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इस के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा विधानसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राज्य के ऐलनाबाद जिले में जनसभा रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पार्टी पर जमकर हमला बोला. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि गुरु नानक के 550वें जयंती के मौके पर 8 नंबवर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होने जा रहा है. पीएम मोदी ने रैली में कहा, ''भाजपा सरकार गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के इस महान क्षण, इस ऐतिहासिक क्षण से पूरी दुनिया को परिचित कराने का प्रयास कर रही है. यही कारण है कि पूरे विश्व में भारत सरकार इस पर्व को मनाने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली में मौजूद जनसभा से कहा, ''पूरे विश्व में भारत सरकार गुरुनानक जी का 550वां प्रकाश पर्व मनाने वाली है. कपूरथला से तरन तारन के पास गोविंदवाल साहिब तक जो नया नेशनल हाईवे बना है, उसको अब गुरु नानक देव जी मार्ग के नाम से जाना जाएगा. हमारे गुरु के पवित्र स्थान, करतारपुर साहिब और हम सभी के बीच की दूरी अब समाप्त होने वाली है. आजादी के 7 दशक के बाद ये अवसर आया है. 70 साल बीत गए. इससे बड़ा दुर्भाग्य भला क्या हो सकता है कि हमारी आस्था के एक बड़े केंद्र को हमें 7 दशक तक दूरबीन से देखना पड़ा.'' पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, ''1947 में बंटवारे की रेखा खींचने के लिए जिम्मेदार थे, क्या उनको ये खयाल नहीं था कि सिर्फ 4 किमी के फासले से भक्तों को गुरु से अलग नहीं किया जाना चाहिए. इसके बाद भी 70 सालों में क्या इस दूरी को मिटाने के प्रयास कांग्रेस को नहीं करने चाहिए थे? कांग्रेस और उसके कल्चर से जुड़े दलों ने हिंदुस्तानियों की आस्था, परंपरा और संस्कृति को कभी मान नहीं दिया. कांग्रेस की जो अप्रोच हमारे पवित्र स्थानों के साथ रही, वही अप्रोच जम्मू-कश्मीर के साथ भी रही. 70 वर्ष तक समस्याओं में उलझाते रहे, समाधान के लिए ईमानदार कोशिश नहीं की.'' कश्मीर मुद्दे पर कांग्रेस पर जोरदार प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''पहले दिल्ली में सोई हुई कांग्रेस सरकार एक के बाद एक करके कश्मीर के हालात बिगाड़ती गई. प्रारंभ के दिनों में पाकिस्तान की मदद से हमारा कुछ हिस्सा छीन लिया गया. उसके कुछ सालों के बाद योजनाबद्ध तरीके से, कश्मीर जिस परंपरा के लिए जाना जाता है, उस सूफी सोच को दफना दिया गया. पाकिस्तान से भेजे आतंकवादियों के बल पर अलगाववाद फैलाया गया और अनुच्छेद 370 दिखाकर दिल्ली को भी डराया गया. तब आतंकवादी तय करते थे कि किस दिन क्या होगा. देश के दुश्मन पड़ोस से इशारा करते थे और यहां खेल चलते थे.'' उन्होंने कहा, ''अब कैलेंडर वो तय नहीं करेंगे. दुश्मन देश में से तारीखें तय नहीं होंगी. अब तारीखें हिंदुस्तान तय करेगा. अब नीतियां हिंदुस्तान और कश्मीर के लोग बनाएंगे. दुश्मन देशों में बैठे हुए लोग भारत का भाग्य निर्धारित नहीं कर सकते हैं. कांग्रेस की गलत नीति और रणनीति ने देश को तबाह करके रख दिया. बाबा अंबेडकर के बनाए संविधान में जिसे अस्थायी कहा था वो 70 साल तक चलता रहा. 70 साल तक कश्मीर के लोगों को आपने टेम्परेरी साइकोलॉजी के द्वारा परमानेंट की ओर जाने के लिए अलगाववाद की ओर जाने के लिए रास्ता दिखाया था. इसलिए भाइयों मैंने टेम्परेरी खत्म कर दिया है. जब आपने मुझे दोबारा पांच साल के लिए परमानेंट बना दिया तो मैं टेम्परेरी क्यों चलने दूं.'' पीएम मोदी ने कहा, ''370 को हटाने का इतना बड़ा निर्णय पहले क्यों नहीं हो पाया और आज इतना बड़ा निर्णय कैसे हो गया? ये आपके कारण हुआ है, क्योंकि आपने मुझे वोट देकर फिर से देश सेवा का मौका दिया है और तभी ये संभव हो पाया है. जिस पानी पर आपका हक है, वो आपको मिलना चाहिये. यहां का किसान तरसता रहे, यहां का खेत सूखा रहे और पाकिस्तान हरा-भरा रहे, ये कैसे हो सकता है. इस पानी पर आपका हक है और मैं आपके हक का एक बूंद पानी भी पाकिस्तान नहीं जाने दूंगा.  मंच से किसानों को लेकर पीएम मोदी ने कहा, ''भाजपा की सरकार खेती और किसानी से जुड़ी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है. साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के संकल्प को सिद्ध करने के लिए हम निकले हैं. इसके लिए एक साथ कई स्तरों पर काम किया जा रहा है.''
संक्षिप्त पाठ: हरियाणा के ऐलनाबाद में PM मोदी कांग्रेस पर बोला जमकर हमला कहा- 1947 में बंटवारे की रेखा खींचने के लिए जिम्मेदार थे
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष, मार्टिन डेम्पसी ने ईरानी नेताओं को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने सम्बंधी अमेरिकी इच्छा शक्ति का गलत आकलन किया तो उसका खामियाजा उन्हें भुगतना होगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिकन फोर्सेस प्रेस सर्विस के साथ एक बातचीत में डेम्पसी ने कहा कि यद्यपि ईरान का अपना घरेलू तर्क है, लेकिन उसका अर्थ यह नहीं कि ईरानी नेता तर्कसंगत होंगे। डेम्पसी, कांग्रेस में हाल की एक सुनवाई के दौरान दिए गए अपने बयान की आलोचना पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। कांग्रेस में सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि ईरानी प्रशासन तर्कसंगत है। डेम्पसी ने कहा, "मेरे लिए तर्कसंगत का अर्थ यह है कि वहां काम करने का एक स्पष्ट तरीका है, जिसका यह प्रशासन इस्लामिक क्रांति के समय से ही अनुसरण कर रहा है। तरीका यह है कि प्रशासन, सत्ता में बने रहने और इस व्यवस्था को संरक्षण देने का अपना इरादा जाहिर करता है।" डेम्पसी ने कहा, "उस आधार पर वहां कुछ चीजें ऐसी हैं, जिसके बारे में हम जानते हैं कि वे उस पर प्रतिक्रिया करेंगे। यह एक तर्कसंगत बात है।"टिप्पणियां डेम्पसी ने इस मामले में उदाहरण के तौर पर दिवंगत इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का जिक्र किया, जिसे 2003 में अमेरिकी हमले के तहत अपदस्थ कर दिया गया था। डेम्सी ने कहा कि सद्दाम भी एक तर्कसंगत व्यक्ति था, जिसने अपने तर्क के आधार पर काम किया और अमेरिकी इच्छाशक्ति का सरासर गलत आकलन किया। और उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिकन फोर्सेस प्रेस सर्विस के साथ एक बातचीत में डेम्पसी ने कहा कि यद्यपि ईरान का अपना घरेलू तर्क है, लेकिन उसका अर्थ यह नहीं कि ईरानी नेता तर्कसंगत होंगे। डेम्पसी, कांग्रेस में हाल की एक सुनवाई के दौरान दिए गए अपने बयान की आलोचना पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। कांग्रेस में सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि ईरानी प्रशासन तर्कसंगत है। डेम्पसी ने कहा, "मेरे लिए तर्कसंगत का अर्थ यह है कि वहां काम करने का एक स्पष्ट तरीका है, जिसका यह प्रशासन इस्लामिक क्रांति के समय से ही अनुसरण कर रहा है। तरीका यह है कि प्रशासन, सत्ता में बने रहने और इस व्यवस्था को संरक्षण देने का अपना इरादा जाहिर करता है।" डेम्पसी ने कहा, "उस आधार पर वहां कुछ चीजें ऐसी हैं, जिसके बारे में हम जानते हैं कि वे उस पर प्रतिक्रिया करेंगे। यह एक तर्कसंगत बात है।"टिप्पणियां डेम्पसी ने इस मामले में उदाहरण के तौर पर दिवंगत इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का जिक्र किया, जिसे 2003 में अमेरिकी हमले के तहत अपदस्थ कर दिया गया था। डेम्सी ने कहा कि सद्दाम भी एक तर्कसंगत व्यक्ति था, जिसने अपने तर्क के आधार पर काम किया और अमेरिकी इच्छाशक्ति का सरासर गलत आकलन किया। और उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। डेम्पसी, कांग्रेस में हाल की एक सुनवाई के दौरान दिए गए अपने बयान की आलोचना पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। कांग्रेस में सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि ईरानी प्रशासन तर्कसंगत है। डेम्पसी ने कहा, "मेरे लिए तर्कसंगत का अर्थ यह है कि वहां काम करने का एक स्पष्ट तरीका है, जिसका यह प्रशासन इस्लामिक क्रांति के समय से ही अनुसरण कर रहा है। तरीका यह है कि प्रशासन, सत्ता में बने रहने और इस व्यवस्था को संरक्षण देने का अपना इरादा जाहिर करता है।" डेम्पसी ने कहा, "उस आधार पर वहां कुछ चीजें ऐसी हैं, जिसके बारे में हम जानते हैं कि वे उस पर प्रतिक्रिया करेंगे। यह एक तर्कसंगत बात है।"टिप्पणियां डेम्पसी ने इस मामले में उदाहरण के तौर पर दिवंगत इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का जिक्र किया, जिसे 2003 में अमेरिकी हमले के तहत अपदस्थ कर दिया गया था। डेम्सी ने कहा कि सद्दाम भी एक तर्कसंगत व्यक्ति था, जिसने अपने तर्क के आधार पर काम किया और अमेरिकी इच्छाशक्ति का सरासर गलत आकलन किया। और उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। डेम्पसी ने कहा, "मेरे लिए तर्कसंगत का अर्थ यह है कि वहां काम करने का एक स्पष्ट तरीका है, जिसका यह प्रशासन इस्लामिक क्रांति के समय से ही अनुसरण कर रहा है। तरीका यह है कि प्रशासन, सत्ता में बने रहने और इस व्यवस्था को संरक्षण देने का अपना इरादा जाहिर करता है।" डेम्पसी ने कहा, "उस आधार पर वहां कुछ चीजें ऐसी हैं, जिसके बारे में हम जानते हैं कि वे उस पर प्रतिक्रिया करेंगे। यह एक तर्कसंगत बात है।"टिप्पणियां डेम्पसी ने इस मामले में उदाहरण के तौर पर दिवंगत इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का जिक्र किया, जिसे 2003 में अमेरिकी हमले के तहत अपदस्थ कर दिया गया था। डेम्सी ने कहा कि सद्दाम भी एक तर्कसंगत व्यक्ति था, जिसने अपने तर्क के आधार पर काम किया और अमेरिकी इच्छाशक्ति का सरासर गलत आकलन किया। और उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। डेम्पसी ने कहा, "उस आधार पर वहां कुछ चीजें ऐसी हैं, जिसके बारे में हम जानते हैं कि वे उस पर प्रतिक्रिया करेंगे। यह एक तर्कसंगत बात है।"टिप्पणियां डेम्पसी ने इस मामले में उदाहरण के तौर पर दिवंगत इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का जिक्र किया, जिसे 2003 में अमेरिकी हमले के तहत अपदस्थ कर दिया गया था। डेम्सी ने कहा कि सद्दाम भी एक तर्कसंगत व्यक्ति था, जिसने अपने तर्क के आधार पर काम किया और अमेरिकी इच्छाशक्ति का सरासर गलत आकलन किया। और उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। डेम्पसी ने इस मामले में उदाहरण के तौर पर दिवंगत इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का जिक्र किया, जिसे 2003 में अमेरिकी हमले के तहत अपदस्थ कर दिया गया था। डेम्सी ने कहा कि सद्दाम भी एक तर्कसंगत व्यक्ति था, जिसने अपने तर्क के आधार पर काम किया और अमेरिकी इच्छाशक्ति का सरासर गलत आकलन किया। और उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। डेम्सी ने कहा कि सद्दाम भी एक तर्कसंगत व्यक्ति था, जिसने अपने तर्क के आधार पर काम किया और अमेरिकी इच्छाशक्ति का सरासर गलत आकलन किया। और उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष, मार्टिन डेम्पसी ने ईरानी नेताओं को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने सम्बंधी अमेरिकी इच्छा शक्ति का गलत आकलन किया तो उसका खामियाजा उन्हें भुगतना होगा।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय मुक्केबाज शिव थापा ने अपने विजय अभियान के क्रम को जारी रखते हुए एशियाई ओलिंपिक क्वालीफाईंग टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। वर्ष 2010 युथ ओलिंपिक खेलों के रजत पदक विजेता थापा (56 किलोग्राम) ने शनिवार को शुरुआती मुकाबले में अफगानिस्तान के मुक्केबाज मोहम्मद खबर नूरीस्तानी को हरा दिया। भारत की ओर से क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाले थापा चौथे मुक्केबाज हैं। थापा ने अफगानी मुक्केबाज को 15-7 से हराया। अगले दौर में थापा का मुकाबला सोमवार को वर्ष 2010 के एशियाई खेलों के विजेता थाईलैंड के वूरापोज पेचकून से होगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि 56 किलोग्राम भार वर्ग से तीन मुक्केबाज लंदन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करेंगे। बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर सिंह (75 किलोग्राम) रविवार को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेंगे। विजेंदर मंगोलिया के चुलुंतुमूर तुमूरख्याग से भिड़ेंगे। वर्ष 2010 युथ ओलिंपिक खेलों के रजत पदक विजेता थापा (56 किलोग्राम) ने शनिवार को शुरुआती मुकाबले में अफगानिस्तान के मुक्केबाज मोहम्मद खबर नूरीस्तानी को हरा दिया। भारत की ओर से क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाले थापा चौथे मुक्केबाज हैं। थापा ने अफगानी मुक्केबाज को 15-7 से हराया। अगले दौर में थापा का मुकाबला सोमवार को वर्ष 2010 के एशियाई खेलों के विजेता थाईलैंड के वूरापोज पेचकून से होगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि 56 किलोग्राम भार वर्ग से तीन मुक्केबाज लंदन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करेंगे। बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर सिंह (75 किलोग्राम) रविवार को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेंगे। विजेंदर मंगोलिया के चुलुंतुमूर तुमूरख्याग से भिड़ेंगे। भारत की ओर से क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाले थापा चौथे मुक्केबाज हैं। थापा ने अफगानी मुक्केबाज को 15-7 से हराया। अगले दौर में थापा का मुकाबला सोमवार को वर्ष 2010 के एशियाई खेलों के विजेता थाईलैंड के वूरापोज पेचकून से होगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि 56 किलोग्राम भार वर्ग से तीन मुक्केबाज लंदन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करेंगे। बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर सिंह (75 किलोग्राम) रविवार को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेंगे। विजेंदर मंगोलिया के चुलुंतुमूर तुमूरख्याग से भिड़ेंगे। अगले दौर में थापा का मुकाबला सोमवार को वर्ष 2010 के एशियाई खेलों के विजेता थाईलैंड के वूरापोज पेचकून से होगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि 56 किलोग्राम भार वर्ग से तीन मुक्केबाज लंदन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करेंगे। बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर सिंह (75 किलोग्राम) रविवार को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेंगे। विजेंदर मंगोलिया के चुलुंतुमूर तुमूरख्याग से भिड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि 56 किलोग्राम भार वर्ग से तीन मुक्केबाज लंदन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करेंगे। बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर सिंह (75 किलोग्राम) रविवार को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेंगे। विजेंदर मंगोलिया के चुलुंतुमूर तुमूरख्याग से भिड़ेंगे। बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर सिंह (75 किलोग्राम) रविवार को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेंगे। विजेंदर मंगोलिया के चुलुंतुमूर तुमूरख्याग से भिड़ेंगे।
सारांश: भारतीय मुक्केबाज शिव थापा ने अपने विजय अभियान के क्रम को जारी रखते हुए एशियाई ओलिंपिक क्वालीफाईंग टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रत्याशी सूची में लखनऊ कैन्ट सीट से किसी उम्मीदवार का नाम नहीं दिया गया है. यह बात इसलिए अहम है, क्योंकि समाजवादी पार्टी के मुखिया और मुख्यमंत्री के पिता मुलायम सिंह यादव ने यह सीट अपने छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव के लिए तय कर रखी है. मुलायम सिंह यादव ने 26-वर्षीय अपर्णा यादव को लगभग एक साल पहले ही लखनऊ कैन्ट सीट से समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया था. अपर्णा को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव के कैम्प की सदस्य माना जाता है, जिनके साथ ताकत को लेकर चल रही अखिलेश की जंग ने पार्टी में 'दोफाड़' कर डाला है. इस झगड़े में मुलायम सिंह यादव ने अब तक पूरी तरह अपने भाई का ही साथ दिया है, और अखिलेश यादव के समर्थकों का आरोप है कि पार्टी मुखिया के दूसरी पत्नी तथा मुख्यमंत्री की सौतेली मां ने ही मुलायम सिंह यादव को अखिलेश के विरुद्ध भड़काया है. अखिलेश यादव के इन समर्थको का यह भी मानना है कि अपर्णा यादव की राजनैतिक महत्वाकांक्षा अखिलेश यादव के स्थान पर समाजवादी पार्टी का युवा चेहरा बनने और फिर शायद वक्त के साथ मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनने की भी है. कुछ महीने पहले अखिलेश और शिवपाल के बीच जारी जंग चरम पर थी, और उस समय सार्वजनिक हो गई, जब अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले विधायक उदयवीर सिंह ने मुलायम सिंह यादव को लिखकर कहा कि उनके परिवार के ही सदस्य मुख्यमंत्री को निशाना बना रहे हैं. इसे मुलायम की पत्नी की ओर इशारा समझा गया, जिससे मुलायम काफी नाराज़ हुए. अपर्णा यादव लखनऊ कैन्ट विधानसभा क्षेत्र में लगातार दिखती रहती हैं, लेकिन फिलहाल इस सीट से रीता बहुगुणा जोशी विधायक हैं. समाजवादी पार्टी ने लखनऊ सीट कभी नहीं जीती है. सूत्रों का कहना है कि अपर्णा ने पहली बार चुनाव लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी के लिहाज़ से सुरक्षित सीट की मांग की थी, लेकिन लखनऊ कैन्ट सीट पर समझौता करना पड़ा, और तभी से वह वहां प्रचार कर रही हैं.टिप्पणियां अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव को जितनी आसानी से राजनैतिक करियर बनाने का मौका मिल गया, बताया जाता है कि अपर्णा के मन में उससे खटास पैदा हो गई, क्योंकि अपर्णा के मुताबिक उन्हें डिंपल की तुलना में बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी. अपर्णा के पति प्रतीक फिटनेस बिज़नेस में हैं, और राजनैतिक रूप से ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अखिलेश यादव गुट का आरोप है कि बड़े भाई और पिता के बीच खाई पैदा करने में उनकी भी भूमिका रही है. अपर्णा यादव इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम समर्थन देने के लिए सुर्खियों में आई थीं, और वर्ष 2015 में मैनपुरी में हुई मुलायम सिंह यादव के पोते की शादी के मौके पर अपर्णा और उनके पति प्रतीक ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी खींची थी. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी कार्यक्रमों को समर्थन देने के मामले में भी काफी मुखर रही हैं. मुलायम सिंह यादव ने 26-वर्षीय अपर्णा यादव को लगभग एक साल पहले ही लखनऊ कैन्ट सीट से समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया था. अपर्णा को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव के कैम्प की सदस्य माना जाता है, जिनके साथ ताकत को लेकर चल रही अखिलेश की जंग ने पार्टी में 'दोफाड़' कर डाला है. इस झगड़े में मुलायम सिंह यादव ने अब तक पूरी तरह अपने भाई का ही साथ दिया है, और अखिलेश यादव के समर्थकों का आरोप है कि पार्टी मुखिया के दूसरी पत्नी तथा मुख्यमंत्री की सौतेली मां ने ही मुलायम सिंह यादव को अखिलेश के विरुद्ध भड़काया है. अखिलेश यादव के इन समर्थको का यह भी मानना है कि अपर्णा यादव की राजनैतिक महत्वाकांक्षा अखिलेश यादव के स्थान पर समाजवादी पार्टी का युवा चेहरा बनने और फिर शायद वक्त के साथ मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनने की भी है. कुछ महीने पहले अखिलेश और शिवपाल के बीच जारी जंग चरम पर थी, और उस समय सार्वजनिक हो गई, जब अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले विधायक उदयवीर सिंह ने मुलायम सिंह यादव को लिखकर कहा कि उनके परिवार के ही सदस्य मुख्यमंत्री को निशाना बना रहे हैं. इसे मुलायम की पत्नी की ओर इशारा समझा गया, जिससे मुलायम काफी नाराज़ हुए. अपर्णा यादव लखनऊ कैन्ट विधानसभा क्षेत्र में लगातार दिखती रहती हैं, लेकिन फिलहाल इस सीट से रीता बहुगुणा जोशी विधायक हैं. समाजवादी पार्टी ने लखनऊ सीट कभी नहीं जीती है. सूत्रों का कहना है कि अपर्णा ने पहली बार चुनाव लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी के लिहाज़ से सुरक्षित सीट की मांग की थी, लेकिन लखनऊ कैन्ट सीट पर समझौता करना पड़ा, और तभी से वह वहां प्रचार कर रही हैं.टिप्पणियां अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव को जितनी आसानी से राजनैतिक करियर बनाने का मौका मिल गया, बताया जाता है कि अपर्णा के मन में उससे खटास पैदा हो गई, क्योंकि अपर्णा के मुताबिक उन्हें डिंपल की तुलना में बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी. अपर्णा के पति प्रतीक फिटनेस बिज़नेस में हैं, और राजनैतिक रूप से ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अखिलेश यादव गुट का आरोप है कि बड़े भाई और पिता के बीच खाई पैदा करने में उनकी भी भूमिका रही है. अपर्णा यादव इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम समर्थन देने के लिए सुर्खियों में आई थीं, और वर्ष 2015 में मैनपुरी में हुई मुलायम सिंह यादव के पोते की शादी के मौके पर अपर्णा और उनके पति प्रतीक ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी खींची थी. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी कार्यक्रमों को समर्थन देने के मामले में भी काफी मुखर रही हैं. इस झगड़े में मुलायम सिंह यादव ने अब तक पूरी तरह अपने भाई का ही साथ दिया है, और अखिलेश यादव के समर्थकों का आरोप है कि पार्टी मुखिया के दूसरी पत्नी तथा मुख्यमंत्री की सौतेली मां ने ही मुलायम सिंह यादव को अखिलेश के विरुद्ध भड़काया है. अखिलेश यादव के इन समर्थको का यह भी मानना है कि अपर्णा यादव की राजनैतिक महत्वाकांक्षा अखिलेश यादव के स्थान पर समाजवादी पार्टी का युवा चेहरा बनने और फिर शायद वक्त के साथ मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनने की भी है. कुछ महीने पहले अखिलेश और शिवपाल के बीच जारी जंग चरम पर थी, और उस समय सार्वजनिक हो गई, जब अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले विधायक उदयवीर सिंह ने मुलायम सिंह यादव को लिखकर कहा कि उनके परिवार के ही सदस्य मुख्यमंत्री को निशाना बना रहे हैं. इसे मुलायम की पत्नी की ओर इशारा समझा गया, जिससे मुलायम काफी नाराज़ हुए. अपर्णा यादव लखनऊ कैन्ट विधानसभा क्षेत्र में लगातार दिखती रहती हैं, लेकिन फिलहाल इस सीट से रीता बहुगुणा जोशी विधायक हैं. समाजवादी पार्टी ने लखनऊ सीट कभी नहीं जीती है. सूत्रों का कहना है कि अपर्णा ने पहली बार चुनाव लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी के लिहाज़ से सुरक्षित सीट की मांग की थी, लेकिन लखनऊ कैन्ट सीट पर समझौता करना पड़ा, और तभी से वह वहां प्रचार कर रही हैं.टिप्पणियां अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव को जितनी आसानी से राजनैतिक करियर बनाने का मौका मिल गया, बताया जाता है कि अपर्णा के मन में उससे खटास पैदा हो गई, क्योंकि अपर्णा के मुताबिक उन्हें डिंपल की तुलना में बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी. अपर्णा के पति प्रतीक फिटनेस बिज़नेस में हैं, और राजनैतिक रूप से ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अखिलेश यादव गुट का आरोप है कि बड़े भाई और पिता के बीच खाई पैदा करने में उनकी भी भूमिका रही है. अपर्णा यादव इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम समर्थन देने के लिए सुर्खियों में आई थीं, और वर्ष 2015 में मैनपुरी में हुई मुलायम सिंह यादव के पोते की शादी के मौके पर अपर्णा और उनके पति प्रतीक ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी खींची थी. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी कार्यक्रमों को समर्थन देने के मामले में भी काफी मुखर रही हैं. अखिलेश यादव के इन समर्थको का यह भी मानना है कि अपर्णा यादव की राजनैतिक महत्वाकांक्षा अखिलेश यादव के स्थान पर समाजवादी पार्टी का युवा चेहरा बनने और फिर शायद वक्त के साथ मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनने की भी है. कुछ महीने पहले अखिलेश और शिवपाल के बीच जारी जंग चरम पर थी, और उस समय सार्वजनिक हो गई, जब अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले विधायक उदयवीर सिंह ने मुलायम सिंह यादव को लिखकर कहा कि उनके परिवार के ही सदस्य मुख्यमंत्री को निशाना बना रहे हैं. इसे मुलायम की पत्नी की ओर इशारा समझा गया, जिससे मुलायम काफी नाराज़ हुए. अपर्णा यादव लखनऊ कैन्ट विधानसभा क्षेत्र में लगातार दिखती रहती हैं, लेकिन फिलहाल इस सीट से रीता बहुगुणा जोशी विधायक हैं. समाजवादी पार्टी ने लखनऊ सीट कभी नहीं जीती है. सूत्रों का कहना है कि अपर्णा ने पहली बार चुनाव लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी के लिहाज़ से सुरक्षित सीट की मांग की थी, लेकिन लखनऊ कैन्ट सीट पर समझौता करना पड़ा, और तभी से वह वहां प्रचार कर रही हैं.टिप्पणियां अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव को जितनी आसानी से राजनैतिक करियर बनाने का मौका मिल गया, बताया जाता है कि अपर्णा के मन में उससे खटास पैदा हो गई, क्योंकि अपर्णा के मुताबिक उन्हें डिंपल की तुलना में बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी. अपर्णा के पति प्रतीक फिटनेस बिज़नेस में हैं, और राजनैतिक रूप से ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अखिलेश यादव गुट का आरोप है कि बड़े भाई और पिता के बीच खाई पैदा करने में उनकी भी भूमिका रही है. अपर्णा यादव इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम समर्थन देने के लिए सुर्खियों में आई थीं, और वर्ष 2015 में मैनपुरी में हुई मुलायम सिंह यादव के पोते की शादी के मौके पर अपर्णा और उनके पति प्रतीक ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी खींची थी. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी कार्यक्रमों को समर्थन देने के मामले में भी काफी मुखर रही हैं. कुछ महीने पहले अखिलेश और शिवपाल के बीच जारी जंग चरम पर थी, और उस समय सार्वजनिक हो गई, जब अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले विधायक उदयवीर सिंह ने मुलायम सिंह यादव को लिखकर कहा कि उनके परिवार के ही सदस्य मुख्यमंत्री को निशाना बना रहे हैं. इसे मुलायम की पत्नी की ओर इशारा समझा गया, जिससे मुलायम काफी नाराज़ हुए. अपर्णा यादव लखनऊ कैन्ट विधानसभा क्षेत्र में लगातार दिखती रहती हैं, लेकिन फिलहाल इस सीट से रीता बहुगुणा जोशी विधायक हैं. समाजवादी पार्टी ने लखनऊ सीट कभी नहीं जीती है. सूत्रों का कहना है कि अपर्णा ने पहली बार चुनाव लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी के लिहाज़ से सुरक्षित सीट की मांग की थी, लेकिन लखनऊ कैन्ट सीट पर समझौता करना पड़ा, और तभी से वह वहां प्रचार कर रही हैं.टिप्पणियां अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव को जितनी आसानी से राजनैतिक करियर बनाने का मौका मिल गया, बताया जाता है कि अपर्णा के मन में उससे खटास पैदा हो गई, क्योंकि अपर्णा के मुताबिक उन्हें डिंपल की तुलना में बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी. अपर्णा के पति प्रतीक फिटनेस बिज़नेस में हैं, और राजनैतिक रूप से ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अखिलेश यादव गुट का आरोप है कि बड़े भाई और पिता के बीच खाई पैदा करने में उनकी भी भूमिका रही है. अपर्णा यादव इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम समर्थन देने के लिए सुर्खियों में आई थीं, और वर्ष 2015 में मैनपुरी में हुई मुलायम सिंह यादव के पोते की शादी के मौके पर अपर्णा और उनके पति प्रतीक ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी खींची थी. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी कार्यक्रमों को समर्थन देने के मामले में भी काफी मुखर रही हैं. अपर्णा यादव लखनऊ कैन्ट विधानसभा क्षेत्र में लगातार दिखती रहती हैं, लेकिन फिलहाल इस सीट से रीता बहुगुणा जोशी विधायक हैं. समाजवादी पार्टी ने लखनऊ सीट कभी नहीं जीती है. सूत्रों का कहना है कि अपर्णा ने पहली बार चुनाव लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी के लिहाज़ से सुरक्षित सीट की मांग की थी, लेकिन लखनऊ कैन्ट सीट पर समझौता करना पड़ा, और तभी से वह वहां प्रचार कर रही हैं.टिप्पणियां अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव को जितनी आसानी से राजनैतिक करियर बनाने का मौका मिल गया, बताया जाता है कि अपर्णा के मन में उससे खटास पैदा हो गई, क्योंकि अपर्णा के मुताबिक उन्हें डिंपल की तुलना में बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी. अपर्णा के पति प्रतीक फिटनेस बिज़नेस में हैं, और राजनैतिक रूप से ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अखिलेश यादव गुट का आरोप है कि बड़े भाई और पिता के बीच खाई पैदा करने में उनकी भी भूमिका रही है. अपर्णा यादव इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम समर्थन देने के लिए सुर्खियों में आई थीं, और वर्ष 2015 में मैनपुरी में हुई मुलायम सिंह यादव के पोते की शादी के मौके पर अपर्णा और उनके पति प्रतीक ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी खींची थी. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी कार्यक्रमों को समर्थन देने के मामले में भी काफी मुखर रही हैं. अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव को जितनी आसानी से राजनैतिक करियर बनाने का मौका मिल गया, बताया जाता है कि अपर्णा के मन में उससे खटास पैदा हो गई, क्योंकि अपर्णा के मुताबिक उन्हें डिंपल की तुलना में बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी. अपर्णा के पति प्रतीक फिटनेस बिज़नेस में हैं, और राजनैतिक रूप से ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अखिलेश यादव गुट का आरोप है कि बड़े भाई और पिता के बीच खाई पैदा करने में उनकी भी भूमिका रही है. अपर्णा यादव इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम समर्थन देने के लिए सुर्खियों में आई थीं, और वर्ष 2015 में मैनपुरी में हुई मुलायम सिंह यादव के पोते की शादी के मौके पर अपर्णा और उनके पति प्रतीक ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी खींची थी. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी कार्यक्रमों को समर्थन देने के मामले में भी काफी मुखर रही हैं. अपर्णा यादव इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम समर्थन देने के लिए सुर्खियों में आई थीं, और वर्ष 2015 में मैनपुरी में हुई मुलायम सिंह यादव के पोते की शादी के मौके पर अपर्णा और उनके पति प्रतीक ने प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी भी खींची थी. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सभी कार्यक्रमों को समर्थन देने के मामले में भी काफी मुखर रही हैं.
सारांश: अखिलेश की लिस्ट में लखनऊ कैन्ट सीट का प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया मुलायम ने वह सीट अपने छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी अपर्णा के लिए तय की थी अपर्णा यादव को शिवपाल यादव के कैम्प की सदस्य माना जाता है
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा पाकिस्तान की तीन दिनों की यात्रा पर हैं और यह पहला मौका है जब आजादी के बाद भारत का कोई वाणिज्य और उद्योग मंत्री पाकिस्तान की यात्रा पर पहुंचा है। इस यात्रा का मकसद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबधों की नई इबारत लिखना है। पाकिस्तान पहुंचने पर आनंद शर्मा ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस यात्रा के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबधों में काफी उछाल आएगा और दोनों देशों के लिए यह जरूरी भी है। पाकिस्तान की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस तरह की यात्राएं अक्सर होनी चाहिए। इनसे निश्चित रूप से व्यापार को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस यात्रा का मकसद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबधों की नई इबारत लिखना है। पाकिस्तान पहुंचने पर आनंद शर्मा ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस यात्रा के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबधों में काफी उछाल आएगा और दोनों देशों के लिए यह जरूरी भी है। पाकिस्तान की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस तरह की यात्राएं अक्सर होनी चाहिए। इनसे निश्चित रूप से व्यापार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान पहुंचने पर आनंद शर्मा ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस यात्रा के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबधों में काफी उछाल आएगा।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बारिश के साथ आकाशीय बिजली भी कहर ढा रही है. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से मां और दो बेटों की मौत हो गई. जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मानसून से पहले खेत में सफाई करने गए मां और दो पुत्रों पर मंगलवार को आकाशीय बिजली गिर गई. इस घटना में तीनों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 85 किमी दूर पसान थाना क्षेत्र के अंतर्गत सैला गांव निवासी इंद्रपाल गौड़ की पत्नी रानिया बाई (44 वर्ष) पांच जून को अपने पुत्रों तुलाचंद (20 वर्ष) और ईश्वर सिंह (15 वर्ष) के साथ खेत में सफाई कर रही थीं. जब तीनों खेत में थे तब दोपहर बाद अचानक मौसम में बदलाव आया और गरज के साथ बारिश शुरू हो गई. बारिश से बचने के लिए तीनों खेत के समीप बरगद के पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए. इस दौरान पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी तथा तीनों उसकी चपेट में आ गए. इस घटना में तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. (इनपुट एजेंसियों से)
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र में सात से 11 जून तक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान पांच राज्यों को अचानक से बाढ़ आने की आशंका, चेतावनी जारी छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से मां और दो बेटों की मौत
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नेशनल टेस्‍ट एजेंसी (NTA) साल 2019 के दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस टेस्‍ट (DUET) के रिजल्‍ट घोषित कर रही है. इसी कड़ी में अब 3 जुलाई, 4 जुलाई और 7 जुलाई को हुई बीपीएड, पत्रकारिता में पांच साल के इंटीग्रेटेड कोर्स, स्‍पेशल एजुकेशन में बीएड और बीएलएड की एंट्रेंस परीक्षाओं के नतीजे घोषित कर दिए हैं. रिजल्‍ट के अलावा दिल्‍ली यूनिवर्सिटी ने एंट्रेंस पर आधारित कुछ पाठ्यक्रमों के लिए काउंसलिंग की सूची भी जारी कर दी है. ऊपर बताए गए कोर्सेज का रैंक आधारित परिणाम 18-19 जुलाई 2019 को जारी किया जाएगा. जिन स्‍टूडेंट्स ने एंट्रेंस टेस्‍ट दिया है उन्‍हें सलाह दी जाती है कि वे इस दौरान थोड़ी-थोड़ी देर में  दिल्‍ली यूनिवर्सिटी की वेबसाइट चेक करें. बीएमएस/बीबीए (FIA)/बीए (H)बीई कोर्सेज और बीएलएड कोर्सेज के अभ्‍यर्थी रिजल्‍ट घोष‍ित होने के बाद 24 घंटे के भीतर कॉलेज और कोर्सेज की प्रिफरेंस बदल सकते हैं. इसके लिए अभ्‍यर्थियों को अपने एडमिशन डैशबोर्ड में जाना होगा.  यूनिवर्सिटी इन कोर्सेज में एडमिशन की पहली लिस्‍ट 21 जुलाई को जारी करेगी.
DUET के कुछ कोर्सेज का रिजल्‍ट घोषित कर दिया गया है इसी के साथ काउंसलिंग सूची भी जारी कर दी गई है रैंक पर आधारित रिजल्‍ट 18-19 जुलाई को जारी किया जाएगा
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे वनडे में श्रीलंका को 121 रनों से हराकर सीरीज में 2-0 की बढ़त ले ली है. श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में मेजबान दक्षिण अफ्रीका की टीम ने पहले बल्‍लेबाजी करते हुए 50 ओवर में छह विकेट पर 307 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर दिया. कप्‍तान फाफ डुप्‍लेसिस (105) और मिलर (117) के शानदार शतकों की बदौलत दक्षिण अफ्रीका बड़ा स्कोर खड़ा कर पाया. वहीं इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी 37.5 ओवर केवल 185 रन पर सिमट गई. श्रीलंका की ओर से दिनेश चंडीमल ने सर्वाधिक 36 रन बनाए. शतक जमाने वाले डुप्‍लेसिस को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया. इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने पांच वनडे मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है. स्‍वाभाविक है कि ऐसे में अगले मैच में श्रीलंकाई टीम भारी दबाव में होगी क्‍योंकि यह मैच हारते ही सीरीज में मेजबान दक्षिण अफ्रीका को अजेय बढ़त मिल जाएगी.टिप्पणियां किंग्‍समेड मैदान पर इस मैच में श्रीलंका के कप्‍तान उपुल थरंगा ने टॉस जीता और दक्षिण अफ्रीका को पहले बैटिंग के लिए उतारा. हाशिम अमला और क्विंटन डिकॉक की जोड़ी ने पारी की शुरुआत की. दक्षिण अफ्रीका पहला विकेट महज 19 के स्‍कोर पर गिरा. दक्षिण अफ्रीका का दूसरा विकेट डिकॉक के रूप में गिरा जिन्‍हें धनंजर डिसिल्‍वा ने लकमल के हाथों कैच कराया.  इसके बाद मैदान में उतरे डिविलियर्स जल्‍द ही आउट हो गए. वे केवल तीन रन बना पाए. उन्‍हें चाइनामैन बॉलर लक्षण संदाकन ने आउट किया. दक्षिण अफ्रीका को चौथा झटका बाएं हाथ के बल्‍लेबाज जेपी डुमिनी के रूप में लगा जो केवल 11 रन बना पाए और संचित पतिर्ना की गेंद पर धनंजय डिसिल्‍वा को कैच दे बैठे.  इसके बाद डुप्‍लेसिस ने पांचवें विकेट के लिए मिलर के साथ  117 रनों की साझेदारी की. इस दौरान डुप्‍लेसिस और मिलर, दोनों ने ही शतक पूरे किए. जहां डुप्‍लेसिस का शतक 113 गेंदों पर सात चौकों और एक छक्‍के की मदद से पूरा हुआ, वहीं मिलर ने अपने शतक के लिए 94 गेंदों का सामना कर दो चौके और चार छक्‍के लगाए. डुप्‍लेसिस जहां नुवान कुलसेकरा के शिकार बने, वहीं मिलर 117 रन बनाकर नाबाद रहे. इन दोनों बल्‍लेबाजों के योगदान की बदौलत दक्षिण अफ्रीकी टीम निर्धारित 50 ओवर्स में 300 के पार पहुंचने में कामयाब रही. दक्षिण अफ्रीका के स्‍कोर का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम के लिए एन. डिकवेला और उपुल तरंगा ने पहले विकेट के लिए 45 रन जोड़े, लेकिन डिकवेला के रूप में पहला विकेट गिरने के बाद टीम नियमित अंतराल में विकेट गंवाती रही. आगे के बल्‍लेबाजों में चंदीमल ही ठीकठाक योगदान कर सके. दूसरे किसी भी बल्‍लेबाज ने विकेट पर रुककर स्‍कोर करने की इच्‍छाशक्ति नहीं दिखाई.  37.5 ओवर में 186 रन तक पहुंचते-पहुंचते श्रीलंका टीम के संघर्ष ने दम तोड़ दिया. दक्षिण अफ्रीका के लिए पर्नेल, जेपी डुमिनी और इमरान ताहिर ने दो-दो विकेट लिए.  किंग्‍समेड मैदान पर इस मैच में श्रीलंका के कप्‍तान उपुल थरंगा ने टॉस जीता और दक्षिण अफ्रीका को पहले बैटिंग के लिए उतारा. हाशिम अमला और क्विंटन डिकॉक की जोड़ी ने पारी की शुरुआत की. दक्षिण अफ्रीका पहला विकेट महज 19 के स्‍कोर पर गिरा. दक्षिण अफ्रीका का दूसरा विकेट डिकॉक के रूप में गिरा जिन्‍हें धनंजर डिसिल्‍वा ने लकमल के हाथों कैच कराया.  इसके बाद मैदान में उतरे डिविलियर्स जल्‍द ही आउट हो गए. वे केवल तीन रन बना पाए. उन्‍हें चाइनामैन बॉलर लक्षण संदाकन ने आउट किया. दक्षिण अफ्रीका को चौथा झटका बाएं हाथ के बल्‍लेबाज जेपी डुमिनी के रूप में लगा जो केवल 11 रन बना पाए और संचित पतिर्ना की गेंद पर धनंजय डिसिल्‍वा को कैच दे बैठे.  इसके बाद डुप्‍लेसिस ने पांचवें विकेट के लिए मिलर के साथ  117 रनों की साझेदारी की. इस दौरान डुप्‍लेसिस और मिलर, दोनों ने ही शतक पूरे किए. जहां डुप्‍लेसिस का शतक 113 गेंदों पर सात चौकों और एक छक्‍के की मदद से पूरा हुआ, वहीं मिलर ने अपने शतक के लिए 94 गेंदों का सामना कर दो चौके और चार छक्‍के लगाए. डुप्‍लेसिस जहां नुवान कुलसेकरा के शिकार बने, वहीं मिलर 117 रन बनाकर नाबाद रहे. इन दोनों बल्‍लेबाजों के योगदान की बदौलत दक्षिण अफ्रीकी टीम निर्धारित 50 ओवर्स में 300 के पार पहुंचने में कामयाब रही. दक्षिण अफ्रीका के स्‍कोर का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम के लिए एन. डिकवेला और उपुल तरंगा ने पहले विकेट के लिए 45 रन जोड़े, लेकिन डिकवेला के रूप में पहला विकेट गिरने के बाद टीम नियमित अंतराल में विकेट गंवाती रही. आगे के बल्‍लेबाजों में चंदीमल ही ठीकठाक योगदान कर सके. दूसरे किसी भी बल्‍लेबाज ने विकेट पर रुककर स्‍कोर करने की इच्‍छाशक्ति नहीं दिखाई.  37.5 ओवर में 186 रन तक पहुंचते-पहुंचते श्रीलंका टीम के संघर्ष ने दम तोड़ दिया. दक्षिण अफ्रीका के लिए पर्नेल, जेपी डुमिनी और इमरान ताहिर ने दो-दो विकेट लिए.  दक्षिण अफ्रीका के स्‍कोर का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम के लिए एन. डिकवेला और उपुल तरंगा ने पहले विकेट के लिए 45 रन जोड़े, लेकिन डिकवेला के रूप में पहला विकेट गिरने के बाद टीम नियमित अंतराल में विकेट गंवाती रही. आगे के बल्‍लेबाजों में चंदीमल ही ठीकठाक योगदान कर सके. दूसरे किसी भी बल्‍लेबाज ने विकेट पर रुककर स्‍कोर करने की इच्‍छाशक्ति नहीं दिखाई.  37.5 ओवर में 186 रन तक पहुंचते-पहुंचते श्रीलंका टीम के संघर्ष ने दम तोड़ दिया. दक्षिण अफ्रीका के लिए पर्नेल, जेपी डुमिनी और इमरान ताहिर ने दो-दो विकेट लिए.
संक्षिप्त पाठ: मेजबान टीम ने सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल की दक्षिण अफ्रीका ने मैच में पहले बैटिंग कर बनाए 307 रन जवाब में श्रीलंका टीम 185 रन बनाकर ढेर हो गई
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शुक्रवार को समाप्त कारोबारी सप्ताह में जहां प्रमुख सूचकांकों में मामूली बढ़त देखी गई वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा काफी अच्छी लिवाली के कारण बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में अधिक प्रगति देखी गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स इस सप्ताह 110.38 अंकों या 0.6 फीसदी की वृद्धि के साथ शुक्रवार को 18,376.48 पर बंद हुआ। पिछले शुक्रवार को सेंसेक्स 18,266.10 पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी साप्ताहिक कारोबार में 0.74 फीसदी तेजी के साथ 5,516.75 पर बंद हुआ। पिछले शुक्रवार को यह 5,476.10 पर बंद हुआ था। इस दौरान बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 2.46 फीसदी और 1.59 फीसदी की तेजी देखी गई। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के मुताबिक इस सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 54.968 करोड़ डॉलर की लिवाली की। इस दौरान देश की आर्थिक विकास दर और विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों में विकास दर के अपेक्षा से कम रहने का शेयर बाजार पर नकारात्मक असर देखा गया। ताजा आंकड़ों के मुताबिक चौथी तिमाही में वित्तीय सेवाओं और औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर परिणाम नहीं मिलने के कारण देश की आर्थिक विकास दर 2010-11 में 8.5 फीसदी रही, जो पहले के अनुमान से 10 आधार अंक कम है। छह आधारभूत उद्योगों का विकास अप्रैल माह में 5.2 फीसदी की धीमी रफ्तार से हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम है। सेंसेक्स में साप्ताहिक कारोबार में वृद्धि दर्ज करने वाले शेयरों में प्रमुख रहे रिलायंस कम्युनिकेशंस (15.7 फीसदी), डीएलएफ (7.2 फीसदी), जयप्रकाश एसोसिएट्स (6.1 फीसदी) और एसबीआई (5.1 फीसदी)। सेंसेक्स में इस दौरान सर्वाधिक गिरावट वाले शेयरों में रहे टाटा मोटर्स (13.5 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.00 फीसदी), भेल (1.2 फीसदी) और टाटा स्टील (0.6 फीसदी)। इस दौरान एशियाई, यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में गिरावट का रुख देखा गया।
संक्षिप्त पाठ: सप्ताह के दौरान बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 2.46 फीसदी और 1.59 फीसदी की तेजी देखी गई।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में बनने जा रहे शिवसेना के दिवंगत प्रमुख बालासाहब ठाकरे के स्मारक का विवाद हाईकोर्ट पहुंच चुका है. इससे शिवसेना नेताओं में गुस्सा है. अपने गुस्से का इजहार करते हुए वरिष्ठ शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने बालासाहेब की तुलना महात्मा गांधी से की. सामाजिक कार्यकर्ता भगवान रयानी शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे मेमोरियल को चुनौती दे चुके हैं. यह उनकी 115वीं जनहित याचिका बताई जा रही है. अपनी याचिका में उन्होंने ठाकरे मेमोरियल के नाम पर सरकारी संसाधन पर होते अतिक्रमण को रोकने की मांग की है. NDTV इंडिया से बातचीत में रयानी ने कहा कि अगर वे इस याचिका में कामयाब होते हैं तो देशभर में इस तरह से सरकारी संसाधनों पर होने वाला कब्ज़ा रोका जा सकेगा और सैकड़ों एकड़ जमीन बच जाएगी.टिप्पणियां ठाकरे मेमोरियल के नाम पर मुंबई के मध्यवर्ती शिवाजी पार्क इलाके में समंदर से सटी पौने 3 एकड़ सरकारी जमीन सिर्फ़ एक रुपये सालाना लीज पर 99 साल के लिए पाने में शिवसेना कामयाब हुई है. जमीन का मौजूदा बाज़ार मूल्य करोड़ों में है. यही नहीं, सरकारी तिजोरी से मेमोरियल के नाम पर 100 करोड़ रुपये का खर्च भी मंजूर कराया गया है. बालासाहब ठाकरे के किसी भी संवैधानिक पद पर न होते हुए भी दी जा रही इन रियायतों के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका से शिवसेना नेताओं का पारा चढ़ चुका है. इस मामले पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने मीडिया से पूछा कि महात्मा गांधी कहां किसी संवैधानिक पद पर थे, फिर भी उनके नाम पर अनेक जगहों पर स्मारक बने हुए हैं. तो फिर यह सवाल बालासाहब को लेकर ही क्यों उठाए जा रहे हैं? लेकिन फिर भी इस बाबत जरूरी जवाब राज्य सरकार कोर्ट में देगी. सामाजिक कार्यकर्ता भगवान रयानी शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे मेमोरियल को चुनौती दे चुके हैं. यह उनकी 115वीं जनहित याचिका बताई जा रही है. अपनी याचिका में उन्होंने ठाकरे मेमोरियल के नाम पर सरकारी संसाधन पर होते अतिक्रमण को रोकने की मांग की है. NDTV इंडिया से बातचीत में रयानी ने कहा कि अगर वे इस याचिका में कामयाब होते हैं तो देशभर में इस तरह से सरकारी संसाधनों पर होने वाला कब्ज़ा रोका जा सकेगा और सैकड़ों एकड़ जमीन बच जाएगी.टिप्पणियां ठाकरे मेमोरियल के नाम पर मुंबई के मध्यवर्ती शिवाजी पार्क इलाके में समंदर से सटी पौने 3 एकड़ सरकारी जमीन सिर्फ़ एक रुपये सालाना लीज पर 99 साल के लिए पाने में शिवसेना कामयाब हुई है. जमीन का मौजूदा बाज़ार मूल्य करोड़ों में है. यही नहीं, सरकारी तिजोरी से मेमोरियल के नाम पर 100 करोड़ रुपये का खर्च भी मंजूर कराया गया है. बालासाहब ठाकरे के किसी भी संवैधानिक पद पर न होते हुए भी दी जा रही इन रियायतों के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका से शिवसेना नेताओं का पारा चढ़ चुका है. इस मामले पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने मीडिया से पूछा कि महात्मा गांधी कहां किसी संवैधानिक पद पर थे, फिर भी उनके नाम पर अनेक जगहों पर स्मारक बने हुए हैं. तो फिर यह सवाल बालासाहब को लेकर ही क्यों उठाए जा रहे हैं? लेकिन फिर भी इस बाबत जरूरी जवाब राज्य सरकार कोर्ट में देगी. ठाकरे मेमोरियल के नाम पर मुंबई के मध्यवर्ती शिवाजी पार्क इलाके में समंदर से सटी पौने 3 एकड़ सरकारी जमीन सिर्फ़ एक रुपये सालाना लीज पर 99 साल के लिए पाने में शिवसेना कामयाब हुई है. जमीन का मौजूदा बाज़ार मूल्य करोड़ों में है. यही नहीं, सरकारी तिजोरी से मेमोरियल के नाम पर 100 करोड़ रुपये का खर्च भी मंजूर कराया गया है. बालासाहब ठाकरे के किसी भी संवैधानिक पद पर न होते हुए भी दी जा रही इन रियायतों के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका से शिवसेना नेताओं का पारा चढ़ चुका है. इस मामले पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने मीडिया से पूछा कि महात्मा गांधी कहां किसी संवैधानिक पद पर थे, फिर भी उनके नाम पर अनेक जगहों पर स्मारक बने हुए हैं. तो फिर यह सवाल बालासाहब को लेकर ही क्यों उठाए जा रहे हैं? लेकिन फिर भी इस बाबत जरूरी जवाब राज्य सरकार कोर्ट में देगी. इस मामले पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने मीडिया से पूछा कि महात्मा गांधी कहां किसी संवैधानिक पद पर थे, फिर भी उनके नाम पर अनेक जगहों पर स्मारक बने हुए हैं. तो फिर यह सवाल बालासाहब को लेकर ही क्यों उठाए जा रहे हैं? लेकिन फिर भी इस बाबत जरूरी जवाब राज्य सरकार कोर्ट में देगी.
संक्षिप्त पाठ: सामाजिक कार्यकर्ता भगवान रयानी ने निर्माण के खिलाफ कोर्ट में चुनौती दी सरकारी संसाधनों पर होने वाला कब्ज़ा रोकने के लिए जनहित याचिका लगाई बालासाहब ठाकरे मेमोरियल के लिए एक रुपये सालाना लीज पर मिली जमीन
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि चीनी का बाजार मूल्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से इसकी बिक्री मूल्य के अंतर की भरपाई केंद्र सरकार सब्सिडी के रूप में 2014-15 के बाद भी करे। वैकल्पिक रूप से उन्होंने प्रधानमंत्री से चीनी मिलों पर लेवी लगाने की बाध्यता खत्म करने की केंद्र सरकार के फैसले पर पुनर्विचार करने और वर्तमान प्रणाली जारी रखने के लिए कहा है। यहां मीडिया को जारी किए गई पत्र की प्रति के अनुसार जयललिता ने ज़ोर दिया है कि चीनी मिलों पर से लेवी की बाध्यता खत्म करने का असर गरीबों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा है, "मैं आपसे चीनी मिलों पर से लेवी चीनी की बाध्यता खत्म करने के फैसले पर पुनर्विचार और जनता के हित में चीनी की मौजूदा लेवी प्रणाली को जारी रखने का या फिर इस बात की गारंटी देने का आग्रह करती हूं कि चीनी की खुले बाजार में कीमत और पीडीएस कीमत में अंतर का वहन भारत सरकार सब्सिडी के रूप में करेगी और यह सब्सिडी 2014-15 के बाद भी जारी रहेगी।"
यहाँ एक सारांश है:तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि चीनी का बाजार मूल्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से इसकी बिक्री मूल्य के अंतर की भरपाई केंद्र सरकार सब्सिडी के रूप में 2014-15 के बाद भी
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पर्सनल कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी लेनोवो ने तेजी से बढ़ते घरेलू स्मार्टफोन बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बुधवार को स्मार्टफोन की रेंज पेश की। युवाओं व पेशेवरों की जरूरतों को ध्यान में रखकर पेश किए गए स्मार्टफोन एंड्रायड प्लेटफार्म पर आधारित हैं और इनकी कीमत 8,689 रुपये से 32,999 रुपये के बीच है।टिप्पणियां चीन स्थित कंपनी ने पिछले साल भारत में एंड्रायड आधारित स्मार्टफोन के पांच मॉडल पेश किए थे। लेनोवो ग्रुप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मिल्को वान दुइजी ने कहा, ‘‘भारत के लिए हमारी रणनीति पूरी तरह स्मार्टफोन पर केंद्रित होगी।’’ युवाओं व पेशेवरों की जरूरतों को ध्यान में रखकर पेश किए गए स्मार्टफोन एंड्रायड प्लेटफार्म पर आधारित हैं और इनकी कीमत 8,689 रुपये से 32,999 रुपये के बीच है।टिप्पणियां चीन स्थित कंपनी ने पिछले साल भारत में एंड्रायड आधारित स्मार्टफोन के पांच मॉडल पेश किए थे। लेनोवो ग्रुप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मिल्को वान दुइजी ने कहा, ‘‘भारत के लिए हमारी रणनीति पूरी तरह स्मार्टफोन पर केंद्रित होगी।’’ चीन स्थित कंपनी ने पिछले साल भारत में एंड्रायड आधारित स्मार्टफोन के पांच मॉडल पेश किए थे। लेनोवो ग्रुप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मिल्को वान दुइजी ने कहा, ‘‘भारत के लिए हमारी रणनीति पूरी तरह स्मार्टफोन पर केंद्रित होगी।’’ लेनोवो ग्रुप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मिल्को वान दुइजी ने कहा, ‘‘भारत के लिए हमारी रणनीति पूरी तरह स्मार्टफोन पर केंद्रित होगी।’’
यहाँ एक सारांश है:पर्सनल कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी लेनोवो ने तेजी से बढ़ते घरेलू स्मार्टफोन बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बुधवार को स्मार्टफोन की रेंज पेश की।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले से लगभग महीने भर पहले ही सीआरपीएफ के एक सीनियर अधिकारी ने एंटी-टेरर ट्रेनिंग में कुछ खामियों को लेकर आगाह किया था. काउंटर इंसर्जेंसी एंड एंटी-टेरर स्कूल के प्रमुख रजनीश राय ने सीआरपीएफ की ट्रेनिंग में कुछ सुविधाओं और खामियों को लेकर मुख्यालय को पहले ही कई पत्र लिखे थे. दरअसल, पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. 'काउंटर इंसर्जेंसी एंड एंटी-टेरर संस्थान' के प्रमुख सीआरपीएफ के आईजी रजनीश राय ने अपने मुख्यालय को एक पत्र लिखा था, जिसमें दो टूक में कहा था कि आंध्र प्रदेश के चितूर में स्थित उनका संस्थान अपने उद्देश्यों को पूरा नहीं कर सकता है.  रजनीश राय के मुताबिक, संस्थान का पाठ्यक्रम स्पष्ट नहीं है. इतना ही नहीं, यहां पर्याप्त ट्रेनर्स भी नहीं हैं और न ही पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर ही हैं. आईडी रजनीश राय द्वारा लिखे गए कई पत्रों में एस एक में उन्होंने कहा था कि चित्तूर में स्थि सीआईएटी (काउंटर इंसर्जेंसी एंड एंटी-टेरर) स्कूल में पिछले कुछ वर्षों में बिना किसी सार्थक प्रशिक्षण कार्यक्रम को लागू किए हुए खर्च यह दर्शाता है कि सार्वजनिक फंड का सही से इस्तेमाल नहीं किया गया.  राय के अनुसार, "किसी भी बेहतर परिणाम के बिना सार्वजनिक खर्च से प्रशासनिक जड़ता की गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है और सरकारी खजाने को भारी नुकसान होता है क्योंकि इसका कोई आउटकम निकलकर नहीं आता. आगे उन्होंने कहा कि चित्तूर स्थित CIAT स्कूल में मई 2017 से अब तक कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं किया जा रहा है. राय का मानना था, उनकी कमान के तहत पुरुषों और महिलाओं को निराश किया जा रहा था. कर्मियों को लगने लगता है कि वे संगठन की परिधि में बसे हुए हैं, और एक बार जब वे इस तरह की भावना को आत्मसात कर लेते हैं, तो उनका मनोबल ठीक होना बहुत मुश्किल है. इन आरोपों का जवाब देते हुए CRPF के एक अधिकारी ने NDTV से कहा कि 'हमारे पास लगभग 35 से अधिक प्रशिक्षण स्कूल हैं. इस संस्थान को अंबिकापुर से चित्तूर शिफ्ट कर दिया गया था. वहां 175 एकड़ जमीन थी. रात भर में 175 एकड़ की सुविधा विकसित नहीं की जा सकती है. एक प्रशिक्षण स्कूल के प्रमुख के रूप में आपको जो दिया गया, उसी में आपको उसका बेहतर इस्तेमाल करना होता है और आपको अपेक्षित प्रशिक्षण प्रदान करना होता है. आपको अपना काम आगे बढ़ाना होता है.' दरअसल, चितूर में सीआरपीएफ प्रशिक्षण की सुविधा दो साल पहले शुरू की गई थी, जिसके बावजूद सुविधा के लिए बुनियादी ढांचा अभी भी पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है. पिछले साल सितंबर में राय ने लिखा था, ''वर्तमान में हम पानी की भारी कमी का सामना कर रहे हैं और सीआईएटी स्कूल में तैनात लगभग 100 अधिकारियों/ पुरुषों के लिए पानी की आवश्यकता केवल एक बोरवेल से पूरी की जा रही है.' दो महीने बाद में उन्होंने लिखा, "भले ही हमें सबमर्सिबल पंपों की को लगाने अथवा एक नए बोरवेल के निर्माण को लेकर प्रशिक्षण निदेशालय से कुछ सकारात्मक दिशा-निर्देश मिले हों मगर इसकी संभावना नहीं है कि हम इस काम को समय पर पूरा कर पाएंगे.'
सारांश: पुलवामा आतंकी हमले से पहले अधिकारी ने मुख्यालय को लिखे थे पत्र. पुलवामा आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. जवानों की ट्रेनिंग में गैप को लेकर थे यह खत.
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुरुनाथ मय्यप्पन की सट्टेबाजी के आरोपों में गिरफ्तारी पर चर्चा के लिये बोर्ड की बैठक नहीं बुलाने के लिए बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन की कड़ी आलोचना करने वाले बोर्ड कोषाध्यक्ष अजय शिरके ने गुरुवार को कहा कि वह इस मसले में अपने पद से इस्तीफा देने की सोच रहे हैं। शिरके ने बुधवार को नैतिक आधार पर श्रीनिवासन से इस्तीफा देने के लिये कहा था। उन्होंने कहा कि वह फैसला करने से पहले कुछ दिन इंतजार करेंगे। उन्होंने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, ‘‘जिसे मैं प्राथमिक जिम्मेदारी मानता हूं, यदि बोर्ड उसे नजरअंदाज करना जारी रखेगा तो फिर मेरे लिये खुद को उससे जोड़े रखना मुश्किल होगा। मैं इंतजार करूंगा। कुछ दिन और हो सकता है कि एक सप्ताह के अंदर मैं अपना मन बना दूंगा। यदि उंगली उठाने के लिये अधिक से अधिक मौका दिया जाता रहा तो मैं फैसला कर लूंगा। मैं अपनी निजी साख और विश्वसनीयता को खराब नहीं कर सकता। यह मेरे लिये सब कुछ से ऊपर है।’’टिप्पणियां शिरके ने कहा, ‘‘मैं संतुष्ट नहीं हूं। अमूमन जब भी छोटा या बड़ा किसी भी तरह का संकट होता है तो हम कार्यकारिणी की बैठक बुलाते हैं। इस तरह के हर अवसर पर अध्यक्ष बैठक बुलाता है और मसले पर विस्तार से बात होती है।’’ शिरके ने कहा, ‘‘यहां तक कि जब खिलाड़ियों की गिरफ्तारी हुई तो आपात बैठक बुलायी गयी। इसके बाद चेन्नई में भी बैठक हुई। इसके बाद अध्यक्ष मीडिया के सामने आये और बैठक में लिये गये फैसलों के बारे में बताया गया। लेकिन इस मामले (गुरुनाथ की गिरफ्तारी) में ऐसा कुछ नहीं किया गया।’’ शिरके ने बुधवार को नैतिक आधार पर श्रीनिवासन से इस्तीफा देने के लिये कहा था। उन्होंने कहा कि वह फैसला करने से पहले कुछ दिन इंतजार करेंगे। उन्होंने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, ‘‘जिसे मैं प्राथमिक जिम्मेदारी मानता हूं, यदि बोर्ड उसे नजरअंदाज करना जारी रखेगा तो फिर मेरे लिये खुद को उससे जोड़े रखना मुश्किल होगा। मैं इंतजार करूंगा। कुछ दिन और हो सकता है कि एक सप्ताह के अंदर मैं अपना मन बना दूंगा। यदि उंगली उठाने के लिये अधिक से अधिक मौका दिया जाता रहा तो मैं फैसला कर लूंगा। मैं अपनी निजी साख और विश्वसनीयता को खराब नहीं कर सकता। यह मेरे लिये सब कुछ से ऊपर है।’’टिप्पणियां शिरके ने कहा, ‘‘मैं संतुष्ट नहीं हूं। अमूमन जब भी छोटा या बड़ा किसी भी तरह का संकट होता है तो हम कार्यकारिणी की बैठक बुलाते हैं। इस तरह के हर अवसर पर अध्यक्ष बैठक बुलाता है और मसले पर विस्तार से बात होती है।’’ शिरके ने कहा, ‘‘यहां तक कि जब खिलाड़ियों की गिरफ्तारी हुई तो आपात बैठक बुलायी गयी। इसके बाद चेन्नई में भी बैठक हुई। इसके बाद अध्यक्ष मीडिया के सामने आये और बैठक में लिये गये फैसलों के बारे में बताया गया। लेकिन इस मामले (गुरुनाथ की गिरफ्तारी) में ऐसा कुछ नहीं किया गया।’’ शिरके ने कहा, ‘‘मैं संतुष्ट नहीं हूं। अमूमन जब भी छोटा या बड़ा किसी भी तरह का संकट होता है तो हम कार्यकारिणी की बैठक बुलाते हैं। इस तरह के हर अवसर पर अध्यक्ष बैठक बुलाता है और मसले पर विस्तार से बात होती है।’’ शिरके ने कहा, ‘‘यहां तक कि जब खिलाड़ियों की गिरफ्तारी हुई तो आपात बैठक बुलायी गयी। इसके बाद चेन्नई में भी बैठक हुई। इसके बाद अध्यक्ष मीडिया के सामने आये और बैठक में लिये गये फैसलों के बारे में बताया गया। लेकिन इस मामले (गुरुनाथ की गिरफ्तारी) में ऐसा कुछ नहीं किया गया।’’ शिरके ने कहा, ‘‘यहां तक कि जब खिलाड़ियों की गिरफ्तारी हुई तो आपात बैठक बुलायी गयी। इसके बाद चेन्नई में भी बैठक हुई। इसके बाद अध्यक्ष मीडिया के सामने आये और बैठक में लिये गये फैसलों के बारे में बताया गया। लेकिन इस मामले (गुरुनाथ की गिरफ्तारी) में ऐसा कुछ नहीं किया गया।’’
गुरुनाथ मय्यप्पन की सट्टेबाजी के आरोपों में गिरफ्तारी पर चर्चा के लिये बोर्ड की बैठक नहीं बुलाने के लिए बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन की कड़ी आलोचना करने वाले बोर्ड कोषाध्यक्ष अजय शिरके ने गुरुवार को कहा कि वह इस मसले में अपने पद से इस्तीफा देने की सोच र
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['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने कहा कि वह मेट्रो स्टेशनों पर युगलों के अंतरंग स्थितियों में पहुंच जाने के कुछ वीडियो क्लिप के कथित रूप से लीक होकर अश्लील वेबसाइटों पर पहुंचने की जांच करेगी।टिप्पणियां डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) अनुज दयाल ने कहा, ‘डीएमआरसी आपत्तिजनक वीडियो क्लिप के इधर-उधर पहुंच जाने की रिपोर्ट की सघन जांच करेगा। दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने इन रिपोर्टों का गंभीर संज्ञान लिया है और उसने पहले ही पुलिस की साइबर अपराध शाखा को इस मुद्दे की जानकारी दे दी है।’ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने भी कहा कि बल के जवान मेट्रो स्टेशनों पर नियंत्रण कक्षों में काम नहीं करते हैं और ऐसे में उनकी वीडियो फुटेज तक पहुंच नहीं हो सकती है या फिर उन्होंने क्लिप अन्यत्र नहीं पहुंचाई होगी। डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) अनुज दयाल ने कहा, ‘डीएमआरसी आपत्तिजनक वीडियो क्लिप के इधर-उधर पहुंच जाने की रिपोर्ट की सघन जांच करेगा। दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने इन रिपोर्टों का गंभीर संज्ञान लिया है और उसने पहले ही पुलिस की साइबर अपराध शाखा को इस मुद्दे की जानकारी दे दी है।’ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने भी कहा कि बल के जवान मेट्रो स्टेशनों पर नियंत्रण कक्षों में काम नहीं करते हैं और ऐसे में उनकी वीडियो फुटेज तक पहुंच नहीं हो सकती है या फिर उन्होंने क्लिप अन्यत्र नहीं पहुंचाई होगी। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने भी कहा कि बल के जवान मेट्रो स्टेशनों पर नियंत्रण कक्षों में काम नहीं करते हैं और ऐसे में उनकी वीडियो फुटेज तक पहुंच नहीं हो सकती है या फिर उन्होंने क्लिप अन्यत्र नहीं पहुंचाई होगी।
यह एक सारांश है: दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने कहा कि वह मेट्रो स्टेशनों पर युगलों के अंतरंग स्थितियों में पहुंच जाने के कुछ वीडियो क्लिप के कथित रूप से लीक होकर अश्लील वेबसाइटों पर पहुंचने की जांच करेगी।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अन्ना हजारे के अनशन के 10वें दिन उनके जीवन को कहीं अधिक मूल्यवान बताते हुए लोकसभा ने सर्वसम्मति से उनसे उपवास समाप्त करने का आग्रह किया। साथ ही आश्वासन दिया कि संसद उनके जन लोकपाल विधेयक पर चर्चा करेगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करके अपनी बात रख दी है। यह बात हमारे संज्ञान में आ चुकी है। मैं उनके आदर्शों का सम्मान करता हूं। एक व्यक्ति के रूप में मैं उनका सम्मान करता हूं। मैं उन्हें सलाम करता हूं। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वह अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन कहीं अधिक मूल्यवान है। सिंह ने कहा, मैं सदन के सभी सदस्यों से आग्रह करता हूं कि वे मेरे साथ मिलकर श्री अन्ना हजारे से अपील करें कि उन्होंने अपनी बात का अहसास करा दिया है...उनका जीवन अमूल्य है और इसलिए मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वे अपना अनशन समाप्त कर दें। सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार जन लोकपाल विधेयक सहित लोकपाल को लेकर सभी राय पर खुले मन से विचार करने को तैयार है। अन्ना हजारे से अनशन तोड़ने की प्रधानमंत्री की अपील का विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने समर्थन करते हुए कहा, प्रधानमंत्री की हजारे जी से अनशन त्यागने की अपील अगर सारे सदन की अपील बन जाए, तो कहीं ज्यादा अच्छा होगा। मैं विपक्ष की ओर से स्वयं को सम्बद्ध करते हुए यह अपील करना चाहूंगी कि श्री अन्ना हजारे अपना अनशन त्याग दें। मजबूत लोकपाल विधेयक लाने के प्रधानमंत्री के आाश्वासन से सुर से सुर मिलाते हुए सुषमा ने कहा, हजारे जी की प्रभावी और सशक्त लोकपाल विधेयक लाने की जो मांग है, मैं यहां से कहना चाहती हूं कि देश एक प्रभावी और सशक्त लोकपाल लाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सब जो यहां बैठे हुए हैं, बहुत प्रभावी लोकपाल बिल लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम ऐसा बिल लाएंगे। उन्होंने कहा, हम इस सदन से उन्हें आश्वासन देते हैं कि हमें कितने भी संशोधन करने पड़ें, हम इस सदन से एक प्रभावी और सशक्त लोकपाल बिल निकालकर लाएंगे। यह सदन आपसे अपील करता है कि आपका जीवन अमूल्य है, इसलिए आप अपना अनशन त्याग दें। इस पर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि अभी प्रधानमंत्री और विपक्ष की नेता की ओर से जो अपील आई है मैं भी चाहूंगी कि पूरे सदन की ओर से यह एक आवाज अन्ना हजारे जी के पास जाए कि वह हम सब की अपील पर अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि संसद भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए बहुत ही प्रभावी कदम उठाएगी। अध्यक्ष की इस अपील का सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने मेजें थप-थपाकर समर्थन किया।
संक्षिप्त सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करके अपनी बात रख दी है। मैं उनके आदर्शों का सम्मान करता हूं। मैं उन्हें सलाम करता हूं। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वह अपना अनशन तोड़ दें।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित कराने और भ्रष्टाचार को रोकने की कोई प्रक्रिया विकसित करने का काम आज जितना आवश्यक हो गया है, उतना आवश्यक पहले कभी नहीं था। सिंह ने कहा कि लोकपाल विधेयक उनकी सरकार के एजेंडे में शीर्ष पर है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राज्यों के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के द्विवार्षिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिक समाज और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भ्रष्टाचार से निपटने के तरीकों पर उपलब्ध कराई गई जानकारी का स्वागत करती है। मनमोहन सिंह ने कहा, "हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में दूरगामी बदलावों के मोड़ पर खड़े हैं। अन्ना हजारे द्वारा शुरू किए गए आंदोलन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को शीर्ष एजेंडा बना दिया है। लोकपाल सरकार का शीर्ष एजेंडा है।" सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून में बदलाव की सरकार की योजना को लेकर नागरिक समाज की आलोचनाओं का सामना करने वाले सिंह ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को आरटीआई आवेदनों पर यथासम्भव अधिक से अधिक सूचनाएं मुहैया करानी चाहिए। मनमोहन सिंह ने कहा, "सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए आरटीआई एक कारगर औजार है। एक राष्ट्र के रूप में हमें इस क्षण का हरहाल में लाभ लेना चाहिए।" सिंह ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने और भ्रष्ट लोगों को दंडित करने का काम जितना आज आवश्यक बन गया है, उतना आवश्यक कभी नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी खरीद के लिए होने वाले करारों में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में एक विधेयक पेश करेगी। उन्होंने कहा, "सरकार निजी क्षेत्र में रिश्वत को कानूनी तौर पर दंडात्मक बनाने के लिए विधेयक पर काम कर रही है।"
संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि लोकपाल विधेयक उनकी सरकार के एजेंडे में शीर्ष पर है। इस विधेयक पर काम चल रहा है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आलोचना से घिरी कांग्रेस ने इस माह अपनी मंथन बैठक आयोजित करने की योजना टाल दी है। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस इन दिनों बाबा रामदेव और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के आंदोलनों के संदर्भ में विपक्षी दलों के आरोपों के जवाब में अभियान चला रही है। ऐसे में समझा जाता है कि पार्टी की मंथन बैठक नवंबर में शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आयोजित होगी। अगले साल मुख्य हिन्दी भाषी राज्य उत्तर प्रदेश सहित कुछ प्रदेशों में विधानसभा चुनाव होने हैं। माना जाता है कि मंथन बैठक में कुछ नए विचार उभरेंगे, जिनसे संगठन को चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी। चिंतन शिविर नामक इस बैठक का आयोजन कांग्रेस शासित राजस्थान में किए जाने की संभावना है। इस बैठक से, पिछले माह सत्ता में दो साल पूरे कर चुकी संप्रग सरकार द्वितीय को अपने कामकाज का मध्यावधि आकलन करने का मौका मिलेगा। संभावित आयोजन स्थल के रूप में माउंट आबू के उस हिल रिजॉर्ट की चर्चा है, जहां करीब एक दशक पहले पार्टी के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस के पूर्ण सत्र के दौरान ऐसी बैठक के आयोजन की योजना के बारे में कहा था।
सारांश: भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चारों तरफ से आलोचना से घिरी कांग्रेस ने इस माह अपनी मंथन बैठक आयोजित करने की योजना टाल दी है।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Realme 3 Pro को भारत में 22 अप्रैल को लॉन्च किया जाएगा। Realme अपने अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन के लॉन्च की तारीख का ऐलान गुरुवार को एक ट्वीट के ज़रिए किया। इसके अलावा कंपनी ने मीडिया इनवाइट भी भेज दिए हैं। दूसरी तरफ, Realme के सीईओ माधव शेठ ने बुधवार को एक ट्वीट में दावा किया कि Realme 3 Pro अपने सेगमेंट में Fortnite सपोर्ट करने वाला पहला फोन होगा। नए रियलमी फ्लैगशिप हैंडसेट को मार्केट में Xiaomi Redmi Note 7 Pro के जवाब में उतारा जा रहा है। Realme 3 Pro को लॉन्च करने से पहले कंपनी ने बीते महीने Realme 3 को लॉन्च किया गया था। ताज़ा ट्वीट के ज़रिए Realme ने ऐलान किया है कि रियलमी 3 प्रो को भारत में 22 अप्रैल को लॉन्च किया जाएगा। कंपनी इस दिन दोपहर साढ़े बारह बजे दिल्ली विश्वविद्यालय में एक इवेंट आयोजित करेगी। बुधवार को रियलमी के सीईओ माधव शेठ ने दावा किया कि रियलमी 3 प्रो अपने सेगमेंट में फोर्टनाइट को सपोर्ट करने वाला पहला फोन होगा। उन्होंने अपने फोन की गेमिंग परफॉर्मेंस को बेहतर दिखाने के बहाने Redmi Note 7 Pro पर चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि जब बात स्पीड की हो तो चिपसेट बेहद ही अहम हो जाता है। Realme ने अभी तक Realme 3 Pro के प्रोसेसर के बारे में कोई जानकरी नहीं दी है। हालांकि, शुरुआती घोषणा में इस फोन में 48 मेगापिक्सल सेंसर दिए जाने की जानकारी दी जा चुकी है। इससे पहले माधव शेठ ने तीन Realme 3 Pro के तीन कैमरा सैंपल अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा किए थे। एक में सेल्फी कैमरे का दम दिखाया गया है, जबकि बाकी दो में रियर कैमरा सेटअप का। ये तस्वीरें EXIF डेटा और रिजॉल्यूशन के साथ नहीं आती हैं। इस आधार पर फोन में इस्तेमाल किए गए हार्डवेयर का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इनमें से एक तस्वीर प्राइमरी कैमरे में एचडीआर सपोर्ट होने की इशारा देती है। एक और तस्वीर यही इशारा देती है कि सेल्फी कैमरे का रिजॉल्यूशन 13 मेगापिक्सल से ज़्यादा हो सकता है। इतने रिजॉल्यूशन वाला कैमरा Redmi Note 7 Pro का भी हिस्सा है।
संक्षिप्त सारांश: Realme 3 Pro के प्रोसेसर के बारे में कोई जानकारी नहीं रियलमी 3 प्रो अपने सेगमेंट में फोर्टनाइट सपोर्ट करने वाले फोन होगा Redmi Note 7 Pro से मिलेगी Realme 3 Pro को चुनौती
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['hin']
एक सारांश बनाओ: रोहतक में विवादों में घिरा आश्रम अब पूरी तरह खाली करा लिया गया है, जो 500 समर्थक आश्रम न छोड़ने पर अड़े हुए थे, उन्हें भी बाहर निकाल लिया गया है। मंगलवार शाम ही प्रशासन ने दावा किया था कि विवाद सुलझ गया है। इसके बाद करीब 1000 लोगों ने आश्रम खाली भी कर दिया, हालांकि एक बड़ा हिस्सा आश्रम में जमा रहा था।टिप्पणियां अदालत के फैसले के मुताबिक, आश्रम पर रामपाल का ही हक बना रहेगा। उधर, गांव वाले अब भी संतुष्ट नहीं हैं। वे चाहते हैं कि पूरा आश्रम बंद कर दिया जाए। गौरतलब है कि रोहतक के करौंथा गांव में रविवार से ही इसको लेकर तनाव था। गांववालों और आश्रम वालों के बीच टकराव भी हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा घायल हुए। मंगलवार शाम ही प्रशासन ने दावा किया था कि विवाद सुलझ गया है। इसके बाद करीब 1000 लोगों ने आश्रम खाली भी कर दिया, हालांकि एक बड़ा हिस्सा आश्रम में जमा रहा था।टिप्पणियां अदालत के फैसले के मुताबिक, आश्रम पर रामपाल का ही हक बना रहेगा। उधर, गांव वाले अब भी संतुष्ट नहीं हैं। वे चाहते हैं कि पूरा आश्रम बंद कर दिया जाए। गौरतलब है कि रोहतक के करौंथा गांव में रविवार से ही इसको लेकर तनाव था। गांववालों और आश्रम वालों के बीच टकराव भी हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा घायल हुए। अदालत के फैसले के मुताबिक, आश्रम पर रामपाल का ही हक बना रहेगा। उधर, गांव वाले अब भी संतुष्ट नहीं हैं। वे चाहते हैं कि पूरा आश्रम बंद कर दिया जाए। गौरतलब है कि रोहतक के करौंथा गांव में रविवार से ही इसको लेकर तनाव था। गांववालों और आश्रम वालों के बीच टकराव भी हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा घायल हुए। गौरतलब है कि रोहतक के करौंथा गांव में रविवार से ही इसको लेकर तनाव था। गांववालों और आश्रम वालों के बीच टकराव भी हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा घायल हुए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रोहतक में विवादों में घिरा आश्रम अब पूरी तरह खाली करा लिया गया है, जो 500 समर्थक आश्रम न छोड़ने पर अड़े हुए थे, उन्हें भी बाहर निकाल लिया गया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार ने गुरुवार को वोडाफोन मामले में वैश्विक व्यापारिक संगठनों द्वारा डाले जा रहे दबाव पर अपना रुख कड़ा करते हुए कहा है कि ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी इस मामले में भारत-नीदरलैंड निवेश संधि का हवाला नहीं दे सकती, क्योंकि 11.2 अरब डॉलर का यह सौदा केमन आइलैंड में हुआ था। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘व्यापारिक संगठन सरकार पर इस बात के लिए दबाव नहीं डाल सकते कि किस पर कर लगना चाहिए और किस पर नहीं। इसी तरह का पिछली तारीख से संशोधन ब्रिटेन में पिछले महीने हुआ था और वहां वोडाफोन को कर चुकाना पड़ा था। ऐसे में वोडाफोन को भारत में क्यों इस तरह की समस्या आ रही है।’’ कई वैश्विक संगठनों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य मंत्रियों को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार का आयकर कानून में पिछली तारीख से संशोधन के प्रस्ताव से देश में विदेशी निवेश बुरी तरह प्रभावित होगा। सरकार का मकसद इस कानून में संशोधन के जरिये वोडाफोन जैसे सौदों को कर के दायरे में लाने का है। इन संगठनों ने अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेथनर से आग्रह किया है कि वह इस विवादास्पद मुद्दे को अंतराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक की वाशिंगटन में होने वाली बैठक में उठाएं। टिप्पणियां वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने वोडाफोन द्वारा कर मामले में नीदरलैंड के साथ निवेश संधि को लागू करने की धमकी के बारे में कहा द्विपक्षीय निवेश संरक्षण संधि (बीपा) में पंचाट की धारा वोडाफोन-हचिसन सौदे के संबंध में लागू नहीं होती है, क्योंकि इस पर दस्तखत केमन आइलैंड में किए गए थे। अधिकारी ने कहा कि यह सौदा केमन आइलैंड में हुआ और वे इस मामले में भारत-नीदरलैंड संधि को लागू करना चाहते हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय में वोडाफोन कहती है कि यह सौदा भारत से बाहर बीपा के तहत हुआ है, वहीं साथ ही वह यह भी कह रही है कि उसने भारत में उल्लेखनीय निवेश किया हुआ है।’’ इसी सप्ताह वोडाफोन की नीदरलैंड इकाई ने सरकार को ‘विवाद नोटिस’ जारी करते हुए द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत मामले को अंतरराष्ट्रीय पंचाट में ले जाने की धमकी दी थी। वित्त विधेयक, 2012 का प्रस्तावित संशोधन यदि लागू हो जाता है, तो इससे वोडाफोन द्वारा हचिसन की खरीद का सौदा कर दायरे में आ जाएगा। ऐसे में ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी को 2007 में हचिसन एस्सार में एचिसन की हिस्सेदारी की खरीद के सौदे में 11,000 करोड़ रुपये का कर चुकाना होगा। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘व्यापारिक संगठन सरकार पर इस बात के लिए दबाव नहीं डाल सकते कि किस पर कर लगना चाहिए और किस पर नहीं। इसी तरह का पिछली तारीख से संशोधन ब्रिटेन में पिछले महीने हुआ था और वहां वोडाफोन को कर चुकाना पड़ा था। ऐसे में वोडाफोन को भारत में क्यों इस तरह की समस्या आ रही है।’’ कई वैश्विक संगठनों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य मंत्रियों को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार का आयकर कानून में पिछली तारीख से संशोधन के प्रस्ताव से देश में विदेशी निवेश बुरी तरह प्रभावित होगा। सरकार का मकसद इस कानून में संशोधन के जरिये वोडाफोन जैसे सौदों को कर के दायरे में लाने का है। इन संगठनों ने अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेथनर से आग्रह किया है कि वह इस विवादास्पद मुद्दे को अंतराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक की वाशिंगटन में होने वाली बैठक में उठाएं। टिप्पणियां वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने वोडाफोन द्वारा कर मामले में नीदरलैंड के साथ निवेश संधि को लागू करने की धमकी के बारे में कहा द्विपक्षीय निवेश संरक्षण संधि (बीपा) में पंचाट की धारा वोडाफोन-हचिसन सौदे के संबंध में लागू नहीं होती है, क्योंकि इस पर दस्तखत केमन आइलैंड में किए गए थे। अधिकारी ने कहा कि यह सौदा केमन आइलैंड में हुआ और वे इस मामले में भारत-नीदरलैंड संधि को लागू करना चाहते हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय में वोडाफोन कहती है कि यह सौदा भारत से बाहर बीपा के तहत हुआ है, वहीं साथ ही वह यह भी कह रही है कि उसने भारत में उल्लेखनीय निवेश किया हुआ है।’’ इसी सप्ताह वोडाफोन की नीदरलैंड इकाई ने सरकार को ‘विवाद नोटिस’ जारी करते हुए द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत मामले को अंतरराष्ट्रीय पंचाट में ले जाने की धमकी दी थी। वित्त विधेयक, 2012 का प्रस्तावित संशोधन यदि लागू हो जाता है, तो इससे वोडाफोन द्वारा हचिसन की खरीद का सौदा कर दायरे में आ जाएगा। ऐसे में ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी को 2007 में हचिसन एस्सार में एचिसन की हिस्सेदारी की खरीद के सौदे में 11,000 करोड़ रुपये का कर चुकाना होगा। इन संगठनों ने अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेथनर से आग्रह किया है कि वह इस विवादास्पद मुद्दे को अंतराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक की वाशिंगटन में होने वाली बैठक में उठाएं। टिप्पणियां वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने वोडाफोन द्वारा कर मामले में नीदरलैंड के साथ निवेश संधि को लागू करने की धमकी के बारे में कहा द्विपक्षीय निवेश संरक्षण संधि (बीपा) में पंचाट की धारा वोडाफोन-हचिसन सौदे के संबंध में लागू नहीं होती है, क्योंकि इस पर दस्तखत केमन आइलैंड में किए गए थे। अधिकारी ने कहा कि यह सौदा केमन आइलैंड में हुआ और वे इस मामले में भारत-नीदरलैंड संधि को लागू करना चाहते हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय में वोडाफोन कहती है कि यह सौदा भारत से बाहर बीपा के तहत हुआ है, वहीं साथ ही वह यह भी कह रही है कि उसने भारत में उल्लेखनीय निवेश किया हुआ है।’’ इसी सप्ताह वोडाफोन की नीदरलैंड इकाई ने सरकार को ‘विवाद नोटिस’ जारी करते हुए द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत मामले को अंतरराष्ट्रीय पंचाट में ले जाने की धमकी दी थी। वित्त विधेयक, 2012 का प्रस्तावित संशोधन यदि लागू हो जाता है, तो इससे वोडाफोन द्वारा हचिसन की खरीद का सौदा कर दायरे में आ जाएगा। ऐसे में ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी को 2007 में हचिसन एस्सार में एचिसन की हिस्सेदारी की खरीद के सौदे में 11,000 करोड़ रुपये का कर चुकाना होगा। वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने वोडाफोन द्वारा कर मामले में नीदरलैंड के साथ निवेश संधि को लागू करने की धमकी के बारे में कहा द्विपक्षीय निवेश संरक्षण संधि (बीपा) में पंचाट की धारा वोडाफोन-हचिसन सौदे के संबंध में लागू नहीं होती है, क्योंकि इस पर दस्तखत केमन आइलैंड में किए गए थे। अधिकारी ने कहा कि यह सौदा केमन आइलैंड में हुआ और वे इस मामले में भारत-नीदरलैंड संधि को लागू करना चाहते हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय में वोडाफोन कहती है कि यह सौदा भारत से बाहर बीपा के तहत हुआ है, वहीं साथ ही वह यह भी कह रही है कि उसने भारत में उल्लेखनीय निवेश किया हुआ है।’’ इसी सप्ताह वोडाफोन की नीदरलैंड इकाई ने सरकार को ‘विवाद नोटिस’ जारी करते हुए द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत मामले को अंतरराष्ट्रीय पंचाट में ले जाने की धमकी दी थी। वित्त विधेयक, 2012 का प्रस्तावित संशोधन यदि लागू हो जाता है, तो इससे वोडाफोन द्वारा हचिसन की खरीद का सौदा कर दायरे में आ जाएगा। ऐसे में ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी को 2007 में हचिसन एस्सार में एचिसन की हिस्सेदारी की खरीद के सौदे में 11,000 करोड़ रुपये का कर चुकाना होगा। इसी सप्ताह वोडाफोन की नीदरलैंड इकाई ने सरकार को ‘विवाद नोटिस’ जारी करते हुए द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत मामले को अंतरराष्ट्रीय पंचाट में ले जाने की धमकी दी थी। वित्त विधेयक, 2012 का प्रस्तावित संशोधन यदि लागू हो जाता है, तो इससे वोडाफोन द्वारा हचिसन की खरीद का सौदा कर दायरे में आ जाएगा। ऐसे में ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी को 2007 में हचिसन एस्सार में एचिसन की हिस्सेदारी की खरीद के सौदे में 11,000 करोड़ रुपये का कर चुकाना होगा।
यह एक सारांश है: केंद्र ने वोडाफोन मामले में वैश्विक व्यापारिक संगठनों द्वारा डाले जा रहे दबाव पर अपना रुख कड़ा करते हुए कहा है कि ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी इस मामले में भारत-नीदरलैंड निवेश संधि का हवाला नहीं दे सकती, क्योंकि 11.2 अरब डॉलर का यह सौदा केमन आइलैंड में हुआ थ
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता आशीष खेतान पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया गया है। उनके खिलाफ पंजाब में पुलिस शिकायत भी दर्ज की गई है। शनिवार को खेतान ने आप पार्टी के युवा मैनिफेस्टो की तुलना सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब और गीता से की थी। मौका था अमृतसर में मैनिफेस्टो लॉन्च का। मैनिफेस्टो में आप के चुनावी चिन्ह- झाड़ू- के साथ गोल्डन टेंपल की तस्वीर भी इस्तेमाल की गई थी जिस पर काफी हो हल्ला हुआ था। दिल्ली में आप के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी लॉन्च के वक्त वहां मौजूद थे। इस मैनिफेस्टो विवाद के चलते उनकी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई। ट्विटर पर #KejriinsultsGoldenTemple के हैशटैग के साथ कई ट्वीट किए गए।टिप्पणियां हालांकि बाद में खेतान ने यह कहते हुए माफी मांग ली थी कि उनका मकसद पवित्र ग्रंथ का निरादर करना नहीं था। लेकिन ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन नामक एक समूह ने कहा था कि यह काफी नहीं है और वह इस बाबत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएंगे। पंजाब के डेप्युटी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने इसे 'ईशनिंदा का मामला' करार दिया था। यह दूसरी बार है जब आप पंजाब में विवादों में फंसी हो। आप पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों में दांव खेलने की तैयारी में है। आप के नरेश यादव से हाल ही में कुरान की 'बेअदबी' मामले में पूछताछ की गई थी। उधर केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि राज्य की अकाली सरकार असुरक्षा से ग्रस्त हो कर उनकी पार्टी के लोगों के पीछे पड़ गई है। शनिवार को खेतान ने आप पार्टी के युवा मैनिफेस्टो की तुलना सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब और गीता से की थी। मौका था अमृतसर में मैनिफेस्टो लॉन्च का। मैनिफेस्टो में आप के चुनावी चिन्ह- झाड़ू- के साथ गोल्डन टेंपल की तस्वीर भी इस्तेमाल की गई थी जिस पर काफी हो हल्ला हुआ था। दिल्ली में आप के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी लॉन्च के वक्त वहां मौजूद थे। इस मैनिफेस्टो विवाद के चलते उनकी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई। ट्विटर पर #KejriinsultsGoldenTemple के हैशटैग के साथ कई ट्वीट किए गए।टिप्पणियां हालांकि बाद में खेतान ने यह कहते हुए माफी मांग ली थी कि उनका मकसद पवित्र ग्रंथ का निरादर करना नहीं था। लेकिन ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन नामक एक समूह ने कहा था कि यह काफी नहीं है और वह इस बाबत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएंगे। पंजाब के डेप्युटी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने इसे 'ईशनिंदा का मामला' करार दिया था। यह दूसरी बार है जब आप पंजाब में विवादों में फंसी हो। आप पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों में दांव खेलने की तैयारी में है। आप के नरेश यादव से हाल ही में कुरान की 'बेअदबी' मामले में पूछताछ की गई थी। उधर केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि राज्य की अकाली सरकार असुरक्षा से ग्रस्त हो कर उनकी पार्टी के लोगों के पीछे पड़ गई है। दिल्ली में आप के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी लॉन्च के वक्त वहां मौजूद थे। इस मैनिफेस्टो विवाद के चलते उनकी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई। ट्विटर पर #KejriinsultsGoldenTemple के हैशटैग के साथ कई ट्वीट किए गए।टिप्पणियां हालांकि बाद में खेतान ने यह कहते हुए माफी मांग ली थी कि उनका मकसद पवित्र ग्रंथ का निरादर करना नहीं था। लेकिन ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन नामक एक समूह ने कहा था कि यह काफी नहीं है और वह इस बाबत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएंगे। पंजाब के डेप्युटी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने इसे 'ईशनिंदा का मामला' करार दिया था। यह दूसरी बार है जब आप पंजाब में विवादों में फंसी हो। आप पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों में दांव खेलने की तैयारी में है। आप के नरेश यादव से हाल ही में कुरान की 'बेअदबी' मामले में पूछताछ की गई थी। उधर केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि राज्य की अकाली सरकार असुरक्षा से ग्रस्त हो कर उनकी पार्टी के लोगों के पीछे पड़ गई है। हालांकि बाद में खेतान ने यह कहते हुए माफी मांग ली थी कि उनका मकसद पवित्र ग्रंथ का निरादर करना नहीं था। लेकिन ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन नामक एक समूह ने कहा था कि यह काफी नहीं है और वह इस बाबत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएंगे। पंजाब के डेप्युटी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने इसे 'ईशनिंदा का मामला' करार दिया था। यह दूसरी बार है जब आप पंजाब में विवादों में फंसी हो। आप पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों में दांव खेलने की तैयारी में है। आप के नरेश यादव से हाल ही में कुरान की 'बेअदबी' मामले में पूछताछ की गई थी। उधर केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि राज्य की अकाली सरकार असुरक्षा से ग्रस्त हो कर उनकी पार्टी के लोगों के पीछे पड़ गई है। यह दूसरी बार है जब आप पंजाब में विवादों में फंसी हो। आप पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों में दांव खेलने की तैयारी में है। आप के नरेश यादव से हाल ही में कुरान की 'बेअदबी' मामले में पूछताछ की गई थी। उधर केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि राज्य की अकाली सरकार असुरक्षा से ग्रस्त हो कर उनकी पार्टी के लोगों के पीछे पड़ गई है।
सारांश: पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए युवा मैनिफेस्टो रिलीज किया था मैनिफेस्टो की तुलना गुरु ग्रंथ साहिब से की थी अरविंद केजरीवाल भी लॉन्च के वक्त वहां मौजूद थे
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक अहम आदेश में कहा है कि मीट पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती. लोगों को संविधान के तहत अपनी पसंद के खान पान का अधिकार है. ये लोगों की रोज़ी रोटी से जुड़ा मसला है. कोर्ट ने ये भी कहा, अवैध बूचड़खाने बंद हों लेकिन एक हफ्ते में लाइसेंस देने पर विचार हो और जिले में 2 किलोमीटर पर मीट की दुकानों की जगह दी जाए. राज्य सरकार लोगों के खान पान के स्वभाव को नियंत्रित नहीं कर सकती. कोर्ट ने योगी सरकार से 30 तारीख तक जवाब मांगा है. लखनऊ बेंच ने कहा कि 31 मार्च तक जिन दुकानों को लाइसेंस नहीं मिले थे, उन्हें 1 हफ्ते में लाइसेंस देने पर हमारे गाइडलाइंस के मुताबिक विचार हो.टिप्पणियां हाई कोर्ट ने कहा कि सरकार अवैध बूचड़खानों को बंद करें, लेकिन पूरी तरह से मीट पर बैन नहीं लगाया जा सकता. संविधान में आर्टिकल 21 के तहत लोगों को जिंदगी जीने और उनकी पसंद के खान-पान का अधिकार है. लखीमपुर खीरी नगर परिषद के रहने वाले मीट व्यपारी ने अपनी याचिका में कहा था कि वह बकरे के मीट का व्यापारी है और बार-बार अपील करने के बावजूद उसका लाइसेंस रिन्यू नहीं किया जा रहा है. लाइसेंस रिन्यू नहीं होने से मीट व्यपारी पर जीविका गहरा संकट छा गया है. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के अगले ही दिन से ही सभी अवैध तरीके से चल रहे बूचड़खानों को बंद करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद मीट व्यापारी हड़ताल पर चले गए. सरकार पर आरोप लगे कि इस कदम का मकसद लोगों को मीट खाने से रोकना है, मीट व्यापारियों ने जब योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, उसके बाद यह हड़ताल खत्म हुई. हाई कोर्ट ने कहा कि सरकार अवैध बूचड़खानों को बंद करें, लेकिन पूरी तरह से मीट पर बैन नहीं लगाया जा सकता. संविधान में आर्टिकल 21 के तहत लोगों को जिंदगी जीने और उनकी पसंद के खान-पान का अधिकार है. लखीमपुर खीरी नगर परिषद के रहने वाले मीट व्यपारी ने अपनी याचिका में कहा था कि वह बकरे के मीट का व्यापारी है और बार-बार अपील करने के बावजूद उसका लाइसेंस रिन्यू नहीं किया जा रहा है. लाइसेंस रिन्यू नहीं होने से मीट व्यपारी पर जीविका गहरा संकट छा गया है. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के अगले ही दिन से ही सभी अवैध तरीके से चल रहे बूचड़खानों को बंद करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद मीट व्यापारी हड़ताल पर चले गए. सरकार पर आरोप लगे कि इस कदम का मकसद लोगों को मीट खाने से रोकना है, मीट व्यापारियों ने जब योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, उसके बाद यह हड़ताल खत्म हुई. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के अगले ही दिन से ही सभी अवैध तरीके से चल रहे बूचड़खानों को बंद करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद मीट व्यापारी हड़ताल पर चले गए. सरकार पर आरोप लगे कि इस कदम का मकसद लोगों को मीट खाने से रोकना है, मीट व्यापारियों ने जब योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, उसके बाद यह हड़ताल खत्म हुई.
इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक अहम आदेश मीट पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती. ये लोगों की रोज़ी रोटी से जुड़ा मसला है.
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी (BJP) ने सांसदों से उनके प्रदर्शन की रिपोर्ट (Performance Report) मांगी है. इसी के आधार पर लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2019) के लिए टिकट तय किया जाएगा. बीजेपी ने अपने सभी सांसदों (BJP MPs) को दो पेज का पत्र भेजा है जिसमें पिछले पांच साल के कामकाज का हिसाब मांगा गया है. बीजेपी सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्रों (parliamentary constituency) में केंद्र की सबसे सफल पांच योजनाओं का लेखाजोखा मांगा गया है. उन्हें पार्टी को अपने संसदीय क्षेत्र में राज्य सरकार की सबसे सफल पांच योजनाओं का हिसाब भी देना होगा. सांसदों से संसदीय क्षेत्र के शहीदों की जानकारी भी मांगी गई है. सांसदों से उनके क्षेत्र में सबसे मजबूत विपक्षी पार्टी का नाम भी मांगा गया है. बीजेपी ने सांसदों से उनके क्षेत्र में जातीय समीकरण, पिछले चुनावों के नतीजे और वोट प्रतिशत की जानकारी भी मांगी है. सूत्रों के अनुसार सांसदों के इस फीडबैक, पार्टी सर्वे और संगठन की रिपोर्ट के आधार पर उनकी दावेदारी और उम्मीदवारी पर फैसला किया जाएगा.
संसदीय क्षेत्र में केंद्र की सबसे सफल पांच योजनाओं का ब्यौरा देना होगा राज्य सरकार की सबसे सफल पांच योजनाओं का हिसाब भी देना होगा सांसदों के फीडबैक, सर्वे और संगठन की रिपोर्ट तय करेगी उम्मीदवारी
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत को लेकर वे चिंतित हैं लेकिन निराश नहीं हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि बाजार की स्थिति में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार सोमवार को उपायों की घोषणा करेगी। मुखर्जी ने कहा, "पिछले दिन आर्थिक मामलों के सचिव ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डीवी सुब्बाराव से मुलाकात की थी। हम कुछ कदम उठा पाएंगे, जिसकी घोषणा सोमवार को की जाएगी और जिससे बाजार की स्थिति में सुधार आएगा।"टिप्पणियां भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास दर 6.5 फीसदी रही, महंगाई है और डॉलर के मुकाबले रुपये का अवमूल्यन हुआ है। भारत की आर्थिक स्थिति को वैश्विक स्थिति से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत को लेकर कोई संदेह नहीं है। कृपया यह ध्यान रखिए कि जब पूरी दुनिया में अनिश्चितता बनी हुई है, तब कोई भी देश यह उम्मीद नहीं कर सकता कि वहां सिर्फ विकास होगा।" उन्होंने कहा, "खासकर भारत जैसे बड़े देश से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह बाहरी प्रभाव से अछूता रहेगा।" उन्होंने कहा, "इसलिए मुझे चिंता है, लेकिन मैं निराश नहीं हूं।" मुखर्जी ने हालांकि कहा कि देश की बुनियाद मजबूत है। विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) के जरिए 2012 की जनवरी से जून तक देश में आठ अरब डॉलर का निवेश हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में एफआईआई प्रवाह नकारात्मक था। मुखर्जी ने कहा, "पिछले दिन आर्थिक मामलों के सचिव ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डीवी सुब्बाराव से मुलाकात की थी। हम कुछ कदम उठा पाएंगे, जिसकी घोषणा सोमवार को की जाएगी और जिससे बाजार की स्थिति में सुधार आएगा।"टिप्पणियां भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास दर 6.5 फीसदी रही, महंगाई है और डॉलर के मुकाबले रुपये का अवमूल्यन हुआ है। भारत की आर्थिक स्थिति को वैश्विक स्थिति से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत को लेकर कोई संदेह नहीं है। कृपया यह ध्यान रखिए कि जब पूरी दुनिया में अनिश्चितता बनी हुई है, तब कोई भी देश यह उम्मीद नहीं कर सकता कि वहां सिर्फ विकास होगा।" उन्होंने कहा, "खासकर भारत जैसे बड़े देश से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह बाहरी प्रभाव से अछूता रहेगा।" उन्होंने कहा, "इसलिए मुझे चिंता है, लेकिन मैं निराश नहीं हूं।" मुखर्जी ने हालांकि कहा कि देश की बुनियाद मजबूत है। विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) के जरिए 2012 की जनवरी से जून तक देश में आठ अरब डॉलर का निवेश हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में एफआईआई प्रवाह नकारात्मक था। भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास दर 6.5 फीसदी रही, महंगाई है और डॉलर के मुकाबले रुपये का अवमूल्यन हुआ है। भारत की आर्थिक स्थिति को वैश्विक स्थिति से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत को लेकर कोई संदेह नहीं है। कृपया यह ध्यान रखिए कि जब पूरी दुनिया में अनिश्चितता बनी हुई है, तब कोई भी देश यह उम्मीद नहीं कर सकता कि वहां सिर्फ विकास होगा।" उन्होंने कहा, "खासकर भारत जैसे बड़े देश से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह बाहरी प्रभाव से अछूता रहेगा।" उन्होंने कहा, "इसलिए मुझे चिंता है, लेकिन मैं निराश नहीं हूं।" मुखर्जी ने हालांकि कहा कि देश की बुनियाद मजबूत है। विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) के जरिए 2012 की जनवरी से जून तक देश में आठ अरब डॉलर का निवेश हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में एफआईआई प्रवाह नकारात्मक था। भारत की आर्थिक स्थिति को वैश्विक स्थिति से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत को लेकर कोई संदेह नहीं है। कृपया यह ध्यान रखिए कि जब पूरी दुनिया में अनिश्चितता बनी हुई है, तब कोई भी देश यह उम्मीद नहीं कर सकता कि वहां सिर्फ विकास होगा।" उन्होंने कहा, "खासकर भारत जैसे बड़े देश से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह बाहरी प्रभाव से अछूता रहेगा।" उन्होंने कहा, "इसलिए मुझे चिंता है, लेकिन मैं निराश नहीं हूं।" मुखर्जी ने हालांकि कहा कि देश की बुनियाद मजबूत है। विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) के जरिए 2012 की जनवरी से जून तक देश में आठ अरब डॉलर का निवेश हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में एफआईआई प्रवाह नकारात्मक था।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत को लेकर वे चिंतित हैं लेकिन निराश नहीं हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि बाजार की स्थिति में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार सोमवार को उपायों की घोषणा करेगी।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड लाइफ से एक इंटरव्यू के दौरान जब शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) से पूछा गया कि अगर वो खुद ऐसी स्थिति में होते तो कैसे रिएक्ट करते. इस पर शाहिद कपूर ने कहा, 'ये बहुत दर्दनाक है. ये हर स्थिति में बहुत दर्दनाक और असहनीय होता है. ये उस समय हो सकता है जब आप किसी से बेहद प्यार करते हो, ये आपके पैरेंट्स के साथ...ये आपके काम के साथ...ये आपके भाई-बहनों के साथ भी हो सकता है. मैं सच में उन्हें कोसना चाहता हूं क्योंकि वो बहुत थैंकलेस लोग होते हैं. आप इतने बेशर्म कैसे हो सकते हो?' शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) ने ये भी बताया कि जब कोई किसी महिला के साथ दुर्व्यवहार करता है तो मैं खुद पर से काबू खो बैठता हूं. 'उस समय मैं अपने पर काबू नहीं रख पाता. मेरी समझ नहीं आता कि कोई किसी भी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे कर सकता है. ये एक बेसिक मैनर होता है. ये अकसर उस समय मेरे साथ होता है, जब मीरा के साथ कहीं जाता हूं.'
शाहिद कपूर ने 'कबीर सिंह' को लेकर कही ये बात 'कबीर सिंह' को मिली जोरदार सफलता 'अर्जुन रेड्डी' का रीमेक है फिल्म
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली द्वारा उनके इस्तीफे की मांग पर पलटवार करते हुए कहा है कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वह 'राजनीति के लिए अयोग्य' हैं। जेटली ने बीजेपी की बेवसाइट पर गैर-कांग्रेसी राज्यों पर काटजू के लगातार निशाना साधते रहने के बारे में लिखा कि ऐसा लगता है कि काटजू रिटायरमेंट के बाद नौकरी देने वालों का धन्यवाद दे रहे हैं। जेटली ने कहा कि कि चाहे पश्चिम बंगाल, बिहार या गुजरात की गैर-कांग्रेसी सरकार हो काटजू हमेशा इनके बारे में अंगुली उठाते रहे हैं। जेटली ने कहा कि ये किसी कांग्रेसी नेता से भी ज्यादा कांग्रेसी है। इधर, काटजू ने जेटली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बीजेपी नेता ने आधा सच ही सामने रखा है और वह निजी हमले को लेकर काफी नीचे उतर आए हैं। काटजू ने कहा, जब फेसबुक प्रकरण को लेकर दो लड़कियों की गिरफ्तारी हुई थी, तब मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की भी आलोचना की थी। मैंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी उस वक्त नोटिस जारी किया, जब उन्होंने एक मीडियाकर्मी के कैमरा तोड़ने की धमकी दी थी। इसलिए मैंने कांग्रेसी सरकार की भी आलोचना की है। टिप्पणियां ताजा विवाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एक अंग्रेजी दैनिक में जस्टिस मार्कंडेय काटजू के लिखे लेख के बाद पैदा हुआ। काटजू ने लेख में नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए देश के लोगों से अपील की है कि वे सोच-समझकर प्रधानमंत्री चुनें।  जेटली ने कहा कि काटजू का बयान पूर्वाग्रह से ग्रसित है। उल्लेखनीय है कि काटजू ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला करते हुए कहा था कि बिहार में प्रेस की आजादी नहीं है। जेटली ने बीजेपी की बेवसाइट पर गैर-कांग्रेसी राज्यों पर काटजू के लगातार निशाना साधते रहने के बारे में लिखा कि ऐसा लगता है कि काटजू रिटायरमेंट के बाद नौकरी देने वालों का धन्यवाद दे रहे हैं। जेटली ने कहा कि कि चाहे पश्चिम बंगाल, बिहार या गुजरात की गैर-कांग्रेसी सरकार हो काटजू हमेशा इनके बारे में अंगुली उठाते रहे हैं। जेटली ने कहा कि ये किसी कांग्रेसी नेता से भी ज्यादा कांग्रेसी है। इधर, काटजू ने जेटली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बीजेपी नेता ने आधा सच ही सामने रखा है और वह निजी हमले को लेकर काफी नीचे उतर आए हैं। काटजू ने कहा, जब फेसबुक प्रकरण को लेकर दो लड़कियों की गिरफ्तारी हुई थी, तब मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की भी आलोचना की थी। मैंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी उस वक्त नोटिस जारी किया, जब उन्होंने एक मीडियाकर्मी के कैमरा तोड़ने की धमकी दी थी। इसलिए मैंने कांग्रेसी सरकार की भी आलोचना की है। टिप्पणियां ताजा विवाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एक अंग्रेजी दैनिक में जस्टिस मार्कंडेय काटजू के लिखे लेख के बाद पैदा हुआ। काटजू ने लेख में नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए देश के लोगों से अपील की है कि वे सोच-समझकर प्रधानमंत्री चुनें।  जेटली ने कहा कि काटजू का बयान पूर्वाग्रह से ग्रसित है। उल्लेखनीय है कि काटजू ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला करते हुए कहा था कि बिहार में प्रेस की आजादी नहीं है। इधर, काटजू ने जेटली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बीजेपी नेता ने आधा सच ही सामने रखा है और वह निजी हमले को लेकर काफी नीचे उतर आए हैं। काटजू ने कहा, जब फेसबुक प्रकरण को लेकर दो लड़कियों की गिरफ्तारी हुई थी, तब मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की भी आलोचना की थी। मैंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी उस वक्त नोटिस जारी किया, जब उन्होंने एक मीडियाकर्मी के कैमरा तोड़ने की धमकी दी थी। इसलिए मैंने कांग्रेसी सरकार की भी आलोचना की है। टिप्पणियां ताजा विवाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एक अंग्रेजी दैनिक में जस्टिस मार्कंडेय काटजू के लिखे लेख के बाद पैदा हुआ। काटजू ने लेख में नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए देश के लोगों से अपील की है कि वे सोच-समझकर प्रधानमंत्री चुनें।  जेटली ने कहा कि काटजू का बयान पूर्वाग्रह से ग्रसित है। उल्लेखनीय है कि काटजू ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला करते हुए कहा था कि बिहार में प्रेस की आजादी नहीं है। ताजा विवाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एक अंग्रेजी दैनिक में जस्टिस मार्कंडेय काटजू के लिखे लेख के बाद पैदा हुआ। काटजू ने लेख में नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए देश के लोगों से अपील की है कि वे सोच-समझकर प्रधानमंत्री चुनें।  जेटली ने कहा कि काटजू का बयान पूर्वाग्रह से ग्रसित है। उल्लेखनीय है कि काटजू ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला करते हुए कहा था कि बिहार में प्रेस की आजादी नहीं है। उल्लेखनीय है कि काटजू ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला करते हुए कहा था कि बिहार में प्रेस की आजादी नहीं है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली द्वारा उनके इस्तीफे की मांग पर पलटवार करते हुए कहा है कि जेटली को इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वह 'राजनीति के लिए अयोग्य' हैं।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपनी ताजा विवादित फिल्म आरक्षण पर पाबंदियों के दौर से उबरने के बाद निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा का कहना है कि आखिरकार उनका मकसद पूरा हुआ और वह विवाद के लिए किसी को दोष नहीं देना चाहते। झा ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से रास्ता साफ होने पर फिल्म के उत्तर प्रदेश में रिलीज होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आरक्षण जैसे ज्वलंत और संवेदनशील मुद्दे पर आधारित फिल्म के उत्तर प्रदेश, पंजाब और आंध्र प्रदेश में प्रदर्शन पर शुरुआती रोक का बुरा प्रभाव जरूर पड़ा, लेकिन आखिरकार वह अपने मकसद में कामयाब रहे। उन्होंने कहा, मेरा मकसद पूरा हुआ। मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता। जिन लोगों ने इस पर प्रतिबंध लगाया, उनकी अपनी सोच रही होगी। आशंकाओं के आधार पर ही उन्होंने वह कार्रवाई की होगी। हालांकि वह अंतत: गलत साबित हुई। सामाजिक मुद्दों पर फिल्में बनाने के लिए मशहूर इस फिल्मकार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म का प्रदर्शन रोकना दुर्भाग्यपूर्ण था और यह फैसला प्रतिक्रिया में लिया गया, लेकिन वह इसके लिए किसी को दोष नहीं देना चाहते। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आरक्षण की रिलीज से एक दिन पहले 11 अगस्त की रात को राज्य में इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। हालांकि गत शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद राज्य में फिल्म रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया था। झा ने आरक्षण का प्रदर्शन रोके जाने के खिलाफ अपनी अपील पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक और दूरगामी करार दिया। झा ने कहा, यह फिल्म उद्योग के लिए बहुत बड़ा फैसला है। इस निर्णय से यह तय हो गया है कि सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद कोई भी सरकार फिल्म का प्रदर्शन कुछ वक्त के लिए निलम्बित तो कर सकती है, लेकिन उस पर पाबंदी नहीं लगा सकती। यह मेरे जैसे फिल्मकारों की स्वायत्तता के लिए अच्छी बात है। उन्होंने एक सवाल पर कहा, मैं मुद्दों पर फिल्म बनाता हूं। जाहिर है, उन मुद्दों पर दूसरों का अपना दृष्टिकोण होगा। मैं सबके नजरिये को समझने की कोशिश करता हूं। कभी कामयाबी मिल जाती है और कभी नहीं भी मिलती है। गांधीवादी अन्ना हजारे के आंदोलन के बारे में पूछे गए प्रश्न पर झा ने कहा, मैं उनका वैचारिक समर्थन करता हूं। मैं भ्रष्टाचार हटाने का समर्थक हूं। लोकपाल विधेयक हो या न्यायपालिका को जवाबदेह बनाने संबंधी विधेयक हो। हमें उसका समर्थन, तो करना ही होगा। भविष्य में हजारे पर फिल्म बनाने की सम्भावना सम्बन्धी सवाल पर उन्होंने कहा, हजारे बहुत बड़े हैं और उनके अनेक पहलू हो सकते हैं। अब देखिये आगे कैसा विचार बनता है।
आरक्षण पर पाबंदियों के दौर से उबरने के बाद प्रकाश झा का कहना है कि वह विवाद के लिए किसी को दोष नहीं देना चाहते।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि नए फीचर्स से युक्त टैबलेट आकाश-2 जल्दी ही बाजार में नजर आएगा। उन्होंने कहा, ‘‘अन्य टैबलेट से अलग, आकाश का उपयोग कंप्यूटर प्रोग्राम्स जैसे पाइथन, सी, सी प्लस प्लस, आदि को बनाने के लिए भी किया जा सकता है।’’ ब्रिटेन की कंपनी डाटाविंड ने करीब 100 टैबलेट आईआईटी बंबई को सौंपा है। उसका कहना है कि सरकार ने उसे मंजूरी दे दी है और इसे जल्दी ही बाजार में उतारा जाएगा। डीटीविंड के सीईओ सुनीत सिंह तुली ने बताया कि सरकार ने उसे मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा, ‘‘अन्य टैबलेट से अलग, आकाश का उपयोग कंप्यूटर प्रोग्राम्स जैसे पाइथन, सी, सी प्लस प्लस, आदि को बनाने के लिए भी किया जा सकता है।’’ ब्रिटेन की कंपनी डाटाविंड ने करीब 100 टैबलेट आईआईटी बंबई को सौंपा है। उसका कहना है कि सरकार ने उसे मंजूरी दे दी है और इसे जल्दी ही बाजार में उतारा जाएगा। डीटीविंड के सीईओ सुनीत सिंह तुली ने बताया कि सरकार ने उसे मंजूरी दे दी है।
संक्षिप्त पाठ: मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि नए फीचर्स से युक्त टैबलेट आकाश-2 जल्दी ही बाजार में नजर आएगा।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस शुक्रवार सिनेमाघरों में कई फिल्‍में रिलीज हुई हैं, जिनमें से एक है 'डियर माया'. इस फिल्‍म के साथ सालों बाद मनीषा कोइराला बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं. फिल्‍म का निर्देशन सुनैना भटनागर ने किया है और बतौर निर्देशक यह सुनैना की पहली फिल्‍म है. फिल्‍म में मनीषा कोइराला के अलावा मदीहा इमाम और श्रेया चौधरी भी मुख्‍य किरदार में नजर आ रही हैं. सुनैना भले ही पहली बार इस फिल्‍म से निर्देशक बन रही हों, लेकिन वह इससे पहले निर्देशक इम्‍तियाज अली को कई फिल्मों में असिस्ट कर चुकी हैं. 'डियर माया' कहानी है दो दोस्तों की जो शिमला में रहती हैं और वहीं के एक स्कूल में पढ़ती हैं. इन्‍हीं दो लड़कियों, ऐना और इरा के पड़ोस में रहती है माया देवी, जो कभी बाहर नहीं निकलती और एक बेरंग जिंदगी जी रही हैं. ईरा और ऐना को माया की इस जिंदगी के पीछे की सच्चाई पता चलती है तो वो उसकी जिंदगी में रंग भरना चाहते हैं पर माया के जीवन में बदलाव लाने की कोशिश में खुद ईरा और ऐना की दुनिया हिल जाती है. माया की इस जिंदगी और इरा और ऐना की दोस्ती का क्या हुआ? क्या जो चीजें बिगड़ी वो ठीक हो पाएंगी? इस सवालों के जवाब ढूंढ़ने के लिए आपको थिएटर्स का रुख करना होगा. लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी इस फिल्‍म की कुछ कमियां और कुछ खूबियां बता कर मैं आपको यह फैसला लेने में थोड़ी मदद कर सकता हूं. टिप्पणियां यह एक धीमी गति की फिल्‍म है और तेज गति और मनोरंजक फिल्‍मों के चाहने वालों के लिए ये फिल्‍म नहीं है. इस फिल्‍म का पहला हिस्सा मुझे थोड़ा खिंचा हुआ लगा. इस हिस्‍से में कई खूबसूरत पल हैं लेकिन कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और आप कुर्सी पर बेचैन होने लगते हैं. 'डियर माया' जिंदगी में खूबसूरती, खुशी और खुद को ढूंढ़ने की बात करती है जहां हर किरदार गुजरते वक्त के साथ खुद को तलाशता है. लेकिन फिल्‍म की परेशानी ये है की दर्शक इस फिल्‍म में माया और इन दो दोस्तों के किरदार के बीच में बंट जाते हैं. न तो वो माया के किरदार के साथ चल पाते हैं और न ही इन दोनों दोस्तों के साथ रह पाते हैं. इस कहानी पर आप यकीन नहीं कर पाते, लेकिन ये सिर्फ तब तक होता है जब तक कहानी की बाकी पर्तें नहीं खुलती और फिर धीरे धीरे आपको कहानी का फलसफा समझ में आता है. ये कुछ चंद खामियां हैं जो मुझे इस फिल्‍म में नजर आईं.     फिल्‍म की खूबियों की बात करें तो इस कहानी की जब पर्तें खुलने लगती हैं तब आपको समझ आता है की लेखक और निर्देशक ने क्या कहने की कोशिश की है. 'डीयर माया' एक गहराई वाली फिल्‍म है और जो दर्शक इस तरह का सिनेमा पसंद करते हैं उन्हे ये फिल्‍म पसंद आएगी. इस फिल्‍म का कहानी काफी अच्छी है, लेकिन इसके स्क्रीन प्ले को थोड़ा कसने और फोकस करने की जरूरत थी. इस फिल्‍म के इमोशंस ज्यादातर समय आपको बांध कर रखते हैं और आपकी उत्सुकता अंत तक बरकरार रहती है. इन सबके अलावा इस फिल्‍म की खासियत हैं मनीषा कोइराला जिन्होंने दमदार अभिनय किया है. फिर चाहे उनका चाट खाने वाला सीन हो या फिर बाहरी जिंदगी से रूबरू होने वाला दृश्य. मनीषा ने हर भाव को बखूबी अंजाम दिया है. मनीषा के साथ साथ मदीहा और श्रेया ने भी जबरदस्त अभिनय किया है, दोनों के ही अभिनय में ठहराव है. निर्देशक सुनैना की बतौर निर्देशक ये पहली फिल्‍म है और उन्होंने दिखा दिया की उनके अंदर एक परिपक्व निर्देशक के गुण हैं. इमोशनस के फिल्‍मांकन पर उनकी पकड़ है और डायरेक्‍शन की बारिकियां वो जानती हैं. उनकी इस पहली फिल्‍म को देखकर लगता है कि उन्हें बस अपने स्क्रीन प्ले पर हाथ साफ करने की जरूरत है. फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है और संगीत के साथ ही लिरिक्स भी दमदार है. मेरी तरफ से इसे 3 स्टार. 'डियर माया' कहानी है दो दोस्तों की जो शिमला में रहती हैं और वहीं के एक स्कूल में पढ़ती हैं. इन्‍हीं दो लड़कियों, ऐना और इरा के पड़ोस में रहती है माया देवी, जो कभी बाहर नहीं निकलती और एक बेरंग जिंदगी जी रही हैं. ईरा और ऐना को माया की इस जिंदगी के पीछे की सच्चाई पता चलती है तो वो उसकी जिंदगी में रंग भरना चाहते हैं पर माया के जीवन में बदलाव लाने की कोशिश में खुद ईरा और ऐना की दुनिया हिल जाती है. माया की इस जिंदगी और इरा और ऐना की दोस्ती का क्या हुआ? क्या जो चीजें बिगड़ी वो ठीक हो पाएंगी? इस सवालों के जवाब ढूंढ़ने के लिए आपको थिएटर्स का रुख करना होगा. लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी इस फिल्‍म की कुछ कमियां और कुछ खूबियां बता कर मैं आपको यह फैसला लेने में थोड़ी मदद कर सकता हूं. टिप्पणियां यह एक धीमी गति की फिल्‍म है और तेज गति और मनोरंजक फिल्‍मों के चाहने वालों के लिए ये फिल्‍म नहीं है. इस फिल्‍म का पहला हिस्सा मुझे थोड़ा खिंचा हुआ लगा. इस हिस्‍से में कई खूबसूरत पल हैं लेकिन कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और आप कुर्सी पर बेचैन होने लगते हैं. 'डियर माया' जिंदगी में खूबसूरती, खुशी और खुद को ढूंढ़ने की बात करती है जहां हर किरदार गुजरते वक्त के साथ खुद को तलाशता है. लेकिन फिल्‍म की परेशानी ये है की दर्शक इस फिल्‍म में माया और इन दो दोस्तों के किरदार के बीच में बंट जाते हैं. न तो वो माया के किरदार के साथ चल पाते हैं और न ही इन दोनों दोस्तों के साथ रह पाते हैं. इस कहानी पर आप यकीन नहीं कर पाते, लेकिन ये सिर्फ तब तक होता है जब तक कहानी की बाकी पर्तें नहीं खुलती और फिर धीरे धीरे आपको कहानी का फलसफा समझ में आता है. ये कुछ चंद खामियां हैं जो मुझे इस फिल्‍म में नजर आईं.     फिल्‍म की खूबियों की बात करें तो इस कहानी की जब पर्तें खुलने लगती हैं तब आपको समझ आता है की लेखक और निर्देशक ने क्या कहने की कोशिश की है. 'डीयर माया' एक गहराई वाली फिल्‍म है और जो दर्शक इस तरह का सिनेमा पसंद करते हैं उन्हे ये फिल्‍म पसंद आएगी. इस फिल्‍म का कहानी काफी अच्छी है, लेकिन इसके स्क्रीन प्ले को थोड़ा कसने और फोकस करने की जरूरत थी. इस फिल्‍म के इमोशंस ज्यादातर समय आपको बांध कर रखते हैं और आपकी उत्सुकता अंत तक बरकरार रहती है. इन सबके अलावा इस फिल्‍म की खासियत हैं मनीषा कोइराला जिन्होंने दमदार अभिनय किया है. फिर चाहे उनका चाट खाने वाला सीन हो या फिर बाहरी जिंदगी से रूबरू होने वाला दृश्य. मनीषा ने हर भाव को बखूबी अंजाम दिया है. मनीषा के साथ साथ मदीहा और श्रेया ने भी जबरदस्त अभिनय किया है, दोनों के ही अभिनय में ठहराव है. निर्देशक सुनैना की बतौर निर्देशक ये पहली फिल्‍म है और उन्होंने दिखा दिया की उनके अंदर एक परिपक्व निर्देशक के गुण हैं. इमोशनस के फिल्‍मांकन पर उनकी पकड़ है और डायरेक्‍शन की बारिकियां वो जानती हैं. उनकी इस पहली फिल्‍म को देखकर लगता है कि उन्हें बस अपने स्क्रीन प्ले पर हाथ साफ करने की जरूरत है. फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है और संगीत के साथ ही लिरिक्स भी दमदार है. मेरी तरफ से इसे 3 स्टार. यह एक धीमी गति की फिल्‍म है और तेज गति और मनोरंजक फिल्‍मों के चाहने वालों के लिए ये फिल्‍म नहीं है. इस फिल्‍म का पहला हिस्सा मुझे थोड़ा खिंचा हुआ लगा. इस हिस्‍से में कई खूबसूरत पल हैं लेकिन कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और आप कुर्सी पर बेचैन होने लगते हैं. 'डियर माया' जिंदगी में खूबसूरती, खुशी और खुद को ढूंढ़ने की बात करती है जहां हर किरदार गुजरते वक्त के साथ खुद को तलाशता है. लेकिन फिल्‍म की परेशानी ये है की दर्शक इस फिल्‍म में माया और इन दो दोस्तों के किरदार के बीच में बंट जाते हैं. न तो वो माया के किरदार के साथ चल पाते हैं और न ही इन दोनों दोस्तों के साथ रह पाते हैं. इस कहानी पर आप यकीन नहीं कर पाते, लेकिन ये सिर्फ तब तक होता है जब तक कहानी की बाकी पर्तें नहीं खुलती और फिर धीरे धीरे आपको कहानी का फलसफा समझ में आता है. ये कुछ चंद खामियां हैं जो मुझे इस फिल्‍म में नजर आईं.     फिल्‍म की खूबियों की बात करें तो इस कहानी की जब पर्तें खुलने लगती हैं तब आपको समझ आता है की लेखक और निर्देशक ने क्या कहने की कोशिश की है. 'डीयर माया' एक गहराई वाली फिल्‍म है और जो दर्शक इस तरह का सिनेमा पसंद करते हैं उन्हे ये फिल्‍म पसंद आएगी. इस फिल्‍म का कहानी काफी अच्छी है, लेकिन इसके स्क्रीन प्ले को थोड़ा कसने और फोकस करने की जरूरत थी. इस फिल्‍म के इमोशंस ज्यादातर समय आपको बांध कर रखते हैं और आपकी उत्सुकता अंत तक बरकरार रहती है. इन सबके अलावा इस फिल्‍म की खासियत हैं मनीषा कोइराला जिन्होंने दमदार अभिनय किया है. फिर चाहे उनका चाट खाने वाला सीन हो या फिर बाहरी जिंदगी से रूबरू होने वाला दृश्य. मनीषा ने हर भाव को बखूबी अंजाम दिया है. मनीषा के साथ साथ मदीहा और श्रेया ने भी जबरदस्त अभिनय किया है, दोनों के ही अभिनय में ठहराव है. निर्देशक सुनैना की बतौर निर्देशक ये पहली फिल्‍म है और उन्होंने दिखा दिया की उनके अंदर एक परिपक्व निर्देशक के गुण हैं. इमोशनस के फिल्‍मांकन पर उनकी पकड़ है और डायरेक्‍शन की बारिकियां वो जानती हैं. उनकी इस पहली फिल्‍म को देखकर लगता है कि उन्हें बस अपने स्क्रीन प्ले पर हाथ साफ करने की जरूरत है. फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है और संगीत के साथ ही लिरिक्स भी दमदार है. मेरी तरफ से इसे 3 स्टार. इन सबके अलावा इस फिल्‍म की खासियत हैं मनीषा कोइराला जिन्होंने दमदार अभिनय किया है. फिर चाहे उनका चाट खाने वाला सीन हो या फिर बाहरी जिंदगी से रूबरू होने वाला दृश्य. मनीषा ने हर भाव को बखूबी अंजाम दिया है. मनीषा के साथ साथ मदीहा और श्रेया ने भी जबरदस्त अभिनय किया है, दोनों के ही अभिनय में ठहराव है. निर्देशक सुनैना की बतौर निर्देशक ये पहली फिल्‍म है और उन्होंने दिखा दिया की उनके अंदर एक परिपक्व निर्देशक के गुण हैं. इमोशनस के फिल्‍मांकन पर उनकी पकड़ है और डायरेक्‍शन की बारिकियां वो जानती हैं. उनकी इस पहली फिल्‍म को देखकर लगता है कि उन्हें बस अपने स्क्रीन प्ले पर हाथ साफ करने की जरूरत है. फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है और संगीत के साथ ही लिरिक्स भी दमदार है. मेरी तरफ से इसे 3 स्टार.
संक्षिप्त सारांश: अपनी कमबैक फिल्‍म 'डीयर माया' में मनीषा कोइराला ने किया है शानदार अभिनय निर्देशक सुनैना भटनागर, इससे पहले इम्‍ि‍तयाज अली को असिस्‍ट कर चुकी हैं इस फिल्‍म को हमारी तरफ से मिलते हैं 3 स्‍टार
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में बदायूं जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में शराब के आदी एक व्यक्ति की पत्नी ने उसकी इस आदत से तंग आकर उस पर खौलता पानी डाल दिया और क्रिकेट बैट से पिटाई कर दी जिससे उसकी मौत हो गई । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील सक्सेना ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरम में रहने वाला पेशे से मिस्त्री भूरे सिंह (40) कल अपने घर में शराब पीकर हंगामा कर रहा था। इसे लेकर भूरे और उसकी पत्नी रेखा के बीच झगड़ा हुआ था। उन्होंने बताया कि झगड़े के बाद भूरे घर के बाहर चारपाई पर सो गया। दोपहर में रेखा एक बड़े बर्तन में खौलता हुआ पानी लेकर आई और भूरे पर डाल दिया। इसके साथ ही क्रिकेट के बल्ले से उस पर ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। शोर सुनकर भूरे के बड़े भाई रामबहादुर समेत मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों के पहुंचने पर रेखा वापस घर में चली गई।टिप्पणियां सक्सेना ने बताया कि लोगों ने पानी से झुलसे भूरे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। रेखा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील सक्सेना ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरम में रहने वाला पेशे से मिस्त्री भूरे सिंह (40) कल अपने घर में शराब पीकर हंगामा कर रहा था। इसे लेकर भूरे और उसकी पत्नी रेखा के बीच झगड़ा हुआ था। उन्होंने बताया कि झगड़े के बाद भूरे घर के बाहर चारपाई पर सो गया। दोपहर में रेखा एक बड़े बर्तन में खौलता हुआ पानी लेकर आई और भूरे पर डाल दिया। इसके साथ ही क्रिकेट के बल्ले से उस पर ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। शोर सुनकर भूरे के बड़े भाई रामबहादुर समेत मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों के पहुंचने पर रेखा वापस घर में चली गई।टिप्पणियां सक्सेना ने बताया कि लोगों ने पानी से झुलसे भूरे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। रेखा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि झगड़े के बाद भूरे घर के बाहर चारपाई पर सो गया। दोपहर में रेखा एक बड़े बर्तन में खौलता हुआ पानी लेकर आई और भूरे पर डाल दिया। इसके साथ ही क्रिकेट के बल्ले से उस पर ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। शोर सुनकर भूरे के बड़े भाई रामबहादुर समेत मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों के पहुंचने पर रेखा वापस घर में चली गई।टिप्पणियां सक्सेना ने बताया कि लोगों ने पानी से झुलसे भूरे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। रेखा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सक्सेना ने बताया कि लोगों ने पानी से झुलसे भूरे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। रेखा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: नशे की हालत में झगड़ा करता था पति। गुस्से में पत्नी ने पति पर डाला गर्म पानी और की पिटाई। इलाज के दौरान पति की मौत, पत्नी पुलिस हिरासत में।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी अधिकारियों ने कथित तौर पर देश की समुद्री सीमा का उल्लंघन करने के मामले में 22 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया और मछली मारने वाली सात नौकाओं को भी जब्त कर लिया। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि समुद्री सुरक्षा एजेंसी (एमएसए) ने भारतीय मछुआरों को मध्यरात्रि के ठीक बाद गिरफ्तार किया। एमएसए के प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें दक्षिणी बंदरगाह शहर कराची पुलिस को सौंप दिया गया। उन्होंने दावा किया, हमारे क्षेत्र में उनके प्रवेश करने के बाद उनकी नौका को जब्त किए जाने के पहले एमएसए ने उन्हें चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि समुद्री सीमा में सात से आठ नॉटिकल मील का उल्लंघन बर्दाश्त किया जा सकता हैं और मछुआरों को वापस लौटने की चेतावनी दी जाती है। प्रवक्ता ने कहा कि 50 से 60 नॉटिकल मील का उल्लंघन क्षेत्र का घोर उल्लंघन माना जाता है और उसके बाद मछुआरों को हिरासत में ले लिया जाता है। गौरतलब है कि इस गिरफ्तारी के एक दिन पहले ही पाकिस्तान ने कराची जेल में बंद 89 भारतीय मछुआरों को रिहा कर भारत को सौंप दिया था।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तानी अधिकारियों ने कथित तौर पर देश की समुद्री सीमा का उल्लंघन करने के मामले में 22 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन ग्रां प्री में फेरारी टीम की कार पर इतालवी नौसेना का ध्वज लगाए जाने के भारत में हो रहे विरोध पर एफवन प्रमुख बर्नी एस्सेलेटोन ने कहा कि वह अधिकारियों से बात करेंगे। दो मछुआरों की हत्या के मामले में सुनवाई का सामना कर रहे दो इतालवी नौसैनिकों से एकजुटता दिखाते हुए फेरारी टीम ने कार पर अपने देश की नौसेना का झंडा लगाया है। भारत में इसे लेकर काफी रोष है। इन इतालवी नौसैनिकों को फरवरी, 2012 में दो भारतीय मछुआरों की हत्या के बाद गिरफ्तार किया गया था। इतालवी नौसेना का कहना है कि उसे लगा कि ये भारतीय मछुआरे सोमालियाई लुटेरे हैं, जो उसकी रखवाली में रखे तेल के टैंकर लूटने आए हैं। यहां बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर शुक्रवार से शुरू हुए दूसरे इंडियन ग्रा प्री के लिए आए बर्नी ने कहा, हम इस मामले पर गौर करेंगे। हम कोई राजनीतिक संगठन नहीं हैं, लेकिन हम फॉर्मूला वन को राजनीति से दूर रखेंगे। उन्होंने फेरारी के खिलाफ कार्रवाई की संभावना के बारे में पूछने पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया और कहा, हम इस बारे में राष्ट्रीय खेल अधिकारियों से बात करेंगे। फेरारी टीम का कहना है कि उसने दोनों देशों के बीच इस मसले पर समझौते की उम्मीद में यह कदम उठाया है। केरल सरकार ने हालांकि किसी समझौते से इनकार कर दिया है। इतालवी सरकार ने यह कहकर उन नौसैनिकों को वापस भेजने की मांग की है कि वह उन पर इटली में मुकदमा चलाएंगे।टिप्पणियां इटली ने भारत सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अपने राजदूत को भी दिल्ली से वापस बुला लिया। इतालवी मीडिया के अनुसार इटली के विदेशमंत्री जियुलियो तेरजी ने फेरारी टीम के इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि इससे साबित होता है कि पूरा देश उन नौसैनिकों के साथ है। फॉर्मूला वन की प्रमुख टीमों में से एक फेरारी का बेस इटली के मारानेलो में है। इसके ड्राइवर फर्नांडो अलोंसो सत्र 2012 की चैंपियनशिप रेस में रेडबुल के सेबेस्टियन वेट्टल के बाद दूसरे स्थान पर हैं। भारत में इसे लेकर काफी रोष है। इन इतालवी नौसैनिकों को फरवरी, 2012 में दो भारतीय मछुआरों की हत्या के बाद गिरफ्तार किया गया था। इतालवी नौसेना का कहना है कि उसे लगा कि ये भारतीय मछुआरे सोमालियाई लुटेरे हैं, जो उसकी रखवाली में रखे तेल के टैंकर लूटने आए हैं। यहां बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर शुक्रवार से शुरू हुए दूसरे इंडियन ग्रा प्री के लिए आए बर्नी ने कहा, हम इस मामले पर गौर करेंगे। हम कोई राजनीतिक संगठन नहीं हैं, लेकिन हम फॉर्मूला वन को राजनीति से दूर रखेंगे। उन्होंने फेरारी के खिलाफ कार्रवाई की संभावना के बारे में पूछने पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया और कहा, हम इस बारे में राष्ट्रीय खेल अधिकारियों से बात करेंगे। फेरारी टीम का कहना है कि उसने दोनों देशों के बीच इस मसले पर समझौते की उम्मीद में यह कदम उठाया है। केरल सरकार ने हालांकि किसी समझौते से इनकार कर दिया है। इतालवी सरकार ने यह कहकर उन नौसैनिकों को वापस भेजने की मांग की है कि वह उन पर इटली में मुकदमा चलाएंगे।टिप्पणियां इटली ने भारत सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अपने राजदूत को भी दिल्ली से वापस बुला लिया। इतालवी मीडिया के अनुसार इटली के विदेशमंत्री जियुलियो तेरजी ने फेरारी टीम के इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि इससे साबित होता है कि पूरा देश उन नौसैनिकों के साथ है। फॉर्मूला वन की प्रमुख टीमों में से एक फेरारी का बेस इटली के मारानेलो में है। इसके ड्राइवर फर्नांडो अलोंसो सत्र 2012 की चैंपियनशिप रेस में रेडबुल के सेबेस्टियन वेट्टल के बाद दूसरे स्थान पर हैं। यहां बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर शुक्रवार से शुरू हुए दूसरे इंडियन ग्रा प्री के लिए आए बर्नी ने कहा, हम इस मामले पर गौर करेंगे। हम कोई राजनीतिक संगठन नहीं हैं, लेकिन हम फॉर्मूला वन को राजनीति से दूर रखेंगे। उन्होंने फेरारी के खिलाफ कार्रवाई की संभावना के बारे में पूछने पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया और कहा, हम इस बारे में राष्ट्रीय खेल अधिकारियों से बात करेंगे। फेरारी टीम का कहना है कि उसने दोनों देशों के बीच इस मसले पर समझौते की उम्मीद में यह कदम उठाया है। केरल सरकार ने हालांकि किसी समझौते से इनकार कर दिया है। इतालवी सरकार ने यह कहकर उन नौसैनिकों को वापस भेजने की मांग की है कि वह उन पर इटली में मुकदमा चलाएंगे।टिप्पणियां इटली ने भारत सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अपने राजदूत को भी दिल्ली से वापस बुला लिया। इतालवी मीडिया के अनुसार इटली के विदेशमंत्री जियुलियो तेरजी ने फेरारी टीम के इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि इससे साबित होता है कि पूरा देश उन नौसैनिकों के साथ है। फॉर्मूला वन की प्रमुख टीमों में से एक फेरारी का बेस इटली के मारानेलो में है। इसके ड्राइवर फर्नांडो अलोंसो सत्र 2012 की चैंपियनशिप रेस में रेडबुल के सेबेस्टियन वेट्टल के बाद दूसरे स्थान पर हैं। फेरारी टीम का कहना है कि उसने दोनों देशों के बीच इस मसले पर समझौते की उम्मीद में यह कदम उठाया है। केरल सरकार ने हालांकि किसी समझौते से इनकार कर दिया है। इतालवी सरकार ने यह कहकर उन नौसैनिकों को वापस भेजने की मांग की है कि वह उन पर इटली में मुकदमा चलाएंगे।टिप्पणियां इटली ने भारत सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अपने राजदूत को भी दिल्ली से वापस बुला लिया। इतालवी मीडिया के अनुसार इटली के विदेशमंत्री जियुलियो तेरजी ने फेरारी टीम के इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि इससे साबित होता है कि पूरा देश उन नौसैनिकों के साथ है। फॉर्मूला वन की प्रमुख टीमों में से एक फेरारी का बेस इटली के मारानेलो में है। इसके ड्राइवर फर्नांडो अलोंसो सत्र 2012 की चैंपियनशिप रेस में रेडबुल के सेबेस्टियन वेट्टल के बाद दूसरे स्थान पर हैं। इटली ने भारत सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अपने राजदूत को भी दिल्ली से वापस बुला लिया। इतालवी मीडिया के अनुसार इटली के विदेशमंत्री जियुलियो तेरजी ने फेरारी टीम के इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि इससे साबित होता है कि पूरा देश उन नौसैनिकों के साथ है। फॉर्मूला वन की प्रमुख टीमों में से एक फेरारी का बेस इटली के मारानेलो में है। इसके ड्राइवर फर्नांडो अलोंसो सत्र 2012 की चैंपियनशिप रेस में रेडबुल के सेबेस्टियन वेट्टल के बाद दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने कहा है कि इससे साबित होता है कि पूरा देश उन नौसैनिकों के साथ है। फॉर्मूला वन की प्रमुख टीमों में से एक फेरारी का बेस इटली के मारानेलो में है। इसके ड्राइवर फर्नांडो अलोंसो सत्र 2012 की चैंपियनशिप रेस में रेडबुल के सेबेस्टियन वेट्टल के बाद दूसरे स्थान पर हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंडियन ग्रां प्री में फेरारी टीम की कार पर इतालवी नौसेना का ध्वज लगाए जाने के भारत में हो रहे विरोध पर एफवन प्रमुख बर्नी एस्सेलेटोन ने कहा कि वह अधिकारियों से बात करेंगे।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में पुलिस दल ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया है. दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के फरसापाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत कच्चेघाट गांव के जंगल में पुलिस दल ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरसापाल थाना क्षेत्र में नक्सली गतिविधि की सूचना पर क्षेत्र में पुलिस दल को गश्त के लिए रवाना किया गया था. पुलिस दल जब आज सुबह कच्चेघाट गांव के जंगल में था, तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की. अधिकारियों ने बताया कि कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से भाग गए. बाद में जब पुलिस दल ने घटनास्थल में खोजबीन की, तब वहां तीन वर्दीधारी नक्सलियों के शव, 315 बोर का रिवॉल्वर, एक भरमार बंदूक और अन्य नक्सली सामान बरामद किया गया. टिप्पणियां उन्होंने बताया कि फरसापाल क्षेत्र धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा में है तथा यहां नक्सली गतिविधि की सूचना लगातार मिलती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के फरसापाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत कच्चेघाट गांव के जंगल में पुलिस दल ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरसापाल थाना क्षेत्र में नक्सली गतिविधि की सूचना पर क्षेत्र में पुलिस दल को गश्त के लिए रवाना किया गया था. पुलिस दल जब आज सुबह कच्चेघाट गांव के जंगल में था, तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की. अधिकारियों ने बताया कि कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से भाग गए. बाद में जब पुलिस दल ने घटनास्थल में खोजबीन की, तब वहां तीन वर्दीधारी नक्सलियों के शव, 315 बोर का रिवॉल्वर, एक भरमार बंदूक और अन्य नक्सली सामान बरामद किया गया. टिप्पणियां उन्होंने बताया कि फरसापाल क्षेत्र धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा में है तथा यहां नक्सली गतिविधि की सूचना लगातार मिलती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरसापाल थाना क्षेत्र में नक्सली गतिविधि की सूचना पर क्षेत्र में पुलिस दल को गश्त के लिए रवाना किया गया था. पुलिस दल जब आज सुबह कच्चेघाट गांव के जंगल में था, तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की. अधिकारियों ने बताया कि कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से भाग गए. बाद में जब पुलिस दल ने घटनास्थल में खोजबीन की, तब वहां तीन वर्दीधारी नक्सलियों के शव, 315 बोर का रिवॉल्वर, एक भरमार बंदूक और अन्य नक्सली सामान बरामद किया गया. टिप्पणियां उन्होंने बताया कि फरसापाल क्षेत्र धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा में है तथा यहां नक्सली गतिविधि की सूचना लगातार मिलती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारियों ने बताया कि कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से भाग गए. बाद में जब पुलिस दल ने घटनास्थल में खोजबीन की, तब वहां तीन वर्दीधारी नक्सलियों के शव, 315 बोर का रिवॉल्वर, एक भरमार बंदूक और अन्य नक्सली सामान बरामद किया गया. टिप्पणियां उन्होंने बताया कि फरसापाल क्षेत्र धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा में है तथा यहां नक्सली गतिविधि की सूचना लगातार मिलती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि फरसापाल क्षेत्र धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा में है तथा यहां नक्सली गतिविधि की सूचना लगातार मिलती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: एक महिला नक्सली समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया गया. फरसापाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत कच्चेघाट गांव के जंगल में हुई मुठभेड़. गश्‍त पर निकले पुलिस बल पर नक्सलियों ने की थी गोलीबारी.
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पुणे पिस्टंस के सौरव वर्मा ने बांगा बीट्स के आयकन खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप को दूसरे पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम को 4-0 से आगे कर दिया है। सौरव ने शानदार प्रदर्शन करेत हुए शुक्रवार को पुणे स्पोर्ट्स काम्पलेक्स परिसर में जारी इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के पहले संस्करण के चौथे दौर के मुकाबलों में अपने घरेलू दर्शकों की हौसलअफजाई के बीच कश्यप को 19-21, 21-18, 11-4 से हराया। पुरुष युगल जोड़ीदारों जोएकिम फिशर और वेई कियोंग तान की जीत के साथ पिस्टंस ने 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। फिशर और तीन ने बीट्स के कार्सटन मोंगेनसेन और अक्षय देवाल्कर की जोड़ी को 21-18, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट में समाप्त हुआ। इससे पहले, महिला एकल मैच और पहला पुरुष एकल मैच जीतकर पिस्टंस ने 2-0 की बढ़त कायम की थी। महिला एकल में जूलियन शेंक ने एकतरफा मैच में बीट्स की केरोलिना मारिन को 21-20, 21-10 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला। पहले पुरुष एकल में अनूप श्रीधर ने बीट्स के युन हू को 21-12, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट चला। लंदन ओलिंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर चुके पारूपल्ली कश्यप बीट्स और अश्विनी पोनप्पा पिस्टंस के आयकन खिलाड़ी हैं।टिप्पणियां छह टीमों की तालिका में पिस्टंस नौ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि बीट्स सात अंकों के साथ छठे क्रम पर हैं। हैदराबाद हॉटशॉट्स 15 अंकों के साथ पहले, मुम्बई मास्टर्स 13 अंकों के साथ दूसरे, अवध वॉरियर्स आठ अंकों के साथ चौथे, दिल्ली स्मैशर्स आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। सौरव ने शानदार प्रदर्शन करेत हुए शुक्रवार को पुणे स्पोर्ट्स काम्पलेक्स परिसर में जारी इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के पहले संस्करण के चौथे दौर के मुकाबलों में अपने घरेलू दर्शकों की हौसलअफजाई के बीच कश्यप को 19-21, 21-18, 11-4 से हराया। पुरुष युगल जोड़ीदारों जोएकिम फिशर और वेई कियोंग तान की जीत के साथ पिस्टंस ने 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। फिशर और तीन ने बीट्स के कार्सटन मोंगेनसेन और अक्षय देवाल्कर की जोड़ी को 21-18, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट में समाप्त हुआ। इससे पहले, महिला एकल मैच और पहला पुरुष एकल मैच जीतकर पिस्टंस ने 2-0 की बढ़त कायम की थी। महिला एकल में जूलियन शेंक ने एकतरफा मैच में बीट्स की केरोलिना मारिन को 21-20, 21-10 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला। पहले पुरुष एकल में अनूप श्रीधर ने बीट्स के युन हू को 21-12, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट चला। लंदन ओलिंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर चुके पारूपल्ली कश्यप बीट्स और अश्विनी पोनप्पा पिस्टंस के आयकन खिलाड़ी हैं।टिप्पणियां छह टीमों की तालिका में पिस्टंस नौ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि बीट्स सात अंकों के साथ छठे क्रम पर हैं। हैदराबाद हॉटशॉट्स 15 अंकों के साथ पहले, मुम्बई मास्टर्स 13 अंकों के साथ दूसरे, अवध वॉरियर्स आठ अंकों के साथ चौथे, दिल्ली स्मैशर्स आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। पुरुष युगल जोड़ीदारों जोएकिम फिशर और वेई कियोंग तान की जीत के साथ पिस्टंस ने 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। फिशर और तीन ने बीट्स के कार्सटन मोंगेनसेन और अक्षय देवाल्कर की जोड़ी को 21-18, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट में समाप्त हुआ। इससे पहले, महिला एकल मैच और पहला पुरुष एकल मैच जीतकर पिस्टंस ने 2-0 की बढ़त कायम की थी। महिला एकल में जूलियन शेंक ने एकतरफा मैच में बीट्स की केरोलिना मारिन को 21-20, 21-10 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला। पहले पुरुष एकल में अनूप श्रीधर ने बीट्स के युन हू को 21-12, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट चला। लंदन ओलिंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर चुके पारूपल्ली कश्यप बीट्स और अश्विनी पोनप्पा पिस्टंस के आयकन खिलाड़ी हैं।टिप्पणियां छह टीमों की तालिका में पिस्टंस नौ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि बीट्स सात अंकों के साथ छठे क्रम पर हैं। हैदराबाद हॉटशॉट्स 15 अंकों के साथ पहले, मुम्बई मास्टर्स 13 अंकों के साथ दूसरे, अवध वॉरियर्स आठ अंकों के साथ चौथे, दिल्ली स्मैशर्स आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। फिशर और तीन ने बीट्स के कार्सटन मोंगेनसेन और अक्षय देवाल्कर की जोड़ी को 21-18, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट में समाप्त हुआ। इससे पहले, महिला एकल मैच और पहला पुरुष एकल मैच जीतकर पिस्टंस ने 2-0 की बढ़त कायम की थी। महिला एकल में जूलियन शेंक ने एकतरफा मैच में बीट्स की केरोलिना मारिन को 21-20, 21-10 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला। पहले पुरुष एकल में अनूप श्रीधर ने बीट्स के युन हू को 21-12, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट चला। लंदन ओलिंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर चुके पारूपल्ली कश्यप बीट्स और अश्विनी पोनप्पा पिस्टंस के आयकन खिलाड़ी हैं।टिप्पणियां छह टीमों की तालिका में पिस्टंस नौ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि बीट्स सात अंकों के साथ छठे क्रम पर हैं। हैदराबाद हॉटशॉट्स 15 अंकों के साथ पहले, मुम्बई मास्टर्स 13 अंकों के साथ दूसरे, अवध वॉरियर्स आठ अंकों के साथ चौथे, दिल्ली स्मैशर्स आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। इससे पहले, महिला एकल मैच और पहला पुरुष एकल मैच जीतकर पिस्टंस ने 2-0 की बढ़त कायम की थी। महिला एकल में जूलियन शेंक ने एकतरफा मैच में बीट्स की केरोलिना मारिन को 21-20, 21-10 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला। पहले पुरुष एकल में अनूप श्रीधर ने बीट्स के युन हू को 21-12, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट चला। लंदन ओलिंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर चुके पारूपल्ली कश्यप बीट्स और अश्विनी पोनप्पा पिस्टंस के आयकन खिलाड़ी हैं।टिप्पणियां छह टीमों की तालिका में पिस्टंस नौ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि बीट्स सात अंकों के साथ छठे क्रम पर हैं। हैदराबाद हॉटशॉट्स 15 अंकों के साथ पहले, मुम्बई मास्टर्स 13 अंकों के साथ दूसरे, अवध वॉरियर्स आठ अंकों के साथ चौथे, दिल्ली स्मैशर्स आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। पहले पुरुष एकल में अनूप श्रीधर ने बीट्स के युन हू को 21-12, 21-18 से हराया। यह मैच 37 मिनट चला। लंदन ओलिंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर चुके पारूपल्ली कश्यप बीट्स और अश्विनी पोनप्पा पिस्टंस के आयकन खिलाड़ी हैं।टिप्पणियां छह टीमों की तालिका में पिस्टंस नौ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि बीट्स सात अंकों के साथ छठे क्रम पर हैं। हैदराबाद हॉटशॉट्स 15 अंकों के साथ पहले, मुम्बई मास्टर्स 13 अंकों के साथ दूसरे, अवध वॉरियर्स आठ अंकों के साथ चौथे, दिल्ली स्मैशर्स आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। लंदन ओलिंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर चुके पारूपल्ली कश्यप बीट्स और अश्विनी पोनप्पा पिस्टंस के आयकन खिलाड़ी हैं।टिप्पणियां छह टीमों की तालिका में पिस्टंस नौ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि बीट्स सात अंकों के साथ छठे क्रम पर हैं। हैदराबाद हॉटशॉट्स 15 अंकों के साथ पहले, मुम्बई मास्टर्स 13 अंकों के साथ दूसरे, अवध वॉरियर्स आठ अंकों के साथ चौथे, दिल्ली स्मैशर्स आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। छह टीमों की तालिका में पिस्टंस नौ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि बीट्स सात अंकों के साथ छठे क्रम पर हैं। हैदराबाद हॉटशॉट्स 15 अंकों के साथ पहले, मुम्बई मास्टर्स 13 अंकों के साथ दूसरे, अवध वॉरियर्स आठ अंकों के साथ चौथे, दिल्ली स्मैशर्स आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। हैदराबाद हॉटशॉट्स 15 अंकों के साथ पहले, मुम्बई मास्टर्स 13 अंकों के साथ दूसरे, अवध वॉरियर्स आठ अंकों के साथ चौथे, दिल्ली स्मैशर्स आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
संक्षिप्त सारांश: पुणे पिस्टंस के सौरव वर्मा ने बांगा बीट्स के आयकन खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप को दूसरे पुरुष एकल मैच में हराकर अपनी टीम को 4-0 से आगे कर दिया है।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह 12वीं योजना (2012-17) के अंत तक सब्सिडी को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 1.5 प्रतिशत तक लाएगी ताकि इसे वहन करने के पूर्व में निर्धारित किए जा चुके स्तर तक लाया जा सके। 2011-12 में सब्सिडी जीडीपी का 2.6 प्रतिशत थी।टिप्पणियां संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने एक सवाल के लिखित जवाब में गुरुवार को राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न सुधारों के जरिये सब्सिडी में कमी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सब्सिडी खत्म करना नहीं है। लक्षित सब्सिडी की एक भूमिका है जो सबको समावेश करने के मकसद को आगे बढ़ाती है। लेकिन इस प्रकार की सब्सिडी को वहन करने के पूर्व निश्चित किए गए स्तर तक सीमित करना होगा। संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने एक सवाल के लिखित जवाब में गुरुवार को राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न सुधारों के जरिये सब्सिडी में कमी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सब्सिडी खत्म करना नहीं है। लक्षित सब्सिडी की एक भूमिका है जो सबको समावेश करने के मकसद को आगे बढ़ाती है। लेकिन इस प्रकार की सब्सिडी को वहन करने के पूर्व निश्चित किए गए स्तर तक सीमित करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सब्सिडी खत्म करना नहीं है। लक्षित सब्सिडी की एक भूमिका है जो सबको समावेश करने के मकसद को आगे बढ़ाती है। लेकिन इस प्रकार की सब्सिडी को वहन करने के पूर्व निश्चित किए गए स्तर तक सीमित करना होगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह 12वीं योजना (2012-17) के अंत तक सब्सिडी को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 1.5 प्रतिशत तक लाएगी ताकि इसे वहन करने के पूर्व में निर्धारित किए जा चुके स्तर तक लाया जा सके।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विपक्ष के जोरदार विरोध और बवाल के बाद केवल एक ही दिन में अपना वह प्रस्ताव वापस ले लिया है, जिसमें विधायकों को विकास के लिए दिए गए फंड से 20 लाख रुपये तक की गाड़ी खरीदने की सुविधा दी जानी थी।टिप्पणियां राज्य सरकार ने प्रस्ताव रखा थी कि वे विधायक, जिनके पास अपनी गाड़ी नहीं है, वे अपने क्षेत्र में विकास के काम की देखरेख के लिए विधायक फंड से 20 लाख रुपये तक की गाड़ी खरीद सकेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह भी कहा था कि पांच साल बाद इस कार को राज्य सरकार को वापस किया जा सकेगा, या विधायक उसे घटी हुई कीमतों में खरीद भी सकता है। लेकिन विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर किए गए जोरदार हंगामे की वजह से केवल एक ही दिन बाद मुख्यमंत्री को यू-टर्न लेते हुए फैसला वापस लेना पड़ा। राज्य सरकार ने प्रस्ताव रखा थी कि वे विधायक, जिनके पास अपनी गाड़ी नहीं है, वे अपने क्षेत्र में विकास के काम की देखरेख के लिए विधायक फंड से 20 लाख रुपये तक की गाड़ी खरीद सकेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह भी कहा था कि पांच साल बाद इस कार को राज्य सरकार को वापस किया जा सकेगा, या विधायक उसे घटी हुई कीमतों में खरीद भी सकता है। लेकिन विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर किए गए जोरदार हंगामे की वजह से केवल एक ही दिन बाद मुख्यमंत्री को यू-टर्न लेते हुए फैसला वापस लेना पड़ा। लेकिन विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर किए गए जोरदार हंगामे की वजह से केवल एक ही दिन बाद मुख्यमंत्री को यू-टर्न लेते हुए फैसला वापस लेना पड़ा।
संक्षिप्त पाठ: यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विपक्ष के जोरदार विरोध और बवाल के बाद केवल एक ही दिन में अपना वह प्रस्ताव वापस ले लिया है, जिसमें विधायकों को विकास के लिए दिए गए फंड से 20 लाख रुपये तक की गाड़ी खरीदने की सुविधा दी जानी थी।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी अगली फिल्म 'ठाकरे' में बाला साहेब के लुक में दिखाई देंगे. काफी लंबे इंतेजार बाद 'ठाकरे' फिल्म इसी महीने 11 जनवरी को रिलीज होने जा रही है. 'ठाकरे' का ट्रेलर आने के बाद लोगों में काफी उत्सुकुता है कि आखिर यह फिल्म कैसी होगी. फिलहाल फिल्म रिलीज होने से पहले एक और इंटरेस्टिंग चीज देखने को मिली है. कार्निवल सिनेमाज ने इंडिया के अपने सभी मल्टिप्लेक्स में 'शिव वड़ा पाव' को फूड एंड बेवरेजेज में शामिल किया है. वड़ा पाव का नाम 'शिव वड़ा पाव' इस वजह से हैं, क्योंकि इसे खुद बालासाहेब ठाकरे व उनकी पार्टी शिव सेना ने साल 2009 में महाराष्ट्र के युवाओं के रोजगार के लिए शुरू किया गया था. यह वड़ा पाव कार्निवल सिनेमाज के देश भर में मौजूद 72 मल्टिप्लेक्स में उपलब्ध हो सकेंगे. 'शिव वड़ा पाव' के जरिए एक बार फिर बालासाहेब ठाकरे को याद किया जा सकेगा. बालासाहेब ने महाराष्ट्र में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए यह मुहीम शुरू की थी. बता दें, नवाजुद्दीन सिद्दीकी शिव सेना (Shiv Sena) के संस्थापक बाल ठाकरे बनकर सिल्वरस्क्रीन पर छा गए हैं. अपने महाराष्ट्र के लोगों के लिए अकेले खड़े होकर लड़ने के लिए राजनेताओं से भी लड़ गए. नवाजुद्दीन सिद्दीकी का फिल्म में गेटअप भी कमाल है, और पूरी तरह से ही बाला साहेब ठाकरे जैसे लग रहे हैं. नवाजुद्दीन सिद्दीकी की डायलॉग डिलिवरी बेहद ही शानदार है. 'ठाकरे' नाम की इस फिल्म को अभिजीत फांसे ने डायरेक्ट किया है और इसे संजय राउत ने प्रेजेंट किया है. ट्रेलर में एक डायलॉग बेहद मशहूर हुआ. इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक डायलॉग भी बोलते हैं कि ''मैं जब भी कहता हूं कि जय हिंद जय महाराष्ट्र तो जय हिंद पहले कहता हूं और जय महाराष्ट्र बाद में, क्योंकि मेरे लिए मेरा देश पहले है और राज्य बाद में''. इसका फर्स्ट लुक और टीजर कई महीने पहले ही रिलीज किया जा चुका है.
'ठाकरे' फिल्म में होगा शिव वड़ा पाव फिर से होने जा रही है शुरुआत नवाजुद्दीन करेंगे बालासाहेब ठाकरे की भूमिका
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के विशेष बलों ने ऐबटाबाद में जिस परिसर में ओसामा बिन लादेन को गत वर्ष मार गिराया था उसे पाकिस्तानी अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच ध्वस्त कर दिया। स्थानीय नागरिकों ने मीडिया को बताया कि भारी मशीनें और कई क्रेनें प्रतिष्ठित पाकिस्तानी सैन्य अकादमी से महज 800 गज की दूरी पर स्थित परिसर में शाम को आईं। सुरक्षा अधिकारियों ने बिलाल कस्बे में घर को आने वाले सभी मार्गों को बंद कर दिया था। करीब नौ बजे परिसर को ध्वस्त करना शुरु करने से पहले क्षेत्र में शक्तिशाली स्पॉटा लाइट लगाई गई और सैनिकों सहित बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। पाकिस्तान के सरकारी रेडियो ने ट्विटर पर कहा, ‘ऐबटाबाद शहर के बिलाल कस्बे में ओसामा परिसर को ध्वस्त कर दिया गया।’ निजी जियो न्यूज चैनल ने बताया कि अधिकारियों ने सबसे पहले तीसरी मंजिल के कमरे को ध्वस्त किया जहां अमेरिकी नेवी सील ने दुनिया के सबसे वांछित व्यक्ति को मार गिराया था। स्थानीय नागरिकों और संवाददाताओं ने कहा कि अधिकारियों ने परिसर के आसपास रह रहे लोगों को घरों में रहने और छत पर न जाने का निर्देश दिया था। दुन्या न्न्यूज चैनल ने तीन मंजिला इमारत की बालकनी के एक हिस्से को ध्वस्त किए जाने के दृश्यों को दिखाया है।
पाकिस्तान के ऐबटाबाद में जिस मकान में ओसामा बिन लादेन रह रहा था और जहां अमेरिकी सील ने उसे मार गिराया था... उस मकान को गिराया जा रहा है।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल में तीन दशक से ज्यादा वक्त तक राज करने वाली सीपीएम को ममता सरकार ने आरमबाग में सभा करने की इजाजत नहीं दी है। सरकार ने सफाई दी कि इससे राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत बिगड़ सकती है। इस सभा को पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीएम के वरिष्ठ नेता बुद्धदेब भट्टाचार्य संबोधित करने वाले थे। इस पूरे मामले से नाराज सीपीएम ने राज्य के गृह सचिव से अपील की है कि प्रशासन को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि हाल ही में ममता बनर्जी से सवाल करने वाले एक शख्स को जेल की हवा खानी पड़ी थी। इस सभा को पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीएम के वरिष्ठ नेता बुद्धदेब भट्टाचार्य संबोधित करने वाले थे। इस पूरे मामले से नाराज सीपीएम ने राज्य के गृह सचिव से अपील की है कि प्रशासन को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि हाल ही में ममता बनर्जी से सवाल करने वाले एक शख्स को जेल की हवा खानी पड़ी थी।
संक्षिप्त सारांश: पश्चिम बंगाल में तीन दशक से ज्यादा वक्त तक राज करने वाली सीपीएम को ममता सरकार ने आरमबाग में सभा करने की इजाजत नहीं दी। सरकार ने सफाई दी कि इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपने जमाने के सुपरस्टार राजेश खन्ना का अंतिम संस्कार उनके नाती आरव द्वारा विले पार्ले श्मशान घाट में किया गया। इस मौके पर मौजूद उनके परिवार के सदस्यों, दोस्तों और प्रशंसकों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। राजेश के नौ वर्षीय नाती ने अपने अभिनेता पिता अक्षय कुमार के साथ उनकी चिता को आग दी। अक्षय उनकी बड़ी बेटी ट्विंकल खन्ना के पति हैं। अपने परिवार और दोस्तों द्वारा काका कहकर पुकारे जाने वाले राजेश का बुधवार सुबह लीवर के संक्रमण की वजह से निधन हो गया था। वह 69 वर्ष के थे। उनकी अंतिम यात्रा में भी लोगों में वहीं उन्माद देखने को मिला, जो 1970 में उनके स्टारडम हासिल करने के बाद था। बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की अंतिम यात्रा उनके बांद्रा स्थित निवास 'आशीर्वाद' से लगभग 10 बजे शुरू हुई। उनके पार्थिव शरीर को पारदर्शी ताबूत में सफेद फूलों से सजे मिनी ट्रक में रखा गया था और उनके साथ भारी भीड़ चल रही थी। सुपरस्टार के परिवार के सदस्यों, दोस्तों, प्रशंसकों और फिल्मी बिरादारी सहित हजारों लोगों ने राजेश को नम आंखों से विदाई दी। अभिनेता की अंतिम यात्रा उनके बांद्रा स्थित निवास से शुरू होकर कार्टर रोड, टर्नर रोड़ और एसवी रोड होते हुए श्मशान घाट पहुंची। वैसे यात्रा को लम्बे रास्ते से निकाले जाने की योजना थी, लेकिन बारिश की वजह से इसे छोटा कर दिया गया। परन्तु यह उनके प्रशंसकों की बड़ी भीड़ को नहीं रोक सकी। यह वैसी ही विदाई थी, जिसके राजेश योग्य थे। अभिनेता की अंतिम यात्रा में उनसे अलग रही पत्नी डिम्पल कपाड़िया, उनकी छोटी बेटी रिंकी और दामाद अक्षय कुमार उनके साथ रहे। डिम्पल ने अंतिम दिनों में राजेश की खासी देखभाल की थी। गर्भवती होने के कारण ट्विंकल यात्रा में शामिल नहीं हो पाई। हिन्दी फिल्म उद्योग की हस्तियों में अमिताभ बच्चन, उनके बेटे अभिषेक बच्चन, सुधीर मिश्रा, करण जौहर, रानी मुखर्जी, साजिद खान, विनोद खन्ना और आदेश श्रीवास्तव अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित रहे। राजेश ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 1966 में फिल्म  'आखिरी खत' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अराधना', 'कटी पतंग', 'अमर प्रेम' और 'आनंद' जैसी फिल्मों से शोहरत हासिल की। महानायक अमिताभ बच्चन के अनुसार राजेश के अंतिम शब्द 'टाइम टू पैक अप' थे। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में कहा, मैं उनके निधन की खबर के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने गया। उनका एक करीब सहयोगी मेरे पास आया और रुंधे गले से कहा कि उनके अंतिम शब्द थे, टाइम हो गया है... पैक अप। अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड लीजेंड के साथ ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में काम करने वाले अमिताभ ने कहा कि पर्दे पर उनके साथ काम करना भगवान के आशीर्वाद जैसा था। अपने ब्लॉग में उन्होंने कहा, मैंने पहली बार उन्हें फिल्म मैग्जीन के कवर पर देखा। उसके बाद मेरी मां मुझे फिल्म ‘आराधना’ दिखाने ले गईं, उसके तुरंत बाद मुझे उनके साथ ‘आनंद’ में काम करने का मौका मिला। यह चमत्कार जैसा था। भगवान का आशीर्वाद जिसने मुझे प्रतिष्ठा दी। किसी को मालूम पड़ता कि मैं राजेश खन्ना के साथ काम कर रहा हूं तो मेरी महत्ता बढ़ जाती थी।टिप्पणियां गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। राजेश के नौ वर्षीय नाती ने अपने अभिनेता पिता अक्षय कुमार के साथ उनकी चिता को आग दी। अक्षय उनकी बड़ी बेटी ट्विंकल खन्ना के पति हैं। अपने परिवार और दोस्तों द्वारा काका कहकर पुकारे जाने वाले राजेश का बुधवार सुबह लीवर के संक्रमण की वजह से निधन हो गया था। वह 69 वर्ष के थे। उनकी अंतिम यात्रा में भी लोगों में वहीं उन्माद देखने को मिला, जो 1970 में उनके स्टारडम हासिल करने के बाद था। बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की अंतिम यात्रा उनके बांद्रा स्थित निवास 'आशीर्वाद' से लगभग 10 बजे शुरू हुई। उनके पार्थिव शरीर को पारदर्शी ताबूत में सफेद फूलों से सजे मिनी ट्रक में रखा गया था और उनके साथ भारी भीड़ चल रही थी। सुपरस्टार के परिवार के सदस्यों, दोस्तों, प्रशंसकों और फिल्मी बिरादारी सहित हजारों लोगों ने राजेश को नम आंखों से विदाई दी। अभिनेता की अंतिम यात्रा उनके बांद्रा स्थित निवास से शुरू होकर कार्टर रोड, टर्नर रोड़ और एसवी रोड होते हुए श्मशान घाट पहुंची। वैसे यात्रा को लम्बे रास्ते से निकाले जाने की योजना थी, लेकिन बारिश की वजह से इसे छोटा कर दिया गया। परन्तु यह उनके प्रशंसकों की बड़ी भीड़ को नहीं रोक सकी। यह वैसी ही विदाई थी, जिसके राजेश योग्य थे। अभिनेता की अंतिम यात्रा में उनसे अलग रही पत्नी डिम्पल कपाड़िया, उनकी छोटी बेटी रिंकी और दामाद अक्षय कुमार उनके साथ रहे। डिम्पल ने अंतिम दिनों में राजेश की खासी देखभाल की थी। गर्भवती होने के कारण ट्विंकल यात्रा में शामिल नहीं हो पाई। हिन्दी फिल्म उद्योग की हस्तियों में अमिताभ बच्चन, उनके बेटे अभिषेक बच्चन, सुधीर मिश्रा, करण जौहर, रानी मुखर्जी, साजिद खान, विनोद खन्ना और आदेश श्रीवास्तव अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित रहे। राजेश ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 1966 में फिल्म  'आखिरी खत' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अराधना', 'कटी पतंग', 'अमर प्रेम' और 'आनंद' जैसी फिल्मों से शोहरत हासिल की। महानायक अमिताभ बच्चन के अनुसार राजेश के अंतिम शब्द 'टाइम टू पैक अप' थे। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में कहा, मैं उनके निधन की खबर के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने गया। उनका एक करीब सहयोगी मेरे पास आया और रुंधे गले से कहा कि उनके अंतिम शब्द थे, टाइम हो गया है... पैक अप। अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड लीजेंड के साथ ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में काम करने वाले अमिताभ ने कहा कि पर्दे पर उनके साथ काम करना भगवान के आशीर्वाद जैसा था। अपने ब्लॉग में उन्होंने कहा, मैंने पहली बार उन्हें फिल्म मैग्जीन के कवर पर देखा। उसके बाद मेरी मां मुझे फिल्म ‘आराधना’ दिखाने ले गईं, उसके तुरंत बाद मुझे उनके साथ ‘आनंद’ में काम करने का मौका मिला। यह चमत्कार जैसा था। भगवान का आशीर्वाद जिसने मुझे प्रतिष्ठा दी। किसी को मालूम पड़ता कि मैं राजेश खन्ना के साथ काम कर रहा हूं तो मेरी महत्ता बढ़ जाती थी।टिप्पणियां गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। उनकी अंतिम यात्रा में भी लोगों में वहीं उन्माद देखने को मिला, जो 1970 में उनके स्टारडम हासिल करने के बाद था। बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की अंतिम यात्रा उनके बांद्रा स्थित निवास 'आशीर्वाद' से लगभग 10 बजे शुरू हुई। उनके पार्थिव शरीर को पारदर्शी ताबूत में सफेद फूलों से सजे मिनी ट्रक में रखा गया था और उनके साथ भारी भीड़ चल रही थी। सुपरस्टार के परिवार के सदस्यों, दोस्तों, प्रशंसकों और फिल्मी बिरादारी सहित हजारों लोगों ने राजेश को नम आंखों से विदाई दी। अभिनेता की अंतिम यात्रा उनके बांद्रा स्थित निवास से शुरू होकर कार्टर रोड, टर्नर रोड़ और एसवी रोड होते हुए श्मशान घाट पहुंची। वैसे यात्रा को लम्बे रास्ते से निकाले जाने की योजना थी, लेकिन बारिश की वजह से इसे छोटा कर दिया गया। परन्तु यह उनके प्रशंसकों की बड़ी भीड़ को नहीं रोक सकी। यह वैसी ही विदाई थी, जिसके राजेश योग्य थे। अभिनेता की अंतिम यात्रा में उनसे अलग रही पत्नी डिम्पल कपाड़िया, उनकी छोटी बेटी रिंकी और दामाद अक्षय कुमार उनके साथ रहे। डिम्पल ने अंतिम दिनों में राजेश की खासी देखभाल की थी। गर्भवती होने के कारण ट्विंकल यात्रा में शामिल नहीं हो पाई। हिन्दी फिल्म उद्योग की हस्तियों में अमिताभ बच्चन, उनके बेटे अभिषेक बच्चन, सुधीर मिश्रा, करण जौहर, रानी मुखर्जी, साजिद खान, विनोद खन्ना और आदेश श्रीवास्तव अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित रहे। राजेश ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 1966 में फिल्म  'आखिरी खत' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अराधना', 'कटी पतंग', 'अमर प्रेम' और 'आनंद' जैसी फिल्मों से शोहरत हासिल की। महानायक अमिताभ बच्चन के अनुसार राजेश के अंतिम शब्द 'टाइम टू पैक अप' थे। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में कहा, मैं उनके निधन की खबर के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने गया। उनका एक करीब सहयोगी मेरे पास आया और रुंधे गले से कहा कि उनके अंतिम शब्द थे, टाइम हो गया है... पैक अप। अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड लीजेंड के साथ ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में काम करने वाले अमिताभ ने कहा कि पर्दे पर उनके साथ काम करना भगवान के आशीर्वाद जैसा था। अपने ब्लॉग में उन्होंने कहा, मैंने पहली बार उन्हें फिल्म मैग्जीन के कवर पर देखा। उसके बाद मेरी मां मुझे फिल्म ‘आराधना’ दिखाने ले गईं, उसके तुरंत बाद मुझे उनके साथ ‘आनंद’ में काम करने का मौका मिला। यह चमत्कार जैसा था। भगवान का आशीर्वाद जिसने मुझे प्रतिष्ठा दी। किसी को मालूम पड़ता कि मैं राजेश खन्ना के साथ काम कर रहा हूं तो मेरी महत्ता बढ़ जाती थी।टिप्पणियां गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। सुपरस्टार के परिवार के सदस्यों, दोस्तों, प्रशंसकों और फिल्मी बिरादारी सहित हजारों लोगों ने राजेश को नम आंखों से विदाई दी। अभिनेता की अंतिम यात्रा उनके बांद्रा स्थित निवास से शुरू होकर कार्टर रोड, टर्नर रोड़ और एसवी रोड होते हुए श्मशान घाट पहुंची। वैसे यात्रा को लम्बे रास्ते से निकाले जाने की योजना थी, लेकिन बारिश की वजह से इसे छोटा कर दिया गया। परन्तु यह उनके प्रशंसकों की बड़ी भीड़ को नहीं रोक सकी। यह वैसी ही विदाई थी, जिसके राजेश योग्य थे। अभिनेता की अंतिम यात्रा में उनसे अलग रही पत्नी डिम्पल कपाड़िया, उनकी छोटी बेटी रिंकी और दामाद अक्षय कुमार उनके साथ रहे। डिम्पल ने अंतिम दिनों में राजेश की खासी देखभाल की थी। गर्भवती होने के कारण ट्विंकल यात्रा में शामिल नहीं हो पाई। हिन्दी फिल्म उद्योग की हस्तियों में अमिताभ बच्चन, उनके बेटे अभिषेक बच्चन, सुधीर मिश्रा, करण जौहर, रानी मुखर्जी, साजिद खान, विनोद खन्ना और आदेश श्रीवास्तव अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित रहे। राजेश ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 1966 में फिल्म  'आखिरी खत' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अराधना', 'कटी पतंग', 'अमर प्रेम' और 'आनंद' जैसी फिल्मों से शोहरत हासिल की। महानायक अमिताभ बच्चन के अनुसार राजेश के अंतिम शब्द 'टाइम टू पैक अप' थे। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में कहा, मैं उनके निधन की खबर के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने गया। उनका एक करीब सहयोगी मेरे पास आया और रुंधे गले से कहा कि उनके अंतिम शब्द थे, टाइम हो गया है... पैक अप। अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड लीजेंड के साथ ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में काम करने वाले अमिताभ ने कहा कि पर्दे पर उनके साथ काम करना भगवान के आशीर्वाद जैसा था। अपने ब्लॉग में उन्होंने कहा, मैंने पहली बार उन्हें फिल्म मैग्जीन के कवर पर देखा। उसके बाद मेरी मां मुझे फिल्म ‘आराधना’ दिखाने ले गईं, उसके तुरंत बाद मुझे उनके साथ ‘आनंद’ में काम करने का मौका मिला। यह चमत्कार जैसा था। भगवान का आशीर्वाद जिसने मुझे प्रतिष्ठा दी। किसी को मालूम पड़ता कि मैं राजेश खन्ना के साथ काम कर रहा हूं तो मेरी महत्ता बढ़ जाती थी।टिप्पणियां गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। अभिनेता की अंतिम यात्रा में उनसे अलग रही पत्नी डिम्पल कपाड़िया, उनकी छोटी बेटी रिंकी और दामाद अक्षय कुमार उनके साथ रहे। डिम्पल ने अंतिम दिनों में राजेश की खासी देखभाल की थी। गर्भवती होने के कारण ट्विंकल यात्रा में शामिल नहीं हो पाई। हिन्दी फिल्म उद्योग की हस्तियों में अमिताभ बच्चन, उनके बेटे अभिषेक बच्चन, सुधीर मिश्रा, करण जौहर, रानी मुखर्जी, साजिद खान, विनोद खन्ना और आदेश श्रीवास्तव अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित रहे। राजेश ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 1966 में फिल्म  'आखिरी खत' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अराधना', 'कटी पतंग', 'अमर प्रेम' और 'आनंद' जैसी फिल्मों से शोहरत हासिल की। महानायक अमिताभ बच्चन के अनुसार राजेश के अंतिम शब्द 'टाइम टू पैक अप' थे। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में कहा, मैं उनके निधन की खबर के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने गया। उनका एक करीब सहयोगी मेरे पास आया और रुंधे गले से कहा कि उनके अंतिम शब्द थे, टाइम हो गया है... पैक अप। अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड लीजेंड के साथ ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में काम करने वाले अमिताभ ने कहा कि पर्दे पर उनके साथ काम करना भगवान के आशीर्वाद जैसा था। अपने ब्लॉग में उन्होंने कहा, मैंने पहली बार उन्हें फिल्म मैग्जीन के कवर पर देखा। उसके बाद मेरी मां मुझे फिल्म ‘आराधना’ दिखाने ले गईं, उसके तुरंत बाद मुझे उनके साथ ‘आनंद’ में काम करने का मौका मिला। यह चमत्कार जैसा था। भगवान का आशीर्वाद जिसने मुझे प्रतिष्ठा दी। किसी को मालूम पड़ता कि मैं राजेश खन्ना के साथ काम कर रहा हूं तो मेरी महत्ता बढ़ जाती थी।टिप्पणियां गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। हिन्दी फिल्म उद्योग की हस्तियों में अमिताभ बच्चन, उनके बेटे अभिषेक बच्चन, सुधीर मिश्रा, करण जौहर, रानी मुखर्जी, साजिद खान, विनोद खन्ना और आदेश श्रीवास्तव अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित रहे। राजेश ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 1966 में फिल्म  'आखिरी खत' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अराधना', 'कटी पतंग', 'अमर प्रेम' और 'आनंद' जैसी फिल्मों से शोहरत हासिल की। महानायक अमिताभ बच्चन के अनुसार राजेश के अंतिम शब्द 'टाइम टू पैक अप' थे। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में कहा, मैं उनके निधन की खबर के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने गया। उनका एक करीब सहयोगी मेरे पास आया और रुंधे गले से कहा कि उनके अंतिम शब्द थे, टाइम हो गया है... पैक अप। अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड लीजेंड के साथ ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में काम करने वाले अमिताभ ने कहा कि पर्दे पर उनके साथ काम करना भगवान के आशीर्वाद जैसा था। अपने ब्लॉग में उन्होंने कहा, मैंने पहली बार उन्हें फिल्म मैग्जीन के कवर पर देखा। उसके बाद मेरी मां मुझे फिल्म ‘आराधना’ दिखाने ले गईं, उसके तुरंत बाद मुझे उनके साथ ‘आनंद’ में काम करने का मौका मिला। यह चमत्कार जैसा था। भगवान का आशीर्वाद जिसने मुझे प्रतिष्ठा दी। किसी को मालूम पड़ता कि मैं राजेश खन्ना के साथ काम कर रहा हूं तो मेरी महत्ता बढ़ जाती थी।टिप्पणियां गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। राजेश ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 1966 में फिल्म  'आखिरी खत' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अराधना', 'कटी पतंग', 'अमर प्रेम' और 'आनंद' जैसी फिल्मों से शोहरत हासिल की। महानायक अमिताभ बच्चन के अनुसार राजेश के अंतिम शब्द 'टाइम टू पैक अप' थे। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में कहा, मैं उनके निधन की खबर के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने गया। उनका एक करीब सहयोगी मेरे पास आया और रुंधे गले से कहा कि उनके अंतिम शब्द थे, टाइम हो गया है... पैक अप। अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड लीजेंड के साथ ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में काम करने वाले अमिताभ ने कहा कि पर्दे पर उनके साथ काम करना भगवान के आशीर्वाद जैसा था। अपने ब्लॉग में उन्होंने कहा, मैंने पहली बार उन्हें फिल्म मैग्जीन के कवर पर देखा। उसके बाद मेरी मां मुझे फिल्म ‘आराधना’ दिखाने ले गईं, उसके तुरंत बाद मुझे उनके साथ ‘आनंद’ में काम करने का मौका मिला। यह चमत्कार जैसा था। भगवान का आशीर्वाद जिसने मुझे प्रतिष्ठा दी। किसी को मालूम पड़ता कि मैं राजेश खन्ना के साथ काम कर रहा हूं तो मेरी महत्ता बढ़ जाती थी।टिप्पणियां गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। अमिताभ ने अपने ब्लॉग में कहा, मैं उनके निधन की खबर के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने गया। उनका एक करीब सहयोगी मेरे पास आया और रुंधे गले से कहा कि उनके अंतिम शब्द थे, टाइम हो गया है... पैक अप। अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड लीजेंड के साथ ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में काम करने वाले अमिताभ ने कहा कि पर्दे पर उनके साथ काम करना भगवान के आशीर्वाद जैसा था। अपने ब्लॉग में उन्होंने कहा, मैंने पहली बार उन्हें फिल्म मैग्जीन के कवर पर देखा। उसके बाद मेरी मां मुझे फिल्म ‘आराधना’ दिखाने ले गईं, उसके तुरंत बाद मुझे उनके साथ ‘आनंद’ में काम करने का मौका मिला। यह चमत्कार जैसा था। भगवान का आशीर्वाद जिसने मुझे प्रतिष्ठा दी। किसी को मालूम पड़ता कि मैं राजेश खन्ना के साथ काम कर रहा हूं तो मेरी महत्ता बढ़ जाती थी।टिप्पणियां गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। अपने ब्लॉग में उन्होंने कहा, मैंने पहली बार उन्हें फिल्म मैग्जीन के कवर पर देखा। उसके बाद मेरी मां मुझे फिल्म ‘आराधना’ दिखाने ले गईं, उसके तुरंत बाद मुझे उनके साथ ‘आनंद’ में काम करने का मौका मिला। यह चमत्कार जैसा था। भगवान का आशीर्वाद जिसने मुझे प्रतिष्ठा दी। किसी को मालूम पड़ता कि मैं राजेश खन्ना के साथ काम कर रहा हूं तो मेरी महत्ता बढ़ जाती थी।टिप्पणियां गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। गौरतलब है कि राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। राजेश खन्ना की परवरिश उनके दत्तक माता−पिता ने की थी। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है। राजेश खन्ना ने फिल्मी पर्दे पर रोमांस को नई पहचान दी थी और 1969 से 1972 के बीच सोलो एक्टर के तौर पर उन्होंने 15 हिट फिल्में दीं। ये कारनामा न पहले कभी हुआ और न ही अब तक कोई इसे कर पाया है।
यहाँ एक सारांश है:राजेश खन्ना का अंतिम संस्कार उनके नाती आरव द्वारा विले पार्ले श्मशान घाट में किया गया। इस मौके पर मौजूद उनके परिवार के सदस्यों, दोस्तों और प्रशंसकों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक्‍टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी नंदिता दास द्वारा निर्देशित फिल्‍म 'मंटो' में लेखक सआदत हसन मंटो के किरदार में नजर आने वाले हैं. नवाजुद्दीन उन सितारों में से एक हैं तो बॉलीवुड के तीनों खान, सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान की फिल्‍मों का हिस्‍सा रहे हैं. इन तीनों खानों में नवाज ने सबसे ज्‍यादा सलमान खान के साथ काम किय है. वह सलमान खान की 'किक', 'बजरंगी भाईजान' जैसी फिल्‍मों में नजर आ चुके हैं. यूं तो सलमान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी की आपस में अच्‍छी दोस्‍ती है लेकिन फिर भी नवाज, सलामन खान की पार्टियों का हिस्‍सा नहीं बनते.  हाल ही में मुंबई मिरर को दिए एक इंटरव्‍यू में नवाज ने कहा कि क्‍योंकि वह अक्‍सर बॉलीवुड पार्टीयों का हिस्‍सा बनने से मना कर देते हैं, इसलिए अब उन्‍हें बुलाया ही नहीं जाता. नवाज ने कबूल किया कि वह 'देसी बॉलीवुड पार्टीयों' का हिस्‍सा बनने पर असहज महसूस करते हैं. नवाजुद्दीन ने इस इंटरव्‍यू में कहा, 'पहले उन्‍हें सलमान खान की पार्टी में बुलाया जाता था लेकिन अब नहीं बुलाया जाता. सुडान, बर्लिन और कान्‍स के रेड कार्पेट पर चलने के बाद भी में बॉलीवुड की देसी पार्टीयों में असहज महसूस करता हूं. इसलिए मुझे लगता है, सभी ने यह तय कर लिया है कि मुझे बुलाया ही न जाए, क्‍योंकि मैं न ही करुंगा.' टिप्पणियां वहीं सलामन खान की बात करें तो उन्‍हें और उनके पूरे परिवार को पार्टी करना काफी पसंद है. उदाहरण के लिए चाहे सलमान खान के 51 वें जन्‍मदिन की पार्टी हो या फिर कुछ और, बॉलीवुड के कई सितारें इन पार्टियों का हिस्‍सा बनते हैं. सलमान की इस बर्थडे पार्टी में 'बजरंगी भाईजान' के डायरेक्‍टर कबीर खान भी थे लेकिन नवाजुद्दीन इस मौके पर नजर नहीं आए. तीनों खानों के साथ नजर आ चुके नवाज ने मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया कि फिल्‍म 'रईस' में शाहरुख खान के साथ उनकी केमिस्ट्री बेस्ट थी. नवाजुद्दीन ने कहा, 'रईस की शूटिंग के दौरान मैं खुद से लगातार बोल रहा था कि वो शाहरुख खान नहीं हैं, सुपरस्टार नहीं हैं, जो वहां मेरे साथ खड़े हैं क्योंकि यह एक एक्टर के तौर पर अपमान होगा. मेरे लिए वो हमेशा रईस खान रहे हैं. उन्होंने कहा क्योंकि शाहरुख खान का भी बैकग्राउंड थिएटर से रहा है तो इसलिए मैंने उनके साथ सीन शूट करते समय काफी एंज्यॉय किया.' नवाज ने कबूल किया कि वह 'देसी बॉलीवुड पार्टीयों' का हिस्‍सा बनने पर असहज महसूस करते हैं. नवाजुद्दीन ने इस इंटरव्‍यू में कहा, 'पहले उन्‍हें सलमान खान की पार्टी में बुलाया जाता था लेकिन अब नहीं बुलाया जाता. सुडान, बर्लिन और कान्‍स के रेड कार्पेट पर चलने के बाद भी में बॉलीवुड की देसी पार्टीयों में असहज महसूस करता हूं. इसलिए मुझे लगता है, सभी ने यह तय कर लिया है कि मुझे बुलाया ही न जाए, क्‍योंकि मैं न ही करुंगा.' टिप्पणियां वहीं सलामन खान की बात करें तो उन्‍हें और उनके पूरे परिवार को पार्टी करना काफी पसंद है. उदाहरण के लिए चाहे सलमान खान के 51 वें जन्‍मदिन की पार्टी हो या फिर कुछ और, बॉलीवुड के कई सितारें इन पार्टियों का हिस्‍सा बनते हैं. सलमान की इस बर्थडे पार्टी में 'बजरंगी भाईजान' के डायरेक्‍टर कबीर खान भी थे लेकिन नवाजुद्दीन इस मौके पर नजर नहीं आए. तीनों खानों के साथ नजर आ चुके नवाज ने मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया कि फिल्‍म 'रईस' में शाहरुख खान के साथ उनकी केमिस्ट्री बेस्ट थी. नवाजुद्दीन ने कहा, 'रईस की शूटिंग के दौरान मैं खुद से लगातार बोल रहा था कि वो शाहरुख खान नहीं हैं, सुपरस्टार नहीं हैं, जो वहां मेरे साथ खड़े हैं क्योंकि यह एक एक्टर के तौर पर अपमान होगा. मेरे लिए वो हमेशा रईस खान रहे हैं. उन्होंने कहा क्योंकि शाहरुख खान का भी बैकग्राउंड थिएटर से रहा है तो इसलिए मैंने उनके साथ सीन शूट करते समय काफी एंज्यॉय किया.' वहीं सलामन खान की बात करें तो उन्‍हें और उनके पूरे परिवार को पार्टी करना काफी पसंद है. उदाहरण के लिए चाहे सलमान खान के 51 वें जन्‍मदिन की पार्टी हो या फिर कुछ और, बॉलीवुड के कई सितारें इन पार्टियों का हिस्‍सा बनते हैं. सलमान की इस बर्थडे पार्टी में 'बजरंगी भाईजान' के डायरेक्‍टर कबीर खान भी थे लेकिन नवाजुद्दीन इस मौके पर नजर नहीं आए. तीनों खानों के साथ नजर आ चुके नवाज ने मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया कि फिल्‍म 'रईस' में शाहरुख खान के साथ उनकी केमिस्ट्री बेस्ट थी. नवाजुद्दीन ने कहा, 'रईस की शूटिंग के दौरान मैं खुद से लगातार बोल रहा था कि वो शाहरुख खान नहीं हैं, सुपरस्टार नहीं हैं, जो वहां मेरे साथ खड़े हैं क्योंकि यह एक एक्टर के तौर पर अपमान होगा. मेरे लिए वो हमेशा रईस खान रहे हैं. उन्होंने कहा क्योंकि शाहरुख खान का भी बैकग्राउंड थिएटर से रहा है तो इसलिए मैंने उनके साथ सीन शूट करते समय काफी एंज्यॉय किया.' तीनों खानों के साथ नजर आ चुके नवाज ने मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया कि फिल्‍म 'रईस' में शाहरुख खान के साथ उनकी केमिस्ट्री बेस्ट थी. नवाजुद्दीन ने कहा, 'रईस की शूटिंग के दौरान मैं खुद से लगातार बोल रहा था कि वो शाहरुख खान नहीं हैं, सुपरस्टार नहीं हैं, जो वहां मेरे साथ खड़े हैं क्योंकि यह एक एक्टर के तौर पर अपमान होगा. मेरे लिए वो हमेशा रईस खान रहे हैं. उन्होंने कहा क्योंकि शाहरुख खान का भी बैकग्राउंड थिएटर से रहा है तो इसलिए मैंने उनके साथ सीन शूट करते समय काफी एंज्यॉय किया.'
संक्षिप्त सारांश: नवाजुद्दीन ने बताया, अब लोगों ने पार्टियों में बुलाना बंद कर दिया है बॉलीवुड की देसी पार्टियों में खुद को सहज महसूस नहीं करते नवाज सलमान खान ने भी अब नवाज को पार्टियों में बुलाना कर दिया है बंद
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब के मौड़ मंडी में मंगलवार को कांग्रेस के एक उम्मीदवार की चुनावी सभा के निकट धमाका होने से तीन लोगों की मौत हो गई. बलास्ट में कांग्रेस उम्मीदवार हरमिंदर सिंह जस्सी बाल-बाल बच गए. धमाके में 15 लोग जख्मी भी हुए हैं. इनमें हरमिंदर के गनर और ड्राइवर भी शामिल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सभा खत्म होने के बाद हरमिंदर जस्सी अपनी कार की ओर जा रहे थे, तभी वहां एक मारुति कार में जोरदार धमाका हुआ. धमाके में हरमिंदर की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई है. पुलिस महानिदेशक के मुताबिक मौके पर फोरेंसिंक टीम को रवाना कर दिया गया है. गृह मंत्रालय के सूत्र बता रहे हैं कि शुरुआती जांच में यह IED ब्लास्ट लग रहा है. जिस जगह धमाका हुआ, वहां एक प्रेशर कुकर भी मिला है.टिप्पणियां हरमिंदर जस्सी की ओर से कहा गया है कि यह उन पर जानलेवा हमला किया गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्रदेश का माहौल खराब करवाने के लिए कुछ कट्टरपंथी तत्वों की ओर से यह हमला करवाया गया और यह कांग्रेस के खिलाफ एक साजिश है. बठिंडा के उपायुक्त घनश्याम थोरी ने बताया कि एक मारुति कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में एक नाबालिग शामिल है. राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए 4 फरवरी को मतदान होने हैं. पुलिस महानिदेशक के मुताबिक मौके पर फोरेंसिंक टीम को रवाना कर दिया गया है. गृह मंत्रालय के सूत्र बता रहे हैं कि शुरुआती जांच में यह IED ब्लास्ट लग रहा है. जिस जगह धमाका हुआ, वहां एक प्रेशर कुकर भी मिला है.टिप्पणियां हरमिंदर जस्सी की ओर से कहा गया है कि यह उन पर जानलेवा हमला किया गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्रदेश का माहौल खराब करवाने के लिए कुछ कट्टरपंथी तत्वों की ओर से यह हमला करवाया गया और यह कांग्रेस के खिलाफ एक साजिश है. बठिंडा के उपायुक्त घनश्याम थोरी ने बताया कि एक मारुति कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में एक नाबालिग शामिल है. राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए 4 फरवरी को मतदान होने हैं. हरमिंदर जस्सी की ओर से कहा गया है कि यह उन पर जानलेवा हमला किया गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्रदेश का माहौल खराब करवाने के लिए कुछ कट्टरपंथी तत्वों की ओर से यह हमला करवाया गया और यह कांग्रेस के खिलाफ एक साजिश है. बठिंडा के उपायुक्त घनश्याम थोरी ने बताया कि एक मारुति कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में एक नाबालिग शामिल है. राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए 4 फरवरी को मतदान होने हैं. बठिंडा के उपायुक्त घनश्याम थोरी ने बताया कि एक मारुति कार में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में एक नाबालिग शामिल है. राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए 4 फरवरी को मतदान होने हैं.
यह एक सारांश है: धमाके में बाल-बाल बचे कांग्रेस प्रत्याशी हरमिंदर सिंह जस्सी उनके ड्राइवर और गनर समेत करीब 15 लोग घायल हो गए धमाके वाली जगह पर एक क्षतिग्रस्त प्रेशर कुकर भी मिला
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आम तौर पर अहमदाबाद के ज्यादातर कॉलेजों में दिसंबर के महीने में मस्ती की बहार होती है. पूरा महीना अलग-अलग सांस्कृतिक महोत्सव या कल्चरल फेस्टीवल.. शॉर्ट में कहें तो कलफेस्ट चलते रहते हैं, लेकिन इस साल नोटबंदी की वजह से ऐसा माहौल बेहद कम देखने को मिल रहा है. गुरुवार को सेंट जेवियर्स कॉलेज में पूरा दिन सांस्कृतिक महोत्सव चलता रहा, लेकिन ज्यादातर कॉलेजों ने अपने आयोजन या तो आगे बढ़ा दिए हैं या फिर रद्द कर दिए हैं. जेवियर्स कॉलेज भी बड़ी मुश्किल से कुछ पैसा जमा कर पाया. हालांकि इस साल उनका खर्च भी फंड की कमी से आधा रह गया है. कॉलेज के सांस्कृतिक महोत्सव कमेटी के सदस्य चिंतन दलाल कहते हैं कि बहुत मुश्किल हुई. कई लोगों ने पहले हामी भरी थी, लेकिन नवंबर के महीने में नोटबंदी के बाद पैर पीछे खींच लिए. पुराने छात्रों औऱ अध्यापकों के साथ कॉलेज मैनेजमेंट ने मदद की, इसलिए ये हो पाया. कई बड़े कॉलेजों में भी सांस्कृतिक महोत्सव के बिना छात्र निराश हैं, लेकिन मुश्किल से ही सही हो रहा है तो इसमें हिस्सा लेने वाले छात्रों के चेहरे खिले हुए हैं. उन्हें लगता है कि अगर ये आयोजन नहीं होता तो वो छात्र जिंदगी का एक बेहद अहम मौका गंवा देते. टिप्पणियां फर्स्‍ट ईयर साल में पढ़ने वाले अंकित शासक कहते हैं कि 'उन्होंने स्कूल में बहुत सुना था कि कॉलेज की ज़िंदगी बेहद खूबसूरत होती है, लेकिन अगर ये आयोजन नहीं होता तो सिर्फ सुना ही रह जाता. देख नहीं पाते कि कितना मज़ा आता है'. थर्ड ईयर में पढ़ने वाली मानसी बाबरिया कहती हैं कि वो पिछले दो सालों से अपनी टीम को जीता नहीं पाती थीं. इस साल वो डांस में अपनी टीम को चैंपियन बनवाना चाहती हैं. अगर इस साल महोत्सव नहीं होता तो जीवन भर इसे कोसती कि उन्हें मौका नहीं मिला. छोटे औऱ मझौले उद्योगों के साथ-साथ कॉलेजों में होने वाले छोटे-छोटे आयोजनों पर नोटबंदी का असर दिखने लगा है. गुरुवार को सेंट जेवियर्स कॉलेज में पूरा दिन सांस्कृतिक महोत्सव चलता रहा, लेकिन ज्यादातर कॉलेजों ने अपने आयोजन या तो आगे बढ़ा दिए हैं या फिर रद्द कर दिए हैं. जेवियर्स कॉलेज भी बड़ी मुश्किल से कुछ पैसा जमा कर पाया. हालांकि इस साल उनका खर्च भी फंड की कमी से आधा रह गया है. कॉलेज के सांस्कृतिक महोत्सव कमेटी के सदस्य चिंतन दलाल कहते हैं कि बहुत मुश्किल हुई. कई लोगों ने पहले हामी भरी थी, लेकिन नवंबर के महीने में नोटबंदी के बाद पैर पीछे खींच लिए. पुराने छात्रों औऱ अध्यापकों के साथ कॉलेज मैनेजमेंट ने मदद की, इसलिए ये हो पाया. कई बड़े कॉलेजों में भी सांस्कृतिक महोत्सव के बिना छात्र निराश हैं, लेकिन मुश्किल से ही सही हो रहा है तो इसमें हिस्सा लेने वाले छात्रों के चेहरे खिले हुए हैं. उन्हें लगता है कि अगर ये आयोजन नहीं होता तो वो छात्र जिंदगी का एक बेहद अहम मौका गंवा देते. टिप्पणियां फर्स्‍ट ईयर साल में पढ़ने वाले अंकित शासक कहते हैं कि 'उन्होंने स्कूल में बहुत सुना था कि कॉलेज की ज़िंदगी बेहद खूबसूरत होती है, लेकिन अगर ये आयोजन नहीं होता तो सिर्फ सुना ही रह जाता. देख नहीं पाते कि कितना मज़ा आता है'. थर्ड ईयर में पढ़ने वाली मानसी बाबरिया कहती हैं कि वो पिछले दो सालों से अपनी टीम को जीता नहीं पाती थीं. इस साल वो डांस में अपनी टीम को चैंपियन बनवाना चाहती हैं. अगर इस साल महोत्सव नहीं होता तो जीवन भर इसे कोसती कि उन्हें मौका नहीं मिला. छोटे औऱ मझौले उद्योगों के साथ-साथ कॉलेजों में होने वाले छोटे-छोटे आयोजनों पर नोटबंदी का असर दिखने लगा है. कॉलेज के सांस्कृतिक महोत्सव कमेटी के सदस्य चिंतन दलाल कहते हैं कि बहुत मुश्किल हुई. कई लोगों ने पहले हामी भरी थी, लेकिन नवंबर के महीने में नोटबंदी के बाद पैर पीछे खींच लिए. पुराने छात्रों औऱ अध्यापकों के साथ कॉलेज मैनेजमेंट ने मदद की, इसलिए ये हो पाया. कई बड़े कॉलेजों में भी सांस्कृतिक महोत्सव के बिना छात्र निराश हैं, लेकिन मुश्किल से ही सही हो रहा है तो इसमें हिस्सा लेने वाले छात्रों के चेहरे खिले हुए हैं. उन्हें लगता है कि अगर ये आयोजन नहीं होता तो वो छात्र जिंदगी का एक बेहद अहम मौका गंवा देते. टिप्पणियां फर्स्‍ट ईयर साल में पढ़ने वाले अंकित शासक कहते हैं कि 'उन्होंने स्कूल में बहुत सुना था कि कॉलेज की ज़िंदगी बेहद खूबसूरत होती है, लेकिन अगर ये आयोजन नहीं होता तो सिर्फ सुना ही रह जाता. देख नहीं पाते कि कितना मज़ा आता है'. थर्ड ईयर में पढ़ने वाली मानसी बाबरिया कहती हैं कि वो पिछले दो सालों से अपनी टीम को जीता नहीं पाती थीं. इस साल वो डांस में अपनी टीम को चैंपियन बनवाना चाहती हैं. अगर इस साल महोत्सव नहीं होता तो जीवन भर इसे कोसती कि उन्हें मौका नहीं मिला. छोटे औऱ मझौले उद्योगों के साथ-साथ कॉलेजों में होने वाले छोटे-छोटे आयोजनों पर नोटबंदी का असर दिखने लगा है. कई बड़े कॉलेजों में भी सांस्कृतिक महोत्सव के बिना छात्र निराश हैं, लेकिन मुश्किल से ही सही हो रहा है तो इसमें हिस्सा लेने वाले छात्रों के चेहरे खिले हुए हैं. उन्हें लगता है कि अगर ये आयोजन नहीं होता तो वो छात्र जिंदगी का एक बेहद अहम मौका गंवा देते. टिप्पणियां फर्स्‍ट ईयर साल में पढ़ने वाले अंकित शासक कहते हैं कि 'उन्होंने स्कूल में बहुत सुना था कि कॉलेज की ज़िंदगी बेहद खूबसूरत होती है, लेकिन अगर ये आयोजन नहीं होता तो सिर्फ सुना ही रह जाता. देख नहीं पाते कि कितना मज़ा आता है'. थर्ड ईयर में पढ़ने वाली मानसी बाबरिया कहती हैं कि वो पिछले दो सालों से अपनी टीम को जीता नहीं पाती थीं. इस साल वो डांस में अपनी टीम को चैंपियन बनवाना चाहती हैं. अगर इस साल महोत्सव नहीं होता तो जीवन भर इसे कोसती कि उन्हें मौका नहीं मिला. छोटे औऱ मझौले उद्योगों के साथ-साथ कॉलेजों में होने वाले छोटे-छोटे आयोजनों पर नोटबंदी का असर दिखने लगा है. फर्स्‍ट ईयर साल में पढ़ने वाले अंकित शासक कहते हैं कि 'उन्होंने स्कूल में बहुत सुना था कि कॉलेज की ज़िंदगी बेहद खूबसूरत होती है, लेकिन अगर ये आयोजन नहीं होता तो सिर्फ सुना ही रह जाता. देख नहीं पाते कि कितना मज़ा आता है'. थर्ड ईयर में पढ़ने वाली मानसी बाबरिया कहती हैं कि वो पिछले दो सालों से अपनी टीम को जीता नहीं पाती थीं. इस साल वो डांस में अपनी टीम को चैंपियन बनवाना चाहती हैं. अगर इस साल महोत्सव नहीं होता तो जीवन भर इसे कोसती कि उन्हें मौका नहीं मिला. छोटे औऱ मझौले उद्योगों के साथ-साथ कॉलेजों में होने वाले छोटे-छोटे आयोजनों पर नोटबंदी का असर दिखने लगा है. थर्ड ईयर में पढ़ने वाली मानसी बाबरिया कहती हैं कि वो पिछले दो सालों से अपनी टीम को जीता नहीं पाती थीं. इस साल वो डांस में अपनी टीम को चैंपियन बनवाना चाहती हैं. अगर इस साल महोत्सव नहीं होता तो जीवन भर इसे कोसती कि उन्हें मौका नहीं मिला. छोटे औऱ मझौले उद्योगों के साथ-साथ कॉलेजों में होने वाले छोटे-छोटे आयोजनों पर नोटबंदी का असर दिखने लगा है.
संक्षिप्त पाठ: नोटबंदी की वजह से कॉलेजों में फेस्‍ट का माहौल बेहद कम देखने को मिल रहा. कॉलेज सांस्कृतिक महोत्सव कमेटी के सदस्य चिंतन दलाल बोले, बहुत मुश्किल हुई कई बड़े कॉलेजों में भी सांस्कृतिक महोत्सव के बिना छात्र निराश हैं.
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने बुधवार को इंडियन बैंक के पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एम गोपालकृष्णन और एक अन्य अधिकारी को धोखाधड़ी तथा पद का दुरुपयोग मामले में एक साल के जेल की सजा दी। विशेष अदालत ने बैंक के जोनल प्रबंधक एवी शनमुगसुंदरम को भी एक साल के जेल तथा अकिलम कंस्ट्रक्शन के प्रबंध निदेशक एस धनसिंह को दो साल के जेल की सजा सुनाई। सीबीआई के बयान के मुताबिक अदालत ने तीनों दोषियों पर 4,50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।टिप्पणियां सीबीआई ने गोपालकृष्णन, बैंक के दो अधिकारियों-शनमुगसुंदरम और के सुंदरमूर्ति, एलेंगर फाउंडेशन के प्रोपराइटर के आनंद पिल्लई और धन सिंह के खिलाफ इस आरोप के साथ मामला दर्ज किया था कि उन्होंने बैंक को चूना लगाने के लिए 1993-95 में षड्यंत्र किया था। सुनवाई प्रक्रिया के दौरान दो आरोपी सुंदरमूर्ति और पिल्लई की मौत हो गई थी। विशेष अदालत ने बैंक के जोनल प्रबंधक एवी शनमुगसुंदरम को भी एक साल के जेल तथा अकिलम कंस्ट्रक्शन के प्रबंध निदेशक एस धनसिंह को दो साल के जेल की सजा सुनाई। सीबीआई के बयान के मुताबिक अदालत ने तीनों दोषियों पर 4,50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।टिप्पणियां सीबीआई ने गोपालकृष्णन, बैंक के दो अधिकारियों-शनमुगसुंदरम और के सुंदरमूर्ति, एलेंगर फाउंडेशन के प्रोपराइटर के आनंद पिल्लई और धन सिंह के खिलाफ इस आरोप के साथ मामला दर्ज किया था कि उन्होंने बैंक को चूना लगाने के लिए 1993-95 में षड्यंत्र किया था। सुनवाई प्रक्रिया के दौरान दो आरोपी सुंदरमूर्ति और पिल्लई की मौत हो गई थी। सीबीआई के बयान के मुताबिक अदालत ने तीनों दोषियों पर 4,50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।टिप्पणियां सीबीआई ने गोपालकृष्णन, बैंक के दो अधिकारियों-शनमुगसुंदरम और के सुंदरमूर्ति, एलेंगर फाउंडेशन के प्रोपराइटर के आनंद पिल्लई और धन सिंह के खिलाफ इस आरोप के साथ मामला दर्ज किया था कि उन्होंने बैंक को चूना लगाने के लिए 1993-95 में षड्यंत्र किया था। सुनवाई प्रक्रिया के दौरान दो आरोपी सुंदरमूर्ति और पिल्लई की मौत हो गई थी। सीबीआई ने गोपालकृष्णन, बैंक के दो अधिकारियों-शनमुगसुंदरम और के सुंदरमूर्ति, एलेंगर फाउंडेशन के प्रोपराइटर के आनंद पिल्लई और धन सिंह के खिलाफ इस आरोप के साथ मामला दर्ज किया था कि उन्होंने बैंक को चूना लगाने के लिए 1993-95 में षड्यंत्र किया था। सुनवाई प्रक्रिया के दौरान दो आरोपी सुंदरमूर्ति और पिल्लई की मौत हो गई थी। सुनवाई प्रक्रिया के दौरान दो आरोपी सुंदरमूर्ति और पिल्लई की मौत हो गई थी।
सारांश: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने बुधवार को इंडियन बैंक के पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एम गोपालकृष्णन और एक अन्य अधिकारी को धोखाधड़ी तथा पद का दुरुपयोग मामले में एक साल के जेल की सजा दी।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: श्रीसंत एवं राजस्थान रॉयल्स के गिरफ्तार दो अन्य खिलाड़ियों ने आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग की बात स्वीकार की है जबकि दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि पूछताछ में जिन अन्य खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका के बारे में भी जांच की जा सकती है। इसी बीच, आईपीएल के अन्य सट्टेबाजी रैकेट के सिलसिले में तमिलनाडु से छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही मुंबई एवं दिल्ली से एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। क्रिकेटर श्रीसंत, अंकित चव्हान एवं अजित चंदीला के साथ ही 11 सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया गया था। खिलाड़ियों को रूपजाल में फंसाए जाने की खबरों को बल देते हुए दिल्ली पुलिस के आयुक्त नीरज कुमार ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाज श्रीसंत एवं उसके दोस्त जीजू को जब गिरफ्तार किया गया तो उस समय वे लड़कियों के साथ थे। यह पूछे जाने पर कि क्या तीनों क्रिकेटरों ने स्पॉट फिक्सिंग में अपराध कबूल किया है, कुमार ने कहा, हां। उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास इसके अलावा कोई और विकल्प था ही नहीं।’’ कुमार ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं और हम आश्वस्त हैं कि उन्हें दोषी ठहराया जाएगा। तीनों क्रिकेटरों के वकीलों ने जोर दिया कि उनके मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष हैं और उन्हें गहरी साजिश के तहत गलत रूप से फंसाया गया है। दिल्ली पुलिस ने आज दावा किया कि पूछताछ में जिन खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं उनकी भूमिका के बारे में भी जांच की जा सकती है। दिल्ली पुलिस द्वारा चालू सत्र के कुछ अन्य आईपीएल मैचों की जांच किए जाने की संभावना है। श्रीसंत तथा राजस्थान रायल्स के दो अन्य खिलाड़ी चव्हाण एवं अजित चंदीला एवं गिरफ्तार किए गए 11 अन्य सट्टेबाजों से पुलिस की विशेष शाखा द्वारा पूछताछ की जाएगी। यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार सट्टेबाजों ने दो विदेशियों सहित तीन खिलाड़ियों को लुभाने का प्रयास किया। खिलाड़ियों ब्रेड हॉग, केविन कूपर एवं सिद्धार्थ त्रिवेदी ने बहरहाल इस सौदे को करने के लिए जयपुर में एक पार्टी में शामिल होने के उनके न्यौते को ठुकरा दिया। सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की तो श्रीसंत, चव्हाण एवं क्रिकेटर से सट्टेबाज बना अमित सिंह रोने लगे। कल हुई गिरफ्तारियों के बाद से अभी तक हुई जांच में चंदीला तीनों क्रिकेटरों में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है। माना जाता है कि चंद्रेश पटेल सट्टेबाजों का प्रमुख संपर्क सूत्र है। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। इसी बीच, आईपीएल के अन्य सट्टेबाजी रैकेट के सिलसिले में तमिलनाडु से छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही मुंबई एवं दिल्ली से एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। क्रिकेटर श्रीसंत, अंकित चव्हान एवं अजित चंदीला के साथ ही 11 सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया गया था। खिलाड़ियों को रूपजाल में फंसाए जाने की खबरों को बल देते हुए दिल्ली पुलिस के आयुक्त नीरज कुमार ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाज श्रीसंत एवं उसके दोस्त जीजू को जब गिरफ्तार किया गया तो उस समय वे लड़कियों के साथ थे। यह पूछे जाने पर कि क्या तीनों क्रिकेटरों ने स्पॉट फिक्सिंग में अपराध कबूल किया है, कुमार ने कहा, हां। उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास इसके अलावा कोई और विकल्प था ही नहीं।’’ कुमार ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं और हम आश्वस्त हैं कि उन्हें दोषी ठहराया जाएगा। तीनों क्रिकेटरों के वकीलों ने जोर दिया कि उनके मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष हैं और उन्हें गहरी साजिश के तहत गलत रूप से फंसाया गया है। दिल्ली पुलिस ने आज दावा किया कि पूछताछ में जिन खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं उनकी भूमिका के बारे में भी जांच की जा सकती है। दिल्ली पुलिस द्वारा चालू सत्र के कुछ अन्य आईपीएल मैचों की जांच किए जाने की संभावना है। श्रीसंत तथा राजस्थान रायल्स के दो अन्य खिलाड़ी चव्हाण एवं अजित चंदीला एवं गिरफ्तार किए गए 11 अन्य सट्टेबाजों से पुलिस की विशेष शाखा द्वारा पूछताछ की जाएगी। यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार सट्टेबाजों ने दो विदेशियों सहित तीन खिलाड़ियों को लुभाने का प्रयास किया। खिलाड़ियों ब्रेड हॉग, केविन कूपर एवं सिद्धार्थ त्रिवेदी ने बहरहाल इस सौदे को करने के लिए जयपुर में एक पार्टी में शामिल होने के उनके न्यौते को ठुकरा दिया। सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की तो श्रीसंत, चव्हाण एवं क्रिकेटर से सट्टेबाज बना अमित सिंह रोने लगे। कल हुई गिरफ्तारियों के बाद से अभी तक हुई जांच में चंदीला तीनों क्रिकेटरों में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है। माना जाता है कि चंद्रेश पटेल सट्टेबाजों का प्रमुख संपर्क सूत्र है। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। खिलाड़ियों को रूपजाल में फंसाए जाने की खबरों को बल देते हुए दिल्ली पुलिस के आयुक्त नीरज कुमार ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाज श्रीसंत एवं उसके दोस्त जीजू को जब गिरफ्तार किया गया तो उस समय वे लड़कियों के साथ थे। यह पूछे जाने पर कि क्या तीनों क्रिकेटरों ने स्पॉट फिक्सिंग में अपराध कबूल किया है, कुमार ने कहा, हां। उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास इसके अलावा कोई और विकल्प था ही नहीं।’’ कुमार ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं और हम आश्वस्त हैं कि उन्हें दोषी ठहराया जाएगा। तीनों क्रिकेटरों के वकीलों ने जोर दिया कि उनके मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष हैं और उन्हें गहरी साजिश के तहत गलत रूप से फंसाया गया है। दिल्ली पुलिस ने आज दावा किया कि पूछताछ में जिन खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं उनकी भूमिका के बारे में भी जांच की जा सकती है। दिल्ली पुलिस द्वारा चालू सत्र के कुछ अन्य आईपीएल मैचों की जांच किए जाने की संभावना है। श्रीसंत तथा राजस्थान रायल्स के दो अन्य खिलाड़ी चव्हाण एवं अजित चंदीला एवं गिरफ्तार किए गए 11 अन्य सट्टेबाजों से पुलिस की विशेष शाखा द्वारा पूछताछ की जाएगी। यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार सट्टेबाजों ने दो विदेशियों सहित तीन खिलाड़ियों को लुभाने का प्रयास किया। खिलाड़ियों ब्रेड हॉग, केविन कूपर एवं सिद्धार्थ त्रिवेदी ने बहरहाल इस सौदे को करने के लिए जयपुर में एक पार्टी में शामिल होने के उनके न्यौते को ठुकरा दिया। सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की तो श्रीसंत, चव्हाण एवं क्रिकेटर से सट्टेबाज बना अमित सिंह रोने लगे। कल हुई गिरफ्तारियों के बाद से अभी तक हुई जांच में चंदीला तीनों क्रिकेटरों में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है। माना जाता है कि चंद्रेश पटेल सट्टेबाजों का प्रमुख संपर्क सूत्र है। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। यह पूछे जाने पर कि क्या तीनों क्रिकेटरों ने स्पॉट फिक्सिंग में अपराध कबूल किया है, कुमार ने कहा, हां। उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास इसके अलावा कोई और विकल्प था ही नहीं।’’ कुमार ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं और हम आश्वस्त हैं कि उन्हें दोषी ठहराया जाएगा। तीनों क्रिकेटरों के वकीलों ने जोर दिया कि उनके मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष हैं और उन्हें गहरी साजिश के तहत गलत रूप से फंसाया गया है। दिल्ली पुलिस ने आज दावा किया कि पूछताछ में जिन खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं उनकी भूमिका के बारे में भी जांच की जा सकती है। दिल्ली पुलिस द्वारा चालू सत्र के कुछ अन्य आईपीएल मैचों की जांच किए जाने की संभावना है। श्रीसंत तथा राजस्थान रायल्स के दो अन्य खिलाड़ी चव्हाण एवं अजित चंदीला एवं गिरफ्तार किए गए 11 अन्य सट्टेबाजों से पुलिस की विशेष शाखा द्वारा पूछताछ की जाएगी। यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार सट्टेबाजों ने दो विदेशियों सहित तीन खिलाड़ियों को लुभाने का प्रयास किया। खिलाड़ियों ब्रेड हॉग, केविन कूपर एवं सिद्धार्थ त्रिवेदी ने बहरहाल इस सौदे को करने के लिए जयपुर में एक पार्टी में शामिल होने के उनके न्यौते को ठुकरा दिया। सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की तो श्रीसंत, चव्हाण एवं क्रिकेटर से सट्टेबाज बना अमित सिंह रोने लगे। कल हुई गिरफ्तारियों के बाद से अभी तक हुई जांच में चंदीला तीनों क्रिकेटरों में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है। माना जाता है कि चंद्रेश पटेल सट्टेबाजों का प्रमुख संपर्क सूत्र है। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। तीनों क्रिकेटरों के वकीलों ने जोर दिया कि उनके मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष हैं और उन्हें गहरी साजिश के तहत गलत रूप से फंसाया गया है। दिल्ली पुलिस ने आज दावा किया कि पूछताछ में जिन खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं उनकी भूमिका के बारे में भी जांच की जा सकती है। दिल्ली पुलिस द्वारा चालू सत्र के कुछ अन्य आईपीएल मैचों की जांच किए जाने की संभावना है। श्रीसंत तथा राजस्थान रायल्स के दो अन्य खिलाड़ी चव्हाण एवं अजित चंदीला एवं गिरफ्तार किए गए 11 अन्य सट्टेबाजों से पुलिस की विशेष शाखा द्वारा पूछताछ की जाएगी। यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार सट्टेबाजों ने दो विदेशियों सहित तीन खिलाड़ियों को लुभाने का प्रयास किया। खिलाड़ियों ब्रेड हॉग, केविन कूपर एवं सिद्धार्थ त्रिवेदी ने बहरहाल इस सौदे को करने के लिए जयपुर में एक पार्टी में शामिल होने के उनके न्यौते को ठुकरा दिया। सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की तो श्रीसंत, चव्हाण एवं क्रिकेटर से सट्टेबाज बना अमित सिंह रोने लगे। कल हुई गिरफ्तारियों के बाद से अभी तक हुई जांच में चंदीला तीनों क्रिकेटरों में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है। माना जाता है कि चंद्रेश पटेल सट्टेबाजों का प्रमुख संपर्क सूत्र है। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। दिल्ली पुलिस ने आज दावा किया कि पूछताछ में जिन खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं उनकी भूमिका के बारे में भी जांच की जा सकती है। दिल्ली पुलिस द्वारा चालू सत्र के कुछ अन्य आईपीएल मैचों की जांच किए जाने की संभावना है। श्रीसंत तथा राजस्थान रायल्स के दो अन्य खिलाड़ी चव्हाण एवं अजित चंदीला एवं गिरफ्तार किए गए 11 अन्य सट्टेबाजों से पुलिस की विशेष शाखा द्वारा पूछताछ की जाएगी। यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार सट्टेबाजों ने दो विदेशियों सहित तीन खिलाड़ियों को लुभाने का प्रयास किया। खिलाड़ियों ब्रेड हॉग, केविन कूपर एवं सिद्धार्थ त्रिवेदी ने बहरहाल इस सौदे को करने के लिए जयपुर में एक पार्टी में शामिल होने के उनके न्यौते को ठुकरा दिया। सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की तो श्रीसंत, चव्हाण एवं क्रिकेटर से सट्टेबाज बना अमित सिंह रोने लगे। कल हुई गिरफ्तारियों के बाद से अभी तक हुई जांच में चंदीला तीनों क्रिकेटरों में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है। माना जाता है कि चंद्रेश पटेल सट्टेबाजों का प्रमुख संपर्क सूत्र है। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार सट्टेबाजों ने दो विदेशियों सहित तीन खिलाड़ियों को लुभाने का प्रयास किया। खिलाड़ियों ब्रेड हॉग, केविन कूपर एवं सिद्धार्थ त्रिवेदी ने बहरहाल इस सौदे को करने के लिए जयपुर में एक पार्टी में शामिल होने के उनके न्यौते को ठुकरा दिया। सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की तो श्रीसंत, चव्हाण एवं क्रिकेटर से सट्टेबाज बना अमित सिंह रोने लगे। कल हुई गिरफ्तारियों के बाद से अभी तक हुई जांच में चंदीला तीनों क्रिकेटरों में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है। माना जाता है कि चंद्रेश पटेल सट्टेबाजों का प्रमुख संपर्क सूत्र है। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की तो श्रीसंत, चव्हाण एवं क्रिकेटर से सट्टेबाज बना अमित सिंह रोने लगे। कल हुई गिरफ्तारियों के बाद से अभी तक हुई जांच में चंदीला तीनों क्रिकेटरों में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है। माना जाता है कि चंद्रेश पटेल सट्टेबाजों का प्रमुख संपर्क सूत्र है। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। कल हुई गिरफ्तारियों के बाद से अभी तक हुई जांच में चंदीला तीनों क्रिकेटरों में मुख्य आरोपी के रूप में उभरा है। माना जाता है कि चंद्रेश पटेल सट्टेबाजों का प्रमुख संपर्क सूत्र है। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। दिल्ली पुलिस के जांचकर्ताओं द्वारा स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की तह में जाने के साथ ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। तमिलनाडु ने चेन्नई में छह सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर आईपीएल मैचों से संबंधित एक अन्य रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया है। साथ ही उसने 14 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। अपराध शाखा सीआईडी के पुलिस अधीक्षक पेरूमल एवं राजेश्वरी ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि संदिग्ध मुख्य षड्यंत्रकर्ता दिल्ली से काम कर रहा है। गिरफ्तारियों के बाद चेन्नई में 13 स्थलों पर जांच की गई। श्रीसंत के वकील ने जोर दिया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह से निर्दोष है। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। वकील दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘श्रीसंत को गलत रूप से या भूलवश गिरफ्तार किया गया। उन्हें (दिल्ली पुलिस को) कोई गलत सूचना मिली या उन्होंने भूलवश उसे (खिलाड़ी को) गिरफ्तार किया।’’ श्रीसंत एवं दो अन्य क्रिकेटरों को दिल्ली पुलिस ने कल मुंबई में मध्यरात्रि के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें आईपीएल मैचों के दौरान एक ओवर में पूर्व निर्धारित रन देने के लिए 60 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया।टिप्पणियां चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। चंदीला एवं चौहान की ओर से पेश हुए राजीव शंकर द्विवेदी ने दावा किया कि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। वकील द्विवेदी ने कहा, ‘‘उनका (चंदीला एवं चव्हाण का) इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने उनको फंसाने के लिए गैर-कानूनी एवं गलत प्रक्रिया अपनायी। पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्हें गलत रूप से जाल में फंसाया गया।’’ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पूछताछ के दौरान तीनों गिरफ्तार क्रिकेटरों ने अन्य आरोपियों पर दोष मढ़ दिया। श्रीसंत ने जीजू पर दोष मढ़ा। जीजू केरल का क्लब स्तरीय खिलाड़ी है जिसके मैचों में भारतीय तेज गेंदबाज अकसर शामिल होता था। उधर, चव्हाण ने इसके लिए चंदीला को दोषी बताया।
संक्षिप्त पाठ: श्रीसंत एवं राजस्थान रॉयल्स के गिरफ्तार दो अन्य खिलाड़ियों ने आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग की बात स्वीकार की है जबकि दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि पूछताछ में जिन अन्य खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका के बारे में भी जांच की जा सकती
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार में बाढ़ से हालात खराब हैं. यहां के औरंगाबाद में पुनपुन नदी में एक नाव पलटने से एक महिला की मौत हो गई जबकि नौ लोग अब भी लापता हैं. जिला प्रशासन के मुताबिक, नाव पर 18 लोग सवार थे, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं. 8 लोग तैरकर निकलने में कामयाब रहे. यह हादसा औरंगाबाद के ओबरा ब्लॉक में हुआ है. लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है. बिहार में बाढ़ से अब तक 22 लोगों की मौत हुई है जबकि 23 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. सबसे ज़्यादा भोजपुर में 12 लोगों की मौतें हुई हैं. इसक अलावा वैशाली में छह, भागलपुर में दो, बक्सर और लखीसराय में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है. राज्य के 12 ज़िले बाढ़ प्रभावित हैं. राहत और बचाव कार्य में सेना और एनडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं. जहानाबाद में शहर के बीच से बहने वाली दरधा और यमुना नदियों में अचानक आई बाढ़ से निचले इलाके जाफरगंज, अम्बेडकर नगर और गौरक्षानी समेत कई इलाकों में पानी घुस गया है. बाढ़ के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सलाह दी है. वहीं प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट रहने को कहा है.टिप्पणियां गंगा और घाघरा का जल स्तर बढ़ने से छपरा का सड़क संपर्क पटना, बलिया, वाराणसी से कट गया है. बाढ़ का पानी छपरा के नए इलाकों में भी घुसने लगा है. छपरा से सिवान सहित यूपी को जाने वाली सड़क एनएच 85 पर बाढ़ का पानी 1 फीट से ज़्यादा चढ़ गया है, जिसके कारण यातायात काफी प्रभावित हुआ है. वहीं बाढ़ में प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि अभीतक प्रशासन की तरफ से इनलोगों तक को मदद नहीं पहुंची है. पटना से सटे हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने रामचौड़ा मंदिर में शरण लिए हुए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इन लोगों को कई मदद नहीं मिल पा रही है. लोगों का कहाना है कि बाढ़ पीड़ित हजारों लोग अपने पूरे परिवार के साथ यहां शरण लिए हुए है, लोगों के पास यहां खाने पाने की चीज नहीं है. प्रशासन की ओर से यहां राहत और बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया गया. बिहार में बाढ़ से अब तक 22 लोगों की मौत हुई है जबकि 23 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. सबसे ज़्यादा भोजपुर में 12 लोगों की मौतें हुई हैं. इसक अलावा वैशाली में छह, भागलपुर में दो, बक्सर और लखीसराय में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है. राज्य के 12 ज़िले बाढ़ प्रभावित हैं. राहत और बचाव कार्य में सेना और एनडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं. जहानाबाद में शहर के बीच से बहने वाली दरधा और यमुना नदियों में अचानक आई बाढ़ से निचले इलाके जाफरगंज, अम्बेडकर नगर और गौरक्षानी समेत कई इलाकों में पानी घुस गया है. बाढ़ के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सलाह दी है. वहीं प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट रहने को कहा है.टिप्पणियां गंगा और घाघरा का जल स्तर बढ़ने से छपरा का सड़क संपर्क पटना, बलिया, वाराणसी से कट गया है. बाढ़ का पानी छपरा के नए इलाकों में भी घुसने लगा है. छपरा से सिवान सहित यूपी को जाने वाली सड़क एनएच 85 पर बाढ़ का पानी 1 फीट से ज़्यादा चढ़ गया है, जिसके कारण यातायात काफी प्रभावित हुआ है. वहीं बाढ़ में प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि अभीतक प्रशासन की तरफ से इनलोगों तक को मदद नहीं पहुंची है. पटना से सटे हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने रामचौड़ा मंदिर में शरण लिए हुए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इन लोगों को कई मदद नहीं मिल पा रही है. लोगों का कहाना है कि बाढ़ पीड़ित हजारों लोग अपने पूरे परिवार के साथ यहां शरण लिए हुए है, लोगों के पास यहां खाने पाने की चीज नहीं है. प्रशासन की ओर से यहां राहत और बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया गया. जहानाबाद में शहर के बीच से बहने वाली दरधा और यमुना नदियों में अचानक आई बाढ़ से निचले इलाके जाफरगंज, अम्बेडकर नगर और गौरक्षानी समेत कई इलाकों में पानी घुस गया है. बाढ़ के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सलाह दी है. वहीं प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट रहने को कहा है.टिप्पणियां गंगा और घाघरा का जल स्तर बढ़ने से छपरा का सड़क संपर्क पटना, बलिया, वाराणसी से कट गया है. बाढ़ का पानी छपरा के नए इलाकों में भी घुसने लगा है. छपरा से सिवान सहित यूपी को जाने वाली सड़क एनएच 85 पर बाढ़ का पानी 1 फीट से ज़्यादा चढ़ गया है, जिसके कारण यातायात काफी प्रभावित हुआ है. वहीं बाढ़ में प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि अभीतक प्रशासन की तरफ से इनलोगों तक को मदद नहीं पहुंची है. पटना से सटे हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने रामचौड़ा मंदिर में शरण लिए हुए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इन लोगों को कई मदद नहीं मिल पा रही है. लोगों का कहाना है कि बाढ़ पीड़ित हजारों लोग अपने पूरे परिवार के साथ यहां शरण लिए हुए है, लोगों के पास यहां खाने पाने की चीज नहीं है. प्रशासन की ओर से यहां राहत और बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया गया. बाढ़ के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सलाह दी है. वहीं प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट रहने को कहा है.टिप्पणियां गंगा और घाघरा का जल स्तर बढ़ने से छपरा का सड़क संपर्क पटना, बलिया, वाराणसी से कट गया है. बाढ़ का पानी छपरा के नए इलाकों में भी घुसने लगा है. छपरा से सिवान सहित यूपी को जाने वाली सड़क एनएच 85 पर बाढ़ का पानी 1 फीट से ज़्यादा चढ़ गया है, जिसके कारण यातायात काफी प्रभावित हुआ है. वहीं बाढ़ में प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि अभीतक प्रशासन की तरफ से इनलोगों तक को मदद नहीं पहुंची है. पटना से सटे हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने रामचौड़ा मंदिर में शरण लिए हुए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इन लोगों को कई मदद नहीं मिल पा रही है. लोगों का कहाना है कि बाढ़ पीड़ित हजारों लोग अपने पूरे परिवार के साथ यहां शरण लिए हुए है, लोगों के पास यहां खाने पाने की चीज नहीं है. प्रशासन की ओर से यहां राहत और बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया गया. गंगा और घाघरा का जल स्तर बढ़ने से छपरा का सड़क संपर्क पटना, बलिया, वाराणसी से कट गया है. बाढ़ का पानी छपरा के नए इलाकों में भी घुसने लगा है. छपरा से सिवान सहित यूपी को जाने वाली सड़क एनएच 85 पर बाढ़ का पानी 1 फीट से ज़्यादा चढ़ गया है, जिसके कारण यातायात काफी प्रभावित हुआ है. वहीं बाढ़ में प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि अभीतक प्रशासन की तरफ से इनलोगों तक को मदद नहीं पहुंची है. पटना से सटे हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने रामचौड़ा मंदिर में शरण लिए हुए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इन लोगों को कई मदद नहीं मिल पा रही है. लोगों का कहाना है कि बाढ़ पीड़ित हजारों लोग अपने पूरे परिवार के साथ यहां शरण लिए हुए है, लोगों के पास यहां खाने पाने की चीज नहीं है. प्रशासन की ओर से यहां राहत और बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया गया. पटना से सटे हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने रामचौड़ा मंदिर में शरण लिए हुए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इन लोगों को कई मदद नहीं मिल पा रही है. लोगों का कहाना है कि बाढ़ पीड़ित हजारों लोग अपने पूरे परिवार के साथ यहां शरण लिए हुए है, लोगों के पास यहां खाने पाने की चीज नहीं है. प्रशासन की ओर से यहां राहत और बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया गया.
सारांश: पुनपुन नदी में एक नाव पलटने से 1 की मौत 9 लापता 12 जिलों में 23 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित अब तक 22 लोगों की मौत, सबसे ज्यादा मौतें भोजपुर में
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्मों में कुछ लाजवाब हास्य किरदार निभा चुके और हंसाने वाले संवाद अदा कर चुके महानायक अमिताभ बच्चन ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मार्कंडेय काटजू द्वारा उन्हें 'खाली दिमाग' कहने का हल्के फुल्के अंदाज में जवाब दिया. काटजू अक्सर विवादित बयान देते रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने गत 17 सितंबर को अपने एक सोशल मीडिया पेज पर अमिताभ को निशाने पर लेते हुए लिखा था, 'अमिताभ बच्चन का दिमाग खाली है और चूंकि अधिकतर मीडियाकर्मी उनकी तारीफ करते नहीं अघाते, मुझे लगता है कि उनका भी दिमाग खाली है.' (पढ़ें : पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने लिखी विवादित पोस्ट, ‌कहा- 'अमिताभ बच्चन का दिमाग खाली है')टिप्पणियां अभिनेता ने काटजू की टिप्पणी को लेकर पूछे जाने पर कहा, 'वह (काटजू) सही हैं, मेरा दिमाग खाली है. वह सही हैं, मेरा दिमाग खल्लास (खत्म) है.' अमिताभ ने एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'हम एक ही स्कूल में पढ़े हैं. वह मेरे सीनियर थे. हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) काटजू अक्सर विवादित बयान देते रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने गत 17 सितंबर को अपने एक सोशल मीडिया पेज पर अमिताभ को निशाने पर लेते हुए लिखा था, 'अमिताभ बच्चन का दिमाग खाली है और चूंकि अधिकतर मीडियाकर्मी उनकी तारीफ करते नहीं अघाते, मुझे लगता है कि उनका भी दिमाग खाली है.' (पढ़ें : पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने लिखी विवादित पोस्ट, ‌कहा- 'अमिताभ बच्चन का दिमाग खाली है')टिप्पणियां अभिनेता ने काटजू की टिप्पणी को लेकर पूछे जाने पर कहा, 'वह (काटजू) सही हैं, मेरा दिमाग खाली है. वह सही हैं, मेरा दिमाग खल्लास (खत्म) है.' अमिताभ ने एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'हम एक ही स्कूल में पढ़े हैं. वह मेरे सीनियर थे. हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (पढ़ें : पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने लिखी विवादित पोस्ट, ‌कहा- 'अमिताभ बच्चन का दिमाग खाली है')टिप्पणियां अभिनेता ने काटजू की टिप्पणी को लेकर पूछे जाने पर कहा, 'वह (काटजू) सही हैं, मेरा दिमाग खाली है. वह सही हैं, मेरा दिमाग खल्लास (खत्म) है.' अमिताभ ने एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'हम एक ही स्कूल में पढ़े हैं. वह मेरे सीनियर थे. हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अभिनेता ने काटजू की टिप्पणी को लेकर पूछे जाने पर कहा, 'वह (काटजू) सही हैं, मेरा दिमाग खाली है. वह सही हैं, मेरा दिमाग खल्लास (खत्म) है.' अमिताभ ने एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'हम एक ही स्कूल में पढ़े हैं. वह मेरे सीनियर थे. हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:काटजू ने सोशल मीडिया पर अमिताभ पर साधा था निशाना जस्टिस काटजू और मेरे बीच कोई दुश्मनी नहीं : अमिताभ 'हम एक ही स्कूल में पढ़े, काटजू मेरे सीनियर थे'
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बाहरी दिल्ली के शाहबाद डेरी में 4 साल की मासूम बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। 28 साल के आरोपी ने एक सुनसान कमरे में ले जाकर घटना को अंजाम दिया। बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे रोहिणी के बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को आम लोगों की मदद से गिरफ़्तार कर लिया है। वहीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल बच्ची और उसके परिजनों से मिलने पहुंची।टिप्पणियांइससे पूर्व राजधानी दिल्‍ली में गैंगरेप की शिकार 14 वर्षीय दलित लड़की की रविवार को मौत हो गई थी। अस्‍पताल के बिस्‍तर से मृत्‍यु पूर्व बयान में इस लड़की ने आरोप लगाया था कि उसे बुरी तरह पीटा गया और दिन में कई बार उसके साथ रेप किया गया। यही नहीं, जूस में एसिड मिलाकर उसे इसे पीने को मजबूर किया गया। लड़की के अनुसार, उसके हाथ-पैर बंधे थे और उसे खाना भी नहीं दिया गया। इस लड़की की मां ने सोमवार को NDTV से बात करते हुए आरोप लगाया, 'मेरी बेटी को चाकू से मारने की धमकी दी गई...वह डरी हुई थी। अब हमलावर मेरी एक अन्‍य बेटी और मेरे बेटे को धमका रहे हैं और मेरा बेटा 10 दिन से स्‍कूल नहीं जा रहा है।'  इस मामले पर दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल ने दिल्‍ली पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया था। स्‍वाति ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'दिल्‍ली आखिरकार कितनी 'निर्भया' चाहता है।' बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे रोहिणी के बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को आम लोगों की मदद से गिरफ़्तार कर लिया है। वहीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल बच्ची और उसके परिजनों से मिलने पहुंची।टिप्पणियांइससे पूर्व राजधानी दिल्‍ली में गैंगरेप की शिकार 14 वर्षीय दलित लड़की की रविवार को मौत हो गई थी। अस्‍पताल के बिस्‍तर से मृत्‍यु पूर्व बयान में इस लड़की ने आरोप लगाया था कि उसे बुरी तरह पीटा गया और दिन में कई बार उसके साथ रेप किया गया। यही नहीं, जूस में एसिड मिलाकर उसे इसे पीने को मजबूर किया गया। लड़की के अनुसार, उसके हाथ-पैर बंधे थे और उसे खाना भी नहीं दिया गया। इस लड़की की मां ने सोमवार को NDTV से बात करते हुए आरोप लगाया, 'मेरी बेटी को चाकू से मारने की धमकी दी गई...वह डरी हुई थी। अब हमलावर मेरी एक अन्‍य बेटी और मेरे बेटे को धमका रहे हैं और मेरा बेटा 10 दिन से स्‍कूल नहीं जा रहा है।'  इस मामले पर दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल ने दिल्‍ली पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया था। स्‍वाति ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'दिल्‍ली आखिरकार कितनी 'निर्भया' चाहता है।' इससे पूर्व राजधानी दिल्‍ली में गैंगरेप की शिकार 14 वर्षीय दलित लड़की की रविवार को मौत हो गई थी। अस्‍पताल के बिस्‍तर से मृत्‍यु पूर्व बयान में इस लड़की ने आरोप लगाया था कि उसे बुरी तरह पीटा गया और दिन में कई बार उसके साथ रेप किया गया। यही नहीं, जूस में एसिड मिलाकर उसे इसे पीने को मजबूर किया गया। लड़की के अनुसार, उसके हाथ-पैर बंधे थे और उसे खाना भी नहीं दिया गया। इस लड़की की मां ने सोमवार को NDTV से बात करते हुए आरोप लगाया, 'मेरी बेटी को चाकू से मारने की धमकी दी गई...वह डरी हुई थी। अब हमलावर मेरी एक अन्‍य बेटी और मेरे बेटे को धमका रहे हैं और मेरा बेटा 10 दिन से स्‍कूल नहीं जा रहा है।'  इस मामले पर दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल ने दिल्‍ली पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया था। स्‍वाति ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'दिल्‍ली आखिरकार कितनी 'निर्भया' चाहता है।' इस मामले पर दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल ने दिल्‍ली पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया था। स्‍वाति ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'दिल्‍ली आखिरकार कितनी 'निर्भया' चाहता है।'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आरोपी ने एक सुनसान कमरे में घटना को अंजाम दिया बच्ची की अस्पताल में हालत गंभीर बनी हुई है हाल ही में दिल्ली में 14 साल की रेप पीड़िता की मौत हो गई
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय अमेरिकी समुदाय ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि विवादित भूमि के दशकों पुराने मामले पर आए फैसले में हिंदू-मुस्लिम दोनों की जीत है. बता दें, शनिवार को सुप्रीम ने अयोध्या में विवादित स्थल राम जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण का मार्ग शनिवार को प्रशस्त करते हुए केन्द्र सरकार को निर्देश दिया कि ‘सुन्नी वक्फ बोर्ड' को मस्जिद के निर्माण के लिये पांच एकड़ भूमि आबंटित की जाए. CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने भारतीय इतिहास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस व्यवस्था के साथ ही करीब 130 साल से चले आ रहे इस संवेदनशील विवाद का पटाक्षेप कर दिया. इस विवाद ने देश के सामाजिक ताने बाने को तार-तार कर दिया था. फैसले के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा , ‘हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य भारतीय नेताओं द्वारा सभी दलों के शांति बनाए रखने और भड़काऊ बयानबाजी से बचने संबंधी बयानों की सराहना करते हैं.' वहीं ‘हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन' (HAF) ने कहा, ‘भारतीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिंदुओं और मुसलमानों के लिए बराबर जीत है. साथ ही यह पुरातत्वविदों, इतिहासकारों और भारतीय कानूनी प्रणाली की भी जीत है.' हालांकि अमेरिका में मुस्लिम अमेरिकी समूहों की ओर से तत्काल इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. ‘फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज' (FIIDS) ने कहा, ‘यह संतुलित निर्णय भविष्य के सभी विवादों के लिए मिसाल कायम करता है और एक शांत, एकत्र और निष्पक्ष तरीके से चुनौतीपूर्ण स्थितियों को हल करने की भारतीय न्यायिक प्रणाली की परिपक्वता को दर्शाता है.' FIIDS ने एक बयान में अयोध्या राम मंदिर पर ऐतिहासिक फैसला सुनाने के लिए उच्चतम न्यायालय का शुक्रिया अदा किया. FIIDS ने कहा, ‘हम उच्चतम न्यायालय के बेहद संतुलित फैसले का स्वागत करते हैं, जिसमें उसने पूरी भूमि हिंदुओं को दे दी और मस्जिद के लिए अलग से जमीन आवंटित करने को कहा.'
संक्षिप्त पाठ: विवादित भूमि के मामले पर आए फैसले में हिंदू-मुस्लिम दोनों की जीत शनिवार को रामलला विराजमान के पक्ष में दिया था सु्प्रीम कोर्ट ने फैसला मुसलमानों को अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन देगी सरकार
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ताइवान के ननतौ काउंटी में रविवार अपराह्न आए भूकंप में एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा 18 अन्य घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर है। ताइवान के अग्निशामक अधिकारियों ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के हवाले से कहा है कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.7 मापी गई, लेकिन ताइवान के अधिकारियों ने इसे रिक्टर पैमाने पर 6.3 तीव्रता वाला भूकंप बताया। पड़ोस के ही गांव के एक ग्रामीण की भूकंप के कारण गिरी चट्टान से टकराकर मौत हो गई।टिप्पणियां ताइवान स्ट्रेट पर्यटन विनिमय संघ के ताइपे स्थित कार्यालय के अध्यक्ष मान होंगवी ने कहा कि अब तक भूकंप के मुख्य स्थल की यात्रा करने वाले लोगों में किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं आई है। रियुटान पर्यटक केंद्र के नजदीक केबल-कार सेवा बाधित हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के हवाले से कहा है कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.7 मापी गई, लेकिन ताइवान के अधिकारियों ने इसे रिक्टर पैमाने पर 6.3 तीव्रता वाला भूकंप बताया। पड़ोस के ही गांव के एक ग्रामीण की भूकंप के कारण गिरी चट्टान से टकराकर मौत हो गई।टिप्पणियां ताइवान स्ट्रेट पर्यटन विनिमय संघ के ताइपे स्थित कार्यालय के अध्यक्ष मान होंगवी ने कहा कि अब तक भूकंप के मुख्य स्थल की यात्रा करने वाले लोगों में किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं आई है। रियुटान पर्यटक केंद्र के नजदीक केबल-कार सेवा बाधित हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई है। ताइवान स्ट्रेट पर्यटन विनिमय संघ के ताइपे स्थित कार्यालय के अध्यक्ष मान होंगवी ने कहा कि अब तक भूकंप के मुख्य स्थल की यात्रा करने वाले लोगों में किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं आई है। रियुटान पर्यटक केंद्र के नजदीक केबल-कार सेवा बाधित हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई है। रियुटान पर्यटक केंद्र के नजदीक केबल-कार सेवा बाधित हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई है।
यहाँ एक सारांश है:ताइवान के ननतौ काउंटी में रविवार अपराह्न आए भूकंप में एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा 18 अन्य घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर है। ताइवान के अग्निशामक अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 127.07 अंकों की गिरावट के साथ 16292.98 पर जबकि निफ्टी 36.80 अंकों की गिरावट के साथ 4928.90 पर बंद हुआ। शुक्रवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 64.46 अंकों की गिरावट के साथ 16355.59 पर खुला। इस दौरान सेंसेक्स ने 16447.24 के उच्चतम स्तर एवं 16233.76 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से नौ शेयरों में तेजी रही। सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाले शेयरों में बजाज ऑटो (3.48 फीसदी) और टाटा मोटर्स (2.66 फीसदी) रहे, जिनमें दो फीसदी से अधिक का उछाल रहा। सेंसेक्स में शामिल टाटा पॉवर (4.89 फीसदी), सन फार्मा (3.87 फीसदी), हिडाल्को इंडस्ट्रीज (3.32 फीसदी), कोल इंडिया (2.21 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.10 फीसदी), आईटीसी (2.07 फीसदी) और सिप्ला (2.04 फीसदी) के शेयरों में दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.85 अंकों की गिरावट के साथ 4938.85 पर खुला। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 4976.25 के उच्चतम एवं 4906.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 49.61 अंकों की गिरावट के साथ 5948.71 पर जबकि स्मॉलकैप 58.82 अंकों की गिरावट के साथ 6395.38 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों वाहन (0.58 फीसदी) और बैंकिंग (0.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.40 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तुएं (1.27 फीसदी), धातु (1.17 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनी (1.01 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 981 शेयरों में तेजी एवं 1772 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। शुक्रवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 64.46 अंकों की गिरावट के साथ 16355.59 पर खुला। इस दौरान सेंसेक्स ने 16447.24 के उच्चतम स्तर एवं 16233.76 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से नौ शेयरों में तेजी रही। सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाले शेयरों में बजाज ऑटो (3.48 फीसदी) और टाटा मोटर्स (2.66 फीसदी) रहे, जिनमें दो फीसदी से अधिक का उछाल रहा। सेंसेक्स में शामिल टाटा पॉवर (4.89 फीसदी), सन फार्मा (3.87 फीसदी), हिडाल्को इंडस्ट्रीज (3.32 फीसदी), कोल इंडिया (2.21 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.10 फीसदी), आईटीसी (2.07 फीसदी) और सिप्ला (2.04 फीसदी) के शेयरों में दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.85 अंकों की गिरावट के साथ 4938.85 पर खुला। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 4976.25 के उच्चतम एवं 4906.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 49.61 अंकों की गिरावट के साथ 5948.71 पर जबकि स्मॉलकैप 58.82 अंकों की गिरावट के साथ 6395.38 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों वाहन (0.58 फीसदी) और बैंकिंग (0.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.40 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तुएं (1.27 फीसदी), धातु (1.17 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनी (1.01 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 981 शेयरों में तेजी एवं 1772 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से नौ शेयरों में तेजी रही। सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाले शेयरों में बजाज ऑटो (3.48 फीसदी) और टाटा मोटर्स (2.66 फीसदी) रहे, जिनमें दो फीसदी से अधिक का उछाल रहा। सेंसेक्स में शामिल टाटा पॉवर (4.89 फीसदी), सन फार्मा (3.87 फीसदी), हिडाल्को इंडस्ट्रीज (3.32 फीसदी), कोल इंडिया (2.21 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.10 फीसदी), आईटीसी (2.07 फीसदी) और सिप्ला (2.04 फीसदी) के शेयरों में दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.85 अंकों की गिरावट के साथ 4938.85 पर खुला। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 4976.25 के उच्चतम एवं 4906.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 49.61 अंकों की गिरावट के साथ 5948.71 पर जबकि स्मॉलकैप 58.82 अंकों की गिरावट के साथ 6395.38 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों वाहन (0.58 फीसदी) और बैंकिंग (0.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.40 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तुएं (1.27 फीसदी), धातु (1.17 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनी (1.01 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 981 शेयरों में तेजी एवं 1772 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स में शामिल टाटा पॉवर (4.89 फीसदी), सन फार्मा (3.87 फीसदी), हिडाल्को इंडस्ट्रीज (3.32 फीसदी), कोल इंडिया (2.21 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.10 फीसदी), आईटीसी (2.07 फीसदी) और सिप्ला (2.04 फीसदी) के शेयरों में दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.85 अंकों की गिरावट के साथ 4938.85 पर खुला। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 4976.25 के उच्चतम एवं 4906.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 49.61 अंकों की गिरावट के साथ 5948.71 पर जबकि स्मॉलकैप 58.82 अंकों की गिरावट के साथ 6395.38 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों वाहन (0.58 फीसदी) और बैंकिंग (0.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.40 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तुएं (1.27 फीसदी), धातु (1.17 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनी (1.01 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 981 शेयरों में तेजी एवं 1772 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.85 अंकों की गिरावट के साथ 4938.85 पर खुला। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 4976.25 के उच्चतम एवं 4906.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 49.61 अंकों की गिरावट के साथ 5948.71 पर जबकि स्मॉलकैप 58.82 अंकों की गिरावट के साथ 6395.38 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों वाहन (0.58 फीसदी) और बैंकिंग (0.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.40 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तुएं (1.27 फीसदी), धातु (1.17 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनी (1.01 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 981 शेयरों में तेजी एवं 1772 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 49.61 अंकों की गिरावट के साथ 5948.71 पर जबकि स्मॉलकैप 58.82 अंकों की गिरावट के साथ 6395.38 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों वाहन (0.58 फीसदी) और बैंकिंग (0.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.40 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तुएं (1.27 फीसदी), धातु (1.17 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनी (1.01 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 981 शेयरों में तेजी एवं 1772 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों वाहन (0.58 फीसदी) और बैंकिंग (0.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.40 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तुएं (1.27 फीसदी), धातु (1.17 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनी (1.01 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 981 शेयरों में तेजी एवं 1772 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 981 शेयरों में तेजी एवं 1772 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 118 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
यह एक सारांश है: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 127.07 अंकों की गिरावट के साथ 16292.98 पर जबकि निफ्टी 36.80 अंकों की गिरावट के साथ 4928.90 पर बंद हुआ।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी, यानी BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ओर सहयोगी दलों को 'मनाने' की तमाम कोशिशों के कुछ ही दिन बाद उत्तर प्रदेश में पार्टी की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (S-BSP) के बीच नई समस्या पैदा हो गई है. संसद के निचले सदन लोकसभा में सबसे ज़्यादा प्रतिनिधि भेजने वाले राज्य कीBJP इकाई के प्रमुख महेंद्रनाथ पांडे ने S-BSP नेता कैलाश सोनकर को सार्वजनिक रूप से 'चोर' की संज्ञा दे डाली है, और गुस्साए सोनकर ने उन्हें अदालत तक ले जाने की चेतावनी दी है. वाराणसी के निकट कैलाश सोनकर के विधानसभा क्षेत्र अजघरा में मंगलवार को केंद्रीय परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए महेंद्रनाथ पांडे ने कहा कि विधायक का नाम शिलान्यास के समय लगाए गए पत्थर पर नहीं लिखवाया जा सकता, क्योंकि 'वह चोर निकले...' उन्होंने कहा, "मैं साफ-साफ कहता हूं... मुझे बताया गया है कि वह (कैलाश सोनकर) गरीबों को लूटते रहे हैं... लोग ही उनके खिलाफ शिकायत कर रहे हैं... हम चुने हुए प्रतिनिधियों के किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे..." S-BSP के साथ BJP के ताल्लुकात पिछले कुछ महीनों से लगातार खटास-भरे चल रहे हैं. मार्च में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले S-BSP प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना की थी, और कहा था कि वह प्रशासन से जुड़े मामलों में सहयोगी दलों से सलाह-मशविरा नहीं करते हैं. ओमप्रकाश राजभर ने BJP को धमकाया भी था कि उनकी पार्टी के चार विधायक राज्यसभा चुनाव में BJP के प्रत्याशी के लिए वोट नहीं करेंगे. आखिरकार, BJP प्रमुख अमित शाह को ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात कर उन्हें मनाना पड़ा था. हाल ही में BJP के कई सहयोगियों ने मिलते-जुलते तेवर दिखाए हैं. पंजाब में सहयोगी शिरोमणि अकाली दल तथा बिहार के मुख्यमंत्री तथा JDU नेता नीतीश कुमार ने भी संकेत दिए हैं कि वे बेहतर व्यवहार की आशा करते हैं. महाराष्ट्र में सहयोगी शिवसेना कह चुकी है कि वह 2019 के आम चुनाव में NDA का हिस्सा नहीं रहेगी, और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा TDP नेता चंद्रबाबू नायडू पहले ही गठबंधन से अलग हो चुके हैं. इन सभी बयानों के अलावा हालिया उपचुनावों में भी करारी हार मिलने के बाद BJP प्रमुख अमित शाह को क्षेत्रीय सहयोगियों के पास उन्हें मनाने के लिए जाना पड़ा, ताकि अगले लोकसभा चुनाव में गठजोड़ को कायम रखा जा सके. हाल ही में विपक्ष ने जो एकजुटता दिखाई है, उसके चलते उत्तर प्रदेश में गठबंधन का बने रहना खासतौर से अहम है. हालिया उपचुनाव में BJP ने कैराना और नूरपुर लोकसभा सीटों पर हार का सामना किया. इससे पहले मार्च में भी BJP ने राज्य में दो अहम संसदीय क्षेत्र - गोरखपुर और फूलपुर - विपक्ष की एकजुटता के चलते गंवा दिए थे. पिछले साल अगस्त में केशवप्रसाद मौर्य के स्थान पर महेंद्रनाथ पांडे को राज्य इकाई का भार सौंपा गया था. पार्टी सूत्रों का कहना था कि केंद्रीय नेतृत्व ने ब्राह्मण वोटों को वापस पाने के लिए यह कदम उठाया था, क्योंकि एक ठाकुर योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से ब्राह्मण ठगा-सा महसूस कर रहे थे.
संक्षिप्त पाठ: कैलाश सोनकर को सार्वजनिक रूप से 'चोर' की संज्ञा दे डाली है गुस्साए सोनकर ने महेंद्रनाथ पांडे को अदालत तक ले जाने की चेतावनी दी है S-BSP और BJP के ताल्लुकात पिछले कुछ महीनों से खटास-भरे चल रहे हैं
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपने करियर का 10वां फ्रेंच ओपन खिताब जीतने वाले अनुभवी टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका करियर इतना लंबा होगा और वह इतने सारे टूर्नामेंट जीतेंगे. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन के अनुभवी खिलाड़ी नडाल सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब दूसरे स्थान पर आ गए हैं. पहले स्थान पर स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर हैं, जिनके नाम 18 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं. दूसरी विश्व वरीयता प्राप्त टेनिस खिलाड़ी नडाल ने रविवार को साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन के खिताबी मुकाबले में स्टान वावरिंका को सीधे सेटों में 6-2, 6-3, 6-1 से मात दी. नडाल ने कहा, "मैंने 2005 में अपना पहला फ्रेंच ओपन खिताब जीता था और सोचा था कि 2017 में मैं अपने करियर के अंतिम पड़ाव में रहूंगा." टिप्पणियां उन्होंने कहा, "मुझे इस बात का जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि मेरा करियर इतना लंबा होगा और मैं इतने सारे टूर्नामेंट जीतूंगा. मैं इस बात से बेहद खुश हूं कि मैं वो खिलाड़ी हूं, जिसने यह कर दिखाया है. अगर मैं नहीं करता, तो कोई और कर दिखाता."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दूसरी विश्व वरीयता प्राप्त टेनिस खिलाड़ी नडाल ने रविवार को साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन के खिताबी मुकाबले में स्टान वावरिंका को सीधे सेटों में 6-2, 6-3, 6-1 से मात दी. नडाल ने कहा, "मैंने 2005 में अपना पहला फ्रेंच ओपन खिताब जीता था और सोचा था कि 2017 में मैं अपने करियर के अंतिम पड़ाव में रहूंगा." टिप्पणियां उन्होंने कहा, "मुझे इस बात का जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि मेरा करियर इतना लंबा होगा और मैं इतने सारे टूर्नामेंट जीतूंगा. मैं इस बात से बेहद खुश हूं कि मैं वो खिलाड़ी हूं, जिसने यह कर दिखाया है. अगर मैं नहीं करता, तो कोई और कर दिखाता."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नडाल ने कहा, "मैंने 2005 में अपना पहला फ्रेंच ओपन खिताब जीता था और सोचा था कि 2017 में मैं अपने करियर के अंतिम पड़ाव में रहूंगा." टिप्पणियां उन्होंने कहा, "मुझे इस बात का जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि मेरा करियर इतना लंबा होगा और मैं इतने सारे टूर्नामेंट जीतूंगा. मैं इस बात से बेहद खुश हूं कि मैं वो खिलाड़ी हूं, जिसने यह कर दिखाया है. अगर मैं नहीं करता, तो कोई और कर दिखाता."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "मुझे इस बात का जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि मेरा करियर इतना लंबा होगा और मैं इतने सारे टूर्नामेंट जीतूंगा. मैं इस बात से बेहद खुश हूं कि मैं वो खिलाड़ी हूं, जिसने यह कर दिखाया है. अगर मैं नहीं करता, तो कोई और कर दिखाता."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राफेल नडाल सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में दूसरे नंबर पर राफेल नडाल जीत चुके हैं 10 बार फ्रेंच ओपन सबसे ज्यादा 18 ग्रैंड स्लैम रोजर फेडरर के नाम
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने बीजेपी के सांसद केसी पटेल को हनी ट्रैप में फंसाकर उनसे उगाही के मामले में एक महिला वकील को गिरफ्तार किया है. सांसद ने आरोप लगाया था कि महिला उनसे 5 करोड़ रुपये मांग रही है. हनी ट्रैप के आरोप में गिरफ्तार हुई महिला से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए है. पुलिस के मुताबिक- यह एक बड़ा रैकेट है, जो सिर्फ नेताओं को ही टारगेट करता था. इस रैकेट में इस महिला के साथ एक और भी लड़की शामिल है. इतना ही नहीं यह महिला मुजफ्फरनगर नगर के एक क्रिमिनल के संपर्क में भी थी. यह महिला 5 साल पहले दिल्ली आई थी, राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन की तैयारी करने के लिए. बाद में इसने UPSC का एग्जाम भी दिया, लेकिन सफल नहीं हो सकी. दिल्ली पुलिस को इसकी पढ़ाई पर भी शक है.टिप्पणियां महिला के मुताबिक उसने BA, MA इंग्लिश, MA पोलिटिकल साइंस, LLB और LLM किया है, लेकिन जब पुलिस ने महिला से कुछ अंग्रेजी के शब्द लिखने को कहा तो वह लिख नहीं पाई. गुजरात के सांसद के मामले में महिला का दावा है कि सांसद ने उसे बुलाया था, जबकि सांसद का दावा है कि महिला ने 6 महीने पहले उससे संपर्क किया था. महिला का यह भी कहना है कि वह कुछ दिन पहले एयरपोर्ट पर सांसद को लेने गई थी और उसी दिन सांसद ने नार्थ एवेन्यू के घर पर रेप किया था और गाजियाबाद में भी रेप किया था. सांसद ने अपनी शिकायत में एक और महिला का नाम लिया है, लेकिन आरोपी महिला का कहना है कि वह उस महिला को नहीं जानती. जांच में पता चला है कि महिला हर समय खुफिया कैमरे लेकर चलती थी और उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए थे. पुलिस ने महिला की निशानदेही पर कुछ CD और ऑडियो क्लिप भी बरामद की है. पुलिस उन तमाम नेताओं और कारोबारियों से संपर्क कर रही है, जिनसे महिला ने पैसे ऐंठे हैं. पुलिस को शक है कि महिला के गैंग में 5 से ज्यादा लोग हैं. पुलिस को यह भी शक है कि दर्जनों नेता और कारोबारियों से महिला ने पैसे ऐंठे हैं, लेकिन सामने आने से हर कोई बच रहा है. महिला के मुताबिक उसने BA, MA इंग्लिश, MA पोलिटिकल साइंस, LLB और LLM किया है, लेकिन जब पुलिस ने महिला से कुछ अंग्रेजी के शब्द लिखने को कहा तो वह लिख नहीं पाई. गुजरात के सांसद के मामले में महिला का दावा है कि सांसद ने उसे बुलाया था, जबकि सांसद का दावा है कि महिला ने 6 महीने पहले उससे संपर्क किया था. महिला का यह भी कहना है कि वह कुछ दिन पहले एयरपोर्ट पर सांसद को लेने गई थी और उसी दिन सांसद ने नार्थ एवेन्यू के घर पर रेप किया था और गाजियाबाद में भी रेप किया था. सांसद ने अपनी शिकायत में एक और महिला का नाम लिया है, लेकिन आरोपी महिला का कहना है कि वह उस महिला को नहीं जानती. जांच में पता चला है कि महिला हर समय खुफिया कैमरे लेकर चलती थी और उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए थे. पुलिस ने महिला की निशानदेही पर कुछ CD और ऑडियो क्लिप भी बरामद की है. पुलिस उन तमाम नेताओं और कारोबारियों से संपर्क कर रही है, जिनसे महिला ने पैसे ऐंठे हैं. पुलिस को शक है कि महिला के गैंग में 5 से ज्यादा लोग हैं. पुलिस को यह भी शक है कि दर्जनों नेता और कारोबारियों से महिला ने पैसे ऐंठे हैं, लेकिन सामने आने से हर कोई बच रहा है. सांसद ने अपनी शिकायत में एक और महिला का नाम लिया है, लेकिन आरोपी महिला का कहना है कि वह उस महिला को नहीं जानती. जांच में पता चला है कि महिला हर समय खुफिया कैमरे लेकर चलती थी और उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए थे. पुलिस ने महिला की निशानदेही पर कुछ CD और ऑडियो क्लिप भी बरामद की है. पुलिस उन तमाम नेताओं और कारोबारियों से संपर्क कर रही है, जिनसे महिला ने पैसे ऐंठे हैं. पुलिस को शक है कि महिला के गैंग में 5 से ज्यादा लोग हैं. पुलिस को यह भी शक है कि दर्जनों नेता और कारोबारियों से महिला ने पैसे ऐंठे हैं, लेकिन सामने आने से हर कोई बच रहा है.
पढ़ी-लिखी होने के बावजूद एक स्पेलिंग नहीं लिख पाईं कई लोगों से पैसे ऐंठे मगर सामने नहीं आ रहे लोग गैंग में 5 से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड के स्टार किड्स में सबसे ज्यादा मशहूर करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) और सैफ अली खान (Saif Ali Khan) के बेटे तैमूर अली खान (Taimur Ali Khan) इंटरनेट के वायरल किंग कहलाते हैं. तैमूर की रोजाना की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर जरूर मिल जाएंगी. जब भी वह घर से बाहर निकलते हैं तो मीडिया व फोटोग्राफर्स उनकी तस्वीर जरूर खींच लेते हैं और जब इंस्टाग्राम या सोशल मीडिया के अन्य अकाउंट्स पर इसे पोस्ट करते हैं तो यूजर्स के भी कई अजीबोगरीब सवाल होते हैं. करीना कपूर ने इसमें से कुछ सवालों के जवाब एक शो के जरिए दिया. करीना कपूर खान क्यू प्ले (Qu Play) टीवी पर पिंच प्रोग्राम में पहुंचीं, जहां होस्ट के तौर पर बॉलीवुड एक्टर व प्रोड्यूसर अरबाज खान मौजूद थे. यहां पर अरबाज ने करीना कपूर के सोशल मीडिया पर एक्टिविटी के बारे में सवाल किया.     करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) जब इस शो पर पहुंची तो अरबाज ने बेहद शानदार अंदाज में स्वागत किया. भले ही करीना कपूर सोशल मीडिया पर न हो, लेकिन उनकी नजर यूजर्स व ट्रोलर्स के कमेंट्स पर जरूर होती हैं. इसका खुलासा खुद इसी शो में किया. उन्होंने बताया कि आखिर कैसे मीडिया व सोशल मीडिया पर वह खुद के और बेटे तैमूर से जुड़े कमेंट्स पर ध्यान रखती हैं. इतना ही नहीं, अरबाज ने ट्विटर व इंस्टाग्राम के कुछ सवालों को उनके सामने भी रखा, जिसका जवाब करीना कपूर ने बड़े ही बेबाक अंदाज में दिया.     अरबाज ने ट्रोल करने वाले यूजर्स के सवालों को करीना से पूछे. उनमें से सवाल था, 'बच्चे के नाम पर लाइक्स लेती हो, जनता माफ नहीं करेगी..'. इस पर उन्होंने कुछ नहीं कहा. एक अन्य सवाल में यूजर ने कहा, 'उसका हेयर कट कराना चाहिए.' वह बोलीं, 'मैंने हेयरकट करवाए हैं'. वहीं एक और यूजर ने पूछा, 'तैमूर भूखा मर है क्या?' इस पर करीना ने हंसते हुए जवाब दिया. बोलीं - 'लेकिन वो बेचारा भूखा नहीं मर रहा है, बल्कि मुझे लग रहा है कि ज्यादा ही खा रहा है और मोटा लग रहा है.' ऐसे ही कुछ सवालों के उन्होंने बेहद ही शानदार तरीके से जवाब दिए.
सारांश: करीना कपूर से पूछे गए सवाल फिर उन्होंने दिया ऐसा जवाब वीडियो हो रहा है वायरल
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: लगातार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारण हत्यारी के नाम से बदनाम ब्लू लाइन बसों का परिचालन पूरी तरह बंद करने की अंतिम समय सीमा सोमवार को समाप्त हो रही है और एक फरवरी से ये बसें सड़कों पर नजर नहीं आएंगी। राष्ट्रीय राजधानी में यातायात प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने 823 ब्लू लाइन बसों का परिचालन गत 14 दिसंबर को और 389 अन्य बसों का परिचालन 31 दिसंबर को बंद कर दिया। इस तरह कुल 2052 बसों को बंद कर दिया गया था। परिवहन मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने पहले कहा था कि शेष बची 840 बसों का परिचालन बंद करने की अंतिम समय सीमा 31 जनवरी होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली परिवहन निगम लोगों की यातायात संबंधी जरुरते पूरी करने में सक्षम है। अधिकारियों ने कहा कि बसों का परिचालन पूरी तरह बंद करने संबंधी नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिसमें ब्लू लाइन मालिकों को अपने परिमिट कल तक जमा करने को कहा गया है। दिल्ली सरकार ने अदालत में ब्लू लाइन बसों को फिर से परिचालन की अनुमति नहीं देने की अपील की थी। इस संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 20 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा है। बस ऑपरेटरों ने सरकार द्वारा नई बस प्रणाली लाए जाने तक ब्लू लाइन बसों के परिचालन की इजाजत मांगी थी।
संक्षिप्त पाठ: हत्यारी के नाम से बदनाम ब्लू लाइन बसों का परिचालन पूरी तरह बंद करने की अंतिम समय सीमा सोमवार को समाप्त हो रही है।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कैलिफोर्निया के इमराल्ड पूल्स ट्रेल को दर्रों, झरनों और ग्रेनाइट पत्थरों के बड़ीं-बड़ीं शिलाओं के लिए  जाना जाता है. यहां पर साल भर सैकड़ों पर्यटक स्वीमिंग का मजा लेने आते हैं. कई बार लापरवाही की वजह से लोग तेज बहाव में फंस जाते हैं और अपनी जान भी गवां बैठते हैं. ऐसी ही घटना 24 जून को हुई. जिसमें क्लानी ट्यूनो नाम के एक शख्स बीच धारा में फंस जाते हैं लेकिन उनका भाग्य अच्छा था. 24 जून को कैलिफोर्निया हाइवे पैट्रोल विभाग को एक फोन आया कि एक शख्स इमराल्ड पूल्स से तेज बहाव के साथ बह गया है अभी वह ज्यादा दूर नहीं गया होगा उसको बचाया जा सकता है. इस कॉल के बाद तुरंत ही बाद पैट्रोलिंग शुरू कर दी गई. करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ट्यूनो को ढूढ़ निकाला गया. वह नदी के बीच में बनी एक शिला पर बैठे हुए थे. वह पानी से मात्र 50 फिट की ऊंचाई पर थे और लेवल किसी भी समय ऊपर आ सकता था.  आप वीडियो में देख सकते हैं कि हेलीकॉप्टर से बचाने गई टीम में शामिल शख्स को इस शिला तक पहुंचने में कितनी दिक्कत का सामना करना  पड़ रहा था. तेज हवा के चलते रस्सी ट्यूनो तक पहुंचान में दिक्कत आ रही थी. हालांकि बाद में ट्यूनो को बचा लिया गया था. उनको हल्की-फुल्की चोटें आई थीं. टिप्पणियां   24 जून को कैलिफोर्निया हाइवे पैट्रोल विभाग को एक फोन आया कि एक शख्स इमराल्ड पूल्स से तेज बहाव के साथ बह गया है अभी वह ज्यादा दूर नहीं गया होगा उसको बचाया जा सकता है. इस कॉल के बाद तुरंत ही बाद पैट्रोलिंग शुरू कर दी गई. करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ट्यूनो को ढूढ़ निकाला गया. वह नदी के बीच में बनी एक शिला पर बैठे हुए थे. वह पानी से मात्र 50 फिट की ऊंचाई पर थे और लेवल किसी भी समय ऊपर आ सकता था.  आप वीडियो में देख सकते हैं कि हेलीकॉप्टर से बचाने गई टीम में शामिल शख्स को इस शिला तक पहुंचने में कितनी दिक्कत का सामना करना  पड़ रहा था. तेज हवा के चलते रस्सी ट्यूनो तक पहुंचान में दिक्कत आ रही थी. हालांकि बाद में ट्यूनो को बचा लिया गया था. उनको हल्की-फुल्की चोटें आई थीं. टिप्पणियां   आप वीडियो में देख सकते हैं कि हेलीकॉप्टर से बचाने गई टीम में शामिल शख्स को इस शिला तक पहुंचने में कितनी दिक्कत का सामना करना  पड़ रहा था. तेज हवा के चलते रस्सी ट्यूनो तक पहुंचान में दिक्कत आ रही थी. हालांकि बाद में ट्यूनो को बचा लिया गया था. उनको हल्की-फुल्की चोटें आई थीं. टिप्पणियां   आप वीडियो में देख सकते हैं कि हेलीकॉप्टर से बचाने गई टीम में शामिल शख्स को इस शिला तक पहुंचने में कितनी दिक्कत का सामना करना  पड़ रहा था. तेज हवा के चलते रस्सी ट्यूनो तक पहुंचान में दिक्कत आ रही थी. हालांकि बाद में ट्यूनो को बचा लिया गया था. उनको हल्की-फुल्की चोटें आई थीं. टिप्पणियां
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हेलीकॉप्टर से रस्सी डालकर बचाया गया शख्स को वीडियो में देख सकते हैं कि कितनी मशक्कत से बची जान तेज बहाव के बीच फंसा था शख्स
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पश्चिम बंगाल में सीबीआई की कार्रवाई पर आज पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि मोदी प्रधानमंत्री कितने दिन रहेंगे, कोई परमानेंट उस पद पर नहीं रहता लेकिन संवैधानिक संस्थाएं परमानेंट रहेंगी. देश के संविधान और इन संस्थाओं के साथ खिलवाड़ मत कीजिए नहीं तो हमारा देश बर्बाद हो जाएगा. सीबीआई, ईडी को पीछे लगा देने से आप चुनाव जीतने वाले नहीं हैं. जनता होशियार है, सब कुछ समझ रही है. तेजस्वी यादव ने कोलकाता रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि देश में संवैधानिक संस्थानों पर प्रहार किया जा रहा है. जिस हिसाब से हाईजैक किया जा रहा है, हमको लगता है कि बीजेपी के प्रकोष्ठ के तौर पर ये लोग (सीबीआई) काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की आज प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी. उन्होंने पूरी तरह से सवाल को टालने की कोशिश की. संघीय ठांचे पर प्रहार हो रहा है और जेपी और लोहिया की बात करने वाले लोग आज चुप्पी साधे हैं. नीतीश कुमार को इसका जवाब देना होगा. आखिर चुप्पी किस बात की? तेजस्वी ने कहा कि सीबीआई हो, ईडी हो या इनकम टैक्स हो, बीजेपी के इशारे पर बीजेपी के फायदे के लिए यह पूरी तरह काम कर रहे हैं. बंगाल में पुलिस कमिश्नर से पूछताछ के लिए वे लोग गए थे, अब क्या नियम है, कायदा है, वहां जाकर ममता जी से मिलेंगे तब पूरी बात हमको पता चलेगी. लेकिन टीएमसी के एक नेता जो बीजेपी में चले गए, तो राजा हरिश्चंद्र के रूप में नवाजे जाने लगे! आरजेडी नेता ने कहा कि जो बीजेपी में नहीं है उसे तंग किया जा रहा है. महागठबंधन यूपी में बना तो अखिलेश जी के पीछे...मायावती जी के पीछे सीबीआई लगी. चंद्रबाबू नायडू के पीछे पड़ गए, ममता जी को तंग किया जा रहा है. और हमारा पूरा परिवार, कोई भी ऐसी एजेंसी नहीं है जिसे नरेंद्र मोदी ने हम लोगों के पीछे नहीं लगाया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ डराने-धमकाने के लिए है क्योंकि उन्होंने विकास का कुछ काम नहीं किया, सिर्फ जुमलेबाजी की है. देश की जनता उनको माफ नहीं करेगी. तेजस्वी ने कहा कि 'मैं कहना चाहूंगा नरेंद्र मोदी से, वे अभिभावक के तौर पर हैं, हमारे बड़े  हैं, प्रधानमंत्री गरिमा का पद होता है, प्रधानमंत्री कितने दिन रहेंगे, जो रहता है, उसको जाना पड़ता है. कोई परमानेंट उस पद पर नहीं रहता. लेकिन ये जो संस्थाएं हैं, ये परमानेंट रहेंगी. देश के संविधान के साथ, देश की संवैधानिक संस्थाओं के साथ खिलवाड़ मत कीजिए नहीं तो हमारा देश बर्बाद हो जाएगा. आने वाले दिनों में नरेंद्र मोदी सरकार को जनता से किए गए वादे पूरे करने पड़ेंगे. सिर्फ अपने प्रकोष्ठ, एलायंस और सीबीआई, ईडी को पीछे लगा देने से आप चुनाव जीतने वाले नहीं हैं. जनता होशियार है, सब कुछ समझ रही है.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कहा- सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे टीएमसी के एक नेता बीजेपी में चले गए तो राजा हरिश्चंद्र बन गए मोदी सरकार ने विकास का कुछ काम नहीं किया, सिर्फ जुमलेबाजी की
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंधों के लगातार खराब होने के बीच अमेरिका की विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ उनके देश का संबंध कठिन हो गया है और पाकिस्तान कमजोर आर्थिक नेतृत्व के चंगुल में है। एक परिचर्चा में हिलेरी ने कहा, यह कठिन संबंध है (पाकिस्तान के साथ)। यह कई वर्षों से ऐसा है। उन्होंने कहा, आप पीछे लौटकर उन कठिनाइयों को देख सकते हैं जिनका सामना हमारे देश ने किया है। हम संबंध खत्म करने से लेकर दूरी बनाने तक के दौर से गुजरे हैं। हमारे संबंध उसके साथ बने रहें या हम उसके साथ काम करते रहें उसका एक कारण महत्वपूर्ण संबंध भी है। अफगानिस्तान में काम के सिलसिले में भी यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। क्लिंटन ने एक सवाल के जवाब में कहा, यह सिर्फ राजनीतिक पसंद का मामला नहीं है बल्कि वह देश कमजोर आर्थिक नेतृत्व के चंगुल में भी है।  हम उनके साथ आर्थिक एवं राजनीतिक स्थितियों पर काम करने की कोशिश कर रहे हैं। विदेशमंत्री ने कहा कि चूंकि पाकिस्तान काफी गरीब है और उनकी सरकार में काफी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को शिक्षा के क्षेत्र में, कृषि क्षेत्र में, ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की आवश्कता है और प्रतियोगी आर्थिक वातावरण के लिए अपने नागरिकों को दी जाने वाले कुछ सब्सिडी को खत्म करने की जरूरत है । क्लिंटन ने कहा, वास्तविकता है कि पाकिस्तान में काफी कम लोग कर देते हैं और शायद ही कोई भू-स्वामी या धनी कर देता है इसलिए लोगों के लिए सेवा प्रणाली बनाने की खातिर कोई आधार नहीं है।
हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ उनके देश का संबंध कठिन हो गया है और पाकिस्तान कमजोर आर्थिक नेतृत्व के चंगुल में है।
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब के अमृतसर से रिश्तों को शर्मशार करने वाली एक घटना सामने आई है. जहां एक पिता ने अपनी एनआरआई बेटी की हत्या की और बाद में खुदको फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस के अनुसार घटना अमृतसर के गुलमोहर एवेंयू की है. पुलिस ने मृतक की पहचान 60 वर्षीय डेविड मसिह के रूप में की है जबकि उसकी बेटी की पहचान 35 वर्षीय निलोफर के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार आरोपी पेशे से इंजीनियर था. घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.  मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक की जांच से तो ऐसा लगता है कि आरोपी युवक डिप्रेशन में था. इसी वजह से उसने पहले अपनी बेटी की हत्या की और बाद में खुदको फांसी लगाई. पुलिस के अनुसार घर में दंपति और उसकी बेटी रह रही थी. घटना के समय लड़की मां पास के चर्च में गई थी तभी आरोपी ने घटना को अंजाम दिया और खुदको फांसी लगा ली. पुलिस की जांच में पता चला है विदेश में रहने वाली आरोपी की बेटी कुछ दिन पहले ही अमृतसर आई थी. (इनपुट आईएएनएस से)
संक्षिप्त पाठ: डिप्रेशन की वजह से की हत्या पुलिस ने शव को लिया कब्जे में कुछ दिन पहले ही विदेश से आई थी लड़की
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश में बैतूल जिले के मुल्ताई विकास खंड के सरई गांव में शुक्रवार को एक अधेड़ व्यक्ति ने आदिवासी युवती के गले में फांसी का फंदा लगाया और उसके हाथ-पैर बांधकर उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि सरई निवासी 19 वर्षीय आदिवासी युवती मवेशी चराने के लिए उन्हें खोलने कोठे पर गई, तो गांव का ही 45 वर्षीय गणपति मेहरा कोठे में घुस गया। उन्होंने बताया कि गणपति ने युवती की चुन्नी से कथित तौर पर उसके गले में फांसी का फंदा बनाकर डाला और उसके हाथ-पैर बांधकर उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद वह युवती को उसी हालत में छोड़कर फरार हो गया। घटना के कुछ देर बाद जब एक अन्य महिला कोठे पर पहुंची, तो उसने बंधी अवस्था में पड़ी युवती को खोला और उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। पुलिस ने उसकी शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक अधेड़ ने आदिवासी युवती के गले में फांसी का फंदा लगाया और उसके हाथ-पैर बांधकर उसके साथ बलात्कार किया।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने ब्रिटेन को आगाह किया कि अगर ब्रिटिश सरकार कड़े वीजा नियम पर अड़ी रही तो भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां अपना कारोबार समेटकर दूसरे यूरोपीय देशों में जा सकती हैं। ब्रिटेन के वीजा नियम से भारतीय आईटी पेशेवर प्रभावित होंगे। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा की ब्रिटेन के व्यापार, अनुसंधान तथा कौशल मंत्री विंस केबल तथा वित्त मंत्री जार्ज ओसबोर्न के साथ बैठक के दौरान यह मुद्दा उठा। हालांकि ओसबोर्न ने शर्मा को आश्वस्त किया कि ब्रिटिश सरकार ने कंपनी की एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरण के मामले में अगले दो साल के लिए कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय किया है। प्रस्ताव से भारतीय आईटी उद्योग तथा सरकार परेशान थी क्योंकि इसका तात्पर्य था कि कंपनी की एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरण को संभावित आव्रजकों के रूप में देखा जाता। सरकारी बयान के अनुसार शर्मा ने कहा कि नियम से ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय कंपनियों के कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ा है। बयान के मुताबिक, ‘शर्मा ने चिंता जताई कि इस कदम से भारतीय कंपनियां खासकर आईटी कंपनियां दूसरे यूरोपीय देशों का रुख कर सकती हैं।’ मंत्री ने गैर-यूरोपीय आव्रजकों के ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर सीमा लगाए जाने के मुद्दे को भी उठाया। इससे यहां भारतीय कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ रहा है।टिप्पणियां इसके अलावा, शर्मा ने ब्रिटिश कंपनियों के अधिग्रहण के इच्छुक भारतीय कंपनियों को उल्लेखनीय देरी तथा कानूनी बाधाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर भी चिंता जताई। शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा की ब्रिटेन के व्यापार, अनुसंधान तथा कौशल मंत्री विंस केबल तथा वित्त मंत्री जार्ज ओसबोर्न के साथ बैठक के दौरान यह मुद्दा उठा। हालांकि ओसबोर्न ने शर्मा को आश्वस्त किया कि ब्रिटिश सरकार ने कंपनी की एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरण के मामले में अगले दो साल के लिए कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय किया है। प्रस्ताव से भारतीय आईटी उद्योग तथा सरकार परेशान थी क्योंकि इसका तात्पर्य था कि कंपनी की एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरण को संभावित आव्रजकों के रूप में देखा जाता। सरकारी बयान के अनुसार शर्मा ने कहा कि नियम से ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय कंपनियों के कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ा है। बयान के मुताबिक, ‘शर्मा ने चिंता जताई कि इस कदम से भारतीय कंपनियां खासकर आईटी कंपनियां दूसरे यूरोपीय देशों का रुख कर सकती हैं।’ मंत्री ने गैर-यूरोपीय आव्रजकों के ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर सीमा लगाए जाने के मुद्दे को भी उठाया। इससे यहां भारतीय कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ रहा है।टिप्पणियां इसके अलावा, शर्मा ने ब्रिटिश कंपनियों के अधिग्रहण के इच्छुक भारतीय कंपनियों को उल्लेखनीय देरी तथा कानूनी बाधाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर भी चिंता जताई। शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। हालांकि ओसबोर्न ने शर्मा को आश्वस्त किया कि ब्रिटिश सरकार ने कंपनी की एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरण के मामले में अगले दो साल के लिए कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय किया है। प्रस्ताव से भारतीय आईटी उद्योग तथा सरकार परेशान थी क्योंकि इसका तात्पर्य था कि कंपनी की एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरण को संभावित आव्रजकों के रूप में देखा जाता। सरकारी बयान के अनुसार शर्मा ने कहा कि नियम से ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय कंपनियों के कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ा है। बयान के मुताबिक, ‘शर्मा ने चिंता जताई कि इस कदम से भारतीय कंपनियां खासकर आईटी कंपनियां दूसरे यूरोपीय देशों का रुख कर सकती हैं।’ मंत्री ने गैर-यूरोपीय आव्रजकों के ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर सीमा लगाए जाने के मुद्दे को भी उठाया। इससे यहां भारतीय कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ रहा है।टिप्पणियां इसके अलावा, शर्मा ने ब्रिटिश कंपनियों के अधिग्रहण के इच्छुक भारतीय कंपनियों को उल्लेखनीय देरी तथा कानूनी बाधाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर भी चिंता जताई। शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। प्रस्ताव से भारतीय आईटी उद्योग तथा सरकार परेशान थी क्योंकि इसका तात्पर्य था कि कंपनी की एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरण को संभावित आव्रजकों के रूप में देखा जाता। सरकारी बयान के अनुसार शर्मा ने कहा कि नियम से ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय कंपनियों के कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ा है। बयान के मुताबिक, ‘शर्मा ने चिंता जताई कि इस कदम से भारतीय कंपनियां खासकर आईटी कंपनियां दूसरे यूरोपीय देशों का रुख कर सकती हैं।’ मंत्री ने गैर-यूरोपीय आव्रजकों के ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर सीमा लगाए जाने के मुद्दे को भी उठाया। इससे यहां भारतीय कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ रहा है।टिप्पणियां इसके अलावा, शर्मा ने ब्रिटिश कंपनियों के अधिग्रहण के इच्छुक भारतीय कंपनियों को उल्लेखनीय देरी तथा कानूनी बाधाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर भी चिंता जताई। शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। सरकारी बयान के अनुसार शर्मा ने कहा कि नियम से ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय कंपनियों के कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ा है। बयान के मुताबिक, ‘शर्मा ने चिंता जताई कि इस कदम से भारतीय कंपनियां खासकर आईटी कंपनियां दूसरे यूरोपीय देशों का रुख कर सकती हैं।’ मंत्री ने गैर-यूरोपीय आव्रजकों के ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर सीमा लगाए जाने के मुद्दे को भी उठाया। इससे यहां भारतीय कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ रहा है।टिप्पणियां इसके अलावा, शर्मा ने ब्रिटिश कंपनियों के अधिग्रहण के इच्छुक भारतीय कंपनियों को उल्लेखनीय देरी तथा कानूनी बाधाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर भी चिंता जताई। शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। बयान के मुताबिक, ‘शर्मा ने चिंता जताई कि इस कदम से भारतीय कंपनियां खासकर आईटी कंपनियां दूसरे यूरोपीय देशों का रुख कर सकती हैं।’ मंत्री ने गैर-यूरोपीय आव्रजकों के ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर सीमा लगाए जाने के मुद्दे को भी उठाया। इससे यहां भारतीय कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ रहा है।टिप्पणियां इसके अलावा, शर्मा ने ब्रिटिश कंपनियों के अधिग्रहण के इच्छुक भारतीय कंपनियों को उल्लेखनीय देरी तथा कानूनी बाधाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर भी चिंता जताई। शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। मंत्री ने गैर-यूरोपीय आव्रजकों के ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर सीमा लगाए जाने के मुद्दे को भी उठाया। इससे यहां भारतीय कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ रहा है।टिप्पणियां इसके अलावा, शर्मा ने ब्रिटिश कंपनियों के अधिग्रहण के इच्छुक भारतीय कंपनियों को उल्लेखनीय देरी तथा कानूनी बाधाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर भी चिंता जताई। शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। इसके अलावा, शर्मा ने ब्रिटिश कंपनियों के अधिग्रहण के इच्छुक भारतीय कंपनियों को उल्लेखनीय देरी तथा कानूनी बाधाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर भी चिंता जताई। शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं।
भारत ने ब्रिटेन को आगाह किया कि अगर ब्रिटिश सरकार कड़े वीजा नियम पर अड़ी रही तो भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां अपना कारोबार समेटकर दूसरे यूरोपीय देशों में जा सकती हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'आर्थिक, नैतिक और स्वामित्व' जैसे कारकों के आधार पर साइरस मिस्त्री को हटाया गया था. ये बात रतन टाटा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी का एनडीटीवी से चर्चा करते हुए की. उन्होंने ये बात अपने क्लाइंट रतन टाटा के साथ दो घंटे की मुलाकात के बाद कही जिन्हें हाल ही में टाटा समूह का चेयरमैन बनाया गया है. वहीं, साइरस मिस्त्री के कार्यालय का कहना है कि 'इस स्थिति में' मिस्त्री की चेयरमैन पद से हटाए जाने के मामले को चुनौती देने की कोई योजना नहीं है. साइरस मिस्त्री ने बोर्ड मेंबर्स को भेजे पांच पेज के ईमेल में रतन टाटा पर लगातार 'अनुचित हस्‍तक्षेप' का आरोप लगाया.टिप्पणियां सिंघवी ने मिस्त्री के बोर्ड को दिए उस बयान पर आक्षेप किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें गलत तरीके से हटाया गया. सिंघवी ने कहा, "क्या साइरस यहा मानते हैं कि पूरा बोर्ड नासमझ है? बोर्ड के सभी सदस्यों का मिस्त्री ने विश्वास खो दिया था." बोर्ड के नौ सदस्यों में से छह ने साइरस मिस्त्री को हटाने के पक्ष में वोट दिया था; वहीं दो सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया.     मिस्त्री के कार्यालय ने कल एनडीटीवी को बताया था कि हितों के टकराव का आरोप सही नहीं है क्योंकि वर्ष 2012 में टाटा ग्रुप की कमान संभालने के बाद उन्होंने अपने पारिवारिक साम्राज्य की कंपनी शपूर्जी पलौंजी ग्रुप को टाटा फर्म के अनुबंध नहीं देने यह आदेश दिया था जो कि टाटा संस में सबसे बड़ी हिस्सेदार कंपनी है. अपने पांच पेज के ईमेल में साइरस मिस्‍त्री ने बोर्ड से कहा कि उनकी हैसियत कमजोर हुई है और यह कि चेयरमैन का पद संभालने के वक्त स्वायत्ता का भरोसा दिया जाने के बाद नियम बदले गए.   इन आरोपों को नकारते हुए टाटा की वकील ने एनडीटीवी को बताया कि समूह के वरिष्ठ सदस्य 'कठपुतली का खेल दिखाने वाले नहीं हैं'. उन्हें बोर्ड की मीटिंग में शामिल होने का अधिकार था. वहीं, साइरस मिस्त्री के कार्यालय का कहना है कि 'इस स्थिति में' मिस्त्री की चेयरमैन पद से हटाए जाने के मामले को चुनौती देने की कोई योजना नहीं है. साइरस मिस्त्री ने बोर्ड मेंबर्स को भेजे पांच पेज के ईमेल में रतन टाटा पर लगातार 'अनुचित हस्‍तक्षेप' का आरोप लगाया.टिप्पणियां सिंघवी ने मिस्त्री के बोर्ड को दिए उस बयान पर आक्षेप किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें गलत तरीके से हटाया गया. सिंघवी ने कहा, "क्या साइरस यहा मानते हैं कि पूरा बोर्ड नासमझ है? बोर्ड के सभी सदस्यों का मिस्त्री ने विश्वास खो दिया था." बोर्ड के नौ सदस्यों में से छह ने साइरस मिस्त्री को हटाने के पक्ष में वोट दिया था; वहीं दो सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया.     मिस्त्री के कार्यालय ने कल एनडीटीवी को बताया था कि हितों के टकराव का आरोप सही नहीं है क्योंकि वर्ष 2012 में टाटा ग्रुप की कमान संभालने के बाद उन्होंने अपने पारिवारिक साम्राज्य की कंपनी शपूर्जी पलौंजी ग्रुप को टाटा फर्म के अनुबंध नहीं देने यह आदेश दिया था जो कि टाटा संस में सबसे बड़ी हिस्सेदार कंपनी है. अपने पांच पेज के ईमेल में साइरस मिस्‍त्री ने बोर्ड से कहा कि उनकी हैसियत कमजोर हुई है और यह कि चेयरमैन का पद संभालने के वक्त स्वायत्ता का भरोसा दिया जाने के बाद नियम बदले गए.   इन आरोपों को नकारते हुए टाटा की वकील ने एनडीटीवी को बताया कि समूह के वरिष्ठ सदस्य 'कठपुतली का खेल दिखाने वाले नहीं हैं'. उन्हें बोर्ड की मीटिंग में शामिल होने का अधिकार था. सिंघवी ने मिस्त्री के बोर्ड को दिए उस बयान पर आक्षेप किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें गलत तरीके से हटाया गया. सिंघवी ने कहा, "क्या साइरस यहा मानते हैं कि पूरा बोर्ड नासमझ है? बोर्ड के सभी सदस्यों का मिस्त्री ने विश्वास खो दिया था." बोर्ड के नौ सदस्यों में से छह ने साइरस मिस्त्री को हटाने के पक्ष में वोट दिया था; वहीं दो सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया.     मिस्त्री के कार्यालय ने कल एनडीटीवी को बताया था कि हितों के टकराव का आरोप सही नहीं है क्योंकि वर्ष 2012 में टाटा ग्रुप की कमान संभालने के बाद उन्होंने अपने पारिवारिक साम्राज्य की कंपनी शपूर्जी पलौंजी ग्रुप को टाटा फर्म के अनुबंध नहीं देने यह आदेश दिया था जो कि टाटा संस में सबसे बड़ी हिस्सेदार कंपनी है. अपने पांच पेज के ईमेल में साइरस मिस्‍त्री ने बोर्ड से कहा कि उनकी हैसियत कमजोर हुई है और यह कि चेयरमैन का पद संभालने के वक्त स्वायत्ता का भरोसा दिया जाने के बाद नियम बदले गए.   इन आरोपों को नकारते हुए टाटा की वकील ने एनडीटीवी को बताया कि समूह के वरिष्ठ सदस्य 'कठपुतली का खेल दिखाने वाले नहीं हैं'. उन्हें बोर्ड की मीटिंग में शामिल होने का अधिकार था. अपने पांच पेज के ईमेल में साइरस मिस्‍त्री ने बोर्ड से कहा कि उनकी हैसियत कमजोर हुई है और यह कि चेयरमैन का पद संभालने के वक्त स्वायत्ता का भरोसा दिया जाने के बाद नियम बदले गए.   इन आरोपों को नकारते हुए टाटा की वकील ने एनडीटीवी को बताया कि समूह के वरिष्ठ सदस्य 'कठपुतली का खेल दिखाने वाले नहीं हैं'. उन्हें बोर्ड की मीटिंग में शामिल होने का अधिकार था.
संक्षिप्त सारांश: साइरस मिस्त्री ने रतन टाटा पर लगातार 'अनुचित हस्‍तक्षेप' का आरोप लगाया मिस्त्री के कार्यालय ने हितों के टकराव के आरोप को नकारा शपूर्जी पलौंजी ग्रुप टाटा संस में सबसे हिस्सेदार वाली कंपनी
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['hin']
एक सारांश बनाओ: रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी का रिजल्ट (RRB Result) जल्द जारी करेगा. रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने NDTV को बताया कि रिजल्ट (RRB Group D Result) जारी होने की तारीख तय नहीं की गई है, तारीख तय होने के बाद एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें दिया होगा कि रिजल्ट (RRB Group D Result 2019) कब आना है. उम्मीदवारों को बता दें कि कई खबरों में ये कहा गया है कि रिजल्ट (RRB Result 2019) 13 फरवरी को आएगा, हालांकि रेलवे इस बात की पुष्टि नहीं करता है. ऐसे में उम्मीदवारों को रेगुलर अपने रीजन की आरआरबी वेबसाइट पर विजिट करते रहना चाहिए. परीक्षा का रिजल्ट (RRB D Result) और अगले स्टेज से संबंधित हर जानकारी जल्द ही वेबसाइट्स पर अपडेट की जाएगी. बता दें कि ग्रुप डी की पहले स्टेज की परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को दूसरे स्टेज की शारीरिक दक्षता परीक्षा में देने का मौका मिलेगा. आइये जानते हैं शारीरिक दक्षता परीक्षा से जुड़ी हर जानकारी.. RRB Group D Salary: जानिए ग्रुप डी के पदों पर चयनित होने पर कितनी सैलरी मिलेगी?
यह एक सारांश है: ग्रुप डी का रिजल्ट जल्द आएगा. दूसरे स्टेज में शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी. पहली स्टेज पास करने वाले ही दूसरी स्टेज की परीक्षा दे पाएंगे.
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लैक्मे फैशन वीक के दौरान नम्रता जोशीपुरा द्वारा बनाए गए परिधान में शानदार नजर आने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर ने कहा है कि उनके पति सैफ अली खान को उनके सभी परिधान पसंद हैं, चाहे वह किसी भी रंग की हो। जब उनसे पूछा गया कि सैफ को वह किस रंग के परिधान में अच्छी लगती हैं तो उन्होंने कहा कि मैं किसी भी रंग का परिधान पहनूं, सैफ को पसंद है। मीडिया को करीना ने बताया, "मेरे सभी रंग के परिधान सैफ को पसंद है। उनकी कोई खास पसंद नहीं है।" लैक्मे फैशन वीक के दौरान हालांकि सैफ उनके शो के दौरान उनका हौंसला आफजाई करने के लिए साथ नहीं थे जिस पर करीना ने मजाकिया लहजे में कहा, हम सैफ की कमी को महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्हें काम करने दें। वैसे भी, घर में वह हर दिन मुझे रैम्प पर चलते देखते हैं।टिप्पणियां उनके पसंदीदा निजी स्टाइल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे पाजामा और टी-शर्ट पसंद है। "मुझे पाजामा और टी-शर्ट काफी पसंद है। काश मैं रैम्प पर पाजामा और टी-शर्ट पहन कर चल सकूं।" जब उनसे पूछा गया कि सैफ को वह किस रंग के परिधान में अच्छी लगती हैं तो उन्होंने कहा कि मैं किसी भी रंग का परिधान पहनूं, सैफ को पसंद है। मीडिया को करीना ने बताया, "मेरे सभी रंग के परिधान सैफ को पसंद है। उनकी कोई खास पसंद नहीं है।" लैक्मे फैशन वीक के दौरान हालांकि सैफ उनके शो के दौरान उनका हौंसला आफजाई करने के लिए साथ नहीं थे जिस पर करीना ने मजाकिया लहजे में कहा, हम सैफ की कमी को महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्हें काम करने दें। वैसे भी, घर में वह हर दिन मुझे रैम्प पर चलते देखते हैं।टिप्पणियां उनके पसंदीदा निजी स्टाइल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे पाजामा और टी-शर्ट पसंद है। "मुझे पाजामा और टी-शर्ट काफी पसंद है। काश मैं रैम्प पर पाजामा और टी-शर्ट पहन कर चल सकूं।" मीडिया को करीना ने बताया, "मेरे सभी रंग के परिधान सैफ को पसंद है। उनकी कोई खास पसंद नहीं है।" लैक्मे फैशन वीक के दौरान हालांकि सैफ उनके शो के दौरान उनका हौंसला आफजाई करने के लिए साथ नहीं थे जिस पर करीना ने मजाकिया लहजे में कहा, हम सैफ की कमी को महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्हें काम करने दें। वैसे भी, घर में वह हर दिन मुझे रैम्प पर चलते देखते हैं।टिप्पणियां उनके पसंदीदा निजी स्टाइल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे पाजामा और टी-शर्ट पसंद है। "मुझे पाजामा और टी-शर्ट काफी पसंद है। काश मैं रैम्प पर पाजामा और टी-शर्ट पहन कर चल सकूं।" लैक्मे फैशन वीक के दौरान हालांकि सैफ उनके शो के दौरान उनका हौंसला आफजाई करने के लिए साथ नहीं थे जिस पर करीना ने मजाकिया लहजे में कहा, हम सैफ की कमी को महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्हें काम करने दें। वैसे भी, घर में वह हर दिन मुझे रैम्प पर चलते देखते हैं।टिप्पणियां उनके पसंदीदा निजी स्टाइल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे पाजामा और टी-शर्ट पसंद है। "मुझे पाजामा और टी-शर्ट काफी पसंद है। काश मैं रैम्प पर पाजामा और टी-शर्ट पहन कर चल सकूं।" उनके पसंदीदा निजी स्टाइल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे पाजामा और टी-शर्ट पसंद है। "मुझे पाजामा और टी-शर्ट काफी पसंद है। काश मैं रैम्प पर पाजामा और टी-शर्ट पहन कर चल सकूं।" "मुझे पाजामा और टी-शर्ट काफी पसंद है। काश मैं रैम्प पर पाजामा और टी-शर्ट पहन कर चल सकूं।"
संक्षिप्त सारांश: लैक्मे फैशन वीक के दौरान नम्रता जोशीपुरा द्वारा बनाए गए परिधान में शानदार नजर आने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर ने कहा है कि उनके पति सैफ अली खान को उनके सभी परिधान पसंद हैं, चाहे वह किसी भी रंग की हो।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: पहली पारी में नौ विकेट के नुकसान पर भारतीय बल्लेबाजों द्वारा बनाए 622 रन के पहाड़ पर चढ़ना श्रीलंका के लिए असंभव साबित हुआ, और वे चौथे दिन ही ढेर हो गए. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत की ओर से यह 29वां मौका था, जब टीम ने एक पारी में 600 या उससे ज़्यादा रन बनाए. अब टीम इंडिया इस मामले में दुनियाभर की टीमों में से सिर्फ ऑस्ट्रेलिया से पीछे है, जिन्होंने यह कारनामा अब तक 32 बार किया है.टिप्पणियां पढ़ेंजीत के बाद बोले विराट कोहली - हमने जीतने की आदत डाल ली है भारत द्वारा सीरीज़ जीत जाने के बाद टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि कप्तान विराट कोहली और उनके साथी खिलाड़ी निश्चित रूप से ऑस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड को तोड़ डालेंगे. 'डेक्कन क्रॉनिकल' से बातचीत में रवि शास्त्री ने कहा, "भारत निश्चित रूप से एक पारी में 600 या उससे ज़्यादा रन सबसे ज़्यादा बार बनाने का ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड तोड़ सकता है... मुझे पूरा भरोसा है कि भारतीय टीम यह उपलब्धि ज़रूर हासिल करेगी... कब, यह मैं नहीं कह सकता... इस साल, या अगले साल, या फिर किसी समय... लेकिन मुझे खुशी होगी, अगर यह कोच के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान होता है..." पढ़ेंजीत के बाद बोले विराट कोहली - हमने जीतने की आदत डाल ली है भारत द्वारा सीरीज़ जीत जाने के बाद टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि कप्तान विराट कोहली और उनके साथी खिलाड़ी निश्चित रूप से ऑस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड को तोड़ डालेंगे. 'डेक्कन क्रॉनिकल' से बातचीत में रवि शास्त्री ने कहा, "भारत निश्चित रूप से एक पारी में 600 या उससे ज़्यादा रन सबसे ज़्यादा बार बनाने का ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड तोड़ सकता है... मुझे पूरा भरोसा है कि भारतीय टीम यह उपलब्धि ज़रूर हासिल करेगी... कब, यह मैं नहीं कह सकता... इस साल, या अगले साल, या फिर किसी समय... लेकिन मुझे खुशी होगी, अगर यह कोच के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान होता है..." भारत द्वारा सीरीज़ जीत जाने के बाद टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि कप्तान विराट कोहली और उनके साथी खिलाड़ी निश्चित रूप से ऑस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड को तोड़ डालेंगे. 'डेक्कन क्रॉनिकल' से बातचीत में रवि शास्त्री ने कहा, "भारत निश्चित रूप से एक पारी में 600 या उससे ज़्यादा रन सबसे ज़्यादा बार बनाने का ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड तोड़ सकता है... मुझे पूरा भरोसा है कि भारतीय टीम यह उपलब्धि ज़रूर हासिल करेगी... कब, यह मैं नहीं कह सकता... इस साल, या अगले साल, या फिर किसी समय... लेकिन मुझे खुशी होगी, अगर यह कोच के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान होता है..."
यह एक सारांश है: टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में 622 रन बनाए यह 29वां मौका था, जब भारतीय टीम ने यह कारनामा किया शास्त्री ने कहा, 32 बार 600 रन बनाने का ऑस्ट्रेलियाई रिकॉर्ड तोड़ेगी टीम
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत के सोमदेव देववर्मन ने ऊंची रैंकिंग वाले इटली के पाओलो लोरेंजी को हराकर एटीपी चाइना ओपन के एकल वर्ग में क्वालीफाई कर लिया है। विश्व रैंकिंग में 97वें नंबर पर काबिज सोमदेव ने अपने से 12 रैंकिंग ऊपर वाले प्रतिद्वंद्वी को दूसरे क्वालीफाइंग मैच में 3-6, 7-6, 6-3 से हराया। पहले दौर में सोमदेव ने दुनिया के 60वें नंबर के खिलाड़ी राबिन हास को 2-6, 6-4, 6-0 से हराया था।टिप्पणियां मुख्य ड्रॉ में पहले मैच में उनका सामना दुनिया के 31वें नंबर के खिलाडी फर्नांडो वर्डास्को से होगा। यदि वह उसे हरा देते हैं तो उनका अगले दौर में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच से सामना हो सकता है। युगल वर्ग में लिएंडर पेस और कनाडा के डेनियल नेस्टर को शीर्ष वरीयता मिली है। वे पहले दौर में अमेरिका के जान इसनेर और सैम क्वेरी से खेलेंगे। महेश भूपति और स्वीडन के रॉबर्ट लिंडस्टेड को दूसरी वरीयता मिली है जो जोकोविच और स्विटजरलैंड के स्टानिस्लास वावरिंका से खेलेंगे। विश्व रैंकिंग में 97वें नंबर पर काबिज सोमदेव ने अपने से 12 रैंकिंग ऊपर वाले प्रतिद्वंद्वी को दूसरे क्वालीफाइंग मैच में 3-6, 7-6, 6-3 से हराया। पहले दौर में सोमदेव ने दुनिया के 60वें नंबर के खिलाड़ी राबिन हास को 2-6, 6-4, 6-0 से हराया था।टिप्पणियां मुख्य ड्रॉ में पहले मैच में उनका सामना दुनिया के 31वें नंबर के खिलाडी फर्नांडो वर्डास्को से होगा। यदि वह उसे हरा देते हैं तो उनका अगले दौर में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच से सामना हो सकता है। युगल वर्ग में लिएंडर पेस और कनाडा के डेनियल नेस्टर को शीर्ष वरीयता मिली है। वे पहले दौर में अमेरिका के जान इसनेर और सैम क्वेरी से खेलेंगे। महेश भूपति और स्वीडन के रॉबर्ट लिंडस्टेड को दूसरी वरीयता मिली है जो जोकोविच और स्विटजरलैंड के स्टानिस्लास वावरिंका से खेलेंगे। पहले दौर में सोमदेव ने दुनिया के 60वें नंबर के खिलाड़ी राबिन हास को 2-6, 6-4, 6-0 से हराया था।टिप्पणियां मुख्य ड्रॉ में पहले मैच में उनका सामना दुनिया के 31वें नंबर के खिलाडी फर्नांडो वर्डास्को से होगा। यदि वह उसे हरा देते हैं तो उनका अगले दौर में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच से सामना हो सकता है। युगल वर्ग में लिएंडर पेस और कनाडा के डेनियल नेस्टर को शीर्ष वरीयता मिली है। वे पहले दौर में अमेरिका के जान इसनेर और सैम क्वेरी से खेलेंगे। महेश भूपति और स्वीडन के रॉबर्ट लिंडस्टेड को दूसरी वरीयता मिली है जो जोकोविच और स्विटजरलैंड के स्टानिस्लास वावरिंका से खेलेंगे। मुख्य ड्रॉ में पहले मैच में उनका सामना दुनिया के 31वें नंबर के खिलाडी फर्नांडो वर्डास्को से होगा। यदि वह उसे हरा देते हैं तो उनका अगले दौर में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच से सामना हो सकता है। युगल वर्ग में लिएंडर पेस और कनाडा के डेनियल नेस्टर को शीर्ष वरीयता मिली है। वे पहले दौर में अमेरिका के जान इसनेर और सैम क्वेरी से खेलेंगे। महेश भूपति और स्वीडन के रॉबर्ट लिंडस्टेड को दूसरी वरीयता मिली है जो जोकोविच और स्विटजरलैंड के स्टानिस्लास वावरिंका से खेलेंगे। युगल वर्ग में लिएंडर पेस और कनाडा के डेनियल नेस्टर को शीर्ष वरीयता मिली है। वे पहले दौर में अमेरिका के जान इसनेर और सैम क्वेरी से खेलेंगे। महेश भूपति और स्वीडन के रॉबर्ट लिंडस्टेड को दूसरी वरीयता मिली है जो जोकोविच और स्विटजरलैंड के स्टानिस्लास वावरिंका से खेलेंगे।
सारांश: विश्व रैंकिंग में 97वें नंबर पर काबिज सोमदेव ने अपने से 12 रैंकिंग ऊपर वाले प्रतिद्वंद्वी को दूसरे क्वालीफाइंग मैच में 3-6, 7-6, 6-3 से हराया।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी और भारतीय उद्योपतियों से एक संपन्न समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील करते हुए वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि दोनों देशों के उद्योग राजनैतिक बिसात पर अपने व्यापार न लाएं। अमेरिका भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) के 38वें सम्मेलन में मुख्य भाषण देते हुए चिदंरबरम ने कहा कि भारत के सामने अपनी बड़ी आबादी को गरीबी से निकालने की चुनौती है और वह चरणबद्ध तरीके से अर्थव्यवस्था को शक्ल दे रहा है। वित्तमंत्री ने कहा कि भारत के आर्थिक सुधार कार्यक्रम के कारण कई भारतीय कंपनियां आकार और कद में इतनी बड़ी हो गई हैं कि वे कई बार अमेरिकी कंपनियों से टक्कर ले रही होती हैं। उन्होंने कहा कि कारोबारी प्रतिस्पर्धा मुक्त बाजार और मुक्त अर्थव्यवस्था की बुनियाद है और कारोबारी प्रतिस्पर्धा को राजनैतिक बिसात पर नहीं लाना चाहिए।टिप्पणियां चिदंबरम ने अपने भाषण में कहा, मैं इसलिए आपसे अपील करता हूं कि दोनों देशों के लिए मिल कर काम करने का बड़ा मौका है। उन्होंने कहा, हम अपनी अर्थव्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से आकार दे रहे हैं और उस प्रक्रिया में आपकी मदद चाहते हैं। इस मौके पर भारत और अमेरिका के कई प्रमुख उद्योगपति, अधिकारी और राजनेता मौजूद थे। उन्होंने कहा, हमारे यहां युवाओं की तादाद बहुत अधिक है, जिनकी कुछ करने की आकांक्षा है। हमारे यहां कौशल प्राप्त लोगों का बड़ा समूह है, जिनका अब तक फायदा नहीं उठाया गया है। चिदंबरम ने कहा, हम यदि मिलकर काम करें, तो बहुत अच्छा कर सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि हमारी आज, कल और भविष्य में होन वाली बैठकों से संपन्न समाज बनाने का अधिक से अधिक मौका मिलेगा। चिदंबरम पिछले तीन दिन से वाशिंगटन में है और इस दौरान उन्होंने शीर्ष अमेरिकी कार्यकारियों, राजनेताओं और अधिकारियों से बात की। अमेरिका भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) के 38वें सम्मेलन में मुख्य भाषण देते हुए चिदंरबरम ने कहा कि भारत के सामने अपनी बड़ी आबादी को गरीबी से निकालने की चुनौती है और वह चरणबद्ध तरीके से अर्थव्यवस्था को शक्ल दे रहा है। वित्तमंत्री ने कहा कि भारत के आर्थिक सुधार कार्यक्रम के कारण कई भारतीय कंपनियां आकार और कद में इतनी बड़ी हो गई हैं कि वे कई बार अमेरिकी कंपनियों से टक्कर ले रही होती हैं। उन्होंने कहा कि कारोबारी प्रतिस्पर्धा मुक्त बाजार और मुक्त अर्थव्यवस्था की बुनियाद है और कारोबारी प्रतिस्पर्धा को राजनैतिक बिसात पर नहीं लाना चाहिए।टिप्पणियां चिदंबरम ने अपने भाषण में कहा, मैं इसलिए आपसे अपील करता हूं कि दोनों देशों के लिए मिल कर काम करने का बड़ा मौका है। उन्होंने कहा, हम अपनी अर्थव्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से आकार दे रहे हैं और उस प्रक्रिया में आपकी मदद चाहते हैं। इस मौके पर भारत और अमेरिका के कई प्रमुख उद्योगपति, अधिकारी और राजनेता मौजूद थे। उन्होंने कहा, हमारे यहां युवाओं की तादाद बहुत अधिक है, जिनकी कुछ करने की आकांक्षा है। हमारे यहां कौशल प्राप्त लोगों का बड़ा समूह है, जिनका अब तक फायदा नहीं उठाया गया है। चिदंबरम ने कहा, हम यदि मिलकर काम करें, तो बहुत अच्छा कर सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि हमारी आज, कल और भविष्य में होन वाली बैठकों से संपन्न समाज बनाने का अधिक से अधिक मौका मिलेगा। चिदंबरम पिछले तीन दिन से वाशिंगटन में है और इस दौरान उन्होंने शीर्ष अमेरिकी कार्यकारियों, राजनेताओं और अधिकारियों से बात की। वित्तमंत्री ने कहा कि भारत के आर्थिक सुधार कार्यक्रम के कारण कई भारतीय कंपनियां आकार और कद में इतनी बड़ी हो गई हैं कि वे कई बार अमेरिकी कंपनियों से टक्कर ले रही होती हैं। उन्होंने कहा कि कारोबारी प्रतिस्पर्धा मुक्त बाजार और मुक्त अर्थव्यवस्था की बुनियाद है और कारोबारी प्रतिस्पर्धा को राजनैतिक बिसात पर नहीं लाना चाहिए।टिप्पणियां चिदंबरम ने अपने भाषण में कहा, मैं इसलिए आपसे अपील करता हूं कि दोनों देशों के लिए मिल कर काम करने का बड़ा मौका है। उन्होंने कहा, हम अपनी अर्थव्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से आकार दे रहे हैं और उस प्रक्रिया में आपकी मदद चाहते हैं। इस मौके पर भारत और अमेरिका के कई प्रमुख उद्योगपति, अधिकारी और राजनेता मौजूद थे। उन्होंने कहा, हमारे यहां युवाओं की तादाद बहुत अधिक है, जिनकी कुछ करने की आकांक्षा है। हमारे यहां कौशल प्राप्त लोगों का बड़ा समूह है, जिनका अब तक फायदा नहीं उठाया गया है। चिदंबरम ने कहा, हम यदि मिलकर काम करें, तो बहुत अच्छा कर सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि हमारी आज, कल और भविष्य में होन वाली बैठकों से संपन्न समाज बनाने का अधिक से अधिक मौका मिलेगा। चिदंबरम पिछले तीन दिन से वाशिंगटन में है और इस दौरान उन्होंने शीर्ष अमेरिकी कार्यकारियों, राजनेताओं और अधिकारियों से बात की। चिदंबरम ने अपने भाषण में कहा, मैं इसलिए आपसे अपील करता हूं कि दोनों देशों के लिए मिल कर काम करने का बड़ा मौका है। उन्होंने कहा, हम अपनी अर्थव्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से आकार दे रहे हैं और उस प्रक्रिया में आपकी मदद चाहते हैं। इस मौके पर भारत और अमेरिका के कई प्रमुख उद्योगपति, अधिकारी और राजनेता मौजूद थे। उन्होंने कहा, हमारे यहां युवाओं की तादाद बहुत अधिक है, जिनकी कुछ करने की आकांक्षा है। हमारे यहां कौशल प्राप्त लोगों का बड़ा समूह है, जिनका अब तक फायदा नहीं उठाया गया है। चिदंबरम ने कहा, हम यदि मिलकर काम करें, तो बहुत अच्छा कर सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि हमारी आज, कल और भविष्य में होन वाली बैठकों से संपन्न समाज बनाने का अधिक से अधिक मौका मिलेगा। चिदंबरम पिछले तीन दिन से वाशिंगटन में है और इस दौरान उन्होंने शीर्ष अमेरिकी कार्यकारियों, राजनेताओं और अधिकारियों से बात की। उन्होंने कहा, हमारे यहां युवाओं की तादाद बहुत अधिक है, जिनकी कुछ करने की आकांक्षा है। हमारे यहां कौशल प्राप्त लोगों का बड़ा समूह है, जिनका अब तक फायदा नहीं उठाया गया है। चिदंबरम ने कहा, हम यदि मिलकर काम करें, तो बहुत अच्छा कर सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि हमारी आज, कल और भविष्य में होन वाली बैठकों से संपन्न समाज बनाने का अधिक से अधिक मौका मिलेगा। चिदंबरम पिछले तीन दिन से वाशिंगटन में है और इस दौरान उन्होंने शीर्ष अमेरिकी कार्यकारियों, राजनेताओं और अधिकारियों से बात की।
यहाँ एक सारांश है:वित्तमंत्री ने कहा कि भारत के आर्थिक सुधार कार्यक्रम के कारण कई भारतीय कंपनियां आकार और कद में इतनी बड़ी हो गई हैं कि वे कई बार अमेरिकी कंपनियों से टक्कर ले रही होती हैं।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: झारखंड के बोकारो जिले के डुमरी विहार स्टेशन पर नक्सलियों ने गुरुवार देर रात हमला किया है. ये हमला रात करीब साढ़े ग्यारह बजे हुआ. नक्सलियों रेलवे स्टेशन के सिग्नल और एक मालगाड़ी के इंजन में आग लगा दी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नक्सलियों की संख्या 50-60 के बीच थी. इनके साथ महिलाओं का भी दस्ता भी शामिल था. डुमरी विहार स्टेशन बरकाकान-गोमिया रूट पर है.  नक्सलियों ने इस स्टेशन में भी भारी उत्पात मचाया है. इसके साथ ही स्टेशन के परिसर में कई जगह पर पोस्टर भी लगाए हैं. इतना ही नहीं मालगाड़ी के चालक से वॉकी टॉकी भी छीन लिया गया है. बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने इस हमले में रेलवे की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया है. इस हमले के बाद से पूरे इलाके में सर्च अभियान शुरू कर दिया है. घटना के बाद से रेलों की आवाजाही बंद कर दी गई है. मौके पर सीआरपीएफ डुमरी विहार स्टेशन पहुंच गई है.    इसके साथ ही स्टेशन के परिसर में कई जगह पर पोस्टर भी लगाए हैं. इतना ही नहीं मालगाड़ी के चालक से वॉकी टॉकी भी छीन लिया गया है. बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने इस हमले में रेलवे की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया है. इस हमले के बाद से पूरे इलाके में सर्च अभियान शुरू कर दिया है. घटना के बाद से रेलों की आवाजाही बंद कर दी गई है. मौके पर सीआरपीएफ डुमरी विहार स्टेशन पहुंच गई है.
सारांश: नक्सलियों का डुमरी विहार रेलवे स्टेशन पर हमला गुरुवार की रात हुआ हमला मालगाड़ी के इंजन में लगाई आग
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दीपक भारद्वाज हत्याकांड में बीती रात दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड और हरियाणा में छापेमारी की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस छापेमारी में हत्याकांड में शामिल महंत की पहचान कर ली गई है। सूत्र बताते हैं कि इस महंत का नाम प्रतिमानंद है। बताया जा रहा है कि इस महंत का हरिद्वार में आश्रम है और यहां दिल्ली पुलिस ने छापा मारा है, लेकिन प्रतिमानंद यहां नहीं मिला, हालांकि महंत के आश्रम पर लोगों ने बताया कि प्रतिमानंद कुछ दिन पहले यहां आए थे। साथ ही उन्होंने बताया कि वे उनके बारे में कुछ नहीं जानते। इसके अलावा पुलिस को एक वकील की भी तलाश है, जो भारद्वाज के केस लड़ता रहा है। वह पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। इसी वकील को सभी सौदों का जानकारी थी। इन दोनों की तलाश में पुलिस की एक टीम को महाराष्ट्र भी भेजा गया है।टिप्पणियां पुलिस सूत्र बताते हैं कि महंत के बारे हत्याकांड के गिरफ्तार शूटर पुरुषोत्तम और सुनील ने जानकारी दी। इन्होंने ने बताया कि उन्हें दो करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि महंत प्रतिमानंद और दीपक भारद्वाज के बीच झज्जर के पास 30 एकड़ जमीन को लेकर विवाद था। मंगलवार को इस मामले के तीन आरोपियों को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया जबकि इस मामले का एक अन्य आरोपी राकेश पहले ही पुलिस रिमांड में भेजा जा चुका है। बताया जा रहा है कि इस महंत का हरिद्वार में आश्रम है और यहां दिल्ली पुलिस ने छापा मारा है, लेकिन प्रतिमानंद यहां नहीं मिला, हालांकि महंत के आश्रम पर लोगों ने बताया कि प्रतिमानंद कुछ दिन पहले यहां आए थे। साथ ही उन्होंने बताया कि वे उनके बारे में कुछ नहीं जानते। इसके अलावा पुलिस को एक वकील की भी तलाश है, जो भारद्वाज के केस लड़ता रहा है। वह पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। इसी वकील को सभी सौदों का जानकारी थी। इन दोनों की तलाश में पुलिस की एक टीम को महाराष्ट्र भी भेजा गया है।टिप्पणियां पुलिस सूत्र बताते हैं कि महंत के बारे हत्याकांड के गिरफ्तार शूटर पुरुषोत्तम और सुनील ने जानकारी दी। इन्होंने ने बताया कि उन्हें दो करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि महंत प्रतिमानंद और दीपक भारद्वाज के बीच झज्जर के पास 30 एकड़ जमीन को लेकर विवाद था। मंगलवार को इस मामले के तीन आरोपियों को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया जबकि इस मामले का एक अन्य आरोपी राकेश पहले ही पुलिस रिमांड में भेजा जा चुका है। इसके अलावा पुलिस को एक वकील की भी तलाश है, जो भारद्वाज के केस लड़ता रहा है। वह पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। इसी वकील को सभी सौदों का जानकारी थी। इन दोनों की तलाश में पुलिस की एक टीम को महाराष्ट्र भी भेजा गया है।टिप्पणियां पुलिस सूत्र बताते हैं कि महंत के बारे हत्याकांड के गिरफ्तार शूटर पुरुषोत्तम और सुनील ने जानकारी दी। इन्होंने ने बताया कि उन्हें दो करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि महंत प्रतिमानंद और दीपक भारद्वाज के बीच झज्जर के पास 30 एकड़ जमीन को लेकर विवाद था। मंगलवार को इस मामले के तीन आरोपियों को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया जबकि इस मामले का एक अन्य आरोपी राकेश पहले ही पुलिस रिमांड में भेजा जा चुका है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि महंत के बारे हत्याकांड के गिरफ्तार शूटर पुरुषोत्तम और सुनील ने जानकारी दी। इन्होंने ने बताया कि उन्हें दो करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि महंत प्रतिमानंद और दीपक भारद्वाज के बीच झज्जर के पास 30 एकड़ जमीन को लेकर विवाद था। मंगलवार को इस मामले के तीन आरोपियों को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया जबकि इस मामले का एक अन्य आरोपी राकेश पहले ही पुलिस रिमांड में भेजा जा चुका है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि महंत प्रतिमानंद और दीपक भारद्वाज के बीच झज्जर के पास 30 एकड़ जमीन को लेकर विवाद था। मंगलवार को इस मामले के तीन आरोपियों को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया जबकि इस मामले का एक अन्य आरोपी राकेश पहले ही पुलिस रिमांड में भेजा जा चुका है।
यहाँ एक सारांश है:दीपक भारद्वाज हत्याकांड में पुलिस को एक स्वामी और वकील की तलाश है। यह वकील उनके लिए केस लड़ता रहा है। इसी वकील को सौदों की जानकारी थी।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'रैम्‍बो (Rambo)' के पहली बार रिलीज होने के चार दशक बाद अब समय आ गया है अपने रास्‍तों पर लौटने और घर वापसी का.  'रैम्‍बो (Rambo)' को अपने दुश्मनों के खात्मे के लिए पहचाना जाता है, और वह अपने दुश्मनों का जड़ से सफाया कर देता है. 'रैम्‍बो: लास्‍ट ब्‍लड' के साथ, दर्शकों को रोमांचक और बड़े परदे के बेपरवाह हीरो को देखने का मौका मिलेगा. जॉन रैम्‍बो 'रैम्‍बो: लास्‍ट ब्‍लड (Rambo: Last Blood)' के साथ अपनी आखिरी लड़ाई शुरू करने वाला है. लेकिन, इस बार जॉन रैम्‍बो घर आएगा और परिवार के बीच दिखेगा. 'रैम्‍बो (Rambo)' का किरदार सिल्वेस्टर स्टेलॉन (Slyvester Stallone) निभाते हैं. सिल्वेस्टर स्टेलॉन (Slyvester Stallone) ने 'रैम्‍बो' के किरदार को लेकर बताया कि क्‍या चीज उसे परिभाषित करती है, रैम्‍बो इतने सालों तक अलग-थलग क्‍यों रहा और अब वह परिवार का हिस्‍सा बन गया है. इन विविधताओं से आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि वह किस तरह सोचता है और क्‍या चीज उसे प्रेरित  करती है. यह फिल्‍म पिछली फिल्‍मों से काफी अलग है. यह पहले से कहीं ज्‍यादा पर्सनल है.  'रैम्‍बो: लास्‍ट ब्‍लड (Rambo: Last Blood)' में पहली बार जॉन रैम्‍बो परिवार के बीच नजर आएगा. इसमें रैम्‍बो के जीवन की ऐसी बातें देखने को मिलेंगी, जिसे दर्शकों ने इस फिल्‍म की फ्रेंचाइची में अब तक नहीं देखा. जॉन रैम्‍बो अपने उसी अक्‍खड़, बदला लेने के लिये तैयार अवतार में दिखेगा, लेकिन इस फिल्‍म में 'रैम्‍बो' के मानवीय पहलू को भी दिखाया जाएगा. 'रैम्‍बो: लास्‍ट ब्‍लड (Rambo: Last Blood)' में जॉन रैम्‍बो ने मैक्सिको में एक खतरनाक ड्रग माफिया से किडनैप हुई लड़की को छुड़ाने के लिए एक रिपोर्टर के साथ टीम बनाई है. यह  Rambo फ्रेंचाइची की पांचवीं और आखिरी फिल्‍म है. सिल्‍वेस्‍टर स्‍टेलॉन (Slyvester Stallone) जैसे अनुभवी एक्‍टर के साथ ‘रैम्‍बो: लास्‍ट ब्‍लड' में एड्रियाना बर्राजा, ऑस्‍कर जैनाडा, पाज वेगा, जोक्विन कोसियो जैसे सितारे महत्‍वपूर्ण भूमिकाओं में हैं. इस फिल्‍म को जाने-माने फिल्‍मकार एड्रियन ग्रूनबर्ग ने निर्देशित किया है. 'रैम्‍बो: लास्‍ट ब्‍लड', 20 सितंबर को रिलीज हो रही है.
सारांश: 'रैम्बो 5' 20 सितंबर को हो रही है रिलीज सिल्वेस्टर स्टेलॉन है लीड रोल में जबरदस्त एक्शन है फिल्म में
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के अध्यक्ष लिएंड्रो नेग्रे ने कहा कि हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) से हॉकी को लेकर अच्छा माहौल बना है, जिससे भारतीय हॉकी को काफी फायदा होगा। लखनऊ में उत्तर प्रदेश विजार्डस और दिल्ली वेवराइडर्स के खिलाफ मैच के बाद संवाददाताओं से बातचीत में नेग्रे ने कहा कि एचआईएल से विश्व में हॉकी को लेकर अच्छा माहौल बना है और इससे खासकर भारतीय हॉकी को काफी लाभ होगा। उन्होंने हॉकी इंडिया को अधिकारिक इकाई करार देते हुए भारतीय हॉकी महासंघ को सलाह दी कि वह हॉकी इंडिया के साथ मिलकर देश में हॉकी की तरक्की के लिए काम करे।टिप्पणियां नेग्रे ने कहा कि उनकी गुजारिश है कि हॉकी इंडिया अगले साल से इस लीग में छह से आठ टीमें शामिल करे ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा मुकाबले देखने को मिले और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इसमें शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्रिकेट की ही तर्ज पर हॉकी की भी चैम्पियंस लीग कराने पर विचार किया जाएगा ताकि उसमें दुनिया के विभिन्न देशों में होने वाली ऐसी ही अन्य प्रतियोगिताओं की विजेता तथा उपविजेता टीमें हिस्सा ले सकें। लखनऊ में उत्तर प्रदेश विजार्डस और दिल्ली वेवराइडर्स के खिलाफ मैच के बाद संवाददाताओं से बातचीत में नेग्रे ने कहा कि एचआईएल से विश्व में हॉकी को लेकर अच्छा माहौल बना है और इससे खासकर भारतीय हॉकी को काफी लाभ होगा। उन्होंने हॉकी इंडिया को अधिकारिक इकाई करार देते हुए भारतीय हॉकी महासंघ को सलाह दी कि वह हॉकी इंडिया के साथ मिलकर देश में हॉकी की तरक्की के लिए काम करे।टिप्पणियां नेग्रे ने कहा कि उनकी गुजारिश है कि हॉकी इंडिया अगले साल से इस लीग में छह से आठ टीमें शामिल करे ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा मुकाबले देखने को मिले और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इसमें शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्रिकेट की ही तर्ज पर हॉकी की भी चैम्पियंस लीग कराने पर विचार किया जाएगा ताकि उसमें दुनिया के विभिन्न देशों में होने वाली ऐसी ही अन्य प्रतियोगिताओं की विजेता तथा उपविजेता टीमें हिस्सा ले सकें। उन्होंने हॉकी इंडिया को अधिकारिक इकाई करार देते हुए भारतीय हॉकी महासंघ को सलाह दी कि वह हॉकी इंडिया के साथ मिलकर देश में हॉकी की तरक्की के लिए काम करे।टिप्पणियां नेग्रे ने कहा कि उनकी गुजारिश है कि हॉकी इंडिया अगले साल से इस लीग में छह से आठ टीमें शामिल करे ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा मुकाबले देखने को मिले और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इसमें शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्रिकेट की ही तर्ज पर हॉकी की भी चैम्पियंस लीग कराने पर विचार किया जाएगा ताकि उसमें दुनिया के विभिन्न देशों में होने वाली ऐसी ही अन्य प्रतियोगिताओं की विजेता तथा उपविजेता टीमें हिस्सा ले सकें। नेग्रे ने कहा कि उनकी गुजारिश है कि हॉकी इंडिया अगले साल से इस लीग में छह से आठ टीमें शामिल करे ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा मुकाबले देखने को मिले और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इसमें शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्रिकेट की ही तर्ज पर हॉकी की भी चैम्पियंस लीग कराने पर विचार किया जाएगा ताकि उसमें दुनिया के विभिन्न देशों में होने वाली ऐसी ही अन्य प्रतियोगिताओं की विजेता तथा उपविजेता टीमें हिस्सा ले सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्रिकेट की ही तर्ज पर हॉकी की भी चैम्पियंस लीग कराने पर विचार किया जाएगा ताकि उसमें दुनिया के विभिन्न देशों में होने वाली ऐसी ही अन्य प्रतियोगिताओं की विजेता तथा उपविजेता टीमें हिस्सा ले सकें।
यह एक सारांश है: अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के अध्यक्ष लिएंड्रो नेग्रे ने कहा कि हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) से हॉकी को लेकर अच्छा माहौल बना है, जिससे भारतीय हॉकी को काफी फायदा होगा।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत बुधवार को 55 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और चार मंत्रियों सहित 862 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद हो जाएगा। पहले चरण के लिए 18,108 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पहले चरण के जिन चर्चित दिग्गजों की किस्मत दांव पर रहेगी, उनमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे प्रमुख हैं। वह सिद्धार्थनगर जिले की इटवा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) से मैदान में हैं। इसके अलावा चार मंत्री- लालजी वर्मा अम्बेडकरनगर की कटेहरी, राम प्रसाद चौधरी कुशीनगर जिले की कप्तानगंज, संग्राम सिंह बाराबंकी सदर और रामहेत भारती सीतापुर जिले की हरगांव सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। बसपा सरकार में मंत्री रहे दद्दन मिश्रा श्रावस्ती की भिनगा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा बाराबंकी की दरियाबाद सीट से केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा, बस्ती सदर सीट से कांग्रेस के सांसद जगदम्बिका पाल के अभिषेक पाल और आजमगढ़ से भाजपा सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुण यादव, अम्बेडकरनगर जिले की कटेहरी सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। इन दिग्गजों के साथ 65 महिलाओं सहित कुल 862 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य बुधवार को मतदान के बाद ईवीएम में बंद हो जाएगा। पहले चरण में एक करोड़ 71 लाख 80 हजार 649 मतदाता इसमें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 93 लाख 56 हजार 290 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 78 लाख 24 हजार 13 है। अन्य मतदाता 346 हैं। सबसे अधिक 26 उम्मीदवार बाराबंकी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि महमूदाबाद से सबसे कम आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कपिल वस्तु है, जबकि सबसे छोटा महसी है। जिन 55 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है उसमें से वर्तमान में 30 बसपा, 18 सपा, 4 भाजपा और 3 कांग्रेस के कब्जे में हैं।टिप्पणियां राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। पहले चरण के लिए 18,108 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पहले चरण के जिन चर्चित दिग्गजों की किस्मत दांव पर रहेगी, उनमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे प्रमुख हैं। वह सिद्धार्थनगर जिले की इटवा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) से मैदान में हैं। इसके अलावा चार मंत्री- लालजी वर्मा अम्बेडकरनगर की कटेहरी, राम प्रसाद चौधरी कुशीनगर जिले की कप्तानगंज, संग्राम सिंह बाराबंकी सदर और रामहेत भारती सीतापुर जिले की हरगांव सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। बसपा सरकार में मंत्री रहे दद्दन मिश्रा श्रावस्ती की भिनगा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा बाराबंकी की दरियाबाद सीट से केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा, बस्ती सदर सीट से कांग्रेस के सांसद जगदम्बिका पाल के अभिषेक पाल और आजमगढ़ से भाजपा सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुण यादव, अम्बेडकरनगर जिले की कटेहरी सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। इन दिग्गजों के साथ 65 महिलाओं सहित कुल 862 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य बुधवार को मतदान के बाद ईवीएम में बंद हो जाएगा। पहले चरण में एक करोड़ 71 लाख 80 हजार 649 मतदाता इसमें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 93 लाख 56 हजार 290 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 78 लाख 24 हजार 13 है। अन्य मतदाता 346 हैं। सबसे अधिक 26 उम्मीदवार बाराबंकी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि महमूदाबाद से सबसे कम आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कपिल वस्तु है, जबकि सबसे छोटा महसी है। जिन 55 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है उसमें से वर्तमान में 30 बसपा, 18 सपा, 4 भाजपा और 3 कांग्रेस के कब्जे में हैं।टिप्पणियां राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। पहले चरण के जिन चर्चित दिग्गजों की किस्मत दांव पर रहेगी, उनमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे प्रमुख हैं। वह सिद्धार्थनगर जिले की इटवा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) से मैदान में हैं। इसके अलावा चार मंत्री- लालजी वर्मा अम्बेडकरनगर की कटेहरी, राम प्रसाद चौधरी कुशीनगर जिले की कप्तानगंज, संग्राम सिंह बाराबंकी सदर और रामहेत भारती सीतापुर जिले की हरगांव सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। बसपा सरकार में मंत्री रहे दद्दन मिश्रा श्रावस्ती की भिनगा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा बाराबंकी की दरियाबाद सीट से केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा, बस्ती सदर सीट से कांग्रेस के सांसद जगदम्बिका पाल के अभिषेक पाल और आजमगढ़ से भाजपा सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुण यादव, अम्बेडकरनगर जिले की कटेहरी सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। इन दिग्गजों के साथ 65 महिलाओं सहित कुल 862 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य बुधवार को मतदान के बाद ईवीएम में बंद हो जाएगा। पहले चरण में एक करोड़ 71 लाख 80 हजार 649 मतदाता इसमें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 93 लाख 56 हजार 290 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 78 लाख 24 हजार 13 है। अन्य मतदाता 346 हैं। सबसे अधिक 26 उम्मीदवार बाराबंकी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि महमूदाबाद से सबसे कम आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कपिल वस्तु है, जबकि सबसे छोटा महसी है। जिन 55 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है उसमें से वर्तमान में 30 बसपा, 18 सपा, 4 भाजपा और 3 कांग्रेस के कब्जे में हैं।टिप्पणियां राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा चार मंत्री- लालजी वर्मा अम्बेडकरनगर की कटेहरी, राम प्रसाद चौधरी कुशीनगर जिले की कप्तानगंज, संग्राम सिंह बाराबंकी सदर और रामहेत भारती सीतापुर जिले की हरगांव सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। बसपा सरकार में मंत्री रहे दद्दन मिश्रा श्रावस्ती की भिनगा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा बाराबंकी की दरियाबाद सीट से केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा, बस्ती सदर सीट से कांग्रेस के सांसद जगदम्बिका पाल के अभिषेक पाल और आजमगढ़ से भाजपा सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुण यादव, अम्बेडकरनगर जिले की कटेहरी सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। इन दिग्गजों के साथ 65 महिलाओं सहित कुल 862 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य बुधवार को मतदान के बाद ईवीएम में बंद हो जाएगा। पहले चरण में एक करोड़ 71 लाख 80 हजार 649 मतदाता इसमें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 93 लाख 56 हजार 290 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 78 लाख 24 हजार 13 है। अन्य मतदाता 346 हैं। सबसे अधिक 26 उम्मीदवार बाराबंकी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि महमूदाबाद से सबसे कम आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कपिल वस्तु है, जबकि सबसे छोटा महसी है। जिन 55 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है उसमें से वर्तमान में 30 बसपा, 18 सपा, 4 भाजपा और 3 कांग्रेस के कब्जे में हैं।टिप्पणियां राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। बसपा सरकार में मंत्री रहे दद्दन मिश्रा श्रावस्ती की भिनगा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा बाराबंकी की दरियाबाद सीट से केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा, बस्ती सदर सीट से कांग्रेस के सांसद जगदम्बिका पाल के अभिषेक पाल और आजमगढ़ से भाजपा सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुण यादव, अम्बेडकरनगर जिले की कटेहरी सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। इन दिग्गजों के साथ 65 महिलाओं सहित कुल 862 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य बुधवार को मतदान के बाद ईवीएम में बंद हो जाएगा। पहले चरण में एक करोड़ 71 लाख 80 हजार 649 मतदाता इसमें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 93 लाख 56 हजार 290 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 78 लाख 24 हजार 13 है। अन्य मतदाता 346 हैं। सबसे अधिक 26 उम्मीदवार बाराबंकी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि महमूदाबाद से सबसे कम आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कपिल वस्तु है, जबकि सबसे छोटा महसी है। जिन 55 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है उसमें से वर्तमान में 30 बसपा, 18 सपा, 4 भाजपा और 3 कांग्रेस के कब्जे में हैं।टिप्पणियां राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। इन दिग्गजों के साथ 65 महिलाओं सहित कुल 862 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य बुधवार को मतदान के बाद ईवीएम में बंद हो जाएगा। पहले चरण में एक करोड़ 71 लाख 80 हजार 649 मतदाता इसमें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 93 लाख 56 हजार 290 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 78 लाख 24 हजार 13 है। अन्य मतदाता 346 हैं। सबसे अधिक 26 उम्मीदवार बाराबंकी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि महमूदाबाद से सबसे कम आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कपिल वस्तु है, जबकि सबसे छोटा महसी है। जिन 55 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है उसमें से वर्तमान में 30 बसपा, 18 सपा, 4 भाजपा और 3 कांग्रेस के कब्जे में हैं।टिप्पणियां राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। पहले चरण में एक करोड़ 71 लाख 80 हजार 649 मतदाता इसमें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 93 लाख 56 हजार 290 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 78 लाख 24 हजार 13 है। अन्य मतदाता 346 हैं। सबसे अधिक 26 उम्मीदवार बाराबंकी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि महमूदाबाद से सबसे कम आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कपिल वस्तु है, जबकि सबसे छोटा महसी है। जिन 55 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है उसमें से वर्तमान में 30 बसपा, 18 सपा, 4 भाजपा और 3 कांग्रेस के कब्जे में हैं।टिप्पणियां राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। सबसे अधिक 26 उम्मीदवार बाराबंकी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि महमूदाबाद से सबसे कम आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कपिल वस्तु है, जबकि सबसे छोटा महसी है। जिन 55 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है उसमें से वर्तमान में 30 बसपा, 18 सपा, 4 भाजपा और 3 कांग्रेस के कब्जे में हैं।टिप्पणियां राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। जिन 55 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है उसमें से वर्तमान में 30 बसपा, 18 सपा, 4 भाजपा और 3 कांग्रेस के कब्जे में हैं।टिप्पणियां राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं। पहले चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 670 कम्पनियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 110 कम्पनियां, 39 हजार सिपाही, 6 हजार हेडकांस्टेबल, 2.5 हजार दरोगा, 20 हजार रंगरूट और 50 हजार होमगार्ड तैनात किए गए हैं।
यहाँ एक सारांश है:विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा की 403 सीटों के लिए सात चरणों में होने वाले मतदान का परिणाम राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करेगा।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के ‘दुष्टता के एक नए स्तर’ तक गिर जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक बशर अल-असद सत्ता में हैं, तब तक सीरिया में स्थिरता नहीं आ सकती. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ट्रंप प्रशासन का मानना है कि सीरिया के राष्ट्रीय भविष्य का फैसला सीरिया की जनता द्वारा एक स्वतंत्र, विश्वसनीय और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए. हालांकि हमारा यह भी मानना है कि एक स्वतंत्र प्रक्रिया में सीरियाई लोगों द्वारा असद के नेतृत्व में रहने का विकल्प चुना जाना अकाल्पनिक है.’  उन्होंने कहा, ‘जब तक असद सत्ता में है, सीरिया कभी सुरक्षित और स्थिर नहीं होगा. असद शासन दुष्टता के एक नए स्तर तक गिर गया है और उसने रूस और ईरान के बिना शर्त समर्थन के साथ ऐसा किया है.’ उन्होंने कहा कि इन वजहों के चलते अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा प्रस्ताव 2254 में वर्णित राजनीतिक सत्तांतरण प्रक्रिया का लगातार समर्थन कर रहा है. इसके साथ ही वह जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में चल रही राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन करता है.उन्होंने कहा कि अमेरिका रूस और ईरान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, ताकि स्थिर एवं एकजुट सीरिया के लिए हल निकाला जा सके. उन्होंने कहा, ‘जब तक असद सत्ता में है, सीरिया कभी सुरक्षित और स्थिर नहीं होगा. असद शासन दुष्टता के एक नए स्तर तक गिर गया है और उसने रूस और ईरान के बिना शर्त समर्थन के साथ ऐसा किया है.’ उन्होंने कहा कि इन वजहों के चलते अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा प्रस्ताव 2254 में वर्णित राजनीतिक सत्तांतरण प्रक्रिया का लगातार समर्थन कर रहा है. इसके साथ ही वह जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में चल रही राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन करता है.उन्होंने कहा कि अमेरिका रूस और ईरान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, ताकि स्थिर एवं एकजुट सीरिया के लिए हल निकाला जा सके.
यह एक सारांश है: असद शासन दुष्टता के एक नए स्तर तक गिर गया है अमेरिका रूस और ईरान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है स्थिर एवं एकजुट सीरिया के लिए हल निकाला जा सके
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पंजाब के मंसा जिले में एक अज्ञात व्यक्ति के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में छेड़छाड़ की कोशिश करने की शिकायतों के बाद सोमवार को निर्वाचन अधिकारियों ने यहां 11 ईवीएम बदलीं।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी और पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब ने निर्वाचन आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि एक अज्ञात व्यक्ति ने रविवार की देर रात एसडीएम के कार्यालय में ईवीएम की सीलें तोड़ने की कोशिश की थी। मंसा के उपायुक्त ने त्वरित आदेश दिया कि 11 ईवीएम बदली जाएं। सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हुई मतदान की प्रक्रिया में इस घटना से किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं पहुंची है। जिस अज्ञात व्यक्ति ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की, वह वहां से भागने में कामयाब रहा। जिन कार्यालयों में ईवीएम रखी गई थीं, वहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध थे। सुरक्षा एजेंसियां यह नहीं समझ पा रही हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बाद यह व्यक्ति एसडीएम कार्यालय में कैसे पहुंच गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने ईवीएम में सत्तारूढ़ अकाली दल से सम्बंधित बटन दबाने की कोशिश की थी। पीपीपी अध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल ने कहा, "हमने निर्वाचन आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई और ईवीएम बदली गई हैं। हम कार्रवाई से संतुष्ट हैं।" बहुजन समाज पार्टी और पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब ने निर्वाचन आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि एक अज्ञात व्यक्ति ने रविवार की देर रात एसडीएम के कार्यालय में ईवीएम की सीलें तोड़ने की कोशिश की थी। मंसा के उपायुक्त ने त्वरित आदेश दिया कि 11 ईवीएम बदली जाएं। सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हुई मतदान की प्रक्रिया में इस घटना से किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं पहुंची है। जिस अज्ञात व्यक्ति ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की, वह वहां से भागने में कामयाब रहा। जिन कार्यालयों में ईवीएम रखी गई थीं, वहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध थे। सुरक्षा एजेंसियां यह नहीं समझ पा रही हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बाद यह व्यक्ति एसडीएम कार्यालय में कैसे पहुंच गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने ईवीएम में सत्तारूढ़ अकाली दल से सम्बंधित बटन दबाने की कोशिश की थी। पीपीपी अध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल ने कहा, "हमने निर्वाचन आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई और ईवीएम बदली गई हैं। हम कार्रवाई से संतुष्ट हैं।" मंसा के उपायुक्त ने त्वरित आदेश दिया कि 11 ईवीएम बदली जाएं। सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हुई मतदान की प्रक्रिया में इस घटना से किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं पहुंची है। जिस अज्ञात व्यक्ति ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की, वह वहां से भागने में कामयाब रहा। जिन कार्यालयों में ईवीएम रखी गई थीं, वहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध थे। सुरक्षा एजेंसियां यह नहीं समझ पा रही हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बाद यह व्यक्ति एसडीएम कार्यालय में कैसे पहुंच गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने ईवीएम में सत्तारूढ़ अकाली दल से सम्बंधित बटन दबाने की कोशिश की थी। पीपीपी अध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल ने कहा, "हमने निर्वाचन आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई और ईवीएम बदली गई हैं। हम कार्रवाई से संतुष्ट हैं।"
यह एक सारांश है: पंजाब के मंसा जिले में एक अज्ञात व्यक्ति के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में छेड़छाड़ की कोशिश करने की शिकायतों के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने यहां 11 ईवीएम बदलीं।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: महेंद्र सिंह धोनी की जादुई कप्तानी और सलामी जोड़ी के धमाकेदार प्रदर्शन से चेन्नई सुपरकिंग्स ने ग्रैंड फिनाले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को 58 रन से शिकस्त देकर इंडियन प्रीमियर लीग में अपना खिताब बरकरार रखा। धोनी की चतुराई भरी कप्तानी और किस्मत के आगे किसी की नहीं चली। पहले मुरली विजय और माइकल हस्सी ने टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया तो बाद में स्पिनर आर अश्विन और शादाब जकाती ने बेंगलुरू की धाकड़ बल्लेबाजी को तहस नहस किया। विजय ने 52 गेंद पर चार चौकों और छह छक्कों की मदद से 95 रन ठोके जबकि हस्सी ने 45 गेंद पर 63 रन बनाए जिसमें तीन चौके और इतने ही छक्के शामिल हैं। इन दोनों ने पहले विकेट के लिये रिकार्ड 159 रन की साझेदारी की जिससे चेन्नई हुए पांच विकेट पर 205 रन बना गया। बेंगलुरू को गेल से तूफानी पारी की उम्मीद थी लेकिन वह पहले ओवर में ही शून्य पर आउट हो गए। फिर तो चेन्नई हावी हो गया और उसने बेंगलुरू को आठ विकेट पर 147 रन ही बनाने दिए। बेंगलुरू की तरफ से सौरभ तिवारी ने सर्वाधिक नाबाद 42 रन बनाए। चेन्नई के लिए अश्विन ने तीन और जकाती ने दो विकेट लिए। चेन्नई लगातार दूसरी बार इस ट्वेंटी-20 लीग का खिताब जीतने में सफल रहा। उसने पिछले साल मुंबई इंडियन्स को हराकर खिताब जीता था और इसके बाद वह चैंपियन्स लीग का भी चैंपियन बना था। यही नहीं चेन्नई ने इस साल अपने घरेलू मैदान एम ए चिदंबरम स्टेडियम पर अजेय रहने का रिकॉर्ड भी बनाए रखा। बेंगलुरू को दूसरी बार उपविजेता रहकर संतोष करना पड़ा। इससे पहले वह 2009 में द. अफ्रीका में खेले गए आईपीएल के खिताबी मुकाबले में डेक्कन चार्जर्स से हार गया था।
सारांश: चेन्नई सुपरकिंग्स ने ग्रैंड फिनाले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को 58 रन से शिकस्त देकर इंडियन प्रीमियर लीग में अपना खिताब बरकरार रखा।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सप्ताह के पहले कारोबारी दिवस सोमवार को देश के शेयर बाजारों में दोपहर तक के कारोबार में तेज गिरावट देखी गई। सुबह में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 54.64 अंकों की बढ़त के साथ 19925.17 पर जबकि निफ्टी 5.80 अंक बढ़कर 5372.20 पर खुला लेकिन शुरुआत के कुछ ही समय बाद बाजार में गिरावट आने लगी। दरअसल, भारत सरकार द्वारा मॉरिशस के साथ दोहरे काराधान से बचाव समझौते को लेकर बातचीत शुरू करने की खबरों के कारण बाजार में उथल-पुथल मच गई। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से ऐसी खबर आई थी कि भारत और मॉरिशस के कर अधिकारी नए दोहरे काराधान बचाव समझौते को लेकर शीघ्र वार्ता शुरू करने वाले हैं। भारत में 40 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मॉरिशस में पंजीकृत कम्पनियों या कोषों के माध्यम से होता है। दिन का कारोबार खत्म होने से करीब एक घंटे पहले बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 331.60 अंकों की गिरावट का साथ 17538.89 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का संवेदी सूचकांक निफ्टी 91.50 अंक गिरकर 5274.90 पर कारोबार कर रहा था। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो सौ से अधिक अंकों की गिरावट देखी गई।
यह एक सारांश है: सप्ताह के पहले कारोबारी दिवस सोमवार को देश के शेयर बाजारों में दोपहर तक के कारोबार में तेज गिरावट देखी गई।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आरआरबी ग्रुप डी (RRB Group D) की परीक्षा का रिजल्ट (RRB Result) फरवरी में ही जारी किया जाएगा. आरआरबी के वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया,''ग्रुप डी का रिजल्ट जारी होने में समय लग रहा है. लेकिन हम फरवरी में ही रिजल्ट (RRB Group D Result) जारी करने की कोशिश कर रहे हैं. ग्रुप डी का रिजल्ट (RRB Result 2019) 28 फरवरी तक जारी कर दिया जाएगा. ग्रुप डी के रिजल्ट से 2-3 दिन पहले हम एक नोटिफिकेशन जारी करेगा जिसमें रिजल्ट जारी होने की तारीख दी गई होगी. जैसा हमने एएलपी की आंसर-की (RRB ALP Answer Key) जारी करने से पहले किया था.'' बता दें कि कुछ वेबसाइट्स ने 16 और 17 को रिजल्ट जारी होने की बात कही थी, लेकिन रिजल्ट जारी नहीं हुआ. अभी भी कुछ रिपोर्ट्स हैं जिनके मुताबकि रिजल्ट (RRB D Result) मार्च में आएगा. हमने इस पर रेलवे के अधिकारी से बात की. लेकिन अधिकारी ने मार्च में रिजल्ट (Group D Result) जारी होने की बात की पुष्टी नहीं की. उन्होंने कहा कि तय प्लान के हिसाब से हम फरवरी में ही रिजल्ट जारी करने की कोशिश में हैं. बता दें कि ग्रुप डी की परीक्षा 17 सितंबर से 17 दिसंबर तक आयोजित की गई थी. परीक्षा देश के विभिन्न केंद्रों में हुई थी. इस परीक्षा में 1 करोड़ 17 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था. इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का रिजल्ट (RRB Group D Result 2018-19) जारी करना आसान काम नहीं है. रेलवे भर्ती बोर्ड रिजल्ट की रीचेकिंग पर काम कर रहा है. बोर्ड नहीं चाहता कि रिजल्ट में कोई गड़बड़ हो.
यह एक सारांश है: रिजल्ट फरवरी में जारी होगा. 28 फरवरी तक रिजल्ट जारी किया जाएगा. ग्रुप डी के रिजल्ट से पहले नोटिफिकेशन जारी होगा.
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी आम बजट से जुड़ी सरगर्मी के कारण मेक्सिको में 24-26 फरवरी के बीच हो रही जी-20 देशों के मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में शामिल नहीं होंगे। सूत्रों ने बताया ‘वित्त मंत्री जी-20 की मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।’ हालांकि आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव मेक्सिको में हो रही इस तीन दिन की बैठक में भाग लेंगे। मेक्सिको इस साल जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है और इस मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद यहां इस साल जी-20 के शीर्ष नेताओं का शिखर सम्मेलन होगा। मुखर्जी लगातार जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गर्वनरों की बैठक में हिस्सा लेते रहे हैं। वित्त मंत्री 16 मार्च को संसद में 2012-13 के लिए आम बजट पेश करने वाले हैं।टिप्पणियां मुखर्जी ने पिछले साल जी-20 देशों की जिस मंत्रिस्तरीय बैठक हिस्सा लिया था वह पेरिस में हुई थी। जी-20 अमीर और विकासशील देशों का समूह और वह आर्थिक मामलों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है और यह वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। सूत्रों ने बताया ‘वित्त मंत्री जी-20 की मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।’ हालांकि आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव मेक्सिको में हो रही इस तीन दिन की बैठक में भाग लेंगे। मेक्सिको इस साल जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है और इस मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद यहां इस साल जी-20 के शीर्ष नेताओं का शिखर सम्मेलन होगा। मुखर्जी लगातार जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गर्वनरों की बैठक में हिस्सा लेते रहे हैं। वित्त मंत्री 16 मार्च को संसद में 2012-13 के लिए आम बजट पेश करने वाले हैं।टिप्पणियां मुखर्जी ने पिछले साल जी-20 देशों की जिस मंत्रिस्तरीय बैठक हिस्सा लिया था वह पेरिस में हुई थी। जी-20 अमीर और विकासशील देशों का समूह और वह आर्थिक मामलों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है और यह वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। मेक्सिको इस साल जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है और इस मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद यहां इस साल जी-20 के शीर्ष नेताओं का शिखर सम्मेलन होगा। मुखर्जी लगातार जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गर्वनरों की बैठक में हिस्सा लेते रहे हैं। वित्त मंत्री 16 मार्च को संसद में 2012-13 के लिए आम बजट पेश करने वाले हैं।टिप्पणियां मुखर्जी ने पिछले साल जी-20 देशों की जिस मंत्रिस्तरीय बैठक हिस्सा लिया था वह पेरिस में हुई थी। जी-20 अमीर और विकासशील देशों का समूह और वह आर्थिक मामलों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है और यह वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। मुखर्जी लगातार जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गर्वनरों की बैठक में हिस्सा लेते रहे हैं। वित्त मंत्री 16 मार्च को संसद में 2012-13 के लिए आम बजट पेश करने वाले हैं।टिप्पणियां मुखर्जी ने पिछले साल जी-20 देशों की जिस मंत्रिस्तरीय बैठक हिस्सा लिया था वह पेरिस में हुई थी। जी-20 अमीर और विकासशील देशों का समूह और वह आर्थिक मामलों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है और यह वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। मुखर्जी ने पिछले साल जी-20 देशों की जिस मंत्रिस्तरीय बैठक हिस्सा लिया था वह पेरिस में हुई थी। जी-20 अमीर और विकासशील देशों का समूह और वह आर्थिक मामलों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है और यह वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। जी-20 अमीर और विकासशील देशों का समूह और वह आर्थिक मामलों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है और यह वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है।
सारांश: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी आम बजट से जुड़ी सरगर्मी के कारण मेक्सिको में 24-26 फरवरी के बीच हो रही जी-20 देशों के मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में शामिल नहीं होंगे।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कभी सचिन तेंदुलकर की सवारी रही मशहूर 360 मोडेना फेरारी को सूरत के एक व्यवसायी ने खरीद लिया है। राजहंस समूह के प्रमुख जयेश देसाई ने बताया कि उन्होंने एक पखवाड़े पहले ही कार खरीदी है। उन्होंने कहा, मैंने 360 मोडेना फेरारी कार सीधे सचिन तेंदुलकर से सभी कानूनी दस्तावेजों के साथ खरीदी। उन्होंने कीमत बताने से इनकार कर दिया। लक्जरी कारों के शौकीन देसाई ने कहा, फेरारी चलाना मेरा सपना था जो अब सच हो गया है। फार्मूला वन चैम्पियन रहे रेसर माइकल शूमाकर ने तेंदुलकर को वह कार तोहफे में दी थी। देसाई ने कहा कि यह कार उनके लिये अनमोल है क्योंकि यह उन्होंने महान बल्लेबाज से ली है। यह पूछने पर कि क्या वह तेंदुलकर को जानते हैं या उनके दोस्त हैं, उन्होंने कहा, मुझसे सिर्फ कार के बारे में पूछिए, सचिन के बारे में नहीं। यह फेरारी 2003 में विवादों के घेरे में आ गई थी जब सचिन ने उस पर से कस्टम शुल्क माफ किए जाने की गुजारिश की थी जबकि उन्हें यह किसी टूर्नामेंट में पुरस्कार नहीं बल्कि तोहफे में मिली थी। अगस्त 2003 में वित्त मंत्रालय ने तेंदुलकर को एक करोड़ 13 लाख रुपये की कर राहत दे दी थी। कार सचिन को फिएट कंपनी ने दी थी जब उन्होंने डान ब्रैडमेन के 29 टेस्ट शतकों की बराबरी की थी। फेरारी के फार्मूला वन ड्राइवर शूमाकर ने सिल्वरस्टोन, इंग्लैंड में तेंदुलकर को वह कार तोहफे में दी थी। तेंदुलकर इस समय अपने परिवार के साथ ब्रेक पर इंग्लैंड में हैं।
कभी सचिन तेंदुलकर की सवारी रही मशहूर 360 मोडेना फेरारी को सूरत के एक व्यवसायी ने खरीद लिया है।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिये सरकार ने 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को डाक मतपत्र (पोस्टल बैलट) से मतदान करने की सुविधा प्रदान की है. चुनाव आयोग की सिफारिश पर कानून मंत्रालय ने 22 अक्टूबर को इस फैसले को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है. मंत्रालय ने दिव्यांगों और 80 साल से अधिक उम्र वाले मतदाताओं को डाक मतपत्र से मताधिकार देने के लिये निर्वाचन के संचालन नियम 1961 में संशोधन करते हुये इन्हें ‘अनुपस्थित मतदाता' की श्रेणी में शामिल कर दिया है. मौजूदा व्यवस्था में सिर्फ सैन्य, अर्ध सैन्य बल के जवानों और विदेशों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के अलावा निर्वाचन ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को ही डाक मतपत्र से मताधिकार प्राप्त है. आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि इसका मकसद अधिक उम्र या अन्य शारीरिक अक्षमता के कारण मतदान केन्द्रों तक पहुंचने में अशक्त मतदाताओं की भी मतदान में भागीदारी सुनिश्चित करना है. एक अनुमान के मुताबिक ऐसे मतदाताओं की पर्याप्त संख्या को देखते हुये यह सहूलियत मिलने के बाद मतदान का प्रतिशत बढ़ने की संभावना है. सरकार ने अधिसूचना जारी कर अनुपस्थित मतदाता की परिभाषा का दायरा व्यापक करते हुये, इसमें संशोधित नियमों के अंतर्गत एक नोडल अफसर की तैनाती का भी प्रावधान किया है जो ‘अनुपस्थित मतदाता' की श्रेणी में शामिल होने के दावों सत्यापन करेगा. इसके साथ ही अनुपस्थित मतदाता होने का दावा करने के लिये भरे जाने वाले आवेदन फार्म का प्रारूप तैयार हो गया है, ताकि 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग मतदाता इस श्रेणी में शामिल होने का दावा कर डाक मतपत्र की मांग कर सकें. भारत में अभी एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर बसने वाले मतदाताओं को अपने मूल निवास स्थान पर ही जाकर मतदान करना होता. अनुपस्थित मतदाता ई-पोस्टल बैलट से मतदान करते हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में अनुपस्थित मतदाताओं में शामिल 60.14 प्रतिशत मतदाताओं ने ई-पोस्टल बैलट से मतदान किया था, जबकि 2014 के आम चुनाव में यह सिर्फ चार प्रतिशत रहा था. इस साल के आंकड़ों के मुताबिक डाक मतपत्र से मतदान करने वाले मतदाताओं में रक्षा मंत्रालय के तहत सैन्य बलों के लगभग 10 लाख, गृह मंत्रालय के अधीन अर्ध सैन्य बलों के 7.82 लाख और विदेशी मिशन में कार्यरत विदेश मंत्रालय के 3539 मतदाता सूचीबद्ध हैं.
संक्षिप्त पाठ: डाक मतपत्र से मतदान कर सकेंगे बुजुर्ग चुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिये सरकार ने दी सुविधा चुनाव आयोग की सिफारिश पर अधिसूचना जारी
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्‍मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए गृह मंत्री राजनाथ सिंह की महबूबा मुफ्ती के साथ संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस एकाएक उस वक्‍त खत्‍म हो गई जब मुख्‍यमंत्री पत्रकारों के सवालों से झल्‍ला गईं और उन्‍होंने प्रेस कांफ्रेंस समाप्‍त करने की घोषणा कर दी, जबकि राजनाथ सिंह बैठे ही रहे. इस दौरान राजनाथ सिंह मुस्‍कुराते रहे और मुख्‍यमंत्री को शांत करने की कोशिश भी करते दिखे. दरअसल महबूबा ने एकाएक सबका धन्‍यवाद करते हुए प्रेस कांफ्रेंस समाप्‍त की घोषणा की तो अगले कुछ क्षणों तक गृह मंत्री बैठे ही रहे. उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर में शांति बहाली के ताजा प्रयासों के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह एक महीने के भीतर दोबारा कश्‍मीर दौरे पर हैं. कश्‍मीर में पिछले एक महीने से भी ज्‍यादा समय से जारी हिंसा में अब तक करीब 70 लोग मारे गए हैं. राजनाथ सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में शांति बहाली की अपील के साथ संकेत दिया कि सरकार अलगाववादियों से बातचीत की इच्‍छुक है और यह भी कहा कि सरकार पैलेट गन के विकल्‍प पर विचार कर रही है. उल्‍लेखनीय है कि हिंसक प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में पैलेट गन के चलते बड़ी संख्‍या में लोग घायल हुए हैं.             टिप्पणियां जब राजनाथ सिंह से पूछा गया कि क्‍या पृथकतावादियों हुर्रियत नेताओं से सरकार बातचीत की इच्‍छुक है तो राजनाथ सिंह ने कहा, ''हम कश्‍मीरियत, जम्‍हूरियत और इंसानियत के दायरे में किसी से भी बातचीत के इच्‍छुक हैं.'' उन्‍होंने यह भी कहा कि एक ऑल पार्टी डेलीगेशन कश्‍मीर का दौरा करेगा. उल्‍लेखनीय है कि आठ जुलाई को सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बुरहान वानी मारा गया था. उसके बाद से राज्‍य में हिंसा भड़क गई. इस दौरान राजनाथ सिंह मुस्‍कुराते रहे और मुख्‍यमंत्री को शांत करने की कोशिश भी करते दिखे. दरअसल महबूबा ने एकाएक सबका धन्‍यवाद करते हुए प्रेस कांफ्रेंस समाप्‍त की घोषणा की तो अगले कुछ क्षणों तक गृह मंत्री बैठे ही रहे. उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर में शांति बहाली के ताजा प्रयासों के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह एक महीने के भीतर दोबारा कश्‍मीर दौरे पर हैं. कश्‍मीर में पिछले एक महीने से भी ज्‍यादा समय से जारी हिंसा में अब तक करीब 70 लोग मारे गए हैं. राजनाथ सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में शांति बहाली की अपील के साथ संकेत दिया कि सरकार अलगाववादियों से बातचीत की इच्‍छुक है और यह भी कहा कि सरकार पैलेट गन के विकल्‍प पर विचार कर रही है. उल्‍लेखनीय है कि हिंसक प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में पैलेट गन के चलते बड़ी संख्‍या में लोग घायल हुए हैं.             टिप्पणियां जब राजनाथ सिंह से पूछा गया कि क्‍या पृथकतावादियों हुर्रियत नेताओं से सरकार बातचीत की इच्‍छुक है तो राजनाथ सिंह ने कहा, ''हम कश्‍मीरियत, जम्‍हूरियत और इंसानियत के दायरे में किसी से भी बातचीत के इच्‍छुक हैं.'' उन्‍होंने यह भी कहा कि एक ऑल पार्टी डेलीगेशन कश्‍मीर का दौरा करेगा. उल्‍लेखनीय है कि आठ जुलाई को सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बुरहान वानी मारा गया था. उसके बाद से राज्‍य में हिंसा भड़क गई. उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर में शांति बहाली के ताजा प्रयासों के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह एक महीने के भीतर दोबारा कश्‍मीर दौरे पर हैं. कश्‍मीर में पिछले एक महीने से भी ज्‍यादा समय से जारी हिंसा में अब तक करीब 70 लोग मारे गए हैं. राजनाथ सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में शांति बहाली की अपील के साथ संकेत दिया कि सरकार अलगाववादियों से बातचीत की इच्‍छुक है और यह भी कहा कि सरकार पैलेट गन के विकल्‍प पर विचार कर रही है. उल्‍लेखनीय है कि हिंसक प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में पैलेट गन के चलते बड़ी संख्‍या में लोग घायल हुए हैं.             टिप्पणियां जब राजनाथ सिंह से पूछा गया कि क्‍या पृथकतावादियों हुर्रियत नेताओं से सरकार बातचीत की इच्‍छुक है तो राजनाथ सिंह ने कहा, ''हम कश्‍मीरियत, जम्‍हूरियत और इंसानियत के दायरे में किसी से भी बातचीत के इच्‍छुक हैं.'' उन्‍होंने यह भी कहा कि एक ऑल पार्टी डेलीगेशन कश्‍मीर का दौरा करेगा. उल्‍लेखनीय है कि आठ जुलाई को सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बुरहान वानी मारा गया था. उसके बाद से राज्‍य में हिंसा भड़क गई. राजनाथ सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में शांति बहाली की अपील के साथ संकेत दिया कि सरकार अलगाववादियों से बातचीत की इच्‍छुक है और यह भी कहा कि सरकार पैलेट गन के विकल्‍प पर विचार कर रही है. उल्‍लेखनीय है कि हिंसक प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में पैलेट गन के चलते बड़ी संख्‍या में लोग घायल हुए हैं.             टिप्पणियां जब राजनाथ सिंह से पूछा गया कि क्‍या पृथकतावादियों हुर्रियत नेताओं से सरकार बातचीत की इच्‍छुक है तो राजनाथ सिंह ने कहा, ''हम कश्‍मीरियत, जम्‍हूरियत और इंसानियत के दायरे में किसी से भी बातचीत के इच्‍छुक हैं.'' उन्‍होंने यह भी कहा कि एक ऑल पार्टी डेलीगेशन कश्‍मीर का दौरा करेगा. उल्‍लेखनीय है कि आठ जुलाई को सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बुरहान वानी मारा गया था. उसके बाद से राज्‍य में हिंसा भड़क गई. जब राजनाथ सिंह से पूछा गया कि क्‍या पृथकतावादियों हुर्रियत नेताओं से सरकार बातचीत की इच्‍छुक है तो राजनाथ सिंह ने कहा, ''हम कश्‍मीरियत, जम्‍हूरियत और इंसानियत के दायरे में किसी से भी बातचीत के इच्‍छुक हैं.'' उन्‍होंने यह भी कहा कि एक ऑल पार्टी डेलीगेशन कश्‍मीर का दौरा करेगा. उल्‍लेखनीय है कि आठ जुलाई को सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बुरहान वानी मारा गया था. उसके बाद से राज्‍य में हिंसा भड़क गई. उन्‍होंने यह भी कहा कि एक ऑल पार्टी डेलीगेशन कश्‍मीर का दौरा करेगा. उल्‍लेखनीय है कि आठ जुलाई को सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बुरहान वानी मारा गया था. उसके बाद से राज्‍य में हिंसा भड़क गई.
संक्षिप्त सारांश: पत्रकारों के सवालों से वह झल्‍ला गईं राजनाथ ने अलगाववादियों से बातचीत का संकेत दिया पेलेट गन के विकल्‍प पर किया जा रहा विचार
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: लीबिया पर उड़ान वर्जित क्षेत्र :नो फ्लाई जोन: लागू करने के लिए संयुक्त राष्ट्र पर बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच इस अफ्रीकी देश के प्रमुख शहरों - मिसूराटा और अजदाबिया में कज्जाफी समर्थक सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच गुरुवार को भीषण संघर्ष चल रहा है। अपने 41 साल के शासन के खिलाफ अप्रत्याशित विद्रोह से जूझ रहे मुअम्मर कज्जाफी ने अपने सैन्यबलों को उन क्षेत्रों को नियंत्रण में लेने के लिए पूरी छूट दे दी है जो विद्रोहियों के कब्जे में हैं। ऐसी खबरें हैं कि सरकारी सुरक्षा बलों ने अजदाबिया में भीषण गोलाबारी की है और इस शहर के हाथ में आने के साथ ही विद्रोहियों की राजधानी समझे जाने वाली बेंघाजी पर संभावित हमले का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। एक अन्य शहर, त्रिपोली से करीब 150 किलोमीटर दूर मिसूराटा में भी विद्रोहियों और सरकारी सुरक्षा बलों के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है। अड़सठ वर्षीय कज्जाफी ने मिसूराटा के कुछ युवकों के एक समूह से कहा, मिसूराटा में संघर्ष जारी है ..जो निर्णायक संघर्ष होगा।
संक्षिप्त सारांश: मिसूराटा और अजदाबिया में कज्जाफी समर्थक सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नॉर्वे में अपने माता−पिता से अलग किए गए अभिज्ञान और ऐश्वर्या के मामले में विदेश मंत्रालय ने वहां के भारतीय दूतावास से रिपोर्ट मांगी है। सरकार ने यह कदम इस खबर के बाद उठाया कि नॉर्वे ने दोनों बच्चों को वहीं बसाने के लिए उनकी माता−पिता की सहमति मांगी है। विदेश मंत्रालय ने नॉर्वे स्थित भारतीय दूतावास से इस खबर की पुष्टि करने और रिपोर्ट देने का कहा है। बच्चों के माता−पिता अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य का कहना है कि वह अपने बच्चों को जल्द से जल्द वापस चाहते हैं और वे उन्हें भारत वापस लाना चाहते हैं। दोनों बच्चों को पिछले साल मई में प्रोटेक्टिव केयर के तहत नॉर्वे के चाइल्ड वेल्फेयर सर्विसेज ने उनके माता−पिता से अलग कर दिया था। बच्चों के माता−पिता पर उनकी सही तरीके से देखभाल नहीं करने का आरोप लगाया गया है। विदेश मंत्रालय ने नॉर्वे स्थित भारतीय दूतावास से इस खबर की पुष्टि करने और रिपोर्ट देने का कहा है। बच्चों के माता−पिता अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य का कहना है कि वह अपने बच्चों को जल्द से जल्द वापस चाहते हैं और वे उन्हें भारत वापस लाना चाहते हैं। दोनों बच्चों को पिछले साल मई में प्रोटेक्टिव केयर के तहत नॉर्वे के चाइल्ड वेल्फेयर सर्विसेज ने उनके माता−पिता से अलग कर दिया था। बच्चों के माता−पिता पर उनकी सही तरीके से देखभाल नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
नॉर्वे में अपने माता−पिता से अलग किए गए अभिज्ञान और ऐश्वर्या के मामले में विदेश मंत्रालय ने वहां के भारतीय दूतावास से रिपोर्ट मांगी है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि कई साल की मंदी के बाद अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार आने लगा है, लेकिन वैश्विक वित्तीय संकट से हुए नुकसान की भरपाई करने में इसे अभी समय लगेगा। न्यूयार्क में जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) के संयंत्र का दौरा करने के बाद ओबामा ने कहा, अर्थव्यवस्था में फिर से सुधार आने लगा है। उन्होंने कहा, पिछले एक साल में 10 लाख से अधिक नौकरियों का सृजन हुआ है और नियुक्तियों की गति तेज हुई है। यह हमारे लिए उत्साहवर्धक खबर है। ओबामा ने कहा कि हालांकि नौकरियों का सृजन हुआ है, लेकिन अब भी बहुत से लोग काम की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि अभी भी आपके बहुत से पड़ोसी, दोस्त अथवा रिश्तेदारों को काम नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है, लेकिन इसकी गति तेज नहीं है और मंदी में हुए नुकसान को भरने में काफी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल तो अर्थव्यवस्था को टूट के कगार से वापस लाने में लग गए और अब अगले दो साल में अमेरिकी देखेंगे कि अर्थव्यव्स्था तेजी से दौड़ने लगी है। ओबामा ने कहा, हमारा काम वह सब कुछ करना है, जिससे कारोबारियों को काम का अवसर मिले और लोगों को अच्छा रोजगार मिले और उसके बाद अमेरिका विश्व प्रतिस्पर्धा में आगे निकले, जिससे कि 21वीं सदी में हमें सफलता हाथ लगे। उन्होंने कहा कि इस नए लक्ष्य को पूरा करने में मदद देने के लिए वह व्यावसायिक नेताओं और बाहरी सलाहकारों का एक नया समूह बना रहे हैं।
यहाँ एक सारांश है:ओबामा ने कहा है कि कई साल की मंदी के बाद अब अर्थव्यवस्था में सुधार आने लगा है, लेकिन नुकसान की भरपाई करने में इसे अभी समय लगेगा।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय समुद्र में लापता विमान की खोज के लिए अब तक के सबसे गहन अभियान में अब तक मिली नाकामी के बावजूद अब आशा जगी है कि 22 जुलाई को लापता हुए वायुसेना के विमान का किसी भी तरह का मलबा समुद्र में तैरता मिल सकेगा. हालांकि अभियान की निगरानी कर रहे नौसेना के वरिष्‍ठ अधिकारियों का कहना है कि अभियान एक नए चरण में पहुंच गया है जिसके तहत अब समुद्र के तल में विमान के अवशेषों को ढूंढने की कोशिश की जा रही है. वायुसेना के परिवहन विमान An-32 पर 29 लोग सवार थे, जब इसने खराब मौसम के बावजूद चेन्‍नई से पोर्ट ब्‍लेयर के लिए उड़ान भरी थी और थोड़ी ही देर बाद आपदा का कोई सिग्‍नल दिए बिना ही गायब हो गया.टिप्पणियां पिछले करीब 3 हफ्तों में विमानों ने 1000 घंटे से ज्‍यादा की उड़ान भरी है. एक समय तो लापता विमान की तलाश में 28 जहाज और एक पनडुब्‍बी को भी लगाया गया था. इस दौरान बंगाल की खाड़ी के जिस बड़े इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, वहां से 24 इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रांसमिशनों का पता लगाया गया लेकिन इनमें से कोई भी लापता विमान के इमरजेंसी बीकन से मिलने वाला सिग्‍नल नहीं था.   नेशनल इंस्‍टीट्यूट और ओशन टेक्‍नोलॉजी का जहाज सागर निधि (फाइल फोटो) उच्‍च तकनीक से लैस दो जहाज, नेशनल इंस्‍टीट्यूट और ओशन टेक्‍नोलॉजी का सागर निधि और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का समुद्र रत्‍नाकर अब इस खोज अभियान में मुख्‍य भूमिका निभा रहे हैं. दोनों ही जहाज मल्‍टी बीम इको साउंडर्स से लैस हैं जो समुद्र की तलहटी पर मौजूद दो मीटर तक के आकार की किसी भी वस्‍तु का पता लगा सकते हैं. इन दोनों जहाजों में लगे सोनार उपकरण इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि समुद्र की सतह से 150 मीटर की गहराई तक की चीजों का पता लगा सकते हैं. अगर किसी चीज का पता चलता है तो जहाज पर तैनात रिमोट कंट्रोल से चलने वाले रोवर समुद्र की सतह पर (जिस इलाके में विमान लापता हुआ है वहां समुद्र की औसत गहराई 3500 मीटर है) जाकर जहाज के मलबे के टुकड़ों को ऊपर ला सकते हैं.   जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के जहाज समुद्र रत्‍नाकर ने 4 दिन पहले ही अभियान शुरू किया है लापता विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को ढूंढना इस अभियान की प्राथमिकता होगी ताकि जांचकर्ता इस बात का पता लगा सकें कि हादसे के ठीक पहले आखिर कॉकपिट में चल क्‍या रहा था. वायुसेना के परिवहन विमान An-32 पर 29 लोग सवार थे, जब इसने खराब मौसम के बावजूद चेन्‍नई से पोर्ट ब्‍लेयर के लिए उड़ान भरी थी और थोड़ी ही देर बाद आपदा का कोई सिग्‍नल दिए बिना ही गायब हो गया.टिप्पणियां पिछले करीब 3 हफ्तों में विमानों ने 1000 घंटे से ज्‍यादा की उड़ान भरी है. एक समय तो लापता विमान की तलाश में 28 जहाज और एक पनडुब्‍बी को भी लगाया गया था. इस दौरान बंगाल की खाड़ी के जिस बड़े इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, वहां से 24 इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रांसमिशनों का पता लगाया गया लेकिन इनमें से कोई भी लापता विमान के इमरजेंसी बीकन से मिलने वाला सिग्‍नल नहीं था.   नेशनल इंस्‍टीट्यूट और ओशन टेक्‍नोलॉजी का जहाज सागर निधि (फाइल फोटो) उच्‍च तकनीक से लैस दो जहाज, नेशनल इंस्‍टीट्यूट और ओशन टेक्‍नोलॉजी का सागर निधि और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का समुद्र रत्‍नाकर अब इस खोज अभियान में मुख्‍य भूमिका निभा रहे हैं. दोनों ही जहाज मल्‍टी बीम इको साउंडर्स से लैस हैं जो समुद्र की तलहटी पर मौजूद दो मीटर तक के आकार की किसी भी वस्‍तु का पता लगा सकते हैं. इन दोनों जहाजों में लगे सोनार उपकरण इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि समुद्र की सतह से 150 मीटर की गहराई तक की चीजों का पता लगा सकते हैं. अगर किसी चीज का पता चलता है तो जहाज पर तैनात रिमोट कंट्रोल से चलने वाले रोवर समुद्र की सतह पर (जिस इलाके में विमान लापता हुआ है वहां समुद्र की औसत गहराई 3500 मीटर है) जाकर जहाज के मलबे के टुकड़ों को ऊपर ला सकते हैं.   जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के जहाज समुद्र रत्‍नाकर ने 4 दिन पहले ही अभियान शुरू किया है लापता विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को ढूंढना इस अभियान की प्राथमिकता होगी ताकि जांचकर्ता इस बात का पता लगा सकें कि हादसे के ठीक पहले आखिर कॉकपिट में चल क्‍या रहा था. पिछले करीब 3 हफ्तों में विमानों ने 1000 घंटे से ज्‍यादा की उड़ान भरी है. एक समय तो लापता विमान की तलाश में 28 जहाज और एक पनडुब्‍बी को भी लगाया गया था. इस दौरान बंगाल की खाड़ी के जिस बड़े इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, वहां से 24 इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रांसमिशनों का पता लगाया गया लेकिन इनमें से कोई भी लापता विमान के इमरजेंसी बीकन से मिलने वाला सिग्‍नल नहीं था.   नेशनल इंस्‍टीट्यूट और ओशन टेक्‍नोलॉजी का जहाज सागर निधि (फाइल फोटो) उच्‍च तकनीक से लैस दो जहाज, नेशनल इंस्‍टीट्यूट और ओशन टेक्‍नोलॉजी का सागर निधि और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का समुद्र रत्‍नाकर अब इस खोज अभियान में मुख्‍य भूमिका निभा रहे हैं. दोनों ही जहाज मल्‍टी बीम इको साउंडर्स से लैस हैं जो समुद्र की तलहटी पर मौजूद दो मीटर तक के आकार की किसी भी वस्‍तु का पता लगा सकते हैं. इन दोनों जहाजों में लगे सोनार उपकरण इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि समुद्र की सतह से 150 मीटर की गहराई तक की चीजों का पता लगा सकते हैं. अगर किसी चीज का पता चलता है तो जहाज पर तैनात रिमोट कंट्रोल से चलने वाले रोवर समुद्र की सतह पर (जिस इलाके में विमान लापता हुआ है वहां समुद्र की औसत गहराई 3500 मीटर है) जाकर जहाज के मलबे के टुकड़ों को ऊपर ला सकते हैं.   जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के जहाज समुद्र रत्‍नाकर ने 4 दिन पहले ही अभियान शुरू किया है लापता विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को ढूंढना इस अभियान की प्राथमिकता होगी ताकि जांचकर्ता इस बात का पता लगा सकें कि हादसे के ठीक पहले आखिर कॉकपिट में चल क्‍या रहा था. लापता विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को ढूंढना इस अभियान की प्राथमिकता होगी ताकि जांचकर्ता इस बात का पता लगा सकें कि हादसे के ठीक पहले आखिर कॉकपिट में चल क्‍या रहा था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 22 जुलाई को लापता हुए वायुसेना के विमान An-32 पर 29 लोग सवार थे उच्‍च तकनीक से लैस दो जहाज खोज अभियान में मुख्‍य भूमिका निभा रहे हैं लापता विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को ढूंढना अभियान की प्राथमिकता
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें. जब तक झटके खत्म न हों, बाहर ही रहें. चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें. ऐसे पुल या सड़क पर जाने से बचें, जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो. भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं. मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें. टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें. घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें. बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें. आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें. लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें, पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है लिफ्ट और बिजली जाने से भी रुक सकती है लिफ्ट. कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं. झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें. टिप्पणियां अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो माचिस हरगिज़ न जलाएं क्‍योंकि इस दौरान गैस लीक होने का खतरा हो सकता है. हिलें नहीं, और धूल न उड़ाएं. किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें. किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके. यदि कोई सीटी उपलब्ध हो तो बजाते रहें. यदि कोई और जरिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें. इनपुट: भाषा   भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं. मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें. टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें. घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें. बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें. आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें. लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें, पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है लिफ्ट और बिजली जाने से भी रुक सकती है लिफ्ट. कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं. झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें. टिप्पणियां अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो माचिस हरगिज़ न जलाएं क्‍योंकि इस दौरान गैस लीक होने का खतरा हो सकता है. हिलें नहीं, और धूल न उड़ाएं. किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें. किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके. यदि कोई सीटी उपलब्ध हो तो बजाते रहें. यदि कोई और जरिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें. इनपुट: भाषा   अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो माचिस हरगिज़ न जलाएं क्‍योंकि इस दौरान गैस लीक होने का खतरा हो सकता है. हिलें नहीं, और धूल न उड़ाएं. किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें. किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके. यदि कोई सीटी उपलब्ध हो तो बजाते रहें. यदि कोई और जरिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें. इनपुट: भाषा   इनपुट: भाषा
अमेरिका के अलास्का के अल्यूत द्वीपसमूह पर भूकंप जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा, सूनामी को खतरा नहीं
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज परवेज रसूल (7/45) की घातक गेंदबाजी की बदौलत बोर्ड अध्यक्ष एकादश टीम ने स्थानीय गुरु नानक कॉलेज मैदान पर मंगलवार से शुरू हुए दो दिवसीय अभ्यास मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी को 241 रनों पर समेट दी।   टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की पारी की शुरुआत एड कोवन और उस्मान ख्वाजा ने की। दोनों बल्लेबाजों ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों के बीच 77 रनों की साझेदारी हुई। सरबजीत लाड्डा ने ख्वाजा (32) को केदार जाधव के हाथों कैच करवाकर आस्ट्रेलियाई टीम को पहला झटका दिया। कोवन 109 रनों के कुल योग पर रसूल का पहला शिकार बनें। उन्होंने आठ चौके और एक छक्के  की मदद से सर्वाधिक 58 रन बनाए। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए मैथ्यू वेड भी रसूल की गेंद पर कैच दे बैठे। उन्होंने 35 रनों का योगदान दिया। स्टीवन स्मिथ भी 41 रन बनाकर रसूल की गेंद पर मनदीप सिंह को कैच थमा बैठे। इसके बाद कोई भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जमकर नहीं खेल सका और एक-एक करके रसूल के आगे घूटने टेकते चले गए।टिप्पणियां पीटर सिडल (22), मोइसिस हेनरिक्स (16), जेम्स पैटिंसन (9), जैकसन बर्ड एक रन बनाकर आउट हुए। ग्लेन मैक्सवेल और एस्टन अगार अपना खाता भी नहीं खोल सके। नाथन ल्योन 12 रनों पर नाबाद लौटे। भारत की ओर से बुधवार को 24 साल के होने जा रहे रसूल ने सात बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि लाड्डा ने दो और स्टुअर्ट बिन्नी ने एक सफलता हासिल की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की पारी की शुरुआत एड कोवन और उस्मान ख्वाजा ने की। दोनों बल्लेबाजों ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों के बीच 77 रनों की साझेदारी हुई। सरबजीत लाड्डा ने ख्वाजा (32) को केदार जाधव के हाथों कैच करवाकर आस्ट्रेलियाई टीम को पहला झटका दिया। कोवन 109 रनों के कुल योग पर रसूल का पहला शिकार बनें। उन्होंने आठ चौके और एक छक्के  की मदद से सर्वाधिक 58 रन बनाए। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए मैथ्यू वेड भी रसूल की गेंद पर कैच दे बैठे। उन्होंने 35 रनों का योगदान दिया। स्टीवन स्मिथ भी 41 रन बनाकर रसूल की गेंद पर मनदीप सिंह को कैच थमा बैठे। इसके बाद कोई भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जमकर नहीं खेल सका और एक-एक करके रसूल के आगे घूटने टेकते चले गए।टिप्पणियां पीटर सिडल (22), मोइसिस हेनरिक्स (16), जेम्स पैटिंसन (9), जैकसन बर्ड एक रन बनाकर आउट हुए। ग्लेन मैक्सवेल और एस्टन अगार अपना खाता भी नहीं खोल सके। नाथन ल्योन 12 रनों पर नाबाद लौटे। भारत की ओर से बुधवार को 24 साल के होने जा रहे रसूल ने सात बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि लाड्डा ने दो और स्टुअर्ट बिन्नी ने एक सफलता हासिल की। सरबजीत लाड्डा ने ख्वाजा (32) को केदार जाधव के हाथों कैच करवाकर आस्ट्रेलियाई टीम को पहला झटका दिया। कोवन 109 रनों के कुल योग पर रसूल का पहला शिकार बनें। उन्होंने आठ चौके और एक छक्के  की मदद से सर्वाधिक 58 रन बनाए। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए मैथ्यू वेड भी रसूल की गेंद पर कैच दे बैठे। उन्होंने 35 रनों का योगदान दिया। स्टीवन स्मिथ भी 41 रन बनाकर रसूल की गेंद पर मनदीप सिंह को कैच थमा बैठे। इसके बाद कोई भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जमकर नहीं खेल सका और एक-एक करके रसूल के आगे घूटने टेकते चले गए।टिप्पणियां पीटर सिडल (22), मोइसिस हेनरिक्स (16), जेम्स पैटिंसन (9), जैकसन बर्ड एक रन बनाकर आउट हुए। ग्लेन मैक्सवेल और एस्टन अगार अपना खाता भी नहीं खोल सके। नाथन ल्योन 12 रनों पर नाबाद लौटे। भारत की ओर से बुधवार को 24 साल के होने जा रहे रसूल ने सात बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि लाड्डा ने दो और स्टुअर्ट बिन्नी ने एक सफलता हासिल की। तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आए मैथ्यू वेड भी रसूल की गेंद पर कैच दे बैठे। उन्होंने 35 रनों का योगदान दिया। स्टीवन स्मिथ भी 41 रन बनाकर रसूल की गेंद पर मनदीप सिंह को कैच थमा बैठे। इसके बाद कोई भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जमकर नहीं खेल सका और एक-एक करके रसूल के आगे घूटने टेकते चले गए।टिप्पणियां पीटर सिडल (22), मोइसिस हेनरिक्स (16), जेम्स पैटिंसन (9), जैकसन बर्ड एक रन बनाकर आउट हुए। ग्लेन मैक्सवेल और एस्टन अगार अपना खाता भी नहीं खोल सके। नाथन ल्योन 12 रनों पर नाबाद लौटे। भारत की ओर से बुधवार को 24 साल के होने जा रहे रसूल ने सात बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि लाड्डा ने दो और स्टुअर्ट बिन्नी ने एक सफलता हासिल की। स्टीवन स्मिथ भी 41 रन बनाकर रसूल की गेंद पर मनदीप सिंह को कैच थमा बैठे। इसके बाद कोई भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जमकर नहीं खेल सका और एक-एक करके रसूल के आगे घूटने टेकते चले गए।टिप्पणियां पीटर सिडल (22), मोइसिस हेनरिक्स (16), जेम्स पैटिंसन (9), जैकसन बर्ड एक रन बनाकर आउट हुए। ग्लेन मैक्सवेल और एस्टन अगार अपना खाता भी नहीं खोल सके। नाथन ल्योन 12 रनों पर नाबाद लौटे। भारत की ओर से बुधवार को 24 साल के होने जा रहे रसूल ने सात बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि लाड्डा ने दो और स्टुअर्ट बिन्नी ने एक सफलता हासिल की। पीटर सिडल (22), मोइसिस हेनरिक्स (16), जेम्स पैटिंसन (9), जैकसन बर्ड एक रन बनाकर आउट हुए। ग्लेन मैक्सवेल और एस्टन अगार अपना खाता भी नहीं खोल सके। नाथन ल्योन 12 रनों पर नाबाद लौटे। भारत की ओर से बुधवार को 24 साल के होने जा रहे रसूल ने सात बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि लाड्डा ने दो और स्टुअर्ट बिन्नी ने एक सफलता हासिल की। भारत की ओर से बुधवार को 24 साल के होने जा रहे रसूल ने सात बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि लाड्डा ने दो और स्टुअर्ट बिन्नी ने एक सफलता हासिल की।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू एवं कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज परवेज रसूल (7/45) की घातक गेंदबाजी की बदौलत बोर्ड अध्यक्ष एकादश टीम ने स्थानीय गुरु नानक कॉलेज मैदान पर मंगलवार से शुरू हुए दो दिवसीय अभ्यास मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी को 241 रनों
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में दो भारतीय सैनिकों की मौत से उपजे तनाव के बीच हॉकी इंडिया लीग में भाग ले रहे वहां के नौ खिलाड़ियों को भारत का वीजा मिल गया है। पाकिस्तानी खिलाड़ी शनिवार को यहां पहुंचकर अपनी अपनी टीमों से जुड़ेंगे। इससे पहले 14 जनवरी से 10 फरवरी तक होने वाली लीग में इन खिलाड़ियों की भागीदारी पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे थे जब इन्हें समय पर वीजा नहीं मिल सका था। इसे दो भारतीय सैनिकों की जघन्य हत्या से उपजे तनाव से जोड़कर देखा जाने लगा। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने हालांकि स्पष्ट कर दिया था कि खिलाड़ियों के वीजा आवेदन उसे विलंब से मिले हैं। टोबा टेक सिंह से इस्लामाबाद पहुंचे दिल्ली वेवराइडर्स के फॉरवर्ड मोहम्मद रिजवान सीनियर ने कहा, हमें आज वीजा मिल गया है और हम जल्द रवाना होंगे। मेरा पहला मैच 14 जनवरी को है और शुक्र है कि मैं उससे पहले दिल्ली पहुंच जाऊंगा। विलंब के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, कोई और मसला नहीं है। बस प्रक्रिया में थोड़ी देर हो गई।टिप्पणियां मुंबई मैजिशियंस के फरीद अहमद ने कहा, यहां भारतीय उच्चायोग का कहना है कि उन्हें दस्तावेज देरी से मिले जबकि पीएचएफ का कहना है कि उसने समय पर दस्तावेज जमा कर दिए थे। प्रक्रिया में देरी हो गई, लेकिन खुशी की बात यह है कि अब हम इस विश्व स्तरीय लीग में भाग लेने भारत जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम तो 8 तारीख से ही भारत जाने को तैयार हैं, लेकिन वीजा की वजह से देरी हुई। उन्हीं के साथी खिलाड़ी मुंबई के मिडफिल्डर मोहम्मद तौसीक ने बताया कि खिलाड़ी लाहौर में इकट्ठे होंगे और वहां से दिल्ली रवाना होंगे। उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया लीग बहुत बड़े पैमाने पर हो रही है और इसमें दुनियाभर के शीर्ष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हम सभी लाहौर से शनिवार को जाएंगे और अपनी अपनी टीमों से जुड़ेंगे। इससे पहले 14 जनवरी से 10 फरवरी तक होने वाली लीग में इन खिलाड़ियों की भागीदारी पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे थे जब इन्हें समय पर वीजा नहीं मिल सका था। इसे दो भारतीय सैनिकों की जघन्य हत्या से उपजे तनाव से जोड़कर देखा जाने लगा। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने हालांकि स्पष्ट कर दिया था कि खिलाड़ियों के वीजा आवेदन उसे विलंब से मिले हैं। टोबा टेक सिंह से इस्लामाबाद पहुंचे दिल्ली वेवराइडर्स के फॉरवर्ड मोहम्मद रिजवान सीनियर ने कहा, हमें आज वीजा मिल गया है और हम जल्द रवाना होंगे। मेरा पहला मैच 14 जनवरी को है और शुक्र है कि मैं उससे पहले दिल्ली पहुंच जाऊंगा। विलंब के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, कोई और मसला नहीं है। बस प्रक्रिया में थोड़ी देर हो गई।टिप्पणियां मुंबई मैजिशियंस के फरीद अहमद ने कहा, यहां भारतीय उच्चायोग का कहना है कि उन्हें दस्तावेज देरी से मिले जबकि पीएचएफ का कहना है कि उसने समय पर दस्तावेज जमा कर दिए थे। प्रक्रिया में देरी हो गई, लेकिन खुशी की बात यह है कि अब हम इस विश्व स्तरीय लीग में भाग लेने भारत जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम तो 8 तारीख से ही भारत जाने को तैयार हैं, लेकिन वीजा की वजह से देरी हुई। उन्हीं के साथी खिलाड़ी मुंबई के मिडफिल्डर मोहम्मद तौसीक ने बताया कि खिलाड़ी लाहौर में इकट्ठे होंगे और वहां से दिल्ली रवाना होंगे। उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया लीग बहुत बड़े पैमाने पर हो रही है और इसमें दुनियाभर के शीर्ष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हम सभी लाहौर से शनिवार को जाएंगे और अपनी अपनी टीमों से जुड़ेंगे। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने हालांकि स्पष्ट कर दिया था कि खिलाड़ियों के वीजा आवेदन उसे विलंब से मिले हैं। टोबा टेक सिंह से इस्लामाबाद पहुंचे दिल्ली वेवराइडर्स के फॉरवर्ड मोहम्मद रिजवान सीनियर ने कहा, हमें आज वीजा मिल गया है और हम जल्द रवाना होंगे। मेरा पहला मैच 14 जनवरी को है और शुक्र है कि मैं उससे पहले दिल्ली पहुंच जाऊंगा। विलंब के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, कोई और मसला नहीं है। बस प्रक्रिया में थोड़ी देर हो गई।टिप्पणियां मुंबई मैजिशियंस के फरीद अहमद ने कहा, यहां भारतीय उच्चायोग का कहना है कि उन्हें दस्तावेज देरी से मिले जबकि पीएचएफ का कहना है कि उसने समय पर दस्तावेज जमा कर दिए थे। प्रक्रिया में देरी हो गई, लेकिन खुशी की बात यह है कि अब हम इस विश्व स्तरीय लीग में भाग लेने भारत जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम तो 8 तारीख से ही भारत जाने को तैयार हैं, लेकिन वीजा की वजह से देरी हुई। उन्हीं के साथी खिलाड़ी मुंबई के मिडफिल्डर मोहम्मद तौसीक ने बताया कि खिलाड़ी लाहौर में इकट्ठे होंगे और वहां से दिल्ली रवाना होंगे। उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया लीग बहुत बड़े पैमाने पर हो रही है और इसमें दुनियाभर के शीर्ष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हम सभी लाहौर से शनिवार को जाएंगे और अपनी अपनी टीमों से जुड़ेंगे। टोबा टेक सिंह से इस्लामाबाद पहुंचे दिल्ली वेवराइडर्स के फॉरवर्ड मोहम्मद रिजवान सीनियर ने कहा, हमें आज वीजा मिल गया है और हम जल्द रवाना होंगे। मेरा पहला मैच 14 जनवरी को है और शुक्र है कि मैं उससे पहले दिल्ली पहुंच जाऊंगा। विलंब के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, कोई और मसला नहीं है। बस प्रक्रिया में थोड़ी देर हो गई।टिप्पणियां मुंबई मैजिशियंस के फरीद अहमद ने कहा, यहां भारतीय उच्चायोग का कहना है कि उन्हें दस्तावेज देरी से मिले जबकि पीएचएफ का कहना है कि उसने समय पर दस्तावेज जमा कर दिए थे। प्रक्रिया में देरी हो गई, लेकिन खुशी की बात यह है कि अब हम इस विश्व स्तरीय लीग में भाग लेने भारत जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम तो 8 तारीख से ही भारत जाने को तैयार हैं, लेकिन वीजा की वजह से देरी हुई। उन्हीं के साथी खिलाड़ी मुंबई के मिडफिल्डर मोहम्मद तौसीक ने बताया कि खिलाड़ी लाहौर में इकट्ठे होंगे और वहां से दिल्ली रवाना होंगे। उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया लीग बहुत बड़े पैमाने पर हो रही है और इसमें दुनियाभर के शीर्ष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हम सभी लाहौर से शनिवार को जाएंगे और अपनी अपनी टीमों से जुड़ेंगे। मुंबई मैजिशियंस के फरीद अहमद ने कहा, यहां भारतीय उच्चायोग का कहना है कि उन्हें दस्तावेज देरी से मिले जबकि पीएचएफ का कहना है कि उसने समय पर दस्तावेज जमा कर दिए थे। प्रक्रिया में देरी हो गई, लेकिन खुशी की बात यह है कि अब हम इस विश्व स्तरीय लीग में भाग लेने भारत जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम तो 8 तारीख से ही भारत जाने को तैयार हैं, लेकिन वीजा की वजह से देरी हुई। उन्हीं के साथी खिलाड़ी मुंबई के मिडफिल्डर मोहम्मद तौसीक ने बताया कि खिलाड़ी लाहौर में इकट्ठे होंगे और वहां से दिल्ली रवाना होंगे। उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया लीग बहुत बड़े पैमाने पर हो रही है और इसमें दुनियाभर के शीर्ष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हम सभी लाहौर से शनिवार को जाएंगे और अपनी अपनी टीमों से जुड़ेंगे। उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया लीग बहुत बड़े पैमाने पर हो रही है और इसमें दुनियाभर के शीर्ष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हम सभी लाहौर से शनिवार को जाएंगे और अपनी अपनी टीमों से जुड़ेंगे।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में दो भारतीय सैनिकों की मौत से उपजे तनाव के बीच हॉकी इंडिया लीग में भाग ले रहे वहां के नौ खिलाड़ियों को भारत का वीजा मिल गया है।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के गेंदबाज प्रवीण कुमार पर अम्पायर के फैसले पर विरोध जताने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने उनपर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। ट्रेंट ब्रिज मैदान पर जारी दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन शुक्रवार को इंग्लैंड की पारी के दौरान प्रवीण ने अम्पायर के फैसले पर विरोध जताया था, जो खेल भावना के विपरीत माना गया। आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, प्रवीण को आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.1.3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। दिन के खेल की समाप्ति के बाद मैच रेफरी रंजन मदूगले के सामने प्रवीण ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। मैदानी अम्पायर असद रउफ, मराइस इरासमस और तीसरे अम्पायर बिली बाउडेन तथा चौथे अम्पायर टिम रॉबिन्सन ने प्रवीण की शिकायत मैच रेफरी से की थी। उल्लेखनीय है कि यह वाकया इंग्लैंड की पारी के 18वें ओवर के बाद हुआ, जब प्रवीण ने विपक्षी टीम के बल्लेबाज केविन पीटरसन को पगबाधा आउट की अपील की थी, लेकिन अम्पायर ने इसे नकार दिया था। इसके बाद ओवर खत्म होने के बाद प्रवीण अम्पायर मराइस इरासमस के नजदीक जाकर उनसे बहस करने लगे थे।
यहाँ एक सारांश है:भारत के गेंदबाज प्रवीण कुमार पर अम्पायर के फैसले पर विरोध जताने के कारण आईसीसी ने उनपर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया है।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने यह खुलासा करके सबको चौंका दिया है कि यदि उन्हें 2015 विश्व कप तक खेलना है, तो वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं। धोनी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘यदि मुझे 2015 (विश्व कप) तक खेलना है, तो फिर किसी एक प्रारूप से संन्यास लेना होगा।’’ अब तक 66 मैच खेलने वाले धोनी ने बड़ी सहजता से यह बात कही, लेकिन संवाददाता सम्मेलन में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति इससे हैरान हो गया। धोनी ने अब तक 36 टेस्ट मैचों में कप्तानी भी की है, जिनमें से 17 में उन्हें जीत मिली। धोनी के आज के खुलासे से लगता है कि वह यह बताना चाहते हैं कि इस खेल में अपने भविष्य के बारे में वह क्या सोचते हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह 2013 तक यह फैसला कर लेंगे कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2015 में होने वाले विश्व कप में खेलना है या नहीं।टिप्पणियां उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे 2013 तक यह देखना होगा कि मेरा शरीर किस स्थिति में है और क्या मैं 2015 विश्व कप में खेल पाऊंगा या नहीं। मुझे 2013 के आखिर तक यह फैसला करना होगा कि क्या मैं एक प्रारूप में आगे खेलने के लिए पर्याप्त फिट हूं। यह फैसला निजी नहीं, बल्कि देश की खातिर होगा, क्योंकि मेरी जगह जो भी विकेटकीपर लेगा उसे विश्व कप में जाने से पहले कम से कम 70 से 80 वनडे का अनुभव होना चाहिए। ऐसा मेरा मानना है।’’ 30 वर्षीय धोनी को वनडे का अच्छा कप्तान और प्रभावशाली बल्लेबाज माना जाता है। टेस्ट मैचों की कड़ी परिस्थितियों में हालांकि लगता है कि उनका कौशल नहीं चल पाता है। धोनी के आज के खुलासे से लगता है कि वह यह बताना चाहते हैं कि इस खेल में अपने भविष्य के बारे में वह क्या सोचते हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह 2013 तक यह फैसला कर लेंगे कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2015 में होने वाले विश्व कप में खेलना है या नहीं।टिप्पणियां उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे 2013 तक यह देखना होगा कि मेरा शरीर किस स्थिति में है और क्या मैं 2015 विश्व कप में खेल पाऊंगा या नहीं। मुझे 2013 के आखिर तक यह फैसला करना होगा कि क्या मैं एक प्रारूप में आगे खेलने के लिए पर्याप्त फिट हूं। यह फैसला निजी नहीं, बल्कि देश की खातिर होगा, क्योंकि मेरी जगह जो भी विकेटकीपर लेगा उसे विश्व कप में जाने से पहले कम से कम 70 से 80 वनडे का अनुभव होना चाहिए। ऐसा मेरा मानना है।’’ 30 वर्षीय धोनी को वनडे का अच्छा कप्तान और प्रभावशाली बल्लेबाज माना जाता है। टेस्ट मैचों की कड़ी परिस्थितियों में हालांकि लगता है कि उनका कौशल नहीं चल पाता है। उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे 2013 तक यह देखना होगा कि मेरा शरीर किस स्थिति में है और क्या मैं 2015 विश्व कप में खेल पाऊंगा या नहीं। मुझे 2013 के आखिर तक यह फैसला करना होगा कि क्या मैं एक प्रारूप में आगे खेलने के लिए पर्याप्त फिट हूं। यह फैसला निजी नहीं, बल्कि देश की खातिर होगा, क्योंकि मेरी जगह जो भी विकेटकीपर लेगा उसे विश्व कप में जाने से पहले कम से कम 70 से 80 वनडे का अनुभव होना चाहिए। ऐसा मेरा मानना है।’’ 30 वर्षीय धोनी को वनडे का अच्छा कप्तान और प्रभावशाली बल्लेबाज माना जाता है। टेस्ट मैचों की कड़ी परिस्थितियों में हालांकि लगता है कि उनका कौशल नहीं चल पाता है। 30 वर्षीय धोनी को वनडे का अच्छा कप्तान और प्रभावशाली बल्लेबाज माना जाता है। टेस्ट मैचों की कड़ी परिस्थितियों में हालांकि लगता है कि उनका कौशल नहीं चल पाता है।
सारांश: भारतीय कप्तान ने यह खुलासा करके सबको चौंका दिया है कि यदि उन्हें 2015 विश्व कप तक खेलना है, तो वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को शहर के पुलिस आयुक्त को यह जानना चाहा कि प्राथमिकी (एफआईआर) में उर्दू या फारसी के शब्दों का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है, जबकि शिकायतकर्ता इनका इस्तेमाल नहीं करते हैं. साथ ही, अदालत ने कहा कि प्राथमिकी में भारी-भरकम शब्दों के बजाय सामान्य भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने दिल्ली पुलिस से कहा कि प्राथमिकी शिकायतकर्ता के शब्दों में होनी चाहिए और इसमे 'लच्छेदार भाषा' का इस्तेमाल नहीं किया जाए, जिनका मतलब शब्दकोश में ढूंढना पड़ता हो.  अदालत ने कहा कि पुलिस आम आदमी का काम करने के लिए है, सिर्फ उन लोगों के लिए नहीं है जिनके पास उर्दू या फारसी में डॉक्टरेट की डिग्री है. पीठ ने दिल्ली पुलिस से कहा, "अत्यधिक लच्छेदार भाषा, जिनका अर्थ शब्दकोश में ढूंढना पड़े, का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. एफआईआर शिकायतकर्ता के शब्दों में होनी चाहिए. (एफआईआर) भारी भरकम शब्द की जगह आसान भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए. लोगों को जानना होता है कि क्या लिखा गया है. यह अंग्रेजी के इस्तेमाल पर भी लागू होता है. भारी भरकम शब्दों का इस्तेमाल नहीं करें."  अदालत ने पुलिस आयुक्त को एक हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने के कहा है कि उर्दू-फारसी का इस्तेमाल एजेंसी(पुलिस) करती है या शिकायतकर्ता करते हैं. बहरहाल, अदालत ने इस विषय की सुनवाई 25 नवंबर के लिए सूचीबद्ध कर दी. अदालत एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दिल्ली पुलिस को एफआईआर में उर्दू या फारसी के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है.  वहीं, पुलिस की ओर से पेश हुए दिल्ली सरकार के अतिरिक्त अधिवक्ता ने कहा कि एफआईआर में इस्तेमाल किये गए उर्दू और फारसी के शब्दों को थोड़ी सी कोशिश कर समझा जा सकता है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: FIR में उर्दू और फारसी शब्दों का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है? भारी शब्दों की जगह पर सामान्य शब्दों का प्रयोग होना चाहिए दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोलकाता की 24 हफ्ते की गर्भवती महिला के गर्भपात कराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता में सात डॉक्टरों के पैनल का मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच कराने के आदेश दिए. 29 जून को रिपोर्ट सीलबंद कवर में सौंपी जाएगी. 29 जून को ही सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि महिला का गर्भपात कराया जा सकता है या नहीं. टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक्ट में सिर्फ भ्रूण नहीं बल्कि मां की जिंदगी के बारे में कहा गया है. अगर बच्चा पैदा होने के बाद कोमा में रहे या कुछ महसूस ना करे तो मां की जिंदगी कैसी रहेगी? वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने इस मामले में पहले ही सात डाक्टरों के पैनल का गठन किया है.  33 साल की इस महिला का कहना है कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर बीमारियां हैं, जिसके चलते उसके बचने की उम्मीद कम है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन करने का फैसला किया है और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान महिला की ओर से कहा गया कि 25 मई को उसकी जांच के दौरान ये पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे को दिल संबंधी गंभीर बीमारी है. इसके बाद 30 मई को फिर से मेडिकल परीक्षण कराए गए और इस बात की पुष्टि हो गई, लेकिन तब तक उसका गर्भ 20 हफ्ते से ऊपर हो चुका था. इसलिए वो गर्भपात नहीं करा पाई. अर्जी में कहा गया है कि बच्चे के बचने की उम्मीद कम है इसलिए वो परेशान है. कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा ताकि ये पता चल सके कि क्या बच्चे या मां को किसी तरह का खतरा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है. गौरतलब है कि देश में कानून के मुताबिक 20 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकता है. इसी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामले आ चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक्ट में सिर्फ भ्रूण नहीं बल्कि मां की जिंदगी के बारे में कहा गया है. अगर बच्चा पैदा होने के बाद कोमा में रहे या कुछ महसूस ना करे तो मां की जिंदगी कैसी रहेगी? वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने इस मामले में पहले ही सात डाक्टरों के पैनल का गठन किया है.  33 साल की इस महिला का कहना है कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर बीमारियां हैं, जिसके चलते उसके बचने की उम्मीद कम है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन करने का फैसला किया है और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान महिला की ओर से कहा गया कि 25 मई को उसकी जांच के दौरान ये पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे को दिल संबंधी गंभीर बीमारी है. इसके बाद 30 मई को फिर से मेडिकल परीक्षण कराए गए और इस बात की पुष्टि हो गई, लेकिन तब तक उसका गर्भ 20 हफ्ते से ऊपर हो चुका था. इसलिए वो गर्भपात नहीं करा पाई. अर्जी में कहा गया है कि बच्चे के बचने की उम्मीद कम है इसलिए वो परेशान है. कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा ताकि ये पता चल सके कि क्या बच्चे या मां को किसी तरह का खतरा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है. गौरतलब है कि देश में कानून के मुताबिक 20 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकता है. इसी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामले आ चुके हैं. 33 साल की इस महिला का कहना है कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर बीमारियां हैं, जिसके चलते उसके बचने की उम्मीद कम है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन करने का फैसला किया है और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान महिला की ओर से कहा गया कि 25 मई को उसकी जांच के दौरान ये पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे को दिल संबंधी गंभीर बीमारी है. इसके बाद 30 मई को फिर से मेडिकल परीक्षण कराए गए और इस बात की पुष्टि हो गई, लेकिन तब तक उसका गर्भ 20 हफ्ते से ऊपर हो चुका था. इसलिए वो गर्भपात नहीं करा पाई. अर्जी में कहा गया है कि बच्चे के बचने की उम्मीद कम है इसलिए वो परेशान है. कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा ताकि ये पता चल सके कि क्या बच्चे या मां को किसी तरह का खतरा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है. गौरतलब है कि देश में कानून के मुताबिक 20 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकता है. इसी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामले आ चुके हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया 29 जून को रिपोर्ट होगी पेश, जिसके बाद फैसला मां का कहना है कि गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर बीमारियां
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी ने 15 मार्च को अखिलेश यादव सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में अधूरी शपथ लेने के कारण रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को दोबारा मंत्री पद की शपथ दिलायी। गौरलतब है कि आजम खान ने मुख्यमंत्री के साथ ही 15 मार्च को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी लेकिन इस दौरान गोपनीयता की शपथ को ही उन्होंने दो बार पढ़ दिया था।टिप्पणियां बाद में यह कहा गया था कि जब उन्होंने पद और गोपनीयता सम्बंधी शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं तो उन्हें दोबारा शपथ लेने की आवश्यकता नहीं है लेकिन विवादों से बचने के लिए आजम ने दोबारा पद और गोपनीयता की शपथ लेने का निर्णय किया है। आजम खान ने इस मामले में कहा था कि यह एक मानवीय भूल है और इसीलिए वह दोबारा शपथ लेंगे।  गौरलतब है कि आजम खान ने मुख्यमंत्री के साथ ही 15 मार्च को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी लेकिन इस दौरान गोपनीयता की शपथ को ही उन्होंने दो बार पढ़ दिया था।टिप्पणियां बाद में यह कहा गया था कि जब उन्होंने पद और गोपनीयता सम्बंधी शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं तो उन्हें दोबारा शपथ लेने की आवश्यकता नहीं है लेकिन विवादों से बचने के लिए आजम ने दोबारा पद और गोपनीयता की शपथ लेने का निर्णय किया है। आजम खान ने इस मामले में कहा था कि यह एक मानवीय भूल है और इसीलिए वह दोबारा शपथ लेंगे।  बाद में यह कहा गया था कि जब उन्होंने पद और गोपनीयता सम्बंधी शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं तो उन्हें दोबारा शपथ लेने की आवश्यकता नहीं है लेकिन विवादों से बचने के लिए आजम ने दोबारा पद और गोपनीयता की शपथ लेने का निर्णय किया है। आजम खान ने इस मामले में कहा था कि यह एक मानवीय भूल है और इसीलिए वह दोबारा शपथ लेंगे।  आजम खान ने इस मामले में कहा था कि यह एक मानवीय भूल है और इसीलिए वह दोबारा शपथ लेंगे।
संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी ने 15 मार्च को अखिलेश यादव सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में अधूरी शपथ लेने के कारण रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को दोबारा मंत्री पद की शपथ दिलायी।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेता अभय देओल का कहना है कि फिल्म ‘शंघाई’ में तमिल आईएएस अधिकारी का किरदार निभाना उनके लिए कठिन था और इसको लेकर वह डर गए थे।टिप्पणियां इस फिल्म के निर्देशक दिवाकर बनर्जी हैं। 36 साल के अभय ने ‘ओए लकी लकी ओए’ और ‘सोचा न था’ में एक रोमांटिक किरदार निभाया था। ‘शंघाई’ में उनके लिए यह किरदार अलग हटकर था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पात्र ऐसा था, जिसको निभाने को लेकर मैं डरा हुआ था। जब दिवाकर ने मुझसे संपर्क किया तो मैंने उनसे कहा कि मेरे पात्र को पंजाबी आर्य समाजी बनाएं, लेकिन उन्होंने मेरी नहीं सुनी।’’ अभय ने कहा, ‘‘यह किरदार निभाना मेरे लिए चुनौती भरा था। मदी नामक लेखक ने मुझे तमिल उच्चारण में मदद की।’’ इस फिल्म के निर्देशक दिवाकर बनर्जी हैं। 36 साल के अभय ने ‘ओए लकी लकी ओए’ और ‘सोचा न था’ में एक रोमांटिक किरदार निभाया था। ‘शंघाई’ में उनके लिए यह किरदार अलग हटकर था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पात्र ऐसा था, जिसको निभाने को लेकर मैं डरा हुआ था। जब दिवाकर ने मुझसे संपर्क किया तो मैंने उनसे कहा कि मेरे पात्र को पंजाबी आर्य समाजी बनाएं, लेकिन उन्होंने मेरी नहीं सुनी।’’ अभय ने कहा, ‘‘यह किरदार निभाना मेरे लिए चुनौती भरा था। मदी नामक लेखक ने मुझे तमिल उच्चारण में मदद की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पात्र ऐसा था, जिसको निभाने को लेकर मैं डरा हुआ था। जब दिवाकर ने मुझसे संपर्क किया तो मैंने उनसे कहा कि मेरे पात्र को पंजाबी आर्य समाजी बनाएं, लेकिन उन्होंने मेरी नहीं सुनी।’’ अभय ने कहा, ‘‘यह किरदार निभाना मेरे लिए चुनौती भरा था। मदी नामक लेखक ने मुझे तमिल उच्चारण में मदद की।’’
सारांश: अभिनेता अभय देओल का कहना है कि फिल्म ‘शंघाई’ में तमिल आईएएस अधिकारी का किरदार निभाना उनके लिए कठिन था और इसको लेकर वह डर गए थे।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ईंधन मूल्य में वृद्धि और ऊंचे ब्याज दरों के कारण देश की प्रमुख वाहन कम्पनियों की बिक्री में जून में कोई खास प्रगति नहीं हुई। कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी ने सोमवार को कहा कि जून में उसने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20.3 फीसदी अधिक 96,597 कारें बेचीं। पिछले वर्ष की समान अवधि में उसने 80,298 कारें बेची थीं। आलोच्य अवधि में कम्पनी ने घरेलू बाजार में 19.3 फीसदी अधिक कारें बेची जबकि निर्यात में इसी अवधि में 27.1 फीसदी की वृद्धि हुई। ह्युंडई मोटर ने कहा कि आलोच्य अवधि में उसने 3.5 फीसदी अधिक वाहन बेचे। इस महीने अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। ह्युंडई मोटर्स इंडिया के विपणन और बिक्री के निदेशक अरविंद सक्सेना ने कहा, "दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में अधिक बिक्री हो रही है। खासकर ईयोन की अफ्रीका में और आई10 की दक्षिण अफ्रीका में काफी बिक्री हुई।" कम्पनी ने जून में कुल 54,354 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कम्पनी ने 52,521 वाहन बेचे थे। टाटा मोटर्स की कुल बिक्री में तीन फीसदी गिरावट रही। इस महीने कम्पनी ने 64,341 वाहन बेचे। कम्पनी ने घरेलू बाजार में पांच फीसदी कम 58,270 वाहन बेचे, जबकि निर्यात इसी अवधि में 19 फीसदी अधिक 6,071 वाहनों को हुआ। दुपहिया वाहनों में हीरो मोटोकॉर्प ने जून में समाप्त तिमाही में 16,42,292 वाहन बेचे, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी ने सोमवार को कहा कि जून में उसने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20.3 फीसदी अधिक 96,597 कारें बेचीं। पिछले वर्ष की समान अवधि में उसने 80,298 कारें बेची थीं। आलोच्य अवधि में कम्पनी ने घरेलू बाजार में 19.3 फीसदी अधिक कारें बेची जबकि निर्यात में इसी अवधि में 27.1 फीसदी की वृद्धि हुई। ह्युंडई मोटर ने कहा कि आलोच्य अवधि में उसने 3.5 फीसदी अधिक वाहन बेचे। इस महीने अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। ह्युंडई मोटर्स इंडिया के विपणन और बिक्री के निदेशक अरविंद सक्सेना ने कहा, "दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में अधिक बिक्री हो रही है। खासकर ईयोन की अफ्रीका में और आई10 की दक्षिण अफ्रीका में काफी बिक्री हुई।" कम्पनी ने जून में कुल 54,354 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कम्पनी ने 52,521 वाहन बेचे थे। टाटा मोटर्स की कुल बिक्री में तीन फीसदी गिरावट रही। इस महीने कम्पनी ने 64,341 वाहन बेचे। कम्पनी ने घरेलू बाजार में पांच फीसदी कम 58,270 वाहन बेचे, जबकि निर्यात इसी अवधि में 19 फीसदी अधिक 6,071 वाहनों को हुआ। दुपहिया वाहनों में हीरो मोटोकॉर्प ने जून में समाप्त तिमाही में 16,42,292 वाहन बेचे, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। आलोच्य अवधि में कम्पनी ने घरेलू बाजार में 19.3 फीसदी अधिक कारें बेची जबकि निर्यात में इसी अवधि में 27.1 फीसदी की वृद्धि हुई। ह्युंडई मोटर ने कहा कि आलोच्य अवधि में उसने 3.5 फीसदी अधिक वाहन बेचे। इस महीने अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। ह्युंडई मोटर्स इंडिया के विपणन और बिक्री के निदेशक अरविंद सक्सेना ने कहा, "दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में अधिक बिक्री हो रही है। खासकर ईयोन की अफ्रीका में और आई10 की दक्षिण अफ्रीका में काफी बिक्री हुई।" कम्पनी ने जून में कुल 54,354 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कम्पनी ने 52,521 वाहन बेचे थे। टाटा मोटर्स की कुल बिक्री में तीन फीसदी गिरावट रही। इस महीने कम्पनी ने 64,341 वाहन बेचे। कम्पनी ने घरेलू बाजार में पांच फीसदी कम 58,270 वाहन बेचे, जबकि निर्यात इसी अवधि में 19 फीसदी अधिक 6,071 वाहनों को हुआ। दुपहिया वाहनों में हीरो मोटोकॉर्प ने जून में समाप्त तिमाही में 16,42,292 वाहन बेचे, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। ह्युंडई मोटर ने कहा कि आलोच्य अवधि में उसने 3.5 फीसदी अधिक वाहन बेचे। इस महीने अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। ह्युंडई मोटर्स इंडिया के विपणन और बिक्री के निदेशक अरविंद सक्सेना ने कहा, "दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में अधिक बिक्री हो रही है। खासकर ईयोन की अफ्रीका में और आई10 की दक्षिण अफ्रीका में काफी बिक्री हुई।" कम्पनी ने जून में कुल 54,354 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कम्पनी ने 52,521 वाहन बेचे थे। टाटा मोटर्स की कुल बिक्री में तीन फीसदी गिरावट रही। इस महीने कम्पनी ने 64,341 वाहन बेचे। कम्पनी ने घरेलू बाजार में पांच फीसदी कम 58,270 वाहन बेचे, जबकि निर्यात इसी अवधि में 19 फीसदी अधिक 6,071 वाहनों को हुआ। दुपहिया वाहनों में हीरो मोटोकॉर्प ने जून में समाप्त तिमाही में 16,42,292 वाहन बेचे, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। ह्युंडई मोटर्स इंडिया के विपणन और बिक्री के निदेशक अरविंद सक्सेना ने कहा, "दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में अधिक बिक्री हो रही है। खासकर ईयोन की अफ्रीका में और आई10 की दक्षिण अफ्रीका में काफी बिक्री हुई।" कम्पनी ने जून में कुल 54,354 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कम्पनी ने 52,521 वाहन बेचे थे। टाटा मोटर्स की कुल बिक्री में तीन फीसदी गिरावट रही। इस महीने कम्पनी ने 64,341 वाहन बेचे। कम्पनी ने घरेलू बाजार में पांच फीसदी कम 58,270 वाहन बेचे, जबकि निर्यात इसी अवधि में 19 फीसदी अधिक 6,071 वाहनों को हुआ। दुपहिया वाहनों में हीरो मोटोकॉर्प ने जून में समाप्त तिमाही में 16,42,292 वाहन बेचे, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। कम्पनी ने जून में कुल 54,354 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कम्पनी ने 52,521 वाहन बेचे थे। टाटा मोटर्स की कुल बिक्री में तीन फीसदी गिरावट रही। इस महीने कम्पनी ने 64,341 वाहन बेचे। कम्पनी ने घरेलू बाजार में पांच फीसदी कम 58,270 वाहन बेचे, जबकि निर्यात इसी अवधि में 19 फीसदी अधिक 6,071 वाहनों को हुआ। दुपहिया वाहनों में हीरो मोटोकॉर्प ने जून में समाप्त तिमाही में 16,42,292 वाहन बेचे, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। टाटा मोटर्स की कुल बिक्री में तीन फीसदी गिरावट रही। इस महीने कम्पनी ने 64,341 वाहन बेचे। कम्पनी ने घरेलू बाजार में पांच फीसदी कम 58,270 वाहन बेचे, जबकि निर्यात इसी अवधि में 19 फीसदी अधिक 6,071 वाहनों को हुआ। दुपहिया वाहनों में हीरो मोटोकॉर्प ने जून में समाप्त तिमाही में 16,42,292 वाहन बेचे, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। कम्पनी ने घरेलू बाजार में पांच फीसदी कम 58,270 वाहन बेचे, जबकि निर्यात इसी अवधि में 19 फीसदी अधिक 6,071 वाहनों को हुआ। दुपहिया वाहनों में हीरो मोटोकॉर्प ने जून में समाप्त तिमाही में 16,42,292 वाहन बेचे, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। दुपहिया वाहनों में हीरो मोटोकॉर्प ने जून में समाप्त तिमाही में 16,42,292 वाहन बेचे, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। जून महीने में कम्पनी ने 5,34,091 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 5,12,244 वाहन बेचे थे। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कम्पनी बजाज ऑटो ने जून में कुल 3,45,162 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि में बिके 3,66,657 वाहनों से छह फीसदी कम है।टिप्पणियां कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। कम्पनी के मुताबिक आलोच्य अवधि में मोटरसाइकिलों की बिक्री एक फीसदी कम रही। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 39 फीसदी कम रही। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। कम्पनी के निर्यात में आलोच्य अवधि में 18 फीसदी गिरावट दर्ज की गई।
यहाँ एक सारांश है:ईंधन मूल्य में वृद्धि और ऊंचे ब्याज दरों के कारण देश की प्रमुख वाहन कम्पनियों की बिक्री में जून में कोई खास प्रगति नहीं हुई।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आजीवन नि:शुल्क वॉयस काल सेवा की पेशकश करने वाले रिलायंस जियो को राहत देते हुए दूरसंचार नियामक ट्राई ने कहा है कि मैदान में आई इस नई कंपनी का प्लान मौजूदा नियमों के अनुरूप है तथा यह भेदभावपूर्ण नहीं है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने दूरसंचार परिचालकों को लिखे एक पत्र में कहा, "यह पाया गया कि ट्राई में दाखिल किए गए शुल्क प्लान को आईयूसी का पालन नहीं करने वाला, मनमानीपूर्ण और भेदभावपूर्ण नहीं माना जा सकता.’’ मौजूदा परिचालकों भारती एयरटेल, वोडाफोन और अन्य ने ट्राई से संपर्क कर रिलायंस जियो द्वारा दिये जा रहे निशुल्क कॉल सेवा का विरोध करते हुए उसके शुल्क प्लान को मनमानीपूर्ण, भेदभावपूर्ण और मौजूदा नियमों का पालन नहीं करने वाला बताया था.टिप्पणियां दूरसंचार परिचालकों को अपने नेटवर्क से बाहर जाने वाले प्रत्येक कॉल पर उस नेटवर्क को प्रति मिनट 14 पैसे की दर से धन देना होता है जहां यह अंत में पहुंचता है. भारत के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी ने दूरसंचार क्षेत्र में अपनी तरह से पदार्पण करते हुए पिछले माह जियो स्वागत घोषणा की थी जिसमें ग्राहकों के लिए आजीवन निशुल्क काल की सुविधा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने दूरसंचार परिचालकों को लिखे एक पत्र में कहा, "यह पाया गया कि ट्राई में दाखिल किए गए शुल्क प्लान को आईयूसी का पालन नहीं करने वाला, मनमानीपूर्ण और भेदभावपूर्ण नहीं माना जा सकता.’’ मौजूदा परिचालकों भारती एयरटेल, वोडाफोन और अन्य ने ट्राई से संपर्क कर रिलायंस जियो द्वारा दिये जा रहे निशुल्क कॉल सेवा का विरोध करते हुए उसके शुल्क प्लान को मनमानीपूर्ण, भेदभावपूर्ण और मौजूदा नियमों का पालन नहीं करने वाला बताया था.टिप्पणियां दूरसंचार परिचालकों को अपने नेटवर्क से बाहर जाने वाले प्रत्येक कॉल पर उस नेटवर्क को प्रति मिनट 14 पैसे की दर से धन देना होता है जहां यह अंत में पहुंचता है. भारत के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी ने दूरसंचार क्षेत्र में अपनी तरह से पदार्पण करते हुए पिछले माह जियो स्वागत घोषणा की थी जिसमें ग्राहकों के लिए आजीवन निशुल्क काल की सुविधा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दूरसंचार परिचालकों को अपने नेटवर्क से बाहर जाने वाले प्रत्येक कॉल पर उस नेटवर्क को प्रति मिनट 14 पैसे की दर से धन देना होता है जहां यह अंत में पहुंचता है. भारत के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी ने दूरसंचार क्षेत्र में अपनी तरह से पदार्पण करते हुए पिछले माह जियो स्वागत घोषणा की थी जिसमें ग्राहकों के लिए आजीवन निशुल्क काल की सुविधा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: रिलायंस जियो ने आजीवन फ्री कॉलिंग की सुविधा की घोषणा की दूसरी टेलीकॉम कंपनियों ने ट्राई से इसकी शिकायत की थी ट्राई ने कहा, जियो का प्लान मौजूदा नियमों के अनुरूप है
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बांग्लादेश के अबुल हसन टेस्ट क्रिकेट में 135 बरस में पदार्पण टेस्ट में 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन यह उपलब्धि हासिल की।टिप्पणियां बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 193 रन पर आठ विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद 20 बरस के हसन (नाबाद 100) ने मोहम्मद महमूदुल्लाह (72) के साथ नौवें विकेट के लिए 172 रन की अटूट साझेदारी की। हसन ने स्पिनर सुनील नरेन की गेंद पर दो रन के साथ अपना शतक पूरा किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के रेगी डफ ने 1902 में मेलबर्न में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पदार्पण मैच में 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 104 रन बनाए थे। इससे पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट में हसन का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 61 रन था। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 193 रन पर आठ विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद 20 बरस के हसन (नाबाद 100) ने मोहम्मद महमूदुल्लाह (72) के साथ नौवें विकेट के लिए 172 रन की अटूट साझेदारी की। हसन ने स्पिनर सुनील नरेन की गेंद पर दो रन के साथ अपना शतक पूरा किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के रेगी डफ ने 1902 में मेलबर्न में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पदार्पण मैच में 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 104 रन बनाए थे। इससे पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट में हसन का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 61 रन था। हसन ने स्पिनर सुनील नरेन की गेंद पर दो रन के साथ अपना शतक पूरा किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के रेगी डफ ने 1902 में मेलबर्न में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पदार्पण मैच में 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 104 रन बनाए थे। इससे पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट में हसन का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 61 रन था।
संक्षिप्त सारांश: बांग्लादेश के अबुल हसन टेस्ट क्रिकेट में 135 बरस में पदार्पण टेस्ट में 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन यह उपलब्धि हासिल की।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश पुलिस को उस वक्त बड़ी कामयाबी मिली, जब उसने मुठभेड़ के बाद अंतरराज्यीय डकैत गिरोह के इनामी सरगना को धर दबोचा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर रालामंडल क्षेत्र में बायपास पर शनिवार रात एक ट्रक को रोका गया। ट्रक में डकैत गिरोह का सरगना सूरज पारदी और उसके दो साथी सवार थे। सूत्रों के मुताबिक अचानक पुलिस को सामने देखकर डकैत ट्रक से कूद गए। उन्होंने भागते वक्त पुलिस दल पर गोलीबारी भी की, जिसमें एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) घायल हो गया। उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई में सूरज के पैर में गोली लगी, जिससे वह नीचे गिर पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दो साथी भाग निकले।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में घायल एएसआई और डकैत गिरोह के सरगना को महाराजा यशवंतराव अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ा सूरज मध्य प्रदेश के गुना जिले से ताल्लुक रखता है। उसके खिलाफ हत्या, डकैती और लूट के पचासों मामले दर्ज हैं। सूत्रों ने बताया कि सूरज का गिरोह मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी बड़ी वारदात का अंजाम दे चुका है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस को एक टिम्बर कारोबारी की हत्या और डकैती की सनसनीखेज वारदात में सूरज की तलाश थी। उस पर मध्य प्रदेश में 25 हजार रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित था। सूत्रों के मुताबिक अचानक पुलिस को सामने देखकर डकैत ट्रक से कूद गए। उन्होंने भागते वक्त पुलिस दल पर गोलीबारी भी की, जिसमें एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) घायल हो गया। उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई में सूरज के पैर में गोली लगी, जिससे वह नीचे गिर पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दो साथी भाग निकले।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में घायल एएसआई और डकैत गिरोह के सरगना को महाराजा यशवंतराव अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ा सूरज मध्य प्रदेश के गुना जिले से ताल्लुक रखता है। उसके खिलाफ हत्या, डकैती और लूट के पचासों मामले दर्ज हैं। सूत्रों ने बताया कि सूरज का गिरोह मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी बड़ी वारदात का अंजाम दे चुका है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस को एक टिम्बर कारोबारी की हत्या और डकैती की सनसनीखेज वारदात में सूरज की तलाश थी। उस पर मध्य प्रदेश में 25 हजार रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित था। सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में घायल एएसआई और डकैत गिरोह के सरगना को महाराजा यशवंतराव अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ा सूरज मध्य प्रदेश के गुना जिले से ताल्लुक रखता है। उसके खिलाफ हत्या, डकैती और लूट के पचासों मामले दर्ज हैं। सूत्रों ने बताया कि सूरज का गिरोह मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी बड़ी वारदात का अंजाम दे चुका है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस को एक टिम्बर कारोबारी की हत्या और डकैती की सनसनीखेज वारदात में सूरज की तलाश थी। उस पर मध्य प्रदेश में 25 हजार रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित था। सूत्रों ने बताया कि सूरज का गिरोह मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी बड़ी वारदात का अंजाम दे चुका है। उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस को एक टिम्बर कारोबारी की हत्या और डकैती की सनसनीखेज वारदात में सूरज की तलाश थी। उस पर मध्य प्रदेश में 25 हजार रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मध्य प्रदेश पुलिस को उस वक्त बड़ी कामयाबी मिली, जब उसने इंदौर में एक मुठभेड़ के बाद अंतरराज्यीय डकैत गिरोह के इनामी सरगना को धर दबोचा।
19
['hin']