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एक सारांश बनाओ: नसीरुद्दीन शाह के बाद अब बॉलीवुड गायक सोनू निगम (Sonu Nigam) ने देश में हालात को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मैं देश के आक्रोश को लेकर काफी चिंतित हूं. उन्होंने कहा कि लोगों में शिष्टाचार की आवश्यकता है. जिस तरह की भाषा का उपयोग लोग करते हैं वह आश्चर्यजनक है. मैंने अपने हर बयान में मर्यादा बनाए रखी. हमें मुस्कुराने और संयम रखने की जरूरत है. कुछ समय पहले सोनू निगम (Sonu Nigam) ने एक मीडिया सम्मेलन में अनु मलिक का समर्थन किया था. उस दौरान उन्होंने (Sonu Nigam) कहा था कि जो सम्माननीय महिला ट्विटर पर ऊटपटांग बातें कर रही हैं, वह एक ऐसे व्यक्ति की पत्नी हैं जिन्हें मैं बेहद करीब मानता हूं. हालांकि वह इस संबंध को भूल चुकी हैं. मैं शिष्टाचार बनाए रखना चाहूंगा. इस पर गायिका सोना महापात्रा ने मलिक को ‘लगातार उत्पीड़न' करने वाला व्यक्ति बताया था.
इस पर सफाई देते हुए सोनू ने कहा कि इससे पहले सोनू सनसनीखेज हेडलाइन के कारण लोगों के निशाने पर आ गए थे. इस बारे में सोनू ने कहा कि जब मुझे कुछ कहना होगा तो मैं वह कहूंगा जिस पर मुझे विश्वास है. मैं सच कहूंगा. आंख के बदले आंख ... यह मेरा चीजों से निपटने का तरीका नहीं है. इससे केवल मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट पीटकर हत्या), रोड रेज (सड़क पर चालकों द्वारा हिंसक रोष व्यक्त करना) जैसी घटनाएं ही होती हैं. गौरतलब है कि सोनू ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि वह पाकिस्तान से होते तो उन्हें भारत में काम करने के अधिक अवसर मिलते. हालांकि बाद में इस बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा था कि यह बयान उन्होंने संगीत जगत में मौजूदा रॉयल्टी के संदर्भ में दिया था.
बता दें कि कुछ दिन पहले अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने प्रत्यक्ष तौर पर हाल ही में भीड़ द्वारा की गई हिंसा का हवाला देते हुए कहा था कि कई जगहों पर एक गाय की मौत को एक पुलिस अधिकारी की हत्या से ज्यादा तवज्जो दी गई. अभिनेता ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी. उनका कहना था कि उन्होंने अपने बच्चों को किसी खास धर्म की शिक्षा नहीं दी है. नसीरुद्दीन शाह 'कारवां-ए-मोहब्बत इंडिया' द्वारा किए गए वीडियो साक्षात्कार में यह टिप्पणी कर रहे थे. इस संगठन ने यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो पोस्ट किया था.
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का कहना था कि जहर फैलाया जा चुका है' और अब इसे रोक पाना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा था कि इस जिन्न को वापस बोतल में बंद करना मुश्किल होगा. जो कानून को अपने हाथों में ले रहे हैं, उन्हें खुली छूट दे दे गई है. कई क्षेत्रों में हम यह देख रहे हैं कि एक गाय की मौत को एक पुलिस अधिकारी की मौत से ज्यादा तवज्जो दी गई.'' अभिनेता की पत्नी रत्ना पाठक हैं. शाह ने कहा था कि उन्होंने तय किया था कि वे अपने बच्चों इमाद और विवान को धार्मिक शिक्षा नहीं देंगे क्योंकि उनका मानना है कि 'खराब या अच्छा होने का किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है.'' | संक्षिप्त पाठ: देश में बढ़ रहा आक्रोश सही नहीं- सोनू निगम
सभी को अपनी मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए- निगम
सोनू निगम ने कहा सभी रख सकते हैं अपनी बात | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश शासन ने मुजफ्फरनगर दंगे में विधायक संगीत सोम पर लगाए गए रासुका को हटाने की मांग को लेकर हुई महापंचायत में हिंसा की घटना को गंभीरता से लेते हुए मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार को हटा दिया।टिप्पणियां
गृह विभाग के अनुसार बलिया के एसएसपी ओंकार सिंह को मेरठ का नया एसएसपी बनाया गया है।
मेरठ से हटाए गए एसएसपी दीपक कुमार को पुलिस मुख्यालय पर लखनऊ से संबद्ध किया गया है जबकि राजू बाबू सिंह को बलिया का नया एसएसपी बनाया गया है।
गृह विभाग के अनुसार बलिया के एसएसपी ओंकार सिंह को मेरठ का नया एसएसपी बनाया गया है।
मेरठ से हटाए गए एसएसपी दीपक कुमार को पुलिस मुख्यालय पर लखनऊ से संबद्ध किया गया है जबकि राजू बाबू सिंह को बलिया का नया एसएसपी बनाया गया है।
मेरठ से हटाए गए एसएसपी दीपक कुमार को पुलिस मुख्यालय पर लखनऊ से संबद्ध किया गया है जबकि राजू बाबू सिंह को बलिया का नया एसएसपी बनाया गया है। | सारांश: उत्तर प्रदेश शासन ने मुजफ्फरनगर दंगे में विधायक संगीत सोम पर लगाए गए रासुका को हटाने की मांग को लेकर हुई महापंचायत में हिंसा की घटना को गंभीरता से लेते हुए मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार को हटा दिया। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा में आज यानी 20 सितंबर को होने वाली जीएसीटी काउंसिल (GST Council) की बैठक पर पूरी कार इंडस्ट्री की नज़र है. सवाल ये है कि क्या ऑटो सेक्टर (Auto Sector) को मंदी से उबारने के लिए जीएसटी काउंसिल टैक्स में कटौती कर सकती है. हालांकि बिहार के वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी इशारा कर चुके हैं कि काउंसिल का ऐसा कोई इरादा नहीं है. आज सुबह 10 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस भी करने वाली हैं.
बुधवार को रांची में 'हिन्दुस्तान पूर्वोदय सम्मेलन' में सुशील मोदी ने कहा था, 'एक दर्जन राज्यों के वित्त मंत्रियों से बात हुई है. कोई भी राज्य ऑटो, बिस्किट या अन्य मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर पर टैक्स में छूट देने के लिए तैयार नहीं है. आम सहमति ये है कि ऑटो सेक्टर में किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी. 45 हज़ार करोड़ राजस्व का नुकसान है. इसकी भरपाई कौन करेगा?'
ये बयान ऐसे वक्त पर आया है जब इस साल टैक्स कलेक्शन टारगेट से पीछे चल रहा है और मंदी का साया अर्थव्यवस्था पर बढ़ता जा रहा है. एसोचैम के डिप्टी सेक्रेटरी सौरभ सानयाल ने कहा कि जीएसटी काउंसिल को ऑटो कंपोनेंट मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर में जीएसटी घटाकर 16% करना चाहिए. अगर ऑटो कंपोनेंट सेक्टर और स्मॉल और मीडियम इंटरप्राइजेज को इकॉनमिक क्राइसिस से रिवाइव करना है तो जीएसटी को घटना पड़ेगा. लग्जरी कार सेगमेंट को उच्च GST स्लैब में रखा जा सकता है क्योंकि पैसे वाले लोग ऊंची कीमतों को अफोर्ड कर सकते हैं. | संक्षिप्त पाठ: जीएसटी काउंसिल की बैठक आज
गोवा में होंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
क्या ऑटो सेक्टर को मंदी से उबारने के लिए होगी कोशिश? | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुड़गांव पुलिस ने स्पा की आड़ में चलाए जा रहे एक सेक्स रेकैट का भांडाफोड़ किया है और विभिन्न स्पा केंद्रों से 10 महिलाओं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.
गुड़गांव पुलिस के जनसपंर्क अधिकारी मनीष सहगल ने कहा कि गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की तीन टीमों ने तीन मॉलों में स्थित स्पा केंद्रों पर छापेमारी की और देह व्यापार में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया.टिप्पणियां
गुड़गांव के डीएलएफ फेज एक, फेज दो, और सेक्टर 29 थानों में सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि मामले की तहकीकात जारी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गुड़गांव पुलिस के जनसपंर्क अधिकारी मनीष सहगल ने कहा कि गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की तीन टीमों ने तीन मॉलों में स्थित स्पा केंद्रों पर छापेमारी की और देह व्यापार में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया.टिप्पणियां
गुड़गांव के डीएलएफ फेज एक, फेज दो, और सेक्टर 29 थानों में सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि मामले की तहकीकात जारी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गुड़गांव के डीएलएफ फेज एक, फेज दो, और सेक्टर 29 थानों में सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि मामले की तहकीकात जारी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: देह व्यापार में कथित तौर पर शामिल 11 आरोपी गिरफ्तार
सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया
पुलिस की तीन टीमों ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई की | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तान के रूप में अपनी प्रतिभा साबित कर चुके महेला जयवर्धने को वीरेंद्र सहवाग स्वाभाविक कप्तान लगते हैं, जिन्होंने मौजूदा आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए बेहतरीन काम किया है।
जयवर्धने ने कहा, ‘‘वीरू ने शानदार काम किया है। टूर्नामेंट के दौरान मैंने चंद लम्हों में उसे बेहतरीन फैसले करते हुए देखा है और इससे हमें काफी फायदा हुआ है। वह स्वाभाविक कप्तान है। टी-20 क्रिकेट में आपको तेजी से फैसले करने होते हैं और इसके लिए चतुर दिमाग का होना जरूरी है।’’ जयवर्धने के मुताबिक कप्तानी मुश्किल काम नहीं है, बशर्ते आपने होमवर्क सही तरह किया हो।टिप्पणियां
श्रीलंका के कप्तान ने कहा, ‘‘टीम की कप्तानी करना भले ही जटिल लगता हो, लेकिन जब आप अपना होमवर्क कर लेते हैं, तो यह मुश्किल काम नहीं है। लेकिन आपने अगर अच्छी तैयारी नहीं की है, तो मैदान पर आपके पास कम विकल्प होते हैं और आपको परेशानी हो सकती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘डेयरडेविल्स टीम में हमारी कुछ बहुत अच्छी टीम बैठक होती है, जिसमें हम सहायक स्टाफ के साथ मिलकर अन्य टीमों के मजबूत और कमजोर पक्षों का आकलन करते हैं। केविन पीटरसन की बड़ी भूमिका और मोर्ने (मोर्कल) तथा नदीम की भी।’’
जयवर्धने ने कहा, ‘‘वीरू ने शानदार काम किया है। टूर्नामेंट के दौरान मैंने चंद लम्हों में उसे बेहतरीन फैसले करते हुए देखा है और इससे हमें काफी फायदा हुआ है। वह स्वाभाविक कप्तान है। टी-20 क्रिकेट में आपको तेजी से फैसले करने होते हैं और इसके लिए चतुर दिमाग का होना जरूरी है।’’ जयवर्धने के मुताबिक कप्तानी मुश्किल काम नहीं है, बशर्ते आपने होमवर्क सही तरह किया हो।टिप्पणियां
श्रीलंका के कप्तान ने कहा, ‘‘टीम की कप्तानी करना भले ही जटिल लगता हो, लेकिन जब आप अपना होमवर्क कर लेते हैं, तो यह मुश्किल काम नहीं है। लेकिन आपने अगर अच्छी तैयारी नहीं की है, तो मैदान पर आपके पास कम विकल्प होते हैं और आपको परेशानी हो सकती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘डेयरडेविल्स टीम में हमारी कुछ बहुत अच्छी टीम बैठक होती है, जिसमें हम सहायक स्टाफ के साथ मिलकर अन्य टीमों के मजबूत और कमजोर पक्षों का आकलन करते हैं। केविन पीटरसन की बड़ी भूमिका और मोर्ने (मोर्कल) तथा नदीम की भी।’’
श्रीलंका के कप्तान ने कहा, ‘‘टीम की कप्तानी करना भले ही जटिल लगता हो, लेकिन जब आप अपना होमवर्क कर लेते हैं, तो यह मुश्किल काम नहीं है। लेकिन आपने अगर अच्छी तैयारी नहीं की है, तो मैदान पर आपके पास कम विकल्प होते हैं और आपको परेशानी हो सकती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘डेयरडेविल्स टीम में हमारी कुछ बहुत अच्छी टीम बैठक होती है, जिसमें हम सहायक स्टाफ के साथ मिलकर अन्य टीमों के मजबूत और कमजोर पक्षों का आकलन करते हैं। केविन पीटरसन की बड़ी भूमिका और मोर्ने (मोर्कल) तथा नदीम की भी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘डेयरडेविल्स टीम में हमारी कुछ बहुत अच्छी टीम बैठक होती है, जिसमें हम सहायक स्टाफ के साथ मिलकर अन्य टीमों के मजबूत और कमजोर पक्षों का आकलन करते हैं। केविन पीटरसन की बड़ी भूमिका और मोर्ने (मोर्कल) तथा नदीम की भी।’’ | अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तान के रूप में अपनी प्रतिभा साबित कर चुके महेला जयवर्धने को सहवाग स्वाभाविक कप्तान लगते हैं, जिन्होंने आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए बेहतरीन काम किया है। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुस्लिम समुदाय अगर तीन तलाक की प्रथा को 'बदलने' में विफल रहता है तो सरकार कदम उठा सकती है और इसको प्रतिबंधित करने के लिए कानून बना सकती है. नायडू ने यहां एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "मुद्दे को देखना समाज पर निर्भर करता है और अच्छा होगा अगर (मुस्लिम) समाज खुद ही इस प्रथा को बदल दे. अन्यथा ऐसी स्थिति उभरेगी कि सरकार को कानून (तीन तलाक को प्रतिबंधित करने का) लाना होगा."
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने कहा, "यह किसी के निजी मामले में हस्तक्षेप करना नहीं है बल्कि महिलाओं के लिए न्याय का सवाल है. सभी महिलाओं को समान अधिकार होना चाहिए. कानून के समक्ष समानता-यह मुद्दा है." उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में भी बाल विवाह, सती और दहेज जैसी बुरी प्रथाओं को समाप्त करने के लिए कानून बनाए गए.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हिंदू समाज ने बाल विवाह पर चर्चा की और इसे प्रतिबंधित करने के लिए संसद में कानून पारित किया गया. दूसरा है सती सहगमन जिसमें प्राचीन समय में पति की मौत के बाद पत्नी मौत को गले लगा लेती थी. इसे हिंदू समाज ने ही कानून बनाकर बंद किया. तीसरा दहेज का मामला है. दहेज उन्मूलन कानून पारित किया गया और हिंदू समाज ने इसे स्वीकार किया." उन्होंने कहा, "जब लगा कि इस तरह की प्रथा समाज की भलाई के खिलाफ है तो हिंदू समाज ने उन पर चर्चा की और उनमें सुधार किए. कुछ और सुधार करने की जरूरत है और उस दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए."
वेंकैया नायडू ने केन्द्र सरकार की योजना 'स्वच्छ भारत मिशन' को तेजी से लागू करने के लिए झारखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम को लागू करने में झारखण्ड देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है. नायडू ने कहा कि झारखण्ड ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में भी अन्य राज्यों की तुलना में काफी प्रगति की है और यह सब मुख्यमंत्री रघुवर दास के कुशल नेतृत्व एवं बेहतर प्रशासक होने के कारण संभव हो पाया है.
उन्होंने 2 लाख 55 हजार आवेदनों में से 60916 आवास का अनुमोदन करने एवं 32 हजार का जियो टैगिंग करने तथा लाभुक द्वारा बनाये जाने वाले आवासों के लिए पासबुक खोले जाने हेतु मुख्यमंत्री की सराहना की.
इससे पूर्व समीक्षा बैठक में नायडू ने सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा कचरे के समुचित प्रबंधन (कचरा से कम्पोस्ट एवं उर्जा बनाने का कार्य) करने का सुझाव राज्य के अधिकारियों को दिया. उन्होंने अर्बन ट्रांस्पोर्ट, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, ऋण आधारित सब्सिडी स्कीम इत्यादि की भी समीक्षा की.टिप्पणियां
नायडू ने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि रांची में शहरी परिवहन को विकसित करने के लिए पीपीपी मोड में तीन सौ बसों को भविष्य में संचालित करने की योजना है. फिलहाल यहां शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए 26 नयी बसें जोड़ी गयी हैं. इसके अलावा यहां मेट्रो या अन्य मास रैपिड ट्रांस्पोर्ट प्रणाली विकसित करने पर भी विचार चल रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने कहा, "यह किसी के निजी मामले में हस्तक्षेप करना नहीं है बल्कि महिलाओं के लिए न्याय का सवाल है. सभी महिलाओं को समान अधिकार होना चाहिए. कानून के समक्ष समानता-यह मुद्दा है." उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में भी बाल विवाह, सती और दहेज जैसी बुरी प्रथाओं को समाप्त करने के लिए कानून बनाए गए.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हिंदू समाज ने बाल विवाह पर चर्चा की और इसे प्रतिबंधित करने के लिए संसद में कानून पारित किया गया. दूसरा है सती सहगमन जिसमें प्राचीन समय में पति की मौत के बाद पत्नी मौत को गले लगा लेती थी. इसे हिंदू समाज ने ही कानून बनाकर बंद किया. तीसरा दहेज का मामला है. दहेज उन्मूलन कानून पारित किया गया और हिंदू समाज ने इसे स्वीकार किया." उन्होंने कहा, "जब लगा कि इस तरह की प्रथा समाज की भलाई के खिलाफ है तो हिंदू समाज ने उन पर चर्चा की और उनमें सुधार किए. कुछ और सुधार करने की जरूरत है और उस दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए."
वेंकैया नायडू ने केन्द्र सरकार की योजना 'स्वच्छ भारत मिशन' को तेजी से लागू करने के लिए झारखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम को लागू करने में झारखण्ड देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है. नायडू ने कहा कि झारखण्ड ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में भी अन्य राज्यों की तुलना में काफी प्रगति की है और यह सब मुख्यमंत्री रघुवर दास के कुशल नेतृत्व एवं बेहतर प्रशासक होने के कारण संभव हो पाया है.
उन्होंने 2 लाख 55 हजार आवेदनों में से 60916 आवास का अनुमोदन करने एवं 32 हजार का जियो टैगिंग करने तथा लाभुक द्वारा बनाये जाने वाले आवासों के लिए पासबुक खोले जाने हेतु मुख्यमंत्री की सराहना की.
इससे पूर्व समीक्षा बैठक में नायडू ने सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा कचरे के समुचित प्रबंधन (कचरा से कम्पोस्ट एवं उर्जा बनाने का कार्य) करने का सुझाव राज्य के अधिकारियों को दिया. उन्होंने अर्बन ट्रांस्पोर्ट, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, ऋण आधारित सब्सिडी स्कीम इत्यादि की भी समीक्षा की.टिप्पणियां
नायडू ने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि रांची में शहरी परिवहन को विकसित करने के लिए पीपीपी मोड में तीन सौ बसों को भविष्य में संचालित करने की योजना है. फिलहाल यहां शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए 26 नयी बसें जोड़ी गयी हैं. इसके अलावा यहां मेट्रो या अन्य मास रैपिड ट्रांस्पोर्ट प्रणाली विकसित करने पर भी विचार चल रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हिंदू समाज ने बाल विवाह पर चर्चा की और इसे प्रतिबंधित करने के लिए संसद में कानून पारित किया गया. दूसरा है सती सहगमन जिसमें प्राचीन समय में पति की मौत के बाद पत्नी मौत को गले लगा लेती थी. इसे हिंदू समाज ने ही कानून बनाकर बंद किया. तीसरा दहेज का मामला है. दहेज उन्मूलन कानून पारित किया गया और हिंदू समाज ने इसे स्वीकार किया." उन्होंने कहा, "जब लगा कि इस तरह की प्रथा समाज की भलाई के खिलाफ है तो हिंदू समाज ने उन पर चर्चा की और उनमें सुधार किए. कुछ और सुधार करने की जरूरत है और उस दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए."
वेंकैया नायडू ने केन्द्र सरकार की योजना 'स्वच्छ भारत मिशन' को तेजी से लागू करने के लिए झारखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम को लागू करने में झारखण्ड देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है. नायडू ने कहा कि झारखण्ड ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में भी अन्य राज्यों की तुलना में काफी प्रगति की है और यह सब मुख्यमंत्री रघुवर दास के कुशल नेतृत्व एवं बेहतर प्रशासक होने के कारण संभव हो पाया है.
उन्होंने 2 लाख 55 हजार आवेदनों में से 60916 आवास का अनुमोदन करने एवं 32 हजार का जियो टैगिंग करने तथा लाभुक द्वारा बनाये जाने वाले आवासों के लिए पासबुक खोले जाने हेतु मुख्यमंत्री की सराहना की.
इससे पूर्व समीक्षा बैठक में नायडू ने सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा कचरे के समुचित प्रबंधन (कचरा से कम्पोस्ट एवं उर्जा बनाने का कार्य) करने का सुझाव राज्य के अधिकारियों को दिया. उन्होंने अर्बन ट्रांस्पोर्ट, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, ऋण आधारित सब्सिडी स्कीम इत्यादि की भी समीक्षा की.टिप्पणियां
नायडू ने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि रांची में शहरी परिवहन को विकसित करने के लिए पीपीपी मोड में तीन सौ बसों को भविष्य में संचालित करने की योजना है. फिलहाल यहां शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए 26 नयी बसें जोड़ी गयी हैं. इसके अलावा यहां मेट्रो या अन्य मास रैपिड ट्रांस्पोर्ट प्रणाली विकसित करने पर भी विचार चल रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वेंकैया नायडू ने केन्द्र सरकार की योजना 'स्वच्छ भारत मिशन' को तेजी से लागू करने के लिए झारखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम को लागू करने में झारखण्ड देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है. नायडू ने कहा कि झारखण्ड ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में भी अन्य राज्यों की तुलना में काफी प्रगति की है और यह सब मुख्यमंत्री रघुवर दास के कुशल नेतृत्व एवं बेहतर प्रशासक होने के कारण संभव हो पाया है.
उन्होंने 2 लाख 55 हजार आवेदनों में से 60916 आवास का अनुमोदन करने एवं 32 हजार का जियो टैगिंग करने तथा लाभुक द्वारा बनाये जाने वाले आवासों के लिए पासबुक खोले जाने हेतु मुख्यमंत्री की सराहना की.
इससे पूर्व समीक्षा बैठक में नायडू ने सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा कचरे के समुचित प्रबंधन (कचरा से कम्पोस्ट एवं उर्जा बनाने का कार्य) करने का सुझाव राज्य के अधिकारियों को दिया. उन्होंने अर्बन ट्रांस्पोर्ट, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, ऋण आधारित सब्सिडी स्कीम इत्यादि की भी समीक्षा की.टिप्पणियां
नायडू ने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि रांची में शहरी परिवहन को विकसित करने के लिए पीपीपी मोड में तीन सौ बसों को भविष्य में संचालित करने की योजना है. फिलहाल यहां शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए 26 नयी बसें जोड़ी गयी हैं. इसके अलावा यहां मेट्रो या अन्य मास रैपिड ट्रांस्पोर्ट प्रणाली विकसित करने पर भी विचार चल रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने 2 लाख 55 हजार आवेदनों में से 60916 आवास का अनुमोदन करने एवं 32 हजार का जियो टैगिंग करने तथा लाभुक द्वारा बनाये जाने वाले आवासों के लिए पासबुक खोले जाने हेतु मुख्यमंत्री की सराहना की.
इससे पूर्व समीक्षा बैठक में नायडू ने सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा कचरे के समुचित प्रबंधन (कचरा से कम्पोस्ट एवं उर्जा बनाने का कार्य) करने का सुझाव राज्य के अधिकारियों को दिया. उन्होंने अर्बन ट्रांस्पोर्ट, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, ऋण आधारित सब्सिडी स्कीम इत्यादि की भी समीक्षा की.टिप्पणियां
नायडू ने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि रांची में शहरी परिवहन को विकसित करने के लिए पीपीपी मोड में तीन सौ बसों को भविष्य में संचालित करने की योजना है. फिलहाल यहां शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए 26 नयी बसें जोड़ी गयी हैं. इसके अलावा यहां मेट्रो या अन्य मास रैपिड ट्रांस्पोर्ट प्रणाली विकसित करने पर भी विचार चल रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पूर्व समीक्षा बैठक में नायडू ने सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा कचरे के समुचित प्रबंधन (कचरा से कम्पोस्ट एवं उर्जा बनाने का कार्य) करने का सुझाव राज्य के अधिकारियों को दिया. उन्होंने अर्बन ट्रांस्पोर्ट, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, ऋण आधारित सब्सिडी स्कीम इत्यादि की भी समीक्षा की.टिप्पणियां
नायडू ने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि रांची में शहरी परिवहन को विकसित करने के लिए पीपीपी मोड में तीन सौ बसों को भविष्य में संचालित करने की योजना है. फिलहाल यहां शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए 26 नयी बसें जोड़ी गयी हैं. इसके अलावा यहां मेट्रो या अन्य मास रैपिड ट्रांस्पोर्ट प्रणाली विकसित करने पर भी विचार चल रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नायडू ने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि रांची में शहरी परिवहन को विकसित करने के लिए पीपीपी मोड में तीन सौ बसों को भविष्य में संचालित करने की योजना है. फिलहाल यहां शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए 26 नयी बसें जोड़ी गयी हैं. इसके अलावा यहां मेट्रो या अन्य मास रैपिड ट्रांस्पोर्ट प्रणाली विकसित करने पर भी विचार चल रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: नायडू ने कहा कि यह महिलाओं के लिए न्याय का सवाल है
हिंदू समाज में भी बुरी प्रथाओं को समाप्त करने के लिए कानून बनाए गए
'स्वच्छ भारत मिशन' को तेजी से लागू करने पर झारखंड सरकार की सराहना | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपनी सीरियल किसर छवि के लिए मशहूर अभिनेता इमरान हाशमी ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपनी पहली 'यू' प्रमाणपत्र वाली फिल्म के लिए स्वीकृति दी है। उन्होंने उनके इस फिल्म को करने का श्रेय बच्चों को दिया।
इमरान ने कहा, "मेरे पास एक अनाम लेकिन ऐसी फिल्म है जिसे सभी देख सकें। यह मेरी पहली 'यू' प्रमाणपत्र फिल्म होगी।"
उन्होंने कहा, "मैं तीन-चार साल पहले जयपुर में शूटिंग कर रहा था और कुछ बच्चों ने मुझसे कहा कि हमने आपके गाने देखे हैं लेकिन हमारे माता-पिता हमें आपकी फिल्में नहीं देखने देते। तब मैंने कहा था कि यदि एक दिन मुझे एक अच्छी पटकथा मिली तो मैं निश्चित रूप से आप सब के लिए फिल्म बनाऊंगा।"
उन्होंने कहा, "सौभाग्य से मुझे एक ऐसी फिल्म मिल गई है। यह अब भी निर्माण से पहले की अवस्था में है और अब तक इसकी घोषणा नहीं हुई है लेकिन यह हर तरह के दर्शकों के लिए फिल्म है।"
33 वर्षीय इमरान ने अपनी नई फिल्म 'जन्नत 2' के प्रचार कार्यक्रम के अवसर पर रविवार को यह बात कही। इमरान अंतिम बार 'द डर्टी पिक्चर' में नजर आए थे। उन्होंने कहा कि वह आलोचकों से ज्यादा दर्शकों की राय को महत्व देते हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "आपको दर्शकों की ओर से प्रशंसा मिलती है। मैं आलोचकों या किसी प्रकार के पुरस्कारों को ज्यादा महत्व नहीं देता। मेरे लिए दर्शकों की स्वीकार्यता ही सफलता का मापदंड है।"
कुणाल देशमुख के निर्देशन में बनी 'जन्नत 2' चार मई को प्रदर्शित होगी। इस फिल्म के साथ मॉडल एशा गुप्ता बॉलीवुड में शुरुआत कर रही हैं।
इमरान ने कहा, "मेरे पास एक अनाम लेकिन ऐसी फिल्म है जिसे सभी देख सकें। यह मेरी पहली 'यू' प्रमाणपत्र फिल्म होगी।"
उन्होंने कहा, "मैं तीन-चार साल पहले जयपुर में शूटिंग कर रहा था और कुछ बच्चों ने मुझसे कहा कि हमने आपके गाने देखे हैं लेकिन हमारे माता-पिता हमें आपकी फिल्में नहीं देखने देते। तब मैंने कहा था कि यदि एक दिन मुझे एक अच्छी पटकथा मिली तो मैं निश्चित रूप से आप सब के लिए फिल्म बनाऊंगा।"
उन्होंने कहा, "सौभाग्य से मुझे एक ऐसी फिल्म मिल गई है। यह अब भी निर्माण से पहले की अवस्था में है और अब तक इसकी घोषणा नहीं हुई है लेकिन यह हर तरह के दर्शकों के लिए फिल्म है।"
33 वर्षीय इमरान ने अपनी नई फिल्म 'जन्नत 2' के प्रचार कार्यक्रम के अवसर पर रविवार को यह बात कही। इमरान अंतिम बार 'द डर्टी पिक्चर' में नजर आए थे। उन्होंने कहा कि वह आलोचकों से ज्यादा दर्शकों की राय को महत्व देते हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "आपको दर्शकों की ओर से प्रशंसा मिलती है। मैं आलोचकों या किसी प्रकार के पुरस्कारों को ज्यादा महत्व नहीं देता। मेरे लिए दर्शकों की स्वीकार्यता ही सफलता का मापदंड है।"
कुणाल देशमुख के निर्देशन में बनी 'जन्नत 2' चार मई को प्रदर्शित होगी। इस फिल्म के साथ मॉडल एशा गुप्ता बॉलीवुड में शुरुआत कर रही हैं।
उन्होंने कहा, "मैं तीन-चार साल पहले जयपुर में शूटिंग कर रहा था और कुछ बच्चों ने मुझसे कहा कि हमने आपके गाने देखे हैं लेकिन हमारे माता-पिता हमें आपकी फिल्में नहीं देखने देते। तब मैंने कहा था कि यदि एक दिन मुझे एक अच्छी पटकथा मिली तो मैं निश्चित रूप से आप सब के लिए फिल्म बनाऊंगा।"
उन्होंने कहा, "सौभाग्य से मुझे एक ऐसी फिल्म मिल गई है। यह अब भी निर्माण से पहले की अवस्था में है और अब तक इसकी घोषणा नहीं हुई है लेकिन यह हर तरह के दर्शकों के लिए फिल्म है।"
33 वर्षीय इमरान ने अपनी नई फिल्म 'जन्नत 2' के प्रचार कार्यक्रम के अवसर पर रविवार को यह बात कही। इमरान अंतिम बार 'द डर्टी पिक्चर' में नजर आए थे। उन्होंने कहा कि वह आलोचकों से ज्यादा दर्शकों की राय को महत्व देते हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "आपको दर्शकों की ओर से प्रशंसा मिलती है। मैं आलोचकों या किसी प्रकार के पुरस्कारों को ज्यादा महत्व नहीं देता। मेरे लिए दर्शकों की स्वीकार्यता ही सफलता का मापदंड है।"
कुणाल देशमुख के निर्देशन में बनी 'जन्नत 2' चार मई को प्रदर्शित होगी। इस फिल्म के साथ मॉडल एशा गुप्ता बॉलीवुड में शुरुआत कर रही हैं।
उन्होंने कहा, "सौभाग्य से मुझे एक ऐसी फिल्म मिल गई है। यह अब भी निर्माण से पहले की अवस्था में है और अब तक इसकी घोषणा नहीं हुई है लेकिन यह हर तरह के दर्शकों के लिए फिल्म है।"
33 वर्षीय इमरान ने अपनी नई फिल्म 'जन्नत 2' के प्रचार कार्यक्रम के अवसर पर रविवार को यह बात कही। इमरान अंतिम बार 'द डर्टी पिक्चर' में नजर आए थे। उन्होंने कहा कि वह आलोचकों से ज्यादा दर्शकों की राय को महत्व देते हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "आपको दर्शकों की ओर से प्रशंसा मिलती है। मैं आलोचकों या किसी प्रकार के पुरस्कारों को ज्यादा महत्व नहीं देता। मेरे लिए दर्शकों की स्वीकार्यता ही सफलता का मापदंड है।"
कुणाल देशमुख के निर्देशन में बनी 'जन्नत 2' चार मई को प्रदर्शित होगी। इस फिल्म के साथ मॉडल एशा गुप्ता बॉलीवुड में शुरुआत कर रही हैं।
33 वर्षीय इमरान ने अपनी नई फिल्म 'जन्नत 2' के प्रचार कार्यक्रम के अवसर पर रविवार को यह बात कही। इमरान अंतिम बार 'द डर्टी पिक्चर' में नजर आए थे। उन्होंने कहा कि वह आलोचकों से ज्यादा दर्शकों की राय को महत्व देते हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "आपको दर्शकों की ओर से प्रशंसा मिलती है। मैं आलोचकों या किसी प्रकार के पुरस्कारों को ज्यादा महत्व नहीं देता। मेरे लिए दर्शकों की स्वीकार्यता ही सफलता का मापदंड है।"
कुणाल देशमुख के निर्देशन में बनी 'जन्नत 2' चार मई को प्रदर्शित होगी। इस फिल्म के साथ मॉडल एशा गुप्ता बॉलीवुड में शुरुआत कर रही हैं।
उन्होंने कहा, "आपको दर्शकों की ओर से प्रशंसा मिलती है। मैं आलोचकों या किसी प्रकार के पुरस्कारों को ज्यादा महत्व नहीं देता। मेरे लिए दर्शकों की स्वीकार्यता ही सफलता का मापदंड है।"
कुणाल देशमुख के निर्देशन में बनी 'जन्नत 2' चार मई को प्रदर्शित होगी। इस फिल्म के साथ मॉडल एशा गुप्ता बॉलीवुड में शुरुआत कर रही हैं।
कुणाल देशमुख के निर्देशन में बनी 'जन्नत 2' चार मई को प्रदर्शित होगी। इस फिल्म के साथ मॉडल एशा गुप्ता बॉलीवुड में शुरुआत कर रही हैं। | संक्षिप्त सारांश: अपनी सीरियल किसर छवि के लिए मशहूर अभिनेता इमरान हाशमी ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपनी पहली 'यू' प्रमाणपत्र वाली फिल्म के लिए स्वीकृति दी है। | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के वरिष्ठ वकील चौधरी एतजाज एहसान अदालत की अवमानना मामले में प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी का मुकदमा लड़ेंगे। उन्होंने मंगलवार को इस सम्बंध में प्रधानमंत्री से मुलाकात की। वह पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के भी वकील हैं।
गिलानी को सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दोबारा खोलने और इस सम्बंध में स्विट्जरलैंड को पत्र लिखने के अपने पूर्ववर्ती आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने के लिए अवमानना नोटिस जारी करते हुए 19 जनवरी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था।
नोटिस मिलने के बाद गिलानी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश भी की थी और नेशनल असेम्बली में कहा था कि सरकार न्यायपालिका सहित किसी भी प्रतिष्ठान के साथ टकराव नहीं चाहती। उन्होंने निर्धारित तिथि पर अदालत में पेश होने की बात भी कही थी।
पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने मंगलवार को कहा कि पूरा देश प्रधानमंत्री के इस कदम की प्रशंसा करता है। इससे गलतफहमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान और इसके फैसलों का अनुपालन किया है।
इस बीच, गिलानी को भेजे गए अवमानना नोटिस को सर्वोच्च न्यायालय के लाहौर रजिस्ट्रार कार्यालय में चुनौती दी गई है। नोटिस के खिलाफ यह याचिका वकील जफरुल्लाह ने दायर की है। उनका तर्क है कि संविधान की धारा 248-1 के तहत प्रधानमंत्री को भी वे विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जो राष्ट्रपति को हैं।
समाचार पत्र 'द नेशन' के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखना प्रधानमंत्री का काम नहीं है।
इस बीच, विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी-नवाज (पीएमएल-एन) ने कहा कि प्रधानमंत्री को अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। पार्टी अध्यक्ष नवाज शरीफ ने यह भी कहा कि यदि गिलानी ने उनकी पार्टी की सलाह पर काम किया होता तो स्थिति खराब नहीं होती।टिप्पणियां
सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होने सम्बंधी गिलानी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते नवाज ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'तानाशाहों के असंवैधानिक कदम' का समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
एक अन्य घटनाक्रम में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नईम खालिद लोधी को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। लोधी की बर्खास्तगी के खिलाफ यह याचिका वकील तारिक असद ने दायर की है। इसमें अदालत से प्रधानमंत्री गिलानी को बर्खास्तगी आदेश तब तक वापस लेने के लिए कहा है, जब तक कि गोपनीय संदेश ममाले में जांच पूरी नहीं हो जाती। याचिका में प्रधानमंत्री, पूर्व रक्षा सचिव और कार्यकारी रक्षा सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।
गिलानी को सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के सात न्यायमूर्तियों की खंडपीठ ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दोबारा खोलने और इस सम्बंध में स्विट्जरलैंड को पत्र लिखने के अपने पूर्ववर्ती आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने के लिए अवमानना नोटिस जारी करते हुए 19 जनवरी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था।
नोटिस मिलने के बाद गिलानी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश भी की थी और नेशनल असेम्बली में कहा था कि सरकार न्यायपालिका सहित किसी भी प्रतिष्ठान के साथ टकराव नहीं चाहती। उन्होंने निर्धारित तिथि पर अदालत में पेश होने की बात भी कही थी।
पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने मंगलवार को कहा कि पूरा देश प्रधानमंत्री के इस कदम की प्रशंसा करता है। इससे गलतफहमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान और इसके फैसलों का अनुपालन किया है।
इस बीच, गिलानी को भेजे गए अवमानना नोटिस को सर्वोच्च न्यायालय के लाहौर रजिस्ट्रार कार्यालय में चुनौती दी गई है। नोटिस के खिलाफ यह याचिका वकील जफरुल्लाह ने दायर की है। उनका तर्क है कि संविधान की धारा 248-1 के तहत प्रधानमंत्री को भी वे विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जो राष्ट्रपति को हैं।
समाचार पत्र 'द नेशन' के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखना प्रधानमंत्री का काम नहीं है।
इस बीच, विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी-नवाज (पीएमएल-एन) ने कहा कि प्रधानमंत्री को अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। पार्टी अध्यक्ष नवाज शरीफ ने यह भी कहा कि यदि गिलानी ने उनकी पार्टी की सलाह पर काम किया होता तो स्थिति खराब नहीं होती।टिप्पणियां
सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होने सम्बंधी गिलानी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते नवाज ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'तानाशाहों के असंवैधानिक कदम' का समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
एक अन्य घटनाक्रम में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नईम खालिद लोधी को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। लोधी की बर्खास्तगी के खिलाफ यह याचिका वकील तारिक असद ने दायर की है। इसमें अदालत से प्रधानमंत्री गिलानी को बर्खास्तगी आदेश तब तक वापस लेने के लिए कहा है, जब तक कि गोपनीय संदेश ममाले में जांच पूरी नहीं हो जाती। याचिका में प्रधानमंत्री, पूर्व रक्षा सचिव और कार्यकारी रक्षा सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।
नोटिस मिलने के बाद गिलानी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश भी की थी और नेशनल असेम्बली में कहा था कि सरकार न्यायपालिका सहित किसी भी प्रतिष्ठान के साथ टकराव नहीं चाहती। उन्होंने निर्धारित तिथि पर अदालत में पेश होने की बात भी कही थी।
पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने मंगलवार को कहा कि पूरा देश प्रधानमंत्री के इस कदम की प्रशंसा करता है। इससे गलतफहमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान और इसके फैसलों का अनुपालन किया है।
इस बीच, गिलानी को भेजे गए अवमानना नोटिस को सर्वोच्च न्यायालय के लाहौर रजिस्ट्रार कार्यालय में चुनौती दी गई है। नोटिस के खिलाफ यह याचिका वकील जफरुल्लाह ने दायर की है। उनका तर्क है कि संविधान की धारा 248-1 के तहत प्रधानमंत्री को भी वे विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जो राष्ट्रपति को हैं।
समाचार पत्र 'द नेशन' के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखना प्रधानमंत्री का काम नहीं है।
इस बीच, विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी-नवाज (पीएमएल-एन) ने कहा कि प्रधानमंत्री को अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। पार्टी अध्यक्ष नवाज शरीफ ने यह भी कहा कि यदि गिलानी ने उनकी पार्टी की सलाह पर काम किया होता तो स्थिति खराब नहीं होती।टिप्पणियां
सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होने सम्बंधी गिलानी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते नवाज ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'तानाशाहों के असंवैधानिक कदम' का समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
एक अन्य घटनाक्रम में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नईम खालिद लोधी को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। लोधी की बर्खास्तगी के खिलाफ यह याचिका वकील तारिक असद ने दायर की है। इसमें अदालत से प्रधानमंत्री गिलानी को बर्खास्तगी आदेश तब तक वापस लेने के लिए कहा है, जब तक कि गोपनीय संदेश ममाले में जांच पूरी नहीं हो जाती। याचिका में प्रधानमंत्री, पूर्व रक्षा सचिव और कार्यकारी रक्षा सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।
पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने मंगलवार को कहा कि पूरा देश प्रधानमंत्री के इस कदम की प्रशंसा करता है। इससे गलतफहमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान और इसके फैसलों का अनुपालन किया है।
इस बीच, गिलानी को भेजे गए अवमानना नोटिस को सर्वोच्च न्यायालय के लाहौर रजिस्ट्रार कार्यालय में चुनौती दी गई है। नोटिस के खिलाफ यह याचिका वकील जफरुल्लाह ने दायर की है। उनका तर्क है कि संविधान की धारा 248-1 के तहत प्रधानमंत्री को भी वे विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जो राष्ट्रपति को हैं।
समाचार पत्र 'द नेशन' के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखना प्रधानमंत्री का काम नहीं है।
इस बीच, विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी-नवाज (पीएमएल-एन) ने कहा कि प्रधानमंत्री को अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। पार्टी अध्यक्ष नवाज शरीफ ने यह भी कहा कि यदि गिलानी ने उनकी पार्टी की सलाह पर काम किया होता तो स्थिति खराब नहीं होती।टिप्पणियां
सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होने सम्बंधी गिलानी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते नवाज ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'तानाशाहों के असंवैधानिक कदम' का समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
एक अन्य घटनाक्रम में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नईम खालिद लोधी को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। लोधी की बर्खास्तगी के खिलाफ यह याचिका वकील तारिक असद ने दायर की है। इसमें अदालत से प्रधानमंत्री गिलानी को बर्खास्तगी आदेश तब तक वापस लेने के लिए कहा है, जब तक कि गोपनीय संदेश ममाले में जांच पूरी नहीं हो जाती। याचिका में प्रधानमंत्री, पूर्व रक्षा सचिव और कार्यकारी रक्षा सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।
इस बीच, गिलानी को भेजे गए अवमानना नोटिस को सर्वोच्च न्यायालय के लाहौर रजिस्ट्रार कार्यालय में चुनौती दी गई है। नोटिस के खिलाफ यह याचिका वकील जफरुल्लाह ने दायर की है। उनका तर्क है कि संविधान की धारा 248-1 के तहत प्रधानमंत्री को भी वे विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जो राष्ट्रपति को हैं।
समाचार पत्र 'द नेशन' के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखना प्रधानमंत्री का काम नहीं है।
इस बीच, विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी-नवाज (पीएमएल-एन) ने कहा कि प्रधानमंत्री को अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। पार्टी अध्यक्ष नवाज शरीफ ने यह भी कहा कि यदि गिलानी ने उनकी पार्टी की सलाह पर काम किया होता तो स्थिति खराब नहीं होती।टिप्पणियां
सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होने सम्बंधी गिलानी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते नवाज ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'तानाशाहों के असंवैधानिक कदम' का समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
एक अन्य घटनाक्रम में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नईम खालिद लोधी को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। लोधी की बर्खास्तगी के खिलाफ यह याचिका वकील तारिक असद ने दायर की है। इसमें अदालत से प्रधानमंत्री गिलानी को बर्खास्तगी आदेश तब तक वापस लेने के लिए कहा है, जब तक कि गोपनीय संदेश ममाले में जांच पूरी नहीं हो जाती। याचिका में प्रधानमंत्री, पूर्व रक्षा सचिव और कार्यकारी रक्षा सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।
समाचार पत्र 'द नेशन' के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखना प्रधानमंत्री का काम नहीं है।
इस बीच, विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी-नवाज (पीएमएल-एन) ने कहा कि प्रधानमंत्री को अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। पार्टी अध्यक्ष नवाज शरीफ ने यह भी कहा कि यदि गिलानी ने उनकी पार्टी की सलाह पर काम किया होता तो स्थिति खराब नहीं होती।टिप्पणियां
सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होने सम्बंधी गिलानी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते नवाज ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'तानाशाहों के असंवैधानिक कदम' का समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
एक अन्य घटनाक्रम में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नईम खालिद लोधी को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। लोधी की बर्खास्तगी के खिलाफ यह याचिका वकील तारिक असद ने दायर की है। इसमें अदालत से प्रधानमंत्री गिलानी को बर्खास्तगी आदेश तब तक वापस लेने के लिए कहा है, जब तक कि गोपनीय संदेश ममाले में जांच पूरी नहीं हो जाती। याचिका में प्रधानमंत्री, पूर्व रक्षा सचिव और कार्यकारी रक्षा सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।
इस बीच, विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी-नवाज (पीएमएल-एन) ने कहा कि प्रधानमंत्री को अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। पार्टी अध्यक्ष नवाज शरीफ ने यह भी कहा कि यदि गिलानी ने उनकी पार्टी की सलाह पर काम किया होता तो स्थिति खराब नहीं होती।टिप्पणियां
सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होने सम्बंधी गिलानी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते नवाज ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'तानाशाहों के असंवैधानिक कदम' का समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
एक अन्य घटनाक्रम में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नईम खालिद लोधी को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। लोधी की बर्खास्तगी के खिलाफ यह याचिका वकील तारिक असद ने दायर की है। इसमें अदालत से प्रधानमंत्री गिलानी को बर्खास्तगी आदेश तब तक वापस लेने के लिए कहा है, जब तक कि गोपनीय संदेश ममाले में जांच पूरी नहीं हो जाती। याचिका में प्रधानमंत्री, पूर्व रक्षा सचिव और कार्यकारी रक्षा सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय में 19 जनवरी को पेश होने सम्बंधी गिलानी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते नवाज ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें अदालत के आदेश को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'तानाशाहों के असंवैधानिक कदम' का समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
एक अन्य घटनाक्रम में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नईम खालिद लोधी को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। लोधी की बर्खास्तगी के खिलाफ यह याचिका वकील तारिक असद ने दायर की है। इसमें अदालत से प्रधानमंत्री गिलानी को बर्खास्तगी आदेश तब तक वापस लेने के लिए कहा है, जब तक कि गोपनीय संदेश ममाले में जांच पूरी नहीं हो जाती। याचिका में प्रधानमंत्री, पूर्व रक्षा सचिव और कार्यकारी रक्षा सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।
एक अन्य घटनाक्रम में रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नईम खालिद लोधी को बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। लोधी की बर्खास्तगी के खिलाफ यह याचिका वकील तारिक असद ने दायर की है। इसमें अदालत से प्रधानमंत्री गिलानी को बर्खास्तगी आदेश तब तक वापस लेने के लिए कहा है, जब तक कि गोपनीय संदेश ममाले में जांच पूरी नहीं हो जाती। याचिका में प्रधानमंत्री, पूर्व रक्षा सचिव और कार्यकारी रक्षा सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है। | यह एक सारांश है: पाकिस्तान के वरिष्ठ वकील चौधरी एतजाज एहसान अदालत की अवमानना मामले में प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी का मुकदमा लड़ेंगे। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केयर्न इंडिया-वेदांता सौदे में लगातार एक के बाद एक अड़चन खडी होती जा रही है। केयर्न इंडिया की भागीदार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने सरकार से कहा है कि सौदे को मंजूरी देने से पहले राजस्थान तेल क्षेत्र की रॉयल्टी का मुद्दा सलझाया जाना चाहिए। ओएनजीसी का कहना है कि राजस्थान तेल फील्ड से उत्पादित कच्चे तेल पर रॉयल्टी का भुगतान उसने किया है, जो कि उसकी हिस्सेदारी से ज्यादा रही है। ओएनजीसी की केयर्न इंडिया के राजस्थान तेल फील्ड में 30 फीसदी हिस्सेदारी है। लेकिन उसने फील्ड से उत्पादित पूरे कच्चे तेल के लिए रॉयल्टी का भुगतान किया। इससे कंपनी को नुकसान हुआ है। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी बोर्ड की शनिवार को हुई बैठक में कहा गया कि उसने न केवल अपनी हिस्सेदारी, बल्कि केयर्न इंडिया की 70 फीसदी हिस्सेदारी के एवज में भी रॉयल्टी दी है। इस राशि को कंपनी के मंगला तथा अन्य तेल क्षेत्रों से होने वाले कच्चे तेल की बिक्री से प्राप्त रकम से निकाला जाना चाहिए। ओएनजीसी बोर्ड के प्रस्ताव को पेट्रोलियम मंत्रालय की उन पूर्वशर्तों में शामिल किया जाएगा, जिसे केयर्न वेदांता सौदे की मंजूरी देने के लिए रखा गया है। सूत्रों ने कहा कि ओएनजीसी बोर्ड के प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय ने सहमति व्यक्त की है और अब इस मामले को प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा जा रहा है। प्रवासी भारतीय उद्यमी अनिल अग्रवाल की लंदन में सूचीबद्ध वेदांत रिसोर्सेज ने केयर्न एनर्जी की भारतीय इकाई केयर्न इंडिया की बहुलांश हिस्सेदारी 9.6 अरब डॉलर में खरीदने का सौदा किया है। बहरहाल, भारत में विभिन्न मंजूरियों के मिलने की प्रतीक्षा में यह सौदा लटका हुआ है। | केयर्न इंडिया की भागीदार ओएनजीसी ने सरकार से कहा है कि सौदे को मंजूरी देने से पहले राजस्थान तेल क्षेत्र की रॉयल्टी का मुद्दा सलझाया जाना चाहिए। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार द्वारा डीएलएफ के रास्ते रॉबर्ट वाड्रा को लाभ पहुंचाए जाने के आरोपों की जांच कराए जाने संबंधित लखनऊ की सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की जनहित याचिका पर सुनवाई बुधवार को न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति विनय कुमार माथुर की पीठ करेगी।
याचिका के अनुसार ठाकुर ने नौ अक्टूबर, 2012 को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को इन आरोपों के संबंध में जांच कराने हेतु प्रत्यावेदन दिया था। इस पर कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में याचिका 8596/2012 दायर की। याचिका तीन मार्च, 2013 को निस्तारित की गई।टिप्पणियां
ठाकुर को पीएमओ द्वारा आरटीआई में बताया गया कि उनका प्रत्यावेदन कार्रवाई के लिए विधि मंत्रालय भेजा गया है। इस पर ठाकुर ने 22 मार्च, 2013 को विधि मंत्रालय को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की। इसके बाद भी पीएमओ और विधि मंत्रालय के स्तर से कोई कार्यवाही नहीं हुई और उनके द्वारा आरटीआई के तहत सूचना दिए जाने से भी लगातार इंकार किया जाता रहा।
अब ठाकुर ने वाड्रा के खिलाफ आरोपों की जांच कराकर कानूनी कार्रवाई किए जाने के लिए उच्च न्यायालय से अपील की है।
याचिका के अनुसार ठाकुर ने नौ अक्टूबर, 2012 को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को इन आरोपों के संबंध में जांच कराने हेतु प्रत्यावेदन दिया था। इस पर कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में याचिका 8596/2012 दायर की। याचिका तीन मार्च, 2013 को निस्तारित की गई।टिप्पणियां
ठाकुर को पीएमओ द्वारा आरटीआई में बताया गया कि उनका प्रत्यावेदन कार्रवाई के लिए विधि मंत्रालय भेजा गया है। इस पर ठाकुर ने 22 मार्च, 2013 को विधि मंत्रालय को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की। इसके बाद भी पीएमओ और विधि मंत्रालय के स्तर से कोई कार्यवाही नहीं हुई और उनके द्वारा आरटीआई के तहत सूचना दिए जाने से भी लगातार इंकार किया जाता रहा।
अब ठाकुर ने वाड्रा के खिलाफ आरोपों की जांच कराकर कानूनी कार्रवाई किए जाने के लिए उच्च न्यायालय से अपील की है।
ठाकुर को पीएमओ द्वारा आरटीआई में बताया गया कि उनका प्रत्यावेदन कार्रवाई के लिए विधि मंत्रालय भेजा गया है। इस पर ठाकुर ने 22 मार्च, 2013 को विधि मंत्रालय को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की। इसके बाद भी पीएमओ और विधि मंत्रालय के स्तर से कोई कार्यवाही नहीं हुई और उनके द्वारा आरटीआई के तहत सूचना दिए जाने से भी लगातार इंकार किया जाता रहा।
अब ठाकुर ने वाड्रा के खिलाफ आरोपों की जांच कराकर कानूनी कार्रवाई किए जाने के लिए उच्च न्यायालय से अपील की है।
अब ठाकुर ने वाड्रा के खिलाफ आरोपों की जांच कराकर कानूनी कार्रवाई किए जाने के लिए उच्च न्यायालय से अपील की है। | केंद्र सरकार द्वारा डीएलएफ के रास्ते रॉबर्ट वाड्रा को लाभ पहुंचाए जाने के आरोपों की जांच कराए जाने संबंधित लखनऊ की सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की जनहित याचिका पर सुनवाई बुधवार को न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति विनय कुमार माथुर की पीठ करेगी। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कालाधन पर पूरी तरह से रोक के लिए सरकार ने फिर एक और कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने नया आदेश पारित किया है. सरकार का मानना है कि इस आदेश के बाद बैंक और डाकघरों में कई साल से चल रहे बचत खातों में जमा अघोषित आय पकड़ में आ जाएगी. माना जा रहा है कि इस आदेश के बाद सरकार ने विपक्ष के उन हमलों की धार कम करने की कोशिश भी की है जिसके तहत विपक्ष लगातार कहता आ रहा था कि सरकार ने अपने पार्टी के नेताओं को पहले से ही इस कदम के बारे में आगाह कर दिया था.
नए आदेश के अनुसार सरकार ने सभी बचत खाते के लिए पैन नंबर विस्तार देना जरूरी कर दिया है. जिन खाताधारकों ने यह सूचना अब तक बैंक को नहीं दी है, उनके लिए सरकार ने 55 दिन का वक्त दिया है. नरेंद्र मोदी सरकार के इस आदेश के बैंकों में कालाधन रखने वालों पर कार्रवाई संभव है.
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश में बचत खाताधारकों (Savings bank account) को पैन नंबर विस्तार या फार्म-60 28 फरवरी तक अनिवार्य तौर पर जमा कराने को कहा गया है. दरअसल, 9 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर के बीच जिन खातों में ढाई लाख रुपये से अधिक रकम जमा हुई है, उसका ब्योरा बैंकों और डाकघरों को आयकर विभाग को 15 जनवरी तक सौंपना होगा. इस नियम के लागू होने के बाद उन खातों के ग्राहकों को जानो (केवाईसी) की पड़ताल की जाएगी.
मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में बैंकों और डाकघरों से चालू खाते के बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है. इसमें कहा गया है कि 1 अप्रैल 2016 से लेकर 9 नवंबर के बीच ऐसे खातों की जानकारी दें, जिनमें नोटबंदी के दौरान 12.50 लाख रुपये और एक या उससे ज्यादा बचत खातों में कुल ढाई लाख रुपये से ज्यादा रकम जमा कराई गई.
अधिसूचना के मुताबिक पचास हजार रुपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर बैंकों, डाकघरों, रेस्टोरेंट और होटलों को रिकार्ड रखने के साथ पैन नंबर या फार्म 60 लेना जरूरी होगा. यह प्रक्रिया अनिवार्य होगी, जिसके बिना लेनदेन नहीं किया जाएगा. मंत्रालय का मानना है कि इस फैसले से नोटबंदी के बाद फर्जी बैंक खातों में जमा गैरकानूनी आय पकड़ में आ जाएगी, इसलिए यह नियम लाया गया है. चालू खातों में आम तौर पर पैनकार्ड विस्तार और केवाईसी की प्रक्रिया पूरी है, लेकिन बड़ी तादाद में बचत खाते हैं, जो कई साल से चल रहे हैं, लेकिन खाताधारकों की ओर से पैनकार्ड संबंधी विस्तार से जुड़ा फार्म-60 नहीं भरा गया है. 28 फरवरी के बाद सरकार ऐसे बैंक खातों के खिलाफ कड़ा कदम उठा सकती है.टिप्पणियां
वित्त मंत्रालय ने बैंकों तथा डाकघरों से यह पूरी जानकारी 15 जनवरी तक तलब की है. इसके अलावा चालू खाते (current account) पर भी रिपोर्ट इसी तारीख तक मांगी गई है. इसमें को-ऑपरेटिव बैंकों में जमा कराई गई राशि भी शामिल है. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर एक ही व्यक्ति ने विभिन्न खातों में पैसे जमा कराए हैं, और उसका कुल योग निर्धारित सीमा यानी बचत खातों में ढाई लाख से ज्यादा है, तो उसकी भी रिपोर्ट आयकर विभाग को सौंपी जाए.
गौरतलब है कि सरकार ने ऐसे खातों का चालू वित्त वर्ष का नोटबंदी से पहले का रिकॉर्ड भी मांगा है. बैंकों से इन खातों के बारे में चार जानकारी मांगी गई है. इनमें खाते में जमा कराई गई कुल राशि, निकाली गई कुल राशि और नोटबंदी के बाद जमा कराई गई राशि का विवरण. बता दें कि सरकार ने इसके लिए आयकर कानून, 1962 की संबंधित धाराओं में जरूरी संशोधनों के लिए शुक्रवार को अधिसूचना जारी की थी.
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश में बचत खाताधारकों (Savings bank account) को पैन नंबर विस्तार या फार्म-60 28 फरवरी तक अनिवार्य तौर पर जमा कराने को कहा गया है. दरअसल, 9 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर के बीच जिन खातों में ढाई लाख रुपये से अधिक रकम जमा हुई है, उसका ब्योरा बैंकों और डाकघरों को आयकर विभाग को 15 जनवरी तक सौंपना होगा. इस नियम के लागू होने के बाद उन खातों के ग्राहकों को जानो (केवाईसी) की पड़ताल की जाएगी.
मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में बैंकों और डाकघरों से चालू खाते के बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है. इसमें कहा गया है कि 1 अप्रैल 2016 से लेकर 9 नवंबर के बीच ऐसे खातों की जानकारी दें, जिनमें नोटबंदी के दौरान 12.50 लाख रुपये और एक या उससे ज्यादा बचत खातों में कुल ढाई लाख रुपये से ज्यादा रकम जमा कराई गई.
अधिसूचना के मुताबिक पचास हजार रुपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर बैंकों, डाकघरों, रेस्टोरेंट और होटलों को रिकार्ड रखने के साथ पैन नंबर या फार्म 60 लेना जरूरी होगा. यह प्रक्रिया अनिवार्य होगी, जिसके बिना लेनदेन नहीं किया जाएगा. मंत्रालय का मानना है कि इस फैसले से नोटबंदी के बाद फर्जी बैंक खातों में जमा गैरकानूनी आय पकड़ में आ जाएगी, इसलिए यह नियम लाया गया है. चालू खातों में आम तौर पर पैनकार्ड विस्तार और केवाईसी की प्रक्रिया पूरी है, लेकिन बड़ी तादाद में बचत खाते हैं, जो कई साल से चल रहे हैं, लेकिन खाताधारकों की ओर से पैनकार्ड संबंधी विस्तार से जुड़ा फार्म-60 नहीं भरा गया है. 28 फरवरी के बाद सरकार ऐसे बैंक खातों के खिलाफ कड़ा कदम उठा सकती है.टिप्पणियां
वित्त मंत्रालय ने बैंकों तथा डाकघरों से यह पूरी जानकारी 15 जनवरी तक तलब की है. इसके अलावा चालू खाते (current account) पर भी रिपोर्ट इसी तारीख तक मांगी गई है. इसमें को-ऑपरेटिव बैंकों में जमा कराई गई राशि भी शामिल है. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर एक ही व्यक्ति ने विभिन्न खातों में पैसे जमा कराए हैं, और उसका कुल योग निर्धारित सीमा यानी बचत खातों में ढाई लाख से ज्यादा है, तो उसकी भी रिपोर्ट आयकर विभाग को सौंपी जाए.
गौरतलब है कि सरकार ने ऐसे खातों का चालू वित्त वर्ष का नोटबंदी से पहले का रिकॉर्ड भी मांगा है. बैंकों से इन खातों के बारे में चार जानकारी मांगी गई है. इनमें खाते में जमा कराई गई कुल राशि, निकाली गई कुल राशि और नोटबंदी के बाद जमा कराई गई राशि का विवरण. बता दें कि सरकार ने इसके लिए आयकर कानून, 1962 की संबंधित धाराओं में जरूरी संशोधनों के लिए शुक्रवार को अधिसूचना जारी की थी.
मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में बैंकों और डाकघरों से चालू खाते के बारे में भी रिपोर्ट मांगी गई है. इसमें कहा गया है कि 1 अप्रैल 2016 से लेकर 9 नवंबर के बीच ऐसे खातों की जानकारी दें, जिनमें नोटबंदी के दौरान 12.50 लाख रुपये और एक या उससे ज्यादा बचत खातों में कुल ढाई लाख रुपये से ज्यादा रकम जमा कराई गई.
अधिसूचना के मुताबिक पचास हजार रुपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर बैंकों, डाकघरों, रेस्टोरेंट और होटलों को रिकार्ड रखने के साथ पैन नंबर या फार्म 60 लेना जरूरी होगा. यह प्रक्रिया अनिवार्य होगी, जिसके बिना लेनदेन नहीं किया जाएगा. मंत्रालय का मानना है कि इस फैसले से नोटबंदी के बाद फर्जी बैंक खातों में जमा गैरकानूनी आय पकड़ में आ जाएगी, इसलिए यह नियम लाया गया है. चालू खातों में आम तौर पर पैनकार्ड विस्तार और केवाईसी की प्रक्रिया पूरी है, लेकिन बड़ी तादाद में बचत खाते हैं, जो कई साल से चल रहे हैं, लेकिन खाताधारकों की ओर से पैनकार्ड संबंधी विस्तार से जुड़ा फार्म-60 नहीं भरा गया है. 28 फरवरी के बाद सरकार ऐसे बैंक खातों के खिलाफ कड़ा कदम उठा सकती है.टिप्पणियां
वित्त मंत्रालय ने बैंकों तथा डाकघरों से यह पूरी जानकारी 15 जनवरी तक तलब की है. इसके अलावा चालू खाते (current account) पर भी रिपोर्ट इसी तारीख तक मांगी गई है. इसमें को-ऑपरेटिव बैंकों में जमा कराई गई राशि भी शामिल है. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर एक ही व्यक्ति ने विभिन्न खातों में पैसे जमा कराए हैं, और उसका कुल योग निर्धारित सीमा यानी बचत खातों में ढाई लाख से ज्यादा है, तो उसकी भी रिपोर्ट आयकर विभाग को सौंपी जाए.
गौरतलब है कि सरकार ने ऐसे खातों का चालू वित्त वर्ष का नोटबंदी से पहले का रिकॉर्ड भी मांगा है. बैंकों से इन खातों के बारे में चार जानकारी मांगी गई है. इनमें खाते में जमा कराई गई कुल राशि, निकाली गई कुल राशि और नोटबंदी के बाद जमा कराई गई राशि का विवरण. बता दें कि सरकार ने इसके लिए आयकर कानून, 1962 की संबंधित धाराओं में जरूरी संशोधनों के लिए शुक्रवार को अधिसूचना जारी की थी.
अधिसूचना के मुताबिक पचास हजार रुपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर बैंकों, डाकघरों, रेस्टोरेंट और होटलों को रिकार्ड रखने के साथ पैन नंबर या फार्म 60 लेना जरूरी होगा. यह प्रक्रिया अनिवार्य होगी, जिसके बिना लेनदेन नहीं किया जाएगा. मंत्रालय का मानना है कि इस फैसले से नोटबंदी के बाद फर्जी बैंक खातों में जमा गैरकानूनी आय पकड़ में आ जाएगी, इसलिए यह नियम लाया गया है. चालू खातों में आम तौर पर पैनकार्ड विस्तार और केवाईसी की प्रक्रिया पूरी है, लेकिन बड़ी तादाद में बचत खाते हैं, जो कई साल से चल रहे हैं, लेकिन खाताधारकों की ओर से पैनकार्ड संबंधी विस्तार से जुड़ा फार्म-60 नहीं भरा गया है. 28 फरवरी के बाद सरकार ऐसे बैंक खातों के खिलाफ कड़ा कदम उठा सकती है.टिप्पणियां
वित्त मंत्रालय ने बैंकों तथा डाकघरों से यह पूरी जानकारी 15 जनवरी तक तलब की है. इसके अलावा चालू खाते (current account) पर भी रिपोर्ट इसी तारीख तक मांगी गई है. इसमें को-ऑपरेटिव बैंकों में जमा कराई गई राशि भी शामिल है. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर एक ही व्यक्ति ने विभिन्न खातों में पैसे जमा कराए हैं, और उसका कुल योग निर्धारित सीमा यानी बचत खातों में ढाई लाख से ज्यादा है, तो उसकी भी रिपोर्ट आयकर विभाग को सौंपी जाए.
गौरतलब है कि सरकार ने ऐसे खातों का चालू वित्त वर्ष का नोटबंदी से पहले का रिकॉर्ड भी मांगा है. बैंकों से इन खातों के बारे में चार जानकारी मांगी गई है. इनमें खाते में जमा कराई गई कुल राशि, निकाली गई कुल राशि और नोटबंदी के बाद जमा कराई गई राशि का विवरण. बता दें कि सरकार ने इसके लिए आयकर कानून, 1962 की संबंधित धाराओं में जरूरी संशोधनों के लिए शुक्रवार को अधिसूचना जारी की थी.
वित्त मंत्रालय ने बैंकों तथा डाकघरों से यह पूरी जानकारी 15 जनवरी तक तलब की है. इसके अलावा चालू खाते (current account) पर भी रिपोर्ट इसी तारीख तक मांगी गई है. इसमें को-ऑपरेटिव बैंकों में जमा कराई गई राशि भी शामिल है. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर एक ही व्यक्ति ने विभिन्न खातों में पैसे जमा कराए हैं, और उसका कुल योग निर्धारित सीमा यानी बचत खातों में ढाई लाख से ज्यादा है, तो उसकी भी रिपोर्ट आयकर विभाग को सौंपी जाए.
गौरतलब है कि सरकार ने ऐसे खातों का चालू वित्त वर्ष का नोटबंदी से पहले का रिकॉर्ड भी मांगा है. बैंकों से इन खातों के बारे में चार जानकारी मांगी गई है. इनमें खाते में जमा कराई गई कुल राशि, निकाली गई कुल राशि और नोटबंदी के बाद जमा कराई गई राशि का विवरण. बता दें कि सरकार ने इसके लिए आयकर कानून, 1962 की संबंधित धाराओं में जरूरी संशोधनों के लिए शुक्रवार को अधिसूचना जारी की थी.
गौरतलब है कि सरकार ने ऐसे खातों का चालू वित्त वर्ष का नोटबंदी से पहले का रिकॉर्ड भी मांगा है. बैंकों से इन खातों के बारे में चार जानकारी मांगी गई है. इनमें खाते में जमा कराई गई कुल राशि, निकाली गई कुल राशि और नोटबंदी के बाद जमा कराई गई राशि का विवरण. बता दें कि सरकार ने इसके लिए आयकर कानून, 1962 की संबंधित धाराओं में जरूरी संशोधनों के लिए शुक्रवार को अधिसूचना जारी की थी. | यहाँ एक सारांश है:कालाधन पर पूरी तरह से रोक के लिए सरकार ने फिर एक और कदम उठाया है
सरकार ने सभी बचत खाते के लिए पैन नंबर देना जरूरी कर दिया है
28 फरवरी तक अनिवार्य तौर पर जमा कराएं पैन नंबर | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ‘अर्थ’, ‘सारांश’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी चर्चित फिल्मों के पटकथा लेखक स्व. सुजीत सेन की डायरी के
पन्नों से निकली एक कहानी रुपहले पर्दे पर ‘लाइफ इज गुड’ नाम की फिल्म का रूप ले चुकी है। इस फिल्म को अभिनेता-निर्देशक अनंत महादेवन ने निर्देशित किया है।
अनंत महादेवन का मानना है कि जिन लोगों को ‘अर्थ’ और ‘सारांश’ जैसी फिल्में पसंद आई, उन्हें फिर मानवीय संवेदनाओं से लबरेज फिल्म देखने को मिलेगी। वह कहते हैं, यह फिल्म सुजीत सेन के जीवन के कुछ प्रसंगों पर केंद्रित है। लेकिन खास बात यह है कि इस फिल्म को दस साल के बच्चों से लेकर 60 साल तक के बुजुर्ग भी पसंद करेंगे।
‘लाइफ इज गुड’ में जैकी श्रॉफ मुख्य भूमिका में हैं। उनके अलावा मोहन कपूर, रजत कपूर, नकुल सहदेव और अंकित श्रीवास्तव अहम भूमिका में हैं।
लीक से हटकर बनी इस फिल्म की सफलता के बारे में फोन से बात करते हुए अनंत महादेवन ने कहा कि टिकट खिड़की की सफलता महत्वपूर्ण है लेकिन आज हर तरह की फिल्म का दर्शक वर्ग है। ज़रूरी यह है कि हम लक्ष्य दर्शक वर्ग तक अपनी फिल्म को पहुंचा पाएं। कम बजट की फिल्म के लिए प्रचार महत्वपूर्ण है, लेकिन अत्याधिक प्रचार भी नुकसानदायक साबित होता है, क्योंकि फिर दर्शकों की अपेक्षा कुछ और होती है।टिप्पणियां
एकतानंद बैनर के तले बनी इस फिल्म को लेकर निर्माता आनंद शुक्ला और निर्देशक अनंत महादेवन खासे उत्साहित हैं। उनका मानना है कि फिल्म दर्शकों के जेहन में अरसे तक जीवित रहेगी। अनंत महादेवन कहते हैं... ‘मैं इस फिल्म को सिर्फ देश नहीं बल्कि विदेश में भी प्रदर्शित कराना चाहता हूं। फिल्म समारोह में भेजना चाहता हूं क्योंकि मुझे लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को दिल से पसंद आएगी।’
गौरतलब है कि अनंत महादेवन साल 2010 में सफल मराठी फिल्म ‘मी सिंधुताई सापकल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा और संवाद लेखक का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस फिल्म का निर्देशन भी उन्होंने ही किया था। हिन्दी में ‘दिल विल प्यार व्यार’ और ‘दिल मांगे मोर’ समेत वह करीब आधा दर्जन फिल्में निर्देशित कर चुके हैं।
पन्नों से निकली एक कहानी रुपहले पर्दे पर ‘लाइफ इज गुड’ नाम की फिल्म का रूप ले चुकी है। इस फिल्म को अभिनेता-निर्देशक अनंत महादेवन ने निर्देशित किया है।
अनंत महादेवन का मानना है कि जिन लोगों को ‘अर्थ’ और ‘सारांश’ जैसी फिल्में पसंद आई, उन्हें फिर मानवीय संवेदनाओं से लबरेज फिल्म देखने को मिलेगी। वह कहते हैं, यह फिल्म सुजीत सेन के जीवन के कुछ प्रसंगों पर केंद्रित है। लेकिन खास बात यह है कि इस फिल्म को दस साल के बच्चों से लेकर 60 साल तक के बुजुर्ग भी पसंद करेंगे।
‘लाइफ इज गुड’ में जैकी श्रॉफ मुख्य भूमिका में हैं। उनके अलावा मोहन कपूर, रजत कपूर, नकुल सहदेव और अंकित श्रीवास्तव अहम भूमिका में हैं।
लीक से हटकर बनी इस फिल्म की सफलता के बारे में फोन से बात करते हुए अनंत महादेवन ने कहा कि टिकट खिड़की की सफलता महत्वपूर्ण है लेकिन आज हर तरह की फिल्म का दर्शक वर्ग है। ज़रूरी यह है कि हम लक्ष्य दर्शक वर्ग तक अपनी फिल्म को पहुंचा पाएं। कम बजट की फिल्म के लिए प्रचार महत्वपूर्ण है, लेकिन अत्याधिक प्रचार भी नुकसानदायक साबित होता है, क्योंकि फिर दर्शकों की अपेक्षा कुछ और होती है।टिप्पणियां
एकतानंद बैनर के तले बनी इस फिल्म को लेकर निर्माता आनंद शुक्ला और निर्देशक अनंत महादेवन खासे उत्साहित हैं। उनका मानना है कि फिल्म दर्शकों के जेहन में अरसे तक जीवित रहेगी। अनंत महादेवन कहते हैं... ‘मैं इस फिल्म को सिर्फ देश नहीं बल्कि विदेश में भी प्रदर्शित कराना चाहता हूं। फिल्म समारोह में भेजना चाहता हूं क्योंकि मुझे लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को दिल से पसंद आएगी।’
गौरतलब है कि अनंत महादेवन साल 2010 में सफल मराठी फिल्म ‘मी सिंधुताई सापकल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा और संवाद लेखक का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस फिल्म का निर्देशन भी उन्होंने ही किया था। हिन्दी में ‘दिल विल प्यार व्यार’ और ‘दिल मांगे मोर’ समेत वह करीब आधा दर्जन फिल्में निर्देशित कर चुके हैं।
अनंत महादेवन का मानना है कि जिन लोगों को ‘अर्थ’ और ‘सारांश’ जैसी फिल्में पसंद आई, उन्हें फिर मानवीय संवेदनाओं से लबरेज फिल्म देखने को मिलेगी। वह कहते हैं, यह फिल्म सुजीत सेन के जीवन के कुछ प्रसंगों पर केंद्रित है। लेकिन खास बात यह है कि इस फिल्म को दस साल के बच्चों से लेकर 60 साल तक के बुजुर्ग भी पसंद करेंगे।
‘लाइफ इज गुड’ में जैकी श्रॉफ मुख्य भूमिका में हैं। उनके अलावा मोहन कपूर, रजत कपूर, नकुल सहदेव और अंकित श्रीवास्तव अहम भूमिका में हैं।
लीक से हटकर बनी इस फिल्म की सफलता के बारे में फोन से बात करते हुए अनंत महादेवन ने कहा कि टिकट खिड़की की सफलता महत्वपूर्ण है लेकिन आज हर तरह की फिल्म का दर्शक वर्ग है। ज़रूरी यह है कि हम लक्ष्य दर्शक वर्ग तक अपनी फिल्म को पहुंचा पाएं। कम बजट की फिल्म के लिए प्रचार महत्वपूर्ण है, लेकिन अत्याधिक प्रचार भी नुकसानदायक साबित होता है, क्योंकि फिर दर्शकों की अपेक्षा कुछ और होती है।टिप्पणियां
एकतानंद बैनर के तले बनी इस फिल्म को लेकर निर्माता आनंद शुक्ला और निर्देशक अनंत महादेवन खासे उत्साहित हैं। उनका मानना है कि फिल्म दर्शकों के जेहन में अरसे तक जीवित रहेगी। अनंत महादेवन कहते हैं... ‘मैं इस फिल्म को सिर्फ देश नहीं बल्कि विदेश में भी प्रदर्शित कराना चाहता हूं। फिल्म समारोह में भेजना चाहता हूं क्योंकि मुझे लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को दिल से पसंद आएगी।’
गौरतलब है कि अनंत महादेवन साल 2010 में सफल मराठी फिल्म ‘मी सिंधुताई सापकल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा और संवाद लेखक का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस फिल्म का निर्देशन भी उन्होंने ही किया था। हिन्दी में ‘दिल विल प्यार व्यार’ और ‘दिल मांगे मोर’ समेत वह करीब आधा दर्जन फिल्में निर्देशित कर चुके हैं।
‘लाइफ इज गुड’ में जैकी श्रॉफ मुख्य भूमिका में हैं। उनके अलावा मोहन कपूर, रजत कपूर, नकुल सहदेव और अंकित श्रीवास्तव अहम भूमिका में हैं।
लीक से हटकर बनी इस फिल्म की सफलता के बारे में फोन से बात करते हुए अनंत महादेवन ने कहा कि टिकट खिड़की की सफलता महत्वपूर्ण है लेकिन आज हर तरह की फिल्म का दर्शक वर्ग है। ज़रूरी यह है कि हम लक्ष्य दर्शक वर्ग तक अपनी फिल्म को पहुंचा पाएं। कम बजट की फिल्म के लिए प्रचार महत्वपूर्ण है, लेकिन अत्याधिक प्रचार भी नुकसानदायक साबित होता है, क्योंकि फिर दर्शकों की अपेक्षा कुछ और होती है।टिप्पणियां
एकतानंद बैनर के तले बनी इस फिल्म को लेकर निर्माता आनंद शुक्ला और निर्देशक अनंत महादेवन खासे उत्साहित हैं। उनका मानना है कि फिल्म दर्शकों के जेहन में अरसे तक जीवित रहेगी। अनंत महादेवन कहते हैं... ‘मैं इस फिल्म को सिर्फ देश नहीं बल्कि विदेश में भी प्रदर्शित कराना चाहता हूं। फिल्म समारोह में भेजना चाहता हूं क्योंकि मुझे लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को दिल से पसंद आएगी।’
गौरतलब है कि अनंत महादेवन साल 2010 में सफल मराठी फिल्म ‘मी सिंधुताई सापकल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा और संवाद लेखक का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस फिल्म का निर्देशन भी उन्होंने ही किया था। हिन्दी में ‘दिल विल प्यार व्यार’ और ‘दिल मांगे मोर’ समेत वह करीब आधा दर्जन फिल्में निर्देशित कर चुके हैं।
लीक से हटकर बनी इस फिल्म की सफलता के बारे में फोन से बात करते हुए अनंत महादेवन ने कहा कि टिकट खिड़की की सफलता महत्वपूर्ण है लेकिन आज हर तरह की फिल्म का दर्शक वर्ग है। ज़रूरी यह है कि हम लक्ष्य दर्शक वर्ग तक अपनी फिल्म को पहुंचा पाएं। कम बजट की फिल्म के लिए प्रचार महत्वपूर्ण है, लेकिन अत्याधिक प्रचार भी नुकसानदायक साबित होता है, क्योंकि फिर दर्शकों की अपेक्षा कुछ और होती है।टिप्पणियां
एकतानंद बैनर के तले बनी इस फिल्म को लेकर निर्माता आनंद शुक्ला और निर्देशक अनंत महादेवन खासे उत्साहित हैं। उनका मानना है कि फिल्म दर्शकों के जेहन में अरसे तक जीवित रहेगी। अनंत महादेवन कहते हैं... ‘मैं इस फिल्म को सिर्फ देश नहीं बल्कि विदेश में भी प्रदर्शित कराना चाहता हूं। फिल्म समारोह में भेजना चाहता हूं क्योंकि मुझे लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को दिल से पसंद आएगी।’
गौरतलब है कि अनंत महादेवन साल 2010 में सफल मराठी फिल्म ‘मी सिंधुताई सापकल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा और संवाद लेखक का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस फिल्म का निर्देशन भी उन्होंने ही किया था। हिन्दी में ‘दिल विल प्यार व्यार’ और ‘दिल मांगे मोर’ समेत वह करीब आधा दर्जन फिल्में निर्देशित कर चुके हैं।
एकतानंद बैनर के तले बनी इस फिल्म को लेकर निर्माता आनंद शुक्ला और निर्देशक अनंत महादेवन खासे उत्साहित हैं। उनका मानना है कि फिल्म दर्शकों के जेहन में अरसे तक जीवित रहेगी। अनंत महादेवन कहते हैं... ‘मैं इस फिल्म को सिर्फ देश नहीं बल्कि विदेश में भी प्रदर्शित कराना चाहता हूं। फिल्म समारोह में भेजना चाहता हूं क्योंकि मुझे लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को दिल से पसंद आएगी।’
गौरतलब है कि अनंत महादेवन साल 2010 में सफल मराठी फिल्म ‘मी सिंधुताई सापकल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा और संवाद लेखक का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस फिल्म का निर्देशन भी उन्होंने ही किया था। हिन्दी में ‘दिल विल प्यार व्यार’ और ‘दिल मांगे मोर’ समेत वह करीब आधा दर्जन फिल्में निर्देशित कर चुके हैं।
गौरतलब है कि अनंत महादेवन साल 2010 में सफल मराठी फिल्म ‘मी सिंधुताई सापकल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा और संवाद लेखक का पुरस्कार जीत चुके हैं। इस फिल्म का निर्देशन भी उन्होंने ही किया था। हिन्दी में ‘दिल विल प्यार व्यार’ और ‘दिल मांगे मोर’ समेत वह करीब आधा दर्जन फिल्में निर्देशित कर चुके हैं। | संक्षिप्त सारांश: अनंत महादेवन का मानना है कि जिन लोगों को ‘अर्थ’ और ‘सारांश’ जैसी फिल्में पसंद आई, उन्हें फिर मानवीय संवेदनाओं से लबरेज फिल्म देखने को मिलेगी। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दरभंगा से कथित रूप से आतंकी बताकर अन्य राज्य की पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताकर इसका विरोध किया।
बता दें कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की पुलिस द्वारा दरभंगा जिले के कफील अहमद को गिरफ्तार करने से पहले या फिर बाद में राज्य की पुलिस को सूचना तक नहीं दी गई थी।
इस गिरफ्तारी के विरोध में नाराज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि न ही राज्य सरकार, न ही डीजीपी और संबंधित थाना को किसी भी सूचना से अवगत कराए बगैर की गई यह गिरफ्तारी अवैध है और घोर आपत्तिजनक है। इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए वह गृहमंत्री पी चिदंबरम को पत्र भी लिखेंगे।
गौरतलब है कि कफील अहमद को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की पुलिस ने एक साझा अभियान चलाकर बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार किया है। कफील पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का सदस्य होने का आरोप है। टिप्पणियां
इन राज्यों कि पुलिस का कहना है कि कफील का हाथ 2010 में बैंगलोर में हुए बम धमाकों हाथ था। आईपीएल मैच के दौरान हुए धमाकों में 15 लोग घायल भी हो गए थे।
बता दें कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की पुलिस द्वारा दरभंगा जिले के कफील अहमद को गिरफ्तार करने से पहले या फिर बाद में राज्य की पुलिस को सूचना तक नहीं दी गई थी।
इस गिरफ्तारी के विरोध में नाराज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि न ही राज्य सरकार, न ही डीजीपी और संबंधित थाना को किसी भी सूचना से अवगत कराए बगैर की गई यह गिरफ्तारी अवैध है और घोर आपत्तिजनक है। इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए वह गृहमंत्री पी चिदंबरम को पत्र भी लिखेंगे।
गौरतलब है कि कफील अहमद को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की पुलिस ने एक साझा अभियान चलाकर बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार किया है। कफील पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का सदस्य होने का आरोप है। टिप्पणियां
इन राज्यों कि पुलिस का कहना है कि कफील का हाथ 2010 में बैंगलोर में हुए बम धमाकों हाथ था। आईपीएल मैच के दौरान हुए धमाकों में 15 लोग घायल भी हो गए थे।
इस गिरफ्तारी के विरोध में नाराज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि न ही राज्य सरकार, न ही डीजीपी और संबंधित थाना को किसी भी सूचना से अवगत कराए बगैर की गई यह गिरफ्तारी अवैध है और घोर आपत्तिजनक है। इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए वह गृहमंत्री पी चिदंबरम को पत्र भी लिखेंगे।
गौरतलब है कि कफील अहमद को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की पुलिस ने एक साझा अभियान चलाकर बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार किया है। कफील पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का सदस्य होने का आरोप है। टिप्पणियां
इन राज्यों कि पुलिस का कहना है कि कफील का हाथ 2010 में बैंगलोर में हुए बम धमाकों हाथ था। आईपीएल मैच के दौरान हुए धमाकों में 15 लोग घायल भी हो गए थे।
गौरतलब है कि कफील अहमद को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की पुलिस ने एक साझा अभियान चलाकर बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार किया है। कफील पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का सदस्य होने का आरोप है। टिप्पणियां
इन राज्यों कि पुलिस का कहना है कि कफील का हाथ 2010 में बैंगलोर में हुए बम धमाकों हाथ था। आईपीएल मैच के दौरान हुए धमाकों में 15 लोग घायल भी हो गए थे।
इन राज्यों कि पुलिस का कहना है कि कफील का हाथ 2010 में बैंगलोर में हुए बम धमाकों हाथ था। आईपीएल मैच के दौरान हुए धमाकों में 15 लोग घायल भी हो गए थे। | संक्षिप्त पाठ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दरभंगा से कथित रूप से आतंकी बताकर अन्य राज्य की पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताकर इसका विरोध किया। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुंबई वालों को आज से बुनियादी सुविधाओं का मोहताज होना पड़ सकता है। बीएमसी ने कर्मचारियों की हड़ताल पर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। बीएमसी ने एक खत के जरिए लोगों को आगाह किया है कि शायद मंगलवार से कचरा उठाने बीएमसी के दस्ते नहीं आएंगे। अगर बीएमसी का डर सच निकला तो सफाईकर्मियों से फायरब्रिगेड तक और अस्पतालों की नर्सों से नाले साफ करते दस्तों तक इस हड़ताल का असर दिखेगा। अब हड़ताल का वाकई कितना असर पड़ता है ये जानने के लिए शाम तक का इंतजार करना पड़ेगा। बीएमसी के कर्मचारियों की हड़ताल दो टुकड़ों में बंट गई है। बीएमसी पर काबिज शिवसेना के साथ शिवसेना के समर्थन वाली यूनियन ने समझौता पर हस्ताक्षर कर दिया है लेकिन शरद राव के समर्थन वाली यूनियन के तकरीबन 75000 कमर्चारी बीती रात 9 बजे से हड़ताल पर चले गए हैं। प्रशासन के साथ उनकी बातचीत नाकाम हो गई है। इससे मुंबई में कचरा उठाने, पानी की सप्लाई और शहर की सफाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। कर्मचारी अपने लिए छठे वेतन आयोग की तर्ज पर केन्द्र सरकार के कमर्चारियों की तरह सैलरी और सुविधाएं मांग रहे हैं। | मुंबई वालों को आज से बुनियादी सुविधाओं का मोहताज होना पड़ सकता है। बीएमसी ने कर्मचारियों की हड़ताल पर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्षों को संसद सदस्य होने के नाते लाभ के पद से छूट प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करने वाले विधेयक को संसद ने मंजूरी दे दी।
संसद निर्हता निवारण संशोधन विधेयक 2013 राज्यसभा में पहले ही पारित हो चुका है। लोकसभा ने विधि मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा पेश इस विधेयक को बिना चर्चा के पारित कर दिया।
विधेयक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्षों को संसद सदस्य होने के नाते लाभ के पद से छूट प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है।टिप्पणियां
इस विधेयक के जरिए संसद निर्हता निवारण कानून 1959 में संशोधन किया गया है जिसकी धारा 3 में भारत सरकार या किसी राज्य सरकार को लाभ के पद की सूची में संशोधन करने का प्रावधान है।
संविधान (89वें संशोधन) अधिनियम 2003 के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को दो भागों में बांटा गया। इसके तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बना और संविधान में एक नया अनुच्छेद 338ए जुड़ा।
संसद निर्हता निवारण संशोधन विधेयक 2013 राज्यसभा में पहले ही पारित हो चुका है। लोकसभा ने विधि मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा पेश इस विधेयक को बिना चर्चा के पारित कर दिया।
विधेयक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्षों को संसद सदस्य होने के नाते लाभ के पद से छूट प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है।टिप्पणियां
इस विधेयक के जरिए संसद निर्हता निवारण कानून 1959 में संशोधन किया गया है जिसकी धारा 3 में भारत सरकार या किसी राज्य सरकार को लाभ के पद की सूची में संशोधन करने का प्रावधान है।
संविधान (89वें संशोधन) अधिनियम 2003 के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को दो भागों में बांटा गया। इसके तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बना और संविधान में एक नया अनुच्छेद 338ए जुड़ा।
विधेयक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्षों को संसद सदस्य होने के नाते लाभ के पद से छूट प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है।टिप्पणियां
इस विधेयक के जरिए संसद निर्हता निवारण कानून 1959 में संशोधन किया गया है जिसकी धारा 3 में भारत सरकार या किसी राज्य सरकार को लाभ के पद की सूची में संशोधन करने का प्रावधान है।
संविधान (89वें संशोधन) अधिनियम 2003 के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को दो भागों में बांटा गया। इसके तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बना और संविधान में एक नया अनुच्छेद 338ए जुड़ा।
इस विधेयक के जरिए संसद निर्हता निवारण कानून 1959 में संशोधन किया गया है जिसकी धारा 3 में भारत सरकार या किसी राज्य सरकार को लाभ के पद की सूची में संशोधन करने का प्रावधान है।
संविधान (89वें संशोधन) अधिनियम 2003 के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को दो भागों में बांटा गया। इसके तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बना और संविधान में एक नया अनुच्छेद 338ए जुड़ा।
संविधान (89वें संशोधन) अधिनियम 2003 के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को दो भागों में बांटा गया। इसके तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बना और संविधान में एक नया अनुच्छेद 338ए जुड़ा। | यह एक सारांश है: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्षों को संसद सदस्य होने के नाते लाभ के पद से छूट प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करने वाले विधेयक को संसद ने मंजूरी दे दी। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पांच अज्ञात हथियारबंद डकैतों ने एक मकान में लूटपाट कर माता-पिता के सामने ही उनकी दो बेटियों को अपनी हवस का शिकार बना डाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।टिप्पणियां
घटना शुक्रवार की देर रात की है, जब भौती थाना क्षेत्र के मानपुर में एक मकान पर पांच हथियारबंद डकैतों ने धावा बोल दिया। डकैतों ने पहले तो लूटपाट की और तभी उनकी नजर दो युवतियों पर पड़ गई। तब इनमें से दो डकैत माता-पिता को बंदूक की नोक पर एक कमरे में ले गए वहीं तीन डकैतों ने बारी-बारी से दोनों युवतियों को अपनी हवस का शिकार बनाया। दोनों युवतियों का शनिवार को चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई है।
भौंती थाने के प्रभारी जितेंद्र नगाइच ने बताया कि आरोपियों ने 10 हजार नकद और जेवरात भी लूटे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
घटना शुक्रवार की देर रात की है, जब भौती थाना क्षेत्र के मानपुर में एक मकान पर पांच हथियारबंद डकैतों ने धावा बोल दिया। डकैतों ने पहले तो लूटपाट की और तभी उनकी नजर दो युवतियों पर पड़ गई। तब इनमें से दो डकैत माता-पिता को बंदूक की नोक पर एक कमरे में ले गए वहीं तीन डकैतों ने बारी-बारी से दोनों युवतियों को अपनी हवस का शिकार बनाया। दोनों युवतियों का शनिवार को चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई है।
भौंती थाने के प्रभारी जितेंद्र नगाइच ने बताया कि आरोपियों ने 10 हजार नकद और जेवरात भी लूटे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
भौंती थाने के प्रभारी जितेंद्र नगाइच ने बताया कि आरोपियों ने 10 हजार नकद और जेवरात भी लूटे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। | मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पांच अज्ञात हथियारबंद डकैतों ने एक मकान में लूटपाट कर माता-पिता के सामने ही उनकी दो बेटियों को अपनी हवस का शिकार बना डाला। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अब शूटिंग या फिल्म बनाने के दौरान अभिनेता या अभिनेत्री इश्क नहीं कर पाएंगे या फिर अपने इश्क का इजहार नहीं कर पाएंगे. अगर शूटिंग के दौरान किसी से किसी को प्रेम हो जाए तो फिल्म खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा.
फिल्म 'मुन्ना माइकल' के निर्माता विक्की रजानी ने अपनी फिल्म की अभिनेत्री निधि अग्रवाल से ऐसे ही एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करवाए हैं, जिसके मुताबिक जब तक फिल्म पूरी नहीं होती तब तक निधि फिल्म के सेट पर या सेट के बाहर किसी से प्यार नहीं कर सकतीं. इस नए क्लॉज़ से टाइगर श्रॉफ को दूर रखा गया है, क्योंकि वह स्टार बन चुके हैं.
इस बारे में बात करते हुए निर्माता विक्की रजानी ने कहा कि टाइगर स्टार बन चुके हैं इसलिए यह नियम उनके लिए लागू नहीं है. निधि नई लड़की है इसलिए उनसे यह एग्रीमेंट साइन करवाया है क्योंकि इनके प्रेम की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनती हैं और फिल्म के प्रचार पर इनकी निजी जिंदगी भारी पड़ जाती है.
विक्की ने आगे यह भी कहा कि इस लड़की में काफी क्षमता है और हम चाहते हैं कि यह सही दिशा पकड़े. हमने निधि के सिर पर बंदूक रखकर हस्ताक्षर नहीं करवाया है. उन्होंने अपनी मर्ज़ी से साइन किया है क्योंकि यह उनकी पहली फिल्म है.
इधर, इस कलॉज़ को साइन करने में निधि को भी कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने भी खुशी-खुशी इस एग्रीमेंट को साइन किया है क्योंकि उनके लिए यह फिल्म एक बड़े मौके की तरह आई है. उनका मानना है कि इस एग्रीमेंट के बाद उनका काम पर ज्यादा ध्यान रहेगा.
आपको बता दें कि कलाकारों से कई बार इस तरह के एग्रीमेंट साइन करवाए जाते हैं ताकि फिल्म का काम अच्छे से पूरा हो और किसी को भी कोई ऐतराज न हो.
फिल्म 'मिर्ज़िया' के लिए हर्षवर्धन कपूर और सैयामी खेर को मना किया गया था कि वे देर रात तक पार्टी न करें, एक-दूसरे से ज्यादा न घुले-मिले और शूटिंग के दौरान या उसके बाद ज्यादा शराब न पिएं.टिप्पणियां
एकता कपूर ने अपनी आने वाली फिल्म XXX के लिए सभी कलाकारों से एग्रीमेंट किया है कि अगर स्क्रिप्ट की ज़रूरत होगी तो कोई भी कलाकार छोटे से छोटे कपड़े पहनने से ऐतराज नहीं करेगा. यहां तक कि अंगप्रदर्शन से भी कोई आपत्ति नहीं जताएगा.
फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने भी अपनी फिल्म हीरोइन के लिए no pregnancy clause साइन करवाया था ताकि फिल्म बनाने के दौरान अभिनेत्री का लुक न बदल जाए या शूटिंग के बीच में maternity leave पर न चली जाएं क्योंकि ऐश्वर्या राय ने फिल्म इसी वजह से छोड़ दी थी.
फिल्म 'मुन्ना माइकल' के निर्माता विक्की रजानी ने अपनी फिल्म की अभिनेत्री निधि अग्रवाल से ऐसे ही एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करवाए हैं, जिसके मुताबिक जब तक फिल्म पूरी नहीं होती तब तक निधि फिल्म के सेट पर या सेट के बाहर किसी से प्यार नहीं कर सकतीं. इस नए क्लॉज़ से टाइगर श्रॉफ को दूर रखा गया है, क्योंकि वह स्टार बन चुके हैं.
इस बारे में बात करते हुए निर्माता विक्की रजानी ने कहा कि टाइगर स्टार बन चुके हैं इसलिए यह नियम उनके लिए लागू नहीं है. निधि नई लड़की है इसलिए उनसे यह एग्रीमेंट साइन करवाया है क्योंकि इनके प्रेम की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनती हैं और फिल्म के प्रचार पर इनकी निजी जिंदगी भारी पड़ जाती है.
विक्की ने आगे यह भी कहा कि इस लड़की में काफी क्षमता है और हम चाहते हैं कि यह सही दिशा पकड़े. हमने निधि के सिर पर बंदूक रखकर हस्ताक्षर नहीं करवाया है. उन्होंने अपनी मर्ज़ी से साइन किया है क्योंकि यह उनकी पहली फिल्म है.
इधर, इस कलॉज़ को साइन करने में निधि को भी कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने भी खुशी-खुशी इस एग्रीमेंट को साइन किया है क्योंकि उनके लिए यह फिल्म एक बड़े मौके की तरह आई है. उनका मानना है कि इस एग्रीमेंट के बाद उनका काम पर ज्यादा ध्यान रहेगा.
आपको बता दें कि कलाकारों से कई बार इस तरह के एग्रीमेंट साइन करवाए जाते हैं ताकि फिल्म का काम अच्छे से पूरा हो और किसी को भी कोई ऐतराज न हो.
फिल्म 'मिर्ज़िया' के लिए हर्षवर्धन कपूर और सैयामी खेर को मना किया गया था कि वे देर रात तक पार्टी न करें, एक-दूसरे से ज्यादा न घुले-मिले और शूटिंग के दौरान या उसके बाद ज्यादा शराब न पिएं.टिप्पणियां
एकता कपूर ने अपनी आने वाली फिल्म XXX के लिए सभी कलाकारों से एग्रीमेंट किया है कि अगर स्क्रिप्ट की ज़रूरत होगी तो कोई भी कलाकार छोटे से छोटे कपड़े पहनने से ऐतराज नहीं करेगा. यहां तक कि अंगप्रदर्शन से भी कोई आपत्ति नहीं जताएगा.
फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने भी अपनी फिल्म हीरोइन के लिए no pregnancy clause साइन करवाया था ताकि फिल्म बनाने के दौरान अभिनेत्री का लुक न बदल जाए या शूटिंग के बीच में maternity leave पर न चली जाएं क्योंकि ऐश्वर्या राय ने फिल्म इसी वजह से छोड़ दी थी.
इस बारे में बात करते हुए निर्माता विक्की रजानी ने कहा कि टाइगर स्टार बन चुके हैं इसलिए यह नियम उनके लिए लागू नहीं है. निधि नई लड़की है इसलिए उनसे यह एग्रीमेंट साइन करवाया है क्योंकि इनके प्रेम की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनती हैं और फिल्म के प्रचार पर इनकी निजी जिंदगी भारी पड़ जाती है.
विक्की ने आगे यह भी कहा कि इस लड़की में काफी क्षमता है और हम चाहते हैं कि यह सही दिशा पकड़े. हमने निधि के सिर पर बंदूक रखकर हस्ताक्षर नहीं करवाया है. उन्होंने अपनी मर्ज़ी से साइन किया है क्योंकि यह उनकी पहली फिल्म है.
इधर, इस कलॉज़ को साइन करने में निधि को भी कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने भी खुशी-खुशी इस एग्रीमेंट को साइन किया है क्योंकि उनके लिए यह फिल्म एक बड़े मौके की तरह आई है. उनका मानना है कि इस एग्रीमेंट के बाद उनका काम पर ज्यादा ध्यान रहेगा.
आपको बता दें कि कलाकारों से कई बार इस तरह के एग्रीमेंट साइन करवाए जाते हैं ताकि फिल्म का काम अच्छे से पूरा हो और किसी को भी कोई ऐतराज न हो.
फिल्म 'मिर्ज़िया' के लिए हर्षवर्धन कपूर और सैयामी खेर को मना किया गया था कि वे देर रात तक पार्टी न करें, एक-दूसरे से ज्यादा न घुले-मिले और शूटिंग के दौरान या उसके बाद ज्यादा शराब न पिएं.टिप्पणियां
एकता कपूर ने अपनी आने वाली फिल्म XXX के लिए सभी कलाकारों से एग्रीमेंट किया है कि अगर स्क्रिप्ट की ज़रूरत होगी तो कोई भी कलाकार छोटे से छोटे कपड़े पहनने से ऐतराज नहीं करेगा. यहां तक कि अंगप्रदर्शन से भी कोई आपत्ति नहीं जताएगा.
फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने भी अपनी फिल्म हीरोइन के लिए no pregnancy clause साइन करवाया था ताकि फिल्म बनाने के दौरान अभिनेत्री का लुक न बदल जाए या शूटिंग के बीच में maternity leave पर न चली जाएं क्योंकि ऐश्वर्या राय ने फिल्म इसी वजह से छोड़ दी थी.
विक्की ने आगे यह भी कहा कि इस लड़की में काफी क्षमता है और हम चाहते हैं कि यह सही दिशा पकड़े. हमने निधि के सिर पर बंदूक रखकर हस्ताक्षर नहीं करवाया है. उन्होंने अपनी मर्ज़ी से साइन किया है क्योंकि यह उनकी पहली फिल्म है.
इधर, इस कलॉज़ को साइन करने में निधि को भी कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने भी खुशी-खुशी इस एग्रीमेंट को साइन किया है क्योंकि उनके लिए यह फिल्म एक बड़े मौके की तरह आई है. उनका मानना है कि इस एग्रीमेंट के बाद उनका काम पर ज्यादा ध्यान रहेगा.
आपको बता दें कि कलाकारों से कई बार इस तरह के एग्रीमेंट साइन करवाए जाते हैं ताकि फिल्म का काम अच्छे से पूरा हो और किसी को भी कोई ऐतराज न हो.
फिल्म 'मिर्ज़िया' के लिए हर्षवर्धन कपूर और सैयामी खेर को मना किया गया था कि वे देर रात तक पार्टी न करें, एक-दूसरे से ज्यादा न घुले-मिले और शूटिंग के दौरान या उसके बाद ज्यादा शराब न पिएं.टिप्पणियां
एकता कपूर ने अपनी आने वाली फिल्म XXX के लिए सभी कलाकारों से एग्रीमेंट किया है कि अगर स्क्रिप्ट की ज़रूरत होगी तो कोई भी कलाकार छोटे से छोटे कपड़े पहनने से ऐतराज नहीं करेगा. यहां तक कि अंगप्रदर्शन से भी कोई आपत्ति नहीं जताएगा.
फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने भी अपनी फिल्म हीरोइन के लिए no pregnancy clause साइन करवाया था ताकि फिल्म बनाने के दौरान अभिनेत्री का लुक न बदल जाए या शूटिंग के बीच में maternity leave पर न चली जाएं क्योंकि ऐश्वर्या राय ने फिल्म इसी वजह से छोड़ दी थी.
इधर, इस कलॉज़ को साइन करने में निधि को भी कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने भी खुशी-खुशी इस एग्रीमेंट को साइन किया है क्योंकि उनके लिए यह फिल्म एक बड़े मौके की तरह आई है. उनका मानना है कि इस एग्रीमेंट के बाद उनका काम पर ज्यादा ध्यान रहेगा.
आपको बता दें कि कलाकारों से कई बार इस तरह के एग्रीमेंट साइन करवाए जाते हैं ताकि फिल्म का काम अच्छे से पूरा हो और किसी को भी कोई ऐतराज न हो.
फिल्म 'मिर्ज़िया' के लिए हर्षवर्धन कपूर और सैयामी खेर को मना किया गया था कि वे देर रात तक पार्टी न करें, एक-दूसरे से ज्यादा न घुले-मिले और शूटिंग के दौरान या उसके बाद ज्यादा शराब न पिएं.टिप्पणियां
एकता कपूर ने अपनी आने वाली फिल्म XXX के लिए सभी कलाकारों से एग्रीमेंट किया है कि अगर स्क्रिप्ट की ज़रूरत होगी तो कोई भी कलाकार छोटे से छोटे कपड़े पहनने से ऐतराज नहीं करेगा. यहां तक कि अंगप्रदर्शन से भी कोई आपत्ति नहीं जताएगा.
फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने भी अपनी फिल्म हीरोइन के लिए no pregnancy clause साइन करवाया था ताकि फिल्म बनाने के दौरान अभिनेत्री का लुक न बदल जाए या शूटिंग के बीच में maternity leave पर न चली जाएं क्योंकि ऐश्वर्या राय ने फिल्म इसी वजह से छोड़ दी थी.
आपको बता दें कि कलाकारों से कई बार इस तरह के एग्रीमेंट साइन करवाए जाते हैं ताकि फिल्म का काम अच्छे से पूरा हो और किसी को भी कोई ऐतराज न हो.
फिल्म 'मिर्ज़िया' के लिए हर्षवर्धन कपूर और सैयामी खेर को मना किया गया था कि वे देर रात तक पार्टी न करें, एक-दूसरे से ज्यादा न घुले-मिले और शूटिंग के दौरान या उसके बाद ज्यादा शराब न पिएं.टिप्पणियां
एकता कपूर ने अपनी आने वाली फिल्म XXX के लिए सभी कलाकारों से एग्रीमेंट किया है कि अगर स्क्रिप्ट की ज़रूरत होगी तो कोई भी कलाकार छोटे से छोटे कपड़े पहनने से ऐतराज नहीं करेगा. यहां तक कि अंगप्रदर्शन से भी कोई आपत्ति नहीं जताएगा.
फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने भी अपनी फिल्म हीरोइन के लिए no pregnancy clause साइन करवाया था ताकि फिल्म बनाने के दौरान अभिनेत्री का लुक न बदल जाए या शूटिंग के बीच में maternity leave पर न चली जाएं क्योंकि ऐश्वर्या राय ने फिल्म इसी वजह से छोड़ दी थी.
फिल्म 'मिर्ज़िया' के लिए हर्षवर्धन कपूर और सैयामी खेर को मना किया गया था कि वे देर रात तक पार्टी न करें, एक-दूसरे से ज्यादा न घुले-मिले और शूटिंग के दौरान या उसके बाद ज्यादा शराब न पिएं.टिप्पणियां
एकता कपूर ने अपनी आने वाली फिल्म XXX के लिए सभी कलाकारों से एग्रीमेंट किया है कि अगर स्क्रिप्ट की ज़रूरत होगी तो कोई भी कलाकार छोटे से छोटे कपड़े पहनने से ऐतराज नहीं करेगा. यहां तक कि अंगप्रदर्शन से भी कोई आपत्ति नहीं जताएगा.
फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने भी अपनी फिल्म हीरोइन के लिए no pregnancy clause साइन करवाया था ताकि फिल्म बनाने के दौरान अभिनेत्री का लुक न बदल जाए या शूटिंग के बीच में maternity leave पर न चली जाएं क्योंकि ऐश्वर्या राय ने फिल्म इसी वजह से छोड़ दी थी.
एकता कपूर ने अपनी आने वाली फिल्म XXX के लिए सभी कलाकारों से एग्रीमेंट किया है कि अगर स्क्रिप्ट की ज़रूरत होगी तो कोई भी कलाकार छोटे से छोटे कपड़े पहनने से ऐतराज नहीं करेगा. यहां तक कि अंगप्रदर्शन से भी कोई आपत्ति नहीं जताएगा.
फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने भी अपनी फिल्म हीरोइन के लिए no pregnancy clause साइन करवाया था ताकि फिल्म बनाने के दौरान अभिनेत्री का लुक न बदल जाए या शूटिंग के बीच में maternity leave पर न चली जाएं क्योंकि ऐश्वर्या राय ने फिल्म इसी वजह से छोड़ दी थी.
फ़िल्मकार मधुर भंडारकर ने भी अपनी फिल्म हीरोइन के लिए no pregnancy clause साइन करवाया था ताकि फिल्म बनाने के दौरान अभिनेत्री का लुक न बदल जाए या शूटिंग के बीच में maternity leave पर न चली जाएं क्योंकि ऐश्वर्या राय ने फिल्म इसी वजह से छोड़ दी थी. | यह एक सारांश है: टाइगर श्रॉफ से इस क्लॉज पर साइन नहीं करवाए गए
क्योंकि टाइगर श्रॉफ बन चुके हैं बड़े स्टार
निधि अग्रवाल को भी साइन करने में कोई आपत्ति नहीं | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Pal Pal Dil Ke Paas Box Office Collection Day 11: बॉलीवुड एक्टर सनी देओल (Sunny Deol) के बेटे करण देओल (Karan Deol) और सहर बांबा (Sahher Bammba) की फिल्म 'पल पल दिल के पास' (Pal Pal Dil Ke Paas) ग्यारहवें दिन भी पर्दे पर अपना पैर जमाए रखने की कोशिश में लगी हुई है. हालांकि, फिल्म की कमाई में कुछ खास बढ़त देखने को नहीं मिल रही है. शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि 'पल पल दिल के पास' (Pal Pal Dil Ke Paas) ने बीते दिन 50 लाख रुपये की कमाई की होगी. इस लिहाज से फिल्म कुल 10.30 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सकती है.
हालांकि, अभी इसकी अधिकारिक सूचना मिलना बाकी है. 'द जोया फैक्टर' और 'प्रस्थानम' के साथ रिलीज हुई फिल्म 'पल पल दिल के पास' (Pal Pal Dil Ke Paas)' ने दोनों ही फिल्मों को कड़ी टक्कर दी है. यूं तो सोशल मीडिया पर फिल्म को कोई खास स्पॉन्स नहीं मिला है. हालांकि, फिल्म के गाने काफी हद तक इसमें जान भरने की कोशिश करते हैं.
करण देओल (Karan Deol) और सहर बांबा (Sahher Bammba) की फिल्म की कहानी की बात करें तो यह लव स्टोरी पर आधारित फिल्म है. इसमें करण (Karan Deol) एक ट्रैकिंग कंपनी के मालिक हैं, जो मनाली में स्थित है. वहीं सहर बाम्बा फिल्म में दिल्ली की एक लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो एक असाइनमेंट के बहाने करण की कंपनी को जॉइन करती हैं. इस फिल्म में मनाली की खूबसूरती को बखूबी दिखाया गया है. लेकिन, फिल्म की कहानी दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ पाने में कमजोर रही है. | यहाँ एक सारांश है:'पल पल दिल के पास' ने पर्दे पर मचाया धमाल
दर्शकों को खूब लुभा रही है करण देओल और सहर बांबा की फिल्म
ग्यारहवें दिन किया इतना कलेक्शन | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हैदराबाद में एक 13 साल की लड़की की 68 दिन का उपवास रखने के बाद मृत्यु हो गई. यह लड़की जैन धर्म के पवित्र दिनों 'चौमासा' के दौरान व्रत पर थी और पिछले हफ्ते 68 दिन उपवास के बाद उसकी मौत हो गई.
आठवीं में पढ़ने वाली आराधना हैदराबाद के स्कूल में पढ़ती थी. परिवार का दावा है कि 68 दिन के उपवास खोलने के दो दिन बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर दिया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई.
आराधना के अंतिम संस्कार में कम से कम 600 लोग उपस्थित थे जो उसे 'बाल तपस्वी' के नाम से संबोधित कर रहे थे. यही नहीं आराधना की शव यात्रा को 'शोभा यात्रा' का नाम दिया गया. इस परिवार को जानने वालों का कहना है कि लड़की ने इससे पहले 41 दिन के उपवास भी सफलतापूर्वक रखे थे.
वहीं जैन समुदाय की सदस्य लता जैन का कहना है कि 'यह एक रस्म सी हो गई है कि लोग खाना और पानी त्यागकर खुद को तकलीफ पहुंचाते हैं. ऐसा करने वालों को धार्मिक गुरु और समुदाय वाले काफी सम्मानित भी करते हैं. उन्हें तोहफे दिए जाते हैं. लेकिन इस मामले में तो लड़की नाबालिग थी. मुझे इसी पर आपत्ति है. अगर यह हत्या नहीं तो आत्महत्या तो जरूर है.'
आराधना का परिवार गहनों का व्यवसाय करता है. सिकंदराबाद के पोट बाज़ार इलाके में उनकी दुकान है. कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर क्यों लड़की को स्कूल छुड़वाकर व्रत करने के लिए बैठाया गया. इस पर आराधना के दादा मानेकचंद समधरिया ने कहा 'हमने कुछ भी नहीं छुपाया. सब जानते हैं कि अराधना उपवास पर थी. लोग उसके साथ सेल्फी लेते थे. अब कुछ लोग हम पर उंगली उठा रहे हैं कि क्यों हमने उसे 68 दिन तक उपवास करने की अनुमति दी.'
एनडीटीवी के पास जो तस्वीरें उपलब्ध हैं उसमें आराधना काफी कमज़ोर लग रही है, वह दुल्हन की तरह सजकर एक विशाल रथ पर बैठी है और उसके पास कई लोगों की भीड़ है. 68 दिन का उपवास खत्म होने के बाद अखबार में आराधना का जो विज्ञापन छपा था उसमें सिंकदराबाद इलाके के मंत्री पद्म राव गौड़ को 'पाराना' कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बताया गया था जो उपवास खत्म करने के बाद आयोजित किया जाता है. ज़हीराबाद के सांसद बीबी बाटिल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.टिप्पणियां
परिवार का कहना है कि व्रत खोलने के दो दिन बाद आराधना बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उसका निधन हो गया. काचीगुड़ा स्थानक के महारासा रविंद्र मुनिजी का कहना है कि संथारा ज्यादातर उन बुज़ुर्ग लोगों के लिए होता है जो अपनी पूरी जिंदगी जी चुके होते हैं और मुक्ति की इच्छा रखते हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि 'तपस्या या उपवास रखने में किसी भी तरह की ज़ोर जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए. यह एक त्रासदी है और हमें इससे सबक लेना चाहिए.'
बाल अधिकारों की कार्यकर्ता शांता सिन्हा का कहना है कि इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और बाल अधिकार आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सिन्हा ने कहा 'एक नाबालिग से हम ऐसे किसी फैसले को लेने की उम्मीद नहीं कर सकते जो कि उसकी जिंदगी के लिए खतरा है. धार्मिक नेताओं को भी देखना होगा कि किस बात की अनुमति की जाए और किसकी नहीं.' बलाला हक्कुला संगम के अच्युत राव ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि लड़की के अभिभावक लक्ष्मीचंद और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया जाए.
आठवीं में पढ़ने वाली आराधना हैदराबाद के स्कूल में पढ़ती थी. परिवार का दावा है कि 68 दिन के उपवास खोलने के दो दिन बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर दिया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई.
आराधना के अंतिम संस्कार में कम से कम 600 लोग उपस्थित थे जो उसे 'बाल तपस्वी' के नाम से संबोधित कर रहे थे. यही नहीं आराधना की शव यात्रा को 'शोभा यात्रा' का नाम दिया गया. इस परिवार को जानने वालों का कहना है कि लड़की ने इससे पहले 41 दिन के उपवास भी सफलतापूर्वक रखे थे.
वहीं जैन समुदाय की सदस्य लता जैन का कहना है कि 'यह एक रस्म सी हो गई है कि लोग खाना और पानी त्यागकर खुद को तकलीफ पहुंचाते हैं. ऐसा करने वालों को धार्मिक गुरु और समुदाय वाले काफी सम्मानित भी करते हैं. उन्हें तोहफे दिए जाते हैं. लेकिन इस मामले में तो लड़की नाबालिग थी. मुझे इसी पर आपत्ति है. अगर यह हत्या नहीं तो आत्महत्या तो जरूर है.'
आराधना का परिवार गहनों का व्यवसाय करता है. सिकंदराबाद के पोट बाज़ार इलाके में उनकी दुकान है. कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर क्यों लड़की को स्कूल छुड़वाकर व्रत करने के लिए बैठाया गया. इस पर आराधना के दादा मानेकचंद समधरिया ने कहा 'हमने कुछ भी नहीं छुपाया. सब जानते हैं कि अराधना उपवास पर थी. लोग उसके साथ सेल्फी लेते थे. अब कुछ लोग हम पर उंगली उठा रहे हैं कि क्यों हमने उसे 68 दिन तक उपवास करने की अनुमति दी.'
एनडीटीवी के पास जो तस्वीरें उपलब्ध हैं उसमें आराधना काफी कमज़ोर लग रही है, वह दुल्हन की तरह सजकर एक विशाल रथ पर बैठी है और उसके पास कई लोगों की भीड़ है. 68 दिन का उपवास खत्म होने के बाद अखबार में आराधना का जो विज्ञापन छपा था उसमें सिंकदराबाद इलाके के मंत्री पद्म राव गौड़ को 'पाराना' कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बताया गया था जो उपवास खत्म करने के बाद आयोजित किया जाता है. ज़हीराबाद के सांसद बीबी बाटिल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.टिप्पणियां
परिवार का कहना है कि व्रत खोलने के दो दिन बाद आराधना बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उसका निधन हो गया. काचीगुड़ा स्थानक के महारासा रविंद्र मुनिजी का कहना है कि संथारा ज्यादातर उन बुज़ुर्ग लोगों के लिए होता है जो अपनी पूरी जिंदगी जी चुके होते हैं और मुक्ति की इच्छा रखते हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि 'तपस्या या उपवास रखने में किसी भी तरह की ज़ोर जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए. यह एक त्रासदी है और हमें इससे सबक लेना चाहिए.'
बाल अधिकारों की कार्यकर्ता शांता सिन्हा का कहना है कि इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और बाल अधिकार आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सिन्हा ने कहा 'एक नाबालिग से हम ऐसे किसी फैसले को लेने की उम्मीद नहीं कर सकते जो कि उसकी जिंदगी के लिए खतरा है. धार्मिक नेताओं को भी देखना होगा कि किस बात की अनुमति की जाए और किसकी नहीं.' बलाला हक्कुला संगम के अच्युत राव ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि लड़की के अभिभावक लक्ष्मीचंद और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया जाए.
आराधना के अंतिम संस्कार में कम से कम 600 लोग उपस्थित थे जो उसे 'बाल तपस्वी' के नाम से संबोधित कर रहे थे. यही नहीं आराधना की शव यात्रा को 'शोभा यात्रा' का नाम दिया गया. इस परिवार को जानने वालों का कहना है कि लड़की ने इससे पहले 41 दिन के उपवास भी सफलतापूर्वक रखे थे.
वहीं जैन समुदाय की सदस्य लता जैन का कहना है कि 'यह एक रस्म सी हो गई है कि लोग खाना और पानी त्यागकर खुद को तकलीफ पहुंचाते हैं. ऐसा करने वालों को धार्मिक गुरु और समुदाय वाले काफी सम्मानित भी करते हैं. उन्हें तोहफे दिए जाते हैं. लेकिन इस मामले में तो लड़की नाबालिग थी. मुझे इसी पर आपत्ति है. अगर यह हत्या नहीं तो आत्महत्या तो जरूर है.'
आराधना का परिवार गहनों का व्यवसाय करता है. सिकंदराबाद के पोट बाज़ार इलाके में उनकी दुकान है. कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर क्यों लड़की को स्कूल छुड़वाकर व्रत करने के लिए बैठाया गया. इस पर आराधना के दादा मानेकचंद समधरिया ने कहा 'हमने कुछ भी नहीं छुपाया. सब जानते हैं कि अराधना उपवास पर थी. लोग उसके साथ सेल्फी लेते थे. अब कुछ लोग हम पर उंगली उठा रहे हैं कि क्यों हमने उसे 68 दिन तक उपवास करने की अनुमति दी.'
एनडीटीवी के पास जो तस्वीरें उपलब्ध हैं उसमें आराधना काफी कमज़ोर लग रही है, वह दुल्हन की तरह सजकर एक विशाल रथ पर बैठी है और उसके पास कई लोगों की भीड़ है. 68 दिन का उपवास खत्म होने के बाद अखबार में आराधना का जो विज्ञापन छपा था उसमें सिंकदराबाद इलाके के मंत्री पद्म राव गौड़ को 'पाराना' कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बताया गया था जो उपवास खत्म करने के बाद आयोजित किया जाता है. ज़हीराबाद के सांसद बीबी बाटिल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.टिप्पणियां
परिवार का कहना है कि व्रत खोलने के दो दिन बाद आराधना बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उसका निधन हो गया. काचीगुड़ा स्थानक के महारासा रविंद्र मुनिजी का कहना है कि संथारा ज्यादातर उन बुज़ुर्ग लोगों के लिए होता है जो अपनी पूरी जिंदगी जी चुके होते हैं और मुक्ति की इच्छा रखते हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि 'तपस्या या उपवास रखने में किसी भी तरह की ज़ोर जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए. यह एक त्रासदी है और हमें इससे सबक लेना चाहिए.'
बाल अधिकारों की कार्यकर्ता शांता सिन्हा का कहना है कि इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और बाल अधिकार आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सिन्हा ने कहा 'एक नाबालिग से हम ऐसे किसी फैसले को लेने की उम्मीद नहीं कर सकते जो कि उसकी जिंदगी के लिए खतरा है. धार्मिक नेताओं को भी देखना होगा कि किस बात की अनुमति की जाए और किसकी नहीं.' बलाला हक्कुला संगम के अच्युत राव ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि लड़की के अभिभावक लक्ष्मीचंद और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया जाए.
वहीं जैन समुदाय की सदस्य लता जैन का कहना है कि 'यह एक रस्म सी हो गई है कि लोग खाना और पानी त्यागकर खुद को तकलीफ पहुंचाते हैं. ऐसा करने वालों को धार्मिक गुरु और समुदाय वाले काफी सम्मानित भी करते हैं. उन्हें तोहफे दिए जाते हैं. लेकिन इस मामले में तो लड़की नाबालिग थी. मुझे इसी पर आपत्ति है. अगर यह हत्या नहीं तो आत्महत्या तो जरूर है.'
आराधना का परिवार गहनों का व्यवसाय करता है. सिकंदराबाद के पोट बाज़ार इलाके में उनकी दुकान है. कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर क्यों लड़की को स्कूल छुड़वाकर व्रत करने के लिए बैठाया गया. इस पर आराधना के दादा मानेकचंद समधरिया ने कहा 'हमने कुछ भी नहीं छुपाया. सब जानते हैं कि अराधना उपवास पर थी. लोग उसके साथ सेल्फी लेते थे. अब कुछ लोग हम पर उंगली उठा रहे हैं कि क्यों हमने उसे 68 दिन तक उपवास करने की अनुमति दी.'
एनडीटीवी के पास जो तस्वीरें उपलब्ध हैं उसमें आराधना काफी कमज़ोर लग रही है, वह दुल्हन की तरह सजकर एक विशाल रथ पर बैठी है और उसके पास कई लोगों की भीड़ है. 68 दिन का उपवास खत्म होने के बाद अखबार में आराधना का जो विज्ञापन छपा था उसमें सिंकदराबाद इलाके के मंत्री पद्म राव गौड़ को 'पाराना' कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बताया गया था जो उपवास खत्म करने के बाद आयोजित किया जाता है. ज़हीराबाद के सांसद बीबी बाटिल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.टिप्पणियां
परिवार का कहना है कि व्रत खोलने के दो दिन बाद आराधना बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उसका निधन हो गया. काचीगुड़ा स्थानक के महारासा रविंद्र मुनिजी का कहना है कि संथारा ज्यादातर उन बुज़ुर्ग लोगों के लिए होता है जो अपनी पूरी जिंदगी जी चुके होते हैं और मुक्ति की इच्छा रखते हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि 'तपस्या या उपवास रखने में किसी भी तरह की ज़ोर जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए. यह एक त्रासदी है और हमें इससे सबक लेना चाहिए.'
बाल अधिकारों की कार्यकर्ता शांता सिन्हा का कहना है कि इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और बाल अधिकार आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सिन्हा ने कहा 'एक नाबालिग से हम ऐसे किसी फैसले को लेने की उम्मीद नहीं कर सकते जो कि उसकी जिंदगी के लिए खतरा है. धार्मिक नेताओं को भी देखना होगा कि किस बात की अनुमति की जाए और किसकी नहीं.' बलाला हक्कुला संगम के अच्युत राव ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि लड़की के अभिभावक लक्ष्मीचंद और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया जाए.
आराधना का परिवार गहनों का व्यवसाय करता है. सिकंदराबाद के पोट बाज़ार इलाके में उनकी दुकान है. कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर क्यों लड़की को स्कूल छुड़वाकर व्रत करने के लिए बैठाया गया. इस पर आराधना के दादा मानेकचंद समधरिया ने कहा 'हमने कुछ भी नहीं छुपाया. सब जानते हैं कि अराधना उपवास पर थी. लोग उसके साथ सेल्फी लेते थे. अब कुछ लोग हम पर उंगली उठा रहे हैं कि क्यों हमने उसे 68 दिन तक उपवास करने की अनुमति दी.'
एनडीटीवी के पास जो तस्वीरें उपलब्ध हैं उसमें आराधना काफी कमज़ोर लग रही है, वह दुल्हन की तरह सजकर एक विशाल रथ पर बैठी है और उसके पास कई लोगों की भीड़ है. 68 दिन का उपवास खत्म होने के बाद अखबार में आराधना का जो विज्ञापन छपा था उसमें सिंकदराबाद इलाके के मंत्री पद्म राव गौड़ को 'पाराना' कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बताया गया था जो उपवास खत्म करने के बाद आयोजित किया जाता है. ज़हीराबाद के सांसद बीबी बाटिल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.टिप्पणियां
परिवार का कहना है कि व्रत खोलने के दो दिन बाद आराधना बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उसका निधन हो गया. काचीगुड़ा स्थानक के महारासा रविंद्र मुनिजी का कहना है कि संथारा ज्यादातर उन बुज़ुर्ग लोगों के लिए होता है जो अपनी पूरी जिंदगी जी चुके होते हैं और मुक्ति की इच्छा रखते हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि 'तपस्या या उपवास रखने में किसी भी तरह की ज़ोर जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए. यह एक त्रासदी है और हमें इससे सबक लेना चाहिए.'
बाल अधिकारों की कार्यकर्ता शांता सिन्हा का कहना है कि इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और बाल अधिकार आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सिन्हा ने कहा 'एक नाबालिग से हम ऐसे किसी फैसले को लेने की उम्मीद नहीं कर सकते जो कि उसकी जिंदगी के लिए खतरा है. धार्मिक नेताओं को भी देखना होगा कि किस बात की अनुमति की जाए और किसकी नहीं.' बलाला हक्कुला संगम के अच्युत राव ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि लड़की के अभिभावक लक्ष्मीचंद और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया जाए.
एनडीटीवी के पास जो तस्वीरें उपलब्ध हैं उसमें आराधना काफी कमज़ोर लग रही है, वह दुल्हन की तरह सजकर एक विशाल रथ पर बैठी है और उसके पास कई लोगों की भीड़ है. 68 दिन का उपवास खत्म होने के बाद अखबार में आराधना का जो विज्ञापन छपा था उसमें सिंकदराबाद इलाके के मंत्री पद्म राव गौड़ को 'पाराना' कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बताया गया था जो उपवास खत्म करने के बाद आयोजित किया जाता है. ज़हीराबाद के सांसद बीबी बाटिल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.टिप्पणियां
परिवार का कहना है कि व्रत खोलने के दो दिन बाद आराधना बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उसका निधन हो गया. काचीगुड़ा स्थानक के महारासा रविंद्र मुनिजी का कहना है कि संथारा ज्यादातर उन बुज़ुर्ग लोगों के लिए होता है जो अपनी पूरी जिंदगी जी चुके होते हैं और मुक्ति की इच्छा रखते हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि 'तपस्या या उपवास रखने में किसी भी तरह की ज़ोर जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए. यह एक त्रासदी है और हमें इससे सबक लेना चाहिए.'
बाल अधिकारों की कार्यकर्ता शांता सिन्हा का कहना है कि इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और बाल अधिकार आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सिन्हा ने कहा 'एक नाबालिग से हम ऐसे किसी फैसले को लेने की उम्मीद नहीं कर सकते जो कि उसकी जिंदगी के लिए खतरा है. धार्मिक नेताओं को भी देखना होगा कि किस बात की अनुमति की जाए और किसकी नहीं.' बलाला हक्कुला संगम के अच्युत राव ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि लड़की के अभिभावक लक्ष्मीचंद और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया जाए.
परिवार का कहना है कि व्रत खोलने के दो दिन बाद आराधना बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उसका निधन हो गया. काचीगुड़ा स्थानक के महारासा रविंद्र मुनिजी का कहना है कि संथारा ज्यादातर उन बुज़ुर्ग लोगों के लिए होता है जो अपनी पूरी जिंदगी जी चुके होते हैं और मुक्ति की इच्छा रखते हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि 'तपस्या या उपवास रखने में किसी भी तरह की ज़ोर जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए. यह एक त्रासदी है और हमें इससे सबक लेना चाहिए.'
बाल अधिकारों की कार्यकर्ता शांता सिन्हा का कहना है कि इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और बाल अधिकार आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सिन्हा ने कहा 'एक नाबालिग से हम ऐसे किसी फैसले को लेने की उम्मीद नहीं कर सकते जो कि उसकी जिंदगी के लिए खतरा है. धार्मिक नेताओं को भी देखना होगा कि किस बात की अनुमति की जाए और किसकी नहीं.' बलाला हक्कुला संगम के अच्युत राव ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि लड़की के अभिभावक लक्ष्मीचंद और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया जाए.
बाल अधिकारों की कार्यकर्ता शांता सिन्हा का कहना है कि इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और बाल अधिकार आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सिन्हा ने कहा 'एक नाबालिग से हम ऐसे किसी फैसले को लेने की उम्मीद नहीं कर सकते जो कि उसकी जिंदगी के लिए खतरा है. धार्मिक नेताओं को भी देखना होगा कि किस बात की अनुमति की जाए और किसकी नहीं.' बलाला हक्कुला संगम के अच्युत राव ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि लड़की के अभिभावक लक्ष्मीचंद और मनीषा को गिरफ्तार कर लिया जाए. | आराधना आठवीं कक्षा में पढ़ती थी और उसने 68 दिन का उपवास रखा था
वह जैन धर्म के पवित्र दिनों 'चौमासा' के दौरान व्रत पर थी
व्रत खोलने के दो दिन बाद दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड फिल्म निर्माता सुभाष घई को करारा झटका देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें उनके महत्वाकांक्षी फिल्म इंस्टीट्यूट 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' के लिए आवंटित की गई ज़मीन लौटाने का आदेश दिया है।टिप्पणियां
एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि ज़मीन गैरकानूनी तरीके से आवंटित की गई। कोर्ट ने घई को निर्देश दिया कि वह उनके कब्जे में ओपन लैण्ड के रूप में मौजूद फिल्म स्कूल के लिए आवंटित की गई 14.5 एकड़ ज़मीन तुरंत सरकार को लौटा दें, तथा स्टूडियो व फिल्म इंस्टीट्यूट के कब्जे में मौजूद 5.5 एकड़ जमीन 31 जुलाई, 2014 तक लौटाएं। कोर्ट ने घई से वर्ष 2000 से 5.3 करोड़ रुपये सालाना के हिसाब से किराया देने के लिए भी कहा है।
इस फैसले को केन्द्रीय विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री विलासराव देशमुख के लिए शर्मिन्दगी का कारण माना जा रहा है, क्योंकि गोरेगांव स्थित फिल्मसिटी में यह ज़मीन उन्हीं के मुख्यमंत्रित्व काल में घई के साथ एक संयुक्त उपक्रम के तहत फिल्म इंस्टीट्यूट खोलने के नाम पर आवंटित की गई थी।
एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि ज़मीन गैरकानूनी तरीके से आवंटित की गई। कोर्ट ने घई को निर्देश दिया कि वह उनके कब्जे में ओपन लैण्ड के रूप में मौजूद फिल्म स्कूल के लिए आवंटित की गई 14.5 एकड़ ज़मीन तुरंत सरकार को लौटा दें, तथा स्टूडियो व फिल्म इंस्टीट्यूट के कब्जे में मौजूद 5.5 एकड़ जमीन 31 जुलाई, 2014 तक लौटाएं। कोर्ट ने घई से वर्ष 2000 से 5.3 करोड़ रुपये सालाना के हिसाब से किराया देने के लिए भी कहा है।
इस फैसले को केन्द्रीय विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री विलासराव देशमुख के लिए शर्मिन्दगी का कारण माना जा रहा है, क्योंकि गोरेगांव स्थित फिल्मसिटी में यह ज़मीन उन्हीं के मुख्यमंत्रित्व काल में घई के साथ एक संयुक्त उपक्रम के तहत फिल्म इंस्टीट्यूट खोलने के नाम पर आवंटित की गई थी।
इस फैसले को केन्द्रीय विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री विलासराव देशमुख के लिए शर्मिन्दगी का कारण माना जा रहा है, क्योंकि गोरेगांव स्थित फिल्मसिटी में यह ज़मीन उन्हीं के मुख्यमंत्रित्व काल में घई के साथ एक संयुक्त उपक्रम के तहत फिल्म इंस्टीट्यूट खोलने के नाम पर आवंटित की गई थी। | बॉम्बे हाईकोर्ट ने घई को उनके महत्वाकांक्षी फिल्म इंस्टीट्यूट के लिए आवंटित की गई ज़मीन लौटाने का आदेश दिया है। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान से क्षेत्र के सुरक्षा हितों के मद्देनजर तनाव कम करने के लिए वार्ता करने का आह्वान करते हुए कहा कि वह नहीं चाहता है कि 'तनाव नियंत्रण से बाहर हो जाए' और उसकी परिणति 'किसी किस्म की घटना' में हो.
दैनिक संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कल संवाददाताओं से कहा, 'भारत या पाकिस्तान दोनों के साथ अपनी बातचीत में हम इन दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को पुरजोर बढ़ावा देते हैं. यह साफ तौर पर क्षेत्र की सुरक्षा हितों में है कि दोनों देश तनाव कम करने का प्रयास करें और आपस में बातचीत करें'.
उन्होंने कहा, 'इसके लिए हम लगातार प्रोत्साहन देते रहे हैं. हम नहीं चाहते कि तनाव इस हद तक बढ़े कि नियंत्रण से बाहर हो जाए और उसके कारण कोई घटना हो जाए'. एक सवाल के जवाब में टोनर ने कहा, 'यह दोनों देशों और दोनों सरकारों के लिए जरूरी है कि वे मजबूत, मैत्रीपूर्ण ओर उपयोगी संबंध बनाए रखें'. उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान आतंकी नेटवर्कों के खिलाफ और कार्रवाई करे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तान की सरकार को लगातार यह बात जोर देकर कह रहे हैं कि वह क्षेत्र में अन्य देशों के लिए खतरा बने आतंकी समूहों और उनके पनाहगाहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे और इस बारे में हमारा मत बिलकुल स्पष्ट है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दैनिक संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कल संवाददाताओं से कहा, 'भारत या पाकिस्तान दोनों के साथ अपनी बातचीत में हम इन दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को पुरजोर बढ़ावा देते हैं. यह साफ तौर पर क्षेत्र की सुरक्षा हितों में है कि दोनों देश तनाव कम करने का प्रयास करें और आपस में बातचीत करें'.
उन्होंने कहा, 'इसके लिए हम लगातार प्रोत्साहन देते रहे हैं. हम नहीं चाहते कि तनाव इस हद तक बढ़े कि नियंत्रण से बाहर हो जाए और उसके कारण कोई घटना हो जाए'. एक सवाल के जवाब में टोनर ने कहा, 'यह दोनों देशों और दोनों सरकारों के लिए जरूरी है कि वे मजबूत, मैत्रीपूर्ण ओर उपयोगी संबंध बनाए रखें'. उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान आतंकी नेटवर्कों के खिलाफ और कार्रवाई करे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तान की सरकार को लगातार यह बात जोर देकर कह रहे हैं कि वह क्षेत्र में अन्य देशों के लिए खतरा बने आतंकी समूहों और उनके पनाहगाहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे और इस बारे में हमारा मत बिलकुल स्पष्ट है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'इसके लिए हम लगातार प्रोत्साहन देते रहे हैं. हम नहीं चाहते कि तनाव इस हद तक बढ़े कि नियंत्रण से बाहर हो जाए और उसके कारण कोई घटना हो जाए'. एक सवाल के जवाब में टोनर ने कहा, 'यह दोनों देशों और दोनों सरकारों के लिए जरूरी है कि वे मजबूत, मैत्रीपूर्ण ओर उपयोगी संबंध बनाए रखें'. उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान आतंकी नेटवर्कों के खिलाफ और कार्रवाई करे.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तान की सरकार को लगातार यह बात जोर देकर कह रहे हैं कि वह क्षेत्र में अन्य देशों के लिए खतरा बने आतंकी समूहों और उनके पनाहगाहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे और इस बारे में हमारा मत बिलकुल स्पष्ट है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तान की सरकार को लगातार यह बात जोर देकर कह रहे हैं कि वह क्षेत्र में अन्य देशों के लिए खतरा बने आतंकी समूहों और उनके पनाहगाहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे और इस बारे में हमारा मत बिलकुल स्पष्ट है'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:नहीं चाहते कि दोनों देशों का 'तनाव नियंत्रण से बाहर हो जाए' : अमेरिका
हम दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को पुरजोर बढ़ावा देते हैं: मार्क टोनर
दोनों देश तनाव कम करने का प्रयास करें : विदेश मंत्रालय | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वॉट्सऐप को ऐसे कई फीडबैक मिले जिसमें उसके द्वारा हाल ही में पेश किए गए स्टेट्स अपडेट फीचर की आलोचना की गई. इसी के चलते कंपनी ने यह फैसला लिया है कि वह यूजर्स को पुराना फीचर लौटा देगी. पुराना फीचर यानी वॉट्सऐप में स्टेट्स अपडेट के तौर पर महज कुछ कैरेक्टर्स का एक टेक्स्ट या आइकन... जिसे एक बार लिख लेने के बाद तब तक बदलने की जरूरत नहीं होती थी जब तक आप इसे खुद न बदलें.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए स्टेट्स अपडेट फीचर के वॉट्सऐप पर एक बार अपडेट हो जाने के बाद पुराना स्टेट्स मेसेज पूरी तरह से हटा दिया गया था जिसका निगेटिव फीडबैक कंपनी को मिल रहा था. इसकी वापसी की कंपनी ने पुष्टि भी कर दी है वैसे यह सबसे पहले एंड्रॉयड बीटा के वॉट्सऐप के लास्ट सीन वाली जगह पर अबाउट सेक्शन में दिख रहा था.टिप्पणियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंड्रॉयड पर यह फीचर अगले हफ्ते तक दिखने लगेगा मगर आईफोन यूजर्क को यह जल्दी मिल सकता है. कंपनी के एक बयान में कहा गया कि यह अपडेट (पुराना फीचर) प्रोफाइल नाम के बगल में दिखेगा औऱ जब आप व्यू कॉन्टेक्ट करेंगे तो इसे पढ़ा जा सकेगा. यानी जब आप नई चैट क्रिएट करना चाहेंगे या फिर ग्रुप संबंधी इंफो लेना चाहेंगे तब यह पढ़ सकेंगे.
साथ ही नया फीचर जो कि 24 घंटे बाद गायब हो जाता है, वह भी यथावत बना रहेगा. बता दें कि नए फीचर (स्टेट्स मेसेज संबंधी) के जरिए आप फोटो या वीडियो पोस्ट कर सकते हैं और यह भी तय कर सकते हैं कि इन्हें कौन देखे और कौन नहीं. एक बार पोस्ट कर देने के बाद यह स्टेट्स मेसेज 24 घंटे तक दिखता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए स्टेट्स अपडेट फीचर के वॉट्सऐप पर एक बार अपडेट हो जाने के बाद पुराना स्टेट्स मेसेज पूरी तरह से हटा दिया गया था जिसका निगेटिव फीडबैक कंपनी को मिल रहा था. इसकी वापसी की कंपनी ने पुष्टि भी कर दी है वैसे यह सबसे पहले एंड्रॉयड बीटा के वॉट्सऐप के लास्ट सीन वाली जगह पर अबाउट सेक्शन में दिख रहा था.टिप्पणियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंड्रॉयड पर यह फीचर अगले हफ्ते तक दिखने लगेगा मगर आईफोन यूजर्क को यह जल्दी मिल सकता है. कंपनी के एक बयान में कहा गया कि यह अपडेट (पुराना फीचर) प्रोफाइल नाम के बगल में दिखेगा औऱ जब आप व्यू कॉन्टेक्ट करेंगे तो इसे पढ़ा जा सकेगा. यानी जब आप नई चैट क्रिएट करना चाहेंगे या फिर ग्रुप संबंधी इंफो लेना चाहेंगे तब यह पढ़ सकेंगे.
साथ ही नया फीचर जो कि 24 घंटे बाद गायब हो जाता है, वह भी यथावत बना रहेगा. बता दें कि नए फीचर (स्टेट्स मेसेज संबंधी) के जरिए आप फोटो या वीडियो पोस्ट कर सकते हैं और यह भी तय कर सकते हैं कि इन्हें कौन देखे और कौन नहीं. एक बार पोस्ट कर देने के बाद यह स्टेट्स मेसेज 24 घंटे तक दिखता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंड्रॉयड पर यह फीचर अगले हफ्ते तक दिखने लगेगा मगर आईफोन यूजर्क को यह जल्दी मिल सकता है. कंपनी के एक बयान में कहा गया कि यह अपडेट (पुराना फीचर) प्रोफाइल नाम के बगल में दिखेगा औऱ जब आप व्यू कॉन्टेक्ट करेंगे तो इसे पढ़ा जा सकेगा. यानी जब आप नई चैट क्रिएट करना चाहेंगे या फिर ग्रुप संबंधी इंफो लेना चाहेंगे तब यह पढ़ सकेंगे.
साथ ही नया फीचर जो कि 24 घंटे बाद गायब हो जाता है, वह भी यथावत बना रहेगा. बता दें कि नए फीचर (स्टेट्स मेसेज संबंधी) के जरिए आप फोटो या वीडियो पोस्ट कर सकते हैं और यह भी तय कर सकते हैं कि इन्हें कौन देखे और कौन नहीं. एक बार पोस्ट कर देने के बाद यह स्टेट्स मेसेज 24 घंटे तक दिखता है.
साथ ही नया फीचर जो कि 24 घंटे बाद गायब हो जाता है, वह भी यथावत बना रहेगा. बता दें कि नए फीचर (स्टेट्स मेसेज संबंधी) के जरिए आप फोटो या वीडियो पोस्ट कर सकते हैं और यह भी तय कर सकते हैं कि इन्हें कौन देखे और कौन नहीं. एक बार पोस्ट कर देने के बाद यह स्टेट्स मेसेज 24 घंटे तक दिखता है. | संक्षिप्त सारांश: वॉट्सऐप पुराने टेक्स्ट स्टेट्स मेसेज फीचर को फिर से ला रहा है
यह अगले हफ्ते तक एंड्रॉयड में लागू किया जा सकता है
नया फीचर कायम रहेगा | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यह वही इयान हिली हैं, जिन्होंने कुछ समय पहले विराट कोहली की प्रशंसा की थी. हिली ने कहा था, "मैंने पिछले दिनों कहा था कि मैंने अब तक जितने भी बल्लेबाज देखे हैं उनमें से विराट कोहली बेस्ट हैं. मैदान में उनका उत्तेजक बर्ताव उस समय तक ठीक था, जब वह कप्तान नहीं थे.'
हालांकि इन सब बातों के बावजूद विराट कोहली ने टीम इंडिया को अपने नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वापसी करा दी है, वहीं ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ अब खुद आचार संहिता के घेरे में हैं. उन्होंने डीआरएस का गलत िस्तेमाल करने की कोशिश की थी और अब उन पर कार्रवाई की मांग की जा रही है...
हालांकि इन सब बातों के बावजूद विराट कोहली ने टीम इंडिया को अपने नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वापसी करा दी है, वहीं ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ अब खुद आचार संहिता के घेरे में हैं. उन्होंने डीआरएस का गलत िस्तेमाल करने की कोशिश की थी और अब उन पर कार्रवाई की मांग की जा रही है... | पिछले दिनों इयान हिली ने विराट कोहली की प्रशंसा की थी
स्मिथ से स्लेजिंग के चलते कोहली के बारे में बदले विचार
अब विराट कोहली ने हिली को पुराने दिन याद दिलाए हैं | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने प्लेऑफ में इटली के फ्रांसेस्को मोलिनारी को हराकर स्काटिश ओपन खिताब जीतने के साथ ही अगले हफ्ते रॉयल लेथाम और सेंट एन्स में होने वाले ब्रिटिश ओपन में जगह बना ली है।
जीव ने रविवार को बिना बोगी के पांच अंडर-67 का कार्ड बनाया और वह संयुक्त रूप से बढ़त में शामिल हो गये जिससे उन्हें मोलिनारी के साथ प्ले ऑफ खेलना पड़ा।
उन्होंने खिताब जीतने के बाद कहा, यह शानदार जीत है। मैंने प्ले आफ जानने के लिये एक घंटे से ज्यादा का इंतजार किया। मार्क वारेन और मोलिनारी अच्छा खेल रहे थे। मुझे खुशी है कि मैं खिताब जीतने में सफल रहा। इस यूरोपीय टूर्नामेंट में जीव की चौथी जीत है। इससे पहले उन्होंने 2006 में वोल्वो चाइना, 2006 में वोल्वो मास्टर्स आफ यूरोप और 2008 में आस्टियन ओपन जीता था।टिप्पणियां
पहले प्ले ऑफ होल में जीव ने 15 फीट से बर्डी लगायी जबकि इटली के मोलिनारी 25 फीट से इसे चूक गए।जिससे इस भारतीय ने 2008 के बाद से अपनी पहली जीत दर्ज की और इसके साथ ही ब्रिटिश ओपन में भी जगह बनाने में सफल रहे।
अन्य भारतीयों में एसएसपी चौरसिया 72 के कार्ड से संयुक्त 11वें स्थान पर रहे और 2010 में अवंता मास्टर्स में जीत के बाद यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
जीव ने रविवार को बिना बोगी के पांच अंडर-67 का कार्ड बनाया और वह संयुक्त रूप से बढ़त में शामिल हो गये जिससे उन्हें मोलिनारी के साथ प्ले ऑफ खेलना पड़ा।
उन्होंने खिताब जीतने के बाद कहा, यह शानदार जीत है। मैंने प्ले आफ जानने के लिये एक घंटे से ज्यादा का इंतजार किया। मार्क वारेन और मोलिनारी अच्छा खेल रहे थे। मुझे खुशी है कि मैं खिताब जीतने में सफल रहा। इस यूरोपीय टूर्नामेंट में जीव की चौथी जीत है। इससे पहले उन्होंने 2006 में वोल्वो चाइना, 2006 में वोल्वो मास्टर्स आफ यूरोप और 2008 में आस्टियन ओपन जीता था।टिप्पणियां
पहले प्ले ऑफ होल में जीव ने 15 फीट से बर्डी लगायी जबकि इटली के मोलिनारी 25 फीट से इसे चूक गए।जिससे इस भारतीय ने 2008 के बाद से अपनी पहली जीत दर्ज की और इसके साथ ही ब्रिटिश ओपन में भी जगह बनाने में सफल रहे।
अन्य भारतीयों में एसएसपी चौरसिया 72 के कार्ड से संयुक्त 11वें स्थान पर रहे और 2010 में अवंता मास्टर्स में जीत के बाद यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
उन्होंने खिताब जीतने के बाद कहा, यह शानदार जीत है। मैंने प्ले आफ जानने के लिये एक घंटे से ज्यादा का इंतजार किया। मार्क वारेन और मोलिनारी अच्छा खेल रहे थे। मुझे खुशी है कि मैं खिताब जीतने में सफल रहा। इस यूरोपीय टूर्नामेंट में जीव की चौथी जीत है। इससे पहले उन्होंने 2006 में वोल्वो चाइना, 2006 में वोल्वो मास्टर्स आफ यूरोप और 2008 में आस्टियन ओपन जीता था।टिप्पणियां
पहले प्ले ऑफ होल में जीव ने 15 फीट से बर्डी लगायी जबकि इटली के मोलिनारी 25 फीट से इसे चूक गए।जिससे इस भारतीय ने 2008 के बाद से अपनी पहली जीत दर्ज की और इसके साथ ही ब्रिटिश ओपन में भी जगह बनाने में सफल रहे।
अन्य भारतीयों में एसएसपी चौरसिया 72 के कार्ड से संयुक्त 11वें स्थान पर रहे और 2010 में अवंता मास्टर्स में जीत के बाद यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
पहले प्ले ऑफ होल में जीव ने 15 फीट से बर्डी लगायी जबकि इटली के मोलिनारी 25 फीट से इसे चूक गए।जिससे इस भारतीय ने 2008 के बाद से अपनी पहली जीत दर्ज की और इसके साथ ही ब्रिटिश ओपन में भी जगह बनाने में सफल रहे।
अन्य भारतीयों में एसएसपी चौरसिया 72 के कार्ड से संयुक्त 11वें स्थान पर रहे और 2010 में अवंता मास्टर्स में जीत के बाद यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
अन्य भारतीयों में एसएसपी चौरसिया 72 के कार्ड से संयुक्त 11वें स्थान पर रहे और 2010 में अवंता मास्टर्स में जीत के बाद यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। | भारतीय गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने प्लेऑफ में इटली के फ्रांसेस्को मोलिनारी को हराकर स्काटिश ओपन खिताब जीतने के साथ ही अगले हफ्ते रॉयल लेथाम और सेंट एन्स में होने वाले ब्रिटिश ओपन में जगह बना ली है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: श्रद्धालु मंगलवार को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए तैयार हैं. ऐसे में उत्तराखंड सरकार इन हिंदू तीर्थ स्थलों की वार्षिक यात्रा के सुचारू रूप से संचालन की तैयारी कर रही है. एक सरकारी अधिकारी ने रविवार को बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट जहां अक्षय तृतिया के पावन पर मंगलवार को खुलेंगे, वहीं केदारनाथ के कपाट गुरुवार को और बद्रीनाथ के कपाट शुक्रवार को खुलेंगे.
थपलियाल ने कहा कि सभी प्रमुख निर्माण कार्य जैसे कि चार धाम की ओर जाने वाली सड़कों पर कटाई का काम तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए रोक दिए गए हैं, जो विभिन्न प्रकार के वाहनों से आते हैं.
उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाली सड़क पर अभी भी मंदिर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत का काम चल रहा है. उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने कहा, "हमें उम्मीद है कि 7 मई तक सभी पुर्ननिर्माण कार्य पूरे हो जाएंगे."
पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने शनिवार को तीर्थयात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए पुलिस के आला अधिकारियों की एक बैठक की.
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में सभी महत्वपूर्ण पड़ावों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा. | संक्षिप्त पाठ: अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे
अक्षय तृतीया 7 मई को है
केदरीनाथ-बद्रीनाथ के कपाट क्रमश: 9 और 10 मई को खुलेंगे | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई में संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थकों ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की है ताकि अगले विधानसभा चुनाव में वह पार्टी का नेतृत्व कर सके। वसुंधरा समर्थकों ने साथ ही वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय प्रभारी को भी हटाए जाने की मांग की है।
केंद्र के साथ-साथ प्रदेश के नेता इसे घर का संकट बता रहे हैं और कह रहे हैं कि इसे सुलझा लिया जाएगा जबकि सूत्रों का दावा है कि वसुंधरा समर्थक 60 विधायकों ने अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया है।
सोमवार को राजे समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और केंद्रीय प्रभारी कप्तान सिंह सोलंकी को हटाने की मांग कर केंद्रीय नेतृत्व की पेशानी पर बल ला दिया।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "राजे के समर्थन में इस्तीफा देने वाले विधायकों ने मांग की है कि उन्हें प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया जाए। साथ ही केंद्रीय नेतृत्व से आश्वासन मांगा गया है कि अगले विधानसभा चुनाव में राजे को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया जाए।"
राजस्थान इकाई में नेतृत्व को लेकर कलह शनिवार को उस समय सतह पर आ गया जब राजे ने प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद कटारिया की प्रस्तावित 'लोक जागरण यात्रा' से नाराज होकर पार्टी छोड़ने तक की चेतावनी दे डाली।
शनिवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में वसुंधरा ने इस्तीफे की चेतावनी देते हुए बैठक बीच में ही छोड़ चल दी थी। इन विधायकों ने अपने इस्तीफे हालांकि विधानसभा अध्यक्ष को न सौंपकर वसुंधरा को सौंपे हैं।
इस्तीफे की खबरों के बाद जयपुर से दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अध्यक्ष नितिन गडकरी और अरुण जेटली ने खुद वसुंधरा से फोन पर बातचीत की और मामले को सुलझाने का प्रयास किया।टिप्पणियां
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "कालीचरण सर्राफ, दिगम्बर सिंह, ज्ञान देव आहूजा, रोहिताश्व शर्मा, अशोक परनामी और मोहनलाल गुप्ता सहित 60 विधायकों ने दोपहर तक राजे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इन विधायकों ने वसुंधरा के साथ जयपुर में कई बैठकें की।"
इस बीच ऐसी चर्चा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा विवाद के निपटारे के लिए वसुंधरा को सोमवार को दिल्ली तलब किया लेकिन वसुंधरा ने दिल्ली जाने से साफ इनकार दिया।
केंद्र के साथ-साथ प्रदेश के नेता इसे घर का संकट बता रहे हैं और कह रहे हैं कि इसे सुलझा लिया जाएगा जबकि सूत्रों का दावा है कि वसुंधरा समर्थक 60 विधायकों ने अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया है।
सोमवार को राजे समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और केंद्रीय प्रभारी कप्तान सिंह सोलंकी को हटाने की मांग कर केंद्रीय नेतृत्व की पेशानी पर बल ला दिया।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "राजे के समर्थन में इस्तीफा देने वाले विधायकों ने मांग की है कि उन्हें प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया जाए। साथ ही केंद्रीय नेतृत्व से आश्वासन मांगा गया है कि अगले विधानसभा चुनाव में राजे को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया जाए।"
राजस्थान इकाई में नेतृत्व को लेकर कलह शनिवार को उस समय सतह पर आ गया जब राजे ने प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद कटारिया की प्रस्तावित 'लोक जागरण यात्रा' से नाराज होकर पार्टी छोड़ने तक की चेतावनी दे डाली।
शनिवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में वसुंधरा ने इस्तीफे की चेतावनी देते हुए बैठक बीच में ही छोड़ चल दी थी। इन विधायकों ने अपने इस्तीफे हालांकि विधानसभा अध्यक्ष को न सौंपकर वसुंधरा को सौंपे हैं।
इस्तीफे की खबरों के बाद जयपुर से दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अध्यक्ष नितिन गडकरी और अरुण जेटली ने खुद वसुंधरा से फोन पर बातचीत की और मामले को सुलझाने का प्रयास किया।टिप्पणियां
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "कालीचरण सर्राफ, दिगम्बर सिंह, ज्ञान देव आहूजा, रोहिताश्व शर्मा, अशोक परनामी और मोहनलाल गुप्ता सहित 60 विधायकों ने दोपहर तक राजे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इन विधायकों ने वसुंधरा के साथ जयपुर में कई बैठकें की।"
इस बीच ऐसी चर्चा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा विवाद के निपटारे के लिए वसुंधरा को सोमवार को दिल्ली तलब किया लेकिन वसुंधरा ने दिल्ली जाने से साफ इनकार दिया।
सोमवार को राजे समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और केंद्रीय प्रभारी कप्तान सिंह सोलंकी को हटाने की मांग कर केंद्रीय नेतृत्व की पेशानी पर बल ला दिया।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "राजे के समर्थन में इस्तीफा देने वाले विधायकों ने मांग की है कि उन्हें प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया जाए। साथ ही केंद्रीय नेतृत्व से आश्वासन मांगा गया है कि अगले विधानसभा चुनाव में राजे को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया जाए।"
राजस्थान इकाई में नेतृत्व को लेकर कलह शनिवार को उस समय सतह पर आ गया जब राजे ने प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद कटारिया की प्रस्तावित 'लोक जागरण यात्रा' से नाराज होकर पार्टी छोड़ने तक की चेतावनी दे डाली।
शनिवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में वसुंधरा ने इस्तीफे की चेतावनी देते हुए बैठक बीच में ही छोड़ चल दी थी। इन विधायकों ने अपने इस्तीफे हालांकि विधानसभा अध्यक्ष को न सौंपकर वसुंधरा को सौंपे हैं।
इस्तीफे की खबरों के बाद जयपुर से दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अध्यक्ष नितिन गडकरी और अरुण जेटली ने खुद वसुंधरा से फोन पर बातचीत की और मामले को सुलझाने का प्रयास किया।टिप्पणियां
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "कालीचरण सर्राफ, दिगम्बर सिंह, ज्ञान देव आहूजा, रोहिताश्व शर्मा, अशोक परनामी और मोहनलाल गुप्ता सहित 60 विधायकों ने दोपहर तक राजे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इन विधायकों ने वसुंधरा के साथ जयपुर में कई बैठकें की।"
इस बीच ऐसी चर्चा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा विवाद के निपटारे के लिए वसुंधरा को सोमवार को दिल्ली तलब किया लेकिन वसुंधरा ने दिल्ली जाने से साफ इनकार दिया।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "राजे के समर्थन में इस्तीफा देने वाले विधायकों ने मांग की है कि उन्हें प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया जाए। साथ ही केंद्रीय नेतृत्व से आश्वासन मांगा गया है कि अगले विधानसभा चुनाव में राजे को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया जाए।"
राजस्थान इकाई में नेतृत्व को लेकर कलह शनिवार को उस समय सतह पर आ गया जब राजे ने प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद कटारिया की प्रस्तावित 'लोक जागरण यात्रा' से नाराज होकर पार्टी छोड़ने तक की चेतावनी दे डाली।
शनिवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में वसुंधरा ने इस्तीफे की चेतावनी देते हुए बैठक बीच में ही छोड़ चल दी थी। इन विधायकों ने अपने इस्तीफे हालांकि विधानसभा अध्यक्ष को न सौंपकर वसुंधरा को सौंपे हैं।
इस्तीफे की खबरों के बाद जयपुर से दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अध्यक्ष नितिन गडकरी और अरुण जेटली ने खुद वसुंधरा से फोन पर बातचीत की और मामले को सुलझाने का प्रयास किया।टिप्पणियां
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "कालीचरण सर्राफ, दिगम्बर सिंह, ज्ञान देव आहूजा, रोहिताश्व शर्मा, अशोक परनामी और मोहनलाल गुप्ता सहित 60 विधायकों ने दोपहर तक राजे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इन विधायकों ने वसुंधरा के साथ जयपुर में कई बैठकें की।"
इस बीच ऐसी चर्चा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा विवाद के निपटारे के लिए वसुंधरा को सोमवार को दिल्ली तलब किया लेकिन वसुंधरा ने दिल्ली जाने से साफ इनकार दिया।
राजस्थान इकाई में नेतृत्व को लेकर कलह शनिवार को उस समय सतह पर आ गया जब राजे ने प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद कटारिया की प्रस्तावित 'लोक जागरण यात्रा' से नाराज होकर पार्टी छोड़ने तक की चेतावनी दे डाली।
शनिवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में वसुंधरा ने इस्तीफे की चेतावनी देते हुए बैठक बीच में ही छोड़ चल दी थी। इन विधायकों ने अपने इस्तीफे हालांकि विधानसभा अध्यक्ष को न सौंपकर वसुंधरा को सौंपे हैं।
इस्तीफे की खबरों के बाद जयपुर से दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अध्यक्ष नितिन गडकरी और अरुण जेटली ने खुद वसुंधरा से फोन पर बातचीत की और मामले को सुलझाने का प्रयास किया।टिप्पणियां
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "कालीचरण सर्राफ, दिगम्बर सिंह, ज्ञान देव आहूजा, रोहिताश्व शर्मा, अशोक परनामी और मोहनलाल गुप्ता सहित 60 विधायकों ने दोपहर तक राजे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इन विधायकों ने वसुंधरा के साथ जयपुर में कई बैठकें की।"
इस बीच ऐसी चर्चा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा विवाद के निपटारे के लिए वसुंधरा को सोमवार को दिल्ली तलब किया लेकिन वसुंधरा ने दिल्ली जाने से साफ इनकार दिया।
शनिवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में वसुंधरा ने इस्तीफे की चेतावनी देते हुए बैठक बीच में ही छोड़ चल दी थी। इन विधायकों ने अपने इस्तीफे हालांकि विधानसभा अध्यक्ष को न सौंपकर वसुंधरा को सौंपे हैं।
इस्तीफे की खबरों के बाद जयपुर से दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अध्यक्ष नितिन गडकरी और अरुण जेटली ने खुद वसुंधरा से फोन पर बातचीत की और मामले को सुलझाने का प्रयास किया।टिप्पणियां
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "कालीचरण सर्राफ, दिगम्बर सिंह, ज्ञान देव आहूजा, रोहिताश्व शर्मा, अशोक परनामी और मोहनलाल गुप्ता सहित 60 विधायकों ने दोपहर तक राजे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इन विधायकों ने वसुंधरा के साथ जयपुर में कई बैठकें की।"
इस बीच ऐसी चर्चा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा विवाद के निपटारे के लिए वसुंधरा को सोमवार को दिल्ली तलब किया लेकिन वसुंधरा ने दिल्ली जाने से साफ इनकार दिया।
इस्तीफे की खबरों के बाद जयपुर से दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अध्यक्ष नितिन गडकरी और अरुण जेटली ने खुद वसुंधरा से फोन पर बातचीत की और मामले को सुलझाने का प्रयास किया।टिप्पणियां
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "कालीचरण सर्राफ, दिगम्बर सिंह, ज्ञान देव आहूजा, रोहिताश्व शर्मा, अशोक परनामी और मोहनलाल गुप्ता सहित 60 विधायकों ने दोपहर तक राजे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इन विधायकों ने वसुंधरा के साथ जयपुर में कई बैठकें की।"
इस बीच ऐसी चर्चा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा विवाद के निपटारे के लिए वसुंधरा को सोमवार को दिल्ली तलब किया लेकिन वसुंधरा ने दिल्ली जाने से साफ इनकार दिया।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "कालीचरण सर्राफ, दिगम्बर सिंह, ज्ञान देव आहूजा, रोहिताश्व शर्मा, अशोक परनामी और मोहनलाल गुप्ता सहित 60 विधायकों ने दोपहर तक राजे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इन विधायकों ने वसुंधरा के साथ जयपुर में कई बैठकें की।"
इस बीच ऐसी चर्चा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा विवाद के निपटारे के लिए वसुंधरा को सोमवार को दिल्ली तलब किया लेकिन वसुंधरा ने दिल्ली जाने से साफ इनकार दिया।
इस बीच ऐसी चर्चा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मौजूदा विवाद के निपटारे के लिए वसुंधरा को सोमवार को दिल्ली तलब किया लेकिन वसुंधरा ने दिल्ली जाने से साफ इनकार दिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई में संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थकों ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की है ताकि अगले विधानसभा चुनाव में वह पार्टी का नेतृत्व कर सके। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नागर विमानन कंपनी जेट एयरवेज का शेयर 11 प्रतिशत से अधिक टूट गया। जेट एयरवेज और एतिहाद एयरवेज के बीच 2,000 करोड़ रुपये के सौदे पर विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) के निर्णय से पूर्व आज कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई।
बंबई शेयर बाजार में कारोबार के दौरान 13.46 प्रतिशत की गिरावट के बाद जेट का शेयर अंतत: 403.70 रुपये पर बंद हुआ जो पिछले बंद स्तर के मुकाबले 11.18 प्रतिशत नीचे है। बीएसई में कंपनी के 11.52 लाख शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई।
नेशनल स्टाक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 11.37 प्रतिशत नीचे 402 रुपये पर बंद हुआ और 32.56 लाख से अधिक शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई।टिप्पणियां
जेट एयरवेज ने 24 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 2,058 करोड़ रुपये में अबुधाबी स्थित एतिहाद एयरवेज को बेचने की योजना बनाई है। पिछले सप्ताह जेट के सीईओ निकोस करदासिस ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया।
एफआईपीबी की बैठक कल होने वाली थी जिसमें जेट-एतिहाद सौदे पर विचार किया जाना था। वित्त मंत्रालय के एक नोट के अनुसार अब यह बैठक शुक्रवार को होगी।
बंबई शेयर बाजार में कारोबार के दौरान 13.46 प्रतिशत की गिरावट के बाद जेट का शेयर अंतत: 403.70 रुपये पर बंद हुआ जो पिछले बंद स्तर के मुकाबले 11.18 प्रतिशत नीचे है। बीएसई में कंपनी के 11.52 लाख शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई।
नेशनल स्टाक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 11.37 प्रतिशत नीचे 402 रुपये पर बंद हुआ और 32.56 लाख से अधिक शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई।टिप्पणियां
जेट एयरवेज ने 24 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 2,058 करोड़ रुपये में अबुधाबी स्थित एतिहाद एयरवेज को बेचने की योजना बनाई है। पिछले सप्ताह जेट के सीईओ निकोस करदासिस ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया।
एफआईपीबी की बैठक कल होने वाली थी जिसमें जेट-एतिहाद सौदे पर विचार किया जाना था। वित्त मंत्रालय के एक नोट के अनुसार अब यह बैठक शुक्रवार को होगी।
नेशनल स्टाक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 11.37 प्रतिशत नीचे 402 रुपये पर बंद हुआ और 32.56 लाख से अधिक शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई।टिप्पणियां
जेट एयरवेज ने 24 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 2,058 करोड़ रुपये में अबुधाबी स्थित एतिहाद एयरवेज को बेचने की योजना बनाई है। पिछले सप्ताह जेट के सीईओ निकोस करदासिस ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया।
एफआईपीबी की बैठक कल होने वाली थी जिसमें जेट-एतिहाद सौदे पर विचार किया जाना था। वित्त मंत्रालय के एक नोट के अनुसार अब यह बैठक शुक्रवार को होगी।
जेट एयरवेज ने 24 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 2,058 करोड़ रुपये में अबुधाबी स्थित एतिहाद एयरवेज को बेचने की योजना बनाई है। पिछले सप्ताह जेट के सीईओ निकोस करदासिस ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया।
एफआईपीबी की बैठक कल होने वाली थी जिसमें जेट-एतिहाद सौदे पर विचार किया जाना था। वित्त मंत्रालय के एक नोट के अनुसार अब यह बैठक शुक्रवार को होगी।
एफआईपीबी की बैठक कल होने वाली थी जिसमें जेट-एतिहाद सौदे पर विचार किया जाना था। वित्त मंत्रालय के एक नोट के अनुसार अब यह बैठक शुक्रवार को होगी। | यहाँ एक सारांश है:नागर विमानन कंपनी जेट एयरवेज का शेयर 11 प्रतिशत से अधिक टूट गया। जेट एयरवेज और एतिहाद एयरवेज के बीच 2,000 करोड़ रुपये के सौदे पर विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) के निर्णय से पूर्व आज कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रेलवे ने RRC Group D, RRB NTPC और पैरामेडिकल की भर्ती प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए हैं. रेलवे ने इन तीनों कैटेगरी के तहत होने वाली भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किए हैं और इसके संबंध में RRB वेबसाइट्स पर नोटिफिकेशन जारी किया है. RRB द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक आरआसी ने नोटिफिकेशन के पैरा नंबर 14.2 - शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) में एक और प्वॉइंट जोड़ा है. पीईटी दो चरणों में होगी. पहले चरण में उम्मीदवारों को एक तय वजन को लेकर तय दूरी तक जाना होगा. वहीं वजन उठाने वाले टेस्ट के बाद दूसरे चरण में दौड़ होगी. वजन उठाने वाले टेस्ट में परीक्षार्थियों को कमर की ऊंचाई वाले एक बेंच/प्लेटफॉर्म से एक रेत की बोरी उठानी होगी और उसे उठाकर तय दूरी तक ले जाना होगा. इसका अलावा RRB Group D में एक और बदलाव हुआ है, ग्रुप डी नोटिफिकेशन के पैरा नंबर 16.1 में एक और प्वाइंट जोड़ा गया है. इस प्वाइंट में लिखा है कि अगर सर्टिफिकेट या मार्कशीट पर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लिखा हुआ है तो उम्मीदवार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान रजिस्ट्रेशन नंबर की जगह रोल नंबर लिख सकते हैं.
बता दें कि रेलवे ने RRB NTPC में भी कई बदलाव किए हैं. आरआरबी एनटीपीसी में हुए बदलाव नीचे दिए गए हैं.
1. अगर कोई आवेदक OBC/SC/ST/EWS/PwBD के तौर पर पहली स्टेज का सीबीटी पास करता है तो उसे भर्ती के सभी चरणों में OBC/SC/ST/EWS/PwBD ही माना जाएगा.
2. EWS कैटिगिरी के तहत आवेदन करने वालों को इनकम सर्टिफिकेट पेश करना होगा. ध्यान रहे कि रजिस्ट्रेशन की डेट 31/3/2019 है इसलिए सर्टिफिकेट वित्त वर्ष 2017/18 का होना चाहिए.
3. RRB ने उस क्लॉज को हटा दिया है जिसमें भर्ती पूरे होने तक किसी भी तरह की RTI जानकारी देने से इनकार किया गया था.
अधिक जानकारी के लिए नीचे दिया गया नोटिफिकेशन चेक करें.
RRB ALP CBT 2 Result: जल्द जारी होगा एएलपी, टेक्नीशियन सीबीटी 2 का रिजल्ट, जानिए डिटेल
RRB Paramedical भर्ती में हुए बदलावों की जानकारी के लिए नीचे दिया गया नोटिफिकेशन चेक करें.
RRC Group D Vacancy: रेलवे में 10वीं पास के लिए 1 लाख से ज्यादा वैकेंसी, इन स्टेप्स से करें आवेदन | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ग्रुप डी लेवल 1 की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव हुए हैं.
एनटीपीसी की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव हुए हैं.
इसके संबंध में नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं. | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन ने जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोगों को नत्थी वीजा देने की अपनी दो साल पुरानी प्रवृत्ति को समाप्त करने का संकेत देते हुए कहा कि वह लोगों की यात्रा से संबंधित मुद्दों के हल के लिए भारत के साथ काम करने का इच्छुक है। भारत में चीन के राजदूत झांग यान ने संवाददाताओं से कहा, आप गहराई से देख सकते हैं और स्वयं ही निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं। उनसे पूछा गया था कि क्या चीन ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले लोगों को नत्थी वीजा देने की अपनी प्रवृत्ति में ढील दी है। झांग ने कहा कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बीजिंग में इस मुद्दे पर पहले ही टिप्पणी कर चुके हैं और वह उसमें कुछ और जोड़ना नहीं चाहेंगे। उन्होंने कहा, हम लोगों के एक-दूसरे के यहां आने जाने से संबंधित सभी मुद्दों के हल के लिए भारत के साथ काम करने के इच्छुक हैं। यह हमारा आम नजरिया है, जो हमारे इरादों का संकेत देता है। उच्च स्तरीय रक्षा विनिमय बहाल करने के बारे में झांग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच यह आदान-प्रदान फिर से शुरू होगा। भारत में चीन के राजदूत ने कहा, मुझे यह जानकर बेहद खुशी है कि दोनों पक्षों के संयुक्त प्रयासों से हम रक्षा क्षेत्र में अपना सहयोग जारी रखेंगे। बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारी होंग ली ने मंगलवार को कहा था कि चीन, लोगों के एक-दूसरे के यहां आने जाने से जुड़े विवाद का उचित समाधान करने के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार है। | यह एक सारांश है: चीन ने जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोगों को नत्थी वीजा देने की अपनी दो साल पुरानी प्रवृत्ति को समाप्त करने का संकेत दिया है। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे नोएडा में सड़क किनारे एक मासूम बच्ची मिली है। इस बच्ची को नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्ची की देखभाल कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची स्वस्थ है। इस बच्ची के माता−पिता कौन है यह अभी तक पता नहीं चल पाया है। यह नवजात बच्ची को नोएडा के सेक्टर 37 में बिजली विभाग के गेस्ट हाउस के पास मिली थी। बच्ची को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था।
दूसरा मामला मध्य प्रदेश के झाबुआ का है जहां कुपोषण की शिकार एक 3 साल की बच्ची को अस्पताल में दाखिल कराने के बाद उसकी दादी छोड़ कर चली गई। अस्पताल में दाखिल कराए जाते वक्त अनीता की हालत काफी खराब थी। अनीता के माता−पिता पहले ही उसे दादी के पास छोड़कर काम की तलाश में किसी दूसरे शहर पलायन कर गए हैं। फिलहाल महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी और अस्पताल के कर्मचारी बच्ची की देखभाल कर रहे हैं लेकिन इस वाक्ये ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटी बचाओ अभियान की पोल खोल कर रख दी है।
दूसरा मामला मध्य प्रदेश के झाबुआ का है जहां कुपोषण की शिकार एक 3 साल की बच्ची को अस्पताल में दाखिल कराने के बाद उसकी दादी छोड़ कर चली गई। अस्पताल में दाखिल कराए जाते वक्त अनीता की हालत काफी खराब थी। अनीता के माता−पिता पहले ही उसे दादी के पास छोड़कर काम की तलाश में किसी दूसरे शहर पलायन कर गए हैं। फिलहाल महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी और अस्पताल के कर्मचारी बच्ची की देखभाल कर रहे हैं लेकिन इस वाक्ये ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटी बचाओ अभियान की पोल खोल कर रख दी है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली से सटे नोएडा में सड़क किनारे एक मासूम बच्ची मिली है। दूसरी बच्ची मध्य प्रदेश के अस्पताल में मिली है जिसे उसकी दादी यहां छोड़कर चली गई। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी डेविड हेडली के खिलाफ मुंबई हमले के संदर्भ में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से दायर आरोप पत्र पर सुनवाई 21 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी है। अदालत ने सुनवाई को स्थगित करने के साथ ही एनआईए के वकील और इसके अधिकारियों से पूछा कि वे आगामी तारीख को सभी जरूरी कागजात अदालत में लाएं।टिप्पणियां
विशेष एनआईए न्यायाधीश एचएस शर्मा ने कहा, ‘‘चालान के मुताबिक इस मामले में नौ आरोपी हैं और इनमें से कोई गिरफ्तार नहीं हुआ है। अभी इस संज्ञान में जिरह हिस्सों में हुई है। कई दस्तावेजों का हवाला दिया गया है। जिरह के मुताबिक यह जरूरी है कि सभी प्रासंगिक दस्तावेज मौजूद हों।’’
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘जांच अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि सभी वाजिब दस्तावेज अगली सुनवाई में जिरह के दौरान पेश किए जाएंगे।’’ एनआईए ने इस मामले में बीते 24 दिसंबर को 51 साल के हेडली, उसके पाकिस्तानी सहयोगी तहव्वुर हुसैन राणा और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।
विशेष एनआईए न्यायाधीश एचएस शर्मा ने कहा, ‘‘चालान के मुताबिक इस मामले में नौ आरोपी हैं और इनमें से कोई गिरफ्तार नहीं हुआ है। अभी इस संज्ञान में जिरह हिस्सों में हुई है। कई दस्तावेजों का हवाला दिया गया है। जिरह के मुताबिक यह जरूरी है कि सभी प्रासंगिक दस्तावेज मौजूद हों।’’
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘जांच अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि सभी वाजिब दस्तावेज अगली सुनवाई में जिरह के दौरान पेश किए जाएंगे।’’ एनआईए ने इस मामले में बीते 24 दिसंबर को 51 साल के हेडली, उसके पाकिस्तानी सहयोगी तहव्वुर हुसैन राणा और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘जांच अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि सभी वाजिब दस्तावेज अगली सुनवाई में जिरह के दौरान पेश किए जाएंगे।’’ एनआईए ने इस मामले में बीते 24 दिसंबर को 51 साल के हेडली, उसके पाकिस्तानी सहयोगी तहव्वुर हुसैन राणा और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली की अदालत ने पाक मूल के आतंकी डेविड हेडली के खिलाफ मुंबई हमले में एनआईए की ओर से दायर आरोप पत्र पर सुनवाई 21 जनवरी तक टाल दी है। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिकी पोंटिंग भले ही मानते हों कि सचिन तेंदुलकर की तुलना में ब्रायन लारा ने अपनी टीम के लिए अधिक मैच जीते हैं, लेकिन आंकड़े इसके उलट कहानी बयां करते हैं और इसमें अपनी टीम के लिए मैच जीतने के मामले में भारतीय बल्लेबाज कैरेबियाई दिग्गज से मीलों आगे हैं।
पोंटिंग ने हाल में कहा था, सचिन और लारा मेरी नजर में दो बेहतरीन बल्लेबाज हैं। लारा ने अपनी टीम के लिए सचिन से अधिक मैच जीते हैं, लेकिन यदि आंकड़ों पर गौर किया जाए तो लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने केवल 24.42 फीसदी टेस्ट मैच जीते हैं, जबकि तेंदुलकर के रहते हुए भारत ने 35.35 प्रतिशत टेस्ट मैचों में जीत हासिल की।
इन मैचों में यदि इन दोनों के प्रदर्शन को देखते हैं तो फिर लारा के कुल रनों के 24.50 फीसदी रन जहां उनकी टीम की जीत के काम आए वहीं तेंदुलकर के मामले में यह आंकड़ा 37.01 प्रतिशत है। तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जो 100 शतक लगाये हैं उनमें से 53 शतक भारत की जीत के काम आए।
टेस्ट क्रिकेट में उनके ऐसे शतकों की संख्या 20 जो उनके कुल शतकों का 39. 01 प्रतिशत है। लारा ने टेस्ट मैचों में 34 शतक लगाए हैं, लेकिन इनमें से केवल आठ शतक (23.52 प्रतिशत) ही वेस्टइंडीज को जीत दिला पाए।
यदि तेंदुलकर को इस आंकड़े पर परखकर देखें तो उनकी उपस्थिति में भारत को केवल 56 टेस्ट मैच में हार मिली, जो कि उनके कुल मैचों का 28.28 प्रतिशत है। तेंदुलकर ने इन मैचों में 4088 रन बनाए और उनके केवल 11 शतक टीम के काम नहीं आए थे। तेंदुलकर ने अपने करियर में अब तक 72 ड्रॉ मैचों में 20 शतक सहित 5887 रन बनाए जबकि लारा के रहते हुए वेस्टइंडीज ने 36 मैच ड्रॉ कराए।
इनमें बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 3708 रन बनाए और 12 शतक ठोके। वेस्टइंडीज ने लारा के रहते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिन आठ मैचों में जीत दर्ज की उनमें इस बल्लेबाज ने तीन शतक सहित 751 रन बनाए। इसी तरह से इंग्लैंड के खिलाफ उनकी मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने नौ मैच जीते और इनमें लारा केवल एक शतक लगा पाए थे।
लारा के रहते हुए कैरेबियाई टीम ने भारत से चार तथा दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका से दो दो मैच जीते, लेकिन इनमें से किसी भी मैच में लारा ने शतक नहीं लगाया। यदि तेंदुलकर पर यह आंकड़ा फिट किया जाता है तो यह स्टार बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 जीत का गवाह रहा और इन मैचों में उन्होंने चार शतकों की मदद से 1407 रन बनाए। इसी तरह से श्रीलंका के खिलाफ 11 और इंग्लैंड के खिलाफ नौ मैचों में मिली जीत में तेंदुलकर ने तीन तीन शतक जमाये। उन्होंने हर टीम के खिलाफ विजयी शतक जड़ा है।टिप्पणियां
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो लारा के शतक जरूर उनकी टीम की जीत के काम में आए। वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने वनडे में 19 शतक लगाए हैं, जिनमें से 16 बार उनकी टीम ने जीत दर्ज की। तेंदुलकर भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं।
मास्टर ब्लास्टर के 49 में से 33 शतकों ने भारत को जीत दिलाई थी। वनडे में हालांकि लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 46.48 प्रतिशत मैचों में जीत दर्ज की, जबकि तेंदुलकर के लिए यह आंकड़ा 50.53 प्रतिशत हैं। तेंदुलकर ने अपने कुल रनों 18, 426 के 60 . 55 प्रतिशत यानी 11157 रन उन मैचों में बनाए, जिनमें भारत ने जीत दर्ज की। लारा का आंकड़ा उनसे थोड़ा बेहतर है। लारा के वन-डे में बनाए गए 10405 रनों में से 62.97 प्रतिशत यानी 6553 रन टीम की जीत के काम आए।
पोंटिंग ने हाल में कहा था, सचिन और लारा मेरी नजर में दो बेहतरीन बल्लेबाज हैं। लारा ने अपनी टीम के लिए सचिन से अधिक मैच जीते हैं, लेकिन यदि आंकड़ों पर गौर किया जाए तो लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने केवल 24.42 फीसदी टेस्ट मैच जीते हैं, जबकि तेंदुलकर के रहते हुए भारत ने 35.35 प्रतिशत टेस्ट मैचों में जीत हासिल की।
इन मैचों में यदि इन दोनों के प्रदर्शन को देखते हैं तो फिर लारा के कुल रनों के 24.50 फीसदी रन जहां उनकी टीम की जीत के काम आए वहीं तेंदुलकर के मामले में यह आंकड़ा 37.01 प्रतिशत है। तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जो 100 शतक लगाये हैं उनमें से 53 शतक भारत की जीत के काम आए।
टेस्ट क्रिकेट में उनके ऐसे शतकों की संख्या 20 जो उनके कुल शतकों का 39. 01 प्रतिशत है। लारा ने टेस्ट मैचों में 34 शतक लगाए हैं, लेकिन इनमें से केवल आठ शतक (23.52 प्रतिशत) ही वेस्टइंडीज को जीत दिला पाए।
यदि तेंदुलकर को इस आंकड़े पर परखकर देखें तो उनकी उपस्थिति में भारत को केवल 56 टेस्ट मैच में हार मिली, जो कि उनके कुल मैचों का 28.28 प्रतिशत है। तेंदुलकर ने इन मैचों में 4088 रन बनाए और उनके केवल 11 शतक टीम के काम नहीं आए थे। तेंदुलकर ने अपने करियर में अब तक 72 ड्रॉ मैचों में 20 शतक सहित 5887 रन बनाए जबकि लारा के रहते हुए वेस्टइंडीज ने 36 मैच ड्रॉ कराए।
इनमें बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 3708 रन बनाए और 12 शतक ठोके। वेस्टइंडीज ने लारा के रहते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिन आठ मैचों में जीत दर्ज की उनमें इस बल्लेबाज ने तीन शतक सहित 751 रन बनाए। इसी तरह से इंग्लैंड के खिलाफ उनकी मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने नौ मैच जीते और इनमें लारा केवल एक शतक लगा पाए थे।
लारा के रहते हुए कैरेबियाई टीम ने भारत से चार तथा दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका से दो दो मैच जीते, लेकिन इनमें से किसी भी मैच में लारा ने शतक नहीं लगाया। यदि तेंदुलकर पर यह आंकड़ा फिट किया जाता है तो यह स्टार बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 जीत का गवाह रहा और इन मैचों में उन्होंने चार शतकों की मदद से 1407 रन बनाए। इसी तरह से श्रीलंका के खिलाफ 11 और इंग्लैंड के खिलाफ नौ मैचों में मिली जीत में तेंदुलकर ने तीन तीन शतक जमाये। उन्होंने हर टीम के खिलाफ विजयी शतक जड़ा है।टिप्पणियां
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो लारा के शतक जरूर उनकी टीम की जीत के काम में आए। वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने वनडे में 19 शतक लगाए हैं, जिनमें से 16 बार उनकी टीम ने जीत दर्ज की। तेंदुलकर भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं।
मास्टर ब्लास्टर के 49 में से 33 शतकों ने भारत को जीत दिलाई थी। वनडे में हालांकि लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 46.48 प्रतिशत मैचों में जीत दर्ज की, जबकि तेंदुलकर के लिए यह आंकड़ा 50.53 प्रतिशत हैं। तेंदुलकर ने अपने कुल रनों 18, 426 के 60 . 55 प्रतिशत यानी 11157 रन उन मैचों में बनाए, जिनमें भारत ने जीत दर्ज की। लारा का आंकड़ा उनसे थोड़ा बेहतर है। लारा के वन-डे में बनाए गए 10405 रनों में से 62.97 प्रतिशत यानी 6553 रन टीम की जीत के काम आए।
इन मैचों में यदि इन दोनों के प्रदर्शन को देखते हैं तो फिर लारा के कुल रनों के 24.50 फीसदी रन जहां उनकी टीम की जीत के काम आए वहीं तेंदुलकर के मामले में यह आंकड़ा 37.01 प्रतिशत है। तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जो 100 शतक लगाये हैं उनमें से 53 शतक भारत की जीत के काम आए।
टेस्ट क्रिकेट में उनके ऐसे शतकों की संख्या 20 जो उनके कुल शतकों का 39. 01 प्रतिशत है। लारा ने टेस्ट मैचों में 34 शतक लगाए हैं, लेकिन इनमें से केवल आठ शतक (23.52 प्रतिशत) ही वेस्टइंडीज को जीत दिला पाए।
यदि तेंदुलकर को इस आंकड़े पर परखकर देखें तो उनकी उपस्थिति में भारत को केवल 56 टेस्ट मैच में हार मिली, जो कि उनके कुल मैचों का 28.28 प्रतिशत है। तेंदुलकर ने इन मैचों में 4088 रन बनाए और उनके केवल 11 शतक टीम के काम नहीं आए थे। तेंदुलकर ने अपने करियर में अब तक 72 ड्रॉ मैचों में 20 शतक सहित 5887 रन बनाए जबकि लारा के रहते हुए वेस्टइंडीज ने 36 मैच ड्रॉ कराए।
इनमें बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 3708 रन बनाए और 12 शतक ठोके। वेस्टइंडीज ने लारा के रहते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिन आठ मैचों में जीत दर्ज की उनमें इस बल्लेबाज ने तीन शतक सहित 751 रन बनाए। इसी तरह से इंग्लैंड के खिलाफ उनकी मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने नौ मैच जीते और इनमें लारा केवल एक शतक लगा पाए थे।
लारा के रहते हुए कैरेबियाई टीम ने भारत से चार तथा दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका से दो दो मैच जीते, लेकिन इनमें से किसी भी मैच में लारा ने शतक नहीं लगाया। यदि तेंदुलकर पर यह आंकड़ा फिट किया जाता है तो यह स्टार बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 जीत का गवाह रहा और इन मैचों में उन्होंने चार शतकों की मदद से 1407 रन बनाए। इसी तरह से श्रीलंका के खिलाफ 11 और इंग्लैंड के खिलाफ नौ मैचों में मिली जीत में तेंदुलकर ने तीन तीन शतक जमाये। उन्होंने हर टीम के खिलाफ विजयी शतक जड़ा है।टिप्पणियां
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो लारा के शतक जरूर उनकी टीम की जीत के काम में आए। वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने वनडे में 19 शतक लगाए हैं, जिनमें से 16 बार उनकी टीम ने जीत दर्ज की। तेंदुलकर भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं।
मास्टर ब्लास्टर के 49 में से 33 शतकों ने भारत को जीत दिलाई थी। वनडे में हालांकि लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 46.48 प्रतिशत मैचों में जीत दर्ज की, जबकि तेंदुलकर के लिए यह आंकड़ा 50.53 प्रतिशत हैं। तेंदुलकर ने अपने कुल रनों 18, 426 के 60 . 55 प्रतिशत यानी 11157 रन उन मैचों में बनाए, जिनमें भारत ने जीत दर्ज की। लारा का आंकड़ा उनसे थोड़ा बेहतर है। लारा के वन-डे में बनाए गए 10405 रनों में से 62.97 प्रतिशत यानी 6553 रन टीम की जीत के काम आए।
टेस्ट क्रिकेट में उनके ऐसे शतकों की संख्या 20 जो उनके कुल शतकों का 39. 01 प्रतिशत है। लारा ने टेस्ट मैचों में 34 शतक लगाए हैं, लेकिन इनमें से केवल आठ शतक (23.52 प्रतिशत) ही वेस्टइंडीज को जीत दिला पाए।
यदि तेंदुलकर को इस आंकड़े पर परखकर देखें तो उनकी उपस्थिति में भारत को केवल 56 टेस्ट मैच में हार मिली, जो कि उनके कुल मैचों का 28.28 प्रतिशत है। तेंदुलकर ने इन मैचों में 4088 रन बनाए और उनके केवल 11 शतक टीम के काम नहीं आए थे। तेंदुलकर ने अपने करियर में अब तक 72 ड्रॉ मैचों में 20 शतक सहित 5887 रन बनाए जबकि लारा के रहते हुए वेस्टइंडीज ने 36 मैच ड्रॉ कराए।
इनमें बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 3708 रन बनाए और 12 शतक ठोके। वेस्टइंडीज ने लारा के रहते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिन आठ मैचों में जीत दर्ज की उनमें इस बल्लेबाज ने तीन शतक सहित 751 रन बनाए। इसी तरह से इंग्लैंड के खिलाफ उनकी मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने नौ मैच जीते और इनमें लारा केवल एक शतक लगा पाए थे।
लारा के रहते हुए कैरेबियाई टीम ने भारत से चार तथा दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका से दो दो मैच जीते, लेकिन इनमें से किसी भी मैच में लारा ने शतक नहीं लगाया। यदि तेंदुलकर पर यह आंकड़ा फिट किया जाता है तो यह स्टार बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 जीत का गवाह रहा और इन मैचों में उन्होंने चार शतकों की मदद से 1407 रन बनाए। इसी तरह से श्रीलंका के खिलाफ 11 और इंग्लैंड के खिलाफ नौ मैचों में मिली जीत में तेंदुलकर ने तीन तीन शतक जमाये। उन्होंने हर टीम के खिलाफ विजयी शतक जड़ा है।टिप्पणियां
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो लारा के शतक जरूर उनकी टीम की जीत के काम में आए। वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने वनडे में 19 शतक लगाए हैं, जिनमें से 16 बार उनकी टीम ने जीत दर्ज की। तेंदुलकर भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं।
मास्टर ब्लास्टर के 49 में से 33 शतकों ने भारत को जीत दिलाई थी। वनडे में हालांकि लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 46.48 प्रतिशत मैचों में जीत दर्ज की, जबकि तेंदुलकर के लिए यह आंकड़ा 50.53 प्रतिशत हैं। तेंदुलकर ने अपने कुल रनों 18, 426 के 60 . 55 प्रतिशत यानी 11157 रन उन मैचों में बनाए, जिनमें भारत ने जीत दर्ज की। लारा का आंकड़ा उनसे थोड़ा बेहतर है। लारा के वन-डे में बनाए गए 10405 रनों में से 62.97 प्रतिशत यानी 6553 रन टीम की जीत के काम आए।
इनमें बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 3708 रन बनाए और 12 शतक ठोके। वेस्टइंडीज ने लारा के रहते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिन आठ मैचों में जीत दर्ज की उनमें इस बल्लेबाज ने तीन शतक सहित 751 रन बनाए। इसी तरह से इंग्लैंड के खिलाफ उनकी मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने नौ मैच जीते और इनमें लारा केवल एक शतक लगा पाए थे।
लारा के रहते हुए कैरेबियाई टीम ने भारत से चार तथा दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका से दो दो मैच जीते, लेकिन इनमें से किसी भी मैच में लारा ने शतक नहीं लगाया। यदि तेंदुलकर पर यह आंकड़ा फिट किया जाता है तो यह स्टार बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 जीत का गवाह रहा और इन मैचों में उन्होंने चार शतकों की मदद से 1407 रन बनाए। इसी तरह से श्रीलंका के खिलाफ 11 और इंग्लैंड के खिलाफ नौ मैचों में मिली जीत में तेंदुलकर ने तीन तीन शतक जमाये। उन्होंने हर टीम के खिलाफ विजयी शतक जड़ा है।टिप्पणियां
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो लारा के शतक जरूर उनकी टीम की जीत के काम में आए। वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने वनडे में 19 शतक लगाए हैं, जिनमें से 16 बार उनकी टीम ने जीत दर्ज की। तेंदुलकर भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं।
मास्टर ब्लास्टर के 49 में से 33 शतकों ने भारत को जीत दिलाई थी। वनडे में हालांकि लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 46.48 प्रतिशत मैचों में जीत दर्ज की, जबकि तेंदुलकर के लिए यह आंकड़ा 50.53 प्रतिशत हैं। तेंदुलकर ने अपने कुल रनों 18, 426 के 60 . 55 प्रतिशत यानी 11157 रन उन मैचों में बनाए, जिनमें भारत ने जीत दर्ज की। लारा का आंकड़ा उनसे थोड़ा बेहतर है। लारा के वन-डे में बनाए गए 10405 रनों में से 62.97 प्रतिशत यानी 6553 रन टीम की जीत के काम आए।
लारा के रहते हुए कैरेबियाई टीम ने भारत से चार तथा दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका से दो दो मैच जीते, लेकिन इनमें से किसी भी मैच में लारा ने शतक नहीं लगाया। यदि तेंदुलकर पर यह आंकड़ा फिट किया जाता है तो यह स्टार बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 जीत का गवाह रहा और इन मैचों में उन्होंने चार शतकों की मदद से 1407 रन बनाए। इसी तरह से श्रीलंका के खिलाफ 11 और इंग्लैंड के खिलाफ नौ मैचों में मिली जीत में तेंदुलकर ने तीन तीन शतक जमाये। उन्होंने हर टीम के खिलाफ विजयी शतक जड़ा है।टिप्पणियां
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो लारा के शतक जरूर उनकी टीम की जीत के काम में आए। वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने वनडे में 19 शतक लगाए हैं, जिनमें से 16 बार उनकी टीम ने जीत दर्ज की। तेंदुलकर भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं।
मास्टर ब्लास्टर के 49 में से 33 शतकों ने भारत को जीत दिलाई थी। वनडे में हालांकि लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 46.48 प्रतिशत मैचों में जीत दर्ज की, जबकि तेंदुलकर के लिए यह आंकड़ा 50.53 प्रतिशत हैं। तेंदुलकर ने अपने कुल रनों 18, 426 के 60 . 55 प्रतिशत यानी 11157 रन उन मैचों में बनाए, जिनमें भारत ने जीत दर्ज की। लारा का आंकड़ा उनसे थोड़ा बेहतर है। लारा के वन-डे में बनाए गए 10405 रनों में से 62.97 प्रतिशत यानी 6553 रन टीम की जीत के काम आए।
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो लारा के शतक जरूर उनकी टीम की जीत के काम में आए। वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने वनडे में 19 शतक लगाए हैं, जिनमें से 16 बार उनकी टीम ने जीत दर्ज की। तेंदुलकर भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं।
मास्टर ब्लास्टर के 49 में से 33 शतकों ने भारत को जीत दिलाई थी। वनडे में हालांकि लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 46.48 प्रतिशत मैचों में जीत दर्ज की, जबकि तेंदुलकर के लिए यह आंकड़ा 50.53 प्रतिशत हैं। तेंदुलकर ने अपने कुल रनों 18, 426 के 60 . 55 प्रतिशत यानी 11157 रन उन मैचों में बनाए, जिनमें भारत ने जीत दर्ज की। लारा का आंकड़ा उनसे थोड़ा बेहतर है। लारा के वन-डे में बनाए गए 10405 रनों में से 62.97 प्रतिशत यानी 6553 रन टीम की जीत के काम आए।
मास्टर ब्लास्टर के 49 में से 33 शतकों ने भारत को जीत दिलाई थी। वनडे में हालांकि लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 46.48 प्रतिशत मैचों में जीत दर्ज की, जबकि तेंदुलकर के लिए यह आंकड़ा 50.53 प्रतिशत हैं। तेंदुलकर ने अपने कुल रनों 18, 426 के 60 . 55 प्रतिशत यानी 11157 रन उन मैचों में बनाए, जिनमें भारत ने जीत दर्ज की। लारा का आंकड़ा उनसे थोड़ा बेहतर है। लारा के वन-डे में बनाए गए 10405 रनों में से 62.97 प्रतिशत यानी 6553 रन टीम की जीत के काम आए। | पोंटिंग ने कहा, आंकड़ों पर गौर किया जाए तो लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने केवल 24.42 फीसदी टेस्ट मैच जीते हैं, जबकि तेंदुलकर के रहते हुए भारत ने 35.35 प्रतिशत टेस्ट मैचों में जीत हासिल की। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लालू यादव के खिलाफ भी मामला दर्ज करेगा? सूत्रों के मुताबिक ईडी सीबीआई की एफआईआर का जायजा ले रहा है कि इसके आधार पर लालू और उनके बेटे यानी बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग का मामला बनता है या नहीं.
वैसे ईडी ने सोमवार को मीसा भारती और उसके पति शैलेश कुमार को सम्मन भेजकर मंगलवार को पेश होने को कहा है. मीसा भारती को अपनी संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज लेकर आना है. पूछताछ लालू परिवार की बेनामी संपत्ति से जुड़े मामले में होनी है. कई करोड़ रुपये की मनी लॉन्डरिंग का भी आरोप है.टिप्पणियां
शनिवार को दिल्ली के सैनिक फार्म बिजवासन और घितौरनी में छापा मारा गया था. वहां से कई दस्तावेज, फोन और कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज़ ज़ब्त की गई हैं. इनके बारे में भी सफाई मांगी गई है.
इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने लालू यादव सहित उनके करीबियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी.
वैसे ईडी ने सोमवार को मीसा भारती और उसके पति शैलेश कुमार को सम्मन भेजकर मंगलवार को पेश होने को कहा है. मीसा भारती को अपनी संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज लेकर आना है. पूछताछ लालू परिवार की बेनामी संपत्ति से जुड़े मामले में होनी है. कई करोड़ रुपये की मनी लॉन्डरिंग का भी आरोप है.टिप्पणियां
शनिवार को दिल्ली के सैनिक फार्म बिजवासन और घितौरनी में छापा मारा गया था. वहां से कई दस्तावेज, फोन और कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज़ ज़ब्त की गई हैं. इनके बारे में भी सफाई मांगी गई है.
इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने लालू यादव सहित उनके करीबियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी.
शनिवार को दिल्ली के सैनिक फार्म बिजवासन और घितौरनी में छापा मारा गया था. वहां से कई दस्तावेज, फोन और कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज़ ज़ब्त की गई हैं. इनके बारे में भी सफाई मांगी गई है.
इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने लालू यादव सहित उनके करीबियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी.
इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने लालू यादव सहित उनके करीबियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी. | संक्षिप्त सारांश: ईडी ने मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार को सम्मन भेजा
संपत्ति, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों के साथ मंगलवार को पेश होना होगा
लालू परिवार की बेनामी संपत्ति से जुड़े मामले में होनी है पूछताछ | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका स्थित जोपलिन के मिसौरी नगर में पिछले 60 साल में आए सर्वाधिक भीषण बवंडर में मरने वालों की संख्या 117 हो गई। इस बीच लापता लोगों की तलाश जारी है। बचाव कर्मी मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका के चलते उनकी गहन तलाश कर रहे हैं। मिसौरी के गवर्नर जे निक्सन के हवाले से सीएनएन ने बताया, उन्हें उम्मीद है कि वहां अभी भी लोग जीवित हैं, जिन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वहां पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है। रविवार को ओकलाहोमा और कंसास की सीमा से सटे जोपलिन में पिछले एक माह से कम समय के भीतर ही यह भयानक बवंडर आया है। गौरतलब है कि इससे पहले के बवंडर में 354 लोगों की जानें गई थीं। इस बवंडर ने अमेरिका के सात राज्यों में तबाही मचाई थी। रविवार को आए इस बवंडर में घरों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को काफी नुकसान हुआ है और शहर के एक विद्यालय और दो अस्पतालों को क्षति पहुंची है। राष्ट्रीय मौसम सेवा के निदेशक जैक हेज ने बताया कि प्राथमिक आकलन के मुताबिक ईएफ 4 नाम के इस बवंडर में हवाएं 190 से 198 मील प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी। सीएनएन ने राष्ट्रीय मौसम विज्ञान सेवा के हवाले से बताया है कि टेक्सास, ओकलाहोमा, आरकंसास, मिसौरी और नेब्रास्का में फिर से बवंडर के आने की 45 प्रतिशत संभावना है। बवंडर के आने का अनुमान लगाने वाली संस्था ने कंसास शहर, मिसौरी, डलास, टोपेका और विचिटा, कंसास, ओकलाहोमा शहर और टलसा समेत कई बड़े शहरों को अति संवेदनशील घोषित किया है। शहर के मेयर माइक वुलस्टन ने एक टीवी चैनल को बताया, कल दिन भर की तलाशी के बाद ज्यादातर खोजकर्ता घर लौट गए थे। लेकिन आज फिर से तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा, लगभग सारे ग्रिड को कम से कम एक बार तलाशा गया है। कइयों की तीन बार तक तलाशी ली गई है। मेयर ने कहा, लोगों को खोजने के प्रयास और राहत अभियान को हम दिनभर जारी रखेंगे। कुछ अखबारों में कहा गया कि तूफान में अब तक 1500 लोग तक लापता हैं। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका स्थित जोपलिन के मिसौरी नगर में पिछले 60 साल में आए सर्वाधिक भीषण बवंडर में मरने वालों की संख्या 117 हो गई। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेत्री जेनिफर लॉरेंस को अपनी निजता की इतनी कमी महसूस होती है कि वह बार-बार अपनी मां को फोन करके रो पड़ती हैं।टिप्पणियां
22-वर्षीय यह अभिनेत्री ऑस्कर के लिए नामित हो चुकी हैं और इनके खाते में 'विंटर बोन', 'सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक' और 'एक्स मेन: फर्स्ट क्लास' जैसी बड़ी फिल्में दर्ज हैं। लेकिन लॉरेंस को अचानक मिली इस प्रसिद्धि से तालमेल बैठाने में बहुत दिक्कत आ रही है।
उन्होंने कहा, मैं अपनी मां को फोन करके रोती रहती हूं, लेकिन यह थोड़ी सी भी निजता न मिलने का परिणाम है। यह सुनने में अजीब लग सकता है कि मैं ज्यादा पैसा बनाने के लिए अपना पसंदीदा काम कर रही हूं, लेकिन जब 15 अजनबी मेरे पीछे दौड़ने लगते हैं, तो अपने फैसले पर अफसोस के बिना नहीं रहा जाता। हालांकि अभिनेत्री कहती हैं कि धीरे-धीरे वह अपना सेलेब्रिटी स्टेट्स स्वीकारने की कोशिश कर रही हैं।
22-वर्षीय यह अभिनेत्री ऑस्कर के लिए नामित हो चुकी हैं और इनके खाते में 'विंटर बोन', 'सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक' और 'एक्स मेन: फर्स्ट क्लास' जैसी बड़ी फिल्में दर्ज हैं। लेकिन लॉरेंस को अचानक मिली इस प्रसिद्धि से तालमेल बैठाने में बहुत दिक्कत आ रही है।
उन्होंने कहा, मैं अपनी मां को फोन करके रोती रहती हूं, लेकिन यह थोड़ी सी भी निजता न मिलने का परिणाम है। यह सुनने में अजीब लग सकता है कि मैं ज्यादा पैसा बनाने के लिए अपना पसंदीदा काम कर रही हूं, लेकिन जब 15 अजनबी मेरे पीछे दौड़ने लगते हैं, तो अपने फैसले पर अफसोस के बिना नहीं रहा जाता। हालांकि अभिनेत्री कहती हैं कि धीरे-धीरे वह अपना सेलेब्रिटी स्टेट्स स्वीकारने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने कहा, मैं अपनी मां को फोन करके रोती रहती हूं, लेकिन यह थोड़ी सी भी निजता न मिलने का परिणाम है। यह सुनने में अजीब लग सकता है कि मैं ज्यादा पैसा बनाने के लिए अपना पसंदीदा काम कर रही हूं, लेकिन जब 15 अजनबी मेरे पीछे दौड़ने लगते हैं, तो अपने फैसले पर अफसोस के बिना नहीं रहा जाता। हालांकि अभिनेत्री कहती हैं कि धीरे-धीरे वह अपना सेलेब्रिटी स्टेट्स स्वीकारने की कोशिश कर रही हैं। | यहाँ एक सारांश है:अभिनेत्री जेनिफर लॉरेंस को अपनी निजता की इतनी कमी महसूस होती है कि वह बार-बार अपनी मां को फोन करके रो पड़ती हैं। 22-वर्षीय यह अभिनेत्री ऑस्कर के लिए नामित हो चुकी हैं। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अभिनेता आफताब शिवदासानी अगले साल भारतीय मूल की मॉडल निन दुसांज से शादी करने वाले हैं। आफताब की शादी 2013 की शुरुआत में होने की उम्मीद है। उनका कहना है कि उन्हें अपना प्यार तब मिला है, जब उन्हें इसकी ज्यादा जरूरत थी।
आफताब ने कहा, हां, हम शादी करने वाले हैं। निन हांगकांग की रहने वाली हैं। वह अभी भारत में रह रही हैं। वह पंजाबी लड़की हैं और उनका जन्म और पालन-पोषण लंदन में हुआ है, लेकिन वह पिछले छह सालों से हांगकांग में काम कर रही हैं।
34-वर्षीय आफताब ने अपनी शारीरिक बनावट और अभिनय पर ध्यान देने के लिए 2010 में एक साल का अवकाश ले लिया था। उसके बाद उन्होंने अपने मित्र निर्देशक विक्रम भट्ट की फिल्म '1920: एविल रिटर्न्स' में काम किया, जो हाल ही में प्रदर्शित हुई है। आफताब यह स्वीकार करते हैं कि यह वक्त उनके लिए काफी कठिन रहा है।टिप्पणियां
आफताब ने कहा, मैंने फिल्में करना बंद कर दिया। अगर मैं खुश नहीं हूं, तो काम करने का कोई मतलब नहीं है। मैंने सिर्फ विक्रम की फिल्म '1920: एविल रिटर्न्स' और इंद्र कुमार की फिल्म 'मस्ती' के अगले संस्करण 'ग्रांड मस्ती' के प्रस्ताव को स्वीकारा। उनका मानना है कि 'मस्ती' का अगला संस्करण पहली फिल्म से ज्यादा उत्तेजक है।
उन्होंने कहा, यह ऐसा ही है। 2004 में 'मस्ती' के प्रदर्शित होने के बाद ऐसी चीजें काफी आ चुकी हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि मैं हर तरह की द्विअर्थी और सांकेतिक संवाद के साथ सहज हूं। लेकिन यह दर्शकों की मांग के हिसाब से है। बतौर अभिनेता यह करना मेरा काम है, जो मैं अपनी वास्तविक जिंदगी में नहीं हूं। ऐसा कहा जा रहा है कि निन, आफताब के प्रति काफी समर्पित हैं।
आफताब ने कहा, हां, हम शादी करने वाले हैं। निन हांगकांग की रहने वाली हैं। वह अभी भारत में रह रही हैं। वह पंजाबी लड़की हैं और उनका जन्म और पालन-पोषण लंदन में हुआ है, लेकिन वह पिछले छह सालों से हांगकांग में काम कर रही हैं।
34-वर्षीय आफताब ने अपनी शारीरिक बनावट और अभिनय पर ध्यान देने के लिए 2010 में एक साल का अवकाश ले लिया था। उसके बाद उन्होंने अपने मित्र निर्देशक विक्रम भट्ट की फिल्म '1920: एविल रिटर्न्स' में काम किया, जो हाल ही में प्रदर्शित हुई है। आफताब यह स्वीकार करते हैं कि यह वक्त उनके लिए काफी कठिन रहा है।टिप्पणियां
आफताब ने कहा, मैंने फिल्में करना बंद कर दिया। अगर मैं खुश नहीं हूं, तो काम करने का कोई मतलब नहीं है। मैंने सिर्फ विक्रम की फिल्म '1920: एविल रिटर्न्स' और इंद्र कुमार की फिल्म 'मस्ती' के अगले संस्करण 'ग्रांड मस्ती' के प्रस्ताव को स्वीकारा। उनका मानना है कि 'मस्ती' का अगला संस्करण पहली फिल्म से ज्यादा उत्तेजक है।
उन्होंने कहा, यह ऐसा ही है। 2004 में 'मस्ती' के प्रदर्शित होने के बाद ऐसी चीजें काफी आ चुकी हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि मैं हर तरह की द्विअर्थी और सांकेतिक संवाद के साथ सहज हूं। लेकिन यह दर्शकों की मांग के हिसाब से है। बतौर अभिनेता यह करना मेरा काम है, जो मैं अपनी वास्तविक जिंदगी में नहीं हूं। ऐसा कहा जा रहा है कि निन, आफताब के प्रति काफी समर्पित हैं।
34-वर्षीय आफताब ने अपनी शारीरिक बनावट और अभिनय पर ध्यान देने के लिए 2010 में एक साल का अवकाश ले लिया था। उसके बाद उन्होंने अपने मित्र निर्देशक विक्रम भट्ट की फिल्म '1920: एविल रिटर्न्स' में काम किया, जो हाल ही में प्रदर्शित हुई है। आफताब यह स्वीकार करते हैं कि यह वक्त उनके लिए काफी कठिन रहा है।टिप्पणियां
आफताब ने कहा, मैंने फिल्में करना बंद कर दिया। अगर मैं खुश नहीं हूं, तो काम करने का कोई मतलब नहीं है। मैंने सिर्फ विक्रम की फिल्म '1920: एविल रिटर्न्स' और इंद्र कुमार की फिल्म 'मस्ती' के अगले संस्करण 'ग्रांड मस्ती' के प्रस्ताव को स्वीकारा। उनका मानना है कि 'मस्ती' का अगला संस्करण पहली फिल्म से ज्यादा उत्तेजक है।
उन्होंने कहा, यह ऐसा ही है। 2004 में 'मस्ती' के प्रदर्शित होने के बाद ऐसी चीजें काफी आ चुकी हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि मैं हर तरह की द्विअर्थी और सांकेतिक संवाद के साथ सहज हूं। लेकिन यह दर्शकों की मांग के हिसाब से है। बतौर अभिनेता यह करना मेरा काम है, जो मैं अपनी वास्तविक जिंदगी में नहीं हूं। ऐसा कहा जा रहा है कि निन, आफताब के प्रति काफी समर्पित हैं।
आफताब ने कहा, मैंने फिल्में करना बंद कर दिया। अगर मैं खुश नहीं हूं, तो काम करने का कोई मतलब नहीं है। मैंने सिर्फ विक्रम की फिल्म '1920: एविल रिटर्न्स' और इंद्र कुमार की फिल्म 'मस्ती' के अगले संस्करण 'ग्रांड मस्ती' के प्रस्ताव को स्वीकारा। उनका मानना है कि 'मस्ती' का अगला संस्करण पहली फिल्म से ज्यादा उत्तेजक है।
उन्होंने कहा, यह ऐसा ही है। 2004 में 'मस्ती' के प्रदर्शित होने के बाद ऐसी चीजें काफी आ चुकी हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि मैं हर तरह की द्विअर्थी और सांकेतिक संवाद के साथ सहज हूं। लेकिन यह दर्शकों की मांग के हिसाब से है। बतौर अभिनेता यह करना मेरा काम है, जो मैं अपनी वास्तविक जिंदगी में नहीं हूं। ऐसा कहा जा रहा है कि निन, आफताब के प्रति काफी समर्पित हैं।
उन्होंने कहा, यह ऐसा ही है। 2004 में 'मस्ती' के प्रदर्शित होने के बाद ऐसी चीजें काफी आ चुकी हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि मैं हर तरह की द्विअर्थी और सांकेतिक संवाद के साथ सहज हूं। लेकिन यह दर्शकों की मांग के हिसाब से है। बतौर अभिनेता यह करना मेरा काम है, जो मैं अपनी वास्तविक जिंदगी में नहीं हूं। ऐसा कहा जा रहा है कि निन, आफताब के प्रति काफी समर्पित हैं। | संक्षिप्त सारांश: अभिनेता आफताब शिवदासानी अगले साल भारतीय मूल की मॉडल निन दुसांज से शादी करने वाले हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपना प्यार तब मिला है, जब उन्हें इसकी ज्यादा जरूरत थी। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों में एक के बाद एक कई ऐसी आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं जिनमें अपराधियों ने बीजेपी (BJP Leader) नेताओं को निशाना बनाया है. ताजा मामला मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले का है. यहां बेखौफ बदमाशों ने एक बीजेपी (BJP Leader) के एक नेता पर हमला करके उनसे लाखों का आभूषण ले उड़े. वहीं, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कैबिनेट मंत्री ने आरएसएस (RSS) पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ लोगों को 'हथियार, बम, परमाणु बम, ग्रेनेड और ट्रिगर बलास्ट बनाने की ट्रेनिंग दे रहा है.' मंत्री गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh)ने यह बयान भाजपा (BJP)के राज्य में कानून एवं व्यवस्था पर सवाल उठाने के बाद दिया है. उधर, अमेरिका में इलाज करा रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) को लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि वे इस साल बजट (Interim Budget)पेश नहीं करेंगे, लेकिन सरकार से जुड़े उच्च सूत्रों के मुताबिक वे एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने के लिए देश लौटेंगे. वित्त मंत्री अरुण जेटली गुर्दा संबंधी अपनी बीमारी की जांच के लिए अमेरिका गये हैं.
वहीं, बिहार में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) अपने लोकसभा चुनाव अभियान का श्रीगणेश एक विशाल रैली से करेगा. हालांकि इसकी तिथि की घोषणा अभी नहीं की गई है लेकिन संभवत: 24 फ़रवरी या तीन मार्च को इस रैली का आयोजन किया जायेगा. इस रैली के बारे में जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) ने सैद्धांतिक रूप से अपनी सहमति दे दी है और BJP के नेताओं के साथ किस तिथि को इसका आयोजन किया जाये इस पर विचार विमर्श चल रहा है. उधर, फिल्म ठाकरे (Thackeray) में लीड रोल अदा कर रहे नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) इन दिनों अपनी फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं. इसी कड़ी में नवाज (Nawazuddin Siddiqui) ने कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो भी पहुंचे थे. रविवार को इस एपिसोड का प्रसारण हुआ. जहां उन्होंने अपनी फिल्म और करियर से जुड़ी कई रोचक बातें बताईं. बाला साहब ठाकरे (Balasaheb Thackeray) का रोल को पर्दे पर उतारने के लिए नवाज ने खास तैयारी की थी.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कैबिनेट मंत्री ने आरएसएस (RSS) पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ लोगों को 'हथियार, बम, परमाणु बम, ग्रेनेड और ट्रिगर बलास्ट बनाने की ट्रेनिंग दे रहा है.' मंत्री गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh)ने यह बयान भाजपा (BJP)के राज्य में कानून एवं व्यवस्था पर सवाल उठाने के बाद दिया है. स्थानीय मीडिया से बात करते हुए सिंह ने कहा, 'आरएसएस हथियार, बम, परमाणु बम और ग्रेनेड बनाने की ट्रेनिंग दे रहा है.' सिंह की मध्य प्रदेश में वरिष्ठ कांग्रेस नेता के रूप में गिनती होती है. दिग्विजय सिंह के कार्यकाल के दौरान वे गृहमंत्री थे. वे भिंड जिले की लहार सीट से सात बार से विधायक हैं. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पर यह कहते हुए टिप्पणी की कि यह कांग्रेस के "मानसिक दिवालियापन" को दर्शाता है. शिवराज सिंह ने ट्वीट किया, 'सीएम कमल नाथ जी के मंत्री डॉ. गोविंद सिंह की 'आरएसएस हथियार और ग्रेनेड बनाने की ट्रेनिंग दे रहा है' टिप्पणी बेहद हास्यास्पद और अज्ञानता का प्रतीक है. एक राष्ट्रवादी संगठन जो कि पिछले 94 साल से देश के चरित्र निर्माण के लिए काम कर रहा के बारे में ऐसी टिप्पणी कांग्रेस का मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है.'
अमेरिका में इलाज करा रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) को लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि वे इस साल बजट (Interim Budget)पेश नहीं करेंगे, लेकिन सरकार से जुड़े उच्च सूत्रों के मुताबिक वे एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने के लिए देश लौटेंगे. वित्त मंत्री अरुण जेटली गुर्दा संबंधी अपनी बीमारी की जांच के लिए अमेरिका गये हैं. जेटली का पिछले साल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था, इसके बाद वे इस बार नियमित जांच के लिए अमेरिका गए हैं. उनके अमेरिका रवाना होने के बाद ये सवाल उठने लगे थे कि क्या वे बजट के दौरान मौजूद होंगे या नहीं?
पिछले साल 14 मई 2018 को 66 वर्षीय जेटली का गुर्दा प्रतिरोपण हुआ था. उसके बाद उनकी यह पहली विदेश यात्रा है. पिछले नौ महीनों में उन्होंने कोई विदेश यात्रा नहीं की है. उन्हें पिछले साल अप्रैल में एम्स में भर्ती कराया गया था जहां वह डायलसिस पर थे और बाद में उनका गुर्दा प्रतिरोपण हुआ था. जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी रेलमंत्री पीयूष गोयल को सौंपी गई थी. जेटली 23 अगस्त 2018 को वापस वित्त मंत्रालय संभालने पहुंचे थे.
बिहार में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) अपने लोकसभा चुनाव अभियान का श्रीगणेश एक विशाल रैली से करेगा. हालांकि इसकी तिथि की घोषणा अभी नहीं की गई है लेकिन संभवत: 24 फ़रवरी या तीन मार्च को इस रैली का आयोजन किया जायेगा. इस रैली के बारे में जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) ने सैद्धांतिक रूप से अपनी सहमति दे दी है और BJP के नेताओं के साथ किस तिथि को इसका आयोजन किया जाये इस पर विचार विमर्श चल रहा है. यह पहला मौक़ा होगा जब राजनीतिक मंच से बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाने के लिए उनके कामकाज की तारीफ़ करने के अलावा लोगों से वोट देने की अपील भी करेंगे. नीतीश कुमार ने 2017 के जुलाई महीने में जब से BJP के साथ एक बार फिर से सरकार बनाई है तब से कई बार संवाददाता सम्मेलन में और कुछ सरकारी कार्यक्रमों में उन्होंने इस बात का दावा सार्वजनिक रूप से किया है कि अगली बार फिर जनता जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में देगी. लेकिन यह पहला मौक़ा होगा जब नीतीश नरेंद्र मोदी के साथ राजनीतिक मंच साझा करेंगे.
फिल्म ठाकरे (Thackeray) में लीड रोल अदा कर रहे नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) इन दिनों अपनी फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं. इसी कड़ी में नवाज (Nawazuddin Siddiqui) ने कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो भी पहुंचे थे. रविवार को इस एपिसोड का प्रसारण हुआ. जहां उन्होंने अपनी फिल्म और करियर से जुड़ी कई रोचक बातें बताईं. बाला साहब ठाकरे (Balasaheb Thackeray) का रोल को पर्दे पर उतारने के लिए नवाज ने खास तैयारी की थी. उन्होंने बताया कि जब इस फिल्म के लीड किरदार का रोल मुझे ऑफर हुआ तो मैं काफी एक्साइटेड था. लेकिन इसे करना काफी चैलेंजिंग रहा. कपिल शर्मा (Kapil Sharma) ने नवाज से पूछा कि आप अपनी फिल्मों के किरदार में पूरी तरीके से घुस जाते हो, तो कभी क्या आपकी जिंदगी पर भी इसका असर देखने को मिला. इस सवाल के जवाब में नवाज (Nawazuddin Siddiqui) ने बताया कि कई बार ऐसा होता है. फिल्म रमन राघव के किरदार का जिक्र करते हुए नवाज ने कहा कि फिल्म का कैरेक्टर इतना डार्क था कि मुझे इससे बाहर आने के लिए अस्पताल में भी एडमिट होना पड़ा था. | संक्षिप्त सारांश: मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
आरएसएस पर नेता ने पूछे सवाल
पीएम और नीतीश कुमार साथ साझा करेंगे स्टेज | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हरियाणा के एक मंत्री ने रविवार को कहा कि लंबे समय तक लागू चुनाव आचार संहिता विकास को बाधित करती है. यह बात हरियाणा के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने कही. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के अलावा हरियाणा में इस साल बाद में विधानसभा और पंचायत चुनाव भी होने हैं. इसलिए, राज्य में फिर से आचार संहिता लागू की जाएगी, जिससे विकास कार्यों के लिये कम वक्त मिलेगा. भाजपा नेता विज ने ट्वीट किया कि चुनाव आचार संहिता की इतनी लंबी अवधि विकास को बाधित करती है.
हरियाणा में लोकसभा चुनाव छठे चरण में 12 मई को होना है, लेकिन सभी काम पहले ही रूक गए हैं. चुनाव आयोग द्वारा 10 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद से देश भर में आचार संहिता लागू है. गौरतलब है कि अनिल विज ने इससे पहले भी कई विवादित बयान दिया है. हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने नाम के आगे 'पप्पू' जोड़ लेना चाहिए, जिस पर BJP को कोई आपत्ति नहीं है.
आमतौर पर अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहने वाले अनिल विज ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा था कि हमने अपने नामों के आगे 'चौकीदार' जोड़ा है, जिस पर आपको आपत्ति है... आपको भी अपने नामों के आगे 'पप्पू' जोड़ लेना चाहिए, और हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है. BJP के बहुत-से नेता कई मौकों पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाने के लिए उन्हें 'पप्पू' कहकर पुकारते रहे हैं.
दूसरी ओर, राहुल गांधी तथा कांग्रेस के कई अन्य नेता राफेल लड़ाकू विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते रहे हैं, और इसी दौरान उन्होंने 'चौकीदार चोर है' का नारा दिया, क्योंकि प्रधानमंत्री कई मौकों पर खुद को 'देश का चौकीदार' बताते रहे हैं. | चुनाव आयोग को लेकर भी दिया बयान
लोकसभा चुनाव से पहले आया विज का बयान
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर और दक्षिण चीन में विनाशकारी बाढ़ से पिछले कुछ दिनों में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से बाहर जाना पड़ा है।
दक्षिण चीन के गुआंगदोंग प्रांत में लगातार हुई बारिश की वजह से आई बाढ़ में नौ लोगों की जान चली गई। पुनिंग शहर से मिली जानकारी के अनुसार, वहां आठ लोगों की मौत हुई है।टिप्पणियां
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी खबर में बताया कि जिलिन काउंटी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक स्थानीय नागरिक समेत दो लोग लापता हो गए।
वहीं उत्तर पूर्व चीन के लियाओनिंग प्रांत के फुशुन शहर के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दशकों में यहां आई इस सबसे बुरी बाढ़ में शहर तबाह हो गया। आज सुबह तक मिली खबर के अनुसार, यहां मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है।
दक्षिण चीन के गुआंगदोंग प्रांत में लगातार हुई बारिश की वजह से आई बाढ़ में नौ लोगों की जान चली गई। पुनिंग शहर से मिली जानकारी के अनुसार, वहां आठ लोगों की मौत हुई है।टिप्पणियां
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी खबर में बताया कि जिलिन काउंटी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक स्थानीय नागरिक समेत दो लोग लापता हो गए।
वहीं उत्तर पूर्व चीन के लियाओनिंग प्रांत के फुशुन शहर के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दशकों में यहां आई इस सबसे बुरी बाढ़ में शहर तबाह हो गया। आज सुबह तक मिली खबर के अनुसार, यहां मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी खबर में बताया कि जिलिन काउंटी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक स्थानीय नागरिक समेत दो लोग लापता हो गए।
वहीं उत्तर पूर्व चीन के लियाओनिंग प्रांत के फुशुन शहर के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दशकों में यहां आई इस सबसे बुरी बाढ़ में शहर तबाह हो गया। आज सुबह तक मिली खबर के अनुसार, यहां मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है।
वहीं उत्तर पूर्व चीन के लियाओनिंग प्रांत के फुशुन शहर के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दशकों में यहां आई इस सबसे बुरी बाढ़ में शहर तबाह हो गया। आज सुबह तक मिली खबर के अनुसार, यहां मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है। | यहाँ एक सारांश है:उत्तर और दक्षिण चीन में विनाशकारी बाढ़ से पिछले कुछ दिनों में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से बाहर जाना पड़ा है। | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्यार से 'बिग बी' कहकर पुकारे जाने वाले बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन को हाल ही में हॉलीवुड की ऑस्कर पुरस्कार विजेता दिग्गज अदाकारा जूडी डेंच से मिलने का मौका मिला, जो उनके (अमिताभ के) मुताबिक उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा...
दरअसल, फैशन डिजाइनर अबू जानी और संदीप खोसला की एक किताब के लॉन्च के अवसर पर लंदन के सोदेबी में अमिताभ बच्चन की जेम्स बॉन्ड की फिल्मों में उसकी बॉस 'एम' की भूमिका निभाने वाली जूडी डेंच से मुलाकात हुई थी...टिप्पणियां
इस मुलाकात का जिक्र करते हुए अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "डेंच से मिलना बेहद सुखद अनुभव रहा... वह सौम्य, और मृदुभाषी होने के साथ-साथ अच्छी श्रोता भी हैं..."
अमिताभ बच्चन के मुताबिक लंदन में जानी और खोसला की किताब के लॉन्च के बाद एक नीलामी भी आयोजित की गई, जिसके लिए अमिताभ ने भी अपनी एक शेरवानी और एक बड़े आकार की श्वेत-श्याम तस्वीर दी थी... 'सुपरस्टार ऑफ द मिलेनियम' अमिताभ ने लिखा है कि नीलामी से अच्छी रकम जमा हुई, जो लड़कियों के हक के लिए काम करने वाली 'ब्रेकथ्रू' नामक संस्था को दे दी गई...
दरअसल, फैशन डिजाइनर अबू जानी और संदीप खोसला की एक किताब के लॉन्च के अवसर पर लंदन के सोदेबी में अमिताभ बच्चन की जेम्स बॉन्ड की फिल्मों में उसकी बॉस 'एम' की भूमिका निभाने वाली जूडी डेंच से मुलाकात हुई थी...टिप्पणियां
इस मुलाकात का जिक्र करते हुए अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "डेंच से मिलना बेहद सुखद अनुभव रहा... वह सौम्य, और मृदुभाषी होने के साथ-साथ अच्छी श्रोता भी हैं..."
अमिताभ बच्चन के मुताबिक लंदन में जानी और खोसला की किताब के लॉन्च के बाद एक नीलामी भी आयोजित की गई, जिसके लिए अमिताभ ने भी अपनी एक शेरवानी और एक बड़े आकार की श्वेत-श्याम तस्वीर दी थी... 'सुपरस्टार ऑफ द मिलेनियम' अमिताभ ने लिखा है कि नीलामी से अच्छी रकम जमा हुई, जो लड़कियों के हक के लिए काम करने वाली 'ब्रेकथ्रू' नामक संस्था को दे दी गई...
इस मुलाकात का जिक्र करते हुए अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "डेंच से मिलना बेहद सुखद अनुभव रहा... वह सौम्य, और मृदुभाषी होने के साथ-साथ अच्छी श्रोता भी हैं..."
अमिताभ बच्चन के मुताबिक लंदन में जानी और खोसला की किताब के लॉन्च के बाद एक नीलामी भी आयोजित की गई, जिसके लिए अमिताभ ने भी अपनी एक शेरवानी और एक बड़े आकार की श्वेत-श्याम तस्वीर दी थी... 'सुपरस्टार ऑफ द मिलेनियम' अमिताभ ने लिखा है कि नीलामी से अच्छी रकम जमा हुई, जो लड़कियों के हक के लिए काम करने वाली 'ब्रेकथ्रू' नामक संस्था को दे दी गई...
अमिताभ बच्चन के मुताबिक लंदन में जानी और खोसला की किताब के लॉन्च के बाद एक नीलामी भी आयोजित की गई, जिसके लिए अमिताभ ने भी अपनी एक शेरवानी और एक बड़े आकार की श्वेत-श्याम तस्वीर दी थी... 'सुपरस्टार ऑफ द मिलेनियम' अमिताभ ने लिखा है कि नीलामी से अच्छी रकम जमा हुई, जो लड़कियों के हक के लिए काम करने वाली 'ब्रेकथ्रू' नामक संस्था को दे दी गई... | सारांश: दरअसल, फैशन डिजाइनर अबू जानी और संदीप खोसला की किताब के लॉन्च के अवसर पर लंदन के सोदेबी में अमिताभ बच्चन की ऑस्कर पुरस्कार विजेता जूडी डेंच से मुलाकात हुई थी... | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर के किश्तवाड़ में कर्फ्यू रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा और जम्मू एवं राजौरी व अन्य कस्बों में भी हिंसा का प्रसार रोकने के लिए एहतियातन कर्फ्यू आयद कर दिया गया। इस बीच रविवार को किश्तवाड़ जाने के लिए जम्म पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अरुण जेटली को जम्मू हवाई अड्डे पर ही रोक दिया गया और उन्हें वापस दिल्ली भेज दिया गया।
अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए राज्य में मोबाइल फोन पर इंटरनेट सेवा और डोंगल उपकरणों के इस्तेमाल की सुविधा वापस ले ली गई है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किश्तवाड़ में हिंसा भड़कने के बाद कुछ शरारती तत्व जम्मू शहर एवं जिले के अन्य हिस्सों में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास में हैं। उन्होंने कहा, "जम्मू शहर एवं राजौरी कस्बे में एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लागू किया गया है।" दिन के समय जम्मू क्षेत्र के कठुआ, सांबा, रेआसी, कटरा और उधमपुर कस्बों में भी कर्फ्यू लगा दिया गया।
भाजपा नेताओं ने जेटली को जम्मू हवाई अड्डे पर रोकने और किश्तवाड़ नहीं जाने देने की निंदा की है। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे लगता है कि राज्य सरकार कुछ छिपाने का प्रयास कर रही है। पार्टी के नेता और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट में कहा है, "अरुण जेटली और अन्य विपक्षी नेताओं को किश्तवाड़ नहीं जाने देना असंवैधानिक है।"
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी राज्य सरकार पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। श्रीनगर में संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि वे स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और कुछ भी नहीं कर रहे हैं।
उधर, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को जम्मू क्षेत्र में हिंदू एवं मुस्लिम समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और तनावग्रस्त क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को न घुसने देने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा, "मैं शुरुआती संघर्ष के लिए किसी राजनीतिक दल को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा। लेकिन संघर्ष के बाद मदद करने की जगह उन्होंने ठीक उलटा काम किया।" उन्होंने कहा, "मैं पूरी कोशिश करूंगा कि ये लोग अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकें।"
ईद-उल-फितर के दिन शुक्रवार को किश्तवाड़ में हुई हिंसा में दो लोग मारे गए थे। स्थिति को काबू में करने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद सेना की सहायता ली गई। उसके बाद संघर्ष की स्थिति कुछ दूसरे क्षेत्रों में भी फैल गई।टिप्पणियां
उमर ने कहा, "यह दो समुदायों का आपसी संघर्ष है, जो आम तौर पर शांति से साथ रहा करते हैं।" उन्होंने कहा, "हिंदुओं और मुस्लिमों को एक साथ रहना है और यह उनके हित में है कि वे सामान्य स्थिति बनाने में मदद करें।" उन्होंने रविवार को भाजपा नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोकने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "क्या वह देश के ऐसे दूसरे क्षेत्रों में गए हैं, जहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो। सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर और खास तौर से जम्मू क्षेत्र में ही क्यों?" उन्होंने कहा, "कश्मीर में जब शिया-सुन्नी टकराव हुआ था, तो क्या वे यहां आए थे।" उन्होंने कहा, "यदि आप सहायता करने के लिए आएं, तो मैं आपकी भूमिका के लिए काफी उदारता दिखाऊंगा। 2008 और 2010 में उनकी भूमिका से स्पष्ट हो गया है कि वे स्थिति का फायदा राजनीति स्वार्थ साधने में उठाते हैं।"
एक सवाल के जवाब में उमर ने कहा, "किश्तवाड़ में एक तीसरा शव मिलने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन मैं इसकी पुष्टि तभी करूंगा, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि मौत संघर्ष की वजह से ही हुई है।" उनसे पूछा गया था कि ग्राम रक्षा समितियों को आतंकवादियों से सामना करने के लिए जो हथियार दिए गए थे, क्या उनका इस्तेमाल इस टकराव में हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से स्थिति नहीं संभल पाने के बाद रात घिरने से पहले सेना बुलाकर तैनात कर दी गई थी।
अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए राज्य में मोबाइल फोन पर इंटरनेट सेवा और डोंगल उपकरणों के इस्तेमाल की सुविधा वापस ले ली गई है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किश्तवाड़ में हिंसा भड़कने के बाद कुछ शरारती तत्व जम्मू शहर एवं जिले के अन्य हिस्सों में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास में हैं। उन्होंने कहा, "जम्मू शहर एवं राजौरी कस्बे में एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लागू किया गया है।" दिन के समय जम्मू क्षेत्र के कठुआ, सांबा, रेआसी, कटरा और उधमपुर कस्बों में भी कर्फ्यू लगा दिया गया।
भाजपा नेताओं ने जेटली को जम्मू हवाई अड्डे पर रोकने और किश्तवाड़ नहीं जाने देने की निंदा की है। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे लगता है कि राज्य सरकार कुछ छिपाने का प्रयास कर रही है। पार्टी के नेता और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट में कहा है, "अरुण जेटली और अन्य विपक्षी नेताओं को किश्तवाड़ नहीं जाने देना असंवैधानिक है।"
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी राज्य सरकार पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। श्रीनगर में संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि वे स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और कुछ भी नहीं कर रहे हैं।
उधर, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को जम्मू क्षेत्र में हिंदू एवं मुस्लिम समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और तनावग्रस्त क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को न घुसने देने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा, "मैं शुरुआती संघर्ष के लिए किसी राजनीतिक दल को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा। लेकिन संघर्ष के बाद मदद करने की जगह उन्होंने ठीक उलटा काम किया।" उन्होंने कहा, "मैं पूरी कोशिश करूंगा कि ये लोग अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकें।"
ईद-उल-फितर के दिन शुक्रवार को किश्तवाड़ में हुई हिंसा में दो लोग मारे गए थे। स्थिति को काबू में करने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद सेना की सहायता ली गई। उसके बाद संघर्ष की स्थिति कुछ दूसरे क्षेत्रों में भी फैल गई।टिप्पणियां
उमर ने कहा, "यह दो समुदायों का आपसी संघर्ष है, जो आम तौर पर शांति से साथ रहा करते हैं।" उन्होंने कहा, "हिंदुओं और मुस्लिमों को एक साथ रहना है और यह उनके हित में है कि वे सामान्य स्थिति बनाने में मदद करें।" उन्होंने रविवार को भाजपा नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोकने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "क्या वह देश के ऐसे दूसरे क्षेत्रों में गए हैं, जहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो। सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर और खास तौर से जम्मू क्षेत्र में ही क्यों?" उन्होंने कहा, "कश्मीर में जब शिया-सुन्नी टकराव हुआ था, तो क्या वे यहां आए थे।" उन्होंने कहा, "यदि आप सहायता करने के लिए आएं, तो मैं आपकी भूमिका के लिए काफी उदारता दिखाऊंगा। 2008 और 2010 में उनकी भूमिका से स्पष्ट हो गया है कि वे स्थिति का फायदा राजनीति स्वार्थ साधने में उठाते हैं।"
एक सवाल के जवाब में उमर ने कहा, "किश्तवाड़ में एक तीसरा शव मिलने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन मैं इसकी पुष्टि तभी करूंगा, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि मौत संघर्ष की वजह से ही हुई है।" उनसे पूछा गया था कि ग्राम रक्षा समितियों को आतंकवादियों से सामना करने के लिए जो हथियार दिए गए थे, क्या उनका इस्तेमाल इस टकराव में हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से स्थिति नहीं संभल पाने के बाद रात घिरने से पहले सेना बुलाकर तैनात कर दी गई थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किश्तवाड़ में हिंसा भड़कने के बाद कुछ शरारती तत्व जम्मू शहर एवं जिले के अन्य हिस्सों में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास में हैं। उन्होंने कहा, "जम्मू शहर एवं राजौरी कस्बे में एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लागू किया गया है।" दिन के समय जम्मू क्षेत्र के कठुआ, सांबा, रेआसी, कटरा और उधमपुर कस्बों में भी कर्फ्यू लगा दिया गया।
भाजपा नेताओं ने जेटली को जम्मू हवाई अड्डे पर रोकने और किश्तवाड़ नहीं जाने देने की निंदा की है। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे लगता है कि राज्य सरकार कुछ छिपाने का प्रयास कर रही है। पार्टी के नेता और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट में कहा है, "अरुण जेटली और अन्य विपक्षी नेताओं को किश्तवाड़ नहीं जाने देना असंवैधानिक है।"
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी राज्य सरकार पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। श्रीनगर में संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि वे स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और कुछ भी नहीं कर रहे हैं।
उधर, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को जम्मू क्षेत्र में हिंदू एवं मुस्लिम समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और तनावग्रस्त क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को न घुसने देने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा, "मैं शुरुआती संघर्ष के लिए किसी राजनीतिक दल को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा। लेकिन संघर्ष के बाद मदद करने की जगह उन्होंने ठीक उलटा काम किया।" उन्होंने कहा, "मैं पूरी कोशिश करूंगा कि ये लोग अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकें।"
ईद-उल-फितर के दिन शुक्रवार को किश्तवाड़ में हुई हिंसा में दो लोग मारे गए थे। स्थिति को काबू में करने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद सेना की सहायता ली गई। उसके बाद संघर्ष की स्थिति कुछ दूसरे क्षेत्रों में भी फैल गई।टिप्पणियां
उमर ने कहा, "यह दो समुदायों का आपसी संघर्ष है, जो आम तौर पर शांति से साथ रहा करते हैं।" उन्होंने कहा, "हिंदुओं और मुस्लिमों को एक साथ रहना है और यह उनके हित में है कि वे सामान्य स्थिति बनाने में मदद करें।" उन्होंने रविवार को भाजपा नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोकने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "क्या वह देश के ऐसे दूसरे क्षेत्रों में गए हैं, जहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो। सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर और खास तौर से जम्मू क्षेत्र में ही क्यों?" उन्होंने कहा, "कश्मीर में जब शिया-सुन्नी टकराव हुआ था, तो क्या वे यहां आए थे।" उन्होंने कहा, "यदि आप सहायता करने के लिए आएं, तो मैं आपकी भूमिका के लिए काफी उदारता दिखाऊंगा। 2008 और 2010 में उनकी भूमिका से स्पष्ट हो गया है कि वे स्थिति का फायदा राजनीति स्वार्थ साधने में उठाते हैं।"
एक सवाल के जवाब में उमर ने कहा, "किश्तवाड़ में एक तीसरा शव मिलने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन मैं इसकी पुष्टि तभी करूंगा, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि मौत संघर्ष की वजह से ही हुई है।" उनसे पूछा गया था कि ग्राम रक्षा समितियों को आतंकवादियों से सामना करने के लिए जो हथियार दिए गए थे, क्या उनका इस्तेमाल इस टकराव में हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से स्थिति नहीं संभल पाने के बाद रात घिरने से पहले सेना बुलाकर तैनात कर दी गई थी।
भाजपा नेताओं ने जेटली को जम्मू हवाई अड्डे पर रोकने और किश्तवाड़ नहीं जाने देने की निंदा की है। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे लगता है कि राज्य सरकार कुछ छिपाने का प्रयास कर रही है। पार्टी के नेता और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट में कहा है, "अरुण जेटली और अन्य विपक्षी नेताओं को किश्तवाड़ नहीं जाने देना असंवैधानिक है।"
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी राज्य सरकार पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। श्रीनगर में संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि वे स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और कुछ भी नहीं कर रहे हैं।
उधर, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को जम्मू क्षेत्र में हिंदू एवं मुस्लिम समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और तनावग्रस्त क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को न घुसने देने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा, "मैं शुरुआती संघर्ष के लिए किसी राजनीतिक दल को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा। लेकिन संघर्ष के बाद मदद करने की जगह उन्होंने ठीक उलटा काम किया।" उन्होंने कहा, "मैं पूरी कोशिश करूंगा कि ये लोग अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकें।"
ईद-उल-फितर के दिन शुक्रवार को किश्तवाड़ में हुई हिंसा में दो लोग मारे गए थे। स्थिति को काबू में करने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद सेना की सहायता ली गई। उसके बाद संघर्ष की स्थिति कुछ दूसरे क्षेत्रों में भी फैल गई।टिप्पणियां
उमर ने कहा, "यह दो समुदायों का आपसी संघर्ष है, जो आम तौर पर शांति से साथ रहा करते हैं।" उन्होंने कहा, "हिंदुओं और मुस्लिमों को एक साथ रहना है और यह उनके हित में है कि वे सामान्य स्थिति बनाने में मदद करें।" उन्होंने रविवार को भाजपा नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोकने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "क्या वह देश के ऐसे दूसरे क्षेत्रों में गए हैं, जहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो। सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर और खास तौर से जम्मू क्षेत्र में ही क्यों?" उन्होंने कहा, "कश्मीर में जब शिया-सुन्नी टकराव हुआ था, तो क्या वे यहां आए थे।" उन्होंने कहा, "यदि आप सहायता करने के लिए आएं, तो मैं आपकी भूमिका के लिए काफी उदारता दिखाऊंगा। 2008 और 2010 में उनकी भूमिका से स्पष्ट हो गया है कि वे स्थिति का फायदा राजनीति स्वार्थ साधने में उठाते हैं।"
एक सवाल के जवाब में उमर ने कहा, "किश्तवाड़ में एक तीसरा शव मिलने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन मैं इसकी पुष्टि तभी करूंगा, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि मौत संघर्ष की वजह से ही हुई है।" उनसे पूछा गया था कि ग्राम रक्षा समितियों को आतंकवादियों से सामना करने के लिए जो हथियार दिए गए थे, क्या उनका इस्तेमाल इस टकराव में हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से स्थिति नहीं संभल पाने के बाद रात घिरने से पहले सेना बुलाकर तैनात कर दी गई थी।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी राज्य सरकार पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। श्रीनगर में संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि वे स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और कुछ भी नहीं कर रहे हैं।
उधर, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को जम्मू क्षेत्र में हिंदू एवं मुस्लिम समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और तनावग्रस्त क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को न घुसने देने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा, "मैं शुरुआती संघर्ष के लिए किसी राजनीतिक दल को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा। लेकिन संघर्ष के बाद मदद करने की जगह उन्होंने ठीक उलटा काम किया।" उन्होंने कहा, "मैं पूरी कोशिश करूंगा कि ये लोग अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकें।"
ईद-उल-फितर के दिन शुक्रवार को किश्तवाड़ में हुई हिंसा में दो लोग मारे गए थे। स्थिति को काबू में करने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद सेना की सहायता ली गई। उसके बाद संघर्ष की स्थिति कुछ दूसरे क्षेत्रों में भी फैल गई।टिप्पणियां
उमर ने कहा, "यह दो समुदायों का आपसी संघर्ष है, जो आम तौर पर शांति से साथ रहा करते हैं।" उन्होंने कहा, "हिंदुओं और मुस्लिमों को एक साथ रहना है और यह उनके हित में है कि वे सामान्य स्थिति बनाने में मदद करें।" उन्होंने रविवार को भाजपा नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोकने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "क्या वह देश के ऐसे दूसरे क्षेत्रों में गए हैं, जहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो। सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर और खास तौर से जम्मू क्षेत्र में ही क्यों?" उन्होंने कहा, "कश्मीर में जब शिया-सुन्नी टकराव हुआ था, तो क्या वे यहां आए थे।" उन्होंने कहा, "यदि आप सहायता करने के लिए आएं, तो मैं आपकी भूमिका के लिए काफी उदारता दिखाऊंगा। 2008 और 2010 में उनकी भूमिका से स्पष्ट हो गया है कि वे स्थिति का फायदा राजनीति स्वार्थ साधने में उठाते हैं।"
एक सवाल के जवाब में उमर ने कहा, "किश्तवाड़ में एक तीसरा शव मिलने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन मैं इसकी पुष्टि तभी करूंगा, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि मौत संघर्ष की वजह से ही हुई है।" उनसे पूछा गया था कि ग्राम रक्षा समितियों को आतंकवादियों से सामना करने के लिए जो हथियार दिए गए थे, क्या उनका इस्तेमाल इस टकराव में हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से स्थिति नहीं संभल पाने के बाद रात घिरने से पहले सेना बुलाकर तैनात कर दी गई थी।
उधर, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को जम्मू क्षेत्र में हिंदू एवं मुस्लिम समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और तनावग्रस्त क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को न घुसने देने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा, "मैं शुरुआती संघर्ष के लिए किसी राजनीतिक दल को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा। लेकिन संघर्ष के बाद मदद करने की जगह उन्होंने ठीक उलटा काम किया।" उन्होंने कहा, "मैं पूरी कोशिश करूंगा कि ये लोग अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकें।"
ईद-उल-फितर के दिन शुक्रवार को किश्तवाड़ में हुई हिंसा में दो लोग मारे गए थे। स्थिति को काबू में करने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद सेना की सहायता ली गई। उसके बाद संघर्ष की स्थिति कुछ दूसरे क्षेत्रों में भी फैल गई।टिप्पणियां
उमर ने कहा, "यह दो समुदायों का आपसी संघर्ष है, जो आम तौर पर शांति से साथ रहा करते हैं।" उन्होंने कहा, "हिंदुओं और मुस्लिमों को एक साथ रहना है और यह उनके हित में है कि वे सामान्य स्थिति बनाने में मदद करें।" उन्होंने रविवार को भाजपा नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोकने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "क्या वह देश के ऐसे दूसरे क्षेत्रों में गए हैं, जहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो। सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर और खास तौर से जम्मू क्षेत्र में ही क्यों?" उन्होंने कहा, "कश्मीर में जब शिया-सुन्नी टकराव हुआ था, तो क्या वे यहां आए थे।" उन्होंने कहा, "यदि आप सहायता करने के लिए आएं, तो मैं आपकी भूमिका के लिए काफी उदारता दिखाऊंगा। 2008 और 2010 में उनकी भूमिका से स्पष्ट हो गया है कि वे स्थिति का फायदा राजनीति स्वार्थ साधने में उठाते हैं।"
एक सवाल के जवाब में उमर ने कहा, "किश्तवाड़ में एक तीसरा शव मिलने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन मैं इसकी पुष्टि तभी करूंगा, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि मौत संघर्ष की वजह से ही हुई है।" उनसे पूछा गया था कि ग्राम रक्षा समितियों को आतंकवादियों से सामना करने के लिए जो हथियार दिए गए थे, क्या उनका इस्तेमाल इस टकराव में हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से स्थिति नहीं संभल पाने के बाद रात घिरने से पहले सेना बुलाकर तैनात कर दी गई थी।
ईद-उल-फितर के दिन शुक्रवार को किश्तवाड़ में हुई हिंसा में दो लोग मारे गए थे। स्थिति को काबू में करने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद सेना की सहायता ली गई। उसके बाद संघर्ष की स्थिति कुछ दूसरे क्षेत्रों में भी फैल गई।टिप्पणियां
उमर ने कहा, "यह दो समुदायों का आपसी संघर्ष है, जो आम तौर पर शांति से साथ रहा करते हैं।" उन्होंने कहा, "हिंदुओं और मुस्लिमों को एक साथ रहना है और यह उनके हित में है कि वे सामान्य स्थिति बनाने में मदद करें।" उन्होंने रविवार को भाजपा नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोकने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "क्या वह देश के ऐसे दूसरे क्षेत्रों में गए हैं, जहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो। सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर और खास तौर से जम्मू क्षेत्र में ही क्यों?" उन्होंने कहा, "कश्मीर में जब शिया-सुन्नी टकराव हुआ था, तो क्या वे यहां आए थे।" उन्होंने कहा, "यदि आप सहायता करने के लिए आएं, तो मैं आपकी भूमिका के लिए काफी उदारता दिखाऊंगा। 2008 और 2010 में उनकी भूमिका से स्पष्ट हो गया है कि वे स्थिति का फायदा राजनीति स्वार्थ साधने में उठाते हैं।"
एक सवाल के जवाब में उमर ने कहा, "किश्तवाड़ में एक तीसरा शव मिलने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन मैं इसकी पुष्टि तभी करूंगा, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि मौत संघर्ष की वजह से ही हुई है।" उनसे पूछा गया था कि ग्राम रक्षा समितियों को आतंकवादियों से सामना करने के लिए जो हथियार दिए गए थे, क्या उनका इस्तेमाल इस टकराव में हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से स्थिति नहीं संभल पाने के बाद रात घिरने से पहले सेना बुलाकर तैनात कर दी गई थी।
उमर ने कहा, "यह दो समुदायों का आपसी संघर्ष है, जो आम तौर पर शांति से साथ रहा करते हैं।" उन्होंने कहा, "हिंदुओं और मुस्लिमों को एक साथ रहना है और यह उनके हित में है कि वे सामान्य स्थिति बनाने में मदद करें।" उन्होंने रविवार को भाजपा नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोकने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "क्या वह देश के ऐसे दूसरे क्षेत्रों में गए हैं, जहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो। सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर और खास तौर से जम्मू क्षेत्र में ही क्यों?" उन्होंने कहा, "कश्मीर में जब शिया-सुन्नी टकराव हुआ था, तो क्या वे यहां आए थे।" उन्होंने कहा, "यदि आप सहायता करने के लिए आएं, तो मैं आपकी भूमिका के लिए काफी उदारता दिखाऊंगा। 2008 और 2010 में उनकी भूमिका से स्पष्ट हो गया है कि वे स्थिति का फायदा राजनीति स्वार्थ साधने में उठाते हैं।"
एक सवाल के जवाब में उमर ने कहा, "किश्तवाड़ में एक तीसरा शव मिलने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन मैं इसकी पुष्टि तभी करूंगा, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि मौत संघर्ष की वजह से ही हुई है।" उनसे पूछा गया था कि ग्राम रक्षा समितियों को आतंकवादियों से सामना करने के लिए जो हथियार दिए गए थे, क्या उनका इस्तेमाल इस टकराव में हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से स्थिति नहीं संभल पाने के बाद रात घिरने से पहले सेना बुलाकर तैनात कर दी गई थी।
एक सवाल के जवाब में उमर ने कहा, "किश्तवाड़ में एक तीसरा शव मिलने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन मैं इसकी पुष्टि तभी करूंगा, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि मौत संघर्ष की वजह से ही हुई है।" उनसे पूछा गया था कि ग्राम रक्षा समितियों को आतंकवादियों से सामना करने के लिए जो हथियार दिए गए थे, क्या उनका इस्तेमाल इस टकराव में हुआ था। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि पुलिस से स्थिति नहीं संभल पाने के बाद रात घिरने से पहले सेना बुलाकर तैनात कर दी गई थी। | संक्षिप्त पाठ: जम्मू एवं कश्मीर के किश्तवाड़ में कर्फ्यू रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा और जम्मू एवं राजौरी व अन्य कस्बों में भी हिंसा का प्रसार रोकने के लिए एहतियातन कर्फ्यू आयद कर दिया गया। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित 2.29 लाख याचिकाओं को देखते हुए अदालत विवाद सुलझाने के लिए याचिकाकर्ताओं को मध्यस्थता जैसी प्रक्रिया का सहारा लेने के लिए प्रेरित कर रही है ताकि लंबित पड़ी याचिकाओं में कमी आए. हाईकोर्ट कारोबार से लेकर विवाह संबंधित मामलों के याचिकाकर्ताओं को इस बात के लिए प्रेरित कर रहा है कि वह अपने मामलों को अदालत में लड़ने के बदले मध्यस्थता का सहारा लें, क्योंकि यहां लाखों की संख्या में याचिकाएं लंबित हैं और इनकी सुनवाई में लंबा समय लग सकता है. कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश हरिश टंडन ने कहा कि मध्यस्थता विवादों को सुलझाने के लिए एक प्रभावी माध्यम है, क्योंकि इससे दोनों पक्ष अपने मतभेद सुलझा सकते हैं और यह स्थिति दोनों के लिए जीत जैसी होगी.
न्यायाधीश हरिश टंडन ने विवाद सुलझाने में मध्यस्थता को प्रभावी विकल्प बताते हुए मीडिया कर्मियों से कहा कि अदालत बड़ी संख्या में लंबित मामलों की सुनवाई में समस्याओं का सामना कर रही हैं. कानून में विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है.
इसके लिए मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम भले ही 1996 से लागू है, लेकिन इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने की वजह से इस माध्यम का इस्तेमाल ज्यादा नहीं ही होता. इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हाईकोर्ट की मध्यस्थता एवं सुलह समिति ने चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया था. | यहाँ एक सारांश है:याचिकाकर्ताओं को मध्यस्थता जैसी प्रक्रिया का सहारा लेना चाहिए
अपने मामलों को अदालत में लड़ने के बदले मध्यस्थता का सहारा लें
लाखों की संख्या में याचिकाएं लंबित हैं. इनकी सुनवाई में लंबा समय लगता है | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के खिलाफ क्लीनस्वीप बचाकर राहत महसूस कर रहे भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने लगातार तीसरे मैच में बल्लेबाजों के फ्लॉप शो के बावजूद 10 रन की जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया।
भारतीय बल्लेबाज शृंखला में लगातार दूसरी बार विफल रहे, जिससे टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करते हुए 43-4 ओवर में सिर्फ 167 रन पर ढेर हो गई, लेकिन गेंदबाजों ने टीम को वापसी दिलाते हुए पाकिस्तान को 48-5 ओवर में 157 रन पर समेटकर मेजबान टीम को शृंखला की पहली जीत दिलाई। पाकिस्तान हालांकि शृंखला 2-1 से अपने नाम करने में सफल रहा।
धोनी ने पाकिस्तान पर 10 रन की जीत दर्ज करने के बाद कहा, कुल मिलाकर यह मैच अच्छा रहा। पहले दो मैचों में हार के कारण इस मैच में जीत से काफी अधिक खुशी होगी। जीत की खुशी हमेशा अच्छी होती है। यह पूरी टीम के प्रयास से मिली, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि हम शृंखला पहले ही हार चुके थे। इस छोटे स्कोर की रक्षा में गेंदबाजों के अलावा भारतीय क्षेत्ररक्षकों की भूमिका काफी अहम रही, जिनकी तारीफों के पुल बांधते हुए धोनी ने कहा, तेज गेंदबाजों ने हमें अच्छी शुरुआती दिलाई। भुवनेश्वर ने दो विकेट लिए, जिसके बाद बाकी दो तेज गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। स्पिनरों ने इसके बाद दबाए बनाए रखा जो लगातार बढ़ता रहा, लेकिन इस मैच में अहम भूमिका क्षेत्ररक्षकों की रही। हमने अपने क्षेत्ररक्षण से 20 से 22 रन बचाए, जो कम स्कोर वाले मैच में अहम होते हैं। हमने एक कैच छोड़ा, लेकिन ऐसा हो जाता है। भारत ने खराब फॉर्म से जूझ रहे सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की जगह अजिंक्य रहाणे को उतारा, लेकिन टीम एक बार फिर अच्छी शुरुआत हासिल करने में विफल रही। धोनी ने हालांकि बल्लेबाजों का बचाव किया।
धोनी ने कहा, मैं बल्लेबाजों के बचाव में सिर्फ इतना बोल सकता हूं कि आज हमने इतने रन बनाए, जितने जरूरी थे। हमें इससे अधिक स्कोर बनाना चाहिए था। शुरुआत में विकेट गंवाने के बाद हमने बीच के ओवरों में भी काफी विकेट गंवाए। हम 220..225 रन बना सकते थे। उन्होंने कहा, हमारी टीम सलामी बल्लेबाजों पर काफी निर्भर करती है, इसलिए अच्छी शुरुआत काफी जरूरी है। हालांकि जिस मौसम में मैच हो रहे हैं उसमें तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है और पाकिस्तान का गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा है। भारतीय कप्तान से जब यह पूछा गया कि क्या 167 रन का स्कोर काफी था तो उन्होंने कहा, हमें पता था कि 168 के आसपास रन काफी नहीं होने वाले। हमने फैसला किया कि हम स्कोरबोर्ड की तरफ नहीं देखेंगे, जिससे मदद मिली। गेंदबाजों ने काफी अनुशासित गेंदबाजी की। ऐसे समय में तेज गेंदबाज काफी प्रयोग करने की कोशिश करते हैं और शॉर्ट गेंद फेंकते हैं, लेकिन इस मैच में उन्होंने एक जगह पर गेंदबाजी की। सहवाग को इस मैच में नहीं खिलाने पर धोनी ने कहा कि यह बदलाव अंतिम लम्हों पर किया गया। उन्होंने कहा, अंतिम एकादश में यह बदलाव अंतिम लम्हों में किया गया। कभी-कभी कुछ चीजें आपके हाथ में नहीं होती। धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एकदिवसीय शृंखला से पूर्व इस मैच में मिली जीत को अहम बताया। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, इस तरह की जीत काफी अहम होती है। इससे लय बनाने में मदद मिलती है। जब लोग आपको नकार देते हैं तब इस तरह की जीत से प्रेरणा मिलती है। टीम के अच्छे प्रदर्शन में पूरी टीम के प्रयास को अहम बताते हुए धोनी ने कहा, मैं किसी से यह उम्मीद नहीं कर रहा है कि वह 100 या 150 रन या बड़ा शतक बनाकर टीम को जीत दिलाए। मैं चाहता हूं कि योगदान दिया जाए। खिलाड़ी 45 के आसपास रन का योगदान दें और 80 से 90 रन की साझेदारी करें तो भी अच्छा रहेगा। युवराज सिंह की जगह गेंदबाजी में रविंद्र जडेजा को मौका दिए जाने के फैसले का बचाव करते हुए धोनी ने कहा, पांच क्षेत्ररक्षकों को 30 गज के घेरे में रखने के नए नियम से हमें कुछ सामंजस्य बिठाने पड़ रहे हैं।
युवी को इन नियमों का आदी होने में समय लगेगा और हम उसे समय देना चाहते हैं, क्योंकि आपको मिडविकेट या डीप मिडविकेट ऊपर रखकर गेंदबाजी करनी होती है और यह आसान नहीं होता। जडेजा को बल्लेबाजी में रविचंद्रन अश्विन से नीचे भेजा गया और इस पर भारतीय कप्तान ने कहा, अगर अश्विन और मेरे बीच अच्छी साझेदारी हो जाती तो जडेजा अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर सकता था, जबकि अश्विन के लिए स्लॉग करना आसान नहीं होता, इसी को ध्यान में रखते हुए हमने यह फैसला किया था। भारत और पाकिस्तान के बीच और अधिक द्विपक्षीय शृंखलाओं के मुद्दे पर जवाब देने से बचते हुए धोनी ने कहा, पाकिस्तान के खिलाफ मैच कहीं भी हो यह विशेष होता है। पिछले डेढ़ साल में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों में काफी नरम रुख देखने को मिला है। मैदान पर कभी-कभार ही कोई घटना होती है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच हालांकि बीसीसीआई पर निर्भर करते हैं। हम तो सैनिक हैं, बीसीसीआई हमें जहां भेजेगा हम वहां चले जाएंगे।
भारतीय कप्तान ने हालांकि एक बार फिर टीम में सक्षम ऑलराउंडर की जरूरत पर जोर दिया। धोनी ने कहा, नियमों में बदलाव के कारण हमें एक अच्छे ऑलराउंडर की जरूरत है, जो गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों कर सके। इरफान पठान के अलावा हमारे पास कोई वास्तविक ऑलराउंडर नहीं है। भुवनेश्वर ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन उसे ऑलराउंडर बनने के लिए बल्लेबाजी में भी योगदान देना होगा। उसे अपने खेल के इस पक्ष में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा, वह प्रवीण कुमार की तरह का गेंदबाज है। जब प्रवीण आया था तो 135 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबीजी करता था और शायद भुवनेश्वर की रफ्तार भी इतनी है, लेकिन वह काफी समझदार गेंदबाज है। कुल मिलाकर उसमें अभी सुधार की गुंजाइश है।
भारतीय बल्लेबाज शृंखला में लगातार दूसरी बार विफल रहे, जिससे टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करते हुए 43-4 ओवर में सिर्फ 167 रन पर ढेर हो गई, लेकिन गेंदबाजों ने टीम को वापसी दिलाते हुए पाकिस्तान को 48-5 ओवर में 157 रन पर समेटकर मेजबान टीम को शृंखला की पहली जीत दिलाई। पाकिस्तान हालांकि शृंखला 2-1 से अपने नाम करने में सफल रहा।
धोनी ने पाकिस्तान पर 10 रन की जीत दर्ज करने के बाद कहा, कुल मिलाकर यह मैच अच्छा रहा। पहले दो मैचों में हार के कारण इस मैच में जीत से काफी अधिक खुशी होगी। जीत की खुशी हमेशा अच्छी होती है। यह पूरी टीम के प्रयास से मिली, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि हम शृंखला पहले ही हार चुके थे। इस छोटे स्कोर की रक्षा में गेंदबाजों के अलावा भारतीय क्षेत्ररक्षकों की भूमिका काफी अहम रही, जिनकी तारीफों के पुल बांधते हुए धोनी ने कहा, तेज गेंदबाजों ने हमें अच्छी शुरुआती दिलाई। भुवनेश्वर ने दो विकेट लिए, जिसके बाद बाकी दो तेज गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। स्पिनरों ने इसके बाद दबाए बनाए रखा जो लगातार बढ़ता रहा, लेकिन इस मैच में अहम भूमिका क्षेत्ररक्षकों की रही। हमने अपने क्षेत्ररक्षण से 20 से 22 रन बचाए, जो कम स्कोर वाले मैच में अहम होते हैं। हमने एक कैच छोड़ा, लेकिन ऐसा हो जाता है। भारत ने खराब फॉर्म से जूझ रहे सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की जगह अजिंक्य रहाणे को उतारा, लेकिन टीम एक बार फिर अच्छी शुरुआत हासिल करने में विफल रही। धोनी ने हालांकि बल्लेबाजों का बचाव किया।
धोनी ने कहा, मैं बल्लेबाजों के बचाव में सिर्फ इतना बोल सकता हूं कि आज हमने इतने रन बनाए, जितने जरूरी थे। हमें इससे अधिक स्कोर बनाना चाहिए था। शुरुआत में विकेट गंवाने के बाद हमने बीच के ओवरों में भी काफी विकेट गंवाए। हम 220..225 रन बना सकते थे। उन्होंने कहा, हमारी टीम सलामी बल्लेबाजों पर काफी निर्भर करती है, इसलिए अच्छी शुरुआत काफी जरूरी है। हालांकि जिस मौसम में मैच हो रहे हैं उसमें तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है और पाकिस्तान का गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा है। भारतीय कप्तान से जब यह पूछा गया कि क्या 167 रन का स्कोर काफी था तो उन्होंने कहा, हमें पता था कि 168 के आसपास रन काफी नहीं होने वाले। हमने फैसला किया कि हम स्कोरबोर्ड की तरफ नहीं देखेंगे, जिससे मदद मिली। गेंदबाजों ने काफी अनुशासित गेंदबाजी की। ऐसे समय में तेज गेंदबाज काफी प्रयोग करने की कोशिश करते हैं और शॉर्ट गेंद फेंकते हैं, लेकिन इस मैच में उन्होंने एक जगह पर गेंदबाजी की। सहवाग को इस मैच में नहीं खिलाने पर धोनी ने कहा कि यह बदलाव अंतिम लम्हों पर किया गया। उन्होंने कहा, अंतिम एकादश में यह बदलाव अंतिम लम्हों में किया गया। कभी-कभी कुछ चीजें आपके हाथ में नहीं होती। धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एकदिवसीय शृंखला से पूर्व इस मैच में मिली जीत को अहम बताया। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, इस तरह की जीत काफी अहम होती है। इससे लय बनाने में मदद मिलती है। जब लोग आपको नकार देते हैं तब इस तरह की जीत से प्रेरणा मिलती है। टीम के अच्छे प्रदर्शन में पूरी टीम के प्रयास को अहम बताते हुए धोनी ने कहा, मैं किसी से यह उम्मीद नहीं कर रहा है कि वह 100 या 150 रन या बड़ा शतक बनाकर टीम को जीत दिलाए। मैं चाहता हूं कि योगदान दिया जाए। खिलाड़ी 45 के आसपास रन का योगदान दें और 80 से 90 रन की साझेदारी करें तो भी अच्छा रहेगा। युवराज सिंह की जगह गेंदबाजी में रविंद्र जडेजा को मौका दिए जाने के फैसले का बचाव करते हुए धोनी ने कहा, पांच क्षेत्ररक्षकों को 30 गज के घेरे में रखने के नए नियम से हमें कुछ सामंजस्य बिठाने पड़ रहे हैं।
युवी को इन नियमों का आदी होने में समय लगेगा और हम उसे समय देना चाहते हैं, क्योंकि आपको मिडविकेट या डीप मिडविकेट ऊपर रखकर गेंदबाजी करनी होती है और यह आसान नहीं होता। जडेजा को बल्लेबाजी में रविचंद्रन अश्विन से नीचे भेजा गया और इस पर भारतीय कप्तान ने कहा, अगर अश्विन और मेरे बीच अच्छी साझेदारी हो जाती तो जडेजा अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर सकता था, जबकि अश्विन के लिए स्लॉग करना आसान नहीं होता, इसी को ध्यान में रखते हुए हमने यह फैसला किया था। भारत और पाकिस्तान के बीच और अधिक द्विपक्षीय शृंखलाओं के मुद्दे पर जवाब देने से बचते हुए धोनी ने कहा, पाकिस्तान के खिलाफ मैच कहीं भी हो यह विशेष होता है। पिछले डेढ़ साल में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों में काफी नरम रुख देखने को मिला है। मैदान पर कभी-कभार ही कोई घटना होती है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच हालांकि बीसीसीआई पर निर्भर करते हैं। हम तो सैनिक हैं, बीसीसीआई हमें जहां भेजेगा हम वहां चले जाएंगे।
भारतीय कप्तान ने हालांकि एक बार फिर टीम में सक्षम ऑलराउंडर की जरूरत पर जोर दिया। धोनी ने कहा, नियमों में बदलाव के कारण हमें एक अच्छे ऑलराउंडर की जरूरत है, जो गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों कर सके। इरफान पठान के अलावा हमारे पास कोई वास्तविक ऑलराउंडर नहीं है। भुवनेश्वर ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन उसे ऑलराउंडर बनने के लिए बल्लेबाजी में भी योगदान देना होगा। उसे अपने खेल के इस पक्ष में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा, वह प्रवीण कुमार की तरह का गेंदबाज है। जब प्रवीण आया था तो 135 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबीजी करता था और शायद भुवनेश्वर की रफ्तार भी इतनी है, लेकिन वह काफी समझदार गेंदबाज है। कुल मिलाकर उसमें अभी सुधार की गुंजाइश है।
धोनी ने पाकिस्तान पर 10 रन की जीत दर्ज करने के बाद कहा, कुल मिलाकर यह मैच अच्छा रहा। पहले दो मैचों में हार के कारण इस मैच में जीत से काफी अधिक खुशी होगी। जीत की खुशी हमेशा अच्छी होती है। यह पूरी टीम के प्रयास से मिली, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि हम शृंखला पहले ही हार चुके थे। इस छोटे स्कोर की रक्षा में गेंदबाजों के अलावा भारतीय क्षेत्ररक्षकों की भूमिका काफी अहम रही, जिनकी तारीफों के पुल बांधते हुए धोनी ने कहा, तेज गेंदबाजों ने हमें अच्छी शुरुआती दिलाई। भुवनेश्वर ने दो विकेट लिए, जिसके बाद बाकी दो तेज गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। स्पिनरों ने इसके बाद दबाए बनाए रखा जो लगातार बढ़ता रहा, लेकिन इस मैच में अहम भूमिका क्षेत्ररक्षकों की रही। हमने अपने क्षेत्ररक्षण से 20 से 22 रन बचाए, जो कम स्कोर वाले मैच में अहम होते हैं। हमने एक कैच छोड़ा, लेकिन ऐसा हो जाता है। भारत ने खराब फॉर्म से जूझ रहे सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की जगह अजिंक्य रहाणे को उतारा, लेकिन टीम एक बार फिर अच्छी शुरुआत हासिल करने में विफल रही। धोनी ने हालांकि बल्लेबाजों का बचाव किया।
धोनी ने कहा, मैं बल्लेबाजों के बचाव में सिर्फ इतना बोल सकता हूं कि आज हमने इतने रन बनाए, जितने जरूरी थे। हमें इससे अधिक स्कोर बनाना चाहिए था। शुरुआत में विकेट गंवाने के बाद हमने बीच के ओवरों में भी काफी विकेट गंवाए। हम 220..225 रन बना सकते थे। उन्होंने कहा, हमारी टीम सलामी बल्लेबाजों पर काफी निर्भर करती है, इसलिए अच्छी शुरुआत काफी जरूरी है। हालांकि जिस मौसम में मैच हो रहे हैं उसमें तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है और पाकिस्तान का गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा है। भारतीय कप्तान से जब यह पूछा गया कि क्या 167 रन का स्कोर काफी था तो उन्होंने कहा, हमें पता था कि 168 के आसपास रन काफी नहीं होने वाले। हमने फैसला किया कि हम स्कोरबोर्ड की तरफ नहीं देखेंगे, जिससे मदद मिली। गेंदबाजों ने काफी अनुशासित गेंदबाजी की। ऐसे समय में तेज गेंदबाज काफी प्रयोग करने की कोशिश करते हैं और शॉर्ट गेंद फेंकते हैं, लेकिन इस मैच में उन्होंने एक जगह पर गेंदबाजी की। सहवाग को इस मैच में नहीं खिलाने पर धोनी ने कहा कि यह बदलाव अंतिम लम्हों पर किया गया। उन्होंने कहा, अंतिम एकादश में यह बदलाव अंतिम लम्हों में किया गया। कभी-कभी कुछ चीजें आपके हाथ में नहीं होती। धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एकदिवसीय शृंखला से पूर्व इस मैच में मिली जीत को अहम बताया। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, इस तरह की जीत काफी अहम होती है। इससे लय बनाने में मदद मिलती है। जब लोग आपको नकार देते हैं तब इस तरह की जीत से प्रेरणा मिलती है। टीम के अच्छे प्रदर्शन में पूरी टीम के प्रयास को अहम बताते हुए धोनी ने कहा, मैं किसी से यह उम्मीद नहीं कर रहा है कि वह 100 या 150 रन या बड़ा शतक बनाकर टीम को जीत दिलाए। मैं चाहता हूं कि योगदान दिया जाए। खिलाड़ी 45 के आसपास रन का योगदान दें और 80 से 90 रन की साझेदारी करें तो भी अच्छा रहेगा। युवराज सिंह की जगह गेंदबाजी में रविंद्र जडेजा को मौका दिए जाने के फैसले का बचाव करते हुए धोनी ने कहा, पांच क्षेत्ररक्षकों को 30 गज के घेरे में रखने के नए नियम से हमें कुछ सामंजस्य बिठाने पड़ रहे हैं।
युवी को इन नियमों का आदी होने में समय लगेगा और हम उसे समय देना चाहते हैं, क्योंकि आपको मिडविकेट या डीप मिडविकेट ऊपर रखकर गेंदबाजी करनी होती है और यह आसान नहीं होता। जडेजा को बल्लेबाजी में रविचंद्रन अश्विन से नीचे भेजा गया और इस पर भारतीय कप्तान ने कहा, अगर अश्विन और मेरे बीच अच्छी साझेदारी हो जाती तो जडेजा अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर सकता था, जबकि अश्विन के लिए स्लॉग करना आसान नहीं होता, इसी को ध्यान में रखते हुए हमने यह फैसला किया था। भारत और पाकिस्तान के बीच और अधिक द्विपक्षीय शृंखलाओं के मुद्दे पर जवाब देने से बचते हुए धोनी ने कहा, पाकिस्तान के खिलाफ मैच कहीं भी हो यह विशेष होता है। पिछले डेढ़ साल में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों में काफी नरम रुख देखने को मिला है। मैदान पर कभी-कभार ही कोई घटना होती है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच हालांकि बीसीसीआई पर निर्भर करते हैं। हम तो सैनिक हैं, बीसीसीआई हमें जहां भेजेगा हम वहां चले जाएंगे।
भारतीय कप्तान ने हालांकि एक बार फिर टीम में सक्षम ऑलराउंडर की जरूरत पर जोर दिया। धोनी ने कहा, नियमों में बदलाव के कारण हमें एक अच्छे ऑलराउंडर की जरूरत है, जो गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों कर सके। इरफान पठान के अलावा हमारे पास कोई वास्तविक ऑलराउंडर नहीं है। भुवनेश्वर ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन उसे ऑलराउंडर बनने के लिए बल्लेबाजी में भी योगदान देना होगा। उसे अपने खेल के इस पक्ष में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा, वह प्रवीण कुमार की तरह का गेंदबाज है। जब प्रवीण आया था तो 135 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबीजी करता था और शायद भुवनेश्वर की रफ्तार भी इतनी है, लेकिन वह काफी समझदार गेंदबाज है। कुल मिलाकर उसमें अभी सुधार की गुंजाइश है।
धोनी ने कहा, मैं बल्लेबाजों के बचाव में सिर्फ इतना बोल सकता हूं कि आज हमने इतने रन बनाए, जितने जरूरी थे। हमें इससे अधिक स्कोर बनाना चाहिए था। शुरुआत में विकेट गंवाने के बाद हमने बीच के ओवरों में भी काफी विकेट गंवाए। हम 220..225 रन बना सकते थे। उन्होंने कहा, हमारी टीम सलामी बल्लेबाजों पर काफी निर्भर करती है, इसलिए अच्छी शुरुआत काफी जरूरी है। हालांकि जिस मौसम में मैच हो रहे हैं उसमें तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है और पाकिस्तान का गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा है। भारतीय कप्तान से जब यह पूछा गया कि क्या 167 रन का स्कोर काफी था तो उन्होंने कहा, हमें पता था कि 168 के आसपास रन काफी नहीं होने वाले। हमने फैसला किया कि हम स्कोरबोर्ड की तरफ नहीं देखेंगे, जिससे मदद मिली। गेंदबाजों ने काफी अनुशासित गेंदबाजी की। ऐसे समय में तेज गेंदबाज काफी प्रयोग करने की कोशिश करते हैं और शॉर्ट गेंद फेंकते हैं, लेकिन इस मैच में उन्होंने एक जगह पर गेंदबाजी की। सहवाग को इस मैच में नहीं खिलाने पर धोनी ने कहा कि यह बदलाव अंतिम लम्हों पर किया गया। उन्होंने कहा, अंतिम एकादश में यह बदलाव अंतिम लम्हों में किया गया। कभी-कभी कुछ चीजें आपके हाथ में नहीं होती। धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एकदिवसीय शृंखला से पूर्व इस मैच में मिली जीत को अहम बताया। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, इस तरह की जीत काफी अहम होती है। इससे लय बनाने में मदद मिलती है। जब लोग आपको नकार देते हैं तब इस तरह की जीत से प्रेरणा मिलती है। टीम के अच्छे प्रदर्शन में पूरी टीम के प्रयास को अहम बताते हुए धोनी ने कहा, मैं किसी से यह उम्मीद नहीं कर रहा है कि वह 100 या 150 रन या बड़ा शतक बनाकर टीम को जीत दिलाए। मैं चाहता हूं कि योगदान दिया जाए। खिलाड़ी 45 के आसपास रन का योगदान दें और 80 से 90 रन की साझेदारी करें तो भी अच्छा रहेगा। युवराज सिंह की जगह गेंदबाजी में रविंद्र जडेजा को मौका दिए जाने के फैसले का बचाव करते हुए धोनी ने कहा, पांच क्षेत्ररक्षकों को 30 गज के घेरे में रखने के नए नियम से हमें कुछ सामंजस्य बिठाने पड़ रहे हैं।
युवी को इन नियमों का आदी होने में समय लगेगा और हम उसे समय देना चाहते हैं, क्योंकि आपको मिडविकेट या डीप मिडविकेट ऊपर रखकर गेंदबाजी करनी होती है और यह आसान नहीं होता। जडेजा को बल्लेबाजी में रविचंद्रन अश्विन से नीचे भेजा गया और इस पर भारतीय कप्तान ने कहा, अगर अश्विन और मेरे बीच अच्छी साझेदारी हो जाती तो जडेजा अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर सकता था, जबकि अश्विन के लिए स्लॉग करना आसान नहीं होता, इसी को ध्यान में रखते हुए हमने यह फैसला किया था। भारत और पाकिस्तान के बीच और अधिक द्विपक्षीय शृंखलाओं के मुद्दे पर जवाब देने से बचते हुए धोनी ने कहा, पाकिस्तान के खिलाफ मैच कहीं भी हो यह विशेष होता है। पिछले डेढ़ साल में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों में काफी नरम रुख देखने को मिला है। मैदान पर कभी-कभार ही कोई घटना होती है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच हालांकि बीसीसीआई पर निर्भर करते हैं। हम तो सैनिक हैं, बीसीसीआई हमें जहां भेजेगा हम वहां चले जाएंगे।
भारतीय कप्तान ने हालांकि एक बार फिर टीम में सक्षम ऑलराउंडर की जरूरत पर जोर दिया। धोनी ने कहा, नियमों में बदलाव के कारण हमें एक अच्छे ऑलराउंडर की जरूरत है, जो गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों कर सके। इरफान पठान के अलावा हमारे पास कोई वास्तविक ऑलराउंडर नहीं है। भुवनेश्वर ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन उसे ऑलराउंडर बनने के लिए बल्लेबाजी में भी योगदान देना होगा। उसे अपने खेल के इस पक्ष में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा, वह प्रवीण कुमार की तरह का गेंदबाज है। जब प्रवीण आया था तो 135 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबीजी करता था और शायद भुवनेश्वर की रफ्तार भी इतनी है, लेकिन वह काफी समझदार गेंदबाज है। कुल मिलाकर उसमें अभी सुधार की गुंजाइश है।
उन्होंने कहा, इस तरह की जीत काफी अहम होती है। इससे लय बनाने में मदद मिलती है। जब लोग आपको नकार देते हैं तब इस तरह की जीत से प्रेरणा मिलती है। टीम के अच्छे प्रदर्शन में पूरी टीम के प्रयास को अहम बताते हुए धोनी ने कहा, मैं किसी से यह उम्मीद नहीं कर रहा है कि वह 100 या 150 रन या बड़ा शतक बनाकर टीम को जीत दिलाए। मैं चाहता हूं कि योगदान दिया जाए। खिलाड़ी 45 के आसपास रन का योगदान दें और 80 से 90 रन की साझेदारी करें तो भी अच्छा रहेगा। युवराज सिंह की जगह गेंदबाजी में रविंद्र जडेजा को मौका दिए जाने के फैसले का बचाव करते हुए धोनी ने कहा, पांच क्षेत्ररक्षकों को 30 गज के घेरे में रखने के नए नियम से हमें कुछ सामंजस्य बिठाने पड़ रहे हैं।
युवी को इन नियमों का आदी होने में समय लगेगा और हम उसे समय देना चाहते हैं, क्योंकि आपको मिडविकेट या डीप मिडविकेट ऊपर रखकर गेंदबाजी करनी होती है और यह आसान नहीं होता। जडेजा को बल्लेबाजी में रविचंद्रन अश्विन से नीचे भेजा गया और इस पर भारतीय कप्तान ने कहा, अगर अश्विन और मेरे बीच अच्छी साझेदारी हो जाती तो जडेजा अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर सकता था, जबकि अश्विन के लिए स्लॉग करना आसान नहीं होता, इसी को ध्यान में रखते हुए हमने यह फैसला किया था। भारत और पाकिस्तान के बीच और अधिक द्विपक्षीय शृंखलाओं के मुद्दे पर जवाब देने से बचते हुए धोनी ने कहा, पाकिस्तान के खिलाफ मैच कहीं भी हो यह विशेष होता है। पिछले डेढ़ साल में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों में काफी नरम रुख देखने को मिला है। मैदान पर कभी-कभार ही कोई घटना होती है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच हालांकि बीसीसीआई पर निर्भर करते हैं। हम तो सैनिक हैं, बीसीसीआई हमें जहां भेजेगा हम वहां चले जाएंगे।
भारतीय कप्तान ने हालांकि एक बार फिर टीम में सक्षम ऑलराउंडर की जरूरत पर जोर दिया। धोनी ने कहा, नियमों में बदलाव के कारण हमें एक अच्छे ऑलराउंडर की जरूरत है, जो गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों कर सके। इरफान पठान के अलावा हमारे पास कोई वास्तविक ऑलराउंडर नहीं है। भुवनेश्वर ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन उसे ऑलराउंडर बनने के लिए बल्लेबाजी में भी योगदान देना होगा। उसे अपने खेल के इस पक्ष में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा, वह प्रवीण कुमार की तरह का गेंदबाज है। जब प्रवीण आया था तो 135 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबीजी करता था और शायद भुवनेश्वर की रफ्तार भी इतनी है, लेकिन वह काफी समझदार गेंदबाज है। कुल मिलाकर उसमें अभी सुधार की गुंजाइश है।
भारतीय कप्तान ने हालांकि एक बार फिर टीम में सक्षम ऑलराउंडर की जरूरत पर जोर दिया। धोनी ने कहा, नियमों में बदलाव के कारण हमें एक अच्छे ऑलराउंडर की जरूरत है, जो गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों कर सके। इरफान पठान के अलावा हमारे पास कोई वास्तविक ऑलराउंडर नहीं है। भुवनेश्वर ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन उसे ऑलराउंडर बनने के लिए बल्लेबाजी में भी योगदान देना होगा। उसे अपने खेल के इस पक्ष में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा, वह प्रवीण कुमार की तरह का गेंदबाज है। जब प्रवीण आया था तो 135 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबीजी करता था और शायद भुवनेश्वर की रफ्तार भी इतनी है, लेकिन वह काफी समझदार गेंदबाज है। कुल मिलाकर उसमें अभी सुधार की गुंजाइश है। | पाकिस्तान के खिलाफ क्लीनस्वीप बचाकर राहत महसूस कर रहे भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने लगातार तीसरे मैच में बल्लेबाजों के फ्लॉप शो के बावजूद 10 रन की जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीजिंग ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने मंगलवार को कहा कि ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जेनेरो में चल रहे ओलिंपिक खेलों में भारत को अब तक एक भी मेडल न मिलने के लिए भारत की व्यवस्था जिम्मेदार है. ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए बिंद्रा ने कहा कि देश में खिलाड़ियों पर पर्याप्त निवेश करने के बाद ही उनसे पदक की उम्मीद की जानी चाहिए.
गौरतलब है कि बिंद्रा रियो ओलिंपिक की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे और कांस्य पदक से चूक गए. बिंद्रा ने भारतीय व्यवस्था पर निशाना साधने के लिए मंगलवार को ट्विटर का रुख किया.
उन्होंने ट्वीट किया, 'ब्रिटेन ने हर पदक पर 55 लाख पाउंड खर्च किए हैं. इतनी मात्रा में निवेश किए जाने की जरूरत है. जब तक देश में व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक पदक की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.' बिंद्रा ने अपनी ट्वीट में ब्रिटेन के समाचार-पत्र 'द गार्डियन' में प्रकाशित लेख में दिए आंकड़ों का हवाला दिया है. इस लेख में प्रदर्शित किया गया है कि ब्रिटेन ने हर पदक के लिए कितनी भारी मात्रा में खर्च किया है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे अब तक के सबसे बड़े भारतीय दल को दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी अपने पहले पदक का इंतजार है. भारत लंदन ओलिंपिक-2012 में सर्वाधिक छह पदक लाने में सफल रहा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि बिंद्रा रियो ओलिंपिक की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे और कांस्य पदक से चूक गए. बिंद्रा ने भारतीय व्यवस्था पर निशाना साधने के लिए मंगलवार को ट्विटर का रुख किया.
उन्होंने ट्वीट किया, 'ब्रिटेन ने हर पदक पर 55 लाख पाउंड खर्च किए हैं. इतनी मात्रा में निवेश किए जाने की जरूरत है. जब तक देश में व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक पदक की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.' बिंद्रा ने अपनी ट्वीट में ब्रिटेन के समाचार-पत्र 'द गार्डियन' में प्रकाशित लेख में दिए आंकड़ों का हवाला दिया है. इस लेख में प्रदर्शित किया गया है कि ब्रिटेन ने हर पदक के लिए कितनी भारी मात्रा में खर्च किया है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे अब तक के सबसे बड़े भारतीय दल को दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी अपने पहले पदक का इंतजार है. भारत लंदन ओलिंपिक-2012 में सर्वाधिक छह पदक लाने में सफल रहा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने ट्वीट किया, 'ब्रिटेन ने हर पदक पर 55 लाख पाउंड खर्च किए हैं. इतनी मात्रा में निवेश किए जाने की जरूरत है. जब तक देश में व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक पदक की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.' बिंद्रा ने अपनी ट्वीट में ब्रिटेन के समाचार-पत्र 'द गार्डियन' में प्रकाशित लेख में दिए आंकड़ों का हवाला दिया है. इस लेख में प्रदर्शित किया गया है कि ब्रिटेन ने हर पदक के लिए कितनी भारी मात्रा में खर्च किया है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे अब तक के सबसे बड़े भारतीय दल को दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी अपने पहले पदक का इंतजार है. भारत लंदन ओलिंपिक-2012 में सर्वाधिक छह पदक लाने में सफल रहा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे अब तक के सबसे बड़े भारतीय दल को दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी अपने पहले पदक का इंतजार है. भारत लंदन ओलिंपिक-2012 में सर्वाधिक छह पदक लाने में सफल रहा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: कहा-खिलाड़ियों पर पर्याप्त निवेश के बाद ही करें मेडल की उम्मीद
रियो में बारीक अंतर से ब्रांज मेडल चूक गए थे अभिनव
हर पदक के लिए ब्रिटेन की ओर से खर्च की गई राशि का जिक्र किया | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आर्थिक हालात में सुधार की उम्मीद को झटका देते हुए औद्योगिक उत्पादन नवंबर में 0.1 फीसदी घटा, जो चार महीने का न्यूनतम स्तर है। ऐसा विनिर्माण व खनन क्षेत्र के खराब प्रदर्शन और पूंजीगत उत्पाद के उत्पादन में कमी के कारण हुआ।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार पर आकलित औद्योगिक उत्पादन नवंबर में घटा है, जबकि अक्तूबर में इसमें 8.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी। इस गिरावट के मद्देनजर रिजर्व बैंक 29 जनवरी को होने वाली मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।
नवंबर 2011 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर छह फीसदी थी, जबकि 2012 में औद्योगिक उत्पादन 0.1 फीसदी घटा। आज यहां जारी आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से नवंबर की अवधि में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर एक फीसदी थी, जो 2011-12 की इसी अवधि में यह 3.8 फीसदी थी।
इस बीच पिछले साल अक्तूबर के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि का आंकड़ा संशोधित कर 8.3 फीसदी किया गया जबकि पिछले महीने अस्थाई अनुमान के मुताबिक 8.2 फीसदी था, जो पिछले 16 महीने का उच्चतम स्तर है।
सूचकांक में 75 फीसदी योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर नवंबर 2012 में 0.3 फीसदी रही, जो 2011 में 6.6 फीसदी थी।
पिछले साल अप्रैल से नवंबर के दौरान प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन की वृद्धि दर एक फीसदी रही जबकि 2011 की समान अवधि में यह इन क्षेत्रों में 4.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी।
नवंबर में खनन उत्पादन 5.5 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी महीने में उत्पादन में 3.5 फीसदी की कमी आई। अप्रैल से नवंबर के दौरान खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.5 फीसदी घटा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसमें 2.4 फीसदी की कमी आई।टिप्पणियां
पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन नवंबर 7.7 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी माह में इसमें 4.7 फीसदी की कमी आई थी।
अप्रैल से नवंबर के दौरान पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन 11.1 फीसदी घटा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 के इसी माह में इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार पर आकलित औद्योगिक उत्पादन नवंबर में घटा है, जबकि अक्तूबर में इसमें 8.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी। इस गिरावट के मद्देनजर रिजर्व बैंक 29 जनवरी को होने वाली मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।
नवंबर 2011 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर छह फीसदी थी, जबकि 2012 में औद्योगिक उत्पादन 0.1 फीसदी घटा। आज यहां जारी आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से नवंबर की अवधि में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर एक फीसदी थी, जो 2011-12 की इसी अवधि में यह 3.8 फीसदी थी।
इस बीच पिछले साल अक्तूबर के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि का आंकड़ा संशोधित कर 8.3 फीसदी किया गया जबकि पिछले महीने अस्थाई अनुमान के मुताबिक 8.2 फीसदी था, जो पिछले 16 महीने का उच्चतम स्तर है।
सूचकांक में 75 फीसदी योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर नवंबर 2012 में 0.3 फीसदी रही, जो 2011 में 6.6 फीसदी थी।
पिछले साल अप्रैल से नवंबर के दौरान प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन की वृद्धि दर एक फीसदी रही जबकि 2011 की समान अवधि में यह इन क्षेत्रों में 4.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी।
नवंबर में खनन उत्पादन 5.5 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी महीने में उत्पादन में 3.5 फीसदी की कमी आई। अप्रैल से नवंबर के दौरान खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.5 फीसदी घटा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसमें 2.4 फीसदी की कमी आई।टिप्पणियां
पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन नवंबर 7.7 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी माह में इसमें 4.7 फीसदी की कमी आई थी।
अप्रैल से नवंबर के दौरान पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन 11.1 फीसदी घटा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 के इसी माह में इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई।
नवंबर 2011 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर छह फीसदी थी, जबकि 2012 में औद्योगिक उत्पादन 0.1 फीसदी घटा। आज यहां जारी आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से नवंबर की अवधि में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर एक फीसदी थी, जो 2011-12 की इसी अवधि में यह 3.8 फीसदी थी।
इस बीच पिछले साल अक्तूबर के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि का आंकड़ा संशोधित कर 8.3 फीसदी किया गया जबकि पिछले महीने अस्थाई अनुमान के मुताबिक 8.2 फीसदी था, जो पिछले 16 महीने का उच्चतम स्तर है।
सूचकांक में 75 फीसदी योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर नवंबर 2012 में 0.3 फीसदी रही, जो 2011 में 6.6 फीसदी थी।
पिछले साल अप्रैल से नवंबर के दौरान प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन की वृद्धि दर एक फीसदी रही जबकि 2011 की समान अवधि में यह इन क्षेत्रों में 4.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी।
नवंबर में खनन उत्पादन 5.5 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी महीने में उत्पादन में 3.5 फीसदी की कमी आई। अप्रैल से नवंबर के दौरान खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.5 फीसदी घटा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसमें 2.4 फीसदी की कमी आई।टिप्पणियां
पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन नवंबर 7.7 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी माह में इसमें 4.7 फीसदी की कमी आई थी।
अप्रैल से नवंबर के दौरान पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन 11.1 फीसदी घटा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 के इसी माह में इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई।
इस बीच पिछले साल अक्तूबर के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि का आंकड़ा संशोधित कर 8.3 फीसदी किया गया जबकि पिछले महीने अस्थाई अनुमान के मुताबिक 8.2 फीसदी था, जो पिछले 16 महीने का उच्चतम स्तर है।
सूचकांक में 75 फीसदी योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर नवंबर 2012 में 0.3 फीसदी रही, जो 2011 में 6.6 फीसदी थी।
पिछले साल अप्रैल से नवंबर के दौरान प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन की वृद्धि दर एक फीसदी रही जबकि 2011 की समान अवधि में यह इन क्षेत्रों में 4.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी।
नवंबर में खनन उत्पादन 5.5 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी महीने में उत्पादन में 3.5 फीसदी की कमी आई। अप्रैल से नवंबर के दौरान खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.5 फीसदी घटा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसमें 2.4 फीसदी की कमी आई।टिप्पणियां
पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन नवंबर 7.7 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी माह में इसमें 4.7 फीसदी की कमी आई थी।
अप्रैल से नवंबर के दौरान पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन 11.1 फीसदी घटा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 के इसी माह में इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई।
सूचकांक में 75 फीसदी योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर नवंबर 2012 में 0.3 फीसदी रही, जो 2011 में 6.6 फीसदी थी।
पिछले साल अप्रैल से नवंबर के दौरान प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन की वृद्धि दर एक फीसदी रही जबकि 2011 की समान अवधि में यह इन क्षेत्रों में 4.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी।
नवंबर में खनन उत्पादन 5.5 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी महीने में उत्पादन में 3.5 फीसदी की कमी आई। अप्रैल से नवंबर के दौरान खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.5 फीसदी घटा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसमें 2.4 फीसदी की कमी आई।टिप्पणियां
पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन नवंबर 7.7 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी माह में इसमें 4.7 फीसदी की कमी आई थी।
अप्रैल से नवंबर के दौरान पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन 11.1 फीसदी घटा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 के इसी माह में इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई।
पिछले साल अप्रैल से नवंबर के दौरान प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन की वृद्धि दर एक फीसदी रही जबकि 2011 की समान अवधि में यह इन क्षेत्रों में 4.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी।
नवंबर में खनन उत्पादन 5.5 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी महीने में उत्पादन में 3.5 फीसदी की कमी आई। अप्रैल से नवंबर के दौरान खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.5 फीसदी घटा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसमें 2.4 फीसदी की कमी आई।टिप्पणियां
पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन नवंबर 7.7 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी माह में इसमें 4.7 फीसदी की कमी आई थी।
अप्रैल से नवंबर के दौरान पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन 11.1 फीसदी घटा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 के इसी माह में इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई।
नवंबर में खनन उत्पादन 5.5 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी महीने में उत्पादन में 3.5 फीसदी की कमी आई। अप्रैल से नवंबर के दौरान खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.5 फीसदी घटा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसमें 2.4 फीसदी की कमी आई।टिप्पणियां
पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन नवंबर 7.7 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी माह में इसमें 4.7 फीसदी की कमी आई थी।
अप्रैल से नवंबर के दौरान पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन 11.1 फीसदी घटा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 के इसी माह में इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई।
पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन नवंबर 7.7 फीसदी घटा जबकि 2011 के इसी माह में इसमें 4.7 फीसदी की कमी आई थी।
अप्रैल से नवंबर के दौरान पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन 11.1 फीसदी घटा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 के इसी माह में इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई।
अप्रैल से नवंबर के दौरान पूंजीगत उत्पादों का उत्पादन 11.1 फीसदी घटा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 के इसी माह में इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आर्थिक हालात में सुधार की उम्मीद को झटका देते हुए औद्योगिक उत्पादन नवंबर में 0.1 फीसदी घटा, जो चार महीने का न्यूनतम स्तर है। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कुंबले को इस बात से और गुस्सा आया कि मैच के बाद खिलाड़ियों के चेहरे पर हार का गम बिल्कुल भी नहीं था और वह मैदान पर पाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ हंसी मजाक कर रहे थे.अनिल कुंबले ने ड्रेसिंग रूम में टीम के गेंदबाजों की खूब क्लास लगाई और उन्हें कहा कि टीम में बने रहने के लिए ऐसा प्रदर्शन काम नहीं आएगा. कुंबले की ये कड़वी बातें कप्तान विराट कोहली को पसंद नहीं आईं, क्योंकि कोहली का मानना था कि खिलाडियों ने कोशिश तो पूरी की थी पर उस दिन पाकिस्तान की टीम हर लिहाज से बेहतर थी. पर कुंबले कोहली की इस दलील को मानने के लिए तैयार नहीं थे.
बस फिर क्या था? इस झगड़े ने कोहली-कुंबले विवाद में ताबूत में आखिरी कील का काम किया. अगले दिन कुंबले जब बीसीसीआई के अधिकारियों से मिले तो कुंबले को ये साफ कर दिया गया कि कोहली उन्हें अब टीम का कोच नहीं चाहते. कुंबले ने उसी समय टीम के कोच पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया.
बस फिर क्या था? इस झगड़े ने कोहली-कुंबले विवाद में ताबूत में आखिरी कील का काम किया. अगले दिन कुंबले जब बीसीसीआई के अधिकारियों से मिले तो कुंबले को ये साफ कर दिया गया कि कोहली उन्हें अब टीम का कोच नहीं चाहते. कुंबले ने उसी समय टीम के कोच पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया. | यहाँ एक सारांश है:सचिन-गांगुली-लक्ष्मण ने की थी विराट कोहली से बात
कुंबले को ही कोच रखने की दी थी सलाह
विराट कोहली ने उनकी बातों को नकार दिया | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से गुजर रहे जिन राज्यों में अबतक भारी मतदान हुआ है, वहां यह मतदाताओं के निर्णायक जनादेश का संकेत है और चुनाव परिणामों का सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के आंतरिक समीकरण पर असर होगा। राजनीतिक विश्लेषक महेश रंगराजन ने कहा, "ये चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं। तमिलनाडु चुनाव संप्रग के लिए बहुत महत्वूर्ण हैं, क्योंकि डीएमके केंद्र सरकार में एक स्तम्भ है। ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल में साढ़े तीन दशक बाद वाम दल सत्ता से बाहर हो जाएंगे।" रंगराजन ने कहा कि भारी मतदान, नीतियों के साथ लोगों के अधिक सरोकार का भी संकेत है। "वे जो कहना चाहते हैं, मतदान के जरिए वह संदेश बाहर आ गया है।" रंगराजन ने कहा कि भारी मतदान यह प्रदर्शित करता है कि महानगरीय इलाकों में साक्षरों के बीच मतदान के प्रति उदासीनता सभी भारतीयों पर लागू नहीं होती। उन्होंने कहा, "भारी मतदान राजनीतिक बहस की अनुगूंज और सम्भवत: स्पष्ट जनादेश को जाहिर करती है।" रंगराजन ने कहा कि असम में मतदान के अंतिम समय में सत्ताधारी कांग्रेस और अन्य पार्टियों के बीच दूरी मिट गई थी और परिणाम अब अधिक स्पष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव उम्मीदवारों के प्रदर्शन के नजरिए से भी देखे जाएंगे। रंगराजन ने कहा कि ये विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो कि संप्रग की नेतृत्वकर्ता है। कांग्रेस तमिलनाडु में डीएमके के साथ मिलकर लड़ रही है और पश्चिम बंगाल में तृणमूल के साथ। कांग्रेस के ये दोनों सहयोगी, संप्रग में 37 सांसदों का योगदान करते हैं। सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के अध्यक्ष एन. भास्कर राव ने कहा कि ये चुनाव भारी मतदान और निर्वाचन आयोग द्वारा धन बल व पेड न्यूज के खिलाफ उठाए गए कदमों के लिए जाने जाएंगे। राव ने कहा कि इन चुनावों में भ्रष्टाचार मुद्दा रहा है, लेकिन यह निर्णायक मुद्दा नहीं है और इसका असर तमिलनाडु में अधिक दिखाई दे सकता है। उन्होंने कहा, "भारी मतदान लोकतंत्र की मजबूती का प्रदर्शन है। ज्यादा सम्भव है कि यह निर्णायक जनादेश में बदल सकता है।" | सारांश: भारी मतदान यह प्रदर्शित करता है कि महानगरीय इलाकों में साक्षरों के बीच मतदान के प्रति उदासीनता सभी भारतीयों पर लागू नहीं होती। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पुणे के पास पिंपरी चिंचवाड इलाके से एक दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां 28 साल की महिला और उसकी दो बच्चियों सहित तीन बच्चों का फंदे से लटका शव मिला है. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है दोनों बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न किया गया है. रविवार दोपहर को मकान के अलग-अलग कमरों में महिला और उसके तीनों बच्चे फंदे से लटके मिले थे. इनमें दो बच्चियां और एक बच्चा था और सभी की उम्र नौ साल से कम थी. शुरुआत में पुलिस को शक था कि महिला ने खुदकुशी करने से पहले बच्चों को फंदे से लटकाया होगा क्योंकि वह आर्थिक संकट के कारण अपने पति से होने वाले झगड़ों से तंग आ गई थी. स्थानीय थाना के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्चियों का यौन उत्पीड़न किया गया है. पुलिस ने बताया कि महिला के पति को हिरासत में ले लिया गया है. घटना को लेकर आरोपी से पूछताछ की जा रही है.
गौरतलब है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं. इससे पहले मध्यप्रदेश के कटनी जिले में एक 10 वर्षीय एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने का मामला सामने आया था.घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा ने बताया था कि खितौली पुलिस चौकी क्षेत्र के एक गांव में 10 वर्षीय एक लड़की अपने घर से 28 फरवरी की शाम निकली थी और रात तक वापस घर नहीं लौटी. एक मार्च को परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिली. उन्होंने बताया था कि शनिवार को एक गोबर गैस संयंत्र की टंकी से लड़की का शव बरामद किया गया.
मिश्रा ने बताया था कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि लड़की से दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या की गई. एएसपी ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और पॉस्को कानून के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. बता दें कि एमपी में इस तरह का यह कोई पहला मौका नहीं है. इससे पहले मध्य प्रदेश में 4 साल की बच्ची के रेप के दोषी विनोद की फांसी की सज़ा पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी थी. कोर्ट ने दोषी विनोद की याचिका पर मध्यप्रदेश सरकार को नॉटिस जारी कर जवाब मांगा. इसी साल 9 अगस्त को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दोषी विनोद की फांसी की सजा बरकरार रखी थी. विनोद ने 13 मई 2017 को 4 साल की बच्ची के साथ रेप किया था और बाद में उसकी हत्या कर थी. विनोद को शहडोल की निचली अदालत ने इसी साल 28 फ़रवरी को फांसी की सजा सुनाई थी. जिसके ख़िलाफ़ विनोद ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा को बरकरार रखा था.
आपको बता दें कि पिछले महीने भी मध्य प्रदेश के मंदसौर में 8 साल की बच्ची के रेप के मामले में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था. अदालत ने दोनों ही आरोपियों को इस मामले में मौत की सजा सुनाई थी. मामला 26 जून का है जब इरफान और आसिफ नाम के दो लोगों ने स्कूल से बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया था और उसकी हत्या की कोशिश भी की थी. कोर्ट ने इस मामले में मात्र 56 दिनों में ट्रायल पूरा कर आरोपियों की सजा सुनाई थी. विशेष न्यायालय की न्यायाधीश निशा गुप्ता ने आठ वर्षीय स्कूली छात्रा का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार करने के मामले में इरफान ऊर्फ भैयू (20) एवं आसिफ (24) को संबंधित धाराओं में दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई . | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पिता पर है रेप और हत्या का शक
मां और बेटी समेत चार के मिले शव
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी गई पेंटागन की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में आतंवादियों के सुरक्षित पनाहगाह, भ्रष्टाचार और सरकार की सीमित क्षमता अफगानिस्तान की स्थिरता की राह में सबसे बड़ी बाधा हैं।
अफगानिस्तान में सुरक्षा और स्थिरता से सम्बंधित रिपोर्ट में कहा गया है कि गठबंधन सेना ने अपना मिशन पूरा कर लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलों की संख्या में कमी आई है और आतंकवादी गुटों की क्षमता कमजोर हुई है। फिर भी तालिबान और उसके सहयोगी अल कायदा समर्थक कुछ छिटपुट हमले कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मोर्चे पर कुछ प्रगति के बावजूद पाकिस्तान अभी भी समस्या बना हुआ है। आतंकवाद और अलकायदा के सुरक्षित ठिकानों पर अमेरिका का आतंकवाद विरोधी दबाव लगातार बना हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान द्वारा जमीनी सम्पर्क मार्ग फिर से खोलने के बाद इस्लामाबाद के साथ वाशिंगटन के सम्बंध सुधरने शुरू हो गए है। और पाकिस्तान व अफगानिस्तान के बीच सीमा पार के सहयोग के सम्बंध में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
कांग्रेस को सौंपी गई रिपोर्ट में सघन आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा हालात में हुए सुधार को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि खास तौर से कंधार में अफगानों पर हमला करने की तालिबान की क्षमता कमजोर हो गई है। कंधार को तालिबान का सामरिक और वैचारिक केंद्र माना जाता है।टिप्पणियां
लेकिन, कुल मिलाकर रिपोर्ट में सुरक्षा और स्थिरता में प्रगति की मिलीजुली तस्वीर पेश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके अभी भी अशांत बने हुए है।
इस बीच एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि अफगानिस्तान में व्यापक क्षेत्रों में भारत मददगार साबित हो रहा है और हम समझते हैं कि यह बहुत सकारात्मक है।
अफगानिस्तान में सुरक्षा और स्थिरता से सम्बंधित रिपोर्ट में कहा गया है कि गठबंधन सेना ने अपना मिशन पूरा कर लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलों की संख्या में कमी आई है और आतंकवादी गुटों की क्षमता कमजोर हुई है। फिर भी तालिबान और उसके सहयोगी अल कायदा समर्थक कुछ छिटपुट हमले कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मोर्चे पर कुछ प्रगति के बावजूद पाकिस्तान अभी भी समस्या बना हुआ है। आतंकवाद और अलकायदा के सुरक्षित ठिकानों पर अमेरिका का आतंकवाद विरोधी दबाव लगातार बना हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान द्वारा जमीनी सम्पर्क मार्ग फिर से खोलने के बाद इस्लामाबाद के साथ वाशिंगटन के सम्बंध सुधरने शुरू हो गए है। और पाकिस्तान व अफगानिस्तान के बीच सीमा पार के सहयोग के सम्बंध में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
कांग्रेस को सौंपी गई रिपोर्ट में सघन आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा हालात में हुए सुधार को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि खास तौर से कंधार में अफगानों पर हमला करने की तालिबान की क्षमता कमजोर हो गई है। कंधार को तालिबान का सामरिक और वैचारिक केंद्र माना जाता है।टिप्पणियां
लेकिन, कुल मिलाकर रिपोर्ट में सुरक्षा और स्थिरता में प्रगति की मिलीजुली तस्वीर पेश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके अभी भी अशांत बने हुए है।
इस बीच एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि अफगानिस्तान में व्यापक क्षेत्रों में भारत मददगार साबित हो रहा है और हम समझते हैं कि यह बहुत सकारात्मक है।
रिपोर्ट के मुताबिक मोर्चे पर कुछ प्रगति के बावजूद पाकिस्तान अभी भी समस्या बना हुआ है। आतंकवाद और अलकायदा के सुरक्षित ठिकानों पर अमेरिका का आतंकवाद विरोधी दबाव लगातार बना हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान द्वारा जमीनी सम्पर्क मार्ग फिर से खोलने के बाद इस्लामाबाद के साथ वाशिंगटन के सम्बंध सुधरने शुरू हो गए है। और पाकिस्तान व अफगानिस्तान के बीच सीमा पार के सहयोग के सम्बंध में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
कांग्रेस को सौंपी गई रिपोर्ट में सघन आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा हालात में हुए सुधार को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि खास तौर से कंधार में अफगानों पर हमला करने की तालिबान की क्षमता कमजोर हो गई है। कंधार को तालिबान का सामरिक और वैचारिक केंद्र माना जाता है।टिप्पणियां
लेकिन, कुल मिलाकर रिपोर्ट में सुरक्षा और स्थिरता में प्रगति की मिलीजुली तस्वीर पेश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके अभी भी अशांत बने हुए है।
इस बीच एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि अफगानिस्तान में व्यापक क्षेत्रों में भारत मददगार साबित हो रहा है और हम समझते हैं कि यह बहुत सकारात्मक है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान द्वारा जमीनी सम्पर्क मार्ग फिर से खोलने के बाद इस्लामाबाद के साथ वाशिंगटन के सम्बंध सुधरने शुरू हो गए है। और पाकिस्तान व अफगानिस्तान के बीच सीमा पार के सहयोग के सम्बंध में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
कांग्रेस को सौंपी गई रिपोर्ट में सघन आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा हालात में हुए सुधार को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि खास तौर से कंधार में अफगानों पर हमला करने की तालिबान की क्षमता कमजोर हो गई है। कंधार को तालिबान का सामरिक और वैचारिक केंद्र माना जाता है।टिप्पणियां
लेकिन, कुल मिलाकर रिपोर्ट में सुरक्षा और स्थिरता में प्रगति की मिलीजुली तस्वीर पेश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके अभी भी अशांत बने हुए है।
इस बीच एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि अफगानिस्तान में व्यापक क्षेत्रों में भारत मददगार साबित हो रहा है और हम समझते हैं कि यह बहुत सकारात्मक है।
कांग्रेस को सौंपी गई रिपोर्ट में सघन आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा हालात में हुए सुधार को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि खास तौर से कंधार में अफगानों पर हमला करने की तालिबान की क्षमता कमजोर हो गई है। कंधार को तालिबान का सामरिक और वैचारिक केंद्र माना जाता है।टिप्पणियां
लेकिन, कुल मिलाकर रिपोर्ट में सुरक्षा और स्थिरता में प्रगति की मिलीजुली तस्वीर पेश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके अभी भी अशांत बने हुए है।
इस बीच एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि अफगानिस्तान में व्यापक क्षेत्रों में भारत मददगार साबित हो रहा है और हम समझते हैं कि यह बहुत सकारात्मक है।
लेकिन, कुल मिलाकर रिपोर्ट में सुरक्षा और स्थिरता में प्रगति की मिलीजुली तस्वीर पेश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके अभी भी अशांत बने हुए है।
इस बीच एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि अफगानिस्तान में व्यापक क्षेत्रों में भारत मददगार साबित हो रहा है और हम समझते हैं कि यह बहुत सकारात्मक है।
इस बीच एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि अफगानिस्तान में व्यापक क्षेत्रों में भारत मददगार साबित हो रहा है और हम समझते हैं कि यह बहुत सकारात्मक है। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी गई पेंटागन की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में आतंवादियों के सुरक्षित पनाहगाह, भ्रष्टाचार और सरकार की सीमित क्षमता अफगानिस्तान की स्थिरता की राह में सबसे बड़ी बाधा हैं। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आदर्श आचार संहिता के चलते पिलखुवा पुलिस ने एक वैन से 10 करोड़ रुपये बरामद किए है जो दिल्ली से मुरादाबाद ले जाये जा रहे थे।टिप्पणियां
कोतवाली प्रभारी प्रीतमपाल सिंह ने बताया कि चैकिंग के दौरान वैन में से 10 करोड़ रुपये बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि वैन में सवार चालक गुलशन कुमार और दो गार्ड उमेश और सत्ते को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि यह नोट एक्सिस बैंक शाखा दिल्ली से मुरादाबाद शाखा ले जाये जा रहे थे।
पुलिस ने जब बैंक का आर्थटी लेटर देखा तो उस पर नगदी रकम दर्ज नही थी। फिलहाल पुलिस ने इस रकम की जानकारी आयकर विभाग को दे दी है और आयकर अधिकारी इसकी जांच कर रहे है। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली प्रभारी प्रीतमपाल सिंह ने बताया कि चैकिंग के दौरान वैन में से 10 करोड़ रुपये बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि वैन में सवार चालक गुलशन कुमार और दो गार्ड उमेश और सत्ते को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि यह नोट एक्सिस बैंक शाखा दिल्ली से मुरादाबाद शाखा ले जाये जा रहे थे।
पुलिस ने जब बैंक का आर्थटी लेटर देखा तो उस पर नगदी रकम दर्ज नही थी। फिलहाल पुलिस ने इस रकम की जानकारी आयकर विभाग को दे दी है और आयकर अधिकारी इसकी जांच कर रहे है। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने जब बैंक का आर्थटी लेटर देखा तो उस पर नगदी रकम दर्ज नही थी। फिलहाल पुलिस ने इस रकम की जानकारी आयकर विभाग को दे दी है और आयकर अधिकारी इसकी जांच कर रहे है। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। | यह एक सारांश है: आदर्श आचार संहिता के चलते पिलखुवा पुलिस ने एक वैन से 10 करोड़ रुपये बरामद किए है जो दिल्ली से मुरादाबाद ले जाये जा रहे थे। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के फरुखाबाद जिले में नौजवानों को किन्नर बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि प्रशांत नामक युवक ने पुलिस अधीक्षक केएजे नरसन से पिछले दिनों मुलाकात कर उसे धोखे से किन्नर बनाने की दास्तां बयां की है। सूत्रों के मुताबिक खुद पर हुई ज्यादती के बाद अंजलि किन्नर बने प्रशांत ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि जिले में एक किन्नर गिरोह, सुन्दर दिखने वाले गरीब युवकों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर पहले विश्वास में लेता है और फिर नशे का इंजेक्शन देने के बाद उनका गुप्तांग काटकर उन्हें किन्नरों का जीवन जीने के लिये मजबूर कर देता है। इसके अलावा इनमें से कई लोग देश के बड़े शहरों में बेचे जाने को विवश भी किये जाते हैं। प्रशांत ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि अब तक करीब 12 युवकों को किन्नर बनाकर देश के विभिन्न शहरों में बेचा जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक प्रशांत ने कहा है कि अंसार नाम के एक किन्नर ने उसकी गरीबी का फायदा उठाकर पहले तो उस पर हजारों रुपए खर्च कर ऐश-ओ-आराम भरे दिन दिखाए और फिल्मों में काम दिलाने के लिये बाल बढ़ाने और फिर महिलाओं के कपड़े पहनने को कहा था। कुछ दिन के बाद अंसार ने उसे नशीला इंजेक्शन देकर उसका गुप्तांग काट दिया। प्रशांत के मुताबिक शहर के गढ़ी कोहना क्षेत्र का निवासी अंसार किन्नर नौजवानों को किन्नर बनाने वाले संगठित गिरोह का सरगना है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस मामले की जांच कर रही है। | संक्षिप्त पाठ: प्रशांत ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि अब तक करीब 12 युवकों को किन्नर बनाकर देश के विभिन्न शहरों में बेचा जा चुका है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जापानी वाहन कंपनी होंडा ने मंगलवार को अपनी दूसरी 110 सीसी की बाइक 'ड्रीम नियो' पेश की, जिसकी मुंबई शोरूम में कीमत 46,140 रुपये है। कंपनी ने इस मोटरसाइकिल के तीन संस्करण पेश किए हैं।टिप्पणियां
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के उपाध्यक्ष (सेल्स और मार्केटिंग) वाईएस गुलेरिया ने कहा, ड्रीम नियो भारतीय सवारी खंड में होंडा की एक अगली छलांग है। हमें चालू वित्तवर्ष में दोपहिया वाहन की बिक्री 43 प्रतिशत बढ़कर 39.3 लाख इकाइयों पर पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि कंपनी चालू वित्तवर्ष के अंत तक अपने आउटलेट्स की संख्या बढ़ाकर करीब 2,500 पर पहुंचाएगी, जो बीते वित्तवर्ष में 1,950 थी। कंपनी का दावा है कि नई मोटरसाइकिल 74 किमी प्रति लीटर का माइलेज देगी।
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के उपाध्यक्ष (सेल्स और मार्केटिंग) वाईएस गुलेरिया ने कहा, ड्रीम नियो भारतीय सवारी खंड में होंडा की एक अगली छलांग है। हमें चालू वित्तवर्ष में दोपहिया वाहन की बिक्री 43 प्रतिशत बढ़कर 39.3 लाख इकाइयों पर पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि कंपनी चालू वित्तवर्ष के अंत तक अपने आउटलेट्स की संख्या बढ़ाकर करीब 2,500 पर पहुंचाएगी, जो बीते वित्तवर्ष में 1,950 थी। कंपनी का दावा है कि नई मोटरसाइकिल 74 किमी प्रति लीटर का माइलेज देगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी चालू वित्तवर्ष के अंत तक अपने आउटलेट्स की संख्या बढ़ाकर करीब 2,500 पर पहुंचाएगी, जो बीते वित्तवर्ष में 1,950 थी। कंपनी का दावा है कि नई मोटरसाइकिल 74 किमी प्रति लीटर का माइलेज देगी। | यह एक सारांश है: जापानी वाहन कंपनी होंडा ने अपनी दूसरी 110 सीसी की बाइक 'ड्रीम नियो' पेश की, जिसकी मुंबई शोरूम में कीमत 46,140 रुपये है। कंपनी ने इस मोटरसाइकिल के तीन संस्करण पेश किए हैं। | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विशेषज्ञ बीच-बीच में ऐसे कई उपाय सुझाते रहे हैं जिनसे भूकंप के बाद होने वाले खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार नुकसान को कम करने और जान बचाने के लिए कुछ तरकीबें हैं, जिनसे मदद मिल सकती है. आप भी जानिए...
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें. जब तक झटके खत्म न हों, बाहर ही रहें. चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें. ऐसे पुल या सड़क पर जाने से बचें, जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो या पहुंच सकता हो.टिप्पणियां
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं. मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें. टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें. घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें. बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें. आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें. लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें, पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है लिफ्ट और बिजली जाने से भी रुक सकती है लिफ्ट. कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं. झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें.
अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो माचिस हरगिज़ न जलाएं क्योंकि इस दौरान गैस लीक होने का खतरा हो सकता है. हिलें नहीं, और धूल न उड़ाएं. किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें. अगर कपड़ा न हो तो उसे ढक लें. किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके. यदि कोई सीटी उपलब्ध हो तो बजाते रहें. यदि कोई और जरिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें.
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें. जब तक झटके खत्म न हों, बाहर ही रहें. चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें. ऐसे पुल या सड़क पर जाने से बचें, जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो या पहुंच सकता हो.टिप्पणियां
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं. मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें. टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें. घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें. बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें. आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें. लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें, पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है लिफ्ट और बिजली जाने से भी रुक सकती है लिफ्ट. कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं. झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें.
अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो माचिस हरगिज़ न जलाएं क्योंकि इस दौरान गैस लीक होने का खतरा हो सकता है. हिलें नहीं, और धूल न उड़ाएं. किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें. अगर कपड़ा न हो तो उसे ढक लें. किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके. यदि कोई सीटी उपलब्ध हो तो बजाते रहें. यदि कोई और जरिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें.
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं. मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें. टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें. घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें. बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें. आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें. लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें, पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है लिफ्ट और बिजली जाने से भी रुक सकती है लिफ्ट. कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं. झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें.
अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो माचिस हरगिज़ न जलाएं क्योंकि इस दौरान गैस लीक होने का खतरा हो सकता है. हिलें नहीं, और धूल न उड़ाएं. किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें. अगर कपड़ा न हो तो उसे ढक लें. किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके. यदि कोई सीटी उपलब्ध हो तो बजाते रहें. यदि कोई और जरिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें.
अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो माचिस हरगिज़ न जलाएं क्योंकि इस दौरान गैस लीक होने का खतरा हो सकता है. हिलें नहीं, और धूल न उड़ाएं. किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें. अगर कपड़ा न हो तो उसे ढक लें. किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके. यदि कोई सीटी उपलब्ध हो तो बजाते रहें. यदि कोई और जरिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें. | राष्ट्रीय भूकंप ब्यूरो के अनुसार भूकंप की तीव्रता 5.8 थी
भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के पीपलकोटि में है
झटकों के बाद लोग डरकर घरों से बाहर निकल गए | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में 21 मई से लाल, नीली बत्तियों पर बेन लग जाएगा. यह प्रतिबंध फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, आर्मी और पुलिस के वाहनों पर लागू नहीं होगा. वीआईपी सुरक्षा में लगी गैर जरूरी फोर्स हटा दी जाएगी. राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने एक मई से देश भर में वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए मंत्रियों, जजों, अफसरों के वाहनों पर लाल बत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला लिया है. यूपी सरकार ने इस फैसले के लागू होने से दस दिन पहले ही लाल बत्ती पर रोक लगा दी है.
गौरतलब है कि यूपी में मंत्री तो दूर की बात है छुटमैया नेता और यहां तक कि मंत्रियों के घरों में खाना बनाने वाले बावर्ची भी लाल बत्ती के वाहनों में घूमने का शौक पूरा करते रहे हैं. यही हाल सुरक्षा को लेकर रहा है. वीआईपी सुरक्षा में जरूरत से काफी अधिक बल का उपयोग होता रहा है. स्टेटस की निशानी माने जाने वाली इस परंपरा पर योगी सरकार ने तय समय सीमा से पहले ही रोक लगा दी है. शुक्रवार से यूपी में कोई भी मंत्री, अफसर वाहनों पर लाल, नीली बत्ती का उपयोग नहीं कर सकेगा.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी मंत्री एक मई से लालबत्ती का इस्तेमाल नहीं करेंगे. अधिकारियों, मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और जजों को अपनी कारों पर लालबत्ती इस्तेमाल करने पर प्रतिबंधित कर दिया गया है. केवल आपातकालीन वाहनों को नीली बत्ती इस्तेमाल की अनुमति होगी. इसका एक सांकेतिक महत्व भी है क्योंकि एक मई को मजदूर दिवस है. इस दिन मोदी सरकार यह संदेश देना चाहती है कि उसके मंत्री वीआईपी कल्चर से दूर रहेंगे. पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ लालबत्ती का इस्तेमाल पहले ही छोड़ चुके हैं.टिप्पणियां
आमतौर पर वीआईपी रूट के दौरान पुलिस बैरिकेट्स लगा देती है और कई जगह का ट्रैफिक रोक देती है, जिसकी वजह से आम लोगों को काफी दिक्कत होती है. इसी महीने की शुरुआत में एक वीडियो भी वाय़रल हुआ था, जिसमें एक एम्बुलेंस को पुलिस ने रोक दिया था, जिसमें घायल बच्चे को ले जाया जा रहा था.
काफी वक्त से सड़क परिवहन मंत्रालय में इस मुद्दे पर काम चल रहा था. इससे पहले पीएमओ ने इस पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई थी. यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय में लगभग डेढ़ साल से लंबित था. इस दौरान पीएमओ ने पूरे मामले पर कैबिनेट सेक्रेटरी सहित कई बड़े अधिकारियों से चर्चा की थी. इसमें विकल्प दिया गया था कि संवैधानिक पदों पर बैठे पांच लोगों को ही इसके इस्तेमाल का अधिकार हो. इन पांच में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर शामिल हों, हालांकि पीएम ने किसी को भी रियायत न देने का फैसला किया.
गौरतलब है कि यूपी में मंत्री तो दूर की बात है छुटमैया नेता और यहां तक कि मंत्रियों के घरों में खाना बनाने वाले बावर्ची भी लाल बत्ती के वाहनों में घूमने का शौक पूरा करते रहे हैं. यही हाल सुरक्षा को लेकर रहा है. वीआईपी सुरक्षा में जरूरत से काफी अधिक बल का उपयोग होता रहा है. स्टेटस की निशानी माने जाने वाली इस परंपरा पर योगी सरकार ने तय समय सीमा से पहले ही रोक लगा दी है. शुक्रवार से यूपी में कोई भी मंत्री, अफसर वाहनों पर लाल, नीली बत्ती का उपयोग नहीं कर सकेगा.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी मंत्री एक मई से लालबत्ती का इस्तेमाल नहीं करेंगे. अधिकारियों, मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और जजों को अपनी कारों पर लालबत्ती इस्तेमाल करने पर प्रतिबंधित कर दिया गया है. केवल आपातकालीन वाहनों को नीली बत्ती इस्तेमाल की अनुमति होगी. इसका एक सांकेतिक महत्व भी है क्योंकि एक मई को मजदूर दिवस है. इस दिन मोदी सरकार यह संदेश देना चाहती है कि उसके मंत्री वीआईपी कल्चर से दूर रहेंगे. पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ लालबत्ती का इस्तेमाल पहले ही छोड़ चुके हैं.टिप्पणियां
आमतौर पर वीआईपी रूट के दौरान पुलिस बैरिकेट्स लगा देती है और कई जगह का ट्रैफिक रोक देती है, जिसकी वजह से आम लोगों को काफी दिक्कत होती है. इसी महीने की शुरुआत में एक वीडियो भी वाय़रल हुआ था, जिसमें एक एम्बुलेंस को पुलिस ने रोक दिया था, जिसमें घायल बच्चे को ले जाया जा रहा था.
काफी वक्त से सड़क परिवहन मंत्रालय में इस मुद्दे पर काम चल रहा था. इससे पहले पीएमओ ने इस पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई थी. यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय में लगभग डेढ़ साल से लंबित था. इस दौरान पीएमओ ने पूरे मामले पर कैबिनेट सेक्रेटरी सहित कई बड़े अधिकारियों से चर्चा की थी. इसमें विकल्प दिया गया था कि संवैधानिक पदों पर बैठे पांच लोगों को ही इसके इस्तेमाल का अधिकार हो. इन पांच में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर शामिल हों, हालांकि पीएम ने किसी को भी रियायत न देने का फैसला किया.
आमतौर पर वीआईपी रूट के दौरान पुलिस बैरिकेट्स लगा देती है और कई जगह का ट्रैफिक रोक देती है, जिसकी वजह से आम लोगों को काफी दिक्कत होती है. इसी महीने की शुरुआत में एक वीडियो भी वाय़रल हुआ था, जिसमें एक एम्बुलेंस को पुलिस ने रोक दिया था, जिसमें घायल बच्चे को ले जाया जा रहा था.
काफी वक्त से सड़क परिवहन मंत्रालय में इस मुद्दे पर काम चल रहा था. इससे पहले पीएमओ ने इस पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई थी. यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय में लगभग डेढ़ साल से लंबित था. इस दौरान पीएमओ ने पूरे मामले पर कैबिनेट सेक्रेटरी सहित कई बड़े अधिकारियों से चर्चा की थी. इसमें विकल्प दिया गया था कि संवैधानिक पदों पर बैठे पांच लोगों को ही इसके इस्तेमाल का अधिकार हो. इन पांच में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर शामिल हों, हालांकि पीएम ने किसी को भी रियायत न देने का फैसला किया.
काफी वक्त से सड़क परिवहन मंत्रालय में इस मुद्दे पर काम चल रहा था. इससे पहले पीएमओ ने इस पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई थी. यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय में लगभग डेढ़ साल से लंबित था. इस दौरान पीएमओ ने पूरे मामले पर कैबिनेट सेक्रेटरी सहित कई बड़े अधिकारियों से चर्चा की थी. इसमें विकल्प दिया गया था कि संवैधानिक पदों पर बैठे पांच लोगों को ही इसके इस्तेमाल का अधिकार हो. इन पांच में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर शामिल हों, हालांकि पीएम ने किसी को भी रियायत न देने का फैसला किया. | सारांश: वीआईपी सुरक्षा में इस्तेमाल हो रहा जरूरत से ज्यादा सुरक्षा बल हटेगा
योगी सरकार ने समय सीमा से दस दिन पहले हटाई बत्तियां
देश भर में एक मई से लगेगा लाल बत्ती के प्रयोग पर प्रतिबंध | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जयपुर में चिंतन शिविर के लिए पहुंचे कांग्रेसियों में राहुल गांधी को आगे ले जाने के लिए बयानबाजी की होड़ लगी हुई है। कोई उनके पार्टी में नई जिम्मेदारी संभालने का संकेत तो कोई उन्हें प्रधानमंत्री बनाने पर आमादा है, लेकिन उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलना तो तय लग रहा है।
चिंतन शिविर के दूसरे दिन चर्चा शुरू होने से पहले, पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा, राहुल पहले से ही हमारे नेता हैं। हमारे पास एक स्थिर नेतृत्व है, जिसका हमें गर्व है। उन्होंने कहा, कांग्रेस में हमेशा से स्थिर नेतृत्व रहा है। और अगर पार्टी तथा जनता के बीच संवाद में कोई कमी आई है तो उसे दूर किया जाएगा। मणिशंकर अय्यर ने कहा, ‘पार्टी पूरी तरह से राहुल के साथ है। लेकिन पार्टी में बड़ी भूमिका निभाने को लेकर वह खुद ही फैसला करेंगे। हमारे लिए जनता का सशक्तिकरण प्राथमिकता है और हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। अय्यर ने कहा, जहां तक भाजपा का सवाल है तो वह इस तरह के चिंतन शिविर आयोजित नहीं कर सकती है, क्योंकि वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की कठपुतली है।टिप्पणियां
पार्टी के एक अन्य उभरते युवा नेता जितिन प्रसाद ने कहा, नि:संदेह राहुल हमारे नेता हैं और वह वर्ष 2014 में पार्टी और देश दोनों की अगुवाई करेंगे। मिलिंद देवड़ा ने कहा, सरकार अच्छा काम कर रही है। लेकिन जनता से संवाद बनाए जाने की जरूरत है। वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी ने राहुल को और बड़ी भूमिका दिए जाने के सवाल पर कहा, कांग्रेस हमेशा से ही नई पीढ़ी को वरीयता देती आई है। इसीलिए पार्टी के पास पहले से ही नया नेतृत्व सदैव तैयार रहता है। उन्होंने कहा, इसी कड़ी में यहां हो रहे चिंतन शिविर में इस बार युवाओं को खास तौर पर बड़ी संख्या में बुलाया गया है। उन्होंने कहा, यह देख कर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि शिविर की समूह चर्चाओं में यह प्रतिनिधि बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। चीजों को वैज्ञानिक रूप से देख रहे हैं और पेश कर रहे हैं। वह चर्चाओं में ठोस सुझाव दे रहे हैं, जिससे पार्टी को आगामी रणनीति बनाने में काफी मदद मिल रही है।
शिविर के पहले दिन ‘उभरती राजनीतिक चुनौतियां’ विषय पर गठित चर्चा समूह में राज बब्बर सहित कई सदस्यों ने राहुल को लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की।
चिंतन शिविर के दूसरे दिन चर्चा शुरू होने से पहले, पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा, राहुल पहले से ही हमारे नेता हैं। हमारे पास एक स्थिर नेतृत्व है, जिसका हमें गर्व है। उन्होंने कहा, कांग्रेस में हमेशा से स्थिर नेतृत्व रहा है। और अगर पार्टी तथा जनता के बीच संवाद में कोई कमी आई है तो उसे दूर किया जाएगा। मणिशंकर अय्यर ने कहा, ‘पार्टी पूरी तरह से राहुल के साथ है। लेकिन पार्टी में बड़ी भूमिका निभाने को लेकर वह खुद ही फैसला करेंगे। हमारे लिए जनता का सशक्तिकरण प्राथमिकता है और हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। अय्यर ने कहा, जहां तक भाजपा का सवाल है तो वह इस तरह के चिंतन शिविर आयोजित नहीं कर सकती है, क्योंकि वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की कठपुतली है।टिप्पणियां
पार्टी के एक अन्य उभरते युवा नेता जितिन प्रसाद ने कहा, नि:संदेह राहुल हमारे नेता हैं और वह वर्ष 2014 में पार्टी और देश दोनों की अगुवाई करेंगे। मिलिंद देवड़ा ने कहा, सरकार अच्छा काम कर रही है। लेकिन जनता से संवाद बनाए जाने की जरूरत है। वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी ने राहुल को और बड़ी भूमिका दिए जाने के सवाल पर कहा, कांग्रेस हमेशा से ही नई पीढ़ी को वरीयता देती आई है। इसीलिए पार्टी के पास पहले से ही नया नेतृत्व सदैव तैयार रहता है। उन्होंने कहा, इसी कड़ी में यहां हो रहे चिंतन शिविर में इस बार युवाओं को खास तौर पर बड़ी संख्या में बुलाया गया है। उन्होंने कहा, यह देख कर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि शिविर की समूह चर्चाओं में यह प्रतिनिधि बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। चीजों को वैज्ञानिक रूप से देख रहे हैं और पेश कर रहे हैं। वह चर्चाओं में ठोस सुझाव दे रहे हैं, जिससे पार्टी को आगामी रणनीति बनाने में काफी मदद मिल रही है।
शिविर के पहले दिन ‘उभरती राजनीतिक चुनौतियां’ विषय पर गठित चर्चा समूह में राज बब्बर सहित कई सदस्यों ने राहुल को लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की।
पार्टी के एक अन्य उभरते युवा नेता जितिन प्रसाद ने कहा, नि:संदेह राहुल हमारे नेता हैं और वह वर्ष 2014 में पार्टी और देश दोनों की अगुवाई करेंगे। मिलिंद देवड़ा ने कहा, सरकार अच्छा काम कर रही है। लेकिन जनता से संवाद बनाए जाने की जरूरत है। वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी ने राहुल को और बड़ी भूमिका दिए जाने के सवाल पर कहा, कांग्रेस हमेशा से ही नई पीढ़ी को वरीयता देती आई है। इसीलिए पार्टी के पास पहले से ही नया नेतृत्व सदैव तैयार रहता है। उन्होंने कहा, इसी कड़ी में यहां हो रहे चिंतन शिविर में इस बार युवाओं को खास तौर पर बड़ी संख्या में बुलाया गया है। उन्होंने कहा, यह देख कर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि शिविर की समूह चर्चाओं में यह प्रतिनिधि बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। चीजों को वैज्ञानिक रूप से देख रहे हैं और पेश कर रहे हैं। वह चर्चाओं में ठोस सुझाव दे रहे हैं, जिससे पार्टी को आगामी रणनीति बनाने में काफी मदद मिल रही है।
शिविर के पहले दिन ‘उभरती राजनीतिक चुनौतियां’ विषय पर गठित चर्चा समूह में राज बब्बर सहित कई सदस्यों ने राहुल को लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की।
शिविर के पहले दिन ‘उभरती राजनीतिक चुनौतियां’ विषय पर गठित चर्चा समूह में राज बब्बर सहित कई सदस्यों ने राहुल को लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की। | कांग्रेस पार्टी के उभरते युवा नेता जितिन प्रसाद ने कहा, नि:संदेह राहुल हमारे नेता हैं और वह वर्ष 2014 में पार्टी और देश दोनों की अगुवाई करेंगे। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपनी मांगो को लेकर सेना का जवान के मुत्थू शुक्रवार से ही मोबाइल टावर पर चढ़ा हुआ है। उसकी मांग है कि रक्षामंत्री एके एंटनी के आने पर ही वह टावर से उतरेगा लेकिन फिलहाल रक्षामंत्री मुत्थू से मिलने नहीं जा रहे हैं।
पिछले चार दिन से करीब दो सौ फुट के टावर पर चढ़ा फौजी जवान के मुत्थू अपने अफसरों के कहने के बावजूद उतरने को तैयार नहीं है। छुट्टी को लेकर उसका अपने अफ़सरों से विवाद हुआ।
मुत्थू का कहना है वह बगैर रक्षामंत्री से मिले नहीं उतरेगा। मुत्थू का कहना है कि फौजी अफसर छुट्टी क्यों नहीं देते हैं। तीन महीने की छुट्टी होती है जवानों की। हालांकि अब सेना कह रही है कि उसे तंग करने की बात गलत है।
वह मई महीने में ही दो महीने की छुट्टी पर से लौटा है लेकिन, यह मामला सेना के भीतर बढ़ते मानसिक तनाव की नई मिसाल है। इसी महीने में दो और जवानों ने ख़ुदकुशी की और इस साल सेना के 63 जवान आत्महत्या कर चुके हैं। टिप्पणियां
वहीं, सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा है कि सेना में अभी हालात इतने खराब नहीं हैं। जब भी ऐसे मामले आते हैं तो हम जांच करवाते हैं और तह तक पहुंचते हैं।
वैसे मुत्थू को मनाने सेना के सह प्रमुख तक आ चुके हैं लेकिन वो जमा हुआ है। घटना की जगह पुलिस और दमकल की गाड़ियां खड़ी हैं। अंदेशा है कि वह कुछ उल्टा−पुल्टा न कर बैठे।
पिछले चार दिन से करीब दो सौ फुट के टावर पर चढ़ा फौजी जवान के मुत्थू अपने अफसरों के कहने के बावजूद उतरने को तैयार नहीं है। छुट्टी को लेकर उसका अपने अफ़सरों से विवाद हुआ।
मुत्थू का कहना है वह बगैर रक्षामंत्री से मिले नहीं उतरेगा। मुत्थू का कहना है कि फौजी अफसर छुट्टी क्यों नहीं देते हैं। तीन महीने की छुट्टी होती है जवानों की। हालांकि अब सेना कह रही है कि उसे तंग करने की बात गलत है।
वह मई महीने में ही दो महीने की छुट्टी पर से लौटा है लेकिन, यह मामला सेना के भीतर बढ़ते मानसिक तनाव की नई मिसाल है। इसी महीने में दो और जवानों ने ख़ुदकुशी की और इस साल सेना के 63 जवान आत्महत्या कर चुके हैं। टिप्पणियां
वहीं, सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा है कि सेना में अभी हालात इतने खराब नहीं हैं। जब भी ऐसे मामले आते हैं तो हम जांच करवाते हैं और तह तक पहुंचते हैं।
वैसे मुत्थू को मनाने सेना के सह प्रमुख तक आ चुके हैं लेकिन वो जमा हुआ है। घटना की जगह पुलिस और दमकल की गाड़ियां खड़ी हैं। अंदेशा है कि वह कुछ उल्टा−पुल्टा न कर बैठे।
मुत्थू का कहना है वह बगैर रक्षामंत्री से मिले नहीं उतरेगा। मुत्थू का कहना है कि फौजी अफसर छुट्टी क्यों नहीं देते हैं। तीन महीने की छुट्टी होती है जवानों की। हालांकि अब सेना कह रही है कि उसे तंग करने की बात गलत है।
वह मई महीने में ही दो महीने की छुट्टी पर से लौटा है लेकिन, यह मामला सेना के भीतर बढ़ते मानसिक तनाव की नई मिसाल है। इसी महीने में दो और जवानों ने ख़ुदकुशी की और इस साल सेना के 63 जवान आत्महत्या कर चुके हैं। टिप्पणियां
वहीं, सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा है कि सेना में अभी हालात इतने खराब नहीं हैं। जब भी ऐसे मामले आते हैं तो हम जांच करवाते हैं और तह तक पहुंचते हैं।
वैसे मुत्थू को मनाने सेना के सह प्रमुख तक आ चुके हैं लेकिन वो जमा हुआ है। घटना की जगह पुलिस और दमकल की गाड़ियां खड़ी हैं। अंदेशा है कि वह कुछ उल्टा−पुल्टा न कर बैठे।
वह मई महीने में ही दो महीने की छुट्टी पर से लौटा है लेकिन, यह मामला सेना के भीतर बढ़ते मानसिक तनाव की नई मिसाल है। इसी महीने में दो और जवानों ने ख़ुदकुशी की और इस साल सेना के 63 जवान आत्महत्या कर चुके हैं। टिप्पणियां
वहीं, सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा है कि सेना में अभी हालात इतने खराब नहीं हैं। जब भी ऐसे मामले आते हैं तो हम जांच करवाते हैं और तह तक पहुंचते हैं।
वैसे मुत्थू को मनाने सेना के सह प्रमुख तक आ चुके हैं लेकिन वो जमा हुआ है। घटना की जगह पुलिस और दमकल की गाड़ियां खड़ी हैं। अंदेशा है कि वह कुछ उल्टा−पुल्टा न कर बैठे।
वहीं, सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा है कि सेना में अभी हालात इतने खराब नहीं हैं। जब भी ऐसे मामले आते हैं तो हम जांच करवाते हैं और तह तक पहुंचते हैं।
वैसे मुत्थू को मनाने सेना के सह प्रमुख तक आ चुके हैं लेकिन वो जमा हुआ है। घटना की जगह पुलिस और दमकल की गाड़ियां खड़ी हैं। अंदेशा है कि वह कुछ उल्टा−पुल्टा न कर बैठे।
वैसे मुत्थू को मनाने सेना के सह प्रमुख तक आ चुके हैं लेकिन वो जमा हुआ है। घटना की जगह पुलिस और दमकल की गाड़ियां खड़ी हैं। अंदेशा है कि वह कुछ उल्टा−पुल्टा न कर बैठे। | यहाँ एक सारांश है:मुत्थू का कहना है कि फौजी अफसर छुट्टी क्यों नहीं देते हैं। तीन महीने की छुट्टी होती है जवानों की। हालांकि अब सेना कह रही है कि उसे तंग करने की बात गलत है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्वोत्तर में बाढ़ से स्थिति शुक्रवार को और खराब हो गई. मणिपुर में चार लोगों और त्रिपुरा में एक व्यक्ति की मौत के साथ क्षेत्र में बाढ़ से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है. कुछ मार्गों पर ट्रेन सेवा ठप होने और सड़कों के बह जाने से असम, त्रिपुरा और मणिपुर में स्थिति ज्यादा खराब है.
असम में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने के साथ राज्य के सात जिलों में तकरीबन चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं . असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक होजाई, कर्बी आंगलांग पूर्व, कर्बी आंगलांग पश्चिम , गोलाघाट, करीमगंज, हैलाकांडी और कछार जिले में 3.87 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.राज्य के विभिन्न हिस्से में भूस्खलन और बाढ़ जनित घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है .शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा हैलाकांडी में 2.06 लाख लोग, इसके बाद करीमगंज में तकरीबन 1.33 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. बंदरखल और दामछड़ा स्टेशनों के बीच जमीन खिसकने के कारण लामडिंग बदरपुर खंड पर रेल सेवा ठप है.
मणिपुर में बाढ़ग्रस्त दो जिलों में 1.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और स्थिति काफी खराब है. आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि इम्फाल घाटी में स्थिति बदतर हो गई है और मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. ताजा रिपोर्टों के अनुसार बाढ़ से लगभग 12,500 मकान क्षतिग्रस्त हो गए और 5,200 लोग क्षेत्र छोड़कर बाहर चले गए हैं.
मणिपुर में बाढ़ के कारण खराब स्थिति पर चिंतित राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने आज कहा कि वह बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्यपाल राहत कोष में एक दिन का वेतन देंगी. हेपतुल्ला ने संवाददाताओं से कहा कि राजभवन के तमाम कर्मचारी एक दिन के वेतन का योगदान देंगे और दूसरों से भी मदद की अपील की गई है .
त्रिपुरा में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को और बिगड़ गई. बारिश के कारण खोवई नदी का पानी कुछ और इलाकों में घुस गया जिससे हजारों लोग बेघर हो गए और सड़कों तथा फसलों को नुकसान पहुंचा. बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ से उनाकोटी जिले में कलीलाशहर सब डिविजन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है . बाढ़ के कारण 21,000 से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में हैं. मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव ने कलीलाशहर सब डिविजन का दौरा किया.टिप्पणियां
मिजोरम में बाढ़ के कारण अब तक 1,066 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राज्य आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सबसे ज्यादा दक्षिण मिजोरम का लुंगलेई जिला प्रभावित हुआ है. तलाबुंग कस्बा और पास के गांव बाढ़ की चपेट में है. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 54 से मलबा हटाने का कार्य किया गया. बाढ़ के कारण सड़क का एक हिस्सा बह गया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
असम में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने के साथ राज्य के सात जिलों में तकरीबन चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं . असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक होजाई, कर्बी आंगलांग पूर्व, कर्बी आंगलांग पश्चिम , गोलाघाट, करीमगंज, हैलाकांडी और कछार जिले में 3.87 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.राज्य के विभिन्न हिस्से में भूस्खलन और बाढ़ जनित घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है .शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा हैलाकांडी में 2.06 लाख लोग, इसके बाद करीमगंज में तकरीबन 1.33 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. बंदरखल और दामछड़ा स्टेशनों के बीच जमीन खिसकने के कारण लामडिंग बदरपुर खंड पर रेल सेवा ठप है.
मणिपुर में बाढ़ग्रस्त दो जिलों में 1.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और स्थिति काफी खराब है. आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि इम्फाल घाटी में स्थिति बदतर हो गई है और मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. ताजा रिपोर्टों के अनुसार बाढ़ से लगभग 12,500 मकान क्षतिग्रस्त हो गए और 5,200 लोग क्षेत्र छोड़कर बाहर चले गए हैं.
मणिपुर में बाढ़ के कारण खराब स्थिति पर चिंतित राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने आज कहा कि वह बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्यपाल राहत कोष में एक दिन का वेतन देंगी. हेपतुल्ला ने संवाददाताओं से कहा कि राजभवन के तमाम कर्मचारी एक दिन के वेतन का योगदान देंगे और दूसरों से भी मदद की अपील की गई है .
त्रिपुरा में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को और बिगड़ गई. बारिश के कारण खोवई नदी का पानी कुछ और इलाकों में घुस गया जिससे हजारों लोग बेघर हो गए और सड़कों तथा फसलों को नुकसान पहुंचा. बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ से उनाकोटी जिले में कलीलाशहर सब डिविजन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है . बाढ़ के कारण 21,000 से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में हैं. मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव ने कलीलाशहर सब डिविजन का दौरा किया.टिप्पणियां
मिजोरम में बाढ़ के कारण अब तक 1,066 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राज्य आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सबसे ज्यादा दक्षिण मिजोरम का लुंगलेई जिला प्रभावित हुआ है. तलाबुंग कस्बा और पास के गांव बाढ़ की चपेट में है. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 54 से मलबा हटाने का कार्य किया गया. बाढ़ के कारण सड़क का एक हिस्सा बह गया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मणिपुर में बाढ़ के कारण खराब स्थिति पर चिंतित राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने आज कहा कि वह बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्यपाल राहत कोष में एक दिन का वेतन देंगी. हेपतुल्ला ने संवाददाताओं से कहा कि राजभवन के तमाम कर्मचारी एक दिन के वेतन का योगदान देंगे और दूसरों से भी मदद की अपील की गई है .
त्रिपुरा में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को और बिगड़ गई. बारिश के कारण खोवई नदी का पानी कुछ और इलाकों में घुस गया जिससे हजारों लोग बेघर हो गए और सड़कों तथा फसलों को नुकसान पहुंचा. बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ से उनाकोटी जिले में कलीलाशहर सब डिविजन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है . बाढ़ के कारण 21,000 से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में हैं. मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव ने कलीलाशहर सब डिविजन का दौरा किया.टिप्पणियां
मिजोरम में बाढ़ के कारण अब तक 1,066 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राज्य आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सबसे ज्यादा दक्षिण मिजोरम का लुंगलेई जिला प्रभावित हुआ है. तलाबुंग कस्बा और पास के गांव बाढ़ की चपेट में है. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 54 से मलबा हटाने का कार्य किया गया. बाढ़ के कारण सड़क का एक हिस्सा बह गया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
त्रिपुरा में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को और बिगड़ गई. बारिश के कारण खोवई नदी का पानी कुछ और इलाकों में घुस गया जिससे हजारों लोग बेघर हो गए और सड़कों तथा फसलों को नुकसान पहुंचा. बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ से उनाकोटी जिले में कलीलाशहर सब डिविजन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है . बाढ़ के कारण 21,000 से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में हैं. मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव ने कलीलाशहर सब डिविजन का दौरा किया.टिप्पणियां
मिजोरम में बाढ़ के कारण अब तक 1,066 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राज्य आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सबसे ज्यादा दक्षिण मिजोरम का लुंगलेई जिला प्रभावित हुआ है. तलाबुंग कस्बा और पास के गांव बाढ़ की चपेट में है. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 54 से मलबा हटाने का कार्य किया गया. बाढ़ के कारण सड़क का एक हिस्सा बह गया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मिजोरम में बाढ़ के कारण अब तक 1,066 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राज्य आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सबसे ज्यादा दक्षिण मिजोरम का लुंगलेई जिला प्रभावित हुआ है. तलाबुंग कस्बा और पास के गांव बाढ़ की चपेट में है. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 54 से मलबा हटाने का कार्य किया गया. बाढ़ के कारण सड़क का एक हिस्सा बह गया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | असम के सात जिलों में तकरीबन चार लाख लोग प्रभावित हुए
मणिपुर में बाढ़ से लगभग 12,500 मकान क्षतिग्रस्त
त्रिपुरा में खोवई नदी का पानी कई इलाकों में घुस गया | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) ने अपने नेता अरविंद केजरीवाल की आगामी 1 नवम्बर को होने वाली फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान कांग्रेस द्वारा साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
आईएसी नेता संजय सिंह ने बुधवार को आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के कुछ और मामले उजागर करने के इरादे से आगामी 1 नवम्बर को हो रही केजरीवाल तथा उनके सहयोगियों की फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान कांग्रेस के स्थानीय नेता अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा केजरीवाल का पुतला जलवाकर साम्प्रदायिक माहौल को बिगाड़ने का कुचक्र रच रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केन्द्रीय कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा हाल में केजरीवाल को फर्रुखाबाद से सही सलामत वापस लौटने की चुनौती के मद्देनजर भारतीय किसान यूनियन के लाठीबंद कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल की फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान उनकी हिफाजत का जिम्मा लिया है। वे कार्यकर्ता सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था सम्भालेंगे और उनका किसी भी प्रकार का हिंसक माहौल पैदा करने का कोई इरादा नहीं है।टिप्पणियां
उधर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आफताब हुसैन ने बताया कि आगामी 1 नवम्बर को केजरीवाल की फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शित करेंगे। उस दिन पार्टी कारकुन ‘मैं सलमान हूं’ नारा लिखी टोपी लगाएंगे।
इस बीच, केजरीवाल और खुर्शीद समर्थकों के बीच जारी जबानी जंग के मद्देनजर अभिसूचना अधिकारियों के दल ने शहर आकर यहां की नब्ज टटोलने की कोशिश की। जोनल अधिकारी माईलाल ने बताया कि उनकी टीम आईएसी तथा कांग्रेस समर्थकों में चल रही जबानी जंग का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट देगी।
आईएसी नेता संजय सिंह ने बुधवार को आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के कुछ और मामले उजागर करने के इरादे से आगामी 1 नवम्बर को हो रही केजरीवाल तथा उनके सहयोगियों की फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान कांग्रेस के स्थानीय नेता अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा केजरीवाल का पुतला जलवाकर साम्प्रदायिक माहौल को बिगाड़ने का कुचक्र रच रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केन्द्रीय कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा हाल में केजरीवाल को फर्रुखाबाद से सही सलामत वापस लौटने की चुनौती के मद्देनजर भारतीय किसान यूनियन के लाठीबंद कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल की फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान उनकी हिफाजत का जिम्मा लिया है। वे कार्यकर्ता सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था सम्भालेंगे और उनका किसी भी प्रकार का हिंसक माहौल पैदा करने का कोई इरादा नहीं है।टिप्पणियां
उधर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आफताब हुसैन ने बताया कि आगामी 1 नवम्बर को केजरीवाल की फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शित करेंगे। उस दिन पार्टी कारकुन ‘मैं सलमान हूं’ नारा लिखी टोपी लगाएंगे।
इस बीच, केजरीवाल और खुर्शीद समर्थकों के बीच जारी जबानी जंग के मद्देनजर अभिसूचना अधिकारियों के दल ने शहर आकर यहां की नब्ज टटोलने की कोशिश की। जोनल अधिकारी माईलाल ने बताया कि उनकी टीम आईएसी तथा कांग्रेस समर्थकों में चल रही जबानी जंग का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट देगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केन्द्रीय कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा हाल में केजरीवाल को फर्रुखाबाद से सही सलामत वापस लौटने की चुनौती के मद्देनजर भारतीय किसान यूनियन के लाठीबंद कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल की फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान उनकी हिफाजत का जिम्मा लिया है। वे कार्यकर्ता सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था सम्भालेंगे और उनका किसी भी प्रकार का हिंसक माहौल पैदा करने का कोई इरादा नहीं है।टिप्पणियां
उधर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आफताब हुसैन ने बताया कि आगामी 1 नवम्बर को केजरीवाल की फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शित करेंगे। उस दिन पार्टी कारकुन ‘मैं सलमान हूं’ नारा लिखी टोपी लगाएंगे।
इस बीच, केजरीवाल और खुर्शीद समर्थकों के बीच जारी जबानी जंग के मद्देनजर अभिसूचना अधिकारियों के दल ने शहर आकर यहां की नब्ज टटोलने की कोशिश की। जोनल अधिकारी माईलाल ने बताया कि उनकी टीम आईएसी तथा कांग्रेस समर्थकों में चल रही जबानी जंग का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट देगी।
उधर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आफताब हुसैन ने बताया कि आगामी 1 नवम्बर को केजरीवाल की फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शित करेंगे। उस दिन पार्टी कारकुन ‘मैं सलमान हूं’ नारा लिखी टोपी लगाएंगे।
इस बीच, केजरीवाल और खुर्शीद समर्थकों के बीच जारी जबानी जंग के मद्देनजर अभिसूचना अधिकारियों के दल ने शहर आकर यहां की नब्ज टटोलने की कोशिश की। जोनल अधिकारी माईलाल ने बताया कि उनकी टीम आईएसी तथा कांग्रेस समर्थकों में चल रही जबानी जंग का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट देगी।
इस बीच, केजरीवाल और खुर्शीद समर्थकों के बीच जारी जबानी जंग के मद्देनजर अभिसूचना अधिकारियों के दल ने शहर आकर यहां की नब्ज टटोलने की कोशिश की। जोनल अधिकारी माईलाल ने बताया कि उनकी टीम आईएसी तथा कांग्रेस समर्थकों में चल रही जबानी जंग का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट देगी। | यहाँ एक सारांश है:इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) ने अपने नेता अरविंद केजरीवाल की आगामी 1 नवम्बर को होने वाली फर्रुखाबाद यात्रा के दौरान कांग्रेस द्वारा साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2012-13 की पहली तिमाही में 18.37 प्रतिशत बढ़कर 1,580.2 करोड़ रुपये रहा।
इससे पूर्व वित्त वर्ष 2010-11 की इसी तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी का शुद्ध लाभ 1,334.9 करोड़ रुपये था।
विप्रो ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि कंपनी की कुल आय जून 2012 को समाप्त तिमाही में 24.37 प्रतिशत बढ़कर 10,619.6 करोड़ रुपये रही जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 8,538.4 करोड़ रुपये थी।
विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कहा, आज के जटिल कारोबारी माहौल में कंपनियां प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकी में निवेश कर रही हैं। हम इसे एक अवसर के रूप में देख रहे हैं..। विप्रो की आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर जून तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 8,314 करोड़ रुपये रही। कंपनी की कुल आय में आईटी सेवा की हिस्सेदारी 78 प्रतिशत है।
डॉलर के रूप में आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर आलोच्य तिमाही में आठ प्रतिशत बढ़कर 151.5 करोड़ डॉलर रही। कंपनी ने वर्ष 2012 की अप्रैल-जून तिमाही में आईटी सेवा से आय 152 करोड़ डॉलर से 155 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान जताया था।
विप्रो ने डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 54.76 रहने का अनुमान लगाते हुए सितंबर 2012 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिये आय परिदृश्य जून तिमाही के स्तर पर बरकरार रखा है।
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति ने कहा, हम वैश्विक स्तर पर मुद्राओं में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। हम वृद्धि के लिए निवेश जारी रखते हुए लाभ बढ़ाने में सफल रहे हैं।
अनिश्चित आर्थिक तथा राजनीतिक माहौल को देखते हुए घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को अमेरिका तथा यूरोपीय बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विप्रो के अनुसार अप्रैल-जून 2012 तिमाही में उसने 37 नए ग्राहक बनाए।
कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी।टिप्पणियां
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
इससे पूर्व वित्त वर्ष 2010-11 की इसी तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी का शुद्ध लाभ 1,334.9 करोड़ रुपये था।
विप्रो ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि कंपनी की कुल आय जून 2012 को समाप्त तिमाही में 24.37 प्रतिशत बढ़कर 10,619.6 करोड़ रुपये रही जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 8,538.4 करोड़ रुपये थी।
विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कहा, आज के जटिल कारोबारी माहौल में कंपनियां प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकी में निवेश कर रही हैं। हम इसे एक अवसर के रूप में देख रहे हैं..। विप्रो की आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर जून तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 8,314 करोड़ रुपये रही। कंपनी की कुल आय में आईटी सेवा की हिस्सेदारी 78 प्रतिशत है।
डॉलर के रूप में आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर आलोच्य तिमाही में आठ प्रतिशत बढ़कर 151.5 करोड़ डॉलर रही। कंपनी ने वर्ष 2012 की अप्रैल-जून तिमाही में आईटी सेवा से आय 152 करोड़ डॉलर से 155 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान जताया था।
विप्रो ने डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 54.76 रहने का अनुमान लगाते हुए सितंबर 2012 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिये आय परिदृश्य जून तिमाही के स्तर पर बरकरार रखा है।
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति ने कहा, हम वैश्विक स्तर पर मुद्राओं में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। हम वृद्धि के लिए निवेश जारी रखते हुए लाभ बढ़ाने में सफल रहे हैं।
अनिश्चित आर्थिक तथा राजनीतिक माहौल को देखते हुए घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को अमेरिका तथा यूरोपीय बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विप्रो के अनुसार अप्रैल-जून 2012 तिमाही में उसने 37 नए ग्राहक बनाए।
कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी।टिप्पणियां
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि कंपनी की कुल आय जून 2012 को समाप्त तिमाही में 24.37 प्रतिशत बढ़कर 10,619.6 करोड़ रुपये रही जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 8,538.4 करोड़ रुपये थी।
विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कहा, आज के जटिल कारोबारी माहौल में कंपनियां प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकी में निवेश कर रही हैं। हम इसे एक अवसर के रूप में देख रहे हैं..। विप्रो की आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर जून तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 8,314 करोड़ रुपये रही। कंपनी की कुल आय में आईटी सेवा की हिस्सेदारी 78 प्रतिशत है।
डॉलर के रूप में आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर आलोच्य तिमाही में आठ प्रतिशत बढ़कर 151.5 करोड़ डॉलर रही। कंपनी ने वर्ष 2012 की अप्रैल-जून तिमाही में आईटी सेवा से आय 152 करोड़ डॉलर से 155 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान जताया था।
विप्रो ने डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 54.76 रहने का अनुमान लगाते हुए सितंबर 2012 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिये आय परिदृश्य जून तिमाही के स्तर पर बरकरार रखा है।
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति ने कहा, हम वैश्विक स्तर पर मुद्राओं में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। हम वृद्धि के लिए निवेश जारी रखते हुए लाभ बढ़ाने में सफल रहे हैं।
अनिश्चित आर्थिक तथा राजनीतिक माहौल को देखते हुए घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को अमेरिका तथा यूरोपीय बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विप्रो के अनुसार अप्रैल-जून 2012 तिमाही में उसने 37 नए ग्राहक बनाए।
कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी।टिप्पणियां
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कहा, आज के जटिल कारोबारी माहौल में कंपनियां प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकी में निवेश कर रही हैं। हम इसे एक अवसर के रूप में देख रहे हैं..। विप्रो की आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर जून तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 8,314 करोड़ रुपये रही। कंपनी की कुल आय में आईटी सेवा की हिस्सेदारी 78 प्रतिशत है।
डॉलर के रूप में आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर आलोच्य तिमाही में आठ प्रतिशत बढ़कर 151.5 करोड़ डॉलर रही। कंपनी ने वर्ष 2012 की अप्रैल-जून तिमाही में आईटी सेवा से आय 152 करोड़ डॉलर से 155 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान जताया था।
विप्रो ने डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 54.76 रहने का अनुमान लगाते हुए सितंबर 2012 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिये आय परिदृश्य जून तिमाही के स्तर पर बरकरार रखा है।
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति ने कहा, हम वैश्विक स्तर पर मुद्राओं में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। हम वृद्धि के लिए निवेश जारी रखते हुए लाभ बढ़ाने में सफल रहे हैं।
अनिश्चित आर्थिक तथा राजनीतिक माहौल को देखते हुए घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को अमेरिका तथा यूरोपीय बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विप्रो के अनुसार अप्रैल-जून 2012 तिमाही में उसने 37 नए ग्राहक बनाए।
कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी।टिप्पणियां
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
डॉलर के रूप में आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर आलोच्य तिमाही में आठ प्रतिशत बढ़कर 151.5 करोड़ डॉलर रही। कंपनी ने वर्ष 2012 की अप्रैल-जून तिमाही में आईटी सेवा से आय 152 करोड़ डॉलर से 155 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान जताया था।
विप्रो ने डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 54.76 रहने का अनुमान लगाते हुए सितंबर 2012 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिये आय परिदृश्य जून तिमाही के स्तर पर बरकरार रखा है।
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति ने कहा, हम वैश्विक स्तर पर मुद्राओं में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। हम वृद्धि के लिए निवेश जारी रखते हुए लाभ बढ़ाने में सफल रहे हैं।
अनिश्चित आर्थिक तथा राजनीतिक माहौल को देखते हुए घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को अमेरिका तथा यूरोपीय बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विप्रो के अनुसार अप्रैल-जून 2012 तिमाही में उसने 37 नए ग्राहक बनाए।
कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी।टिप्पणियां
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो ने डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 54.76 रहने का अनुमान लगाते हुए सितंबर 2012 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिये आय परिदृश्य जून तिमाही के स्तर पर बरकरार रखा है।
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति ने कहा, हम वैश्विक स्तर पर मुद्राओं में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। हम वृद्धि के लिए निवेश जारी रखते हुए लाभ बढ़ाने में सफल रहे हैं।
अनिश्चित आर्थिक तथा राजनीतिक माहौल को देखते हुए घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को अमेरिका तथा यूरोपीय बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विप्रो के अनुसार अप्रैल-जून 2012 तिमाही में उसने 37 नए ग्राहक बनाए।
कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी।टिप्पणियां
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति ने कहा, हम वैश्विक स्तर पर मुद्राओं में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। हम वृद्धि के लिए निवेश जारी रखते हुए लाभ बढ़ाने में सफल रहे हैं।
अनिश्चित आर्थिक तथा राजनीतिक माहौल को देखते हुए घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को अमेरिका तथा यूरोपीय बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विप्रो के अनुसार अप्रैल-जून 2012 तिमाही में उसने 37 नए ग्राहक बनाए।
कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी।टिप्पणियां
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
अनिश्चित आर्थिक तथा राजनीतिक माहौल को देखते हुए घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को अमेरिका तथा यूरोपीय बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विप्रो के अनुसार अप्रैल-जून 2012 तिमाही में उसने 37 नए ग्राहक बनाए।
कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी।टिप्पणियां
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी।टिप्पणियां
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो के कार्यकारी निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (आईटी कारोबार) टी के कुरियन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के साथ अपनी प्रतिभाओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।
विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही। | सारांश: देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2012-13 की पहली तिमाही में 18.37 प्रतिशत बढ़कर 1,580.2 करोड़ रुपये रहा। | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के धार्मिक आयोग से उलझती बहादुर सऊदी महिला का वीडियो इंटरनेट पर खूब चर्चाओं में है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब आयोग के सदस्यों ने महिला पर नाखून रंगकर नियम तोड़ने का आरोप लगाया।
अज्ञात महिला ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया कि वह मॉल छोड़कर चली जाएं। महिला ने उनसे कहा कि उसके नाखूनों से उन्हें कोई मतलब नहीं होना चाहिए।टिप्पणियां
इस महिला ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड करके इसे यू-ट्यूब पर पोस्ट कर दिया, जिसमें नैतिकता बढ़ावा देने वाले आयोग के सदस्यों के साथ उसके विवाद को दिखाया गया।
‘डेली मेल’ ने खबर दी कि सऊदी अरब में यह बहस शुरू हो गई है कि आयोग के सदस्यों को सार्वजनिक स्थलों पर लोगों से किस तरह व्यवहार करना चाहिए।
अज्ञात महिला ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया कि वह मॉल छोड़कर चली जाएं। महिला ने उनसे कहा कि उसके नाखूनों से उन्हें कोई मतलब नहीं होना चाहिए।टिप्पणियां
इस महिला ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड करके इसे यू-ट्यूब पर पोस्ट कर दिया, जिसमें नैतिकता बढ़ावा देने वाले आयोग के सदस्यों के साथ उसके विवाद को दिखाया गया।
‘डेली मेल’ ने खबर दी कि सऊदी अरब में यह बहस शुरू हो गई है कि आयोग के सदस्यों को सार्वजनिक स्थलों पर लोगों से किस तरह व्यवहार करना चाहिए।
इस महिला ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड करके इसे यू-ट्यूब पर पोस्ट कर दिया, जिसमें नैतिकता बढ़ावा देने वाले आयोग के सदस्यों के साथ उसके विवाद को दिखाया गया।
‘डेली मेल’ ने खबर दी कि सऊदी अरब में यह बहस शुरू हो गई है कि आयोग के सदस्यों को सार्वजनिक स्थलों पर लोगों से किस तरह व्यवहार करना चाहिए।
‘डेली मेल’ ने खबर दी कि सऊदी अरब में यह बहस शुरू हो गई है कि आयोग के सदस्यों को सार्वजनिक स्थलों पर लोगों से किस तरह व्यवहार करना चाहिए। | संक्षिप्त सारांश: धार्मिक आयोग से उलझती बहादुर सऊदी महिला का वीडियो इंटरनेट पर खूब चर्चाओं में है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब आयोग के सदस्यों ने महिला पर नाखून रंगकर नियम तोड़ने का आरोप लगाया। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने आयकर अधिकारियों से कहा है कि वे कर आधार बढ़ाने तथा चालू वित्त वर्ष के 6.68 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन लोगों पर नजर रखें जो रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे।
चिदंबरम ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के आला अफसरों को संबोधित करते हए कहा, 'कर अधिकारियों को कर आधार और कर संग्रह बढ़ाने के लिए उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं या फिर जिन लोगों ने आयकर रिटर्न भरना बंद कर दिया है।' शीर्ष आयकर अधिकारी दो दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन में यहां एकत्रित हुए हैं। इस दौरान वह कर आधार बढ़ाने तथा राजस्व संग्रहण को मजबूत बनाने के लिए के उपायों पर विचार करेंगे।
वित्तमंत्री ने जोर दिया कि जहां तक कर संग्रहण का सवाल है आधुनिक प्रौद्योगिकी के और बेहतर परिणाम आ सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हम सूचना व प्रौद्योगिकी आधारित कर संग्रहण प्रणाली के पक्ष में हैं जो कि हस्तक्षेप व छल-कपट रहित हैं।' उन्होंने कहा कि सीबीडीटी ने आश्वस्त किया है कि वह 2013-14 के लक्ष्य को हासिल करेगा और लक्ष्य से अधिक राजस्व जुटाने का प्रयास करेगा। टिप्पणियां
सबीडीटी अब उन करदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो रिटर्न दाखिल नहीं करते या जिन्होंने रिटर्न भरना बंद कर दिया हैं। फिलहाल विभाग ने ऐसे 12 लाख लोगों की पहचान की है और 1.75 लाख को पत्र भेजकर उनसे अपनी वास्तविक आय बताते हुए कर भुगतान करने को कहा है।
चिदंबरम ने कहा मजबूत अर्थव्यवस्था के विकास में कर राजस्व की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने मानव संसाधन को बेहतर उपयोग करते हुए कर अधिकारियों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
चिदंबरम ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के आला अफसरों को संबोधित करते हए कहा, 'कर अधिकारियों को कर आधार और कर संग्रह बढ़ाने के लिए उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं या फिर जिन लोगों ने आयकर रिटर्न भरना बंद कर दिया है।' शीर्ष आयकर अधिकारी दो दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन में यहां एकत्रित हुए हैं। इस दौरान वह कर आधार बढ़ाने तथा राजस्व संग्रहण को मजबूत बनाने के लिए के उपायों पर विचार करेंगे।
वित्तमंत्री ने जोर दिया कि जहां तक कर संग्रहण का सवाल है आधुनिक प्रौद्योगिकी के और बेहतर परिणाम आ सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हम सूचना व प्रौद्योगिकी आधारित कर संग्रहण प्रणाली के पक्ष में हैं जो कि हस्तक्षेप व छल-कपट रहित हैं।' उन्होंने कहा कि सीबीडीटी ने आश्वस्त किया है कि वह 2013-14 के लक्ष्य को हासिल करेगा और लक्ष्य से अधिक राजस्व जुटाने का प्रयास करेगा। टिप्पणियां
सबीडीटी अब उन करदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो रिटर्न दाखिल नहीं करते या जिन्होंने रिटर्न भरना बंद कर दिया हैं। फिलहाल विभाग ने ऐसे 12 लाख लोगों की पहचान की है और 1.75 लाख को पत्र भेजकर उनसे अपनी वास्तविक आय बताते हुए कर भुगतान करने को कहा है।
चिदंबरम ने कहा मजबूत अर्थव्यवस्था के विकास में कर राजस्व की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने मानव संसाधन को बेहतर उपयोग करते हुए कर अधिकारियों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
वित्तमंत्री ने जोर दिया कि जहां तक कर संग्रहण का सवाल है आधुनिक प्रौद्योगिकी के और बेहतर परिणाम आ सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हम सूचना व प्रौद्योगिकी आधारित कर संग्रहण प्रणाली के पक्ष में हैं जो कि हस्तक्षेप व छल-कपट रहित हैं।' उन्होंने कहा कि सीबीडीटी ने आश्वस्त किया है कि वह 2013-14 के लक्ष्य को हासिल करेगा और लक्ष्य से अधिक राजस्व जुटाने का प्रयास करेगा। टिप्पणियां
सबीडीटी अब उन करदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो रिटर्न दाखिल नहीं करते या जिन्होंने रिटर्न भरना बंद कर दिया हैं। फिलहाल विभाग ने ऐसे 12 लाख लोगों की पहचान की है और 1.75 लाख को पत्र भेजकर उनसे अपनी वास्तविक आय बताते हुए कर भुगतान करने को कहा है।
चिदंबरम ने कहा मजबूत अर्थव्यवस्था के विकास में कर राजस्व की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने मानव संसाधन को बेहतर उपयोग करते हुए कर अधिकारियों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
सबीडीटी अब उन करदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो रिटर्न दाखिल नहीं करते या जिन्होंने रिटर्न भरना बंद कर दिया हैं। फिलहाल विभाग ने ऐसे 12 लाख लोगों की पहचान की है और 1.75 लाख को पत्र भेजकर उनसे अपनी वास्तविक आय बताते हुए कर भुगतान करने को कहा है।
चिदंबरम ने कहा मजबूत अर्थव्यवस्था के विकास में कर राजस्व की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने मानव संसाधन को बेहतर उपयोग करते हुए कर अधिकारियों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
चिदंबरम ने कहा मजबूत अर्थव्यवस्था के विकास में कर राजस्व की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने मानव संसाधन को बेहतर उपयोग करते हुए कर अधिकारियों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने आयकर अधिकारियों से कहा है कि वे कर आधार बढ़ाने तथा चालू वित्त वर्ष के 6.68 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन लोगों पर नजर रखें जो रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: किश्तवाड़ विकास प्राधिकरण के सीईओ रियाज अहमद ने जम्मू-कश्मीर के गृह राज्यमंत्री सज्जाद अहमद किचलू पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके दफ्तर में आकर थप्पड़ मारे।टिप्पणियां
आरोप है कि इसके बाद मंत्री के सहयोगियों और सुरक्षा कर्मचारियों ने भी उनसे मारपीट की। सारा मामला सुबह उस वक्त का है जब राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एक समारोह में आने वाले थे।
रियाज अहमद ने कहा है कि मंत्री के इस तरह के बर्ताव से वह हैरान हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से करने की भी बात की है। चाहे पुलिस गृह राज्यमंत्री के विरुद्ध मामला दर्ज करे या नहीं। मगर इतना तो है कि इस तरह मंत्री का अधिकारियों पर हाथ उठाना ठीक नहीं है।
आरोप है कि इसके बाद मंत्री के सहयोगियों और सुरक्षा कर्मचारियों ने भी उनसे मारपीट की। सारा मामला सुबह उस वक्त का है जब राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एक समारोह में आने वाले थे।
रियाज अहमद ने कहा है कि मंत्री के इस तरह के बर्ताव से वह हैरान हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से करने की भी बात की है। चाहे पुलिस गृह राज्यमंत्री के विरुद्ध मामला दर्ज करे या नहीं। मगर इतना तो है कि इस तरह मंत्री का अधिकारियों पर हाथ उठाना ठीक नहीं है।
रियाज अहमद ने कहा है कि मंत्री के इस तरह के बर्ताव से वह हैरान हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से करने की भी बात की है। चाहे पुलिस गृह राज्यमंत्री के विरुद्ध मामला दर्ज करे या नहीं। मगर इतना तो है कि इस तरह मंत्री का अधिकारियों पर हाथ उठाना ठीक नहीं है। | यहाँ एक सारांश है:किश्तवाड़ विकास प्राधिकरण के सीईओ रियाज अहमद ने जम्मू-कश्मीर के गृह राज्यमंत्री सज्जाद अहमद किचलू पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके दफ्तर में आकर थप्पड़ मारे। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राफेल मामले में सीएजी ऑडिट हो चुका है. पीएसी ने उसकी जांच कर ली है. यह दोनों बातें झूठी थीं. उन्होंने कहा कि 'अब सुप्रीम कोर्ट किस बात से नाराज है, मैं जानकारी लूंगा कि किस बात पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जाहिर की है या किस वजह से उन्होंने मेरी बात को मानहानि माना है.'
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने NDTV इंडिया से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, उसके पीछे गंभीर कारण थे. उन्होंने कहा कि 'मैं मानता हूं कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राफेल मामले में सीएजी ऑडिट हो चुका है. पीएसी ने उसकी जांच कर ली है. यह दोनों बातें झूठी थीं क्योंकि सीएजी का ऑडिट तो अब आया है. इन्हीं सब बातों को लेकर मैंने पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी.'
सिंह ने कहा कि 'अब सुप्रीम कोर्ट किस बात से नाराज है, क्या टिप्पणी उन्होंने की है, यह मैं अपने वकील से बात करके बता सकता हूं. मैं पहले यह पूरा मामला समझना चाहूंगा. मैं अपने वकील से मिलूंगा और जानकारी लूंगा कि किस बात पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जाहिर की है या किस वजह से उन्होंने मेरी बात को मानहानि माना.'
राफेल और सीबीआई मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी करने वाले आप नेता और सांसद संजय सिंह मुश्किल में फंस गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई और राफेल को लेकर कोर्ट के फैसले पर उन्होंने जो टिप्पणी की थी, उस पर कार्रवाई होगी. इतना ही नहीं, राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने बुधवार को राफेल डील मामले पर दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राफेल मामले में अदालत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है. सीजेआई ने संजय सिंह के वकील से पूछा कि वह किस पार्टी से हैं. संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के बारे में कुछ टिप्पणियां की हैं. हम इस पर कार्रवाई करेंगे. | यह एक सारांश है: संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की
कहा - वकील से जानूंगा कि सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति क्यों जाहिर की
सीजेआई ने कहा- राफेल मामले में कोर्ट के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: झारखंड के पाकुड़ जिले में काठीकुंड में मंगलवार को दोपहर लगभग सवा तीन बजे नक्सलियों ने घात लगाकर पुलिस अधीक्षक के काफिले पर हमला किया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अमरजीत बलिहार सहित छह व्यक्तियों की मौत हो गई।
झारखंड के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि आज दोपहर लगभग सवा तीन बजे नक्सलियों ने पाकुड़ की ओर जा रहे जिले के पुलिस अधीक्षक अमरजीत बलिहार के काफिले पर घात लगाकर हमला किया।
इस बीच पाकुड़ के उपायुक्त फिदैलिस टोप्पो ने बताया कि माओवादियों के हमले में पुलिस अधीक्षक, उनके वाहन चालक और तीन सुरक्षाकर्मियों की मृत्यु हो गई है।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस अधीक्षक का काफिला काठीकुंड की ओर से पाकुड़ की ओर बढ़ रहा था, घने जंगलों में छिपे नक्सलियों ने काफिले पर चारों तरफ से गोलीबारी की।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल घटनास्थल पर भेजे गए हैं। दुमका के पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
झारखंड के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि आज दोपहर लगभग सवा तीन बजे नक्सलियों ने पाकुड़ की ओर जा रहे जिले के पुलिस अधीक्षक अमरजीत बलिहार के काफिले पर घात लगाकर हमला किया।
इस बीच पाकुड़ के उपायुक्त फिदैलिस टोप्पो ने बताया कि माओवादियों के हमले में पुलिस अधीक्षक, उनके वाहन चालक और तीन सुरक्षाकर्मियों की मृत्यु हो गई है।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस अधीक्षक का काफिला काठीकुंड की ओर से पाकुड़ की ओर बढ़ रहा था, घने जंगलों में छिपे नक्सलियों ने काफिले पर चारों तरफ से गोलीबारी की।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल घटनास्थल पर भेजे गए हैं। दुमका के पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
इस बीच पाकुड़ के उपायुक्त फिदैलिस टोप्पो ने बताया कि माओवादियों के हमले में पुलिस अधीक्षक, उनके वाहन चालक और तीन सुरक्षाकर्मियों की मृत्यु हो गई है।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस अधीक्षक का काफिला काठीकुंड की ओर से पाकुड़ की ओर बढ़ रहा था, घने जंगलों में छिपे नक्सलियों ने काफिले पर चारों तरफ से गोलीबारी की।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल घटनास्थल पर भेजे गए हैं। दुमका के पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस अधीक्षक का काफिला काठीकुंड की ओर से पाकुड़ की ओर बढ़ रहा था, घने जंगलों में छिपे नक्सलियों ने काफिले पर चारों तरफ से गोलीबारी की।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल घटनास्थल पर भेजे गए हैं। दुमका के पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल घटनास्थल पर भेजे गए हैं। दुमका के पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: झारखंड के पाकुड़ जिले में काठीकुंड में मंगलवार को दोपहर लगभग सवा तीन बजे नक्सलियों ने घात लगाकर पुलिस अधीक्षक के काफिले पर हमला किया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अमरजीत बलिहार सहित छह व्यक्तियों की मौत हो गई। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के साथ व्यापार बढ़ाने की इच्छा दिखाते हुए पाकिस्तान ने भारत से आयात किए जा सकने वाले सामानों की सूची में कुछ नए सामान जोड़े हैं। इस तरह अब भारत से 1,964 सामानों का आयात किया जा सकेगा। समाचार पत्र डॉन के बुधवार के संस्करण के मुताबिक भारत से आयात बढ़ाने की इस्लामाबाद की इस साल यह दूसरी कोशिश है। समाचार पत्र के मुताबिक वाणिज्य मंत्री ने इस साल फरवरी में भारत से आयात किए जाने वाले आठ सामानों की सूची तैयार की थी, लेकिन इसके बदले में भारत ने पाकिस्तान से भारत को निर्यात किए जाने वाले सामानों पर गैर शुल्कीय बाधाओं को कम करने के लिए समय तय नहीं किया। वाणिज्य मंत्रालय ने अब भारत से आयात किए जा सकने योग्य 18 सामानों की सूची तैयार की है। इसे मंजूरी के लिए आर्थिक समन्वय समिति को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद ये 18 सामान भारत से आयात किए जा सकने योग्य सामानों की सूची में शामिल कर लिए जाएंगे। इन सामानों में मशीन, कच्चे माल भी शामिल हैं। डॉन के मुताबिक पाकिस्तान ने पहली बार भारत से सभी तरह के प्रकाशित सामग्रियों और अखबारी कागज के आयात की भी इजाजत दी है। अखबारी कागज के आयात की पहले भी इजाजत थी, लेकिन अब खर्च घटाने की कोशिशों के तहत इनका जमीन के रास्ते से आयात किया जा सकेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी व्यापार 2010 में अप्रैल से दिसम्बर के बीच तीन अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह कारोबारी साल 2009-10 में 1.85 अरब डॉलर था। वाणिज्य मंत्री अमीन फहीम इस महीने के आखिर में भारत की यात्रा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वह भारत सरकार के साथ भारत को सर्वोच्च तरजीही देश वाले दर्जे के बारे में बात करेंगे। | यहाँ एक सारांश है:भारत के साथ व्यापार बढ़ाने की इच्छा दिखाते हुए पाकिस्तान ने भारत से आयात किए जा सकने वाले सामानों की सूची में कुछ नए सामान जोड़े हैं। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान के चार आतंकवादी यहां हब राजमार्ग पर हुई एक मुठभेड़ के दौरान मारे गए। सीआईडी पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक चौधरी असलम ने बताया कि आतंकवादियों के कब्जे से करीब 200 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हब राजमार्ग पर बीती देर रात एक ट्रक को रोके जाने के बाद मुठभेड़ हुई। ट्रक बलूचिस्तान प्रांत से कराची की ओर आ रहा था।
असलम ने बताया, जब ट्रक रुका तो टीटीपी के आतंकवादी ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिस पर सीआईडी पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी में चार आतंकवादी मारे गए, जिनमें से दो की पहचान विस्फोटक उपकरण और बम बनाने वालों के रूप में की गई है।टिप्पणियां
असलम ने बताया कि ट्रक से करीब 200 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए गए हैं। इस गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
असलम ने बताया कि यह समूह कराची के विभिन्न हिस्सों और विशेष रूप से मई के चुनाव के दौरान कई बम हमलों की घटनाओं में शामिल रहा है।
उन्होंने बताया कि हब राजमार्ग पर बीती देर रात एक ट्रक को रोके जाने के बाद मुठभेड़ हुई। ट्रक बलूचिस्तान प्रांत से कराची की ओर आ रहा था।
असलम ने बताया, जब ट्रक रुका तो टीटीपी के आतंकवादी ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिस पर सीआईडी पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी में चार आतंकवादी मारे गए, जिनमें से दो की पहचान विस्फोटक उपकरण और बम बनाने वालों के रूप में की गई है।टिप्पणियां
असलम ने बताया कि ट्रक से करीब 200 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए गए हैं। इस गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
असलम ने बताया कि यह समूह कराची के विभिन्न हिस्सों और विशेष रूप से मई के चुनाव के दौरान कई बम हमलों की घटनाओं में शामिल रहा है।
असलम ने बताया, जब ट्रक रुका तो टीटीपी के आतंकवादी ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिस पर सीआईडी पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी में चार आतंकवादी मारे गए, जिनमें से दो की पहचान विस्फोटक उपकरण और बम बनाने वालों के रूप में की गई है।टिप्पणियां
असलम ने बताया कि ट्रक से करीब 200 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए गए हैं। इस गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
असलम ने बताया कि यह समूह कराची के विभिन्न हिस्सों और विशेष रूप से मई के चुनाव के दौरान कई बम हमलों की घटनाओं में शामिल रहा है।
असलम ने बताया कि ट्रक से करीब 200 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए गए हैं। इस गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
असलम ने बताया कि यह समूह कराची के विभिन्न हिस्सों और विशेष रूप से मई के चुनाव के दौरान कई बम हमलों की घटनाओं में शामिल रहा है।
असलम ने बताया कि यह समूह कराची के विभिन्न हिस्सों और विशेष रूप से मई के चुनाव के दौरान कई बम हमलों की घटनाओं में शामिल रहा है। | यहाँ एक सारांश है:सीआईडी पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक चौधरी असलम ने बताया कि आतंकवादियों के कब्जे से करीब 200 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए गए हैं। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एनकाउंटर के बाद तेलंगाना के साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वी. सज्ज्नार ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि कानून ने अपना काम किया है. उन्होंने कहा कि वारदात की जगह पर 10 पुलिसकर्मियों के साथ रिक्रिएशन के लिए गए थे. लेडी डॉक्टर का मोबाइल इन लोगों ने छुपा दिया था जिसकी तलाश करनी थी और वारदात की जगह से साइंटिफिक सबूत भी इकट्ठा करना था. उन्होंने कहा कि 4 में से 2 मुजरिम पुलिस की पिस्तौल को छीनकर पुलिसवालों पर फायरिंग कर दिया. पुलिस ने एनकाउंटर से पहले चेतावनी दी थी लेकिन वो लोग फायरिंग करते रहे. तेलंगाना पुलिस ने बताया कि हमने पूरे घटना की साइंटिफिक तरीके से जांच की. जांच के बाद हमने चार लोगों को गिरफ्तार किया और मामले को कोर्ट में रखा. कोर्ट ने 10 दिन के लिए जेल भेजा दिया. 4 और 5 दिसंबर को हमने जेल में पूछताछ की. आज सुबह जब वारदात की जगह लेडी डॉक्टर की मोबाइल तलाशने पहुंचे तो दो मुजरिम क्रमश: आरिफ और चिंताकुटा ने पुलिस पर पत्थर फेंक कर मारा और पिस्तौल छीनकर गोली चला दी. पुलिस ने उसे सरेंडर करने को भी कहा था लेकिन वो नहीं माने. एनकाउंटर में 2 पुलिस वाले जख्मी हुए है. एक पुलिसकर्मी के सिर में गोली लगी है. उसकी हालत अभी गंभीर बनी हुई है. तेलंगाना पुलिस ने अपने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि एनकाउंटर सुबह 5:45 से 6:15 के बीच हुआ. एनकाउंटर के समय 10 पुलिसकर्मी मौजूद थें. एक एसआई और एक कंस्टेबल जख्मी हो गए हैं.
NHRC के नोटिस पर साइबराबाद के पुलिस कमीशनर BC सज्जनार ने इसी प्रेस कॉन्फ्रेेंस में कहा है कि हम NHRC के सवालों का जवाब देंगे. गौरतलब है कि घटना के बाद से कई लोगों के द्वारा इस मामले पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं.
गौरतलब है कि 28 नवंबर को इन चार आरोपियों की जिनकी उम्र 20 से 26 साल के बीच थी, महिला डॉक्टर को टोल बूथ पर स्कूटी पार्क करते देखा था. आरोप है कि इन लोगों ने जानबूझकर उसकी स्कूटी पंक्चर की थी. इसके बाद मदद करने के बहाने उसको एक सूनसान जगह पर ले जाकर गैंगरेप किया और बाद में पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया. पुलिस के मुताबिक घटना से पहले इन लोगों ने शराब भी पी रखी थी. रेप और मर्डर की इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा था और इस मामले की सुनवाई के लिए फॉस्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया था. | संक्षिप्त सारांश: पुलिस कमिश्नर ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
घटना की दी जानकारी
एक पुलिसकर्मी की हालत गंभीर | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऋण के बोझ से दबी निजी क्षेत्र की किंगफिशर एयरलाइंस का जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही का शुद्ध नुकसान बढ़कर 754 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में एयरलाइंस का 469 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। हालांकि, किंगफिशर ने कहा है कि वह अपनी सेवाएं दोबारा शुरू करने के लिए एक व्यापक योजना पर काम कर रही है।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की आमदनी भी घटकर 200 करोड़ रुपये पर आ गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,553 करोड़ रुपये थी। कंपनी के परिचालन में बाधा तथा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा उसके लाइसेंस का निलंबित किए जाने की वजह से कंपनी की आमदनी प्रभावित हुई है।
एक तरफ कंपनी के खर्च में कमी आई है, वहीं उसे पुनर्गठन पर भारी खर्च करना पड़ा है। इसके अलावा कंपनी के कर खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है। टिप्पणियां
नतीजों की घोषणा करते हुए एयरलाइंस ने कहा कि वह विभिन्न अंशधारकों से बात कर रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उसके परिचालन में बाधा नहीं आएगी।
बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि एयरलाइंस अपने परिचालन फिर से शुरू करने के लिए व्यापक योजना बना रही है। इसकी जानकारी बैंकों और डीजीसीए को दी जाएगी।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की आमदनी भी घटकर 200 करोड़ रुपये पर आ गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,553 करोड़ रुपये थी। कंपनी के परिचालन में बाधा तथा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा उसके लाइसेंस का निलंबित किए जाने की वजह से कंपनी की आमदनी प्रभावित हुई है।
एक तरफ कंपनी के खर्च में कमी आई है, वहीं उसे पुनर्गठन पर भारी खर्च करना पड़ा है। इसके अलावा कंपनी के कर खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है। टिप्पणियां
नतीजों की घोषणा करते हुए एयरलाइंस ने कहा कि वह विभिन्न अंशधारकों से बात कर रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उसके परिचालन में बाधा नहीं आएगी।
बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि एयरलाइंस अपने परिचालन फिर से शुरू करने के लिए व्यापक योजना बना रही है। इसकी जानकारी बैंकों और डीजीसीए को दी जाएगी।
एक तरफ कंपनी के खर्च में कमी आई है, वहीं उसे पुनर्गठन पर भारी खर्च करना पड़ा है। इसके अलावा कंपनी के कर खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है। टिप्पणियां
नतीजों की घोषणा करते हुए एयरलाइंस ने कहा कि वह विभिन्न अंशधारकों से बात कर रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उसके परिचालन में बाधा नहीं आएगी।
बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि एयरलाइंस अपने परिचालन फिर से शुरू करने के लिए व्यापक योजना बना रही है। इसकी जानकारी बैंकों और डीजीसीए को दी जाएगी।
नतीजों की घोषणा करते हुए एयरलाइंस ने कहा कि वह विभिन्न अंशधारकों से बात कर रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उसके परिचालन में बाधा नहीं आएगी।
बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि एयरलाइंस अपने परिचालन फिर से शुरू करने के लिए व्यापक योजना बना रही है। इसकी जानकारी बैंकों और डीजीसीए को दी जाएगी।
बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि एयरलाइंस अपने परिचालन फिर से शुरू करने के लिए व्यापक योजना बना रही है। इसकी जानकारी बैंकों और डीजीसीए को दी जाएगी। | यहाँ एक सारांश है:ऋण के बोझ से दबी निजी क्षेत्र की किंगफिशर एयरलाइंस का जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही का शुद्ध नुकसान बढ़कर 754 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गत चैम्पियन विश्वनाथन आनंद इस्राइल के चैलेंजर बोरिस गेलफेंड की कड़ी चुनौती के बावजूद विश्व चैम्पियनशिप में बुधवार को मास्को में नौवे दौर की बाजी ड्रा कराने के सफल रहे।
नौवें दौर के बाद अब दोनों खिलाड़ी 4.5-4.5 के साथ बराबरी पर चल रहे हैं। आनंद ने उम्मीद के मुताबिक काले मोहरों के साथ तेज शुरूआत की। उन्होंने निज्मो इंडियन डिफेंस से शुरूआत करने के बाद स्लाव डिफेंस लागू किया।टिप्पणियां
बीच के खेल में दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे को कड़ी चुनौती दी लेकिन अंत में 49 बाजियों के बाद दोनों बाजी ड्रा कराने को राजी हो गए।
आनंद को 25 लाख 50 हजार डालर इनामी इस प्रतियोगिता के अंतिम तीन दौर में दो बाजियां सफेद मोहरों से खेलनी है और वह बेहतर स्थिति में दिख रहे हैं। टूर्नामेंट की 10वीं बाजी कल खेली जाएगी।
नौवें दौर के बाद अब दोनों खिलाड़ी 4.5-4.5 के साथ बराबरी पर चल रहे हैं। आनंद ने उम्मीद के मुताबिक काले मोहरों के साथ तेज शुरूआत की। उन्होंने निज्मो इंडियन डिफेंस से शुरूआत करने के बाद स्लाव डिफेंस लागू किया।टिप्पणियां
बीच के खेल में दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे को कड़ी चुनौती दी लेकिन अंत में 49 बाजियों के बाद दोनों बाजी ड्रा कराने को राजी हो गए।
आनंद को 25 लाख 50 हजार डालर इनामी इस प्रतियोगिता के अंतिम तीन दौर में दो बाजियां सफेद मोहरों से खेलनी है और वह बेहतर स्थिति में दिख रहे हैं। टूर्नामेंट की 10वीं बाजी कल खेली जाएगी।
बीच के खेल में दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे को कड़ी चुनौती दी लेकिन अंत में 49 बाजियों के बाद दोनों बाजी ड्रा कराने को राजी हो गए।
आनंद को 25 लाख 50 हजार डालर इनामी इस प्रतियोगिता के अंतिम तीन दौर में दो बाजियां सफेद मोहरों से खेलनी है और वह बेहतर स्थिति में दिख रहे हैं। टूर्नामेंट की 10वीं बाजी कल खेली जाएगी।
आनंद को 25 लाख 50 हजार डालर इनामी इस प्रतियोगिता के अंतिम तीन दौर में दो बाजियां सफेद मोहरों से खेलनी है और वह बेहतर स्थिति में दिख रहे हैं। टूर्नामेंट की 10वीं बाजी कल खेली जाएगी। | गत चैम्पियन विश्वनाथन आनंद इस्राइल के चैलेंजर बोरिस गेलफेंड की कड़ी चुनौती के बावजूद विश्व चैम्पियनशिप में बुधवार को मास्को में नौवे दौर की बाजी ड्रा कराने के सफल रहे। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि ढाई साल के कार्यकाल के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने जो कुछ सीखा, उससे उन्हें नई दिल्ली में काम करने में मदद मिली. मोदी ने गुजरात के लोगों को यह आश्वासन भी दिया कि वह ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे कि उनके गृह राज्य का नाम खराब हो.
उन्होंने कहा, ''गुजरात से काफी शिकायतें आई हैं कि जब से मैं दिल्ली गया हूं (वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद), मेरा इस राज्य में बहुत कम ही आना हुआ है.'' प्रधानमंत्री ने जामनगर जिले में यहां सौराष्ट्र नर्मदा अवतरण सिंचाई (एसएयूएनआई) परियोजना का उद्घाटन करते हुए कहा, ''पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल, भाजपा कार्यकर्ता और यहां तक कि लोगों ने फिर मुझसे अक्सर शिकायत की है कि मैं यहां बार-बार नहीं आता.''
मोदी ने कहा, ''जब मैं दिल्ली गया, मेरे लिए सब कुछ नया था. वहां सीखने, समझने के लिए काफी चीजें थीं, लेकिन अब मैं काम सीख गया हूं.'' वर्ष 2001 से 2014 के मध्य तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे मोदी ने कहा, ''जो चीजें मैंने गुजरात से सीखीं, वह भी मेरे लिए काफी उपयोगी रहीं.'' उन्होंने कहा ''जब इस देश के लोगों ने गुजरात के बेटे को प्रधानमंत्री के तौर पर स्वीकार किया है, ऐसे में मैं आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे कि इस राज्य के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े.''
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, ''जिस तरह से मैंने इस राज्य के विकास के लिए काम किया था, उसी तरह से मैं इस देश के विकास के लिए काम करूंगा.'' उन्होंने कहा कि वह इस भूमि के ऋणी हैं जिस पर वह पले-बढ़े हैं, जहां से उन्होंने इतना कुछ सीखा है.टिप्पणियां
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में मोदी की यह पहली सार्वजनिक सभा थी. राज्य में वर्ष 2017 के आखिर में चुनाव होंगे. अपनी सरकार के बारे में मोदी ने कहा कि भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन ने, प्रशासन के कामकाज में बदलाव किया है. उन्होंने कहा, ''आप मई, 2014 से पहले के अखबारों को देखें और अब के अखबारों को देखें तो आपको अंतर पता चल जाएगा. यह सरकार देश के विकास के लिए एक मिशन मोड में काम कर रही है. यह देश बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ''गुजरात से काफी शिकायतें आई हैं कि जब से मैं दिल्ली गया हूं (वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद), मेरा इस राज्य में बहुत कम ही आना हुआ है.'' प्रधानमंत्री ने जामनगर जिले में यहां सौराष्ट्र नर्मदा अवतरण सिंचाई (एसएयूएनआई) परियोजना का उद्घाटन करते हुए कहा, ''पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल, भाजपा कार्यकर्ता और यहां तक कि लोगों ने फिर मुझसे अक्सर शिकायत की है कि मैं यहां बार-बार नहीं आता.''
मोदी ने कहा, ''जब मैं दिल्ली गया, मेरे लिए सब कुछ नया था. वहां सीखने, समझने के लिए काफी चीजें थीं, लेकिन अब मैं काम सीख गया हूं.'' वर्ष 2001 से 2014 के मध्य तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे मोदी ने कहा, ''जो चीजें मैंने गुजरात से सीखीं, वह भी मेरे लिए काफी उपयोगी रहीं.'' उन्होंने कहा ''जब इस देश के लोगों ने गुजरात के बेटे को प्रधानमंत्री के तौर पर स्वीकार किया है, ऐसे में मैं आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे कि इस राज्य के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े.''
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, ''जिस तरह से मैंने इस राज्य के विकास के लिए काम किया था, उसी तरह से मैं इस देश के विकास के लिए काम करूंगा.'' उन्होंने कहा कि वह इस भूमि के ऋणी हैं जिस पर वह पले-बढ़े हैं, जहां से उन्होंने इतना कुछ सीखा है.टिप्पणियां
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में मोदी की यह पहली सार्वजनिक सभा थी. राज्य में वर्ष 2017 के आखिर में चुनाव होंगे. अपनी सरकार के बारे में मोदी ने कहा कि भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन ने, प्रशासन के कामकाज में बदलाव किया है. उन्होंने कहा, ''आप मई, 2014 से पहले के अखबारों को देखें और अब के अखबारों को देखें तो आपको अंतर पता चल जाएगा. यह सरकार देश के विकास के लिए एक मिशन मोड में काम कर रही है. यह देश बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी ने कहा, ''जब मैं दिल्ली गया, मेरे लिए सब कुछ नया था. वहां सीखने, समझने के लिए काफी चीजें थीं, लेकिन अब मैं काम सीख गया हूं.'' वर्ष 2001 से 2014 के मध्य तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे मोदी ने कहा, ''जो चीजें मैंने गुजरात से सीखीं, वह भी मेरे लिए काफी उपयोगी रहीं.'' उन्होंने कहा ''जब इस देश के लोगों ने गुजरात के बेटे को प्रधानमंत्री के तौर पर स्वीकार किया है, ऐसे में मैं आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे कि इस राज्य के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े.''
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, ''जिस तरह से मैंने इस राज्य के विकास के लिए काम किया था, उसी तरह से मैं इस देश के विकास के लिए काम करूंगा.'' उन्होंने कहा कि वह इस भूमि के ऋणी हैं जिस पर वह पले-बढ़े हैं, जहां से उन्होंने इतना कुछ सीखा है.टिप्पणियां
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में मोदी की यह पहली सार्वजनिक सभा थी. राज्य में वर्ष 2017 के आखिर में चुनाव होंगे. अपनी सरकार के बारे में मोदी ने कहा कि भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन ने, प्रशासन के कामकाज में बदलाव किया है. उन्होंने कहा, ''आप मई, 2014 से पहले के अखबारों को देखें और अब के अखबारों को देखें तो आपको अंतर पता चल जाएगा. यह सरकार देश के विकास के लिए एक मिशन मोड में काम कर रही है. यह देश बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, ''जिस तरह से मैंने इस राज्य के विकास के लिए काम किया था, उसी तरह से मैं इस देश के विकास के लिए काम करूंगा.'' उन्होंने कहा कि वह इस भूमि के ऋणी हैं जिस पर वह पले-बढ़े हैं, जहां से उन्होंने इतना कुछ सीखा है.टिप्पणियां
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में मोदी की यह पहली सार्वजनिक सभा थी. राज्य में वर्ष 2017 के आखिर में चुनाव होंगे. अपनी सरकार के बारे में मोदी ने कहा कि भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन ने, प्रशासन के कामकाज में बदलाव किया है. उन्होंने कहा, ''आप मई, 2014 से पहले के अखबारों को देखें और अब के अखबारों को देखें तो आपको अंतर पता चल जाएगा. यह सरकार देश के विकास के लिए एक मिशन मोड में काम कर रही है. यह देश बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में मोदी की यह पहली सार्वजनिक सभा थी. राज्य में वर्ष 2017 के आखिर में चुनाव होंगे. अपनी सरकार के बारे में मोदी ने कहा कि भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन ने, प्रशासन के कामकाज में बदलाव किया है. उन्होंने कहा, ''आप मई, 2014 से पहले के अखबारों को देखें और अब के अखबारों को देखें तो आपको अंतर पता चल जाएगा. यह सरकार देश के विकास के लिए एक मिशन मोड में काम कर रही है. यह देश बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कहा- गांधीनगर का अनुभव नई दिल्ली में काम आया
पीएम बनने के बाद गुजरात में पहली सार्वजनिक सभा की
गुजरात में अगले साल के आखिर में चुनाव होंगे | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वित्तीय संकट से गुजर रही सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया के पुनरुद्धार प्रयासों के तहत सरकार ने इसमें 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डालने का प्रावधान किया।
वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा लोकसभा में पेश अनुपूरक अनुदान मांगों के मुताबिक, एयर इंडिया की स्थिति में सुधार लाने के लिए उसकी वित्तीय पुनर्गठन योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त इक्विटी पूंजी डाली जाएगी।
चिदंबरम ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि सरकार बाजार से कर्ज उठाने की मौजूदा तय सीमा के भीतर ही बढ़े हुए खर्च का समायोजन कर लेगी और वित्तवर्ष की शेष अवधि में खर्चों को पूरा करने के लिए उसे अतिरिक्त उधारी नहीं जुटानी होगी।टिप्पणियां
चिदंबरम ने संसद के बाहर संवाददाताओं को बताया, 28,500 करोड़ रुपये की पेट्रोलियम सब्सिडी, एयर इंडिया में करीब 2,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी और कुछ छोटी मदों के लिए 300 करोड़ रुपये। इसलिए, हमें लगता है कि यह राशि मौजूदा उधारी सीमा के भीतर व्यवस्थित कर ली जाएगी।
इस साल की शुरुआत में, सरकार ने नकदी के संकट से जूझ रही एयर इंडिया के लिए पुनर्गठन योजना को मंजूरी दी। इसके तहत, सरकार ने आम बजट 2012.13 में 4,000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की थी।
वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा लोकसभा में पेश अनुपूरक अनुदान मांगों के मुताबिक, एयर इंडिया की स्थिति में सुधार लाने के लिए उसकी वित्तीय पुनर्गठन योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त इक्विटी पूंजी डाली जाएगी।
चिदंबरम ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि सरकार बाजार से कर्ज उठाने की मौजूदा तय सीमा के भीतर ही बढ़े हुए खर्च का समायोजन कर लेगी और वित्तवर्ष की शेष अवधि में खर्चों को पूरा करने के लिए उसे अतिरिक्त उधारी नहीं जुटानी होगी।टिप्पणियां
चिदंबरम ने संसद के बाहर संवाददाताओं को बताया, 28,500 करोड़ रुपये की पेट्रोलियम सब्सिडी, एयर इंडिया में करीब 2,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी और कुछ छोटी मदों के लिए 300 करोड़ रुपये। इसलिए, हमें लगता है कि यह राशि मौजूदा उधारी सीमा के भीतर व्यवस्थित कर ली जाएगी।
इस साल की शुरुआत में, सरकार ने नकदी के संकट से जूझ रही एयर इंडिया के लिए पुनर्गठन योजना को मंजूरी दी। इसके तहत, सरकार ने आम बजट 2012.13 में 4,000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की थी।
चिदंबरम ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि सरकार बाजार से कर्ज उठाने की मौजूदा तय सीमा के भीतर ही बढ़े हुए खर्च का समायोजन कर लेगी और वित्तवर्ष की शेष अवधि में खर्चों को पूरा करने के लिए उसे अतिरिक्त उधारी नहीं जुटानी होगी।टिप्पणियां
चिदंबरम ने संसद के बाहर संवाददाताओं को बताया, 28,500 करोड़ रुपये की पेट्रोलियम सब्सिडी, एयर इंडिया में करीब 2,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी और कुछ छोटी मदों के लिए 300 करोड़ रुपये। इसलिए, हमें लगता है कि यह राशि मौजूदा उधारी सीमा के भीतर व्यवस्थित कर ली जाएगी।
इस साल की शुरुआत में, सरकार ने नकदी के संकट से जूझ रही एयर इंडिया के लिए पुनर्गठन योजना को मंजूरी दी। इसके तहत, सरकार ने आम बजट 2012.13 में 4,000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की थी।
चिदंबरम ने संसद के बाहर संवाददाताओं को बताया, 28,500 करोड़ रुपये की पेट्रोलियम सब्सिडी, एयर इंडिया में करीब 2,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी और कुछ छोटी मदों के लिए 300 करोड़ रुपये। इसलिए, हमें लगता है कि यह राशि मौजूदा उधारी सीमा के भीतर व्यवस्थित कर ली जाएगी।
इस साल की शुरुआत में, सरकार ने नकदी के संकट से जूझ रही एयर इंडिया के लिए पुनर्गठन योजना को मंजूरी दी। इसके तहत, सरकार ने आम बजट 2012.13 में 4,000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की थी।
इस साल की शुरुआत में, सरकार ने नकदी के संकट से जूझ रही एयर इंडिया के लिए पुनर्गठन योजना को मंजूरी दी। इसके तहत, सरकार ने आम बजट 2012.13 में 4,000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की थी। | संक्षिप्त सारांश: वित्तीय संकट से गुजर रही सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया के पुनरुद्धार प्रयासों के तहत सरकार ने इसमें 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डालने का प्रावधान किया। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar) की आज पुण्यतिथि है. दिनकर (Dinkar) का निधन 24 अप्रैल, 1974 को हुआ था. रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar) राष्ट्रकवि होने के साथ ही जनकवि भी थे. दिनकर ऐसे कवियों में से हैं जिनकी कविताएं आम आदमी से लेकर बड़े-बड़े विद्वान पसंद करते हैं. देश की आजादी की लड़ाई से लेकर आजादी मिलने तक के सफर को दिनकर ने अपनी कविताओं द्वारा व्यक्त किया है. यहीं नहीं देश की हार जीत और हर कठिन परिस्थिति को दिनकर ने अपनी कविताओं में उतारा है. एक ओर उनकी कविताओ में ओज, विद्रोह, आक्रोश और क्रान्ति की पुकार है तो दूसरी ओर कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति है. दिनकर की कविताओं का जादू आज भी उतना ही कायम है. दिनकर किसी एक विचारधारा का समर्थन नहीं करते थे.
वे लिखते हैं-
"अच्छे लगते मार्क्स, किंतु है अधिक प्रेम गांधी से.
प्रिय है शीतल पवन, प्रेरणा लेता हूं आंधी से."
अपनी प्रारंभिक कविताओं में क्रांति का उद्घोष करके युवकों में राष्ट्रीयता व देशप्रेम की भावनाओं का ज्वार उठाने वाले दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar) आगे चलकर राष्ट्रीयता का विसर्जन कर अंतरराष्ट्रीयता की भावना के विकास पर बल देते हैं. सत्ता के करीब होने के बावजूद भी दिनकर कभी जनता से दूर नहीं हुए. जनता के बीच उनकी लोकप्रियता हमेशा बनी रही.
हरिवंश राय बच्चन का कहना था, ‘दिनकर जी को एक नहीं बल्कि गद्य, पद्य, भाषा और हिंदी के सेवा के लिए अलग-अलग चार ज्ञानपीठ मिलने चाहिए थे'
उनकी पहली रचना 'रेणुका' 1935 से प्रकाशित हुई. तीन वर्ष बाद जब उनकी रचना 'हुंकार' प्रकाशित हुई, तो देश के युवा वर्ग ने उनकी कविताओं को बहुत पसंद किया. 1952 में जब भारत की प्रथम संसद का निर्माण हुआ, तो उन्हें राज्यसभा का सदस्य चुना गया और वह दिल्ली आ गए. दिनकर को साहित्य अकादमी पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्मविभूषण आदि तमाम बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया. उन्हें पद्म विभूषण की उपाधि से भी अलंकृत किया गया था. दिनकर की चर्चित किताब ‘संस्कृति के चार अध्याय' की प्रस्तावना तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लिखी है. इस प्रस्तावना में नेहरू ने दिनकर को अपना ‘साथी' और ‘मित्र' बताया है. | यहाँ एक सारांश है:रामधारी सिंह दिनकर राष्ट्रकवि थे.
दिनकर राज्यसभा के सदस्य भी थे.
उन्हें अपनी रचनाओं के लिए कई पुरस्कार मिले. | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जद(यू) पर हमला बोलते हुए कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या अपराध किया है, जिससे जद(यू) ने राजग से नाता तोड़ लिया।
जद(यू) के भाजपा से संबंध तोड़ने के बाद बिहार पहली बार आए राजनाथ सिंह ने उसपर हमला बोलते हुए कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या अपराध किया है जिससे जद(यू) ने राजग से नाता तोड़ लिया।टिप्पणियां
जद(यू) के आरोप को खारिज करते हुए राजनाथ ने कहा कि 2002 से लेकर मई 2013 तक मोदी के साथ कोई समस्या नहीं थी, लेकिन अचानक ऐसा क्या हो गया कि जद(यू) के नेतृत्व ने 17 साल पुराने अच्छे संबंध को तोड़ लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मोदी को केवल चुनाव प्रचार अभियान समिति का प्रमुख बनाया था कि न कि प्रधानमंत्री का उम्मीदवार ऐसे में जद(यू) दूसरी पार्टी के अंदरूनी मामलों पर निष्कर्ष निकालकर उसने राजग से बाहर जाने को चुना।
राजनाथ ने कहा कि सभी राजनीतिक दल अपने बारे में निर्णय लेने को स्वतंत्र हैं। मोदी की लोकप्रियता और वोट दिलाने की क्षमता को देखते हुए उनकी पार्टी ने भी उन्हें चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाया और ऐसा करके क्या गलत किया।
जद(यू) के भाजपा से संबंध तोड़ने के बाद बिहार पहली बार आए राजनाथ सिंह ने उसपर हमला बोलते हुए कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या अपराध किया है जिससे जद(यू) ने राजग से नाता तोड़ लिया।टिप्पणियां
जद(यू) के आरोप को खारिज करते हुए राजनाथ ने कहा कि 2002 से लेकर मई 2013 तक मोदी के साथ कोई समस्या नहीं थी, लेकिन अचानक ऐसा क्या हो गया कि जद(यू) के नेतृत्व ने 17 साल पुराने अच्छे संबंध को तोड़ लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मोदी को केवल चुनाव प्रचार अभियान समिति का प्रमुख बनाया था कि न कि प्रधानमंत्री का उम्मीदवार ऐसे में जद(यू) दूसरी पार्टी के अंदरूनी मामलों पर निष्कर्ष निकालकर उसने राजग से बाहर जाने को चुना।
राजनाथ ने कहा कि सभी राजनीतिक दल अपने बारे में निर्णय लेने को स्वतंत्र हैं। मोदी की लोकप्रियता और वोट दिलाने की क्षमता को देखते हुए उनकी पार्टी ने भी उन्हें चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाया और ऐसा करके क्या गलत किया।
जद(यू) के आरोप को खारिज करते हुए राजनाथ ने कहा कि 2002 से लेकर मई 2013 तक मोदी के साथ कोई समस्या नहीं थी, लेकिन अचानक ऐसा क्या हो गया कि जद(यू) के नेतृत्व ने 17 साल पुराने अच्छे संबंध को तोड़ लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मोदी को केवल चुनाव प्रचार अभियान समिति का प्रमुख बनाया था कि न कि प्रधानमंत्री का उम्मीदवार ऐसे में जद(यू) दूसरी पार्टी के अंदरूनी मामलों पर निष्कर्ष निकालकर उसने राजग से बाहर जाने को चुना।
राजनाथ ने कहा कि सभी राजनीतिक दल अपने बारे में निर्णय लेने को स्वतंत्र हैं। मोदी की लोकप्रियता और वोट दिलाने की क्षमता को देखते हुए उनकी पार्टी ने भी उन्हें चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाया और ऐसा करके क्या गलत किया।
राजनाथ ने कहा कि सभी राजनीतिक दल अपने बारे में निर्णय लेने को स्वतंत्र हैं। मोदी की लोकप्रियता और वोट दिलाने की क्षमता को देखते हुए उनकी पार्टी ने भी उन्हें चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाया और ऐसा करके क्या गलत किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जद(यू) पर हमला बोलते हुए कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या अपराध किया है, जिससे जद(यू) ने राजग से नाता तोड़ लिया। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक शुरुआती दिनों की गिरावट का असर कम करते हुए इस सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुए लेकिन शेयर बाजारों के विस्तृत आधार वाले सूचकांकों में साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च स्तर पर मौजूद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण शुक्रवार को शेयर बाजारों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स इस सप्ताह 370.15 अंक (2.07 प्रतिशत) बढ़कर 18,240.68 अंक पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह यह 17,870.53 अंक पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 104.85 अंक (1.95 प्रतिशत) बढ़कर 5,516.75 अंक पर बंद हुआ जो कि पिछले सप्ताह 5,476.1 अंक पर बंद हुआ था। निजी शोध संस्था कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष संजीव जरबाडे ने कहा, "शुक्रवार को आई जोरदार तेजी के कारण इस सप्ताह सेंसेक्स में अन्य देशों के सूचकांकों से ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में करीब चार प्रतिशत की गिरावट के कारण यह तेजी दर्ज की गई। यदि अगले कुछ दिनों तक कच्चे तेल में यह गिरावट जारी रहती है तो बाजार में और तेजी देखी जा सकती है।" कच्चे तेल की कीमत 94.7 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 89.69 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। शेयर बाजारों के विस्तृत आधार वाले सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। इस सप्ताह बीएसई मिडकैप सूचकांक 2.1 प्रतिशत और बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 3.08 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के मुताबिक इस सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कुल 25 करोड़ डॉलर की शुद्ध खरीदारी की। इस सप्ताह सेंसेक्स में हीरो होंडा (7.6 प्रतिशत), भारती एयरटेल (6.1 प्रतिशत), टाटा पावर (4.3 प्रतिशत) और एसबीआई (3.2 प्रतिशत) सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे। वहीं मारुति सुजुकी (8.7 प्रतिशत), रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (7.6 प्रतिशत), जयप्रकाश एसोसिएट्स (4.5 प्रतिशत) और डीएलएफ (3.9 प्रतिशत) इस सप्ताह सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाले शेयर रहे। शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा डीजल और रसोई गैस की कीमतों में की गई वृद्धि के कारण अगले दिनों में शेयर बाजारों में नरमी का रुख रह सकता है। डीजल की कीमत तीन रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस की कीमत 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाई गई है। इस वृद्धि से महंगाई दर में और बढ़त दर्ज की जा सकती है। | सारांश: देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक शुरुआती दिनों की गिरावट का असर कम करते हुए इस सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुए। | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय समायानुसार कल देर रात बोइंग 777 विमान की क्रैश लैंडिंग हो गई, जिससे दो यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 180 से अधिक घायल हो गए।
हादसे का शिकार हुआ विमान दक्षिण कोरिया की एयरलाइन कंपनी एशियाना का था। हादसे के वक्त अचानक विमान में आग लग गई, जिससे विमान का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह जल गया।टिप्पणियां
इस विमान में 291 यात्री और 16 क्रू मेंबर सवार थे। चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने जब विमान को देखा, तो ऐसा लगा कि वह नियंत्रण में नहीं है। बोइंग 777 एक बार में 300 यात्रियों तक को ले जा सकता है। 10 यात्रियों की हालत गंभीर बताई गई है।
दक्षिण कोरिया में भारत के राजदूत विष्णु प्रकाश ने कहा कि विमान में तीन भारतीय यात्री भी सवार थे। इनमें से एक यात्री के गले के पास की हड्डी टूट गई है।
हादसे का शिकार हुआ विमान दक्षिण कोरिया की एयरलाइन कंपनी एशियाना का था। हादसे के वक्त अचानक विमान में आग लग गई, जिससे विमान का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह जल गया।टिप्पणियां
इस विमान में 291 यात्री और 16 क्रू मेंबर सवार थे। चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने जब विमान को देखा, तो ऐसा लगा कि वह नियंत्रण में नहीं है। बोइंग 777 एक बार में 300 यात्रियों तक को ले जा सकता है। 10 यात्रियों की हालत गंभीर बताई गई है।
दक्षिण कोरिया में भारत के राजदूत विष्णु प्रकाश ने कहा कि विमान में तीन भारतीय यात्री भी सवार थे। इनमें से एक यात्री के गले के पास की हड्डी टूट गई है।
इस विमान में 291 यात्री और 16 क्रू मेंबर सवार थे। चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने जब विमान को देखा, तो ऐसा लगा कि वह नियंत्रण में नहीं है। बोइंग 777 एक बार में 300 यात्रियों तक को ले जा सकता है। 10 यात्रियों की हालत गंभीर बताई गई है।
दक्षिण कोरिया में भारत के राजदूत विष्णु प्रकाश ने कहा कि विमान में तीन भारतीय यात्री भी सवार थे। इनमें से एक यात्री के गले के पास की हड्डी टूट गई है।
दक्षिण कोरिया में भारत के राजदूत विष्णु प्रकाश ने कहा कि विमान में तीन भारतीय यात्री भी सवार थे। इनमें से एक यात्री के गले के पास की हड्डी टूट गई है। | यहाँ एक सारांश है:हादसे का शिकार हुआ विमान दक्षिण कोरिया की एयरलाइन कंपनी एशियाना का था। हादसे के वक्त अचानक विमान में आग लग गई, जिससे विमान का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह जल गया। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूद समस्याओं का हल जंग नहीं है। गिलानी ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच होने जा रही गृह सचिव स्तर की वार्ता से विश्वास में कमी दूर होगी तथा शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक ठोस आधार तैयार होगा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के दौरे पर आए भारत से आए एक शांति शिष्टमंडल से कहा, जंग समाधान नहीं हैं, पाकिस्तान और भारत के बीच संबंध सुधारने का जरिया सिर्फ वार्ता है। इस शांति शिष्टमंडल का नेतृत्व जाने माने पत्रकार कुलदीप नैयर कर रहे हैं। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान सरकार सभी लंबित मुद्दों का शांतिपूर्वक हल करने के लिए अपने भारतीय समकक्ष के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत उम्मीद है कि आगामी वार्ता विश्वास में कमी को दूर करेगी और शांति प्रक्रिया को आगे बढाने के लिए एक ठोस आधार तैयार करेगी। गिलानी ने विवादास्पद मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने और व्यापार को बढ़ावा देने, आर्थिक संबंध को बेहतर बनाने, खुफिया जानकारी को साझा किए जाने, खेल तथा सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वार्ता प्रक्रिया को लगातार जारी रखने की जरूरत की बात कही। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने और संसदीय शिष्टमंडल की आवाजाही की अपील की। उन्होंने कहा कि पीपीपी नीत सरकार की पहली वरीयता पाकिस्तान की अवाम की भलाई है, लेकिन देश में शांति और स्थायित्व नाजुक स्थिति में है। उन्होंने कहा, इसलिए भारत के साथ पाकिस्तान दोस्ताना, सहयोगी और अच्छे पड़ोसी देश का संबंध कायम करने की इच्छा रखता है। गिलानी ने कहा कि उनके पूर्वजों ने अविभाजित भारत की आजादी की लड़ाई में और भारत-पाकिस्तान के बीच दोस्ताना संबंधों के लिए अहम योगदान दिया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी नई दिल्ली में 28 मार्च को दोनों देशों के बीच गृह सचिव स्तर की होने जा रही वार्ता से पहले आई है। इस वार्ता को 2008 के मुंबई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच रूकी पड़ी शांति प्रक्रिया को औपचारिक रूप से बहाल किए जाने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है। भारत और पाकिस्तान हाल ही में वार्ता के पूर्ण स्वरूप को बहाल करने पर रजामंद हुए हैं। गिलानी ने इस बात का जिक्र किया कि गृह सचिव स्तर की इस वार्ता में आतंकवाद और मादक द्रव्यों की तस्करी के मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत के वाणिज्य सचिव अप्रैल के अंत में इस्लामाबाद के दौरे पर जाएंगे। इसके साथ कुछ अन्य रणनीतिक वार्ता के जरिए विदेश सचिव स्तर की वार्ता का मार्ग प्रशस्त होगा, जिसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच जुलाई में नयी दिल्ली में वार्ता होगी। पाकिस्तान में विदेश मंत्री का पद खाली है और विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार फिलहाल प्रधानमंत्री की निगरानी में यह विभाग देख रही हैं। गिलानी ने भारतीय शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि पाकिस्तान आगमी वार्ताओं में सार्थक रूख के साथ शामिल होगा। | सारांश: गिलानी ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच होने जा रही गृह सचिव स्तर की वार्ता से विश्वास में कमी दूर होगी। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार से गायब बीजेपी नेता वरुण गाँधी ने कहा है कि बीजेपी में मुख्यमंत्री पद के 55 दावेदार हैं। NDTV से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि बीजेपी 250 सीटें जीतेगी हालांकि समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिल सकती हैं।
गांधी ने कहा, 'मुझे ऐसा लगता है कि यह कहना सच होगा की सपा यूपी में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आएगी। ऐसा लगता है कि बीजेपी में करीब 55 लोग ऐसे है जो मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। चुनाव प्रचार से दूर रहने के मसले पर उन्होंने कहा, 'मैंने पार्टी अध्यक्ष से पहले ही साफ कर दिया था कि मैं चुनाव प्रचार नहीं करूंगा।
उनके अनुसार इस चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के आंकड़े सुधरेंगे।
उनका मानना है कि इस चुनाव में बसपा इतनी सीटें गवाऐगी कि बाकी सबको इसका फायदा होगा।
गौरतलब है कि वरुण गांधी को उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावों में प्रचार से दूर रखा गया है।टिप्पणियां
वरुण ने कहा, ‘जनता लोगों के लिए मतदान करती है’ न कि चिह्नों के लिए। उन्होंने कहा, ‘यह एक मानवीय संबंध है। यदि आपके पास एक व्यक्ति नहीं है तो आपका संदेश बेकार चला जाता है लेकिन मेरा मानना है कि भाजपा इससे एक कदम आगे है और इसके पास मुख्यमंत्री पद के 55 उम्मीदवार हैं।’
वरुण ने यह उस वक्त कहा जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बेहतर होता कि भाजपा या कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधान सभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए होते।
उनके अनुसार इस चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के आंकड़े सुधरेंगे।
उनका मानना है कि इस चुनाव में बसपा इतनी सीटें गवाऐगी कि बाकी सबको इसका फायदा होगा।
गौरतलब है कि वरुण गांधी को उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावों में प्रचार से दूर रखा गया है।टिप्पणियां
वरुण ने कहा, ‘जनता लोगों के लिए मतदान करती है’ न कि चिह्नों के लिए। उन्होंने कहा, ‘यह एक मानवीय संबंध है। यदि आपके पास एक व्यक्ति नहीं है तो आपका संदेश बेकार चला जाता है लेकिन मेरा मानना है कि भाजपा इससे एक कदम आगे है और इसके पास मुख्यमंत्री पद के 55 उम्मीदवार हैं।’
वरुण ने यह उस वक्त कहा जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बेहतर होता कि भाजपा या कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधान सभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए होते।
उनका मानना है कि इस चुनाव में बसपा इतनी सीटें गवाऐगी कि बाकी सबको इसका फायदा होगा।
गौरतलब है कि वरुण गांधी को उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावों में प्रचार से दूर रखा गया है।टिप्पणियां
वरुण ने कहा, ‘जनता लोगों के लिए मतदान करती है’ न कि चिह्नों के लिए। उन्होंने कहा, ‘यह एक मानवीय संबंध है। यदि आपके पास एक व्यक्ति नहीं है तो आपका संदेश बेकार चला जाता है लेकिन मेरा मानना है कि भाजपा इससे एक कदम आगे है और इसके पास मुख्यमंत्री पद के 55 उम्मीदवार हैं।’
वरुण ने यह उस वक्त कहा जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बेहतर होता कि भाजपा या कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधान सभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए होते।
गौरतलब है कि वरुण गांधी को उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावों में प्रचार से दूर रखा गया है।टिप्पणियां
वरुण ने कहा, ‘जनता लोगों के लिए मतदान करती है’ न कि चिह्नों के लिए। उन्होंने कहा, ‘यह एक मानवीय संबंध है। यदि आपके पास एक व्यक्ति नहीं है तो आपका संदेश बेकार चला जाता है लेकिन मेरा मानना है कि भाजपा इससे एक कदम आगे है और इसके पास मुख्यमंत्री पद के 55 उम्मीदवार हैं।’
वरुण ने यह उस वक्त कहा जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बेहतर होता कि भाजपा या कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधान सभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए होते।
वरुण ने कहा, ‘जनता लोगों के लिए मतदान करती है’ न कि चिह्नों के लिए। उन्होंने कहा, ‘यह एक मानवीय संबंध है। यदि आपके पास एक व्यक्ति नहीं है तो आपका संदेश बेकार चला जाता है लेकिन मेरा मानना है कि भाजपा इससे एक कदम आगे है और इसके पास मुख्यमंत्री पद के 55 उम्मीदवार हैं।’
वरुण ने यह उस वक्त कहा जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बेहतर होता कि भाजपा या कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधान सभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए होते।
वरुण ने यह उस वक्त कहा जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बेहतर होता कि भाजपा या कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधान सभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए होते। | यह एक सारांश है: NDTV से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि बीजेपी 250 सीटें जीतेगी हालांकि समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिल सकती हैं। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने नये मोबाइल कनेक्शन के लिए आधार ई-केवाईसी की अनुमति मंगलवार को दे दी. यानी अब प्रीपेड या पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन के लिए अनेक तरह के कागजी दस्तावेजों की जरूरत नहीं होगी बल्कि ब्रिकी केंद्र (पीओएस) पर आधार कार्ड व फिंगरप्रिंट से ही काम चल जाएगा.
सरकार ने इस तरह के आवेदन पर काम व सत्यापन की ऑनलाइन प्रक्रिया को और तेज व सरल बनाने के लिए ई-केवाईसी नियम जारी किए हैं. नई प्रणाली में सिम एक्टिवेशन के लिए सत्यापन के समय में कमी आएगी.टिप्पणियां
आपको बता दें कि ई-केवाईसी में ग्राहक अपनी आधार संख्या व बायोमेट्रिक्स के जरिए यूआईडीएआई को अपना ब्योरा मोबाइल कंपनी को उपलब्ध कराने का अधिकार देता है. सेल्यूलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक राजन मैथ्यू का मानना है कि यह कदम सभी भागीदारों के लिए मददगार होगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार ने इस तरह के आवेदन पर काम व सत्यापन की ऑनलाइन प्रक्रिया को और तेज व सरल बनाने के लिए ई-केवाईसी नियम जारी किए हैं. नई प्रणाली में सिम एक्टिवेशन के लिए सत्यापन के समय में कमी आएगी.टिप्पणियां
आपको बता दें कि ई-केवाईसी में ग्राहक अपनी आधार संख्या व बायोमेट्रिक्स के जरिए यूआईडीएआई को अपना ब्योरा मोबाइल कंपनी को उपलब्ध कराने का अधिकार देता है. सेल्यूलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक राजन मैथ्यू का मानना है कि यह कदम सभी भागीदारों के लिए मददगार होगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आपको बता दें कि ई-केवाईसी में ग्राहक अपनी आधार संख्या व बायोमेट्रिक्स के जरिए यूआईडीएआई को अपना ब्योरा मोबाइल कंपनी को उपलब्ध कराने का अधिकार देता है. सेल्यूलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक राजन मैथ्यू का मानना है कि यह कदम सभी भागीदारों के लिए मददगार होगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सरकार ने नये मोबाइल कनेक्शन के लिए आधार ई-केवाईसी की अनुमति दी
सीओएआई का मानना है कि यह कदम सभी भागीदारों के लिए मददगार होगा
नई प्रणाली में सिम एक्टिवेशन के लिए सत्यापन के समय में कमी आएगी | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जबकि जौहर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी डॉ गुलरेज़ निज़ामी ने इल्ज़ाम लगाया कि "आज पुलिस यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को बताए बिना यूनिवर्सिटी में घुस गई और लाइब्रेरी को अंदर से बंद कर लिया. इस दौरान किसी को भी यूनिवर्सिटी में जाने की इजाजत नहीं दी गई. बाद में पुलिस काफी सारी किताबें अपने साथ उठा ले गई."
आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर आज अचानक भारी पुलिस बल के साथ छापा मारा गया. पीएसी के ट्रक और लगभग आधा दर्जन वाहनों में सवार पुलिस कर्मी सीधे यूनिवर्सिटी के अंदर मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी पहुंचे और लाइब्रेरी में तलाशी शुरू कर दिया. लाइब्रेरी में पुलिस को लगभग 200 दुर्लभ पुस्तकें मिलीं.
पुलिस को जानकारी मिली थी कि चोरी हुईं सैकड़ों साल पुरानी दुर्लभ किताबें मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में होने की आशंका है. पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने बताया कि मदरसा आलिया से चोरी गई काफी पुस्तकें यहां बरामद हुई हैं. उन्होंने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में रखे गए रजिस्टर और रिकॉर्ड में कहीं भी इन पुस्तकों का उल्लेख नहीं मिल रहा है. | संक्षिप्त सारांश: मदरसा आलिया से चोरी गई थीं सैकड़ों प्राचीन किताबें और पांडुलिपियां
मदरसे के प्रिंसिपल ज़ुबेर खान ने 16 जून को चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी
आजम ने मदरसे को बंद कर उसकी इमारत जौहर ट्रस्ट के नाम करा ली थी | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दीपिका पादुकोण के बाद एक्टर रितिक रोशन (42) ने भी डिप्रेशन के मसले पर अपने विचार रखे हैं. उन्होंने कहा कि अपनी निजी जिंदगी में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और इस सबके दौरान अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार भी रहे हैं. साथ ही यह भी कहा कि इसको छिपाना नहीं चाहिए. मानसिक स्वास्थ्य के बारे में लोगों से सहजता से कहना चाहिए और ये ऐसी चीज नहीं है जिसका इलाज नहीं हो सकता.
उन्होंने मुंबई में पत्रकारों से कहा, ''मैं कई उतार-चढ़ाव से गुजरा हूं. मैंने भी डिप्रेशन का अनुभव किया है. मैं भ्रम की स्थिति का शिकार भी रहा हूं जैसे कि बाकी रहते हैं. यह बेहद सामान्य चीज है. हमें इस पर बेहद सहजता से बात करनी चाहिए.''
उन्होंने कहा, ''अपने निजी जीवन में मैंने कई अनुभवों का सामना किया है. हम सभी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरते हैं. ये दोनों ही हमारे लिए अहम हैं क्योंकि आप इन अनुभवों से ही निखरते हैं. जब आप उतार के दौर से गुजरते हैं तो उस वक्त सबसे अहम चीज आपके विचारों की सुस्पष्टता होती है. कभी-कभी आप पर नकारात्मकता हावी हो जाती है और आप गैर-जरूरी विचारों की गिरफ्त में होते हैं. ऐसे वक्त पर आपको सुस्पष्ट और वस्तुनिष्ट होने की जरूरत होती है क्योंकि तभी कोई दूसरा या तीसरा आदमी आपको बताता है कि देखो यह आपके साथ क्या हो रहा है.'' टिप्पणियां
सन 2000 में 'कहो न प्यार है फिल्म' से करियर शुरू करने वाले रितिक ने साथ ही कहा कि उन्होंने अपने कई मित्रों को खामोशी से डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं से लड़ते हुए देखा है. इस वजह से ही वह इस मुद्दे की गहराई में जाने को विवश हुए.
उन्होंने कहा, ''ये ऐसी चीज है जोकि वर्षों से मेरे दिमाग में रही है. मैंने हमेशा इस पर सवालिया निशान खड़े किए हैं. मैंने कई अपने मित्रों को खामोशी के साथ डिप्रेशन से लड़ते हुए देखा है और इसने मुझे इस स्तर तक परेशान किया कि मैंने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए...जब हम किडनी या पेट की समस्याओं से जूझते हैं तो इसे बेहद सहजता से लेते हैं और लोगों से साझा करते हैं. लेकिन जब मामला हमारे ही एक अंग मस्तिष्क (मानसिक स्वास्थ्य) से जुड़ा होता है तो हम डर जाते हैं और इसमें खुद का ही दोष खोजते हुए लोगों से इसे छिपाने की जरूरत महसूस करते हैं. हर आदमी जीवन के किसी न किसी मोड़ पर इस समस्या से गुजरता ही है.''
उन्होंने मुंबई में पत्रकारों से कहा, ''मैं कई उतार-चढ़ाव से गुजरा हूं. मैंने भी डिप्रेशन का अनुभव किया है. मैं भ्रम की स्थिति का शिकार भी रहा हूं जैसे कि बाकी रहते हैं. यह बेहद सामान्य चीज है. हमें इस पर बेहद सहजता से बात करनी चाहिए.''
उन्होंने कहा, ''अपने निजी जीवन में मैंने कई अनुभवों का सामना किया है. हम सभी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरते हैं. ये दोनों ही हमारे लिए अहम हैं क्योंकि आप इन अनुभवों से ही निखरते हैं. जब आप उतार के दौर से गुजरते हैं तो उस वक्त सबसे अहम चीज आपके विचारों की सुस्पष्टता होती है. कभी-कभी आप पर नकारात्मकता हावी हो जाती है और आप गैर-जरूरी विचारों की गिरफ्त में होते हैं. ऐसे वक्त पर आपको सुस्पष्ट और वस्तुनिष्ट होने की जरूरत होती है क्योंकि तभी कोई दूसरा या तीसरा आदमी आपको बताता है कि देखो यह आपके साथ क्या हो रहा है.'' टिप्पणियां
सन 2000 में 'कहो न प्यार है फिल्म' से करियर शुरू करने वाले रितिक ने साथ ही कहा कि उन्होंने अपने कई मित्रों को खामोशी से डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं से लड़ते हुए देखा है. इस वजह से ही वह इस मुद्दे की गहराई में जाने को विवश हुए.
उन्होंने कहा, ''ये ऐसी चीज है जोकि वर्षों से मेरे दिमाग में रही है. मैंने हमेशा इस पर सवालिया निशान खड़े किए हैं. मैंने कई अपने मित्रों को खामोशी के साथ डिप्रेशन से लड़ते हुए देखा है और इसने मुझे इस स्तर तक परेशान किया कि मैंने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए...जब हम किडनी या पेट की समस्याओं से जूझते हैं तो इसे बेहद सहजता से लेते हैं और लोगों से साझा करते हैं. लेकिन जब मामला हमारे ही एक अंग मस्तिष्क (मानसिक स्वास्थ्य) से जुड़ा होता है तो हम डर जाते हैं और इसमें खुद का ही दोष खोजते हुए लोगों से इसे छिपाने की जरूरत महसूस करते हैं. हर आदमी जीवन के किसी न किसी मोड़ पर इस समस्या से गुजरता ही है.''
उन्होंने कहा, ''अपने निजी जीवन में मैंने कई अनुभवों का सामना किया है. हम सभी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरते हैं. ये दोनों ही हमारे लिए अहम हैं क्योंकि आप इन अनुभवों से ही निखरते हैं. जब आप उतार के दौर से गुजरते हैं तो उस वक्त सबसे अहम चीज आपके विचारों की सुस्पष्टता होती है. कभी-कभी आप पर नकारात्मकता हावी हो जाती है और आप गैर-जरूरी विचारों की गिरफ्त में होते हैं. ऐसे वक्त पर आपको सुस्पष्ट और वस्तुनिष्ट होने की जरूरत होती है क्योंकि तभी कोई दूसरा या तीसरा आदमी आपको बताता है कि देखो यह आपके साथ क्या हो रहा है.'' टिप्पणियां
सन 2000 में 'कहो न प्यार है फिल्म' से करियर शुरू करने वाले रितिक ने साथ ही कहा कि उन्होंने अपने कई मित्रों को खामोशी से डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं से लड़ते हुए देखा है. इस वजह से ही वह इस मुद्दे की गहराई में जाने को विवश हुए.
उन्होंने कहा, ''ये ऐसी चीज है जोकि वर्षों से मेरे दिमाग में रही है. मैंने हमेशा इस पर सवालिया निशान खड़े किए हैं. मैंने कई अपने मित्रों को खामोशी के साथ डिप्रेशन से लड़ते हुए देखा है और इसने मुझे इस स्तर तक परेशान किया कि मैंने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए...जब हम किडनी या पेट की समस्याओं से जूझते हैं तो इसे बेहद सहजता से लेते हैं और लोगों से साझा करते हैं. लेकिन जब मामला हमारे ही एक अंग मस्तिष्क (मानसिक स्वास्थ्य) से जुड़ा होता है तो हम डर जाते हैं और इसमें खुद का ही दोष खोजते हुए लोगों से इसे छिपाने की जरूरत महसूस करते हैं. हर आदमी जीवन के किसी न किसी मोड़ पर इस समस्या से गुजरता ही है.''
सन 2000 में 'कहो न प्यार है फिल्म' से करियर शुरू करने वाले रितिक ने साथ ही कहा कि उन्होंने अपने कई मित्रों को खामोशी से डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं से लड़ते हुए देखा है. इस वजह से ही वह इस मुद्दे की गहराई में जाने को विवश हुए.
उन्होंने कहा, ''ये ऐसी चीज है जोकि वर्षों से मेरे दिमाग में रही है. मैंने हमेशा इस पर सवालिया निशान खड़े किए हैं. मैंने कई अपने मित्रों को खामोशी के साथ डिप्रेशन से लड़ते हुए देखा है और इसने मुझे इस स्तर तक परेशान किया कि मैंने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए...जब हम किडनी या पेट की समस्याओं से जूझते हैं तो इसे बेहद सहजता से लेते हैं और लोगों से साझा करते हैं. लेकिन जब मामला हमारे ही एक अंग मस्तिष्क (मानसिक स्वास्थ्य) से जुड़ा होता है तो हम डर जाते हैं और इसमें खुद का ही दोष खोजते हुए लोगों से इसे छिपाने की जरूरत महसूस करते हैं. हर आदमी जीवन के किसी न किसी मोड़ पर इस समस्या से गुजरता ही है.''
उन्होंने कहा, ''ये ऐसी चीज है जोकि वर्षों से मेरे दिमाग में रही है. मैंने हमेशा इस पर सवालिया निशान खड़े किए हैं. मैंने कई अपने मित्रों को खामोशी के साथ डिप्रेशन से लड़ते हुए देखा है और इसने मुझे इस स्तर तक परेशान किया कि मैंने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए...जब हम किडनी या पेट की समस्याओं से जूझते हैं तो इसे बेहद सहजता से लेते हैं और लोगों से साझा करते हैं. लेकिन जब मामला हमारे ही एक अंग मस्तिष्क (मानसिक स्वास्थ्य) से जुड़ा होता है तो हम डर जाते हैं और इसमें खुद का ही दोष खोजते हुए लोगों से इसे छिपाने की जरूरत महसूस करते हैं. हर आदमी जीवन के किसी न किसी मोड़ पर इस समस्या से गुजरता ही है.'' | संक्षिप्त सारांश: कहा- मैं भी भ्रम की स्थिति का शिकार रहा
इसको सहजता से लेते हुए छिपाना नहीं चाहिए
निजी जीवन में कई अनुभव मिले | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नार्वेकर ने कहा कि शिवसेना पार्षदों ने जो किया उस से उनकी मानसिकता झलकती है. पिटाई की वारदात पर पुलिस शिकायत करने के लिए बीजेपी ने महानगरपालिका प्रशासन से जहां मारपिटाई हुई उस इलाके में लगे सीसीटीवी का फुटेज मांगा है. इस बीच बीजेपी के BMC में नेता मनोज कोटक ने कहा है कि ऐसा बर्ताव शिवसेना की मानसिकता बताता है.
बीजेपी की लड़ाई इस तरह की ताकतों से जारी रहेगी. वैसे तो BJP और शिवसेना BMC में एक दूसरे की चूक पकड़ने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ते. लेकिन विरोधी दल के पार्षद की पिटाई से शिवसेना ने माहौल ख़राब कर दिया है. चौंकानेवाली बात है कि शिवसेना आलाकमान इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ले रही. शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि मुझे पता नहीं तो मैं क्या बोलूं? जानकारी लेकर अपनी प्रतिक्रिया दूंगा. वारदात के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने यह प्रतिक्रिया दी है.
बीजेपी की लड़ाई इस तरह की ताकतों से जारी रहेगी. वैसे तो BJP और शिवसेना BMC में एक दूसरे की चूक पकड़ने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ते. लेकिन विरोधी दल के पार्षद की पिटाई से शिवसेना ने माहौल ख़राब कर दिया है. चौंकानेवाली बात है कि शिवसेना आलाकमान इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ले रही. शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि मुझे पता नहीं तो मैं क्या बोलूं? जानकारी लेकर अपनी प्रतिक्रिया दूंगा. वारदात के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने यह प्रतिक्रिया दी है. | बीजेपी के एक नेता ने कहा कि ऐसा बर्ताव शिवसेना की मानसिकता बताता है
विरोधी दल के पार्षद की पिटाई से शिवसेना ने माहौल ख़राब कर दिया है
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि मुझे पता नहीं तो मैं क्या बोलूं | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देशभर की तमाम मस्जिदों में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ में मुसलमानों से अपील की गई कि अयोध्या मामले का चाहे जो फैसला हो वो अमन कायम रखें. वो ना तो खुशियां मनाएं और ना ही गम और ना ही किसी तरह के प्रदर्शन में शामिल हों. अपील में कहा गया कि इसी महीने में पैगंबर मोहम्म्द साहब पैदा हुए हैं. इसलिए इस महीने की पवित्रता बरकरार रखें. इसके लिए मशहूर धर्म गुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली ने अपील की थी. लखनऊ की जामा मस्जिद ईदगाह में नमाजी खुदा की इबादत में मशगूल रहे लेकिन अयोध्या मसले के फैसले को लेकर वे तमाम तरह के अंदेशों से घिरे हैं. ऐसे में पेश इमाम उन्हें समझाते हैं कि वो डरें नहीं. वे भी इस मुल्क में बराबर के शाहिर हैं और फैसला आने पर एक अच्छे मुसलमान का फर्ज निभाएं.
पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली ने कहा, 'जो भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आए हम उसका एहतराम करें और इस सिलसिले में ना कोई जश्न मनाएं और न उसमें कोई एहतेजाज करें. ना नारेबाजी करें और ना कोई ऐसी बात कहें जो किसी भी कौम के लिए या किसी भी कौम की धार्मिक भावनाओं या किसी भी कौम के मजहबी जज्बात को मजरूह करने वाला हो.'
मौलाना मुसलमानों को याद दिलाते हैं कि ये महीना पैगंबर मोहम्मद साहब की पैदाइश का महीना है इसलिए और भी जरूरी है कि उनकी तालीम याद रखी जाए. वो कहते हैं, 'अल्लाह ने खुद कुरान में फरमाया है कि अल्लाह जमीन पर फसाद और बिगाड़ पैदा करने वालों को हरगिज पसंद नहीं करता है. और एक दूसरी आयत में अल्लाह ने फरमाया जिसका आसान जुबान में तर्जुमा यह है कि 'जो शख्स भी किसी भी इंसान का नाहक कत्ल करता है वो ऐसा है जैसे उसने पूरी इंसानियत का कत्ल कर दिया हो. और जो इंसान किसी भी इंसान की जान बचाता है तो वो ऐसा है जैसे उसने पूरी इंसानियत की जान बचा ली.'
कुरान और पैगंबर के हवाले से मौलानाओं की अपील का आवा पर अच्छा असर नजर आता है. अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर खास तैयारी है. एहतियातन बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है. प्रशासन लगातार अलग-अलग मठ-मंदिरों के साधु संतों से बैठक कर हर हाल में शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है. | संक्षिप्त सारांश: देशभर की मस्जिदों में मुस्लिमों से अपील
'फैसला चाहे जो हो, अमन को रखें कायम'
'मुस्लिम किसी तरह के प्रदर्शन में शामिल ना हों' | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले दिनों सेल्फी वीडियो के जरिए अपने पिता से इलाज पर पैसे खर्च करने की गुहार लगाने वाली कैंसर पीड़िता की मौत हो गई है. आरोप है कि पिता ने बेटी का इलाज नहीं कराया, इसी वजह से उसकी मौत हो गई. विजयवाड़ा की इस लड़की मौत के बाद उसका सेल्फी वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में बच्ची रोते हुए अपने पिता से कह रही है वे उसका इलाज कराएं, वह मरना नहीं चाहती है. इसके बाद भी पिता कलेजा नहीं पसीजा और इलाके के अभाव में बच्ची ने दम तोड़ दिया. उसने बेहद मार्मिक तरीके से अपनी बात बाप पिता तक पहुंचाने तक कोशिश की है. इस बच्ची का नाम निरुपमा (बदला हुआ नाम) था.
वीडियो में निरुपमा कह रही है, 'पापा, आपने कहा कि आपके पास पैसे नहीं हैं. पर हमारे पास यह घर तो है. कृपया इस घर को बेच दीजिए और मेरे इलाज के पैसे दे दीजिए. डॉक्टर का कहना है कि अगर इलाज नहीं हुआ, तो मैं ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह पाऊंगी. प्लीज कुछ कीजिए और मुझे बचा लीजिए. मैं स्कूल जाना चाहती हूं.'
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निरुपमा के मां-पिता के बीच अच्छे रिश्ते नहीं हैं. कुछ साल पहले पिता ने निरुपमा और उसकी मां को घर से बाहर कर दिया था. निरुपमा की मां जैसे-तैसे उसका और खुद के खाने का इंतजाम कर रही थी. इसी बीच निरुपमा को कैंसर होने की बात पता चलने पर मां बेहद घबरा गई. डॉक्टरों ने ईलाज पर काफी पैसे खर्च होने की बात कही. आखिरकार निरुपमा ने मोबाइल से सेल्फी वीडियो बनाकर अपने पिता से इलाज के लिए पैसे जुटाने की गुजारिश की थी, लेकिन पिता का कलेजा नहीं पसीजा.
रविवार को बच्ची की मौत हो गई. जब यह वीडियो एक एनजीओ ने देखा, तो वो इसकी शिकायत लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग चली गई. एनजीओ ने आरोप लगाया कि पिता ने पैसे होने के बावजूद बेटी का इलाज नहीं किया. बताया जा रहा है कि इसके बाद पिता ने कथित तौर पर तेलुगु देशम पार्टी (टीएसपी) के विधायक बोंडा उमामाशेवारा राव की मदद से गुंडों को इस मुद्दे के निपटारे के लिए भेजा. एनजीओ का कहना है कि पुलिस ने गुंडो के खिलाफ केस दर्ज करने से भी मना कर दिया है.टिप्पणियां
आंध्र प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने शहर के पुलिस आयुक्त को इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. हालांकि सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत पर लोग पिता को कोस रहे हैं.नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
वीडियो में निरुपमा कह रही है, 'पापा, आपने कहा कि आपके पास पैसे नहीं हैं. पर हमारे पास यह घर तो है. कृपया इस घर को बेच दीजिए और मेरे इलाज के पैसे दे दीजिए. डॉक्टर का कहना है कि अगर इलाज नहीं हुआ, तो मैं ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह पाऊंगी. प्लीज कुछ कीजिए और मुझे बचा लीजिए. मैं स्कूल जाना चाहती हूं.'
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निरुपमा के मां-पिता के बीच अच्छे रिश्ते नहीं हैं. कुछ साल पहले पिता ने निरुपमा और उसकी मां को घर से बाहर कर दिया था. निरुपमा की मां जैसे-तैसे उसका और खुद के खाने का इंतजाम कर रही थी. इसी बीच निरुपमा को कैंसर होने की बात पता चलने पर मां बेहद घबरा गई. डॉक्टरों ने ईलाज पर काफी पैसे खर्च होने की बात कही. आखिरकार निरुपमा ने मोबाइल से सेल्फी वीडियो बनाकर अपने पिता से इलाज के लिए पैसे जुटाने की गुजारिश की थी, लेकिन पिता का कलेजा नहीं पसीजा.
रविवार को बच्ची की मौत हो गई. जब यह वीडियो एक एनजीओ ने देखा, तो वो इसकी शिकायत लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग चली गई. एनजीओ ने आरोप लगाया कि पिता ने पैसे होने के बावजूद बेटी का इलाज नहीं किया. बताया जा रहा है कि इसके बाद पिता ने कथित तौर पर तेलुगु देशम पार्टी (टीएसपी) के विधायक बोंडा उमामाशेवारा राव की मदद से गुंडों को इस मुद्दे के निपटारे के लिए भेजा. एनजीओ का कहना है कि पुलिस ने गुंडो के खिलाफ केस दर्ज करने से भी मना कर दिया है.टिप्पणियां
आंध्र प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने शहर के पुलिस आयुक्त को इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. हालांकि सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत पर लोग पिता को कोस रहे हैं.नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निरुपमा के मां-पिता के बीच अच्छे रिश्ते नहीं हैं. कुछ साल पहले पिता ने निरुपमा और उसकी मां को घर से बाहर कर दिया था. निरुपमा की मां जैसे-तैसे उसका और खुद के खाने का इंतजाम कर रही थी. इसी बीच निरुपमा को कैंसर होने की बात पता चलने पर मां बेहद घबरा गई. डॉक्टरों ने ईलाज पर काफी पैसे खर्च होने की बात कही. आखिरकार निरुपमा ने मोबाइल से सेल्फी वीडियो बनाकर अपने पिता से इलाज के लिए पैसे जुटाने की गुजारिश की थी, लेकिन पिता का कलेजा नहीं पसीजा.
रविवार को बच्ची की मौत हो गई. जब यह वीडियो एक एनजीओ ने देखा, तो वो इसकी शिकायत लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग चली गई. एनजीओ ने आरोप लगाया कि पिता ने पैसे होने के बावजूद बेटी का इलाज नहीं किया. बताया जा रहा है कि इसके बाद पिता ने कथित तौर पर तेलुगु देशम पार्टी (टीएसपी) के विधायक बोंडा उमामाशेवारा राव की मदद से गुंडों को इस मुद्दे के निपटारे के लिए भेजा. एनजीओ का कहना है कि पुलिस ने गुंडो के खिलाफ केस दर्ज करने से भी मना कर दिया है.टिप्पणियां
आंध्र प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने शहर के पुलिस आयुक्त को इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. हालांकि सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत पर लोग पिता को कोस रहे हैं.नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
रविवार को बच्ची की मौत हो गई. जब यह वीडियो एक एनजीओ ने देखा, तो वो इसकी शिकायत लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग चली गई. एनजीओ ने आरोप लगाया कि पिता ने पैसे होने के बावजूद बेटी का इलाज नहीं किया. बताया जा रहा है कि इसके बाद पिता ने कथित तौर पर तेलुगु देशम पार्टी (टीएसपी) के विधायक बोंडा उमामाशेवारा राव की मदद से गुंडों को इस मुद्दे के निपटारे के लिए भेजा. एनजीओ का कहना है कि पुलिस ने गुंडो के खिलाफ केस दर्ज करने से भी मना कर दिया है.टिप्पणियां
आंध्र प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने शहर के पुलिस आयुक्त को इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. हालांकि सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत पर लोग पिता को कोस रहे हैं.नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
आंध्र प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने शहर के पुलिस आयुक्त को इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. हालांकि सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत पर लोग पिता को कोस रहे हैं.नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. | संक्षिप्त पाठ: 13 वर्षीय साई श्री को था कैंसर, इलाज के अभाव में गई जान
लड़की ने सेल्फी जारी कर पिता से इलाज कराने की की थी अपील
पिता ने नहीं कराया इलाज, बच्ची ने दम तोड़ दिया | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली में एक बार फिर ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। इस बार उसका शिकार पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर इलाके में रहने वाला पारस भसीन बना है। उसकी लाश 16 टुकड़ों में मंडावली रेलवे लाइन पर मिली।टिप्पणियां
गौरतलब है कि पारस ने अपनी प्रेमिका से 9 मई को आर्य समाज मंदिर में शादी की थी। इस शादी की खबर लड़की के परिवारवालों को नहीं दी गई थी और लड़की शादी के बाद भी मायके में ही रहती थी। इसी बीच एक दिन पारस घर से कहीं चला गया और फिर पारस की मां को किसी ने फोन पर जानकारी दी कि उनके बेटे के शव के टुकड़े रेलवे ट्रैक पर पड़े हैं।
पारस के घरवालों का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। इसके अलावा पारस के परिजन इस मामले में जांच की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पारस ने अपनी प्रेमिका से 9 मई को आर्य समाज मंदिर में शादी की थी। इस शादी की खबर लड़की के परिवारवालों को नहीं दी गई थी और लड़की शादी के बाद भी मायके में ही रहती थी। इसी बीच एक दिन पारस घर से कहीं चला गया और फिर पारस की मां को किसी ने फोन पर जानकारी दी कि उनके बेटे के शव के टुकड़े रेलवे ट्रैक पर पड़े हैं।
पारस के घरवालों का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। इसके अलावा पारस के परिजन इस मामले में जांच की मांग कर रहे हैं।
पारस के घरवालों का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। इसके अलावा पारस के परिजन इस मामले में जांच की मांग कर रहे हैं। | संक्षिप्त पाठ: दरअसल, पारस ने अपनी प्रेमिका से 9 मई को आर्य समाज मंदिर में शादी की थी। इस शादी की खबर लड़की के परिवारवालों को नहीं दी गई थी और लड़की शादी के बाद भी मायके में ही रहती थी। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: @02:12 - पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत को देखते हुए कांग्रेस विधायकों की रविवार को दोपहर 2 बजे बैठक होगी, जिसमें राज्य में शपथ ग्रहण समारोह और मंत्रिमंडल गठन का फैसला किया जाएगा. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह जानकारी दी.
@02:00 - अकालीदल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने हार स्वीकार की.कांग्रेस के नेता अमरिंदर सिंह ने पंजाब में पार्टी की जीत के बारे में कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता राज्य से नशाखोरी को समाप्त करने की होगी. अमरिंदर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "पंजाब के लोगों ने बहुत बड़ा जनादेश दिया है. हमारी प्राथमिकता पंजाब से नशाखोरी समाप्त करने की होगी. मैंने चार सप्ताह में ड्रग्स कारोबार को उखाड़ फेंकने की प्रतिबद्धता जताई है."टिप्पणियां
@01:10 - अकालीदल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने हार स्वीकार की.
@01:00 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से चुनाव जीत गए हैं. 51000 वोटों से जीत दर्ज की.
@12:10 - कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि यह कांग्रेस का पुनर्जीवन है. यह तो बस शुरुआत है. कांग्रेस यहीं से आगे बढ़ेगी.
@10:10 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अकालीदल के बिक्रम सिंह मजीठिया मजीठा सीट से 6549 वोटों से आगे चल रहे हैं.
@10:10 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस उपाध्यक्ष सुनील जाखड़ अबोहर सीट से 3485 वोटों से पीछे चल रहे हैं.
@10:10 - रुझानों में कांग्रेस 64, अकाली दल गठबंधन 30 पर आगे. आम आदमी पार्टी को 23 सीटों पर बढ़त
@10:07 - कांग्रेस की बढ़त 65 सीटों पर, अकाली दल गठबंधन 28 सीटों पर आगे चल रहा है. आम आदमी पार्टी के खाते में 23 सीटें जाती दिख रही हैं.
@09:51 - रुझानों में कांग्रेस 62, अकाली दल गठबंधन 26 जबकि आम आदमी पार्टी 21 सीटों पर आगे
@09:48 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के गुरुप्रीत सिंह घुग्गी बटाला सीट से आगे चल रहे है.
@09:43 - रुझानों में कांग्रेस 58 सीटों पर आगे. अकाली दल गठबंधन 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. आम आदमी पार्टी को झटका, एक्जिट पोल के उलट नतीजे.
@09:38 - रुझानों में कांग्रेस 55 सीटों पर आगे. अकाली दल गठबंधन 24 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर. आम आदमी पार्टी 21 सीटों पर आगे.
@09:27 - रुझानों में कांग्रेस 55 सीटों पर आगे. आप और अकाली दल गठबंधन 21 सीटों पर आगे.
@09:31 - रुझानों में कांग्रेस बहुमत के करीब पहुंची. 51 सीटों पर आगे. आप 23 और अकालीदल गठबंधन 15 पर आगे चल रहा है
@09:27 - रुझानों में कांग्रेस 46 सीटों पर आगे. आप 20 और अकालीदल गठबंधन 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
@09:21 - कांग्रेस रुझानों में सबसे आगे, 46 सीटों पर बनाई बढ़त. आप 17 और अकालीदल गठबंधन 11 सीटों पर आगे
@09:19 - कांग्रेस को रुझानों में 42 सीटों पर बढ़त, आप 16 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर. अकालीदल गठबंधन 11 सीटों पर आगे
@09:15 - कांग्रेस को रुझानों में जोरदार बढ़त, कांग्रेस 37, आप 16 और अकालीदल गठबंधन 9 सीटों पर आगे
@09:06 - रुझानों में कांग्रेस 31, आप 11 और अकालीदल गठबंधन 5 सीटों पर आगे चल रहा है.
@09:03 - न्यूज एजेंसी एएनअई के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से 3500 वोटों से आगे चल रहे हैं.
@09:00 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 25 सीटों पर बढ़त के साथ पहले नंबर पर, आप 7 और अकालीदल गठबधन 5 पर आगे.
@08:55 - पंजाब में अमृतसर पूर्व सीट से नवजोत सिंह सिद्धू आगे चल रहे हैं.
@08:54 - पंजाब में कांग्रेस 20, अकालीदल गठबंधन 3 और आप 7 सीटों पर आगे..
@08:51 - पंजाब में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस 18, अकालीदल गठबंधन 5 और आप 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है..
@08:51 - शुरुआती रुझानों में पंजाब में कांग्रेस 16, अकालीदल गठबंधन 4 और आप 3 सीटों पर आगे..
@08:48 - रुझानों में पंजाब में कांग्रेस 15, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:47 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 14, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:46 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 13, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:43 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 8, अकालीदल गठबंधन 1 और आप 1 सीट पर आगे..
@08:41 - पंजाब से रुझानों में 4 पर कांग्रेस, 1 सीट पर अकालीदल गठबंधन और 1 सीट पर आप आगे चल रही है..
@08:36 न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक लांबी से सीएम प्रकाश सिंह बादल आगे चल रहे हैं...कैप्टन अमरिंदर सिंह दूसरे और आप के जरनेल सिंह तीसरे स्थान पर
@08:32 - पंजाब से दूसरा रुझान, अकालीदल गठबंधन के पक्ष में
@08:32 - पंजाब में पहला रुझान कांग्रेस के पक्ष में
@8:28 पंजाब में एग्जिट पोल के मुताबिक अच्छी बढ़त मिलने के अनुमान के चलते दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर शानदार सजावट...
@8:10 एएनआई के मुताबिक पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू...
@8:09 एएनआई के मुताबिक 54 मतगणना केंद्रों पर 117 सीटों के लिए वोटों की गिनती शुरू...
@8:00 वोटों की गिनती शुरू...
@7:53 - शुरुआती रुझान थोड़ी देर में
@02:00 - अकालीदल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने हार स्वीकार की.कांग्रेस के नेता अमरिंदर सिंह ने पंजाब में पार्टी की जीत के बारे में कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता राज्य से नशाखोरी को समाप्त करने की होगी. अमरिंदर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "पंजाब के लोगों ने बहुत बड़ा जनादेश दिया है. हमारी प्राथमिकता पंजाब से नशाखोरी समाप्त करने की होगी. मैंने चार सप्ताह में ड्रग्स कारोबार को उखाड़ फेंकने की प्रतिबद्धता जताई है."टिप्पणियां
@01:10 - अकालीदल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने हार स्वीकार की.
@01:00 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से चुनाव जीत गए हैं. 51000 वोटों से जीत दर्ज की.
@12:10 - कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि यह कांग्रेस का पुनर्जीवन है. यह तो बस शुरुआत है. कांग्रेस यहीं से आगे बढ़ेगी.
@10:10 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अकालीदल के बिक्रम सिंह मजीठिया मजीठा सीट से 6549 वोटों से आगे चल रहे हैं.
@10:10 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस उपाध्यक्ष सुनील जाखड़ अबोहर सीट से 3485 वोटों से पीछे चल रहे हैं.
@10:10 - रुझानों में कांग्रेस 64, अकाली दल गठबंधन 30 पर आगे. आम आदमी पार्टी को 23 सीटों पर बढ़त
@10:07 - कांग्रेस की बढ़त 65 सीटों पर, अकाली दल गठबंधन 28 सीटों पर आगे चल रहा है. आम आदमी पार्टी के खाते में 23 सीटें जाती दिख रही हैं.
@09:51 - रुझानों में कांग्रेस 62, अकाली दल गठबंधन 26 जबकि आम आदमी पार्टी 21 सीटों पर आगे
@09:48 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के गुरुप्रीत सिंह घुग्गी बटाला सीट से आगे चल रहे है.
@09:43 - रुझानों में कांग्रेस 58 सीटों पर आगे. अकाली दल गठबंधन 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. आम आदमी पार्टी को झटका, एक्जिट पोल के उलट नतीजे.
@09:38 - रुझानों में कांग्रेस 55 सीटों पर आगे. अकाली दल गठबंधन 24 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर. आम आदमी पार्टी 21 सीटों पर आगे.
@09:27 - रुझानों में कांग्रेस 55 सीटों पर आगे. आप और अकाली दल गठबंधन 21 सीटों पर आगे.
@09:31 - रुझानों में कांग्रेस बहुमत के करीब पहुंची. 51 सीटों पर आगे. आप 23 और अकालीदल गठबंधन 15 पर आगे चल रहा है
@09:27 - रुझानों में कांग्रेस 46 सीटों पर आगे. आप 20 और अकालीदल गठबंधन 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
@09:21 - कांग्रेस रुझानों में सबसे आगे, 46 सीटों पर बनाई बढ़त. आप 17 और अकालीदल गठबंधन 11 सीटों पर आगे
@09:19 - कांग्रेस को रुझानों में 42 सीटों पर बढ़त, आप 16 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर. अकालीदल गठबंधन 11 सीटों पर आगे
@09:15 - कांग्रेस को रुझानों में जोरदार बढ़त, कांग्रेस 37, आप 16 और अकालीदल गठबंधन 9 सीटों पर आगे
@09:06 - रुझानों में कांग्रेस 31, आप 11 और अकालीदल गठबंधन 5 सीटों पर आगे चल रहा है.
@09:03 - न्यूज एजेंसी एएनअई के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से 3500 वोटों से आगे चल रहे हैं.
@09:00 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 25 सीटों पर बढ़त के साथ पहले नंबर पर, आप 7 और अकालीदल गठबधन 5 पर आगे.
@08:55 - पंजाब में अमृतसर पूर्व सीट से नवजोत सिंह सिद्धू आगे चल रहे हैं.
@08:54 - पंजाब में कांग्रेस 20, अकालीदल गठबंधन 3 और आप 7 सीटों पर आगे..
@08:51 - पंजाब में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस 18, अकालीदल गठबंधन 5 और आप 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है..
@08:51 - शुरुआती रुझानों में पंजाब में कांग्रेस 16, अकालीदल गठबंधन 4 और आप 3 सीटों पर आगे..
@08:48 - रुझानों में पंजाब में कांग्रेस 15, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:47 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 14, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:46 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 13, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:43 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 8, अकालीदल गठबंधन 1 और आप 1 सीट पर आगे..
@08:41 - पंजाब से रुझानों में 4 पर कांग्रेस, 1 सीट पर अकालीदल गठबंधन और 1 सीट पर आप आगे चल रही है..
@08:36 न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक लांबी से सीएम प्रकाश सिंह बादल आगे चल रहे हैं...कैप्टन अमरिंदर सिंह दूसरे और आप के जरनेल सिंह तीसरे स्थान पर
@08:32 - पंजाब से दूसरा रुझान, अकालीदल गठबंधन के पक्ष में
@08:32 - पंजाब में पहला रुझान कांग्रेस के पक्ष में
@8:28 पंजाब में एग्जिट पोल के मुताबिक अच्छी बढ़त मिलने के अनुमान के चलते दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर शानदार सजावट...
@8:10 एएनआई के मुताबिक पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू...
@8:09 एएनआई के मुताबिक 54 मतगणना केंद्रों पर 117 सीटों के लिए वोटों की गिनती शुरू...
@8:00 वोटों की गिनती शुरू...
@7:53 - शुरुआती रुझान थोड़ी देर में
@01:10 - अकालीदल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने हार स्वीकार की.
@01:00 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से चुनाव जीत गए हैं. 51000 वोटों से जीत दर्ज की.
@12:10 - कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि यह कांग्रेस का पुनर्जीवन है. यह तो बस शुरुआत है. कांग्रेस यहीं से आगे बढ़ेगी.
@10:10 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अकालीदल के बिक्रम सिंह मजीठिया मजीठा सीट से 6549 वोटों से आगे चल रहे हैं.
@10:10 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस उपाध्यक्ष सुनील जाखड़ अबोहर सीट से 3485 वोटों से पीछे चल रहे हैं.
@10:10 - रुझानों में कांग्रेस 64, अकाली दल गठबंधन 30 पर आगे. आम आदमी पार्टी को 23 सीटों पर बढ़त
@10:07 - कांग्रेस की बढ़त 65 सीटों पर, अकाली दल गठबंधन 28 सीटों पर आगे चल रहा है. आम आदमी पार्टी के खाते में 23 सीटें जाती दिख रही हैं.
@09:51 - रुझानों में कांग्रेस 62, अकाली दल गठबंधन 26 जबकि आम आदमी पार्टी 21 सीटों पर आगे
@09:48 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के गुरुप्रीत सिंह घुग्गी बटाला सीट से आगे चल रहे है.
@09:43 - रुझानों में कांग्रेस 58 सीटों पर आगे. अकाली दल गठबंधन 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. आम आदमी पार्टी को झटका, एक्जिट पोल के उलट नतीजे.
@09:38 - रुझानों में कांग्रेस 55 सीटों पर आगे. अकाली दल गठबंधन 24 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर. आम आदमी पार्टी 21 सीटों पर आगे.
@09:27 - रुझानों में कांग्रेस 55 सीटों पर आगे. आप और अकाली दल गठबंधन 21 सीटों पर आगे.
@09:31 - रुझानों में कांग्रेस बहुमत के करीब पहुंची. 51 सीटों पर आगे. आप 23 और अकालीदल गठबंधन 15 पर आगे चल रहा है
@09:27 - रुझानों में कांग्रेस 46 सीटों पर आगे. आप 20 और अकालीदल गठबंधन 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
@09:21 - कांग्रेस रुझानों में सबसे आगे, 46 सीटों पर बनाई बढ़त. आप 17 और अकालीदल गठबंधन 11 सीटों पर आगे
@09:19 - कांग्रेस को रुझानों में 42 सीटों पर बढ़त, आप 16 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर. अकालीदल गठबंधन 11 सीटों पर आगे
@09:15 - कांग्रेस को रुझानों में जोरदार बढ़त, कांग्रेस 37, आप 16 और अकालीदल गठबंधन 9 सीटों पर आगे
@09:06 - रुझानों में कांग्रेस 31, आप 11 और अकालीदल गठबंधन 5 सीटों पर आगे चल रहा है.
@09:03 - न्यूज एजेंसी एएनअई के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से 3500 वोटों से आगे चल रहे हैं.
@09:00 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 25 सीटों पर बढ़त के साथ पहले नंबर पर, आप 7 और अकालीदल गठबधन 5 पर आगे.
@08:55 - पंजाब में अमृतसर पूर्व सीट से नवजोत सिंह सिद्धू आगे चल रहे हैं.
@08:54 - पंजाब में कांग्रेस 20, अकालीदल गठबंधन 3 और आप 7 सीटों पर आगे..
@08:51 - पंजाब में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस 18, अकालीदल गठबंधन 5 और आप 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है..
@08:51 - शुरुआती रुझानों में पंजाब में कांग्रेस 16, अकालीदल गठबंधन 4 और आप 3 सीटों पर आगे..
@08:48 - रुझानों में पंजाब में कांग्रेस 15, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:47 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 14, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:46 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 13, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:43 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 8, अकालीदल गठबंधन 1 और आप 1 सीट पर आगे..
@08:41 - पंजाब से रुझानों में 4 पर कांग्रेस, 1 सीट पर अकालीदल गठबंधन और 1 सीट पर आप आगे चल रही है..
@08:36 न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक लांबी से सीएम प्रकाश सिंह बादल आगे चल रहे हैं...कैप्टन अमरिंदर सिंह दूसरे और आप के जरनेल सिंह तीसरे स्थान पर
@08:32 - पंजाब से दूसरा रुझान, अकालीदल गठबंधन के पक्ष में
@08:32 - पंजाब में पहला रुझान कांग्रेस के पक्ष में
@8:28 पंजाब में एग्जिट पोल के मुताबिक अच्छी बढ़त मिलने के अनुमान के चलते दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर शानदार सजावट...
@8:10 एएनआई के मुताबिक पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू...
@8:09 एएनआई के मुताबिक 54 मतगणना केंद्रों पर 117 सीटों के लिए वोटों की गिनती शुरू...
@8:00 वोटों की गिनती शुरू...
@7:53 - शुरुआती रुझान थोड़ी देर में
@01:00 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से चुनाव जीत गए हैं. 51000 वोटों से जीत दर्ज की.
@12:10 - कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि यह कांग्रेस का पुनर्जीवन है. यह तो बस शुरुआत है. कांग्रेस यहीं से आगे बढ़ेगी.
@10:10 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अकालीदल के बिक्रम सिंह मजीठिया मजीठा सीट से 6549 वोटों से आगे चल रहे हैं.
@10:10 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस उपाध्यक्ष सुनील जाखड़ अबोहर सीट से 3485 वोटों से पीछे चल रहे हैं.
@10:10 - रुझानों में कांग्रेस 64, अकाली दल गठबंधन 30 पर आगे. आम आदमी पार्टी को 23 सीटों पर बढ़त
@10:07 - कांग्रेस की बढ़त 65 सीटों पर, अकाली दल गठबंधन 28 सीटों पर आगे चल रहा है. आम आदमी पार्टी के खाते में 23 सीटें जाती दिख रही हैं.
@09:51 - रुझानों में कांग्रेस 62, अकाली दल गठबंधन 26 जबकि आम आदमी पार्टी 21 सीटों पर आगे
@09:48 - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के गुरुप्रीत सिंह घुग्गी बटाला सीट से आगे चल रहे है.
@09:43 - रुझानों में कांग्रेस 58 सीटों पर आगे. अकाली दल गठबंधन 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. आम आदमी पार्टी को झटका, एक्जिट पोल के उलट नतीजे.
@09:38 - रुझानों में कांग्रेस 55 सीटों पर आगे. अकाली दल गठबंधन 24 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर. आम आदमी पार्टी 21 सीटों पर आगे.
@09:27 - रुझानों में कांग्रेस 55 सीटों पर आगे. आप और अकाली दल गठबंधन 21 सीटों पर आगे.
@09:31 - रुझानों में कांग्रेस बहुमत के करीब पहुंची. 51 सीटों पर आगे. आप 23 और अकालीदल गठबंधन 15 पर आगे चल रहा है
@09:27 - रुझानों में कांग्रेस 46 सीटों पर आगे. आप 20 और अकालीदल गठबंधन 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
@09:21 - कांग्रेस रुझानों में सबसे आगे, 46 सीटों पर बनाई बढ़त. आप 17 और अकालीदल गठबंधन 11 सीटों पर आगे
@09:19 - कांग्रेस को रुझानों में 42 सीटों पर बढ़त, आप 16 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर. अकालीदल गठबंधन 11 सीटों पर आगे
@09:15 - कांग्रेस को रुझानों में जोरदार बढ़त, कांग्रेस 37, आप 16 और अकालीदल गठबंधन 9 सीटों पर आगे
@09:06 - रुझानों में कांग्रेस 31, आप 11 और अकालीदल गठबंधन 5 सीटों पर आगे चल रहा है.
@09:03 - न्यूज एजेंसी एएनअई के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से 3500 वोटों से आगे चल रहे हैं.
@09:00 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 25 सीटों पर बढ़त के साथ पहले नंबर पर, आप 7 और अकालीदल गठबधन 5 पर आगे.
@08:55 - पंजाब में अमृतसर पूर्व सीट से नवजोत सिंह सिद्धू आगे चल रहे हैं.
@08:54 - पंजाब में कांग्रेस 20, अकालीदल गठबंधन 3 और आप 7 सीटों पर आगे..
@08:51 - पंजाब में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस 18, अकालीदल गठबंधन 5 और आप 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है..
@08:51 - शुरुआती रुझानों में पंजाब में कांग्रेस 16, अकालीदल गठबंधन 4 और आप 3 सीटों पर आगे..
@08:48 - रुझानों में पंजाब में कांग्रेस 15, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:47 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 14, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:46 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 13, अकालीदल गठबंधन 2 और आप 2 सीट पर आगे..
@08:43 - पंजाब में रुझानों में कांग्रेस 8, अकालीदल गठबंधन 1 और आप 1 सीट पर आगे..
@08:41 - पंजाब से रुझानों में 4 पर कांग्रेस, 1 सीट पर अकालीदल गठबंधन और 1 सीट पर आप आगे चल रही है..
@08:36 न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक लांबी से सीएम प्रकाश सिंह बादल आगे चल रहे हैं...कैप्टन अमरिंदर सिंह दूसरे और आप के जरनेल सिंह तीसरे स्थान पर
@08:32 - पंजाब से दूसरा रुझान, अकालीदल गठबंधन के पक्ष में
@08:32 - पंजाब में पहला रुझान कांग्रेस के पक्ष में
@8:28 पंजाब में एग्जिट पोल के मुताबिक अच्छी बढ़त मिलने के अनुमान के चलते दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर शानदार सजावट...
@8:10 एएनआई के मुताबिक पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू...
@8:09 एएनआई के मुताबिक 54 मतगणना केंद्रों पर 117 सीटों के लिए वोटों की गिनती शुरू...
@8:00 वोटों की गिनती शुरू...
@7:53 - शुरुआती रुझान थोड़ी देर में | यहाँ एक सारांश है:रुझानों में कांग्रेस पहले स्थान पर चल रही है, रुझानों में बहमत मिला
अकाली दल गठबंधन को दूसरे स्थान पर
आम आदमी पार्टी तीसरे नंबर पर खिसकी, एग्जिट पोल से उलट नतीजे | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दुनिया की सबसे लोकप्रिय कही जाने वाली 'हैरी पॉटर' शृंखला की फिल्मों की नायिका एम्मा वॉटसन गुज़रे ज़माने की बेहद सफल फिल्म 'ब्यूटी एंड द बीस्ट' के रीमेक में दिखाई दे सकती हैं, और इस बारे में एम्मा की निर्माताओं से बातचीत जारी है।
वेबसाइट वैराइटी.कॉम के मुताबिक एम्मा इस फिल्म में काम करने को लेकर निर्माताओं के साथ बातचीत के अंतिम चरण में हैं, और अगर यह करार सफल रहा तो वॉटसन बेले की भूमिका में दिखेंगी, जिसे श्राप के कारण राक्षस बने पूर्व राजकुमार ने एक राजमहल में बंद कर रखा है। फिल्म का निर्देशन डेनिसी डीनोवी के हाथ में होगा, और इसकी पटकथा 'ब्रिजेट जोंस डायरी' के लेखक एंड्रयू डेविस तैयार कर रहे हैं।
वेबसाइट वैराइटी.कॉम के मुताबिक एम्मा इस फिल्म में काम करने को लेकर निर्माताओं के साथ बातचीत के अंतिम चरण में हैं, और अगर यह करार सफल रहा तो वॉटसन बेले की भूमिका में दिखेंगी, जिसे श्राप के कारण राक्षस बने पूर्व राजकुमार ने एक राजमहल में बंद कर रखा है। फिल्म का निर्देशन डेनिसी डीनोवी के हाथ में होगा, और इसकी पटकथा 'ब्रिजेट जोंस डायरी' के लेखक एंड्रयू डेविस तैयार कर रहे हैं। | सारांश: 'हैरी पॉटर' फिल्मों की अभिनेत्री एम्मा वॉटसन की 'ब्यूटी एंड द बीस्ट' के रीमेक के निर्माताओं से बातचीत जारी है। | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हिमाचल प्रदेश के मनाली में एक वाहन के सड़क से फिसलकर 500 फिट गहरी खाई में गिर जाने की वजह से 11 लोगों की मौत हो गई, जिसमें नौ महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। यह जानकारी पुलिस ने दी।
जांच अधिकारी नील चंद शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि यहां से 15 किलोमीटर दूर पाटलीकुल से आ रहा वाहन नागर के नजदीक नाथन गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि वाहन के मलबे से 11 शव निकाल लिए गए तथा छह घायलों को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। उन्होंने आगे बताया कि वाहन में सवार अधिकतर यात्री स्थानीय निवासी थे, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।टिप्पणियां
हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल उर्मिला सिंह एवं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है। इस पखवाड़े में हिमाचल में हुई यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है।
इससे पहले सात जून को एक निजी बस के गहरी खाई में गिर जाने की वजह से नौ लोगों की मौत हो गई थी तथा 13 लोग घायल हो गए थे।
जांच अधिकारी नील चंद शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि यहां से 15 किलोमीटर दूर पाटलीकुल से आ रहा वाहन नागर के नजदीक नाथन गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि वाहन के मलबे से 11 शव निकाल लिए गए तथा छह घायलों को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। उन्होंने आगे बताया कि वाहन में सवार अधिकतर यात्री स्थानीय निवासी थे, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।टिप्पणियां
हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल उर्मिला सिंह एवं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है। इस पखवाड़े में हिमाचल में हुई यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है।
इससे पहले सात जून को एक निजी बस के गहरी खाई में गिर जाने की वजह से नौ लोगों की मौत हो गई थी तथा 13 लोग घायल हो गए थे।
हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल उर्मिला सिंह एवं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है। इस पखवाड़े में हिमाचल में हुई यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है।
इससे पहले सात जून को एक निजी बस के गहरी खाई में गिर जाने की वजह से नौ लोगों की मौत हो गई थी तथा 13 लोग घायल हो गए थे।
इससे पहले सात जून को एक निजी बस के गहरी खाई में गिर जाने की वजह से नौ लोगों की मौत हो गई थी तथा 13 लोग घायल हो गए थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हिमाचल प्रदेश के मनाली में एक वाहन के सड़क से फिसलकर 500 फिट गहरी खाई में गिर जाने की वजह से 11 लोगों की मौत हो गई, जिसमें नौ महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। यह जानकारी पुलिस ने दी। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: यमन के सुरक्षा बलों ने राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह की ओर से महिलाओं पर किए गए कटाक्ष का विरोध कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। हजारों की संख्या में राजधानी की सड़कों पर जुटे महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों ने सालेह की ओर से महिलाओं के रैलियों में भाग लेने के मुद्दे पर किए गए कटाक्ष पर विरोध प्रदर्शन करते हुए उनसे सत्ता छोड़ने की मांग की। सालेह ने शुक्रवार को कहा था कि प्रदर्शनों में महिलाओं और पुरुषों का एक साथ शामिल होना इस्लामिक कानून का उल्लंघन है। उनके खिलाफ हो रहे इस प्रदर्शन ने विरोधी पक्ष को एक बार फिर सालेह को घेरने का मौका दे दिया है। सालेह के खिलाफ प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे एक युवा संगठन ने रविवार को बड़े स्तर पर प्रदर्शन का आयोजन किया था। इसे सम्मान और गरिमा' के दिन के रूप में मनाया गया। इसी साल जनवरी में एक विश्वविद्यालय में पहली बार एक महिला ने सालेह के खिलाफ प्रदर्शन का झंडा उठाया था, मगर मार्च में ही इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेना शुरू किया। इस्लामिक परंपराओं और रूढ़िवादी समाज में इस तरह महिलाओं का सामने आना बहुत बड़ी बात है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे। घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर मोहम्मद अल-अबाही ने कहा कि कम से कम 30 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो को गोली लगी है। | यहाँ एक सारांश है:यमन के सुरक्षा बलों ने राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह की ओर से महिलाओं पर किए गए कटाक्ष का विरोध कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रुपये की गिरावट थामने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा किए जाने वाले उपायों की घोषणा के बाद निर्यातकों और बैंकों की ओर से डॉलर बिकवाली बढ़ाये जाने के कारण अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (फॉरेक्स) में आज अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 170 पैसे के सुधार के साथ 67.10 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
इसके अलावा वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के रुख के सभी घरेलू मुद्रा की धारणा में सुधार आया।टिप्पणियां
फॉरेक्स बाजार के सूत्रों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी के रुख से भी रुपये की धारणा को बल मिला। फॉरेक्स बाजार में कल के कारोबार के दौरान डॉलर की तुलना में रुपया 256 पैसे की गिरावट के साथ 68.80 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो आज के शुरुआती कारोबार में 170 पैसे के सुधार के साथ 67.10 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक बीएससी-30 भी आज के शुरुआती कारोबार में 178.73 अंक ऊपर खुला और 404.89 अंकों की तेजी के साथ 18,401.04 पर बंद हुआ।
इसके अलावा वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के रुख के सभी घरेलू मुद्रा की धारणा में सुधार आया।टिप्पणियां
फॉरेक्स बाजार के सूत्रों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी के रुख से भी रुपये की धारणा को बल मिला। फॉरेक्स बाजार में कल के कारोबार के दौरान डॉलर की तुलना में रुपया 256 पैसे की गिरावट के साथ 68.80 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो आज के शुरुआती कारोबार में 170 पैसे के सुधार के साथ 67.10 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक बीएससी-30 भी आज के शुरुआती कारोबार में 178.73 अंक ऊपर खुला और 404.89 अंकों की तेजी के साथ 18,401.04 पर बंद हुआ।
फॉरेक्स बाजार के सूत्रों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी के रुख से भी रुपये की धारणा को बल मिला। फॉरेक्स बाजार में कल के कारोबार के दौरान डॉलर की तुलना में रुपया 256 पैसे की गिरावट के साथ 68.80 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो आज के शुरुआती कारोबार में 170 पैसे के सुधार के साथ 67.10 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक बीएससी-30 भी आज के शुरुआती कारोबार में 178.73 अंक ऊपर खुला और 404.89 अंकों की तेजी के साथ 18,401.04 पर बंद हुआ।
बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक बीएससी-30 भी आज के शुरुआती कारोबार में 178.73 अंक ऊपर खुला और 404.89 अंकों की तेजी के साथ 18,401.04 पर बंद हुआ। | यहाँ एक सारांश है:हर दिन गिरावट के नए रिकॉर्ड बना रहे रुपये में आज थोड़ी मजबूती दिख रही है, वहीं सेंसेक्स में भी तेजी का रुख है। वहीं सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: IBPS Clerk Exam के लिए आज आवेदन करने की आखिरी तारीख है. जिन लोगों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन (IBPS Clerk Registration) नहीं कराया है वे ibps.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. आईबीपीएस क्लर्क (IBPS Clerk 2019 Exam) भर्ती परीक्षा के माध्यम से देश भर में क्लर्क के 12 हजार से ज्यादा पदों पर भर्तियां होनी है. इस परीक्षा के लिए किसी भी विषय से ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. न्यूनतम आयु सीमा 20 साल और अधिकतम 28 साल निर्धारित की गई है. क्लर्क भर्ती परीक्षा 2 चरणों में होगी. पहले चरण में प्रीलिम्स परीक्षा आयोजित की जाएगी और दूसरे चरण में मेन परीक्षा होगी. जो उम्मीदवार प्री परीक्षा में पास होंगे उन्हें मेन परीक्षा में भाग लेना होगा. प्री परीक्षा 7,8,14 और 21 दिसंबर 2019 को आयोजित की जाएगी. प्री परीक्षा का एडमिट कार्ड नवंबर में जारी होगा. वहीं, मेन परीक्षा का आयोजन 19 जनवरी 2019 को किया जाएगा.
आप नीचे दिए गए तरीके से अपना एप्लीकेशन फॉर्म (IBPS Application Form) भर सकते हैं.
- आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.IBPS Apply Online
- अब Click here for new registration पर क्लिक करें.
- अब अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और अन्य जानकारी सबमिट करें.
- अब अपना फोटो और साइन अपलोड करें.
- मांगी गई हर जानकारी को चेक कर लें.
- अब एग्जाम फीस का पैमेंट करें.
- अंत में अपने एप्लीकेशन का प्रिंट ले लें. | सारांश: क्लर्क के 12 हजार से ज्यादा पदों पर भर्तियां होगी.
आज आवेदन की आखिरी तारीख है.
इच्छुक लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यदि आप भी टेक जगत से जुड़ी हर छोटी से छोटी जानकारी जानने के लिए उत्सुक रहते हैं तो हमारा आज का यह लेख खास आप लोगों के लिए है। आज हम अपने इस लेख में उन सभी स्मार्टफोन के बारे में बात करेंगे जिन्हें इस महीने लॉन्च किया जाना है या फिर जो लॉन्च हो सकते हैं। इस महीने Nokia, Huawei के सब-ब्रांड Honor, Samsung और Lenovo के स्वामित्व वाली कंपनी Motorola इवेंट का आयोजन करने वाली हैं। इवेंट के दौरान Nokia ब्रांड के फोन बनाने वाली कंपनी HMD Global, हॉनर, सैमसंग और मोटोरोला अपने स्मार्टफोन से पर्दा उठाएंगी। आइए अब जून 2019 में लॉन्च होने वाले स्मार्टफोन के बारे में जानते हैं।
HMD Global 6 जून यानी कल Nokia 6.2 ऊर्फ Nokia X71 स्मार्टफोन को लॉन्च कर सकती है। कंपनी ने कुछ समय पूर्व एक टीज़र जारी किया था जिससे इस बात का खुलासा हुआ था कि कंपनी 6 जून को ग्लोबल इवेंट आयोजित करने वाली है। ट्विटर अकाउंट Nokia Anew द्वारा किए ट्वीट से पता चला था कि इवेंट में Nokia 6.2 को लॉन्च किया जा सकता है। एक बात जो गौर करने वाली है वह यह है कि Nokia ब्रांड के स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी एचएमडी ग्लोबल इस दिन भारत में भी इवेंट आयोजित करने वाली है। ऐसे में संभव है कि भारत में भी इसी फोन को लॉन्च किया जाए।
भारतीय मार्केट में सैमसंग गैलेक्सी एम40 को 11 जून को लॉन्च किया जाएगा। इस बात की जानकारी Samsung ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट और अमेज़न इंडिया पर भी टीज़र ज़ारी कर दिया गया है। Samsung ने यह भी बताया है कि यह फोन इनफिनिटी ओ डिस्प्ले (आम तौर पर इसे होल-पंच डिस्प्ले के नाम से बुलाया जाता है), स्नैपड्रैगन 600 सीरीज़ के प्रोसेसर और ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा। Samsung Galaxy M40 कंपनी की गैलेक्सी एम सीरीज़ का चौथा स्मार्टफोन होगा। भारतीय मार्केट में पहले से ही Samsung Galaxy M10, Samsung Galaxy M20 और Samsung Galaxy M30 उपलब्ध हैं।
Xiaomi ने हाल ही में इस बात का ऐलान किया है कि कंपनी अगले हफ्ते मी सीरीज़ का नया स्मार्टफोन पेश करेगी। कंपनी ने ट्वीट किया कि Xiaomi Mi 9T को 12 जून को लॉन्च किया जाएगा। शाओमी ने इस बात का खुलासा फिलहाल नहीं किया है कि इस फोन के लिए चीन में इवेंट का आयोजन होगा या फिर किसी और मार्केट में। Xiaomi Mi 9T के बारे में अभी ज़्यादा जानकारी तो उपलब्ध नहीं है।
नीचे बताए गए स्मार्टफोन इंटरनेशनल मार्केट में तो लॉन्च किए जा चुके हैं तो ऐसे में अब इन स्मार्टफोन के भारतीय मार्केट में लॉन्च होने की उम्मीद है।
असूस ज़ेनफोन 6 को पिछले महीने स्पेन में आयोजित इवेंट के दौरान लॉन्च किया गया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि रोटेटिंग कैमरा सेटअप से लैस ZenFone 6 स्मार्टफोन को भारतीय मार्केट में 16 जून को लॉन्च किया जा सकता है। लेकिन फिलहाल कंपनी की ओर से कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
फोन के फ्रंट पैनल पर बेज़ल को कम करने और फुल-स्क्रीन देने के मकसद से कंपनी ने अपने Asus Zenfone 6 में फ्लिपिंग कैमरा को चुना है। फोन के बैक पैनल पर डुअल कैमरा सेटअप है लेकिन सेल्फी लेने के लिए यह रोटेट हो जाता है।
Huawei के सब-ब्रांड Honor ने पिछले महीने Honor 20 सीरीज़ के हैंडसेट को भारत में लॉन्च करने की तारीख का ऐलान किया था। कंपनी ने खुलासा किया था कि भारतीय मार्केट में नए हॉनर 20 सीरीज़ के फोन 11 जून को पेश किए जाएंगे। Honor 20 लाइन अप में तीन फोन होने की चर्चा है- Honor 20, Honor 20 Pro और Honor 20 Lite। अभी यह बात स्पष्ट नहीं है कि आखिर तीनों मॉडल को भारत लाया जाएगा या फिर इनमें से केवल एक या दो मॉडल ही उतारे जाएंगे।
Lenovo के स्वामित्व वाली कंपनी Motorola ने पिछले महीने Motorola One Vision को ब्राज़ील में आयोजित इवेंट के दौरान लॉन्च किया था। मोटोरोला अब 20 जून 2019 को भारत में एक इवेंट का आयोजन करने वाली है। इवेंट में Motorola One Vision को भारत में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है लेकिन कंपनी ने फिलहाल इस बात से पर्दा नहीं उठाया है कि आखिर वो कौन सा स्मार्टफोन होगा जिसे इवेंट के दौरान लॉन्च किया जाना है।
मोटोरोला वन विज़न होल-पंच डिस्प्ले, डुअल रियर कैमरा सेटअप, रियर फिंगरप्रिंट सेंसर और 21:9 डिस्प्ले के साथ आता है। अन्य स्पेसिफिकेशन की बात करें तो Motorola One Vision में 48 मेगापिक्सल का सेंसर है और इसका सेल्फी सेंसर 25 मेगापिक्सल का है। हैंडसेट 4डी कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास ग्रेडिएंट बैक पैनल के साथ आता है।
मोटोरोला वन विज़न के अलावा 20 जून को भारत में आयोजित इवेंट के दौरान Moto Z4 को भी लॉन्च किया जा सकता है। याद करा दें कि पिछले महीने Motorola ने Moto Z4 को लॉन्च किया था। लेकिन फिलहाल मोटो ज़ेड4 को अमेरिका और कनाडा में उपलब्ध कराया गया है। Moto Z सीरीज़ को लेकर कंपनी की पुरानी रणनीति पर गौर किया जाए तो Moto Z4 को भारत में भी लॉन्च किया जाना तय है। ऐसे में उम्मीद है कि 20 जून को मोटोरोला मोटो ज़ेड4 को भारतीय मार्केट में उतार सकती है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: Mi 9T स्मार्टफोन में होगा पॉप-अप सेल्फी कैमरा
Samsung Galaxy M40 कंपनी की गैलेक्सी एम सीरीज़ का चौथा स्मार्टफोन होगा
गैलेक्सी एम40 में स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर और 6 जीबी रैम होने की उम्मीद | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी में चल रही हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता में आंशिक रूप से सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन इसके बावजूद रविवार सुबह भी प्रदूषण का स्तर ‘खराब' श्रेणी में रहा. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 281 रहा. वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुड़गांव में AQI क्रमश: 302, 297, 251 और 253 रहा. बता दें, AQI 0-50 के बीच ‘अच्छा', 51-100 के बीच ‘संतोषजनक', 101-200 के बीच ‘मध्यम', 201-300 के बीच ‘खराब', 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब', 401-500 के बीच ‘गंभीर' और 500 के पार ‘बेहद गंभीर एवं आपात' माना जाता है.
शहर ने शनिवार को हवा चलने के कारण प्रदूषण स्तर में गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे वह ‘बहुत खराब' से ‘खराब' श्रेणी में आ गया था. इस बीच रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विज्ञान विभाग ने अधिकतम तापमान के लगभग 29 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही दिन में तेज हवा चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है. वहीं हवा में आर्द्रता का स्तर 76 प्रतिशत दर्ज किया गया. इससे पहले शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 29.8 और 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. | संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रीय राजधानी में चल रही हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ
इसके बावजूद रविवार सुबह भी प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ श्रेणी में रहा
रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी और लखनऊ से समाजवादी पार्टी (सपा) की प्रत्याशी पूनम सिन्हा पांचवें चरण के होने वाले लोकसभा चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवार हैं. नेशनल इलेक्शन वॉच (न्यू) और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के अनुसार, उन्होंने अपनी संपत्ति 193 करोड़ रुपये घोषित की है.
अमीर उम्मीदवारों की सूची में सिन्हा 193 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ पहले स्थान पर हैं. उनके बाद सीतापुर से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के उम्मीदवार विजय कुमार मिश्रा 177 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं.
सूची में तीसरे स्थान पर 77 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हजारीबाग से उम्मीदवार जयंत सिन्हा हैं. चुनाव मैदान में तीन उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति शून्य बताई है.
न्यू और एडीआर के अनुसार, लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में 668 में से 184 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनकी कुल संपत्ति एक करोड़ रुपये या उससे अधिक है. इनमें से ज्यादातर भाजपा के हैं.
सात राज्यों के 51 लोकसभा क्षेत्रों में छह मई को होने वाले पांचवें चरण के मतदान के लिए चुनाव लड़ रहे 668 प्रत्याशियों में से 674 का विश्लेषण उनके दिए शपथ-पत्रों से एडीआर ने किया है. संगठन ने कहा, "इस रिपोर्ट को बनाने तक छह उम्मीदवारों का विश्लेषण इसलिए नहीं हो पाया, क्योंकि संपत्ति को लेकर उनके शपथ-पत्र की जांच पूरी नहीं हो पाई है."
रपट में कहा गया है, "प्रमुख दलों में, भाजपा के 48 उम्मीदवारों में से 38, कांग्रेस के 45 उम्मीदवारों में से 32, बसपा के 33 उम्मीदवारों में से 17, 9 सपा उम्मीदवारों में से आठ और 252 निर्दलीय उम्मीदवारों में से 31 ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की घोषणा की है."
वहीं 264 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता कक्षा पांच से लेकर 12 तक बताई है. 348 उम्मीदवारों ने खुद को स्नातक और उससे अधिक बताया है.
संगठन ने कहा, "चुनावी मैदान में 43 प्रत्याशी ऐसे हैं, जो बस साक्षर हैं और छह प्रत्याशी ऐसे हैं, जो निरक्षर हैं."
(इनपुट आईएएनएस से) | संक्षिप्त सारांश: नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट
लखनऊ से चुनाव लड़ रहीं पूनम सिन्हा की 193 करोड़ रुपये की संपत्ति
हजारीबाग से उम्मीदवार जयंत सिन्हा के पास 77 करोड़ रुपये की संपदा | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले तीन दशकों से तमिलनाडु की राजनीति में महत्वपूर्ण सितारा रहकर अपनी शर्तों पर राजनीति करने वाली जयललिता तमाम अड़चनों और भ्रष्टाचार के मामलों से झटके के बावजूद वापसी करने में सफल रहीं थीं.
छठे और सातवें दशक में तमिल सिनेमा में अभिनय का जादू बिखेरनी वाली जयललिता अपने पथप्रदर्शक और सुपरस्टार एमजीआर की विरासत को संभालने के बाद पांच बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं. राजनीति में तमाम झंझावतों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी बदौलत अपना मुकाम हासिल किया.
कर्नाटक के मैसूर में एक ब्राह्मण परिवार में जयललिता का जन्म हुआ था. ब्राह्मण विरोधी मंच पर द्रविड़ आंदोलन के नेता अपने चिर प्रतिद्वंद्वी एम करुणानिधि से उनकी लंबी भिड़ंत हुई. राजनीति में 1982 में आने के बाद औपचारिक तौर पर उनकी शुरुआत तब हुई जब वह अन्नाद्रमुक में शामिल हुईं.
वर्ष 1987 में एम जी रामचंद्रन के निधन के बाद पार्टी को चलाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई और उन्होंने व्यापक राजनीतिक सूझ-बूझ का परिचय दिया. भ्रष्टाचार के मामलों में 68 वर्षीय जयललिता को दो बार पद छोड़ना पड़ा लेकिन दोनों मौके पर वह नाटकीय तौर पर वापसी करने में सफल रहीं .
नायिका के तौर पर जयललिता का सफर ‘वेन्निरा अदाई’ (द व्हाइट ड्रेस) से शुरू हुआ. राजनीति में उनकी शुरूआत 1982 में हुयी जिसके बाद एमजीआर ने उन्हें अगले साल प्रचार सचिव बना दिया. रामचंद्रन ने करिश्माई छवि की अदाकारा-राजनेता को 1984 में राज्यसभा सदस्य बनाया जिनके साथ उन्होंने 28 फिल्में की. 1984 के विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रभार का तब नेतृत्व किया जब अस्वस्थता के कारण प्रचार नहीं कर सके थे.
वर्ष 1987 में रामचंद्रन के निधन के बाद राजनीति में वह खुलकर सामने आईं लेकिन अन्नाद्रमुक में फूट पड़ गई. ऐतिहासिक राजाजी हॉल में एमजीआर का शव पड़ा हुआ था और द्रमुक के एक नेता ने उन्हें मंच से हटाने की कोशिश की. बाद में अन्नाद्रमुक दल दो धड़े में बंट गया जिसे जयललिता और रामचंद्रन की पत्नी जानकी के नाम पर अन्नाद्रमुक (जे)और अन्नाद्रमुक (जा) कहा गया.
एमजीआर कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री आरएम वीरप्पन जैसे नेताओं के खेमे की वजह से अन्नाद्रमुक की निर्विवाद प्रमुख बनने की राह में अड़चन आई और उन्हें भीषण संघर्ष का सामना करना पड़ा . जयललिता ने बोदिनायाकन्नूर से 1989 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और सदन में पहली महिला प्रतिपक्ष नेता बनीं.
इस दौरान राजनीतिक और निजी जीवन में कुछ बदलाव आया जब जयललिता ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ द्रमुक ने उनपर हमला किया और उनको परेशान किया गया. रामचंद्रन की मौत के बाद बंट चुकी अन्नाद्रमुक को उन्होंने 1990 में एकजुट कर 1991 में जबरदस्त बहुमत दिलाई.
अलबत्ता, पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों, अपने दत्तक पुत्र की शादी में जमकर दिखावा और उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के चलते उन्हें 1996 में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
छठे और सातवें दशक में तमिल सिनेमा में अभिनय का जादू बिखेरनी वाली जयललिता अपने पथप्रदर्शक और सुपरस्टार एमजीआर की विरासत को संभालने के बाद पांच बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं. राजनीति में तमाम झंझावतों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी बदौलत अपना मुकाम हासिल किया.
कर्नाटक के मैसूर में एक ब्राह्मण परिवार में जयललिता का जन्म हुआ था. ब्राह्मण विरोधी मंच पर द्रविड़ आंदोलन के नेता अपने चिर प्रतिद्वंद्वी एम करुणानिधि से उनकी लंबी भिड़ंत हुई. राजनीति में 1982 में आने के बाद औपचारिक तौर पर उनकी शुरुआत तब हुई जब वह अन्नाद्रमुक में शामिल हुईं.
वर्ष 1987 में एम जी रामचंद्रन के निधन के बाद पार्टी को चलाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई और उन्होंने व्यापक राजनीतिक सूझ-बूझ का परिचय दिया. भ्रष्टाचार के मामलों में 68 वर्षीय जयललिता को दो बार पद छोड़ना पड़ा लेकिन दोनों मौके पर वह नाटकीय तौर पर वापसी करने में सफल रहीं .
नायिका के तौर पर जयललिता का सफर ‘वेन्निरा अदाई’ (द व्हाइट ड्रेस) से शुरू हुआ. राजनीति में उनकी शुरूआत 1982 में हुयी जिसके बाद एमजीआर ने उन्हें अगले साल प्रचार सचिव बना दिया. रामचंद्रन ने करिश्माई छवि की अदाकारा-राजनेता को 1984 में राज्यसभा सदस्य बनाया जिनके साथ उन्होंने 28 फिल्में की. 1984 के विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रभार का तब नेतृत्व किया जब अस्वस्थता के कारण प्रचार नहीं कर सके थे.
वर्ष 1987 में रामचंद्रन के निधन के बाद राजनीति में वह खुलकर सामने आईं लेकिन अन्नाद्रमुक में फूट पड़ गई. ऐतिहासिक राजाजी हॉल में एमजीआर का शव पड़ा हुआ था और द्रमुक के एक नेता ने उन्हें मंच से हटाने की कोशिश की. बाद में अन्नाद्रमुक दल दो धड़े में बंट गया जिसे जयललिता और रामचंद्रन की पत्नी जानकी के नाम पर अन्नाद्रमुक (जे)और अन्नाद्रमुक (जा) कहा गया.
एमजीआर कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री आरएम वीरप्पन जैसे नेताओं के खेमे की वजह से अन्नाद्रमुक की निर्विवाद प्रमुख बनने की राह में अड़चन आई और उन्हें भीषण संघर्ष का सामना करना पड़ा . जयललिता ने बोदिनायाकन्नूर से 1989 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और सदन में पहली महिला प्रतिपक्ष नेता बनीं.
इस दौरान राजनीतिक और निजी जीवन में कुछ बदलाव आया जब जयललिता ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ द्रमुक ने उनपर हमला किया और उनको परेशान किया गया. रामचंद्रन की मौत के बाद बंट चुकी अन्नाद्रमुक को उन्होंने 1990 में एकजुट कर 1991 में जबरदस्त बहुमत दिलाई.
अलबत्ता, पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों, अपने दत्तक पुत्र की शादी में जमकर दिखावा और उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के चलते उन्हें 1996 में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कर्नाटक के मैसूर में एक ब्राह्मण परिवार में जयललिता का जन्म हुआ था. ब्राह्मण विरोधी मंच पर द्रविड़ आंदोलन के नेता अपने चिर प्रतिद्वंद्वी एम करुणानिधि से उनकी लंबी भिड़ंत हुई. राजनीति में 1982 में आने के बाद औपचारिक तौर पर उनकी शुरुआत तब हुई जब वह अन्नाद्रमुक में शामिल हुईं.
वर्ष 1987 में एम जी रामचंद्रन के निधन के बाद पार्टी को चलाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई और उन्होंने व्यापक राजनीतिक सूझ-बूझ का परिचय दिया. भ्रष्टाचार के मामलों में 68 वर्षीय जयललिता को दो बार पद छोड़ना पड़ा लेकिन दोनों मौके पर वह नाटकीय तौर पर वापसी करने में सफल रहीं .
नायिका के तौर पर जयललिता का सफर ‘वेन्निरा अदाई’ (द व्हाइट ड्रेस) से शुरू हुआ. राजनीति में उनकी शुरूआत 1982 में हुयी जिसके बाद एमजीआर ने उन्हें अगले साल प्रचार सचिव बना दिया. रामचंद्रन ने करिश्माई छवि की अदाकारा-राजनेता को 1984 में राज्यसभा सदस्य बनाया जिनके साथ उन्होंने 28 फिल्में की. 1984 के विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रभार का तब नेतृत्व किया जब अस्वस्थता के कारण प्रचार नहीं कर सके थे.
वर्ष 1987 में रामचंद्रन के निधन के बाद राजनीति में वह खुलकर सामने आईं लेकिन अन्नाद्रमुक में फूट पड़ गई. ऐतिहासिक राजाजी हॉल में एमजीआर का शव पड़ा हुआ था और द्रमुक के एक नेता ने उन्हें मंच से हटाने की कोशिश की. बाद में अन्नाद्रमुक दल दो धड़े में बंट गया जिसे जयललिता और रामचंद्रन की पत्नी जानकी के नाम पर अन्नाद्रमुक (जे)और अन्नाद्रमुक (जा) कहा गया.
एमजीआर कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री आरएम वीरप्पन जैसे नेताओं के खेमे की वजह से अन्नाद्रमुक की निर्विवाद प्रमुख बनने की राह में अड़चन आई और उन्हें भीषण संघर्ष का सामना करना पड़ा . जयललिता ने बोदिनायाकन्नूर से 1989 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और सदन में पहली महिला प्रतिपक्ष नेता बनीं.
इस दौरान राजनीतिक और निजी जीवन में कुछ बदलाव आया जब जयललिता ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ द्रमुक ने उनपर हमला किया और उनको परेशान किया गया. रामचंद्रन की मौत के बाद बंट चुकी अन्नाद्रमुक को उन्होंने 1990 में एकजुट कर 1991 में जबरदस्त बहुमत दिलाई.
अलबत्ता, पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों, अपने दत्तक पुत्र की शादी में जमकर दिखावा और उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के चलते उन्हें 1996 में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्ष 1987 में एम जी रामचंद्रन के निधन के बाद पार्टी को चलाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई और उन्होंने व्यापक राजनीतिक सूझ-बूझ का परिचय दिया. भ्रष्टाचार के मामलों में 68 वर्षीय जयललिता को दो बार पद छोड़ना पड़ा लेकिन दोनों मौके पर वह नाटकीय तौर पर वापसी करने में सफल रहीं .
नायिका के तौर पर जयललिता का सफर ‘वेन्निरा अदाई’ (द व्हाइट ड्रेस) से शुरू हुआ. राजनीति में उनकी शुरूआत 1982 में हुयी जिसके बाद एमजीआर ने उन्हें अगले साल प्रचार सचिव बना दिया. रामचंद्रन ने करिश्माई छवि की अदाकारा-राजनेता को 1984 में राज्यसभा सदस्य बनाया जिनके साथ उन्होंने 28 फिल्में की. 1984 के विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रभार का तब नेतृत्व किया जब अस्वस्थता के कारण प्रचार नहीं कर सके थे.
वर्ष 1987 में रामचंद्रन के निधन के बाद राजनीति में वह खुलकर सामने आईं लेकिन अन्नाद्रमुक में फूट पड़ गई. ऐतिहासिक राजाजी हॉल में एमजीआर का शव पड़ा हुआ था और द्रमुक के एक नेता ने उन्हें मंच से हटाने की कोशिश की. बाद में अन्नाद्रमुक दल दो धड़े में बंट गया जिसे जयललिता और रामचंद्रन की पत्नी जानकी के नाम पर अन्नाद्रमुक (जे)और अन्नाद्रमुक (जा) कहा गया.
एमजीआर कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री आरएम वीरप्पन जैसे नेताओं के खेमे की वजह से अन्नाद्रमुक की निर्विवाद प्रमुख बनने की राह में अड़चन आई और उन्हें भीषण संघर्ष का सामना करना पड़ा . जयललिता ने बोदिनायाकन्नूर से 1989 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और सदन में पहली महिला प्रतिपक्ष नेता बनीं.
इस दौरान राजनीतिक और निजी जीवन में कुछ बदलाव आया जब जयललिता ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ द्रमुक ने उनपर हमला किया और उनको परेशान किया गया. रामचंद्रन की मौत के बाद बंट चुकी अन्नाद्रमुक को उन्होंने 1990 में एकजुट कर 1991 में जबरदस्त बहुमत दिलाई.
अलबत्ता, पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों, अपने दत्तक पुत्र की शादी में जमकर दिखावा और उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के चलते उन्हें 1996 में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नायिका के तौर पर जयललिता का सफर ‘वेन्निरा अदाई’ (द व्हाइट ड्रेस) से शुरू हुआ. राजनीति में उनकी शुरूआत 1982 में हुयी जिसके बाद एमजीआर ने उन्हें अगले साल प्रचार सचिव बना दिया. रामचंद्रन ने करिश्माई छवि की अदाकारा-राजनेता को 1984 में राज्यसभा सदस्य बनाया जिनके साथ उन्होंने 28 फिल्में की. 1984 के विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रभार का तब नेतृत्व किया जब अस्वस्थता के कारण प्रचार नहीं कर सके थे.
वर्ष 1987 में रामचंद्रन के निधन के बाद राजनीति में वह खुलकर सामने आईं लेकिन अन्नाद्रमुक में फूट पड़ गई. ऐतिहासिक राजाजी हॉल में एमजीआर का शव पड़ा हुआ था और द्रमुक के एक नेता ने उन्हें मंच से हटाने की कोशिश की. बाद में अन्नाद्रमुक दल दो धड़े में बंट गया जिसे जयललिता और रामचंद्रन की पत्नी जानकी के नाम पर अन्नाद्रमुक (जे)और अन्नाद्रमुक (जा) कहा गया.
एमजीआर कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री आरएम वीरप्पन जैसे नेताओं के खेमे की वजह से अन्नाद्रमुक की निर्विवाद प्रमुख बनने की राह में अड़चन आई और उन्हें भीषण संघर्ष का सामना करना पड़ा . जयललिता ने बोदिनायाकन्नूर से 1989 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और सदन में पहली महिला प्रतिपक्ष नेता बनीं.
इस दौरान राजनीतिक और निजी जीवन में कुछ बदलाव आया जब जयललिता ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ द्रमुक ने उनपर हमला किया और उनको परेशान किया गया. रामचंद्रन की मौत के बाद बंट चुकी अन्नाद्रमुक को उन्होंने 1990 में एकजुट कर 1991 में जबरदस्त बहुमत दिलाई.
अलबत्ता, पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों, अपने दत्तक पुत्र की शादी में जमकर दिखावा और उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के चलते उन्हें 1996 में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्ष 1987 में रामचंद्रन के निधन के बाद राजनीति में वह खुलकर सामने आईं लेकिन अन्नाद्रमुक में फूट पड़ गई. ऐतिहासिक राजाजी हॉल में एमजीआर का शव पड़ा हुआ था और द्रमुक के एक नेता ने उन्हें मंच से हटाने की कोशिश की. बाद में अन्नाद्रमुक दल दो धड़े में बंट गया जिसे जयललिता और रामचंद्रन की पत्नी जानकी के नाम पर अन्नाद्रमुक (जे)और अन्नाद्रमुक (जा) कहा गया.
एमजीआर कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री आरएम वीरप्पन जैसे नेताओं के खेमे की वजह से अन्नाद्रमुक की निर्विवाद प्रमुख बनने की राह में अड़चन आई और उन्हें भीषण संघर्ष का सामना करना पड़ा . जयललिता ने बोदिनायाकन्नूर से 1989 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और सदन में पहली महिला प्रतिपक्ष नेता बनीं.
इस दौरान राजनीतिक और निजी जीवन में कुछ बदलाव आया जब जयललिता ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ द्रमुक ने उनपर हमला किया और उनको परेशान किया गया. रामचंद्रन की मौत के बाद बंट चुकी अन्नाद्रमुक को उन्होंने 1990 में एकजुट कर 1991 में जबरदस्त बहुमत दिलाई.
अलबत्ता, पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों, अपने दत्तक पुत्र की शादी में जमकर दिखावा और उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के चलते उन्हें 1996 में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एमजीआर कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री आरएम वीरप्पन जैसे नेताओं के खेमे की वजह से अन्नाद्रमुक की निर्विवाद प्रमुख बनने की राह में अड़चन आई और उन्हें भीषण संघर्ष का सामना करना पड़ा . जयललिता ने बोदिनायाकन्नूर से 1989 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और सदन में पहली महिला प्रतिपक्ष नेता बनीं.
इस दौरान राजनीतिक और निजी जीवन में कुछ बदलाव आया जब जयललिता ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ द्रमुक ने उनपर हमला किया और उनको परेशान किया गया. रामचंद्रन की मौत के बाद बंट चुकी अन्नाद्रमुक को उन्होंने 1990 में एकजुट कर 1991 में जबरदस्त बहुमत दिलाई.
अलबत्ता, पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों, अपने दत्तक पुत्र की शादी में जमकर दिखावा और उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के चलते उन्हें 1996 में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस दौरान राजनीतिक और निजी जीवन में कुछ बदलाव आया जब जयललिता ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ द्रमुक ने उनपर हमला किया और उनको परेशान किया गया. रामचंद्रन की मौत के बाद बंट चुकी अन्नाद्रमुक को उन्होंने 1990 में एकजुट कर 1991 में जबरदस्त बहुमत दिलाई.
अलबत्ता, पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों, अपने दत्तक पुत्र की शादी में जमकर दिखावा और उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के चलते उन्हें 1996 में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अलबत्ता, पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों, अपने दत्तक पुत्र की शादी में जमकर दिखावा और उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने के चलते उन्हें 1996 में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके बाद उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति सहित कई मामले दायर किये गए. अदालती मामलों के बाद उन्हें दो बार पद छोड़ना पड़ा . पहली बार 2001 में दूसरी बार 2014 में . उच्चतम न्यायालय द्वारा तांसी मामले में चुनावी अयोग्यता ठहराने से सितंबर 2001 के बाद करीब छह महीने वह पद से दूर रहीं .
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बेंगलुरू में एक निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद एक बार फिर विधायक से अयोग्य ठहराए जाने पर 29 सितंबर 2014 और 22 मई 2015 के बीच उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा . बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसले को खारिज कर दिया. दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा. पहली बार तब जब द्रमुक सरकार ने 1996 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया और दूसरी बार 2014 में दोषसिद्धि के बाद. बहरहाल, जयललिता दोनों मौके पर वापसी करने में सफल रहीं.
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वह पांच बार- वर्ष 1991-96, मई-सितंबर 2001, 2002-06, 2011-14 और 2015-16 में मुख्यमंत्री रहीं. 'पुराची तलैवी' (क्रांतिकारी नेता) कही जाने वाली जयललिता ने 2011 में सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि द्रमुक सत्ता में बरकरार रहेगी. उन्होंने डीएमडीके और वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. तीन दशकों बाद इतिहास रचते हुए पार्टी को लगातार जीत दिलाकर वर्ष 2016 में उन्होंने सत्ता कायम रखी.टिप्पणियां
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जयललिता को शिक्षा और रोजगार में 69 प्रतिशत आरक्षण, लुभावने तोहफे बांटने और जल, सीमेंट और रियायती दरों पर कैंटीन जैसे ब्रांड अम्मा पहल सहित कई नयी योजनाएं, कार्यक्रम शुरू करने का श्रेय जाता है. जयललिता की लंबे समय तक सबसे विश्वस्त सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन उनके साथ पोएस गार्डन में रहती थीं. शशिकला को कुछ समय के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया गया लेकिन दोनों फिर से साथ भी हो गईं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: जयललिता तमाम अड़चनों के बावजूद वापसी करने में सफल रहीं
छठे और सातवें दशक में तमिल सिनेमा में अभिनय का जादू बिखेरा
अपने पथप्रदर्शक एमजीआर की विरासत को संभालने के बाद मुख्यमंत्री बनीं | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने 500 और 1000 के नए नोटों को प्रचलन से बाहर करने के नरेंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है. मोदी सरकार ने पुराने 500 और 1000 के नोट को बाहर करते हुए 500 और 2000 के नए नोट लाने का फैसला किया है. पुराने नोट बैंकों-डाकघरों में जमा किए जा सकेंगे.
मोदी सरकार के फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि नए नोट लाने पर 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि इससे पहले वर्ष 1978 में भी मोरारजी देसाई की जनता पार्टी सरकार के समय 1000 का नोट वापस लेने का फैसला किया गया था जो कि नाकाम रहा था. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम संबोधन में काले धन पर प्रभावी अंकुश लगाने के कदम के तहत 500 और 1000 के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी.टिप्पणियां
पीएम ने कहा था कि भ्रष्टाचार, कालाधन, जाली नोट, आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई होनी चाहिए. कौन ऐसा नागरिक है जो भ्रष्टाचार को स्वीकार कर सकेगा और जिसे भ्रष्टाचार के कारण तकलीफ नहीं होगी. उन्होंने कहा था कि मौजूदा इन पुराने नोटों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. अगले 50 दिनों तक इन नोटों को बैंकों और डाकघरों में जमा कराया जा सकता है. इस संबंध में 10 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंकों और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं.
उन्होंने कहा था कि 500 रुपये और 1000 रुपये वाले नोट का हिस्सा 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है. देश में कैश के अधिकतम सर्कुलेशन का सीधा संबंध भ्रष्टाचार से है. भ्रष्टाचार से अर्जित नगदी के कारण महंगाई पर असर पड़ता है. इसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग प्रभावित होते हैं. इसके कारण मूल्य में कृत्रिम वृद्धि होती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन या कालाधन, से बेनामी हवाला धन को बढ़ावा मिलता है. हम सब जानते हैं कि हवाला धन का इस्तेमाल आतंकी हथियारों की खरीद के लिए करते हैं, इसके साथ ही हवाला धन का चुनाव में भी इस्तेमाल पाया गया है.
मोदी सरकार के फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि नए नोट लाने पर 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि इससे पहले वर्ष 1978 में भी मोरारजी देसाई की जनता पार्टी सरकार के समय 1000 का नोट वापस लेने का फैसला किया गया था जो कि नाकाम रहा था. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम संबोधन में काले धन पर प्रभावी अंकुश लगाने के कदम के तहत 500 और 1000 के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी.टिप्पणियां
पीएम ने कहा था कि भ्रष्टाचार, कालाधन, जाली नोट, आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई होनी चाहिए. कौन ऐसा नागरिक है जो भ्रष्टाचार को स्वीकार कर सकेगा और जिसे भ्रष्टाचार के कारण तकलीफ नहीं होगी. उन्होंने कहा था कि मौजूदा इन पुराने नोटों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. अगले 50 दिनों तक इन नोटों को बैंकों और डाकघरों में जमा कराया जा सकता है. इस संबंध में 10 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंकों और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं.
उन्होंने कहा था कि 500 रुपये और 1000 रुपये वाले नोट का हिस्सा 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है. देश में कैश के अधिकतम सर्कुलेशन का सीधा संबंध भ्रष्टाचार से है. भ्रष्टाचार से अर्जित नगदी के कारण महंगाई पर असर पड़ता है. इसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग प्रभावित होते हैं. इसके कारण मूल्य में कृत्रिम वृद्धि होती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन या कालाधन, से बेनामी हवाला धन को बढ़ावा मिलता है. हम सब जानते हैं कि हवाला धन का इस्तेमाल आतंकी हथियारों की खरीद के लिए करते हैं, इसके साथ ही हवाला धन का चुनाव में भी इस्तेमाल पाया गया है.
पीएम ने कहा था कि भ्रष्टाचार, कालाधन, जाली नोट, आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई होनी चाहिए. कौन ऐसा नागरिक है जो भ्रष्टाचार को स्वीकार कर सकेगा और जिसे भ्रष्टाचार के कारण तकलीफ नहीं होगी. उन्होंने कहा था कि मौजूदा इन पुराने नोटों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. अगले 50 दिनों तक इन नोटों को बैंकों और डाकघरों में जमा कराया जा सकता है. इस संबंध में 10 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंकों और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं.
उन्होंने कहा था कि 500 रुपये और 1000 रुपये वाले नोट का हिस्सा 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है. देश में कैश के अधिकतम सर्कुलेशन का सीधा संबंध भ्रष्टाचार से है. भ्रष्टाचार से अर्जित नगदी के कारण महंगाई पर असर पड़ता है. इसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग प्रभावित होते हैं. इसके कारण मूल्य में कृत्रिम वृद्धि होती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन या कालाधन, से बेनामी हवाला धन को बढ़ावा मिलता है. हम सब जानते हैं कि हवाला धन का इस्तेमाल आतंकी हथियारों की खरीद के लिए करते हैं, इसके साथ ही हवाला धन का चुनाव में भी इस्तेमाल पाया गया है.
उन्होंने कहा था कि 500 रुपये और 1000 रुपये वाले नोट का हिस्सा 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है. देश में कैश के अधिकतम सर्कुलेशन का सीधा संबंध भ्रष्टाचार से है. भ्रष्टाचार से अर्जित नगदी के कारण महंगाई पर असर पड़ता है. इसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग प्रभावित होते हैं. इसके कारण मूल्य में कृत्रिम वृद्धि होती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन या कालाधन, से बेनामी हवाला धन को बढ़ावा मिलता है. हम सब जानते हैं कि हवाला धन का इस्तेमाल आतंकी हथियारों की खरीद के लिए करते हैं, इसके साथ ही हवाला धन का चुनाव में भी इस्तेमाल पाया गया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कहा-1978 में किया गया ऐसा प्रयोग रहा था नाकाम
काले धन के खिलाफ उपाय के तहत पीएम ने की है यह घोषणा
500 और 2000 के नए नोट लाने जा रही है सरकार | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिंदगियों को बचाने में भारतीय सशस्त्र बलों के जवान जी-जान लगाए हुए हैं, मगर दुर्गम पहाड़ी इलाकों में राहत अभियान चलाने में उन्हें बहुत कठिनाइयों से गुजरना पड़ रहा है।
अपनी सुरक्षा की चिंता को परे रखते हुए, ईंधन आपूर्ति के दबाव को झेलते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के जवान जिनमें से कुछ ने माउंट एवरेस्ट पर भी फतह की है, उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिंदगियों को बचाने में समय के साथ होड़ लगाए हुए हैं। उनके लिए उद्देश्य की अनिवार्यता और आपदा में जीवित बच गए लोगों की आंखों में उम्मीद की लौ प्रेरणा का काम कर रहा है।
शनिवार की शाम तक करीब 70,000 लोगों को निकाला गया था। करीब 20,000 लोग अभी भी लापता हैं। हिमालयी सुनामी की चपेट में आकर मरने वालों का अधिकृत आंकड़ा शनिवार तक 557 था, लेकिन आपदा से मारे गए लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा संगठन (बीआरओ) और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के कर्मी बद्रीनाथ और केदारनाथ क्षेत्र और राज्य के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने के बाद आई बाढ़ के कारण फंसे तीर्थयात्रियों को बचाने के जीतोड़ प्रयास में जुटे हैं।
वायुसेना ने हवाई ईंधन सेतु की बेजोड़ व्यवस्था की है, आईटीबीपी ने अपनी एवरेस्ट पवर्तारोहियों को तैनात किया है और एनडीआरएफ जीवित बचे लोगों और प्रभावितों की तलाश के लिए मानव रहित विमान का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।
विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी राज्य में राहत कार्यों के दौरान वे लोग कठिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और संकट में फंसे लोगों को उबारने की युक्ति निकाल रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि पहाड़ के खतरनाक कटनों और खराब मौसमी परिस्थिति में पायलट राहत अभियान को अंजाम दे रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा, "पायलटों के उड़ान के घंटे को लेकर कड़े नियम हैं, लेकिन हम नियम पुस्तिका का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। हम ज्यादा से ज्यादा राहत कार्य अंजाम देने में जुटे हैं।" ऑपरेशन राहत के तहत शनिवार दोपहर तक वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 768 उड़ानें भरी थीं। अधिकारी ने कहा कि जीवित बच गए लोगों की उम्मीद उन्हें प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित कर रही है।
खराब मौसम के बावजूद हाल ही में शामिल सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान राजधानी देहरादून से 155 किलोमीटर दूर धारसू में शनिवार को उतरा। यहां 1300 मीटर का लैंडिंग ग्राउंड है।
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
आईटीबीपी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा पर कर्तव्य निभाने के बाद जो कर्मी आराम कर रहे थे उन्हें भी अभियान में उतारा गया है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में पदस्थ कर्मी वहां की चट्टानी बनावट से भलिभांति परिचित हैं।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
अपनी सुरक्षा की चिंता को परे रखते हुए, ईंधन आपूर्ति के दबाव को झेलते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के जवान जिनमें से कुछ ने माउंट एवरेस्ट पर भी फतह की है, उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिंदगियों को बचाने में समय के साथ होड़ लगाए हुए हैं। उनके लिए उद्देश्य की अनिवार्यता और आपदा में जीवित बच गए लोगों की आंखों में उम्मीद की लौ प्रेरणा का काम कर रहा है।
शनिवार की शाम तक करीब 70,000 लोगों को निकाला गया था। करीब 20,000 लोग अभी भी लापता हैं। हिमालयी सुनामी की चपेट में आकर मरने वालों का अधिकृत आंकड़ा शनिवार तक 557 था, लेकिन आपदा से मारे गए लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा संगठन (बीआरओ) और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के कर्मी बद्रीनाथ और केदारनाथ क्षेत्र और राज्य के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने के बाद आई बाढ़ के कारण फंसे तीर्थयात्रियों को बचाने के जीतोड़ प्रयास में जुटे हैं।
वायुसेना ने हवाई ईंधन सेतु की बेजोड़ व्यवस्था की है, आईटीबीपी ने अपनी एवरेस्ट पवर्तारोहियों को तैनात किया है और एनडीआरएफ जीवित बचे लोगों और प्रभावितों की तलाश के लिए मानव रहित विमान का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।
विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी राज्य में राहत कार्यों के दौरान वे लोग कठिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और संकट में फंसे लोगों को उबारने की युक्ति निकाल रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि पहाड़ के खतरनाक कटनों और खराब मौसमी परिस्थिति में पायलट राहत अभियान को अंजाम दे रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा, "पायलटों के उड़ान के घंटे को लेकर कड़े नियम हैं, लेकिन हम नियम पुस्तिका का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। हम ज्यादा से ज्यादा राहत कार्य अंजाम देने में जुटे हैं।" ऑपरेशन राहत के तहत शनिवार दोपहर तक वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 768 उड़ानें भरी थीं। अधिकारी ने कहा कि जीवित बच गए लोगों की उम्मीद उन्हें प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित कर रही है।
खराब मौसम के बावजूद हाल ही में शामिल सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान राजधानी देहरादून से 155 किलोमीटर दूर धारसू में शनिवार को उतरा। यहां 1300 मीटर का लैंडिंग ग्राउंड है।
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
आईटीबीपी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा पर कर्तव्य निभाने के बाद जो कर्मी आराम कर रहे थे उन्हें भी अभियान में उतारा गया है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में पदस्थ कर्मी वहां की चट्टानी बनावट से भलिभांति परिचित हैं।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
शनिवार की शाम तक करीब 70,000 लोगों को निकाला गया था। करीब 20,000 लोग अभी भी लापता हैं। हिमालयी सुनामी की चपेट में आकर मरने वालों का अधिकृत आंकड़ा शनिवार तक 557 था, लेकिन आपदा से मारे गए लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा संगठन (बीआरओ) और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के कर्मी बद्रीनाथ और केदारनाथ क्षेत्र और राज्य के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने के बाद आई बाढ़ के कारण फंसे तीर्थयात्रियों को बचाने के जीतोड़ प्रयास में जुटे हैं।
वायुसेना ने हवाई ईंधन सेतु की बेजोड़ व्यवस्था की है, आईटीबीपी ने अपनी एवरेस्ट पवर्तारोहियों को तैनात किया है और एनडीआरएफ जीवित बचे लोगों और प्रभावितों की तलाश के लिए मानव रहित विमान का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।
विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी राज्य में राहत कार्यों के दौरान वे लोग कठिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और संकट में फंसे लोगों को उबारने की युक्ति निकाल रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि पहाड़ के खतरनाक कटनों और खराब मौसमी परिस्थिति में पायलट राहत अभियान को अंजाम दे रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा, "पायलटों के उड़ान के घंटे को लेकर कड़े नियम हैं, लेकिन हम नियम पुस्तिका का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। हम ज्यादा से ज्यादा राहत कार्य अंजाम देने में जुटे हैं।" ऑपरेशन राहत के तहत शनिवार दोपहर तक वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 768 उड़ानें भरी थीं। अधिकारी ने कहा कि जीवित बच गए लोगों की उम्मीद उन्हें प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित कर रही है।
खराब मौसम के बावजूद हाल ही में शामिल सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान राजधानी देहरादून से 155 किलोमीटर दूर धारसू में शनिवार को उतरा। यहां 1300 मीटर का लैंडिंग ग्राउंड है।
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
आईटीबीपी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा पर कर्तव्य निभाने के बाद जो कर्मी आराम कर रहे थे उन्हें भी अभियान में उतारा गया है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में पदस्थ कर्मी वहां की चट्टानी बनावट से भलिभांति परिचित हैं।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा संगठन (बीआरओ) और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के कर्मी बद्रीनाथ और केदारनाथ क्षेत्र और राज्य के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने के बाद आई बाढ़ के कारण फंसे तीर्थयात्रियों को बचाने के जीतोड़ प्रयास में जुटे हैं।
वायुसेना ने हवाई ईंधन सेतु की बेजोड़ व्यवस्था की है, आईटीबीपी ने अपनी एवरेस्ट पवर्तारोहियों को तैनात किया है और एनडीआरएफ जीवित बचे लोगों और प्रभावितों की तलाश के लिए मानव रहित विमान का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।
विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी राज्य में राहत कार्यों के दौरान वे लोग कठिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और संकट में फंसे लोगों को उबारने की युक्ति निकाल रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि पहाड़ के खतरनाक कटनों और खराब मौसमी परिस्थिति में पायलट राहत अभियान को अंजाम दे रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा, "पायलटों के उड़ान के घंटे को लेकर कड़े नियम हैं, लेकिन हम नियम पुस्तिका का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। हम ज्यादा से ज्यादा राहत कार्य अंजाम देने में जुटे हैं।" ऑपरेशन राहत के तहत शनिवार दोपहर तक वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 768 उड़ानें भरी थीं। अधिकारी ने कहा कि जीवित बच गए लोगों की उम्मीद उन्हें प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित कर रही है।
खराब मौसम के बावजूद हाल ही में शामिल सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान राजधानी देहरादून से 155 किलोमीटर दूर धारसू में शनिवार को उतरा। यहां 1300 मीटर का लैंडिंग ग्राउंड है।
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
आईटीबीपी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा पर कर्तव्य निभाने के बाद जो कर्मी आराम कर रहे थे उन्हें भी अभियान में उतारा गया है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में पदस्थ कर्मी वहां की चट्टानी बनावट से भलिभांति परिचित हैं।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
वायुसेना ने हवाई ईंधन सेतु की बेजोड़ व्यवस्था की है, आईटीबीपी ने अपनी एवरेस्ट पवर्तारोहियों को तैनात किया है और एनडीआरएफ जीवित बचे लोगों और प्रभावितों की तलाश के लिए मानव रहित विमान का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।
विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी राज्य में राहत कार्यों के दौरान वे लोग कठिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और संकट में फंसे लोगों को उबारने की युक्ति निकाल रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि पहाड़ के खतरनाक कटनों और खराब मौसमी परिस्थिति में पायलट राहत अभियान को अंजाम दे रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा, "पायलटों के उड़ान के घंटे को लेकर कड़े नियम हैं, लेकिन हम नियम पुस्तिका का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। हम ज्यादा से ज्यादा राहत कार्य अंजाम देने में जुटे हैं।" ऑपरेशन राहत के तहत शनिवार दोपहर तक वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 768 उड़ानें भरी थीं। अधिकारी ने कहा कि जीवित बच गए लोगों की उम्मीद उन्हें प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित कर रही है।
खराब मौसम के बावजूद हाल ही में शामिल सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान राजधानी देहरादून से 155 किलोमीटर दूर धारसू में शनिवार को उतरा। यहां 1300 मीटर का लैंडिंग ग्राउंड है।
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
आईटीबीपी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा पर कर्तव्य निभाने के बाद जो कर्मी आराम कर रहे थे उन्हें भी अभियान में उतारा गया है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में पदस्थ कर्मी वहां की चट्टानी बनावट से भलिभांति परिचित हैं।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी राज्य में राहत कार्यों के दौरान वे लोग कठिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और संकट में फंसे लोगों को उबारने की युक्ति निकाल रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि पहाड़ के खतरनाक कटनों और खराब मौसमी परिस्थिति में पायलट राहत अभियान को अंजाम दे रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा, "पायलटों के उड़ान के घंटे को लेकर कड़े नियम हैं, लेकिन हम नियम पुस्तिका का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। हम ज्यादा से ज्यादा राहत कार्य अंजाम देने में जुटे हैं।" ऑपरेशन राहत के तहत शनिवार दोपहर तक वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 768 उड़ानें भरी थीं। अधिकारी ने कहा कि जीवित बच गए लोगों की उम्मीद उन्हें प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित कर रही है।
खराब मौसम के बावजूद हाल ही में शामिल सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान राजधानी देहरादून से 155 किलोमीटर दूर धारसू में शनिवार को उतरा। यहां 1300 मीटर का लैंडिंग ग्राउंड है।
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
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अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि पहाड़ के खतरनाक कटनों और खराब मौसमी परिस्थिति में पायलट राहत अभियान को अंजाम दे रहे हैं।
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा, "पायलटों के उड़ान के घंटे को लेकर कड़े नियम हैं, लेकिन हम नियम पुस्तिका का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। हम ज्यादा से ज्यादा राहत कार्य अंजाम देने में जुटे हैं।" ऑपरेशन राहत के तहत शनिवार दोपहर तक वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 768 उड़ानें भरी थीं। अधिकारी ने कहा कि जीवित बच गए लोगों की उम्मीद उन्हें प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित कर रही है।
खराब मौसम के बावजूद हाल ही में शामिल सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान राजधानी देहरादून से 155 किलोमीटर दूर धारसू में शनिवार को उतरा। यहां 1300 मीटर का लैंडिंग ग्राउंड है।
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
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अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा, "पायलटों के उड़ान के घंटे को लेकर कड़े नियम हैं, लेकिन हम नियम पुस्तिका का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। हम ज्यादा से ज्यादा राहत कार्य अंजाम देने में जुटे हैं।" ऑपरेशन राहत के तहत शनिवार दोपहर तक वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 768 उड़ानें भरी थीं। अधिकारी ने कहा कि जीवित बच गए लोगों की उम्मीद उन्हें प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित कर रही है।
खराब मौसम के बावजूद हाल ही में शामिल सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान राजधानी देहरादून से 155 किलोमीटर दूर धारसू में शनिवार को उतरा। यहां 1300 मीटर का लैंडिंग ग्राउंड है।
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
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अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
खराब मौसम के बावजूद हाल ही में शामिल सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान राजधानी देहरादून से 155 किलोमीटर दूर धारसू में शनिवार को उतरा। यहां 1300 मीटर का लैंडिंग ग्राउंड है।
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
आईटीबीपी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा पर कर्तव्य निभाने के बाद जो कर्मी आराम कर रहे थे उन्हें भी अभियान में उतारा गया है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में पदस्थ कर्मी वहां की चट्टानी बनावट से भलिभांति परिचित हैं।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
वायुसेना की प्रवक्ता प्रिया जोशी ने कहा, "इस विमान ने एक रिक्त बोवसर में 8000 लीटर ईंधन भरा। पहले यह एमआई 26 हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट किया गया था। धारसू में अतिरिक्त ईंधन मुहैया होने के बाद राहत अभियान ने गति पकड़ ली।" उन्होंने बताया कि विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की कमी के कारण अभियान सीमित है। दूसरा सी-130जे विमान ने और ईंधन धारसू पहुंचाया।
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
आईटीबीपी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा पर कर्तव्य निभाने के बाद जो कर्मी आराम कर रहे थे उन्हें भी अभियान में उतारा गया है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में पदस्थ कर्मी वहां की चट्टानी बनावट से भलिभांति परिचित हैं।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
आईटीबीपी ने माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाले अपने सदस्यों की टीम भेजी है। आईटीबीपी के प्रमुख अजय चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास एक विशेष दल है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके पास विशेष उपकरण हैं। वे राहत अभियान में जुटे हैं।"टिप्पणियां
आईटीबीपी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा पर कर्तव्य निभाने के बाद जो कर्मी आराम कर रहे थे उन्हें भी अभियान में उतारा गया है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में पदस्थ कर्मी वहां की चट्टानी बनावट से भलिभांति परिचित हैं।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
आईटीबीपी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीन सीमा पर कर्तव्य निभाने के बाद जो कर्मी आराम कर रहे थे उन्हें भी अभियान में उतारा गया है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में पदस्थ कर्मी वहां की चट्टानी बनावट से भलिभांति परिचित हैं।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।"
अधिकारी ने कहा, "भोजन के अभाव में कमजोर हो गए तीर्थयात्रियों को हमारे कर्मियों ने अपनी अपनी परवाह न कर पीठ पर ढोया है।" | यहाँ एक सारांश है:उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिंदगियों को बचाने में भारतीय सशस्त्र बलों के जवान जी-जान लगाए हुए हैं, मगर दुर्गम पहाड़ी इलाकों में राहत अभियान चलाने में उन्हें बहुत कठिनाइयों से गुजरना पड़ रहा है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत की सीमित ओवर क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि उनका जल्द संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है और वह केवल क्रिकेट पर ध्यान देना चाहते हैं.
बीती रात यहां 'एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' फिल्म का ट्रेलर लांच किया गया, जिसमें धोनी, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, निर्माता नीरज पांडे और फॉक्स स्टार स्टूडियो के विजय सिंह शामिल हुए.
जब धोनी से उनके अगले कदम के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, 'इस सवाल का जवाब देना मुश्किल है. जब मैं बड़ा हो रहा था, तो मेरी जिंदगी में दो ही विकल्प थे- क्रिकेट खेलना और पढ़ाई करना. जब मुझे नौकरी मिली तो मैं आश्वस्त हो गया कि अगर क्रिकेट नहीं हुआ तो मेरे हाथ में एक अच्छी नौकरी है.'
उन्होंने कहा, 'मुझे सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष देखना होगा और सोचना होगा कि लोग मुझे किस भूमिका में देखना चाहेंगे. मैं इसके बारे में बाद में सोचूंगा, क्योंकि इस समय मैं क्रिकेट खेल रहा हूं और इस पर ही ध्यान देना चाहूंगा.' धोनी ने कहा कि वह वर्तमान में जीने में विश्वास रखते हैं और अतीत या भविष्य को लेकर ज्यादा नहीं सोचते.
उन्होंने कहा, 'मैंने कभी भी यह सोचकर क्रिकेट नहीं खेला कि यह मेरे लिए मील का पत्थर है. जब हम स्कूल या पार्क में क्रिकेट खेलते थे तब हमारा एकमात्र लक्ष्य मैच जीतना होता था. मील के पत्थरों का इस्तेमाल कभी भी आपका भविष्य निर्धारित करने के लिए नहीं किया जा सकता.'टिप्पणियां
धोनी ने कहा, 'ऐसा होता तो माइकल फेल्प्स को पांच ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद संन्यास ले लेना चाहिए था. केवल यह मायने रखता है कि कोई अपना काम कैसे जारी रखता है, वह इसमें कितना अच्छा है और उसे किस तरह आगे ले जा सकता है.' धोनी के जीवन पर आधारित यह फिल्म 30 सितंबर को रिलीज होगी. सुशांत ने इसमें धोनी की भूमिका निभाई है और फिल्म में अनुपम खेर, कायरा आडवाणी और अन्य भी काम कर रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीती रात यहां 'एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' फिल्म का ट्रेलर लांच किया गया, जिसमें धोनी, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, निर्माता नीरज पांडे और फॉक्स स्टार स्टूडियो के विजय सिंह शामिल हुए.
जब धोनी से उनके अगले कदम के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, 'इस सवाल का जवाब देना मुश्किल है. जब मैं बड़ा हो रहा था, तो मेरी जिंदगी में दो ही विकल्प थे- क्रिकेट खेलना और पढ़ाई करना. जब मुझे नौकरी मिली तो मैं आश्वस्त हो गया कि अगर क्रिकेट नहीं हुआ तो मेरे हाथ में एक अच्छी नौकरी है.'
उन्होंने कहा, 'मुझे सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष देखना होगा और सोचना होगा कि लोग मुझे किस भूमिका में देखना चाहेंगे. मैं इसके बारे में बाद में सोचूंगा, क्योंकि इस समय मैं क्रिकेट खेल रहा हूं और इस पर ही ध्यान देना चाहूंगा.' धोनी ने कहा कि वह वर्तमान में जीने में विश्वास रखते हैं और अतीत या भविष्य को लेकर ज्यादा नहीं सोचते.
उन्होंने कहा, 'मैंने कभी भी यह सोचकर क्रिकेट नहीं खेला कि यह मेरे लिए मील का पत्थर है. जब हम स्कूल या पार्क में क्रिकेट खेलते थे तब हमारा एकमात्र लक्ष्य मैच जीतना होता था. मील के पत्थरों का इस्तेमाल कभी भी आपका भविष्य निर्धारित करने के लिए नहीं किया जा सकता.'टिप्पणियां
धोनी ने कहा, 'ऐसा होता तो माइकल फेल्प्स को पांच ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद संन्यास ले लेना चाहिए था. केवल यह मायने रखता है कि कोई अपना काम कैसे जारी रखता है, वह इसमें कितना अच्छा है और उसे किस तरह आगे ले जा सकता है.' धोनी के जीवन पर आधारित यह फिल्म 30 सितंबर को रिलीज होगी. सुशांत ने इसमें धोनी की भूमिका निभाई है और फिल्म में अनुपम खेर, कायरा आडवाणी और अन्य भी काम कर रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जब धोनी से उनके अगले कदम के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, 'इस सवाल का जवाब देना मुश्किल है. जब मैं बड़ा हो रहा था, तो मेरी जिंदगी में दो ही विकल्प थे- क्रिकेट खेलना और पढ़ाई करना. जब मुझे नौकरी मिली तो मैं आश्वस्त हो गया कि अगर क्रिकेट नहीं हुआ तो मेरे हाथ में एक अच्छी नौकरी है.'
उन्होंने कहा, 'मुझे सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष देखना होगा और सोचना होगा कि लोग मुझे किस भूमिका में देखना चाहेंगे. मैं इसके बारे में बाद में सोचूंगा, क्योंकि इस समय मैं क्रिकेट खेल रहा हूं और इस पर ही ध्यान देना चाहूंगा.' धोनी ने कहा कि वह वर्तमान में जीने में विश्वास रखते हैं और अतीत या भविष्य को लेकर ज्यादा नहीं सोचते.
उन्होंने कहा, 'मैंने कभी भी यह सोचकर क्रिकेट नहीं खेला कि यह मेरे लिए मील का पत्थर है. जब हम स्कूल या पार्क में क्रिकेट खेलते थे तब हमारा एकमात्र लक्ष्य मैच जीतना होता था. मील के पत्थरों का इस्तेमाल कभी भी आपका भविष्य निर्धारित करने के लिए नहीं किया जा सकता.'टिप्पणियां
धोनी ने कहा, 'ऐसा होता तो माइकल फेल्प्स को पांच ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद संन्यास ले लेना चाहिए था. केवल यह मायने रखता है कि कोई अपना काम कैसे जारी रखता है, वह इसमें कितना अच्छा है और उसे किस तरह आगे ले जा सकता है.' धोनी के जीवन पर आधारित यह फिल्म 30 सितंबर को रिलीज होगी. सुशांत ने इसमें धोनी की भूमिका निभाई है और फिल्म में अनुपम खेर, कायरा आडवाणी और अन्य भी काम कर रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'मुझे सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष देखना होगा और सोचना होगा कि लोग मुझे किस भूमिका में देखना चाहेंगे. मैं इसके बारे में बाद में सोचूंगा, क्योंकि इस समय मैं क्रिकेट खेल रहा हूं और इस पर ही ध्यान देना चाहूंगा.' धोनी ने कहा कि वह वर्तमान में जीने में विश्वास रखते हैं और अतीत या भविष्य को लेकर ज्यादा नहीं सोचते.
उन्होंने कहा, 'मैंने कभी भी यह सोचकर क्रिकेट नहीं खेला कि यह मेरे लिए मील का पत्थर है. जब हम स्कूल या पार्क में क्रिकेट खेलते थे तब हमारा एकमात्र लक्ष्य मैच जीतना होता था. मील के पत्थरों का इस्तेमाल कभी भी आपका भविष्य निर्धारित करने के लिए नहीं किया जा सकता.'टिप्पणियां
धोनी ने कहा, 'ऐसा होता तो माइकल फेल्प्स को पांच ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद संन्यास ले लेना चाहिए था. केवल यह मायने रखता है कि कोई अपना काम कैसे जारी रखता है, वह इसमें कितना अच्छा है और उसे किस तरह आगे ले जा सकता है.' धोनी के जीवन पर आधारित यह फिल्म 30 सितंबर को रिलीज होगी. सुशांत ने इसमें धोनी की भूमिका निभाई है और फिल्म में अनुपम खेर, कायरा आडवाणी और अन्य भी काम कर रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'मैंने कभी भी यह सोचकर क्रिकेट नहीं खेला कि यह मेरे लिए मील का पत्थर है. जब हम स्कूल या पार्क में क्रिकेट खेलते थे तब हमारा एकमात्र लक्ष्य मैच जीतना होता था. मील के पत्थरों का इस्तेमाल कभी भी आपका भविष्य निर्धारित करने के लिए नहीं किया जा सकता.'टिप्पणियां
धोनी ने कहा, 'ऐसा होता तो माइकल फेल्प्स को पांच ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद संन्यास ले लेना चाहिए था. केवल यह मायने रखता है कि कोई अपना काम कैसे जारी रखता है, वह इसमें कितना अच्छा है और उसे किस तरह आगे ले जा सकता है.' धोनी के जीवन पर आधारित यह फिल्म 30 सितंबर को रिलीज होगी. सुशांत ने इसमें धोनी की भूमिका निभाई है और फिल्म में अनुपम खेर, कायरा आडवाणी और अन्य भी काम कर रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
धोनी ने कहा, 'ऐसा होता तो माइकल फेल्प्स को पांच ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद संन्यास ले लेना चाहिए था. केवल यह मायने रखता है कि कोई अपना काम कैसे जारी रखता है, वह इसमें कितना अच्छा है और उसे किस तरह आगे ले जा सकता है.' धोनी के जीवन पर आधारित यह फिल्म 30 सितंबर को रिलीज होगी. सुशांत ने इसमें धोनी की भूमिका निभाई है और फिल्म में अनुपम खेर, कायरा आडवाणी और अन्य भी काम कर रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: एमएस धोनी ने कहा, जल्द संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है.
एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' फिल्म का ट्रेलर लॉन्च पर यह बात कही.
मैं अतीत या भविष्य को लेकर ज्यादा नहीं सोचता : धोनी | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी एक अदालत ने शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सम्पत्ति जब्त करने के आदेश दिए। अदालत ने यह आदेश पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो हत्या मामले में मुशर्रफ के अदालत में पेश न होने के कारण दिए हैं। समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के अनुसार, न्यायालय के अधिकारियों ने कहा कि अदालत मुशर्रफ को बेनजीर हत्या मामले में पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है, क्योंकि कई बार नोटिस जारी होने के बाद भी वह अदालत में अपना रुख साफ करने के लिए तैयार नहीं हैं। संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने अदालत से मुशर्रफ को सम्मन जारी करने का अनुरोध किया था। बेनजीर की हत्या के समय मुशर्रफ राष्ट्रपति थे। लेकिन उन्होंने इस मामले में जांच में सहयोग करने से इंकार कर दिया। एफआईए के वकील चौधरी जुल्फिकार ने कहा कि जांच में सहयोग न करने पर मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। एफआईए ने अदालत में पेश होने से मुशर्रफ के इनकार संबंधी अंतिम रिपोर्ट अदालत में शनिवार को पेश की और अदालत ने उसके बाद उनकी सम्पत्ति जब्त करने के आदेश दे दिए। मीडिया रपटों में कहा गया है कि अदालत ने मुशर्रफ के बैंक खातों को भी जब्त करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि मुशर्रफ का मुकदमा उनकी गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों से अलग चलेगा। उल्लेखनीय है कि बेनजीर भुट्टो की 27 दिसम्बर, 2007 को एक आत्मघाती हमले में मौत हो गई थी। | यह एक सारांश है: अदालत मुशर्रफ को बेनजीर हत्याकांड में भगोड़ा घोषित कर चुकी है, क्योंकि नोटिस जारी होने के बाद भी वह कोर्ट में अपना रुख साफ करने को राजी नहीं हैं। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय निशानेबाज गगन नारंग को बखूबी अहसास है कि पूरे देश को उनसे पदक की आस है लेकिन अपेक्षाओं के इस बोझ से वह विचलित नहीं हैं। नारंग ने कहा, पदक का दावेदार होने का दबाव मुझे परेशान नहीं करता। यह मेरा तीसरा ओलिंपिक है और मेरी तैयारी बेहतर है। मुझे पता है कि हर ओलिंपिक बहुत बड़ी चुनौती होता है जिसमें अपेक्षाओं का भारी दबाव होता है। उन्होंने मीडिया से खिलाड़ियों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाने की अपील करते हुए कहा, ओलिंपिक से पहले तीन साल कोई खिलाड़ियों की सुध नहीं लेता और आखिरी साल में मीडिया अचानक सवाल दागने लगता है कि पदक जीतने की क्या उम्मीदें हैं जबकि क्रिकेटरों के साथ ऐसा नहीं होता। हम मीडिया का दबाव झेलने के आदी नहीं है लिहाजा इस तरह का दबाव ना बने तो अच्छा होगा। सरकार और ओलिंपिक गोल्ड क्वेस्ट से मिल रहे सहयोग की सराहना करते हुए इस साल के राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त निशानेबाज ने कहा, राष्ट्रमंडल खेलों से लेकर अब तक सरकार ने काफी शिविरों का आयोजन किया है। इसके साथ ही ओलिंपिक गोल्ड क्वेस्ट का भी पूरा सहयोग मिल रहा है जिससे लंदन ओलिंपिक में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें बंधी है। खेल रत्न पुरस्कार को प्रेरणास्रोत बताते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में चार स्वर्ण पदक जीतने वाले नारंग ने कहा, हर खिलाड़ी का सपना होता है कि उसे यह पुरस्कार मिले। निश्चित तौर पर मेरे लिए यह प्रेरणा का काम करेगा।" | यह एक सारांश है: निशानेबाज गगन नारंग को बखूबी अहसास है कि पूरे देश को उनसे पदक की आस है लेकिन अपेक्षाओं के इस बोझ से वह विचलित नहीं हैं। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विंबलडन चैंपियन एंडी मरे मांट्रियल मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट से हारकर बाहर हो गए, लेकिन राफेल नडाल ने कुछ विषम पलों से गुजरने के बाद क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी मरे को बुधवार को लाटविया के अर्नेस्ट गुल्बिस के हाथों 4-6, 3-6 से हार का सामना करना पड़ा। यह गुल्बिस के हाथों उनकी पहली हार है। इससे मरे का लगातार 13 मैच से चला आ रहा विजय अभियान भी थम गया।टिप्पणियां
मरे यहां दो बार चैंपियन रह चुके हैं, लेकिन गुल्बिस को उन्हें हराने में केवल डेढ़ घंटे का समय लगा। मरे अब अमेरिकी ओपन में अपने खिताब का बचाव करने के लिए उतरने से पहले सिनसिनाटी ओपन में खेलेंगे।
इस बीच, चौथी वरीयता प्राप्त नडाल को भी पोलैंड के जार्जी जानोविच को 7-6, 6-4 से हराने में थोड़ा पसीना बहाना पड़ा। उनका अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलियाई क्वालीफायर मारिंको मैटोसेविच से होगा, जिन्होंने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 7-6, 6-7, 6-3 से हराया।
दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी मरे को बुधवार को लाटविया के अर्नेस्ट गुल्बिस के हाथों 4-6, 3-6 से हार का सामना करना पड़ा। यह गुल्बिस के हाथों उनकी पहली हार है। इससे मरे का लगातार 13 मैच से चला आ रहा विजय अभियान भी थम गया।टिप्पणियां
मरे यहां दो बार चैंपियन रह चुके हैं, लेकिन गुल्बिस को उन्हें हराने में केवल डेढ़ घंटे का समय लगा। मरे अब अमेरिकी ओपन में अपने खिताब का बचाव करने के लिए उतरने से पहले सिनसिनाटी ओपन में खेलेंगे।
इस बीच, चौथी वरीयता प्राप्त नडाल को भी पोलैंड के जार्जी जानोविच को 7-6, 6-4 से हराने में थोड़ा पसीना बहाना पड़ा। उनका अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलियाई क्वालीफायर मारिंको मैटोसेविच से होगा, जिन्होंने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 7-6, 6-7, 6-3 से हराया।
मरे यहां दो बार चैंपियन रह चुके हैं, लेकिन गुल्बिस को उन्हें हराने में केवल डेढ़ घंटे का समय लगा। मरे अब अमेरिकी ओपन में अपने खिताब का बचाव करने के लिए उतरने से पहले सिनसिनाटी ओपन में खेलेंगे।
इस बीच, चौथी वरीयता प्राप्त नडाल को भी पोलैंड के जार्जी जानोविच को 7-6, 6-4 से हराने में थोड़ा पसीना बहाना पड़ा। उनका अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलियाई क्वालीफायर मारिंको मैटोसेविच से होगा, जिन्होंने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 7-6, 6-7, 6-3 से हराया।
इस बीच, चौथी वरीयता प्राप्त नडाल को भी पोलैंड के जार्जी जानोविच को 7-6, 6-4 से हराने में थोड़ा पसीना बहाना पड़ा। उनका अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलियाई क्वालीफायर मारिंको मैटोसेविच से होगा, जिन्होंने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 7-6, 6-7, 6-3 से हराया। | विंबलडन चैंपियन एंडी मरे मांट्रियल मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट से हारकर बाहर हो गए, लेकिन राफेल नडाल ने कुछ विषम पलों से गुजरने के बाद क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। | 26 | ['hin'] |
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