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इस पाठ का सारांश बनाएं: इटली के नागरिक पाउलो बोसुस्को और बीजेडी के विधायक झीना हिक्का की रिहाई में अभी और समय लग सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री नवीन  पटनायक ने साफ किया कि रिहाई के लिए रखी गई नक्सलियों की शर्तों पर विचार करने के लिए थोड़े और वक्त की जरूरत है। हांलाकि मुख्यमंत्री ने यह साफ नहीं किया कि दोनों की रिहाई के लिए मध्यस्थों से रुकी हुई बातचीत कब शुरू होगी। इधर मुख्यमंत्री की मांग पर मध्यस्थ इंतजार करने के लिए तैयार हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने नवीन पटनायक ने कोरापुट में सक्रिय चासी मुलिया आदिवासी संघ से झीना हिक्का और पाउलो बोसुस्को की रिहाई की कोशिशों में मदद करने की अपील की है। हांलाकि मुख्यमंत्री ने यह साफ नहीं किया कि दोनों की रिहाई के लिए मध्यस्थों से रुकी हुई बातचीत कब शुरू होगी। इधर मुख्यमंत्री की मांग पर मध्यस्थ इंतजार करने के लिए तैयार हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने नवीन पटनायक ने कोरापुट में सक्रिय चासी मुलिया आदिवासी संघ से झीना हिक्का और पाउलो बोसुस्को की रिहाई की कोशिशों में मदद करने की अपील की है।
संक्षिप्त पाठ: इटली के नागरिक पाउलो बोसुस्को और बीजेडी के विधायक झीना हिक्का की रिहाई में अभी और समय लग सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने साफ किया कि रिहाई के लिए रखी गई नक्सलियों की शर्तों पर विचार करने के लिए थोड़े और वक्त की जरूरत है।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि आर्थिक वृद्धि हमेशा ही केन्द्रीय बैंक की सोच विचार का हिस्सा रही है लेकिन फिलहाल उसका ज्यादा ध्यान मुद्रास्फीति को संतुलित स्तर पर लाने की तरफ है। सुब्बाराव ने कहा कि यदि आर्थिक वृद्धि की दर लगातार आठ प्रतिशत से नीचे रहती है तो वह सख्त मौद्रिक नीति से पीछे हट जाएगा। रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए आर्थिक वृद्धि को नजरंदाज कर रहा है उन्होंने इन आरोपों और आशंकाओं को दूर किया। मौद्रिक एवं ऋण नीति की पहली तिमाही समीक्षा जारी करने के बाद संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए सुब्बाराव ने कहा,  मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आर्थिक वृद्धि रिजर्व बैंक की पॉलिसी राडार से कभी भी दूर नहीं रही है। हम हमेशा ही इसकी चिंता करते हैं। लेकिन हमें आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बिठाना है और फिलहाल मुद्रास्फीति हमारी सहज स्थिति से ऊंची है। सुब्बाराव ने कहा, यदि हम आठ प्रतिशत को आर्थिक वृद्धि का रुझान मानकर चलें और यदि यह लगातार इससे नीचे रहती है तो फिर हमारी नीति का झुकाव दूसरी तरफ हो सकता है। हालांकि, उन्होंने तुरंत इसमें यह भी जोड़ दिया कि आर्थिक वृद्धि के एक बार आठ प्रतिशत से नीचे आने से रिजर्व बैंक की नीति नहीं बदलेगी। सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की वृद्धि दर अब कुछ ही मौकों पर आठ प्रतिशत से नीचे रही है। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में और वित्त वर्ष 2008-09 में जब वैश्विक वित्तीय संकट का दौर था यह आठ प्रतिशत से नीचे रही।
सारांश: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि आर्थिक वृद्धि हमेशा ही सोच-विचार का हिस्सा रही है लेकिन फिलहाल ध्यान मुद्रास्फीति पर है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: न्यूजर्सी में एक गैस स्टेशन में काम करने वाले 40 वर्षीय-सिख सुरिन्दर सिंह गोली मारकर हत्या कर दी गई। न्यूजर्सी की स्थानीय पुलिस ने सुरिन्दर की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के बारे में सूचना देने वाले को 8,000 डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है। भारत के मूल निवासी सिंह की उम्र 40 साल थी और पिछले 14 साल से वह वुडबरी स्थित गार्डन स्टेट फ्यूल में सहायक का काम करते थे। सिंह की हत्या के दो आरोपियों की न्यूजर्सी में व्यापक तलाश की जा रही है। पुलिस ने एक संदिग्ध का स्केच भी जारी किया है।टिप्पणियां बताया जाता है कि दो आरोपियों में से एक अश्वेत पुरुष है, जिसका वजन करीब 150 पाउंड, लंबाई 5 फुट 7 इंच है और उसके पास एक छोटी हैंडगन थी। हत्या के बाद आरोपी छोटी गाड़ी में बैठ कर भाग गए। पुलिस के अनुसार, सिंह को दो गोलियां मारी गईं। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने एक बयान में आरोप लगाया है कि अमेरिकी कानून एजेंसियां देश में सिख समुदाय की जानमाल की रक्षा करने में नाकाम हैं। भारत के मूल निवासी सिंह की उम्र 40 साल थी और पिछले 14 साल से वह वुडबरी स्थित गार्डन स्टेट फ्यूल में सहायक का काम करते थे। सिंह की हत्या के दो आरोपियों की न्यूजर्सी में व्यापक तलाश की जा रही है। पुलिस ने एक संदिग्ध का स्केच भी जारी किया है।टिप्पणियां बताया जाता है कि दो आरोपियों में से एक अश्वेत पुरुष है, जिसका वजन करीब 150 पाउंड, लंबाई 5 फुट 7 इंच है और उसके पास एक छोटी हैंडगन थी। हत्या के बाद आरोपी छोटी गाड़ी में बैठ कर भाग गए। पुलिस के अनुसार, सिंह को दो गोलियां मारी गईं। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने एक बयान में आरोप लगाया है कि अमेरिकी कानून एजेंसियां देश में सिख समुदाय की जानमाल की रक्षा करने में नाकाम हैं। बताया जाता है कि दो आरोपियों में से एक अश्वेत पुरुष है, जिसका वजन करीब 150 पाउंड, लंबाई 5 फुट 7 इंच है और उसके पास एक छोटी हैंडगन थी। हत्या के बाद आरोपी छोटी गाड़ी में बैठ कर भाग गए। पुलिस के अनुसार, सिंह को दो गोलियां मारी गईं। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने एक बयान में आरोप लगाया है कि अमेरिकी कानून एजेंसियां देश में सिख समुदाय की जानमाल की रक्षा करने में नाकाम हैं। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने एक बयान में आरोप लगाया है कि अमेरिकी कानून एजेंसियां देश में सिख समुदाय की जानमाल की रक्षा करने में नाकाम हैं।
न्यूजर्सी की स्थानीय पुलिस ने सुरिन्दर सिंह की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के बारे में सूचना देने वाले को 8,000 डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चिट फंड कांड ममता सरकार की गले की फांस बनता नज़र आ रहा है। कोलकाता समेत पूरे राज्य में ठगे गए लाखों लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात को देखते हुए ममता सरकार ने सोमवार को एक हाईलेवल मीटिंग बुलाई है। बताया जा रहा है कि सरकार चिट फंड पर अध्यादेश भी ला सकती है। शारदा ग्रुप की ठगी का शिकार हुई एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इस महिला ने शारदा ग्रुप में 30 हज़ार रुपये जमा किए थे। लोगों को शारदा ग्रुप ने नकद जमा पर बैंकों से ज्यादा रिटर्न देने का झांसा दिया।टिप्पणियां मामले पर राज्य में सियासत गरमा गई है। विपक्ष ममता सरकार पर शारदा ग्रुप से संबंध का आरोप लगा रही है जबकि सत्तारूढ़ टीएमसी का कहना है कि लेफ्ट के शासनकाल में ही चिट फंड कंपनियों का विस्तार हुआ। शारदा ग्रुप के चेयरमैन सुदीप्तो सेन फरार चल रहे हैं, वहीं शारदा ग्रुप के एजेंट्स कोलकाता में विरोध मार्च निकालेंगे। बताया जा रहा है कि सरकार चिट फंड पर अध्यादेश भी ला सकती है। शारदा ग्रुप की ठगी का शिकार हुई एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इस महिला ने शारदा ग्रुप में 30 हज़ार रुपये जमा किए थे। लोगों को शारदा ग्रुप ने नकद जमा पर बैंकों से ज्यादा रिटर्न देने का झांसा दिया।टिप्पणियां मामले पर राज्य में सियासत गरमा गई है। विपक्ष ममता सरकार पर शारदा ग्रुप से संबंध का आरोप लगा रही है जबकि सत्तारूढ़ टीएमसी का कहना है कि लेफ्ट के शासनकाल में ही चिट फंड कंपनियों का विस्तार हुआ। शारदा ग्रुप के चेयरमैन सुदीप्तो सेन फरार चल रहे हैं, वहीं शारदा ग्रुप के एजेंट्स कोलकाता में विरोध मार्च निकालेंगे। मामले पर राज्य में सियासत गरमा गई है। विपक्ष ममता सरकार पर शारदा ग्रुप से संबंध का आरोप लगा रही है जबकि सत्तारूढ़ टीएमसी का कहना है कि लेफ्ट के शासनकाल में ही चिट फंड कंपनियों का विस्तार हुआ। शारदा ग्रुप के चेयरमैन सुदीप्तो सेन फरार चल रहे हैं, वहीं शारदा ग्रुप के एजेंट्स कोलकाता में विरोध मार्च निकालेंगे। शारदा ग्रुप के चेयरमैन सुदीप्तो सेन फरार चल रहे हैं, वहीं शारदा ग्रुप के एजेंट्स कोलकाता में विरोध मार्च निकालेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चिट फंड कांड ममता सरकार की गले की फांस बनता नज़र आ रहा है। कोलकाता समेत पूरे राज्य में ठगे गए लाखों लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात को देखते हुए ममता सरकार ने सोमवार को एक हाईलेवल मीटिंग बुलाई है।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार 500 व 2000 रुपये के बैंक नोटों के सुरक्षा फीचर में हर 3-4 साल में बदलाव करने की सोच रही है ताकि जाली नोटों की समस्या पर लगाम लगाई जा सके. सरकार ने नोटबंदी के बाद पिछले चार महीने में भारी मात्रा में जाली मुद्रा पकड़ने जाने के मद्देनजर यह फैसला किया है. सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे पर गुरुवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा हुई. बैठक में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि सहित वित्त व गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे. इस कदम का समर्थन करते हुए गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर विकसित देश अपने मुद्रा नोटों में सुरक्षा फीचर हर 3-4 साल में बदल देते हैं. भारत के लिए इस नीति का पालन करना अनिवार्य है.टिप्पणियां भारतीय नोटों के डिजाइन में बदलाव लंबे समय से लंबित है. वर्ष 2000 में 1000 रुपये का नोट पेश किया गया था तथा उसके बाद नोटबंदी तक उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया. वहीं 1987 में पेश 500 रपये का नोट पेश किया और उसमें बदलाव एक दशक पहले किया गया था. अधिकारियों का कहना है कि नये मुद्रा नोटों में भी अतिरिक्त सुरक्षा फीचर नहीं हैं. हाल ही में पकड़े गए जाली नोटों में पाया गया है कि 17 सुरक्षा फीचर में से कम से कम 11 की नकल की गई है. इस कदम का समर्थन करते हुए गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर विकसित देश अपने मुद्रा नोटों में सुरक्षा फीचर हर 3-4 साल में बदल देते हैं. भारत के लिए इस नीति का पालन करना अनिवार्य है.टिप्पणियां भारतीय नोटों के डिजाइन में बदलाव लंबे समय से लंबित है. वर्ष 2000 में 1000 रुपये का नोट पेश किया गया था तथा उसके बाद नोटबंदी तक उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया. वहीं 1987 में पेश 500 रपये का नोट पेश किया और उसमें बदलाव एक दशक पहले किया गया था. अधिकारियों का कहना है कि नये मुद्रा नोटों में भी अतिरिक्त सुरक्षा फीचर नहीं हैं. हाल ही में पकड़े गए जाली नोटों में पाया गया है कि 17 सुरक्षा फीचर में से कम से कम 11 की नकल की गई है. भारतीय नोटों के डिजाइन में बदलाव लंबे समय से लंबित है. वर्ष 2000 में 1000 रुपये का नोट पेश किया गया था तथा उसके बाद नोटबंदी तक उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया. वहीं 1987 में पेश 500 रपये का नोट पेश किया और उसमें बदलाव एक दशक पहले किया गया था. अधिकारियों का कहना है कि नये मुद्रा नोटों में भी अतिरिक्त सुरक्षा फीचर नहीं हैं. हाल ही में पकड़े गए जाली नोटों में पाया गया है कि 17 सुरक्षा फीचर में से कम से कम 11 की नकल की गई है. अधिकारियों का कहना है कि नये मुद्रा नोटों में भी अतिरिक्त सुरक्षा फीचर नहीं हैं. हाल ही में पकड़े गए जाली नोटों में पाया गया है कि 17 सुरक्षा फीचर में से कम से कम 11 की नकल की गई है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पिछले चार महीने में भारी मात्रा में जाली मुद्रा पकड़ी गई इस मुद्दे पर गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा हुई. ज्यादातर विकसित देश मुद्रा नोटों में सुरक्षा फीचर हर 3-4 साल में बदलते है
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले दो दिनों में देश की राजनीति दिल्ली और कोलकाता के बीच सिमट के रह गई है। ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र की यूपीए सरकार से समर्थन वापसी का ऐलान किया था और आज एक बार फिर उन्होंने कहा कि वह अपने निर्णय के साथ हैं। केंद्र पर उन्होंने झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएमओ ने कभी भी उनसे संपर्क करने की कोशिश नहीं की। ममता ने एक बार फिर डीजल, एफडीआई और एलपीजी सिलेंडर पर अपनी बात दोहराई। गौरतलब है कि बुधवार को वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि ममता बनर्जी से पीएम मनमोहन सिंह ने चार दिन पहले बात करने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। चिदंबरम का कहना है कि पीएम ने मैसेज भी किया, लेकिन ममता की ओर कोई जवाब तक नहीं आया। ममता ने कहा कि साल में 24 सिलेंडर दिए जाने की टीएमसी ने मांग की है। उनका कहना है कि एक बड़ा परिवार छह सिलेंडर से कैसे गुजारा कर सकता है। आर्थिक सुधारों की बात पर ममता ने कहा कि 1992 से लेकर आप 2012 तक आर्थिक सुधार कर रहे हैं और आप अब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार को दोषी बता रहे हैं। यूपीए पर पिछली बार डीजल के दाम आठ रुपये बढ़ाने और फिर दो रुपये कम करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि यह नया तरीका है। वह कहते हैं कि गरीबों की मदद कर रहे हैं। ममता ने पूछा कि आखिर इससे गरीबों का कैसे भला होगा। उनका कहना है कि खाद के दाम पहले ही 75 फीसदी तक बढ़ चुके हैं, कोयला के दाम 40 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रणब मुखर्जी के वित्तमंत्री रहते हुए वादा किया गया था कि रिटेल में एफडीआई पर फैसला सभी दलों से बात करके लिया जाएगा, लेकिन, अभी ऐसा नहीं किया गया।टिप्पणियां पीएमओ पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि अगर उन्हें एफडीआई पर बात करनी थी तो मीडिया में यह कही जा सकती थी। उनका कहना है कि राज्यों से एकत्र टैक्स का अधिकतर हिस्सा केंद्र के पास चला जाता है। तब राज्य किस प्रकार जनहितकारी योजनाओं को लागू करें। ममता ने सभी दलों से बंद की राजनीति से ऊपर उठने की अपील की। केंद्र पर उन्होंने झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएमओ ने कभी भी उनसे संपर्क करने की कोशिश नहीं की। ममता ने एक बार फिर डीजल, एफडीआई और एलपीजी सिलेंडर पर अपनी बात दोहराई। गौरतलब है कि बुधवार को वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि ममता बनर्जी से पीएम मनमोहन सिंह ने चार दिन पहले बात करने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। चिदंबरम का कहना है कि पीएम ने मैसेज भी किया, लेकिन ममता की ओर कोई जवाब तक नहीं आया। ममता ने कहा कि साल में 24 सिलेंडर दिए जाने की टीएमसी ने मांग की है। उनका कहना है कि एक बड़ा परिवार छह सिलेंडर से कैसे गुजारा कर सकता है। आर्थिक सुधारों की बात पर ममता ने कहा कि 1992 से लेकर आप 2012 तक आर्थिक सुधार कर रहे हैं और आप अब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार को दोषी बता रहे हैं। यूपीए पर पिछली बार डीजल के दाम आठ रुपये बढ़ाने और फिर दो रुपये कम करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि यह नया तरीका है। वह कहते हैं कि गरीबों की मदद कर रहे हैं। ममता ने पूछा कि आखिर इससे गरीबों का कैसे भला होगा। उनका कहना है कि खाद के दाम पहले ही 75 फीसदी तक बढ़ चुके हैं, कोयला के दाम 40 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रणब मुखर्जी के वित्तमंत्री रहते हुए वादा किया गया था कि रिटेल में एफडीआई पर फैसला सभी दलों से बात करके लिया जाएगा, लेकिन, अभी ऐसा नहीं किया गया।टिप्पणियां पीएमओ पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि अगर उन्हें एफडीआई पर बात करनी थी तो मीडिया में यह कही जा सकती थी। उनका कहना है कि राज्यों से एकत्र टैक्स का अधिकतर हिस्सा केंद्र के पास चला जाता है। तब राज्य किस प्रकार जनहितकारी योजनाओं को लागू करें। ममता ने सभी दलों से बंद की राजनीति से ऊपर उठने की अपील की। गौरतलब है कि बुधवार को वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि ममता बनर्जी से पीएम मनमोहन सिंह ने चार दिन पहले बात करने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। चिदंबरम का कहना है कि पीएम ने मैसेज भी किया, लेकिन ममता की ओर कोई जवाब तक नहीं आया। ममता ने कहा कि साल में 24 सिलेंडर दिए जाने की टीएमसी ने मांग की है। उनका कहना है कि एक बड़ा परिवार छह सिलेंडर से कैसे गुजारा कर सकता है। आर्थिक सुधारों की बात पर ममता ने कहा कि 1992 से लेकर आप 2012 तक आर्थिक सुधार कर रहे हैं और आप अब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार को दोषी बता रहे हैं। यूपीए पर पिछली बार डीजल के दाम आठ रुपये बढ़ाने और फिर दो रुपये कम करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि यह नया तरीका है। वह कहते हैं कि गरीबों की मदद कर रहे हैं। ममता ने पूछा कि आखिर इससे गरीबों का कैसे भला होगा। उनका कहना है कि खाद के दाम पहले ही 75 फीसदी तक बढ़ चुके हैं, कोयला के दाम 40 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रणब मुखर्जी के वित्तमंत्री रहते हुए वादा किया गया था कि रिटेल में एफडीआई पर फैसला सभी दलों से बात करके लिया जाएगा, लेकिन, अभी ऐसा नहीं किया गया।टिप्पणियां पीएमओ पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि अगर उन्हें एफडीआई पर बात करनी थी तो मीडिया में यह कही जा सकती थी। उनका कहना है कि राज्यों से एकत्र टैक्स का अधिकतर हिस्सा केंद्र के पास चला जाता है। तब राज्य किस प्रकार जनहितकारी योजनाओं को लागू करें। ममता ने सभी दलों से बंद की राजनीति से ऊपर उठने की अपील की। ममता ने कहा कि साल में 24 सिलेंडर दिए जाने की टीएमसी ने मांग की है। उनका कहना है कि एक बड़ा परिवार छह सिलेंडर से कैसे गुजारा कर सकता है। आर्थिक सुधारों की बात पर ममता ने कहा कि 1992 से लेकर आप 2012 तक आर्थिक सुधार कर रहे हैं और आप अब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार को दोषी बता रहे हैं। यूपीए पर पिछली बार डीजल के दाम आठ रुपये बढ़ाने और फिर दो रुपये कम करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि यह नया तरीका है। वह कहते हैं कि गरीबों की मदद कर रहे हैं। ममता ने पूछा कि आखिर इससे गरीबों का कैसे भला होगा। उनका कहना है कि खाद के दाम पहले ही 75 फीसदी तक बढ़ चुके हैं, कोयला के दाम 40 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रणब मुखर्जी के वित्तमंत्री रहते हुए वादा किया गया था कि रिटेल में एफडीआई पर फैसला सभी दलों से बात करके लिया जाएगा, लेकिन, अभी ऐसा नहीं किया गया।टिप्पणियां पीएमओ पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि अगर उन्हें एफडीआई पर बात करनी थी तो मीडिया में यह कही जा सकती थी। उनका कहना है कि राज्यों से एकत्र टैक्स का अधिकतर हिस्सा केंद्र के पास चला जाता है। तब राज्य किस प्रकार जनहितकारी योजनाओं को लागू करें। ममता ने सभी दलों से बंद की राजनीति से ऊपर उठने की अपील की। यूपीए पर पिछली बार डीजल के दाम आठ रुपये बढ़ाने और फिर दो रुपये कम करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि यह नया तरीका है। वह कहते हैं कि गरीबों की मदद कर रहे हैं। ममता ने पूछा कि आखिर इससे गरीबों का कैसे भला होगा। उनका कहना है कि खाद के दाम पहले ही 75 फीसदी तक बढ़ चुके हैं, कोयला के दाम 40 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रणब मुखर्जी के वित्तमंत्री रहते हुए वादा किया गया था कि रिटेल में एफडीआई पर फैसला सभी दलों से बात करके लिया जाएगा, लेकिन, अभी ऐसा नहीं किया गया।टिप्पणियां पीएमओ पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि अगर उन्हें एफडीआई पर बात करनी थी तो मीडिया में यह कही जा सकती थी। उनका कहना है कि राज्यों से एकत्र टैक्स का अधिकतर हिस्सा केंद्र के पास चला जाता है। तब राज्य किस प्रकार जनहितकारी योजनाओं को लागू करें। ममता ने सभी दलों से बंद की राजनीति से ऊपर उठने की अपील की। उनका कहना है कि खाद के दाम पहले ही 75 फीसदी तक बढ़ चुके हैं, कोयला के दाम 40 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रणब मुखर्जी के वित्तमंत्री रहते हुए वादा किया गया था कि रिटेल में एफडीआई पर फैसला सभी दलों से बात करके लिया जाएगा, लेकिन, अभी ऐसा नहीं किया गया।टिप्पणियां पीएमओ पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि अगर उन्हें एफडीआई पर बात करनी थी तो मीडिया में यह कही जा सकती थी। उनका कहना है कि राज्यों से एकत्र टैक्स का अधिकतर हिस्सा केंद्र के पास चला जाता है। तब राज्य किस प्रकार जनहितकारी योजनाओं को लागू करें। ममता ने सभी दलों से बंद की राजनीति से ऊपर उठने की अपील की। पीएमओ पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि अगर उन्हें एफडीआई पर बात करनी थी तो मीडिया में यह कही जा सकती थी। उनका कहना है कि राज्यों से एकत्र टैक्स का अधिकतर हिस्सा केंद्र के पास चला जाता है। तब राज्य किस प्रकार जनहितकारी योजनाओं को लागू करें। ममता ने सभी दलों से बंद की राजनीति से ऊपर उठने की अपील की। उनका कहना है कि राज्यों से एकत्र टैक्स का अधिकतर हिस्सा केंद्र के पास चला जाता है। तब राज्य किस प्रकार जनहितकारी योजनाओं को लागू करें। ममता ने सभी दलों से बंद की राजनीति से ऊपर उठने की अपील की।
यह एक सारांश है: केंद्र पर ममता ने झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएमओ ने कभी भी उनसे संपर्क करने की कोशिश नहीं की। ममता ने एक बार फिर डीजल, एफडीआई और एलपीजी सिलेंडर पर अपनी बात दोहराई।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: JEE Main Result कुछ ही दिनों में जारी कर दिया जाएगा. NTA के एक अधिकारी ने NDTV को बताया कि जेईई मेन परीक्षा का रिजल्ट (JEE Main Result 2019) एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा. जेईई मेन अप्रैल परीक्षा का रिजल्ट (JEE Main April Result) ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nic.in पर आएगा. स्टूडेंट्स को रिजल्ट SMS या ईमेल के माध्यम से नहीं भेजा जाएगा, ऐसे में स्टूडेंट्स सिर्फ ऑनलाइन अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे. JEE Main Exam साल में 2 बार आयोजित की जाती है. इस साल पहली परीक्षा जनवरी में आयोजित की गई थी. जबकि दूसरी परीक्षा अप्रैल में हुई थी. JEE Main 2019 April  एग्जाम 7,8, 9, 10 और 12 अप्रैल को आयोजित किया गया था. अप्रैल में हुई परीक्षा के लिए  11 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन किया था. बता दें कि JEE Main परीक्षा के लिए जनवरी में 9,35,741 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था.  उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलों कर अपना रिजल्ट (JEE Main 2019 Result) चेक कर पाएंगे. - उम्मीदवार रिजल्ट चेक करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.JEE Main April Result - अब रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें. - नया पेज खुलने पर रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से लॉग इन करें. - अब आप अपना रिजल्ट देख सकते हैं. - उम्मीदवार अपने रिजल्ट का प्रिंट ऑउट भी ले सकते हैं.
यह एक सारांश है: जेईई मेन रिजल्ट में अभी समय लग सकता है. जेईई मेन रिजल्ट 30 अप्रैल के बाद आने की उम्मीद है. परीक्षा अप्रैल में हुई थी.
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: कार्बन स्मार्ट चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 तकनीकी समिति ने कोलकाता नाइट राइडर्स को बुधवार को अपनी टीम में परिवर्तन की इजाजत दे दी। इसके तहत लक्ष्मी रतन शुक्ला के स्थान पर देबब्रत दास को टीम में जगह दी जा सकती है।टिप्पणियां चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 तकनीकी समिति के बयान के मुताबिक शुक्ला भारत में ही बना रहेंगे और दक्षिण अफ्रीका नहीं जा सकेंगे। वह पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण इस आयोजन से अलग होना चाह रहे थे। इसके बाद 26 साल के बल्लेबाज दास को टीम में जगह मिल गई है। नाइट राइडर्स मौजूदा आईपीएल चैम्पियन की हैसियत से पहली बार चैम्पियंस लीग में हिस्सा लेगा। उसका पहला मैच 13 अक्टूबर को सेंचुरियन में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के साथ है। डेयरडेविल्स भी आईपीएल की टीम है। चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 तकनीकी समिति के बयान के मुताबिक शुक्ला भारत में ही बना रहेंगे और दक्षिण अफ्रीका नहीं जा सकेंगे। वह पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण इस आयोजन से अलग होना चाह रहे थे। इसके बाद 26 साल के बल्लेबाज दास को टीम में जगह मिल गई है। नाइट राइडर्स मौजूदा आईपीएल चैम्पियन की हैसियत से पहली बार चैम्पियंस लीग में हिस्सा लेगा। उसका पहला मैच 13 अक्टूबर को सेंचुरियन में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के साथ है। डेयरडेविल्स भी आईपीएल की टीम है। इसके बाद 26 साल के बल्लेबाज दास को टीम में जगह मिल गई है। नाइट राइडर्स मौजूदा आईपीएल चैम्पियन की हैसियत से पहली बार चैम्पियंस लीग में हिस्सा लेगा। उसका पहला मैच 13 अक्टूबर को सेंचुरियन में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के साथ है। डेयरडेविल्स भी आईपीएल की टीम है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कार्बन स्मार्ट चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 तकनीकी समिति ने कोलकाता नाइट राइडर्स को बुधवार को अपनी टीम में परिवर्तन की इजाजत दे दी। इसके तहत लक्ष्मी रतन शुक्ला के स्थान पर देबब्रत दास को टीम में जगह दी जा सकती है।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईएसआई का खौफ बढ़ता जा रहा है. यह सब देखने के बाद जॉन निक्सन को एहसास हो रहा की सद्दाम हुसैन सही थे. इराक पर शासन करना इतना आसान नहीं है. सबसे बड़ी बात यह है कि जॉन निक्सन ने अपनी किताब में लिखा है कि अब उन्हें लगता है सद्दाम हुसैन को इराक को शासन करने के लिए छोड़ देना चाहिए था. अगर सद्दाम हुसैन होते तो शायद इराक़ का अब जो हाल है वह नहीं होता. निक्सन लिखते हैं कि सद्दाम हुसैन निर्दयी राष्ट्रपति ज़रूर थे लेकिन इराक़ जैसे राष्ट्र का शाषन करने के लिए उन्हीं के जैसा राष्ट्रपति होना चाहिए था. निक्सन मानते है अगर सद्दाम हुसैन होते तो आज इराक में आईएसआईएस का खौफ नहीं होता.टिप्पणियां निक्सन ने अपने किताब में लिखा है कि 2003 में सद्दाम हुसैन राष्ट्रपति ज़रूर थे लेकिन सरकार के रोज़ के कामकाज में उसका कोई लेना देना नहीं था. सरकार चलाने में उनका कोई हाथ नहीं था और ज्यादा से ज्यादा समय वह एक किताब लिखने में बिताते थे. उन्हें पता नहीं था कि इराक़ के अंदर क्या चल रहा है. निक्सन ने अपनी किताब में लिखा है कि सद्दाम हुसैन ने उन्हें बताया था कि अमेरिका के सैनिक उनसे किताब लिखने की सामग्री उठा ले गए थे जिसकी वजह से वह अपनी किताब पूरी नहीं कर पाए थे. निक्सन ने लिखा कि सद्दाम हुसैन ज़रूर एक तानाशाह थे लेकिन वह इस मिशन के साथ आगे नहीं बढ़ रहे थे कि दुनिया को ख़त्म कर दिया जाए. फिर भी अमेरिका ने इस सोच के साथ इराक़ पर हमला बोल दिया था कि सद्दाम हुसैन पूरी दुनिया के लिए खतरा है. निक्सन ने अपने किताब में लिखा है कि 2003 में सद्दाम हुसैन राष्ट्रपति ज़रूर थे लेकिन सरकार के रोज़ के कामकाज में उसका कोई लेना देना नहीं था. सरकार चलाने में उनका कोई हाथ नहीं था और ज्यादा से ज्यादा समय वह एक किताब लिखने में बिताते थे. उन्हें पता नहीं था कि इराक़ के अंदर क्या चल रहा है. निक्सन ने अपनी किताब में लिखा है कि सद्दाम हुसैन ने उन्हें बताया था कि अमेरिका के सैनिक उनसे किताब लिखने की सामग्री उठा ले गए थे जिसकी वजह से वह अपनी किताब पूरी नहीं कर पाए थे. निक्सन ने लिखा कि सद्दाम हुसैन ज़रूर एक तानाशाह थे लेकिन वह इस मिशन के साथ आगे नहीं बढ़ रहे थे कि दुनिया को ख़त्म कर दिया जाए. फिर भी अमेरिका ने इस सोच के साथ इराक़ पर हमला बोल दिया था कि सद्दाम हुसैन पूरी दुनिया के लिए खतरा है. निक्सन ने अपनी किताब में लिखा है कि सद्दाम हुसैन ने उन्हें बताया था कि अमेरिका के सैनिक उनसे किताब लिखने की सामग्री उठा ले गए थे जिसकी वजह से वह अपनी किताब पूरी नहीं कर पाए थे. निक्सन ने लिखा कि सद्दाम हुसैन ज़रूर एक तानाशाह थे लेकिन वह इस मिशन के साथ आगे नहीं बढ़ रहे थे कि दुनिया को ख़त्म कर दिया जाए. फिर भी अमेरिका ने इस सोच के साथ इराक़ पर हमला बोल दिया था कि सद्दाम हुसैन पूरी दुनिया के लिए खतरा है.
संक्षिप्त सारांश: सीआईए के पूर्व एजेंट जॉन निक्सन ने सद्दाम हुसैन पर किताब लिखी है यह किताब अमेरिका की नियत के ऊपर सवाल उठाती है निक्सन के अनुसार सद्दाम को इराक़ पर शासन करने के लिए छोड़ देना चाहिए था
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि वह महसूस करते हैं कि बटला हाउस में पुलिस और इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकियों के बीच मुठभेड़ सही थी और उन्हें इस बात का संतोष है कि अभियोजन पक्ष अदालत में मामले को साबित कर सका। जिस समय बटला हाउस मामला हुआ था, उसकी जांच की निगरानी बतौर तत्कालीन गृहमंत्री चिदंबरम ने की थी।टिप्पणियां चिदंबरम ने कहा कि दिल्ली के बटला हाउस इलाके में मुठभेड़ 2008 में उनके गृहमंत्री का पद संभालने से पहले हुई थी और जब उनके सहयोगियों में से एक ने सुझाव दिया कि मुठभेड़ फर्जी हो सकती है तो उन्होंने मामले के साक्ष्य निजी तौर पर देखे थे और जांचकर्ताओं से बातचीत की थी। वित्तमंत्री ने कहा कि कागजों के अध्ययन और अधिकारियों से बातचीत में उन्होंने काफी समय लगाया और वह इस बात से संतुष्ट थे कि मुठभेड़ सही थी। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने एक बहादुर पुलिस अधिकारी खो दिया। ‘‘मुझे बताया गया है कि एकमात्र पकड़ा गया आतंकवादी दोषी ठहराया गया है। मुझे खुशी है कि पुलिस इस मामले को साबित करने में सफल रही।’’ चिदंबरम ने कहा कि दिल्ली के बटला हाउस इलाके में मुठभेड़ 2008 में उनके गृहमंत्री का पद संभालने से पहले हुई थी और जब उनके सहयोगियों में से एक ने सुझाव दिया कि मुठभेड़ फर्जी हो सकती है तो उन्होंने मामले के साक्ष्य निजी तौर पर देखे थे और जांचकर्ताओं से बातचीत की थी। वित्तमंत्री ने कहा कि कागजों के अध्ययन और अधिकारियों से बातचीत में उन्होंने काफी समय लगाया और वह इस बात से संतुष्ट थे कि मुठभेड़ सही थी। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने एक बहादुर पुलिस अधिकारी खो दिया। ‘‘मुझे बताया गया है कि एकमात्र पकड़ा गया आतंकवादी दोषी ठहराया गया है। मुझे खुशी है कि पुलिस इस मामले को साबित करने में सफल रही।’’ वित्तमंत्री ने कहा कि कागजों के अध्ययन और अधिकारियों से बातचीत में उन्होंने काफी समय लगाया और वह इस बात से संतुष्ट थे कि मुठभेड़ सही थी। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने एक बहादुर पुलिस अधिकारी खो दिया। ‘‘मुझे बताया गया है कि एकमात्र पकड़ा गया आतंकवादी दोषी ठहराया गया है। मुझे खुशी है कि पुलिस इस मामले को साबित करने में सफल रही।’’
यहाँ एक सारांश है:चिदंबरम ने कहा कि वह महसूस करते हैं कि बटला हाउस में पुलिस और आईएम के आतंकियों के बीच मुठभेड़ सही थी और उन्हें इस बात का संतोष है कि अभियोजन पक्ष अदालत में मामले को साबित कर सका। जिस समय बटला हाउस मामला हुआ था, उसकी जांच की निगरानी बतौर तत्कालीन गृहमंत्री
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज रिकी पोंटिंग ने कहा है कि इंग्लैंड के हाथों लगातार दो एशेज शृंखला गंवाने की पीड़ा से उन्हें आगे खेलना जारी रखने की प्रेरणा मिल रही है। पोंटिंग चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड के खिलाफ एक और एशेज क्रिकेट शृंखला में खेलने के लिए फिट रहने की दिशा में काम कर रहे हैं। पूर्व कप्तान पोंटिंग श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर में तीन टेस्ट मैचों की शृंखला के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया की ओर से सर्वाधिक टेस्ट खेलने के स्टीव वा के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं और उनकी नजरें 2013 में इंग्लैंड दौरे की टीम में जगह बनाने पर टिकी है।टिप्पणियां फरवरी में वनडे टीम से बाहर कर दिए गए पोंटिंग ने 165 टेस्ट खेले हैं जो वा से तीन कम हैं। ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका शृंखला से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट शृंखला भी खेलनी है। पोंटिंग ने एबीसी स्पोर्ट्स से कहा किया उन्हें एशेज शृंखला गंवाने विशेषकर ओवल टेस्ट गंवाने से प्रेरणा मिल रही है। ऑस्ट्रेलियाई के पूर्व कप्तान पोंटिंग ने कहा, इसमें कोई शक नहीं। मुझे अभी इससे सबसे अधिक प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा, प्रत्येक सुबह जब मैं उठता हूं और जिम में जाता हूं तो मुझे ओवल मैच की याद आती है। पोंटिंग ने कहा, इस तरह की चीजें आसानी से नहीं भुलाई जाती। पिछले कुछ दौरों पर हम वहां जीत के करीब थे लेकिन ऐसा नहीं कर पाए। पूर्व कप्तान पोंटिंग श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर में तीन टेस्ट मैचों की शृंखला के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया की ओर से सर्वाधिक टेस्ट खेलने के स्टीव वा के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं और उनकी नजरें 2013 में इंग्लैंड दौरे की टीम में जगह बनाने पर टिकी है।टिप्पणियां फरवरी में वनडे टीम से बाहर कर दिए गए पोंटिंग ने 165 टेस्ट खेले हैं जो वा से तीन कम हैं। ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका शृंखला से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट शृंखला भी खेलनी है। पोंटिंग ने एबीसी स्पोर्ट्स से कहा किया उन्हें एशेज शृंखला गंवाने विशेषकर ओवल टेस्ट गंवाने से प्रेरणा मिल रही है। ऑस्ट्रेलियाई के पूर्व कप्तान पोंटिंग ने कहा, इसमें कोई शक नहीं। मुझे अभी इससे सबसे अधिक प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा, प्रत्येक सुबह जब मैं उठता हूं और जिम में जाता हूं तो मुझे ओवल मैच की याद आती है। पोंटिंग ने कहा, इस तरह की चीजें आसानी से नहीं भुलाई जाती। पिछले कुछ दौरों पर हम वहां जीत के करीब थे लेकिन ऐसा नहीं कर पाए। फरवरी में वनडे टीम से बाहर कर दिए गए पोंटिंग ने 165 टेस्ट खेले हैं जो वा से तीन कम हैं। ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका शृंखला से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट शृंखला भी खेलनी है। पोंटिंग ने एबीसी स्पोर्ट्स से कहा किया उन्हें एशेज शृंखला गंवाने विशेषकर ओवल टेस्ट गंवाने से प्रेरणा मिल रही है। ऑस्ट्रेलियाई के पूर्व कप्तान पोंटिंग ने कहा, इसमें कोई शक नहीं। मुझे अभी इससे सबसे अधिक प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा, प्रत्येक सुबह जब मैं उठता हूं और जिम में जाता हूं तो मुझे ओवल मैच की याद आती है। पोंटिंग ने कहा, इस तरह की चीजें आसानी से नहीं भुलाई जाती। पिछले कुछ दौरों पर हम वहां जीत के करीब थे लेकिन ऐसा नहीं कर पाए। पोंटिंग ने एबीसी स्पोर्ट्स से कहा किया उन्हें एशेज शृंखला गंवाने विशेषकर ओवल टेस्ट गंवाने से प्रेरणा मिल रही है। ऑस्ट्रेलियाई के पूर्व कप्तान पोंटिंग ने कहा, इसमें कोई शक नहीं। मुझे अभी इससे सबसे अधिक प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा, प्रत्येक सुबह जब मैं उठता हूं और जिम में जाता हूं तो मुझे ओवल मैच की याद आती है। पोंटिंग ने कहा, इस तरह की चीजें आसानी से नहीं भुलाई जाती। पिछले कुछ दौरों पर हम वहां जीत के करीब थे लेकिन ऐसा नहीं कर पाए।
संक्षिप्त पाठ: ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज रिकी पोंटिंग ने कहा है कि इंग्लैंड के हाथों लगातार दो एशेज शृंखला गंवाने की पीड़ा से उन्हें आगे खेलना जारी रखने की प्रेरणा मिल रही है।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) का बचाव करते हुए कहा कि लेखापरीक्षक ने विभिन्न घोटालों पर जारी अपनी रिपोर्ट में अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं किया। पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में मुखर्जी ने कहा, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मुझे नहीं लगता कि कैग ने अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण अथवा ऐसा कुछ किया है, क्योंकि कैग की बुनियादी जवाबदेही कमियों का पता करना है, कैग बिंदुवार इस काम को करता है। कैग के बारे में मुखर्जी का यह वक्तव्य इस परिप्रेक्ष्य में काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार के विभिन्न वर्गों से कैग की रपटों और उसके अधिकार क्षेत्र को लेकर आलोचना की गई। कैग की 2जी स्पेक्ट्रम और राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन पर जारी रिपोर्ट पर सरकार में बैठे कई लोगों की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। प्रणब ने कहा, जहां तक कैग की भूमिका का मुद्दा है, यह एक संवैधानिक संस्था है, कैग के कामकाज के बारे में जहां तक मेरी जानकारी है, उसका काम वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाना है। सरकार द्वारा तय नियमों, कानूनों और नियमन के संदर्भ में कहां अनियमितता बरती गई इसका पता लगाना है। वित्तमंत्री ने कहा कि कैग की रिपोर्ट संसद में पेश होने के साथ ही अपने आप स्वीकृत नहीं हो जाती है। संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) इसकी जांच परख करती है, वह कैग की रिपोर्ट पर अपनी रिपोर्ट देती है, उसके बाद यदि संसद इसे मंजूरी देती है और तभी इस पर आगे कार्रवाई होती है। संसद की लोकलेखा समिति की रिपोर्ट के बाद ही इसे अंतिम माना जाना चाहिए।
सारांश: वित्तमंत्री ने नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का बचाव करते हुए कहा कि लेखापरीक्षक ने विभिन्न घोटालों पर जारी रिपोर्ट में अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं किया।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: छत्तीसगढ़ में दो आईपीएस अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है क्योंकि उनका कामकाज अपेक्षा के अनुरूप नहीं था. केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा के 2000 बैच के अधिकारी ए एम जूरी और 2002 के अधिकारी केसी अग्रवाल को छत्तीसगढ़ सरकार की अनुशंसा के बाद सेवा से बर्खास्त किया गया क्योंकि इन दोनों को ‘अनुपयोगी’ पाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति की स्वीकृति के बाद गृह मंत्रालय ने इन दोनों को बर्खास्त करने का आदेश शनिवार को जारी किया. अधिकारी ने कहा कि डीआईजी रैंक के इन दोनों अधिकारियों की सेवा के 15 साल पूरा होने पर उनके कामकाज की समीक्षा की गई और उन्हें सेवा में बने रहने के अयोग्य पाया गया. जूरी साल 1983 में राज्य पुलिस में शामिल हुए थे और 2000 में उनको पदोन्नति देकर आईपीएस बनाया गया था. अग्रवाल 1985 में राज्य पुलिस सेवा में शामिल हुए थे और उनको 2002 में पदोन्नति देकर आईपीएस बनाया गया था. इन दोनों के कामकाज की समीक्षा करने के बाद अखिल भारतीय सेवा नियम-1958 के तहत ‘जनहित में’ इनको बर्खास्त किया गया. अधिकारी ने कहा, ‘‘अनुपयोगी लोगों को सेवा से अलग करने के लिए आईपीएस अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की जाती है.’’ अखिल भारतीय सेवा के किसी भी अधिकारी के कामकाज की समीक्षा दो बार की जाती है. पहली समीक्षा 15 साल की सेवा पूरी होने पर और दूसरी 25 साल की सेवा पूरी होने पर की जाती है.टिप्पणियां गृह मंत्रालय के एक और अधिकारी ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कथित कदाचार की शिकायत थी. इसी साल जनवरी में केंद्र शासित प्रदेश कैडर के 1998 बैच के अधिकारी मयंक शील चौहान और छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के अधिकारी राजकुमार देवांगन को इसी आधार पर सेवा से बर्खास्त किया गया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जूरी साल 1983 में राज्य पुलिस में शामिल हुए थे और 2000 में उनको पदोन्नति देकर आईपीएस बनाया गया था. अग्रवाल 1985 में राज्य पुलिस सेवा में शामिल हुए थे और उनको 2002 में पदोन्नति देकर आईपीएस बनाया गया था. इन दोनों के कामकाज की समीक्षा करने के बाद अखिल भारतीय सेवा नियम-1958 के तहत ‘जनहित में’ इनको बर्खास्त किया गया. अधिकारी ने कहा, ‘‘अनुपयोगी लोगों को सेवा से अलग करने के लिए आईपीएस अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की जाती है.’’ अखिल भारतीय सेवा के किसी भी अधिकारी के कामकाज की समीक्षा दो बार की जाती है. पहली समीक्षा 15 साल की सेवा पूरी होने पर और दूसरी 25 साल की सेवा पूरी होने पर की जाती है.टिप्पणियां गृह मंत्रालय के एक और अधिकारी ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कथित कदाचार की शिकायत थी. इसी साल जनवरी में केंद्र शासित प्रदेश कैडर के 1998 बैच के अधिकारी मयंक शील चौहान और छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के अधिकारी राजकुमार देवांगन को इसी आधार पर सेवा से बर्खास्त किया गया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारी ने कहा, ‘‘अनुपयोगी लोगों को सेवा से अलग करने के लिए आईपीएस अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की जाती है.’’ अखिल भारतीय सेवा के किसी भी अधिकारी के कामकाज की समीक्षा दो बार की जाती है. पहली समीक्षा 15 साल की सेवा पूरी होने पर और दूसरी 25 साल की सेवा पूरी होने पर की जाती है.टिप्पणियां गृह मंत्रालय के एक और अधिकारी ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कथित कदाचार की शिकायत थी. इसी साल जनवरी में केंद्र शासित प्रदेश कैडर के 1998 बैच के अधिकारी मयंक शील चौहान और छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के अधिकारी राजकुमार देवांगन को इसी आधार पर सेवा से बर्खास्त किया गया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गृह मंत्रालय के एक और अधिकारी ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कथित कदाचार की शिकायत थी. इसी साल जनवरी में केंद्र शासित प्रदेश कैडर के 1998 बैच के अधिकारी मयंक शील चौहान और छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के अधिकारी राजकुमार देवांगन को इसी आधार पर सेवा से बर्खास्त किया गया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अखिल भारतीय सेवा के किसी अधिकारी के कामकाज की समीक्षा दो बार की जाती है इसी साल जनवरी में भी दो सिविल सेवा के अधिकारियों को बर्खास्‍त किया गया था छत्तीसगढ़ सरकार ने की थी दोनों अधिकारियों को बर्खास्‍त करने की अनुशंसा
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित पैनल ने शुक्रवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जन स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा करते हुए पांच नवम्बर तक सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया. पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम व नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) ने प्रदूषण के ‘ बेहद गंभीर' श्रेणी में पहुंचने पर पूरी ठंड के दौरान पटाखे फोड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया. ईपीसीए के अध्यक्ष भूरे लाल ने उत्तर प्रदेश , हरियाणा और दिल्ली के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि गुरुवार रात दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत खराब हो गई और वह अब ‘बेहद गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है.उन्होंने पत्र में कहा , ‘‘ हम इसे एक जन स्वास्थ्य आपातकाल की तरह ले रहे हैं क्योंकि वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव होगा , विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर ...'  आपको बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर के लिए हरियाणा और पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. केजरीवाल ने इस समस्या को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों की आलोचना की, उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी को "गैस चैंबर" बताया. ट्विटर पर अरविंद केजरीवाल ने लिखा, ''खट्टर और कैप्टन सरकारें अपने किसानों को पराली जलाने पर मजबूर कर रहीं हैं जिसकी वजह से दिल्ली में भारी प्रदूषण है. कल पंजाब और हरियाणा भवन पर लोगों ने प्रदर्शन कर वहां की सरकारों के प्रति अपना रोष प्रकट किया.''
दिल्ली में प्रदूषण बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंचा पैनल ने की जन स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा पांच नवम्बर निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: असम के तिनसुकिया जिले में शनिवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने सेना के काफिले को आईईडी धमाके जरिये उड़ा दिया. इस धमाके में तीन जवान शहीद हो गए और चार अन्य घायल हो गए. ये घटना तिनसुकिया के दिगबोई के पास पेनगेरी इलाके में सुबह करीब 5.30 बजे हुई है. फिलहाल पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. सेना के मुताबिक सात जगहों पर आईईडी धमाके हुए हैं.  टिप्पणियां धमाके के बाद सुरक्षा बलों ने हालांकि जवाबी कार्रवाई की, लेकिन अभी तक किसी उग्रवादी के मारे जाने की खबर नहीं है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आतंकवादियों ने सड़क के दोनों ओर से सैन्य वाहन पर गोलीबारी की. सड़क के दोनों और वन क्षेत्र है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आतंकवादियों ने सड़क के दोनों ओर से सैन्य वाहन पर गोलीबारी की. सड़क के दोनों और वन क्षेत्र है. फिलहाल पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. सेना के मुताबिक सात जगहों पर आईईडी धमाके हुए हैं.  टिप्पणियां धमाके के बाद सुरक्षा बलों ने हालांकि जवाबी कार्रवाई की, लेकिन अभी तक किसी उग्रवादी के मारे जाने की खबर नहीं है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आतंकवादियों ने सड़क के दोनों ओर से सैन्य वाहन पर गोलीबारी की. सड़क के दोनों और वन क्षेत्र है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आतंकवादियों ने सड़क के दोनों ओर से सैन्य वाहन पर गोलीबारी की. सड़क के दोनों और वन क्षेत्र है. धमाके के बाद सुरक्षा बलों ने हालांकि जवाबी कार्रवाई की, लेकिन अभी तक किसी उग्रवादी के मारे जाने की खबर नहीं है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आतंकवादियों ने सड़क के दोनों ओर से सैन्य वाहन पर गोलीबारी की. सड़क के दोनों और वन क्षेत्र है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आतंकवादियों ने सड़क के दोनों ओर से सैन्य वाहन पर गोलीबारी की. सड़क के दोनों और वन क्षेत्र है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आतंकवादियों ने सड़क के दोनों ओर से सैन्य वाहन पर गोलीबारी की. सड़क के दोनों और वन क्षेत्र है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेना के काफिले को आईईडी धमाके जरिये उड़ा दिया तिनसुकिया के दिगबोई के पास पेनगेरी इलाके में सुबह करीब 5.30 बजे हुई है. इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Zero Box Office Collection Day 9: बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की फिल्म 'जीरो' (Zero) अब बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरते हुए नजर आ रही है. फिल्म की कमाई में लगातार गिरावट अभी भी जारी है. आलम तो यह है कि एक सप्ताह होने के बाद भी किंग खान की 'जीरो' 100 करोड़ रुपए कमाने के लिए तरस रही है. जहां शुरुआती कमाई करोड़ों में थी, अब यह गिरकर लाखों में आ चुकी है. वहीं इस हफ्ते रिलीज हुई रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म 'सिंबा' (Simmba) ने ताबड़तोड़ कमाई करके 'जीरो' को जोर का झटका दिया है. बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक पहले दिन के मुकाबले अब कमाई 95 प्रतिशत तक गिर चुकी है. पहले हफ्ते में शाहरुख की 'जीरो' ने 84.10 करोड़ रुपए कमाने में कामयाब हुई थी. दूसरे हफ्ते के पहले दिन यानी शुक्रवार को 85 लाख और एक अनुमान के अनुसार शनिवार को करीब 0.75 से 1 करोड़ रुपए कमा पाएगी. फिलहाल अभी सही आंकड़े आने का इंतजार किया जा रहा है. 'जीरो' (Zero) फिल्म की ठीक उसी तरह हालत हो गई है, जिस तरह आमिर खान की दीवाली के मौके पर रिलीज हुई फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' की थी. 'सिंबा' जहां दिल्ली, यूपी, ईस्ट पंजाब और बिहार में अच्छी कमाई कर रही है. वहीं साउथ की फिल्म 'KGF' भी दर्शकों को बेहद पसंद आ रही है. फिल्म हिंदी में रिलीज होने की वजह से भी शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की फिल्म 'जीरो' को कभी नुकसान पहुंचा है, क्योंकि KGF भी 21 दिसंबर को ही रिलीज हुई थी. अभी तक फिल्म 'जीरो' ने करीब 86 करोड़ रुपए कमाए हैं. इस हफ्ते यह ज्यादा से ज्यादा 8 से 10 करोड़ कमा सकेगी. इसके बावजूद फिल्म दो हफ्ते में 100 करोड़ का आंकड़ा नहीं छू पाएगी. फिलहाल ऐसी हालात शाहरुख खान को कभी नहीं देखनी पड़ी थी. शाहरुख खान की 'जीरो' फिल्म ने ओपनिंग डे पर 19.35 करोड़, शनिवार को 17 करोड़, रविवार को 18.25 करोड़, सोमवार को 9.50 करोड़, मंगलवार को 11.75 करोड़, बुधवार 4.50 करोड़, गुरुवार 3.75 करोड़ और दूसरे हफ्ते के दिन शुक्रवार को 85 लाख रुपए और शनिवार को अनुमानत: 90 लाख रुपए कमाए हैं. शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की फिल्म ‘जीरो (Zero)' विदेश में लगभग 1,500 स्क्रीन्स पर रिलीज की गई थी. फिल्म का बजट लगभग 200 करोड़ रु. बताया जाता है. फिल्म में शाहरुख एक बौने के किरदार में हैं, तो वहीं कटरीना कैफ सुपरस्टार बबीता कुमारी का किरदार निभा रही हैं तो वहीं अनुष्का शर्मा एक वैज्ञानिक बनी हैं,  इस फिल्म की खासियत यह है कि इसमें सलमान खान सहित कई सितारों का कैमियो भी है.
संक्षिप्त पाठ: 'जीरो' बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम शाहरुख खान हुए फ्लॉप रणवीर सिंह की 'सिंबा' ने दिया झटका
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह समय की कमी की वजह से सिर्फ ‘तीन तलाक’ पर सुनवाई करेगा लेकिन केन्द्र के जोर के मद्देनजर बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दों को भविष्य में सुनवाई के लिए खुला रख रहा है, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल ने कहा कि केंद्र सरकार तीन तलाक पर कानून बनाने को तैयार है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई वैक्यूम नहीं है. केंदर् ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, बहुविवाह और हलाला को रद्द करे. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तीन तलाक की तीनों फार्म यानी तलाक ए बिद्दत, तलाक ए हसना और तलाक के अहसन को रद्द कर दिया जाए को क्या होगा ? इस पर AG ने कहा  सरकार कानून लाने को तैयार है. इससे पहले AG ने कहा -  तलाक के मामले में मुस्लिम समाज में महिलाओं के अधिकार पुरुषों की तुलना में कम.  देश में अन्य समुदायों की महिलाओं की तुलना में मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार नहीं.  विदेशों में उम इस्लामिक देशों की महिलाओं के मुकाबले भारत में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के अधिकार कम जहां शादी और तलाक को लेकर रिफार्म के तौर पर कानून बनाया गया.  AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - शादी, तलाक का धर्म या धार्मिक प्रथा से कोई लेना देना नहीं. किसी के जीवन को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है. कोर्ट पवित्र कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब या गीता की व्याख्या करने के लिए नहीं है. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा -  अगर सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, निकाह हलाला और बहूविवाह को रद्द कर देता है तो केंद्र इस पर कानून लाने को तैयार. इस मुद्दे पर कोई वैक्यूम नहीं रहेगा  AG ने ये दलील उस वक्त दी जब कोर्ट ने पूछा कि अगर कोर्ट इसे रद्द कर देता है तो मुस्लिम पतियों के पास क्या विकल्प होगा ?  AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - तीन तलाक संविधान के विपरीत है.  ये महिलाओं के समानता, लैंगिक समानता और मानवाधिकार के खिलाफ है.  कोई भी पर्सनल ला हो या प्रथा, उसे संविधान की कसौटी से गुजरना होगा. पर्सनल ला की भी समानता के अधिकार, लैंगिक समानता के अधिकार से तुलना होनी चाहिए. किसी भी महिला को दूसरे समुदाय की महिलाओं के समान हक होना चाहिए.  AG ने कोर्ट में कहा - ये माइनरटी से जुडा संवेदनशील मुद्दा है इसलिए पुरानी सरकार इस पर कानून नहीं लाई - पुराने ग्रंथों से लिए गए पर्सनल ला भी संविधान के मुताबिक होने चाहिंए - तीन तलाक की वजह से मुस्लिमों में आधी आबादी असहाय महसूस कर रही है - देश में एक समुदाय के नागरिकों को  पूरे मौलिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं. AIMPLB की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा... - हर समुदाय में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है - हिंदू लॉ के मुताबिक पिता पर होता है कि वो बेटी को जायदाद में हिस्सा दे या नहीं - लेकिन मुस्लिम लॉ में पिता को चौथाई हिस्सा बेटी को देना ही होता है - क्या ये भेदभाव नहीं है - आप क्या चाहते हैं कि हिंदुओं में बेटी को बिना कोई पाई मिले वो सालों तक तलाक के लिए लड़ती रहें सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तीन तलाक की तीनों फार्म यानी तलाक ए बिद्दत, तलाक ए हसना और तलाक के अहसन को रद्द कर दिया जाए को क्या होगा ? इस पर AG ने कहा  सरकार कानून लाने को तैयार है. इससे पहले AG ने कहा -  तलाक के मामले में मुस्लिम समाज में महिलाओं के अधिकार पुरुषों की तुलना में कम.  देश में अन्य समुदायों की महिलाओं की तुलना में मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार नहीं.  विदेशों में उम इस्लामिक देशों की महिलाओं के मुकाबले भारत में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के अधिकार कम जहां शादी और तलाक को लेकर रिफार्म के तौर पर कानून बनाया गया.  AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - शादी, तलाक का धर्म या धार्मिक प्रथा से कोई लेना देना नहीं. किसी के जीवन को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है. कोर्ट पवित्र कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब या गीता की व्याख्या करने के लिए नहीं है. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा -  अगर सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, निकाह हलाला और बहूविवाह को रद्द कर देता है तो केंद्र इस पर कानून लाने को तैयार. इस मुद्दे पर कोई वैक्यूम नहीं रहेगा  AG ने ये दलील उस वक्त दी जब कोर्ट ने पूछा कि अगर कोर्ट इसे रद्द कर देता है तो मुस्लिम पतियों के पास क्या विकल्प होगा ?  AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - तीन तलाक संविधान के विपरीत है.  ये महिलाओं के समानता, लैंगिक समानता और मानवाधिकार के खिलाफ है.  कोई भी पर्सनल ला हो या प्रथा, उसे संविधान की कसौटी से गुजरना होगा. पर्सनल ला की भी समानता के अधिकार, लैंगिक समानता के अधिकार से तुलना होनी चाहिए. किसी भी महिला को दूसरे समुदाय की महिलाओं के समान हक होना चाहिए.  AG ने कोर्ट में कहा - ये माइनरटी से जुडा संवेदनशील मुद्दा है इसलिए पुरानी सरकार इस पर कानून नहीं लाई - पुराने ग्रंथों से लिए गए पर्सनल ला भी संविधान के मुताबिक होने चाहिंए - तीन तलाक की वजह से मुस्लिमों में आधी आबादी असहाय महसूस कर रही है - देश में एक समुदाय के नागरिकों को  पूरे मौलिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं. AIMPLB की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा... - हर समुदाय में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है - हिंदू लॉ के मुताबिक पिता पर होता है कि वो बेटी को जायदाद में हिस्सा दे या नहीं - लेकिन मुस्लिम लॉ में पिता को चौथाई हिस्सा बेटी को देना ही होता है - क्या ये भेदभाव नहीं है - आप क्या चाहते हैं कि हिंदुओं में बेटी को बिना कोई पाई मिले वो सालों तक तलाक के लिए लड़ती रहें सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. इससे पहले AG ने कहा -  तलाक के मामले में मुस्लिम समाज में महिलाओं के अधिकार पुरुषों की तुलना में कम.  देश में अन्य समुदायों की महिलाओं की तुलना में मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार नहीं.  विदेशों में उम इस्लामिक देशों की महिलाओं के मुकाबले भारत में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के अधिकार कम जहां शादी और तलाक को लेकर रिफार्म के तौर पर कानून बनाया गया.  AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - शादी, तलाक का धर्म या धार्मिक प्रथा से कोई लेना देना नहीं. किसी के जीवन को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है. कोर्ट पवित्र कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब या गीता की व्याख्या करने के लिए नहीं है. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा -  अगर सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, निकाह हलाला और बहूविवाह को रद्द कर देता है तो केंद्र इस पर कानून लाने को तैयार. इस मुद्दे पर कोई वैक्यूम नहीं रहेगा  AG ने ये दलील उस वक्त दी जब कोर्ट ने पूछा कि अगर कोर्ट इसे रद्द कर देता है तो मुस्लिम पतियों के पास क्या विकल्प होगा ?  AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - तीन तलाक संविधान के विपरीत है.  ये महिलाओं के समानता, लैंगिक समानता और मानवाधिकार के खिलाफ है.  कोई भी पर्सनल ला हो या प्रथा, उसे संविधान की कसौटी से गुजरना होगा. पर्सनल ला की भी समानता के अधिकार, लैंगिक समानता के अधिकार से तुलना होनी चाहिए. किसी भी महिला को दूसरे समुदाय की महिलाओं के समान हक होना चाहिए.  AG ने कोर्ट में कहा - ये माइनरटी से जुडा संवेदनशील मुद्दा है इसलिए पुरानी सरकार इस पर कानून नहीं लाई - पुराने ग्रंथों से लिए गए पर्सनल ला भी संविधान के मुताबिक होने चाहिंए - तीन तलाक की वजह से मुस्लिमों में आधी आबादी असहाय महसूस कर रही है - देश में एक समुदाय के नागरिकों को  पूरे मौलिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं. AIMPLB की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा... - हर समुदाय में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है - हिंदू लॉ के मुताबिक पिता पर होता है कि वो बेटी को जायदाद में हिस्सा दे या नहीं - लेकिन मुस्लिम लॉ में पिता को चौथाई हिस्सा बेटी को देना ही होता है - क्या ये भेदभाव नहीं है - आप क्या चाहते हैं कि हिंदुओं में बेटी को बिना कोई पाई मिले वो सालों तक तलाक के लिए लड़ती रहें सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - शादी, तलाक का धर्म या धार्मिक प्रथा से कोई लेना देना नहीं. किसी के जीवन को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है. कोर्ट पवित्र कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब या गीता की व्याख्या करने के लिए नहीं है. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा -  अगर सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, निकाह हलाला और बहूविवाह को रद्द कर देता है तो केंद्र इस पर कानून लाने को तैयार. इस मुद्दे पर कोई वैक्यूम नहीं रहेगा  AG ने ये दलील उस वक्त दी जब कोर्ट ने पूछा कि अगर कोर्ट इसे रद्द कर देता है तो मुस्लिम पतियों के पास क्या विकल्प होगा ?  AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - तीन तलाक संविधान के विपरीत है.  ये महिलाओं के समानता, लैंगिक समानता और मानवाधिकार के खिलाफ है.  कोई भी पर्सनल ला हो या प्रथा, उसे संविधान की कसौटी से गुजरना होगा. पर्सनल ला की भी समानता के अधिकार, लैंगिक समानता के अधिकार से तुलना होनी चाहिए. किसी भी महिला को दूसरे समुदाय की महिलाओं के समान हक होना चाहिए.  AG ने कोर्ट में कहा - ये माइनरटी से जुडा संवेदनशील मुद्दा है इसलिए पुरानी सरकार इस पर कानून नहीं लाई - पुराने ग्रंथों से लिए गए पर्सनल ला भी संविधान के मुताबिक होने चाहिंए - तीन तलाक की वजह से मुस्लिमों में आधी आबादी असहाय महसूस कर रही है - देश में एक समुदाय के नागरिकों को  पूरे मौलिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं. AIMPLB की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा... - हर समुदाय में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है - हिंदू लॉ के मुताबिक पिता पर होता है कि वो बेटी को जायदाद में हिस्सा दे या नहीं - लेकिन मुस्लिम लॉ में पिता को चौथाई हिस्सा बेटी को देना ही होता है - क्या ये भेदभाव नहीं है - आप क्या चाहते हैं कि हिंदुओं में बेटी को बिना कोई पाई मिले वो सालों तक तलाक के लिए लड़ती रहें सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा -  अगर सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, निकाह हलाला और बहूविवाह को रद्द कर देता है तो केंद्र इस पर कानून लाने को तैयार. इस मुद्दे पर कोई वैक्यूम नहीं रहेगा  AG ने ये दलील उस वक्त दी जब कोर्ट ने पूछा कि अगर कोर्ट इसे रद्द कर देता है तो मुस्लिम पतियों के पास क्या विकल्प होगा ?  AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - तीन तलाक संविधान के विपरीत है.  ये महिलाओं के समानता, लैंगिक समानता और मानवाधिकार के खिलाफ है.  कोई भी पर्सनल ला हो या प्रथा, उसे संविधान की कसौटी से गुजरना होगा. पर्सनल ला की भी समानता के अधिकार, लैंगिक समानता के अधिकार से तुलना होनी चाहिए. किसी भी महिला को दूसरे समुदाय की महिलाओं के समान हक होना चाहिए.  AG ने कोर्ट में कहा - ये माइनरटी से जुडा संवेदनशील मुद्दा है इसलिए पुरानी सरकार इस पर कानून नहीं लाई - पुराने ग्रंथों से लिए गए पर्सनल ला भी संविधान के मुताबिक होने चाहिंए - तीन तलाक की वजह से मुस्लिमों में आधी आबादी असहाय महसूस कर रही है - देश में एक समुदाय के नागरिकों को  पूरे मौलिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं. AIMPLB की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा... - हर समुदाय में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है - हिंदू लॉ के मुताबिक पिता पर होता है कि वो बेटी को जायदाद में हिस्सा दे या नहीं - लेकिन मुस्लिम लॉ में पिता को चौथाई हिस्सा बेटी को देना ही होता है - क्या ये भेदभाव नहीं है - आप क्या चाहते हैं कि हिंदुओं में बेटी को बिना कोई पाई मिले वो सालों तक तलाक के लिए लड़ती रहें सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. AG ने ये दलील उस वक्त दी जब कोर्ट ने पूछा कि अगर कोर्ट इसे रद्द कर देता है तो मुस्लिम पतियों के पास क्या विकल्प होगा ?  AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - तीन तलाक संविधान के विपरीत है.  ये महिलाओं के समानता, लैंगिक समानता और मानवाधिकार के खिलाफ है.  कोई भी पर्सनल ला हो या प्रथा, उसे संविधान की कसौटी से गुजरना होगा. पर्सनल ला की भी समानता के अधिकार, लैंगिक समानता के अधिकार से तुलना होनी चाहिए. किसी भी महिला को दूसरे समुदाय की महिलाओं के समान हक होना चाहिए.  AG ने कोर्ट में कहा - ये माइनरटी से जुडा संवेदनशील मुद्दा है इसलिए पुरानी सरकार इस पर कानून नहीं लाई - पुराने ग्रंथों से लिए गए पर्सनल ला भी संविधान के मुताबिक होने चाहिंए - तीन तलाक की वजह से मुस्लिमों में आधी आबादी असहाय महसूस कर रही है - देश में एक समुदाय के नागरिकों को  पूरे मौलिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं. AIMPLB की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा... - हर समुदाय में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है - हिंदू लॉ के मुताबिक पिता पर होता है कि वो बेटी को जायदाद में हिस्सा दे या नहीं - लेकिन मुस्लिम लॉ में पिता को चौथाई हिस्सा बेटी को देना ही होता है - क्या ये भेदभाव नहीं है - आप क्या चाहते हैं कि हिंदुओं में बेटी को बिना कोई पाई मिले वो सालों तक तलाक के लिए लड़ती रहें सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा - तीन तलाक संविधान के विपरीत है.  ये महिलाओं के समानता, लैंगिक समानता और मानवाधिकार के खिलाफ है.  कोई भी पर्सनल ला हो या प्रथा, उसे संविधान की कसौटी से गुजरना होगा. पर्सनल ला की भी समानता के अधिकार, लैंगिक समानता के अधिकार से तुलना होनी चाहिए. किसी भी महिला को दूसरे समुदाय की महिलाओं के समान हक होना चाहिए.  AG ने कोर्ट में कहा - ये माइनरटी से जुडा संवेदनशील मुद्दा है इसलिए पुरानी सरकार इस पर कानून नहीं लाई - पुराने ग्रंथों से लिए गए पर्सनल ला भी संविधान के मुताबिक होने चाहिंए - तीन तलाक की वजह से मुस्लिमों में आधी आबादी असहाय महसूस कर रही है - देश में एक समुदाय के नागरिकों को  पूरे मौलिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं. AIMPLB की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा... - हर समुदाय में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है - हिंदू लॉ के मुताबिक पिता पर होता है कि वो बेटी को जायदाद में हिस्सा दे या नहीं - लेकिन मुस्लिम लॉ में पिता को चौथाई हिस्सा बेटी को देना ही होता है - क्या ये भेदभाव नहीं है - आप क्या चाहते हैं कि हिंदुओं में बेटी को बिना कोई पाई मिले वो सालों तक तलाक के लिए लड़ती रहें सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. AG ने कोर्ट में कहा - ये माइनरटी से जुडा संवेदनशील मुद्दा है इसलिए पुरानी सरकार इस पर कानून नहीं लाई - पुराने ग्रंथों से लिए गए पर्सनल ला भी संविधान के मुताबिक होने चाहिंए - तीन तलाक की वजह से मुस्लिमों में आधी आबादी असहाय महसूस कर रही है - देश में एक समुदाय के नागरिकों को  पूरे मौलिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं. AIMPLB की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा... - हर समुदाय में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है - हिंदू लॉ के मुताबिक पिता पर होता है कि वो बेटी को जायदाद में हिस्सा दे या नहीं - लेकिन मुस्लिम लॉ में पिता को चौथाई हिस्सा बेटी को देना ही होता है - क्या ये भेदभाव नहीं है - आप क्या चाहते हैं कि हिंदुओं में बेटी को बिना कोई पाई मिले वो सालों तक तलाक के लिए लड़ती रहें सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. AIMPLB की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा... - हर समुदाय में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है - हिंदू लॉ के मुताबिक पिता पर होता है कि वो बेटी को जायदाद में हिस्सा दे या नहीं - लेकिन मुस्लिम लॉ में पिता को चौथाई हिस्सा बेटी को देना ही होता है - क्या ये भेदभाव नहीं है - आप क्या चाहते हैं कि हिंदुओं में बेटी को बिना कोई पाई मिले वो सालों तक तलाक के लिए लड़ती रहें सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. सीजेआई जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है. हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे.’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. केन्द्र की यह बात कोर्ट की इस टिप्पणी के मद्देनजर अहम है कि वह सिर्फ ‘तीन तलाक’ का मुद्दा निबटाएगा और वह भी तब जब यह इस्लाम के लिए बुनियादी मुद्दा होगा. पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. रोहतगी ने संविधान पीठ से यह साफ करने के लिए कहा कि बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे अब भी खुले हैं और कोई और पीठ भविष्य में इसे निबटाएगी. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया, ‘‘इन्हें भविष्य में निबटाया जाएगा.’’ उच्चतम न्यायालय मुस्लिम समाज में व्याप्त तीन तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. केन्द्र ने आज अपनी दलीलें पेश करनी शुरू की है.   पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे. कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है.  हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल ऑफ थाट्स में इसे वैध माना गया है. ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा है?   क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? जो ईश्वर की नजर में पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है? बहुत सारे लोग देश में मौत का सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.  अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया?  (पहले दिन की सुनवाई : तीन तलाक मामले पर सुप्रीम कोर्ट - अगर यह धर्म का मामला है तो कोर्ट इसमें दखल नहीं देगी)टिप्पणियां वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. वहीं निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है, लेकिन  AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम महिला  पर्सनल ला बोर्ड ने भी तीन तलाक को गैरकानूनी करार दिया है.
यहाँ एक सारांश है:केंद्र सरकार इस मुद्दे पर अपनी दलीलें देगा. सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों के संविधान पीठ में सुनवाई जारी रहेगी. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए थे.
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बुधवार को दिल्ली में जब बारिश हो रही थी तब मंडी हाउस के सर्किल पर विकलांग उम्मीदवार रेलवे बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. पिछले तीन दिनों से ये लोग यहीं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. कोई चल नहीं पा रहा है तो कोई देख नहीं पा रहा है लेकिन नौकरी का जुनून इन्हें दिल्ली तक खींच लाया है. ये लोग रात को मण्डी हाउस में खुले आसमान के नीचे सो जाते हैं.  कोई बिहार से आया है तो कोई झारखंड से. देश के अलग अलग राज्यों से आए इन उम्मीदवारों के लिए दिल्ली पहुंचना आसान नहीं था. ट्रेन में 20 -25 घंटे सफर करके यह लोग दिल्ली पहुंचे हैं. कई महिलाएं भी प्रदर्शन करने के लिए पहुंची हैं.  विकलांग उम्मीदवारों का कहना है कि वो 2018 में रेलवे भर्ती बोर्ड के ग्रुप डी की लिखित परीक्षा में पास हो गए थे. लिखित परीक्षा का रिजल्ट जब आया तब कट ऑफ मार्क नहीं दिखाया गया था. जो लोग लिखित परीक्षा में पास हुए थे उन्हें कहा गया था कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा. छात्र डाक्यूमेंट बनवाने में जुट गए. लेकिन कुछ दिन के बाद रेलवे ने इस परीक्षा में सीट बढ़ा दी. फिर दोबारा रिवाइज नतीजा आया लेकिन इसमें इन विकलांगों का नाम नहीं था.  जो विकलांग प्रदर्शन करने आएं हैं उनको तो पहले लिखित परीक्षा में पास कर दिया गया, फिर बिना कारण बताए फेल भी कर दिया गया. इनका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन नहीं हुआ लेकिन बाद में इन्हें बताया गया कि डॉक्यूमेंट वेरिकेशन के बाद यह लोग फेल हैं. इनका चयन नहीं हुआ है. विकलांग उम्मीदवारों ने यह भी आरोप लगाए कि विकलांगों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से सीट नहीं दी गई है. सीट बढ़ाने के साथ कई नई कैटेगरी भी जोड़ी जाती है जिसमें मल्टीपल डिसेबल्ड एक कैटेगरी भी होती है. उम्मीदवारों का कहना है कि जब एग्जाम के फॉर्म भरे गए थे तब सिर्फ 7 कैटेगरी की बात कही गई थी लेकिन सीट बढ़ाने के साथ-साथ और 14 कैटेगरी जोड़ दी गई. यानी कुल-मिलाकर कैटेगरी 21 हो गई.  रेलवे में जब रिवाइज नोटिस निकाला तो उसमें सीट को लेकर कई परिवर्तन भी थे. जैसे अहमदाबाद बोर्ड में ओएल, यानी वन लेग एक पांव वाली श्रेणी में 95 सीटें थीं. वहां घटाकर 61 कर दिया गया. ज्यादातर उम्मीदवारों ने अहमदाबाद बोर्ड का विकल्प भरा था क्योंकि वहां पर 95 सीटें थीं. जाहिर है जहां ज्यादा सीटें होंगी वहीं ज्यादा विकल्प होगा. उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि आवेदन के समय मल्टीपल डिसेबल्ड कैटोगरी के तहत बोथ लेग और बोथ हेड का विकल्प नहीं था लेकिन रेलवे बोर्ड ने MD सीट बढ़ाकर उसका रिजल्ट कैसे दिखाया है. जब इस कैटेगरी के तहत सीट नहीं थी तो जाहिर सी बात है कि कैंडिडेट ने उस कैटेगरी के तहत फॉर्म ही नहीं भरे होंगे तो फिर रिजल्ट में किन अभ्यर्थियों को लिया गया है. परीक्षा दिए विकलांग उम्मीदवारों ने यह भी आरोप लगाया कि नोटिफिकेशन के दौरान कई राज्य बोर्ड में सीट ही खाली नहीं थी जिसकी वजह से उम्मीदवारों ने उस बोर्ड में फॉर्म ही नहीं भरा था लेकिन जब सीट बढ़ाई गई तो जिस बोर्ड में सीट खाली नहीं थी वहां भी सीट बढ़ा दी गई. जब कैंडिडेट्स ने उस बोर्ड में फॉर्म ही नहीं भरा है तो सीट बढ़ाने से फायदा किसको होगा? नौकरी किसको दी जा रही है? उम्मीदवारों का यह भी कहना है कि बोर्ड परिवर्तन करने का विकल्प भी नहीं दिया गया था. इस तरह कई आरोप लेकर विकलांग यहां पहुंचे थे. 23 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक प्रदर्शनकारियों ने इसी जगह पर तीन दिनों तक प्रदर्शन किया था. रात को जब पूरी दिल्ली सो रहा थी, यह लोग इस सर्किल में बैठकर अपने भविष्य के बारे में सोच रहे थे. रेलवे बोर्ड के आश्वासन के बाद यह लोग चले गए थे. रेलवे बोर्ड ने कहा था कि 14 दिनों के अंदर कुछ समाधान निकल जाएगा लेकिन एक महीना हो गया और कुछ नहीं हुआ. एक बार फिर नौकरी की चिंता इन्हें दिल्ली खींच लाई है.
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली: मंडी हाउस में विकलांग उम्मीदवारों का प्रदर्शन जारी रेलवे बोर्ड के खिलाफ है विकलांग उम्मीदवारों की नाराजगी नौकरी का जुनून विकलांग उम्मीदवारों को दिल्ली तक खींच लाया
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी दिल्ली के लोग अब संपत्ति का ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। एक बड़ी पहल के तहत दिल्ली सरकार ने सोमवार को प्रापर्टी के ऑनलाइन पंजीकरण की शुरूआत की। इसका मकसद राजस्व नुकसान को रोकना, पारदर्शिता तथा लोगों को सुगम तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराना है।टिप्पणियां प्रापर्टी के आनलाइन पंजीकरण की सुविधा अब महरौली में उप पंजीयक कार्यालय में होगी। बाद में इस नई प्रणाली को 12 अन्य इस तरह के कार्यालयों में लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने महरौली के उप पंजीयक कार्यालय में इस आनलाइन प्रणाली की शुरूआत की। इस मौके पर दिल्ली विधानसभाध्यक्ष योगानंद शास्त्री, दिल्ली के राजस्व मंत्री अशोक कुमार वालिया और मुख्य सचिव पीके त्रिपाठी मौजूद थे। प्रापर्टी के आनलाइन पंजीकरण की सुविधा अब महरौली में उप पंजीयक कार्यालय में होगी। बाद में इस नई प्रणाली को 12 अन्य इस तरह के कार्यालयों में लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने महरौली के उप पंजीयक कार्यालय में इस आनलाइन प्रणाली की शुरूआत की। इस मौके पर दिल्ली विधानसभाध्यक्ष योगानंद शास्त्री, दिल्ली के राजस्व मंत्री अशोक कुमार वालिया और मुख्य सचिव पीके त्रिपाठी मौजूद थे। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने महरौली के उप पंजीयक कार्यालय में इस आनलाइन प्रणाली की शुरूआत की। इस मौके पर दिल्ली विधानसभाध्यक्ष योगानंद शास्त्री, दिल्ली के राजस्व मंत्री अशोक कुमार वालिया और मुख्य सचिव पीके त्रिपाठी मौजूद थे।
यह एक सारांश है: राजधानी दिल्ली के लोग अब संपत्ति का ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। एक बड़ी पहल के तहत दिल्ली सरकार ने सोमवार को प्रापर्टी के ऑनलाइन पंजीकरण की शुरूआत की।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: श्रीलंका में फिल्माई गई एक नई डॉक्यूमेंट्री में लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण के बेटे के शव को दिखाया गया है। इस शव की छाती में पांच गोलियों के दागे जाने से छेदों के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। अगले सप्ताह चैनल-4 में यह डॉक्यूमेंट्री दिखाई जानी है। बताया जा रहा है कि बच्चे का नाम बालाचंद्रन प्रभाकरण है और वह लिट्टे प्रमुख वेल्लूपिल्लई प्रभाकरण का बेटा है। डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले कैल्लम मैक्रे का कहना है कि बालाचंद्रन की निर्मम हत्या की गई है। एक अखबार को दिए साक्षात्कार में मैक्रे ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह वीडियो श्रीलंका के सैनिकों द्वारा अपनी जीत की ट्रॉफी के रूप में तैयार किया गया है। 60 मिनट 'श्रीलंका'ज किलिंग फील्ड्स: वॉर क्राइम्स अनपनिश्ड' नाम की इस डॉक्यूमेंट्री में किए गए दावों को लंदन स्थित श्रीलंका के राजदूत ने नकार दिया है। टिप्पणियां एक अखबार ने दावा किया है कि इस फिल्म में गैर-आधिकारिक फुटेज भी हैं जो यह दर्शाते हैं कि प्रभाकरण के सिर में गहरा घाव हो गया था जिसे कूड़े से छिपाने की कोशिश की गई थी जब उसके शव को टेलीविजन पर दिखाया गया था। अलग-अलग फोटो देखने के बाद यह साफ हो रहा था कि प्रभाकरण पहले यूनिफॉर्म में था, बाद में अर्द्धनग्न और फिर मट्टी में सना हुआ। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में एक अमेरिकी प्रस्ताव में श्रीलंका में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच कराए जाने की मांग की गई है। इस पूरे मसले पर भारत के वोट पर विश्व की नज़रें हैं। बताया जा रहा है कि बच्चे का नाम बालाचंद्रन प्रभाकरण है और वह लिट्टे प्रमुख वेल्लूपिल्लई प्रभाकरण का बेटा है। डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले कैल्लम मैक्रे का कहना है कि बालाचंद्रन की निर्मम हत्या की गई है। एक अखबार को दिए साक्षात्कार में मैक्रे ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह वीडियो श्रीलंका के सैनिकों द्वारा अपनी जीत की ट्रॉफी के रूप में तैयार किया गया है। 60 मिनट 'श्रीलंका'ज किलिंग फील्ड्स: वॉर क्राइम्स अनपनिश्ड' नाम की इस डॉक्यूमेंट्री में किए गए दावों को लंदन स्थित श्रीलंका के राजदूत ने नकार दिया है। टिप्पणियां एक अखबार ने दावा किया है कि इस फिल्म में गैर-आधिकारिक फुटेज भी हैं जो यह दर्शाते हैं कि प्रभाकरण के सिर में गहरा घाव हो गया था जिसे कूड़े से छिपाने की कोशिश की गई थी जब उसके शव को टेलीविजन पर दिखाया गया था। अलग-अलग फोटो देखने के बाद यह साफ हो रहा था कि प्रभाकरण पहले यूनिफॉर्म में था, बाद में अर्द्धनग्न और फिर मट्टी में सना हुआ। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में एक अमेरिकी प्रस्ताव में श्रीलंका में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच कराए जाने की मांग की गई है। इस पूरे मसले पर भारत के वोट पर विश्व की नज़रें हैं। एक अखबार को दिए साक्षात्कार में मैक्रे ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह वीडियो श्रीलंका के सैनिकों द्वारा अपनी जीत की ट्रॉफी के रूप में तैयार किया गया है। 60 मिनट 'श्रीलंका'ज किलिंग फील्ड्स: वॉर क्राइम्स अनपनिश्ड' नाम की इस डॉक्यूमेंट्री में किए गए दावों को लंदन स्थित श्रीलंका के राजदूत ने नकार दिया है। टिप्पणियां एक अखबार ने दावा किया है कि इस फिल्म में गैर-आधिकारिक फुटेज भी हैं जो यह दर्शाते हैं कि प्रभाकरण के सिर में गहरा घाव हो गया था जिसे कूड़े से छिपाने की कोशिश की गई थी जब उसके शव को टेलीविजन पर दिखाया गया था। अलग-अलग फोटो देखने के बाद यह साफ हो रहा था कि प्रभाकरण पहले यूनिफॉर्म में था, बाद में अर्द्धनग्न और फिर मट्टी में सना हुआ। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में एक अमेरिकी प्रस्ताव में श्रीलंका में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच कराए जाने की मांग की गई है। इस पूरे मसले पर भारत के वोट पर विश्व की नज़रें हैं। 60 मिनट 'श्रीलंका'ज किलिंग फील्ड्स: वॉर क्राइम्स अनपनिश्ड' नाम की इस डॉक्यूमेंट्री में किए गए दावों को लंदन स्थित श्रीलंका के राजदूत ने नकार दिया है। टिप्पणियां एक अखबार ने दावा किया है कि इस फिल्म में गैर-आधिकारिक फुटेज भी हैं जो यह दर्शाते हैं कि प्रभाकरण के सिर में गहरा घाव हो गया था जिसे कूड़े से छिपाने की कोशिश की गई थी जब उसके शव को टेलीविजन पर दिखाया गया था। अलग-अलग फोटो देखने के बाद यह साफ हो रहा था कि प्रभाकरण पहले यूनिफॉर्म में था, बाद में अर्द्धनग्न और फिर मट्टी में सना हुआ। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में एक अमेरिकी प्रस्ताव में श्रीलंका में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच कराए जाने की मांग की गई है। इस पूरे मसले पर भारत के वोट पर विश्व की नज़रें हैं। एक अखबार ने दावा किया है कि इस फिल्म में गैर-आधिकारिक फुटेज भी हैं जो यह दर्शाते हैं कि प्रभाकरण के सिर में गहरा घाव हो गया था जिसे कूड़े से छिपाने की कोशिश की गई थी जब उसके शव को टेलीविजन पर दिखाया गया था। अलग-अलग फोटो देखने के बाद यह साफ हो रहा था कि प्रभाकरण पहले यूनिफॉर्म में था, बाद में अर्द्धनग्न और फिर मट्टी में सना हुआ। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में एक अमेरिकी प्रस्ताव में श्रीलंका में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच कराए जाने की मांग की गई है। इस पूरे मसले पर भारत के वोट पर विश्व की नज़रें हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में एक अमेरिकी प्रस्ताव में श्रीलंका में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच कराए जाने की मांग की गई है। इस पूरे मसले पर भारत के वोट पर विश्व की नज़रें हैं।
यह एक सारांश है: लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण के बेटे के शव की छाती में पांच गोलियों के दागे जाने से छेदों के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी की जांच कर रहे पाकिस्तानी आयोग ने गृहमंत्रालय और आईएसआई को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उसकी इजाजत के बगैर ओसामा की बीवियां और बच्चे देश छोड़कर नहीं जाएं। दो मई को अमेरिकी सैन्य अभियान में ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने वहां से उनकी दो पत्नियों और कम से कम छह बच्चों को हिरासत में ले लिया था। माना जा रहा है कि ओसामा का परिवार आईएसआई की हिरासत में है। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जावेद इकबाल की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने अपनी पहली बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा, गृहमंत्रालय और आईएसआई को यह सुनिश्चित करने का निर्देश है कि आयोग की इजाजत के बगैर ओसामा बिन लादेन के परिवार को पाकिस्तान से स्वदेश नहीं भेजा जाए। सूत्रों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि आयोग संभवत: उनसे पूछताछ करना चाहती है। सरकार ने आयोग से यह पता लगाने को कहा है कि कैसे ओसामा पाकिस्तान में इतने लंबे समय तक रहने में कामयाब हो गया। उसने आयोग से अमेरिकी अभियान की जांच करने, प्रशासन की ओर से चूक की प्रकृति और कारण तय करने और सिफारिश देने को कहा गया है। आयोग की अगली बैठक 11 जुलाई को होगी।
पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी की जांच कर रहे पाकिस्तानी आयोग ने गृहमंत्रालय और आईएसआई को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: अनुष्‍का शर्मा के प्रोडक्‍शन में बनी फिल्म 'फिलौरी' की कहानी में एक साथ 2 लव स्‍टोरी चलती हैं. एक तरफ आज के युवा कनन और अनु की कहानी है जिसमें कनान प्यार तो करता है पर वो शादी से थोड़ा घबरा रहा है. जैसा कि आज की युवा पीढ़ी में अक्‍सर देखा जाता है. वहीं दूसरी कहानी है रूप लाल फिलौरी और शशि फिलैरी की जो करीब 98 साल पहले यानी सन 1919 के एक जोड़े की कहानी है. रूप लाल फिलौरी का किरदार दिलजीत दोसांझ निभा रहे हैं और शशि फिल्लौरी अनुष्‍का शर्मा बनी हैं. इस फिल्म में कनन एक मांगलिक लड़का हैं जिसकी शादी से पहले एक पेड़ से शादी की जाती है. शादी के बाद इस पेड़ को काट दिया जाता है जहां से भूत शशि यानी अनुष्‍का शर्मा, कनन के साथ हो लेती हैं क्योंकि शशि का मानना है कि उनकी शादी अब कनन से हो गई है. इस फिल्‍म में शशि भले ही भूत बनी हैं लेकिन यह डरावनी भूत नहीं हैं. लेकिन इस पेड़ से हुई शादी के चलते यह दोनों कहानियां आपस में जुड़ जाती हैं. अब यह भूत इस शादी में क्‍या धमाल मचाता है, इस‍के लिए आपको फिल्‍म देखनी होगी. 'फिलौरी' में पंजाबियों की शादी के माहौल को काफी अच्छे से दर्शाया गया है. अनुष्का और दिलजीत की जोड़ी अच्छी लगी है और इनका अभिनय भी बेहतरीन है. कनन और अनु की भूमिका में सूरज शर्मा और माहरीन पीरज़ादा भी  फिट हैं. साथ ही आजादी से पहले किस तरह अच्छे लोग गाने बजाने को बुरा समझते थे जैसी स्थिति को काफी सटीक तरीके से फिल्‍माया गया है. इस फिल्‍म में आपको कई अच्छे इमोशनल सीन देखने को मिलेंगे. इस फिल्‍म का पहला भाग हंसी मजाक वाला है. 'फिलौरी' में आपको स्पेशल इफेक्ट्स काफी अच्छे देखने को मिलेंगे. संगीत में सूफियाना रंग है. टिप्पणियां फिल्म की कमजोर चीजों की बात करें तो सबसे पहली बात ये की 'फिलौरी' की रफ्तार थोड़ी धीमी है. बतौर निर्माता अनुष्का शर्मा ने कुछ अलग करने की कोशिश जरूर की है, सुनने में इसका विषय भी अच्छा है मगर कहानी कहने का तरीका कमजोर पड़ गया है क्योंकि फिल्म जिस तरह से फ्लैशबैक में आती जाती है उसका परिवर्तन उतना सहज नहीं है. ऐसा लगता है कि फिल्म के कुछ पल लंबे खिंच जाते हैं. 'फिलौरी' का विषय, संगीत और प्रोडक्शन क्वालिटी को देखते हुए इस फिल्म को हमारी तरफ से मिलते हैं 3 स्‍टार.   इस फिल्म में कनन एक मांगलिक लड़का हैं जिसकी शादी से पहले एक पेड़ से शादी की जाती है. शादी के बाद इस पेड़ को काट दिया जाता है जहां से भूत शशि यानी अनुष्‍का शर्मा, कनन के साथ हो लेती हैं क्योंकि शशि का मानना है कि उनकी शादी अब कनन से हो गई है. इस फिल्‍म में शशि भले ही भूत बनी हैं लेकिन यह डरावनी भूत नहीं हैं. लेकिन इस पेड़ से हुई शादी के चलते यह दोनों कहानियां आपस में जुड़ जाती हैं. अब यह भूत इस शादी में क्‍या धमाल मचाता है, इस‍के लिए आपको फिल्‍म देखनी होगी. 'फिलौरी' में पंजाबियों की शादी के माहौल को काफी अच्छे से दर्शाया गया है. अनुष्का और दिलजीत की जोड़ी अच्छी लगी है और इनका अभिनय भी बेहतरीन है. कनन और अनु की भूमिका में सूरज शर्मा और माहरीन पीरज़ादा भी  फिट हैं. साथ ही आजादी से पहले किस तरह अच्छे लोग गाने बजाने को बुरा समझते थे जैसी स्थिति को काफी सटीक तरीके से फिल्‍माया गया है. इस फिल्‍म में आपको कई अच्छे इमोशनल सीन देखने को मिलेंगे. इस फिल्‍म का पहला भाग हंसी मजाक वाला है. 'फिलौरी' में आपको स्पेशल इफेक्ट्स काफी अच्छे देखने को मिलेंगे. संगीत में सूफियाना रंग है. टिप्पणियां फिल्म की कमजोर चीजों की बात करें तो सबसे पहली बात ये की 'फिलौरी' की रफ्तार थोड़ी धीमी है. बतौर निर्माता अनुष्का शर्मा ने कुछ अलग करने की कोशिश जरूर की है, सुनने में इसका विषय भी अच्छा है मगर कहानी कहने का तरीका कमजोर पड़ गया है क्योंकि फिल्म जिस तरह से फ्लैशबैक में आती जाती है उसका परिवर्तन उतना सहज नहीं है. ऐसा लगता है कि फिल्म के कुछ पल लंबे खिंच जाते हैं. 'फिलौरी' का विषय, संगीत और प्रोडक्शन क्वालिटी को देखते हुए इस फिल्म को हमारी तरफ से मिलते हैं 3 स्‍टार.   'फिलौरी' में पंजाबियों की शादी के माहौल को काफी अच्छे से दर्शाया गया है. अनुष्का और दिलजीत की जोड़ी अच्छी लगी है और इनका अभिनय भी बेहतरीन है. कनन और अनु की भूमिका में सूरज शर्मा और माहरीन पीरज़ादा भी  फिट हैं. साथ ही आजादी से पहले किस तरह अच्छे लोग गाने बजाने को बुरा समझते थे जैसी स्थिति को काफी सटीक तरीके से फिल्‍माया गया है. इस फिल्‍म में आपको कई अच्छे इमोशनल सीन देखने को मिलेंगे. इस फिल्‍म का पहला भाग हंसी मजाक वाला है. 'फिलौरी' में आपको स्पेशल इफेक्ट्स काफी अच्छे देखने को मिलेंगे. संगीत में सूफियाना रंग है. टिप्पणियां फिल्म की कमजोर चीजों की बात करें तो सबसे पहली बात ये की 'फिलौरी' की रफ्तार थोड़ी धीमी है. बतौर निर्माता अनुष्का शर्मा ने कुछ अलग करने की कोशिश जरूर की है, सुनने में इसका विषय भी अच्छा है मगर कहानी कहने का तरीका कमजोर पड़ गया है क्योंकि फिल्म जिस तरह से फ्लैशबैक में आती जाती है उसका परिवर्तन उतना सहज नहीं है. ऐसा लगता है कि फिल्म के कुछ पल लंबे खिंच जाते हैं. 'फिलौरी' का विषय, संगीत और प्रोडक्शन क्वालिटी को देखते हुए इस फिल्म को हमारी तरफ से मिलते हैं 3 स्‍टार.   फिल्म की कमजोर चीजों की बात करें तो सबसे पहली बात ये की 'फिलौरी' की रफ्तार थोड़ी धीमी है. बतौर निर्माता अनुष्का शर्मा ने कुछ अलग करने की कोशिश जरूर की है, सुनने में इसका विषय भी अच्छा है मगर कहानी कहने का तरीका कमजोर पड़ गया है क्योंकि फिल्म जिस तरह से फ्लैशबैक में आती जाती है उसका परिवर्तन उतना सहज नहीं है. ऐसा लगता है कि फिल्म के कुछ पल लंबे खिंच जाते हैं. 'फिलौरी' का विषय, संगीत और प्रोडक्शन क्वालिटी को देखते हुए इस फिल्म को हमारी तरफ से मिलते हैं 3 स्‍टार.
यह एक सारांश है: फिलौरी के स्‍पेशल इफेक्‍ट्स और संगीत आएगा पसंद फिलौरी की कमजोरी बन सकती है इसकी धीमी कहानी फिल्‍म को हमारी तरफ से मिलते हैं 3 स्‍टार
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत ने पाकिस्तानी टीम 'फैसलाबाद वोल्व्स' को चैंपियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया है। यह टूर्नामेंट 17 सितंबर से शुरू होगा। पाकिस्तानी टीम को वीजा नहीं देने का फैसला हाल ही में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम के उल्लंघन को लेकर आया है। संघर्षविराम उल्लंघन के कारण दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत एहतियात बरतते हुए सरकार ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के वीजा को मंजूरी नहीं दी। राष्ट्रीय टीम के कप्तान मिसबाह उल हक के नेतृत्व वाली फैसलाबाद टीम को 17 सितंबर से शुरू हो रहे चैंपियंस लीग के क्वालीफाइंग दौर में खेलने के लिए आमंत्रित किया गया था। नियंत्रण रेखा पर तनाव पैदा होने से पहले चैंपियंस लीग टी-20 में फैसलाबाद टीम की शिरकत पक्की थी।टिप्पणियां पिछले साल बीसीसीआई ने पाकिस्तान के घरेलू टी-20 चैंपियन 'सियालकोट स्टालियंस' को दक्षिण अफ्रीका में हुई चैंपियंस लीग के लिए आमंत्रित किया था। सियालकोट की टीम हालांकि मुख्य राउंड में क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। राष्ट्रीय स्तर पर टी-20 चैंपियन बनने के कारण 'फैसलाबाद वोल्व्स' को चैंपियंस लीग में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला था। पिछले महीने भारत ने पाकिस्तान के एक धार्मिक समूह को उर्स में शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया था। उन्हें वीजा देने से इनकार करने की वजह भी सुरक्षा से जुड़ी थी। पाकिस्तानी टीम को वीजा नहीं देने का फैसला हाल ही में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम के उल्लंघन को लेकर आया है। संघर्षविराम उल्लंघन के कारण दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत एहतियात बरतते हुए सरकार ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के वीजा को मंजूरी नहीं दी। राष्ट्रीय टीम के कप्तान मिसबाह उल हक के नेतृत्व वाली फैसलाबाद टीम को 17 सितंबर से शुरू हो रहे चैंपियंस लीग के क्वालीफाइंग दौर में खेलने के लिए आमंत्रित किया गया था। नियंत्रण रेखा पर तनाव पैदा होने से पहले चैंपियंस लीग टी-20 में फैसलाबाद टीम की शिरकत पक्की थी।टिप्पणियां पिछले साल बीसीसीआई ने पाकिस्तान के घरेलू टी-20 चैंपियन 'सियालकोट स्टालियंस' को दक्षिण अफ्रीका में हुई चैंपियंस लीग के लिए आमंत्रित किया था। सियालकोट की टीम हालांकि मुख्य राउंड में क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। राष्ट्रीय स्तर पर टी-20 चैंपियन बनने के कारण 'फैसलाबाद वोल्व्स' को चैंपियंस लीग में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला था। पिछले महीने भारत ने पाकिस्तान के एक धार्मिक समूह को उर्स में शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया था। उन्हें वीजा देने से इनकार करने की वजह भी सुरक्षा से जुड़ी थी। राष्ट्रीय टीम के कप्तान मिसबाह उल हक के नेतृत्व वाली फैसलाबाद टीम को 17 सितंबर से शुरू हो रहे चैंपियंस लीग के क्वालीफाइंग दौर में खेलने के लिए आमंत्रित किया गया था। नियंत्रण रेखा पर तनाव पैदा होने से पहले चैंपियंस लीग टी-20 में फैसलाबाद टीम की शिरकत पक्की थी।टिप्पणियां पिछले साल बीसीसीआई ने पाकिस्तान के घरेलू टी-20 चैंपियन 'सियालकोट स्टालियंस' को दक्षिण अफ्रीका में हुई चैंपियंस लीग के लिए आमंत्रित किया था। सियालकोट की टीम हालांकि मुख्य राउंड में क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। राष्ट्रीय स्तर पर टी-20 चैंपियन बनने के कारण 'फैसलाबाद वोल्व्स' को चैंपियंस लीग में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला था। पिछले महीने भारत ने पाकिस्तान के एक धार्मिक समूह को उर्स में शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया था। उन्हें वीजा देने से इनकार करने की वजह भी सुरक्षा से जुड़ी थी। पिछले साल बीसीसीआई ने पाकिस्तान के घरेलू टी-20 चैंपियन 'सियालकोट स्टालियंस' को दक्षिण अफ्रीका में हुई चैंपियंस लीग के लिए आमंत्रित किया था। सियालकोट की टीम हालांकि मुख्य राउंड में क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। राष्ट्रीय स्तर पर टी-20 चैंपियन बनने के कारण 'फैसलाबाद वोल्व्स' को चैंपियंस लीग में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला था। पिछले महीने भारत ने पाकिस्तान के एक धार्मिक समूह को उर्स में शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया था। उन्हें वीजा देने से इनकार करने की वजह भी सुरक्षा से जुड़ी थी। पिछले महीने भारत ने पाकिस्तान के एक धार्मिक समूह को उर्स में शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया था। उन्हें वीजा देने से इनकार करने की वजह भी सुरक्षा से जुड़ी थी।
संक्षिप्त सारांश: मिसबाह उल हक के नेतृत्व वाली 'फैसलाबाद वोल्व्स' टीम को 17 सितंबर से शुरू हो रहे चैंपियंस लीग के क्वालीफाइंग दौर में खेलने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन एलओसी पर संघर्षविराम के उल्लंघन को लेकर सरकार ने पाक टीम को वीजा देने से मना कर दिया।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन केवी कामत ने कहा है कि आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में धीरे-धीरे कटौती करनी चाहिए।टिप्पणियां कामत ने एक टीवी चैनल साथ साक्षात्कार में कहा, मुझे नहीं लगता कि हम ऊंची ब्याज दरों को एक साथ नीचे ला सकते हैं। हमें यह काम धीरे-धीरे करना होगा। इससे खुदरा मांग बढ़ेगी, जहां से वृद्धि का काफी बड़ा हिस्सा हासिल होता है। उन्होंने कहा कि एक चीज जो बड़े हिस्से के लिए जिम्मदार है वह है ब्याज दरें। आज जो ब्याज दरें हैं वह आम आदमी को चोट पहुंचा रही है। यही वजह है जो कमजोर मांग में तब्दील हो रही है। इससे कंपनियों पर दबाव पड़ रहा है। हालांकि, रिजर्व बैंक के गवर्नर मुद्रास्फीतिक दबाव पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि पिछले माह की मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया। कामत ने एक टीवी चैनल साथ साक्षात्कार में कहा, मुझे नहीं लगता कि हम ऊंची ब्याज दरों को एक साथ नीचे ला सकते हैं। हमें यह काम धीरे-धीरे करना होगा। इससे खुदरा मांग बढ़ेगी, जहां से वृद्धि का काफी बड़ा हिस्सा हासिल होता है। उन्होंने कहा कि एक चीज जो बड़े हिस्से के लिए जिम्मदार है वह है ब्याज दरें। आज जो ब्याज दरें हैं वह आम आदमी को चोट पहुंचा रही है। यही वजह है जो कमजोर मांग में तब्दील हो रही है। इससे कंपनियों पर दबाव पड़ रहा है। हालांकि, रिजर्व बैंक के गवर्नर मुद्रास्फीतिक दबाव पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि पिछले माह की मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि एक चीज जो बड़े हिस्से के लिए जिम्मदार है वह है ब्याज दरें। आज जो ब्याज दरें हैं वह आम आदमी को चोट पहुंचा रही है। यही वजह है जो कमजोर मांग में तब्दील हो रही है। इससे कंपनियों पर दबाव पड़ रहा है। हालांकि, रिजर्व बैंक के गवर्नर मुद्रास्फीतिक दबाव पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि पिछले माह की मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया।
सारांश: कामत ने एक साक्षात्कार में कहा, मुझे नहीं लगता कि हम ऊंची ब्याज दरों को एक साथ नीचे ला सकते हैं। हमें यह काम धीरे-धीरे करना होगा।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इस सप्ताह के आरंभ में अपहृत 10 महीने की भारतीय बच्ची का शव फिलाडेल्फिया टाउनशिप के एक अपार्टमेंट के बेसमेंट में मिला है। फिलाडेल्फिया पुलिस अधिकारी ने कहा कि किंग ऑफ पर्सिया में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे एक अपार्टमेंट के बेसमेंट में बच्ची सानवी वेना का शव मिला।टिप्पणियां सोमवार को अज्ञात लोगों ने सानवी का अपहरण कर लिया था और उसकी दादी सत्यवती वेना (61) की हत्या कर दी थी। अधिकारियों ने सानवी को सुरक्षित घर वापस लाने में मददगार सूचना देने वाले को 50,000 डॉलर इनाम देने की घोषणा की थी। अधिकारी ने कहा कि इस सिलसिले में हमने एक पारिवारिक मित्र रघुनानीअन यानेदामुरी को गिरफ्तार किया है। उसने फिरौती की मांग की थी। पुलिस ने कहा कि हमने इस व्यक्ति पर हत्या, अपहरण, डकैती, ठगी और चोरी के आरोप लगाए हैं। सोमवार को अज्ञात लोगों ने सानवी का अपहरण कर लिया था और उसकी दादी सत्यवती वेना (61) की हत्या कर दी थी। अधिकारियों ने सानवी को सुरक्षित घर वापस लाने में मददगार सूचना देने वाले को 50,000 डॉलर इनाम देने की घोषणा की थी। अधिकारी ने कहा कि इस सिलसिले में हमने एक पारिवारिक मित्र रघुनानीअन यानेदामुरी को गिरफ्तार किया है। उसने फिरौती की मांग की थी। पुलिस ने कहा कि हमने इस व्यक्ति पर हत्या, अपहरण, डकैती, ठगी और चोरी के आरोप लगाए हैं। अधिकारी ने कहा कि इस सिलसिले में हमने एक पारिवारिक मित्र रघुनानीअन यानेदामुरी को गिरफ्तार किया है। उसने फिरौती की मांग की थी। पुलिस ने कहा कि हमने इस व्यक्ति पर हत्या, अपहरण, डकैती, ठगी और चोरी के आरोप लगाए हैं।
यहाँ एक सारांश है:फिलाडेल्फिया पुलिस अधिकारी ने कहा कि किंग ऑफ पर्सिया में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे एक अपार्टमेंट के बेसमेंट में बच्ची सानवी वेना का शव मिला।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक आज आम लोगों को ब्याज दरों में कटौती का तोहफा दे सकता है। हो सकता है कि लोगों की ईएमआई जल्द ही कम हो जाए।टिप्पणियां गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने आज होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा से पहले इस बात के संकेत दिए हैं। महंगाई को लेकर रिजर्व बैंक कि चिंताएं अभी खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन इसके बाद भी रिजर्व बैंक आर्थिक विकास की रफ्तार को बढ़ाने के लिए उनमें बदलाव कर सकता है। मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए हुई पिछली बैठकों में भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जाती रही, लेकिन रिजर्व बैंक ने महंगाई को काबू में करने के बात कहकर उनमें कोई कटौती नहीं की इसलिए आज देखना होगा कि त्योहारों के इस मौसम में रिजर्व बैंक आम आदमी को कोई तोहफा देगा या नहीं। गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने आज होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा से पहले इस बात के संकेत दिए हैं। महंगाई को लेकर रिजर्व बैंक कि चिंताएं अभी खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन इसके बाद भी रिजर्व बैंक आर्थिक विकास की रफ्तार को बढ़ाने के लिए उनमें बदलाव कर सकता है। मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए हुई पिछली बैठकों में भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जाती रही, लेकिन रिजर्व बैंक ने महंगाई को काबू में करने के बात कहकर उनमें कोई कटौती नहीं की इसलिए आज देखना होगा कि त्योहारों के इस मौसम में रिजर्व बैंक आम आदमी को कोई तोहफा देगा या नहीं। मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए हुई पिछली बैठकों में भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जाती रही, लेकिन रिजर्व बैंक ने महंगाई को काबू में करने के बात कहकर उनमें कोई कटौती नहीं की इसलिए आज देखना होगा कि त्योहारों के इस मौसम में रिजर्व बैंक आम आदमी को कोई तोहफा देगा या नहीं।
यह एक सारांश है: त्योहारों के मौसम में रिजर्व बैंक से आम लोगों को तोहफा मिल सकता है। अपनी अर्धवार्षिक कर्जनीति ऐलान से पहले आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती का संकेत दिया है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट चयनसमिति के अध्यक्ष एंड्रयू हिल्डिच को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा अपनाए जा रहे व्यापक बदलाव के बाद बर्खास्त कर दिया गया है। राष्ट्रीय टीम के कोच टिम नीलसन को भी अपने पद के लिए दोबारा आवेदन करना पड़ेगा। बीएचपी बिल्टन के पूर्व प्रमुख डॉन आरगस की जारी की गई रिपोर्ट के बाद तुरंत यह फैसला किया गया, जिन्होंने घरेलू एशेज शृंखला गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की सात महीने तक समीक्षा की। हिल्डिच अंशकालिक तौर पर चयनसमिति के अध्यक्ष थे और अब उनकी जगह पूर्ण कालिक अध्यक्ष रखा जाएगा, जबकि चयन पैनल को तीन से पांच सदस्यीय कर दिया जाएगा। इसमें दो स्वतंत्र चयनकर्ता और ऑस्ट्रेलियाई कोच तथा कप्तान शामिल होंगे। मुख्य कोच की भूमिका अभी नीलसन के हाथ में है, जिसे और व्यापक कर दिया जाएगा। इसमें सभी की भूमिका तय होगी, इसलिए उन्हें अपने पद के लिए दोबारा आवेदन करना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा चयनकर्ता ग्रेग चैपल को इस पद पर जारी नहीं रहना चाहिए, जबकि वह राष्ट्रीय प्रतिभा मैनेजर बने रह सकते हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया टीम के प्रदर्शन के लिए नया महाप्रबंधक नियुक्त करना चाहिए, जो कोचिंग, चयन और सेंटर आफ एक्सीलेंस के लिए जिम्मेदार होगा।
यह एक सारांश है: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट चयनसमिति के अध्यक्ष हिल्डिच को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा अपनाए जा रहे व्यापक बदलाव के बाद बर्खास्त कर दिया गया है। कोच नीलसन को भी पद के लिए दोबारा आवेदन करना पड़ेगा।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने कहा है कि रंगभेद विरोधी आंदोलन के नेता नेल्सन मंडेला का 95वां जन्मदिन मनाने के लिए पूरा देश तैयार है। फेफड़े में संक्रमण से जूझ रहे मंडेला तीन सप्ताह से अधिक समय से अस्पताल में भर्ती हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, मंडेला की सेहत की ताजा स्थिति बारे में अवगत कराते हुए जुमा ने कहा कि मंडेला की हालत अभी भी नाजुक, लेकिन स्थिर बनी हुई। जुमा ने कहा, हम सभी देशवासियों को याद दिलाते हैं कि वे 18 जुलाई को मंडेला का जन्मदिन मनाने की योजना बनाना शुरू करें। हम सभी को अपने पूर्व राष्ट्रपति के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप इस दिन मानवता के लिए कुछ अच्छा काम करना चाहिए। जुमा ने मंडेला एवं उनके परिवार को अपने भीतर और अपनी प्रार्थनाओं में बनाए रखने के लिए जनता को धन्यवाद दिया। टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र ने 2009 में मंडेला के जन्मदिन 18 जुलाई को 'नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे' के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। दक्षिण अफ्रीका में चौथे 'अंतरराष्ट्रीय मंडेला दिवस' पर आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। साथ ही कई संस्थाओं ने भी परोपकार के कार्य के अलावा अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, मंडेला की सेहत की ताजा स्थिति बारे में अवगत कराते हुए जुमा ने कहा कि मंडेला की हालत अभी भी नाजुक, लेकिन स्थिर बनी हुई। जुमा ने कहा, हम सभी देशवासियों को याद दिलाते हैं कि वे 18 जुलाई को मंडेला का जन्मदिन मनाने की योजना बनाना शुरू करें। हम सभी को अपने पूर्व राष्ट्रपति के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप इस दिन मानवता के लिए कुछ अच्छा काम करना चाहिए। जुमा ने मंडेला एवं उनके परिवार को अपने भीतर और अपनी प्रार्थनाओं में बनाए रखने के लिए जनता को धन्यवाद दिया। टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र ने 2009 में मंडेला के जन्मदिन 18 जुलाई को 'नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे' के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। दक्षिण अफ्रीका में चौथे 'अंतरराष्ट्रीय मंडेला दिवस' पर आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। साथ ही कई संस्थाओं ने भी परोपकार के कार्य के अलावा अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है। जुमा ने कहा, हम सभी देशवासियों को याद दिलाते हैं कि वे 18 जुलाई को मंडेला का जन्मदिन मनाने की योजना बनाना शुरू करें। हम सभी को अपने पूर्व राष्ट्रपति के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप इस दिन मानवता के लिए कुछ अच्छा काम करना चाहिए। जुमा ने मंडेला एवं उनके परिवार को अपने भीतर और अपनी प्रार्थनाओं में बनाए रखने के लिए जनता को धन्यवाद दिया। टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र ने 2009 में मंडेला के जन्मदिन 18 जुलाई को 'नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे' के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। दक्षिण अफ्रीका में चौथे 'अंतरराष्ट्रीय मंडेला दिवस' पर आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। साथ ही कई संस्थाओं ने भी परोपकार के कार्य के अलावा अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है। जुमा ने मंडेला एवं उनके परिवार को अपने भीतर और अपनी प्रार्थनाओं में बनाए रखने के लिए जनता को धन्यवाद दिया। टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र ने 2009 में मंडेला के जन्मदिन 18 जुलाई को 'नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे' के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। दक्षिण अफ्रीका में चौथे 'अंतरराष्ट्रीय मंडेला दिवस' पर आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। साथ ही कई संस्थाओं ने भी परोपकार के कार्य के अलावा अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है। संयुक्त राष्ट्र ने 2009 में मंडेला के जन्मदिन 18 जुलाई को 'नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे' के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। दक्षिण अफ्रीका में चौथे 'अंतरराष्ट्रीय मंडेला दिवस' पर आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। साथ ही कई संस्थाओं ने भी परोपकार के कार्य के अलावा अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है। दक्षिण अफ्रीका में चौथे 'अंतरराष्ट्रीय मंडेला दिवस' पर आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। साथ ही कई संस्थाओं ने भी परोपकार के कार्य के अलावा अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने कहा है कि रंगभेद विरोधी आंदोलन के नेता नेल्सन मंडेला का 95वां जन्मदिन मनाने के लिए पूरा देश तैयार है।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय कंपनियां अपने शीर्ष प्रबंधन को मोटी तनख्वाह और पैकेज देती हैं, यह आम धारणा प्रबल होने के बीच सरकार चाहती है कि कंपनियां अपने प्रवर्तकों और सीईओ को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की सूचना सार्वजनिक करें। कंपनी मामलों के मंत्री सचिन पायलट ने कहा, आम लोगों के बीच यह बहस जोर पकड़ चुकी है कि कंपनियां अपने शीर्ष प्रबंधन कर्मियों को मोटी तनख्वाह और सुविधाएं देती हैं। उन्होंने कहा, यह उनकी गाढ़ी मेहनत की कमाई हो सकती है, लेकिन अमीर और गरीब के बीच खाई तेजी से बढ़ रही है यह धारणा प्रबल हो रही है, इसलिए इस संबंध में कदम उठाए जाने की जरूरत है।टिप्पणियां पायलट ने कहा कि कई मामलों में लोग सोचते हैं कि आम कर्मचारियों को पर्याप्त पैसा नहीं मिल रहा है। कंपनियों को अपने प्रवर्तकों, प्रमुख और मध्यम स्तर के कर्मचारियों को दी जाने वाली तनख्वाह की रिपोर्ट साल के अंत में जारी करनी चाहिए। नियमों के तहत कंपनी के शुद्ध लाभ का पांच प्रतिशत से ज्यादा किसी एक निदेशक को बतौर पारिश्रमिक नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, यद्यपि हमने यह सीमा बरकरार रखी है... खुलासा करने के नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। कंपनी मामलों के मंत्री सचिन पायलट ने कहा, आम लोगों के बीच यह बहस जोर पकड़ चुकी है कि कंपनियां अपने शीर्ष प्रबंधन कर्मियों को मोटी तनख्वाह और सुविधाएं देती हैं। उन्होंने कहा, यह उनकी गाढ़ी मेहनत की कमाई हो सकती है, लेकिन अमीर और गरीब के बीच खाई तेजी से बढ़ रही है यह धारणा प्रबल हो रही है, इसलिए इस संबंध में कदम उठाए जाने की जरूरत है।टिप्पणियां पायलट ने कहा कि कई मामलों में लोग सोचते हैं कि आम कर्मचारियों को पर्याप्त पैसा नहीं मिल रहा है। कंपनियों को अपने प्रवर्तकों, प्रमुख और मध्यम स्तर के कर्मचारियों को दी जाने वाली तनख्वाह की रिपोर्ट साल के अंत में जारी करनी चाहिए। नियमों के तहत कंपनी के शुद्ध लाभ का पांच प्रतिशत से ज्यादा किसी एक निदेशक को बतौर पारिश्रमिक नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, यद्यपि हमने यह सीमा बरकरार रखी है... खुलासा करने के नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। पायलट ने कहा कि कई मामलों में लोग सोचते हैं कि आम कर्मचारियों को पर्याप्त पैसा नहीं मिल रहा है। कंपनियों को अपने प्रवर्तकों, प्रमुख और मध्यम स्तर के कर्मचारियों को दी जाने वाली तनख्वाह की रिपोर्ट साल के अंत में जारी करनी चाहिए। नियमों के तहत कंपनी के शुद्ध लाभ का पांच प्रतिशत से ज्यादा किसी एक निदेशक को बतौर पारिश्रमिक नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, यद्यपि हमने यह सीमा बरकरार रखी है... खुलासा करने के नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। नियमों के तहत कंपनी के शुद्ध लाभ का पांच प्रतिशत से ज्यादा किसी एक निदेशक को बतौर पारिश्रमिक नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, यद्यपि हमने यह सीमा बरकरार रखी है... खुलासा करने के नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं।
यहाँ एक सारांश है:भारतीय कंपनियां अपने शीर्ष प्रबंधन को मोटी तनख्वाह और पैकेज देती हैं, यह आम धारणा प्रबल होने के बीच सरकार चाहती है कि कंपनियां अपने प्रवर्तकों और सीईओ को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की सूचना सार्वजनिक करें।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: व्हार्टन भारत आर्थिक मंच पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को रद्द किए जाने के विरोध में शिवसेना के नेता सुरेश प्रभु ने अपनी वार्टन यात्रा रद्द कर दी है। प्रभु ने कहा, ‘‘व्हार्टन ने खुद उन्हें (मोदी को) आमंत्रित किया था। मोदी ने नहीं कहा था कि उन्हें निमंत्रण दिया जाए। और अगर आप उस निमंत्रण को रद्द कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि यह सिर्फ गुजरात के मुख्यमंत्री का ही नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है। वार्टन यात्रा रद्द करने की वजह के बारे में प्रभु ने कहा, मैं दुनियाभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक नियमित वक्ता रहा हूं, फिर वह चाहे अमेरिका हो या जापान, सिंगापुर हो या मध्यपूर्व।टिप्पणियां उन्होंने कहा, यह (मोदी का निमंत्रण रद्द) फैसला हास्यास्पद है। मोदी ने यह निमंत्रण नहीं मांगा था। वह लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता हैं और तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं। मोदी ऐसे नहीं हैं, जो किसी की मदद से ऊपर उठे हों। वह चुनाव आयोग द्वारा कराए गए चुनावों में लोगों द्वारा चुने जाने पर उनके प्रतिनिधि बनकर आए हैं। उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय एक ऐसी जगह होनी चाहिए जहां विभिन्न विचारों पर बहस हो। इस तरह का फैसला समझ से बाहर है, खासकर तब जबकि वह एक अमेरिकी विश्वविद्यालय द्वारा लिया गया हो। प्रभु ने कहा, गुजरात भारत का अग्रणी विकसित और औद्योगिक राज्य है। सभी उद्यमी गुजरात आ रहे हैं, फिर वे चाहे टाटा हों या अंबानी या फिर कोई अन्य वैश्विक उद्यमी नेता। प्रभु ने कहा, ‘‘व्हार्टन ने खुद उन्हें (मोदी को) आमंत्रित किया था। मोदी ने नहीं कहा था कि उन्हें निमंत्रण दिया जाए। और अगर आप उस निमंत्रण को रद्द कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि यह सिर्फ गुजरात के मुख्यमंत्री का ही नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है। वार्टन यात्रा रद्द करने की वजह के बारे में प्रभु ने कहा, मैं दुनियाभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक नियमित वक्ता रहा हूं, फिर वह चाहे अमेरिका हो या जापान, सिंगापुर हो या मध्यपूर्व।टिप्पणियां उन्होंने कहा, यह (मोदी का निमंत्रण रद्द) फैसला हास्यास्पद है। मोदी ने यह निमंत्रण नहीं मांगा था। वह लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता हैं और तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं। मोदी ऐसे नहीं हैं, जो किसी की मदद से ऊपर उठे हों। वह चुनाव आयोग द्वारा कराए गए चुनावों में लोगों द्वारा चुने जाने पर उनके प्रतिनिधि बनकर आए हैं। उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय एक ऐसी जगह होनी चाहिए जहां विभिन्न विचारों पर बहस हो। इस तरह का फैसला समझ से बाहर है, खासकर तब जबकि वह एक अमेरिकी विश्वविद्यालय द्वारा लिया गया हो। प्रभु ने कहा, गुजरात भारत का अग्रणी विकसित और औद्योगिक राज्य है। सभी उद्यमी गुजरात आ रहे हैं, फिर वे चाहे टाटा हों या अंबानी या फिर कोई अन्य वैश्विक उद्यमी नेता। उन्होंने कहा, यह (मोदी का निमंत्रण रद्द) फैसला हास्यास्पद है। मोदी ने यह निमंत्रण नहीं मांगा था। वह लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता हैं और तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं। मोदी ऐसे नहीं हैं, जो किसी की मदद से ऊपर उठे हों। वह चुनाव आयोग द्वारा कराए गए चुनावों में लोगों द्वारा चुने जाने पर उनके प्रतिनिधि बनकर आए हैं। उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय एक ऐसी जगह होनी चाहिए जहां विभिन्न विचारों पर बहस हो। इस तरह का फैसला समझ से बाहर है, खासकर तब जबकि वह एक अमेरिकी विश्वविद्यालय द्वारा लिया गया हो। प्रभु ने कहा, गुजरात भारत का अग्रणी विकसित और औद्योगिक राज्य है। सभी उद्यमी गुजरात आ रहे हैं, फिर वे चाहे टाटा हों या अंबानी या फिर कोई अन्य वैश्विक उद्यमी नेता। उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय एक ऐसी जगह होनी चाहिए जहां विभिन्न विचारों पर बहस हो। इस तरह का फैसला समझ से बाहर है, खासकर तब जबकि वह एक अमेरिकी विश्वविद्यालय द्वारा लिया गया हो। प्रभु ने कहा, गुजरात भारत का अग्रणी विकसित और औद्योगिक राज्य है। सभी उद्यमी गुजरात आ रहे हैं, फिर वे चाहे टाटा हों या अंबानी या फिर कोई अन्य वैश्विक उद्यमी नेता।
यह एक सारांश है: व्हार्टन भारत आर्थिक मंच पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को रद्द किए जाने के विरोध में शिवसेना के नेता सुरेश प्रभु ने अपनी वार्टन यात्रा रद्द कर दी है।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: अक्‍सर हमें शिकायत रहती है कि सरकार ये काम नहीं करती, सरकार वह काम नहीं करती. लेकिन जब चुनाव आते हैं और वोट देने की बारी आती है तब कई लोग मतदान केंद्रों तक जाने की जहमत भी नहीं उठाते. मतदान के बाद पता चलता है कि कभी 50 फीसदी, तो कभी 60-65 फीसदी लोगों ने ही वोट डाले. सरकारें भी मतदान को बढ़ावा देने के लिए तरह तरह के प्रचार अभियान चलाती हैं लेकिन लोग हैं कि मानते नहीं. हालांकि हाल के दिनों में मतदान का प्रतिशत पहले की तुलना में कुछ बढ़ा जरूर है लेकिन फिर भी यह नाकाफी है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने व्‍यवस्‍था दी है कि अगर आप वोट नहीं डालते तो आपको सरकार से सवाल करने या उसे दोष देने का ‘कोई हक नहीं’ है. देश में अतिक्रमणों को हटाने के लिए एक व्यापक आदेश देने की मांग कर रहे एक कार्यकर्ता ने स्वीकार किया कि उसने कभी भी वोट नहीं डाला, जिसके बाद अदालत ने यह टिप्पणी की. प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अतिक्रमण से जुड़े मामले में व्यापक आदेश जारी नहीं कर सकता क्योंकि यह मामला राज्यों से जुड़ा है. उन्होंने कहा, ‘आप सरकार को हर चीज के लिए दोष नहीं दे सकते. अगर कोई व्यक्ति मतदान नहीं करता है तो उसे सरकार से सवाल करने का कोई हक नहीं है.’ खेहर की अध्यक्षता में सुनवाई कर रही पीठ में न्यायमूर्ति एन वी रामन्ना और डी वाई चंद्रचूड़ शामिल थे. पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के लिए दिल्ली में बैठकर अतिक्रमणों पर ध्यान देना संभव नहीं है और जब भी याचिकाकर्ता सड़कों या फुटपाथ पर इस तरह का अतिक्रमण देखे, वह विभिन्न उच्च न्यायालयों का रुख करे.टिप्पणियां न्यायालय ने साथ ही कहा कि अगर याचिकाकर्ता उच्च न्यायालयों का रुख नहीं करता है तो उसे लगेगा कि वह उच्चतम न्यायालय महज प्रचार के लिए आया है. न्यायालय ने यह कड़ी टिप्पणी दिल्ली के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ की ओर से व्यक्तिगत रूप से पेश हुए धनेश लेशधन की याचिका पर सुनवाई करते हुए की. याचिकाकर्ता ने कहा था कि अतिक्रमण हटाने के लिए सरकारें कुछ नहीं करती. वह देशभर से अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापक आदेश देने की मांग करते रहे. पीठ ने तब धनेश से पूछा कि उन्होंने मतदान किया है या नहीं. इस पर धनेश ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी मतदान नहीं किया.’ इससे नाराज पीठ ने कहा, ‘अगर आपने वोट नहीं डाला तो आपको सरकार से सवाल करने या उसे दोष देने का कोई हक नहीं है.’ देश में अतिक्रमणों को हटाने के लिए एक व्यापक आदेश देने की मांग कर रहे एक कार्यकर्ता ने स्वीकार किया कि उसने कभी भी वोट नहीं डाला, जिसके बाद अदालत ने यह टिप्पणी की. प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अतिक्रमण से जुड़े मामले में व्यापक आदेश जारी नहीं कर सकता क्योंकि यह मामला राज्यों से जुड़ा है. उन्होंने कहा, ‘आप सरकार को हर चीज के लिए दोष नहीं दे सकते. अगर कोई व्यक्ति मतदान नहीं करता है तो उसे सरकार से सवाल करने का कोई हक नहीं है.’ खेहर की अध्यक्षता में सुनवाई कर रही पीठ में न्यायमूर्ति एन वी रामन्ना और डी वाई चंद्रचूड़ शामिल थे. पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के लिए दिल्ली में बैठकर अतिक्रमणों पर ध्यान देना संभव नहीं है और जब भी याचिकाकर्ता सड़कों या फुटपाथ पर इस तरह का अतिक्रमण देखे, वह विभिन्न उच्च न्यायालयों का रुख करे.टिप्पणियां न्यायालय ने साथ ही कहा कि अगर याचिकाकर्ता उच्च न्यायालयों का रुख नहीं करता है तो उसे लगेगा कि वह उच्चतम न्यायालय महज प्रचार के लिए आया है. न्यायालय ने यह कड़ी टिप्पणी दिल्ली के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ की ओर से व्यक्तिगत रूप से पेश हुए धनेश लेशधन की याचिका पर सुनवाई करते हुए की. याचिकाकर्ता ने कहा था कि अतिक्रमण हटाने के लिए सरकारें कुछ नहीं करती. वह देशभर से अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापक आदेश देने की मांग करते रहे. पीठ ने तब धनेश से पूछा कि उन्होंने मतदान किया है या नहीं. इस पर धनेश ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी मतदान नहीं किया.’ इससे नाराज पीठ ने कहा, ‘अगर आपने वोट नहीं डाला तो आपको सरकार से सवाल करने या उसे दोष देने का कोई हक नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘आप सरकार को हर चीज के लिए दोष नहीं दे सकते. अगर कोई व्यक्ति मतदान नहीं करता है तो उसे सरकार से सवाल करने का कोई हक नहीं है.’ खेहर की अध्यक्षता में सुनवाई कर रही पीठ में न्यायमूर्ति एन वी रामन्ना और डी वाई चंद्रचूड़ शामिल थे. पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के लिए दिल्ली में बैठकर अतिक्रमणों पर ध्यान देना संभव नहीं है और जब भी याचिकाकर्ता सड़कों या फुटपाथ पर इस तरह का अतिक्रमण देखे, वह विभिन्न उच्च न्यायालयों का रुख करे.टिप्पणियां न्यायालय ने साथ ही कहा कि अगर याचिकाकर्ता उच्च न्यायालयों का रुख नहीं करता है तो उसे लगेगा कि वह उच्चतम न्यायालय महज प्रचार के लिए आया है. न्यायालय ने यह कड़ी टिप्पणी दिल्ली के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ की ओर से व्यक्तिगत रूप से पेश हुए धनेश लेशधन की याचिका पर सुनवाई करते हुए की. याचिकाकर्ता ने कहा था कि अतिक्रमण हटाने के लिए सरकारें कुछ नहीं करती. वह देशभर से अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापक आदेश देने की मांग करते रहे. पीठ ने तब धनेश से पूछा कि उन्होंने मतदान किया है या नहीं. इस पर धनेश ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी मतदान नहीं किया.’ इससे नाराज पीठ ने कहा, ‘अगर आपने वोट नहीं डाला तो आपको सरकार से सवाल करने या उसे दोष देने का कोई हक नहीं है.’ न्यायालय ने साथ ही कहा कि अगर याचिकाकर्ता उच्च न्यायालयों का रुख नहीं करता है तो उसे लगेगा कि वह उच्चतम न्यायालय महज प्रचार के लिए आया है. न्यायालय ने यह कड़ी टिप्पणी दिल्ली के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ की ओर से व्यक्तिगत रूप से पेश हुए धनेश लेशधन की याचिका पर सुनवाई करते हुए की. याचिकाकर्ता ने कहा था कि अतिक्रमण हटाने के लिए सरकारें कुछ नहीं करती. वह देशभर से अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापक आदेश देने की मांग करते रहे. पीठ ने तब धनेश से पूछा कि उन्होंने मतदान किया है या नहीं. इस पर धनेश ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी मतदान नहीं किया.’ इससे नाराज पीठ ने कहा, ‘अगर आपने वोट नहीं डाला तो आपको सरकार से सवाल करने या उसे दोष देने का कोई हक नहीं है.’ पीठ ने तब धनेश से पूछा कि उन्होंने मतदान किया है या नहीं. इस पर धनेश ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी मतदान नहीं किया.’ इससे नाराज पीठ ने कहा, ‘अगर आपने वोट नहीं डाला तो आपको सरकार से सवाल करने या उसे दोष देने का कोई हक नहीं है.’
संक्षिप्त सारांश: ‘आप सरकार को हर चीज के लिए दोष नहीं दे सकते' 'दिल्ली में बैठकर अतिक्रमणों पर ध्यान देना संभव नहीं है' अतिक्रमण से जुड़े मामले पर आदेश देने से कोर्ट ने किया इनकार
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मौजूदा आर्थिक संकट पर व्यवसाय, श्रम व नागरिक समुदाय के लोगों एवं कांग्रेस के नेताओं के साथ व्यापक विचार विमर्श के लिए पेप्सिको की सीईओ इंद्रा नूयी समेत कम से कम तीन भारतीय अमेरिकियों को आमंत्रित किया है।टिप्पणियां सेंटर ऑर अमेरिकन प्रोग्रेस की अध्यक्ष नीरा टंडन और सेंटर फॉर कम्युनिटी चेंज के दीपक भार्गव अन्य भारतीय अमेरिकी हैं जिन्हें ओबामा ने न्यौता भेजा है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इस सप्ताह कारोबार जगत, श्रम, प्रगतिशील एवं समाज के लोगों के साथ ही कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात कर अर्थव्यवस्था को बेहतर तरीके से आगे ले जाने के उपायों पर चर्चा करेंगे। सेंटर ऑर अमेरिकन प्रोग्रेस की अध्यक्ष नीरा टंडन और सेंटर फॉर कम्युनिटी चेंज के दीपक भार्गव अन्य भारतीय अमेरिकी हैं जिन्हें ओबामा ने न्यौता भेजा है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इस सप्ताह कारोबार जगत, श्रम, प्रगतिशील एवं समाज के लोगों के साथ ही कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात कर अर्थव्यवस्था को बेहतर तरीके से आगे ले जाने के उपायों पर चर्चा करेंगे। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इस सप्ताह कारोबार जगत, श्रम, प्रगतिशील एवं समाज के लोगों के साथ ही कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात कर अर्थव्यवस्था को बेहतर तरीके से आगे ले जाने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मौजूदा आर्थिक संकट पर व्यवसाय, श्रम व नागरिक समुदाय के लोगों एवं कांग्रेस के नेताओं के साथ व्यापक विचार विमर्श के लिए पेप्सिको की सीईओ इंद्रा नूयी समेत कम से कम तीन भारतीय अमेरिकियों को आमंत्रित किया है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के सिलसिले में जेल में बंद पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा की जमानत अर्जी पर फैसला शुक्रवार को 15 मई तक के लिए टाल दिया। सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश ओपी सैनी ने कहा, "दलीलें सुनी गईं, फैसला 15 मई तक के लिए टाल दिया गया है।" राजा ने इस मामले के एक अन्य आरोपी पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा को बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिलने का जिक्र करते हुए समानता के आधार पर अपने लिए भी जमानत की अर्जी सीबीआई की अदालत में दी थी। राजा के वकील रमेश गुप्ता ने सर्वोच्च न्यायालय से बेहुरा को मिली जमानत का जिक्र करते हुए कहा कि समानता के आधार पर राजा को भी जमानत दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, "राजा काफी समय से मंत्री नहीं हैं और जेल में बंद हैं। रिकॉर्ड बताते हैं कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तुलना में उनका रवैया अधिक सहयोगात्मक है।"टिप्पणियां वहीं, सीबीआई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राजा पर 200 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है, जो उनके मामले को बेहुरा से बहुत अलग बनाता है। सीबीआई के वकील एके सिंह ने कहा कि राजा पर उन सभी आरोपियों से अधिक गम्भीर अरोप हैं, जो जमानत पर रिहा किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मामले की सुनवाई महत्वपूर्ण मोड़ है और यदि राजा को रिहा किया गया तो वह इससे जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि उनमें से कुछ राजा के गृह राज्य तमिलनाडु से हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले के कुछ पहलुओं की जांच अब भी जारी है। सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश ओपी सैनी ने कहा, "दलीलें सुनी गईं, फैसला 15 मई तक के लिए टाल दिया गया है।" राजा ने इस मामले के एक अन्य आरोपी पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा को बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिलने का जिक्र करते हुए समानता के आधार पर अपने लिए भी जमानत की अर्जी सीबीआई की अदालत में दी थी। राजा के वकील रमेश गुप्ता ने सर्वोच्च न्यायालय से बेहुरा को मिली जमानत का जिक्र करते हुए कहा कि समानता के आधार पर राजा को भी जमानत दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, "राजा काफी समय से मंत्री नहीं हैं और जेल में बंद हैं। रिकॉर्ड बताते हैं कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तुलना में उनका रवैया अधिक सहयोगात्मक है।"टिप्पणियां वहीं, सीबीआई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राजा पर 200 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है, जो उनके मामले को बेहुरा से बहुत अलग बनाता है। सीबीआई के वकील एके सिंह ने कहा कि राजा पर उन सभी आरोपियों से अधिक गम्भीर अरोप हैं, जो जमानत पर रिहा किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मामले की सुनवाई महत्वपूर्ण मोड़ है और यदि राजा को रिहा किया गया तो वह इससे जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि उनमें से कुछ राजा के गृह राज्य तमिलनाडु से हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले के कुछ पहलुओं की जांच अब भी जारी है। राजा ने इस मामले के एक अन्य आरोपी पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा को बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिलने का जिक्र करते हुए समानता के आधार पर अपने लिए भी जमानत की अर्जी सीबीआई की अदालत में दी थी। राजा के वकील रमेश गुप्ता ने सर्वोच्च न्यायालय से बेहुरा को मिली जमानत का जिक्र करते हुए कहा कि समानता के आधार पर राजा को भी जमानत दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, "राजा काफी समय से मंत्री नहीं हैं और जेल में बंद हैं। रिकॉर्ड बताते हैं कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तुलना में उनका रवैया अधिक सहयोगात्मक है।"टिप्पणियां वहीं, सीबीआई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राजा पर 200 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है, जो उनके मामले को बेहुरा से बहुत अलग बनाता है। सीबीआई के वकील एके सिंह ने कहा कि राजा पर उन सभी आरोपियों से अधिक गम्भीर अरोप हैं, जो जमानत पर रिहा किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मामले की सुनवाई महत्वपूर्ण मोड़ है और यदि राजा को रिहा किया गया तो वह इससे जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि उनमें से कुछ राजा के गृह राज्य तमिलनाडु से हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले के कुछ पहलुओं की जांच अब भी जारी है। राजा के वकील रमेश गुप्ता ने सर्वोच्च न्यायालय से बेहुरा को मिली जमानत का जिक्र करते हुए कहा कि समानता के आधार पर राजा को भी जमानत दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, "राजा काफी समय से मंत्री नहीं हैं और जेल में बंद हैं। रिकॉर्ड बताते हैं कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तुलना में उनका रवैया अधिक सहयोगात्मक है।"टिप्पणियां वहीं, सीबीआई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राजा पर 200 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है, जो उनके मामले को बेहुरा से बहुत अलग बनाता है। सीबीआई के वकील एके सिंह ने कहा कि राजा पर उन सभी आरोपियों से अधिक गम्भीर अरोप हैं, जो जमानत पर रिहा किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मामले की सुनवाई महत्वपूर्ण मोड़ है और यदि राजा को रिहा किया गया तो वह इससे जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि उनमें से कुछ राजा के गृह राज्य तमिलनाडु से हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले के कुछ पहलुओं की जांच अब भी जारी है। वहीं, सीबीआई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राजा पर 200 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है, जो उनके मामले को बेहुरा से बहुत अलग बनाता है। सीबीआई के वकील एके सिंह ने कहा कि राजा पर उन सभी आरोपियों से अधिक गम्भीर अरोप हैं, जो जमानत पर रिहा किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मामले की सुनवाई महत्वपूर्ण मोड़ है और यदि राजा को रिहा किया गया तो वह इससे जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि उनमें से कुछ राजा के गृह राज्य तमिलनाडु से हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले के कुछ पहलुओं की जांच अब भी जारी है। सिंह ने कहा कि मामले की सुनवाई महत्वपूर्ण मोड़ है और यदि राजा को रिहा किया गया तो वह इससे जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि उनमें से कुछ राजा के गृह राज्य तमिलनाडु से हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले के कुछ पहलुओं की जांच अब भी जारी है।
संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के सिलसिले में जेल में बंद पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा की जमानत अर्जी पर फैसला शुक्रवार को 15 मई तक के लिए टाल दिया।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर ‘पेशाब’ संबंधी अपनी टिप्पणी के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहे राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने जिले के कराड इलाके में रविवार को दिनभर का ‘आत्म-क्लेश’ (प्रायश्चित) उपवास शुरू किया है। राकांपा नेता ने महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री, दिवंगत यशवंतराव चव्हाण के स्मारक पर अपना उपवास शुरू किया। अजित के चाचा और राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को अपने भतीजे की टिप्पणियों को अनुचित बताया था। अजित अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए पहले ही माफी मांग चुके हैं लेकिन विपक्षी दलों शिवसेना, भाजपा और मनसे ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से राज्य विधायिका की कार्यवाही ठप कर रखी है। अजित ने रविवार को कहा कि वह प्रायश्चित करने के लिए उपवास कर रहे हैं, यह कोई नाटक नहीं है। राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने अजित के उपवास का समर्थन करते हुए रविवार को मुंबई में कहा, ‘‘उन्होंने तहे दिल से अपनी गलती स्वीकार कर ली है। वह संवदेनशील हैं, इसलिए उन्हें दर्द महसूस हुआ।’’टिप्पणियां मलिक ने कहा, ‘‘यह मामला बंद कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंने माफी मांग ली है।’’ लेकिन शिवेसना नेता दिवाकर राउते ने कहा कि उपवास करने की बजाय अजित पवार को इस्तीफा दे देना चाहिए। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अजित के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘‘घटना के बाद प्रायश्चित करने का कोई फायदा नहीं।’’ भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि पवार को इस्तीफा देकर सूखा प्रभावित लोगों के लिए काम करना चाहिए। राकांपा नेता ने महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री, दिवंगत यशवंतराव चव्हाण के स्मारक पर अपना उपवास शुरू किया। अजित के चाचा और राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को अपने भतीजे की टिप्पणियों को अनुचित बताया था। अजित अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए पहले ही माफी मांग चुके हैं लेकिन विपक्षी दलों शिवसेना, भाजपा और मनसे ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से राज्य विधायिका की कार्यवाही ठप कर रखी है। अजित ने रविवार को कहा कि वह प्रायश्चित करने के लिए उपवास कर रहे हैं, यह कोई नाटक नहीं है। राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने अजित के उपवास का समर्थन करते हुए रविवार को मुंबई में कहा, ‘‘उन्होंने तहे दिल से अपनी गलती स्वीकार कर ली है। वह संवदेनशील हैं, इसलिए उन्हें दर्द महसूस हुआ।’’टिप्पणियां मलिक ने कहा, ‘‘यह मामला बंद कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंने माफी मांग ली है।’’ लेकिन शिवेसना नेता दिवाकर राउते ने कहा कि उपवास करने की बजाय अजित पवार को इस्तीफा दे देना चाहिए। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अजित के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘‘घटना के बाद प्रायश्चित करने का कोई फायदा नहीं।’’ भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि पवार को इस्तीफा देकर सूखा प्रभावित लोगों के लिए काम करना चाहिए। अजित के चाचा और राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को अपने भतीजे की टिप्पणियों को अनुचित बताया था। अजित अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए पहले ही माफी मांग चुके हैं लेकिन विपक्षी दलों शिवसेना, भाजपा और मनसे ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से राज्य विधायिका की कार्यवाही ठप कर रखी है। अजित ने रविवार को कहा कि वह प्रायश्चित करने के लिए उपवास कर रहे हैं, यह कोई नाटक नहीं है। राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने अजित के उपवास का समर्थन करते हुए रविवार को मुंबई में कहा, ‘‘उन्होंने तहे दिल से अपनी गलती स्वीकार कर ली है। वह संवदेनशील हैं, इसलिए उन्हें दर्द महसूस हुआ।’’टिप्पणियां मलिक ने कहा, ‘‘यह मामला बंद कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंने माफी मांग ली है।’’ लेकिन शिवेसना नेता दिवाकर राउते ने कहा कि उपवास करने की बजाय अजित पवार को इस्तीफा दे देना चाहिए। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अजित के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘‘घटना के बाद प्रायश्चित करने का कोई फायदा नहीं।’’ भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि पवार को इस्तीफा देकर सूखा प्रभावित लोगों के लिए काम करना चाहिए। अजित अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए पहले ही माफी मांग चुके हैं लेकिन विपक्षी दलों शिवसेना, भाजपा और मनसे ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से राज्य विधायिका की कार्यवाही ठप कर रखी है। अजित ने रविवार को कहा कि वह प्रायश्चित करने के लिए उपवास कर रहे हैं, यह कोई नाटक नहीं है। राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने अजित के उपवास का समर्थन करते हुए रविवार को मुंबई में कहा, ‘‘उन्होंने तहे दिल से अपनी गलती स्वीकार कर ली है। वह संवदेनशील हैं, इसलिए उन्हें दर्द महसूस हुआ।’’टिप्पणियां मलिक ने कहा, ‘‘यह मामला बंद कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंने माफी मांग ली है।’’ लेकिन शिवेसना नेता दिवाकर राउते ने कहा कि उपवास करने की बजाय अजित पवार को इस्तीफा दे देना चाहिए। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अजित के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘‘घटना के बाद प्रायश्चित करने का कोई फायदा नहीं।’’ भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि पवार को इस्तीफा देकर सूखा प्रभावित लोगों के लिए काम करना चाहिए। अजित ने रविवार को कहा कि वह प्रायश्चित करने के लिए उपवास कर रहे हैं, यह कोई नाटक नहीं है। राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने अजित के उपवास का समर्थन करते हुए रविवार को मुंबई में कहा, ‘‘उन्होंने तहे दिल से अपनी गलती स्वीकार कर ली है। वह संवदेनशील हैं, इसलिए उन्हें दर्द महसूस हुआ।’’टिप्पणियां मलिक ने कहा, ‘‘यह मामला बंद कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंने माफी मांग ली है।’’ लेकिन शिवेसना नेता दिवाकर राउते ने कहा कि उपवास करने की बजाय अजित पवार को इस्तीफा दे देना चाहिए। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अजित के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘‘घटना के बाद प्रायश्चित करने का कोई फायदा नहीं।’’ भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि पवार को इस्तीफा देकर सूखा प्रभावित लोगों के लिए काम करना चाहिए। राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने अजित के उपवास का समर्थन करते हुए रविवार को मुंबई में कहा, ‘‘उन्होंने तहे दिल से अपनी गलती स्वीकार कर ली है। वह संवदेनशील हैं, इसलिए उन्हें दर्द महसूस हुआ।’’टिप्पणियां मलिक ने कहा, ‘‘यह मामला बंद कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंने माफी मांग ली है।’’ लेकिन शिवेसना नेता दिवाकर राउते ने कहा कि उपवास करने की बजाय अजित पवार को इस्तीफा दे देना चाहिए। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अजित के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘‘घटना के बाद प्रायश्चित करने का कोई फायदा नहीं।’’ भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि पवार को इस्तीफा देकर सूखा प्रभावित लोगों के लिए काम करना चाहिए। मलिक ने कहा, ‘‘यह मामला बंद कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंने माफी मांग ली है।’’ लेकिन शिवेसना नेता दिवाकर राउते ने कहा कि उपवास करने की बजाय अजित पवार को इस्तीफा दे देना चाहिए। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अजित के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘‘घटना के बाद प्रायश्चित करने का कोई फायदा नहीं।’’ भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि पवार को इस्तीफा देकर सूखा प्रभावित लोगों के लिए काम करना चाहिए। मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अजित के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘‘घटना के बाद प्रायश्चित करने का कोई फायदा नहीं।’’ भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि पवार को इस्तीफा देकर सूखा प्रभावित लोगों के लिए काम करना चाहिए।
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर ‘पेशाब’ संबंधी अपनी टिप्पणी के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहे राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने जिले के कराड इलाके में रविवार को दिनभर का ‘आत्म-क्लेश’ (प्रायश्चित) उपवास शुरू किया है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता मिशन के तहत के अपने संसदीय क्षेत्र में एक नई योजना 'जन प्रतिनिधियों की यात्रा' की शुरुआत की है. इसमें ग्राम प्रधान और नगर निगम के सभासदों के साथ उनके परिवार के लोगों को दिल्ली बुलाया गया है. वहां वे उनको सदन की कार्यवाही दिखाएंगे. उनके साथ चाय पियेंगे और चर्चा करेंगे.टिप्पणियां इसके अलावा जनप्रतिनिधियों को गुजरात के दो आदर्श गांव मॉडल के रूप में दिखाए जाएंगे, कि कैसे गांव का विकास हुआ है. सभासदों को गुजरात के नगर निगम की कार्यवाही और काम दिखाए जाएंगे. इसके साथ ही उन्हें सोमनाथ, द्वारिका मंदिर भी घुमाए जाएंगे. इस योजना के तहत करीब 360 प्रधानों और 80 सभासदों की टीम दिल्ली गई है. इसमें सभी दलों के लोगों को आमंत्रित किया गया है. सभासदों में कांग्रेस के लोग तो नहीं गए पर कुछ समाजवादी पार्टी के सभासद जरूर गए हैं. वे यह देखने गए हैं कि आखिर मोदी जी क्या बताते हैं. वे उनसे शिकायत करेंगे कि बनारस का कोई विकास नहीं हुआ है. इसके अलावा जनप्रतिनिधियों को गुजरात के दो आदर्श गांव मॉडल के रूप में दिखाए जाएंगे, कि कैसे गांव का विकास हुआ है. सभासदों को गुजरात के नगर निगम की कार्यवाही और काम दिखाए जाएंगे. इसके साथ ही उन्हें सोमनाथ, द्वारिका मंदिर भी घुमाए जाएंगे. इस योजना के तहत करीब 360 प्रधानों और 80 सभासदों की टीम दिल्ली गई है. इसमें सभी दलों के लोगों को आमंत्रित किया गया है. सभासदों में कांग्रेस के लोग तो नहीं गए पर कुछ समाजवादी पार्टी के सभासद जरूर गए हैं. वे यह देखने गए हैं कि आखिर मोदी जी क्या बताते हैं. वे उनसे शिकायत करेंगे कि बनारस का कोई विकास नहीं हुआ है. इस योजना के तहत करीब 360 प्रधानों और 80 सभासदों की टीम दिल्ली गई है. इसमें सभी दलों के लोगों को आमंत्रित किया गया है. सभासदों में कांग्रेस के लोग तो नहीं गए पर कुछ समाजवादी पार्टी के सभासद जरूर गए हैं. वे यह देखने गए हैं कि आखिर मोदी जी क्या बताते हैं. वे उनसे शिकायत करेंगे कि बनारस का कोई विकास नहीं हुआ है.
ग्राम प्रधान और निगम सभासद करेंगे दिल्ली और गुजरात की यात्रा संसद की कार्यवाही देखेंगे, प्रधानमंत्री से होगी चाय के साथ चर्चा जन प्रतिनिधियों के परिवार भी शामिल होंगे यात्रा में
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संस्थागत और खुदरा निवेशकों की मुनाफावसूली से सेंसेक्स आज 135.74 अंकों की गिरावट के साथ 17121.62 पर और निफ्टी 48.4 अंक की गिरावट के साथ 5194.75 पर बंद हुआ। सुबह तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 106.37 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,150.99 अंक पर खुला था वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 32.30 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,210.85 अंक पर खुला था। कारोबारियों के अनुसार कल की तेजी के बाद निवेशकों ने आज मुनाफावसूली की। इसके अलावा अमेरिकी बाजार में कल की गिरावट से आज अन्य एशियाई बाजारों में कमजोर रुख रहा जिसका घरेलू बाजार पर प्रभाव पड़ा। सुबह तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 106.37 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,150.99 अंक पर खुला था वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 32.30 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,210.85 अंक पर खुला था। कारोबारियों के अनुसार कल की तेजी के बाद निवेशकों ने आज मुनाफावसूली की। इसके अलावा अमेरिकी बाजार में कल की गिरावट से आज अन्य एशियाई बाजारों में कमजोर रुख रहा जिसका घरेलू बाजार पर प्रभाव पड़ा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेंसेक्स आज 135.74 अंकों की गिरावट के साथ 17121.62 पर और निफ्टी 48.4 अंक की गिरावट के साथ 5194.75 पर बंद हुआ।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अमेरिका भेजे गए जिस गुप्त संदेश में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद तख्तापलट की आशंका जाहिर की थी, वह संदेश वाकई में भेजा गया था और उसे हुसैन हक्कानी ने ही लिखा था। यह खुलासा इस मामले की जांच में हुआ है। जांच रपट मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय को सौंपी गई। रपट में इस बात का खुलासा होने के तत्काल बाद अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे हक्कानी ने ट्विटर पर लिखा "मेरे वकील इसे चुनौती देंगे"। जियो न्यूज के अनुसार, जांच आयोग ने इस गुप्त संदेश की जांच रपट सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय पीठ को सौंपी। रपट में यह भी कहा गया है कि हक्कानी जब विदेश में रह रहे थे, उस समय अपने देश के प्रति वफादार नहीं थे। जांच आयोग की रपट सामने आने के चंद मिनट बाद हक्कानी ने ट्विटर पर लिखा, "जिस आयोग ने मेरा पक्ष सुनने से इनकार कर दिया, उसकी एकतरफा कार्यवाहियों को मेरे वकील चुनौती देंगे।" सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त जांच आयोग ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी व्यापारी मंसूर एजाज के उस दावे की जांच की है, जिसमें उसने पिछले वर्ष कहा था कि अमेरिका के जॉइंट्स चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन के पास हक्कानी और पाकिस्तान सरकार की ओर से उसने एक गुप्त संदेश पहुंचाया था। संदेश में कहा गया था कि पिछले वर्ष मई में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडो द्वारा मारे जाने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने तख्तापलट की आशंका जाहिर की थी।टिप्पणियां इस गुप्त संदेश को लेकर एक बड़ा स्कैंडल खड़ा हुआ था, जिसके कारण हक्कानी को राजदूत पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नौ सदस्यीय पीठ गठित की गई थी, जिसे आयोग ने अपनी रपट मुहरबंद लिफाफे में सौंपी। रपट में इस बात का खुलासा होने के तत्काल बाद अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे हक्कानी ने ट्विटर पर लिखा "मेरे वकील इसे चुनौती देंगे"। जियो न्यूज के अनुसार, जांच आयोग ने इस गुप्त संदेश की जांच रपट सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय पीठ को सौंपी। रपट में यह भी कहा गया है कि हक्कानी जब विदेश में रह रहे थे, उस समय अपने देश के प्रति वफादार नहीं थे। जांच आयोग की रपट सामने आने के चंद मिनट बाद हक्कानी ने ट्विटर पर लिखा, "जिस आयोग ने मेरा पक्ष सुनने से इनकार कर दिया, उसकी एकतरफा कार्यवाहियों को मेरे वकील चुनौती देंगे।" सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त जांच आयोग ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी व्यापारी मंसूर एजाज के उस दावे की जांच की है, जिसमें उसने पिछले वर्ष कहा था कि अमेरिका के जॉइंट्स चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन के पास हक्कानी और पाकिस्तान सरकार की ओर से उसने एक गुप्त संदेश पहुंचाया था। संदेश में कहा गया था कि पिछले वर्ष मई में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडो द्वारा मारे जाने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने तख्तापलट की आशंका जाहिर की थी।टिप्पणियां इस गुप्त संदेश को लेकर एक बड़ा स्कैंडल खड़ा हुआ था, जिसके कारण हक्कानी को राजदूत पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नौ सदस्यीय पीठ गठित की गई थी, जिसे आयोग ने अपनी रपट मुहरबंद लिफाफे में सौंपी। जियो न्यूज के अनुसार, जांच आयोग ने इस गुप्त संदेश की जांच रपट सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय पीठ को सौंपी। रपट में यह भी कहा गया है कि हक्कानी जब विदेश में रह रहे थे, उस समय अपने देश के प्रति वफादार नहीं थे। जांच आयोग की रपट सामने आने के चंद मिनट बाद हक्कानी ने ट्विटर पर लिखा, "जिस आयोग ने मेरा पक्ष सुनने से इनकार कर दिया, उसकी एकतरफा कार्यवाहियों को मेरे वकील चुनौती देंगे।" सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त जांच आयोग ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी व्यापारी मंसूर एजाज के उस दावे की जांच की है, जिसमें उसने पिछले वर्ष कहा था कि अमेरिका के जॉइंट्स चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन के पास हक्कानी और पाकिस्तान सरकार की ओर से उसने एक गुप्त संदेश पहुंचाया था। संदेश में कहा गया था कि पिछले वर्ष मई में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडो द्वारा मारे जाने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने तख्तापलट की आशंका जाहिर की थी।टिप्पणियां इस गुप्त संदेश को लेकर एक बड़ा स्कैंडल खड़ा हुआ था, जिसके कारण हक्कानी को राजदूत पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नौ सदस्यीय पीठ गठित की गई थी, जिसे आयोग ने अपनी रपट मुहरबंद लिफाफे में सौंपी। रपट में यह भी कहा गया है कि हक्कानी जब विदेश में रह रहे थे, उस समय अपने देश के प्रति वफादार नहीं थे। जांच आयोग की रपट सामने आने के चंद मिनट बाद हक्कानी ने ट्विटर पर लिखा, "जिस आयोग ने मेरा पक्ष सुनने से इनकार कर दिया, उसकी एकतरफा कार्यवाहियों को मेरे वकील चुनौती देंगे।" सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त जांच आयोग ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी व्यापारी मंसूर एजाज के उस दावे की जांच की है, जिसमें उसने पिछले वर्ष कहा था कि अमेरिका के जॉइंट्स चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन के पास हक्कानी और पाकिस्तान सरकार की ओर से उसने एक गुप्त संदेश पहुंचाया था। संदेश में कहा गया था कि पिछले वर्ष मई में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडो द्वारा मारे जाने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने तख्तापलट की आशंका जाहिर की थी।टिप्पणियां इस गुप्त संदेश को लेकर एक बड़ा स्कैंडल खड़ा हुआ था, जिसके कारण हक्कानी को राजदूत पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नौ सदस्यीय पीठ गठित की गई थी, जिसे आयोग ने अपनी रपट मुहरबंद लिफाफे में सौंपी। जांच आयोग की रपट सामने आने के चंद मिनट बाद हक्कानी ने ट्विटर पर लिखा, "जिस आयोग ने मेरा पक्ष सुनने से इनकार कर दिया, उसकी एकतरफा कार्यवाहियों को मेरे वकील चुनौती देंगे।" सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त जांच आयोग ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी व्यापारी मंसूर एजाज के उस दावे की जांच की है, जिसमें उसने पिछले वर्ष कहा था कि अमेरिका के जॉइंट्स चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन के पास हक्कानी और पाकिस्तान सरकार की ओर से उसने एक गुप्त संदेश पहुंचाया था। संदेश में कहा गया था कि पिछले वर्ष मई में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडो द्वारा मारे जाने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने तख्तापलट की आशंका जाहिर की थी।टिप्पणियां इस गुप्त संदेश को लेकर एक बड़ा स्कैंडल खड़ा हुआ था, जिसके कारण हक्कानी को राजदूत पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नौ सदस्यीय पीठ गठित की गई थी, जिसे आयोग ने अपनी रपट मुहरबंद लिफाफे में सौंपी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त जांच आयोग ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी व्यापारी मंसूर एजाज के उस दावे की जांच की है, जिसमें उसने पिछले वर्ष कहा था कि अमेरिका के जॉइंट्स चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन के पास हक्कानी और पाकिस्तान सरकार की ओर से उसने एक गुप्त संदेश पहुंचाया था। संदेश में कहा गया था कि पिछले वर्ष मई में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडो द्वारा मारे जाने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने तख्तापलट की आशंका जाहिर की थी।टिप्पणियां इस गुप्त संदेश को लेकर एक बड़ा स्कैंडल खड़ा हुआ था, जिसके कारण हक्कानी को राजदूत पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नौ सदस्यीय पीठ गठित की गई थी, जिसे आयोग ने अपनी रपट मुहरबंद लिफाफे में सौंपी। संदेश में कहा गया था कि पिछले वर्ष मई में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडो द्वारा मारे जाने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने तख्तापलट की आशंका जाहिर की थी।टिप्पणियां इस गुप्त संदेश को लेकर एक बड़ा स्कैंडल खड़ा हुआ था, जिसके कारण हक्कानी को राजदूत पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नौ सदस्यीय पीठ गठित की गई थी, जिसे आयोग ने अपनी रपट मुहरबंद लिफाफे में सौंपी। इस गुप्त संदेश को लेकर एक बड़ा स्कैंडल खड़ा हुआ था, जिसके कारण हक्कानी को राजदूत पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नौ सदस्यीय पीठ गठित की गई थी, जिसे आयोग ने अपनी रपट मुहरबंद लिफाफे में सौंपी। प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नौ सदस्यीय पीठ गठित की गई थी, जिसे आयोग ने अपनी रपट मुहरबंद लिफाफे में सौंपी।
सारांश: पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अमेरिका भेजे गए जिस गुप्त संदेश में अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद तख्तापलट की आशंका जाहिर की थी, वह संदेश वाकई में भेजा गया था और उसे हुसैन हक्कानी ने ही लिखा था।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस शुक्रवार को निर्देशक सृजित मुखर्जी की फिल्म 'बेगम जान' रिलीज हो रही है. फिल्म में विद्या बालन मुख्य भूमिका निभा रही हैं वहीं चंकी पांडे नकारात्मक भूमिका में नजर आएंगे. फिल्म के निर्देशक सृजित मुखर्जी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "जब आप चंकी पांडे को मेरी फिल्म में देखेंगे, तो आप उन्हें पहचान नहीं पाएंगे. चंकी एक ऐसे दुष्ट आदमी की भूमिका निभा रहे हैं जो अपने लालच की पूर्ति के लिए कुछ भी कर सकता है." इस भूमिका के लिए चंकी पांडे ने अपने लुक में भी काफी बदलाव किया है ताकि वह अपने किरदार के करीब दिख सकें. अपने नए लुक के बारे में बात करते हुए चंकी ने पीटीआई से कहा, "मेरी पत्नी मुझे पहचान नहीं पाई. मेरा पूरा व्यक्तित्व बदल गया है. मैं शुरू में अपने लुक को लेकर थोड़ा घबराया हुआ था लेकिन खुद को देखने के बाद मैं काफी खुश हुआ. आपको अपने करियर में हर दिन 'बेगम जान' जैसी फिल्म नहीं मिलती है." पीटीआई से बात करते हुए चंकी पांडे ने आगे कहा, "सृजित ने यह अजीब, लगभग टकला लुक देकर मुझे अपनी पहचान छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया. मुझे शुरू में कहा गया कि मैं अपने बाल छोटे करवा लूं, बाद में सृजित ने मेरे पूरे बाल हटवा दिए और मुझे मेरी आईब्रो भी हटवाने के लिए कहा. मैंने उन्हें मना कर दिया क्योंकि काम को लेकर मैं लगातार ट्रैवल कर रहा था और ऐसा करने पर इमिग्रेशन पर मुझे रोका जा सकता था." अपने किरदार को लेकर चंकी पांडे के कमिटमेंट पर बात करते हुए सृजित ने कहा, "चंकी के अंदर खुद को साबित करने की एक भूख थी. मैंने उस भूख का इस्तेमाल किया. दर्शक चंकी को पहचान नहीं पाएंगे." चंकी पांडे ने पीटीआई से कहा, "सृजित दुनिया को मेरा असल एविल साइड दिखाना चाहते थे. उन्होंने मुझमें उस किरदार को देखा और 'बेगम जान' के जरिए उसे वह पूरी दुनिया को दिखाना चाहते थे. मेरे अंदर हमेशा से ही एक कमीनापन था, कॉमेडी फिल्मों में भी मेरा यह साइड कई बार सामने आया. पर कुछ ऐसा करना सच में पागलपन है. यह प्राकृतिक रूप से मुझमें आ गया और इसे लेकर मैं बेहद डरा हुआ हूं." फिल्म में विवेक मुश्रान भी विलेन की भूमिका निभा रहे हैं. उनके किरदार के बारे में बात करते हुए सृजित ने आईएएनएस को बताया, "विवेक मुश्रान की बात करें तो आपको यह स्वीकार करने में मुश्किल होगी कि सुभाष घई की 'सौदागर' का वह क्यूट, इनोसेंट लड़का ऐसा धोखेबाज भी हो सकता है."टिप्पणियां 'बेगम जान' में गौहर खान, पल्लवी शारदा और नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. यह सृजित मुखर्जी की ही बंगाली फिल्म 'राजकहिनी' का हिंदी रीमेक है. उस फिल्म में ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने मुख्य भूमिका निभाई थी. (इनपुट आईएएनएस और भाषा से) पीटीआई से बात करते हुए चंकी पांडे ने आगे कहा, "सृजित ने यह अजीब, लगभग टकला लुक देकर मुझे अपनी पहचान छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया. मुझे शुरू में कहा गया कि मैं अपने बाल छोटे करवा लूं, बाद में सृजित ने मेरे पूरे बाल हटवा दिए और मुझे मेरी आईब्रो भी हटवाने के लिए कहा. मैंने उन्हें मना कर दिया क्योंकि काम को लेकर मैं लगातार ट्रैवल कर रहा था और ऐसा करने पर इमिग्रेशन पर मुझे रोका जा सकता था." अपने किरदार को लेकर चंकी पांडे के कमिटमेंट पर बात करते हुए सृजित ने कहा, "चंकी के अंदर खुद को साबित करने की एक भूख थी. मैंने उस भूख का इस्तेमाल किया. दर्शक चंकी को पहचान नहीं पाएंगे." चंकी पांडे ने पीटीआई से कहा, "सृजित दुनिया को मेरा असल एविल साइड दिखाना चाहते थे. उन्होंने मुझमें उस किरदार को देखा और 'बेगम जान' के जरिए उसे वह पूरी दुनिया को दिखाना चाहते थे. मेरे अंदर हमेशा से ही एक कमीनापन था, कॉमेडी फिल्मों में भी मेरा यह साइड कई बार सामने आया. पर कुछ ऐसा करना सच में पागलपन है. यह प्राकृतिक रूप से मुझमें आ गया और इसे लेकर मैं बेहद डरा हुआ हूं." फिल्म में विवेक मुश्रान भी विलेन की भूमिका निभा रहे हैं. उनके किरदार के बारे में बात करते हुए सृजित ने आईएएनएस को बताया, "विवेक मुश्रान की बात करें तो आपको यह स्वीकार करने में मुश्किल होगी कि सुभाष घई की 'सौदागर' का वह क्यूट, इनोसेंट लड़का ऐसा धोखेबाज भी हो सकता है."टिप्पणियां 'बेगम जान' में गौहर खान, पल्लवी शारदा और नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. यह सृजित मुखर्जी की ही बंगाली फिल्म 'राजकहिनी' का हिंदी रीमेक है. उस फिल्म में ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने मुख्य भूमिका निभाई थी. (इनपुट आईएएनएस और भाषा से) अपने किरदार को लेकर चंकी पांडे के कमिटमेंट पर बात करते हुए सृजित ने कहा, "चंकी के अंदर खुद को साबित करने की एक भूख थी. मैंने उस भूख का इस्तेमाल किया. दर्शक चंकी को पहचान नहीं पाएंगे." चंकी पांडे ने पीटीआई से कहा, "सृजित दुनिया को मेरा असल एविल साइड दिखाना चाहते थे. उन्होंने मुझमें उस किरदार को देखा और 'बेगम जान' के जरिए उसे वह पूरी दुनिया को दिखाना चाहते थे. मेरे अंदर हमेशा से ही एक कमीनापन था, कॉमेडी फिल्मों में भी मेरा यह साइड कई बार सामने आया. पर कुछ ऐसा करना सच में पागलपन है. यह प्राकृतिक रूप से मुझमें आ गया और इसे लेकर मैं बेहद डरा हुआ हूं." फिल्म में विवेक मुश्रान भी विलेन की भूमिका निभा रहे हैं. उनके किरदार के बारे में बात करते हुए सृजित ने आईएएनएस को बताया, "विवेक मुश्रान की बात करें तो आपको यह स्वीकार करने में मुश्किल होगी कि सुभाष घई की 'सौदागर' का वह क्यूट, इनोसेंट लड़का ऐसा धोखेबाज भी हो सकता है."टिप्पणियां 'बेगम जान' में गौहर खान, पल्लवी शारदा और नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. यह सृजित मुखर्जी की ही बंगाली फिल्म 'राजकहिनी' का हिंदी रीमेक है. उस फिल्म में ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने मुख्य भूमिका निभाई थी. (इनपुट आईएएनएस और भाषा से) चंकी पांडे ने पीटीआई से कहा, "सृजित दुनिया को मेरा असल एविल साइड दिखाना चाहते थे. उन्होंने मुझमें उस किरदार को देखा और 'बेगम जान' के जरिए उसे वह पूरी दुनिया को दिखाना चाहते थे. मेरे अंदर हमेशा से ही एक कमीनापन था, कॉमेडी फिल्मों में भी मेरा यह साइड कई बार सामने आया. पर कुछ ऐसा करना सच में पागलपन है. यह प्राकृतिक रूप से मुझमें आ गया और इसे लेकर मैं बेहद डरा हुआ हूं." फिल्म में विवेक मुश्रान भी विलेन की भूमिका निभा रहे हैं. उनके किरदार के बारे में बात करते हुए सृजित ने आईएएनएस को बताया, "विवेक मुश्रान की बात करें तो आपको यह स्वीकार करने में मुश्किल होगी कि सुभाष घई की 'सौदागर' का वह क्यूट, इनोसेंट लड़का ऐसा धोखेबाज भी हो सकता है."टिप्पणियां 'बेगम जान' में गौहर खान, पल्लवी शारदा और नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. यह सृजित मुखर्जी की ही बंगाली फिल्म 'राजकहिनी' का हिंदी रीमेक है. उस फिल्म में ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने मुख्य भूमिका निभाई थी. (इनपुट आईएएनएस और भाषा से) फिल्म में विवेक मुश्रान भी विलेन की भूमिका निभा रहे हैं. उनके किरदार के बारे में बात करते हुए सृजित ने आईएएनएस को बताया, "विवेक मुश्रान की बात करें तो आपको यह स्वीकार करने में मुश्किल होगी कि सुभाष घई की 'सौदागर' का वह क्यूट, इनोसेंट लड़का ऐसा धोखेबाज भी हो सकता है."टिप्पणियां 'बेगम जान' में गौहर खान, पल्लवी शारदा और नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. यह सृजित मुखर्जी की ही बंगाली फिल्म 'राजकहिनी' का हिंदी रीमेक है. उस फिल्म में ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने मुख्य भूमिका निभाई थी. (इनपुट आईएएनएस और भाषा से) 'बेगम जान' में गौहर खान, पल्लवी शारदा और नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. यह सृजित मुखर्जी की ही बंगाली फिल्म 'राजकहिनी' का हिंदी रीमेक है. उस फिल्म में ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने मुख्य भूमिका निभाई थी. (इनपुट आईएएनएस और भाषा से) (इनपुट आईएएनएस और भाषा से)
यह एक सारांश है: निर्देशक सृजित मुखर्जी ने कहा- दर्शक चंकी को पहचान नहीं पाएंगे फिल्म में नकारात्मक किरदार में दिखेंगे चंकी पांडे चंकी पांडे ने कहा, "मैं इसको लेकर काफी डरा हुआ हूं"
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इतिहास पुरुष बन चुके अमेरिका के तैराक माइकल फेल्प्स ने लंदन ओलिंपिक के बाद तरणताल को अलविदा कहने की पुष्टि की है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक फेल्प्स ने कहा, "अब और अधिक तैराकी प्रतियोगिता और क्लब मीट में भाग नहीं। मैं निश्चित तौर पर लंदन ओलिंपिक के बाद संन्यास लूंगा।" फेल्प्स ने गुरुवार को लंदन ओलिंपिक की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा का स्वर्ण पदक लगातार तीसरी बार अपने नाम किया।टिप्पणियां फेल्प्स लगातार तीन ओलिंपिक संस्करणों में एक ही स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले पुरुष तैराक बन गए हैं। फेल्प्स के खाते में अब रिकॉर्ड 20 पदक हो गए हैं। जीत के बाद 29 वर्षीय फेल्प्स ने कहा, "व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण जीतने से राहत महसूस कर रहा हूं। यह मेरे लिए खास है।" उल्लेखनीय है कि फेल्प्स लंदन ओलिंपिक की 200 मीटर बटरफ्लाई और 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके थे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक फेल्प्स ने कहा, "अब और अधिक तैराकी प्रतियोगिता और क्लब मीट में भाग नहीं। मैं निश्चित तौर पर लंदन ओलिंपिक के बाद संन्यास लूंगा।" फेल्प्स ने गुरुवार को लंदन ओलिंपिक की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा का स्वर्ण पदक लगातार तीसरी बार अपने नाम किया।टिप्पणियां फेल्प्स लगातार तीन ओलिंपिक संस्करणों में एक ही स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले पुरुष तैराक बन गए हैं। फेल्प्स के खाते में अब रिकॉर्ड 20 पदक हो गए हैं। जीत के बाद 29 वर्षीय फेल्प्स ने कहा, "व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण जीतने से राहत महसूस कर रहा हूं। यह मेरे लिए खास है।" उल्लेखनीय है कि फेल्प्स लंदन ओलिंपिक की 200 मीटर बटरफ्लाई और 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके थे। फेल्प्स ने गुरुवार को लंदन ओलिंपिक की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा का स्वर्ण पदक लगातार तीसरी बार अपने नाम किया।टिप्पणियां फेल्प्स लगातार तीन ओलिंपिक संस्करणों में एक ही स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले पुरुष तैराक बन गए हैं। फेल्प्स के खाते में अब रिकॉर्ड 20 पदक हो गए हैं। जीत के बाद 29 वर्षीय फेल्प्स ने कहा, "व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण जीतने से राहत महसूस कर रहा हूं। यह मेरे लिए खास है।" उल्लेखनीय है कि फेल्प्स लंदन ओलिंपिक की 200 मीटर बटरफ्लाई और 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके थे। फेल्प्स लगातार तीन ओलिंपिक संस्करणों में एक ही स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले पुरुष तैराक बन गए हैं। फेल्प्स के खाते में अब रिकॉर्ड 20 पदक हो गए हैं। जीत के बाद 29 वर्षीय फेल्प्स ने कहा, "व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण जीतने से राहत महसूस कर रहा हूं। यह मेरे लिए खास है।" उल्लेखनीय है कि फेल्प्स लंदन ओलिंपिक की 200 मीटर बटरफ्लाई और 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके थे। जीत के बाद 29 वर्षीय फेल्प्स ने कहा, "व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण जीतने से राहत महसूस कर रहा हूं। यह मेरे लिए खास है।" उल्लेखनीय है कि फेल्प्स लंदन ओलिंपिक की 200 मीटर बटरफ्लाई और 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके थे।
संक्षिप्त सारांश: इतिहास पुरुष बन चुके अमेरिका के तैराक माइकल फेल्प्स ने लंदन ओलिंपिक के बाद तरणताल को अलविदा कहने की पुष्टि की है।
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: गाजियाबाद में बीएसएनएल के दफ्तर में यहां के एक कर्मचारी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। आरोप है कि सुखविंदर पाल नाम के इस कर्मचारी का अपने जीएम के साथ झगड़ा हुआ, जिसके बाद कुछ लोग बीएसएनएल के दफ्तर पहुंचे और सुखविंदर के साथ मारपीट शुरू कर दी।टिप्पणियां मारपीट करने वालों में खुद जीएम आदेश गुप्ता भी शामिल थे। दफ्तर में काम करने वाले दूसरे लोगों ने बताया कि इन लोगों से बचने के लिए सुखविंदर सिंह भागे और सीढ़ियों से गिर गए। गिरने के बाद वह तुरंत खड़े हुए, लेकिन फिर से गिर गए और इस बार गिरते ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने सुखविंदर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सुखविंदर की मौत किन वजहों से हुई। पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। सुखविंदर पाल कर्मचारी यूनियन के सचिव भी थे। उनकी मौत से बीएसएनएल के दफ्तर में हंगामा होने के आसार हैं। हालात को काबू में रखने के लिए पुलिस की ओर से बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।  मारपीट करने वालों में खुद जीएम आदेश गुप्ता भी शामिल थे। दफ्तर में काम करने वाले दूसरे लोगों ने बताया कि इन लोगों से बचने के लिए सुखविंदर सिंह भागे और सीढ़ियों से गिर गए। गिरने के बाद वह तुरंत खड़े हुए, लेकिन फिर से गिर गए और इस बार गिरते ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने सुखविंदर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सुखविंदर की मौत किन वजहों से हुई। पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। सुखविंदर पाल कर्मचारी यूनियन के सचिव भी थे। उनकी मौत से बीएसएनएल के दफ्तर में हंगामा होने के आसार हैं। हालात को काबू में रखने के लिए पुलिस की ओर से बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।  पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। सुखविंदर पाल कर्मचारी यूनियन के सचिव भी थे। उनकी मौत से बीएसएनएल के दफ्तर में हंगामा होने के आसार हैं। हालात को काबू में रखने के लिए पुलिस की ओर से बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गाजियाबाद में बीएसएनएल के दफ्तर में यहां के एक कर्मचारी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। आरोप है कि सुखविंदर पाल नाम के इस कर्मचारी का अपने जीएम के साथ झगड़ा हुआ था।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश विधानसभा की सात, तमिलनाडु विधानसभा की एक और कर्नाटक की एक संसदीय सीट पर उपचुनाव के लिए रविवार को मतदान सम्पन्न हो गया। तीनों राज्यों की नौ सीटों पर औसतन 65 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। मतगणना 21 मार्च को होगी। आंध्र प्रदेश के पांच जिलों की जिन सात सीटों के लिए मतदान हुआ, उनमें से छह सीटें तेलंगाना क्षेत्र की हैं। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चला। मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल ने कहा कि कुछ स्थानों पर हुई छोटी घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 65 फीसदी मतदान हुआ है। वारंगल जिले के घानपुर विधानसभा क्षेत्र में पुलिस ने कांग्रेस नेता व सांसद एस. राजैया पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, महबूबनगर जिले की नगरकुरनूल सीट पर पूर्व मंत्री व निर्दलीय उम्मीदवार एन. जनार्दन रेड्डी के समर्थक और सत्ताधारी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की आपस में भिड़ंत हो गई। इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कोवुर विधानसभा क्षेत्र के गांव पुरंडापुरम के मतदाताओं ने समस्याओं का समाधान न होने पर मतदान का बहिष्कार किया। इस विधानसभा सीट पर हालांकि सबसे अधिक 80 फीसदी मतदान हुआ। शेष छह विधानसभा क्षेत्रों में 60 से 65 फीसदी मतदान हुआ। शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों और मतदानकर्मियों की तैनाती की थी। पिछले वर्ष छह सदस्यों के इस्तीफे और एक निर्दलीय विधायक के निधन के कारण ये सीटें रिक्त हुई थीं। ये सीटें हैं-आदिलाबाद, कामारेड्डी, कोलापुर, घानपुर स्टेशन, महबूबनगर, नगरकुरनूर और कोवुर। उपचुनाव में कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति ने पांच, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने चार, लोकसत्ता ने दो और भारतीय जनता पार्टी ने एक सीट पर उम्मीदवार खड़ा किया है। कर्नाटक की उडूपी-चिकमंगलूर संसदीय सीट पर 60 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार बहुत धीमी रही लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता गया, इसमें तेजी आई और अंतत: आंकड़ा 60 फीसदी के पार हुआ। मतदान आठ बजे आरम्भ हुआ और पहले तीन घंटे में सिर्फ 1.24 फीसदी ही मतदान हो सका था लेकिन दो बजे इसकी रफ्तार 45 फीसदी तक पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर 7000 पुलिसकर्मियों को मोर्चे पर लगाया गया था। राज्य निर्वाचन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।" मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। आंध्र प्रदेश के पांच जिलों की जिन सात सीटों के लिए मतदान हुआ, उनमें से छह सीटें तेलंगाना क्षेत्र की हैं। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चला। मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल ने कहा कि कुछ स्थानों पर हुई छोटी घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 65 फीसदी मतदान हुआ है। वारंगल जिले के घानपुर विधानसभा क्षेत्र में पुलिस ने कांग्रेस नेता व सांसद एस. राजैया पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, महबूबनगर जिले की नगरकुरनूल सीट पर पूर्व मंत्री व निर्दलीय उम्मीदवार एन. जनार्दन रेड्डी के समर्थक और सत्ताधारी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की आपस में भिड़ंत हो गई। इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कोवुर विधानसभा क्षेत्र के गांव पुरंडापुरम के मतदाताओं ने समस्याओं का समाधान न होने पर मतदान का बहिष्कार किया। इस विधानसभा सीट पर हालांकि सबसे अधिक 80 फीसदी मतदान हुआ। शेष छह विधानसभा क्षेत्रों में 60 से 65 फीसदी मतदान हुआ। शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों और मतदानकर्मियों की तैनाती की थी। पिछले वर्ष छह सदस्यों के इस्तीफे और एक निर्दलीय विधायक के निधन के कारण ये सीटें रिक्त हुई थीं। ये सीटें हैं-आदिलाबाद, कामारेड्डी, कोलापुर, घानपुर स्टेशन, महबूबनगर, नगरकुरनूर और कोवुर। उपचुनाव में कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति ने पांच, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने चार, लोकसत्ता ने दो और भारतीय जनता पार्टी ने एक सीट पर उम्मीदवार खड़ा किया है। कर्नाटक की उडूपी-चिकमंगलूर संसदीय सीट पर 60 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार बहुत धीमी रही लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता गया, इसमें तेजी आई और अंतत: आंकड़ा 60 फीसदी के पार हुआ। मतदान आठ बजे आरम्भ हुआ और पहले तीन घंटे में सिर्फ 1.24 फीसदी ही मतदान हो सका था लेकिन दो बजे इसकी रफ्तार 45 फीसदी तक पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर 7000 पुलिसकर्मियों को मोर्चे पर लगाया गया था। राज्य निर्वाचन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।" मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। वारंगल जिले के घानपुर विधानसभा क्षेत्र में पुलिस ने कांग्रेस नेता व सांसद एस. राजैया पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, महबूबनगर जिले की नगरकुरनूल सीट पर पूर्व मंत्री व निर्दलीय उम्मीदवार एन. जनार्दन रेड्डी के समर्थक और सत्ताधारी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की आपस में भिड़ंत हो गई। इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कोवुर विधानसभा क्षेत्र के गांव पुरंडापुरम के मतदाताओं ने समस्याओं का समाधान न होने पर मतदान का बहिष्कार किया। इस विधानसभा सीट पर हालांकि सबसे अधिक 80 फीसदी मतदान हुआ। शेष छह विधानसभा क्षेत्रों में 60 से 65 फीसदी मतदान हुआ। शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों और मतदानकर्मियों की तैनाती की थी। पिछले वर्ष छह सदस्यों के इस्तीफे और एक निर्दलीय विधायक के निधन के कारण ये सीटें रिक्त हुई थीं। ये सीटें हैं-आदिलाबाद, कामारेड्डी, कोलापुर, घानपुर स्टेशन, महबूबनगर, नगरकुरनूर और कोवुर। उपचुनाव में कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति ने पांच, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने चार, लोकसत्ता ने दो और भारतीय जनता पार्टी ने एक सीट पर उम्मीदवार खड़ा किया है। कर्नाटक की उडूपी-चिकमंगलूर संसदीय सीट पर 60 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार बहुत धीमी रही लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता गया, इसमें तेजी आई और अंतत: आंकड़ा 60 फीसदी के पार हुआ। मतदान आठ बजे आरम्भ हुआ और पहले तीन घंटे में सिर्फ 1.24 फीसदी ही मतदान हो सका था लेकिन दो बजे इसकी रफ्तार 45 फीसदी तक पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर 7000 पुलिसकर्मियों को मोर्चे पर लगाया गया था। राज्य निर्वाचन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।" मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। कोवुर विधानसभा क्षेत्र के गांव पुरंडापुरम के मतदाताओं ने समस्याओं का समाधान न होने पर मतदान का बहिष्कार किया। इस विधानसभा सीट पर हालांकि सबसे अधिक 80 फीसदी मतदान हुआ। शेष छह विधानसभा क्षेत्रों में 60 से 65 फीसदी मतदान हुआ। शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों और मतदानकर्मियों की तैनाती की थी। पिछले वर्ष छह सदस्यों के इस्तीफे और एक निर्दलीय विधायक के निधन के कारण ये सीटें रिक्त हुई थीं। ये सीटें हैं-आदिलाबाद, कामारेड्डी, कोलापुर, घानपुर स्टेशन, महबूबनगर, नगरकुरनूर और कोवुर। उपचुनाव में कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति ने पांच, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने चार, लोकसत्ता ने दो और भारतीय जनता पार्टी ने एक सीट पर उम्मीदवार खड़ा किया है। कर्नाटक की उडूपी-चिकमंगलूर संसदीय सीट पर 60 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार बहुत धीमी रही लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता गया, इसमें तेजी आई और अंतत: आंकड़ा 60 फीसदी के पार हुआ। मतदान आठ बजे आरम्भ हुआ और पहले तीन घंटे में सिर्फ 1.24 फीसदी ही मतदान हो सका था लेकिन दो बजे इसकी रफ्तार 45 फीसदी तक पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर 7000 पुलिसकर्मियों को मोर्चे पर लगाया गया था। राज्य निर्वाचन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।" मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। पिछले वर्ष छह सदस्यों के इस्तीफे और एक निर्दलीय विधायक के निधन के कारण ये सीटें रिक्त हुई थीं। ये सीटें हैं-आदिलाबाद, कामारेड्डी, कोलापुर, घानपुर स्टेशन, महबूबनगर, नगरकुरनूर और कोवुर। उपचुनाव में कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति ने पांच, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने चार, लोकसत्ता ने दो और भारतीय जनता पार्टी ने एक सीट पर उम्मीदवार खड़ा किया है। कर्नाटक की उडूपी-चिकमंगलूर संसदीय सीट पर 60 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार बहुत धीमी रही लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता गया, इसमें तेजी आई और अंतत: आंकड़ा 60 फीसदी के पार हुआ। मतदान आठ बजे आरम्भ हुआ और पहले तीन घंटे में सिर्फ 1.24 फीसदी ही मतदान हो सका था लेकिन दो बजे इसकी रफ्तार 45 फीसदी तक पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर 7000 पुलिसकर्मियों को मोर्चे पर लगाया गया था। राज्य निर्वाचन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।" मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। उपचुनाव में कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति ने पांच, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने चार, लोकसत्ता ने दो और भारतीय जनता पार्टी ने एक सीट पर उम्मीदवार खड़ा किया है। कर्नाटक की उडूपी-चिकमंगलूर संसदीय सीट पर 60 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार बहुत धीमी रही लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता गया, इसमें तेजी आई और अंतत: आंकड़ा 60 फीसदी के पार हुआ। मतदान आठ बजे आरम्भ हुआ और पहले तीन घंटे में सिर्फ 1.24 फीसदी ही मतदान हो सका था लेकिन दो बजे इसकी रफ्तार 45 फीसदी तक पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर 7000 पुलिसकर्मियों को मोर्चे पर लगाया गया था। राज्य निर्वाचन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।" मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। कर्नाटक की उडूपी-चिकमंगलूर संसदीय सीट पर 60 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार बहुत धीमी रही लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता गया, इसमें तेजी आई और अंतत: आंकड़ा 60 फीसदी के पार हुआ। मतदान आठ बजे आरम्भ हुआ और पहले तीन घंटे में सिर्फ 1.24 फीसदी ही मतदान हो सका था लेकिन दो बजे इसकी रफ्तार 45 फीसदी तक पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर 7000 पुलिसकर्मियों को मोर्चे पर लगाया गया था। राज्य निर्वाचन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।" मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। मतदान आठ बजे आरम्भ हुआ और पहले तीन घंटे में सिर्फ 1.24 फीसदी ही मतदान हो सका था लेकिन दो बजे इसकी रफ्तार 45 फीसदी तक पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर 7000 पुलिसकर्मियों को मोर्चे पर लगाया गया था। राज्य निर्वाचन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।" मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। राज्य निर्वाचन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।" मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने राज्य की कमान सम्भालने के बाद इस संसदीय सीट से अपना इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने युवा नेता वी. सुनील कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के. जयप्रकाश हेगड़े पर दांव खेला है। जनता दल (सेक्युलर) ने पार्टी की चिकमंगलूर इकाई के अध्यक्ष एसएल भोजेगौड़ा को टिकट दिया। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। उधर, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के शंकरनकोयल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के तहत लगभग 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 13 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दी।टिप्पणियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए अपने कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में 10 मॉनिटर लगवाए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 206,087 मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के बीच पंचकोणीय मुकाबला है।
यह एक सारांश है: आंध्र प्रदेश विधानसभा की सात, तमिलनाडु विधानसभा की एक और कर्नाटक की एक संसदीय सीट पर उपचुनाव के लिए रविवार को मतदान सम्पन्न हो गया।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: शिवसेना बीती शाम तक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस के समर्थन से महाराष्ट्र की सत्ता में आने की आशा कर रही थी.  उसे लग रहा था इन पार्टियों का साथ मिलने से  विधानसभा में उसकी संख्या 154 पर पहुंच जाएगी, जो बहुमत से 9 सीटें ज्यादा होगा. केवल एक चीज जिसने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया वो थी अंतिम समय में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी नेता शरद पवार के बीच फोन पर होने वाली बातचीत. सूत्र बताते हैं कि सोमवार शाम तक सोनिया गांधी का वैचारिक रूप से विपरीत शिवसेना को समर्थन देने को लेकर नरम रुख था. लेकिन ठीक समय पर शरद पवार के सोनिया गांधी को किए गए एक फोन कॉल ने कांग्रेस की अनिच्छा को बढ़ा दिया.  सुबह कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी ने शिवसेना को समर्थन देने का विरोध किया और चर्चाओं को लेकर आपत्ति जताई.  उनका मानना है कि शिवसेना की हिंदुत्व समर्थक और कट्टर विचार वाली छवि की वजह से कांग्रेस को चुनावी नुकसान होगा. उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंथनी और केसी वेणुगोपाल, मुकुल मिस्चानी और राजीव सातव का समर्थन करते हुए ये तर्क रखा. वहीं इसे लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं जैसे सुशीलकुमार शिंदे, अशोक चौहान, पृथ्वीराज चौहान, बालासाहेब गले ने बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए शिवसेना को समर्थन देने के कदम को सही माना.  शाम 5 बजे  के करीब उद्धव ठाकरे ने सोनिया गांधी को फोन किया और समर्थन देने का औपचारिक निवेदन किया.  कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वे विचार करने के बाद उनसे वापस बात करेंगी लेकिन लगभग 1 घंटे बाद ही शरद पवार ने सोनिया गांधी से बात की और कुछ अनिच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि शिवसेना को समर्थन देने का वादा करना जल्दबाजी होगी.  पवार ने कथित तौर पर सोनिया गांधी से कहा कि शक्ति बंटवारे को लेकर कई पहलुओं पर अभी भी बातचीत की जरूरत है, और उन्होंने शिवसेना को समर्थन का पत्र नहीं दिया है.  उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शिवसेना से सिर्फ 2 सीट कम है. इस बात से ऐसा लगा कि उनका इशारा इस बात पर पुनर्विचार करने का है कि शिवसेना को पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री का पद मिलना चाहिए या नहीं . क्या पवार शक्ति के बंटवारे की ओर संकेत कर रहे थे? ये सब एनसीपी के उस दावे के विपरीत है जहां वह शिवसेना को समर्थन देने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस ने सारा खेल बिगाड़ दिया. एनसीपी नेता अजीत पवार ने  मीडिया को बताया, "सोमवार सुबह 10 बजे से सोमवार शाम 7:30 बजे तक, शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल सहित हमारे नेता उनके पत्र का इंतजार कर रहे थे.  उन्हें (शिवसेना) 7:30 बजे तक पत्र जमा करना था. यदि कांग्रेस अपना समर्थन पत्र नहीं भेज रही थी, तो हम हमारा कैसे दे सकते थे. ” हालांकि कांग्रेस इसके पीछे की वजह को शरद पवार का यू-टर्न बताती है, जिसने शिवसेना को समर्थन देने के मामले में उसकी अनिच्छा बढ़ाने का काम किया. कांग्रेस ने अंत में शिवसेना का जिक्र किए बिना कहा कि वह शरद पवार के साथ विचार विमर्श करेगी.  राजभवन में, आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से एनसीपी और कांग्रेस से समर्थन पत्र लाने के लिए और समय देने का अनुरोध किया, लेकिन राज्यपाल ने इनकार कर दिया. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने पहले राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने से तीन दिन के भीतर पहले भाजपा, फिर शिवसेना और अंत में NCP को दावा पेश करने के लिए न्योता भेजा था. वहीं विपक्ष ने राज्यपाल के राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने के कदम की आलोचना की है.
यह एक सारांश है: शरद पवार ने कहा कि शिवसेना को समर्थन देना होगी जल्दबाजी: सूत्र एनसीपी ने शिवसेना को नहीं दिया समर्थन पत्र शिवसेना को समर्थन देने से कांग्रेस को होगा चुनाव नुकसान : सोनिया गांधी
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ ने राजकुमार विलियम और उनकी पत्नी केट को एक खूबसूरत आशियाना बतौर तोहफा भेंट किया है। यह संपत्ति इस साल के आखिर में इस हसीन शाही जोड़े को सौंप दी जाएगी। बीते गुरुवार को विलियम 30 साल के हो गए। इसी मौके पर उनकी दादी ने यह तोहफा दिया है।टिप्पणियां यह संपत्ति सैंड्रिघम में है। इसी जगह विलियम और केट ने पिछले साल क्रिसमस मनाया था। दोनों बीते साल 29 अप्रैल को शादी की थी। समाचार पत्र ‘डेली मेल’ के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, ‘‘इस साल यह सपंत्ति केट और विलियम को सौंप दी जाएगी।’’ यह संपत्ति इस साल के आखिर में इस हसीन शाही जोड़े को सौंप दी जाएगी। बीते गुरुवार को विलियम 30 साल के हो गए। इसी मौके पर उनकी दादी ने यह तोहफा दिया है।टिप्पणियां यह संपत्ति सैंड्रिघम में है। इसी जगह विलियम और केट ने पिछले साल क्रिसमस मनाया था। दोनों बीते साल 29 अप्रैल को शादी की थी। समाचार पत्र ‘डेली मेल’ के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, ‘‘इस साल यह सपंत्ति केट और विलियम को सौंप दी जाएगी।’’ यह संपत्ति सैंड्रिघम में है। इसी जगह विलियम और केट ने पिछले साल क्रिसमस मनाया था। दोनों बीते साल 29 अप्रैल को शादी की थी। समाचार पत्र ‘डेली मेल’ के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, ‘‘इस साल यह सपंत्ति केट और विलियम को सौंप दी जाएगी।’’ समाचार पत्र ‘डेली मेल’ के मुताबिक एक सूत्र ने कहा, ‘‘इस साल यह सपंत्ति केट और विलियम को सौंप दी जाएगी।’’
सारांश: यह संपत्ति इस साल के आखिर में इस हसीन शाही जोड़े को सौंप दी जाएगी। बीते गुरुवार को विलियम 30 साल के हो गए। इसी मौके पर उनकी दादी ने यह तोहफा दिया है।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका के स्टार पैरालिंपियन और हत्या के संदिग्ध आस्कर पिस्टोरियस ने जमानत पर रिहा होने के एक दिन बाद शनिवार को कहा कि वह अपने परिवार और अपनी मृतक प्रेमिका के लिए की गई प्रार्थनाओं के लिए शुक्रगुजार हैं।टिप्पणियां पिस्टोरियस के भाई द्वारा किए गए ट्वीट में उनके हवाले से लिखा गया, ‘‘उस प्रत्येक व्यक्ति को धन्यवाद जिसने दोनों परिवारों के लिए प्रार्थना की, ऑस्कर।’’ पिस्टोरियस को अपनी प्रेमिका रीवा स्टीनकैंप की हत्या के आरोप में वैलेंटाइन डे वाले दिन गिरफ्तार किया गया था और कल उन्हें जमानत मिली थी। इस स्टार एथलीट को आठ दिन हिरासत में रहने और चार दिन की सुनवाई के बाद कल रिकार्ड 10 लाख रैंड (एक लाख 12 हजार 770 डॉलर) की जमानत पर रिहा किया गया। पिस्टोरियस के भाई द्वारा किए गए ट्वीट में उनके हवाले से लिखा गया, ‘‘उस प्रत्येक व्यक्ति को धन्यवाद जिसने दोनों परिवारों के लिए प्रार्थना की, ऑस्कर।’’ पिस्टोरियस को अपनी प्रेमिका रीवा स्टीनकैंप की हत्या के आरोप में वैलेंटाइन डे वाले दिन गिरफ्तार किया गया था और कल उन्हें जमानत मिली थी। इस स्टार एथलीट को आठ दिन हिरासत में रहने और चार दिन की सुनवाई के बाद कल रिकार्ड 10 लाख रैंड (एक लाख 12 हजार 770 डॉलर) की जमानत पर रिहा किया गया। इस स्टार एथलीट को आठ दिन हिरासत में रहने और चार दिन की सुनवाई के बाद कल रिकार्ड 10 लाख रैंड (एक लाख 12 हजार 770 डॉलर) की जमानत पर रिहा किया गया।
दक्षिण अफ्रीका के स्टार पैरालिंपियन और हत्या के संदिग्ध आस्कर पिस्टोरियस ने जमानत पर रिहा होने के एक दिन बाद शनिवार को कहा कि वह अपने परिवार और अपनी मृतक प्रेमिका के लिए की गई प्रार्थनाओं के लिए शुक्रगुजार हैं।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: विशेषज्ञों का कहना है कि इंडोनेशिया में बुधवार को आए भूकम्प से सुनामी का खतरा बहुत कम है। 'बीबीसी' के अनुसार, अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण से जुड़े ब्रश प्रेसग्रेव ने कहा कि भूकम्प की प्रकृति को देखते हुए नहीं लगता कि इससे सुनामी का खतरा होगा।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि पृथ्वी क्षतिज दिशा में घूमती है, न कि ऊध्र्वाकार दिशा और इसलिए सुनामी का खतरा कम है। इसकी आशंका हालांकि पूरी तरह खारिज नहीं की जा सकती। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने शुरुआती रिपोर्ट में इंडोनेशिया में भूकम्प की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.9 बताई थी, जबकि बाद में 8.6 बताया। 'बीबीसी' के अनुसार, अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण से जुड़े ब्रश प्रेसग्रेव ने कहा कि भूकम्प की प्रकृति को देखते हुए नहीं लगता कि इससे सुनामी का खतरा होगा।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि पृथ्वी क्षतिज दिशा में घूमती है, न कि ऊध्र्वाकार दिशा और इसलिए सुनामी का खतरा कम है। इसकी आशंका हालांकि पूरी तरह खारिज नहीं की जा सकती। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने शुरुआती रिपोर्ट में इंडोनेशिया में भूकम्प की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.9 बताई थी, जबकि बाद में 8.6 बताया। उन्होंने बताया कि पृथ्वी क्षतिज दिशा में घूमती है, न कि ऊध्र्वाकार दिशा और इसलिए सुनामी का खतरा कम है। इसकी आशंका हालांकि पूरी तरह खारिज नहीं की जा सकती। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने शुरुआती रिपोर्ट में इंडोनेशिया में भूकम्प की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.9 बताई थी, जबकि बाद में 8.6 बताया। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने शुरुआती रिपोर्ट में इंडोनेशिया में भूकम्प की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.9 बताई थी, जबकि बाद में 8.6 बताया।
संक्षिप्त सारांश: विशेषज्ञों का कहना है कि इंडोनेशिया में बुधवार को आए भूकम्प से सुनामी का खतरा बहुत कम है।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने उम्मीद व्यक्त की कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से प्याज की कीमतें जल्द नीचे आएंगी। पिछले महीने प्याज का खुदरा दाम 80 रुपये किलो की ऊंचाई पर पहुंच गया था। अकाउंटिंग संगठन आईसीएआई द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के मौके पर मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, हमने पहले ही आयात शुल्क को कम कर शून्य कर दिया है। इसलिए हमें उम्मीद है कि स्थिति में कुछ सुधार होगा और कुछ नरमी आएगी। प्याज की कीमत 20-21 दिसंबर को देश के प्रमुख शहरों में 70 से 85 रुपये प्रति किलो हो गई थी। बेमौसम बारिश की वजह से महाराष्ट्र में प्याज की फसल को हुए नुकसान की वजह से इसकी कीमतों में अचानक उछाल आ गया था। देश में महाराष्ट्र और कर्नाटक दो प्रमुख प्याज उत्पादक राज्य हैं, जहां से देश के कुल 1.2 करोड़ टन के 40 प्रतिशत भाग का उत्पादन होता है। सरकार ने निर्यात को प्रतिबंधित करने के साथ-साथ इस पर लगने वाले आयात शुल्क को हटा दिया था, ताकि घरेलू आपूर्ति को बढ़ाया जा सके। निजी व्यापारियों ने अमृतसर के रास्ते सड़क मार्ग से 5,000 टन प्याज का पहले ही आयात किया है। आज की तारीख में प्याज का खुदरा मूल्य मेट्रो शहरों में 45-60 रुपये प्रति किलो है, लेकिन महाराष्ट्र और गुजरात से ताजा फसल के आने के बाद इसमें गिरावट आने की संभावना है। नई फसल 15 जनवरी तक बाजार में आने की संभावना है।
संक्षिप्त सारांश: वित्तमंत्री ने उम्मीद व्यक्त की कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से प्याज की कीमतें जल्द नीचे आएंगी। पिछले महीने प्याज का दाम 80 रुपये तक पहुंच गया था।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के वसंत विहार के वसंत अपार्टमेंट में पुलिस ने बुज़ुर्ग दंपत्ति और उनकी केयरटेकर की हत्या का मामला सुलझा लिया है. पुलिस ने इस मामले में बुज़ुर्ग की जानकार एक महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है. लूट के लिए इन तीनों हत्याओं को अंजाम दिया गया. बीते शनिवार को वसंत विहार के एक फ़्लैट में बुज़ुर्ग दंपत्ति के साथ-साथ उनकी केयर टेकर का शव मिला था. पुलिस के मुताबिक तीनों हत्याएं लूट के मकसद से हुईं. गिरफ़्तार महिला बुज़ुर्ग दंपत्ति की जानने वाली थी, उसने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर हत्या की साज़िश रची थी. 39 साल के मनोज भट्ट और 42 साल की उसकी प्रेमिका प्रीति सहरावत को पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इन दोनों ने ही मिलकर 22 जून की रात वसंत विहार में एक बुज़ुर्ग दंपत्ति और उनकी केयरटेकर की गला रेतकर हत्या कर दी थी. प्रीति की मां और मृतक बुज़ुर्ग महिला ने साथ में नर्सिंग का कोर्स किया था, इसलिए प्रीति का बुज़ुर्ग महिला के घर आना जाना था. प्रीति के बारे में जानकारी मृतक की बेटी ने दी थी. स्पेशल कमिश्नर, क्राइम सतीश गोलचा ने बताया कि हमें मृतक की बेटी ने प्रीति के बारे में बताया कि वह वारदात के कुछ दिन पहले वहां रुकी थी, इसलिए हमारा शक उस पर गहरा हो गया. 22 जून को 80 साल के विष्णु माथुर उनकी पत्नी शशि माथुर और 24 साल की उनकी केयरटेकर खुशबू नौटियाल के शव बरामद हुए थे. जांच में पता चला कि बुज़ुर्ग दम्पत्ति की जानकार प्रीति 17 जून को बुज़ुर्ग दंपती के घर आई और विश्वास जीतने के लिए पूरी रात रही. फिर वह मनोज के साथ 21 जून की रात बुज़ुर्ग दम्पत्ति के घर के बाहर रेकी करने आई. उसके बाद 22 जून की रात आकर दोनों ने चाकू से पहले खुशबू और फिर बुज़ुर्ग दंपत्ति की हत्या कर दी. खुशबू पर चाकू से 35 वार किए गए. वारदात से पहले दोनों अपने मोबाइल घर छोड़कर आए थे. पुलिस को शक न हो इसलिए दोनों ने घर में कुछ आपत्ति जनक सामग्री, सिगरेट और शराब से भरा एक ग्लास भी रख दिया. पुलिस को 22 जून की रात के सीसीटीवी फुटेज मिले जिसमें 11 बजकर 38 मिनट पर मनोज हेलमेट पहने और प्रीति चेहरा ढंककर घर में जाते हुए और दो बजकर 45 मिनट पर लूटपाट कर निकलने हुए दिख रहे हैं. घर में पहले प्रीति घुसी फिर उसने मनोज को बुला लिया. वारदात के बाद दोनों गुरुग्राम के एक होटल में रुके थे. पुलिस के मुताबिक प्रीति इससे पहले दो शादियां कर चुकी है. पिछले तीन साल से वह मनोज के साथ ही रह रही थी. दोनों ने गुरुग्राम में एक रेस्टोरेंट खोला लेकिन वह बंद हो गया. इसके बाद दोनों को पैसे की जरूरत थी. इसलिए इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया. पुलिस ने उनके पास से वारदात में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल, लूटे हुए गहने और कैश बरामद कर लिए हैं.
यहाँ एक सारांश है:लूट के इरादे से दिया हत्या को अंजाम केयरटेकर महिला ने की थी दंपत्ति को बचाने की कोशिश सीसीटीवी के आधार पर दोनों आरोपी गिरफ्तार
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एचआईवी वायरस के साथ जन्मी एक बच्ची का इलाज कर उसे पूरी तरह ठीक कर लेने का दावा किया है। इस शोध से जन्मजात एचआईवी से ग्रस्त बच्चों के इलाज के लिए एक नई आशा का संचार हुआ है। बच्ची के इलाज में लगे शोधकर्ताओं का कहना है कि एचआईवी के साथ जन्म लेने वाले किसी बच्चे के पूरी तरह से ठीक होने का दुनिया में यह पहला प्रामाणिक मामला है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस बच्ची का इलाज 30 दिन की अवस्था में शुरू कर दिया गया था तथा अब उसकी उम्र ढाई वर्ष है। सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले एक वर्ष से बच्ची का इलाज बंद है, बावजूद इसके उसमें अब एचआईवी संक्रमण के कोई चिह्न नहीं हैं। हालांकि इससे पहले 2007 में टिमोथी रे ब्राउन कैंसर से इलाज के जरिए पूरी तरह ठीक होने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति माने जाते हैं। ब्राउन को ल्यूकीमिया था जिसे एचआईवी प्रतिरोधी जीन वाले व्यक्ति के स्टेम सेल ट्रांस्प्लांट द्वारा उनका इलाज किया गया था। मिसीसिपी विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर में हुए एचआईवी ग्रस्त नवजात बच्ची का इलाज करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्राउन के अत्यधिक महंगे इलाज की अपेक्षा नवजात बच्ची का इलाज एचआईवी के लिए पहले से इस्तेमाल में आने वाली मौजूदा दवाओं के अनोखे मिश्रण से किया गया। बच्ची के इलाज में लगे शोधकर्ताओं ने कहा कि बच्ची का इलाज स्टैंडर्ड ड्रग थेरेपी से किया गया। अमेरिका के अटलांटा शहर में रविवार को एड्स पर हुई एक बैठक में विशेषज्ञों ने इसकी घोषणा की।टिप्पणियां इस शोध की उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, बाल्टिमोर में वायरोलॉजिस्ट देबोराह परसाद ने कहा, "इससे सिद्ध हो गया है कि नवजातों में एचआईवी संक्रमण को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।" हालांकि परसाद ने कहा कि इसका अन्य एचआईवी संक्रमित नवजातों पर होने वाले असर का परीक्षण अभी किया जाना बाकी है। उन्होंने आगे बताया, "यह भी जरूरी है कि हम जन्मजात बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता का और भी अध्ययन करें। यह जानना जरूरी है कि यह कैसे एक वयस्क के प्रतिरोधक क्षमता से अलग है। फिर, किन कारकों ने बच्चे को ठीक होना संभव बनाया इसका भी पता लगाया जाना अभी बाकी है।" बच्ची के इलाज में लगे शोधकर्ताओं का कहना है कि एचआईवी के साथ जन्म लेने वाले किसी बच्चे के पूरी तरह से ठीक होने का दुनिया में यह पहला प्रामाणिक मामला है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस बच्ची का इलाज 30 दिन की अवस्था में शुरू कर दिया गया था तथा अब उसकी उम्र ढाई वर्ष है। सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले एक वर्ष से बच्ची का इलाज बंद है, बावजूद इसके उसमें अब एचआईवी संक्रमण के कोई चिह्न नहीं हैं। हालांकि इससे पहले 2007 में टिमोथी रे ब्राउन कैंसर से इलाज के जरिए पूरी तरह ठीक होने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति माने जाते हैं। ब्राउन को ल्यूकीमिया था जिसे एचआईवी प्रतिरोधी जीन वाले व्यक्ति के स्टेम सेल ट्रांस्प्लांट द्वारा उनका इलाज किया गया था। मिसीसिपी विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर में हुए एचआईवी ग्रस्त नवजात बच्ची का इलाज करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्राउन के अत्यधिक महंगे इलाज की अपेक्षा नवजात बच्ची का इलाज एचआईवी के लिए पहले से इस्तेमाल में आने वाली मौजूदा दवाओं के अनोखे मिश्रण से किया गया। बच्ची के इलाज में लगे शोधकर्ताओं ने कहा कि बच्ची का इलाज स्टैंडर्ड ड्रग थेरेपी से किया गया। अमेरिका के अटलांटा शहर में रविवार को एड्स पर हुई एक बैठक में विशेषज्ञों ने इसकी घोषणा की।टिप्पणियां इस शोध की उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, बाल्टिमोर में वायरोलॉजिस्ट देबोराह परसाद ने कहा, "इससे सिद्ध हो गया है कि नवजातों में एचआईवी संक्रमण को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।" हालांकि परसाद ने कहा कि इसका अन्य एचआईवी संक्रमित नवजातों पर होने वाले असर का परीक्षण अभी किया जाना बाकी है। उन्होंने आगे बताया, "यह भी जरूरी है कि हम जन्मजात बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता का और भी अध्ययन करें। यह जानना जरूरी है कि यह कैसे एक वयस्क के प्रतिरोधक क्षमता से अलग है। फिर, किन कारकों ने बच्चे को ठीक होना संभव बनाया इसका भी पता लगाया जाना अभी बाकी है।" वैज्ञानिकों ने बताया कि इस बच्ची का इलाज 30 दिन की अवस्था में शुरू कर दिया गया था तथा अब उसकी उम्र ढाई वर्ष है। सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले एक वर्ष से बच्ची का इलाज बंद है, बावजूद इसके उसमें अब एचआईवी संक्रमण के कोई चिह्न नहीं हैं। हालांकि इससे पहले 2007 में टिमोथी रे ब्राउन कैंसर से इलाज के जरिए पूरी तरह ठीक होने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति माने जाते हैं। ब्राउन को ल्यूकीमिया था जिसे एचआईवी प्रतिरोधी जीन वाले व्यक्ति के स्टेम सेल ट्रांस्प्लांट द्वारा उनका इलाज किया गया था। मिसीसिपी विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर में हुए एचआईवी ग्रस्त नवजात बच्ची का इलाज करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्राउन के अत्यधिक महंगे इलाज की अपेक्षा नवजात बच्ची का इलाज एचआईवी के लिए पहले से इस्तेमाल में आने वाली मौजूदा दवाओं के अनोखे मिश्रण से किया गया। बच्ची के इलाज में लगे शोधकर्ताओं ने कहा कि बच्ची का इलाज स्टैंडर्ड ड्रग थेरेपी से किया गया। अमेरिका के अटलांटा शहर में रविवार को एड्स पर हुई एक बैठक में विशेषज्ञों ने इसकी घोषणा की।टिप्पणियां इस शोध की उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, बाल्टिमोर में वायरोलॉजिस्ट देबोराह परसाद ने कहा, "इससे सिद्ध हो गया है कि नवजातों में एचआईवी संक्रमण को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।" हालांकि परसाद ने कहा कि इसका अन्य एचआईवी संक्रमित नवजातों पर होने वाले असर का परीक्षण अभी किया जाना बाकी है। उन्होंने आगे बताया, "यह भी जरूरी है कि हम जन्मजात बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता का और भी अध्ययन करें। यह जानना जरूरी है कि यह कैसे एक वयस्क के प्रतिरोधक क्षमता से अलग है। फिर, किन कारकों ने बच्चे को ठीक होना संभव बनाया इसका भी पता लगाया जाना अभी बाकी है।" हालांकि इससे पहले 2007 में टिमोथी रे ब्राउन कैंसर से इलाज के जरिए पूरी तरह ठीक होने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति माने जाते हैं। ब्राउन को ल्यूकीमिया था जिसे एचआईवी प्रतिरोधी जीन वाले व्यक्ति के स्टेम सेल ट्रांस्प्लांट द्वारा उनका इलाज किया गया था। मिसीसिपी विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर में हुए एचआईवी ग्रस्त नवजात बच्ची का इलाज करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्राउन के अत्यधिक महंगे इलाज की अपेक्षा नवजात बच्ची का इलाज एचआईवी के लिए पहले से इस्तेमाल में आने वाली मौजूदा दवाओं के अनोखे मिश्रण से किया गया। बच्ची के इलाज में लगे शोधकर्ताओं ने कहा कि बच्ची का इलाज स्टैंडर्ड ड्रग थेरेपी से किया गया। अमेरिका के अटलांटा शहर में रविवार को एड्स पर हुई एक बैठक में विशेषज्ञों ने इसकी घोषणा की।टिप्पणियां इस शोध की उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, बाल्टिमोर में वायरोलॉजिस्ट देबोराह परसाद ने कहा, "इससे सिद्ध हो गया है कि नवजातों में एचआईवी संक्रमण को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।" हालांकि परसाद ने कहा कि इसका अन्य एचआईवी संक्रमित नवजातों पर होने वाले असर का परीक्षण अभी किया जाना बाकी है। उन्होंने आगे बताया, "यह भी जरूरी है कि हम जन्मजात बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता का और भी अध्ययन करें। यह जानना जरूरी है कि यह कैसे एक वयस्क के प्रतिरोधक क्षमता से अलग है। फिर, किन कारकों ने बच्चे को ठीक होना संभव बनाया इसका भी पता लगाया जाना अभी बाकी है।" मिसीसिपी विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर में हुए एचआईवी ग्रस्त नवजात बच्ची का इलाज करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्राउन के अत्यधिक महंगे इलाज की अपेक्षा नवजात बच्ची का इलाज एचआईवी के लिए पहले से इस्तेमाल में आने वाली मौजूदा दवाओं के अनोखे मिश्रण से किया गया। बच्ची के इलाज में लगे शोधकर्ताओं ने कहा कि बच्ची का इलाज स्टैंडर्ड ड्रग थेरेपी से किया गया। अमेरिका के अटलांटा शहर में रविवार को एड्स पर हुई एक बैठक में विशेषज्ञों ने इसकी घोषणा की।टिप्पणियां इस शोध की उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, बाल्टिमोर में वायरोलॉजिस्ट देबोराह परसाद ने कहा, "इससे सिद्ध हो गया है कि नवजातों में एचआईवी संक्रमण को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।" हालांकि परसाद ने कहा कि इसका अन्य एचआईवी संक्रमित नवजातों पर होने वाले असर का परीक्षण अभी किया जाना बाकी है। उन्होंने आगे बताया, "यह भी जरूरी है कि हम जन्मजात बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता का और भी अध्ययन करें। यह जानना जरूरी है कि यह कैसे एक वयस्क के प्रतिरोधक क्षमता से अलग है। फिर, किन कारकों ने बच्चे को ठीक होना संभव बनाया इसका भी पता लगाया जाना अभी बाकी है।" बच्ची के इलाज में लगे शोधकर्ताओं ने कहा कि बच्ची का इलाज स्टैंडर्ड ड्रग थेरेपी से किया गया। अमेरिका के अटलांटा शहर में रविवार को एड्स पर हुई एक बैठक में विशेषज्ञों ने इसकी घोषणा की।टिप्पणियां इस शोध की उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, बाल्टिमोर में वायरोलॉजिस्ट देबोराह परसाद ने कहा, "इससे सिद्ध हो गया है कि नवजातों में एचआईवी संक्रमण को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।" हालांकि परसाद ने कहा कि इसका अन्य एचआईवी संक्रमित नवजातों पर होने वाले असर का परीक्षण अभी किया जाना बाकी है। उन्होंने आगे बताया, "यह भी जरूरी है कि हम जन्मजात बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता का और भी अध्ययन करें। यह जानना जरूरी है कि यह कैसे एक वयस्क के प्रतिरोधक क्षमता से अलग है। फिर, किन कारकों ने बच्चे को ठीक होना संभव बनाया इसका भी पता लगाया जाना अभी बाकी है।" इस शोध की उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, बाल्टिमोर में वायरोलॉजिस्ट देबोराह परसाद ने कहा, "इससे सिद्ध हो गया है कि नवजातों में एचआईवी संक्रमण को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।" हालांकि परसाद ने कहा कि इसका अन्य एचआईवी संक्रमित नवजातों पर होने वाले असर का परीक्षण अभी किया जाना बाकी है। उन्होंने आगे बताया, "यह भी जरूरी है कि हम जन्मजात बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता का और भी अध्ययन करें। यह जानना जरूरी है कि यह कैसे एक वयस्क के प्रतिरोधक क्षमता से अलग है। फिर, किन कारकों ने बच्चे को ठीक होना संभव बनाया इसका भी पता लगाया जाना अभी बाकी है।" हालांकि परसाद ने कहा कि इसका अन्य एचआईवी संक्रमित नवजातों पर होने वाले असर का परीक्षण अभी किया जाना बाकी है। उन्होंने आगे बताया, "यह भी जरूरी है कि हम जन्मजात बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता का और भी अध्ययन करें। यह जानना जरूरी है कि यह कैसे एक वयस्क के प्रतिरोधक क्षमता से अलग है। फिर, किन कारकों ने बच्चे को ठीक होना संभव बनाया इसका भी पता लगाया जाना अभी बाकी है।"
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एचआईवी वायरस के साथ जन्मी एक बच्ची का इलाज कर उसे पूरी तरह ठीक कर लेने का दावा किया है। इस शोध से जन्मजात एचआईवी से ग्रस्त बच्चों के इलाज के लिए एक नई आशा का संचार हुआ है।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक ने आज कहा कि चालू खाते के उच्च घाटे से निपटने के लिए देश को निर्यात बढ़ाना होगा। रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशक दीपक मोहंती ने दक्षेस वित्त समूह की बैठक में पेश एक शोध पत्र में कहा, हाल ही में सोने पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है। साथ ही सोना गिरवी रखकर बैंक से कर्ज लेने पर रोक लगाई गई है। हालांकि इन उपायों का प्रभाव आना अभी बाकी है। उन्होंने कहा, हमारी अर्थव्यवस्था जिस तेजी से बढ़ रही है, आयात मांग अधिक रहना तय है, ऐसे में हमें व्यापार घाटा कम करने के लिए निर्यात बढ़ाना होगा। मोहंती ने कहा कि हालांकि, वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी को देखते हुए निर्यात को बढ़ाना मुश्किल होगा। भारत के चालू खाते के घाटे का एक प्रमुख कारण सोने का आयात है। पिछले वित्त वर्ष 2012-13 की अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में चालू खाते का घाटा रिकॉर्ड 6.7 प्रतिशत पर चला गया है। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि भारत में पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, ऐसे में चालू खाते के घाटे की भरपाई एक चुनौती बन गई है। रिजर्व बैंक के अधिकारी ने कहा, इस संदर्भ में दक्षेस देशों के बीच व्यापार तथा वित्तीय समन्वय की काफी गुंजाइश है, जिससे सभी पक्षों को फायदा होगा। उन्होंने कहा, हमारी अर्थव्यवस्था जिस तेजी से बढ़ रही है, आयात मांग अधिक रहना तय है, ऐसे में हमें व्यापार घाटा कम करने के लिए निर्यात बढ़ाना होगा। मोहंती ने कहा कि हालांकि, वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी को देखते हुए निर्यात को बढ़ाना मुश्किल होगा। भारत के चालू खाते के घाटे का एक प्रमुख कारण सोने का आयात है। पिछले वित्त वर्ष 2012-13 की अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में चालू खाते का घाटा रिकॉर्ड 6.7 प्रतिशत पर चला गया है। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि भारत में पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, ऐसे में चालू खाते के घाटे की भरपाई एक चुनौती बन गई है। रिजर्व बैंक के अधिकारी ने कहा, इस संदर्भ में दक्षेस देशों के बीच व्यापार तथा वित्तीय समन्वय की काफी गुंजाइश है, जिससे सभी पक्षों को फायदा होगा। भारत के चालू खाते के घाटे का एक प्रमुख कारण सोने का आयात है। पिछले वित्त वर्ष 2012-13 की अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में चालू खाते का घाटा रिकॉर्ड 6.7 प्रतिशत पर चला गया है। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि भारत में पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, ऐसे में चालू खाते के घाटे की भरपाई एक चुनौती बन गई है। रिजर्व बैंक के अधिकारी ने कहा, इस संदर्भ में दक्षेस देशों के बीच व्यापार तथा वित्तीय समन्वय की काफी गुंजाइश है, जिससे सभी पक्षों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि भारत में पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, ऐसे में चालू खाते के घाटे की भरपाई एक चुनौती बन गई है। रिजर्व बैंक के अधिकारी ने कहा, इस संदर्भ में दक्षेस देशों के बीच व्यापार तथा वित्तीय समन्वय की काफी गुंजाइश है, जिससे सभी पक्षों को फायदा होगा। रिजर्व बैंक के अधिकारी ने कहा, इस संदर्भ में दक्षेस देशों के बीच व्यापार तथा वित्तीय समन्वय की काफी गुंजाइश है, जिससे सभी पक्षों को फायदा होगा।
संक्षिप्त पाठ: मोहंती ने कहा, हमारी अर्थव्यवस्था जिस तेजी से बढ़ रही है, आयात मांग अधिक रहना तय है, ऐसे में हमें व्यापार घाटा कम करने के लिए निर्यात बढ़ाना होगा।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कॉमेडी किंग कपिल शर्मा (Kapil Sharma) यूं तो अपने जोक्स से सबको हंसाते हैं, लेकिन उन्हें सुबह जल्दी उठना बिल्कुल भी पसंद नहीं. अपनी इस आदत के बारे में कपिल अपने शो 'द कपिल शर्मा शो (The Kapil  Sharma Show)' में भी बता चुके हैं. लेकिन वहीं, कपिल शर्मा ने एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) के साथ शूटिंग करने के लिए अपने सुबह उठने की बात बताई है. कपिल शर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा, 'जल्दी उठने से मन खुश होता है, और बहुत जल्दी उठने से अक्षय कुमार.' जल्दी उठने से मन खुश रहता है और बहुत जल्दी उठने से अक्षय कुमार shooting with the boss @akshaykumar love u paji ???? #Housefull4 on #TheKapilSharmaShow#Housefull4onTKSS ???????? कपिल शर्मा (Kapil Sharma) ने आगे लिखा, 'अक्षय कुमार (Akshay Kumar) के साथ शूटिंग, लव यू पाजी.' कपिल शर्मा के इस ट्वीट पर फैन्स भी खूब कमेंट कर  रहे हैं. बता दें, इस बार 'द कपिल शर्मा शो' में 'हाउसफुल 4' के प्रमोशन के लिए अक्षय कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचेंगे. अक्षय कुमार की फिल्म 'हाउसफुल 4 (Housefull 4)' 27 अक्टूबर को रिलीज होगी. इस फिल्म में उनके अलावा बॉबी देओल (Boby Deol), रितेश देशमुख, कृति खरबंदा, कृति सेनन भी नजर आएंगीं. कॉमेडी किंग का शो, 'द कपिल शर्मा शो' हर बार अपने कंटेंट और कलाकारों के वजह से टीआरपी की रेस में आगे रहता है. वहीं, कपिल शर्मा (Kapil Sharma) की बात करें तो वह जल्द ही पापा बनने वाले हैं. हाल ही में उन्होंने बेबी शावर पार्टी भी आयोजित की थी, जिसमें टीवी जगत से जुड़े कई सितारे शामिल हुए थे.
सारांश: कपिल शर्मा ने अक्षय कुमार को लेकर किया ट्वीट उनकी सुबह उठने की आदत पर किया अपना दर्द बयां सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ट्वीट
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईपीएल-10 के दूसरे मैच में भी सुरेश रैना की कप्‍तानी वाली गुजरात लायंस टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा है. टीम को पहले मैच में जहां गौतम गंभीर की कोलकाता नाइट राइडर्स के हाथों 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था, वहीं दूसरे मैच में उसे डेविड वॉर्नर की सनराइजर्स हैदराबाद ने 9 विकेट से शिकस्‍त दी. इन दोनों ही मुकाबलों में गुजरात के लायंस विपक्षी टीम के मुकाबले कहीं नहीं ठहर पाई.हैदराबाद की ओर से मैच में तीन विकेट लेने वाले अफगानिस्‍तान के लेग स्पिनर राशिद खान मैन ऑफ द मैच रहे.टिप्पणियां रविवार को हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में निर्धारित 20 ओवर्स में 'गुजरात के शेर' महज 135 रन ही बना पाए. उसकी रनसंख्‍या 'हैदराबादियों' के लिए कोई चुनौती साबित नहीं हो पाई. पूरे मैच में वॉर्नर की टीम ने एकमात्र विकेट शिखर धवन (9) के रूप में गंवाया जो टीम इंडिया के पूर्व गेंदबाज प्रवीण कुमार का शिकार बने. कप्‍तान डेविड वॉर्नर ने 76 रन (45 गेंद, छह चौके और चार छक्‍के) और मोइज हेनरिक्‍स ने 52 रन (39 गेंद, छह चौके) पर नाबाद रहते हुए टीम को जीत तक पहुंचा दिया. हैदराबाद ने 15.3 ओवर में महज एक विकेट खोकर लक्ष्‍य हासिल कर लिया. गुजरात की गेंदबाजी अब तक उसकी सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई है. वैसे तो इस टीम में प्रवीण कुमार, धवल कुलकर्णी और चाइनामैन शिविल कौशल जैसे उपयोगी बॉलर हैं, लेकिन अब तक ये विपक्षी बल्‍लेबाजों पर छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं. इससे पहले गुजरात लायंस को 7 अप्रैल को कोलकाता नाइटराइडर्स के हाथों 10 विकेट की करारी हार का सामना करना पड़ा था. इस मैच में कप्‍तान सुरेश रैना के नाबाद 68 रनों के सहारे टीम ने 20 ओवर्स में 183 रनों का सम्‍मानजनक स्‍कोर बनाया था लेकिन गौतम गंभीर और क्रिस लिन की तूफानी बल्‍लेबाजी ने इसे साधारण साबित कर दिया. लिन ने महज 41 गेंदों पर छह चौकों और आठ छक्‍कों की मदद से नाबाद 93 रन बनाए जबकि गौतम गंभीर ने 48 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से नाबाद 76 रन की पारी खेली. इन दोनों की आतिशी बल्‍लेबाजी का आलम यह था कि कोलकाता टीम ने 14.5 ओवर में ही बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्‍य हासिल कर लिया था. रविवार को हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में निर्धारित 20 ओवर्स में 'गुजरात के शेर' महज 135 रन ही बना पाए. उसकी रनसंख्‍या 'हैदराबादियों' के लिए कोई चुनौती साबित नहीं हो पाई. पूरे मैच में वॉर्नर की टीम ने एकमात्र विकेट शिखर धवन (9) के रूप में गंवाया जो टीम इंडिया के पूर्व गेंदबाज प्रवीण कुमार का शिकार बने. कप्‍तान डेविड वॉर्नर ने 76 रन (45 गेंद, छह चौके और चार छक्‍के) और मोइज हेनरिक्‍स ने 52 रन (39 गेंद, छह चौके) पर नाबाद रहते हुए टीम को जीत तक पहुंचा दिया. हैदराबाद ने 15.3 ओवर में महज एक विकेट खोकर लक्ष्‍य हासिल कर लिया. गुजरात की गेंदबाजी अब तक उसकी सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई है. वैसे तो इस टीम में प्रवीण कुमार, धवल कुलकर्णी और चाइनामैन शिविल कौशल जैसे उपयोगी बॉलर हैं, लेकिन अब तक ये विपक्षी बल्‍लेबाजों पर छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं. इससे पहले गुजरात लायंस को 7 अप्रैल को कोलकाता नाइटराइडर्स के हाथों 10 विकेट की करारी हार का सामना करना पड़ा था. इस मैच में कप्‍तान सुरेश रैना के नाबाद 68 रनों के सहारे टीम ने 20 ओवर्स में 183 रनों का सम्‍मानजनक स्‍कोर बनाया था लेकिन गौतम गंभीर और क्रिस लिन की तूफानी बल्‍लेबाजी ने इसे साधारण साबित कर दिया. लिन ने महज 41 गेंदों पर छह चौकों और आठ छक्‍कों की मदद से नाबाद 93 रन बनाए जबकि गौतम गंभीर ने 48 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से नाबाद 76 रन की पारी खेली. इन दोनों की आतिशी बल्‍लेबाजी का आलम यह था कि कोलकाता टीम ने 14.5 ओवर में ही बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्‍य हासिल कर लिया था. इससे पहले गुजरात लायंस को 7 अप्रैल को कोलकाता नाइटराइडर्स के हाथों 10 विकेट की करारी हार का सामना करना पड़ा था. इस मैच में कप्‍तान सुरेश रैना के नाबाद 68 रनों के सहारे टीम ने 20 ओवर्स में 183 रनों का सम्‍मानजनक स्‍कोर बनाया था लेकिन गौतम गंभीर और क्रिस लिन की तूफानी बल्‍लेबाजी ने इसे साधारण साबित कर दिया. लिन ने महज 41 गेंदों पर छह चौकों और आठ छक्‍कों की मदद से नाबाद 93 रन बनाए जबकि गौतम गंभीर ने 48 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से नाबाद 76 रन की पारी खेली. इन दोनों की आतिशी बल्‍लेबाजी का आलम यह था कि कोलकाता टीम ने 14.5 ओवर में ही बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्‍य हासिल कर लिया था.
अपने दूसरे मैच में टीम को 9 विकेट की करारी हार मिली पहले मैच में कोलकाता टीम ने 10 विकेट से हराया था गुजरात की गेंदबाजी दोनों मैचों में साधारण नजर आई
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद फंडों की मुनाफावसूली से शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। आरआईएल, टीसीएस, एसबीआई और टाटा मोटर्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली से बीएसई सेंसेक्स 97 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 96.8 अंक टूटकर 15,873.95 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 28.50 अंक टूटकर 4,750.50 अंक पर बंद हुआ। विशेषज्ञों ने कहा वैश्विक बाजार से मजबूती के कोई संकेत नहीं मिलने की वजह से घरेलू शेयर बाजार की धारणा सुस्त रही। जहां पश्चिमी देशों के ज्यादातर बाजार बंद रहे, वहीं जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और ताइवान जैसे कुछ एशियाई बाजारों में गिरावट का रुख रहा। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के पराग डाक्टर ने कहा, बाजार में चौतरफा मुनाफा वसूली देखी गई। विदेशी बाजारों में क्रिसमस की छुट्टी होने से संस्थागत निवेशकों की भागीदारी सुस्त रही और बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। बोनांजा पोर्टफोलियो की शानू गोयल ने कहा, 29 दिसंबर को डेरिवेटिव्ज सौदों का निपटान होना है जिसे देखते हुए इस सप्ताह बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। इसलिए, निवेशक सतर्कता का रुख अपना सकते हैं।
सारांश: आरआईएल, टीसीएस, एसबीआई और टाटा मोटर्स जैसे दिग्गजों के शेयरों में मुनाफावसूली से बीएसई सेंसेक्स 97 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले जल्द ही स्मार्ट कार्ड को बतौर सिम कार्ड कलाई घड़ी में पहन सकते हैं. अब आपकी कलाई घड़ी के अंदर ही एक सिम कार्ड लगाया जा सकेगा जिसे निकाला भी जा सकेगा और दोबारा भी डाला जा सकेगा जब और जैसे प्रयोगकर्ता चाहेगा. यानी, न स्मार्ट कार्ड चाहिए होगा और न ही टोकन.टिप्पणियां दिल्ली मेट्रो ने दरअसल घड़ी बनाने वाली ऑस्ट्रेलियन कंपनी एलएकेएस (लैक्स) के साथ करार किया है जिसकी घड़ियों में स्मार्ट सिम लगा होगा. इस स्मार्चवॉच को Watch2Pay नाम दिया गया है. यात्री इसे ई कॉमर्स वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन खरीद सकेंगे. डीएमआरसी का कहना है कि इससे दिल्ली मेट्रो की सुविधा बेहतर बनेगी और नेटवर्क फास्ट होगा. इस स्मार्टवॉच को जैसे ही यात्री एफसी गेट पर टच करेंगे, गेट खुल जाया करेगा और वे अंदर प्रवेश कर पाएंगे.  डीएमआरसी ऑफिशल के हवाले से आईएएनएस ने बताया कि इसे वैसे ही रीचार्च किया जा सकेगा जैसा कि स्मार्ट कार्ड का काउंटर पर किया जाता है. वैसे बता दें कि 2015 में यह कंपनी हैदराबाद मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ भी पेमैंट फेसेलिटी के लिए हाथ मिला चुकी है.  दिल्ली मेट्रो ने दरअसल घड़ी बनाने वाली ऑस्ट्रेलियन कंपनी एलएकेएस (लैक्स) के साथ करार किया है जिसकी घड़ियों में स्मार्ट सिम लगा होगा. इस स्मार्चवॉच को Watch2Pay नाम दिया गया है. यात्री इसे ई कॉमर्स वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन खरीद सकेंगे. डीएमआरसी का कहना है कि इससे दिल्ली मेट्रो की सुविधा बेहतर बनेगी और नेटवर्क फास्ट होगा. इस स्मार्टवॉच को जैसे ही यात्री एफसी गेट पर टच करेंगे, गेट खुल जाया करेगा और वे अंदर प्रवेश कर पाएंगे.  डीएमआरसी ऑफिशल के हवाले से आईएएनएस ने बताया कि इसे वैसे ही रीचार्च किया जा सकेगा जैसा कि स्मार्ट कार्ड का काउंटर पर किया जाता है. वैसे बता दें कि 2015 में यह कंपनी हैदराबाद मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ भी पेमैंट फेसेलिटी के लिए हाथ मिला चुकी है.  डीएमआरसी ऑफिशल के हवाले से आईएएनएस ने बताया कि इसे वैसे ही रीचार्च किया जा सकेगा जैसा कि स्मार्ट कार्ड का काउंटर पर किया जाता है. वैसे बता दें कि 2015 में यह कंपनी हैदराबाद मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ भी पेमैंट फेसेलिटी के लिए हाथ मिला चुकी है.
यह एक सारांश है: दिल्ली मेट्रो से सफर करने वालों के लिए जल्द ही आएगी स्मार्टवॉच इसमें सिम होगा जिसके जरिए प्रवेश द्वार में कर सकेंगे एंट्री, होगी पेमेंट इस स्मार्चवॉच को Watch2Pay नाम दिया गया है
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव ने प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा राष्ट्रीय सरकार गठित करने में नाकाम रहने के एक दिन बाद आज प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी पर आमसहमति बनाने की समयसीमा को छह दिन के लिए बढ़ा दिया। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक नोटिस में कहा गया कि राष्ट्रपति ने प्रमुख राजनीतिक दलों के आग्रह पर प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के नाम पर आमसहमति बनाने की समयसीमा को छह और दिनों के लिए बढ़ा दिया। यह दूसरी बार है जब राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय एकता सरकार गठित करने के लिए राजनीतिक दलों के लिए समयसीमा बढ़ाई है। नई सरकार बाबूराम भट्टाराई के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार की जगह लेगी। राष्ट्रपति यादव ने पिछले सप्ताह यह समयसीमा बीते गुरुवार तक के लिए बढ़ाई थी क्योंकि राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा कि उन्हें आमसहमति पर पहुंचने के लिए और समय की जरूरत है। हालांकि विचार-विमर्श के बावजूद पार्टियों प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर एकराय नहीं बना पाईं। टिप्पणियां समयसीमा बढ़ाने का फैसला ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रपति और माओवादी पार्टी के प्रमुख प्रचंड के बीच आज सुबह महत्वपूर्ण बैठक हुई। सूत्रों ने कहा कि चारों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गुरुवार की वार्ता विफल रही क्योंकि यूएसीपीएन माओवादी और संयुक्त मधेसी मोर्चा का सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दल नेपाली कांग्रेस तथा सीपीएन यूएमएल अपने रुख पर कायम है। इससे पहले नेपाली कांग्रेस ने सुशील कोइराला को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक नोटिस में कहा गया कि राष्ट्रपति ने प्रमुख राजनीतिक दलों के आग्रह पर प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के नाम पर आमसहमति बनाने की समयसीमा को छह और दिनों के लिए बढ़ा दिया। यह दूसरी बार है जब राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय एकता सरकार गठित करने के लिए राजनीतिक दलों के लिए समयसीमा बढ़ाई है। नई सरकार बाबूराम भट्टाराई के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार की जगह लेगी। राष्ट्रपति यादव ने पिछले सप्ताह यह समयसीमा बीते गुरुवार तक के लिए बढ़ाई थी क्योंकि राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा कि उन्हें आमसहमति पर पहुंचने के लिए और समय की जरूरत है। हालांकि विचार-विमर्श के बावजूद पार्टियों प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर एकराय नहीं बना पाईं। टिप्पणियां समयसीमा बढ़ाने का फैसला ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रपति और माओवादी पार्टी के प्रमुख प्रचंड के बीच आज सुबह महत्वपूर्ण बैठक हुई। सूत्रों ने कहा कि चारों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गुरुवार की वार्ता विफल रही क्योंकि यूएसीपीएन माओवादी और संयुक्त मधेसी मोर्चा का सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दल नेपाली कांग्रेस तथा सीपीएन यूएमएल अपने रुख पर कायम है। इससे पहले नेपाली कांग्रेस ने सुशील कोइराला को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया। यह दूसरी बार है जब राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय एकता सरकार गठित करने के लिए राजनीतिक दलों के लिए समयसीमा बढ़ाई है। नई सरकार बाबूराम भट्टाराई के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार की जगह लेगी। राष्ट्रपति यादव ने पिछले सप्ताह यह समयसीमा बीते गुरुवार तक के लिए बढ़ाई थी क्योंकि राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा कि उन्हें आमसहमति पर पहुंचने के लिए और समय की जरूरत है। हालांकि विचार-विमर्श के बावजूद पार्टियों प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर एकराय नहीं बना पाईं। टिप्पणियां समयसीमा बढ़ाने का फैसला ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रपति और माओवादी पार्टी के प्रमुख प्रचंड के बीच आज सुबह महत्वपूर्ण बैठक हुई। सूत्रों ने कहा कि चारों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गुरुवार की वार्ता विफल रही क्योंकि यूएसीपीएन माओवादी और संयुक्त मधेसी मोर्चा का सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दल नेपाली कांग्रेस तथा सीपीएन यूएमएल अपने रुख पर कायम है। इससे पहले नेपाली कांग्रेस ने सुशील कोइराला को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया। राष्ट्रपति यादव ने पिछले सप्ताह यह समयसीमा बीते गुरुवार तक के लिए बढ़ाई थी क्योंकि राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा कि उन्हें आमसहमति पर पहुंचने के लिए और समय की जरूरत है। हालांकि विचार-विमर्श के बावजूद पार्टियों प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर एकराय नहीं बना पाईं। टिप्पणियां समयसीमा बढ़ाने का फैसला ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रपति और माओवादी पार्टी के प्रमुख प्रचंड के बीच आज सुबह महत्वपूर्ण बैठक हुई। सूत्रों ने कहा कि चारों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गुरुवार की वार्ता विफल रही क्योंकि यूएसीपीएन माओवादी और संयुक्त मधेसी मोर्चा का सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दल नेपाली कांग्रेस तथा सीपीएन यूएमएल अपने रुख पर कायम है। इससे पहले नेपाली कांग्रेस ने सुशील कोइराला को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया। समयसीमा बढ़ाने का फैसला ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रपति और माओवादी पार्टी के प्रमुख प्रचंड के बीच आज सुबह महत्वपूर्ण बैठक हुई। सूत्रों ने कहा कि चारों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गुरुवार की वार्ता विफल रही क्योंकि यूएसीपीएन माओवादी और संयुक्त मधेसी मोर्चा का सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दल नेपाली कांग्रेस तथा सीपीएन यूएमएल अपने रुख पर कायम है। इससे पहले नेपाली कांग्रेस ने सुशील कोइराला को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया। सूत्रों ने कहा कि चारों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गुरुवार की वार्ता विफल रही क्योंकि यूएसीपीएन माओवादी और संयुक्त मधेसी मोर्चा का सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दल नेपाली कांग्रेस तथा सीपीएन यूएमएल अपने रुख पर कायम है। इससे पहले नेपाली कांग्रेस ने सुशील कोइराला को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया।
नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव ने प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा राष्ट्रीय सरकार गठित करने में नाकाम रहने के एक दिन बाद आज प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी पर आमसहमति बनाने की समयसीमा को छह दिन के लिए बढ़ा दिया।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नार्वे की राजधानी ओस्लो में शुक्रवार को हुए बम विस्फोट और गोलीबारी पर दुख प्रकट करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ एक साथ मिलकर लड़ने की आवश्यकता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की के साथ बैठक के बाद ओबामा ने कहा कि दुख की इस घड़ी में हम नार्वे के लोगों के साथ हैं। साथ ही उन्होंने इस हमले की जांच में सहायता मुहैया कराने का आग्रह किया। ओबामा ने कहा कि यह आतंकवादी हमला हमें इस बात की याद दिलाता है कि पूरे विश्व को इसे रोकने में अपनी हिस्सेदारी निभानी होगी। ओबामा ने कहा, "इस तरह के आतंकवादी हमलों को रोकने के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।" गौरतलब है कि नार्वे की राजधानी में शुक्रवार को हुए एक बम विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई थी जबकि एक अन्य घटना में एक बंदूकधारी द्वारा की गई गोलीबारी में 10 लोग मारे गए।
संक्षिप्त पाठ: बराक ओबामा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ एक साथ मिलकर लड़ने की आवश्यकता है।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन की संसद के निचले सदन के डिप्टी स्पीकर और कंजर्वेटिव पार्टी के समलैंगिक सांसद निजेल इवान्स को कथित रूप से 20 से 30 साल के बीच की उम्र के दो पुरुषों का बलात्कार एवं यौन शोषण करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया। इवान्स पर लगे आरोपों के बाद पुलिस शनिवार को लंकाशायर के पेंडलटन में स्थित इवान्स के घर गई। कथित अपराधों के समय पीड़ितों की उम्र 20-30 साल के बीच थी। कहा जा रहा है कि ये घटनाएं जुलाई, 2009 और मार्च, 2013 में इवान्स के इसी घर में हुई थीं। अधिकारियों ने घर की तलाशी ली और हाउस ऑफ कॉमन्स के डिप्टी स्पीकर इवान्स को हिरासत में ले लिया गया। उन्हें बाद में जमानत पर 19 जून तक के लिए रिहा कर दिया गया। समझा जा रहा है कि प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को 55-वर्षीय इवान्स की गिरफ्तारी के बारे में बता दिया गया है। इवान्स रिबल वैली सीट से सांसद हैं।टिप्पणियां हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर जॉन बरकाउ ने शनिवार रात कहा, यह बहुत चौंकाने वाली घटना है। निजेल लोकप्रिय हैं और लोग उन्हें पसंद करते हैं। जो हुआ उस पर कोई विश्वास नहीं कर सकता। इवान्स ने अपने समलैंगिक होने की बात सार्वजनिक तौर पर स्वीकार की है। उन्होंने वर्ष 2010 में अपने समलैंगिक होने की बात बताई थी। इसी साल उन्हें हाउस ऑफ कॉमंस का डिप्टी स्पीकर बनाया गया था। लंकाशायर पुलिस ने बताया, लंकाशायर के पेंडलटन में शनिवार को 55-वर्षीय एक व्यक्ति को बलात्कार और यौन शोषण के आरोपों को लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा, ये घटनाएं पेंडलटन में जुलाई, 2009 और मार्च, 2013 के बीच हुईं। हम इस तरह के सभी आरोपों को बहुत गंभीरता से लेते हैं और यह समझ सकते हैं कि पीड़ितों के लिए आगे आना कितना मुश्किल होता है। इवान्स पर लगे आरोपों के बाद पुलिस शनिवार को लंकाशायर के पेंडलटन में स्थित इवान्स के घर गई। कथित अपराधों के समय पीड़ितों की उम्र 20-30 साल के बीच थी। कहा जा रहा है कि ये घटनाएं जुलाई, 2009 और मार्च, 2013 में इवान्स के इसी घर में हुई थीं। अधिकारियों ने घर की तलाशी ली और हाउस ऑफ कॉमन्स के डिप्टी स्पीकर इवान्स को हिरासत में ले लिया गया। उन्हें बाद में जमानत पर 19 जून तक के लिए रिहा कर दिया गया। समझा जा रहा है कि प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को 55-वर्षीय इवान्स की गिरफ्तारी के बारे में बता दिया गया है। इवान्स रिबल वैली सीट से सांसद हैं।टिप्पणियां हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर जॉन बरकाउ ने शनिवार रात कहा, यह बहुत चौंकाने वाली घटना है। निजेल लोकप्रिय हैं और लोग उन्हें पसंद करते हैं। जो हुआ उस पर कोई विश्वास नहीं कर सकता। इवान्स ने अपने समलैंगिक होने की बात सार्वजनिक तौर पर स्वीकार की है। उन्होंने वर्ष 2010 में अपने समलैंगिक होने की बात बताई थी। इसी साल उन्हें हाउस ऑफ कॉमंस का डिप्टी स्पीकर बनाया गया था। लंकाशायर पुलिस ने बताया, लंकाशायर के पेंडलटन में शनिवार को 55-वर्षीय एक व्यक्ति को बलात्कार और यौन शोषण के आरोपों को लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा, ये घटनाएं पेंडलटन में जुलाई, 2009 और मार्च, 2013 के बीच हुईं। हम इस तरह के सभी आरोपों को बहुत गंभीरता से लेते हैं और यह समझ सकते हैं कि पीड़ितों के लिए आगे आना कितना मुश्किल होता है। अधिकारियों ने घर की तलाशी ली और हाउस ऑफ कॉमन्स के डिप्टी स्पीकर इवान्स को हिरासत में ले लिया गया। उन्हें बाद में जमानत पर 19 जून तक के लिए रिहा कर दिया गया। समझा जा रहा है कि प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को 55-वर्षीय इवान्स की गिरफ्तारी के बारे में बता दिया गया है। इवान्स रिबल वैली सीट से सांसद हैं।टिप्पणियां हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर जॉन बरकाउ ने शनिवार रात कहा, यह बहुत चौंकाने वाली घटना है। निजेल लोकप्रिय हैं और लोग उन्हें पसंद करते हैं। जो हुआ उस पर कोई विश्वास नहीं कर सकता। इवान्स ने अपने समलैंगिक होने की बात सार्वजनिक तौर पर स्वीकार की है। उन्होंने वर्ष 2010 में अपने समलैंगिक होने की बात बताई थी। इसी साल उन्हें हाउस ऑफ कॉमंस का डिप्टी स्पीकर बनाया गया था। लंकाशायर पुलिस ने बताया, लंकाशायर के पेंडलटन में शनिवार को 55-वर्षीय एक व्यक्ति को बलात्कार और यौन शोषण के आरोपों को लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा, ये घटनाएं पेंडलटन में जुलाई, 2009 और मार्च, 2013 के बीच हुईं। हम इस तरह के सभी आरोपों को बहुत गंभीरता से लेते हैं और यह समझ सकते हैं कि पीड़ितों के लिए आगे आना कितना मुश्किल होता है। हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर जॉन बरकाउ ने शनिवार रात कहा, यह बहुत चौंकाने वाली घटना है। निजेल लोकप्रिय हैं और लोग उन्हें पसंद करते हैं। जो हुआ उस पर कोई विश्वास नहीं कर सकता। इवान्स ने अपने समलैंगिक होने की बात सार्वजनिक तौर पर स्वीकार की है। उन्होंने वर्ष 2010 में अपने समलैंगिक होने की बात बताई थी। इसी साल उन्हें हाउस ऑफ कॉमंस का डिप्टी स्पीकर बनाया गया था। लंकाशायर पुलिस ने बताया, लंकाशायर के पेंडलटन में शनिवार को 55-वर्षीय एक व्यक्ति को बलात्कार और यौन शोषण के आरोपों को लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा, ये घटनाएं पेंडलटन में जुलाई, 2009 और मार्च, 2013 के बीच हुईं। हम इस तरह के सभी आरोपों को बहुत गंभीरता से लेते हैं और यह समझ सकते हैं कि पीड़ितों के लिए आगे आना कितना मुश्किल होता है। लंकाशायर पुलिस ने बताया, लंकाशायर के पेंडलटन में शनिवार को 55-वर्षीय एक व्यक्ति को बलात्कार और यौन शोषण के आरोपों को लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा, ये घटनाएं पेंडलटन में जुलाई, 2009 और मार्च, 2013 के बीच हुईं। हम इस तरह के सभी आरोपों को बहुत गंभीरता से लेते हैं और यह समझ सकते हैं कि पीड़ितों के लिए आगे आना कितना मुश्किल होता है।
संक्षिप्त पाठ: ब्रिटेन की संसद के निचले सदन के डिप्टी स्पीकर और कंजर्वेटिव पार्टी के समलैंगिक सांसद निजेल इवान्स को कथित रूप से दो पुरुषों का बलात्कार एवं यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्हें बाद में जमानत पर 19 जून तक के लिए रिहा कर दिया गया।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केरल में सत्ताधारी पार्टी सीपीएम के 52 साल के कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई है. कन्नूर की यह वारदात सोमवार की है जब इस कार्यकर्ता की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक सीपीएम के स्थानीय कमेटी नेता मोहनन के अपनी दुकान पर थे जब चार पांच लोगों ने उन पर हमला बोल दिया. इस कत्ल के पीछे राजनीतिक मकसद बताया जा रहा है. पुलिस सूत्रों की मानें तो हमलावरों ने नकाब पहन रख था और यह एक राजनीतिक मकसद के साथ किया गया हमला लग रहा है. सीपीआई (एम) ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे बीजेपी कार्यकर्ताओं का हाथ है और इस मुद्दे पर कल जिले में हड़ताल की जाएगी.टिप्पणियां गौरतलब है कि पिछले महीने एक बीजेपी कार्यकर्ता पर सीपीआई (एम) के सदस्यों ने कथित तौर पर हमला किया था. बीजेपी का दावा था कि सीपीआई (एम) ने ही यह हमला करवाया था. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मई में जब से पी विजयन की लेफ्ट सरकार सत्ता में आई है, कन्नूर जिले में 50 राजनीतिक हमले और चार हत्याएं हो चुकी हैं, बीजेपी और सीपीएम के सदस्य यहां लगातार आमने सामने रहते हैं. राज्य में विपक्ष ने केरल सरकार पर इस तरह की हिंसक घटनाओं पर कोई कार्यवाही न करने का आरोप लगाया है. केरल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथाला ने पिछले महीने एक बयान में कहा था कि 'मई में जब से सीपीएम सरकार आई है तब से 100 से ज्यादा राजनीतिक हमले और हिंसा और करीब 70 हत्याएं हो चुकी हैं. मैं हैरान हूं और मुझे समझ नहीं आ रहा कि आखिर क्यों सरकार कुछ नहीं कर पा रही है या फिर क्यों एक सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई जा रही है.' पुलिस सूत्रों की मानें तो हमलावरों ने नकाब पहन रख था और यह एक राजनीतिक मकसद के साथ किया गया हमला लग रहा है. सीपीआई (एम) ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे बीजेपी कार्यकर्ताओं का हाथ है और इस मुद्दे पर कल जिले में हड़ताल की जाएगी.टिप्पणियां गौरतलब है कि पिछले महीने एक बीजेपी कार्यकर्ता पर सीपीआई (एम) के सदस्यों ने कथित तौर पर हमला किया था. बीजेपी का दावा था कि सीपीआई (एम) ने ही यह हमला करवाया था. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मई में जब से पी विजयन की लेफ्ट सरकार सत्ता में आई है, कन्नूर जिले में 50 राजनीतिक हमले और चार हत्याएं हो चुकी हैं, बीजेपी और सीपीएम के सदस्य यहां लगातार आमने सामने रहते हैं. राज्य में विपक्ष ने केरल सरकार पर इस तरह की हिंसक घटनाओं पर कोई कार्यवाही न करने का आरोप लगाया है. केरल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथाला ने पिछले महीने एक बयान में कहा था कि 'मई में जब से सीपीएम सरकार आई है तब से 100 से ज्यादा राजनीतिक हमले और हिंसा और करीब 70 हत्याएं हो चुकी हैं. मैं हैरान हूं और मुझे समझ नहीं आ रहा कि आखिर क्यों सरकार कुछ नहीं कर पा रही है या फिर क्यों एक सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई जा रही है.' गौरतलब है कि पिछले महीने एक बीजेपी कार्यकर्ता पर सीपीआई (एम) के सदस्यों ने कथित तौर पर हमला किया था. बीजेपी का दावा था कि सीपीआई (एम) ने ही यह हमला करवाया था. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मई में जब से पी विजयन की लेफ्ट सरकार सत्ता में आई है, कन्नूर जिले में 50 राजनीतिक हमले और चार हत्याएं हो चुकी हैं, बीजेपी और सीपीएम के सदस्य यहां लगातार आमने सामने रहते हैं. राज्य में विपक्ष ने केरल सरकार पर इस तरह की हिंसक घटनाओं पर कोई कार्यवाही न करने का आरोप लगाया है. केरल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथाला ने पिछले महीने एक बयान में कहा था कि 'मई में जब से सीपीएम सरकार आई है तब से 100 से ज्यादा राजनीतिक हमले और हिंसा और करीब 70 हत्याएं हो चुकी हैं. मैं हैरान हूं और मुझे समझ नहीं आ रहा कि आखिर क्यों सरकार कुछ नहीं कर पा रही है या फिर क्यों एक सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई जा रही है.' राज्य में विपक्ष ने केरल सरकार पर इस तरह की हिंसक घटनाओं पर कोई कार्यवाही न करने का आरोप लगाया है. केरल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथाला ने पिछले महीने एक बयान में कहा था कि 'मई में जब से सीपीएम सरकार आई है तब से 100 से ज्यादा राजनीतिक हमले और हिंसा और करीब 70 हत्याएं हो चुकी हैं. मैं हैरान हूं और मुझे समझ नहीं आ रहा कि आखिर क्यों सरकार कुछ नहीं कर पा रही है या फिर क्यों एक सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई जा रही है.'
संक्षिप्त पाठ: केरल के कन्नूर में सीपीएम कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई कन्नूर में इससे पहले भी राजनीतिक हमले और हत्याओं के मामले सामने आए हैं इसके बाद मई में बनी विजयन की सरकार सवालों के घेरे में है
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक के खनन घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को खनन कारोबारी जी. जनार्दन रेड्डी की कम्पनी के दफ्तर एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक सहित रेड्डी के करीबियों के घरों पर छापेमारी की। उधर, एक विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री रेड्डी और उनके रिश्तेदार की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने विवरण देने से इंकार करते हुए सिर्फ इतना कहा कि बेंगलुरू से लगभग 300 किलोमीटर दूर बेल्लारी में छापेमारी के दौरान जांच दल ने कई दस्तावेज जब्त किए। प्रवक्ता ने कहा कि बेल्लारी जिले के कुडलिगी से भाजपा विधायक बी. नागेंद्रा के आवास की सबसे पहले तलाशी ली गई। इसके बाद जनार्दन रेड्डी और उनकी पत्नी लक्ष्मी अरुणा के स्वामित्व वाली एसोसिएटेड माइनिंग कम्पनी (एएमसी) के कार्यालयों, एएमसी के पूर्व मालिक के घर और डेक्कन माइनिंग सिंडीकेट के कार्यालयों पर भी छापे मारे गए। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि सज्जन जिंदल के स्वामित्व वाली कम्पनी जिंदल स्टील वर्क्‍स के दफ्तरों पर भी तलाशी ली गई। बाद में इस कम्पनी द्वारा जारी बयान में हालांकि कहा गया कि उसके दफ्तरों पर छापेमारी नहीं हुई है। मध्य कर्नाटक के दावणगेरे में सीबीआई ने दावणगेरे जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुथैया के आवास की भी तलाशी ली। वह पहले बेल्लारी में उप वन संरक्षक थे। ज्ञात हो कि राज्य के पूर्व पर्यटन मंत्री जनार्दन रेड्डी और ओबुलापुरम खनन कम्पनी के प्रबंध निदेशक बीवी श्रीनिवास रेड्डी को पांच सितम्बर को गिरफ्तार कर लिया गया था। दोनों पर आंध्र प्रदेश में अवैध खनन के आरोप हैं। दोनों फिलहाल हैदराबाद के चंचलगुडा जेल में हैं। प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई की टीमें दावणगेरे और चित्रदुर्ग जिलों में कर्नाटक वन विभाग के कुछ अधिकारियों के घरों की भी तलाशी ले रही हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने कर्नाटक में भी रेड्डी की अवैध खनन गतिविधियों की सीबीआई जांच करने के आदेश दिए हैं। उधर, हैदराबाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को जी. जनार्दन रेड्डी और उनके रिश्तेदार श्रीनिवास रेड्डी की न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी। दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी। विशेष अदालत ने जांच एजेंसी द्वारा दायर एक आवेदन पर यह आदेश पारित किया। सीबीआई ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। न्यायाधीश ने अदालत और चंचलगुडा जेल के बीच वीडियो सम्पर्क के जरिए सुनवाई की। आरोपी इसी जेल में कैद हैं। सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा कारणों से आरोपियों को नामपल्ली आपराधिक न्यायालय में नहीं लाया गया। इससे पहले न्यायालय ने 30 सितम्बर को दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उसी दिन न्यायालय ने आरोपियों की सीबीआई हिरासत बढ़ाने से भी इंकार कर दिया था। सीबीआई ने दोनों को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में अवैध खनन के आरोप में कर्नाटक के बेल्लारी से पांच सितम्बर को गिरफ्तार किया था।
संक्षिप्त सारांश: कर्नाटक के खनन घोटाला मामले में सीबीआई ने रेड्डी की कम्पनी के दफ्तर एवं उनके करीबियों के घरों पर छापेमारी की।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को राज्य सभा के लिए मनोनीत किए जाने सम्बंधी फैसले को चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ ने रामगोपाल सिंह सिसोदिया द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में कहा गया था कि राज्य के लिए सचिन का मनोनयन संविधान के प्रावधानों के विपरीत है।टिप्पणियां न्यायालय ने याचिकाकर्ता को इस मामले पर सुनवाई के लिए उपयुक्त उच्च न्यायालय की शरण में जाने को कहा। याचिकाकर्ता की दलील थी कि संविधान में खेल श्रेणी से किसी एक व्यक्ति को राज्य सभा के लिए मनोनीत किए जाने का उल्लेख नहीं है। सिसोदिया ने अपनी याचिका में कहा था कि संविधान की धारा 80 (3) के मुताबिक राज्य सभा के लिए साहित्य, विज्ञान, कला और समाजिक सेवाओं के क्षेत्र की हस्तियों को मनोनीत किया जा सकता है लेकिन इसमें खेल जगत की हस्तियों को नामांकित किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ ने रामगोपाल सिंह सिसोदिया द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में कहा गया था कि राज्य के लिए सचिन का मनोनयन संविधान के प्रावधानों के विपरीत है।टिप्पणियां न्यायालय ने याचिकाकर्ता को इस मामले पर सुनवाई के लिए उपयुक्त उच्च न्यायालय की शरण में जाने को कहा। याचिकाकर्ता की दलील थी कि संविधान में खेल श्रेणी से किसी एक व्यक्ति को राज्य सभा के लिए मनोनीत किए जाने का उल्लेख नहीं है। सिसोदिया ने अपनी याचिका में कहा था कि संविधान की धारा 80 (3) के मुताबिक राज्य सभा के लिए साहित्य, विज्ञान, कला और समाजिक सेवाओं के क्षेत्र की हस्तियों को मनोनीत किया जा सकता है लेकिन इसमें खेल जगत की हस्तियों को नामांकित किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को इस मामले पर सुनवाई के लिए उपयुक्त उच्च न्यायालय की शरण में जाने को कहा। याचिकाकर्ता की दलील थी कि संविधान में खेल श्रेणी से किसी एक व्यक्ति को राज्य सभा के लिए मनोनीत किए जाने का उल्लेख नहीं है। सिसोदिया ने अपनी याचिका में कहा था कि संविधान की धारा 80 (3) के मुताबिक राज्य सभा के लिए साहित्य, विज्ञान, कला और समाजिक सेवाओं के क्षेत्र की हस्तियों को मनोनीत किया जा सकता है लेकिन इसमें खेल जगत की हस्तियों को नामांकित किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। सिसोदिया ने अपनी याचिका में कहा था कि संविधान की धारा 80 (3) के मुताबिक राज्य सभा के लिए साहित्य, विज्ञान, कला और समाजिक सेवाओं के क्षेत्र की हस्तियों को मनोनीत किया जा सकता है लेकिन इसमें खेल जगत की हस्तियों को नामांकित किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है।
संक्षिप्त सारांश: सर्वोच्च न्यायालय ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को राज्य सभा के लिए मनोनीत किए जाने सम्बंधी फैसले को चुनौती दी गई थी।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में 33 रन पर तीन विकेट झकट कर मैन ऑफ द मैच बने ईशांत शर्मा ने कहा कि भारत के तेज गेंदबाज एक टीम की तरह काम कर रहे हैं और इसका नतीजा दिख रहा है।टिप्पणियां भारत ने आज श्रीलंका को आठ विकेटों से करारी शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया। मैच समाप्त होने के बाद की बातचीत में ईशांत ने कहा, इस विकेट में काफी उछाल और मूवमेंट थी। मुझे खुशी है कि मैंने अच्छी लय में गेंदबाजी की और सही दिशा में गेंदें डालीं। सही जगह पर गेंद डालना सबसे अहम होता है और मैं खुशकिस्मत हूं कि मैंने यह किया। भारत ने आज श्रीलंका को आठ विकेटों से करारी शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया। मैच समाप्त होने के बाद की बातचीत में ईशांत ने कहा, इस विकेट में काफी उछाल और मूवमेंट थी। मुझे खुशी है कि मैंने अच्छी लय में गेंदबाजी की और सही दिशा में गेंदें डालीं। सही जगह पर गेंद डालना सबसे अहम होता है और मैं खुशकिस्मत हूं कि मैंने यह किया। मैच समाप्त होने के बाद की बातचीत में ईशांत ने कहा, इस विकेट में काफी उछाल और मूवमेंट थी। मुझे खुशी है कि मैंने अच्छी लय में गेंदबाजी की और सही दिशा में गेंदें डालीं। सही जगह पर गेंद डालना सबसे अहम होता है और मैं खुशकिस्मत हूं कि मैंने यह किया।
ईशांत ने कहा, इस विकेट में काफी उछाल और मूवमेंट थी। मुझे खुशी है कि मैंने अच्छी लय में गेंदबाजी की और सही दिशा में गेंदें डालीं।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में भाजपा ने अपनी रणनीति में अचानक परिवर्तन करते हुए राम मंदिर पर ध्यान केंद्रित कर दिया है. पहले विकास के मुद्दे को सबसे ज्यादा तवज्जो देने वाली भाजपा ने ऐसा लगता है कि अब चुनाव करीब आते ही पूरा ध्यान राम मंदिर पर लगा दिया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक से जब पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राम मंदिर पर सवाल कर किया तो सिंह नाराज हो गए और बोले मंदिर अयोध्या में नहीं तो पाकिस्तान में बनेगा?  उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने की बात को बार-बार भाजपा से ही क्यों जोड़ा जाता है. श्री राम केवल बीजेपी के नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दलों के हैं. हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों हिन्दुओं के हैं. सबसे पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गत नवंबर में लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर उनकी पार्टी कटिबद्ध है. बस फिर क्या था राष्ट्रीय अध्यक्ष का संकेत मिलते ही प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या का इसी से मिलता-जुलता बयान सामने आ गया. अब भाजपा नेता विनय कटियार से लेकर केंद्रीय मंत्री आदित्यनाथ योगी राम मंदिर का राग अलाप रहे हैं. टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राम मंदिर पर सवाल कर किया तो सिंह नाराज हो गए और बोले मंदिर अयोध्या में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा? उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने की बात को बार-बार भाजपा से ही क्यों जोड़ा जाता है. श्री राम केवल बीजेपी के नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दलों के हैं. हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों हिन्दुओं के हैं. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से पहले भाजपा नेता विनय कटियार राम मंदिर के मुद्दे को उछालते नजर आए थे. भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि राम मंदिर का मामला हमेशा जीवित रहेगा. यह पार्टी का बुनियादी मुद्दा है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. यह अलग बात है कि उन्होंने यह भी कहा कि उनका बयान उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से संबंधित नहीं है, लेकिन किसी भी कीमत पर अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनाया जाएगा. यह भाजपा का बुनियादी मुद्दा है और पार्टी इसे छोड़ नहीं सकती है. सबसे पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गत नवंबर में लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर उनकी पार्टी कटिबद्ध है. बस फिर क्या था राष्ट्रीय अध्यक्ष का संकेत मिलते ही प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या का इसी से मिलता-जुलता बयान सामने आ गया. अब भाजपा नेता विनय कटियार से लेकर केंद्रीय मंत्री आदित्यनाथ योगी राम मंदिर का राग अलाप रहे हैं. टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राम मंदिर पर सवाल कर किया तो सिंह नाराज हो गए और बोले मंदिर अयोध्या में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा? उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने की बात को बार-बार भाजपा से ही क्यों जोड़ा जाता है. श्री राम केवल बीजेपी के नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दलों के हैं. हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों हिन्दुओं के हैं. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से पहले भाजपा नेता विनय कटियार राम मंदिर के मुद्दे को उछालते नजर आए थे. भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि राम मंदिर का मामला हमेशा जीवित रहेगा. यह पार्टी का बुनियादी मुद्दा है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. यह अलग बात है कि उन्होंने यह भी कहा कि उनका बयान उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से संबंधित नहीं है, लेकिन किसी भी कीमत पर अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनाया जाएगा. यह भाजपा का बुनियादी मुद्दा है और पार्टी इसे छोड़ नहीं सकती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राम मंदिर पर सवाल कर किया तो सिंह नाराज हो गए और बोले मंदिर अयोध्या में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा? उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने की बात को बार-बार भाजपा से ही क्यों जोड़ा जाता है. श्री राम केवल बीजेपी के नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दलों के हैं. हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों हिन्दुओं के हैं. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से पहले भाजपा नेता विनय कटियार राम मंदिर के मुद्दे को उछालते नजर आए थे. भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि राम मंदिर का मामला हमेशा जीवित रहेगा. यह पार्टी का बुनियादी मुद्दा है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. यह अलग बात है कि उन्होंने यह भी कहा कि उनका बयान उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से संबंधित नहीं है, लेकिन किसी भी कीमत पर अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनाया जाएगा. यह भाजपा का बुनियादी मुद्दा है और पार्टी इसे छोड़ नहीं सकती है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से पहले भाजपा नेता विनय कटियार राम मंदिर के मुद्दे को उछालते नजर आए थे. भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि राम मंदिर का मामला हमेशा जीवित रहेगा. यह पार्टी का बुनियादी मुद्दा है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. यह अलग बात है कि उन्होंने यह भी कहा कि उनका बयान उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से संबंधित नहीं है, लेकिन किसी भी कीमत पर अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनाया जाएगा. यह भाजपा का बुनियादी मुद्दा है और पार्टी इसे छोड़ नहीं सकती है.
यहाँ एक सारांश है:भाजपा ने चुनाव करीब आते ही पूरा ध्यान राम मंदिर पर लगाया सबसे पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने की थी राम मंदिर की बात पिछले एक पखवाड़े में कई बड़े बीजेपी नेताओं ने दिए बयान
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: साल्‍वाडोर (El Salvador) के एक नागरिक और उसकी दो साल की बेटी की हैरान कर देने वाली तस्‍वीर ने दुनिया को हिला दिया है. पिता-बेटी दोनों मेक्सिको की रियो ग्रेनेड नदी से अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दोनों फिसलकर गिर गए और उनकी मौत हो गई. इस घटना से दुनिया भर में गुस्‍सा है कि किस तरह शरणार्थी अपनी जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं.  25 वर्षीय ऑस्‍कर मार्टिनेज रमायरेज अपनी 21 साल की पत्‍नी और बेटी के साथ अल साल्‍वाडोर से भागकर रविवार को जोखिम लेकर मेक्सिको से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे थे.  रमायरेज अपनी नन्‍ही सी बेटी को पीठ पर लादे हुए थे. नदी पार करते वक्‍त बेटी को सुरक्षित रखने के लिए उन्‍होंने उसे अपनी टी-शर्ट के अंदर रखा हुआ था. लेकिन नदी की तेज धाराओं में दोनों बह गए और डूब गए. हालांकि उनकी पत्‍नी खुद को बचा पाने में कामयाब रही और किसी तरह से नदी के किनारे तक पहुंच गई.  दोनों लाशें सोमवार को मेक्‍सिको के टमौलीपास राज्‍य के माटामोरस से बरामद हुईं.  पिता-पुत्री की लाशें पानी में औंधें मुंह पड़ी हुईं थीं और फोटो सामने आने के बाद से आल साल्‍वाडोर और मेक्‍सिको में काफी रोष है. शरणार्थियों के साथ खराब रवैये को लेकर वहां की सरकार की कड़ी आलोचना हो रही है.  पिछले साल दिसंबर में राष्‍ट्रपति पद संभालने वाले अन्द्रेस मैन्युअल लोपेज़ ओब्रादोर ने शरणार्थियों के अधिकारों की रक्षा करने का प्रण लिया था. लेकिन तब उन्‍हें कड़ी आलोचना का शिकार करना पड़ा जब एएफपी पत्रकार ने रियो ग्रेनेड में दो महिलाओं और एक लड़की को बलपूर्वक हिरासत में लेते हुए राष्‍ट्रीय सुरक्षा बलों की तस्‍वीरें साझा की थीं.  दिल दहला देने वाली पिता-पुत्र की तस्‍वीर को लेकर साल्‍वाडोर के विदेश मंत्री एलेक्‍जेंडर हिल ने कहा, "हमारा देश फिर से शोक में है. मैं सभी परिवारों और अभिभावकों से प्रार्थना करता हूं कि अपनी जिंदगी को जोखिम में न डालें. जिंदगी कई गुना कीमती है."  हिल ने यह भी बताया कि सरकार मेक्‍सिको से मृतकों के शव को लौटाने पर बातचीत कर रही है. वहीं, राष्‍ट्रपति अन्द्रेस मैन्युअल लोपेज़ ओब्रादोर ने परिवार को वित्तीय मदद का आश्‍वासन दिया है.
यहाँ एक सारांश है:मेक्सिको की रियो ग्रेनेड नदी से पिता-पुत्री की लाशें बरामद हुईं हैं लाशें की तस्‍वीर से दुनिया भर में खलबली बच गई है पिता-पुत्री नदी पार कर अमेरिका में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान में रविवार को हुए सिलसिलेवार विस्फोटों एवं गोलीबारी के बाद केंद्र सरकार ने कहा कि वह काबुल स्थित भारतीय दूतावास के लगातार सम्पर्क में है और वहां सभी भारतीय सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया, "हम काबुल में अपने दूतावास के लगातार सम्पर्क में हैं। बताया गया है कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।"टिप्पणियां काबुल सहित अफगानिस्तान के कई इलाकों में रविवार को सिलसिलेवार विस्फोट और गोलीबारी हुई। तालिबान ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। अफगानिस्तान में करीब 4,000 भारतीय रह रहे हैं, जो वहां विभिन्न सामाजिक-आर्थिक निर्माण परियोजनाओं में शामिल हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया, "हम काबुल में अपने दूतावास के लगातार सम्पर्क में हैं। बताया गया है कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।"टिप्पणियां काबुल सहित अफगानिस्तान के कई इलाकों में रविवार को सिलसिलेवार विस्फोट और गोलीबारी हुई। तालिबान ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। अफगानिस्तान में करीब 4,000 भारतीय रह रहे हैं, जो वहां विभिन्न सामाजिक-आर्थिक निर्माण परियोजनाओं में शामिल हैं। काबुल सहित अफगानिस्तान के कई इलाकों में रविवार को सिलसिलेवार विस्फोट और गोलीबारी हुई। तालिबान ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। अफगानिस्तान में करीब 4,000 भारतीय रह रहे हैं, जो वहां विभिन्न सामाजिक-आर्थिक निर्माण परियोजनाओं में शामिल हैं। अफगानिस्तान में करीब 4,000 भारतीय रह रहे हैं, जो वहां विभिन्न सामाजिक-आर्थिक निर्माण परियोजनाओं में शामिल हैं।
सारांश: अफगानिस्तान में रविवार को हुए सिलसिलेवार विस्फोटों एवं गोलीबारी के बाद केंद्र सरकार ने कहा कि वह काबुल स्थित भारतीय दूतावास के लगातार सम्पर्क में है और वहां सभी भारतीय सुरक्षित हैं।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने सोमवार को आरोप लगाया कि चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर एवं उनकी टीम के सदस्य राज्य सरकार के अधिकारियों के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं और विभिन्न विभागों की गोपनीय फाइलें देख रहे हैं. हालांकि, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और किशोर के संगठन- द इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमेटी (आई-पैक) ने इन आरोपों से इनकार किया है. लोकसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बाद तृणमूल ने प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली आई-पैक की सेवाएं वर्ष 2021 विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए ली है.  भाजपा के राज्य महासचिव सायंतन बसु ने दावा किया कि प्रशांत किशोर और उनकी टीम के सदस्य लोगों का फीडबैक लेने के नाम पर सरकारी कार्यालयों का दौरा कर रहे हैं, अधिकारियों को आदेश दे रहे हैं और विभिन्न विभागों की गोपनीय फाइलें देख रहे हैं. बसु ने कहा, ‘हमें कोई समस्या नहीं है अगर तृणमूल सलाह के लिए किशोर की सेवाएं ले, लेकिन वे कैसे राज्य सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप कर सकते हैं? हम जानना चाहते हैं कि तृणमूल ने आई-पैक को नियुक्त किया है या राज्य सरकार ने? हम राज्यपाल को इसकी सूचना देंगे. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.' उन्होंने कहा, ‘वे सरकारी अधिकारियों को दिए कार्य में हस्तक्षेप कर रहे हैं. कैसे तृणमूल सरकारी कामकाज का राजनीतिकरण कर सकती है? क्या आई-पैक को सरकारी खर्च पर नियुक्त किया गया है या तृणमूल के खर्च पर?'  बसु के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के संसदीय कार्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी ने कहा, ‘भाजपा के आरोप निराधार हैं. ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा. कोई सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है.' आई-पैक के अधिकारियों ने भी बसु के आरोपों से इनकार किया है. गौरतलब है कि प्रशांत किशोर की सलाह पर तृणमूल प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों को पार्टी से सीधा संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट की शुरुआत की है. इसके अलावा पार्टी ने बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान की योजना बनाई है जिसमें पार्टी के 1,000 नेता अगले 100 दिनों तक लोगों की परेशानी जानने के लिए 10,000 गांवों का दौरा करेंगे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: BJP का प्रशांत किशोर पर आरोप बंगाल सरकार के कामकाज में दखल देने का आरोप बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई ने लगाया आरोप
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: मौजूदा चैम्पियन और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के ग्रुप-ए में एमए चिदम्बरम स्टेडियम में रविवार को वेस्टइंडीज की त्रिनिदाद एंड टोबैगो के खिलाफ अपने विजय अभियान क्रम को जारी रखने के इरादे से उतरेगी। वहीं त्रिनिदाद की कोशिश इस मुकाबले को जीतकर टूर्नामेंट में वापसी करने की होगी। सुपर किंग्स ने अपने पिछले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की केप कोबराज टीम को चार विकेट से हराया था। इस टूर्नामेंट में सुपर किंग्स ने अब तक दो मुकाबले खेले हैं जिनमें से एक में उसे जीत मिली है जबकि एक मुकाबले में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है। दो अंक लेकर सुपर किंग्स अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर है। त्रिनिदाद टीम अब तक खेले अपने दोनों मुकाबले हार चुकी है। ऐसे में सुपर किंग्स की कोशिश इस मुकाबले को जीतकर सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने की होगी वहीं त्रिनिदाद टीम मुख्य दौर के मुकाबले में पहली जीत की तलाश में होगी। सलामी बल्लेबाज माइकल हसी, मुरली विजय, सुरेश रैना, एस. बद्रीनाथ, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और हरफनमौला ड्वेन ब्रावो पर सुपर किंग्स की बल्लेबाजी निर्भर करेगी। ब्रावो ने पिछले मैच में कोबराज के खिलाफ 25 गेंदों पर नाबाद 46 रनों की पारी खेल अपनी टीम को जीत दिलाई थी। डग बोलिंजर, एल्बी मोर्कल, रविचंद्रन अश्विन और शादाब जकाती गेंदबाजी की बागडोर सम्भालेंगे। दूसरी ओर, त्रिनिदाद टीम को पिछले मुकाबले में न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) के खिलाफ सुपर ओवर में हार का मुंह देखना पड़ा था। इस मुकाबले में कम स्कोर बनाने के बावजूद त्रिनिदाद के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी कर एनएसडब्ल्यू को टाई खेलने पर मजबूर कर दिया था। त्रिनिदाद के लिए उसके बल्लेबाजों और गेंदबाजों का एक साथ न चलना चिंता का विषय है। सलामी बल्लेबाज लेंडल सिमंस और एड्रियन बाराथ पर टीम को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। कप्तान डेरेन गंगा, डेरेन ब्रावो और दिनेश रामदीम मध्यक्रम को मजबूती प्रदान करेंगे वहीं गेंदबाजी की बागडोर रवि रामपॉल, शेर्विन गंगा और सुनील नारायन के कंधों पर होगी।
सारांश: चेन्नई सुपर किंग्स एमए चिदम्बरम स्टेडियम में त्रिनिदाद एंड टोबैगो के खिलाफ अपने विजय अभियान क्रम को जारी रखने के इरादे से उतरेगी।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: कर्नाटक(Karnataka) के कांग्रेस नेता (Congress leader) वेलूर गोपाल कृष्ण (Belur Gopalakrishna) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) को 'गोली मारने' से जुड़ा बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया. उनका यह कथित भड़काऊ बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसके बाद बीजेपी ने  विधायक की गिरफ्तारी की मांग की है. हालांकि कांग्रेस ने पार्टी नेता के बयान से खुद को अलग करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.मामले के तूल पकड़ने के बाद गोपालकृष्ण ने माफी मांगने के साथ यह कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया. दरअसल,  कांग्रेस नेता बेलूर गोपालकृष्ण हिंदू महासभा की नेता पूजा शकुन पांडेय के बीते दिनों के कृत्य पर बोल रहे थे, जिसमें महात्मा गांधी के पुतले को गोली मारने का उनका वीडियो वायरल हुआ था. इस पर बोलते हुए कांग्रेस नेता ने कहा- इन दिनों लोग महात्मा गांधी को मारने वाले नाथूराम गोडसे के बारे में बात कर रहे हैं. ये लोग समाज में रहने लायक नहीं हैं. यदि वे लोकतांत्रिक ताने-बाने को खत्म करना ही चाहते हैं तो उनमें पीएम मोदी को मारने का हिम्मत होना चाहिए. चार फरवरी को वायरल हुए कथित वीडियो में विधायक यह बात कहते सुनाई दे रहे हैं. इस बयान ने बीजेपी को आगबबूला कर दिया. पार्टी प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा- कांग्रेस विधायक ने ऐसा बयान देकर गंभीर अपराध किया है, उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए. उधर कांग्रेस नेता एमबी पाटिल ने भी बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. हालांकि, पाटिल ने कहा कि हम तथ्यों की जांच कर रहे हैं. अगर बयान सही है तो हम निंदा करते हैं. यह हमारी कांग्रेस की संस्कृति नहीं है. उधर, मामला बढ़ने के बाद विधायक ने बयान पर खेद प्रकट किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रति मैं सम्मान रखता हूं. मैने कभी नहीं कहा कि पीएम  की हत्या होनी चाहिए. मैं कैसे चुप रह सकता हूं, जब गांधी जी का अपमान हो. मैने कहा था कि क्या आप यही चीज पीएम के साथ भी कर सकते हो. यदि मेरे बयान से किसी के दिल को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगता हूं.
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस नेता बोले- "दम हो तो पीएम मोदी को पहले मारो गोली" विवादित बयान पर मचा कर्नाटक में घमासान कांग्रेस नेता ने कांग्रेस नेता गोपालकृष्ण की गिरफ्तारी की मांग उठाई
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रशंसा किए जाने के कारण पैदा हुए विवाद को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि विपक्षी दल के नेता आडवाणी को राजनीति से संन्यास लेने के लिए विवश कर रहे हैं। कांग्रेस के प्रवक्ता शकील अहमद ने संवाददाताओं से कहा, जिस तरह वे (बीजेपी नेता) आडवाणी से साथ व्यवहार कर रहे हैं, उससे लगता है कि वे उन्हें संन्यास लेने के लिए विवश कर रहे है। कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, बीजेपी के बीच आपसी खींचतान नई बात नहीं है। लोग 2014 के आम चुनावों में भी बीजेपी को वोट नहीं देंगे और उसके लिए विपक्ष की बेंच सुरक्षित रखेंगे।टिप्पणियां उधर, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अनंत गाडगिल ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, बीजेपी नेतृत्व के मामले पर आंतरिक कलह से जूझ रही है। पार्टी के पास शीर्ष स्तर पर ऐसे चार चेहरे भी नहीं हैं, जिनमें एकता हो। इस पार्टी को 'बिना टॉपिंग्स वाला पिज्जा' कहा जा सकता है। गाडगिल ने कहा कि बीजेपी में ऐसी बातें नई नहीं हैं और इसी अंतर्कलह के कारण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकसभा में घोषणा की थी कि वह संसदीय चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, जब वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तो पार्टी के प्रकाशनों में आडवाणी की तस्वीरें प्रमुखता से होती थीं। उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से तुलना करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की थी, जिसके बाद पार्टी नेताओं में आपसी मतभेद सामने आ गए। कांग्रेस के प्रवक्ता शकील अहमद ने संवाददाताओं से कहा, जिस तरह वे (बीजेपी नेता) आडवाणी से साथ व्यवहार कर रहे हैं, उससे लगता है कि वे उन्हें संन्यास लेने के लिए विवश कर रहे है। कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, बीजेपी के बीच आपसी खींचतान नई बात नहीं है। लोग 2014 के आम चुनावों में भी बीजेपी को वोट नहीं देंगे और उसके लिए विपक्ष की बेंच सुरक्षित रखेंगे।टिप्पणियां उधर, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अनंत गाडगिल ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, बीजेपी नेतृत्व के मामले पर आंतरिक कलह से जूझ रही है। पार्टी के पास शीर्ष स्तर पर ऐसे चार चेहरे भी नहीं हैं, जिनमें एकता हो। इस पार्टी को 'बिना टॉपिंग्स वाला पिज्जा' कहा जा सकता है। गाडगिल ने कहा कि बीजेपी में ऐसी बातें नई नहीं हैं और इसी अंतर्कलह के कारण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकसभा में घोषणा की थी कि वह संसदीय चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, जब वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तो पार्टी के प्रकाशनों में आडवाणी की तस्वीरें प्रमुखता से होती थीं। उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से तुलना करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की थी, जिसके बाद पार्टी नेताओं में आपसी मतभेद सामने आ गए। उधर, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अनंत गाडगिल ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, बीजेपी नेतृत्व के मामले पर आंतरिक कलह से जूझ रही है। पार्टी के पास शीर्ष स्तर पर ऐसे चार चेहरे भी नहीं हैं, जिनमें एकता हो। इस पार्टी को 'बिना टॉपिंग्स वाला पिज्जा' कहा जा सकता है। गाडगिल ने कहा कि बीजेपी में ऐसी बातें नई नहीं हैं और इसी अंतर्कलह के कारण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकसभा में घोषणा की थी कि वह संसदीय चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, जब वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तो पार्टी के प्रकाशनों में आडवाणी की तस्वीरें प्रमुखता से होती थीं। उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से तुलना करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की थी, जिसके बाद पार्टी नेताओं में आपसी मतभेद सामने आ गए। उन्होंने कहा, जब वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तो पार्टी के प्रकाशनों में आडवाणी की तस्वीरें प्रमुखता से होती थीं। उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से तुलना करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की थी, जिसके बाद पार्टी नेताओं में आपसी मतभेद सामने आ गए।
यहाँ एक सारांश है:आडवाणी द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रशंसा किए जाने के कारण पैदा हुए विवाद को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि विपक्षी दल के नेता आडवाणी को राजनीति से संन्यास लेने के लिए विवश कर रहे हैं।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर अफ्रीकी देश ट्यूनिशिया में फोएद म्बाजा के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करने के चंद घंटे बाद राजधानी ट्यूनिश में गोलीबारी हुई। ट्यूनिशियाई पत्रकारों का कहना है कि ऐसा लग रहा है कि सेना लम्बे अर्से तक देश के राष्ट्रपति रहे जैनुल आबेदीन बेन अली के राष्ट्रपति गार्ड की जगह ले रही है। बेन अली शुक्रवार को ट्यूनिशिया छोड़कर सऊदी अरब चले गए थे। ट्यूनिशिया में अली बेन के 23 साल के तानाशाही भरे शासन का जनता के विद्रोह की बदौलत अंत हो जाने के बाद ट्यूनिशियाई संसद के पूर्व स्पीकर म्बाजा ने शनिवार को अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ ली। व्यावसायिक परिसरों में लूटपाट जारी है और जेल में आग लगने की एक घटना के बाद कैदी उत्तेजित हैं। शहर में आपात स्थिति लागू है और सेना के टैंक गश्त लगा रहे हैं। चिकित्सा सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आजादी की मांग को लेकर हुई हड़ताल के दौरान तटवर्ती शहर मोनास्टिर की जेल में आग लग जाने से करीब 50 लोगों के मारे जाने की खबर है। म्हाबा ने अस्थायी तौर पर देश की बागडोर संभालने वाले प्रधानमंत्री मोहम्मद गनोची को आदेश दिया है कि वह अगले चुनाव संपन्न होने तक देश में सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी दलों को सर्वसम्मति से सरकार बनाने की पेशकश दें। साथ ही देश में नए चुनाव 60 दिन के भीतर संविधान के मुताबिक अनिवार्य रूप से करवा लिए जाएं। विपक्षी दल व्यापक भूमिका निभाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान प्रशासन भ्रष्ट तथा पुलिस द्वारा कई प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतार देने की वजह से दागी है। नए चुनावों में जल्दबाजी को लेकर बहुत से ट्यूनिशियावासी चिंतित हैं। उन्हें लगता है कि इतने कम समय में विपक्षी दल खुद को संगठित नहीं कर पाएंगे। इस बीच, ट्यूनिश हवाई अड्डे पर शाम छह बजे से तड़के छह बजे तक का कर्फ्यू लगाए जाने से सैकड़ों मुसाफिर फंसे हुए हैं। रेस्तरांओं में भोजन समाप्त हो गया है और लोगों को जमीन पर सोना पड़ रहा है। बहुत से ट्यूनिशियावासी अपने परिवारों की चिंता में दूसरे मुल्कों से स्वदेश लौट रहे हैं। सैकड़ों पर्यटक भी ट्यूनिशिया से चले गए हैं। जर्मनी के टूर ऑपरेटरों से ट्यूनिशिया की उड़ाने रद्द कर दी हैं। जर्मनी वापस लौटे पर्यटकों ने वहां बड़े पैमाने पर तबाही, लूटपाट, पेट्रोल पम्प और थाने नष्ट होने की जानकारी दी है। जर्मनी ने ट्यूनिशिया से लोकतंत्र बहाल करने को कहा है और चांसलर एंजेला मार्केल ने सहायता की पेशकश की है। जॉर्डन सरकार ने कहा है कि वह ट्यूनिशियाई जनता के फैसले का सम्मान करती है। जॉर्डन ने ट्यूनिशियाई जनता के प्रति एकजुटता व्यक्त की है।
यहाँ एक सारांश है:उत्तर अफ्रीकी देश ट्यूनिशिया में फोएद म्बाजा के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करने के चंद घंटे बाद राजधानी ट्यूनिश में गोलीबारी हुई।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राम जेठमलानी ने कहा कि अगर दिल्ली सरकाय या फर वह (अरविंद केजरीवाल) फीस नहीं दे पाते हैं, मैं इस केस में मुफ्त में आऊंगा. उन्होंने यह भी कहा कि वह उनको (अरविंद केजरीवाल) को एक गरीब क्लाइंट के हिसाब से ट्रीट करेंगे. जानकारी के लिए बता दें कि राम जेठमलानी इस केस में अरविंद केजरीवाल की ओर से लड़ाई लड़ रहे हैं. पहले कहा गया था कि वह इस केस में कोई फीस नहीं लेंगे. लेकिन हाल ही जो दिसंबर माह के पहले हफ्ते में लिखी चिट्ठी से खुलासा हुआ है कि राम जेठमलानी ने अपनी फीस के तौर पर अब तक 3.86 करोड़ रुपये की मांग की है.  राम जेठमलानी के इस कदम पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि जेठमलानी ने पहले तो फीस नहीं लेने की बात कही थी. लेकिन अब उन्होंने बिल भेज दिया है. टिप्पणियां उधर, इस पूरे मामले में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार सवालों के घेरे में आ गई है. दिसंबर की चिट्ठी अप्रैल में मीडिया के सामने आई है. इस  पूरे प्रकरण में यह भी सामने आया है कि दिल्ली सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राम जेठमलानी को फीस का भुगतान करने की पूरी तैयारी कर ली थी. यहां तक उन्होंने एक चिट्ठी में यह भी लिखा कि इस मामले को एलजी के पास स्वीकृति के लिए नहीं भेजा जाए. इसी चिट्ठी में वह यह भी कह रहे हैं कि बिलों का भुगतान कर दिया जाए और यह भी ध्यान रखा जाए कि आगे भी जो बिल आएं उनका भी भुगतान कर दिया जाए. बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर अरविंद केजरीवाल कई डीडीसीए को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे. केजरीवाल के इन आरोपों के बाद अरुण जेटली ने इस मामले में निजी तौर पर केजरीवाल उनपर हमला करने वालों से अपने बयान वापस लेने के लिए कहा और माफी मांगने के लिए कहा. ऐसा न करने पर अरुण जेटली ने इन लोगों पर मानहानि का केस दर्ज करने की बात कही थी. अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेताओं द्वारा ऐसा नहीं करने पर जेटली ने केजरीवाल समेत पार्टी के छह नेताओं पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का केस दर्ज किया था. जानकारी के लिए बता दें कि राम जेठमलानी इस केस में अरविंद केजरीवाल की ओर से लड़ाई लड़ रहे हैं. पहले कहा गया था कि वह इस केस में कोई फीस नहीं लेंगे. लेकिन हाल ही जो दिसंबर माह के पहले हफ्ते में लिखी चिट्ठी से खुलासा हुआ है कि राम जेठमलानी ने अपनी फीस के तौर पर अब तक 3.86 करोड़ रुपये की मांग की है.  राम जेठमलानी के इस कदम पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि जेठमलानी ने पहले तो फीस नहीं लेने की बात कही थी. लेकिन अब उन्होंने बिल भेज दिया है. टिप्पणियां उधर, इस पूरे मामले में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार सवालों के घेरे में आ गई है. दिसंबर की चिट्ठी अप्रैल में मीडिया के सामने आई है. इस  पूरे प्रकरण में यह भी सामने आया है कि दिल्ली सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राम जेठमलानी को फीस का भुगतान करने की पूरी तैयारी कर ली थी. यहां तक उन्होंने एक चिट्ठी में यह भी लिखा कि इस मामले को एलजी के पास स्वीकृति के लिए नहीं भेजा जाए. इसी चिट्ठी में वह यह भी कह रहे हैं कि बिलों का भुगतान कर दिया जाए और यह भी ध्यान रखा जाए कि आगे भी जो बिल आएं उनका भी भुगतान कर दिया जाए. बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर अरविंद केजरीवाल कई डीडीसीए को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे. केजरीवाल के इन आरोपों के बाद अरुण जेटली ने इस मामले में निजी तौर पर केजरीवाल उनपर हमला करने वालों से अपने बयान वापस लेने के लिए कहा और माफी मांगने के लिए कहा. ऐसा न करने पर अरुण जेटली ने इन लोगों पर मानहानि का केस दर्ज करने की बात कही थी. अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेताओं द्वारा ऐसा नहीं करने पर जेटली ने केजरीवाल समेत पार्टी के छह नेताओं पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का केस दर्ज किया था. उधर, इस पूरे मामले में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार सवालों के घेरे में आ गई है. दिसंबर की चिट्ठी अप्रैल में मीडिया के सामने आई है. इस  पूरे प्रकरण में यह भी सामने आया है कि दिल्ली सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राम जेठमलानी को फीस का भुगतान करने की पूरी तैयारी कर ली थी. यहां तक उन्होंने एक चिट्ठी में यह भी लिखा कि इस मामले को एलजी के पास स्वीकृति के लिए नहीं भेजा जाए. इसी चिट्ठी में वह यह भी कह रहे हैं कि बिलों का भुगतान कर दिया जाए और यह भी ध्यान रखा जाए कि आगे भी जो बिल आएं उनका भी भुगतान कर दिया जाए. बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर अरविंद केजरीवाल कई डीडीसीए को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे. केजरीवाल के इन आरोपों के बाद अरुण जेटली ने इस मामले में निजी तौर पर केजरीवाल उनपर हमला करने वालों से अपने बयान वापस लेने के लिए कहा और माफी मांगने के लिए कहा. ऐसा न करने पर अरुण जेटली ने इन लोगों पर मानहानि का केस दर्ज करने की बात कही थी. अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेताओं द्वारा ऐसा नहीं करने पर जेटली ने केजरीवाल समेत पार्टी के छह नेताओं पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का केस दर्ज किया था. बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर अरविंद केजरीवाल कई डीडीसीए को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे. केजरीवाल के इन आरोपों के बाद अरुण जेटली ने इस मामले में निजी तौर पर केजरीवाल उनपर हमला करने वालों से अपने बयान वापस लेने के लिए कहा और माफी मांगने के लिए कहा. ऐसा न करने पर अरुण जेटली ने इन लोगों पर मानहानि का केस दर्ज करने की बात कही थी. अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेताओं द्वारा ऐसा नहीं करने पर जेटली ने केजरीवाल समेत पार्टी के छह नेताओं पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का केस दर्ज किया था.
पैसे वालों से ही फीस लेते हैं गरीबों के लिए वह मुफ्त में काम करते हैं. आरोप लगाया कि यह सब अरुण जेटली का कराया हुआ है . अरविंद को एक गरीब क्लाइंट के हिसाब से ट्रीट करेंगे.
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: मध्यप्रदेश में खरगोन-बड़वानी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में हथियारों का जखीरा बरामद किया है. पुलिस को अपनी कार्रवाई में कई बंदूकों के साथ हथगोले भी मिले हैं. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के कार्रवाई की है. आरोपियों में से एक संजय यादव की मां बीजेपी से जुड़ी हैं और सेंधवा नगरपालिका की अध्यक्ष हैं.           लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस खास मुहिम चला रही है, इसीके दौरान जब बड़वानी ज़िले के सेंधवा में उसने छापेमारी तो लिस्टेड बदमाश संजय यादव के घर से उसे 10 पिस्‍टल, 17 देशी बम और 111 कारतूस मिले.       बड़वानी एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया के मुताबिक बरामद पिस्टलों में 9 एमएम की 6 पिस्‍टल, 32 बोर की दो पिस्‍टल और 7.62 एमएम की दो पिस्‍टल हैं. इसके अलावा 111 ज़िंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं. आरोपी संजय के खिलाफ आर्म्‍स एक्‍ट एवं विस्‍फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण कायम किया गया है. आरोपी संजय यादव फिलहाल फरार है.     संजय के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. कई बीजेपी नेताओं के साथ उसकी करीबी बताई जा रही है. संजय की मां बसन्ती यादव सेंधवा नगर पालिका की अध्यक्ष हैं.         लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद से मध्यप्रदेश में 25 मार्च तक बड़ी मात्रा में अवैध शराब और हथियार बरामद हो चुके हैं. निर्वाचन आयोग के मुताबिक लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद से 25 मार्च तक मध्यप्रदेश में कुल मिलाकर 7.60 करोड़ रुपये की अवैध शराब, नकदी और मादक पदार्थ समेत वाहन और हथियार जब्त किए जा चुके हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खरगोन और बड़वानी की पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई 10 पिस्‍टल, 17 देशी बम और 111 कारतूस मिले आर्म्स एक्‍ट एवं विस्‍फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: औद्योगीकरण और आवासीय योजनाओं के लिए सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण की बढ़ती घटनाओं पर त्योरियां चढ़ाते हुए उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि जमीन अधिग्रहण कानून को खत्म कर देना चाहिए क्योंकि यह एक धोखा है जो कुछ बीमार लोगों द्वारा बनाया गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को एक नैतिक प्रोत्साहन देते हुए उच्चतम न्यायालय ने उसकी जमीन अधिग्रहण नीति के लिए बधाई दी क्योंकि वहां पर जबरन जमीन अधिग्रहण होने की कोई शिकायत नहीं मिली है। जबकि अन्य राज्यों से किसानों और गरीबों के विस्थापित होने की शिकायतों का तांता लगा है। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और एचएल दात्तू की खंडपीठ ने चेतावनी दी कि यदि उपचारात्मक उपाय नहीं किए गए तो पांच साल में ताकतवर लोग निजी जमीन पर कब्जा कर लेंगे और अव्यवस्था फैल जायेगी जबकि जमीन की कीमतें हर तरफ बढ़ती जा रही हैं। खंडपीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति सिंघवी ने कहा, यह कानून एक धोखा बन गया है। ऐसा लगता है कि यह मानसिक रूप से बीमार लोगों ने बनाया था जिनका आम आदमी के कल्याण से नाममात्र का लेना देना था।
यहाँ एक सारांश है:सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमीन अधिग्रहण कानून को खत्म कर देना चाहिए क्योंकि यह एक धोखा है जो कुछ बीमार लोगों द्वारा बनाया गया है।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 11वां ऑटो एक्सपो गुरुवार से शुरू हुआ और देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने एसयूवी एक्सए अल्फा पेश करते हुए नए खंड में उतरने की घोषणा की।टिप्पणियां मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक शिंजो नाकानिशि ने इस अवसर पर कहा, मध्यम वर्ग तथा सरकारी समर्थन के बल पर भारत दुनिया में शीर्ष ऑटोमोबाइल अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी ग्राहकों की उम्मीदों व जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई श्रेणी के वाहन पेश करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी के-सीरिज इंजन रेंज का विस्तार करेगी और डीजल वाहन पेश करना जारी रखेगी। इसके अलावा उसकी नये उत्पाद पेश करने की भी योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित एक्सए अल्फा को सुजुकी मोटर कोर्प तथा मारुति सुजुकी इंडिया के अभियंताओं ने मिलकर लगभ दस माह में विकसित किया है। दुनिया की प्रमुख वाहन प्रदर्शनियों में से एक इस ऑटो एक्सपो में लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने उत्पादों को पेश करेंगी। इसमें घरेलू कंपनियां 24 तथा विदेशी कंपनियां आठ नयी कारें पेश करेंगी। इसके अलावा मोटरसाइकिल के आठ नए मॉडल भी आने हैं। मेला सात जनवरी से 11 जनवरी तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक शिंजो नाकानिशि ने इस अवसर पर कहा, मध्यम वर्ग तथा सरकारी समर्थन के बल पर भारत दुनिया में शीर्ष ऑटोमोबाइल अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी ग्राहकों की उम्मीदों व जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई श्रेणी के वाहन पेश करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी के-सीरिज इंजन रेंज का विस्तार करेगी और डीजल वाहन पेश करना जारी रखेगी। इसके अलावा उसकी नये उत्पाद पेश करने की भी योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित एक्सए अल्फा को सुजुकी मोटर कोर्प तथा मारुति सुजुकी इंडिया के अभियंताओं ने मिलकर लगभ दस माह में विकसित किया है। दुनिया की प्रमुख वाहन प्रदर्शनियों में से एक इस ऑटो एक्सपो में लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने उत्पादों को पेश करेंगी। इसमें घरेलू कंपनियां 24 तथा विदेशी कंपनियां आठ नयी कारें पेश करेंगी। इसके अलावा मोटरसाइकिल के आठ नए मॉडल भी आने हैं। मेला सात जनवरी से 11 जनवरी तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित एक्सए अल्फा को सुजुकी मोटर कोर्प तथा मारुति सुजुकी इंडिया के अभियंताओं ने मिलकर लगभ दस माह में विकसित किया है। दुनिया की प्रमुख वाहन प्रदर्शनियों में से एक इस ऑटो एक्सपो में लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने उत्पादों को पेश करेंगी। इसमें घरेलू कंपनियां 24 तथा विदेशी कंपनियां आठ नयी कारें पेश करेंगी। इसके अलावा मोटरसाइकिल के आठ नए मॉडल भी आने हैं। मेला सात जनवरी से 11 जनवरी तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।
यहाँ एक सारांश है:11वां ऑटो एक्सपो गुरुवार से शुरू हुआ और मारुति सुजुकी ने एसयूवी एक्सए अल्फा पेश करते हुए नए खंड में उतरने की घोषणा की।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 358.69 अंकों की तेजी के साथ 18,449.31 पर और निफ्टी 94.75 अंकों की तेजी के साथ 5,526.75 पर बंद हुए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 23.11 अंकों की तेजी के साथ 18,113.73 पर खुला। सेंसेक्स ने 18,466.21 के ऊपरी और 18,064.61 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ एक शेयर बजाज ऑटो (0.51 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। डीएलएफ (7.42 फीसदी), जयप्रकाश एसोसिएट (6.06 फीसदी), भारती एयरटेल (5.12 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (4.62 फीसदी) और टाटा मोटर्स (4.08 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.45 अंक की मामूली गिरावट के साथ 5,430.45 पर खुला। निफ्टी ने 5,532.65 के ऊपरी और 5418.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 73.67 अंकों की तेजी के साथ 6,827.87 पर और स्मॉलकैप 101.59 अंकों की तेजी के साथ 8,464.00 पर बंद हुए। बीएसई के सभी 13 सेक्टर तेजी के साथ बंद हुए। रियल्टी (3.93 फीसदी), उपभोक्ता वस्तु (2.51 फीसदी), धातु (2.19 फीसदी), बैंकिंग (2.04 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियों (1.71 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1763 शेयरों में तेजी और 1037 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 184 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 358.69 अंकों की तेजी के साथ 18,449.31 पर और निफ्टी 94.75 अंकों की तेजी के साथ 5,526.75 पर बंद हुए।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विश्व कप 1983 जीतने वाले भारतीय टीम के कप्तान कपिल देव का मानना है कि सचिन तेंदुलकर पिछले दो वर्षों से अविश्वसनीय खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं और उम्र बढ़ने के साथ-साथ वह और बेहतर होते जा रहे हैं। भारतीय पत्रकार संघ के सदस्यों के सवालों के जवाब में कपिल ने कहा, सचिन पिछले दो सालों से अविश्वसनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। यह जीनियस उल्टा ही चल रहा है, यानी जितनी ज्यादा उम्र हो रही है, उतना ही अधिक चैम्पियन की तरह खेल रहा है। इस पूर्व ऑलराउंडर ने पिछले सप्ताह मुंबई में विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की प्रशंसा करते हुए कहा, भारतीय क्रिकेट टीम एक ऐसी टीम है, जो किसी को भी हरा सकती है, लेकिन वे (भारतीय टीम) अभी भी अपनी पूरी क्षमता से नहीं खेल रहे हैं। भारतीय टीम की सफलता के रहस्य के बारे में पूछने पर कपिल ने कहा कि भारत के विकास का पता राष्ट्रमंडल खेलों एशियाई खेलों और विश्वकप में शानदार प्रदर्शन से चलता है। उन्होंने कहा कि भारत अब विश्व चैम्पियन है और वह टेस्ट क्रिकेट में भी नंबर एक है। सहवाग के बारे में कपिल ने कहा कि वह बहुत निर्दयी बल्लेबाज है और अकेला मैच का रूख पलटने की क्षमता रखता है। कपिल का कहना है कि भारतीय टीम अगर अपनी गेंदबाजी में कुछ और सुधार कर ले तो और अच्छा प्रदर्शन करेगी। कपिल ने स्वीकार किया, गेंदबाजी भारतीय क्रिकेट टीम की चिंता का विषय है। विश्व कप 1983 और इस बार के विश्व कप की तुलना के बारे में पूछने पर कपिल ने कहा, 1983 की टीम में बहुत ज्यादा अनुभवी खिलाड़ी नहीं थे। बड़े मैच खेलने के लिए हमारे पास अनुभव कम था, लेकिन हम बेहतर खेले। जबकि मौजूदा टीम में सचिन तेंदुलकर, सहवाग, गौतम गंभीर, एमएस धोनी और हरभजन सिंह जैसे धुरंधर क्रिकेटर मौजूद थे। यह पूछने पर कि आईपीएल जैसी प्रतियोगिता से भारतीय टीम पर क्या असर पड़ेगा, कपिल ने कहा, आईपीएल से सबको फायदा हो रहा है। इसके सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं। सकारात्मक यह है कि आप जीतना सीखते हो, जबकि नकारात्मक यह है कि आपके खिलाड़ियों को पूरी तरह से विश्राम नहीं मिलता।
संक्षिप्त पाठ: कपिल ने कहा, सचिन उल्टा ही चल रहा है, यानी जितनी ज्यादा उसकी उम्र हो रही है, वह उतना ही अधिक चैम्पियन की तरह खेल रहा है।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार की मतगणना से एक दिन पहले बुधवार को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस, दोनों ने जीत की आशा जाहिर की है। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सत्ता पर कब्जा बरकरार रखने की आस लगाए हुए हैं, जबकि पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के वीरभद्र सिंह अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने कहा, "इस बार हमें एक निर्णायक बढ़त मिलेगी। मैं यह बात अपने 50 वर्षों की सक्रिय राजनीति के बाद कह रहा हूं।" आत्मविश्वास से भरे धूमल ने कहा कि वह लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए जीत हासिल कर इतिहास रचेंगे। यदि उन्होंने वाकई में ऐसा कर लिया तो पहली बार ऐसा होगा जब कोई सत्ताधारी पार्टी राज्य विधानसभा चुनाव जीतेगी। धूमल ने कहा, "4 नवम्बर को भारी मतदान एंटी इनकम्बेंसी का एक स्पष्ट संकेत है, कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार की नीतियों के खिलाफ लोग गुस्से में हैं।" कांग्रेस के एक नेता ने कहा, "एक करिश्माई नेता के रूप में अपनी छवि को फिर से स्थापित करने हेतु वीरभद्र सिंह के लिए यह अंतिम चुनाव साबित हो सकता है।" इस चुनाव का केंद्र कांगड़ा जिला रहा है, जहां राज्य में सर्वाधिक 15 विधानसभा सीटें हैं। कांगड़ा में फिलहाल भाजपा का वर्चस्व है। नेताओं का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के कुछ विद्रोही खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस के बागियों में विधायक योगराज (देहरा), पूर्व मंत्री ईश्वर दास (एनी) और धर्मवीर धामी (मनाली) शामिल हैं।टिप्पणियां जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सत्ता पर कब्जा बरकरार रखने की आस लगाए हुए हैं, जबकि पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के वीरभद्र सिंह अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने कहा, "इस बार हमें एक निर्णायक बढ़त मिलेगी। मैं यह बात अपने 50 वर्षों की सक्रिय राजनीति के बाद कह रहा हूं।" आत्मविश्वास से भरे धूमल ने कहा कि वह लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए जीत हासिल कर इतिहास रचेंगे। यदि उन्होंने वाकई में ऐसा कर लिया तो पहली बार ऐसा होगा जब कोई सत्ताधारी पार्टी राज्य विधानसभा चुनाव जीतेगी। धूमल ने कहा, "4 नवम्बर को भारी मतदान एंटी इनकम्बेंसी का एक स्पष्ट संकेत है, कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार की नीतियों के खिलाफ लोग गुस्से में हैं।" कांग्रेस के एक नेता ने कहा, "एक करिश्माई नेता के रूप में अपनी छवि को फिर से स्थापित करने हेतु वीरभद्र सिंह के लिए यह अंतिम चुनाव साबित हो सकता है।" इस चुनाव का केंद्र कांगड़ा जिला रहा है, जहां राज्य में सर्वाधिक 15 विधानसभा सीटें हैं। कांगड़ा में फिलहाल भाजपा का वर्चस्व है। नेताओं का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के कुछ विद्रोही खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस के बागियों में विधायक योगराज (देहरा), पूर्व मंत्री ईश्वर दास (एनी) और धर्मवीर धामी (मनाली) शामिल हैं।टिप्पणियां जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने कहा, "इस बार हमें एक निर्णायक बढ़त मिलेगी। मैं यह बात अपने 50 वर्षों की सक्रिय राजनीति के बाद कह रहा हूं।" आत्मविश्वास से भरे धूमल ने कहा कि वह लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए जीत हासिल कर इतिहास रचेंगे। यदि उन्होंने वाकई में ऐसा कर लिया तो पहली बार ऐसा होगा जब कोई सत्ताधारी पार्टी राज्य विधानसभा चुनाव जीतेगी। धूमल ने कहा, "4 नवम्बर को भारी मतदान एंटी इनकम्बेंसी का एक स्पष्ट संकेत है, कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार की नीतियों के खिलाफ लोग गुस्से में हैं।" कांग्रेस के एक नेता ने कहा, "एक करिश्माई नेता के रूप में अपनी छवि को फिर से स्थापित करने हेतु वीरभद्र सिंह के लिए यह अंतिम चुनाव साबित हो सकता है।" इस चुनाव का केंद्र कांगड़ा जिला रहा है, जहां राज्य में सर्वाधिक 15 विधानसभा सीटें हैं। कांगड़ा में फिलहाल भाजपा का वर्चस्व है। नेताओं का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के कुछ विद्रोही खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस के बागियों में विधायक योगराज (देहरा), पूर्व मंत्री ईश्वर दास (एनी) और धर्मवीर धामी (मनाली) शामिल हैं।टिप्पणियां जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। आत्मविश्वास से भरे धूमल ने कहा कि वह लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए जीत हासिल कर इतिहास रचेंगे। यदि उन्होंने वाकई में ऐसा कर लिया तो पहली बार ऐसा होगा जब कोई सत्ताधारी पार्टी राज्य विधानसभा चुनाव जीतेगी। धूमल ने कहा, "4 नवम्बर को भारी मतदान एंटी इनकम्बेंसी का एक स्पष्ट संकेत है, कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार की नीतियों के खिलाफ लोग गुस्से में हैं।" कांग्रेस के एक नेता ने कहा, "एक करिश्माई नेता के रूप में अपनी छवि को फिर से स्थापित करने हेतु वीरभद्र सिंह के लिए यह अंतिम चुनाव साबित हो सकता है।" इस चुनाव का केंद्र कांगड़ा जिला रहा है, जहां राज्य में सर्वाधिक 15 विधानसभा सीटें हैं। कांगड़ा में फिलहाल भाजपा का वर्चस्व है। नेताओं का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के कुछ विद्रोही खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस के बागियों में विधायक योगराज (देहरा), पूर्व मंत्री ईश्वर दास (एनी) और धर्मवीर धामी (मनाली) शामिल हैं।टिप्पणियां जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। धूमल ने कहा, "4 नवम्बर को भारी मतदान एंटी इनकम्बेंसी का एक स्पष्ट संकेत है, कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार की नीतियों के खिलाफ लोग गुस्से में हैं।" कांग्रेस के एक नेता ने कहा, "एक करिश्माई नेता के रूप में अपनी छवि को फिर से स्थापित करने हेतु वीरभद्र सिंह के लिए यह अंतिम चुनाव साबित हो सकता है।" इस चुनाव का केंद्र कांगड़ा जिला रहा है, जहां राज्य में सर्वाधिक 15 विधानसभा सीटें हैं। कांगड़ा में फिलहाल भाजपा का वर्चस्व है। नेताओं का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के कुछ विद्रोही खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस के बागियों में विधायक योगराज (देहरा), पूर्व मंत्री ईश्वर दास (एनी) और धर्मवीर धामी (मनाली) शामिल हैं।टिप्पणियां जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। कांग्रेस के एक नेता ने कहा, "एक करिश्माई नेता के रूप में अपनी छवि को फिर से स्थापित करने हेतु वीरभद्र सिंह के लिए यह अंतिम चुनाव साबित हो सकता है।" इस चुनाव का केंद्र कांगड़ा जिला रहा है, जहां राज्य में सर्वाधिक 15 विधानसभा सीटें हैं। कांगड़ा में फिलहाल भाजपा का वर्चस्व है। नेताओं का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के कुछ विद्रोही खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस के बागियों में विधायक योगराज (देहरा), पूर्व मंत्री ईश्वर दास (एनी) और धर्मवीर धामी (मनाली) शामिल हैं।टिप्पणियां जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। इस चुनाव का केंद्र कांगड़ा जिला रहा है, जहां राज्य में सर्वाधिक 15 विधानसभा सीटें हैं। कांगड़ा में फिलहाल भाजपा का वर्चस्व है। नेताओं का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के कुछ विद्रोही खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस के बागियों में विधायक योगराज (देहरा), पूर्व मंत्री ईश्वर दास (एनी) और धर्मवीर धामी (मनाली) शामिल हैं।टिप्पणियां जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। नेताओं का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के कुछ विद्रोही खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस के बागियों में विधायक योगराज (देहरा), पूर्व मंत्री ईश्वर दास (एनी) और धर्मवीर धामी (मनाली) शामिल हैं।टिप्पणियां जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। कांग्रेस के बागियों में विधायक योगराज (देहरा), पूर्व मंत्री ईश्वर दास (एनी) और धर्मवीर धामी (मनाली) शामिल हैं।टिप्पणियां जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। जबकि भाजपा विधायक रूप सिंह (सुंदरनगर), और पूर्व नेता राजिंदर राणा (सुजानपुर) और सांसद राजन सुशांत की पत्नी सुधा सुशांत (फतेहपुर) ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था। 46 लाख मतदाताओं में से लगभग 75 प्रतिशत ने चार नवम्बर को मतदान में हिस्सा लिया था।
संक्षिप्त सारांश: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार की मतगणना से एक दिन पहले बुधवार को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस, दोनों ने जीत की आशा जाहिर की है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: व्हाइट हाउस की दौड़ कांटे की हो जाने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के लोग अब मंगलवार को राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी के बीच होने वाली बहस पर नजरें टिकाए हुए हैं। 3 अक्टूबर को हुई पहली बहस में रोमनी के जोरदार प्रदर्शन और ओबामा के खराब प्रदर्शन ने मौजूदा सर्वेक्षणों में रिपब्लिकन को आगे ला खड़ा किया है। रियलक्लीयरपॉलिटिक्स (आरसीपी) के राष्ट्रीय सर्वेक्षण में रोमनी को 47.3 प्रतिशत और ओबामा को 46 प्रतिशत समर्थन दिखाया गया है। ओबामा अभी भी 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज में 191 के मुकाबले 201 मतों से आगे हैं। 11 स्विंग राज्यों में इस इलेक्टोरल कॉलेज के 146 वोट हैं, जो अभी अनिश्चित बने हुए हैं। राष्ट्रपति के चयन के 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज से 270 मतों की जरूरत होती है। इस लिहाज से ओबामा जीत के आंकड़े के करीब हैं। ढाई सप्ताह पहले आरसीपी ने ओबामा को इलेक्टोरल कॉलेज में 191 के मुकाबले 265 से आगे बताया था, क्योंकि तब ओहियो को ओबामा का समर्थक राज्य माना गया था। लेकिन ओहियो एक बार फिर अनिश्चितता की स्थिति में आ गया है। सार्वजनिक धारणा के विपरीत अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के द्वारा नहीं होता। प्रत्येक राज्य के मतदाता राज्य की आबादी के आधार पर निश्चित संख्या में मतदाताओं का चयन करते हैं, जो राष्ट्रपति के चुनाव में वोट देते हैं।टिप्पणियां इस तरह चुनाव मूलरूप से 11 अनिश्चित राज्यों में 146 मतों से तय होना है। ये अनिश्चित राज्य इस प्रकार हैं : कोलोराडो (नौ चुनावी वोट), फ्लोरिडा (29), आयोवा (छह), मिशिगन (16), नेवादा (छह), न्यू हैम्पशायर (चार), नार्थ कैरोलिना (15), ओहियो (18), पेंसिलवेनिया (20), वर्जीनिया (13) और विंस्कॉन्सिन (10)। चूंकि इस दूसरी बहस पर काफी कुछ दांव पर है, लिहाजा इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि ओबामा और रोमनी मंगलवार को न्यूयार्क के हेम्पस्टीड इलाके में स्थित हॉफस्ट्रा युनिवर्सिटी में आयोजित बहस की तैयारी के लिए रविवार को चुनाव प्रचार से दूर बने रहे। 3 अक्टूबर को हुई पहली बहस में रोमनी के जोरदार प्रदर्शन और ओबामा के खराब प्रदर्शन ने मौजूदा सर्वेक्षणों में रिपब्लिकन को आगे ला खड़ा किया है। रियलक्लीयरपॉलिटिक्स (आरसीपी) के राष्ट्रीय सर्वेक्षण में रोमनी को 47.3 प्रतिशत और ओबामा को 46 प्रतिशत समर्थन दिखाया गया है। ओबामा अभी भी 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज में 191 के मुकाबले 201 मतों से आगे हैं। 11 स्विंग राज्यों में इस इलेक्टोरल कॉलेज के 146 वोट हैं, जो अभी अनिश्चित बने हुए हैं। राष्ट्रपति के चयन के 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज से 270 मतों की जरूरत होती है। इस लिहाज से ओबामा जीत के आंकड़े के करीब हैं। ढाई सप्ताह पहले आरसीपी ने ओबामा को इलेक्टोरल कॉलेज में 191 के मुकाबले 265 से आगे बताया था, क्योंकि तब ओहियो को ओबामा का समर्थक राज्य माना गया था। लेकिन ओहियो एक बार फिर अनिश्चितता की स्थिति में आ गया है। सार्वजनिक धारणा के विपरीत अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के द्वारा नहीं होता। प्रत्येक राज्य के मतदाता राज्य की आबादी के आधार पर निश्चित संख्या में मतदाताओं का चयन करते हैं, जो राष्ट्रपति के चुनाव में वोट देते हैं।टिप्पणियां इस तरह चुनाव मूलरूप से 11 अनिश्चित राज्यों में 146 मतों से तय होना है। ये अनिश्चित राज्य इस प्रकार हैं : कोलोराडो (नौ चुनावी वोट), फ्लोरिडा (29), आयोवा (छह), मिशिगन (16), नेवादा (छह), न्यू हैम्पशायर (चार), नार्थ कैरोलिना (15), ओहियो (18), पेंसिलवेनिया (20), वर्जीनिया (13) और विंस्कॉन्सिन (10)। चूंकि इस दूसरी बहस पर काफी कुछ दांव पर है, लिहाजा इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि ओबामा और रोमनी मंगलवार को न्यूयार्क के हेम्पस्टीड इलाके में स्थित हॉफस्ट्रा युनिवर्सिटी में आयोजित बहस की तैयारी के लिए रविवार को चुनाव प्रचार से दूर बने रहे। ओबामा अभी भी 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज में 191 के मुकाबले 201 मतों से आगे हैं। 11 स्विंग राज्यों में इस इलेक्टोरल कॉलेज के 146 वोट हैं, जो अभी अनिश्चित बने हुए हैं। राष्ट्रपति के चयन के 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज से 270 मतों की जरूरत होती है। इस लिहाज से ओबामा जीत के आंकड़े के करीब हैं। ढाई सप्ताह पहले आरसीपी ने ओबामा को इलेक्टोरल कॉलेज में 191 के मुकाबले 265 से आगे बताया था, क्योंकि तब ओहियो को ओबामा का समर्थक राज्य माना गया था। लेकिन ओहियो एक बार फिर अनिश्चितता की स्थिति में आ गया है। सार्वजनिक धारणा के विपरीत अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के द्वारा नहीं होता। प्रत्येक राज्य के मतदाता राज्य की आबादी के आधार पर निश्चित संख्या में मतदाताओं का चयन करते हैं, जो राष्ट्रपति के चुनाव में वोट देते हैं।टिप्पणियां इस तरह चुनाव मूलरूप से 11 अनिश्चित राज्यों में 146 मतों से तय होना है। ये अनिश्चित राज्य इस प्रकार हैं : कोलोराडो (नौ चुनावी वोट), फ्लोरिडा (29), आयोवा (छह), मिशिगन (16), नेवादा (छह), न्यू हैम्पशायर (चार), नार्थ कैरोलिना (15), ओहियो (18), पेंसिलवेनिया (20), वर्जीनिया (13) और विंस्कॉन्सिन (10)। चूंकि इस दूसरी बहस पर काफी कुछ दांव पर है, लिहाजा इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि ओबामा और रोमनी मंगलवार को न्यूयार्क के हेम्पस्टीड इलाके में स्थित हॉफस्ट्रा युनिवर्सिटी में आयोजित बहस की तैयारी के लिए रविवार को चुनाव प्रचार से दूर बने रहे। ढाई सप्ताह पहले आरसीपी ने ओबामा को इलेक्टोरल कॉलेज में 191 के मुकाबले 265 से आगे बताया था, क्योंकि तब ओहियो को ओबामा का समर्थक राज्य माना गया था। लेकिन ओहियो एक बार फिर अनिश्चितता की स्थिति में आ गया है। सार्वजनिक धारणा के विपरीत अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के द्वारा नहीं होता। प्रत्येक राज्य के मतदाता राज्य की आबादी के आधार पर निश्चित संख्या में मतदाताओं का चयन करते हैं, जो राष्ट्रपति के चुनाव में वोट देते हैं।टिप्पणियां इस तरह चुनाव मूलरूप से 11 अनिश्चित राज्यों में 146 मतों से तय होना है। ये अनिश्चित राज्य इस प्रकार हैं : कोलोराडो (नौ चुनावी वोट), फ्लोरिडा (29), आयोवा (छह), मिशिगन (16), नेवादा (छह), न्यू हैम्पशायर (चार), नार्थ कैरोलिना (15), ओहियो (18), पेंसिलवेनिया (20), वर्जीनिया (13) और विंस्कॉन्सिन (10)। चूंकि इस दूसरी बहस पर काफी कुछ दांव पर है, लिहाजा इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि ओबामा और रोमनी मंगलवार को न्यूयार्क के हेम्पस्टीड इलाके में स्थित हॉफस्ट्रा युनिवर्सिटी में आयोजित बहस की तैयारी के लिए रविवार को चुनाव प्रचार से दूर बने रहे। सार्वजनिक धारणा के विपरीत अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के द्वारा नहीं होता। प्रत्येक राज्य के मतदाता राज्य की आबादी के आधार पर निश्चित संख्या में मतदाताओं का चयन करते हैं, जो राष्ट्रपति के चुनाव में वोट देते हैं।टिप्पणियां इस तरह चुनाव मूलरूप से 11 अनिश्चित राज्यों में 146 मतों से तय होना है। ये अनिश्चित राज्य इस प्रकार हैं : कोलोराडो (नौ चुनावी वोट), फ्लोरिडा (29), आयोवा (छह), मिशिगन (16), नेवादा (छह), न्यू हैम्पशायर (चार), नार्थ कैरोलिना (15), ओहियो (18), पेंसिलवेनिया (20), वर्जीनिया (13) और विंस्कॉन्सिन (10)। चूंकि इस दूसरी बहस पर काफी कुछ दांव पर है, लिहाजा इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि ओबामा और रोमनी मंगलवार को न्यूयार्क के हेम्पस्टीड इलाके में स्थित हॉफस्ट्रा युनिवर्सिटी में आयोजित बहस की तैयारी के लिए रविवार को चुनाव प्रचार से दूर बने रहे। इस तरह चुनाव मूलरूप से 11 अनिश्चित राज्यों में 146 मतों से तय होना है। ये अनिश्चित राज्य इस प्रकार हैं : कोलोराडो (नौ चुनावी वोट), फ्लोरिडा (29), आयोवा (छह), मिशिगन (16), नेवादा (छह), न्यू हैम्पशायर (चार), नार्थ कैरोलिना (15), ओहियो (18), पेंसिलवेनिया (20), वर्जीनिया (13) और विंस्कॉन्सिन (10)। चूंकि इस दूसरी बहस पर काफी कुछ दांव पर है, लिहाजा इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि ओबामा और रोमनी मंगलवार को न्यूयार्क के हेम्पस्टीड इलाके में स्थित हॉफस्ट्रा युनिवर्सिटी में आयोजित बहस की तैयारी के लिए रविवार को चुनाव प्रचार से दूर बने रहे। चूंकि इस दूसरी बहस पर काफी कुछ दांव पर है, लिहाजा इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि ओबामा और रोमनी मंगलवार को न्यूयार्क के हेम्पस्टीड इलाके में स्थित हॉफस्ट्रा युनिवर्सिटी में आयोजित बहस की तैयारी के लिए रविवार को चुनाव प्रचार से दूर बने रहे।
यहाँ एक सारांश है:व्हाइट हाउस की दौड़ कांटे की हो जाने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के लोग अब मंगलवार को राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी के बीच होने वाली बहस पर नजरें टिकाए हुए हैं।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि केरल तट से लगे अरब सागर में दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी सुरक्षाकर्मियों को वापस भारत न भेजने का इटली का फैसला 'शत्रुतापूर्ण कार्रवाई' है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया इस मामले में 'कूटनीति भूलकर' कार्रवाई करनी चाहिए। राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए जेटली ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को इटली के राजदूत के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी विचार करना चाहिए। जेटली ने कहा, यह एक संप्रभु देश द्वारा केंद्र सरकार तथा सर्वोच्च न्यायालय के साथ सरासर धोखा है। यह राज्य प्रायोजित अपहरण का मामला है। उन्होंने कूटनीति के सभी नियमों को तोड़ा है। इसे अब शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए। जेटली ने कहा कि इतालवी सुरक्षाकर्मियों के भारत लौटने के संबंध में चूंकि इटली के राजदूत ने सुप्रीम कोर्ट में वचनबद्धता दी थी, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, राजदूत ने सुप्रीम कोर्ट में इटली सरकार की ओर से वचनबद्धता दी थी। वचनबद्धता देने के बाद आपके पास कूटनीतिक विशेषाधिकार नहीं रह जाता है। टिप्पणियां ज्ञात हो कि इटली के मालवाहक जहाज एनरिका लेक्सी के दो सुरक्षा कर्मियों -मेस्सिमिलानो लाटोरे तथा सेलवाटोरे जिरोने- को सर्वोच्च न्यायालय ने इटली में 24-25 फरवरी को हुए आम चुनाव में मतदान के लिए स्वदेश जाने की अनुमति दी थी। न्यायालय को बताया गया था कि वे चार सप्ताह के भीतर भारत लौट आएंगे। यहां दोनों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। लेकिन भारत में इटली के दूतावास ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि सुरक्षाकर्मी नहीं लौटेंगे। इटली के उक्त दोनों सुरक्षाकर्मियों पर 15 फरवरी, 2012 को केरल तट से लगे अरब सागर में भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चलाने का आरोप है। इस घटना में दो मछुआरों की मौत हो गई थी। इस मामले में उनके खिलाफ यहां मुकदमा चल रहा है। राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए जेटली ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को इटली के राजदूत के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी विचार करना चाहिए। जेटली ने कहा, यह एक संप्रभु देश द्वारा केंद्र सरकार तथा सर्वोच्च न्यायालय के साथ सरासर धोखा है। यह राज्य प्रायोजित अपहरण का मामला है। उन्होंने कूटनीति के सभी नियमों को तोड़ा है। इसे अब शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए। जेटली ने कहा कि इतालवी सुरक्षाकर्मियों के भारत लौटने के संबंध में चूंकि इटली के राजदूत ने सुप्रीम कोर्ट में वचनबद्धता दी थी, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, राजदूत ने सुप्रीम कोर्ट में इटली सरकार की ओर से वचनबद्धता दी थी। वचनबद्धता देने के बाद आपके पास कूटनीतिक विशेषाधिकार नहीं रह जाता है। टिप्पणियां ज्ञात हो कि इटली के मालवाहक जहाज एनरिका लेक्सी के दो सुरक्षा कर्मियों -मेस्सिमिलानो लाटोरे तथा सेलवाटोरे जिरोने- को सर्वोच्च न्यायालय ने इटली में 24-25 फरवरी को हुए आम चुनाव में मतदान के लिए स्वदेश जाने की अनुमति दी थी। न्यायालय को बताया गया था कि वे चार सप्ताह के भीतर भारत लौट आएंगे। यहां दोनों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। लेकिन भारत में इटली के दूतावास ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि सुरक्षाकर्मी नहीं लौटेंगे। इटली के उक्त दोनों सुरक्षाकर्मियों पर 15 फरवरी, 2012 को केरल तट से लगे अरब सागर में भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चलाने का आरोप है। इस घटना में दो मछुआरों की मौत हो गई थी। इस मामले में उनके खिलाफ यहां मुकदमा चल रहा है। जेटली ने कहा कि इतालवी सुरक्षाकर्मियों के भारत लौटने के संबंध में चूंकि इटली के राजदूत ने सुप्रीम कोर्ट में वचनबद्धता दी थी, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, राजदूत ने सुप्रीम कोर्ट में इटली सरकार की ओर से वचनबद्धता दी थी। वचनबद्धता देने के बाद आपके पास कूटनीतिक विशेषाधिकार नहीं रह जाता है। टिप्पणियां ज्ञात हो कि इटली के मालवाहक जहाज एनरिका लेक्सी के दो सुरक्षा कर्मियों -मेस्सिमिलानो लाटोरे तथा सेलवाटोरे जिरोने- को सर्वोच्च न्यायालय ने इटली में 24-25 फरवरी को हुए आम चुनाव में मतदान के लिए स्वदेश जाने की अनुमति दी थी। न्यायालय को बताया गया था कि वे चार सप्ताह के भीतर भारत लौट आएंगे। यहां दोनों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। लेकिन भारत में इटली के दूतावास ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि सुरक्षाकर्मी नहीं लौटेंगे। इटली के उक्त दोनों सुरक्षाकर्मियों पर 15 फरवरी, 2012 को केरल तट से लगे अरब सागर में भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चलाने का आरोप है। इस घटना में दो मछुआरों की मौत हो गई थी। इस मामले में उनके खिलाफ यहां मुकदमा चल रहा है। ज्ञात हो कि इटली के मालवाहक जहाज एनरिका लेक्सी के दो सुरक्षा कर्मियों -मेस्सिमिलानो लाटोरे तथा सेलवाटोरे जिरोने- को सर्वोच्च न्यायालय ने इटली में 24-25 फरवरी को हुए आम चुनाव में मतदान के लिए स्वदेश जाने की अनुमति दी थी। न्यायालय को बताया गया था कि वे चार सप्ताह के भीतर भारत लौट आएंगे। यहां दोनों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। लेकिन भारत में इटली के दूतावास ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि सुरक्षाकर्मी नहीं लौटेंगे। इटली के उक्त दोनों सुरक्षाकर्मियों पर 15 फरवरी, 2012 को केरल तट से लगे अरब सागर में भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चलाने का आरोप है। इस घटना में दो मछुआरों की मौत हो गई थी। इस मामले में उनके खिलाफ यहां मुकदमा चल रहा है। इटली के उक्त दोनों सुरक्षाकर्मियों पर 15 फरवरी, 2012 को केरल तट से लगे अरब सागर में भारतीय मछुआरों की नौका पर गोली चलाने का आरोप है। इस घटना में दो मछुआरों की मौत हो गई थी। इस मामले में उनके खिलाफ यहां मुकदमा चल रहा है।
सारांश: राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि केरल तट से लगे अरब सागर में दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी सुरक्षाकर्मियों को वापस भारत न भेजने का इटली का फैसला 'शत्रुतापूर्ण कार्रवाई' है।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रहाणे को शिखर धवन के उपलब्‍ध न होने के कारण वनडे सीरीज में रोहित शर्मा के साथ पारी शुरू करने का मौका मिला था. धवन निजी कारणों से सीरीज से हट गए थे. बहरहाल, हासिल हुए इस अवसर का रहाणे ने भरपूर फायदा उठाया. सीरीज के पांच वनडे में उन्‍होंने 5, 55, 70, 53 और 61 रन बनाए. इससे पहले वेस्‍टइंडीज दौरे में भी रहाणे मैन ऑफ द सीरीज घोषित किए गए थे. टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में जगह नहीं मिलने पर अजिंक्‍य रहाणे ने संयत अंदाज में प्रतिक्रिया दी थी. उन्‍होंने कहा था कि वह टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं. रहाणे ने कहा था,‘टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने फैसला लिया है जिसका मैं सम्मान करता हूं. टीम में चयन के लिये प्रतिस्पर्धा होनी जरूरी है, इससे आपको सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की प्रेरणा मिलती है. टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में जगह नहीं मिलने पर अजिंक्‍य रहाणे ने संयत अंदाज में प्रतिक्रिया दी थी. उन्‍होंने कहा था कि वह टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं. रहाणे ने कहा था,‘टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने फैसला लिया है जिसका मैं सम्मान करता हूं. टीम में चयन के लिये प्रतिस्पर्धा होनी जरूरी है, इससे आपको सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की प्रेरणा मिलती है.
संक्षिप्त पाठ: अजिंक्‍य रहाणे ने वनडे सीरीज में लगातार चार अर्धशतक लगाए हैं सनी ने राहुल को टीम में जगह देने के फैसले पर भी उठाए सवाल कहा-चयनकर्ताओं को इसका वाजिब कारण बताना चाहिए
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: सारदा चिटफंड घोटाले में कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार (Rajeev Kumar) से पूछताछ करने पहुंची सीबीआई टीम को हिरासत लेने और इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरने पर बैठने के बाद कोलकाता में हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा जारी है. एक तरफ, ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) का आरोप है कि केंद्र सरकार CBI का सियासी इस्तेमाल कर रही है. तो दूसरी तरफ, बीजेपी ने भी ममता की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर भ्रष्टाचारियों को बचाने का आरोप लगाया है. सारदा चिट फंड घोटाले (Sarada Chit Fund Scam) की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक इस मामले में सारदा के एजेंट समेत 60 से ज्यादा लोगों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिल चुके हैं. यहां तक कि इस घोटाले के प्रमुख आरोपियों में शामिल कुणाल घोष भी आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं. कुणाल घोष सत्तारूढ़ टीएमसी के सांसद रहे हैं. बाद में घोटाले में नाम आने के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था.
सारांश: सारदा घोटाले को लेकर तकरार बढ़ गई है बंगाल की सीएम ममता बनर्जी धरने पर हैं वहीं, बीजेपी ने भ्रष्टाचारियों को बचाने का आरोप लगाया है
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर की रात चलती बस में 23-वर्षीय एक पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई, जिसने 11 जुलाई तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है। प्रधान मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल की अध्यक्षता वाले किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) ने अपनी जांच पूरी कर ली। नाबालिग आरोपी के खिलाफ मार्च में जांच शुरू हुई थी। पुलिस ने दावा किया था कि सभी छह आरोपियों में सबसे ज्यादा बर्बरता इस नाबालिग आरोपी ने ही की थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले में अंतिम जिरह के बाद जेजेबी ने यह कहते हुए 11 जुलाई तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया कि अभियोजन और बचाव पक्ष जो स्पष्टीकरण देना चाहें, उस दिन दे सकते हैं। जेजेबी ने 16 दिसंबर, 2012 की रात बस में सवार हुए बढ़ई रामाधार को लूटने से संबंधित मामले में भी नाबालिग आरोपी के खिलाफ जांच पूरी कर ली।टिप्पणियां रामाधार को लड़की और उसके पुरुष मित्र के साथ हुई बर्बर घटना से पहले बस से बाहर फेंक दिया गया था। लड़की की 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। उत्तर प्रदेश निवासी यह नाबालिग 11 वर्ष की उम्र में दिल्ली आया था, जिसे यहां छोटे-मोटे काम मिले। यह किशोर मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों में से एक है। किशोर के खिलाफ जांच जहां जेजेबी के समक्ष चली, वहीं चार वयस्क आरोपियों पर फास्ट ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाया जा रहा है। मामले में प्रमुख आरोपी राम सिंह मार्च में तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका पाया गया था और उसके खिलाफ कार्रवाई बंद हो गई। जांच के दौरान जेजेबी ने लड़की के पुरुष मित्र और बढ़ई सहित अभियोजन पक्ष के छह गवाहों के बयान दर्ज किए। प्रधान मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल की अध्यक्षता वाले किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) ने अपनी जांच पूरी कर ली। नाबालिग आरोपी के खिलाफ मार्च में जांच शुरू हुई थी। पुलिस ने दावा किया था कि सभी छह आरोपियों में सबसे ज्यादा बर्बरता इस नाबालिग आरोपी ने ही की थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले में अंतिम जिरह के बाद जेजेबी ने यह कहते हुए 11 जुलाई तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया कि अभियोजन और बचाव पक्ष जो स्पष्टीकरण देना चाहें, उस दिन दे सकते हैं। जेजेबी ने 16 दिसंबर, 2012 की रात बस में सवार हुए बढ़ई रामाधार को लूटने से संबंधित मामले में भी नाबालिग आरोपी के खिलाफ जांच पूरी कर ली।टिप्पणियां रामाधार को लड़की और उसके पुरुष मित्र के साथ हुई बर्बर घटना से पहले बस से बाहर फेंक दिया गया था। लड़की की 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। उत्तर प्रदेश निवासी यह नाबालिग 11 वर्ष की उम्र में दिल्ली आया था, जिसे यहां छोटे-मोटे काम मिले। यह किशोर मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों में से एक है। किशोर के खिलाफ जांच जहां जेजेबी के समक्ष चली, वहीं चार वयस्क आरोपियों पर फास्ट ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाया जा रहा है। मामले में प्रमुख आरोपी राम सिंह मार्च में तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका पाया गया था और उसके खिलाफ कार्रवाई बंद हो गई। जांच के दौरान जेजेबी ने लड़की के पुरुष मित्र और बढ़ई सहित अभियोजन पक्ष के छह गवाहों के बयान दर्ज किए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले में अंतिम जिरह के बाद जेजेबी ने यह कहते हुए 11 जुलाई तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया कि अभियोजन और बचाव पक्ष जो स्पष्टीकरण देना चाहें, उस दिन दे सकते हैं। जेजेबी ने 16 दिसंबर, 2012 की रात बस में सवार हुए बढ़ई रामाधार को लूटने से संबंधित मामले में भी नाबालिग आरोपी के खिलाफ जांच पूरी कर ली।टिप्पणियां रामाधार को लड़की और उसके पुरुष मित्र के साथ हुई बर्बर घटना से पहले बस से बाहर फेंक दिया गया था। लड़की की 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। उत्तर प्रदेश निवासी यह नाबालिग 11 वर्ष की उम्र में दिल्ली आया था, जिसे यहां छोटे-मोटे काम मिले। यह किशोर मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों में से एक है। किशोर के खिलाफ जांच जहां जेजेबी के समक्ष चली, वहीं चार वयस्क आरोपियों पर फास्ट ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाया जा रहा है। मामले में प्रमुख आरोपी राम सिंह मार्च में तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका पाया गया था और उसके खिलाफ कार्रवाई बंद हो गई। जांच के दौरान जेजेबी ने लड़की के पुरुष मित्र और बढ़ई सहित अभियोजन पक्ष के छह गवाहों के बयान दर्ज किए। रामाधार को लड़की और उसके पुरुष मित्र के साथ हुई बर्बर घटना से पहले बस से बाहर फेंक दिया गया था। लड़की की 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। उत्तर प्रदेश निवासी यह नाबालिग 11 वर्ष की उम्र में दिल्ली आया था, जिसे यहां छोटे-मोटे काम मिले। यह किशोर मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों में से एक है। किशोर के खिलाफ जांच जहां जेजेबी के समक्ष चली, वहीं चार वयस्क आरोपियों पर फास्ट ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाया जा रहा है। मामले में प्रमुख आरोपी राम सिंह मार्च में तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका पाया गया था और उसके खिलाफ कार्रवाई बंद हो गई। जांच के दौरान जेजेबी ने लड़की के पुरुष मित्र और बढ़ई सहित अभियोजन पक्ष के छह गवाहों के बयान दर्ज किए। मामले में प्रमुख आरोपी राम सिंह मार्च में तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका पाया गया था और उसके खिलाफ कार्रवाई बंद हो गई। जांच के दौरान जेजेबी ने लड़की के पुरुष मित्र और बढ़ई सहित अभियोजन पक्ष के छह गवाहों के बयान दर्ज किए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली में 16 दिसंबर की रात चलती बस में 23-वर्षीय एक पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई और 11 जुलाई तक के लिए फैसला सुरक्षित रखा गया है।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महानायक अमिताभ बच्चन का राजनीति के साथ भले ही कम समय वास्ता रहा हो लेकिन उनका कहना है कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र इलाहाबाद के लोगों से किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाने का मलाल है जिसके कारण वह अब भी उस दौर से उबर नहीं पाए हैं. बिग बी ने अपने पुराने पारिवारिक दोस्त राजीव गांधी के समर्थन में राजनीति में प्रवेश करने के लिए 1984 में अभिनय से कुछ समय के लिए दूरी बनाई थी. उन्होंने इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़ा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी. हालांकि उनका राजनीतिक करियर थोड़े समय के लिए ही रहा क्योंकि उन्होंने तीन साल बाद ही इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसके बारे में अक्सर सोचता हूं क्योंकि ऐसे कई वादे होते हैं जो एक व्यक्ति लोगों से वोट मांगते समय चुनाव प्रचार के दौरान करता है. उन वादों को पूरा नहीं कर पाने की मेरी असमर्थता से मुझे दुख होता है. अगर कोई ऐसी चीज है जिसका मुझे पछतावा है तो यह वही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इलाहाबाद शहर और इसके लोगों से कई वादे किए थे लेकिन मैं उन्हें पूरा नहीं कर पाया.’’ बच्चन ने एक कार्यक्रम ‘‘ऑफ द कफ’’ में शेखर गुप्ता और बरखा दत्त के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मैंने वह सब करने की कोशिश की जो मैं समाज के लिए कर सकता था लेकिन इस बात को लेकर इलाहाबाद के लोगों में मेरे प्रति हमेशा नाराजगी रहेगी.’’ उन्होंने कहा, "मेरे ख्याल से मेरा वह फैसला भावनात्मक था. मैं एक दोस्त की मदद करना चाहता था इसलिए राजनीति में आया. लेकिन राजनीति में जाने के बाद पता चला यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं हैं. मुझे लगा कि मैं यह नहीं कर सकता और इसलिए राजनीति छोड़ दी."टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि क्या राजनीति छोड़ने के उनके फैसले से राजीव गांधी और गांधी परिवार से उनके संबंधों में दरार आई तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इससे हमारी दोस्ती में कोई फर्क पड़ा." जब उनसे आगे पूछा गया कि वह उस दोस्ती के बारे में बात क्यों नहीं करते तो उन्होंने कहा, "आप दोस्ती के बारे में कैसे बात करते हैं? हम दोस्त हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बिग बी ने अपने पुराने पारिवारिक दोस्त राजीव गांधी के समर्थन में राजनीति में प्रवेश करने के लिए 1984 में अभिनय से कुछ समय के लिए दूरी बनाई थी. उन्होंने इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़ा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी. हालांकि उनका राजनीतिक करियर थोड़े समय के लिए ही रहा क्योंकि उन्होंने तीन साल बाद ही इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसके बारे में अक्सर सोचता हूं क्योंकि ऐसे कई वादे होते हैं जो एक व्यक्ति लोगों से वोट मांगते समय चुनाव प्रचार के दौरान करता है. उन वादों को पूरा नहीं कर पाने की मेरी असमर्थता से मुझे दुख होता है. अगर कोई ऐसी चीज है जिसका मुझे पछतावा है तो यह वही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इलाहाबाद शहर और इसके लोगों से कई वादे किए थे लेकिन मैं उन्हें पूरा नहीं कर पाया.’’ बच्चन ने एक कार्यक्रम ‘‘ऑफ द कफ’’ में शेखर गुप्ता और बरखा दत्त के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मैंने वह सब करने की कोशिश की जो मैं समाज के लिए कर सकता था लेकिन इस बात को लेकर इलाहाबाद के लोगों में मेरे प्रति हमेशा नाराजगी रहेगी.’’ उन्होंने कहा, "मेरे ख्याल से मेरा वह फैसला भावनात्मक था. मैं एक दोस्त की मदद करना चाहता था इसलिए राजनीति में आया. लेकिन राजनीति में जाने के बाद पता चला यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं हैं. मुझे लगा कि मैं यह नहीं कर सकता और इसलिए राजनीति छोड़ दी."टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि क्या राजनीति छोड़ने के उनके फैसले से राजीव गांधी और गांधी परिवार से उनके संबंधों में दरार आई तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इससे हमारी दोस्ती में कोई फर्क पड़ा." जब उनसे आगे पूछा गया कि वह उस दोस्ती के बारे में बात क्यों नहीं करते तो उन्होंने कहा, "आप दोस्ती के बारे में कैसे बात करते हैं? हम दोस्त हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसके बारे में अक्सर सोचता हूं क्योंकि ऐसे कई वादे होते हैं जो एक व्यक्ति लोगों से वोट मांगते समय चुनाव प्रचार के दौरान करता है. उन वादों को पूरा नहीं कर पाने की मेरी असमर्थता से मुझे दुख होता है. अगर कोई ऐसी चीज है जिसका मुझे पछतावा है तो यह वही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इलाहाबाद शहर और इसके लोगों से कई वादे किए थे लेकिन मैं उन्हें पूरा नहीं कर पाया.’’ बच्चन ने एक कार्यक्रम ‘‘ऑफ द कफ’’ में शेखर गुप्ता और बरखा दत्त के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मैंने वह सब करने की कोशिश की जो मैं समाज के लिए कर सकता था लेकिन इस बात को लेकर इलाहाबाद के लोगों में मेरे प्रति हमेशा नाराजगी रहेगी.’’ उन्होंने कहा, "मेरे ख्याल से मेरा वह फैसला भावनात्मक था. मैं एक दोस्त की मदद करना चाहता था इसलिए राजनीति में आया. लेकिन राजनीति में जाने के बाद पता चला यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं हैं. मुझे लगा कि मैं यह नहीं कर सकता और इसलिए राजनीति छोड़ दी."टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि क्या राजनीति छोड़ने के उनके फैसले से राजीव गांधी और गांधी परिवार से उनके संबंधों में दरार आई तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इससे हमारी दोस्ती में कोई फर्क पड़ा." जब उनसे आगे पूछा गया कि वह उस दोस्ती के बारे में बात क्यों नहीं करते तो उन्होंने कहा, "आप दोस्ती के बारे में कैसे बात करते हैं? हम दोस्त हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बच्चन ने एक कार्यक्रम ‘‘ऑफ द कफ’’ में शेखर गुप्ता और बरखा दत्त के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मैंने वह सब करने की कोशिश की जो मैं समाज के लिए कर सकता था लेकिन इस बात को लेकर इलाहाबाद के लोगों में मेरे प्रति हमेशा नाराजगी रहेगी.’’ उन्होंने कहा, "मेरे ख्याल से मेरा वह फैसला भावनात्मक था. मैं एक दोस्त की मदद करना चाहता था इसलिए राजनीति में आया. लेकिन राजनीति में जाने के बाद पता चला यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं हैं. मुझे लगा कि मैं यह नहीं कर सकता और इसलिए राजनीति छोड़ दी."टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि क्या राजनीति छोड़ने के उनके फैसले से राजीव गांधी और गांधी परिवार से उनके संबंधों में दरार आई तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इससे हमारी दोस्ती में कोई फर्क पड़ा." जब उनसे आगे पूछा गया कि वह उस दोस्ती के बारे में बात क्यों नहीं करते तो उन्होंने कहा, "आप दोस्ती के बारे में कैसे बात करते हैं? हम दोस्त हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "मेरे ख्याल से मेरा वह फैसला भावनात्मक था. मैं एक दोस्त की मदद करना चाहता था इसलिए राजनीति में आया. लेकिन राजनीति में जाने के बाद पता चला यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं हैं. मुझे लगा कि मैं यह नहीं कर सकता और इसलिए राजनीति छोड़ दी."टिप्पणियां जब उनसे पूछा गया कि क्या राजनीति छोड़ने के उनके फैसले से राजीव गांधी और गांधी परिवार से उनके संबंधों में दरार आई तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इससे हमारी दोस्ती में कोई फर्क पड़ा." जब उनसे आगे पूछा गया कि वह उस दोस्ती के बारे में बात क्यों नहीं करते तो उन्होंने कहा, "आप दोस्ती के बारे में कैसे बात करते हैं? हम दोस्त हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जब उनसे पूछा गया कि क्या राजनीति छोड़ने के उनके फैसले से राजीव गांधी और गांधी परिवार से उनके संबंधों में दरार आई तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इससे हमारी दोस्ती में कोई फर्क पड़ा." जब उनसे आगे पूछा गया कि वह उस दोस्ती के बारे में बात क्यों नहीं करते तो उन्होंने कहा, "आप दोस्ती के बारे में कैसे बात करते हैं? हम दोस्त हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:राजनेता के तौर पर खुद को असफल मानते हैं अमिताभ बच्चन. कहा, 'नेता के तौर पर लोगों से किए वादे पूरे नहीं कर पाने का रहेगा मलाल.' गांधी परिवार से रिश्तों पर नहीं पड़ा राजनीति छोड़ने का असर : बिगबी.
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: सचिन तेंदुलकर दिन के आखिरी ओवर में आउट होने के कारण फिर से बहुप्रतीक्षित महाशतक से चूक गए, लेकिन राहुल द्रविड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए उनकी शतकीय साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन भारत का पलड़ा कुछ भारी रखा। ऑस्ट्रेलिया पुछल्ले बल्लेबाजों के साहसिक प्रदर्शन से 333 रन तक पहुंचने में सफल रहा, लेकिन सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के जल्दी आउट होने के बाद वीरेंद्र सहवाग (67), राहुल द्रविड़ (नाबाद 68) और सचिन तेंदुलकर (73) की दिलकश पारियों से भारत ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक तीन विकेट पर 214 रन बनाए। वह अब ऑस्ट्रेलिया से केवल 119 रन पीछे है। जब सभी की निगाहें तेंदुलकर पर टिकी थी और लग रहा था कि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 28 दिसंबर को नया इतिहास बन जाएगा, तभी पीटर सिडल की अंदर की तरफ आती गेंद दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के दिल तोड़ गई। अपनी पारी में बेपरवाह अंदाज में बल्लेबाजी करने वाले तेंदुलकर इसे ऑफ साइड पर खेलना चाहते थे, लेकिन उनकी लाइन सही नहीं थी और गेंद उनका ऑफ स्टंप उखाड़ गई। तेंदुलकर ने अपनी पारी में 98 गेंद खेली तथा आठ चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने द्रविड़ के साथ दूसरे विकेट के लिए 117 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। तेंदुलकर के आउट होने के तीन गेंद बाद ही दिन का खेल समाप्त हो गया। नाइटवाचमैन इशांत शर्मा ने सिडल की तीनों गेंद पर टीम को आगे कोई झटका नहीं लगने दिया। उन्हें अभी अपना खाता खोलना है।मास्टर ब्लास्टर ने चायकाल के बाद सिडल की पहली ही गेंद पर अपर कट से छक्का जमाया। इसके बाद उन्होंने इसी गेंदबाज की गेंद स्लिप और गली से चार रन के लिए भेजी और फिर कवर ड्राइव से चौका लगाया। जब बेन हिल्फेनहास गेंदबाजी के लिए आए, तो तेंदुलकर ने उनकी गेंद को फाइन लेग पर सीमा रेखा के दर्शन कराए। इसी गेंदबाज के अगले ओवर में उन्होंने कवर और मिड ऑन पर दो चौके लगाए। तेंदुलकर ने ऑफ स्पिनर नाथन लियोन की गेंद पर चौका जड़कर द्रविड़ के स्कोर की बराबरी की, जिन्होंने पैटिनसन की गेंद गली और स्लिप क्षेत्र से चार रन के लिए भेजकर शुरुआत की थी, लेकिन उनका अगला चौका काफी देर बाद लगा था। द्रविड़ चाय के बाद सिडल की बेहतरीन गेंद पर आउट होने से बचे थे। यह गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर सीमा रेखा पार चली गई थी। द्रविड़ ने आखिर में सचिन से पहले अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने हिल्फेनहास की गेंद स्लिप और गली के बीच से निकालकर चौका जड़ने के साथ ही 63वां अर्धशतक पूरा किया। तेंदुलकर इसके बाद लियोन की गेंद पर एक रन लेकर इस मुकाम पर पहुंचे। तेंदुलकर इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई एलन बोर्डर को पीछे छोड़ा। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने सुबह छह विकेट पर 277 रन से आगे खेलना शुरू किया तथा दो विकेट जल्दी गंवाने के बावजूद उसके पुछल्ले बल्लेबाज कुछ उपयोगी रन जुटाने में सफल रहे। कल के अविजित बल्लेबाज हैडिन (27) और सिडल (41) को जहीर खान ने अधिक देर तक नहीं टिकने दिया, लेकिन पैटिनसन (नाबाद 18) और हिल्फेनहास (19) ने 27 रन जोड़ने के अलावा 45 मिनट तक भारतीय गेंदबाजों को परेशान किए रखा। जहीर ने 77 रन देकर चार विकेट लिए। उन्होंने दिन के शुरू में ही अपनी जीवंत उपस्थिति दर्ज कराई, जब हैडिन ने उनकी गेंद पर ड्राइव करने की कोशिश में गली में खड़े में सहवाग को कैच दिया। इसके बाद उनकी खूबसूरत लेट इनस्विंगर ने सिडल के बल्ले का किनारा लिया और धोनी ने उसे आसानी से कैच कर लिया। भारत ने यहां से ऑस्ट्रेलियाई पारी जल्दी समेटने का मौका गंवाया। लंच से आधे घंटे पहले ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को आक्रमण पर लगाया गया। उन्होंने हिल्फेनहास को लंबा शॉट खेलने के लिए ललचाया और विराट कोहली ने डीप में उसे कैच में तब्दील कर दिया। अश्विन ने इसके बाद नाथन लियोन (6) को बोल्ड करके ऑस्ट्रेलियाई पारी समाप्त की। उन्होंने 81 रन देकर तीन विकेट लिए।
सारांश: स्टंप उखड़ने के समय राहुल द्रविड़ 68 रन पर खेल रहे थे जबकि इशांत शर्मा को अभी खाता खोलना है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भविष्य में आने वाली प्रौद्योगिकी से शराब पीने वालों को वाहन चलाने से रोकने में मदद मिलेगी और इससे कई जिंदगियां बचाई जा सकेंगी। मैसाचुसेट्स के शोधकर्ता एक ऐसी प्रणाली विकसित कर रहे हैं, जिसके तहत अगर चालक के रक्त में स्वीकार्य सीमा से अधिक अल्कोहल होगा, तो कार चालू ही नहीं होगी। इस नई तकनीक सुरक्षा के लिए चालक अल्कोहल परीक्षण प्रणाली में सेंसरों का इस्तेमाल किया जाएगा, जो दो संभावित तरीकों के जरिये चालकों के रक्त में अल्कोहल की मात्रा का पता लगाएंगे। पहला तरीका चालक की सांस के जरिये और दूसरा तरीका चालक की त्वचा के जरिये अल्कोहल की मात्रा का पता लगाएगा। अगर प्रणाली में पाया जाता है कि चालक ने स्वीकार्य सीमा से अधिक अल्कोहल का सेवन किया है, तो वाहन चालू ही नहीं होगा। क्विनेटिक्यू नॉर्थ अमेरिका इंक द्वारा स्वीडन और न्यू मैक्सिको की कंपनियों के सहयोग से विकसित की जा रही यह तकनीक कार निर्माताओं को एक विकल्प प्रदान करेगी। क्विनेटिक्यू के इंजीनियरों ने कहा कि श्वसन विश्लेषण प्रणाली में वाहन चालक को एक ट्यूब में सांस छोड़नी पड़ती है और नतीजों के लिए कुछ सेकंड का इंतजार करना पड़ता है। इसके विपरीत नई तकनीक के जरिये वाहन चालक के रक्त में अल्कोहल की मात्रा का एक सेकंड के भीतर ही पता लग जाएगा।
भविष्य में आने वाली प्रौद्योगिकी से शराब पीने वालों को वाहन चलाने से रोकने में मदद मिलेगी और इससे कई जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: विंबलडन में 23वीं बार खेल रहे भारत के स्टार टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस और कनाडा के उनके जोड़ीदार आदिल शम्सदीन को मेंस डबल्‍स वर्ग में निराशा हाथ लगी है. भारतीय-कनाडाई जोड़ी टूर्नामेंट के पहले ही राउंड में पांच सेट तक चले बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में हार गई. पेस और शम्सदीन की जोड़ी को जुलियन नोल्स और फिलिप ओस्वाल्ड की ऑस्ट्रियाई जोड़ी से पहले दौर में 6-4, 6-4, 2-6, 6-7(2), 8-10 से हार का सामना करना पड़ा. यह मुकाबला तीन घंटे 59 मिनट तक चला।टिप्पणियां पांचवां सेट लंबा खिंचा जिसमें पेस और उनके कनाडाई जोड़ीदार ने 8-8 के स्कोर पर सर्विस गंवाई. प्रतिद्वंद्वी जोड़ी ने इसका फायदा उठाकर अगला गेम अपने नाम करके मैच जीता. गौरतलब है कि पेस और शम्सदीन ने 2017 सत्र में दो चैलेंजर खिताब मिलकर जीते हैं. इससे पहले भारत के पूरव राजा और दिविज शरण की गैर वरीय जोड़ी ने टूर्नामेंट के पुरुष वर्ग और सानिया मिर्जा ने महिला युगल के दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि जीवन नेदुनचेझियान का सफर पहले दौर में ही थम गया. नेदुनचेझियान और उनके अमेरिकी जोड़ीदार जारेड डोनाल्डसन को तीन घंटे और 15 मिनट के मुकाबले में मार्कस विलिस और जय क्लार्क की ब्रिटिश जोड़ी से 7-6 7-5 6-7 0-6 3-6 से हार का मुंह देखना पड़ा. महिला युगल में सानिया और कर्स्टन फ्लिपकेंस की 13वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने शुरुआती मैच में नाओमी ओसाका और शुआई झांग की जोड़ी को आसानी से 6-4 6-3 से मात दी. राजा-शरण ने कायले एडमंड और जोआओ सौसा की ब्रिटिश-पुर्तगाली जोड़ी को चार सेट में मात दी. उन्होंने तीन घंटे से ज्यादा समय तक चले मुकाबले में 7-6 (7-2) 3-6 6-4 7-6 (8-6) से जीत दर्ज की. राजा-शरण की जोड़ी ने चौथे सेट के टाईब्रेकर में एक सेट प्वाइंट बचाया और फिर प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की सर्विस तोड़ते हुए सेट और मैच 8-6 से जीत लिया. पांचवां सेट लंबा खिंचा जिसमें पेस और उनके कनाडाई जोड़ीदार ने 8-8 के स्कोर पर सर्विस गंवाई. प्रतिद्वंद्वी जोड़ी ने इसका फायदा उठाकर अगला गेम अपने नाम करके मैच जीता. गौरतलब है कि पेस और शम्सदीन ने 2017 सत्र में दो चैलेंजर खिताब मिलकर जीते हैं. इससे पहले भारत के पूरव राजा और दिविज शरण की गैर वरीय जोड़ी ने टूर्नामेंट के पुरुष वर्ग और सानिया मिर्जा ने महिला युगल के दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि जीवन नेदुनचेझियान का सफर पहले दौर में ही थम गया. नेदुनचेझियान और उनके अमेरिकी जोड़ीदार जारेड डोनाल्डसन को तीन घंटे और 15 मिनट के मुकाबले में मार्कस विलिस और जय क्लार्क की ब्रिटिश जोड़ी से 7-6 7-5 6-7 0-6 3-6 से हार का मुंह देखना पड़ा. महिला युगल में सानिया और कर्स्टन फ्लिपकेंस की 13वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने शुरुआती मैच में नाओमी ओसाका और शुआई झांग की जोड़ी को आसानी से 6-4 6-3 से मात दी. राजा-शरण ने कायले एडमंड और जोआओ सौसा की ब्रिटिश-पुर्तगाली जोड़ी को चार सेट में मात दी. उन्होंने तीन घंटे से ज्यादा समय तक चले मुकाबले में 7-6 (7-2) 3-6 6-4 7-6 (8-6) से जीत दर्ज की. राजा-शरण की जोड़ी ने चौथे सेट के टाईब्रेकर में एक सेट प्वाइंट बचाया और फिर प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की सर्विस तोड़ते हुए सेट और मैच 8-6 से जीत लिया. महिला युगल में सानिया और कर्स्टन फ्लिपकेंस की 13वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने शुरुआती मैच में नाओमी ओसाका और शुआई झांग की जोड़ी को आसानी से 6-4 6-3 से मात दी. राजा-शरण ने कायले एडमंड और जोआओ सौसा की ब्रिटिश-पुर्तगाली जोड़ी को चार सेट में मात दी. उन्होंने तीन घंटे से ज्यादा समय तक चले मुकाबले में 7-6 (7-2) 3-6 6-4 7-6 (8-6) से जीत दर्ज की. राजा-शरण की जोड़ी ने चौथे सेट के टाईब्रेकर में एक सेट प्वाइंट बचाया और फिर प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की सर्विस तोड़ते हुए सेट और मैच 8-6 से जीत लिया.
सारांश: पांच सेट में मुकाबला हार गए लिएंडर पेस-शम्‍सदीन सीजन में इस जोड़ी ने दो चैलेंजर खिताब जीते हैं करीब चार घंटे तक चला यह संघर्षपूर्ण मुकाबला
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने शनिवार को मांग की कि बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में लिखे सम्पादकीय में कहा है, अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के अंतिम शहंशाह हैं। बहुत से देशों में लोग यह नहीं जानते कि भारत का राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री कौन है, लेकिन वे बच्चन को जानते हैं। उन्होंने कहा, वह भारत के असली रत्न हैं, जिन्होंने देश को बहुत ख्याति दिलाई। वह भारत रत्न के वास्तविक हकदार हैं। ठाकरे ने अमिताभ की तारीफें करते हुए कहा कि कुछ समय पहले भारत रत्न से सम्मानित स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने भी इस सम्मान के लिए अमिताभ के नाम का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा कि अमिताभ भारत रत्न के उतने ही हकदार हैं, जितने क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, लेकिन केंद्र सरकार और कांग्रेस बच्चन व गांधी परिवार के तनावपूर्ण रिश्तों के चलते उनकी अनदेखी कर रही है। मुंबई से कांग्रेस सांसद संजय निरूपम द्वारा यहां मराठी बनाम उत्तर भारतीय बहस को शुरू करने के बाद ठाकरे की इस टिप्पणी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरूपम ने 24 अक्टूबर को कहा था, हम मुंबई पर बोझ नहीं हैं। यदि उत्तर भारतीय एक दिन का भी अवकाश ले लें, तो व्यवहारिक रूप में मुंबई की गति ठप हो जाएगी।
सारांश: शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने मांग की है अभिनेता अमिताभ बच्चन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया जाए।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने गुरुवार को तिरुनेलवेली जिले के उस बुजुर्ग जोड़े को विशेष बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित किया, जिन्होंने हाल ही में हथियारधारी लुटेरों को प्लास्टिक कुर्सियों और चप्पलों से लड़कर मार भगाया. पलानीस्वामी ने बुजुर्ग दंपती पी शानमुगवेलु और उनकी पत्नी सेंतथामराई को बहादुरी पुरस्कार के तौर पर नगद 2 लाख रुपए और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया. घटना के बारे में विस्तृत तौर पर बताए तो CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि तिरुनेलवेली (Tirunelveli) में 70 वर्षीय शानमकावेल  (Shanmugavel) अपने फार्महाउस के बरामदे में बैठे थे. वहीं पीछे से दो शख्स मुंह में कपड़ा बांधकर आए और कपड़े से उनका गला दबा दिया. उनके हाथ में हासिया था. बुजुर्ग शख्स जान बचाने के लिए चिल्लाने लगा और खुद को कैद से बाहर निकालने की कोशिश करता रहा. कुछ ही सेकंड बाद उनकी पत्नी बाहर आ गईं.  65 वर्षीय सेंतथामराई ने चप्पल उठाई और चोरों को पीटने लगी. जिसके बाद उन्होंने कुर्सियां उठाकर फेंकी. पति ने भी लातें चलाना शुरू कर दिया और खुद को कैद से छुड़ा लिया. चोरों ने हासिए से महिला पर वार किए, लेकिन महिला ने हार नहीं मानी और चोरों को पीटती रही और फिर वह वहां से भाग निकले.  पुलिस ने बताया कि महिला के दाहिने हाथ में चोट आई है. चोर उनके गले से 33 ग्राम की गोल्ड चेन चुराने में कामयाब रहे. जांचकर्ताओं ने बताया कि बुजुर्ग दंपती यहां अकेले रहते हैं. ये घटना बीते रविवार रात करीब 9 बजे की है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बुजुर्ग दंपती ने लुटेरों को मारकर भगाया था अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित उन्हें CM ने दिया विशेष बहादुरी पुरस्कार
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: अप्रैल 2013 से रेलवे का माल भाड़ा ईंधन की कीमत बढ़ने या घटने पर बढ़ाया या घटाया जा सकता है। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने लोकसभा में कहा कि डीजल को नियंत्रण मुक्त किए जाने के मद्देनजर रेलों के वित्त को युक्तिसंगत बनाने की आवश्यकता है तथा परिचालन खर्च पर ईधन मूल्यों के प्रभाव को निष्प्रभावी करने के लिए एक तंत्र बनाना होगा। उन्होंने कहा कि 2012-13 के बजट में पूर्ववर्ती मंत्री ने परिवहन सेवाओं में ईंधन घटक को ईंधन समायोजन घटक के रूप में अलग करने का प्रस्ताव किया था। ‘मैं प्रस्ताव करता हूं कि जैसा उस समय सुझाव दिया गया था, इस घटक को गतिशील किस्म का बनाया जाए तथा ईंधन की लागत में परिवर्तन के साथ इसे घटाया या बढ़ाया जा सकता है। संभवत: ऐसा वर्ष में दो बार किया जा सकता है।’टिप्पणियां बंसल ने कहा कि जहां तक यात्री किरायों का संबंध है, चूंकि इस साल जनवरी में ही किराये बढ़ाये गए हैं, इसलिए वह अब यात्रियों पर अब और बोझ नहीं डालना चाहते। रेलवे स्वयं ही 850 करोड़ रुपये के बोझ को वहन करेगी। चुनावी वर्ष में सीधे तो नहीं लेकिन रेल मंत्री ने परोक्ष संकेत दिया कि अगली बार से ईंधन के दाम बढ़ने पर यात्री किराया भी बढ़ाया जा सकता है। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने लोकसभा में कहा कि डीजल को नियंत्रण मुक्त किए जाने के मद्देनजर रेलों के वित्त को युक्तिसंगत बनाने की आवश्यकता है तथा परिचालन खर्च पर ईधन मूल्यों के प्रभाव को निष्प्रभावी करने के लिए एक तंत्र बनाना होगा। उन्होंने कहा कि 2012-13 के बजट में पूर्ववर्ती मंत्री ने परिवहन सेवाओं में ईंधन घटक को ईंधन समायोजन घटक के रूप में अलग करने का प्रस्ताव किया था। ‘मैं प्रस्ताव करता हूं कि जैसा उस समय सुझाव दिया गया था, इस घटक को गतिशील किस्म का बनाया जाए तथा ईंधन की लागत में परिवर्तन के साथ इसे घटाया या बढ़ाया जा सकता है। संभवत: ऐसा वर्ष में दो बार किया जा सकता है।’टिप्पणियां बंसल ने कहा कि जहां तक यात्री किरायों का संबंध है, चूंकि इस साल जनवरी में ही किराये बढ़ाये गए हैं, इसलिए वह अब यात्रियों पर अब और बोझ नहीं डालना चाहते। रेलवे स्वयं ही 850 करोड़ रुपये के बोझ को वहन करेगी। चुनावी वर्ष में सीधे तो नहीं लेकिन रेल मंत्री ने परोक्ष संकेत दिया कि अगली बार से ईंधन के दाम बढ़ने पर यात्री किराया भी बढ़ाया जा सकता है। ‘मैं प्रस्ताव करता हूं कि जैसा उस समय सुझाव दिया गया था, इस घटक को गतिशील किस्म का बनाया जाए तथा ईंधन की लागत में परिवर्तन के साथ इसे घटाया या बढ़ाया जा सकता है। संभवत: ऐसा वर्ष में दो बार किया जा सकता है।’टिप्पणियां बंसल ने कहा कि जहां तक यात्री किरायों का संबंध है, चूंकि इस साल जनवरी में ही किराये बढ़ाये गए हैं, इसलिए वह अब यात्रियों पर अब और बोझ नहीं डालना चाहते। रेलवे स्वयं ही 850 करोड़ रुपये के बोझ को वहन करेगी। चुनावी वर्ष में सीधे तो नहीं लेकिन रेल मंत्री ने परोक्ष संकेत दिया कि अगली बार से ईंधन के दाम बढ़ने पर यात्री किराया भी बढ़ाया जा सकता है। बंसल ने कहा कि जहां तक यात्री किरायों का संबंध है, चूंकि इस साल जनवरी में ही किराये बढ़ाये गए हैं, इसलिए वह अब यात्रियों पर अब और बोझ नहीं डालना चाहते। रेलवे स्वयं ही 850 करोड़ रुपये के बोझ को वहन करेगी। चुनावी वर्ष में सीधे तो नहीं लेकिन रेल मंत्री ने परोक्ष संकेत दिया कि अगली बार से ईंधन के दाम बढ़ने पर यात्री किराया भी बढ़ाया जा सकता है। चुनावी वर्ष में सीधे तो नहीं लेकिन रेल मंत्री ने परोक्ष संकेत दिया कि अगली बार से ईंधन के दाम बढ़ने पर यात्री किराया भी बढ़ाया जा सकता है।
यहाँ एक सारांश है:अप्रैल 2013 से रेलवे का माल भाड़ा ईंधन की कीमत बढ़ने या घटने पर बढ़ाया या घटाया जा सकता है।
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा सोमवार को जारी विश्व रैंकिंग में दो पायदान की छलांग से 72वें स्थान पर पहुंच गई हैं जबकि भारतीय पुरूषों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वह स्ट्रासबर्ग क्ले कोर्ट टेनिस टूर्नामेंट के पहले दौर में फ्रांस की एलिजे कार्नेट को चुनौती देने के बावजूद 4-6, 6-4, 1-6 से हार गयी जिससे उन्हें दो पायदान का फायदा हुआ। इससे वह 74वें स्थान से 72वें नंबर पर आ गई और उनके खाते में 902 अंक हैं। युगल रैंकिंग में भी सानिया को एक स्थान का फायदा हुआ है। वह 26वें नंबर से 25वें स्थान पर पहुंच गई हैं। एटीपी रैंकिंग में सोमदेव देववर्मन ने कोई टूर्नामेंट नहीं खेला है और वह एकल में 66वीं रैंकिंग पर बरकरार हैं। पुरुषों की युगल रैंकिंग में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें महेश भूपति :6455 अंक: पांचवें, लिएंडर पेस सातवें :5260: और रोहन बोपन्ना :3990: 11वें स्थान पर बने हुए हैं।
सानिया मिर्जा जारी विश्व रैंकिंग में दो पायदान की छलांग से 72वें स्थान पर पहुंच गई हैं जबकि भारतीय पुरूषों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नोएडा की एसडीएम दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन के बाद से सुर्खियों में आए विवादित समाजवादी पार्टी नेता नरेंद्र भाटी की राह भी आने वाले वक्त में आसान नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक 2014 लोकसभा चुनाव में गौतम बुद्ध नगर से उनका टिकट कट सकता है।टिप्पणियां एक साल पहले सपा ने उम्मीदवारों की एक लिस्ट जारी की थी। उसमें भाटी का नाम था, जो अब अधर में है। इसके अलावा यूपी में उन्हें मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी छीना जा सकता है। दरअसल दुर्गाशक्ति के निलंबन पर भाटी ने एक जनसभा में कहा था कि मैंने ही दुर्गाशक्ति को हटवाया है, साथ ही भाटी ने दुर्गा शक्ति के लिए आपत्तिजनक भाषा का भी प्रयोग किया था। भाटी ने दावा किया था कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से बात करने के बाद उन्होंने सिर्फ 41 मिनट में दुर्गाशक्ति नागपाल को हटवा दिया था। एक साल पहले सपा ने उम्मीदवारों की एक लिस्ट जारी की थी। उसमें भाटी का नाम था, जो अब अधर में है। इसके अलावा यूपी में उन्हें मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी छीना जा सकता है। दरअसल दुर्गाशक्ति के निलंबन पर भाटी ने एक जनसभा में कहा था कि मैंने ही दुर्गाशक्ति को हटवाया है, साथ ही भाटी ने दुर्गा शक्ति के लिए आपत्तिजनक भाषा का भी प्रयोग किया था। भाटी ने दावा किया था कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से बात करने के बाद उन्होंने सिर्फ 41 मिनट में दुर्गाशक्ति नागपाल को हटवा दिया था। दरअसल दुर्गाशक्ति के निलंबन पर भाटी ने एक जनसभा में कहा था कि मैंने ही दुर्गाशक्ति को हटवाया है, साथ ही भाटी ने दुर्गा शक्ति के लिए आपत्तिजनक भाषा का भी प्रयोग किया था। भाटी ने दावा किया था कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से बात करने के बाद उन्होंने सिर्फ 41 मिनट में दुर्गाशक्ति नागपाल को हटवा दिया था।
नोएडा की एसडीएम दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन के बाद से सुर्खियों में आए विवादित समाजवादी पार्टी नेता नरेंद्र भाटी की राह भी आने वाले वक्त में आसान नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक 2014 लोकसभा चुनाव में गौतम बुद्ध नगर से उनका टिकट कट सकता है।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीबीआई की विशेष अदालत ने 2-जी स्पेक्ट्रम नीलामी मामले में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम को सह-आरोपी बनाने की जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुनवाई सोमवार को मुल्तवी कर दी। स्वामी ने अपनी अर्जी में कहा कि मंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करती उनकी याचिका उच्चतम न्यायालय में लंबित है। इसके बाद विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश ओ पी सैनी ने सुनवाई को आठ नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले 15 सितंबर को स्वामी ने स्पेक्ट्रम मूल्य निर्धारण में चिदंबरम की सह-अपराधिता का आरोप लगाते हुए उनका बयान नये सिरे से दर्ज करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अदालत को इस नये तथ्य को रिकॉर्ड पर लेना चाहिए कि चिदंबरम और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की 2-जी स्पेक्ट्रम का मूल्य और प्रवेश शुल्क निर्धारित करने में भूमिका थी। स्वामी ने अपनी अर्जी में कहा था कि तथ्य यह है कि उक्त दोनों मंत्रियों ने स्पेक्ट्रम की कीमत और प्रवेश शुल्क का वर्ष 2001 के स्तर पर निर्धारण करने का मिलकर फैसला किया। उन्होंने तय किया कि प्रवेश शुल्क के लिये वर्ष 2007-08 के बाजार मूल्य को निर्धारित नहीं किया जायेगा। इस बात की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राज्यसभा में 24 फरवरी 2011 को दिये बयान से पुष्टि हो चुकी है। टू-जी मामले में स्वामी ने यह भी मांग की है कि आरोपियों की उन अन्य लोगों से मिलीभगत का पता लगाने के लिये सीबीआई अधिकारियों से भी जिरह की जाये जिन्हें जानबूझकर जांच एजेंसी ने आरोपी नहीं बनाया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चिदंबरम को भी आरोपी बनाने की सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई 8 नवंबर तक के लिए टाल दी है।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सोमवार को बीएसई के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में 300 अंकों का जोरदार उछाल देखा गया जबकि निफ्टी ने भी 8500 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया. और, यह सब ईमेल मामले में चुनाव से एक दिन पहले हिलेरी क्लिंटन को  एफबीआई द्वारा क्लीनचिट देने के चलते हुआ. एफबीआई की इस हरी झंडी को अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के लिए पासा पलटने वाला माना जा रहा है. रविवार को एफबीआई ने कहा कि विदेश मंत्री रहने के दौरान हिलेरी द्वारा निजी ईमेल सर्वर के इस्तेमाल के मामले में नई जांच के बाद उसने अपनी पहले की राय में बदलाव नहीं किया है. एफबीआई की इस घोषणा कि हिलेरी क्लिंटन पर निजी ईमेल सर्वर के इस्तेमाल के लिए आपराधिक मामला नहीं चलेगा, ने बाजारों को जबरदस्त पुश दिया. एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी दर्ज की गई. एमएससीआई एसी एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.8 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. जापान में निक्केई 1.6 फीसदी तेजी पर देखा गया. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के भी आज मजबूती पर खुलने के कयास लगाए जा रहे हैं. डो फ्यूचर्स में इसके 1.3 फीसदी चढ़ने के संकेत हैं. यूरोपीय बाजारों में भी आज तेजी देखी गई. जर्मनी का डीएएक्स, फ्रांस का सीएसी 40 और ब्रिटेन का एफटीएसई 100 जैसे प्रमुख सूचकांक 1.5 फीसदी की तेजी पर देखे गए. टिप्पणियां भारतीय बाजार पिछले पांच सेशन में बिकवाली का दौर देख रहे थे जबकि वॉल स्ट्रीट में लगातार नौ सेशन तक गिरावट दर्ज की जा रही थी. एसएमसी ग्लोबल सिक्यॉरिटीज के असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (रिसर्च) सौरभ जैन ने कहा- दरअसल बाजार 'लोगों की भावनाओं' (सेंटिमेंट-ड्रिवन) से चलता है. बाजार यह महसूस कर रहे हैं कि क्लिंटन ट्रंप से अधिक मजबूत कैंडिडेट के तौर पर उभरी हैं. फाइनेंशल और हेल्थकेयर स्टॉक्स एनएसआई इंडेक्स में सबसे अधिक नफा कमाने वाले स्टॉक्स  रहे जबकि पिछले हफ्ते इन्होंने काफी नुकसान दर्ज किया था. निफ्टी बैंक इंडेक्स और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में क्रमश: 1.4 फीसदी और 3 फीसदी की तेदी देखी गई जबिक चार सेशन तक इनमें गिरावट देखी जा रही थी. पीएनबी का शेयर 7 फीसदी चढ़ गया जबकि ल्यूनिप का शेयर 8 फीसदी चढ़ गया.  वहीं, पीएनबी हाउसिंह फाइनेंस के शेयरों में 16.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, इसकी एक्सचेंजों में लिस्टिंग शानदार तरीके से हुई. रविवार को एफबीआई ने कहा कि विदेश मंत्री रहने के दौरान हिलेरी द्वारा निजी ईमेल सर्वर के इस्तेमाल के मामले में नई जांच के बाद उसने अपनी पहले की राय में बदलाव नहीं किया है. एफबीआई की इस घोषणा कि हिलेरी क्लिंटन पर निजी ईमेल सर्वर के इस्तेमाल के लिए आपराधिक मामला नहीं चलेगा, ने बाजारों को जबरदस्त पुश दिया. एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी दर्ज की गई. एमएससीआई एसी एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.8 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. जापान में निक्केई 1.6 फीसदी तेजी पर देखा गया. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के भी आज मजबूती पर खुलने के कयास लगाए जा रहे हैं. डो फ्यूचर्स में इसके 1.3 फीसदी चढ़ने के संकेत हैं. यूरोपीय बाजारों में भी आज तेजी देखी गई. जर्मनी का डीएएक्स, फ्रांस का सीएसी 40 और ब्रिटेन का एफटीएसई 100 जैसे प्रमुख सूचकांक 1.5 फीसदी की तेजी पर देखे गए. टिप्पणियां भारतीय बाजार पिछले पांच सेशन में बिकवाली का दौर देख रहे थे जबकि वॉल स्ट्रीट में लगातार नौ सेशन तक गिरावट दर्ज की जा रही थी. एसएमसी ग्लोबल सिक्यॉरिटीज के असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (रिसर्च) सौरभ जैन ने कहा- दरअसल बाजार 'लोगों की भावनाओं' (सेंटिमेंट-ड्रिवन) से चलता है. बाजार यह महसूस कर रहे हैं कि क्लिंटन ट्रंप से अधिक मजबूत कैंडिडेट के तौर पर उभरी हैं. फाइनेंशल और हेल्थकेयर स्टॉक्स एनएसआई इंडेक्स में सबसे अधिक नफा कमाने वाले स्टॉक्स  रहे जबकि पिछले हफ्ते इन्होंने काफी नुकसान दर्ज किया था. निफ्टी बैंक इंडेक्स और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में क्रमश: 1.4 फीसदी और 3 फीसदी की तेदी देखी गई जबिक चार सेशन तक इनमें गिरावट देखी जा रही थी. पीएनबी का शेयर 7 फीसदी चढ़ गया जबकि ल्यूनिप का शेयर 8 फीसदी चढ़ गया.  वहीं, पीएनबी हाउसिंह फाइनेंस के शेयरों में 16.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, इसकी एक्सचेंजों में लिस्टिंग शानदार तरीके से हुई. एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी दर्ज की गई. एमएससीआई एसी एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.8 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. जापान में निक्केई 1.6 फीसदी तेजी पर देखा गया. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के भी आज मजबूती पर खुलने के कयास लगाए जा रहे हैं. डो फ्यूचर्स में इसके 1.3 फीसदी चढ़ने के संकेत हैं. यूरोपीय बाजारों में भी आज तेजी देखी गई. जर्मनी का डीएएक्स, फ्रांस का सीएसी 40 और ब्रिटेन का एफटीएसई 100 जैसे प्रमुख सूचकांक 1.5 फीसदी की तेजी पर देखे गए. टिप्पणियां भारतीय बाजार पिछले पांच सेशन में बिकवाली का दौर देख रहे थे जबकि वॉल स्ट्रीट में लगातार नौ सेशन तक गिरावट दर्ज की जा रही थी. एसएमसी ग्लोबल सिक्यॉरिटीज के असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (रिसर्च) सौरभ जैन ने कहा- दरअसल बाजार 'लोगों की भावनाओं' (सेंटिमेंट-ड्रिवन) से चलता है. बाजार यह महसूस कर रहे हैं कि क्लिंटन ट्रंप से अधिक मजबूत कैंडिडेट के तौर पर उभरी हैं. फाइनेंशल और हेल्थकेयर स्टॉक्स एनएसआई इंडेक्स में सबसे अधिक नफा कमाने वाले स्टॉक्स  रहे जबकि पिछले हफ्ते इन्होंने काफी नुकसान दर्ज किया था. निफ्टी बैंक इंडेक्स और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में क्रमश: 1.4 फीसदी और 3 फीसदी की तेदी देखी गई जबिक चार सेशन तक इनमें गिरावट देखी जा रही थी. पीएनबी का शेयर 7 फीसदी चढ़ गया जबकि ल्यूनिप का शेयर 8 फीसदी चढ़ गया.  वहीं, पीएनबी हाउसिंह फाइनेंस के शेयरों में 16.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, इसकी एक्सचेंजों में लिस्टिंग शानदार तरीके से हुई. भारतीय बाजार पिछले पांच सेशन में बिकवाली का दौर देख रहे थे जबकि वॉल स्ट्रीट में लगातार नौ सेशन तक गिरावट दर्ज की जा रही थी. एसएमसी ग्लोबल सिक्यॉरिटीज के असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (रिसर्च) सौरभ जैन ने कहा- दरअसल बाजार 'लोगों की भावनाओं' (सेंटिमेंट-ड्रिवन) से चलता है. बाजार यह महसूस कर रहे हैं कि क्लिंटन ट्रंप से अधिक मजबूत कैंडिडेट के तौर पर उभरी हैं. फाइनेंशल और हेल्थकेयर स्टॉक्स एनएसआई इंडेक्स में सबसे अधिक नफा कमाने वाले स्टॉक्स  रहे जबकि पिछले हफ्ते इन्होंने काफी नुकसान दर्ज किया था. निफ्टी बैंक इंडेक्स और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में क्रमश: 1.4 फीसदी और 3 फीसदी की तेदी देखी गई जबिक चार सेशन तक इनमें गिरावट देखी जा रही थी. पीएनबी का शेयर 7 फीसदी चढ़ गया जबकि ल्यूनिप का शेयर 8 फीसदी चढ़ गया.  वहीं, पीएनबी हाउसिंह फाइनेंस के शेयरों में 16.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, इसकी एक्सचेंजों में लिस्टिंग शानदार तरीके से हुई. फाइनेंशल और हेल्थकेयर स्टॉक्स एनएसआई इंडेक्स में सबसे अधिक नफा कमाने वाले स्टॉक्स  रहे जबकि पिछले हफ्ते इन्होंने काफी नुकसान दर्ज किया था. निफ्टी बैंक इंडेक्स और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में क्रमश: 1.4 फीसदी और 3 फीसदी की तेदी देखी गई जबिक चार सेशन तक इनमें गिरावट देखी जा रही थी. पीएनबी का शेयर 7 फीसदी चढ़ गया जबकि ल्यूनिप का शेयर 8 फीसदी चढ़ गया.  वहीं, पीएनबी हाउसिंह फाइनेंस के शेयरों में 16.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, इसकी एक्सचेंजों में लिस्टिंग शानदार तरीके से हुई.
ईमेल विवाद में हिलेरी क्लिंटन को एफबीआई की क्लीन चिट न सिर्फ अमेरिकी ब्लकि एशियाई बाजारों में भी इसके बाद तेजी दर्ज घरेलू शेयर बाजारों पर पॉजिटिव असर, सेंसेक्स में तेजी
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रिलायंस जियो के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए अगर दूरसंचार कंपनी ने अपनी सेवा की शुरुआत करते हुए पूरे पृष्ठ का विज्ञापन देने में पीएमओ की अनुमति के बगैर उनके फोटो का इस्तेमाल किया है. पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘किसी विज्ञापन में प्रधानमंत्री के फोटो का इस्तेमाल करने के नियम होते हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री के तौर पर मुझे मालूम है कि पहले अनुमति लेनी होती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या रिलायंस ने प्रधानमंत्री या पीएमओ से अनुमति ली थी. इसकी जरूरत है अन्यथा प्रधानमंत्री का फोटो कैडबरी या अन्य चॉकलेट के विज्ञापन पर भी छपने लगेगा. इस तरह की अनुमति गहन विचार विमर्श के बाद दी जाती है क्योंकि प्रधानमंत्री न केवल एक व्यक्ति हैं बल्कि एक संस्था भी हैं.’’टिप्पणियां एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री की अनुमति के बगैर फोटोग्राफ छपा है तो उन्हें कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. अखबारों में आज प्रधानमंत्री का नीले जैकेट में फोटोग्राफ वाला पूरे पृष्ठ का विज्ञापन ‘‘जियो डिजिटल लाइफ’’ छपा है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘किसी विज्ञापन में प्रधानमंत्री के फोटो का इस्तेमाल करने के नियम होते हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री के तौर पर मुझे मालूम है कि पहले अनुमति लेनी होती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या रिलायंस ने प्रधानमंत्री या पीएमओ से अनुमति ली थी. इसकी जरूरत है अन्यथा प्रधानमंत्री का फोटो कैडबरी या अन्य चॉकलेट के विज्ञापन पर भी छपने लगेगा. इस तरह की अनुमति गहन विचार विमर्श के बाद दी जाती है क्योंकि प्रधानमंत्री न केवल एक व्यक्ति हैं बल्कि एक संस्था भी हैं.’’टिप्पणियां एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री की अनुमति के बगैर फोटोग्राफ छपा है तो उन्हें कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. अखबारों में आज प्रधानमंत्री का नीले जैकेट में फोटोग्राफ वाला पूरे पृष्ठ का विज्ञापन ‘‘जियो डिजिटल लाइफ’’ छपा है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री की अनुमति के बगैर फोटोग्राफ छपा है तो उन्हें कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. अखबारों में आज प्रधानमंत्री का नीले जैकेट में फोटोग्राफ वाला पूरे पृष्ठ का विज्ञापन ‘‘जियो डिजिटल लाइफ’’ छपा है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस ने कहा, बिना अनुमति के 'जियो' ने विज्ञापन छापा तो कार्रवाई हो पीएमओ की अनुमति के बिना फोटो का इस्तेमाल नहीं हो सकता प्रधानमंत्री के फोटो का इस्तेमाल करने के निर्धारित हैं नियम
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी द्वारा शिकायत दर्ज कराने की गुहार लेकर गई दुष्कर्म पीड़ित महिला का अपमान करने के मामले पर खेद जताते हुए एएसपी से स्पष्टीकारण मांगा है। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) राम कुमार विश्वकर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि एएसपी की टिप्पणी को कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता है। हम पुलिस विभाग की तरफ  से इसके लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक एएसपी गोस्वामी से दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।   विश्वकर्मा ने कहा कि पीड़ित महिला की शिकायत पर दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद गुरुवार शाम को एएसपी गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई। एएसपी ने इंसाफ  की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के आज प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ  मुकदमा दर्ज करने की मांग की तो बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इससे पहले खबर थी कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पर शिकायत दर्ज कराने गई दुष्कर्म पीड़ित महिला का अपमान करने का मामला सामने आया है। विपक्षी दलों ने एएसपी पर कारवाई की मांग की है। जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) राम कुमार विश्वकर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि एएसपी की टिप्पणी को कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता है। हम पुलिस विभाग की तरफ  से इसके लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक एएसपी गोस्वामी से दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।   विश्वकर्मा ने कहा कि पीड़ित महिला की शिकायत पर दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद गुरुवार शाम को एएसपी गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई। एएसपी ने इंसाफ  की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के आज प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ  मुकदमा दर्ज करने की मांग की तो बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इससे पहले खबर थी कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पर शिकायत दर्ज कराने गई दुष्कर्म पीड़ित महिला का अपमान करने का मामला सामने आया है। विपक्षी दलों ने एएसपी पर कारवाई की मांग की है। जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक एएसपी गोस्वामी से दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।   विश्वकर्मा ने कहा कि पीड़ित महिला की शिकायत पर दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद गुरुवार शाम को एएसपी गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई। एएसपी ने इंसाफ  की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के आज प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ  मुकदमा दर्ज करने की मांग की तो बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इससे पहले खबर थी कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पर शिकायत दर्ज कराने गई दुष्कर्म पीड़ित महिला का अपमान करने का मामला सामने आया है। विपक्षी दलों ने एएसपी पर कारवाई की मांग की है। जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। गौरतलब है कि देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद गुरुवार शाम को एएसपी गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई। एएसपी ने इंसाफ  की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के आज प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ  मुकदमा दर्ज करने की मांग की तो बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इससे पहले खबर थी कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पर शिकायत दर्ज कराने गई दुष्कर्म पीड़ित महिला का अपमान करने का मामला सामने आया है। विपक्षी दलों ने एएसपी पर कारवाई की मांग की है। जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद गुरुवार शाम को एएसपी गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई। एएसपी ने इंसाफ  की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के आज प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ  मुकदमा दर्ज करने की मांग की तो बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इससे पहले खबर थी कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पर शिकायत दर्ज कराने गई दुष्कर्म पीड़ित महिला का अपमान करने का मामला सामने आया है। विपक्षी दलों ने एएसपी पर कारवाई की मांग की है। जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। एएसपी ने इंसाफ  की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के आज प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ  मुकदमा दर्ज करने की मांग की तो बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इससे पहले खबर थी कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पर शिकायत दर्ज कराने गई दुष्कर्म पीड़ित महिला का अपमान करने का मामला सामने आया है। विपक्षी दलों ने एएसपी पर कारवाई की मांग की है। जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के आज प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ  मुकदमा दर्ज करने की मांग की तो बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इससे पहले खबर थी कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पर शिकायत दर्ज कराने गई दुष्कर्म पीड़ित महिला का अपमान करने का मामला सामने आया है। विपक्षी दलों ने एएसपी पर कारवाई की मांग की है। जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। इससे पहले खबर थी कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पर शिकायत दर्ज कराने गई दुष्कर्म पीड़ित महिला का अपमान करने का मामला सामने आया है। विपक्षी दलों ने एएसपी पर कारवाई की मांग की है। जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के दलनछपरा गांव में अधेड़ महिला के साथ दो दिन पहले एक व्यक्ति ने कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद जान से मारने की कोशिश की। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। शिकायत लेकर बनकटा थाने में पहुंची महिला ने सुनवाई न होने के बाद बुधवार शाम को एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी के पास मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद लगाई।टिप्पणियां एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। एएसपी ने इंसाफ की गुहार लगाने आई महिला को न्याय दिलाने में मदद के बजाय उसका अपमान किया। एएसपी गोस्वामी ने पीड़ित महिला के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा। मीडिया के कैमरों में कैद एएसपी के बयान के गुरुवार को प्रसारित होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। माना जा रहा है कि शाम तक सरकार की तरफ  से एएसपी खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी नेता कलराज मिश्रा ने एएसपी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी नेता सुधींद्र भदौरिया ने भी एएसपी पर कड़ी कारवाई की मांग की है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दरअसल, एएसपी गोस्वामी ने बलात्कार पीड़िता के बच्चों की उम्र पूछने के बाद कहा था कि इतनी उम्रदराज महिला के साथ कौन दुष्कर्म करेगा।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और चीन ने बीजिंग में अपने शीर्ष परमाणु विशेषज्ञों के बीच दूसरे दौर की वार्ता के दौरान एनएसजी में भारत की सदस्यता के लिए सोमवार को ‘ठोस और रचनात्मक’ वार्ता की. सूत्रों ने बताया कि 13 सितंबर को नई दिल्ली में इस तरह की पहली बैठक के बाद भारत और चीन ने बीजिंग में एनएसजी मुद्दे पर अपनी चर्चा जारी रखी जब संयुक्त सचिव (निरस्त्रीकरण एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा) अमनदीप सिंह गिल ने हथियार नियंत्रण विभाग के महानिदेशक वांग कुन से मुलाकात की. सूत्रों ने बताया कि वार्ता ठोस और रचनात्मक रही. नेतृत्व के निर्देश के मुताबिक वार्ता जारी रहेगी. वार्ता के दौरान भारत ने एक बार फिर चीन पर इस बात के लिए जोर दिया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के सिद्धांतों को लागू करना सर्वश्रष्ठ चीज है. परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के लिए अगले दो महीनों में एक संभावित अनौपचारिक परामर्श से पहले यह वार्ता हुई है जिसकी अध्यक्षता अर्जेंटीना के राजदूत राफेल ग्रोस्सी ने की.टिप्पणियां गौरतलब है कि सोल में एनएसजी की जून में हुई बैठक में अमेरिका के मजबूत समर्थन के बावजूद चीन ने इसमें भारत की सदस्यता की कोशिश में इस आधार पर अड़ंगा लगा दिया था कि उसने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किया है. दक्षिण कोरिया में हुई बैठक में मुख्य वार्ताकार रहे वांग ने संवाददाताओं से कहा था कि एनपीटी पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है. साथ ही यह भी कहा था कि नियम चीन ने नहीं बनाया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बनाया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने बताया कि 13 सितंबर को नई दिल्ली में इस तरह की पहली बैठक के बाद भारत और चीन ने बीजिंग में एनएसजी मुद्दे पर अपनी चर्चा जारी रखी जब संयुक्त सचिव (निरस्त्रीकरण एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा) अमनदीप सिंह गिल ने हथियार नियंत्रण विभाग के महानिदेशक वांग कुन से मुलाकात की. सूत्रों ने बताया कि वार्ता ठोस और रचनात्मक रही. नेतृत्व के निर्देश के मुताबिक वार्ता जारी रहेगी. वार्ता के दौरान भारत ने एक बार फिर चीन पर इस बात के लिए जोर दिया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के सिद्धांतों को लागू करना सर्वश्रष्ठ चीज है. परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के लिए अगले दो महीनों में एक संभावित अनौपचारिक परामर्श से पहले यह वार्ता हुई है जिसकी अध्यक्षता अर्जेंटीना के राजदूत राफेल ग्रोस्सी ने की.टिप्पणियां गौरतलब है कि सोल में एनएसजी की जून में हुई बैठक में अमेरिका के मजबूत समर्थन के बावजूद चीन ने इसमें भारत की सदस्यता की कोशिश में इस आधार पर अड़ंगा लगा दिया था कि उसने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किया है. दक्षिण कोरिया में हुई बैठक में मुख्य वार्ताकार रहे वांग ने संवाददाताओं से कहा था कि एनपीटी पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है. साथ ही यह भी कहा था कि नियम चीन ने नहीं बनाया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बनाया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने बताया कि वार्ता ठोस और रचनात्मक रही. नेतृत्व के निर्देश के मुताबिक वार्ता जारी रहेगी. वार्ता के दौरान भारत ने एक बार फिर चीन पर इस बात के लिए जोर दिया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के सिद्धांतों को लागू करना सर्वश्रष्ठ चीज है. परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के लिए अगले दो महीनों में एक संभावित अनौपचारिक परामर्श से पहले यह वार्ता हुई है जिसकी अध्यक्षता अर्जेंटीना के राजदूत राफेल ग्रोस्सी ने की.टिप्पणियां गौरतलब है कि सोल में एनएसजी की जून में हुई बैठक में अमेरिका के मजबूत समर्थन के बावजूद चीन ने इसमें भारत की सदस्यता की कोशिश में इस आधार पर अड़ंगा लगा दिया था कि उसने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किया है. दक्षिण कोरिया में हुई बैठक में मुख्य वार्ताकार रहे वांग ने संवाददाताओं से कहा था कि एनपीटी पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है. साथ ही यह भी कहा था कि नियम चीन ने नहीं बनाया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बनाया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि सोल में एनएसजी की जून में हुई बैठक में अमेरिका के मजबूत समर्थन के बावजूद चीन ने इसमें भारत की सदस्यता की कोशिश में इस आधार पर अड़ंगा लगा दिया था कि उसने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किया है. दक्षिण कोरिया में हुई बैठक में मुख्य वार्ताकार रहे वांग ने संवाददाताओं से कहा था कि एनपीटी पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है. साथ ही यह भी कहा था कि नियम चीन ने नहीं बनाया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बनाया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: वार्ता ठोस और रचनात्मक रही, निर्देश के मुताबिक वार्ता जारी रहेगी सोल में एनएसजी की जून में हुई बैठक में चीन ने लगाया था अड़ंगा अगले दो महीनों में फिर हो सकती है एनएसजी की महत्‍वपूर्ण बैठक
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भ्रष्टाचार मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) द्वारा जमानत खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में अर्जी दायर की. नवाज को भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने अल-अजीजिया स्टील मिल्स मामले में विदेश में एक स्टील फैक्ट्री के स्वामित्व को लेकर 24 दिसंबर को सात साल कैद की सजा सुनाई थी. इस फैक्ट्री के स्वामित्व का नवाज ने खुलासा नहीं किया था. आईएचसी ने 25 फरवरी को पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. शरीफ के वकील ख्वाजा हारिस ने शुक्रवार को एक याचिका दाखिल की और आईएचसी के फैसले को अमान्य करने की मांग की. भ्रष्टाचार रोधी अदालत के न्यायाधीश ने बीते साल शरीफ पर भारी जुर्माना लगाया था. अदालत ने कहा कि अल-अजीजिया स्टील मिल्स तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ से संबंधित है और वह बताने में असमर्थ रहे कि किस तरह से परियोजना को फंड दिया गया.
सारांश: भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने बीते साल शरीफ पर भारी जुर्माना लगाया था इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट से आईएचसी के फैसले को अमान्य करने की मांग की
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['hin']
एक सारांश बनाओ: हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद (Major Dhyan Chand) की आज जयंती है. दुनिया में हॉकी को पहचान दिलाने वाले ध्यानचंद का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है. ध्यानचंद को लोग प्यार से दद्दा कहकर संबोधित करते थे. ध्यानचंद की जयंती पर हर साल खेल दिवस (National Sports Day) मनाया जाता है. ध्यानचंद (Dhyan Chand) का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद शहर में था. उनके छोटे भाई रूपसिंह ने भी हॉकी में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया. ध्यानचंद की गिनती विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में होती है. मेजर ध्यानचंद ने भारत को ओलंपिक में 3 स्वर्ण पदक दिलवाए थे. उन्होंने एम्सटर्डम में हुए ओलंपिक खेलों में भारत की ओर से सबसे ज्यादा 14 गोल किए थे. उन्होंने भारत को 3 ओलंपिक  खेलों में गोल्ड दिलाया था. ध्यानचंद ने अपने हॉकी करियर में 1000 से अधिक गोल किए थे.  मेजर ध्यानचंद का किस्सा काफी मशहूर है. मेजर ध्यानचंद ने जर्मनी जैसी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ हॉकी टीम को 8-1 से ओलंपिक में हराकर हिटलर को अपना मुरीद बना लिया था. भारत और जर्मनी के बीच हुआ ये मैच बेहद दिलचस्प था. उस समय बारिश हुई थी तो मैदान गीला था और बिना स्पाइक वाले रबड़ के जूते लगातार फिसल रहे थे. ऐसे में ध्यानचंद ने हाफ टाइम के बाद जूते उतार कर नंगे पांव खेलना शुरू किया. नंगे पांव खेलते हुए ध्यानचंद ने कई बेहतरीन गोल दागे. इस मैच में भारत ने 8-1 से जर्मनी को हराया था. मैच जीतने के अगले दिन ये ऐलान हुआ कि हिटलर विजेता भारतीय टीम को मेडल पहनाएंगे.  अगले दिन हिटलर आए और उन्होंने ध्यानचंद की पीठ ठोंकी. हिटलर की नजर ध्यानचंद के जूतों पर पड़ी जिसके बाद उन्होंने सवाल पूछना शुरू किए. ध्यानचंद ब्रिटिश इंडियन आर्मी की पंजाब रेजिमेंट में लांस नायक जैसे छोटे पद पर थे, हिटलर ने उन्हें जर्मनी में रुकने और सेना में कर्नल बनने का ऑफर दिया. लेकिन देश प्रेम के चलते ध्यानचंद ने विनम्रता से इस ऑफर को ठुकरा दिया. उन्होंने हिटलर से कहा, ''नहीं पंजाब रेजिमेंट पर मुझे गर्व है और भारत ही मेरा देश है.'' जिसके बाद मेडल पहनकर ध्यानचंद वहां से चले गए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मेजर ध्यानचंद की आज जयंती है. ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' कहा जाता है. ध्यानचंद को लोग प्यार से दद्दा कहकर संबोधित करते थे.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आतंकवादी संगठन लश्करे तैयबा प्रमुख हाफिज सईद ने शनिवार को पाकिस्तान सरकार से मांग की कि हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के मद्देनजर वह भारत के साथ विदेशी और व्यापारिक संबंधों पर तत्काल रोक लगा दे। हाफिज ने यहां चाउबुर्जी स्थित जमात उद दावा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमें भारत के साथ आलू और प्याज का व्यापार नहीं चाहिए।’’ लश्करे तैयबा संस्थापक ने कहा, ‘‘पाकिस्तान को भारत से अपने उच्चायुक्त वापस बुला लेने चाहिए और उसके उच्चायुक्त को इस्लामाबाद से निष्कासित कर देना चाहिए।’’ उसने यह दावा किया कि पाकिस्तान कश्मीरियों का समर्थक है और यह भाव कश्मीरियों को बढ़ावा देगा।टिप्पणियां सईद के सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है। उसने कहा, ‘‘पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए क्योंकि कश्मीर में व्यक्तियों के मारे जाने से पाकिस्तान के लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हाफिज ने यहां चाउबुर्जी स्थित जमात उद दावा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमें भारत के साथ आलू और प्याज का व्यापार नहीं चाहिए।’’ लश्करे तैयबा संस्थापक ने कहा, ‘‘पाकिस्तान को भारत से अपने उच्चायुक्त वापस बुला लेने चाहिए और उसके उच्चायुक्त को इस्लामाबाद से निष्कासित कर देना चाहिए।’’ उसने यह दावा किया कि पाकिस्तान कश्मीरियों का समर्थक है और यह भाव कश्मीरियों को बढ़ावा देगा।टिप्पणियां सईद के सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है। उसने कहा, ‘‘पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए क्योंकि कश्मीर में व्यक्तियों के मारे जाने से पाकिस्तान के लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सईद के सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है। उसने कहा, ‘‘पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए क्योंकि कश्मीर में व्यक्तियों के मारे जाने से पाकिस्तान के लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: हमें भारत के साथ आलू और प्याज का व्यापार नहीं चाहिए पाकिस्तान को भारत से अपने उच्चायुक्त वापस बुला लेने चाहिए सईद के सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है
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['hin']
एक सारांश बनाओ: पंजाब सरकार ने सरबजीत सिंह के परिवार को एक करोड़ रपये की वित्तीय सहायता देने की गुरुवार को घोषणा करने के साथ ही तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की। भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर पाकिस्तानी जेल में नृशंस हमला किया गया था और उन्होंने बुधवार को लाहौर के अस्पताल में दम तोड़ दिया था। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां कहा कि सभी सरकारी इमारतों पर झंड़े आधे झुके रहेंगे और इस दौरान कोई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।टिप्पणियां पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सरबजीत के परिवार के लिए एक करोड़ रपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि सरबजीत की दोनों पुत्रियों स्वप्नदीप कौर और पूनम को पंजाब में सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। बादल ने सरबजीत सिंह के परिवार को भरोसा दिया कि पंजाब सरकार उनकी पूरी मदद और समर्थन करेगी। भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर पाकिस्तानी जेल में नृशंस हमला किया गया था और उन्होंने बुधवार को लाहौर के अस्पताल में दम तोड़ दिया था। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां कहा कि सभी सरकारी इमारतों पर झंड़े आधे झुके रहेंगे और इस दौरान कोई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।टिप्पणियां पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सरबजीत के परिवार के लिए एक करोड़ रपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि सरबजीत की दोनों पुत्रियों स्वप्नदीप कौर और पूनम को पंजाब में सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। बादल ने सरबजीत सिंह के परिवार को भरोसा दिया कि पंजाब सरकार उनकी पूरी मदद और समर्थन करेगी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां कहा कि सभी सरकारी इमारतों पर झंड़े आधे झुके रहेंगे और इस दौरान कोई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।टिप्पणियां पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सरबजीत के परिवार के लिए एक करोड़ रपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि सरबजीत की दोनों पुत्रियों स्वप्नदीप कौर और पूनम को पंजाब में सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। बादल ने सरबजीत सिंह के परिवार को भरोसा दिया कि पंजाब सरकार उनकी पूरी मदद और समर्थन करेगी। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सरबजीत के परिवार के लिए एक करोड़ रपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि सरबजीत की दोनों पुत्रियों स्वप्नदीप कौर और पूनम को पंजाब में सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। बादल ने सरबजीत सिंह के परिवार को भरोसा दिया कि पंजाब सरकार उनकी पूरी मदद और समर्थन करेगी। बादल ने सरबजीत सिंह के परिवार को भरोसा दिया कि पंजाब सरकार उनकी पूरी मदद और समर्थन करेगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पंजाब सरकार ने सरबजीत सिंह के परिवार को एक करोड़ रपये की वित्तीय सहायता देने की गुरुवार को घोषणा करने के साथ ही तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आयकर विभाग ने अपनी अघोषित राशि दूसरों के बैंक खातों में जमा करवाने वालों को आगाह किया है. विभाग ने इस मामले में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बेनामी लेनदेन कानून के तहत आरोप लगाने का फैसला किया है जिसमें जुर्माना व अधिकतम सात साल की कैद की सजा हो सकती है. इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि विभाग ने 8 नवंबर के बाद उसने अप्रचलित नोटों के संदिग्ध इस्तेमाल को लेकर 80 से अधिक सर्वे व लगभग 30 तलाशियां ली जिनमें 200 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय पकड़ी गई. इस तरह की कार्रवाई में 50 करोड़ रये की नकदी भी जब्त की गई है. सरकार ने 500 व 1000 रुपये के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा 8 नवंबर को की थी. कर अधिकारियों ने इस तारीख के बाद बैंक खातों में भारी नकदी जमा कराए जाने के मामलों की पड़ताल के तहत देशभर में अभियान चलाया है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में संदेह सही पाए जाने पर बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह कानून चल व अचल, दोनों संपत्तियों पर लागू होता है. इस कानून के तहत राशि जमा कराने वाले व जिसके खाते में जमा हुई, दोनों को पकड़ा जा सकता है. सूत्रों ने कहा, "सीबीडीटी ने आयकर विभाग से कहा है कि वह उन मामलों पर कड़ी निगरानी रखे जिनमें 500 व 1000 रुपये के पुराने मुद्रा नोटों का इस्तेमाल करते हुए अपने कालेधन को वैध बनाने व छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खातों के इस्तेमाल का संदेह हो." उन्होंने कहा, "इस संबंध में कुछ मामले पहले ही सामने आए हैं और विभाग बेनामी कानून के तहत नोटिस जारी करेगा."टिप्पणियां उन्होंने कहा कि शुरू में उन मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे जिनमें 2.50 लाख रुपये की सीमा से अधिक बड़ी राशि में धन जमा कराया गया हो. लेकिन इससे कम राशि वाले उन मामलों की भी जांच होगी जिनमें बैंक या वित्तीय सूचना इकाई संदिग्ध लेनदेन की शिकायत करेंगे."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि विभाग ने 8 नवंबर के बाद उसने अप्रचलित नोटों के संदिग्ध इस्तेमाल को लेकर 80 से अधिक सर्वे व लगभग 30 तलाशियां ली जिनमें 200 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय पकड़ी गई. इस तरह की कार्रवाई में 50 करोड़ रये की नकदी भी जब्त की गई है. सरकार ने 500 व 1000 रुपये के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा 8 नवंबर को की थी. कर अधिकारियों ने इस तारीख के बाद बैंक खातों में भारी नकदी जमा कराए जाने के मामलों की पड़ताल के तहत देशभर में अभियान चलाया है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में संदेह सही पाए जाने पर बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह कानून चल व अचल, दोनों संपत्तियों पर लागू होता है. इस कानून के तहत राशि जमा कराने वाले व जिसके खाते में जमा हुई, दोनों को पकड़ा जा सकता है. सूत्रों ने कहा, "सीबीडीटी ने आयकर विभाग से कहा है कि वह उन मामलों पर कड़ी निगरानी रखे जिनमें 500 व 1000 रुपये के पुराने मुद्रा नोटों का इस्तेमाल करते हुए अपने कालेधन को वैध बनाने व छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खातों के इस्तेमाल का संदेह हो." उन्होंने कहा, "इस संबंध में कुछ मामले पहले ही सामने आए हैं और विभाग बेनामी कानून के तहत नोटिस जारी करेगा."टिप्पणियां उन्होंने कहा कि शुरू में उन मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे जिनमें 2.50 लाख रुपये की सीमा से अधिक बड़ी राशि में धन जमा कराया गया हो. लेकिन इससे कम राशि वाले उन मामलों की भी जांच होगी जिनमें बैंक या वित्तीय सूचना इकाई संदिग्ध लेनदेन की शिकायत करेंगे."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में संदेह सही पाए जाने पर बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह कानून चल व अचल, दोनों संपत्तियों पर लागू होता है. इस कानून के तहत राशि जमा कराने वाले व जिसके खाते में जमा हुई, दोनों को पकड़ा जा सकता है. सूत्रों ने कहा, "सीबीडीटी ने आयकर विभाग से कहा है कि वह उन मामलों पर कड़ी निगरानी रखे जिनमें 500 व 1000 रुपये के पुराने मुद्रा नोटों का इस्तेमाल करते हुए अपने कालेधन को वैध बनाने व छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खातों के इस्तेमाल का संदेह हो." उन्होंने कहा, "इस संबंध में कुछ मामले पहले ही सामने आए हैं और विभाग बेनामी कानून के तहत नोटिस जारी करेगा."टिप्पणियां उन्होंने कहा कि शुरू में उन मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे जिनमें 2.50 लाख रुपये की सीमा से अधिक बड़ी राशि में धन जमा कराया गया हो. लेकिन इससे कम राशि वाले उन मामलों की भी जांच होगी जिनमें बैंक या वित्तीय सूचना इकाई संदिग्ध लेनदेन की शिकायत करेंगे."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने कहा, "सीबीडीटी ने आयकर विभाग से कहा है कि वह उन मामलों पर कड़ी निगरानी रखे जिनमें 500 व 1000 रुपये के पुराने मुद्रा नोटों का इस्तेमाल करते हुए अपने कालेधन को वैध बनाने व छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खातों के इस्तेमाल का संदेह हो." उन्होंने कहा, "इस संबंध में कुछ मामले पहले ही सामने आए हैं और विभाग बेनामी कानून के तहत नोटिस जारी करेगा."टिप्पणियां उन्होंने कहा कि शुरू में उन मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे जिनमें 2.50 लाख रुपये की सीमा से अधिक बड़ी राशि में धन जमा कराया गया हो. लेकिन इससे कम राशि वाले उन मामलों की भी जांच होगी जिनमें बैंक या वित्तीय सूचना इकाई संदिग्ध लेनदेन की शिकायत करेंगे."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि शुरू में उन मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे जिनमें 2.50 लाख रुपये की सीमा से अधिक बड़ी राशि में धन जमा कराया गया हो. लेकिन इससे कम राशि वाले उन मामलों की भी जांच होगी जिनमें बैंक या वित्तीय सूचना इकाई संदिग्ध लेनदेन की शिकायत करेंगे."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बेनामी लेनदेन कानून के तहत होगी कार्रवाई जुर्माना व अधिकतम सात साल की कैद की सजा हो सकती है विभाग ने अभी तक 200 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय पकड़ी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के पहले संस्करण के उद्घाटन मुकाबले में दिल्ली वेवराइडर्स टीम ने जेपी पंजाब वॉरियर्स को 2-1 से हरा दिया। भारतीय टीम के कप्तान सरदार सिंह के नेतृत्व में खेल रही वेवराइडर्स टीम उम्मीद के मुताबिक खेली और जीत के साथ आगाज करने में सफल रही जबकि ऑस्ट्रेलिया के धुरंधर जैमी ड्वायर की कप्तानी में खेल रही वॉरियर्स टीम को निराशा हाथ लगी। वेवराइडर्स के लिए ऑस्कर डेके ने 14वें मिनट में और गुरविंदर सिंह चांडी ने 22वें मिनट में गोल किया जबकि वॉरियर्स के लिए 43वें मिनट में रोजर प्रेडोस ने गोल किया। दोनों टीमों को तीन-तीन पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन एक पर भी गोल नहीं हो सका। मैच का पहला गोल वेवराइडर्स ने 14वें मिनट में किया। इसके जर्मन खिलाड़ी ऑस्कर डेके ने बेहद बाएं किनारे से गेंद को वॉरियर्स के गोलपोस्ट की ओर फ्लिक किया। गेंद वहां खड़े वॉरियर्स के डिफेंडरों के स्टिक से टकराकर गोल में चली गई। यह एक लिहाज से आत्मघाती गोल था लेकिन लीग के नियमों के मुताबिक यह गोल डेके के खाते में गया। टिप्पणियां इसके बाद 22वें मिनट में वेवराइडर्स के लिए दूसरा गोल हुआ। यह गोल गुरविंदर सिंह चांडी ने किया। चांडी ने अकेले दम पर दौड़ते हुए गेंद को वॉरियर्स के गोलपोस्ट में फ्लिक किया। गेंद वॉरियर्स के खिलाड़ी मार्क नोल्स की स्टिक से टकराकर गोल में चली गई। इस तरह दिल्ली की टीम 2-0 से आगे हो गई। वॉरियर्स का पहला और अंतिम गोल 43वें मिनट में हुआ। स्पेन के रोजर प्रेडोस ने भारतीय अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ी एवी सुनील के सटीक पास पर यह गोल किया। इस जीत सेवेवराइडर्स को पांच अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स का खाता नहीं खुल सका। भारतीय टीम के कप्तान सरदार सिंह के नेतृत्व में खेल रही वेवराइडर्स टीम उम्मीद के मुताबिक खेली और जीत के साथ आगाज करने में सफल रही जबकि ऑस्ट्रेलिया के धुरंधर जैमी ड्वायर की कप्तानी में खेल रही वॉरियर्स टीम को निराशा हाथ लगी। वेवराइडर्स के लिए ऑस्कर डेके ने 14वें मिनट में और गुरविंदर सिंह चांडी ने 22वें मिनट में गोल किया जबकि वॉरियर्स के लिए 43वें मिनट में रोजर प्रेडोस ने गोल किया। दोनों टीमों को तीन-तीन पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन एक पर भी गोल नहीं हो सका। मैच का पहला गोल वेवराइडर्स ने 14वें मिनट में किया। इसके जर्मन खिलाड़ी ऑस्कर डेके ने बेहद बाएं किनारे से गेंद को वॉरियर्स के गोलपोस्ट की ओर फ्लिक किया। गेंद वहां खड़े वॉरियर्स के डिफेंडरों के स्टिक से टकराकर गोल में चली गई। यह एक लिहाज से आत्मघाती गोल था लेकिन लीग के नियमों के मुताबिक यह गोल डेके के खाते में गया। टिप्पणियां इसके बाद 22वें मिनट में वेवराइडर्स के लिए दूसरा गोल हुआ। यह गोल गुरविंदर सिंह चांडी ने किया। चांडी ने अकेले दम पर दौड़ते हुए गेंद को वॉरियर्स के गोलपोस्ट में फ्लिक किया। गेंद वॉरियर्स के खिलाड़ी मार्क नोल्स की स्टिक से टकराकर गोल में चली गई। इस तरह दिल्ली की टीम 2-0 से आगे हो गई। वॉरियर्स का पहला और अंतिम गोल 43वें मिनट में हुआ। स्पेन के रोजर प्रेडोस ने भारतीय अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ी एवी सुनील के सटीक पास पर यह गोल किया। इस जीत सेवेवराइडर्स को पांच अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स का खाता नहीं खुल सका। वेवराइडर्स के लिए ऑस्कर डेके ने 14वें मिनट में और गुरविंदर सिंह चांडी ने 22वें मिनट में गोल किया जबकि वॉरियर्स के लिए 43वें मिनट में रोजर प्रेडोस ने गोल किया। दोनों टीमों को तीन-तीन पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन एक पर भी गोल नहीं हो सका। मैच का पहला गोल वेवराइडर्स ने 14वें मिनट में किया। इसके जर्मन खिलाड़ी ऑस्कर डेके ने बेहद बाएं किनारे से गेंद को वॉरियर्स के गोलपोस्ट की ओर फ्लिक किया। गेंद वहां खड़े वॉरियर्स के डिफेंडरों के स्टिक से टकराकर गोल में चली गई। यह एक लिहाज से आत्मघाती गोल था लेकिन लीग के नियमों के मुताबिक यह गोल डेके के खाते में गया। टिप्पणियां इसके बाद 22वें मिनट में वेवराइडर्स के लिए दूसरा गोल हुआ। यह गोल गुरविंदर सिंह चांडी ने किया। चांडी ने अकेले दम पर दौड़ते हुए गेंद को वॉरियर्स के गोलपोस्ट में फ्लिक किया। गेंद वॉरियर्स के खिलाड़ी मार्क नोल्स की स्टिक से टकराकर गोल में चली गई। इस तरह दिल्ली की टीम 2-0 से आगे हो गई। वॉरियर्स का पहला और अंतिम गोल 43वें मिनट में हुआ। स्पेन के रोजर प्रेडोस ने भारतीय अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ी एवी सुनील के सटीक पास पर यह गोल किया। इस जीत सेवेवराइडर्स को पांच अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स का खाता नहीं खुल सका। मैच का पहला गोल वेवराइडर्स ने 14वें मिनट में किया। इसके जर्मन खिलाड़ी ऑस्कर डेके ने बेहद बाएं किनारे से गेंद को वॉरियर्स के गोलपोस्ट की ओर फ्लिक किया। गेंद वहां खड़े वॉरियर्स के डिफेंडरों के स्टिक से टकराकर गोल में चली गई। यह एक लिहाज से आत्मघाती गोल था लेकिन लीग के नियमों के मुताबिक यह गोल डेके के खाते में गया। टिप्पणियां इसके बाद 22वें मिनट में वेवराइडर्स के लिए दूसरा गोल हुआ। यह गोल गुरविंदर सिंह चांडी ने किया। चांडी ने अकेले दम पर दौड़ते हुए गेंद को वॉरियर्स के गोलपोस्ट में फ्लिक किया। गेंद वॉरियर्स के खिलाड़ी मार्क नोल्स की स्टिक से टकराकर गोल में चली गई। इस तरह दिल्ली की टीम 2-0 से आगे हो गई। वॉरियर्स का पहला और अंतिम गोल 43वें मिनट में हुआ। स्पेन के रोजर प्रेडोस ने भारतीय अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ी एवी सुनील के सटीक पास पर यह गोल किया। इस जीत सेवेवराइडर्स को पांच अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स का खाता नहीं खुल सका। इसके बाद 22वें मिनट में वेवराइडर्स के लिए दूसरा गोल हुआ। यह गोल गुरविंदर सिंह चांडी ने किया। चांडी ने अकेले दम पर दौड़ते हुए गेंद को वॉरियर्स के गोलपोस्ट में फ्लिक किया। गेंद वॉरियर्स के खिलाड़ी मार्क नोल्स की स्टिक से टकराकर गोल में चली गई। इस तरह दिल्ली की टीम 2-0 से आगे हो गई। वॉरियर्स का पहला और अंतिम गोल 43वें मिनट में हुआ। स्पेन के रोजर प्रेडोस ने भारतीय अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ी एवी सुनील के सटीक पास पर यह गोल किया। इस जीत सेवेवराइडर्स को पांच अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स का खाता नहीं खुल सका। वॉरियर्स का पहला और अंतिम गोल 43वें मिनट में हुआ। स्पेन के रोजर प्रेडोस ने भारतीय अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ी एवी सुनील के सटीक पास पर यह गोल किया। इस जीत सेवेवराइडर्स को पांच अंक प्राप्त हुए जबकि वॉरियर्स का खाता नहीं खुल सका।
यह एक सारांश है: हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के पहले संस्करण के उद्घाटन मुकाबले में दिल्ली वेवराइडर्स टीम ने जेपी पंजाब वॉरियर्स को 2-1 से हरा दिया।
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['hin']