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इस पाठ का सारांश बनाओ: Sacred Games 2 on Netflix: 'सेक्रेड गेम्स (Sacred Games Season 2 )' के दूसरे सीजन का बहुत ही बेसब्री से इंतजार था, और इस सीजन ने भी किसी मायने में निराश नहीं किया है. गणेश गायतोंडे (Ganesh Gaitonde) की धमाकेदार वापसी हुई है, लेकिन ये सीजन गणेश गायतोंडे (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) को एहसास करा गया है कि वह 'सर्व शक्तिशाली' नहीं है. वैसे भी हर किसी के पीछे अलग कहानी है और एक अलग ही चेहरा छिपा हुआ है. 'सेक्रेड गेम्स (Sacred Games Season 2)' के सीजन 2 के भी आठ एपिसोड हैं और इन्हें 15 अगस्त को रिलीज किया गया है. 'सेक्रेड गेम्स 2' के डायरेक्शन का जिम्मा इस बार नीरज घेवन के जिम्मे रहा है और उन्होंने इसे बहुत ही खूबसूरती के साथ अंजाम भी दिया है. 'सेक्रेड गेम्स 2 (Sacred Games 2 Now Streaming on Netflix in India)' को नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है और आधी रात के बाद से इसकी स्ट्रीमिंग शुरू हो चुकी है.
नेटफ्लिक्स (Netflix) सीरीज 'सेक्रेड गेम्स (Sacred Games Season 2)' के दूसरे सीजन की शुरुआत गणेश गायतोंडे के साथ होती है. गणेश गायतोंडे (Nawazuddin Siddiqui) लाचार है और समुद्र के बीचोंबीच फंसा हुआ है. फिर होती है त्रिवेदी की एंट्री और गणेश गायतोंडे को एहसास होता है कि उसके भी आगे कई लोग हैं. लेकिन गणेश को तो ईसा से बदला लेना है. लेकिन गणेश गायतोंडे इस काम को भी अपनी मर्जी से अंजाम नहीं दे सकता है. गणेश गायतोंडे (Ganesh Gaitonde) बंबई से दरबदर हो चुका है और केन्या में संघर्ष कर रहा है. लेकिन वह सरताज सिंह के पिता को लगातार फोन करता है और फिर उसे सलाह मिलती है कि वह अपने लिए गुरु तलाशे. इस तरह गुरुजी की एंट्री होती है और पंकज त्रिपाठी गुरुजी के रोल में नजर आते हैं. यही नहीं, गणेश गायतोंडे पारुलकर से भी बदला लेता है और पारुलकर को उससे भी बदला लेना है. कहानी पहले से भी ज्यादा जबरदस्त है और एडिटिंग बहुत ही कमाल की है. कई नए कैरेक्टर भी आए हैं.
'सेक्रेड गेम्स (Sacred Games Season 2)' का डायरेक्शन इस बार भी कमाल का है, नीरज घेवन ने सधा हुआ डायरेक्शन किया है. नवाजुद्दीन सिद्दीकी, सैफ अली खान, पंकज त्रिपाठी, कल्कि केकला और जितने भी कैरेक्टर सीजन में आते हैं सब ने बहुत ही सधे हुए ढंग से अपने काम को अंजाम दिया है. 'सेक्रेड गेम्स (Sacred Games Season 2)' के कई ऐसे सीन हैं, जो बार-बार देखना चाहेंगे और डायलॉग के तो क्या कहने. पिछली बार की तरह कमाल के वन लाइनर, फिर लोकल लैंग्वेज और ठेठ भाषा का भी अपना ही मजा है, जिसमें गायतोंडे का गाली वाला अंदाज तो कमाल है ही. नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सैफ अली खान ने एक बार फिर बाजी मारी है, और सीजन 2 को शुरू करने के बाद आप खत्म किए बिना मानेंगे नहीं.
कलाकारः सैफ अली खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी और कल्कि केकला
रेटिंगः 4.5 | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'सेक्रेड गेम्स 2' नेटफ्लिक्स पर रिलीज
गणेश गायतोंडे की धमाकेदार वापसी
जबरदस्त एडिटिंग और एक्टिंग का कॉकटेल | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे तस्मानिया के सलामी बल्लेबाज एड कोवान (68) और पूर्व कप्तान रिकी पोंटिग (62) की सधी हुई पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने भारत के साथ मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर जारी पहले टेस्ट मैच के पहले दिन सोमवार का खेल खत्म होने तक छह विकेट पर 277 रन बना लिए। भारतीय टीम ने चायकाल के बाद नौ रन के अंतराल पर मेजबान टीम के तीन विकेट झटककर मैच में शानदार वापसी की थी लेकिन इसके बाद नाबाद लौटने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हेडिन (21) और पीटर सिडल (34) ने सातवें विकेट के लिए 63 रन जोड़कर मैच पर अपनी पकड़ बनाने की भारतीय टीम की मंशा को नाकाम कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने 21.5 ओवर तक विकेट पर रहते हुए 2.88 रन प्रति ओवर की गति से रन बटोरे और अपनी टीम को संतोषजनक स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हेडिन ने 60 गेंदों का सामना किया है जबकि सिडल 80 गेंदों पर चार चौके लगा चुके हैं। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत अपेक्षाकृत अच्छी रही क्योंकि सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने अपनी 37 रनों की संक्षिप्त पारी में कुछ आकर्षक स्ट्रोक लगाकर आने वाले मैचों के लिए अपने आत्मविश्वास को बढ़ाया। वॉर्नर का विकेट 46 रन के कुल योग पर गिरा। उस समय कोवान अपने खाते में सिर्फ सात रन जोड़ सके थे लेकिन वह जिस संयम के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे, उसे देखते हुए यही लग रहा था कि वह अपने पहले मैच में छाप छोड़ने को आतुर हैं। वॉनर का विकेट उमेश यादव को मिला। आस्ट्रेलिया में अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे यादव ने वॉर्नर को विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के हाथों कैच कराया। वॉर्नर ने अपनी 49 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। यह छक्का उमेश की गेंद पर लगा था। वॉर्नर का स्थान लेने आए शॉन मार्श चोट के बाद अपनी वापसी को सार्थक नहीं बना सके और छह गेंदों का सामना करने के बाद यादव की ही गेंद पर प्वाइंट में विराट कोहली के हाथों लपके गए। मार्श ने खराब शॉट खेला और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। वह खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद पोंटिग विकेट पर आए। यादव ने आते ही बाउंसर के साथ उनका स्वागत किया। गेंद सीधे पोंटिग की कनपटी पर लगी लेकिन वह इसके विचलित नहीं हुए क्योंकि उनके खाते में शायद एक अच्छी पारी का संयोग था। पोंटिग ने इसके बाद सम्भलकर खेलना शुरू किया और कोवान के साथ तीसरे विकेट के लिए 113 रन जोड़े। यादव की गेंद पर लक्ष्मण के हाथों स्लिप में कैच आउट होने से पहले पोंटिंग ने 94 गेंदों पर छह चौके लगाए। इस दौरान पोंटिंग ने कुछ कलात्मक शॉट लगाए। पोंटिंग की विदाई 159 रनों के कुल योग पर हुई। इसके बाद विकेट पर कप्तान माइकल क्लार्क आए। क्लार्क को इस बात का संतोष था कि पोंटिग ने कोवान के साथ मिलकर टीम को एक अच्छा आधार दे दिया है। ऐसे में कप्तान का काम कोवान के साथ मिलकर टीम को मजबूती प्रदान करना था। इस क्रम में कप्तान ने कोवान के साथ चौथे विकेट के लिए 46 रन जोड़े। इसी बीच कोवान ने अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया। इसके लिए उन्होंने 120 गेंदों का सामना किया। इसमें छह चौके शामिल थे। क्लार्क और कोवान ने आस्ट्रेलिया को 200 के कुल योग तक पहुंचाया लेकिन 205 रनों के कुल योग पर क्लार्क ने अपना संयम खो दिया। विकेट के लिए लम्बे समय से प्रयासरत जहीर खान ने चार महीने के आराम के बाद पहला विकेट झटका। क्लार्क को 68 गेदों पर पांच चौके लगाने के बाद पवेलियन लौटना पड़ा। इसकी अगली ही गेंद पर जहीर ने माइकल हसी (0) को आउट कर मेजबान टीम को एक और बड़ा झटका दिया। खराब दौर से गुजर रहे हसी सिर्फ एक गेंद का सामना कर सके। जहीर हैट्रिक पर थे लेकिन हेडिन ने उसे पूरा नहीं होने दिया। इसके बाद 214 रन के कुल योग पर इस मैच में एक और नाटकीय परिवर्तन आया। भारतीय टीम के एकमात्र स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कोवान को आउट कर आस्ट्रेलिया को बड़ा झटका दिया। कोवान का कैच धौनी ने लपका। कोवान ने 177 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। बारिश की आंखमिचौली के बीच दोनों टीमें 89 ओवरों का खेल पूरा करने में सफल रहीं। पहले सत्र में आई बारिश के कारण लगभग आधे घंटे का खेल खराब हुआ था। बीच-बीच में कई बार हल्की फुहार पड़ी लेकिन उससे ज्यादा असर नहीं पड़ा। मेलबर्न में बीती रात हुई जबरदस्त बारिश और ओलावृष्टि के बाद बादलों का आना-जाना लगा रहा लेकिन तीसरे सत्र में धूप निकलने के कारण खेल के लिए बहुत अच्छा हालात बन गया था। | टीम इंडिया के साथ चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट के नुकसान पर 277 रन बना लिए हैं। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय सेनाध्यक्ष बिपिन रावत (Army Chief Bipin Rawat) ने सेना दिवस (army day 2019) के मौके पर पाकिस्तान को खुली चुनौती दी है. उन्होंने (Army Chief Bipin Rawat) इस मौके पर कहा कि आज के दिन हम अपने उन शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया है. रावत (Army Chief Bipin Rawat) ने कहा कि हमारी सेना ने एलओसी पर दुश्मनों का दृढ़ता से सामना किया है और आगे भी करेंगे. मैं इस मौके पर साफ कर देना चाहता हूं कि हमारी सेना किसी भी घूसपैठ का मुहंतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है. अगर हमारा पड़ोसी मुल्क ऐसा कुछ भी करता है तो हम किसी भी स्तर की कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे. हालांकि हमनें अपनी सेना से एलओसी पर शांति बनाए रखने को कहा है लेकिन मैं यह भी साफ कर देना चाहता हूं कि हम अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने (Army Chief Bipin Rawat) इस मौके पर कहा कि हमारी सेना ने कश्मीर में आतंकवादियों को भारी नुकसान पहुंचाया है.
साथ उन्होंने कहा कि हमें सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. जनरल रावत ने इस मौके पर सेना का मनोबल भी बढ़ाया. उन्होंने कहा कि मैं इस मौके पर अपने जवानों को खास तौर पर संदेश देना चाहता हूं कि आप बेहद शानदार काम कर रहे हैं. आप ऐसे ही आगे भी करते रहें. मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि विजय आपकी ही होगी. गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब सेनाध्यक्ष ने घुसपैठ को लेकर पाकिस्तान को अगाह किया हो.
इससे पहले वाराणसी में ना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि सेना के पास हथियारों की कमी नही है और वह हर तरह की स्थिति में माकूल जवाब दे सकती है. सेनाध्यक्ष ने यह बात वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद कही थी. इस दौरान उनका परिवार भी उनके साथ था. यहां उन्होंने भगवान शिव की पूजा की. मंदिर से बाहर निकलने के बाद उन्होंने कहा था कि मंदिर में मैंने अपने सेना के जवानों के बचाव और सुरक्षा के लिए दुआ मांगी. सेनाध्यक्ष ने कहा था कि देश की सेना के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है. | यह एक सारांश है: सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को चेताया
कहा- हमारी सेना किसी भी हालात से निपटने को तैयार
घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा-सेना प्रमुख | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दो जुड़वां बच्चों ने जन्म तो साथ में लिया था, सात साल की उम्र में मौत भी उन्हें साथ में ही मिली. यह घटना बिहार के औरंगाबाद जिले में हुई. मकान की दीवार ढहने से दबे इन दोनों जुड़वां भाइयों की मौत हो गई. टिप्पणियां
बिहार के औरंगाबाद जिले में आज तड़के एक दीवार के ढह जाने से एक ही परिवार के दो लड़कों की मौत हो गई और उनके माता-पिता एवं चार अन्य लोग घायल हो गए.हसपुरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी वेद प्रकाश ने बताया कि हसपुरा थानांतर्गत अहियापुर गांव में भारी बारिश के कारण लालचंद राम के कच्चे मकान की दीवार के ढह जाने से यह घटना हुई. परिवार के सभी सदस्य सोये हुए थे तभी दीवार ढह गई और सभी लोग उसके नीचे दब गए. स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकाला.
सभी को हसपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया, जहां चिकित्सकों ने लालचंद राम के सात वर्षीय जुड़वा बेटों को मृत घोषित कर दिया. अधिकारी ने बताया कि सुभाष कुमार और देव कुमार के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
बिहार के औरंगाबाद जिले में आज तड़के एक दीवार के ढह जाने से एक ही परिवार के दो लड़कों की मौत हो गई और उनके माता-पिता एवं चार अन्य लोग घायल हो गए.हसपुरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी वेद प्रकाश ने बताया कि हसपुरा थानांतर्गत अहियापुर गांव में भारी बारिश के कारण लालचंद राम के कच्चे मकान की दीवार के ढह जाने से यह घटना हुई. परिवार के सभी सदस्य सोये हुए थे तभी दीवार ढह गई और सभी लोग उसके नीचे दब गए. स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकाला.
सभी को हसपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया, जहां चिकित्सकों ने लालचंद राम के सात वर्षीय जुड़वा बेटों को मृत घोषित कर दिया. अधिकारी ने बताया कि सुभाष कुमार और देव कुमार के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
सभी को हसपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया, जहां चिकित्सकों ने लालचंद राम के सात वर्षीय जुड़वा बेटों को मृत घोषित कर दिया. अधिकारी ने बताया कि सुभाष कुमार और देव कुमार के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. | यह एक सारांश है: दीवार ढहने से एक ही परिवार के दो लड़कों की मौत
परिवार के छह अन्य व्यक्ति घायल
बिहार के औरंगाबाद जिले में हुई दुर्घटना | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली विधानसभा चुनावों में लगातार चौथी बार अपने नेतृत्व में कांग्रेस को सफलता दिलाने की तैयारियों में जुटीं मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि वह एक बार फिर चुनावी जंग के लिए तैयार हैं।
75-वर्षीय शीला ने कहा, हम पूरे आत्मविश्वास के साथ नवंबर-दिसंबर में होने वाले चुनावों में उतरेंगे। हम कमजोर या डरे हुए नहीं हैं। दिल्ली में 16 दिसंबर को हुए सामूहिक बलात्कार और कानून-व्यवस्था से जुड़े अन्य मामलों के कारण शीला सरकार पिछले कुछ महीनों से मुश्किल दौर से गुजर रही है। दिल्ली में इस वर्ष नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।टिप्पणियां
1998 से लगातार तीन बार दिल्ली विधानसभा चुनावों में जीत का परचम लहराने वाली शीला ने कहा कि वह अपने रिकॉर्ड के आधार पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगी और दिल्ली को एक बेहतर शहर बनाने की दिशा में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करेंगी। उन्होंने कहा, हर सरकार के बारे में आप कुछ महसूस कर सकते है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अत्यधिक जरूरतमंदों तक पहुंचने के लिए क्या कर रहे है। इस लिहाज से हमारा रिकॉर्ड अच्छा है।
यह पूछने पर कि क्या वह आगामी चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करेंगी, शीला ने कहा, मेरा भागने का कोई इरादा नहीं है। यहां हमेशा कुछ न कुछ नया करने के लिए रहता है, इसलिए मैं कभी नहीं थकी। दिल्ली एक बहुत रोमांचक शहर है। यहां हमेशा कुछ न कुछ रोमांचक करने के लिए होता है।
75-वर्षीय शीला ने कहा, हम पूरे आत्मविश्वास के साथ नवंबर-दिसंबर में होने वाले चुनावों में उतरेंगे। हम कमजोर या डरे हुए नहीं हैं। दिल्ली में 16 दिसंबर को हुए सामूहिक बलात्कार और कानून-व्यवस्था से जुड़े अन्य मामलों के कारण शीला सरकार पिछले कुछ महीनों से मुश्किल दौर से गुजर रही है। दिल्ली में इस वर्ष नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।टिप्पणियां
1998 से लगातार तीन बार दिल्ली विधानसभा चुनावों में जीत का परचम लहराने वाली शीला ने कहा कि वह अपने रिकॉर्ड के आधार पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगी और दिल्ली को एक बेहतर शहर बनाने की दिशा में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करेंगी। उन्होंने कहा, हर सरकार के बारे में आप कुछ महसूस कर सकते है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अत्यधिक जरूरतमंदों तक पहुंचने के लिए क्या कर रहे है। इस लिहाज से हमारा रिकॉर्ड अच्छा है।
यह पूछने पर कि क्या वह आगामी चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करेंगी, शीला ने कहा, मेरा भागने का कोई इरादा नहीं है। यहां हमेशा कुछ न कुछ नया करने के लिए रहता है, इसलिए मैं कभी नहीं थकी। दिल्ली एक बहुत रोमांचक शहर है। यहां हमेशा कुछ न कुछ रोमांचक करने के लिए होता है।
1998 से लगातार तीन बार दिल्ली विधानसभा चुनावों में जीत का परचम लहराने वाली शीला ने कहा कि वह अपने रिकॉर्ड के आधार पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगी और दिल्ली को एक बेहतर शहर बनाने की दिशा में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करेंगी। उन्होंने कहा, हर सरकार के बारे में आप कुछ महसूस कर सकते है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अत्यधिक जरूरतमंदों तक पहुंचने के लिए क्या कर रहे है। इस लिहाज से हमारा रिकॉर्ड अच्छा है।
यह पूछने पर कि क्या वह आगामी चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करेंगी, शीला ने कहा, मेरा भागने का कोई इरादा नहीं है। यहां हमेशा कुछ न कुछ नया करने के लिए रहता है, इसलिए मैं कभी नहीं थकी। दिल्ली एक बहुत रोमांचक शहर है। यहां हमेशा कुछ न कुछ रोमांचक करने के लिए होता है।
यह पूछने पर कि क्या वह आगामी चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करेंगी, शीला ने कहा, मेरा भागने का कोई इरादा नहीं है। यहां हमेशा कुछ न कुछ नया करने के लिए रहता है, इसलिए मैं कभी नहीं थकी। दिल्ली एक बहुत रोमांचक शहर है। यहां हमेशा कुछ न कुछ रोमांचक करने के लिए होता है। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली विधानसभा चुनावों में लगातार चौथी बार अपने नेतृत्व में कांग्रेस को सफलता दिलाने की तैयारियों में जुटीं मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि वह एक बार फिर चुनावी जंग के लिए तैयार हैं। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चार साल पहले भारत ने क्वालीफाई किया था, लेकिन आखिरी स्थान पर रहा. इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी में ऐतिहासिक रजत पदक जीतने वाली पीआर श्रीजेश की अगुवाई वाली भारतीय टीम पिछले खराब प्रदर्शन का कलंक मिटाने के इरादे से आई है. वहीं भारतीय महिला टीम ने 36 साल बाद खेलों के इस महासमर के लिये क्वालीफाई किया है. मॉस्को में 1980 में आखिरी बार भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक में नजर आई थी.
भारतीय पुरुष टीम को गत चैंपियन जर्मनी, उपविजेता नीदरलैंड और पेन अमेरिका की दो शीर्ष टीमों अर्जेंटीना और कनाडा के साथ रखा गया है. ऐसे में उसे हर मैच में संभलकर खेलना होगा क्योंकि जरा सी चूक क्वार्टर फाइनल का समीकरण बिगाड़ सकती है.
भारतीय पुरुष टीम को गत चैंपियन जर्मनी, उपविजेता नीदरलैंड और पेन अमेरिका की दो शीर्ष टीमों अर्जेंटीना और कनाडा के साथ रखा गया है. ऐसे में उसे हर मैच में संभलकर खेलना होगा क्योंकि जरा सी चूक क्वार्टर फाइनल का समीकरण बिगाड़ सकती है. | भारतीय टीम के लिए पहला गोल वीआर रघुनाथ ने दागा
रुपिंदर पाल ने गोल दागते हुए बढ़त को 2-0 पर पहुंचा दिया
अर्जेंटीना और नीदरलैंड्स के बीच मैच 3-3 से बराबर रहा | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर चल रहे विवाद पर राज्य सरकार ने विराम लगा दिया है. अब भोपाल में राज्य के सचिवालय वल्लभ भवन में प्रत्येक माह के पहले कार्य दिवस पर वंदे मातरम का गायन पहले से कहीं अधिक धूमधाम से होगा और इसमें आम जन की भागीदारी भी होगी. इसके अलावा संभाग और जिला मुख्यालयों में दफ्तरों में भी वंदे मातरम का गायन होगा.
राज्य शासन द्वारा नए स्वरूप में भोपाल में वंदे-मातरम गायन की व्यवस्था की गई है. नई व्यवस्था में शौर्य स्मारक से प्रात: 10.45 बजे प्रारंभ होकर पुलिस बैंड राष्ट्रीय भावना जाग्रत करने वाले गीतों की धुन बजाते हुए वल्लभ भवन पहुंचेगा. आम जनता भी पुलिस बैंड के साथ चल सकेगी. पुलिस बैंड और आम जनता के वल्लभ भवन पहुंचने पर राष्ट्र गान 'जन-गण-मन' और राष्ट्रीय-गीत 'वन्दे-मातरम' गाया जाएगा.
नए स्वरूप में वंदे मातरम गायन का यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम कार्य-दिवस पर ही होगा. कार्यक्रम में राज्य मंत्री परिषद के सदस्य क्रम से शामिल होंगे.
नए स्वरूप में कार्यक्रम को आकर्षक बनाकर आम-जनता को इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. आम जनता की भागीदारी से 'वंदे मातरम' गायन का यह कार्यक्रम भोपाल के आकर्षण के बिंदुओं में से एक बन सकेगा.
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व 'वंदे मातरम' गायन का कार्यक्रम राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम कार्य-दिवस को सिर्फ शासकीय अधिकारी/ कर्मचारियों की सहभागिता से ही किया जाता था. अब कार्यक्रम में पुलिस बैंड और आम जनता की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है. | कार्यक्रम में आम जन को भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा
पुलिस बैंड राष्ट्र प्रेम के गीतों की धुन बजाते हुए वल्लभ भवन पहुंचेगा
संभाग, जिला मुख्यालयों के दफ्तरों में भी वंदे मातरम का गायन होगा | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: खिताब की प्रबल दावेदार टीमों में शुमार वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने ट्वेंटी-20 विश्व कप के तहत सोमवार को सुपर-8 के ग्रुप-'एक' के एक रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदे जिंदा रखी हैं। दोनों टीमों के बीच हुई कांटे की टक्कर में नतीजा सुपर ओवर में निकला और बाजी वेस्टइंडीज के हाथ लगी।
इस हार के बाद कीवी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। न्यूजीलैंड ने सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बनाए। जवाब में कैरेबियाई टीम ने एक गेंद शेष रहते 18 रन बनाकर मैच जीत लिया। मैच में तीन विकेट झटकने वाले स्पिनर सुनील नरीन को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।
सुपर ओवर में वेस्टइंडीज की ओर से क्रिस गेल ने आठ जबकि मार्लन सैमुएल्स ने नौ रन बनाए। सुपर ओवर में न्यूजीलैंड की ओर से कप्तान रॉस टेलर ने एक छक्के की मदद से 14 रन बनाए।
इससे पहले, वेस्टइंडीज की ओर से रखे गए 140 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम ने 20 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 139 रन बनाए, जिससे मुकाबला टाई हो गया।
न्यूजीलैंड की ओर से टेलर ने 40 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से सर्वाधिक नाबाद 62 रन बनाए थे। इसके अलावा रॉब निकोल तीन, ब्रेंडन मैक्लम 22, मार्टिन गुपटिल 21, जेम्स फ्रेंकलिन 14, जैकब ओरम छह, नेथन मैक्लम पांच और डग ब्रेसवेल ने एक रन का योगदान दिया।
वेस्टइंडीज की ओर से रवि रामपॉल, सैमुएल बद्री और डेरेन सैमी ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, कीवी टीम ने टॉस जीतकर कैरेबियाई टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।टिप्पणियां
वेस्टइंडीज की पूरी टीम 19.3 ओवरों में 139 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। उसकी ओर से गेल 30, केरॉन पोलार्ड 28, मार्लन सैमुएल्स 24, डेरेन ब्रावो 16, सैमी 11, जॉन्सन चार्ल्स आठ, आंद्रे रसेल छह, नरीन तीन और दिनेश रामदीन तथा बद्री ने एक-एक रन बनाए। रामपॉल एक रन पर नाबाद लौटे।
कीवी टीम की ओर से डग ब्रेसवेल और टिम साउदी ने तीन-तीन जबकि नेथन मैक्लम ने दो विकेट झटके। रॉनी हीरा और जैकब ओरम के खाते में एक-एक विकेट गया।
इस हार के बाद कीवी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। न्यूजीलैंड ने सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बनाए। जवाब में कैरेबियाई टीम ने एक गेंद शेष रहते 18 रन बनाकर मैच जीत लिया। मैच में तीन विकेट झटकने वाले स्पिनर सुनील नरीन को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।
सुपर ओवर में वेस्टइंडीज की ओर से क्रिस गेल ने आठ जबकि मार्लन सैमुएल्स ने नौ रन बनाए। सुपर ओवर में न्यूजीलैंड की ओर से कप्तान रॉस टेलर ने एक छक्के की मदद से 14 रन बनाए।
इससे पहले, वेस्टइंडीज की ओर से रखे गए 140 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम ने 20 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 139 रन बनाए, जिससे मुकाबला टाई हो गया।
न्यूजीलैंड की ओर से टेलर ने 40 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से सर्वाधिक नाबाद 62 रन बनाए थे। इसके अलावा रॉब निकोल तीन, ब्रेंडन मैक्लम 22, मार्टिन गुपटिल 21, जेम्स फ्रेंकलिन 14, जैकब ओरम छह, नेथन मैक्लम पांच और डग ब्रेसवेल ने एक रन का योगदान दिया।
वेस्टइंडीज की ओर से रवि रामपॉल, सैमुएल बद्री और डेरेन सैमी ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, कीवी टीम ने टॉस जीतकर कैरेबियाई टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।टिप्पणियां
वेस्टइंडीज की पूरी टीम 19.3 ओवरों में 139 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। उसकी ओर से गेल 30, केरॉन पोलार्ड 28, मार्लन सैमुएल्स 24, डेरेन ब्रावो 16, सैमी 11, जॉन्सन चार्ल्स आठ, आंद्रे रसेल छह, नरीन तीन और दिनेश रामदीन तथा बद्री ने एक-एक रन बनाए। रामपॉल एक रन पर नाबाद लौटे।
कीवी टीम की ओर से डग ब्रेसवेल और टिम साउदी ने तीन-तीन जबकि नेथन मैक्लम ने दो विकेट झटके। रॉनी हीरा और जैकब ओरम के खाते में एक-एक विकेट गया।
सुपर ओवर में वेस्टइंडीज की ओर से क्रिस गेल ने आठ जबकि मार्लन सैमुएल्स ने नौ रन बनाए। सुपर ओवर में न्यूजीलैंड की ओर से कप्तान रॉस टेलर ने एक छक्के की मदद से 14 रन बनाए।
इससे पहले, वेस्टइंडीज की ओर से रखे गए 140 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम ने 20 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 139 रन बनाए, जिससे मुकाबला टाई हो गया।
न्यूजीलैंड की ओर से टेलर ने 40 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से सर्वाधिक नाबाद 62 रन बनाए थे। इसके अलावा रॉब निकोल तीन, ब्रेंडन मैक्लम 22, मार्टिन गुपटिल 21, जेम्स फ्रेंकलिन 14, जैकब ओरम छह, नेथन मैक्लम पांच और डग ब्रेसवेल ने एक रन का योगदान दिया।
वेस्टइंडीज की ओर से रवि रामपॉल, सैमुएल बद्री और डेरेन सैमी ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, कीवी टीम ने टॉस जीतकर कैरेबियाई टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।टिप्पणियां
वेस्टइंडीज की पूरी टीम 19.3 ओवरों में 139 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। उसकी ओर से गेल 30, केरॉन पोलार्ड 28, मार्लन सैमुएल्स 24, डेरेन ब्रावो 16, सैमी 11, जॉन्सन चार्ल्स आठ, आंद्रे रसेल छह, नरीन तीन और दिनेश रामदीन तथा बद्री ने एक-एक रन बनाए। रामपॉल एक रन पर नाबाद लौटे।
कीवी टीम की ओर से डग ब्रेसवेल और टिम साउदी ने तीन-तीन जबकि नेथन मैक्लम ने दो विकेट झटके। रॉनी हीरा और जैकब ओरम के खाते में एक-एक विकेट गया।
इससे पहले, वेस्टइंडीज की ओर से रखे गए 140 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम ने 20 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 139 रन बनाए, जिससे मुकाबला टाई हो गया।
न्यूजीलैंड की ओर से टेलर ने 40 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से सर्वाधिक नाबाद 62 रन बनाए थे। इसके अलावा रॉब निकोल तीन, ब्रेंडन मैक्लम 22, मार्टिन गुपटिल 21, जेम्स फ्रेंकलिन 14, जैकब ओरम छह, नेथन मैक्लम पांच और डग ब्रेसवेल ने एक रन का योगदान दिया।
वेस्टइंडीज की ओर से रवि रामपॉल, सैमुएल बद्री और डेरेन सैमी ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, कीवी टीम ने टॉस जीतकर कैरेबियाई टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।टिप्पणियां
वेस्टइंडीज की पूरी टीम 19.3 ओवरों में 139 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। उसकी ओर से गेल 30, केरॉन पोलार्ड 28, मार्लन सैमुएल्स 24, डेरेन ब्रावो 16, सैमी 11, जॉन्सन चार्ल्स आठ, आंद्रे रसेल छह, नरीन तीन और दिनेश रामदीन तथा बद्री ने एक-एक रन बनाए। रामपॉल एक रन पर नाबाद लौटे।
कीवी टीम की ओर से डग ब्रेसवेल और टिम साउदी ने तीन-तीन जबकि नेथन मैक्लम ने दो विकेट झटके। रॉनी हीरा और जैकब ओरम के खाते में एक-एक विकेट गया।
न्यूजीलैंड की ओर से टेलर ने 40 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से सर्वाधिक नाबाद 62 रन बनाए थे। इसके अलावा रॉब निकोल तीन, ब्रेंडन मैक्लम 22, मार्टिन गुपटिल 21, जेम्स फ्रेंकलिन 14, जैकब ओरम छह, नेथन मैक्लम पांच और डग ब्रेसवेल ने एक रन का योगदान दिया।
वेस्टइंडीज की ओर से रवि रामपॉल, सैमुएल बद्री और डेरेन सैमी ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, कीवी टीम ने टॉस जीतकर कैरेबियाई टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।टिप्पणियां
वेस्टइंडीज की पूरी टीम 19.3 ओवरों में 139 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। उसकी ओर से गेल 30, केरॉन पोलार्ड 28, मार्लन सैमुएल्स 24, डेरेन ब्रावो 16, सैमी 11, जॉन्सन चार्ल्स आठ, आंद्रे रसेल छह, नरीन तीन और दिनेश रामदीन तथा बद्री ने एक-एक रन बनाए। रामपॉल एक रन पर नाबाद लौटे।
कीवी टीम की ओर से डग ब्रेसवेल और टिम साउदी ने तीन-तीन जबकि नेथन मैक्लम ने दो विकेट झटके। रॉनी हीरा और जैकब ओरम के खाते में एक-एक विकेट गया।
वेस्टइंडीज की ओर से रवि रामपॉल, सैमुएल बद्री और डेरेन सैमी ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, कीवी टीम ने टॉस जीतकर कैरेबियाई टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।टिप्पणियां
वेस्टइंडीज की पूरी टीम 19.3 ओवरों में 139 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। उसकी ओर से गेल 30, केरॉन पोलार्ड 28, मार्लन सैमुएल्स 24, डेरेन ब्रावो 16, सैमी 11, जॉन्सन चार्ल्स आठ, आंद्रे रसेल छह, नरीन तीन और दिनेश रामदीन तथा बद्री ने एक-एक रन बनाए। रामपॉल एक रन पर नाबाद लौटे।
कीवी टीम की ओर से डग ब्रेसवेल और टिम साउदी ने तीन-तीन जबकि नेथन मैक्लम ने दो विकेट झटके। रॉनी हीरा और जैकब ओरम के खाते में एक-एक विकेट गया।
वेस्टइंडीज की पूरी टीम 19.3 ओवरों में 139 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। उसकी ओर से गेल 30, केरॉन पोलार्ड 28, मार्लन सैमुएल्स 24, डेरेन ब्रावो 16, सैमी 11, जॉन्सन चार्ल्स आठ, आंद्रे रसेल छह, नरीन तीन और दिनेश रामदीन तथा बद्री ने एक-एक रन बनाए। रामपॉल एक रन पर नाबाद लौटे।
कीवी टीम की ओर से डग ब्रेसवेल और टिम साउदी ने तीन-तीन जबकि नेथन मैक्लम ने दो विकेट झटके। रॉनी हीरा और जैकब ओरम के खाते में एक-एक विकेट गया।
कीवी टीम की ओर से डग ब्रेसवेल और टिम साउदी ने तीन-तीन जबकि नेथन मैक्लम ने दो विकेट झटके। रॉनी हीरा और जैकब ओरम के खाते में एक-एक विकेट गया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खिताब की प्रबल दावेदार टीमों में शुमार वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने ट्वेंटी-20 विश्व कप के तहत सोमवार को सुपर-8 के ग्रुप-'एक' के एक रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदे जिंदा रखी हैं। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुम्बई इंडियंस टीम ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सोमवार को खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के 62वें लीग मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को पांच विकेट से पराजित कर दिया।
मुम्बई की जीत के नायक रहे अम्बाती रायडू और केरोन पोलार्ड। दोनों ने अर्द्धशतकीय पारियां खेली और छठे विकेट के लिए सिर्फ 65 गेंदों पर 122 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को जीत दिलाई। रायडू ने 81 रन बनाए वहीं पोलार्ड ने 52 रनों का योगदान दिया।
चैलेंजर्स की ओर से मुम्बई के समक्ष जीत के लिए 172 रनों का लक्ष्य रखा गया था, जिसे मुम्बई के बल्लेबाजों ने पांच विकेट के नुकसान पर दो गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
रायडू ने 54 गेंदों की अपनी पारी के दौरान छह चौके और चार छक्के लगाए जबकि पोलार्ड ने 31 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और तीन छक्के लगाए। मैच में एक समय मुम्बई की टीम मुश्किल में थी और उसने 19 रन के कुल योग पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे।
हर्शेल गिब्स दो रन बनाकर रन आउट हुए जबकि सचिन तेंदुलकर खाता नहीं खोल सके। सचिन का विकेट जहीर खान ने लिया। गिब्स ने छह गेंदों का सामना किया और दो रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे जबकि सचिन एक गेंद का सामना कर सके।
रोहित शर्मा पांच रन बनाकर विनय कुमार की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। रोहित ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। इसके बाद दिनेश कार्तिक 16 रन के निजी योग पर मुथैया मुरलीधन की गेंद पर हर्षल पटेल के हाथों कैच हुए।
14 गेंदों पर तीन चौके लगाने वाले कार्तिक का विकेट 44 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 51 रन के कुल योग पर हर्षल ने ड्वेन स्मिथ को अपनी गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों कैच कराया। स्मिथ छह रन बना सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 171 रन बनाए। इसमें मयंक अग्रवाल के सबसे अधिक 64 रन शामिल हैं। अग्रवाल ने अपनी 30 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए।
अग्रवाल ने मुनाफ पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन जुटाए। अग्रवाल के अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने 47 रनों का योगदान दिया। दिलशान ने 50 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
मुम्बई की जीत के नायक रहे अम्बाती रायडू और केरोन पोलार्ड। दोनों ने अर्द्धशतकीय पारियां खेली और छठे विकेट के लिए सिर्फ 65 गेंदों पर 122 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को जीत दिलाई। रायडू ने 81 रन बनाए वहीं पोलार्ड ने 52 रनों का योगदान दिया।
चैलेंजर्स की ओर से मुम्बई के समक्ष जीत के लिए 172 रनों का लक्ष्य रखा गया था, जिसे मुम्बई के बल्लेबाजों ने पांच विकेट के नुकसान पर दो गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
रायडू ने 54 गेंदों की अपनी पारी के दौरान छह चौके और चार छक्के लगाए जबकि पोलार्ड ने 31 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और तीन छक्के लगाए। मैच में एक समय मुम्बई की टीम मुश्किल में थी और उसने 19 रन के कुल योग पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे।
हर्शेल गिब्स दो रन बनाकर रन आउट हुए जबकि सचिन तेंदुलकर खाता नहीं खोल सके। सचिन का विकेट जहीर खान ने लिया। गिब्स ने छह गेंदों का सामना किया और दो रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे जबकि सचिन एक गेंद का सामना कर सके।
रोहित शर्मा पांच रन बनाकर विनय कुमार की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। रोहित ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। इसके बाद दिनेश कार्तिक 16 रन के निजी योग पर मुथैया मुरलीधन की गेंद पर हर्षल पटेल के हाथों कैच हुए।
14 गेंदों पर तीन चौके लगाने वाले कार्तिक का विकेट 44 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 51 रन के कुल योग पर हर्षल ने ड्वेन स्मिथ को अपनी गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों कैच कराया। स्मिथ छह रन बना सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 171 रन बनाए। इसमें मयंक अग्रवाल के सबसे अधिक 64 रन शामिल हैं। अग्रवाल ने अपनी 30 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए।
अग्रवाल ने मुनाफ पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन जुटाए। अग्रवाल के अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने 47 रनों का योगदान दिया। दिलशान ने 50 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
चैलेंजर्स की ओर से मुम्बई के समक्ष जीत के लिए 172 रनों का लक्ष्य रखा गया था, जिसे मुम्बई के बल्लेबाजों ने पांच विकेट के नुकसान पर दो गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
रायडू ने 54 गेंदों की अपनी पारी के दौरान छह चौके और चार छक्के लगाए जबकि पोलार्ड ने 31 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और तीन छक्के लगाए। मैच में एक समय मुम्बई की टीम मुश्किल में थी और उसने 19 रन के कुल योग पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे।
हर्शेल गिब्स दो रन बनाकर रन आउट हुए जबकि सचिन तेंदुलकर खाता नहीं खोल सके। सचिन का विकेट जहीर खान ने लिया। गिब्स ने छह गेंदों का सामना किया और दो रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे जबकि सचिन एक गेंद का सामना कर सके।
रोहित शर्मा पांच रन बनाकर विनय कुमार की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। रोहित ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। इसके बाद दिनेश कार्तिक 16 रन के निजी योग पर मुथैया मुरलीधन की गेंद पर हर्षल पटेल के हाथों कैच हुए।
14 गेंदों पर तीन चौके लगाने वाले कार्तिक का विकेट 44 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 51 रन के कुल योग पर हर्षल ने ड्वेन स्मिथ को अपनी गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों कैच कराया। स्मिथ छह रन बना सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 171 रन बनाए। इसमें मयंक अग्रवाल के सबसे अधिक 64 रन शामिल हैं। अग्रवाल ने अपनी 30 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए।
अग्रवाल ने मुनाफ पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन जुटाए। अग्रवाल के अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने 47 रनों का योगदान दिया। दिलशान ने 50 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
रायडू ने 54 गेंदों की अपनी पारी के दौरान छह चौके और चार छक्के लगाए जबकि पोलार्ड ने 31 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और तीन छक्के लगाए। मैच में एक समय मुम्बई की टीम मुश्किल में थी और उसने 19 रन के कुल योग पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे।
हर्शेल गिब्स दो रन बनाकर रन आउट हुए जबकि सचिन तेंदुलकर खाता नहीं खोल सके। सचिन का विकेट जहीर खान ने लिया। गिब्स ने छह गेंदों का सामना किया और दो रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे जबकि सचिन एक गेंद का सामना कर सके।
रोहित शर्मा पांच रन बनाकर विनय कुमार की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। रोहित ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। इसके बाद दिनेश कार्तिक 16 रन के निजी योग पर मुथैया मुरलीधन की गेंद पर हर्षल पटेल के हाथों कैच हुए।
14 गेंदों पर तीन चौके लगाने वाले कार्तिक का विकेट 44 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 51 रन के कुल योग पर हर्षल ने ड्वेन स्मिथ को अपनी गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों कैच कराया। स्मिथ छह रन बना सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 171 रन बनाए। इसमें मयंक अग्रवाल के सबसे अधिक 64 रन शामिल हैं। अग्रवाल ने अपनी 30 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए।
अग्रवाल ने मुनाफ पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन जुटाए। अग्रवाल के अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने 47 रनों का योगदान दिया। दिलशान ने 50 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
हर्शेल गिब्स दो रन बनाकर रन आउट हुए जबकि सचिन तेंदुलकर खाता नहीं खोल सके। सचिन का विकेट जहीर खान ने लिया। गिब्स ने छह गेंदों का सामना किया और दो रन के कुल योग पर पवेलियन लौटे जबकि सचिन एक गेंद का सामना कर सके।
रोहित शर्मा पांच रन बनाकर विनय कुमार की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। रोहित ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। इसके बाद दिनेश कार्तिक 16 रन के निजी योग पर मुथैया मुरलीधन की गेंद पर हर्षल पटेल के हाथों कैच हुए।
14 गेंदों पर तीन चौके लगाने वाले कार्तिक का विकेट 44 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 51 रन के कुल योग पर हर्षल ने ड्वेन स्मिथ को अपनी गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों कैच कराया। स्मिथ छह रन बना सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 171 रन बनाए। इसमें मयंक अग्रवाल के सबसे अधिक 64 रन शामिल हैं। अग्रवाल ने अपनी 30 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए।
अग्रवाल ने मुनाफ पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन जुटाए। अग्रवाल के अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने 47 रनों का योगदान दिया। दिलशान ने 50 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
रोहित शर्मा पांच रन बनाकर विनय कुमार की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। रोहित ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। इसके बाद दिनेश कार्तिक 16 रन के निजी योग पर मुथैया मुरलीधन की गेंद पर हर्षल पटेल के हाथों कैच हुए।
14 गेंदों पर तीन चौके लगाने वाले कार्तिक का विकेट 44 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 51 रन के कुल योग पर हर्षल ने ड्वेन स्मिथ को अपनी गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों कैच कराया। स्मिथ छह रन बना सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 171 रन बनाए। इसमें मयंक अग्रवाल के सबसे अधिक 64 रन शामिल हैं। अग्रवाल ने अपनी 30 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए।
अग्रवाल ने मुनाफ पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन जुटाए। अग्रवाल के अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने 47 रनों का योगदान दिया। दिलशान ने 50 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
14 गेंदों पर तीन चौके लगाने वाले कार्तिक का विकेट 44 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 51 रन के कुल योग पर हर्षल ने ड्वेन स्मिथ को अपनी गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों कैच कराया। स्मिथ छह रन बना सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 171 रन बनाए। इसमें मयंक अग्रवाल के सबसे अधिक 64 रन शामिल हैं। अग्रवाल ने अपनी 30 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए।
अग्रवाल ने मुनाफ पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन जुटाए। अग्रवाल के अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने 47 रनों का योगदान दिया। दिलशान ने 50 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 171 रन बनाए। इसमें मयंक अग्रवाल के सबसे अधिक 64 रन शामिल हैं। अग्रवाल ने अपनी 30 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए।
अग्रवाल ने मुनाफ पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन जुटाए। अग्रवाल के अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने 47 रनों का योगदान दिया। दिलशान ने 50 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
अग्रवाल ने मुनाफ पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन जुटाए। अग्रवाल के अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने 47 रनों का योगदान दिया। दिलशान ने 50 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
मुम्बई इंडियंस ने 11 रन के कुल योग पर ही कार्यकारी कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट झटक लिया था। इस सत्र में जोरदार फार्म में चल रहे गेल मुनाफ पटेल की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
गेल छह रन बना सके। कोहली का विकेट 11 रन के कुल योग पर गिरा। गेल का स्थान लेने आए दिलशान और कोहली के बीच तालमेल की कमी ने रॉयल चैलेंजर्स को तीसरे ओवर में बड़ा झटका दिया। गिब्स की शानदार फील्डिंग पर आउट होने वाले कोहली तीन रन बना सके।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
इसके बाद दिलशान और सौरव तिवारी ने स्कोर को 47 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी योग पर तिवारी भी हिट विकेट हो गए। तिवारी ने 16 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वह हरभजन सिंह की गेंद पर हिट विकेट हुए।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
तिवारी के आउट होने के बाद अब्राहम डिविलियर्स और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। डिविलियर्स 14 रन के निजी योग पर केरन पोलार्ड की गेंद पर आउट हुए। डिविलियर्स ने 13 गेंदों पर एक चौका लगाया।टिप्पणियां
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
विनय कुमार एक रन के निजी योग पर रन आउट हुए। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से मुनाफ, आरपी सिंह, हरभजन और पोलार्ड ने एक-एक सफलता अर्जित की।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया।
बारिश के कारण इस मैच के लिए टॉस में एक घंटे से अधिक समय की देरी हुई। टॉस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे होना था लेकिन दोपहर और टॉस से ठीक पहले हुई बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। शाम 4.30 बजे पिच पर से कवर हटाया गया। | संक्षिप्त सारांश: मुम्बई इंडियंस टीम ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सोमवार को खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के 62वें लीग मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को पांच विकेट से पराजित कर दिया। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सतलुज यमुना लिंक विवाद पर पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने कहा है कि पंजाब सरकार का पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट एक्ट 2004 असंवैधानिक है. सतलुज यमुना लिंक नहर बनेगी. यह फैसला पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने लिया. हालांकि इस फैसले के विरोध में पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया. अमरिंदर सिंह के साथ ही पंजाब कांग्रेस के सभी विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया है. उधर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अमरिंदर सिंह के इस्तीफे को ड्रामा बातया है.
सुप्रीम कोर्ट ने यह राय राष्ट्रपति के रेफरेंस पर दी है. अब सुप्रीम कोर्ट का 2002 और 2004 का फैसला प्रभावी हो गया, जिसमें केंद्र सरकार को नहर का कब्जा लेकर लिंक निर्माण पूरा करना है.
राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट से चार सवालों के जवाब मांगे थे
1. क्या पंजाब का पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट एक्ट 2004 संवैधानिक है?
2. क्या ये एक्ट इंटरस्टेट वाटर डिस्प्यूट एक्ट 1956 और पंजाब रिओर्गनाइजेशन एक्ट 1966 के तहत सही है?
3. क्या पंजाब ने रावी ब्यास बेसिन को लेकर 1981 के एग्रीमेंट को सही नियमों के तहत रद्द किया है?
4. क्या पंजाब इस एक्ट के तहत 2002 और 2004 में सुप्रीम कोर्ट की डिक्री को मानने से मुक्त हो गया है ?
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय में इन सवालों के जवाब नकारात्मक दिए हैं.बता दें कि पंजाब-हरियाणा के बीच रावी-ब्यास नदियों के अतिरिक्त पानी को साझा करने का समझौता करीब साठ साल पुराना है. हरियाणा राज्य बनने के बाद 1976 में केंद्र ने पंजाब और हरियाणा दोनों के बीच 3.5 मिलियन एकड़ फ़ीट (एमएएफ़) पानी साझा करने का आदेश दिया था. इस अतिरिक्त पानी को भेजने के लिए सतलज यमुना लिंक नहर पर काम शुरू हुआ जो हरियाणा की तरफ से पूरा हो गया था लेकिन लेकिन बाद में पंजाब ने अपनी तरफ से काम रोक दिया. हरियाणा ही इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गया था जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है.
पंजाब में 2004 में सत्तारूढ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कानून बनाया था. इस कानून के तहत राज्य सरकार ने सतलुज यमुना संपर्क नहर के शेष हिस्से का निर्माण रोकते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया था. संविधान पीठ ने यह कानून बनने के बाद उत्तर भारत के राज्यों द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर से जल बंटवारे के बारे में राष्ट्रपति द्वारा उसकी राय जानने के लिए 2004 में ही भेजे पांच सवालों पर अपना जवाब दिया.
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
सुप्रीम कोर्ट ने यह राय राष्ट्रपति के रेफरेंस पर दी है. अब सुप्रीम कोर्ट का 2002 और 2004 का फैसला प्रभावी हो गया, जिसमें केंद्र सरकार को नहर का कब्जा लेकर लिंक निर्माण पूरा करना है.
राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट से चार सवालों के जवाब मांगे थे
1. क्या पंजाब का पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट एक्ट 2004 संवैधानिक है?
2. क्या ये एक्ट इंटरस्टेट वाटर डिस्प्यूट एक्ट 1956 और पंजाब रिओर्गनाइजेशन एक्ट 1966 के तहत सही है?
3. क्या पंजाब ने रावी ब्यास बेसिन को लेकर 1981 के एग्रीमेंट को सही नियमों के तहत रद्द किया है?
4. क्या पंजाब इस एक्ट के तहत 2002 और 2004 में सुप्रीम कोर्ट की डिक्री को मानने से मुक्त हो गया है ?
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय में इन सवालों के जवाब नकारात्मक दिए हैं.बता दें कि पंजाब-हरियाणा के बीच रावी-ब्यास नदियों के अतिरिक्त पानी को साझा करने का समझौता करीब साठ साल पुराना है. हरियाणा राज्य बनने के बाद 1976 में केंद्र ने पंजाब और हरियाणा दोनों के बीच 3.5 मिलियन एकड़ फ़ीट (एमएएफ़) पानी साझा करने का आदेश दिया था. इस अतिरिक्त पानी को भेजने के लिए सतलज यमुना लिंक नहर पर काम शुरू हुआ जो हरियाणा की तरफ से पूरा हो गया था लेकिन लेकिन बाद में पंजाब ने अपनी तरफ से काम रोक दिया. हरियाणा ही इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गया था जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है.
पंजाब में 2004 में सत्तारूढ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कानून बनाया था. इस कानून के तहत राज्य सरकार ने सतलुज यमुना संपर्क नहर के शेष हिस्से का निर्माण रोकते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया था. संविधान पीठ ने यह कानून बनने के बाद उत्तर भारत के राज्यों द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर से जल बंटवारे के बारे में राष्ट्रपति द्वारा उसकी राय जानने के लिए 2004 में ही भेजे पांच सवालों पर अपना जवाब दिया.
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट से चार सवालों के जवाब मांगे थे
1. क्या पंजाब का पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट एक्ट 2004 संवैधानिक है?
2. क्या ये एक्ट इंटरस्टेट वाटर डिस्प्यूट एक्ट 1956 और पंजाब रिओर्गनाइजेशन एक्ट 1966 के तहत सही है?
3. क्या पंजाब ने रावी ब्यास बेसिन को लेकर 1981 के एग्रीमेंट को सही नियमों के तहत रद्द किया है?
4. क्या पंजाब इस एक्ट के तहत 2002 और 2004 में सुप्रीम कोर्ट की डिक्री को मानने से मुक्त हो गया है ?
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय में इन सवालों के जवाब नकारात्मक दिए हैं.बता दें कि पंजाब-हरियाणा के बीच रावी-ब्यास नदियों के अतिरिक्त पानी को साझा करने का समझौता करीब साठ साल पुराना है. हरियाणा राज्य बनने के बाद 1976 में केंद्र ने पंजाब और हरियाणा दोनों के बीच 3.5 मिलियन एकड़ फ़ीट (एमएएफ़) पानी साझा करने का आदेश दिया था. इस अतिरिक्त पानी को भेजने के लिए सतलज यमुना लिंक नहर पर काम शुरू हुआ जो हरियाणा की तरफ से पूरा हो गया था लेकिन लेकिन बाद में पंजाब ने अपनी तरफ से काम रोक दिया. हरियाणा ही इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गया था जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है.
पंजाब में 2004 में सत्तारूढ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कानून बनाया था. इस कानून के तहत राज्य सरकार ने सतलुज यमुना संपर्क नहर के शेष हिस्से का निर्माण रोकते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया था. संविधान पीठ ने यह कानून बनने के बाद उत्तर भारत के राज्यों द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर से जल बंटवारे के बारे में राष्ट्रपति द्वारा उसकी राय जानने के लिए 2004 में ही भेजे पांच सवालों पर अपना जवाब दिया.
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
1. क्या पंजाब का पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट एक्ट 2004 संवैधानिक है?
2. क्या ये एक्ट इंटरस्टेट वाटर डिस्प्यूट एक्ट 1956 और पंजाब रिओर्गनाइजेशन एक्ट 1966 के तहत सही है?
3. क्या पंजाब ने रावी ब्यास बेसिन को लेकर 1981 के एग्रीमेंट को सही नियमों के तहत रद्द किया है?
4. क्या पंजाब इस एक्ट के तहत 2002 और 2004 में सुप्रीम कोर्ट की डिक्री को मानने से मुक्त हो गया है ?
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय में इन सवालों के जवाब नकारात्मक दिए हैं.बता दें कि पंजाब-हरियाणा के बीच रावी-ब्यास नदियों के अतिरिक्त पानी को साझा करने का समझौता करीब साठ साल पुराना है. हरियाणा राज्य बनने के बाद 1976 में केंद्र ने पंजाब और हरियाणा दोनों के बीच 3.5 मिलियन एकड़ फ़ीट (एमएएफ़) पानी साझा करने का आदेश दिया था. इस अतिरिक्त पानी को भेजने के लिए सतलज यमुना लिंक नहर पर काम शुरू हुआ जो हरियाणा की तरफ से पूरा हो गया था लेकिन लेकिन बाद में पंजाब ने अपनी तरफ से काम रोक दिया. हरियाणा ही इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गया था जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है.
पंजाब में 2004 में सत्तारूढ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कानून बनाया था. इस कानून के तहत राज्य सरकार ने सतलुज यमुना संपर्क नहर के शेष हिस्से का निर्माण रोकते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया था. संविधान पीठ ने यह कानून बनने के बाद उत्तर भारत के राज्यों द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर से जल बंटवारे के बारे में राष्ट्रपति द्वारा उसकी राय जानने के लिए 2004 में ही भेजे पांच सवालों पर अपना जवाब दिया.
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
2. क्या ये एक्ट इंटरस्टेट वाटर डिस्प्यूट एक्ट 1956 और पंजाब रिओर्गनाइजेशन एक्ट 1966 के तहत सही है?
3. क्या पंजाब ने रावी ब्यास बेसिन को लेकर 1981 के एग्रीमेंट को सही नियमों के तहत रद्द किया है?
4. क्या पंजाब इस एक्ट के तहत 2002 और 2004 में सुप्रीम कोर्ट की डिक्री को मानने से मुक्त हो गया है ?
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय में इन सवालों के जवाब नकारात्मक दिए हैं.बता दें कि पंजाब-हरियाणा के बीच रावी-ब्यास नदियों के अतिरिक्त पानी को साझा करने का समझौता करीब साठ साल पुराना है. हरियाणा राज्य बनने के बाद 1976 में केंद्र ने पंजाब और हरियाणा दोनों के बीच 3.5 मिलियन एकड़ फ़ीट (एमएएफ़) पानी साझा करने का आदेश दिया था. इस अतिरिक्त पानी को भेजने के लिए सतलज यमुना लिंक नहर पर काम शुरू हुआ जो हरियाणा की तरफ से पूरा हो गया था लेकिन लेकिन बाद में पंजाब ने अपनी तरफ से काम रोक दिया. हरियाणा ही इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गया था जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है.
पंजाब में 2004 में सत्तारूढ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कानून बनाया था. इस कानून के तहत राज्य सरकार ने सतलुज यमुना संपर्क नहर के शेष हिस्से का निर्माण रोकते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया था. संविधान पीठ ने यह कानून बनने के बाद उत्तर भारत के राज्यों द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर से जल बंटवारे के बारे में राष्ट्रपति द्वारा उसकी राय जानने के लिए 2004 में ही भेजे पांच सवालों पर अपना जवाब दिया.
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
3. क्या पंजाब ने रावी ब्यास बेसिन को लेकर 1981 के एग्रीमेंट को सही नियमों के तहत रद्द किया है?
4. क्या पंजाब इस एक्ट के तहत 2002 और 2004 में सुप्रीम कोर्ट की डिक्री को मानने से मुक्त हो गया है ?
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय में इन सवालों के जवाब नकारात्मक दिए हैं.बता दें कि पंजाब-हरियाणा के बीच रावी-ब्यास नदियों के अतिरिक्त पानी को साझा करने का समझौता करीब साठ साल पुराना है. हरियाणा राज्य बनने के बाद 1976 में केंद्र ने पंजाब और हरियाणा दोनों के बीच 3.5 मिलियन एकड़ फ़ीट (एमएएफ़) पानी साझा करने का आदेश दिया था. इस अतिरिक्त पानी को भेजने के लिए सतलज यमुना लिंक नहर पर काम शुरू हुआ जो हरियाणा की तरफ से पूरा हो गया था लेकिन लेकिन बाद में पंजाब ने अपनी तरफ से काम रोक दिया. हरियाणा ही इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गया था जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है.
पंजाब में 2004 में सत्तारूढ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कानून बनाया था. इस कानून के तहत राज्य सरकार ने सतलुज यमुना संपर्क नहर के शेष हिस्से का निर्माण रोकते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया था. संविधान पीठ ने यह कानून बनने के बाद उत्तर भारत के राज्यों द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर से जल बंटवारे के बारे में राष्ट्रपति द्वारा उसकी राय जानने के लिए 2004 में ही भेजे पांच सवालों पर अपना जवाब दिया.
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
4. क्या पंजाब इस एक्ट के तहत 2002 और 2004 में सुप्रीम कोर्ट की डिक्री को मानने से मुक्त हो गया है ?
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय में इन सवालों के जवाब नकारात्मक दिए हैं.बता दें कि पंजाब-हरियाणा के बीच रावी-ब्यास नदियों के अतिरिक्त पानी को साझा करने का समझौता करीब साठ साल पुराना है. हरियाणा राज्य बनने के बाद 1976 में केंद्र ने पंजाब और हरियाणा दोनों के बीच 3.5 मिलियन एकड़ फ़ीट (एमएएफ़) पानी साझा करने का आदेश दिया था. इस अतिरिक्त पानी को भेजने के लिए सतलज यमुना लिंक नहर पर काम शुरू हुआ जो हरियाणा की तरफ से पूरा हो गया था लेकिन लेकिन बाद में पंजाब ने अपनी तरफ से काम रोक दिया. हरियाणा ही इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गया था जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है.
पंजाब में 2004 में सत्तारूढ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कानून बनाया था. इस कानून के तहत राज्य सरकार ने सतलुज यमुना संपर्क नहर के शेष हिस्से का निर्माण रोकते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया था. संविधान पीठ ने यह कानून बनने के बाद उत्तर भारत के राज्यों द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर से जल बंटवारे के बारे में राष्ट्रपति द्वारा उसकी राय जानने के लिए 2004 में ही भेजे पांच सवालों पर अपना जवाब दिया.
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी राय में इन सवालों के जवाब नकारात्मक दिए हैं.
बता दें कि पंजाब-हरियाणा के बीच रावी-ब्यास नदियों के अतिरिक्त पानी को साझा करने का समझौता करीब साठ साल पुराना है. हरियाणा राज्य बनने के बाद 1976 में केंद्र ने पंजाब और हरियाणा दोनों के बीच 3.5 मिलियन एकड़ फ़ीट (एमएएफ़) पानी साझा करने का आदेश दिया था. इस अतिरिक्त पानी को भेजने के लिए सतलज यमुना लिंक नहर पर काम शुरू हुआ जो हरियाणा की तरफ से पूरा हो गया था लेकिन लेकिन बाद में पंजाब ने अपनी तरफ से काम रोक दिया. हरियाणा ही इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गया था जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है.
पंजाब में 2004 में सत्तारूढ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कानून बनाया था. इस कानून के तहत राज्य सरकार ने सतलुज यमुना संपर्क नहर के शेष हिस्से का निर्माण रोकते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया था. संविधान पीठ ने यह कानून बनने के बाद उत्तर भारत के राज्यों द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर से जल बंटवारे के बारे में राष्ट्रपति द्वारा उसकी राय जानने के लिए 2004 में ही भेजे पांच सवालों पर अपना जवाब दिया.
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
पंजाब में 2004 में सत्तारूढ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने यह कानून बनाया था. इस कानून के तहत राज्य सरकार ने सतलुज यमुना संपर्क नहर के शेष हिस्से का निर्माण रोकते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने का प्रयास किया गया था. संविधान पीठ ने यह कानून बनने के बाद उत्तर भारत के राज्यों द्वारा सतलुज यमुना संपर्क नहर से जल बंटवारे के बारे में राष्ट्रपति द्वारा उसकी राय जानने के लिए 2004 में ही भेजे पांच सवालों पर अपना जवाब दिया.
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 12 मई को इस मामले में सुनवाई पूरी की थी. न्यायमूर्ति दवे 18 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. संविधान पीठ के समक्ष केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह 2004 के अपने रूख पर कायम है कि संबंधित राज्यों को इस विवाद को आपस में ही सुलझाना चाहिए.
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
केन्द्र सरकार ने कहा था कि वह तटस्थ रूख अपनाते हुए इस विवाद में किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है. इस मामले में न्यायालय ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर राज्यों की दलीलों को दर्ज किया था.
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने न्यायालय की शरण ली जिस पर शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने फैसला आने तक केन्द्रीय गृह सचिव और पंजाब के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को सतलुज यमुना संपर्क नहर से संबंधित भूमि और अन्य संपत्ति का ‘संयुक्त संरक्षक’ नियुक्त किया था.
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार ने दलील दी थी कि अन्य राज्यों के साथ इस विवाद को हल करने के लिये नया न्यायाधिकरण गठित करना चाहिए जिसमें जल के घटते प्रवाह और तटीय अधिकारों सहित सभी पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.टिप्पणियां
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
पंजाब सरकार का कहना था कि जल का घटता प्रवाह और अन्य बदली परिस्थितियों में इस जल बंटवारे के मामले में उसने 1981 के लोंगोवाल समझौते की समीक्षा के लिए 2003 में ही न्यायाधिकरण गठित करने का अनुरोध किया था.
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
दूसरी ओर, हरियाणा की मांग पर पंजाब का कहना था कि 1966 में नये राज्य के सृजन के बाद उसकी स्थिति यमुना नदी के किनारे स्थित राज्य की हो गई थी.
(इनपुट एजेंसी से भी) | संक्षिप्त सारांश: पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट एक्ट 2004 असंवैधानिक है
केंद्र सरकार को नहर का कब्जा लेकर लिंक निर्माण पूरा करना है.
पंजाब सरकार के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकारी विमानन कंपनी, एयर इंडिया को एक रिपोर्ट में दुनिया की तीसरी सबसे असुरक्षित विमानन कंपनी बताया गया है। दुनियाभर में विमान दुर्घटनाओं पर नजर रखने वाली एक वेबसाइट की एक रिपोर्ट में पहली और दूसरी असुरक्षित कंपनियों में चाइना एयरलाइंस और टीएएम एयरलाइंस को रखा गया है।
हैम्बर्ग स्थित जेट एयरलाइनर क्रैश डाटा इवेल्युशन सेंटर (जेएसीडीईसी) द्वारा तैयार 60 विमानन कम्पनियों की एक सूची में एयर इंडिया को 58वें स्थान पर रखा गया है।टिप्पणियां
जेएसीडीईसी सुरक्षा रैंकिंग 2012 में दुनिया की सबसे सुरक्षित विमानन कंपनी रही फिनएयर। इसके बाद रहे क्रमश: एयर न्यूजीलैंड, कैथे पैसेफिक और एमीरेट्स।
सूची में शीर्ष पर रही नौ कम्पनियों में से किसी भी कम्पनी का एक भी विमान पिछले 30 सालों में दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ। उत्तर अमेरिका की एक भी कम्पनी शीर्ष 10 में नहीं रही, लेकिन वे निकृष्ट 10 में भी नहीं रहीं।
हैम्बर्ग स्थित जेट एयरलाइनर क्रैश डाटा इवेल्युशन सेंटर (जेएसीडीईसी) द्वारा तैयार 60 विमानन कम्पनियों की एक सूची में एयर इंडिया को 58वें स्थान पर रखा गया है।टिप्पणियां
जेएसीडीईसी सुरक्षा रैंकिंग 2012 में दुनिया की सबसे सुरक्षित विमानन कंपनी रही फिनएयर। इसके बाद रहे क्रमश: एयर न्यूजीलैंड, कैथे पैसेफिक और एमीरेट्स।
सूची में शीर्ष पर रही नौ कम्पनियों में से किसी भी कम्पनी का एक भी विमान पिछले 30 सालों में दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ। उत्तर अमेरिका की एक भी कम्पनी शीर्ष 10 में नहीं रही, लेकिन वे निकृष्ट 10 में भी नहीं रहीं।
जेएसीडीईसी सुरक्षा रैंकिंग 2012 में दुनिया की सबसे सुरक्षित विमानन कंपनी रही फिनएयर। इसके बाद रहे क्रमश: एयर न्यूजीलैंड, कैथे पैसेफिक और एमीरेट्स।
सूची में शीर्ष पर रही नौ कम्पनियों में से किसी भी कम्पनी का एक भी विमान पिछले 30 सालों में दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ। उत्तर अमेरिका की एक भी कम्पनी शीर्ष 10 में नहीं रही, लेकिन वे निकृष्ट 10 में भी नहीं रहीं।
सूची में शीर्ष पर रही नौ कम्पनियों में से किसी भी कम्पनी का एक भी विमान पिछले 30 सालों में दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ। उत्तर अमेरिका की एक भी कम्पनी शीर्ष 10 में नहीं रही, लेकिन वे निकृष्ट 10 में भी नहीं रहीं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दुनियाभर में विमान दुर्घटनाओं पर नजर रखने वाली एक वेबसाइट की एक रिपोर्ट में पहली और दूसरी असुरक्षित कंपनियों में चाइना एयरलाइंस और टीएएम एयरलाइंस को रखा गया है। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे गुड़गांव में पांच साल की एक बच्ची के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। यहां के सिकंदरपुर इलाके में पांच साल की इस बच्ची को किसी शख्स ने खाने का प्रलोभन दिया और उसे अपने साथ ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया।टिप्पणियां
बाद में बच्ची को बेहोशी की हालत में सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास छोड़ दिया गया। बच्ची खून से लथपथ सड़क पर मिली। इसे तुरंत गुड़गांव के सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में वहां से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीडी अथानी ने कहा, मरीज की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। देर रात उसका ऑपरेशन किया गया। इस बीच, डीएलएफ थाने के प्रभारी ने कहा कि इस सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है और पुलिस सुराग जुटाने में जुटी है।
बाद में बच्ची को बेहोशी की हालत में सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास छोड़ दिया गया। बच्ची खून से लथपथ सड़क पर मिली। इसे तुरंत गुड़गांव के सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में वहां से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीडी अथानी ने कहा, मरीज की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। देर रात उसका ऑपरेशन किया गया। इस बीच, डीएलएफ थाने के प्रभारी ने कहा कि इस सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है और पुलिस सुराग जुटाने में जुटी है।
सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीडी अथानी ने कहा, मरीज की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। देर रात उसका ऑपरेशन किया गया। इस बीच, डीएलएफ थाने के प्रभारी ने कहा कि इस सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है और पुलिस सुराग जुटाने में जुटी है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बच्ची को किसी शख्स ने खाने का प्रलोभन दिया और उसे अपने साथ ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। बाद में बच्ची को बेहोशी की हालत में सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास छोड़ दिया गया। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कैबिनेट का विस्तार अगले 10 दिनों में हो सकता है। कुछ नए चेहरे कैबिनेट में आ सकते हैं। उत्तर प्रदेश के कुछ नेताओं की लॉटरी लग सकती है तो कुछ मंत्रियों की ज़िम्मेदारी बढ़ने की उम्मीद है। फेरबदल में इतना तय है कि रेल मंत्रालय तृणमूल कांग्रेस के ही पास रहेगा और वो भी कैबिनेट मंत्री के साथ ही। बस, नाम ममता बनर्जी को तय करना है। कैबिनेट में फेरबदल को लेकर सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आमने−सामने बातचीत हो चुकी है। इंतज़ार प्रणब मुखर्जी के विदेश से लौटने का हो रहा है। कैबिनेट फेरबदल में कुछ मंत्री ज्यादा ताकतवर हो सकते हैं तो वहीं कुछ मंत्रियों की हैसियत घट सकती है। सबसे बड़ा सवाल चार बड़े मंत्रियों प्रणब मुखर्जी, एके एंटनी, एसएम कृष्णा और पी चिदंबरम को लेकर है कि कौन रहेगा और कौन जाएगा... किसका महकमा बदलेगा। कपिल सिब्बल के पास मानव संसाधन मंत्रालय के साथ ही टेलीकॉम मंत्रालय भी है... हो सकता है उन्हें टेलीकॉम मंत्रालय से राहत मिल जाए। सीएजी की ड्राफ्ट रिपोर्ट के मद्देनज़र कंपनी मामलों के मंत्री मुरली देवड़ा पर भी तलवार लटक सकती है, वहीं डीएमके कोटे से मंत्री दयानिधि मारन को जाना पड़ सकता है। | यह एक सारांश है: कैबिनेट का विस्तार अगले 10 दिन में हो सकता है। उत्तर प्रदेश के कुछ नेताओं की लॉटरी लग सकती है तो कुछ मंत्रियों की ज़िम्मेदारी बढ़ने की उम्मीद है। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रस्तावित दुष्कर्म रोधी कानून पर मंत्रिमंडल में उभरे मतभेद को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मंगलवार को इसे मंत्रियों के समूह (जीओएम) के हवाले कर दिया। सरकार ने विधेयक पर विमर्श के लिए 18 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मतभेद सुलझा लिए जाने और कानून पर 22 मार्च तक संसद की मंजूरी हासिल कर लेने का भरोसा जताया है।
विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी के नेताओं से प्रस्तावित कानून पर बातचीत कर चुके हैं।
इस कानून को 22 मार्च तक संसद से पारित करा लेना अनिवार्य है क्योंकि यह 3 फरवरी को राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश की जगह लेगा। नियम के मुताबिक अध्यादेश जारी होने के छह सप्ताह के भीतर संसद की मुहर जरूरी होता है।
बजट सत्र का पहला भाग 22 मार्च को समाप्त होगा और उसके बाद 22 अप्रैल को सदन फिर से बहाल होगा।
दिल्ली में 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ क्रूरता पूर्वक सामूहिक दुष्कर्म और बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत होने के बाद दुष्कर्म कानूनों को सख्त किए जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि विधेयक पर जीआएम की बैठक शीघ्र ही होगी। उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि गुरुवार तक मुद्दे का समाधान हो जाएगा। हम 22 मार्च तक विधेयक पारित कर लेंगे।"
सूत्रों के मुताबिक विधेयक पर असहमति के बिंदुओं में लैंगिक रूप से तटस्थ बनने का प्रावधान, किशोर अपराधियों की उम्र को 18 वर्ष से कम कर 16 वर्ष किए जाने के अलावा पीछा करने और निहारने (दर्शनरति) के लिए दंड के प्रावधान से संबंधित हैं।
जहां वित्तमंत्री पी. चिदंबरम 'दुष्कर्म' शब्द की जगह 'यौन हमला' को रखते हुए इसे लैंगिक उदासीन (तटस्थ) बनाना चाहते हैं, वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर 'दुष्कर्म' शब्द को बनाए रखने का जोर डाला है ताकि कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के विरुद्ध होने का भान कराए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मतभेद सुलझा लिए जाने और कानून पर 22 मार्च तक संसद की मंजूरी हासिल कर लेने का भरोसा जताया है।
विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी के नेताओं से प्रस्तावित कानून पर बातचीत कर चुके हैं।
इस कानून को 22 मार्च तक संसद से पारित करा लेना अनिवार्य है क्योंकि यह 3 फरवरी को राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश की जगह लेगा। नियम के मुताबिक अध्यादेश जारी होने के छह सप्ताह के भीतर संसद की मुहर जरूरी होता है।
बजट सत्र का पहला भाग 22 मार्च को समाप्त होगा और उसके बाद 22 अप्रैल को सदन फिर से बहाल होगा।
दिल्ली में 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ क्रूरता पूर्वक सामूहिक दुष्कर्म और बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत होने के बाद दुष्कर्म कानूनों को सख्त किए जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि विधेयक पर जीआएम की बैठक शीघ्र ही होगी। उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि गुरुवार तक मुद्दे का समाधान हो जाएगा। हम 22 मार्च तक विधेयक पारित कर लेंगे।"
सूत्रों के मुताबिक विधेयक पर असहमति के बिंदुओं में लैंगिक रूप से तटस्थ बनने का प्रावधान, किशोर अपराधियों की उम्र को 18 वर्ष से कम कर 16 वर्ष किए जाने के अलावा पीछा करने और निहारने (दर्शनरति) के लिए दंड के प्रावधान से संबंधित हैं।
जहां वित्तमंत्री पी. चिदंबरम 'दुष्कर्म' शब्द की जगह 'यौन हमला' को रखते हुए इसे लैंगिक उदासीन (तटस्थ) बनाना चाहते हैं, वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर 'दुष्कर्म' शब्द को बनाए रखने का जोर डाला है ताकि कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के विरुद्ध होने का भान कराए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी के नेताओं से प्रस्तावित कानून पर बातचीत कर चुके हैं।
इस कानून को 22 मार्च तक संसद से पारित करा लेना अनिवार्य है क्योंकि यह 3 फरवरी को राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश की जगह लेगा। नियम के मुताबिक अध्यादेश जारी होने के छह सप्ताह के भीतर संसद की मुहर जरूरी होता है।
बजट सत्र का पहला भाग 22 मार्च को समाप्त होगा और उसके बाद 22 अप्रैल को सदन फिर से बहाल होगा।
दिल्ली में 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ क्रूरता पूर्वक सामूहिक दुष्कर्म और बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत होने के बाद दुष्कर्म कानूनों को सख्त किए जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि विधेयक पर जीआएम की बैठक शीघ्र ही होगी। उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि गुरुवार तक मुद्दे का समाधान हो जाएगा। हम 22 मार्च तक विधेयक पारित कर लेंगे।"
सूत्रों के मुताबिक विधेयक पर असहमति के बिंदुओं में लैंगिक रूप से तटस्थ बनने का प्रावधान, किशोर अपराधियों की उम्र को 18 वर्ष से कम कर 16 वर्ष किए जाने के अलावा पीछा करने और निहारने (दर्शनरति) के लिए दंड के प्रावधान से संबंधित हैं।
जहां वित्तमंत्री पी. चिदंबरम 'दुष्कर्म' शब्द की जगह 'यौन हमला' को रखते हुए इसे लैंगिक उदासीन (तटस्थ) बनाना चाहते हैं, वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर 'दुष्कर्म' शब्द को बनाए रखने का जोर डाला है ताकि कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के विरुद्ध होने का भान कराए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
इस कानून को 22 मार्च तक संसद से पारित करा लेना अनिवार्य है क्योंकि यह 3 फरवरी को राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश की जगह लेगा। नियम के मुताबिक अध्यादेश जारी होने के छह सप्ताह के भीतर संसद की मुहर जरूरी होता है।
बजट सत्र का पहला भाग 22 मार्च को समाप्त होगा और उसके बाद 22 अप्रैल को सदन फिर से बहाल होगा।
दिल्ली में 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ क्रूरता पूर्वक सामूहिक दुष्कर्म और बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत होने के बाद दुष्कर्म कानूनों को सख्त किए जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि विधेयक पर जीआएम की बैठक शीघ्र ही होगी। उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि गुरुवार तक मुद्दे का समाधान हो जाएगा। हम 22 मार्च तक विधेयक पारित कर लेंगे।"
सूत्रों के मुताबिक विधेयक पर असहमति के बिंदुओं में लैंगिक रूप से तटस्थ बनने का प्रावधान, किशोर अपराधियों की उम्र को 18 वर्ष से कम कर 16 वर्ष किए जाने के अलावा पीछा करने और निहारने (दर्शनरति) के लिए दंड के प्रावधान से संबंधित हैं।
जहां वित्तमंत्री पी. चिदंबरम 'दुष्कर्म' शब्द की जगह 'यौन हमला' को रखते हुए इसे लैंगिक उदासीन (तटस्थ) बनाना चाहते हैं, वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर 'दुष्कर्म' शब्द को बनाए रखने का जोर डाला है ताकि कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के विरुद्ध होने का भान कराए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
बजट सत्र का पहला भाग 22 मार्च को समाप्त होगा और उसके बाद 22 अप्रैल को सदन फिर से बहाल होगा।
दिल्ली में 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ क्रूरता पूर्वक सामूहिक दुष्कर्म और बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत होने के बाद दुष्कर्म कानूनों को सख्त किए जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि विधेयक पर जीआएम की बैठक शीघ्र ही होगी। उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि गुरुवार तक मुद्दे का समाधान हो जाएगा। हम 22 मार्च तक विधेयक पारित कर लेंगे।"
सूत्रों के मुताबिक विधेयक पर असहमति के बिंदुओं में लैंगिक रूप से तटस्थ बनने का प्रावधान, किशोर अपराधियों की उम्र को 18 वर्ष से कम कर 16 वर्ष किए जाने के अलावा पीछा करने और निहारने (दर्शनरति) के लिए दंड के प्रावधान से संबंधित हैं।
जहां वित्तमंत्री पी. चिदंबरम 'दुष्कर्म' शब्द की जगह 'यौन हमला' को रखते हुए इसे लैंगिक उदासीन (तटस्थ) बनाना चाहते हैं, वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर 'दुष्कर्म' शब्द को बनाए रखने का जोर डाला है ताकि कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के विरुद्ध होने का भान कराए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
दिल्ली में 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ क्रूरता पूर्वक सामूहिक दुष्कर्म और बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत होने के बाद दुष्कर्म कानूनों को सख्त किए जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि विधेयक पर जीआएम की बैठक शीघ्र ही होगी। उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि गुरुवार तक मुद्दे का समाधान हो जाएगा। हम 22 मार्च तक विधेयक पारित कर लेंगे।"
सूत्रों के मुताबिक विधेयक पर असहमति के बिंदुओं में लैंगिक रूप से तटस्थ बनने का प्रावधान, किशोर अपराधियों की उम्र को 18 वर्ष से कम कर 16 वर्ष किए जाने के अलावा पीछा करने और निहारने (दर्शनरति) के लिए दंड के प्रावधान से संबंधित हैं।
जहां वित्तमंत्री पी. चिदंबरम 'दुष्कर्म' शब्द की जगह 'यौन हमला' को रखते हुए इसे लैंगिक उदासीन (तटस्थ) बनाना चाहते हैं, वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर 'दुष्कर्म' शब्द को बनाए रखने का जोर डाला है ताकि कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के विरुद्ध होने का भान कराए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि विधेयक पर जीआएम की बैठक शीघ्र ही होगी। उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि गुरुवार तक मुद्दे का समाधान हो जाएगा। हम 22 मार्च तक विधेयक पारित कर लेंगे।"
सूत्रों के मुताबिक विधेयक पर असहमति के बिंदुओं में लैंगिक रूप से तटस्थ बनने का प्रावधान, किशोर अपराधियों की उम्र को 18 वर्ष से कम कर 16 वर्ष किए जाने के अलावा पीछा करने और निहारने (दर्शनरति) के लिए दंड के प्रावधान से संबंधित हैं।
जहां वित्तमंत्री पी. चिदंबरम 'दुष्कर्म' शब्द की जगह 'यौन हमला' को रखते हुए इसे लैंगिक उदासीन (तटस्थ) बनाना चाहते हैं, वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर 'दुष्कर्म' शब्द को बनाए रखने का जोर डाला है ताकि कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के विरुद्ध होने का भान कराए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक विधेयक पर असहमति के बिंदुओं में लैंगिक रूप से तटस्थ बनने का प्रावधान, किशोर अपराधियों की उम्र को 18 वर्ष से कम कर 16 वर्ष किए जाने के अलावा पीछा करने और निहारने (दर्शनरति) के लिए दंड के प्रावधान से संबंधित हैं।
जहां वित्तमंत्री पी. चिदंबरम 'दुष्कर्म' शब्द की जगह 'यौन हमला' को रखते हुए इसे लैंगिक उदासीन (तटस्थ) बनाना चाहते हैं, वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर 'दुष्कर्म' शब्द को बनाए रखने का जोर डाला है ताकि कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के विरुद्ध होने का भान कराए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
जहां वित्तमंत्री पी. चिदंबरम 'दुष्कर्म' शब्द की जगह 'यौन हमला' को रखते हुए इसे लैंगिक उदासीन (तटस्थ) बनाना चाहते हैं, वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर 'दुष्कर्म' शब्द को बनाए रखने का जोर डाला है ताकि कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के विरुद्ध होने का भान कराए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ किशोर अपराधियों की उम्र को 18 साल से कम कर 16 वर्ष किए जाने के खिलाफ हैं। किशोर अपराधियों की उम्र का मुद्दा भी दिल्ली दुष्कर्म के एक आरोपी के किशोर होने के बाद उठा है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
सूत्रों ने कहा कि कानून के तहत पीछा करने और निहारने को दंडनीय बनाने के प्रावधानों को परिभाषित करते हुए सरकार के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
जीओएम की अध्यक्षता चिदंबरम कर सकते हैं और शिंदे, तीरथ, विधि मंत्री अश्विनी कुमार और संचार मंत्री कपिल सिब्बल सदस्यों में शामिल होंगे।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने जीओएम का गठन कर दिया है और इसकी बैठक बुधवार या गुरुवार को होगी। मुझे विश्वास है कि हम एक राय कायम कर सकेंगे और या तो शुक्रवार को या फिर सोमवार को विधेयक सदन में पेश कर दिया जाएगा।"टिप्पणियां
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
दांपत्य दुष्कर्म को कानून के दायरे से बाहर रखते हुए दुष्कर्म के दुर्लभतम मामलों और दोबारा अपराध करने वालों के लिए मृत्युदंड का प्रस्ताव सरकार ने इस सबूत के तौर पर कराया कि उसने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है।
दुष्कर्म कानूनों को कठोर बनाने का अहसास देने के लिए जस्टिस वर्मा समिति के सुझावों को भी प्रस्तावित कानून में शामिल किया गया है। | संक्षिप्त सारांश: प्रस्तावित दुष्कर्म रोधी कानून पर मंत्रिमंडल में उभरे मतभेद को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मंगलवार को इसे मंत्रियों के समूह (जीओएम) के हवाले कर दिया। सरकार ने विधेयक पर विमर्श के लिए 18 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईबी ने फरवरी 2013 में सीबीआई को एक चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में यह जानकारी दी गई थी कि लश्कर के आतंकी डेविड हेडली ने अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई को यह बात बताई थी कि अहमदाबाद में मुठभेड़ में मारी गई इशरत एक फिदायीन हमलावर थी।
यह चिट्ठी एनडीटीवी के हाथ लगी है। सीबीआई को लिखी इस चिट्ठी में लिखा गया था कि लश्कर-ए-तैयबा के एक कमांडर ने हेडली को इशरत के बारे में बताया था। चिट्ठी के मुताबिक, हेडली ने कहा था कि इशरत को लश्कर−ए−तैयबा ने भर्ती किया था। आईबी के मुताबिक, एफबीआई ने 25 मई 2010 को इशरत के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन भारत में जांच एजेंसी एनआईए ने हेडली की बातों पर भरोसा नहीं किया।टिप्पणियां
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, हेडली का इशरत से सीधे कोई संपर्क नहीं था। एनआईए ने इशरत पर तैयार अंतिम रिपोर्ट से इस बात को हटा दिया था। एनआईए सूत्रों के मुताबिक, इशरत के बारे में हेडली के बयान का कोई रिकॉर्ड नहीं है और यह सबूत के तौर पर मान्य भी नहीं है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि इशरत जहां के आतंकी रिश्तों को लेकर जो गैर−सरकारी सूचनाएं आ रही हैं, उससे लोगों में भ्रम फैल रहा है और यह देश की आंतरिक सुरक्षा के हित में नहीं है... गृह मंत्रालय को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या हेडली ने अमेरिका गई भारतीय जांच टीम से इशरत के आतंकी रिश्तों की बात कही थी।
यह चिट्ठी एनडीटीवी के हाथ लगी है। सीबीआई को लिखी इस चिट्ठी में लिखा गया था कि लश्कर-ए-तैयबा के एक कमांडर ने हेडली को इशरत के बारे में बताया था। चिट्ठी के मुताबिक, हेडली ने कहा था कि इशरत को लश्कर−ए−तैयबा ने भर्ती किया था। आईबी के मुताबिक, एफबीआई ने 25 मई 2010 को इशरत के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन भारत में जांच एजेंसी एनआईए ने हेडली की बातों पर भरोसा नहीं किया।टिप्पणियां
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, हेडली का इशरत से सीधे कोई संपर्क नहीं था। एनआईए ने इशरत पर तैयार अंतिम रिपोर्ट से इस बात को हटा दिया था। एनआईए सूत्रों के मुताबिक, इशरत के बारे में हेडली के बयान का कोई रिकॉर्ड नहीं है और यह सबूत के तौर पर मान्य भी नहीं है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि इशरत जहां के आतंकी रिश्तों को लेकर जो गैर−सरकारी सूचनाएं आ रही हैं, उससे लोगों में भ्रम फैल रहा है और यह देश की आंतरिक सुरक्षा के हित में नहीं है... गृह मंत्रालय को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या हेडली ने अमेरिका गई भारतीय जांच टीम से इशरत के आतंकी रिश्तों की बात कही थी।
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, हेडली का इशरत से सीधे कोई संपर्क नहीं था। एनआईए ने इशरत पर तैयार अंतिम रिपोर्ट से इस बात को हटा दिया था। एनआईए सूत्रों के मुताबिक, इशरत के बारे में हेडली के बयान का कोई रिकॉर्ड नहीं है और यह सबूत के तौर पर मान्य भी नहीं है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि इशरत जहां के आतंकी रिश्तों को लेकर जो गैर−सरकारी सूचनाएं आ रही हैं, उससे लोगों में भ्रम फैल रहा है और यह देश की आंतरिक सुरक्षा के हित में नहीं है... गृह मंत्रालय को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या हेडली ने अमेरिका गई भारतीय जांच टीम से इशरत के आतंकी रिश्तों की बात कही थी।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि इशरत जहां के आतंकी रिश्तों को लेकर जो गैर−सरकारी सूचनाएं आ रही हैं, उससे लोगों में भ्रम फैल रहा है और यह देश की आंतरिक सुरक्षा के हित में नहीं है... गृह मंत्रालय को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या हेडली ने अमेरिका गई भारतीय जांच टीम से इशरत के आतंकी रिश्तों की बात कही थी। | यहाँ एक सारांश है:आईबी ने फरवरी 2013 में सीबीआई को एक चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में यह जानकारी दी गई थी कि लश्कर के आतंकी डेविड हेडली ने अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई को यह बात बताई थी कि अहमदाबाद में मुठभेड़ में मारी गई इशरत एक फिदायीन हमलावर थी। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश की रेटिंग घटाने के बाद वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पीएनबी तथा एक्सिस बैंक समेत 11 वित्तीय संस्थानों के साख परिदृश्य को भी स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया।
इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में फिच ने भारत के वित्तीय साख परिदृश्य को भी स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया था। फिच ने एक बयान में कहा कि इन वित्तीय संस्थानों के रेटिंग परिदृश्य की समीक्षा किए जाने से उनका सरकारी कोष के साथ जुड़ाव का पता चलता है।टिप्पणियां
इन संस्थानों का घरेलू अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ाव है और उन्होंने सरकारी बॉन्ड में भी निवेश किया हुआ है। इसे देखते हुए उनकी रेटिंग कम की गई है। जिनकी साख कम की गयी है, उनमें छह सरकारी बैंक और दो निजी बैंक शामिल हैं। इसमें बैंक ऑफ बड़ौदा और उसकी इकाई बैंक ऑफ बड़ौदा (न्यूजीलैंड) लिमिटेड, केनरा बैंक तथा आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।
इसके अलावा, सरकार के स्वामित्व वाले निर्यात-आयात बैंक तथा आवास एवं शहरी विकास निगम लिमिटेड (आईडीएफसी) तथा इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन की भी रेटिंग घटाई है। हालांकि, फिच ने यह भी कहा कि बैंकों के पास ग्राहक जमा का व्यापक आधार है और उनकी घरेलू फ्रेंचाइजी और पूंजी भी उपयुक्त है। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि गैर-बैकिंग वित्तीय इकाइयों के पास वित्तीय साधनों के लाभ का अभाव है, जिसकी वजह से बाजार उतार-चढ़ाव के दौरान उनका जोखिम बढ़ जाता है।
इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में फिच ने भारत के वित्तीय साख परिदृश्य को भी स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया था। फिच ने एक बयान में कहा कि इन वित्तीय संस्थानों के रेटिंग परिदृश्य की समीक्षा किए जाने से उनका सरकारी कोष के साथ जुड़ाव का पता चलता है।टिप्पणियां
इन संस्थानों का घरेलू अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ाव है और उन्होंने सरकारी बॉन्ड में भी निवेश किया हुआ है। इसे देखते हुए उनकी रेटिंग कम की गई है। जिनकी साख कम की गयी है, उनमें छह सरकारी बैंक और दो निजी बैंक शामिल हैं। इसमें बैंक ऑफ बड़ौदा और उसकी इकाई बैंक ऑफ बड़ौदा (न्यूजीलैंड) लिमिटेड, केनरा बैंक तथा आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।
इसके अलावा, सरकार के स्वामित्व वाले निर्यात-आयात बैंक तथा आवास एवं शहरी विकास निगम लिमिटेड (आईडीएफसी) तथा इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन की भी रेटिंग घटाई है। हालांकि, फिच ने यह भी कहा कि बैंकों के पास ग्राहक जमा का व्यापक आधार है और उनकी घरेलू फ्रेंचाइजी और पूंजी भी उपयुक्त है। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि गैर-बैकिंग वित्तीय इकाइयों के पास वित्तीय साधनों के लाभ का अभाव है, जिसकी वजह से बाजार उतार-चढ़ाव के दौरान उनका जोखिम बढ़ जाता है।
इन संस्थानों का घरेलू अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ाव है और उन्होंने सरकारी बॉन्ड में भी निवेश किया हुआ है। इसे देखते हुए उनकी रेटिंग कम की गई है। जिनकी साख कम की गयी है, उनमें छह सरकारी बैंक और दो निजी बैंक शामिल हैं। इसमें बैंक ऑफ बड़ौदा और उसकी इकाई बैंक ऑफ बड़ौदा (न्यूजीलैंड) लिमिटेड, केनरा बैंक तथा आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।
इसके अलावा, सरकार के स्वामित्व वाले निर्यात-आयात बैंक तथा आवास एवं शहरी विकास निगम लिमिटेड (आईडीएफसी) तथा इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन की भी रेटिंग घटाई है। हालांकि, फिच ने यह भी कहा कि बैंकों के पास ग्राहक जमा का व्यापक आधार है और उनकी घरेलू फ्रेंचाइजी और पूंजी भी उपयुक्त है। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि गैर-बैकिंग वित्तीय इकाइयों के पास वित्तीय साधनों के लाभ का अभाव है, जिसकी वजह से बाजार उतार-चढ़ाव के दौरान उनका जोखिम बढ़ जाता है।
इसके अलावा, सरकार के स्वामित्व वाले निर्यात-आयात बैंक तथा आवास एवं शहरी विकास निगम लिमिटेड (आईडीएफसी) तथा इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन की भी रेटिंग घटाई है। हालांकि, फिच ने यह भी कहा कि बैंकों के पास ग्राहक जमा का व्यापक आधार है और उनकी घरेलू फ्रेंचाइजी और पूंजी भी उपयुक्त है। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि गैर-बैकिंग वित्तीय इकाइयों के पास वित्तीय साधनों के लाभ का अभाव है, जिसकी वजह से बाजार उतार-चढ़ाव के दौरान उनका जोखिम बढ़ जाता है। | सारांश: देश की रेटिंग घटाने के बाद रेटिंग एजेंसी फिच ने भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पीएनबी तथा एक्सिस बैंक समेत 11 वित्तीय संस्थानों के साख परिदृश्य को भी स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के तहत सभा हुई और सभा के बाद यात्रा जगदलपुर की ओर रवाना हुई। यात्रा में वीसी शुक्ल, महेंद्र कर्मा, नंद कुमार पटेल के अलावा कांग्रेस के अन्य नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों समेत करीब 120 लोग शामिल
थे।
यात्रा में 20 गाड़ियों का काफिला चल रहा था। बड़े नेताओं को रैली से लौटते वक्त अलग−अलग रास्ता लेना था। नक्सली प्रभावित इलाकों के लिए बड़े नेताओं को हिदायत है कि वे कभी भी एक काफिले के साथ सफर न करें। वीआईपी मूवमेंट के गुजरने से एक घंटे पहले पुलिस रास्तों और उसके आसपस के इलाकों की तलाशी लेती है। दरभा में सीआरपीएफ ने 3−4 घंटे पहले ही रास्तों की तलाशी का काम कर लिया था। सर्च ऑपरेशन 3−4 घंटे पहले होने से नक्सलियों को जमा होने का वक्त मिल गया और वे हमले की जगह पर जमा हो गए।टिप्पणियां
नक्सलियों ने बारूदी सुरंग से विस्फोट करने से पूर्व पेड़ गिराकर सड़क को बाधित कर दिया था। बारूदी सुरंग विस्फोट में काफिले का एक वाहन भी चपेट में आ गया। इसके बाद करीब 250-300 नक्सलियों ने गाड़ियों पर जमकर फायरिंग की। हमले के बाद नक्सलियों ने समीप के पेड़ों में आग भी लगा दी।
हमले के दौरान नक्सलियों द्वारा अगवा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल के गोलियों से छलनी शव आज बस्तर की जिराम घाटी से मिले। हमले के दौरान कल कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। हमले में बुरी तरह घायल हुए वीसी शुक्ला के पेट और पीठ में तीन गोलियां लगी हैं। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें इलाज के लिए गुड़गांव के मेदांता अस्पताल लाया गया है। शुक्ला कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वह कई बार केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में वह चर्चा में आए थे।
यात्रा में 20 गाड़ियों का काफिला चल रहा था। बड़े नेताओं को रैली से लौटते वक्त अलग−अलग रास्ता लेना था। नक्सली प्रभावित इलाकों के लिए बड़े नेताओं को हिदायत है कि वे कभी भी एक काफिले के साथ सफर न करें। वीआईपी मूवमेंट के गुजरने से एक घंटे पहले पुलिस रास्तों और उसके आसपस के इलाकों की तलाशी लेती है। दरभा में सीआरपीएफ ने 3−4 घंटे पहले ही रास्तों की तलाशी का काम कर लिया था। सर्च ऑपरेशन 3−4 घंटे पहले होने से नक्सलियों को जमा होने का वक्त मिल गया और वे हमले की जगह पर जमा हो गए।टिप्पणियां
नक्सलियों ने बारूदी सुरंग से विस्फोट करने से पूर्व पेड़ गिराकर सड़क को बाधित कर दिया था। बारूदी सुरंग विस्फोट में काफिले का एक वाहन भी चपेट में आ गया। इसके बाद करीब 250-300 नक्सलियों ने गाड़ियों पर जमकर फायरिंग की। हमले के बाद नक्सलियों ने समीप के पेड़ों में आग भी लगा दी।
हमले के दौरान नक्सलियों द्वारा अगवा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल के गोलियों से छलनी शव आज बस्तर की जिराम घाटी से मिले। हमले के दौरान कल कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। हमले में बुरी तरह घायल हुए वीसी शुक्ला के पेट और पीठ में तीन गोलियां लगी हैं। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें इलाज के लिए गुड़गांव के मेदांता अस्पताल लाया गया है। शुक्ला कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वह कई बार केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में वह चर्चा में आए थे।
नक्सलियों ने बारूदी सुरंग से विस्फोट करने से पूर्व पेड़ गिराकर सड़क को बाधित कर दिया था। बारूदी सुरंग विस्फोट में काफिले का एक वाहन भी चपेट में आ गया। इसके बाद करीब 250-300 नक्सलियों ने गाड़ियों पर जमकर फायरिंग की। हमले के बाद नक्सलियों ने समीप के पेड़ों में आग भी लगा दी।
हमले के दौरान नक्सलियों द्वारा अगवा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल के गोलियों से छलनी शव आज बस्तर की जिराम घाटी से मिले। हमले के दौरान कल कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। हमले में बुरी तरह घायल हुए वीसी शुक्ला के पेट और पीठ में तीन गोलियां लगी हैं। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें इलाज के लिए गुड़गांव के मेदांता अस्पताल लाया गया है। शुक्ला कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वह कई बार केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में वह चर्चा में आए थे।
हमले के दौरान नक्सलियों द्वारा अगवा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल के गोलियों से छलनी शव आज बस्तर की जिराम घाटी से मिले। हमले के दौरान कल कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। हमले में बुरी तरह घायल हुए वीसी शुक्ला के पेट और पीठ में तीन गोलियां लगी हैं। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें इलाज के लिए गुड़गांव के मेदांता अस्पताल लाया गया है। शुक्ला कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वह कई बार केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में वह चर्चा में आए थे। | संक्षिप्त पाठ: वीआईपी मूवमेंट के गुजरने से एक घंटे पहले पुलिस रास्तों और उसके आसपस के इलाकों की तलाशी लेती है। दरभा में सीआरपीएफ ने 3−4 घंटे पहले ही तलाशी का काम कर लिया था। सर्च ऑपरेशन 3−4 घंटे पहले होने से नक्सलियों को जमा होने का वक्त मिल गया... | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी दिल्ली के बदरपुर इलाके में महज पानी के छीटें चेहरे पर आ जाने को लेकर नाई की दुकान चला रहे दुकान मालिक ने एक युवक का मर्डर कर दिया. पुलिस ने आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया है. साउथ ईस्ट दिल्ली के बदरपुर इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब नाई की दुकान पर आए एक युवक ने अपने बाल संवारने के लिए सिर पर पानी मारा, जिसकी कुछ छींटे वहां पास में खड़े दुकान मालिक के चेहरे पर पड़ गए. बस फिर क्या था दोनों में बहस शुरू हो गई और फिर देखते ही देखते हाथा-पाई शुरू हो गई. हाथापाई में दुकान मालिक ने पास में रखी बाल काटने वाली कैंची युवक की छाती में दे मारी, जिसके चलते 20 वर्षीय पवन बुरी तरह से घायल हो गया. मौके पर खड़ी भीड़ व घायल के परिजनों ने दुकान मालिक के दोनों भाइयों की पिटाई कर डाली और पुलिस को फोन कर दिया.
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल पवन को समीप के ही अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पहुंचकर घायल पवन ने दम तोड़ दिया. पुलिस ने हत्या के आरोपी दोनों भाइयों को भी भीड़ से छुटवाकर गिरफ्तार कर लिया और इन दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया है. आरोपी का कहना है कि गुस्से में कैची मार दी.
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल पवन को समीप के ही अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पहुंचकर घायल पवन ने दम तोड़ दिया. पुलिस ने हत्या के आरोपी दोनों भाइयों को भी भीड़ से छुटवाकर गिरफ्तार कर लिया और इन दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया है. आरोपी का कहना है कि गुस्से में कैची मार दी. | संक्षिप्त पाठ: बाल काटने की कैंची युवक की छाती में मारी
अस्पताल ने युवक को मृत घोषित
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) प्रमुख डोमिनिक स्ट्रास काह्न को यौन उत्पीड़न के मामले में अदालत से जमानत नहीं मिली। काह्न पर होटलकर्मी के साथ बलात्कार का प्रयास करने का आरोप है। सारे घटनाक्रम से जहां काह्न की साख को बट्टा लगा है वहीं फ्रांस की राजनीति में भूचाल आ गया है। रविवार को गिरफ्तारी के बाद पहली बार अदालत में पेश हुए 62 वर्षीय आईएमएफ प्रमुख ने न्यायाधीश मेलिसा जैक्सन की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने 32 वर्षीय होटलकर्मी द्वारा लगाए आरोपों को खारिज किया। आईएमएफ प्रमुख ने बलात्कार का प्रयास, यौन उत्पीड़न तथा अवैध रूप से बंदी बनाकर रखने के आरोपों से इनकार किया। आरोप साबित होने पर काह्न को 15-20 साल की सजा हो सकती है। काह्न के वकीलों ने 10 लाख डॉलर के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत पर छोड़ने की याचिका दायर की थी और अपने सभी यात्रा दस्तावेज जमा करने का प्रस्ताव दिया था। न्यायाधीश ने हालांकि यह प्रस्ताव खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने काह्न को 20 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 20 मई को इस मामले की अगली सुनवाई होगी। काह्न को वर्ष 2012 में फ्रांस के राष्ट्रपति पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। हथकड़ी पहने, आईएमएफ प्रमुख स्ट्रास काह्न काफी हताश दिखाई दे रहे थे। इससे पहले उन्होंने इस संबंध में चिकित्सा जांच के लिये सहमति जताई थी। | संक्षिप्त पाठ: आईएमएफ प्रमुख काह्न को यौन उत्पीड़न के मामले में जमानत नहीं मिली। काह्न पर होटलकर्मी के साथ बलात्कार का प्रयास करने का आरोप है। | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व आंध्र प्रदेश के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने कहा है कि अलग तेलंगाना के मुद्दे पर कांग्रेस के नेताओं ने सहमति जताई थी और चंद्रबाबू नायडू व जगनमोहन रेड्डी की पार्टियों ने तो सिफारिश की थी।टिप्पणियां
मध्य प्रदेश के प्रवास पर पहुंचे सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, कांग्रेस अपने वादे से नहीं बदलती है। आंध्र प्रदेश से तेलंगाना को अलग करने को लेकर मैंने स्वयं आंध्र प्रदेश का कांग्रेस पार्टी का प्रभारी होने के नाते सभी दलों के नेताओं से बात की थी। कांग्रेस के नेताओं ने भी सहमति दी थी। चंद्रबाबू नायडू और जगनमोहन रेड्डी की पार्टियों ने भी लिखित में तेलंगाना के लिए सिफारिश की थी।
तेलंगाना मसले पर कांग्रेस के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के सवाल पर सिंह ने कहा कि उन्होने कांग्रेस के सभी नेताओं से चर्चा की थी। उन्होंने अपना पक्ष रखने के साथ कहा था और कहा था कि पार्टी हाईकमान जो फैसला करेगी उससे वे सहमत होंगे। कांग्रेस पार्टी तो अपने वादे से नहीं बदली, ये लोग बदल रहे हैं।
मध्य प्रदेश के प्रवास पर पहुंचे सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, कांग्रेस अपने वादे से नहीं बदलती है। आंध्र प्रदेश से तेलंगाना को अलग करने को लेकर मैंने स्वयं आंध्र प्रदेश का कांग्रेस पार्टी का प्रभारी होने के नाते सभी दलों के नेताओं से बात की थी। कांग्रेस के नेताओं ने भी सहमति दी थी। चंद्रबाबू नायडू और जगनमोहन रेड्डी की पार्टियों ने भी लिखित में तेलंगाना के लिए सिफारिश की थी।
तेलंगाना मसले पर कांग्रेस के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के सवाल पर सिंह ने कहा कि उन्होने कांग्रेस के सभी नेताओं से चर्चा की थी। उन्होंने अपना पक्ष रखने के साथ कहा था और कहा था कि पार्टी हाईकमान जो फैसला करेगी उससे वे सहमत होंगे। कांग्रेस पार्टी तो अपने वादे से नहीं बदली, ये लोग बदल रहे हैं।
तेलंगाना मसले पर कांग्रेस के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के सवाल पर सिंह ने कहा कि उन्होने कांग्रेस के सभी नेताओं से चर्चा की थी। उन्होंने अपना पक्ष रखने के साथ कहा था और कहा था कि पार्टी हाईकमान जो फैसला करेगी उससे वे सहमत होंगे। कांग्रेस पार्टी तो अपने वादे से नहीं बदली, ये लोग बदल रहे हैं। | कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व आंध्र प्रदेश के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने कहा है कि अलग तेलंगाना के मुद्दे पर कांग्रेस के नेताओं ने सहमति जताई थी और चंद्रबाबू नायडू व जगनमोहन रेड्डी की पार्टियों ने तो सिफारिश की थी। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हैदराबाद में चार लोगों द्वारा एक महिला पशु चिकित्सक से बलात्कार किए जाने और फिर उसे आग लगा दिए जाने के दो दिन बाद उसी इलाके में शुक्रवार को एक अन्य महिला का जला हुआ शव मिला. महिला की पहचान अभी नहीं हो पाई है. अज्ञात महिला की संदिग्ध हत्या उसी इलाके में (शमशाबाद) में हुई जहां महिला पशु चिकित्सक से 27 नवंबर को चार लोगों ने बलात्कार किया था और बाद में उसकी हत्या कर दी थी. सहायक पुलिस आयुक्त अशोक कुमार गौड़ ने बताया कि पास से गुजर रहे कुछ लोगों ने जला हुआ शव देखा और पुलिस को इस बारे में सूचित किया.
इसके बाद पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और शव को सरकारी अस्पताल भेजा गया. उन्होंने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि क्या महिला ने स्वयं को आग लगाकर आत्महत्या की या उसकी हत्या की गई.
बता दें कि हैदराबाद के पास बुधवार रात से लापता हुई एक 26 वर्षीय महिला पशु चिकित्सक का भी शव गुरुवार सुबह बुरी तरह से जला हुआ मिला था. तेलंगाना के शादनगर स्थित अपने घर से अस्पताल जा रही महिला पशु चिकित्सक की स्कूटी शमशाबाद में पंचर हो गई थी और यहीं से वह लापता हो गई थी. महिला ने अपनी बहन से 9 बजकर 15 मिनट पर आखिरी बार फोन से बात की थी और बताया था कि किसी ने पंचर सुधराने के लिए मदद की पेशकश की है.
मृतका की बहन ने बताया था कि उसने अपनी बहन (पशु चिकित्सक) से पास के टोल गेट पर जाकर इंतजार करने के लिए कहा था क्योंकि उसने बताया था कि जहां वह है वहां आसपास सिर्फ लोडिंग ट्रक और अनजान लोग हैं. ऐसे में उसे डर लग रहा है. बहन ने कहा, ''मैंने उसे स्कूटी वहीं छोड़कर आ जाने के लिए भी कहा था. लेकिन जब थोड़ी देर बाद मैंने उसका फोन लगाया तो फोन स्विच ऑफ था.'' | संक्षिप्त सारांश: एक और महिला का जला हुआ शव मिला
महिला डॉक्टर के शव मिलने के 2 दिन बाद की घटना
महिला की पहचान अभी नहीं हो पाई है | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी में लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए के घटक दल अपना दल (सोनेवाल) को मनाने में तो बीजेपी कामयाब हो गई है लेकिन एक अन्य छोटी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को संतुष्ट करने में फिलहाल कामयाब नहीं हो पाई है. इस पार्टी की कुछ ऐसी मांगें हैं जिनको लेकर बीजेपी अध्यक्ष ने तो आश्वासन दे दिया लेकिन यूपी सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही.
पिछड़ों के आरक्षण में आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार से नाता तोड़ने की चेतावनी देने वाली उसकी सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि गठबंधन जारी रखने को लेकर अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है.
प्रदेश के दिव्यांग जन सशक्तिकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राजभर ने शुक्रवार को बलिया जिले के रसड़ा कस्बे में दिव्यांगों को उपकरण वितरण कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा से गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि फिलहाल उनका भाजपा से गठबंधन को लेकर मसला सुलझा नहीं है. उन्होंने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में उनकी बैठक आगामी चार मार्च को होगी. बैठक में सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट कब और कैसे लागू होगी, समेत अनेक मुद्दों पर बातचीत होगी.
गौरतलब है कि राजभर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित सामाजिक न्याय समिति की सिफारिश के तहत पिछड़ों के लिए कोटा में कोटा लागू करने की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. राजभर ने पूर्व में ऐलान किया था कि अगर उनकी यह मांग पूरी नहीं हुई तो वे 24 फरवरी को भाजपा से नाता तोड़ लेंगे. राजभर की गत 19 फरवरी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात हुई थी.
राजभर ने बताया कि बैठक में शाह से सुभासपा के लिए कार्यालय भवन के आवंटन, विभिन्न शासकीय निगमों में सुभासपा नेताओं की नियुक्ति के सवाल पर चर्चा हुई. इस पर शाह ने राज्य सरकार से वे मांगें पूरी करने को कहा, मगर अभी तक कुछ नहीं हुआ.
(इनपुट भाषा से) | संक्षिप्त पाठ: पिछड़ों के आरक्षण में आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग
राजभर की अमित शाह के साथ दिल्ली में बैठक चार मार्च को
पहले 24 फरवरी को बीजेपी से नाता तोड़ने की चेतावनी दी थी | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सामाजिक कार्यकर्ता बिनायक सेन को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। बिनायक सेन को छत्तीसगढ़ की निचली अदालत ने पिछले साल दिसंबर में नक्सलियों को समर्थन देने ओर देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फरवरी में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिनायक सेन की जमानत अर्जी ठुकरा दी थी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बिनायक सेन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।बिनायक सेन पर नक्सलियों की मदद करने का आरोप लगाया गया था। उन्हें सजा सुनाने के खिलाफ देशभर में कई प्रदर्शन भी हो चुके हैं, साथ ही 12 देशों के 40 नोबल पुरस्कार विजेता भी प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर बिनायक सेन के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की अपील कर चुके हैं। बिनायक सेन की बेटी अपराजिता ने कहा कि हम इस लम्हे के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। उधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि वह हम न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। अब बिलासपुर हाइकोर्ट में आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी वहीं, सीपीआई महासचिव एबी बर्धन ने कहा है कि कांग्रेस की आंखें अब भी नहीं खुली हैं। अमूमन डॉक्टर गांवों में जाना पसंद नहीं करते, लेकिन डॉक्टर बिनायक सेन 30 साल से छत्तीसगढ़ में रहकर गरीब आदिवासियों को स्वास्थ सुविधाएं देते रहे हैं। उनका जुर्म ये जरूर है कि उन्होंने सरकारी दमन के खिलाफ आवाज उठाई। गरीबों के मानवाधिकार हनन का विरोध किया, सलवा जुडूम का विरोध किया। गांव के गरीबों की सेवा के लिए उन्हें 2004 में पॉल हैरीसन अवार्ड मिला। 2007 में उन्हें इंडियन एकैडमी ऑफ सोशल साइंसेज ने आरआर कीथन गोल्ड मेडल दिया। 2008 में उन्हें मानवाधिकारों और ग्लोबल सेहत के लिए जोनाथन मान अवार्ड दिया। इस कहानी का एक और पहलू है जो साथ−साथ चल रहा है। 14 मई, 2007 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोप लगाया कि वह माओवादी नेता नारायण सान्याल की चिट्ठियां जेल के बाहर ले जाते हैं। 2007 में पहले हाइकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी। 2009 में आखिरकार उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल सकी। 2010 में उन्हें देशद्रोह के आरोप मे उम्रकैद की सजा सुना दी गई। बदकिस्मती से इन आरोपों की बुनियाद बड़ी कच्ची थी। पहली बार पुलिस ने सेन के खिलाफ जो सबूत पेश किए, उनमें 3 जून, 2006 का एक पोस्टकार्ड था, जो रायपुर सेंट्रल जेल में बंद नारायण सान्याल ने बिनायक सेन को अपनी सेहत की बाबत लिखा था। इस पर जेल अधिकारियों के दस्तखत थे। पीडब्ल्यूजी और एमसीसी की एकता पर पीले रंग की एक बुकलेट थी। सीपीआई माओवादी के मदनलाल बंजारे की एक चिट्ठी थी, जो प्रिय कॉमरेड बिनायक सेन के नाम थी, साथ में कुछ लेख और उनकी प्रतियां थीं। उनकी पत्नी का आरोप है कि उनके खिलाफ पुलिस ने झूठे सबूत गढ़े। | संक्षिप्त सारांश: बिनायक सेन को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। छत्तीसगढ़ की निचली अदालत ने उन्हें देशद्रोह के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तराखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सरकार को चार हफ्ते में जवाब दाखिल करना है.टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर याचिका दाखिल की गई है. बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दाखिल कर कहा है कि उत्तराखंड में 2011 में लोकायुक्त बिल पास किया गया था और सितंबर 2013 में राज्यपाल और राष्ट्रपति ने इस पर मुहर लगा दी थी, लेकिन इसके बाद राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हुई है. जबकि राज्य में भ्रष्टाचार से जुड़ी करीब 700 शिकायतें लंबित पड़ी हैं.
गौरतलब है कि यूपी में अधिकार का इस्तेमाल कर सुप्रीम कोर्ट ने लोकायुक्त नियुक्त किया था. कोर्ट ने कहा था कि यूपी में लोकायुक्त की नियुक्ति जैसे साधारण मामले में संवैधानिक पदाधिकारी फेल हुए हैं.
सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर याचिका दाखिल की गई है. बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दाखिल कर कहा है कि उत्तराखंड में 2011 में लोकायुक्त बिल पास किया गया था और सितंबर 2013 में राज्यपाल और राष्ट्रपति ने इस पर मुहर लगा दी थी, लेकिन इसके बाद राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हुई है. जबकि राज्य में भ्रष्टाचार से जुड़ी करीब 700 शिकायतें लंबित पड़ी हैं.
गौरतलब है कि यूपी में अधिकार का इस्तेमाल कर सुप्रीम कोर्ट ने लोकायुक्त नियुक्त किया था. कोर्ट ने कहा था कि यूपी में लोकायुक्त की नियुक्ति जैसे साधारण मामले में संवैधानिक पदाधिकारी फेल हुए हैं.
गौरतलब है कि यूपी में अधिकार का इस्तेमाल कर सुप्रीम कोर्ट ने लोकायुक्त नियुक्त किया था. कोर्ट ने कहा था कि यूपी में लोकायुक्त की नियुक्ति जैसे साधारण मामले में संवैधानिक पदाधिकारी फेल हुए हैं. | सरकार को चार हफ्ते में जवाब दाखिल करना होगा
उत्तराखंड में 2011 में लोकायुक्त बिल पास किया गया
सितंबर 2013 में राज्यपाल और राष्ट्रपति ने दी मंजूरी | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: - पेमा खांडू अरुणाचल के पूर्व पर्यटन एवं जल संसाधन मंत्री रहे हैं।
- 37 वर्षीय पेमा मुक्तो (सुरक्षित) क्षेत्र से विधायक हैं।
- पेमा ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है।टिप्पणियां
- पेमा 2005 में अरूणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बने थे और फिर 2010 में तवांग में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए।
- पेमा खांडू अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम दोरजी खांडू के बेटे हैं जिनकी 2011 में एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी।
- 37 वर्षीय पेमा मुक्तो (सुरक्षित) क्षेत्र से विधायक हैं।
- पेमा ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है।टिप्पणियां
- पेमा 2005 में अरूणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बने थे और फिर 2010 में तवांग में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए।
- पेमा खांडू अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम दोरजी खांडू के बेटे हैं जिनकी 2011 में एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी।
- पेमा ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है।टिप्पणियां
- पेमा 2005 में अरूणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बने थे और फिर 2010 में तवांग में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए।
- पेमा खांडू अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम दोरजी खांडू के बेटे हैं जिनकी 2011 में एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी।
- पेमा 2005 में अरूणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बने थे और फिर 2010 में तवांग में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए।
- पेमा खांडू अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम दोरजी खांडू के बेटे हैं जिनकी 2011 में एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी।
- पेमा खांडू अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम दोरजी खांडू के बेटे हैं जिनकी 2011 में एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी। | यह एक सारांश है: पेमा खांडू अरुणाचल के पूर्व पर्यटन एवं जल संसाधन मंत्री रहे हैं
37 वर्षीय पेमा मुक्तो (सुरक्षित) क्षेत्र से विधायक हैं
दिल्ली के हिंदू कॉलेज से स्नातक की पढ़े हैं पेमा | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पिछले साल हुई परमाणु दुर्घटना के बाद अधिकांश परमाणु बिजली घरों के बंद रहने की वजह से बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए ईंधन आयात बढ़ने की वजह से जापान का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। जापान के वित्त मंत्रालय के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में व्यापार घाटा बढ़कर 18.5 अरब डॉलर हो गया जो कि 1979 के बाद सर्वाधिक है।
जनवरी के दौरान जापान का निर्यात सेमीकंडक्टर और दूसरे इलेक्ट्रानिक उपकरणों के निर्यात मंद पड़ने की वजह से 9.3 प्रतिशत लुढ़कर 4,510 अरब येन रह गया। इसके अलावा जापान के निर्यातकों को येन में आई मजबूती से निपटना पड़ रहा है। इसकी वजह से उनका उत्पाद विदेशों में महंगा हो जा रहा है और आय भी प्रभावित हो रहा है। आलोच्य अवधि के दौरान जापान का आयात 9.8 प्रतिशत बढ़कर 5,985 अरब येन हो गया।
जनवरी के दौरान जापान का निर्यात सेमीकंडक्टर और दूसरे इलेक्ट्रानिक उपकरणों के निर्यात मंद पड़ने की वजह से 9.3 प्रतिशत लुढ़कर 4,510 अरब येन रह गया। इसके अलावा जापान के निर्यातकों को येन में आई मजबूती से निपटना पड़ रहा है। इसकी वजह से उनका उत्पाद विदेशों में महंगा हो जा रहा है और आय भी प्रभावित हो रहा है। आलोच्य अवधि के दौरान जापान का आयात 9.8 प्रतिशत बढ़कर 5,985 अरब येन हो गया। | यहाँ एक सारांश है:पिछले साल हुई परमाणु दुर्घटना के बाद अधिकांश परमाणु बिजली घरों के बंद रहने की वजह से बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए ईंधन आयात बढ़ने की वजह से जापान का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने 50 सर्वाधिक वांछित आतंकवादी और अपराधियों की सूची में गलतियों को लेकर भारत से स्पष्टीकरण मांगा है। भारत ने पाकिस्तान से इन लोगों को सौंपने को कहा था। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तहमीना जंजुआ ने कहा कि भारत की ओर से सौंपी गई इस तरह की किसी भी सूची पर पाकिस्तान गंभीरता से विचार करेगा। उन्होंने कहा, इस तरह के किसी मुद्दे पर विचार करने को लेकर हमने भारत के विदेश मंत्रालय से अनुरोध कर इस सूची की वास्वविक स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। भारत के गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों की हाल ही में इस बात को लेकर किरकिरी हुई कि सर्वाधिक वांछित 50 भगोड़ों की सूची में शामिल दो लोग भारत में ही रह रहे हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान को एक सूची सौंपी गई थी, जिसमें मुंबई हमलों से जुड़े पाकिस्तानी सेना के पांच सैन्य अधिकारी के नाम भी शामिल हैं।तहमीना ने कहा कि इस सूची में गड़बड़ी के बारे में मीडिया में काफी चर्चा हुई है, यह भारत की सूची है और यह भारतीयों को तय करना है कि इसमें किसे रखना है। पाकिस्तान की एक समाचार एजेंसी ने हाल ही में बताया था कि गृह मंत्रालय ने भारत की सूची को खारिज कर दिया है, लेकिन तहमीना इस मुद्दे पर जवाब टाल गई। ऐसा माना जाता है कि इस समाचार एजेंसी का खुफिया एजेंसियों से करीबी संबंध है। पाकिस्तान को अशांत देश बताने वाली गृहमंत्री पी चिदंबरम की टिप्पणी के बारे में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, जैसा कि मैं संवाददाता सम्मेलन में बार-बार कह चुकी हूं कि हमारा इरादा मीडिया के जरिए संदेश भेजने का नहीं है। पाकिस्तान एक मजबूत देश है...एक ऐसा देश जो उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान ने 50 वांछित आतंकी और अपराधियों की सूची में गलतियों को लेकर भारत से स्पष्टीकरण मांगा है। भारत ने पाक से इन लोगों को सौंपने को कहा था। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद के लिए संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को मिले एक बड़े प्रोत्साहन के तहत राजग के एक प्रमुख घटक शिवसेना ने आज रात उन्हें समर्थन देने का आश्वासन दिया। उधर, भाजपा ने मन बना लिया है कि वह प्रणब मुखर्जी को बिना चुनाव लड़े राष्ट्रपति पद पर आसीन नहीं होने देगी।
शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने सोमवार रात कहा, ‘‘सेना प्रणब मुखर्जी का समर्थन करेगी।’’ शिवसेना सूत्रों ने बताया कि यह आश्वासन उस समय दिया गया जब मुखर्जी ने पार्टी प्रमुख बाल ठाकरे और उनके पुत्र एवं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से बातचीत की।टिप्पणियां
समझा जाता है कि भाजपा की सबसे पुरानी वैचारिक सहयोगी शिवसेना ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजग के रूख पर चिंता जतायी है। उसने राजग द्वारा अपने उम्मीदवार का चयन नहीं कर पाने के कारण भी निराशा जतायी है।
शिवसेना ने भाजपा से अलग रास्ता अपनाते हुए 2007 में प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था क्योंकि वह महाराष्ट्र की हैं। उस समय भाजपा और अन्य राजग घटकों ने राष्ट्रपति पद के लिए भैरों सिंह शेखावत को उतारा था।
शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने सोमवार रात कहा, ‘‘सेना प्रणब मुखर्जी का समर्थन करेगी।’’ शिवसेना सूत्रों ने बताया कि यह आश्वासन उस समय दिया गया जब मुखर्जी ने पार्टी प्रमुख बाल ठाकरे और उनके पुत्र एवं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से बातचीत की।टिप्पणियां
समझा जाता है कि भाजपा की सबसे पुरानी वैचारिक सहयोगी शिवसेना ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजग के रूख पर चिंता जतायी है। उसने राजग द्वारा अपने उम्मीदवार का चयन नहीं कर पाने के कारण भी निराशा जतायी है।
शिवसेना ने भाजपा से अलग रास्ता अपनाते हुए 2007 में प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था क्योंकि वह महाराष्ट्र की हैं। उस समय भाजपा और अन्य राजग घटकों ने राष्ट्रपति पद के लिए भैरों सिंह शेखावत को उतारा था।
समझा जाता है कि भाजपा की सबसे पुरानी वैचारिक सहयोगी शिवसेना ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजग के रूख पर चिंता जतायी है। उसने राजग द्वारा अपने उम्मीदवार का चयन नहीं कर पाने के कारण भी निराशा जतायी है।
शिवसेना ने भाजपा से अलग रास्ता अपनाते हुए 2007 में प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था क्योंकि वह महाराष्ट्र की हैं। उस समय भाजपा और अन्य राजग घटकों ने राष्ट्रपति पद के लिए भैरों सिंह शेखावत को उतारा था।
शिवसेना ने भाजपा से अलग रास्ता अपनाते हुए 2007 में प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था क्योंकि वह महाराष्ट्र की हैं। उस समय भाजपा और अन्य राजग घटकों ने राष्ट्रपति पद के लिए भैरों सिंह शेखावत को उतारा था। | उधर, भाजपा ने मन बना लिया है कि वह राष्ट्रपति पद के लिए संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को बिना चुनाव लड़े राष्ट्रपति पद पर आसीन नहीं होने देगी। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दिए जाने के बाद से कश्मीर घाटी में तनाव जारी है। हिंसा रोकने के लिए शनिवार से ही लागू कर्फ्यू मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। यहां समाचार-पत्र भी प्रकाशित नहीं हो रहे हैं और न ही इंटरनेट या केबल टेलीविजन चालू हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि अफजल के परिजन तिहाड़ जेल स्थित उसकी कब्र पर जाकर नमाज अदा करना चाहते हैं और इसके लिए उनसे संपर्क करते हैं तो वह हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने यह बात सोमवार शाम एक रेडियो चैनल से कही।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घाटी में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति से निपटते वक्त सुरक्षा बलों को अधिकतम संयम बरतने के आदेश दिए गए हैं।
उधर, प्रदर्शन के दौरान अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से एक की मौत सुरक्षा बलों की गोली से हुई है, दो की डूबने से।
उत्तरी कश्मीर के गांदरबल जिले में बैतविना गांव के लोगों का कहना है कि दो युवकों की मौत डूबने से हो गई, क्योंकि सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें खदेड़ा जा रहा था, जिससे डरकर उन्होंने नदी में छलांग लगा दी। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवकों की मौत झेलम नदी में नौका डूबने से हुई।
राज्य सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है।
कश्मीर घाटी में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन किसी स्थानीय समाचार-पत्र का प्रकाशन नहीं हुआ। स्थानीय सम्पादकों ने बताया कि उन्हें अनौपचारिक तरीके से बताया गया है कि वे अपने समाचार-पत्रों का संपादन शुक्रवार तक रोक दें।
दैनिक 'कश्मीर इमेज' के संपादक बशीर मंजर ने कहा, यदि प्रशासन ने ऐसा अफवाहों को रोकने के लिए किया है तो यह बहुत गलत निर्णय है।टिप्पणियां
केबल टेलीविजन का संचालन और इंटरनेट सुविधाएं भी श्रीनगर में बंद हैं। बीएसएनएल ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का हालांकि कहना है कि उनकी सेवा चल रही है।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे।
इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि अफजल के परिजन तिहाड़ जेल स्थित उसकी कब्र पर जाकर नमाज अदा करना चाहते हैं और इसके लिए उनसे संपर्क करते हैं तो वह हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने यह बात सोमवार शाम एक रेडियो चैनल से कही।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घाटी में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति से निपटते वक्त सुरक्षा बलों को अधिकतम संयम बरतने के आदेश दिए गए हैं।
उधर, प्रदर्शन के दौरान अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से एक की मौत सुरक्षा बलों की गोली से हुई है, दो की डूबने से।
उत्तरी कश्मीर के गांदरबल जिले में बैतविना गांव के लोगों का कहना है कि दो युवकों की मौत डूबने से हो गई, क्योंकि सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें खदेड़ा जा रहा था, जिससे डरकर उन्होंने नदी में छलांग लगा दी। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवकों की मौत झेलम नदी में नौका डूबने से हुई।
राज्य सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है।
कश्मीर घाटी में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन किसी स्थानीय समाचार-पत्र का प्रकाशन नहीं हुआ। स्थानीय सम्पादकों ने बताया कि उन्हें अनौपचारिक तरीके से बताया गया है कि वे अपने समाचार-पत्रों का संपादन शुक्रवार तक रोक दें।
दैनिक 'कश्मीर इमेज' के संपादक बशीर मंजर ने कहा, यदि प्रशासन ने ऐसा अफवाहों को रोकने के लिए किया है तो यह बहुत गलत निर्णय है।टिप्पणियां
केबल टेलीविजन का संचालन और इंटरनेट सुविधाएं भी श्रीनगर में बंद हैं। बीएसएनएल ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का हालांकि कहना है कि उनकी सेवा चल रही है।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घाटी में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति से निपटते वक्त सुरक्षा बलों को अधिकतम संयम बरतने के आदेश दिए गए हैं।
उधर, प्रदर्शन के दौरान अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से एक की मौत सुरक्षा बलों की गोली से हुई है, दो की डूबने से।
उत्तरी कश्मीर के गांदरबल जिले में बैतविना गांव के लोगों का कहना है कि दो युवकों की मौत डूबने से हो गई, क्योंकि सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें खदेड़ा जा रहा था, जिससे डरकर उन्होंने नदी में छलांग लगा दी। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवकों की मौत झेलम नदी में नौका डूबने से हुई।
राज्य सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है।
कश्मीर घाटी में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन किसी स्थानीय समाचार-पत्र का प्रकाशन नहीं हुआ। स्थानीय सम्पादकों ने बताया कि उन्हें अनौपचारिक तरीके से बताया गया है कि वे अपने समाचार-पत्रों का संपादन शुक्रवार तक रोक दें।
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केबल टेलीविजन का संचालन और इंटरनेट सुविधाएं भी श्रीनगर में बंद हैं। बीएसएनएल ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का हालांकि कहना है कि उनकी सेवा चल रही है।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे।
उधर, प्रदर्शन के दौरान अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से एक की मौत सुरक्षा बलों की गोली से हुई है, दो की डूबने से।
उत्तरी कश्मीर के गांदरबल जिले में बैतविना गांव के लोगों का कहना है कि दो युवकों की मौत डूबने से हो गई, क्योंकि सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें खदेड़ा जा रहा था, जिससे डरकर उन्होंने नदी में छलांग लगा दी। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवकों की मौत झेलम नदी में नौका डूबने से हुई।
राज्य सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है।
कश्मीर घाटी में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन किसी स्थानीय समाचार-पत्र का प्रकाशन नहीं हुआ। स्थानीय सम्पादकों ने बताया कि उन्हें अनौपचारिक तरीके से बताया गया है कि वे अपने समाचार-पत्रों का संपादन शुक्रवार तक रोक दें।
दैनिक 'कश्मीर इमेज' के संपादक बशीर मंजर ने कहा, यदि प्रशासन ने ऐसा अफवाहों को रोकने के लिए किया है तो यह बहुत गलत निर्णय है।टिप्पणियां
केबल टेलीविजन का संचालन और इंटरनेट सुविधाएं भी श्रीनगर में बंद हैं। बीएसएनएल ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का हालांकि कहना है कि उनकी सेवा चल रही है।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे।
उत्तरी कश्मीर के गांदरबल जिले में बैतविना गांव के लोगों का कहना है कि दो युवकों की मौत डूबने से हो गई, क्योंकि सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें खदेड़ा जा रहा था, जिससे डरकर उन्होंने नदी में छलांग लगा दी। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवकों की मौत झेलम नदी में नौका डूबने से हुई।
राज्य सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है।
कश्मीर घाटी में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन किसी स्थानीय समाचार-पत्र का प्रकाशन नहीं हुआ। स्थानीय सम्पादकों ने बताया कि उन्हें अनौपचारिक तरीके से बताया गया है कि वे अपने समाचार-पत्रों का संपादन शुक्रवार तक रोक दें।
दैनिक 'कश्मीर इमेज' के संपादक बशीर मंजर ने कहा, यदि प्रशासन ने ऐसा अफवाहों को रोकने के लिए किया है तो यह बहुत गलत निर्णय है।टिप्पणियां
केबल टेलीविजन का संचालन और इंटरनेट सुविधाएं भी श्रीनगर में बंद हैं। बीएसएनएल ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का हालांकि कहना है कि उनकी सेवा चल रही है।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे।
राज्य सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है।
कश्मीर घाटी में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन किसी स्थानीय समाचार-पत्र का प्रकाशन नहीं हुआ। स्थानीय सम्पादकों ने बताया कि उन्हें अनौपचारिक तरीके से बताया गया है कि वे अपने समाचार-पत्रों का संपादन शुक्रवार तक रोक दें।
दैनिक 'कश्मीर इमेज' के संपादक बशीर मंजर ने कहा, यदि प्रशासन ने ऐसा अफवाहों को रोकने के लिए किया है तो यह बहुत गलत निर्णय है।टिप्पणियां
केबल टेलीविजन का संचालन और इंटरनेट सुविधाएं भी श्रीनगर में बंद हैं। बीएसएनएल ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का हालांकि कहना है कि उनकी सेवा चल रही है।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे।
कश्मीर घाटी में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन किसी स्थानीय समाचार-पत्र का प्रकाशन नहीं हुआ। स्थानीय सम्पादकों ने बताया कि उन्हें अनौपचारिक तरीके से बताया गया है कि वे अपने समाचार-पत्रों का संपादन शुक्रवार तक रोक दें।
दैनिक 'कश्मीर इमेज' के संपादक बशीर मंजर ने कहा, यदि प्रशासन ने ऐसा अफवाहों को रोकने के लिए किया है तो यह बहुत गलत निर्णय है।टिप्पणियां
केबल टेलीविजन का संचालन और इंटरनेट सुविधाएं भी श्रीनगर में बंद हैं। बीएसएनएल ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का हालांकि कहना है कि उनकी सेवा चल रही है।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे।
दैनिक 'कश्मीर इमेज' के संपादक बशीर मंजर ने कहा, यदि प्रशासन ने ऐसा अफवाहों को रोकने के लिए किया है तो यह बहुत गलत निर्णय है।टिप्पणियां
केबल टेलीविजन का संचालन और इंटरनेट सुविधाएं भी श्रीनगर में बंद हैं। बीएसएनएल ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का हालांकि कहना है कि उनकी सेवा चल रही है।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे।
केबल टेलीविजन का संचालन और इंटरनेट सुविधाएं भी श्रीनगर में बंद हैं। बीएसएनएल ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का हालांकि कहना है कि उनकी सेवा चल रही है।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे।
इस बीच, अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से कहा है कि वे शुक्रवार तक प्रदर्शन करते हैं, जब ईदगाह मैदान तक मार्च की घोषणा की गई है। उनके प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, हम अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपने की मांग करेंगे। | संक्षिप्त सारांश: संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दिए जाने के बाद से कश्मीर घाटी में तनाव जारी है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी का ट्विटर अकाउंट हैक किए जाने की खबर मीडिया में आई थी. अब मुंबई के 22 साल के एक युवक ने पीएम मोदी के ऐप को हैक करने का दावा किया है. जावेद खत्री नाम के इस युवक का कहना है कि उसका इरादा हानि पहुंचाना नहीं बल्कि सुरक्षा खामियों को उजागर करना था.
गुरुवार की देर रात, पेशे से मोबाइल ऐप डेवलपर जावेद खत्री ने दावा किया कि उसने पीएम मोदी के ऐप को हैक किया था और वह यूजर्स के निजी डेटा तक पहुंच बना सकता था. निजी डेटा में ईमेल आईडी और यहां तक कि केंद्रीय मंत्रियों के मोबाइल नंबर भी शामिल हैं. उसने कहा कि इस कवायद का मकसद केवल 70 लाख से यूजर्स के डेटा से जुड़े जोख़िम के प्रति ध्यान खींचना था.
इस युवा हैकर ने एक वेबसाइट पर बताया, "यह भारी सुरक्षा खामी है जिसे मैं बताना चाहता हूं. यदि इन खामियों पर ध्यान नहीं दिया गया तो इन 70 लाख यूजर्स की निजता दांव पर है."
यह खबर इस वेबसाइट सुबह पर प्रकाशित हुई लेकिन बाद में उसे दो घंटे बाद हटा लिया गया. बाद में इस संबंध में स्पष्टीकरण पोस्ट किया गया. बीजेपी के सूचना एवं तकनीकी के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने इस वेबसाइट को बताया, "इस ऐप में कोई निजी या संवेदनशील डेटा नहीं है. ऐप यूजर की जानकारी ऐनक्रिप्टेड मोड पर होती है. हम जावेद खत्री को धन्यवाद देना चाहते हैं कि डेवेलपर ने ऐप की सुरक्षा पर बहुत ध्यान दिया है. हमने ऐप की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई सुरक्षा उपायों पर जोर दिया है." टिप्पणियां
जावेद खत्री मुंबई के घाटकोपर के एक छोटे से ऑफिस में कार्य करते हैं. एनडीटीवी ने जब जावेद से इस बारे में संपर्क किया तो शुरुआत में तो उसने ऐप को क्यों हैक किया, यह बताने में उत्सुकता दिखाई, लेकिन बाद में उसने मोबाइल संदेश भेजा कि ऐप की 'खामियों' को ऐप टीम ने दुरुस्त कर लिया है.
गुरुवार की देर रात, पेशे से मोबाइल ऐप डेवलपर जावेद खत्री ने दावा किया कि उसने पीएम मोदी के ऐप को हैक किया था और वह यूजर्स के निजी डेटा तक पहुंच बना सकता था. निजी डेटा में ईमेल आईडी और यहां तक कि केंद्रीय मंत्रियों के मोबाइल नंबर भी शामिल हैं. उसने कहा कि इस कवायद का मकसद केवल 70 लाख से यूजर्स के डेटा से जुड़े जोख़िम के प्रति ध्यान खींचना था.
इस युवा हैकर ने एक वेबसाइट पर बताया, "यह भारी सुरक्षा खामी है जिसे मैं बताना चाहता हूं. यदि इन खामियों पर ध्यान नहीं दिया गया तो इन 70 लाख यूजर्स की निजता दांव पर है."
यह खबर इस वेबसाइट सुबह पर प्रकाशित हुई लेकिन बाद में उसे दो घंटे बाद हटा लिया गया. बाद में इस संबंध में स्पष्टीकरण पोस्ट किया गया. बीजेपी के सूचना एवं तकनीकी के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने इस वेबसाइट को बताया, "इस ऐप में कोई निजी या संवेदनशील डेटा नहीं है. ऐप यूजर की जानकारी ऐनक्रिप्टेड मोड पर होती है. हम जावेद खत्री को धन्यवाद देना चाहते हैं कि डेवेलपर ने ऐप की सुरक्षा पर बहुत ध्यान दिया है. हमने ऐप की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई सुरक्षा उपायों पर जोर दिया है." टिप्पणियां
जावेद खत्री मुंबई के घाटकोपर के एक छोटे से ऑफिस में कार्य करते हैं. एनडीटीवी ने जब जावेद से इस बारे में संपर्क किया तो शुरुआत में तो उसने ऐप को क्यों हैक किया, यह बताने में उत्सुकता दिखाई, लेकिन बाद में उसने मोबाइल संदेश भेजा कि ऐप की 'खामियों' को ऐप टीम ने दुरुस्त कर लिया है.
यह खबर इस वेबसाइट सुबह पर प्रकाशित हुई लेकिन बाद में उसे दो घंटे बाद हटा लिया गया. बाद में इस संबंध में स्पष्टीकरण पोस्ट किया गया. बीजेपी के सूचना एवं तकनीकी के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने इस वेबसाइट को बताया, "इस ऐप में कोई निजी या संवेदनशील डेटा नहीं है. ऐप यूजर की जानकारी ऐनक्रिप्टेड मोड पर होती है. हम जावेद खत्री को धन्यवाद देना चाहते हैं कि डेवेलपर ने ऐप की सुरक्षा पर बहुत ध्यान दिया है. हमने ऐप की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई सुरक्षा उपायों पर जोर दिया है." टिप्पणियां
जावेद खत्री मुंबई के घाटकोपर के एक छोटे से ऑफिस में कार्य करते हैं. एनडीटीवी ने जब जावेद से इस बारे में संपर्क किया तो शुरुआत में तो उसने ऐप को क्यों हैक किया, यह बताने में उत्सुकता दिखाई, लेकिन बाद में उसने मोबाइल संदेश भेजा कि ऐप की 'खामियों' को ऐप टीम ने दुरुस्त कर लिया है.
जावेद खत्री मुंबई के घाटकोपर के एक छोटे से ऑफिस में कार्य करते हैं. एनडीटीवी ने जब जावेद से इस बारे में संपर्क किया तो शुरुआत में तो उसने ऐप को क्यों हैक किया, यह बताने में उत्सुकता दिखाई, लेकिन बाद में उसने मोबाइल संदेश भेजा कि ऐप की 'खामियों' को ऐप टीम ने दुरुस्त कर लिया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जावेद खत्री का कहना है कि उसका इरादा सुरक्षा खामियों को उजागर करना था
जावेद मुंबई के घाटकोपर के एक छोटे से ऑफिस में कार्य करते है
हाल में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का ट्विटर अकाउंट हैक हुआ था | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha News) भी पिछले दो बार से पटना साहिब की सीट (Patna Sahib Lok Sabha Seat) बतौर बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर जीतते आए हैं, मगर यह भी सच्चाई है कि परिसीमन के पहले आरजेडी के रामकृपाल यादव (Ram Kripal Yadav) ने पटना की यह सीट 2004 में जीती थी. बाद में पटना साहिब और पाटलीपुत्र (Patliputra Lok Sabha Seat) नाम से दो लोकसभा सीट बनाई गई. पटना साहिब में जहां शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर के बीच मुकाबला है, वहीं पाटलीपुत्र में आरजेडी की मीसा भारती और बीजेपी के रामकृपाल यादव के बीच कड़ी टक्कर है.
पहले बात पटना साहिब की करते हैं. परिसीमन के बाद पटना साहिब में कायस्थ वोट ही निर्णायक हैं और इस बार दो कायस्थ मैदान में हैं और एक तीसरे कायस्थ नेता भी हैं जो परदे के पीछे से इस चुनाव में असर डाल रहे हैं. जी हां मैं राज्यसभा के सांसद आरके सिन्हा की बात कर रहा हूं. उन्होंने अपनी संपत्ति 800 करोड़ की घोषित की है और वे अपने बेटे के लिए टिकट चाहते थे. यही वजह है कि जब लोकसभा का टिकट लेकर रविशंकर प्रसाद पटना पहुचे थे तो एयरपोर्ट पर ही आरके सिंहा और रविशंकर प्रसाद के सर्मथक भिड़ गए थे. मगर सच्चाई यह है कि पटना साहिब के 6 में से 5 विधानसभा पर बीजेपी का कब्जा है और फतुहा की एक सीट आरजेडी के पास है.
2009 में पटना साहिब में बीजेपी को 57 फीसदी और 2014 में 55 फीसदी वोट मिले थे. मगर इस बार दो कायस्थ नेताओं के बीच टक्कर है और मतदाता बंटे हुए हैं. लोग यह मानकर चल रहे हैं कि दोनों हवा हवाई नेता हैं. जैसे शत्रुध्न सिन्हा नहीं आते थे, वही हाल रविशंकर प्रसाद का भी होगा. लोग यह भी कहते हैं कि रविशंकर प्रसाद तो जीवन भर राज्यसभा में रहे. पिछला चुनाव उन्होंने 45 साल पहले लड़ा था वो भी पटना विश्वविद्यालय के छात्र संघ का. उस समय लालू यादव अध्यक्ष पद पर जीते थे और सुशील मोदी और रविशंकर प्रसाद अन्य पदों पर जीतने में सफल हुए थे. तब से लेकर अभी तक उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा है. यहां तक कि स्थानीय निकाय का भी नहीं.
पटना साहिब के कायस्थ मतदाता थोड़े कन्फयूज हैं, क्योंकि लोग यह कह रहे हैं कि दोनों तो कायस्थ हैं और रविशंकर प्रसाद तो पहले से ही राज्यसभा में हैं और उनका टर्म अभी 5 साल के लिए बचा हुआ है. ऐसे में एक कायस्थ यानि शत्रुघ्न सिन्हा को हराना मतलब एक कायस्थ सांसद की कमी करना होगा. तर्क चाहे जो भी हो शत्रुघ्न सिन्हा हो मस्लिम यादव और कांग्रेस वोटों का भरोसा है. साथ में उनका अपना स्टार पावर यानि बिहारी बाबू का तमगा. उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने कायस्थ वोट में सेंध लगा दी तो बात बन सकती है. वहीं, रविशंकर प्रसाद को प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ पार्टी संगठन पर भरोसा है, क्योंकि ये बीजेपी की परंपरागत सीट है. फैसला जो भी आए मगर मुकाबला तगड़ा है. | संक्षिप्त सारांश: बिहार की पटना साहिब सीट पर कांटे की टक्कर
शत्रुघ्न सिन्हा से रविशंकर प्रसाद का मुकाबला
पटना साहिब सीट पर आखिरी चरण में मतदान | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Weight Loss: क्या मीठा खाकर भी वजन घटा सकते हैं? जानें यहां
एक्सरसाइज से न सिर्फ हम निरोग रह सकते हैं बल्कि हम वजन भी घटा सकते हैं, बिना एक्सरसाइज के मोटपे को कम कर पाना मुश्किल हो सकता है. एक्सरसाइज करने के बाद जब आपको भूख लगे तो प्रोटीन और फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन करें न की वसा वाले फूड्स.
नाभि में क्यों लगाते हैं तेल, ये होते हैं 7 फायदे!
सुबह-सुबह चाय या कॉफी पीने से आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. यह आपके वजन घटाने के रास्ते में बाधा बन सकते हैं. अक्सर लोग सुबह की शुरुआत कैफीन और चाय के साथ करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से ये अच्छा नहीं है. वजन कम करने के लिए आप सूबह सबसे पहले गुनगुना पानी पिएं जो आपके पाचन तंत्र को बेहतर बनाएगा.
Weight Loss: 6 टिप्स जिससे त्योहारी सीजन में नहीं बढ़ेगा वजन!
कई लोग सुबह के नाश्ते में जंक फूड्स या ज्यादा वसा वाला खाना खा लेते हैं. इससे न सिर्फ आपका वजन बढ़ता है बल्कि आपका स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है. सूबह नाश्ते में ऐसे फलों या सब्जियों का सेवन करें जिनमें फाइबर की भरपूर मात्रा हो.
Exercise Benefits: वजन घटाने के अलावा ये 6 फायदे देता है नियमित व्यायाम
अनियमित शेड्यूल भी आपके लिए हानिकारक हो सकता है. वजन कम करना चाहते हैं तो सोने और उठने का एक शेड्यूल बनाएं. सुबह जल्दी उठने की आदत डालें. सुबह की धूप शरीर के लिए फायदेमंद हो सकती है.
Weight Loss: ये दालें वजन कर सकती हैं कम, जानिए क्या हैं स्वास्थ्य लाभ
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दही और योगर्ट वजन घटाने और हड्डियों के लिए हो सकते हैं लाभदायक, जानें दोनों का फर्क और फायदे
6 तरीके आजमाकर जानें आप फिट हैं या नहीं
वजन घटाने के लिए अपनाएं रिवर्स डाइटिंग, जल्द दिखेगा असर
Weight Loss: वो 4 हेल्दी पोस्ट वर्कआउट प्रोटीन शेक जो वजन घटाने में हैं मददगार, जानें विधि | संक्षिप्त सारांश: वजन घटाने के लिए सब कुछ कर लिया ट्राई फिर भी नहीं घट रहा है वजन
कहीं सुबह ये गलतियां तो नहीं कर रहे हैं आप?
यह टिप्स तेजी से घटाएंगे वजन! | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बुनियादी ढांचों के लिए धन के अभाव और तमाम देशों द्वारा अपनाए जा रहे सादगी के उपायों को लेकर भारत की चिंता का जी-20 के नेताओं ने समर्थन किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी-20 शिखर सम्मेलनों में बुनियादी ढांचे के लिए धन की दीर्घकालिक सुलभता पर लगातार जोर देते आ रहे हैं। पहली बार उन्होंने यह मुद्दा सियोल में जी-20 के पांचवे शिखर सम्मेलन में उठाया था और उसके बाद फिर कान्स में।
प्रधानमंत्री यह भी कहते आ रहे हैं कि अधिशेष राष्ट्रों को चाहिए कि वे कर्ज से दबे देशों में राजकोषीय दूरदर्शिता और सादगी के साथ सामंजस्य बिठाते हुए नपातुला राजकोषीय विस्तार करें। प्रधानमंत्री के इस रुख को मंगलवार को सम्पन्न हुए जी-20 के इस सातवें शिखर सम्मेलन में जारी हुए एक दस्तावेज में अंतत: समर्थन मिला है। इस दस्तावेज को औपचारिक रूप से जी-20 के नेताओं का घोषणा पत्र कहा गया है।
जी-20 के घोषणा पत्र में कहा गया है, "सतत आर्थिक विकास, गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन के लिए बुनियादी ढाचे में निवेश जरूरी है।" घोषणा पत्र में कहा गया है कि इस संदर्भ में बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा की गई सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने दस्तावेज पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "घोषणा पत्र संकेत करता है कि बहुपक्षीय विकास बैंकों को इस उद्देश्य के लिए मजबूत किया जाना चाहिए। हम जी-20 के देशों की बचनबद्धता को खास कार्रवाई में रूपांतरित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।" टिप्पणियां
जी-20 के सामान्य सत्र के दौरान अपने सम्बोधन में मनमोहन सिंह ने कहा कि चूंकि भारत जैसे विकासशील देश वैश्विक आर्थिक संकट के नकारात्मक असर के कारण गंभीर समस्याओं का पहले से सामना कर रहे हैं, लिहाजा उनके पास विकास के लिए बहुत कम धन है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "इस संदर्भ में विकासशील देशों में बुनियादी ढाचों में निवेश विशेष महत्व रखता है। यह दीर्घकाल के लिए तीव्र विकास की बुनियाद रखता है, तथा मांग का एक मजबूत स्रोत उपलब्ध कराकर उनकी अर्थव्यवस्थाओं को तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी तत्काल प्रोत्साहन मुहैया कराता है।" लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तभी संभव है, जब विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को इस तरह के निवेश के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक पूंजी प्राप्त हो, जो कि कठिन है, क्योंकि पूंजी प्रवाह अवरुद्ध बना हुआ है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी-20 शिखर सम्मेलनों में बुनियादी ढांचे के लिए धन की दीर्घकालिक सुलभता पर लगातार जोर देते आ रहे हैं। पहली बार उन्होंने यह मुद्दा सियोल में जी-20 के पांचवे शिखर सम्मेलन में उठाया था और उसके बाद फिर कान्स में।
प्रधानमंत्री यह भी कहते आ रहे हैं कि अधिशेष राष्ट्रों को चाहिए कि वे कर्ज से दबे देशों में राजकोषीय दूरदर्शिता और सादगी के साथ सामंजस्य बिठाते हुए नपातुला राजकोषीय विस्तार करें। प्रधानमंत्री के इस रुख को मंगलवार को सम्पन्न हुए जी-20 के इस सातवें शिखर सम्मेलन में जारी हुए एक दस्तावेज में अंतत: समर्थन मिला है। इस दस्तावेज को औपचारिक रूप से जी-20 के नेताओं का घोषणा पत्र कहा गया है।
जी-20 के घोषणा पत्र में कहा गया है, "सतत आर्थिक विकास, गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन के लिए बुनियादी ढाचे में निवेश जरूरी है।" घोषणा पत्र में कहा गया है कि इस संदर्भ में बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा की गई सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने दस्तावेज पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "घोषणा पत्र संकेत करता है कि बहुपक्षीय विकास बैंकों को इस उद्देश्य के लिए मजबूत किया जाना चाहिए। हम जी-20 के देशों की बचनबद्धता को खास कार्रवाई में रूपांतरित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।" टिप्पणियां
जी-20 के सामान्य सत्र के दौरान अपने सम्बोधन में मनमोहन सिंह ने कहा कि चूंकि भारत जैसे विकासशील देश वैश्विक आर्थिक संकट के नकारात्मक असर के कारण गंभीर समस्याओं का पहले से सामना कर रहे हैं, लिहाजा उनके पास विकास के लिए बहुत कम धन है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "इस संदर्भ में विकासशील देशों में बुनियादी ढाचों में निवेश विशेष महत्व रखता है। यह दीर्घकाल के लिए तीव्र विकास की बुनियाद रखता है, तथा मांग का एक मजबूत स्रोत उपलब्ध कराकर उनकी अर्थव्यवस्थाओं को तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी तत्काल प्रोत्साहन मुहैया कराता है।" लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तभी संभव है, जब विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को इस तरह के निवेश के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक पूंजी प्राप्त हो, जो कि कठिन है, क्योंकि पूंजी प्रवाह अवरुद्ध बना हुआ है।
प्रधानमंत्री यह भी कहते आ रहे हैं कि अधिशेष राष्ट्रों को चाहिए कि वे कर्ज से दबे देशों में राजकोषीय दूरदर्शिता और सादगी के साथ सामंजस्य बिठाते हुए नपातुला राजकोषीय विस्तार करें। प्रधानमंत्री के इस रुख को मंगलवार को सम्पन्न हुए जी-20 के इस सातवें शिखर सम्मेलन में जारी हुए एक दस्तावेज में अंतत: समर्थन मिला है। इस दस्तावेज को औपचारिक रूप से जी-20 के नेताओं का घोषणा पत्र कहा गया है।
जी-20 के घोषणा पत्र में कहा गया है, "सतत आर्थिक विकास, गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन के लिए बुनियादी ढाचे में निवेश जरूरी है।" घोषणा पत्र में कहा गया है कि इस संदर्भ में बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा की गई सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने दस्तावेज पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "घोषणा पत्र संकेत करता है कि बहुपक्षीय विकास बैंकों को इस उद्देश्य के लिए मजबूत किया जाना चाहिए। हम जी-20 के देशों की बचनबद्धता को खास कार्रवाई में रूपांतरित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।" टिप्पणियां
जी-20 के सामान्य सत्र के दौरान अपने सम्बोधन में मनमोहन सिंह ने कहा कि चूंकि भारत जैसे विकासशील देश वैश्विक आर्थिक संकट के नकारात्मक असर के कारण गंभीर समस्याओं का पहले से सामना कर रहे हैं, लिहाजा उनके पास विकास के लिए बहुत कम धन है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "इस संदर्भ में विकासशील देशों में बुनियादी ढाचों में निवेश विशेष महत्व रखता है। यह दीर्घकाल के लिए तीव्र विकास की बुनियाद रखता है, तथा मांग का एक मजबूत स्रोत उपलब्ध कराकर उनकी अर्थव्यवस्थाओं को तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी तत्काल प्रोत्साहन मुहैया कराता है।" लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तभी संभव है, जब विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को इस तरह के निवेश के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक पूंजी प्राप्त हो, जो कि कठिन है, क्योंकि पूंजी प्रवाह अवरुद्ध बना हुआ है।
जी-20 के घोषणा पत्र में कहा गया है, "सतत आर्थिक विकास, गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन के लिए बुनियादी ढाचे में निवेश जरूरी है।" घोषणा पत्र में कहा गया है कि इस संदर्भ में बहुपक्षीय विकास बैंकों द्वारा की गई सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने दस्तावेज पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "घोषणा पत्र संकेत करता है कि बहुपक्षीय विकास बैंकों को इस उद्देश्य के लिए मजबूत किया जाना चाहिए। हम जी-20 के देशों की बचनबद्धता को खास कार्रवाई में रूपांतरित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।" टिप्पणियां
जी-20 के सामान्य सत्र के दौरान अपने सम्बोधन में मनमोहन सिंह ने कहा कि चूंकि भारत जैसे विकासशील देश वैश्विक आर्थिक संकट के नकारात्मक असर के कारण गंभीर समस्याओं का पहले से सामना कर रहे हैं, लिहाजा उनके पास विकास के लिए बहुत कम धन है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "इस संदर्भ में विकासशील देशों में बुनियादी ढाचों में निवेश विशेष महत्व रखता है। यह दीर्घकाल के लिए तीव्र विकास की बुनियाद रखता है, तथा मांग का एक मजबूत स्रोत उपलब्ध कराकर उनकी अर्थव्यवस्थाओं को तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी तत्काल प्रोत्साहन मुहैया कराता है।" लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तभी संभव है, जब विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को इस तरह के निवेश के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक पूंजी प्राप्त हो, जो कि कठिन है, क्योंकि पूंजी प्रवाह अवरुद्ध बना हुआ है।
जी-20 के सामान्य सत्र के दौरान अपने सम्बोधन में मनमोहन सिंह ने कहा कि चूंकि भारत जैसे विकासशील देश वैश्विक आर्थिक संकट के नकारात्मक असर के कारण गंभीर समस्याओं का पहले से सामना कर रहे हैं, लिहाजा उनके पास विकास के लिए बहुत कम धन है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "इस संदर्भ में विकासशील देशों में बुनियादी ढाचों में निवेश विशेष महत्व रखता है। यह दीर्घकाल के लिए तीव्र विकास की बुनियाद रखता है, तथा मांग का एक मजबूत स्रोत उपलब्ध कराकर उनकी अर्थव्यवस्थाओं को तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी तत्काल प्रोत्साहन मुहैया कराता है।" लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तभी संभव है, जब विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को इस तरह के निवेश के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक पूंजी प्राप्त हो, जो कि कठिन है, क्योंकि पूंजी प्रवाह अवरुद्ध बना हुआ है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "इस संदर्भ में विकासशील देशों में बुनियादी ढाचों में निवेश विशेष महत्व रखता है। यह दीर्घकाल के लिए तीव्र विकास की बुनियाद रखता है, तथा मांग का एक मजबूत स्रोत उपलब्ध कराकर उनकी अर्थव्यवस्थाओं को तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी तत्काल प्रोत्साहन मुहैया कराता है।" लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तभी संभव है, जब विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को इस तरह के निवेश के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक पूंजी प्राप्त हो, जो कि कठिन है, क्योंकि पूंजी प्रवाह अवरुद्ध बना हुआ है। | सारांश: उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बुनियादी ढांचों के लिए धन के अभाव और तमाम देशों द्वारा अपनाए जा रहे सादगी के उपायों को लेकर भारत की चिंता का जी-20 के नेताओं ने समर्थन किया है। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रतिबंधित युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) और केंद्र सरकार के बीच मंगलवार को नई दिल्ली में शांति वार्ता का एक महत्वपूर्ण दौर शुरू हुआ। केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने किया, जबकि उल्फा के छह सदस्यीय दल ने इसके प्रमुख अरविंद राजखोवा के नेतृत्व में वार्ता में शिरकत की। वार्ता केंद्रीय गृह मंत्रालय के नार्थ ब्लॉक दफ्तर में हुई। बैठक में वार्ताकार पीसी हलदर भी शामिल थे। अधिकारियों के मुताबिक, वार्ता में उल्फा की मांगों पर चर्चा की जाएगी। उल्फा की मांगों में असम के तीव्र एवं संतुलित विकास के अतिरिक्त राज्य को अपने प्राकृतिक संसाधनों एवं राजस्व उगाही का अधिकार देने, योजना प्रक्रिया में उसकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने और सुरक्षित भौगोलिक स्थिति प्रदान करने के लिए संविधान में संशोधन करने की बातें शामिल हैं। वार्ता से पहले राजखोवा ने संवाददाताओं से कहा कि वह क्षेत्र के लोगों की काफी समय से लम्बित मांगों और उनकी इच्छाओं के बारे में बताएंगे। उल्लेखनीय है कि उल्फा के नेताओं को जमानत पर रिहा किए जाने के बाद साल की शुरुआत में उसके और केंद्र सरकार के बीच संघर्ष विराम को लेकर सहमति बनी थी। स्वतंत्र असम की मांग को लेकर उल्फा 1979 से सक्रिय है। पिछले तीन दशक में सरकार और उग्रवादियों के बीच संघर्ष में कम से कम 10,000 लोग मारे गए हैं। उल्फा के फरार कमांडर इन चीफ परेश बरुआ ने हालांकि बातचीत को खारिज किया है। ईमेल से भेजे गए बयान में बरुआ ने कहा है, "हम शांति वार्ता को समर्थन नहीं दे सकते, क्योंकि राजखोवा के नेतृत्व वाला उल्फा का नेतृत्व हमारे दुश्मन (सरकार) के दबाव में है।" राजखोवा का हालांकि कहना है कि बरुआ शांति वार्ता के खिलाफ नहीं हैं। | सारांश: उल्फा और केंद्र सरकार के बीच मंगलवार को नई दिल्ली में शांति वार्ता का एक महत्वपूर्ण दौर शुरू हुआ। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हॉलीवुड (Hollywood Star) स्टार पॉल रुड (Paul Rudd) का कहना है कि वे भारत आना चाहते हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे जल्द भारत आएंगे. रुड (Paul Rudd) ने कहा, "हैलो इंडिया, काश, मैं वहां होता. मैं भारत जाना चाहता हूं लेकिन जबतक मैं ऐसा नहीं करता, तब तक जो को मेरे लिए अतिरिक्त जश्न मनाना होगा. रुड ने कहा, तो, मस्ती करिए दोस्तों और थिएटर में मिलते हैं. रुड (Paul Rudd)ने एक वीडियो मैसेज के माध्यम से अपनी इच्छा जताई जिसे सोमवार को यहां फैन-इवेंट में चलाया गया. यह कार्यक्रम 'अवेंजर्स : एंडगेम' (Avengers: Endgame) के प्रचार के लिए फिल्म के सह-निर्देशक जो रूसो की मौजूदगी में आयोजित किया गया.
थोर अभिनेता क्रिस हेम्सवर्थ (Chris Hemsworth) ने संदेश में भारत की तारीफ करते हुए कहा, "हमारे निर्देशक जो रसो इस खूबसूरत देश आए हैं. मैं भी आ चुका हूं.यह ग्रह की सबसे बेहतरीन जगहों में से एक है. माफी चाहता हूं कि इस बार नहीं आ सका. आप लोगों को ढेर सारा प्यार.जल्द मिलने की आशा करता हूं."इन सुपर हीरोज के साथ-साथ सुपर विलेन थानोस (Thanos) ने भी एक संदेश दिया. अभिनेता जोश ब्रोलिन (Josh Brolin) ने कहा, "हैलो इंडिया, मैं वहां नहीं आ सका, इसलिए माफ करना. लेकिन मेरा बडी, जो रूसो वहां है. मैं आपसे प्यार करता हूं दोस्तों. मैं भारत में रह चुका हूं. मैंने बाइक से मुंबई से 10 दिन यात्रा की है, आपसे दोबारा मिलने के लिए बेचैन हूं.
'मार्वल स्टूडियोज' (Marvel Studios) की 'अवेंजर्स : एंडगेम' (Avengers: Endgame) में रॉबर्ट डाउनी जूनियर (Robert Downey Jr), क्रिस हेम्सवर्थ (Chris Hemsworth), क्रिस इवांस (Chris Evans) और स्कारलेट जोहानसन (Scarlett Johansson) हैं. यह फिल्म भारत में 26 अप्रैल को अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगू में रिलीज होगी. यह फिल्म 'अवेंजर्स : इनफिनिटी वार' (Avengers: Infinity War) से आगे का भाग है जिसमें सुपरविलेन थानोस (Thanos)के सामने सुपरहीरोज को असफल होते देख मार्वल के फैंस शॉक्ड रह गए थे. | संक्षिप्त सारांश: 26 अप्रैल को रिलीज होगी फिल्म
फिल्म के को-डायरेक्टर कर रहे हैं इंडिया में प्रचार
दर्शकों को फिल्म का बेसब्री से है इंतजार | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ओसामा प्रकरण को लेकर अलग-थलग पड़ गए पाकिस्तान का पुरजोर समर्थन करते हुए चीन ने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती की बुनियाद हमेशा कायम रहेगी। चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष यूसुफ रजा गिलानी से मुलाकात के दौरान कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो भी बदलाव हो, चीन और पाकिस्तान हमेशा अच्छे पड़ोसी, अच्छे दोस्त, अच्छे साझेदार और अच्छे भाई बने रहेंगे। आतंकवाद के खिलाफ इस्लामाबाद के प्रयासों की सराहना करते हुए चीन ने कहा कि वह अपने इस सदाबहार दोस्त के साथ दोस्ताना हमेशा कायम रखेगे। ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के घटनाक्रम के बाद से पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते में तल्खी आई है। इस वजह से भी इस्लामाबाद ने बीजिंग की ओर उम्मीद लगा रखी है। गिलानी इसी उम्मीद को मजबूती देने के मकसद से चीन के चार दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। जियाबाओ और गिलानी ने बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल में मुलाकात की। इस दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने पाकिस्तान और चीन की सदाबहार दोस्ती का बखान किया और इसे आगे भी जारी रखने का फैसला किया। बंद कमरे में मुलाकात से पहले जियाबाओ ने गिलानी की मेहमाननवाजी की। गिलानी मंगलवार को शंघाई पहुंचे थे। | संक्षिप्त पाठ: ओसामा प्रकरण को लेकर अलग-थलग पड़ गए पाक का पुरजोर समर्थन करते हुए चीन ने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती की बुनियाद हमेशा कायम रहेगी। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस कड़ी टक्कर देते हुई दिख रही है. खबर लिखे जाने तक रुझानों में कांग्रेस जहां 29 सीटों पर आगे है, वहीं भाजपा 5 सीटों के नुकसान के साथ 42 सीटों पर आगे बनी हुई है. कांग्रेस को इस बार 14 सीटों का फायदा होते हुए दिख रहा है. ऐसे में दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी से कांग्रेस ने समर्थन के लिए संपर्क किया है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने जेजेपी को डिप्टी सीएम पद का ऑफर दिया है. वहीं, जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला का कहना है कि उनकी पार्टी नई सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली है. उन्होंने कहा कि राज्य में अगर किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है तो उनकी पार्टी नई सरकार बनाने में एक अहम भूमिका निभाएगी.
चौटाला ने कहा कि हम परिणाम आने के बाद ही तय करेंगे की हमें बीजेपी के साथ जाना है या कांग्रेस के साथ या फिर विपक्ष में बैठना है. हमारी पार्टी ने जाति और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर काम किया है. हम राज्य में 75 फीसदी युवाओं को नौकरी देने, किसानों को सही कीमत , और महिलाओं सुरक्षा पर प्राथमिकता से काम चाहते हैं.
वोटों की गिनती शुरू होने के बाद दुष्यंत चौटाला ने कहा था, वोटर ने जेजेपी को काफी प्यार दिया है. काफी ताकत दी है. हरियाणा बदलाव चाहता है. कुछ ही समय में आप नया चेहरा देखेंगे. 26-27 सीटों पर कांटें की टक्कर है. चुनाव परिणाम का इंतजार करें. उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि किस पार्टी के साथ जाउंगा. मैं सबसे पहले पार्टी की मीटिंग बुलाउंगा तभी फैसला करूंगा. पार्टी ही आगे की भूमिका तय करेगी कि हमें बीजेपी के साथ जाना है, कांग्रेस के साथ जाना है या विपक्ष में बैठना है. हमने जाति और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर काम किया है. मैं 75फीसदी युवाओं के लिए सुरक्षित नौकरी चाहता हूं, किसानों के लिए उचित मूल्य चाहता हूं, महिलाओं के लिए सुरक्षा चाहता हूं और कामगारों के लिए अधिकार चाहता हूं. | यहाँ एक सारांश है:हरियाणा के चुनावी नतीजों के बाद बढ़ी सियासी चहलकदमी
कांग्रेस ने समर्थन के लिए JJP से किया संपर्क
सूत्रों के मुताबिक उपमुख्यमंत्री का पद किया ऑफर | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वेतन और भत्तों के भुगतान में देरी के मद्देनजर एयर इंडिया के पायलटों के एक वर्ग ने आगामी पहली अप्रैल से काम पर नहीं आने की चेतावनी दी है।
एयर इंडिया के विलय से पूर्व पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाली इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) ने इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह, श्रम मंत्री मल्लिकाजरुन खड़गे और कई अन्य को पत्र भेजा है।
आईपीजी ने कहा है कि उसके कई सदस्यों को वित्तीय परेशानी झेलनी पड़ रही है। आईपीजी ने कहा कि इससे पायलटों की अपनी ड्यूटी को ठीक से करने की क्षमता प्रभावित हो रही है।
आईपीजी के अध्यक्ष जितेंद्र अवहद ने पत्र में कहा है कि यदि प्रबंधन ने पायलटों के सभी बकाये का भुगतान नहीं किया तो वे एक अप्रैल, 2012 से उड़ानों का परिचालन नहीं कर पाएंगे। आईपीजी ने एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, नागरिक उड्डयन सचिव और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को भी पत्र भेजा है।टिप्पणियां
अवहद ने दोनों मंत्रियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, जिससे इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके। इस साल में यह दूसरा मौका है जब पायलट वेतन भुगतान में विलंब के मुद्दे पर काम पर न आने की चेतावनी दे रहे हैं।
आईपीजी ने कहा कि पायलटों का पिछले साल दिसंबर से मूल वेतन नहीं मिला हें इसके अलावा दिसंबर से मार्च तक का लेओवर भत्ता बकाया है। वहीं नवंबर से फरवरी तक का उड़ान भत्ता भी नहीं दिया गया है।
एयर इंडिया के विलय से पूर्व पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाली इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) ने इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह, श्रम मंत्री मल्लिकाजरुन खड़गे और कई अन्य को पत्र भेजा है।
आईपीजी ने कहा है कि उसके कई सदस्यों को वित्तीय परेशानी झेलनी पड़ रही है। आईपीजी ने कहा कि इससे पायलटों की अपनी ड्यूटी को ठीक से करने की क्षमता प्रभावित हो रही है।
आईपीजी के अध्यक्ष जितेंद्र अवहद ने पत्र में कहा है कि यदि प्रबंधन ने पायलटों के सभी बकाये का भुगतान नहीं किया तो वे एक अप्रैल, 2012 से उड़ानों का परिचालन नहीं कर पाएंगे। आईपीजी ने एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, नागरिक उड्डयन सचिव और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को भी पत्र भेजा है।टिप्पणियां
अवहद ने दोनों मंत्रियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, जिससे इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके। इस साल में यह दूसरा मौका है जब पायलट वेतन भुगतान में विलंब के मुद्दे पर काम पर न आने की चेतावनी दे रहे हैं।
आईपीजी ने कहा कि पायलटों का पिछले साल दिसंबर से मूल वेतन नहीं मिला हें इसके अलावा दिसंबर से मार्च तक का लेओवर भत्ता बकाया है। वहीं नवंबर से फरवरी तक का उड़ान भत्ता भी नहीं दिया गया है।
आईपीजी ने कहा है कि उसके कई सदस्यों को वित्तीय परेशानी झेलनी पड़ रही है। आईपीजी ने कहा कि इससे पायलटों की अपनी ड्यूटी को ठीक से करने की क्षमता प्रभावित हो रही है।
आईपीजी के अध्यक्ष जितेंद्र अवहद ने पत्र में कहा है कि यदि प्रबंधन ने पायलटों के सभी बकाये का भुगतान नहीं किया तो वे एक अप्रैल, 2012 से उड़ानों का परिचालन नहीं कर पाएंगे। आईपीजी ने एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, नागरिक उड्डयन सचिव और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को भी पत्र भेजा है।टिप्पणियां
अवहद ने दोनों मंत्रियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, जिससे इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके। इस साल में यह दूसरा मौका है जब पायलट वेतन भुगतान में विलंब के मुद्दे पर काम पर न आने की चेतावनी दे रहे हैं।
आईपीजी ने कहा कि पायलटों का पिछले साल दिसंबर से मूल वेतन नहीं मिला हें इसके अलावा दिसंबर से मार्च तक का लेओवर भत्ता बकाया है। वहीं नवंबर से फरवरी तक का उड़ान भत्ता भी नहीं दिया गया है।
आईपीजी के अध्यक्ष जितेंद्र अवहद ने पत्र में कहा है कि यदि प्रबंधन ने पायलटों के सभी बकाये का भुगतान नहीं किया तो वे एक अप्रैल, 2012 से उड़ानों का परिचालन नहीं कर पाएंगे। आईपीजी ने एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, नागरिक उड्डयन सचिव और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को भी पत्र भेजा है।टिप्पणियां
अवहद ने दोनों मंत्रियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, जिससे इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके। इस साल में यह दूसरा मौका है जब पायलट वेतन भुगतान में विलंब के मुद्दे पर काम पर न आने की चेतावनी दे रहे हैं।
आईपीजी ने कहा कि पायलटों का पिछले साल दिसंबर से मूल वेतन नहीं मिला हें इसके अलावा दिसंबर से मार्च तक का लेओवर भत्ता बकाया है। वहीं नवंबर से फरवरी तक का उड़ान भत्ता भी नहीं दिया गया है।
अवहद ने दोनों मंत्रियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, जिससे इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके। इस साल में यह दूसरा मौका है जब पायलट वेतन भुगतान में विलंब के मुद्दे पर काम पर न आने की चेतावनी दे रहे हैं।
आईपीजी ने कहा कि पायलटों का पिछले साल दिसंबर से मूल वेतन नहीं मिला हें इसके अलावा दिसंबर से मार्च तक का लेओवर भत्ता बकाया है। वहीं नवंबर से फरवरी तक का उड़ान भत्ता भी नहीं दिया गया है।
आईपीजी ने कहा कि पायलटों का पिछले साल दिसंबर से मूल वेतन नहीं मिला हें इसके अलावा दिसंबर से मार्च तक का लेओवर भत्ता बकाया है। वहीं नवंबर से फरवरी तक का उड़ान भत्ता भी नहीं दिया गया है। | यह एक सारांश है: वेतन और भत्तों के भुगतान में देरी के मद्देनजर एयर इंडिया के पायलटों के एक वर्ग ने आगामी पहली अप्रैल से काम पर नहीं आने की चेतावनी दी है। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीन और दक्षिण कोरिया की इस बात के लिए प्रशंसा की कि उसने ओलिंपिक खेलों के आयोजन का उपयोग अपने देश की छवि को सुधारने में किया, जबकि दूसरी ओर भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में गड़बड़ियों और घोटालों के कारण यह बेहतरीन मौका गंवा दिया।
मोदी ने कहा कि देश को एक ऊर्जावान शक्ति के रूप में पेश करना आज सैनिक या आर्थिक ताकत के तौर पर पेश करने से अधिक महत्वपूर्ण है।
उत्तरी दिल्ली में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, दक्षिण कोरिया ने ओलिंपिक खेलों की मेजबानी करके दिखाया कि वे क्या हैं। उन्होंने इस बड़े आयोजन के द्वारा अपने देश का नाम रोशन किया। चीन ने भी ऐसा ही किया। चीन पहले ही अपने सैन्य और आर्थिक ताकत दिखा दी है, लेकिन ओलिंपिक आयोजन के द्वारा उसने अपनी ऊर्जावान शक्ति भी दिखाई।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि भारत ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन द्वारा ऐसा करने के अवसर को गंवा दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और देश के अगले 20 वर्ष के मौके खत्म हो गए।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने 1988 में और चीन ने 2010 में ओलंपिक खेलों का आयोजन किया था।
मोदी ने कहा कि देश को एक ऊर्जावान शक्ति के रूप में पेश करना आज सैनिक या आर्थिक ताकत के तौर पर पेश करने से अधिक महत्वपूर्ण है।
उत्तरी दिल्ली में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, दक्षिण कोरिया ने ओलिंपिक खेलों की मेजबानी करके दिखाया कि वे क्या हैं। उन्होंने इस बड़े आयोजन के द्वारा अपने देश का नाम रोशन किया। चीन ने भी ऐसा ही किया। चीन पहले ही अपने सैन्य और आर्थिक ताकत दिखा दी है, लेकिन ओलिंपिक आयोजन के द्वारा उसने अपनी ऊर्जावान शक्ति भी दिखाई।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि भारत ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन द्वारा ऐसा करने के अवसर को गंवा दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और देश के अगले 20 वर्ष के मौके खत्म हो गए।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने 1988 में और चीन ने 2010 में ओलंपिक खेलों का आयोजन किया था।
उत्तरी दिल्ली में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, दक्षिण कोरिया ने ओलिंपिक खेलों की मेजबानी करके दिखाया कि वे क्या हैं। उन्होंने इस बड़े आयोजन के द्वारा अपने देश का नाम रोशन किया। चीन ने भी ऐसा ही किया। चीन पहले ही अपने सैन्य और आर्थिक ताकत दिखा दी है, लेकिन ओलिंपिक आयोजन के द्वारा उसने अपनी ऊर्जावान शक्ति भी दिखाई।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि भारत ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन द्वारा ऐसा करने के अवसर को गंवा दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और देश के अगले 20 वर्ष के मौके खत्म हो गए।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने 1988 में और चीन ने 2010 में ओलंपिक खेलों का आयोजन किया था।
मोदी ने कहा कि भारत ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन द्वारा ऐसा करने के अवसर को गंवा दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और देश के अगले 20 वर्ष के मौके खत्म हो गए।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने 1988 में और चीन ने 2010 में ओलंपिक खेलों का आयोजन किया था।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने 1988 में और चीन ने 2010 में ओलंपिक खेलों का आयोजन किया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मोदी ने कहा, दक्षिण कोरिया ने ओलिंपिक खेलों की मेजबानी करके दिखाया कि वे क्या हैं। उन्होंने इस बड़े आयोजन के द्वारा अपने देश का नाम रोशन किया। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने इस्पात इंडस्ट्रीज और महाराष्ट्र की बिजली वितरण कंपनी एमएसईडीसीएल के कुछ अन्य औद्योगिक ग्राहकों की उस अनुरोध को ठुकरा दिया है, जिसमें भावी बिलिंग के बदले भुगतान किए गए 500 करोड़ रुपये के शुल्क का समायोजन करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश एसएच कपाड़िया की अध्यक्षता वाली तीन जजों की एक पीठ ने कहा कि मामले की तेजी से सुनवाई की जाएगी। इस्पात इंडस्ट्रीज की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने दलील दी कि औद्योगिक ग्राहकों ने बुरे वक्त में बढ़े हुए शुल्क का भुगतान कर एमएसईडीसीएल का सहयोग किया और कंपनी को अब यह राशि लौटानी चाहिए। उन्होंने कहा, हमारा मासिक बिल 80 करोड़ रुपये का है। उन्हें प्रति माह 10 करोड़ रुपये का समायोजन करने दें। इससे पहले, मामले में अंतरिम आदेश पारित करते हुए उच्चतम न्यायालय ने 4 दिसंबर, 2010 को बिजली क्षेत्र के न्यायाधिकरण एप्टेल के उस निर्देश पर रोक लगा दी थी, जिसमें ट्राइब्यूनल ने इस्पात इंडस्ट्रीज समेत औद्योगिक ग्राहकों से संग्रह किए गए 500 करोड़ रुपये विशेष शुल्क को रिफंड करने को कहा था। | न्यायालय ने उस अनुरोध को ठुकरा दिया है, जिसमें भावी बिलिंग के बदले भुगतान किए गए 500 करोड़ रुपये के शुल्क का समायोजन करने का आग्रह किया गया था। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर में शुक्रवार सुबह चेनाब नदी में एक मिनी बस के गिरने से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। डोडा क्षेत्र के उप पुलिस महानिदेशक मुनीष कुमार सिन्हा ने बताया, "हमने 20 शव बरामद कर लिए हैं। खोज अभियान अभी भी जारी है।"
पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना डोडा जिले में हुई। मिनी बस गंदोह से थात्री जा रही है। इस दौरान मिनी बस सड़क से फिसल कर 300 फुट नीचे नदी में गिर गई। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सिन्हा ने बताया, "चूंकि बस घाटी में गिरी है इसलिए पूरे क्षेत्र में बचाव अभियान चलाना जरूरी है।" सिन्हा ने फोन पर बताया कि दो घायलों में एक की हालत गम्भीर है।
पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना डोडा जिले में हुई। मिनी बस गंदोह से थात्री जा रही है। इस दौरान मिनी बस सड़क से फिसल कर 300 फुट नीचे नदी में गिर गई। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सिन्हा ने बताया, "चूंकि बस घाटी में गिरी है इसलिए पूरे क्षेत्र में बचाव अभियान चलाना जरूरी है।" सिन्हा ने फोन पर बताया कि दो घायलों में एक की हालत गम्भीर है। | यह एक सारांश है: जम्मू एवं कश्मीर में शुक्रवार सुबह चेनाब नदी में एक मिनी बस के गिरने से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी ने मुजफ्फरनगर दंगों पर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में घटना की सिलसिलेवार रिपोर्ट दी है।टिप्पणियां
रिपोर्ट में राज्यपाल जोशी ने इस हिंसा के लिए अखिलेश यादव सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है। पता चला है कि राज्यपाल ने लिखा है कि 26 तारीख को हुई एक मामूली घटना सरकार के ढीले रवैये की वजह ही इतने बड़े सांप्रदायिक दंगे में बदल गई।
सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने भले ही अपनी रिपोर्ट में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश नहीं की है।
रिपोर्ट में राज्यपाल जोशी ने इस हिंसा के लिए अखिलेश यादव सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है। पता चला है कि राज्यपाल ने लिखा है कि 26 तारीख को हुई एक मामूली घटना सरकार के ढीले रवैये की वजह ही इतने बड़े सांप्रदायिक दंगे में बदल गई।
सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने भले ही अपनी रिपोर्ट में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश नहीं की है।
सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने भले ही अपनी रिपोर्ट में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश नहीं की है। | संक्षिप्त सारांश: रिपोर्ट में राज्यपाल जोशी ने इस हिंसा के लिए अखिलेश यादव सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है। पता चला है कि राज्यपाल ने लिखा है कि 26 तारीख को हुई एक मामूली घटना सरकार के ढीले रवैये की वजह ही इतने बड़े सांप्रदायिक दंगे में बदल गई। | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तिरंगा यात्रा को राज्य में प्रवेश करने की अनुमति न देने का फैसला किया। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि वह गणतंत्र दिवस के दिन लाल चौक पर किसी भी अलगाववादी संगठन को रैली निकालने की भी अनुमति नहीं देगी। उच्चपदस्थ आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहले से ही कहते आ रहे हैं कि गणतंत्र दिवस के दिन भाजपा द्वारा लालचौक पर तिंरगा फहराने के फैसले का उद्देश्य ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इससे कश्मीर घाटी में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। पिछले साल गर्मी में शुरू हुई हिंसा से घाटी अभी उबर रही है। इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में 110 से अधिक लोग मारे गए थे। सूत्र ने बताया, "सरकार की तरफ से 26 जनवरी को बक्शी स्टेडियम में तिरंगा फहराने के कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता शामिल होते हैं तो उनका स्वागत है, लेकिन किसी को भी सरकारी समारोह को कमजोर करने और कानून एवं व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि सरकार ने भाजपा की तिरंगा यात्रा को राज्य में प्रवेश करने की अनुमति न देने का फैसला किया है और यात्रा को जम्मू क्षेत्र के कठुआ जिले के लखीनपुर में रोकने की योजना तैयार कर ली गई है। जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक ने भाजपा की इस यात्रा के विरोध में 26 जनवरी को लाल चौक पर रैली निकालने की घोषणा की है। सूत्रों ने बताया कि शांति और सद्भाव कायम करने के लिए राज्य सरकार ने किसी भी अलगाववादी संगठन को रैली निकालने के लिए अनुमति न देने का फैसला किया है। | यह एक सारांश है: जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तिरंगा यात्रा को राज्य में प्रवेश करने की अनुमति न देने का फैसला किया। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बीजिंग एरोस्पेस नियंत्रण केंद्र और संबंधित संस्थानों के हवाले से बताया कि इस अंतरिक्ष प्रयोगशाला का ज्यादातर हिस्सा वायुमंडल में ही जल गया था.
तियांगोंग- एक का प्रक्षेपण29 सितंबर, 2011 को किया गया था और इसका काम मार्च2016 में समाप्त हो गई थी. इस प्रयोगशाला के भीतर शेन्जोओ-8, शेन्जोओ-9 और शेन्जोओ-10 अंतरिक्षयान भेजे गए थे और इसके जरिए कई ऐसे कार्यों को अंजाम दिया गया जो मानव को साथ ले जाने वाले चीनी अंतरिक्ष कार्यक्रम में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं.
तियांगोंग- एक का प्रक्षेपण29 सितंबर, 2011 को किया गया था और इसका काम मार्च2016 में समाप्त हो गई थी. इस प्रयोगशाला के भीतर शेन्जोओ-8, शेन्जोओ-9 और शेन्जोओ-10 अंतरिक्षयान भेजे गए थे और इसके जरिए कई ऐसे कार्यों को अंजाम दिया गया जो मानव को साथ ले जाने वाले चीनी अंतरिक्ष कार्यक्रम में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं. | यहाँ एक सारांश है:आठ टन के भार वाली है तियांगोंग
ज्यादातर हिस्सा वायुमंडल में ही जल गया
सुबह करीब आठ बजकर15 मिनट प्रवेश किया | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रकाश पर्व का सफलतापूर्वक आयोजन करके राहत की सांस ले रहे बिहार के सीएम नीतीश कुमार के लिए नई मुसीबत सामने आ गई है. समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई अन्य गणमान्य हस्तियों के साथ मंच पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद को जगह नहीं मिलने के मुद्दे पर राजद और कांग्रेस ने विरोध जताया है.
राजद उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने इस मामले पर पार्टी की ओर से शिकायत सामने रखी. सिखों के 10वें गुरू, गुरू गोविंद सिंह की 350वीं जयंती के अवसर पर कल आयोजित प्रकाश पर्व के लिए इंतजाम बिहार सरकार की ओर से किए गए थे. बिहार की मौजूदा महागठबंधन सरकार में राजद और कांग्रेस साझेदार हैं.
रघुवंश ने बताया, "ऐसा नहीं लग रहा था कि गुरू गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के लिए इंतजाम महागठबंधन की सरकार ने किए थे. बल्कि ऐसा लग रहा था कि सत्ता में शामिल किसी एक पार्टी ने ये इंतजाम किए हों." उन्होंने कहा, "यह (लालू को मंच पर जगह नहीं देना) लोगों को पसंद नहीं आया है. लालू प्रसाद को (मंच के) नीचे बिठाया गया. भव्य तैयारियों के लिए सभी ने नीतीश कुमार की तारीफ की. प्रकाश पर्व समारोह की तैयारियों के प्रबंधन में क्या राजद की भागीदारी नहीं थी?"
नीतीश पर एक और निशाना साधते हुए रघुवंश ने कहा, "एक ही शख्स था जिसने सारे इंतजामों का श्रेय लेने के लिए तस्वीरें खिंचवाई." लालू और बिहार सरकार में मंत्री पद संभाल रहे उनके दोनों बेटे - तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव - समारोह के दौरान अन्य लोगों के साथ वीआईपी गैलरी में बैठे थे.
नीतीश ने दो केंद्रीय मंत्रियों - रविशंकर प्रसाद और राम विलास पासवान - और बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद सहित प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा किया. कांग्रेस ने भी मंच पर लालू को नहीं बिठाने को लेकर नाखुशी जाहिर की और इसका ठीकरा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) एवं भाजपा पर फोड़ा.टिप्पणियां
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और नीतीश की सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, "पीएमओ और भाजपा के निर्देश पर मंच पर लालू प्रसाद को जगह नहीं दी गई." चौधरी ने कहा, "हर कोई जानता है कि किसी समारोह में प्रधानमंत्री के साथ मंच पर कौन बैठेगा, इस बाबत एसपीजी को पीएमओ निर्देशित करता है. यह मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने उठाया जाना चाहिए कि लालू प्रसाद को मंच पर सीट क्यों नहीं दी गई."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राजद उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने इस मामले पर पार्टी की ओर से शिकायत सामने रखी. सिखों के 10वें गुरू, गुरू गोविंद सिंह की 350वीं जयंती के अवसर पर कल आयोजित प्रकाश पर्व के लिए इंतजाम बिहार सरकार की ओर से किए गए थे. बिहार की मौजूदा महागठबंधन सरकार में राजद और कांग्रेस साझेदार हैं.
रघुवंश ने बताया, "ऐसा नहीं लग रहा था कि गुरू गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के लिए इंतजाम महागठबंधन की सरकार ने किए थे. बल्कि ऐसा लग रहा था कि सत्ता में शामिल किसी एक पार्टी ने ये इंतजाम किए हों." उन्होंने कहा, "यह (लालू को मंच पर जगह नहीं देना) लोगों को पसंद नहीं आया है. लालू प्रसाद को (मंच के) नीचे बिठाया गया. भव्य तैयारियों के लिए सभी ने नीतीश कुमार की तारीफ की. प्रकाश पर्व समारोह की तैयारियों के प्रबंधन में क्या राजद की भागीदारी नहीं थी?"
नीतीश पर एक और निशाना साधते हुए रघुवंश ने कहा, "एक ही शख्स था जिसने सारे इंतजामों का श्रेय लेने के लिए तस्वीरें खिंचवाई." लालू और बिहार सरकार में मंत्री पद संभाल रहे उनके दोनों बेटे - तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव - समारोह के दौरान अन्य लोगों के साथ वीआईपी गैलरी में बैठे थे.
नीतीश ने दो केंद्रीय मंत्रियों - रविशंकर प्रसाद और राम विलास पासवान - और बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद सहित प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा किया. कांग्रेस ने भी मंच पर लालू को नहीं बिठाने को लेकर नाखुशी जाहिर की और इसका ठीकरा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) एवं भाजपा पर फोड़ा.टिप्पणियां
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और नीतीश की सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, "पीएमओ और भाजपा के निर्देश पर मंच पर लालू प्रसाद को जगह नहीं दी गई." चौधरी ने कहा, "हर कोई जानता है कि किसी समारोह में प्रधानमंत्री के साथ मंच पर कौन बैठेगा, इस बाबत एसपीजी को पीएमओ निर्देशित करता है. यह मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने उठाया जाना चाहिए कि लालू प्रसाद को मंच पर सीट क्यों नहीं दी गई."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रघुवंश ने बताया, "ऐसा नहीं लग रहा था कि गुरू गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के लिए इंतजाम महागठबंधन की सरकार ने किए थे. बल्कि ऐसा लग रहा था कि सत्ता में शामिल किसी एक पार्टी ने ये इंतजाम किए हों." उन्होंने कहा, "यह (लालू को मंच पर जगह नहीं देना) लोगों को पसंद नहीं आया है. लालू प्रसाद को (मंच के) नीचे बिठाया गया. भव्य तैयारियों के लिए सभी ने नीतीश कुमार की तारीफ की. प्रकाश पर्व समारोह की तैयारियों के प्रबंधन में क्या राजद की भागीदारी नहीं थी?"
नीतीश पर एक और निशाना साधते हुए रघुवंश ने कहा, "एक ही शख्स था जिसने सारे इंतजामों का श्रेय लेने के लिए तस्वीरें खिंचवाई." लालू और बिहार सरकार में मंत्री पद संभाल रहे उनके दोनों बेटे - तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव - समारोह के दौरान अन्य लोगों के साथ वीआईपी गैलरी में बैठे थे.
नीतीश ने दो केंद्रीय मंत्रियों - रविशंकर प्रसाद और राम विलास पासवान - और बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद सहित प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा किया. कांग्रेस ने भी मंच पर लालू को नहीं बिठाने को लेकर नाखुशी जाहिर की और इसका ठीकरा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) एवं भाजपा पर फोड़ा.टिप्पणियां
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और नीतीश की सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, "पीएमओ और भाजपा के निर्देश पर मंच पर लालू प्रसाद को जगह नहीं दी गई." चौधरी ने कहा, "हर कोई जानता है कि किसी समारोह में प्रधानमंत्री के साथ मंच पर कौन बैठेगा, इस बाबत एसपीजी को पीएमओ निर्देशित करता है. यह मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने उठाया जाना चाहिए कि लालू प्रसाद को मंच पर सीट क्यों नहीं दी गई."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नीतीश पर एक और निशाना साधते हुए रघुवंश ने कहा, "एक ही शख्स था जिसने सारे इंतजामों का श्रेय लेने के लिए तस्वीरें खिंचवाई." लालू और बिहार सरकार में मंत्री पद संभाल रहे उनके दोनों बेटे - तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव - समारोह के दौरान अन्य लोगों के साथ वीआईपी गैलरी में बैठे थे.
नीतीश ने दो केंद्रीय मंत्रियों - रविशंकर प्रसाद और राम विलास पासवान - और बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद सहित प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा किया. कांग्रेस ने भी मंच पर लालू को नहीं बिठाने को लेकर नाखुशी जाहिर की और इसका ठीकरा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) एवं भाजपा पर फोड़ा.टिप्पणियां
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और नीतीश की सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, "पीएमओ और भाजपा के निर्देश पर मंच पर लालू प्रसाद को जगह नहीं दी गई." चौधरी ने कहा, "हर कोई जानता है कि किसी समारोह में प्रधानमंत्री के साथ मंच पर कौन बैठेगा, इस बाबत एसपीजी को पीएमओ निर्देशित करता है. यह मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने उठाया जाना चाहिए कि लालू प्रसाद को मंच पर सीट क्यों नहीं दी गई."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नीतीश ने दो केंद्रीय मंत्रियों - रविशंकर प्रसाद और राम विलास पासवान - और बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद सहित प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा किया. कांग्रेस ने भी मंच पर लालू को नहीं बिठाने को लेकर नाखुशी जाहिर की और इसका ठीकरा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) एवं भाजपा पर फोड़ा.टिप्पणियां
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और नीतीश की सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, "पीएमओ और भाजपा के निर्देश पर मंच पर लालू प्रसाद को जगह नहीं दी गई." चौधरी ने कहा, "हर कोई जानता है कि किसी समारोह में प्रधानमंत्री के साथ मंच पर कौन बैठेगा, इस बाबत एसपीजी को पीएमओ निर्देशित करता है. यह मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने उठाया जाना चाहिए कि लालू प्रसाद को मंच पर सीट क्यों नहीं दी गई."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और नीतीश की सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, "पीएमओ और भाजपा के निर्देश पर मंच पर लालू प्रसाद को जगह नहीं दी गई." चौधरी ने कहा, "हर कोई जानता है कि किसी समारोह में प्रधानमंत्री के साथ मंच पर कौन बैठेगा, इस बाबत एसपीजी को पीएमओ निर्देशित करता है. यह मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने उठाया जाना चाहिए कि लालू प्रसाद को मंच पर सीट क्यों नहीं दी गई."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: राजद उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी की ओर से शिकायत सामने रखी
बिहार की मौजूदा महागठबंधन सरकार में राजद और कांग्रेस साझेदार हैं
लालू और उनके दोनों मंत्री बेटों को मंच पर जगह नहीं दी गई थी | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 40 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री फारेनहाइट) के तापमान के साथ न्यूयॉर्क निवासियों को भीषण गर्मी, लू के थपेड़ों और हवा में मौजूद अत्यधिक नमी की वजह से तीव्र आर्द्रता का सामना करना पड़ रहा है।टिप्पणियां
सप्ताह की शुरुआत से ही दिन के समय में तापमान काफी अधिक रह रहा है। हालांकि रात को थोड़ी राहत रहती है। न्यूयॉर्क में भीषण गर्मी से एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। 57-वर्षीय इस आदमी की मौत 8 जुलाई को हो गई थी। शहर में 'अत्यधिक गर्मी की चेतावनी' दी गई है और अधिकारी सभी से जरूरी बचाव उपाय अपनाने की अपील कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ठंडक बनाए रखने के लिए वातानुकूलन का इस्तेमाल करें, शरीर में पानी की कमी रोकने के लिए खूब पानी पिएं, परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों में कमजोर लोगों का ध्यान रखें। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि 420 से भी ज्यादा वातानुकूलित केंद्रों को वृद्ध नागरिकों और उन लोगों के लिए खोला गया है, जो जरूरतमंद हैं। इन केंद्रों में वातानुकूलित पुस्तकालय या सामुदायिक केंद्र शामिल हैं। न्यूयॉर्क निवासियों से कहा गया है कि वे एल्कोहल या सोडा नहीं, बल्कि पानी पिएं और जब तक भीषण गर्मी खत्म नहीं हो जाती, तब तक अंदर ही रहें।
सप्ताह की शुरुआत से ही दिन के समय में तापमान काफी अधिक रह रहा है। हालांकि रात को थोड़ी राहत रहती है। न्यूयॉर्क में भीषण गर्मी से एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। 57-वर्षीय इस आदमी की मौत 8 जुलाई को हो गई थी। शहर में 'अत्यधिक गर्मी की चेतावनी' दी गई है और अधिकारी सभी से जरूरी बचाव उपाय अपनाने की अपील कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ठंडक बनाए रखने के लिए वातानुकूलन का इस्तेमाल करें, शरीर में पानी की कमी रोकने के लिए खूब पानी पिएं, परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों में कमजोर लोगों का ध्यान रखें। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि 420 से भी ज्यादा वातानुकूलित केंद्रों को वृद्ध नागरिकों और उन लोगों के लिए खोला गया है, जो जरूरतमंद हैं। इन केंद्रों में वातानुकूलित पुस्तकालय या सामुदायिक केंद्र शामिल हैं। न्यूयॉर्क निवासियों से कहा गया है कि वे एल्कोहल या सोडा नहीं, बल्कि पानी पिएं और जब तक भीषण गर्मी खत्म नहीं हो जाती, तब तक अंदर ही रहें।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ठंडक बनाए रखने के लिए वातानुकूलन का इस्तेमाल करें, शरीर में पानी की कमी रोकने के लिए खूब पानी पिएं, परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों में कमजोर लोगों का ध्यान रखें। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि 420 से भी ज्यादा वातानुकूलित केंद्रों को वृद्ध नागरिकों और उन लोगों के लिए खोला गया है, जो जरूरतमंद हैं। इन केंद्रों में वातानुकूलित पुस्तकालय या सामुदायिक केंद्र शामिल हैं। न्यूयॉर्क निवासियों से कहा गया है कि वे एल्कोहल या सोडा नहीं, बल्कि पानी पिएं और जब तक भीषण गर्मी खत्म नहीं हो जाती, तब तक अंदर ही रहें। | 40 डिग्री सेल्सियस के तापमान के साथ न्यूयॉर्क निवासियों को भीषण गर्मी, लू के थपेड़ों और हवा में मौजूद अत्यधिक नमी की वजह से तीव्र आर्द्रता का सामना करना पड़ रहा है। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आरोप है कि तीन-चार साल से यह सब सहन कर रही नाबालिग के सब्र का बांध जब टूट गया, तब उसने इसकी जानकारी अपनी मां को दे दी. यह सुनकर मां को पहले तो विश्वास नहीं हुआ परंतु जब उसे विश्वास हुआ तब उसने इसकी शिकायत पुलिस से की. पूर्णिया महिला थाना की प्रभारी माधुरी कुमारी ने सोमवार को बताया कि पीड़िता की मां के बयान के आधार पर पॉस्को की विभिन्न धाराओं सहित नाबालिग का शारीरिक शोषण करने के आरोप में महिला थाने में पिछले सप्ताह बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उन्होंने बताया कि आरोपी पिता को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी इसके पूर्व भी दुष्कर्म और शराब पीने के आरोप में जेल जा चुका है. उन्होंने बताया कि पीड़िता की चिकित्सीय जांच कराई गई है. पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. (इनपुट्स IANS से)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:पिता जबरदस्ती बेटी को अपने साथ सुलाता था
किसी को जानकारी न देने की धमकी दे रखी थी
बेटी ने मां को बताया तो बात सामने आई | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कुंडा के डीएसपी जिया उल हक की हत्या की जांच कर रही सीबीआई की टीम कुंडा पहुंच गई है। वह मौका-ए-वारदात पर जाकर अपनी जांच को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। लेकिन, सीबीआई की टीम के सामने सबसे बड़ा संकट गवाह ढूंढ़ने का है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि गांव के तमाम लोग घर छोड़कर चले गए हैं। कहा जा रहा है कि इसकी वजह यह है कि लोग सीबीआई की पूछताछ से बचना चाहते हैं।
बता दें कि गांव में जब प्रधान नन्हें यादव, उनके भाई और डीएसपी जिया उल हक की हत्या की गई तब करीब 300 की भीड़ वहां मौजूद थी।
उधर, गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह भी आज कुंडा पहुंचे और उन्होंने डीएसपी जिया उल हक की पत्नी को दिलासा दिया।
12 सदस्यों की सीबीआई टीम प्रतापगढ़ के चीफ मेडिकल ऑफिसर से डीएसपी के पोस्टमॉर्टम से जुड़ी जानकारियां हासिल किया। कहा जा रहा है कि अगर वह सीएमओ से मिली जानकारियों से संतुष्ट नहीं हुई तो जिया-उल-हक के दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए कह सकती है। इसके अलावा सीबीआई की टीम तीन निलंबित पुलिस अधिकारियों और पांच अन्य लोगों से भी पूछताछ करेगी। टिप्पणियां
वहीं, यूपी सरकार ने नकद मुआवजे के बाद आज डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद को जनकल्याण विभाग में ओएसडी बना दिया है और हक के भाई को इसी विभाग में कांस्टेबल बना दिया है। दोनों ही पद खासतौर पर बनाए गए हैं।
इस बीच डीएसपी की हत्या के मामले में अखिलेश सरकार में मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। राजा भैया के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई कभी भी उनसे पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अब उनकी गिरफ्तारी के आसार काफी बढ़ गए हैं।
उधर, डीएसपी जिया-उल हक की मौत के मामले में अब राजा भैया और आजम खां आमने−सामने आ गए हैं। राजा के समर्थकों ने कुंडा में अखिलेश यादव की मौजूदगी में आजम खां के खिलाफ नारे लगाए तो आजम खां के समर्थकों ने अलीगढ़ में राजा भैया का पुतला जलाया। इस तरह एक दर्दनाक मौत पर घटिया सियासत शुरू हो गई है।
बता दें कि गांव में जब प्रधान नन्हें यादव, उनके भाई और डीएसपी जिया उल हक की हत्या की गई तब करीब 300 की भीड़ वहां मौजूद थी।
उधर, गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह भी आज कुंडा पहुंचे और उन्होंने डीएसपी जिया उल हक की पत्नी को दिलासा दिया।
12 सदस्यों की सीबीआई टीम प्रतापगढ़ के चीफ मेडिकल ऑफिसर से डीएसपी के पोस्टमॉर्टम से जुड़ी जानकारियां हासिल किया। कहा जा रहा है कि अगर वह सीएमओ से मिली जानकारियों से संतुष्ट नहीं हुई तो जिया-उल-हक के दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए कह सकती है। इसके अलावा सीबीआई की टीम तीन निलंबित पुलिस अधिकारियों और पांच अन्य लोगों से भी पूछताछ करेगी। टिप्पणियां
वहीं, यूपी सरकार ने नकद मुआवजे के बाद आज डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद को जनकल्याण विभाग में ओएसडी बना दिया है और हक के भाई को इसी विभाग में कांस्टेबल बना दिया है। दोनों ही पद खासतौर पर बनाए गए हैं।
इस बीच डीएसपी की हत्या के मामले में अखिलेश सरकार में मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। राजा भैया के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई कभी भी उनसे पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अब उनकी गिरफ्तारी के आसार काफी बढ़ गए हैं।
उधर, डीएसपी जिया-उल हक की मौत के मामले में अब राजा भैया और आजम खां आमने−सामने आ गए हैं। राजा के समर्थकों ने कुंडा में अखिलेश यादव की मौजूदगी में आजम खां के खिलाफ नारे लगाए तो आजम खां के समर्थकों ने अलीगढ़ में राजा भैया का पुतला जलाया। इस तरह एक दर्दनाक मौत पर घटिया सियासत शुरू हो गई है।
उधर, गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह भी आज कुंडा पहुंचे और उन्होंने डीएसपी जिया उल हक की पत्नी को दिलासा दिया।
12 सदस्यों की सीबीआई टीम प्रतापगढ़ के चीफ मेडिकल ऑफिसर से डीएसपी के पोस्टमॉर्टम से जुड़ी जानकारियां हासिल किया। कहा जा रहा है कि अगर वह सीएमओ से मिली जानकारियों से संतुष्ट नहीं हुई तो जिया-उल-हक के दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए कह सकती है। इसके अलावा सीबीआई की टीम तीन निलंबित पुलिस अधिकारियों और पांच अन्य लोगों से भी पूछताछ करेगी। टिप्पणियां
वहीं, यूपी सरकार ने नकद मुआवजे के बाद आज डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद को जनकल्याण विभाग में ओएसडी बना दिया है और हक के भाई को इसी विभाग में कांस्टेबल बना दिया है। दोनों ही पद खासतौर पर बनाए गए हैं।
इस बीच डीएसपी की हत्या के मामले में अखिलेश सरकार में मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। राजा भैया के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई कभी भी उनसे पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अब उनकी गिरफ्तारी के आसार काफी बढ़ गए हैं।
उधर, डीएसपी जिया-उल हक की मौत के मामले में अब राजा भैया और आजम खां आमने−सामने आ गए हैं। राजा के समर्थकों ने कुंडा में अखिलेश यादव की मौजूदगी में आजम खां के खिलाफ नारे लगाए तो आजम खां के समर्थकों ने अलीगढ़ में राजा भैया का पुतला जलाया। इस तरह एक दर्दनाक मौत पर घटिया सियासत शुरू हो गई है।
12 सदस्यों की सीबीआई टीम प्रतापगढ़ के चीफ मेडिकल ऑफिसर से डीएसपी के पोस्टमॉर्टम से जुड़ी जानकारियां हासिल किया। कहा जा रहा है कि अगर वह सीएमओ से मिली जानकारियों से संतुष्ट नहीं हुई तो जिया-उल-हक के दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए कह सकती है। इसके अलावा सीबीआई की टीम तीन निलंबित पुलिस अधिकारियों और पांच अन्य लोगों से भी पूछताछ करेगी। टिप्पणियां
वहीं, यूपी सरकार ने नकद मुआवजे के बाद आज डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद को जनकल्याण विभाग में ओएसडी बना दिया है और हक के भाई को इसी विभाग में कांस्टेबल बना दिया है। दोनों ही पद खासतौर पर बनाए गए हैं।
इस बीच डीएसपी की हत्या के मामले में अखिलेश सरकार में मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। राजा भैया के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई कभी भी उनसे पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अब उनकी गिरफ्तारी के आसार काफी बढ़ गए हैं।
उधर, डीएसपी जिया-उल हक की मौत के मामले में अब राजा भैया और आजम खां आमने−सामने आ गए हैं। राजा के समर्थकों ने कुंडा में अखिलेश यादव की मौजूदगी में आजम खां के खिलाफ नारे लगाए तो आजम खां के समर्थकों ने अलीगढ़ में राजा भैया का पुतला जलाया। इस तरह एक दर्दनाक मौत पर घटिया सियासत शुरू हो गई है।
वहीं, यूपी सरकार ने नकद मुआवजे के बाद आज डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद को जनकल्याण विभाग में ओएसडी बना दिया है और हक के भाई को इसी विभाग में कांस्टेबल बना दिया है। दोनों ही पद खासतौर पर बनाए गए हैं।
इस बीच डीएसपी की हत्या के मामले में अखिलेश सरकार में मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। राजा भैया के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई कभी भी उनसे पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अब उनकी गिरफ्तारी के आसार काफी बढ़ गए हैं।
उधर, डीएसपी जिया-उल हक की मौत के मामले में अब राजा भैया और आजम खां आमने−सामने आ गए हैं। राजा के समर्थकों ने कुंडा में अखिलेश यादव की मौजूदगी में आजम खां के खिलाफ नारे लगाए तो आजम खां के समर्थकों ने अलीगढ़ में राजा भैया का पुतला जलाया। इस तरह एक दर्दनाक मौत पर घटिया सियासत शुरू हो गई है।
इस बीच डीएसपी की हत्या के मामले में अखिलेश सरकार में मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। राजा भैया के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई कभी भी उनसे पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अब उनकी गिरफ्तारी के आसार काफी बढ़ गए हैं।
उधर, डीएसपी जिया-उल हक की मौत के मामले में अब राजा भैया और आजम खां आमने−सामने आ गए हैं। राजा के समर्थकों ने कुंडा में अखिलेश यादव की मौजूदगी में आजम खां के खिलाफ नारे लगाए तो आजम खां के समर्थकों ने अलीगढ़ में राजा भैया का पुतला जलाया। इस तरह एक दर्दनाक मौत पर घटिया सियासत शुरू हो गई है। | संक्षिप्त पाठ: कुंडा के डीएसपी जिया उल हक की हत्या की जांच कर रही सीबीआई की टीम कुंडा पहुंच गई है। वह मौका-ए-वारदात पर जाकर अपनी जांच को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। लेकिन, सीबीआई की टीम के सामने सबसे बड़ा संकट गवाह ढूंढ़ने का है। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्रालय की वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) ऑनलाइन पोर्टल के कथित स्टिंग आपरेशन की जांच करेगी। पोर्टल का दावा है कि निजी क्षेत्र के देश के तीन बड़े बैंक देश और देश के बाहर मनी-लांड्रिंग गतिविधियों में शामिल हैं।
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एफआईयू इस बारे में सूचना आयकर विभाग को भी उपलब्ध कराएगा। विभाग पहले ही स्टिंग ऑपरेशन की सामग्रियों की जांच शुरू कर चुका है।
सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग ऑनलाइन पोर्टल कोबरा पोस्ट से भी संपर्क कर स्टिंग आपरेशन के असंपादित फुटेज की मांग करेगा।
मनी लांड्रिंग में कथित तौर पर शामिल होने के मामले में वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसने बैंकों से इस बारे में ब्यौरा मांगा है।टिप्पणियां
बैंकिंग सचिव राजीव टकरू ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने मामले में शामिल बैंकों से संपर्क किया है, हमने बैंकों से इस बारे में और जानकारी मांगी है।’’ टकरू ने संकेत दिया कि तीनों बैंकों आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा एक्सिस बैंक से जानकारी मिलने के बाद सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल ने मुंबई में कहा कि केंद्रीय बैंक संबंधित बैंकों के संपर्क में हैं और सूचना एकत्रित कर रहा है।
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एफआईयू इस बारे में सूचना आयकर विभाग को भी उपलब्ध कराएगा। विभाग पहले ही स्टिंग ऑपरेशन की सामग्रियों की जांच शुरू कर चुका है।
सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग ऑनलाइन पोर्टल कोबरा पोस्ट से भी संपर्क कर स्टिंग आपरेशन के असंपादित फुटेज की मांग करेगा।
मनी लांड्रिंग में कथित तौर पर शामिल होने के मामले में वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसने बैंकों से इस बारे में ब्यौरा मांगा है।टिप्पणियां
बैंकिंग सचिव राजीव टकरू ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने मामले में शामिल बैंकों से संपर्क किया है, हमने बैंकों से इस बारे में और जानकारी मांगी है।’’ टकरू ने संकेत दिया कि तीनों बैंकों आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा एक्सिस बैंक से जानकारी मिलने के बाद सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल ने मुंबई में कहा कि केंद्रीय बैंक संबंधित बैंकों के संपर्क में हैं और सूचना एकत्रित कर रहा है।
सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग ऑनलाइन पोर्टल कोबरा पोस्ट से भी संपर्क कर स्टिंग आपरेशन के असंपादित फुटेज की मांग करेगा।
मनी लांड्रिंग में कथित तौर पर शामिल होने के मामले में वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसने बैंकों से इस बारे में ब्यौरा मांगा है।टिप्पणियां
बैंकिंग सचिव राजीव टकरू ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने मामले में शामिल बैंकों से संपर्क किया है, हमने बैंकों से इस बारे में और जानकारी मांगी है।’’ टकरू ने संकेत दिया कि तीनों बैंकों आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा एक्सिस बैंक से जानकारी मिलने के बाद सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल ने मुंबई में कहा कि केंद्रीय बैंक संबंधित बैंकों के संपर्क में हैं और सूचना एकत्रित कर रहा है।
मनी लांड्रिंग में कथित तौर पर शामिल होने के मामले में वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसने बैंकों से इस बारे में ब्यौरा मांगा है।टिप्पणियां
बैंकिंग सचिव राजीव टकरू ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने मामले में शामिल बैंकों से संपर्क किया है, हमने बैंकों से इस बारे में और जानकारी मांगी है।’’ टकरू ने संकेत दिया कि तीनों बैंकों आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा एक्सिस बैंक से जानकारी मिलने के बाद सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल ने मुंबई में कहा कि केंद्रीय बैंक संबंधित बैंकों के संपर्क में हैं और सूचना एकत्रित कर रहा है।
बैंकिंग सचिव राजीव टकरू ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने मामले में शामिल बैंकों से संपर्क किया है, हमने बैंकों से इस बारे में और जानकारी मांगी है।’’ टकरू ने संकेत दिया कि तीनों बैंकों आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक तथा एक्सिस बैंक से जानकारी मिलने के बाद सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल ने मुंबई में कहा कि केंद्रीय बैंक संबंधित बैंकों के संपर्क में हैं और सूचना एकत्रित कर रहा है।
इस बीच, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल ने मुंबई में कहा कि केंद्रीय बैंक संबंधित बैंकों के संपर्क में हैं और सूचना एकत्रित कर रहा है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक स्टिंग ऑपरेशन में निजी क्षेत्र के तीन प्रमुख बैंकों के मनी लांड्रिंग में कथित तौर पर शामिल होने के मामले में वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसने बैंकों से इस बारे में ब्यौरा मांगा है। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुरुवार को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह से पहले भारतीय खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि पाक स्थित आतंकी समूह, अफगानी पहचान पत्र के जरिए भारत में घुसने की कोशिश कर सकते हैं. पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और देश के अहम नेताओं को सुरक्षा मुहैया करवाने वाले विशेष सुरक्षा दल ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि वह अपनी खोजबीन का घेरा बढ़ाकर राजपथ के 2.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाली सभी इमारतों की बारीकी से जांच करें.
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस से पहले आंतकी हमले की चेतावनी दी जाती रही है जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है. लेकिन इस बार मिली जानकारी के बाद विशेष सुरक्षा दल (SPG) को भी अपनी सुरक्षा के बंदोबस्त को और तगड़ा करने के लिए कह दिया गया है. बताया जा रहा है कि एसपीजी के निदेशक एके सिन्हा ने आईबी प्रमुख से चर्चा की है कि गणतंत्र दिवस के दिन होने वाली परेड के रास्ते पर 'स्पोटर्स' (गुप्तचर) को तैनात किया जाए.टिप्पणियां
बता दें कि केंद्रीय दिल्ली के कई सरकारी दफ्तर और इमारतें सुरक्षा की दृष्टि से परेड के एक दिन पहले बंद ही रहती हैं. खुफिया एजेंसी से मिली सूचना के बाद दिल्ली को ज़मीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा कवर दिया गया है. हजारों की तादाद में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और पुलिस हवाई हमले से बचने के लिए एंटी ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. दरअसल सूचना मिली है कि लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी समूह हैलिकॉप्टर जैसी सेवाओं के ज़रिए हमले करने की साज़िश रच सकते हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया है कि आतंकवादी फिदायीन या सुसाइड हमले के लिए सुरक्षाकर्मी के पहनावे का भी इस्तेमाल भी कर सकते हैं और इसलिए परेड में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले सभी कर्मियों की पूरी तरह तलाशी ली जाए. इस समारोह के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 50 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस से पहले आंतकी हमले की चेतावनी दी जाती रही है जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है. लेकिन इस बार मिली जानकारी के बाद विशेष सुरक्षा दल (SPG) को भी अपनी सुरक्षा के बंदोबस्त को और तगड़ा करने के लिए कह दिया गया है. बताया जा रहा है कि एसपीजी के निदेशक एके सिन्हा ने आईबी प्रमुख से चर्चा की है कि गणतंत्र दिवस के दिन होने वाली परेड के रास्ते पर 'स्पोटर्स' (गुप्तचर) को तैनात किया जाए.टिप्पणियां
बता दें कि केंद्रीय दिल्ली के कई सरकारी दफ्तर और इमारतें सुरक्षा की दृष्टि से परेड के एक दिन पहले बंद ही रहती हैं. खुफिया एजेंसी से मिली सूचना के बाद दिल्ली को ज़मीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा कवर दिया गया है. हजारों की तादाद में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और पुलिस हवाई हमले से बचने के लिए एंटी ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. दरअसल सूचना मिली है कि लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी समूह हैलिकॉप्टर जैसी सेवाओं के ज़रिए हमले करने की साज़िश रच सकते हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया है कि आतंकवादी फिदायीन या सुसाइड हमले के लिए सुरक्षाकर्मी के पहनावे का भी इस्तेमाल भी कर सकते हैं और इसलिए परेड में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले सभी कर्मियों की पूरी तरह तलाशी ली जाए. इस समारोह के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 50 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
बता दें कि केंद्रीय दिल्ली के कई सरकारी दफ्तर और इमारतें सुरक्षा की दृष्टि से परेड के एक दिन पहले बंद ही रहती हैं. खुफिया एजेंसी से मिली सूचना के बाद दिल्ली को ज़मीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा कवर दिया गया है. हजारों की तादाद में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और पुलिस हवाई हमले से बचने के लिए एंटी ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. दरअसल सूचना मिली है कि लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी समूह हैलिकॉप्टर जैसी सेवाओं के ज़रिए हमले करने की साज़िश रच सकते हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया है कि आतंकवादी फिदायीन या सुसाइड हमले के लिए सुरक्षाकर्मी के पहनावे का भी इस्तेमाल भी कर सकते हैं और इसलिए परेड में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले सभी कर्मियों की पूरी तरह तलाशी ली जाए. इस समारोह के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 50 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया है कि आतंकवादी फिदायीन या सुसाइड हमले के लिए सुरक्षाकर्मी के पहनावे का भी इस्तेमाल भी कर सकते हैं और इसलिए परेड में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले सभी कर्मियों की पूरी तरह तलाशी ली जाए. इस समारोह के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 50 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. | गणतंत्र दिवस से पहले खुफिया एजेंसी ने जारी की चेतावनी
संकेत दिए कि पाक आतंकी, अफगानी आईडी के साथ देश में घुस सकते हैं
पीएम को सुरक्षा देने वाले विशेष सुरक्षा दल ने व्यवस्था कड़ी की | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लेकर जोरशोर से अभियान चला रहे नीतीश कुमार को झटका लगा है. पटना हाईकोर्ट ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून को रद्द कर दिया है. राज्य में शराबबंदी के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया.
हाईकोर्ट ने इस कानून के कई प्रावधान पर ऐतराज जताया था, जिसमें शराब मिलने पर पूरे परिवार को जेल भेजने जैसे कानून शामिल थे. बेहद सख्त माने जा रहे बिहार उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2016 में शराब (जहरीली) पीने से हुई मौत के मामले में फांसी का प्रावधान किया था.
पिछले महीने बिहार के गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई थी. तब राज्य में लागू इस सख्त मद्यनिषेध कानून की कई ओर से आलोचना हुई थी और विपक्ष का कहना था कि इस कानून की वजह से शराब के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है.
इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने इस कानून के खिलाफ दायर याचिका पर इस साल मई में हुई सुनवाई में राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार शराबबंदी को लागू कराने के लिए स्टंटबाजी बंद करे. टिप्पणियां
वहीं राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने जवाब में कहा था कि सरकार पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए उसको जनमत भी मिला है.
गौरतलब है कि बिहार में इस साल 5 अप्रैल से ही शराबबंदी लागू है. नीतीश कुमार ने चुनाव के दौरान राज्य में शराबबंदी लागू करने का वादा किया था.
हाईकोर्ट ने इस कानून के कई प्रावधान पर ऐतराज जताया था, जिसमें शराब मिलने पर पूरे परिवार को जेल भेजने जैसे कानून शामिल थे. बेहद सख्त माने जा रहे बिहार उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2016 में शराब (जहरीली) पीने से हुई मौत के मामले में फांसी का प्रावधान किया था.
पिछले महीने बिहार के गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई थी. तब राज्य में लागू इस सख्त मद्यनिषेध कानून की कई ओर से आलोचना हुई थी और विपक्ष का कहना था कि इस कानून की वजह से शराब के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है.
इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने इस कानून के खिलाफ दायर याचिका पर इस साल मई में हुई सुनवाई में राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार शराबबंदी को लागू कराने के लिए स्टंटबाजी बंद करे. टिप्पणियां
वहीं राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने जवाब में कहा था कि सरकार पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए उसको जनमत भी मिला है.
गौरतलब है कि बिहार में इस साल 5 अप्रैल से ही शराबबंदी लागू है. नीतीश कुमार ने चुनाव के दौरान राज्य में शराबबंदी लागू करने का वादा किया था.
पिछले महीने बिहार के गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई थी. तब राज्य में लागू इस सख्त मद्यनिषेध कानून की कई ओर से आलोचना हुई थी और विपक्ष का कहना था कि इस कानून की वजह से शराब के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है.
इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने इस कानून के खिलाफ दायर याचिका पर इस साल मई में हुई सुनवाई में राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार शराबबंदी को लागू कराने के लिए स्टंटबाजी बंद करे. टिप्पणियां
वहीं राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने जवाब में कहा था कि सरकार पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए उसको जनमत भी मिला है.
गौरतलब है कि बिहार में इस साल 5 अप्रैल से ही शराबबंदी लागू है. नीतीश कुमार ने चुनाव के दौरान राज्य में शराबबंदी लागू करने का वादा किया था.
इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने इस कानून के खिलाफ दायर याचिका पर इस साल मई में हुई सुनवाई में राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार शराबबंदी को लागू कराने के लिए स्टंटबाजी बंद करे. टिप्पणियां
वहीं राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने जवाब में कहा था कि सरकार पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए उसको जनमत भी मिला है.
गौरतलब है कि बिहार में इस साल 5 अप्रैल से ही शराबबंदी लागू है. नीतीश कुमार ने चुनाव के दौरान राज्य में शराबबंदी लागू करने का वादा किया था.
वहीं राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने जवाब में कहा था कि सरकार पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए उसको जनमत भी मिला है.
गौरतलब है कि बिहार में इस साल 5 अप्रैल से ही शराबबंदी लागू है. नीतीश कुमार ने चुनाव के दौरान राज्य में शराबबंदी लागू करने का वादा किया था.
गौरतलब है कि बिहार में इस साल 5 अप्रैल से ही शराबबंदी लागू है. नीतीश कुमार ने चुनाव के दौरान राज्य में शराबबंदी लागू करने का वादा किया था. | संक्षिप्त पाठ: बिहार में इस साल 1 अप्रैल से बेहद सख्ती से लागू था शराबबंदी कानून
शराब मिलने पर पूरे परिवार को जेल जैसे प्रावधान पर हाईकोर्ट को ऐतराज
कानून में शराब (जहरीली) पीने से हुई मौत के मामले में फांसी का प्रावधान था | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि अमेरिका तथा अन्य वैश्विक बाजारों की स्थिति सुधरी है, ऐसे में यह ‘बाजार वापस लाओ और ग्राहक वापस लाओ’ के लिए अनुकूल स्थिति है।टिप्पणियां
निर्यातकों के प्रमुख संगठन फियो द्वारा आयोजित परिचर्चा सत्र में चिदंबरम ने कहा, अमेरिकी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। यूरोपीय संघ के कुछ देशों तथा ब्रिटेन ने अच्छी नतीजे दिए हैं। जापान में भी स्थिति सुधर रही है और वह संभवत: तीन फीसदी की वृद्धि दर को छू सकता है।
चिदंबरम ने कहा, अब बाजार वापस लाओ और ग्राहक वापस लाओ के लिए अनुकूल समय आ गया है। फियो के नोडल शिकायत निपटान अधिकारी की नियुक्ति के सुझाव पर चिदंबरम ने कहा कि वह सीबीडीटी तथा सीबीईसी में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के लिए तैयार हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनका मंत्रालय हर सुझाव पर प्रतिक्रिया देगा।
निर्यातकों के प्रमुख संगठन फियो द्वारा आयोजित परिचर्चा सत्र में चिदंबरम ने कहा, अमेरिकी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। यूरोपीय संघ के कुछ देशों तथा ब्रिटेन ने अच्छी नतीजे दिए हैं। जापान में भी स्थिति सुधर रही है और वह संभवत: तीन फीसदी की वृद्धि दर को छू सकता है।
चिदंबरम ने कहा, अब बाजार वापस लाओ और ग्राहक वापस लाओ के लिए अनुकूल समय आ गया है। फियो के नोडल शिकायत निपटान अधिकारी की नियुक्ति के सुझाव पर चिदंबरम ने कहा कि वह सीबीडीटी तथा सीबीईसी में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के लिए तैयार हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनका मंत्रालय हर सुझाव पर प्रतिक्रिया देगा।
चिदंबरम ने कहा, अब बाजार वापस लाओ और ग्राहक वापस लाओ के लिए अनुकूल समय आ गया है। फियो के नोडल शिकायत निपटान अधिकारी की नियुक्ति के सुझाव पर चिदंबरम ने कहा कि वह सीबीडीटी तथा सीबीईसी में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के लिए तैयार हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनका मंत्रालय हर सुझाव पर प्रतिक्रिया देगा। | यह एक सारांश है: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि अमेरिका तथा अन्य वैश्विक बाजारों की स्थिति सुधरी है, ऐसे में यह ‘बाजार वापस लाओ और ग्राहक वापस लाओ’ के लिए अनुकूल स्थिति है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले आठ दिन से अनशन पर बैठे टीम अन्ना के महत्वपूर्ण सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि पुलिस उन्हें जबरदस्ती अस्पताल तो ले जा सकती है लेकिन जबरदस्ती खिला नहीं सकती और दिल्ली पुलिस से जो चिट्ठी आयी है वह उन्हें यहां से उठाकर ले जाने की साजिश लग रही है।
जंतर मंतर के अनशन मंच से उन्होंने कहा, ‘‘हमारी देखरेख में जो डॉक्टरों की टीम लगी है उनका कहना है कि हमारा स्वास्थ्य सामान्य है और हमें अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं। जबकि, सरकारी डॉक्टरों का कहना है कि हमें अस्पताल ले जाया जाए जिससे यह शक पैदा होता है कि क्या हमें अनशन स्थल से उठाकर ले जाने की साजिश हो रही है।’’
केजरीवाल ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस की चिट्ठी में लिखा है कि हमने जो आश्वासन दिया था उसके तहत जो कानूनी आदेश होगा उसका हम पालन करेंगे, लेकिन हम दिल्ली पुलिस को बताना चाहते हैं कि हम उनके जायज़ आदेशों का तो पालन करेंगे लेकिन नाजायज़ आदेशों का नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बुधवार को मंत्रियों को जेल में डाल दे तो हम अपना अनशन तोड़ देंगे। भ्रष्टाचारी लोग यह तय नहीं कर सकते कि हम उनके खिलाफ अनशन कितने दिन करें, कहां करें, यह हमें मंजूर नहीं।’’ केजरीवाल ने कहा कि देश के किसानों, मजदूरों को निवाला नसीब नहीं होता और वे आत्महत्या कर लेते हैं सरकार उन सबको अस्पताल में डाल दे तो वह भी अस्पताल चले जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस हमें जबर्दस्ती अस्पताल तो ले जा सकती है लेकिन खिला नहीं सकती। हमें नलियां लगायी गयी तो उसे फेंक देंगे और सरकार हमारा अनशन नहीं तुड़वा सकती। हम अस्पताल से भी अनशन जारी रखेंगे।’’
आंदोलन के लिए आगे की नयी रणनीति की घोषणा करते हुए केजरीवाल ने समर्थकों से अपील की है कि वे एक एक दिन का रिले उपवास करें और अपने जनप्रतिनिधियों का घेराव करें। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बहरी है.और मंगलवार शाम के सात से सवा सात के बीच सभी लोग थाली और चम्मच पीटेंगे ताकि सरकार तक आवाज पहुंच सके।’’टिप्पणियां
इससे पहले शाम में मंच से टीम अन्ना के स्वास्थ्य की देखभाल कर रही डॉक्टरों की टीम ने कहा कि तीनों अनशनकारियों-केजरीवाल, सिसोदिया और राय का स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है और हालत स्थिर है। उन्हें कमजोरी तो है लेकिन अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार अंग्रेजों की नीतियों पर काम कर रही है इसलिए उसने पुलिस को आगे कर दिया है और पुलिस सरकार के कहने पर नोटिस पर नोटिस भेज रही है। गोपाल राय ने कहा, ‘‘अगर सरकार ने गुंडई की तो जनता 2014 से पहले ही जवाब दे देगी।’’
जंतर मंतर के अनशन मंच से उन्होंने कहा, ‘‘हमारी देखरेख में जो डॉक्टरों की टीम लगी है उनका कहना है कि हमारा स्वास्थ्य सामान्य है और हमें अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं। जबकि, सरकारी डॉक्टरों का कहना है कि हमें अस्पताल ले जाया जाए जिससे यह शक पैदा होता है कि क्या हमें अनशन स्थल से उठाकर ले जाने की साजिश हो रही है।’’
केजरीवाल ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस की चिट्ठी में लिखा है कि हमने जो आश्वासन दिया था उसके तहत जो कानूनी आदेश होगा उसका हम पालन करेंगे, लेकिन हम दिल्ली पुलिस को बताना चाहते हैं कि हम उनके जायज़ आदेशों का तो पालन करेंगे लेकिन नाजायज़ आदेशों का नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बुधवार को मंत्रियों को जेल में डाल दे तो हम अपना अनशन तोड़ देंगे। भ्रष्टाचारी लोग यह तय नहीं कर सकते कि हम उनके खिलाफ अनशन कितने दिन करें, कहां करें, यह हमें मंजूर नहीं।’’ केजरीवाल ने कहा कि देश के किसानों, मजदूरों को निवाला नसीब नहीं होता और वे आत्महत्या कर लेते हैं सरकार उन सबको अस्पताल में डाल दे तो वह भी अस्पताल चले जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस हमें जबर्दस्ती अस्पताल तो ले जा सकती है लेकिन खिला नहीं सकती। हमें नलियां लगायी गयी तो उसे फेंक देंगे और सरकार हमारा अनशन नहीं तुड़वा सकती। हम अस्पताल से भी अनशन जारी रखेंगे।’’
आंदोलन के लिए आगे की नयी रणनीति की घोषणा करते हुए केजरीवाल ने समर्थकों से अपील की है कि वे एक एक दिन का रिले उपवास करें और अपने जनप्रतिनिधियों का घेराव करें। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बहरी है.और मंगलवार शाम के सात से सवा सात के बीच सभी लोग थाली और चम्मच पीटेंगे ताकि सरकार तक आवाज पहुंच सके।’’टिप्पणियां
इससे पहले शाम में मंच से टीम अन्ना के स्वास्थ्य की देखभाल कर रही डॉक्टरों की टीम ने कहा कि तीनों अनशनकारियों-केजरीवाल, सिसोदिया और राय का स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है और हालत स्थिर है। उन्हें कमजोरी तो है लेकिन अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार अंग्रेजों की नीतियों पर काम कर रही है इसलिए उसने पुलिस को आगे कर दिया है और पुलिस सरकार के कहने पर नोटिस पर नोटिस भेज रही है। गोपाल राय ने कहा, ‘‘अगर सरकार ने गुंडई की तो जनता 2014 से पहले ही जवाब दे देगी।’’
केजरीवाल ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस की चिट्ठी में लिखा है कि हमने जो आश्वासन दिया था उसके तहत जो कानूनी आदेश होगा उसका हम पालन करेंगे, लेकिन हम दिल्ली पुलिस को बताना चाहते हैं कि हम उनके जायज़ आदेशों का तो पालन करेंगे लेकिन नाजायज़ आदेशों का नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बुधवार को मंत्रियों को जेल में डाल दे तो हम अपना अनशन तोड़ देंगे। भ्रष्टाचारी लोग यह तय नहीं कर सकते कि हम उनके खिलाफ अनशन कितने दिन करें, कहां करें, यह हमें मंजूर नहीं।’’ केजरीवाल ने कहा कि देश के किसानों, मजदूरों को निवाला नसीब नहीं होता और वे आत्महत्या कर लेते हैं सरकार उन सबको अस्पताल में डाल दे तो वह भी अस्पताल चले जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस हमें जबर्दस्ती अस्पताल तो ले जा सकती है लेकिन खिला नहीं सकती। हमें नलियां लगायी गयी तो उसे फेंक देंगे और सरकार हमारा अनशन नहीं तुड़वा सकती। हम अस्पताल से भी अनशन जारी रखेंगे।’’
आंदोलन के लिए आगे की नयी रणनीति की घोषणा करते हुए केजरीवाल ने समर्थकों से अपील की है कि वे एक एक दिन का रिले उपवास करें और अपने जनप्रतिनिधियों का घेराव करें। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बहरी है.और मंगलवार शाम के सात से सवा सात के बीच सभी लोग थाली और चम्मच पीटेंगे ताकि सरकार तक आवाज पहुंच सके।’’टिप्पणियां
इससे पहले शाम में मंच से टीम अन्ना के स्वास्थ्य की देखभाल कर रही डॉक्टरों की टीम ने कहा कि तीनों अनशनकारियों-केजरीवाल, सिसोदिया और राय का स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है और हालत स्थिर है। उन्हें कमजोरी तो है लेकिन अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार अंग्रेजों की नीतियों पर काम कर रही है इसलिए उसने पुलिस को आगे कर दिया है और पुलिस सरकार के कहने पर नोटिस पर नोटिस भेज रही है। गोपाल राय ने कहा, ‘‘अगर सरकार ने गुंडई की तो जनता 2014 से पहले ही जवाब दे देगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बुधवार को मंत्रियों को जेल में डाल दे तो हम अपना अनशन तोड़ देंगे। भ्रष्टाचारी लोग यह तय नहीं कर सकते कि हम उनके खिलाफ अनशन कितने दिन करें, कहां करें, यह हमें मंजूर नहीं।’’ केजरीवाल ने कहा कि देश के किसानों, मजदूरों को निवाला नसीब नहीं होता और वे आत्महत्या कर लेते हैं सरकार उन सबको अस्पताल में डाल दे तो वह भी अस्पताल चले जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस हमें जबर्दस्ती अस्पताल तो ले जा सकती है लेकिन खिला नहीं सकती। हमें नलियां लगायी गयी तो उसे फेंक देंगे और सरकार हमारा अनशन नहीं तुड़वा सकती। हम अस्पताल से भी अनशन जारी रखेंगे।’’
आंदोलन के लिए आगे की नयी रणनीति की घोषणा करते हुए केजरीवाल ने समर्थकों से अपील की है कि वे एक एक दिन का रिले उपवास करें और अपने जनप्रतिनिधियों का घेराव करें। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बहरी है.और मंगलवार शाम के सात से सवा सात के बीच सभी लोग थाली और चम्मच पीटेंगे ताकि सरकार तक आवाज पहुंच सके।’’टिप्पणियां
इससे पहले शाम में मंच से टीम अन्ना के स्वास्थ्य की देखभाल कर रही डॉक्टरों की टीम ने कहा कि तीनों अनशनकारियों-केजरीवाल, सिसोदिया और राय का स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है और हालत स्थिर है। उन्हें कमजोरी तो है लेकिन अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार अंग्रेजों की नीतियों पर काम कर रही है इसलिए उसने पुलिस को आगे कर दिया है और पुलिस सरकार के कहने पर नोटिस पर नोटिस भेज रही है। गोपाल राय ने कहा, ‘‘अगर सरकार ने गुंडई की तो जनता 2014 से पहले ही जवाब दे देगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस हमें जबर्दस्ती अस्पताल तो ले जा सकती है लेकिन खिला नहीं सकती। हमें नलियां लगायी गयी तो उसे फेंक देंगे और सरकार हमारा अनशन नहीं तुड़वा सकती। हम अस्पताल से भी अनशन जारी रखेंगे।’’
आंदोलन के लिए आगे की नयी रणनीति की घोषणा करते हुए केजरीवाल ने समर्थकों से अपील की है कि वे एक एक दिन का रिले उपवास करें और अपने जनप्रतिनिधियों का घेराव करें। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बहरी है.और मंगलवार शाम के सात से सवा सात के बीच सभी लोग थाली और चम्मच पीटेंगे ताकि सरकार तक आवाज पहुंच सके।’’टिप्पणियां
इससे पहले शाम में मंच से टीम अन्ना के स्वास्थ्य की देखभाल कर रही डॉक्टरों की टीम ने कहा कि तीनों अनशनकारियों-केजरीवाल, सिसोदिया और राय का स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है और हालत स्थिर है। उन्हें कमजोरी तो है लेकिन अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार अंग्रेजों की नीतियों पर काम कर रही है इसलिए उसने पुलिस को आगे कर दिया है और पुलिस सरकार के कहने पर नोटिस पर नोटिस भेज रही है। गोपाल राय ने कहा, ‘‘अगर सरकार ने गुंडई की तो जनता 2014 से पहले ही जवाब दे देगी।’’
आंदोलन के लिए आगे की नयी रणनीति की घोषणा करते हुए केजरीवाल ने समर्थकों से अपील की है कि वे एक एक दिन का रिले उपवास करें और अपने जनप्रतिनिधियों का घेराव करें। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बहरी है.और मंगलवार शाम के सात से सवा सात के बीच सभी लोग थाली और चम्मच पीटेंगे ताकि सरकार तक आवाज पहुंच सके।’’टिप्पणियां
इससे पहले शाम में मंच से टीम अन्ना के स्वास्थ्य की देखभाल कर रही डॉक्टरों की टीम ने कहा कि तीनों अनशनकारियों-केजरीवाल, सिसोदिया और राय का स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है और हालत स्थिर है। उन्हें कमजोरी तो है लेकिन अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार अंग्रेजों की नीतियों पर काम कर रही है इसलिए उसने पुलिस को आगे कर दिया है और पुलिस सरकार के कहने पर नोटिस पर नोटिस भेज रही है। गोपाल राय ने कहा, ‘‘अगर सरकार ने गुंडई की तो जनता 2014 से पहले ही जवाब दे देगी।’’
इससे पहले शाम में मंच से टीम अन्ना के स्वास्थ्य की देखभाल कर रही डॉक्टरों की टीम ने कहा कि तीनों अनशनकारियों-केजरीवाल, सिसोदिया और राय का स्वास्थ्य सामान्य बना हुआ है और हालत स्थिर है। उन्हें कमजोरी तो है लेकिन अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार अंग्रेजों की नीतियों पर काम कर रही है इसलिए उसने पुलिस को आगे कर दिया है और पुलिस सरकार के कहने पर नोटिस पर नोटिस भेज रही है। गोपाल राय ने कहा, ‘‘अगर सरकार ने गुंडई की तो जनता 2014 से पहले ही जवाब दे देगी।’’
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार अंग्रेजों की नीतियों पर काम कर रही है इसलिए उसने पुलिस को आगे कर दिया है और पुलिस सरकार के कहने पर नोटिस पर नोटिस भेज रही है। गोपाल राय ने कहा, ‘‘अगर सरकार ने गुंडई की तो जनता 2014 से पहले ही जवाब दे देगी।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केजरीवाल ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस की चिट्ठी में लिखा है कि हमने जो आश्वासन दिया था उसके तहत जो कानूनी आदेश होगा उसका हम पालन करेंगे, लेकिन हम दिल्ली पुलिस को बताना चाहते हैं कि हम उनके जायज़ आदेशों का तो पालन करेंगे लेकिन नाजायज़ आदेशों का नहीं।’’ | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने हैदराबाद समेत दक्षिण भारत के तीन अन्य शहरों को विशेष रूप से सतर्क कर दिया था कि मुंबई आतंकवादी हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब और संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने का बदला लेने के लिए कोई हमला किया जा सकता है।टिप्पणियां
सरकारी सूत्रों ने बताया कि खुफिया सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण भारत के चार शहरों -हैदराबाद, बेंगलुरू, कोयंबटूर और हुबली- की पुलिस को आतंकवादियों के संभावित हमले की सूचना दे दी थी और उनसे सभी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा कड़ी करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद विस्फोट के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा क्योंकि इन शहरों पर हमले की सूचना के बावजूद समय और स्थान का कोई उल्लेख नहीं था। उन्होंने कहा कि समय और स्थान की जानकारी जल्दी नहीं मिल पाती है।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने 21 फरवरी की सुबह इन चार शहरों और दो पश्चिमी राज्यों में हमले की विशेष सूचना दे दी थी।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि खुफिया सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण भारत के चार शहरों -हैदराबाद, बेंगलुरू, कोयंबटूर और हुबली- की पुलिस को आतंकवादियों के संभावित हमले की सूचना दे दी थी और उनसे सभी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा कड़ी करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद विस्फोट के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा क्योंकि इन शहरों पर हमले की सूचना के बावजूद समय और स्थान का कोई उल्लेख नहीं था। उन्होंने कहा कि समय और स्थान की जानकारी जल्दी नहीं मिल पाती है।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने 21 फरवरी की सुबह इन चार शहरों और दो पश्चिमी राज्यों में हमले की विशेष सूचना दे दी थी।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने 21 फरवरी की सुबह इन चार शहरों और दो पश्चिमी राज्यों में हमले की विशेष सूचना दे दी थी। | केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने हैदराबाद समेत दक्षिण भारत के तीन अन्य शहरों को विशेष रूप से सतर्क कर दिया था कि मुंबई आतंकवादी हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब और संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने का बदला लेने के लिए कोई हमला किया | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देहरादून के कौलागढ़ इलाके में नौवीं कक्षा के एक छात्र ने मां की डांट से नाराज होकर कथित रूप से फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना ओएनजीसी कालोनी में हुई जहां एक ओएनजीसी कर्मचारी के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले 15 वर्षीय पुत्र समरजीत सिंह परीक्षा के दिनों में टेलीविजन देख रहा था, जिस पर उसकी मां ने उसे डांटा और पढ़ने को कहा।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि समरजीत को मां की डांट इतनी नागवार गुजरी कि उसने कमरे में जाकर अपने आपको बंद कर लिया और कथित रूप से पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है हालांकि तलाशी के दौरान घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना ओएनजीसी कालोनी में हुई जहां एक ओएनजीसी कर्मचारी के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले 15 वर्षीय पुत्र समरजीत सिंह परीक्षा के दिनों में टेलीविजन देख रहा था, जिस पर उसकी मां ने उसे डांटा और पढ़ने को कहा।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि समरजीत को मां की डांट इतनी नागवार गुजरी कि उसने कमरे में जाकर अपने आपको बंद कर लिया और कथित रूप से पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है हालांकि तलाशी के दौरान घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि समरजीत को मां की डांट इतनी नागवार गुजरी कि उसने कमरे में जाकर अपने आपको बंद कर लिया और कथित रूप से पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है हालांकि तलाशी के दौरान घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है हालांकि तलाशी के दौरान घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। | यहाँ एक सारांश है:देहरादून के कौलागढ़ इलाके में नौवीं कक्षा के एक छात्र ने मां की डांट से नाराज होकर कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म अभिनेता सलमान खान ने पाकिस्तान की जेल में बंद मौत की सजा पाए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की रिहाई के लिए ऑनलाइन अभियान शुरू किया है। सरबजीत की रिहाई के लिए उन्होंने लोगों से याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील की, जिसे उन्होंने पाकिस्तान सरकार को सौंपने की योजना बनाई है।टिप्पणियां
सलमान ने बीइंगह्यूमैनऑनलाइन डॉट कॉम पर लिखा है, "सरबजीत पिछले 20 साल से उस अपराध के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद हैं, जो उन्होंने किया ही नहीं। सरबजीत और उनके घरवालों ने लम्बे समय तक पीड़ा सही है। इस आवेदन पर हस्ताक्षर कीजिए जो पाकिस्तान सरकार से यह अपील करने के लिए है कि वह सरबजीत को रिहा करे और पंजाब में उनके परिवार के पास भेज दे।"
'बीइंग ह्यूमैन' सलमान खान का ही संगठन है, जो समाज के वंचित लोगों में शिक्षा के प्रसार तथा उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए काम करता है।
सलमान ने बीइंगह्यूमैनऑनलाइन डॉट कॉम पर लिखा है, "सरबजीत पिछले 20 साल से उस अपराध के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद हैं, जो उन्होंने किया ही नहीं। सरबजीत और उनके घरवालों ने लम्बे समय तक पीड़ा सही है। इस आवेदन पर हस्ताक्षर कीजिए जो पाकिस्तान सरकार से यह अपील करने के लिए है कि वह सरबजीत को रिहा करे और पंजाब में उनके परिवार के पास भेज दे।"
'बीइंग ह्यूमैन' सलमान खान का ही संगठन है, जो समाज के वंचित लोगों में शिक्षा के प्रसार तथा उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए काम करता है।
'बीइंग ह्यूमैन' सलमान खान का ही संगठन है, जो समाज के वंचित लोगों में शिक्षा के प्रसार तथा उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए काम करता है। | फिल्म अभिनेता सलमान खान ने पाकिस्तान की जेल में बंद मौत की सजा पाए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की रिहाई के लिए ऑनलाइन अभियान शुरू किया है। | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे से 500 मीटर दूर तक शराब की दुकानों पर रोक जारी रहेगी या नहीं, अप्रैल की डेडलाइन बढ़ेगी या नहीं? इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की संशोधन करने की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा था कि सोचिए कि किसी व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में जान चली जाती है तो उसके परिवार पर क्या बीतती है. खास तौर पर मरने वाला व्यक्ति यदि परिवार के लिए रोटी कमाने वाला इकलौता जरिया हो.
तमिलनाडु और तेलंगाना की ओर से एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे शराब की दुकानें एक अप्रैल से बंद हो जाएंगी. लेकिन स्टेट हाइवे कई शहरों के बीच से होकर गुजरते हैं. अगर दुकानें बंद होंगी तो एक तरह से शराबबंदी हो जाएगी. जबकि देश में शराब बेचना गैरकानूनी नहीं है.
मामले में जनहित याचिका पंजाब और तमिलनाडु के लिए दाखिल की गई थी लेकिन आदेश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए दिए गए. हर प्रदेश के अलग-अलग हालात हैं. अगर पहाड़ी इलाकों में इस नियम का पालन करेंगे तो 500 मीटर में तो पहाड़ आ जाएगा. इसी तरह गोवा जैसे समुद्री इलाकों में 500 मीटर में समुद्र आ जाएगा. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों का पालन करना मुश्किल हो जाएगा.
दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं उनके खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, इस तरह की दुकानें चल सकेंगी. यानी एक अप्रैल 2017 से हाईवे पर इस तरह की दुकानें नहीं होंगी.टिप्पणियां
शराब की दुकानों के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा. नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह फैसला लागू होगा. इसके साथ ही राजमार्गों के किनारे लगे शराब के सारे विज्ञापन और साइन बोर्ड हटाए जाएंगे. राज्यों के चीफ सेक्रेट्री और डीजीपी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने की निगरानी करेंगे.
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर फैसला सुनाया था जिसमें गुहार की गई थी कि उत्पाद कानून में संशोधन करने का निर्देश दिया जाए जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाईवे के किनारे शराब की बिक्री न हो. इस पर हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे शराब के ठेके बंद करने का आदेश दे सकती है.
तमिलनाडु और तेलंगाना की ओर से एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे शराब की दुकानें एक अप्रैल से बंद हो जाएंगी. लेकिन स्टेट हाइवे कई शहरों के बीच से होकर गुजरते हैं. अगर दुकानें बंद होंगी तो एक तरह से शराबबंदी हो जाएगी. जबकि देश में शराब बेचना गैरकानूनी नहीं है.
मामले में जनहित याचिका पंजाब और तमिलनाडु के लिए दाखिल की गई थी लेकिन आदेश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए दिए गए. हर प्रदेश के अलग-अलग हालात हैं. अगर पहाड़ी इलाकों में इस नियम का पालन करेंगे तो 500 मीटर में तो पहाड़ आ जाएगा. इसी तरह गोवा जैसे समुद्री इलाकों में 500 मीटर में समुद्र आ जाएगा. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों का पालन करना मुश्किल हो जाएगा.
दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं उनके खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, इस तरह की दुकानें चल सकेंगी. यानी एक अप्रैल 2017 से हाईवे पर इस तरह की दुकानें नहीं होंगी.टिप्पणियां
शराब की दुकानों के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा. नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह फैसला लागू होगा. इसके साथ ही राजमार्गों के किनारे लगे शराब के सारे विज्ञापन और साइन बोर्ड हटाए जाएंगे. राज्यों के चीफ सेक्रेट्री और डीजीपी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने की निगरानी करेंगे.
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर फैसला सुनाया था जिसमें गुहार की गई थी कि उत्पाद कानून में संशोधन करने का निर्देश दिया जाए जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाईवे के किनारे शराब की बिक्री न हो. इस पर हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे शराब के ठेके बंद करने का आदेश दे सकती है.
मामले में जनहित याचिका पंजाब और तमिलनाडु के लिए दाखिल की गई थी लेकिन आदेश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए दिए गए. हर प्रदेश के अलग-अलग हालात हैं. अगर पहाड़ी इलाकों में इस नियम का पालन करेंगे तो 500 मीटर में तो पहाड़ आ जाएगा. इसी तरह गोवा जैसे समुद्री इलाकों में 500 मीटर में समुद्र आ जाएगा. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों का पालन करना मुश्किल हो जाएगा.
दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं उनके खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, इस तरह की दुकानें चल सकेंगी. यानी एक अप्रैल 2017 से हाईवे पर इस तरह की दुकानें नहीं होंगी.टिप्पणियां
शराब की दुकानों के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा. नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह फैसला लागू होगा. इसके साथ ही राजमार्गों के किनारे लगे शराब के सारे विज्ञापन और साइन बोर्ड हटाए जाएंगे. राज्यों के चीफ सेक्रेट्री और डीजीपी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने की निगरानी करेंगे.
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर फैसला सुनाया था जिसमें गुहार की गई थी कि उत्पाद कानून में संशोधन करने का निर्देश दिया जाए जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाईवे के किनारे शराब की बिक्री न हो. इस पर हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे शराब के ठेके बंद करने का आदेश दे सकती है.
दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं उनके खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, इस तरह की दुकानें चल सकेंगी. यानी एक अप्रैल 2017 से हाईवे पर इस तरह की दुकानें नहीं होंगी.टिप्पणियां
शराब की दुकानों के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा. नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह फैसला लागू होगा. इसके साथ ही राजमार्गों के किनारे लगे शराब के सारे विज्ञापन और साइन बोर्ड हटाए जाएंगे. राज्यों के चीफ सेक्रेट्री और डीजीपी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने की निगरानी करेंगे.
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर फैसला सुनाया था जिसमें गुहार की गई थी कि उत्पाद कानून में संशोधन करने का निर्देश दिया जाए जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाईवे के किनारे शराब की बिक्री न हो. इस पर हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे शराब के ठेके बंद करने का आदेश दे सकती है.
शराब की दुकानों के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा. नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह फैसला लागू होगा. इसके साथ ही राजमार्गों के किनारे लगे शराब के सारे विज्ञापन और साइन बोर्ड हटाए जाएंगे. राज्यों के चीफ सेक्रेट्री और डीजीपी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने की निगरानी करेंगे.
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर फैसला सुनाया था जिसमें गुहार की गई थी कि उत्पाद कानून में संशोधन करने का निर्देश दिया जाए जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाईवे के किनारे शराब की बिक्री न हो. इस पर हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे शराब के ठेके बंद करने का आदेश दे सकती है.
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर फैसला सुनाया था जिसमें गुहार की गई थी कि उत्पाद कानून में संशोधन करने का निर्देश दिया जाए जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाईवे के किनारे शराब की बिक्री न हो. इस पर हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे शराब के ठेके बंद करने का आदेश दे सकती है. | संक्षिप्त पाठ: राज्यों की संशोधन करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी की
राजमार्गों और स्टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक
राजमार्गों के किनारे की शराब की दुकानें एक अप्रैल से बंद हो जाएंगी | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को आगामी बजट में मंत्रालय के योजनागत बजट आवंटन में 1,300 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। मंत्रालय का मानना है कि इतनी राशि मिलने से असंगठित क्षेत्र के और ज्यादा कामगारों तक स्वास्थ्य बीमा कवर पहुंचाने में मदद मिलेगी। चालू वित्त वर्ष के लिए मंत्रालय को इस मद में 965 करोड़ रुपये मिले थे। श्रम और रोजगार मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार हम आगामी बजट में 1,300 करोड़ रुपये प्राप्ति की उम्मीद कर रहे हैं ताकि गरीब और विभिन्न नए क्षेत्रों तक बीमा सुविधा का विस्तार किया जा सके और कामकाजी वर्ग के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। अधिकारी ने कहा कि अधिक आवंटन से मंत्रालय बाल श्रम की समस्या पर भी अधिक सक्रियता के साथ गौर कर सकेगा। मंत्रालय को 750 करोड़ रुपये 1,400 आईटीआई के उन्नयन के लिए प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि समाज के गरीब तबके को नकदी रहित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को और विस्तार देने के लिये बजट में अधिक आवंटन किया जाएगा। | श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को आगामी बजट में मंत्रालय के योजनागत बजट आवंटन में 1,300 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के स्टार निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के लिये बीजिंग ओलिंपिक में मिला स्वर्ण पदक बीती बात हो चुकी है और उनका कहना है कि शुक्रवार से शुरू हो रहे लंदन खेलों में वह नये सिरे से शुरूआत करेंगे।
बिंद्रा ने कहा , ‘अतीत को देखने का कोई फायदा नहीं है। मैं बीजिंग के प्रदर्शन के बारे में ही सोचकर आत्ममुग्ध नहीं होना चाहता। मैने चार साल पहले दो घंटे की स्पर्धा में स्वर्ण जीता था। वह बीत चुका है और पुरानी बात है।’
उन्होंने कहा कि उन पर उस प्रदर्शन को दोहराने का कोई दबाव नहीं है, जो हुआ, वह हो चुका है। मुझे बीजिंग में पदक मिला। लेकिन फिलहाल लंदन में मेरे पास खोने के लिये कुछ नहीं है तो मैं दबाव में क्यों रहूंगा। बिंद्रा ने कहा , ‘मैं सच कह रहा हूं, आपको कोई शक है क्या। मुझे नये सिरे से शुरूआत करनी है। बीजिंग में जीता स्वर्ण पदक यहां बेमानी है।
अब तक ओलिंपिक के सफर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘यह मेरा चौथा ओलिंपिक है। अब मेरे बाल पक रहे हैं। मैं सिडनी (2000) में काफी रोमांचित था, फिर एथेंस (2004) में पदक जीतने के करीब पहुंचा और बीजिंग (2008) में पदक जीता।
बिंद्रा पर मीडिया के प्रति दोस्ताना रवैया नहीं होने का भी आरोप लगता रहा है। इस पर उन्होंने कहा ,‘‘ मैं आपके सामने बैठा हूं । यदि मेरा रवैया दोस्ताना नहीं होता तो आप मुझे जबरदस्ती इंटरव्यू देने के लिये मजबूर नहीं कर सकते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘मैं चुप रहता हूं क्योंकि मैं यहां एक लक्ष्य के साथ आया हूं। मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं क्योंकि ओलिंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। मैं यहां वही कर रहा हूं जिसकी मुझसे अपेक्षा की जा रही है।’’टिप्पणियां
क्या वह अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट हैं, यह पूछने पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘हर कोई बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है। मैं विश्व चैम्पियन था और ओलिंपिक चैम्पियन भी हूं लेकिन फिर भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहूंगा।’ बिंद्रा ने कहा, ‘चौथा ओलिंपिक खेलकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस साल अब तक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मेरी कोशिश अपने प्रति ईमानदार रहने की होती है। मैं पिछले प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचता।
बिंद्रा ने कहा , ‘अतीत को देखने का कोई फायदा नहीं है। मैं बीजिंग के प्रदर्शन के बारे में ही सोचकर आत्ममुग्ध नहीं होना चाहता। मैने चार साल पहले दो घंटे की स्पर्धा में स्वर्ण जीता था। वह बीत चुका है और पुरानी बात है।’
उन्होंने कहा कि उन पर उस प्रदर्शन को दोहराने का कोई दबाव नहीं है, जो हुआ, वह हो चुका है। मुझे बीजिंग में पदक मिला। लेकिन फिलहाल लंदन में मेरे पास खोने के लिये कुछ नहीं है तो मैं दबाव में क्यों रहूंगा। बिंद्रा ने कहा , ‘मैं सच कह रहा हूं, आपको कोई शक है क्या। मुझे नये सिरे से शुरूआत करनी है। बीजिंग में जीता स्वर्ण पदक यहां बेमानी है।
अब तक ओलिंपिक के सफर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘यह मेरा चौथा ओलिंपिक है। अब मेरे बाल पक रहे हैं। मैं सिडनी (2000) में काफी रोमांचित था, फिर एथेंस (2004) में पदक जीतने के करीब पहुंचा और बीजिंग (2008) में पदक जीता।
बिंद्रा पर मीडिया के प्रति दोस्ताना रवैया नहीं होने का भी आरोप लगता रहा है। इस पर उन्होंने कहा ,‘‘ मैं आपके सामने बैठा हूं । यदि मेरा रवैया दोस्ताना नहीं होता तो आप मुझे जबरदस्ती इंटरव्यू देने के लिये मजबूर नहीं कर सकते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘मैं चुप रहता हूं क्योंकि मैं यहां एक लक्ष्य के साथ आया हूं। मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं क्योंकि ओलिंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। मैं यहां वही कर रहा हूं जिसकी मुझसे अपेक्षा की जा रही है।’’टिप्पणियां
क्या वह अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट हैं, यह पूछने पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘हर कोई बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है। मैं विश्व चैम्पियन था और ओलिंपिक चैम्पियन भी हूं लेकिन फिर भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहूंगा।’ बिंद्रा ने कहा, ‘चौथा ओलिंपिक खेलकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस साल अब तक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मेरी कोशिश अपने प्रति ईमानदार रहने की होती है। मैं पिछले प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचता।
उन्होंने कहा कि उन पर उस प्रदर्शन को दोहराने का कोई दबाव नहीं है, जो हुआ, वह हो चुका है। मुझे बीजिंग में पदक मिला। लेकिन फिलहाल लंदन में मेरे पास खोने के लिये कुछ नहीं है तो मैं दबाव में क्यों रहूंगा। बिंद्रा ने कहा , ‘मैं सच कह रहा हूं, आपको कोई शक है क्या। मुझे नये सिरे से शुरूआत करनी है। बीजिंग में जीता स्वर्ण पदक यहां बेमानी है।
अब तक ओलिंपिक के सफर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘यह मेरा चौथा ओलिंपिक है। अब मेरे बाल पक रहे हैं। मैं सिडनी (2000) में काफी रोमांचित था, फिर एथेंस (2004) में पदक जीतने के करीब पहुंचा और बीजिंग (2008) में पदक जीता।
बिंद्रा पर मीडिया के प्रति दोस्ताना रवैया नहीं होने का भी आरोप लगता रहा है। इस पर उन्होंने कहा ,‘‘ मैं आपके सामने बैठा हूं । यदि मेरा रवैया दोस्ताना नहीं होता तो आप मुझे जबरदस्ती इंटरव्यू देने के लिये मजबूर नहीं कर सकते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘मैं चुप रहता हूं क्योंकि मैं यहां एक लक्ष्य के साथ आया हूं। मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं क्योंकि ओलिंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। मैं यहां वही कर रहा हूं जिसकी मुझसे अपेक्षा की जा रही है।’’टिप्पणियां
क्या वह अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट हैं, यह पूछने पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘हर कोई बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है। मैं विश्व चैम्पियन था और ओलिंपिक चैम्पियन भी हूं लेकिन फिर भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहूंगा।’ बिंद्रा ने कहा, ‘चौथा ओलिंपिक खेलकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस साल अब तक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मेरी कोशिश अपने प्रति ईमानदार रहने की होती है। मैं पिछले प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचता।
अब तक ओलिंपिक के सफर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘यह मेरा चौथा ओलिंपिक है। अब मेरे बाल पक रहे हैं। मैं सिडनी (2000) में काफी रोमांचित था, फिर एथेंस (2004) में पदक जीतने के करीब पहुंचा और बीजिंग (2008) में पदक जीता।
बिंद्रा पर मीडिया के प्रति दोस्ताना रवैया नहीं होने का भी आरोप लगता रहा है। इस पर उन्होंने कहा ,‘‘ मैं आपके सामने बैठा हूं । यदि मेरा रवैया दोस्ताना नहीं होता तो आप मुझे जबरदस्ती इंटरव्यू देने के लिये मजबूर नहीं कर सकते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘मैं चुप रहता हूं क्योंकि मैं यहां एक लक्ष्य के साथ आया हूं। मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं क्योंकि ओलिंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। मैं यहां वही कर रहा हूं जिसकी मुझसे अपेक्षा की जा रही है।’’टिप्पणियां
क्या वह अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट हैं, यह पूछने पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘हर कोई बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है। मैं विश्व चैम्पियन था और ओलिंपिक चैम्पियन भी हूं लेकिन फिर भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहूंगा।’ बिंद्रा ने कहा, ‘चौथा ओलिंपिक खेलकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस साल अब तक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मेरी कोशिश अपने प्रति ईमानदार रहने की होती है। मैं पिछले प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचता।
बिंद्रा पर मीडिया के प्रति दोस्ताना रवैया नहीं होने का भी आरोप लगता रहा है। इस पर उन्होंने कहा ,‘‘ मैं आपके सामने बैठा हूं । यदि मेरा रवैया दोस्ताना नहीं होता तो आप मुझे जबरदस्ती इंटरव्यू देने के लिये मजबूर नहीं कर सकते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘मैं चुप रहता हूं क्योंकि मैं यहां एक लक्ष्य के साथ आया हूं। मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं क्योंकि ओलिंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। मैं यहां वही कर रहा हूं जिसकी मुझसे अपेक्षा की जा रही है।’’टिप्पणियां
क्या वह अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट हैं, यह पूछने पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘हर कोई बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है। मैं विश्व चैम्पियन था और ओलिंपिक चैम्पियन भी हूं लेकिन फिर भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहूंगा।’ बिंद्रा ने कहा, ‘चौथा ओलिंपिक खेलकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस साल अब तक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मेरी कोशिश अपने प्रति ईमानदार रहने की होती है। मैं पिछले प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचता।
क्या वह अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट हैं, यह पूछने पर उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘हर कोई बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है। मैं विश्व चैम्पियन था और ओलिंपिक चैम्पियन भी हूं लेकिन फिर भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहूंगा।’ बिंद्रा ने कहा, ‘चौथा ओलिंपिक खेलकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस साल अब तक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मेरी कोशिश अपने प्रति ईमानदार रहने की होती है। मैं पिछले प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचता।
उन्होंने कहा, ‘हर कोई बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है। मैं विश्व चैम्पियन था और ओलिंपिक चैम्पियन भी हूं लेकिन फिर भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना चाहूंगा।’ बिंद्रा ने कहा, ‘चौथा ओलिंपिक खेलकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस साल अब तक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मेरी कोशिश अपने प्रति ईमानदार रहने की होती है। मैं पिछले प्रदर्शन के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। | संक्षिप्त पाठ: बिंद्रा ने कहा, ‘चौथा ओलिंपिक खेलकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस साल अब तक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मेरी कोशिश अपने प्रति ईमानदार रहने की होती है।' | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार की नो डिटेंशन पॉलिसी पर शिक्षा पर सबसे बड़ी सलाहकार समिति केब (सेंट्रल एडवाइज़री बोर्ड ऑफ एजुकेशन) ने सरकार से सिफारिश की है कि फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ दिया जाए कि पांचवीं कक्षा से वह इस नीति का पालन करना चाहते हैं या नहीं. हालांकि चौथी कक्षा तक यह नीति अनिवार्य बनी रहेगी.
नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत राज्य 8वीं कक्षा तक किसी छात्र की परीक्षा नहीं ले सकते. इससे कई राज्यों में नाराज़गी है, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि छात्र पढ़ाई नहीं करते. लिहाजा, 9वीं कक्षा से उन्हें परीक्षा में पास होना मुश्किल होता है. नो डिटेंशन पॉलिसी शिक्षा के अधिकार कानून का हिस्सा है और इसे बदलने के लिए कानून में परिवर्तन करना होगा. संभावना है कि संसद के शीतकालीन सत्र में ही सरकार यह संशोधन लेकर आएगी.टिप्पणियां
केब ने सरकार से सिफारिश की है कि आरटीई एक्ट में बदलाव कर ये राज्यों पर छोड़ दिया जाए कि वह इस नीति को लागू रखें या हटाएं, लेकिन चौथी तक कोई राज्य बच्चों की परीक्षा नहीं ले पाएगा, यानि नो डिटेंशन पर पांचवीं के बाद ही राज्य कोई फैसला कर सकते हैं.
केब की बैठक में राज्यों ने ये भी कहा कि कोई नीति होने की वजह से ये पता नहीं चल पा रहा है कि छात्र क्या सीख पा रहे हैं. अब कानून में लर्निंग आउटकम के नाम पर ये भी व्याख्या की जाएगी कि किस कक्षा के बच्चे को कम से कम कितनी जानकारी होनी चाहिए.
नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत राज्य 8वीं कक्षा तक किसी छात्र की परीक्षा नहीं ले सकते. इससे कई राज्यों में नाराज़गी है, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि छात्र पढ़ाई नहीं करते. लिहाजा, 9वीं कक्षा से उन्हें परीक्षा में पास होना मुश्किल होता है. नो डिटेंशन पॉलिसी शिक्षा के अधिकार कानून का हिस्सा है और इसे बदलने के लिए कानून में परिवर्तन करना होगा. संभावना है कि संसद के शीतकालीन सत्र में ही सरकार यह संशोधन लेकर आएगी.टिप्पणियां
केब ने सरकार से सिफारिश की है कि आरटीई एक्ट में बदलाव कर ये राज्यों पर छोड़ दिया जाए कि वह इस नीति को लागू रखें या हटाएं, लेकिन चौथी तक कोई राज्य बच्चों की परीक्षा नहीं ले पाएगा, यानि नो डिटेंशन पर पांचवीं के बाद ही राज्य कोई फैसला कर सकते हैं.
केब की बैठक में राज्यों ने ये भी कहा कि कोई नीति होने की वजह से ये पता नहीं चल पा रहा है कि छात्र क्या सीख पा रहे हैं. अब कानून में लर्निंग आउटकम के नाम पर ये भी व्याख्या की जाएगी कि किस कक्षा के बच्चे को कम से कम कितनी जानकारी होनी चाहिए.
केब ने सरकार से सिफारिश की है कि आरटीई एक्ट में बदलाव कर ये राज्यों पर छोड़ दिया जाए कि वह इस नीति को लागू रखें या हटाएं, लेकिन चौथी तक कोई राज्य बच्चों की परीक्षा नहीं ले पाएगा, यानि नो डिटेंशन पर पांचवीं के बाद ही राज्य कोई फैसला कर सकते हैं.
केब की बैठक में राज्यों ने ये भी कहा कि कोई नीति होने की वजह से ये पता नहीं चल पा रहा है कि छात्र क्या सीख पा रहे हैं. अब कानून में लर्निंग आउटकम के नाम पर ये भी व्याख्या की जाएगी कि किस कक्षा के बच्चे को कम से कम कितनी जानकारी होनी चाहिए.
केब की बैठक में राज्यों ने ये भी कहा कि कोई नीति होने की वजह से ये पता नहीं चल पा रहा है कि छात्र क्या सीख पा रहे हैं. अब कानून में लर्निंग आउटकम के नाम पर ये भी व्याख्या की जाएगी कि किस कक्षा के बच्चे को कम से कम कितनी जानकारी होनी चाहिए. | 5वीं कक्षा से इस नीति का पालन किया जाए या नहीं, फैसला राज्यों पर छोड़ा.
नो डिटेंशन पॉलिसी में राज्य 8वीं कक्षा तक छात्र की परीक्षा नहीं ले सकते.
इससे कई राज्यों में नाराज़गी है. | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राजधानी दिल्ली के आईटीओ इलाके के करीब हुए एक जबरदस्त हादसे में आज तड़के दो लोगों की जान चली गई जबकि तीन लोग घायल हो गए. लक्ष्मी नगर की तरफ से आईटीओ की ओर जा रही तेज रफ्तार आई20 कार पहले डिवाइडर पर चढ़ी और उसके बाद लैंप पोस्ट से टकरा गई और फिर पलट गई.
चश्मदीद के मुताबिक मौके पर मौजूद लोगों ने आनन फानन में गाड़ी में से तीन घायलों को निकाला लेकिन पहली सीट पर बैठे दो घायलों को निकालने के लिए दिल्ली फायर सर्विस की टीम को बुलाया गया. इस टीम ने कार जी छत को काटकर दोनों घायलों को निकाला. हादसे में घायल हुए पांचों लोगों को एलएनजेपी हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने कार चला रहे कारोबारी कशिश आनंद और बीटेक कर रही आयुषी को मृत घोषित कर दिया.
कार में मौजूद सभी लोगों की आयु 20-25 वर्ष थी. ये लोग हरियाणा से दिल्ली अपने दोस्त की शादी में शामिल होने आए थे. कार कशिश आनंद (23 साल) कार ड्राइव कर रहे थे और उनके बगल की सीट पर आयुषी (24 साल) बैठी थीं. पिछली सीट पर दो पुरुष और एक महिला थे. कशिश की हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी. न्यूरोसर्जरी इमर्जेंसी वॉर्ड में एडमिट करवाई गईं आयुषी की भी बाद में मौत हो गई. बाकी तीनों लोगों के लिए डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें मामूली चोटें आई थीं. दुर्घटना तड़के दो बजे के करीब हुई और घायलों को दो बजकर 38 मिनट पर एलएनजेपी हॉस्पिटल लाया गया.
हादसे में क्षतिग्रस्त कार.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि कशिश ने कार को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही मोटरसाइकल को बचाने की कोशिश की और तभी कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया जिसके बाद कार सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी. वहां मौजूद बिजली का खंभा इस टक्कर के बाद कार पर आ गिरा.
मौके पर मौजूद चश्मदीद ने कहा- हमने देखा कि कार ड्राइवर कोशिश कर रहा था कि बाइक से भिड़ंत न हो और तभी कार डिवाइडर से जा टकराई.टिप्पणियां
कशिश आनंद हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला था जबकि आयुषी देहरादून की रहने वाली थी. गाड़ी में मौजूद गुरुग्राम के रहने वाले मानक चड्ढा और देहरादून के रहने वाले शोभित शर्मा, शकुन शर्मा घायल हो गए हैं जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.
कशिश आनंद के अंकल गौरव वर्मा ने NDTV को बताया कि हाल ही में कशिश ने अपने माता पिता को खोया था. उन्होंने बताया- हमें पुलिस ने सुबह 4 बजे दुर्घटना की सूचना दी और अब वह इस दुनिया में नहीं है.
चश्मदीद के मुताबिक मौके पर मौजूद लोगों ने आनन फानन में गाड़ी में से तीन घायलों को निकाला लेकिन पहली सीट पर बैठे दो घायलों को निकालने के लिए दिल्ली फायर सर्विस की टीम को बुलाया गया. इस टीम ने कार जी छत को काटकर दोनों घायलों को निकाला. हादसे में घायल हुए पांचों लोगों को एलएनजेपी हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने कार चला रहे कारोबारी कशिश आनंद और बीटेक कर रही आयुषी को मृत घोषित कर दिया.
कार में मौजूद सभी लोगों की आयु 20-25 वर्ष थी. ये लोग हरियाणा से दिल्ली अपने दोस्त की शादी में शामिल होने आए थे. कार कशिश आनंद (23 साल) कार ड्राइव कर रहे थे और उनके बगल की सीट पर आयुषी (24 साल) बैठी थीं. पिछली सीट पर दो पुरुष और एक महिला थे. कशिश की हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी. न्यूरोसर्जरी इमर्जेंसी वॉर्ड में एडमिट करवाई गईं आयुषी की भी बाद में मौत हो गई. बाकी तीनों लोगों के लिए डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें मामूली चोटें आई थीं. दुर्घटना तड़के दो बजे के करीब हुई और घायलों को दो बजकर 38 मिनट पर एलएनजेपी हॉस्पिटल लाया गया.
हादसे में क्षतिग्रस्त कार.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि कशिश ने कार को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही मोटरसाइकल को बचाने की कोशिश की और तभी कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया जिसके बाद कार सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी. वहां मौजूद बिजली का खंभा इस टक्कर के बाद कार पर आ गिरा.
मौके पर मौजूद चश्मदीद ने कहा- हमने देखा कि कार ड्राइवर कोशिश कर रहा था कि बाइक से भिड़ंत न हो और तभी कार डिवाइडर से जा टकराई.टिप्पणियां
कशिश आनंद हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला था जबकि आयुषी देहरादून की रहने वाली थी. गाड़ी में मौजूद गुरुग्राम के रहने वाले मानक चड्ढा और देहरादून के रहने वाले शोभित शर्मा, शकुन शर्मा घायल हो गए हैं जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.
कशिश आनंद के अंकल गौरव वर्मा ने NDTV को बताया कि हाल ही में कशिश ने अपने माता पिता को खोया था. उन्होंने बताया- हमें पुलिस ने सुबह 4 बजे दुर्घटना की सूचना दी और अब वह इस दुनिया में नहीं है.
कार में मौजूद सभी लोगों की आयु 20-25 वर्ष थी. ये लोग हरियाणा से दिल्ली अपने दोस्त की शादी में शामिल होने आए थे. कार कशिश आनंद (23 साल) कार ड्राइव कर रहे थे और उनके बगल की सीट पर आयुषी (24 साल) बैठी थीं. पिछली सीट पर दो पुरुष और एक महिला थे. कशिश की हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी. न्यूरोसर्जरी इमर्जेंसी वॉर्ड में एडमिट करवाई गईं आयुषी की भी बाद में मौत हो गई. बाकी तीनों लोगों के लिए डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें मामूली चोटें आई थीं. दुर्घटना तड़के दो बजे के करीब हुई और घायलों को दो बजकर 38 मिनट पर एलएनजेपी हॉस्पिटल लाया गया.
हादसे में क्षतिग्रस्त कार.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि कशिश ने कार को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही मोटरसाइकल को बचाने की कोशिश की और तभी कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया जिसके बाद कार सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी. वहां मौजूद बिजली का खंभा इस टक्कर के बाद कार पर आ गिरा.
मौके पर मौजूद चश्मदीद ने कहा- हमने देखा कि कार ड्राइवर कोशिश कर रहा था कि बाइक से भिड़ंत न हो और तभी कार डिवाइडर से जा टकराई.टिप्पणियां
कशिश आनंद हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला था जबकि आयुषी देहरादून की रहने वाली थी. गाड़ी में मौजूद गुरुग्राम के रहने वाले मानक चड्ढा और देहरादून के रहने वाले शोभित शर्मा, शकुन शर्मा घायल हो गए हैं जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.
कशिश आनंद के अंकल गौरव वर्मा ने NDTV को बताया कि हाल ही में कशिश ने अपने माता पिता को खोया था. उन्होंने बताया- हमें पुलिस ने सुबह 4 बजे दुर्घटना की सूचना दी और अब वह इस दुनिया में नहीं है.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि कशिश ने कार को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही मोटरसाइकल को बचाने की कोशिश की और तभी कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया जिसके बाद कार सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी. वहां मौजूद बिजली का खंभा इस टक्कर के बाद कार पर आ गिरा.
मौके पर मौजूद चश्मदीद ने कहा- हमने देखा कि कार ड्राइवर कोशिश कर रहा था कि बाइक से भिड़ंत न हो और तभी कार डिवाइडर से जा टकराई.टिप्पणियां
कशिश आनंद हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला था जबकि आयुषी देहरादून की रहने वाली थी. गाड़ी में मौजूद गुरुग्राम के रहने वाले मानक चड्ढा और देहरादून के रहने वाले शोभित शर्मा, शकुन शर्मा घायल हो गए हैं जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.
कशिश आनंद के अंकल गौरव वर्मा ने NDTV को बताया कि हाल ही में कशिश ने अपने माता पिता को खोया था. उन्होंने बताया- हमें पुलिस ने सुबह 4 बजे दुर्घटना की सूचना दी और अब वह इस दुनिया में नहीं है.
मौके पर मौजूद चश्मदीद ने कहा- हमने देखा कि कार ड्राइवर कोशिश कर रहा था कि बाइक से भिड़ंत न हो और तभी कार डिवाइडर से जा टकराई.टिप्पणियां
कशिश आनंद हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला था जबकि आयुषी देहरादून की रहने वाली थी. गाड़ी में मौजूद गुरुग्राम के रहने वाले मानक चड्ढा और देहरादून के रहने वाले शोभित शर्मा, शकुन शर्मा घायल हो गए हैं जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.
कशिश आनंद के अंकल गौरव वर्मा ने NDTV को बताया कि हाल ही में कशिश ने अपने माता पिता को खोया था. उन्होंने बताया- हमें पुलिस ने सुबह 4 बजे दुर्घटना की सूचना दी और अब वह इस दुनिया में नहीं है.
कशिश आनंद हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला था जबकि आयुषी देहरादून की रहने वाली थी. गाड़ी में मौजूद गुरुग्राम के रहने वाले मानक चड्ढा और देहरादून के रहने वाले शोभित शर्मा, शकुन शर्मा घायल हो गए हैं जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.
कशिश आनंद के अंकल गौरव वर्मा ने NDTV को बताया कि हाल ही में कशिश ने अपने माता पिता को खोया था. उन्होंने बताया- हमें पुलिस ने सुबह 4 बजे दुर्घटना की सूचना दी और अब वह इस दुनिया में नहीं है.
कशिश आनंद के अंकल गौरव वर्मा ने NDTV को बताया कि हाल ही में कशिश ने अपने माता पिता को खोया था. उन्होंने बताया- हमें पुलिस ने सुबह 4 बजे दुर्घटना की सूचना दी और अब वह इस दुनिया में नहीं है. | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली के आईटीओ पर कार का जबरदस्त ऐक्सिडेंट हुआ
डिवाइडर से टकराई कार जब पलटी तो उस पर खंभा भी गिर गया
मौके पर दो लोगों की मौत हो गई, तीन घायल | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले कुछ महीने से शेयर बाजारों में जारी गिरावट के पीछे गड़बड़ी की आशंका के बीच बाजार नियामक सेबी ब्रोकरेज कंपनियों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) और म्युचुअल फंड जैसी 25 इकाइयों की जांच कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच से मंदड़ियों के बीच साठगांठ के कम-से-कम तीन मामलों का पता चला है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक्सचेंजों और विभिन्न बाजारों से पिछले तीन महीने में सबसे अधिक प्रभावित शेयरों के सौदों के स्वरूप और प्रवृत्ति आदि की सूचना प्राप्त करने का निर्णय लिया है। मंदड़िया आपस में मिलकर कुछ शेयरों का बाजार तोड़ते हैं। यह काम वे या तो खुद उन शेयरों को शेयरों की लिवाली के लिए या फिर कंपनी के व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों के इशारे पर करते हैं। उल्लेखनीय है कि पांच नवंबर को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 21,004 अंक की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद से यह 3,000 से अधिक अंक या 15 फीसद नीचे आ गया है। इस गिरावट के चलते बंबई स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज सभी शेयरों की कुल बाजार हैसियत लगभग 15,00,000 करोड़ रुपये घट चुकी है। सूत्रों के अनुसार सेबी को संदेह हैं कि मंदड़ियों के साठगांठ में 25 ब्रोकर, दलाल, विदेशी संस्थागत निवेशक और घरेलू म्युचुअल फंड शामिल हो सकते हैं। | सारांश: सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच से मंदड़ियों के बीच साठगांठ के कम-से-कम तीन मामलों का पता चला है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: फिल्मकार अनुभव सिन्हा ने माधुरी दीक्षित के बाद अब जूही चावला को भी अपनी फिल्म 'गुलाब गैंग' में महत्वपूर्ण भूमिका में ले लिया है। उनका कहना है कि दोनों अभिनेत्रियों को पहली बार बड़े पर्दे पर देखना काफी दिलचस्प होगा।
फिल्म का निर्माण कर रहे अनुभव ने बताया, वास्तव में जूही को फिल्म में लेने के दो कारण हैं। पहला कारण, यह हम सभी द्वारा लिया गया रचनात्मक निर्णय है..और दूसरा हमने सोचा कि फिल्म में दो शानदार अभिनेत्रियों- माधुरी और जूही को एक साथ देखना बहुत दिलचस्प होगा।
उन्होंने बताया कि फिल्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में सम्पत पाल के नेतृत्व वाले गुलाबी गैंग से प्रेरित है। यह गैंग क्षेत्र में महिलाओं के अधिकार के लिए लड़ता है। फिल्म का निर्माण सौमिक सेन कर रहे हैं।टिप्पणियां
अनुभव ने बताया कि फिल्म की शूटिंग दिसम्बर से शुरू हो जाएगी और इसे सबसे पहले बंबई में फिल्माया जाएगा।
'गुलाब गैंग' में माही गिल और शिल्पा शुक्ला भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। यह फिल्म मार्च के बाद रिलीज की जाएगी।
फिल्म का निर्माण कर रहे अनुभव ने बताया, वास्तव में जूही को फिल्म में लेने के दो कारण हैं। पहला कारण, यह हम सभी द्वारा लिया गया रचनात्मक निर्णय है..और दूसरा हमने सोचा कि फिल्म में दो शानदार अभिनेत्रियों- माधुरी और जूही को एक साथ देखना बहुत दिलचस्प होगा।
उन्होंने बताया कि फिल्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में सम्पत पाल के नेतृत्व वाले गुलाबी गैंग से प्रेरित है। यह गैंग क्षेत्र में महिलाओं के अधिकार के लिए लड़ता है। फिल्म का निर्माण सौमिक सेन कर रहे हैं।टिप्पणियां
अनुभव ने बताया कि फिल्म की शूटिंग दिसम्बर से शुरू हो जाएगी और इसे सबसे पहले बंबई में फिल्माया जाएगा।
'गुलाब गैंग' में माही गिल और शिल्पा शुक्ला भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। यह फिल्म मार्च के बाद रिलीज की जाएगी।
उन्होंने बताया कि फिल्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में सम्पत पाल के नेतृत्व वाले गुलाबी गैंग से प्रेरित है। यह गैंग क्षेत्र में महिलाओं के अधिकार के लिए लड़ता है। फिल्म का निर्माण सौमिक सेन कर रहे हैं।टिप्पणियां
अनुभव ने बताया कि फिल्म की शूटिंग दिसम्बर से शुरू हो जाएगी और इसे सबसे पहले बंबई में फिल्माया जाएगा।
'गुलाब गैंग' में माही गिल और शिल्पा शुक्ला भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। यह फिल्म मार्च के बाद रिलीज की जाएगी।
अनुभव ने बताया कि फिल्म की शूटिंग दिसम्बर से शुरू हो जाएगी और इसे सबसे पहले बंबई में फिल्माया जाएगा।
'गुलाब गैंग' में माही गिल और शिल्पा शुक्ला भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। यह फिल्म मार्च के बाद रिलीज की जाएगी।
'गुलाब गैंग' में माही गिल और शिल्पा शुक्ला भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। यह फिल्म मार्च के बाद रिलीज की जाएगी। | संक्षिप्त पाठ: फिल्मकार अनुभव सिन्हा ने माधुरी दीक्षित के बाद अब जूही चावला को भी अपनी फिल्म 'गुलाब गैंग' में महत्वपूर्ण भूमिका में ले लिया है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रविवार को यहां गांधी मैदान में एक रैली को संबोधित करेंगे. करीब तीन दशक में गांधी मैदान में पार्टी की यह पहली सार्वजनिक सभा होगी. कांग्रेस यह सुनिश्चित करने के लिए जी-तोड़ कोशिश में जुटी है कि रैली बहुत सफल हो. बिहार के पार्टी मामलों के प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल ने शनिवार को बताया कि गठबंधन के साझेदारों जैसे तेजस्वी यादव, उपेंद्र कुशवाहा और जीतनराम मांझी को इस कार्यक्रम के लिए निमंत्रण भेजा गया है. कांग्रेस बिहार के महागठबंधन का हिस्सा है. इस महागठबंधन में राजद, रालोसपा, एचएएम भी हैं. मांझी ने इस कार्यक्रम में आने की पुष्टि की है. देखने की बात यह है कि पुलिस कार्रवाई में घायल हुए कुशवाहा कार्यक्रम में जा पायेंगे या नहीं.
हालांकि, राजद नेता तेजस्वी यादव के इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.राहुल गांधी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद बिहार में उनकी यह पहली जनसभा होगी. कांग्रेस ने इस रैली को 'जन आकांक्षा रैली' का नाम दिया है. इस रैली को को लेकर जहां कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता उत्साहित हैं, वहीं इसमें भाग लेने के लिए लोग एक दिन पहले ही पटना पहुंचने लगे हैं. रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महागठबंधन में शामिल अन्य घटक दलों के नेता हिस्सा लेंगे. कई सफल रैलियों के गवाह रहे गांधी मैदान में अकेले कांग्रेस करीब 30 साल बाद रविवार यानी 3 फरवरी को रैली का आयोजन करने जा रही है.
इस रैली को लेकर पटना की सड़कों, गोलंबरों और चौराहों को पोस्टरों और बैनरों से पाट दिया गया है. कांग्रेस के विधायक से लेकर बिहार के कई विपक्षी सांसद इस रैली को सफल करने में जुटे हैं. इस रैली में भाग लेने के लिए कार्यकर्ता एक दिन पहले पटना पहुंचने लगे हैं. उनके रहने और खाने का प्रबंध पार्टी के विधायकों और विधान पार्षदों के आवास पर किया गया है. ठंड को देखते हुए अलाव का इंतजाम भी किया गया है. | संक्षिप्त सारांश: पटना में कांग्रेस की रैली आज
राहुल गांधी करेंगे रैली को संबोधित
करीब 30 साल बाद पटना में हो रही है कांग्रेस की रैली | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दुनियाभर में जन अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बन चुकी माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर ने भारत सरकार को एक शुभ संकेत देते हुए घोषणा की है कि वह विभिन्न देशों के आधार पर ट्वीट को सेंसर करेगी। ट्विटर का यह कदम भारत सरकार को खूब रास आ सकता है, जिसने कथित रूप से सोशल मीडिया वेबसाइटों से अनुरोध किया है कि वे अपमानजनक सामग्री को अपनी वेबसाइट से हटाएं।टिप्पणियां
अपने ब्लॉग ‘ट्वीट मस्ट फ्लो’ में सैन फ्रांसिस्को स्थित माइक्रो ब्लागिंग कंपनी ने कहा है कि यदि कानूनी रूप से ऐसा करना जरूरी हुआ, तो वह किसी देश विशेष में इस्तेमाल की जाने वाले सामग्री को रोकेगी। यह प्रस्तावित कदम ऐसे समय पर आया है, जब भारत और वैश्विक इंटरनेट कंपनियों गूगल, याहू, ट्विटर और फेसबुक के बीच विषय सामग्रियों की पहले जांच और आक्रामक सामग्री को वेबसाइटों से हटाने को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है।
दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने 21 सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों से कहा था कि वह इस साल 6 फरवरी तक अपमानजनक सामग्रियों को अपनी वेबसाइट से हटाएं। अपने ब्लॉग में ट्विटर ने फ्रांस और जर्मनी का उदाहरण दिया, जहां नाजी समर्थक सामग्री पर प्रतिबंध है। उसने कहा, ‘‘जैसा कि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रहे हैं, हम उन देशों में प्रवेश करेंगे, जिनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर अलग विचार हैं।’’ उसने कहा, ‘‘आज से शुरू हो रहा है, हम सक्रियतापूर्वक सामग्री को किसी देश विशेष में रोक देंगे, लेकिन बाकी का विश्व समुदाय उसे देख सकेगा।’’
अपने ब्लॉग ‘ट्वीट मस्ट फ्लो’ में सैन फ्रांसिस्को स्थित माइक्रो ब्लागिंग कंपनी ने कहा है कि यदि कानूनी रूप से ऐसा करना जरूरी हुआ, तो वह किसी देश विशेष में इस्तेमाल की जाने वाले सामग्री को रोकेगी। यह प्रस्तावित कदम ऐसे समय पर आया है, जब भारत और वैश्विक इंटरनेट कंपनियों गूगल, याहू, ट्विटर और फेसबुक के बीच विषय सामग्रियों की पहले जांच और आक्रामक सामग्री को वेबसाइटों से हटाने को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है।
दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने 21 सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों से कहा था कि वह इस साल 6 फरवरी तक अपमानजनक सामग्रियों को अपनी वेबसाइट से हटाएं। अपने ब्लॉग में ट्विटर ने फ्रांस और जर्मनी का उदाहरण दिया, जहां नाजी समर्थक सामग्री पर प्रतिबंध है। उसने कहा, ‘‘जैसा कि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रहे हैं, हम उन देशों में प्रवेश करेंगे, जिनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर अलग विचार हैं।’’ उसने कहा, ‘‘आज से शुरू हो रहा है, हम सक्रियतापूर्वक सामग्री को किसी देश विशेष में रोक देंगे, लेकिन बाकी का विश्व समुदाय उसे देख सकेगा।’’
दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने 21 सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों से कहा था कि वह इस साल 6 फरवरी तक अपमानजनक सामग्रियों को अपनी वेबसाइट से हटाएं। अपने ब्लॉग में ट्विटर ने फ्रांस और जर्मनी का उदाहरण दिया, जहां नाजी समर्थक सामग्री पर प्रतिबंध है। उसने कहा, ‘‘जैसा कि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रहे हैं, हम उन देशों में प्रवेश करेंगे, जिनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर अलग विचार हैं।’’ उसने कहा, ‘‘आज से शुरू हो रहा है, हम सक्रियतापूर्वक सामग्री को किसी देश विशेष में रोक देंगे, लेकिन बाकी का विश्व समुदाय उसे देख सकेगा।’’ | यहाँ एक सारांश है:ट्विटर का यह कदम भारत सरकार को रास आ सकता है, जिसने सोशल मीडिया साइटों से अनुरोध किया है कि वे अपमानजनक सामग्रियों को अपनी वेबसाइट से हटाएं। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को भ्रष्टाचार के एक मामले में गुरुवार को अग्रिम जमानत दे दी। येदियुरप्पा पर कार्यकाल के दौरान अपर भद्र सिंचाई परियोजना की निविदा मंजूर करने में अनियमितता बरतने का आरोप है। न्यायमूर्ति एल नारायणस्वामी ने एक लाख रुपये के मुचलके पर येदियुरप्पा की जमानत मंजूर की और यह भी निर्देश दिया कि पूर्व मुख्यमंत्री देश से बाहर नहीं जाएंगे और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करेंगे। जनता दल (सेक्युलर) के एक विधायक वाई एस वी दत्ता की शिकायत पर लोकायुक्त ने येदियुरप्पा के खिलाफ जांच शुरू की थी। उन्होंने इसी मामले में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। दत्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और उनके परिजनों ने एक निजी कम्पनी को ठेका आवंटित करने के लिए 13 करोड़ रुपये लिए थे। येदियुरप्पा को आशंका थी कि 26 अगस्त को न्यायमूर्ति केएल मंजूनाथ और एचएस केम्पन्ना की खंडपीठ द्वारा इस मामले में लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को अमान्य करने की मांग करने वाली याचिका रद्द किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। विशेष लोकायुक्त अदालत की जिम्मेदारी सम्भाल रहे निचली अदालत के न्यायाधीश एनके सुधींद्र राव ने भ्रष्टाचार के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए गठित की गई लोकायुक्त पुलिस को भी इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन लोकायुक्त एन संतोष हेगड़े द्वारा 27 जुलाई को रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद येदियुरप्पा ने राज्य के मुख्यमंत्री पद से 31 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था क्योंकि इसमें उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया गया था। | यह एक सारांश है: येदियुरप्पा पर कार्यकाल के दौरान अपर भद्र सिंचाई परियोजना की निविदा मंजूर करने में अनियमितता बरतने का आरोप है। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मॉनसून की बेहतर स्थिति ने अपना रंग दिखाया है और इस साल गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद है। इस फसल वर्ष में गेहूं उत्पादन 8 करोड़ 14 लाख टन की नई ऊंचाई पर होगा, जबकि कुल खाद्यान्न उत्पादन 23 करोड़ 20 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है। कृषिमंत्री शरद पवार ने फसल वर्ष (जून से जुलाई) 20100-11 के लिए कृषि उपज के दूसरे अग्रिम अनुमान जारी करते हुए कहा, इस फसल वर्ष में देश में गेहूं, दाल और कपास का रिकॉर्ड उत्पादन होगा। पवार ने रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को खेती-बाड़ी करने वालों और किसानों की कड़ी मेहनत का फल बताया। वर्ष 2009-10 में गेहूं की पैदावार 8 करोड़ 08 लाख टन रही थी, जो कि इससे पिछले वर्ष से अधिक थी, लेकिन इस साल इससे भी अधिक पैदावार होने का अनुमान है। वर्ष 2009-10 में खाद्यान्न का कुल उत्पादन 21 करोड़ 81 लाख टन रहा था, जबकि इस बार यह आंकडा 23 करोड़ टन के ऊपर निकल जाने की उम्मीद है। दालों के समर्थन मूल्य में हाल में की गई भारी वृद्धि से उत्साहित किसानों ने इस बार दालों की भी रिकॉर्ड पैदावार की है। दाल उत्पादन इस साल 1 करोड़ 65 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि कपास का उत्पादन 3 करोड़ 39 लाख गांठ रहने का अनुमान लगाया गया है। चालू फसल वर्ष में चावल का उत्पादन भी एक साल पहले के 8 करोड़ 90 लाख टन से बढ़कर 9 करोड़ 40 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है। पिछले वर्ष कमजोर मॉनसून और कई इलाकों में सूखे की स्थिति के कारण चावल का उत्पादन 1 करोड़ टन घट गया था। | यहाँ एक सारांश है:इस फसल वर्ष में गेहूं उत्पादन 8 करोड़ 14 लाख टन की नई ऊंचाई पर होगा, जबकि कुल खाद्यान्न उत्पादन 23 करोड़ 20 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कर्नाटक के राज्यपाल एचआर भारद्वाज को वापस बुलाने की भाजपा की मांग को सिरे से खारिज करते हुए केन्द्र ने सोमवार को कहा कि इसका सवाल ही नहीं उठता। उसने कहा कि राज्यपाल अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। सरकार ने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की राज्यपाल की सिफरिश को किन्हीं वैधानिक कारणों से लागू नहीं किया गया है। लेकिन इन सिफारिशों के आधार पर येदियुरप्पा सरकार को एडवाइज़री भेजी जा रही है। गृह मंत्री पी चिदंबरम ने मंत्री समूह मीडिया ब्रीफिंग में कहा, केवल वैधानिक पहलुओं को ध्यान में रख कर कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने की राज्यपाल की सिफारिश को स्वीकार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति में यह राय बनी कि राष्ट्रपति शासन लगाने की शक्ति काफी सीमित है। इसके अलावा राज्य के हालात अभी संविधान के अनुच्छेद 356 को लागू करने पर खरा नहीं उतरते। साथ ही इस संदर्भ में उच्चतम न्यायालय के निर्णय को भी ध्यान में रखा गया है। चिदंबरम ने कहा कि इन सब पहलुओं को देखते हुए कर्नाटक के मामले में अहम को तूल नहीं देते हुए राष्ट्रपति शासन लागू करने की राज्यपाल की सिफारिश को नहीं मानने का निर्णय किया गया। राष्ट्रपति शासन नहीं लागू करने के बावजूद केन्द्र ने हालांकि, बी एस येदियुरप्पा सरकार को भारद्वाज की रिपोर्ट के आधार पर एडवाइज़री भेजने का फैसला किया हैं। गृह मंत्री ने बताया कि एडवाइज़री तैयार की जा रही है और इसे कल तक कर्नाटक सरकार को भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की रिपोर्ट में कई बिन्दु सही हैं और उन्हें एडवाइज़री का आधार बनाया गया है। एडवाइज़री में भ्रष्टाचार, अवैध खनन, राज्य के मंत्रियों के खिलाफ मामले, लोकायुक्त की शिकायतों और राज्य में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव तथा उत्पीड़न के बारे में सलाह दी गई है। उधर राष्ट्रीय राजधानी आए येदियुरप्पा ने कहा, भाजपा ने भारद्वाज को वापस बुलाने की अपनी मांग पर कायम रहने का फैसला किया है, हालांकि, विधानसभा को निलंबित रखे जाने की राज्यपाल की सिफारिश को स्वीकार नहीं करने के लिये भारत सरकार की प्रशंसा करता हूं। यह लोकतंत्र और मेरी बहुमत वाली सरकार के लिये एक बड़ी जीत है। | संक्षिप्त सारांश: सरकार ने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की राज्यपाल की सिफरिश को किन्हीं वैधानिक कारणों से लागू नहीं किया गया है। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समय के साथ कौणिडन्य ऋषि का जीवन सुधरने लगा. व्रत के प्रभाव से उन्हें अब धन-धान्य की कमी नहीं थी. अगले साल फिर अनंत चतुर्दशी का दिन आया. सुशीला ने भगवान को धन्यवाद देने के लिए फिर से व्रत किया और अनंत सूत्र धारण किया. जब ऋषि कौणिडन्य ने धागे के बारे में पूछा तो सुशीला ने अनंत चतुर्दशी की महिमा बताई. साथ ही कहा कि सारा वैभव इस व्रत के प्रभाव से मिला है. यह सुनकर कौणिडन्य क्रोधित हो गए. ऋषि को लगा कि पत्नी उनकी मेहनत का श्रेय भगवान को दे रही हैं और गुस्से में आकर उन्होंने अनंत सूत्र तोड़ दिया. इस अपमान से दुखी अनंत देव ने धीरे-धीरे ऋषि कौणिडन्य से सबकुछ वापस ले लिया. पति-पत्नी फिर से जंगल-जंगल भटकने लगे. फिर उन्हें प्रतापी ऋषि मिले जिन्होंने बताया कि उनकी ये हालत भगवान के अपमान के कारण हुई है. तब ऋषि कौणिडन्य को अपने पाप का आभास हुआ और उन्होंने पत्नी के साथ मिलकर पूरे विधि-विधान से अनंत चर्तुदशी का व्रत किया. उन्होंने कई सालों तक इस व्रत को किया और 14 साल बाद अनंत देव प्रसन्न हुए. भगवान ने ऋषि कौणिडन्य को दर्शन दिए और उनके जीवन में फिर से खुशियां लौट आईं. टिप्पणियां
मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने पांडवों को अनंत चर्तुदशी की कथा सुनाई थी. पांडवों ने अपने वनवास में हर साल इस व्रत का पालन किया. कहा जाता है कि सत्यवादी राजा हरिशचंद्र को भी इस व्रत के प्रभाव से राज-पाट वापस मिल गया था.पढ़े ये भी - क्यों दी जाती है दक्षिणा? क्यों इसके बिना यज्ञ में फल नहीं मिलता?
मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने पांडवों को अनंत चर्तुदशी की कथा सुनाई थी. पांडवों ने अपने वनवास में हर साल इस व्रत का पालन किया. कहा जाता है कि सत्यवादी राजा हरिशचंद्र को भी इस व्रत के प्रभाव से राज-पाट वापस मिल गया था.पढ़े ये भी - क्यों दी जाती है दक्षिणा? क्यों इसके बिना यज्ञ में फल नहीं मिलता?
पढ़े ये भी - क्यों दी जाती है दक्षिणा? क्यों इसके बिना यज्ञ में फल नहीं मिलता? | संक्षिप्त सारांश: अनंत चतुर्दशी के व्रत का बड़ा महत्व है
इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप को पूजा जाता है
मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लाल फीताशाही पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने कुछ अधिकारियों को आज आगाह किया कि यदि चंद मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो वह लोगों से कहेंगे कि 'धुलाई करो'. केंद्रीय मंत्री एमएसएमई सेक्टर में काम कर रहे संघ से जुड़े संगठन लघु उद्योग भारती के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. गडकरी के पास सड़क परिवहन, सुक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की जिम्मेदारी है. सम्मेलन में शामिल उद्यमियों से गडकरी ने निडर होकर उनके कारोबार का विस्तार करने की बात की. वह इस बात पर भी बोले कि किस तरह सरकारी अधिकारियों द्वारा कारोबारियों को परेशान किया जा रहा है.
नागपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले गडकरी ने कहा, 'हमारे यहां लाल फीताशाही क्यों है, क्यों ये निरीक्षक आते हैं और ‘हफ्ता' लेते हैं. मैंने उन्हें उनके मुंह पर कहा, आप (सरकारी) नौकर हैं, मैं लोगों द्वारा निर्वाचित हूं. मेरी जवाबदेही लोगों के प्रति है. अगर आप चोरी करेंगे, मैं कहूंगा कि आप चोर हैं. आज मैंने यहां आरटीओ दफ्तर में एक बैठक की...निदेशक और परिवहन आयुक्त ने इसमें हिस्सा लिया.'
साथ ही गडकरी ने कहा, 'मैंने उन्हें बताया, आप इस समस्या को आठ दिनों में सुलझाइये, अन्यथा मैं लोगों से कहूंगा कि धुलाई करो. मेरे गुरु ने मुझे यह सिखाया- ऐसी व्यवस्था को परे हटाओ जो न्याय न देती हो.' अपने मुखर बयानों के लिये चर्चा में रहने वाले मंत्री ने यह नहीं बताया कि वह किस समस्या के संदर्भ में यह बात कह रहे थे.
इसके अलावा नितिन गडकरी ने कहा कि भुगतान में विलंब एमएसएमई के लिये मुख्य परेशानी है. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं. गडकरी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंधित संगठन लघु उद्योग भारती के एक कार्यक्रम में कहा कि अगले पांच साल में दिल्ली से प्रदूषण को पूरी तरह से समाप्त कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘छोटे उद्योग के उत्पादकों को कभी भी समय पर पैसा नहीं मिल पाता है. यह उन्हें समाप्त कर देता है. मैं इस बारे में गंभीरता से सोच रहा हूं कि चाहे निजी क्षेत्र हो या सरकारी, एमएसएमई को 45 दिनों में भुगतान मिल जाये. मैं इस बारे में कुछ ठोस निर्णय लेने की कोशिश कर रहा हूं.'
उन्होंने कहा कि एमएसएमई रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. गडकरी ने कहा, ‘अभी एमएसएमई 11.50 करोड़ युवाओं को रोजगार दे रहे हैं. मैं कोशिश कर रहा हूं कि अगले पांच साल में एमएसएमई में पांच करोड़ और लोगों को रोजगार मिल सके.' उन्होंने कृषि क्षेत्र के संकट के बारे में चिंता जाहिर करते हुए कहा कि एमएसएमई मंत्रालय हथकरघा, हस्तशिल्प तथा कृषि उत्पाद प्रसंस्करण उद्योगों पर भी ध्यान दे रहा है.
साथ ही उन्होंने दिल्ली में प्रदूषण के बारे में कहा, ‘मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि इन पांच सालों में इस दिशा में कदम उठाये गये हैं. अगले पांच साल में दिल्ली वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा.' गडकरी ने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देना सरकार का महत्वपूर्ण मिशन रहा है. इसके बिना देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था नहीं बनाया जा सकता है. | सारांश: लाल फीताशाही पर साधा निशाना
आरएसएस के संगठन को कर रहे थे संबोधित
'भुगतान में विलंब एमएसएमई के लिये मुख्य परेशानी' | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: तीन तलाक के मुद्दे पर जनता दल यूनाइटेड केंद्र की बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के साथ नहीं है. पार्टी ने साफ कहा है कि अगर राज्यसभा में इस मुद्दे पर वोटिंग हुई तो पार्टी इसके समर्थन में वोट नहीं करेगी.
पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने NDTV से खास बातचीत में कहा कि ट्रिपल तलाक के पक्ष में हम लोग अभी नहीं हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि एक बड़े समुदाय की परम्परा में कुछ तौर तरीक़े बने हुए हैं. इसट्रिपल तलाक से लाखों महिलाएं प्रभावित होंगी. इस पर उस समुदाय के लोगों से उनकी भावनाओं के साथ बातचीत करके एक समाधान निकालना चाहिए. मैं इसलिए मानता हूं कि वर्तमान स्वरूप में ट्रिपल तलाक के हम लोग पक्षधर नहीं हैं. उनकी पार्टी वोटिंग के समय क्या करेगी? इस सवाल पर सिंह ने कहा कि हम समर्थन में वोट नहीं करेंगे.
इससे पूर्व लोकसभा में बहस के दौरान पार्टी के दोनों सांसद चुप रहे और वोटिंग में भी उन्होंने हिस्सा नहीं लिया था. लेकिन बिहार भाजपा के नेताओं का कहना है कि जनता दल यूनाइटेड का तो स्टैंड पुराना है. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है.
इससे पहले भी विधि आयोग द्वारा इस मुद्दे पर राय मांगी जाने पर नीतीश कुमार ने लिखित रूप में इस मुद्दे पर अपना विरोध प्रकट किया था. उनका कहना था कि सरकार द्वारा किसी संप्रदाय विशेष पर ऐसी कोई नीति थोपी नहीं जानी चाहिए जब तक कि उस समुदाय में उस इस मुद्दे सर्वसहमति न बन जाए. | सारांश: वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा-एक बड़े समुदाय के हैं कुछ तौर तरीके
समुदाय के लोगों से बातचीत करके समाधान निकालना चाहिए
पूर्व में लोकसभा में बहस के दौरान पार्टी के दोनों सांसद चुप रहे | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कीनिया की राजधानी नैरोबी के वेस्टगेट मॉल पर हुए आतंकी हमले के एक साजिशकर्ता ने पाकिस्तान में पढ़ाई की है और वहीं पढ़ने के दौरान वह जेहादियों के संपर्क में आया था।
समाचार पत्र ‘वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार मुख्तार अबू जुबैर ने 1990 के दशक में पाकिस्तान में अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति हासिल की थी और पाकिस्तान में ही उसका जेहादियों से संपर्क हुआ।
गोडाने नाम से मशहूर जुबैर कश्मीर और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों में भी शामिल हुआ था। वह अफगानिस्तान में आतंक का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए भी गया था।
इस आतंकी कमांडर की उम्र 35 साल के आस-पास है। वह 2002 में सोमालिया लौटा और वहां के एक बड़े क्षेत्र पर कब्जा रखने वाले संगठन ‘इस्लामिक कोर्ट ऑफ यूनियन’ से जुड़ा।
उसने 2006 में सोमालिया में इस्लामवादियों की सत्ता खत्म होने तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस समूह के कई कट्टरपंथियों ने मिलकर अल शबाब नामक आतंकी संगठन बनाया।
अल शबाब ने ही नैरोबी के वेस्टगेट मॉल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में तीन भारतीयों सहित 67 लोग मारे गए।
‘वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार जुबैर को किताबों का बहुत शौक है तथा अरबी और सोमाली भाषा पर उसकी अच्छी पकड़ है। वह कविताओं का शौक रखता है तथा कई प्रमुख पत्र पत्रिकाओं को भी पढ़ता है। इन कुछ खूबियों के बावजूद वह बेहद खूंखार आतंकी है। उसने अल शबाब पर अपना नियंत्रण बनाने के लिए अपने ज्यादातर विरोधियों की निर्ममता से हत्या कर दी।टिप्पणियां
अल शबाब का कहना है कि सोमालिया में कीनिया द्वारा अपने सैनिक भेजे जाने का बदला लेने के लिए नैरोबी के मॉल पर हमला किया गया।
पंरतु खबरों में कहा गया है कि इस आतंकी संगठन के भीतर चल रहे संघर्ष के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। जुबैर खुद को और इस संगठन को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साबित करना चाहता था तथा इसी इरादे की वजह से हमला किया गया।
समाचार पत्र ‘वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार मुख्तार अबू जुबैर ने 1990 के दशक में पाकिस्तान में अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति हासिल की थी और पाकिस्तान में ही उसका जेहादियों से संपर्क हुआ।
गोडाने नाम से मशहूर जुबैर कश्मीर और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों में भी शामिल हुआ था। वह अफगानिस्तान में आतंक का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए भी गया था।
इस आतंकी कमांडर की उम्र 35 साल के आस-पास है। वह 2002 में सोमालिया लौटा और वहां के एक बड़े क्षेत्र पर कब्जा रखने वाले संगठन ‘इस्लामिक कोर्ट ऑफ यूनियन’ से जुड़ा।
उसने 2006 में सोमालिया में इस्लामवादियों की सत्ता खत्म होने तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस समूह के कई कट्टरपंथियों ने मिलकर अल शबाब नामक आतंकी संगठन बनाया।
अल शबाब ने ही नैरोबी के वेस्टगेट मॉल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में तीन भारतीयों सहित 67 लोग मारे गए।
‘वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार जुबैर को किताबों का बहुत शौक है तथा अरबी और सोमाली भाषा पर उसकी अच्छी पकड़ है। वह कविताओं का शौक रखता है तथा कई प्रमुख पत्र पत्रिकाओं को भी पढ़ता है। इन कुछ खूबियों के बावजूद वह बेहद खूंखार आतंकी है। उसने अल शबाब पर अपना नियंत्रण बनाने के लिए अपने ज्यादातर विरोधियों की निर्ममता से हत्या कर दी।टिप्पणियां
अल शबाब का कहना है कि सोमालिया में कीनिया द्वारा अपने सैनिक भेजे जाने का बदला लेने के लिए नैरोबी के मॉल पर हमला किया गया।
पंरतु खबरों में कहा गया है कि इस आतंकी संगठन के भीतर चल रहे संघर्ष के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। जुबैर खुद को और इस संगठन को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साबित करना चाहता था तथा इसी इरादे की वजह से हमला किया गया।
गोडाने नाम से मशहूर जुबैर कश्मीर और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों में भी शामिल हुआ था। वह अफगानिस्तान में आतंक का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए भी गया था।
इस आतंकी कमांडर की उम्र 35 साल के आस-पास है। वह 2002 में सोमालिया लौटा और वहां के एक बड़े क्षेत्र पर कब्जा रखने वाले संगठन ‘इस्लामिक कोर्ट ऑफ यूनियन’ से जुड़ा।
उसने 2006 में सोमालिया में इस्लामवादियों की सत्ता खत्म होने तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस समूह के कई कट्टरपंथियों ने मिलकर अल शबाब नामक आतंकी संगठन बनाया।
अल शबाब ने ही नैरोबी के वेस्टगेट मॉल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में तीन भारतीयों सहित 67 लोग मारे गए।
‘वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार जुबैर को किताबों का बहुत शौक है तथा अरबी और सोमाली भाषा पर उसकी अच्छी पकड़ है। वह कविताओं का शौक रखता है तथा कई प्रमुख पत्र पत्रिकाओं को भी पढ़ता है। इन कुछ खूबियों के बावजूद वह बेहद खूंखार आतंकी है। उसने अल शबाब पर अपना नियंत्रण बनाने के लिए अपने ज्यादातर विरोधियों की निर्ममता से हत्या कर दी।टिप्पणियां
अल शबाब का कहना है कि सोमालिया में कीनिया द्वारा अपने सैनिक भेजे जाने का बदला लेने के लिए नैरोबी के मॉल पर हमला किया गया।
पंरतु खबरों में कहा गया है कि इस आतंकी संगठन के भीतर चल रहे संघर्ष के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। जुबैर खुद को और इस संगठन को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साबित करना चाहता था तथा इसी इरादे की वजह से हमला किया गया।
इस आतंकी कमांडर की उम्र 35 साल के आस-पास है। वह 2002 में सोमालिया लौटा और वहां के एक बड़े क्षेत्र पर कब्जा रखने वाले संगठन ‘इस्लामिक कोर्ट ऑफ यूनियन’ से जुड़ा।
उसने 2006 में सोमालिया में इस्लामवादियों की सत्ता खत्म होने तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस समूह के कई कट्टरपंथियों ने मिलकर अल शबाब नामक आतंकी संगठन बनाया।
अल शबाब ने ही नैरोबी के वेस्टगेट मॉल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में तीन भारतीयों सहित 67 लोग मारे गए।
‘वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार जुबैर को किताबों का बहुत शौक है तथा अरबी और सोमाली भाषा पर उसकी अच्छी पकड़ है। वह कविताओं का शौक रखता है तथा कई प्रमुख पत्र पत्रिकाओं को भी पढ़ता है। इन कुछ खूबियों के बावजूद वह बेहद खूंखार आतंकी है। उसने अल शबाब पर अपना नियंत्रण बनाने के लिए अपने ज्यादातर विरोधियों की निर्ममता से हत्या कर दी।टिप्पणियां
अल शबाब का कहना है कि सोमालिया में कीनिया द्वारा अपने सैनिक भेजे जाने का बदला लेने के लिए नैरोबी के मॉल पर हमला किया गया।
पंरतु खबरों में कहा गया है कि इस आतंकी संगठन के भीतर चल रहे संघर्ष के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। जुबैर खुद को और इस संगठन को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साबित करना चाहता था तथा इसी इरादे की वजह से हमला किया गया।
उसने 2006 में सोमालिया में इस्लामवादियों की सत्ता खत्म होने तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस समूह के कई कट्टरपंथियों ने मिलकर अल शबाब नामक आतंकी संगठन बनाया।
अल शबाब ने ही नैरोबी के वेस्टगेट मॉल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में तीन भारतीयों सहित 67 लोग मारे गए।
‘वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार जुबैर को किताबों का बहुत शौक है तथा अरबी और सोमाली भाषा पर उसकी अच्छी पकड़ है। वह कविताओं का शौक रखता है तथा कई प्रमुख पत्र पत्रिकाओं को भी पढ़ता है। इन कुछ खूबियों के बावजूद वह बेहद खूंखार आतंकी है। उसने अल शबाब पर अपना नियंत्रण बनाने के लिए अपने ज्यादातर विरोधियों की निर्ममता से हत्या कर दी।टिप्पणियां
अल शबाब का कहना है कि सोमालिया में कीनिया द्वारा अपने सैनिक भेजे जाने का बदला लेने के लिए नैरोबी के मॉल पर हमला किया गया।
पंरतु खबरों में कहा गया है कि इस आतंकी संगठन के भीतर चल रहे संघर्ष के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। जुबैर खुद को और इस संगठन को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साबित करना चाहता था तथा इसी इरादे की वजह से हमला किया गया।
अल शबाब ने ही नैरोबी के वेस्टगेट मॉल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में तीन भारतीयों सहित 67 लोग मारे गए।
‘वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार जुबैर को किताबों का बहुत शौक है तथा अरबी और सोमाली भाषा पर उसकी अच्छी पकड़ है। वह कविताओं का शौक रखता है तथा कई प्रमुख पत्र पत्रिकाओं को भी पढ़ता है। इन कुछ खूबियों के बावजूद वह बेहद खूंखार आतंकी है। उसने अल शबाब पर अपना नियंत्रण बनाने के लिए अपने ज्यादातर विरोधियों की निर्ममता से हत्या कर दी।टिप्पणियां
अल शबाब का कहना है कि सोमालिया में कीनिया द्वारा अपने सैनिक भेजे जाने का बदला लेने के लिए नैरोबी के मॉल पर हमला किया गया।
पंरतु खबरों में कहा गया है कि इस आतंकी संगठन के भीतर चल रहे संघर्ष के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। जुबैर खुद को और इस संगठन को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साबित करना चाहता था तथा इसी इरादे की वजह से हमला किया गया।
‘वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार जुबैर को किताबों का बहुत शौक है तथा अरबी और सोमाली भाषा पर उसकी अच्छी पकड़ है। वह कविताओं का शौक रखता है तथा कई प्रमुख पत्र पत्रिकाओं को भी पढ़ता है। इन कुछ खूबियों के बावजूद वह बेहद खूंखार आतंकी है। उसने अल शबाब पर अपना नियंत्रण बनाने के लिए अपने ज्यादातर विरोधियों की निर्ममता से हत्या कर दी।टिप्पणियां
अल शबाब का कहना है कि सोमालिया में कीनिया द्वारा अपने सैनिक भेजे जाने का बदला लेने के लिए नैरोबी के मॉल पर हमला किया गया।
पंरतु खबरों में कहा गया है कि इस आतंकी संगठन के भीतर चल रहे संघर्ष के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। जुबैर खुद को और इस संगठन को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साबित करना चाहता था तथा इसी इरादे की वजह से हमला किया गया।
अल शबाब का कहना है कि सोमालिया में कीनिया द्वारा अपने सैनिक भेजे जाने का बदला लेने के लिए नैरोबी के मॉल पर हमला किया गया।
पंरतु खबरों में कहा गया है कि इस आतंकी संगठन के भीतर चल रहे संघर्ष के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। जुबैर खुद को और इस संगठन को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साबित करना चाहता था तथा इसी इरादे की वजह से हमला किया गया।
पंरतु खबरों में कहा गया है कि इस आतंकी संगठन के भीतर चल रहे संघर्ष के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। जुबैर खुद को और इस संगठन को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साबित करना चाहता था तथा इसी इरादे की वजह से हमला किया गया। | संक्षिप्त सारांश: कीनिया की राजधानी नैरोबी के वेस्टगेट मॉल पर हुए आतंकी हमले के एक साजिशकर्ता ने पाकिस्तान में पढ़ाई की है और वहीं पढ़ने के दौरान वह जेहादियों के संपर्क में आया था। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मिस्र के प्रदर्शनकारियों ने पिछले 30 सालों से सत्ता में काबिज राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को सत्ता से बाहर करने के लिए अपना विरोध बढ़ाने और मंगलवार को एक बड़ा जुलूस निकालने की योजना बनाई है, जिसमें 10 लाख से अधिक प्रदर्शनकारी हिस्सा लेंगे। समाचार चैनल अल जजीरा ने सोमवार को कहा कि जुलूस में 10 लाख से अधिक लोगों के शामिल करने की योजना है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अभी तक कम से कम 150 लोग मारे जा चुके हैं। सेना के लड़ाकू विमानों और टैंकों की परवाह किए बगैर प्रदर्शनकारियों ने राजधानी काहिरा की सड़कों पर सुबह कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यहां के हालात के बारे में तुर्की, इस्रायल, सऊदी अरब और ब्रिटेन के नेताओं से चर्चा की है। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे मिस्र के असंतुष्ट नेता मोहम्मद अल बरदई ने इससे पहले रविवार को हजारों प्रदर्शकारियों से वादा किया था कि उनके प्रदर्शनों से देश में हर हाल में बदलाव आएगा। मध्य काहिरा के तहरीर स्क्वे यर में प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अल बरदई ने कहा, "हमने आज जो शुरुआत की है उससे पीछे नहीं हट सकते।" उन्होंने इसे 'ऐतिहासिक दिवस' करार दिया। अल बरदेई अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के पूर्व प्रमुख हैं। अल बरदई ने कहा, "मिस्र में हम नए युग की शुरुआत कर रहे हैं।" अल बरदई विपक्ष को संगठित करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन लम्बे समय तक देश से बाहर रहने के कारण उनको विश्वास हासिल करने में दिक्कतें आ रही हैं। उधर तटवर्ती शहर अलेक्जेंड्रिया और बंदरगाह शहर स्वेज में भी हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। विरोध प्रदर्शन के कारण मिस्र की अर्थव्यवस्था का नुकसान पहुंचा है। रेटिंग एजेंसी ने मिस्र के बांड की रेटिंग कम कर दी है। इसके अलावा मंगलवार को मिस्र का शेयर बाजार बंद रहा। कैरो के कुछ हिस्से के लोगों ने खाद्य पदार्थों और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि की बात कही। सोमवार को बैंक बंद रहे। लूटपाट के कारण एटीएम में नकदी नहीं रही। प्रदर्शनकारी सेना से बात करने की भी योजना बना रहे हैं। सरकार द्वारा कर्फ्यू और देश में फोन और इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद सरकार विरोधी प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों लोग सोमवार सुबह तहरीर स्क्वे यर पर एकत्र हुए। प्रदर्शन में शमिल लोगों का कहना है कि वे तब तक वापस नहीं जाएंगे जब तक मुबारक अपना इस्तीफा नहीं दे देते। मिस्र के सबसे बड़े विपक्षी समूह मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता जमाल नासिर ने कहा कि मुबारक और उनकी नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी को अलग रखते हुए एक सर्वसम्मत सरकार के गठन के लिए उनका संगठन अल बरदई और अन्य पक्षों से लगातार बातचीत कर रहा है। इस बीच, विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई हैं। कई बड़े शहरों में लोगों ने अपनी सम्पत्तियों की रक्षा के लिए 'नेवरहुड वॉच ग्रुप' बनाया है। इस तरह के समूह बनने से लूटपाट की घटनाओं में कमी आई है। ऐसी भी खबरें हैं कि प्रदर्शनों का फायदा उठाते हुए हजारों कैदी जेलों से फरार हो गए हैं। काहिरा के कम-से-कम चार जेल के कैदी फरार हो चुके हैं। विरोध प्रदर्शनों के कारण अधिकतर कारोबार के बंद रहने और लोगों के घरों में बंद रहने के कारण उनकी आजीविका का संकट पैदा हो गया है। अस्थिरता के बीच विदेशी नागरिक देश छोड़ने लगे हैं। यूरोपीय और अरब देशों ने अपने नागरिकों को मिस्र से बाहर निकालने के लिए सेना के विमान भेजने की बात कही है। इस बीच, पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि मिस्र के घटनाक्रमों पर नजर रखी जा रही है और हालात ज्यादा बिगड़ने पर वहां से पाकिस्तानी नागरिकों को निकाल लिया जाएगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मिस्र में मौजूद करीब 150 परिवारों को स्वदेश कब लाया जाएगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने रविवार को कहा, "हम काहिरा में अपने दूतावास के साथ सम्पर्क में हैं। हम वहां के घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।" इस बीच चीन ने मिस्र में फंसे अपने नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए सोमवार को दो विमान भेजे। चीन के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार दो विमानों ने सोमवार दोपहर मिस्र के लिए उड़ान भरी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया, "चीन सरकार मिस्र में चीनी नागरिकों की सुरक्षा को विशेष महत्व देती है और उसने सम्बद्ध एयरलाइंस के साथ समन्वय कर वहां फंसे चीनी नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ाने को कहा है।" न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की ने कहा है कि सरकार मिस्र के हालात बिगड़ने पर वहां मौजूद नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए सेना के विमान भेजने पर विचार कर सकती है। काहिरा में जारी विरोध प्रदर्शन के कारण न्यूजीलैंड के दूतावास का कार्यालय नहीं खुल सका। की ने कहा कि सरकार मिस्र में मौजूद न्यूजीलैंड के नागरिकों से मिस्र छोड़ देने का अनुरोध कर रही है और हरसम्भव सहायता मुहैया करवा रही है। मुबारक ने इस बीच कुछ महत्वपूर्ण अधिकारियों के पदों में फेरबदल की है। उन्होंने मंत्रिमंडल में नए लोगों को नियुक्त किए। पूर्व खुफिया प्रमुख उमर सुलेमान को उपराष्ट्रपति नियुक्त किया गया। यह पद तीन दशकों से रिक्त था। इसी तरह अहमद शफीक को नया प्रधानमंत्री बनाया गया है लेकिन प्रदर्शनकारियों ने मुबारक के इस कदम को काफी नहीं कहा है और उन्होंने कहा है कि मुबारक के सत्ता से हटने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। | संक्षिप्त सारांश: सेना के लड़ाकू विमानों और टैंकों की परवाह किए बगैर प्रदर्शनकारियों ने राजधानी काहिरा की सड़कों पर सुबह कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एयर इंडिया ने कैटरिंग सेवा देने वाली इकाई को दंडित करने के साथ चेतावनी दी है. एक यात्री के खाने में कॉक्रोच पाए जाने की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया है.
यह घटना इस सप्ताह हैदराबाद से नई दिल्ली के रास्ते शिकागो जाने वाली उड़ान में हुई. मामले को गंभीरता से लेते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइंस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां
एयर इंडिया के प्रवक्ता धनंजय कुमार ने कहा कि मुंबई की कैटरिंग सेवा कंपनी गोरमेट पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है तथा कड़ी चेतावनी भी जारी की गई है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह घटना इस सप्ताह हैदराबाद से नई दिल्ली के रास्ते शिकागो जाने वाली उड़ान में हुई. मामले को गंभीरता से लेते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइंस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.टिप्पणियां
एयर इंडिया के प्रवक्ता धनंजय कुमार ने कहा कि मुंबई की कैटरिंग सेवा कंपनी गोरमेट पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है तथा कड़ी चेतावनी भी जारी की गई है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एयर इंडिया के प्रवक्ता धनंजय कुमार ने कहा कि मुंबई की कैटरिंग सेवा कंपनी गोरमेट पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है तथा कड़ी चेतावनी भी जारी की गई है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: एक यात्री के खाने में कॉक्रोच पाए जाने की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया.
मुंबई की कैटरिंग सेवा कंपनी गोरमेट पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
कैटरिंग सेवा कंपनी को कड़ी चेतावनी भी जारी की गई है- धनंजय कुमार | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हमारे देश पिछले कुछ साल से हाई स्पीड ट्रेन चलाने की बात हो रही है, वहीं फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक कंपनी ने सुपरसोनिक यात्री विमान शुरू करने का ख्वाब दिखाया है. कंपनी का दावा है कि वह महज ढाई घंटे में लंदन से न्यूयॉर्क की यात्रा कराएगी. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि लंदन से न्यूयॉर्क की दूरी 5,567 किलोमीटर है. हालांकि कंपनी का कहना है कि इस फ्लाइट में बिजनेस और फर्स्ट क्लास पैसेंजर्स ही केवल यात्रा कर पाएंगे. बूम नाम की एयरोस्पेस स्टॉर्टअप कंपनी की ओर से पेरिस एयर शो में कहा गया कि छह साल में वह इस सेवा को शुरू कर सकती है. कंपनी के इस दावे को भारत के संदर्भ में देखें तो दिल्ली से लंदन की दूरी 6,693 किलोमीटर है, यानी अगर सुपरसोनिक हवाई सेवा शुरू होती है तो करीब तीन घंटे में दिल्ली से लंदन पहुंचा जा सकेगा.
stuff की खबर के मुताबिक कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अगर कंपनी ने सर्टिफिकेशन संबंधी प्रोसेस और समस्याओं का निपटारा कर लिया तो अगले 6 साल के भीतर लोगे ढाई घंटे में लंदन से न्यूयॉर्क जा सकेंगे.
कंपनी सैन फ्रैंसिस्को से टोक्यो के बीच भी यात्रा के समय को कम करने की प्लानिंग कर रही है. कंपनी लक्ष्य बनाकर चल रही है कि इन दो शहरों के बीच 11 घंटे के सफर को 5.5 घंटे में पूरा किया जाए. इसी तरह लॉस एंजिलिस से सिडनी के बीच 15 के बजाय 7 घंटे में ही पैसेंजर्स की यात्रा पूरी हो जाए.
बताया जा रहा है कि बूम को पांच एयरलाइंस कंपनियां पहले ही सुपरसॉनिक यात्री एयरलाइनर के लिए 70 से ज्यादा ऑर्डर कर चुकी हैं. वर्जिन कंपनी 76 एयरक्राफ्ट रिजर्व कराने के साथ-साथ 10 प्लेन बुक करा चुकी है. चार अन्य एयरलाइनों की भी आने वाले दिनों में घोषणा कर दी जाएगी. पेरिस एयर शो के दौरान कंपनी ने ये जानकारी दी.टिप्पणियां
हालांकि कुछ विशेषज्ञों को संदेह है कि बूम अपने लक्ष्य पर खरा उतर पाएगा? 2003 में यूरोपीय विमान कंपनी कॉनकॉर्ड ने अपनी ट्रान्साटलांटिक सुपरसॉनिक उड़ान को फाइनेंशियल दिक्कतों से बंद कर दिया था. 20,000 यूएस डॉलर के किराए के साथ उड़ान भरने वाले इस विमान की पेशकश काफी कम यात्रियों को ही अपील कर पाई थी. वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूल इकनॉमी, चुनौतीपूर्ण तकनीकी, रूट टाइमिंग और सुपरसॉनिक कमर्शियल उड़ानों के खिलाफ मौजूदा नियम बूम के लिए बाधा बन सकती है.
इनपुट: IANS/bhasha
stuff की खबर के मुताबिक कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अगर कंपनी ने सर्टिफिकेशन संबंधी प्रोसेस और समस्याओं का निपटारा कर लिया तो अगले 6 साल के भीतर लोगे ढाई घंटे में लंदन से न्यूयॉर्क जा सकेंगे.
कंपनी सैन फ्रैंसिस्को से टोक्यो के बीच भी यात्रा के समय को कम करने की प्लानिंग कर रही है. कंपनी लक्ष्य बनाकर चल रही है कि इन दो शहरों के बीच 11 घंटे के सफर को 5.5 घंटे में पूरा किया जाए. इसी तरह लॉस एंजिलिस से सिडनी के बीच 15 के बजाय 7 घंटे में ही पैसेंजर्स की यात्रा पूरी हो जाए.
बताया जा रहा है कि बूम को पांच एयरलाइंस कंपनियां पहले ही सुपरसॉनिक यात्री एयरलाइनर के लिए 70 से ज्यादा ऑर्डर कर चुकी हैं. वर्जिन कंपनी 76 एयरक्राफ्ट रिजर्व कराने के साथ-साथ 10 प्लेन बुक करा चुकी है. चार अन्य एयरलाइनों की भी आने वाले दिनों में घोषणा कर दी जाएगी. पेरिस एयर शो के दौरान कंपनी ने ये जानकारी दी.टिप्पणियां
हालांकि कुछ विशेषज्ञों को संदेह है कि बूम अपने लक्ष्य पर खरा उतर पाएगा? 2003 में यूरोपीय विमान कंपनी कॉनकॉर्ड ने अपनी ट्रान्साटलांटिक सुपरसॉनिक उड़ान को फाइनेंशियल दिक्कतों से बंद कर दिया था. 20,000 यूएस डॉलर के किराए के साथ उड़ान भरने वाले इस विमान की पेशकश काफी कम यात्रियों को ही अपील कर पाई थी. वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूल इकनॉमी, चुनौतीपूर्ण तकनीकी, रूट टाइमिंग और सुपरसॉनिक कमर्शियल उड़ानों के खिलाफ मौजूदा नियम बूम के लिए बाधा बन सकती है.
इनपुट: IANS/bhasha
कंपनी सैन फ्रैंसिस्को से टोक्यो के बीच भी यात्रा के समय को कम करने की प्लानिंग कर रही है. कंपनी लक्ष्य बनाकर चल रही है कि इन दो शहरों के बीच 11 घंटे के सफर को 5.5 घंटे में पूरा किया जाए. इसी तरह लॉस एंजिलिस से सिडनी के बीच 15 के बजाय 7 घंटे में ही पैसेंजर्स की यात्रा पूरी हो जाए.
बताया जा रहा है कि बूम को पांच एयरलाइंस कंपनियां पहले ही सुपरसॉनिक यात्री एयरलाइनर के लिए 70 से ज्यादा ऑर्डर कर चुकी हैं. वर्जिन कंपनी 76 एयरक्राफ्ट रिजर्व कराने के साथ-साथ 10 प्लेन बुक करा चुकी है. चार अन्य एयरलाइनों की भी आने वाले दिनों में घोषणा कर दी जाएगी. पेरिस एयर शो के दौरान कंपनी ने ये जानकारी दी.टिप्पणियां
हालांकि कुछ विशेषज्ञों को संदेह है कि बूम अपने लक्ष्य पर खरा उतर पाएगा? 2003 में यूरोपीय विमान कंपनी कॉनकॉर्ड ने अपनी ट्रान्साटलांटिक सुपरसॉनिक उड़ान को फाइनेंशियल दिक्कतों से बंद कर दिया था. 20,000 यूएस डॉलर के किराए के साथ उड़ान भरने वाले इस विमान की पेशकश काफी कम यात्रियों को ही अपील कर पाई थी. वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूल इकनॉमी, चुनौतीपूर्ण तकनीकी, रूट टाइमिंग और सुपरसॉनिक कमर्शियल उड़ानों के खिलाफ मौजूदा नियम बूम के लिए बाधा बन सकती है.
इनपुट: IANS/bhasha
बताया जा रहा है कि बूम को पांच एयरलाइंस कंपनियां पहले ही सुपरसॉनिक यात्री एयरलाइनर के लिए 70 से ज्यादा ऑर्डर कर चुकी हैं. वर्जिन कंपनी 76 एयरक्राफ्ट रिजर्व कराने के साथ-साथ 10 प्लेन बुक करा चुकी है. चार अन्य एयरलाइनों की भी आने वाले दिनों में घोषणा कर दी जाएगी. पेरिस एयर शो के दौरान कंपनी ने ये जानकारी दी.टिप्पणियां
हालांकि कुछ विशेषज्ञों को संदेह है कि बूम अपने लक्ष्य पर खरा उतर पाएगा? 2003 में यूरोपीय विमान कंपनी कॉनकॉर्ड ने अपनी ट्रान्साटलांटिक सुपरसॉनिक उड़ान को फाइनेंशियल दिक्कतों से बंद कर दिया था. 20,000 यूएस डॉलर के किराए के साथ उड़ान भरने वाले इस विमान की पेशकश काफी कम यात्रियों को ही अपील कर पाई थी. वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूल इकनॉमी, चुनौतीपूर्ण तकनीकी, रूट टाइमिंग और सुपरसॉनिक कमर्शियल उड़ानों के खिलाफ मौजूदा नियम बूम के लिए बाधा बन सकती है.
इनपुट: IANS/bhasha
हालांकि कुछ विशेषज्ञों को संदेह है कि बूम अपने लक्ष्य पर खरा उतर पाएगा? 2003 में यूरोपीय विमान कंपनी कॉनकॉर्ड ने अपनी ट्रान्साटलांटिक सुपरसॉनिक उड़ान को फाइनेंशियल दिक्कतों से बंद कर दिया था. 20,000 यूएस डॉलर के किराए के साथ उड़ान भरने वाले इस विमान की पेशकश काफी कम यात्रियों को ही अपील कर पाई थी. वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूल इकनॉमी, चुनौतीपूर्ण तकनीकी, रूट टाइमिंग और सुपरसॉनिक कमर्शियल उड़ानों के खिलाफ मौजूदा नियम बूम के लिए बाधा बन सकती है.
इनपुट: IANS/bhasha
इनपुट: IANS/bhasha | यहाँ एक सारांश है:लंदन से न्यूयॉर्क की दूरी 5,567 किलोमीटर है
पेरिस में एक स्टॉर्टअप कंपनी ने किया दावा
छह साल के अंदर शुरू करेगा सुपरसोनिक यात्री विमान | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोर्ट ने कहा था कि 30 जून तक बीएमसी प्लान सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करें. कोर्ट ने दरगाह ट्रस्ट के अतिक्रमण हटाने के कदम की सराहना की. कोर्ट ने ट्रस्ट को कहा है कि चार हफ्ते में बाकी अतिक्रमण भी हटाएं. दरगाह ट्रस्ट ने एक सौंदर्यीकरण योजना कोर्ट में सौंपी है.
मुंबई की हाजी अली दरगाह के पास अतिक्रमण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई चल रही है। इससे पहले सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि दरगाह के पास 737 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटेंगे और दरगाह ट्रस्ट खुद ही अतिक्रमण हटाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने दरगाह ट्रस्ट को खुद ही अतिक्रमण हटाने की इजाजत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दरगाह ट्रस्ट 8 मई तक खुद ही हटाए अतिक्रमण. हालांकि कोर्ट ने कहा था कि 171 वर्ग मीटर में बनी मस्जिद में तोडफोड नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर तोडफोड के लिए बनी स्पेशल टास्क फोर्स के तोडफोड कारवाई पर रोक लगा दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट को हाजी अली के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए योजना बनाकर देने को हरी झंडी दिखाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मुद्दे पर कोई भी कोर्ट कोई आदेश जारी नहीं करेगी. किसी पक्षकार को दिक्कत है तो वह सुप्रीम कोर्ट आ सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में पक्षकारों को नोटिस जारी किया था. टिप्पणियां
दरअसल, 22 मार्च 2017 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने यहां 908 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे. हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में CJI खेहर की बेंच ने कहा कि वह 908 मीटर में से 171 वर्ग मीटर इलाका, जिसमें मस्जिद है, उस पर तोड़फोड़ से रोक लगा देंगे. लेकिन ट्रस्ट ये सुनिश्चित करे कि बाकी अतिक्रमण को हटाने में वह अथॉरिटी की मदद करेगा. मस्जिद को लेकर वह बाद में सुनवाई करेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाजी अली के पास काफी अतिक्रमण है और ये सिर्फ दुकानें हैं. लोगों को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत होती है. कोर्ट ने कहा कि धर्म के लोगों को अतिक्रमण हटाने की कारवाई को स्पोर्ट करना चाहिए. दरगाह ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से लीज उसके पास है. हाईकोर्ट के इलाके में तोड़फोड़ के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट को हाजी अली के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए योजना बनाकर देने को हरी झंडी दिखाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मुद्दे पर कोई भी कोर्ट कोई आदेश जारी नहीं करेगी. किसी पक्षकार को दिक्कत है तो वह सुप्रीम कोर्ट आ सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में पक्षकारों को नोटिस जारी किया था. टिप्पणियां
दरअसल, 22 मार्च 2017 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने यहां 908 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे. हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में CJI खेहर की बेंच ने कहा कि वह 908 मीटर में से 171 वर्ग मीटर इलाका, जिसमें मस्जिद है, उस पर तोड़फोड़ से रोक लगा देंगे. लेकिन ट्रस्ट ये सुनिश्चित करे कि बाकी अतिक्रमण को हटाने में वह अथॉरिटी की मदद करेगा. मस्जिद को लेकर वह बाद में सुनवाई करेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाजी अली के पास काफी अतिक्रमण है और ये सिर्फ दुकानें हैं. लोगों को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत होती है. कोर्ट ने कहा कि धर्म के लोगों को अतिक्रमण हटाने की कारवाई को स्पोर्ट करना चाहिए. दरगाह ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से लीज उसके पास है. हाईकोर्ट के इलाके में तोड़फोड़ के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए.
दरअसल, 22 मार्च 2017 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने यहां 908 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे. हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में CJI खेहर की बेंच ने कहा कि वह 908 मीटर में से 171 वर्ग मीटर इलाका, जिसमें मस्जिद है, उस पर तोड़फोड़ से रोक लगा देंगे. लेकिन ट्रस्ट ये सुनिश्चित करे कि बाकी अतिक्रमण को हटाने में वह अथॉरिटी की मदद करेगा. मस्जिद को लेकर वह बाद में सुनवाई करेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाजी अली के पास काफी अतिक्रमण है और ये सिर्फ दुकानें हैं. लोगों को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत होती है. कोर्ट ने कहा कि धर्म के लोगों को अतिक्रमण हटाने की कारवाई को स्पोर्ट करना चाहिए. दरगाह ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से लीज उसके पास है. हाईकोर्ट के इलाके में तोड़फोड़ के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाजी अली के पास काफी अतिक्रमण है और ये सिर्फ दुकानें हैं. लोगों को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत होती है. कोर्ट ने कहा कि धर्म के लोगों को अतिक्रमण हटाने की कारवाई को स्पोर्ट करना चाहिए. दरगाह ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से लीज उसके पास है. हाईकोर्ट के इलाके में तोड़फोड़ के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए. | संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र सरकार को जवाब के लिए 1 हफ्ते का समय दिया
हाजी दरगाह ट्रस्ट कर चुका है संशोधन की अपील
कोर्ट कर रहा है अतिक्रमण हटाने की बात | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भूकंप को लेकर कई तरह की चेतावनियां जारी की जाती हैं और लोग भी कई तरह की तैयारियां करके रखते हैं. विदेशों में देखा गया है कि अकसर नामी-गिरामी हस्तियां भूकंप के प्रकोप से बचने के लिए बंकर बनाकर रखते हैं. अमेरिका की फेमस टेलीविजन पर्सनेलिटी क्रिस जेनर (Kris Jenner) को लेकर भी कुछ इसी तरह की खबर आ रही है. क्रिस जेनर (Kris Jenner) ने खुलासा किया है कि वे भूकंप के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और इसके लिए उन्होंने 'अर्थक्वेक बंकर (Earthquake Bunker)' भी बना रखा है, जिसमें उन्होंने परिवार की जरूरत के सारे सामान को रखा हुआ है.
रिएलिटी टीवी स्टार क्रिस जेनर (Kris Jenner) का कहना है कि वह किसी भी भूकंप के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और इस दौरान उनके परिवार की जरूरतों से संबंधित सारी चीजें 'बंकर' में छिपा रखी हैं. फीमेल फर्स्ट डॉट को डॉट यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिस ने कहा, 'मैं एक गर्ल स्काउट जैसी हूं. आप जितने भी लोगों से अब तक मिले होंगे उनमें मैं सबसे अधिक अर्थक्वेक-रेडी पर्सन हूं. मेरे पास अग्निशामक यंत्र होने के साथ जरूरत के सभी सामान से लबरेज बैकपैक्स है. मेरे पास फ्लैशलाइट्स और पानी है. मेरे पास वास्तव में एक बंकर भी है.'
रिएलिटी टीवी स्टार क्रिस जेनर (Kris Jenner) का कहना है कि अगर भूकंप (Earthquake) आता है तो वह अपने बच्चों किम कार्दशियन, काइली जेनर, क्लोई कार्दशियन, केंडल जेनर, कॉर्टनी कार्दशियन और रॉब कार्दशियन द्वारा 'सर्वश्रेष्ठ मां' होने के लिए उनके समर्पण को याद किया जाना चाहती हैं. | संक्षिप्त पाठ: इस टीवी रियलिटी स्टार ने किया ये खुलासा
भूकंप से बचने के लिए बनाया है बंकर
जरूरत का सारा सामान भी रखा है छिपाकर | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि सरंडा जैसे नक्सली इलाकों में अगले 10 साल तक माइनिंग पर पाबंदी लगा देनी चाहिए।टिप्पणियां
जयराम रमेश के मुताबिक खनन की वजह से कुछ लोग अमीर हो जाते हैं संसद में पहुंच जाते हैं लेकिन लाखों लोग गरीब रह जाते हैं। उन्होंने सरकारी नीति पर ही नहीं, नक्सलियों पर भी हमला किया है। उनके मुताबिक नक्सली बच्चों को भर्ती कर रहे हैं जो बहुत ही गलत है।
रमेश का मानना है कि नक्सलवाद अब विचारधारा का नहीं लूट का मामला बन गया है। निजी और सरकारी कंपनियां इन्हें 'हफ़्ता' देती हैं। सरकारी ठेकों से भी इन्हें पैसा मिलता है।
जयराम रमेश के मुताबिक खनन की वजह से कुछ लोग अमीर हो जाते हैं संसद में पहुंच जाते हैं लेकिन लाखों लोग गरीब रह जाते हैं। उन्होंने सरकारी नीति पर ही नहीं, नक्सलियों पर भी हमला किया है। उनके मुताबिक नक्सली बच्चों को भर्ती कर रहे हैं जो बहुत ही गलत है।
रमेश का मानना है कि नक्सलवाद अब विचारधारा का नहीं लूट का मामला बन गया है। निजी और सरकारी कंपनियां इन्हें 'हफ़्ता' देती हैं। सरकारी ठेकों से भी इन्हें पैसा मिलता है।
रमेश का मानना है कि नक्सलवाद अब विचारधारा का नहीं लूट का मामला बन गया है। निजी और सरकारी कंपनियां इन्हें 'हफ़्ता' देती हैं। सरकारी ठेकों से भी इन्हें पैसा मिलता है। | संक्षिप्त सारांश: ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि सरंडा जैसे नक्सली इलाकों में अगले 10 साल तक माइनिंग पर पाबंदी लगा देनी चाहिए। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन में दो पूर्व फुटबॉल प्रशासकों को बुधवार को 10 साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई गई। इन पर घूस लेने का आरोप साबित हुआ है।
चीनी फुटबॉल प्रशासनिक केंद्र के पूर्व निदेशक नान योंग को पूर्वोत्तर शहर तेइलिंग की एक अदालत ने 1999 से 2009 के बीच 235,000 डॉलर घूस लेने का आरोप साबित होने के बाद साढ़े दस साल के लिए जेल भेज दिया।टिप्पणियां
इसके अलावा नान पर दो लाख युआन का जुर्माना भी लगाया गया है। दूसरी ओर, डानडोंग शहर की एक अदालत ने नान के पूर्वाधिकारी जेई यालोंग को भी साढ़े दस साल के लिए जेल भेज दिया।
यालोंग पर 273,000 डॉलर घूस लेने का आरोप साबित हुआ है। यालोंग ने अप्रैल में अदालत को बताया था कि उन्हें जुर्म कुबूल करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनका यह आरोप गलत साबित हुआ। उन पर भी दो लाख युआन का जुर्माना लगाया गया।
चीनी फुटबॉल प्रशासनिक केंद्र के पूर्व निदेशक नान योंग को पूर्वोत्तर शहर तेइलिंग की एक अदालत ने 1999 से 2009 के बीच 235,000 डॉलर घूस लेने का आरोप साबित होने के बाद साढ़े दस साल के लिए जेल भेज दिया।टिप्पणियां
इसके अलावा नान पर दो लाख युआन का जुर्माना भी लगाया गया है। दूसरी ओर, डानडोंग शहर की एक अदालत ने नान के पूर्वाधिकारी जेई यालोंग को भी साढ़े दस साल के लिए जेल भेज दिया।
यालोंग पर 273,000 डॉलर घूस लेने का आरोप साबित हुआ है। यालोंग ने अप्रैल में अदालत को बताया था कि उन्हें जुर्म कुबूल करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनका यह आरोप गलत साबित हुआ। उन पर भी दो लाख युआन का जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा नान पर दो लाख युआन का जुर्माना भी लगाया गया है। दूसरी ओर, डानडोंग शहर की एक अदालत ने नान के पूर्वाधिकारी जेई यालोंग को भी साढ़े दस साल के लिए जेल भेज दिया।
यालोंग पर 273,000 डॉलर घूस लेने का आरोप साबित हुआ है। यालोंग ने अप्रैल में अदालत को बताया था कि उन्हें जुर्म कुबूल करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनका यह आरोप गलत साबित हुआ। उन पर भी दो लाख युआन का जुर्माना लगाया गया।
यालोंग पर 273,000 डॉलर घूस लेने का आरोप साबित हुआ है। यालोंग ने अप्रैल में अदालत को बताया था कि उन्हें जुर्म कुबूल करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनका यह आरोप गलत साबित हुआ। उन पर भी दो लाख युआन का जुर्माना लगाया गया। | संक्षिप्त सारांश: चीन में दो पूर्व फुटबॉल प्रशासकों को बुधवार को 10 साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई गई। इन पर घूस लेने का आरोप साबित हुआ है। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ के टप्पल में साल 2010 में पुलिस से झड़प के बाद 24 किसानों पर दर्ज आपराधिक मुकदमे शुक्रवार को वापस लेने के आदेश जारी किए हैं।
राज्य सरकार ने कहा कि अगस्त 2010 में अलीगढ़ के टप्पल जिकरपुर गांव में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कुछ निर्दोष किसानों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज कर लिए गए थे। जांच के दौरान पाया गया कि जिला प्रशासन ने किसानों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए थे।
राज्य सरकार ने कहा कि जांच के दौरान यह भी पाया कि अपने हितों की रक्षा के लिए शांतिपूर्वक प्रदशर्न कर रहे किसानों पर बल का भी प्रयोग किया गया। बाद में किसानों पर आपराधिक मुकदमे भी दर्ज करा दिए। किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने में नागरिक हितों का उल्लंघन किया गया और अभियुक्तों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा।टिप्पणियां
राज्य सरकार ने कहा कि जांच में पाया गया कि अलीगढ़ के टप्पल में हुए आंदोलन में हुई हिंसक घटनाएं आपराधिक हिंसा की श्रेणी में नहीं आती हैं। इस घटना में जिन 24 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है उनके खिलाफ सभी गवाह, वादी व विवेचक सरकारी हैं अर्थात हितबद्ध की श्रेणी में आते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि किसानों के खिलाफ यह मुकदमे एकपक्षीय हैं।
राज्य सरकार ने पाया कि यह आंदोलन किसान अपने हितों की रक्षा के लिए कर रहे थे। सरकार ने सम्यक विचार के बाद इन किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने का आदेश जारी कर दिया।
राज्य सरकार ने कहा कि अगस्त 2010 में अलीगढ़ के टप्पल जिकरपुर गांव में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कुछ निर्दोष किसानों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज कर लिए गए थे। जांच के दौरान पाया गया कि जिला प्रशासन ने किसानों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए थे।
राज्य सरकार ने कहा कि जांच के दौरान यह भी पाया कि अपने हितों की रक्षा के लिए शांतिपूर्वक प्रदशर्न कर रहे किसानों पर बल का भी प्रयोग किया गया। बाद में किसानों पर आपराधिक मुकदमे भी दर्ज करा दिए। किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने में नागरिक हितों का उल्लंघन किया गया और अभियुक्तों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा।टिप्पणियां
राज्य सरकार ने कहा कि जांच में पाया गया कि अलीगढ़ के टप्पल में हुए आंदोलन में हुई हिंसक घटनाएं आपराधिक हिंसा की श्रेणी में नहीं आती हैं। इस घटना में जिन 24 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है उनके खिलाफ सभी गवाह, वादी व विवेचक सरकारी हैं अर्थात हितबद्ध की श्रेणी में आते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि किसानों के खिलाफ यह मुकदमे एकपक्षीय हैं।
राज्य सरकार ने पाया कि यह आंदोलन किसान अपने हितों की रक्षा के लिए कर रहे थे। सरकार ने सम्यक विचार के बाद इन किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने का आदेश जारी कर दिया।
राज्य सरकार ने कहा कि जांच के दौरान यह भी पाया कि अपने हितों की रक्षा के लिए शांतिपूर्वक प्रदशर्न कर रहे किसानों पर बल का भी प्रयोग किया गया। बाद में किसानों पर आपराधिक मुकदमे भी दर्ज करा दिए। किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने में नागरिक हितों का उल्लंघन किया गया और अभियुक्तों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा।टिप्पणियां
राज्य सरकार ने कहा कि जांच में पाया गया कि अलीगढ़ के टप्पल में हुए आंदोलन में हुई हिंसक घटनाएं आपराधिक हिंसा की श्रेणी में नहीं आती हैं। इस घटना में जिन 24 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है उनके खिलाफ सभी गवाह, वादी व विवेचक सरकारी हैं अर्थात हितबद्ध की श्रेणी में आते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि किसानों के खिलाफ यह मुकदमे एकपक्षीय हैं।
राज्य सरकार ने पाया कि यह आंदोलन किसान अपने हितों की रक्षा के लिए कर रहे थे। सरकार ने सम्यक विचार के बाद इन किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने का आदेश जारी कर दिया।
राज्य सरकार ने कहा कि जांच में पाया गया कि अलीगढ़ के टप्पल में हुए आंदोलन में हुई हिंसक घटनाएं आपराधिक हिंसा की श्रेणी में नहीं आती हैं। इस घटना में जिन 24 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है उनके खिलाफ सभी गवाह, वादी व विवेचक सरकारी हैं अर्थात हितबद्ध की श्रेणी में आते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि किसानों के खिलाफ यह मुकदमे एकपक्षीय हैं।
राज्य सरकार ने पाया कि यह आंदोलन किसान अपने हितों की रक्षा के लिए कर रहे थे। सरकार ने सम्यक विचार के बाद इन किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने का आदेश जारी कर दिया।
राज्य सरकार ने पाया कि यह आंदोलन किसान अपने हितों की रक्षा के लिए कर रहे थे। सरकार ने सम्यक विचार के बाद इन किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने का आदेश जारी कर दिया। | संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ के टप्पल में साल 2010 में पुलिस से झ्झड़प के बाद 24 किसानों पर दर्ज आपराधिक मुकदमे शुक्रवार को वापस लेने के आदेश जारी किए हैं। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम मोदी (Narendra Modi) ने मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत आज मुंबई मेट्रो के पहले कोच का उद्घाटन किया. नए कोच का पीएम मोदी ने दौरा भी किया. पीएम मोदी ने 20 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स को लॉन्च किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'मैं इसरो के वैज्ञानिकों से प्रभावित हुआ. जिस लगन से वह दिन रात मेहनत करते हैं, उससे हम उनसे सीख सकते हैं. किसी भी काम को 3 तरह के लोग करते हैं. एक वो होते हैं जो फेल होने के डर से काम ही नहीं शुरू करते. दूसरा वो जो पहली ही समस्या को देखकर भाग जाते हैं और तीसरे वह होते हैं आखिर तक काम करते हैं और लक्ष्य को हासिल करते हैं. इसरो तीसरी तरह का शख्स है जो कोशिश करना कभी बंद नहीं करेगा.'
पीएम मोदी (Narendra Modi) ने कहा, 'हम चांद पर लैंडिग के सपने को पूरा करेंगे. ऑर्बिटर अभी भी वहीं है और चांद के चक्कर काट रहा है. यह भी एक बड़ी उपलब्धि है.' पीएम मोदी ने उपनगर विले पार्ले में भगवान गणेश के भी दर्शन किए. महाराष्ट्र के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे मोदी ने यहां मनाए जा रहे गणेश उत्सव में हिस्सा लिया और लोकमान्य सेवा संघ (एलएसएस) के मंडप में भगवान गणेश के दर्शन किए.
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद पीएम मोदी सीधा यहां पहुंचे थे. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत करने पहुंचे. कोश्यारी और फडणवीस के अलावा भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल भी मोदी के साथ यहां पूजा अर्चना करने पहुंचे. | यह एक सारांश है: पीएम मोदी ने कहा- ISRO कोशिश करना कभी बंद नहीं करेगा
पीएम मोदी ने कहा- हम चांद पर लैंडिग के सपने को पूरा करेंगे
'ऑर्बिटर अभी भी चांद के चक्कर काट रहा है, यह बड़ी उपलब्धि' | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने एएलपी, टेक्नीशियन सीबीटी 2 स्कोर कार्ड (RRB ALP Result) और फाइनल आंसर-की जारी कर दी है. उम्मीदवार अपना स्कोर कार्ड (RRB ALP CBT 2 Result) अपने रीजन की आरआरबी वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं. उम्मीदवारों को स्कोर कार्ड और फाइनल आंसर-की (RRB Final Answer Key) चेक करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालकर लॉग इन करना होगा. उम्मीदवार अपना स्कोर 25 मार्च रात 11:59 तक चेक कर पाएंगे. RRB ने ग्रुप सी एएलपी, टेक्नीशियन सीबीटी 2 (RRB ALP CBT 2) की आंसर-की 18 फरवरी को जारी की थी. ग्रुप सी एएलपी, टेक्नीशियन के पदों पर दूसरे स्टेज की परीक्षा 21,22 और 23 फरवरी को आयोजित की गई थी.
बता दें कि असिस्टेंट लोको पायलट (RRB ALP) के पदों पर उम्मीदवारों को अब एप्टीट्यूड टेस्ट देना होगा. एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए शार्टलिस्ट उम्मीदवारों की लिस्ट 6 अप्रैल को या उससे पहले जारी कर दी जाएगी. RRB ALP के लिए कंप्यूटर बेस्ट एप्टीट्यूड टेस्ट 16 अप्रैल को आयोजित किया जा सकता है.
उम्मीदवार नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं.RRB ALP Scorecard Link | आरआरबी एएलपी का स्कोरकार्ड जारी.
एएलपी, टेक्नीशियन की फाइनल आंसर-की जारी.
परीक्षा 21,22 और 23 फरवरी को आयोजित की गई थी. | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लीबिया पर सैन्य कार्रवाई के मसले पर मंगलवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों से पूर्व सोमवार को लीबिया के विद्रोहियों ने अपने अभियान में राजनीतिक और सैन्य बढ़त हासिल कर ली। मंगलवार को सैन्य कार्रवाई में शामिल देशों की लंदन में बैठक होगी जबकि रूस-उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) परिषद की इसी दिने होने वाली बैठक में भी इस मुद्दे पर विचार-विमर्श होगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने एक संयुक्त बयान जारी करके गद्दाफी के समर्थकों से अपील की है कि वह बहुत देर होने से पहले गद्दाफी का साथ छोड़कर विद्रोहियों का साथ दें। वहीं अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी के नेताओं ने लीबिया में जारी मौजूदा घटनाक्रम पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विचार विमर्श किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि चर्चा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने लंदन में मंगलवार को लीबिया मुद्दे पर बुलाए गए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का स्वागत किया। बयान के मुताबिक नेताओं ने लीबिया में जारी गठबंधन सेनाओं की कार्रवाई में होने वाली प्रगति पर चर्चा की। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में कहा कि उनका देश लीबिया में आजादी चाहने वाले लोगों की मदद कर रहा है और लीबिया के शासक मुअम्मार गद्दाफी के निर्दयी दमन पर रोक लगा रहा है। ओबामा ने कहा कि हम गद्दाफी के इस्तीफे की मांग जारी रखेंगे। ओबामा ने कहा कि लीबिया के लोग चार दशक से भी ज्यादा समय से तानाशाह मुअम्मार गद्दाफी द्वारा शासित हैं। उन्होंने लोगों की आजादी की मांग खारिज की, उनकी सम्पत्ति का दोहन किया, विपक्षियों की हत्या की और पूरी दुनिया के आम लोगों को आतंकित किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका दूर खड़े होकर गद्दाफी की सेनाओं को बेनघाजी पर हमला करते हुए नहीं देख सकता, इसका परिणाम सात लाख की आबादी वाले इस शहर में भीषण नरसंहार हो सकता है। उन्होंने कहा, "हमने बेनघाजी पहुंच रही गद्दाफी की सेनाओं को रोका और यहां के लोगों की रक्षा की। हमारी सेना ने अजदाबिया में गद्दाफी की सेना को रोका। हमने उनकी वायु सेना को निशाना बनाया ताकि उड़ान प्रतिबंध लागू कराए जा सकें। हमने कस्बों और शहरों का घेराव कर रहे गद्दाफी की सेना के टैंकों और वाहनों को निशाना बनाया।" उधर, लीबिया में जारी मौजूदा घटनाक्रम पर विचार-विमर्श और आपसी विवाद को समाप्त करने के लिए ब्रसेल्स में मंगलवार को रूस-उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। नाटो में रूस के दूत दमित्री रोगोजिन ने कहा कि परिषद की बैठक में लीबिया पर कार्रवाई के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा तय की गई सीमाओं की पुष्टि की जाएगी। रोगोजिन ने पिछले सप्ताह के अंत में कहा था, "लीबिया पर अधिकार के लिए जमीनी सैन्य अभियान शुरू करना सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के विपरीत है।" नाटो के प्रवक्ता ओना लंगेस्क्यू ने सोमवार को कहा कि विदेशी सैनिक लीबिया नहीं भेजे जाएंगे और लीबिया की जमीन पर नाटो के थल सैनिक मौजूद नहीं हैं। नाटो ने रविवार को लीबिया पर सैन्य कार्रवाई की कमान अमेरिका से अपने हाथ में की कवायद शुरू की है। जिम्मेदारियों के हस्तांतरण में तीन दिन लग सकते हैं। उधर फ्रांसीसी सेना के प्रवक्ता थिएरी बर्खार्ड ने सोमवार को बताया कि फ्रांस के लड़ाकू विमानों ने लीबिया के शासक मुअम्मार गद्दाफी का कमांड सेंटर नष्ट कर दिया है। रविवार को त्रिपोली से 10 किलोमीटर दूर स्थित गद्दाफी के कमांड सेंटर पर फ्रांस के दो राफेल लड़ाकू विमानों ने हमला किया। | लीबिया पर सैन्य कार्रवाई के मसले पर होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों से पूर्व लीबिया के विद्रोहियों ने अपने अभियान में सैन्य बढ़त हासिल कर ली। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: धोनी और प्रसाद की मुलाकात में कुछ भी अजीब नहीं था, क्योंकि यह रणजी का अहम मैच था और मुख्य चयनकर्ता होने के नाते प्रसाद को घरेलू टैलेंट की खोज के लिए इसे देखना एक तरह से जरूरी भी था, जबकि एमएस धोनी के राज्य की टीम पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची थी और वह उसके मेंटर हैं. धोनी वहां टीम का उत्साहवर्धन करने पहुंचे थे. फिर न जाने ऐसा क्या हुआ कि मैच खत्म होंने के कुछ ही घंटों बाद धोनी के कप्तानी छोड़ने की खबर आ गई.
इंडियन एक्सप्रेस की अखबार की खबर के अनुसार, धोनी ने मुख्य चयनकर्ता प्रसाद से देर शाम मुलाकात की और उनसे तीन शब्द कहे, 'ओके दैट्स इट'. इसके साथ ही टीम इंडिया की वनडे और टी-20 कप्तानी के सारे समीकरण बदलकर विराट कोहली की ओर हो गए, जो इन दिनों टेस्ट में अपनी कप्तानी से धूम मचा रहे हैं और इसके वास्तविक दावेदार हैं.टिप्पणियां
अब जबकि न तो चयनकर्ताओं और न ही बोर्ड के किसी अधिकारी ने एमएस धोनी के कप्तानी छोड़ने को लेकर दबाव के बारे में कुछ कहा है, ऐसे में माना जा रहा है कि धोनी ने खुद सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया के भविष्य को देखते हुए यह फैसला ले लिया है. जैसा कि कहा जा रहा था कि विराट कोहली अब टेस्ट के बाद वनडे और टी-20 की कप्तानी के लिए भी तैयार हैं. संभवतः धोनी ने भी कुछ ऐसा ही महसूस किया हो और अब केवल अपने खेल पर ध्यान देना चाहते हों.
वैसे भी विराट कोहली के उभार के बीच धोनी पर कुछ ज्यादा ही दबाव था और वनडे- टी20 में टीम इंडिया का प्रदर्शन भी पिछले कुछ समय से खास नहीं रहा है. वनडे वर्ल्ड कप में भी अब लगभग दो साल का ही समय बचा है और टीम इंडिया को इससे पहले महज 55 वनडे ही खेलने हैं, वहीं चैंपियन्स ट्रॉफी भी नजदीक है. ऐसे में तैयारी और टीम संयोजन को देखते हुए चयनकर्ताओं के लिए भी इससे जुड़ा कोई फैसला लेना अनिवार्य था.
इंडियन एक्सप्रेस की अखबार की खबर के अनुसार, धोनी ने मुख्य चयनकर्ता प्रसाद से देर शाम मुलाकात की और उनसे तीन शब्द कहे, 'ओके दैट्स इट'. इसके साथ ही टीम इंडिया की वनडे और टी-20 कप्तानी के सारे समीकरण बदलकर विराट कोहली की ओर हो गए, जो इन दिनों टेस्ट में अपनी कप्तानी से धूम मचा रहे हैं और इसके वास्तविक दावेदार हैं.टिप्पणियां
अब जबकि न तो चयनकर्ताओं और न ही बोर्ड के किसी अधिकारी ने एमएस धोनी के कप्तानी छोड़ने को लेकर दबाव के बारे में कुछ कहा है, ऐसे में माना जा रहा है कि धोनी ने खुद सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया के भविष्य को देखते हुए यह फैसला ले लिया है. जैसा कि कहा जा रहा था कि विराट कोहली अब टेस्ट के बाद वनडे और टी-20 की कप्तानी के लिए भी तैयार हैं. संभवतः धोनी ने भी कुछ ऐसा ही महसूस किया हो और अब केवल अपने खेल पर ध्यान देना चाहते हों.
वैसे भी विराट कोहली के उभार के बीच धोनी पर कुछ ज्यादा ही दबाव था और वनडे- टी20 में टीम इंडिया का प्रदर्शन भी पिछले कुछ समय से खास नहीं रहा है. वनडे वर्ल्ड कप में भी अब लगभग दो साल का ही समय बचा है और टीम इंडिया को इससे पहले महज 55 वनडे ही खेलने हैं, वहीं चैंपियन्स ट्रॉफी भी नजदीक है. ऐसे में तैयारी और टीम संयोजन को देखते हुए चयनकर्ताओं के लिए भी इससे जुड़ा कोई फैसला लेना अनिवार्य था.
अब जबकि न तो चयनकर्ताओं और न ही बोर्ड के किसी अधिकारी ने एमएस धोनी के कप्तानी छोड़ने को लेकर दबाव के बारे में कुछ कहा है, ऐसे में माना जा रहा है कि धोनी ने खुद सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया के भविष्य को देखते हुए यह फैसला ले लिया है. जैसा कि कहा जा रहा था कि विराट कोहली अब टेस्ट के बाद वनडे और टी-20 की कप्तानी के लिए भी तैयार हैं. संभवतः धोनी ने भी कुछ ऐसा ही महसूस किया हो और अब केवल अपने खेल पर ध्यान देना चाहते हों.
वैसे भी विराट कोहली के उभार के बीच धोनी पर कुछ ज्यादा ही दबाव था और वनडे- टी20 में टीम इंडिया का प्रदर्शन भी पिछले कुछ समय से खास नहीं रहा है. वनडे वर्ल्ड कप में भी अब लगभग दो साल का ही समय बचा है और टीम इंडिया को इससे पहले महज 55 वनडे ही खेलने हैं, वहीं चैंपियन्स ट्रॉफी भी नजदीक है. ऐसे में तैयारी और टीम संयोजन को देखते हुए चयनकर्ताओं के लिए भी इससे जुड़ा कोई फैसला लेना अनिवार्य था.
वैसे भी विराट कोहली के उभार के बीच धोनी पर कुछ ज्यादा ही दबाव था और वनडे- टी20 में टीम इंडिया का प्रदर्शन भी पिछले कुछ समय से खास नहीं रहा है. वनडे वर्ल्ड कप में भी अब लगभग दो साल का ही समय बचा है और टीम इंडिया को इससे पहले महज 55 वनडे ही खेलने हैं, वहीं चैंपियन्स ट्रॉफी भी नजदीक है. ऐसे में तैयारी और टीम संयोजन को देखते हुए चयनकर्ताओं के लिए भी इससे जुड़ा कोई फैसला लेना अनिवार्य था. | सारांश: धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने दो वर्ल्ड कप (वनडे-टी20) जीते
एमएस धोनी ने 199 वनडे मैचों में की है टीम इंडिया की कप्तानी
उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने हाल ही में न्यूजीलैंड को हराया था | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा में तेलंगाना व बोडोलैंड का मुद्दा छाया रहा, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई और कई बार के स्थगन के बाद अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
रायलसीमा और आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने जहां आंध्र प्रदेश का विभाजन कर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध किया, वहीं असम के कुछ सांसदों ने अलग बोडोलैंड राज्य की मांग को लेकर हंगामा किया। हंगामे के बीच ही केंद्रीय खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने लोकसभा में खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पेश किया, जिसे इस सप्ताह के आखिर में पारित किए जाने के लिए पेश करने की उम्मीद है।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद आंध्र क्षेत्र से कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसदों ने प्रश्नकाल के दौरान आंध्र प्रदेश के विभाजन के विरोध में आवाज उठाई। वे अध्यक्ष के आसन के समक्ष जाकर नारेबाजी करने लगे। उनके हाथों में 'हम सीमांध्र क्षेत्र के लिए न्याय चाहते हैं' और 'हम एकीकृत आंध्र प्रदेश चाहते हैं' के नारे लिखी तख्तियां थीं।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के सदस्य एसके विश्वमुथियारी ने असम से अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उनके हाथ में 'बोडोलैंड के सांसद अलग बोडोलैंड राज्य की मांग करते हैं' लिखा बैनर था।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर जाकर बैठने के लिए कहा। उन्होंने सांसदों को यह आश्वासन भी दिया कि शून्यकाल के दौरान उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उनकी अपील अनसुनी कर दी गई, जिसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा में दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी यही स्थिति बनी रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे तक, फिर अपराह्न तीन बजे तक और अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा में कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। सभापति हामिद अंसारी ने हाल में दिवंगत हुए सांसदों एवं अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी और नए सदस्यों को शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद सीमांध्र क्षेत्र के सांसद सभापति के आसन के समक्ष एकत्र हो गए।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सदस्य विश्वजीत दायमरी भी सभापति के आसन के समक्ष आकर असम में अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए, फिर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। तेदेपा के सीएम रमेश तथा वाईएस चौधरी सभापति के आसन के समक्ष एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा, लेकिन सदस्यों ने उनकी अपील अनसुनी कर दी। हंगामे को देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
रायलसीमा और आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने जहां आंध्र प्रदेश का विभाजन कर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध किया, वहीं असम के कुछ सांसदों ने अलग बोडोलैंड राज्य की मांग को लेकर हंगामा किया। हंगामे के बीच ही केंद्रीय खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने लोकसभा में खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पेश किया, जिसे इस सप्ताह के आखिर में पारित किए जाने के लिए पेश करने की उम्मीद है।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद आंध्र क्षेत्र से कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसदों ने प्रश्नकाल के दौरान आंध्र प्रदेश के विभाजन के विरोध में आवाज उठाई। वे अध्यक्ष के आसन के समक्ष जाकर नारेबाजी करने लगे। उनके हाथों में 'हम सीमांध्र क्षेत्र के लिए न्याय चाहते हैं' और 'हम एकीकृत आंध्र प्रदेश चाहते हैं' के नारे लिखी तख्तियां थीं।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के सदस्य एसके विश्वमुथियारी ने असम से अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उनके हाथ में 'बोडोलैंड के सांसद अलग बोडोलैंड राज्य की मांग करते हैं' लिखा बैनर था।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर जाकर बैठने के लिए कहा। उन्होंने सांसदों को यह आश्वासन भी दिया कि शून्यकाल के दौरान उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उनकी अपील अनसुनी कर दी गई, जिसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा में दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी यही स्थिति बनी रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे तक, फिर अपराह्न तीन बजे तक और अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा में कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। सभापति हामिद अंसारी ने हाल में दिवंगत हुए सांसदों एवं अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी और नए सदस्यों को शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद सीमांध्र क्षेत्र के सांसद सभापति के आसन के समक्ष एकत्र हो गए।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सदस्य विश्वजीत दायमरी भी सभापति के आसन के समक्ष आकर असम में अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए, फिर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। तेदेपा के सीएम रमेश तथा वाईएस चौधरी सभापति के आसन के समक्ष एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा, लेकिन सदस्यों ने उनकी अपील अनसुनी कर दी। हंगामे को देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद आंध्र क्षेत्र से कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसदों ने प्रश्नकाल के दौरान आंध्र प्रदेश के विभाजन के विरोध में आवाज उठाई। वे अध्यक्ष के आसन के समक्ष जाकर नारेबाजी करने लगे। उनके हाथों में 'हम सीमांध्र क्षेत्र के लिए न्याय चाहते हैं' और 'हम एकीकृत आंध्र प्रदेश चाहते हैं' के नारे लिखी तख्तियां थीं।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के सदस्य एसके विश्वमुथियारी ने असम से अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उनके हाथ में 'बोडोलैंड के सांसद अलग बोडोलैंड राज्य की मांग करते हैं' लिखा बैनर था।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर जाकर बैठने के लिए कहा। उन्होंने सांसदों को यह आश्वासन भी दिया कि शून्यकाल के दौरान उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उनकी अपील अनसुनी कर दी गई, जिसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा में दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी यही स्थिति बनी रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे तक, फिर अपराह्न तीन बजे तक और अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा में कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। सभापति हामिद अंसारी ने हाल में दिवंगत हुए सांसदों एवं अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी और नए सदस्यों को शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद सीमांध्र क्षेत्र के सांसद सभापति के आसन के समक्ष एकत्र हो गए।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सदस्य विश्वजीत दायमरी भी सभापति के आसन के समक्ष आकर असम में अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए, फिर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। तेदेपा के सीएम रमेश तथा वाईएस चौधरी सभापति के आसन के समक्ष एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा, लेकिन सदस्यों ने उनकी अपील अनसुनी कर दी। हंगामे को देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के सदस्य एसके विश्वमुथियारी ने असम से अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उनके हाथ में 'बोडोलैंड के सांसद अलग बोडोलैंड राज्य की मांग करते हैं' लिखा बैनर था।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर जाकर बैठने के लिए कहा। उन्होंने सांसदों को यह आश्वासन भी दिया कि शून्यकाल के दौरान उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उनकी अपील अनसुनी कर दी गई, जिसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा में दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी यही स्थिति बनी रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे तक, फिर अपराह्न तीन बजे तक और अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा में कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। सभापति हामिद अंसारी ने हाल में दिवंगत हुए सांसदों एवं अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी और नए सदस्यों को शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद सीमांध्र क्षेत्र के सांसद सभापति के आसन के समक्ष एकत्र हो गए।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सदस्य विश्वजीत दायमरी भी सभापति के आसन के समक्ष आकर असम में अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए, फिर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। तेदेपा के सीएम रमेश तथा वाईएस चौधरी सभापति के आसन के समक्ष एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा, लेकिन सदस्यों ने उनकी अपील अनसुनी कर दी। हंगामे को देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर जाकर बैठने के लिए कहा। उन्होंने सांसदों को यह आश्वासन भी दिया कि शून्यकाल के दौरान उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उनकी अपील अनसुनी कर दी गई, जिसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा में दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी यही स्थिति बनी रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे तक, फिर अपराह्न तीन बजे तक और अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा में कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। सभापति हामिद अंसारी ने हाल में दिवंगत हुए सांसदों एवं अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी और नए सदस्यों को शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद सीमांध्र क्षेत्र के सांसद सभापति के आसन के समक्ष एकत्र हो गए।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सदस्य विश्वजीत दायमरी भी सभापति के आसन के समक्ष आकर असम में अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए, फिर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। तेदेपा के सीएम रमेश तथा वाईएस चौधरी सभापति के आसन के समक्ष एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा, लेकिन सदस्यों ने उनकी अपील अनसुनी कर दी। हंगामे को देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
लोकसभा में दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी यही स्थिति बनी रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे तक, फिर अपराह्न तीन बजे तक और अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा में कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। सभापति हामिद अंसारी ने हाल में दिवंगत हुए सांसदों एवं अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी और नए सदस्यों को शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद सीमांध्र क्षेत्र के सांसद सभापति के आसन के समक्ष एकत्र हो गए।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सदस्य विश्वजीत दायमरी भी सभापति के आसन के समक्ष आकर असम में अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए, फिर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। तेदेपा के सीएम रमेश तथा वाईएस चौधरी सभापति के आसन के समक्ष एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा, लेकिन सदस्यों ने उनकी अपील अनसुनी कर दी। हंगामे को देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
उधर, राज्यसभा में कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। सभापति हामिद अंसारी ने हाल में दिवंगत हुए सांसदों एवं अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी और नए सदस्यों को शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद सीमांध्र क्षेत्र के सांसद सभापति के आसन के समक्ष एकत्र हो गए।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सदस्य विश्वजीत दायमरी भी सभापति के आसन के समक्ष आकर असम में अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए, फिर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। तेदेपा के सीएम रमेश तथा वाईएस चौधरी सभापति के आसन के समक्ष एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा, लेकिन सदस्यों ने उनकी अपील अनसुनी कर दी। हंगामे को देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सदस्य विश्वजीत दायमरी भी सभापति के आसन के समक्ष आकर असम में अलग बोडोलैंड राज्य के गठन की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए, फिर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। तेदेपा के सीएम रमेश तथा वाईएस चौधरी सभापति के आसन के समक्ष एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा, लेकिन सदस्यों ने उनकी अपील अनसुनी कर दी। हंगामे को देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
दोपहर में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। तेदेपा के सीएम रमेश तथा वाईएस चौधरी सभापति के आसन के समक्ष एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी सीटों पर जाने के लिए कहा, लेकिन सदस्यों ने उनकी अपील अनसुनी कर दी। हंगामे को देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को ठीक से नहीं निपटाने का आरोप लगाया। बाद में हंगामे को देखते हुए उपसभापति कुरियन ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। रायलसीमा और तटीय आंध्र क्षेत्र के सांसदों ने संसद भवन के बाहर भी प्रदर्शन किया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
राज्यसभा ने समर मुखर्जी तथा खुर्शीद आलम खान सहित अपने पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने उत्तराखंड में बाढ़ में मरने वाले लोगों तथा छत्तीसगढ़ में मई में नक्सल हमले में मारे गए कांग्रेस नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
लोकसभा ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा तथा वीसी शुक्ला सहित दिवंगत सांसदों, उत्तराखंड में बाढ़ से मरने वालों तथा बिहार में संक्रमित मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले 23 बच्चों को श्रद्धांजलि दी।टिप्पणियां
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
दोनों सदनों ने चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई भी दी। साथ ही अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी उनकी जीत के लिए बधाई दी।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के नए सदस्यों से भी दोनों सदनों को परिचित कराया। | संक्षिप्त सारांश: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा में तेलंगाना व बोडोलैंड का मुद्दा छाया रहा, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई और कई बार के स्थगन के बाद अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यम गति के तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार 19 फरवरी से शुरू हो रहे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2011 से बाहर हो गए हैं। उनके स्थान पर केरल के तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत को टीम में शामिल किया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सचिव एन. श्रीनिवासन द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक प्रवीण को दक्षिण अफ्रीका के साथ खेली गई पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान दाएं हाथ की कोहनी की चोट लगी थी। यह चोट अब तक ठीक नहीं हो सकी है। सचिन तेंदुलकर का ऑपरेशन करने वाले जाने-माने सर्जन एंड्रयू वॉलेस से मिलकर लंदन से लौटे प्रवीण ने सोमवार को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में फिटनेस टेस्ट दिया था लेकिन उनकी स्थिति संतोषजनक नहीं थी। प्रवीण के साथ श्रीसंत ने भी फिटनेस टेस्ट में हिस्सा लिया था। वह इसमें कामयाब रहे थे। विश्व कप के लिए चुनी गई 30 सदस्यीय संभावित टीम में शामिल रहे श्रीसंत पहली बार विश्व कप में खेलेंगे। आईसीसी ने इसकी स्वीकृति दे दी है। | यहाँ एक सारांश है:भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यम गति के तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार 19 फरवरी से शुरू हो रहे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप से बाहर हो गए हैं। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नए साल के मौके पर बेंगलुरू में छेड़छाड़ की घटना को लेकर उपजे चौतरफा आक्रोश के बीच सुपरस्टार शाहरख खान ने भी इसकी आलोचना की है और कहा है कि मां-बाप को अपने बेटों को ऐसी तरबीयत देनी चाहिए कि वे महिलाओं की इज्जत करना सीखें. 31 दिसंबर को बेंगलुरू शहर में नए साल का जश्न उन कई महिलाओं के लिए दु:स्वप्न बन गया जिनके साथ भारी तादाद में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कथित रूप से छेड़छाड़ हुई और देश भर में इस पर लोगों का आक्रोश फूटा.
इस बारे में अपनी राय देते हुए शाहरख ने कहा ‘‘अन्य सेलिब्रेटी कलाकारों ने इस पर जो कुछ भी कहा है, मेरी भावना भी बिल्कुल वैसी ही है. मेरा मानना है कि यह बिल्कुल गलत है. हम सभी मां-बाप को अपने बेटों को ऐसी तरबीयत, ऐसी परवरिश देनी चाहिए कि वे छोटी उम्र से ही महिलाओं की इज्जत करना सीखें.’ 51 साल के अभिनेता मुंबई में बीती रात डिजाइनर अर्चना कोचर के विशेष फैशन शो पर बोल रहे थे. महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर शाहरुख ने कहा कि महिलाओं के साथ बेहद इज्जत से पेश आना चाहिए, चाहे वह पेशेवर हों या आम गृहणी.टिप्पणियां
उन्होंने कहा ‘महिलाएं मेरे दिल के बेहद करीब हैं, मेरी बेटी, मेरी मां, तमाम लड़कियां मेरे दिल के करीब हैं. मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम यह स्वीकार करें और यह सुनिश्चित करें कि वे इस धरती पर सबसे अधिक सम्मानित शख्स हैं.’ अभिनेता ने ज़ोर देते हुए कहा ‘अगर वे नहीं होंगी तो हम यहां नहीं होंगे. कामकाजी महिलाएं, गृहणियां, वो तमाम महिलाएं जो इस दुनिया में हैं उनकी इज्जत करनी चाहिए.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बारे में अपनी राय देते हुए शाहरख ने कहा ‘‘अन्य सेलिब्रेटी कलाकारों ने इस पर जो कुछ भी कहा है, मेरी भावना भी बिल्कुल वैसी ही है. मेरा मानना है कि यह बिल्कुल गलत है. हम सभी मां-बाप को अपने बेटों को ऐसी तरबीयत, ऐसी परवरिश देनी चाहिए कि वे छोटी उम्र से ही महिलाओं की इज्जत करना सीखें.’ 51 साल के अभिनेता मुंबई में बीती रात डिजाइनर अर्चना कोचर के विशेष फैशन शो पर बोल रहे थे. महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर शाहरुख ने कहा कि महिलाओं के साथ बेहद इज्जत से पेश आना चाहिए, चाहे वह पेशेवर हों या आम गृहणी.टिप्पणियां
उन्होंने कहा ‘महिलाएं मेरे दिल के बेहद करीब हैं, मेरी बेटी, मेरी मां, तमाम लड़कियां मेरे दिल के करीब हैं. मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम यह स्वीकार करें और यह सुनिश्चित करें कि वे इस धरती पर सबसे अधिक सम्मानित शख्स हैं.’ अभिनेता ने ज़ोर देते हुए कहा ‘अगर वे नहीं होंगी तो हम यहां नहीं होंगे. कामकाजी महिलाएं, गृहणियां, वो तमाम महिलाएं जो इस दुनिया में हैं उनकी इज्जत करनी चाहिए.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा ‘महिलाएं मेरे दिल के बेहद करीब हैं, मेरी बेटी, मेरी मां, तमाम लड़कियां मेरे दिल के करीब हैं. मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम यह स्वीकार करें और यह सुनिश्चित करें कि वे इस धरती पर सबसे अधिक सम्मानित शख्स हैं.’ अभिनेता ने ज़ोर देते हुए कहा ‘अगर वे नहीं होंगी तो हम यहां नहीं होंगे. कामकाजी महिलाएं, गृहणियां, वो तमाम महिलाएं जो इस दुनिया में हैं उनकी इज्जत करनी चाहिए.’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | बेंगलुरू में हुई छेड़छाड़ की घटना पर बोले शाहरुख खान.
दुनिया में सम्मान की सबसे ज्यादा हकदार हैं- शाहरुख.
पेशेवर हों या गृहणी हर महिला के साथ इज्जत से पेश आना चाहिए - शाहरुख. | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अगर एक सर्वे के निष्कर्षों को मानें तो भारत में नियम पर नियम हैं यानी नियमों की बाढ़ है। इस सर्वे के अनुसार दुनिया में 'नियमों की भरमार वाले देशों की सूची में भारत' पहले स्थान पर है। हांगकांग की फर्म पॉलिटिकल एंड इकनॉमिक रिस्क कंसलटेंसी ने यह निष्कर्ष अमेरिका में नियामकीय हालात के बारे में अमेरिकी कार्यकारियों के बीच किए सर्वे से निकाला है। फर्म के सर्वे में अमेरिकी कंपनियों की राय को एशिया में आकलन के लिए मानक के रूप में लिया गया है। भारत को आवश्यकता से अधिक नियमों वादे देश के हिसाब से 10 अंक के पैमाने में 9.16 अंक मिले। इस पैमाने पर सबसे ऊंचे अंक का मतलब सबसे खराब देश है। चीन को 9.04 अंक, जापानी को 3.2 अंक तथा अमेरिका को 1.51 अंक दिए गए हैं। इस सर्वे में इस लिहाज से सबसे अच्छा स्थान हांगकांग माना गया है जिसे 0.98 अंक मिले हैं। इसके अनुसार सामान्यत: भारत में नियम जटिल और अपारदर्शी हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस सर्वे के अनुसार दुनिया में 'नियमों की भरमार वाले देशों की सूची में भारत' पहले स्थान पर है। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ आज पहली बार गोरखपुर जा रहे हैं. अपने दो दिन के दौरे पर आज शाम वे एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वे एक रोड शो करते हुए गोरखनाथ मंदिर जाएंगे.टिप्पणियां
अपने मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए गोरखपुर में ज़ोरदार तैयारी की गई है. पूरे शहर को होर्डिंग और बैनर से पाट दिया गया है. इसके साथ ही यहां स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए हैं.
मुख्यमंत्री गोरखपुर एयरपोर्ट से रोड शो करते हुए नंदानगर, मोहद्दीपुर, यूनिवर्सिटी चौराहा, गणेश चौराहा होते हुए एमपी इंटर कॉलेज के मैदान पहुंचेंगे. यहां से वे गोरखनाथ मंदिर जाएंगे. कल सीएम योगी यहां के अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात करेंगे और कल शाम को ही वापस लखनऊ लौट जाएंगे.
अपने मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए गोरखपुर में ज़ोरदार तैयारी की गई है. पूरे शहर को होर्डिंग और बैनर से पाट दिया गया है. इसके साथ ही यहां स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए हैं.
मुख्यमंत्री गोरखपुर एयरपोर्ट से रोड शो करते हुए नंदानगर, मोहद्दीपुर, यूनिवर्सिटी चौराहा, गणेश चौराहा होते हुए एमपी इंटर कॉलेज के मैदान पहुंचेंगे. यहां से वे गोरखनाथ मंदिर जाएंगे. कल सीएम योगी यहां के अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात करेंगे और कल शाम को ही वापस लखनऊ लौट जाएंगे.
मुख्यमंत्री गोरखपुर एयरपोर्ट से रोड शो करते हुए नंदानगर, मोहद्दीपुर, यूनिवर्सिटी चौराहा, गणेश चौराहा होते हुए एमपी इंटर कॉलेज के मैदान पहुंचेंगे. यहां से वे गोरखनाथ मंदिर जाएंगे. कल सीएम योगी यहां के अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात करेंगे और कल शाम को ही वापस लखनऊ लौट जाएंगे. | यहाँ एक सारांश है:योगी दो दिन के दौरे पर आज शाम एयरपोर्ट पहुंचेंगे.
पूरे गोरखपुर शहर को होर्डिंग और बैनर से पाट दिया गया है.
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए हैं. | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इटली के मालवाहक जहाज से हुई गोलीबारी में दो भारतीय मछुआरों की मौत से सम्बंधित मामले का समाधान मंगलवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी नहीं निकल सका।
इटली ने जहां एक बार फिर इस मामले का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक तलाशने की बात कही है, वहीं भारत के इस रुख में कोई परिवर्तन नहीं आया है कि इसका समाधान देश के कानून के मुताबिक ही होना चाहिए।
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इटली के विदेश मंत्री ग्विलियो मारिया तेरजी डी सैंट' अगाटा के साथ मुलाकात के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों में इस घटना को लेकर गहरी जनभावना है और दोनों देशों ने इससे बाहर निकलने पर सहमति जताई है।
कृष्णा ने संवाददाताओं से कहा, "हमने इटली के मालवाहक जहाज के सुरक्षा कर्मियों की ओर से हुई गोलीबारी में दो भारतीय मछुआरों की मौत तथा उसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लिए जाने पर चर्चा की। दोनों ओर इसे लेकर गहरी जनभावना है।" उन्होंने कहा, "तेरजी और मैंने इस पर सहमति जताई कि हमें इससे उबरने की आवश्यकता है, ताकि दोनों देश के लोग हमारी साझेदारी को मजबूत करने की इच्छा एवं प्रतिबद्धता को लेकर आश्वस्त हो सकें।"
द्विपक्षीय सम्बंधों को बढ़ावा देने के लिए कई क्षेत्र होने पर बल देते हुए कृष्णा ने कहा, "हम सोचते हैं कि हमारे सम्बंध परिपक्व हैं और इसके मजबूत आधार हैं। यह हमें साथ मिलकर चुनौतियों से निपटने की क्षमता देता है।"टिप्पणियां
इटली के विदेश मंत्री ने दो मछुआरों की मौत पर दु:ख जताया। उन्होंने माना कि इस मुद्दे पर भारत के साथ मतभेद बरकरार हैं। तेरजी ने कहा, "मैंने दुर्भाग्यपूर्ण व दु:खद घटना पर इटली तथा वहां के नागरिकों की ओर से संवेदना जताई।"
इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सुलझाए जाने पर जोर देते हुए तेरजी ने कहा, "मैंने इस मुद्दे के कानूनी पहलू पर हमारी सरकार की स्थिति साफ कर दी। गिरफ्तार इतावली लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पेश आना चाहिए।"
इटली ने जहां एक बार फिर इस मामले का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक तलाशने की बात कही है, वहीं भारत के इस रुख में कोई परिवर्तन नहीं आया है कि इसका समाधान देश के कानून के मुताबिक ही होना चाहिए।
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इटली के विदेश मंत्री ग्विलियो मारिया तेरजी डी सैंट' अगाटा के साथ मुलाकात के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों में इस घटना को लेकर गहरी जनभावना है और दोनों देशों ने इससे बाहर निकलने पर सहमति जताई है।
कृष्णा ने संवाददाताओं से कहा, "हमने इटली के मालवाहक जहाज के सुरक्षा कर्मियों की ओर से हुई गोलीबारी में दो भारतीय मछुआरों की मौत तथा उसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लिए जाने पर चर्चा की। दोनों ओर इसे लेकर गहरी जनभावना है।" उन्होंने कहा, "तेरजी और मैंने इस पर सहमति जताई कि हमें इससे उबरने की आवश्यकता है, ताकि दोनों देश के लोग हमारी साझेदारी को मजबूत करने की इच्छा एवं प्रतिबद्धता को लेकर आश्वस्त हो सकें।"
द्विपक्षीय सम्बंधों को बढ़ावा देने के लिए कई क्षेत्र होने पर बल देते हुए कृष्णा ने कहा, "हम सोचते हैं कि हमारे सम्बंध परिपक्व हैं और इसके मजबूत आधार हैं। यह हमें साथ मिलकर चुनौतियों से निपटने की क्षमता देता है।"टिप्पणियां
इटली के विदेश मंत्री ने दो मछुआरों की मौत पर दु:ख जताया। उन्होंने माना कि इस मुद्दे पर भारत के साथ मतभेद बरकरार हैं। तेरजी ने कहा, "मैंने दुर्भाग्यपूर्ण व दु:खद घटना पर इटली तथा वहां के नागरिकों की ओर से संवेदना जताई।"
इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सुलझाए जाने पर जोर देते हुए तेरजी ने कहा, "मैंने इस मुद्दे के कानूनी पहलू पर हमारी सरकार की स्थिति साफ कर दी। गिरफ्तार इतावली लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पेश आना चाहिए।"
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इटली के विदेश मंत्री ग्विलियो मारिया तेरजी डी सैंट' अगाटा के साथ मुलाकात के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों में इस घटना को लेकर गहरी जनभावना है और दोनों देशों ने इससे बाहर निकलने पर सहमति जताई है।
कृष्णा ने संवाददाताओं से कहा, "हमने इटली के मालवाहक जहाज के सुरक्षा कर्मियों की ओर से हुई गोलीबारी में दो भारतीय मछुआरों की मौत तथा उसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लिए जाने पर चर्चा की। दोनों ओर इसे लेकर गहरी जनभावना है।" उन्होंने कहा, "तेरजी और मैंने इस पर सहमति जताई कि हमें इससे उबरने की आवश्यकता है, ताकि दोनों देश के लोग हमारी साझेदारी को मजबूत करने की इच्छा एवं प्रतिबद्धता को लेकर आश्वस्त हो सकें।"
द्विपक्षीय सम्बंधों को बढ़ावा देने के लिए कई क्षेत्र होने पर बल देते हुए कृष्णा ने कहा, "हम सोचते हैं कि हमारे सम्बंध परिपक्व हैं और इसके मजबूत आधार हैं। यह हमें साथ मिलकर चुनौतियों से निपटने की क्षमता देता है।"टिप्पणियां
इटली के विदेश मंत्री ने दो मछुआरों की मौत पर दु:ख जताया। उन्होंने माना कि इस मुद्दे पर भारत के साथ मतभेद बरकरार हैं। तेरजी ने कहा, "मैंने दुर्भाग्यपूर्ण व दु:खद घटना पर इटली तथा वहां के नागरिकों की ओर से संवेदना जताई।"
इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सुलझाए जाने पर जोर देते हुए तेरजी ने कहा, "मैंने इस मुद्दे के कानूनी पहलू पर हमारी सरकार की स्थिति साफ कर दी। गिरफ्तार इतावली लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पेश आना चाहिए।"
कृष्णा ने संवाददाताओं से कहा, "हमने इटली के मालवाहक जहाज के सुरक्षा कर्मियों की ओर से हुई गोलीबारी में दो भारतीय मछुआरों की मौत तथा उसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लिए जाने पर चर्चा की। दोनों ओर इसे लेकर गहरी जनभावना है।" उन्होंने कहा, "तेरजी और मैंने इस पर सहमति जताई कि हमें इससे उबरने की आवश्यकता है, ताकि दोनों देश के लोग हमारी साझेदारी को मजबूत करने की इच्छा एवं प्रतिबद्धता को लेकर आश्वस्त हो सकें।"
द्विपक्षीय सम्बंधों को बढ़ावा देने के लिए कई क्षेत्र होने पर बल देते हुए कृष्णा ने कहा, "हम सोचते हैं कि हमारे सम्बंध परिपक्व हैं और इसके मजबूत आधार हैं। यह हमें साथ मिलकर चुनौतियों से निपटने की क्षमता देता है।"टिप्पणियां
इटली के विदेश मंत्री ने दो मछुआरों की मौत पर दु:ख जताया। उन्होंने माना कि इस मुद्दे पर भारत के साथ मतभेद बरकरार हैं। तेरजी ने कहा, "मैंने दुर्भाग्यपूर्ण व दु:खद घटना पर इटली तथा वहां के नागरिकों की ओर से संवेदना जताई।"
इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सुलझाए जाने पर जोर देते हुए तेरजी ने कहा, "मैंने इस मुद्दे के कानूनी पहलू पर हमारी सरकार की स्थिति साफ कर दी। गिरफ्तार इतावली लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पेश आना चाहिए।"
द्विपक्षीय सम्बंधों को बढ़ावा देने के लिए कई क्षेत्र होने पर बल देते हुए कृष्णा ने कहा, "हम सोचते हैं कि हमारे सम्बंध परिपक्व हैं और इसके मजबूत आधार हैं। यह हमें साथ मिलकर चुनौतियों से निपटने की क्षमता देता है।"टिप्पणियां
इटली के विदेश मंत्री ने दो मछुआरों की मौत पर दु:ख जताया। उन्होंने माना कि इस मुद्दे पर भारत के साथ मतभेद बरकरार हैं। तेरजी ने कहा, "मैंने दुर्भाग्यपूर्ण व दु:खद घटना पर इटली तथा वहां के नागरिकों की ओर से संवेदना जताई।"
इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सुलझाए जाने पर जोर देते हुए तेरजी ने कहा, "मैंने इस मुद्दे के कानूनी पहलू पर हमारी सरकार की स्थिति साफ कर दी। गिरफ्तार इतावली लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पेश आना चाहिए।"
इटली के विदेश मंत्री ने दो मछुआरों की मौत पर दु:ख जताया। उन्होंने माना कि इस मुद्दे पर भारत के साथ मतभेद बरकरार हैं। तेरजी ने कहा, "मैंने दुर्भाग्यपूर्ण व दु:खद घटना पर इटली तथा वहां के नागरिकों की ओर से संवेदना जताई।"
इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सुलझाए जाने पर जोर देते हुए तेरजी ने कहा, "मैंने इस मुद्दे के कानूनी पहलू पर हमारी सरकार की स्थिति साफ कर दी। गिरफ्तार इतावली लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पेश आना चाहिए।"
इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सुलझाए जाने पर जोर देते हुए तेरजी ने कहा, "मैंने इस मुद्दे के कानूनी पहलू पर हमारी सरकार की स्थिति साफ कर दी। गिरफ्तार इतावली लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पेश आना चाहिए।" | यह एक सारांश है: इटली के मालवाहक जहाज से हुई गोलीबारी में दो भारतीय मछुआरों की मौत से सम्बंधित मामले का समाधान मंगलवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी नहीं निकल सका। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन ने 2012 की पहली छमाही में दुनिया में सबसे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल करने वाले अमेरिका को पीछे छोड़ दिया। यह खुलासा यूएन कारफरेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (यूएनसीटीएडी) द्वारा जारी रिलीज में किया गया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक यूएनसीटीएडी के निवेश और उद्यम प्रकोष्ठ के निदेशक झान जियाओनिंग ने कहा कि एफडीआई हासिल करने के मामले में चीन के अमेरिका को पीछे छोड़ देने का कारण यह है कि आलोच्य अवधि में अमेरिका में एफडीआई प्रवाह में 39.2 फीसदी गिरावट आई, जबकि इसी अवधि में चीन में सिर्फ तीन फीसदी गिरावट आई।टिप्पणियां
उन्होंने हालांकि कहा कि मौजूदा संकेतों के मुताबिक दूसरी छमाही में अमेरिका में एफडीआई का प्रवाह तेज रहेगा।
ताजा 'ग्लोबल इनवेस्टमेंट ट्रेंड्स मॉनीटर' के मुताबिक पहली छमाही में चीन ने 59.1 अरब डॉलर एफडीआई हासिल किया, जबकि इसी अवधि में अमेरिका ने 57.4 डॉलर एफडीआई हासिल की।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक यूएनसीटीएडी के निवेश और उद्यम प्रकोष्ठ के निदेशक झान जियाओनिंग ने कहा कि एफडीआई हासिल करने के मामले में चीन के अमेरिका को पीछे छोड़ देने का कारण यह है कि आलोच्य अवधि में अमेरिका में एफडीआई प्रवाह में 39.2 फीसदी गिरावट आई, जबकि इसी अवधि में चीन में सिर्फ तीन फीसदी गिरावट आई।टिप्पणियां
उन्होंने हालांकि कहा कि मौजूदा संकेतों के मुताबिक दूसरी छमाही में अमेरिका में एफडीआई का प्रवाह तेज रहेगा।
ताजा 'ग्लोबल इनवेस्टमेंट ट्रेंड्स मॉनीटर' के मुताबिक पहली छमाही में चीन ने 59.1 अरब डॉलर एफडीआई हासिल किया, जबकि इसी अवधि में अमेरिका ने 57.4 डॉलर एफडीआई हासिल की।
उन्होंने हालांकि कहा कि मौजूदा संकेतों के मुताबिक दूसरी छमाही में अमेरिका में एफडीआई का प्रवाह तेज रहेगा।
ताजा 'ग्लोबल इनवेस्टमेंट ट्रेंड्स मॉनीटर' के मुताबिक पहली छमाही में चीन ने 59.1 अरब डॉलर एफडीआई हासिल किया, जबकि इसी अवधि में अमेरिका ने 57.4 डॉलर एफडीआई हासिल की।
ताजा 'ग्लोबल इनवेस्टमेंट ट्रेंड्स मॉनीटर' के मुताबिक पहली छमाही में चीन ने 59.1 अरब डॉलर एफडीआई हासिल किया, जबकि इसी अवधि में अमेरिका ने 57.4 डॉलर एफडीआई हासिल की। | सारांश: चीन ने 2012 की पहली छमाही में दुनिया में सबसे अधिक एफडीआई हासिल करने वाले अमेरिका को पीछे छोड़ दिया। यह खुलासा यूएनसीटीएडी द्वारा जारी रिलीज में किया गया। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत से जुड़ी जांच के किसी निष्कर्ष तक पहुंचने में कई बाधाएं सामने आ रही हैं. इस केस के लिए गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से पुलिस को मायूसी हाथ लगी है. मेडिकल बोर्ड ने दिल्ली पुलिस को दी गई रिपोर्ट में कहा है कि वह सुनंदा की मौत पर कोई भी निष्कर्ष नहीं निकाल सकी है.
दरअसल, मेडिकल बोर्ड ने एफबीआई और एम्स के निष्कर्षों का अध्ययन कर मामले की जांच कर रही एसआईटी को यह रिपोर्ट सौंपी, जिसमें उसने कहा है कि सुनंदा की मौत पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मेडिकल बोर्ड ने एक माह पहले रिपोर्ट सौंपी थी और वे कोई भी निर्णायक निष्कर्ष देने में विफल रहे हैं. हमने उन्हें निष्कर्ष निकालने के लिए एफबीआई और एम्स की जांच के परिणामों का अध्ययन करने के लिए कहा था'. मेडिकल बोर्ड में दिल्ली, चंडीगढ़ और पुडुचेरी के चिकित्सक थे. इस बोर्ड का गठन एफबीआई और एम्स की जांच के परिणामों का अध्ययन करने के लिए किया गया था.
अब पुलिस सुनंदा के फोन से मिटाई गई चैट को वापस पाने का इंतजार कर रही है. इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की टीम सितंबर में सुनंदा के विसरा नमूने अमेरिका स्थित एफबीआई प्रयोगशाला से वापस लाई थी. टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस ने एफबीआई प्रयोगशाला से उसके आकलनों की अंतिम सूची सौंपने के लिए कहा था ताकि उन्हें मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश किया जा सके. पिछले साल जनवरी में एम्स के डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के विसरा नमूनों पर एफबीआई की रिपोर्ट पर अपना मत दिया था. इसमें सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकाला गया था कि उनके पेट में बेचैनी का उपचार करने वाली दवा एल्प्रैक्स पाई गई.
दरअसल, 51 वर्षीय सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिणी दिल्ली के एक फाइल स्टार होटल के एक कमरे में मृत पाई गई थीं. इससे एक दिन पहले ट्विटर पर उनका पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से झगड़ा हुआ था. यह झगड़ा मेहर के थरूर के साथ कथित प्रेम संबंध को लेकर हुआ था. सुनंदा की मौत के मामले में शशि थरूर समेत कई लोगों से पूछताछ हुई. पुलिस ने मामले के प्रमुख गवाह रहे छह लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया. इनमें थरूर के घर का सहायक नारायण सिंह, ड्राइवर बजरंगी और दंपति का करीबी मित्र संजय दीवान भी शामिल है.
दरअसल, मेडिकल बोर्ड ने एफबीआई और एम्स के निष्कर्षों का अध्ययन कर मामले की जांच कर रही एसआईटी को यह रिपोर्ट सौंपी, जिसमें उसने कहा है कि सुनंदा की मौत पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मेडिकल बोर्ड ने एक माह पहले रिपोर्ट सौंपी थी और वे कोई भी निर्णायक निष्कर्ष देने में विफल रहे हैं. हमने उन्हें निष्कर्ष निकालने के लिए एफबीआई और एम्स की जांच के परिणामों का अध्ययन करने के लिए कहा था'. मेडिकल बोर्ड में दिल्ली, चंडीगढ़ और पुडुचेरी के चिकित्सक थे. इस बोर्ड का गठन एफबीआई और एम्स की जांच के परिणामों का अध्ययन करने के लिए किया गया था.
अब पुलिस सुनंदा के फोन से मिटाई गई चैट को वापस पाने का इंतजार कर रही है. इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की टीम सितंबर में सुनंदा के विसरा नमूने अमेरिका स्थित एफबीआई प्रयोगशाला से वापस लाई थी. टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस ने एफबीआई प्रयोगशाला से उसके आकलनों की अंतिम सूची सौंपने के लिए कहा था ताकि उन्हें मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश किया जा सके. पिछले साल जनवरी में एम्स के डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के विसरा नमूनों पर एफबीआई की रिपोर्ट पर अपना मत दिया था. इसमें सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकाला गया था कि उनके पेट में बेचैनी का उपचार करने वाली दवा एल्प्रैक्स पाई गई.
दरअसल, 51 वर्षीय सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिणी दिल्ली के एक फाइल स्टार होटल के एक कमरे में मृत पाई गई थीं. इससे एक दिन पहले ट्विटर पर उनका पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से झगड़ा हुआ था. यह झगड़ा मेहर के थरूर के साथ कथित प्रेम संबंध को लेकर हुआ था. सुनंदा की मौत के मामले में शशि थरूर समेत कई लोगों से पूछताछ हुई. पुलिस ने मामले के प्रमुख गवाह रहे छह लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया. इनमें थरूर के घर का सहायक नारायण सिंह, ड्राइवर बजरंगी और दंपति का करीबी मित्र संजय दीवान भी शामिल है.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मेडिकल बोर्ड ने एक माह पहले रिपोर्ट सौंपी थी और वे कोई भी निर्णायक निष्कर्ष देने में विफल रहे हैं. हमने उन्हें निष्कर्ष निकालने के लिए एफबीआई और एम्स की जांच के परिणामों का अध्ययन करने के लिए कहा था'. मेडिकल बोर्ड में दिल्ली, चंडीगढ़ और पुडुचेरी के चिकित्सक थे. इस बोर्ड का गठन एफबीआई और एम्स की जांच के परिणामों का अध्ययन करने के लिए किया गया था.
अब पुलिस सुनंदा के फोन से मिटाई गई चैट को वापस पाने का इंतजार कर रही है. इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की टीम सितंबर में सुनंदा के विसरा नमूने अमेरिका स्थित एफबीआई प्रयोगशाला से वापस लाई थी. टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस ने एफबीआई प्रयोगशाला से उसके आकलनों की अंतिम सूची सौंपने के लिए कहा था ताकि उन्हें मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश किया जा सके. पिछले साल जनवरी में एम्स के डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के विसरा नमूनों पर एफबीआई की रिपोर्ट पर अपना मत दिया था. इसमें सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकाला गया था कि उनके पेट में बेचैनी का उपचार करने वाली दवा एल्प्रैक्स पाई गई.
दरअसल, 51 वर्षीय सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिणी दिल्ली के एक फाइल स्टार होटल के एक कमरे में मृत पाई गई थीं. इससे एक दिन पहले ट्विटर पर उनका पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से झगड़ा हुआ था. यह झगड़ा मेहर के थरूर के साथ कथित प्रेम संबंध को लेकर हुआ था. सुनंदा की मौत के मामले में शशि थरूर समेत कई लोगों से पूछताछ हुई. पुलिस ने मामले के प्रमुख गवाह रहे छह लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया. इनमें थरूर के घर का सहायक नारायण सिंह, ड्राइवर बजरंगी और दंपति का करीबी मित्र संजय दीवान भी शामिल है.
अब पुलिस सुनंदा के फोन से मिटाई गई चैट को वापस पाने का इंतजार कर रही है. इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की टीम सितंबर में सुनंदा के विसरा नमूने अमेरिका स्थित एफबीआई प्रयोगशाला से वापस लाई थी. टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस ने एफबीआई प्रयोगशाला से उसके आकलनों की अंतिम सूची सौंपने के लिए कहा था ताकि उन्हें मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश किया जा सके. पिछले साल जनवरी में एम्स के डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के विसरा नमूनों पर एफबीआई की रिपोर्ट पर अपना मत दिया था. इसमें सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकाला गया था कि उनके पेट में बेचैनी का उपचार करने वाली दवा एल्प्रैक्स पाई गई.
दरअसल, 51 वर्षीय सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिणी दिल्ली के एक फाइल स्टार होटल के एक कमरे में मृत पाई गई थीं. इससे एक दिन पहले ट्विटर पर उनका पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से झगड़ा हुआ था. यह झगड़ा मेहर के थरूर के साथ कथित प्रेम संबंध को लेकर हुआ था. सुनंदा की मौत के मामले में शशि थरूर समेत कई लोगों से पूछताछ हुई. पुलिस ने मामले के प्रमुख गवाह रहे छह लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया. इनमें थरूर के घर का सहायक नारायण सिंह, ड्राइवर बजरंगी और दंपति का करीबी मित्र संजय दीवान भी शामिल है.
दिल्ली पुलिस ने एफबीआई प्रयोगशाला से उसके आकलनों की अंतिम सूची सौंपने के लिए कहा था ताकि उन्हें मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश किया जा सके. पिछले साल जनवरी में एम्स के डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के विसरा नमूनों पर एफबीआई की रिपोर्ट पर अपना मत दिया था. इसमें सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकाला गया था कि उनके पेट में बेचैनी का उपचार करने वाली दवा एल्प्रैक्स पाई गई.
दरअसल, 51 वर्षीय सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिणी दिल्ली के एक फाइल स्टार होटल के एक कमरे में मृत पाई गई थीं. इससे एक दिन पहले ट्विटर पर उनका पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से झगड़ा हुआ था. यह झगड़ा मेहर के थरूर के साथ कथित प्रेम संबंध को लेकर हुआ था. सुनंदा की मौत के मामले में शशि थरूर समेत कई लोगों से पूछताछ हुई. पुलिस ने मामले के प्रमुख गवाह रहे छह लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया. इनमें थरूर के घर का सहायक नारायण सिंह, ड्राइवर बजरंगी और दंपति का करीबी मित्र संजय दीवान भी शामिल है.
दरअसल, 51 वर्षीय सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिणी दिल्ली के एक फाइल स्टार होटल के एक कमरे में मृत पाई गई थीं. इससे एक दिन पहले ट्विटर पर उनका पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से झगड़ा हुआ था. यह झगड़ा मेहर के थरूर के साथ कथित प्रेम संबंध को लेकर हुआ था. सुनंदा की मौत के मामले में शशि थरूर समेत कई लोगों से पूछताछ हुई. पुलिस ने मामले के प्रमुख गवाह रहे छह लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया. इनमें थरूर के घर का सहायक नारायण सिंह, ड्राइवर बजरंगी और दंपति का करीबी मित्र संजय दीवान भी शामिल है. | यहाँ एक सारांश है:एफबीआई और एम्स के निष्कर्षों का अध्ययन कर बोर्ड ने यह रिपोर्ट सौंपी.
मेडिकल बोर्ड कोई भी निर्णायक निष्कर्ष देने में विफल रहा- पुलिस अधिकारी
मेडिकल बोर्ड में दिल्ली, चंडीगढ़ और पुडुचेरी के चिकित्सक थे. | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मिस्बाह उल हक (नाबाद 72) की कप्तानी पारी और उमर अकमल (77) की सूझबूझ भरी पारी की मदद से पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने शेर-ए बांग्ला स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए एशिया कप के अपने दूसरे मुकाबले में श्रीलंका को छह विकेट से हरा दिया।
श्रीलंका को 188 रनों पर समेटने के बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम ने चार विकेट खोकर 39.5 ओवर में जीत हासिल कर ली। उमर ने 72 गेंदों पर सात चौके और दो छक्का लगाया जबकि मिस्बाह 93 गेंदों पर नौ चौके और एक छक्का लगाकार नाबाद रहे।
दोनों ने 33 रन के कुल योग पर तीन विकेट गिरने के बाद 152 रन जोड़े और टीम को जीत के बिल्कुल करीब पहुंचा दिया। पाकिस्तान का पहला विकेट नासिर जमशेद के रूप में 29 रन के कुल योग पर गिरा। नासिर 25 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 18 रन बना सके। इसके बाद 31 रन के कुल योग पर मोहम्मद हफीज भी पवेलियन लौट गए।
हफीज के बल्ले से 11 रन निकले। यूनिस खान (2) का विकेट 33 रन के कुल योग पर गिरा। श्रीलंका की ओर से सुरंग लकमल ने दो सफलता हासिल की जबकि सेकुग्गे प्रसन्ना और फरवेज महरूफ को एक-एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने 45.4 ओवरों में 188 रन बनाए। इसमें कुमार संगकारा के 71 और उपुल के 57 रन शामिल हैं। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 95 रन जोड़े, जो श्रीलंकाई पारी की सबसे बड़ी साझेदारी रही।
एक समय श्रीलंका ने 65 रन के कुल योग पर चार विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद संगकारा और थरंगा स्थिति को सम्भालने का प्रयास किया। संगकारा ने 92 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया जबकि थरंगा ने 74 गेंदों पर चार चौके जड़े।
कप्तान माहेला जयवर्धने (12) और एक अन्य पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान (20) ने पहले विकेट के लिए 33 रन जोड़े थे लेकिन इसके बाद 14 रन के अंतराल पर तीन विकेट गिर गए। मध्यक्रम में थरंगा को छोड़कर किसी बल्लेबाज ने अपनी टीम को मुश्किल से निकालने का प्रयास नहीं किया।
पाकिस्तान की ओर से ऐजाज चीमा ने सबसे अधिक चार विकेट हासिल किए जबकि सईद अजमल को तीन सफलता मिली। उमर गुल ने दो और हमज आजम ने एक विकेट लिया।टिप्पणियां
दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला था। पाकिस्तान को पहले मुकाबले में जीत मिली थी जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान ने उद्घाटन मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 21 रनों से हराया था।
श्रीलंका को भारत ने 50 रनों से मात दी थी। पाकिस्तानी टीम आठ अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर है जबकि चार अंक के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका और बांग्लादेश का खाता नहीं खुला है।
श्रीलंका को 188 रनों पर समेटने के बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम ने चार विकेट खोकर 39.5 ओवर में जीत हासिल कर ली। उमर ने 72 गेंदों पर सात चौके और दो छक्का लगाया जबकि मिस्बाह 93 गेंदों पर नौ चौके और एक छक्का लगाकार नाबाद रहे।
दोनों ने 33 रन के कुल योग पर तीन विकेट गिरने के बाद 152 रन जोड़े और टीम को जीत के बिल्कुल करीब पहुंचा दिया। पाकिस्तान का पहला विकेट नासिर जमशेद के रूप में 29 रन के कुल योग पर गिरा। नासिर 25 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 18 रन बना सके। इसके बाद 31 रन के कुल योग पर मोहम्मद हफीज भी पवेलियन लौट गए।
हफीज के बल्ले से 11 रन निकले। यूनिस खान (2) का विकेट 33 रन के कुल योग पर गिरा। श्रीलंका की ओर से सुरंग लकमल ने दो सफलता हासिल की जबकि सेकुग्गे प्रसन्ना और फरवेज महरूफ को एक-एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने 45.4 ओवरों में 188 रन बनाए। इसमें कुमार संगकारा के 71 और उपुल के 57 रन शामिल हैं। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 95 रन जोड़े, जो श्रीलंकाई पारी की सबसे बड़ी साझेदारी रही।
एक समय श्रीलंका ने 65 रन के कुल योग पर चार विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद संगकारा और थरंगा स्थिति को सम्भालने का प्रयास किया। संगकारा ने 92 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया जबकि थरंगा ने 74 गेंदों पर चार चौके जड़े।
कप्तान माहेला जयवर्धने (12) और एक अन्य पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान (20) ने पहले विकेट के लिए 33 रन जोड़े थे लेकिन इसके बाद 14 रन के अंतराल पर तीन विकेट गिर गए। मध्यक्रम में थरंगा को छोड़कर किसी बल्लेबाज ने अपनी टीम को मुश्किल से निकालने का प्रयास नहीं किया।
पाकिस्तान की ओर से ऐजाज चीमा ने सबसे अधिक चार विकेट हासिल किए जबकि सईद अजमल को तीन सफलता मिली। उमर गुल ने दो और हमज आजम ने एक विकेट लिया।टिप्पणियां
दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला था। पाकिस्तान को पहले मुकाबले में जीत मिली थी जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान ने उद्घाटन मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 21 रनों से हराया था।
श्रीलंका को भारत ने 50 रनों से मात दी थी। पाकिस्तानी टीम आठ अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर है जबकि चार अंक के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका और बांग्लादेश का खाता नहीं खुला है।
दोनों ने 33 रन के कुल योग पर तीन विकेट गिरने के बाद 152 रन जोड़े और टीम को जीत के बिल्कुल करीब पहुंचा दिया। पाकिस्तान का पहला विकेट नासिर जमशेद के रूप में 29 रन के कुल योग पर गिरा। नासिर 25 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 18 रन बना सके। इसके बाद 31 रन के कुल योग पर मोहम्मद हफीज भी पवेलियन लौट गए।
हफीज के बल्ले से 11 रन निकले। यूनिस खान (2) का विकेट 33 रन के कुल योग पर गिरा। श्रीलंका की ओर से सुरंग लकमल ने दो सफलता हासिल की जबकि सेकुग्गे प्रसन्ना और फरवेज महरूफ को एक-एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने 45.4 ओवरों में 188 रन बनाए। इसमें कुमार संगकारा के 71 और उपुल के 57 रन शामिल हैं। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 95 रन जोड़े, जो श्रीलंकाई पारी की सबसे बड़ी साझेदारी रही।
एक समय श्रीलंका ने 65 रन के कुल योग पर चार विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद संगकारा और थरंगा स्थिति को सम्भालने का प्रयास किया। संगकारा ने 92 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया जबकि थरंगा ने 74 गेंदों पर चार चौके जड़े।
कप्तान माहेला जयवर्धने (12) और एक अन्य पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान (20) ने पहले विकेट के लिए 33 रन जोड़े थे लेकिन इसके बाद 14 रन के अंतराल पर तीन विकेट गिर गए। मध्यक्रम में थरंगा को छोड़कर किसी बल्लेबाज ने अपनी टीम को मुश्किल से निकालने का प्रयास नहीं किया।
पाकिस्तान की ओर से ऐजाज चीमा ने सबसे अधिक चार विकेट हासिल किए जबकि सईद अजमल को तीन सफलता मिली। उमर गुल ने दो और हमज आजम ने एक विकेट लिया।टिप्पणियां
दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला था। पाकिस्तान को पहले मुकाबले में जीत मिली थी जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान ने उद्घाटन मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 21 रनों से हराया था।
श्रीलंका को भारत ने 50 रनों से मात दी थी। पाकिस्तानी टीम आठ अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर है जबकि चार अंक के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका और बांग्लादेश का खाता नहीं खुला है।
हफीज के बल्ले से 11 रन निकले। यूनिस खान (2) का विकेट 33 रन के कुल योग पर गिरा। श्रीलंका की ओर से सुरंग लकमल ने दो सफलता हासिल की जबकि सेकुग्गे प्रसन्ना और फरवेज महरूफ को एक-एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने 45.4 ओवरों में 188 रन बनाए। इसमें कुमार संगकारा के 71 और उपुल के 57 रन शामिल हैं। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 95 रन जोड़े, जो श्रीलंकाई पारी की सबसे बड़ी साझेदारी रही।
एक समय श्रीलंका ने 65 रन के कुल योग पर चार विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद संगकारा और थरंगा स्थिति को सम्भालने का प्रयास किया। संगकारा ने 92 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया जबकि थरंगा ने 74 गेंदों पर चार चौके जड़े।
कप्तान माहेला जयवर्धने (12) और एक अन्य पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान (20) ने पहले विकेट के लिए 33 रन जोड़े थे लेकिन इसके बाद 14 रन के अंतराल पर तीन विकेट गिर गए। मध्यक्रम में थरंगा को छोड़कर किसी बल्लेबाज ने अपनी टीम को मुश्किल से निकालने का प्रयास नहीं किया।
पाकिस्तान की ओर से ऐजाज चीमा ने सबसे अधिक चार विकेट हासिल किए जबकि सईद अजमल को तीन सफलता मिली। उमर गुल ने दो और हमज आजम ने एक विकेट लिया।टिप्पणियां
दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला था। पाकिस्तान को पहले मुकाबले में जीत मिली थी जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान ने उद्घाटन मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 21 रनों से हराया था।
श्रीलंका को भारत ने 50 रनों से मात दी थी। पाकिस्तानी टीम आठ अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर है जबकि चार अंक के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका और बांग्लादेश का खाता नहीं खुला है।
इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने 45.4 ओवरों में 188 रन बनाए। इसमें कुमार संगकारा के 71 और उपुल के 57 रन शामिल हैं। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 95 रन जोड़े, जो श्रीलंकाई पारी की सबसे बड़ी साझेदारी रही।
एक समय श्रीलंका ने 65 रन के कुल योग पर चार विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद संगकारा और थरंगा स्थिति को सम्भालने का प्रयास किया। संगकारा ने 92 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया जबकि थरंगा ने 74 गेंदों पर चार चौके जड़े।
कप्तान माहेला जयवर्धने (12) और एक अन्य पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान (20) ने पहले विकेट के लिए 33 रन जोड़े थे लेकिन इसके बाद 14 रन के अंतराल पर तीन विकेट गिर गए। मध्यक्रम में थरंगा को छोड़कर किसी बल्लेबाज ने अपनी टीम को मुश्किल से निकालने का प्रयास नहीं किया।
पाकिस्तान की ओर से ऐजाज चीमा ने सबसे अधिक चार विकेट हासिल किए जबकि सईद अजमल को तीन सफलता मिली। उमर गुल ने दो और हमज आजम ने एक विकेट लिया।टिप्पणियां
दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला था। पाकिस्तान को पहले मुकाबले में जीत मिली थी जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान ने उद्घाटन मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 21 रनों से हराया था।
श्रीलंका को भारत ने 50 रनों से मात दी थी। पाकिस्तानी टीम आठ अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर है जबकि चार अंक के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका और बांग्लादेश का खाता नहीं खुला है।
एक समय श्रीलंका ने 65 रन के कुल योग पर चार विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद संगकारा और थरंगा स्थिति को सम्भालने का प्रयास किया। संगकारा ने 92 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया जबकि थरंगा ने 74 गेंदों पर चार चौके जड़े।
कप्तान माहेला जयवर्धने (12) और एक अन्य पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान (20) ने पहले विकेट के लिए 33 रन जोड़े थे लेकिन इसके बाद 14 रन के अंतराल पर तीन विकेट गिर गए। मध्यक्रम में थरंगा को छोड़कर किसी बल्लेबाज ने अपनी टीम को मुश्किल से निकालने का प्रयास नहीं किया।
पाकिस्तान की ओर से ऐजाज चीमा ने सबसे अधिक चार विकेट हासिल किए जबकि सईद अजमल को तीन सफलता मिली। उमर गुल ने दो और हमज आजम ने एक विकेट लिया।टिप्पणियां
दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला था। पाकिस्तान को पहले मुकाबले में जीत मिली थी जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान ने उद्घाटन मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 21 रनों से हराया था।
श्रीलंका को भारत ने 50 रनों से मात दी थी। पाकिस्तानी टीम आठ अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर है जबकि चार अंक के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका और बांग्लादेश का खाता नहीं खुला है।
पाकिस्तान की ओर से ऐजाज चीमा ने सबसे अधिक चार विकेट हासिल किए जबकि सईद अजमल को तीन सफलता मिली। उमर गुल ने दो और हमज आजम ने एक विकेट लिया।टिप्पणियां
दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला था। पाकिस्तान को पहले मुकाबले में जीत मिली थी जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान ने उद्घाटन मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 21 रनों से हराया था।
श्रीलंका को भारत ने 50 रनों से मात दी थी। पाकिस्तानी टीम आठ अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर है जबकि चार अंक के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका और बांग्लादेश का खाता नहीं खुला है।
दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला था। पाकिस्तान को पहले मुकाबले में जीत मिली थी जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान ने उद्घाटन मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 21 रनों से हराया था।
श्रीलंका को भारत ने 50 रनों से मात दी थी। पाकिस्तानी टीम आठ अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर है जबकि चार अंक के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका और बांग्लादेश का खाता नहीं खुला है।
श्रीलंका को भारत ने 50 रनों से मात दी थी। पाकिस्तानी टीम आठ अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर है जबकि चार अंक के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका और बांग्लादेश का खाता नहीं खुला है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मिस्बाह (नाबाद 72) और अकमल (77) की सूझबूझ भरी पारी की मदद से पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने गुरुवार को खेले गए एशिया कप के अपने दूसरे मुकाबले में श्रीलंका को छह विकेट से हरा दिया। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एतिसलात डीबी ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि परिचालन समेटने को अदालती मंजूरी नहीं मिलने तक वह वेतन भुगतान नहीं करेगी।टिप्पणियां
एतिसलात डीबी भारत में अपने दूरसंचार कारोबार को समेटने की प्रक्रिया में है।
कंपनी ने अपने कर्मचारियों को इस बारे में ईमेल किया है। इसमें कहा गया है, कंपनी के लिए अदालत या इसके मंजूरशुदा परिसमापक की मंजूरी के बिना अपने कर्मचारियों का भुगतान करना संभव नहीं होगा। इसका असर देश में कंपनी के लगभग 600 कर्मचारियों पर होगा। कंपनी ने अपना परिचालन समेटने के लिए 12 मार्च 2012 को मुंबई उच्च न्यायालय में आवेदन किया है।
एतिसलात डीबी भारत में अपने दूरसंचार कारोबार को समेटने की प्रक्रिया में है।
कंपनी ने अपने कर्मचारियों को इस बारे में ईमेल किया है। इसमें कहा गया है, कंपनी के लिए अदालत या इसके मंजूरशुदा परिसमापक की मंजूरी के बिना अपने कर्मचारियों का भुगतान करना संभव नहीं होगा। इसका असर देश में कंपनी के लगभग 600 कर्मचारियों पर होगा। कंपनी ने अपना परिचालन समेटने के लिए 12 मार्च 2012 को मुंबई उच्च न्यायालय में आवेदन किया है।
कंपनी ने अपने कर्मचारियों को इस बारे में ईमेल किया है। इसमें कहा गया है, कंपनी के लिए अदालत या इसके मंजूरशुदा परिसमापक की मंजूरी के बिना अपने कर्मचारियों का भुगतान करना संभव नहीं होगा। इसका असर देश में कंपनी के लगभग 600 कर्मचारियों पर होगा। कंपनी ने अपना परिचालन समेटने के लिए 12 मार्च 2012 को मुंबई उच्च न्यायालय में आवेदन किया है। | एतिसलात डीबी ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि परिचालन समेटने को अदालती मंजूरी नहीं मिलने तक वह वेतन भुगतान नहीं करेगी। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देहरादून के कोतवाली थाने के तहत ब्रम्हावाला क्षेत्र में पुलिस ने एक मकान में छापा मारकर एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार के आरोप में सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें युवकों की सहयोगी एक महिला भी शामिल है।टिप्पणियां
पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि लखनऊ निवासी एक युवती को पिछले दो हफ्ते से बंधक बनाकर उसके साथ कथित रूप से सामूहिक रूप बलात्कार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सूचना मिलने के बाद उस घर को घेर लिया और वहां से छह युवकों तथा उनकी सहयोगी एक महिला को गिरफ्तार किया है। सूत्रों ने बताया कि युवती को नौकरी दिलाने का झांसा देकर देहरादून लाया गया था।
पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि लखनऊ निवासी एक युवती को पिछले दो हफ्ते से बंधक बनाकर उसके साथ कथित रूप से सामूहिक रूप बलात्कार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सूचना मिलने के बाद उस घर को घेर लिया और वहां से छह युवकों तथा उनकी सहयोगी एक महिला को गिरफ्तार किया है। सूत्रों ने बताया कि युवती को नौकरी दिलाने का झांसा देकर देहरादून लाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सूचना मिलने के बाद उस घर को घेर लिया और वहां से छह युवकों तथा उनकी सहयोगी एक महिला को गिरफ्तार किया है। सूत्रों ने बताया कि युवती को नौकरी दिलाने का झांसा देकर देहरादून लाया गया था। | युवती को नौकरी दिलाने का झांसा देकर देहरादून लाया गया था। मामले में छह युवकों तथा उनकी सहयोगी एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Zero Box Office Collection Day 14: शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने जिस दिन 'जीरो (Zero)' का फर्स्ट लुक रिलीज किया था, उस दिन सोचा भी नहीं होगा कि आनंद एल. राय (Anand L. Rai), कैटरीना कैफ (Katrina kaif) और अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) जैसे दिग्गजों का साथ उनके लिए फ्लॉप सिद्ध होगा. जी हां, शाहरुख खान की 'जीरो (Zero)' बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही है और फिल्म शाहरुख खान के करियर की बड़ी फ्लॉप फिल्मों में से एक बन गई है. 'जीरो (Zero)' का दो हफ्ते का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन आ गया है. 'Zero' की बॉक्स ऑफिस (Zero Box Office Collection) पर बहुत ही खराब हालत रही है. शाहरुख खान की 'जीरो'100 करोड़ तो दूर 90 करोड़ रु. के आंकड़े तक नहीं छू पाई है.
शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की 'जीरो' के 14 दिन के बॉक्स ऑफिस (Zero Box Office Collection Day 14) के आंकड़े बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम ने जारी किए हैं. 'जीरो' ने पहले हफ्ते 81.86 करोड़ रु. कमाए थे जबकि फिल्म दूसरे हफ्ते पूरी तरह से पस्त हो गई और बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 6.25 करोड़ रु. ही कमा सकी. इस तरह फिल्म 14 दिन के अंदर 88.11 करोड़ रु. ही कमा पाई. 100 करोड़ तो फिल्म के होते नजर नहीं आ रहे हैं. इसे शाहरुख की बड़ी फ्लॉप फिल्मों में माना जा रहा है. हालांकि 'Zero' में शाहरुख खान की एक्टिंग को सराहा गया है लेकिन फिल्म की कहानी और डायरेक्शन बहुत कमजोर है.
शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) और आमिर खान (Aamir Khan) के लिए 2018 अच्छा नहीं रहा है. शाहरुख खान की "जीरो' बॉक्स ऑफिस पर हांफती नजर आई थी तो आमिर खान की 'ठग्स ऑफ हिन्दोस्तां' का भी कुछ ऐसा ही हश्र हुआ और फिल्म चीन में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है. वैसे शाहरुख खान ने 'जीरो' के झटसे उबरते हुए, अपनी अगली फिल्म 'सारे जहां से अच्छा' पर फोकस करने का फैसला लिया है. ये फिल्म भारत की तरफ से सबसे पहले चांद पर गए अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा पर आधारित है. | शाहरुख खान को 'जीरो' ने दिया जोर का झटका
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पस्त
100 करोड़ से कोसों दूर | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के 13वें राष्ट्रपति चुने गए प्रणब मुखर्जी का मानना है कि यह पद गैर-राजनैतिक नहीं है, और वह संविधान का पालन करते हुए सभी नियमों के मुताबिक ही हर फैसला लेंगे।टिप्पणियां
हमारे राजनैतिक संपादक मनोरंजन भारती से खास बातचीत के दौरान प्रणब मुखर्जी ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की कामयाबी पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि एक गांव के आदमी के देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच जाने से लोकतंत्र और मजबूत हुआ है।
भारत के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे प्रणब मुखर्जी ने चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक शिवसेना के सदस्यों द्वारा उन्हें वोट देने के लिए पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे का आभार भी व्यक्त किया।
हमारे राजनैतिक संपादक मनोरंजन भारती से खास बातचीत के दौरान प्रणब मुखर्जी ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की कामयाबी पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि एक गांव के आदमी के देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच जाने से लोकतंत्र और मजबूत हुआ है।
भारत के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे प्रणब मुखर्जी ने चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक शिवसेना के सदस्यों द्वारा उन्हें वोट देने के लिए पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे का आभार भी व्यक्त किया।
भारत के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे प्रणब मुखर्जी ने चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक शिवसेना के सदस्यों द्वारा उन्हें वोट देने के लिए पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे का आभार भी व्यक्त किया। | सारांश: एक खास बातचीत के दौरान प्रणब ने कहा कि एक गांव के आदमी के देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच जाने से लोकतंत्र और मजबूत हुआ है। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूनिवर्सिटी ऑॅफ ह्यूस्टन के भौतिकविदों ने पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन अलग करने का एक नया तरीका निकाला है. यह तरीका भविष्य में स्वच्छ हाइड्रोजन ईंधन तैयार करने का प्रभावी तरीका हो सकता है. यूनिवर्सिटी ने विज्ञप्ति में बताया कि यह खोज पानी से हाइड्रोजन निकालने की प्राथमिक बाधाओं में से एक को दूर करती है.
इस दल के सदस्यों में से एक पाउल सी डब्ल्यू चू ने कहा, ‘हाइड्रोजन सबसे स्वच्छ प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है. अगर कोई उत्प्रेरक की मदद से पानी में ऑक्सीजन के मजबूत बॉन्ड से हा्रक्षेजन को अलग करे तो पानी हाइड्रोजन का सबसे प्रचुर स्रोत हो सकता है. पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग करने के लिए प्रत्येक तत्व के लिए दो प्रतिक्रिया की जरूरत होती है.’ टिप्पणियां
ऑक्सीजन के हिस्से के समीकरण के लिए प्रभावी उत्प्रेरक को प्राप्त करना मुख्य परेशानी का सबब होता है, जिसके बारे में अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने अब इसे प्राप्त कर लिया है. यह उत्प्रेरक लौह मेटाफॉस्फेट और एक कंडक्टिव निकेल फोम प्लेटफॉर्म का बना होता है. अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि इन पदाथरें का मिश्रण मौजूदा समय के समाधान से ज्यादा प्रभावी और कम खर्चे वाला है.
यह परीक्षण में बहुत ज्यादा टिकाउपन भी दिखाता है क्योंकि यह 20 घंटे और 10,000 चक्रों के बाद भी बिना किसी प्रतिक्रिया के संचालित होता है. इस नए तरीके का इस्तेमाल करने का मतलब यह है कि अब बिना कार्बन उत्सर्जन के ही हाइड्रोजन उत्पादित किया जा सकता है.
इस दल के सदस्यों में से एक पाउल सी डब्ल्यू चू ने कहा, ‘हाइड्रोजन सबसे स्वच्छ प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है. अगर कोई उत्प्रेरक की मदद से पानी में ऑक्सीजन के मजबूत बॉन्ड से हा्रक्षेजन को अलग करे तो पानी हाइड्रोजन का सबसे प्रचुर स्रोत हो सकता है. पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग करने के लिए प्रत्येक तत्व के लिए दो प्रतिक्रिया की जरूरत होती है.’ टिप्पणियां
ऑक्सीजन के हिस्से के समीकरण के लिए प्रभावी उत्प्रेरक को प्राप्त करना मुख्य परेशानी का सबब होता है, जिसके बारे में अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने अब इसे प्राप्त कर लिया है. यह उत्प्रेरक लौह मेटाफॉस्फेट और एक कंडक्टिव निकेल फोम प्लेटफॉर्म का बना होता है. अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि इन पदाथरें का मिश्रण मौजूदा समय के समाधान से ज्यादा प्रभावी और कम खर्चे वाला है.
यह परीक्षण में बहुत ज्यादा टिकाउपन भी दिखाता है क्योंकि यह 20 घंटे और 10,000 चक्रों के बाद भी बिना किसी प्रतिक्रिया के संचालित होता है. इस नए तरीके का इस्तेमाल करने का मतलब यह है कि अब बिना कार्बन उत्सर्जन के ही हाइड्रोजन उत्पादित किया जा सकता है.
ऑक्सीजन के हिस्से के समीकरण के लिए प्रभावी उत्प्रेरक को प्राप्त करना मुख्य परेशानी का सबब होता है, जिसके बारे में अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने अब इसे प्राप्त कर लिया है. यह उत्प्रेरक लौह मेटाफॉस्फेट और एक कंडक्टिव निकेल फोम प्लेटफॉर्म का बना होता है. अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि इन पदाथरें का मिश्रण मौजूदा समय के समाधान से ज्यादा प्रभावी और कम खर्चे वाला है.
यह परीक्षण में बहुत ज्यादा टिकाउपन भी दिखाता है क्योंकि यह 20 घंटे और 10,000 चक्रों के बाद भी बिना किसी प्रतिक्रिया के संचालित होता है. इस नए तरीके का इस्तेमाल करने का मतलब यह है कि अब बिना कार्बन उत्सर्जन के ही हाइड्रोजन उत्पादित किया जा सकता है.
यह परीक्षण में बहुत ज्यादा टिकाउपन भी दिखाता है क्योंकि यह 20 घंटे और 10,000 चक्रों के बाद भी बिना किसी प्रतिक्रिया के संचालित होता है. इस नए तरीके का इस्तेमाल करने का मतलब यह है कि अब बिना कार्बन उत्सर्जन के ही हाइड्रोजन उत्पादित किया जा सकता है. | भविष्य में स्वच्छ हाइड्रोजन ईंधन तैयार करने का प्रभावी तरीका हो सकता है
हाइड्रोजन सबसे स्वच्छ प्राथमिक उर्जा स्रोत है
उत्प्रेरक लौह मेटाफॉस्फेट और एक कंडक्टिव निकेल फोम प्लेटफॉर्म का बना होता | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में एक शर्मनाक वाकया सामने आया है. यहां बाराबंकी में एक महिला अपने पति के साथ उप्र परिवहन की बस में यात्रा कर रही थी. इसी दौरान अचानक महिला के पति को हार्ट अटैक आ गया और बस में ही मौत हो गई. इसके बाद बस के कंडक्टर ने कथित तौर पर उनका टिकट छीन लिया और रास्ते में ही उतार दिया. रिपोर्ट के अनुसार, दंपति बुधवार रात को बहराइच से लखनऊ जाने वाली की बस में यात्रा कर रहे थे. इस दौरान बाराबंकी के निकट यात्री राजू मिश्रा (37) को दिल का दौरा पड़ा और इससे पहले उन्हें कोई चिकित्सकीय सहायता मिल पाती, उनकी मौत हो गई. लखनऊ से 25 किलो मीटर पहले बस में उनकी मौत हुई. मृतक के बड़े भाई मुरली मिश्रा ने मीडिया को बताया कि बस के परिचालक मो. सलमान और चालक जुनैद अहमद ने उनकी भाभी को भाई के शव के साथ बस से उतरने पर मजबूर कर दिया और उन्होंने उनसे बस के टिकट भी छीन लिए.
हालांकि सभी आरोपों को झूठा बताते हुए बस के कंडक्टर ने कहा कि यात्री को जरवाल रोड के पास सीने में दर्द की शिकायत हुई. उन्होंने दंपति को बताया कि एक डॉक्टर भी बस में यात्रा कर रहा है, लेकिन वह (डॉक्टर) ज्यादा मदद नहीं कर सका. जिसके बाद उन्होंने राजू को राम नगर में एक निजी चिकित्सक के पास ले जाने का फैसला किया. मो. सलमान ने कहा कि उसने रामनगर में बस रोकी और मरीज को देखने के लिए पास के क्लीनिक से डॉक्टर डी.पी सिंह को बुलाया. हालांकि राजू की मौत की पुष्टि बस में ही हो गई थी. कंडक्टर ने कहा कि उसने उत्तर प्रदेश पुलिस की डायल 100 सेवा पर भी फोन किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और इसलिए उसने राम नगर के एसओ को फोन किया और शव को बाराबंकी अस्पताल ले जाने को कहा. कंडक्टर ने आगे कहा कि उसने मृतक के अन्य रिश्तेदारों को फोन किया और महिला के रिश्तेदारों के आग्रह पर ही उसने दोनों को बस से उतारा. | संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश में सामने आया शर्मनाक वाकया
बस में यात्रा के दौरान हुई शख़्स की मौत
कंडक्टर ने महिला को शव के साथ बीच रास्ते उतारा | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजनेताओं के लिए विकास का प्रमाण देने और लोगों के दिलों तक पहुंचाने का कारगर हथियार अब कई 'किरदार' बनते जा रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की कलावती, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की जसुबेन के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुंदर नाई के जरिये राज्य में आ रहे बदलाव की कहानी सुनाई है।
राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को सागर जिले के केसली विकास खंड में थे, जहां उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में चल रही कोशिशों का जिक्र किया और युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें आर्थिक अनुदान भी देगी।
चौहान ने गांव हाट में पारंपरिक कारोबार को भी प्रोत्साहित करने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण हाट बनेगी, जहां प्रेस करने वालों, बढ़ई, कुम्हार, सैलून और मोची आदि के लिए सात-आठ दुकानें होंगी। इस दौरान वे अपने गांव के सुंदर नाई का किस्सा सुनाने से भी नहीं चूके।
उन्होंने बताया कि बात कुछ साल पुरानी है, उनके पैतृक गांव जैत के कुछ युवा बाल कटवाने भोपाल आए और उनसे मिलने भी चले आए। जब युवाओं ने उन्हें बताया कि वे गांव से बाल कटवाने भोपाल आए हैं, तो चौहान ने अपने गांव के सुंदर नाई का जिक्र किया। इस पर युवाओं का कहना था कि यहां के सैलून में तरह-तरह की सुविधाएं हैं, जो सुंदर नाई के पास नहीं है।
चौहान ने कहा कि वह चाहते हैं कि गांव में भी शहरों जैसी सुविधाएं मिलें, इसलिए गांव के कारीगरों को गांव में ही रोजगार दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन कारीगरों को सरकार द्वारा गारंटी लेकर 50 हजार रुपये तक का कर्ज दिलाया जाएगा, जिस पर 10 हजार रुपये की छूट दी जाएगी। टिप्पणियां
चौहान तीसरे ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने किरदार के जरिये अपनी बात कही है। इससे पहले राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की कलावती के जरिए संसद में गरीबी और समस्या का जिक्र किया था, तो दो दिन पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी ने जसुबेन के जरिये गुजरात के विकास का बखान किया था।
बहरहाल, किरदार के सहारे बात कहने के बढ़ते चलन पर लोग कहने लगे हैं कि नेताओं को अपनी बात की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अब जनता को प्रमाण भी देना पड़ रहा है।
चौहान ने गांव हाट में पारंपरिक कारोबार को भी प्रोत्साहित करने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण हाट बनेगी, जहां प्रेस करने वालों, बढ़ई, कुम्हार, सैलून और मोची आदि के लिए सात-आठ दुकानें होंगी। इस दौरान वे अपने गांव के सुंदर नाई का किस्सा सुनाने से भी नहीं चूके।
उन्होंने बताया कि बात कुछ साल पुरानी है, उनके पैतृक गांव जैत के कुछ युवा बाल कटवाने भोपाल आए और उनसे मिलने भी चले आए। जब युवाओं ने उन्हें बताया कि वे गांव से बाल कटवाने भोपाल आए हैं, तो चौहान ने अपने गांव के सुंदर नाई का जिक्र किया। इस पर युवाओं का कहना था कि यहां के सैलून में तरह-तरह की सुविधाएं हैं, जो सुंदर नाई के पास नहीं है।
चौहान ने कहा कि वह चाहते हैं कि गांव में भी शहरों जैसी सुविधाएं मिलें, इसलिए गांव के कारीगरों को गांव में ही रोजगार दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन कारीगरों को सरकार द्वारा गारंटी लेकर 50 हजार रुपये तक का कर्ज दिलाया जाएगा, जिस पर 10 हजार रुपये की छूट दी जाएगी। टिप्पणियां
चौहान तीसरे ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने किरदार के जरिये अपनी बात कही है। इससे पहले राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की कलावती के जरिए संसद में गरीबी और समस्या का जिक्र किया था, तो दो दिन पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी ने जसुबेन के जरिये गुजरात के विकास का बखान किया था।
बहरहाल, किरदार के सहारे बात कहने के बढ़ते चलन पर लोग कहने लगे हैं कि नेताओं को अपनी बात की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अब जनता को प्रमाण भी देना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि बात कुछ साल पुरानी है, उनके पैतृक गांव जैत के कुछ युवा बाल कटवाने भोपाल आए और उनसे मिलने भी चले आए। जब युवाओं ने उन्हें बताया कि वे गांव से बाल कटवाने भोपाल आए हैं, तो चौहान ने अपने गांव के सुंदर नाई का जिक्र किया। इस पर युवाओं का कहना था कि यहां के सैलून में तरह-तरह की सुविधाएं हैं, जो सुंदर नाई के पास नहीं है।
चौहान ने कहा कि वह चाहते हैं कि गांव में भी शहरों जैसी सुविधाएं मिलें, इसलिए गांव के कारीगरों को गांव में ही रोजगार दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन कारीगरों को सरकार द्वारा गारंटी लेकर 50 हजार रुपये तक का कर्ज दिलाया जाएगा, जिस पर 10 हजार रुपये की छूट दी जाएगी। टिप्पणियां
चौहान तीसरे ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने किरदार के जरिये अपनी बात कही है। इससे पहले राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की कलावती के जरिए संसद में गरीबी और समस्या का जिक्र किया था, तो दो दिन पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी ने जसुबेन के जरिये गुजरात के विकास का बखान किया था।
बहरहाल, किरदार के सहारे बात कहने के बढ़ते चलन पर लोग कहने लगे हैं कि नेताओं को अपनी बात की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अब जनता को प्रमाण भी देना पड़ रहा है।
चौहान ने कहा कि वह चाहते हैं कि गांव में भी शहरों जैसी सुविधाएं मिलें, इसलिए गांव के कारीगरों को गांव में ही रोजगार दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन कारीगरों को सरकार द्वारा गारंटी लेकर 50 हजार रुपये तक का कर्ज दिलाया जाएगा, जिस पर 10 हजार रुपये की छूट दी जाएगी। टिप्पणियां
चौहान तीसरे ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने किरदार के जरिये अपनी बात कही है। इससे पहले राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की कलावती के जरिए संसद में गरीबी और समस्या का जिक्र किया था, तो दो दिन पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी ने जसुबेन के जरिये गुजरात के विकास का बखान किया था।
बहरहाल, किरदार के सहारे बात कहने के बढ़ते चलन पर लोग कहने लगे हैं कि नेताओं को अपनी बात की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अब जनता को प्रमाण भी देना पड़ रहा है।
चौहान तीसरे ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने किरदार के जरिये अपनी बात कही है। इससे पहले राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की कलावती के जरिए संसद में गरीबी और समस्या का जिक्र किया था, तो दो दिन पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी ने जसुबेन के जरिये गुजरात के विकास का बखान किया था।
बहरहाल, किरदार के सहारे बात कहने के बढ़ते चलन पर लोग कहने लगे हैं कि नेताओं को अपनी बात की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अब जनता को प्रमाण भी देना पड़ रहा है।
बहरहाल, किरदार के सहारे बात कहने के बढ़ते चलन पर लोग कहने लगे हैं कि नेताओं को अपनी बात की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अब जनता को प्रमाण भी देना पड़ रहा है। | सारांश: कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की कलावती, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की जसुबेन के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुंदर नाई के जरिये राज्य में आ रहे बदलाव की कहानी सुनाई है। | 31 | ['hin'] |
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