्री रोमन रोमानेंको 19 दिसंबर को बैकानूर कॉस्मोड्रोम से अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होंगे और दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन की पांच महीने की यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचेंगे।
मार्च में फोर्ड, नोवित्सकी और टैरेल्किन की अंतरिक्ष स्टेशन से रवानगी के बाद हैडफील्ड पहले कनाडाई होंगे जो अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभालेंगे और 35वें अभियान की शुरुआत करेंगे।
नासा के अंतरिक्षयात्री टॉम मार्शबर्न, कनाडा अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्षयात्री क्रिस हैडफील्ड और रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी के अंतरिक्षयात्री रोमन रोमानेंको 19 दिसंबर को बैकानूर कॉस्मोड्रोम से अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होंगे और दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन की पांच महीने की यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचेंगे।
मार्च में फोर्ड, नोवित्सकी और टैरेल्किन की अंतरिक्ष स्टेशन से रवानगी के बाद हैडफील्ड पहले कनाडाई होंगे जो अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभालेंगे और 35वें अभियान की शुरुआत करेंगे।
मार्च में फोर्ड, नोवित्सकी और टैरेल्किन की अंतरिक्ष स्टेशन से रवानगी के बाद हैडफील्ड पहले कनाडाई होंगे जो अंतरिक्ष स्टेशन की कमान संभालेंगे और 35वें अभियान की शुरुआत करेंगे। | संक्षिप्त पाठ: रिकॉर्डधारी भारतीय अमेरिकी नासा अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स और दो अन्य अंतरिक्षयात्री चार महीने अंतरिक्ष में बिताने के बाद रविवार को धरती पर वापस आएंगे। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अफगानिस्तानी प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने चमन स्थित बाब-ए-दोस्ती द्वार पर हमला कर दिया और पाकिस्तानी ध्वज जला दिया. इसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ सटी अपनी सीमा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी है. यह घटना गुरुवार शाम की है, जिसके परिणास्वरूप दोनों देशों के बीच व्यापार लदान में शामिल और अफगानिस्तान में नाटो बलों को जरूरी सामान की आपूर्ति करने वाले ट्रकों की आवाजाही रुक गई है.
सूत्रों ने कहा कि अपने देश का 97वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे अफगानी नागरिक बड़ी संख्या में सीमा पार स्पिन बोल्दक शहर की सड़कों पर मार्च करने के बाद मैत्री द्वार के पास एकत्रित हुए थे. उनके हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर पाकिस्तान विरोधी नारे लिखे थे.
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि स्पिन बोल्दाक शहर से ताल्लुक रखने वाले अफगान नागरिकों ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बलूचिस्तान संबंधी टिप्पणियों का पाकिस्तान द्वारा विरोध किए जाने के बाद भारत के पक्ष में नारे लगाए. अफगानी प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मैत्री द्वार पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए.
अफगानी प्रदर्शनकारियों ने मैत्री द्वार के पास खड़े एक पाकिस्तानी प्रदर्शनकारी से राष्ट्रीय ध्वज छीन कर उसमें आग लगा दी. अफगानी प्रदर्शनकारियों ने द्वार में जबरन घुसने की भी कोशिश की, जिसे अफगानियों की रैली के कारण पहले ही बंद कर दिया गया था.
फ्रंटियर कॉर्प्स के कर्मियों ने हालांकि संयम बरतते हुए अफगान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की. मैत्री द्वार पर तैनात सुरक्षा अधिकारियों ने कहा, 'अफगानिस्तान के साथ सटी सीमा अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी. हम तब तक गेट नहीं खोलेंगे, जब तक हमें हाई कमान से ऐसा आदेश नहीं मिलेगा.'
हर रोज 10,000 से 15,000 पाकिस्तानी और अफगानी व्यापारी चमन और वेश मंडी पार कर व्यापार के सिलसिले में सीमावर्ती शहरों में जाते हैं. चमन निवासी नियामत उल्ला ने कहा, 'मैत्री द्वार बंद होने के कारण किसी भी ओर के एक भी व्यापारी ने सीमा पार नहीं की है.'
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. तोरखम सीमा पर गेट के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद चमन में यह घटना घटित हुई है. काबुल द्वारा गेट के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की निंदा करने के बाद अफगान और पाकिस्तानी बलों में संघर्ष उत्पन्न हो गया था. काबुल ने इसे एकतरफा कार्रवाई और सीमा संबंधित मुद्दों पर द्विपक्षीय करार के विरुद्ध बताया था.टिप्पणियां
अफगानी और पाकिस्तानी बलों के बीच गोलीबारी में पाकिस्तान के एक मेजर की मौत हो चुकी है और दोनों ओर के कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं. गेट का निर्माण अगस्त में पूरा हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूत्रों ने कहा कि अपने देश का 97वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे अफगानी नागरिक बड़ी संख्या में सीमा पार स्पिन बोल्दक शहर की सड़कों पर मार्च करने के बाद मैत्री द्वार के पास एकत्रित हुए थे. उनके हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर पाकिस्तान विरोधी नारे लिखे थे.
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि स्पिन बोल्दाक शहर से ताल्लुक रखने वाले अफगान नागरिकों ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बलूचिस्तान संबंधी टिप्पणियों का पाकिस्तान द्वारा विरोध किए जाने के बाद भारत के पक्ष में नारे लगाए. अफगानी प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मैत्री द्वार पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए.
अफगानी प्रदर्शनकारियों ने मैत्री द्वार के पास खड़े एक पाकिस्तानी प्रदर्शनकारी से राष्ट्रीय ध्वज छीन कर उसमें आग लगा दी. अफगानी प्रदर्शनकारियों ने द्वार में जबरन घुसने की भी कोशिश की, जिसे अफगानियों की रैली के कारण पहले ही बंद कर दिया गया था.
फ्रंटियर कॉर्प्स के कर्मियों ने हालांकि संयम बरतते हुए अफगान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की. मैत्री द्वार पर तैनात सुरक्षा अधिकारियों ने कहा, 'अफगानिस्तान के साथ सटी सीमा अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी. हम तब तक गेट नहीं खोलेंगे, जब तक हमें हाई कमान से ऐसा आदेश नहीं मिलेगा.'
हर रोज 10,000 से 15,000 पाकिस्तानी और अफगानी व्यापारी चमन और वेश मंडी पार कर व्यापार के सिलसिले में सीमावर्ती शहरों में जाते हैं. चमन निवासी नियामत उल्ला ने कहा, 'मैत्री द्वार बंद होने के कारण किसी भी ओर के एक भी व्यापारी ने सीमा पार नहीं की है.'
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. तोरखम सीमा पर गेट के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद चमन में यह घटना घटित हुई है. काबुल द्वारा गेट के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की निंदा करने के बाद अफगान और पाकिस्तानी बलों में संघर्ष उत्पन्न हो गया था. काबुल ने इसे एकतरफा कार्रवाई और सीमा संबंधित मुद्दों पर द्विपक्षीय करार के विरुद्ध बताया था.टिप्पणियां
अफगानी और पाकिस्तानी बलों के बीच गोलीबारी में पाकिस्तान के एक मेजर की मौत हो चुकी है और दोनों ओर के कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं. गेट का निर्माण अगस्त में पूरा हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि स्पिन बोल्दाक शहर से ताल्लुक रखने वाले अफगान नागरिकों ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बलूचिस्तान संबंधी टिप्पणियों का पाकिस्तान द्वारा विरोध किए जाने के बाद भारत के पक्ष में नारे लगाए. अफगानी प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मैत्री द्वार पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए.
अफगानी प्रदर्शनकारियों ने मैत्री द्वार के पास खड़े एक पाकिस्तानी प्रदर्शनकारी से राष्ट्रीय ध्वज छीन कर उसमें आग लगा दी. अफगानी प्रदर्शनकारियों ने द्वार में जबरन घुसने की भी कोशिश की, जिसे अफगानियों की रैली के कारण पहले ही बंद कर दिया गया था.
फ्रंटियर कॉर्प्स के कर्मियों ने हालांकि संयम बरतते हुए अफगान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की. मैत्री द्वार पर तैनात सुरक्षा अधिकारियों ने कहा, 'अफगानिस्तान के साथ सटी सीमा अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी. हम तब तक गेट नहीं खोलेंगे, जब तक हमें हाई कमान से ऐसा आदेश नहीं मिलेगा.'
हर रोज 10,000 से 15,000 पाकिस्तानी और अफगानी व्यापारी चमन और वेश मंडी पार कर व्यापार के सिलसिले में सीमावर्ती शहरों में जाते हैं. चमन निवासी नियामत उल्ला ने कहा, 'मैत्री द्वार बंद होने के कारण किसी भी ओर के एक भी व्यापारी ने सीमा पार नहीं की है.'
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. तोरखम सीमा पर गेट के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद चमन में यह घटना घटित हुई है. काबुल द्वारा गेट के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की निंदा करने के बाद अफगान और पाकिस्तानी बलों में संघर्ष उत्पन्न हो गया था. काबुल ने इसे एकतरफा कार्रवाई और सीमा संबंधित मुद्दों पर द्विपक्षीय करार के विरुद्ध बताया था.टिप्पणियां
अफगानी और पाकिस्तानी बलों के बीच गोलीबारी में पाकिस्तान के एक मेजर की मौत हो चुकी है और दोनों ओर के कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं. गेट का निर्माण अगस्त में पूरा हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अफगानी प्रदर्शनकारियों ने मैत्री द्वार के पास खड़े एक पाकिस्तानी प्रदर्शनकारी से राष्ट्रीय ध्वज छीन कर उसमें आग लगा दी. अफगानी प्रदर्शनकारियों ने द्वार में जबरन घुसने की भी कोशिश की, जिसे अफगानियों की रैली के कारण पहले ही बंद कर दिया गया था.
फ्रंटियर कॉर्प्स के कर्मियों ने हालांकि संयम बरतते हुए अफगान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की. मैत्री द्वार पर तैनात सुरक्षा अधिकारियों ने कहा, 'अफगानिस्तान के साथ सटी सीमा अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी. हम तब तक गेट नहीं खोलेंगे, जब तक हमें हाई कमान से ऐसा आदेश नहीं मिलेगा.'
हर रोज 10,000 से 15,000 पाकिस्तानी और अफगानी व्यापारी चमन और वेश मंडी पार कर व्यापार के सिलसिले में सीमावर्ती शहरों में जाते हैं. चमन निवासी नियामत उल्ला ने कहा, 'मैत्री द्वार बंद होने के कारण किसी भी ओर के एक भी व्यापारी ने सीमा पार नहीं की है.'
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. तोरखम सीमा पर गेट के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद चमन में यह घटना घटित हुई है. काबुल द्वारा गेट के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की निंदा करने के बाद अफगान और पाकिस्तानी बलों में संघर्ष उत्पन्न हो गया था. काबुल ने इसे एकतरफा कार्रवाई और सीमा संबंधित मुद्दों पर द्विपक्षीय करार के विरुद्ध बताया था.टिप्पणियां
अफगानी और पाकिस्तानी बलों के बीच गोलीबारी में पाकिस्तान के एक मेजर की मौत हो चुकी है और दोनों ओर के कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं. गेट का निर्माण अगस्त में पूरा हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फ्रंटियर कॉर्प्स के कर्मियों ने हालांकि संयम बरतते हुए अफगान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की. मैत्री द्वार पर तैनात सुरक्षा अधिकारियों ने कहा, 'अफगानिस्तान के साथ सटी सीमा अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी. हम तब तक गेट नहीं खोलेंगे, जब तक हमें हाई कमान से ऐसा आदेश नहीं मिलेगा.'
हर रोज 10,000 से 15,000 पाकिस्तानी और अफगानी व्यापारी चमन और वेश मंडी पार कर व्यापार के सिलसिले में सीमावर्ती शहरों में जाते हैं. चमन निवासी नियामत उल्ला ने कहा, 'मैत्री द्वार बंद होने के कारण किसी भी ओर के एक भी व्यापारी ने सीमा पार नहीं की है.'
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. तोरखम सीमा पर गेट के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद चमन में यह घटना घटित हुई है. काबुल द्वारा गेट के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की निंदा करने के बाद अफगान और पाकिस्तानी बलों में संघर्ष उत्पन्न हो गया था. काबुल ने इसे एकतरफा कार्रवाई और सीमा संबंधित मुद्दों पर द्विपक्षीय करार के विरुद्ध बताया था.टिप्पणियां
अफगानी और पाकिस्तानी बलों के बीच गोलीबारी में पाकिस्तान के एक मेजर की मौत हो चुकी है और दोनों ओर के कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं. गेट का निर्माण अगस्त में पूरा हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हर रोज 10,000 से 15,000 पाकिस्तानी और अफगानी व्यापारी चमन और वेश मंडी पार कर व्यापार के सिलसिले में सीमावर्ती शहरों में जाते हैं. चमन निवासी नियामत उल्ला ने कहा, 'मैत्री द्वार बंद होने के कारण किसी भी ओर के एक भी व्यापारी ने सीमा पार नहीं की है.'
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. तोरखम सीमा पर गेट के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद चमन में यह घटना घटित हुई है. काबुल द्वारा गेट के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की निंदा करने के बाद अफगान और पाकिस्तानी बलों में संघर्ष उत्पन्न हो गया था. काबुल ने इसे एकतरफा कार्रवाई और सीमा संबंधित मुद्दों पर द्विपक्षीय करार के विरुद्ध बताया था.टिप्पणियां
अफगानी और पाकिस्तानी बलों के बीच गोलीबारी में पाकिस्तान के एक मेजर की मौत हो चुकी है और दोनों ओर के कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं. गेट का निर्माण अगस्त में पूरा हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. तोरखम सीमा पर गेट के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद चमन में यह घटना घटित हुई है. काबुल द्वारा गेट के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की निंदा करने के बाद अफगान और पाकिस्तानी बलों में संघर्ष उत्पन्न हो गया था. काबुल ने इसे एकतरफा कार्रवाई और सीमा संबंधित मुद्दों पर द्विपक्षीय करार के विरुद्ध बताया था.टिप्पणियां
अफगानी और पाकिस्तानी बलों के बीच गोलीबारी में पाकिस्तान के एक मेजर की मौत हो चुकी है और दोनों ओर के कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं. गेट का निर्माण अगस्त में पूरा हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अफगानी और पाकिस्तानी बलों के बीच गोलीबारी में पाकिस्तान के एक मेजर की मौत हो चुकी है और दोनों ओर के कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं. गेट का निर्माण अगस्त में पूरा हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: पाक-अफगान सीमा पर बलूचिस्तान के चमन शहर में हुआ विरोध प्रदर्शन
PM मोदी की बलूचिस्तान पर टिप्पणी का विरोध कर रहे पाक नागरिकों पर पथराव
प्रदर्शनकारियों के हमले के बाद बाब-ए-दोस्ती द्वार को बंद किया गया | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के तुग़लकाबाद में शनिवार को दिल्ली दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए ने संत रविदास मंदिर ढहा दिया, जिसको लेकर दिल्ली से लेकर पंजाब तक अब राजनीति गर्मा गई है. दिल्ली से पधारे आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने इस मामले को लेकर केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ''डीडीए दुनिया भर में जमीन बांट रहा है अपने नेताओं को जमीन दे रहा है, लेकिन डीडीए को संत रविदास जी के लिए 100 गज जमीन देनी भी मुश्किल हो रही है. आज सारे बीजेपी के नेता चुप बैठे हैं. वह ऐसे चुप बैठे हैं जैसे डीडीए उनके पास है ही नहीं. तो आज हम बीजेपी और केंद्र सरकार से सवाल करना चाहते हैं कि क्या 100 गज जमीन भी उनके पास संत रविदास जी के लिए नहीं है?''
बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और साथ ही कहा कि हम पार्टी के खर्चे पर दोबारा मंदिर बनाने और कानूनी मदद देने को तैयार हैं. शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने इस मामले पर दिल्ली के उपराज्यपाल और डीडीए के अध्यक्ष अनिल बैजल से मुलाकात की. बैठक के बाद सुखबीर बादल ने कहा कि ''हमने उपराज्यपाल जी से निवेदन किया है कि यह बहुत संवेदनशील मामला है बहुत पुराना मंदिर है और इससे बहुत सारी भावनाएं जुड़ी हैं. इसलिए तुरंत इसका कोई हल निकाला जाए. मुझे खुशी है कि एलजी साहब इस मामले का हल निकालने के लिए सकारात्मक हैं और मंगलवार को उन्होंने केंद्रीय शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी के साथ मीटिंग बुलाई है.''
गुरु रविदास जयंती समारोह समिति ने जंगल की जमीन पर निर्माण किया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी जगह को खाली नहीं किया गया. इसलिए 9 अगस्त 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए को आदेश दिया कि वो पुलिस की मदद से इस जगह को खाली कराए और ढांचे को हटाये. दिल्ली पुलिस और दिल्ली के मुख्य सचिव सुनिश्चित करें कि ढांचा हटाया गया है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली सरकार से एसडीएम, डीडीए के वरिष्ठ अधिकारी और गुरु रविदास जयंती समारोह समिति के सदस्य 10 अगस्त सुबह 10 बजे जहांपनाह फॉरेस्ट्स में मौजूद थे. वहां मौजूद सेमी-परमानेंट ढांचे को शांति पूर्वक हटाया गया.
बताया जाता है कि ये मंदिर संत रविदास की याद में बनवाया गया था. जब संत रविदास बनारस से पंजाब की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने 1509 में इस स्थान पर आराम किया था. एक जाति विशेष के नाम पर यहां पर एक बावड़ी भी बनवाई गई थी जो आज भी मौजूद है. कहा जाता है कि स्वयं सिकंदर लोदी ने संत रविदास से नामदान लेने के बाद उन्हें यहां जमीन दान की थी जिस पर यह मंदिर बना था. आजाद भारत में 1954 में इस जगह पर एक मंदिर का निर्माण हुआ था.
एक जाति विशेष के लोग इस मंदिर को बहुत मानते थे. यही कारण है कि मंदिर के टूटने के बाद से उनका समाज नाराज़ है. मंदिर से सिखों की आस्था भी जुड़ी हुई थी क्योंकि सिखों का मानना है कि संत रविदास की उच्चारण की हुई वाणी गुरु ग्रंथ साहिब में मौजूद है.
Video: दिल्ली में मंडरा रहा आतंकी हमले का खतरा, अलर्ट जारी | संक्षिप्त पाठ: डीडीए ने संत रविदास मंदिर ढहा दिया
जिसको लेकर दिल्ली से लेकर पंजाब तक अब राजनीति गर्मा गई
शिरोमणि अकाली दल ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने गुरुवार को अपने विधायकों की इस मांग का समर्थन किया कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनना चाहिए, लेकिन थोड़ी ही देर बाद राबड़ी देवी को बयान पर सफाई देनी पड़ी. उन्होंने कहा नीतीश ही मुख्यमंत्री हैं और वही रहेंगे. सूत्रों के मुताबिक-बयान पर सफाई देने की सबसे बड़ी वजह यह थी कि राबड़ी को जल्द ही यह अहसास हो गया था कि इससे गठबंधन की किरकिरी होगी. साथ ही जेडीयू और कांग्रेस इस मुद्दे पर काफी आक्रामक हो गए थे. उन्हें लगने लगा कि इस मुद्दे पर वह अलग-थलग पड़ गई हैं.
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में पत्रकारों ने तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनाने की आरजेडी विधायकों और कार्यकर्ताओं की मांग पर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'अगर जनता चाहेगी, तो तेजस्वी मुख्यमंत्री बनेंगे. लोकतंत्र में जनता ही मालिक है.'टिप्पणियां
इधर, राबड़ी के बयान पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई 'वैकेंसी' नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है. महागठबंधन के नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आरजेडी के कई विधायकों ने उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की तर्ज पर लालू प्रसाद के पुत्र और राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की थी. बाद में हालांकि तेजस्वी ने खुद इस बयान से किनारा करते हुए कहा था कि अभी बिहार में महागठबंधन की सरकार ठीक ढंग से चल रही है और मुख्यमंत्री पद के लिए कोई 'वैकेंसी' नहीं है. (इनपुट्स एजेंसी से भी)
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में पत्रकारों ने तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनाने की आरजेडी विधायकों और कार्यकर्ताओं की मांग पर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'अगर जनता चाहेगी, तो तेजस्वी मुख्यमंत्री बनेंगे. लोकतंत्र में जनता ही मालिक है.'टिप्पणियां
इधर, राबड़ी के बयान पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई 'वैकेंसी' नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है. महागठबंधन के नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आरजेडी के कई विधायकों ने उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की तर्ज पर लालू प्रसाद के पुत्र और राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की थी. बाद में हालांकि तेजस्वी ने खुद इस बयान से किनारा करते हुए कहा था कि अभी बिहार में महागठबंधन की सरकार ठीक ढंग से चल रही है और मुख्यमंत्री पद के लिए कोई 'वैकेंसी' नहीं है. (इनपुट्स एजेंसी से भी)
इधर, राबड़ी के बयान पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई 'वैकेंसी' नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है. महागठबंधन के नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आरजेडी के कई विधायकों ने उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की तर्ज पर लालू प्रसाद के पुत्र और राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की थी. बाद में हालांकि तेजस्वी ने खुद इस बयान से किनारा करते हुए कहा था कि अभी बिहार में महागठबंधन की सरकार ठीक ढंग से चल रही है और मुख्यमंत्री पद के लिए कोई 'वैकेंसी' नहीं है. (इनपुट्स एजेंसी से भी)
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आरजेडी के कई विधायकों ने उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की तर्ज पर लालू प्रसाद के पुत्र और राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की थी. बाद में हालांकि तेजस्वी ने खुद इस बयान से किनारा करते हुए कहा था कि अभी बिहार में महागठबंधन की सरकार ठीक ढंग से चल रही है और मुख्यमंत्री पद के लिए कोई 'वैकेंसी' नहीं है. (इनपुट्स एजेंसी से भी) | संक्षिप्त पाठ: अगर जनता चाहेगी तो तेजस्वी मुख्यमंत्री बनेंगे
जेडीयू ने कहा-कोई वकैंसी नहीं है
बाद में राबड़ी को देनी पड़ी बयान पर सफाई | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नेपाली माओवादी प्रमुख प्रचंड ने देश में राजनीतिक अस्थिरता तथा मौजूदा झालानाथ खनल मंत्रिमंडल के विस्तार में रूकावट के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया। प्रचंड ने कहा कि कई ताकतें मौजूदा सीपीएन यूएमएल की अगुवाई वाली सरकार के मंत्रिपरिषद के विस्तार को लेकर सहमति बनने से रोकने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि हालांकि उनकी पार्टी विभागों के वितरण को लेकर सहमति पर पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है लेकिन जबतक उसे गृहमंत्रालय नहीं दिया जाता तबतक वह सरकार में शामिल नहीं होगी। प्रचंड ने दावा किया कि विदेशी ताकतें देश में राजनीतिक स्थिरता को रोकने की साजिश कर रही हैं जिसकी वजह से मौजूदा सरकार पूर्ण स्वरूप ग्रहण नहीं कर पा रही है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि विदेशी शक्तियों से उनका मतलब क्या है। इस बीच, प्रधानमंत्री झालानाथ खनल ने दावा किया है कि शीघ्र ही नया मंत्रिपरिषद पूर्ण स्वरूप ग्रहण कर लेगा। खनल ने ललितपुर जिले में एक कार्यक्रम में कहा कि चार सदस्यीय मंत्रिमंडल का शीघ्र ही विस्तार किया जाएगा क्योंकि विस्तार के लिए माओवादियों एवं अन्य दलों के साथ वार्ता में प्रगति हुई है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रचंड ने देश में राजनीतिक अस्थिरता तथा मौजूदा झालानाथ खनल मंत्रिमंडल के विस्तार में रूकावट के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ‘‘आरक्षण पर सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा'' से जुड़ी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की कथित टिप्पणी और बाद में उस पर संघ की सफाई की पृष्ठभूमि में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को तंज कसते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के मामले को देखकर लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारों का सम्मान नहीं करते हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा, '' तो आरआरएस ने घोषणा कर दी है कि समाज में सभी मुद्दों का समाधान सौहार्दपूर्ण संवाद के माध्यम से होना चाहिए?''
प्रियंका ने कहा, '' मुझे लगता है कि या तो मोदी जी और उनकी सरकार आरएसएस के विचारों का सम्मान नहीं करते या फिर या फिर यह नहीं मानते हैं कि जम्मू-कश्मीर में कोई मुद्दा है.''
गौरतलब है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कथित तौर पर कहा था कि जो आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं उन लोगों के बीच इस पर सौहार्द्रपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए.
कांग्रेस के हमले और विवाद खड़ा होने के बाद आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि सरसंघचालक मोहन भागवत के दिल्ली में एक कार्यक्रम में दिए गए भाषण के एक भाग पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है. | संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी पर कसा तंज
कहा-मोदी जी और उनकी सरकार आरएसएस के विचारों का सम्मान नहीं करती
मोहन भागवत ने कहा था आरक्षण के बारे में सौहर्दपूर्ण माहौल में चर्चा हो | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचीभोतला की हत्या के बाद एक अन्य भारतीय के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है. साउथ कोलोराडो की इस घटना में एक भारतीय शख्स के घर के बाहर घृणा भरे संदेश लिखे गए और घर पर अंडे भी फेंके गए. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक घृणा भरे संदेश के तहत उसके घर के बाहर लिखा गया-तुम भारतीयों को यहां नहीं रहना चाहिए. अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन(एफबीआई) इस मामले की जांच कर रही है.
डेनवर मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक भारतीय शख्स के घर घृणा भरे संदेश और नस्लीय भाषा को लिखा गया था. इस मामले में पीडि़त भारतीय शख्स का बयान तो सामने नहीं आया है लेकिन उसके मकान मालिक ने कहा कि इस तरह के घृणा भरे संदेशों वाले करीब 50 पेपर इस भारतीय शख्स के घर के दरवाजे, खिड़की और कार पर चिपके मिले थे. इसके अलावा करीब 40 अंडे वहां फेंके गए थे. मकान मालिक ने बताया, नस्लीय भाषा का भी इस्तेमाल किया गया था, मसलन-तुम ब्राउन या भारतीयों को यहां नहीं रहना चाहिए.
स्थानीय पुलिस के मुताबिक यह किसी खास समूह की हरकत लगती है. हालांकि मकान मालिक के मुताबिक इस घटना के पड़ोसियों ने बेहद सदाशयता दिखाई और एकजुटता दिखाते हुए उस भारतीय के लिए पूरे घर को साफ दिया. उल्लेखनीय है कि हाल में एक अमेरिकी शख्स ने कंसास में एक भारतीय इंजीरियर श्रीनिवास को यह कहते हुए गोली मार दी कि मेरे देश से निकल जाओ. श्रीनिवास की उस घटना में मौत हो गई. श्रीनिवास की हत्या के बाद उनकी पत्नी ने कहा कि उन्हें पहले ही अमेरिका में रहने पर संदेह था, लेकिन उनके पति ने उनसे कहा था कि 'अमेरिका में अच्छी चीजें होती हैं'. जीपीएस बनाने वाली कंपनी गार्मिन की ओर से आयोजित एक प्रेस वार्ता में सुनयना डुमाला ने कहा कि अमेरिका में पक्षपात की खबरें अल्पसंख्यकों में डर पैदा करती हैं. अपना यह डर जाहिर करते हुए उन्होंने सवाल किया कि 'क्या हम यहां से नाता रखते हैं?' कुचीभोटला गार्मिन में ही काम करते थे.टिप्पणियांइसके अलावा उनकी याद में निकाले गए कंसास में निकाले गए शांति जुलूस और प्रार्थन सभा में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. समाचार पत्र कंसास सिटी स्टार के मुताबिक, पिछले सप्ताह घृणास्पद अपराध में घायल हुए भारतीय नागरिक आलोक मदसानी ने रविवार को ओलेथ के बॉल कांफ्रेंस सेंटर में आयोजित शांति जुलूस तथा प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया. प्रार्थना सभा का आयोजन इंडिया एसोसिएशन ऑफ कंसास सिटी ने किया. मदसानी ने कहा, "काश! वह एक सपना होता."
डेनवर मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक भारतीय शख्स के घर घृणा भरे संदेश और नस्लीय भाषा को लिखा गया था. इस मामले में पीडि़त भारतीय शख्स का बयान तो सामने नहीं आया है लेकिन उसके मकान मालिक ने कहा कि इस तरह के घृणा भरे संदेशों वाले करीब 50 पेपर इस भारतीय शख्स के घर के दरवाजे, खिड़की और कार पर चिपके मिले थे. इसके अलावा करीब 40 अंडे वहां फेंके गए थे. मकान मालिक ने बताया, नस्लीय भाषा का भी इस्तेमाल किया गया था, मसलन-तुम ब्राउन या भारतीयों को यहां नहीं रहना चाहिए.
स्थानीय पुलिस के मुताबिक यह किसी खास समूह की हरकत लगती है. हालांकि मकान मालिक के मुताबिक इस घटना के पड़ोसियों ने बेहद सदाशयता दिखाई और एकजुटता दिखाते हुए उस भारतीय के लिए पूरे घर को साफ दिया. उल्लेखनीय है कि हाल में एक अमेरिकी शख्स ने कंसास में एक भारतीय इंजीरियर श्रीनिवास को यह कहते हुए गोली मार दी कि मेरे देश से निकल जाओ. श्रीनिवास की उस घटना में मौत हो गई. श्रीनिवास की हत्या के बाद उनकी पत्नी ने कहा कि उन्हें पहले ही अमेरिका में रहने पर संदेह था, लेकिन उनके पति ने उनसे कहा था कि 'अमेरिका में अच्छी चीजें होती हैं'. जीपीएस बनाने वाली कंपनी गार्मिन की ओर से आयोजित एक प्रेस वार्ता में सुनयना डुमाला ने कहा कि अमेरिका में पक्षपात की खबरें अल्पसंख्यकों में डर पैदा करती हैं. अपना यह डर जाहिर करते हुए उन्होंने सवाल किया कि 'क्या हम यहां से नाता रखते हैं?' कुचीभोटला गार्मिन में ही काम करते थे.टिप्पणियांइसके अलावा उनकी याद में निकाले गए कंसास में निकाले गए शांति जुलूस और प्रार्थन सभा में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. समाचार पत्र कंसास सिटी स्टार के मुताबिक, पिछले सप्ताह घृणास्पद अपराध में घायल हुए भारतीय नागरिक आलोक मदसानी ने रविवार को ओलेथ के बॉल कांफ्रेंस सेंटर में आयोजित शांति जुलूस तथा प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया. प्रार्थना सभा का आयोजन इंडिया एसोसिएशन ऑफ कंसास सिटी ने किया. मदसानी ने कहा, "काश! वह एक सपना होता."
स्थानीय पुलिस के मुताबिक यह किसी खास समूह की हरकत लगती है. हालांकि मकान मालिक के मुताबिक इस घटना के पड़ोसियों ने बेहद सदाशयता दिखाई और एकजुटता दिखाते हुए उस भारतीय के लिए पूरे घर को साफ दिया. उल्लेखनीय है कि हाल में एक अमेरिकी शख्स ने कंसास में एक भारतीय इंजीरियर श्रीनिवास को यह कहते हुए गोली मार दी कि मेरे देश से निकल जाओ. श्रीनिवास की उस घटना में मौत हो गई. श्रीनिवास की हत्या के बाद उनकी पत्नी ने कहा कि उन्हें पहले ही अमेरिका में रहने पर संदेह था, लेकिन उनके पति ने उनसे कहा था कि 'अमेरिका में अच्छी चीजें होती हैं'. जीपीएस बनाने वाली कंपनी गार्मिन की ओर से आयोजित एक प्रेस वार्ता में सुनयना डुमाला ने कहा कि अमेरिका में पक्षपात की खबरें अल्पसंख्यकों में डर पैदा करती हैं. अपना यह डर जाहिर करते हुए उन्होंने सवाल किया कि 'क्या हम यहां से नाता रखते हैं?' कुचीभोटला गार्मिन में ही काम करते थे.टिप्पणियांइसके अलावा उनकी याद में निकाले गए कंसास में निकाले गए शांति जुलूस और प्रार्थन सभा में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. समाचार पत्र कंसास सिटी स्टार के मुताबिक, पिछले सप्ताह घृणास्पद अपराध में घायल हुए भारतीय नागरिक आलोक मदसानी ने रविवार को ओलेथ के बॉल कांफ्रेंस सेंटर में आयोजित शांति जुलूस तथा प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया. प्रार्थना सभा का आयोजन इंडिया एसोसिएशन ऑफ कंसास सिटी ने किया. मदसानी ने कहा, "काश! वह एक सपना होता."
श्रीनिवास की हत्या के बाद उनकी पत्नी ने कहा कि उन्हें पहले ही अमेरिका में रहने पर संदेह था, लेकिन उनके पति ने उनसे कहा था कि 'अमेरिका में अच्छी चीजें होती हैं'. जीपीएस बनाने वाली कंपनी गार्मिन की ओर से आयोजित एक प्रेस वार्ता में सुनयना डुमाला ने कहा कि अमेरिका में पक्षपात की खबरें अल्पसंख्यकों में डर पैदा करती हैं. अपना यह डर जाहिर करते हुए उन्होंने सवाल किया कि 'क्या हम यहां से नाता रखते हैं?' कुचीभोटला गार्मिन में ही काम करते थे.टिप्पणियांइसके अलावा उनकी याद में निकाले गए कंसास में निकाले गए शांति जुलूस और प्रार्थन सभा में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. समाचार पत्र कंसास सिटी स्टार के मुताबिक, पिछले सप्ताह घृणास्पद अपराध में घायल हुए भारतीय नागरिक आलोक मदसानी ने रविवार को ओलेथ के बॉल कांफ्रेंस सेंटर में आयोजित शांति जुलूस तथा प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया. प्रार्थना सभा का आयोजन इंडिया एसोसिएशन ऑफ कंसास सिटी ने किया. मदसानी ने कहा, "काश! वह एक सपना होता."
इसके अलावा उनकी याद में निकाले गए कंसास में निकाले गए शांति जुलूस और प्रार्थन सभा में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. समाचार पत्र कंसास सिटी स्टार के मुताबिक, पिछले सप्ताह घृणास्पद अपराध में घायल हुए भारतीय नागरिक आलोक मदसानी ने रविवार को ओलेथ के बॉल कांफ्रेंस सेंटर में आयोजित शांति जुलूस तथा प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया. प्रार्थना सभा का आयोजन इंडिया एसोसिएशन ऑफ कंसास सिटी ने किया. मदसानी ने कहा, "काश! वह एक सपना होता." | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हाल में अमेरिका में एक भारतीय इंजीनियर की हत्या हो गई़
उसके बाद यह दूसरा मामला सामने आ रहा है
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद नस्लीय हमलों में इजाफा | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सलामी जोड़ी से मिली तूफानी शुरुआत के बाद पुछल्ले बल्लेबाजों के साहसिक प्रदर्शन से सिडनी सिक्सर्स ने आखिरी गेंद तक खिंचे मैच में नाशुआ टाइटन्स पर दो विकेट की रोमांचक जीत दर्ज करके चैंपियन्स लीग ट्वेंटी-20 के फाइनल में प्रवेश किया जहां उसका मुकाबला एक अन्य दक्षिण अफ्रीकी टीम हाईवेल्ड लायन्स होगा।
दक्षिण अफ्रीकी टीम टाइटन्स ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अच्छी वापसी की लेकिन आखिर में उसे अनुभवहीनता और क्षेत्ररक्षण में कुछ गलतियां महंगी पड़ी। टाइटन्स की शुरुआत खराब रही लेकिन हेनरी डेविड्स की 44 गेंद पर नाबाद 59 रन और डेविड वीज की 28 गेंद पर 61 रन की तूफानी पारी से उसने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 163 रन बनाए।
वीज ने डेथ ओवरों में तूफानी तेवर दिखाए तथा छह चौके और चार छक्के लगाए। टाइटन्स ने आखिरी चार ओवर में 72 रन ठोके। टिप्पणियां
माइकल लैंब (19 गेंद पर 33 रन) और मैन ऑफ द मैच स्टीव ओ कैफी (21 गेंद पर 32) ने सिडनी सिक्सर्स को अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ा जाने के कारण उसकी टीम गहरे संकट में फंस गई। ऐसे में मोएजेस हेनरिक्स (28), बेन रोहरर (21) और पैट कमिन्स (नाबाद 14) की पारियां उसके लिए संजीवनी का काम कर गईं। सिडनी ने आखिर में 20 ओवर में आठ विकेट पर 164 रन बनाए।
सिडनी और लायन्स के बीच रविवार को जोहानिसबर्ग में फाइनल खेला जाएगा। लायन्स ने पहले सेमीफाइनल में दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रन से हराया था।
दक्षिण अफ्रीकी टीम टाइटन्स ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अच्छी वापसी की लेकिन आखिर में उसे अनुभवहीनता और क्षेत्ररक्षण में कुछ गलतियां महंगी पड़ी। टाइटन्स की शुरुआत खराब रही लेकिन हेनरी डेविड्स की 44 गेंद पर नाबाद 59 रन और डेविड वीज की 28 गेंद पर 61 रन की तूफानी पारी से उसने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 163 रन बनाए।
वीज ने डेथ ओवरों में तूफानी तेवर दिखाए तथा छह चौके और चार छक्के लगाए। टाइटन्स ने आखिरी चार ओवर में 72 रन ठोके। टिप्पणियां
माइकल लैंब (19 गेंद पर 33 रन) और मैन ऑफ द मैच स्टीव ओ कैफी (21 गेंद पर 32) ने सिडनी सिक्सर्स को अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ा जाने के कारण उसकी टीम गहरे संकट में फंस गई। ऐसे में मोएजेस हेनरिक्स (28), बेन रोहरर (21) और पैट कमिन्स (नाबाद 14) की पारियां उसके लिए संजीवनी का काम कर गईं। सिडनी ने आखिर में 20 ओवर में आठ विकेट पर 164 रन बनाए।
सिडनी और लायन्स के बीच रविवार को जोहानिसबर्ग में फाइनल खेला जाएगा। लायन्स ने पहले सेमीफाइनल में दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रन से हराया था।
वीज ने डेथ ओवरों में तूफानी तेवर दिखाए तथा छह चौके और चार छक्के लगाए। टाइटन्स ने आखिरी चार ओवर में 72 रन ठोके। टिप्पणियां
माइकल लैंब (19 गेंद पर 33 रन) और मैन ऑफ द मैच स्टीव ओ कैफी (21 गेंद पर 32) ने सिडनी सिक्सर्स को अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ा जाने के कारण उसकी टीम गहरे संकट में फंस गई। ऐसे में मोएजेस हेनरिक्स (28), बेन रोहरर (21) और पैट कमिन्स (नाबाद 14) की पारियां उसके लिए संजीवनी का काम कर गईं। सिडनी ने आखिर में 20 ओवर में आठ विकेट पर 164 रन बनाए।
सिडनी और लायन्स के बीच रविवार को जोहानिसबर्ग में फाइनल खेला जाएगा। लायन्स ने पहले सेमीफाइनल में दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रन से हराया था।
माइकल लैंब (19 गेंद पर 33 रन) और मैन ऑफ द मैच स्टीव ओ कैफी (21 गेंद पर 32) ने सिडनी सिक्सर्स को अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ा जाने के कारण उसकी टीम गहरे संकट में फंस गई। ऐसे में मोएजेस हेनरिक्स (28), बेन रोहरर (21) और पैट कमिन्स (नाबाद 14) की पारियां उसके लिए संजीवनी का काम कर गईं। सिडनी ने आखिर में 20 ओवर में आठ विकेट पर 164 रन बनाए।
सिडनी और लायन्स के बीच रविवार को जोहानिसबर्ग में फाइनल खेला जाएगा। लायन्स ने पहले सेमीफाइनल में दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रन से हराया था।
सिडनी और लायन्स के बीच रविवार को जोहानिसबर्ग में फाइनल खेला जाएगा। लायन्स ने पहले सेमीफाइनल में दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रन से हराया था। | यहाँ एक सारांश है:सलामी जोड़ी से मिली तूफानी शुरुआत के बाद पुछल्ले बल्लेबाजों के साहसिक प्रदर्शन से सिडनी सिक्सर्स ने आखिरी गेंद तक खिंचे मैच में नाशुआ टाइटन्स पर दो विकेट की रोमांचक जीत दर्ज करके चैंपियन्स लीग ट्वेंटी-20 के फाइनल में प्रवेश किया जहां उसका मुकाबला एक अन्य | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ को अगले महीने होने वाले दक्षिण अफ्रीका के दौरे को देखते हुए आराम देने का फैसला किया गया है जिससे डेविड वार्नर बची हुई श्रीलंका सीरीज में टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे.
स्मिथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम बुधवार को दूसरे वनडे मैच में 82 रन से हार गयी थी जिससे सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है. अब वनडे सीरीज के तीन मैच बचे हैं जिसके बाद दो, टी-20 मैच भी खेले जाएंगे.टिप्पणियां
स्मिथ ने कहा, ‘मुझे क्रिकेट से आराम करना पसंद नहीं है, लेकिन यह लंबे समय में मेरे लिये अच्छा ही करेगा.’ उन्होंने कहा, ‘कार्यक्रम काफी व्यस्त है. मैं सभी तीनों प्रारूपों में भूमिका निभाना चाहता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं.’ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता रॉड मार्श ने कहा, ‘स्टीव को अगले 12 महीने में काफी क्रिकेट खेलना है और हम उसे तरोताजा करने के लिये कुछ समय देना चाहते हैं. अंतिम पांच मैच ऐसा करने (आराम) के लिये अच्छा मौका मुहैया करायेंगे.’ऑस्ट्रेलिया का दक्षिण अफ्रीका का दौरा 27 सितंबर से शुरू होगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्मिथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम बुधवार को दूसरे वनडे मैच में 82 रन से हार गयी थी जिससे सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है. अब वनडे सीरीज के तीन मैच बचे हैं जिसके बाद दो, टी-20 मैच भी खेले जाएंगे.टिप्पणियां
स्मिथ ने कहा, ‘मुझे क्रिकेट से आराम करना पसंद नहीं है, लेकिन यह लंबे समय में मेरे लिये अच्छा ही करेगा.’ उन्होंने कहा, ‘कार्यक्रम काफी व्यस्त है. मैं सभी तीनों प्रारूपों में भूमिका निभाना चाहता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं.’ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता रॉड मार्श ने कहा, ‘स्टीव को अगले 12 महीने में काफी क्रिकेट खेलना है और हम उसे तरोताजा करने के लिये कुछ समय देना चाहते हैं. अंतिम पांच मैच ऐसा करने (आराम) के लिये अच्छा मौका मुहैया करायेंगे.’ऑस्ट्रेलिया का दक्षिण अफ्रीका का दौरा 27 सितंबर से शुरू होगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्मिथ ने कहा, ‘मुझे क्रिकेट से आराम करना पसंद नहीं है, लेकिन यह लंबे समय में मेरे लिये अच्छा ही करेगा.’ उन्होंने कहा, ‘कार्यक्रम काफी व्यस्त है. मैं सभी तीनों प्रारूपों में भूमिका निभाना चाहता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं.’ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता रॉड मार्श ने कहा, ‘स्टीव को अगले 12 महीने में काफी क्रिकेट खेलना है और हम उसे तरोताजा करने के लिये कुछ समय देना चाहते हैं. अंतिम पांच मैच ऐसा करने (आराम) के लिये अच्छा मौका मुहैया करायेंगे.’ऑस्ट्रेलिया का दक्षिण अफ्रीका का दौरा 27 सितंबर से शुरू होगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दक्षिण अफ्रीका के दौरे को देखते हुए दिया गया है रेस्ट
स्मिथ बोले, मुझे क्रिकेट से आराम करना पसंद नहीं है
वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया-श्रीलंका हैं 1-1 से बराबर | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के बागपत में पुरानी रंजिश को लेकर एक किशोर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात से आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया और करीब छह घंटे तक शव रखकर प्रदर्शन किया. पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि रमाला थाना क्षेत्र के असारा गांव का निवासी शाहिद (17) दिल्ली में छाता बनाने का काम करता था. वह ईद पर अपने गांव आया था. कल जब वह दिल्ली जाने के लिए घर से बाहर निकला तो तभी उसके सामने वाले घर से किसी ने शाहिद को आवाज दी. इस पर वह उस घर की खिड़की के पास पहुंचा तो अंदर से एक गोली चली, जो उसकी गर्दन में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
इस वारदात से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के लिये शव लेने आयी पुलिस के समक्ष जमकर हंगामा किया. हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे ग्रामीणों ने करीब छह घंटे तक शव पुलिस को नहीं सौंपा. देर रात अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार असारा गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. आरोपियों के परिवार से चार लोगों को हिरासत में लिये जाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और शव पोस्टमार्टम के लिये भेजा जा सका.टिप्पणियां
शाहिद के पिता मुस्तकीम ने गांव के ही रहने वाले दानिश, अनीस, मोमिन, अरशद, फैजल तथा जहीरद्दीन को नामजद करते हुए रमाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है. मुस्तकीम ने बताया कि उसके भतीजे वकील की 30 नवम्बर 2014 को फांसी लगाकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें दानिश, मोमिन तथा उनका रिश्तेदार शकील जेल गया था. आरोपी पक्ष फिलहाल जमानत पर था और वह वकील के पिता रकमुद्दीन पर समझौते का दबाव बना रहा था. समझौता नहीं करने पर आरोपी पक्ष के लोग उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी दे चुके थे. उसने बताया कि आरोपियों ने कल मौका पाकर उसके पुत्र शाहिद की हत्या कर दी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस वारदात से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के लिये शव लेने आयी पुलिस के समक्ष जमकर हंगामा किया. हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे ग्रामीणों ने करीब छह घंटे तक शव पुलिस को नहीं सौंपा. देर रात अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार असारा गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. आरोपियों के परिवार से चार लोगों को हिरासत में लिये जाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और शव पोस्टमार्टम के लिये भेजा जा सका.टिप्पणियां
शाहिद के पिता मुस्तकीम ने गांव के ही रहने वाले दानिश, अनीस, मोमिन, अरशद, फैजल तथा जहीरद्दीन को नामजद करते हुए रमाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है. मुस्तकीम ने बताया कि उसके भतीजे वकील की 30 नवम्बर 2014 को फांसी लगाकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें दानिश, मोमिन तथा उनका रिश्तेदार शकील जेल गया था. आरोपी पक्ष फिलहाल जमानत पर था और वह वकील के पिता रकमुद्दीन पर समझौते का दबाव बना रहा था. समझौता नहीं करने पर आरोपी पक्ष के लोग उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी दे चुके थे. उसने बताया कि आरोपियों ने कल मौका पाकर उसके पुत्र शाहिद की हत्या कर दी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शाहिद के पिता मुस्तकीम ने गांव के ही रहने वाले दानिश, अनीस, मोमिन, अरशद, फैजल तथा जहीरद्दीन को नामजद करते हुए रमाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है. मुस्तकीम ने बताया कि उसके भतीजे वकील की 30 नवम्बर 2014 को फांसी लगाकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें दानिश, मोमिन तथा उनका रिश्तेदार शकील जेल गया था. आरोपी पक्ष फिलहाल जमानत पर था और वह वकील के पिता रकमुद्दीन पर समझौते का दबाव बना रहा था. समझौता नहीं करने पर आरोपी पक्ष के लोग उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी दे चुके थे. उसने बताया कि आरोपियों ने कल मौका पाकर उसके पुत्र शाहिद की हत्या कर दी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | पुरानी रंजिश मे हुई वारदात
मृतक की उम्र थी मात्र 17 साल
ग्रामीणों ने पुलिस के सामने किया हंगामा | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रस्ताव को रोकने के कुछ दिनों बाद फ्रांस ने जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की वकालत की है. फ्रांस का कहना है कि इस तरह की पहल के ‘पक्ष में काफी मजबूत तर्क’ हैं.
फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां मार्क अयराल्ट ने चीन का नाम लिए बगैर कहा, ‘आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धता हर जगह एक जैसी होनी चाहिए.’ वह चार दिनों के भारत दौरे पर आए थे. उन्होंने कहा कि अजहर के संगठन जैश ए मोहम्मद को ‘आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया जा चुका है, इसलिए भारत के आग्रह के मुताबिक इसके प्रमुख को सूची में शामिल करने को लेकर मजबूत तर्क हैं.’
उन्होंने कहा कि इसलिए फ्रांस ने न केवल समर्थन दिया बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भारत के आग्रह को लेकर आवाज भी उठाई. भारत ने पिछले वर्ष फरवरी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की 15 सदस्यीय 1267 मंजूरी समिति में अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव रखा था. उसे पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले का सरगना होने के लिए यह मांग की गई थी. इसके बाद से चीन ने दो बार भारत के प्रस्ताव को ‘तकनीकी तौर पर स्थगित’ करा दिया और अंतत: पिछले वर्ष 30 दिसम्बर को इस पर रोक लगवा दिया.
अयराल्ट ने कहा, ‘हमारे संयुक्त प्रयास के बावजूद हमें इसका अफसोस है और समिति के समर्थन होते ही हम आम सहमति तक नहीं पहुंच सके.’ अयराल्ट ने कहा कि फ्रांस अब भारत के साथ चर्चा करेगा कि क्या किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘भारत जानता है कि उसे हमारा समर्थन है.’टिप्पणियां
पाकिस्तान के बहावलपुर के रहने वाले अजहर को भारत ने दिसम्बर 1999 में इंडियन एयरलाइन्स के विमान आईसी 814 के अपहरण में 166 बंधकों को मुक्त कराने के बदले रिहा किया था. उस वक्त अजहर हरकत उल मुजाहिद्दीन का सदस्य था और रिहा किए जाने के तुरंत बाद उसने पाकिस्तान में नया संगठन जैश ए मोहम्मद बना लिया था जिसने 13 दिसम्बर 2001 और पठानकोट वायुसेना अड्डे सहित भारत में कई हमलों को अंजाम दिया. फ्रांस के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह एलईटी, जेईएम और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ की वकालत की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां मार्क अयराल्ट ने चीन का नाम लिए बगैर कहा, ‘आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धता हर जगह एक जैसी होनी चाहिए.’ वह चार दिनों के भारत दौरे पर आए थे. उन्होंने कहा कि अजहर के संगठन जैश ए मोहम्मद को ‘आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया जा चुका है, इसलिए भारत के आग्रह के मुताबिक इसके प्रमुख को सूची में शामिल करने को लेकर मजबूत तर्क हैं.’
उन्होंने कहा कि इसलिए फ्रांस ने न केवल समर्थन दिया बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भारत के आग्रह को लेकर आवाज भी उठाई. भारत ने पिछले वर्ष फरवरी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की 15 सदस्यीय 1267 मंजूरी समिति में अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव रखा था. उसे पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले का सरगना होने के लिए यह मांग की गई थी. इसके बाद से चीन ने दो बार भारत के प्रस्ताव को ‘तकनीकी तौर पर स्थगित’ करा दिया और अंतत: पिछले वर्ष 30 दिसम्बर को इस पर रोक लगवा दिया.
अयराल्ट ने कहा, ‘हमारे संयुक्त प्रयास के बावजूद हमें इसका अफसोस है और समिति के समर्थन होते ही हम आम सहमति तक नहीं पहुंच सके.’ अयराल्ट ने कहा कि फ्रांस अब भारत के साथ चर्चा करेगा कि क्या किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘भारत जानता है कि उसे हमारा समर्थन है.’टिप्पणियां
पाकिस्तान के बहावलपुर के रहने वाले अजहर को भारत ने दिसम्बर 1999 में इंडियन एयरलाइन्स के विमान आईसी 814 के अपहरण में 166 बंधकों को मुक्त कराने के बदले रिहा किया था. उस वक्त अजहर हरकत उल मुजाहिद्दीन का सदस्य था और रिहा किए जाने के तुरंत बाद उसने पाकिस्तान में नया संगठन जैश ए मोहम्मद बना लिया था जिसने 13 दिसम्बर 2001 और पठानकोट वायुसेना अड्डे सहित भारत में कई हमलों को अंजाम दिया. फ्रांस के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह एलईटी, जेईएम और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ की वकालत की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि इसलिए फ्रांस ने न केवल समर्थन दिया बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भारत के आग्रह को लेकर आवाज भी उठाई. भारत ने पिछले वर्ष फरवरी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की 15 सदस्यीय 1267 मंजूरी समिति में अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव रखा था. उसे पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले का सरगना होने के लिए यह मांग की गई थी. इसके बाद से चीन ने दो बार भारत के प्रस्ताव को ‘तकनीकी तौर पर स्थगित’ करा दिया और अंतत: पिछले वर्ष 30 दिसम्बर को इस पर रोक लगवा दिया.
अयराल्ट ने कहा, ‘हमारे संयुक्त प्रयास के बावजूद हमें इसका अफसोस है और समिति के समर्थन होते ही हम आम सहमति तक नहीं पहुंच सके.’ अयराल्ट ने कहा कि फ्रांस अब भारत के साथ चर्चा करेगा कि क्या किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘भारत जानता है कि उसे हमारा समर्थन है.’टिप्पणियां
पाकिस्तान के बहावलपुर के रहने वाले अजहर को भारत ने दिसम्बर 1999 में इंडियन एयरलाइन्स के विमान आईसी 814 के अपहरण में 166 बंधकों को मुक्त कराने के बदले रिहा किया था. उस वक्त अजहर हरकत उल मुजाहिद्दीन का सदस्य था और रिहा किए जाने के तुरंत बाद उसने पाकिस्तान में नया संगठन जैश ए मोहम्मद बना लिया था जिसने 13 दिसम्बर 2001 और पठानकोट वायुसेना अड्डे सहित भारत में कई हमलों को अंजाम दिया. फ्रांस के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह एलईटी, जेईएम और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ की वकालत की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अयराल्ट ने कहा, ‘हमारे संयुक्त प्रयास के बावजूद हमें इसका अफसोस है और समिति के समर्थन होते ही हम आम सहमति तक नहीं पहुंच सके.’ अयराल्ट ने कहा कि फ्रांस अब भारत के साथ चर्चा करेगा कि क्या किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘भारत जानता है कि उसे हमारा समर्थन है.’टिप्पणियां
पाकिस्तान के बहावलपुर के रहने वाले अजहर को भारत ने दिसम्बर 1999 में इंडियन एयरलाइन्स के विमान आईसी 814 के अपहरण में 166 बंधकों को मुक्त कराने के बदले रिहा किया था. उस वक्त अजहर हरकत उल मुजाहिद्दीन का सदस्य था और रिहा किए जाने के तुरंत बाद उसने पाकिस्तान में नया संगठन जैश ए मोहम्मद बना लिया था जिसने 13 दिसम्बर 2001 और पठानकोट वायुसेना अड्डे सहित भारत में कई हमलों को अंजाम दिया. फ्रांस के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह एलईटी, जेईएम और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ की वकालत की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पाकिस्तान के बहावलपुर के रहने वाले अजहर को भारत ने दिसम्बर 1999 में इंडियन एयरलाइन्स के विमान आईसी 814 के अपहरण में 166 बंधकों को मुक्त कराने के बदले रिहा किया था. उस वक्त अजहर हरकत उल मुजाहिद्दीन का सदस्य था और रिहा किए जाने के तुरंत बाद उसने पाकिस्तान में नया संगठन जैश ए मोहम्मद बना लिया था जिसने 13 दिसम्बर 2001 और पठानकोट वायुसेना अड्डे सहित भारत में कई हमलों को अंजाम दिया. फ्रांस के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह एलईटी, जेईएम और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ की वकालत की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: 'मसूद अजहर को प्रतिबंधित सूची में शामिल करने को लेकर मजबूत तर्क हैं'
चीन ने पिछले वर्ष 30 दिसम्बर को भारत के प्रस्ताव पर रोक लगवा दी
मसूद अजहर को दिसम्बर 1999 में विमान अपहरण के बाद रिहा किया गया था | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) से पीएचडी करने वालों को मिलने वाली फेलोशिप के नियमों में बदलाव किया गया है. अब आईआईटी में चयनित पीएचडी फेलो को प्रधानमंत्री शोध वृत्ति (रिसर्च फेलोशिप) के जरिए हर महीने 75,000 रुपए मिलेंगे, लेकिन बीच में पाठ्यक्रम छोड़ने पर उन्हें पूरी राशि लौटानी पड़ जाएगी. प्रस्तावित फेलोशिप में रकम वापसी की शर्त है. यह राशि उन छात्रों को दी जाएगी जो अपने बीटेक के बाद सीधे पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिला चाहते हैं. हालांकि, मानव संसाधन विकास :एचआरडी: मंत्रालय की योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलना अभी बाकी है.
फिलहाल, आईआईटी में विभिन्न पीएचडी पाठ्यक्रमों में 25,000 छात्रों ने दाखिला लिया है और अपने स्नातकोत्तर के बाद डॉक्टरेट की डिग्री का विकल्प चुनने वाले छात्रों को 25,000 रुपए प्रति महीना मिलता है.टिप्पणियां
एचआरडी मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अधिक छात्रों को अपने बीटेक पाठ्यक्रम पूरे करने के बाद सीधे पीएचडी कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है. इसलिए एक आकषर्क योजना तैयार की गई है जहां छात्रों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों से मिलने वाले वेतन की तरह रकम मिलेगी.
हालांकि, अधिकारी ने बताया कि पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने पर छात्रों को रकम वापस करनी होगी.
फिलहाल, आईआईटी में विभिन्न पीएचडी पाठ्यक्रमों में 25,000 छात्रों ने दाखिला लिया है और अपने स्नातकोत्तर के बाद डॉक्टरेट की डिग्री का विकल्प चुनने वाले छात्रों को 25,000 रुपए प्रति महीना मिलता है.टिप्पणियां
एचआरडी मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अधिक छात्रों को अपने बीटेक पाठ्यक्रम पूरे करने के बाद सीधे पीएचडी कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है. इसलिए एक आकषर्क योजना तैयार की गई है जहां छात्रों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों से मिलने वाले वेतन की तरह रकम मिलेगी.
हालांकि, अधिकारी ने बताया कि पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने पर छात्रों को रकम वापस करनी होगी.
एचआरडी मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अधिक छात्रों को अपने बीटेक पाठ्यक्रम पूरे करने के बाद सीधे पीएचडी कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है. इसलिए एक आकषर्क योजना तैयार की गई है जहां छात्रों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों से मिलने वाले वेतन की तरह रकम मिलेगी.
हालांकि, अधिकारी ने बताया कि पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने पर छात्रों को रकम वापस करनी होगी.
हालांकि, अधिकारी ने बताया कि पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने पर छात्रों को रकम वापस करनी होगी. | सारांश: आईआईटी में रिसर्च फेलोशिप के तौर पर हर महीने 75,000 रुपए मिलेंगे.
फिलहाल पीएचडी फेलो को 25,000 रुपए प्रति महीना मिलता है.
बीच में पीएचडी छोड़ने पर लौटानी पड़ेगी पूरी रकम. | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा के पानीपत के पास 17 साल के सुमित ने बीती 18 जून को साइकिल चलानी शुरू की और फिर वह हफ्तेभर तक रुका ही नहीं. गांववालों का कहना है कि करतब दिखाने वाले एक ग्रुप के साथ आए सुमित ने न केवल 7 दिन तक लगातार साइकिल चलाई बल्कि उसके बाद उसी ग्रुप के लोगों ने उसे पांच फीट गहरे गड्ढे में यह कहकर दबा दिया कि 24 घंटे बाद वह जिंदा निकल आएगा. लेकिन 25 जून की रात साढ़े 11 बजे सुमित बेहोशी की हालत में गड्ढे से निकाला गया औऱ अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया. सुमित को गड्ढे में दबाने और जान लेने के आरोप में पुलिस ने एक FIR दर्ज की और चार लोगों को गिरफ्तार किया है.टिप्पणियां
मामला 17 जून का है जब पानीपत के चुलकाणा गांव में कुछ लोग करतब दिखाने के लिए आए थे और उन्होंने इसके जरिए पैसे इकट्ठे किए. गांववालों का कहना है कि जब समित को गड्ढे में डाला गया तो उसके बाद ग्रुप के मुखिया ने उसे निकालने के लिए 11 हजार की मांग की. गांववालों ने इस तमाशे के लिए 8 हजार जमाकर कर बच्चे को बाहर निकालने को कहा, लेकिन ग्रुप के मुखिया 11 हजार की मांग पर अड़ा रहा. सुमित के पिता मामचंद ने एनडीटीवी इंडिया से कहा, 'उसके बेटे को अच्छे पैसों पर मजदूरी का लालच देकर कुराड़ गांव से ले गए थे. सुमित का भाई और नानी इस दौरान चुलकाणा गांव पहुंचे थे जब उसे दबाया गया था. उन्होंने भी सुमित को गड्ढे से निकालने की फरियाद की थी, लेकिन उन्हें पैसे का लालच देकर चुप करवा दिया गया.' अब जहां सुमित के माता-पिता इसे हत्या का मामला बता रहे हैं वहीं चुलकाणा गांव के लोग इस बात से डरे हुए हैं कि पुलिस इस मामले में उन्हें भी परेशान कर सकती है.
गांव के लोगों ने माना कि ऐसे खेल पहले भी होते रहे हैं, लेकिन सुमित के मामले में बहुत लापरवाही बरती गई. मामले की जांच कर रहे एसएचओ जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह के करतबों की बात उन्होंने सुनी थी, लेकिन पहला मामला उनके सामने आया है जहां किसी की इस तरह मौत हुई हो. पुलिस इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जांच कर रही है. करतब दिखाने वाले लोग सुमित के गांव कुराड़ के ही हैं जो चुलकाणा गांव से 40 किलोमीटर दूर है.
मामला 17 जून का है जब पानीपत के चुलकाणा गांव में कुछ लोग करतब दिखाने के लिए आए थे और उन्होंने इसके जरिए पैसे इकट्ठे किए. गांववालों का कहना है कि जब समित को गड्ढे में डाला गया तो उसके बाद ग्रुप के मुखिया ने उसे निकालने के लिए 11 हजार की मांग की. गांववालों ने इस तमाशे के लिए 8 हजार जमाकर कर बच्चे को बाहर निकालने को कहा, लेकिन ग्रुप के मुखिया 11 हजार की मांग पर अड़ा रहा. सुमित के पिता मामचंद ने एनडीटीवी इंडिया से कहा, 'उसके बेटे को अच्छे पैसों पर मजदूरी का लालच देकर कुराड़ गांव से ले गए थे. सुमित का भाई और नानी इस दौरान चुलकाणा गांव पहुंचे थे जब उसे दबाया गया था. उन्होंने भी सुमित को गड्ढे से निकालने की फरियाद की थी, लेकिन उन्हें पैसे का लालच देकर चुप करवा दिया गया.' अब जहां सुमित के माता-पिता इसे हत्या का मामला बता रहे हैं वहीं चुलकाणा गांव के लोग इस बात से डरे हुए हैं कि पुलिस इस मामले में उन्हें भी परेशान कर सकती है.
गांव के लोगों ने माना कि ऐसे खेल पहले भी होते रहे हैं, लेकिन सुमित के मामले में बहुत लापरवाही बरती गई. मामले की जांच कर रहे एसएचओ जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह के करतबों की बात उन्होंने सुनी थी, लेकिन पहला मामला उनके सामने आया है जहां किसी की इस तरह मौत हुई हो. पुलिस इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जांच कर रही है. करतब दिखाने वाले लोग सुमित के गांव कुराड़ के ही हैं जो चुलकाणा गांव से 40 किलोमीटर दूर है.
गांव के लोगों ने माना कि ऐसे खेल पहले भी होते रहे हैं, लेकिन सुमित के मामले में बहुत लापरवाही बरती गई. मामले की जांच कर रहे एसएचओ जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह के करतबों की बात उन्होंने सुनी थी, लेकिन पहला मामला उनके सामने आया है जहां किसी की इस तरह मौत हुई हो. पुलिस इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जांच कर रही है. करतब दिखाने वाले लोग सुमित के गांव कुराड़ के ही हैं जो चुलकाणा गांव से 40 किलोमीटर दूर है. | यह एक सारांश है: 5 फीट गहरे गड्ढे में युवक को दबाया गया
ग्रुप का मुखिया 11 हजार की मांग कर रहा था
गांववाले 8 हजार रुपये ही दे पाए थे | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोहानी ने पोस्ट में लिखा ‘‘ एअर इंडिया की ईंधन आपूर्ति पर लगायी गयी रोक उसके पास कुल कोष की कमी की वजह से है. इसका उसके प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं है और ना ही यह एयरलाइन द्वारा हाल में किए गए प्रयासों को परिलक्षित करता है. एअर इंडिया पर 31 मार्च 2019 तक कुल 58,351 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज है. सरकार से इस साल किसी भी तरह की राजकोषीय सहायता नहीं मिलने के साथ उसका कुल घाटा करीब 70,000 करोड़ रुपये है. सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में कंपनी के विनिवेश की असफल कोशिश की थी. लोहानी ने कहा कि कंपनी पर बकाया भारी कर्ज उसके कामकाज के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है. ऐसे में यह सोचना कि कंपनी अपनी आय के स्रोत से इस ऋण का कुछ हिस्सा चुका भी देगी तो यह उसकी जमीनी हकीकत को समझे बिना उसके इस भारी कर्ज का आकलन करना होगा. उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद ‘हमें ऊंची उड़ान भरने की जरूरत है, भले रास्ते में जो भी (कठिनाई) आए.'
बता दें इंडियन ऑयल के नेतृत्व में तीन प्रमुख तेल कंपनियों ने पिछले हफ्ते कोच्चि, पुणे, पटना, रांची, विशाखापत्तनम और मोहाली हवाईअड्डों पर एअर इंडिया की ईंधन आपूर्ति पर रोक लगा दी थी. इसकी वजह कंपनी पर ईंधन का बकाया बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाना है. | संक्षिप्त पाठ: 6 हवाई अड्डों पर रोकी गई है एयर इंडिया की ईंधन आपूर्ति
एयरलाइंस प्रमुख ने बकाया धन को बताया वजह
फेसबुक पोस्ट लिखकर जाहिर किया दुख | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी कप्तान मिसबाह उल हक ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम चयन में राय नहीं पूछे जाने पर क्रिकेट बोर्ड से नाराजगी जताई है।टिप्पणियां
मुख्य चयनकर्ता के बिना काम कर रही चयन समिति ने इस महीने की शुरुआत में जिम्बाब्वे दौरे के लिए टी-20, वनडे और टेस्ट टीम की घोषणा की, जब मिसबाह कैरेबियाई प्रीमियर लीग खेलने वेस्ट इंडीज में थे।
मिसबाह ने गुरुवार को पीसीबी प्रमुख नजम सेठी से मुलाकात करके अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने खिलाड़ियों को मैच फीस देर से दिए जाने के मसले पर भी बात की। सूत्र ने कहा, मिसबाह जिम्बाब्वे दौरे के लिए चयन प्रक्रिया से खुश नहीं हैं और उन्होंने कहा है कि पूरी प्रक्रिया में उनकी राय नहीं ली गई।
मुख्य चयनकर्ता के बिना काम कर रही चयन समिति ने इस महीने की शुरुआत में जिम्बाब्वे दौरे के लिए टी-20, वनडे और टेस्ट टीम की घोषणा की, जब मिसबाह कैरेबियाई प्रीमियर लीग खेलने वेस्ट इंडीज में थे।
मिसबाह ने गुरुवार को पीसीबी प्रमुख नजम सेठी से मुलाकात करके अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने खिलाड़ियों को मैच फीस देर से दिए जाने के मसले पर भी बात की। सूत्र ने कहा, मिसबाह जिम्बाब्वे दौरे के लिए चयन प्रक्रिया से खुश नहीं हैं और उन्होंने कहा है कि पूरी प्रक्रिया में उनकी राय नहीं ली गई।
मिसबाह ने गुरुवार को पीसीबी प्रमुख नजम सेठी से मुलाकात करके अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने खिलाड़ियों को मैच फीस देर से दिए जाने के मसले पर भी बात की। सूत्र ने कहा, मिसबाह जिम्बाब्वे दौरे के लिए चयन प्रक्रिया से खुश नहीं हैं और उन्होंने कहा है कि पूरी प्रक्रिया में उनकी राय नहीं ली गई। | यह एक सारांश है: मुख्य चयनकर्ता के बिना काम कर रही चयन समिति ने इस महीने की शुरुआत में जिम्बाब्वे दौरे के लिए टी-20, वनडे और टेस्ट टीम की घोषणा की, जब मिसबाह कैरेबियाई प्रीमियर लीग खेलने वेस्ट इंडीज में थे। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन ने अमेरिका से मानवाधिकार मसलों के बहाने उसके आंतरिक मामलों में दखल न देने को कहा है। मानवाधिकार को लेकर आई रिपोर्ट के बाद अमेरिका की टिप्पणी पर चीन ने यह बयान जारी किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हॉन्ग ली ने शनिवार को कहा, "चीन और अमेरिका के बीच मानवाधिकार के मसलों को लेकर मतभेद हैं जिसपर हम समानता और परस्पर सम्मान के आधार पर बातचीत करने के लिए इच्छुक हैं।" उन्होंने कहा, "लेकिन हम मानवाधिकार मसलों के बहाने आंतरिक मामलों में दखलंदाजी के सख्त खिलाफ हैं।" ली ने कहा कि चीन स्वतंत्रता और अधिकारों का बेहद सम्मान करता है। गौरतलब है कि दुनियाभर में मानवाधिकारों की स्थित पर अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से शुक्रवार को जारी रपट के बाद चीन की प्रतिक्रिया यह आई है। चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका को 'उपदेशक' बनने के बजाय अपने यहां मानवाधिकारों की स्थिति को देखना चाहिए। उन्होंने कहा, "मानवाधिकार रिपोर्ट को लेकर अमेरिका को हमारे देश के आतंरिक मामलों में दखलंदाजी बंद करनी चाहिए।" | सारांश: मानवाधिकार को लेकर आई रिपोर्ट के बाद अमेरिका की टिप्पणी पर चीन ने यह बयान जारी किया है। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) ने 'सुपर 30'(Super 30) में आनंद कुमार के किरदार से लेकर आगामी फिल्म 'वॉर' (War) में कबीर के किरदार के लिए कड़ी मेहनत की है, और अपने अद्भुत ट्रांसफॉर्मेशन से सबके होश उड़ा दिए हैं. ऋतिक रोशन अपनी हालिया रिलीज 'सुपर 30' के दौरान आनंद कुमार के किरदार को जी रहे थे. फिल्म 'वॉर' में ऋतिक का किरदार उनके पिछले किरदार आनंद कुमार से काफी अलग है. कबीर के किरदार में ढलने के लिए ऋतिक रोशन के पास ज्यादा समय नहीं था उन्होंने केवल दो महीने के अंदर अपनी कड़ी मेहनत से खुद को आनंद से कबीर में बदल दिया.
'वॉर (War)' फिल्म में अपने इस ट्रांसफॉर्मेशन पर बात करते हुए ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) ने कहा, 'जीवन का सबसे बड़ा युद्ध स्पष्ट रूप से फिल्म 'वॉर' को पूरा करना रहा है. 'सुपर 30' के बाद, मेरे शरीर में मोटापे की मात्रा बहुत अधिक थी. मेरा शरीर आलसी हो गया था और मुझे आकार में आने के लिए केवल 2 महीने का समय दिया गया था और यह पर्याप्त नहीं था. मैंने इस फिल्म को थोड़ा बैकफुट पर शुरू किया था क्योंकि मेरा शरीर तैयार नहीं था."
ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) ने आगे कहा,"इस फिल्म के लिए मैं 24 घंटे काम कर रहा था. इन चौबीस घंटों में, मैं या तो कल्पना कर रहा था, या मैं अपने कपड़े देख रहा था, या अपने डायलॉग कर रहा था, या मैं अपने घुटनों पर बर्फ लगा रहा था, या फिर मुझे अपने डॉक्टर के पास जाना था, या मैं जिम या फिजियो में पसीना बहा रहा था. संक्षेप में फिल्म के लिए मैं दिनभर में सब कुछ कर रहा था."
ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) अपने नए किरदार कबीर के रूप में बेहतरीन लुक में नज़र आ रहे हैं और उन्हें इस तरह के ग्लैमरस लुक में देखना बेहद आश्चर्यजनक है क्योंकि अभी हाल ही में हमने ऋतिक रोशन को 'सुपर 30' में एक बेहद ही साधारण लुक में देखा था. यह बेहद अविश्वसनीय है कि वह दो ऐसे किरदार निभा रहे है जो एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं और केवल 3 महीनों के भीतर दो अलग-अलग किरदार के साथ अपने प्रशंसकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है. | संक्षिप्त सारांश: ऋतिक रोशन ने उड़ाए होश
महज दो महीनों में 'वॉर' के लिए खुद को इस तरह किया फिट
ऋतिक रोशन ने 'वॉर' में कबीर के किरदार के लिए कड़ी मेहनत की है | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन के एक सरकारी अखबार ने कहा कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश के प्रयास का चीन की ओर से विरोध करना ‘नैतिक रूप से उचित’ है और पश्चिम ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में नई दिल्ली को दंभी बनाकर उसे बिगाड़ दिया है।
'ग्लोबल टाइम्स' ने अपने संपादकीय में कहा कि 48 सदस्यीय समूह में भारत के प्रवेश को चीन ने नहीं, बल्कि नियमों ने रोका। उसने कहा कि चीन सहित करीब 10 देशों ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों को एनएसजी में शामिल करने का विरोध किया।
अखबार के संपादकीय में कहा गया है, 'भारत ने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किया है, लेकिन एनएसजी में शामिल होने का सबसे सक्रिय आवेदक है। सोल बैठक से पहले भारतीय मीडिया ने भारत के प्रयास को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। कुछ ने यहां तक दावा कर दिया कि चीन को छोड़कर एनएसजी के अन्य 47 सदस्यों ने हरी झंडी दे दी है।' उसने कहा, 'भारत एनपीटी पर हस्ताक्षर किए बिना एनएसजी में शामिल होकर पहला अपवाद बनना चाहता है। यह चीन और दूसरे सदस्यों के लिए नैतिक रूप से उचित है कि वे सिद्धांतों के बचाव में भारत के प्रस्ताव को गिराएं।' अपने राष्ट्रवादी रुख की पहचान रखने वाले इस अखबार ने कहा कि भारत पश्चिम के लिए चहेता बनता जा रहा है।
उसने भारत के एनएसजी के नाकाम प्रयास को लेकर भारतीय मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया की आलोचना की, हालांकि उसने कहा कि भारत सरकार ने ‘विनम्रतापूर्वक’ व्यवहार किया। चीन के सरकारी अखबार ने कहा, 'कुछ भारतीय बहुत अधिक अधिक आत्मकेंद्रित और आत्मसंतुष्ट हैं। दूसरी तरफ भारत सरकार ने विनम्रतापूर्वक व्यवहार किया और बातचीत की इच्छुक है। छींटाकसी करना नयी दिल्ली के लिए कोई विकल्प नहीं होगा।' इसके संपादकीय में कहा गया, 'भारत के राष्ट्रवादियों को यह सीखना चाहिए कि उनको कैसे व्यवहार करना है। अगर वे चाहते हैं कि उनका देश बड़ी ताकत हो तो उनको यह जानना चाहिए कि कैसे बड़ी ताकतें अपना काम करती हैं।' टिप्पणियां
अखबार ने कहा, 'अमेरिका के समर्थन से भारत की अकांक्षा को सबसे अधिक प्रोत्साहन मिला। भारत के साथ निकटता बढ़ाकर वाशिंगटन की भारत नीति का असल मकसद चीन को नियंत्रित करना है।' उसने कहा, 'अमेरिका ही पूरी दुनिया नहीं है। उसके समर्थन का यह मतलब नहीं है कि भारत को पूरी दुनिया का समर्थन मिल गया। इस बुनियादी तथ्य को भारत नजरअंदाज करता आ रहा है।' भारत के मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में प्रवेश पर अखबार ने कहा कि एमटीसीआर ने भारत को सदस्य बना लिया, लेकिन चीन को इंकार कर दिया। इसके बावजूद चीन की जनता में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
'ग्लोबल टाइम्स' ने अपने संपादकीय में कहा कि 48 सदस्यीय समूह में भारत के प्रवेश को चीन ने नहीं, बल्कि नियमों ने रोका। उसने कहा कि चीन सहित करीब 10 देशों ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों को एनएसजी में शामिल करने का विरोध किया।
अखबार के संपादकीय में कहा गया है, 'भारत ने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किया है, लेकिन एनएसजी में शामिल होने का सबसे सक्रिय आवेदक है। सोल बैठक से पहले भारतीय मीडिया ने भारत के प्रयास को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। कुछ ने यहां तक दावा कर दिया कि चीन को छोड़कर एनएसजी के अन्य 47 सदस्यों ने हरी झंडी दे दी है।' उसने कहा, 'भारत एनपीटी पर हस्ताक्षर किए बिना एनएसजी में शामिल होकर पहला अपवाद बनना चाहता है। यह चीन और दूसरे सदस्यों के लिए नैतिक रूप से उचित है कि वे सिद्धांतों के बचाव में भारत के प्रस्ताव को गिराएं।' अपने राष्ट्रवादी रुख की पहचान रखने वाले इस अखबार ने कहा कि भारत पश्चिम के लिए चहेता बनता जा रहा है।
उसने भारत के एनएसजी के नाकाम प्रयास को लेकर भारतीय मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया की आलोचना की, हालांकि उसने कहा कि भारत सरकार ने ‘विनम्रतापूर्वक’ व्यवहार किया। चीन के सरकारी अखबार ने कहा, 'कुछ भारतीय बहुत अधिक अधिक आत्मकेंद्रित और आत्मसंतुष्ट हैं। दूसरी तरफ भारत सरकार ने विनम्रतापूर्वक व्यवहार किया और बातचीत की इच्छुक है। छींटाकसी करना नयी दिल्ली के लिए कोई विकल्प नहीं होगा।' इसके संपादकीय में कहा गया, 'भारत के राष्ट्रवादियों को यह सीखना चाहिए कि उनको कैसे व्यवहार करना है। अगर वे चाहते हैं कि उनका देश बड़ी ताकत हो तो उनको यह जानना चाहिए कि कैसे बड़ी ताकतें अपना काम करती हैं।' टिप्पणियां
अखबार ने कहा, 'अमेरिका के समर्थन से भारत की अकांक्षा को सबसे अधिक प्रोत्साहन मिला। भारत के साथ निकटता बढ़ाकर वाशिंगटन की भारत नीति का असल मकसद चीन को नियंत्रित करना है।' उसने कहा, 'अमेरिका ही पूरी दुनिया नहीं है। उसके समर्थन का यह मतलब नहीं है कि भारत को पूरी दुनिया का समर्थन मिल गया। इस बुनियादी तथ्य को भारत नजरअंदाज करता आ रहा है।' भारत के मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में प्रवेश पर अखबार ने कहा कि एमटीसीआर ने भारत को सदस्य बना लिया, लेकिन चीन को इंकार कर दिया। इसके बावजूद चीन की जनता में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अखबार के संपादकीय में कहा गया है, 'भारत ने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किया है, लेकिन एनएसजी में शामिल होने का सबसे सक्रिय आवेदक है। सोल बैठक से पहले भारतीय मीडिया ने भारत के प्रयास को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। कुछ ने यहां तक दावा कर दिया कि चीन को छोड़कर एनएसजी के अन्य 47 सदस्यों ने हरी झंडी दे दी है।' उसने कहा, 'भारत एनपीटी पर हस्ताक्षर किए बिना एनएसजी में शामिल होकर पहला अपवाद बनना चाहता है। यह चीन और दूसरे सदस्यों के लिए नैतिक रूप से उचित है कि वे सिद्धांतों के बचाव में भारत के प्रस्ताव को गिराएं।' अपने राष्ट्रवादी रुख की पहचान रखने वाले इस अखबार ने कहा कि भारत पश्चिम के लिए चहेता बनता जा रहा है।
उसने भारत के एनएसजी के नाकाम प्रयास को लेकर भारतीय मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया की आलोचना की, हालांकि उसने कहा कि भारत सरकार ने ‘विनम्रतापूर्वक’ व्यवहार किया। चीन के सरकारी अखबार ने कहा, 'कुछ भारतीय बहुत अधिक अधिक आत्मकेंद्रित और आत्मसंतुष्ट हैं। दूसरी तरफ भारत सरकार ने विनम्रतापूर्वक व्यवहार किया और बातचीत की इच्छुक है। छींटाकसी करना नयी दिल्ली के लिए कोई विकल्प नहीं होगा।' इसके संपादकीय में कहा गया, 'भारत के राष्ट्रवादियों को यह सीखना चाहिए कि उनको कैसे व्यवहार करना है। अगर वे चाहते हैं कि उनका देश बड़ी ताकत हो तो उनको यह जानना चाहिए कि कैसे बड़ी ताकतें अपना काम करती हैं।' टिप्पणियां
अखबार ने कहा, 'अमेरिका के समर्थन से भारत की अकांक्षा को सबसे अधिक प्रोत्साहन मिला। भारत के साथ निकटता बढ़ाकर वाशिंगटन की भारत नीति का असल मकसद चीन को नियंत्रित करना है।' उसने कहा, 'अमेरिका ही पूरी दुनिया नहीं है। उसके समर्थन का यह मतलब नहीं है कि भारत को पूरी दुनिया का समर्थन मिल गया। इस बुनियादी तथ्य को भारत नजरअंदाज करता आ रहा है।' भारत के मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में प्रवेश पर अखबार ने कहा कि एमटीसीआर ने भारत को सदस्य बना लिया, लेकिन चीन को इंकार कर दिया। इसके बावजूद चीन की जनता में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उसने भारत के एनएसजी के नाकाम प्रयास को लेकर भारतीय मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया की आलोचना की, हालांकि उसने कहा कि भारत सरकार ने ‘विनम्रतापूर्वक’ व्यवहार किया। चीन के सरकारी अखबार ने कहा, 'कुछ भारतीय बहुत अधिक अधिक आत्मकेंद्रित और आत्मसंतुष्ट हैं। दूसरी तरफ भारत सरकार ने विनम्रतापूर्वक व्यवहार किया और बातचीत की इच्छुक है। छींटाकसी करना नयी दिल्ली के लिए कोई विकल्प नहीं होगा।' इसके संपादकीय में कहा गया, 'भारत के राष्ट्रवादियों को यह सीखना चाहिए कि उनको कैसे व्यवहार करना है। अगर वे चाहते हैं कि उनका देश बड़ी ताकत हो तो उनको यह जानना चाहिए कि कैसे बड़ी ताकतें अपना काम करती हैं।' टिप्पणियां
अखबार ने कहा, 'अमेरिका के समर्थन से भारत की अकांक्षा को सबसे अधिक प्रोत्साहन मिला। भारत के साथ निकटता बढ़ाकर वाशिंगटन की भारत नीति का असल मकसद चीन को नियंत्रित करना है।' उसने कहा, 'अमेरिका ही पूरी दुनिया नहीं है। उसके समर्थन का यह मतलब नहीं है कि भारत को पूरी दुनिया का समर्थन मिल गया। इस बुनियादी तथ्य को भारत नजरअंदाज करता आ रहा है।' भारत के मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में प्रवेश पर अखबार ने कहा कि एमटीसीआर ने भारत को सदस्य बना लिया, लेकिन चीन को इंकार कर दिया। इसके बावजूद चीन की जनता में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अखबार ने कहा, 'अमेरिका के समर्थन से भारत की अकांक्षा को सबसे अधिक प्रोत्साहन मिला। भारत के साथ निकटता बढ़ाकर वाशिंगटन की भारत नीति का असल मकसद चीन को नियंत्रित करना है।' उसने कहा, 'अमेरिका ही पूरी दुनिया नहीं है। उसके समर्थन का यह मतलब नहीं है कि भारत को पूरी दुनिया का समर्थन मिल गया। इस बुनियादी तथ्य को भारत नजरअंदाज करता आ रहा है।' भारत के मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में प्रवेश पर अखबार ने कहा कि एमटीसीआर ने भारत को सदस्य बना लिया, लेकिन चीन को इंकार कर दिया। इसके बावजूद चीन की जनता में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लिखा, एनएसजी में भारत के प्रवेश को चीन ने नहीं बल्कि नियमों ने रोका
भारतीय मीडिया ने अपने देश के प्रयास को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया
अमेरिकी समर्थन से भारत की आकांक्षा को सबसे ज्यादा प्रोत्साहन मिला | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के दो बार प्रस्तावित पाकिस्तान दौरे को रद्द करने के परिणामस्वरूप आगामी बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) के दूसरे संस्करण में एक भी पाकिस्तानी क्रिकेटर हिस्सा नहीं ले सकेगा।
दरअसल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शुक्रवार से शुरू होने वाले ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सात फ्रेंचाइजी टीमों में से किसी में भी भाग लेने के लिए किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी नहीं किया है।
बीसीबी के प्रवक्ता जलाल यूनुस ने ढाका में कहा, "पीसीबी के सुभान अहमद ने बीसीबी को बता दिया है कि किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को एनओसी नहीं दी जाएगी।"
गौरतलब है कि बीपीएल अध्यक्ष अफजलुर रहमान सिन्हा ने मंगलवार को कहा था, "हम बुधवार सुबह 10 बजे तक इंतजार करेंगे, अगर इस दौरान पीसीबी की ओर से कोई जवाब नहीं आता है तो टूर्नामेंट पाकिस्तान खिलाड़ियों के बगैर अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगा।" टिप्पणियां
टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सातों टीमों को बोली के दौरान नहीं बिकने वाले खिलाड़ियों में से पाकिस्तानी खिलाड़ियों का विकल्प चुनने को कहा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम से सबसे अधिक खुलना रॉयल बंगाल्स टीम प्रभावित हुई हैं। इस टीम में सात पाकिस्तान खिलाड़ियों को शामिल किया गया था, जिनमें शोएब मलिक, उमर अकमल, अवैस जिया, उमर अमीन, अहमद शहजाद, हैरिस सोहेल और बिलावल भट्टी शामिल हैं।
दरअसल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शुक्रवार से शुरू होने वाले ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सात फ्रेंचाइजी टीमों में से किसी में भी भाग लेने के लिए किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी नहीं किया है।
बीसीबी के प्रवक्ता जलाल यूनुस ने ढाका में कहा, "पीसीबी के सुभान अहमद ने बीसीबी को बता दिया है कि किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को एनओसी नहीं दी जाएगी।"
गौरतलब है कि बीपीएल अध्यक्ष अफजलुर रहमान सिन्हा ने मंगलवार को कहा था, "हम बुधवार सुबह 10 बजे तक इंतजार करेंगे, अगर इस दौरान पीसीबी की ओर से कोई जवाब नहीं आता है तो टूर्नामेंट पाकिस्तान खिलाड़ियों के बगैर अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगा।" टिप्पणियां
टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सातों टीमों को बोली के दौरान नहीं बिकने वाले खिलाड़ियों में से पाकिस्तानी खिलाड़ियों का विकल्प चुनने को कहा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम से सबसे अधिक खुलना रॉयल बंगाल्स टीम प्रभावित हुई हैं। इस टीम में सात पाकिस्तान खिलाड़ियों को शामिल किया गया था, जिनमें शोएब मलिक, उमर अकमल, अवैस जिया, उमर अमीन, अहमद शहजाद, हैरिस सोहेल और बिलावल भट्टी शामिल हैं।
बीसीबी के प्रवक्ता जलाल यूनुस ने ढाका में कहा, "पीसीबी के सुभान अहमद ने बीसीबी को बता दिया है कि किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को एनओसी नहीं दी जाएगी।"
गौरतलब है कि बीपीएल अध्यक्ष अफजलुर रहमान सिन्हा ने मंगलवार को कहा था, "हम बुधवार सुबह 10 बजे तक इंतजार करेंगे, अगर इस दौरान पीसीबी की ओर से कोई जवाब नहीं आता है तो टूर्नामेंट पाकिस्तान खिलाड़ियों के बगैर अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगा।" टिप्पणियां
टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सातों टीमों को बोली के दौरान नहीं बिकने वाले खिलाड़ियों में से पाकिस्तानी खिलाड़ियों का विकल्प चुनने को कहा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम से सबसे अधिक खुलना रॉयल बंगाल्स टीम प्रभावित हुई हैं। इस टीम में सात पाकिस्तान खिलाड़ियों को शामिल किया गया था, जिनमें शोएब मलिक, उमर अकमल, अवैस जिया, उमर अमीन, अहमद शहजाद, हैरिस सोहेल और बिलावल भट्टी शामिल हैं।
गौरतलब है कि बीपीएल अध्यक्ष अफजलुर रहमान सिन्हा ने मंगलवार को कहा था, "हम बुधवार सुबह 10 बजे तक इंतजार करेंगे, अगर इस दौरान पीसीबी की ओर से कोई जवाब नहीं आता है तो टूर्नामेंट पाकिस्तान खिलाड़ियों के बगैर अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगा।" टिप्पणियां
टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सातों टीमों को बोली के दौरान नहीं बिकने वाले खिलाड़ियों में से पाकिस्तानी खिलाड़ियों का विकल्प चुनने को कहा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम से सबसे अधिक खुलना रॉयल बंगाल्स टीम प्रभावित हुई हैं। इस टीम में सात पाकिस्तान खिलाड़ियों को शामिल किया गया था, जिनमें शोएब मलिक, उमर अकमल, अवैस जिया, उमर अमीन, अहमद शहजाद, हैरिस सोहेल और बिलावल भट्टी शामिल हैं।
टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सातों टीमों को बोली के दौरान नहीं बिकने वाले खिलाड़ियों में से पाकिस्तानी खिलाड़ियों का विकल्प चुनने को कहा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम से सबसे अधिक खुलना रॉयल बंगाल्स टीम प्रभावित हुई हैं। इस टीम में सात पाकिस्तान खिलाड़ियों को शामिल किया गया था, जिनमें शोएब मलिक, उमर अकमल, अवैस जिया, उमर अमीन, अहमद शहजाद, हैरिस सोहेल और बिलावल भट्टी शामिल हैं।
इस पूरे घटनाक्रम से सबसे अधिक खुलना रॉयल बंगाल्स टीम प्रभावित हुई हैं। इस टीम में सात पाकिस्तान खिलाड़ियों को शामिल किया गया था, जिनमें शोएब मलिक, उमर अकमल, अवैस जिया, उमर अमीन, अहमद शहजाद, हैरिस सोहेल और बिलावल भट्टी शामिल हैं। | यहाँ एक सारांश है:बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के दो बार प्रस्तावित पाकिस्तान दौरे को रद्द करने के परिणामस्वरूप आगामी बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) के दूसरे संस्करण में एक भी पाकिस्तानी क्रिकेटर हिस्सा नहीं ले सकेगा। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) ने नक्सलियों और प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से जमीनी स्तर पर गहरे संपर्क स्थापित कर लिए हैं और यह न केवल पश्चिम बंगाल में हुआ है बल्कि देश भर में इसने अपने संबंध विकसित कर लिए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह चिंता का सबब बना हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियों ने यह सूचना इस माह की शुरुआत में नई दिल्ली में नक्सल प्रभावित नौ राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक आला अधिकारियों की बैठक में साझा की। यह बैठक नक्सल निरोधी अभियानों और पिछड़े इलाकों में विकास कार्यो की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी।
बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक नपराजित मुखर्जी ने बैठक में कहा कि "नक्सली सभी स्तरों पर पराजय का सामना कर रहे हैं लेकिन इसी बीच उनके और पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के बीच प्रगाढ़ होते सम्बंधों के संकेत मिल रहे हैं। इस संदर्भ में राज्य के उन चार जिलों से पर्याप्त सबूत देखने को मिल रहे हैं जिनकी सीमा बांग्लादेश के साथ मिलती है।"
मुखर्जी ने इस दौरान मुर्शिदाबाद, पश्चिमी मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुरा जिलों के नाम का उल्लेख किया।
मुखर्जी ने इस गठजोड़ पर चिंता जताते हुए कहा कि इन जिलों से हाल के दिनों में गिरफ्तार किए गए नक्सलियों ने आईएसआई के साथ संपर्क का खुलासा किया है।
इस मसले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "न केवल पश्चिम बंगाल में नहीं, बल्कि आईएसआई से संबंध रखने वाले नक्सली सुरक्षा बलों की सेवा में भी आ रहे हैं। हमने यह भी देखा है कि नक्सलियों अथवा उनके समर्थकों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में सिमी के कार्यकर्ता भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसा न केवल दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहा है बल्कि देश के कई हिस्सों में हो रहा है। "टिप्पणियां
उल्लेखनीय है देश सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया एजेंसियां हाल के दिनों में इस बात की संभावना व्यक्त करते रही हैं कि नक्सलियों के आईएसआई से संपर्क हैं लेकिन मुखर्जी जैसे वरिष्ठ अधिकारी की ओर से यह खुलासा इतने स्पष्ट रूप से पहली बार हुआ है। सुरक्षा बलों का यह भी मानना है कि कश्मीर में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे आंतकवादी समूह को नक्सलियों का समर्थन मिल रहा है।
कुछ माह पहले कर्नाटक पुलिस ने भी इस बात का खुलासा किया था कि आईएसआई नक्सलियों तक पहुंच बनाने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने यह सूचना इस माह की शुरुआत में नई दिल्ली में नक्सल प्रभावित नौ राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक आला अधिकारियों की बैठक में साझा की। यह बैठक नक्सल निरोधी अभियानों और पिछड़े इलाकों में विकास कार्यो की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी।
बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक नपराजित मुखर्जी ने बैठक में कहा कि "नक्सली सभी स्तरों पर पराजय का सामना कर रहे हैं लेकिन इसी बीच उनके और पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के बीच प्रगाढ़ होते सम्बंधों के संकेत मिल रहे हैं। इस संदर्भ में राज्य के उन चार जिलों से पर्याप्त सबूत देखने को मिल रहे हैं जिनकी सीमा बांग्लादेश के साथ मिलती है।"
मुखर्जी ने इस दौरान मुर्शिदाबाद, पश्चिमी मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुरा जिलों के नाम का उल्लेख किया।
मुखर्जी ने इस गठजोड़ पर चिंता जताते हुए कहा कि इन जिलों से हाल के दिनों में गिरफ्तार किए गए नक्सलियों ने आईएसआई के साथ संपर्क का खुलासा किया है।
इस मसले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "न केवल पश्चिम बंगाल में नहीं, बल्कि आईएसआई से संबंध रखने वाले नक्सली सुरक्षा बलों की सेवा में भी आ रहे हैं। हमने यह भी देखा है कि नक्सलियों अथवा उनके समर्थकों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में सिमी के कार्यकर्ता भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसा न केवल दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहा है बल्कि देश के कई हिस्सों में हो रहा है। "टिप्पणियां
उल्लेखनीय है देश सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया एजेंसियां हाल के दिनों में इस बात की संभावना व्यक्त करते रही हैं कि नक्सलियों के आईएसआई से संपर्क हैं लेकिन मुखर्जी जैसे वरिष्ठ अधिकारी की ओर से यह खुलासा इतने स्पष्ट रूप से पहली बार हुआ है। सुरक्षा बलों का यह भी मानना है कि कश्मीर में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे आंतकवादी समूह को नक्सलियों का समर्थन मिल रहा है।
कुछ माह पहले कर्नाटक पुलिस ने भी इस बात का खुलासा किया था कि आईएसआई नक्सलियों तक पहुंच बनाने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक नपराजित मुखर्जी ने बैठक में कहा कि "नक्सली सभी स्तरों पर पराजय का सामना कर रहे हैं लेकिन इसी बीच उनके और पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के बीच प्रगाढ़ होते सम्बंधों के संकेत मिल रहे हैं। इस संदर्भ में राज्य के उन चार जिलों से पर्याप्त सबूत देखने को मिल रहे हैं जिनकी सीमा बांग्लादेश के साथ मिलती है।"
मुखर्जी ने इस दौरान मुर्शिदाबाद, पश्चिमी मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुरा जिलों के नाम का उल्लेख किया।
मुखर्जी ने इस गठजोड़ पर चिंता जताते हुए कहा कि इन जिलों से हाल के दिनों में गिरफ्तार किए गए नक्सलियों ने आईएसआई के साथ संपर्क का खुलासा किया है।
इस मसले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "न केवल पश्चिम बंगाल में नहीं, बल्कि आईएसआई से संबंध रखने वाले नक्सली सुरक्षा बलों की सेवा में भी आ रहे हैं। हमने यह भी देखा है कि नक्सलियों अथवा उनके समर्थकों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में सिमी के कार्यकर्ता भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसा न केवल दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहा है बल्कि देश के कई हिस्सों में हो रहा है। "टिप्पणियां
उल्लेखनीय है देश सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया एजेंसियां हाल के दिनों में इस बात की संभावना व्यक्त करते रही हैं कि नक्सलियों के आईएसआई से संपर्क हैं लेकिन मुखर्जी जैसे वरिष्ठ अधिकारी की ओर से यह खुलासा इतने स्पष्ट रूप से पहली बार हुआ है। सुरक्षा बलों का यह भी मानना है कि कश्मीर में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे आंतकवादी समूह को नक्सलियों का समर्थन मिल रहा है।
कुछ माह पहले कर्नाटक पुलिस ने भी इस बात का खुलासा किया था कि आईएसआई नक्सलियों तक पहुंच बनाने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मुखर्जी ने इस दौरान मुर्शिदाबाद, पश्चिमी मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुरा जिलों के नाम का उल्लेख किया।
मुखर्जी ने इस गठजोड़ पर चिंता जताते हुए कहा कि इन जिलों से हाल के दिनों में गिरफ्तार किए गए नक्सलियों ने आईएसआई के साथ संपर्क का खुलासा किया है।
इस मसले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "न केवल पश्चिम बंगाल में नहीं, बल्कि आईएसआई से संबंध रखने वाले नक्सली सुरक्षा बलों की सेवा में भी आ रहे हैं। हमने यह भी देखा है कि नक्सलियों अथवा उनके समर्थकों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में सिमी के कार्यकर्ता भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसा न केवल दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहा है बल्कि देश के कई हिस्सों में हो रहा है। "टिप्पणियां
उल्लेखनीय है देश सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया एजेंसियां हाल के दिनों में इस बात की संभावना व्यक्त करते रही हैं कि नक्सलियों के आईएसआई से संपर्क हैं लेकिन मुखर्जी जैसे वरिष्ठ अधिकारी की ओर से यह खुलासा इतने स्पष्ट रूप से पहली बार हुआ है। सुरक्षा बलों का यह भी मानना है कि कश्मीर में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे आंतकवादी समूह को नक्सलियों का समर्थन मिल रहा है।
कुछ माह पहले कर्नाटक पुलिस ने भी इस बात का खुलासा किया था कि आईएसआई नक्सलियों तक पहुंच बनाने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मुखर्जी ने इस गठजोड़ पर चिंता जताते हुए कहा कि इन जिलों से हाल के दिनों में गिरफ्तार किए गए नक्सलियों ने आईएसआई के साथ संपर्क का खुलासा किया है।
इस मसले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "न केवल पश्चिम बंगाल में नहीं, बल्कि आईएसआई से संबंध रखने वाले नक्सली सुरक्षा बलों की सेवा में भी आ रहे हैं। हमने यह भी देखा है कि नक्सलियों अथवा उनके समर्थकों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में सिमी के कार्यकर्ता भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसा न केवल दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहा है बल्कि देश के कई हिस्सों में हो रहा है। "टिप्पणियां
उल्लेखनीय है देश सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया एजेंसियां हाल के दिनों में इस बात की संभावना व्यक्त करते रही हैं कि नक्सलियों के आईएसआई से संपर्क हैं लेकिन मुखर्जी जैसे वरिष्ठ अधिकारी की ओर से यह खुलासा इतने स्पष्ट रूप से पहली बार हुआ है। सुरक्षा बलों का यह भी मानना है कि कश्मीर में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे आंतकवादी समूह को नक्सलियों का समर्थन मिल रहा है।
कुछ माह पहले कर्नाटक पुलिस ने भी इस बात का खुलासा किया था कि आईएसआई नक्सलियों तक पहुंच बनाने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस मसले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "न केवल पश्चिम बंगाल में नहीं, बल्कि आईएसआई से संबंध रखने वाले नक्सली सुरक्षा बलों की सेवा में भी आ रहे हैं। हमने यह भी देखा है कि नक्सलियों अथवा उनके समर्थकों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में सिमी के कार्यकर्ता भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसा न केवल दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहा है बल्कि देश के कई हिस्सों में हो रहा है। "टिप्पणियां
उल्लेखनीय है देश सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया एजेंसियां हाल के दिनों में इस बात की संभावना व्यक्त करते रही हैं कि नक्सलियों के आईएसआई से संपर्क हैं लेकिन मुखर्जी जैसे वरिष्ठ अधिकारी की ओर से यह खुलासा इतने स्पष्ट रूप से पहली बार हुआ है। सुरक्षा बलों का यह भी मानना है कि कश्मीर में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे आंतकवादी समूह को नक्सलियों का समर्थन मिल रहा है।
कुछ माह पहले कर्नाटक पुलिस ने भी इस बात का खुलासा किया था कि आईएसआई नक्सलियों तक पहुंच बनाने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है देश सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया एजेंसियां हाल के दिनों में इस बात की संभावना व्यक्त करते रही हैं कि नक्सलियों के आईएसआई से संपर्क हैं लेकिन मुखर्जी जैसे वरिष्ठ अधिकारी की ओर से यह खुलासा इतने स्पष्ट रूप से पहली बार हुआ है। सुरक्षा बलों का यह भी मानना है कि कश्मीर में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे आंतकवादी समूह को नक्सलियों का समर्थन मिल रहा है।
कुछ माह पहले कर्नाटक पुलिस ने भी इस बात का खुलासा किया था कि आईएसआई नक्सलियों तक पहुंच बनाने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कुछ माह पहले कर्नाटक पुलिस ने भी इस बात का खुलासा किया था कि आईएसआई नक्सलियों तक पहुंच बनाने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगी छोटा शकील का इस्तेमाल कर रहे हैं। | सारांश: पाकिस्तान की खुफिया आईएसआई ने नक्सलियों और प्रतिबंधित सिमी से जमीनी स्तर पर गहरे संपर्क स्थापित कर लिए हैं और यह न केवल पश्चिम बंगाल में हुआ है बल्कि देश भर में इसने अपने संबंध विकसित कर लिए हैं। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वैश्विक संकेतों के बीच स्टॉकिस्टों की ताजा लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव दो सप्ताह के निचले स्तर तक जाने के बाद शनिवार को 260 रुपये की तेजी के साथ 27,640 रुपये प्रति 10 ग्राम बोले गए।
औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की मांग बढ़ने से चांदी के भाव 600 रुपये चढ़कर 42,300 रुपये किलो हो गए। वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में सुधार के रुख के कारण घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में सितम्बर, 2010 के निम्नतम स्तर से सुधार दर्ज किया गया। इसके अलावा कारोबारियों और निवेशको द्वारा सीमित खरीदारी से भी सोने में तेजी को बल मिला।टिप्पणियां
न्यूयॉर्क में सोने के भाव 0.8 प्रतिशत की तेजी के साथ 1295.60 डॉलर प्रति औंस और चांदी के भाव 0.5 प्रतिशत चढ़कर 19.80 डॉलर प्रति औंस हो गए। घरेलू बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव 260 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,640 रुपये और 27,440 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए।
गिन्नी के भाव 50 रुपये सुधर कर 24,250 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 600 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 500 रुपये चढ़कर 41,550 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर 78,000 से 79,000 रुपये प्रति सैकड़ा अपरिवर्तित बंद हुए।
औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की मांग बढ़ने से चांदी के भाव 600 रुपये चढ़कर 42,300 रुपये किलो हो गए। वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में सुधार के रुख के कारण घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में सितम्बर, 2010 के निम्नतम स्तर से सुधार दर्ज किया गया। इसके अलावा कारोबारियों और निवेशको द्वारा सीमित खरीदारी से भी सोने में तेजी को बल मिला।टिप्पणियां
न्यूयॉर्क में सोने के भाव 0.8 प्रतिशत की तेजी के साथ 1295.60 डॉलर प्रति औंस और चांदी के भाव 0.5 प्रतिशत चढ़कर 19.80 डॉलर प्रति औंस हो गए। घरेलू बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव 260 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,640 रुपये और 27,440 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए।
गिन्नी के भाव 50 रुपये सुधर कर 24,250 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 600 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 500 रुपये चढ़कर 41,550 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर 78,000 से 79,000 रुपये प्रति सैकड़ा अपरिवर्तित बंद हुए।
न्यूयॉर्क में सोने के भाव 0.8 प्रतिशत की तेजी के साथ 1295.60 डॉलर प्रति औंस और चांदी के भाव 0.5 प्रतिशत चढ़कर 19.80 डॉलर प्रति औंस हो गए। घरेलू बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव 260 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,640 रुपये और 27,440 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए।
गिन्नी के भाव 50 रुपये सुधर कर 24,250 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 600 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 500 रुपये चढ़कर 41,550 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर 78,000 से 79,000 रुपये प्रति सैकड़ा अपरिवर्तित बंद हुए।
गिन्नी के भाव 50 रुपये सुधर कर 24,250 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 600 रुपये की तेजी के साथ 42,300 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 500 रुपये चढ़कर 41,550 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर 78,000 से 79,000 रुपये प्रति सैकड़ा अपरिवर्तित बंद हुए। | सारांश: वैश्विक संकेतों के बीच स्टॉकिस्टों की ताजा लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव दो सप्ताह के निचले स्तर तक जाने के बाद शनिवार को 260 रुपये की तेजी के साथ 27,640 रुपये प्रति 10 ग्राम बोले गए। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड में कांग्रेस समन्वय समिति ने राज्य पार्टी प्रमुख यशपाल आर्य को हटाने और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा एवं उनके मंत्रिमंडल के प्रदर्शन की समय समय पर समीक्षा करने का फैसला किया।
मार्च में बहुगुणा सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार सत्तारूढ़ हुई कांग्रेस की समन्वय समिति की बैठक में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का मुददा भी उठा।टिप्पणियां
इस बैठक में यह बात सामने आई कि सरकार गठित होने के बाद पार्टी के क्रियाकलाप में ‘ढीलापन’ आया है।
कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड में पार्टी मामलों के प्रभारी चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नए पीसीसी प्रमुख का चयन जल्द ही होगा। केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत ने भी यही मांग की है।
मार्च में बहुगुणा सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार सत्तारूढ़ हुई कांग्रेस की समन्वय समिति की बैठक में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का मुददा भी उठा।टिप्पणियां
इस बैठक में यह बात सामने आई कि सरकार गठित होने के बाद पार्टी के क्रियाकलाप में ‘ढीलापन’ आया है।
कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड में पार्टी मामलों के प्रभारी चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नए पीसीसी प्रमुख का चयन जल्द ही होगा। केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत ने भी यही मांग की है।
इस बैठक में यह बात सामने आई कि सरकार गठित होने के बाद पार्टी के क्रियाकलाप में ‘ढीलापन’ आया है।
कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड में पार्टी मामलों के प्रभारी चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नए पीसीसी प्रमुख का चयन जल्द ही होगा। केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत ने भी यही मांग की है।
कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड में पार्टी मामलों के प्रभारी चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नए पीसीसी प्रमुख का चयन जल्द ही होगा। केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत ने भी यही मांग की है। | यह एक सारांश है: उत्तराखंड में कांग्रेस समन्वय समिति ने राज्य पार्टी प्रमुख यशपाल आर्य को हटाने और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा एवं उनके मंत्रिमंडल के प्रदर्शन की समय समय पर समीक्षा करने का फैसला किया। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रुपये के अवमूल्यन और अंतरराष्ट्रीय मूल्यों में वृद्धि के कारण पेट्रोल के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की जा रही है। शनिवार मध्य रात्रि से प्रभावित हो रही वृद्धि में कर अतिरिक्त होंगे। यह जानकारी सरकारी तेल विपणन कंपनी (ओएमसी) ने दी।
देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन और कच्चे तेल के दाम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई वृद्धि के कारण मूल्य वृद्धि की जा रही है।टिप्पणियां
आईओसी ने एक बयान में कहा है, "पिछले मूल्य परिवर्तन से रुपये में गिरावट जारी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय एमएस (मोटर स्पिरिट) मूल्य भी इस अवधि में बढ़ गया। इन दोनों तथ्यों के संयुक्त प्रभाव ने एमएस मूल्य वृद्धि के लिए मजबूर किया है।"
इस महीने पेट्रोल के मूल्य में यह दूसरी वृद्धि है। 1 जून को ईंधन मूल्य में 0.75 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन और कच्चे तेल के दाम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई वृद्धि के कारण मूल्य वृद्धि की जा रही है।टिप्पणियां
आईओसी ने एक बयान में कहा है, "पिछले मूल्य परिवर्तन से रुपये में गिरावट जारी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय एमएस (मोटर स्पिरिट) मूल्य भी इस अवधि में बढ़ गया। इन दोनों तथ्यों के संयुक्त प्रभाव ने एमएस मूल्य वृद्धि के लिए मजबूर किया है।"
इस महीने पेट्रोल के मूल्य में यह दूसरी वृद्धि है। 1 जून को ईंधन मूल्य में 0.75 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
आईओसी ने एक बयान में कहा है, "पिछले मूल्य परिवर्तन से रुपये में गिरावट जारी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय एमएस (मोटर स्पिरिट) मूल्य भी इस अवधि में बढ़ गया। इन दोनों तथ्यों के संयुक्त प्रभाव ने एमएस मूल्य वृद्धि के लिए मजबूर किया है।"
इस महीने पेट्रोल के मूल्य में यह दूसरी वृद्धि है। 1 जून को ईंधन मूल्य में 0.75 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
इस महीने पेट्रोल के मूल्य में यह दूसरी वृद्धि है। 1 जून को ईंधन मूल्य में 0.75 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। | यह एक सारांश है: पेट्रोल के दाम दो रुपये प्रति लिटर बढ़ाए गए हैं। इसमें वैट शामिल नहीं है। नई कीमत मध्यरात्रि से प्रभावी होगी। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश विरोधी भाषण देने के आरोप में हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी, लेखिका अरुंधति राय और चार अन्य लोगों के खिलाफ सुनवाई किए जाने का अनुरोध गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से वापस ले लिया गया। इसके पहले पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि इस संबंध में प्राथमिकी पहले ही दर्ज की जा चुकी है। दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि मामले में प्राथमिकी पहले ही दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है। इसके बाद न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि अब याचिका अनुपयोगी हो गई है। अदालत के आदेश के बाद सलेक चंद जैन ने याचिका वापस ले ली। उन्होंने यह याचिका वकील सुग्रीव दुबे के जरिए दायर की थी। अदालत ने याचिका पर पहले दिल्ली पुलिस और केंद्र को नोटिस जारी करते हुए उनके रुख के बारे में पूछा था। सुशील पंडित की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एक निचली अदालत ने दिल्ली पुलिस को गिलानी, राय तथा चार अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। | यह एक सारांश है: अदालत ने याचिका पर पहले दिल्ली पुलिस और केंद्र को नोटिस जारी करते हुए उनके रुख के बारे में पूछा था। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि पहले टेस्ट मैच में शर्मनाक हार के बाद भारत की ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट शृंखला जीतने की संभावना भी समाप्त हो गई। भारत ने विदेश दौरे पर फिर से खराब शुरुआत की और बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण उसे मेलबर्न में 122 रन की करारी हार झेलनी पड़ी। गावस्कर से जब पूछा गया कि क्या इस हार से भारत की चार मैचों की सीरीज जीतने की संभावना समाप्त हो गई, तो उन्होंने हां में जवाब दिया।
गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा, ‘हां, मैं ऐसा मानता हूं (कि भारत शृंखला नहीं जीत पाएगा)। यदि मैं गलत साबित होता हूं, तो मुझे खुशी होगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा। दोनों पारियों में हम 300 रन तक पहुंचने में नाकाम रहे। विशेषकर दूसरी पारी में, जबकि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी।’
उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड में हम केवल एक बार 300 रन तक पहुंच पाए, जबकि हमारे बल्लेबाजों के नाम पर 30,000 से 40,000 रन दर्ज हैं। खतरे की घंटे बहुत तेजी से बज रही है।’ | सुनील गावस्कर का मानना है कि पहले टेस्ट मैच में शर्मनाक हार के बाद भारत की ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट शृंखला जीतने की संभावना भी समाप्त हो गई। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)ने धोखाधड़ी से जुड़ी एक शिकायत पर सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच शुरू करने को कहा था लेकिन सीबीआई ने PMO के दिशा-निर्देश के बाद भी एफआईआर दर्ज करने में 10 महीने का समय लगा दिया. बता दें कि गुजरात मे रहने वाले उमेश चंद्र नाम के शख्स ने PMO के पब्लिक ग्रीवांस पोर्टल पर 14 सितंबर 2018 को एक शिकायत दर्ज कराई थी.
इस शिकायत में उमेश चंद्र ने बताया कि एक युवक ने अपने आपको पीएमओ इनश्योरेन्स से जुड़ा हुआ बताकर उन्हें फोन किया और अपना नाम मैथ्यू बताया. आरोपी शख्स ने उसे लगातार कॉल किये और गलत तरीके से उनका एकाउंट नंबर और ओटीपी पता करके उनके साथ 18999 रुपए की ठगी की. मामला PMO के नाम का होने के चलते PMO दफ्तर से सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने के लिए कहा गया था. इसके बाद भी CBI ने FIR दर्ज करने में दस महीने से ज्यादा का वक़्त लगा दिया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: PMO के नाम पर युवक से हुई थी ठगी
पिछले साल का है यह पूरा मामला
पीएमओ ने सीबीआई से मामला दर्ज करने कहा था | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में ठंड में अटलांटिक तट से गुरुवार को उठे तूफान के उत्तर पूर्व में जाने की वजह से तमाम फ्लाइट और ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। बता जा रहा है कि करीब 3400 फ्लाइट्स रद्द की गई हैं।
न्यूयॉर्क सिटी में स्थानीय निकाल के अधिकारियों ने इस सदी के सर्वाधिक भारी बर्फबारी की चेतावनी के मद्देनजर सभी तैयारियां आरंभ कर दी है। उत्तर पूर्व के तमाम शहरों में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है।टिप्पणियां
शुक्रवार रात से तमाम एयरलाइंस ने न्यूयॉर्क और बॉस्टन हवाई अड्डों से अपनी तमाम उड़ानों को रद्द करने का फैसला किया है। हजारों की संख्या में कर्मियों को बर्फ हटाने के अभियान के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि करीब 18 इंच तक बर्फ जमने के आसार हैं।
न्यूयॉर्क सिटी में स्थानीय निकाल के अधिकारियों ने इस सदी के सर्वाधिक भारी बर्फबारी की चेतावनी के मद्देनजर सभी तैयारियां आरंभ कर दी है। उत्तर पूर्व के तमाम शहरों में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है।टिप्पणियां
शुक्रवार रात से तमाम एयरलाइंस ने न्यूयॉर्क और बॉस्टन हवाई अड्डों से अपनी तमाम उड़ानों को रद्द करने का फैसला किया है। हजारों की संख्या में कर्मियों को बर्फ हटाने के अभियान के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि करीब 18 इंच तक बर्फ जमने के आसार हैं।
शुक्रवार रात से तमाम एयरलाइंस ने न्यूयॉर्क और बॉस्टन हवाई अड्डों से अपनी तमाम उड़ानों को रद्द करने का फैसला किया है। हजारों की संख्या में कर्मियों को बर्फ हटाने के अभियान के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि करीब 18 इंच तक बर्फ जमने के आसार हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि करीब 18 इंच तक बर्फ जमने के आसार हैं। | सारांश: अमेरिका में ठंड में अटलांटिक तट से गुरुवार को उठे तूफान के उत्तर पूर्व में जाने की वजह से तमाम फ्लाइट और ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। बता जा रहा है कि करीब 3400 फ्लाइट्स रद्द की गई हैं। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूरोप की गिरती अर्थव्यवस्था को एक और झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने यूरोजोन की 17 में से नौ देशों की रेटिंग को घटा दिया है, जिसमें फ्रांस, ऑस्ट्रिया, इटली और स्पेन शामिल हैं। लेकिन इतने बुरे वक्त में भी जर्मनी ने अपनी ट्रिपल ए रेटिंग को बरकरार रखा है। एजेंसी ने इस गिरवाट के लिए इन देशों की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
डॉलर के मुकाबले यूरो पिछले 16 महीने के नीचे स्तर पर है। फ़्रांस के वित्तमंत्री ने कहा है कि स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने उनके देश की रेटिंग ट्रिपल ए से नीचे कर दी है, लेकिन फ़्रांस्वा बारवांग ने कहा है कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को देश की नीतियों को प्रभावित नहीं करने देंगे। यह फ़्रांस के लिए एक बड़ा झटका है और इस कदम से फ्रांस में सरकारी कर्जे की कीमत बढ़ जाएगी।
डॉलर के मुकाबले यूरो पिछले 16 महीने के नीचे स्तर पर है। फ़्रांस के वित्तमंत्री ने कहा है कि स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने उनके देश की रेटिंग ट्रिपल ए से नीचे कर दी है, लेकिन फ़्रांस्वा बारवांग ने कहा है कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को देश की नीतियों को प्रभावित नहीं करने देंगे। यह फ़्रांस के लिए एक बड़ा झटका है और इस कदम से फ्रांस में सरकारी कर्जे की कीमत बढ़ जाएगी। | अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने यूरोजोन की 17 में से नौ देशों की रेटिंग को घटा दिया है, जिसमें फ्रांस, ऑस्ट्रिया, इटली और स्पेन शामिल हैं। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने शुक्रवार को प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच से इनकार किया जबकि पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री पटेल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है।
कनाडा के समाचार पत्र 'ग्लोब एंड मेल' ने बुधवार की अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि देश का संघीय न्याय विभाग 10 करोड़ डॉलर का ठेका हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने पर भारतीय मूल के नजीर कारीगर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। ठेके के तहत एयर इंडिया को एक प्रणाली की आपूर्ति होनी थी।
खरीद के लिए ठेके की यह प्रक्रिया वर्ष 2006 की है और इस समय पटेल केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री थे।
पटेल जो इस समय केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में अपने नाम पर क्लिन चिट देने के लिए एयर इंडिया के अभिलेखों का अवलोकन करने का अनुरोध किया है। इस प्रत्र की एक प्रति आईएएनएस के पास भी है।
वहीं, सिंह ने पत्रकारों से कहा, "नहीं, एयर इंडिया इस मामले में खुद कोई जांच नहीं करेगी। समाचार पत्र में कोई भी कुछ भी लिख
सकता है लेकिन जहां तक जांच की बात है उसके लिए कुछ ठोस आधार होने चाहिए।" उन्होंने कहा, "पटेल ने कहा है कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। मुझे इस बारे में और जानकारी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से बात की है और वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।"
पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने अपने दो पन्ने के पत्र में प्रधानमंत्री से इस मामले में तथ्यगत स्थिति को कानाडा के अधिकारियों से
अवगत कराने का अनुरोध किया है ताकि उन्हें और भारत सरकार शर्मिंदगी से बचाया जा सके।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि समाचार पत्र की रिपोर्ट में पटेल पर आरोप लगा है कि उन्होंने मुम्बई के पूर्व पुलिस आयुक्त हसन गफूर के साथ मिलीभगत कर रिश्वत ली। गफूर उस समय एयर इंडिया के सुरक्षा निदेशक थे।
रिपोर्ट के मुताबिक गफूर ने अपने बचपन के मित्र कारीगर और पटेल के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। कारीगर पर आरोप है कि उसने कनाडा की कम्पनी क्रिप्टोमेट्रिक्स की ओर से पटेल और गफूर प्रत्येक को 25 लाख डॉलर की रिश्वत दी।
कनाडा के समाचार पत्र 'ग्लोब एंड मेल' ने बुधवार की अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि देश का संघीय न्याय विभाग 10 करोड़ डॉलर का ठेका हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने पर भारतीय मूल के नजीर कारीगर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। ठेके के तहत एयर इंडिया को एक प्रणाली की आपूर्ति होनी थी।
खरीद के लिए ठेके की यह प्रक्रिया वर्ष 2006 की है और इस समय पटेल केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री थे।
पटेल जो इस समय केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में अपने नाम पर क्लिन चिट देने के लिए एयर इंडिया के अभिलेखों का अवलोकन करने का अनुरोध किया है। इस प्रत्र की एक प्रति आईएएनएस के पास भी है।
वहीं, सिंह ने पत्रकारों से कहा, "नहीं, एयर इंडिया इस मामले में खुद कोई जांच नहीं करेगी। समाचार पत्र में कोई भी कुछ भी लिख
सकता है लेकिन जहां तक जांच की बात है उसके लिए कुछ ठोस आधार होने चाहिए।" उन्होंने कहा, "पटेल ने कहा है कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। मुझे इस बारे में और जानकारी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से बात की है और वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।"
पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने अपने दो पन्ने के पत्र में प्रधानमंत्री से इस मामले में तथ्यगत स्थिति को कानाडा के अधिकारियों से
अवगत कराने का अनुरोध किया है ताकि उन्हें और भारत सरकार शर्मिंदगी से बचाया जा सके।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि समाचार पत्र की रिपोर्ट में पटेल पर आरोप लगा है कि उन्होंने मुम्बई के पूर्व पुलिस आयुक्त हसन गफूर के साथ मिलीभगत कर रिश्वत ली। गफूर उस समय एयर इंडिया के सुरक्षा निदेशक थे।
रिपोर्ट के मुताबिक गफूर ने अपने बचपन के मित्र कारीगर और पटेल के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। कारीगर पर आरोप है कि उसने कनाडा की कम्पनी क्रिप्टोमेट्रिक्स की ओर से पटेल और गफूर प्रत्येक को 25 लाख डॉलर की रिश्वत दी।
खरीद के लिए ठेके की यह प्रक्रिया वर्ष 2006 की है और इस समय पटेल केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री थे।
पटेल जो इस समय केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में अपने नाम पर क्लिन चिट देने के लिए एयर इंडिया के अभिलेखों का अवलोकन करने का अनुरोध किया है। इस प्रत्र की एक प्रति आईएएनएस के पास भी है।
वहीं, सिंह ने पत्रकारों से कहा, "नहीं, एयर इंडिया इस मामले में खुद कोई जांच नहीं करेगी। समाचार पत्र में कोई भी कुछ भी लिख
सकता है लेकिन जहां तक जांच की बात है उसके लिए कुछ ठोस आधार होने चाहिए।" उन्होंने कहा, "पटेल ने कहा है कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। मुझे इस बारे में और जानकारी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से बात की है और वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।"
पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने अपने दो पन्ने के पत्र में प्रधानमंत्री से इस मामले में तथ्यगत स्थिति को कानाडा के अधिकारियों से
अवगत कराने का अनुरोध किया है ताकि उन्हें और भारत सरकार शर्मिंदगी से बचाया जा सके।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि समाचार पत्र की रिपोर्ट में पटेल पर आरोप लगा है कि उन्होंने मुम्बई के पूर्व पुलिस आयुक्त हसन गफूर के साथ मिलीभगत कर रिश्वत ली। गफूर उस समय एयर इंडिया के सुरक्षा निदेशक थे।
रिपोर्ट के मुताबिक गफूर ने अपने बचपन के मित्र कारीगर और पटेल के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। कारीगर पर आरोप है कि उसने कनाडा की कम्पनी क्रिप्टोमेट्रिक्स की ओर से पटेल और गफूर प्रत्येक को 25 लाख डॉलर की रिश्वत दी।
पटेल जो इस समय केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में अपने नाम पर क्लिन चिट देने के लिए एयर इंडिया के अभिलेखों का अवलोकन करने का अनुरोध किया है। इस प्रत्र की एक प्रति आईएएनएस के पास भी है।
वहीं, सिंह ने पत्रकारों से कहा, "नहीं, एयर इंडिया इस मामले में खुद कोई जांच नहीं करेगी। समाचार पत्र में कोई भी कुछ भी लिख
सकता है लेकिन जहां तक जांच की बात है उसके लिए कुछ ठोस आधार होने चाहिए।" उन्होंने कहा, "पटेल ने कहा है कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। मुझे इस बारे में और जानकारी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से बात की है और वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।"
पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने अपने दो पन्ने के पत्र में प्रधानमंत्री से इस मामले में तथ्यगत स्थिति को कानाडा के अधिकारियों से
अवगत कराने का अनुरोध किया है ताकि उन्हें और भारत सरकार शर्मिंदगी से बचाया जा सके।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि समाचार पत्र की रिपोर्ट में पटेल पर आरोप लगा है कि उन्होंने मुम्बई के पूर्व पुलिस आयुक्त हसन गफूर के साथ मिलीभगत कर रिश्वत ली। गफूर उस समय एयर इंडिया के सुरक्षा निदेशक थे।
रिपोर्ट के मुताबिक गफूर ने अपने बचपन के मित्र कारीगर और पटेल के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। कारीगर पर आरोप है कि उसने कनाडा की कम्पनी क्रिप्टोमेट्रिक्स की ओर से पटेल और गफूर प्रत्येक को 25 लाख डॉलर की रिश्वत दी।
वहीं, सिंह ने पत्रकारों से कहा, "नहीं, एयर इंडिया इस मामले में खुद कोई जांच नहीं करेगी। समाचार पत्र में कोई भी कुछ भी लिख
सकता है लेकिन जहां तक जांच की बात है उसके लिए कुछ ठोस आधार होने चाहिए।" उन्होंने कहा, "पटेल ने कहा है कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। मुझे इस बारे में और जानकारी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से बात की है और वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।"
पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने अपने दो पन्ने के पत्र में प्रधानमंत्री से इस मामले में तथ्यगत स्थिति को कानाडा के अधिकारियों से
अवगत कराने का अनुरोध किया है ताकि उन्हें और भारत सरकार शर्मिंदगी से बचाया जा सके।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि समाचार पत्र की रिपोर्ट में पटेल पर आरोप लगा है कि उन्होंने मुम्बई के पूर्व पुलिस आयुक्त हसन गफूर के साथ मिलीभगत कर रिश्वत ली। गफूर उस समय एयर इंडिया के सुरक्षा निदेशक थे।
रिपोर्ट के मुताबिक गफूर ने अपने बचपन के मित्र कारीगर और पटेल के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। कारीगर पर आरोप है कि उसने कनाडा की कम्पनी क्रिप्टोमेट्रिक्स की ओर से पटेल और गफूर प्रत्येक को 25 लाख डॉलर की रिश्वत दी।
पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने अपने दो पन्ने के पत्र में प्रधानमंत्री से इस मामले में तथ्यगत स्थिति को कानाडा के अधिकारियों से
अवगत कराने का अनुरोध किया है ताकि उन्हें और भारत सरकार शर्मिंदगी से बचाया जा सके।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि समाचार पत्र की रिपोर्ट में पटेल पर आरोप लगा है कि उन्होंने मुम्बई के पूर्व पुलिस आयुक्त हसन गफूर के साथ मिलीभगत कर रिश्वत ली। गफूर उस समय एयर इंडिया के सुरक्षा निदेशक थे।
रिपोर्ट के मुताबिक गफूर ने अपने बचपन के मित्र कारीगर और पटेल के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। कारीगर पर आरोप है कि उसने कनाडा की कम्पनी क्रिप्टोमेट्रिक्स की ओर से पटेल और गफूर प्रत्येक को 25 लाख डॉलर की रिश्वत दी।
ज्ञात हो कि समाचार पत्र की रिपोर्ट में पटेल पर आरोप लगा है कि उन्होंने मुम्बई के पूर्व पुलिस आयुक्त हसन गफूर के साथ मिलीभगत कर रिश्वत ली। गफूर उस समय एयर इंडिया के सुरक्षा निदेशक थे।
रिपोर्ट के मुताबिक गफूर ने अपने बचपन के मित्र कारीगर और पटेल के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। कारीगर पर आरोप है कि उसने कनाडा की कम्पनी क्रिप्टोमेट्रिक्स की ओर से पटेल और गफूर प्रत्येक को 25 लाख डॉलर की रिश्वत दी।
रिपोर्ट के मुताबिक गफूर ने अपने बचपन के मित्र कारीगर और पटेल के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। कारीगर पर आरोप है कि उसने कनाडा की कम्पनी क्रिप्टोमेट्रिक्स की ओर से पटेल और गफूर प्रत्येक को 25 लाख डॉलर की रिश्वत दी। | सारांश: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच से इनकार किया जबकि पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री पटेल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के लोकनिर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने बुधवार को कहा कि पार्क किसी सरकार का नहीं, बल्कि जनता का होता है और वहां पत्थर नहीं, पेड़ लगाए जाएंगे।
शिवपाल ने यह बात गोमतीनगर स्थित अम्बेडकर पार्क का नाम बदले जाने के विरोध में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेताओं द्वारा मंगलवार को दिए गए सांकेतिक धरने के संबंध में कही। बसपा नेताओं ने बाद में राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा था।
मंत्री ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, पार्क जनता का होता है, किसी सरकार का नहीं। जहां तक अम्बेडकर पार्क का नाम बदले जाने की बात है तो पूर्ववर्ती बसपा सरकार ने इस पार्क का नामकरण करने के लिए सरकारी नियमों का पालन नहीं किया था, लिहाजा सरकार को सही तरीके से पार्क का नामकरण करना पड़ा।
शिवपाल ने कहा कि पार्क का नामकरण करने से पहले बकायदा सरकार की ओर से गजट जारी किया जाता है और तब उसका नामकरण होता है लेकिन बसपा सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया था। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी पार्क बनाए जाते हैं, उन्हें जनता को ध्यान में रखकर ही बनाया जाता है। राज्य सरकार ने पार्क का नाम बदले जाने की घोषणा विधानसभा में की थी।
शिवपाल ने कहा कि मायावती की सरकार में पार्क का नाम बिना गजट के ही रखा गया था, जिसे सही नहीं ठहराया जा सकता।
शिवपाल ने यह बात गोमतीनगर स्थित अम्बेडकर पार्क का नाम बदले जाने के विरोध में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेताओं द्वारा मंगलवार को दिए गए सांकेतिक धरने के संबंध में कही। बसपा नेताओं ने बाद में राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा था।
मंत्री ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, पार्क जनता का होता है, किसी सरकार का नहीं। जहां तक अम्बेडकर पार्क का नाम बदले जाने की बात है तो पूर्ववर्ती बसपा सरकार ने इस पार्क का नामकरण करने के लिए सरकारी नियमों का पालन नहीं किया था, लिहाजा सरकार को सही तरीके से पार्क का नामकरण करना पड़ा।
शिवपाल ने कहा कि पार्क का नामकरण करने से पहले बकायदा सरकार की ओर से गजट जारी किया जाता है और तब उसका नामकरण होता है लेकिन बसपा सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया था। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी पार्क बनाए जाते हैं, उन्हें जनता को ध्यान में रखकर ही बनाया जाता है। राज्य सरकार ने पार्क का नाम बदले जाने की घोषणा विधानसभा में की थी।
शिवपाल ने कहा कि मायावती की सरकार में पार्क का नाम बिना गजट के ही रखा गया था, जिसे सही नहीं ठहराया जा सकता।
मंत्री ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, पार्क जनता का होता है, किसी सरकार का नहीं। जहां तक अम्बेडकर पार्क का नाम बदले जाने की बात है तो पूर्ववर्ती बसपा सरकार ने इस पार्क का नामकरण करने के लिए सरकारी नियमों का पालन नहीं किया था, लिहाजा सरकार को सही तरीके से पार्क का नामकरण करना पड़ा।
शिवपाल ने कहा कि पार्क का नामकरण करने से पहले बकायदा सरकार की ओर से गजट जारी किया जाता है और तब उसका नामकरण होता है लेकिन बसपा सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया था। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी पार्क बनाए जाते हैं, उन्हें जनता को ध्यान में रखकर ही बनाया जाता है। राज्य सरकार ने पार्क का नाम बदले जाने की घोषणा विधानसभा में की थी।
शिवपाल ने कहा कि मायावती की सरकार में पार्क का नाम बिना गजट के ही रखा गया था, जिसे सही नहीं ठहराया जा सकता।
शिवपाल ने कहा कि पार्क का नामकरण करने से पहले बकायदा सरकार की ओर से गजट जारी किया जाता है और तब उसका नामकरण होता है लेकिन बसपा सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया था। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी पार्क बनाए जाते हैं, उन्हें जनता को ध्यान में रखकर ही बनाया जाता है। राज्य सरकार ने पार्क का नाम बदले जाने की घोषणा विधानसभा में की थी।
शिवपाल ने कहा कि मायावती की सरकार में पार्क का नाम बिना गजट के ही रखा गया था, जिसे सही नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी पार्क बनाए जाते हैं, उन्हें जनता को ध्यान में रखकर ही बनाया जाता है। राज्य सरकार ने पार्क का नाम बदले जाने की घोषणा विधानसभा में की थी।
शिवपाल ने कहा कि मायावती की सरकार में पार्क का नाम बिना गजट के ही रखा गया था, जिसे सही नहीं ठहराया जा सकता।
शिवपाल ने कहा कि मायावती की सरकार में पार्क का नाम बिना गजट के ही रखा गया था, जिसे सही नहीं ठहराया जा सकता। | संक्षिप्त पाठ: सपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के लोकनिर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि पार्क किसी सरकार का नहीं, बल्कि जनता का होता है और वहां पत्थर नहीं, पेड़ लगाए जाएंगे। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: UNSC द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ब्लैक लिस्ट में डाले जाने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बयान दिया है. जेटली ने कहा, 'यह भारत और भारत की कूटनीति की जीत है, भारत लंबे समय से मसूद अजहर के निशाने पर था, उसने कई आतंकवादी घटनाओं के लिए भारत को निशाना बनाया.' जेटली ने बताया, 'अजहर पर बैन की प्रक्रिया 2009 में शुरू हुई थी. 2009, 2016 और 2017 में तकनीकी ऐतराज किए गए और भारत की ओर से किए गए प्रयास सफल नहीं हो पाए. लेकिन यह भारत की कूटनीतिक पहल का असर था कि दुनिया के कई देश भी इस कोशिश में लग गए. चीन तकनीकी आपत्ति जताता था लेकिन भारत के दबाव और कोशिशों के बाद वह रोक भी हट गई.'
अरुण जेटली ने कहा, 'हर भारतीय के लिए यह गर्व का विषय होना चाहिए था. पूरे देश में पीएम मोदी की सराहना हो रही है लेकिन जब देश जीतता है तो हर देशवासी जीतता है. विपक्ष के कुछ मित्रों को लगता है कि वे अगर जीत में शामिल हो गए तो इसकी राजनीतिक कीमत उन्हें देनी होगी. हालांकि वो कहते हैं कि जब वो सत्ता में थे तो उन्होंने अदृश्य सर्जिकल स्ट्राइक किए थे.' वहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'यूएन द्वारा मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का हमे लंबे समय से इंतजार था, पीएम मोदी ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उस मुद्दे को उठाया था.' उन्होंने कहा, 'आतंकवाद पर हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है जिसका पीएम मोदी ने जिक्र किया है. पीएम मोदी ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाया.'
वहीं, अरुण जेटली ने कहा कि पहले ऐसी परंपरा थी कि ऐसे मामलों में देश एक आवाज में बोलता था लेकिन बीते कुछ दिनों से इस परंपरा का पालन नहीं हो रहा है, देश के विपक्ष को ऐसे मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाना चाहिए. अजहर को लिस्ट करना और उस पर फैसला लेना मसूद अजहर का बायो डाटा नहीं है बल्कि बड़ा मुद्दा ये है वह आतंकी घोषित हुआ. ग्लोबल कम्यूनिटी, भारत की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री से सहमत हुई. चीन के व्यवहार में आया परिवर्तन पुलवामा में हुए आतंकी हमले और बालाकोट में हुई सर्जिकल स्ट्राइक से प्रभावित था. | संक्षिप्त पाठ: निर्मला सीतारमण और अरुण जेटली ने की प्रेस कांफ्रेंस
कहा- मसूद अजहर पर बैन भारत की जीत
भारत का प्रयास सफल हुआ | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने उत्तरी पश्चिम बंगाल की पहाड़ियों में अपना अनिश्चितकालीन बंद वापस लेने की मंगलवार को घोषणा की, और कहा कि बुधवार सुबह छह बजे से स्थिति सामान्य होने लगेगी. जीजेएम ने यह घोषणा ऐसे समय में की है, जब चंद घंटे पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने तीन महीने से जारी इस बंद को वापस लेने की अपील की थी और मुद्दे के सौहाद्र्रपूर्ण समाधान के लिए बातचीत के के लिए आमंत्रित किया था.
जीजेएम के सहायक महासचिव, ज्योति राय ने कहा, 'राजनाथ सिंह की अपील के बाद हमारी वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हुई, जिसमें जीजेएम प्रमुख बिमल गुरुं ग शामिल थे, और बुधवार सुबह छह बजे से बंद समाप्त करने का निर्णय लिया गया.'टिप्पणियां
जीजेएम ने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर बंद का आह्वान कर रखा था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जीजेएम के सहायक महासचिव, ज्योति राय ने कहा, 'राजनाथ सिंह की अपील के बाद हमारी वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हुई, जिसमें जीजेएम प्रमुख बिमल गुरुं ग शामिल थे, और बुधवार सुबह छह बजे से बंद समाप्त करने का निर्णय लिया गया.'टिप्पणियां
जीजेएम ने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर बंद का आह्वान कर रखा था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जीजेएम ने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर बंद का आह्वान कर रखा था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: अनिश्चितकालीन बंद वापस लेने की मंगलवार को घोषणा की
कहा कि बुधवार सुबह छह बजे से स्थिति सामान्य होने लगेगी.
जीजेएम ने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर बंद का आह्वान कर रखा था. | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रेलवे रिश्वत कांड में पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल को क्लीन चिट दिए जाने पर कोर्ट ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि ट्रायल के दौरान बंसल की भूमिका की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।
इस मामले में पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला पर रेलवे के अधिकारी महेश कुमार से रिश्वत लेने का आरोप है। महेश कुमार ने यह पैसा मनचाही पोस्टिंग लेने के लिए दिया था। महेश कुमार पर आरोप है कि उन्हें रेलवे में मेंबर इलेक्ट्रिकल का पद चाहिए था, ताकि वह बेंगलुरु की एक कंपनी को कॉन्ट्रेक्ट दिला सकें। इसी कंपनी का मालिक महेश कुमार को रिश्वत की रकम दे रहा था, जो पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला को जाना था।टिप्पणियां
सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि उनके पास पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है। पवन बंसल सीबीआई की तरफ से गवाह के रूप में कोर्ट में पेश होने वाले हैं। एनडीटीवी के हाथ इस मामले से जुड़ी कुछ एक्सक्लूसिव जानकारी लगी है। सीबीआई जज स्वर्णकांत शर्मा ने सीबीआई को फटकार लगाई है और कहा है कि इस मामले में पवन बंसल की भूमिका की भी जांच की जा सकती थी।
इस पूरे मामले पर सीबीआई ने सफाई दी है। सीबीआई ने कहा है कि जज ने सीबीआई की जांच पर किसी तरह की तीखी टिप्पणी नहीं की है और सिर्फ यह सवाल किया है कि मंजूनाथ से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी पहले क्यों नहीं की गई।
इस मामले में पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला पर रेलवे के अधिकारी महेश कुमार से रिश्वत लेने का आरोप है। महेश कुमार ने यह पैसा मनचाही पोस्टिंग लेने के लिए दिया था। महेश कुमार पर आरोप है कि उन्हें रेलवे में मेंबर इलेक्ट्रिकल का पद चाहिए था, ताकि वह बेंगलुरु की एक कंपनी को कॉन्ट्रेक्ट दिला सकें। इसी कंपनी का मालिक महेश कुमार को रिश्वत की रकम दे रहा था, जो पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला को जाना था।टिप्पणियां
सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि उनके पास पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है। पवन बंसल सीबीआई की तरफ से गवाह के रूप में कोर्ट में पेश होने वाले हैं। एनडीटीवी के हाथ इस मामले से जुड़ी कुछ एक्सक्लूसिव जानकारी लगी है। सीबीआई जज स्वर्णकांत शर्मा ने सीबीआई को फटकार लगाई है और कहा है कि इस मामले में पवन बंसल की भूमिका की भी जांच की जा सकती थी।
इस पूरे मामले पर सीबीआई ने सफाई दी है। सीबीआई ने कहा है कि जज ने सीबीआई की जांच पर किसी तरह की तीखी टिप्पणी नहीं की है और सिर्फ यह सवाल किया है कि मंजूनाथ से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी पहले क्यों नहीं की गई।
सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि उनके पास पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है। पवन बंसल सीबीआई की तरफ से गवाह के रूप में कोर्ट में पेश होने वाले हैं। एनडीटीवी के हाथ इस मामले से जुड़ी कुछ एक्सक्लूसिव जानकारी लगी है। सीबीआई जज स्वर्णकांत शर्मा ने सीबीआई को फटकार लगाई है और कहा है कि इस मामले में पवन बंसल की भूमिका की भी जांच की जा सकती थी।
इस पूरे मामले पर सीबीआई ने सफाई दी है। सीबीआई ने कहा है कि जज ने सीबीआई की जांच पर किसी तरह की तीखी टिप्पणी नहीं की है और सिर्फ यह सवाल किया है कि मंजूनाथ से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी पहले क्यों नहीं की गई।
इस पूरे मामले पर सीबीआई ने सफाई दी है। सीबीआई ने कहा है कि जज ने सीबीआई की जांच पर किसी तरह की तीखी टिप्पणी नहीं की है और सिर्फ यह सवाल किया है कि मंजूनाथ से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी पहले क्यों नहीं की गई। | यहाँ एक सारांश है:कोर्ट ने कहा है कि ट्रायल के दौरान पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल की भूमिका की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। हालांकि सीबीआई ने कहा है कि जज ने सीबीआई की जांच पर किसी तरह की तीखी टिप्पणी नहीं की है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वा ने आज ब्रायन लारा और सचिन तेंदुलकर को ‘एक जैसा’ करार दिया, क्योंकि वे भिन्न परिस्थितियों और अलग-अलग तरह के दबावों में खेले।टिप्पणियां
वॉ ने यहां पत्रकारों से कहा, मुझे खिलाड़ियों के बीच तुलना करने से नफरत है, क्योंकि इससे बेमतलब का विवाद पैदा होता है। दोनों भिन्न दबाव और भिन्न टीमों में खेले। मैं दोनों को एक जैसा मानता हूं। उन्होंने कहा कि लारा और तेंदुलकर अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने भिन्न परिस्थितियों में अपनी टीमों के लिए मैच जीते।
वा ने कहा, सचिन एक अरब 30 करोड़ लोगों की अपेक्षाओं का बोझ अपने कंधों पर ढोते रहे हैं। ब्रायन निश्चित तौर पर एक कमजोर टीम में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के बारे में वा ने कहा कि वह बमुश्किल कोई गलती करता है। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया के पिछले भारत दौरे के दौरान भारतीय टीम जब संकट में थी तब धोनी ने दोहरा शतक लगाया। वह जानता है कि बड़े मैचों में कैसे प्रदर्शन करना है। भारत की कप्तानी करना आसान नहीं है जहां प्रशंसक खिलाड़ियों से बहुत अधिक उम्मीद रखते हैं।
वॉ ने यहां पत्रकारों से कहा, मुझे खिलाड़ियों के बीच तुलना करने से नफरत है, क्योंकि इससे बेमतलब का विवाद पैदा होता है। दोनों भिन्न दबाव और भिन्न टीमों में खेले। मैं दोनों को एक जैसा मानता हूं। उन्होंने कहा कि लारा और तेंदुलकर अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने भिन्न परिस्थितियों में अपनी टीमों के लिए मैच जीते।
वा ने कहा, सचिन एक अरब 30 करोड़ लोगों की अपेक्षाओं का बोझ अपने कंधों पर ढोते रहे हैं। ब्रायन निश्चित तौर पर एक कमजोर टीम में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के बारे में वा ने कहा कि वह बमुश्किल कोई गलती करता है। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया के पिछले भारत दौरे के दौरान भारतीय टीम जब संकट में थी तब धोनी ने दोहरा शतक लगाया। वह जानता है कि बड़े मैचों में कैसे प्रदर्शन करना है। भारत की कप्तानी करना आसान नहीं है जहां प्रशंसक खिलाड़ियों से बहुत अधिक उम्मीद रखते हैं।
वा ने कहा, सचिन एक अरब 30 करोड़ लोगों की अपेक्षाओं का बोझ अपने कंधों पर ढोते रहे हैं। ब्रायन निश्चित तौर पर एक कमजोर टीम में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के बारे में वा ने कहा कि वह बमुश्किल कोई गलती करता है। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया के पिछले भारत दौरे के दौरान भारतीय टीम जब संकट में थी तब धोनी ने दोहरा शतक लगाया। वह जानता है कि बड़े मैचों में कैसे प्रदर्शन करना है। भारत की कप्तानी करना आसान नहीं है जहां प्रशंसक खिलाड़ियों से बहुत अधिक उम्मीद रखते हैं। | संक्षिप्त सारांश: पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वा ने आज ब्रायन लारा और सचिन तेंदुलकर को ‘एक जैसा’ करार दिया, क्योंकि वे भिन्न परिस्थितियों और अलग-अलग तरह के दबावों में खेले। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान जारी है. सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव द्वारा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से निकाले जाने के बाद अखिलेश के समर्थक सड़क पर आग और जमकर हंगामा किया. एक समर्थक ने आत्मदाह करने का भी प्रयास किया, जिसे हिरासत में ले लिया गया है. मुख्यमंत्री आवास पर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है.
मुलायम ने शुक्रवार शाम को सीएम अखिलेश यादव और प्रोफेसर रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाले जाने का ऐलान किया. इसके बाद अखिलेश समर्थक ने जमकर नारेबाजी की. 'जय अखिलेश' के नारे लगाए. सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पोस्टर फाड़कर अपने गुस्से का इजहार किया.
अखिलेश व रामगोपाल को अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाला गया है. इस दौरान विधायकों व नेताओं का मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचना जारी है. लगभग 100 से अधिक विधायक और कई मंत्री मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे. लखनऊ में शुक्रवार को सपा दो टुकड़ों में बंट गई.
अखिलेश यादव और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल यादव को छह साल के लिए पार्टी से निकाले जाने के बाद मुख्यमंत्री के प्रशंसक जमकर हंगामा कर रहे हैं. अखिलेश के नाराज समर्थक में से एक ने आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्काल मौके से हिरासत में ले लिया. मुख्यमंत्री आवास के बाहर एक समर्थक ने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की है. साथ ही समर्थक 'शिवपाल यादव चोर है' जैसे नारे भी लगा रहे हैं.
सभी समर्थक यह मांग कर रहे हैं की शिवपाल यादव को पार्टी से निकाला जाए. साथ ही अखिलेश को वापस पार्टी में लिया जाए. बड़ी संख्या में अखिलेश के और भी समर्थक मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचकर हंगामा कर रहे हैं.
इस बीच अखिलेश की ओर से सपा नेता अतुल प्रधान ने बाहर आकर कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की. प्रधान ने कहा कि अखिलेश ने कहा, "नेताजी के खिलाफ कोई भी अपशब्द का प्रयोग नहीं करेगा. आप लोग शांत रहिए. मुख्यमंत्री समय मिलने पर जरूर मिलेंगे."टिप्पणियां
मुलायम सिंह ने विधानसभा 2017 के लिए पहले 325 की सूची जारी की थी. इस सूची में अखिलेश के करीबियों का टिकट काट दिया गया था. इसके बाद अखिलेश ने भी बगावती सुर अपनाते हुए गुरुवार की देर रात 235 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी. नाटकीय घटनाक्रम में गुरुवार की ही देर रात शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी. बगावती सुर अखिलेश पर भारी पड़ गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुलायम ने शुक्रवार शाम को सीएम अखिलेश यादव और प्रोफेसर रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाले जाने का ऐलान किया. इसके बाद अखिलेश समर्थक ने जमकर नारेबाजी की. 'जय अखिलेश' के नारे लगाए. सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पोस्टर फाड़कर अपने गुस्से का इजहार किया.
अखिलेश व रामगोपाल को अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाला गया है. इस दौरान विधायकों व नेताओं का मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचना जारी है. लगभग 100 से अधिक विधायक और कई मंत्री मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे. लखनऊ में शुक्रवार को सपा दो टुकड़ों में बंट गई.
अखिलेश यादव और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल यादव को छह साल के लिए पार्टी से निकाले जाने के बाद मुख्यमंत्री के प्रशंसक जमकर हंगामा कर रहे हैं. अखिलेश के नाराज समर्थक में से एक ने आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्काल मौके से हिरासत में ले लिया. मुख्यमंत्री आवास के बाहर एक समर्थक ने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की है. साथ ही समर्थक 'शिवपाल यादव चोर है' जैसे नारे भी लगा रहे हैं.
सभी समर्थक यह मांग कर रहे हैं की शिवपाल यादव को पार्टी से निकाला जाए. साथ ही अखिलेश को वापस पार्टी में लिया जाए. बड़ी संख्या में अखिलेश के और भी समर्थक मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचकर हंगामा कर रहे हैं.
इस बीच अखिलेश की ओर से सपा नेता अतुल प्रधान ने बाहर आकर कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की. प्रधान ने कहा कि अखिलेश ने कहा, "नेताजी के खिलाफ कोई भी अपशब्द का प्रयोग नहीं करेगा. आप लोग शांत रहिए. मुख्यमंत्री समय मिलने पर जरूर मिलेंगे."टिप्पणियां
मुलायम सिंह ने विधानसभा 2017 के लिए पहले 325 की सूची जारी की थी. इस सूची में अखिलेश के करीबियों का टिकट काट दिया गया था. इसके बाद अखिलेश ने भी बगावती सुर अपनाते हुए गुरुवार की देर रात 235 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी. नाटकीय घटनाक्रम में गुरुवार की ही देर रात शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी. बगावती सुर अखिलेश पर भारी पड़ गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अखिलेश व रामगोपाल को अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाला गया है. इस दौरान विधायकों व नेताओं का मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचना जारी है. लगभग 100 से अधिक विधायक और कई मंत्री मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे. लखनऊ में शुक्रवार को सपा दो टुकड़ों में बंट गई.
अखिलेश यादव और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल यादव को छह साल के लिए पार्टी से निकाले जाने के बाद मुख्यमंत्री के प्रशंसक जमकर हंगामा कर रहे हैं. अखिलेश के नाराज समर्थक में से एक ने आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्काल मौके से हिरासत में ले लिया. मुख्यमंत्री आवास के बाहर एक समर्थक ने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की है. साथ ही समर्थक 'शिवपाल यादव चोर है' जैसे नारे भी लगा रहे हैं.
सभी समर्थक यह मांग कर रहे हैं की शिवपाल यादव को पार्टी से निकाला जाए. साथ ही अखिलेश को वापस पार्टी में लिया जाए. बड़ी संख्या में अखिलेश के और भी समर्थक मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचकर हंगामा कर रहे हैं.
इस बीच अखिलेश की ओर से सपा नेता अतुल प्रधान ने बाहर आकर कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की. प्रधान ने कहा कि अखिलेश ने कहा, "नेताजी के खिलाफ कोई भी अपशब्द का प्रयोग नहीं करेगा. आप लोग शांत रहिए. मुख्यमंत्री समय मिलने पर जरूर मिलेंगे."टिप्पणियां
मुलायम सिंह ने विधानसभा 2017 के लिए पहले 325 की सूची जारी की थी. इस सूची में अखिलेश के करीबियों का टिकट काट दिया गया था. इसके बाद अखिलेश ने भी बगावती सुर अपनाते हुए गुरुवार की देर रात 235 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी. नाटकीय घटनाक्रम में गुरुवार की ही देर रात शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी. बगावती सुर अखिलेश पर भारी पड़ गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अखिलेश यादव और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल यादव को छह साल के लिए पार्टी से निकाले जाने के बाद मुख्यमंत्री के प्रशंसक जमकर हंगामा कर रहे हैं. अखिलेश के नाराज समर्थक में से एक ने आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्काल मौके से हिरासत में ले लिया. मुख्यमंत्री आवास के बाहर एक समर्थक ने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की है. साथ ही समर्थक 'शिवपाल यादव चोर है' जैसे नारे भी लगा रहे हैं.
सभी समर्थक यह मांग कर रहे हैं की शिवपाल यादव को पार्टी से निकाला जाए. साथ ही अखिलेश को वापस पार्टी में लिया जाए. बड़ी संख्या में अखिलेश के और भी समर्थक मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचकर हंगामा कर रहे हैं.
इस बीच अखिलेश की ओर से सपा नेता अतुल प्रधान ने बाहर आकर कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की. प्रधान ने कहा कि अखिलेश ने कहा, "नेताजी के खिलाफ कोई भी अपशब्द का प्रयोग नहीं करेगा. आप लोग शांत रहिए. मुख्यमंत्री समय मिलने पर जरूर मिलेंगे."टिप्पणियां
मुलायम सिंह ने विधानसभा 2017 के लिए पहले 325 की सूची जारी की थी. इस सूची में अखिलेश के करीबियों का टिकट काट दिया गया था. इसके बाद अखिलेश ने भी बगावती सुर अपनाते हुए गुरुवार की देर रात 235 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी. नाटकीय घटनाक्रम में गुरुवार की ही देर रात शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी. बगावती सुर अखिलेश पर भारी पड़ गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सभी समर्थक यह मांग कर रहे हैं की शिवपाल यादव को पार्टी से निकाला जाए. साथ ही अखिलेश को वापस पार्टी में लिया जाए. बड़ी संख्या में अखिलेश के और भी समर्थक मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचकर हंगामा कर रहे हैं.
इस बीच अखिलेश की ओर से सपा नेता अतुल प्रधान ने बाहर आकर कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की. प्रधान ने कहा कि अखिलेश ने कहा, "नेताजी के खिलाफ कोई भी अपशब्द का प्रयोग नहीं करेगा. आप लोग शांत रहिए. मुख्यमंत्री समय मिलने पर जरूर मिलेंगे."टिप्पणियां
मुलायम सिंह ने विधानसभा 2017 के लिए पहले 325 की सूची जारी की थी. इस सूची में अखिलेश के करीबियों का टिकट काट दिया गया था. इसके बाद अखिलेश ने भी बगावती सुर अपनाते हुए गुरुवार की देर रात 235 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी. नाटकीय घटनाक्रम में गुरुवार की ही देर रात शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी. बगावती सुर अखिलेश पर भारी पड़ गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बीच अखिलेश की ओर से सपा नेता अतुल प्रधान ने बाहर आकर कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की. प्रधान ने कहा कि अखिलेश ने कहा, "नेताजी के खिलाफ कोई भी अपशब्द का प्रयोग नहीं करेगा. आप लोग शांत रहिए. मुख्यमंत्री समय मिलने पर जरूर मिलेंगे."टिप्पणियां
मुलायम सिंह ने विधानसभा 2017 के लिए पहले 325 की सूची जारी की थी. इस सूची में अखिलेश के करीबियों का टिकट काट दिया गया था. इसके बाद अखिलेश ने भी बगावती सुर अपनाते हुए गुरुवार की देर रात 235 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी. नाटकीय घटनाक्रम में गुरुवार की ही देर रात शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी. बगावती सुर अखिलेश पर भारी पड़ गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुलायम सिंह ने विधानसभा 2017 के लिए पहले 325 की सूची जारी की थी. इस सूची में अखिलेश के करीबियों का टिकट काट दिया गया था. इसके बाद अखिलेश ने भी बगावती सुर अपनाते हुए गुरुवार की देर रात 235 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी. नाटकीय घटनाक्रम में गुरुवार की ही देर रात शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी. बगावती सुर अखिलेश पर भारी पड़ गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक समर्थक ने आत्मदाह करने का भी प्रयास किया, जिसे हिरासत में लिया गया
मुख्यमंत्री आवास पर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है
अखिलेश व रामगोपाल को अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाला गया | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका द्वारा परिणाम भुगतने की चेतावनी के बावजूद दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के तट के पास विवादित क्षेत्र में बड़ी संख्या में चीनी पोत देखे गए हैं.
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने रक्षांमंत्री डेल्फिन लोरेंजाना को उद्धृत करते हुए कहा कि फिलीपींस के रक्षा विभाग ने विवादित स्कारबोरो शोल से बमुश्किल एक मील की दूरी पर 4 चीनी तटरक्षक जहाज और 6 अन्य पोतों की तस्वीरें ली हैं.
इससे पहले चीन के आक्रामक आचरण के लिए उसे 'परिणामों का सामना करने की' चेतावनी देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस साम्यवादी देश से कहा था कि वह विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में अपने पड़ोसियों को चिंतित करने से बचे. ओबामा ने कहा 'राष्ट्रपति शी (चिनफिंग) को संदेश देने के लिए मैंने जो कहा, वह यह है कि अमेरिका संयम बरत कर यहां तक पहुंचा है.'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन जाने से पहले सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा 'हम अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों का पालन इसलिए नहीं करते क्योंकि ऐसा करना है बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि हम इन्हें मानते हैं, दीर्घकाल में एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाना हमारे हित में है. और मेरा मानना है कि दीर्घ काल में यह चीन के हित में भी होगा.'
ओबामा ने कहा, 'इसलिए जहां भी हमने उन्हें अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों का उल्लंघन करते देखा, जैसा कि हमने दक्षिण चीन सागर में कुछ मामलों में देखा या आर्थिक नीति के संबंध में उनका जो आचरण रहा तो हम बहुत दृढ़ रहे हैं. और हमने उन्हें संकेत दिया है कि इसके परिणाम सामने आएंगे.'
उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने चीन को जिन बातों पर जोर देने की कोशिश की है, वह यह कि अगर वह अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों के मुताबिक काम कर रहा है तो उन्हें भागीदार होना चाहिए.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा 'ऐसा कोई कारण नहीं है कि दोनों देशों के लिए खतरा बनीं अंतरराष्ट्रीय समस्याओं से निपटने की बात हो तो वाणिज्यिक संदर्भ में चीन और अमेरिका दोस्ताना प्रतिस्पर्धी तथा महत्वपूर्ण भागीदार नहीं बन सकते.'टिप्पणियां
ओबामा ने कहा कि अरसे से चीन में एक कम्युनिस्ट पार्टी का शासन रहा है जो अतीत में 'कहीं अधिक पश्चिम विरोधी' रही है. उन्होंने कहा, 'बीते 20 सालों को देखें तो 90 के दशक में और राष्ट्रपति के पद पर मेरे कार्यकाल की शुरुआत से, सरकार प्रायोजित पूंजीवाद और निर्यातोन्मुखी मॉडल जहां बेहद सफल रहा वहीं चीन की इसका लाभ उठाने में दिलचस्पी कम रही है.'
राष्ट्रपति ने कहा, 'लेकिन आप एक अरब से अधिक की आबादी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं. इसलिए यह अपेक्षा की जाती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में आपकी भूमिका भी बड़ी होगी. और हम लगातार कहते रहे हैं कि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाले चीन के शांतिपूर्ण उदय का स्वागत करते हैं. यह सबके लिए अच्छा है. एक शक्तिहीन और बिखरता चीन सबके लिए खतरनाक होगा.'
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने रक्षांमंत्री डेल्फिन लोरेंजाना को उद्धृत करते हुए कहा कि फिलीपींस के रक्षा विभाग ने विवादित स्कारबोरो शोल से बमुश्किल एक मील की दूरी पर 4 चीनी तटरक्षक जहाज और 6 अन्य पोतों की तस्वीरें ली हैं.
इससे पहले चीन के आक्रामक आचरण के लिए उसे 'परिणामों का सामना करने की' चेतावनी देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस साम्यवादी देश से कहा था कि वह विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में अपने पड़ोसियों को चिंतित करने से बचे. ओबामा ने कहा 'राष्ट्रपति शी (चिनफिंग) को संदेश देने के लिए मैंने जो कहा, वह यह है कि अमेरिका संयम बरत कर यहां तक पहुंचा है.'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन जाने से पहले सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा 'हम अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों का पालन इसलिए नहीं करते क्योंकि ऐसा करना है बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि हम इन्हें मानते हैं, दीर्घकाल में एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाना हमारे हित में है. और मेरा मानना है कि दीर्घ काल में यह चीन के हित में भी होगा.'
ओबामा ने कहा, 'इसलिए जहां भी हमने उन्हें अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों का उल्लंघन करते देखा, जैसा कि हमने दक्षिण चीन सागर में कुछ मामलों में देखा या आर्थिक नीति के संबंध में उनका जो आचरण रहा तो हम बहुत दृढ़ रहे हैं. और हमने उन्हें संकेत दिया है कि इसके परिणाम सामने आएंगे.'
उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने चीन को जिन बातों पर जोर देने की कोशिश की है, वह यह कि अगर वह अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों के मुताबिक काम कर रहा है तो उन्हें भागीदार होना चाहिए.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा 'ऐसा कोई कारण नहीं है कि दोनों देशों के लिए खतरा बनीं अंतरराष्ट्रीय समस्याओं से निपटने की बात हो तो वाणिज्यिक संदर्भ में चीन और अमेरिका दोस्ताना प्रतिस्पर्धी तथा महत्वपूर्ण भागीदार नहीं बन सकते.'टिप्पणियां
ओबामा ने कहा कि अरसे से चीन में एक कम्युनिस्ट पार्टी का शासन रहा है जो अतीत में 'कहीं अधिक पश्चिम विरोधी' रही है. उन्होंने कहा, 'बीते 20 सालों को देखें तो 90 के दशक में और राष्ट्रपति के पद पर मेरे कार्यकाल की शुरुआत से, सरकार प्रायोजित पूंजीवाद और निर्यातोन्मुखी मॉडल जहां बेहद सफल रहा वहीं चीन की इसका लाभ उठाने में दिलचस्पी कम रही है.'
राष्ट्रपति ने कहा, 'लेकिन आप एक अरब से अधिक की आबादी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं. इसलिए यह अपेक्षा की जाती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में आपकी भूमिका भी बड़ी होगी. और हम लगातार कहते रहे हैं कि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाले चीन के शांतिपूर्ण उदय का स्वागत करते हैं. यह सबके लिए अच्छा है. एक शक्तिहीन और बिखरता चीन सबके लिए खतरनाक होगा.'
इससे पहले चीन के आक्रामक आचरण के लिए उसे 'परिणामों का सामना करने की' चेतावनी देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस साम्यवादी देश से कहा था कि वह विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में अपने पड़ोसियों को चिंतित करने से बचे. ओबामा ने कहा 'राष्ट्रपति शी (चिनफिंग) को संदेश देने के लिए मैंने जो कहा, वह यह है कि अमेरिका संयम बरत कर यहां तक पहुंचा है.'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन जाने से पहले सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा 'हम अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों का पालन इसलिए नहीं करते क्योंकि ऐसा करना है बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि हम इन्हें मानते हैं, दीर्घकाल में एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाना हमारे हित में है. और मेरा मानना है कि दीर्घ काल में यह चीन के हित में भी होगा.'
ओबामा ने कहा, 'इसलिए जहां भी हमने उन्हें अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों का उल्लंघन करते देखा, जैसा कि हमने दक्षिण चीन सागर में कुछ मामलों में देखा या आर्थिक नीति के संबंध में उनका जो आचरण रहा तो हम बहुत दृढ़ रहे हैं. और हमने उन्हें संकेत दिया है कि इसके परिणाम सामने आएंगे.'
उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने चीन को जिन बातों पर जोर देने की कोशिश की है, वह यह कि अगर वह अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों के मुताबिक काम कर रहा है तो उन्हें भागीदार होना चाहिए.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा 'ऐसा कोई कारण नहीं है कि दोनों देशों के लिए खतरा बनीं अंतरराष्ट्रीय समस्याओं से निपटने की बात हो तो वाणिज्यिक संदर्भ में चीन और अमेरिका दोस्ताना प्रतिस्पर्धी तथा महत्वपूर्ण भागीदार नहीं बन सकते.'टिप्पणियां
ओबामा ने कहा कि अरसे से चीन में एक कम्युनिस्ट पार्टी का शासन रहा है जो अतीत में 'कहीं अधिक पश्चिम विरोधी' रही है. उन्होंने कहा, 'बीते 20 सालों को देखें तो 90 के दशक में और राष्ट्रपति के पद पर मेरे कार्यकाल की शुरुआत से, सरकार प्रायोजित पूंजीवाद और निर्यातोन्मुखी मॉडल जहां बेहद सफल रहा वहीं चीन की इसका लाभ उठाने में दिलचस्पी कम रही है.'
राष्ट्रपति ने कहा, 'लेकिन आप एक अरब से अधिक की आबादी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं. इसलिए यह अपेक्षा की जाती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में आपकी भूमिका भी बड़ी होगी. और हम लगातार कहते रहे हैं कि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाले चीन के शांतिपूर्ण उदय का स्वागत करते हैं. यह सबके लिए अच्छा है. एक शक्तिहीन और बिखरता चीन सबके लिए खतरनाक होगा.'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन जाने से पहले सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा 'हम अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों का पालन इसलिए नहीं करते क्योंकि ऐसा करना है बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि हम इन्हें मानते हैं, दीर्घकाल में एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाना हमारे हित में है. और मेरा मानना है कि दीर्घ काल में यह चीन के हित में भी होगा.'
ओबामा ने कहा, 'इसलिए जहां भी हमने उन्हें अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों का उल्लंघन करते देखा, जैसा कि हमने दक्षिण चीन सागर में कुछ मामलों में देखा या आर्थिक नीति के संबंध में उनका जो आचरण रहा तो हम बहुत दृढ़ रहे हैं. और हमने उन्हें संकेत दिया है कि इसके परिणाम सामने आएंगे.'
उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने चीन को जिन बातों पर जोर देने की कोशिश की है, वह यह कि अगर वह अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों के मुताबिक काम कर रहा है तो उन्हें भागीदार होना चाहिए.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा 'ऐसा कोई कारण नहीं है कि दोनों देशों के लिए खतरा बनीं अंतरराष्ट्रीय समस्याओं से निपटने की बात हो तो वाणिज्यिक संदर्भ में चीन और अमेरिका दोस्ताना प्रतिस्पर्धी तथा महत्वपूर्ण भागीदार नहीं बन सकते.'टिप्पणियां
ओबामा ने कहा कि अरसे से चीन में एक कम्युनिस्ट पार्टी का शासन रहा है जो अतीत में 'कहीं अधिक पश्चिम विरोधी' रही है. उन्होंने कहा, 'बीते 20 सालों को देखें तो 90 के दशक में और राष्ट्रपति के पद पर मेरे कार्यकाल की शुरुआत से, सरकार प्रायोजित पूंजीवाद और निर्यातोन्मुखी मॉडल जहां बेहद सफल रहा वहीं चीन की इसका लाभ उठाने में दिलचस्पी कम रही है.'
राष्ट्रपति ने कहा, 'लेकिन आप एक अरब से अधिक की आबादी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं. इसलिए यह अपेक्षा की जाती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में आपकी भूमिका भी बड़ी होगी. और हम लगातार कहते रहे हैं कि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाले चीन के शांतिपूर्ण उदय का स्वागत करते हैं. यह सबके लिए अच्छा है. एक शक्तिहीन और बिखरता चीन सबके लिए खतरनाक होगा.'
ओबामा ने कहा, 'इसलिए जहां भी हमने उन्हें अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों का उल्लंघन करते देखा, जैसा कि हमने दक्षिण चीन सागर में कुछ मामलों में देखा या आर्थिक नीति के संबंध में उनका जो आचरण रहा तो हम बहुत दृढ़ रहे हैं. और हमने उन्हें संकेत दिया है कि इसके परिणाम सामने आएंगे.'
उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने चीन को जिन बातों पर जोर देने की कोशिश की है, वह यह कि अगर वह अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों के मुताबिक काम कर रहा है तो उन्हें भागीदार होना चाहिए.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा 'ऐसा कोई कारण नहीं है कि दोनों देशों के लिए खतरा बनीं अंतरराष्ट्रीय समस्याओं से निपटने की बात हो तो वाणिज्यिक संदर्भ में चीन और अमेरिका दोस्ताना प्रतिस्पर्धी तथा महत्वपूर्ण भागीदार नहीं बन सकते.'टिप्पणियां
ओबामा ने कहा कि अरसे से चीन में एक कम्युनिस्ट पार्टी का शासन रहा है जो अतीत में 'कहीं अधिक पश्चिम विरोधी' रही है. उन्होंने कहा, 'बीते 20 सालों को देखें तो 90 के दशक में और राष्ट्रपति के पद पर मेरे कार्यकाल की शुरुआत से, सरकार प्रायोजित पूंजीवाद और निर्यातोन्मुखी मॉडल जहां बेहद सफल रहा वहीं चीन की इसका लाभ उठाने में दिलचस्पी कम रही है.'
राष्ट्रपति ने कहा, 'लेकिन आप एक अरब से अधिक की आबादी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं. इसलिए यह अपेक्षा की जाती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में आपकी भूमिका भी बड़ी होगी. और हम लगातार कहते रहे हैं कि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाले चीन के शांतिपूर्ण उदय का स्वागत करते हैं. यह सबके लिए अच्छा है. एक शक्तिहीन और बिखरता चीन सबके लिए खतरनाक होगा.'
उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने चीन को जिन बातों पर जोर देने की कोशिश की है, वह यह कि अगर वह अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों के मुताबिक काम कर रहा है तो उन्हें भागीदार होना चाहिए.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा 'ऐसा कोई कारण नहीं है कि दोनों देशों के लिए खतरा बनीं अंतरराष्ट्रीय समस्याओं से निपटने की बात हो तो वाणिज्यिक संदर्भ में चीन और अमेरिका दोस्ताना प्रतिस्पर्धी तथा महत्वपूर्ण भागीदार नहीं बन सकते.'टिप्पणियां
ओबामा ने कहा कि अरसे से चीन में एक कम्युनिस्ट पार्टी का शासन रहा है जो अतीत में 'कहीं अधिक पश्चिम विरोधी' रही है. उन्होंने कहा, 'बीते 20 सालों को देखें तो 90 के दशक में और राष्ट्रपति के पद पर मेरे कार्यकाल की शुरुआत से, सरकार प्रायोजित पूंजीवाद और निर्यातोन्मुखी मॉडल जहां बेहद सफल रहा वहीं चीन की इसका लाभ उठाने में दिलचस्पी कम रही है.'
राष्ट्रपति ने कहा, 'लेकिन आप एक अरब से अधिक की आबादी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं. इसलिए यह अपेक्षा की जाती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में आपकी भूमिका भी बड़ी होगी. और हम लगातार कहते रहे हैं कि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाले चीन के शांतिपूर्ण उदय का स्वागत करते हैं. यह सबके लिए अच्छा है. एक शक्तिहीन और बिखरता चीन सबके लिए खतरनाक होगा.'
ओबामा ने कहा कि अरसे से चीन में एक कम्युनिस्ट पार्टी का शासन रहा है जो अतीत में 'कहीं अधिक पश्चिम विरोधी' रही है. उन्होंने कहा, 'बीते 20 सालों को देखें तो 90 के दशक में और राष्ट्रपति के पद पर मेरे कार्यकाल की शुरुआत से, सरकार प्रायोजित पूंजीवाद और निर्यातोन्मुखी मॉडल जहां बेहद सफल रहा वहीं चीन की इसका लाभ उठाने में दिलचस्पी कम रही है.'
राष्ट्रपति ने कहा, 'लेकिन आप एक अरब से अधिक की आबादी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं. इसलिए यह अपेक्षा की जाती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में आपकी भूमिका भी बड़ी होगी. और हम लगातार कहते रहे हैं कि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाले चीन के शांतिपूर्ण उदय का स्वागत करते हैं. यह सबके लिए अच्छा है. एक शक्तिहीन और बिखरता चीन सबके लिए खतरनाक होगा.'
राष्ट्रपति ने कहा, 'लेकिन आप एक अरब से अधिक की आबादी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं. इसलिए यह अपेक्षा की जाती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में आपकी भूमिका भी बड़ी होगी. और हम लगातार कहते रहे हैं कि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाले चीन के शांतिपूर्ण उदय का स्वागत करते हैं. यह सबके लिए अच्छा है. एक शक्तिहीन और बिखरता चीन सबके लिए खतरनाक होगा.' | संक्षिप्त सारांश: बराक ओबामा ने चीन को चेताया था कि स्कारबोरो शोल में कृत्रिम द्वीप न बनाए
इस समय विवादित क्षेत्र में चीनी जहाजों के देखे जाने की उम्मीद नहीं थी
अमेरिका को डर है कि चीन स्कारबोरो में बड़ा सैन्य अड्डा बना सकता है | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले की कृष्णा घाटी में नियंत्रण रेखा से सटी भारतीय सुरक्षा चौकियों पर गोलीबारी की। इसका उद्देश्य गोलीबारी की आड़ में आतंकवादियों की भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कराना था।टिप्पणियां
सैन्य सूत्रों के अनुसार, बुधवार करीब आधी रात को पाकिस्तानी सैनिकों ने कृष्णा घाटी क्षेत्र में नियंत्रण रेखा से सटी क्रांति एवं किरपान भारतीय सुरक्षा चौकियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई करते हुए घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई।
सेना ने इसे पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर, 2003 में युद्ध विराम समझौता हुआ था, लेकिन वर्ष 2003 से अब तक कई बार पाकिस्तान युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन कर चुका है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, बुधवार करीब आधी रात को पाकिस्तानी सैनिकों ने कृष्णा घाटी क्षेत्र में नियंत्रण रेखा से सटी क्रांति एवं किरपान भारतीय सुरक्षा चौकियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई करते हुए घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई।
सेना ने इसे पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर, 2003 में युद्ध विराम समझौता हुआ था, लेकिन वर्ष 2003 से अब तक कई बार पाकिस्तान युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन कर चुका है।
सेना ने इसे पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर, 2003 में युद्ध विराम समझौता हुआ था, लेकिन वर्ष 2003 से अब तक कई बार पाकिस्तान युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन कर चुका है। | पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले की कृष्णा घाटी में नियंत्रण रेखा से सटी भारतीय सुरक्षा चौकियों पर गोलीबारी की। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar) ट्वीट किया: " यह बहुत गलत है.. चाहे उनका धर्म और जाति कोई भी हो, लेकिन वो भारतीय हैं. भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और हमें इस तरह के कार्यों की कड़ी निंदा करने की जरूरत है." इस तरह बॉलीवुड एक्ट्रेस ने इस घटना पर दुख जताया है और लोगों से इसकी कड़ी निंदा करने की अपील की है. उनका ये ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हो रहा है. भूमि पेडनेकर हमेशा से ऐसी घटनाओं पर अपना पक्ष रखती आई हैं.
गौरतलब है कि गुरुग्राम के भोंडसी इलाके में क्रिकेट मैच से पैदा हुए विवाद के बाद भीड़ ने एक परिवार पर हमला कर दिया था और उसके सदस्यों को लाठी, डंडों और रोहे की रॉड से पीटा. पुलिस ने अभी तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोगों परिवार के पुरुषों को लाठियों से पीटते हुए दिख रहे हैं, वहीं परिवार की महिलाएं रो रही हैं और उन्हें छोड़ने की भीड़ से गुजारिश कर रही हैं. गुरुग्राम के एसीपी शमशेर सिंह ने बताया, 'घटना गुरुवार शाम 5 बजे उस वक्त हुई जब पीड़ित परिवार के लोग भूप सिंह नगर में अपने घर के बाहर क्रिकेट खेल रहे थे. यह परिवार अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखता है.'
पुलिस ने बताया कि भोंडसी इलाके में तीन-चार लोगों के परिवार पर करीब 40 लोगों की भीड़ ने कथित तौर पर हमला कर दिया.पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया परिवार के एक सदस्य साजिद को उस वक्त तक डंडों और लोहे की रॉड से पीटा गया, जब तक वह बेहोश न हो गया. साजिद ने बताता कि शराब पीकर आए छह-सात लोगों ने उन्हें गली में क्रिकेट खेलने से मना किया. जब परिवार के लोगों ने क्रिकेट खेलना जारी रखा तो करीब 40 से ज्यादा लोग वहां इकट्ठा हो गए और उन्होंने परिवार पर हमला कर दिया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर इस घटना की निंदा की है.
देखें वीडियो: | सारांश: गुरुग्राम की घटना पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने जताया दुख
भूमि पेडनेकर ने किया ट्वीट
एक परिवार पर भीड़ ने किया था हमला | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व पाकिस्तानी कप्तान जहीर अब्बास भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट शृंखला बहाल होने से खुश हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि शृंखला लंबी अवधि की होनी चाहिए थी।
जहीर ने साक्षात्कार में कहा, यह अच्छी बात है कि आखिर में पांच साल बाद द्विपक्षीय क्रिकेट मैच शुरू होने जा रहे हैं, लेकिन भारत-पाक क्रिकेट मुकाबलों के महत्व को देखते हुए शृंखला की अवधि के कारण मैं निराश हूं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, किसी भी तरह की द्विपक्षीय शृंखला स्वागत योग्य है, लेकिन मेरा मानना है कि इतने लंबे समय के बाद दोनों देशों को टेस्ट शृंखला खेलनी चाहिए थी और अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच इसके लिए समय निकालना चाहिए था। जहीर ने कहा, लेकिन मुझे उम्मीद है कि जल्द ही दोनों बोर्ड पूर्णकालिक टेस्ट शृंखला का कार्यक्रम तय करेंगे, क्योंकि लंबे समय से हमने एक-दूसरे के खिलाफ टेस्ट मैच नहीं खेले हैं। क्रिकेट की असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में है।
एक अन्य पूर्व कप्तान हनीफ मोहम्मद ने भी पीसीबी के टीम को भारत भेजने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, यह अच्छा फैसला है। हालांकि भारत 2006 से पाकिस्तान दौरे पर नहीं आया है, लेकिन किसी को तो पहल करनी थी और यह अच्छा है कि हमने ऐसा किया, क्योंकि मेरा मानना है कि भारत-पाक मुकाबला उपमहाद्वीप में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ाएगा।
जहीर ने साक्षात्कार में कहा, यह अच्छी बात है कि आखिर में पांच साल बाद द्विपक्षीय क्रिकेट मैच शुरू होने जा रहे हैं, लेकिन भारत-पाक क्रिकेट मुकाबलों के महत्व को देखते हुए शृंखला की अवधि के कारण मैं निराश हूं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, किसी भी तरह की द्विपक्षीय शृंखला स्वागत योग्य है, लेकिन मेरा मानना है कि इतने लंबे समय के बाद दोनों देशों को टेस्ट शृंखला खेलनी चाहिए थी और अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच इसके लिए समय निकालना चाहिए था। जहीर ने कहा, लेकिन मुझे उम्मीद है कि जल्द ही दोनों बोर्ड पूर्णकालिक टेस्ट शृंखला का कार्यक्रम तय करेंगे, क्योंकि लंबे समय से हमने एक-दूसरे के खिलाफ टेस्ट मैच नहीं खेले हैं। क्रिकेट की असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में है।
एक अन्य पूर्व कप्तान हनीफ मोहम्मद ने भी पीसीबी के टीम को भारत भेजने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, यह अच्छा फैसला है। हालांकि भारत 2006 से पाकिस्तान दौरे पर नहीं आया है, लेकिन किसी को तो पहल करनी थी और यह अच्छा है कि हमने ऐसा किया, क्योंकि मेरा मानना है कि भारत-पाक मुकाबला उपमहाद्वीप में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा, किसी भी तरह की द्विपक्षीय शृंखला स्वागत योग्य है, लेकिन मेरा मानना है कि इतने लंबे समय के बाद दोनों देशों को टेस्ट शृंखला खेलनी चाहिए थी और अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच इसके लिए समय निकालना चाहिए था। जहीर ने कहा, लेकिन मुझे उम्मीद है कि जल्द ही दोनों बोर्ड पूर्णकालिक टेस्ट शृंखला का कार्यक्रम तय करेंगे, क्योंकि लंबे समय से हमने एक-दूसरे के खिलाफ टेस्ट मैच नहीं खेले हैं। क्रिकेट की असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में है।
एक अन्य पूर्व कप्तान हनीफ मोहम्मद ने भी पीसीबी के टीम को भारत भेजने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, यह अच्छा फैसला है। हालांकि भारत 2006 से पाकिस्तान दौरे पर नहीं आया है, लेकिन किसी को तो पहल करनी थी और यह अच्छा है कि हमने ऐसा किया, क्योंकि मेरा मानना है कि भारत-पाक मुकाबला उपमहाद्वीप में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ाएगा।
एक अन्य पूर्व कप्तान हनीफ मोहम्मद ने भी पीसीबी के टीम को भारत भेजने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, यह अच्छा फैसला है। हालांकि भारत 2006 से पाकिस्तान दौरे पर नहीं आया है, लेकिन किसी को तो पहल करनी थी और यह अच्छा है कि हमने ऐसा किया, क्योंकि मेरा मानना है कि भारत-पाक मुकाबला उपमहाद्वीप में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ाएगा। | संक्षिप्त पाठ: पूर्व पाकिस्तानी कप्तान जहीर अब्बास भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट शृंखला बहाल होने से खुश हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि शृंखला लंबी अवधि की होनी चाहिए थी। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली मेट्रो के एक कोच में गुरुवार को वातानुकूलित प्रणाली में संभावित 'स्पार्क' की वजह काफी धुआं निकलने लगा, जिस वजह से दहशत में आए यात्रियों से भरी पूरी ट्रेन को खाली कराया गया.
दिल्ली मेट्रो में रोजाना 30 लाख यात्री सफर करते हैं और ऐसी कोई घटना पहले रिपोर्ट नहीं हुई. हालांकि डीएमआरसी ने कहा कि इसका स्टाफ इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित है.
मेट्रो अधिकारियों ने इसे आग की घटना मानने से इनकार कर दिया. वहीं, दिल्ली दमकल सेवा ने कहा कि इसने कीर्ति नगर यार्ड में प्रभावित ट्रेन में मामूली आग को बुझाया है.
मुसाफिरों ने व्यस्त ब्लू लाइन पर पटेल नगर स्टेशन पर वैशाली जाने वाली ट्रेन के आखिरी कोच से शाम करीब चार बजे धुआं निकलते हुए देखा. इसके बाद अगले राजेंद्र प्लेस स्टेशन पर ट्रेन को सुरक्षित खाली करा लिया गया.
मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि वातानुकूलित प्रणाली में से धुआं आ रहा था. इसकी वजह इसके नियंत्रण सर्किट में संभावित खामी हो सकती है, जो स्पार्क के कारण हुई होगी.
कुछ धुआं कोच के अंदर लगे एचवीएसी (हीटिंग वेंटिलेशन और एयर कंडिशनिंग) पाइपलाइन से बाहर आया, जिस वजह यात्री दहशत में आ गए, लेकिन कोई आग नहीं फैली, क्योंकि यह कोच ऐसी सामग्री से बने हैं जो आग नहीं पकड़ते हैं.
डीएफएस ने कहा कि दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. मेट्रो अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को आगे की जांच के लिए यमुना बैंक डिपो ले जाया गया.
डीएमआरसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पटेल नगर स्टेशन पर यात्रियों ने (छह कोच) की ट्रेन के अंतिम कोच में धुआं निकलने की रिपोर्ट की. एहतियात के तौर पर कोच को अगले स्टेशन पर खाली करा लिया गया. इसके बाद ट्रेन को सेवा से हटाकर जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन इससे आग की घटना कहना अतिश्योक्ति होगी.टिप्पणियां
ब्लू लाइन पर नोएडा सिटी सेंटर-वैशाली से द्वारका के सेक्टर 21 के बीच की सेवा संक्षिप्त तौर पर प्रभावित हुई, क्योंकि घटना व्यस्तम घंटों से कुछ मिनट पहले ही हुई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली मेट्रो में रोजाना 30 लाख यात्री सफर करते हैं और ऐसी कोई घटना पहले रिपोर्ट नहीं हुई. हालांकि डीएमआरसी ने कहा कि इसका स्टाफ इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित है.
मेट्रो अधिकारियों ने इसे आग की घटना मानने से इनकार कर दिया. वहीं, दिल्ली दमकल सेवा ने कहा कि इसने कीर्ति नगर यार्ड में प्रभावित ट्रेन में मामूली आग को बुझाया है.
मुसाफिरों ने व्यस्त ब्लू लाइन पर पटेल नगर स्टेशन पर वैशाली जाने वाली ट्रेन के आखिरी कोच से शाम करीब चार बजे धुआं निकलते हुए देखा. इसके बाद अगले राजेंद्र प्लेस स्टेशन पर ट्रेन को सुरक्षित खाली करा लिया गया.
मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि वातानुकूलित प्रणाली में से धुआं आ रहा था. इसकी वजह इसके नियंत्रण सर्किट में संभावित खामी हो सकती है, जो स्पार्क के कारण हुई होगी.
कुछ धुआं कोच के अंदर लगे एचवीएसी (हीटिंग वेंटिलेशन और एयर कंडिशनिंग) पाइपलाइन से बाहर आया, जिस वजह यात्री दहशत में आ गए, लेकिन कोई आग नहीं फैली, क्योंकि यह कोच ऐसी सामग्री से बने हैं जो आग नहीं पकड़ते हैं.
डीएफएस ने कहा कि दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. मेट्रो अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को आगे की जांच के लिए यमुना बैंक डिपो ले जाया गया.
डीएमआरसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पटेल नगर स्टेशन पर यात्रियों ने (छह कोच) की ट्रेन के अंतिम कोच में धुआं निकलने की रिपोर्ट की. एहतियात के तौर पर कोच को अगले स्टेशन पर खाली करा लिया गया. इसके बाद ट्रेन को सेवा से हटाकर जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन इससे आग की घटना कहना अतिश्योक्ति होगी.टिप्पणियां
ब्लू लाइन पर नोएडा सिटी सेंटर-वैशाली से द्वारका के सेक्टर 21 के बीच की सेवा संक्षिप्त तौर पर प्रभावित हुई, क्योंकि घटना व्यस्तम घंटों से कुछ मिनट पहले ही हुई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मेट्रो अधिकारियों ने इसे आग की घटना मानने से इनकार कर दिया. वहीं, दिल्ली दमकल सेवा ने कहा कि इसने कीर्ति नगर यार्ड में प्रभावित ट्रेन में मामूली आग को बुझाया है.
मुसाफिरों ने व्यस्त ब्लू लाइन पर पटेल नगर स्टेशन पर वैशाली जाने वाली ट्रेन के आखिरी कोच से शाम करीब चार बजे धुआं निकलते हुए देखा. इसके बाद अगले राजेंद्र प्लेस स्टेशन पर ट्रेन को सुरक्षित खाली करा लिया गया.
मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि वातानुकूलित प्रणाली में से धुआं आ रहा था. इसकी वजह इसके नियंत्रण सर्किट में संभावित खामी हो सकती है, जो स्पार्क के कारण हुई होगी.
कुछ धुआं कोच के अंदर लगे एचवीएसी (हीटिंग वेंटिलेशन और एयर कंडिशनिंग) पाइपलाइन से बाहर आया, जिस वजह यात्री दहशत में आ गए, लेकिन कोई आग नहीं फैली, क्योंकि यह कोच ऐसी सामग्री से बने हैं जो आग नहीं पकड़ते हैं.
डीएफएस ने कहा कि दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. मेट्रो अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को आगे की जांच के लिए यमुना बैंक डिपो ले जाया गया.
डीएमआरसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पटेल नगर स्टेशन पर यात्रियों ने (छह कोच) की ट्रेन के अंतिम कोच में धुआं निकलने की रिपोर्ट की. एहतियात के तौर पर कोच को अगले स्टेशन पर खाली करा लिया गया. इसके बाद ट्रेन को सेवा से हटाकर जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन इससे आग की घटना कहना अतिश्योक्ति होगी.टिप्पणियां
ब्लू लाइन पर नोएडा सिटी सेंटर-वैशाली से द्वारका के सेक्टर 21 के बीच की सेवा संक्षिप्त तौर पर प्रभावित हुई, क्योंकि घटना व्यस्तम घंटों से कुछ मिनट पहले ही हुई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुसाफिरों ने व्यस्त ब्लू लाइन पर पटेल नगर स्टेशन पर वैशाली जाने वाली ट्रेन के आखिरी कोच से शाम करीब चार बजे धुआं निकलते हुए देखा. इसके बाद अगले राजेंद्र प्लेस स्टेशन पर ट्रेन को सुरक्षित खाली करा लिया गया.
मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि वातानुकूलित प्रणाली में से धुआं आ रहा था. इसकी वजह इसके नियंत्रण सर्किट में संभावित खामी हो सकती है, जो स्पार्क के कारण हुई होगी.
कुछ धुआं कोच के अंदर लगे एचवीएसी (हीटिंग वेंटिलेशन और एयर कंडिशनिंग) पाइपलाइन से बाहर आया, जिस वजह यात्री दहशत में आ गए, लेकिन कोई आग नहीं फैली, क्योंकि यह कोच ऐसी सामग्री से बने हैं जो आग नहीं पकड़ते हैं.
डीएफएस ने कहा कि दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. मेट्रो अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को आगे की जांच के लिए यमुना बैंक डिपो ले जाया गया.
डीएमआरसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पटेल नगर स्टेशन पर यात्रियों ने (छह कोच) की ट्रेन के अंतिम कोच में धुआं निकलने की रिपोर्ट की. एहतियात के तौर पर कोच को अगले स्टेशन पर खाली करा लिया गया. इसके बाद ट्रेन को सेवा से हटाकर जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन इससे आग की घटना कहना अतिश्योक्ति होगी.टिप्पणियां
ब्लू लाइन पर नोएडा सिटी सेंटर-वैशाली से द्वारका के सेक्टर 21 के बीच की सेवा संक्षिप्त तौर पर प्रभावित हुई, क्योंकि घटना व्यस्तम घंटों से कुछ मिनट पहले ही हुई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि वातानुकूलित प्रणाली में से धुआं आ रहा था. इसकी वजह इसके नियंत्रण सर्किट में संभावित खामी हो सकती है, जो स्पार्क के कारण हुई होगी.
कुछ धुआं कोच के अंदर लगे एचवीएसी (हीटिंग वेंटिलेशन और एयर कंडिशनिंग) पाइपलाइन से बाहर आया, जिस वजह यात्री दहशत में आ गए, लेकिन कोई आग नहीं फैली, क्योंकि यह कोच ऐसी सामग्री से बने हैं जो आग नहीं पकड़ते हैं.
डीएफएस ने कहा कि दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. मेट्रो अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को आगे की जांच के लिए यमुना बैंक डिपो ले जाया गया.
डीएमआरसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पटेल नगर स्टेशन पर यात्रियों ने (छह कोच) की ट्रेन के अंतिम कोच में धुआं निकलने की रिपोर्ट की. एहतियात के तौर पर कोच को अगले स्टेशन पर खाली करा लिया गया. इसके बाद ट्रेन को सेवा से हटाकर जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन इससे आग की घटना कहना अतिश्योक्ति होगी.टिप्पणियां
ब्लू लाइन पर नोएडा सिटी सेंटर-वैशाली से द्वारका के सेक्टर 21 के बीच की सेवा संक्षिप्त तौर पर प्रभावित हुई, क्योंकि घटना व्यस्तम घंटों से कुछ मिनट पहले ही हुई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कुछ धुआं कोच के अंदर लगे एचवीएसी (हीटिंग वेंटिलेशन और एयर कंडिशनिंग) पाइपलाइन से बाहर आया, जिस वजह यात्री दहशत में आ गए, लेकिन कोई आग नहीं फैली, क्योंकि यह कोच ऐसी सामग्री से बने हैं जो आग नहीं पकड़ते हैं.
डीएफएस ने कहा कि दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. मेट्रो अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को आगे की जांच के लिए यमुना बैंक डिपो ले जाया गया.
डीएमआरसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पटेल नगर स्टेशन पर यात्रियों ने (छह कोच) की ट्रेन के अंतिम कोच में धुआं निकलने की रिपोर्ट की. एहतियात के तौर पर कोच को अगले स्टेशन पर खाली करा लिया गया. इसके बाद ट्रेन को सेवा से हटाकर जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन इससे आग की घटना कहना अतिश्योक्ति होगी.टिप्पणियां
ब्लू लाइन पर नोएडा सिटी सेंटर-वैशाली से द्वारका के सेक्टर 21 के बीच की सेवा संक्षिप्त तौर पर प्रभावित हुई, क्योंकि घटना व्यस्तम घंटों से कुछ मिनट पहले ही हुई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डीएफएस ने कहा कि दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. मेट्रो अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को आगे की जांच के लिए यमुना बैंक डिपो ले जाया गया.
डीएमआरसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पटेल नगर स्टेशन पर यात्रियों ने (छह कोच) की ट्रेन के अंतिम कोच में धुआं निकलने की रिपोर्ट की. एहतियात के तौर पर कोच को अगले स्टेशन पर खाली करा लिया गया. इसके बाद ट्रेन को सेवा से हटाकर जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन इससे आग की घटना कहना अतिश्योक्ति होगी.टिप्पणियां
ब्लू लाइन पर नोएडा सिटी सेंटर-वैशाली से द्वारका के सेक्टर 21 के बीच की सेवा संक्षिप्त तौर पर प्रभावित हुई, क्योंकि घटना व्यस्तम घंटों से कुछ मिनट पहले ही हुई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डीएमआरसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पटेल नगर स्टेशन पर यात्रियों ने (छह कोच) की ट्रेन के अंतिम कोच में धुआं निकलने की रिपोर्ट की. एहतियात के तौर पर कोच को अगले स्टेशन पर खाली करा लिया गया. इसके बाद ट्रेन को सेवा से हटाकर जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन इससे आग की घटना कहना अतिश्योक्ति होगी.टिप्पणियां
ब्लू लाइन पर नोएडा सिटी सेंटर-वैशाली से द्वारका के सेक्टर 21 के बीच की सेवा संक्षिप्त तौर पर प्रभावित हुई, क्योंकि घटना व्यस्तम घंटों से कुछ मिनट पहले ही हुई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ब्लू लाइन पर नोएडा सिटी सेंटर-वैशाली से द्वारका के सेक्टर 21 के बीच की सेवा संक्षिप्त तौर पर प्रभावित हुई, क्योंकि घटना व्यस्तम घंटों से कुछ मिनट पहले ही हुई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: दहशत में आए यात्रियों से भरी पूरी ट्रेन को खाली कराया गया.
मेट्रो अधिकारियों ने इसे आग की घटना मानने से इनकार कर दिया.
कीर्ति नगर यार्ड में प्रभावित ट्रेन में मामूली आग को बुझाया- दमकल विभाग | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस रेस में आगे चल रहे एक और नाम मनोज सिन्हा ने एनडीटीवी से कहा कि 'मैं सीएम पद की रेस में नहीं हूं. विधायक दल और संसदीय बोर्ड सीएम तय करेगा. मैंने सीएम पद के लिए कोई दावा नहीं किया. मीडिया का कुछ धड़ा बेवजह मेरा नाम उछाल रहा है.' हालांकि आज सुबह वह वाराणसी के काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे, जिसके बाद इन कयासों को और बल मिला है. उधर, लखनऊ में बीजेपी दफ़्तर के बाहर यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के समर्थक इकट्ठा हो गए. वे लोग पीएम से केशव प्रसाद मौर्य को सीएम बनाने की मांग कर रहे थे.
वहीं लखनऊ में बीजेपी दफ्तर के बाहर योगी आदित्यनाथ के समर्थक भी उन्हें सीएम बनाने की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि योगी आदित्यनाथ ही सीएम के योग्य उम्मीदवार हैं. वहीं योगी खुद चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली पहुंचे और अब लखनऊ भी लौट गए हैं. उधर, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के मौजूदा राज्यपाल कल्याण सिंह के समर्थक भी उन्हें सीएम बनाने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं.
वहीं लखनऊ में बीजेपी दफ्तर के बाहर योगी आदित्यनाथ के समर्थक भी उन्हें सीएम बनाने की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि योगी आदित्यनाथ ही सीएम के योग्य उम्मीदवार हैं. वहीं योगी खुद चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली पहुंचे और अब लखनऊ भी लौट गए हैं. उधर, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के मौजूदा राज्यपाल कल्याण सिंह के समर्थक भी उन्हें सीएम बनाने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं. | सारांश: यूपी में योगी आदित्यनाथ सीएम की रेस में आगे चल रहे हैं
सूत्रों की मानें तो आदित्यनाथ यूपी के सीएम बन सकते हैं
बताया जा रहा है कि आरएसएस मनोज सिन्हा के नाम से सहमत नहीं है | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी खुफिया एजेंसी के कार्यक्रम के संबंध में गोपनीय जानकारी लीक करने वाले स्नोडेन को आखिरकार रूस ने अस्थाई रूप से एक वर्ष के लिए शरण दे दी है। स्नोडेन के रूसी वकील ने बताया कि एक महीने तक मॉस्को हवाई अड्डे पर फंसे रहने के बाद वह वहां से बाहर निकल आए हैं।
वकील एनातोली कुचेरेना ने एएफपी को बताया, ‘‘स्नोडेन शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे से बाहर निकल गए हैं। उन्हें सिर्फ एक दस्तावेज दिया गया है कि उन्हें रूस में एक वर्ष का अस्थाई शरण दिया जाता है।’’
हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने बताया कि स्नोडेन पिछले दो घंटे के भीतर ही निकले हैं। सूत्रों ने संवाद समिति ‘इंटरफैक्स’ को बताया कि अब उन्होंने पहली बार औपचारिक रूस की सीमा में प्रवेश किया है।
कुचेरेना ने बताया कि स्नोडेन खुद टैक्सी करके गए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से स्नोडेन के नए ठिकाने को गुप्त रखा जाएगा।
वकील ने बताया, ‘‘उनके ठिकाने को सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है क्योंकि इस ग्रह पर उनका सबसे ज्यादा पीछा किया जा रहा है। वह कहां जाना चाहते हैं इसका निर्णय स्वयं करेंगे।’’
अमेरिकी सर्विलांस कार्यक्रम के संबंध में गोपनीय जानकारी लीक करने के बाद से 30 वर्षीय स्नोडेन अमेरिका में गंभीर अपराध के मामले में वांछित हैं लेकिन रूस ने उन्हें प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया है।
‘रोसिया 24’ टीवी के साक्षात्कार में कुचेरेना ने स्नोडेन को रूस में एक वर्ष का अस्थाई शरण देने वाले दस्तावेज की स्कैन की हुई प्रति दिखाई।
उन्होंने टीवी पर कहा, ‘‘वह सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। मैं आशा करता हूं कि आप इस सूचना के संबंध में समझदारी दिखाएंगे।’’
हांगकांग से 23 जून को भागकर रूस आने के बाद से ही स्नोडेन मास्को के शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में फंसे हुए थे। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया था।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
वकील एनातोली कुचेरेना ने एएफपी को बताया, ‘‘स्नोडेन शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे से बाहर निकल गए हैं। उन्हें सिर्फ एक दस्तावेज दिया गया है कि उन्हें रूस में एक वर्ष का अस्थाई शरण दिया जाता है।’’
हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने बताया कि स्नोडेन पिछले दो घंटे के भीतर ही निकले हैं। सूत्रों ने संवाद समिति ‘इंटरफैक्स’ को बताया कि अब उन्होंने पहली बार औपचारिक रूस की सीमा में प्रवेश किया है।
कुचेरेना ने बताया कि स्नोडेन खुद टैक्सी करके गए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से स्नोडेन के नए ठिकाने को गुप्त रखा जाएगा।
वकील ने बताया, ‘‘उनके ठिकाने को सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है क्योंकि इस ग्रह पर उनका सबसे ज्यादा पीछा किया जा रहा है। वह कहां जाना चाहते हैं इसका निर्णय स्वयं करेंगे।’’
अमेरिकी सर्विलांस कार्यक्रम के संबंध में गोपनीय जानकारी लीक करने के बाद से 30 वर्षीय स्नोडेन अमेरिका में गंभीर अपराध के मामले में वांछित हैं लेकिन रूस ने उन्हें प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया है।
‘रोसिया 24’ टीवी के साक्षात्कार में कुचेरेना ने स्नोडेन को रूस में एक वर्ष का अस्थाई शरण देने वाले दस्तावेज की स्कैन की हुई प्रति दिखाई।
उन्होंने टीवी पर कहा, ‘‘वह सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। मैं आशा करता हूं कि आप इस सूचना के संबंध में समझदारी दिखाएंगे।’’
हांगकांग से 23 जून को भागकर रूस आने के बाद से ही स्नोडेन मास्को के शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में फंसे हुए थे। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया था।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने बताया कि स्नोडेन पिछले दो घंटे के भीतर ही निकले हैं। सूत्रों ने संवाद समिति ‘इंटरफैक्स’ को बताया कि अब उन्होंने पहली बार औपचारिक रूस की सीमा में प्रवेश किया है।
कुचेरेना ने बताया कि स्नोडेन खुद टैक्सी करके गए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से स्नोडेन के नए ठिकाने को गुप्त रखा जाएगा।
वकील ने बताया, ‘‘उनके ठिकाने को सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है क्योंकि इस ग्रह पर उनका सबसे ज्यादा पीछा किया जा रहा है। वह कहां जाना चाहते हैं इसका निर्णय स्वयं करेंगे।’’
अमेरिकी सर्विलांस कार्यक्रम के संबंध में गोपनीय जानकारी लीक करने के बाद से 30 वर्षीय स्नोडेन अमेरिका में गंभीर अपराध के मामले में वांछित हैं लेकिन रूस ने उन्हें प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया है।
‘रोसिया 24’ टीवी के साक्षात्कार में कुचेरेना ने स्नोडेन को रूस में एक वर्ष का अस्थाई शरण देने वाले दस्तावेज की स्कैन की हुई प्रति दिखाई।
उन्होंने टीवी पर कहा, ‘‘वह सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। मैं आशा करता हूं कि आप इस सूचना के संबंध में समझदारी दिखाएंगे।’’
हांगकांग से 23 जून को भागकर रूस आने के बाद से ही स्नोडेन मास्को के शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में फंसे हुए थे। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया था।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
कुचेरेना ने बताया कि स्नोडेन खुद टैक्सी करके गए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से स्नोडेन के नए ठिकाने को गुप्त रखा जाएगा।
वकील ने बताया, ‘‘उनके ठिकाने को सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है क्योंकि इस ग्रह पर उनका सबसे ज्यादा पीछा किया जा रहा है। वह कहां जाना चाहते हैं इसका निर्णय स्वयं करेंगे।’’
अमेरिकी सर्विलांस कार्यक्रम के संबंध में गोपनीय जानकारी लीक करने के बाद से 30 वर्षीय स्नोडेन अमेरिका में गंभीर अपराध के मामले में वांछित हैं लेकिन रूस ने उन्हें प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया है।
‘रोसिया 24’ टीवी के साक्षात्कार में कुचेरेना ने स्नोडेन को रूस में एक वर्ष का अस्थाई शरण देने वाले दस्तावेज की स्कैन की हुई प्रति दिखाई।
उन्होंने टीवी पर कहा, ‘‘वह सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। मैं आशा करता हूं कि आप इस सूचना के संबंध में समझदारी दिखाएंगे।’’
हांगकांग से 23 जून को भागकर रूस आने के बाद से ही स्नोडेन मास्को के शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में फंसे हुए थे। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया था।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
वकील ने बताया, ‘‘उनके ठिकाने को सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है क्योंकि इस ग्रह पर उनका सबसे ज्यादा पीछा किया जा रहा है। वह कहां जाना चाहते हैं इसका निर्णय स्वयं करेंगे।’’
अमेरिकी सर्विलांस कार्यक्रम के संबंध में गोपनीय जानकारी लीक करने के बाद से 30 वर्षीय स्नोडेन अमेरिका में गंभीर अपराध के मामले में वांछित हैं लेकिन रूस ने उन्हें प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया है।
‘रोसिया 24’ टीवी के साक्षात्कार में कुचेरेना ने स्नोडेन को रूस में एक वर्ष का अस्थाई शरण देने वाले दस्तावेज की स्कैन की हुई प्रति दिखाई।
उन्होंने टीवी पर कहा, ‘‘वह सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। मैं आशा करता हूं कि आप इस सूचना के संबंध में समझदारी दिखाएंगे।’’
हांगकांग से 23 जून को भागकर रूस आने के बाद से ही स्नोडेन मास्को के शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में फंसे हुए थे। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया था।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
अमेरिकी सर्विलांस कार्यक्रम के संबंध में गोपनीय जानकारी लीक करने के बाद से 30 वर्षीय स्नोडेन अमेरिका में गंभीर अपराध के मामले में वांछित हैं लेकिन रूस ने उन्हें प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया है।
‘रोसिया 24’ टीवी के साक्षात्कार में कुचेरेना ने स्नोडेन को रूस में एक वर्ष का अस्थाई शरण देने वाले दस्तावेज की स्कैन की हुई प्रति दिखाई।
उन्होंने टीवी पर कहा, ‘‘वह सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। मैं आशा करता हूं कि आप इस सूचना के संबंध में समझदारी दिखाएंगे।’’
हांगकांग से 23 जून को भागकर रूस आने के बाद से ही स्नोडेन मास्को के शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में फंसे हुए थे। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया था।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
‘रोसिया 24’ टीवी के साक्षात्कार में कुचेरेना ने स्नोडेन को रूस में एक वर्ष का अस्थाई शरण देने वाले दस्तावेज की स्कैन की हुई प्रति दिखाई।
उन्होंने टीवी पर कहा, ‘‘वह सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। मैं आशा करता हूं कि आप इस सूचना के संबंध में समझदारी दिखाएंगे।’’
हांगकांग से 23 जून को भागकर रूस आने के बाद से ही स्नोडेन मास्को के शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में फंसे हुए थे। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया था।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने टीवी पर कहा, ‘‘वह सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। मैं आशा करता हूं कि आप इस सूचना के संबंध में समझदारी दिखाएंगे।’’
हांगकांग से 23 जून को भागकर रूस आने के बाद से ही स्नोडेन मास्को के शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में फंसे हुए थे। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया था।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
हांगकांग से 23 जून को भागकर रूस आने के बाद से ही स्नोडेन मास्को के शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में फंसे हुए थे। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया था।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
भंडाफोड़ करने वाले वेबसाइट विकीलीक्स को अमेरिका की गोपनीय सूचनाएं लीक करने वाले अमेरिकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को मंगलवार को जासूसी के दोष में सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद रूस ने स्नोडेन को शरण दिया है।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
स्नोडेन का समर्थन कर रहे विकीलीक्स ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘एडवर्ड स्नोडेन ने सफलतापूर्वक रूस में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और जल्दी ही हवाई अड्डे से निकल जाएंगे।’’टिप्पणियां
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
स्नोडेन को शरण देकर रूस ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक मतभेद का खतरा मोल लिया है। अमेरिका ने रूस द्वारा स्नोडेन को शरण दिए जाने की संभावनाओं को ‘बेहद निराशाजनक’ बताया था।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
‘इंटरफैक्स’ की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार युरी उषाकोव ने कहा कि इस स्थिति का वाशिंगटन के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिकी खुफिया एजेंसी के कार्यक्रम के संबंध में गोपनीय जानकारी लीक करने वाले स्नोडेन को आखिरकार रूस ने अस्थाई रूप से एक वर्ष के लिए शरण दे दी है। स्नोडेन के रूसी वकील ने बताया कि एक महीने तक मॉस्को हवाई अड्डे पर फंसे रहने के बाद वह वहां से बाहर निकल आए है | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रयागराज के कुंभ में सिर्फ धर्म और अध्यात्म की ही गंगा नहीं बह रही है, बल्कि यहां देश की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले शहीदों को खास अंदाज में नमन भी किया जा रहा है. मेले में सेक्टर 14 का एक पंडाल पूरी तरह शहीदों और उनके परिवार वालों को समर्पित कर दिया गया है.
शहीदों की आत्मा की शांति के लिए सौ कुंडों की यज्ञशाला बनवाई गई है. शहीदों के परिवार वालों को बुलाकर उनका सम्मान भी किया जाएगा. देश के लिए समर्पित रहने का संदेश देने वाला यह पंडाल मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
कुंभ में यज्ञ कुंड, हवन, मंत्रोच्चार तो हर जगह चल रहा है लेकिन इस पंडाल में यज्ञ के संकल्प और हवन से पहले मंत्र नहीं बल्कि अमर शहीदों के लिए उद्घोष होता है जो किसी का भी ध्यान खींच लेता है. अमर शहीदों की आत्मा की शान्ति के लिए बनी यज्ञशाला में 100 कुंडों में शतकुंडीय अति विष्णु महायज्ञ चल रहा है. इस पंडाल को लगने वाला बाबा बालक योगेश्वर दास जी महाराज कहते हैं कि यह अमर शहीदों का कुम्भ है. इसमें सभी आते हैं, देवता भी आते हैं, किन्नर भी आते हैं. जब सभी आते हैं तो अमर शहीदों की आत्मा भी आती है. हम लोग अमर शहीदों को आहुति देकर श्रृद्धांजलि देते हैं.
आध्यात्म की इस नगरी में बाकी पंडालों में प्रभु के भजन से भोर की शुरुआत होती है लेकिन शहीदों के नमन के लिए लगे इस पंडाल में राष्ट्रगान से सुबह की शुरुआत होती है. उसके बाद यज्ञ कुंड में हवन, आरती और फिर पूरी यज्ञशाला की परिक्रमा की जाती है. इसमें मुंबई अटैक, कारगिल वार, ऑपरेशन सर्प विनाशक सन 62 और सन 71 के युद्ध के अमर शहीदों के साथ आतंकवाद के शिकार लोगों की तस्वीरें लगी हैं. जिनको परिक्रमा करने वाले लोग नमन करते हैं. व्यवस्थापक देवेंद्र जीत सिंह उर्फ पिंटू सिंह बड़े उत्साह से वहां लगे शहीदों के कटआउट दिखाते हुए कहते हैं "यहां पर कारगिल मार्टियार हैं और छब्बीस ग्यारह के हैं. उनके लिए शहीद गांव बना रहे हैं. टेरेरिस्ट अटैक से पीड़ित लोग भी आएंगे. कर्नल विक्रम बत्रा की फैमिली रहेगी, मनोज जी की फैमिली रहेगी. तकरीबन 100 फैमिली यहां आने वाली हैं.
पंडाल की यज्ञशाला के एक हवन कुंड में चम्पा देवी भी हवन कर रही थीं. चम्पा देवी जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर की रहने वाली हैं, जहां गिरे एक बम से इनका बच्चा शहीद हो गया था और एक बच्चा घायल. अपने शहीद बच्चे की तस्वीर लगाए चम्पा देवी अपने पूरे परिवार के साथ भीगी आंखों से उसकी आत्मा की शांति के लिए यज्ञ कर रही हैं. उन्होंने कहा "बाबा जी ने बुलाया मेरा बेटा भी शहीद हुआ है पकिस्तान की गोलीबारी से. यहां शांति मिली है. बहुत सारे शहीद परिवार यहां आते हैं.
पूरे कुंभ में ये पंडाल बाहर से ही सबसे अलग नजर आता है. शहीदों के बड़े-बड़े काट आउट लगे हैं. तो सबसे ऊंची यज्ञशाला के ऊपर तिरंगा झंडा लहरा रहा है. इस पंडाल में शहीदों के परिवारों के रहने के लिए कुटिया भी तैयार हो रही हैं. ये पंडाल जम्मू-कश्मीर के रहने वाले बालक योगेश्वर दास जी महाराज ने लगाया है. वे इसके पहले चार और कुंभों में भी ऐसे कैम्प लगा चुके हैं. | यहाँ एक सारांश है:शहीदों को समर्पित पंडाल बना आकर्षण का केंद्र
देश भर से शहीदों के परिवार आ रहे
शहीदों की आत्मा का शांति के लिए अनुष्ठान | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार पर अंत: सरकारी चर्चाओं में विचार के लिए नई श्रेणियों का सूत्रपात करने का भारत ने विरोध किया है. भारत का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की इस संस्था में सदस्यता बढ़ाने के लिए पहले से ' ठुकराए ' जा चुके विकल्पों को नए प्रारूप में लाकर नए प्रस्ताव की तरह पेश करना 'अस्वीकार्य ' है.
संरा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने कहा, ' जिनका प्रतिनिधित्व है ही नहीं या जिन्हें कम प्रतिनिधित्व मिला है वे समानता की मांग करते हैं. परिषद में उन्हें दिए गए सेवा अवधि संबंधी आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं. इन विकल्पों में नई सियासी वास्तविकताएं प्रतिबंबित नहीं होती, इसके अलावा संरा सुरक्षा परिषद के समक्ष वैधता का जो प्रश्न खड़ा है, उसका कोई जवाब भी सामने नहीं आता '.टिप्पणियां
सुरक्षा परिषद में सदस्यता बढ़ाने और समान प्रतिनिधित्व के सवाल पर अंत: सरकारी चर्चाओं में अनौपचारिक बैठक में शरीक हुए अकबरूद्दीन ने कहा कि ' भारत ऐसी श्रेणियों को लाने के पक्ष में नहीं है. जिन्हें पहले ही जांच कर खारिज किया चुका है '.
उन्होंने कहा, ' विकल्प जिन्हें बहुत पहले ही अस्वीकार किया जा चुका है, अब उन्हीं को नए रंगरूप में नए प्रस्ताव के तौर पर पेश करना अस्वीकार्य है ' . उन्होंने यूनाइटेड या कॉनसेन्सस समूह की ओर से इटली के प्रतिनिधि द्वारा पेश नए विकल्पों पर सवाल उठाया. पाकिस्तान भी इस समूह का सदस्य है.समूह द्वारा प्रस्तावित एक विकल्प दो वर्ष की अस्थायी सीटों के विस्तार से संबंधित है जबकि दूसरा विकल्प फिर से चुने जा सकने वाले दीर्घकालिक सदस्यों की नई श्रेणी से संबंधित है.
संरा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने कहा, ' जिनका प्रतिनिधित्व है ही नहीं या जिन्हें कम प्रतिनिधित्व मिला है वे समानता की मांग करते हैं. परिषद में उन्हें दिए गए सेवा अवधि संबंधी आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं. इन विकल्पों में नई सियासी वास्तविकताएं प्रतिबंबित नहीं होती, इसके अलावा संरा सुरक्षा परिषद के समक्ष वैधता का जो प्रश्न खड़ा है, उसका कोई जवाब भी सामने नहीं आता '.टिप्पणियां
सुरक्षा परिषद में सदस्यता बढ़ाने और समान प्रतिनिधित्व के सवाल पर अंत: सरकारी चर्चाओं में अनौपचारिक बैठक में शरीक हुए अकबरूद्दीन ने कहा कि ' भारत ऐसी श्रेणियों को लाने के पक्ष में नहीं है. जिन्हें पहले ही जांच कर खारिज किया चुका है '.
उन्होंने कहा, ' विकल्प जिन्हें बहुत पहले ही अस्वीकार किया जा चुका है, अब उन्हीं को नए रंगरूप में नए प्रस्ताव के तौर पर पेश करना अस्वीकार्य है ' . उन्होंने यूनाइटेड या कॉनसेन्सस समूह की ओर से इटली के प्रतिनिधि द्वारा पेश नए विकल्पों पर सवाल उठाया. पाकिस्तान भी इस समूह का सदस्य है.समूह द्वारा प्रस्तावित एक विकल्प दो वर्ष की अस्थायी सीटों के विस्तार से संबंधित है जबकि दूसरा विकल्प फिर से चुने जा सकने वाले दीर्घकालिक सदस्यों की नई श्रेणी से संबंधित है.
सुरक्षा परिषद में सदस्यता बढ़ाने और समान प्रतिनिधित्व के सवाल पर अंत: सरकारी चर्चाओं में अनौपचारिक बैठक में शरीक हुए अकबरूद्दीन ने कहा कि ' भारत ऐसी श्रेणियों को लाने के पक्ष में नहीं है. जिन्हें पहले ही जांच कर खारिज किया चुका है '.
उन्होंने कहा, ' विकल्प जिन्हें बहुत पहले ही अस्वीकार किया जा चुका है, अब उन्हीं को नए रंगरूप में नए प्रस्ताव के तौर पर पेश करना अस्वीकार्य है ' . उन्होंने यूनाइटेड या कॉनसेन्सस समूह की ओर से इटली के प्रतिनिधि द्वारा पेश नए विकल्पों पर सवाल उठाया. पाकिस्तान भी इस समूह का सदस्य है.समूह द्वारा प्रस्तावित एक विकल्प दो वर्ष की अस्थायी सीटों के विस्तार से संबंधित है जबकि दूसरा विकल्प फिर से चुने जा सकने वाले दीर्घकालिक सदस्यों की नई श्रेणी से संबंधित है.
उन्होंने कहा, ' विकल्प जिन्हें बहुत पहले ही अस्वीकार किया जा चुका है, अब उन्हीं को नए रंगरूप में नए प्रस्ताव के तौर पर पेश करना अस्वीकार्य है ' . उन्होंने यूनाइटेड या कॉनसेन्सस समूह की ओर से इटली के प्रतिनिधि द्वारा पेश नए विकल्पों पर सवाल उठाया. पाकिस्तान भी इस समूह का सदस्य है.समूह द्वारा प्रस्तावित एक विकल्प दो वर्ष की अस्थायी सीटों के विस्तार से संबंधित है जबकि दूसरा विकल्प फिर से चुने जा सकने वाले दीर्घकालिक सदस्यों की नई श्रेणी से संबंधित है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संरा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि है सैयद अकबरूद्दीन
इटली के प्रतिनिधि द्वारा पेश किए गये नए विकल्पों पर उठाया सवाल
इन विकल्पों में नई सियासी वास्तविकताएं प्रतिबंबित नहीं होती | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने उत्तर कोरिया द्वारा एक मिसाइल परीक्षण किये जाने की पुष्टि करते हुए कहा है कि प्रक्षेपण करीब करीब तत्काल ही असफल हो गया.
यूएस पैसेफिक कमांड ने एक बयान में बताया ‘‘मिसाइल में करीब करीब तुरंत ही विस्फोट हो गया. मिसाइल किस प्रकार की थी, इसका आकलन किया जा रहा है.’’ बयान के अनुसार, यूएस पैसेफिक कमांड ने अब तक जो आकलन किया है उसके अनुसार, उत्तर कोरिया ने 15 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार, 21 बज कर 21 मिनट पर मिसाइल प्रक्षेपित की. यूएस पैसेफिक कमांड के प्रवक्ता सीडीआर डेव बेनहैम ने बताया ‘‘बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण सिन्पो के करीब किया गया.’’
बेनहैम ने कहा कि यूएस पैसेफिक कमांड सुरक्षा बनाए रखने के लिए कोरिया गणराज्य तथा जापान में अपने सहयोगियों के साथ करीब से काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.टिप्पणियां
इस असफल परीक्षण के एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग के 105 वें जन्मदिन पर आयोजित एक विशाल सैन्य परेड में प्योंगयांग ने करीब 60 मिसाइलों का प्रदर्शन किया था. समझा जाता है कि इन करीब 60 मिसाइलों में एक नयी अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल भी थी.
इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका सैन्य दल इस मिसाइल प्रक्षेपण से अवगत हैं. मैटिस ने कहा ‘‘राष्ट्रपति और उनका सैन्य दल उत्तर कोरिया के नवीनतम असफल मिसाइल प्रक्षेपण के बारे में जानते हैं. राष्ट्रपति ने कोई टिप्पणी नहीं की है.’’
यूएस पैसेफिक कमांड ने एक बयान में बताया ‘‘मिसाइल में करीब करीब तुरंत ही विस्फोट हो गया. मिसाइल किस प्रकार की थी, इसका आकलन किया जा रहा है.’’ बयान के अनुसार, यूएस पैसेफिक कमांड ने अब तक जो आकलन किया है उसके अनुसार, उत्तर कोरिया ने 15 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार, 21 बज कर 21 मिनट पर मिसाइल प्रक्षेपित की. यूएस पैसेफिक कमांड के प्रवक्ता सीडीआर डेव बेनहैम ने बताया ‘‘बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण सिन्पो के करीब किया गया.’’
बेनहैम ने कहा कि यूएस पैसेफिक कमांड सुरक्षा बनाए रखने के लिए कोरिया गणराज्य तथा जापान में अपने सहयोगियों के साथ करीब से काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.टिप्पणियां
इस असफल परीक्षण के एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग के 105 वें जन्मदिन पर आयोजित एक विशाल सैन्य परेड में प्योंगयांग ने करीब 60 मिसाइलों का प्रदर्शन किया था. समझा जाता है कि इन करीब 60 मिसाइलों में एक नयी अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल भी थी.
इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका सैन्य दल इस मिसाइल प्रक्षेपण से अवगत हैं. मैटिस ने कहा ‘‘राष्ट्रपति और उनका सैन्य दल उत्तर कोरिया के नवीनतम असफल मिसाइल प्रक्षेपण के बारे में जानते हैं. राष्ट्रपति ने कोई टिप्पणी नहीं की है.’’
बेनहैम ने कहा कि यूएस पैसेफिक कमांड सुरक्षा बनाए रखने के लिए कोरिया गणराज्य तथा जापान में अपने सहयोगियों के साथ करीब से काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.टिप्पणियां
इस असफल परीक्षण के एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग के 105 वें जन्मदिन पर आयोजित एक विशाल सैन्य परेड में प्योंगयांग ने करीब 60 मिसाइलों का प्रदर्शन किया था. समझा जाता है कि इन करीब 60 मिसाइलों में एक नयी अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल भी थी.
इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका सैन्य दल इस मिसाइल प्रक्षेपण से अवगत हैं. मैटिस ने कहा ‘‘राष्ट्रपति और उनका सैन्य दल उत्तर कोरिया के नवीनतम असफल मिसाइल प्रक्षेपण के बारे में जानते हैं. राष्ट्रपति ने कोई टिप्पणी नहीं की है.’’
इस असफल परीक्षण के एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग के 105 वें जन्मदिन पर आयोजित एक विशाल सैन्य परेड में प्योंगयांग ने करीब 60 मिसाइलों का प्रदर्शन किया था. समझा जाता है कि इन करीब 60 मिसाइलों में एक नयी अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल भी थी.
इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका सैन्य दल इस मिसाइल प्रक्षेपण से अवगत हैं. मैटिस ने कहा ‘‘राष्ट्रपति और उनका सैन्य दल उत्तर कोरिया के नवीनतम असफल मिसाइल प्रक्षेपण के बारे में जानते हैं. राष्ट्रपति ने कोई टिप्पणी नहीं की है.’’
इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका सैन्य दल इस मिसाइल प्रक्षेपण से अवगत हैं. मैटिस ने कहा ‘‘राष्ट्रपति और उनका सैन्य दल उत्तर कोरिया के नवीनतम असफल मिसाइल प्रक्षेपण के बारे में जानते हैं. राष्ट्रपति ने कोई टिप्पणी नहीं की है.’’ | यह एक सारांश है: प्रक्षेपण करीब करीब तत्काल ही असफल हो गया.
मिसाइल किस प्रकार की थी, इसका आकलन किया जा रहा है
21 बज कर 21 मिनट पर मिसाइल प्रक्षेपित की. | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आरजेडी अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव का दावा है कि मिड-डे मील हादसे में उनकी पार्टी के किसी आदमी का हाथ नहीं है। यह बात उन्होंने एनडीटीवी इंडिया से खास बातचीत में कही।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि अगर उनके किसी भी अपने का कोई रोल दिखता है तो वो उसे सजा दिलाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस हादसे के सीधे जिम्मेदार नीतीश कुमार हैं। लालू यादव ने बहुत सारे मसलों पर बात की।
जातिवादी रैलियों पर पाबंदी के इलाहाबाद हाइकोर्ट के फैसले के बारे में भी उनकी राय अलग है। उनका कहना है कि जातिवादी राजनीति हमारे लोकतंत्र की हकीकत है।
उन्होंने कहा कि अगर उनके किसी भी अपने का कोई रोल दिखता है तो वो उसे सजा दिलाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस हादसे के सीधे जिम्मेदार नीतीश कुमार हैं। लालू यादव ने बहुत सारे मसलों पर बात की।
जातिवादी रैलियों पर पाबंदी के इलाहाबाद हाइकोर्ट के फैसले के बारे में भी उनकी राय अलग है। उनका कहना है कि जातिवादी राजनीति हमारे लोकतंत्र की हकीकत है।
जातिवादी रैलियों पर पाबंदी के इलाहाबाद हाइकोर्ट के फैसले के बारे में भी उनकी राय अलग है। उनका कहना है कि जातिवादी राजनीति हमारे लोकतंत्र की हकीकत है। | आरजेडी अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव का दावा है कि मिड-डे मील हादसे में उनकी पार्टी के किसी आदमी का हाथ नहीं है। यह बात उन्होंने एनडीटीवी इंडिया से खास बातचीत में कही। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश की जनता के साथ सीधे संवाद और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए राज्य पुलिस द्वारा शुरू किए गए फेसबुक पेज और ट्विटर अकांउट पर अब वह आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के सवालों से जूझ रही है और इसमें जब तक उसकी झल्लाहट भी झलक उठती है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की इस झल्लाहट का कारण बन गए आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ता राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति और पुलिस की कार्यप्रणाली पर अक्सर सवाल उठाते रहते हैं।
इन सवालों से परेशान उत्तर प्रदेश पुलिस ने फेसबुक पर अपने एक पोस्ट में कहा, ‘‘आप’ मित्रों से अनुरोध है कि वे किसी को फंसाने के लिए सोशल मीडिया में माहौल बनाने की कोशिश न करे। आप व्यर्थ टिप्पणी करेंगे तो हमें जवाब देना ही पड़ेगा।’
पुलिस ने कहा, ‘‘अगर किसी मामले में आपको (आप कार्यकर्ता) लगता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस गलत है तो स्थानीय, क्षेत्रीय, प्रांतीय, राष्ट्रीय मीडिया को सबूत समेत बताएं या किसी अदालत में इस्तगासा दायर करें। दोषियों के साथ हमें भी सजा मिल जाएगी और ‘आप’ की इज्जत बढ़ जाएगी। व्यर्थ विवाद से उत्तर प्रदेश पुलिस की नहीं ‘आप’ की स्थिति खराब हो रही है।’’
पुलिस ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हम बार-बार कह रहे हैं कि सोशल मीडिया को राजनीति का अखाड़ा न बनाइए। आप ही का नुकसान होगा।’’ इस ट्वीट के साथ पुलिस लोगों को अपने साथ आने की भी अपील करती है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस के प्रति पुराना नजरिया बदलिए। हमने खुद को बदला है। आप सोच बदलिए, हाथ बढ़ाइए साथ चलिए।’’
पुलिस ने कहा कि वह ट्विटर और फेसबुक पर जनसंपर्क के प्रचार के लिए नहीं बल्कि यह जानने के लिए हैं कि कहां-कहां पर कार्रवाई नहीं हो रही है।टिप्पणियां
फेसबुक और ट्विटर पर एक पार्टी का पक्ष लेने के आरोपों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जवाब दिया, ‘‘हो सकता है कि हमारे कुछ मित्रों का राजनीतिक मंतव्य हो लेकिन यह समझने का प्रयास कीजिए उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रही है।’’
कुछ समय पहले ही शुरू किए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के फेसबुक पेज को अब तक 1202 लोगों ने लाइक किया है जबकि ट्विटर पर उसके 2043 फॉलोवर हैं और कई मामलों में यह तत्परता के साथ कार्रवाई कर रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की इस झल्लाहट का कारण बन गए आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ता राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति और पुलिस की कार्यप्रणाली पर अक्सर सवाल उठाते रहते हैं।
इन सवालों से परेशान उत्तर प्रदेश पुलिस ने फेसबुक पर अपने एक पोस्ट में कहा, ‘‘आप’ मित्रों से अनुरोध है कि वे किसी को फंसाने के लिए सोशल मीडिया में माहौल बनाने की कोशिश न करे। आप व्यर्थ टिप्पणी करेंगे तो हमें जवाब देना ही पड़ेगा।’
पुलिस ने कहा, ‘‘अगर किसी मामले में आपको (आप कार्यकर्ता) लगता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस गलत है तो स्थानीय, क्षेत्रीय, प्रांतीय, राष्ट्रीय मीडिया को सबूत समेत बताएं या किसी अदालत में इस्तगासा दायर करें। दोषियों के साथ हमें भी सजा मिल जाएगी और ‘आप’ की इज्जत बढ़ जाएगी। व्यर्थ विवाद से उत्तर प्रदेश पुलिस की नहीं ‘आप’ की स्थिति खराब हो रही है।’’
पुलिस ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हम बार-बार कह रहे हैं कि सोशल मीडिया को राजनीति का अखाड़ा न बनाइए। आप ही का नुकसान होगा।’’ इस ट्वीट के साथ पुलिस लोगों को अपने साथ आने की भी अपील करती है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस के प्रति पुराना नजरिया बदलिए। हमने खुद को बदला है। आप सोच बदलिए, हाथ बढ़ाइए साथ चलिए।’’
पुलिस ने कहा कि वह ट्विटर और फेसबुक पर जनसंपर्क के प्रचार के लिए नहीं बल्कि यह जानने के लिए हैं कि कहां-कहां पर कार्रवाई नहीं हो रही है।टिप्पणियां
फेसबुक और ट्विटर पर एक पार्टी का पक्ष लेने के आरोपों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जवाब दिया, ‘‘हो सकता है कि हमारे कुछ मित्रों का राजनीतिक मंतव्य हो लेकिन यह समझने का प्रयास कीजिए उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रही है।’’
कुछ समय पहले ही शुरू किए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के फेसबुक पेज को अब तक 1202 लोगों ने लाइक किया है जबकि ट्विटर पर उसके 2043 फॉलोवर हैं और कई मामलों में यह तत्परता के साथ कार्रवाई कर रही है।
इन सवालों से परेशान उत्तर प्रदेश पुलिस ने फेसबुक पर अपने एक पोस्ट में कहा, ‘‘आप’ मित्रों से अनुरोध है कि वे किसी को फंसाने के लिए सोशल मीडिया में माहौल बनाने की कोशिश न करे। आप व्यर्थ टिप्पणी करेंगे तो हमें जवाब देना ही पड़ेगा।’
पुलिस ने कहा, ‘‘अगर किसी मामले में आपको (आप कार्यकर्ता) लगता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस गलत है तो स्थानीय, क्षेत्रीय, प्रांतीय, राष्ट्रीय मीडिया को सबूत समेत बताएं या किसी अदालत में इस्तगासा दायर करें। दोषियों के साथ हमें भी सजा मिल जाएगी और ‘आप’ की इज्जत बढ़ जाएगी। व्यर्थ विवाद से उत्तर प्रदेश पुलिस की नहीं ‘आप’ की स्थिति खराब हो रही है।’’
पुलिस ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हम बार-बार कह रहे हैं कि सोशल मीडिया को राजनीति का अखाड़ा न बनाइए। आप ही का नुकसान होगा।’’ इस ट्वीट के साथ पुलिस लोगों को अपने साथ आने की भी अपील करती है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस के प्रति पुराना नजरिया बदलिए। हमने खुद को बदला है। आप सोच बदलिए, हाथ बढ़ाइए साथ चलिए।’’
पुलिस ने कहा कि वह ट्विटर और फेसबुक पर जनसंपर्क के प्रचार के लिए नहीं बल्कि यह जानने के लिए हैं कि कहां-कहां पर कार्रवाई नहीं हो रही है।टिप्पणियां
फेसबुक और ट्विटर पर एक पार्टी का पक्ष लेने के आरोपों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जवाब दिया, ‘‘हो सकता है कि हमारे कुछ मित्रों का राजनीतिक मंतव्य हो लेकिन यह समझने का प्रयास कीजिए उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रही है।’’
कुछ समय पहले ही शुरू किए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के फेसबुक पेज को अब तक 1202 लोगों ने लाइक किया है जबकि ट्विटर पर उसके 2043 फॉलोवर हैं और कई मामलों में यह तत्परता के साथ कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने कहा, ‘‘अगर किसी मामले में आपको (आप कार्यकर्ता) लगता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस गलत है तो स्थानीय, क्षेत्रीय, प्रांतीय, राष्ट्रीय मीडिया को सबूत समेत बताएं या किसी अदालत में इस्तगासा दायर करें। दोषियों के साथ हमें भी सजा मिल जाएगी और ‘आप’ की इज्जत बढ़ जाएगी। व्यर्थ विवाद से उत्तर प्रदेश पुलिस की नहीं ‘आप’ की स्थिति खराब हो रही है।’’
पुलिस ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हम बार-बार कह रहे हैं कि सोशल मीडिया को राजनीति का अखाड़ा न बनाइए। आप ही का नुकसान होगा।’’ इस ट्वीट के साथ पुलिस लोगों को अपने साथ आने की भी अपील करती है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस के प्रति पुराना नजरिया बदलिए। हमने खुद को बदला है। आप सोच बदलिए, हाथ बढ़ाइए साथ चलिए।’’
पुलिस ने कहा कि वह ट्विटर और फेसबुक पर जनसंपर्क के प्रचार के लिए नहीं बल्कि यह जानने के लिए हैं कि कहां-कहां पर कार्रवाई नहीं हो रही है।टिप्पणियां
फेसबुक और ट्विटर पर एक पार्टी का पक्ष लेने के आरोपों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जवाब दिया, ‘‘हो सकता है कि हमारे कुछ मित्रों का राजनीतिक मंतव्य हो लेकिन यह समझने का प्रयास कीजिए उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रही है।’’
कुछ समय पहले ही शुरू किए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के फेसबुक पेज को अब तक 1202 लोगों ने लाइक किया है जबकि ट्विटर पर उसके 2043 फॉलोवर हैं और कई मामलों में यह तत्परता के साथ कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हम बार-बार कह रहे हैं कि सोशल मीडिया को राजनीति का अखाड़ा न बनाइए। आप ही का नुकसान होगा।’’ इस ट्वीट के साथ पुलिस लोगों को अपने साथ आने की भी अपील करती है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस के प्रति पुराना नजरिया बदलिए। हमने खुद को बदला है। आप सोच बदलिए, हाथ बढ़ाइए साथ चलिए।’’
पुलिस ने कहा कि वह ट्विटर और फेसबुक पर जनसंपर्क के प्रचार के लिए नहीं बल्कि यह जानने के लिए हैं कि कहां-कहां पर कार्रवाई नहीं हो रही है।टिप्पणियां
फेसबुक और ट्विटर पर एक पार्टी का पक्ष लेने के आरोपों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जवाब दिया, ‘‘हो सकता है कि हमारे कुछ मित्रों का राजनीतिक मंतव्य हो लेकिन यह समझने का प्रयास कीजिए उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रही है।’’
कुछ समय पहले ही शुरू किए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के फेसबुक पेज को अब तक 1202 लोगों ने लाइक किया है जबकि ट्विटर पर उसके 2043 फॉलोवर हैं और कई मामलों में यह तत्परता के साथ कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने कहा कि वह ट्विटर और फेसबुक पर जनसंपर्क के प्रचार के लिए नहीं बल्कि यह जानने के लिए हैं कि कहां-कहां पर कार्रवाई नहीं हो रही है।टिप्पणियां
फेसबुक और ट्विटर पर एक पार्टी का पक्ष लेने के आरोपों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जवाब दिया, ‘‘हो सकता है कि हमारे कुछ मित्रों का राजनीतिक मंतव्य हो लेकिन यह समझने का प्रयास कीजिए उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रही है।’’
कुछ समय पहले ही शुरू किए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के फेसबुक पेज को अब तक 1202 लोगों ने लाइक किया है जबकि ट्विटर पर उसके 2043 फॉलोवर हैं और कई मामलों में यह तत्परता के साथ कार्रवाई कर रही है।
फेसबुक और ट्विटर पर एक पार्टी का पक्ष लेने के आरोपों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जवाब दिया, ‘‘हो सकता है कि हमारे कुछ मित्रों का राजनीतिक मंतव्य हो लेकिन यह समझने का प्रयास कीजिए उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी राजनीतिक दल का पक्ष नहीं ले रही है।’’
कुछ समय पहले ही शुरू किए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के फेसबुक पेज को अब तक 1202 लोगों ने लाइक किया है जबकि ट्विटर पर उसके 2043 फॉलोवर हैं और कई मामलों में यह तत्परता के साथ कार्रवाई कर रही है।
कुछ समय पहले ही शुरू किए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के फेसबुक पेज को अब तक 1202 लोगों ने लाइक किया है जबकि ट्विटर पर उसके 2043 फॉलोवर हैं और कई मामलों में यह तत्परता के साथ कार्रवाई कर रही है। | यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश की जनता के साथ सीधे संवाद और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए राज्य पुलिस द्वारा शुरू किए गए फेसबुक पेज और ट्विटर अकांउट पर अब वह आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के सवालों से जूझ रही है और इसमें जब तक उसकी झल्लाहट भी झलक उठती है। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना का जादू बुधवार को केरल के फुटबॉल प्रेमियों पर उस समय सिर चढ़कर बोला जब माराडोना ने खचाखच भरे जवाहर स्टेडियम में अपने खेल से सभी को रोमांचित कर दिया।
विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर माराडोना ने इस दौरान अपने पैरों और हेडर की मदद से फुटबॉल कौशल दिखाए।
हजारों फुटबॉल प्रेमियों के लिए वर्ष 1986 विश्वकप विजेता अर्जेंटीना के कप्तान माराडोना को अपने सामने फुटबॉल खेलते हुए देखना सपना सच होने जैसा था। इन लोगों ने माराडोना को देखने के लिए चिलचिलाती धूप में कई घंटे इंतजार किया।टिप्पणियां
करीब पचास हजार दर्शक क्षमता वाले स्टेडियम में दर्शकों के बीच सुबह करीब 11 बजे माराडोना आए। आधी बाजू वाली शर्ट और जींस पहले 51 वर्षीय माराडोना ने हाथ हिलाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने एक स्पेनिश गीत गाने के साथ प्रसिद्ध टीवी कलाकार रंजिनी हरिदास के साथ नृत्य भी किया।
प्रशंसक ‘फुटबॉल गॉड इस इन द गॉड्स ओन कंट्री’ ‘फुटबॉल गॉड माराडोना’ जैसे संदेशों वाले बैनर लेकर आए थे। माराडोना यहां एक निजी आभूषण कंपनी के उद्घाटन के लिए आए हैं। वह इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं।
विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर माराडोना ने इस दौरान अपने पैरों और हेडर की मदद से फुटबॉल कौशल दिखाए।
हजारों फुटबॉल प्रेमियों के लिए वर्ष 1986 विश्वकप विजेता अर्जेंटीना के कप्तान माराडोना को अपने सामने फुटबॉल खेलते हुए देखना सपना सच होने जैसा था। इन लोगों ने माराडोना को देखने के लिए चिलचिलाती धूप में कई घंटे इंतजार किया।टिप्पणियां
करीब पचास हजार दर्शक क्षमता वाले स्टेडियम में दर्शकों के बीच सुबह करीब 11 बजे माराडोना आए। आधी बाजू वाली शर्ट और जींस पहले 51 वर्षीय माराडोना ने हाथ हिलाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने एक स्पेनिश गीत गाने के साथ प्रसिद्ध टीवी कलाकार रंजिनी हरिदास के साथ नृत्य भी किया।
प्रशंसक ‘फुटबॉल गॉड इस इन द गॉड्स ओन कंट्री’ ‘फुटबॉल गॉड माराडोना’ जैसे संदेशों वाले बैनर लेकर आए थे। माराडोना यहां एक निजी आभूषण कंपनी के उद्घाटन के लिए आए हैं। वह इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं।
हजारों फुटबॉल प्रेमियों के लिए वर्ष 1986 विश्वकप विजेता अर्जेंटीना के कप्तान माराडोना को अपने सामने फुटबॉल खेलते हुए देखना सपना सच होने जैसा था। इन लोगों ने माराडोना को देखने के लिए चिलचिलाती धूप में कई घंटे इंतजार किया।टिप्पणियां
करीब पचास हजार दर्शक क्षमता वाले स्टेडियम में दर्शकों के बीच सुबह करीब 11 बजे माराडोना आए। आधी बाजू वाली शर्ट और जींस पहले 51 वर्षीय माराडोना ने हाथ हिलाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने एक स्पेनिश गीत गाने के साथ प्रसिद्ध टीवी कलाकार रंजिनी हरिदास के साथ नृत्य भी किया।
प्रशंसक ‘फुटबॉल गॉड इस इन द गॉड्स ओन कंट्री’ ‘फुटबॉल गॉड माराडोना’ जैसे संदेशों वाले बैनर लेकर आए थे। माराडोना यहां एक निजी आभूषण कंपनी के उद्घाटन के लिए आए हैं। वह इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं।
करीब पचास हजार दर्शक क्षमता वाले स्टेडियम में दर्शकों के बीच सुबह करीब 11 बजे माराडोना आए। आधी बाजू वाली शर्ट और जींस पहले 51 वर्षीय माराडोना ने हाथ हिलाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने एक स्पेनिश गीत गाने के साथ प्रसिद्ध टीवी कलाकार रंजिनी हरिदास के साथ नृत्य भी किया।
प्रशंसक ‘फुटबॉल गॉड इस इन द गॉड्स ओन कंट्री’ ‘फुटबॉल गॉड माराडोना’ जैसे संदेशों वाले बैनर लेकर आए थे। माराडोना यहां एक निजी आभूषण कंपनी के उद्घाटन के लिए आए हैं। वह इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं।
प्रशंसक ‘फुटबॉल गॉड इस इन द गॉड्स ओन कंट्री’ ‘फुटबॉल गॉड माराडोना’ जैसे संदेशों वाले बैनर लेकर आए थे। माराडोना यहां एक निजी आभूषण कंपनी के उद्घाटन के लिए आए हैं। वह इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं। | दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना का जादू बुधवार को केरल के फुटबॉल प्रेमियों पर उस समय सिर चढ़कर बोला जब माराडोना ने खचाखच भरे जवाहर स्टेडियम में अपने खेल से सभी को रोमांचित कर दिया। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय सतर्कता आयोग ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति द्वारा अमल में लाई गई पांच बड़ी परियोजनाओं में गंभीर खामियां पाई हैं। इसमें साज-सज्जा (इमेज एंड लुक) पर खर्च 27 करोड़ रुपये की राशि शामिल है, जिसे आयोग ने अत्यधिक बताया है। आयोग की मुख्य तकनीकी परीक्षण इकाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा, कामकाज की गुंजाइश और कीमत का आकलन अत्यधिक है। निविदा भरने वाली कोई भी कंपनी योग्यता संबंधी जरूरतों की पूर्ति नहीं कर रही थी। आयोजन समिति ने एक कंपनी का न सिर्फ उसे ठेका देने में पक्ष लिया, बल्कि उसे उसके कार्यक्षेत्र में पहले से शामिल कलात्मक कार्यों के लिए अतिरिक्त भुगतान भी किया। राष्ट्रमंडल खेल परियोजनाओं के बारे में अपनी ताजा रिपोर्ट में आयोग ने कहा कि सुरेश कलमाडी की अध्यक्षता वाली आयोजन समिति ने निविदाओं में योग्यता के मानदंडों को गलत तरीके से बदला ताकि कुछ निजी कंपनियों के लिए रास्ता साफ किया जा सके और ऐसी कंपनियों को टिकिटिंग, सत्यापन पत्र और फिटनेस उपकरणों की खरीद सहित 718.33 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं से मुनाफा हो सके। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में साज-सज्जा संबंधी कार्यों का जिम्मा बेंगलूर स्थित एक कंपनी को दिया गया। इसका संयोजन आयोजन समिति की अतिरिक्त महानिदेशक संगीता वेलिंगकर ने किया। सूत्रों ने कहा कि सीवीसी ने अपने निष्कर्षों पर आयोजन समिति से विस्तृत जवाब मांगा है। साज-सज्जा संबंधी कार्यों में संकेतकों, संचार उपकरणों के स्थानों, स्टेडियमों के अंदर तथा आसपास के स्थानों, जन सूचना प्रणालियों और फ्लेक्सों सहित अन्य वस्तुओं का रचनात्मक डिजाइन तैयार करना शामिल था। रिपोर्ट में टिकट वितरण से जुड़े कार्यों में हुई खामियों के बारे में कहा गया, उद्घाटन और समापन समारोह के पचास-पचास हजार रुपये मूल्य के 564 टिकट बिना किसी सक्षम प्राधिकार की मंजूरी के महज पांच-पांच हजार रुपये में बेच दिए गए। इससे राजस्व में 2.53 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। रिपोर्ट कहती है कि सीवीसी ने 3,316.58 करोड़ रुपये मूल्य के 26 विभिन्न कायो में पाई गई खामियों को प्रशासन के समक्ष रखा है ताकि उस पर जरूरी कार्रवाई की जा सके। इनमें से छह परियोजनाएं 1,315.66 करोड़ रुपये की है, जिनका कार्यान्वयन दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने किया था। 364.11 करोड़ रुपये मूल्य की चार परियोजनाओं पर एमसीडी, 221.22 करोड़ रुपये मूल्य की तीन परियोजनाओं पर एनडीएमसी और 379.93 करोड़ तथा 105.80 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं पर क्रमश: केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और भारतीय पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) ने काम किया। शेष परियोजनाओं में दूसरी एजेंसियां शामिल रहीं। सीवीसी ने दिल्ली विकास प्राधिकरण की 193.16 करोड़ रुपये मूल्य की और भारत सरकार के उपक्रम राइट्स की 18.37 करोड़ रुपये मूल्य की एक परियोजना के कार्यान्वयन में भी गंभीर अनियमितताएं पायी हैं। रिपोर्ट कहती है कि आईटीडीसी ने होटल अशोक में नवीनीकरण कार्य अत्यधिक दरों पर किया। रिपोर्ट के अनुसार, नगरीय निकायों और निर्माण एजेंसियों ने गलत निविदा प्रक्रिया अपनायी। रिपोर्ट में ऐसी एजेंसियों को अत्यधिक कीमत पर काम करवाने का दोषी ठहराया गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा गठित शुंगलू समिति ने राष्ट्रमंडल खेल परियोजनाओं में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं। समिति ने खेल संबंधी कायो में कोताही के लिए दिल्ली के उप राज्यपाल तेजिंदर खन्ना और मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को जिम्मेदार माना है और कहा है कि ऐसा होने के चलते राजकोष को नुकसान पहुंचा। | यह एक सारांश है: केंद्रीय सतर्कता आयोग ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति द्वारा अमल में लाई गई पांच बड़ी परियोजनाओं में गंभीर खामियां पाई हैं। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र में शुक्रवार को पदच्युत राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी समर्थकों और सेना समर्थित प्रदर्शनकारियों द्वारा एक साथ रैलियां करने की योजनाओं के कारण हिंसा की आशंका बहुत ज्यादा है।
दूसरी ओर, सेना का कहना है कि 'आतंकवाद' से निपटने के लिए उसे जनादेश देने की खातिर लोगों से जुमे के दिन बड़ी रैलियों का आयोजन करने के आह्वान का अर्थ मुर्सी समर्थकों को निशाना बनाना नहीं है। मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने को कहा है।टिप्पणियां
रक्षामंत्री अब्दुल फतह अल-सिसि ने अपने भाषण में मिस्र के लोगों से आह्वान किया था कि वे 'हिंसा और आतंकवाद' से निपटने के लिए सेना को लोकप्रिय 'जनादेश' देने के उद्देश्य से शुक्रवार को रैलियों का आयोजन करें। 'इजिप्ट इंडिपेंडेंट' की खबर के अनुसार, मिस्र के अंतरिम राष्ट्रपति अदली मंसूर के मीडिया सलाहकार अहमद अल-मेस्लेमनी ने कहा, हम नागरिकों से शांति के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील करते हैं और सुरक्षा के लिए पूरे तौर पर शासन जिम्मेदार है।
मुस्लिम ब्रदरहुड के सर्वोच्च नेता मोहम्मद बादी ने भी मिस्रवासियों से कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से स्वतंत्रता और सच्चाई के लिए तथा इस तख्ता पलट के खिलाफ खड़े हों।
दूसरी ओर, सेना का कहना है कि 'आतंकवाद' से निपटने के लिए उसे जनादेश देने की खातिर लोगों से जुमे के दिन बड़ी रैलियों का आयोजन करने के आह्वान का अर्थ मुर्सी समर्थकों को निशाना बनाना नहीं है। मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने को कहा है।टिप्पणियां
रक्षामंत्री अब्दुल फतह अल-सिसि ने अपने भाषण में मिस्र के लोगों से आह्वान किया था कि वे 'हिंसा और आतंकवाद' से निपटने के लिए सेना को लोकप्रिय 'जनादेश' देने के उद्देश्य से शुक्रवार को रैलियों का आयोजन करें। 'इजिप्ट इंडिपेंडेंट' की खबर के अनुसार, मिस्र के अंतरिम राष्ट्रपति अदली मंसूर के मीडिया सलाहकार अहमद अल-मेस्लेमनी ने कहा, हम नागरिकों से शांति के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील करते हैं और सुरक्षा के लिए पूरे तौर पर शासन जिम्मेदार है।
मुस्लिम ब्रदरहुड के सर्वोच्च नेता मोहम्मद बादी ने भी मिस्रवासियों से कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से स्वतंत्रता और सच्चाई के लिए तथा इस तख्ता पलट के खिलाफ खड़े हों।
रक्षामंत्री अब्दुल फतह अल-सिसि ने अपने भाषण में मिस्र के लोगों से आह्वान किया था कि वे 'हिंसा और आतंकवाद' से निपटने के लिए सेना को लोकप्रिय 'जनादेश' देने के उद्देश्य से शुक्रवार को रैलियों का आयोजन करें। 'इजिप्ट इंडिपेंडेंट' की खबर के अनुसार, मिस्र के अंतरिम राष्ट्रपति अदली मंसूर के मीडिया सलाहकार अहमद अल-मेस्लेमनी ने कहा, हम नागरिकों से शांति के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील करते हैं और सुरक्षा के लिए पूरे तौर पर शासन जिम्मेदार है।
मुस्लिम ब्रदरहुड के सर्वोच्च नेता मोहम्मद बादी ने भी मिस्रवासियों से कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से स्वतंत्रता और सच्चाई के लिए तथा इस तख्ता पलट के खिलाफ खड़े हों।
मुस्लिम ब्रदरहुड के सर्वोच्च नेता मोहम्मद बादी ने भी मिस्रवासियों से कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से स्वतंत्रता और सच्चाई के लिए तथा इस तख्ता पलट के खिलाफ खड़े हों। | सेना का कहना है कि 'आतंकवाद' से निपटने के लिए उसे जनादेश देने की खातिर लोगों से जुमे के दिन बड़ी रैलियों का आयोजन करने के आह्वान का अर्थ मुर्सी समर्थकों को निशाना बनाना नहीं है। मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने को कहा है। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल जीत में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि टूर्नामेंट में अभी लंबा सफर तय करना है। मेजबान टीम ने सुरेश रैना के अर्धशतक से पांच विकेट पर 165 रन बनाए जिसके जवाब में कुमार संगकारा की डेक्कन चार्जर्स आठ विकेट पर 146 रन ही बना सकी। इस तरह चेन्नई सुपरकिंग्स 19 रन से जीत दर्ज करते हुए घरेलू मैदान में जीत का सिलसिला बरकरार रखा। धोनी ने मैच के बाद कहा, शुरू में हमारी गेंदबाजी साधारण थी लेकिन हमने वापसी की। मैं खुश हूं कि हम बोर्ड पर इतना स्कोर खड़ा कर सके। हम हमेशा अच्छी नींव बनाने की कोशिश करते हैं जिससे अंतिम तीन चार ओवर में काफी रन जुड़ सकें। काफी टीम अंतिम छह ओवर पर जोर देती हैं लेकिन हम अंतिम चार पांच ओवर में फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। मैन ऑफ द मैच एलबी मोर्कल की तारीफ करते हुए धोनी ने कहा, एलबी ने आज मैच का अंत बेहतरीन तरीके से किया। लेकिन धोनी ने कहा, अभी हमें टूर्नामेंट में लंबा सफर तय करना है । यह ऐसा मैच था जिसमें हम थोड़े रिलेक्स लग रहे थे, लेकिन हमें इतना जल्दी रिलेक्स नहीं होना चाहिए। | यह एक सारांश है: धोनी ने आईपीएल जीत में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि टूर्नामेंट में अभी लंबा सफर तय करना है। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उन्होंने कहा कि किसी देश के सफर के कुछ चरणों में जब विधायी और कार्यकारी इकाइयां लोकलुभावनवाद के प्रभाव में संविधान के तहत अपने कर्तव्यों एवं लक्ष्यों से दूर हो जाती हैं तो न्यायपालिका को इन लोकलुभावन ताकतों के खिलाफ खड़े होना चाहिए और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए. कुछ आलोचकों के लिए यह स्थिति आलोचना का एक मौका दे सकती है कि चुने हुए प्रतिनिधियों के फैसले को कैसे न्यायाधीश पलट सकते हैं जबकि वे जनता द्वारा निर्वाचित नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि हालांकि हमें यह याद रखना है कि दुनियाभर में ऐसी स्थितियों ने न्यायिक इकाइयों पर भारी दबाव डाला है और यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि कुछ न्यायिक क्षेत्रों में न्यायपालिका ने भी लोकलुभावन ताकतों के आगे घुटने टेके हैं. यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें न्यायपालिका संस्थान की स्वतंत्रता पर ऐसे लोकलुभावन ताकतों के हमलों का मुकाबला करने के लिए खुद को मजबूत करे और तैयार करे. न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा कि स्वतंत्रता न्यायपालिका की आत्मा है और यदि वह जनता का भरोसा खो देती है तो जो वह फैसला देगी वह ‘न्याय' नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि शासन की राजनीतिक प्रणाली जो भी हो विभिन्न देशों में लोग चाहते हैं कि उनके लिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक प्रणाली हो. वास्तव में, ऐसी आकांक्षाएं साझा होती हैं और विभिन्न देशों की विभिन्न न्यायिक प्रणालियों को जोड़ती हैं. उन्होंने कहा कि गैर-राजनीतिक नियुक्तियां, कार्यकाल की सुरक्षा और पद से हटाने की कठोर प्रक्रिया, न्यायाधीशों के लिए वेतन और प्रतिष्ठा को सुरक्षित करना, आंतरिक जवाबदेही प्रक्रिया और न्यायाधीशों के लिए आचार संहिता का कार्यान्वयन कुछ ऐसे उपाय हैं जो न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सुरक्षित रख सकते हैं. उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था मित्र नहीं बनाती और यह मित्र नहीं बना सकती क्योंकि न्यायपालिका का कार्य रिश्ते बनाना या तोड़ना नहीं है. (इनपुट: भाषा) | न्यायपालिका को लोकलुभावन ताकतों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए: CJI
'न्यायपालिका का कार्य रिश्ते बनाना या तोड़ना नहीं है'
'न्यायिक व्यवस्था मित्र नहीं बनाती और यह मित्र नहीं बना सकती' | 6 | ['hin'] |
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