inputs
stringlengths
800
163k
targets
stringlengths
20
291
template_id
int64
0
34
template_lang
stringclasses
1 value
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई इंडियन्स के कप्तान रोहित शर्मा चैंपियन्स लीग टी-20 में अपनी टीम के स्टार खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के खराब फार्म से चिंतित नहीं हैं और उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दिग्गज बल्लेबाज सेमीफाइनल में जबर्दस्त पारी खेलेगा। रोहित ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, यह हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि उन्होंने कितने रन बनाए हैं और उन्हें कितना अनुभव है। वह अच्छी तरह से गेंद को हिट कर रहे हैं और आज वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हुए।टिप्पणियां जब आपको 14.2 ओवर में 11 रन प्रति ओवर की दर से 149 रन के लक्ष्य का पीछा करना हो तो चीजें आसान नहीं होती। मैन ऑफ द मैच रोहित की नाबाद 51 रन की पारी और कीरोन पोलार्ड (23) के साथ चौथे विकेट के लिए उनकी 65 रन की साझेदारी तथा सलामी बल्लेबाज ड्वेन स्मिथ (48) की मदद से आईपीएल चैम्पियन मुंबई ने पर्थ स्कोरचर्स को छह विकेट हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। रोहित ने कहा, हम पर काफी दबाव था, लेकिन सभी खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे हम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। उन्होंने कहा, यह मैच काफी अच्छा रहा, 150 रन का लक्ष्य मिलने के बाद हमने दिमाग में सोच लिया था कि यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। रोहित ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, यह हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि उन्होंने कितने रन बनाए हैं और उन्हें कितना अनुभव है। वह अच्छी तरह से गेंद को हिट कर रहे हैं और आज वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हुए।टिप्पणियां जब आपको 14.2 ओवर में 11 रन प्रति ओवर की दर से 149 रन के लक्ष्य का पीछा करना हो तो चीजें आसान नहीं होती। मैन ऑफ द मैच रोहित की नाबाद 51 रन की पारी और कीरोन पोलार्ड (23) के साथ चौथे विकेट के लिए उनकी 65 रन की साझेदारी तथा सलामी बल्लेबाज ड्वेन स्मिथ (48) की मदद से आईपीएल चैम्पियन मुंबई ने पर्थ स्कोरचर्स को छह विकेट हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। रोहित ने कहा, हम पर काफी दबाव था, लेकिन सभी खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे हम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। उन्होंने कहा, यह मैच काफी अच्छा रहा, 150 रन का लक्ष्य मिलने के बाद हमने दिमाग में सोच लिया था कि यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। जब आपको 14.2 ओवर में 11 रन प्रति ओवर की दर से 149 रन के लक्ष्य का पीछा करना हो तो चीजें आसान नहीं होती। मैन ऑफ द मैच रोहित की नाबाद 51 रन की पारी और कीरोन पोलार्ड (23) के साथ चौथे विकेट के लिए उनकी 65 रन की साझेदारी तथा सलामी बल्लेबाज ड्वेन स्मिथ (48) की मदद से आईपीएल चैम्पियन मुंबई ने पर्थ स्कोरचर्स को छह विकेट हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। रोहित ने कहा, हम पर काफी दबाव था, लेकिन सभी खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे हम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। उन्होंने कहा, यह मैच काफी अच्छा रहा, 150 रन का लक्ष्य मिलने के बाद हमने दिमाग में सोच लिया था कि यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। रोहित ने कहा, हम पर काफी दबाव था, लेकिन सभी खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे हम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। उन्होंने कहा, यह मैच काफी अच्छा रहा, 150 रन का लक्ष्य मिलने के बाद हमने दिमाग में सोच लिया था कि यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुंबई इंडियन्स के कप्तान रोहित शर्मा चैंपियन्स लीग टी-20 में अपनी टीम के स्टार खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के खराब फार्म से चिंतित नहीं हैं।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: वैज्ञानिकों ने पहली बार चार पैरों वाला एक ऐसा रोबोट विकसित किया है जो गति बदलने पर अपने आप ही अपनी चाल-ढाल बदल सकता है. इस वैज्ञानिक तरक्की से विविध प्रकार के एप्लिकेशन आ सकते हैं जैसे आपदाकारी क्षेत्रों में काम करने वाले अनुकूलित पैर वाले रोबोट, उपयोगकर्ता के अनुकूल वाले पैर वाले मनोरंजन रोबोट, कंप्यूटर ग्राफिक्स एनीमेशन के लिए स्वचालित गति सृजक अल्गोरिद्म आदि. अब तक जिस तरह से गति में बदलाव से ये चतुष्पाद अपनी चाल-ढाल बदलते थे-जैसे टहलना, दौड़ना और उछलना करते थे, उसे ठीक से नहीं समझा जा सका था. जापान के टोहोकू विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने इस चतुष्पाद की चाल-ढाल में बदलाव को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया. उन्होंने विकेंद्रीकृत नियंत्रण योजना के माध्यम से यह हासिल किया. इसके लिए सामान्य स्थानीय नियम का इस्तेमाल किया गया जिसमें एक पैर दूसरे पैर पर बोझ को भांपकर शरीर को सहारा देता है. इसके अलावा उन्होंने इसकी पुष्टि की कि रोबोट के चाल-ढाल पैटर्न का उर्जा कार्यकुशलता प्रोफाइल घोड़ों के प्रोफाइल से मिलता है.टिप्पणियां अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस अनुसंधान से इस प्रणाली की बेहतर समझ पैदा होने की संभावना है कि कैसे चतुष्पाद गति बदलने पर कार्यकुशलता से अपना चाल-ढाल बदल सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जापान के टोहोकू विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने इस चतुष्पाद की चाल-ढाल में बदलाव को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया. उन्होंने विकेंद्रीकृत नियंत्रण योजना के माध्यम से यह हासिल किया. इसके लिए सामान्य स्थानीय नियम का इस्तेमाल किया गया जिसमें एक पैर दूसरे पैर पर बोझ को भांपकर शरीर को सहारा देता है. इसके अलावा उन्होंने इसकी पुष्टि की कि रोबोट के चाल-ढाल पैटर्न का उर्जा कार्यकुशलता प्रोफाइल घोड़ों के प्रोफाइल से मिलता है.टिप्पणियां अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस अनुसंधान से इस प्रणाली की बेहतर समझ पैदा होने की संभावना है कि कैसे चतुष्पाद गति बदलने पर कार्यकुशलता से अपना चाल-ढाल बदल सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने विकेंद्रीकृत नियंत्रण योजना के माध्यम से यह हासिल किया. इसके लिए सामान्य स्थानीय नियम का इस्तेमाल किया गया जिसमें एक पैर दूसरे पैर पर बोझ को भांपकर शरीर को सहारा देता है. इसके अलावा उन्होंने इसकी पुष्टि की कि रोबोट के चाल-ढाल पैटर्न का उर्जा कार्यकुशलता प्रोफाइल घोड़ों के प्रोफाइल से मिलता है.टिप्पणियां अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस अनुसंधान से इस प्रणाली की बेहतर समझ पैदा होने की संभावना है कि कैसे चतुष्पाद गति बदलने पर कार्यकुशलता से अपना चाल-ढाल बदल सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके अलावा उन्होंने इसकी पुष्टि की कि रोबोट के चाल-ढाल पैटर्न का उर्जा कार्यकुशलता प्रोफाइल घोड़ों के प्रोफाइल से मिलता है.टिप्पणियां अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस अनुसंधान से इस प्रणाली की बेहतर समझ पैदा होने की संभावना है कि कैसे चतुष्पाद गति बदलने पर कार्यकुशलता से अपना चाल-ढाल बदल सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस अनुसंधान से इस प्रणाली की बेहतर समझ पैदा होने की संभावना है कि कैसे चतुष्पाद गति बदलने पर कार्यकुशलता से अपना चाल-ढाल बदल सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:जापान में चार पैरों वाले रोबोट का आविष्कार गति बदलने पर अपने आप चाल-ढाल बदल सकता है रोबोट के चाल-ढाल पैटर्न का उर्जा कार्यकुशलता प्रोफाइल घोड़ों की तरह
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बड़ा फैसला किया है. भाजपा ने पूरे देश में जन जागरण और संपर्क अभियान चलाने का फैसला किया है. इस कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, वरिष्ठ मंत्री और मुख्यमंत्री भी हिस्सा लेंगे. इस आयोजन को लेकर आज बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई. पार्टी इस अभियान के तहत देश भर में 370 जगहों पर जनसंपर्क अभियान चलाएगी. इस कार्यक्रम की तैयारी के लिए दो समितियां बनाई गई हैं. जनसंपर्क अभियान की अगुवाई भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान करेंगे जबकि जन जागरण अभियान की अगुवाई का जिम्मा गजेंद्र सिंह शेखावत को दिया गया है. संपर्क अभियान में देश भर में अलग-अलग क्षेत्रों के दो हजार प्रबुद्ध लोगों से संपर्क कर बताया जाएगा कि अनुच्छेद 370 क्यों हटाया गया और इसका क्या परिणाम होगा. चुने गए प्रबद्ध लोगों से पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मिलेंगे. इस कार्यक्रम के दौरान देश भर में छोटी-छोटी सभाओं का भी आयोजन होगा. यह सभी कार्यक्रम 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच आयोजित किए जाएंगे.  गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने छह अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला किया था. इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से ही राज्य में कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. साथ ही केंद्र सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए घाटी में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को भी बंद किया था. हालांकि अब कुछ इलाकों में लैंडलाइन सेवाएं बहाल की गई है. प्रशासन का कहना है कि अगले कुछ दिनों में जरूरत के हिसाब से अन्य जगहों में भी मोबाइल और इंटरनेट सेवा शुरू की जाएगी.  बता दें कि कुछ दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि जम्मू और कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद अब लोगों को अपने रहते पीओके के भारत में शामिल होने के लिए प्रार्थना करनी चाहिए. उन्होंने एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा था कि हम खुशकिस्मत हैं कि यह (विशेष दर्जे को रद्द करना) हमारे जीवनकाल में हुआ. यह हमारी तीन पीढ़ियों के बलिदानों से हुआ है. इस ऐतिहासिक कदम के बाद, आइए हम पीओके को पाकिस्तान के अवैध कब्जे से मुक्त करने की सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और इसे संसद में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव (1994 में) के अनुसार देश का अभिन्न अंग बनाएं.' साथ ही उन्होंने कहा, 'हम प्रार्थना करते हैं कि हम देश के साथ पीओके को देख सकें, लोग मुजफ्फराबाद (पीओके की राजधानी) में आसानी से जा पाएं.' सिंह ने रविवार को कहा था कि जम्मू कश्मीर पर केंद्र का फैसला संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ‘‘व्यापक अनुसंधान'' के बाद लिया गया है और यह किसी भी कानूनी चुनौती का सामना कर सकता है. संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को प्राप्त विशेष दर्जा समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बांटे जाने के केंद्र के फैसले का बचाव करते हुए सिंह ने कहा, ‘रातों रात कुछ भी नहीं होता है. अनुच्छेद 370 और जम्मू कश्मीर के संविधान के व्यापक अध्ययन एवं अनुसंधान के बाद ही इस विषय के विद्वतजनों ने इस विधेयक का मसौदा तैयार किया है.' उन्होंने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 370 का उपबंध तीन राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वह प्रावधान के किसी भी हिस्से को पूरी तरह से या कुछ चीजों को छोड़कर इसे कभी भी निष्क्रिय कर सकते हैं. यह जम्मू कश्मीर के संविधान में भी है. अनुच्छेद 366 यह स्पष्ट करता है कि विधानसभा की गैरमौजूदगी में राज्यपाल वैधानिक प्राधिकारी होते हैं.' प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री यहां भाजपा कार्यालय में लोगों की सभा को संबोधित कर रहे थे. इस महीने की शुरुआत से सरकार के इस कदम के प्रभावी होने के बाद से इसे चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की गयी हैं, जिस पर सिंह ने कहा था कि केंद्र का फैसला किसी भी कानूनी चुनौती का सामना कर सकता है. उन्होंने कहा, ‘कोई रोक का आदेश जारी नहीं होगा... यह कदम विशेष प्रावधान और जम्मू कश्मीर संविधान के अनुरूप उठाया गया है.'
यहाँ एक सारांश है:देश भर में आयोजित होंगे कार्यक्रम अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की वजह बताएंगे छोटी सभाओं का भी होगा आयोजन
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और पाकिस्तान द्वारा अगले महीने तक नई वीजा व्यवस्था को अंतिम स्वरूप दिए जाने की उम्मीद है कि ताकि दोनों देशों के व्यासायियों की आवाजाही को आसान बनाया जा सके। यह बात भारत के दौरे पर आए पाकिस्तान के वाणिज्य सचिव जफर महमूद ने कही। महमूद ने कहा ‘‘सैद्धांतिक तौर पर नई वीजा प्रक्रिया को अंतिम रुप दिया जा चुका है। लेकिन इसे औपचारिक तौर पर मंजूरी देने और घोषित करने की जरूरत है। पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय और भारत के गृह मंत्रालय से इसे मंजूरी दी जानी है।’’ महमूद यहां चार दिनों तक चलने वाली ‘लाइफस्टाइल पाकिस्तान’ प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नए समझौते के तहत किसी कारोबारी को एक साल से ज्यादा समय और ज्यादा शहरों के लिए वीजा प्रदान किए जाने की संभावनाएं हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान के गृह मंत्रालयों के बीच बैठक अप्रैल या मई में होगी और इसकी औपचारिक तौर पर घोषणा होगी।’’ भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के कारोबारियों को यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय वीजा समझौते में संशोधन पर विचार कर रहे हैं जिस पर 1974 में समझौता हुआ था। महमूद ने कहा कि फिलहाल लोग सीमित दायरे में आ-जा सकते हैं। यदि एक पाकिस्तानी कारोबारी दिल्ली आता है तो वह गुड़गांव तक नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सीमेंट जैसे उत्पादों का सीमापार आवागमन प्रोत्साहित करने के लिए सीमा के आसपास बुनियादी ढांचे में सुधार की जरूरत है। महमूद ने कहा ‘‘सैद्धांतिक तौर पर नई वीजा प्रक्रिया को अंतिम रुप दिया जा चुका है। लेकिन इसे औपचारिक तौर पर मंजूरी देने और घोषित करने की जरूरत है। पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय और भारत के गृह मंत्रालय से इसे मंजूरी दी जानी है।’’ महमूद यहां चार दिनों तक चलने वाली ‘लाइफस्टाइल पाकिस्तान’ प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नए समझौते के तहत किसी कारोबारी को एक साल से ज्यादा समय और ज्यादा शहरों के लिए वीजा प्रदान किए जाने की संभावनाएं हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान के गृह मंत्रालयों के बीच बैठक अप्रैल या मई में होगी और इसकी औपचारिक तौर पर घोषणा होगी।’’ भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के कारोबारियों को यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय वीजा समझौते में संशोधन पर विचार कर रहे हैं जिस पर 1974 में समझौता हुआ था। महमूद ने कहा कि फिलहाल लोग सीमित दायरे में आ-जा सकते हैं। यदि एक पाकिस्तानी कारोबारी दिल्ली आता है तो वह गुड़गांव तक नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सीमेंट जैसे उत्पादों का सीमापार आवागमन प्रोत्साहित करने के लिए सीमा के आसपास बुनियादी ढांचे में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान के गृह मंत्रालयों के बीच बैठक अप्रैल या मई में होगी और इसकी औपचारिक तौर पर घोषणा होगी।’’ भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के कारोबारियों को यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय वीजा समझौते में संशोधन पर विचार कर रहे हैं जिस पर 1974 में समझौता हुआ था। महमूद ने कहा कि फिलहाल लोग सीमित दायरे में आ-जा सकते हैं। यदि एक पाकिस्तानी कारोबारी दिल्ली आता है तो वह गुड़गांव तक नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सीमेंट जैसे उत्पादों का सीमापार आवागमन प्रोत्साहित करने के लिए सीमा के आसपास बुनियादी ढांचे में सुधार की जरूरत है। महमूद ने कहा कि फिलहाल लोग सीमित दायरे में आ-जा सकते हैं। यदि एक पाकिस्तानी कारोबारी दिल्ली आता है तो वह गुड़गांव तक नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सीमेंट जैसे उत्पादों का सीमापार आवागमन प्रोत्साहित करने के लिए सीमा के आसपास बुनियादी ढांचे में सुधार की जरूरत है।
यह एक सारांश है: भारत और पाकिस्तान द्वारा अगले महीने तक नई वीजा व्यवस्था को अंतिम स्वरूप दिए जाने की उम्मीद है कि ताकि दोनों देशों के व्यासायियों की आवाजाही को आसान बनाया जा सके।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत पाने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) की जीत के नायक रहे अखिलेश यादव शनिवार को पार्टी विधायक दल के नेता चुन लिए गए। इसके बाद अखिलेश ने राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। 38 वर्षीय अखिलेश यादव सबसे बड़े प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री होंगे। वह 15 मार्च को प्रदेश के 32वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। सपा विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैं एक बार फिर उत्तर प्रदेश की जनता को धन्यवाद देता हूं। लोगों ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर मतदान किया और सपा को बहुमत की सरकार बनाने का मौका दिया।" उन्होंने कहा, "मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ भरोसा दिलाता हूं कि पार्टी ने घोषणापत्र में जो भी वादे किए हैं, वे पूरे किए जाएंगे। किसानों, बुनकरों, अल्पसंख्यकों सहित समाज के हर तबके के हित में काम किया जाएगा। किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।" अखिलेश ने कहा, "सपा की सरकार पूरी ईमादारी से उत्तर प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने के लिए काम करेगी, ताकि जिन राज्यों से वह विकास की दौड़ में पिछड़ गया है, उनकी बराबरी में खड़ा हो सके।" उन्होंने कहा, "सरकार कानून-व्यवस्था भंग करने वालों से सख्ती से निपटेगी। इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" पार्टी का युवा चेहरा अखिलेश ने यह भी कहा, "नेताजी (मुलायम सिंह यादव) राज्य की राजनीति के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में भी सक्रिय रहेंगे और उनके आशीर्वाद तथा मार्गदर्शन में ही पार्टी काम करेगी।" उन्होंने फिर दोहराया कि उनकी सरकार बदले की राजनीति नहीं करेगी और निवर्तमान मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में जो मूर्तियां बनवाई गईं, उन्हें तोड़ा नहीं जाएगा। अखिलेश ने संवाददाताओं को बताया कि विधायक दल की बैठक का संचालन रामगोपाल यादव ने किया। बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आजम खान और शिवपाल यादव ने किया, जिसे सर्वसम्मति से सभी नविनर्वाचित विधायकों ने स्वीकार कर लिया। यह पूछे जाने पर कि क्या आजम खान और शिवपाल यादव मंत्रिमंडल में रहेंगे, उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेता हैं और वे मंत्रिमंडल में अवश्य रहेंगे। सपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ आजम खान, चाचा शिवपाल यादव एवं अन्य नेता मौजूद थे। अखिलेश के साथ राजभवन गए सपा के वरिष्ठ नेता एवं नविनर्वाचित विधायक रवि दास मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे नेता (अखिलेश) ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद उन्हें जानकारी दी कि 15 मार्च को सुबह 11 बजे लॉ मार्टिनियर कॉलेज के मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।" सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। 38 वर्षीय अखिलेश यादव सबसे बड़े प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री होंगे। वह 15 मार्च को प्रदेश के 32वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। सपा विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैं एक बार फिर उत्तर प्रदेश की जनता को धन्यवाद देता हूं। लोगों ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर मतदान किया और सपा को बहुमत की सरकार बनाने का मौका दिया।" उन्होंने कहा, "मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ भरोसा दिलाता हूं कि पार्टी ने घोषणापत्र में जो भी वादे किए हैं, वे पूरे किए जाएंगे। किसानों, बुनकरों, अल्पसंख्यकों सहित समाज के हर तबके के हित में काम किया जाएगा। किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।" अखिलेश ने कहा, "सपा की सरकार पूरी ईमादारी से उत्तर प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने के लिए काम करेगी, ताकि जिन राज्यों से वह विकास की दौड़ में पिछड़ गया है, उनकी बराबरी में खड़ा हो सके।" उन्होंने कहा, "सरकार कानून-व्यवस्था भंग करने वालों से सख्ती से निपटेगी। इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" पार्टी का युवा चेहरा अखिलेश ने यह भी कहा, "नेताजी (मुलायम सिंह यादव) राज्य की राजनीति के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में भी सक्रिय रहेंगे और उनके आशीर्वाद तथा मार्गदर्शन में ही पार्टी काम करेगी।" उन्होंने फिर दोहराया कि उनकी सरकार बदले की राजनीति नहीं करेगी और निवर्तमान मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में जो मूर्तियां बनवाई गईं, उन्हें तोड़ा नहीं जाएगा। अखिलेश ने संवाददाताओं को बताया कि विधायक दल की बैठक का संचालन रामगोपाल यादव ने किया। बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आजम खान और शिवपाल यादव ने किया, जिसे सर्वसम्मति से सभी नविनर्वाचित विधायकों ने स्वीकार कर लिया। यह पूछे जाने पर कि क्या आजम खान और शिवपाल यादव मंत्रिमंडल में रहेंगे, उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेता हैं और वे मंत्रिमंडल में अवश्य रहेंगे। सपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ आजम खान, चाचा शिवपाल यादव एवं अन्य नेता मौजूद थे। अखिलेश के साथ राजभवन गए सपा के वरिष्ठ नेता एवं नविनर्वाचित विधायक रवि दास मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे नेता (अखिलेश) ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद उन्हें जानकारी दी कि 15 मार्च को सुबह 11 बजे लॉ मार्टिनियर कॉलेज के मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।" सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। सपा विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैं एक बार फिर उत्तर प्रदेश की जनता को धन्यवाद देता हूं। लोगों ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर मतदान किया और सपा को बहुमत की सरकार बनाने का मौका दिया।" उन्होंने कहा, "मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ भरोसा दिलाता हूं कि पार्टी ने घोषणापत्र में जो भी वादे किए हैं, वे पूरे किए जाएंगे। किसानों, बुनकरों, अल्पसंख्यकों सहित समाज के हर तबके के हित में काम किया जाएगा। किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।" अखिलेश ने कहा, "सपा की सरकार पूरी ईमादारी से उत्तर प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने के लिए काम करेगी, ताकि जिन राज्यों से वह विकास की दौड़ में पिछड़ गया है, उनकी बराबरी में खड़ा हो सके।" उन्होंने कहा, "सरकार कानून-व्यवस्था भंग करने वालों से सख्ती से निपटेगी। इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" पार्टी का युवा चेहरा अखिलेश ने यह भी कहा, "नेताजी (मुलायम सिंह यादव) राज्य की राजनीति के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में भी सक्रिय रहेंगे और उनके आशीर्वाद तथा मार्गदर्शन में ही पार्टी काम करेगी।" उन्होंने फिर दोहराया कि उनकी सरकार बदले की राजनीति नहीं करेगी और निवर्तमान मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में जो मूर्तियां बनवाई गईं, उन्हें तोड़ा नहीं जाएगा। अखिलेश ने संवाददाताओं को बताया कि विधायक दल की बैठक का संचालन रामगोपाल यादव ने किया। बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आजम खान और शिवपाल यादव ने किया, जिसे सर्वसम्मति से सभी नविनर्वाचित विधायकों ने स्वीकार कर लिया। यह पूछे जाने पर कि क्या आजम खान और शिवपाल यादव मंत्रिमंडल में रहेंगे, उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेता हैं और वे मंत्रिमंडल में अवश्य रहेंगे। सपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ आजम खान, चाचा शिवपाल यादव एवं अन्य नेता मौजूद थे। अखिलेश के साथ राजभवन गए सपा के वरिष्ठ नेता एवं नविनर्वाचित विधायक रवि दास मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे नेता (अखिलेश) ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद उन्हें जानकारी दी कि 15 मार्च को सुबह 11 बजे लॉ मार्टिनियर कॉलेज के मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।" सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। अखिलेश ने कहा, "सपा की सरकार पूरी ईमादारी से उत्तर प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने के लिए काम करेगी, ताकि जिन राज्यों से वह विकास की दौड़ में पिछड़ गया है, उनकी बराबरी में खड़ा हो सके।" उन्होंने कहा, "सरकार कानून-व्यवस्था भंग करने वालों से सख्ती से निपटेगी। इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" पार्टी का युवा चेहरा अखिलेश ने यह भी कहा, "नेताजी (मुलायम सिंह यादव) राज्य की राजनीति के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में भी सक्रिय रहेंगे और उनके आशीर्वाद तथा मार्गदर्शन में ही पार्टी काम करेगी।" उन्होंने फिर दोहराया कि उनकी सरकार बदले की राजनीति नहीं करेगी और निवर्तमान मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में जो मूर्तियां बनवाई गईं, उन्हें तोड़ा नहीं जाएगा। अखिलेश ने संवाददाताओं को बताया कि विधायक दल की बैठक का संचालन रामगोपाल यादव ने किया। बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आजम खान और शिवपाल यादव ने किया, जिसे सर्वसम्मति से सभी नविनर्वाचित विधायकों ने स्वीकार कर लिया। यह पूछे जाने पर कि क्या आजम खान और शिवपाल यादव मंत्रिमंडल में रहेंगे, उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेता हैं और वे मंत्रिमंडल में अवश्य रहेंगे। सपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ आजम खान, चाचा शिवपाल यादव एवं अन्य नेता मौजूद थे। अखिलेश के साथ राजभवन गए सपा के वरिष्ठ नेता एवं नविनर्वाचित विधायक रवि दास मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे नेता (अखिलेश) ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद उन्हें जानकारी दी कि 15 मार्च को सुबह 11 बजे लॉ मार्टिनियर कॉलेज के मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।" सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। पार्टी का युवा चेहरा अखिलेश ने यह भी कहा, "नेताजी (मुलायम सिंह यादव) राज्य की राजनीति के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में भी सक्रिय रहेंगे और उनके आशीर्वाद तथा मार्गदर्शन में ही पार्टी काम करेगी।" उन्होंने फिर दोहराया कि उनकी सरकार बदले की राजनीति नहीं करेगी और निवर्तमान मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में जो मूर्तियां बनवाई गईं, उन्हें तोड़ा नहीं जाएगा। अखिलेश ने संवाददाताओं को बताया कि विधायक दल की बैठक का संचालन रामगोपाल यादव ने किया। बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आजम खान और शिवपाल यादव ने किया, जिसे सर्वसम्मति से सभी नविनर्वाचित विधायकों ने स्वीकार कर लिया। यह पूछे जाने पर कि क्या आजम खान और शिवपाल यादव मंत्रिमंडल में रहेंगे, उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेता हैं और वे मंत्रिमंडल में अवश्य रहेंगे। सपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ आजम खान, चाचा शिवपाल यादव एवं अन्य नेता मौजूद थे। अखिलेश के साथ राजभवन गए सपा के वरिष्ठ नेता एवं नविनर्वाचित विधायक रवि दास मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे नेता (अखिलेश) ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद उन्हें जानकारी दी कि 15 मार्च को सुबह 11 बजे लॉ मार्टिनियर कॉलेज के मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।" सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। अखिलेश ने संवाददाताओं को बताया कि विधायक दल की बैठक का संचालन रामगोपाल यादव ने किया। बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आजम खान और शिवपाल यादव ने किया, जिसे सर्वसम्मति से सभी नविनर्वाचित विधायकों ने स्वीकार कर लिया। यह पूछे जाने पर कि क्या आजम खान और शिवपाल यादव मंत्रिमंडल में रहेंगे, उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेता हैं और वे मंत्रिमंडल में अवश्य रहेंगे। सपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ आजम खान, चाचा शिवपाल यादव एवं अन्य नेता मौजूद थे। अखिलेश के साथ राजभवन गए सपा के वरिष्ठ नेता एवं नविनर्वाचित विधायक रवि दास मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे नेता (अखिलेश) ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद उन्हें जानकारी दी कि 15 मार्च को सुबह 11 बजे लॉ मार्टिनियर कॉलेज के मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।" सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। यह पूछे जाने पर कि क्या आजम खान और शिवपाल यादव मंत्रिमंडल में रहेंगे, उन्होंने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेता हैं और वे मंत्रिमंडल में अवश्य रहेंगे। सपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ आजम खान, चाचा शिवपाल यादव एवं अन्य नेता मौजूद थे। अखिलेश के साथ राजभवन गए सपा के वरिष्ठ नेता एवं नविनर्वाचित विधायक रवि दास मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे नेता (अखिलेश) ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद उन्हें जानकारी दी कि 15 मार्च को सुबह 11 बजे लॉ मार्टिनियर कॉलेज के मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।" सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। सपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अखिलेश ने राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके साथ आजम खान, चाचा शिवपाल यादव एवं अन्य नेता मौजूद थे। अखिलेश के साथ राजभवन गए सपा के वरिष्ठ नेता एवं नविनर्वाचित विधायक रवि दास मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे नेता (अखिलेश) ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद उन्हें जानकारी दी कि 15 मार्च को सुबह 11 बजे लॉ मार्टिनियर कॉलेज के मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।" सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। अखिलेश के साथ राजभवन गए सपा के वरिष्ठ नेता एवं नविनर्वाचित विधायक रवि दास मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारे नेता (अखिलेश) ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद उन्हें जानकारी दी कि 15 मार्च को सुबह 11 बजे लॉ मार्टिनियर कॉलेज के मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।" सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। सपा विधायक दल की बैठक शनिवार पूर्वाह्न् करीब 11.15 बजे यहां के विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की सहिमत के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश का नाम तय हो गया था, जिसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद कर दी गई। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा को मिली जबर्दस्त सफलता के बाद से ही पार्टी के अधिकांश नेता व विधायक अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर रहे थे। आजम खान और शिवपाल यादव हालांकि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में उन्हें मना लिया गया। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में अंदरूनी कलह का संकेत न जाए, इसके लिए आजम और शिवपाल से ही अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखवाया गया। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। बाद में मीडिया के समक्ष आजम ने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी नाराजगी संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पार्टी अध्यक्ष की चाहत ही हमारी चाहत है।" वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। वहीं, शिवपाल ने कहा, "अखिलेश मेरे बेटे की तरह हैं। बेटे को मुख्यमंत्री बनते देखना एक बाप की आंखों का सपना सच होने जैसा है।"टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मुलायम सिंह के साथ हुई बैठक में आजम खान को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जबकि शिवपाल को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। लेकिन विधायक दल की बैठक में दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि वे अखिलेश के साथ रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम करेंगे। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है। उधर, देर शाम सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि 15 मार्च को अखिलेश मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे तथा अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है।
यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत पाने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) की जीत के नायक रहे अखिलेश यादव शनिवार को पार्टी विधायक दल के नेता चुन लिए गए।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में हुए गैंगरेप के चलते देशभर लोगों में गुस्सा है लेकिन, इसके बावजूद ऐसी वारदात थमने का नाम नहीं ले रही है। हरियाणा के हिसार में दो लोग सरेआम राह चलती लड़की को छेड़ रहे हैं और उन्हें इस बात का भी अंदाज़ा नहीं है कि उनकी ये हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही है।टिप्पणियां सीसीटीवी की तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि लड़की अपने कॉलेज से निकल रही है और दो युवक उसका पीछा कर रहे हैं। इसके बाद ये उस लड़की का हाथ पकड़ते हैं, फिर मोबाइल छीनते हैं और जब पास का एक दुकानवाला लड़की को इनके चंगुल से छुड़ाने की कोशिश करता है तो उसकी बुरी तरह पिटाई कर देते हैं। सीसीटीवी पर पूरा मामला होने के बावजूद पुलिस अभी तक किसी को गिरफ़्तार नहीं कर पाई है। पुलिस ने कई धाराओं के तहत आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी की तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि लड़की अपने कॉलेज से निकल रही है और दो युवक उसका पीछा कर रहे हैं। इसके बाद ये उस लड़की का हाथ पकड़ते हैं, फिर मोबाइल छीनते हैं और जब पास का एक दुकानवाला लड़की को इनके चंगुल से छुड़ाने की कोशिश करता है तो उसकी बुरी तरह पिटाई कर देते हैं। सीसीटीवी पर पूरा मामला होने के बावजूद पुलिस अभी तक किसी को गिरफ़्तार नहीं कर पाई है। पुलिस ने कई धाराओं के तहत आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी पर पूरा मामला होने के बावजूद पुलिस अभी तक किसी को गिरफ़्तार नहीं कर पाई है। पुलिस ने कई धाराओं के तहत आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है।
यहाँ एक सारांश है:हरियाणा के हिसार में दो लोग सरेआम राह चलती लड़की को छेड़ रहे हैं और उन्हें इस बात का भी अंदाज़ा नहीं है कि उनकी ये हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही है।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई में हुए एक सनसनीखेज खुलासे में ठाकरे परिवार के कारोबारी रिश्ते खुलकर सामने आए हैं. यह पहली बार है जब ठाकरे परिवार के कारोबारी रिश्ते शिवसेना के नेताओं से उजागर हुए हैं. मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि इन्हीं कारोबारी रिश्तों के कारण शिवसेना आलाकमान अपने दागदार नेता और गृह निर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर को कार्रवाई से बचा रही है.टिप्पणियां पार्टी के मुखिया के परिवार के सदस्यों के साथ किसी नेता का कारोबारी रिश्ता सामने आने का यह शायद देश का पहला उदाहरण होगा। संवाददाता सम्मलेन में पेश किए गए कागजात के आधार पर संजय निरुपम ने कुछ अहम दावे किए हैं. उन्होंने बताया कि विजयलक्ष्मी ग्रुप के स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि के मामा दिलीप श्रृंगारपुरे और रवींद्र वायकर एक साथ हैं. स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में पुरातत्व विभाग के नियमों का उल्लंघन हो रहा है.   निरुपम ने बताया कि शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर की पत्नी मनीषा जमीन के कई सौदों में एक साथ हैं. रश्मि ठाकरे और मनीषा वायकर ने रायगढ़ के कोर्लई गांव में अमूमन 125 करोड़ रुपए की करीब 25 एकड़ जमीन खरीदी है.   संजय निरुपम का कहना है कि इतने सारे व्यावसायिक निवेश के लिए ठाकरे परिवार के पास इतना पैसा कहां से आया? इसकी जांच हो. साथ ही उनके तमाम सौदों की भी जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस से कराई जानी चाहिए.   विवाद के केंद्र में रहे शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर पर मुंबई कांग्रेस पहले ही सरकारी जमीन के गबन और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप लगा चुकी है. मंगलावर को हुए नए खुलासे में वायकर और ठाकरे परिवार का कारोबारी रिश्ता सामने आया है.   वैसे इस मामले में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को भी कांग्रेस ने कटघरे में खड़ा किया है. पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने रवींद्र वायकर को भ्रष्टाचार के आरोपों से क्लीनचिट देते हुए विधानसभा को गुमराह किया. उधर, शिवसेना ने इस मामले पर चुप्पी साध ली है. पार्टी के सर्वोच्च परिवार का बचाव करने कोई भी नेता मीडिया के सामने नहीं आया. पार्टी के मुखिया के परिवार के सदस्यों के साथ किसी नेता का कारोबारी रिश्ता सामने आने का यह शायद देश का पहला उदाहरण होगा। संवाददाता सम्मलेन में पेश किए गए कागजात के आधार पर संजय निरुपम ने कुछ अहम दावे किए हैं. उन्होंने बताया कि विजयलक्ष्मी ग्रुप के स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि के मामा दिलीप श्रृंगारपुरे और रवींद्र वायकर एक साथ हैं. स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में पुरातत्व विभाग के नियमों का उल्लंघन हो रहा है.   निरुपम ने बताया कि शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर की पत्नी मनीषा जमीन के कई सौदों में एक साथ हैं. रश्मि ठाकरे और मनीषा वायकर ने रायगढ़ के कोर्लई गांव में अमूमन 125 करोड़ रुपए की करीब 25 एकड़ जमीन खरीदी है.   संजय निरुपम का कहना है कि इतने सारे व्यावसायिक निवेश के लिए ठाकरे परिवार के पास इतना पैसा कहां से आया? इसकी जांच हो. साथ ही उनके तमाम सौदों की भी जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस से कराई जानी चाहिए.   विवाद के केंद्र में रहे शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर पर मुंबई कांग्रेस पहले ही सरकारी जमीन के गबन और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप लगा चुकी है. मंगलावर को हुए नए खुलासे में वायकर और ठाकरे परिवार का कारोबारी रिश्ता सामने आया है.   वैसे इस मामले में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को भी कांग्रेस ने कटघरे में खड़ा किया है. पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने रवींद्र वायकर को भ्रष्टाचार के आरोपों से क्लीनचिट देते हुए विधानसभा को गुमराह किया. उधर, शिवसेना ने इस मामले पर चुप्पी साध ली है. पार्टी के सर्वोच्च परिवार का बचाव करने कोई भी नेता मीडिया के सामने नहीं आया. संवाददाता सम्मलेन में पेश किए गए कागजात के आधार पर संजय निरुपम ने कुछ अहम दावे किए हैं. उन्होंने बताया कि विजयलक्ष्मी ग्रुप के स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि के मामा दिलीप श्रृंगारपुरे और रवींद्र वायकर एक साथ हैं. स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में पुरातत्व विभाग के नियमों का उल्लंघन हो रहा है.   निरुपम ने बताया कि शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर की पत्नी मनीषा जमीन के कई सौदों में एक साथ हैं. रश्मि ठाकरे और मनीषा वायकर ने रायगढ़ के कोर्लई गांव में अमूमन 125 करोड़ रुपए की करीब 25 एकड़ जमीन खरीदी है.   संजय निरुपम का कहना है कि इतने सारे व्यावसायिक निवेश के लिए ठाकरे परिवार के पास इतना पैसा कहां से आया? इसकी जांच हो. साथ ही उनके तमाम सौदों की भी जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस से कराई जानी चाहिए.   विवाद के केंद्र में रहे शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रवींद्र वायकर पर मुंबई कांग्रेस पहले ही सरकारी जमीन के गबन और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप लगा चुकी है. मंगलावर को हुए नए खुलासे में वायकर और ठाकरे परिवार का कारोबारी रिश्ता सामने आया है.   वैसे इस मामले में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को भी कांग्रेस ने कटघरे में खड़ा किया है. पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने रवींद्र वायकर को भ्रष्टाचार के आरोपों से क्लीनचिट देते हुए विधानसभा को गुमराह किया. उधर, शिवसेना ने इस मामले पर चुप्पी साध ली है. पार्टी के सर्वोच्च परिवार का बचाव करने कोई भी नेता मीडिया के सामने नहीं आया.
यह एक सारांश है: कारोबारी रिश्तों के कारण दागदार मंत्री पर कार्रवाई नहीं स्वप्नपूर्ति SRA प्रोजेक्ट में पुरातत्व विभाग के नियमों का उल्लंघन रश्मि ठाकरे और मनीषा वायकर ने खरीदी 125 करोड़ रुपए की जमीन
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन से बेहद निराश हैं। गावस्कर का कहना है कि इस टीम में जीत की भूख की कमी है। ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारत को 319 रनों के भारी अंतर से हार झेलनी पड़ी थी। इंग्लैंड द्वारा रखे गए 478 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की दूसरी पारी महज 158 रनों पर सिमट गई थी। मैच के बाद गावस्कर ने कहा, "भारतीय टीम को देखकर ऐसा कभी भी नहीं लगा कि वह टेस्ट की नम्बर एक टीम है और न ही उसने नम्बर एक टीम की तरह खेल का प्रदर्शन किया। इससे पहले, यदि विदेशों में भारतीय टीम का प्रदर्शन देखा जाए तो भारतीय टीम ने बड़ी टीमों को कभी नहीं हराया है हालांकि वर्ष 2007 में उसने इंग्लैंड को जरूर हराया था। दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया हाल ही में शीर्ष टीमों में शुमार हुई हैं और हमने उन्हें नहीं हराया है। हमने दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में श्रृंखला भी नहीं जीती है इसलिए मुझे लगता है कि असल में नम्बर एक टीम वही हैं।" इंग्लैंड के साथ जारी चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले दो टेस्ट मैचों में भारत को शिकस्त झेलनी पड़ी है। भारतीय टीम मौजूदा श्रृंखला में 0-2 से पीछे है और उसका टेस्ट रैंकिंग में नम्बर एक का स्थान खतरे में पड़ गया है। गावस्कर ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इंग्लिश टीम की तरह भारतीय टीम जीत की भूखी है। इंग्लिश टीम का ध्यान सिर्फ जीत पर है। ये चीज मुझे भारतीय टीम में अब तक देखने को नहीं मिली है। इंग्लैंड की टीम नम्बर एक टीम की तरह खेल रही है। वह एक उभरती हुई टीम है। वर्ष 2009 में एशेज जीतने के बाद उनकी टीम पिछले कुछ वर्षो में एक इकाई के रूप में खेल रही है।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सुनील गावस्कर मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन से बेहद निराश हैं। गावस्कर का कहना है कि इस टीम में जीत की भूख की कमी है।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर पद पर रघुराम राजन का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही इस केंद्रीय बैंक के अब तक के सबसे मुखर प्रमुख की विदाई हो गई है. अपने तीन साल के कार्यकाल में राजन नीतिगत मोर्चे पर अपनी नीतियों के साथ साथ दूसरे मुद्दों पर अपनी बेबाक राय के कारण कई बार उतने ही विवादों में भी रहे. 'मेरा नाम राजन है और मैं वही करता हूं जो मुझे करना होता है' जैसे जुमले और देश में बढ़ती 'असहिष्णुता' जैसे मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के साथ इस तीन साल के कार्यकाल में राजन ने जितने दोस्त कमाए उतने ही दुश्मन (नीतिगत मोर्चे पर) भी बनाए. कॉलेज में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए अर्थशास्त्र को छोड़ने वाले राजन को चाहने वालों ने 'रॉकस्टार राजन' तथा 'बांड ऑफ द मिंट स्ट्रीट' कहकर बुलाया तो विरोधियों ने उनकी देशभक्ति पर सवाल खड़े किए. 53 साल के राजन का तीन साल का कार्यकाल आज यानी चार सितंबर को पूरा हो गया. हाल ही के वर्षों में किसी भी गवर्नर के लिए यह सबसे छोटा कार्यकाल रहा है. जाते-जाते उन्होंने कह भी दिया कि 'अधूरे काम को पूरा करने के लिए वे कुछ और समय तक इस पद पर बने रहना चाहते थे लेकिन इस विस्तार के बारे में केंद्र सरकार के साथ उनका समझौता नहीं हो सका.' इसके साथ ही राजन ने केंद्रीय बैंक के गवर्नर के रूप में अपनी आखिरी सार्वजनिक संबोधिन में रिजर्व बैंक की स्वायत्ता बनाए रखने की वकालत की ताकि वह जरूरत पड़ने पर सरकार को 'न' कह सके. राजन शिकागो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर (वित्त) थे. जानकारों का कहना है कि वे अपने इस काम पर लौट सकते हैं और इस बीच कुछ और काम भी कर सकते हैं. इससे पहले वे आईएमएफ में मुख्य अर्थशास्त्री रह चुके हैं. अपने छात्र जीवन में राजन दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में अर्थशास्त्र की पढाई करना चाहते थे. रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में अपना आखिरी संबोधन उन्होंने इसी कॉलेज में दिया. हालांकि कई कारणों के चलते उन्होंने आईआईटी दिल्ली में इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. राजन के तीन साल के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि रपये की में स्थिरता है. चार सितंबर 2013 को जब राजन ने कार्यकाल ने कार्यभार संभाला था तो यह उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती थी. राजन रुपये में स्थिरता लाने में सफल रहे और मुद्रास्फीति दर को भी घटाकर 6 प्रतिशत के दायरे मे ले आए. राजन को 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट का पूर्वानुमान लगाने का श्रेय दिया जाता है. रिजर्व बैंक गवर्नर का पद छोड़ने से पहले सार्वजनिक तौर पर अपने आखिरी संबोधन में रघुराम राजन ने एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रिजर्व बैंक की वकालत की जो कि वृहदआर्थिक स्थिरता की खातिर सरकार के शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों को 'न' कह सके. राजन ने सेंट स्टीफन कॉलेज में 'केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता' विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, "केंद्रीय बैंक को स्वतंत्र होना चाहिए और उसे आकषर्क दिखने वाले प्रस्तावों को 'न' कहने में सक्षम होना चाहिए." रिजर्व बैंक गर्वनर के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में उन्होंने कहा कि उनके रहते भुगतान और बैंकिंग प्रणाली के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किये गये. मौद्रिक नीति संचालन, नकदी प्रबंधन, वित्तीय बाजारों, परेशानियों के निदान और खुद रिजर्व बैंक में बदलाव लाने के क्षेत्र में कई काम किए गए.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर के तौर पर यह उनका अंतिम सार्वजनिक भाषण है. उन्होंने कहा, "केवल समय ही बताएगा कि ये सुधार कितने सफल रहे लेकिन मैंने बिना किसी डर और पक्षपात के अपनी तरफ से हर संभव बेहतर काम करने की कोशिश की है."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 'मेरा नाम राजन है और मैं वही करता हूं जो मुझे करना होता है' जैसे जुमले और देश में बढ़ती 'असहिष्णुता' जैसे मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के साथ इस तीन साल के कार्यकाल में राजन ने जितने दोस्त कमाए उतने ही दुश्मन (नीतिगत मोर्चे पर) भी बनाए. कॉलेज में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए अर्थशास्त्र को छोड़ने वाले राजन को चाहने वालों ने 'रॉकस्टार राजन' तथा 'बांड ऑफ द मिंट स्ट्रीट' कहकर बुलाया तो विरोधियों ने उनकी देशभक्ति पर सवाल खड़े किए. 53 साल के राजन का तीन साल का कार्यकाल आज यानी चार सितंबर को पूरा हो गया. हाल ही के वर्षों में किसी भी गवर्नर के लिए यह सबसे छोटा कार्यकाल रहा है. जाते-जाते उन्होंने कह भी दिया कि 'अधूरे काम को पूरा करने के लिए वे कुछ और समय तक इस पद पर बने रहना चाहते थे लेकिन इस विस्तार के बारे में केंद्र सरकार के साथ उनका समझौता नहीं हो सका.' इसके साथ ही राजन ने केंद्रीय बैंक के गवर्नर के रूप में अपनी आखिरी सार्वजनिक संबोधिन में रिजर्व बैंक की स्वायत्ता बनाए रखने की वकालत की ताकि वह जरूरत पड़ने पर सरकार को 'न' कह सके. राजन शिकागो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर (वित्त) थे. जानकारों का कहना है कि वे अपने इस काम पर लौट सकते हैं और इस बीच कुछ और काम भी कर सकते हैं. इससे पहले वे आईएमएफ में मुख्य अर्थशास्त्री रह चुके हैं. अपने छात्र जीवन में राजन दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में अर्थशास्त्र की पढाई करना चाहते थे. रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में अपना आखिरी संबोधन उन्होंने इसी कॉलेज में दिया. हालांकि कई कारणों के चलते उन्होंने आईआईटी दिल्ली में इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. राजन के तीन साल के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि रपये की में स्थिरता है. चार सितंबर 2013 को जब राजन ने कार्यकाल ने कार्यभार संभाला था तो यह उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती थी. राजन रुपये में स्थिरता लाने में सफल रहे और मुद्रास्फीति दर को भी घटाकर 6 प्रतिशत के दायरे मे ले आए. राजन को 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट का पूर्वानुमान लगाने का श्रेय दिया जाता है. रिजर्व बैंक गवर्नर का पद छोड़ने से पहले सार्वजनिक तौर पर अपने आखिरी संबोधन में रघुराम राजन ने एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रिजर्व बैंक की वकालत की जो कि वृहदआर्थिक स्थिरता की खातिर सरकार के शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों को 'न' कह सके. राजन ने सेंट स्टीफन कॉलेज में 'केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता' विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, "केंद्रीय बैंक को स्वतंत्र होना चाहिए और उसे आकषर्क दिखने वाले प्रस्तावों को 'न' कहने में सक्षम होना चाहिए." रिजर्व बैंक गर्वनर के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में उन्होंने कहा कि उनके रहते भुगतान और बैंकिंग प्रणाली के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किये गये. मौद्रिक नीति संचालन, नकदी प्रबंधन, वित्तीय बाजारों, परेशानियों के निदान और खुद रिजर्व बैंक में बदलाव लाने के क्षेत्र में कई काम किए गए.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर के तौर पर यह उनका अंतिम सार्वजनिक भाषण है. उन्होंने कहा, "केवल समय ही बताएगा कि ये सुधार कितने सफल रहे लेकिन मैंने बिना किसी डर और पक्षपात के अपनी तरफ से हर संभव बेहतर काम करने की कोशिश की है."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 53 साल के राजन का तीन साल का कार्यकाल आज यानी चार सितंबर को पूरा हो गया. हाल ही के वर्षों में किसी भी गवर्नर के लिए यह सबसे छोटा कार्यकाल रहा है. जाते-जाते उन्होंने कह भी दिया कि 'अधूरे काम को पूरा करने के लिए वे कुछ और समय तक इस पद पर बने रहना चाहते थे लेकिन इस विस्तार के बारे में केंद्र सरकार के साथ उनका समझौता नहीं हो सका.' इसके साथ ही राजन ने केंद्रीय बैंक के गवर्नर के रूप में अपनी आखिरी सार्वजनिक संबोधिन में रिजर्व बैंक की स्वायत्ता बनाए रखने की वकालत की ताकि वह जरूरत पड़ने पर सरकार को 'न' कह सके. राजन शिकागो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर (वित्त) थे. जानकारों का कहना है कि वे अपने इस काम पर लौट सकते हैं और इस बीच कुछ और काम भी कर सकते हैं. इससे पहले वे आईएमएफ में मुख्य अर्थशास्त्री रह चुके हैं. अपने छात्र जीवन में राजन दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में अर्थशास्त्र की पढाई करना चाहते थे. रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में अपना आखिरी संबोधन उन्होंने इसी कॉलेज में दिया. हालांकि कई कारणों के चलते उन्होंने आईआईटी दिल्ली में इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. राजन के तीन साल के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि रपये की में स्थिरता है. चार सितंबर 2013 को जब राजन ने कार्यकाल ने कार्यभार संभाला था तो यह उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती थी. राजन रुपये में स्थिरता लाने में सफल रहे और मुद्रास्फीति दर को भी घटाकर 6 प्रतिशत के दायरे मे ले आए. राजन को 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट का पूर्वानुमान लगाने का श्रेय दिया जाता है. रिजर्व बैंक गवर्नर का पद छोड़ने से पहले सार्वजनिक तौर पर अपने आखिरी संबोधन में रघुराम राजन ने एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रिजर्व बैंक की वकालत की जो कि वृहदआर्थिक स्थिरता की खातिर सरकार के शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों को 'न' कह सके. राजन ने सेंट स्टीफन कॉलेज में 'केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता' विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, "केंद्रीय बैंक को स्वतंत्र होना चाहिए और उसे आकषर्क दिखने वाले प्रस्तावों को 'न' कहने में सक्षम होना चाहिए." रिजर्व बैंक गर्वनर के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में उन्होंने कहा कि उनके रहते भुगतान और बैंकिंग प्रणाली के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किये गये. मौद्रिक नीति संचालन, नकदी प्रबंधन, वित्तीय बाजारों, परेशानियों के निदान और खुद रिजर्व बैंक में बदलाव लाने के क्षेत्र में कई काम किए गए.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर के तौर पर यह उनका अंतिम सार्वजनिक भाषण है. उन्होंने कहा, "केवल समय ही बताएगा कि ये सुधार कितने सफल रहे लेकिन मैंने बिना किसी डर और पक्षपात के अपनी तरफ से हर संभव बेहतर काम करने की कोशिश की है."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राजन शिकागो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर (वित्त) थे. जानकारों का कहना है कि वे अपने इस काम पर लौट सकते हैं और इस बीच कुछ और काम भी कर सकते हैं. इससे पहले वे आईएमएफ में मुख्य अर्थशास्त्री रह चुके हैं. अपने छात्र जीवन में राजन दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में अर्थशास्त्र की पढाई करना चाहते थे. रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में अपना आखिरी संबोधन उन्होंने इसी कॉलेज में दिया. हालांकि कई कारणों के चलते उन्होंने आईआईटी दिल्ली में इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. राजन के तीन साल के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि रपये की में स्थिरता है. चार सितंबर 2013 को जब राजन ने कार्यकाल ने कार्यभार संभाला था तो यह उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती थी. राजन रुपये में स्थिरता लाने में सफल रहे और मुद्रास्फीति दर को भी घटाकर 6 प्रतिशत के दायरे मे ले आए. राजन को 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट का पूर्वानुमान लगाने का श्रेय दिया जाता है. रिजर्व बैंक गवर्नर का पद छोड़ने से पहले सार्वजनिक तौर पर अपने आखिरी संबोधन में रघुराम राजन ने एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रिजर्व बैंक की वकालत की जो कि वृहदआर्थिक स्थिरता की खातिर सरकार के शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों को 'न' कह सके. राजन ने सेंट स्टीफन कॉलेज में 'केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता' विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, "केंद्रीय बैंक को स्वतंत्र होना चाहिए और उसे आकषर्क दिखने वाले प्रस्तावों को 'न' कहने में सक्षम होना चाहिए." रिजर्व बैंक गर्वनर के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में उन्होंने कहा कि उनके रहते भुगतान और बैंकिंग प्रणाली के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किये गये. मौद्रिक नीति संचालन, नकदी प्रबंधन, वित्तीय बाजारों, परेशानियों के निदान और खुद रिजर्व बैंक में बदलाव लाने के क्षेत्र में कई काम किए गए.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर के तौर पर यह उनका अंतिम सार्वजनिक भाषण है. उन्होंने कहा, "केवल समय ही बताएगा कि ये सुधार कितने सफल रहे लेकिन मैंने बिना किसी डर और पक्षपात के अपनी तरफ से हर संभव बेहतर काम करने की कोशिश की है."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राजन के तीन साल के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि रपये की में स्थिरता है. चार सितंबर 2013 को जब राजन ने कार्यकाल ने कार्यभार संभाला था तो यह उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती थी. राजन रुपये में स्थिरता लाने में सफल रहे और मुद्रास्फीति दर को भी घटाकर 6 प्रतिशत के दायरे मे ले आए. राजन को 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट का पूर्वानुमान लगाने का श्रेय दिया जाता है. रिजर्व बैंक गवर्नर का पद छोड़ने से पहले सार्वजनिक तौर पर अपने आखिरी संबोधन में रघुराम राजन ने एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रिजर्व बैंक की वकालत की जो कि वृहदआर्थिक स्थिरता की खातिर सरकार के शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों को 'न' कह सके. राजन ने सेंट स्टीफन कॉलेज में 'केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता' विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, "केंद्रीय बैंक को स्वतंत्र होना चाहिए और उसे आकषर्क दिखने वाले प्रस्तावों को 'न' कहने में सक्षम होना चाहिए." रिजर्व बैंक गर्वनर के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में उन्होंने कहा कि उनके रहते भुगतान और बैंकिंग प्रणाली के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किये गये. मौद्रिक नीति संचालन, नकदी प्रबंधन, वित्तीय बाजारों, परेशानियों के निदान और खुद रिजर्व बैंक में बदलाव लाने के क्षेत्र में कई काम किए गए.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर के तौर पर यह उनका अंतिम सार्वजनिक भाषण है. उन्होंने कहा, "केवल समय ही बताएगा कि ये सुधार कितने सफल रहे लेकिन मैंने बिना किसी डर और पक्षपात के अपनी तरफ से हर संभव बेहतर काम करने की कोशिश की है."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राजन ने सेंट स्टीफन कॉलेज में 'केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता' विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, "केंद्रीय बैंक को स्वतंत्र होना चाहिए और उसे आकषर्क दिखने वाले प्रस्तावों को 'न' कहने में सक्षम होना चाहिए." रिजर्व बैंक गर्वनर के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में उन्होंने कहा कि उनके रहते भुगतान और बैंकिंग प्रणाली के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किये गये. मौद्रिक नीति संचालन, नकदी प्रबंधन, वित्तीय बाजारों, परेशानियों के निदान और खुद रिजर्व बैंक में बदलाव लाने के क्षेत्र में कई काम किए गए.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर के तौर पर यह उनका अंतिम सार्वजनिक भाषण है. उन्होंने कहा, "केवल समय ही बताएगा कि ये सुधार कितने सफल रहे लेकिन मैंने बिना किसी डर और पक्षपात के अपनी तरफ से हर संभव बेहतर काम करने की कोशिश की है."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर के तौर पर यह उनका अंतिम सार्वजनिक भाषण है. उन्होंने कहा, "केवल समय ही बताएगा कि ये सुधार कितने सफल रहे लेकिन मैंने बिना किसी डर और पक्षपात के अपनी तरफ से हर संभव बेहतर काम करने की कोशिश की है."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: मुखर बयानों और बेबाक राय से लगातार छाये रहे मीडिया में केंद्रीय बैंक के अब तक के सबसे मुखर प्रमुख की विदाई 'बांड ऑफ द मिंट स्ट्रीट' के नाम से रहे महशूर
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नोटबंदी का असर भले ही अब खत्म हो गया हो, लेकिन केंद्र सरकार पर इस मुद्दों को लेकर हमले अभी भी जारी हैं. ताजा मामले में केरल के राज्यपाल पी. सदाशिवम ने तो नोटबंदी को भारत के वित्तीय इतिहास की सबसे बड़ी विनाशकारी तबाही तक कह डाला. राज्यपाल ने यह टिप्पणी साल के पहले विधानसभा सत्र के उद्घाटन भाषण के दौरान की.उन्होंने पिछले चार महीने का वर्णन करते हुए कहा, "8 नवंबर, 2016 को भारत सरकार ने नोटबंदी का हठपूर्वक आवेशपूर्ण संस्करण लागू किया, जिसने चुनिंदा तरीके से 500 और 1000 रुपये के नोट को प्रचलन से बाहर कर दिया." उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पुराने नोटों को बदलने के लिए किसी ठोस प्रणाली की स्थापना करने में नाकाम रही. उन्होंने कहा कि इस कदम को प्रकट रूप में'प्रणाली से काले धन को निकालने वाला बताया. नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला जारी रखते हुए सदाशिवम ने बैंक खातों से नकद निकासी पर 24,000 रुपये की सीमा को क्रुर और निर्दयी फैसला बताया.उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा जिन अधिकारों की सुरक्षा की गई है उसे महज एक कार्यकारी आदेश द्वारा हवा में उड़ा दिया गया. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सदाशिवम ने ध्यान दिलाया कि इस प्रक्रिया द्वारा चलन में रही 86 फीसदी मुद्रा को खींच कर बाहर निकाल लिया गया. राज्यपाल ने कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक जो एक स्वतंत्र मौद्रिक प्रशासन के रूप में काम करता है, को भी इस माखौल में एक मूक भागीदार बनने के लिए मजबूर कर दिया गया." सदाशिवम ने कहा कि केंद्र ने इसे लागू करते समय गरीबों, निम्म मध्यवर्ग, वेतनभोगी और दिहाड़ी मजदूरों की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसे किसी गंभीर विश्लेषण के योग्य नहीं समझा.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्यपाल ने यह टिप्पणी साल के पहले विधानसभा सत्र के उद्घाटन भाषण के दौरान की.उन्होंने पिछले चार महीने का वर्णन करते हुए कहा, "8 नवंबर, 2016 को भारत सरकार ने नोटबंदी का हठपूर्वक आवेशपूर्ण संस्करण लागू किया, जिसने चुनिंदा तरीके से 500 और 1000 रुपये के नोट को प्रचलन से बाहर कर दिया." उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पुराने नोटों को बदलने के लिए किसी ठोस प्रणाली की स्थापना करने में नाकाम रही. उन्होंने कहा कि इस कदम को प्रकट रूप में'प्रणाली से काले धन को निकालने वाला बताया. नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला जारी रखते हुए सदाशिवम ने बैंक खातों से नकद निकासी पर 24,000 रुपये की सीमा को क्रुर और निर्दयी फैसला बताया.उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा जिन अधिकारों की सुरक्षा की गई है उसे महज एक कार्यकारी आदेश द्वारा हवा में उड़ा दिया गया. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सदाशिवम ने ध्यान दिलाया कि इस प्रक्रिया द्वारा चलन में रही 86 फीसदी मुद्रा को खींच कर बाहर निकाल लिया गया. राज्यपाल ने कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक जो एक स्वतंत्र मौद्रिक प्रशासन के रूप में काम करता है, को भी इस माखौल में एक मूक भागीदार बनने के लिए मजबूर कर दिया गया." सदाशिवम ने कहा कि केंद्र ने इसे लागू करते समय गरीबों, निम्म मध्यवर्ग, वेतनभोगी और दिहाड़ी मजदूरों की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसे किसी गंभीर विश्लेषण के योग्य नहीं समझा.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पुराने नोटों को बदलने के लिए किसी ठोस प्रणाली की स्थापना करने में नाकाम रही. उन्होंने कहा कि इस कदम को प्रकट रूप में'प्रणाली से काले धन को निकालने वाला बताया. नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला जारी रखते हुए सदाशिवम ने बैंक खातों से नकद निकासी पर 24,000 रुपये की सीमा को क्रुर और निर्दयी फैसला बताया.उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा जिन अधिकारों की सुरक्षा की गई है उसे महज एक कार्यकारी आदेश द्वारा हवा में उड़ा दिया गया. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सदाशिवम ने ध्यान दिलाया कि इस प्रक्रिया द्वारा चलन में रही 86 फीसदी मुद्रा को खींच कर बाहर निकाल लिया गया. राज्यपाल ने कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक जो एक स्वतंत्र मौद्रिक प्रशासन के रूप में काम करता है, को भी इस माखौल में एक मूक भागीदार बनने के लिए मजबूर कर दिया गया." सदाशिवम ने कहा कि केंद्र ने इसे लागू करते समय गरीबों, निम्म मध्यवर्ग, वेतनभोगी और दिहाड़ी मजदूरों की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसे किसी गंभीर विश्लेषण के योग्य नहीं समझा.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला जारी रखते हुए सदाशिवम ने बैंक खातों से नकद निकासी पर 24,000 रुपये की सीमा को क्रुर और निर्दयी फैसला बताया.उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा जिन अधिकारों की सुरक्षा की गई है उसे महज एक कार्यकारी आदेश द्वारा हवा में उड़ा दिया गया. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सदाशिवम ने ध्यान दिलाया कि इस प्रक्रिया द्वारा चलन में रही 86 फीसदी मुद्रा को खींच कर बाहर निकाल लिया गया. राज्यपाल ने कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक जो एक स्वतंत्र मौद्रिक प्रशासन के रूप में काम करता है, को भी इस माखौल में एक मूक भागीदार बनने के लिए मजबूर कर दिया गया." सदाशिवम ने कहा कि केंद्र ने इसे लागू करते समय गरीबों, निम्म मध्यवर्ग, वेतनभोगी और दिहाड़ी मजदूरों की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसे किसी गंभीर विश्लेषण के योग्य नहीं समझा.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सदाशिवम ने ध्यान दिलाया कि इस प्रक्रिया द्वारा चलन में रही 86 फीसदी मुद्रा को खींच कर बाहर निकाल लिया गया. राज्यपाल ने कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक जो एक स्वतंत्र मौद्रिक प्रशासन के रूप में काम करता है, को भी इस माखौल में एक मूक भागीदार बनने के लिए मजबूर कर दिया गया." सदाशिवम ने कहा कि केंद्र ने इसे लागू करते समय गरीबों, निम्म मध्यवर्ग, वेतनभोगी और दिहाड़ी मजदूरों की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसे किसी गंभीर विश्लेषण के योग्य नहीं समझा.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्यपाल ने कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक जो एक स्वतंत्र मौद्रिक प्रशासन के रूप में काम करता है, को भी इस माखौल में एक मूक भागीदार बनने के लिए मजबूर कर दिया गया." सदाशिवम ने कहा कि केंद्र ने इसे लागू करते समय गरीबों, निम्म मध्यवर्ग, वेतनभोगी और दिहाड़ी मजदूरों की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसे किसी गंभीर विश्लेषण के योग्य नहीं समझा.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सदाशिवम ने कहा कि केंद्र ने इसे लागू करते समय गरीबों, निम्म मध्यवर्ग, वेतनभोगी और दिहाड़ी मजदूरों की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसे किसी गंभीर विश्लेषण के योग्य नहीं समझा.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राज्यपाल सदाशिवम सुप्रीम कोर्ट के जज भी रह चुके हैं सदाशिवम ने नोटबंदी में RBI को बताया मूक भागीदार नकद निकासी की सीमा को क्रुर और निर्दयी फैसला बताया
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्र इस रेस में भले ही वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक को आगे बता रहे हों लेकिन राहुल गांधी जल्दबाजी में कोई भी फैसला करने के मूड में नहीं हैं. यही वजह है कि राहुल गांधी इस फैसले तक पहुंचने से पहले वरिष्ठ नेताओं से विस्तार से चर्चा करना चाहते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राहुल गांधी ने नए अध्यक्ष के नाम को तय करने से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से हर पहलू पर बात करने की इच्छा जताई है.  गौरतलब है कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से चल रही उहापोह की स्थिति आज खत्म हो सकती है.सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर शनिवार को पार्टी की बैठक में निर्णय होगा. सोनिया गांधी के आवास पर मुलाकात के बाद सूत्रों का कहना है कि मुकुल वासनिक अध्यक्ष पद के दावेदारों में सबसे आगे हैं. आपको बता दें कि लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. जानकारी के मुताबिक शनिवार को होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में दो दशकों में पहली बार गांधी परिवार से बाहर के किसी शख़्स को पार्टी की कमान मिल सकती है.  ध्यान हो कि कांग्रेस के 134 सालों के इतिहास में ज्यादातर समय गांधी-नेहरू परिवार के सदस्य ही पार्टी के प्रमुख रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि शनिवार को होने वाली बैठक में सीडब्ल्यूसी औपचारिक तौर पर राहुल गांधी को बतौर अध्यक्ष पार्टी के लिये किये गए कार्यों को लेकर धन्यवाद देगी. आपको बता दें कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक में एके एंटनी, अहमद पटेल और केवी वेणुगोपाल जैसे पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. सूत्रों का यह भी कहना है कि बैठक में यह भी तय किया गया कि पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन में अब और देरी नहीं की जाएगी. आपको बता दें कि मुकुल वासनिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं. वे एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं. वासनिक सबसे कम उम्र में सांसद बने और अबतक वे चार बार सांसद रह चुके हैं. इसके अलावा वे केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं.
सारांश: कांग्रेस के नए अध्यक्ष चुनने के लिए आज होगी बैठक राहुल गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से करना चाहते हैं बात कई महीनों से खाली पड़ा है अध्यक्ष पद
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिलायंस एडीएजी के अध्यक्ष अनिल अंबानी गुरुवार को 2जी स्पेक्ट्रम मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की एक अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर पेश हुए और कहा कि उन्हें आरएडीएजी की सहयोगी कंपनी कहे जाने वाली एक कंपनी की विभिन्न बोर्ड बैठकें 'याद' नहीं, क्योंकि उसके विवरण (मिनट्स ऑफ द मीटिंग) उन्होंने 'तैयार नहीं' किए थे। सीबीआई के गवाह के तौर पर पेशी से बचने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से कोई भी राहत नहीं मिलने के बाद अंबानी पहली बार गवाह के तौर पेश हुए। विशेष लोक अभियोजक यूयू ललित ने कंपनी की वर्ष 2005-06 की बैठकों का विवरण दिखाया, तो अंबानी ने कहा कि उन्हें एएए कंसल्टेंसी सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड की प्रत्येक बैठक याद नहीं। उन्होंने विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी से कहा, मैं काफी संख्या में बैठकों में शामिल होता हूं और मुझे याद नहीं। मैं रिकार्ड के अनुसार ही आगे बढ़ रहा हूं। इस पर जज ने अंबानी से कहा कि यद्यपि उन्हें इन बैठकों के बारे में याद नहीं, जिसमें वह मौजूद थे, लेकिन रिकार्ड झूठे नहीं हो सकते। जज ने अंबानी से पूछा, लेकिन आप झूठे रिकार्ड तो नहीं बनाते होंगे। आपके रिकार्ड तो सही होंगे। अंबानी ने जज के सवाल के जवाब में कहा, रिकार्ड सही होने चाहिए। अंबानी ने कहा, महोदय मैं कुछ स्वीकार करना चाहता हूं... पहला यह कि अभी मुझे कुछ याद नहीं। दूसरा यह कि विवरण मैंने तैयार नहीं किया था, यह लिपिकीय कर्मचारियों द्वारा तैयार किया जाता है। मुझे याद नहीं है और मैं बैठक का विवरण तैयार नहीं करता। गवाही दर्ज होना शुरू होते ही ललित ने अंबानी से वर्ष 2005 से एएए कंसल्टेंसी सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड की आयोजित हुई बोर्ड बैठकों के बारे में पूछा। सीबीआई की एक याचिका पर रिलायंस एडीएजी अध्यक्ष अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी को मामले में गवाह के रूप में पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि उनकी गवाही से उनके समूह की कंपनियों द्वारा स्वान टेलीकॉम में कथित रूप से 990 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर प्रकाश डाला जा सकता है। अदालत ने बुधवार को उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें 2जी मामले में अतिरिक्त गवाहों - अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी से जिरह को स्थगित करने का आग्रह किया गया था। अदालत ने कहा था कि आरोपियों की पेशी से उनमें से किसी को कोई हानि नहीं पहुंचेगी।टिप्पणियां रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी, जिसने 2जी मामले में अनिल अंबानी और अन्य को गवाह के रूप में तलब किए जाने के निचली अदालत के निर्देश पर स्थगन लगाने से इनकार कर दिया था। (आरटीएल) ने 17 अगस्त को सीबीआई अदालत से आग्रह किया था कि उसे उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के नतीजे का 'इंतजार' करना चाहिए। याचिका में अनिल और टीना अंबानी सहित अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने 19 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि अनिल, टीना और 11 अन्य आरोपियों को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुलाया जाना आवश्यक है, ताकि मामले में उचित फैसले पर पहुंचा जा सके। अदालत ने अनिल को मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 22 अगस्त को तलब किया था। टीना को गवाह के रूप में 23 अगस्त को बुलाया गया है। सीबीआई के गवाह के तौर पर पेशी से बचने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से कोई भी राहत नहीं मिलने के बाद अंबानी पहली बार गवाह के तौर पेश हुए। विशेष लोक अभियोजक यूयू ललित ने कंपनी की वर्ष 2005-06 की बैठकों का विवरण दिखाया, तो अंबानी ने कहा कि उन्हें एएए कंसल्टेंसी सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड की प्रत्येक बैठक याद नहीं। उन्होंने विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी से कहा, मैं काफी संख्या में बैठकों में शामिल होता हूं और मुझे याद नहीं। मैं रिकार्ड के अनुसार ही आगे बढ़ रहा हूं। इस पर जज ने अंबानी से कहा कि यद्यपि उन्हें इन बैठकों के बारे में याद नहीं, जिसमें वह मौजूद थे, लेकिन रिकार्ड झूठे नहीं हो सकते। जज ने अंबानी से पूछा, लेकिन आप झूठे रिकार्ड तो नहीं बनाते होंगे। आपके रिकार्ड तो सही होंगे। अंबानी ने जज के सवाल के जवाब में कहा, रिकार्ड सही होने चाहिए। अंबानी ने कहा, महोदय मैं कुछ स्वीकार करना चाहता हूं... पहला यह कि अभी मुझे कुछ याद नहीं। दूसरा यह कि विवरण मैंने तैयार नहीं किया था, यह लिपिकीय कर्मचारियों द्वारा तैयार किया जाता है। मुझे याद नहीं है और मैं बैठक का विवरण तैयार नहीं करता। गवाही दर्ज होना शुरू होते ही ललित ने अंबानी से वर्ष 2005 से एएए कंसल्टेंसी सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड की आयोजित हुई बोर्ड बैठकों के बारे में पूछा। सीबीआई की एक याचिका पर रिलायंस एडीएजी अध्यक्ष अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी को मामले में गवाह के रूप में पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि उनकी गवाही से उनके समूह की कंपनियों द्वारा स्वान टेलीकॉम में कथित रूप से 990 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर प्रकाश डाला जा सकता है। अदालत ने बुधवार को उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें 2जी मामले में अतिरिक्त गवाहों - अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी से जिरह को स्थगित करने का आग्रह किया गया था। अदालत ने कहा था कि आरोपियों की पेशी से उनमें से किसी को कोई हानि नहीं पहुंचेगी।टिप्पणियां रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी, जिसने 2जी मामले में अनिल अंबानी और अन्य को गवाह के रूप में तलब किए जाने के निचली अदालत के निर्देश पर स्थगन लगाने से इनकार कर दिया था। (आरटीएल) ने 17 अगस्त को सीबीआई अदालत से आग्रह किया था कि उसे उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के नतीजे का 'इंतजार' करना चाहिए। याचिका में अनिल और टीना अंबानी सहित अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने 19 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि अनिल, टीना और 11 अन्य आरोपियों को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुलाया जाना आवश्यक है, ताकि मामले में उचित फैसले पर पहुंचा जा सके। अदालत ने अनिल को मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 22 अगस्त को तलब किया था। टीना को गवाह के रूप में 23 अगस्त को बुलाया गया है। उन्होंने विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी से कहा, मैं काफी संख्या में बैठकों में शामिल होता हूं और मुझे याद नहीं। मैं रिकार्ड के अनुसार ही आगे बढ़ रहा हूं। इस पर जज ने अंबानी से कहा कि यद्यपि उन्हें इन बैठकों के बारे में याद नहीं, जिसमें वह मौजूद थे, लेकिन रिकार्ड झूठे नहीं हो सकते। जज ने अंबानी से पूछा, लेकिन आप झूठे रिकार्ड तो नहीं बनाते होंगे। आपके रिकार्ड तो सही होंगे। अंबानी ने जज के सवाल के जवाब में कहा, रिकार्ड सही होने चाहिए। अंबानी ने कहा, महोदय मैं कुछ स्वीकार करना चाहता हूं... पहला यह कि अभी मुझे कुछ याद नहीं। दूसरा यह कि विवरण मैंने तैयार नहीं किया था, यह लिपिकीय कर्मचारियों द्वारा तैयार किया जाता है। मुझे याद नहीं है और मैं बैठक का विवरण तैयार नहीं करता। गवाही दर्ज होना शुरू होते ही ललित ने अंबानी से वर्ष 2005 से एएए कंसल्टेंसी सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड की आयोजित हुई बोर्ड बैठकों के बारे में पूछा। सीबीआई की एक याचिका पर रिलायंस एडीएजी अध्यक्ष अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी को मामले में गवाह के रूप में पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि उनकी गवाही से उनके समूह की कंपनियों द्वारा स्वान टेलीकॉम में कथित रूप से 990 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर प्रकाश डाला जा सकता है। अदालत ने बुधवार को उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें 2जी मामले में अतिरिक्त गवाहों - अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी से जिरह को स्थगित करने का आग्रह किया गया था। अदालत ने कहा था कि आरोपियों की पेशी से उनमें से किसी को कोई हानि नहीं पहुंचेगी।टिप्पणियां रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी, जिसने 2जी मामले में अनिल अंबानी और अन्य को गवाह के रूप में तलब किए जाने के निचली अदालत के निर्देश पर स्थगन लगाने से इनकार कर दिया था। (आरटीएल) ने 17 अगस्त को सीबीआई अदालत से आग्रह किया था कि उसे उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के नतीजे का 'इंतजार' करना चाहिए। याचिका में अनिल और टीना अंबानी सहित अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने 19 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि अनिल, टीना और 11 अन्य आरोपियों को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुलाया जाना आवश्यक है, ताकि मामले में उचित फैसले पर पहुंचा जा सके। अदालत ने अनिल को मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 22 अगस्त को तलब किया था। टीना को गवाह के रूप में 23 अगस्त को बुलाया गया है। जज ने अंबानी से पूछा, लेकिन आप झूठे रिकार्ड तो नहीं बनाते होंगे। आपके रिकार्ड तो सही होंगे। अंबानी ने जज के सवाल के जवाब में कहा, रिकार्ड सही होने चाहिए। अंबानी ने कहा, महोदय मैं कुछ स्वीकार करना चाहता हूं... पहला यह कि अभी मुझे कुछ याद नहीं। दूसरा यह कि विवरण मैंने तैयार नहीं किया था, यह लिपिकीय कर्मचारियों द्वारा तैयार किया जाता है। मुझे याद नहीं है और मैं बैठक का विवरण तैयार नहीं करता। गवाही दर्ज होना शुरू होते ही ललित ने अंबानी से वर्ष 2005 से एएए कंसल्टेंसी सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड की आयोजित हुई बोर्ड बैठकों के बारे में पूछा। सीबीआई की एक याचिका पर रिलायंस एडीएजी अध्यक्ष अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी को मामले में गवाह के रूप में पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि उनकी गवाही से उनके समूह की कंपनियों द्वारा स्वान टेलीकॉम में कथित रूप से 990 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर प्रकाश डाला जा सकता है। अदालत ने बुधवार को उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें 2जी मामले में अतिरिक्त गवाहों - अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी से जिरह को स्थगित करने का आग्रह किया गया था। अदालत ने कहा था कि आरोपियों की पेशी से उनमें से किसी को कोई हानि नहीं पहुंचेगी।टिप्पणियां रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी, जिसने 2जी मामले में अनिल अंबानी और अन्य को गवाह के रूप में तलब किए जाने के निचली अदालत के निर्देश पर स्थगन लगाने से इनकार कर दिया था। (आरटीएल) ने 17 अगस्त को सीबीआई अदालत से आग्रह किया था कि उसे उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के नतीजे का 'इंतजार' करना चाहिए। याचिका में अनिल और टीना अंबानी सहित अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने 19 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि अनिल, टीना और 11 अन्य आरोपियों को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुलाया जाना आवश्यक है, ताकि मामले में उचित फैसले पर पहुंचा जा सके। अदालत ने अनिल को मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 22 अगस्त को तलब किया था। टीना को गवाह के रूप में 23 अगस्त को बुलाया गया है। गवाही दर्ज होना शुरू होते ही ललित ने अंबानी से वर्ष 2005 से एएए कंसल्टेंसी सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड की आयोजित हुई बोर्ड बैठकों के बारे में पूछा। सीबीआई की एक याचिका पर रिलायंस एडीएजी अध्यक्ष अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी को मामले में गवाह के रूप में पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि उनकी गवाही से उनके समूह की कंपनियों द्वारा स्वान टेलीकॉम में कथित रूप से 990 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर प्रकाश डाला जा सकता है। अदालत ने बुधवार को उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें 2जी मामले में अतिरिक्त गवाहों - अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी से जिरह को स्थगित करने का आग्रह किया गया था। अदालत ने कहा था कि आरोपियों की पेशी से उनमें से किसी को कोई हानि नहीं पहुंचेगी।टिप्पणियां रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी, जिसने 2जी मामले में अनिल अंबानी और अन्य को गवाह के रूप में तलब किए जाने के निचली अदालत के निर्देश पर स्थगन लगाने से इनकार कर दिया था। (आरटीएल) ने 17 अगस्त को सीबीआई अदालत से आग्रह किया था कि उसे उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के नतीजे का 'इंतजार' करना चाहिए। याचिका में अनिल और टीना अंबानी सहित अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने 19 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि अनिल, टीना और 11 अन्य आरोपियों को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुलाया जाना आवश्यक है, ताकि मामले में उचित फैसले पर पहुंचा जा सके। अदालत ने अनिल को मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 22 अगस्त को तलब किया था। टीना को गवाह के रूप में 23 अगस्त को बुलाया गया है। अदालत ने बुधवार को उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें 2जी मामले में अतिरिक्त गवाहों - अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी से जिरह को स्थगित करने का आग्रह किया गया था। अदालत ने कहा था कि आरोपियों की पेशी से उनमें से किसी को कोई हानि नहीं पहुंचेगी।टिप्पणियां रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी, जिसने 2जी मामले में अनिल अंबानी और अन्य को गवाह के रूप में तलब किए जाने के निचली अदालत के निर्देश पर स्थगन लगाने से इनकार कर दिया था। (आरटीएल) ने 17 अगस्त को सीबीआई अदालत से आग्रह किया था कि उसे उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के नतीजे का 'इंतजार' करना चाहिए। याचिका में अनिल और टीना अंबानी सहित अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने 19 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि अनिल, टीना और 11 अन्य आरोपियों को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुलाया जाना आवश्यक है, ताकि मामले में उचित फैसले पर पहुंचा जा सके। अदालत ने अनिल को मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 22 अगस्त को तलब किया था। टीना को गवाह के रूप में 23 अगस्त को बुलाया गया है। रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी, जिसने 2जी मामले में अनिल अंबानी और अन्य को गवाह के रूप में तलब किए जाने के निचली अदालत के निर्देश पर स्थगन लगाने से इनकार कर दिया था। (आरटीएल) ने 17 अगस्त को सीबीआई अदालत से आग्रह किया था कि उसे उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के नतीजे का 'इंतजार' करना चाहिए। याचिका में अनिल और टीना अंबानी सहित अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने 19 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि अनिल, टीना और 11 अन्य आरोपियों को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुलाया जाना आवश्यक है, ताकि मामले में उचित फैसले पर पहुंचा जा सके। अदालत ने अनिल को मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 22 अगस्त को तलब किया था। टीना को गवाह के रूप में 23 अगस्त को बुलाया गया है। निचली अदालत ने 19 जुलाई के अपने आदेश में कहा था कि अनिल, टीना और 11 अन्य आरोपियों को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुलाया जाना आवश्यक है, ताकि मामले में उचित फैसले पर पहुंचा जा सके। अदालत ने अनिल को मामले में बयान दर्ज कराने के लिए 22 अगस्त को तलब किया था। टीना को गवाह के रूप में 23 अगस्त को बुलाया गया है।
यह एक सारांश है: पेशी से छूट के लिए अनिल अंबानी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी, लेकिन बुधवार को कोर्ट ने इस पर कोई आदेश देने से इनकार कर दिया था। सीबीआई की विशेष अदालत ने भी सुनवाई टालने की मांग खारिज कर दी थी, जिसके बाद अंबानी को आज कोर्ट में पेश होना पड़ा।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के बारामूला से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को गिरफ़्तार किया गया है. गिरफ्तार आतंकियों शाहिद और फ़याज़ के पास से एके-47 और ग्रेनेड बरामद किए गए हैं. वहीं आज प्रशासन ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन के मद्देनजर एहतियातन श्रीनगर के कुछ स्थानों पर कर्फ्यू लगा दिया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्रीनगर के पुराने क्षेत्र नौहट्टा में कर्फ्यू लगाया गया है जबकि अन्य क्षेत्रों में प्रतिबंध लगाया गया है. हुर्रियत समूह के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुख ने कहा कि वह नौहट्टा की जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने के लिए प्रतिबंधों को दरकिनार करेंगे. मीरवाइज को श्रीनगर में उनके निवास स्थान निगीन में नजरबंद रखा गया है। घाटी में अलगाववादियों द्वारा आहूत बंद की वजह से लगातार 112वें दिन भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है. घाटी में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित शभी शैक्षिणक संस्थान बंद हैं. टिप्पणियां गौरतलब है कि घाटी में नौ जुलाई से शुरू अशांति में अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. (इनपुट्स IANS से भी) वहीं आज प्रशासन ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन के मद्देनजर एहतियातन श्रीनगर के कुछ स्थानों पर कर्फ्यू लगा दिया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्रीनगर के पुराने क्षेत्र नौहट्टा में कर्फ्यू लगाया गया है जबकि अन्य क्षेत्रों में प्रतिबंध लगाया गया है. हुर्रियत समूह के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुख ने कहा कि वह नौहट्टा की जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने के लिए प्रतिबंधों को दरकिनार करेंगे. मीरवाइज को श्रीनगर में उनके निवास स्थान निगीन में नजरबंद रखा गया है। घाटी में अलगाववादियों द्वारा आहूत बंद की वजह से लगातार 112वें दिन भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है. घाटी में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित शभी शैक्षिणक संस्थान बंद हैं. टिप्पणियां गौरतलब है कि घाटी में नौ जुलाई से शुरू अशांति में अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. (इनपुट्स IANS से भी) हुर्रियत समूह के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुख ने कहा कि वह नौहट्टा की जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने के लिए प्रतिबंधों को दरकिनार करेंगे. मीरवाइज को श्रीनगर में उनके निवास स्थान निगीन में नजरबंद रखा गया है। घाटी में अलगाववादियों द्वारा आहूत बंद की वजह से लगातार 112वें दिन भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है. घाटी में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित शभी शैक्षिणक संस्थान बंद हैं. टिप्पणियां गौरतलब है कि घाटी में नौ जुलाई से शुरू अशांति में अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. (इनपुट्स IANS से भी) घाटी में अलगाववादियों द्वारा आहूत बंद की वजह से लगातार 112वें दिन भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है. घाटी में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित शभी शैक्षिणक संस्थान बंद हैं. टिप्पणियां गौरतलब है कि घाटी में नौ जुलाई से शुरू अशांति में अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. (इनपुट्स IANS से भी) गौरतलब है कि घाटी में नौ जुलाई से शुरू अशांति में अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. (इनपुट्स IANS से भी) (इनपुट्स IANS से भी)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आतंकियों का नाम शाहिद और फयाज़ दोनों के पास से एके 47 और ग्रेनेड बरामद घाटी में 112वें दिन भी जनजीवन प्रभावित
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के हंगामे के कारण गोवा विधानसभा की कार्यवाही बुधवार को लगातार दूसरे दिन स्थगित करनी पड़ी। भाजपा आरोप लगा रही है कि पिछले सप्ताह मुम्बई हवाईअड्डे पर सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित रूप से करोड़ों रुपये कीमत की विदेशी मुद्रा के साथ पकड़े गए गोवा के शिक्षा मंत्री अतनासियो उर्फ बाबुश मोंसेराती को केंद्रीय वित्त मंत्री के कार्यालय से फोन आने के बाद छोड़ दिया गया था। गोवा विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर लगातार दूसरे दिन दो बार व्यवधान पैदा हुआ। इसके परिणामस्वरूप विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे ने गुरुवार तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। भाजपा सदस्य, मोंसेराती को हिरासत में लिए जाने की घटना पर तथा राज्य में सत्ताधारी अन्य कई नेताओं के लिए काले धन को ठिकाने लगाने के माध्यम के रूप में उनकी भूमिका पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। सदन में नेता प्रतिपक्ष, मनोहर पारीकर ने कहा, "ये असाधारण परिस्थितियां हैं। इस मंत्रिमंडल का एक मंत्री तस्करी करते पकड़ा गया है। हम इस पर चर्चा चाहते हैं। मैं इस मुद्दे के दूसरे पक्ष पर भी सभी विधायकों व मंत्रियों का रुख जानना चाहता हूं।" उन्होंने कहा, "यह एक अभूतपूर्व किस्म का मामला है। क्या यह तस्करों की सरकार है? केंद्रीय वित्त मंत्री के कार्यालय से किसने फोन करके सीमा शुल्क अधिकारियों को कहा कि उन्हें (मोंसेराती) छोड़ दो? यदि हम शिक्षा मंत्री की हिरासत पर चर्चा नहीं कर सकते, तो अन्य मुद्दों पर चर्चा का कोई औचित्य नहीं बनता।" भाजपा मोंसेराती को पहले ही 'छोटा हसन अली' करार दे चुकी है। पारीकर ने विधानसभा से बहिर्गमन करने के बाद मंगलवार को कहा था, "वह मंत्रियों व राजनीतिज्ञों के धन को दूसरे देश में जमा करने के माध्यम हो सकते हैं। वह छोटे हसन अली हैं...।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के हंगामे के कारण गोवा विधानसभा की कार्यवाही बुधवार को लगातार दूसरे दिन स्थगित करनी पड़ी।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: योगगुरु स्वामी रामदेव (Ramdev) ने शनिवार को कहा कि अयोध्या में राममंदिर की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को रामनवमी पर रखनी चाहिए. रामदेव ने कहा कि राममंदिर महान वैदिक परंपरा का प्रतिबिंब होना चाहिए. मंदिर नगर उडुपी में पांच दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के लिए पहुंचे स्वामी रामदेव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अयोध्या में राममंदिर ऐसा बनना चाहिए जिससे यह वेटिकन, मक्का और अमृतसर में स्वर्णमंदिर की तरह हिंदुओं के लिए एक महान तीर्थस्थल बने.'' उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर महान वैदिक परंपराओं का प्रतिबिंब होना चाहिए. हमारी उम्मीद है कि अयोध्या राम जन्मभूमि ट्रस्ट के जरिये एक आध्यात्मिक ज्ञान का केंद्र बने.'' बता दें कि सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले में फैसला सुना चुका है. कोर्ट ने अपने फैसले में रामलला विराजमान को विवादित जमीन देने का फैसला किया था. इस फैसले के साथ ही रामलला को 2.77 एकड़ जमीन मिलेगी. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने सुनाया था. इस बेंच में CJI रंजन गोगोई शामिल थे. फैसले के दौरान कोर्ट ने कहा था कि हमारे सामने जो सबूत रखे गए वह बताता है कि विवादित जमीन हिंदुओं की है. हिंदुओं का मानना है कि ध्वस्त संरचना के स्थान पर भगवान राम का जन्म हुआ था. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उस जगह के आसपास सीता रसोई, राम चबुतरा और भंडार गृह के अस्तित्व का प्रमाण मिला है.
संक्षिप्त सारांश: रामदेव ने कहा- पीएम मोदी को रखनी चाहिए राम मंदिर की आधारशिला राममंदिर महान वैदिक परंपरा का प्रतिबिंब होना चाहिए- रामदेव अयोध्या एक आध्यात्मिक ज्ञान का केंद्र बने- रामदेव
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इन दिनों बॉलीवुड में बायोपिक का दौर चला चल रहा है. मशहूर हस्तियों की कहानी को पर्दे पर उतरा जा रहा है. ख़ास बात ये है कि इस तरह की फिल्में भी सफल हो रही हैं. ख़ासतौर से खिलाड़ियों कि ज़िन्दगी को पर्दे पर काफी पसंद किया जा रहा है.  पहलवान महावीर फोगट और उनकी बेटियां गीता और बबीता फोगट के जीवन पर बनी फिल्म दंगल की अपार सफलता सभी ने अभी हाल ही में देखी है. इससे पहले महिला मुक्केबाज़ मैरी कॉम का जीवन पर्दे पर आया और यह फिल्म भी हिट हुई. धावक पान सिंह तोमर पर बनी फिल्म भी खूब सराही गई. आने वाले दिनों में सानिया मिर्जा और सानिया नेहवाल पर भी फिल्में बनाने की घोषणा हो चुकी है. मगर 'उड़नपरी' कहलाने वाली मशहूर धाविका पिलावुल्लकण्टि तेक्केपरम्पिल् उषा यानी पीटी उषा अपनी ज़िन्दगी पर फिल्म बनाने कि इजाज़त नहीं दे रही हैं.  ऐसा नहीं है कि पीटी उषा की ज़िन्दगी पर बनने वाली फिल्म से उन्हें ऐतेराज़ है, बल्कि वे सिर्फ इंतज़ार कर रही हैं उस दिन का जब भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिले. दरअसल, पीटी उषा का सपना है कि भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिले और इसका वे इंतज़ार कर रही हैं. जिस दिन भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिल जाएगा उस दिन उषा अपनी ज़िन्दगी पर फिल्म बनाने कि इजाज़त दे देंगी. दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान 52 वर्षीय पीटी उषा ने कहा कि उनके पास हर रोज़ ऑफर आते हैं उनके जीवन पर फिल्म बनाने के लिए, मगर वे किसी को भी इजाज़त नहीं दे रही हैं.टिप्पणियां उषा ने कहा कि करीब-करीब हर रोज़ उनके पास तीन से चार फ़ोन आते हैं और सभी उनके जीवन और खेल के सफर पर फिल्में बनाना चाहते हैं मगर वे सभी से कहती हैं कि ये सही समय नहीं है. जिस दिन भारत एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतेगा उस दिन उनका सपना पूरा होगा और वे फ़िल्मकार को अपने जीवन पर फिल्म बनाने कि अनुमति दे देंगी.  पीटी उषा अभी युवा धावकों को अपनी अकादमी में 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार कर रही हैं. यानी अगर 2020 में कोई धावक भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब होता है तब दर्शक पीटी उषा की ज़िन्दगी को पर्दे पर देख सकते हैं.  पहलवान महावीर फोगट और उनकी बेटियां गीता और बबीता फोगट के जीवन पर बनी फिल्म दंगल की अपार सफलता सभी ने अभी हाल ही में देखी है. इससे पहले महिला मुक्केबाज़ मैरी कॉम का जीवन पर्दे पर आया और यह फिल्म भी हिट हुई. धावक पान सिंह तोमर पर बनी फिल्म भी खूब सराही गई. आने वाले दिनों में सानिया मिर्जा और सानिया नेहवाल पर भी फिल्में बनाने की घोषणा हो चुकी है. मगर 'उड़नपरी' कहलाने वाली मशहूर धाविका पिलावुल्लकण्टि तेक्केपरम्पिल् उषा यानी पीटी उषा अपनी ज़िन्दगी पर फिल्म बनाने कि इजाज़त नहीं दे रही हैं.  ऐसा नहीं है कि पीटी उषा की ज़िन्दगी पर बनने वाली फिल्म से उन्हें ऐतेराज़ है, बल्कि वे सिर्फ इंतज़ार कर रही हैं उस दिन का जब भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिले. दरअसल, पीटी उषा का सपना है कि भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिले और इसका वे इंतज़ार कर रही हैं. जिस दिन भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिल जाएगा उस दिन उषा अपनी ज़िन्दगी पर फिल्म बनाने कि इजाज़त दे देंगी. दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान 52 वर्षीय पीटी उषा ने कहा कि उनके पास हर रोज़ ऑफर आते हैं उनके जीवन पर फिल्म बनाने के लिए, मगर वे किसी को भी इजाज़त नहीं दे रही हैं.टिप्पणियां उषा ने कहा कि करीब-करीब हर रोज़ उनके पास तीन से चार फ़ोन आते हैं और सभी उनके जीवन और खेल के सफर पर फिल्में बनाना चाहते हैं मगर वे सभी से कहती हैं कि ये सही समय नहीं है. जिस दिन भारत एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतेगा उस दिन उनका सपना पूरा होगा और वे फ़िल्मकार को अपने जीवन पर फिल्म बनाने कि अनुमति दे देंगी.  पीटी उषा अभी युवा धावकों को अपनी अकादमी में 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार कर रही हैं. यानी अगर 2020 में कोई धावक भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब होता है तब दर्शक पीटी उषा की ज़िन्दगी को पर्दे पर देख सकते हैं.  ऐसा नहीं है कि पीटी उषा की ज़िन्दगी पर बनने वाली फिल्म से उन्हें ऐतेराज़ है, बल्कि वे सिर्फ इंतज़ार कर रही हैं उस दिन का जब भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिले. दरअसल, पीटी उषा का सपना है कि भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिले और इसका वे इंतज़ार कर रही हैं. जिस दिन भारत को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक मिल जाएगा उस दिन उषा अपनी ज़िन्दगी पर फिल्म बनाने कि इजाज़त दे देंगी. दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान 52 वर्षीय पीटी उषा ने कहा कि उनके पास हर रोज़ ऑफर आते हैं उनके जीवन पर फिल्म बनाने के लिए, मगर वे किसी को भी इजाज़त नहीं दे रही हैं.टिप्पणियां उषा ने कहा कि करीब-करीब हर रोज़ उनके पास तीन से चार फ़ोन आते हैं और सभी उनके जीवन और खेल के सफर पर फिल्में बनाना चाहते हैं मगर वे सभी से कहती हैं कि ये सही समय नहीं है. जिस दिन भारत एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतेगा उस दिन उनका सपना पूरा होगा और वे फ़िल्मकार को अपने जीवन पर फिल्म बनाने कि अनुमति दे देंगी.  पीटी उषा अभी युवा धावकों को अपनी अकादमी में 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार कर रही हैं. यानी अगर 2020 में कोई धावक भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब होता है तब दर्शक पीटी उषा की ज़िन्दगी को पर्दे पर देख सकते हैं.  दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान 52 वर्षीय पीटी उषा ने कहा कि उनके पास हर रोज़ ऑफर आते हैं उनके जीवन पर फिल्म बनाने के लिए, मगर वे किसी को भी इजाज़त नहीं दे रही हैं.टिप्पणियां उषा ने कहा कि करीब-करीब हर रोज़ उनके पास तीन से चार फ़ोन आते हैं और सभी उनके जीवन और खेल के सफर पर फिल्में बनाना चाहते हैं मगर वे सभी से कहती हैं कि ये सही समय नहीं है. जिस दिन भारत एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतेगा उस दिन उनका सपना पूरा होगा और वे फ़िल्मकार को अपने जीवन पर फिल्म बनाने कि अनुमति दे देंगी.  पीटी उषा अभी युवा धावकों को अपनी अकादमी में 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार कर रही हैं. यानी अगर 2020 में कोई धावक भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब होता है तब दर्शक पीटी उषा की ज़िन्दगी को पर्दे पर देख सकते हैं.  उषा ने कहा कि करीब-करीब हर रोज़ उनके पास तीन से चार फ़ोन आते हैं और सभी उनके जीवन और खेल के सफर पर फिल्में बनाना चाहते हैं मगर वे सभी से कहती हैं कि ये सही समय नहीं है. जिस दिन भारत एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतेगा उस दिन उनका सपना पूरा होगा और वे फ़िल्मकार को अपने जीवन पर फिल्म बनाने कि अनुमति दे देंगी.  पीटी उषा अभी युवा धावकों को अपनी अकादमी में 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार कर रही हैं. यानी अगर 2020 में कोई धावक भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब होता है तब दर्शक पीटी उषा की ज़िन्दगी को पर्दे पर देख सकते हैं.  पीटी उषा अभी युवा धावकों को अपनी अकादमी में 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार कर रही हैं. यानी अगर 2020 में कोई धावक भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब होता है तब दर्शक पीटी उषा की ज़िन्दगी को पर्दे पर देख सकते हैं.
पीटी उषा को क्विन ऑफ इंडियन ट्रैक एण्ड फिल्ड भी कहा जाता है 1984 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और पद्ममश्री से सम्मानित किया गया 'एथलेटिक्स' में स्वर्ण पदक आने के बाद ही बायोपिक की इजाजत देंगी उषा
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दमोह जिले के एक गांव में लड़कों के छेड़छाड़ करने से त्रस्त होकर एक नाबालिग लड़की ने अपनी जान दे दी. उसने तालाब में कूदकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है. गौरतलब है कि दमोह के पड़ोसी जिले सागर में 13 अक्टूबर को दसवीं में पढ़ने वाली अपनी 16 वर्षीय बेटी से एक सरकारी स्कूल के शिक्षक द्वारा कथित तौर पर छेड़छाड़ करने और इस संबंध में दर्ज मामले को स्कूल की प्रिंसिपल सहित कुछ अन्य लोगों द्वारा वापस लेने का दबाव बनाए बनाने से तंग आकर एक व्यक्ति ने बिजली के टावर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. उक्त घटना सागर से करीब 42 किलोमीटर दूर गढ़ाकोटा कस्बे में हुई थी. छात्रा से स्कूल में छेड़छाड़ करने के मामले में शासकीय कन्या विद्यालय गढ़ाकोटा का आरोपी शिक्षक जेल में बंद है. गढ़ाकोटा पुलिस के अनुसार छेड़छाड़ की 16 वर्षीय पीड़ित छात्रा के पिता ने रात में अपने घर से करीब दो किलोमीटर दूरी पर स्थित खेत में लगे बिजली के टावर से फंदा लटकाकर आत्महत्या कर ली थी. मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला था.   सुसाइट नोट में लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि स्कूल की महिला प्रिंसिपल एवं कुछ अन्य लोग छेड़छाड़ की शिकायत को वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे वह व्यथित एवं परेशान है. सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
लड़की के परिवार की ओर से पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई गांव में लड़कों के छेड़छाड़ करने से त्रस्त हो गई थी नाबालिग लड़की पुलिस मामले की जांच कर रही, आरोपियों की तलाश जारी
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Kumkum Bhagya July 8, 2019 Written Update: जीटीवी के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में इन दिनों काफी हंगामा चल रहा है. अब तक अभी और प्रज्ञा एक दूसरे से मिल नहीं पाए हैं. सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में आपने देखा कि प्राची अभी को रोते हुए देख लेती है और उसे कंफर्ट करने की कोशिश करती है. अभी, प्राची को बताता है कि वो अपनी पत्नी को मिस कर रहा है. वहीं प्राची, अभी को गिफ्ट देती है. अभी इमोशनल होकर प्राची को गले लगा लेता है. वहीं, रिया को ये सब देखकर काफी गुस्सा आता है. 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में आपने देखा कि गुस्से में भरी रिया को उसके दोस्त प्राची (Mugdha Chapekar) की जिंदगी बर्बाद करने की सलाह देते हैं. रिया अपने दोस्तों की इस सलाह को नजरअंदाज कर देती है. वहीं पूरब, आलिया को बता देता है कि वो अब भी सिर्फ दिशा से ही प्यार करता है और उसने आलिया को दिशा समझकर उसे आई लव यू बोल दिया था. 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि रिया, प्राची पर इल्जाम लगाएगी कि वो उसके पापा को उससे छीनना चाहती है. वहीं प्राची, रिया की बातों का जवाब देते हुए कहेगी कि उसने भी उसकी मां (प्रज्ञा) को उससे छीन लिया है. प्राची, रिया पर इल्जाम लगाते हुए कहेगी कि जब उसकी मां पर हमला हुआ था तब तुम उनके सामने अच्छा बनने की कोशिश कर रही थीं. प्राची कहेगी कि तुम मुझसे मेरी मां को छीनकर अपनी जिंदगी में मां की कमी को पूरा करना चाहती हो. अब देखना होगा कि रिया, प्राची के लगाए गए आरोपों पर कैसे रिएक्ट करेगी?
संक्षिप्त सारांश: सीरियल 'कुमकुम भाग्य' में जानें आज क्या होगा? प्राची और रिया के बीच होगा झगड़ा जानें प्राची के इल्जामों पर क्या कहेगी रिया?
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने विदेशी चंदा प्राप्त करने पर लगे प्रतिबंध के बावजूद सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा संचालित एक गैरसरकारी संगठन (एनजीओ) के एफसीआरए लाइसेंस का नवीनीकरण कर दिया है. गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद द्वारा संचालित ‘सिटिजन फार जस्टिस एंड पीस’ (सीजेपी) के विदेशी चंदा नियमन कानून के तहत पंजीकरण का नवीनीकरण किया गया है. पूर्व अनुमति श्रेणी में होने के बावजूद सीजेपी के एफसीआरए पंजीकरण का नवीनीकरण किया गया है. पूर्व अनुमति श्रेणी वाले एनजीओ को विदेशी चंदा लेने से पहले सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है. सीजेपी वर्ष 2002 गुजरात दंगों में जिंदा बचे लोगों को अनुदान में कथित दुरूपयोग पर गृह मंत्रालय द्वारा जांच के घेरे में आया था जिसके बाद इसे पिछले साल जुलाई में गृह मंत्रालय द्वारा पूर्व अनुमति श्रेणी में डाल दिया गया था.टिप्पणियां तीस्ता सीजेपी की सचिव हैं और उनके दो अन्य एनजीओ ‘सबरंग ट्रस्ट’ और ‘सबरंग कम्युनिकेशन एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड’ सीबीआई तथा गुजरात पुलिस द्वारा पहले से जांच के घेरे में हैं. सबरंग ट्रस्ट के एफसीआरए लाइसेंस को इस साल जून में गृह मंत्रालय द्वारा रद्द किया गया था, जबकि सबरंग कम्युनिकेशन, फोर्ड फाउंडेशन से कोष के कथित दुरूपयोग के लिए सीबीआई जांच के घेरे में हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद द्वारा संचालित ‘सिटिजन फार जस्टिस एंड पीस’ (सीजेपी) के विदेशी चंदा नियमन कानून के तहत पंजीकरण का नवीनीकरण किया गया है. पूर्व अनुमति श्रेणी में होने के बावजूद सीजेपी के एफसीआरए पंजीकरण का नवीनीकरण किया गया है. पूर्व अनुमति श्रेणी वाले एनजीओ को विदेशी चंदा लेने से पहले सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है. सीजेपी वर्ष 2002 गुजरात दंगों में जिंदा बचे लोगों को अनुदान में कथित दुरूपयोग पर गृह मंत्रालय द्वारा जांच के घेरे में आया था जिसके बाद इसे पिछले साल जुलाई में गृह मंत्रालय द्वारा पूर्व अनुमति श्रेणी में डाल दिया गया था.टिप्पणियां तीस्ता सीजेपी की सचिव हैं और उनके दो अन्य एनजीओ ‘सबरंग ट्रस्ट’ और ‘सबरंग कम्युनिकेशन एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड’ सीबीआई तथा गुजरात पुलिस द्वारा पहले से जांच के घेरे में हैं. सबरंग ट्रस्ट के एफसीआरए लाइसेंस को इस साल जून में गृह मंत्रालय द्वारा रद्द किया गया था, जबकि सबरंग कम्युनिकेशन, फोर्ड फाउंडेशन से कोष के कथित दुरूपयोग के लिए सीबीआई जांच के घेरे में हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीजेपी वर्ष 2002 गुजरात दंगों में जिंदा बचे लोगों को अनुदान में कथित दुरूपयोग पर गृह मंत्रालय द्वारा जांच के घेरे में आया था जिसके बाद इसे पिछले साल जुलाई में गृह मंत्रालय द्वारा पूर्व अनुमति श्रेणी में डाल दिया गया था.टिप्पणियां तीस्ता सीजेपी की सचिव हैं और उनके दो अन्य एनजीओ ‘सबरंग ट्रस्ट’ और ‘सबरंग कम्युनिकेशन एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड’ सीबीआई तथा गुजरात पुलिस द्वारा पहले से जांच के घेरे में हैं. सबरंग ट्रस्ट के एफसीआरए लाइसेंस को इस साल जून में गृह मंत्रालय द्वारा रद्द किया गया था, जबकि सबरंग कम्युनिकेशन, फोर्ड फाउंडेशन से कोष के कथित दुरूपयोग के लिए सीबीआई जांच के घेरे में हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तीस्ता सीजेपी की सचिव हैं और उनके दो अन्य एनजीओ ‘सबरंग ट्रस्ट’ और ‘सबरंग कम्युनिकेशन एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड’ सीबीआई तथा गुजरात पुलिस द्वारा पहले से जांच के घेरे में हैं. सबरंग ट्रस्ट के एफसीआरए लाइसेंस को इस साल जून में गृह मंत्रालय द्वारा रद्द किया गया था, जबकि सबरंग कम्युनिकेशन, फोर्ड फाउंडेशन से कोष के कथित दुरूपयोग के लिए सीबीआई जांच के घेरे में हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: पूर्व अनुमति श्रेणी के बावजूद NGO के एफसीआरए पंजीकरण का नवीनीकरण अनुदान राशि के दुरुपयोग के आरोप पर पूर्व अनुमति श्रेणी में डाला गया था तीस्ता के अन्य एनजीओ भी सीबीआई की जांच के घेरे में
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अपनी ही पार्टी के विधायकों से परेशान हैं क्योंकि उनके कहने के बावजूद वे जनता से नहीं मिल रहे हैं. इससे पार्टी की छवि लगातार खराब हो रही है. केजरीवाल ने अपने सभी विधायकों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि "पिछली विधायक दल मीटिंग में हमने तय किया था कि सभी विधायक रोज सुबह जनता से मिलने के लिए अपने दफ्तर में उपलब्ध रहेंगे. 'कुछ' विधायकों को छोड़ सभी ने इसका पालन करना शुरू कर दिया है. मैं उम्मीद करता हूं बाकी विधायक भी इसे जल्द लागू करेंगे.'' यही नहीं केजरीवाल ने आगे लिखा है कि "कुछ क्षेत्रों के लोगों की शिकायत है कि उनके विधायक उनसे कभी मिलने नहीं आए. पार्टी की सरकार के काम की चारों तरफ सराहना है लेकिन जनता उस विधायक से भी मिलना चाहती हैं जिसे उसने वोट देकर जिताया है." केजरीवाल की इस बात से पता चलता है कि पार्टी के विधायक और जनता में दूरी है जिसका खामियाजा पार्टी उठा रही है और विधायक कहने के बाद में जनता से नही जुड़ पा रहे हैं. यही कारण है कि केजरीवाल ने अपने विधायकों से प्लान मांगा है और कहा है कि विधायक विधानसभा क्षेत्र में किस इलाके में किस दिन जाएगा इसका पूरा ब्यौरा दें. यही नहीं सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि मैंने निर्देश दिया था कि सभी अफसर अपने दफ्तर में बिना अपॉइंटमेंट जनता से रोज मिलेंगे जबकि मुझे पता चला है कि बहुत से अफसर इसका पालन नहीं कर रहे. मुख्य सचिव कड़ी चेतावनी जारी करें कि जो अफसर इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा उस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. टिप्पणियां केजरीवाल ने मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को बाकायदा अफसरों के दफ्तर के बाहर बोर्ड लगाकर यह बताने को कहा है कि यह अफसर रोज सुबह 10-11 बजे बिना अपॉइंटमेंट जनता से मिलेगा और नहीं मिलने पर इस नंबर पर शिकायत करें. इस नंबर पर आने वाली शिकायतों की जानकारी मुझे दी जाए और मुख्य सचिव इन शिकायतों पर कार्रवाई करें. दरअसल आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद यह पाया कि आम जनता से उसकी दूरी बढ़ने के चलते उसका जनाधार घट गया.  इसलिए केजरीवाल ने अपने सभी मंत्रियों, विधायकों, अफसरों को रोज सुबह आम जनता से बिना अपॉइंटमेंट मिलकर उनकी समस्या का समाधान करने का आदेश दिया. लेकिन इस योजना को लागू करने या यूं कहें इसकी हवा निकालने में खुद विधायक और अफसर लगे हुए हैं. केजरीवाल ने अपने सभी विधायकों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि "पिछली विधायक दल मीटिंग में हमने तय किया था कि सभी विधायक रोज सुबह जनता से मिलने के लिए अपने दफ्तर में उपलब्ध रहेंगे. 'कुछ' विधायकों को छोड़ सभी ने इसका पालन करना शुरू कर दिया है. मैं उम्मीद करता हूं बाकी विधायक भी इसे जल्द लागू करेंगे.'' यही नहीं केजरीवाल ने आगे लिखा है कि "कुछ क्षेत्रों के लोगों की शिकायत है कि उनके विधायक उनसे कभी मिलने नहीं आए. पार्टी की सरकार के काम की चारों तरफ सराहना है लेकिन जनता उस विधायक से भी मिलना चाहती हैं जिसे उसने वोट देकर जिताया है." केजरीवाल की इस बात से पता चलता है कि पार्टी के विधायक और जनता में दूरी है जिसका खामियाजा पार्टी उठा रही है और विधायक कहने के बाद में जनता से नही जुड़ पा रहे हैं. यही कारण है कि केजरीवाल ने अपने विधायकों से प्लान मांगा है और कहा है कि विधायक विधानसभा क्षेत्र में किस इलाके में किस दिन जाएगा इसका पूरा ब्यौरा दें. यही नहीं सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि मैंने निर्देश दिया था कि सभी अफसर अपने दफ्तर में बिना अपॉइंटमेंट जनता से रोज मिलेंगे जबकि मुझे पता चला है कि बहुत से अफसर इसका पालन नहीं कर रहे. मुख्य सचिव कड़ी चेतावनी जारी करें कि जो अफसर इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा उस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. टिप्पणियां केजरीवाल ने मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को बाकायदा अफसरों के दफ्तर के बाहर बोर्ड लगाकर यह बताने को कहा है कि यह अफसर रोज सुबह 10-11 बजे बिना अपॉइंटमेंट जनता से मिलेगा और नहीं मिलने पर इस नंबर पर शिकायत करें. इस नंबर पर आने वाली शिकायतों की जानकारी मुझे दी जाए और मुख्य सचिव इन शिकायतों पर कार्रवाई करें. दरअसल आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद यह पाया कि आम जनता से उसकी दूरी बढ़ने के चलते उसका जनाधार घट गया.  इसलिए केजरीवाल ने अपने सभी मंत्रियों, विधायकों, अफसरों को रोज सुबह आम जनता से बिना अपॉइंटमेंट मिलकर उनकी समस्या का समाधान करने का आदेश दिया. लेकिन इस योजना को लागू करने या यूं कहें इसकी हवा निकालने में खुद विधायक और अफसर लगे हुए हैं. यही नहीं केजरीवाल ने आगे लिखा है कि "कुछ क्षेत्रों के लोगों की शिकायत है कि उनके विधायक उनसे कभी मिलने नहीं आए. पार्टी की सरकार के काम की चारों तरफ सराहना है लेकिन जनता उस विधायक से भी मिलना चाहती हैं जिसे उसने वोट देकर जिताया है." केजरीवाल की इस बात से पता चलता है कि पार्टी के विधायक और जनता में दूरी है जिसका खामियाजा पार्टी उठा रही है और विधायक कहने के बाद में जनता से नही जुड़ पा रहे हैं. यही कारण है कि केजरीवाल ने अपने विधायकों से प्लान मांगा है और कहा है कि विधायक विधानसभा क्षेत्र में किस इलाके में किस दिन जाएगा इसका पूरा ब्यौरा दें. यही नहीं सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि मैंने निर्देश दिया था कि सभी अफसर अपने दफ्तर में बिना अपॉइंटमेंट जनता से रोज मिलेंगे जबकि मुझे पता चला है कि बहुत से अफसर इसका पालन नहीं कर रहे. मुख्य सचिव कड़ी चेतावनी जारी करें कि जो अफसर इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा उस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. टिप्पणियां केजरीवाल ने मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को बाकायदा अफसरों के दफ्तर के बाहर बोर्ड लगाकर यह बताने को कहा है कि यह अफसर रोज सुबह 10-11 बजे बिना अपॉइंटमेंट जनता से मिलेगा और नहीं मिलने पर इस नंबर पर शिकायत करें. इस नंबर पर आने वाली शिकायतों की जानकारी मुझे दी जाए और मुख्य सचिव इन शिकायतों पर कार्रवाई करें. दरअसल आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद यह पाया कि आम जनता से उसकी दूरी बढ़ने के चलते उसका जनाधार घट गया.  इसलिए केजरीवाल ने अपने सभी मंत्रियों, विधायकों, अफसरों को रोज सुबह आम जनता से बिना अपॉइंटमेंट मिलकर उनकी समस्या का समाधान करने का आदेश दिया. लेकिन इस योजना को लागू करने या यूं कहें इसकी हवा निकालने में खुद विधायक और अफसर लगे हुए हैं. यही नहीं सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि मैंने निर्देश दिया था कि सभी अफसर अपने दफ्तर में बिना अपॉइंटमेंट जनता से रोज मिलेंगे जबकि मुझे पता चला है कि बहुत से अफसर इसका पालन नहीं कर रहे. मुख्य सचिव कड़ी चेतावनी जारी करें कि जो अफसर इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा उस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. टिप्पणियां केजरीवाल ने मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को बाकायदा अफसरों के दफ्तर के बाहर बोर्ड लगाकर यह बताने को कहा है कि यह अफसर रोज सुबह 10-11 बजे बिना अपॉइंटमेंट जनता से मिलेगा और नहीं मिलने पर इस नंबर पर शिकायत करें. इस नंबर पर आने वाली शिकायतों की जानकारी मुझे दी जाए और मुख्य सचिव इन शिकायतों पर कार्रवाई करें. दरअसल आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद यह पाया कि आम जनता से उसकी दूरी बढ़ने के चलते उसका जनाधार घट गया.  इसलिए केजरीवाल ने अपने सभी मंत्रियों, विधायकों, अफसरों को रोज सुबह आम जनता से बिना अपॉइंटमेंट मिलकर उनकी समस्या का समाधान करने का आदेश दिया. लेकिन इस योजना को लागू करने या यूं कहें इसकी हवा निकालने में खुद विधायक और अफसर लगे हुए हैं. केजरीवाल ने मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को बाकायदा अफसरों के दफ्तर के बाहर बोर्ड लगाकर यह बताने को कहा है कि यह अफसर रोज सुबह 10-11 बजे बिना अपॉइंटमेंट जनता से मिलेगा और नहीं मिलने पर इस नंबर पर शिकायत करें. इस नंबर पर आने वाली शिकायतों की जानकारी मुझे दी जाए और मुख्य सचिव इन शिकायतों पर कार्रवाई करें. दरअसल आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद यह पाया कि आम जनता से उसकी दूरी बढ़ने के चलते उसका जनाधार घट गया.  इसलिए केजरीवाल ने अपने सभी मंत्रियों, विधायकों, अफसरों को रोज सुबह आम जनता से बिना अपॉइंटमेंट मिलकर उनकी समस्या का समाधान करने का आदेश दिया. लेकिन इस योजना को लागू करने या यूं कहें इसकी हवा निकालने में खुद विधायक और अफसर लगे हुए हैं. दरअसल आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के बाद यह पाया कि आम जनता से उसकी दूरी बढ़ने के चलते उसका जनाधार घट गया.  इसलिए केजरीवाल ने अपने सभी मंत्रियों, विधायकों, अफसरों को रोज सुबह आम जनता से बिना अपॉइंटमेंट मिलकर उनकी समस्या का समाधान करने का आदेश दिया. लेकिन इस योजना को लागू करने या यूं कहें इसकी हवा निकालने में खुद विधायक और अफसर लगे हुए हैं.
यहाँ एक सारांश है:आप के विधायक और जनता में दूरी का खामियाजा पार्टी उठा रही विधायक विधानसभा क्षेत्र में किस इलाके में कब जाएगा, पूरा ब्यौरा दे अफसर रोज सुबह 10 से 11 बजे बिना अपॉइंटमेंट जनता से मिलें
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नागरिकता संशोधन कानून पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु सहित राज्य के कई हिस्सों में  अगले तीन दिनों तक के लिए धारा 144 लगा दी गई है. इसका मतलब चार या उससे अधिक लोग वहां अब एक साथ इकट्ठा नहीं हो सकते. बता दें कि गुरुवार को बेंगलुरु में बड़े विरोध-प्रदर्शन की तैयारी की गई थी. बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त भास्कर राव ने एक न्यूज ब्रीफिंग में कहा, 'बिना अनुमति के नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा था. जुलूसों के दौरान पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. इसलिए हमने इसे अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है. कल सुबह 6 बजे से 21 दिसंबर की मध्यरात्रि तक बेंगलुरु में प्रतिबंध जारी रहेगा. इस दौरान किसी भी प्रदर्शन या रैली की इजाजत नहीं होगी. बता दें कि कल सुबह 11 बजे बेंगलुरु के टाउन हॉल में एक प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी.
यहाँ एक सारांश है:कर्नाटक में लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध बेंगलुरु सहित कई हिस्सों में धारा 144 लागू ना मार्च की इजाज़त ना धरने की अनुमति
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने पुलवामा या उसके बाद पाकिस्तान पर हुए हवाई हमले पर बयानबाजी करने वालों को नसीहत दी है. उन्होंने कहा है कि किसी को इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बुधवार को पटना में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि इन मुद्दों पर कोई बात नहीं करनी चाहिए. आज जो पूरे देश की भावना है उसको समझना चाहिए. नीतीश ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बात देश की एकता और अखंडता की है. इस पर पूरे देश में सब लोगों की भावना एक है. इस पर कोई पॉलिटिकल स्टेटमेंट नहीं देना चाहिए. नीतीश के बयान से साफ है कि वे पुलवामा हमला और पाकिस्तान पर भारत की कार्रवाई के मुद्दे पर बयानबाजी से खुश नहीं हैं और इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के खिलाफ हैं. नीतीश ने यह भी कहा कि सब एकजुट हैं. अपनी सेना ने जो काम किया है, उससे लोगों के मन में सेना के प्रति और सम्मान का भाव बढ़ा है. नीतीश ने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि केंद्र सरकार ने जो जरूरी थे, वे कदम उठाए हैं. इस बयान से नीतीश ने साफ कर दिया है कि वे केंद्र की हर कार्रवाई के पीछे खड़े हैं.इस मुद्दे के रजनीतिकरण से उन्होंने अपने आपको अलग कर लिया है.
संक्षिप्त पाठ: कहा- देश की एकता और अखंडता को लेकर पूरा देश एकजुट सेना ने जो काम किया उससे लोगों में उसके प्रति और सम्मान बढ़ा पूरे देश की भावना है को समझना चाहिए
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) विश्वविद्यालय तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के विद्यार्थियों पर पुलिस की कार्रवाई को 'प्रदर्शनकारियों का हिंसक दमन' करार देते हुए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने सरकार को खुला खत लिखा है, जिसमें रविवार को हुए संघर्ष की निंदा की गई है, और नए नागरिकता कानून को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) विश्वविद्यालय तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के विद्यार्थियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए ज़ोर देकर कहा, "विरोध प्रदर्शन तथा असहमति लोकतंत्र में अंतर्निहित होते हैं..." खत में लिखा गया है, "विरोध प्रदर्शन असुविधाजनक तथा विध्वंसकारक होते हैं, लेकिन उनसे हमारे देश का धर्मनिरपेक्ष तथा लोकतांत्रिक ताना-बाना बना रहता है..." हार्वर्ड के विद्यार्थियों ने लिखा, "पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों का हिंसक तरीके से दमन, आंसूगैस का इस्तेमाल, लाठीचार्ज किया जाना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जवाब में पुलिस का हमला करना, तथा पुलिसबलों का यूनिवर्सिटी कैम्पसों में जबरन प्रवेश करना और लगातार इंटरनेट सुविधा को ब्लॉक कर दिया जाना बेहद निंदनीय है..." दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, दोनों ही स्थानों पर हिंसक हो गए प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा ज़रूरत से ज़्यादा बलप्रयोग किए जाने का आरोप है. इन संघर्षों में लगभग 50 विद्यार्थी ज़ख्मी हुए, और जामिया के 100 विद्यार्थियों - जिन्हें पुलिस ने बिना इजाज़त कैम्पस में घुसने के बाद हिरासत में लिया था - को तभी रिहा किया गया, जब विद्यार्थियों ने रविवार को रातभर में दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर एकजुट होकर प्रदर्शन किया. हार्वर्ड के विद्यार्थियों का कहना है, "प्रदर्शनकारियों का मनोबल तोड़ने के उद्देश्य से शेयर की जा रही ऐसी रिपोर्टों को लेकर हम स्तब्ध हैं, बेहद चिंतित हैं, जो पुलिस अत्याचार के बारे में हैं, और इनमें ऐसे किस्से भी शामिल हैं, जिनमें पुलिस द्वारा महिला प्रदर्शनकारियों पर हमले का ज़िक्र है..." पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर-मुस्लिमों के लिए भारतीय नागरिक बन जाना सरल कर देने वाले नए नागरिकता कानून के विरोध में विद्यार्थियों तथा अन्य लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन पूरे देश में हो रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि यह कानून मुस्लिमों के साथ भेदभाव करता है, जो देश के संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के विरुद्ध है. रविवार को हुए हिंसक संघर्ष के बाद जामिया और AMU के विद्यार्थियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए देशभर के अनेक यूनिवर्सिटी कैम्पसों में विद्यार्थी प्रदर्शन कर रहे हैं.
संक्षिप्त सारांश: जामिया और AMU के छात्रों के साथ आए हार्वर्ड के छात्र पुलिस की बर्बरता का किया विरोध सरकार को लिखा खुला खत
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक एसआईटी भी बनाया है. सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) जगपाल सिंह संधू की अध्यक्षता में एक अलग जांच समिति बनाई है जो सुरक्षा में हुई चूक के पहलू की छानबीन करेगी. पंजाब के पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जेल के भीतर से भी गोलीबारी हुई. हमें देखना होगा कि गोलीबारी प्रभावी क्यों नहीं थी. उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं कोई साजिश तो है और यदि गोलीबारी प्रभावी रही होती, तो पूरा घटनाक्रम ही उलट होता.टिप्पणियां उधर विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि इस घटना से राज्य में पूरी तरह चरमरायी कानून व्यवस्था की स्थिति बेनकाब हुई है और उसने विधानसभा चुनाव से पहले आतंकवाद के सिर उठाने की आशंका भी व्यक्त की. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'ये जेल ब्रेक हुई है और मैं दावा करता हूं कि इसमें (पंजाब) सरकार का हाथ है.' वहीं केंद्र ने इस घटना पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है. कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. पंजाब के पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जेल के भीतर से भी गोलीबारी हुई. हमें देखना होगा कि गोलीबारी प्रभावी क्यों नहीं थी. उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं कोई साजिश तो है और यदि गोलीबारी प्रभावी रही होती, तो पूरा घटनाक्रम ही उलट होता.टिप्पणियां उधर विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि इस घटना से राज्य में पूरी तरह चरमरायी कानून व्यवस्था की स्थिति बेनकाब हुई है और उसने विधानसभा चुनाव से पहले आतंकवाद के सिर उठाने की आशंका भी व्यक्त की. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'ये जेल ब्रेक हुई है और मैं दावा करता हूं कि इसमें (पंजाब) सरकार का हाथ है.' वहीं केंद्र ने इस घटना पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है. कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. उधर विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि इस घटना से राज्य में पूरी तरह चरमरायी कानून व्यवस्था की स्थिति बेनकाब हुई है और उसने विधानसभा चुनाव से पहले आतंकवाद के सिर उठाने की आशंका भी व्यक्त की. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'ये जेल ब्रेक हुई है और मैं दावा करता हूं कि इसमें (पंजाब) सरकार का हाथ है.' वहीं केंद्र ने इस घटना पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है. कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पंजाब में करीब 10 बंदूकधारियों ने रविवार सुबह नाभा जेल पर हमला किया खालिस्तान लिब्ररेशन फोर्स के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू को भगा ले गए गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेता रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की आने वाली फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' की प्रेस वार्ता के दौरान अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से उनके टैटू 'आरके' को लेकर सवाल पूछे जाने पर रणबीर भड़क गए और पत्रकार को मर्यादा में रहने की चेतावनी तक दे डाली। वर्ष 2008 में रिलीज हुई फिल्म 'बचना ए हसीनों' की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने अपनी गर्दन पर एक 'आरके' नाम का टैटू गुदवाया था। उन दिनों वह रणबीर के साथ कुछ वक्त गुजारने के लिए घूमने जाती थी। एक पत्रकार के पूछे जाने पर कि क्या आप इस फिल्म के प्रचार के लिए कोई दूसरा टैटू लगवाएंगी, रणबीर कपूर नाराज हो गए। रणबीर ने कहा, मुझे नहीं लगता है कि फिल्मी दुनिया में कोई भी अभिनेता अपनी फिल्म के प्रचार-प्रसार के लिए ऐसा करता होगा। हमारा भी एक व्यक्तिगत जीवन होता है। हम यह सब फिल्म के लिए करते हैं, लेकिन जब हम घर जाते हैं वहां हमारा परिवार, माता-पिता और दोस्त होते हैं। इसलिए आपको इनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, आपने जो दीपिका से सवाल पूछा है अगर वह इसका जवाब देती है, तो यह आपके लिए महज एक लेख होगा। आपको प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्यादा रखनी चाहिए और इस तरह के सवाल नहीं पूछने चाहिए। टिप्पणियां 31 मई को रिलीज होने वाली अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' में काल्को कोचलीन और आदित्य राव कपूर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर का नाम 'बनी' है। उनका मानना है कि इस तरह के नाम पात्रों के लिए बहुत अनुकूल रहते हैं। वर्ष 2008 में रिलीज हुई फिल्म 'बचना ए हसीनों' की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने अपनी गर्दन पर एक 'आरके' नाम का टैटू गुदवाया था। उन दिनों वह रणबीर के साथ कुछ वक्त गुजारने के लिए घूमने जाती थी। एक पत्रकार के पूछे जाने पर कि क्या आप इस फिल्म के प्रचार के लिए कोई दूसरा टैटू लगवाएंगी, रणबीर कपूर नाराज हो गए। रणबीर ने कहा, मुझे नहीं लगता है कि फिल्मी दुनिया में कोई भी अभिनेता अपनी फिल्म के प्रचार-प्रसार के लिए ऐसा करता होगा। हमारा भी एक व्यक्तिगत जीवन होता है। हम यह सब फिल्म के लिए करते हैं, लेकिन जब हम घर जाते हैं वहां हमारा परिवार, माता-पिता और दोस्त होते हैं। इसलिए आपको इनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, आपने जो दीपिका से सवाल पूछा है अगर वह इसका जवाब देती है, तो यह आपके लिए महज एक लेख होगा। आपको प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्यादा रखनी चाहिए और इस तरह के सवाल नहीं पूछने चाहिए। टिप्पणियां 31 मई को रिलीज होने वाली अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' में काल्को कोचलीन और आदित्य राव कपूर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर का नाम 'बनी' है। उनका मानना है कि इस तरह के नाम पात्रों के लिए बहुत अनुकूल रहते हैं। एक पत्रकार के पूछे जाने पर कि क्या आप इस फिल्म के प्रचार के लिए कोई दूसरा टैटू लगवाएंगी, रणबीर कपूर नाराज हो गए। रणबीर ने कहा, मुझे नहीं लगता है कि फिल्मी दुनिया में कोई भी अभिनेता अपनी फिल्म के प्रचार-प्रसार के लिए ऐसा करता होगा। हमारा भी एक व्यक्तिगत जीवन होता है। हम यह सब फिल्म के लिए करते हैं, लेकिन जब हम घर जाते हैं वहां हमारा परिवार, माता-पिता और दोस्त होते हैं। इसलिए आपको इनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, आपने जो दीपिका से सवाल पूछा है अगर वह इसका जवाब देती है, तो यह आपके लिए महज एक लेख होगा। आपको प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्यादा रखनी चाहिए और इस तरह के सवाल नहीं पूछने चाहिए। टिप्पणियां 31 मई को रिलीज होने वाली अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' में काल्को कोचलीन और आदित्य राव कपूर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर का नाम 'बनी' है। उनका मानना है कि इस तरह के नाम पात्रों के लिए बहुत अनुकूल रहते हैं। रणबीर ने कहा, मुझे नहीं लगता है कि फिल्मी दुनिया में कोई भी अभिनेता अपनी फिल्म के प्रचार-प्रसार के लिए ऐसा करता होगा। हमारा भी एक व्यक्तिगत जीवन होता है। हम यह सब फिल्म के लिए करते हैं, लेकिन जब हम घर जाते हैं वहां हमारा परिवार, माता-पिता और दोस्त होते हैं। इसलिए आपको इनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, आपने जो दीपिका से सवाल पूछा है अगर वह इसका जवाब देती है, तो यह आपके लिए महज एक लेख होगा। आपको प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्यादा रखनी चाहिए और इस तरह के सवाल नहीं पूछने चाहिए। टिप्पणियां 31 मई को रिलीज होने वाली अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' में काल्को कोचलीन और आदित्य राव कपूर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर का नाम 'बनी' है। उनका मानना है कि इस तरह के नाम पात्रों के लिए बहुत अनुकूल रहते हैं। उन्होंने कहा, आपने जो दीपिका से सवाल पूछा है अगर वह इसका जवाब देती है, तो यह आपके लिए महज एक लेख होगा। आपको प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्यादा रखनी चाहिए और इस तरह के सवाल नहीं पूछने चाहिए। टिप्पणियां 31 मई को रिलीज होने वाली अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' में काल्को कोचलीन और आदित्य राव कपूर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर का नाम 'बनी' है। उनका मानना है कि इस तरह के नाम पात्रों के लिए बहुत अनुकूल रहते हैं। 31 मई को रिलीज होने वाली अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' में काल्को कोचलीन और आदित्य राव कपूर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर का नाम 'बनी' है। उनका मानना है कि इस तरह के नाम पात्रों के लिए बहुत अनुकूल रहते हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर का नाम 'बनी' है। उनका मानना है कि इस तरह के नाम पात्रों के लिए बहुत अनुकूल रहते हैं।
संक्षिप्त पाठ: वर्ष 2008 में रिलीज हुई फिल्म 'बचना ए हसीनों' की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने अपनी गर्दन पर एक 'आरके' नाम का टैटू गुदवाया था। उन दिनों वह रणबीर के साथ कुछ वक्त गुजारने के लिए घूमने जाती थी।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: अगले हफ्ते ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट से पहले भारतीय तेज गेंदबाजी की अगुवाई कर रहे जहीर खान की फिटनेस अब भी चिंता का कारण बनी हुई है। हालांकि कैनबरा में हुए अभ्यास मैच के दौरान गेंदबाजी करते हुए वह किसी भी तरह असहज दिखाई नहीं दिए थे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अध्यक्ष एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच में उनकी 15 ओवर की गेंदबाजी आलोचकों को चुप कराने के लिए काफी रही है, लेकिन वह टेस्ट मैच में 40 ओवर गेंदबाजी का भार उठा पाएंगे या नहीं, इसके सबूत नहीं मिले हैं। शृंखला के पहले और दूसरे टेस्ट में केवल 72 घंटे का अंतर है और इस 33 वर्षीय तेज गेंदबाज की मांग को देखते हुए उनके चोटिल जोड़ों पर गेंदबाजी का भार कई गुना बढ़ेगा ही। जहीर नेट में और क्रीज पर इतना खुलकर नहीं खेले हैं कि यह दिखाई दे सके कि वह तेजी से भाग सकते हैं, डाइव कर सकते हैं और चपलता से डीप से गेंद थ्रो कर सकते हैं। उनकी गेंदबाजी में भी पुराना पैनापन और लय नहीं दिखी है। जहीर मानते हैं कि फिटनेस सुधारने और लय जारी रखने के लिए काफी ओवर गेंदबाजी करना जरूरी है, लेकिन टखने की चोट से उबरने के बाद वह उतनी गेंदबाजी नहीं कर पाए हैं।
यह एक सारांश है: अगले हफ्ते ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले भारतीय तेज गेंदबाजी की अगुवाई कर रहे जहीर खान की फिटनेस अब भी चिंता का कारण बनी हुई है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जी समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्र ‘लाई डिटेक्टर टेस्ट’ के लिए यहां की एक अदालत में राजी हो गए हैं लेकिन उनके दो गिरफ्तार संपादकों ने इस जांच का सामना करने से इनकार कर दिया है। नवीन जिंदल की कंपनी से 100 करोड़ रुपये की कथित वसूली करने की कोशिश करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी में चंद्र का भी नाम है। चंद्र ने कहा कि वह जांच से गुजरने को तैयार हैं बशर्ते उन्हें इसकी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाए। हालांकि जी के गिरफ्तार संपादक सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया ने लाई डिटेक्टर टेस्ट से गुजरने से इनकार कर दिया लेकिन वे अपनी आवाज के नमूने देने के लिए राजी हो गए हैं। लाई डिटेक्टर टेस्ट को झूठ पकड़ने वाला परीक्षण भी कहा जाता है। इस बीच, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गौरव राव ने दोनों संपादकों को गुरुवार के लिए पेशी वारंट जारी किया और अपने समक्ष चंद्र को भी मौजूद होने को कहा है। टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि सुधीर और समीर को 13 दिसंबर को पेश करने के लिए वारंट जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक चंद्र की बात है, उनके वकील विजय अग्रवाल ने इस अदालत को बताया है कि वह लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हैं। अग्रवाल ने जांच के लिए सहमति प्रदान करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल उसी सूरत में इस जांच से गुजरेंगे यदि जांच एजेंसी उस प्रक्रिया के बारे में उन्हें बताएगी, जिसे वे जांच के दौरान अपनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘चंद्र किसी गंभीर रोग का इलाज करा रहे हैं और इसलिए इस परीक्षण से पहले उन्हें विदेश स्थित अपने चिकित्सकों से सलाह लेनी होगी।’ नवीन जिंदल की कंपनी से 100 करोड़ रुपये की कथित वसूली करने की कोशिश करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी में चंद्र का भी नाम है। चंद्र ने कहा कि वह जांच से गुजरने को तैयार हैं बशर्ते उन्हें इसकी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाए। हालांकि जी के गिरफ्तार संपादक सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया ने लाई डिटेक्टर टेस्ट से गुजरने से इनकार कर दिया लेकिन वे अपनी आवाज के नमूने देने के लिए राजी हो गए हैं। लाई डिटेक्टर टेस्ट को झूठ पकड़ने वाला परीक्षण भी कहा जाता है। इस बीच, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गौरव राव ने दोनों संपादकों को गुरुवार के लिए पेशी वारंट जारी किया और अपने समक्ष चंद्र को भी मौजूद होने को कहा है। टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि सुधीर और समीर को 13 दिसंबर को पेश करने के लिए वारंट जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक चंद्र की बात है, उनके वकील विजय अग्रवाल ने इस अदालत को बताया है कि वह लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हैं। अग्रवाल ने जांच के लिए सहमति प्रदान करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल उसी सूरत में इस जांच से गुजरेंगे यदि जांच एजेंसी उस प्रक्रिया के बारे में उन्हें बताएगी, जिसे वे जांच के दौरान अपनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘चंद्र किसी गंभीर रोग का इलाज करा रहे हैं और इसलिए इस परीक्षण से पहले उन्हें विदेश स्थित अपने चिकित्सकों से सलाह लेनी होगी।’ चंद्र ने कहा कि वह जांच से गुजरने को तैयार हैं बशर्ते उन्हें इसकी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाए। हालांकि जी के गिरफ्तार संपादक सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया ने लाई डिटेक्टर टेस्ट से गुजरने से इनकार कर दिया लेकिन वे अपनी आवाज के नमूने देने के लिए राजी हो गए हैं। लाई डिटेक्टर टेस्ट को झूठ पकड़ने वाला परीक्षण भी कहा जाता है। इस बीच, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गौरव राव ने दोनों संपादकों को गुरुवार के लिए पेशी वारंट जारी किया और अपने समक्ष चंद्र को भी मौजूद होने को कहा है। टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि सुधीर और समीर को 13 दिसंबर को पेश करने के लिए वारंट जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक चंद्र की बात है, उनके वकील विजय अग्रवाल ने इस अदालत को बताया है कि वह लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हैं। अग्रवाल ने जांच के लिए सहमति प्रदान करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल उसी सूरत में इस जांच से गुजरेंगे यदि जांच एजेंसी उस प्रक्रिया के बारे में उन्हें बताएगी, जिसे वे जांच के दौरान अपनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘चंद्र किसी गंभीर रोग का इलाज करा रहे हैं और इसलिए इस परीक्षण से पहले उन्हें विदेश स्थित अपने चिकित्सकों से सलाह लेनी होगी।’ हालांकि जी के गिरफ्तार संपादक सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया ने लाई डिटेक्टर टेस्ट से गुजरने से इनकार कर दिया लेकिन वे अपनी आवाज के नमूने देने के लिए राजी हो गए हैं। लाई डिटेक्टर टेस्ट को झूठ पकड़ने वाला परीक्षण भी कहा जाता है। इस बीच, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गौरव राव ने दोनों संपादकों को गुरुवार के लिए पेशी वारंट जारी किया और अपने समक्ष चंद्र को भी मौजूद होने को कहा है। टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि सुधीर और समीर को 13 दिसंबर को पेश करने के लिए वारंट जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक चंद्र की बात है, उनके वकील विजय अग्रवाल ने इस अदालत को बताया है कि वह लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हैं। अग्रवाल ने जांच के लिए सहमति प्रदान करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल उसी सूरत में इस जांच से गुजरेंगे यदि जांच एजेंसी उस प्रक्रिया के बारे में उन्हें बताएगी, जिसे वे जांच के दौरान अपनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘चंद्र किसी गंभीर रोग का इलाज करा रहे हैं और इसलिए इस परीक्षण से पहले उन्हें विदेश स्थित अपने चिकित्सकों से सलाह लेनी होगी।’ इस बीच, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गौरव राव ने दोनों संपादकों को गुरुवार के लिए पेशी वारंट जारी किया और अपने समक्ष चंद्र को भी मौजूद होने को कहा है। टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि सुधीर और समीर को 13 दिसंबर को पेश करने के लिए वारंट जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक चंद्र की बात है, उनके वकील विजय अग्रवाल ने इस अदालत को बताया है कि वह लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हैं। अग्रवाल ने जांच के लिए सहमति प्रदान करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल उसी सूरत में इस जांच से गुजरेंगे यदि जांच एजेंसी उस प्रक्रिया के बारे में उन्हें बताएगी, जिसे वे जांच के दौरान अपनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘चंद्र किसी गंभीर रोग का इलाज करा रहे हैं और इसलिए इस परीक्षण से पहले उन्हें विदेश स्थित अपने चिकित्सकों से सलाह लेनी होगी।’ न्यायाधीश ने कहा कि सुधीर और समीर को 13 दिसंबर को पेश करने के लिए वारंट जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक चंद्र की बात है, उनके वकील विजय अग्रवाल ने इस अदालत को बताया है कि वह लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हैं। अग्रवाल ने जांच के लिए सहमति प्रदान करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल उसी सूरत में इस जांच से गुजरेंगे यदि जांच एजेंसी उस प्रक्रिया के बारे में उन्हें बताएगी, जिसे वे जांच के दौरान अपनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘चंद्र किसी गंभीर रोग का इलाज करा रहे हैं और इसलिए इस परीक्षण से पहले उन्हें विदेश स्थित अपने चिकित्सकों से सलाह लेनी होगी।’ अग्रवाल ने जांच के लिए सहमति प्रदान करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल उसी सूरत में इस जांच से गुजरेंगे यदि जांच एजेंसी उस प्रक्रिया के बारे में उन्हें बताएगी, जिसे वे जांच के दौरान अपनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘चंद्र किसी गंभीर रोग का इलाज करा रहे हैं और इसलिए इस परीक्षण से पहले उन्हें विदेश स्थित अपने चिकित्सकों से सलाह लेनी होगी।’
संक्षिप्त सारांश: जी समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्र ‘लाई डिटेक्टर टेस्ट’ के लिए यहां की एक अदालत में राजी हो गए हैं लेकिन उनके दो गिरफ्तार संपादकों ने इस जांच का सामना करने से इनकार कर दिया है।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में नौ जवान शहीद हो गए हैं। इनमें गरियाबंद के एडिशनल एसपी राजेश पवार भी शामिल हैं। इन सभी के शव उड़ीसा−छत्तीसगढ़ सीमा पर सोनाबेड़ा के पास मिले हैं। एडिशनल एसपी अपनी टीम के साथ कॉम्बिंग ऑपरेशन करके लौट रहे थे। रास्ते में उनकी जीप खराब हो गई है और उन्हें ट्रैक्टर से लौटना पड़ रहा था। इसी दौरान नक्सलियों से उनका सामना हुआ और सभी शहीद हो गए। घने जंगली इलाके में अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में 10 सदस्यीय पुलिस दल के वाहन पर नक्सलियों के हमले के बाद से यह सभी लापता थे। अपर पुलिस महानिदेशक गिरधारी नायक ने कहा कि नक्सलियों ने अपर पुलिस अधीक्षक राजेश पवार के नेतृत्व वाले पुलिस के 10 सदस्यीय दल पर तब हमला किया जब वे ट्रैक्टर से रायपुर जिले के गारियाबंद लौट रहे थे। उन्होंने कहा, "दो नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की सूचना मिलने पर पुलिस दल बोलेरो जीप से उड़ीसा सीमा पर गया था लेकिन बाद में जीप में तकनीकी खराबी आने के कारण उन्होंने एक ट्रैक्टर किराए पर लिया था।" (इनपुट एजेंसी से भी)
सारांश: छत्तीसगढ़ पुलिस के सोमवार दोपहर से लापता एक अपर पुलिस अधीक्षक सहित 10 पुलिसकर्मियों में से नौ के शव मंगलवार सुबह बरामद कर लिए गए।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र से अधिकारों को लेकर दिल्ली सरकार की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट पहुंच ही गई. सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार की अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा. दिल्ली सरकार ने 6 याचिकाएं दाखिल की हैं. सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दिल्ली सरकार ने चुनौती दी है. अपनी याचिका में दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि इस फैसले के बाद हालात आसाधारण हो गए हैं. दिल्ली सरकार के अधिकारी समझ रहे हैं कि उन्हें मंत्री की जगह उपराज्यपाल को रिपोर्ट करना है और वो यही कर रहे हैं. दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच अधिकार के मामले में केजरीवाल सरकार ने प्रावधान 131 के तहत दायर याचिका यानी सूट वापस ले लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने केस वापस लेने की इजाजत दे दी थी. दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 1 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे दी गई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 6 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. अब दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दिल्ली सरकार ने चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के फैसले से लोकतांत्रिक व्यवस्था पलट जाएगी जो संवैधानिक तरीके से दिल्ली को एक चुनी हुई विधानसभा के साथ राज्य का दर्जा देती है. दिल्ली के मुख्यमंत्री विधानसभा के प्रति जवाबदेह हैं ना कि उपराज्यपाल के प्रति. एंटी करप्शन ब्यूरो दिल्ली सरकार के हाथ में होनी चाहिए वरना सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा. संविधान के मुताबिक उपराज्यपाल कैबिनेट के फैसलों को मानने के लिए बाध्य हैं. दिल्ली सरकार ने मांग की थी कि केंद्र और दिल्ली सरकार के अधिकारों का निपटारा किया जाए और दिल्ली को पूर्ण राज्य जैसे अधिकार मिलने चाहिए. दरअसल, अप्रैल में ये याचिका दिल्ली सरकार ने दायर की थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के 131 के तहत सूट दाखिल करने पर सवाल उठाया था और कहा था कि आप खुद को कैसे राज्य कह सकते हैं.टिप्पणियां पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वो दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे और इस याचिका को वापस ले क्योंकि दो मामले एक साथ नहीं चल सकते. हालांकि बुधवार को ही दिल्ली सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल कर दी है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा था कि उपराज्यपाल (LG) ही दिल्ली के प्रशासक है. दरअसल संविधान में 131 के तहत प्रावधान है कि यदि केंद्र और राज्य के बीच या राज्यों के बीच कोई विवाद हो तो सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई कर सकता है. अपनी याचिका में दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि इस फैसले के बाद हालात आसाधारण हो गए हैं. दिल्ली सरकार के अधिकारी समझ रहे हैं कि उन्हें मंत्री की जगह उपराज्यपाल को रिपोर्ट करना है और वो यही कर रहे हैं. दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच अधिकार के मामले में केजरीवाल सरकार ने प्रावधान 131 के तहत दायर याचिका यानी सूट वापस ले लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने केस वापस लेने की इजाजत दे दी थी. दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 1 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे दी गई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 6 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. अब दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दिल्ली सरकार ने चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के फैसले से लोकतांत्रिक व्यवस्था पलट जाएगी जो संवैधानिक तरीके से दिल्ली को एक चुनी हुई विधानसभा के साथ राज्य का दर्जा देती है. दिल्ली के मुख्यमंत्री विधानसभा के प्रति जवाबदेह हैं ना कि उपराज्यपाल के प्रति. एंटी करप्शन ब्यूरो दिल्ली सरकार के हाथ में होनी चाहिए वरना सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा. संविधान के मुताबिक उपराज्यपाल कैबिनेट के फैसलों को मानने के लिए बाध्य हैं. दिल्ली सरकार ने मांग की थी कि केंद्र और दिल्ली सरकार के अधिकारों का निपटारा किया जाए और दिल्ली को पूर्ण राज्य जैसे अधिकार मिलने चाहिए. दरअसल, अप्रैल में ये याचिका दिल्ली सरकार ने दायर की थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के 131 के तहत सूट दाखिल करने पर सवाल उठाया था और कहा था कि आप खुद को कैसे राज्य कह सकते हैं.टिप्पणियां पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वो दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे और इस याचिका को वापस ले क्योंकि दो मामले एक साथ नहीं चल सकते. हालांकि बुधवार को ही दिल्ली सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल कर दी है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा था कि उपराज्यपाल (LG) ही दिल्ली के प्रशासक है. दरअसल संविधान में 131 के तहत प्रावधान है कि यदि केंद्र और राज्य के बीच या राज्यों के बीच कोई विवाद हो तो सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई कर सकता है. दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच अधिकार के मामले में केजरीवाल सरकार ने प्रावधान 131 के तहत दायर याचिका यानी सूट वापस ले लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने केस वापस लेने की इजाजत दे दी थी. दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 1 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे दी गई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 6 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. अब दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दिल्ली सरकार ने चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के फैसले से लोकतांत्रिक व्यवस्था पलट जाएगी जो संवैधानिक तरीके से दिल्ली को एक चुनी हुई विधानसभा के साथ राज्य का दर्जा देती है. दिल्ली के मुख्यमंत्री विधानसभा के प्रति जवाबदेह हैं ना कि उपराज्यपाल के प्रति. एंटी करप्शन ब्यूरो दिल्ली सरकार के हाथ में होनी चाहिए वरना सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा. संविधान के मुताबिक उपराज्यपाल कैबिनेट के फैसलों को मानने के लिए बाध्य हैं. दिल्ली सरकार ने मांग की थी कि केंद्र और दिल्ली सरकार के अधिकारों का निपटारा किया जाए और दिल्ली को पूर्ण राज्य जैसे अधिकार मिलने चाहिए. दरअसल, अप्रैल में ये याचिका दिल्ली सरकार ने दायर की थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के 131 के तहत सूट दाखिल करने पर सवाल उठाया था और कहा था कि आप खुद को कैसे राज्य कह सकते हैं.टिप्पणियां पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वो दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे और इस याचिका को वापस ले क्योंकि दो मामले एक साथ नहीं चल सकते. हालांकि बुधवार को ही दिल्ली सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल कर दी है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा था कि उपराज्यपाल (LG) ही दिल्ली के प्रशासक है. दरअसल संविधान में 131 के तहत प्रावधान है कि यदि केंद्र और राज्य के बीच या राज्यों के बीच कोई विवाद हो तो सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई कर सकता है. याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के फैसले से लोकतांत्रिक व्यवस्था पलट जाएगी जो संवैधानिक तरीके से दिल्ली को एक चुनी हुई विधानसभा के साथ राज्य का दर्जा देती है. दिल्ली के मुख्यमंत्री विधानसभा के प्रति जवाबदेह हैं ना कि उपराज्यपाल के प्रति. एंटी करप्शन ब्यूरो दिल्ली सरकार के हाथ में होनी चाहिए वरना सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा. संविधान के मुताबिक उपराज्यपाल कैबिनेट के फैसलों को मानने के लिए बाध्य हैं. दिल्ली सरकार ने मांग की थी कि केंद्र और दिल्ली सरकार के अधिकारों का निपटारा किया जाए और दिल्ली को पूर्ण राज्य जैसे अधिकार मिलने चाहिए. दरअसल, अप्रैल में ये याचिका दिल्ली सरकार ने दायर की थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के 131 के तहत सूट दाखिल करने पर सवाल उठाया था और कहा था कि आप खुद को कैसे राज्य कह सकते हैं.टिप्पणियां पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वो दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे और इस याचिका को वापस ले क्योंकि दो मामले एक साथ नहीं चल सकते. हालांकि बुधवार को ही दिल्ली सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल कर दी है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा था कि उपराज्यपाल (LG) ही दिल्ली के प्रशासक है. दरअसल संविधान में 131 के तहत प्रावधान है कि यदि केंद्र और राज्य के बीच या राज्यों के बीच कोई विवाद हो तो सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई कर सकता है. संविधान के मुताबिक उपराज्यपाल कैबिनेट के फैसलों को मानने के लिए बाध्य हैं. दिल्ली सरकार ने मांग की थी कि केंद्र और दिल्ली सरकार के अधिकारों का निपटारा किया जाए और दिल्ली को पूर्ण राज्य जैसे अधिकार मिलने चाहिए. दरअसल, अप्रैल में ये याचिका दिल्ली सरकार ने दायर की थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के 131 के तहत सूट दाखिल करने पर सवाल उठाया था और कहा था कि आप खुद को कैसे राज्य कह सकते हैं.टिप्पणियां पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वो दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे और इस याचिका को वापस ले क्योंकि दो मामले एक साथ नहीं चल सकते. हालांकि बुधवार को ही दिल्ली सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल कर दी है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा था कि उपराज्यपाल (LG) ही दिल्ली के प्रशासक है. दरअसल संविधान में 131 के तहत प्रावधान है कि यदि केंद्र और राज्य के बीच या राज्यों के बीच कोई विवाद हो तो सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई कर सकता है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वो दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे और इस याचिका को वापस ले क्योंकि दो मामले एक साथ नहीं चल सकते. हालांकि बुधवार को ही दिल्ली सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल कर दी है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा था कि उपराज्यपाल (LG) ही दिल्ली के प्रशासक है. दरअसल संविधान में 131 के तहत प्रावधान है कि यदि केंद्र और राज्य के बीच या राज्यों के बीच कोई विवाद हो तो सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई कर सकता है. दरअसल संविधान में 131 के तहत प्रावधान है कि यदि केंद्र और राज्य के बीच या राज्यों के बीच कोई विवाद हो तो सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई कर सकता है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को दिल्ली सरकार ने चुनौती दी है दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि इस फैसले के बाद हालात आसाधारण हो गए हैं अधिकारी समझ रहे हैं कि उन्हें मंत्री की जगह उपराज्यपाल को रिपोर्ट करना है
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय बल्लेबाज शिखर धवन ने चैम्पियंस ट्रॉफी के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक का श्रेय धैर्य बनाए रखने को देते हुए कहा कि हालात के अनुकूल ढलना काफी कठिन था। धवन के 114 रन की मदद से भारत ने सात विकेट पर 331 रन बनाए। धवन ने मैच के बाद कहा, मुझे इस पारी पर बहुत खुशी है और ज्यादा खुश इसलिए हूं कि भारत मैच जीता। भारतीय टीम जब चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए रवाना हुई तो लग रहा था कि बाएं हाथ के धवन के साथ पारी की शुरुआत मुरली विजय करेंगे, लेकिन रोहित शर्मा के साथ 127 रन की साझेदारी ने लगभग तय कर दिया है कि भारत की सलामी जोड़ी कौन होगी?टिप्पणियां धवन ने कहा, रोहित के साथ खेलने में मजा आया। उसे बल्लेबाजी करते देखना अच्छा लगता है और वह सिंगल्स बहुत तेजी से लेता है। हम हालात के अनुकूल अच्छे से ढल गए थे और रन बनाने में दिक्कत नहीं हो रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि डेल स्टेन की गैर- मौजूदगी से दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी कमजोर नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मोर्नी मोर्कल और रियान मैकलारेन जैसे खिलाड़ी अनजान नहीं है। हमें पता था कि वे हम पर हमला बोलेंगे। हमने क्रीज पर जमने में समय लिया और बाद में तेजी से रन बनाए। उन्होंने कहा कि नेट्स पर अभ्यास से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली। धवन के 114 रन की मदद से भारत ने सात विकेट पर 331 रन बनाए। धवन ने मैच के बाद कहा, मुझे इस पारी पर बहुत खुशी है और ज्यादा खुश इसलिए हूं कि भारत मैच जीता। भारतीय टीम जब चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए रवाना हुई तो लग रहा था कि बाएं हाथ के धवन के साथ पारी की शुरुआत मुरली विजय करेंगे, लेकिन रोहित शर्मा के साथ 127 रन की साझेदारी ने लगभग तय कर दिया है कि भारत की सलामी जोड़ी कौन होगी?टिप्पणियां धवन ने कहा, रोहित के साथ खेलने में मजा आया। उसे बल्लेबाजी करते देखना अच्छा लगता है और वह सिंगल्स बहुत तेजी से लेता है। हम हालात के अनुकूल अच्छे से ढल गए थे और रन बनाने में दिक्कत नहीं हो रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि डेल स्टेन की गैर- मौजूदगी से दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी कमजोर नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मोर्नी मोर्कल और रियान मैकलारेन जैसे खिलाड़ी अनजान नहीं है। हमें पता था कि वे हम पर हमला बोलेंगे। हमने क्रीज पर जमने में समय लिया और बाद में तेजी से रन बनाए। उन्होंने कहा कि नेट्स पर अभ्यास से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली। धवन ने मैच के बाद कहा, मुझे इस पारी पर बहुत खुशी है और ज्यादा खुश इसलिए हूं कि भारत मैच जीता। भारतीय टीम जब चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए रवाना हुई तो लग रहा था कि बाएं हाथ के धवन के साथ पारी की शुरुआत मुरली विजय करेंगे, लेकिन रोहित शर्मा के साथ 127 रन की साझेदारी ने लगभग तय कर दिया है कि भारत की सलामी जोड़ी कौन होगी?टिप्पणियां धवन ने कहा, रोहित के साथ खेलने में मजा आया। उसे बल्लेबाजी करते देखना अच्छा लगता है और वह सिंगल्स बहुत तेजी से लेता है। हम हालात के अनुकूल अच्छे से ढल गए थे और रन बनाने में दिक्कत नहीं हो रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि डेल स्टेन की गैर- मौजूदगी से दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी कमजोर नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मोर्नी मोर्कल और रियान मैकलारेन जैसे खिलाड़ी अनजान नहीं है। हमें पता था कि वे हम पर हमला बोलेंगे। हमने क्रीज पर जमने में समय लिया और बाद में तेजी से रन बनाए। उन्होंने कहा कि नेट्स पर अभ्यास से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली। धवन ने कहा, रोहित के साथ खेलने में मजा आया। उसे बल्लेबाजी करते देखना अच्छा लगता है और वह सिंगल्स बहुत तेजी से लेता है। हम हालात के अनुकूल अच्छे से ढल गए थे और रन बनाने में दिक्कत नहीं हो रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि डेल स्टेन की गैर- मौजूदगी से दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी कमजोर नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मोर्नी मोर्कल और रियान मैकलारेन जैसे खिलाड़ी अनजान नहीं है। हमें पता था कि वे हम पर हमला बोलेंगे। हमने क्रीज पर जमने में समय लिया और बाद में तेजी से रन बनाए। उन्होंने कहा कि नेट्स पर अभ्यास से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा, मोर्नी मोर्कल और रियान मैकलारेन जैसे खिलाड़ी अनजान नहीं है। हमें पता था कि वे हम पर हमला बोलेंगे। हमने क्रीज पर जमने में समय लिया और बाद में तेजी से रन बनाए। उन्होंने कहा कि नेट्स पर अभ्यास से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली।
सारांश: भारतीय बल्लेबाज शिखर धवन ने चैम्पियंस ट्रॉफी के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक का श्रेय धैर्य बनाए रखने को देते हुए कहा कि हालात के अनुकूल ढलना काफी कठिन था।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कॉमेडियन कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच जारी विवाद का कोई अंत होता नहीं दिख रहा है. कपिल शर्मा की सफाई, सुनील ग्रोवर के शो छोड़ने और उनके साथ चंदन प्रभाकर, अली असगर और सुगंधा मिश्रा द्वारा शो का बायकॉट किए जाने के बाद द कपिल शर्मा शो के भविष्य को लेकर प्रशंसकों की चिंता बढ़ गई है. अब तक कहा जा रहा था कि फ्लाइट में कपिल ने सुनील को गालियां दीं और उन पर हाथ उठाया लेकिन एक प्रत्यक्षदर्शी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि कपिल शर्मा ने फ्लाइट में सुनील पर जूता भी फेंका था. फ्लाइट में कपिल की टीम के सफर कर रहे एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि कपिल ने व्हिस्की की एक पूरी बोतल पी ली थी वह काफी नशे में थे. कपिल के ड्रिंक करने के दौरान केबिन क्रू ने खाना सर्व किया तो उनकी टीम के सदस्यों ने खाना शुरू कर दिया. इससे कपिल को गुस्सा आ गया, उन्होंने कहा, "जब मैंने खाना शुरू नहीं किया तो तुम लोग कैसे खा सकते हो?" प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक इससे टीम के सदस्य इतने घबरा गए कि वे अपने खाने की ट्रे केबिन क्रू को लौटाने लगे, इस दौरान सुनील ने कपिल को समझाने की कोशिश की तो कपिल उन पर चिल्लाने लगे. प्रत्यक्षदर्शी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "कपिल उठे, अपना जूता उतारा और सुनील को उससे मार दिया."   द कपिल शर्मा शो के एक दृश्य में सुनील ग्रोवर और कपिल शर्मा. टिप्पणियां प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार कपिल अपनी टीम से सदस्यों को काफी बुरा भला कह रहे थे और वह इतनी जोर-जोर से चिल्ला रहे थे कि प्लेन के इकोनॉमी क्लास में बैठे यात्रियों तक भी उनकी आवाज साफ पहुंच रही थी. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "ग्रोवर ने इस दौरान शांति से काम लिया, वह कपिल को समझाने की कोशिश करते रहे कि वह फ्लाइट में तमाशा न करें. कपिल अपनी टीम पर चिल्ला रहे थे, "तुम लोगों को मैंने बनाया है, सबका करियर खत्म कर दूंगा." वहीं वह सुनील ग्रोवर से बार बार कह रहे थे, "गया था न तू तो, आया न वापस मेरे ही पास." कपिल के धक्के से उनकी टीम की एक महिला सदस्य को भी चोट लगी थी." यह पहली बार नहीं है जब कपिल और सुनील के बीच अनबन हुई हो लेकिन अब तक कपिल के साथ खड़ी होने वाली उनकी पूरी टीम इस बार सुनील के साथ खड़ी है. कुछ दिनों पहले ही शो की टीआरपी घटने की खबरें आई थीं, ऐसे में यदि पुरानी टीम कपिल का साथ छोड़ देती है तो यह शो और कपिल दोनों के लिए अच्छी खबर नहीं है.   फ्लाइट में कपिल की टीम के सफर कर रहे एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि कपिल ने व्हिस्की की एक पूरी बोतल पी ली थी वह काफी नशे में थे. कपिल के ड्रिंक करने के दौरान केबिन क्रू ने खाना सर्व किया तो उनकी टीम के सदस्यों ने खाना शुरू कर दिया. इससे कपिल को गुस्सा आ गया, उन्होंने कहा, "जब मैंने खाना शुरू नहीं किया तो तुम लोग कैसे खा सकते हो?" प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक इससे टीम के सदस्य इतने घबरा गए कि वे अपने खाने की ट्रे केबिन क्रू को लौटाने लगे, इस दौरान सुनील ने कपिल को समझाने की कोशिश की तो कपिल उन पर चिल्लाने लगे. प्रत्यक्षदर्शी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "कपिल उठे, अपना जूता उतारा और सुनील को उससे मार दिया."   द कपिल शर्मा शो के एक दृश्य में सुनील ग्रोवर और कपिल शर्मा. टिप्पणियां प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार कपिल अपनी टीम से सदस्यों को काफी बुरा भला कह रहे थे और वह इतनी जोर-जोर से चिल्ला रहे थे कि प्लेन के इकोनॉमी क्लास में बैठे यात्रियों तक भी उनकी आवाज साफ पहुंच रही थी. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "ग्रोवर ने इस दौरान शांति से काम लिया, वह कपिल को समझाने की कोशिश करते रहे कि वह फ्लाइट में तमाशा न करें. कपिल अपनी टीम पर चिल्ला रहे थे, "तुम लोगों को मैंने बनाया है, सबका करियर खत्म कर दूंगा." वहीं वह सुनील ग्रोवर से बार बार कह रहे थे, "गया था न तू तो, आया न वापस मेरे ही पास." कपिल के धक्के से उनकी टीम की एक महिला सदस्य को भी चोट लगी थी." यह पहली बार नहीं है जब कपिल और सुनील के बीच अनबन हुई हो लेकिन अब तक कपिल के साथ खड़ी होने वाली उनकी पूरी टीम इस बार सुनील के साथ खड़ी है. कुछ दिनों पहले ही शो की टीआरपी घटने की खबरें आई थीं, ऐसे में यदि पुरानी टीम कपिल का साथ छोड़ देती है तो यह शो और कपिल दोनों के लिए अच्छी खबर नहीं है.   प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार कपिल अपनी टीम से सदस्यों को काफी बुरा भला कह रहे थे और वह इतनी जोर-जोर से चिल्ला रहे थे कि प्लेन के इकोनॉमी क्लास में बैठे यात्रियों तक भी उनकी आवाज साफ पहुंच रही थी. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "ग्रोवर ने इस दौरान शांति से काम लिया, वह कपिल को समझाने की कोशिश करते रहे कि वह फ्लाइट में तमाशा न करें. कपिल अपनी टीम पर चिल्ला रहे थे, "तुम लोगों को मैंने बनाया है, सबका करियर खत्म कर दूंगा." वहीं वह सुनील ग्रोवर से बार बार कह रहे थे, "गया था न तू तो, आया न वापस मेरे ही पास." कपिल के धक्के से उनकी टीम की एक महिला सदस्य को भी चोट लगी थी." यह पहली बार नहीं है जब कपिल और सुनील के बीच अनबन हुई हो लेकिन अब तक कपिल के साथ खड़ी होने वाली उनकी पूरी टीम इस बार सुनील के साथ खड़ी है. कुछ दिनों पहले ही शो की टीआरपी घटने की खबरें आई थीं, ऐसे में यदि पुरानी टीम कपिल का साथ छोड़ देती है तो यह शो और कपिल दोनों के लिए अच्छी खबर नहीं है.   यह पहली बार नहीं है जब कपिल और सुनील के बीच अनबन हुई हो लेकिन अब तक कपिल के साथ खड़ी होने वाली उनकी पूरी टीम इस बार सुनील के साथ खड़ी है. कुछ दिनों पहले ही शो की टीआरपी घटने की खबरें आई थीं, ऐसे में यदि पुरानी टीम कपिल का साथ छोड़ देती है तो यह शो और कपिल दोनों के लिए अच्छी खबर नहीं है.
संक्षिप्त पाठ: मेलबोर्न से मुंबई की फ्लाइट में कपिल ने सुनील ग्रोवर से की थी बदतमीजी सुनील ग्रोवर ने छोड़ दिया है कपिल शर्मा का शो अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने भी बायकॉट किया
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां सिंधु का ओकुहारा के खिलाफ पिछली छह भिड़ंत में फाइनल का रिकार्ड 3-3 से बराबरी का रहा है, लेकिन रियो ओलिंपिक और 2017 सिंगापुर ओपन में पिछले दो मुकाबलों इस भारतीय का पलड़ा भारी रहा है. जब से सिंधु यहां आई हैं तो वह अपने कांस्य पदक (2013 और 2014 में) और रजत पदक (2016 ओलंपिक) का रंग (स्वर्ण पदक में) बदलना चाहती हैं. सेमीफाइनल मैच के बाद जब उनसे पूछा गया कि अगर रंग बदलने की बात है तो क्या रजत पदक, इस पर सिंधू ने कहा, ‘‘अरे नहीं, यह काफी नहीं होगा. आज जीतना अहम था क्योंकि मैं अपने पदकों का रंग बदलना चाहती हूं. मैं जीतना चाहती हूं और मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतने का है और मेरा ध्यान इसी पर लगा है.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिंधु का ओकुहारा के खिलाफ पिछली छह भिड़ंत में फाइनल का रिकार्ड 3-3 से बराबरी का रहा है, लेकिन रियो ओलिंपिक और 2017 सिंगापुर ओपन में पिछले दो मुकाबलों इस भारतीय का पलड़ा भारी रहा है. जब से सिंधु यहां आई हैं तो वह अपने कांस्य पदक (2013 और 2014 में) और रजत पदक (2016 ओलंपिक) का रंग (स्वर्ण पदक में) बदलना चाहती हैं. सेमीफाइनल मैच के बाद जब उनसे पूछा गया कि अगर रंग बदलने की बात है तो क्या रजत पदक, इस पर सिंधू ने कहा, ‘‘अरे नहीं, यह काफी नहीं होगा. आज जीतना अहम था क्योंकि मैं अपने पदकों का रंग बदलना चाहती हूं. मैं जीतना चाहती हूं और मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतने का है और मेरा ध्यान इसी पर लगा है.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीन की युफेई पर आसान जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंचीं फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा से होगा मुकाबला खिताब जीतीं तो ऐसा करने वाली पहली भारतीय शटलर होंगी
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लियोनल मेस्सी के चार गोल की बदौलत बार्सीलोना ने स्पेन की घरेलू फुटबाल लीग ला लीगा में वेलेंसिया पर 5-1 की आसान जीत दर्ज की। इस जीत के बावजूद बार्सीलोना की टीम अब भी अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे रीयाल मैड्रिड से 10 अंक पीछे है। बार्सीलोना की ओर से 200वां मैच खेल रहे मेस्सी ने लीग के मौजूदा सत्र में 27 गोल जबकि सभी तरह के टूर्नामेंट में पूरे सत्र में कुल 42 गोल दागे हैं।टिप्पणियां वेलेंसिया को पियाटी ने नौवें मिनट में ही अपनी टीम को बढ़त दिला दी लेकिन इसके बाद मेस्सी छाये रहे जिन्होंने बार्सीलोना की ओर से 22, 27, 76 और 85वें मिनट में गोल दागे। बार्सीलोना के लिए एक अन्य गोल जावी हर्नान्डेज ने इंजरी टाइम में किया। इस जीत से बार्सीलोना के 23 मैचों में 51 अंक हो गए हैं। रीयाल मैड्रिड इतने ही मैचों में 61 अंक के साथ शीर्ष पर है। वेलेंसिया 23 मैचों में 40 अंक जुटाकर तीसरे स्थान पर है। इस जीत के बावजूद बार्सीलोना की टीम अब भी अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे रीयाल मैड्रिड से 10 अंक पीछे है। बार्सीलोना की ओर से 200वां मैच खेल रहे मेस्सी ने लीग के मौजूदा सत्र में 27 गोल जबकि सभी तरह के टूर्नामेंट में पूरे सत्र में कुल 42 गोल दागे हैं।टिप्पणियां वेलेंसिया को पियाटी ने नौवें मिनट में ही अपनी टीम को बढ़त दिला दी लेकिन इसके बाद मेस्सी छाये रहे जिन्होंने बार्सीलोना की ओर से 22, 27, 76 और 85वें मिनट में गोल दागे। बार्सीलोना के लिए एक अन्य गोल जावी हर्नान्डेज ने इंजरी टाइम में किया। इस जीत से बार्सीलोना के 23 मैचों में 51 अंक हो गए हैं। रीयाल मैड्रिड इतने ही मैचों में 61 अंक के साथ शीर्ष पर है। वेलेंसिया 23 मैचों में 40 अंक जुटाकर तीसरे स्थान पर है। बार्सीलोना की ओर से 200वां मैच खेल रहे मेस्सी ने लीग के मौजूदा सत्र में 27 गोल जबकि सभी तरह के टूर्नामेंट में पूरे सत्र में कुल 42 गोल दागे हैं।टिप्पणियां वेलेंसिया को पियाटी ने नौवें मिनट में ही अपनी टीम को बढ़त दिला दी लेकिन इसके बाद मेस्सी छाये रहे जिन्होंने बार्सीलोना की ओर से 22, 27, 76 और 85वें मिनट में गोल दागे। बार्सीलोना के लिए एक अन्य गोल जावी हर्नान्डेज ने इंजरी टाइम में किया। इस जीत से बार्सीलोना के 23 मैचों में 51 अंक हो गए हैं। रीयाल मैड्रिड इतने ही मैचों में 61 अंक के साथ शीर्ष पर है। वेलेंसिया 23 मैचों में 40 अंक जुटाकर तीसरे स्थान पर है। वेलेंसिया को पियाटी ने नौवें मिनट में ही अपनी टीम को बढ़त दिला दी लेकिन इसके बाद मेस्सी छाये रहे जिन्होंने बार्सीलोना की ओर से 22, 27, 76 और 85वें मिनट में गोल दागे। बार्सीलोना के लिए एक अन्य गोल जावी हर्नान्डेज ने इंजरी टाइम में किया। इस जीत से बार्सीलोना के 23 मैचों में 51 अंक हो गए हैं। रीयाल मैड्रिड इतने ही मैचों में 61 अंक के साथ शीर्ष पर है। वेलेंसिया 23 मैचों में 40 अंक जुटाकर तीसरे स्थान पर है। इस जीत से बार्सीलोना के 23 मैचों में 51 अंक हो गए हैं। रीयाल मैड्रिड इतने ही मैचों में 61 अंक के साथ शीर्ष पर है। वेलेंसिया 23 मैचों में 40 अंक जुटाकर तीसरे स्थान पर है।
संक्षिप्त पाठ: लियोनल मेस्सी के चार गोल की बदौलत बार्सीलोना ने स्पेन की घरेलू फुटबाल लीग ला लीगा में वेलेंसिया पर 5-1 की आसान जीत दर्ज की।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मलेशिया में रहने वाले भारतीय नाई देश में सबसे प्रसिद्ध हिंदू उत्सवों में से एक थाईपूसम के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा कटाए गए सैकड़ों किलोग्राम बाल बेचकर पैसा कमाने की योजना बना रहे हैं। नाई के तौर पर काम करने वाले तमिलनाडु निवासी 28 वर्षीय ए कार्तिकेयन ने कहा, बाल फेंकने की बजाय इन्हें अंतरराष्ट्रीय विग निर्माताओं को बेचकर स्थानीय व्यापारी काफी पैसे कमा सकते हैं। कार्तिकेयन ने कहा, काटे गए बाल बटोरने वाले शख्स को ये बाल बेचकर मैं अमीर बन गया होता। स्थानीय नाई इन मौकों से अनजान लगते हैं क्योंकि बालों की कटाई के बाद अमूमन इन्हें पास की एक नदी में फेंक दिया जाता है। थाईपूसम के दौरान हजारों की तादाद में हिंदू श्रद्धालु अपने बाल कटवाने बाटू केव्स मंदिर में आते हैं। यहां करीब 150 नाई लोगों के बाल काटने का काम करते हैं। कार्तिकेयन ने कहा कि भारत में लोगों को खरीदार की बाट जोहने की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि वे उन्हें तलाश लेते हैं और बदले में बेहतर भुगतान भी किया जाता है।
संक्षिप्त सारांश: मलेशिया में रहने वाले भारतीय नाई हिंदू उत्सव थाईपूसम के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा कटाए गए बाल बेचकर पैसा कमाने की योजना बना रहे हैं।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: अभिनेत्री कल्कि कोचलिन यह देखकर बहुत दुर्भाग्यपूर्ण महसूस करती है कि कुछ बढ़िया कलाकार अपने अन्य साथियों की भांति खुद को स्थापित नहीं कर पाते, लेकिन उनका कहना है कि कोई भी किसी दूसरे की पसंद से अपना जीवन नहीं जी सकता। उनका यह भी मानना है कि सभी को खुश करना मुश्किल है।टिप्पणियां 29 वर्षीय अभिनेत्री ने बताया, मैं समझती हूं कि आप अपना जीवन किसी दूसरे की पसंद से नहीं जी सकते, जो हम दुर्भाग्य से अधिकांश समय करते हैं। उन्होंने अभिनेता इरफान खान का उदाहरण देते हुए कहा, इरफान खान एक शानदार अभिनेता हैं, इसके बावजूद भारत में उनकी गिनती बड़े अभिनेताओं में नहीं होती, इसका कारण उनके द्वारा चुने जाने वाला सिनेमा है, लेकिन यह उनकी निजी पसंद है। कल्कि जल्द ही अपनी नई फिल्म 'एक थी डायन' में नजर आएंगी। 29 वर्षीय अभिनेत्री ने बताया, मैं समझती हूं कि आप अपना जीवन किसी दूसरे की पसंद से नहीं जी सकते, जो हम दुर्भाग्य से अधिकांश समय करते हैं। उन्होंने अभिनेता इरफान खान का उदाहरण देते हुए कहा, इरफान खान एक शानदार अभिनेता हैं, इसके बावजूद भारत में उनकी गिनती बड़े अभिनेताओं में नहीं होती, इसका कारण उनके द्वारा चुने जाने वाला सिनेमा है, लेकिन यह उनकी निजी पसंद है। कल्कि जल्द ही अपनी नई फिल्म 'एक थी डायन' में नजर आएंगी। उन्होंने अभिनेता इरफान खान का उदाहरण देते हुए कहा, इरफान खान एक शानदार अभिनेता हैं, इसके बावजूद भारत में उनकी गिनती बड़े अभिनेताओं में नहीं होती, इसका कारण उनके द्वारा चुने जाने वाला सिनेमा है, लेकिन यह उनकी निजी पसंद है। कल्कि जल्द ही अपनी नई फिल्म 'एक थी डायन' में नजर आएंगी।
यहाँ एक सारांश है:29 वर्षीय अभिनेत्री ने बताया, मैं समझती हूं कि आप अपना जीवन किसी दूसरे की पसंद से नहीं जी सकते, जो हम दुर्भाग्य से अधिकांश समय करते हैं।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Realme X को लॉन्च कर दिया गया है। Realme ने बुधावर को चीनी मार्केट में कदम रखा। इस दौरान Realme X से पर्दा उठाया गया। पॉप-अप सेल्फी कैमरे के साथ आने वाला यह कंपनी का पहला स्मार्टफोन है। फोन ग्लास बैक पैनल के साथ आता है जो ग्रेडिएंट फिनिश वाला है। इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर भी है। Realme ने नए Realme X Lite स्मार्टफोन को भी लॉन्च किया जो वाकई में Realme 3 Pro स्मार्टफोन है। याद रहे कि रियमली 3 प्रो को बीते महीने भारत में लॉन्च किया गया था। चीनी मार्केट में Realme X की कीमत 1,499 चीनी युआन (करीब 15,400 रुपये) से शुरू होती है। यह दाम 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। इस फोन के 6 जीबी + 64 जीबी वर्ज़न की कीमत 1,599 चीनी युआन (करीब 16,400 रुपये) और 8 जीबी + 128 जीबी वेरिएंट का दाम 1,799 चीनी युआन (करीब 18,500 रुपये) है। Realme X हैंडसेट व्हाइट और ब्लू रंग में आएगा। दोनों ही कलर वेरिएंट ग्रेडिएंट फिनिश वाले हैं। Realme ने इस फोन के दो स्पेशल लिमिटेड एडिशन भी लॉन्च किए हैं। ये ऑनियन और गार्लिक फिनिश के साथ आते हैं व 8 जीबी/ 128 जीबी स्टोरेज से लैस हैं। स्पेशल एडिशन का दाम 1,899 चीनी युआन (करीब 19,500 रुपये) है। चीनी मार्केट में Realme X Lite की कीमत 1,199 चीनी युआन (करीब 12,300 रुपये) से शुरू होती है। यह कीमत लाइट एडिशन के 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की है। स्मार्टफोन के 6 जीबी + 64 जीबी और 6 जीबी + 128 जीबी वेरिएंट की कीमतें क्रमशः 1,299 चीनी युआन (करीब 13,300 रुपये) व 1,499 चीनी युआन (करीब 15,400 रुपये) है। Realme ने फिलहाल रियलमी एक्स को भारत में उपलब्ध कराए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। डुअल-सिम (नैनो) Realme X एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित कलरओएस 6.0 पर चलेगा। फोन 6.53 इंच की फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) एमोलेड स्क्रीन से लैस है। इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर वाले इस स्मार्टफोन पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 की प्रोटेक्शन है। स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर के साथ 8 जीबी तर रैम दिए गए हैं। Realme X दो रियर कैमरों के साथ आता है। यहां एफ/ 1.7 अपर्चर वाला 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है। इसके साथ एफ/ 2.4 अपर्चर वाला 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। पॉ-अप मॉड्यूल में 16 मेगापिक्सल के सेल्फी सेंसर को जगह मिली है। फोन की बैटरी 3,765 एमएएच की है और यह VOOC 3.0 फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। स्मार्टफोन के अन्य स्पेसिफिकेशन में यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, डॉल्बी एटमस सपोर्ट, 4जी एलटीई सपोर्ट, वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 5 और जीपीएस शामिल हैं। डाइमेंशन 161.2x76.9x9.4 मिलीमीटर है और वज़न 191 ग्राम। अब बात कैमरा सेटअप की। Realme X Lite डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। पिछले हिस्से पर एफ/ 1.7 अपर्चर वाले 16 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरे के साथ एफ/ 2.4 अपर्चर वाला 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा भी है। फ्रंट पैनल पर एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 25 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है। कैमरा फीचर की बात करें रियलमी एक्स लाइट में 960 फ्रेम प्रति सेकेंड सुपर स्लो मोशन वीडियो रिकॉर्डिंग, 64 मेगापिक्सल की तस्वीरें लेने के लिए अल्ट्रा एचडी मोड और ऑप्टिमाइज़्ड नाइटस्केप मोड है। Realme X Lite में पिछले हिस्से पर फिंगरप्रिंट सेंसर है। इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी तक है और ज़रूरत पड़ने पर 256 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है। Realme का लेटेस्ट हैंडसेट ब्लूटूथ 5.0, 4जी एलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, 3.5 एमएम हेडफोन जैक और माइक्रो-यूएसबी पोर्ट से लैस है। डिवाइस की बैटरी 4,045 एमएएच की है। यह VOOC 3.0 फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। हैंडसेट का डाइमेंशन 156.8x74.2x8.3 मिलीमीटर है और वज़न 172 ग्राम।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 48 मेगापिक्सल कैमरे से लैस है रियलमी 3 प्रो Realme X Lite में पिछले हिस्से पर फिंगरप्रिंट सेंसर है 6 मेगापिक्सल के सेल्फी कैमरे के साथ आता है Realme X
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को उम्मीद जताई कि मोदी सरकार सड़क हादसों में लापरवाही की वजह से होने वाली मौतों के मामलों में जेल की सजा बढ़ाएगी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने कहा कि 1861 के दंड कानून में ऐसे मामलों में पर्याप्त सजा का प्रावधान नहीं है. उन्होंने हरियाणा के उद्योगपति के बेटे उत्सव भसीन को 2008 में हिट-एंड-रन मामले में अधिकतम दो साल की सजा सुनाई. न्यायाधीश ने कहा, 'अदालत को उम्मीद है कि जब 2018 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के चार साल पूरा करने के मौके पर पहलों-योजनाओं के विज्ञापन दिए जाएंगे, तब सरकार की ओर से आईपीसी की धारा 304 के तहत सजा बढ़ाने के कदम का भी उल्लेख होगा'.टिप्पणियां फैसले में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने एक बार सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. (इनपुट भाषा से) अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने कहा कि 1861 के दंड कानून में ऐसे मामलों में पर्याप्त सजा का प्रावधान नहीं है. उन्होंने हरियाणा के उद्योगपति के बेटे उत्सव भसीन को 2008 में हिट-एंड-रन मामले में अधिकतम दो साल की सजा सुनाई. न्यायाधीश ने कहा, 'अदालत को उम्मीद है कि जब 2018 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के चार साल पूरा करने के मौके पर पहलों-योजनाओं के विज्ञापन दिए जाएंगे, तब सरकार की ओर से आईपीसी की धारा 304 के तहत सजा बढ़ाने के कदम का भी उल्लेख होगा'.टिप्पणियां फैसले में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने एक बार सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. (इनपुट भाषा से) उन्होंने हरियाणा के उद्योगपति के बेटे उत्सव भसीन को 2008 में हिट-एंड-रन मामले में अधिकतम दो साल की सजा सुनाई. न्यायाधीश ने कहा, 'अदालत को उम्मीद है कि जब 2018 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के चार साल पूरा करने के मौके पर पहलों-योजनाओं के विज्ञापन दिए जाएंगे, तब सरकार की ओर से आईपीसी की धारा 304 के तहत सजा बढ़ाने के कदम का भी उल्लेख होगा'.टिप्पणियां फैसले में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने एक बार सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. (इनपुट भाषा से) न्यायाधीश ने कहा, 'अदालत को उम्मीद है कि जब 2018 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के चार साल पूरा करने के मौके पर पहलों-योजनाओं के विज्ञापन दिए जाएंगे, तब सरकार की ओर से आईपीसी की धारा 304 के तहत सजा बढ़ाने के कदम का भी उल्लेख होगा'.टिप्पणियां फैसले में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने एक बार सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. (इनपुट भाषा से) फैसले में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने एक बार सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त पाठ: 1861 के दंड कानून में ऐसे मामलों में पर्याप्त सजा का प्रावधान नहीं है- जज उत्सव भसीन को 2008 में हिट एंड रन मामले में दो साल की सजा सुनाई गई. फैसले में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का उल्लेख किया गया.
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सत्यम कंप्यूटर में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने गवाहों की संख्या घटाकर 220 कर दी है, जबकि आरोप पत्र में उसने 690 गवाहों का उल्लेख किया था। जांच प्रक्रिया में तेजी लाने का उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देश दिए जाने के बाद सीबीआई ने गवाहों की संख्या घटाई है। सीबीआई के डीआईजी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के मुताबिक, आरोप पत्र का समर्थन करने वाले दस्तावेजों की संख्या भी करीब 3,067 से घटाकर एक हजार कर दी गई है। नारायण ने बताया, हमारी ओर से, हम जांच में तेजी लाने की कोशिश कर रहे हैं। हम उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। अभी तक यहां की अदालत में 212 गवाहों को पेश किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 26 अक्तूबर को इस मामले में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय निर्णय को पलटते हुए कहा था कि मुख्य आरोपी 31 जुलाई, 2011 तक जमानत के लिए अदालत से संपर्क नहीं कर सकता। उच्च न्यायालय ने घोटाले के मुख्य आरोपी बी. रामलिंग राजू को जमानत दे दी थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सत्यम कंप्यूटर में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने गवाहों की संख्या घटाकर 220 कर दी है।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सोशल मीडिया भी कमाल की जगह है, यहां अपना टैलेंट को साबित करने के लिए किसी के आश्रित रहने की जरूरत नहीं होती है. बस अपने टैलेंट का वीडियो बनाइए और अपलोड कर दीजिए. अगर आपमे दम होगा तो लोग आपको स्टार बना देंगे. इन दिनों सोशल मीडिया पर दो लड़कियों के डांस का वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दोनों लड़कियां सुनील ग्रोवर के गाए हुए गाने पर डांस कर रही हैं. गाने के बोल हैं, 'मेरे हसबैंड मुझको प्यार नहीं करते...'. Sarcasmwadi के फेसबुक पेज से 26 मई को अपलोड किए गए इस वीडियो को 1800 से ज्यादा लोग शेयर कर चुके हैं. इसपर 2000 से ज्यादा कमेंट भी आ चुके हैं. हालांकि वीडियो शेयर करने वालों ने इन लड़कियों की पहचान नहीं बताई है. दोनों लड़कियां बिंदास अंदाज में झूम रही हैं.  'द कपिल शर्मा शो' में डॉ मशहूर गुलाटी का किरदार निभाने वाले कॉमेडियन सुनील ग्रोवर का गाया गाना, 'मेरे हसबैंड मुझको प्यार नहीं करते...' में खुद महिला बने हैं. सुनील ग्रोवर ने इस गाने को विश्व महिला दिवस पर रिलीज किया था. गाने में सुनील रिंकू भाभी बने हैं, जो अपने पति से शिकायत कर रही हैं कि उनके पति उनसे प्यार नहीं करते. यह एक कॉमेडी गाना है. टिप्पणियां गाने के बारे में सुनील ने कहा, 'मैं कुछ दिनों से यह गाना रिलीज करना चाहता था. महिला दिवस से अच्छा और कौन सा दिन हो सकता था, इस गाने को रिलीज करने का. यह गाना भारत भर की शादीशुदा औरतों की मानसिकता को दिखाता है.' मालूम हो कि कपिल शर्मा से झगड़े के बाद सुनील ग्रोवर ने द कपिल शर्मा शो को छोड़ दिया था. बीच में ये भी खबरें आईं थीं कि वह नया शो लेकर आएंगे. हालांकि इस पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. 'द कपिल शर्मा शो' में डॉ मशहूर गुलाटी का किरदार निभाने वाले कॉमेडियन सुनील ग्रोवर का गाया गाना, 'मेरे हसबैंड मुझको प्यार नहीं करते...' में खुद महिला बने हैं. सुनील ग्रोवर ने इस गाने को विश्व महिला दिवस पर रिलीज किया था. गाने में सुनील रिंकू भाभी बने हैं, जो अपने पति से शिकायत कर रही हैं कि उनके पति उनसे प्यार नहीं करते. यह एक कॉमेडी गाना है. टिप्पणियां गाने के बारे में सुनील ने कहा, 'मैं कुछ दिनों से यह गाना रिलीज करना चाहता था. महिला दिवस से अच्छा और कौन सा दिन हो सकता था, इस गाने को रिलीज करने का. यह गाना भारत भर की शादीशुदा औरतों की मानसिकता को दिखाता है.' मालूम हो कि कपिल शर्मा से झगड़े के बाद सुनील ग्रोवर ने द कपिल शर्मा शो को छोड़ दिया था. बीच में ये भी खबरें आईं थीं कि वह नया शो लेकर आएंगे. हालांकि इस पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. गाने के बारे में सुनील ने कहा, 'मैं कुछ दिनों से यह गाना रिलीज करना चाहता था. महिला दिवस से अच्छा और कौन सा दिन हो सकता था, इस गाने को रिलीज करने का. यह गाना भारत भर की शादीशुदा औरतों की मानसिकता को दिखाता है.' मालूम हो कि कपिल शर्मा से झगड़े के बाद सुनील ग्रोवर ने द कपिल शर्मा शो को छोड़ दिया था. बीच में ये भी खबरें आईं थीं कि वह नया शो लेकर आएंगे. हालांकि इस पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. मालूम हो कि कपिल शर्मा से झगड़े के बाद सुनील ग्रोवर ने द कपिल शर्मा शो को छोड़ दिया था. बीच में ये भी खबरें आईं थीं कि वह नया शो लेकर आएंगे. हालांकि इस पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगी है.
यह एक सारांश है: सुनील ग्रोवर के गाए गाने पर लड़कियों ने किया डांस गाने के बोल हैं, 'मेरे हसबैंड मुझको प्यार नहीं करते...' लड़कियों के डांस वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि असम में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बीते 10 वर्ष में काफी ज्यादा बदलाव आया है और राज्य में शांति तथा विकास लौटा है। सोनिया ने करीमगंज जिले के नीलम बाजार में चुनावी रैली में कहा, तरुण गोगोई के नेतृत्व में बीते 10 वर्ष के कांग्रेस शासन में हालात काफी ज्यादा बदले हैं। राज्य में शांति तथा विकास लौटा है और योजनाओं का तेजी से कार्यान्वयन हुआ है। उन्होंने कहा, 10 वर्ष पहले राज्य में जब अगपा सत्ता में थी, तो हालात ठीक नहीं थे। तब यहां तक कि सरकारी कर्मचारियों को भी वेतन नहीं मिल रहा था और खराब कानून-व्यवस्था के कारण लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने शिक्षा पर जोर दिया है, क्योंकि पार्टी इसे बच्चों के भविष्य के लिए निवेश के रूप में मानती है। उन्होंने कहा कि 10वीं की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को राज्य सरकार पहले ही कम्प्यूटर दे चुकी है। कक्षा आठवीं की छात्राओं को साइकलें प्रदान की गई हैं, ताकि वे बिना किसी मुश्किल के स्कूल जा सकें। सोनिया ने कहा, कांग्रेस सरकार की बराक वैली इंजीनियरिंग कॉलेज और करीमगंज में एक पॉलीटेक्निक संस्थान की स्थापना करने की योजना है। सोनिया करीमगंज, बोकाजान और खुमताई में तीन चुनावी रैलियों को संबोधित करने आई हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में 4 अप्रैल को मतदान होना है।
सारांश: सोनिया गांधी ने कहा कि असम में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बीते 10 वर्ष में काफी ज्यादा बदलाव आया है और राज्य में शांति तथा विकास लौटा है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी मामले में राज्य सरकार ने यू-टर्न लेते हुए उनके ऊपर से देशद्रोह का मामला हटाने की बात कही है। असीम त्रिवेदी के मामले को देखते हुए राज्य सरकार ने देशद्रोह के मामलो को लेकर एक सर्कुलर जारी करने का दावा किया है। राज्य सरकार के वकील ने हाई कोर्ट को कहा, 'जल्द ही राज्य के सभी पुलिस स्टेशन को देशद्रोह के मामले के बारे में एक सर्कुलर जारी किया जाएगा।' सर्कुलर की ड्राफ्ट कॉपी हाई कोर्ट को 19 अक्टूबर को दिया जाएगा। सर्कुलर में देशद्रोह की धाराओ के इस्तेमाल के पहले कानूनी जानकारों से सहमति लेना जरूरी होगा। देशद्रोह की धाराओं के इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाए इसे साफ़ किया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में साफ़ किया की असीम त्रिवेदी पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने से पहले उन्होंने कानूनी सलाह ली थी और कानूनी सलाह के बाद ही असीम पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। दरअसल, मुंबई पुलिस इस हलफनामे के साथ अपनी साख को साफ़ करना चाहती है। असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस को काफी आलोचना का शिकार होना पड़ा था। हालांकि हाई कोर्ट में अपने हलफनामे में राज्य सरकार ने असीम की मुसीबतें जरूर बड़ा दी हैं। टिप्पणियां मुंबई पुलिस के खेरवाड़ी के एसीपी ने कहा, 'असीम पर राजमुद्रा के अपमान और आईटी एक्ट के तहत मामला चलता रहेगा, जिसमें अदालत ही अपना आखिरी फैसला लेगी।' मुंबई पुलिस की जांच में असीम के तीन कार्टूनों पर राजमुद्रा के अपमान का मामला बनता दिख रहा है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर तक टाल दी है। असीम त्रिवेदी के मामले को देखते हुए राज्य सरकार ने देशद्रोह के मामलो को लेकर एक सर्कुलर जारी करने का दावा किया है। राज्य सरकार के वकील ने हाई कोर्ट को कहा, 'जल्द ही राज्य के सभी पुलिस स्टेशन को देशद्रोह के मामले के बारे में एक सर्कुलर जारी किया जाएगा।' सर्कुलर की ड्राफ्ट कॉपी हाई कोर्ट को 19 अक्टूबर को दिया जाएगा। सर्कुलर में देशद्रोह की धाराओ के इस्तेमाल के पहले कानूनी जानकारों से सहमति लेना जरूरी होगा। देशद्रोह की धाराओं के इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाए इसे साफ़ किया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में साफ़ किया की असीम त्रिवेदी पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने से पहले उन्होंने कानूनी सलाह ली थी और कानूनी सलाह के बाद ही असीम पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। दरअसल, मुंबई पुलिस इस हलफनामे के साथ अपनी साख को साफ़ करना चाहती है। असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस को काफी आलोचना का शिकार होना पड़ा था। हालांकि हाई कोर्ट में अपने हलफनामे में राज्य सरकार ने असीम की मुसीबतें जरूर बड़ा दी हैं। टिप्पणियां मुंबई पुलिस के खेरवाड़ी के एसीपी ने कहा, 'असीम पर राजमुद्रा के अपमान और आईटी एक्ट के तहत मामला चलता रहेगा, जिसमें अदालत ही अपना आखिरी फैसला लेगी।' मुंबई पुलिस की जांच में असीम के तीन कार्टूनों पर राजमुद्रा के अपमान का मामला बनता दिख रहा है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर तक टाल दी है। राज्य सरकार के वकील ने हाई कोर्ट को कहा, 'जल्द ही राज्य के सभी पुलिस स्टेशन को देशद्रोह के मामले के बारे में एक सर्कुलर जारी किया जाएगा।' सर्कुलर की ड्राफ्ट कॉपी हाई कोर्ट को 19 अक्टूबर को दिया जाएगा। सर्कुलर में देशद्रोह की धाराओ के इस्तेमाल के पहले कानूनी जानकारों से सहमति लेना जरूरी होगा। देशद्रोह की धाराओं के इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाए इसे साफ़ किया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में साफ़ किया की असीम त्रिवेदी पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने से पहले उन्होंने कानूनी सलाह ली थी और कानूनी सलाह के बाद ही असीम पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। दरअसल, मुंबई पुलिस इस हलफनामे के साथ अपनी साख को साफ़ करना चाहती है। असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस को काफी आलोचना का शिकार होना पड़ा था। हालांकि हाई कोर्ट में अपने हलफनामे में राज्य सरकार ने असीम की मुसीबतें जरूर बड़ा दी हैं। टिप्पणियां मुंबई पुलिस के खेरवाड़ी के एसीपी ने कहा, 'असीम पर राजमुद्रा के अपमान और आईटी एक्ट के तहत मामला चलता रहेगा, जिसमें अदालत ही अपना आखिरी फैसला लेगी।' मुंबई पुलिस की जांच में असीम के तीन कार्टूनों पर राजमुद्रा के अपमान का मामला बनता दिख रहा है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर तक टाल दी है। सर्कुलर की ड्राफ्ट कॉपी हाई कोर्ट को 19 अक्टूबर को दिया जाएगा। सर्कुलर में देशद्रोह की धाराओ के इस्तेमाल के पहले कानूनी जानकारों से सहमति लेना जरूरी होगा। देशद्रोह की धाराओं के इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाए इसे साफ़ किया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में साफ़ किया की असीम त्रिवेदी पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने से पहले उन्होंने कानूनी सलाह ली थी और कानूनी सलाह के बाद ही असीम पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। दरअसल, मुंबई पुलिस इस हलफनामे के साथ अपनी साख को साफ़ करना चाहती है। असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस को काफी आलोचना का शिकार होना पड़ा था। हालांकि हाई कोर्ट में अपने हलफनामे में राज्य सरकार ने असीम की मुसीबतें जरूर बड़ा दी हैं। टिप्पणियां मुंबई पुलिस के खेरवाड़ी के एसीपी ने कहा, 'असीम पर राजमुद्रा के अपमान और आईटी एक्ट के तहत मामला चलता रहेगा, जिसमें अदालत ही अपना आखिरी फैसला लेगी।' मुंबई पुलिस की जांच में असीम के तीन कार्टूनों पर राजमुद्रा के अपमान का मामला बनता दिख रहा है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर तक टाल दी है। देशद्रोह की धाराओं के इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाए इसे साफ़ किया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में साफ़ किया की असीम त्रिवेदी पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने से पहले उन्होंने कानूनी सलाह ली थी और कानूनी सलाह के बाद ही असीम पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। दरअसल, मुंबई पुलिस इस हलफनामे के साथ अपनी साख को साफ़ करना चाहती है। असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस को काफी आलोचना का शिकार होना पड़ा था। हालांकि हाई कोर्ट में अपने हलफनामे में राज्य सरकार ने असीम की मुसीबतें जरूर बड़ा दी हैं। टिप्पणियां मुंबई पुलिस के खेरवाड़ी के एसीपी ने कहा, 'असीम पर राजमुद्रा के अपमान और आईटी एक्ट के तहत मामला चलता रहेगा, जिसमें अदालत ही अपना आखिरी फैसला लेगी।' मुंबई पुलिस की जांच में असीम के तीन कार्टूनों पर राजमुद्रा के अपमान का मामला बनता दिख रहा है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर तक टाल दी है। दरअसल, मुंबई पुलिस इस हलफनामे के साथ अपनी साख को साफ़ करना चाहती है। असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस को काफी आलोचना का शिकार होना पड़ा था। हालांकि हाई कोर्ट में अपने हलफनामे में राज्य सरकार ने असीम की मुसीबतें जरूर बड़ा दी हैं। टिप्पणियां मुंबई पुलिस के खेरवाड़ी के एसीपी ने कहा, 'असीम पर राजमुद्रा के अपमान और आईटी एक्ट के तहत मामला चलता रहेगा, जिसमें अदालत ही अपना आखिरी फैसला लेगी।' मुंबई पुलिस की जांच में असीम के तीन कार्टूनों पर राजमुद्रा के अपमान का मामला बनता दिख रहा है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर तक टाल दी है। मुंबई पुलिस के खेरवाड़ी के एसीपी ने कहा, 'असीम पर राजमुद्रा के अपमान और आईटी एक्ट के तहत मामला चलता रहेगा, जिसमें अदालत ही अपना आखिरी फैसला लेगी।' मुंबई पुलिस की जांच में असीम के तीन कार्टूनों पर राजमुद्रा के अपमान का मामला बनता दिख रहा है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर तक टाल दी है। मुंबई पुलिस की जांच में असीम के तीन कार्टूनों पर राजमुद्रा के अपमान का मामला बनता दिख रहा है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर तक टाल दी है।
कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी मामले में राज्य सरकार ने यू-टर्न लेते हुए उनके ऊपर से देशद्रोह का मामला हटाने की बात कही है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सिब्बल ने कहा कि चिदंबरम के पेट में दर्द है, उनकी पीठ में दर्द (Back Pain) है. तिहाड़ में इन्हें बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई है. सिर्फ बेड है पिलो तक नहीं दिया गया है. उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले तक कुर्सी थी, जिसे अब हटा दिया गया है. वह दिन भर बेड पर नहीं बैठ सकते, इस वजह से उनकी पीठ में दर्द हो गया है. वहीं, पी चिदंबरम ने भी कोर्ट में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले तक हॉल में तीन कुर्सी थी. दिन में वहां बैठता था, लेकिन मेरी वजह से कुर्सी हटा ली गईं. अब वार्डन के बैठने के लिए भी कुर्सी नहीं है. बता दें कि सुनवाई के दौरान सीबीआई ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग की थी. सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की और कहा कि चिदंबरम को जिस दिन पहली बार जेल भेजा गया था, तब से परिस्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वहीं, चिदंबरम की पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल ने न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने के सीबीआई के अनुरोध का विरोध किया. सिब्बल ने चिदंबरम की ओर से अदालत से अनुरोध किया कि उनके मुवक्किल को न्यायिक हिरासत के दौरान तिहाड़ जेल में रहते हुए समय-समय पर मेडिकल जांच तथा पर्याप्त मात्रा में पूरक आहार मुहैया कराए जाए. उन्होंने कहा कि 73 वर्षीय चिदंबरम को कई बीमारियां हैं और हिरासत में रहते हुए उनका वजन भी कम हुआ है.   सीबीआई का आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया को मंजूरी दिलाने में अनियमितताएं बरती गईं और 305 करोड़ रुपये विदेशी निवेश हासिल किया गया. सीबीआई ने शुरू में आरोप लगाया था कि एफआईपीबी मंजूरी को सुविधाजनक बनाने के लिए कार्ति को रिश्वत के रूप में 10 लाख रुपये मिले थे. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय मामले की जांच कर रही है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तिहाड़ में बंद पी चिदंबरम का छलका दर्द कोर्ट में बोले- जेल में बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम 5 सितंबर से तिहाड़ जेल में हैं
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: शीर्ष वरीयता प्राप्त सेरेना विलियम्स को चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट के तीसरे दौर में जगह बनाने के लिए थोड़ा पसीना बहाना पड़ा लेकिन पुरुष वर्ग में खिताब के दावेदार नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल ने अपने शुरुआती मैच आसानी से जीते। सेरेना ने इटली की फ्रांसेस्का स्कीवाने को 6-4, 7-5 से हराया लेकिन इस बीच वह अपने खेल से संतुष्ट नहीं दिखी। इस अमेरिकी खिलाड़ी ने अंक गंवाने पर अपनी झल्लाहट दिखाई। वह अपने पावरप्ले की कुछ अवसरों पर झलक दिखा पाई।टिप्पणियां इस बीच, सेरेना की बहन वीनस विंबलडन की फाइनलिस्ट सैबाइन लिस्की से 6-1, 6-2 से हार गई। 12वीं वरीय कार्ला सुआरेज नवारो ने अमेरिका की लारेन डेविस को 6-4, 6-2 से हराकर तीसरे दौर में जगह बनाई। पुरुष वर्ग में जोकोविच ने लुकास रोसोल को आसानी से 6-0, 6-3 से हराया। सर्बिया के दुनिया में नंबर एक और शीर्ष वरीयता प्राप्त जोकोविच ने चेक गणराज्य के खिलाड़ी को केवल 53 मिनट में हराया। नडाल ने हालांकि सैंटियागो गिराल्डो को 6-2, 6-4 से हराने के लिए 90 मिनट का समय लिया। इस दूसरी वरीय खिलाड़ी का अगला मुकाबला जर्मन फिलिप कोलश्राइबर से होगा। जोकोविच दूसरे दौर में स्पेन के फर्नांडो वर्डास्को से भिड़ेंगे। सेरेना ने इटली की फ्रांसेस्का स्कीवाने को 6-4, 7-5 से हराया लेकिन इस बीच वह अपने खेल से संतुष्ट नहीं दिखी। इस अमेरिकी खिलाड़ी ने अंक गंवाने पर अपनी झल्लाहट दिखाई। वह अपने पावरप्ले की कुछ अवसरों पर झलक दिखा पाई।टिप्पणियां इस बीच, सेरेना की बहन वीनस विंबलडन की फाइनलिस्ट सैबाइन लिस्की से 6-1, 6-2 से हार गई। 12वीं वरीय कार्ला सुआरेज नवारो ने अमेरिका की लारेन डेविस को 6-4, 6-2 से हराकर तीसरे दौर में जगह बनाई। पुरुष वर्ग में जोकोविच ने लुकास रोसोल को आसानी से 6-0, 6-3 से हराया। सर्बिया के दुनिया में नंबर एक और शीर्ष वरीयता प्राप्त जोकोविच ने चेक गणराज्य के खिलाड़ी को केवल 53 मिनट में हराया। नडाल ने हालांकि सैंटियागो गिराल्डो को 6-2, 6-4 से हराने के लिए 90 मिनट का समय लिया। इस दूसरी वरीय खिलाड़ी का अगला मुकाबला जर्मन फिलिप कोलश्राइबर से होगा। जोकोविच दूसरे दौर में स्पेन के फर्नांडो वर्डास्को से भिड़ेंगे। इस बीच, सेरेना की बहन वीनस विंबलडन की फाइनलिस्ट सैबाइन लिस्की से 6-1, 6-2 से हार गई। 12वीं वरीय कार्ला सुआरेज नवारो ने अमेरिका की लारेन डेविस को 6-4, 6-2 से हराकर तीसरे दौर में जगह बनाई। पुरुष वर्ग में जोकोविच ने लुकास रोसोल को आसानी से 6-0, 6-3 से हराया। सर्बिया के दुनिया में नंबर एक और शीर्ष वरीयता प्राप्त जोकोविच ने चेक गणराज्य के खिलाड़ी को केवल 53 मिनट में हराया। नडाल ने हालांकि सैंटियागो गिराल्डो को 6-2, 6-4 से हराने के लिए 90 मिनट का समय लिया। इस दूसरी वरीय खिलाड़ी का अगला मुकाबला जर्मन फिलिप कोलश्राइबर से होगा। जोकोविच दूसरे दौर में स्पेन के फर्नांडो वर्डास्को से भिड़ेंगे। नडाल ने हालांकि सैंटियागो गिराल्डो को 6-2, 6-4 से हराने के लिए 90 मिनट का समय लिया। इस दूसरी वरीय खिलाड़ी का अगला मुकाबला जर्मन फिलिप कोलश्राइबर से होगा। जोकोविच दूसरे दौर में स्पेन के फर्नांडो वर्डास्को से भिड़ेंगे।
सारांश: शीर्ष वरीयता प्राप्त सेरेना विलियम्स को चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट के तीसरे दौर में जगह बनाने के लिए थोड़ा पसीना बहाना पड़ा लेकिन पुरुष वर्ग में खिताब के दावेदार नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल ने अपने शुरुआती मैच आसानी से जीते।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महानगर में 21 जुलाई को हुए टेलीफोन ऑपरेटर सामूहिक बलात्कार मामले के पांचवें और आखिरी आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया। अपराध शाखा के एक अधिकारी ने कहा, ‘एक खुफिया सूचना के आधार पर गिरगांव चौपाटी पर जाल बिछाया गया और आरोपी मोहम्मद अशफाक शेख को गिरफ्तार कर लिया गया।’ पुलिस ने बताया कि पांच लोगों ने 18 वर्षीय टेलीफोन ऑपरेटर का 31 जुलाई को महालक्ष्मी में शक्ति मिल्स के सुनसान परिसर में कथित सामूहिक बलात्कार किया था। इनमें से तीन लोग 22 अगस्त को एक पत्रकार के सामूहिक बलात्कार मामले में भी शामिल थे। सली अंसारी, विजय जाधव और मोहम्मद कासिम उर्फ कासिम बंगाली दोनों मामलों में शामिल थे। ये तीनों जेल में हैं। 31 जुलाई के मामले का चौथा आरोपी नाबालिग है और उसे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। टिप्पणियां शक्ति मिल परिसर में 22 अगस्त की शाम को एक फोटो पत्रकार का सामूहिक बलात्कार हुआ था। पुलिस ने तीन दिन के भीतर मामले के पांचों आरोपियों को पकड़ लिया था। इसके बाद 3 सितंबर को सामूहिक बलात्कार एक और मामला सामने आया था जब 18 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया कि 31 जुलाई को मिल परिसर में पांच लोगों ने उसका भी बलात्कार किया था। अपराध शाखा के एक अधिकारी ने कहा, ‘एक खुफिया सूचना के आधार पर गिरगांव चौपाटी पर जाल बिछाया गया और आरोपी मोहम्मद अशफाक शेख को गिरफ्तार कर लिया गया।’ पुलिस ने बताया कि पांच लोगों ने 18 वर्षीय टेलीफोन ऑपरेटर का 31 जुलाई को महालक्ष्मी में शक्ति मिल्स के सुनसान परिसर में कथित सामूहिक बलात्कार किया था। इनमें से तीन लोग 22 अगस्त को एक पत्रकार के सामूहिक बलात्कार मामले में भी शामिल थे। सली अंसारी, विजय जाधव और मोहम्मद कासिम उर्फ कासिम बंगाली दोनों मामलों में शामिल थे। ये तीनों जेल में हैं। 31 जुलाई के मामले का चौथा आरोपी नाबालिग है और उसे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। टिप्पणियां शक्ति मिल परिसर में 22 अगस्त की शाम को एक फोटो पत्रकार का सामूहिक बलात्कार हुआ था। पुलिस ने तीन दिन के भीतर मामले के पांचों आरोपियों को पकड़ लिया था। इसके बाद 3 सितंबर को सामूहिक बलात्कार एक और मामला सामने आया था जब 18 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया कि 31 जुलाई को मिल परिसर में पांच लोगों ने उसका भी बलात्कार किया था। पुलिस ने बताया कि पांच लोगों ने 18 वर्षीय टेलीफोन ऑपरेटर का 31 जुलाई को महालक्ष्मी में शक्ति मिल्स के सुनसान परिसर में कथित सामूहिक बलात्कार किया था। इनमें से तीन लोग 22 अगस्त को एक पत्रकार के सामूहिक बलात्कार मामले में भी शामिल थे। सली अंसारी, विजय जाधव और मोहम्मद कासिम उर्फ कासिम बंगाली दोनों मामलों में शामिल थे। ये तीनों जेल में हैं। 31 जुलाई के मामले का चौथा आरोपी नाबालिग है और उसे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। टिप्पणियां शक्ति मिल परिसर में 22 अगस्त की शाम को एक फोटो पत्रकार का सामूहिक बलात्कार हुआ था। पुलिस ने तीन दिन के भीतर मामले के पांचों आरोपियों को पकड़ लिया था। इसके बाद 3 सितंबर को सामूहिक बलात्कार एक और मामला सामने आया था जब 18 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया कि 31 जुलाई को मिल परिसर में पांच लोगों ने उसका भी बलात्कार किया था। सली अंसारी, विजय जाधव और मोहम्मद कासिम उर्फ कासिम बंगाली दोनों मामलों में शामिल थे। ये तीनों जेल में हैं। 31 जुलाई के मामले का चौथा आरोपी नाबालिग है और उसे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। टिप्पणियां शक्ति मिल परिसर में 22 अगस्त की शाम को एक फोटो पत्रकार का सामूहिक बलात्कार हुआ था। पुलिस ने तीन दिन के भीतर मामले के पांचों आरोपियों को पकड़ लिया था। इसके बाद 3 सितंबर को सामूहिक बलात्कार एक और मामला सामने आया था जब 18 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया कि 31 जुलाई को मिल परिसर में पांच लोगों ने उसका भी बलात्कार किया था। 31 जुलाई के मामले का चौथा आरोपी नाबालिग है और उसे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। टिप्पणियां शक्ति मिल परिसर में 22 अगस्त की शाम को एक फोटो पत्रकार का सामूहिक बलात्कार हुआ था। पुलिस ने तीन दिन के भीतर मामले के पांचों आरोपियों को पकड़ लिया था। इसके बाद 3 सितंबर को सामूहिक बलात्कार एक और मामला सामने आया था जब 18 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया कि 31 जुलाई को मिल परिसर में पांच लोगों ने उसका भी बलात्कार किया था। शक्ति मिल परिसर में 22 अगस्त की शाम को एक फोटो पत्रकार का सामूहिक बलात्कार हुआ था। पुलिस ने तीन दिन के भीतर मामले के पांचों आरोपियों को पकड़ लिया था। इसके बाद 3 सितंबर को सामूहिक बलात्कार एक और मामला सामने आया था जब 18 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया कि 31 जुलाई को मिल परिसर में पांच लोगों ने उसका भी बलात्कार किया था। इसके बाद 3 सितंबर को सामूहिक बलात्कार एक और मामला सामने आया था जब 18 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया कि 31 जुलाई को मिल परिसर में पांच लोगों ने उसका भी बलात्कार किया था।
महानगर में 21 जुलाई को हुए टेलीफोन ऑपरेटर सामूहिक बलात्कार मामले के पांचवें और आखिरी आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत में कथित तौर पर अश्लील एवं आपत्तिजनक सामग्री परोसने को लेकर विवादों में आई गूगल ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उसके लिए अपनी वेबसाइट पर सभी चीजों की निगरानी करना संभव नहीं है। गूगल और फेसबुक उन 21 कंपनियों में शामिल हैं जिनके अधिकारियों को दिल्ली में एक अदालत में 13 मार्च को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने को कहा गया है।टिप्पणियां गूगल के मुख्य कारोबारी अधिकारी निकेश अरोड़ा ने कहा, ‘‘ मुझे उम्मीद है कि इस मुद्दे पर एक संतुलित बहस होगी और अंतत: सही चीज निकलकर सामने आएगी।’’ कंपनियों ने इस सम्मन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। मामले पर अगली सुनवाई 2 फरवरी को होनी है। यहां विश्व आर्थिक मंच के दौरान एक निजी टीवी चैनल के साथ भेंटवार्ता में अरोड़ा ने कहा, ‘‘ हम वेबसाइट पर सामग्री कांट.छांट नहीं सकते। हम लोगों की दुनिया में अभिव्यक्ति की क्षमता पर अंकुश नहीं लगा सकते।’’ गूगल और फेसबुक उन 21 कंपनियों में शामिल हैं जिनके अधिकारियों को दिल्ली में एक अदालत में 13 मार्च को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने को कहा गया है।टिप्पणियां गूगल के मुख्य कारोबारी अधिकारी निकेश अरोड़ा ने कहा, ‘‘ मुझे उम्मीद है कि इस मुद्दे पर एक संतुलित बहस होगी और अंतत: सही चीज निकलकर सामने आएगी।’’ कंपनियों ने इस सम्मन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। मामले पर अगली सुनवाई 2 फरवरी को होनी है। यहां विश्व आर्थिक मंच के दौरान एक निजी टीवी चैनल के साथ भेंटवार्ता में अरोड़ा ने कहा, ‘‘ हम वेबसाइट पर सामग्री कांट.छांट नहीं सकते। हम लोगों की दुनिया में अभिव्यक्ति की क्षमता पर अंकुश नहीं लगा सकते।’’ गूगल के मुख्य कारोबारी अधिकारी निकेश अरोड़ा ने कहा, ‘‘ मुझे उम्मीद है कि इस मुद्दे पर एक संतुलित बहस होगी और अंतत: सही चीज निकलकर सामने आएगी।’’ कंपनियों ने इस सम्मन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। मामले पर अगली सुनवाई 2 फरवरी को होनी है। यहां विश्व आर्थिक मंच के दौरान एक निजी टीवी चैनल के साथ भेंटवार्ता में अरोड़ा ने कहा, ‘‘ हम वेबसाइट पर सामग्री कांट.छांट नहीं सकते। हम लोगों की दुनिया में अभिव्यक्ति की क्षमता पर अंकुश नहीं लगा सकते।’’ यहां विश्व आर्थिक मंच के दौरान एक निजी टीवी चैनल के साथ भेंटवार्ता में अरोड़ा ने कहा, ‘‘ हम वेबसाइट पर सामग्री कांट.छांट नहीं सकते। हम लोगों की दुनिया में अभिव्यक्ति की क्षमता पर अंकुश नहीं लगा सकते।’’
यहाँ एक सारांश है:भारत में कथित तौर पर अश्लील एवं आपत्तिजनक सामग्री परोसने को लेकर विवादों में आई गूगल ने स्पष्ट किया कि उसके लिए अपनी वेबसाइट पर सभी चीजों की निगरानी करना संभव नहीं है।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने बुधवार को कहा कि वह सावधि जमा योजनाओं पर ब्याज दर 0.5 फीसदी से एक फीसदी तक घटाएगी, जो 7 सितम्बर से प्रभावी होगा। सर्वाधिक एक फीसदी की कटौती 241 दिनों से एक साल से कम अवधि वाली जमा पर होगी। इस कटौती के बाद 15 लाख रुपये से कम की इस सावधि जमा योजना पर ब्याज दर मौजूदा 7.5 फीसदी घटकर 6.5 फीसदी हो जाएगी। 15 लाख रुपये से अधिक और एक करोड़ रुपये की इस सावधि जमा योजना पर ब्याज दर मौजूदा आठ फीसदी से घटकर 7.5 फीसदी हो जाएगी। अधिकतर सावधि जमा योजनाओं में ब्याज दर में 0.5 फीसदी की कटौती होगी। एसबीआई ने अपने बयान में कहा, "भारतीय स्टेट बैंक ने 7 सितम्बर से सावधि जमा योजनाओं की दर में नकारात्मक बदलाव करने का फैसला किया है।" जमा राशि के हिसाब से एसबीआई के पास तीन वर्गों की ब्याज दरें हैं। ये वर्ग हैं 15 लाख रुपये से कम, 15 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये से कम और एक करोड़ रुपये और उससे अधिक। 15 लाख रुपये से कम राशि के लिए सात दिनों से एक साल से कम अवधि की सावधि जमा योजना पर नई दर 6.5 फीसदी होगी। एक साल से लेकर दो साल से कम अवधि वाली योजना पर ब्याज दर मौजूदा नौ फीसदी से घटाकर 8.5 फीसदी होगी।टिप्पणियां पांच साल से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए ब्याज दर हालांकि 8.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। कुल नौ परिपक्व ता वाली सावधि जमा योजना में से एसबीआई ने छह में ब्याज दरों में 0.5 फीसदी कमी की घोषणा की, जबकि सिर्फ एक योजना में एक फीसदी कटौती की गई है। 181 दिनों से लेकर 240 दिनों की अवधि की योजना में ब्याज दर 0.75 फीसदी घटाकर 6.5 फीसदी की जाएगी, जबकि एक योजना में दर में बदलाव नहीं किया गया है। सर्वाधिक एक फीसदी की कटौती 241 दिनों से एक साल से कम अवधि वाली जमा पर होगी। इस कटौती के बाद 15 लाख रुपये से कम की इस सावधि जमा योजना पर ब्याज दर मौजूदा 7.5 फीसदी घटकर 6.5 फीसदी हो जाएगी। 15 लाख रुपये से अधिक और एक करोड़ रुपये की इस सावधि जमा योजना पर ब्याज दर मौजूदा आठ फीसदी से घटकर 7.5 फीसदी हो जाएगी। अधिकतर सावधि जमा योजनाओं में ब्याज दर में 0.5 फीसदी की कटौती होगी। एसबीआई ने अपने बयान में कहा, "भारतीय स्टेट बैंक ने 7 सितम्बर से सावधि जमा योजनाओं की दर में नकारात्मक बदलाव करने का फैसला किया है।" जमा राशि के हिसाब से एसबीआई के पास तीन वर्गों की ब्याज दरें हैं। ये वर्ग हैं 15 लाख रुपये से कम, 15 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये से कम और एक करोड़ रुपये और उससे अधिक। 15 लाख रुपये से कम राशि के लिए सात दिनों से एक साल से कम अवधि की सावधि जमा योजना पर नई दर 6.5 फीसदी होगी। एक साल से लेकर दो साल से कम अवधि वाली योजना पर ब्याज दर मौजूदा नौ फीसदी से घटाकर 8.5 फीसदी होगी।टिप्पणियां पांच साल से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए ब्याज दर हालांकि 8.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। कुल नौ परिपक्व ता वाली सावधि जमा योजना में से एसबीआई ने छह में ब्याज दरों में 0.5 फीसदी कमी की घोषणा की, जबकि सिर्फ एक योजना में एक फीसदी कटौती की गई है। 181 दिनों से लेकर 240 दिनों की अवधि की योजना में ब्याज दर 0.75 फीसदी घटाकर 6.5 फीसदी की जाएगी, जबकि एक योजना में दर में बदलाव नहीं किया गया है। अधिकतर सावधि जमा योजनाओं में ब्याज दर में 0.5 फीसदी की कटौती होगी। एसबीआई ने अपने बयान में कहा, "भारतीय स्टेट बैंक ने 7 सितम्बर से सावधि जमा योजनाओं की दर में नकारात्मक बदलाव करने का फैसला किया है।" जमा राशि के हिसाब से एसबीआई के पास तीन वर्गों की ब्याज दरें हैं। ये वर्ग हैं 15 लाख रुपये से कम, 15 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये से कम और एक करोड़ रुपये और उससे अधिक। 15 लाख रुपये से कम राशि के लिए सात दिनों से एक साल से कम अवधि की सावधि जमा योजना पर नई दर 6.5 फीसदी होगी। एक साल से लेकर दो साल से कम अवधि वाली योजना पर ब्याज दर मौजूदा नौ फीसदी से घटाकर 8.5 फीसदी होगी।टिप्पणियां पांच साल से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए ब्याज दर हालांकि 8.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। कुल नौ परिपक्व ता वाली सावधि जमा योजना में से एसबीआई ने छह में ब्याज दरों में 0.5 फीसदी कमी की घोषणा की, जबकि सिर्फ एक योजना में एक फीसदी कटौती की गई है। 181 दिनों से लेकर 240 दिनों की अवधि की योजना में ब्याज दर 0.75 फीसदी घटाकर 6.5 फीसदी की जाएगी, जबकि एक योजना में दर में बदलाव नहीं किया गया है। जमा राशि के हिसाब से एसबीआई के पास तीन वर्गों की ब्याज दरें हैं। ये वर्ग हैं 15 लाख रुपये से कम, 15 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये से कम और एक करोड़ रुपये और उससे अधिक। 15 लाख रुपये से कम राशि के लिए सात दिनों से एक साल से कम अवधि की सावधि जमा योजना पर नई दर 6.5 फीसदी होगी। एक साल से लेकर दो साल से कम अवधि वाली योजना पर ब्याज दर मौजूदा नौ फीसदी से घटाकर 8.5 फीसदी होगी।टिप्पणियां पांच साल से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए ब्याज दर हालांकि 8.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। कुल नौ परिपक्व ता वाली सावधि जमा योजना में से एसबीआई ने छह में ब्याज दरों में 0.5 फीसदी कमी की घोषणा की, जबकि सिर्फ एक योजना में एक फीसदी कटौती की गई है। 181 दिनों से लेकर 240 दिनों की अवधि की योजना में ब्याज दर 0.75 फीसदी घटाकर 6.5 फीसदी की जाएगी, जबकि एक योजना में दर में बदलाव नहीं किया गया है। 15 लाख रुपये से कम राशि के लिए सात दिनों से एक साल से कम अवधि की सावधि जमा योजना पर नई दर 6.5 फीसदी होगी। एक साल से लेकर दो साल से कम अवधि वाली योजना पर ब्याज दर मौजूदा नौ फीसदी से घटाकर 8.5 फीसदी होगी।टिप्पणियां पांच साल से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए ब्याज दर हालांकि 8.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। कुल नौ परिपक्व ता वाली सावधि जमा योजना में से एसबीआई ने छह में ब्याज दरों में 0.5 फीसदी कमी की घोषणा की, जबकि सिर्फ एक योजना में एक फीसदी कटौती की गई है। 181 दिनों से लेकर 240 दिनों की अवधि की योजना में ब्याज दर 0.75 फीसदी घटाकर 6.5 फीसदी की जाएगी, जबकि एक योजना में दर में बदलाव नहीं किया गया है। पांच साल से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए ब्याज दर हालांकि 8.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। कुल नौ परिपक्व ता वाली सावधि जमा योजना में से एसबीआई ने छह में ब्याज दरों में 0.5 फीसदी कमी की घोषणा की, जबकि सिर्फ एक योजना में एक फीसदी कटौती की गई है। 181 दिनों से लेकर 240 दिनों की अवधि की योजना में ब्याज दर 0.75 फीसदी घटाकर 6.5 फीसदी की जाएगी, जबकि एक योजना में दर में बदलाव नहीं किया गया है। 181 दिनों से लेकर 240 दिनों की अवधि की योजना में ब्याज दर 0.75 फीसदी घटाकर 6.5 फीसदी की जाएगी, जबकि एक योजना में दर में बदलाव नहीं किया गया है।
संक्षिप्त पाठ: देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने बुधवार को कहा कि वह सावधि जमा योजनाओं पर ब्याज दर 0.5 फीसदी से एक फीसदी तक घटाएगी, जो 7 सितम्बर से प्रभावी होगा।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिटाई से लगातार अचेत दो साल की बच्ची फलक की हालत सोमवार को भी नाजुक बनी रही। चिकित्सकों ने बताया कि उसे श्वसन सम्बंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो गई हैं और बच्ची के मस्तिष्क का एक और ऑपरेशन करना पड़ सकता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रामा सेंटर के सहायक प्रोफेसर (न्यूरो सर्जन) दीपक अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, "उसकी हालत चिंताजनक है। उसे श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं इसीलिए हमने उसे कल रात 10:30 बजे फिर से जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा है।" इससे पहले शुक्रवार सुबह बच्ची की जीवन रक्षक प्रणाली हटा ली गई थी। अग्रवाल ने बताया, "उसके मस्तिष्क का एक और ऑपरेशन करना पड़ सकता है लेकिन उसकी हालत चिंताजनक है। उसके जीवित रहने की सम्भावना क्षीण है। उसके मस्तिष्क का पहले ही एक ऑपरेशन हो चुका है। उसे नली के द्वारा भोजन दिया जा रहा है।" घायल बच्ची के शरीर पर किसी इंसान के दांत से काटने के कई निशान तथा अन्य जख्म पाए गए हैं।टिप्पणियां ज्ञात हो कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को इस अस्पताल में लाया गया था। उसका सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। बच्ची की हालत हालांकि नाजुक है लेकिन शुक्रवार बच्ची के शरीर में कुछ हलचल हुई थी। 18 जनवरी को दोपहर बाद लगभग 2.15 बजे एक किशोरी माही गुप्ता फलक को अचेतावस्था में एम्स लेकर आई थी। उसने खुद को फलक की मां बताया था।  दिल्ली पुलिस बच्ची के माता-पिता का पता लगाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को तलाशने के लिए विभिन्न राज्यों में विशेष टीमें भेजी हैं। किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रामा सेंटर के सहायक प्रोफेसर (न्यूरो सर्जन) दीपक अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, "उसकी हालत चिंताजनक है। उसे श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं इसीलिए हमने उसे कल रात 10:30 बजे फिर से जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा है।" इससे पहले शुक्रवार सुबह बच्ची की जीवन रक्षक प्रणाली हटा ली गई थी। अग्रवाल ने बताया, "उसके मस्तिष्क का एक और ऑपरेशन करना पड़ सकता है लेकिन उसकी हालत चिंताजनक है। उसके जीवित रहने की सम्भावना क्षीण है। उसके मस्तिष्क का पहले ही एक ऑपरेशन हो चुका है। उसे नली के द्वारा भोजन दिया जा रहा है।" घायल बच्ची के शरीर पर किसी इंसान के दांत से काटने के कई निशान तथा अन्य जख्म पाए गए हैं।टिप्पणियां ज्ञात हो कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को इस अस्पताल में लाया गया था। उसका सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। बच्ची की हालत हालांकि नाजुक है लेकिन शुक्रवार बच्ची के शरीर में कुछ हलचल हुई थी। 18 जनवरी को दोपहर बाद लगभग 2.15 बजे एक किशोरी माही गुप्ता फलक को अचेतावस्था में एम्स लेकर आई थी। उसने खुद को फलक की मां बताया था।  दिल्ली पुलिस बच्ची के माता-पिता का पता लगाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को तलाशने के लिए विभिन्न राज्यों में विशेष टीमें भेजी हैं। किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। अग्रवाल ने बताया, "उसके मस्तिष्क का एक और ऑपरेशन करना पड़ सकता है लेकिन उसकी हालत चिंताजनक है। उसके जीवित रहने की सम्भावना क्षीण है। उसके मस्तिष्क का पहले ही एक ऑपरेशन हो चुका है। उसे नली के द्वारा भोजन दिया जा रहा है।" घायल बच्ची के शरीर पर किसी इंसान के दांत से काटने के कई निशान तथा अन्य जख्म पाए गए हैं।टिप्पणियां ज्ञात हो कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को इस अस्पताल में लाया गया था। उसका सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। बच्ची की हालत हालांकि नाजुक है लेकिन शुक्रवार बच्ची के शरीर में कुछ हलचल हुई थी। 18 जनवरी को दोपहर बाद लगभग 2.15 बजे एक किशोरी माही गुप्ता फलक को अचेतावस्था में एम्स लेकर आई थी। उसने खुद को फलक की मां बताया था।  दिल्ली पुलिस बच्ची के माता-पिता का पता लगाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को तलाशने के लिए विभिन्न राज्यों में विशेष टीमें भेजी हैं। किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। ज्ञात हो कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को इस अस्पताल में लाया गया था। उसका सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। बच्ची की हालत हालांकि नाजुक है लेकिन शुक्रवार बच्ची के शरीर में कुछ हलचल हुई थी। 18 जनवरी को दोपहर बाद लगभग 2.15 बजे एक किशोरी माही गुप्ता फलक को अचेतावस्था में एम्स लेकर आई थी। उसने खुद को फलक की मां बताया था।  दिल्ली पुलिस बच्ची के माता-पिता का पता लगाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को तलाशने के लिए विभिन्न राज्यों में विशेष टीमें भेजी हैं। किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। 18 जनवरी को दोपहर बाद लगभग 2.15 बजे एक किशोरी माही गुप्ता फलक को अचेतावस्था में एम्स लेकर आई थी। उसने खुद को फलक की मां बताया था।  दिल्ली पुलिस बच्ची के माता-पिता का पता लगाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को तलाशने के लिए विभिन्न राज्यों में विशेष टीमें भेजी हैं। किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची फलक को श्वसन सम्बंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो गई हैं और बच्ची के मस्तिष्क का एक और ऑपरेशन करना पड़ सकता है।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के अंतर्गत सोमवार को खेले जाने वाले लीग मुकाबले में गत चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स की टीम कोच्चि टस्कर्स से भिड़ेगी। सुपर किंग्स की नजरें जहां तीसरी जीत दर्ज करने पर होगी, वहीं आईपीएल-4 की नई नवेली टीम कोच्चि टस्कर्स दूसरी जीत के इरादे से उतरेगी। सुपर किंग्स ने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं, जिसमें दो में उसे जीत मिली है, जबकि एक मुकाबले में उसे हार का सामना करना पड़ा है। आईपीएल-4 के उद्घाटन मुकाबले में सुपर किंग्स ने कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) को एक बेहद रोमांचक मुकाबले में दो रन से हराकर इस प्रतियोगिता में जीत के साथ शुरुआत की थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में उसे किंग्स इलेवन पंजाब के हाथों छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। शनिवार को खेले गए तीसरे मुकाबले में सुपर किंग्स ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को 21 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की थी। दूसरी ओर, माहेला जयवर्धने की कप्तानी में कोच्चि ने इस प्रतियोगिता में अब तक तीन मुकाबले खेले हैं और उसे एक में जीत मिली है, जबकि दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। कोच्चि को पहले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने छह विकेट से पराजित किया था, जबकि दूसरे मुकाबले में उसे पुणे वॉरियर्स ने चार विकेट से हराया था। शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में कोच्चि ने जबर्दस्त वापसी करते हुए गत उपविजेता मुंबई इंडियन्स को आठ विकेट से हरा दिया था। सुपरकिंग्स को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी सलामी बल्लेबाज अनिरूद्ध श्रीकांत और मुरली विजय के कंधों पर होगी, वहीं मध्यक्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना, धोनी, स्कॉट स्टायरिस और सुब्रह्मण्यम बद्रीनाथ टीम को मजबूती प्रदान करेंगे। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी एल्बी मोर्कल और टिम साउदी के कंधों पर होगी, जबकि स्पिन गेंदबाजी की बागडोर रविचंद्रन अश्विन, शादाब जकाती और सूरज रणदीव संभालेंगे। मुंबई इंडियन्स के खिलाफ 81 रनों की शानदार पारी खेलने वाले विस्फोटक बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम से कोच्चि को काफी उम्मीदें होंगी, वहीं जयवर्धने भी अर्धशतक लगाकर अपने शानदार फॉर्म में आने के संकेत दे दिए हैं, जबकि मध्यक्रम में हरफनमौला रविंद्र जडेजा, ब्रैड हॉज, केदार जाधव और पार्थिव पटेल टीम को मजबूती देंगे। तेज गेंदबाजी में थिसारा पेररा, रुद्र प्रताप सिंह और आर विनय कुमार के रूप में बेहतरीन गेंदबाज मौजूद हैं, जबकि स्पिन की जिम्मेदारी रमेश पवार के कंधों पर होगी।
यह एक सारांश है: सुपर किंग्स की नजरें जहां तीसरी जीत दर्ज करने पर होगी, वहीं आईपीएल-4 की नई नवेली टीम कोच्चि टस्कर्स दूसरी जीत के इरादे से उतरेगी।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की राजधानी में पिछले सप्ताह पांच साल की मासूम से हुए नृशंस रेप के बाद चौतरफा मचे जोरदार हंगामे के बावजूद इस तरह के जघन्य अपराधों की बाढ़ थमती नहीं दिख रही है। ऐसे ही एक और मामले में दिल्ली से सटे गुड़गांव के सोहना इलाके में 19-वर्षीय एक लड़के अजय ने अपने मामा की पांच-वर्षीय बेटी को ही अपनी हवस का शिकार बना डाला। मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि हो जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर अजय को गिरफ्तार कर लिया है, और उसे मंगलवार को ही जिला अदालत में पेश किया जाएगा। एसीपी पूनम दलाल ने बताया है कि आरोपी अजय राजस्थान का रहने वाला है और एक दिन पहले ही अपने मामा के घर सोहना आया था। शाम को करीब चार बजे जब घर पर कोई नहीं था, उसने पांच साल की मासूम ममेरी बहन के साथ घर का दरवाजा बंद कर रेप किया।टिप्पणियां वारदात की जानकारी उस वक्त मिली, जब बच्ची की मां घर लौट आई और उसने अजय को अपनी बेटी के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा। मां के शोर मचाने पर अजय को लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ बलात्कार की पुष्टि हो गई है। गुड़गांव पुलिस ने सोहना पुलिस थाने में बलात्कार का मामला दर्ज कर अजय को गिरफ्तार कर लिया है। वैसे बच्ची की हालत अब ठीक है और वह अपने परिवार के पास है। एसीपी पूनम दलाल ने बताया है कि आरोपी अजय राजस्थान का रहने वाला है और एक दिन पहले ही अपने मामा के घर सोहना आया था। शाम को करीब चार बजे जब घर पर कोई नहीं था, उसने पांच साल की मासूम ममेरी बहन के साथ घर का दरवाजा बंद कर रेप किया।टिप्पणियां वारदात की जानकारी उस वक्त मिली, जब बच्ची की मां घर लौट आई और उसने अजय को अपनी बेटी के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा। मां के शोर मचाने पर अजय को लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ बलात्कार की पुष्टि हो गई है। गुड़गांव पुलिस ने सोहना पुलिस थाने में बलात्कार का मामला दर्ज कर अजय को गिरफ्तार कर लिया है। वैसे बच्ची की हालत अब ठीक है और वह अपने परिवार के पास है। वारदात की जानकारी उस वक्त मिली, जब बच्ची की मां घर लौट आई और उसने अजय को अपनी बेटी के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा। मां के शोर मचाने पर अजय को लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ बलात्कार की पुष्टि हो गई है। गुड़गांव पुलिस ने सोहना पुलिस थाने में बलात्कार का मामला दर्ज कर अजय को गिरफ्तार कर लिया है। वैसे बच्ची की हालत अब ठीक है और वह अपने परिवार के पास है। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ बलात्कार की पुष्टि हो गई है। गुड़गांव पुलिस ने सोहना पुलिस थाने में बलात्कार का मामला दर्ज कर अजय को गिरफ्तार कर लिया है। वैसे बच्ची की हालत अब ठीक है और वह अपने परिवार के पास है।
संक्षिप्त पाठ: मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि हो जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़ित बच्ची की बुआ के बेटे को गिरफ्तार कर लिया है, और उसे मंगलवार को ही जिला अदालत में पेश किया जाएगा।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले महीने झारखंड के सरायकेला खरसावां ज़िले में तबरेज़ अंसारी की चोरी के आरोप में पिटाई के बाद हुई मौत के मामला मीडिया की सुर्खियां बन गया था. इसके बाद राज्य सरकार की ओर से एक जांच दल का गठन किया गया था जिसने पाया है कि तबरेज की मौत के पीछे पुलिस और डॉक्टर दोनों की दोषी हैं. इस जांच दल में सरायकेला खरसावां के उपायुक्त ने सदर एसडीओपी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया था जिसमें वहां के सिविल सर्जन भी शामिल थे. इस रिपोर्ट में माना गया हैं कि तबरेज अंसारी की मौत के लिए सिर पर गंभीर चोट लगी जिसमें उसकी नस फट गई और ब्रेन हेमरेज हो गया. इस जांच कमेटी ने यह भी पाया कि पुलिस को समय पर ख़बर करने के बावजूद वह घटना स्थल पर कई घंटे बाद पहुंची और इस बीच तबरेज की पिटाई भी लगातार जारी रही. लेकिन इस रिपोर्ट में साथ ही डॉक्टरों की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा किया गया है. ड्यूटी पर मौजूद स्थानीय अस्पताल में किसी भी डॉक्टर ने तबरेज़ के बार-बार कहने के बावजूद उनका मेडिकल इन्वेस्टिगेशन नहीं कराया और जेल जाने के लिए उन्हें फ़िट होने का रिपोर्ट दिया. जिसके कारण उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई.  फिलहालल इस मामले में उस दिन ड्यूटी पर तैनात थाना प्रभारी समेत कई पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.  लेकिन अब इस रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय जिला प्रशासन का कहना है कि उस दिन ड्यूटी पर तैनात दोनों डॉक्टरों के ख़िलाफ़ लापरवाही के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. जब यह पूछा गया कि क्या डॉक्टरों की गिरफ्तारी होगी तो इस पर स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अभी तक क़ानूनी राय नहीं ली गई है लेकिन इस मामले में सरकार को झारखंड हाईकोर्ट को भी रिपोर्ट करना है इसलिए किसी के ख़िलाफ़ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. आपको बता दें कि तबरेज़ अंसारी को पिछले महीने की 18 तारीख़ को बाइक चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने पिटाई की और 'जय श्री राम' कहने के लिए दवाब डाला. इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में काफ़ी बवाल हुआ था. इस बीच तबरेज़ अंसारी की मौत की खबर आ गई.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उस दिन ड्यूटी पर तैनात कई पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया दोनों डॉक्टरों के ख़िलाफ़ लापरवाही के आधार पर कार्रवाई की जाएगी इस मामले में सरकार को झारखंड हाईकोर्ट को भी रिपोर्ट करना है
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: NEET 2019 परीक्षा पास करने में असफल रही 18 वर्षीय एक युवती ने गुरुवार को अपने घर में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. इस घटना के साथ ही राज्य में नीट परीक्षा में असफल रहने पर आत्महत्या करने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है. इस परीक्षा का परिणाम (NEET 2019 Result) बुधवार को घोषित किया गया था. इस घटना के बाद से तमिलनाडु में विपक्षी दलों की दो साल पुरानी मांग को एक बार फिल बल मिला है कि राज्य को इस परीक्षा से अलग हो जाना चाहिए. एम मोनिशा दूसरे साल लगातार इस परीक्षा को पास करने में विफल रही. जिले के एक पुलिस अधिकारी ने  बताया, ‘‘वह बीते साल अपने पिछले प्रयास में सफल नहीं हो सकी थी और इस साल संपन्न नीट परीक्षा में उसे बहुत कम अंक आये.'' छात्रा ने इरोड जिले के तिरुचेनगोड के एक प्रतिष्ठित विद्यालय से 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की थी. मछुआरा समुदाय से संबंध रखने वाली लड़की की मां की हाल ही में मौत हो गई थी. पांच जून को तिरुपुर की एस रितुश्री और पुदुकोट्टई की रहने वाली एन वैशिया ने नीट परीक्षा में असफल रहने के बाद आत्महत्या कर ली थी. अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम के महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने छात्रा की मौत के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुये आरोप लगाया कि नीट अन्याय परक है. इस परीक्षा की वजह से ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्र अपने सपने को पूरा नहीं कर पा रहे है. परिणाम आने के एक दिन बाद द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद संसद में इस मुद्दे को उठायेंगे और राज्य को इस परीक्षा से छूट देने की मांग करेंगे.  माकपा नेता के. बालाकृष्णन ने भी उनकी मांग का समर्थन किया. एमडीएमके नेता वाइको ने कहा कि पीड़ित या तो गरीब मजदूरों के बच्चे होते हैं या फिर मध्यम वर्ग के. ये बच्चे नीट परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंगों की फीस में लाखों रूपये खर्च करने में असमर्थ हैं. (इनपुट- भाषा)
यह एक सारांश है: गुरुवार को एक और आत्महत्या का मामला सामने आया. अब तक 3 लड़कियां आत्महत्या कर चुकी हैं. नीट रिजल्ट बुधवार को घोषित किया गया था.
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पत्रकारों की कथित ऑनलाइन जासूसी को लेकर सरकार की आलोचना करने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) पर निशाना साधते हुए भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने शनिवार को कहा कि सोनिया को बताना चाहिए कि यूपीए सरकार के समय तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रणब मुखर्जी और तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह की जासूसी का आदेश किसने दिया था. सोनिया ने आरोप लगाया था कि सरकार ने व्हाट्सऐप के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की जासूसी के लिए इजरायली सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया था. इस पर जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि इस विषय पर सोनिया का बयान ‘झूठा तथा देश को गुमराह करने के इरादे से दिया गया' है. नड्डा ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा इस झूठे बयान की कड़ी निंदा करती है जो द्वेषपूर्ण है.''उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर अपना रुख पहले ही साफ कर चुकी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को साफ करना चाहिए कि कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के समय जासूसी का आदेश किसने दिया था. नड्डा ने कहा, ‘‘श्रीमती गांधी क्या देश को बता सकती हैं कि 10 जनपथ पर किसने यूपीए सरकार में मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी और उस समय के सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह की जासूसी का आदेश दिया.'' सोनिया गांधी दिल्ली में 10 जनपथ स्थित आवास पर ही रहती हैं. नड्डा ने सोनिया का घेराव करते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि सोनिया गांधी कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के दौरान एक साजिश के तहत कई मशहूर हस्तियों की जासूसी पर अपने विचार व्यक्त कर रही थीं.''
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जेपी नड्डा ने सोनिया गांधी पर साधा निशाना कहा- प्रणब और वीके सिंह की जासूसी का आदेश किसने दिया? सोनिया का बयान झूठा और देश को गुमराह करने वाला- जेपी नड्डा
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया के ओपनर शिखर धवन का बल्‍ला फिर रनों का अंबार लगा रहा है. उनकी बल्‍लेबाजी के आगे लगभग हर टीम के गेंदबाज बेबस नजर आ रहे हैं. बांग्‍लादेश के खिलाफ अहम सेमीफाइनल मुकाबले में 'गब्‍बर' ने महज 34 गेंदों पर सात चौकों और एक छक्‍के की मदद से 46 रन बनाए. दुर्भाग्‍य से वे अर्धशतक से चूक गए लेकिन रोहित शर्मा के साथ मिलकर उन्‍होंने टीम को मजबूत शुरुआत जरूर दी. इन दोनों बल्‍लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की. टूर्नामेंट में टीम इंडिया के अब तक हुए चार मैचों में से दो में यह ओपनिंग जोड़ी दो शतकीय साझेदारी कर चुकी है. 'गब्‍बर' के नाम से लोकप्रिय धवन अपनी धुआंधार बल्‍लेबाजी से दर्शकों के चहेते बन चुके हैं. गुरुवार के मैच के दौरान भी कुछ दर्शक धवन के ऐसे पोस्‍टर लिए नजर आए जिन पर 'गब्‍बर' लिखा हुआ था. हालांकि रोहित शर्मा और कप्‍तान विराट कोहली की पारियों के आगे शिखर की छोटी लेकिन आकर्षक पारी की चमक फीकी पड़ गई. रोहित ने 129 गेंदों पर 15 चौकों, एक छक्‍के की मदद से नाबाद 123 और कप्‍तान कोहली ने 78 गेंदों पर 13 चौकों की मदद से नाबाद 96 रन बनाए. टीम इंडिया ने एकतरफा अंदाज में यह मैच जीतकर फाइनल में जगह बना ली. खिताबी मुकाबले में टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक रन बनाने शिखर धवन और सर्वाधिक विकेट (10) लेने वाले हसन अली के बीच का मुकाबला खेलप्रेमियों के लिए अलग ही रोमांच की दावत देगा.टिप्पणियां इन दोनों भारतीय प्रारंभिक बल्‍लेबाजों ने स्‍कोर को गति देने की जिम्‍मेदारी मुख्‍य रूप से शिखर धवन की ही रही है. टूर्नामेंट में इस समय वे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्‍लेबाज हैं. उन्‍होंने चार मैचों में 79.25 के औसत से 317 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं. शिखर के इस प्रदर्शन में सबसे खास बात यह रही है कि उन्‍होंने 100 से अधिक के स्‍ट्राइक रेट से यह रन स्‍कोर किए हैं. प्रतियोगिता के टॉप-3 बल्‍लेबाजों में अकेले धवन ने ही यह स्‍ट्राइक रेट हासिल किया. बांग्‍लादेश के खिलाफ आज लगाए गए शतक के बाद रोहित शर्मा रनों के मामले में दूसरे स्‍थान पर पहुंच गए हैं. उन्‍होंने चार मैचों में 101.33 के औसत से 304 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं.रोहित शर्मा का स्‍ट्राइक रेट 87.60 का है. बांग्‍लादेश के तमीम इकबाल चार मैचों में 293 रन के साथ रन बनाने के मामले में तीसरे स्‍थान पर हैं. तमीम का स्‍ट्राइक रेट 86.17 का है. खास बात यह है कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी-2013 में भी शिखर धवन ने सर्वाधिक रन बनाए थे और गोल्‍डन बैट अवार्ड जीता था. अपने इस पुरस्कार को उस समय उन्‍होंने उत्तराखंड में बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को समर्पित किया था. धवन ने पिछली चैंपियंस ट्रॉफी के पांच मैचों में 90.75 की औसत से 363 रन बनाए थे. 'गब्‍बर' के नाम से लोकप्रिय धवन अपनी धुआंधार बल्‍लेबाजी से दर्शकों के चहेते बन चुके हैं. गुरुवार के मैच के दौरान भी कुछ दर्शक धवन के ऐसे पोस्‍टर लिए नजर आए जिन पर 'गब्‍बर' लिखा हुआ था. हालांकि रोहित शर्मा और कप्‍तान विराट कोहली की पारियों के आगे शिखर की छोटी लेकिन आकर्षक पारी की चमक फीकी पड़ गई. रोहित ने 129 गेंदों पर 15 चौकों, एक छक्‍के की मदद से नाबाद 123 और कप्‍तान कोहली ने 78 गेंदों पर 13 चौकों की मदद से नाबाद 96 रन बनाए. टीम इंडिया ने एकतरफा अंदाज में यह मैच जीतकर फाइनल में जगह बना ली. खिताबी मुकाबले में टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक रन बनाने शिखर धवन और सर्वाधिक विकेट (10) लेने वाले हसन अली के बीच का मुकाबला खेलप्रेमियों के लिए अलग ही रोमांच की दावत देगा.टिप्पणियां इन दोनों भारतीय प्रारंभिक बल्‍लेबाजों ने स्‍कोर को गति देने की जिम्‍मेदारी मुख्‍य रूप से शिखर धवन की ही रही है. टूर्नामेंट में इस समय वे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्‍लेबाज हैं. उन्‍होंने चार मैचों में 79.25 के औसत से 317 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं. शिखर के इस प्रदर्शन में सबसे खास बात यह रही है कि उन्‍होंने 100 से अधिक के स्‍ट्राइक रेट से यह रन स्‍कोर किए हैं. प्रतियोगिता के टॉप-3 बल्‍लेबाजों में अकेले धवन ने ही यह स्‍ट्राइक रेट हासिल किया. बांग्‍लादेश के खिलाफ आज लगाए गए शतक के बाद रोहित शर्मा रनों के मामले में दूसरे स्‍थान पर पहुंच गए हैं. उन्‍होंने चार मैचों में 101.33 के औसत से 304 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं.रोहित शर्मा का स्‍ट्राइक रेट 87.60 का है. बांग्‍लादेश के तमीम इकबाल चार मैचों में 293 रन के साथ रन बनाने के मामले में तीसरे स्‍थान पर हैं. तमीम का स्‍ट्राइक रेट 86.17 का है. खास बात यह है कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी-2013 में भी शिखर धवन ने सर्वाधिक रन बनाए थे और गोल्‍डन बैट अवार्ड जीता था. अपने इस पुरस्कार को उस समय उन्‍होंने उत्तराखंड में बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को समर्पित किया था. धवन ने पिछली चैंपियंस ट्रॉफी के पांच मैचों में 90.75 की औसत से 363 रन बनाए थे. इन दोनों भारतीय प्रारंभिक बल्‍लेबाजों ने स्‍कोर को गति देने की जिम्‍मेदारी मुख्‍य रूप से शिखर धवन की ही रही है. टूर्नामेंट में इस समय वे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्‍लेबाज हैं. उन्‍होंने चार मैचों में 79.25 के औसत से 317 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं. शिखर के इस प्रदर्शन में सबसे खास बात यह रही है कि उन्‍होंने 100 से अधिक के स्‍ट्राइक रेट से यह रन स्‍कोर किए हैं. प्रतियोगिता के टॉप-3 बल्‍लेबाजों में अकेले धवन ने ही यह स्‍ट्राइक रेट हासिल किया. बांग्‍लादेश के खिलाफ आज लगाए गए शतक के बाद रोहित शर्मा रनों के मामले में दूसरे स्‍थान पर पहुंच गए हैं. उन्‍होंने चार मैचों में 101.33 के औसत से 304 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं.रोहित शर्मा का स्‍ट्राइक रेट 87.60 का है. बांग्‍लादेश के तमीम इकबाल चार मैचों में 293 रन के साथ रन बनाने के मामले में तीसरे स्‍थान पर हैं. तमीम का स्‍ट्राइक रेट 86.17 का है. खास बात यह है कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी-2013 में भी शिखर धवन ने सर्वाधिक रन बनाए थे और गोल्‍डन बैट अवार्ड जीता था. अपने इस पुरस्कार को उस समय उन्‍होंने उत्तराखंड में बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को समर्पित किया था. धवन ने पिछली चैंपियंस ट्रॉफी के पांच मैचों में 90.75 की औसत से 363 रन बनाए थे. खास बात यह है कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी-2013 में भी शिखर धवन ने सर्वाधिक रन बनाए थे और गोल्‍डन बैट अवार्ड जीता था. अपने इस पुरस्कार को उस समय उन्‍होंने उत्तराखंड में बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को समर्पित किया था. धवन ने पिछली चैंपियंस ट्रॉफी के पांच मैचों में 90.75 की औसत से 363 रन बनाए थे.
संक्षिप्त सारांश: टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक 317 रन बना चुके हैं धवन पाकिस्‍तान के हसन अली ने लिए हैं सर्वाधिक 10 विकेट फाइनल में शीर्ष बल्‍लेबाज-गेंदबाज होंगे आमने-सामने
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा सरकारी खर्च में कटौती का आदेश जारी किए जाने के कारण देश के शेयर बाजारों में अगले सप्ताह धुआंधार बिकवाली का दौर देखा जा सकता है। निवेशक हालांकि पिछले सप्ताह लोकसभा में रेल बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और आम बजट प्रस्तुत होने के बाद इनसे प्रभावित होने वाले शेयरों में सतर्कता बरतते हुए निवेश कर सकते हैं। ओबामा ने खर्च कटौती पर कांग्रेस में सुलह की संभावना नहीं दिखने के कारण शुक्रवार को मध्य रात समय सीमा समाप्त होने से पहले 85 अरब डॉलर खर्च कटौती का आदेश जारी कर दिया। इसके तहत 30 सितंबर को समाप्त होने वाले कारोबारी साल में सभी क्षेत्रों में अमेरिका के सरकारी खर्च में कुल 85 अरब डॉलर की कटौती होगी। आदेश के प्रभाव से गैर-रक्षा क्षेत्रों के मौजूदा कारोबारी साल के बजट में नौ फीसदी और रक्षा बजट में 13 फीसदी कटौती होगी। विश्लेषकों ने इस कटौती को बेवकूफाना कहा है और इससे अमेरिका की रक्षा, घरेलू निवेश और सरकारी गतिविधियों के परिचालन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इससे भारत के निर्यात में काफी गिरावट दर्ज की जा सकती है और देश में कई कारोबारी क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। बाजार में उछाल की संभावना कम है, क्योंकि आने वाले महीने में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति होने वाली है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जारी आदेश के मुताबिक शेयर बाजार में सूचीबद्ध निजी कंपनियों में आम लोगों की न्यूनतम हिस्सेदारी 25 फीसदी और सरकारी कंपनियों में न्यूनतम 10 फीसदी होनी चाहिए। इस स्थिति को हासिल करने के लिए सेबी ने निजी कंपनियों को 13 जून, 2013 तक का और सरकारी कंपनियों को 13 अगस्त 2013 तक का समय दिया है। इसके अलावा सरकार ने 2013-14 कारोबारी साल में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 40 हजार करोड़ रुपये और गैर-सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके कारण निवेश लंबी अवधि के लिए लिवाली से बच सकते हैं। निवेशक हालांकि पिछले सप्ताह प्रस्तुत रेल बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और आम बजट में छिपे संकेतों को देखते हुए चुने हुए शेयरों में निवेश कर सकते हैं। मार्किट इकनॉमिक्स मंगलवार को देश के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का मासिक जायजा प्रस्तुत करेगी। बैंक से लेकर अस्पताल तक सेवा क्षेत्र की 400 कम्पनियों के सर्वेक्षण पर आधारित एचएसबीसी मार्किट सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स जनवरी में उछल कर 57.5 पर पहुंच गया था, जो दिसम्बर 2012 में 55.6 पर था। उल्लेखनीय है कि सेवा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान करता है। निवेशक 15 मार्च तक जमा होने वाली मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम कर भुगतान की चौथी किश्त पर भी नजर रखेंगे, जिससे कंपनियों की चौथी तिमाही की आय का संकेत मिलेगा। सरकार ने चालू बजट सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की योजना रखी है। इन विधेयकों में फॉरवार्ड कंट्रैक्ट (नियमन) संशोधन विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008 शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। ओबामा ने खर्च कटौती पर कांग्रेस में सुलह की संभावना नहीं दिखने के कारण शुक्रवार को मध्य रात समय सीमा समाप्त होने से पहले 85 अरब डॉलर खर्च कटौती का आदेश जारी कर दिया। इसके तहत 30 सितंबर को समाप्त होने वाले कारोबारी साल में सभी क्षेत्रों में अमेरिका के सरकारी खर्च में कुल 85 अरब डॉलर की कटौती होगी। आदेश के प्रभाव से गैर-रक्षा क्षेत्रों के मौजूदा कारोबारी साल के बजट में नौ फीसदी और रक्षा बजट में 13 फीसदी कटौती होगी। विश्लेषकों ने इस कटौती को बेवकूफाना कहा है और इससे अमेरिका की रक्षा, घरेलू निवेश और सरकारी गतिविधियों के परिचालन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इससे भारत के निर्यात में काफी गिरावट दर्ज की जा सकती है और देश में कई कारोबारी क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। बाजार में उछाल की संभावना कम है, क्योंकि आने वाले महीने में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति होने वाली है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जारी आदेश के मुताबिक शेयर बाजार में सूचीबद्ध निजी कंपनियों में आम लोगों की न्यूनतम हिस्सेदारी 25 फीसदी और सरकारी कंपनियों में न्यूनतम 10 फीसदी होनी चाहिए। इस स्थिति को हासिल करने के लिए सेबी ने निजी कंपनियों को 13 जून, 2013 तक का और सरकारी कंपनियों को 13 अगस्त 2013 तक का समय दिया है। इसके अलावा सरकार ने 2013-14 कारोबारी साल में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 40 हजार करोड़ रुपये और गैर-सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके कारण निवेश लंबी अवधि के लिए लिवाली से बच सकते हैं। निवेशक हालांकि पिछले सप्ताह प्रस्तुत रेल बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और आम बजट में छिपे संकेतों को देखते हुए चुने हुए शेयरों में निवेश कर सकते हैं। मार्किट इकनॉमिक्स मंगलवार को देश के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का मासिक जायजा प्रस्तुत करेगी। बैंक से लेकर अस्पताल तक सेवा क्षेत्र की 400 कम्पनियों के सर्वेक्षण पर आधारित एचएसबीसी मार्किट सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स जनवरी में उछल कर 57.5 पर पहुंच गया था, जो दिसम्बर 2012 में 55.6 पर था। उल्लेखनीय है कि सेवा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान करता है। निवेशक 15 मार्च तक जमा होने वाली मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम कर भुगतान की चौथी किश्त पर भी नजर रखेंगे, जिससे कंपनियों की चौथी तिमाही की आय का संकेत मिलेगा। सरकार ने चालू बजट सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की योजना रखी है। इन विधेयकों में फॉरवार्ड कंट्रैक्ट (नियमन) संशोधन विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008 शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। विश्लेषकों ने इस कटौती को बेवकूफाना कहा है और इससे अमेरिका की रक्षा, घरेलू निवेश और सरकारी गतिविधियों के परिचालन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इससे भारत के निर्यात में काफी गिरावट दर्ज की जा सकती है और देश में कई कारोबारी क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। बाजार में उछाल की संभावना कम है, क्योंकि आने वाले महीने में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति होने वाली है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जारी आदेश के मुताबिक शेयर बाजार में सूचीबद्ध निजी कंपनियों में आम लोगों की न्यूनतम हिस्सेदारी 25 फीसदी और सरकारी कंपनियों में न्यूनतम 10 फीसदी होनी चाहिए। इस स्थिति को हासिल करने के लिए सेबी ने निजी कंपनियों को 13 जून, 2013 तक का और सरकारी कंपनियों को 13 अगस्त 2013 तक का समय दिया है। इसके अलावा सरकार ने 2013-14 कारोबारी साल में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 40 हजार करोड़ रुपये और गैर-सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके कारण निवेश लंबी अवधि के लिए लिवाली से बच सकते हैं। निवेशक हालांकि पिछले सप्ताह प्रस्तुत रेल बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और आम बजट में छिपे संकेतों को देखते हुए चुने हुए शेयरों में निवेश कर सकते हैं। मार्किट इकनॉमिक्स मंगलवार को देश के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का मासिक जायजा प्रस्तुत करेगी। बैंक से लेकर अस्पताल तक सेवा क्षेत्र की 400 कम्पनियों के सर्वेक्षण पर आधारित एचएसबीसी मार्किट सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स जनवरी में उछल कर 57.5 पर पहुंच गया था, जो दिसम्बर 2012 में 55.6 पर था। उल्लेखनीय है कि सेवा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान करता है। निवेशक 15 मार्च तक जमा होने वाली मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम कर भुगतान की चौथी किश्त पर भी नजर रखेंगे, जिससे कंपनियों की चौथी तिमाही की आय का संकेत मिलेगा। सरकार ने चालू बजट सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की योजना रखी है। इन विधेयकों में फॉरवार्ड कंट्रैक्ट (नियमन) संशोधन विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008 शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। बाजार में उछाल की संभावना कम है, क्योंकि आने वाले महीने में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति होने वाली है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जारी आदेश के मुताबिक शेयर बाजार में सूचीबद्ध निजी कंपनियों में आम लोगों की न्यूनतम हिस्सेदारी 25 फीसदी और सरकारी कंपनियों में न्यूनतम 10 फीसदी होनी चाहिए। इस स्थिति को हासिल करने के लिए सेबी ने निजी कंपनियों को 13 जून, 2013 तक का और सरकारी कंपनियों को 13 अगस्त 2013 तक का समय दिया है। इसके अलावा सरकार ने 2013-14 कारोबारी साल में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 40 हजार करोड़ रुपये और गैर-सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके कारण निवेश लंबी अवधि के लिए लिवाली से बच सकते हैं। निवेशक हालांकि पिछले सप्ताह प्रस्तुत रेल बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और आम बजट में छिपे संकेतों को देखते हुए चुने हुए शेयरों में निवेश कर सकते हैं। मार्किट इकनॉमिक्स मंगलवार को देश के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का मासिक जायजा प्रस्तुत करेगी। बैंक से लेकर अस्पताल तक सेवा क्षेत्र की 400 कम्पनियों के सर्वेक्षण पर आधारित एचएसबीसी मार्किट सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स जनवरी में उछल कर 57.5 पर पहुंच गया था, जो दिसम्बर 2012 में 55.6 पर था। उल्लेखनीय है कि सेवा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान करता है। निवेशक 15 मार्च तक जमा होने वाली मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम कर भुगतान की चौथी किश्त पर भी नजर रखेंगे, जिससे कंपनियों की चौथी तिमाही की आय का संकेत मिलेगा। सरकार ने चालू बजट सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की योजना रखी है। इन विधेयकों में फॉरवार्ड कंट्रैक्ट (नियमन) संशोधन विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008 शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। इसके अलावा सरकार ने 2013-14 कारोबारी साल में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 40 हजार करोड़ रुपये और गैर-सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके कारण निवेश लंबी अवधि के लिए लिवाली से बच सकते हैं। निवेशक हालांकि पिछले सप्ताह प्रस्तुत रेल बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और आम बजट में छिपे संकेतों को देखते हुए चुने हुए शेयरों में निवेश कर सकते हैं। मार्किट इकनॉमिक्स मंगलवार को देश के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का मासिक जायजा प्रस्तुत करेगी। बैंक से लेकर अस्पताल तक सेवा क्षेत्र की 400 कम्पनियों के सर्वेक्षण पर आधारित एचएसबीसी मार्किट सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स जनवरी में उछल कर 57.5 पर पहुंच गया था, जो दिसम्बर 2012 में 55.6 पर था। उल्लेखनीय है कि सेवा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान करता है। निवेशक 15 मार्च तक जमा होने वाली मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम कर भुगतान की चौथी किश्त पर भी नजर रखेंगे, जिससे कंपनियों की चौथी तिमाही की आय का संकेत मिलेगा। सरकार ने चालू बजट सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की योजना रखी है। इन विधेयकों में फॉरवार्ड कंट्रैक्ट (नियमन) संशोधन विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008 शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। निवेशक हालांकि पिछले सप्ताह प्रस्तुत रेल बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और आम बजट में छिपे संकेतों को देखते हुए चुने हुए शेयरों में निवेश कर सकते हैं। मार्किट इकनॉमिक्स मंगलवार को देश के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का मासिक जायजा प्रस्तुत करेगी। बैंक से लेकर अस्पताल तक सेवा क्षेत्र की 400 कम्पनियों के सर्वेक्षण पर आधारित एचएसबीसी मार्किट सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स जनवरी में उछल कर 57.5 पर पहुंच गया था, जो दिसम्बर 2012 में 55.6 पर था। उल्लेखनीय है कि सेवा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान करता है। निवेशक 15 मार्च तक जमा होने वाली मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम कर भुगतान की चौथी किश्त पर भी नजर रखेंगे, जिससे कंपनियों की चौथी तिमाही की आय का संकेत मिलेगा। सरकार ने चालू बजट सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की योजना रखी है। इन विधेयकों में फॉरवार्ड कंट्रैक्ट (नियमन) संशोधन विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008 शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। मार्किट इकनॉमिक्स मंगलवार को देश के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का मासिक जायजा प्रस्तुत करेगी। बैंक से लेकर अस्पताल तक सेवा क्षेत्र की 400 कम्पनियों के सर्वेक्षण पर आधारित एचएसबीसी मार्किट सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स जनवरी में उछल कर 57.5 पर पहुंच गया था, जो दिसम्बर 2012 में 55.6 पर था। उल्लेखनीय है कि सेवा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान करता है। निवेशक 15 मार्च तक जमा होने वाली मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम कर भुगतान की चौथी किश्त पर भी नजर रखेंगे, जिससे कंपनियों की चौथी तिमाही की आय का संकेत मिलेगा। सरकार ने चालू बजट सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की योजना रखी है। इन विधेयकों में फॉरवार्ड कंट्रैक्ट (नियमन) संशोधन विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008 शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। निवेशक 15 मार्च तक जमा होने वाली मौजूदा कारोबारी साल के लिए अग्रिम कर भुगतान की चौथी किश्त पर भी नजर रखेंगे, जिससे कंपनियों की चौथी तिमाही की आय का संकेत मिलेगा। सरकार ने चालू बजट सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की योजना रखी है। इन विधेयकों में फॉरवार्ड कंट्रैक्ट (नियमन) संशोधन विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008 शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। सरकार ने चालू बजट सत्र में कई विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की योजना रखी है। इन विधेयकों में फॉरवार्ड कंट्रैक्ट (नियमन) संशोधन विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008 शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। भारतीय रिजर्व बैंक 19 मार्च 2013 को 2012-13 के लिए मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा घोषणा करने वाला है।टिप्पणियां केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (सीएसओ) मंगलवार 12 मार्च को औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण और शहरी भारत के लिए उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। सीएसओ गुरुवार 14 मार्च को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े प्रस्तुत करेगा। ये आंकड़े रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी। वैश्विक पटल पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक का प्रशासकीय परिषद गुरुवार को यूरो क्षेत्र के लिए ब्याज दर पर फैसला लेगा। यूरो क्षेत्र में 1999 में यूरो मुद्रा अपनाने वाले 17 यूरोपीय देश आते हैं। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति भी ब्याज दर पर फैसला लेगी।
संक्षिप्त पाठ: अमेरिका में राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा सरकारी खर्च में कटौती का आदेश जारी किए जाने के कारण देश के शेयर बाजारों में अगले सप्ताह धुआंधार बिकवाली का दौर देखा जा सकता है।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Redmi 7 को बीते महीने चीन में लॉन्च किया गया था। अब टिप्सटर इशान अग्रवाल ने दावा किया है कि इस फोन को जल्द भी भारतीय मार्केट में उतारा जाएगा। Redmi 7 ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 632 प्रोसेसर, 4 जीबी रैम, 4000 एमएएच, रियर फिंगरप्रिंट सेंसर और वाटरड्रॉप नॉच के साथ आता है। टिप्सटर ने यह भी दावा किया है कि Redmi Y3 को भी भारत में लॉन्च किया जाएगा। Redmi 7A को भी भारत में लाए जाने की खबर है। गौर करने वाली बात है कि भारत शाओमी के लिए बेहद ही अहम मार्केट है। ऐसे में कंपनी अपने हर प्रोडक्ट को जल्द से जल्द इस मार्केट में लाना चाहती है। देखा जाए तो Xiaomi ने Redmi Note 7 Pro को पहले भारत में लॉन्च किया था। फिर, बाद में चीन लाया गया। इशान अग्रवाल ने कहा कि चीन में लॉन्च किए जा चुके Redmi 7 को जल्द ही भारत में उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन लॉन्च की तारीख को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि कंपनी Redmi Y3 और Redmi 7A को भी लाने की तैयारी कर रही है। बताया गया है कि Redmi Y3 को संभवतः अगले महीने लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा C3F मॉडल नंबर से एक फोन को लाने की तैयारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह Redmi 7A है। Redmi Y3 को अभी तक किसी भी मार्केट में लॉन्च नहीं किया गया है। लेकिन इसे Wi-Fi Alliance की वेबसाइट पर एंड्रॉयड पाई लिस्ट किया गया है। रेडमी 7ए को दिसंबर में 3सी सर्टिफिकेशन पर लिस्ट किया गया था। इस फोन को भी अभी तक नहीं लॉन्च किया गया था। चीनी मार्केट में रेडमी 7 की शुरुआती कीमत 699 चीनी युआन (लगभग 7,100 रुपये है। इस दाम में 2 जीबी रैम/ 16 जीबी स्टोरेज वेरिएंट मिलेगा। वहीं इसका 3 जीबी रैम/ 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 799 चीनी युआन (लगभग 8,200 रुपये) में बेचा जाएगा। 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 999 चीनी युआन (लगभग 10,200 रुपये) है। डुअल-सिम (नैनो) वाला रेडमी 7 एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलता है। इसमें 6.26 इंच एचडी+ (720x1520 पिक्सल) डिस्प्ले है, इसका आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है। Redmi 7 में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 का इस्तेमाल हुआ है। स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए 1.8 गीगाहर्ट्ज़ ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 632 प्रोसेसर है। यह हैंडसेट तीन रैम विकल्प में आता है- 2 जीबी, 3 जीबी और 4 जीबी रैम के साथ। फोटो, वीडियो और अन्य चीजों को सेव करने के लिए Redmi 7 में तीन स्टोरेज विकल्प मिलेंगे- 16 जीबी, 32 जीबी और 64 जीबी स्टोरेज। माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज को 512 जीबी तक बढ़ाना संभव है। कनेक्टिविटी के लिए हैंडसेट में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ वर्जन 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस, यूएसबी, इंफ्रेड (IR) ब्लॉस्टर और 3.5 मिलीमीटर हेडफोन जैक शामिल है। Redmi 7 में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है।   अब बात कैमरा सेटअप की। Redmi 7 में फोटोग्राफी के लिए दो रियर कैमरे दिए गए हैं, 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 2 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर। सेल्फी के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसके अलावा यह हैंडसेट एआई स्मार्ट ब्यूटी, सेल्फी टाइमर और फेस अनलॉक जैसे फीचर से लैस है।
सारांश: रेडमी 7 की शुरुआती कीमत लगभग 7,100 रुपये है Redmi Y3 को अभी तक किसी भी मार्केट में लॉन्च नहीं किया गया है Redmi 7A भी किसी मार्केट में नहीं हुआ है लॉन्च
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने भारतीय मुद्रा को अपनी निगरानी सूची से हटा दिया है. हालांकि चीन अभी भी अमेरिका की निगरानी सूची में है और इसी के साथ उसने एशियाई देश से कहा है कि वह अपनी 'लगातार कमजोर' करेंसी को ठीक करने के लिए जरूरी कदम उठाए. आपको बता दें कि अमेरिका उन देशों की करंसी को निगरानी सूची में रखता है, जिनकी विदेशी विनिमय दर पर उसे शक होता है. अमेरिका ने पिछले साल अक्‍टूबर में भारत के अलावा चीन, जर्मनी, जापान, दक्षिण  कोरिया और स्विट्जरलैंड को निगरानी सूची में डाला था.  अंतरराष्‍ट्रीय आर्थिक और विनिमय दर नीतियों पर तैयार रिपोर्ट को यूएस कांग्रेस के सामने पेश करते हुए वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को भारत और स्विट्जरलैंड को निगरानी सूची से हटा दिया.  वहीं, चीन के लिए बुरी  खबर यह है कि उसकी करंसी अभी भी अमेरिका की निगरानी सूची में है. वित्त मंत्री सचिव स्‍टीवन नुचिन ने अपने बयान में कहा, ''मंत्रालय जोर देता है कि चीन अपनी 'लगातार कमजोर' होती करंसी को दुरुस्‍त करने के लिए जरूरी कदम उठाए.''  नुचिन ने अपने बयान में कहा कि चीन की करंसी रॅन्मिन्बी  (Renminbi) डॉलर के मुकाबले पिछले एक साल में आठ फीसदी तक नीचे गिर गई है. उन्‍होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ चीन का व्‍यापर भी अत्‍यधिक बढ़ा है.  रिपोर्ट में कहा गया है, "दिसंबर 2018 तक अमेरिका के साथ चीन का माल व्यापार अधिशेष चार तिमाहियों में 419 बिलियन डॉलर है." वित्त मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार चीन के अलावा निगरानी सूची में जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, मलेशिया, वियतनाम और सिंगापुर शामिल हैं. हालांकि वित्त मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में चीन या अन्‍य प्रमुख व्‍यापारिक पार्टनर देशों को करंसी में जोड़तोड़ करने वाला नहीं बताया है.
अमेरिका ने भारतीय करंसी को निगरानी सूची से बाहर कर दिया है हालांकि चीन अभी भी निगरानी सूची में ही रहेगा निगरानी सूची में नौ बड़े देश शामिल हैं
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात में हर साल सामने आने वाले कैंसर के 45 हजार नए मामलों में 35 प्रतिशत मामले सिर और गर्दन के कैंसर के होते हैं। इसका मुख्य कारण तम्बाकू का बढ़ता सेवन है। यह आंकड़ा गुजरात कैंसर अनुसंधान संस्थान (जीसीआरआई) का है। जीसीआरआई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. परिमल जीवराजनी ने कहा, राज्य में हर साल सामने आने वाले कैंसर के मामलों में अनुमानित तौर पर 30.35 प्रतिशत मामले सिर और गर्दन के कैंसर के होते हैं। उन्होंने राज्य में पुरुषों में बढ़ते कैंसर मामलों पर चिंता जताई और कहा कि राज्य में 50 प्रतिशत से अधिक पुरुषों में इस कैंसर के लक्षण तम्बाकू के बढ़ते सेवन की वजह से हैं। जीसीआरआई ने अहमदाबाद कैंसर रजिस्ट्री का उल्लेख किया। इसके अनुसार, अहमदाबाद जिले में शहरी महिलाओं के मुकाबले ग्रामीण महिलाएं सिर और गर्दन के कैंसर की अधिक शिकार हो रही हैं। डॉ. जीवराजनी ने कहा, अहमदाबाद में नगरीय क्षेत्रों में 18 प्रतिशत महिलाओं को कैंसर की आशंका है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद जिले में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 55 प्रतिश पुरुष सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों से ग्रस्त हैं। हेल्थ केयर ग्लोबल कैंसर सेंटर के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं निदेशक डॉ. राजेंद्र तोपरानी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी बहुत छोटी उम्र में तम्बाकू की आदी हो रही है, युवा आबादी में भी गर्दन और कैंसर के लक्षणों में वृद्धि हो रही है। गांधीनगर स्थित अपोलो अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. विशाल चोस्की ने कहा कि कुल मिलाकार सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में 90 प्रतिशत तम्बाकू से संबंधित हैं, जो धुआंरहित तम्बाकू चबाने, नसवार लेने और अन्य कारणों की वजह से होता है। गुजरात में करीब 60 प्रतिशत पुरुष तम्बाकू के आदी हैं, जबकि तम्बाकू की आदी महिलाओं का प्रतिशत 8.40 है। इस तरह के कैंसर के लक्षणों में मुंह में छाले, गले में सूजन, आवाज में बदलाव और खाने में कठिनाई तथा अन्य समस्याएं शामिल हैं।टिप्पणियां डॉ. तोपरानी ने कहा कि भारत में आम तौर पर 70 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है, जबकि पश्चिमी देशों में मरीज काफी शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है। यह आंकड़ा गुजरात कैंसर अनुसंधान संस्थान (जीसीआरआई) का है। जीसीआरआई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. परिमल जीवराजनी ने कहा, राज्य में हर साल सामने आने वाले कैंसर के मामलों में अनुमानित तौर पर 30.35 प्रतिशत मामले सिर और गर्दन के कैंसर के होते हैं। उन्होंने राज्य में पुरुषों में बढ़ते कैंसर मामलों पर चिंता जताई और कहा कि राज्य में 50 प्रतिशत से अधिक पुरुषों में इस कैंसर के लक्षण तम्बाकू के बढ़ते सेवन की वजह से हैं। जीसीआरआई ने अहमदाबाद कैंसर रजिस्ट्री का उल्लेख किया। इसके अनुसार, अहमदाबाद जिले में शहरी महिलाओं के मुकाबले ग्रामीण महिलाएं सिर और गर्दन के कैंसर की अधिक शिकार हो रही हैं। डॉ. जीवराजनी ने कहा, अहमदाबाद में नगरीय क्षेत्रों में 18 प्रतिशत महिलाओं को कैंसर की आशंका है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद जिले में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 55 प्रतिश पुरुष सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों से ग्रस्त हैं। हेल्थ केयर ग्लोबल कैंसर सेंटर के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं निदेशक डॉ. राजेंद्र तोपरानी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी बहुत छोटी उम्र में तम्बाकू की आदी हो रही है, युवा आबादी में भी गर्दन और कैंसर के लक्षणों में वृद्धि हो रही है। गांधीनगर स्थित अपोलो अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. विशाल चोस्की ने कहा कि कुल मिलाकार सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में 90 प्रतिशत तम्बाकू से संबंधित हैं, जो धुआंरहित तम्बाकू चबाने, नसवार लेने और अन्य कारणों की वजह से होता है। गुजरात में करीब 60 प्रतिशत पुरुष तम्बाकू के आदी हैं, जबकि तम्बाकू की आदी महिलाओं का प्रतिशत 8.40 है। इस तरह के कैंसर के लक्षणों में मुंह में छाले, गले में सूजन, आवाज में बदलाव और खाने में कठिनाई तथा अन्य समस्याएं शामिल हैं।टिप्पणियां डॉ. तोपरानी ने कहा कि भारत में आम तौर पर 70 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है, जबकि पश्चिमी देशों में मरीज काफी शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है। जीसीआरआई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. परिमल जीवराजनी ने कहा, राज्य में हर साल सामने आने वाले कैंसर के मामलों में अनुमानित तौर पर 30.35 प्रतिशत मामले सिर और गर्दन के कैंसर के होते हैं। उन्होंने राज्य में पुरुषों में बढ़ते कैंसर मामलों पर चिंता जताई और कहा कि राज्य में 50 प्रतिशत से अधिक पुरुषों में इस कैंसर के लक्षण तम्बाकू के बढ़ते सेवन की वजह से हैं। जीसीआरआई ने अहमदाबाद कैंसर रजिस्ट्री का उल्लेख किया। इसके अनुसार, अहमदाबाद जिले में शहरी महिलाओं के मुकाबले ग्रामीण महिलाएं सिर और गर्दन के कैंसर की अधिक शिकार हो रही हैं। डॉ. जीवराजनी ने कहा, अहमदाबाद में नगरीय क्षेत्रों में 18 प्रतिशत महिलाओं को कैंसर की आशंका है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद जिले में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 55 प्रतिश पुरुष सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों से ग्रस्त हैं। हेल्थ केयर ग्लोबल कैंसर सेंटर के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं निदेशक डॉ. राजेंद्र तोपरानी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी बहुत छोटी उम्र में तम्बाकू की आदी हो रही है, युवा आबादी में भी गर्दन और कैंसर के लक्षणों में वृद्धि हो रही है। गांधीनगर स्थित अपोलो अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. विशाल चोस्की ने कहा कि कुल मिलाकार सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में 90 प्रतिशत तम्बाकू से संबंधित हैं, जो धुआंरहित तम्बाकू चबाने, नसवार लेने और अन्य कारणों की वजह से होता है। गुजरात में करीब 60 प्रतिशत पुरुष तम्बाकू के आदी हैं, जबकि तम्बाकू की आदी महिलाओं का प्रतिशत 8.40 है। इस तरह के कैंसर के लक्षणों में मुंह में छाले, गले में सूजन, आवाज में बदलाव और खाने में कठिनाई तथा अन्य समस्याएं शामिल हैं।टिप्पणियां डॉ. तोपरानी ने कहा कि भारत में आम तौर पर 70 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है, जबकि पश्चिमी देशों में मरीज काफी शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है। जीसीआरआई ने अहमदाबाद कैंसर रजिस्ट्री का उल्लेख किया। इसके अनुसार, अहमदाबाद जिले में शहरी महिलाओं के मुकाबले ग्रामीण महिलाएं सिर और गर्दन के कैंसर की अधिक शिकार हो रही हैं। डॉ. जीवराजनी ने कहा, अहमदाबाद में नगरीय क्षेत्रों में 18 प्रतिशत महिलाओं को कैंसर की आशंका है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद जिले में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 55 प्रतिश पुरुष सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों से ग्रस्त हैं। हेल्थ केयर ग्लोबल कैंसर सेंटर के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं निदेशक डॉ. राजेंद्र तोपरानी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी बहुत छोटी उम्र में तम्बाकू की आदी हो रही है, युवा आबादी में भी गर्दन और कैंसर के लक्षणों में वृद्धि हो रही है। गांधीनगर स्थित अपोलो अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. विशाल चोस्की ने कहा कि कुल मिलाकार सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में 90 प्रतिशत तम्बाकू से संबंधित हैं, जो धुआंरहित तम्बाकू चबाने, नसवार लेने और अन्य कारणों की वजह से होता है। गुजरात में करीब 60 प्रतिशत पुरुष तम्बाकू के आदी हैं, जबकि तम्बाकू की आदी महिलाओं का प्रतिशत 8.40 है। इस तरह के कैंसर के लक्षणों में मुंह में छाले, गले में सूजन, आवाज में बदलाव और खाने में कठिनाई तथा अन्य समस्याएं शामिल हैं।टिप्पणियां डॉ. तोपरानी ने कहा कि भारत में आम तौर पर 70 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है, जबकि पश्चिमी देशों में मरीज काफी शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है। डॉ. जीवराजनी ने कहा, अहमदाबाद में नगरीय क्षेत्रों में 18 प्रतिशत महिलाओं को कैंसर की आशंका है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद जिले में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 55 प्रतिश पुरुष सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों से ग्रस्त हैं। हेल्थ केयर ग्लोबल कैंसर सेंटर के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं निदेशक डॉ. राजेंद्र तोपरानी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी बहुत छोटी उम्र में तम्बाकू की आदी हो रही है, युवा आबादी में भी गर्दन और कैंसर के लक्षणों में वृद्धि हो रही है। गांधीनगर स्थित अपोलो अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. विशाल चोस्की ने कहा कि कुल मिलाकार सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में 90 प्रतिशत तम्बाकू से संबंधित हैं, जो धुआंरहित तम्बाकू चबाने, नसवार लेने और अन्य कारणों की वजह से होता है। गुजरात में करीब 60 प्रतिशत पुरुष तम्बाकू के आदी हैं, जबकि तम्बाकू की आदी महिलाओं का प्रतिशत 8.40 है। इस तरह के कैंसर के लक्षणों में मुंह में छाले, गले में सूजन, आवाज में बदलाव और खाने में कठिनाई तथा अन्य समस्याएं शामिल हैं।टिप्पणियां डॉ. तोपरानी ने कहा कि भारत में आम तौर पर 70 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है, जबकि पश्चिमी देशों में मरीज काफी शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है। हेल्थ केयर ग्लोबल कैंसर सेंटर के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं निदेशक डॉ. राजेंद्र तोपरानी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी बहुत छोटी उम्र में तम्बाकू की आदी हो रही है, युवा आबादी में भी गर्दन और कैंसर के लक्षणों में वृद्धि हो रही है। गांधीनगर स्थित अपोलो अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. विशाल चोस्की ने कहा कि कुल मिलाकार सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में 90 प्रतिशत तम्बाकू से संबंधित हैं, जो धुआंरहित तम्बाकू चबाने, नसवार लेने और अन्य कारणों की वजह से होता है। गुजरात में करीब 60 प्रतिशत पुरुष तम्बाकू के आदी हैं, जबकि तम्बाकू की आदी महिलाओं का प्रतिशत 8.40 है। इस तरह के कैंसर के लक्षणों में मुंह में छाले, गले में सूजन, आवाज में बदलाव और खाने में कठिनाई तथा अन्य समस्याएं शामिल हैं।टिप्पणियां डॉ. तोपरानी ने कहा कि भारत में आम तौर पर 70 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है, जबकि पश्चिमी देशों में मरीज काफी शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है। गुजरात में करीब 60 प्रतिशत पुरुष तम्बाकू के आदी हैं, जबकि तम्बाकू की आदी महिलाओं का प्रतिशत 8.40 है। इस तरह के कैंसर के लक्षणों में मुंह में छाले, गले में सूजन, आवाज में बदलाव और खाने में कठिनाई तथा अन्य समस्याएं शामिल हैं।टिप्पणियां डॉ. तोपरानी ने कहा कि भारत में आम तौर पर 70 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है, जबकि पश्चिमी देशों में मरीज काफी शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है। इस तरह के कैंसर के लक्षणों में मुंह में छाले, गले में सूजन, आवाज में बदलाव और खाने में कठिनाई तथा अन्य समस्याएं शामिल हैं।टिप्पणियां डॉ. तोपरानी ने कहा कि भारत में आम तौर पर 70 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है, जबकि पश्चिमी देशों में मरीज काफी शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है। डॉ. तोपरानी ने कहा कि भारत में आम तौर पर 70 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों के पास तब पहुंचते हैं, जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है, जबकि पश्चिमी देशों में मरीज काफी शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है। डॉ. तोपरानी ने कहा कि ऑपरेशन, रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी से इस तरह के कैंसर का इलाज हो सकता है, और यदि यहां मरीज डॉक्टरों के पास शुरुआती अवस्था में ही पहुंच जाएं तो उपचार की सफलता का प्रतिशत काफी हो सकता है।
यह एक सारांश है: गुजरात में हर साल सामने आने वाले कैंसर के 45 हजार नए मामलों में 35 प्रतिशत मामले सिर और गर्दन के कैंसर के होते हैं। इसका मुख्य कारण तम्बाकू का बढ़ता सेवन है।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की योजना का पुरातत्ववेत्ता के के मोहम्मद ने विरोध किया है. अयोध्या में बाबरी मस्जिद स्थल की खुदाई करने वाले दल का हिस्सा रह चुके के के मोहम्मद ने रविवार को कहा कि अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से मुस्लिम समुदाय को कोई फायदा नहीं होगा. नागपुर में "भारतीय मंदिर : शोध एवं पुरातात्विक खोज" विषय पर आयोजित व्याख्यान को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा "वे पुनर्विचार याचिका दायर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे फायदा नहीं मिलेगा." बता दें, इससे पहले अयोध्या भूमि विवाद मामले के मुख्य वादी इकबाल अंसारी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की योजना से दूरी बना ली थी. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही अंसारी ने कहा था कि वह फैसले पर पुनर्विचार की मांग नहीं करेंगे. वहीं, AIMPLB ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का रविवार को फैसला लिया था. इसके कुछ ही समय बाद ही अंसारी ने कहा था कि पुनर्विचार की मांग करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि नतीजा यही रहेगा. यह कदम सौहार्दपूर्ण वातावरण को भी बिगाड़ेगा.
संक्षिप्त सारांश: के के मोहम्मद ने पुनर्विचार याचिका का किया विरोध मुस्लिम समुदाय को कोई फायदा नहीं होगा: केके मोहम्मद AIMPLB दायर करना चाहता है पुनर्विचार याचिका
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: जन अधिकार पार्टी के नेता एवं पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पर बिना वैध लाइसेंस कूड़े से भरा ट्रैक्टर ट्राली चलाने के मामले में जुर्माना लगाया गया है. पुलिस ने बताया कि पप्पू यादव ने इस कूड़े को राज्य सरकार में मंत्री के घर के सामने फेंकने की धमकी दी थी. पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने पटना में आई बाढ़ और जल जमाव के बाद सामने आए 200 से अधिक डेंगू के मरीजों और बीमारी के रोकथाम में राज्य सरकार के असफल रहने के विरोध में यह प्रदर्शन किया.  पुलिस ने बताया कि पप्पू यादव को रोककर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया गया क्योंकि उनके पास हल्के वाहन चलाने का लाइसेंस था जिसकी वैधता 2017 में ही समाप्त हो गई थी. पप्पू यादव ने कहा, 'मुझे विरोध दर्ज कराने के मौलिक अधिकारों से वंचित किया गया. मेरे पास लाइसेंस है लेकिन बहुत ही कमजोर आधार पर चालान किया गया कि मैं भारी वाहन चलाने की अर्हता नहीं रखता.'  उन्होंने कहा, 'इस सरकार की प्राथमिकताएं गलत हैं. सरकार अरबों रुपये प्रचार पर व्यय कर रही है लेकिन अस्पतालों को प्लेटलेट चढ़ाने की किट के लिए कोष नहीं मिल रहा. हालांकि, इस असंवेदनशील सरकार के खिलाफ किसी भी तरह से आवाज उठाता रहूंगा. मैं अपने संसाधन से प्लेटलेट चढ़ाने की किट खरीद कर पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान को दान करूंगा.'
कूड़े से भरा ट्रैक्टर चला रहे थे पूर्व सांसद पप्पू यादव वैध लाइसेंस ना होने की वजह से लगा जुर्माना इस सरकार की प्राथमिकताएं गलत हैं: पप्पू
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने मंगलवार को कहा कि स्थिर अफगानिस्तान, पाकिस्तान के हित में है। गिलानी ने कहा कि अमेरिका को अफगानिस्तान में सुलह प्रक्रिया में पाकिस्तान को शामिल करना चाहिए।  गिलानी ने क्वेटा में गवर्नर हाउस में कहा कि उनका देश ईरान, अफगानिस्तान सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण सम्बंध स्थापित करना चाहता है, क्योंकि इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) के अनुसार, गिलानी ने कहा कि शांतिपूर्ण और समृद्ध अफगानिस्तान, पाकिस्तान के हित में होगा। उन्होंने कहा कि संवाद, समस्याओं को सुलझाने की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रिया है। गिलानी ने कहा कि यदि पाकिस्तान ने, अमेरिका-अफगानिस्तान सुलह संवाद प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया तो इससे पाकिस्तान के लिए समस्या पैदा होगी। उन्होंने कहा, "सुलह को हमारी कमजोरी न समझी जाए।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने मंगलवार को कहा कि स्थिर अफगानिस्तान, पाकिस्तान के हित में है।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रेलवे (Railway, RRB) में तीन लाख से अधिक पद रिक्त हैं जिनमें से 2.94 लाख रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचनाएं जारी की गई हैं. रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि रेलवे में स्वीकृत पदों की संख्या 15,24,127 है जिनमें से 12,17,900 पद भरे हुए हैं और 3,06,227 पद रिक्त हैं. गोयल ने बताया कि 2.94 लाख रिक्तियों के लिए सात रोजगार अधिसूचनाएं जारी की गई हैं और चार रोजगार अधिसूचनाओं के लिए भर्ती प्रकिया पूरी की जा रही है. उन्होंने बताया कि जोनों और मंडलों में 90,890 व्यक्तियों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है या जल्द ही करेंगे. गोयल ने इस वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले शेष 62,928 व्यक्तियों द्वारा कार्यभर ग्रहण किए जाने की संभावना जताई. उन्होंने कहा कि अन्य तीन अधिसूचनाओं के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. रेल मंत्री के अनुसार, राजपत्रित पदों के लिए संघ लोक सेवा आयोग को 601 रिक्तियों के मांगपत्र भेजे गए हैं जिनमें डॉक्टरों के 200 पद शामिल हैं. उन्होंने बताया ‘‘2019-20 में सेवानिवृत्त होने वाले रेल कर्मचारियों की संख्या करीब 47,000 और 2020-21 में सेवानिवृत्त होने वाले रेल कर्मचारियों की संख्या लगभग 41,000 है.
यहाँ एक सारांश है:रेलवे में 3 लाख से अधिक पद खाली हैं. 2.94 लाख रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचनाएं जारी की गई हैं. भर्ती की प्रक्रिया जारी है.
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिग्गज स्पिनर और माइकल क्लार्क के करीबी मित्र शेन वार्न तथा ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने अपने कप्तान की भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में तिहरा शतक जमाने के लिए जमकर प्रशंसा की है। वार्न ने कहा, ‘वह ऐसे दौर से गुजरा है, जो उसके लिए बहुत अच्छा नहीं रहा था। यह देखना अच्छा लगा कि लोगों ने अब असली माइकल क्लार्क देखा। वे उसे चाहते हैं। वे उसे बल्लेबाजी करते हुए देखना पसंद करते हैं और कप्तान के रूप में उसे चाहते हैं। माइकल क्लार्क लंबे समय से मेरा सबसे अच्छा दोस्त रहा है।’टिप्पणियां वार्न ने ‘ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, ‘मैंने उसे पहली ग्रीन कैप हासिल करवाने में मदद की थी और एक दोस्त होने के नाते कई बार उसकी मदद करता रहा। वह हमेशा बेजोड़ खिलाड़ी रहा और असल में हमने कल देखा कि वह वास्तव में कितना कुशल खिलाड़ी है।’ ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भी इस 30 वर्षीय बल्लेबाज की जमकर तारीफ की, जिन्होंने नाबाद 329 रन बनाए तथा डॉन ब्रैडमैन और मार्क टेलर के 334 रन के स्कोर के पार जाने की संभावना के बावजूद पारी समाप्त घोषित कर दी। ‘द ऑस्ट्रेलियन’ ने लिखा है, ‘कप्तान ने समर्पण की शानदार मिसाल पेश की। ब्रैडमैन और टेलर का रिकॉर्ड बना रहेगा, लेकिन क्लार्क 21वीं सदी की सर्वश्रेष्ठ पारी का दावा कर सकता है।’ वार्न ने ‘ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, ‘मैंने उसे पहली ग्रीन कैप हासिल करवाने में मदद की थी और एक दोस्त होने के नाते कई बार उसकी मदद करता रहा। वह हमेशा बेजोड़ खिलाड़ी रहा और असल में हमने कल देखा कि वह वास्तव में कितना कुशल खिलाड़ी है।’ ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भी इस 30 वर्षीय बल्लेबाज की जमकर तारीफ की, जिन्होंने नाबाद 329 रन बनाए तथा डॉन ब्रैडमैन और मार्क टेलर के 334 रन के स्कोर के पार जाने की संभावना के बावजूद पारी समाप्त घोषित कर दी। ‘द ऑस्ट्रेलियन’ ने लिखा है, ‘कप्तान ने समर्पण की शानदार मिसाल पेश की। ब्रैडमैन और टेलर का रिकॉर्ड बना रहेगा, लेकिन क्लार्क 21वीं सदी की सर्वश्रेष्ठ पारी का दावा कर सकता है।’ ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भी इस 30 वर्षीय बल्लेबाज की जमकर तारीफ की, जिन्होंने नाबाद 329 रन बनाए तथा डॉन ब्रैडमैन और मार्क टेलर के 334 रन के स्कोर के पार जाने की संभावना के बावजूद पारी समाप्त घोषित कर दी। ‘द ऑस्ट्रेलियन’ ने लिखा है, ‘कप्तान ने समर्पण की शानदार मिसाल पेश की। ब्रैडमैन और टेलर का रिकॉर्ड बना रहेगा, लेकिन क्लार्क 21वीं सदी की सर्वश्रेष्ठ पारी का दावा कर सकता है।’
यहाँ एक सारांश है:दिग्गज स्पिनर और क्लार्क के करीबी मित्र शेन वार्न तथा ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने अपने कप्तान की भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में तिहरा शतक जमाने के लिए जमकर प्रशंसा की है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक में बलात्कार और हत्या के जुर्म में दो मुजरिमों को मिली मौत की सजा के अमल पर बुधवार को रोक लगा दी। इन दोनों मुजरिमों को गुरुवार को फांसी दी जानी थी। प्रधान न्यायाधीश पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने शिवु और जाडेस्वामी को फांसी देने पर रोक लगाते हुए कर्नाटक सरकार से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने इसके साथ ही इस मामले को उन याचिकाओं के साथ संलग्न करने का आदेश दिया, जिनमें मौत की सजा के अमल पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है। इस बीच, जेल अधिकारियों के अनुसार शिवु ने ब्लेड से अपना गुप्तांग और एक हाथ जख्मी कर लिया था। उसका जेल में इलाज हो रहा है और उसे जिला अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकता है। इन दोनों मुजरिमों को 2001 में एक किशोरी से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई थी। राष्ट्रपति ने दोनों की दया याचिका खारिज कर दी थी।टिप्पणियां इसके बाद दोनों मुजरिमों ने शीर्ष अदालत में फिर से याचिका दायर की। बेलगाम की हिंडालगा जेल में बंद इन दोनों मुजरिमों को 18-वर्षीय किशोरी से 15 अक्टूबर, 2001 को बलात्कार के बाद उसकी हत्या के आरोप में चामराजनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। निचली अदालत ने जुलाई, 2005 में दोनों को मौत की सजा सुनाई थी। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अक्टूबर, 2005 में इस फैसले के खिलाफ उनकी अपील खारिज करते हुए मौत की सजा की पुष्टि कर दी थी। उच्चतम न्यायालय ने भी 2007 में मौत की सजा बरकरार रखी थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस महीने के शुरू में ही दोनों मुजरिमों की दया याचिका खारिज कर दी थी। शीर्ष अदालत ने 8 अगस्त को मध्य प्रदेश के सिहारे जिले में पांच पुत्रियों की हत्या करने वाले मगनलाल बरेला को फांसी देने पर रोक लगा दी थी। मगन लाल बरेला को 3 फरवरी, 2011 को मौत की सजा दी गई थी और राष्ट्रपति ने 22 जुलाई, 2013 को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी। प्रधान न्यायाधीश पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने शिवु और जाडेस्वामी को फांसी देने पर रोक लगाते हुए कर्नाटक सरकार से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने इसके साथ ही इस मामले को उन याचिकाओं के साथ संलग्न करने का आदेश दिया, जिनमें मौत की सजा के अमल पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है। इस बीच, जेल अधिकारियों के अनुसार शिवु ने ब्लेड से अपना गुप्तांग और एक हाथ जख्मी कर लिया था। उसका जेल में इलाज हो रहा है और उसे जिला अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकता है। इन दोनों मुजरिमों को 2001 में एक किशोरी से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई थी। राष्ट्रपति ने दोनों की दया याचिका खारिज कर दी थी।टिप्पणियां इसके बाद दोनों मुजरिमों ने शीर्ष अदालत में फिर से याचिका दायर की। बेलगाम की हिंडालगा जेल में बंद इन दोनों मुजरिमों को 18-वर्षीय किशोरी से 15 अक्टूबर, 2001 को बलात्कार के बाद उसकी हत्या के आरोप में चामराजनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। निचली अदालत ने जुलाई, 2005 में दोनों को मौत की सजा सुनाई थी। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अक्टूबर, 2005 में इस फैसले के खिलाफ उनकी अपील खारिज करते हुए मौत की सजा की पुष्टि कर दी थी। उच्चतम न्यायालय ने भी 2007 में मौत की सजा बरकरार रखी थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस महीने के शुरू में ही दोनों मुजरिमों की दया याचिका खारिज कर दी थी। शीर्ष अदालत ने 8 अगस्त को मध्य प्रदेश के सिहारे जिले में पांच पुत्रियों की हत्या करने वाले मगनलाल बरेला को फांसी देने पर रोक लगा दी थी। मगन लाल बरेला को 3 फरवरी, 2011 को मौत की सजा दी गई थी और राष्ट्रपति ने 22 जुलाई, 2013 को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी। इस बीच, जेल अधिकारियों के अनुसार शिवु ने ब्लेड से अपना गुप्तांग और एक हाथ जख्मी कर लिया था। उसका जेल में इलाज हो रहा है और उसे जिला अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकता है। इन दोनों मुजरिमों को 2001 में एक किशोरी से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई थी। राष्ट्रपति ने दोनों की दया याचिका खारिज कर दी थी।टिप्पणियां इसके बाद दोनों मुजरिमों ने शीर्ष अदालत में फिर से याचिका दायर की। बेलगाम की हिंडालगा जेल में बंद इन दोनों मुजरिमों को 18-वर्षीय किशोरी से 15 अक्टूबर, 2001 को बलात्कार के बाद उसकी हत्या के आरोप में चामराजनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। निचली अदालत ने जुलाई, 2005 में दोनों को मौत की सजा सुनाई थी। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अक्टूबर, 2005 में इस फैसले के खिलाफ उनकी अपील खारिज करते हुए मौत की सजा की पुष्टि कर दी थी। उच्चतम न्यायालय ने भी 2007 में मौत की सजा बरकरार रखी थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस महीने के शुरू में ही दोनों मुजरिमों की दया याचिका खारिज कर दी थी। शीर्ष अदालत ने 8 अगस्त को मध्य प्रदेश के सिहारे जिले में पांच पुत्रियों की हत्या करने वाले मगनलाल बरेला को फांसी देने पर रोक लगा दी थी। मगन लाल बरेला को 3 फरवरी, 2011 को मौत की सजा दी गई थी और राष्ट्रपति ने 22 जुलाई, 2013 को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद दोनों मुजरिमों ने शीर्ष अदालत में फिर से याचिका दायर की। बेलगाम की हिंडालगा जेल में बंद इन दोनों मुजरिमों को 18-वर्षीय किशोरी से 15 अक्टूबर, 2001 को बलात्कार के बाद उसकी हत्या के आरोप में चामराजनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। निचली अदालत ने जुलाई, 2005 में दोनों को मौत की सजा सुनाई थी। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अक्टूबर, 2005 में इस फैसले के खिलाफ उनकी अपील खारिज करते हुए मौत की सजा की पुष्टि कर दी थी। उच्चतम न्यायालय ने भी 2007 में मौत की सजा बरकरार रखी थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस महीने के शुरू में ही दोनों मुजरिमों की दया याचिका खारिज कर दी थी। शीर्ष अदालत ने 8 अगस्त को मध्य प्रदेश के सिहारे जिले में पांच पुत्रियों की हत्या करने वाले मगनलाल बरेला को फांसी देने पर रोक लगा दी थी। मगन लाल बरेला को 3 फरवरी, 2011 को मौत की सजा दी गई थी और राष्ट्रपति ने 22 जुलाई, 2013 को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अक्टूबर, 2005 में इस फैसले के खिलाफ उनकी अपील खारिज करते हुए मौत की सजा की पुष्टि कर दी थी। उच्चतम न्यायालय ने भी 2007 में मौत की सजा बरकरार रखी थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस महीने के शुरू में ही दोनों मुजरिमों की दया याचिका खारिज कर दी थी। शीर्ष अदालत ने 8 अगस्त को मध्य प्रदेश के सिहारे जिले में पांच पुत्रियों की हत्या करने वाले मगनलाल बरेला को फांसी देने पर रोक लगा दी थी। मगन लाल बरेला को 3 फरवरी, 2011 को मौत की सजा दी गई थी और राष्ट्रपति ने 22 जुलाई, 2013 को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी।
सारांश: उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक में बलात्कार और हत्या के जुर्म में दो मुजरिमों को मिली मौत की सजा के अमल पर बुधवार को रोक लगा दी। इन दोनों मुजरिमों को गुरुवार को फांसी दी जानी थी।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के कारण शुक्रवार को असम में एक बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षाकर्मियों ने गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक एक्सप्रेस रेलगाड़ी से एक शक्तिशाली बम बरामद किया। रेलगाड़ी में लगभग 1000 लोग सवार थे। पुलिस ने बताया कि यह बम कंचनजंगा एक्सप्रेस के एक डिब्बे में स्टील के बक्से में बंद बैग में रखा था। डिब्बा संख्या-एस 5 में रखे गए इस शक्तिशाली बम को टाइमर से जोड़ा गया था। बम का वजन पांच किलोग्राम बताया जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों ने नियमित जांच के दौरान इस बम को बरामद किया। बरामदगी के समय बेंगलुरू जा रही कंचनजंगा एक्सप्रेस गुवाहाटी स्टेशन पर पहुंची ही थी। बम मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत रेलगाड़ी को खाली करा लिया और फिर बम निरोधक दस्ते को सूचित किया। बम को निष्कृय कर दिया गया है। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर कहा है कि किसी ने एस-5 कोच में रात के वक्त स्टील के बक्से को छोड़ दिया होगा।
सुरक्षाकर्मियों ने गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक एक्सप्रेस रेलगाड़ी से एक शक्तिशाली बम बरामद किया। रेल में करीब 1000 लोग सवार थे।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत को चौथे फीबा एशिया कप बास्केटबॉल टूर्नामेंट में चीन ताइपै के हाथों 88-113 से हार झेलनी पड़ी जो इस टूर्नामेंट में उसकी लगातार तीसरी हार है।टिप्पणियां इससे पहले ईरान और कतर से हारने वाले भारतीय खिलाड़ियों ने ग्रुप बी के मुकाबले में काफी अच्छी कोशिश की लेकिन अनुभवहीनता के कारण उन्हें अपने से मजबूत टीम के सामने आसान हार का सामना करना पड़ा। पहले क्वार्टर में भारत 24-31 से पीछे थे। मध्यांतर के बाद चीनी ताइपै 58-41 से आगे हो गया। तीसरे क्वार्टर में हालांकि भारत की संभावना समाप्त हो गई। ताइपै इस क्वार्टर तक 91-58 से बढ़त पर था। ताइपै की तरफ से चांग सुंग सीन ने 20 जबकि भारत के लिए विशेष भृगुवंशी ने 22 अंक बनाए। इससे पहले ईरान और कतर से हारने वाले भारतीय खिलाड़ियों ने ग्रुप बी के मुकाबले में काफी अच्छी कोशिश की लेकिन अनुभवहीनता के कारण उन्हें अपने से मजबूत टीम के सामने आसान हार का सामना करना पड़ा। पहले क्वार्टर में भारत 24-31 से पीछे थे। मध्यांतर के बाद चीनी ताइपै 58-41 से आगे हो गया। तीसरे क्वार्टर में हालांकि भारत की संभावना समाप्त हो गई। ताइपै इस क्वार्टर तक 91-58 से बढ़त पर था। ताइपै की तरफ से चांग सुंग सीन ने 20 जबकि भारत के लिए विशेष भृगुवंशी ने 22 अंक बनाए। पहले क्वार्टर में भारत 24-31 से पीछे थे। मध्यांतर के बाद चीनी ताइपै 58-41 से आगे हो गया। तीसरे क्वार्टर में हालांकि भारत की संभावना समाप्त हो गई। ताइपै इस क्वार्टर तक 91-58 से बढ़त पर था। ताइपै की तरफ से चांग सुंग सीन ने 20 जबकि भारत के लिए विशेष भृगुवंशी ने 22 अंक बनाए।
संक्षिप्त पाठ: भारत को चौथे फीबा एशिया कप बास्केटबॉल टूर्नामेंट में चीन ताइपै के हाथों 88-113 से हार झेलनी पड़ी जो इस टूर्नामेंट में उसकी लगातार तीसरी हार है।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Honor 20 सीरीज़ को आज लॉन्च किया जाएगा। Huawei के सब-ब्रांड Honor ने लंदन के बैटरसी में Honor 20 का लॉन्च इवेंट आयोजित किया है। भारतीय समयानुसार इवेंट की शुरुआत शाम 6:30 बजे होगी। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में कहा गया था कि हॉनर 20 के साथ कंपनी Honor 20 Pro स्मार्टफोन से भी पर्दा उठा सकती है। Honor ब्रांड के ये नए स्मार्टफोन पिछले साल लॉन्च हुए Honor 10 मॉडल के अपग्रेड वर्जन हो सकते हैं। कंपनी ने पिछले सप्ताह चीन में Vmall पर Honor 20 के लिए प्री-ऑर्डर लेने भी शुरू कर दिए थे। हॉनर 20 के लॉन्च इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग कंपनी के YouTube चैनल पर होगी। जैसा कि हमने आपको बताया भारतीय समयानुसार इवेंट की शुरुआत शाम 6:30 बजे होगी। हमने अपनी खबर में यूट्यूब चैनल के लिंक को ऐम्बेड किया है ताकि इवेंट शुरू होने पर आप सीधे यहां से इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग को देख पाएं।     लॉन्च से पहले चीन में Vmall पर बने डेडिकेटेड पेज़ पर Honor 20 सीरीज़ के लिए प्री-ऑर्डर शुरू हो गए थे। लेकिन Honor ने अभी अपने आगामी स्मार्टफोन की कीमत से पर्दा नहीं उठाया है। आज लॉन्च इवेंट के दौरान हॉनर 20 के साथ Honor 20 Pro स्मार्टफोन को भी लॉन्च किया जा सकता है। इस माह के शुरुआत में Honor 20 सीरीज़ के अंतर्गत Honor 20 Lite को मलेशिया में लॉन्च किया गया था। हॉनर 20 लाइट में तीन रियर कैमरे और 128 जीबी स्टोरेज है। भारत में Honor 20 सीरीज़ को 11 जून को लॉन्च किया जाएगा। Honor 20 के साथ Honor 20 Lite और Honor 20 Pro स्मार्टफोन को लॉन्च किया जा सकता है। Honor ने पहले ही कंफर्म कर दिया है कि हॉनर 20 सीरीज़ के फोन ई-कॉमर्स साइट Flipkart पर बेचे जाएंगे। कई टीज़र पहले ही इस बात का संकेत दे चुके हैं कि Honor 20 और Honor 20 Pro स्मार्टफोन क्वाड रियर कैमरा सेटअप के साथ लॉन्च किए जा सकते हैं। स्मार्टफोन 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर, 16 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर सुपर वाइड-एंगल लेंस के साथ और 2 मेगापिक्सल का सेंसर मैक्रो लेंस के साथ। चौथा कैमरा दोनों ही स्मार्टफोन में अलग-अलग होंगे। Honor 20 Pro स्मार्टफोन में 8 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा तो वहीं Honor 20 स्मार्टफोन 2 मेगापिक्सल के डेप्थ कैमरा सेंसर से लैस हो सकता है। Honor 20 सीरीज़ के लीक हुए कथित रेंडर (ग्राफिक्स से बनी तस्वीर) से भी इस बात का पता चला था कि फोन क्वाड रियर कैमरा सेटअप के साथ आ सकता है। Honor 20 में 6.1 इंच का ओलेड डिस्प्ले तो वहीं Honor 20 Pro में 6.5 इंच का OLED डिस्प्ले हो सकता है। स्मार्टफोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिए जा सकते हैं।   कुछ रिपोर्ट में कहा गया था कि स्मार्टफोन पॉप-अप सेल्फी कैमरा मॉड्यूल के साथ उतारे जा सकते हैं। हॉनर 20 और हॉनर 20 प्रो स्मार्टफोन हाईसिलिकॉन किरिन 980 प्रोसेसर से लैस हो सकते हैं। Honor 20 में 6 जीबी रैम तो वहीं Honor 20 Pro स्मार्टफोन 8 जीबी रैम के साथ उतारा जा सकता है। स्मार्टफोन को एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित ईएमयूआई 9 के साथ उतारा जा सकता है। अन्य स्पेसिफिकेशन की बात करें तो Honor 20 में जान फूंकने के लिए 3,650 एमएएच की बैटरी जो 22.5 वाट फास्ट चार्जिंग के साथ आ सकती है। हॉनर 20 की तुलना में Honor 20 Pro में ज्यादा क्षमता वाली बैटरी दी जा सकती है। कनेक्टिविटी के लिए डुअल-बैंड वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ वर्जन 5.0, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट और वर्चुअल 9.1 सराउंड साउंड सपोर्ट दिया जा सकता है।
संक्षिप्त पाठ: Honor 20 सीरीज़ का लॉन्च इवेंट लंदन में आयोजित किया गया है हॉनर 20 सीरीज़ की लाइव स्ट्रीमिंग कंपनी के YouTube चैनल पर होगी Honor 20 मॉडल को भारत में 11 जून को किया जाना है लॉन्च
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में सीबीआई ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें कलमाड़ी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उनके साथ-साथ ललित भनोत, वीके वर्मा, सुरजीत लाल समेत 9 अन्य लोगों के नाम चार्जशीट में शामिल हैं। इसमें दो कंपनियों के भी नाम हैं। चार्जशीट में शामिल लोगों पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी और फर्जी कागजातों के इस्तेमाल का मामला दर्ज किया गया है। इस चार्जशीट पर पर कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। सीबीआई का दावा है कि 141 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के मामले में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए उसके पास पुख्ता सबूत हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई को इस मामले में ठेका पाने के लिए 23 करोड़ की घूस का पता चला है। सीबीआई ने एफआईआर में कहा था कि टाइमिंग स्कोरिंग और रिजल्ट सिस्टम के ठेके में गड़बड़ी की गई। इसके साथ ही सीबीआई ठेका पाने वाली स्विस टाइमिंग कंपनी के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए स्विस सरकार को चिट्ठी लिख सकती है।
यह एक सारांश है: कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में सीबीआई ने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें सुरेश कलमाड़ी को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के प्रथम मेगा फूड पार्क में 35 औद्योगिक इकाइयां होंगी और इस पार्क से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से करीब 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री चरण दास महंत ने सोमवार को राज्य के अमेठी जिले के जगदीशपुर में राज्य के प्रथम मेगा फूड पार्क 'शक्तिमान मेगा फूड पार्क' के शिलान्यास समारोह में कहा, "यहां करीब 35 औद्योगिक इकाइयां होंगी और इनसे करीब 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलेगा।" खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा, "इस आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना से पूरे क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण के एक नए युग की शुरुआत होगी।"टिप्पणियां बयान के मुताबिक इस पार्क में खाद्य प्रस्करण के लिए आधुनिकतम अधोसंरचनाएं होंगी। मंत्री ने कहा, "इससे लघु और मध्यम उद्यमियों, स्वसहायता समूहों और किसान समूहों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे कच्चे माल का बाजार तैयार होगा और किसानों का उनकी उपज के लिए बेहतर कीमत मिलेगी।" महंत ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर सब्जी, अनाज और फल का उत्पादन होता है, लेकिन अधोसंरचना के अभाव के कारण उद्यमी खाद्य प्रसंस्करण कारोबार में उतरने से हिचकते हैं। मेगा फूड पार्क इस कमी को पूरा करेगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री चरण दास महंत ने सोमवार को राज्य के अमेठी जिले के जगदीशपुर में राज्य के प्रथम मेगा फूड पार्क 'शक्तिमान मेगा फूड पार्क' के शिलान्यास समारोह में कहा, "यहां करीब 35 औद्योगिक इकाइयां होंगी और इनसे करीब 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलेगा।" खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा, "इस आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना से पूरे क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण के एक नए युग की शुरुआत होगी।"टिप्पणियां बयान के मुताबिक इस पार्क में खाद्य प्रस्करण के लिए आधुनिकतम अधोसंरचनाएं होंगी। मंत्री ने कहा, "इससे लघु और मध्यम उद्यमियों, स्वसहायता समूहों और किसान समूहों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे कच्चे माल का बाजार तैयार होगा और किसानों का उनकी उपज के लिए बेहतर कीमत मिलेगी।" महंत ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर सब्जी, अनाज और फल का उत्पादन होता है, लेकिन अधोसंरचना के अभाव के कारण उद्यमी खाद्य प्रसंस्करण कारोबार में उतरने से हिचकते हैं। मेगा फूड पार्क इस कमी को पूरा करेगा। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा, "इस आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना से पूरे क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण के एक नए युग की शुरुआत होगी।"टिप्पणियां बयान के मुताबिक इस पार्क में खाद्य प्रस्करण के लिए आधुनिकतम अधोसंरचनाएं होंगी। मंत्री ने कहा, "इससे लघु और मध्यम उद्यमियों, स्वसहायता समूहों और किसान समूहों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे कच्चे माल का बाजार तैयार होगा और किसानों का उनकी उपज के लिए बेहतर कीमत मिलेगी।" महंत ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर सब्जी, अनाज और फल का उत्पादन होता है, लेकिन अधोसंरचना के अभाव के कारण उद्यमी खाद्य प्रसंस्करण कारोबार में उतरने से हिचकते हैं। मेगा फूड पार्क इस कमी को पूरा करेगा। बयान के मुताबिक इस पार्क में खाद्य प्रस्करण के लिए आधुनिकतम अधोसंरचनाएं होंगी। मंत्री ने कहा, "इससे लघु और मध्यम उद्यमियों, स्वसहायता समूहों और किसान समूहों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे कच्चे माल का बाजार तैयार होगा और किसानों का उनकी उपज के लिए बेहतर कीमत मिलेगी।" महंत ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर सब्जी, अनाज और फल का उत्पादन होता है, लेकिन अधोसंरचना के अभाव के कारण उद्यमी खाद्य प्रसंस्करण कारोबार में उतरने से हिचकते हैं। मेगा फूड पार्क इस कमी को पूरा करेगा। महंत ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर सब्जी, अनाज और फल का उत्पादन होता है, लेकिन अधोसंरचना के अभाव के कारण उद्यमी खाद्य प्रसंस्करण कारोबार में उतरने से हिचकते हैं। मेगा फूड पार्क इस कमी को पूरा करेगा।
संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश के प्रथम मेगा फूड पार्क में 35 औद्योगिक इकाइयां होंगी और इस पार्क से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से करीब 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय के समक्ष कहा गया कि रामलीला मैदान में आधी रात को योगगुरु रामदेव और उनके समर्थकों पर कार्रवाई का फैसला केंद्र ने पहले ही ले लिया था और पुलिस ने अपने राजनीतिक आकाओं को संतुष्ट करने के लिए इसे अंजाम दिया। न्यायमित्र के रूप में शीर्ष अदालत की मदद कर रहे वकील राजीव धवन ने गृह मंत्री पी चिदंबरम के एक साक्षात्कार का हवाला दिया जिसमें उन्होंने खुद कहा था कि यह फैसला किया गया था कि अगर रामदेव आंदोलन करते हैं तो उन्हें शहर से बाहर ले जाया जाएगा। धवन ने न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ से कहा, इससे पता चलता है कि फैसला ले लिया गया था लेकिन बातचीत जारी रहने के बीच टाल दिया गया और जब वार्ता विफल रही तो पुलिस को फैसले पर अमल करने के लिए कहा गया। उन्होंने सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया कि उसे रामलीला मैदान के सभी घटनाक्रमों की जानकारी नहीं थी जहां अनशन चल रहा था। धवन ने कहा, यह मानना संभव नहीं है कि गृह सचिव को सभी जानकारी नहीं दी गई और यह भी नहीं माना जा सकता कि गृह मंत्री को यह नहीं दी गई। उन्होंने कहा, यह पुलिस के राजनीतिक आकाओं को संतुष्ट करने के लिए आधीरात में अचानक की गई कार्रवाई थी। उन्होंने कहा, गृह मंत्री और पुलिस आयुक्त मिलकर फैसला कर रहे थे कि बाबा रामदेव के साथ क्या किया जाना है। उन्होंने यह दलील भी दी कि केंद्र अन्ना हजारे को सुबह गिरफ्तार करके उनके साथ भी ऐसा करने की योजना बना रहा था लेकिन ऐसा नहीं कर सका।
सारांश: 'आधी रात को रामदेव पर कार्रवाई का फैसला केंद्र ने पहले ही ले लिया था और पुलिस ने अपने आकाओं को संतुष्ट करने के लिए इसे अंजाम दिया।'
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेता आमिर खान का कहना है कि फिलहाल वह और शाहरुख खान साथ में काम नहीं कर रहे हैं. एक महीने में शाहरुख और आमिर की दो बार मुलाकात हो चुकी है, इस वजह से खबरें आने लगी थीं कि दोनों जल्द ही स्क्रीन शेयर कर सकते हैं. हालांकि, साथ काम करने की खबरों पर विराम लगाते हुए मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने कहा कि उनकी और शाहरुख की मुलाकात दोस्ताना थी और दोनों के बीच किसी पटकथा को लेकर चर्चा नहीं हुई. बताते चलें कि शाहरुख और आमिर ने अब तक एक भी बार साथ में काम नहीं किया है और पिछले महीने जब शाहरुख ने अपनी, आमिर और बिजनेसमैन अजय बिजली की एक सेल्फी शेयर की थी तब से ही कयास लगाए जा रहे थे कि दोनों साथ में काम करेंगे. पिछले दिनों आमिर खान स्टार प्लस के नई सोच अभियान का हिस्सा बने हैं, कहा जा रहा था कि इस अभियान से शाहरुख खान भी जुड़ने वाले हैं और दोनों नई सोच अभियान के विज्ञापन में साथ नजर आने वाले हैं. हालांकि अब आमिर ने यह साफ कर दिया है कि वह और शाहरुख खान फिलहाल साथ काम नहीं कर रहे हैं. शाहरुख खान के साथ काम करने के सवाल पर आमिर खान ने कहा, ‘‘नहीं, मै उनसे (शाहरूख से) पिछले कुछ महीनों में दो बार मिला हूं. लंबे समय के बाद एक बार अजय बिजली की पार्टी में. उनके साथ समय व्यतीत करना बहुत अच्छा लगा.’’ उन्होंने बताया, ‘‘हाल ही में उनसे फिर मुलाकात हुई. यह दोस्त के रूप में हम दोनों की अनौपचारिक मुलाकात थी. हमने काम को लेकर बातचीत नहीं की.’’ पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के जीवन पर बनने वाली फिल्म में काम करने से जुड़े सवाल पर आमिर खान ने कहा कि इन दिनों वह केवल ठग्स ऑफ हिंदोस्तान में काम कर रहे हैं और उन्होंने कोई और फिल्म साइन नहीं की है. ठग्स ऑफ हिंदोस्तान में आमिर खान पहली बार महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करेंगे. उन्होंने कहा कि वह बिगबी के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)   पिछले दिनों आमिर खान स्टार प्लस के नई सोच अभियान का हिस्सा बने हैं, कहा जा रहा था कि इस अभियान से शाहरुख खान भी जुड़ने वाले हैं और दोनों नई सोच अभियान के विज्ञापन में साथ नजर आने वाले हैं. हालांकि अब आमिर ने यह साफ कर दिया है कि वह और शाहरुख खान फिलहाल साथ काम नहीं कर रहे हैं. शाहरुख खान के साथ काम करने के सवाल पर आमिर खान ने कहा, ‘‘नहीं, मै उनसे (शाहरूख से) पिछले कुछ महीनों में दो बार मिला हूं. लंबे समय के बाद एक बार अजय बिजली की पार्टी में. उनके साथ समय व्यतीत करना बहुत अच्छा लगा.’’ उन्होंने बताया, ‘‘हाल ही में उनसे फिर मुलाकात हुई. यह दोस्त के रूप में हम दोनों की अनौपचारिक मुलाकात थी. हमने काम को लेकर बातचीत नहीं की.’’ पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के जीवन पर बनने वाली फिल्म में काम करने से जुड़े सवाल पर आमिर खान ने कहा कि इन दिनों वह केवल ठग्स ऑफ हिंदोस्तान में काम कर रहे हैं और उन्होंने कोई और फिल्म साइन नहीं की है. ठग्स ऑफ हिंदोस्तान में आमिर खान पहली बार महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करेंगे. उन्होंने कहा कि वह बिगबी के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)   शाहरुख खान के साथ काम करने के सवाल पर आमिर खान ने कहा, ‘‘नहीं, मै उनसे (शाहरूख से) पिछले कुछ महीनों में दो बार मिला हूं. लंबे समय के बाद एक बार अजय बिजली की पार्टी में. उनके साथ समय व्यतीत करना बहुत अच्छा लगा.’’ उन्होंने बताया, ‘‘हाल ही में उनसे फिर मुलाकात हुई. यह दोस्त के रूप में हम दोनों की अनौपचारिक मुलाकात थी. हमने काम को लेकर बातचीत नहीं की.’’ पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के जीवन पर बनने वाली फिल्म में काम करने से जुड़े सवाल पर आमिर खान ने कहा कि इन दिनों वह केवल ठग्स ऑफ हिंदोस्तान में काम कर रहे हैं और उन्होंने कोई और फिल्म साइन नहीं की है. ठग्स ऑफ हिंदोस्तान में आमिर खान पहली बार महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करेंगे. उन्होंने कहा कि वह बिगबी के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)   पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के जीवन पर बनने वाली फिल्म में काम करने से जुड़े सवाल पर आमिर खान ने कहा कि इन दिनों वह केवल ठग्स ऑफ हिंदोस्तान में काम कर रहे हैं और उन्होंने कोई और फिल्म साइन नहीं की है. ठग्स ऑफ हिंदोस्तान में आमिर खान पहली बार महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करेंगे. उन्होंने कहा कि वह बिगबी के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)   (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त पाठ: मैंने और शाहरुख ने काम के बारे में चर्चा नहीं की- आमिर खान. शाहरुख खान ने हाल ही में आमिर और नेटफ्लिक्स के सीईओ को अपने घर बुलाया था. राकेश शर्मा की बायोपिक में काम करने की खबरों से भी आमिर ने किया इनकार.
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट (Bihar Board 10th Result) जल्द ही जारी कर दिया जाएगा. 10वीं का रिजल्ट (Bihar Board Matric Result)  इस सप्ताह जारी होने की उम्मीद है. हालांकि बोर्ड ने अभी रिजल्ट जारी होने की तारीख की घोषणा नहीं की है. 10वीं का रिजल्ट (BSEB 10th Result) ऑफिशियल वेबसाइट biharboard.ac.in और biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है. हालांकि अभी तक बोर्ड की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं सामने आई है. बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा (Bihar Board Matric) में 16 लाख 60 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इस बार बिहार बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन से लेकर बोर्ड फॉर्म भरने की सभी प्रक्रिया ऑनलाइन कराई थी. साथ ही परीक्षा में नकल रोकने के लिए बोर्ड द्वारा कई सख्त कदम भी उठाए गए थे. साथ ही परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए कई सख्त कदम भी उठाए गए थे. पिछले साल बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट (Bihar Board Matric Result) 26 जून को जारी किया गया था. 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से 28 फरवरी तक हुई थी. करीब 17 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा में भाग लिया था. 10वीं में 68.89 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे. बिहार मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट्स पर जारी होगा. बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट्स के डायरेक्ट लिंक नीचे दिए गए हैं.biharboard.ac.inbiharboardonline.bihar.gov.in
संक्षिप्त पाठ: 10वीं का रिजल्ट इस सप्ताह जारी हो सकता है. स्टूडेंट्स को रिजल्ट चेक करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा. 10वीं में 16 लाख 60 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे.
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'विश्वरूपम' पर मद्रास हाईकोर्ट की रोक के बाद कमल हासन आज सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे और फिलहाल वह इंतजार करना चाहते हैं। इस मसले पर कुछ फिल्मकार तमिलनाडु सरकार से बात करेंगे। इससे पूर्व बुधवार को कमल अपनी मेगा बजट फिल्म 'विश्वरूपम' में से कुरान शरीफ से जुड़े कुछ विवादास्पद शब्दों को हटाने पर सहमत हो गए थे, लेकिन मद्रास हाईकोर्ट की बड़ी बेंच ने फिल्म पर तमिलनाडु सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखने का फैसला सुनाया था। 'विश्वरूपम' को रिलीज करवाने के लिए कमल हासन भरपूर कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि मेरे मुस्लिम भाइयों ने मुझसे बात की, और हमने मामला शांतिपूर्वक निपटा लिया है। अब मेरे और मुस्लिम भाइयों के बीच कोई मतभेद नहीं रह गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि किसी का भी नुकसान न हो।टिप्पणियां लेकिन इसके बावजूद 'विश्वरूपम' तमिलनाडु में रिलीज़ नहीं की जाएगी, क्योंकि मद्रास हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच द्वारा मंगलवार को दिए गए प्रतिबंध हटा देने के फैसले को राज्य सरकार की अपील पर बड़ी बेंच ने पलट दिया था। गौरतलब है कि फिल्म पर विवाद से आहत कमल हासन ने दिन में कहा था कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वह देश तक छोड़ सकते हैं। इससे पूर्व बुधवार को कमल अपनी मेगा बजट फिल्म 'विश्वरूपम' में से कुरान शरीफ से जुड़े कुछ विवादास्पद शब्दों को हटाने पर सहमत हो गए थे, लेकिन मद्रास हाईकोर्ट की बड़ी बेंच ने फिल्म पर तमिलनाडु सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखने का फैसला सुनाया था। 'विश्वरूपम' को रिलीज करवाने के लिए कमल हासन भरपूर कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि मेरे मुस्लिम भाइयों ने मुझसे बात की, और हमने मामला शांतिपूर्वक निपटा लिया है। अब मेरे और मुस्लिम भाइयों के बीच कोई मतभेद नहीं रह गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि किसी का भी नुकसान न हो।टिप्पणियां लेकिन इसके बावजूद 'विश्वरूपम' तमिलनाडु में रिलीज़ नहीं की जाएगी, क्योंकि मद्रास हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच द्वारा मंगलवार को दिए गए प्रतिबंध हटा देने के फैसले को राज्य सरकार की अपील पर बड़ी बेंच ने पलट दिया था। गौरतलब है कि फिल्म पर विवाद से आहत कमल हासन ने दिन में कहा था कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वह देश तक छोड़ सकते हैं। 'विश्वरूपम' को रिलीज करवाने के लिए कमल हासन भरपूर कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि मेरे मुस्लिम भाइयों ने मुझसे बात की, और हमने मामला शांतिपूर्वक निपटा लिया है। अब मेरे और मुस्लिम भाइयों के बीच कोई मतभेद नहीं रह गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि किसी का भी नुकसान न हो।टिप्पणियां लेकिन इसके बावजूद 'विश्वरूपम' तमिलनाडु में रिलीज़ नहीं की जाएगी, क्योंकि मद्रास हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच द्वारा मंगलवार को दिए गए प्रतिबंध हटा देने के फैसले को राज्य सरकार की अपील पर बड़ी बेंच ने पलट दिया था। गौरतलब है कि फिल्म पर विवाद से आहत कमल हासन ने दिन में कहा था कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वह देश तक छोड़ सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद 'विश्वरूपम' तमिलनाडु में रिलीज़ नहीं की जाएगी, क्योंकि मद्रास हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच द्वारा मंगलवार को दिए गए प्रतिबंध हटा देने के फैसले को राज्य सरकार की अपील पर बड़ी बेंच ने पलट दिया था। गौरतलब है कि फिल्म पर विवाद से आहत कमल हासन ने दिन में कहा था कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वह देश तक छोड़ सकते हैं। गौरतलब है कि फिल्म पर विवाद से आहत कमल हासन ने दिन में कहा था कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वह देश तक छोड़ सकते हैं।
यहाँ एक सारांश है:कमल 'विश्वरूपम' में से कुरान शरीफ से जुड़े कुछ विवादास्पद शब्दों को हटाने पर सहमत हो गए थे, लेकिन मद्रास हाईकोर्ट की बड़ी बेंच ने प्रतिबंध को बरकरार रखने का फैसला सुनाया था।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मेरठ के सिविल लाइंस इलाके में डीआरआई ने छापेमारी की है. ये छापेमारी एक रिटायर्ड कर्नल देवेंद्र कुमार के घर हुई. इसमें एक करोड़ से ज़्यादा कैश बरामद किया गया है. साथ ही कुछ ऐसी हैरान करने वाली चीज़ें बरामद हुई हैं जिससे साफ़ है कि यहां बड़े पैमाने पर तस्करी की जा रही थी. यहां से प्रतिबंधित और दुर्लभ जानवरों के 117 किलो मांस बरामद किए गए हैं. साथ ही इन जानवरों की सींग, खाल और दूसरे अंग भी बरामद किए गए हैं. DRI यानी डायरेक्ट्रेट ऑफ़ रेवन्यू इंटेलिजेंस की टीम ने यहां से 150 से ज़्यादा हथियार बरामद किए हैं. इसमें क़रीब 40 राइफ़ल और पिस्टल शामिल हैं. रिटायर्ड कर्नल के घर से 2 लाख कारतूस भी मिले हैं. DRI के अधिकारियों का कहना है कि ये जानवरों के शिकार करने वाला बड़ा रैकेट है. साथ ही हथियारों की सप्लाई का भी काम यहां से होता है. और इसके तार विदेश तक जुड़े हैं.  साथ ही इन्होंने बताया कि यहां कई ऐसे हथियार मिले हैं जो एक ही लाइसेंस पर ख़रीदे गए हैं. जहां ये छापेमारी हुई है उस घर में कर्नल के साथ उनकी पत्नी और बेटे रहते हैं. बरामदगी के बाद DRI के अधिकारियों ने रिटायर्ड कर्नल से कई घंटे पूछताछ की है. हालांकि अब तक इस मामले में कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है लेकिन चार लोगों के हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है. टिप्पणियां कुमार के बेटे प्रशांत बिश्नोई राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज हैं. डीआरआई के एक अधिकारी ने कहा कि यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई. कुमार के आवास के एक अस्थायी गोदाम में नीलगाय का 117 किलो मांस, एक करोड़ नकदी, 40 बंदूकें, हिरणों की पांच खोपड़ियों, सांभर हिरण के सींग, काले हिरण और चिकारा के सींग, जानवर की खाल और हाथी दांत बरामद किए गए. वनों के प्रमुख संरक्षक मुकेश कुमार ने कहा, ‘‘नील गाय का मांस फ्रिज से बरामद किया गया. इसमें से नमूना लिया गया और इसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाना है.’’ उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और बिश्नोई के खिलाफ वन्यजीवन संरक्षण कानून, 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी. हालांकि उनके खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.   यहां से प्रतिबंधित और दुर्लभ जानवरों के 117 किलो मांस बरामद किए गए हैं. साथ ही इन जानवरों की सींग, खाल और दूसरे अंग भी बरामद किए गए हैं. DRI यानी डायरेक्ट्रेट ऑफ़ रेवन्यू इंटेलिजेंस की टीम ने यहां से 150 से ज़्यादा हथियार बरामद किए हैं. इसमें क़रीब 40 राइफ़ल और पिस्टल शामिल हैं. रिटायर्ड कर्नल के घर से 2 लाख कारतूस भी मिले हैं. DRI के अधिकारियों का कहना है कि ये जानवरों के शिकार करने वाला बड़ा रैकेट है. साथ ही हथियारों की सप्लाई का भी काम यहां से होता है. और इसके तार विदेश तक जुड़े हैं.  साथ ही इन्होंने बताया कि यहां कई ऐसे हथियार मिले हैं जो एक ही लाइसेंस पर ख़रीदे गए हैं. जहां ये छापेमारी हुई है उस घर में कर्नल के साथ उनकी पत्नी और बेटे रहते हैं. बरामदगी के बाद DRI के अधिकारियों ने रिटायर्ड कर्नल से कई घंटे पूछताछ की है. हालांकि अब तक इस मामले में कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है लेकिन चार लोगों के हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है. टिप्पणियां कुमार के बेटे प्रशांत बिश्नोई राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज हैं. डीआरआई के एक अधिकारी ने कहा कि यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई. कुमार के आवास के एक अस्थायी गोदाम में नीलगाय का 117 किलो मांस, एक करोड़ नकदी, 40 बंदूकें, हिरणों की पांच खोपड़ियों, सांभर हिरण के सींग, काले हिरण और चिकारा के सींग, जानवर की खाल और हाथी दांत बरामद किए गए. वनों के प्रमुख संरक्षक मुकेश कुमार ने कहा, ‘‘नील गाय का मांस फ्रिज से बरामद किया गया. इसमें से नमूना लिया गया और इसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाना है.’’ उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और बिश्नोई के खिलाफ वन्यजीवन संरक्षण कानून, 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी. हालांकि उनके खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.   साथ ही इन्होंने बताया कि यहां कई ऐसे हथियार मिले हैं जो एक ही लाइसेंस पर ख़रीदे गए हैं. जहां ये छापेमारी हुई है उस घर में कर्नल के साथ उनकी पत्नी और बेटे रहते हैं. बरामदगी के बाद DRI के अधिकारियों ने रिटायर्ड कर्नल से कई घंटे पूछताछ की है. हालांकि अब तक इस मामले में कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है लेकिन चार लोगों के हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है. टिप्पणियां कुमार के बेटे प्रशांत बिश्नोई राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज हैं. डीआरआई के एक अधिकारी ने कहा कि यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई. कुमार के आवास के एक अस्थायी गोदाम में नीलगाय का 117 किलो मांस, एक करोड़ नकदी, 40 बंदूकें, हिरणों की पांच खोपड़ियों, सांभर हिरण के सींग, काले हिरण और चिकारा के सींग, जानवर की खाल और हाथी दांत बरामद किए गए. वनों के प्रमुख संरक्षक मुकेश कुमार ने कहा, ‘‘नील गाय का मांस फ्रिज से बरामद किया गया. इसमें से नमूना लिया गया और इसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाना है.’’ उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और बिश्नोई के खिलाफ वन्यजीवन संरक्षण कानून, 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी. हालांकि उनके खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.   कुमार के बेटे प्रशांत बिश्नोई राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज हैं. डीआरआई के एक अधिकारी ने कहा कि यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई. कुमार के आवास के एक अस्थायी गोदाम में नीलगाय का 117 किलो मांस, एक करोड़ नकदी, 40 बंदूकें, हिरणों की पांच खोपड़ियों, सांभर हिरण के सींग, काले हिरण और चिकारा के सींग, जानवर की खाल और हाथी दांत बरामद किए गए. वनों के प्रमुख संरक्षक मुकेश कुमार ने कहा, ‘‘नील गाय का मांस फ्रिज से बरामद किया गया. इसमें से नमूना लिया गया और इसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाना है.’’ उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और बिश्नोई के खिलाफ वन्यजीवन संरक्षण कानून, 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी. हालांकि उनके खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.   वनों के प्रमुख संरक्षक मुकेश कुमार ने कहा, ‘‘नील गाय का मांस फ्रिज से बरामद किया गया. इसमें से नमूना लिया गया और इसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाना है.’’ उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और बिश्नोई के खिलाफ वन्यजीवन संरक्षण कानून, 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी. हालांकि उनके खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.
सारांश: मेरठ के सिविल लाइंस इलाके में डीआरआई ने छापेमारी की है ये छापेमारी एक रिटायर्ड कर्नल देवेंद्र कुमार के घर हुई. साथ ही कुछ ऐसी हैरान करने वाली चीज़ें बरामद हुई हैं
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: बेगूसराय सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गिरिराज सिंह पर चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कराया है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी राहुल कुमार ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुवार को गिरिराज के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है. गिरिराज ने कहा था कि अगर कब्र के लिए तीन हाथ जगह चाहिए तो इस देश में वंदेमातरम गाना होगा और भारत माता की जय कहना होगा. गिरिराज सिंह पर यह मामला बेगूसराय के नगर थाने में दर्ज किया गया है. अपने भड़काऊ और साम्प्रदायिक भाषणों के कारण हमेशा चर्चा के केंद्र में रहने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने मंच से मुस्लिम समुदाय के लोगों को चेतावनी दी थी कि अगर कब्र के लिए तीन हाथ जगह चाहिए तो इस देश में वंदेमातरम गाना होगा और भारत माता की जय कहना होगा. गिरिराज ने कहा था कि अगर तुम ऐसा नहीं कर पाओगे तो देश तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा. सिंह ने कहा था कि कुछ लोग बिहार की धरती को रक्तरंजित करना चाहते हैं, सांप्रदायिक आग फैलाना चाह रहे हैं, लेकिन BJP जब तक है न बिहार में ऐसा होगा और न बेगूसराय की धरती पर वे ऐसा होने देंगे. गिरिराज ने राष्ट्रीय जनता दल के दरभंगा से उम्मीदवार अब्दुल बारी सिद्दिकी के एक तथाकथित वक्‍तव्‍य की चर्चा करते हुए कहा था कि 'RJD के उम्मीदवार दरभंगा में कहते हैं कि वंदे मातरम मैं नहीं बोलूंगा. बेगूसराय में भी कुछ लोग आकर बड़े भाई का कुरता और छोटे भाई का पायजामा पहनकर भ्रमण कर रहे हैं. लेकिन मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि जो वंदे मातरम नहीं गा सकता, जो भारत की मातृभूमि को नमन नहीं कर सकता, वो इस बात को याद रखे कि अरे गिरिराज के नाना-दादा सिमरिया घाट में गंगा नदी के किनारे मरे, उसी भूमि पर कोई कब्र नहीं बनाया, लेकिन तुम्हें तो तीन हाथ जगह चाहिए. तुम ऐसा नहीं कर पाओगे, तो देश तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा.'
संक्षिप्त पाठ: बिहार की बेगूसराय सीट से बीजेपी के उम्मीदवार हैं गिरिराज सिंह बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में मुस्लिमों को दी थी चेतावनी जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मामले में स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वेदांता समूह द्वारा सेसा गोवा और स्टरलाइट के विलय की घोषणा के बाद दोनों ही कंपनियों के शेयरों में नुकसान दर्ज हुआ। शेयर बाजारों में सेसा गोवा का शेयर जहां 10.45 प्रतिशत लुढ़क गया, वहीं स्टरलाइट में 2.53 फीसद का नुकसान रहा।टिप्पणियां बंबई शेयर बाजार में सेसा गोवा का शेयर एक समय 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 202.10 रुपये पर आ गया था। बाद में यह 10.45 फीसद की गिरावट के साथ 203.60 रुपये पर बंद हुआ। इस दौरान कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,065 करोड़ रुपये घटकर 17,694 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह स्टरलाइट इंडस्ट्रीज का शेयर 2.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 115.65 रुपये का रह गया। बंबई शेयर बाजार में सेसा गोवा का शेयर एक समय 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 202.10 रुपये पर आ गया था। बाद में यह 10.45 फीसद की गिरावट के साथ 203.60 रुपये पर बंद हुआ। इस दौरान कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,065 करोड़ रुपये घटकर 17,694 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह स्टरलाइट इंडस्ट्रीज का शेयर 2.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 115.65 रुपये का रह गया। इसी तरह स्टरलाइट इंडस्ट्रीज का शेयर 2.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 115.65 रुपये का रह गया।
संक्षिप्त सारांश: वेदांता समूह द्वारा सेसा गोवा और स्टरलाइट के विलय की घोषणा के बाद दोनों ही कंपनियों के शेयरों में नुकसान दर्ज हुआ।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और रेल टिकट पाने में आसानी के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मंगलवार को नया यात्री मोबाइल ऐप 'आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट' लॉन्च किया. इस मौके पर प्रभु ने कहा, 'वर्तमान में ई-टिकटिंग प्रणाली से रोजाना 10 लाख से ज्यादा टिकट बुक हो रहे हैं जोकि कुल बुकिंग का 58 फीसदी है. इसे बढ़ावा देने के लिए और यूजर्स की आसानी के लिए एक नया एंड्रायड आधारित मोबाइल एप्लिकेशन 'आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट' विकसित किया गया है.' उन्होंने कहा, 'रेल कनेक्ट को अगली पीढ़ी की टिकटिंग प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है जो उच्च प्रदर्शन क्षमता और उच्च सुरक्षा से लैस है.' नया ऐप पहले से ज्यादा सुरक्षित है और इसमें पिन आधारित लॉग इन प्रणाली है, जिसमें बार-बार यूजरनेम और पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होती. मंत्री ने कहा कि नया ऐप आईआरसीटीसी की ई-वॉलेट के साथ काम करेगा, ताकि तेजी से और आसानी से भुगतान हो सके. टिप्पणियां प्रभु ने बताया, 'नए ऐप में 40 से ज्यादा बैंकों से नेट बैंकिंग, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पेटीएम, पेयू, मोबिक्विक आदि से भुगतान की सुविधा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस मौके पर प्रभु ने कहा, 'वर्तमान में ई-टिकटिंग प्रणाली से रोजाना 10 लाख से ज्यादा टिकट बुक हो रहे हैं जोकि कुल बुकिंग का 58 फीसदी है. इसे बढ़ावा देने के लिए और यूजर्स की आसानी के लिए एक नया एंड्रायड आधारित मोबाइल एप्लिकेशन 'आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट' विकसित किया गया है.' उन्होंने कहा, 'रेल कनेक्ट को अगली पीढ़ी की टिकटिंग प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है जो उच्च प्रदर्शन क्षमता और उच्च सुरक्षा से लैस है.' नया ऐप पहले से ज्यादा सुरक्षित है और इसमें पिन आधारित लॉग इन प्रणाली है, जिसमें बार-बार यूजरनेम और पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होती. मंत्री ने कहा कि नया ऐप आईआरसीटीसी की ई-वॉलेट के साथ काम करेगा, ताकि तेजी से और आसानी से भुगतान हो सके. टिप्पणियां प्रभु ने बताया, 'नए ऐप में 40 से ज्यादा बैंकों से नेट बैंकिंग, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पेटीएम, पेयू, मोबिक्विक आदि से भुगतान की सुविधा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'रेल कनेक्ट को अगली पीढ़ी की टिकटिंग प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है जो उच्च प्रदर्शन क्षमता और उच्च सुरक्षा से लैस है.' नया ऐप पहले से ज्यादा सुरक्षित है और इसमें पिन आधारित लॉग इन प्रणाली है, जिसमें बार-बार यूजरनेम और पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होती. मंत्री ने कहा कि नया ऐप आईआरसीटीसी की ई-वॉलेट के साथ काम करेगा, ताकि तेजी से और आसानी से भुगतान हो सके. टिप्पणियां प्रभु ने बताया, 'नए ऐप में 40 से ज्यादा बैंकों से नेट बैंकिंग, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पेटीएम, पेयू, मोबिक्विक आदि से भुगतान की सुविधा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नया ऐप पहले से ज्यादा सुरक्षित है और इसमें पिन आधारित लॉग इन प्रणाली है, जिसमें बार-बार यूजरनेम और पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होती. मंत्री ने कहा कि नया ऐप आईआरसीटीसी की ई-वॉलेट के साथ काम करेगा, ताकि तेजी से और आसानी से भुगतान हो सके. टिप्पणियां प्रभु ने बताया, 'नए ऐप में 40 से ज्यादा बैंकों से नेट बैंकिंग, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पेटीएम, पेयू, मोबिक्विक आदि से भुगतान की सुविधा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मंत्री ने कहा कि नया ऐप आईआरसीटीसी की ई-वॉलेट के साथ काम करेगा, ताकि तेजी से और आसानी से भुगतान हो सके. टिप्पणियां प्रभु ने बताया, 'नए ऐप में 40 से ज्यादा बैंकों से नेट बैंकिंग, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पेटीएम, पेयू, मोबिक्विक आदि से भुगतान की सुविधा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रभु ने बताया, 'नए ऐप में 40 से ज्यादा बैंकों से नेट बैंकिंग, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पेटीएम, पेयू, मोबिक्विक आदि से भुगतान की सुविधा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नए ऐप में बार-बार यूजरनेम और पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होती इसे अगली पीढ़ी की टिकटिंग प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है ऐप में नेट बैंकिंग, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पेटीएम आदि से भुगतान की सुविधा
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाली राजस्थान रॉयल्स चैम्पियंस लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में ग्रुप (ए) के मैच में रविवार को पर्थ स्क्रोचर्स के खिलाफ जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करने उतरेगी। राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल से लेकर अब तक सवाई मानसिंह स्टेडियम पर उम्दा प्रदर्शन किया है। अब तक वे यहां लगातार 10 मैच जीत चुके हैं, जिनमें से आठ आईपीएल छह में और दो मौजूदा टूर्नामेंट में जीते हैं। पिछले दो मैचों में उसने यहां मुंबई इंडियंस और हाइवेल्ड लायंस को हराकर आठ अंक बनाए। दूसरी ओर पर्थ स्क्रोचर्स सिर्फ अहमदाबाद में बारिश के कारण धुले मैच से दो अंक लेकर सबसे नीचे हैं। कोच पैडी उपटन और कप्तान द्रविड़ के प्रयासों से राजस्थान स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण को भुलाकर अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहा है। उसके पास अजिंक्य रहाणे और कप्तान द्रविड़ के रूप में बेहतरीन सलामी जोड़ी है जबकि मध्यक्रम में शेन वाटसन, संजू सैमसन, स्टुअर्ट बिन्नी और ब्राड हाज शानदार फार्म में हैं। अशोक मेनारिया और केवोन कूपर ने गेंद और बल्ले दोनों के जौहर दिखाए हैं। अनुभवी प्रवीण ताम्बे ने स्पिन का जिम्मा बखूबी संभाला है। तेज गेंदबाजी की कमान जेम्स फाकनेर, शान टैट और वाटसन के हाथों में है।टिप्पणियां टैट के मांसपेशी की चोट से उबरकर इस मैच में खेलने की उम्मीद है। दूसरी ओर पर्थ स्क्रोचर्स अपने प्रमुख खिलाड़ियों के बिना यहां उतरी है और कोई चुनौती पेश नहीं कर सकी है। उसे ओटागो वोल्ट्स ने 62 रन से हराया। पर्थ के पास अनुभवी खिलाड़ियों के नाम पर सिर्फ कप्तान साइमन कैटिच और एडम वोजेस हैं। उसके लिए गेंदबाजी की अगुवाई जोएल पेरिस करेंगे हालांकि पिछले मैच में ओटागो ने उनके खिलाफ रिकार्ड 242 रन बनाए थे। अब गेंदबाजों को खोया मनोबल वापिस हासिल करके अच्छा प्रदर्शन करना होगा, जो आसान नहीं है। राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल से लेकर अब तक सवाई मानसिंह स्टेडियम पर उम्दा प्रदर्शन किया है। अब तक वे यहां लगातार 10 मैच जीत चुके हैं, जिनमें से आठ आईपीएल छह में और दो मौजूदा टूर्नामेंट में जीते हैं। पिछले दो मैचों में उसने यहां मुंबई इंडियंस और हाइवेल्ड लायंस को हराकर आठ अंक बनाए। दूसरी ओर पर्थ स्क्रोचर्स सिर्फ अहमदाबाद में बारिश के कारण धुले मैच से दो अंक लेकर सबसे नीचे हैं। कोच पैडी उपटन और कप्तान द्रविड़ के प्रयासों से राजस्थान स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण को भुलाकर अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहा है। उसके पास अजिंक्य रहाणे और कप्तान द्रविड़ के रूप में बेहतरीन सलामी जोड़ी है जबकि मध्यक्रम में शेन वाटसन, संजू सैमसन, स्टुअर्ट बिन्नी और ब्राड हाज शानदार फार्म में हैं। अशोक मेनारिया और केवोन कूपर ने गेंद और बल्ले दोनों के जौहर दिखाए हैं। अनुभवी प्रवीण ताम्बे ने स्पिन का जिम्मा बखूबी संभाला है। तेज गेंदबाजी की कमान जेम्स फाकनेर, शान टैट और वाटसन के हाथों में है।टिप्पणियां टैट के मांसपेशी की चोट से उबरकर इस मैच में खेलने की उम्मीद है। दूसरी ओर पर्थ स्क्रोचर्स अपने प्रमुख खिलाड़ियों के बिना यहां उतरी है और कोई चुनौती पेश नहीं कर सकी है। उसे ओटागो वोल्ट्स ने 62 रन से हराया। पर्थ के पास अनुभवी खिलाड़ियों के नाम पर सिर्फ कप्तान साइमन कैटिच और एडम वोजेस हैं। उसके लिए गेंदबाजी की अगुवाई जोएल पेरिस करेंगे हालांकि पिछले मैच में ओटागो ने उनके खिलाफ रिकार्ड 242 रन बनाए थे। अब गेंदबाजों को खोया मनोबल वापिस हासिल करके अच्छा प्रदर्शन करना होगा, जो आसान नहीं है। दूसरी ओर पर्थ स्क्रोचर्स सिर्फ अहमदाबाद में बारिश के कारण धुले मैच से दो अंक लेकर सबसे नीचे हैं। कोच पैडी उपटन और कप्तान द्रविड़ के प्रयासों से राजस्थान स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण को भुलाकर अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहा है। उसके पास अजिंक्य रहाणे और कप्तान द्रविड़ के रूप में बेहतरीन सलामी जोड़ी है जबकि मध्यक्रम में शेन वाटसन, संजू सैमसन, स्टुअर्ट बिन्नी और ब्राड हाज शानदार फार्म में हैं। अशोक मेनारिया और केवोन कूपर ने गेंद और बल्ले दोनों के जौहर दिखाए हैं। अनुभवी प्रवीण ताम्बे ने स्पिन का जिम्मा बखूबी संभाला है। तेज गेंदबाजी की कमान जेम्स फाकनेर, शान टैट और वाटसन के हाथों में है।टिप्पणियां टैट के मांसपेशी की चोट से उबरकर इस मैच में खेलने की उम्मीद है। दूसरी ओर पर्थ स्क्रोचर्स अपने प्रमुख खिलाड़ियों के बिना यहां उतरी है और कोई चुनौती पेश नहीं कर सकी है। उसे ओटागो वोल्ट्स ने 62 रन से हराया। पर्थ के पास अनुभवी खिलाड़ियों के नाम पर सिर्फ कप्तान साइमन कैटिच और एडम वोजेस हैं। उसके लिए गेंदबाजी की अगुवाई जोएल पेरिस करेंगे हालांकि पिछले मैच में ओटागो ने उनके खिलाफ रिकार्ड 242 रन बनाए थे। अब गेंदबाजों को खोया मनोबल वापिस हासिल करके अच्छा प्रदर्शन करना होगा, जो आसान नहीं है। कोच पैडी उपटन और कप्तान द्रविड़ के प्रयासों से राजस्थान स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण को भुलाकर अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहा है। उसके पास अजिंक्य रहाणे और कप्तान द्रविड़ के रूप में बेहतरीन सलामी जोड़ी है जबकि मध्यक्रम में शेन वाटसन, संजू सैमसन, स्टुअर्ट बिन्नी और ब्राड हाज शानदार फार्म में हैं। अशोक मेनारिया और केवोन कूपर ने गेंद और बल्ले दोनों के जौहर दिखाए हैं। अनुभवी प्रवीण ताम्बे ने स्पिन का जिम्मा बखूबी संभाला है। तेज गेंदबाजी की कमान जेम्स फाकनेर, शान टैट और वाटसन के हाथों में है।टिप्पणियां टैट के मांसपेशी की चोट से उबरकर इस मैच में खेलने की उम्मीद है। दूसरी ओर पर्थ स्क्रोचर्स अपने प्रमुख खिलाड़ियों के बिना यहां उतरी है और कोई चुनौती पेश नहीं कर सकी है। उसे ओटागो वोल्ट्स ने 62 रन से हराया। पर्थ के पास अनुभवी खिलाड़ियों के नाम पर सिर्फ कप्तान साइमन कैटिच और एडम वोजेस हैं। उसके लिए गेंदबाजी की अगुवाई जोएल पेरिस करेंगे हालांकि पिछले मैच में ओटागो ने उनके खिलाफ रिकार्ड 242 रन बनाए थे। अब गेंदबाजों को खोया मनोबल वापिस हासिल करके अच्छा प्रदर्शन करना होगा, जो आसान नहीं है। अशोक मेनारिया और केवोन कूपर ने गेंद और बल्ले दोनों के जौहर दिखाए हैं। अनुभवी प्रवीण ताम्बे ने स्पिन का जिम्मा बखूबी संभाला है। तेज गेंदबाजी की कमान जेम्स फाकनेर, शान टैट और वाटसन के हाथों में है।टिप्पणियां टैट के मांसपेशी की चोट से उबरकर इस मैच में खेलने की उम्मीद है। दूसरी ओर पर्थ स्क्रोचर्स अपने प्रमुख खिलाड़ियों के बिना यहां उतरी है और कोई चुनौती पेश नहीं कर सकी है। उसे ओटागो वोल्ट्स ने 62 रन से हराया। पर्थ के पास अनुभवी खिलाड़ियों के नाम पर सिर्फ कप्तान साइमन कैटिच और एडम वोजेस हैं। उसके लिए गेंदबाजी की अगुवाई जोएल पेरिस करेंगे हालांकि पिछले मैच में ओटागो ने उनके खिलाफ रिकार्ड 242 रन बनाए थे। अब गेंदबाजों को खोया मनोबल वापिस हासिल करके अच्छा प्रदर्शन करना होगा, जो आसान नहीं है। टैट के मांसपेशी की चोट से उबरकर इस मैच में खेलने की उम्मीद है। दूसरी ओर पर्थ स्क्रोचर्स अपने प्रमुख खिलाड़ियों के बिना यहां उतरी है और कोई चुनौती पेश नहीं कर सकी है। उसे ओटागो वोल्ट्स ने 62 रन से हराया। पर्थ के पास अनुभवी खिलाड़ियों के नाम पर सिर्फ कप्तान साइमन कैटिच और एडम वोजेस हैं। उसके लिए गेंदबाजी की अगुवाई जोएल पेरिस करेंगे हालांकि पिछले मैच में ओटागो ने उनके खिलाफ रिकार्ड 242 रन बनाए थे। अब गेंदबाजों को खोया मनोबल वापिस हासिल करके अच्छा प्रदर्शन करना होगा, जो आसान नहीं है। उसके लिए गेंदबाजी की अगुवाई जोएल पेरिस करेंगे हालांकि पिछले मैच में ओटागो ने उनके खिलाफ रिकार्ड 242 रन बनाए थे। अब गेंदबाजों को खोया मनोबल वापिस हासिल करके अच्छा प्रदर्शन करना होगा, जो आसान नहीं है।
यहाँ एक सारांश है:राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाली राजस्थान रॉयल्स चैम्पियंस लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में ग्रुप (ए) के मैच में रविवार को पर्थ स्क्रोचर्स के खिलाफ जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करने उतरेगी।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण कोरिया के पॉप स्टार साई का प्रसिद्ध 'गंगनम स्टाइल' का वीडियो यू-ट्यूब पर सबसे ज्यादा देखा जाना वाला वीडियो बन चुका है। खबर लिखे जाने तक इस वीडियो को 80.6 करोड़ बार इस वेबसाइट पर देखा जा चुका है। इस तरह इस वीडियो ने जवां दिलों की धड़कन जस्टिन बीबर के गीत 'बेबी' के वीडियो को पछाड़ दिया है।टिप्पणियां जुलाई में रिलीज हुए 'गंगनम स्टाइल' के वीडियो में खास तरह का डांस स्टेप पेश किया गया है। 34-वर्षीय रैप गायक साई का यह वीडियो दुनिया भर में हिट हो गया। यू-ट्यूब पर प्रशंसकों की संख्या के रिकॉर्ड स्थापित करने वाले 'गंगनम स्टाइल' के प्रशंसकों की सूची में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, लंदन के मेयर, चीन के शीर्ष असंतुष्ट कलाकार एवं मडोना भी शामिल हैं। दक्षिण कोरिया के रैप गायक साई की ओर से घुड़सवारी की तरह की नृत्य की यह शैली महज चार महीने पहले यू-ट्यूब पर डाली गई थी। विश्व के कई बड़े नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर इस नृत्य का जिक्र किया है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून और बराक ओबामा शामिल हैं। जुलाई में रिलीज हुए 'गंगनम स्टाइल' के वीडियो में खास तरह का डांस स्टेप पेश किया गया है। 34-वर्षीय रैप गायक साई का यह वीडियो दुनिया भर में हिट हो गया। यू-ट्यूब पर प्रशंसकों की संख्या के रिकॉर्ड स्थापित करने वाले 'गंगनम स्टाइल' के प्रशंसकों की सूची में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, लंदन के मेयर, चीन के शीर्ष असंतुष्ट कलाकार एवं मडोना भी शामिल हैं। दक्षिण कोरिया के रैप गायक साई की ओर से घुड़सवारी की तरह की नृत्य की यह शैली महज चार महीने पहले यू-ट्यूब पर डाली गई थी। विश्व के कई बड़े नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर इस नृत्य का जिक्र किया है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून और बराक ओबामा शामिल हैं। दक्षिण कोरिया के रैप गायक साई की ओर से घुड़सवारी की तरह की नृत्य की यह शैली महज चार महीने पहले यू-ट्यूब पर डाली गई थी। विश्व के कई बड़े नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर इस नृत्य का जिक्र किया है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून और बराक ओबामा शामिल हैं।
यहाँ एक सारांश है:दक्षिण कोरिया के पॉप स्टार साई का प्रसिद्ध 'गंगनम स्टाइल' का वीडियो यू-ट्यूब पर सबसे ज्यादा देखा जाना वाला वीडियो बन चुका है। इस वीडियो ने जवां दिलों की धड़कन जस्टिन बीबर के गीत 'बेबी' के वीडियो को भी पछाड़ दिया है।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रख्यात गीतकार गुलजार बॉलीवुड में करीब पांच दशक गुजार चुके हैं और उनके 'मोरा गोरा रंग लई ले' से लेकर 'कजरा रे' तक के विविध मनोभावों वाले गीत बताते हैं कि वह कुछ भी लिख सकते हैं। वैसे 74 वर्षीय गुलजार कहते हैं कि शब्दों का चयन कभी-कभी उन्हें भी उलझाता है और कई बार उन्हें भी सही शब्द ढूंढ़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। गुलजार ने कहा, कभी-कभी शब्द समझ में नहीं आते, यह हर किसी के साथ होता है, आप कहीं अटक जाते हैं...आपको सही शब्द नहीं मिलते हैं। आप जो लिखना चाहते हैं, वह नहीं लिख पाते हैं। यह हर व्यवसाय का हिस्सा है और इसके बाद भी मैं कई दशकों से लिख रहा हूं, मेरे साथ अब भी कभी-कभी ऐसा होता है। संपूर्ण सिंह कालरा के रूप में जन्मे गुलजार प्रौद्योगिकी सम्पन्न इस युग में भी कागज पर लिखना ही पसंद करते हैं। 'राह पे रहते हैं', 'दो दीवाने इस शहर में', 'हजार राहें मुड़ के देखीं', 'तुझसे नाराज नहीं जिंदगी' और 'मेरा कुछ सामान' जैसे दिल को छू लेने वाले खूबसूरत गीत लिखने वाले गुलजार ने 'कजरारे', 'बीड़ी जलई ले' और नई फिल्म 'सात खून माफ' के 'डार्लिंग' जैसे आधुनिक और चुलबुले गीत भी लिखे हैं। आज की जरूरत के मुताबिक लेखन शैली विकसित करने के संबंध में पद्मभूषण गुलजार कहते हैं, यह एक कुम्हार की तरह है, जो कई तरह के बर्तन बना सकता है। इसी तरह यदि आप अपना काम जानते हैं, तो आप कुछ भी लिख सकते हैं। शैली का कोई सवाल ही नहीं उठता। यदि आप एक शायर हैं तो आपको किसी भी विषय पर लिखने में सक्षम होना चाहिए, फिर चाहे वह कोई रोमांच से भरी कहानी हो या प्रेम कहानी।
गुलजार कहते हैं कि शब्दों का चयन कभी-कभी उलझाता है और कई बार उन्हें भी सही शब्द ढूंढ़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टीम आगामी हफ्ते में जब इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती टेस्ट के लिए यहां मैदान में उतरेगी तो इसमें अंपायरों की निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) पहली बार ट्रायल आधार पर इस्तेमाल की जाएगी. बीसीसीआई हालांकि लंबे समय तक इस प्रणाली का विरोध करता रहा था. भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच नौ नवंबर से शुरू होगा और सौराष्ट्र क्रिकेट संघ (एससीए) इसकी मेजबानी एससीए स्टेडियम खांधेरी में कर रहा है. एससीए द्वारा जारी अधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में मानद सचिव निरंजन शाह ने कहा, ‘‘डीआरएस का इस्तेमाल राजकोट में होने वाले टेस्ट के दौरान किया जाएगा.’’ बीसीसीआई ने लंबे समय तक इसका विरोध करने के बाद ट्रायल आधार पर इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में इसका इस्तेमाल करने का फैसला किया.टिप्पणियां शाह ने कहा, ‘‘हालांकि यह ट्रायल आधार पर होगा, यह पहला द्विपक्षीय टेस्ट होगा जिसमें इस डीआरएस तकनीक की सभी प्रणालियों जैसे गेंद ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जायेगा जो पूरी सीरीज के दौरान जारी रहेगा. ’’ एससीए के मीडिया मैनेजर हिमांशु शाह ने कहा कि टीम इंडिया कल यहां पहुंच रही है जबकि मेहमान टीम के अगले दिन आने की उम्मीद है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच नौ नवंबर से शुरू होगा और सौराष्ट्र क्रिकेट संघ (एससीए) इसकी मेजबानी एससीए स्टेडियम खांधेरी में कर रहा है. एससीए द्वारा जारी अधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में मानद सचिव निरंजन शाह ने कहा, ‘‘डीआरएस का इस्तेमाल राजकोट में होने वाले टेस्ट के दौरान किया जाएगा.’’ बीसीसीआई ने लंबे समय तक इसका विरोध करने के बाद ट्रायल आधार पर इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में इसका इस्तेमाल करने का फैसला किया.टिप्पणियां शाह ने कहा, ‘‘हालांकि यह ट्रायल आधार पर होगा, यह पहला द्विपक्षीय टेस्ट होगा जिसमें इस डीआरएस तकनीक की सभी प्रणालियों जैसे गेंद ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जायेगा जो पूरी सीरीज के दौरान जारी रहेगा. ’’ एससीए के मीडिया मैनेजर हिमांशु शाह ने कहा कि टीम इंडिया कल यहां पहुंच रही है जबकि मेहमान टीम के अगले दिन आने की उम्मीद है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एससीए द्वारा जारी अधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में मानद सचिव निरंजन शाह ने कहा, ‘‘डीआरएस का इस्तेमाल राजकोट में होने वाले टेस्ट के दौरान किया जाएगा.’’ बीसीसीआई ने लंबे समय तक इसका विरोध करने के बाद ट्रायल आधार पर इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में इसका इस्तेमाल करने का फैसला किया.टिप्पणियां शाह ने कहा, ‘‘हालांकि यह ट्रायल आधार पर होगा, यह पहला द्विपक्षीय टेस्ट होगा जिसमें इस डीआरएस तकनीक की सभी प्रणालियों जैसे गेंद ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जायेगा जो पूरी सीरीज के दौरान जारी रहेगा. ’’ एससीए के मीडिया मैनेजर हिमांशु शाह ने कहा कि टीम इंडिया कल यहां पहुंच रही है जबकि मेहमान टीम के अगले दिन आने की उम्मीद है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शाह ने कहा, ‘‘हालांकि यह ट्रायल आधार पर होगा, यह पहला द्विपक्षीय टेस्ट होगा जिसमें इस डीआरएस तकनीक की सभी प्रणालियों जैसे गेंद ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जायेगा जो पूरी सीरीज के दौरान जारी रहेगा. ’’ एससीए के मीडिया मैनेजर हिमांशु शाह ने कहा कि टीम इंडिया कल यहां पहुंच रही है जबकि मेहमान टीम के अगले दिन आने की उम्मीद है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारत-इंग्लैंड के बीच 9 नवंबर से खेला जाएगा पहला टेस्ट दोनों देशों के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी दौरे में 3 वनडे और 3 टी-20 मैचों की सीरीज भी होगी
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकार ने महंगाई से परेशान केंद्रीय कर्मचारियों को राहत दी है। केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 6 फीसद बढ़ाकर 51 फीसद कर दिया गया है। इससे केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारी और 38 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। एक केंद्रीय मंत्री ने कहा, केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय किया गया। यह वृद्धि इस साल एक जनवरी से प्रभावी मानी जाएगी। महंगाई भत्ते में वृद्धि से सरकारी खजाने पर सालाना 5,715.90 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि से उन्हें उच्च मुद्रास्फीति से निपटने में मदद मिलेगी। फिलहाल महंगाई भत्ता मूल वेतन का 45 फीसद है। इसमें 6 फीसद वृद्धि केंद्रीय कर्मचारियों के लिये छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप है। इस फैसले से 50 लाख कर्मचारियों और 38 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। महंगाई भत्ता साल में दो बार एक जनवरी और एक जुलाई को संशोधित किया जाता है। उल्लेखनीय है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक कर्मचारी) दिसंबर में 9.47 फीसद और जनवरी में 9.30 फीसद थी। इसी के आधार पर महंगाई भत्ते में संशोधन किया जाता है। थोक मूल्य पर आधारित सकल मुद्रास्फीति फरवरी महीने में 8.31 फीसद रही है जो 5..6 फीसद के सामान्य स्तर से कहीं अधिक है। खाद्य मुद्रास्फीति भी 9 फीसद के ऊपर बनी हुई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने महंगाई से परेशान केंद्रीय कर्मचारियों को राहत दी है। केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 6 फीसद बढ़ाकर 51 फीसद कर दिया गया है।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सितारगंज विधानसभा उपचुनाव जीत गए हैं। विजय बहुगुणा ने करीब 40 हजार वोटों से बीजेपी के दिग्गज प्रकाश पंत को चुनाव में हरा दिया। गौरतलब है कि विजय बहुगुणा की इस रिकॉर्ड जीत के बाद उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की तादाद 33 हो गई है जबकि बीजेपी विधायकों की तादाद 30 रह गई है। विजय बहुगुणा के लिए सितारगंज सीट बीजेपी के विधायक रहे किरण मंडल ने खाली की थी। इस जीत से उत्तराखंड में अब कांग्रेस के हौसले बुलंद हो गए हैं। गौरतलब है कि विजय बहुगुणा की इस रिकॉर्ड जीत के बाद उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की तादाद 33 हो गई है जबकि बीजेपी विधायकों की तादाद 30 रह गई है। विजय बहुगुणा के लिए सितारगंज सीट बीजेपी के विधायक रहे किरण मंडल ने खाली की थी। इस जीत से उत्तराखंड में अब कांग्रेस के हौसले बुलंद हो गए हैं।
संक्षिप्त सारांश: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सितारगंज विधानसभा उपचुनाव जीत गए हैं। विजय बहुगुणा ने करीब 40 हजार वोटों से बीजेपी के दिग्गज प्रकाश पंत को चुनाव में हरा दिया।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के उपराज्यपाल रहे नजीब जंग ने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने एनडीटीवी के साथ खास बातचीत में कहा कि इस्तीफे के पीछे कोई राजनीति नहीं है. मैं अपनी 95 साल की मां को वक्त देना चाहता हूं. साथ ही एक किताब लिखने की बात भी उन्होंने कही है. नजीब ने कहा कि जब केंद्र में बीजेपी की सरकार आई तो मैंने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पीएम मोदी ने पद पर बने रहने को कहा. 3 साल का कार्यकाल पूरा होने पर भी इस्तीफा देने की बात कही. वहीं आज नजीब जंग के इस्तीफे के एक दिन बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजभवन में उनसे मुलाकात की. केजरीवाल सुबह तकरीबन 8 बजे उप राज्यपाल के सरकारी आवास पर पहुंचे और करीब एक घंटे तक उनकी मुलाकात चली. जंग के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया. नजीब ने कहा कि जब केंद्र में बीजेपी की सरकार आई तो मैंने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पीएम मोदी ने पद पर बने रहने को कहा. 3 साल का कार्यकाल पूरा होने पर भी इस्तीफा देने की बात कही. वहीं आज नजीब जंग के इस्तीफे के एक दिन बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजभवन में उनसे मुलाकात की. केजरीवाल सुबह तकरीबन 8 बजे उप राज्यपाल के सरकारी आवास पर पहुंचे और करीब एक घंटे तक उनकी मुलाकात चली. जंग के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया. वहीं आज नजीब जंग के इस्तीफे के एक दिन बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजभवन में उनसे मुलाकात की. केजरीवाल सुबह तकरीबन 8 बजे उप राज्यपाल के सरकारी आवास पर पहुंचे और करीब एक घंटे तक उनकी मुलाकात चली. जंग के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया.
यहाँ एक सारांश है:नजीब जंग से आज अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की 95 साल की मां को देना चाहते हैं वक्त अपने कार्यकाल पर एक किताब लिखने की भी बात कही
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उपराज्यपाल नजीब जंग ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महिलाओं एवं पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा पर जोर दिया और कहा कि कामकाज में किसी भी तरह की लापरवाही के लिए पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा. जंग ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त आलोक कुमार, विशेष आयुक्तों (कानून व्यवस्था), संयुक्त आयुक्त (सभी रेंज), सभी पुलिस उपायुक्तों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की और कड़ी कार्रवाई एवं अनुपालन के लिए निर्देश जारी किए. उन्होंने पुलिस उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि थाना प्रभारियों एवं उनके अधीनस्थ कर्मचारियों, खासकर आम लोगों से जुड़े कर्मचारियों का आचरण उच्च स्तर का हो. जंग ने कहा कि पुलिस कर्मियों को लोगों एवं उनकी समस्याओं को लेकर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को बिल्कुल बर्दाश्त ना करने की नीति अपनाने का निर्देश देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं की संख्या को ठोस उपायों द्वारा कम किया जा सकता है. उपराज्यपाल ने साथ ही पुलिस से खासकर उन इलाकों में गश्ती तेज करने के लिए कहा जो महिलाओं के प्रति होने अपराधों के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं. उन्होंने कहा कि थाना प्रभारियों को उन इलाकों में महिलाओं के साथ काम कर रहे स्थानीय गैर सरकारी संगठनों के साथ सक्रियता से जुड़ना चाहिए. उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर के राज्यों के लोगों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को उनके खिलाफ खासकर महिलाओं के प्रति किसी भी लक्षित अपराध को लेकर सतर्क रहने को कहा.टिप्पणियां जंग ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के खिलाफ अपराध होने पर उन इलाकों के थाना प्रभारियों सहित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर कहा कि पुलिस को शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों को अलग थलग करना चाहिए और उनसे कड़ाई से निपटना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जंग ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त आलोक कुमार, विशेष आयुक्तों (कानून व्यवस्था), संयुक्त आयुक्त (सभी रेंज), सभी पुलिस उपायुक्तों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की और कड़ी कार्रवाई एवं अनुपालन के लिए निर्देश जारी किए. उन्होंने पुलिस उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि थाना प्रभारियों एवं उनके अधीनस्थ कर्मचारियों, खासकर आम लोगों से जुड़े कर्मचारियों का आचरण उच्च स्तर का हो. जंग ने कहा कि पुलिस कर्मियों को लोगों एवं उनकी समस्याओं को लेकर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को बिल्कुल बर्दाश्त ना करने की नीति अपनाने का निर्देश देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं की संख्या को ठोस उपायों द्वारा कम किया जा सकता है. उपराज्यपाल ने साथ ही पुलिस से खासकर उन इलाकों में गश्ती तेज करने के लिए कहा जो महिलाओं के प्रति होने अपराधों के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं. उन्होंने कहा कि थाना प्रभारियों को उन इलाकों में महिलाओं के साथ काम कर रहे स्थानीय गैर सरकारी संगठनों के साथ सक्रियता से जुड़ना चाहिए. उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर के राज्यों के लोगों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को उनके खिलाफ खासकर महिलाओं के प्रति किसी भी लक्षित अपराध को लेकर सतर्क रहने को कहा.टिप्पणियां जंग ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के खिलाफ अपराध होने पर उन इलाकों के थाना प्रभारियों सहित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर कहा कि पुलिस को शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों को अलग थलग करना चाहिए और उनसे कड़ाई से निपटना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जंग ने कहा कि पुलिस कर्मियों को लोगों एवं उनकी समस्याओं को लेकर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को बिल्कुल बर्दाश्त ना करने की नीति अपनाने का निर्देश देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं की संख्या को ठोस उपायों द्वारा कम किया जा सकता है. उपराज्यपाल ने साथ ही पुलिस से खासकर उन इलाकों में गश्ती तेज करने के लिए कहा जो महिलाओं के प्रति होने अपराधों के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं. उन्होंने कहा कि थाना प्रभारियों को उन इलाकों में महिलाओं के साथ काम कर रहे स्थानीय गैर सरकारी संगठनों के साथ सक्रियता से जुड़ना चाहिए. उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर के राज्यों के लोगों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को उनके खिलाफ खासकर महिलाओं के प्रति किसी भी लक्षित अपराध को लेकर सतर्क रहने को कहा.टिप्पणियां जंग ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के खिलाफ अपराध होने पर उन इलाकों के थाना प्रभारियों सहित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर कहा कि पुलिस को शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों को अलग थलग करना चाहिए और उनसे कड़ाई से निपटना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उपराज्यपाल ने साथ ही पुलिस से खासकर उन इलाकों में गश्ती तेज करने के लिए कहा जो महिलाओं के प्रति होने अपराधों के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं. उन्होंने कहा कि थाना प्रभारियों को उन इलाकों में महिलाओं के साथ काम कर रहे स्थानीय गैर सरकारी संगठनों के साथ सक्रियता से जुड़ना चाहिए. उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर के राज्यों के लोगों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को उनके खिलाफ खासकर महिलाओं के प्रति किसी भी लक्षित अपराध को लेकर सतर्क रहने को कहा.टिप्पणियां जंग ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के खिलाफ अपराध होने पर उन इलाकों के थाना प्रभारियों सहित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर कहा कि पुलिस को शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों को अलग थलग करना चाहिए और उनसे कड़ाई से निपटना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जंग ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के खिलाफ अपराध होने पर उन इलाकों के थाना प्रभारियों सहित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर कहा कि पुलिस को शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों को अलग थलग करना चाहिए और उनसे कड़ाई से निपटना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: उपराज्यपाल नजीब जंग ने की राष्ट्रीय राजधानी की कानून व्यवस्था की समीक्षा जंग ने कड़ी कार्रवाई एवं अनुपालन के लिए निर्देश जारी किए जंग ने कहा कि पुलिस कर्मियों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका का आम चुनाव इस बार भारतीयों के लिए कुछ खास रहा क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस के लिए निर्वाचित होने के लिए भारतीय मूल के पांच अमेरिकी तैयार हैं. भारतीय मूल की अमेरिकी महिलाओं ने 2016 के अमेरिकी चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया. कैलिफोर्निया से दो बार अटॉर्नी जनरल रह चुकीं 51 वर्षीय कमला हैरिस ने राज्य से अमेरिकी सीनेट की सीट जीतकर इतिहास रच दिया है. 51 वर्षीय प्रमिला जयपाल ने प्रतिनिधि सभा में प्रवेश के लिए सिएटल से कांग्रेस की सीट जीती है. वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय मूल की पहली अमेरिकी महिला हैं. रोहित ‘‘रो’’ खन्ना और एमी बेरा कैलिफोर्निया में अपने-अपने जिलों से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की दौड़ में आगे चल रहे हैं. अब तक कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली में 56 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के बेरा अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी स्कॉट जोन्स से 54 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. जोन्स को 46 फीसदी वोट मिले हैं. कैलिफोर्निया के 17वें जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी के खन्ना 58 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. इस जिले में 72 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है. उनके प्रतिद्वंद्वी माइक होंडा को अभी तक 42 फीसदी वोट मिले हैं. होंडा भी डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. प्राइमरी चुनाव में 40 वर्षीय खन्ना को होंडा से अधिक वोट मिले थे. कैलिफोर्निया चुनाव प्रणाली, प्राइमरी चुनावों के दो शीर्ष विजेताओं को आम चुनाव में खड़े होने की अनुमति देती है, भले ही वे एक पार्टी से क्यों न हों. भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने आज एल्महर्स्ट से पूर्व मेयर एवं रिपब्लिकन पार्टी के पीटर डिसियान्नी को शिकस्त देकर इलिनोइस से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव जीत लिया. कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की. इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी.टिप्पणियां दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीय मूल की अमेरिकी महिलाओं ने 2016 के अमेरिकी चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया. कैलिफोर्निया से दो बार अटॉर्नी जनरल रह चुकीं 51 वर्षीय कमला हैरिस ने राज्य से अमेरिकी सीनेट की सीट जीतकर इतिहास रच दिया है. 51 वर्षीय प्रमिला जयपाल ने प्रतिनिधि सभा में प्रवेश के लिए सिएटल से कांग्रेस की सीट जीती है. वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय मूल की पहली अमेरिकी महिला हैं. रोहित ‘‘रो’’ खन्ना और एमी बेरा कैलिफोर्निया में अपने-अपने जिलों से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की दौड़ में आगे चल रहे हैं. अब तक कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली में 56 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के बेरा अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी स्कॉट जोन्स से 54 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. जोन्स को 46 फीसदी वोट मिले हैं. कैलिफोर्निया के 17वें जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी के खन्ना 58 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. इस जिले में 72 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है. उनके प्रतिद्वंद्वी माइक होंडा को अभी तक 42 फीसदी वोट मिले हैं. होंडा भी डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. प्राइमरी चुनाव में 40 वर्षीय खन्ना को होंडा से अधिक वोट मिले थे. कैलिफोर्निया चुनाव प्रणाली, प्राइमरी चुनावों के दो शीर्ष विजेताओं को आम चुनाव में खड़े होने की अनुमति देती है, भले ही वे एक पार्टी से क्यों न हों. भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने आज एल्महर्स्ट से पूर्व मेयर एवं रिपब्लिकन पार्टी के पीटर डिसियान्नी को शिकस्त देकर इलिनोइस से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव जीत लिया. कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की. इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी.टिप्पणियां दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 51 वर्षीय प्रमिला जयपाल ने प्रतिनिधि सभा में प्रवेश के लिए सिएटल से कांग्रेस की सीट जीती है. वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय मूल की पहली अमेरिकी महिला हैं. रोहित ‘‘रो’’ खन्ना और एमी बेरा कैलिफोर्निया में अपने-अपने जिलों से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की दौड़ में आगे चल रहे हैं. अब तक कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली में 56 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के बेरा अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी स्कॉट जोन्स से 54 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. जोन्स को 46 फीसदी वोट मिले हैं. कैलिफोर्निया के 17वें जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी के खन्ना 58 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. इस जिले में 72 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है. उनके प्रतिद्वंद्वी माइक होंडा को अभी तक 42 फीसदी वोट मिले हैं. होंडा भी डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. प्राइमरी चुनाव में 40 वर्षीय खन्ना को होंडा से अधिक वोट मिले थे. कैलिफोर्निया चुनाव प्रणाली, प्राइमरी चुनावों के दो शीर्ष विजेताओं को आम चुनाव में खड़े होने की अनुमति देती है, भले ही वे एक पार्टी से क्यों न हों. भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने आज एल्महर्स्ट से पूर्व मेयर एवं रिपब्लिकन पार्टी के पीटर डिसियान्नी को शिकस्त देकर इलिनोइस से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव जीत लिया. कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की. इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी.टिप्पणियां दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रोहित ‘‘रो’’ खन्ना और एमी बेरा कैलिफोर्निया में अपने-अपने जिलों से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की दौड़ में आगे चल रहे हैं. अब तक कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली में 56 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के बेरा अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी स्कॉट जोन्स से 54 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. जोन्स को 46 फीसदी वोट मिले हैं. कैलिफोर्निया के 17वें जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी के खन्ना 58 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. इस जिले में 72 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है. उनके प्रतिद्वंद्वी माइक होंडा को अभी तक 42 फीसदी वोट मिले हैं. होंडा भी डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. प्राइमरी चुनाव में 40 वर्षीय खन्ना को होंडा से अधिक वोट मिले थे. कैलिफोर्निया चुनाव प्रणाली, प्राइमरी चुनावों के दो शीर्ष विजेताओं को आम चुनाव में खड़े होने की अनुमति देती है, भले ही वे एक पार्टी से क्यों न हों. भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने आज एल्महर्स्ट से पूर्व मेयर एवं रिपब्लिकन पार्टी के पीटर डिसियान्नी को शिकस्त देकर इलिनोइस से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव जीत लिया. कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की. इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी.टिप्पणियां दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अब तक कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली में 56 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के बेरा अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी स्कॉट जोन्स से 54 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. जोन्स को 46 फीसदी वोट मिले हैं. कैलिफोर्निया के 17वें जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी के खन्ना 58 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. इस जिले में 72 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है. उनके प्रतिद्वंद्वी माइक होंडा को अभी तक 42 फीसदी वोट मिले हैं. होंडा भी डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. प्राइमरी चुनाव में 40 वर्षीय खन्ना को होंडा से अधिक वोट मिले थे. कैलिफोर्निया चुनाव प्रणाली, प्राइमरी चुनावों के दो शीर्ष विजेताओं को आम चुनाव में खड़े होने की अनुमति देती है, भले ही वे एक पार्टी से क्यों न हों. भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने आज एल्महर्स्ट से पूर्व मेयर एवं रिपब्लिकन पार्टी के पीटर डिसियान्नी को शिकस्त देकर इलिनोइस से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव जीत लिया. कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की. इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी.टिप्पणियां दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कैलिफोर्निया के 17वें जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी के खन्ना 58 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. इस जिले में 72 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है. उनके प्रतिद्वंद्वी माइक होंडा को अभी तक 42 फीसदी वोट मिले हैं. होंडा भी डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. प्राइमरी चुनाव में 40 वर्षीय खन्ना को होंडा से अधिक वोट मिले थे. कैलिफोर्निया चुनाव प्रणाली, प्राइमरी चुनावों के दो शीर्ष विजेताओं को आम चुनाव में खड़े होने की अनुमति देती है, भले ही वे एक पार्टी से क्यों न हों. भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने आज एल्महर्स्ट से पूर्व मेयर एवं रिपब्लिकन पार्टी के पीटर डिसियान्नी को शिकस्त देकर इलिनोइस से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव जीत लिया. कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की. इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी.टिप्पणियां दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कैलिफोर्निया चुनाव प्रणाली, प्राइमरी चुनावों के दो शीर्ष विजेताओं को आम चुनाव में खड़े होने की अनुमति देती है, भले ही वे एक पार्टी से क्यों न हों. भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने आज एल्महर्स्ट से पूर्व मेयर एवं रिपब्लिकन पार्टी के पीटर डिसियान्नी को शिकस्त देकर इलिनोइस से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव जीत लिया. कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की. इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी.टिप्पणियां दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने आज एल्महर्स्ट से पूर्व मेयर एवं रिपब्लिकन पार्टी के पीटर डिसियान्नी को शिकस्त देकर इलिनोइस से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव जीत लिया. कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की. इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी.टिप्पणियां दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की. इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी.टिप्पणियां दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: कमला हैरिस ने राज्य से अमेरिकी सीनेट की सीट जीतकर इतिहास रचा प्रमिला जयपाल ने प्रतिनिधि सभा के लिए सिएटल से कांग्रेस की सीट जीती कैलिफोर्निया में आगे चल रहे रोहित ‘‘रो’’ खन्ना और एमी बेरा
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अजय देवगन (Ajay Devgn) की फिल्म 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' की कमाई को देखकर लग रहा है कि इस वीकेंड में फिल्म 80 करोड़ की कमाई का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी. यह फिल्म दिल्ली एनसीआर औप पूर्वी पंजाब में बेहतरीन कमाई कर रही है. 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' फिल्म से अजय देवगन (Ajay Devgn), तब्बू (Tabu) और  रकुल प्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) ने धमाल मचा दिया है. अजय देवगन (Ajay Devgn) की फिल्म 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' की कहानी 50 साल के अजय देवगन की है जो अपनी पत्नी से अलग हो चुका है. अजय देवगन को 26 साल की रकुल प्रीत से इश्क हो जाता है. यह अनोखी लव स्टोरी पूरे उफान पर बहती है. अजय देवगन अपनी इस युवा साथी के साथ अपनी पूर्व पत्नी और बच्चों के पास पहुंचता है. उसके बाद शुरू होती है अजीबोगरीब कहानी. पहला हाफ कुछ हंसाता है लेकिन दूसरे हाफ में ऐसा लगता है कि डायरेक्टर को समझ नहीं आ रहा है कि जो रायता उन्होंने फैलाया है, उसे कैसे समेटे. फिल्म की रफ्तार बहुत स्लो हो जाती है. स्क्रीनप्ले भी बेहद खराब है. अगर एक्टिंग के मोर्चे पर खंगाले तो रकुल प्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) दिल जीतने में कामयाब रहती हैं. फिल्म की जान रकुल प्रीत सिंह हैं और जब भी वे स्क्रीन पर आती हैं, दर्शकों के चेहरे पर चमक दौड़ जाती है. तब्बू ने अच्छी एक्टिंग की है, लेकिन अजय देवगन (Ajay Devgn) इस रोल में बहुत जमे नहीं हैं, और एक्टिंग के मामले में भी कहीं आउट नजर आते हैं. कुल मिलाकर उनकी एक्टिंग बहुत ही एवरेज रही है. ये भी कह सकते हैं कि वे इस रोल में कहीं मिसफिट लगते हैं 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' का डायरेक्शन बेहद कमजोर है और कहानी भी पटरी से उतरी हुई है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फिल्म 'दे दे प्यार दे' की शानदार कमाई अजय देवगन ने बिखेरा जलवा फिल्म ने अब तक कमाए इतने करोड़
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इमरान खान मंगलवार को लाहौर में एक चुनावी सभा को संबोधित करने के लिए मंच पर चढ़ने के दौरान लिफ्ट से गिर गए। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट में दी गई। वह खतरे से बाहर बताए गए हैं। समाचार चैनल जियो न्यूज के मुताबिक, इमरान खान के साथ कुछ और लोग लिफ्ट पर सवार थे। करीब 14 से 20 फुट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद संतुलन बिगड़ने से सभी अचानक गिर पड़े। तुरंत ही उन्हें इलाज के लिए शौकत खानम अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सिर के पिछले हिस्से में चोटें आई हैं। टीवी पर इमरान खान को अचेतावस्था की स्थिति में एक वाहन में लादते हुए देखा गया। इसी वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ता एजाज चौधरी ने कहा कि खान के सिर में चोटें आई हैं, लेकिन वह खतरे से बाहर हैं। कार्यवाहक सरकार के प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने इमरान खान के साथ पेश आए हादसे और उनके सिर में लगी चोट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इमरान खान के घायल होने की खबर से देशभर में उनके समर्थकों को चिंतित कर दिया और कई समर्थक अस्पताल में भर्ती इमरान को देखने दौड़ पड़े।टिप्पणियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-नवाज) के प्रमुख नवाज शरीफ एवं अन्य नेताओं ने इमरान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि यह महज एक दुर्घटना थी, लेकिन जांच अभी जारी है। समाचार चैनल जियो न्यूज के मुताबिक, इमरान खान के साथ कुछ और लोग लिफ्ट पर सवार थे। करीब 14 से 20 फुट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद संतुलन बिगड़ने से सभी अचानक गिर पड़े। तुरंत ही उन्हें इलाज के लिए शौकत खानम अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सिर के पिछले हिस्से में चोटें आई हैं। टीवी पर इमरान खान को अचेतावस्था की स्थिति में एक वाहन में लादते हुए देखा गया। इसी वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ता एजाज चौधरी ने कहा कि खान के सिर में चोटें आई हैं, लेकिन वह खतरे से बाहर हैं। कार्यवाहक सरकार के प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने इमरान खान के साथ पेश आए हादसे और उनके सिर में लगी चोट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इमरान खान के घायल होने की खबर से देशभर में उनके समर्थकों को चिंतित कर दिया और कई समर्थक अस्पताल में भर्ती इमरान को देखने दौड़ पड़े।टिप्पणियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-नवाज) के प्रमुख नवाज शरीफ एवं अन्य नेताओं ने इमरान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि यह महज एक दुर्घटना थी, लेकिन जांच अभी जारी है। तुरंत ही उन्हें इलाज के लिए शौकत खानम अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सिर के पिछले हिस्से में चोटें आई हैं। टीवी पर इमरान खान को अचेतावस्था की स्थिति में एक वाहन में लादते हुए देखा गया। इसी वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ता एजाज चौधरी ने कहा कि खान के सिर में चोटें आई हैं, लेकिन वह खतरे से बाहर हैं। कार्यवाहक सरकार के प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने इमरान खान के साथ पेश आए हादसे और उनके सिर में लगी चोट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इमरान खान के घायल होने की खबर से देशभर में उनके समर्थकों को चिंतित कर दिया और कई समर्थक अस्पताल में भर्ती इमरान को देखने दौड़ पड़े।टिप्पणियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-नवाज) के प्रमुख नवाज शरीफ एवं अन्य नेताओं ने इमरान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि यह महज एक दुर्घटना थी, लेकिन जांच अभी जारी है। टीवी पर इमरान खान को अचेतावस्था की स्थिति में एक वाहन में लादते हुए देखा गया। इसी वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ता एजाज चौधरी ने कहा कि खान के सिर में चोटें आई हैं, लेकिन वह खतरे से बाहर हैं। कार्यवाहक सरकार के प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने इमरान खान के साथ पेश आए हादसे और उनके सिर में लगी चोट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इमरान खान के घायल होने की खबर से देशभर में उनके समर्थकों को चिंतित कर दिया और कई समर्थक अस्पताल में भर्ती इमरान को देखने दौड़ पड़े।टिप्पणियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-नवाज) के प्रमुख नवाज शरीफ एवं अन्य नेताओं ने इमरान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि यह महज एक दुर्घटना थी, लेकिन जांच अभी जारी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ता एजाज चौधरी ने कहा कि खान के सिर में चोटें आई हैं, लेकिन वह खतरे से बाहर हैं। कार्यवाहक सरकार के प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने इमरान खान के साथ पेश आए हादसे और उनके सिर में लगी चोट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इमरान खान के घायल होने की खबर से देशभर में उनके समर्थकों को चिंतित कर दिया और कई समर्थक अस्पताल में भर्ती इमरान को देखने दौड़ पड़े।टिप्पणियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-नवाज) के प्रमुख नवाज शरीफ एवं अन्य नेताओं ने इमरान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि यह महज एक दुर्घटना थी, लेकिन जांच अभी जारी है। कार्यवाहक सरकार के प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने इमरान खान के साथ पेश आए हादसे और उनके सिर में लगी चोट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इमरान खान के घायल होने की खबर से देशभर में उनके समर्थकों को चिंतित कर दिया और कई समर्थक अस्पताल में भर्ती इमरान को देखने दौड़ पड़े।टिप्पणियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-नवाज) के प्रमुख नवाज शरीफ एवं अन्य नेताओं ने इमरान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि यह महज एक दुर्घटना थी, लेकिन जांच अभी जारी है। इमरान खान के घायल होने की खबर से देशभर में उनके समर्थकों को चिंतित कर दिया और कई समर्थक अस्पताल में भर्ती इमरान को देखने दौड़ पड़े।टिप्पणियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-नवाज) के प्रमुख नवाज शरीफ एवं अन्य नेताओं ने इमरान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि यह महज एक दुर्घटना थी, लेकिन जांच अभी जारी है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-नवाज) के प्रमुख नवाज शरीफ एवं अन्य नेताओं ने इमरान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि यह महज एक दुर्घटना थी, लेकिन जांच अभी जारी है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि यह महज एक दुर्घटना थी, लेकिन जांच अभी जारी है।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इमरान खान मंगलवार को लाहौर में एक चुनावी सभा को संबोधित करने के लिए मंच पर चढ़ने के दौरान लिफ्ट से गिर गए।
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: असम के लखीमपुर जिले में शारीरिक रूप से अक्षम महिला के साथ कथित दुष्कर्म के आरोप में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान को हिरासत में ले लिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ जवान मोहन सिंह को उसके इस अपराध के लिए गुरुवार रात हिरासत में लिया गया। पुलिस को उसके तीन और साथियों की भी तलाश है। लखीमपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर चौलधोवा गांव में यह घटना हुई। अधिकारी ने बताया, स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके के एनएच 52 से लगे सीआरपीएफ शिविर से निकले चार जवान शारीरिक रूप से अक्षम महिला को जबरदस्ती अपने साथ समीप के जंगल में ले गए थे। कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखकर शोर मचा दिया। वे मोहन सिंह को पकड़ने में कामयाब रहे जबकि अन्य जवान भाग गए।टिप्पणियां अधिकारी ने बताया, हमने पीड़िता को चिकित्सा जांच के लिए भेजा है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की ओर से किसी ने भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है इसलिए मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। गुरुवार को ही पुलिस ने असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट्स (बीटीएडी) के चिरांग जिले से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया था। एक अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ जवान मोहन सिंह को उसके इस अपराध के लिए गुरुवार रात हिरासत में लिया गया। पुलिस को उसके तीन और साथियों की भी तलाश है। लखीमपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर चौलधोवा गांव में यह घटना हुई। अधिकारी ने बताया, स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके के एनएच 52 से लगे सीआरपीएफ शिविर से निकले चार जवान शारीरिक रूप से अक्षम महिला को जबरदस्ती अपने साथ समीप के जंगल में ले गए थे। कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखकर शोर मचा दिया। वे मोहन सिंह को पकड़ने में कामयाब रहे जबकि अन्य जवान भाग गए।टिप्पणियां अधिकारी ने बताया, हमने पीड़िता को चिकित्सा जांच के लिए भेजा है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की ओर से किसी ने भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है इसलिए मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। गुरुवार को ही पुलिस ने असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट्स (बीटीएडी) के चिरांग जिले से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया था। अधिकारी ने बताया, स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके के एनएच 52 से लगे सीआरपीएफ शिविर से निकले चार जवान शारीरिक रूप से अक्षम महिला को जबरदस्ती अपने साथ समीप के जंगल में ले गए थे। कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखकर शोर मचा दिया। वे मोहन सिंह को पकड़ने में कामयाब रहे जबकि अन्य जवान भाग गए।टिप्पणियां अधिकारी ने बताया, हमने पीड़िता को चिकित्सा जांच के लिए भेजा है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की ओर से किसी ने भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है इसलिए मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। गुरुवार को ही पुलिस ने असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट्स (बीटीएडी) के चिरांग जिले से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया था। कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखकर शोर मचा दिया। वे मोहन सिंह को पकड़ने में कामयाब रहे जबकि अन्य जवान भाग गए।टिप्पणियां अधिकारी ने बताया, हमने पीड़िता को चिकित्सा जांच के लिए भेजा है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की ओर से किसी ने भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है इसलिए मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। गुरुवार को ही पुलिस ने असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट्स (बीटीएडी) के चिरांग जिले से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया था। अधिकारी ने बताया, हमने पीड़िता को चिकित्सा जांच के लिए भेजा है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की ओर से किसी ने भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है इसलिए मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। गुरुवार को ही पुलिस ने असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट्स (बीटीएडी) के चिरांग जिले से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया था। गुरुवार को ही पुलिस ने असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट्स (बीटीएडी) के चिरांग जिले से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया था।
संक्षिप्त पाठ: असम के लखीमपुर जिले में शारीरिक रूप से अक्षम महिला के साथ कथित दुष्कर्म के आरोप में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान को हिरासत में ले लिया गया है।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: देशभर में पत्रकारों और बुद्धिजीवियों व एक्टिविस्ट पर देशद्रोह के तहत कारवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकारें इस कानून का इस्तेमाल विरोधी आवाजों को दबाने और डर पैदा करने के लिए कर रही हैं. सुप्रीम कोर्ट इन मामलों पर जांच कर फैसला सुनाए.टिप्पणियां दरअसल, NGO कॉमन कॉज ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि पत्रकारों और बुद्धिजीवी लोगों पर देशद्रोह के जो केस लगाए गए हैं, इस तरह के केस सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्‍लंघन है. याचिका में कहा गया है कि कोर्ट ऐसे केसों में DGP या कमिश्नर ऑफ पुलिस से आदेश लेने को अनिवार्य बनाए, जिसमें गिरफ्तार या FIR दर्ज होने से पहले ये कहा गया हो कि किसी कार्य से हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है या कानून व्यस्था बिगड़ रही है. इसके बाद ही किसी शख्स के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की जाए या फिर गिरफ्तार किया जाए. याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट देशभर के सारे मामलों को देखे और फैसला दे. दरअसल, NGO कॉमन कॉज ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि पत्रकारों और बुद्धिजीवी लोगों पर देशद्रोह के जो केस लगाए गए हैं, इस तरह के केस सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्‍लंघन है. याचिका में कहा गया है कि कोर्ट ऐसे केसों में DGP या कमिश्नर ऑफ पुलिस से आदेश लेने को अनिवार्य बनाए, जिसमें गिरफ्तार या FIR दर्ज होने से पहले ये कहा गया हो कि किसी कार्य से हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है या कानून व्यस्था बिगड़ रही है. इसके बाद ही किसी शख्स के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की जाए या फिर गिरफ्तार किया जाए. याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट देशभर के सारे मामलों को देखे और फैसला दे. याचिका में कहा गया है कि कोर्ट ऐसे केसों में DGP या कमिश्नर ऑफ पुलिस से आदेश लेने को अनिवार्य बनाए, जिसमें गिरफ्तार या FIR दर्ज होने से पहले ये कहा गया हो कि किसी कार्य से हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है या कानून व्यस्था बिगड़ रही है. इसके बाद ही किसी शख्स के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की जाए या फिर गिरफ्तार किया जाए. याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट देशभर के सारे मामलों को देखे और फैसला दे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: NGO कॉमन कॉज ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की. इस तरह के केस सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्‍लंघन है : एनजीओ ने कहा कोर्ट ऐसे केसों में DGP या कमिश्नर ऑफ पुलिस से आदेश लेने को अनिवार्य बनाए
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की रानू मंडल (Ranu Mondal) के पहले गाने 'तेरी मेरी कहानी.. (Teri Meri Kahani)' ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया है. ये गाना सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड भी कर रहा है. बता दें सोशल मीडिया सेंसेशन बनने से पहले रानू मंडल (Ranu Mondal) राणाघाट रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर अपना गुजारा करती थीं. वहीं से ही उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का गाना 'एक प्यार का नगमा है' गा रही थीं. यहीं से उनकी आवाज को पहचान मिली और आखिरकार बॉलीवुड में भी उनकी एंट्री हो गई. फिल्म इंडस्ट्री में रानू मंडल का पहला गाना भी रिलीज हो चुका है. रानू मंडल का पहला गाना 'तेरी मेरी कहानी.. (Teri Meri Kahani)' फैन्स को काफी पसंद आ रहा है. ये गाना 11 सितंबर को रिलीज हुआ था. केवल चार ही दिनों में रानू मंडल के डेब्यू गाने को अब तक 1 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. यूट्यूब पर रानू मंडल और हिमेश रेशमिया (Himesh Reshmiyaa) का ये गाना दूसरे नंबर पर ट्रेंड कर रहा है.  बता दें कि रानू मंडल (Ranu Mondal) ने 'तेरी मेरी कहानी' (Teri Meri Kahani) के अलावा हिमेश (Himesh Reshammiya)  रेशमिया के साथ दो और गाने गाए हैं, जिसमें 'आदत...' और 'आशिकी में तेरी...' शामिल है. रानू मंडल और हिमेश रेशमिया की मुलाकात सोनी टीवी के शो सुपरस्टार सिंगर के मंच पर हुई थी. उस मंच पर ही रानू मंडल का गाना सुनकर हिमेश इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने रानू मंडल से अपनी फिल्म हैप्पी हार्डी और हीर में गाना गाने का अनुरोध भी किया.
सारांश: रानू मंडल का नया गाना यूट्यूब पर कर रहा है ट्रेंड गाने को अब तक मिल चुके हैं 1 करोड़ से ज्यादा व्यूज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है वीडियो
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुड़गांव में दो किशोरियों के साथ दुष्कर्म करने के मामले में बुधवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। सात एवं 14 साल की दोनों किशोरियां इस व्यक्ति की सौतेली बेटियां हैं। 26 वर्षीय सचिन ने गुड़गांव में तीन महीने पहले बड़ी बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। पश्चिमी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, इसके कुछ समय बाद उसने अपनी सात वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया। फिर ये लोग दिल्ली के जगत पुरी इलाके में बस गए। दिल्ली पुलिस ने खायला पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है तथा इस मामले को गुड़गांव पुलिस को स्थानांतरित कर दिया है।टिप्पणियां सिंह ने कहा, हम आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। भारतीय दण्ड संहिता तथा प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सिुअल लॉ की विभिन्न धाराओं के तहत गुड़गांव के सेक्टर 10 स्थित पुलिस थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है। 26 वर्षीय सचिन ने गुड़गांव में तीन महीने पहले बड़ी बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। पश्चिमी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, इसके कुछ समय बाद उसने अपनी सात वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया। फिर ये लोग दिल्ली के जगत पुरी इलाके में बस गए। दिल्ली पुलिस ने खायला पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है तथा इस मामले को गुड़गांव पुलिस को स्थानांतरित कर दिया है।टिप्पणियां सिंह ने कहा, हम आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। भारतीय दण्ड संहिता तथा प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सिुअल लॉ की विभिन्न धाराओं के तहत गुड़गांव के सेक्टर 10 स्थित पुलिस थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है। पश्चिमी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, इसके कुछ समय बाद उसने अपनी सात वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया। फिर ये लोग दिल्ली के जगत पुरी इलाके में बस गए। दिल्ली पुलिस ने खायला पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है तथा इस मामले को गुड़गांव पुलिस को स्थानांतरित कर दिया है।टिप्पणियां सिंह ने कहा, हम आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। भारतीय दण्ड संहिता तथा प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सिुअल लॉ की विभिन्न धाराओं के तहत गुड़गांव के सेक्टर 10 स्थित पुलिस थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने खायला पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है तथा इस मामले को गुड़गांव पुलिस को स्थानांतरित कर दिया है।टिप्पणियां सिंह ने कहा, हम आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। भारतीय दण्ड संहिता तथा प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सिुअल लॉ की विभिन्न धाराओं के तहत गुड़गांव के सेक्टर 10 स्थित पुलिस थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है। सिंह ने कहा, हम आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। भारतीय दण्ड संहिता तथा प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सिुअल लॉ की विभिन्न धाराओं के तहत गुड़गांव के सेक्टर 10 स्थित पुलिस थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है। भारतीय दण्ड संहिता तथा प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सिुअल लॉ की विभिन्न धाराओं के तहत गुड़गांव के सेक्टर 10 स्थित पुलिस थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है।
गुड़गांव में दो किशोरियों के साथ दुष्कर्म करने के मामले में बुधवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। सात एवं 14 साल की दोनों किशोरियां इस व्यक्ति की सौतेली बेटियां हैं।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: वैश्विक बाजार में तेजी के रुख के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवार को सोने के दाम 950 रुपये की तेजी के साथ एक बार फिर 28,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गए। चांदी में भी 2100 रुपये का उछाल दर्ज किया गया। तीन दिनों से लगातार गिरावट के बाद दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव 950 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी के साथ 28,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। सूत्रों ने बताया कि 19 अगस्त के बाद किसी एक दिन के दौरान यह दूसरी सबसे बड़ी बढ़ोतरी रही। 19 अगस्त को सोने में 1,310 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आई थी। बाजार में चांदी भी 2,100 रुपये की वृद्धि के साथ 64,600 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए। पिछले तीन सत्रों के दौरान चांदी में 3,800 रुपये प्रति किलो एवं सोने में 1,400 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई थी। अमेरिका के फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा अमेरिकी अर्थव्यवस्था में और प्रोत्साहन पैकेज नहीं दिए जाने की घोषणा के बाद विदेशी बाजार में तेजी का रुख रहा, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखा गया। वैश्विक बाजार में सोने के भाव 57.80 डॉलर की तेजी के साथ 1,829.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए, जबकि चांदी 0.92 फीसदी बढ़कर 41.50 डॉलर प्रति औंस रही। घरेलू बाजार में 99.9 और 99.5 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 950 रुपये बढ़कर क्रमश: 28,090 रुपये और 27,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसी प्रकार, गिन्नी के भाव भी 200 रुपये की तेजी की तेजी के साथ 22,400 रुपये प्रति आठ ग्राम की ऊंचाई पर बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 2,100 रुपये की तेजी के साथ 64,600 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1810 रुपये चढ़कर 63,900 रुपये प्रति किलो पर बंद हुए। चांदी सिक्का 4,000 रुपये के उछाल के साथ लिवाली में 72,000 रुपये और बिकवाली में 73,000 प्रति सैकड़ा बंद हुए।
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवार को सोने के दाम 950 रुपये की तेजी के साथ एक बार फिर 28,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गए।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक की जेडीएस- कांग्रेस सरकार पर संकट के गहरे बादल छा गए हैं. कर्नाटक विधानसभा के 13 विधायक अब तक इस्तीफ़ा दे चुके हैं. जिनमें से 10 विधायक कांग्रेस के हैं, जबकि 3 विधायक जेडीएस के हैं. शनिवार को इस्तीफा देने वाले 11 विधायक में से 10 विधायक पिछले चौबीस घंटे से ज़्यादा वक़्त से मुंबई के होटल सोफिटेल में ठहरे हुए हैं. इन बागी विधायकों ने वापस जाने से साफ इंकार कर दिया है. होटल से बाहर निकल कर मीडिया को बागी विधायकों में से एक कांग्रेस के एस टी सोमशेखर ने कहा कि सभी 13 विधायक एकजुट हैं और वापस जाने का सवाल ही नहीं उठता. उधर होटल के बाहर कुछ स्थानीय कांग्रेसियों ने विरोध-प्रदर्शन भी किया, लेकिन चाक-चौबंद सुरक्षा के चलते, ये लोग होटल तक नहीं पहुंच पाए.   इस बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी अमेरिका से वापस लौट आए हैं. उन्होंने एक 5 स्टार होटल में विधायकों के साथ बैठक की. इस बैठक में मुख्यमंत्री के पिता एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस के सिद्धरमैय्या, दिल्ली से आए कर्नाटक के प्रभारी के सी वेणुगोपाल और जेडीएस के नेता और सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार भी शामिल है. उधर, कर्नाटक कांग्रेस ने पार्टी के नौ बागी विधायकों के शनिवार के इस्तीफे के बाद इस संकट से निपटने के लिए नौ जुलाई को अपने सभी 78 विधायकों की बैठक बुलाई है. इससे पहले कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह (विजयनगर) ने एक जुलाई को इस्तीफा दे दिया था, जिसे मिलाकर बागी विधायकों की संख्या 10 हो गई है.   कांग्रेस प्रवक्ता रवि गौड़ा ने कहा, "कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता सिद्धारमैया ने सभी विधायकों को निर्देश दिया है कि वे मंगलवार (नौ जुलाई) को सुबह 9.30 बजे विधानसभा भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में सभी मुद्दों पर चर्चा करें, जिसमें शनिवार को इस्तीफा देने वालों की चिंताएं भी शामिल हैं." सीएलपी बैठक आयोजित करने का निर्णय पार्टी की राज्य इकाई के नेताओं की बैठक में लिया गया, जिसमें सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री जी. परमेस्वरा, पार्टी की राज्य इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष ईशर कंद्रे और पार्टी के कर्नाटक प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल शामिल रहे. गौड़ा ने कहा, "पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता भी बैठक में भाग लेंगे."
यहाँ एक सारांश है:सीएम एचडी कुमारस्वामी अमेरिका से वापस लौटे पार्टी के विधायकों और नेताओं के साथ की बैठक 11 विधायकों के इस्तीफे के बाद गहरा गया है संकट
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पांचवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने दक्षिण अफ्रीका पहुंचा भारतीय प्रतिनिधिमंडल चीन के नवनियुक्त राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुलाकात की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहा है तथा उन्हें आशा है कि इस बैठक से भारत-चीन सम्बंधों को नया आधार मिलेगा। तय योजना के अनुसार मनमोहन सिंह शिखर सम्मेलन के आखिर में बुधवार की शाम शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। भारत के पड़ोसी चीन की सत्ता पर हाल ही में काबिज शी की राष्ट्रपति बनने के बाद मनमोहन से यह पहली मुलाकात होगी। शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सोमवार की सुबह दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर के लिए उड़ान भरने से ठीक पहले मनमोहन ने कहा, "मैं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपगि से मुलाकात के बारे में सोच रहा हूं।" दोनों राष्ट्रों के प्रमुखों के बीच फोन पर पहले ही बात हो चुकी है। मनमोहन ने कहा, "मेरे लिए यह न सिर्फ चीनी राष्ट्रपति को व्यक्तिगत रूप से मुबारकबाद देने का अवसर होगा बल्कि दोनों राष्ट्रों के बीच सकारात्मक सम्बंधों को बनाए रखने तथा इसके बाद द्विपक्षीय सम्बंधों के आधार पर सम्बंधों को और मजबूत बनाने के लिए आपस में बातचीत करने का भी अवसर होगा।" पूछे जाने पर कि बुधवार को दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों की मुलाकात के लिए क्या कोई एजेंडा निर्धारित किया गया है, अधिकारियों ने कहा कि दोनों के बीच बैठक में होने वाली बातचीत का पहले से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। एक वरिष्ठ भारतीय वार्ताकार ने कहा, "आप दोनों नेताओं के बीच किसी समझौते के होने की उम्मीद नहीं कर सकते। दोनों नेताओं की मुलाकात से हमें आशा करनी चाहिए कि वे हमें आगे होने वाली कार्रवाइयों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके बाद का सारा कार्य हमारा है, उनके मार्गदर्शन के अनुसार काम करने का।"टिप्पणियां हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो से भारत तथा चीन के बीच समझौतों में इजाफा हुआ है, और जिसकी दोनों देशों को आवश्यकता भी है। अधिकारी ने कहा कि अब दोनों देशों को अपने सम्बंधों को मजबूत करने की जरूरत का अहसास हो चुका है। तय योजना के अनुसार मनमोहन सिंह शिखर सम्मेलन के आखिर में बुधवार की शाम शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। भारत के पड़ोसी चीन की सत्ता पर हाल ही में काबिज शी की राष्ट्रपति बनने के बाद मनमोहन से यह पहली मुलाकात होगी। शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सोमवार की सुबह दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर के लिए उड़ान भरने से ठीक पहले मनमोहन ने कहा, "मैं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपगि से मुलाकात के बारे में सोच रहा हूं।" दोनों राष्ट्रों के प्रमुखों के बीच फोन पर पहले ही बात हो चुकी है। मनमोहन ने कहा, "मेरे लिए यह न सिर्फ चीनी राष्ट्रपति को व्यक्तिगत रूप से मुबारकबाद देने का अवसर होगा बल्कि दोनों राष्ट्रों के बीच सकारात्मक सम्बंधों को बनाए रखने तथा इसके बाद द्विपक्षीय सम्बंधों के आधार पर सम्बंधों को और मजबूत बनाने के लिए आपस में बातचीत करने का भी अवसर होगा।" पूछे जाने पर कि बुधवार को दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों की मुलाकात के लिए क्या कोई एजेंडा निर्धारित किया गया है, अधिकारियों ने कहा कि दोनों के बीच बैठक में होने वाली बातचीत का पहले से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। एक वरिष्ठ भारतीय वार्ताकार ने कहा, "आप दोनों नेताओं के बीच किसी समझौते के होने की उम्मीद नहीं कर सकते। दोनों नेताओं की मुलाकात से हमें आशा करनी चाहिए कि वे हमें आगे होने वाली कार्रवाइयों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके बाद का सारा कार्य हमारा है, उनके मार्गदर्शन के अनुसार काम करने का।"टिप्पणियां हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो से भारत तथा चीन के बीच समझौतों में इजाफा हुआ है, और जिसकी दोनों देशों को आवश्यकता भी है। अधिकारी ने कहा कि अब दोनों देशों को अपने सम्बंधों को मजबूत करने की जरूरत का अहसास हो चुका है। शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सोमवार की सुबह दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर के लिए उड़ान भरने से ठीक पहले मनमोहन ने कहा, "मैं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपगि से मुलाकात के बारे में सोच रहा हूं।" दोनों राष्ट्रों के प्रमुखों के बीच फोन पर पहले ही बात हो चुकी है। मनमोहन ने कहा, "मेरे लिए यह न सिर्फ चीनी राष्ट्रपति को व्यक्तिगत रूप से मुबारकबाद देने का अवसर होगा बल्कि दोनों राष्ट्रों के बीच सकारात्मक सम्बंधों को बनाए रखने तथा इसके बाद द्विपक्षीय सम्बंधों के आधार पर सम्बंधों को और मजबूत बनाने के लिए आपस में बातचीत करने का भी अवसर होगा।" पूछे जाने पर कि बुधवार को दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों की मुलाकात के लिए क्या कोई एजेंडा निर्धारित किया गया है, अधिकारियों ने कहा कि दोनों के बीच बैठक में होने वाली बातचीत का पहले से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। एक वरिष्ठ भारतीय वार्ताकार ने कहा, "आप दोनों नेताओं के बीच किसी समझौते के होने की उम्मीद नहीं कर सकते। दोनों नेताओं की मुलाकात से हमें आशा करनी चाहिए कि वे हमें आगे होने वाली कार्रवाइयों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके बाद का सारा कार्य हमारा है, उनके मार्गदर्शन के अनुसार काम करने का।"टिप्पणियां हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो से भारत तथा चीन के बीच समझौतों में इजाफा हुआ है, और जिसकी दोनों देशों को आवश्यकता भी है। अधिकारी ने कहा कि अब दोनों देशों को अपने सम्बंधों को मजबूत करने की जरूरत का अहसास हो चुका है। मनमोहन ने कहा, "मेरे लिए यह न सिर्फ चीनी राष्ट्रपति को व्यक्तिगत रूप से मुबारकबाद देने का अवसर होगा बल्कि दोनों राष्ट्रों के बीच सकारात्मक सम्बंधों को बनाए रखने तथा इसके बाद द्विपक्षीय सम्बंधों के आधार पर सम्बंधों को और मजबूत बनाने के लिए आपस में बातचीत करने का भी अवसर होगा।" पूछे जाने पर कि बुधवार को दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों की मुलाकात के लिए क्या कोई एजेंडा निर्धारित किया गया है, अधिकारियों ने कहा कि दोनों के बीच बैठक में होने वाली बातचीत का पहले से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। एक वरिष्ठ भारतीय वार्ताकार ने कहा, "आप दोनों नेताओं के बीच किसी समझौते के होने की उम्मीद नहीं कर सकते। दोनों नेताओं की मुलाकात से हमें आशा करनी चाहिए कि वे हमें आगे होने वाली कार्रवाइयों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके बाद का सारा कार्य हमारा है, उनके मार्गदर्शन के अनुसार काम करने का।"टिप्पणियां हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो से भारत तथा चीन के बीच समझौतों में इजाफा हुआ है, और जिसकी दोनों देशों को आवश्यकता भी है। अधिकारी ने कहा कि अब दोनों देशों को अपने सम्बंधों को मजबूत करने की जरूरत का अहसास हो चुका है। पूछे जाने पर कि बुधवार को दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों की मुलाकात के लिए क्या कोई एजेंडा निर्धारित किया गया है, अधिकारियों ने कहा कि दोनों के बीच बैठक में होने वाली बातचीत का पहले से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। एक वरिष्ठ भारतीय वार्ताकार ने कहा, "आप दोनों नेताओं के बीच किसी समझौते के होने की उम्मीद नहीं कर सकते। दोनों नेताओं की मुलाकात से हमें आशा करनी चाहिए कि वे हमें आगे होने वाली कार्रवाइयों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके बाद का सारा कार्य हमारा है, उनके मार्गदर्शन के अनुसार काम करने का।"टिप्पणियां हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो से भारत तथा चीन के बीच समझौतों में इजाफा हुआ है, और जिसकी दोनों देशों को आवश्यकता भी है। अधिकारी ने कहा कि अब दोनों देशों को अपने सम्बंधों को मजबूत करने की जरूरत का अहसास हो चुका है। एक वरिष्ठ भारतीय वार्ताकार ने कहा, "आप दोनों नेताओं के बीच किसी समझौते के होने की उम्मीद नहीं कर सकते। दोनों नेताओं की मुलाकात से हमें आशा करनी चाहिए कि वे हमें आगे होने वाली कार्रवाइयों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके बाद का सारा कार्य हमारा है, उनके मार्गदर्शन के अनुसार काम करने का।"टिप्पणियां हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो से भारत तथा चीन के बीच समझौतों में इजाफा हुआ है, और जिसकी दोनों देशों को आवश्यकता भी है। अधिकारी ने कहा कि अब दोनों देशों को अपने सम्बंधों को मजबूत करने की जरूरत का अहसास हो चुका है। हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो से भारत तथा चीन के बीच समझौतों में इजाफा हुआ है, और जिसकी दोनों देशों को आवश्यकता भी है। अधिकारी ने कहा कि अब दोनों देशों को अपने सम्बंधों को मजबूत करने की जरूरत का अहसास हो चुका है। अधिकारी ने कहा कि अब दोनों देशों को अपने सम्बंधों को मजबूत करने की जरूरत का अहसास हो चुका है।
पांचवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने दक्षिण अफ्रीका पहुंचा भारतीय प्रतिनिधिमंडल चीन के नवनियुक्त राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुलाकात की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहा है तथा उन्हें आशा है कि इस बैठक से भारत-चीन सम्बंधो
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका में बच्चे की चाह रखने वाला एक दंपति उस वक्त हैरान रह गया जब डीएनए परीक्षण में उनके जुड़वां भाई बहन होने का पता चला. यह दंपति मिसीसिपी के एक क्लीनिक में इस उम्मीद में पहुंचा था कि वहां शिशु की उनकी चाह पूरी हो जाएगी. जैक्सन नामक क्लीनिक के चिकित्सक ने इस हैरतअंगेज घटना का खुलासा किया और पूरी घटना के बारे में विस्तार से बताया. डाक्टर ने मिसीसिपी हेराल्ड को बताया, 'यह एक सामान्य बात है और आमतौर हम दोनों नमूनों के बीच संबंध है या नहीं यह पता लगाने के लिए परीक्षण नहीं करते, लेकिन इस मामले में लैब असिस्टेंट दोनों प्रोफाइलों में काफी समानताए देख कर आश्चर्यचकित रह गया.' उन्होंने कहा,' मेरी पहली टिप्पणी यह थी कि दोनों के बीच ज्यादा करीबी संबंध नहीं होंगे,जैसा कि कई बार होता है कि दोनों चचेरे भाई बहन हो सकते हैं. हालांकि नमूनों का गहराई से निरीक्षण करने के बाद मैंने पाया कि दोनों में बहुत ज्यादा समानताएं हैं.' इसके बाद चिकित्सक ने मरीजों की फाइलों को देखा और यह पाया कि दोनों की जन्म की तारीख वर्ष 1984 में एक सी है. उन्होंने कहा,'इसको ध्यान में रखते हुए मुझे यह विश्वास हो गया कि दोनों मरीज जुड़वां हैं. हालांकि चिकित्सक को यह मालूम नहीं था कि दंपति इस बात को जानते हैं अथवा इससे बिल्कुल अनजान हैं. अगले अप्वाइंटमेंट में जब डाक्टर ने उन्हें यह बात बताई तो दोनों को विश्वास ही नहीं हुआ और दोनों जोर से हंस पड़े. उन्होंने कहा,' यह सुनने के बाद पति ने बताया कि कई लोगों ने उनसे कहा था कि दोनों के बीच काफी समानताएं हैं मसलन उनका जन्मदिन एक ही तारीख को हैं, दोनों दिखते भी एक जैसे ही हैं. लेकिन उन्होंने इसे एक संयोग ही माना.' चिकित्सक ने कहा, 'पत्नी लगातार यह कहती रही कि मैं यह स्वीकार करूं कि यह एक मजाक है और मैं भी चाहता था कि यह मजाक ही हो लेकिन उन्हें सच्चाई बतानी थी.' इस मामले में स्त्री और पुरष दोनों से बात करने के बाद चिकित्सक यह जान पाया कि यह सब कैसे हुआ. चिकित्सक ने कहा, 'बच्चों के माता पिता की मौत के बाद दोनों को गोद लिया गया था और दोनों ने एक जैसा ही बचपन गुजारा था और इसलिए उन्हें लगा कि वे दोनांे आपस में आसानी से जुड़ सकते हैं.' तथ्यों की जांच से पता चला कि जब दोनों बच्चे थे तभी सड़क दुर्घटना में उनके माता पिता की मौत हो गई थी. अभिभावकों की मौत के बाद कोई परिवार बच्चों को गोद लेने के लिए तैयार नहीं हुआ इसके बाद उन्हें राज्य की देखरेख में भेज दिया गया और वहां से उन्हें दो अलग अलग परिवारों को गोद दे दिया गया. लेकिन उन परिवारों को यह बताया ही नहीं गया कि उस बच्चे का जुड़वां भाई या बहन भी है.टिप्पणियां चिकित्सक ने कहा,'मैं दिल से यह उम्मीद करता हूं कि वह कोई नतीजा निकाल सकें. मेरे लिए खासतौर पर यह असमान्य मामला है क्योंकि मेरा काम निसंतान दंपति को बच्चे का सुख दिलाने में सहायता करना है. मेरे करियर में यह पहला मामला है जब मैं उस संबंध में सफलता नहीं प्राप्त करके भी खुश हूं.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा,'इसको ध्यान में रखते हुए मुझे यह विश्वास हो गया कि दोनों मरीज जुड़वां हैं. हालांकि चिकित्सक को यह मालूम नहीं था कि दंपति इस बात को जानते हैं अथवा इससे बिल्कुल अनजान हैं. अगले अप्वाइंटमेंट में जब डाक्टर ने उन्हें यह बात बताई तो दोनों को विश्वास ही नहीं हुआ और दोनों जोर से हंस पड़े. उन्होंने कहा,' यह सुनने के बाद पति ने बताया कि कई लोगों ने उनसे कहा था कि दोनों के बीच काफी समानताएं हैं मसलन उनका जन्मदिन एक ही तारीख को हैं, दोनों दिखते भी एक जैसे ही हैं. लेकिन उन्होंने इसे एक संयोग ही माना.' चिकित्सक ने कहा, 'पत्नी लगातार यह कहती रही कि मैं यह स्वीकार करूं कि यह एक मजाक है और मैं भी चाहता था कि यह मजाक ही हो लेकिन उन्हें सच्चाई बतानी थी.' इस मामले में स्त्री और पुरष दोनों से बात करने के बाद चिकित्सक यह जान पाया कि यह सब कैसे हुआ. चिकित्सक ने कहा, 'बच्चों के माता पिता की मौत के बाद दोनों को गोद लिया गया था और दोनों ने एक जैसा ही बचपन गुजारा था और इसलिए उन्हें लगा कि वे दोनांे आपस में आसानी से जुड़ सकते हैं.' तथ्यों की जांच से पता चला कि जब दोनों बच्चे थे तभी सड़क दुर्घटना में उनके माता पिता की मौत हो गई थी. अभिभावकों की मौत के बाद कोई परिवार बच्चों को गोद लेने के लिए तैयार नहीं हुआ इसके बाद उन्हें राज्य की देखरेख में भेज दिया गया और वहां से उन्हें दो अलग अलग परिवारों को गोद दे दिया गया. लेकिन उन परिवारों को यह बताया ही नहीं गया कि उस बच्चे का जुड़वां भाई या बहन भी है.टिप्पणियां चिकित्सक ने कहा,'मैं दिल से यह उम्मीद करता हूं कि वह कोई नतीजा निकाल सकें. मेरे लिए खासतौर पर यह असमान्य मामला है क्योंकि मेरा काम निसंतान दंपति को बच्चे का सुख दिलाने में सहायता करना है. मेरे करियर में यह पहला मामला है जब मैं उस संबंध में सफलता नहीं प्राप्त करके भी खुश हूं.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा,' यह सुनने के बाद पति ने बताया कि कई लोगों ने उनसे कहा था कि दोनों के बीच काफी समानताएं हैं मसलन उनका जन्मदिन एक ही तारीख को हैं, दोनों दिखते भी एक जैसे ही हैं. लेकिन उन्होंने इसे एक संयोग ही माना.' चिकित्सक ने कहा, 'पत्नी लगातार यह कहती रही कि मैं यह स्वीकार करूं कि यह एक मजाक है और मैं भी चाहता था कि यह मजाक ही हो लेकिन उन्हें सच्चाई बतानी थी.' इस मामले में स्त्री और पुरष दोनों से बात करने के बाद चिकित्सक यह जान पाया कि यह सब कैसे हुआ. चिकित्सक ने कहा, 'बच्चों के माता पिता की मौत के बाद दोनों को गोद लिया गया था और दोनों ने एक जैसा ही बचपन गुजारा था और इसलिए उन्हें लगा कि वे दोनांे आपस में आसानी से जुड़ सकते हैं.' तथ्यों की जांच से पता चला कि जब दोनों बच्चे थे तभी सड़क दुर्घटना में उनके माता पिता की मौत हो गई थी. अभिभावकों की मौत के बाद कोई परिवार बच्चों को गोद लेने के लिए तैयार नहीं हुआ इसके बाद उन्हें राज्य की देखरेख में भेज दिया गया और वहां से उन्हें दो अलग अलग परिवारों को गोद दे दिया गया. लेकिन उन परिवारों को यह बताया ही नहीं गया कि उस बच्चे का जुड़वां भाई या बहन भी है.टिप्पणियां चिकित्सक ने कहा,'मैं दिल से यह उम्मीद करता हूं कि वह कोई नतीजा निकाल सकें. मेरे लिए खासतौर पर यह असमान्य मामला है क्योंकि मेरा काम निसंतान दंपति को बच्चे का सुख दिलाने में सहायता करना है. मेरे करियर में यह पहला मामला है जब मैं उस संबंध में सफलता नहीं प्राप्त करके भी खुश हूं.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चिकित्सक ने कहा, 'पत्नी लगातार यह कहती रही कि मैं यह स्वीकार करूं कि यह एक मजाक है और मैं भी चाहता था कि यह मजाक ही हो लेकिन उन्हें सच्चाई बतानी थी.' इस मामले में स्त्री और पुरष दोनों से बात करने के बाद चिकित्सक यह जान पाया कि यह सब कैसे हुआ. चिकित्सक ने कहा, 'बच्चों के माता पिता की मौत के बाद दोनों को गोद लिया गया था और दोनों ने एक जैसा ही बचपन गुजारा था और इसलिए उन्हें लगा कि वे दोनांे आपस में आसानी से जुड़ सकते हैं.' तथ्यों की जांच से पता चला कि जब दोनों बच्चे थे तभी सड़क दुर्घटना में उनके माता पिता की मौत हो गई थी. अभिभावकों की मौत के बाद कोई परिवार बच्चों को गोद लेने के लिए तैयार नहीं हुआ इसके बाद उन्हें राज्य की देखरेख में भेज दिया गया और वहां से उन्हें दो अलग अलग परिवारों को गोद दे दिया गया. लेकिन उन परिवारों को यह बताया ही नहीं गया कि उस बच्चे का जुड़वां भाई या बहन भी है.टिप्पणियां चिकित्सक ने कहा,'मैं दिल से यह उम्मीद करता हूं कि वह कोई नतीजा निकाल सकें. मेरे लिए खासतौर पर यह असमान्य मामला है क्योंकि मेरा काम निसंतान दंपति को बच्चे का सुख दिलाने में सहायता करना है. मेरे करियर में यह पहला मामला है जब मैं उस संबंध में सफलता नहीं प्राप्त करके भी खुश हूं.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चिकित्सक ने कहा, 'बच्चों के माता पिता की मौत के बाद दोनों को गोद लिया गया था और दोनों ने एक जैसा ही बचपन गुजारा था और इसलिए उन्हें लगा कि वे दोनांे आपस में आसानी से जुड़ सकते हैं.' तथ्यों की जांच से पता चला कि जब दोनों बच्चे थे तभी सड़क दुर्घटना में उनके माता पिता की मौत हो गई थी. अभिभावकों की मौत के बाद कोई परिवार बच्चों को गोद लेने के लिए तैयार नहीं हुआ इसके बाद उन्हें राज्य की देखरेख में भेज दिया गया और वहां से उन्हें दो अलग अलग परिवारों को गोद दे दिया गया. लेकिन उन परिवारों को यह बताया ही नहीं गया कि उस बच्चे का जुड़वां भाई या बहन भी है.टिप्पणियां चिकित्सक ने कहा,'मैं दिल से यह उम्मीद करता हूं कि वह कोई नतीजा निकाल सकें. मेरे लिए खासतौर पर यह असमान्य मामला है क्योंकि मेरा काम निसंतान दंपति को बच्चे का सुख दिलाने में सहायता करना है. मेरे करियर में यह पहला मामला है जब मैं उस संबंध में सफलता नहीं प्राप्त करके भी खुश हूं.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चिकित्सक ने कहा,'मैं दिल से यह उम्मीद करता हूं कि वह कोई नतीजा निकाल सकें. मेरे लिए खासतौर पर यह असमान्य मामला है क्योंकि मेरा काम निसंतान दंपति को बच्चे का सुख दिलाने में सहायता करना है. मेरे करियर में यह पहला मामला है जब मैं उस संबंध में सफलता नहीं प्राप्त करके भी खुश हूं.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:बचपन में बिछुड़ गए थे भाई-बहन, अनजाने में आपस में कर ली शादी गर्भधारण नहीं होने के चलते दोनों डॉक्टर के पास पहुंचे चेकअप में पता चला दोनों हैं भाई-बहन, इसलिए गर्मधारण में हो रही दिक्कत
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम पर मिनियापोलिस में रहने वाले 500 कर्मचारियों को हटाने और उनकी नौकरियां भारत एवं अन्य देशों में स्थानांतरित कर देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह ऐसा करने वाली कंपनियों पर 35 प्रतिशत का कर लगाएंगे. डेमोक्रेटिक पार्टी का गढ़ माने जाने वाले राज्य मिनेसोटा में मतदाताओं को लुभाने के लिए मिनियापोलिस में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘‘आईबीएम ने मिनियापोलिस में 500 कर्मचारियों को हटा दिया और उनकी नौकरियों को भारत एवं अन्य देशों में भेज दिया. ट्रंप प्रशासन नौकरियों को अमेरिका से बाहर जाने से रोकेगा और हम नौकरियों को मिनेसोटा से बाहर जाने से रोकेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई कंपनी मिनेसोटा छोड़ना चाहती है, अपने कर्मचारियों को हटाना चाहती है और किसी दूसरे देश में चली जाना चाहती है और फिर अपने उत्पादों को वापस अमेरिका में भेजना चाहती है तो हम उन पर 35 प्रतिशत का कर लगाएंगे. हम जीवाश्म तेल, प्राकृतिक गैस और साफ कोयले समेत अमेरिकी उर्जा का दोहन भी करेंगे.’टिप्पणियां ट्रंप ने कहा कि वह ओबामा के उन सभी हानिकारक नियमनों को निरस्त करेंगे, जो मिनेसोटा के किसानों, कर्मचारियों और छोटे कारोबारों को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार फिर अमीर राष्ट्र बनेंगे लेकिन अमीर राष्ट्र बनने के लिए हमें एक सुरक्षित राष्ट्र भी बनना चाहिए.’’ उन्होंने दावा किया कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन अमेरिका आने वाले सीरियाई शरणार्थियों की संख्या में 550 प्रतिशत का इजाफा चाहती हैं. वह विश्व के सबसे खतरनाक क्षेत्रों में से असीमित आव्रजन और शरणार्थियों का प्रवेश चाहती हैं. उन्होंने कहा, ‘‘उनकी योजना आपके स्कूलों और समुदायों में आतंकवाद, चरमपंथ और कट्टरपंथ की पीढ़ियां आयात करना है. जब मैं राष्ट्रपति चुना जाउंगा तो हम सीरियाई शरणार्थी कार्यक्रम को निलंबित कर देंगे और हम चरमपंथी इस्लामी आतंकियों को हमारे देश से बाहर रखेंगे.’’ डेमोक्रेटिक पार्टी का गढ़ माने जाने वाले राज्य मिनेसोटा में मतदाताओं को लुभाने के लिए मिनियापोलिस में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘‘आईबीएम ने मिनियापोलिस में 500 कर्मचारियों को हटा दिया और उनकी नौकरियों को भारत एवं अन्य देशों में भेज दिया. ट्रंप प्रशासन नौकरियों को अमेरिका से बाहर जाने से रोकेगा और हम नौकरियों को मिनेसोटा से बाहर जाने से रोकेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई कंपनी मिनेसोटा छोड़ना चाहती है, अपने कर्मचारियों को हटाना चाहती है और किसी दूसरे देश में चली जाना चाहती है और फिर अपने उत्पादों को वापस अमेरिका में भेजना चाहती है तो हम उन पर 35 प्रतिशत का कर लगाएंगे. हम जीवाश्म तेल, प्राकृतिक गैस और साफ कोयले समेत अमेरिकी उर्जा का दोहन भी करेंगे.’टिप्पणियां ट्रंप ने कहा कि वह ओबामा के उन सभी हानिकारक नियमनों को निरस्त करेंगे, जो मिनेसोटा के किसानों, कर्मचारियों और छोटे कारोबारों को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार फिर अमीर राष्ट्र बनेंगे लेकिन अमीर राष्ट्र बनने के लिए हमें एक सुरक्षित राष्ट्र भी बनना चाहिए.’’ उन्होंने दावा किया कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन अमेरिका आने वाले सीरियाई शरणार्थियों की संख्या में 550 प्रतिशत का इजाफा चाहती हैं. वह विश्व के सबसे खतरनाक क्षेत्रों में से असीमित आव्रजन और शरणार्थियों का प्रवेश चाहती हैं. उन्होंने कहा, ‘‘उनकी योजना आपके स्कूलों और समुदायों में आतंकवाद, चरमपंथ और कट्टरपंथ की पीढ़ियां आयात करना है. जब मैं राष्ट्रपति चुना जाउंगा तो हम सीरियाई शरणार्थी कार्यक्रम को निलंबित कर देंगे और हम चरमपंथी इस्लामी आतंकियों को हमारे देश से बाहर रखेंगे.’’ ट्रंप ने कहा कि वह ओबामा के उन सभी हानिकारक नियमनों को निरस्त करेंगे, जो मिनेसोटा के किसानों, कर्मचारियों और छोटे कारोबारों को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार फिर अमीर राष्ट्र बनेंगे लेकिन अमीर राष्ट्र बनने के लिए हमें एक सुरक्षित राष्ट्र भी बनना चाहिए.’’ उन्होंने दावा किया कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन अमेरिका आने वाले सीरियाई शरणार्थियों की संख्या में 550 प्रतिशत का इजाफा चाहती हैं. वह विश्व के सबसे खतरनाक क्षेत्रों में से असीमित आव्रजन और शरणार्थियों का प्रवेश चाहती हैं. उन्होंने कहा, ‘‘उनकी योजना आपके स्कूलों और समुदायों में आतंकवाद, चरमपंथ और कट्टरपंथ की पीढ़ियां आयात करना है. जब मैं राष्ट्रपति चुना जाउंगा तो हम सीरियाई शरणार्थी कार्यक्रम को निलंबित कर देंगे और हम चरमपंथी इस्लामी आतंकियों को हमारे देश से बाहर रखेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनकी योजना आपके स्कूलों और समुदायों में आतंकवाद, चरमपंथ और कट्टरपंथ की पीढ़ियां आयात करना है. जब मैं राष्ट्रपति चुना जाउंगा तो हम सीरियाई शरणार्थी कार्यक्रम को निलंबित कर देंगे और हम चरमपंथी इस्लामी आतंकियों को हमारे देश से बाहर रखेंगे.’’
यहाँ एक सारांश है:ट्रंप ने कहा कि आईबीएम ने 500 नौकरियां भारत जैसे देशों को शिफ्ट कीं उन्होंने कहा- ऐसा करने वाली कंपनियों पर 35 प्रतिशत का कर लगाएंगे बोले- आईबीएम ने मिनियापोलिस में 500 कर्मचारियों को हटा दिया
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीजेपी को लगता है ये कानूनी प्रक्रिया है, वहीं कांग्रेस मानती है सरकार राहुल गांधी के आने से डरी हुई है. कांग्रेस प्रवक्ता फिरोज़ सिद्दीकी ने कहा, 'बीजेपी राहुल के दौरे से घबराई हुई है इसलिये 25000 के बॉन्‍ड भरवा रही है, किसानों को गोली मारी है, जनविरोधी नीति है उनकी तो वो दमन करके किसानों को रोकना चाहते हैं, ताकी वो राहुल की रैली में ना जाएं.' वहीं बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा, 'जब भी कार्यक्रम होगा बॉन्‍ड भरवाना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. राहुल गांधी से घबराने की बात नहीं है, उनसे घबराकर तो वहां के नेता इस्तीफा दे रहे हैं. वहां गुटबाजी चरम पर है. बीजेपी सरकार का काम शांति व्यवस्था बनाए रखना है ताकी कांग्रेस जिस तरह से वैमनस्य फैलाने का काम करती है उसमें वो सफल ना हो सकें.' 6 जून का राहुल गांधी की मंदसौर में सभा है, तो 30 जून को किसानों को मनाने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंदसौर पहुंच रहे हैं. 6 जून का राहुल गांधी की मंदसौर में सभा है, तो 30 जून को किसानों को मनाने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंदसौर पहुंच रहे हैं.
सारांश: राहुल गांधी की सभा से पहले लगभग 1200 लोगों को नोटिस जारी 25,000 के बांड भरवाये जा रहे हैं पिछले साल 6 जून को किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में हिंसा हुई थी
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक की नवनिर्मित कांग्रेस सरकार ने 1,225 करोड़ रुपये के कुल कर्ज और बकाए ब्याज को माफ कर दिया है। इस घोषणा से समाज के कमजोर वर्ग के 10.3 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं। इनमें से 1.87 लाख अनुसूचित जाति, 4,078 अनुसूचित जनजाति, 4.98 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग तथा तीन लाख लाभार्थी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। राज्य के नए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने संवाददाताओं से कहा, "कर्ज और ब्याज को माफ किया जाना चुनाव से पहले हमारे घोषणा पत्र में किए गए वादे के अनुरूप है।"टिप्पणियां माफ किए गए कुल कर्ज में से अनुसूचित जाति से सम्बंधित बकाया कर्ज 186 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति से सम्बंधित 163 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित 514 करोड़ रुपये तथा अल्पसंख्यकों से सम्बंधित 362 करोड़ रुपये है। लाभार्थियों को अम्बेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, एसटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, देवराज उर्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और माइनॉरिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन जैसे वित्तीय संस्थानों की विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिए गए थे। इनमें से 1.87 लाख अनुसूचित जाति, 4,078 अनुसूचित जनजाति, 4.98 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग तथा तीन लाख लाभार्थी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। राज्य के नए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने संवाददाताओं से कहा, "कर्ज और ब्याज को माफ किया जाना चुनाव से पहले हमारे घोषणा पत्र में किए गए वादे के अनुरूप है।"टिप्पणियां माफ किए गए कुल कर्ज में से अनुसूचित जाति से सम्बंधित बकाया कर्ज 186 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति से सम्बंधित 163 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित 514 करोड़ रुपये तथा अल्पसंख्यकों से सम्बंधित 362 करोड़ रुपये है। लाभार्थियों को अम्बेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, एसटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, देवराज उर्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और माइनॉरिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन जैसे वित्तीय संस्थानों की विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिए गए थे। राज्य के नए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने संवाददाताओं से कहा, "कर्ज और ब्याज को माफ किया जाना चुनाव से पहले हमारे घोषणा पत्र में किए गए वादे के अनुरूप है।"टिप्पणियां माफ किए गए कुल कर्ज में से अनुसूचित जाति से सम्बंधित बकाया कर्ज 186 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति से सम्बंधित 163 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित 514 करोड़ रुपये तथा अल्पसंख्यकों से सम्बंधित 362 करोड़ रुपये है। लाभार्थियों को अम्बेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, एसटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, देवराज उर्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और माइनॉरिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन जैसे वित्तीय संस्थानों की विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिए गए थे। माफ किए गए कुल कर्ज में से अनुसूचित जाति से सम्बंधित बकाया कर्ज 186 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति से सम्बंधित 163 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित 514 करोड़ रुपये तथा अल्पसंख्यकों से सम्बंधित 362 करोड़ रुपये है। लाभार्थियों को अम्बेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, एसटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, देवराज उर्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और माइनॉरिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन जैसे वित्तीय संस्थानों की विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिए गए थे। लाभार्थियों को अम्बेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, एसटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, देवराज उर्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और माइनॉरिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन जैसे वित्तीय संस्थानों की विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिए गए थे।
यह एक सारांश है: कर्नाटक की नवनिर्मित कांग्रेस सरकार ने 1,225 करोड़ रुपये के कुल कर्ज और बकाए ब्याज को माफ कर दिया है। इस घोषणा से समाज के कमजोर वर्ग के 10.3 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी की गठबंधन सरकार बनने के एक दिन बाद ही शिवसेना नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है. संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब हमारा ध्यान गोवा की राजनीति पर है. साथ ही कहा कि गोवा के पूर्व डिप्टी सीएम विजय सरदेसाई के साथ तीन विधायक शिवसेना के साथ गठबंधन कर रहे हैं. लगता है महाराष्ट्र के बाद अब गोवा में नई राजनीति करवट ले रही है. वहीं, विजय सरदेसाई ने कहा कि सरकार बता कर नहीं बदलती. जो (गठबंधन) महाराष्ट्र में हुआ वो गोवा में भी होना चाहिए. सब विपक्ष को साथ आना चाहिए. बीजेपी ने जो हमारे साथ किया वो इतिहास में पहली बार हुआ.  विजय सरदेसाई ने बीजेपी पर निशाना साधते हुआ कहा कि, 'भाजपा अपने सहयोगियों को गिरा देती है'. दूसरी तरफ शिवसेना नेता संजय राउत के इस बयान पर गोवा के डिप्टी सीएम मनोहर अजगांवकर ने तंज कसा. उन्होंने कहा कि संजय राउत सपना देख रहे हैं. गोवा में BJP की मजबूत सरकार है. बीजेपी का काम देखकर कांग्रेस के 10 विधायक बीजेपी में आए. हम पूरे 5 साल सरकार चलाएंगे और अगले 5 साल भी हमारी ही सरकार होगी.  बता दें कि राज्य में सबसे बड़ा दल होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब विधानसभा में विपक्ष की भूमिका में नजर आएगी. राज्य की सत्ता हासिल करने के लिए पूरी तरह आशान्वित रही बीजेपी के हाथ से लंबे राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार बाजी चली गई. कल तक उसकी सहयोगी पार्टी रही शिवसेना सत्ता के बंटवारे के मुद्दे पर अलग हो गई थी. अब शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के सहयोग से सरकार बना ली है और उद्धव ठाकरे सीएम बन गए हैं.
गोवा के डिप्टी सीएम का तंज, कहा - संजय राउत सपना देख रहे हैं विजय सरदेसाई ने कहा, 'अगले 5 साल बाद भी हमारी ही सरकार होगी' महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन ने सरकार बनाई है
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: कानपुर में कुछ बदमाशों ने दो साल की एक बच्ची को खौलते तेल में डाल दिया। बच्ची को कानपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामला शहर के शिवराज पुर थाना क्षेत्र का है, जहां सुरेश नाम का एक व्यक्ति चाट-पकौड़ी की रेहड़ी लगाता है। इलाके के कुछ बदमाश उसकी रेहड़ी से हर रोज मुफ्त में चाट-पकौड़ी खाते थे।टिप्पणियां शनिवार को जब सुरेश ने उनसे खाने के पैसे चुकाने की बात कही, तो वे भड़क गए और उन्होंने सुरेश की जमकर पिटाई की। इसके बाद वहीं मौजूद सुरेश की दो साल की बेटी को खौलते तेल की कढ़ाई में डाल दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस इस मामले में अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। घटना के बाद से इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार की राज्यमंत्री अरुणा कोरी ने भी अस्पताल जाकर बच्ची के परिवार से मुलाकात की, लेकिन उन्होने मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। मामला शहर के शिवराज पुर थाना क्षेत्र का है, जहां सुरेश नाम का एक व्यक्ति चाट-पकौड़ी की रेहड़ी लगाता है। इलाके के कुछ बदमाश उसकी रेहड़ी से हर रोज मुफ्त में चाट-पकौड़ी खाते थे।टिप्पणियां शनिवार को जब सुरेश ने उनसे खाने के पैसे चुकाने की बात कही, तो वे भड़क गए और उन्होंने सुरेश की जमकर पिटाई की। इसके बाद वहीं मौजूद सुरेश की दो साल की बेटी को खौलते तेल की कढ़ाई में डाल दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस इस मामले में अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। घटना के बाद से इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार की राज्यमंत्री अरुणा कोरी ने भी अस्पताल जाकर बच्ची के परिवार से मुलाकात की, लेकिन उन्होने मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। शनिवार को जब सुरेश ने उनसे खाने के पैसे चुकाने की बात कही, तो वे भड़क गए और उन्होंने सुरेश की जमकर पिटाई की। इसके बाद वहीं मौजूद सुरेश की दो साल की बेटी को खौलते तेल की कढ़ाई में डाल दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस इस मामले में अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। घटना के बाद से इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार की राज्यमंत्री अरुणा कोरी ने भी अस्पताल जाकर बच्ची के परिवार से मुलाकात की, लेकिन उन्होने मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। घटना के बाद से इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार की राज्यमंत्री अरुणा कोरी ने भी अस्पताल जाकर बच्ची के परिवार से मुलाकात की, लेकिन उन्होने मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
संक्षिप्त सारांश: कानपुर में कुछ बदमाशों ने चाट-पकौड़ी की रेहड़ी लगाने वाले एक व्यक्ति की दो साल की बेटी को खौलते तेल में डाल दिया। बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
8
['hin']