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इस पाठ का सारांश बनाओ: इससे पहले, दागी नेताओं को बचाने वाले अध्यादेश के मुद्दे पर आज कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक हुई थी। बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, अहमद पटेल और गृहमंत्री सुशील शिंदे मौजूद थे। इस बैठक में अध्यादेश को वापस लेने पर राय बनी थी। इसी फैसले पर शाम की कैबिनेट की बैठक में अध्यादेश वापसी पर मुहर लग गई है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की और समझा जाता है कि उन्होंने दागी सांसदों, विधायकों से संबंधित विवादास्पद अध्यादेश के मुद्दे पर उन्हें जानकारी दी। दरअसल, तीखे बयान में राहुल गाधी ने इसे बकवास बताया था, जिसके बाद सरकार के पास इस अध्यादेश को वापस लेने के अलावा कोई चारा नहीं है।टिप्पणियां
इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में राहुल ने अध्यादेश विवाद पर पीएम से अफसोस जताया है। उनका मकसद अपमान करना नहीं था। साथ ही उन्होंने साफ किया कि वह अध्यादेश के खिलाफ हैं। लोगों में इस अध्यादेश के खिलाफ गुस्सा है। उनकी मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस बातचीत से संतुष्ट हैं और उन्होंने राहुल की बात मान ली है। खबर है कि शाम को कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश को वापस लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की और समझा जाता है कि उन्होंने दागी सांसदों, विधायकों से संबंधित विवादास्पद अध्यादेश के मुद्दे पर उन्हें जानकारी दी। दरअसल, तीखे बयान में राहुल गाधी ने इसे बकवास बताया था, जिसके बाद सरकार के पास इस अध्यादेश को वापस लेने के अलावा कोई चारा नहीं है।टिप्पणियां
इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में राहुल ने अध्यादेश विवाद पर पीएम से अफसोस जताया है। उनका मकसद अपमान करना नहीं था। साथ ही उन्होंने साफ किया कि वह अध्यादेश के खिलाफ हैं। लोगों में इस अध्यादेश के खिलाफ गुस्सा है। उनकी मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस बातचीत से संतुष्ट हैं और उन्होंने राहुल की बात मान ली है। खबर है कि शाम को कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश को वापस लिया जाएगा।
इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में राहुल ने अध्यादेश विवाद पर पीएम से अफसोस जताया है। उनका मकसद अपमान करना नहीं था। साथ ही उन्होंने साफ किया कि वह अध्यादेश के खिलाफ हैं। लोगों में इस अध्यादेश के खिलाफ गुस्सा है। उनकी मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस बातचीत से संतुष्ट हैं और उन्होंने राहुल की बात मान ली है। खबर है कि शाम को कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश को वापस लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस बातचीत से संतुष्ट हैं और उन्होंने राहुल की बात मान ली है। खबर है कि शाम को कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश को वापस लिया जाएगा। | संक्षिप्त पाठ: दागी नेताओं को बचाने वाले अध्यादेश के मुद्दे पर आज कैबिनेट की बैठक में चर्चा के बाद अध्यादेश और बिल को वापस लेने का फैसला कर लिया गया है। कैबिनेट सचिव जल्द ही इस संबंध में प्रक्रिया को आरंभ करेंगे। यह अध्यादेश कैबिनेट से पास कर सरकार ने राष्ट्रपति के पास | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: समाजसेवी अन्ना हजारे ने देश के 'लोगों के साथ धोखा करने' का आरोप लगाते हुए केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (सम्प्रग) सरकार से कहा कि मजबूत लोकपाल विधेयक पारित करो या फिर सत्ता छोड़ दो। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अगर ऐसा नहीं होता है तो वह प्रदर्शन करें एवं जेल भरें। बेंगलुरू में शनिवार को आयोजित लोकायुक्त बचाओ रैली में उन्होंने कहा, "मैं नई दिल्ली में 27 दिसंबर से अनशन पर बैठूंगा और आप लोग राष्ट्रीय झंडा लेकर 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' एवं 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए प्रदर्शन करें।" उत्साहित भीड़ से हजारे ने कहा, "यदि विधेयक पारित नहीं हुआ तो तीन दिन बाद आप जेल भर देंगे।" हजारे ने लोगों से मजबूत लोकपाल का विरोध करने वाले सांसदों के घरों का घेराव करने का भी आह्वान किया। उन्होंने आगाह किया कि इस दौरान हिंसा न हो। केंद्र सरकार को झूठी सरकार की संज्ञा देते हुए हजारे ने कहा, "वे मुझे नहीं देश के लोगों को धोखा दे रहे हैं।" उन्होंने कहा मजबूत लोकपाल के आने तक विरोध जारी रहेगा। हजारे ने कहा कि उनका लक्ष्य सरकार को गिराना नहीं है। उन्होंने कहा, "सरकार को गिराकर उनका लक्ष्य पूरा नहीं होगा क्योंकि दूसरी सरकार भी ऐसा ही काम करेगी।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ईमानदार और अच्छे आदमी हैं लेकिन दूसरों के इशारों पर चलते हैं। हजारे ने कहा कि अगर लोकपाल कानून होता तो केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम जेल में होते। कर्नाटक में लोकायुक्त संस्था को बचाने के लिए अन्ना हजारे ने शनिवार को बेंगलुरू में विशाल रैली का नेतृत्व किया। कर्नाटक देश का पहला राज्य था जहां 1986 में लोकायुक्त की स्थापना हुई। लेकिन करीब तीन महीने से यहां लोकायुक्त का पद खाली पड़ा है। नये लोकायुक्त के नाम की घोषणा में हो रही देरी के विरोध में फ्रीडम पार्क में आयोजित इस रैली में छात्र, गृहणियां, बुजुर्गो सहित नौकरीपेशा लोगों ने शिरकत की। कांग्रेस के नेता एवं राज्यपाल एचआर भारद्वाज एवं डीवी सदानंद गौड़ा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के बीच इस मुद्दे पर मतभेद के कारण नियुक्ति में देरी हो रही है। भारद्वाज ने राज्य मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावित केरल उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एसआर बन्नूमठ के नाम को विवादों में आने के कारण ठुकरा दिया। बन्नूमठ पर सामुदायिक इस्तेमाल के लिए निर्धारित भूमि पर मकान बनाने का आरोप है। जबकि मुख्यमंत्री, उनके मंत्री और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बन्नूमठ के नाम पर जोर दे रहे हैं। इससे पहले कर्नाटक के लोकायुक्त का पद सम्भालने के 45 दिनों के अंदर ही न्यायमूर्ति शिवराज वी. पाटिल ने इस्तीफा दे दिया था। उन पर भी नियमों का उल्लंघन कर दो घर आवंटित कराने का आरोप लगा था। अन्ना हजारे के नेतृत्व में निकली गई इस रैली में कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति एन. संतोष हेगड़े, भारतीय पुलिस सेवा की पूर्व अधिकारी किरण बेदी और स्वतंत्रता सेनानी एसएस दुरईस्वामी ने सम्बोधित किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अन्ना ने देश के 'लोगों के साथ धोखा करने' का आरोप लगाते हुए केंद्र की सम्प्रग सरकार से कहा कि मजबूत लोकपाल विधेयक पारित करो या फिर सत्ता छोड़ो। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने शुक्रवार को अपने ही उपाध्यक्ष द्वारा दिए गए बयान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे ‘अनैतिक’ करार किया और कहा कि इससे युवा खिलाड़ियों पर बुरा असर पड़ेगा।
एआईटीए के उपाध्यक्ष कार्ति पी चिदम्बरम ने चयन के बारे में खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर कोरिया के खिलाफ डेविस कप मुकाबले के लिए चुनी गई टीम को ‘दोयम दर्जे’ की करार किया था। उन्हें एआईटीए के शीर्ष अधिकारियों का विरोधी समझा जाता है।
चिदम्बरम ने विरोध कर रहे 11 खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए इस मौजूदा संकट को सुलझाने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की मांग की थी और कमजोर टीम चुनने पर अनेक सवाल उठाए थे।टिप्पणियां
एआईटीए महासचिव भरत ओझा ने बयान में कहा, ‘‘एआईटीए के किसी भी अधिकारी या किसी भी खिलाड़ी द्वारा कोरिया के खिलाफ डेविस कप टीम को तीसरे दर्जे की टीम करार करना अनैतिक और अनुचित है।’’ कार्ति चिदम्बरम तमिलनाडु टेनिस संघ के उपाध्यक्ष भी हैं और वह राष्ट्रीय महासंघ के काम करने की नीति के पक्षधर नहीं हैं।
बयान के अनुसार, ‘‘डेविस कप टीम में लिएंडर पेस शामिल हैं जो दुनिया के तीसरे नंबर के युगल खिलाड़ी हैं।’’ इसके मुताबिक, ‘‘पूरव राजा भारत के सर्वश्रेष्ठ युगल खिलाड़ियों में शुमार है और किसी भी तरह दिविज शरण से कमतर नहीं हैं जो पिछले डेविस कप मुकाबले में भारत की ओर से खेले थे। वीएम रंजीत और विजयंत मलिक भी अच्छे एकल खिलाड़ी हैं। अर्जुन काधे और अश्विन विजराघवन भी प्रतिस्पर्धी रिजर्व खिलाड़ी हैं। अर्जुन दो बार राष्ट्रीय जूनियर चैम्पियन रह चुके हैं, फ्रेंच ओपन में युगल में क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुके हैं और वह दिल्ली में 2012 पुरुष राष्ट्रीय में उपविजेता रह चुके हैं।’’
एआईटीए के उपाध्यक्ष कार्ति पी चिदम्बरम ने चयन के बारे में खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर कोरिया के खिलाफ डेविस कप मुकाबले के लिए चुनी गई टीम को ‘दोयम दर्जे’ की करार किया था। उन्हें एआईटीए के शीर्ष अधिकारियों का विरोधी समझा जाता है।
चिदम्बरम ने विरोध कर रहे 11 खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए इस मौजूदा संकट को सुलझाने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की मांग की थी और कमजोर टीम चुनने पर अनेक सवाल उठाए थे।टिप्पणियां
एआईटीए महासचिव भरत ओझा ने बयान में कहा, ‘‘एआईटीए के किसी भी अधिकारी या किसी भी खिलाड़ी द्वारा कोरिया के खिलाफ डेविस कप टीम को तीसरे दर्जे की टीम करार करना अनैतिक और अनुचित है।’’ कार्ति चिदम्बरम तमिलनाडु टेनिस संघ के उपाध्यक्ष भी हैं और वह राष्ट्रीय महासंघ के काम करने की नीति के पक्षधर नहीं हैं।
बयान के अनुसार, ‘‘डेविस कप टीम में लिएंडर पेस शामिल हैं जो दुनिया के तीसरे नंबर के युगल खिलाड़ी हैं।’’ इसके मुताबिक, ‘‘पूरव राजा भारत के सर्वश्रेष्ठ युगल खिलाड़ियों में शुमार है और किसी भी तरह दिविज शरण से कमतर नहीं हैं जो पिछले डेविस कप मुकाबले में भारत की ओर से खेले थे। वीएम रंजीत और विजयंत मलिक भी अच्छे एकल खिलाड़ी हैं। अर्जुन काधे और अश्विन विजराघवन भी प्रतिस्पर्धी रिजर्व खिलाड़ी हैं। अर्जुन दो बार राष्ट्रीय जूनियर चैम्पियन रह चुके हैं, फ्रेंच ओपन में युगल में क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुके हैं और वह दिल्ली में 2012 पुरुष राष्ट्रीय में उपविजेता रह चुके हैं।’’
चिदम्बरम ने विरोध कर रहे 11 खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए इस मौजूदा संकट को सुलझाने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की मांग की थी और कमजोर टीम चुनने पर अनेक सवाल उठाए थे।टिप्पणियां
एआईटीए महासचिव भरत ओझा ने बयान में कहा, ‘‘एआईटीए के किसी भी अधिकारी या किसी भी खिलाड़ी द्वारा कोरिया के खिलाफ डेविस कप टीम को तीसरे दर्जे की टीम करार करना अनैतिक और अनुचित है।’’ कार्ति चिदम्बरम तमिलनाडु टेनिस संघ के उपाध्यक्ष भी हैं और वह राष्ट्रीय महासंघ के काम करने की नीति के पक्षधर नहीं हैं।
बयान के अनुसार, ‘‘डेविस कप टीम में लिएंडर पेस शामिल हैं जो दुनिया के तीसरे नंबर के युगल खिलाड़ी हैं।’’ इसके मुताबिक, ‘‘पूरव राजा भारत के सर्वश्रेष्ठ युगल खिलाड़ियों में शुमार है और किसी भी तरह दिविज शरण से कमतर नहीं हैं जो पिछले डेविस कप मुकाबले में भारत की ओर से खेले थे। वीएम रंजीत और विजयंत मलिक भी अच्छे एकल खिलाड़ी हैं। अर्जुन काधे और अश्विन विजराघवन भी प्रतिस्पर्धी रिजर्व खिलाड़ी हैं। अर्जुन दो बार राष्ट्रीय जूनियर चैम्पियन रह चुके हैं, फ्रेंच ओपन में युगल में क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुके हैं और वह दिल्ली में 2012 पुरुष राष्ट्रीय में उपविजेता रह चुके हैं।’’
एआईटीए महासचिव भरत ओझा ने बयान में कहा, ‘‘एआईटीए के किसी भी अधिकारी या किसी भी खिलाड़ी द्वारा कोरिया के खिलाफ डेविस कप टीम को तीसरे दर्जे की टीम करार करना अनैतिक और अनुचित है।’’ कार्ति चिदम्बरम तमिलनाडु टेनिस संघ के उपाध्यक्ष भी हैं और वह राष्ट्रीय महासंघ के काम करने की नीति के पक्षधर नहीं हैं।
बयान के अनुसार, ‘‘डेविस कप टीम में लिएंडर पेस शामिल हैं जो दुनिया के तीसरे नंबर के युगल खिलाड़ी हैं।’’ इसके मुताबिक, ‘‘पूरव राजा भारत के सर्वश्रेष्ठ युगल खिलाड़ियों में शुमार है और किसी भी तरह दिविज शरण से कमतर नहीं हैं जो पिछले डेविस कप मुकाबले में भारत की ओर से खेले थे। वीएम रंजीत और विजयंत मलिक भी अच्छे एकल खिलाड़ी हैं। अर्जुन काधे और अश्विन विजराघवन भी प्रतिस्पर्धी रिजर्व खिलाड़ी हैं। अर्जुन दो बार राष्ट्रीय जूनियर चैम्पियन रह चुके हैं, फ्रेंच ओपन में युगल में क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुके हैं और वह दिल्ली में 2012 पुरुष राष्ट्रीय में उपविजेता रह चुके हैं।’’
बयान के अनुसार, ‘‘डेविस कप टीम में लिएंडर पेस शामिल हैं जो दुनिया के तीसरे नंबर के युगल खिलाड़ी हैं।’’ इसके मुताबिक, ‘‘पूरव राजा भारत के सर्वश्रेष्ठ युगल खिलाड़ियों में शुमार है और किसी भी तरह दिविज शरण से कमतर नहीं हैं जो पिछले डेविस कप मुकाबले में भारत की ओर से खेले थे। वीएम रंजीत और विजयंत मलिक भी अच्छे एकल खिलाड़ी हैं। अर्जुन काधे और अश्विन विजराघवन भी प्रतिस्पर्धी रिजर्व खिलाड़ी हैं। अर्जुन दो बार राष्ट्रीय जूनियर चैम्पियन रह चुके हैं, फ्रेंच ओपन में युगल में क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुके हैं और वह दिल्ली में 2012 पुरुष राष्ट्रीय में उपविजेता रह चुके हैं।’’ | सारांश: अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने अपने ही उपाध्यक्ष द्वारा दिए गए बयान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे ‘अनैतिक’ करार किया और कहा कि इससे युवा खिलाड़ियों पर बुरा असर पड़ेगा। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए भारत के आवेदन पर वियेना में हुई 42 सदस्य देशों की बैठक में कोई फैसला नहीं लिया जा सका। अब दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में इस महीने के अंत में होने वाले एनएसजी के पूर्ण अधिवेशन में इस पर विचार किए जाने की संभावना है।
इससे पहले अमेरिकी समर्थन से मिले बल के बीच एनएसजी की सदस्यता के भारत के दावे को ज्यादातर सदस्य देशों से सकारात्मक संकेत मिले थे, लेकिन चीन इसके विरोध पर अड़ा था। चीन, भारत की सदस्यता का विरोध करने वाले देशों की अगुआई कर रहा था, वहीं तुर्की, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रिया चीनी रुख के साथ थे।
चीन हमेशा से एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध करता रहा है। वियना में हुई बैठक में चीन ने सीधे तौर पर तो भारत की सदस्यता का विरोध नहीं किया, लेकिन इसे एनपीटी पर दस्तखत न करने से जोड़ा।
चीन की दलील है कि सिर्फ परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत करने वाले देशों को ही इसमें एनएसजी की सदस्यता मिलनी चाहिए। चीन का यह भी कहना है कि यदि किसी तरह की रियायत देकर भारत को एनएसजी की सदस्यता दी जाती है तो पाकिस्तान को भी इस संगठन की सदस्यता दी जानी चाहिए।टिप्पणियां
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने एक पत्र लिखकर एनएसजी के सदस्य देशों से अपील की है कि इस महीने के अंत में जब सियोल में एनएसजी की बैठक हो तो उन्हें ' भारत को शामिल करने पर आम राय कायम करने में बाधा न डालने पर सहमत होना चाहिए।'
गौरतलब है कि एनएसजी आम राय के आधार पर काम करती है और भारत के खिलाफ किसी एक देश का वोट भी उसकी दावेदारी में रोड़े अटका सकता है।
इससे पहले अमेरिकी समर्थन से मिले बल के बीच एनएसजी की सदस्यता के भारत के दावे को ज्यादातर सदस्य देशों से सकारात्मक संकेत मिले थे, लेकिन चीन इसके विरोध पर अड़ा था। चीन, भारत की सदस्यता का विरोध करने वाले देशों की अगुआई कर रहा था, वहीं तुर्की, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रिया चीनी रुख के साथ थे।
चीन हमेशा से एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध करता रहा है। वियना में हुई बैठक में चीन ने सीधे तौर पर तो भारत की सदस्यता का विरोध नहीं किया, लेकिन इसे एनपीटी पर दस्तखत न करने से जोड़ा।
चीन की दलील है कि सिर्फ परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत करने वाले देशों को ही इसमें एनएसजी की सदस्यता मिलनी चाहिए। चीन का यह भी कहना है कि यदि किसी तरह की रियायत देकर भारत को एनएसजी की सदस्यता दी जाती है तो पाकिस्तान को भी इस संगठन की सदस्यता दी जानी चाहिए।टिप्पणियां
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने एक पत्र लिखकर एनएसजी के सदस्य देशों से अपील की है कि इस महीने के अंत में जब सियोल में एनएसजी की बैठक हो तो उन्हें ' भारत को शामिल करने पर आम राय कायम करने में बाधा न डालने पर सहमत होना चाहिए।'
गौरतलब है कि एनएसजी आम राय के आधार पर काम करती है और भारत के खिलाफ किसी एक देश का वोट भी उसकी दावेदारी में रोड़े अटका सकता है।
चीन हमेशा से एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध करता रहा है। वियना में हुई बैठक में चीन ने सीधे तौर पर तो भारत की सदस्यता का विरोध नहीं किया, लेकिन इसे एनपीटी पर दस्तखत न करने से जोड़ा।
चीन की दलील है कि सिर्फ परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत करने वाले देशों को ही इसमें एनएसजी की सदस्यता मिलनी चाहिए। चीन का यह भी कहना है कि यदि किसी तरह की रियायत देकर भारत को एनएसजी की सदस्यता दी जाती है तो पाकिस्तान को भी इस संगठन की सदस्यता दी जानी चाहिए।टिप्पणियां
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने एक पत्र लिखकर एनएसजी के सदस्य देशों से अपील की है कि इस महीने के अंत में जब सियोल में एनएसजी की बैठक हो तो उन्हें ' भारत को शामिल करने पर आम राय कायम करने में बाधा न डालने पर सहमत होना चाहिए।'
गौरतलब है कि एनएसजी आम राय के आधार पर काम करती है और भारत के खिलाफ किसी एक देश का वोट भी उसकी दावेदारी में रोड़े अटका सकता है।
चीन की दलील है कि सिर्फ परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत करने वाले देशों को ही इसमें एनएसजी की सदस्यता मिलनी चाहिए। चीन का यह भी कहना है कि यदि किसी तरह की रियायत देकर भारत को एनएसजी की सदस्यता दी जाती है तो पाकिस्तान को भी इस संगठन की सदस्यता दी जानी चाहिए।टिप्पणियां
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने एक पत्र लिखकर एनएसजी के सदस्य देशों से अपील की है कि इस महीने के अंत में जब सियोल में एनएसजी की बैठक हो तो उन्हें ' भारत को शामिल करने पर आम राय कायम करने में बाधा न डालने पर सहमत होना चाहिए।'
गौरतलब है कि एनएसजी आम राय के आधार पर काम करती है और भारत के खिलाफ किसी एक देश का वोट भी उसकी दावेदारी में रोड़े अटका सकता है।
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने एक पत्र लिखकर एनएसजी के सदस्य देशों से अपील की है कि इस महीने के अंत में जब सियोल में एनएसजी की बैठक हो तो उन्हें ' भारत को शामिल करने पर आम राय कायम करने में बाधा न डालने पर सहमत होना चाहिए।'
गौरतलब है कि एनएसजी आम राय के आधार पर काम करती है और भारत के खिलाफ किसी एक देश का वोट भी उसकी दावेदारी में रोड़े अटका सकता है।
गौरतलब है कि एनएसजी आम राय के आधार पर काम करती है और भारत के खिलाफ किसी एक देश का वोट भी उसकी दावेदारी में रोड़े अटका सकता है। | यह एक सारांश है: एनएसजी में भारत की सदस्यता पर वियना बैठक बेनतीजा रही
अब सियोल में इस महीने के अंत में होनी वाली बैठक में इस पर चर्चा होगी
एनएसजी में भारत की सदस्यता का अमेरिका ने समर्थन किया, जबकि चीन खिलाफ है | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी सरकार ने सेलिब्रिटी कंदील बलोच का गला घोंटने के जुर्म में उसके भाई को कानूनी तौर पर 'क्षमादान' देने से परिवार को प्रतिबंधित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ऑनर किलिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए यह कदम उठाया गया है।
गौरतलब है कि भाई मोहम्मद वसीम ने शुक्रवार को 26 वर्षीय कंदील बलोच की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। रूढि़वादी मुस्लिम देश पाकिस्तान में रहकर कंदील को सोशल मीडिया पर 'खुलेपन' वाले वीडियो और फोटो पोस्ट करने के लिए जाना जाता था। वे अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहती थीं। वसीम ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि उसे अपनी बहन की हत्या पर कोई पछतावा नहीं है और कंदील ने मुस्लिम धर्मगुरु अब्दुल कवी के साथ सेल्फी सहित सोशल मीडिया पर कई फोटो पोस्ट कर परिवार की प्रतिष्ठा गिराई है।
पुलिस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान के सबसे बड़े सूबे, पंजाब की सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कंदील के परिवार को बेटे को हत्या के लिए क्षमादान देने पर रोक लगा दी है। कानून व्यवस्था में इस खामी के कारण पाकिस्तान में ऑनर किलिंग के कई मामलों के दोषियों को सजा नहीं मिल पाती है। पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से मिले निर्देशों के बाद यह किया है। हालांकि ऐसा निर्णय यदा-कदा ही होता है। इस्लामाबाद स्थित सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी पंजाब सरकार की ओर से इस बारे में आदेश आने की पुष्टि की है। टिप्पणियां
पाकिस्तान में लगभग हर साल 500 लोग, इसमें से लगभग सारी महिलाएं हैं, ऑनर किलिंग की भेंट चढ़ जाती हैं। ज्यादातर बार उन्हें इस धारणा के आधार पर परिजनों द्वारा मौत के घाट उतार दिया जाता है कि उन्होंने परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल किया। हालांकि यह बात अभी स्पष्ट नहीं हो पाई कि पंजाब सरकार के इस फैसले से सार्थक सुधार का कोई रास्ता साफ होगा। ऐसे ऑनर किलिंग विरोधी बिल, जिसमें परिवार की ओर से क्षमादान का रास्ता बंद करने का प्रावधान है, संसद में अभी अटका हुआ है।
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मामले में प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने का वादा किया था लेकिन सुधारवादियों के अनुसार इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। बेटी, मरियम के अनुसार, कंदील बलोच के हत्या मामले में पीएम नवाज शरीफ ने कहा है कि , 'शान के नाम पर हत्या में कोई सम्मान नहीं है।' कंदील के पिता मोहम्मद अजीम ने हत्या के इस मामले में वसीम और एक अन्य बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि भाई मोहम्मद वसीम ने शुक्रवार को 26 वर्षीय कंदील बलोच की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। रूढि़वादी मुस्लिम देश पाकिस्तान में रहकर कंदील को सोशल मीडिया पर 'खुलेपन' वाले वीडियो और फोटो पोस्ट करने के लिए जाना जाता था। वे अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहती थीं। वसीम ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि उसे अपनी बहन की हत्या पर कोई पछतावा नहीं है और कंदील ने मुस्लिम धर्मगुरु अब्दुल कवी के साथ सेल्फी सहित सोशल मीडिया पर कई फोटो पोस्ट कर परिवार की प्रतिष्ठा गिराई है।
पुलिस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान के सबसे बड़े सूबे, पंजाब की सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कंदील के परिवार को बेटे को हत्या के लिए क्षमादान देने पर रोक लगा दी है। कानून व्यवस्था में इस खामी के कारण पाकिस्तान में ऑनर किलिंग के कई मामलों के दोषियों को सजा नहीं मिल पाती है। पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से मिले निर्देशों के बाद यह किया है। हालांकि ऐसा निर्णय यदा-कदा ही होता है। इस्लामाबाद स्थित सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी पंजाब सरकार की ओर से इस बारे में आदेश आने की पुष्टि की है। टिप्पणियां
पाकिस्तान में लगभग हर साल 500 लोग, इसमें से लगभग सारी महिलाएं हैं, ऑनर किलिंग की भेंट चढ़ जाती हैं। ज्यादातर बार उन्हें इस धारणा के आधार पर परिजनों द्वारा मौत के घाट उतार दिया जाता है कि उन्होंने परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल किया। हालांकि यह बात अभी स्पष्ट नहीं हो पाई कि पंजाब सरकार के इस फैसले से सार्थक सुधार का कोई रास्ता साफ होगा। ऐसे ऑनर किलिंग विरोधी बिल, जिसमें परिवार की ओर से क्षमादान का रास्ता बंद करने का प्रावधान है, संसद में अभी अटका हुआ है।
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मामले में प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने का वादा किया था लेकिन सुधारवादियों के अनुसार इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। बेटी, मरियम के अनुसार, कंदील बलोच के हत्या मामले में पीएम नवाज शरीफ ने कहा है कि , 'शान के नाम पर हत्या में कोई सम्मान नहीं है।' कंदील के पिता मोहम्मद अजीम ने हत्या के इस मामले में वसीम और एक अन्य बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान के सबसे बड़े सूबे, पंजाब की सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कंदील के परिवार को बेटे को हत्या के लिए क्षमादान देने पर रोक लगा दी है। कानून व्यवस्था में इस खामी के कारण पाकिस्तान में ऑनर किलिंग के कई मामलों के दोषियों को सजा नहीं मिल पाती है। पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से मिले निर्देशों के बाद यह किया है। हालांकि ऐसा निर्णय यदा-कदा ही होता है। इस्लामाबाद स्थित सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी पंजाब सरकार की ओर से इस बारे में आदेश आने की पुष्टि की है। टिप्पणियां
पाकिस्तान में लगभग हर साल 500 लोग, इसमें से लगभग सारी महिलाएं हैं, ऑनर किलिंग की भेंट चढ़ जाती हैं। ज्यादातर बार उन्हें इस धारणा के आधार पर परिजनों द्वारा मौत के घाट उतार दिया जाता है कि उन्होंने परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल किया। हालांकि यह बात अभी स्पष्ट नहीं हो पाई कि पंजाब सरकार के इस फैसले से सार्थक सुधार का कोई रास्ता साफ होगा। ऐसे ऑनर किलिंग विरोधी बिल, जिसमें परिवार की ओर से क्षमादान का रास्ता बंद करने का प्रावधान है, संसद में अभी अटका हुआ है।
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मामले में प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने का वादा किया था लेकिन सुधारवादियों के अनुसार इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। बेटी, मरियम के अनुसार, कंदील बलोच के हत्या मामले में पीएम नवाज शरीफ ने कहा है कि , 'शान के नाम पर हत्या में कोई सम्मान नहीं है।' कंदील के पिता मोहम्मद अजीम ने हत्या के इस मामले में वसीम और एक अन्य बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
पाकिस्तान में लगभग हर साल 500 लोग, इसमें से लगभग सारी महिलाएं हैं, ऑनर किलिंग की भेंट चढ़ जाती हैं। ज्यादातर बार उन्हें इस धारणा के आधार पर परिजनों द्वारा मौत के घाट उतार दिया जाता है कि उन्होंने परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल किया। हालांकि यह बात अभी स्पष्ट नहीं हो पाई कि पंजाब सरकार के इस फैसले से सार्थक सुधार का कोई रास्ता साफ होगा। ऐसे ऑनर किलिंग विरोधी बिल, जिसमें परिवार की ओर से क्षमादान का रास्ता बंद करने का प्रावधान है, संसद में अभी अटका हुआ है।
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मामले में प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने का वादा किया था लेकिन सुधारवादियों के अनुसार इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। बेटी, मरियम के अनुसार, कंदील बलोच के हत्या मामले में पीएम नवाज शरीफ ने कहा है कि , 'शान के नाम पर हत्या में कोई सम्मान नहीं है।' कंदील के पिता मोहम्मद अजीम ने हत्या के इस मामले में वसीम और एक अन्य बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मामले में प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने का वादा किया था लेकिन सुधारवादियों के अनुसार इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। बेटी, मरियम के अनुसार, कंदील बलोच के हत्या मामले में पीएम नवाज शरीफ ने कहा है कि , 'शान के नाम पर हत्या में कोई सम्मान नहीं है।' कंदील के पिता मोहम्मद अजीम ने हत्या के इस मामले में वसीम और एक अन्य बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। | यहाँ एक सारांश है:भाई वसीम ने गला घोंटकर कर दी थी कंदील बलोच की हत्या
भाई ने कहा, बहन की हत्या पर मुझे किसी तरह का पछतावा नहीं
पाकिस्तान में ऑनर किलिंग के नाम पर होती हैं करीब 500 हत्या | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक बेघर आदमी का पालतू चूहा लापता हो गया तो पुलिस उसकी खोज में जुट गई और पता लगाने में सफल रही. बिछुड़े चूहे को मालिक तक पहुंचाया. चूहे और उसके मालिक से मिलने का दिल को छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो को ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है.जिसे तमाम लोग शेयर कर रहे हैं. पुलिस ने सोशल मीडिया पर बताया कि बेघर आदमी का पालतू चूहा पिछले हफ्ते लापता हो गया था. जिसके बाद उसे खोज निकाला गया.
घटना छह अप्रैल की है, जब दो बजे एक बेघर आदमी पिजड़े में चूहे को लेकर एक गली से गुजर रहा था. इस दौरान चूहे को पिट स्ट्रीट पर छोड़कर वह टॉयलेट में चला गया. जब वह बाथरूम के अंदर था, तभी बगल से गुजर रही महिला को लगा कि इस चूहे को किसी ने बाहर ही छोड़ दिया है. जिसके बाद वह महिला पालतू चूहे को देखभाल के लिए अपने साथ लिए चली गई. पालतू चूहे के लापता होने की पुलिस को शिकायत मिली तो खोजबीन शुरू हुई.
पुलिस ने लापता चूहे का पता लगाने के लिए अपने फेसबुक फॉलोवर्स को श्रेय दिया. जिससे चूहा अपने वास्तविक मालिक तक पहुंच सका. दिल को छू लेने वाले इस वीडियो में दिख रहा है कि बेघर आदमी को एक पुलिसकर्मी उसका पालतू चूहा सौंप रहा है. यह पुलिसकर्मी सिडनी सिटी पुलिस एरिया कमांड का है. अब तक वीडियो को फेसबुक पर नौ लाख लोग देख चुके हैं. | पालतू चूहा हुआ लापता तो पुलिस ने खोज निकाला
ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने शेयर किया वीडियो
दिल को छू लेने वाला वीडियो अब तक देख चुके हैं लाखों लोग | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सत्ता के शीर्ष पर बैठे अनेक लोगों की विदेशी खुफिया एजेंसियों से सांठगांठ होने का दावा करते हुए योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि 2जी घोटाले जैसे भ्रष्टाचार पर देश की सर्वोच्च अदालत ने अपना फैसला दे दिया है, अब देश की जनता की बारी है।टिप्पणियां
नवगठित एक्शन कमिटि एगेंस्ट करप्शन इन इंडिया के समारोह को संबोधित करते हुए योगगुरु ने कहा, ‘जटिल सरकार, कुटिल तंत्र और विदेशी प्रपंच के खिलाफ जनता की आवाज पर देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला देते हुए 122 लाइसेंसों को रद्द करके सरकार की नीतियों को गलत साबित कर दिया है।’ उन्होंने कहा कि यह सरकार सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है, क्योंकि केवल एक मंत्री नहीं बल्कि सरकार की पूरी नीति को गलत बताया गया है, जबकि सरकार बेशर्मी से कहती है कि अदालत ने उसे कुछ नहीं कहा।
रामदेव ने आरोप लगया, ‘सत्ता के शीर्ष पर बैठे अनेक लोगों की विदेशी खुफिया एजेंसियों से सांठगांठ है। हिन्दुस्तान कोई और चला रहा है। इसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। अगर इसकी जांच की जाए तो देश में एक नहीं सैकड़ों 'गद्दाफी' सामने आएंगे जो अपने ही देश को लूट रहे हैं।’
नवगठित एक्शन कमिटि एगेंस्ट करप्शन इन इंडिया के समारोह को संबोधित करते हुए योगगुरु ने कहा, ‘जटिल सरकार, कुटिल तंत्र और विदेशी प्रपंच के खिलाफ जनता की आवाज पर देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला देते हुए 122 लाइसेंसों को रद्द करके सरकार की नीतियों को गलत साबित कर दिया है।’ उन्होंने कहा कि यह सरकार सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है, क्योंकि केवल एक मंत्री नहीं बल्कि सरकार की पूरी नीति को गलत बताया गया है, जबकि सरकार बेशर्मी से कहती है कि अदालत ने उसे कुछ नहीं कहा।
रामदेव ने आरोप लगया, ‘सत्ता के शीर्ष पर बैठे अनेक लोगों की विदेशी खुफिया एजेंसियों से सांठगांठ है। हिन्दुस्तान कोई और चला रहा है। इसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। अगर इसकी जांच की जाए तो देश में एक नहीं सैकड़ों 'गद्दाफी' सामने आएंगे जो अपने ही देश को लूट रहे हैं।’
रामदेव ने आरोप लगया, ‘सत्ता के शीर्ष पर बैठे अनेक लोगों की विदेशी खुफिया एजेंसियों से सांठगांठ है। हिन्दुस्तान कोई और चला रहा है। इसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। अगर इसकी जांच की जाए तो देश में एक नहीं सैकड़ों 'गद्दाफी' सामने आएंगे जो अपने ही देश को लूट रहे हैं।’ | यहाँ एक सारांश है:रामदेव ने कहा कि 2जी घोटाले जैसे भ्रष्टाचार पर देश की सर्वोच्च अदालत ने अपना फैसला दे दिया है, अब देश की जनता की बारी है। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कई उनके नाम पर कसमें खाते हैं तो कइयों को आती है हंसी। जैसे जैसे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन जोर पकड़ रहा है मीडिया और विज्ञापन विशेषज्ञों कहना है कि ब्रांड अन्ना ने भारत में सबको पीछे छोड़ दिया है। अन्ना हजारे की भूख हड़ताल 10वें दिन भी जारी है ऐसे में ब्रांडिंग विशेषज्ञों का मानना है कि अन्नागिरी एक मुहावरा और अवधारणा बनता जा रहा है जिसका अन्य ब्रांड जल्दी ही फायदा उठाना चाहेंगे। सेंटर फार मीडिया स्टडीज (सीएमएस) की निदेशक पीएन वासंती ने कहा ब्रांड अन्ना ने फिलहाल देश के सभी अन्य ब्रांड को पीछे छोड़ दिया है चाहे राजनीति हो या सिनेमा या फिर खेल। अन्ना इस देश की जनता को राष्ट्रवाद बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया ने ब्रांड अन्ना बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। अन्ना को आम आदमी और मध्य वर्ग की सहानुभूति प्राप्त है जिनमें भ्रष्टाचार के खिलाफ बहुत गुस्सा है। मेडिसन वर्ल्ड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सैम बलसारा ने कहा कि ब्रांड अन्ना ईमानदारी, पारदर्शिता, अपनी बात कहने और मौन प्रदर्शन का प्रतीक है। बलसारा ने कहा हां इसमें कोई शक नहीं कि अन्ना ब्रांड बन गए हैं और अन्नावाद मुहावरा और अवधारणा बन चुका है जिसका फायदा अन्य ब्रांड जल्दी ही उठाना चाहेंगे। अन्य विशेषज्ञों ने हालांकि कहा कि भारतीय कंपनियां अभी ब्रांड अन्ना की भीड़ में शामिल नहीं होंगी। फ्यूचर ब्रांड्स के मुख्य कार्याधिकारी संतोष देसाई ने कहा भारतीय कंपनियां इस मामले में सतर्क रवैया अपना रही हैं क्योंकि यह बिल्कुल नए किस्म का विरोध है इसलिए वे अभी यह तय नहीं कर पा रहे कि किस दिशा में बढ़ना है। इसी तरह का विचार वासंती ने व्यक्त करते हुए कहा कंपनियां अभी भी इस चर्चा का विषय नहीं हैं क्योंकि यह सरकार और समात के बीच का झगड़ा है और वे सरकार के खिलाफ नहीं जाना चाहते। | यहाँ एक सारांश है:ब्रांडिंग विशेषज्ञों का मानना है कि अन्नागिरी एक मुहावरा और अवधारणा बनता जा रहा है जिसका अन्य ब्रांड जल्दी ही फायदा उठाना चाहेंगे। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Weight Loss Diet: वजन घटाने के लिए ये 5 चीजें हैं असरदार! डाइट में कर सकते हैं शामिल
क्या आप भी जानना चाहते हैं कि करवा चौथ में क्या-क्या बनाया जाता है और रात के खाने में क्यो हो खास. पूरे दिन व्रत रहकर आप अपने आपको स्पेशियल वाली फीलिंग को दिला सकते हैं लेकिन क्या आपका पार्टनर इससे खुश होंगे.. तो उनके लिए आज रात के खाने में बनाइए एक खास डिश जिसे खाकर वह खाने की तारीफ तो करें ही साथ में आपकी तारीफों के भी पुल बांधें... है न बेहतरीन आइडिया तो देर कैसी हम बता रहे हैं आपको एक खास रेसिपी जो आपके करवा चौथ को बनाएगी सबसे अलग... चांद का इंतजार करते-करते ट्राई करें ये खास और आसान रेसिपी... जब आपके पार्टनर पूरे दिनभर व्रत रखने के बाद खुद अपने हाथों से आपका व्रत खोलें तो आप भी उनके लिए इस खास रेसिपी को जरूर ट्राई करें. तो चलिए जानते ही रेसिपी के बारें कैसे बनाएं करवा चौथ स्पेशियल खास रेसिपी...
Karwa Chauth 2019 Date: 17 अक्टूबर को है करवाचौथ, पढ़ें व्रत और पूजा विधि, करवा चौथ की तैयारियां, कैसे खोलें करवाचौथ का व्रत और फास्टिंग टिप्स
Karwa Chauth 2019: करवा चौथ पर जीवनसाथी के लंबी उम्र की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा जाता है.
Karwa Chauth 2019: आहार से जुड़े इन 5 रिवाजों के बिना अधूरा रह सकता है करवा चौथ का निर्जला व्रत!
केक किसी पसंद नहीं होता. केक का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. कई अलग-अलग तरह के केक बनाएं जाते हैं और आज हम आपको क्लासिक चॉकलेट लावा केक की रेसिपी बताने जा रहे हैं. चॉकलेट लावा केक को बनाने के लिए सिर्फ पांच सामग्री की ही जरूरत है. इसे टेस्टी केक को आप इस आसान सी रेसिपी के जरिए घर पर भी बना सकते हैं.
Karwa Chauth 2019: क्या होती है सरगी, करवाचौथ की सरगी में क्या खाएं, कैसी हो आपकी Sargi Thali
Happy Karwa Chauth 2019: आज करवाचौथ के दिन आप चॉकलेट लावा केक बना कर पति को सरप्राइज दे सकती हैं.
135 ग्राम डार्क चॉकलेट
95 ग्राम मक्खन
100 ग्राम आइसिंग शुगर
2 अंडे का पीला भाग और 2 अंडे
35 ग्राम मैदा
Karwa Chauth 2019: आहार से जुड़े इन 5 रिवाजों के बिना अधूरा रह सकता है करवा चौथ का निर्जला व्रत!
1. 200 डिग्री पर ओवन को गर्म कर लें.
2. माइक्रोवेव बाउल में चॉकलेट और मक्खन को पिघला लें.
3. इतने दूसरे बाउल में अंडे और चीनी को अच्छे से फेट लें.
4. अब चॉकलेट-मक्खन के मिश्रण को इसके साथ मिला लें.
5. अब इसमें मैदा डालकर अच्छे से मिलाएं .
6. उसमें गांठे न पड़ने पाएं.
7. पांच-सात मिनट ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें.
8. अब केक के मिश्रण को सांचों में डालें.
9. 9 से 10 मिनट के लिए बेक करें.
10. व्हीप्ड क्रीम/ वनीला आइक्रीम या फ्रेश फ्रूट्स के साथ सर्व करें.
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Healthy Breakfast Recipes : नाश्ते में कैसे बनाएं स्वादिष्ट पोडी इडली, जानें आसान रेसिपी | सारांश: करवा चौथ के दिन पार्टनर को दें ये खास गिफ्ट.
कैसे बनाएं करवा चौथ को स्पेशल.
'करवा चौथ' में इस खास रेसिपी का दें पार्टनर को गिफ्ट. | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए हुए मतदान के नतीजे 23 मई को आएंगे. लेकिन इससे पहले 19 मई को आए एग्जिट पोल के नतीजों ने विपक्ष को सकते में डाल दिया है. एक ओर जहां बीजेपी कार्यकर्ता जश्न की तैयारी कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस सहित विपक्ष का कार्यकर्ताओं का उत्साह ठंडा नजर आ रहा है. हालांकि विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि इस 23 मई को नतीजे उल्टे होंगे. बात करें एनडीटीवी पोल ऑफ पोल्स की तो बीजेपी गठबंधन को 300 से अधिक सीटें, यूपीए 122 और अन्य को118 सीटें मिलती दिख रही हैं. एग्जिट पोल सामने आने के बाद से राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यालयों में लोगों की मनोदशा प्रभावित हुई है. बीजेपी मुख्यालय के एक कार्यकर्ता ने कहा कि उन्होंने ‘‘23 मई को लोकसभा चुनाव के परिणामों का शानदार तरीके से जश्न मनाने की” तैयारियां पहले से शुरू कर दी हैं. कांग्रेस मुख्यलाय में सोमवार सुबह सामान्य हलचल गायब थी जिसके बारे में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक्जिट पोल द्वारा “झूठा माहौल” बनाने की वजह से ऐसा है. कांग्रेस के एक कार्यकर्ता राम सिंह ने कहा, “हम निश्चित तौर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे और अगर हम नहीं करते तो ईवीएम में गड़बड़ी की गई होगी.” अगर 23 मई को आने वाले नतीजे भी ऐसे रहते हैं तो क्या माना जाए कि पीएम मोदी की प्रमुख योजनाओं का असर जमीन पर दिखाई पड़ा है. हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं है कि ऑपरेशन बालाकोट ने भी बीजेपी के पक्ष में हवा बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. | यहाँ एक सारांश है:23 मई को आएंगे नतीजे
एग्जिट पोल बीजेपी के पक्ष में
विपक्ष ने किया खारिज | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के स्टार टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी) द्वारा सोमवार को जारी एकल विश्व वरीयता क्रम में 11 पायदान की छलांग लगाते हुए 73वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इससे पहले सोमदेव 84वें स्थान पर थे। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोमदेव हाल ही में बीएनपी परिबास एटीपी मास्टर्स टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में विश्व के शीर्ष वरीयता प्राप्त स्पेन के खिलाड़ी राफेल नडाल से हार गए थे। सोमदेव के अब 683 एटीपी अंक हो गए हैं। भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त एकल खिलाड़ी सोमदेव ने हाल ही में कहा था कि इस वर्ष उनका लक्ष्य शीर्ष-50 में जगह बनाना है। पिछले वर्ष शीर्ष-100 खिलाड़ियों में जगह बनाने वाले सोमदेव जिस तरह नित नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं उससे उम्मीद की जानी चाहिए कि आने वाले दिनों में वह अपने मुकाम को जरूर हासिल कर लेंगे। दूसरी ओर, महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की रैंकिंग में सानिया मिर्जा एकल में आठ पायदान की छलांग लगाते हुए 99वें स्थान पर पहुंच गई हैं। इससे पहले, सानिया 107वें स्थान पर थीं। इसके अलावा नौ वर्ष बाद युगल मुकाबले खेले रहे लिएंडर पेस और महेश भूपति ने युगल रैंकिंग में अपना पूर्व स्थान बरकरार रखा है। भूपति पांचवें स्थान पर हैं जबकि पेस सातवें स्थान पर काबिज हैं वहीं रोहन बोपन्ना चार पायदान की छल्लांग लगाते हुए 15वें स्थान पर पहुंच गए हैं। | सोमदेव देवबर्मन एटीपी द्वारा एकल विश्व वरीयता क्रम में 11 पायदान की छलांग लगाते हुए 73वें स्थान पर पहुंच गए हैं। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फ़िल्म रंगरेज़ को इससे पहले दक्षिण भारत की तीन भाषाओं में बनाया जा चुका है और तीनों ही भाषाओं में फ़िल्म हिट रही है। चौथी बार इस कहानी को पर्दे पर उतारा है डायरेक्टर प्रियदर्शन ने।
कहानी तीन दोस्तों की है जो अपने किसी चौथे दोस्त को उसके प्यार से मिलाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। और लड़की को अग़वा करके उनकी शादी कर देते हैं। मगर कुछ ही दिनों में पता चलता है कि वह दोनों अलग हो चुके हैं क्योंकि उनके बीच प्यार नहीं आकर्षण था जो जल्द ही ख़त्म हो गया।
ये फ़िल्म युवाओं के लिए बनाई गई है जिन्हें हर रोज़ किसी न किसी से इश्क़ हो जाता है। फ़िल्म में बताने की कोशिश है कि जिसे आप प्यार समझ रहे हैं क्या वह वाकई में प्यार है या केवल आकर्षण।
रंगरेज़ में दोस्ती का रंग है जिसे जैकी भगनानी ने बख़ूबी निभाया है। जैकी की मेहनत और एनर्जी साफ़ झलकती है। फ़िल्म का संगीत अच्छा है। हालांकि इसे प्रियदर्शन का बेहतरीन सिनेमा नहीं कहेंगे। टिप्पणियां
फ़िल्म में जहां कुछ अच्छे मोमेंट्स हैं वहीं कुछ सीन अटपटे भी लगते हैं जैसे जैकी की दादी की मौत हुई है। डेड बॉडी घर में रखी हुई है और ऐसे मातम के माहौल में जैकी के होने वाले ससुर शादी तोड़ने के लिए झगड़ा कर रहे हैं। एक महिला नेता का किरदार काफ़ी ओवर है। उसकी भाषा और लहजे पर बिल्कुल पकड़ नहीं जिसकी वजह से वह किरदार काफ़ी बनावटी लगता है।
इस फ़िल्म के कुछ सीन्स को छोड़ दें फ़िल्म में ग्रिप अच्छी है जो आपको बोर नहीं होने देती और रंगरेज़ को आप एक बार देख सकते हैं। इस फ़िल्म के लिए एनडीटीवी के इकबाल परवेज की रेटिंग है 3 स्टार।
कहानी तीन दोस्तों की है जो अपने किसी चौथे दोस्त को उसके प्यार से मिलाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। और लड़की को अग़वा करके उनकी शादी कर देते हैं। मगर कुछ ही दिनों में पता चलता है कि वह दोनों अलग हो चुके हैं क्योंकि उनके बीच प्यार नहीं आकर्षण था जो जल्द ही ख़त्म हो गया।
ये फ़िल्म युवाओं के लिए बनाई गई है जिन्हें हर रोज़ किसी न किसी से इश्क़ हो जाता है। फ़िल्म में बताने की कोशिश है कि जिसे आप प्यार समझ रहे हैं क्या वह वाकई में प्यार है या केवल आकर्षण।
रंगरेज़ में दोस्ती का रंग है जिसे जैकी भगनानी ने बख़ूबी निभाया है। जैकी की मेहनत और एनर्जी साफ़ झलकती है। फ़िल्म का संगीत अच्छा है। हालांकि इसे प्रियदर्शन का बेहतरीन सिनेमा नहीं कहेंगे। टिप्पणियां
फ़िल्म में जहां कुछ अच्छे मोमेंट्स हैं वहीं कुछ सीन अटपटे भी लगते हैं जैसे जैकी की दादी की मौत हुई है। डेड बॉडी घर में रखी हुई है और ऐसे मातम के माहौल में जैकी के होने वाले ससुर शादी तोड़ने के लिए झगड़ा कर रहे हैं। एक महिला नेता का किरदार काफ़ी ओवर है। उसकी भाषा और लहजे पर बिल्कुल पकड़ नहीं जिसकी वजह से वह किरदार काफ़ी बनावटी लगता है।
इस फ़िल्म के कुछ सीन्स को छोड़ दें फ़िल्म में ग्रिप अच्छी है जो आपको बोर नहीं होने देती और रंगरेज़ को आप एक बार देख सकते हैं। इस फ़िल्म के लिए एनडीटीवी के इकबाल परवेज की रेटिंग है 3 स्टार।
ये फ़िल्म युवाओं के लिए बनाई गई है जिन्हें हर रोज़ किसी न किसी से इश्क़ हो जाता है। फ़िल्म में बताने की कोशिश है कि जिसे आप प्यार समझ रहे हैं क्या वह वाकई में प्यार है या केवल आकर्षण।
रंगरेज़ में दोस्ती का रंग है जिसे जैकी भगनानी ने बख़ूबी निभाया है। जैकी की मेहनत और एनर्जी साफ़ झलकती है। फ़िल्म का संगीत अच्छा है। हालांकि इसे प्रियदर्शन का बेहतरीन सिनेमा नहीं कहेंगे। टिप्पणियां
फ़िल्म में जहां कुछ अच्छे मोमेंट्स हैं वहीं कुछ सीन अटपटे भी लगते हैं जैसे जैकी की दादी की मौत हुई है। डेड बॉडी घर में रखी हुई है और ऐसे मातम के माहौल में जैकी के होने वाले ससुर शादी तोड़ने के लिए झगड़ा कर रहे हैं। एक महिला नेता का किरदार काफ़ी ओवर है। उसकी भाषा और लहजे पर बिल्कुल पकड़ नहीं जिसकी वजह से वह किरदार काफ़ी बनावटी लगता है।
इस फ़िल्म के कुछ सीन्स को छोड़ दें फ़िल्म में ग्रिप अच्छी है जो आपको बोर नहीं होने देती और रंगरेज़ को आप एक बार देख सकते हैं। इस फ़िल्म के लिए एनडीटीवी के इकबाल परवेज की रेटिंग है 3 स्टार।
रंगरेज़ में दोस्ती का रंग है जिसे जैकी भगनानी ने बख़ूबी निभाया है। जैकी की मेहनत और एनर्जी साफ़ झलकती है। फ़िल्म का संगीत अच्छा है। हालांकि इसे प्रियदर्शन का बेहतरीन सिनेमा नहीं कहेंगे। टिप्पणियां
फ़िल्म में जहां कुछ अच्छे मोमेंट्स हैं वहीं कुछ सीन अटपटे भी लगते हैं जैसे जैकी की दादी की मौत हुई है। डेड बॉडी घर में रखी हुई है और ऐसे मातम के माहौल में जैकी के होने वाले ससुर शादी तोड़ने के लिए झगड़ा कर रहे हैं। एक महिला नेता का किरदार काफ़ी ओवर है। उसकी भाषा और लहजे पर बिल्कुल पकड़ नहीं जिसकी वजह से वह किरदार काफ़ी बनावटी लगता है।
इस फ़िल्म के कुछ सीन्स को छोड़ दें फ़िल्म में ग्रिप अच्छी है जो आपको बोर नहीं होने देती और रंगरेज़ को आप एक बार देख सकते हैं। इस फ़िल्म के लिए एनडीटीवी के इकबाल परवेज की रेटिंग है 3 स्टार।
फ़िल्म में जहां कुछ अच्छे मोमेंट्स हैं वहीं कुछ सीन अटपटे भी लगते हैं जैसे जैकी की दादी की मौत हुई है। डेड बॉडी घर में रखी हुई है और ऐसे मातम के माहौल में जैकी के होने वाले ससुर शादी तोड़ने के लिए झगड़ा कर रहे हैं। एक महिला नेता का किरदार काफ़ी ओवर है। उसकी भाषा और लहजे पर बिल्कुल पकड़ नहीं जिसकी वजह से वह किरदार काफ़ी बनावटी लगता है।
इस फ़िल्म के कुछ सीन्स को छोड़ दें फ़िल्म में ग्रिप अच्छी है जो आपको बोर नहीं होने देती और रंगरेज़ को आप एक बार देख सकते हैं। इस फ़िल्म के लिए एनडीटीवी के इकबाल परवेज की रेटिंग है 3 स्टार।
इस फ़िल्म के कुछ सीन्स को छोड़ दें फ़िल्म में ग्रिप अच्छी है जो आपको बोर नहीं होने देती और रंगरेज़ को आप एक बार देख सकते हैं। इस फ़िल्म के लिए एनडीटीवी के इकबाल परवेज की रेटिंग है 3 स्टार। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फ़िल्म रंगरेज़ को इससे पहले दक्षिण भारत की तीन भाषाओं में बनाया जा चुका है और तीनों ही भाषाओं में फ़िल्म हिट रही है। चौथी बार इस कहानी को पर्दे पर उतारा है डायरेक्टर प्रियदर्शन ने। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मैक्सिको में आए उष्ण कटिबंधीय तूफान अरलीन के आने के बाद समूचे देश में घनघोर बारिश हुई है, जिससे कम से कम 11 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं। यह तूफान मैक्सिको की खाड़ी के तट पर गुरुवार को पहुंचा और उन इलाकों में जमकर वर्षा हुई, जो पिछले साल हुई रिकॉर्ड बारिश के कहर से अभी उबर ही रहे थे। नागरिक सुरक्षा बल के निदेशक मिगुएल गार्सिया ने बताया कि मरने वालों में मध्य हिडालगो प्रांत के पांच लोग हैं। इनकी शुक्रवार की रात और शनिवार तड़के मौत हुई। बारिश के कारण उफनती नदियों का पानी शहर में पहुंच गया, जिसकी वजह से 1000 से अधिक लोगों को उनके घरों से हटा कर अन्यत्र ले जाना पड़ा। मध्य प्यूब्ला प्रांत में एक मकान पर पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं, पड़ोसी वेराक्रूज प्रांत में भूस्खलन में एक मकान ढह गया, जिसके मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना में करीब 10 लोग घायल भी हो गए। मध्य सैन लुइस पोटोसी प्रांत में खेत में काम करने के दौरान बाढ़ के पानी में डूबने से 19 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई। | यहाँ एक सारांश है:मैक्सिको में 'अरलीन' नामक तूफान के बाद देश में घनघोर बारिश हुई है, जिससे 11 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेशी संस्थागत निवेशकों की सतत बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 193 अंक की गिरावट के साथ 17,273.37 अंक रह गया। गत सप्ताहांत पेश आम बजट के प्रस्तावों से बाजार नाखुश है।
पिछले दो सत्रों में 453 अंक गंवाने वाला सेंसेक्स 192.83 अंक या 1.10 प्रतिशत की और गिरावट के साथ 17,273.37 अंक पर गया। यह 7 मार्च के बाद सेंसेक्स का सबसे निचला स्तर है।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 60.85 अंक या 1.14 फीसद की गिरावट के साथ 5,257.05 अंक रह गया। रीयल्टी, बिजली और पूंजीगत सामान कंपनियों के शेयरांे में जोरदार गिरावट दर्ज हुई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 नुकसान के साथ बंद हुए।टिप्पणियां
बाजार में 13 वर्गों के सूचकांकों में 11 वर्गों के शेयर सूचकांक हानि में बंद हुए। एफएमसीजी और स्वास्थ्य सेवा कंपनियों वाले सूचकांकों लाभ में रहे।
ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक 2012-13 के बजट प्रस्तावों से नाखुश हैं, क्योंकि इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जैसे आर्थिक सुधारों को आगे नहीं बढ़ाया गया है।
पिछले दो सत्रों में 453 अंक गंवाने वाला सेंसेक्स 192.83 अंक या 1.10 प्रतिशत की और गिरावट के साथ 17,273.37 अंक पर गया। यह 7 मार्च के बाद सेंसेक्स का सबसे निचला स्तर है।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 60.85 अंक या 1.14 फीसद की गिरावट के साथ 5,257.05 अंक रह गया। रीयल्टी, बिजली और पूंजीगत सामान कंपनियों के शेयरांे में जोरदार गिरावट दर्ज हुई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 नुकसान के साथ बंद हुए।टिप्पणियां
बाजार में 13 वर्गों के सूचकांकों में 11 वर्गों के शेयर सूचकांक हानि में बंद हुए। एफएमसीजी और स्वास्थ्य सेवा कंपनियों वाले सूचकांकों लाभ में रहे।
ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक 2012-13 के बजट प्रस्तावों से नाखुश हैं, क्योंकि इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जैसे आर्थिक सुधारों को आगे नहीं बढ़ाया गया है।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 60.85 अंक या 1.14 फीसद की गिरावट के साथ 5,257.05 अंक रह गया। रीयल्टी, बिजली और पूंजीगत सामान कंपनियों के शेयरांे में जोरदार गिरावट दर्ज हुई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 नुकसान के साथ बंद हुए।टिप्पणियां
बाजार में 13 वर्गों के सूचकांकों में 11 वर्गों के शेयर सूचकांक हानि में बंद हुए। एफएमसीजी और स्वास्थ्य सेवा कंपनियों वाले सूचकांकों लाभ में रहे।
ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक 2012-13 के बजट प्रस्तावों से नाखुश हैं, क्योंकि इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जैसे आर्थिक सुधारों को आगे नहीं बढ़ाया गया है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 नुकसान के साथ बंद हुए।टिप्पणियां
बाजार में 13 वर्गों के सूचकांकों में 11 वर्गों के शेयर सूचकांक हानि में बंद हुए। एफएमसीजी और स्वास्थ्य सेवा कंपनियों वाले सूचकांकों लाभ में रहे।
ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक 2012-13 के बजट प्रस्तावों से नाखुश हैं, क्योंकि इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जैसे आर्थिक सुधारों को आगे नहीं बढ़ाया गया है।
बाजार में 13 वर्गों के सूचकांकों में 11 वर्गों के शेयर सूचकांक हानि में बंद हुए। एफएमसीजी और स्वास्थ्य सेवा कंपनियों वाले सूचकांकों लाभ में रहे।
ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक 2012-13 के बजट प्रस्तावों से नाखुश हैं, क्योंकि इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जैसे आर्थिक सुधारों को आगे नहीं बढ़ाया गया है।
ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक 2012-13 के बजट प्रस्तावों से नाखुश हैं, क्योंकि इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जैसे आर्थिक सुधारों को आगे नहीं बढ़ाया गया है। | संक्षिप्त पाठ: विदेशी संस्थागत निवेशकों की सतत बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 193 अंक की गिरावट के साथ 17,273.37 अंक रह गया। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस यदि जीतती है तो इसका श्रेय पार्टी महासचिव राहुल गांधी को मिलेगा और हारती है तो इसके लिए उन्हें ही जिम्मेदार माना जाएगा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख ने एक समाचार चैनल से साक्षात्कार में कहा, "यदि कांग्रेस की स्थिति सुधरती है तो निश्चित रूप से इसका श्रेय राहुल को मिलेगा..यदि विफल रहती है तो भविष्य में उन्हें और कड़ी मेहनत करनी होगी। भाषणों में यदि उन्होंने अपनी बात सही तरीके से नहीं रखी तो जनता उन्हें हाशिए पर डाल देगी।"
पूर्व कांग्रेस नेता पवार ने कहा कि कांग्रेस ने इस चुनाव में राहुल को जानबूझकर मुख्य प्रचारक के रूप में पेश करने का निर्णय लिया।
मंत्री ने कहा, "मैंने उनकी जनसभाएं नहीं देखी हैं। मुझे राजनीति के भविष्य को लेकर उनसे बातचीत का मौका नहीं मिला है। लेकिन एक चीज है जिसे मैं स्वीकार करता हूं कि वह आम आदमी की तरह यात्राएं करते हैं। वह कई जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे हैं। लोग उन्हें किस रूप में ले रहे हैं, यह मैं तब तक नहीं जान पाऊंगा, जब तक उनकी एक या दो जनसभाएं देख नहीं लेता।" टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि अगले आम चुनाव में राहुल को क्या संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाएगा, पवार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "इस पर फैसला कांग्रेस लेगी। कांग्रेस बड़ी पार्टी है। राकांपा छोटी पार्टी है। हम इस स्थिति में नहीं हैं कि कांग्रेस की निर्णयात्मक प्रक्रिया पर असर डाल पाएं। मैं नहीं जानता कि बेहतर चुनाव परिणाम आने पर कांग्रेस उन्हें तुरंत प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करेगी..वे कुछ समय इंतजार कर सकते हैं..शायद अगले चुनाव तक।"
उल्लेखनीय है कि शरद पवार की पार्टी राकांपा संप्रग की एक घटक है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख ने एक समाचार चैनल से साक्षात्कार में कहा, "यदि कांग्रेस की स्थिति सुधरती है तो निश्चित रूप से इसका श्रेय राहुल को मिलेगा..यदि विफल रहती है तो भविष्य में उन्हें और कड़ी मेहनत करनी होगी। भाषणों में यदि उन्होंने अपनी बात सही तरीके से नहीं रखी तो जनता उन्हें हाशिए पर डाल देगी।"
पूर्व कांग्रेस नेता पवार ने कहा कि कांग्रेस ने इस चुनाव में राहुल को जानबूझकर मुख्य प्रचारक के रूप में पेश करने का निर्णय लिया।
मंत्री ने कहा, "मैंने उनकी जनसभाएं नहीं देखी हैं। मुझे राजनीति के भविष्य को लेकर उनसे बातचीत का मौका नहीं मिला है। लेकिन एक चीज है जिसे मैं स्वीकार करता हूं कि वह आम आदमी की तरह यात्राएं करते हैं। वह कई जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे हैं। लोग उन्हें किस रूप में ले रहे हैं, यह मैं तब तक नहीं जान पाऊंगा, जब तक उनकी एक या दो जनसभाएं देख नहीं लेता।" टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि अगले आम चुनाव में राहुल को क्या संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाएगा, पवार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "इस पर फैसला कांग्रेस लेगी। कांग्रेस बड़ी पार्टी है। राकांपा छोटी पार्टी है। हम इस स्थिति में नहीं हैं कि कांग्रेस की निर्णयात्मक प्रक्रिया पर असर डाल पाएं। मैं नहीं जानता कि बेहतर चुनाव परिणाम आने पर कांग्रेस उन्हें तुरंत प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करेगी..वे कुछ समय इंतजार कर सकते हैं..शायद अगले चुनाव तक।"
उल्लेखनीय है कि शरद पवार की पार्टी राकांपा संप्रग की एक घटक है।
पूर्व कांग्रेस नेता पवार ने कहा कि कांग्रेस ने इस चुनाव में राहुल को जानबूझकर मुख्य प्रचारक के रूप में पेश करने का निर्णय लिया।
मंत्री ने कहा, "मैंने उनकी जनसभाएं नहीं देखी हैं। मुझे राजनीति के भविष्य को लेकर उनसे बातचीत का मौका नहीं मिला है। लेकिन एक चीज है जिसे मैं स्वीकार करता हूं कि वह आम आदमी की तरह यात्राएं करते हैं। वह कई जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे हैं। लोग उन्हें किस रूप में ले रहे हैं, यह मैं तब तक नहीं जान पाऊंगा, जब तक उनकी एक या दो जनसभाएं देख नहीं लेता।" टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि अगले आम चुनाव में राहुल को क्या संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाएगा, पवार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "इस पर फैसला कांग्रेस लेगी। कांग्रेस बड़ी पार्टी है। राकांपा छोटी पार्टी है। हम इस स्थिति में नहीं हैं कि कांग्रेस की निर्णयात्मक प्रक्रिया पर असर डाल पाएं। मैं नहीं जानता कि बेहतर चुनाव परिणाम आने पर कांग्रेस उन्हें तुरंत प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करेगी..वे कुछ समय इंतजार कर सकते हैं..शायद अगले चुनाव तक।"
उल्लेखनीय है कि शरद पवार की पार्टी राकांपा संप्रग की एक घटक है।
मंत्री ने कहा, "मैंने उनकी जनसभाएं नहीं देखी हैं। मुझे राजनीति के भविष्य को लेकर उनसे बातचीत का मौका नहीं मिला है। लेकिन एक चीज है जिसे मैं स्वीकार करता हूं कि वह आम आदमी की तरह यात्राएं करते हैं। वह कई जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे हैं। लोग उन्हें किस रूप में ले रहे हैं, यह मैं तब तक नहीं जान पाऊंगा, जब तक उनकी एक या दो जनसभाएं देख नहीं लेता।" टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि अगले आम चुनाव में राहुल को क्या संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाएगा, पवार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "इस पर फैसला कांग्रेस लेगी। कांग्रेस बड़ी पार्टी है। राकांपा छोटी पार्टी है। हम इस स्थिति में नहीं हैं कि कांग्रेस की निर्णयात्मक प्रक्रिया पर असर डाल पाएं। मैं नहीं जानता कि बेहतर चुनाव परिणाम आने पर कांग्रेस उन्हें तुरंत प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करेगी..वे कुछ समय इंतजार कर सकते हैं..शायद अगले चुनाव तक।"
उल्लेखनीय है कि शरद पवार की पार्टी राकांपा संप्रग की एक घटक है।
यह पूछे जाने पर कि अगले आम चुनाव में राहुल को क्या संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाएगा, पवार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "इस पर फैसला कांग्रेस लेगी। कांग्रेस बड़ी पार्टी है। राकांपा छोटी पार्टी है। हम इस स्थिति में नहीं हैं कि कांग्रेस की निर्णयात्मक प्रक्रिया पर असर डाल पाएं। मैं नहीं जानता कि बेहतर चुनाव परिणाम आने पर कांग्रेस उन्हें तुरंत प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करेगी..वे कुछ समय इंतजार कर सकते हैं..शायद अगले चुनाव तक।"
उल्लेखनीय है कि शरद पवार की पार्टी राकांपा संप्रग की एक घटक है।
उल्लेखनीय है कि शरद पवार की पार्टी राकांपा संप्रग की एक घटक है। | यहाँ एक सारांश है:पवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस यदि जीतती है तो इसका श्रेय पार्टी महासचिव राहुल गांधी को मिलेगा और हारती है तो इसके लिए उन्हें ही जिम्मेदार माना जाएगा। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, कमजोर मांग और मंद आर्थिक विकास के कारण देश में व्यापारिक विश्वास डिग गया है।
अप्रैल-जून 2012 के लिए किए गए फिक्की के तिमाही व्यापारिक विश्वास सर्वेक्षण में कहा गया है कि सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाली लगभग 73 प्रतिशत कम्पनियों ने कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही के दौरान कमजोर मांग इसका एक कारण रहा है।
इसके पहले के सर्वेक्षण में लगभग 57 प्रतिशत कम्पनियों ने इस तरह की बात कही थी और एक वर्ष पहले 56 प्रतिशत कम्पनियों ने। मौजूदा सर्वेक्षण में काफी संख्या में कम्पनियों ने संकेत दिया है कि ऋण लागत भी एक बाध्यकारी कारण होगा।
2008-09 में पैदा हुए वैश्विक आर्थिक संकट के बाद पहली बार रोजगार अवसरों की सम्भावनाओं का रुझान नकारात्मक हुआ है। आर्थिक मंदी अब रोजगार सम्भावनाओं पर असर डाल रही है।
फिक्की ने सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा है, "प्रतिभागी मौजूदा प्रदर्शन को लेकर उत्साहित नहीं लगते और तीनों स्तरों (आर्थिक, औद्योगिक व कम्पनी स्तर) पर भविष्य के प्रदर्शन को लेकर आशावान नहीं हैं।"टिप्पणियां
मौजूदा सर्वेक्षण में कम्पनियों से यूरोजोन में अनिश्चित हालात और घरेलू अर्थव्यवस्था में मंदी के मद्देनजर 2012-13 के लिए सम्भावित जीडीपी विकास दर का संकेत मांगा गया। लगभग आधे प्रतिभागियों ने माना कि 2012-13 में जीडीपी विकास दर 5.5 प्रतिशत से कम हो सकती है।
अधिकांश प्रतिभागियों ने यह भी संकेत दिया कि कमजोर बारिश का उनके उद्योग और इस सेक्टर पर स्पष्ट असर पड़ा है। लगभग 85 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि सूखे के मौजूदा हालात का उनके उद्योग पर असर होगा। यह सर्वेक्षण जुलाई और अगस्त में किया गया।
अप्रैल-जून 2012 के लिए किए गए फिक्की के तिमाही व्यापारिक विश्वास सर्वेक्षण में कहा गया है कि सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाली लगभग 73 प्रतिशत कम्पनियों ने कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही के दौरान कमजोर मांग इसका एक कारण रहा है।
इसके पहले के सर्वेक्षण में लगभग 57 प्रतिशत कम्पनियों ने इस तरह की बात कही थी और एक वर्ष पहले 56 प्रतिशत कम्पनियों ने। मौजूदा सर्वेक्षण में काफी संख्या में कम्पनियों ने संकेत दिया है कि ऋण लागत भी एक बाध्यकारी कारण होगा।
2008-09 में पैदा हुए वैश्विक आर्थिक संकट के बाद पहली बार रोजगार अवसरों की सम्भावनाओं का रुझान नकारात्मक हुआ है। आर्थिक मंदी अब रोजगार सम्भावनाओं पर असर डाल रही है।
फिक्की ने सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा है, "प्रतिभागी मौजूदा प्रदर्शन को लेकर उत्साहित नहीं लगते और तीनों स्तरों (आर्थिक, औद्योगिक व कम्पनी स्तर) पर भविष्य के प्रदर्शन को लेकर आशावान नहीं हैं।"टिप्पणियां
मौजूदा सर्वेक्षण में कम्पनियों से यूरोजोन में अनिश्चित हालात और घरेलू अर्थव्यवस्था में मंदी के मद्देनजर 2012-13 के लिए सम्भावित जीडीपी विकास दर का संकेत मांगा गया। लगभग आधे प्रतिभागियों ने माना कि 2012-13 में जीडीपी विकास दर 5.5 प्रतिशत से कम हो सकती है।
अधिकांश प्रतिभागियों ने यह भी संकेत दिया कि कमजोर बारिश का उनके उद्योग और इस सेक्टर पर स्पष्ट असर पड़ा है। लगभग 85 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि सूखे के मौजूदा हालात का उनके उद्योग पर असर होगा। यह सर्वेक्षण जुलाई और अगस्त में किया गया।
इसके पहले के सर्वेक्षण में लगभग 57 प्रतिशत कम्पनियों ने इस तरह की बात कही थी और एक वर्ष पहले 56 प्रतिशत कम्पनियों ने। मौजूदा सर्वेक्षण में काफी संख्या में कम्पनियों ने संकेत दिया है कि ऋण लागत भी एक बाध्यकारी कारण होगा।
2008-09 में पैदा हुए वैश्विक आर्थिक संकट के बाद पहली बार रोजगार अवसरों की सम्भावनाओं का रुझान नकारात्मक हुआ है। आर्थिक मंदी अब रोजगार सम्भावनाओं पर असर डाल रही है।
फिक्की ने सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा है, "प्रतिभागी मौजूदा प्रदर्शन को लेकर उत्साहित नहीं लगते और तीनों स्तरों (आर्थिक, औद्योगिक व कम्पनी स्तर) पर भविष्य के प्रदर्शन को लेकर आशावान नहीं हैं।"टिप्पणियां
मौजूदा सर्वेक्षण में कम्पनियों से यूरोजोन में अनिश्चित हालात और घरेलू अर्थव्यवस्था में मंदी के मद्देनजर 2012-13 के लिए सम्भावित जीडीपी विकास दर का संकेत मांगा गया। लगभग आधे प्रतिभागियों ने माना कि 2012-13 में जीडीपी विकास दर 5.5 प्रतिशत से कम हो सकती है।
अधिकांश प्रतिभागियों ने यह भी संकेत दिया कि कमजोर बारिश का उनके उद्योग और इस सेक्टर पर स्पष्ट असर पड़ा है। लगभग 85 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि सूखे के मौजूदा हालात का उनके उद्योग पर असर होगा। यह सर्वेक्षण जुलाई और अगस्त में किया गया।
2008-09 में पैदा हुए वैश्विक आर्थिक संकट के बाद पहली बार रोजगार अवसरों की सम्भावनाओं का रुझान नकारात्मक हुआ है। आर्थिक मंदी अब रोजगार सम्भावनाओं पर असर डाल रही है।
फिक्की ने सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा है, "प्रतिभागी मौजूदा प्रदर्शन को लेकर उत्साहित नहीं लगते और तीनों स्तरों (आर्थिक, औद्योगिक व कम्पनी स्तर) पर भविष्य के प्रदर्शन को लेकर आशावान नहीं हैं।"टिप्पणियां
मौजूदा सर्वेक्षण में कम्पनियों से यूरोजोन में अनिश्चित हालात और घरेलू अर्थव्यवस्था में मंदी के मद्देनजर 2012-13 के लिए सम्भावित जीडीपी विकास दर का संकेत मांगा गया। लगभग आधे प्रतिभागियों ने माना कि 2012-13 में जीडीपी विकास दर 5.5 प्रतिशत से कम हो सकती है।
अधिकांश प्रतिभागियों ने यह भी संकेत दिया कि कमजोर बारिश का उनके उद्योग और इस सेक्टर पर स्पष्ट असर पड़ा है। लगभग 85 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि सूखे के मौजूदा हालात का उनके उद्योग पर असर होगा। यह सर्वेक्षण जुलाई और अगस्त में किया गया।
फिक्की ने सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा है, "प्रतिभागी मौजूदा प्रदर्शन को लेकर उत्साहित नहीं लगते और तीनों स्तरों (आर्थिक, औद्योगिक व कम्पनी स्तर) पर भविष्य के प्रदर्शन को लेकर आशावान नहीं हैं।"टिप्पणियां
मौजूदा सर्वेक्षण में कम्पनियों से यूरोजोन में अनिश्चित हालात और घरेलू अर्थव्यवस्था में मंदी के मद्देनजर 2012-13 के लिए सम्भावित जीडीपी विकास दर का संकेत मांगा गया। लगभग आधे प्रतिभागियों ने माना कि 2012-13 में जीडीपी विकास दर 5.5 प्रतिशत से कम हो सकती है।
अधिकांश प्रतिभागियों ने यह भी संकेत दिया कि कमजोर बारिश का उनके उद्योग और इस सेक्टर पर स्पष्ट असर पड़ा है। लगभग 85 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि सूखे के मौजूदा हालात का उनके उद्योग पर असर होगा। यह सर्वेक्षण जुलाई और अगस्त में किया गया।
मौजूदा सर्वेक्षण में कम्पनियों से यूरोजोन में अनिश्चित हालात और घरेलू अर्थव्यवस्था में मंदी के मद्देनजर 2012-13 के लिए सम्भावित जीडीपी विकास दर का संकेत मांगा गया। लगभग आधे प्रतिभागियों ने माना कि 2012-13 में जीडीपी विकास दर 5.5 प्रतिशत से कम हो सकती है।
अधिकांश प्रतिभागियों ने यह भी संकेत दिया कि कमजोर बारिश का उनके उद्योग और इस सेक्टर पर स्पष्ट असर पड़ा है। लगभग 85 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि सूखे के मौजूदा हालात का उनके उद्योग पर असर होगा। यह सर्वेक्षण जुलाई और अगस्त में किया गया।
अधिकांश प्रतिभागियों ने यह भी संकेत दिया कि कमजोर बारिश का उनके उद्योग और इस सेक्टर पर स्पष्ट असर पड़ा है। लगभग 85 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि सूखे के मौजूदा हालात का उनके उद्योग पर असर होगा। यह सर्वेक्षण जुलाई और अगस्त में किया गया। | सारांश: फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, कमजोर मांग और मंद आर्थिक विकास के कारण देश में व्यापारिक विश्वास डिग गया है। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आज यानी मंगलवार और कल यानी बुधवार दो दिवसीय बैठक कर रही है. बुधवार को संबंधित ऐलान किए जाएंगे. इस मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में कटौती की सिफारिश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि कटौती के लिए बिल्कुल सही समय है.
उनका कहना है कि क्योंकि मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और मॉनसून का पूर्वानुमान भी अच्छा है, इसलिए कटौती की जानी चाहिए. जेटली ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, "लंबे समय से मुद्रास्फीति नियंत्रण में है. मॉनसून अच्छा होने की संभावना है. पेट्रोल और शेल गैस के बीच संतुलन को दर्शाता है कि तेल की कीमतें अधिक नहीं बढ़ेंगी. विकास और निवेश में बढ़ोतरी की जरूरत है. इन परिस्थितियों में कोई भी वित्त मंत्री चाहेगा कि दरों में कटौती हो."टिप्पणियां
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) प्रमुख ब्याज दरों पर निर्णय लेने के लिए दो दिवसीय बैठक कर रही है. उन्होंने कहा, "लेकिन, हमें एमपीसी के निर्णय का इंतजार करना चाहिए. एमपीसी प्रयोग का यह पहला साल है."
जेटली ने कहा कि सरकार का जोर निजी निवेश और बैंकिंग क्षेत्र के पुनरुत्थान पर है. तीन-चार साल की मंदी के बाद दुनिया में अर्थव्यवस्था के विकास का सकारात्मक संदेश मिल रहा है. उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा अतीत में अंधाधुंध उधार दिए जाने से फंसे हुए कर्ज की समस्या बढ़ी है. (न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इनपुट)
उनका कहना है कि क्योंकि मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और मॉनसून का पूर्वानुमान भी अच्छा है, इसलिए कटौती की जानी चाहिए. जेटली ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, "लंबे समय से मुद्रास्फीति नियंत्रण में है. मॉनसून अच्छा होने की संभावना है. पेट्रोल और शेल गैस के बीच संतुलन को दर्शाता है कि तेल की कीमतें अधिक नहीं बढ़ेंगी. विकास और निवेश में बढ़ोतरी की जरूरत है. इन परिस्थितियों में कोई भी वित्त मंत्री चाहेगा कि दरों में कटौती हो."टिप्पणियां
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) प्रमुख ब्याज दरों पर निर्णय लेने के लिए दो दिवसीय बैठक कर रही है. उन्होंने कहा, "लेकिन, हमें एमपीसी के निर्णय का इंतजार करना चाहिए. एमपीसी प्रयोग का यह पहला साल है."
जेटली ने कहा कि सरकार का जोर निजी निवेश और बैंकिंग क्षेत्र के पुनरुत्थान पर है. तीन-चार साल की मंदी के बाद दुनिया में अर्थव्यवस्था के विकास का सकारात्मक संदेश मिल रहा है. उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा अतीत में अंधाधुंध उधार दिए जाने से फंसे हुए कर्ज की समस्या बढ़ी है. (न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इनपुट)
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) प्रमुख ब्याज दरों पर निर्णय लेने के लिए दो दिवसीय बैठक कर रही है. उन्होंने कहा, "लेकिन, हमें एमपीसी के निर्णय का इंतजार करना चाहिए. एमपीसी प्रयोग का यह पहला साल है."
जेटली ने कहा कि सरकार का जोर निजी निवेश और बैंकिंग क्षेत्र के पुनरुत्थान पर है. तीन-चार साल की मंदी के बाद दुनिया में अर्थव्यवस्था के विकास का सकारात्मक संदेश मिल रहा है. उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा अतीत में अंधाधुंध उधार दिए जाने से फंसे हुए कर्ज की समस्या बढ़ी है. (न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इनपुट)
जेटली ने कहा कि सरकार का जोर निजी निवेश और बैंकिंग क्षेत्र के पुनरुत्थान पर है. तीन-चार साल की मंदी के बाद दुनिया में अर्थव्यवस्था के विकास का सकारात्मक संदेश मिल रहा है. उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा अतीत में अंधाधुंध उधार दिए जाने से फंसे हुए कर्ज की समस्या बढ़ी है. (न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इनपुट) | संक्षिप्त पाठ: मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में कटौती की सिफारिश की जेटली ने
जेटली का कहना है कि कटौती के लिए बिल्कुल सही समय है.
उन्होंने कहा मुद्रास्फीति नियंत्रण में है, मॉनसून का पूर्वानुमान भी अच्छा | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जैतपुर परमाणु बिजलीघर परियोजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में सोमवार को पुलिस की गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम-से-कम सात अन्य घायल हो गए। रत्नागिरि के डिप्टी कलेक्टर मकरंद देशमुख ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की पुलिस चौकी पर हमला और तोड़-फोड़ की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय तबरेज सायेकर के रूप में हुई है। वह नाते गांव का मछुआरा था। पुलिस ने 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। देशमुख ने कहा कि प्राप्त सूचना के मुताबिक पुलिस की गोलीबारी में सात लोग घायल हुए हैं। राज्य के गृह मंत्री आरआर पाटील ने विधानसभा में कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस चौकी पर हमला करने और परिसर में आग लगाने पर भीड़ पर पुलिस ने गोलियां चलाईं। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से स्थिति की रिपोर्ट मांगी है और इस पर बाद में टिप्पणी करेंगे। एक स्थानीय प्रदर्शनकारी प्रदीप इंदुलकर ने कहा कि पुलिस ने दो अलग-अलग जगहों माधबन और नाते में कार्रवाई की। इंदुलकर ने कहा, "माधबन में पुलिस ने कई शिव सैनिकों की पिटाई की। उधर नाते में पुलिस ने पुलिस चौकी पर हमला करने वाली भीड़ पर गोलियां चलाईं।" जिला कलक्टर एम. गायकवाड़ और पुलिस अधीक्षक प्रदीप रास्कर सहित वरिष्ठ जिला अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नाते पहुंच चुके हैं। एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस की गोलीबारी के जवाब में शिव सैनिकों ने मंगलवार को रत्नागिरि को बंद रखने का आह्वान किया है। शिवसेना के प्रवक्ता के मुताबिक उनके प्रदर्शन में जैतपुर, नाते और माधबन गांव के सैकड़ों लोग शामिल थे। प्रदर्शन में स्थानीय विधायक राजन साल्वी, स्थानीय पार्टियों और गैर सरकारी संगठनों को भी शामिल किया गया था। पुलिस ने साल्वी और 50 अन्य प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। गृहमंत्री ने विधानसभा में बताया कि पुलिस ने पहले हवा में गोली चलाई, लेकिन जब वह भीड़ को तितर-बितर नहीं कर पाई तब उन्होंने भीड़ पर गोली चला दी। विपक्षी पार्टी हालांकि इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। सरकार से बयान की मांग करते हुए शिव सेना के सुभाष देसाई ने कहा कि अधिकारी स्थानीय लोगों पर मुआवजा स्वीकार करने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस मामले पर हंगामा होने के कारण सुबह पहले 10 मिनट के लिए विधानसभा की कार्रवाई स्थगित की गई। बाद में सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया। विधान परिषद में उद्योग मंत्री नारायण राणे ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने परमाणु बिजलीघर परियोजना में घुसने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि क्रुद्ध भीड़ ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया, जिस पर पुलिस को लाठी बरसानी पड़ी और बाद में गोलियां चलानी पड़ीं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश की आलोचना कर रहे थे और उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे, जिन्होंने पिछले सप्ताह मुम्बई में परियोजना से पीछे नहीं हटने की बात कही थी। | यहाँ एक सारांश है:जैतपुर परमाणु बिजलीघर परियोजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में पुलिस की गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मिस्र में जन आंदोलन के बाद राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के सत्ता से बेदखल होने के दो महीने बाद वहां की एक अदालत ने उनकी और उनकी पत्नी सुजान्ने के नाम सड़कों एवं पार्कों समेत सभी सार्वजनिक स्थलों से हटाने का गुरुवार को आदेश दिया। न्यायाधीश मोहम्मद हसन उमर ने कहा कि मुबारक और उनकी पत्नी के नाम देशभर के सभी चौराहों, सड़कों, पुस्तकालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों से हटाए जाएं। अल जजीरा चैनल के अनुसार असंख्य सरकारी भवनों और सड़कों के अलावा करीब 500 स्कूलों में मुबारक और उनकी पत्नी के नाम हैं। फिलहाल हिरासत में चल रहे मुबारक के हृदय रोग का इलाज चल रहा है और पत्नी उनका देखभाल कर रही हैं। अपदस्थ राष्ट्रपति से उस हिंसा में उनकी कथित संलिप्तता के बारे में पूछताछ की जा रही है जो उनके शासन के खिलाफ 25 जनवरी से चले प्रदर्शन को दबाने के लिए की गयी थी। उनकी पत्नी और दो बेटों से भी भ्रष्टाचार के आरोपों में पूछताछ की जा रही है। उनके दो बेटे-अला और गमाल कुख्यात तोरा जेल में हैं। | यह एक सारांश है: मुबारक के सत्ता से बेदखल होने के दो महीने बाद वहां की एक अदालत ने उनकी और उनकी पत्नी सुजान्ने के नाम सड़कों एवं पार्कों समेत सभी सार्वजनिक स्थलों से हटाने का आदेश दिया। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत की खिताबी जीत के सूत्रधार रहे मैन आफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह ने शनिवार को खुलासा किया कि वह सचिन तेंदुलकर के लिए विश्व कप जीतना चाहते थे। फाइनल मैच के बाद युवराज ने कहा, मुझे खेद है कि मैं आपको निराश कर रहा हूं। मैं अपनी गर्लफ्रेंड के लिए नहीं बल्कि सचिन तेंदुलकर के लिए जीतना चाहता था। युवराज ने अहमदाबाद में क्वार्टर फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया पर टीम को जीत दिलाने के बाद कहा था कि वह किसी खास व्यक्ति के लिए विश्वकप जीतना चाहते हैं और फाइनल के बाद ही उसका खुलासा करेंगे। युवराज ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को संकट के दौर में उनका साथ देने के लिये धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, जब मैंने अपना कैरियर शुरू किया तब सौरव कप्तान थे और उन्होंने मेरा खूब साथ दिया। जब मैंने उतार चढ़ाव देखे तो माही ने मेरा साथ दिया। माही बेहतरीन कप्तान है और जिसे भी छूता है, वह साना बन जाता है। सौरव और युवराज ने मेरा खूब साथ दिया। युवराज ने कहा, पिछले साल मैं चोट और खराब फार्म से जूझता रहा। रणजी मैचों के दम पर मैने वापसी की और सही समय पर फार्म में लौटा। नौ मैचों में 369 रन बनाने और 15 विकेट लेने वाले युवराज ने कहा कि खराब दौर में मिली आलोचना से वह हैरान नहीं थे। उन्होंने कहा, आलोचना भी खेल का हिस्सा है। अच्छा नहीं खेलने पर इसे झेलना पड़ता है। अब हम जीत गए हैं तो आलोचना नहीं होगी। | संक्षिप्त पाठ: मैन आफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह ने खुलासा किया कि वह सचिन तेंदुलकर के लिए विश्व कप जीतना चाहते थे। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सचिन तेंदुलकर का बेशकीमती विकेट भले ही अभी तक उसे नहीं मिल सका हो, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज बेन हिल्फेनहास का कहना है कि जब तक किसी और को उनका विकेट मिल रहा है, वह खुश हैं। तस्मानिया के इस गेंदबाज ने भारत की दीवार राहुल द्रविड़ के डिफेंस में सेंध लगाने में कामयाबी हासिल की है।टिप्पणियां
उसका हालांकि मानना है कि व्यक्तिगत उपलब्धियां गौण है, क्योंकि टीम का लक्ष्य पूरे 20 विकेट हासिल करना है। उसने कहा, ‘‘भारतीय काफी दमदार खिलाड़ी हैं, लिहाजा उनका विकेट लेना बड़ी उपलब्धि है। हमने अपनी रणनीति पर अमल किया, जिसका फायदा मिला।’’ शृंखला में अभी तक सर्वाधिक विकेट ले चुके हिल्फेनहास का मानना है कि अपनी क्षमता पर भरोसा रखने वालों को ही कामयाबी मिलती है।
उसने ‘ऑस्ट्रेलियन’ से कहा, ‘‘पुरानी कहावत है कि गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलते हैं।’’ उसने कहा, ‘‘मेरा काम यह है कि विकेट न भी मिल रहे हों, तो बल्लेबाजों पर दूसरे छोर से दबाव बनाए रखना है।’’ उसने कहा, ‘‘विकेट लेना अच्छा लगता है, लेकिन कई बार विकेट नहीं मिलते, तो मेरा काम दबाव बनाए रखना है, ताकि दूसरे छोर से गेंदबाजों को विकेट मिले। यदि हम पूरे 20 विकेट हासिल करते हैं, तो सबसे बड़ी खुशी की बात है।’’
उसका हालांकि मानना है कि व्यक्तिगत उपलब्धियां गौण है, क्योंकि टीम का लक्ष्य पूरे 20 विकेट हासिल करना है। उसने कहा, ‘‘भारतीय काफी दमदार खिलाड़ी हैं, लिहाजा उनका विकेट लेना बड़ी उपलब्धि है। हमने अपनी रणनीति पर अमल किया, जिसका फायदा मिला।’’ शृंखला में अभी तक सर्वाधिक विकेट ले चुके हिल्फेनहास का मानना है कि अपनी क्षमता पर भरोसा रखने वालों को ही कामयाबी मिलती है।
उसने ‘ऑस्ट्रेलियन’ से कहा, ‘‘पुरानी कहावत है कि गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलते हैं।’’ उसने कहा, ‘‘मेरा काम यह है कि विकेट न भी मिल रहे हों, तो बल्लेबाजों पर दूसरे छोर से दबाव बनाए रखना है।’’ उसने कहा, ‘‘विकेट लेना अच्छा लगता है, लेकिन कई बार विकेट नहीं मिलते, तो मेरा काम दबाव बनाए रखना है, ताकि दूसरे छोर से गेंदबाजों को विकेट मिले। यदि हम पूरे 20 विकेट हासिल करते हैं, तो सबसे बड़ी खुशी की बात है।’’
उसने ‘ऑस्ट्रेलियन’ से कहा, ‘‘पुरानी कहावत है कि गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलते हैं।’’ उसने कहा, ‘‘मेरा काम यह है कि विकेट न भी मिल रहे हों, तो बल्लेबाजों पर दूसरे छोर से दबाव बनाए रखना है।’’ उसने कहा, ‘‘विकेट लेना अच्छा लगता है, लेकिन कई बार विकेट नहीं मिलते, तो मेरा काम दबाव बनाए रखना है, ताकि दूसरे छोर से गेंदबाजों को विकेट मिले। यदि हम पूरे 20 विकेट हासिल करते हैं, तो सबसे बड़ी खुशी की बात है।’’ | यह एक सारांश है: तेंदुलकर का बेशकीमती विकेट भले ही अभी तक उसे नहीं मिल सका हो, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज हिल्फेनहास का कहना है कि जब तक किसी और को उनका विकेट मिल रहा है, वह खुश हैं। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 64वें गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर मुख्य समारोह का आयोजन सुबह नौ बजे से किया जाएगा। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी झंडा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे।
मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक होंगे। इस मौके पर देश के अलग-अलग राज्यों की सुंदर झांकियां राजपथ पर निकलती हैं। इन झांकियों में देश के अलग-अलग हिस्सों की कला संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। इसके अलावा देश की तरक्की, सैन्य क्षमता आर्म्ड फोर्स और वायु सेना के शानदार करतब भी देखने को मिलते हैं। 1950 में आज ही के दिन देश का संविधान लागू हुआ और भारत गणराज्य घोषित हुआ था।
गणतंत्र दिवस समारोह के लिए दिल्ली के चारों ओर जमीन से आसमान तक सभी स्थानों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
समारोह को देखते हुए अर्द्धसैनिक बल के जवान और एनएसजी के शार्पशूटर सहित करीब 25,000 पुलिसकर्मी शहर के चारों ओर तैनात किए गए हैं।
ऊंची इमारतों पर बंदूकधारियों को तैनात किया गया है जबकि 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की मदद से राजपथ और लालकिले के इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सचल दस्ता, विमानभेदी तोप और एनएसजी के शार्पशूटर्स कई स्थानों पर निगरानी में जुटे हैं जबकि अर्द्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस के जवान गणतंत्र दिवस परेड को लेकर रायसीना हिल्स से लाल किले के बीच की आठ किलोमीटर की दूरी में कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।टिप्पणियां
राजपथ के चारों ओर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है, यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तिरंगे झंडे को फहराएंगे और जवानों की सलामी लेंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आसमान में भी विस्तृत वायुसुरक्षा उपायों के साथ विमानभेदी तोपों से सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा है। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे सहित आईजीआई एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक होंगे। इस मौके पर देश के अलग-अलग राज्यों की सुंदर झांकियां राजपथ पर निकलती हैं। इन झांकियों में देश के अलग-अलग हिस्सों की कला संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। इसके अलावा देश की तरक्की, सैन्य क्षमता आर्म्ड फोर्स और वायु सेना के शानदार करतब भी देखने को मिलते हैं। 1950 में आज ही के दिन देश का संविधान लागू हुआ और भारत गणराज्य घोषित हुआ था।
गणतंत्र दिवस समारोह के लिए दिल्ली के चारों ओर जमीन से आसमान तक सभी स्थानों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
समारोह को देखते हुए अर्द्धसैनिक बल के जवान और एनएसजी के शार्पशूटर सहित करीब 25,000 पुलिसकर्मी शहर के चारों ओर तैनात किए गए हैं।
ऊंची इमारतों पर बंदूकधारियों को तैनात किया गया है जबकि 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की मदद से राजपथ और लालकिले के इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सचल दस्ता, विमानभेदी तोप और एनएसजी के शार्पशूटर्स कई स्थानों पर निगरानी में जुटे हैं जबकि अर्द्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस के जवान गणतंत्र दिवस परेड को लेकर रायसीना हिल्स से लाल किले के बीच की आठ किलोमीटर की दूरी में कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।टिप्पणियां
राजपथ के चारों ओर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है, यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तिरंगे झंडे को फहराएंगे और जवानों की सलामी लेंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आसमान में भी विस्तृत वायुसुरक्षा उपायों के साथ विमानभेदी तोपों से सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा है। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे सहित आईजीआई एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
गणतंत्र दिवस समारोह के लिए दिल्ली के चारों ओर जमीन से आसमान तक सभी स्थानों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
समारोह को देखते हुए अर्द्धसैनिक बल के जवान और एनएसजी के शार्पशूटर सहित करीब 25,000 पुलिसकर्मी शहर के चारों ओर तैनात किए गए हैं।
ऊंची इमारतों पर बंदूकधारियों को तैनात किया गया है जबकि 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की मदद से राजपथ और लालकिले के इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सचल दस्ता, विमानभेदी तोप और एनएसजी के शार्पशूटर्स कई स्थानों पर निगरानी में जुटे हैं जबकि अर्द्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस के जवान गणतंत्र दिवस परेड को लेकर रायसीना हिल्स से लाल किले के बीच की आठ किलोमीटर की दूरी में कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।टिप्पणियां
राजपथ के चारों ओर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है, यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तिरंगे झंडे को फहराएंगे और जवानों की सलामी लेंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आसमान में भी विस्तृत वायुसुरक्षा उपायों के साथ विमानभेदी तोपों से सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा है। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे सहित आईजीआई एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
समारोह को देखते हुए अर्द्धसैनिक बल के जवान और एनएसजी के शार्पशूटर सहित करीब 25,000 पुलिसकर्मी शहर के चारों ओर तैनात किए गए हैं।
ऊंची इमारतों पर बंदूकधारियों को तैनात किया गया है जबकि 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की मदद से राजपथ और लालकिले के इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सचल दस्ता, विमानभेदी तोप और एनएसजी के शार्पशूटर्स कई स्थानों पर निगरानी में जुटे हैं जबकि अर्द्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस के जवान गणतंत्र दिवस परेड को लेकर रायसीना हिल्स से लाल किले के बीच की आठ किलोमीटर की दूरी में कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।टिप्पणियां
राजपथ के चारों ओर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है, यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तिरंगे झंडे को फहराएंगे और जवानों की सलामी लेंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आसमान में भी विस्तृत वायुसुरक्षा उपायों के साथ विमानभेदी तोपों से सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा है। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे सहित आईजीआई एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
ऊंची इमारतों पर बंदूकधारियों को तैनात किया गया है जबकि 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की मदद से राजपथ और लालकिले के इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सचल दस्ता, विमानभेदी तोप और एनएसजी के शार्पशूटर्स कई स्थानों पर निगरानी में जुटे हैं जबकि अर्द्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस के जवान गणतंत्र दिवस परेड को लेकर रायसीना हिल्स से लाल किले के बीच की आठ किलोमीटर की दूरी में कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।टिप्पणियां
राजपथ के चारों ओर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है, यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तिरंगे झंडे को फहराएंगे और जवानों की सलामी लेंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आसमान में भी विस्तृत वायुसुरक्षा उपायों के साथ विमानभेदी तोपों से सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा है। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे सहित आईजीआई एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
सचल दस्ता, विमानभेदी तोप और एनएसजी के शार्पशूटर्स कई स्थानों पर निगरानी में जुटे हैं जबकि अर्द्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस के जवान गणतंत्र दिवस परेड को लेकर रायसीना हिल्स से लाल किले के बीच की आठ किलोमीटर की दूरी में कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।टिप्पणियां
राजपथ के चारों ओर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है, यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तिरंगे झंडे को फहराएंगे और जवानों की सलामी लेंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आसमान में भी विस्तृत वायुसुरक्षा उपायों के साथ विमानभेदी तोपों से सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा है। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे सहित आईजीआई एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
राजपथ के चारों ओर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है, यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तिरंगे झंडे को फहराएंगे और जवानों की सलामी लेंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आसमान में भी विस्तृत वायुसुरक्षा उपायों के साथ विमानभेदी तोपों से सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा है। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे सहित आईजीआई एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आसमान में भी विस्तृत वायुसुरक्षा उपायों के साथ विमानभेदी तोपों से सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा है। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे सहित आईजीआई एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। | यह एक सारांश है: 64वें गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर मुख्य समारोह का आयोजन सुबह नौ बजे से किया जाएगा। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी झंडा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले हफ्ते कोलकाता में दिखी विपक्ष की एकजुटता पर भाजपा के हमले के बाद सहयोगी दल शिवसेना और विपक्षी कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव से पहले यह देख कर घबरा गए हैं और उनमें ‘‘डर'' समा गया है. वहीं, वित्त मंत्री अरूण जेटली और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सिर्फ मोदी की लोकप्रियता का डर और भाजपा की सफलताएं हैं जिसने कई अलग - अलग ताकतों को प्रधानमंत्री के खिलाफ एक साथ कर दिया. जेटली ने कहा कि विपक्ष की किसी तरह की गोलबंदी अव्यवहारिक और कम समय तक चलने वाला गठजोड़ होगा. उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘क्या यह मोदी बनाम अव्यवस्था होगी ? '' जेटली ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि इससे (विपक्ष के एकजुट होने से) आम चुनावों में भाजपा को फायदा होने जा रहा है क्योंकि एक आकांक्षापूर्ण समाज अल्प अवधि के राजनीतिक गठबंधन को वोट देकर ‘‘सामूहिक आत्महत्या'' नहीं करेगा. वित्त मंत्री के विचारों से सहमति जताते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह भाजपा की सफलताओं का डर है जिसने विपक्षी पार्टियों को एक साथ ला दिया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता सिंह ने ग्रेटर नोएडा में संवाददाताओं से कहा, ‘‘वे (महागठबंधन) इस बात को लेकर भयभीत हैं कि भाजपा फिर से सरकार बनाएगी. ''
भाजपा से नाराज चल रहे उसके सहयोगी दल शिवसेना ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (गुजरात में एल एंड टी के हथियार निर्माण केंद्र के मुआयने के दौरान) एक टैंक पर चढ़कर भाषण दिया था. पार्टी ने हैरानगी जताते हुए पूछा, ‘‘ तो फिर 22 विपक्षी दलों के एकजुट होने से उन्हें कंपकंपी क्यों छूट रही है.'' प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों के महागठबंधन को रविवार को खारिज करते हुए आरोप लगाया था कि यह ‘भ्रष्टाचार, नकारात्मकता और अस्थिरता का गठबंधन है तथा इसे उन लोगों ने बनाया है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से भयभीत हैं. जेटली की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि मुख्यमंत्री (पश्चिम बंगाल) ममता बनर्जी द्वारा पिछले शनिवार को बुलाई गई कोलकाता रैली ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार की बुनियाद हिला कर रख दी है. तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने कोलकाता में कहा, ‘‘पिछले दो दिनों (शनिवार) से चाहे वह प्रधानमंत्री हों या अन्य केंद्रीय मंत्री, हर कोई इस रैली के बारे में बातें कर रहा है. हालांकि, ममता बनर्जी केंद्र की सरकार में नहीं हैं फिर भी उन्हें लगता है कि वह इसमें हैं. यही कारण है कि बीमार रहने के बावजूद भी जेटली जी इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं.''
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को आभास हो गया है कि उसके गिनती के दिन ही शेष रह गए हैं...ऐसा लगता है कि रैली ने मोदी सरकार की बुनियाद हिला कर रख दी है.'' तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा कोलकाता में शनिवार को आयोजित रैली में विपक्ष की एकजुटता का जिक्र करते हुए शिवेसना ने अपने मुखपत्र ‘सामना'' के एक संपादकीय में कहा है कि ‘मोदी इस भ्रम में नहीं रहें कि उनकी सरकार अमर है.' शिवसेना ने कहा है कि मोदी-शाह की जोड़ी को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख सीधी चुनौती दे रही हैं. संपादकीय में कहा गया है, ‘‘ममता सहित रैली में शिरकत करने वाले अधिकतर नेता एक समय में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में भाजपा के सहयोगी रह चुके हैं और उन लोगों का मजाक उड़ाने की जरूरत नहीं है. मोदी की सरकार देश की दुश्मन नहीं है, लेकिन उन्हें इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि उनकी सरकार अमर है.'' बहरहाल, केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी दल शिवसेना ने सत्ता में मौजूद पार्टी (भाजपा) की आलोचना करने के अपने अधिकार का बचाव किया.
ममता ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को रैली में आने का न्यौता दिया था लेकिन पार्टी ने कहा कि हमारी रणभेरी हम अपने ही मैदान से फूंकते रहते हैं और वह हमने सबसे पहले फूंकी है. शिवसेना ने कहा, ‘‘ ‘ममता बनर्जी के मंच पर उपस्थित सारे नेता धर्मनिरपेक्षतावादी थे. शिवसेना छद्म धर्मनिरपेक्ष नहीं है. हमारी विचारधारा ‘हिंदुत्व' है और राम मंदिर तथा समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर हमारा रूख दृढ़ है. कोलकाता रैली में शिवसेना का रूख हजम नहीं होता. '' वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा है कि विपक्ष के महागठबंधन के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणी और उनके हाव - भाव से यह साबित हो गया है कि वह उसकी (विपक्ष की) एकजुटता से डरे हुए हैं. पटेल ने अहमदाबाद में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जैसा कि आप लोगों ने गौर किया है, प्रधानमंत्री अब अपने भाषणों में महागठबंधन के बारे में बातें कर रहे हैं. इससे जाहिर होता है कि उनके मन में किसी तरह की डर की भावना समा गई है. यहां तक कि उनके हाव - भाव से साबित होता है कि वह अब विपक्षी एकजुटता से भयभीत हैं.'' | सारांश: शिवसेना और कांग्रेस का पीएम मोदी पर निशाना
कहा- विपक्ष की एकजुटता देख कर प्रधानमंत्री घबरा गए
अरुण जेटली और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर किया पलटवार | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जापान में विनाशकारी भूकंप आने के बाद दुनियाभर में मौजूद परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा को लेकर जहां चिंता जताई जाने लगी है, वहीं राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा निगम :एनपीसीआईएल: ने सोमवार को कहा कि भारत के परमाणु संयंत्र पिछले दशक में आयी दो प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी सुरक्षित रहे लेकिन आत्मसंतुष्ट होने की कोई गुंजाइश नहीं है। एनपीसीआईएल ने कहा, बहरहाल, हम आत्मसंतुष्ट नहीं हो सकते। लिहाजा, हम जापान में होने वाले दुर्लभ घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रहे हैं जहां पूर्वोत्तरी हिस्से में स्थित परमाणु संयंत्र विनाशकारी भूकंप और सुनामी के बाद गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। छब्बीस जनवरी 2001 को भुज में आए एक बड़े भूकंप के बाद गुजरात के सूरत के निकट स्थित काकरापार परमाणु ऊर्जा केंद्र सुरक्षित रूप से चलता रहा। एनपीसीएल ने कहा, इसी तरह दिसम्बर 2004 में तमिलनाड़ु में सुनामी के दौरान भी मद्रास परमाणु ऊर्जा केंद्र को बिना किसी रेडियाधर्मी दुष्प्रभावों के सुरक्षित तरीके से बंद कर दिया गया। नियमन संबंधी समीक्षा के बाद संयंत्र को कुछ ही दिन के भीतर दोबारा शुरू कर दिया गया। तमिलनाड़ु स्थित कूडांकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में एक-एक हजार मेगावाट क्षमता वाले दो नये संयंत्र निर्माणाधीन थे लेकिन सुनामी के कारण ये भी अप्रभावित रहे क्योंकि संयंत्र समुद्री स्तर से काफी ऊंचाई पर बनाए जा रहे थे। एनपीसीआईएल ने कहा कि उसके सभी 20 संयंत्रों की नियमित तौर पर सुरक्षा समीक्षा की जाती है और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद सुरक्षा प्रक्रियाओं को उन्नत किया जाता है। वर्तमान में एनपीसीआईएल 20 संयंत्र चलाता है जिनकी क्षमता 4780 मेगावाट से अधिक की होती है। इनमें से दो 160-160 मेगावाट क्षमता वाले बॉयलिंग वॉटर रिएक्टर हैं, जबकि अन्य भारी जल दाब संयंत्र हैं। बॉयलिंग वॉटर रिएक्टरों की सुरक्षा का कुछ वर्ष पूर्व पुनर्विश्लेषण किया गया था। इसकी परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड भी समीक्षा कर रहा है। एनपीसीआईएल ने कहा कि इसके बाद दो बॉयलिंग वॉटर रिएक्टरों का नवीनीकरण कर उन्हें आधुनिक सुरक्षा मानकों की पूर्ति के मकसद से अतिरिक्त रूप से सुरक्षित बनाया गया है। वक्तव्य के अनुसार, भूकंप और सुनामी जैसी आपदाओं की स्थिति में सभी संयंत्रों की विस्तृत समीक्षा की जाती है और समीक्षा के नतीजों के आधार पर जरूरी बदलाव किये जाते हैं। वक्तव्य के मुताबिक, जापान में हुए घटनाक्रमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने के बाद समीक्षा की जायेगी। एनपीसीआईएल विश्व परमाणु परिचालनकर्ता संगठन, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और तोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कंपनी से भी इस संबंध में जानकारी जुटा रहा है। इस बीच, भूगर्भ विशेषज्ञों ने यहां कहा कि भारत के सभी परमाणु संयंत्र तटीय क्षेत्रों में नहीं हैं। देश की तटीय रेखा सुंडा क्षेत्र से दो हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित है जहां बड़े भूकंप आने की आशंका रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके विपरीत सुनामी से प्रभावित जापान के संयंत्र उन क्षेत्रों से कुछ सौ किलोमीटर की दूरी पर थे जो भूकंप के मामले में अत्यधिक संवेदनशील हैं। | यह एक सारांश है: एनपीसीआईएल ने कहा कि भारत के परमाणु संयंत्र पिछले दशक में आयी दो प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी सुरक्षित रहे। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति सुजुकी ने अपने मानेसर कारखाने के 11 कर्मचारियों को सोमवार को बर्खास्त कर दिया। इस बीच शनिवार से जारी हड़ताल का असर दिखने लगा है और अब तक उसे लगभग 1,800 वाहनों का उत्पादन नुकसान हो चुका है। मारूति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा, कंपनी ने 11 कर्मचारियों को बख्रास्त कर दिया है। ये, अन्य कर्मचारियों को अवैध तरीके से हड़ताल के लिए उकसा रहे थे तथा ऐसा माहौल बना रहे थे जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बिना कोई नोटिस दिए हड़ताल पर चले गये लेकिन प्रबंधन हड़ताली कर्मचारियों के साथ निरंतर बातचीत कर रहा है। कर्मचारियों की मांग मानने से इनकार करते हुए भार्गव ने कहा, कोई दूसरी यूनियन नहीं है, अगर उनकी कोई मांग है, तो उन्हें पहले हमें लिखना चाहिए तथा उस पर चर्चा करनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने मामले का सौहार्द्रपूर्ण हल शीघ्र निकलने की उम्मीद जताई। कर्मचारी सूत्रों के अनुसार बख्रास्त कर्मचारियों में आठ नवगठित मारूति सुजुकी इंप्लायज यूनियन (एमएसईयू) के पदाधिकारी हैं जबकि शेष तीन अन्य कर्मचारी हैं। एक हड़ताली कर्मचारी ने कहा, हम इन 11 लोगों को परिसर से जबरन हटाने के किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे, हड़ताल जारी रहेगी। इस बीच, हड़ताल के कारण कारखाने में काम पूरी तरह से ठप हो गया है। कर्मचारियों की हड़ताल का आज तीसरा दिन था और कंपनी को अब तक लगभग 1,800 कारों के उत्पादन के नुकसान का अनुमान है। मानेसर कारखाने में हर दिन लगभग 1,200 कारें दो पारियों में बनती हैं। यहां स्विफ्ट, ए स्टार, डिजायर तथा एसएक्सफोर का उत्पादन होता है। कंपनी प्रवक्ता ने कहा, फिलहाल स्थिति :कल की तरह: जस-की-तस बनी हुई है। एसएसईयू के महासचिव शिव कुमार ने कहा कि प्रबंधन ने इससे पहले शनिवार को उनकी मांगों पर विचार विमर्श किया था। कुमार को भी बख्रास्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा, आज कोई बातचीत हमसे नहीं हुई। बल्कि प्रबंधन ने एक नोटिस जारी कर बख्रास्तगी की सूचना दी है। हम मांगें माने जाने तक हड़ताल करेंगे। | सारांश: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति सुजुकी ने अपने मानेसर कारखाने के 11 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री टेरेसा मे से मुलाकात की.यह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात है. उन्होंने यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने के फैसले के मद्देनजर द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की.
जी-20 सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं ने यहां दुनिया के सबसे बड़े एकल बाजार यानी यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग हो जाने के बाद ‘‘अवसरों के निर्माण’’ पर चर्चा की.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर जानकारी दी, यूनाइटेड किंगडम के साथ अवसरों का निर्माण.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे के साथ पहली बार द्विपक्षीय वार्ता की.मे ने 13 जुलाई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. राष्ट्र की जनता ने यूरोपीय संघ छोड़ने के पक्ष में मत दिया था जिसके बाद उनके पूर्ववर्ती डेविड कैमरन ने पद से इस्तीफा दे दिया था.
मार्गेट्र थचर के बाद 59 वर्षीय मे ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं और उनकी तुलना अक्सर थचर से की जाती है. उनके शपथ ग्रहण करने के बाद मोदी ने 27 जुलाई को उन्हें बधाई देते हुए रणनीतिक द्विपक्षीय भागीदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी.
फोन पर हुई इस वार्ता के दौरान मे ने मोदी को धन्यवाद दिया था और कहा था कि वह भारत के साथ मजबूत रिश्ते विकसित करने और सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं.टिप्पणियां
आज सुबह मोदी ने कहा था कि प्रभावी वित्तीय प्रशासन में भ्रष्टाचार, काले धन और कर चोरी से निपटना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, आर्थिक अपराध करने वालों के लिए सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने और धनशोधन करने वालों को पकड़ने तथा उनका बिना शर्त प्रत्यर्पण करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जी-20 सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं ने यहां दुनिया के सबसे बड़े एकल बाजार यानी यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग हो जाने के बाद ‘‘अवसरों के निर्माण’’ पर चर्चा की.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर जानकारी दी, यूनाइटेड किंगडम के साथ अवसरों का निर्माण.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे के साथ पहली बार द्विपक्षीय वार्ता की.मे ने 13 जुलाई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. राष्ट्र की जनता ने यूरोपीय संघ छोड़ने के पक्ष में मत दिया था जिसके बाद उनके पूर्ववर्ती डेविड कैमरन ने पद से इस्तीफा दे दिया था.
मार्गेट्र थचर के बाद 59 वर्षीय मे ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं और उनकी तुलना अक्सर थचर से की जाती है. उनके शपथ ग्रहण करने के बाद मोदी ने 27 जुलाई को उन्हें बधाई देते हुए रणनीतिक द्विपक्षीय भागीदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी.
फोन पर हुई इस वार्ता के दौरान मे ने मोदी को धन्यवाद दिया था और कहा था कि वह भारत के साथ मजबूत रिश्ते विकसित करने और सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं.टिप्पणियां
आज सुबह मोदी ने कहा था कि प्रभावी वित्तीय प्रशासन में भ्रष्टाचार, काले धन और कर चोरी से निपटना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, आर्थिक अपराध करने वालों के लिए सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने और धनशोधन करने वालों को पकड़ने तथा उनका बिना शर्त प्रत्यर्पण करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर जानकारी दी, यूनाइटेड किंगडम के साथ अवसरों का निर्माण.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे के साथ पहली बार द्विपक्षीय वार्ता की.मे ने 13 जुलाई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. राष्ट्र की जनता ने यूरोपीय संघ छोड़ने के पक्ष में मत दिया था जिसके बाद उनके पूर्ववर्ती डेविड कैमरन ने पद से इस्तीफा दे दिया था.
मार्गेट्र थचर के बाद 59 वर्षीय मे ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं और उनकी तुलना अक्सर थचर से की जाती है. उनके शपथ ग्रहण करने के बाद मोदी ने 27 जुलाई को उन्हें बधाई देते हुए रणनीतिक द्विपक्षीय भागीदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी.
फोन पर हुई इस वार्ता के दौरान मे ने मोदी को धन्यवाद दिया था और कहा था कि वह भारत के साथ मजबूत रिश्ते विकसित करने और सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं.टिप्पणियां
आज सुबह मोदी ने कहा था कि प्रभावी वित्तीय प्रशासन में भ्रष्टाचार, काले धन और कर चोरी से निपटना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, आर्थिक अपराध करने वालों के लिए सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने और धनशोधन करने वालों को पकड़ने तथा उनका बिना शर्त प्रत्यर्पण करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मार्गेट्र थचर के बाद 59 वर्षीय मे ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं और उनकी तुलना अक्सर थचर से की जाती है. उनके शपथ ग्रहण करने के बाद मोदी ने 27 जुलाई को उन्हें बधाई देते हुए रणनीतिक द्विपक्षीय भागीदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी.
फोन पर हुई इस वार्ता के दौरान मे ने मोदी को धन्यवाद दिया था और कहा था कि वह भारत के साथ मजबूत रिश्ते विकसित करने और सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं.टिप्पणियां
आज सुबह मोदी ने कहा था कि प्रभावी वित्तीय प्रशासन में भ्रष्टाचार, काले धन और कर चोरी से निपटना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, आर्थिक अपराध करने वालों के लिए सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने और धनशोधन करने वालों को पकड़ने तथा उनका बिना शर्त प्रत्यर्पण करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फोन पर हुई इस वार्ता के दौरान मे ने मोदी को धन्यवाद दिया था और कहा था कि वह भारत के साथ मजबूत रिश्ते विकसित करने और सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं.टिप्पणियां
आज सुबह मोदी ने कहा था कि प्रभावी वित्तीय प्रशासन में भ्रष्टाचार, काले धन और कर चोरी से निपटना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, आर्थिक अपराध करने वालों के लिए सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने और धनशोधन करने वालों को पकड़ने तथा उनका बिना शर्त प्रत्यर्पण करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आज सुबह मोदी ने कहा था कि प्रभावी वित्तीय प्रशासन में भ्रष्टाचार, काले धन और कर चोरी से निपटना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, आर्थिक अपराध करने वालों के लिए सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने और धनशोधन करने वालों को पकड़ने तथा उनका बिना शर्त प्रत्यर्पण करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग हो जाने के बाद अवसरों पर चर्चा
मार्गेट्र थचर के बाद 59 वर्षीय मे ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं
मे ने 13 जुलाई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों की ओर से अपने एक सैनिक के मार गिराए जाने की निंदा करते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि इस घटना से दोनों देशों के बीच माहौल बिगड़ सकता है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोअज्जम खान ने कहा, ‘पाकिस्तानी सैनिक की हत्या पाकिस्तान और भारत के बीच बनी सहमति के खिलाफ है और इससे आगे माहौल बिगड़ सकता है।’
खान ने एक बयान में कहा, ‘पाकिस्तान ने भारत सरकार से कहा है कि वह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की गहन जांच कराए और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं होंगी।’टिप्पणियां
नई दिल्ली में भारतीय सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि नियंत्रण रेखा से लगे नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान सैनिक बृहस्पतिवार को घुस आया था और मारा गया।
इस घटना से एक महीने पहले पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सीमा पर घुसकर भारत के दो जवानों की निर्मम हत्या कर दी थी।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोअज्जम खान ने कहा, ‘पाकिस्तानी सैनिक की हत्या पाकिस्तान और भारत के बीच बनी सहमति के खिलाफ है और इससे आगे माहौल बिगड़ सकता है।’
खान ने एक बयान में कहा, ‘पाकिस्तान ने भारत सरकार से कहा है कि वह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की गहन जांच कराए और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं होंगी।’टिप्पणियां
नई दिल्ली में भारतीय सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि नियंत्रण रेखा से लगे नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान सैनिक बृहस्पतिवार को घुस आया था और मारा गया।
इस घटना से एक महीने पहले पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सीमा पर घुसकर भारत के दो जवानों की निर्मम हत्या कर दी थी।
खान ने एक बयान में कहा, ‘पाकिस्तान ने भारत सरकार से कहा है कि वह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की गहन जांच कराए और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं होंगी।’टिप्पणियां
नई दिल्ली में भारतीय सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि नियंत्रण रेखा से लगे नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान सैनिक बृहस्पतिवार को घुस आया था और मारा गया।
इस घटना से एक महीने पहले पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सीमा पर घुसकर भारत के दो जवानों की निर्मम हत्या कर दी थी।
नई दिल्ली में भारतीय सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि नियंत्रण रेखा से लगे नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान सैनिक बृहस्पतिवार को घुस आया था और मारा गया।
इस घटना से एक महीने पहले पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सीमा पर घुसकर भारत के दो जवानों की निर्मम हत्या कर दी थी।
इस घटना से एक महीने पहले पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सीमा पर घुसकर भारत के दो जवानों की निर्मम हत्या कर दी थी। | संक्षिप्त सारांश: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों की ओर से अपने एक सैनिक के मार गिराए जाने की निंदा करते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि इस घटना से दोनों देशों के बीच माहौल बिगड़ सकता है। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हिंदू मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) के दिन गंगा का अवतार हुआ था. यह दिन हिंदुओं के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. हज़ारों श्रद्धालु गंगा दशहरा (Ganga Dussehra 2019) के दिन पवित्र नदियों में जाकर स्नान करते हैं. दान और तप करते हैं. कई भक्त इस दिन व्रत भी रखते हैं. इस बार गंगा दशहरा 12 जून को है. गंगा दशहरा के दिन कई पूजा और मुंडन जैसे शुभ कार्य भी किए जाते हैं. वहीं, गंगा दशहरा की एक-दूसरे को बधाइयां भी दी जाती हैं.
बता दें, हिंदू कैलेंडर के मुताबिक हर साल ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) मनाया जाता है. आमतौर पर यह त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक मई या जून में आता है. इस बार यह 12 जून को है.
ये पल हो सुनहरा
दुनिया में नाम हो रोशन तुम्हारा
दूसरों को दिखाओ तुम किनारा
हैपी गंगा दशहरा
हर दिन आपके जीवन में ले आए सुख
शांति और समाधान श्रद्धा का रूप
गंगा मैया को आज तहे दिन से प्रणाम
हैपी गंगा दशहरा
हो आपकी जिंदगी में खुशियों का मेला
कभी ना आए कोई झमेला
सदा सुखी रहे आपका बसेरा
मुबारक हो आपको यह शुभ दशहरा
ज्योति से ज्योत जगाते चलो
प्रेम की गंगा बहाते चलो
राह में आए जो दिन दुखी
सबको गले से लगाते चलो
दिन आएगा सबका सुनहरा
शुभ हो ये गंगा दशहरा
हर हर गंगे..!!
गंगा दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं
गंगा दशहरा के इस पावन पर्व पर आप
व आपके परिवार पर गंगा मैया की असीम कृपा बनी रहे
सुख और दुःख जीवन के रंग हैं
सब सही है अगर श्रद्धा संग है
गंगा मैया के ध्यान में मलंग हैं
हैपी गंगा दशहरा कहने का ये नया ढंग है
गंगा दशहरा की शुभकामनाएं
हर हर गंगे..!!
भारत माता के ह्रदय से निकल कर
सभी पापों का नाश करने वाली
मां गंगा को शत शत नमन
गंगा दशहरा की शुभकामनाएं | संक्षिप्त पाठ: 12 जून को है गंगा दशहरा
गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी का हुआ था अवतार
गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान का बड़ा महत्व | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सिखों के लिए जल्द ही अलग से विवाह कानून आने की संभावना है। गृह मंत्रालय इस संबंध में प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल में ले जाने की योजना बना रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पंजाब में विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र ने सिख समुदाय की लंबे समय से लंबित अलग से आनंद विवाह अधिनियम लागू करने की मांग को स्वीकार कर लिया है। वर्ष 1955 में सिख विवाह अधिनियम को समाप्त किए जाने के बाद अब तक सिख शादियां हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत होती आई हैं। स्वतंत्रता से पहले सिखों में शादियां गुरु ग्रंथ साहिब की मौजूदगी में आनंद विवाह अधिनियम के तहत होती थीं और 1955 तक ऐसा होता रहा जब सिख विवाह अधिनियम को बदला गया और चार समुदायों-हिन्दू सिख बौद्ध तथा जैन धर्म को जोड़ते हुए इसे हिन्दू विवाह अधिनियम में शामिल कर लिया गया। सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में संसद में एक विध्ेायेक पेश किया जाएगा और इसके मंजूर होने पर सिख नए कानून के तहत शादियां कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या विधेयक संसद के वर्तमान सत्र में पेश किया जाएगा। | यह एक सारांश है: सिखों के लिए जल्द ही अलग से विवाह कानून आने की संभावना है। गृह मंत्रालय इस संबंध में प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल में ले जाने की योजना बना रहा है। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ईद पर रिलीज होने जा रही ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे अभिनेता इमरान खान ने कहा है कि ईद पर रिलीज होने वाली फिल्मों के मामले में कोई भी सलमान खान को पछाड़ नहीं सकता।
वर्ष 2008 में सलमान की फिल्म ‘वांटेड’ ईद पर रिलीज हुई थी और इसके बाद से हर साल उनकी कोई न कोई फिल्म इस दिन रिलीज होने की परंपरा-सी बन गई है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह ईद पर फिल्म रिलीज करके सलमान को पछाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, इमरान ने कहा, सलमान खान को कौन पछाड़ेगा? कोई भी इतना दमदार नहीं है। पिछले साल सलमान की फिल्म ‘एक था टाइगर’ ईद पर रिलीज हुई थी। लेकिन कहा जा रहा है कि इस साल सलमान की कोई फिल्म ईद पर रिलीज नहीं हो रही है। हालांकि दो फिल्में ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ और ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ इस दिन रिलीज होने की संभावना है।टिप्पणियां
इस साल सलमान की दो फिल्मों ‘मेंटल’ और ‘किक’ की घोषणा हुई है। कहा जा रहा है कि ये दोनों फिल्में अगले साल रिलीज होगी।
मिलन लूथरिया की फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में हैं।
वर्ष 2008 में सलमान की फिल्म ‘वांटेड’ ईद पर रिलीज हुई थी और इसके बाद से हर साल उनकी कोई न कोई फिल्म इस दिन रिलीज होने की परंपरा-सी बन गई है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह ईद पर फिल्म रिलीज करके सलमान को पछाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, इमरान ने कहा, सलमान खान को कौन पछाड़ेगा? कोई भी इतना दमदार नहीं है। पिछले साल सलमान की फिल्म ‘एक था टाइगर’ ईद पर रिलीज हुई थी। लेकिन कहा जा रहा है कि इस साल सलमान की कोई फिल्म ईद पर रिलीज नहीं हो रही है। हालांकि दो फिल्में ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ और ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ इस दिन रिलीज होने की संभावना है।टिप्पणियां
इस साल सलमान की दो फिल्मों ‘मेंटल’ और ‘किक’ की घोषणा हुई है। कहा जा रहा है कि ये दोनों फिल्में अगले साल रिलीज होगी।
मिलन लूथरिया की फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह ईद पर फिल्म रिलीज करके सलमान को पछाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, इमरान ने कहा, सलमान खान को कौन पछाड़ेगा? कोई भी इतना दमदार नहीं है। पिछले साल सलमान की फिल्म ‘एक था टाइगर’ ईद पर रिलीज हुई थी। लेकिन कहा जा रहा है कि इस साल सलमान की कोई फिल्म ईद पर रिलीज नहीं हो रही है। हालांकि दो फिल्में ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ और ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ इस दिन रिलीज होने की संभावना है।टिप्पणियां
इस साल सलमान की दो फिल्मों ‘मेंटल’ और ‘किक’ की घोषणा हुई है। कहा जा रहा है कि ये दोनों फिल्में अगले साल रिलीज होगी।
मिलन लूथरिया की फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में हैं।
इस साल सलमान की दो फिल्मों ‘मेंटल’ और ‘किक’ की घोषणा हुई है। कहा जा रहा है कि ये दोनों फिल्में अगले साल रिलीज होगी।
मिलन लूथरिया की फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में हैं।
मिलन लूथरिया की फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में हैं। | यहाँ एक सारांश है:ईद पर रिलीज होने जा रही ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई टू’ में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे अभिनेता इमरान खान ने कहा है कि ईद पर रिलीज होने वाली फिल्मों के मामले में कोई भी सलमान खान को पछाड़ नहीं सकता। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका में भारत की राजदूत निरुपमा राव ने कहा है कि साझे आर्थिक, कूटनीतिक और सुरक्षात्मक लक्ष्यों ने दोनों देशों और दोनों देशों की जनता को पहले से कहीं अधिक करीब ला दिया है।
राव ने कांग्रेसनल राजनीति पर खासतौर से केंद्रित वाशिंगटन के एक प्रमुख समाचार पत्र, 'द हिल' में लिखा है कि भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में सम्पन्न हुए रणनीतिक संवाद से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी में कई महत्वपूर्ण प्रगति हुई हैं।
राव ने कहा है, "इनमें कई मोर्चो पर सहयोग शामिल हैं। इन मोर्चों में स्थिर विकास के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा, ऊर्जा सुरक्षा की मजबूती के प्रयास और दोनों देशों के बीच व्यापारिक सम्बंधों को सुधारने की कोशिशें शामिल हैं।"
राव ने कहा कि अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने गुजरात में विद्युत उत्पादन के लिए एक परमाणु विद्युत परियोजना स्थापित करने को लेकर वेस्टिंगहाउस और भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के बीच हुए एक प्राथमिक समझौते की प्रशंसा की थी और उसे भारत और अमेरिका के बीच 2008 में हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
राव ने कहा है, "हम सहमत हैं, और कहेंगे कि अन्य क्षेत्रों में भी ढेर सारी प्रगति है।" उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका और भारत लगातार प्रगति करते रहेंगे और खासतौर से व्यापार व कारोबार में कई मुद्दों पर मिलकर काम करते रहेंगे।टिप्पणियां
राव ने कहा कि व्यापार पर दोनों नेताओं ने घोषणा की थी कि वे एक द्विपक्षीय संधि को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे जो दोनों देशों के बीच निवेश व व्यापार को बढ़ावा देगा। रक्षा सम्बंधी मामलों, समुद्री एवं इंटरनेट सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और व्यापार को भी आगे ले जाया जाएगा।
राव ने कहा कि सामूहिक उद्देश्य की चिंता का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र अफगानिस्तान है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित कराने के रास्ते तलाशने के लिए अलग-अलग काम कर रहे हैं।
राव ने कांग्रेसनल राजनीति पर खासतौर से केंद्रित वाशिंगटन के एक प्रमुख समाचार पत्र, 'द हिल' में लिखा है कि भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में सम्पन्न हुए रणनीतिक संवाद से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी में कई महत्वपूर्ण प्रगति हुई हैं।
राव ने कहा है, "इनमें कई मोर्चो पर सहयोग शामिल हैं। इन मोर्चों में स्थिर विकास के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा, ऊर्जा सुरक्षा की मजबूती के प्रयास और दोनों देशों के बीच व्यापारिक सम्बंधों को सुधारने की कोशिशें शामिल हैं।"
राव ने कहा कि अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने गुजरात में विद्युत उत्पादन के लिए एक परमाणु विद्युत परियोजना स्थापित करने को लेकर वेस्टिंगहाउस और भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के बीच हुए एक प्राथमिक समझौते की प्रशंसा की थी और उसे भारत और अमेरिका के बीच 2008 में हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
राव ने कहा है, "हम सहमत हैं, और कहेंगे कि अन्य क्षेत्रों में भी ढेर सारी प्रगति है।" उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका और भारत लगातार प्रगति करते रहेंगे और खासतौर से व्यापार व कारोबार में कई मुद्दों पर मिलकर काम करते रहेंगे।टिप्पणियां
राव ने कहा कि व्यापार पर दोनों नेताओं ने घोषणा की थी कि वे एक द्विपक्षीय संधि को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे जो दोनों देशों के बीच निवेश व व्यापार को बढ़ावा देगा। रक्षा सम्बंधी मामलों, समुद्री एवं इंटरनेट सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और व्यापार को भी आगे ले जाया जाएगा।
राव ने कहा कि सामूहिक उद्देश्य की चिंता का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र अफगानिस्तान है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित कराने के रास्ते तलाशने के लिए अलग-अलग काम कर रहे हैं।
राव ने कहा है, "इनमें कई मोर्चो पर सहयोग शामिल हैं। इन मोर्चों में स्थिर विकास के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा, ऊर्जा सुरक्षा की मजबूती के प्रयास और दोनों देशों के बीच व्यापारिक सम्बंधों को सुधारने की कोशिशें शामिल हैं।"
राव ने कहा कि अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने गुजरात में विद्युत उत्पादन के लिए एक परमाणु विद्युत परियोजना स्थापित करने को लेकर वेस्टिंगहाउस और भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के बीच हुए एक प्राथमिक समझौते की प्रशंसा की थी और उसे भारत और अमेरिका के बीच 2008 में हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
राव ने कहा है, "हम सहमत हैं, और कहेंगे कि अन्य क्षेत्रों में भी ढेर सारी प्रगति है।" उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका और भारत लगातार प्रगति करते रहेंगे और खासतौर से व्यापार व कारोबार में कई मुद्दों पर मिलकर काम करते रहेंगे।टिप्पणियां
राव ने कहा कि व्यापार पर दोनों नेताओं ने घोषणा की थी कि वे एक द्विपक्षीय संधि को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे जो दोनों देशों के बीच निवेश व व्यापार को बढ़ावा देगा। रक्षा सम्बंधी मामलों, समुद्री एवं इंटरनेट सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और व्यापार को भी आगे ले जाया जाएगा।
राव ने कहा कि सामूहिक उद्देश्य की चिंता का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र अफगानिस्तान है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित कराने के रास्ते तलाशने के लिए अलग-अलग काम कर रहे हैं।
राव ने कहा कि अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने गुजरात में विद्युत उत्पादन के लिए एक परमाणु विद्युत परियोजना स्थापित करने को लेकर वेस्टिंगहाउस और भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के बीच हुए एक प्राथमिक समझौते की प्रशंसा की थी और उसे भारत और अमेरिका के बीच 2008 में हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
राव ने कहा है, "हम सहमत हैं, और कहेंगे कि अन्य क्षेत्रों में भी ढेर सारी प्रगति है।" उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका और भारत लगातार प्रगति करते रहेंगे और खासतौर से व्यापार व कारोबार में कई मुद्दों पर मिलकर काम करते रहेंगे।टिप्पणियां
राव ने कहा कि व्यापार पर दोनों नेताओं ने घोषणा की थी कि वे एक द्विपक्षीय संधि को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे जो दोनों देशों के बीच निवेश व व्यापार को बढ़ावा देगा। रक्षा सम्बंधी मामलों, समुद्री एवं इंटरनेट सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और व्यापार को भी आगे ले जाया जाएगा।
राव ने कहा कि सामूहिक उद्देश्य की चिंता का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र अफगानिस्तान है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित कराने के रास्ते तलाशने के लिए अलग-अलग काम कर रहे हैं।
राव ने कहा है, "हम सहमत हैं, और कहेंगे कि अन्य क्षेत्रों में भी ढेर सारी प्रगति है।" उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका और भारत लगातार प्रगति करते रहेंगे और खासतौर से व्यापार व कारोबार में कई मुद्दों पर मिलकर काम करते रहेंगे।टिप्पणियां
राव ने कहा कि व्यापार पर दोनों नेताओं ने घोषणा की थी कि वे एक द्विपक्षीय संधि को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे जो दोनों देशों के बीच निवेश व व्यापार को बढ़ावा देगा। रक्षा सम्बंधी मामलों, समुद्री एवं इंटरनेट सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और व्यापार को भी आगे ले जाया जाएगा।
राव ने कहा कि सामूहिक उद्देश्य की चिंता का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र अफगानिस्तान है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित कराने के रास्ते तलाशने के लिए अलग-अलग काम कर रहे हैं।
राव ने कहा कि व्यापार पर दोनों नेताओं ने घोषणा की थी कि वे एक द्विपक्षीय संधि को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे जो दोनों देशों के बीच निवेश व व्यापार को बढ़ावा देगा। रक्षा सम्बंधी मामलों, समुद्री एवं इंटरनेट सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और व्यापार को भी आगे ले जाया जाएगा।
राव ने कहा कि सामूहिक उद्देश्य की चिंता का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र अफगानिस्तान है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित कराने के रास्ते तलाशने के लिए अलग-अलग काम कर रहे हैं।
राव ने कहा कि सामूहिक उद्देश्य की चिंता का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र अफगानिस्तान है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित कराने के रास्ते तलाशने के लिए अलग-अलग काम कर रहे हैं। | यह एक सारांश है: अमेरिका में भारत की राजदूत निरुपमा राव ने कहा है कि साझे आर्थिक, कूटनीतिक और सुरक्षात्मक लक्ष्यों ने दोनों देशों और दोनों देशों की जनता को पहले से कहीं अधिक करीब ला दिया है। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्यों को संगठन से लंबे समय तक जुड़े रहने के लिये सेवानिवृत्ति के समय 50,000 रुपये तक का ‘लायल्टी-कम-लाइफ’ लाभ दिए जाने के ऐलान के बाद अब सरकार ने कहा है कि 2016-17 के लिए उनकी भविष्य निधि जमा पर 8.65 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा.
सरकार का यह ऐलान ऐसे समय आया है जब इस तरह की खबरें आ रही थीं कि वित्त मंत्रालय द्वारा श्रम मंत्रालय से ईपीएफ ब्याज दर को आधा प्रतिशत कम करने को कहा जा रहा है. न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह संगठन के न्यासियों ने दिसंबर के फैसले के अनुसार ही है.टिप्पणियां
दत्तात्रेय से पूछा गया था कि क्या वित्त मंत्रालय ब्याज दरों को कम करने का मामला बना रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है. सीबीटी ने 8.65 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है. हमारा मंत्रालय इस बारे में वित्त मंत्रालय से विचार विमर्श करता रहता है. 8.65 प्रतिशत का ब्याज देने के बाद हमारे पास 158 करोड़ रुपये का अधिशेष होगा. उन्होंने कहा कि जरूरत होने पर मैं वित्त मंत्रालय से बात करुंगा. मैंने उनसे इसे मंजूरी देने का आग्रह करुंगा.किसी भी तरह यह ब्याज कामगारों को दिया जाएगा लेकिन यह कब और कैसे दिया जाएगा यह अभी सवाल है.
बता दें कि कल यानी गुरुवार को ईपीएफओ निदेशक मंडल ने यह भी फैसला किया है कि किसी सदस्य के स्थायी रूप से विकलांग होने की स्थिति में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी. ऐसी स्थिति में सदस्य का योगदान 20 वर्ष से कम रहने पर भी यह सुविधा उपलब्ध होगी. (एजेंसियों से इनपुट)
सरकार का यह ऐलान ऐसे समय आया है जब इस तरह की खबरें आ रही थीं कि वित्त मंत्रालय द्वारा श्रम मंत्रालय से ईपीएफ ब्याज दर को आधा प्रतिशत कम करने को कहा जा रहा है. न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह संगठन के न्यासियों ने दिसंबर के फैसले के अनुसार ही है.टिप्पणियां
दत्तात्रेय से पूछा गया था कि क्या वित्त मंत्रालय ब्याज दरों को कम करने का मामला बना रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है. सीबीटी ने 8.65 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है. हमारा मंत्रालय इस बारे में वित्त मंत्रालय से विचार विमर्श करता रहता है. 8.65 प्रतिशत का ब्याज देने के बाद हमारे पास 158 करोड़ रुपये का अधिशेष होगा. उन्होंने कहा कि जरूरत होने पर मैं वित्त मंत्रालय से बात करुंगा. मैंने उनसे इसे मंजूरी देने का आग्रह करुंगा.किसी भी तरह यह ब्याज कामगारों को दिया जाएगा लेकिन यह कब और कैसे दिया जाएगा यह अभी सवाल है.
बता दें कि कल यानी गुरुवार को ईपीएफओ निदेशक मंडल ने यह भी फैसला किया है कि किसी सदस्य के स्थायी रूप से विकलांग होने की स्थिति में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी. ऐसी स्थिति में सदस्य का योगदान 20 वर्ष से कम रहने पर भी यह सुविधा उपलब्ध होगी. (एजेंसियों से इनपुट)
दत्तात्रेय से पूछा गया था कि क्या वित्त मंत्रालय ब्याज दरों को कम करने का मामला बना रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है. सीबीटी ने 8.65 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है. हमारा मंत्रालय इस बारे में वित्त मंत्रालय से विचार विमर्श करता रहता है. 8.65 प्रतिशत का ब्याज देने के बाद हमारे पास 158 करोड़ रुपये का अधिशेष होगा. उन्होंने कहा कि जरूरत होने पर मैं वित्त मंत्रालय से बात करुंगा. मैंने उनसे इसे मंजूरी देने का आग्रह करुंगा.किसी भी तरह यह ब्याज कामगारों को दिया जाएगा लेकिन यह कब और कैसे दिया जाएगा यह अभी सवाल है.
बता दें कि कल यानी गुरुवार को ईपीएफओ निदेशक मंडल ने यह भी फैसला किया है कि किसी सदस्य के स्थायी रूप से विकलांग होने की स्थिति में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी. ऐसी स्थिति में सदस्य का योगदान 20 वर्ष से कम रहने पर भी यह सुविधा उपलब्ध होगी. (एजेंसियों से इनपुट)
बता दें कि कल यानी गुरुवार को ईपीएफओ निदेशक मंडल ने यह भी फैसला किया है कि किसी सदस्य के स्थायी रूप से विकलांग होने की स्थिति में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी. ऐसी स्थिति में सदस्य का योगदान 20 वर्ष से कम रहने पर भी यह सुविधा उपलब्ध होगी. (एजेंसियों से इनपुट) | खबरें थीं कि पीएफ पर ब्याज दरें कम की जा सकती हैं, इसलिए यह खबर राहत की
2016-17 के लिए उनकी भविष्य निधि जमा पर 8.65 प्रतिशत ब्याज
श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने यह जानकारी दी | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का मानना है कि उच्चतम न्यायालय ने उनकी उम्र से जुड़े विवाद का कारगर तरीके से निपटारा नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे की संभावना से इनकार किया।टिप्पणियां
उम्र विवाद पर रक्षा मंत्रालय के साथ कानूनी लड़ाई में जनरल सिंह को हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘यह कहना बेईमानी होगी कि मुझपर इस्तीफा देने का दबाव नहीं था। यहां तक कि मेरे करीबी सलाहकार भी मीडिया की व्याख्या से प्रभावित थे और हां, मैं बेहद निराश था कि उच्चतम न्यायालय ने इस मुद्दे का कारगर तरीके से निपटारा नहीं किया।’ उन्होंने कहा, ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ होने के नाते सेना और उसके कर्मियों के प्रति मेरी जिम्मेदारी है और मुझे अधूरे कार्यों को देखना है जिसे मैंने अपने लिए निर्धारित किया है। मैं तब तक नहीं छोड़ सकता जब तक कि मैंने जो शुरू किया है उसे पूरा न कर लूं। सांगठनिक हित सर्वोच्च हैं।’
जनरल सिंह ने कहा कि अनेक टिप्पणीकार इसे असैन्य-सैन्य संबंधों में तनाव के क्लासिक मामले के तौर पर देख रहे थे और उन्होंने उनके इस्तीफे की भविष्यवाणी करने के लिए जनरल केएस थिमैया के अपूर्ण इस्तीफे से तुलना की।
उम्र विवाद पर रक्षा मंत्रालय के साथ कानूनी लड़ाई में जनरल सिंह को हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘यह कहना बेईमानी होगी कि मुझपर इस्तीफा देने का दबाव नहीं था। यहां तक कि मेरे करीबी सलाहकार भी मीडिया की व्याख्या से प्रभावित थे और हां, मैं बेहद निराश था कि उच्चतम न्यायालय ने इस मुद्दे का कारगर तरीके से निपटारा नहीं किया।’ उन्होंने कहा, ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ होने के नाते सेना और उसके कर्मियों के प्रति मेरी जिम्मेदारी है और मुझे अधूरे कार्यों को देखना है जिसे मैंने अपने लिए निर्धारित किया है। मैं तब तक नहीं छोड़ सकता जब तक कि मैंने जो शुरू किया है उसे पूरा न कर लूं। सांगठनिक हित सर्वोच्च हैं।’
जनरल सिंह ने कहा कि अनेक टिप्पणीकार इसे असैन्य-सैन्य संबंधों में तनाव के क्लासिक मामले के तौर पर देख रहे थे और उन्होंने उनके इस्तीफे की भविष्यवाणी करने के लिए जनरल केएस थिमैया के अपूर्ण इस्तीफे से तुलना की।
जनरल सिंह ने कहा कि अनेक टिप्पणीकार इसे असैन्य-सैन्य संबंधों में तनाव के क्लासिक मामले के तौर पर देख रहे थे और उन्होंने उनके इस्तीफे की भविष्यवाणी करने के लिए जनरल केएस थिमैया के अपूर्ण इस्तीफे से तुलना की। | सारांश: सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का मानना है कि उच्चतम न्यायालय ने उनकी उम्र से जुड़े विवाद का कारगर तरीके से निपटारा नहीं किया है। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने हाल ही के दिनों में भारत के प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को 'नाकाबिल' बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी है... लेकिन अब भारतीय पत्रिका 'आउटलुक' ने भी अमेरिका, और अमेरिकी राष्ट्रपति से अपने प्रधानमंत्री की बेइज़्ज़ती का बदला लेते हुए बराक ओबामा को 'अंडर एचीवर' बताया है...
'आउटलुक' के 30 जुलाई को प्रकाशित होने जा रहे अंक के कवर पर बिल्कुल 'टाइम' की तरह अमेरिकी राष्ट्रपति का चित्र छापा गया है, और प्रणय शर्मा, आशीष कुमार सेन तथा सीमा सिरोही द्वारा लिखी गई कवर स्टोरी में ओबामा के चार साल के कार्यकाल का जायज़ा लेते हुए उन्हें भी 'अंडर एचीवर' कहा है...
पत्रिका ने कहा है कि बदलाव के वादे करते हुए जनता को उम्मीदें बंधाकर सत्ता में पहुंचे हुए ओबामा को चार साल हो गए हैं, और अब उनकी ज्योति और चमक जा चुकी है... पत्रिका ने सवाल उठाया है कि क्या ओबामा अपनी वाक्पटुता (अच्छा बोलने की कला) की मदद से सत्ता में वापसी कर पाएंगे, और 'टाइम' ही की तरह यह सलाह भी दी है कि अमेरिका को नए सिरे से शुरुआत करने की ज़रूरत है...टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सबसे पहले अमेरिकी पत्रिका 'टाइम' ने भारतीय प्रधानमंत्री को 'अंडर एचीवर' (फिसड्डी) कहकर सलाह दी थी कि भारत को नए सिरे से शुरुआत करने की ज़रूरत है... फिर अभी दो-चार दिन पहले ही ब्रिटिश दैनिक समाचारपत्र 'द इन्डिपेन्डेन्ट' ने भी अपने ऑनलाइन एडिशन में मनमोहन को कई विशेषण दिए... सबसे पहले उन्हें 'सोनिया'ज़ पूडल' (सोनिया का पालतू) कहा गया, फिर 'सोनिया'ज़ पपेट' (सोनिया की कठपुतली) और आखिरकार इस समाचारपत्र ने भी अपने शीर्षक में उन्हें 'अंडर एचीवर' कहकर 'टाइम' की नकल कर ली...
संयोग है कि अमेरिकी राष्ट्रपति भी अपने देशवासियों की उम्मीदों को पूरा करने में कतई नाकाम रहे हैं, और 'आउटलुक' ने इसी तरफ ध्यानाकर्षित किया है... अब ऐसी चर्चाएं ज़ोरों पर है कि क्या यह भारतीय मीडिया का 'राष्ट्रवादी पलटवार' है, और शायद 'आउटलुक' अमेरिकी पत्रिका को याद दिला रही है कि पहले वह अपने दामन में झांक ले...
'आउटलुक' के 30 जुलाई को प्रकाशित होने जा रहे अंक के कवर पर बिल्कुल 'टाइम' की तरह अमेरिकी राष्ट्रपति का चित्र छापा गया है, और प्रणय शर्मा, आशीष कुमार सेन तथा सीमा सिरोही द्वारा लिखी गई कवर स्टोरी में ओबामा के चार साल के कार्यकाल का जायज़ा लेते हुए उन्हें भी 'अंडर एचीवर' कहा है...
पत्रिका ने कहा है कि बदलाव के वादे करते हुए जनता को उम्मीदें बंधाकर सत्ता में पहुंचे हुए ओबामा को चार साल हो गए हैं, और अब उनकी ज्योति और चमक जा चुकी है... पत्रिका ने सवाल उठाया है कि क्या ओबामा अपनी वाक्पटुता (अच्छा बोलने की कला) की मदद से सत्ता में वापसी कर पाएंगे, और 'टाइम' ही की तरह यह सलाह भी दी है कि अमेरिका को नए सिरे से शुरुआत करने की ज़रूरत है...टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सबसे पहले अमेरिकी पत्रिका 'टाइम' ने भारतीय प्रधानमंत्री को 'अंडर एचीवर' (फिसड्डी) कहकर सलाह दी थी कि भारत को नए सिरे से शुरुआत करने की ज़रूरत है... फिर अभी दो-चार दिन पहले ही ब्रिटिश दैनिक समाचारपत्र 'द इन्डिपेन्डेन्ट' ने भी अपने ऑनलाइन एडिशन में मनमोहन को कई विशेषण दिए... सबसे पहले उन्हें 'सोनिया'ज़ पूडल' (सोनिया का पालतू) कहा गया, फिर 'सोनिया'ज़ पपेट' (सोनिया की कठपुतली) और आखिरकार इस समाचारपत्र ने भी अपने शीर्षक में उन्हें 'अंडर एचीवर' कहकर 'टाइम' की नकल कर ली...
संयोग है कि अमेरिकी राष्ट्रपति भी अपने देशवासियों की उम्मीदों को पूरा करने में कतई नाकाम रहे हैं, और 'आउटलुक' ने इसी तरफ ध्यानाकर्षित किया है... अब ऐसी चर्चाएं ज़ोरों पर है कि क्या यह भारतीय मीडिया का 'राष्ट्रवादी पलटवार' है, और शायद 'आउटलुक' अमेरिकी पत्रिका को याद दिला रही है कि पहले वह अपने दामन में झांक ले...
पत्रिका ने कहा है कि बदलाव के वादे करते हुए जनता को उम्मीदें बंधाकर सत्ता में पहुंचे हुए ओबामा को चार साल हो गए हैं, और अब उनकी ज्योति और चमक जा चुकी है... पत्रिका ने सवाल उठाया है कि क्या ओबामा अपनी वाक्पटुता (अच्छा बोलने की कला) की मदद से सत्ता में वापसी कर पाएंगे, और 'टाइम' ही की तरह यह सलाह भी दी है कि अमेरिका को नए सिरे से शुरुआत करने की ज़रूरत है...टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सबसे पहले अमेरिकी पत्रिका 'टाइम' ने भारतीय प्रधानमंत्री को 'अंडर एचीवर' (फिसड्डी) कहकर सलाह दी थी कि भारत को नए सिरे से शुरुआत करने की ज़रूरत है... फिर अभी दो-चार दिन पहले ही ब्रिटिश दैनिक समाचारपत्र 'द इन्डिपेन्डेन्ट' ने भी अपने ऑनलाइन एडिशन में मनमोहन को कई विशेषण दिए... सबसे पहले उन्हें 'सोनिया'ज़ पूडल' (सोनिया का पालतू) कहा गया, फिर 'सोनिया'ज़ पपेट' (सोनिया की कठपुतली) और आखिरकार इस समाचारपत्र ने भी अपने शीर्षक में उन्हें 'अंडर एचीवर' कहकर 'टाइम' की नकल कर ली...
संयोग है कि अमेरिकी राष्ट्रपति भी अपने देशवासियों की उम्मीदों को पूरा करने में कतई नाकाम रहे हैं, और 'आउटलुक' ने इसी तरफ ध्यानाकर्षित किया है... अब ऐसी चर्चाएं ज़ोरों पर है कि क्या यह भारतीय मीडिया का 'राष्ट्रवादी पलटवार' है, और शायद 'आउटलुक' अमेरिकी पत्रिका को याद दिला रही है कि पहले वह अपने दामन में झांक ले...
उल्लेखनीय है कि सबसे पहले अमेरिकी पत्रिका 'टाइम' ने भारतीय प्रधानमंत्री को 'अंडर एचीवर' (फिसड्डी) कहकर सलाह दी थी कि भारत को नए सिरे से शुरुआत करने की ज़रूरत है... फिर अभी दो-चार दिन पहले ही ब्रिटिश दैनिक समाचारपत्र 'द इन्डिपेन्डेन्ट' ने भी अपने ऑनलाइन एडिशन में मनमोहन को कई विशेषण दिए... सबसे पहले उन्हें 'सोनिया'ज़ पूडल' (सोनिया का पालतू) कहा गया, फिर 'सोनिया'ज़ पपेट' (सोनिया की कठपुतली) और आखिरकार इस समाचारपत्र ने भी अपने शीर्षक में उन्हें 'अंडर एचीवर' कहकर 'टाइम' की नकल कर ली...
संयोग है कि अमेरिकी राष्ट्रपति भी अपने देशवासियों की उम्मीदों को पूरा करने में कतई नाकाम रहे हैं, और 'आउटलुक' ने इसी तरफ ध्यानाकर्षित किया है... अब ऐसी चर्चाएं ज़ोरों पर है कि क्या यह भारतीय मीडिया का 'राष्ट्रवादी पलटवार' है, और शायद 'आउटलुक' अमेरिकी पत्रिका को याद दिला रही है कि पहले वह अपने दामन में झांक ले...
संयोग है कि अमेरिकी राष्ट्रपति भी अपने देशवासियों की उम्मीदों को पूरा करने में कतई नाकाम रहे हैं, और 'आउटलुक' ने इसी तरफ ध्यानाकर्षित किया है... अब ऐसी चर्चाएं ज़ोरों पर है कि क्या यह भारतीय मीडिया का 'राष्ट्रवादी पलटवार' है, और शायद 'आउटलुक' अमेरिकी पत्रिका को याद दिला रही है कि पहले वह अपने दामन में झांक ले... | संक्षिप्त सारांश: 'आउटलुक' ने बराक ओबामा को 'अंडर एचीवर' बताते हुए कहा है कि बदलाव के वादों के साथ सत्ता में पहुंचे हुए ओबामा को चार साल हो गए हैं, और अब उनकी ज्योति और चमक जा चुकी है... | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई की मोटरवुमेन मुमताज एम. काजी, जिन्हें तीन साल पहले एशिया का पहली महिला डीजल इंजन चालक होने का गौरव प्राप्त हुआ था, बुधवार को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें 'नारी शक्ति पुरस्कार' से सम्मानित किया. इस साल विभिन्न क्षेत्रों से सात शीर्ष महिलाओं को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
मुमताज (45) को कई तरह की रेलगाड़ियों के परिचालन में महारत हासिल है. वर्तमान में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-ठाणे खंड पर मध्य रेलवे की उपनगरीय लोकल ट्रेन को चलाती है, जो कि महिला चालक द्वारा चलाए जानेवाला अब तक का भारत का पहला और सबसे भीड़भाड़ वाला रेलवे मार्ग है.
केंद्रीय रेलवे के अधिकारी ने बताया कि एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार से आनेवाली काजी करीब 25 साल से ट्रेन इंजन की चालक रही हैं और देश की लाखों महिलाएं उनसे प्रेरणा हासिल कर रही हैं.
हालांकि यह सब उस लड़की के लिए बिल्कुल आसान नहीं था, जिसने 1989 में सांताक्रूज उपरनगर के सेठ आनंदीलाल पोद्दार हाईस्कूल से पढ़ाई की थी और रेलवे में नौकरी के लिए आवेदन किया था.
उनका विरोध करने वाला पहला व्यक्ति उनके पिता अल्लारखू इस्माइल काथवाला थे, जो एक वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी थे. लेकिन कुछ पारिवारिक मित्रों और रेल अधिकारियों ने उन्हें मुमताज को सपना पूरा करने देने के लिए मना लिया. टिप्पणियां
अब पूरा परिवार मुमताज पर गर्व करता है. वह सायन में रहती हैं. उन्होंने नंदुरबार के एक बिजली इंजीनियर मकसूद काजी से शादी की है, जिससे उनके 14 वर्षीय बेटा तौसीफ और 11 वर्षीय फतेन हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुमताज (45) को कई तरह की रेलगाड़ियों के परिचालन में महारत हासिल है. वर्तमान में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-ठाणे खंड पर मध्य रेलवे की उपनगरीय लोकल ट्रेन को चलाती है, जो कि महिला चालक द्वारा चलाए जानेवाला अब तक का भारत का पहला और सबसे भीड़भाड़ वाला रेलवे मार्ग है.
केंद्रीय रेलवे के अधिकारी ने बताया कि एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार से आनेवाली काजी करीब 25 साल से ट्रेन इंजन की चालक रही हैं और देश की लाखों महिलाएं उनसे प्रेरणा हासिल कर रही हैं.
हालांकि यह सब उस लड़की के लिए बिल्कुल आसान नहीं था, जिसने 1989 में सांताक्रूज उपरनगर के सेठ आनंदीलाल पोद्दार हाईस्कूल से पढ़ाई की थी और रेलवे में नौकरी के लिए आवेदन किया था.
उनका विरोध करने वाला पहला व्यक्ति उनके पिता अल्लारखू इस्माइल काथवाला थे, जो एक वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी थे. लेकिन कुछ पारिवारिक मित्रों और रेल अधिकारियों ने उन्हें मुमताज को सपना पूरा करने देने के लिए मना लिया. टिप्पणियां
अब पूरा परिवार मुमताज पर गर्व करता है. वह सायन में रहती हैं. उन्होंने नंदुरबार के एक बिजली इंजीनियर मकसूद काजी से शादी की है, जिससे उनके 14 वर्षीय बेटा तौसीफ और 11 वर्षीय फतेन हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय रेलवे के अधिकारी ने बताया कि एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार से आनेवाली काजी करीब 25 साल से ट्रेन इंजन की चालक रही हैं और देश की लाखों महिलाएं उनसे प्रेरणा हासिल कर रही हैं.
हालांकि यह सब उस लड़की के लिए बिल्कुल आसान नहीं था, जिसने 1989 में सांताक्रूज उपरनगर के सेठ आनंदीलाल पोद्दार हाईस्कूल से पढ़ाई की थी और रेलवे में नौकरी के लिए आवेदन किया था.
उनका विरोध करने वाला पहला व्यक्ति उनके पिता अल्लारखू इस्माइल काथवाला थे, जो एक वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी थे. लेकिन कुछ पारिवारिक मित्रों और रेल अधिकारियों ने उन्हें मुमताज को सपना पूरा करने देने के लिए मना लिया. टिप्पणियां
अब पूरा परिवार मुमताज पर गर्व करता है. वह सायन में रहती हैं. उन्होंने नंदुरबार के एक बिजली इंजीनियर मकसूद काजी से शादी की है, जिससे उनके 14 वर्षीय बेटा तौसीफ और 11 वर्षीय फतेन हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि यह सब उस लड़की के लिए बिल्कुल आसान नहीं था, जिसने 1989 में सांताक्रूज उपरनगर के सेठ आनंदीलाल पोद्दार हाईस्कूल से पढ़ाई की थी और रेलवे में नौकरी के लिए आवेदन किया था.
उनका विरोध करने वाला पहला व्यक्ति उनके पिता अल्लारखू इस्माइल काथवाला थे, जो एक वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी थे. लेकिन कुछ पारिवारिक मित्रों और रेल अधिकारियों ने उन्हें मुमताज को सपना पूरा करने देने के लिए मना लिया. टिप्पणियां
अब पूरा परिवार मुमताज पर गर्व करता है. वह सायन में रहती हैं. उन्होंने नंदुरबार के एक बिजली इंजीनियर मकसूद काजी से शादी की है, जिससे उनके 14 वर्षीय बेटा तौसीफ और 11 वर्षीय फतेन हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उनका विरोध करने वाला पहला व्यक्ति उनके पिता अल्लारखू इस्माइल काथवाला थे, जो एक वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी थे. लेकिन कुछ पारिवारिक मित्रों और रेल अधिकारियों ने उन्हें मुमताज को सपना पूरा करने देने के लिए मना लिया. टिप्पणियां
अब पूरा परिवार मुमताज पर गर्व करता है. वह सायन में रहती हैं. उन्होंने नंदुरबार के एक बिजली इंजीनियर मकसूद काजी से शादी की है, जिससे उनके 14 वर्षीय बेटा तौसीफ और 11 वर्षीय फतेन हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अब पूरा परिवार मुमताज पर गर्व करता है. वह सायन में रहती हैं. उन्होंने नंदुरबार के एक बिजली इंजीनियर मकसूद काजी से शादी की है, जिससे उनके 14 वर्षीय बेटा तौसीफ और 11 वर्षीय फतेन हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुमताज 25 साल से ट्रेन की ड्राइवर हैं.
सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले रेलवे मार्ग पर ट्रेन चलाती हैं मुमताज.
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने मुमताज को 'नारी शक्ति पुरस्कार' दिया. | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गोवा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर मंच से नोटबंदी के फैसले पर अपनी बात रखी. इस मौके पर वह कई दफे भावुक होते नज़र आए और भाषण के अंत तक उनकी आंखों से आंसू भी झलक आए. 500 और 1000 के नोट बंद होने पर जनता को होने वाली असुविधा की बात करते हुए पीएम मोदी ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने भी गरीबी देखी है और वह परेशानी को समझ सकते हैं. पीएम मोदी ने कहा 'किसी को तकलीफें होती है तो मुझे भी होती है. मैंने बुराइयों को निकट से देखा है. देश के लिए मैंने अपना घर परिवार छोड़ा है, अपना सब कुछ देश के नाम कर दिया है.'
आगे अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा 'मैंने देश से सिर्फ पचास दिन मांगे है, 30 दिसंबर तक का वक्त दीजिए. उसके बाद अगर मेरी कोई गलती निकल जाए, गलत इरादे निकल जाए, कोई कमी रह जाए तो जिस चौराहे पर खड़ा करेंगे खड़ा होकर, देश जो सजा देगा उसे भुगतने के लिए तैयार हूं.'टिप्पणियां
हालांकि भाषण के बीच पीएम का मज़ाकिया अंदाज़ भी दिखाई दिया और सभागार तालियों से गूंज उठा जब उन्होंने कहा कि 'कई लोग चेहरे पर हंसी दिखा रहे हैं, कह रहे हैं कि मोदी जी ने अच्छा किया. लेकिन फिर दूसरे ही पल किसी दोस्त को फोन करके पूछ रहे हैं कि कोई रास्ता है क्या. मोदीजी ने तो सारे रास्ते बंद कर दिए हैं. भिखारी भी मना कर रहा है कि हज़ार का नोट नहीं चाहिए.'
भाषण के अंत में जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री के आंखों से आंसू बहने लगे और उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह अंत नहीं है. भ्रष्टाचार बंद करने के लिए मेरे दिमाग में और भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं. ईमानदारी के काम में मेरा साथ दीजिए.' उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि 'मैं जानता हूं मैंने कैसी कैसी ताकतों से लड़ाई मोल ले ली है. जानता हूं कैसे लोग मेरे खिलाफ हो जाएंगे. मुझे ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे, मुझे बर्बाद कर देंगे. लेकिन मैं हार नहीं मानूंगा. आप सिर्फ 50 दिन मेरी मदद करें. मेरा साथ दें.'
आगे अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा 'मैंने देश से सिर्फ पचास दिन मांगे है, 30 दिसंबर तक का वक्त दीजिए. उसके बाद अगर मेरी कोई गलती निकल जाए, गलत इरादे निकल जाए, कोई कमी रह जाए तो जिस चौराहे पर खड़ा करेंगे खड़ा होकर, देश जो सजा देगा उसे भुगतने के लिए तैयार हूं.'टिप्पणियां
हालांकि भाषण के बीच पीएम का मज़ाकिया अंदाज़ भी दिखाई दिया और सभागार तालियों से गूंज उठा जब उन्होंने कहा कि 'कई लोग चेहरे पर हंसी दिखा रहे हैं, कह रहे हैं कि मोदी जी ने अच्छा किया. लेकिन फिर दूसरे ही पल किसी दोस्त को फोन करके पूछ रहे हैं कि कोई रास्ता है क्या. मोदीजी ने तो सारे रास्ते बंद कर दिए हैं. भिखारी भी मना कर रहा है कि हज़ार का नोट नहीं चाहिए.'
भाषण के अंत में जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री के आंखों से आंसू बहने लगे और उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह अंत नहीं है. भ्रष्टाचार बंद करने के लिए मेरे दिमाग में और भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं. ईमानदारी के काम में मेरा साथ दीजिए.' उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि 'मैं जानता हूं मैंने कैसी कैसी ताकतों से लड़ाई मोल ले ली है. जानता हूं कैसे लोग मेरे खिलाफ हो जाएंगे. मुझे ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे, मुझे बर्बाद कर देंगे. लेकिन मैं हार नहीं मानूंगा. आप सिर्फ 50 दिन मेरी मदद करें. मेरा साथ दें.'
हालांकि भाषण के बीच पीएम का मज़ाकिया अंदाज़ भी दिखाई दिया और सभागार तालियों से गूंज उठा जब उन्होंने कहा कि 'कई लोग चेहरे पर हंसी दिखा रहे हैं, कह रहे हैं कि मोदी जी ने अच्छा किया. लेकिन फिर दूसरे ही पल किसी दोस्त को फोन करके पूछ रहे हैं कि कोई रास्ता है क्या. मोदीजी ने तो सारे रास्ते बंद कर दिए हैं. भिखारी भी मना कर रहा है कि हज़ार का नोट नहीं चाहिए.'
भाषण के अंत में जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री के आंखों से आंसू बहने लगे और उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह अंत नहीं है. भ्रष्टाचार बंद करने के लिए मेरे दिमाग में और भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं. ईमानदारी के काम में मेरा साथ दीजिए.' उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि 'मैं जानता हूं मैंने कैसी कैसी ताकतों से लड़ाई मोल ले ली है. जानता हूं कैसे लोग मेरे खिलाफ हो जाएंगे. मुझे ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे, मुझे बर्बाद कर देंगे. लेकिन मैं हार नहीं मानूंगा. आप सिर्फ 50 दिन मेरी मदद करें. मेरा साथ दें.'
भाषण के अंत में जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री के आंखों से आंसू बहने लगे और उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह अंत नहीं है. भ्रष्टाचार बंद करने के लिए मेरे दिमाग में और भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं. ईमानदारी के काम में मेरा साथ दीजिए.' उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि 'मैं जानता हूं मैंने कैसी कैसी ताकतों से लड़ाई मोल ले ली है. जानता हूं कैसे लोग मेरे खिलाफ हो जाएंगे. मुझे ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे, मुझे बर्बाद कर देंगे. लेकिन मैं हार नहीं मानूंगा. आप सिर्फ 50 दिन मेरी मदद करें. मेरा साथ दें.' | यह एक सारांश है: पीएम मोदी ने कहा कि कई लोग उन्हें नहीं छोड़ने वाले हैं
उन्होंने अपील की है कि सिर्फ पचास दिन का वक्त सरकार को दिया जाए
उन्होंने कहा कि मेरी गलती निकले तो सज़ा के लिए तैयार हूं | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शाहरुख खान अपने इंस्टाग्राम पेज पर भी एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वे केकेआर के फैन्स को टीम को सपोर्ट करने के लिए कह रहे हैं. इस साल टूर्नामेंट केकेआर की कप्तानी दिनेश कार्तिक के हाथों में रहेगी. अभी तक गौतम गंभीर टीम के कप्तान हुआ करते थे, और उन्होंने केकेआर को जबरदस्त सफलता दिलाई है. वैसे भी शाहरुख खान अपनी टीम के मैचों के दौरान मैदान में मौजूद रहते हैं, और उनकी हौसलाअफजाई करते हैं. उनके साथ अबराम भी नजर आते हैं. टिप्पणियां
बॉलीवुड के दिग्गज सितारे वरुण धवन, जैकलीन फर्नांडिस और ऋतिक रोशन आईपीएल की ओपनिंग सेरेमनी में अपने डांस के जलवे दिखाएंगे. खबरों के मुताबिक, वरुण धवन को डांस के लिए लगभग छह करोड़ रु. दिए गए हैं.
बॉलीवुड के दिग्गज सितारे वरुण धवन, जैकलीन फर्नांडिस और ऋतिक रोशन आईपीएल की ओपनिंग सेरेमनी में अपने डांस के जलवे दिखाएंगे. खबरों के मुताबिक, वरुण धवन को डांस के लिए लगभग छह करोड़ रु. दिए गए हैं.
बॉलीवुड के दिग्गज सितारे वरुण धवन, जैकलीन फर्नांडिस और ऋतिक रोशन आईपीएल की ओपनिंग सेरेमनी में अपने डांस के जलवे दिखाएंगे. खबरों के मुताबिक, वरुण धवन को डांस के लिए लगभग छह करोड़ रु. दिए गए हैं. | संक्षिप्त पाठ: इंस्टाग्राम पेज पर भी एक वीडियो पोस्ट किया
केकेआर के फैन्स को टीम को सपोर्ट करने के लिए कह रहे हैं
केकेआर की कप्तानी दिनेश कार्तिक के हाथों में रहेगी. | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत दर्ज की. उत्तर प्रदेश में भी पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा और 62 सीटों पर कब्जा जमाया. यूपी से पार्टी के सभी दिग्गज नेता लोकसभा में पहुंचने में कामयाब रहे, लेकिन तमाम दिग्गजों की जीत से ज्यादा चर्चा एनडीए-1 की सरकार में मंत्री रहे मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) की हार की हुई. प्रचार के दौरान वाराणसी में पीएम मोदी ने कहा था कि चुनाव में 'केमिस्ट्री के आगे गणित' फेल हो जाता है, लेकिन वाराणसी से सटे गाजीपुर में यह केमिस्ट्री काम नहीं आई और गणित भारी पड़ गया. बीजेपी बड़े अंतर से गाजीपुर की सीट गठबंधन के हाथों हार गई. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सटी 4 लोकसभा सीटें हैं. पूरब में चंदौली, पश्चिम में मछली शहर, दक्षिण में मिर्जापुर और उत्तर में गाजीपुर. इस बार लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इनमें से तीन सीटों पर जीत हासिल की, लेकिन गाजीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा.
बीजेपी के कद्दावर नेता मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) गठबंधन के बसपा उम्मीदवार अफजाल अंसारी से 119,392 मतों से चुनाव हार गए. दरअसल, गाजीपुर सीट पर गठबंधन का गणित इतना मजबूत था कि भाजपा की केमिस्ट्री उसे तोड़ नहीं पाई. हालांकि केमिस्ट्री ने अपना काम किया, मगर वह उतनी कारगर नहीं थी कि जीत दिला पाती. गाजीपुर में लगभग 4 लाख यादव, इतने ही दलित, डेढ़ लाख मुसलमान, 3 लाख अन्य ओबीसी जातियां, 2 लाख क्षत्रिय, 55 हजार भूमिहार और एक लाख बाकी सवर्ण जातियां हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो यह सीट मनोज सिन्हा के लिए मुफीद नहीं थी. 2014 के चुनाव में भी मनोज सिन्हा सपा प्रत्याशी शिवकन्या कुशवाहा को महज 32,452 मतों से ही पराजित कर पाए थे. 2014 में मनोज सिन्हा को कुल 306,929 वोट मिले थे. तब सपा और बसपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था. बसपा उम्मीदवार कैलाश यादव को 2,41,645 मत मिले थे. इस बार सपा-बसपा मिलकर चुनाव लड़ीं और इस गणित के आगे सिन्हा पहले ही चुनाव हार गए थे. | गाजीपुर में काम नहीं आई बीजेपी की रणनीति
कद्दावर नेता मनोज सिन्हा को हार का सामना करना पड़ा
पिछली सरकार में मंत्री थे मनोज सिन्हा | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शबरीमाला अयप्पा मंदिर से लौट रहे कम से कम 102 श्रद्धालुओं की भगदड़ में मौत हो गई। कम से कम 100 अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। केरल के इडुक्की जिले में हुई इस घटना में श्रद्धालुओं के बीच एक जीप घुस गई, जिससे भगदड़ मची। जिला प्रशासन के सूत्रों ने कहा कि प्रदेश की राजधानी से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर दुर्घटना तब हुई जब कुछ श्रद्धालुओं को ले जा रही जीप मकर संक्राति पूजा से लौट रहे श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच जा घुसी। उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस ने कहा कि जीप जब पलट गई तो लोगों में भगदड़ मच गई और वे इधर-उधर भागने लगे। कई घायलों को नजदीक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राज्य के गृह मंत्री कोडियारी बालाकृष्णन ने पुलिस महानिदेशक सहित शीर्ष पुलिस अधिकारियों को घटनास्थल की ओर रवाना होने का आदेश दिया है। हादसे में मरने वाले ज्यादातर श्रद्धालु तमिलनाडु के थे। वे शबरीमाला मंदिर का दर्शन करने के बाद पोंगल का त्योहार मनाने के लिए अपने घरों को लौट रहे थे। दुर्घटनास्थल शबरीमाला से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर है। शुरुआती आकलन के अनुसार करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु इस मार्ग से अपने घर के लिए रवाना हुए। भारी यातायात और इलाके में संकरी सड़क होने के कारण राहत अभियान में देरी हो रही है। मकर संक्राति पूजा के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर में आते हैं जो भगवान अयप्पा मंदिर में दो महीने की तीर्थयात्रा का अंतिम चरण माना जाता है। वे मकर ज्योति के बाद लौट रहे थे। श्रद्धालु इसे दैवीय ज्योति के तौर पर मानते हैं। पवित्र आभूषण तिरुवभारनम से भगवान की मूर्ति को पहनाकर आरती से पहले गर्भ गृह में लाया जाता है और फिर उनकी पूजा की जाती है।(इनपुट एजेंसियों से भी) | यहाँ एक सारांश है:केरल के इडुक्की जिले में शबरीमाला मंदिर का दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं में से कम से कम 102 लोगों की भगदड़ में मौत हो गई है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस हफ्ते रिलीज़ हुई है नीरज पांडे की फिल्म 'स्पेशल 26', जिसमें मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं अक्षय कुमार, मनोज वाजपेयी, अनुपम खेर, जिमी शेरगिल, दिव्या दत्ता और काजल अग्रवाल ने... 'स्पेशल 26' वर्ष 1987 में घटी सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जब मौन सिंह नाम के एक शख्स ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर नकली सीबीआई अफसर बनकर देश के कई शहरों में रेड डाली थी और करोड़ों का माल लेकर चंपत हो गया था... फिल्म में भी अजय, यानि अक्षय कुमार अपनी टीम के साथ कुछ ऐसी ही फर्जी रेड डालते हैं और असली सीबीआई अफसर वसीम, यानि मनोज वाजपेयी को चकमा देते रहते हैं...टिप्पणियां
नीरज पांडे अच्छे निर्देशक हैं, यह बात उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म 'ए वेडनसडे' में साबित कर दी थी, और अब 'स्पेशल 26' में भी कहानी को वास्तविकता के करीब रखकर उन्होंने अक्लमंदी का काम किया है, लेकिन कुछ दिक्कत फिल्म की कहानी में है... दरअसल, आपको पहले से पता होगा कि कहानी नकली सीबीआई अफसरों और उनके द्वारा लूटे गए लोगों से जुड़ी है, इसलिए फिल्म के पहले हिस्से में सिर्फ और सिर्फ यही दिखाई देगा कि किस सफाई से अक्षय और अनुपम लोगों को बेवकूफ बनाते हैं... इस दौरान कहीं भी ऐसा कोई हाई-प्वाइंट नहीं आता, जहां आप 'वाह' कह उठें... वैसे फिल्म कुछ जगह आपके चेहरे पर मुस्कुराहट ले आती है...
अनुपम का अभिनय अच्छा है, अक्षय ने भी ठीक काम किया है, लेकिन अभिनय के मैदान में एक बार फिर बाज़ी मारी है मनोज वाजपेयी ने... जिमी शेरगिल और दिव्या दत्ता ने अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है, लेकिन फिल्म की हीरोइन काजल और उनका किरदार अगर फिल्म में नहीं भी होता, तो कोई खास फर्क नहीं पड़ता... नीरज शायद समर्शियल सिनेमा के दबाव के आगे झुक गए... खैर, फिल्म का क्लाइमैक्स आपको वाकई चौंका देगा... फिल्म का बैकग्राउंड म्यूज़िक भी दमदार है... कुल मिलाकर देखने लायक फिल्म है 'स्पेशल 26', और इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है - 3 स्टार...
नीरज पांडे अच्छे निर्देशक हैं, यह बात उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म 'ए वेडनसडे' में साबित कर दी थी, और अब 'स्पेशल 26' में भी कहानी को वास्तविकता के करीब रखकर उन्होंने अक्लमंदी का काम किया है, लेकिन कुछ दिक्कत फिल्म की कहानी में है... दरअसल, आपको पहले से पता होगा कि कहानी नकली सीबीआई अफसरों और उनके द्वारा लूटे गए लोगों से जुड़ी है, इसलिए फिल्म के पहले हिस्से में सिर्फ और सिर्फ यही दिखाई देगा कि किस सफाई से अक्षय और अनुपम लोगों को बेवकूफ बनाते हैं... इस दौरान कहीं भी ऐसा कोई हाई-प्वाइंट नहीं आता, जहां आप 'वाह' कह उठें... वैसे फिल्म कुछ जगह आपके चेहरे पर मुस्कुराहट ले आती है...
अनुपम का अभिनय अच्छा है, अक्षय ने भी ठीक काम किया है, लेकिन अभिनय के मैदान में एक बार फिर बाज़ी मारी है मनोज वाजपेयी ने... जिमी शेरगिल और दिव्या दत्ता ने अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है, लेकिन फिल्म की हीरोइन काजल और उनका किरदार अगर फिल्म में नहीं भी होता, तो कोई खास फर्क नहीं पड़ता... नीरज शायद समर्शियल सिनेमा के दबाव के आगे झुक गए... खैर, फिल्म का क्लाइमैक्स आपको वाकई चौंका देगा... फिल्म का बैकग्राउंड म्यूज़िक भी दमदार है... कुल मिलाकर देखने लायक फिल्म है 'स्पेशल 26', और इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है - 3 स्टार...
अनुपम का अभिनय अच्छा है, अक्षय ने भी ठीक काम किया है, लेकिन अभिनय के मैदान में एक बार फिर बाज़ी मारी है मनोज वाजपेयी ने... जिमी शेरगिल और दिव्या दत्ता ने अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है, लेकिन फिल्म की हीरोइन काजल और उनका किरदार अगर फिल्म में नहीं भी होता, तो कोई खास फर्क नहीं पड़ता... नीरज शायद समर्शियल सिनेमा के दबाव के आगे झुक गए... खैर, फिल्म का क्लाइमैक्स आपको वाकई चौंका देगा... फिल्म का बैकग्राउंड म्यूज़िक भी दमदार है... कुल मिलाकर देखने लायक फिल्म है 'स्पेशल 26', और इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है - 3 स्टार... | संक्षिप्त पाठ: अनुपम का अभिनय अच्छा है, अक्षय ने भी ठीक काम किया है, लेकिन बाज़ी मारी है मनोज वाजपेयी ने... जिमी शेरगिल और दिव्या दत्ता ने किरदारों के साथ न्याय किया है, लेकिन काजल अग्रवाल का किरदार अगर नहीं होता, तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता... | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्मार्टफोन वर्ग में एप्पल और सैमसंग से मिल रही टक्कर और अपनी बाजार हिस्सेदारी घटने से चिंतित मोबाइल फोन कंपनी नोकिया ने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ दो नए फोन लॉन्च किए हैं, जिनकी कीमत 19,000 रुपये से 29,000 रुपये के बीच है। भारतीय बाजार में फिर से अपना दबदबा बनाने की कोशिश के तहत कंपनी ने मोबाइल फोन की एक नई सीरीज आशा की भी घोषणा की, जिसकी कीमत 4,100 रुपये से 8,000 रुपये के बीच है। नोकिया के अध्यक्ष एवं सीईओ स्टीफन इलोप ने नोकिया वर्ल्ड में नई सीरीज को प्रदर्शित करते हुए कहा, लंदन में आठ महीने पहले, हमने नोकिया के लिए एक नई दिशा का खाका तैयार किया था, जिसमें स्मार्टफोन प्लेटफॉर्म को विंडोज की ओर ले जाने का निर्णय किया गया था। तब से हमने प्लेटफार्म में व्यापक बदलाव किया है और हम जीतने के लिए खेल रहे हैं, जिसमें हमारा ध्यान मुख्यतौर पर उभरते बाजारों पर है जहां हम लोगों को उनके मोबाइल के जरिए इंटरनेट से जोड़ रहे हैं। नोकिया ने यहां चल रहे नोकिया वर्ल्ड 2011 में पहली बार फोन के छह नए मॉडल प्रदर्शित किए हैं, जिसमें आशा सीरीज के चार मॉडल शामिल हैं, जिनकी कीमत 60 यूरो (करीब 4,100 रुपये) से 115 यूरो (करीब 8,000 रुपये) के बीच है। इसके अलावा, कंपनी ने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ दो नए स्मार्टफोन ल्युमिना.800 और ल्युमिना.710 भी पेश किए, जिनकी कीमत क्रमश: 420 यूरो (करीब 29,000 रुपये) और 270 यूरो (करीब 19,000 रुपये) है। | यह एक सारांश है: नोकिया ने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ दो नए फोन लॉन्च किए हैं, जिनकी कीमत 19,000 रुपये से 29,000 रुपये के बीच है। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में जबरन धर्मांतरण, फिरौती, लड़कियों के अपहरण और अन्य सामाजिक तथा आर्थिक प्रताड़ना से तंग होकर वहां से पलायन कर भारत आ रहे लोगों का कहना है कि वहां सामाजिक स्तर पर हिन्दुओं की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है और यह भी सच्चाई है कि उनके बच्चों के साथ वहां के स्कूलों में भी भेदभाव किया जाता है।
पलायन कर अथवा सम्बंधियों से मिलने जालंधर आने वाले लोगों का और उनके बच्चों का कहना है कि पाकिस्तान के स्कूलों में भी उनके साथ भेदभाव होता है। उन्हें अलग बैठने को मजबूर किया जाता है। कक्षा के अन्य छात्रों के साथ उनके मिलने-जुलने पर प्रतिबंध है।
बच्चों का आरोप है कि कई बार तो स्कूल के अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ने वाले हिन्दू बच्चों को एक ही कक्षा में बिठा दिया जाता है। हाल ही में बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी हिन्दू परिवार वाघा सीमा से होकर भारत आए थे। उनमें से अधिकतर पर्यटन वीजा पर यहां आए थे और देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अपने-अपने सम्बंधियों से मिलने चले गए।
हाल ही में कुछ परिवार खन्ना जाने के क्रम में जालंधर में अपने किसी मित्र से मिलने के लिए रुके थे। सिंध से आए इन लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, ‘‘मुझे वापस जाना है। उन्हें अगर पता चला कि मैंने कुछ बोला है तो हम लोगों का जीना वहां मुहाल हो जाएगा। हालांकि, हम पहले से नारकीय जीवन वहां गुजार ही रहे हैं।’’
इन परिवारों में छठीं कक्षा की छात्रा सविता ने बताया, ‘‘हमें अलग कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाया जाता है। वह (शिक्षक) कहते हैं कि यह स्कूल पहले दूसरे बच्चों (मुस्लिम बच्चों) का है। उसके बाद जगह मिली तो यहां बैठ जाओ अन्यथा दूसरे कमरे में जाओ।’’
सविता का यह भी कहना है, ‘‘हमें वहां अन्य लोगों से बातचीत करने की इजाजत नहीं है। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बिठाकर पढ़ाया जाता है। शिक्षक और दूसरे सहपाठी भी कहते हैं कि तुम लोग अलग कमरों में बैठो। हमारे साथ तुम लोग नहीं बैठ सकते।’’
सविता की मां ने कहा, ‘‘किस दिन मेरी बेटी का वहां अपहरण हो जाए इसका पता नहीं। पाक में भारत की तरह अन्य धर्मों के बारे में नहीं बताया जाता है। हम अगर आपस में भी इस पर चर्चा करते हैं तो हमें धमकी मिलती है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होना सबसे बड़ा पाप है और नरक भोगने के समान है।’’टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों के अपहरण, कम उम्र में जबरन निकाह और जबरिया धर्म परिवर्तन वहां आम है। न तो स्थानीय और न ही राष्ट्रीय सरकार को इससे कोई लेना-देना है। वहां अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं है।
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता रजत कुमार मोहिंद्रू ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर केंद्र सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए। उनके साथ सरासर अन्याय हो रहा है। अगर बांग्लादेश के मुसलमानों के लिए केंद्र सब कुछ कर सकता है तो पाक से आए हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं।’’
पलायन कर अथवा सम्बंधियों से मिलने जालंधर आने वाले लोगों का और उनके बच्चों का कहना है कि पाकिस्तान के स्कूलों में भी उनके साथ भेदभाव होता है। उन्हें अलग बैठने को मजबूर किया जाता है। कक्षा के अन्य छात्रों के साथ उनके मिलने-जुलने पर प्रतिबंध है।
बच्चों का आरोप है कि कई बार तो स्कूल के अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ने वाले हिन्दू बच्चों को एक ही कक्षा में बिठा दिया जाता है। हाल ही में बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी हिन्दू परिवार वाघा सीमा से होकर भारत आए थे। उनमें से अधिकतर पर्यटन वीजा पर यहां आए थे और देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अपने-अपने सम्बंधियों से मिलने चले गए।
हाल ही में कुछ परिवार खन्ना जाने के क्रम में जालंधर में अपने किसी मित्र से मिलने के लिए रुके थे। सिंध से आए इन लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, ‘‘मुझे वापस जाना है। उन्हें अगर पता चला कि मैंने कुछ बोला है तो हम लोगों का जीना वहां मुहाल हो जाएगा। हालांकि, हम पहले से नारकीय जीवन वहां गुजार ही रहे हैं।’’
इन परिवारों में छठीं कक्षा की छात्रा सविता ने बताया, ‘‘हमें अलग कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाया जाता है। वह (शिक्षक) कहते हैं कि यह स्कूल पहले दूसरे बच्चों (मुस्लिम बच्चों) का है। उसके बाद जगह मिली तो यहां बैठ जाओ अन्यथा दूसरे कमरे में जाओ।’’
सविता का यह भी कहना है, ‘‘हमें वहां अन्य लोगों से बातचीत करने की इजाजत नहीं है। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बिठाकर पढ़ाया जाता है। शिक्षक और दूसरे सहपाठी भी कहते हैं कि तुम लोग अलग कमरों में बैठो। हमारे साथ तुम लोग नहीं बैठ सकते।’’
सविता की मां ने कहा, ‘‘किस दिन मेरी बेटी का वहां अपहरण हो जाए इसका पता नहीं। पाक में भारत की तरह अन्य धर्मों के बारे में नहीं बताया जाता है। हम अगर आपस में भी इस पर चर्चा करते हैं तो हमें धमकी मिलती है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होना सबसे बड़ा पाप है और नरक भोगने के समान है।’’टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों के अपहरण, कम उम्र में जबरन निकाह और जबरिया धर्म परिवर्तन वहां आम है। न तो स्थानीय और न ही राष्ट्रीय सरकार को इससे कोई लेना-देना है। वहां अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं है।
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता रजत कुमार मोहिंद्रू ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर केंद्र सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए। उनके साथ सरासर अन्याय हो रहा है। अगर बांग्लादेश के मुसलमानों के लिए केंद्र सब कुछ कर सकता है तो पाक से आए हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं।’’
बच्चों का आरोप है कि कई बार तो स्कूल के अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ने वाले हिन्दू बच्चों को एक ही कक्षा में बिठा दिया जाता है। हाल ही में बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी हिन्दू परिवार वाघा सीमा से होकर भारत आए थे। उनमें से अधिकतर पर्यटन वीजा पर यहां आए थे और देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अपने-अपने सम्बंधियों से मिलने चले गए।
हाल ही में कुछ परिवार खन्ना जाने के क्रम में जालंधर में अपने किसी मित्र से मिलने के लिए रुके थे। सिंध से आए इन लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, ‘‘मुझे वापस जाना है। उन्हें अगर पता चला कि मैंने कुछ बोला है तो हम लोगों का जीना वहां मुहाल हो जाएगा। हालांकि, हम पहले से नारकीय जीवन वहां गुजार ही रहे हैं।’’
इन परिवारों में छठीं कक्षा की छात्रा सविता ने बताया, ‘‘हमें अलग कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाया जाता है। वह (शिक्षक) कहते हैं कि यह स्कूल पहले दूसरे बच्चों (मुस्लिम बच्चों) का है। उसके बाद जगह मिली तो यहां बैठ जाओ अन्यथा दूसरे कमरे में जाओ।’’
सविता का यह भी कहना है, ‘‘हमें वहां अन्य लोगों से बातचीत करने की इजाजत नहीं है। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बिठाकर पढ़ाया जाता है। शिक्षक और दूसरे सहपाठी भी कहते हैं कि तुम लोग अलग कमरों में बैठो। हमारे साथ तुम लोग नहीं बैठ सकते।’’
सविता की मां ने कहा, ‘‘किस दिन मेरी बेटी का वहां अपहरण हो जाए इसका पता नहीं। पाक में भारत की तरह अन्य धर्मों के बारे में नहीं बताया जाता है। हम अगर आपस में भी इस पर चर्चा करते हैं तो हमें धमकी मिलती है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होना सबसे बड़ा पाप है और नरक भोगने के समान है।’’टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों के अपहरण, कम उम्र में जबरन निकाह और जबरिया धर्म परिवर्तन वहां आम है। न तो स्थानीय और न ही राष्ट्रीय सरकार को इससे कोई लेना-देना है। वहां अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं है।
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता रजत कुमार मोहिंद्रू ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर केंद्र सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए। उनके साथ सरासर अन्याय हो रहा है। अगर बांग्लादेश के मुसलमानों के लिए केंद्र सब कुछ कर सकता है तो पाक से आए हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं।’’
हाल ही में कुछ परिवार खन्ना जाने के क्रम में जालंधर में अपने किसी मित्र से मिलने के लिए रुके थे। सिंध से आए इन लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, ‘‘मुझे वापस जाना है। उन्हें अगर पता चला कि मैंने कुछ बोला है तो हम लोगों का जीना वहां मुहाल हो जाएगा। हालांकि, हम पहले से नारकीय जीवन वहां गुजार ही रहे हैं।’’
इन परिवारों में छठीं कक्षा की छात्रा सविता ने बताया, ‘‘हमें अलग कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाया जाता है। वह (शिक्षक) कहते हैं कि यह स्कूल पहले दूसरे बच्चों (मुस्लिम बच्चों) का है। उसके बाद जगह मिली तो यहां बैठ जाओ अन्यथा दूसरे कमरे में जाओ।’’
सविता का यह भी कहना है, ‘‘हमें वहां अन्य लोगों से बातचीत करने की इजाजत नहीं है। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बिठाकर पढ़ाया जाता है। शिक्षक और दूसरे सहपाठी भी कहते हैं कि तुम लोग अलग कमरों में बैठो। हमारे साथ तुम लोग नहीं बैठ सकते।’’
सविता की मां ने कहा, ‘‘किस दिन मेरी बेटी का वहां अपहरण हो जाए इसका पता नहीं। पाक में भारत की तरह अन्य धर्मों के बारे में नहीं बताया जाता है। हम अगर आपस में भी इस पर चर्चा करते हैं तो हमें धमकी मिलती है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होना सबसे बड़ा पाप है और नरक भोगने के समान है।’’टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों के अपहरण, कम उम्र में जबरन निकाह और जबरिया धर्म परिवर्तन वहां आम है। न तो स्थानीय और न ही राष्ट्रीय सरकार को इससे कोई लेना-देना है। वहां अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं है।
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता रजत कुमार मोहिंद्रू ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर केंद्र सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए। उनके साथ सरासर अन्याय हो रहा है। अगर बांग्लादेश के मुसलमानों के लिए केंद्र सब कुछ कर सकता है तो पाक से आए हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं।’’
इन परिवारों में छठीं कक्षा की छात्रा सविता ने बताया, ‘‘हमें अलग कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाया जाता है। वह (शिक्षक) कहते हैं कि यह स्कूल पहले दूसरे बच्चों (मुस्लिम बच्चों) का है। उसके बाद जगह मिली तो यहां बैठ जाओ अन्यथा दूसरे कमरे में जाओ।’’
सविता का यह भी कहना है, ‘‘हमें वहां अन्य लोगों से बातचीत करने की इजाजत नहीं है। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बिठाकर पढ़ाया जाता है। शिक्षक और दूसरे सहपाठी भी कहते हैं कि तुम लोग अलग कमरों में बैठो। हमारे साथ तुम लोग नहीं बैठ सकते।’’
सविता की मां ने कहा, ‘‘किस दिन मेरी बेटी का वहां अपहरण हो जाए इसका पता नहीं। पाक में भारत की तरह अन्य धर्मों के बारे में नहीं बताया जाता है। हम अगर आपस में भी इस पर चर्चा करते हैं तो हमें धमकी मिलती है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होना सबसे बड़ा पाप है और नरक भोगने के समान है।’’टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों के अपहरण, कम उम्र में जबरन निकाह और जबरिया धर्म परिवर्तन वहां आम है। न तो स्थानीय और न ही राष्ट्रीय सरकार को इससे कोई लेना-देना है। वहां अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं है।
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता रजत कुमार मोहिंद्रू ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर केंद्र सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए। उनके साथ सरासर अन्याय हो रहा है। अगर बांग्लादेश के मुसलमानों के लिए केंद्र सब कुछ कर सकता है तो पाक से आए हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं।’’
सविता का यह भी कहना है, ‘‘हमें वहां अन्य लोगों से बातचीत करने की इजाजत नहीं है। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बिठाकर पढ़ाया जाता है। शिक्षक और दूसरे सहपाठी भी कहते हैं कि तुम लोग अलग कमरों में बैठो। हमारे साथ तुम लोग नहीं बैठ सकते।’’
सविता की मां ने कहा, ‘‘किस दिन मेरी बेटी का वहां अपहरण हो जाए इसका पता नहीं। पाक में भारत की तरह अन्य धर्मों के बारे में नहीं बताया जाता है। हम अगर आपस में भी इस पर चर्चा करते हैं तो हमें धमकी मिलती है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होना सबसे बड़ा पाप है और नरक भोगने के समान है।’’टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों के अपहरण, कम उम्र में जबरन निकाह और जबरिया धर्म परिवर्तन वहां आम है। न तो स्थानीय और न ही राष्ट्रीय सरकार को इससे कोई लेना-देना है। वहां अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं है।
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता रजत कुमार मोहिंद्रू ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर केंद्र सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए। उनके साथ सरासर अन्याय हो रहा है। अगर बांग्लादेश के मुसलमानों के लिए केंद्र सब कुछ कर सकता है तो पाक से आए हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं।’’
सविता की मां ने कहा, ‘‘किस दिन मेरी बेटी का वहां अपहरण हो जाए इसका पता नहीं। पाक में भारत की तरह अन्य धर्मों के बारे में नहीं बताया जाता है। हम अगर आपस में भी इस पर चर्चा करते हैं तो हमें धमकी मिलती है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होना सबसे बड़ा पाप है और नरक भोगने के समान है।’’टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों के अपहरण, कम उम्र में जबरन निकाह और जबरिया धर्म परिवर्तन वहां आम है। न तो स्थानीय और न ही राष्ट्रीय सरकार को इससे कोई लेना-देना है। वहां अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं है।
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता रजत कुमार मोहिंद्रू ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर केंद्र सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए। उनके साथ सरासर अन्याय हो रहा है। अगर बांग्लादेश के मुसलमानों के लिए केंद्र सब कुछ कर सकता है तो पाक से आए हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों के अपहरण, कम उम्र में जबरन निकाह और जबरिया धर्म परिवर्तन वहां आम है। न तो स्थानीय और न ही राष्ट्रीय सरकार को इससे कोई लेना-देना है। वहां अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं है।
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता रजत कुमार मोहिंद्रू ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर केंद्र सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए। उनके साथ सरासर अन्याय हो रहा है। अगर बांग्लादेश के मुसलमानों के लिए केंद्र सब कुछ कर सकता है तो पाक से आए हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं।’’
इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता रजत कुमार मोहिंद्रू ने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत कर केंद्र सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए। उनके साथ सरासर अन्याय हो रहा है। अगर बांग्लादेश के मुसलमानों के लिए केंद्र सब कुछ कर सकता है तो पाक से आए हिन्दुओं के लिए क्यों नहीं।’’ | पाक से आए हिन्दू बच्चों का कहना है कि पाकिस्तान के स्कूलों में भी उनके साथ भेदभाव होता है। उन्हें अलग बैठने को मजबूर किया जाता है। कक्षा के अन्य छात्रों के साथ उनके मिलने-जुलने पर प्रतिबंध है। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यह फिल्म तीन लड़कों पर है। अजय देवगन उर्फ नरेन जो तलाक की कगार पर खड़े हैं। अकेले हैं इसीलिए घर में दो पेईंग गेस्ट रख लेते हैं। ये हैं ओमी वैद्य यानी मिलिन्द केलकर और इमरान हाशमी उर्फ अभय। मधुर भंडारकर की इस फिल्म में करेक्टर्स का कंट्रास्ट देखिए जिस मिलिन्द के लिए प्यार पूजा के समान है उसे घोर प्रेक्टिकल, करियर ओरिएन्टेड और स्वार्थी लड़की मिल जाती है। जिस अभय के लिए प्यार सिर्फ अय्याशी है उसे सच्चा प्यार हो जाता है वो भी एक ऐसी लड़की से जिसके लिए सच्चे प्यार की वेल्यू नहीं और तलाक ले रहा शर्मीला संकोची नरेन न न करते करते अपने से 17 साल छोटी इन्टर्न से प्यार करने लगता है। अफसोस कि सब प्यार में लुटपिट जाते हैं इसीलिए सिर्फ क्लाइमैक्स दिल को छूता है खासकर वह सीन जहां सेंसिटिव सॉफ्ट हार्टेड ओमी वैद्य प्रेमिका से धोखा खाकर फूट फूटकर रो देते हैं। आपको मधुर भंडारकर सिनेमा की छाप मिल जाती है। 'दिल तो बच्चा है जी' कॉमेडी बताकर प्रमोट की गई लेकिन कॉमेडी एलिमेंट उम्मीद से काफी कम हैं। काश इसे सिर्फ लाइट हार्टेड रोमांटिक फिल्म बताया जाता। फिल्म कई जगह एकदम फ्लैट पड़ जाती है। कब्रिस्तान में इमरान की आशिकमिजाजी बहुत अटपटी लगती है न ही ओमी वैद्य की शायरी में दम है। कुछ ही सीन्स खुलकर हंसाते हैं जैसे इमरान अपने कुत्ते का नाम कसाब बताते हैं क्योंकि उन्होंने उसे मुंबई के सीएसटी स्टेशन से पकड़ा है और वो एक टेरर है। अजय देवगन और ओमी वैद्य के परफॉरमेंस ठीक हैं पर इमरान हाशमी प्ले ब्वॉय इमेज में बहुत टाइप्ट लगने लगे हैं। शेज़ान पद्मसी के चेहरे में फ्रेशनेस और एक्टिंग में रिपीटेशन है और श्रुति हासन से बेहतर उनके डायलॉग्स हैं। म्यूज़िक ठीक-ठाक है। फिल्म की थीम शहरी युवाओं के मद्देनज़र है लेकिन भंडाकर दिमाग में सोची हुई कॉमेडी को उतने कन्विक्शन से परदे पर नहीं उतार पाए जैसा वे इश्यू बेस्ड फिल्म में करते रहे हैं। एवरेज फिल्म 'दिल तो बच्चा है जी' के लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार। | यहाँ एक सारांश है:'दिल तो बच्चा है जी' में अजय देवगन और ओमी वैद्य के परफॉरमेंस ठीक हैं पर इमरान हाशमी प्ले ब्वॉय इमेज में बहुत टाइप्ट लगने लगे हैं। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारी उद्योग मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने पीएसयू कंपनियों को ग्लोबल टेंडर में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देने के भारतीय वायुसेना के फैसले के खिलाफ रक्षा मंत्रालय में शिकायत की है।टिप्पणियां
प्रफुल्ल पटेल ने कड़े शब्दों में रक्षामंत्री एके एंटनी को चिट्ठी लिखकर अपनी नाराजगी जताई है। पटेल ने कहा है कि सरकारी खरीद में सार्वजनिक और निजी कंपनियों को बराबरी का मौका मिलना चाहिए।
वायुसेना ने अपने पुराने हो चुके 56 एवीआरओ विमानों को बदलने का फैसला किया है। इसके लिए जुलाई में वायुसेना ने टेंडर निकाला था, लेकिन इसमें भारतीय पीएसयू को हिस्सा नहीं लेने दिया गया। यह टेंडर करीब 13 हजार करोड़ का है। वायुसेना ने रूस समेत कुछ दूसरी यूरोपिय कंपनियों को शॉर्ट लिस्ट किया है।
प्रफुल्ल पटेल ने कड़े शब्दों में रक्षामंत्री एके एंटनी को चिट्ठी लिखकर अपनी नाराजगी जताई है। पटेल ने कहा है कि सरकारी खरीद में सार्वजनिक और निजी कंपनियों को बराबरी का मौका मिलना चाहिए।
वायुसेना ने अपने पुराने हो चुके 56 एवीआरओ विमानों को बदलने का फैसला किया है। इसके लिए जुलाई में वायुसेना ने टेंडर निकाला था, लेकिन इसमें भारतीय पीएसयू को हिस्सा नहीं लेने दिया गया। यह टेंडर करीब 13 हजार करोड़ का है। वायुसेना ने रूस समेत कुछ दूसरी यूरोपिय कंपनियों को शॉर्ट लिस्ट किया है।
वायुसेना ने अपने पुराने हो चुके 56 एवीआरओ विमानों को बदलने का फैसला किया है। इसके लिए जुलाई में वायुसेना ने टेंडर निकाला था, लेकिन इसमें भारतीय पीएसयू को हिस्सा नहीं लेने दिया गया। यह टेंडर करीब 13 हजार करोड़ का है। वायुसेना ने रूस समेत कुछ दूसरी यूरोपिय कंपनियों को शॉर्ट लिस्ट किया है। | संक्षिप्त पाठ: भारी उद्योग मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने पीएसयू कंपनियों को ग्लोबल टेंडर में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देने के भारतीय वायुसेना के फैसले के खिलाफ रक्षा मंत्रालय में शिकायत की है। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कारोबारी गतिविधियों के दौरान गिरावट की वजह से देश में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर इस बार नवंबर में गिरकर 13 महीने के न्यूनतम स्तर पर आ गई। एचएसबीसी सर्वे में यह बात दिखी है।
एचएसबीसी का सर्विस पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अक्तूबर के 53.8 के मुकाबले नवंबर के दौरान घटकर 52.1 रह गया, जो कि पिछले 13 महीने का न्यूनतम स्तर है।
सितंबर में सात महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाने के बाद पिछले दो महीने से सूचकांक में गिरावट आ रही है। हालांकि यह अभी भी 50 अंक से ऊपर है।टिप्पणियां
भारत और आसियान के लिए एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री लीफ एसकेसीन ने कहा, नवंबर के दौरान कारोबारी गतिविधियों और नए कारोबार में धीमी वृद्धि दर्ज की गई, ऐसा दीपावली छुट्टी की वजह से भी हो सकता है। हालांकि सेवा प्रदाता लघुकालिक आर्थिक परिदृश्य को लेकर आशान्वित हैं और उन्हें आने वाले वर्ष में गतिविधियों में सुधार की उम्मीद है।
एसकेसीन ने कहा, सर्वे में शामिल कुछ लोगों द्वारा कारोबार में विस्तार करने की बात कही। इससे कारोबारी उम्मीद सूचकांक में अहम सुधार हुआ है। इससे पहले एचएसबीसी सर्वे में कहा गया कि नवंबर के दौरान देश में विनिर्माण क्षेत्र में सुधार हुआ।
एचएसबीसी का सर्विस पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अक्तूबर के 53.8 के मुकाबले नवंबर के दौरान घटकर 52.1 रह गया, जो कि पिछले 13 महीने का न्यूनतम स्तर है।
सितंबर में सात महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाने के बाद पिछले दो महीने से सूचकांक में गिरावट आ रही है। हालांकि यह अभी भी 50 अंक से ऊपर है।टिप्पणियां
भारत और आसियान के लिए एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री लीफ एसकेसीन ने कहा, नवंबर के दौरान कारोबारी गतिविधियों और नए कारोबार में धीमी वृद्धि दर्ज की गई, ऐसा दीपावली छुट्टी की वजह से भी हो सकता है। हालांकि सेवा प्रदाता लघुकालिक आर्थिक परिदृश्य को लेकर आशान्वित हैं और उन्हें आने वाले वर्ष में गतिविधियों में सुधार की उम्मीद है।
एसकेसीन ने कहा, सर्वे में शामिल कुछ लोगों द्वारा कारोबार में विस्तार करने की बात कही। इससे कारोबारी उम्मीद सूचकांक में अहम सुधार हुआ है। इससे पहले एचएसबीसी सर्वे में कहा गया कि नवंबर के दौरान देश में विनिर्माण क्षेत्र में सुधार हुआ।
सितंबर में सात महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाने के बाद पिछले दो महीने से सूचकांक में गिरावट आ रही है। हालांकि यह अभी भी 50 अंक से ऊपर है।टिप्पणियां
भारत और आसियान के लिए एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री लीफ एसकेसीन ने कहा, नवंबर के दौरान कारोबारी गतिविधियों और नए कारोबार में धीमी वृद्धि दर्ज की गई, ऐसा दीपावली छुट्टी की वजह से भी हो सकता है। हालांकि सेवा प्रदाता लघुकालिक आर्थिक परिदृश्य को लेकर आशान्वित हैं और उन्हें आने वाले वर्ष में गतिविधियों में सुधार की उम्मीद है।
एसकेसीन ने कहा, सर्वे में शामिल कुछ लोगों द्वारा कारोबार में विस्तार करने की बात कही। इससे कारोबारी उम्मीद सूचकांक में अहम सुधार हुआ है। इससे पहले एचएसबीसी सर्वे में कहा गया कि नवंबर के दौरान देश में विनिर्माण क्षेत्र में सुधार हुआ।
भारत और आसियान के लिए एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री लीफ एसकेसीन ने कहा, नवंबर के दौरान कारोबारी गतिविधियों और नए कारोबार में धीमी वृद्धि दर्ज की गई, ऐसा दीपावली छुट्टी की वजह से भी हो सकता है। हालांकि सेवा प्रदाता लघुकालिक आर्थिक परिदृश्य को लेकर आशान्वित हैं और उन्हें आने वाले वर्ष में गतिविधियों में सुधार की उम्मीद है।
एसकेसीन ने कहा, सर्वे में शामिल कुछ लोगों द्वारा कारोबार में विस्तार करने की बात कही। इससे कारोबारी उम्मीद सूचकांक में अहम सुधार हुआ है। इससे पहले एचएसबीसी सर्वे में कहा गया कि नवंबर के दौरान देश में विनिर्माण क्षेत्र में सुधार हुआ।
एसकेसीन ने कहा, सर्वे में शामिल कुछ लोगों द्वारा कारोबार में विस्तार करने की बात कही। इससे कारोबारी उम्मीद सूचकांक में अहम सुधार हुआ है। इससे पहले एचएसबीसी सर्वे में कहा गया कि नवंबर के दौरान देश में विनिर्माण क्षेत्र में सुधार हुआ। | संक्षिप्त पाठ: कारोबारी गतिविधियों के दौरान गिरावट की वजह से देश में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर इस बार नवंबर में गिरकर 13 महीने के न्यूनतम स्तर पर आ गई। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली की सामूहिक बलात्कार जैसी घटना के तहत, कोलंबो के पास चार ऑटो चालकों ने 47 साल की एक महिला से कथित रूप से बलात्कार किया जिसके खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया।
पुलिस प्रवक्ता प्रतिशांता जयकोदी ने कहा कि एक चश्मदीद के शोर मचाने पर पुलिस ने दो आरेापियों को पकड़ लिया और दो अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
जयकोदी ने कहा कि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि कोलंबो के मिरिहाना उपनगरीय क्षेत्र में बुधवार रात इन लोगों ने टैक्सी स्टैंड पर मौजूद महिला पर हमला कर दिया।टिप्पणियां
महिला अधिकार संगठन ‘लाक वनिता’ ने कहा कि उन्होंने इसी क्षेत्र में पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसी क्षेत्र में अज्ञात महिला पर चालकों ने हमला किया था।
संगठन प्रमुख सांथिनी कोंगाहागे ने कहा कि श्रीलंका में हर साल 1400 बलात्कार के मामले दर्ज होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर विश्वभर में हुए प्रचार ने हमारे संगठन को स्थानीय समुदाय में और जागरूकता पैदा करने के लिए प्रेरित किया है।
पुलिस प्रवक्ता प्रतिशांता जयकोदी ने कहा कि एक चश्मदीद के शोर मचाने पर पुलिस ने दो आरेापियों को पकड़ लिया और दो अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
जयकोदी ने कहा कि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि कोलंबो के मिरिहाना उपनगरीय क्षेत्र में बुधवार रात इन लोगों ने टैक्सी स्टैंड पर मौजूद महिला पर हमला कर दिया।टिप्पणियां
महिला अधिकार संगठन ‘लाक वनिता’ ने कहा कि उन्होंने इसी क्षेत्र में पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसी क्षेत्र में अज्ञात महिला पर चालकों ने हमला किया था।
संगठन प्रमुख सांथिनी कोंगाहागे ने कहा कि श्रीलंका में हर साल 1400 बलात्कार के मामले दर्ज होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर विश्वभर में हुए प्रचार ने हमारे संगठन को स्थानीय समुदाय में और जागरूकता पैदा करने के लिए प्रेरित किया है।
जयकोदी ने कहा कि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि कोलंबो के मिरिहाना उपनगरीय क्षेत्र में बुधवार रात इन लोगों ने टैक्सी स्टैंड पर मौजूद महिला पर हमला कर दिया।टिप्पणियां
महिला अधिकार संगठन ‘लाक वनिता’ ने कहा कि उन्होंने इसी क्षेत्र में पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसी क्षेत्र में अज्ञात महिला पर चालकों ने हमला किया था।
संगठन प्रमुख सांथिनी कोंगाहागे ने कहा कि श्रीलंका में हर साल 1400 बलात्कार के मामले दर्ज होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर विश्वभर में हुए प्रचार ने हमारे संगठन को स्थानीय समुदाय में और जागरूकता पैदा करने के लिए प्रेरित किया है।
महिला अधिकार संगठन ‘लाक वनिता’ ने कहा कि उन्होंने इसी क्षेत्र में पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसी क्षेत्र में अज्ञात महिला पर चालकों ने हमला किया था।
संगठन प्रमुख सांथिनी कोंगाहागे ने कहा कि श्रीलंका में हर साल 1400 बलात्कार के मामले दर्ज होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर विश्वभर में हुए प्रचार ने हमारे संगठन को स्थानीय समुदाय में और जागरूकता पैदा करने के लिए प्रेरित किया है।
संगठन प्रमुख सांथिनी कोंगाहागे ने कहा कि श्रीलंका में हर साल 1400 बलात्कार के मामले दर्ज होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर विश्वभर में हुए प्रचार ने हमारे संगठन को स्थानीय समुदाय में और जागरूकता पैदा करने के लिए प्रेरित किया है। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली की सामूहिक बलात्कार जैसी घटना के तहत, कोलंबो के पास चार ऑटो चालकों ने 47 साल की एक महिला से कथित रूप से बलात्कार किया जिसके खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार विवाह के पंजीकरण से पूर्व जोड़ों के लिये एचआईवी जांच अनिवार्य करने की योजना बना रही है. राणे ने कहा कि सरकार इस संबंध में विधेयक लाने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा, 'गोवा में विवाह के पंजीकरण से पूर्व जोड़ों के लिये एचआईवी जांच अनिवार्य बनाने की योजना है.' उन्होंने कहा कि गोवा का विधि विभाग तटीय राज्य में जांच को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है.
राणे ने कहा, 'विधि विभाग से विधेयक को मंजूरी मिल जाने के बाद हम इसे आगामी मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा में पेश कर सकते हैं.' 2006 में तत्कालीन कांग्रेस नीत राज्य सरकार ने भी ऐसा ही विधेयक पेश किया था जिसका विभिन्न वर्गों ने विरोध किया था.
गौरतलब है कि हर साल 1 दिसम्बर को वर्ल्ड एड्स डे (विश्व एड्स दिवस) मनाया जाता है. लोगों में इस वायरस के प्रति जागरूक लाने के लिए आज कई स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते हैं. लेकिन बावजूद यूनिसेफ (UNICEF) की हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2017 तक करीब 1 लाख 20 हज़ार बच्चे और किशोर HIV संक्रमण से पीड़ित पाए गए. ये आंकड़ा दक्षिण एशिया के किसी देश में एचआईवी पीड़ितों की सबसे ज्यादा संख्या है.
यूनिसेफ की इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अगर एचआईवी एड्स (HIV/AIDS) को जल्द रोकने की कोशिश नहीं की गई तो 2030 तक हर दिन इस वायरस से 80 किशोरों की मौत हो सकती है. इसीलिए जरूरी है AIDS के लिए सतर्क रहना और मिथकों से खुद को बचाए रखना. क्योंकि आज भी लोग इस बीमारी की आशंका होने पर सीधा डॉक्टर के पास जाने के बजाय अपने करीबी से सलाह लेते हैं. (इनपुट:भाषा) | संक्षिप्त पाठ: गोवा में शादी से पहले एचआईवी टेस्ट अनिवार्य कर सकती है सरकार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- सरकार इस संबंध में विधेयक लाने पर विचार कर रही
कर सकते हैं आगामी मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा में पेश | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: निर्माता व अभिनेता सैफ अली खान की लंबे समय से प्रतीक्षारत फिल्म 'एजेंट विनोद' की शूटिंग पूरी हो गई है। निर्देशक श्रीराम राघवन के मुताबिक 23 मार्च को फिल्म प्रदर्शित होगी।
राघवन ने बताया कि सैफ व अभिनेत्री करीना कपूर ने 24 दिसंबर को फिल्म के अंतिम दृश्यों की शूटिंग की थी। 'एक हसीना थी' और 'जॉनी गद्दार' जैसी फिल्में बना चुके राघवन ने बताया, "सैफ व करीना के साथ मेरी शूटिंग पूरी हो गई है। सैफ व करीना ने मेरी फिल्म के लिए अंतिम शूटिंग 24 दिसंबर को पूरी की थी और फिर वे छुट्टियों के लिए निकल गए थे। अब शूटिंग के बाद की प्रक्रिया जारी है। फिल्म 23 मार्च को प्रदर्शित होगी।"
करीना व सैफ मार्च के अंतिम सप्ताह में या अप्रैल के पहले सप्ताह में विवाह करेंगे। करीना फिल्मकार मधुर भंडारकर की 'हीरोइन' में भी अभिनय कर रही हैं। इस फिल्म की अगली शूटिंग फरवरी के अंत से लेकर मार्च मध्य तक होगी।
'एजेंट विनोद' के प्रचार कार्यक्रम, करीना-सैफ के विवाह व हनीमून को ध्यान में रखते हुए 'हीरोइन' की शूटिंग की तारीखें निर्धारित की गई हैं। एक सूत्र ने बताया, "'एजेंट विनोद' के प्रदर्शन के तुरंत बाद उनका विवाह होगा। करीना और सैफ इसमें और देरी नहीं करना चाहते हैं।" | यह एक सारांश है: निर्माता व अभिनेता सैफ अली खान की फिल्म 'एजेंट विनोद' की शूटिंग पूरी हो गई है। निर्देशक श्रीराम राघवन के मुताबिक फिल्म 23 मार्च को रिलीज होगी। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री रोशन बेग के बयान को लेकर महाराष्ट्र सरकार आक्रामक हो चली है. शिवसेना ने सड़क पर उतरकर बेग के उस बयान का विरोध किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी कर्नाटक का जनप्रतिनिधि अगर 'जय महाराष्ट्र' का नारा लगाता है तो उसका पद रद्द होगा.टिप्पणियां
रोशन बेग का बयान उन जनप्रतिनिधियों के खिलाफ था जो महाराष्ट्र एकीकरण समिति के नुमाइंदे हैं. महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच चले आ रहे सात दशक से ज्यादा पुराने सीमा विवाद के चलते यह बयान अहम है. दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाके के बेलगाम और आसपास के गांवों से महाराष्ट्र में शामिल होने की मुहिम महाराष्ट्र एकीकरण समिति चला रही है. जिसके विधायक और पार्षद 'जय महाराष्ट्र' के नारे से एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं. कर्नाटक की सभी सरकारों ने हमेशा से इस मुहिम का विरोध किया है. बेग का बयान उसी संदर्भ में था.
महाराष्ट्र में इस बयान की तीव्र प्रतिक्रिया उभरी है. शिवसेना ने कोल्हापुर में कर्नाटक राज्य परिवहन की चार बसों पर जय 'महाराष्ट्र' का नारा लिख दिया. इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने आगे आकर कर्नाटक के मंत्री रोशन बेग का विरोध जताया. सीमा विवाद पर महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को खत लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं. पाटिल ने कहा है कि, भारतवासी के नाते बेग का बयान असंवैधानिक है और उम्मीद है कि कर्नाटक अपने मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में अधिक योग्य तरीके से रखेगा. महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच का सीमा विवाद लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.
रोशन बेग का बयान उन जनप्रतिनिधियों के खिलाफ था जो महाराष्ट्र एकीकरण समिति के नुमाइंदे हैं. महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच चले आ रहे सात दशक से ज्यादा पुराने सीमा विवाद के चलते यह बयान अहम है. दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाके के बेलगाम और आसपास के गांवों से महाराष्ट्र में शामिल होने की मुहिम महाराष्ट्र एकीकरण समिति चला रही है. जिसके विधायक और पार्षद 'जय महाराष्ट्र' के नारे से एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं. कर्नाटक की सभी सरकारों ने हमेशा से इस मुहिम का विरोध किया है. बेग का बयान उसी संदर्भ में था.
महाराष्ट्र में इस बयान की तीव्र प्रतिक्रिया उभरी है. शिवसेना ने कोल्हापुर में कर्नाटक राज्य परिवहन की चार बसों पर जय 'महाराष्ट्र' का नारा लिख दिया. इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने आगे आकर कर्नाटक के मंत्री रोशन बेग का विरोध जताया. सीमा विवाद पर महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को खत लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं. पाटिल ने कहा है कि, भारतवासी के नाते बेग का बयान असंवैधानिक है और उम्मीद है कि कर्नाटक अपने मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में अधिक योग्य तरीके से रखेगा. महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच का सीमा विवाद लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.
महाराष्ट्र में इस बयान की तीव्र प्रतिक्रिया उभरी है. शिवसेना ने कोल्हापुर में कर्नाटक राज्य परिवहन की चार बसों पर जय 'महाराष्ट्र' का नारा लिख दिया. इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने आगे आकर कर्नाटक के मंत्री रोशन बेग का विरोध जताया. सीमा विवाद पर महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को खत लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं. पाटिल ने कहा है कि, भारतवासी के नाते बेग का बयान असंवैधानिक है और उम्मीद है कि कर्नाटक अपने मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में अधिक योग्य तरीके से रखेगा. महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच का सीमा विवाद लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. | यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कर्नाटक के सीएम सिद्धरामैया को खत
पाटिल ने कहा है - भारतवासी के नाते रोशन बेग का बयान असंवैधानिक
महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद सात दशक से ज्यादा पुराना | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत आज (गुरुवार को) सिक्किम जा सकते हैं. हालांकि यह यात्रा पहले से तय थी लेकिन सिक्किम में चीन से चल रहे विवाद के बाद यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण हो गई है. खबर है कि चीन भूटान से सटे इलाके में सड़क बना रहा है जिसका भारत विरोध कर रहा है. दोनों देशों के बीच विवाद का यह अहम कारण है. पिछले 15-20 दिनों से सिक्किम के डोकाला दर्रे में भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनातनी चल रहा है. इसी की वजह से ही नाथूला पास से होकर कैलाश मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्री नहीं जा पा रहे हैं. चीन ने एक भी तीर्थयात्री को इस रास्ते से होकर नहीं जाने दिया है. हालात यह हैं कि जब तक दोनों देशों के बीच यह मामला नहीं सुलझता तब तक इस रास्ते से कोई यात्री कैलाश मानसरोवर तो नहीं ही जा पाएगा.टिप्पणियां वैसे खबर यह है कि चीन यहां भूटान से सटे इलाके में सड़क बना रहा है. भारत इसका विरोध कर रहा है क्योंकि अगर यह सड़क बनी तो चीन सिलीगुड़ी (चिकन-नैक) के बेहद करीब आ जाएगा, जो सामरिक तौर से भारत के लिए एक बड़ा खतरा है. इस पूरे मामले में न तो सेना और न ही रक्षा मंत्रालय कुछ भी बोलने को तैयार है. बस इससे जुड़े कोई भी सवाल पूछने पर इतना ही कहते हैं नो कमेंट.
चीन के साथ सीमा पर बढ़ी तनातनी के बीच चीन ने इस मामले में भारत पर भूटान के लिए दखल देने का आरोप लगाया है. चीन ने कहा है कि भारत को किसी और देश के लिए दखल देने का अधिकार नहीं है. इस सबके बीच भूटान ने चीन के सामने राजनियक ऐतराज़ जताते हुए कहा है कि इस इलाके के डोक लाम में चीन का सड़क निर्माण करना इस जगह को लेकर हुए उस समझौते का उल्लंघन है, जिसमें इस विवादित इलाके में सीमा विवाद के निपटारे तक शांति बनाए रखने पर सहमति बनी थी. भूटान ने यहां पर सड़क निर्माण रोकने की मांग की है. गौरतलब है कि विवाद के केंद्र में आया यह इलाका भारत, भूटान और चीन की सीमा से सटा हुआ है.
वैसे खबर यह है कि चीन यहां भूटान से सटे इलाके में सड़क बना रहा है. भारत इसका विरोध कर रहा है क्योंकि अगर यह सड़क बनी तो चीन सिलीगुड़ी (चिकन-नैक) के बेहद करीब आ जाएगा, जो सामरिक तौर से भारत के लिए एक बड़ा खतरा है. इस पूरे मामले में न तो सेना और न ही रक्षा मंत्रालय कुछ भी बोलने को तैयार है. बस इससे जुड़े कोई भी सवाल पूछने पर इतना ही कहते हैं नो कमेंट.
चीन के साथ सीमा पर बढ़ी तनातनी के बीच चीन ने इस मामले में भारत पर भूटान के लिए दखल देने का आरोप लगाया है. चीन ने कहा है कि भारत को किसी और देश के लिए दखल देने का अधिकार नहीं है. इस सबके बीच भूटान ने चीन के सामने राजनियक ऐतराज़ जताते हुए कहा है कि इस इलाके के डोक लाम में चीन का सड़क निर्माण करना इस जगह को लेकर हुए उस समझौते का उल्लंघन है, जिसमें इस विवादित इलाके में सीमा विवाद के निपटारे तक शांति बनाए रखने पर सहमति बनी थी. भूटान ने यहां पर सड़क निर्माण रोकने की मांग की है. गौरतलब है कि विवाद के केंद्र में आया यह इलाका भारत, भूटान और चीन की सीमा से सटा हुआ है.
चीन के साथ सीमा पर बढ़ी तनातनी के बीच चीन ने इस मामले में भारत पर भूटान के लिए दखल देने का आरोप लगाया है. चीन ने कहा है कि भारत को किसी और देश के लिए दखल देने का अधिकार नहीं है. इस सबके बीच भूटान ने चीन के सामने राजनियक ऐतराज़ जताते हुए कहा है कि इस इलाके के डोक लाम में चीन का सड़क निर्माण करना इस जगह को लेकर हुए उस समझौते का उल्लंघन है, जिसमें इस विवादित इलाके में सीमा विवाद के निपटारे तक शांति बनाए रखने पर सहमति बनी थी. भूटान ने यहां पर सड़क निर्माण रोकने की मांग की है. गौरतलब है कि विवाद के केंद्र में आया यह इलाका भारत, भूटान और चीन की सीमा से सटा हुआ है. | संक्षिप्त सारांश: सिक्किम के डोकाला दर्रे में भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनातनी
नाथूला पास से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर नहीं जा पा रहे तीर्थयात्री
सड़क बनेगी तो चीन सिलीगुड़ी के बेहद करीब आ जाएगा | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: न्यूयॉर्क में एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के नजदीक एक बंदूकधारी द्वारा गोली मारकर अपने पूर्व सहकर्मी को मौत के घाट उतार देने की घटना पुरानी रंजिश के कारण हुई थी और एक साल पहले कार्यालय में हाथापाई के बाद दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
जेफरी जॉनसन (58) ने लोकप्रिय पर्यटन स्थल के पास अपने पूर्व सहकर्मी स्टीवन एरकोलिनो (41) को पिस्तौल से गोली चलाकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद पुलिस ने जॉनसन को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। जॉनसन ने एक बार पूर्व मकान मालिक कैथलीन वाल्श को बताया था कि वह एक अचूक निशानेबाज है।टिप्पणियां
अधिकारियों ने जॉनसन को 'असंतुष्ट' व्यक्ति करार दिया, जिसे एक साल पहले 40 साल की उम्र में हैजन वस्त्र आयात कंपनी से
निकाल दिया गया था। 'न्यूयॉर्क टाइम्स' में छपी एक खबर में कहा गया है कि पड़ोसियों और सहकर्मियों ने दोनों के बीच रंजिश होने की बात बताई। एक सहकर्मी ने बताया कि जॉनसन अत्यधिक सनकी, लेकिन कुशल कर्मी था। वह काम पर रोजाना सुबह जल्दी पहुंचता था और सबसे बाद में घर जाता था।
एरकोलिनो 2005 में हाजन कंपनी में उपाध्यक्ष (विक्रय) के रूप में भर्ती हुआ। इसी वर्ष जॉनसन भी कंपनी में शामिल हुआ था। हालांकि, दोनों के बीच मनमुटाव जल्द पूरी तरह सामने आ गया। सहकर्मी आइरेन टिमैन ने कहा कि समय बीतने के साथ स्थिति यहां तक आ गई कि वे गलियारे में कभी एक-दूसरे को कोहनी मारते दिखते, तो कभी टीका-टिप्पणी करते। उसने कहा, जॉनसन अक्सर एरकोलिनो पर टिप्पणी करता और उससे हाथापाई करता।
जेफरी जॉनसन (58) ने लोकप्रिय पर्यटन स्थल के पास अपने पूर्व सहकर्मी स्टीवन एरकोलिनो (41) को पिस्तौल से गोली चलाकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद पुलिस ने जॉनसन को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। जॉनसन ने एक बार पूर्व मकान मालिक कैथलीन वाल्श को बताया था कि वह एक अचूक निशानेबाज है।टिप्पणियां
अधिकारियों ने जॉनसन को 'असंतुष्ट' व्यक्ति करार दिया, जिसे एक साल पहले 40 साल की उम्र में हैजन वस्त्र आयात कंपनी से
निकाल दिया गया था। 'न्यूयॉर्क टाइम्स' में छपी एक खबर में कहा गया है कि पड़ोसियों और सहकर्मियों ने दोनों के बीच रंजिश होने की बात बताई। एक सहकर्मी ने बताया कि जॉनसन अत्यधिक सनकी, लेकिन कुशल कर्मी था। वह काम पर रोजाना सुबह जल्दी पहुंचता था और सबसे बाद में घर जाता था।
एरकोलिनो 2005 में हाजन कंपनी में उपाध्यक्ष (विक्रय) के रूप में भर्ती हुआ। इसी वर्ष जॉनसन भी कंपनी में शामिल हुआ था। हालांकि, दोनों के बीच मनमुटाव जल्द पूरी तरह सामने आ गया। सहकर्मी आइरेन टिमैन ने कहा कि समय बीतने के साथ स्थिति यहां तक आ गई कि वे गलियारे में कभी एक-दूसरे को कोहनी मारते दिखते, तो कभी टीका-टिप्पणी करते। उसने कहा, जॉनसन अक्सर एरकोलिनो पर टिप्पणी करता और उससे हाथापाई करता।
अधिकारियों ने जॉनसन को 'असंतुष्ट' व्यक्ति करार दिया, जिसे एक साल पहले 40 साल की उम्र में हैजन वस्त्र आयात कंपनी से
निकाल दिया गया था। 'न्यूयॉर्क टाइम्स' में छपी एक खबर में कहा गया है कि पड़ोसियों और सहकर्मियों ने दोनों के बीच रंजिश होने की बात बताई। एक सहकर्मी ने बताया कि जॉनसन अत्यधिक सनकी, लेकिन कुशल कर्मी था। वह काम पर रोजाना सुबह जल्दी पहुंचता था और सबसे बाद में घर जाता था।
एरकोलिनो 2005 में हाजन कंपनी में उपाध्यक्ष (विक्रय) के रूप में भर्ती हुआ। इसी वर्ष जॉनसन भी कंपनी में शामिल हुआ था। हालांकि, दोनों के बीच मनमुटाव जल्द पूरी तरह सामने आ गया। सहकर्मी आइरेन टिमैन ने कहा कि समय बीतने के साथ स्थिति यहां तक आ गई कि वे गलियारे में कभी एक-दूसरे को कोहनी मारते दिखते, तो कभी टीका-टिप्पणी करते। उसने कहा, जॉनसन अक्सर एरकोलिनो पर टिप्पणी करता और उससे हाथापाई करता।
एरकोलिनो 2005 में हाजन कंपनी में उपाध्यक्ष (विक्रय) के रूप में भर्ती हुआ। इसी वर्ष जॉनसन भी कंपनी में शामिल हुआ था। हालांकि, दोनों के बीच मनमुटाव जल्द पूरी तरह सामने आ गया। सहकर्मी आइरेन टिमैन ने कहा कि समय बीतने के साथ स्थिति यहां तक आ गई कि वे गलियारे में कभी एक-दूसरे को कोहनी मारते दिखते, तो कभी टीका-टिप्पणी करते। उसने कहा, जॉनसन अक्सर एरकोलिनो पर टिप्पणी करता और उससे हाथापाई करता। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: न्यूयॉर्क में एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के नजदीक एक बंदूकधारी द्वारा गोली मारकर अपने पूर्व सहकर्मी को मौत के घाट उतार देने की घटना पुरानी रंजिश के कारण हुई थी। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: घाटी में अशांति फैलाने के सिलसिले में एनआई ने शनिवार को कश्मीर घाटी में 22 जगह और दिल्ली समेत गुड़गांव की 8 जगह पर सर्च कांडक्ट की. एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक़ शुक्रवार शाम एनआईए ने प्रिलिमिनेरी एंक्वाइरी को एफआईआर में तब्दील किया और उसके बाद घाटी के कई अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थकों के साथ साथ हवाला डीलर के ठिकानों पर छापा मारी की.
एक सीनियर अफ़सर ने एनडीटीवी इंडिया को बताया, एनआईए के मुताबिक़ दिल्ली के आठ हवाला डीलर्स के यहाँ भी छापा मारा गया. "सईद अली शाह गिलानी के नज़दीकी माने जाने वाले मेहरजुद्दीन कलवल और मीरवाइज़ ओमर फ़ारूक़ के क़रीबी शाहिद उल इस्लाम के यहां भी सर्च कंडक्ट की गई.
अधिकारी के अनुसार, अलगाववादी नेता नईम खान, बीटा कराते के यहाँ भी छापेमारी की गई. "कुछ व्यापारी जो हवाला कारोबार में लिप्त पाए गए उनके घरों में भी सर्चेज़ चली."
एनआईए का कहना है कि इन व्यापारियों और हवाला कारोबारियों को रिश्ता कई अलगाववादी नेताओं से है. "सोनीपत में दो जगह और दिल्ली के बलिमारन में भी रेड चली है.
NIA ने इस हफ़्ते तीन दिन लगातार अलगाववादी नेताओं से पूछताछ की थी. उनकी पूछताछ में कुछ ऐसी जानकारियां हासिल हुई थी जिनसे पता चला था कि घाटी में अशांति फैलाने के लिए जिस टेरर फ़ंडिंग के मामले की NIA जांच कर रही है उसमें कई व्यापारी भी शामिल है. NIA ने अपनी FIR में लिखा है कि पाकिस्तान से ये पैसा हवाला कारोबारियों के ज़रिए इन अलगावादी नेताओं तक पहुँचाता है और ये संयोजित ढंग से घाटी में हिंसा करवाते हैं.
पिछले एक साल से घाटी में कई स्कूल, सरकारी दफ़्तर और पुलिस स्टेशन जलाए गए हैं. कई पुलिस स्टेशन से हथियार भी लूटे गए हैं. NIA ऐसी 150 FIR का अध्ययन कर रही है.टिप्पणियां
NIA का दावा है कि सर्च ऑपरेशन के दोरान अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थकों के साथ साथ हवाला कारोबारियों के यहां से एक करोड़ रुपये बरामद हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि हम लोग उनके संपत्ति के काग़ज़ात से लेकर बेनामी संपत्ति और बैंक अकाउंट्स की डिटेल के बारे में भी उनसे पूछताछ कर रहे हैं."
उन्होंने बताया कि घाटी में जो कुछ हो रहा है उसका एक पैटर्न है उसके नेट्वर्क की जड़े तक पहुँचने के लाइट ते करवाई की जा रही है.
एक सीनियर अफ़सर ने एनडीटीवी इंडिया को बताया, एनआईए के मुताबिक़ दिल्ली के आठ हवाला डीलर्स के यहाँ भी छापा मारा गया. "सईद अली शाह गिलानी के नज़दीकी माने जाने वाले मेहरजुद्दीन कलवल और मीरवाइज़ ओमर फ़ारूक़ के क़रीबी शाहिद उल इस्लाम के यहां भी सर्च कंडक्ट की गई.
अधिकारी के अनुसार, अलगाववादी नेता नईम खान, बीटा कराते के यहाँ भी छापेमारी की गई. "कुछ व्यापारी जो हवाला कारोबार में लिप्त पाए गए उनके घरों में भी सर्चेज़ चली."
एनआईए का कहना है कि इन व्यापारियों और हवाला कारोबारियों को रिश्ता कई अलगाववादी नेताओं से है. "सोनीपत में दो जगह और दिल्ली के बलिमारन में भी रेड चली है.
NIA ने इस हफ़्ते तीन दिन लगातार अलगाववादी नेताओं से पूछताछ की थी. उनकी पूछताछ में कुछ ऐसी जानकारियां हासिल हुई थी जिनसे पता चला था कि घाटी में अशांति फैलाने के लिए जिस टेरर फ़ंडिंग के मामले की NIA जांच कर रही है उसमें कई व्यापारी भी शामिल है. NIA ने अपनी FIR में लिखा है कि पाकिस्तान से ये पैसा हवाला कारोबारियों के ज़रिए इन अलगावादी नेताओं तक पहुँचाता है और ये संयोजित ढंग से घाटी में हिंसा करवाते हैं.
पिछले एक साल से घाटी में कई स्कूल, सरकारी दफ़्तर और पुलिस स्टेशन जलाए गए हैं. कई पुलिस स्टेशन से हथियार भी लूटे गए हैं. NIA ऐसी 150 FIR का अध्ययन कर रही है.टिप्पणियां
NIA का दावा है कि सर्च ऑपरेशन के दोरान अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थकों के साथ साथ हवाला कारोबारियों के यहां से एक करोड़ रुपये बरामद हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि हम लोग उनके संपत्ति के काग़ज़ात से लेकर बेनामी संपत्ति और बैंक अकाउंट्स की डिटेल के बारे में भी उनसे पूछताछ कर रहे हैं."
उन्होंने बताया कि घाटी में जो कुछ हो रहा है उसका एक पैटर्न है उसके नेट्वर्क की जड़े तक पहुँचने के लाइट ते करवाई की जा रही है.
अधिकारी के अनुसार, अलगाववादी नेता नईम खान, बीटा कराते के यहाँ भी छापेमारी की गई. "कुछ व्यापारी जो हवाला कारोबार में लिप्त पाए गए उनके घरों में भी सर्चेज़ चली."
एनआईए का कहना है कि इन व्यापारियों और हवाला कारोबारियों को रिश्ता कई अलगाववादी नेताओं से है. "सोनीपत में दो जगह और दिल्ली के बलिमारन में भी रेड चली है.
NIA ने इस हफ़्ते तीन दिन लगातार अलगाववादी नेताओं से पूछताछ की थी. उनकी पूछताछ में कुछ ऐसी जानकारियां हासिल हुई थी जिनसे पता चला था कि घाटी में अशांति फैलाने के लिए जिस टेरर फ़ंडिंग के मामले की NIA जांच कर रही है उसमें कई व्यापारी भी शामिल है. NIA ने अपनी FIR में लिखा है कि पाकिस्तान से ये पैसा हवाला कारोबारियों के ज़रिए इन अलगावादी नेताओं तक पहुँचाता है और ये संयोजित ढंग से घाटी में हिंसा करवाते हैं.
पिछले एक साल से घाटी में कई स्कूल, सरकारी दफ़्तर और पुलिस स्टेशन जलाए गए हैं. कई पुलिस स्टेशन से हथियार भी लूटे गए हैं. NIA ऐसी 150 FIR का अध्ययन कर रही है.टिप्पणियां
NIA का दावा है कि सर्च ऑपरेशन के दोरान अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थकों के साथ साथ हवाला कारोबारियों के यहां से एक करोड़ रुपये बरामद हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि हम लोग उनके संपत्ति के काग़ज़ात से लेकर बेनामी संपत्ति और बैंक अकाउंट्स की डिटेल के बारे में भी उनसे पूछताछ कर रहे हैं."
उन्होंने बताया कि घाटी में जो कुछ हो रहा है उसका एक पैटर्न है उसके नेट्वर्क की जड़े तक पहुँचने के लाइट ते करवाई की जा रही है.
एनआईए का कहना है कि इन व्यापारियों और हवाला कारोबारियों को रिश्ता कई अलगाववादी नेताओं से है. "सोनीपत में दो जगह और दिल्ली के बलिमारन में भी रेड चली है.
NIA ने इस हफ़्ते तीन दिन लगातार अलगाववादी नेताओं से पूछताछ की थी. उनकी पूछताछ में कुछ ऐसी जानकारियां हासिल हुई थी जिनसे पता चला था कि घाटी में अशांति फैलाने के लिए जिस टेरर फ़ंडिंग के मामले की NIA जांच कर रही है उसमें कई व्यापारी भी शामिल है. NIA ने अपनी FIR में लिखा है कि पाकिस्तान से ये पैसा हवाला कारोबारियों के ज़रिए इन अलगावादी नेताओं तक पहुँचाता है और ये संयोजित ढंग से घाटी में हिंसा करवाते हैं.
पिछले एक साल से घाटी में कई स्कूल, सरकारी दफ़्तर और पुलिस स्टेशन जलाए गए हैं. कई पुलिस स्टेशन से हथियार भी लूटे गए हैं. NIA ऐसी 150 FIR का अध्ययन कर रही है.टिप्पणियां
NIA का दावा है कि सर्च ऑपरेशन के दोरान अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थकों के साथ साथ हवाला कारोबारियों के यहां से एक करोड़ रुपये बरामद हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि हम लोग उनके संपत्ति के काग़ज़ात से लेकर बेनामी संपत्ति और बैंक अकाउंट्स की डिटेल के बारे में भी उनसे पूछताछ कर रहे हैं."
उन्होंने बताया कि घाटी में जो कुछ हो रहा है उसका एक पैटर्न है उसके नेट्वर्क की जड़े तक पहुँचने के लाइट ते करवाई की जा रही है.
NIA ने इस हफ़्ते तीन दिन लगातार अलगाववादी नेताओं से पूछताछ की थी. उनकी पूछताछ में कुछ ऐसी जानकारियां हासिल हुई थी जिनसे पता चला था कि घाटी में अशांति फैलाने के लिए जिस टेरर फ़ंडिंग के मामले की NIA जांच कर रही है उसमें कई व्यापारी भी शामिल है. NIA ने अपनी FIR में लिखा है कि पाकिस्तान से ये पैसा हवाला कारोबारियों के ज़रिए इन अलगावादी नेताओं तक पहुँचाता है और ये संयोजित ढंग से घाटी में हिंसा करवाते हैं.
पिछले एक साल से घाटी में कई स्कूल, सरकारी दफ़्तर और पुलिस स्टेशन जलाए गए हैं. कई पुलिस स्टेशन से हथियार भी लूटे गए हैं. NIA ऐसी 150 FIR का अध्ययन कर रही है.टिप्पणियां
NIA का दावा है कि सर्च ऑपरेशन के दोरान अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थकों के साथ साथ हवाला कारोबारियों के यहां से एक करोड़ रुपये बरामद हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि हम लोग उनके संपत्ति के काग़ज़ात से लेकर बेनामी संपत्ति और बैंक अकाउंट्स की डिटेल के बारे में भी उनसे पूछताछ कर रहे हैं."
उन्होंने बताया कि घाटी में जो कुछ हो रहा है उसका एक पैटर्न है उसके नेट्वर्क की जड़े तक पहुँचने के लाइट ते करवाई की जा रही है.
पिछले एक साल से घाटी में कई स्कूल, सरकारी दफ़्तर और पुलिस स्टेशन जलाए गए हैं. कई पुलिस स्टेशन से हथियार भी लूटे गए हैं. NIA ऐसी 150 FIR का अध्ययन कर रही है.टिप्पणियां
NIA का दावा है कि सर्च ऑपरेशन के दोरान अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थकों के साथ साथ हवाला कारोबारियों के यहां से एक करोड़ रुपये बरामद हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि हम लोग उनके संपत्ति के काग़ज़ात से लेकर बेनामी संपत्ति और बैंक अकाउंट्स की डिटेल के बारे में भी उनसे पूछताछ कर रहे हैं."
उन्होंने बताया कि घाटी में जो कुछ हो रहा है उसका एक पैटर्न है उसके नेट्वर्क की जड़े तक पहुँचने के लाइट ते करवाई की जा रही है.
NIA का दावा है कि सर्च ऑपरेशन के दोरान अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थकों के साथ साथ हवाला कारोबारियों के यहां से एक करोड़ रुपये बरामद हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि हम लोग उनके संपत्ति के काग़ज़ात से लेकर बेनामी संपत्ति और बैंक अकाउंट्स की डिटेल के बारे में भी उनसे पूछताछ कर रहे हैं."
उन्होंने बताया कि घाटी में जो कुछ हो रहा है उसका एक पैटर्न है उसके नेट्वर्क की जड़े तक पहुँचने के लाइट ते करवाई की जा रही है.
उन्होंने बताया कि घाटी में जो कुछ हो रहा है उसका एक पैटर्न है उसके नेट्वर्क की जड़े तक पहुँचने के लाइट ते करवाई की जा रही है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एनआई ने टेरर फंडिंग के खिलाफ चलाया अभियान
घाटी के 14 अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई
कुछ को स्टिंग में इस बारे में बोलते देखे गया था. | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होगा. ज्यादातर एग्जिट पोल केंद्र में मोदी सरकार की वापसी की ओर इशारा कर रहे हैं लेकिन उसको सीटों को लेकर भारी नुकसान होता दिख रहा है. एनडीटीवी पोल ऑफ पोल्स में जो आंकड़े हैं उसके मुताबिक एनडीए को 274 सीटों मिलती दिखाई दे रही हैं जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में उसे 336 सीटें मिली थीं. वहीं, लोकसभा चुनाव 2019 में हॉट सीट बनी बेगूसराय से सीपीआई उम्मीदवार और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने नामांकन किया. अपने समर्थकों और सीपीआई कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे कन्हैया कुमार ने निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में अपना नामांकन पर्चा भरा.
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड में चुनाव लड़ने के पीछे एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि कांग्रेस का अब पूरा फोक दक्षिण के राज्यों में पैठ बनाने की है क्योंकि उत्तर भारत में उसे क्षेत्रीय दलों जैसे उत्तर प्रदेश में सप-बसपा और बिहार में आरजेडी सहित कई अन्य पार्टियां तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में टीएमसी और ओडिशा में बीजू जनता दल से पार पाना इतना आसान नहीं होगा और उसे इन राज्यों में बीजेपी के साथ-साथ इन पार्टियों के बराबर वोटबैंक बढ़ाना होगा जो कि इतना आसान नहीं है.
वहीं, असम के विश्वनाथ जिले में कथित तौर पर गोमांस बेचने पर भीड़ द्वारा एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ मारपीट करने की घटना सामने आई है. घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें वह घुटनों पर बल बैठकर भीड़ से छोड़ने की भीख मांगता दिख रहा है. उधर, बॉलीवुड एक्टर कमाल आर खान (Kamaal R Khan) लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) का पूरा मजा ले रहे हैं. कमाल आर खान (Kamaal R KHan) लगातार नेताओं पर कमेंट कर रहे हैं और उनके ट्वीट जमकर वायरल भी हो रहे हैं.
लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होगा. ज्यादातर एग्जिट पोल केंद्र में मोदी सरकार की वापसी की ओर इशारा कर रहे हैं लेकिन उसको सीटों को लेकर भारी नुकसान होता दिख रहा है. एनडीटीवी पोल ऑफ पोल्स में जो आंकड़े हैं उसके मुताबिक एनडीए को 274 सीटों मिलती दिखाई दे रही हैं जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में उसे 336 सीटें मिली थीं. बात करें बीजेपी की सीटों की तो उसे 228 सीटें मिल रही हैं. पिछली बार के मुकाबले उसे 54 सीटों का नुकसान होता दिखाई दे रहा है. वहीं यूपीए को कुल 140 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं और कांग्रेस को 88 सीटें मिल सकती हैं. इस बार भी वह तीन अंकों तक जाते नहीं दिखाई दे रही है. पिछली बार उसे 44 सीटें मिली थीं. वहीं अन्य के खाते में 129 सीटें जा सकती हैं. कुल मिलाकर केंद्र में एक बार फिर से मोदी सरकार की वापसी की संकेत मिल रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो यह एक तरह से कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जाएगा.
लोकसभा चुनाव 2019 में हॉट सीट बनी बेगूसराय से सीपीआई उम्मीदवार और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने नामांकन किया. अपने समर्थकों और सीपीआई कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे कन्हैया कुमार ने निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में अपना नामांकन पर्चा भरा. इससे पहले कन्हैया के रोड शो में काफी भीड़ देखने को मिली, जिसमें उनसे समर्थक लाल सलाम और लाल झंडों के साथ उत्साह और जोश से भरे दिखे. दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 में इस बार बिहार का बेगूसराय खासा चर्चाओं में है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बेगूसराय सीट से लोकसभा चुनाव के उम्मीवार कन्हैया कुमार, एनडीए के गिरिराज सिंह और महागठबंधन के तनवीर हसन के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं. कन्हैया कुमार को समर्थन देने के लिए विधायक जिग्नेश मेवानी, शेहला रशीद, गुरमेहर कौर और नजीब की मां अम्मा फ़ातिमा नफ़ीस तमाम लोग बिहार के बेगूसराय में पहुंचे, जो नामांकन के समय रोड शो में भी दिखे. इतना ही नहीं, कन्हैया के समर्थन में सड़कों पर जनसैलाब देखने को मिला. लाल झंडों और लाल सलाम के नारों के साथ समर्थक कन्हैया के साथ नामांकन के लिए जाते दिखे.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड में चुनाव लड़ने के पीछे एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि कांग्रेस का अब पूरा फोक दक्षिण के राज्यों में पैठ बनाने की है क्योंकि उत्तर भारत में उसे क्षेत्रीय दलों जैसे उत्तर प्रदेश में सप-बसपा और बिहार में आरजेडी सहित कई अन्य पार्टियां तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में टीएमसी और ओडिशा में बीजू जनता दल से पार पाना इतना आसान नहीं होगा और उसे इन राज्यों में बीजेपी के साथ-साथ इन पार्टियों के बराबर वोटबैंक बढ़ाना होगा जो कि इतना आसान नहीं है. लेकिन दक्षिण की राजनीति में उसे संभवाना दिख रही है. कर्नाटक की 28, आंध्र प्रदेश की 25, केरल की 20, तेलंगाना की 17, पुदुच्चेरी की 1, तमिलनाडु की 39 सीटें मिलाकर यहां पर कुल 130 सीटे हैं. कांग्रेस की नजर अब इन सीटों पर है. यहां एक बार और गौर करने लायक है. कांग्रेस के अंदर केरल की लॉबी एक बार फिर मजबूत होती दिख रही है और केसी वेणुगोपाल इस समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हमेशा देखे जा सकते हैं. केरल में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के गठबंधन का वामदलों से सीधा मुकाबला है और वायनाड सीट कांग्रेस का गढ़ रही है.
असम के विश्वनाथ जिले में कथित तौर पर गोमांस बेचने पर भीड़ द्वारा एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ मारपीट करने की घटना सामने आई है. घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें वह घुटनों पर बल बैठकर भीड़ से छोड़ने की भीख मांगता दिख रहा है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत लिया है. सूत्रों ने बताया कि 68 वर्षीय शौकत अली से सड़क पर मारपीट की गई और स्थानीय लोगों ने उसे सजा के तौर पर सुअर का मीट भी खिलाया. अभी उसका सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है. NDTV वीडियो या आदमी पर हमला करने वाली भीड़ की प्रामाणिकता को सत्यापित नहीं कर सकता है. जिला पुलिस के मुताबिक इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज करवाई गई हैं. इसमें से एक एफआईआर शौकत अली के भाई ने दर्ज करवाई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और वीडियो में दिख रहे लोगों की तलाश कर रही है. सूत्रों ने बताया कि शौकत अली से भीड़ ने पूछा कि क्या उसके पास गोमांस बेचने का लाइसेंस है? वीडियो में देखा जा सकता है भीड़ में एक व्यक्ति शौकत अली से पूछता है कि 'क्या तुम बांग्लादेशी हो? क्या तुम्हारा नाम एनआरसी में है?'
बॉलीवुड एक्टर कमाल आर खान (Kamaal R Khan) लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) का पूरा मजा ले रहे हैं. कमाल आर खान (Kamaal R KHan) लगातार नेताओं पर कमेंट कर रहे हैं और उनके ट्वीट जमकर वायरल भी हो रहे हैं. कभी वे पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हैं तो कभी गिरिराज सिंह. यही नहीं, अब उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को अपने निशाने पर लिया है. कमाल आर खान (KRK) ने अपने ट्वीट में मायावती और ममता बनर्जी के भारत के पीएम बनने को लेकर कमेंट किया है. | संक्षिप्त सारांश: बेगूसराय से कन्हैया कुमार ने भरा पर्चा
केआरके ने ममता और मायावती पर की टिप्पणी
असम में मुस्लिम युवक की पिटाई | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत सरकार ने अपने नागरिकों को शुक्रवार को सलाह दी कि वे जल्द से जल्द यमन छोड़ दें। यमन में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच बढ़ती हिंसा की घटनाओं को देखते हुए यह सलाह दी गई है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि यमन के हालात और बढ़ती हिंसक घटनाओं को देखते हुए वहां रह रहे सभी भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी उपलब्ध साधन से यमन से निकल आएं। यमन की राजधानी सना में सोमवार से अब तक सरकारी सुरक्षा बलों और कबायली विद्रोहियों के बीच हिंसक झड़पों में करीब 70 लोग मारे जा चुके हैं। जो भारतीय वहां से निकलने में सक्षम नहीं हैं उन्हें किसी अपरिहार्य परिस्थिति को छोड़कर बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। सलाह में कहा गया है, "यमन की राजधानी सना में भारतीय दूतावास और राजदूत काम करते रहेंगे और वहां से निकलने तक किसी भी सहायता के लिए भारतीय नागरिक उनसे सम्पर्क कर सकते हैं।" अमेरिका और ब्रिटेन जैसे अन्य देश पहले ही अपने नागरिकों को यमन छोड़ने की सलाह दे चुके हैं। गौरतलब है कि रविवार को यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुला सालेह ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद वहां झड़पें शुरू हो गईं। सालेह यमन में वर्ष 1978 से राष्ट्रपति पद पर काबिज हैं। वर्ष 2006 में हुए दोबारा चुनाव वह जीत नहीं पाए। उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सालेह ने वर्ष 2013 से राष्ट्रपति का चुनाव न लड़ने का वादा किया है। | यमन की राजधानी सना में सोमवार से अब तक सरकारी सुरक्षा बलों और कबायली विद्रोहियों के बीच हिंसक झड़पों में करीब 70 लोग मारे जा चुके हैं। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फिल्म बना रहे धारावाहिक व्यापारी और अरबपति बी आर शेट्टी के स्वामित्व वाली एक कंपनी ने एक विज्ञप्ति में बताया है, 'यह फिल्म मुख्य रूप से अंग्रेजी, हिन्दी, मलायालम, कन्नड़, तमिल और तेलगु एवं प्रमुख विदेशी भाषाओं में बनायी जाएगी.' निर्माताओं की कोशिश रहेगी की इस फिल्म को दुनिया के सभी महाद्वीपों तक पहुंचाया जाए. फिल्म का निर्माण दो हिस्से में किया जाएगा और इसकी शूटिंग सितंबर 2018 में शुरू हो जाएगी और 2020 की शुरूआत में इसका प्रदर्शन होगा.
फिल्म बना रहे धारावाहिक व्यापारी और अरबपति बी आर शेट्टी के स्वामित्व वाली एक कंपनी ने एक विज्ञप्ति में बताया है, 'यह फिल्म मुख्य रूप से अंग्रेजी, हिन्दी, मलायालम, कन्नड़, तमिल और तेलगु एवं प्रमुख विदेशी भाषाओं में बनायी जाएगी.' निर्माताओं की कोशिश रहेगी की इस फिल्म को दुनिया के सभी महाद्वीपों तक पहुंचाया जाए. फिल्म का निर्माण दो हिस्से में किया जाएगा और इसकी शूटिंग सितंबर 2018 में शुरू हो जाएगी और 2020 की शुरूआत में इसका प्रदर्शन होगा. | यह एक सारांश है: 1000 करोड़ की फिल्म 'द महाभारत' बनेगी भीम के नजरिए से
फिल्म में भीम का किरदार निभाएंगे अभिनेता मोहनलाल
मोहनलाल ने कहा, 'मेरी तरफ से हर तरह का सहयोग होगा' | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लगातार दो मुकाबले जीतकर चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करने वाली दक्षिण अफ्रीका की वॉरियर्स टीम का मुकाबला इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के साथ शनिवार को होगा। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाने वाला ग्रुप-बी का यह मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है। वॉरियर्स ने अपने पहले मुकाबले में आईपीएल की फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को रोमांचक मुकाबले में तीन विकेट से मात दी थी जबकि दूसरे मुकाबले में उसने साउथ आस्ट्रेलिया रेडबैक्स को 50 रनों से हराया था। वॉरियर्स के दो मैचों में चार अंक है और वह अपने ग्रुप में शीर्ष पर है। नाइट राइडर्स टीम अब तक तीन मुकाबला खेल चुकी है जिनमें से दो में उसे हार का सामना करना पड़ा है जबकि एक मुकाबला जीतने में वह सफल रही है। नाइट राइडर्स ने अपने पिछले मुकाबले में बैंगलोर को नौ विकेट से हराया था हालांकि इस जीत के बावजूद उसे सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए वॉरियर्स के खिलाफ खेले जाने वाले मैच को हरहाल में जीतना होगा। दो अंक लेकर नाइट राइडर्स अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर है। वॉरियर्स के कप्तान जोहान बोथा को सलामी बल्लेबाज जोन-जोन स्मट्स से इस मुकाबले में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। स्मट्स ने रेडबैक्स के खिलाफ 88 रनों की शानदार पारी खेली थी। इसके अलावा एश्वेल प्रिंस, कोलिन इंग्रैम, मार्क बाउचर और स्वयं बोथा टीम की बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान करेंगे जबकि लोनवाबो त्सोत्सोबे, रस्टी थेरॉन और वायने पार्नेल तेज गेंदबाजी आक्रमण सम्भालेंगे। स्पिन की कमान बोथा बौर निकी बोए के हाथों में होगी। दूसरी ओर, बैंगलोर पर शानदार जीत दर्ज करने के बाद नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गम्भीर खिताब जीतने का सपना संजोने लगे हैं। गम्भीर का कहना है कि यदि उनकी टीम इस मुकाबले को जीत लेती है तो वह खिताब के नजदीक पहुंच जाएगी। नाइट राइडर्स के सलामी बल्लेबाज जैक्स कैलिस और ब्रैड हेडिन शानदार फॉर्म में हैं। इन दोनों बल्लेबाजों ने बैंगलोर के खिलाफ पहले विकेट के लिए 62 रनों की साझेदारी की थी। इस मुकाबले में गम्भीर ने नाबाद 55 रन बनाए थे। गम्भीर की मानें तो उनके गेंदबाज मैच के अंतिम के कुछ ओवरों में अच्छी गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं जो उनके लिए चिंता का विषय है। ऐसे में गम्भीर की कोशिश इस मुकाबले को जीतकर सेमीफाइनल की अपनी दावेदारी को मजबूत करने की होगी। | संक्षिप्त पाठ: लगातार दो मुकाबले जीतकर चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करने वाली वॉरियर्स का मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ होगा। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीनी गश्ती दल भटक कर भारतीय सीमा में आ जाते हैं लेकिन चीन के साथ लगी सीमा सबसे शांत है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने बताया, चीन के साथ हमारी लंबी सीमा है। चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) अभी तक सीमांकित नहीं है और इसलिए, चूंकि रेखा सीमांकित नहीं है, अवधारणा में मतभेद है जो बहुत स्वाभाविक है और मैं कहता हूं कि यह लंबी सीमा है। प्रकाश ने कहा, समय समय पर गश्ती दल भटक जाते हैं। यह कोई नया नहीं है। यह होता है। लेकिन जब होता है, वे अपने क्षेत्र में लौट जाते हैं। वह एलएसी से लगे इलाके में चीनी गश्ती दल के हालिया प्रवेश के बारे में रिपोटरें पर प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, मैं उजागर करना चाहूंगा कि भारत-चीन सीमा सर्वाधिक शांत सीमाओं में से एक है। प्रकाश ने कहा कि भारत और चीन के पास एक बहुत ही अच्छा तंत्र है और अगर इस तरह के प्रवेश पर कोई मुद्दा सामने आता है तो उन्हें तुरंत उठाया जाता है और सौहाद्रपूर्ण ढंग से हल किया जाता है। | संक्षिप्त पाठ: भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीनी गश्ती दल भटक कर भारतीय सीमा में आ जाते हैं लेकिन चीन के साथ लगी सीमा सबसे शांत है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्राजील ने अमेरिका तथा चीन जैसे देशों द्वारा अपनी मुद्राओं की विनिमय दरों के मामले में चालबाजी के कारण दुनिया में व्यापार युद्ध शुरू होने के प्रति आगाह किया और कहा कि वह इस मुद्दे को विश्व व्यापार संगठन तथा अन्य वैश्विक मंचों पर उठाएगा। आरोप है कि चीन और अमेरिका जैसे देश निर्यात बढ़ाने के लिए अपनी मुद्राओं की दर को कृत्रिम रूप से मजबूत होने से रोके हुए हैं, ताकि विदेशियों को उनके यहां से आयात करना आकर्षक दिखे। ब्राजील के वित्त मंत्री गुइडो मोंतेगा ने अखबार 'फाइनेंसियल टाइम्स' से कहा, यह मुद्रा युद्ध है जो व्यापार युद्ध में बदलता जा रहा है। मोंतेगा ने कहा कि ब्राजील अपनी मुद्रा में और मजबूती को रोकने के लिए कदमों की योजना बना रहा हैं। उन्होंने कहा कि मुद्रा में गड़बड़ी के मुद्दे को विश्व व्यापार संगठन तथा अन्य वैश्विक मंचों पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मोर्चे पर सबसे अधिक गड़बड़ी करने वालों में अमेरिका तथा चीन है। | संक्षिप्त पाठ: ब्राजील ने अमेरिका व चीन द्वारा अपनी मुद्राओं की विनिमय दरों के मामले में चालबाजी के कारण दुनिया में व्यापार युद्ध शुरू होने के प्रति आगाह किया है। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दीवान ने कहा था कि उनके पूर्वज ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती ने इस देश की संस्कृति को इस्लाम के नियमों के साथ अपना कर मुल्क में अमन शांति और मानव सेवा के लिए जीवन समर्पित किया. उसी तहजीब को बचाने के लिये गरीब नवाज के 805 उर्स के मौके पर उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि वह और उनका परिवार बीफ के सेवन को त्यागने का ऐलान करते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि वह हिंदोस्तान के मुसलमानों से यह अपील करते हैं कि देश में सद्भावना के पुनर्स्थापना के लिए इसको त्याग कर मिसाल पेश करें. टिप्पणियां
उन्होंने आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह भी कहा था कि गौवंश की प्रजातियों के मांस को लेकर मुल्क में सैंकड़ों साल से जिस गंगा जमुनी तहजीब से हिन्दू और मुसलमानों के मध्य मोहब्बत और भाईचारे का माहौल परंपरागत रूप से स्थापित था, उसे ठेस पहुंची है. उसी सद्भावना की विरासत के पुनस्थार्पना की फिर से जरूरत है. इसके लिये मुसलमानों को विवाद की जड़ को ही खत्म करने की पहल करते हुऐ गौवंश (बीफ) के मांस के सेवन को त्याग देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि गौवध और इनके मांस की बिक्री पर रोक लगने से इस मुल्की मजहबी रवादारी मोहब्बत और सदभावना फिर से उसी तरह कायम हो सकेगी जैसी सैंकड़ों सालों से रही है. चिश्ती के वंशज एवं सज्जादानशीन दरगाह दीवान ने गुजरात सरकार द्वारा गुजरात विधानसभा में पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 पारित करने के फैसले की सराहना की. उन्होंने कहा था कि इसी तरह केंद्र सरकार को गौवंश की हत्या पर पाबंदी लगाकर गौहत्या करने वालों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान करना चाहिए और गाय को राष्ट्रीय पशु की घोषित कर देना चाहिए. अगर उद्देश्य सिर्फ गाय और इसके वंश को बचाना है क्योंकि वह हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है तो ये सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि हर धर्म को मानने वाले का कर्तव्य है कि वह अपने धर्म के बताए रास्ते पर चलकर इनकी रक्षा करे.
उन्होंने आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह भी कहा था कि गौवंश की प्रजातियों के मांस को लेकर मुल्क में सैंकड़ों साल से जिस गंगा जमुनी तहजीब से हिन्दू और मुसलमानों के मध्य मोहब्बत और भाईचारे का माहौल परंपरागत रूप से स्थापित था, उसे ठेस पहुंची है. उसी सद्भावना की विरासत के पुनस्थार्पना की फिर से जरूरत है. इसके लिये मुसलमानों को विवाद की जड़ को ही खत्म करने की पहल करते हुऐ गौवंश (बीफ) के मांस के सेवन को त्याग देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि गौवध और इनके मांस की बिक्री पर रोक लगने से इस मुल्की मजहबी रवादारी मोहब्बत और सदभावना फिर से उसी तरह कायम हो सकेगी जैसी सैंकड़ों सालों से रही है. चिश्ती के वंशज एवं सज्जादानशीन दरगाह दीवान ने गुजरात सरकार द्वारा गुजरात विधानसभा में पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 पारित करने के फैसले की सराहना की. उन्होंने कहा था कि इसी तरह केंद्र सरकार को गौवंश की हत्या पर पाबंदी लगाकर गौहत्या करने वालों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान करना चाहिए और गाय को राष्ट्रीय पशु की घोषित कर देना चाहिए. अगर उद्देश्य सिर्फ गाय और इसके वंश को बचाना है क्योंकि वह हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है तो ये सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि हर धर्म को मानने वाले का कर्तव्य है कि वह अपने धर्म के बताए रास्ते पर चलकर इनकी रक्षा करे.
उन्होंने कहा कि गौवध और इनके मांस की बिक्री पर रोक लगने से इस मुल्की मजहबी रवादारी मोहब्बत और सदभावना फिर से उसी तरह कायम हो सकेगी जैसी सैंकड़ों सालों से रही है. चिश्ती के वंशज एवं सज्जादानशीन दरगाह दीवान ने गुजरात सरकार द्वारा गुजरात विधानसभा में पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 पारित करने के फैसले की सराहना की. उन्होंने कहा था कि इसी तरह केंद्र सरकार को गौवंश की हत्या पर पाबंदी लगाकर गौहत्या करने वालों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान करना चाहिए और गाय को राष्ट्रीय पशु की घोषित कर देना चाहिए. अगर उद्देश्य सिर्फ गाय और इसके वंश को बचाना है क्योंकि वह हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है तो ये सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि हर धर्म को मानने वाले का कर्तव्य है कि वह अपने धर्म के बताए रास्ते पर चलकर इनकी रक्षा करे. | सारांश: भाई ने दरगाह के दीवान को पद से हटाया
उनकी जगह खुद को इस पद पर नियुक्त किया
बीफ पर बैन और ट्रिपल तलाक पर दीवान ने रखी थी राय | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत सरकार ने सोमवार को कहा कि वह भारतीय छात्र अनुज बिदवे की मैनचेस्टर में हुई हत्या में शामिल दोषियों के खिलाफ ब्रिटेन के अधिकारियों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से वह संतुष्ट है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त जेम्स बेवन की केन्द्रीय गृह सचिव आरके सिंह के साथ मुलाकात के दौरान इस मसले पर चर्चा हुई।
बेवन ने सिंह को बताया कि अब तक पांच लोगों को हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका है और इस मामले को तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाने के लिए हरसंभव कदम उठाये जा रहे हैं।
उच्चायोग ने अनुज के माता पिता को लंदन जाने के लिए वीजा पहले ही दे दिया है। उसके शव को भारत लाने के लिए भी कदम उठाये जा रहे हैं।
सूत्रों ने कहा, ‘हम इस पूरे मामले में ब्रिटेन के अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट हैं।’ अनुज को बाक्सिंग डे के दिन सालफोर्ड में सिर में गोली मार दी गई थी। 23 साल का अनुज उस समय दोस्त के साथ अपने होटल के करीब ही टहल रहा था। | भारत सरकार ने कहा कि वह भारतीय छात्र अनुज बिदवे की मैनचेस्टर में हुई हत्या में शामिल दोषियों के खिलाफ ब्रिटेन के अधिकारियों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से वह संतुष्ट है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण का मेडल जीतने का सपना टूट गया. 75 किग्रा मिडिलवेट कैटेगरी के क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में वह उजबेकिस्तान के बेक्तेमीर मेलिकुजीव से हार गए. यदि विकास यह मैच जीतते तो उनका पदक सुनिश्चित हो जाता लेकिन पूरे मैच में उजबेक बॉक्सर का दबदबा बरकरार रहा. विकास कृष्ण पूरे मैच में किसी भी पल उसको चुनौती नहीं दे पाए.
उल्लेखनीय है कि 2012 के लंदन ओलिंपिक में विकास प्री-क्वार्टरफाइनल में हारकर बाहर हुए थे. इस हार के साथ ही भारतीय बॉक्सरों की रियो ओलिंपिक में चुनौती समाप्त हो गई है.
इससे पहले भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव ने ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलिंपिक खेलों के चौथे दिन मंगलवार को पुरुषों की 75 किलोग्राम मिडिलवेट स्पर्धा का पहला मुकाबला 3-0 से जीत लिया था. विकास ने स्पर्धा के प्रीलिमिनरी बाउट में अमेरिका के अपने प्रतिद्वंद्वी एल्बर्ट शोन चार्ल्स कोनवेल को हराया था.
पहले राउंड में अमेरिकी मुक्केबाज आक्रामक रहे, लेकिन विकास ने कुशल खेल का परिचय देते हुए अहम अंक हासिल किए थे. पहले राउंड में विकास को तीनों निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए, जबकि कोनवेल को 9-9 अंक मिले थे.
दूसरे राउंड में भी विकास तकनीकी रूप से आगे रहे थे. दूसरे राउंड के लिए विकास को पहले निर्णायक ने नौ अंक दिए जबकि शेष निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए थे. दूसरी ओर कोनवेल को सिर्फ एक निर्णायक ने 10 अंक दिए थे.टिप्पणियां
दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ प्रहार सीधे विकास के चेहरे पर लगे थे, लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध प्रहार करने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही उचित समझा.
विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए थे. वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए थे.
उल्लेखनीय है कि 2012 के लंदन ओलिंपिक में विकास प्री-क्वार्टरफाइनल में हारकर बाहर हुए थे. इस हार के साथ ही भारतीय बॉक्सरों की रियो ओलिंपिक में चुनौती समाप्त हो गई है.
इससे पहले भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव ने ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलिंपिक खेलों के चौथे दिन मंगलवार को पुरुषों की 75 किलोग्राम मिडिलवेट स्पर्धा का पहला मुकाबला 3-0 से जीत लिया था. विकास ने स्पर्धा के प्रीलिमिनरी बाउट में अमेरिका के अपने प्रतिद्वंद्वी एल्बर्ट शोन चार्ल्स कोनवेल को हराया था.
पहले राउंड में अमेरिकी मुक्केबाज आक्रामक रहे, लेकिन विकास ने कुशल खेल का परिचय देते हुए अहम अंक हासिल किए थे. पहले राउंड में विकास को तीनों निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए, जबकि कोनवेल को 9-9 अंक मिले थे.
दूसरे राउंड में भी विकास तकनीकी रूप से आगे रहे थे. दूसरे राउंड के लिए विकास को पहले निर्णायक ने नौ अंक दिए जबकि शेष निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए थे. दूसरी ओर कोनवेल को सिर्फ एक निर्णायक ने 10 अंक दिए थे.टिप्पणियां
दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ प्रहार सीधे विकास के चेहरे पर लगे थे, लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध प्रहार करने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही उचित समझा.
विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए थे. वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए थे.
इससे पहले भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव ने ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलिंपिक खेलों के चौथे दिन मंगलवार को पुरुषों की 75 किलोग्राम मिडिलवेट स्पर्धा का पहला मुकाबला 3-0 से जीत लिया था. विकास ने स्पर्धा के प्रीलिमिनरी बाउट में अमेरिका के अपने प्रतिद्वंद्वी एल्बर्ट शोन चार्ल्स कोनवेल को हराया था.
पहले राउंड में अमेरिकी मुक्केबाज आक्रामक रहे, लेकिन विकास ने कुशल खेल का परिचय देते हुए अहम अंक हासिल किए थे. पहले राउंड में विकास को तीनों निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए, जबकि कोनवेल को 9-9 अंक मिले थे.
दूसरे राउंड में भी विकास तकनीकी रूप से आगे रहे थे. दूसरे राउंड के लिए विकास को पहले निर्णायक ने नौ अंक दिए जबकि शेष निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए थे. दूसरी ओर कोनवेल को सिर्फ एक निर्णायक ने 10 अंक दिए थे.टिप्पणियां
दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ प्रहार सीधे विकास के चेहरे पर लगे थे, लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध प्रहार करने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही उचित समझा.
विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए थे. वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए थे.
पहले राउंड में अमेरिकी मुक्केबाज आक्रामक रहे, लेकिन विकास ने कुशल खेल का परिचय देते हुए अहम अंक हासिल किए थे. पहले राउंड में विकास को तीनों निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए, जबकि कोनवेल को 9-9 अंक मिले थे.
दूसरे राउंड में भी विकास तकनीकी रूप से आगे रहे थे. दूसरे राउंड के लिए विकास को पहले निर्णायक ने नौ अंक दिए जबकि शेष निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए थे. दूसरी ओर कोनवेल को सिर्फ एक निर्णायक ने 10 अंक दिए थे.टिप्पणियां
दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ प्रहार सीधे विकास के चेहरे पर लगे थे, लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध प्रहार करने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही उचित समझा.
विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए थे. वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए थे.
दूसरे राउंड में भी विकास तकनीकी रूप से आगे रहे थे. दूसरे राउंड के लिए विकास को पहले निर्णायक ने नौ अंक दिए जबकि शेष निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए थे. दूसरी ओर कोनवेल को सिर्फ एक निर्णायक ने 10 अंक दिए थे.टिप्पणियां
दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ प्रहार सीधे विकास के चेहरे पर लगे थे, लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध प्रहार करने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही उचित समझा.
विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए थे. वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए थे.
दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ प्रहार सीधे विकास के चेहरे पर लगे थे, लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध प्रहार करने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही उचित समझा.
विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए थे. वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए थे.
विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए थे. वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए थे. | संक्षिप्त सारांश: पूरे मैच में विरोधी का पलड़ा भारी रहा
2012 लंदन ओलिंपिक में प्री-क्वार्टरफाइनल में हारे थे
भारतीय मुक्केबाज ओलिंपिक में कुछ खास नहीं कर सके | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऐसी हालत में भी कुछ लोग अपना सामान लेने की कोशिश में हैं तो कुछ बैग छोड़कर जल्दी बाहर निकलने की कोशिश में हैं. यह विमान तिरुवनंतपुरम से कल सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर उड़ा था. इसे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 12 बजकर 50 मिनट पर उतरना था लेकिन लैंडिंग गियर में कुछ तकनीकी खराबी के चलते विमान को क्रैश लैंडिंग करनी पड़ी.
इस आपात स्थिति के दौरान फिल्माए गए एक वीडियो एक पैंसेजर को 'लैपटॉप, लैपटॉप' कहते सुना गया, जिससे प्रतीत होता है कि लोग संकट के हालातों की अनदेखी कर अपने सामान तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे.
सोशल मीडिया पर डाले गए एक वीडियो में दिख रहा है कि कोलाहल के बीच विमान चालक दल के सदस्य यात्रियों को चिल्लाकर पैराशूट के जरिए बाहर निकलने के लिए कह रहे हैं. कुछ देर बाद, विमान धमाके से नष्ट हो गया और फिर आग से एक स्थानीय फायर फाइटर की मौत हो गई.
विमान में करीब 300 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर केरल से थे. एक महिला फ्लाट अटेंडेंट चिल्लाई, 'पैराशूट, पैराशूट, पैराशूट'. सामान की परवाह न करें, स्लाइड पर कूद जाएं.टिप्पणियां
राहत की बात यह है कि विमान में सवार 282 यात्रियों और चालक दल के 18 सदस्यों को समय रहते सुरक्षित उतार लिया गया.
बोइंग 777 के आग के हवाले होने के बाद दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया.
इस आपात स्थिति के दौरान फिल्माए गए एक वीडियो एक पैंसेजर को 'लैपटॉप, लैपटॉप' कहते सुना गया, जिससे प्रतीत होता है कि लोग संकट के हालातों की अनदेखी कर अपने सामान तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे.
सोशल मीडिया पर डाले गए एक वीडियो में दिख रहा है कि कोलाहल के बीच विमान चालक दल के सदस्य यात्रियों को चिल्लाकर पैराशूट के जरिए बाहर निकलने के लिए कह रहे हैं. कुछ देर बाद, विमान धमाके से नष्ट हो गया और फिर आग से एक स्थानीय फायर फाइटर की मौत हो गई.
विमान में करीब 300 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर केरल से थे. एक महिला फ्लाट अटेंडेंट चिल्लाई, 'पैराशूट, पैराशूट, पैराशूट'. सामान की परवाह न करें, स्लाइड पर कूद जाएं.टिप्पणियां
राहत की बात यह है कि विमान में सवार 282 यात्रियों और चालक दल के 18 सदस्यों को समय रहते सुरक्षित उतार लिया गया.
बोइंग 777 के आग के हवाले होने के बाद दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया.
सोशल मीडिया पर डाले गए एक वीडियो में दिख रहा है कि कोलाहल के बीच विमान चालक दल के सदस्य यात्रियों को चिल्लाकर पैराशूट के जरिए बाहर निकलने के लिए कह रहे हैं. कुछ देर बाद, विमान धमाके से नष्ट हो गया और फिर आग से एक स्थानीय फायर फाइटर की मौत हो गई.
विमान में करीब 300 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर केरल से थे. एक महिला फ्लाट अटेंडेंट चिल्लाई, 'पैराशूट, पैराशूट, पैराशूट'. सामान की परवाह न करें, स्लाइड पर कूद जाएं.टिप्पणियां
राहत की बात यह है कि विमान में सवार 282 यात्रियों और चालक दल के 18 सदस्यों को समय रहते सुरक्षित उतार लिया गया.
बोइंग 777 के आग के हवाले होने के बाद दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया.
विमान में करीब 300 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर केरल से थे. एक महिला फ्लाट अटेंडेंट चिल्लाई, 'पैराशूट, पैराशूट, पैराशूट'. सामान की परवाह न करें, स्लाइड पर कूद जाएं.टिप्पणियां
राहत की बात यह है कि विमान में सवार 282 यात्रियों और चालक दल के 18 सदस्यों को समय रहते सुरक्षित उतार लिया गया.
बोइंग 777 के आग के हवाले होने के बाद दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया.
राहत की बात यह है कि विमान में सवार 282 यात्रियों और चालक दल के 18 सदस्यों को समय रहते सुरक्षित उतार लिया गया.
बोइंग 777 के आग के हवाले होने के बाद दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया.
बोइंग 777 के आग के हवाले होने के बाद दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कुछ पैसेंजर्स बैग लेने की कोशिश में थे तो कुछ बाहर निकलने की
दुबई एयरपोर्ट पर हुई थी क्रैश लैंडिंग
विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित उतार लिया गया था | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की प्रतिभाशाली तीरंदाज दीपिका कुमारी और पुरुष रिकर्व टीम ने अंताल्या में चल रहे विश्व कप के दूसरे चरण में फाइनल में जगह बना ली।
महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में दीपिका का सामना अब कोरिया की ली सुंग जिन से होगा। 18 बरस की दीपिका ने चीनी ताइपै की लिन चिया एन को सेमीफाइनल में 6-1 से हराया।
क्वार्टर फाइनल में उसे जर्मनी की करीना विंटर को 6-0 से मात दी थी।
राहुल बनर्जी, जयंत तालुकदार और तरुणदीप राय की पुरुष रिकर्व टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को 225-224 अंक से शिकस्त दी। अब फाइनल में उनका सामना ब्रिटेन से होगा।
एल बोम्बाल्या देवी, सी स्वुरो और दीपिका कुमारी की महिला टीम क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे से 210-223 से हार गई।टिप्पणियां
महिला और पुरुष कंपाउंड तीरंदाज चौथे दौर में ही बाहर हो गए।
राष्ट्रीय कंपाउंड चैम्पियन राजस्थान के रजत चौहान क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के ब्रेडन जी से टाइब्रेकर में हार गए। पुरुष कंपाउंड टीम आठवें और महिला टीम छठे स्थान पर रही।
महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में दीपिका का सामना अब कोरिया की ली सुंग जिन से होगा। 18 बरस की दीपिका ने चीनी ताइपै की लिन चिया एन को सेमीफाइनल में 6-1 से हराया।
क्वार्टर फाइनल में उसे जर्मनी की करीना विंटर को 6-0 से मात दी थी।
राहुल बनर्जी, जयंत तालुकदार और तरुणदीप राय की पुरुष रिकर्व टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को 225-224 अंक से शिकस्त दी। अब फाइनल में उनका सामना ब्रिटेन से होगा।
एल बोम्बाल्या देवी, सी स्वुरो और दीपिका कुमारी की महिला टीम क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे से 210-223 से हार गई।टिप्पणियां
महिला और पुरुष कंपाउंड तीरंदाज चौथे दौर में ही बाहर हो गए।
राष्ट्रीय कंपाउंड चैम्पियन राजस्थान के रजत चौहान क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के ब्रेडन जी से टाइब्रेकर में हार गए। पुरुष कंपाउंड टीम आठवें और महिला टीम छठे स्थान पर रही।
क्वार्टर फाइनल में उसे जर्मनी की करीना विंटर को 6-0 से मात दी थी।
राहुल बनर्जी, जयंत तालुकदार और तरुणदीप राय की पुरुष रिकर्व टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को 225-224 अंक से शिकस्त दी। अब फाइनल में उनका सामना ब्रिटेन से होगा।
एल बोम्बाल्या देवी, सी स्वुरो और दीपिका कुमारी की महिला टीम क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे से 210-223 से हार गई।टिप्पणियां
महिला और पुरुष कंपाउंड तीरंदाज चौथे दौर में ही बाहर हो गए।
राष्ट्रीय कंपाउंड चैम्पियन राजस्थान के रजत चौहान क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के ब्रेडन जी से टाइब्रेकर में हार गए। पुरुष कंपाउंड टीम आठवें और महिला टीम छठे स्थान पर रही।
राहुल बनर्जी, जयंत तालुकदार और तरुणदीप राय की पुरुष रिकर्व टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को 225-224 अंक से शिकस्त दी। अब फाइनल में उनका सामना ब्रिटेन से होगा।
एल बोम्बाल्या देवी, सी स्वुरो और दीपिका कुमारी की महिला टीम क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे से 210-223 से हार गई।टिप्पणियां
महिला और पुरुष कंपाउंड तीरंदाज चौथे दौर में ही बाहर हो गए।
राष्ट्रीय कंपाउंड चैम्पियन राजस्थान के रजत चौहान क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के ब्रेडन जी से टाइब्रेकर में हार गए। पुरुष कंपाउंड टीम आठवें और महिला टीम छठे स्थान पर रही।
एल बोम्बाल्या देवी, सी स्वुरो और दीपिका कुमारी की महिला टीम क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे से 210-223 से हार गई।टिप्पणियां
महिला और पुरुष कंपाउंड तीरंदाज चौथे दौर में ही बाहर हो गए।
राष्ट्रीय कंपाउंड चैम्पियन राजस्थान के रजत चौहान क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के ब्रेडन जी से टाइब्रेकर में हार गए। पुरुष कंपाउंड टीम आठवें और महिला टीम छठे स्थान पर रही।
महिला और पुरुष कंपाउंड तीरंदाज चौथे दौर में ही बाहर हो गए।
राष्ट्रीय कंपाउंड चैम्पियन राजस्थान के रजत चौहान क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के ब्रेडन जी से टाइब्रेकर में हार गए। पुरुष कंपाउंड टीम आठवें और महिला टीम छठे स्थान पर रही।
राष्ट्रीय कंपाउंड चैम्पियन राजस्थान के रजत चौहान क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के ब्रेडन जी से टाइब्रेकर में हार गए। पुरुष कंपाउंड टीम आठवें और महिला टीम छठे स्थान पर रही। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत की प्रतिभाशाली तीरंदाज दीपिका कुमारी और पुरुष रिकर्व टीम ने अंताल्या में चल रहे विश्व कप के दूसरे चरण में फाइनल में जगह बना ली। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टाटा समूह के निवर्तमान चेयरमैन रतन टाटा घोटालों तथा पिछली तारीख से करारोपण के कारण इस समय भारत की जो छवि बनी है, उससे परेशान हैं। वह चाहते हैं कि सरकार देश के कानून की पवित्रता को बनाए रखने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जताए।
टाटा समूह की 50 साल तक सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त हो रहे रतन टाटा ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, भारत की आज जो छवि है, वैसी पहले कभी नहीं थी। इन 50 वर्षों में वह 21 साल तक समूह के चेयरमैन रहे।
करीब एक घंटे चले साक्षात्कार में टाटा ने समूह के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल में किए गए निर्णयों, मौजूदा निवेश परिदृश्य तथा व्यावसायिक नैतिकता तथा भाई-भतीजावाद वाली पूंजीवादी व्यवस्था के बारे में बातें कीं। इस महीने 75 साल के हो रहे टाटा ने कहा कि हाल के घोटालों, अदालती प्रक्रियाओं तथा पिछली तारीख से करारोपण जैसी बातों से भारत की छवि को धक्का लगा है, इन सबके कारण सरकार की विश्वसनीयता को लेकर निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी है।
उन्होंने कहा, आपको भारत में निवेश के लिए एफआईपीबी से मंजूरी मिली और आपने कंपनी बनाई, आपको परिचालन के लिए लाइसेंस मिला और फिर उसके तीन साल बाद वही सरकार आपसे कहती है कि आपका लाइसेंस अवैध है और आपका सब कुछ चला गया।
टाटा ने कहा, इससे अनिश्चितता का माहौल बनता है। इससे पहले कभी भारत की ऐसी छवि नहीं रही। वास्तव में इन सबने मुझे परेशान किया, क्योंकि तब इसका तात्पर्य है कि कुछ भी हो सकता है। रतन टाटा ने जोर देकर कहा कि भारत को यह दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त करनी होगी कि देश के कानून में पवित्रता है और सरकार के फैसले को हल्के ढंग से नहीं लिया जा सकता।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि ऐसा न हुआ तो भारत को हल्के में लिया जाएगा। मौजूदा स्थिति की आलोचना करने के बावजूद टाटा भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर पूरे आशावान है। निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए टाटा ने कहा, एफडीआई तथा अन्य चीजों के लिए हाल में उन्होंने जो कुछ किया, मेरे हिसाब से उससे कुछ हद तक विश्वास बहाल होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इन कदमों का बड़ा सकारात्मक प्रभाव हो सकता है, लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं है।
टाटा ने कहा, लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करना होगा कि देश में जो कानून बने हैं, जो विधान हैं, वे बने रहेंगे। अगर इनमें बदलाव करना हो, तो वह तार्किक तरीके से होना चाहिए और वह आगे अपने वाले समय के लिए होना चाहिए न कि उसे पिछली तिथि से प्रभावी बनाया जाए। बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए टाटा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं के समक्ष चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे और उम्मीद है कि ये विकल्प अपेक्षाकृत कम लागत वाले होंगे। अगर ऐसा नहीं होगा, तो यह मॉडल को विफल समझा जाएगा।
टाटा समूह की 50 साल तक सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त हो रहे रतन टाटा ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, भारत की आज जो छवि है, वैसी पहले कभी नहीं थी। इन 50 वर्षों में वह 21 साल तक समूह के चेयरमैन रहे।
करीब एक घंटे चले साक्षात्कार में टाटा ने समूह के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल में किए गए निर्णयों, मौजूदा निवेश परिदृश्य तथा व्यावसायिक नैतिकता तथा भाई-भतीजावाद वाली पूंजीवादी व्यवस्था के बारे में बातें कीं। इस महीने 75 साल के हो रहे टाटा ने कहा कि हाल के घोटालों, अदालती प्रक्रियाओं तथा पिछली तारीख से करारोपण जैसी बातों से भारत की छवि को धक्का लगा है, इन सबके कारण सरकार की विश्वसनीयता को लेकर निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी है।
उन्होंने कहा, आपको भारत में निवेश के लिए एफआईपीबी से मंजूरी मिली और आपने कंपनी बनाई, आपको परिचालन के लिए लाइसेंस मिला और फिर उसके तीन साल बाद वही सरकार आपसे कहती है कि आपका लाइसेंस अवैध है और आपका सब कुछ चला गया।
टाटा ने कहा, इससे अनिश्चितता का माहौल बनता है। इससे पहले कभी भारत की ऐसी छवि नहीं रही। वास्तव में इन सबने मुझे परेशान किया, क्योंकि तब इसका तात्पर्य है कि कुछ भी हो सकता है। रतन टाटा ने जोर देकर कहा कि भारत को यह दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त करनी होगी कि देश के कानून में पवित्रता है और सरकार के फैसले को हल्के ढंग से नहीं लिया जा सकता।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि ऐसा न हुआ तो भारत को हल्के में लिया जाएगा। मौजूदा स्थिति की आलोचना करने के बावजूद टाटा भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर पूरे आशावान है। निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए टाटा ने कहा, एफडीआई तथा अन्य चीजों के लिए हाल में उन्होंने जो कुछ किया, मेरे हिसाब से उससे कुछ हद तक विश्वास बहाल होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इन कदमों का बड़ा सकारात्मक प्रभाव हो सकता है, लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं है।
टाटा ने कहा, लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करना होगा कि देश में जो कानून बने हैं, जो विधान हैं, वे बने रहेंगे। अगर इनमें बदलाव करना हो, तो वह तार्किक तरीके से होना चाहिए और वह आगे अपने वाले समय के लिए होना चाहिए न कि उसे पिछली तिथि से प्रभावी बनाया जाए। बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए टाटा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं के समक्ष चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे और उम्मीद है कि ये विकल्प अपेक्षाकृत कम लागत वाले होंगे। अगर ऐसा नहीं होगा, तो यह मॉडल को विफल समझा जाएगा।
करीब एक घंटे चले साक्षात्कार में टाटा ने समूह के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल में किए गए निर्णयों, मौजूदा निवेश परिदृश्य तथा व्यावसायिक नैतिकता तथा भाई-भतीजावाद वाली पूंजीवादी व्यवस्था के बारे में बातें कीं। इस महीने 75 साल के हो रहे टाटा ने कहा कि हाल के घोटालों, अदालती प्रक्रियाओं तथा पिछली तारीख से करारोपण जैसी बातों से भारत की छवि को धक्का लगा है, इन सबके कारण सरकार की विश्वसनीयता को लेकर निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी है।
उन्होंने कहा, आपको भारत में निवेश के लिए एफआईपीबी से मंजूरी मिली और आपने कंपनी बनाई, आपको परिचालन के लिए लाइसेंस मिला और फिर उसके तीन साल बाद वही सरकार आपसे कहती है कि आपका लाइसेंस अवैध है और आपका सब कुछ चला गया।
टाटा ने कहा, इससे अनिश्चितता का माहौल बनता है। इससे पहले कभी भारत की ऐसी छवि नहीं रही। वास्तव में इन सबने मुझे परेशान किया, क्योंकि तब इसका तात्पर्य है कि कुछ भी हो सकता है। रतन टाटा ने जोर देकर कहा कि भारत को यह दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त करनी होगी कि देश के कानून में पवित्रता है और सरकार के फैसले को हल्के ढंग से नहीं लिया जा सकता।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि ऐसा न हुआ तो भारत को हल्के में लिया जाएगा। मौजूदा स्थिति की आलोचना करने के बावजूद टाटा भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर पूरे आशावान है। निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए टाटा ने कहा, एफडीआई तथा अन्य चीजों के लिए हाल में उन्होंने जो कुछ किया, मेरे हिसाब से उससे कुछ हद तक विश्वास बहाल होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इन कदमों का बड़ा सकारात्मक प्रभाव हो सकता है, लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं है।
टाटा ने कहा, लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करना होगा कि देश में जो कानून बने हैं, जो विधान हैं, वे बने रहेंगे। अगर इनमें बदलाव करना हो, तो वह तार्किक तरीके से होना चाहिए और वह आगे अपने वाले समय के लिए होना चाहिए न कि उसे पिछली तिथि से प्रभावी बनाया जाए। बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए टाटा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं के समक्ष चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे और उम्मीद है कि ये विकल्प अपेक्षाकृत कम लागत वाले होंगे। अगर ऐसा नहीं होगा, तो यह मॉडल को विफल समझा जाएगा।
उन्होंने कहा, आपको भारत में निवेश के लिए एफआईपीबी से मंजूरी मिली और आपने कंपनी बनाई, आपको परिचालन के लिए लाइसेंस मिला और फिर उसके तीन साल बाद वही सरकार आपसे कहती है कि आपका लाइसेंस अवैध है और आपका सब कुछ चला गया।
टाटा ने कहा, इससे अनिश्चितता का माहौल बनता है। इससे पहले कभी भारत की ऐसी छवि नहीं रही। वास्तव में इन सबने मुझे परेशान किया, क्योंकि तब इसका तात्पर्य है कि कुछ भी हो सकता है। रतन टाटा ने जोर देकर कहा कि भारत को यह दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त करनी होगी कि देश के कानून में पवित्रता है और सरकार के फैसले को हल्के ढंग से नहीं लिया जा सकता।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि ऐसा न हुआ तो भारत को हल्के में लिया जाएगा। मौजूदा स्थिति की आलोचना करने के बावजूद टाटा भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर पूरे आशावान है। निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए टाटा ने कहा, एफडीआई तथा अन्य चीजों के लिए हाल में उन्होंने जो कुछ किया, मेरे हिसाब से उससे कुछ हद तक विश्वास बहाल होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इन कदमों का बड़ा सकारात्मक प्रभाव हो सकता है, लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं है।
टाटा ने कहा, लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करना होगा कि देश में जो कानून बने हैं, जो विधान हैं, वे बने रहेंगे। अगर इनमें बदलाव करना हो, तो वह तार्किक तरीके से होना चाहिए और वह आगे अपने वाले समय के लिए होना चाहिए न कि उसे पिछली तिथि से प्रभावी बनाया जाए। बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए टाटा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं के समक्ष चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे और उम्मीद है कि ये विकल्प अपेक्षाकृत कम लागत वाले होंगे। अगर ऐसा नहीं होगा, तो यह मॉडल को विफल समझा जाएगा।
टाटा ने कहा, इससे अनिश्चितता का माहौल बनता है। इससे पहले कभी भारत की ऐसी छवि नहीं रही। वास्तव में इन सबने मुझे परेशान किया, क्योंकि तब इसका तात्पर्य है कि कुछ भी हो सकता है। रतन टाटा ने जोर देकर कहा कि भारत को यह दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त करनी होगी कि देश के कानून में पवित्रता है और सरकार के फैसले को हल्के ढंग से नहीं लिया जा सकता।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि ऐसा न हुआ तो भारत को हल्के में लिया जाएगा। मौजूदा स्थिति की आलोचना करने के बावजूद टाटा भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर पूरे आशावान है। निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए टाटा ने कहा, एफडीआई तथा अन्य चीजों के लिए हाल में उन्होंने जो कुछ किया, मेरे हिसाब से उससे कुछ हद तक विश्वास बहाल होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इन कदमों का बड़ा सकारात्मक प्रभाव हो सकता है, लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं है।
टाटा ने कहा, लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करना होगा कि देश में जो कानून बने हैं, जो विधान हैं, वे बने रहेंगे। अगर इनमें बदलाव करना हो, तो वह तार्किक तरीके से होना चाहिए और वह आगे अपने वाले समय के लिए होना चाहिए न कि उसे पिछली तिथि से प्रभावी बनाया जाए। बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए टाटा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं के समक्ष चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे और उम्मीद है कि ये विकल्प अपेक्षाकृत कम लागत वाले होंगे। अगर ऐसा नहीं होगा, तो यह मॉडल को विफल समझा जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसा न हुआ तो भारत को हल्के में लिया जाएगा। मौजूदा स्थिति की आलोचना करने के बावजूद टाटा भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर पूरे आशावान है। निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए टाटा ने कहा, एफडीआई तथा अन्य चीजों के लिए हाल में उन्होंने जो कुछ किया, मेरे हिसाब से उससे कुछ हद तक विश्वास बहाल होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इन कदमों का बड़ा सकारात्मक प्रभाव हो सकता है, लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं है।
टाटा ने कहा, लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करना होगा कि देश में जो कानून बने हैं, जो विधान हैं, वे बने रहेंगे। अगर इनमें बदलाव करना हो, तो वह तार्किक तरीके से होना चाहिए और वह आगे अपने वाले समय के लिए होना चाहिए न कि उसे पिछली तिथि से प्रभावी बनाया जाए। बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए टाटा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं के समक्ष चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे और उम्मीद है कि ये विकल्प अपेक्षाकृत कम लागत वाले होंगे। अगर ऐसा नहीं होगा, तो यह मॉडल को विफल समझा जाएगा।
टाटा ने कहा, लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करना होगा कि देश में जो कानून बने हैं, जो विधान हैं, वे बने रहेंगे। अगर इनमें बदलाव करना हो, तो वह तार्किक तरीके से होना चाहिए और वह आगे अपने वाले समय के लिए होना चाहिए न कि उसे पिछली तिथि से प्रभावी बनाया जाए। बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए टाटा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं के समक्ष चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे और उम्मीद है कि ये विकल्प अपेक्षाकृत कम लागत वाले होंगे। अगर ऐसा नहीं होगा, तो यह मॉडल को विफल समझा जाएगा। | संक्षिप्त पाठ: टाटा समूह के निवर्तमान चेयरमैन रतन टाटा घोटालों तथा पिछली तारीख से करारोपण के कारण इस समय भारत की जो छवि बनी है, उससे परेशान हैं। वह चाहते हैं कि सरकार देश के कानून की पवित्रता को बनाए रखने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जताए। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: न्यूज़ीलैंड के साथ टेस्ट सीरीज़ के लिए भारतीय टेस्ट टीम में रोहित शर्मा या शिखर धवन की जगह उम्मीद की जा रही थी कि शायद गौतम गंभीर को एक मौका दिया जाएगा. दिलीप ट्रॉफी में गंभीर का बल्ला शानदार तरीके से बोल रहा है, वहीं रोहित का बल्ला खामोश है. वेस्ट इंडीज में उनके बल्ले से कुल जमा पचास रन निकले. फिर भी चयनकर्ताओं ने नाम के बूते उन्हें मौका दे दिया.
रोहित शर्मा का बल्ला बोलना भूल गया है. वेस्ट इंडीज में दो टेस्ट मैचों में उनके 9 और 41 रन का स्कोर इसकी बानगी भर है. पिछली सात पारियों में उन्होंने सिर्फ एक बार 50 रन बनाए हैं. लेकिन इन तमाम नाकामियों के बीच रोहित टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं. इस बारे में पूछे जाने पर मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने कहा " रोहित शर्मा बहुत शानदार खिलाड़ी हैं. उनमें बहुत प्रतिभा है. लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्हें बहुत ज्यादा मौका नहीं मिला है. हमें लगता है कि सिर्फ रोहित ही नहीं जिसे भी चुना जाए उसे एक ईमानदार मौका देना चाहिए.टिप्पणियां
साल 2013 में अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले रोहित ने अपने डेब्यू मैच में 177 रनों की शानदार पारी खेली. उसके बाद भी 111 रन जड़े लेकिन उसके बाद 18 टेस्ट मैचों में रोहित ने 946 रन ही बनाए, 32.62 के औसत से. इसमें चार अर्धशतक और दो शतक शामिल हैं.
हालांकि वन-डे में रोहित अभी भी शानदार हैं, लेकिन यहां कहानी 5 दिनों के खेल की है, जिसमें दम-खम के साथ धैर्य की भी जरूरत है. रोहित को परखने के लिए उन्हें दलीप ट्रॉफी में भी एक मौका दिया गया लेकिन वहां भी उनका बल्ला बोल गया. शायद कप्तान की कोहली की करीबी और नाम काम आया नहीं तो टेस्ट मैचों की उनकी हाल फिलहाल की पारी किसी काम की नहीं है. वैसे अपने घर में आने वाले 13 टेस्ट मैचों के लिए न्यूजीलैंड का टेस्ट पास कर अपनी जगह पक्की करने का उनके पास सुनहरा मौका है.
रोहित शर्मा का बल्ला बोलना भूल गया है. वेस्ट इंडीज में दो टेस्ट मैचों में उनके 9 और 41 रन का स्कोर इसकी बानगी भर है. पिछली सात पारियों में उन्होंने सिर्फ एक बार 50 रन बनाए हैं. लेकिन इन तमाम नाकामियों के बीच रोहित टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं. इस बारे में पूछे जाने पर मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने कहा " रोहित शर्मा बहुत शानदार खिलाड़ी हैं. उनमें बहुत प्रतिभा है. लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्हें बहुत ज्यादा मौका नहीं मिला है. हमें लगता है कि सिर्फ रोहित ही नहीं जिसे भी चुना जाए उसे एक ईमानदार मौका देना चाहिए.टिप्पणियां
साल 2013 में अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले रोहित ने अपने डेब्यू मैच में 177 रनों की शानदार पारी खेली. उसके बाद भी 111 रन जड़े लेकिन उसके बाद 18 टेस्ट मैचों में रोहित ने 946 रन ही बनाए, 32.62 के औसत से. इसमें चार अर्धशतक और दो शतक शामिल हैं.
हालांकि वन-डे में रोहित अभी भी शानदार हैं, लेकिन यहां कहानी 5 दिनों के खेल की है, जिसमें दम-खम के साथ धैर्य की भी जरूरत है. रोहित को परखने के लिए उन्हें दलीप ट्रॉफी में भी एक मौका दिया गया लेकिन वहां भी उनका बल्ला बोल गया. शायद कप्तान की कोहली की करीबी और नाम काम आया नहीं तो टेस्ट मैचों की उनकी हाल फिलहाल की पारी किसी काम की नहीं है. वैसे अपने घर में आने वाले 13 टेस्ट मैचों के लिए न्यूजीलैंड का टेस्ट पास कर अपनी जगह पक्की करने का उनके पास सुनहरा मौका है.
साल 2013 में अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले रोहित ने अपने डेब्यू मैच में 177 रनों की शानदार पारी खेली. उसके बाद भी 111 रन जड़े लेकिन उसके बाद 18 टेस्ट मैचों में रोहित ने 946 रन ही बनाए, 32.62 के औसत से. इसमें चार अर्धशतक और दो शतक शामिल हैं.
हालांकि वन-डे में रोहित अभी भी शानदार हैं, लेकिन यहां कहानी 5 दिनों के खेल की है, जिसमें दम-खम के साथ धैर्य की भी जरूरत है. रोहित को परखने के लिए उन्हें दलीप ट्रॉफी में भी एक मौका दिया गया लेकिन वहां भी उनका बल्ला बोल गया. शायद कप्तान की कोहली की करीबी और नाम काम आया नहीं तो टेस्ट मैचों की उनकी हाल फिलहाल की पारी किसी काम की नहीं है. वैसे अपने घर में आने वाले 13 टेस्ट मैचों के लिए न्यूजीलैंड का टेस्ट पास कर अपनी जगह पक्की करने का उनके पास सुनहरा मौका है.
हालांकि वन-डे में रोहित अभी भी शानदार हैं, लेकिन यहां कहानी 5 दिनों के खेल की है, जिसमें दम-खम के साथ धैर्य की भी जरूरत है. रोहित को परखने के लिए उन्हें दलीप ट्रॉफी में भी एक मौका दिया गया लेकिन वहां भी उनका बल्ला बोल गया. शायद कप्तान की कोहली की करीबी और नाम काम आया नहीं तो टेस्ट मैचों की उनकी हाल फिलहाल की पारी किसी काम की नहीं है. वैसे अपने घर में आने वाले 13 टेस्ट मैचों के लिए न्यूजीलैंड का टेस्ट पास कर अपनी जगह पक्की करने का उनके पास सुनहरा मौका है. | यहाँ एक सारांश है:वेस्ट इंडीज में रोहित के बल्ले से कुल पचास रन निकले
संदीप पाटिल ने कहा, जिसे भी चुना जाए उसे एक ईमानदार मौका मिले
वन-डे में रोहित का शानदार प्रदर्शन | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अब ये लगभग तय लग रहा है कि चीफ विजिलेंस कमिश्नर पीजे थॉमस को जाना होगा। सरकारी सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के कई तरह के सवाल उठाने के बाद और कोई विकल्प नहीं रह गया है। इस सिलसिले में कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल वाहनवटी ने कहा कि पीजे थॉमस को सीवीसी चुनते वक्त चयन समिति को ये जानकारी नहीं थी कि उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले हैं। देशभर की जानकारी रखने वाली भारत सरकार को इस बात की भनक ही नहीं थी कि उसने जो मुख्य सतर्कता आयुक्त चुना है उसपर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और उसके ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की इजाज़त केरल सरकार पहले ही दे चुकी है। कम से कम सरकार का यही कहना है और ये बात उसने गुरुवार को फिर सुप्रीम कोर्ट के सामने दोहराई। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हाई पावर्ड कमिटी को इस बात की जानकारी नहीं दी गई थी कि केरल सरकार ने उनके ख़िलाफ़ मुक़दमे की इजाज़त दी है। सरकार के इस रुख़ से ख़ुद कांग्रेस पार्टी अपना पल्ला झाड़ रही है। पार्टी प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि ये सरकार का मामला है हमारा इससे कोई लेना−देना नहीं। कांग्रेस कुछ भी कहे सरकार को घेरने का बीजेपी को एक और मौक़ा मिल गया है। सुषमा स्वाराज ने कहा कि सरकार एक के बाद एक झूठ बोल रही है और वो इस मामले में एक ऐफ़िडैविट दाख़िल करेगी। इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते भी जारी रहेगी। | यह एक सारांश है: सरकारी सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि सुप्रीम कोर्ट के कई तरह के सवाल उठाने के बाद और कोई विकल्प नहीं रह गया है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के बैंकिंग क्षेत्र में अगले छह सालों में करीब आठ लाख नई नौकरियां मिलेंगी। यह बात बुधवार को यहां जारी एक नए अध्ययन में कही गई।
एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) द्वारा कराए गए अध्ययन में कहा गया है कि शाखाओं का विस्तार, नए बैंक और पुराने कर्मियों की सेवानिवृत्ति के कारण नई नौकरियां तैयार होंगी।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, "यदि आधिकारिक आंकड़ों से देखा जाए, तो सिर्फ 26 सरकारी बैंकों में ही मौजूदा कारोबारी साल में 50 हजार नौकरियों मिलेंगी। इसके अलावे इसी अवधि में 20 निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंकों में भी 50 हजार से अधिक नौकरियां मिलेंगी।"
उन्होंने कहा, "आने वाले वर्षों में भी यही रुझान बना रहेगा क्योंकि नए निजी बैंक के प्रवेश से उद्योग का विस्तार होगा।"
पिछले साल सरकारी बैंकों ने करीब 63 हजार नई नियुक्तियां की थी। अकेले भारतीय स्टेट बैंक में 20 हजार लिपिकों और 1,200 अधिकारियों की बहाली हुई थी।
अन्य सरकारी बैंकों में 22 हजार अधिकारियों और 20 हजार लिपिक की बहाली हुई थी।
इसके अलावा मौजूदा कारोबारी साल में सरकारी बैंक अपने मौजूदा नेटवर्क में करीब 8,000 अतिरिक्त शाखाएं जोड़ने वाले हैं। इससे भी कारोबार बढ़ेगा और नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।टिप्पणियां
निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंक भी वर्तमान वित्त वर्ष में शाखाओं की संख्या बढ़ाएंगे।
इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा कारोबारी साल के आखिर में यदि नए लाइसेंस जारी करता है, तो अगले कारोबारी साल में नए निजी बैंकों के प्रवेश का मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक लाख और नौकरियों के अवसर तैयार होंगे।
एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) द्वारा कराए गए अध्ययन में कहा गया है कि शाखाओं का विस्तार, नए बैंक और पुराने कर्मियों की सेवानिवृत्ति के कारण नई नौकरियां तैयार होंगी।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, "यदि आधिकारिक आंकड़ों से देखा जाए, तो सिर्फ 26 सरकारी बैंकों में ही मौजूदा कारोबारी साल में 50 हजार नौकरियों मिलेंगी। इसके अलावे इसी अवधि में 20 निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंकों में भी 50 हजार से अधिक नौकरियां मिलेंगी।"
उन्होंने कहा, "आने वाले वर्षों में भी यही रुझान बना रहेगा क्योंकि नए निजी बैंक के प्रवेश से उद्योग का विस्तार होगा।"
पिछले साल सरकारी बैंकों ने करीब 63 हजार नई नियुक्तियां की थी। अकेले भारतीय स्टेट बैंक में 20 हजार लिपिकों और 1,200 अधिकारियों की बहाली हुई थी।
अन्य सरकारी बैंकों में 22 हजार अधिकारियों और 20 हजार लिपिक की बहाली हुई थी।
इसके अलावा मौजूदा कारोबारी साल में सरकारी बैंक अपने मौजूदा नेटवर्क में करीब 8,000 अतिरिक्त शाखाएं जोड़ने वाले हैं। इससे भी कारोबार बढ़ेगा और नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।टिप्पणियां
निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंक भी वर्तमान वित्त वर्ष में शाखाओं की संख्या बढ़ाएंगे।
इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा कारोबारी साल के आखिर में यदि नए लाइसेंस जारी करता है, तो अगले कारोबारी साल में नए निजी बैंकों के प्रवेश का मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक लाख और नौकरियों के अवसर तैयार होंगे।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, "यदि आधिकारिक आंकड़ों से देखा जाए, तो सिर्फ 26 सरकारी बैंकों में ही मौजूदा कारोबारी साल में 50 हजार नौकरियों मिलेंगी। इसके अलावे इसी अवधि में 20 निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंकों में भी 50 हजार से अधिक नौकरियां मिलेंगी।"
उन्होंने कहा, "आने वाले वर्षों में भी यही रुझान बना रहेगा क्योंकि नए निजी बैंक के प्रवेश से उद्योग का विस्तार होगा।"
पिछले साल सरकारी बैंकों ने करीब 63 हजार नई नियुक्तियां की थी। अकेले भारतीय स्टेट बैंक में 20 हजार लिपिकों और 1,200 अधिकारियों की बहाली हुई थी।
अन्य सरकारी बैंकों में 22 हजार अधिकारियों और 20 हजार लिपिक की बहाली हुई थी।
इसके अलावा मौजूदा कारोबारी साल में सरकारी बैंक अपने मौजूदा नेटवर्क में करीब 8,000 अतिरिक्त शाखाएं जोड़ने वाले हैं। इससे भी कारोबार बढ़ेगा और नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।टिप्पणियां
निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंक भी वर्तमान वित्त वर्ष में शाखाओं की संख्या बढ़ाएंगे।
इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा कारोबारी साल के आखिर में यदि नए लाइसेंस जारी करता है, तो अगले कारोबारी साल में नए निजी बैंकों के प्रवेश का मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक लाख और नौकरियों के अवसर तैयार होंगे।
उन्होंने कहा, "आने वाले वर्षों में भी यही रुझान बना रहेगा क्योंकि नए निजी बैंक के प्रवेश से उद्योग का विस्तार होगा।"
पिछले साल सरकारी बैंकों ने करीब 63 हजार नई नियुक्तियां की थी। अकेले भारतीय स्टेट बैंक में 20 हजार लिपिकों और 1,200 अधिकारियों की बहाली हुई थी।
अन्य सरकारी बैंकों में 22 हजार अधिकारियों और 20 हजार लिपिक की बहाली हुई थी।
इसके अलावा मौजूदा कारोबारी साल में सरकारी बैंक अपने मौजूदा नेटवर्क में करीब 8,000 अतिरिक्त शाखाएं जोड़ने वाले हैं। इससे भी कारोबार बढ़ेगा और नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।टिप्पणियां
निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंक भी वर्तमान वित्त वर्ष में शाखाओं की संख्या बढ़ाएंगे।
इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा कारोबारी साल के आखिर में यदि नए लाइसेंस जारी करता है, तो अगले कारोबारी साल में नए निजी बैंकों के प्रवेश का मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक लाख और नौकरियों के अवसर तैयार होंगे।
पिछले साल सरकारी बैंकों ने करीब 63 हजार नई नियुक्तियां की थी। अकेले भारतीय स्टेट बैंक में 20 हजार लिपिकों और 1,200 अधिकारियों की बहाली हुई थी।
अन्य सरकारी बैंकों में 22 हजार अधिकारियों और 20 हजार लिपिक की बहाली हुई थी।
इसके अलावा मौजूदा कारोबारी साल में सरकारी बैंक अपने मौजूदा नेटवर्क में करीब 8,000 अतिरिक्त शाखाएं जोड़ने वाले हैं। इससे भी कारोबार बढ़ेगा और नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।टिप्पणियां
निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंक भी वर्तमान वित्त वर्ष में शाखाओं की संख्या बढ़ाएंगे।
इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा कारोबारी साल के आखिर में यदि नए लाइसेंस जारी करता है, तो अगले कारोबारी साल में नए निजी बैंकों के प्रवेश का मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक लाख और नौकरियों के अवसर तैयार होंगे।
अन्य सरकारी बैंकों में 22 हजार अधिकारियों और 20 हजार लिपिक की बहाली हुई थी।
इसके अलावा मौजूदा कारोबारी साल में सरकारी बैंक अपने मौजूदा नेटवर्क में करीब 8,000 अतिरिक्त शाखाएं जोड़ने वाले हैं। इससे भी कारोबार बढ़ेगा और नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।टिप्पणियां
निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंक भी वर्तमान वित्त वर्ष में शाखाओं की संख्या बढ़ाएंगे।
इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा कारोबारी साल के आखिर में यदि नए लाइसेंस जारी करता है, तो अगले कारोबारी साल में नए निजी बैंकों के प्रवेश का मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक लाख और नौकरियों के अवसर तैयार होंगे।
इसके अलावा मौजूदा कारोबारी साल में सरकारी बैंक अपने मौजूदा नेटवर्क में करीब 8,000 अतिरिक्त शाखाएं जोड़ने वाले हैं। इससे भी कारोबार बढ़ेगा और नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।टिप्पणियां
निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंक भी वर्तमान वित्त वर्ष में शाखाओं की संख्या बढ़ाएंगे।
इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा कारोबारी साल के आखिर में यदि नए लाइसेंस जारी करता है, तो अगले कारोबारी साल में नए निजी बैंकों के प्रवेश का मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक लाख और नौकरियों के अवसर तैयार होंगे।
निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और विदेशी बैंक भी वर्तमान वित्त वर्ष में शाखाओं की संख्या बढ़ाएंगे।
इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा कारोबारी साल के आखिर में यदि नए लाइसेंस जारी करता है, तो अगले कारोबारी साल में नए निजी बैंकों के प्रवेश का मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक लाख और नौकरियों के अवसर तैयार होंगे।
इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा कारोबारी साल के आखिर में यदि नए लाइसेंस जारी करता है, तो अगले कारोबारी साल में नए निजी बैंकों के प्रवेश का मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे करीब एक लाख और नौकरियों के अवसर तैयार होंगे। | संक्षिप्त पाठ: एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) द्वारा कराए गए अध्ययन में कहा गया है कि शाखाओं का विस्तार, नए बैंक और पुराने कर्मियों की सेवानिवृत्ति के कारण नई नौकरियां तैयार होंगी। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कश्मीर के रैसी जिले में गौ रक्षकों द्वारा किए गए हमले में पांच लोगों समेत एक नौ साल की लड़की भी घायल हो गई है. यह वारदात तब हुई जब एक बंजारा परिवार अपने मवेशियों को लेकर तलवाड़ा इलाके से जा रहा था. उसी दौरान गौ रक्षकों के एक समूह ने उन्हें रोका और पिटाई करने लगे.
पीड़ितों का कहना है कि हमलावर उनकी बकरी, भेड़ और गाय सब ले गए. घायलों को अस्पताल ले जाया गया. पुलिस का कहना है कि FIR दर्ज कर ली गई है और पांच हमलावरों की पहचान भी कर ली गई है. लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. घायलों में 9 साल की बच्ची सम्मी भी है जिसे कई फ्रैक्चर हुए हैं. जम्मू कश्मीर पुलिस के प्रमुख एसपी वैद ने जानकारी दी है कि 'हमने FIR दर्ज कर ली है. हमने उधमपुर रेंज के डीआईजी से बात की है. इन गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.'टिप्पणियां
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह खौफनाक हादसा वह कभी नहीं भूलेंगे. पीड़ित नसीम बेगम ने बताया 'उन्होंने हमें बेरहमी से मारा. हम जैसे तैसे करके भागे. हमारा एक दस साल का बच्चा लापता है. पता नहीं वो जिंदा है या मर गया. उन्होंने हमारे बुजुर्गवारों को भी पीटा. वे लोग हमें मारकर नदी में हमारी लाश फेंकना चाहते थे.'
भेड़ और बकरी के अलावा परिवार के पास 16 गाय थीं. बेगम ने बताया 'उन लोगों ने कुत्तों को भी नहीं छोड़ा. उन्हें भी ले गए.' बता दें कि कश्मीर में कई बंजारे परिवार हैं जो हर साल मवेशियों के साथ जम्मू के हिमालय पर्वत वाले इलाके से कश्मीर के मैदानी क्षेत्र के बीच यात्रा करते हैं.
पीड़ितों का कहना है कि हमलावर उनकी बकरी, भेड़ और गाय सब ले गए. घायलों को अस्पताल ले जाया गया. पुलिस का कहना है कि FIR दर्ज कर ली गई है और पांच हमलावरों की पहचान भी कर ली गई है. लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. घायलों में 9 साल की बच्ची सम्मी भी है जिसे कई फ्रैक्चर हुए हैं. जम्मू कश्मीर पुलिस के प्रमुख एसपी वैद ने जानकारी दी है कि 'हमने FIR दर्ज कर ली है. हमने उधमपुर रेंज के डीआईजी से बात की है. इन गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.'टिप्पणियां
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह खौफनाक हादसा वह कभी नहीं भूलेंगे. पीड़ित नसीम बेगम ने बताया 'उन्होंने हमें बेरहमी से मारा. हम जैसे तैसे करके भागे. हमारा एक दस साल का बच्चा लापता है. पता नहीं वो जिंदा है या मर गया. उन्होंने हमारे बुजुर्गवारों को भी पीटा. वे लोग हमें मारकर नदी में हमारी लाश फेंकना चाहते थे.'
भेड़ और बकरी के अलावा परिवार के पास 16 गाय थीं. बेगम ने बताया 'उन लोगों ने कुत्तों को भी नहीं छोड़ा. उन्हें भी ले गए.' बता दें कि कश्मीर में कई बंजारे परिवार हैं जो हर साल मवेशियों के साथ जम्मू के हिमालय पर्वत वाले इलाके से कश्मीर के मैदानी क्षेत्र के बीच यात्रा करते हैं.
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह खौफनाक हादसा वह कभी नहीं भूलेंगे. पीड़ित नसीम बेगम ने बताया 'उन्होंने हमें बेरहमी से मारा. हम जैसे तैसे करके भागे. हमारा एक दस साल का बच्चा लापता है. पता नहीं वो जिंदा है या मर गया. उन्होंने हमारे बुजुर्गवारों को भी पीटा. वे लोग हमें मारकर नदी में हमारी लाश फेंकना चाहते थे.'
भेड़ और बकरी के अलावा परिवार के पास 16 गाय थीं. बेगम ने बताया 'उन लोगों ने कुत्तों को भी नहीं छोड़ा. उन्हें भी ले गए.' बता दें कि कश्मीर में कई बंजारे परिवार हैं जो हर साल मवेशियों के साथ जम्मू के हिमालय पर्वत वाले इलाके से कश्मीर के मैदानी क्षेत्र के बीच यात्रा करते हैं.
भेड़ और बकरी के अलावा परिवार के पास 16 गाय थीं. बेगम ने बताया 'उन लोगों ने कुत्तों को भी नहीं छोड़ा. उन्हें भी ले गए.' बता दें कि कश्मीर में कई बंजारे परिवार हैं जो हर साल मवेशियों के साथ जम्मू के हिमालय पर्वत वाले इलाके से कश्मीर के मैदानी क्षेत्र के बीच यात्रा करते हैं. | संक्षिप्त पाठ: कश्मीर में एक बंजारे परिवार पर गौरक्षकों ने हमला बोला
पीड़ितों में एक नौ साल की बच्ची भी शामिल है
पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दरअसल, 12 मार्च, 1993 को मुंबई में एक के बाद एक कुल 12 बम धमाके हुए थे, जिनमें 257 लोगों की मौत हुई थी और 713 लोग घायल हुए थे। इन धमाकों में 27 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुक़सान पहुंचा था। इसके बाद टाडा कोर्ट ने अक्टूबर, 2006 में बम विस्फोट शृंखला से जुड़े मामलों में याकूब मेमन समेत 11 लोगों को फांसी की सज़ा और 22 को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी। इस मामले के बाकी आरोपियों को तीन से 10 साल तक की सज़ा सुनाई गई थी। टिप्पणियां
बाद में, नवंबर, 2006 में मुंबई की टाडा अदालत ने संजय दत्त को टाडा कानून के तहत आतंकवाद की आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप से बरी करते हुए गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके-56 राइफल रखने के जुर्म में शस्त्र कानून के तहत छह साल की कैद की सजा सुनाई थी, और वह 18 महीने जेल में गुजार चुके हैं। फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं, लेकिन अब शीर्ष अदालत द्वारा पांच साल की सज़ा सुनाए जाने के बाद उन्हें चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा, और फिर साढ़े तीन साल जेल में बिताने होंगे।
शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर 1 नवंबर, 2011 से अगस्त, 2012 के दौरान 10 महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी-भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था।
बाद में, नवंबर, 2006 में मुंबई की टाडा अदालत ने संजय दत्त को टाडा कानून के तहत आतंकवाद की आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप से बरी करते हुए गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके-56 राइफल रखने के जुर्म में शस्त्र कानून के तहत छह साल की कैद की सजा सुनाई थी, और वह 18 महीने जेल में गुजार चुके हैं। फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं, लेकिन अब शीर्ष अदालत द्वारा पांच साल की सज़ा सुनाए जाने के बाद उन्हें चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा, और फिर साढ़े तीन साल जेल में बिताने होंगे।
शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर 1 नवंबर, 2011 से अगस्त, 2012 के दौरान 10 महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी-भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था।
शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर 1 नवंबर, 2011 से अगस्त, 2012 के दौरान 10 महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी-भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था। | संक्षिप्त पाठ: मुंबई में हुए सीरियल धमाकों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याकूब मेमन की फांसी बरकरार रखी है, लेकिन फांसी की सज़ा पाए 10 अन्य की सज़ा को घटाकर उम्रकैद कर दिया गया है। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: साथ ही उन्होंने कहा, ‘मैं (उनसे) कहता हूं, पहले अपने घर की देखभाल करें, क्योंकि जो अपना घर नहीं संभाल सकता, वह देश नहीं संभाल सकता. ऐसे में पहले अपना घर संभालें और अपने बच्चे, संपत्ति देखने के बाद पार्टी और देश के लिए काम करें.'
बता दें, इससे पहले नितिन गडकरी के एक बयान से सियासी पारा गरमा गया था. ईशा कोप्पिकर को बीजेपी में शामिल कराने के कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा था कि सपने दिखाने वाले नेता लोगों को अच्छे लगते हैं, पर दिखाए हुए सपने अगर पूरे नहीं किए तो जनता उनकी पिटाई भी करती है. इसलिए सपने वही दिखाओ जो पूरे हो सकें. गडकरी ने कहा कि मैं सपने दिखाने वाले में से नहीं हूं, मैं जो बोलता हूं वो 100 फीसदी डंके की चोट पर पूरा करता हूं.
लोकसभा चुनाव से पहले नितिन गडकरी के इस बयान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. गौर हो कि विपक्षी दल पीएम मोदी को सपनों के सौदागर का तमगा दे चुका है और अच्छे दिनों के नारे पर जमकर चुटकी ली जाती है. ऐसे में गडकरी के इस बयान पर राजनीतिक ड्रामा होना तय माना जा रहा है. 70वें गणतंत्र दिवस के मौके पर नितिन गडकरी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ गुफ्तगू करते देखे गए थे, एक कार्यक्रम में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तारीफ भी की थी और इन सब के बाद सपने दिखाने वाले नेताओं की पिटाई का बयान गडकरी के लिए मुश्किलों का सबब बन सकता है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गडकरी ने ABVP के सम्मेलन को किया संबोधित
कहा- पहले अपना घर संभालो, फिर देश
गडकरी ने पहले भी दिए हैं बयान | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत को आईसीसी ट्वेंटी-20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने का मौका मिल सकता है, अगर वे घरेलू सरजमीं पर आगामी टी-20 मैचों में इंग्लैंड को हरा दे और साथ ही कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय परिणाम उनके हक में चले जाएं। इस साल के अंत तक करीब सात ट्वेंटी-20 मैचों के खेले जाने की पुष्टि हो गई है, जिसमें ज्यादातर शीर्ष रैंकिंग पर काबिज टीम होंगी।
आईसीसी के बयान के अनुसार अगर श्रीलंकाई टीम पालेकेले में हार जाती है, तो तालिका में शीर्ष में दो बार बदलाव हो सकता है। आईसीसी विश्व ट्वेंटी-20 के फाइनल में पहुंचने वाली श्रीलंकाई टीम आईसीसी टी-20 अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप तालिका में नंबर एक रैंकिंग टीम के तौर पर शुरुआत करेगी, जबकि आईसीसी विश्व टी-20 सुपर आठ चरण में सुपर ओवर में दो मैच गंवाने वाली न्यूजीलैंड की टीम आठवें स्थान से शुरुआत करेगी।
श्रीलंका की एक जीत सुनिश्चित कर देगी कि वह टी-20 रैंकिंग में नंबर एक टीम के तौर पर वर्ष का समापन करेगा, लेकिन अगर वह हार जाता है, तो 2011 में पहली बार लॉन्च की गई आईसीसी चैंपियनशिप तालिका में आईसीसी विश्व टी-20 चैंपियन वेस्ट इंडीज उसका नंबर एक स्थान छीन सकता है। श्रीलंकाई टीम के न्यूजीलैंड से हारने से एंजेलो मैथ्यूज की टीम छह रेटिंग अंक गंवा देगी और डेरेन सैमी की टीम के साथ 121 रेटिंग अंक पर पहुंच जाएगी। टिप्पणियां
इसका मतलब है कि अगर वेस्टइंडीज की टीम 10 दिसंबर को ढाका में बांग्लादेश को हरा देती है, तो कैरेबियाई टीम अपने आईसीसी विश्व खिताब में नंबर एक रैंकिंग भी जोड़ देगी। इससे हालांकि शीर्ष क्रम में वह थोड़े समय तक ही रहेगी, क्योंकि भारतीय टीम अगर इंग्लैंड को 20 और 22 दिसंबर को क्रमश: पुणे और मुंबई में होने वाले ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में हरा देगी, तो वह वेस्ट इंडीज को पछाड़ सकती है।
अगर भारत, इंग्लैंड को 2-0 से हरा देता है, तो महेंद्र सिंह धोनी की टीम को सात रेटिंग अंक मिलेंगे और टीम 127 रेटिंग अंक पर पहुंच जाएगी तथा वह वेस्ट इंडीज से पांच अंक ऊपर होगी। भारतीय टीम अगर 1-1 से बराबर रहती है, तो इस परिणाम से भारत और इंग्लैंड शृंखला से पहले के रेटिंग अंक बरकरार रखेंगे।
आईसीसी के बयान के अनुसार अगर श्रीलंकाई टीम पालेकेले में हार जाती है, तो तालिका में शीर्ष में दो बार बदलाव हो सकता है। आईसीसी विश्व ट्वेंटी-20 के फाइनल में पहुंचने वाली श्रीलंकाई टीम आईसीसी टी-20 अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप तालिका में नंबर एक रैंकिंग टीम के तौर पर शुरुआत करेगी, जबकि आईसीसी विश्व टी-20 सुपर आठ चरण में सुपर ओवर में दो मैच गंवाने वाली न्यूजीलैंड की टीम आठवें स्थान से शुरुआत करेगी।
श्रीलंका की एक जीत सुनिश्चित कर देगी कि वह टी-20 रैंकिंग में नंबर एक टीम के तौर पर वर्ष का समापन करेगा, लेकिन अगर वह हार जाता है, तो 2011 में पहली बार लॉन्च की गई आईसीसी चैंपियनशिप तालिका में आईसीसी विश्व टी-20 चैंपियन वेस्ट इंडीज उसका नंबर एक स्थान छीन सकता है। श्रीलंकाई टीम के न्यूजीलैंड से हारने से एंजेलो मैथ्यूज की टीम छह रेटिंग अंक गंवा देगी और डेरेन सैमी की टीम के साथ 121 रेटिंग अंक पर पहुंच जाएगी। टिप्पणियां
इसका मतलब है कि अगर वेस्टइंडीज की टीम 10 दिसंबर को ढाका में बांग्लादेश को हरा देती है, तो कैरेबियाई टीम अपने आईसीसी विश्व खिताब में नंबर एक रैंकिंग भी जोड़ देगी। इससे हालांकि शीर्ष क्रम में वह थोड़े समय तक ही रहेगी, क्योंकि भारतीय टीम अगर इंग्लैंड को 20 और 22 दिसंबर को क्रमश: पुणे और मुंबई में होने वाले ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में हरा देगी, तो वह वेस्ट इंडीज को पछाड़ सकती है।
अगर भारत, इंग्लैंड को 2-0 से हरा देता है, तो महेंद्र सिंह धोनी की टीम को सात रेटिंग अंक मिलेंगे और टीम 127 रेटिंग अंक पर पहुंच जाएगी तथा वह वेस्ट इंडीज से पांच अंक ऊपर होगी। भारतीय टीम अगर 1-1 से बराबर रहती है, तो इस परिणाम से भारत और इंग्लैंड शृंखला से पहले के रेटिंग अंक बरकरार रखेंगे।
श्रीलंका की एक जीत सुनिश्चित कर देगी कि वह टी-20 रैंकिंग में नंबर एक टीम के तौर पर वर्ष का समापन करेगा, लेकिन अगर वह हार जाता है, तो 2011 में पहली बार लॉन्च की गई आईसीसी चैंपियनशिप तालिका में आईसीसी विश्व टी-20 चैंपियन वेस्ट इंडीज उसका नंबर एक स्थान छीन सकता है। श्रीलंकाई टीम के न्यूजीलैंड से हारने से एंजेलो मैथ्यूज की टीम छह रेटिंग अंक गंवा देगी और डेरेन सैमी की टीम के साथ 121 रेटिंग अंक पर पहुंच जाएगी। टिप्पणियां
इसका मतलब है कि अगर वेस्टइंडीज की टीम 10 दिसंबर को ढाका में बांग्लादेश को हरा देती है, तो कैरेबियाई टीम अपने आईसीसी विश्व खिताब में नंबर एक रैंकिंग भी जोड़ देगी। इससे हालांकि शीर्ष क्रम में वह थोड़े समय तक ही रहेगी, क्योंकि भारतीय टीम अगर इंग्लैंड को 20 और 22 दिसंबर को क्रमश: पुणे और मुंबई में होने वाले ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में हरा देगी, तो वह वेस्ट इंडीज को पछाड़ सकती है।
अगर भारत, इंग्लैंड को 2-0 से हरा देता है, तो महेंद्र सिंह धोनी की टीम को सात रेटिंग अंक मिलेंगे और टीम 127 रेटिंग अंक पर पहुंच जाएगी तथा वह वेस्ट इंडीज से पांच अंक ऊपर होगी। भारतीय टीम अगर 1-1 से बराबर रहती है, तो इस परिणाम से भारत और इंग्लैंड शृंखला से पहले के रेटिंग अंक बरकरार रखेंगे।
इसका मतलब है कि अगर वेस्टइंडीज की टीम 10 दिसंबर को ढाका में बांग्लादेश को हरा देती है, तो कैरेबियाई टीम अपने आईसीसी विश्व खिताब में नंबर एक रैंकिंग भी जोड़ देगी। इससे हालांकि शीर्ष क्रम में वह थोड़े समय तक ही रहेगी, क्योंकि भारतीय टीम अगर इंग्लैंड को 20 और 22 दिसंबर को क्रमश: पुणे और मुंबई में होने वाले ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में हरा देगी, तो वह वेस्ट इंडीज को पछाड़ सकती है।
अगर भारत, इंग्लैंड को 2-0 से हरा देता है, तो महेंद्र सिंह धोनी की टीम को सात रेटिंग अंक मिलेंगे और टीम 127 रेटिंग अंक पर पहुंच जाएगी तथा वह वेस्ट इंडीज से पांच अंक ऊपर होगी। भारतीय टीम अगर 1-1 से बराबर रहती है, तो इस परिणाम से भारत और इंग्लैंड शृंखला से पहले के रेटिंग अंक बरकरार रखेंगे।
अगर भारत, इंग्लैंड को 2-0 से हरा देता है, तो महेंद्र सिंह धोनी की टीम को सात रेटिंग अंक मिलेंगे और टीम 127 रेटिंग अंक पर पहुंच जाएगी तथा वह वेस्ट इंडीज से पांच अंक ऊपर होगी। भारतीय टीम अगर 1-1 से बराबर रहती है, तो इस परिणाम से भारत और इंग्लैंड शृंखला से पहले के रेटिंग अंक बरकरार रखेंगे। | संक्षिप्त पाठ: भारत को आईसीसी टी-20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने का मौका मिल सकता है, अगर वे घरेलू सरजमीं पर आगामी टी-20 मैचों में इंग्लैंड को हरा दे और कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय परिणाम उनके हक में चले जाएं। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम :एनपीसीआईएल: ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित नरोरा परमाणु संयंत्र की बनावट भूकंप रोधी है। जापान में आए भूकंप और परमाणु संयंत्रों से रिसाव के बाद इस संयंत्र की सुरक्षा पर जताई जा रही चिंता को निराधार बताते हुए निगम के कार्यकारी निदेशक सुहींद्र ठाकुर ने बताया, इस संयंत्र की बनावट इसे रिक्टर पैमाने पर सात की तीव्रता वाले भूकंप से भी सुरक्षित रखेगी। ठाकुर ने बताया कि आईआईटी रूड़की ने नरोरा संयंत्र के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुझाए हैं। गौरतलब है कि यह भारत का एकमात्र ऐसा संयंत्र है जो भूकंपीय क्षेत्र 4 में स्थापित है। शेष संयंत्र क्षेत्र दो और तीन में स्थित हैं। ठाकुर ने बताया कि जापान के संयंत्र सात, आठ और नौ श्रेणी के भूकंपीय क्षेत्र में स्थपित हैं और उनमें सुनामी की वजह से रिसाव हो रहा है। नरोरा संयंत्र के परिचालन से करीब से जुड़े एक अन्य परमाणु वैज्ञानिक का कहना है कि यह संयंत्र भूकंप क्षेत्र में नहीं है और संयंत्र उत्तरकाशी में आए 6.8 तीव्रता का भूकंप झेल चुका है। | संक्षिप्त पाठ: एनपीसीआईएल ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित नरोरा परमाणु संयंत्र की बनावट भूकंप रोधी है। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Redmi Y3 के बारे में जानकारी बीते महीने से ही मिलनी शुरू हो गई थी। अब पता चला है कि सेल्फी के दीवानों के लिए बना यह हैंडसेट भारत में जल्द लॉन्च हो सकता है। फोन को अभी आधिकारिक तौर पर पेश नहीं किया गया है। चीन में भी इस हैंडसेट के टीज़र सामने आए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि कंपनी द्वारा Xiaomi Redmi Y3 को भारत के साथ चीनी मार्केट में भी उतारा जाएगा। टीज़र से इशारा मिला है कि फोन 32 मेगापिक्सल के सेल्फी सेंसर के साथ आएगा। याद रहे कि Xiaomi ने हाल ही में भारतीय मार्केट में Redmi Note 7 और Redmi Note 7 Pro को उतारा था।
Redmi India ने एक टीज़र ट्वीट किया है जिससे पता चला है कि नया रेडमी फोन भारत में जल्द आएगा। इस ट्वीट में इस्तेमाल किए गए वीडियो में कंपनी के प्रमुख मनु कुमार जैन सेल्फी लेते हुए नज़र आ रहे हैं। मनु कुमार जैन ने बताया है कि उन्होंने अपने सहकर्मियों के साथ 32 सेल्फी ली है। यह संभवतः 32 मेगापिक्सल वाले सेल्फी सेंसर की ओर इशारा है Redmi India के ट्वीट में #YYY हैशटैग पर ज़ोर दिया गया है जो बताता है कि ‘Y' सीरीज़ का फोन जल्द लॉन्च होगा।
चीन में Redmi के जनरल मैनेजर लू विबिंग ने वीबो पर पुष्टि की है कि 32 मेगापिक्सल सेल्फी कैमरे वाले एक रेडमी फोन पर काम चल रहा है। उन्होंने यूज़र्स से फोन के नाम का अनुमान लगाने को कहा। ये सारी जानकारियां Redmi Y2 के अपग्रेड की ओर इशारा हैं। वैसे, चीनी मार्केट में इस फोन को Redmi S3 के नाम से लाया जाएगा।
Redmi Y3 में सैमसंग का 32 मेगापिक्सल ISOCELL Bright GD1 इमेज सेंसर का इस्तेमाल होगा। इस सेंसर को बीते साल ही लॉन्च किया जा चुका है।
नामी टिप्सटर इशान अग्रवाल ने हाल ही में दावा किया था कि भारतीय मार्केट में जल्द ही शाओमी रेडमी वाई3 को उतारा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि Redmi 7 और Redmi 7A भी लॉन्च से बहुत दूर नहीं है। मज़ेदार बात यह है कि Redmi Y3 को बीते महीने वाई-फाई एलायंस की वेबसाइट पर लिस्ट किया गया था। यह एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित MIUI 10 पर चल रहा था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: Redmi Y2 का अपग्रेड होगा यह स्मार्टफोन
Redmi Y3 में सैमसंग का 32 मेगापिक्सल ISOCELL Bright GD1 इमेज सेंसर होगा
अभी रेडमी वाई3 के बारे में और कोई जानकारी नहीं मिली है | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक शख्स जिसके बारे में माना जा रहा था कि वो 2008 के अहमदाबाद ब्लास्ट में मारा गया है वो चार साल बाद घर लौट आया। घर में खुशी का माहौल है लेकिन उसके गायब होने और वापसी कई सवाल भी हैं।
बता दें कि 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद शहर में 17 धमाके आतंकियों ने किए और 50 से ज्यादा जानें गई। कई परिवारों के सदस्यों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इनमें से एक विपुल पटेल का परिवार था। जब विपुल घर नहीं लौटे तब विपुल के परिवार को लगा वह भी धमाकों की भेंट चढ़ गए। लेकिन विपुल चार साल बाद लौट आए और परिवार काफी खुश है।
धमाकों के करीब 50 दिन बाद तक विपुल जब घर वापस नहीं पहुंचा तब एक दिन परिवार ने अखबार में एक फोटो देखी जो धमाकों में मारा गया था और पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पा रही थी। ऐसे में परिवार फोटो लेकर पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें लाश सौंप दी और परिवार ने लाश का अंतिम संस्कार कर दिया।
लेकिन अब जब वह घर वापस आया है तब उसने कहा कि वह परिवार की अनबन से परेशान था और वह इसे से नाराज हो कर घर छोड़कर चला गया था। वह दोस्तों के साथ दूसरे शहर में जाकर नौकरी करने लगा था। टिप्पणियां
इस बीच में परिवार ने डेथ सर्टिफिकेट तक ले लिया था। अब परिवार ने सरकार से अपील की है कि जारी किया गया डेथ सर्टिफिकेट वापस ले लिया जाए और धमाकों के मरे लोगों को दिए गए पांच लाख रुपये भी वापस ले लिए जाएं।
बता दें कि 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद शहर में 17 धमाके आतंकियों ने किए और 50 से ज्यादा जानें गई। कई परिवारों के सदस्यों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इनमें से एक विपुल पटेल का परिवार था। जब विपुल घर नहीं लौटे तब विपुल के परिवार को लगा वह भी धमाकों की भेंट चढ़ गए। लेकिन विपुल चार साल बाद लौट आए और परिवार काफी खुश है।
धमाकों के करीब 50 दिन बाद तक विपुल जब घर वापस नहीं पहुंचा तब एक दिन परिवार ने अखबार में एक फोटो देखी जो धमाकों में मारा गया था और पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पा रही थी। ऐसे में परिवार फोटो लेकर पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें लाश सौंप दी और परिवार ने लाश का अंतिम संस्कार कर दिया।
लेकिन अब जब वह घर वापस आया है तब उसने कहा कि वह परिवार की अनबन से परेशान था और वह इसे से नाराज हो कर घर छोड़कर चला गया था। वह दोस्तों के साथ दूसरे शहर में जाकर नौकरी करने लगा था। टिप्पणियां
इस बीच में परिवार ने डेथ सर्टिफिकेट तक ले लिया था। अब परिवार ने सरकार से अपील की है कि जारी किया गया डेथ सर्टिफिकेट वापस ले लिया जाए और धमाकों के मरे लोगों को दिए गए पांच लाख रुपये भी वापस ले लिए जाएं।
धमाकों के करीब 50 दिन बाद तक विपुल जब घर वापस नहीं पहुंचा तब एक दिन परिवार ने अखबार में एक फोटो देखी जो धमाकों में मारा गया था और पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पा रही थी। ऐसे में परिवार फोटो लेकर पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें लाश सौंप दी और परिवार ने लाश का अंतिम संस्कार कर दिया।
लेकिन अब जब वह घर वापस आया है तब उसने कहा कि वह परिवार की अनबन से परेशान था और वह इसे से नाराज हो कर घर छोड़कर चला गया था। वह दोस्तों के साथ दूसरे शहर में जाकर नौकरी करने लगा था। टिप्पणियां
इस बीच में परिवार ने डेथ सर्टिफिकेट तक ले लिया था। अब परिवार ने सरकार से अपील की है कि जारी किया गया डेथ सर्टिफिकेट वापस ले लिया जाए और धमाकों के मरे लोगों को दिए गए पांच लाख रुपये भी वापस ले लिए जाएं।
लेकिन अब जब वह घर वापस आया है तब उसने कहा कि वह परिवार की अनबन से परेशान था और वह इसे से नाराज हो कर घर छोड़कर चला गया था। वह दोस्तों के साथ दूसरे शहर में जाकर नौकरी करने लगा था। टिप्पणियां
इस बीच में परिवार ने डेथ सर्टिफिकेट तक ले लिया था। अब परिवार ने सरकार से अपील की है कि जारी किया गया डेथ सर्टिफिकेट वापस ले लिया जाए और धमाकों के मरे लोगों को दिए गए पांच लाख रुपये भी वापस ले लिए जाएं।
इस बीच में परिवार ने डेथ सर्टिफिकेट तक ले लिया था। अब परिवार ने सरकार से अपील की है कि जारी किया गया डेथ सर्टिफिकेट वापस ले लिया जाए और धमाकों के मरे लोगों को दिए गए पांच लाख रुपये भी वापस ले लिए जाएं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक शख्स जिसके बारे में माना जा रहा था कि वो 2008 के अहमदाबाद ब्लास्ट में मारा गया है वो चार साल बाद घर लौट आया। घर में खुशी का माहौल है लेकिन उसके गायब होने और वापसी कई सवाल भी हैं। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन में हुई अनियमितताओं में प्रधानमंत्री कार्यालय को संलिप्त करते हुए नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गंभीर विरोध के बावजूद पीएमओ के कहने पर सुरेश कलमाडी को आयोजन समिति का प्रमुख नियुक्ति किया गया। रिपोर्ट में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भी लपेटते हुए कहा कि दिल्ली की सड़कों पर प्रकाश व्यवस्था में सुधार और उनके सौंदर्यीकरण के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी में कई निर्णय किए गए। लेकिन प्रकाश व्यवस्था के लिए देसी ल्यूमिनरीज की तुलना में आयातित ल्यूमिनरीज कहीं ज्यादा की लागत पर खरीदे गए। संसद में शुक्रवार को भारत के नियंत्रक और महालेख परीक्षक (कैग) की 19वें राष्ट्रमंडल खेल 2010 के बारे में पेश रिपोर्ट में यह बात कही गई। कैग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि कहा कि सोचे-समझे उद्देश्य के तहत कृत्रिम जल्दबाजी का माहौल बनाया गया। ऐसा करके निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं में खुली छूट दी गई और देश को उन गतिविधियों, उपकरणों और बुनियादी ढ़ांचे के लिए ऊंची कीमत चुकानी पड़ी, जिनका प्रबंध कम कीमत में किया जा सकता था। कैग ने यह भी कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में आयोजन समिति की मुख्य भूमिका थी, लेकिन इस समिति ने जिन व्यक्तियों को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी थीं, उनके पास इतने विशाल स्तर की जिम्मेदारियों को निभाने की न तो योग्यता थी और न ही अनुभव। कैग ने आयोजन समिति द्वारा अधिकतर नियुक्तियां मनमाने तरीके से होने के बारे में अपनी रिपोर्ट में कहा कि समिति ने मानक नियुक्ति प्रक्रियाओं जैसे कि पदों के लिए विज्ञापन, चयन समितियों, सुरक्षा मंजूरियों आदि का भी ख्याल नहीं रखा। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिसम्बर, 2004 में तत्कालीन खेलमंत्री सुनील दत्त के गंभीर विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय की सिफारिश के आधार पर सुरेश कलमाडी को आयोजन समिति का अध्यक्ष बना दिया गया। इस फैसले ने आयोजन समिति की सरकार नियंत्रित प्रकृति को बदल कर इसे सरकारी नियंत्रण से बाहर करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया। समिति की सरकार के प्रति कोई जवाबदेही नहीं रह गई और सरकार के पास भी पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित कराने का कोई रास्ता नहीं बचा। कैग ने रिपोर्ट में अपने निष्कर्ष में कहा, खेल के आयोजन में हुई सभी गतिविधियों की कार्यविधियों से पता चलता है कि निर्णय करने में अस्पष्ट देरी से समयसीमा पर दबाव पड़ा और इस वजह से एक कृत्रिम या सोच समझकर बनाया हुआ जल्दबाजी का माहौल उत्पन्न हुआ। रिपोर्ट कहती है कि इस जानबूझकर बनाए गए कृत्रिम जल्दबाजी के माहौल के कारण निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं में खुली छूट देनी पड़ी और ऐसा करने से अनुबंध देने की प्रक्रिया को स्पष्ट और निश्चित नुकसान पहुंचा। कई अनुबंधों को एकल निविदा के आधार पर दिया गया और इनमें से कुछ को तो केवल नामांकन के आधार पर ही दे दिया गया। कैग ने अपने निष्कर्षों में कहा कि पूर्व निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं में दी गई छूट ने प्रतियोगी वातावरण को खत्म करने का काम किया। कैग अपने इस अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से नहीं बच सकता कि ये सब एक सोचे-समझे उद्देश्य के तहत किया गया। प्रतियोगिता के खत्म हो जाने से सरकारी खजाने पर रोके जा सकने वाले भारी खर्च का भार पड़ा। नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने कहा, पूरे विश्वास के साथ इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि जानबूझकर बनाए गए जल्दबाजी के माहौल और इसकी वजह से उत्पन्न हुई प्रतियोगिता की कमी के कारण देश को उन्हीं गतिविधियों, उपकरणों और बुनियादी ढ़ांचे के लिए ऊंची कीमत चुकानी पड़ी। कैग ने कहा कि ऊंची कीमत चुकाने के बावजूद यह नहीं कहा जा सकता कि अंतिम परिणाम वांछित गुणवत्ता वाला था। | संक्षिप्त सारांश: रिपोर्ट में कॉमनवेल्थ आयोजन समिति के अध्यक्ष पद पर सुरेश कलमाडी की नियुक्ति को लेकर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को कठघरे में खड़ा किया गया है। | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने इस बात पर संदेह व्यक्त किया है कि सीबीआई को स्वायत्तता देने के बेहतर परिणाम होंगे।
गुना में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में सिंह ने कहा, ‘‘सीबीआई को स्वायत्तता देने के परिणाम बेहतर होंगे, इस पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं। उसे स्वायत्तता देना ऐसा ही है, जैसे किसी थानेदार को स्वायत्तता देना।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या आम आदमी एक थानेदार को स्वायत्तता देने के हक में है।’’
सीबीआई को स्वायत्तता देने का मामला उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच एजेंसी को ‘पिंजरे में बंद तोता’ बताए जाने के बाद जोर पकड़ गया है।
कांग्रेस महासचिव ने आशंका जताई कि आने वाले समय में देश की अदालतें कहीं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे पदों को लेकर टिप्पणियां नहीं करने लग जाएं, यदि ऐसा हुआ, तो लोकतंत्र का वर्तमान ढांचा एवं संतुलन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका को अपने-अपने क्षेत्र में रहकर काम करना चाहिए, जिससे उनकी मर्यादा भंग नहीं हो।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘मेरी चिंता, आम आदमी की जिज्ञासा जैसी है कि हमारे देश में न्यायपालिका, कार्यपालिका एवं विधायिका के समन्वय तथा हर संस्थान के प्रति आदर का भाव ही, प्रजातंत्र का आधार है।''
विधायिका का अधिकार कानून बनाना, कार्यपालिका का उस पर अमल करना तथा न्यायपालिका का काम किसी पक्ष द्वारा विधान के विपरीत कार्य करने पर उसे सजा देना है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे के क्षेत्र में हस्तक्षेप इन संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान में गिरावट लाएगी।टिप्पणियां
उन्हें समझ नहीं आता कि न्यायपालिका यदि लिखित में कोई आपत्ति दर्ज कराती है, तो उसकी अपील की जा सकती है, लेकिन सीबीआई के लिए ‘पिंजरा में बंद तोता’ जैसी टिप्पणी की अपील किस स्थान पर की जाए, यह सवाल अनुत्तरित है, क्योंकि यह टिप्पणी लिखित में नहीं है।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उन्होंने न्यायपालिका के विपरीत कोई टिप्पणी नहीं की है, केवल सीबीआई को ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहने पर आपत्ति की है। वह न्यायपालिका का भरपूर सम्मान करते हैं।
गुना में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में सिंह ने कहा, ‘‘सीबीआई को स्वायत्तता देने के परिणाम बेहतर होंगे, इस पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं। उसे स्वायत्तता देना ऐसा ही है, जैसे किसी थानेदार को स्वायत्तता देना।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या आम आदमी एक थानेदार को स्वायत्तता देने के हक में है।’’
सीबीआई को स्वायत्तता देने का मामला उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच एजेंसी को ‘पिंजरे में बंद तोता’ बताए जाने के बाद जोर पकड़ गया है।
कांग्रेस महासचिव ने आशंका जताई कि आने वाले समय में देश की अदालतें कहीं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे पदों को लेकर टिप्पणियां नहीं करने लग जाएं, यदि ऐसा हुआ, तो लोकतंत्र का वर्तमान ढांचा एवं संतुलन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका को अपने-अपने क्षेत्र में रहकर काम करना चाहिए, जिससे उनकी मर्यादा भंग नहीं हो।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘मेरी चिंता, आम आदमी की जिज्ञासा जैसी है कि हमारे देश में न्यायपालिका, कार्यपालिका एवं विधायिका के समन्वय तथा हर संस्थान के प्रति आदर का भाव ही, प्रजातंत्र का आधार है।''
विधायिका का अधिकार कानून बनाना, कार्यपालिका का उस पर अमल करना तथा न्यायपालिका का काम किसी पक्ष द्वारा विधान के विपरीत कार्य करने पर उसे सजा देना है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे के क्षेत्र में हस्तक्षेप इन संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान में गिरावट लाएगी।टिप्पणियां
उन्हें समझ नहीं आता कि न्यायपालिका यदि लिखित में कोई आपत्ति दर्ज कराती है, तो उसकी अपील की जा सकती है, लेकिन सीबीआई के लिए ‘पिंजरा में बंद तोता’ जैसी टिप्पणी की अपील किस स्थान पर की जाए, यह सवाल अनुत्तरित है, क्योंकि यह टिप्पणी लिखित में नहीं है।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उन्होंने न्यायपालिका के विपरीत कोई टिप्पणी नहीं की है, केवल सीबीआई को ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहने पर आपत्ति की है। वह न्यायपालिका का भरपूर सम्मान करते हैं।
सीबीआई को स्वायत्तता देने का मामला उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच एजेंसी को ‘पिंजरे में बंद तोता’ बताए जाने के बाद जोर पकड़ गया है।
कांग्रेस महासचिव ने आशंका जताई कि आने वाले समय में देश की अदालतें कहीं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे पदों को लेकर टिप्पणियां नहीं करने लग जाएं, यदि ऐसा हुआ, तो लोकतंत्र का वर्तमान ढांचा एवं संतुलन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका को अपने-अपने क्षेत्र में रहकर काम करना चाहिए, जिससे उनकी मर्यादा भंग नहीं हो।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘मेरी चिंता, आम आदमी की जिज्ञासा जैसी है कि हमारे देश में न्यायपालिका, कार्यपालिका एवं विधायिका के समन्वय तथा हर संस्थान के प्रति आदर का भाव ही, प्रजातंत्र का आधार है।''
विधायिका का अधिकार कानून बनाना, कार्यपालिका का उस पर अमल करना तथा न्यायपालिका का काम किसी पक्ष द्वारा विधान के विपरीत कार्य करने पर उसे सजा देना है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे के क्षेत्र में हस्तक्षेप इन संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान में गिरावट लाएगी।टिप्पणियां
उन्हें समझ नहीं आता कि न्यायपालिका यदि लिखित में कोई आपत्ति दर्ज कराती है, तो उसकी अपील की जा सकती है, लेकिन सीबीआई के लिए ‘पिंजरा में बंद तोता’ जैसी टिप्पणी की अपील किस स्थान पर की जाए, यह सवाल अनुत्तरित है, क्योंकि यह टिप्पणी लिखित में नहीं है।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उन्होंने न्यायपालिका के विपरीत कोई टिप्पणी नहीं की है, केवल सीबीआई को ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहने पर आपत्ति की है। वह न्यायपालिका का भरपूर सम्मान करते हैं।
कांग्रेस महासचिव ने आशंका जताई कि आने वाले समय में देश की अदालतें कहीं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे पदों को लेकर टिप्पणियां नहीं करने लग जाएं, यदि ऐसा हुआ, तो लोकतंत्र का वर्तमान ढांचा एवं संतुलन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका को अपने-अपने क्षेत्र में रहकर काम करना चाहिए, जिससे उनकी मर्यादा भंग नहीं हो।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘मेरी चिंता, आम आदमी की जिज्ञासा जैसी है कि हमारे देश में न्यायपालिका, कार्यपालिका एवं विधायिका के समन्वय तथा हर संस्थान के प्रति आदर का भाव ही, प्रजातंत्र का आधार है।''
विधायिका का अधिकार कानून बनाना, कार्यपालिका का उस पर अमल करना तथा न्यायपालिका का काम किसी पक्ष द्वारा विधान के विपरीत कार्य करने पर उसे सजा देना है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे के क्षेत्र में हस्तक्षेप इन संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान में गिरावट लाएगी।टिप्पणियां
उन्हें समझ नहीं आता कि न्यायपालिका यदि लिखित में कोई आपत्ति दर्ज कराती है, तो उसकी अपील की जा सकती है, लेकिन सीबीआई के लिए ‘पिंजरा में बंद तोता’ जैसी टिप्पणी की अपील किस स्थान पर की जाए, यह सवाल अनुत्तरित है, क्योंकि यह टिप्पणी लिखित में नहीं है।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उन्होंने न्यायपालिका के विपरीत कोई टिप्पणी नहीं की है, केवल सीबीआई को ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहने पर आपत्ति की है। वह न्यायपालिका का भरपूर सम्मान करते हैं।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘मेरी चिंता, आम आदमी की जिज्ञासा जैसी है कि हमारे देश में न्यायपालिका, कार्यपालिका एवं विधायिका के समन्वय तथा हर संस्थान के प्रति आदर का भाव ही, प्रजातंत्र का आधार है।''
विधायिका का अधिकार कानून बनाना, कार्यपालिका का उस पर अमल करना तथा न्यायपालिका का काम किसी पक्ष द्वारा विधान के विपरीत कार्य करने पर उसे सजा देना है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे के क्षेत्र में हस्तक्षेप इन संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान में गिरावट लाएगी।टिप्पणियां
उन्हें समझ नहीं आता कि न्यायपालिका यदि लिखित में कोई आपत्ति दर्ज कराती है, तो उसकी अपील की जा सकती है, लेकिन सीबीआई के लिए ‘पिंजरा में बंद तोता’ जैसी टिप्पणी की अपील किस स्थान पर की जाए, यह सवाल अनुत्तरित है, क्योंकि यह टिप्पणी लिखित में नहीं है।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उन्होंने न्यायपालिका के विपरीत कोई टिप्पणी नहीं की है, केवल सीबीआई को ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहने पर आपत्ति की है। वह न्यायपालिका का भरपूर सम्मान करते हैं।
विधायिका का अधिकार कानून बनाना, कार्यपालिका का उस पर अमल करना तथा न्यायपालिका का काम किसी पक्ष द्वारा विधान के विपरीत कार्य करने पर उसे सजा देना है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे के क्षेत्र में हस्तक्षेप इन संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान में गिरावट लाएगी।टिप्पणियां
उन्हें समझ नहीं आता कि न्यायपालिका यदि लिखित में कोई आपत्ति दर्ज कराती है, तो उसकी अपील की जा सकती है, लेकिन सीबीआई के लिए ‘पिंजरा में बंद तोता’ जैसी टिप्पणी की अपील किस स्थान पर की जाए, यह सवाल अनुत्तरित है, क्योंकि यह टिप्पणी लिखित में नहीं है।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उन्होंने न्यायपालिका के विपरीत कोई टिप्पणी नहीं की है, केवल सीबीआई को ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहने पर आपत्ति की है। वह न्यायपालिका का भरपूर सम्मान करते हैं।
उन्हें समझ नहीं आता कि न्यायपालिका यदि लिखित में कोई आपत्ति दर्ज कराती है, तो उसकी अपील की जा सकती है, लेकिन सीबीआई के लिए ‘पिंजरा में बंद तोता’ जैसी टिप्पणी की अपील किस स्थान पर की जाए, यह सवाल अनुत्तरित है, क्योंकि यह टिप्पणी लिखित में नहीं है।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उन्होंने न्यायपालिका के विपरीत कोई टिप्पणी नहीं की है, केवल सीबीआई को ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहने पर आपत्ति की है। वह न्यायपालिका का भरपूर सम्मान करते हैं।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उन्होंने न्यायपालिका के विपरीत कोई टिप्पणी नहीं की है, केवल सीबीआई को ‘पिंजरे में बंद तोता’ कहने पर आपत्ति की है। वह न्यायपालिका का भरपूर सम्मान करते हैं। | संक्षिप्त पाठ: दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘‘सीबीआई को स्वायत्तता देने के परिणाम बेहतर होंगे, इस पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं। उसे स्वायत्तता देना ऐसा ही है, जैसे किसी थानेदार को स्वायत्तता देना।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या आम आदमी एक थानेदार को स्वायत्तता देने के हक में है।’’ | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महंगाई के खिलाफ शिवसेना के प्रदर्शन के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि मोम के पुतले और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह में कोई फर्क नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गणेशोत्सव की वजह से 20 सितंबर को होने वाले भारत बंद में उनकी पार्टी शामिल नहीं होगी।टिप्पणियां
एनडीए सहित विपक्षी पार्टियों ने 20 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है लेकिन इस बंद में शिव सेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना शामिल नहीं होगी।
दरअसल, 19 सितंबर से गणेशोत्सव शुरू हो रहा है और अगले दि यानी 20 सितंबर को गणेश का विसर्जन होता है। ऐसे में महाराष्ट्र की इन दोनों पार्टियों ने 20 सितंबर को बंद से खुद को अलग रखने का फ़ैसला किया है।
एनडीए सहित विपक्षी पार्टियों ने 20 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है लेकिन इस बंद में शिव सेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना शामिल नहीं होगी।
दरअसल, 19 सितंबर से गणेशोत्सव शुरू हो रहा है और अगले दि यानी 20 सितंबर को गणेश का विसर्जन होता है। ऐसे में महाराष्ट्र की इन दोनों पार्टियों ने 20 सितंबर को बंद से खुद को अलग रखने का फ़ैसला किया है।
दरअसल, 19 सितंबर से गणेशोत्सव शुरू हो रहा है और अगले दि यानी 20 सितंबर को गणेश का विसर्जन होता है। ऐसे में महाराष्ट्र की इन दोनों पार्टियों ने 20 सितंबर को बंद से खुद को अलग रखने का फ़ैसला किया है। | संक्षिप्त सारांश: महंगाई के खिलाफ शिवसेना के प्रदर्शन के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि मोम के पुतले और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह में कोई फर्क नहीं है। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी और गौतमबुद्ध नगर लोकसभा से एकमात्र महिला उम्मीदवार श्वेता शर्मा समेत कुल आठ प्रत्याशियों के नामांकन अस्वीकार कर दिए गए. इस तरह फिलहाल इस सीट पर 13 प्रत्याशी मैदान में हैं. हालांकि 28 मार्च को नाम वापसी के बाद ही कुल सियासी योद्धाओं का पता चलेगा.
आम आदमी पार्टी ने प्रोफेसर श्वेता शर्मा को गौतमबुद्ध नगर से अपना उम्मीवार बनाया था. उन्होंने तय समय में अपना नामांकन दाखिल किया था. मंगलवार को पर्चे की जांच के बाद उनका नामांकन अस्वीकार कर दिया गया. जिला निर्वाचन कार्यालय ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय पार्टी न होने, कम प्रस्तावक होने से नामांकन रद्द किया. आम आदमी पार्टी की महिला प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने से पार्टी कार्यकर्ता निराश हैं. अब पार्टी और महिला प्रत्याशी कोर्ट की शरण लेंगे और जिला निर्वाचन कार्यालय से रद्द हुए फैसले को चुनौती देंगे.
श्वेता शर्मा उत्तर प्रदेश सरकार के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की रिश्तेदार हैं. चर्चा थी कि ब्राह्मण जाति की होने के कारण वे भाजपा प्रत्याशी को नुकसान पहुंचा सकती हैं. लेकिन, नामांकन अस्वीकार होने से कईयों ने राहत की सांस ली होगी. प्रोफेसर श्वेता शर्मा के अलावा जिन अन्य उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए गए हैं उनमें निर्दलीय सुनील गौतम, निर्दलीय सुभाष चंद्र गोयल, राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के इकबाल, निर्दलीय जगदीश, निर्दलीय आदेश त्यागी, भारतीय भाईचारा पार्टी के सुरेंद्र और स्वतंत्र जनता राज पार्टी के बृजेश कोरी शामिल हैं.
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख तक कुल 21 लोगों ने पर्चे भरे थे. जिसमें आम आदमी पार्टी की एकमात्र महिला उम्मीदवार थीं. आखरी दिन रिकार्ड 17 लोगों ने नामांकन किया था. इनमें 12 राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और पांच निर्दलीय शामिल थे.
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 28 मार्च है. 28 मार्च को स्थिति और साफ हो जाएगी कि गौतमबुध्द नगर सीट से कुल कितने उम्मीदवार होंगे. | संक्षिप्त सारांश: फिलहाल गौतमबुद्ध नगर सीट पर 13 प्रत्याशी मैदान में
28 मार्च को नाम वापसी के बाद स्थिति होगी साफ
नामांकन दाखिले की अंतिम तारीख तक 21 लोगों ने पर्चे भरे थे | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जरूरत के समय मदद करने के लिए एक दोस्त से बढ़कर कौन हो सकता है और खास तौर पर उस समय जब आप भूख से तड़प रहे हों... एक वायरल वीडियो में दिखा है कुछ ऐसा ही. जिसमें एक नन्हा बच्चा भूखा है, वह फ्रिज के पास जाता है, लेकिन छोटा होने की वजह से उसे खोल कर कुछ ले नहीं पाता. ऐसे में अपने नन्हे दोस्त की मदद करने आता है उसका पालतू डॉग... और वह दोनों किस तरह चालाकी भरी जुगत लगा कर फ्रिज से खाने का सामान निकालते हैं यह देखकर आप हैरान न हो जाएं तो कहना...
मुश्किल से 40 सेकेंड का यह वीडियो इस समय वायरल हो रहा है. फेसबुक पर पोस्ट किए जाने के बाद से इस छोटे से वीडियो को तकरीबन 57 मिलियन बार देखा जा चुका है.
वीडियो की शुरुआत ही कुछ इस तरह होती है कि बच्चा मेहनत कर फ्रिज खोलने में जुटा है और डॉग बड़े ही सब्र से उसका सहारा बना ठीक उसके पास खड़ा है. छोटा सा बच्चा अंत में अपने पालतू दोस्त की कमर पर चढ़ जाता है और अपना काम पूरा करता है.टिप्पणियां
इस पूरे काम को अंजाम देने के दौरान बच्चे और डॉग दोनों के बीच का तालमेल बड़ा ही जबरदस्त है. अंत में बच्चा डॉग की कमर पर खड़ा होकर अपने लिए कुछ खाने का तलाश ही लेता है...
देखिए इसके बाद क्या होता है-
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''जब आपको मदद चाहिए, तभी पता चलता है कि आपको दोस्त कौन हैं.'' वीडियो शेयर करते हुए इस बच्चे के पिता ने लिखा. य वीडियो 15 जून को फेसबुक पर शेयर किया गया, इसके बाद से इसे तकरीबन 107,000 बार शेयर किया जा चुका है और इसे 79,000 रिएक्शन्स मिल चुके हैं.
मुश्किल से 40 सेकेंड का यह वीडियो इस समय वायरल हो रहा है. फेसबुक पर पोस्ट किए जाने के बाद से इस छोटे से वीडियो को तकरीबन 57 मिलियन बार देखा जा चुका है.
वीडियो की शुरुआत ही कुछ इस तरह होती है कि बच्चा मेहनत कर फ्रिज खोलने में जुटा है और डॉग बड़े ही सब्र से उसका सहारा बना ठीक उसके पास खड़ा है. छोटा सा बच्चा अंत में अपने पालतू दोस्त की कमर पर चढ़ जाता है और अपना काम पूरा करता है.टिप्पणियां
इस पूरे काम को अंजाम देने के दौरान बच्चे और डॉग दोनों के बीच का तालमेल बड़ा ही जबरदस्त है. अंत में बच्चा डॉग की कमर पर खड़ा होकर अपने लिए कुछ खाने का तलाश ही लेता है...
देखिए इसके बाद क्या होता है-
''जब आपको मदद चाहिए, तभी पता चलता है कि आपको दोस्त कौन हैं.'' वीडियो शेयर करते हुए इस बच्चे के पिता ने लिखा. य वीडियो 15 जून को फेसबुक पर शेयर किया गया, इसके बाद से इसे तकरीबन 107,000 बार शेयर किया जा चुका है और इसे 79,000 रिएक्शन्स मिल चुके हैं.
वीडियो की शुरुआत ही कुछ इस तरह होती है कि बच्चा मेहनत कर फ्रिज खोलने में जुटा है और डॉग बड़े ही सब्र से उसका सहारा बना ठीक उसके पास खड़ा है. छोटा सा बच्चा अंत में अपने पालतू दोस्त की कमर पर चढ़ जाता है और अपना काम पूरा करता है.टिप्पणियां
इस पूरे काम को अंजाम देने के दौरान बच्चे और डॉग दोनों के बीच का तालमेल बड़ा ही जबरदस्त है. अंत में बच्चा डॉग की कमर पर खड़ा होकर अपने लिए कुछ खाने का तलाश ही लेता है...
देखिए इसके बाद क्या होता है-
''जब आपको मदद चाहिए, तभी पता चलता है कि आपको दोस्त कौन हैं.'' वीडियो शेयर करते हुए इस बच्चे के पिता ने लिखा. य वीडियो 15 जून को फेसबुक पर शेयर किया गया, इसके बाद से इसे तकरीबन 107,000 बार शेयर किया जा चुका है और इसे 79,000 रिएक्शन्स मिल चुके हैं.
इस पूरे काम को अंजाम देने के दौरान बच्चे और डॉग दोनों के बीच का तालमेल बड़ा ही जबरदस्त है. अंत में बच्चा डॉग की कमर पर खड़ा होकर अपने लिए कुछ खाने का तलाश ही लेता है...
देखिए इसके बाद क्या होता है-
''जब आपको मदद चाहिए, तभी पता चलता है कि आपको दोस्त कौन हैं.'' वीडियो शेयर करते हुए इस बच्चे के पिता ने लिखा. य वीडियो 15 जून को फेसबुक पर शेयर किया गया, इसके बाद से इसे तकरीबन 107,000 बार शेयर किया जा चुका है और इसे 79,000 रिएक्शन्स मिल चुके हैं.
''जब आपको मदद चाहिए, तभी पता चलता है कि आपको दोस्त कौन हैं.'' वीडियो शेयर करते हुए इस बच्चे के पिता ने लिखा. य वीडियो 15 जून को फेसबुक पर शेयर किया गया, इसके बाद से इसे तकरीबन 107,000 बार शेयर किया जा चुका है और इसे 79,000 रिएक्शन्स मिल चुके हैं. | संक्षिप्त पाठ: वीडियो को 107,000 बार शेयर किया जा चुका है.
बच्चे और डॉग दोनों के बीच का तालमेल बड़ा ही जबरदस्त है.
वीडियो को फेसबुक पर 79,000 रिएक्शन्स मिल चुके हैं. | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बात जातिगत समीकरण की करें तो वाराणसी में बनिया मतदाता करीब 3.25 लाख हैं जो कि बीजेपी के कोर वोटर हैं. अगर नोटबंदी और जीएसटी के बाद उपजे गुस्से को कांग्रेस भुनाने में कामयाब होती है तो यह वोट कांग्रेस की ओर खिसक सकता है. वहीं ब्राह्मण मतदाता हैं जिनकी संख्या ढाई लाख के करीब है. माना जाता है कि विश्वनाथ कॉरीडोर बनाने में जिनके घर सबसे ज्यादा हैं उनमें ब्राह्मण ही हैं और एससी/एसटी संशोधन बिल को लेकर भी नाराजगी है. यादवों की संख्या डेढ़ लाख है. इस सीट पर पिछले कई चुनाव से यादव समाज बीजेपी को ही वोट कर रहा है. लेकिन सपा के समर्थन के बाद इस पर भी सेंध लग सकती है. वाराणसी में मुस्लिमों की संख्या तीन लाख के आसपास है. यह वर्ग उसी को वोट करता है जो बीजेपी को हरा पाने की कुवत रखता हो.
इसके बाद भूमिहार 1 लाख 25 हज़ार, राजपूत 1 लाख, पटेल 2 लाख, चौरसिया 80 हज़ार, दलित 80 हज़ार और अन्य पिछड़ी जातियां 70 हज़ार हैं. इनके वोट अगर थोड़ा बहुत भी इधर-उधर होते हैं तो सीट का गणित बदल सकता है. आंकड़ों के इस खेल को देखने के बाद अगर साझेदारी पर बात बनी और जातीय समीकरण ने साथ दिया तो प्रियंका गांधी मोदी को टक्कर दे सकती हैं. हालांकि मोदी ने जिस तरह से पिछले साढ़े चार सालों में वाराणसी में विकास के जो काम किया है क्या उसे नजरंदाज किया जा सकता है, यह भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है. लेकिन अगर प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ती हैं तो हार जीत से पहले कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक बड़ा संदेश में कामयाब हो जाएगी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संयुक्त उम्मीदवारी में प्रियंका दे सकती हैं टक्कर
तीन लाख मुस्लिम मतदाता
'MY' समीकरण पीएम मोदी को कर सकता है परेशान | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संसद का बजट सत्र इस महीने की 21 तारीख को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संबोधन से शुरू होगा। वित्त मंत्री पी चिदंबरम 28 फरवरी को आम बजट पेश करेंगे।
संसद सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘15वीं लोकसभा का तेरहवां सत्र और राज्यसभा का 228वां सत्र 21 फरवरी, 2013 से शुरू होगा।’टिप्पणियां
सात सप्ताह से अधिक तक चलने वाले इस सत्र में 22 मार्च से 22 अप्रैल तक अवकाश होगा। सत्र का समापन 10 मई को होगा।
रेल बजट 26 फरवरी को पेश होगा और आर्थिक समीक्षा 27 फरवरी संसद में पेश की जाएगी।
संसद सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘15वीं लोकसभा का तेरहवां सत्र और राज्यसभा का 228वां सत्र 21 फरवरी, 2013 से शुरू होगा।’टिप्पणियां
सात सप्ताह से अधिक तक चलने वाले इस सत्र में 22 मार्च से 22 अप्रैल तक अवकाश होगा। सत्र का समापन 10 मई को होगा।
रेल बजट 26 फरवरी को पेश होगा और आर्थिक समीक्षा 27 फरवरी संसद में पेश की जाएगी।
सात सप्ताह से अधिक तक चलने वाले इस सत्र में 22 मार्च से 22 अप्रैल तक अवकाश होगा। सत्र का समापन 10 मई को होगा।
रेल बजट 26 फरवरी को पेश होगा और आर्थिक समीक्षा 27 फरवरी संसद में पेश की जाएगी।
रेल बजट 26 फरवरी को पेश होगा और आर्थिक समीक्षा 27 फरवरी संसद में पेश की जाएगी। | सारांश: संसद का बजट सत्र इस महीने की 21 तारीख को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संबोधन से शुरू होगा। वित्त मंत्री पी चिदंबरम 28 फरवरी को आम बजट पेश करेंगे। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोषों व खुदरा निवेशकों की ताजा लिवाली से बंबई शेयर बाजार सेंसेक्स में 133 अंक और निफ्टी 50 अंक ऊपर बंद हुए।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि फरवरी महीने के लिए औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) के आंकड़े आज आने हैं।
बीएसई का तीस शेयर आधारित सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 132.41 अंक सुधरकर 17,331.81 अंक मजबूत हुआ। मंगलवार को इसमें 44.44 अंक की गिरावट आई थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 38.05 अंक सुधरकर 5,264.90 अंक दर्ज किया गया।
उल्लेखनीय है कि फरवरी महीने के लिए औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) के आंकड़े आज आने हैं।
बीएसई का तीस शेयर आधारित सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 132.41 अंक सुधरकर 17,331.81 अंक मजबूत हुआ। मंगलवार को इसमें 44.44 अंक की गिरावट आई थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 38.05 अंक सुधरकर 5,264.90 अंक दर्ज किया गया।
बीएसई का तीस शेयर आधारित सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 132.41 अंक सुधरकर 17,331.81 अंक मजबूत हुआ। मंगलवार को इसमें 44.44 अंक की गिरावट आई थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 38.05 अंक सुधरकर 5,264.90 अंक दर्ज किया गया। | यहाँ एक सारांश है:कोषों व खुदरा निवेशकों की ताजा लिवाली से बंबई शेयर बाजार सेंसेक्स में 133 अंक और निफ्टी 50 अंक ऊपर बंद हुए। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपनी बेटी की शादी से ऐन पहले 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद किए जाने से परेशान व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस विवाह समारोह का न्योता दिया है. यह शख्स चाहता है कि प्रधानमंत्री खुद देखें कि अचानक नोट बंद होने से उसे 11 नवंबर से शुरू होने वाले इस समारोह के आयोजन में कितनी दिक्कतें पेश आ रही हैं.
शहर के न्यू पलासिया क्षेत्र की हरिजन कॉलोनी में रहने वाले मुन्नालाल नागर ने संवाददाताओं से कहा, ''मैं 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के मोदी जी के फैसले का सम्मान करता हूं. लेकिन मैं चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मेरी बेटी सोना के शादी समारोह में शामिल होकर खुद देखें कि इस कदम से मुझे कितनी समस्या हो रही है. वह इस समस्या का हल निकालें.''टिप्पणियां
उन्होंने बताया, ''मैंने बेटी की शादी के लिये काफी पहले से बैंक से रकम निकाल कर रखी थी. लेकिन 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद होने के बाद मैं इस रकम को बेटी के शादी समारोह के आयोजन में खर्च नहीं कर पा रहा हूं. मैं बेटी की शादी का सामान लेने जिस भी दुकान पर जा रहा हूं, दुकानदार मुझसे 500 और 1,000 रुपये का नोट लेने से साफ इनकार कर रहा है.'' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शहर के न्यू पलासिया क्षेत्र की हरिजन कॉलोनी में रहने वाले मुन्नालाल नागर ने संवाददाताओं से कहा, ''मैं 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के मोदी जी के फैसले का सम्मान करता हूं. लेकिन मैं चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मेरी बेटी सोना के शादी समारोह में शामिल होकर खुद देखें कि इस कदम से मुझे कितनी समस्या हो रही है. वह इस समस्या का हल निकालें.''टिप्पणियां
उन्होंने बताया, ''मैंने बेटी की शादी के लिये काफी पहले से बैंक से रकम निकाल कर रखी थी. लेकिन 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद होने के बाद मैं इस रकम को बेटी के शादी समारोह के आयोजन में खर्च नहीं कर पा रहा हूं. मैं बेटी की शादी का सामान लेने जिस भी दुकान पर जा रहा हूं, दुकानदार मुझसे 500 और 1,000 रुपये का नोट लेने से साफ इनकार कर रहा है.'' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया, ''मैंने बेटी की शादी के लिये काफी पहले से बैंक से रकम निकाल कर रखी थी. लेकिन 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद होने के बाद मैं इस रकम को बेटी के शादी समारोह के आयोजन में खर्च नहीं कर पा रहा हूं. मैं बेटी की शादी का सामान लेने जिस भी दुकान पर जा रहा हूं, दुकानदार मुझसे 500 और 1,000 रुपये का नोट लेने से साफ इनकार कर रहा है.'' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: 11 नवंबर को इस शख्स की बेटी की है शादी
इसने पहले से ही निकाल रखे थे बड़े नोट
अब सामान खरीदने पर दुकानदार इन्हें नहीं ले रहे | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के बाद अब एनसीपी नेता अजित पवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है. तकरीबन 1000 करोड़ रुपये के महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अजित पवार सहित तकरीबन 70 लोगों के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. अदालत ने इसके लिये मुम्बई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को 5 दिन का समय दिया है. सालों से लटके महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले की जांच में अचानक से नया मोड़ आ गया है.
मामले में नाबार्ड की ऑडिट रिपोर्ट में खामिया उजागर हुई थी, लेकिन मुम्बई पुलिस फाइल दबाकर बैठे रही. अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कार्रवाई का भरोसा दे रहे हैं. एक सामाजिक कार्यकर्ता ने जनहित याचिका दर्ज कर तकरीबन 1000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाते हुए एनसीपी नेता अजित पवार सहित दर्जन भर दूसरे नेताओं के साथ तकरीबन 70 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. याचिकाकर्ता के वकील सतीश तलेकर का कहना है कि साल भर से भी अधिक समय से मामले की सुनवाई चल रही थी. अदालत ने एक महीना पहले भी मुम्बई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के डीसीपी को तलब कर पूछा था कि FIR क्यों नही दर्ज कर रहे?
तब पुलिस ने FIR दर्ज करने लायक सबूत नहीं होने का दावा किया. इस पर अदालत ने सभी दस्तावेजों को देख पहली नजर में पाया कि गड़बड़ी हुई है और इसलिए FIR दायर कर जांच का आदेश दिया. जनहित याचिका के मुताबिक महाराष्ट्र राज्य के समग्र विकास में सहकारी बैंक और सहकारिता का बड़ा योगदान था, लेकिन नेताओं ने उसे अपने परिवार के विकास तक सीमित कर दिया यही वजह है कि राज्य में किसान खस्ताहाल हैं और खुदकुशी को मजबूर हो रहे हैं.
राज्य सहकारी बैंक का उद्देश्य किसानों को कर्ज देना है, लेकिन बैंक के बोर्ड में बैठे नेताओं ने नियमों को ताक पर रखकर अपने करीबियों की चीनी और कताई मिलों में कर्ज बांटे जो डूब गए. मामला 2007 से 2011 के बीच का है और आरोपियों में दूसरे नेताओं का नाम भी है लेकिन अजित पवार को ही निशाना बनाने पर एनसीपी सांसद सुप्रिया सुुले ने सरकार की नियत पर सवाल उठाया. | संक्षिप्त पाठ: राज ठाकरे के बाद अब अजित पवार की बारी?
अजित पवार सहित तकरीबन 70 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाला मामला | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि उनके और गृह मंत्री पी चिदंबरम के बीच मतभेद एक बंद हो चुका अध्याय है। उन्होंने जोर दिया कि चीजों पर सरकार का नियंत्रण है। दुर्गा पूजा के लिए अपने पैतृक स्थल आए मुखर्जी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, मैंने और चिदंबरम ने मीडिया से बातचीत की। अध्याय खत्म हो चुका है और चिदंबरम इस बात को स्वीकार कर चुके हैं। लिहाजा, यह सवाल ही नहीं उठता। मुखर्जी ने स्वीकार किया कि बहुदलीय राजनीतिक व्यवस्था में कभी-कभी मतभेद हो सकते हैं। उनसे पूछा गया था कि उनका और चिदंबरम का सार्वजनिक रूप से एकसाथ सामने आना क्या इस बात का संकेत है कि विवाद खत्म हो चुका है। सरकार में गंभीर मतभेद होने और आंतरिक फूट होने के चलते इसके किसी भी समय धराशायी होने के संबंध में पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि अगर आप विपक्ष की मूल परिकल्पना को मानें तो विपक्ष की भूमिका विरोध करना, पर्दाफाश करना और अगर संभव हो तो सरकार गिराना है। मुखर्जी ने कहा कि उन्हें तथाकथित मतभेदों के अधिक अर्थ नहीं निकालने चाहिए। उन्हें खुद पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए क्योंकि आखिरकार विपक्ष भी कोई बहुत ज्यादा एकजुट कुनबा नहीं है। अगर आप उनके अतीत के रिकॉर्ड को देखें तो आप काफी कुछ ऐसा ही पाएंगे। | संक्षिप्त पाठ: प्रणब ने कहा कि उनके और गृह मंत्री पी चिदंबरम के बीच मतभेद एक बंद हो चुका अध्याय है। उन्होंने जोर दिया कि चीजों पर सरकार का नियंत्रण है। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 181.16 अंकों की तेजी के साथ 18,791.93 पर और निफ्टी 58.45 अंकों की तेजी के साथ 5,718.70 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 42.83 अंकों की तेजी के साथ 18,653.60 पर खुला और 181.16 अंकों या 0.97 फीसदी तेजी के साथ 18,791.93 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,806.56 के ऊपरी और 18,576.41 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 15.05 अंकों की तेजी के साथ 5,675.30 पर खुला और 58.45 अंकों या 1.03 फीसदी की तेजी के साथ 5,718.70 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,722.50 के ऊपरी और 5,650.55 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 76.79 अंकों की तेजी के साथ 6706.82 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 61.55 अंकों की तेजी के साथ 7,193.89 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। एकमात्र सेक्टर स्वास्थ्य सेवा (0.30 फीसदी) में गिरावट देखी गई।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 42.83 अंकों की तेजी के साथ 18,653.60 पर खुला और 181.16 अंकों या 0.97 फीसदी तेजी के साथ 18,791.93 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,806.56 के ऊपरी और 18,576.41 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 15.05 अंकों की तेजी के साथ 5,675.30 पर खुला और 58.45 अंकों या 1.03 फीसदी की तेजी के साथ 5,718.70 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,722.50 के ऊपरी और 5,650.55 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 76.79 अंकों की तेजी के साथ 6706.82 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 61.55 अंकों की तेजी के साथ 7,193.89 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। एकमात्र सेक्टर स्वास्थ्य सेवा (0.30 फीसदी) में गिरावट देखी गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 15.05 अंकों की तेजी के साथ 5,675.30 पर खुला और 58.45 अंकों या 1.03 फीसदी की तेजी के साथ 5,718.70 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,722.50 के ऊपरी और 5,650.55 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 76.79 अंकों की तेजी के साथ 6706.82 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 61.55 अंकों की तेजी के साथ 7,193.89 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। एकमात्र सेक्टर स्वास्थ्य सेवा (0.30 फीसदी) में गिरावट देखी गई।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 76.79 अंकों की तेजी के साथ 6706.82 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 61.55 अंकों की तेजी के साथ 7,193.89 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। एकमात्र सेक्टर स्वास्थ्य सेवा (0.30 फीसदी) में गिरावट देखी गई।
बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। एकमात्र सेक्टर स्वास्थ्य सेवा (0.30 फीसदी) में गिरावट देखी गई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 181.16 अंकों की तेजी के साथ 18,791.93 पर और निफ्टी 58.45 अंकों की तेजी के साथ 5,718.70 पर बंद हुआ। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के सुपरस्टार और सिंगिंग स्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) अपनी फिल्मों से तो धमाल मचाते ही हैं, और अपनी सिंगिंग से स्टेज शो में भी जबरदस्त समां बांधते हैं. भोजपुरी फिल्मों के एक्शन स्टार के नाम से मशहूर खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) का एक स्टेज का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में भोजपुरी फिल्मों के चहेते स्टार खेसारी लाल यादव दर्शकों को एंटरटेन कर रहे हैं और उनकी गायकी देखकर जमकर नोट बरस रहे हैं. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के इस वीडियो में दर्शकों के मन में उनके लिए प्यार देखते ही बनता है.
खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) की स्टेज परफॉर्मेंस का ये वीडियो यूट्यूब (YouTube) पर छाया हुआ है. हालांकि खेसारी लाल यादव का ये वीडियो दो साल पुराना है, लेकिन इसमें खेसारी लाल यादव का जलवा पूरी तरह से नजर आ रहा है. खेसारी लाल यादव के साथ उनकी टीम भी है जो स्टेज पर दर्शकों को एंटरटेन कर रही है. फिर खेसारी लाल यादव तो जानते ही हैं कि दर्शकों को एंटरटेनमेंट के जादू में कैसे फंसाकर रखा जा सकता है.
इन सबके अलावा खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने नवरात्रि के खास मौके पर अपने भक्ति गीतों से भी सबका दिल जीत लिया. इस नवरात्र उन्होंने 'सातों बहिन के झुलुआ' का भक्ति गीत गाया है. इसका म्यूजिक शंकर सिंह ने दिया है. इस वीडियो को किशोर कुमार ने निर्देशित किया है. कुल मिलाकर खेसारी लाल यादव ने अपनी आवाज का जादू बिखेर दिया है. वैसे भी खेसारी को यूट्यूब (YouTube) का किंग कहा जाता है. | सारांश: भोजपुरी सुपरस्टार हैं खेसारी लाल यादव
यूट्यूब पर मचाए रहते हैं धमाल
इस वीडियो में दिखा उनका अनोखा अंदाज | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा पर हस्ताक्षर किए।
राज्य में आठ तारीख को मुंडा सरकार ने झामुमो के समर्थन वापसी से उपजी स्थिति को देखते हुए मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर राज्य विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा कर दी थी और राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां
राज्य विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18 विधायक, कांग्रेस के तेरह, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के छह, राजद के पांच और जदयू के दो विधायक हैं। इनके अलावा अन्य आठ विधायक निर्दलीय अथवा बहुत छोटे दलों के हैं। राज्य विधानसभा में कुल 81 निर्वाचित और एक मनोनीत सदस्य हैं।
केन्द्र सरकार ने राज्य के राज्यपाल डॉ सैय्यद अहमद की शनिवार को की गई अनुशंसा पर गुरुवार को दिल्ली में हुई केन्द्रीय मंत्रिमडल की बैठक में झारखंड में विधानसभा को निलंबित रखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया था। और इस पर राष्ट्रपति की मुहर लगाने के लिए उसे महामहिम के पास भेज दिया गया था।
राज्य में आठ तारीख को मुंडा सरकार ने झामुमो के समर्थन वापसी से उपजी स्थिति को देखते हुए मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर राज्य विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा कर दी थी और राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां
राज्य विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18 विधायक, कांग्रेस के तेरह, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के छह, राजद के पांच और जदयू के दो विधायक हैं। इनके अलावा अन्य आठ विधायक निर्दलीय अथवा बहुत छोटे दलों के हैं। राज्य विधानसभा में कुल 81 निर्वाचित और एक मनोनीत सदस्य हैं।
केन्द्र सरकार ने राज्य के राज्यपाल डॉ सैय्यद अहमद की शनिवार को की गई अनुशंसा पर गुरुवार को दिल्ली में हुई केन्द्रीय मंत्रिमडल की बैठक में झारखंड में विधानसभा को निलंबित रखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया था। और इस पर राष्ट्रपति की मुहर लगाने के लिए उसे महामहिम के पास भेज दिया गया था।
राज्य विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18 विधायक, कांग्रेस के तेरह, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के छह, राजद के पांच और जदयू के दो विधायक हैं। इनके अलावा अन्य आठ विधायक निर्दलीय अथवा बहुत छोटे दलों के हैं। राज्य विधानसभा में कुल 81 निर्वाचित और एक मनोनीत सदस्य हैं।
केन्द्र सरकार ने राज्य के राज्यपाल डॉ सैय्यद अहमद की शनिवार को की गई अनुशंसा पर गुरुवार को दिल्ली में हुई केन्द्रीय मंत्रिमडल की बैठक में झारखंड में विधानसभा को निलंबित रखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया था। और इस पर राष्ट्रपति की मुहर लगाने के लिए उसे महामहिम के पास भेज दिया गया था।
केन्द्र सरकार ने राज्य के राज्यपाल डॉ सैय्यद अहमद की शनिवार को की गई अनुशंसा पर गुरुवार को दिल्ली में हुई केन्द्रीय मंत्रिमडल की बैठक में झारखंड में विधानसभा को निलंबित रखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया था। और इस पर राष्ट्रपति की मुहर लगाने के लिए उसे महामहिम के पास भेज दिया गया था। | संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा पर हस्ताक्षर कर दिए है। केन्द्र सरकार ने राज्य के राज्यपाल डॉ सैय्यद अहमद की शनिवार को की गई अनुशंसा पर गुरुवार को विधानसभा को निलंबित रखते हुए राष्ट्र | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की सानिया मिर्जा और रूस की एलेना वेसनीना की जोड़ी डब्ल्यूटीए पारिबास ओपन टेनिस के फाइनल में पहुंच गई है। फाइनल में पहुंचने के लिए इस जोड़ी को कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
सानिया और वेस्नीना की जोड़ी ने चेक गणराज्य की आंद्रिया हलावाकोवा और लूसी हराडेका की जोड़ी को सेमीफाइनल मुकाबले में 5-7, 7-5, (10-3) से पराजित किया। इस मुकाबले को जीतने में भारत-रूस जोड़ी को एक घंटे 45 मिनट का समय लगा।टिप्पणियां
इस जोड़ी का अब फाइनल में पहली वरीयता प्राप्त जोड़ी लिजेल हूबर और लिसा रेमंड की जोड़ी से मुकाबला होगा। हूबर और रेमंड की जोड़ी ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में चेक गणराज्य की इवेटा बेनेसोवा और बारबोरा ज्हालावोवा स्ट्रीकोवा को पराजित किया।
इससे पहले बुधवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सानिया और वेस्नीना की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रवेश करने वाली अर्जेटीना की जिसेला डूल्को और पाओला सुआरेज की जोड़ी को 6-2, 6-3 से पराजित किया।
सानिया और वेस्नीना की जोड़ी ने चेक गणराज्य की आंद्रिया हलावाकोवा और लूसी हराडेका की जोड़ी को सेमीफाइनल मुकाबले में 5-7, 7-5, (10-3) से पराजित किया। इस मुकाबले को जीतने में भारत-रूस जोड़ी को एक घंटे 45 मिनट का समय लगा।टिप्पणियां
इस जोड़ी का अब फाइनल में पहली वरीयता प्राप्त जोड़ी लिजेल हूबर और लिसा रेमंड की जोड़ी से मुकाबला होगा। हूबर और रेमंड की जोड़ी ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में चेक गणराज्य की इवेटा बेनेसोवा और बारबोरा ज्हालावोवा स्ट्रीकोवा को पराजित किया।
इससे पहले बुधवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सानिया और वेस्नीना की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रवेश करने वाली अर्जेटीना की जिसेला डूल्को और पाओला सुआरेज की जोड़ी को 6-2, 6-3 से पराजित किया।
इस जोड़ी का अब फाइनल में पहली वरीयता प्राप्त जोड़ी लिजेल हूबर और लिसा रेमंड की जोड़ी से मुकाबला होगा। हूबर और रेमंड की जोड़ी ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में चेक गणराज्य की इवेटा बेनेसोवा और बारबोरा ज्हालावोवा स्ट्रीकोवा को पराजित किया।
इससे पहले बुधवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सानिया और वेस्नीना की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रवेश करने वाली अर्जेटीना की जिसेला डूल्को और पाओला सुआरेज की जोड़ी को 6-2, 6-3 से पराजित किया।
इससे पहले बुधवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सानिया और वेस्नीना की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रवेश करने वाली अर्जेटीना की जिसेला डूल्को और पाओला सुआरेज की जोड़ी को 6-2, 6-3 से पराजित किया। | यह एक सारांश है: भारत की सानिया मिर्जा और रूस की एलेना वेसनीना की जोड़ी डब्ल्यूटीए पारिबास ओपन टेनिस के फाइनल में पहुंच गई है। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सात दिन से उपवास पर बैठे आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल से सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे दिल्ली में मिलने पहुंचे। मिलने पर अन्ना ने अरविंद केजरीवाल से अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभी लड़ाई कई दिन जारी रहेगी। अन्ना ने कहा कि वह अरविंद केजरीवाल के साथ तो नहीं आएंगे लेकिन दोनों का मकसद एक है। लड़ाई का तरीका अलग-अलग है।टिप्पणियां
केजरीवाल का उपवास दिल्ली में बिजली पानी के अनियमित बिलों को लेकर जारी है।
इससे पहले आज दिन में आर्ट ऑफ लिविंक के श्रीश्री रवि शंकर जी ने भी अरविंद केजरीवाल से अनशन समाप्त करने की अपील की थी।
केजरीवाल का उपवास दिल्ली में बिजली पानी के अनियमित बिलों को लेकर जारी है।
इससे पहले आज दिन में आर्ट ऑफ लिविंक के श्रीश्री रवि शंकर जी ने भी अरविंद केजरीवाल से अनशन समाप्त करने की अपील की थी।
इससे पहले आज दिन में आर्ट ऑफ लिविंक के श्रीश्री रवि शंकर जी ने भी अरविंद केजरीवाल से अनशन समाप्त करने की अपील की थी। | सारांश: सात दिन से उपवास पर बैठे आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल से सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे दिल्ली में मिलने पहुंचे। मिलने पर अन्ना ने अरविंद केजरीवाल से अनशन समाप्त करने की अपील की। | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में जुटे अन्ना हजारे दिल्ली की तिहाड़ जेल में ही जमे हुए हैं। अन्ना हजारे का कहना है कि जब तक उन्हें बिना शर्त अनशन की इजाजत नहीं मिलती, तब तक वह जेल से बाहर नहीं जाएंगे। हालांकि देर रात तक अन्ना हजारे और उनकी टीम को मनाने की कोशिशें जारी रहीं, लेकिन अन्ना अनशन को लेकर कोई शर्त मानने को तैयार नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस अन्ना हजारे को अनशन के लिए रामलीला मैदान की इजाजत देने को तैयार हो गई थी, लेकिन सिर्फ सात दिन के लिए, लेकिन इस समयसीमा पर अन्ना हजारे तैयार नहीं हैं। इस बीच, तिहाड़ जेल के बाहर दिन भर और देर रात तक जनता का सैलाब उमड़ा रहा। लोग हाथों में तिरंगे और बैनर लिए अन्ना हजारे के समर्थन में नारे लगाते रहे और देश से भ्रष्टाचार मिटाने और मजबूत लोकपाल बिल लाने की मांग करते रहे। अन्ना हजारे के समर्थक बुधवार को शाम चार बजे से दिल्ली के इंडिया गेट पर जमा होने शुरू हो गए। टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण ने लोगों से जनलोकपाल बिल के समर्थन में यहां जमा होने का ऐलान किया था। शाम चार बजे से यहां जुटी भीड़ देर रात तक इंडिया गेट पर ही टिकी हुई थी। रात को यहां मोमबत्ती और मशाल जुलूस निकाला गया। लोगों ने इंडिया गेट से जंतर-मंतर और वापस इंडिया गेट तक विरोध मार्च किया। इस रैली में सभी तबकों के लोगों ने हिस्सा लिया। अन्ना की आंच पूरे देश में महसूस की जा रही है। दिल्ली, बेंगलुरु, गुवाहाटी, चंडीगढ़, पटना, भोपाल तमाम शहरों में अन्ना के हक में आंदोलन चलता रहा। कहीं मशाल लिए लोग थे, कहीं वकील, कही ऑटोवाले, तो कहीं मिल मजदूर। दिल्ली के इंडिया गेट में तो हजारों की तादाद में लोग रैली का हिस्सा बने। अन्ना के बढ़ते जन समर्थन ने दिन भर सरकार पर दबाव बनाए रखा। सरकार एक समय सात दिन के अनशन पर राजी हुई, तो टीम अन्ना ने कोई भी समयसीमा मानने से इनकार कर दिया। रामलीला मैदान की सफाई शुरू कर दी गई। हालांकि सरकार ने अन्ना की सारी शर्तें मान ली हैं। वो भी जो अन्ना ने नहीं रखी थी। वह जेपी पार्क की जगह अन्ना को रामलीला मैदान देने को तैयार हो गई। न लोगों की तादाद पर पाबंदी रही, न गाड़ियों की तादाद पर शर्त चली। लेकिन मामला अनशन की मियाद पर अटक गया। दरअसल सरकार बुरी तरह फंस गई है। एक तरफ देश भर की मुख्य सड़कें आंदोलनकारियों से पटी पड़ी हैं, तो दूसरी तरफ उसे संसद में हमला झेलना पड़ रहा है। संसद में प्रधानमंत्री ने बयान दिया, तो विपक्ष ने उनकी जमकर खबर ली। बहरहाल सरकार ने घुटने टेक दिए हैं और अब टीम अन्ना दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन की तैयारी में है। लेकिन इससे सरकार की चुनौती खत्म नहीं शुरू होती है। अब सवाल है सरकार क्या करेगी? वह संसद में पेश लोकपाल बिल वापस लेकर उसकी जगह जन लोकपाल बिल नहीं पेश कर सकती। वह ज्यादा से ज्यादा ये कोशिश कर सकती है कि बाकी राजनीतिक दलों को अपने साथ जोड़े और समझाए कि अन्ना की मांग संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। सच तो ये है कि बीच के दौर में सरकार और विपक्ष में लगभग ये आम राय बनती लग रही थी कि अन्ना को संसद से बड़ा दिखने की इजाजत नहीं दी जा सकती, लेकिन अन्ना के खिलाफ कांग्रेस के निजी हमले और फिर उनकी गिरफ्तारी के बाद सरकार अलग−थलग पड़ चुकी है। अब उसे नए सिरे से टीम अन्ना को भी समझाना होगा और विपक्ष को भी साधना होगा ताकि अन्ना अनशन छोड़ें और संसद लोकपाल बिल में कुछ नए सुझाव जोड़े। लेकिन एनडीटीवी को पता चला है कि दरअसल अन्ना के अनशन को लेकर सरकार इतने दबाव में रही कि वह अपनी एजेंसियों पर भी यकीन नहीं पर पाई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आईबी की रिपोर्ट थी कि अन्ना को अनशन की इजाजत न देना ज्यादा नुकसानदेह होगा। उन्हें कहीं ज्यादा बड़ा समर्थन हासिल होगा। पुलिस ने भी कहा था कि कुछ दिन के लिए अन्ना को अनशन करने देने में कोई हर्ज नहीं। जब उनकी तबीयत बिगड़ेगी, तो उन्हें उठा दिया जाएगा। लेकिन सरकार ने दोनों रिपोर्टों को नजरअंदाज कर दिया। अन्ना हजारे फिलहाल तिहाड़ जेल में ही हैं। वह जेल से निकलने के लिए तैयार नहीं हैं। बाहर निकलने के बाद कहां अनशन करेंगे, इसको लेकर बातचीत जारी है। टीम अन्ना की एक सदस्य किरण बेदी का कहना है कि रामलीला मैदान को लेकर प्रशासन से बातचीत चल रही है। लेकिन अनशन की मियाद को लेकर पुलिस और अन्ना हजारे में अब भी मतभेद है। किरण बेदी का कहना है कि उन्होंने 30 दिन की इजाजत मांगी है, जबकि अफसर कम दिन की परमिशन देना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) धर्मेंद्र कुमार और ज्वाइंट सीपी नई दिल्ली रेंज सुधीर यादव अन्ना की टीम को काफी देर तक समझाते रहे। लेकिन जब बात नहीं बनी, तो वे बाहर चले आए। इस बीच रामलीला मैदान में साफ−सफाई का काम शुरू हो गया है। अन्ना हजारे के सामने तरह−तरह की शर्तें रखने वाली सरकार के सामने तिहाड़ से निकलने के लिए अन्ना हजारे अपनी शर्तें रखते रहे। इस बीच खबर है कि जेल के अफसर अन्ना के जेल में ही रहने की जिद से परेशान हो गए हैं। उनका कहना है कि वे आखिर किस कानून के तहत अन्ना को जेल में रखें। अन्ना मंगलवार से ही अनशन पर हैं, वह सिर्फ पानी पी रहे हैं। उनके साथ 4 और लोग अनशन कर रहे हैं, लेकिन तिहाड़ जेल में उनके ही साथ भेजे गए अरविंद केजरीवाल खाना खा रहे हैं। श्री श्री रविशंकर और बाबा रामदेव उनसे मिलने के लिए तिहाड़ जेल में गए। इससे पहले, अन्ना ने रिहाई के बाद भी मंगलवार की रात जेल में ही काटी और वह जिद पर अड़े रहे कि उनकी रिहाई बिना किसी शर्त की जाए। देर रात अण्णा को तिहाड़ एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में आराम करने के लिए एक कमरा दिया गया और पुलिस के आला अधिकारी उन्हें और उनकी टीम को मनाने में जुटे रहे।उधर, इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक रैली निकलने के बाद हजारे के समर्थकों को संबोधित करते हुए स्वामी अग्निवेश ने कहा कि हमने पुलिस से कहा है कि अगर वह जयप्रकाश नारायण पार्क पर अनशन की अनुमति देती है, तो प्रदर्शनकारियों की संभावित संख्या के लिहाज से वह स्थान छोटा पड़ेगा। लिहाजा, हमने रामलीला मैदान पर अनशन की अनुमति देने को कहा है। अग्निवेश ने कहा कि पूरी संभावना है कि रामलीला मैदान पर बैठकर ही हजारे अनशन करेंगे। पुलिस ने शुरुआती तौर पर सात दिन के अनशन की अनुमति देने की पेशकश रखी है, लेकिन हम एक महीने की अनुमति चाहते हैं। सूत्रों ने कहा कि दिल्ली पुलिस के नए प्रस्ताव में अनशन स्थल पर पार्क होने वाले वाहनों की संख्या सीमित रखने और किसी सरकारी चिकित्सक द्वारा ही अनशनकारियों का चिकित्सकीय परीक्षण करने की शर्त को हटा लिया गया है। अब सरकारी चिकित्सक के साथ ही हजारे पक्ष के किसी निजी चिकित्सक को भी अनशनकारियों के परीक्षण की इजाजत होगी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस विरोध प्रदर्शन को सात दिन की अवधि बाद भी जारी रखने की इजाजत दे सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की संख्या सीमित रखने की कोई बंदिश नहीं होगी और रामलीला मैदान की क्षमता के अनुरूप वहां प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने की अनुमति दी जाएगी।(कुछ अंश भाषा से भी) | यहाँ एक सारांश है:सरकार बुरी तरह फंस गई है। एक तरफ देश भर की मुख्य सड़कें आंदोलनकारियों से पटी पड़ी हैं, तो दूसरी तरफ उसे संसद में हमला झेलना पड़ रहा है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश में एक ओर आमिर खान के टीवी शो सत्यमेव जयते में कन्या भ्रूण हत्या रोकने की पहल के बाद एक माहौल बनता दिख रहा है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी है, जिनकी नीयत अब भी नहीं सुधरी है।
गुरुवार को दिल्ली से अंबाला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में एक बैग के अंदर एक दिन की बच्ची का शव मिला। अंबाला पहुंचने के बाद ट्रेन की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों को एक काला बैग मिला, जिसके अंदर नवजात बच्ची का शव था। बच्ची का शव मिलने की खबर जीआरपी को दी गई, जो अब इस मामले की जांच कर रही है।टिप्पणियां
गुरुवार को ही दिल्ली के सागरपुर में नाले के किनारे एक बच्ची लावारिस पड़ी मिली। बच्ची की किस्मत अच्छी थी कि एक सिक्योरिटी गार्ड की नजर उस पर पड़ गई, जिसके बाद फौरन बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले आया गया।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के आईएसीयू में बच्ची का इलाज चल रहा है। बच्ची के जिस्म पर चोट के निशान तो नहीं दिख रहे, लेकिन नाले के मच्छरों ने काट कर इसका बुरा हाल कर रखा है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची पर पूरी नजर रखी जा रही है और अब खतरे की कोई बात नहीं है।
गुरुवार को दिल्ली से अंबाला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में एक बैग के अंदर एक दिन की बच्ची का शव मिला। अंबाला पहुंचने के बाद ट्रेन की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों को एक काला बैग मिला, जिसके अंदर नवजात बच्ची का शव था। बच्ची का शव मिलने की खबर जीआरपी को दी गई, जो अब इस मामले की जांच कर रही है।टिप्पणियां
गुरुवार को ही दिल्ली के सागरपुर में नाले के किनारे एक बच्ची लावारिस पड़ी मिली। बच्ची की किस्मत अच्छी थी कि एक सिक्योरिटी गार्ड की नजर उस पर पड़ गई, जिसके बाद फौरन बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले आया गया।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के आईएसीयू में बच्ची का इलाज चल रहा है। बच्ची के जिस्म पर चोट के निशान तो नहीं दिख रहे, लेकिन नाले के मच्छरों ने काट कर इसका बुरा हाल कर रखा है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची पर पूरी नजर रखी जा रही है और अब खतरे की कोई बात नहीं है।
गुरुवार को ही दिल्ली के सागरपुर में नाले के किनारे एक बच्ची लावारिस पड़ी मिली। बच्ची की किस्मत अच्छी थी कि एक सिक्योरिटी गार्ड की नजर उस पर पड़ गई, जिसके बाद फौरन बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले आया गया।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के आईएसीयू में बच्ची का इलाज चल रहा है। बच्ची के जिस्म पर चोट के निशान तो नहीं दिख रहे, लेकिन नाले के मच्छरों ने काट कर इसका बुरा हाल कर रखा है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची पर पूरी नजर रखी जा रही है और अब खतरे की कोई बात नहीं है।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के आईएसीयू में बच्ची का इलाज चल रहा है। बच्ची के जिस्म पर चोट के निशान तो नहीं दिख रहे, लेकिन नाले के मच्छरों ने काट कर इसका बुरा हाल कर रखा है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची पर पूरी नजर रखी जा रही है और अब खतरे की कोई बात नहीं है। | यह एक सारांश है: देश में एक ओर आमिर खान के टीवी शो सत्यमेव जयते में कन्या भ्रूण हत्या रोकने की पहल के बाद एक माहौल बनता दिख रहा है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी है, जिनकी नीयत अब भी नहीं सुधरी है। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: यूरो क्षेत्र को लेकर चिंता के बीच आयातकों की तरफ से डॉलर की जबर्दस्त मांग से गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मनोवैज्ञानिक स्तर 56 को पार कर गया।टिप्पणियां
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया शुरूआती कारोबार में 49 पैसे की गिरावट के साथ 56.16 पर चला गया। बुधवार को 55.67 पर बंद हुआ था।
कारोबारियों के अनुसार महीने के समाप्त होने से पहले आयातकों की तरफ से डॉलर की मजबूत मांग तथा यूरो क्षेत्र में ऋण संकट को लेकर अमेरिकी करेंसी के मुकाबले यूरो के कमजोर होने से घरेलू मुद्रा पर असर पड़ा। इस बीच, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 113.55 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,325.03 अंक पर खुला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया शुरूआती कारोबार में 49 पैसे की गिरावट के साथ 56.16 पर चला गया। बुधवार को 55.67 पर बंद हुआ था।
कारोबारियों के अनुसार महीने के समाप्त होने से पहले आयातकों की तरफ से डॉलर की मजबूत मांग तथा यूरो क्षेत्र में ऋण संकट को लेकर अमेरिकी करेंसी के मुकाबले यूरो के कमजोर होने से घरेलू मुद्रा पर असर पड़ा। इस बीच, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 113.55 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,325.03 अंक पर खुला।
कारोबारियों के अनुसार महीने के समाप्त होने से पहले आयातकों की तरफ से डॉलर की मजबूत मांग तथा यूरो क्षेत्र में ऋण संकट को लेकर अमेरिकी करेंसी के मुकाबले यूरो के कमजोर होने से घरेलू मुद्रा पर असर पड़ा। इस बीच, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 113.55 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,325.03 अंक पर खुला। | सारांश: अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया शुरूआती कारोबार में 49 पैसे की गिरावट के साथ 56.16 पर चला गया। बुधवार को 55.67 पर बंद हुआ था। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली विकास प्राधिकरण की 12,000 फ्लैटों वाली नयी आवासीय योजना जून के मध्य में लॉन्च होगी. उप राज्यपाल अनिल बैजल ने शहरी निकाय के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. डीडीए में शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि विवरण पुस्तिका का मसौदा भी तैयार है और डीडीए जल्द ही साझेदार बैंकों से बात करेगा जिसके बाद योजना लॉन्च की जाएगी.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, उपराज्यपाल ने प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है और अब हमारी तैयारी पूरी है. नयी योजना जून के मध्य में शुरू होगी जो कुछ समय की बात है लेकिन हमने अब समयसीमा का निर्धारण कर लिया है. उन्होंने कहा कि विवरण पुस्तिका के मसौदे का प्रूफ रीड किया जा रहा है और इसे जल्द तैयार कर लिया जाएगा. डीडीए ने गैर गंभीर खरीदारों पर लगाम लगाने और बाजार की अटकलों की जांच करने के लिए इस बार कई स्तरों पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था की है.
अधिकारी ने कहा, अगर कोई भावी खरीददार ड्रॉ निकलने की तारीख से पहले अपना आवेदन वापस लेता है तो उसके पंजीकरण शुल्क से कोई राशि काटी नहीं जाएगी. दूसरा, कोई खरीददार ड्रॉ तारीख के बाद लेकिन मांग पत्र जारी होने से पहले ऐसा करता है तो पंजीकरण शुल्क की 25 फीसदी राशि जब्त की जाएगी. उन्होंने कहा, और अगर मांग पत्र जारी होने के बाद लेकिन 90 दिनों के भीतर फ्लैट लौटाया जाता है तो 50 फीसदी शुल्क जब्त किया जाएगा और इसकी बाद की अवधि के लिए पूरा पंजीकरण शुल्क जब्त किया जाएगा.
कुल फ्लैटों में से ज्यादातर रोहिणी, द्वारका, नरेला, वसंत कुंज और जसोला में हैं। इसमें 2014 में आई योजना के 10,000 खाली फ्लैट जबकि 2,000 अन्य खाली फ्लैट भी शामिल हैं. एलआईजी श्रेणी केलिए पंजीकरण शुल्क एक लाख रपये होगा जबकि एमआईजी और एचआईजी के लिए दो लाख रपये होगा। डीडीए ने आवेदन फॉर्म की बिक्री और योजना से संबंधित लेनदेन के लिए 10 बैंकों से करार किया है.
इसमें एक्सिस बैंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेन्ट्रल बैंक, एसबीआई, कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और केनरा बैंक शामिल हैं. उन्होंने कहा, लोग फ्लैट लेने का मन बनाने से पहले उन इलाकों में जाकर फ्लैट देख सकते हैं. हमने लॉक इन पीरियड खंड को भी हटा दिया है क्योंकि हमारा मानना है कि इस वजह से भी खरीददार फ्लैट लौटाते हैं. यह उन तत्वों पर भी निगरानी रखने के लिए है जो बाजार में अफवाहें फैलाते हैं.टिप्पणियां
पहले यह योजना फरवरी में लॉन्च की जानी थी लेकिन सड़क संपर्क और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे निर्माण कार्यों के चलते यह अवधि खिंच गई. अधिकारी ने कहा, पति और पत्नी दोनों योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन दोनों को फ्लैट आवंटित होने की स्थिति में उनमें से किसी एक को फ्लैट लौटाना पड़ेगा. सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर फ्लैट पिछली आवासीय योजना वाले वन-बेडरूम एलआईजी फ्लैट है और इस बार कोई भी नया फ्लैट नहीं दिया जा रहा है.
अधिकारी ने कहा, करीब 10,000 फ्लैट 2014 डीडीए योजना वाले एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार की EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की तरह इस बार ऐसी कोई श्रेणी नहीं है. आवेदन फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध होंगे. आवेदन करने से लेकर फ्लैट वापस करने तक अपने मुख्यालय पर खरीददारों की लंबी-लंबी कतारों को घटाने के लिए इस बार योजना ऑनलाइन भी शुरू की गई है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, उपराज्यपाल ने प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है और अब हमारी तैयारी पूरी है. नयी योजना जून के मध्य में शुरू होगी जो कुछ समय की बात है लेकिन हमने अब समयसीमा का निर्धारण कर लिया है. उन्होंने कहा कि विवरण पुस्तिका के मसौदे का प्रूफ रीड किया जा रहा है और इसे जल्द तैयार कर लिया जाएगा. डीडीए ने गैर गंभीर खरीदारों पर लगाम लगाने और बाजार की अटकलों की जांच करने के लिए इस बार कई स्तरों पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था की है.
अधिकारी ने कहा, अगर कोई भावी खरीददार ड्रॉ निकलने की तारीख से पहले अपना आवेदन वापस लेता है तो उसके पंजीकरण शुल्क से कोई राशि काटी नहीं जाएगी. दूसरा, कोई खरीददार ड्रॉ तारीख के बाद लेकिन मांग पत्र जारी होने से पहले ऐसा करता है तो पंजीकरण शुल्क की 25 फीसदी राशि जब्त की जाएगी. उन्होंने कहा, और अगर मांग पत्र जारी होने के बाद लेकिन 90 दिनों के भीतर फ्लैट लौटाया जाता है तो 50 फीसदी शुल्क जब्त किया जाएगा और इसकी बाद की अवधि के लिए पूरा पंजीकरण शुल्क जब्त किया जाएगा.
कुल फ्लैटों में से ज्यादातर रोहिणी, द्वारका, नरेला, वसंत कुंज और जसोला में हैं। इसमें 2014 में आई योजना के 10,000 खाली फ्लैट जबकि 2,000 अन्य खाली फ्लैट भी शामिल हैं. एलआईजी श्रेणी केलिए पंजीकरण शुल्क एक लाख रपये होगा जबकि एमआईजी और एचआईजी के लिए दो लाख रपये होगा। डीडीए ने आवेदन फॉर्म की बिक्री और योजना से संबंधित लेनदेन के लिए 10 बैंकों से करार किया है.
इसमें एक्सिस बैंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेन्ट्रल बैंक, एसबीआई, कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और केनरा बैंक शामिल हैं. उन्होंने कहा, लोग फ्लैट लेने का मन बनाने से पहले उन इलाकों में जाकर फ्लैट देख सकते हैं. हमने लॉक इन पीरियड खंड को भी हटा दिया है क्योंकि हमारा मानना है कि इस वजह से भी खरीददार फ्लैट लौटाते हैं. यह उन तत्वों पर भी निगरानी रखने के लिए है जो बाजार में अफवाहें फैलाते हैं.टिप्पणियां
पहले यह योजना फरवरी में लॉन्च की जानी थी लेकिन सड़क संपर्क और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे निर्माण कार्यों के चलते यह अवधि खिंच गई. अधिकारी ने कहा, पति और पत्नी दोनों योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन दोनों को फ्लैट आवंटित होने की स्थिति में उनमें से किसी एक को फ्लैट लौटाना पड़ेगा. सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर फ्लैट पिछली आवासीय योजना वाले वन-बेडरूम एलआईजी फ्लैट है और इस बार कोई भी नया फ्लैट नहीं दिया जा रहा है.
अधिकारी ने कहा, करीब 10,000 फ्लैट 2014 डीडीए योजना वाले एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार की EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की तरह इस बार ऐसी कोई श्रेणी नहीं है. आवेदन फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध होंगे. आवेदन करने से लेकर फ्लैट वापस करने तक अपने मुख्यालय पर खरीददारों की लंबी-लंबी कतारों को घटाने के लिए इस बार योजना ऑनलाइन भी शुरू की गई है.
अधिकारी ने कहा, अगर कोई भावी खरीददार ड्रॉ निकलने की तारीख से पहले अपना आवेदन वापस लेता है तो उसके पंजीकरण शुल्क से कोई राशि काटी नहीं जाएगी. दूसरा, कोई खरीददार ड्रॉ तारीख के बाद लेकिन मांग पत्र जारी होने से पहले ऐसा करता है तो पंजीकरण शुल्क की 25 फीसदी राशि जब्त की जाएगी. उन्होंने कहा, और अगर मांग पत्र जारी होने के बाद लेकिन 90 दिनों के भीतर फ्लैट लौटाया जाता है तो 50 फीसदी शुल्क जब्त किया जाएगा और इसकी बाद की अवधि के लिए पूरा पंजीकरण शुल्क जब्त किया जाएगा.
कुल फ्लैटों में से ज्यादातर रोहिणी, द्वारका, नरेला, वसंत कुंज और जसोला में हैं। इसमें 2014 में आई योजना के 10,000 खाली फ्लैट जबकि 2,000 अन्य खाली फ्लैट भी शामिल हैं. एलआईजी श्रेणी केलिए पंजीकरण शुल्क एक लाख रपये होगा जबकि एमआईजी और एचआईजी के लिए दो लाख रपये होगा। डीडीए ने आवेदन फॉर्म की बिक्री और योजना से संबंधित लेनदेन के लिए 10 बैंकों से करार किया है.
इसमें एक्सिस बैंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेन्ट्रल बैंक, एसबीआई, कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और केनरा बैंक शामिल हैं. उन्होंने कहा, लोग फ्लैट लेने का मन बनाने से पहले उन इलाकों में जाकर फ्लैट देख सकते हैं. हमने लॉक इन पीरियड खंड को भी हटा दिया है क्योंकि हमारा मानना है कि इस वजह से भी खरीददार फ्लैट लौटाते हैं. यह उन तत्वों पर भी निगरानी रखने के लिए है जो बाजार में अफवाहें फैलाते हैं.टिप्पणियां
पहले यह योजना फरवरी में लॉन्च की जानी थी लेकिन सड़क संपर्क और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे निर्माण कार्यों के चलते यह अवधि खिंच गई. अधिकारी ने कहा, पति और पत्नी दोनों योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन दोनों को फ्लैट आवंटित होने की स्थिति में उनमें से किसी एक को फ्लैट लौटाना पड़ेगा. सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर फ्लैट पिछली आवासीय योजना वाले वन-बेडरूम एलआईजी फ्लैट है और इस बार कोई भी नया फ्लैट नहीं दिया जा रहा है.
अधिकारी ने कहा, करीब 10,000 फ्लैट 2014 डीडीए योजना वाले एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार की EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की तरह इस बार ऐसी कोई श्रेणी नहीं है. आवेदन फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध होंगे. आवेदन करने से लेकर फ्लैट वापस करने तक अपने मुख्यालय पर खरीददारों की लंबी-लंबी कतारों को घटाने के लिए इस बार योजना ऑनलाइन भी शुरू की गई है.
कुल फ्लैटों में से ज्यादातर रोहिणी, द्वारका, नरेला, वसंत कुंज और जसोला में हैं। इसमें 2014 में आई योजना के 10,000 खाली फ्लैट जबकि 2,000 अन्य खाली फ्लैट भी शामिल हैं. एलआईजी श्रेणी केलिए पंजीकरण शुल्क एक लाख रपये होगा जबकि एमआईजी और एचआईजी के लिए दो लाख रपये होगा। डीडीए ने आवेदन फॉर्म की बिक्री और योजना से संबंधित लेनदेन के लिए 10 बैंकों से करार किया है.
इसमें एक्सिस बैंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेन्ट्रल बैंक, एसबीआई, कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और केनरा बैंक शामिल हैं. उन्होंने कहा, लोग फ्लैट लेने का मन बनाने से पहले उन इलाकों में जाकर फ्लैट देख सकते हैं. हमने लॉक इन पीरियड खंड को भी हटा दिया है क्योंकि हमारा मानना है कि इस वजह से भी खरीददार फ्लैट लौटाते हैं. यह उन तत्वों पर भी निगरानी रखने के लिए है जो बाजार में अफवाहें फैलाते हैं.टिप्पणियां
पहले यह योजना फरवरी में लॉन्च की जानी थी लेकिन सड़क संपर्क और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे निर्माण कार्यों के चलते यह अवधि खिंच गई. अधिकारी ने कहा, पति और पत्नी दोनों योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन दोनों को फ्लैट आवंटित होने की स्थिति में उनमें से किसी एक को फ्लैट लौटाना पड़ेगा. सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर फ्लैट पिछली आवासीय योजना वाले वन-बेडरूम एलआईजी फ्लैट है और इस बार कोई भी नया फ्लैट नहीं दिया जा रहा है.
अधिकारी ने कहा, करीब 10,000 फ्लैट 2014 डीडीए योजना वाले एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार की EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की तरह इस बार ऐसी कोई श्रेणी नहीं है. आवेदन फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध होंगे. आवेदन करने से लेकर फ्लैट वापस करने तक अपने मुख्यालय पर खरीददारों की लंबी-लंबी कतारों को घटाने के लिए इस बार योजना ऑनलाइन भी शुरू की गई है.
इसमें एक्सिस बैंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेन्ट्रल बैंक, एसबीआई, कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और केनरा बैंक शामिल हैं. उन्होंने कहा, लोग फ्लैट लेने का मन बनाने से पहले उन इलाकों में जाकर फ्लैट देख सकते हैं. हमने लॉक इन पीरियड खंड को भी हटा दिया है क्योंकि हमारा मानना है कि इस वजह से भी खरीददार फ्लैट लौटाते हैं. यह उन तत्वों पर भी निगरानी रखने के लिए है जो बाजार में अफवाहें फैलाते हैं.टिप्पणियां
पहले यह योजना फरवरी में लॉन्च की जानी थी लेकिन सड़क संपर्क और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे निर्माण कार्यों के चलते यह अवधि खिंच गई. अधिकारी ने कहा, पति और पत्नी दोनों योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन दोनों को फ्लैट आवंटित होने की स्थिति में उनमें से किसी एक को फ्लैट लौटाना पड़ेगा. सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर फ्लैट पिछली आवासीय योजना वाले वन-बेडरूम एलआईजी फ्लैट है और इस बार कोई भी नया फ्लैट नहीं दिया जा रहा है.
अधिकारी ने कहा, करीब 10,000 फ्लैट 2014 डीडीए योजना वाले एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार की EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की तरह इस बार ऐसी कोई श्रेणी नहीं है. आवेदन फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध होंगे. आवेदन करने से लेकर फ्लैट वापस करने तक अपने मुख्यालय पर खरीददारों की लंबी-लंबी कतारों को घटाने के लिए इस बार योजना ऑनलाइन भी शुरू की गई है.
पहले यह योजना फरवरी में लॉन्च की जानी थी लेकिन सड़क संपर्क और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे निर्माण कार्यों के चलते यह अवधि खिंच गई. अधिकारी ने कहा, पति और पत्नी दोनों योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन दोनों को फ्लैट आवंटित होने की स्थिति में उनमें से किसी एक को फ्लैट लौटाना पड़ेगा. सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर फ्लैट पिछली आवासीय योजना वाले वन-बेडरूम एलआईजी फ्लैट है और इस बार कोई भी नया फ्लैट नहीं दिया जा रहा है.
अधिकारी ने कहा, करीब 10,000 फ्लैट 2014 डीडीए योजना वाले एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार की EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की तरह इस बार ऐसी कोई श्रेणी नहीं है. आवेदन फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध होंगे. आवेदन करने से लेकर फ्लैट वापस करने तक अपने मुख्यालय पर खरीददारों की लंबी-लंबी कतारों को घटाने के लिए इस बार योजना ऑनलाइन भी शुरू की गई है.
अधिकारी ने कहा, करीब 10,000 फ्लैट 2014 डीडीए योजना वाले एलआईजी फ्लैट हैं. पिछली बार की EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की तरह इस बार ऐसी कोई श्रेणी नहीं है. आवेदन फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध होंगे. आवेदन करने से लेकर फ्लैट वापस करने तक अपने मुख्यालय पर खरीददारों की लंबी-लंबी कतारों को घटाने के लिए इस बार योजना ऑनलाइन भी शुरू की गई है. | यह एक सारांश है: 12,000 फ्लैटों वाली नयी आवासीय योजना जून के मध्य में लॉन्च
उप राज्यपाल अनिल बैजल ने शहरी निकाय के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी
डीडीए जल्द ही साझेदार बैंकों से बात करेगा | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मंगोलिया के उलानबटार में रविवार को संपन्न हुए कैडेट एशियन चैम्पियनशिप में भारतीय पहलवानों ने तीन स्वर्ण पदक, नौ रजत पदक तथा तीन कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। इसके अलावा फ्रीस्टाईल वर्ग में भारत ने चैम्पियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा कर लिया।
जानकारी के अनुसार, अमित कुमार (58 किलोग्राम), विकास (63 किग्रा) तथा परवीन (85 किग्रा) ने फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि इसी वर्ग में रवि कुमार (54 किग्रा), अंकुर राठी (69 किग्रा), बलराज (76 किग्रा) और गुरसेवक सिंह (100 किग्रा) ने रजत पदक पर कब्जा जमाया।
भारतीय पहलवानों ने फ्रीस्टाइल वर्ग में 84 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि ईरान दूसरे स्थान पर रहा।टिप्पणियां
ग्रीको रोमन वर्ग में राजेश (46 किग्रा) और रोहित (85 किग्रा) ने रजत पदक हासिल किया, जबकि मंजीत (69 किग्रा) को कांस्य पदक मिला।
भारतीय महिला पहलवानों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और पांच पदक हासिल किए। अंजू पोंगल (46 किग्रा) ने बबिता रानी (65 किग्रा) तथा दिव्या काकर (70 किग्रा) के साथ रजत पदक पर कब्जा किया। मंजू (43 किग्रा) और पूजा तोमर (60 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किए।
जानकारी के अनुसार, अमित कुमार (58 किलोग्राम), विकास (63 किग्रा) तथा परवीन (85 किग्रा) ने फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि इसी वर्ग में रवि कुमार (54 किग्रा), अंकुर राठी (69 किग्रा), बलराज (76 किग्रा) और गुरसेवक सिंह (100 किग्रा) ने रजत पदक पर कब्जा जमाया।
भारतीय पहलवानों ने फ्रीस्टाइल वर्ग में 84 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि ईरान दूसरे स्थान पर रहा।टिप्पणियां
ग्रीको रोमन वर्ग में राजेश (46 किग्रा) और रोहित (85 किग्रा) ने रजत पदक हासिल किया, जबकि मंजीत (69 किग्रा) को कांस्य पदक मिला।
भारतीय महिला पहलवानों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और पांच पदक हासिल किए। अंजू पोंगल (46 किग्रा) ने बबिता रानी (65 किग्रा) तथा दिव्या काकर (70 किग्रा) के साथ रजत पदक पर कब्जा किया। मंजू (43 किग्रा) और पूजा तोमर (60 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किए।
भारतीय पहलवानों ने फ्रीस्टाइल वर्ग में 84 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि ईरान दूसरे स्थान पर रहा।टिप्पणियां
ग्रीको रोमन वर्ग में राजेश (46 किग्रा) और रोहित (85 किग्रा) ने रजत पदक हासिल किया, जबकि मंजीत (69 किग्रा) को कांस्य पदक मिला।
भारतीय महिला पहलवानों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और पांच पदक हासिल किए। अंजू पोंगल (46 किग्रा) ने बबिता रानी (65 किग्रा) तथा दिव्या काकर (70 किग्रा) के साथ रजत पदक पर कब्जा किया। मंजू (43 किग्रा) और पूजा तोमर (60 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किए।
ग्रीको रोमन वर्ग में राजेश (46 किग्रा) और रोहित (85 किग्रा) ने रजत पदक हासिल किया, जबकि मंजीत (69 किग्रा) को कांस्य पदक मिला।
भारतीय महिला पहलवानों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और पांच पदक हासिल किए। अंजू पोंगल (46 किग्रा) ने बबिता रानी (65 किग्रा) तथा दिव्या काकर (70 किग्रा) के साथ रजत पदक पर कब्जा किया। मंजू (43 किग्रा) और पूजा तोमर (60 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किए।
भारतीय महिला पहलवानों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और पांच पदक हासिल किए। अंजू पोंगल (46 किग्रा) ने बबिता रानी (65 किग्रा) तथा दिव्या काकर (70 किग्रा) के साथ रजत पदक पर कब्जा किया। मंजू (43 किग्रा) और पूजा तोमर (60 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मंगोलिया के उलानबटार में रविवार को संपन्न हुए कैडेट एशियन चैम्पियनशिप में भारतीय पहलवानों ने तीन स्वर्ण पदक, नौ रजत पदक तथा तीन कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई पहुंची है. सीबीआई मनीष सिसोदिया के कहने पर बयान दर्ज करने पहुंची है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक- सीबीआई 'टॉक टू AK'प्रोग्राम के सिलसिले में लगे आरोपों की प्राथमिक जांच के सिलसिले में मनीष सिसोदिया का बयान लेने पहुंची. टॉक टू Ak जुलाई 2016 में आयोजित किया गया था. यह कार्यक्रम पीएम मोदी के मन की बात की तर्ज दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की जन की बात था. इसमें दिल्ली के आम लोगों के सवालों का जवाब दिया था. आरोप यह है कि नियमों को ताक पर रखकर एक कंपनी को प्रचार का ठेका दिया गया. दिल्ली सरकार के प्रचार विभाग के प्रमुख भी मनीष सिसोदिया ही हैं. फाइनेंस मिनिस्टर भी यही हैं, सो इस कार्यक्रम को करवाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी. इस कार्यक्रम में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का खर्च आया था.
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2017 में सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिक जांच शुरू की थी, जिसके बाद दिल्ली सरकार के प्रचार विभाग सूचना एवं प्रचार निदेशालय के दफ्तर पर सीबीआई ने छापा भी मारा था, जिसके बाद मनीष सिसोदिया ने पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती दी थी कि आप मेरे घर पर छापा मारें.
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2017 में सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिक जांच शुरू की थी, जिसके बाद दिल्ली सरकार के प्रचार विभाग सूचना एवं प्रचार निदेशालय के दफ्तर पर सीबीआई ने छापा भी मारा था, जिसके बाद मनीष सिसोदिया ने पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती दी थी कि आप मेरे घर पर छापा मारें. | मनीष सिसोदिया के घर बयान दर्ज करने पहुंची सीबीआई
टॉक 2 AK से जुड़ा है मामला
नियमों को ताक पर रखकर एक कंपनी को टेंडर देने का आरोप | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद लालजी टंडन ने बुधवार को कांग्रेस के 'युवराज' राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कि यदि वह प्रधानमंत्री बने तो देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा।
राजधानी स्थित अपने आवास पर एक कार्यक्रम के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह बातें कही। कांग्रेस के साथ ही उन्होंने सूबे की समाजवादी पार्टी की सरकार पर भी जमकर हमला बोला।
टंडन ने कहा, राहुल का प्रधानमंत्री बनना देश का दुर्भाग्य होगा, क्योंकि आज पाकिस्तान बार-बार आखें दिखा रहा है। कल इटली भी कहने लगेगा कि भारत में उसका हिस्सा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बारे में टंडन ने कहा, पाकिस्तान की सेना पर वहां की सरकार का नियंत्रण नहीं रह गया है, लेकिन हमे हमारी सेना पर नाज है।टिप्पणियां
सूबे की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए टंडन ने कहा कि केवल राजधानी लखनऊ में ही पिछले 24 घंटों के दौरान महिलाओं के साथ उत्पीड़न संबंधी 26 घटनाएं समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई हैं। सपा के शासन में सूबे में जंगल राज कायम हो गया है।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह के नियंत्रण में सपा के मंत्री नहीं रह गए हैं, क्योंकि खुद मुलायम में उन्हें बाहर निकालने की हिम्मत नहीं है। यदि उनमें साहस है तो मंत्रिमंडल में शामिल उन मंत्रियों को हटाएं, जिनके ऊपर दुष्कर्म के आरोप हैं।
राजधानी स्थित अपने आवास पर एक कार्यक्रम के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह बातें कही। कांग्रेस के साथ ही उन्होंने सूबे की समाजवादी पार्टी की सरकार पर भी जमकर हमला बोला।
टंडन ने कहा, राहुल का प्रधानमंत्री बनना देश का दुर्भाग्य होगा, क्योंकि आज पाकिस्तान बार-बार आखें दिखा रहा है। कल इटली भी कहने लगेगा कि भारत में उसका हिस्सा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बारे में टंडन ने कहा, पाकिस्तान की सेना पर वहां की सरकार का नियंत्रण नहीं रह गया है, लेकिन हमे हमारी सेना पर नाज है।टिप्पणियां
सूबे की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए टंडन ने कहा कि केवल राजधानी लखनऊ में ही पिछले 24 घंटों के दौरान महिलाओं के साथ उत्पीड़न संबंधी 26 घटनाएं समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई हैं। सपा के शासन में सूबे में जंगल राज कायम हो गया है।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह के नियंत्रण में सपा के मंत्री नहीं रह गए हैं, क्योंकि खुद मुलायम में उन्हें बाहर निकालने की हिम्मत नहीं है। यदि उनमें साहस है तो मंत्रिमंडल में शामिल उन मंत्रियों को हटाएं, जिनके ऊपर दुष्कर्म के आरोप हैं।
टंडन ने कहा, राहुल का प्रधानमंत्री बनना देश का दुर्भाग्य होगा, क्योंकि आज पाकिस्तान बार-बार आखें दिखा रहा है। कल इटली भी कहने लगेगा कि भारत में उसका हिस्सा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बारे में टंडन ने कहा, पाकिस्तान की सेना पर वहां की सरकार का नियंत्रण नहीं रह गया है, लेकिन हमे हमारी सेना पर नाज है।टिप्पणियां
सूबे की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए टंडन ने कहा कि केवल राजधानी लखनऊ में ही पिछले 24 घंटों के दौरान महिलाओं के साथ उत्पीड़न संबंधी 26 घटनाएं समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई हैं। सपा के शासन में सूबे में जंगल राज कायम हो गया है।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह के नियंत्रण में सपा के मंत्री नहीं रह गए हैं, क्योंकि खुद मुलायम में उन्हें बाहर निकालने की हिम्मत नहीं है। यदि उनमें साहस है तो मंत्रिमंडल में शामिल उन मंत्रियों को हटाएं, जिनके ऊपर दुष्कर्म के आरोप हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बारे में टंडन ने कहा, पाकिस्तान की सेना पर वहां की सरकार का नियंत्रण नहीं रह गया है, लेकिन हमे हमारी सेना पर नाज है।टिप्पणियां
सूबे की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए टंडन ने कहा कि केवल राजधानी लखनऊ में ही पिछले 24 घंटों के दौरान महिलाओं के साथ उत्पीड़न संबंधी 26 घटनाएं समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई हैं। सपा के शासन में सूबे में जंगल राज कायम हो गया है।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह के नियंत्रण में सपा के मंत्री नहीं रह गए हैं, क्योंकि खुद मुलायम में उन्हें बाहर निकालने की हिम्मत नहीं है। यदि उनमें साहस है तो मंत्रिमंडल में शामिल उन मंत्रियों को हटाएं, जिनके ऊपर दुष्कर्म के आरोप हैं।
सूबे की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए टंडन ने कहा कि केवल राजधानी लखनऊ में ही पिछले 24 घंटों के दौरान महिलाओं के साथ उत्पीड़न संबंधी 26 घटनाएं समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई हैं। सपा के शासन में सूबे में जंगल राज कायम हो गया है।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह के नियंत्रण में सपा के मंत्री नहीं रह गए हैं, क्योंकि खुद मुलायम में उन्हें बाहर निकालने की हिम्मत नहीं है। यदि उनमें साहस है तो मंत्रिमंडल में शामिल उन मंत्रियों को हटाएं, जिनके ऊपर दुष्कर्म के आरोप हैं।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह के नियंत्रण में सपा के मंत्री नहीं रह गए हैं, क्योंकि खुद मुलायम में उन्हें बाहर निकालने की हिम्मत नहीं है। यदि उनमें साहस है तो मंत्रिमंडल में शामिल उन मंत्रियों को हटाएं, जिनके ऊपर दुष्कर्म के आरोप हैं। | संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद लालजी टंडन ने बुधवार को कांग्रेस के 'युवराज' राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कि यदि वह प्रधानमंत्री बने तो देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उन्होंने कहा, 'शुद्ध सोना 24 कैरट का होता है. मगर, 24 कैरट के सोने से गहने नहीं बन पाते हैं. गहने बनाने के लिए 22 या 18 कैरट के सोने का इस्तेमाल होता है और 22 कैरट की कीमत 24 कैरट से कम होती है. ज्वेलर से सोने की शुद्धता और कीमत जानकर उससे बिल पर जरूर लिखवाएं.'टिप्पणियां
पंकज के अनुसार, 'कई बार लोग हॉलमार्क के निशान नहीं देखते हैं. अगर आप इसके बारे में नहीं जानते तो किसी सुनार से या खुद ऑनलाइन इसके बारे में पता कर सकते हैं. वहीं सोने के गहनों में नग लगे होते हैं. ऐसे में सुनार आपसे नग की कीमत भी वसूल करता है. जब भी नग लगे आभूषण खरीदें, तो सुनार से उन नगों की रत्ती के बारे में भी पूछें और शुद्धता का पैमाना जानने के बाद उसका सर्टिफिकेट भी लें. जानकार दुकानदार से ही सोना खरीदें.'Video: अक्षय तृतीया पर होते हैं बाल विवाहInput: IANS
पंकज के अनुसार, 'कई बार लोग हॉलमार्क के निशान नहीं देखते हैं. अगर आप इसके बारे में नहीं जानते तो किसी सुनार से या खुद ऑनलाइन इसके बारे में पता कर सकते हैं. वहीं सोने के गहनों में नग लगे होते हैं. ऐसे में सुनार आपसे नग की कीमत भी वसूल करता है. जब भी नग लगे आभूषण खरीदें, तो सुनार से उन नगों की रत्ती के बारे में भी पूछें और शुद्धता का पैमाना जानने के बाद उसका सर्टिफिकेट भी लें. जानकार दुकानदार से ही सोना खरीदें.'Video: अक्षय तृतीया पर होते हैं बाल विवाहInput: IANS
Video: अक्षय तृतीया पर होते हैं बाल विवाहInput: IANS | संक्षिप्त सारांश: अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है
अकसर लोग बिन जांचे-परखे सोना खरीद लेते हैं
सोना खरीदने से पहले हॉलमार्क देखना जरूरी है | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एके हंगल जब 50 वर्ष के थे, तब उन्होंने पहली बार कैमरे का सामना किया। 96 वर्ष की उम्र में उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर फैशन परेड की। 97 वर्ष की उम्र में उन्होंने एनिमेटेड फिल्म में अपनी आवाज दी और एक टीवी शो में हिस्सा लिया। इस तरह हंगल ने अंतिम सांस तक फन के प्रति अपना जुनून मरने नहीं दिया। उस समय भी जब वह घोर आर्थिक संकट से जूझ रहे थे।
'एक बार अभिनेता बने, तो हमेशा के लिए अभिनेता बन गए' नामक मुहावरे को चरितार्थ करने वाले हंगल लम्बी बीमारी के बाद रविवार को दुनिया के इस रंगमंच से हमेशा के लिए चले गए। वह 97 वर्ष के थे।
हंगल ने मई में जब 'मधुबाला' नामक टीवी शो में एक किरदार के लिए सहमति दी थी, तब उन्होंने कहा था, "मैं मानता हूं कि काम करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती।" वह उस समय भी बीमार थे, लेकिन हार मानने को तैयार नहीं थे।
चार दशक से अधिक के करियर में 200 से अधिक फिल्मों में भूमिका निभाने के बाद भी हंगल तंगी का जीवन जी रहे थे, और यह बात 2011 में प्रकाश में आई।
हंगल के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं था और उनके एकमात्र पुत्र विजय, जो खुद 70 के पार थे, को पीठ की बीमारी के कारण काम छोड़ना पड़ा था। स्थिति यह हो गई थी कि दवा का खर्च उठाना उनके लिए भारी था। लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी हंगल ने न तो हार मानी और न किसी से आर्थिक मदद चाही। तो यह थी उनकी जीजीविशा... और उनका स्वाभिमान।
फिलहाल पाकिस्तान में स्थित सियालकोट में पैदा हुए हंगल ने अपना अधिकांश बचपन पेशावर में बिताया था। वह एक दर्जी के रूप में बड़े हुए, लेकिन रंगमंच के जरिए उन्होंने अपनी प्यास बुझाई।
कहा जाता है कि विभाजन के बाद वह 1949 में मुम्बई चले आए। वह वामपंथ से सम्बद्ध पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) से जुड़े हुए थे, उस इप्टा से जिसने बलराज साहनी, उत्पल दत्त, कैफी आजमी और कई अन्य को भी आकर्षित किया।
हंगल ने 1966-67 में हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया। उनकी शुरुआती फिल्मों में 'तीसरी कसम' और 'शागिर्द' शामिल हैं।
एक अभिनेता के रूप में सिनेमा के साथ उन्होंने अपनी शुरुआत 50 की उम्र में की थी, इसलिए भूमिकाओं के लिहाज से उनके पास बहुत विकल्प नहीं बचे थे। लेकिन उन्होंने खुशी-खुशी और पूरी जिम्मेदारी के साथ नायक और नायिकाओं के चाचा, पिता और दादा की भूमिकाएं निभाई।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
'एक बार अभिनेता बने, तो हमेशा के लिए अभिनेता बन गए' नामक मुहावरे को चरितार्थ करने वाले हंगल लम्बी बीमारी के बाद रविवार को दुनिया के इस रंगमंच से हमेशा के लिए चले गए। वह 97 वर्ष के थे।
हंगल ने मई में जब 'मधुबाला' नामक टीवी शो में एक किरदार के लिए सहमति दी थी, तब उन्होंने कहा था, "मैं मानता हूं कि काम करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती।" वह उस समय भी बीमार थे, लेकिन हार मानने को तैयार नहीं थे।
चार दशक से अधिक के करियर में 200 से अधिक फिल्मों में भूमिका निभाने के बाद भी हंगल तंगी का जीवन जी रहे थे, और यह बात 2011 में प्रकाश में आई।
हंगल के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं था और उनके एकमात्र पुत्र विजय, जो खुद 70 के पार थे, को पीठ की बीमारी के कारण काम छोड़ना पड़ा था। स्थिति यह हो गई थी कि दवा का खर्च उठाना उनके लिए भारी था। लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी हंगल ने न तो हार मानी और न किसी से आर्थिक मदद चाही। तो यह थी उनकी जीजीविशा... और उनका स्वाभिमान।
फिलहाल पाकिस्तान में स्थित सियालकोट में पैदा हुए हंगल ने अपना अधिकांश बचपन पेशावर में बिताया था। वह एक दर्जी के रूप में बड़े हुए, लेकिन रंगमंच के जरिए उन्होंने अपनी प्यास बुझाई।
कहा जाता है कि विभाजन के बाद वह 1949 में मुम्बई चले आए। वह वामपंथ से सम्बद्ध पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) से जुड़े हुए थे, उस इप्टा से जिसने बलराज साहनी, उत्पल दत्त, कैफी आजमी और कई अन्य को भी आकर्षित किया।
हंगल ने 1966-67 में हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया। उनकी शुरुआती फिल्मों में 'तीसरी कसम' और 'शागिर्द' शामिल हैं।
एक अभिनेता के रूप में सिनेमा के साथ उन्होंने अपनी शुरुआत 50 की उम्र में की थी, इसलिए भूमिकाओं के लिहाज से उनके पास बहुत विकल्प नहीं बचे थे। लेकिन उन्होंने खुशी-खुशी और पूरी जिम्मेदारी के साथ नायक और नायिकाओं के चाचा, पिता और दादा की भूमिकाएं निभाई।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
हंगल ने मई में जब 'मधुबाला' नामक टीवी शो में एक किरदार के लिए सहमति दी थी, तब उन्होंने कहा था, "मैं मानता हूं कि काम करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती।" वह उस समय भी बीमार थे, लेकिन हार मानने को तैयार नहीं थे।
चार दशक से अधिक के करियर में 200 से अधिक फिल्मों में भूमिका निभाने के बाद भी हंगल तंगी का जीवन जी रहे थे, और यह बात 2011 में प्रकाश में आई।
हंगल के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं था और उनके एकमात्र पुत्र विजय, जो खुद 70 के पार थे, को पीठ की बीमारी के कारण काम छोड़ना पड़ा था। स्थिति यह हो गई थी कि दवा का खर्च उठाना उनके लिए भारी था। लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी हंगल ने न तो हार मानी और न किसी से आर्थिक मदद चाही। तो यह थी उनकी जीजीविशा... और उनका स्वाभिमान।
फिलहाल पाकिस्तान में स्थित सियालकोट में पैदा हुए हंगल ने अपना अधिकांश बचपन पेशावर में बिताया था। वह एक दर्जी के रूप में बड़े हुए, लेकिन रंगमंच के जरिए उन्होंने अपनी प्यास बुझाई।
कहा जाता है कि विभाजन के बाद वह 1949 में मुम्बई चले आए। वह वामपंथ से सम्बद्ध पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) से जुड़े हुए थे, उस इप्टा से जिसने बलराज साहनी, उत्पल दत्त, कैफी आजमी और कई अन्य को भी आकर्षित किया।
हंगल ने 1966-67 में हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया। उनकी शुरुआती फिल्मों में 'तीसरी कसम' और 'शागिर्द' शामिल हैं।
एक अभिनेता के रूप में सिनेमा के साथ उन्होंने अपनी शुरुआत 50 की उम्र में की थी, इसलिए भूमिकाओं के लिहाज से उनके पास बहुत विकल्प नहीं बचे थे। लेकिन उन्होंने खुशी-खुशी और पूरी जिम्मेदारी के साथ नायक और नायिकाओं के चाचा, पिता और दादा की भूमिकाएं निभाई।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
चार दशक से अधिक के करियर में 200 से अधिक फिल्मों में भूमिका निभाने के बाद भी हंगल तंगी का जीवन जी रहे थे, और यह बात 2011 में प्रकाश में आई।
हंगल के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं था और उनके एकमात्र पुत्र विजय, जो खुद 70 के पार थे, को पीठ की बीमारी के कारण काम छोड़ना पड़ा था। स्थिति यह हो गई थी कि दवा का खर्च उठाना उनके लिए भारी था। लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी हंगल ने न तो हार मानी और न किसी से आर्थिक मदद चाही। तो यह थी उनकी जीजीविशा... और उनका स्वाभिमान।
फिलहाल पाकिस्तान में स्थित सियालकोट में पैदा हुए हंगल ने अपना अधिकांश बचपन पेशावर में बिताया था। वह एक दर्जी के रूप में बड़े हुए, लेकिन रंगमंच के जरिए उन्होंने अपनी प्यास बुझाई।
कहा जाता है कि विभाजन के बाद वह 1949 में मुम्बई चले आए। वह वामपंथ से सम्बद्ध पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) से जुड़े हुए थे, उस इप्टा से जिसने बलराज साहनी, उत्पल दत्त, कैफी आजमी और कई अन्य को भी आकर्षित किया।
हंगल ने 1966-67 में हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया। उनकी शुरुआती फिल्मों में 'तीसरी कसम' और 'शागिर्द' शामिल हैं।
एक अभिनेता के रूप में सिनेमा के साथ उन्होंने अपनी शुरुआत 50 की उम्र में की थी, इसलिए भूमिकाओं के लिहाज से उनके पास बहुत विकल्प नहीं बचे थे। लेकिन उन्होंने खुशी-खुशी और पूरी जिम्मेदारी के साथ नायक और नायिकाओं के चाचा, पिता और दादा की भूमिकाएं निभाई।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
हंगल के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं था और उनके एकमात्र पुत्र विजय, जो खुद 70 के पार थे, को पीठ की बीमारी के कारण काम छोड़ना पड़ा था। स्थिति यह हो गई थी कि दवा का खर्च उठाना उनके लिए भारी था। लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी हंगल ने न तो हार मानी और न किसी से आर्थिक मदद चाही। तो यह थी उनकी जीजीविशा... और उनका स्वाभिमान।
फिलहाल पाकिस्तान में स्थित सियालकोट में पैदा हुए हंगल ने अपना अधिकांश बचपन पेशावर में बिताया था। वह एक दर्जी के रूप में बड़े हुए, लेकिन रंगमंच के जरिए उन्होंने अपनी प्यास बुझाई।
कहा जाता है कि विभाजन के बाद वह 1949 में मुम्बई चले आए। वह वामपंथ से सम्बद्ध पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) से जुड़े हुए थे, उस इप्टा से जिसने बलराज साहनी, उत्पल दत्त, कैफी आजमी और कई अन्य को भी आकर्षित किया।
हंगल ने 1966-67 में हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया। उनकी शुरुआती फिल्मों में 'तीसरी कसम' और 'शागिर्द' शामिल हैं।
एक अभिनेता के रूप में सिनेमा के साथ उन्होंने अपनी शुरुआत 50 की उम्र में की थी, इसलिए भूमिकाओं के लिहाज से उनके पास बहुत विकल्प नहीं बचे थे। लेकिन उन्होंने खुशी-खुशी और पूरी जिम्मेदारी के साथ नायक और नायिकाओं के चाचा, पिता और दादा की भूमिकाएं निभाई।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
फिलहाल पाकिस्तान में स्थित सियालकोट में पैदा हुए हंगल ने अपना अधिकांश बचपन पेशावर में बिताया था। वह एक दर्जी के रूप में बड़े हुए, लेकिन रंगमंच के जरिए उन्होंने अपनी प्यास बुझाई।
कहा जाता है कि विभाजन के बाद वह 1949 में मुम्बई चले आए। वह वामपंथ से सम्बद्ध पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) से जुड़े हुए थे, उस इप्टा से जिसने बलराज साहनी, उत्पल दत्त, कैफी आजमी और कई अन्य को भी आकर्षित किया।
हंगल ने 1966-67 में हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया। उनकी शुरुआती फिल्मों में 'तीसरी कसम' और 'शागिर्द' शामिल हैं।
एक अभिनेता के रूप में सिनेमा के साथ उन्होंने अपनी शुरुआत 50 की उम्र में की थी, इसलिए भूमिकाओं के लिहाज से उनके पास बहुत विकल्प नहीं बचे थे। लेकिन उन्होंने खुशी-खुशी और पूरी जिम्मेदारी के साथ नायक और नायिकाओं के चाचा, पिता और दादा की भूमिकाएं निभाई।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
कहा जाता है कि विभाजन के बाद वह 1949 में मुम्बई चले आए। वह वामपंथ से सम्बद्ध पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) से जुड़े हुए थे, उस इप्टा से जिसने बलराज साहनी, उत्पल दत्त, कैफी आजमी और कई अन्य को भी आकर्षित किया।
हंगल ने 1966-67 में हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया। उनकी शुरुआती फिल्मों में 'तीसरी कसम' और 'शागिर्द' शामिल हैं।
एक अभिनेता के रूप में सिनेमा के साथ उन्होंने अपनी शुरुआत 50 की उम्र में की थी, इसलिए भूमिकाओं के लिहाज से उनके पास बहुत विकल्प नहीं बचे थे। लेकिन उन्होंने खुशी-खुशी और पूरी जिम्मेदारी के साथ नायक और नायिकाओं के चाचा, पिता और दादा की भूमिकाएं निभाई।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
हंगल ने 1966-67 में हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया। उनकी शुरुआती फिल्मों में 'तीसरी कसम' और 'शागिर्द' शामिल हैं।
एक अभिनेता के रूप में सिनेमा के साथ उन्होंने अपनी शुरुआत 50 की उम्र में की थी, इसलिए भूमिकाओं के लिहाज से उनके पास बहुत विकल्प नहीं बचे थे। लेकिन उन्होंने खुशी-खुशी और पूरी जिम्मेदारी के साथ नायक और नायिकाओं के चाचा, पिता और दादा की भूमिकाएं निभाई।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
एक अभिनेता के रूप में सिनेमा के साथ उन्होंने अपनी शुरुआत 50 की उम्र में की थी, इसलिए भूमिकाओं के लिहाज से उनके पास बहुत विकल्प नहीं बचे थे। लेकिन उन्होंने खुशी-खुशी और पूरी जिम्मेदारी के साथ नायक और नायिकाओं के चाचा, पिता और दादा की भूमिकाएं निभाई।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
चरित्र अभिनेता के रूप में उन्हें 'शोले' में रहीम चाचा की भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'नमक हराम', 'शोले', 'बावर्ची', 'छुपा रुस्तम', 'अभिमान' और 'गुड्डी' शामिल हैं। और, 'शौकीन' में भला उनकी भूमिका को कौन भूल सकता है, जिसमें उन्होंने एक सेवानिवृत्त बूढ़े व्यक्ति की भूमिका निभाई थी।टिप्पणियां
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
हंगल की अधिकांश फिल्में देश के प्रथम सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ थीं, जिनका हाल ही में 18 जुलाई को निधन हो गया। हंगल ने राजेश खन्ना के साथ 'आपकी कसम', 'अमरदीप', 'फिर वही रात' और 'सौतेला भाई' में काम किया था।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे।
हंगल इस समय अपने पुत्र विजय के साथ सांताक्रूज स्थित एक फ्लैट में रहते थे। वह आमिर खान की 'लगान' (2001) और शाहरुख खान की 'पहेली' (2006) में भी दिखे थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एके हंगल जब 50 वर्ष के थे, तब उन्होंने पहली बार कैमरे का सामना किया। 96 वर्ष की उम्र में उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर फैशन परेड की। 97 वर्ष की उम्र में उन्होंने एनिमेटेड फिल्म में अपनी आवाज दी और एक टीवी शो में हिस्सा लिया। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बर्मिंघम के एक पब में इंग्लैंड के खिलाड़ी जोए रूट के साथ हुई हाथापाई को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने अपने सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर को एशेज शृंखला के पहले टेस्ट मैच तक के लिए निलम्बित कर दिया है।
लंदन में गुरुवार को सीए की अनुशासनात्मक समिति द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अब वॉर्नर चैम्पियंस ट्रॉफी के साथ-साथ एशेज से पहले होने वाले दो अभ्यास मैचों में नहीं खेल सकेंगे।टिप्पणियां
रविवार रात की इस घटना के बाद वॉर्नर को बुधवार को न्यूजीलैंड के साथ हुए चैम्पियंस ट्रॉफी मुकाबले के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था।
इस घटना के बाद इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने एक बयान जारी कर रूट और वॉर्नर के बीच झड़प की पुष्टि की थी और साथ ही यह भी कहा था कि मारपीट की शुरुआत वॉर्नर ने की थी।
लंदन में गुरुवार को सीए की अनुशासनात्मक समिति द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अब वॉर्नर चैम्पियंस ट्रॉफी के साथ-साथ एशेज से पहले होने वाले दो अभ्यास मैचों में नहीं खेल सकेंगे।टिप्पणियां
रविवार रात की इस घटना के बाद वॉर्नर को बुधवार को न्यूजीलैंड के साथ हुए चैम्पियंस ट्रॉफी मुकाबले के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था।
इस घटना के बाद इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने एक बयान जारी कर रूट और वॉर्नर के बीच झड़प की पुष्टि की थी और साथ ही यह भी कहा था कि मारपीट की शुरुआत वॉर्नर ने की थी।
रविवार रात की इस घटना के बाद वॉर्नर को बुधवार को न्यूजीलैंड के साथ हुए चैम्पियंस ट्रॉफी मुकाबले के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था।
इस घटना के बाद इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने एक बयान जारी कर रूट और वॉर्नर के बीच झड़प की पुष्टि की थी और साथ ही यह भी कहा था कि मारपीट की शुरुआत वॉर्नर ने की थी।
इस घटना के बाद इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने एक बयान जारी कर रूट और वॉर्नर के बीच झड़प की पुष्टि की थी और साथ ही यह भी कहा था कि मारपीट की शुरुआत वॉर्नर ने की थी। | यह एक सारांश है: बर्मिंघम के एक पब में इंग्लैंड के खिलाड़ी जोए रूट के साथ हुई हाथापाई को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने अपने सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर को एशेज शृंखला के पहले टेस्ट मैच तक के लिए निलम्बित कर दिया है। | 24 | ['hin'] |
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