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एक सारांश बनाओ: बिहार की राजनीति में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने पिछले दिनों लालू प्रसाद यादव पर कई घोटालों का आरोप लगाया. उन्होंने इससे जुड़े दस्तावेज भी मीडिया में जारी किए थे. अब सुशील मोदी भी तेजस्वी यादव के निशाने पर आ गए हैं. फेसबुक पर तेजस्वी ने लिखा है सुशील मोदी पर राजद ने जितने भी आरोप लगाए हैं उस वह कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं. खुद साधु होने का ढोंग रचकर नैतिकता और ईमानदारी का ढोल पीटते हैं, पर अपने घर में ही व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक शब्द नहीं बोलते हैं और ना ही कोई स्पष्टीकरण देते है. तेजस्वी यादव ने सुशील मोदी से 7 सवाल पूछे हैं. 1- सुशील मोदी यह बताएं कि आर.के.मोदी उनके सगे भाई हैं कि नहीं? सुशील मोदी ज़रा बिहार की जनता को यह तो स्पष्ट करें कि कैसे इतने कम समय में सुशील मोदी परिवार ने हज़ारों-हज़ार करोड़ की सम्पत्ति अर्जित कर ली? 2- ललित छाछवरिया जैसे मनी लॉन्ड्रिंग के बेताज बादशाहों का उनके भाई की कम्पनी से क्या लेना देना है? आरके मोदी के ललित छाछवरिया से व्यावसायिक सम्बन्ध हैं कि नहीं? 3.इनके भाई की कम्पनी में जिस तरह 400-400 करोड़ की बेनामी एंट्री घुमाई गईं हैं, मनी लॉन्ड्रिंग की गई है, मनी लेयरिंग की गईं हैं. क्यों नहीं सुशील मोदी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहते हैं कि मैं तो ईमानदारी का देवता हूं, पर मेरे ही परिवार की अनेकों रियल इस्टेट कंपनियों और तो और मेरे ही सगे भाई की कम्पनियां मसलन आशियाना होम्स प्रा० लि०, आशियाना लैंड्सक्राफ़्ट प्रा० लि० समेत अनेकों कंपनियों में की गई अब तक की कारगुज़ारियों के ख़िलाफ़ हूं. मेरे भाई की कंपनियों के बेमानी लेनदेन की भी जांच हो, भले ही मैं आपकी ही पार्टी का ही क्यों ना होऊं? 4.क्यों नहीं सुशील मोदी ED और अन्य एजेंसियों को लिखते कि उनके भाई की सभी कम्पनियों में धन के अर्जन, आवाजाही और स्रोतों तथा आर्थिक अनियमितताओं की पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से जांच की जाए? 5- जिस प्रकार राजद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वीडियो में साफ-साफ दिखाया कि सुशील मोदी के भाई आरके मोदी की कम्पनी के प्रोजेक्ट आशियाना मलबेरी, गुड़गांव के सेल्स मैनेजर अंकित मोदी ने स्पष्ट रूप से उक्त कंपनी को सुशील मोदी से जुड़ा बताया. क्यों नहीं सुशील मोदी अपने भाई पर मानहानि का केस दर्ज कराते?टिप्पणियां 6- जिस प्रकार उनके भाई की कंपनी का सेल्स मैनेजर अंकित मोदी साफ साफ ग्राहक को विश्वास दिलाने के लिए सुशील मोदी का नाम लेकर सत्ता का दंभ भर रहा है. क्या यह सच नहीं है कि गुडगांव और बाकि जगह के सारे फ्लैट सुशील मोदी के नाम पर ही बेचे जा रहे हैं? क्या सुशील मोदी ने अब तक इस बात का खंडन किया? क्या खंडन नहीं करने का स्पष्ट मतलब नहीं है कि इनके भाई की कंपनी में बेमानी निवेश किया गया है? 7- दूसरों के पंजीकरण किए हुए, कानूनी, वैध, हर प्रक्रिया की कसौटी पर कसे, जन सामान्य के लिए उपलब्ध सम्पत्ति की जानकारी को घोटाला बनाकर पेश करने वाले सनसनी के स्वामी सुशील मोदी हमारे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की हिम्मत क्यों नहीं जुटाते? अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के वक़्त उनकी ज़ुबान बंद क्यों हो जाती है? 2- ललित छाछवरिया जैसे मनी लॉन्ड्रिंग के बेताज बादशाहों का उनके भाई की कम्पनी से क्या लेना देना है? आरके मोदी के ललित छाछवरिया से व्यावसायिक सम्बन्ध हैं कि नहीं? 3.इनके भाई की कम्पनी में जिस तरह 400-400 करोड़ की बेनामी एंट्री घुमाई गईं हैं, मनी लॉन्ड्रिंग की गई है, मनी लेयरिंग की गईं हैं. क्यों नहीं सुशील मोदी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहते हैं कि मैं तो ईमानदारी का देवता हूं, पर मेरे ही परिवार की अनेकों रियल इस्टेट कंपनियों और तो और मेरे ही सगे भाई की कम्पनियां मसलन आशियाना होम्स प्रा० लि०, आशियाना लैंड्सक्राफ़्ट प्रा० लि० समेत अनेकों कंपनियों में की गई अब तक की कारगुज़ारियों के ख़िलाफ़ हूं. मेरे भाई की कंपनियों के बेमानी लेनदेन की भी जांच हो, भले ही मैं आपकी ही पार्टी का ही क्यों ना होऊं? 4.क्यों नहीं सुशील मोदी ED और अन्य एजेंसियों को लिखते कि उनके भाई की सभी कम्पनियों में धन के अर्जन, आवाजाही और स्रोतों तथा आर्थिक अनियमितताओं की पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से जांच की जाए? 5- जिस प्रकार राजद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वीडियो में साफ-साफ दिखाया कि सुशील मोदी के भाई आरके मोदी की कम्पनी के प्रोजेक्ट आशियाना मलबेरी, गुड़गांव के सेल्स मैनेजर अंकित मोदी ने स्पष्ट रूप से उक्त कंपनी को सुशील मोदी से जुड़ा बताया. क्यों नहीं सुशील मोदी अपने भाई पर मानहानि का केस दर्ज कराते?टिप्पणियां 6- जिस प्रकार उनके भाई की कंपनी का सेल्स मैनेजर अंकित मोदी साफ साफ ग्राहक को विश्वास दिलाने के लिए सुशील मोदी का नाम लेकर सत्ता का दंभ भर रहा है. क्या यह सच नहीं है कि गुडगांव और बाकि जगह के सारे फ्लैट सुशील मोदी के नाम पर ही बेचे जा रहे हैं? क्या सुशील मोदी ने अब तक इस बात का खंडन किया? क्या खंडन नहीं करने का स्पष्ट मतलब नहीं है कि इनके भाई की कंपनी में बेमानी निवेश किया गया है? 7- दूसरों के पंजीकरण किए हुए, कानूनी, वैध, हर प्रक्रिया की कसौटी पर कसे, जन सामान्य के लिए उपलब्ध सम्पत्ति की जानकारी को घोटाला बनाकर पेश करने वाले सनसनी के स्वामी सुशील मोदी हमारे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की हिम्मत क्यों नहीं जुटाते? अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के वक़्त उनकी ज़ुबान बंद क्यों हो जाती है? 3.इनके भाई की कम्पनी में जिस तरह 400-400 करोड़ की बेनामी एंट्री घुमाई गईं हैं, मनी लॉन्ड्रिंग की गई है, मनी लेयरिंग की गईं हैं. क्यों नहीं सुशील मोदी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहते हैं कि मैं तो ईमानदारी का देवता हूं, पर मेरे ही परिवार की अनेकों रियल इस्टेट कंपनियों और तो और मेरे ही सगे भाई की कम्पनियां मसलन आशियाना होम्स प्रा० लि०, आशियाना लैंड्सक्राफ़्ट प्रा० लि० समेत अनेकों कंपनियों में की गई अब तक की कारगुज़ारियों के ख़िलाफ़ हूं. मेरे भाई की कंपनियों के बेमानी लेनदेन की भी जांच हो, भले ही मैं आपकी ही पार्टी का ही क्यों ना होऊं? 4.क्यों नहीं सुशील मोदी ED और अन्य एजेंसियों को लिखते कि उनके भाई की सभी कम्पनियों में धन के अर्जन, आवाजाही और स्रोतों तथा आर्थिक अनियमितताओं की पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से जांच की जाए? 5- जिस प्रकार राजद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वीडियो में साफ-साफ दिखाया कि सुशील मोदी के भाई आरके मोदी की कम्पनी के प्रोजेक्ट आशियाना मलबेरी, गुड़गांव के सेल्स मैनेजर अंकित मोदी ने स्पष्ट रूप से उक्त कंपनी को सुशील मोदी से जुड़ा बताया. क्यों नहीं सुशील मोदी अपने भाई पर मानहानि का केस दर्ज कराते?टिप्पणियां 6- जिस प्रकार उनके भाई की कंपनी का सेल्स मैनेजर अंकित मोदी साफ साफ ग्राहक को विश्वास दिलाने के लिए सुशील मोदी का नाम लेकर सत्ता का दंभ भर रहा है. क्या यह सच नहीं है कि गुडगांव और बाकि जगह के सारे फ्लैट सुशील मोदी के नाम पर ही बेचे जा रहे हैं? क्या सुशील मोदी ने अब तक इस बात का खंडन किया? क्या खंडन नहीं करने का स्पष्ट मतलब नहीं है कि इनके भाई की कंपनी में बेमानी निवेश किया गया है? 7- दूसरों के पंजीकरण किए हुए, कानूनी, वैध, हर प्रक्रिया की कसौटी पर कसे, जन सामान्य के लिए उपलब्ध सम्पत्ति की जानकारी को घोटाला बनाकर पेश करने वाले सनसनी के स्वामी सुशील मोदी हमारे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की हिम्मत क्यों नहीं जुटाते? अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के वक़्त उनकी ज़ुबान बंद क्यों हो जाती है? 4.क्यों नहीं सुशील मोदी ED और अन्य एजेंसियों को लिखते कि उनके भाई की सभी कम्पनियों में धन के अर्जन, आवाजाही और स्रोतों तथा आर्थिक अनियमितताओं की पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से जांच की जाए? 5- जिस प्रकार राजद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वीडियो में साफ-साफ दिखाया कि सुशील मोदी के भाई आरके मोदी की कम्पनी के प्रोजेक्ट आशियाना मलबेरी, गुड़गांव के सेल्स मैनेजर अंकित मोदी ने स्पष्ट रूप से उक्त कंपनी को सुशील मोदी से जुड़ा बताया. क्यों नहीं सुशील मोदी अपने भाई पर मानहानि का केस दर्ज कराते?टिप्पणियां 6- जिस प्रकार उनके भाई की कंपनी का सेल्स मैनेजर अंकित मोदी साफ साफ ग्राहक को विश्वास दिलाने के लिए सुशील मोदी का नाम लेकर सत्ता का दंभ भर रहा है. क्या यह सच नहीं है कि गुडगांव और बाकि जगह के सारे फ्लैट सुशील मोदी के नाम पर ही बेचे जा रहे हैं? क्या सुशील मोदी ने अब तक इस बात का खंडन किया? क्या खंडन नहीं करने का स्पष्ट मतलब नहीं है कि इनके भाई की कंपनी में बेमानी निवेश किया गया है? 7- दूसरों के पंजीकरण किए हुए, कानूनी, वैध, हर प्रक्रिया की कसौटी पर कसे, जन सामान्य के लिए उपलब्ध सम्पत्ति की जानकारी को घोटाला बनाकर पेश करने वाले सनसनी के स्वामी सुशील मोदी हमारे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की हिम्मत क्यों नहीं जुटाते? अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के वक़्त उनकी ज़ुबान बंद क्यों हो जाती है? 5- जिस प्रकार राजद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वीडियो में साफ-साफ दिखाया कि सुशील मोदी के भाई आरके मोदी की कम्पनी के प्रोजेक्ट आशियाना मलबेरी, गुड़गांव के सेल्स मैनेजर अंकित मोदी ने स्पष्ट रूप से उक्त कंपनी को सुशील मोदी से जुड़ा बताया. क्यों नहीं सुशील मोदी अपने भाई पर मानहानि का केस दर्ज कराते?टिप्पणियां 6- जिस प्रकार उनके भाई की कंपनी का सेल्स मैनेजर अंकित मोदी साफ साफ ग्राहक को विश्वास दिलाने के लिए सुशील मोदी का नाम लेकर सत्ता का दंभ भर रहा है. क्या यह सच नहीं है कि गुडगांव और बाकि जगह के सारे फ्लैट सुशील मोदी के नाम पर ही बेचे जा रहे हैं? क्या सुशील मोदी ने अब तक इस बात का खंडन किया? क्या खंडन नहीं करने का स्पष्ट मतलब नहीं है कि इनके भाई की कंपनी में बेमानी निवेश किया गया है? 7- दूसरों के पंजीकरण किए हुए, कानूनी, वैध, हर प्रक्रिया की कसौटी पर कसे, जन सामान्य के लिए उपलब्ध सम्पत्ति की जानकारी को घोटाला बनाकर पेश करने वाले सनसनी के स्वामी सुशील मोदी हमारे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की हिम्मत क्यों नहीं जुटाते? अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के वक़्त उनकी ज़ुबान बंद क्यों हो जाती है? 6- जिस प्रकार उनके भाई की कंपनी का सेल्स मैनेजर अंकित मोदी साफ साफ ग्राहक को विश्वास दिलाने के लिए सुशील मोदी का नाम लेकर सत्ता का दंभ भर रहा है. क्या यह सच नहीं है कि गुडगांव और बाकि जगह के सारे फ्लैट सुशील मोदी के नाम पर ही बेचे जा रहे हैं? क्या सुशील मोदी ने अब तक इस बात का खंडन किया? क्या खंडन नहीं करने का स्पष्ट मतलब नहीं है कि इनके भाई की कंपनी में बेमानी निवेश किया गया है? 7- दूसरों के पंजीकरण किए हुए, कानूनी, वैध, हर प्रक्रिया की कसौटी पर कसे, जन सामान्य के लिए उपलब्ध सम्पत्ति की जानकारी को घोटाला बनाकर पेश करने वाले सनसनी के स्वामी सुशील मोदी हमारे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की हिम्मत क्यों नहीं जुटाते? अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के वक़्त उनकी ज़ुबान बंद क्यों हो जाती है? 7- दूसरों के पंजीकरण किए हुए, कानूनी, वैध, हर प्रक्रिया की कसौटी पर कसे, जन सामान्य के लिए उपलब्ध सम्पत्ति की जानकारी को घोटाला बनाकर पेश करने वाले सनसनी के स्वामी सुशील मोदी हमारे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की हिम्मत क्यों नहीं जुटाते? अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के वक़्त उनकी ज़ुबान बंद क्यों हो जाती है?
संक्षिप्त पाठ: राजद के आरोपों पर चुप क्यों हैं सुशील मोदी पीएम को खत लिखकर जांच की मांग करें ED से अपने भाई की कंपनियों की जांच करवाएं
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव में करारी हार से कांग्रेस में हाहाकार मचा हुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की. लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनके फैसले को नकार कर दिया और उनको पद पर बने रहने के लिए कहा. लेकिन  राहुल गांधी अभी इस्तीफे के फैसले पर अड़े हुए हैं.  उन्होंने कहा कि पार्टी के बड़े नेता अपने बेटों को ही आगे बढ़ने में लगे रहते हैं. उनका कहना है कि वे पार्टी को मजबूत करने के लिए हमेशा काम करते रहेंगे, लेकिन वो अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे. उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी उनके साथ देती हुई नजर आ रही हैं. प्रियंका का कहना है कि राहुल को कुछ समय दिया जाना चाहिए जिससे किसी अन्य वैकल्पिक प्लान तैयार किया जा सके. राहुल गांधी ने कहा कि उनके पद छोड़ने के बाद प्रियंका गांधी भी कांग्रे अध्यक्ष नहीं बन सकती हैं. वहीं  पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह  ने भी राहुल से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है. कल जब मीटिंग हुई तो कांग्रेस के किसी भी नेता ने मीडिया से बात नहीं की. बाद में पार्टी के प्रवक्ताओं की ओर से बयानजारी किया गया जिसमें जानकारी दी गई कि बैठक में क्या बातें हुईं.  सीडब्ल्यूसी ने कहा, '' कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति के सम्मुख अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे की पेशकश की, मगर कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति व एक स्वर से इसे खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष का आह्वान किया कि प्रतिकूल व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी को राहुल गांधी के नेतृत्व व मार्गदर्शन की आवश्यकता है.''  लेकिन बैठक इतनी सामान्य नहीं थी. राहुल गांधी कुछ पार्टी के नेताओं के रवैये से नाराज थे. उन्होंने कहा कि कुछ नेता और मुख्यमंत्री अपने बेटों को ही आगे बढ़ाने में लगे रहे. वहीं राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया की भी उस बात से भड़क गए जिसमें उन्होंने कहा कि तीन राज्यों के मुख्यमंत्री ठीक से प्रदर्शन नहीं कर सके. इस पर राहुल गांधी ने सिंधिया से पूछा, क्या आप राज्य के नेता नहीं हैं'. राहुल ने साफ कहा कि अब वह अध्यक्ष पद की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे. उनके इस्तीफे की बात सुनकर पी. चिदंबरम ने रो पड़े और राहुल गांधी से अपील करते हुए कहा कि वह अध्यक्ष पद की कुर्सी न छोड़े. चिदंबरम ने कहा कि आपको पता नहीं है कि दक्षिण भारत के लोग आपको कितना प्यार करते हैं. आपके इस्तीफा देने से कुछ लोग खुदकुशी कर लेंगे.
यह एक सारांश है: इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी नेताओं से नाराज सिंधिया पर भी भड़के
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उरी आतंकी हमलों के बाद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, ''भारत-पाक संबंध अब कभी भी पहले जैसे नहीं होंगे.'' इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोमवार को वरिष्‍ठ मंत्रियों के साथ माकूल जवाब देने की रणनीति पर चर्चा की. उसमें तय किया गया कि अंतरराष्‍ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक दृष्टि से पाकिस्‍तान को अलग-थलग करने का प्रयास किया जाए. हालिया वर्षों में सेना पर इस सबसे बड़े आतंकी हमले के बाद सोमवार को आपात मीटिंगों का दौर चला. रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''पाकिस्‍तान की हरकतें बर्दाश्‍त करने की हदों को पार कर गई हैं...वह हमेशा इनमें अपनी भूमिका को नकारता है लेकिन उसकी भूमिका के स्‍पष्‍ट प्रमाण हैं.'' उच्‍च पदस्‍थ सूत्रों के मुताबिक सरकार की इस मामले में स्‍पष्‍ट राय है कि इस हमले का सुनियोजित, बहु-स्‍तरीय और रणनीतिक जवाब दिया जाए. उधर विपक्षी कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए उन्‍हें याद दिलाया कि वह पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की पाक नीति पर बड़े सवाल खड़े करते थे. मनीष तिवारी ने रिपोर्टरों से कहा, ''प्रधानमंत्री क्‍या आप कमजोर नहीं हैं? यदि आप मजबूत हैं तो देश को इस प्रमाण देने की जरूरत है.'' उन्‍होंने यह भी कहा, ''यदि यह सच है कि जैश-ए-मोहम्‍मद (जेईएम) इस हमले के पीछे है तो दूसरा सवाल उठता है कि कांधार मसले से क्‍या दूसरे तरीके से निपटा जा सकता है? क्‍योंकि कांधार कांड के चलते ही आतंकी मसूद अजहर की रिहाई हुई और उसके बाद ही उसने जेईएम का गठन किया.'' उल्‍लेखनीय है कि 1999 में आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईटी-814 का अपहरण कर यात्रियों को बंधक बना लिया था. उस वक्‍त केंद्र में बीजेपी के नेतृत्‍व वाली एनडीए सरकार सत्‍ता में थी. यात्रियों की रिहाई के बदले में मसूद अजहर समेत दो अन्‍य आतंकियों को छोड़ा गया था.टिप्पणियां मनीष तिवारी ने सरकार पर स्‍पष्‍ट पाक नीति नहीं होने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा, ''मोदी सरकार को खुद से दो सवाल करने चाहिए. पहला, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या करना चाहते हैं और दूसरा, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या कर सकते हैं.'' वहीं दूसरी तरफ पाकिस्‍तान ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए भारत के आरोपों को ''निराधार और गैर-जिम्‍मेदाराना'' ठहराया है. रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''पाकिस्‍तान की हरकतें बर्दाश्‍त करने की हदों को पार कर गई हैं...वह हमेशा इनमें अपनी भूमिका को नकारता है लेकिन उसकी भूमिका के स्‍पष्‍ट प्रमाण हैं.'' उच्‍च पदस्‍थ सूत्रों के मुताबिक सरकार की इस मामले में स्‍पष्‍ट राय है कि इस हमले का सुनियोजित, बहु-स्‍तरीय और रणनीतिक जवाब दिया जाए. उधर विपक्षी कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए उन्‍हें याद दिलाया कि वह पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की पाक नीति पर बड़े सवाल खड़े करते थे. मनीष तिवारी ने रिपोर्टरों से कहा, ''प्रधानमंत्री क्‍या आप कमजोर नहीं हैं? यदि आप मजबूत हैं तो देश को इस प्रमाण देने की जरूरत है.'' उन्‍होंने यह भी कहा, ''यदि यह सच है कि जैश-ए-मोहम्‍मद (जेईएम) इस हमले के पीछे है तो दूसरा सवाल उठता है कि कांधार मसले से क्‍या दूसरे तरीके से निपटा जा सकता है? क्‍योंकि कांधार कांड के चलते ही आतंकी मसूद अजहर की रिहाई हुई और उसके बाद ही उसने जेईएम का गठन किया.'' उल्‍लेखनीय है कि 1999 में आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईटी-814 का अपहरण कर यात्रियों को बंधक बना लिया था. उस वक्‍त केंद्र में बीजेपी के नेतृत्‍व वाली एनडीए सरकार सत्‍ता में थी. यात्रियों की रिहाई के बदले में मसूद अजहर समेत दो अन्‍य आतंकियों को छोड़ा गया था.टिप्पणियां मनीष तिवारी ने सरकार पर स्‍पष्‍ट पाक नीति नहीं होने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा, ''मोदी सरकार को खुद से दो सवाल करने चाहिए. पहला, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या करना चाहते हैं और दूसरा, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या कर सकते हैं.'' वहीं दूसरी तरफ पाकिस्‍तान ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए भारत के आरोपों को ''निराधार और गैर-जिम्‍मेदाराना'' ठहराया है. उधर विपक्षी कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए उन्‍हें याद दिलाया कि वह पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की पाक नीति पर बड़े सवाल खड़े करते थे. मनीष तिवारी ने रिपोर्टरों से कहा, ''प्रधानमंत्री क्‍या आप कमजोर नहीं हैं? यदि आप मजबूत हैं तो देश को इस प्रमाण देने की जरूरत है.'' उन्‍होंने यह भी कहा, ''यदि यह सच है कि जैश-ए-मोहम्‍मद (जेईएम) इस हमले के पीछे है तो दूसरा सवाल उठता है कि कांधार मसले से क्‍या दूसरे तरीके से निपटा जा सकता है? क्‍योंकि कांधार कांड के चलते ही आतंकी मसूद अजहर की रिहाई हुई और उसके बाद ही उसने जेईएम का गठन किया.'' उल्‍लेखनीय है कि 1999 में आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईटी-814 का अपहरण कर यात्रियों को बंधक बना लिया था. उस वक्‍त केंद्र में बीजेपी के नेतृत्‍व वाली एनडीए सरकार सत्‍ता में थी. यात्रियों की रिहाई के बदले में मसूद अजहर समेत दो अन्‍य आतंकियों को छोड़ा गया था.टिप्पणियां मनीष तिवारी ने सरकार पर स्‍पष्‍ट पाक नीति नहीं होने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा, ''मोदी सरकार को खुद से दो सवाल करने चाहिए. पहला, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या करना चाहते हैं और दूसरा, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या कर सकते हैं.'' वहीं दूसरी तरफ पाकिस्‍तान ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए भारत के आरोपों को ''निराधार और गैर-जिम्‍मेदाराना'' ठहराया है. उन्‍होंने यह भी कहा, ''यदि यह सच है कि जैश-ए-मोहम्‍मद (जेईएम) इस हमले के पीछे है तो दूसरा सवाल उठता है कि कांधार मसले से क्‍या दूसरे तरीके से निपटा जा सकता है? क्‍योंकि कांधार कांड के चलते ही आतंकी मसूद अजहर की रिहाई हुई और उसके बाद ही उसने जेईएम का गठन किया.'' उल्‍लेखनीय है कि 1999 में आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईटी-814 का अपहरण कर यात्रियों को बंधक बना लिया था. उस वक्‍त केंद्र में बीजेपी के नेतृत्‍व वाली एनडीए सरकार सत्‍ता में थी. यात्रियों की रिहाई के बदले में मसूद अजहर समेत दो अन्‍य आतंकियों को छोड़ा गया था.टिप्पणियां मनीष तिवारी ने सरकार पर स्‍पष्‍ट पाक नीति नहीं होने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा, ''मोदी सरकार को खुद से दो सवाल करने चाहिए. पहला, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या करना चाहते हैं और दूसरा, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या कर सकते हैं.'' वहीं दूसरी तरफ पाकिस्‍तान ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए भारत के आरोपों को ''निराधार और गैर-जिम्‍मेदाराना'' ठहराया है. उल्‍लेखनीय है कि 1999 में आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईटी-814 का अपहरण कर यात्रियों को बंधक बना लिया था. उस वक्‍त केंद्र में बीजेपी के नेतृत्‍व वाली एनडीए सरकार सत्‍ता में थी. यात्रियों की रिहाई के बदले में मसूद अजहर समेत दो अन्‍य आतंकियों को छोड़ा गया था.टिप्पणियां मनीष तिवारी ने सरकार पर स्‍पष्‍ट पाक नीति नहीं होने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा, ''मोदी सरकार को खुद से दो सवाल करने चाहिए. पहला, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या करना चाहते हैं और दूसरा, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या कर सकते हैं.'' वहीं दूसरी तरफ पाकिस्‍तान ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए भारत के आरोपों को ''निराधार और गैर-जिम्‍मेदाराना'' ठहराया है. मनीष तिवारी ने सरकार पर स्‍पष्‍ट पाक नीति नहीं होने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा, ''मोदी सरकार को खुद से दो सवाल करने चाहिए. पहला, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या करना चाहते हैं और दूसरा, आप पाकिस्‍तान के साथ क्‍या कर सकते हैं.'' वहीं दूसरी तरफ पाकिस्‍तान ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए भारत के आरोपों को ''निराधार और गैर-जिम्‍मेदाराना'' ठहराया है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्‍तान ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए भारत के आरोपों को ''निराधार और गैर-जिम्‍मेदाराना'' ठहराया है.
सोमवार को दिल्‍ली में मीटिंगों का दौर चलता रहा पाकिस्‍तान को माकूल जवाब देने का निश्‍चय किया गया हर स्‍तर पर उसको अलग-थलग करने की शुरू होगी मुहिम
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जयशंकर ने कहा कि उन्हें इमरान खान द्वारा शुक्रवार को लिखा गया लेख पढ़ने का समय नहीं मिल पाया है. उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद की वित्तीय मदद और आतंकी समूहों की भर्ती पर रोक नहीं लगाता तब तक बातचीत की कोई उम्मीद नहीं है. जयशंकर पिछले सप्ताह ब्रसेल्स में थे. उन्होंने कहा, 'आतंकवाद कोई ऐसी चीज नहीं है जो पाकिस्तान में अंधेरे कोनों में की जा रही हो. यह दिनदहाड़े किया जाता है.' पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा जनवरी 2016 में पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर हमला किए जाने के बाद से पाकिस्तान से भारत बात नहीं कर रहा है. भारत का कहना है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते.  भारत द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म किए जाने के बाद कश्मीर में स्थिति के बारे में विदेश मंत्री ने कहा कि समूची घाटी में 'आगामी दिनों' में सुरक्षा प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी. उन्होंने कहा कि टेलीफोन और इंटरनेट प्रतिबंध आतंकी तंत्र की सक्रियता को रोकने और हिंसा फैलाने वालों को एक-दूसरे के संपर्क में आने से रोकने के लिए आवश्यक थे. जयशंकर ने कहा, 'मैं यह कैसे कर सकता हूं कि एक तरफ आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए संचार को काटे रखूं, तथा दूसरी तरफ अन्य लोगों के लिए इंटरनेट खुला रखूं? मुझे जानकर खुशी होगी.' उन्होंने कहा, 'मैं आपसे कहूंगा कि आगामी दिनों में ढील आप उत्तरोत्तर देखेंगे.' जयशंकर ने कहा कि इसमें अतिरिक्त सुरक्षाबलों की संख्या में कटौती शामिल होनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'मैं चाहूंगा कि पुलिस को जल्द अपने मूल दायित्वों में वापस भेजा जाए.' उन्होंने कहा, 'स्पष्ट रूप से कह रहा हूं कि उसके (पुलिस) पास करने के लिए अन्य काम और चीजें हैं.' विदेश मंत्री ने इस बात से भी इनकार किया कि कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने में कोई हिन्दू राष्ट्रवादी एजेंडा है जिससे कि गैर मुस्लिमों को वहां संपत्ति खरीदने की अनुमति मिल सके और मुस्लिम बहुल आबादी को दरकिनार किया जा सके. उन्होंने कहा कि जो लोग यह कहते हैं, वे भारत को नहीं जानते. क्या यह भारत की संस्कृति से मेल खाता है?
सारांश: 'आतंकवाद का खुलेआम इस्तेमाल कर रहा पाक' बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं: एस जयशंकर 'इमरान का लेख पढ़ने का समय नहीं मिला'
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार अयोध्या (Ayodhya) में मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ ज़मीन लेने या नहीं लेने के मामले पर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Waqf Board) कानूनी राय ले रहा है और उसका कहना है कि वह रविवार को लखनऊ में हो रही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में इस सिलसिले में लिए जाने वाले निर्णय को 'खास' अहमियत देगा. बोर्ड के अध्यक्ष जु़फर फारुकी ने शुक्रवार को कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड अयोध्या में ज़मीन लेने या न लेने के मसले पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के निर्णय को खास अहमियत देगा. उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अयोध्या मामले में कोई पक्षकार नहीं था, मगर वह बेशक देश में मुसलमानों की सर्वमान्य संस्था है, लिहाजा उसके निर्णय को अहमियत देना वाजिब है. फारुकी ने कहा कि फिलहाल सवाल यह है कि क्या सुन्नी वक्फ बोर्ड मस्जिद निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दी जाने वाली पांच एकड़ ज़मीन लेने से इंकार कर सकता है, और कहीं ऐसा करना अदालत की अवमानना तो नहीं होगी, इसके लिए बोर्ड ने कानूनी राय लेना शुरू कर दिया है. उन्होंने एक सवाल पर कहा कि ज़मीन लेने को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है और उस ज़मीन पर कोई रचनात्मक काम कर पूरी दुनिया को संदेश देने की मंशा रखने वाले लोगों की तादाद बहुत कम है. बहरहाल, बोर्ड 26 नवंबर को होने वाली अपनी बैठक में इस सिलसिले में कोई फैसला करेगा. फारुकी ने बताया कि बैठक में आगामी रविवार को नदवा में होने वाली मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में ज़मीन लेने या न लेने के सिलसिले में लिए गए फैसले पर भी विचार-विमर्श होगा. इस बीच, बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष की रहनुमाई की थी, लिहाज़ा मस्जिद निर्माण के लिए ज़मीन लेने या नहीं लेने के बारे में उसके फैसले को सबसे ज्यादा वरीयता दी जानी चाहिए. इस सवाल पर कि अगर ज़मीन लेने के मामले पर सुन्नी वक्फ बोर्ड और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की राय अलग-अलग हुई, तो उस सूरत में क्या होगा, जिलानी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड अयोध्या मामले में अकेला पक्षकार नहीं था, बल्कि उसे मुस्लिम पक्ष का नुमाइंदा मान लिया गया था, लिहाज़ा इस सिलसिले में सुन्नी बोर्ड अकेले कोई फैसला नहीं ले सकता.  मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अयोध्या मामले में फैसला सुनाते हुए विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण और मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में पांच एकड़ ज़मीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को उपलब्ध कराने का आदेश दिया था. सुन्नी वक्फ बोर्ड इस मामले में मुसलमानों की तरफ से मुख्य पक्षकार था. सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष फारुकी का मस्जिद निर्माण के लिए ज़मीन लेने के मामले पर कहना था कि सकारात्मकता के ज़रिये ही नकारात्मकता को खत्म किया जा सकता है. मुसलमानों के सबसे बड़े सामाजिक संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी का कहना है कि मुसलमानों को बाबरी मस्जिद के बदले दी जाने वाली ज़मीन नहीं लेनी चाहिए.
यहाँ एक सारांश है:मस्जिद निर्माण के लिए कानूनी सलाह ले रहा है सुन्नी वक्फ बोर्ड पांच एकड़ ज़मीन लेने या नहीं लेने के मामले पर चर्चा 'मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अयोध्या मामले में कोई पक्षकार नहीं था'
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अधिकतम सजा की वकालत करते हुए विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने की मांग को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव अनशन के अपने फैसले पर अड़े हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से भी उन्हें समर्थन मिला, लेकिन उन्होंने बाबा रामदेव को सरकार के इरादों के प्रति चेताया भी। गुरुवार को गुड़गांव में अपने एक निकट सहयोगी से मुलाकात के बाद बाद पत्रकारों से बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा, "वैश्विक भूख सूचकांक के मुताबिक 70 लाख से अधिक लोग हर साल भूख से मर जाते हैं। लेकिन जो अप्रत्यक्ष रूप से इन 70 लाख से अधिक लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं, उनके लिए क्या सजा होनी चाहिए?"उन्होंने कहा, "कोई भी 70 लाख लोगों को मरते नहीं देखता, लेकिन यदि एक भी भ्रष्ट को फांसी पर लटकाया जाता है तो सभी कहते हैं, 'उसे बचाओ।" कालेधन के बारे में बाबा रामदेव ने कहा, "विदेश ले जाए गए काले धन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जाना चाहिए और काला धन रखने को राजद्रोह के समान समझा जाना चाहिए।" बाबा रामदेव के समर्थन में गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे भी सामने आए। उन्होंने सरकार पर लोकपाल विधेयक को लेकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया और बाबा रामदेव को आगाह किया कि वह 'सरकार के झांसे' में न आएं। अपने गांव रालेगांव सिद्धि में पत्रकारों से बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा, "उन्हें लेने चार मंत्री गए। एक या दो जाते तो ठीक था। यदि बहुत से मंत्री जाते हैं तो इसका मतलब यह है कि वे बाबा रामदेव को मूर्ख बनाना चाहते हैं। मामले को टालने के लिए वे आवश्वासन देंगे।" अन्ना हजारे ने कहा, "मैं बाबा रामदेव से बात करूंगा ताकि वह सरकार के झांसे में न आएं। सरकार को बाबा रामदेव के साथ वह नहीं करना चाहिए जो उन्होंने हमारे साथ किया।" उन्होंने बाबा रामदेव के साथ किसी तरह के मतभेद से इंकार किया और कहा कि वह रविवार को उनके आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने हालांकि साफ किया कि वह अनशन नहीं करेंगे, बाबा रामदेव का सिर्फ समर्थन करेंगे।
यह एक सारांश है: अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आमरण अनशन पर जाने के योग गुरु बाबा रामदेव के फैसले का समर्थन किया है।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के एक सांसद ने कहा है कि वह राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण कानून में एक संशोधन लेकर आएंगे, ताकि पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य मदद तब तक रोकी जा सके, जब तक वह अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को पकड़वाने में सीआईए की मदद करने वाले डॉक्टर को रिहा नहीं करता। कांग्रेस सदस्य डाना रोहराबेचर ने कहा, पाकिस्तान ने एक झूठा मुकदमा बनाया, जिसने डॉक्टर शकील अफरीदी को 33 वर्षों की कैद की सजा दी गई है। उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा है और वह पहले ही दो साल से ज्यादा समय जेल में काट चुके हैं। डॉक्टर अफरीदी एक नायक हैं और हमें करदाताओं का धन उन्हें जेल भेजने वालों को नहीं भेजना चाहिए। यूरोप, यूरेशिया और उभरते संकटों पर बनी सदन की विदेश मामलों की उपसमिति के प्रमुख रोहराबाचेर पहले भी ऐसे ही प्रस्ताव ला चुके हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इस बात में कोई संदेह नहीं है कि पाकिस्तानी नेता किसकी ओर हैं। पाकिस्तान उन आतंकी संगठनों को लगातार आर्थिक मदद देता है, जिन्होंने अफगानिस्तान और भारत में अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों की हत्याएं कीं। सभी अमेरिकी लोग डॉक्टर अफरीदी के आभारी हैं। रोहराबाचेर का एक ऐसे संशोधन का भी प्रस्ताव है, जिससे कि पाकिस्तान अमेरिका से मिलने वाले किसी भी धन या संसाधन का इस्तेमाल अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ नहीं होने दें। अमेरिका वर्ष 2001 के बाद से अब तक पाकिस्तान को मदद देने के लिए लगभग 25 अरब डॉलर खर्च चुका है। इस साल राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण कानून में अतिरिक्त डेढ़ अरब डॉलर की राशि शामिल की गई है। कांग्रेस सदस्य डाना रोहराबेचर ने कहा, पाकिस्तान ने एक झूठा मुकदमा बनाया, जिसने डॉक्टर शकील अफरीदी को 33 वर्षों की कैद की सजा दी गई है। उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा है और वह पहले ही दो साल से ज्यादा समय जेल में काट चुके हैं। डॉक्टर अफरीदी एक नायक हैं और हमें करदाताओं का धन उन्हें जेल भेजने वालों को नहीं भेजना चाहिए। यूरोप, यूरेशिया और उभरते संकटों पर बनी सदन की विदेश मामलों की उपसमिति के प्रमुख रोहराबाचेर पहले भी ऐसे ही प्रस्ताव ला चुके हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इस बात में कोई संदेह नहीं है कि पाकिस्तानी नेता किसकी ओर हैं। पाकिस्तान उन आतंकी संगठनों को लगातार आर्थिक मदद देता है, जिन्होंने अफगानिस्तान और भारत में अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों की हत्याएं कीं। सभी अमेरिकी लोग डॉक्टर अफरीदी के आभारी हैं। रोहराबाचेर का एक ऐसे संशोधन का भी प्रस्ताव है, जिससे कि पाकिस्तान अमेरिका से मिलने वाले किसी भी धन या संसाधन का इस्तेमाल अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ नहीं होने दें। अमेरिका वर्ष 2001 के बाद से अब तक पाकिस्तान को मदद देने के लिए लगभग 25 अरब डॉलर खर्च चुका है। इस साल राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण कानून में अतिरिक्त डेढ़ अरब डॉलर की राशि शामिल की गई है। उन्होंने कहा, इस बात में कोई संदेह नहीं है कि पाकिस्तानी नेता किसकी ओर हैं। पाकिस्तान उन आतंकी संगठनों को लगातार आर्थिक मदद देता है, जिन्होंने अफगानिस्तान और भारत में अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों की हत्याएं कीं। सभी अमेरिकी लोग डॉक्टर अफरीदी के आभारी हैं। रोहराबाचेर का एक ऐसे संशोधन का भी प्रस्ताव है, जिससे कि पाकिस्तान अमेरिका से मिलने वाले किसी भी धन या संसाधन का इस्तेमाल अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ नहीं होने दें। अमेरिका वर्ष 2001 के बाद से अब तक पाकिस्तान को मदद देने के लिए लगभग 25 अरब डॉलर खर्च चुका है। इस साल राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण कानून में अतिरिक्त डेढ़ अरब डॉलर की राशि शामिल की गई है। अमेरिका वर्ष 2001 के बाद से अब तक पाकिस्तान को मदद देने के लिए लगभग 25 अरब डॉलर खर्च चुका है। इस साल राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण कानून में अतिरिक्त डेढ़ अरब डॉलर की राशि शामिल की गई है।
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस सदस्य डाना रोहराबेचर ने कहा, पाकिस्तान ने एक झूठा मुकदमा बनाया, जिसने डॉक्टर शकील अफरीदी को 33 वर्षों की कैद की सजा दी गई है।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चित्रकूट से करीब बीस किमी दूर भरत कूप के छोटे से गांव में भैयाराम यादव की पहाड़ी आपको दूर से ही दिख जाएगी. पहाड़ी के पास पहुंचते ही आप फलदार पेड़ों की लंबी श्रंखला से गुजरते हुए भैयाराम यादव की झोपड़ी के पास ठहर जाते हैं. गर्मी में  पाठा के इस इलाके के पहाड़ जब तपते हैं तो भैयाराम का चालीस हजार पेड़ों वाला ये जंगल ठंडी भरा सूकून देता है. जब मैं उनके पास पहुंचा तो करीब 55 साल की उम्र,  दरम्याना कद..हल्का शरीर और धूप में काले पड़ गए चेहरे पर हल्की मुस्कान लिए वो मिले. पत्नी और बेटे की मौत के बाद पेड़ ही उनका परिवार बन गया. सन 2007 के बाद भैयाराम वन विभाग के पौधों को लाते और पहाड़ी के आसपास लगाते..फिर दो किमी दूर से रोज तीस से चालीस मटका पानी भरकर लाते और पौधों को सींचते. 13 साल के उनकी अथक मेहनत के नतीजे के तौर पर खड़े जंगल को दिखाते दिखाते भैयाराम इसी में खो जाते हैं. किताब का कोई अक्षर भले ही वो न पढ़ पाएं लेकिन उनके पौधरोपण का पाठ पर्यावरण की हर पुस्तक में शामिल किया जाना चाहिए. कोई और होता तो वन विभाग के दिए गए 40 हजार पौधों को पेड़ बनाने का सर्टिफिकेट दिखाकर दर्जनों पुरस्कार झटक लेता लेकिन छह महीना पहले लगवाए गए वन विभाग के हैंडपंप को चलाते वे कहते हैं कि भैया मेरे भगवान तो ये पेड़ हैं. इनकी छाया जब तक है, मेरे पास सब कुछ है. पानी की किल्लत से जूझ रहे बुंदेलखंड के बांदा जिले में 19 लाख पौधे लगाए गए हैं..ये पौधे किस हालात में है ये जानने हम बांदा जिले के कालिंजर किले के पास बहादुर पुर में पहुंचे. यहां 220 हेक्टेयर के इस जंगल में लगे पौधे खोजने के लिए कार से लेकर पैदल तक से मशक्कत करना पड़ी. पौधारोपण का कोई बोर्ड और मार्किंग न होने के चलते इन घनी झाड़ियों में पौधे लगाकर छोड़ दिया गया. कुछ लगे मिले तो बहुत सारी जगह पर केवल सूखे पौधे दिखे. हम जैसे-जैसे घनी झाड़ियों में आगे बढ़े तो यहां पौधे लगाने के निशान काली पन्नियों में मिले. हम इस जंगल में पौधारोपण होने के निशान खोज ही रहे थे कि पता चला कि गिड्डिहा गांव में अनोखे लाल के घर में 2016 के पौधारोपण का बोर्ड रखा है. 2016 में हुए पौधारोपण में यहां 2500 पौधे लगाए गए और 3000 बीज डाले गए. RTI से मिली जानकारी में यहां 5400 पेड़ कागजों पर लगे हैं और इन पौधों की सुरक्षा के लिए छह सदस्यों की वन समिति भी बनी है. लेकिन जमीन पर न तो इतने पौधे दिखे और न ही इन समितियों के लोगों को कभी गांव वालों ने पौधे बचाते देखा. बांदा से करीब साठ किमी दूर महोबा जिला है. इस साल यहां 14 लाख 60 हजार पौधे लगाए गए हैं. उप्र सरकार को एक दिन में 22 करोड़ पौधे लगाने थे लिहाजा अलग-अलग 26 विभागों को भी पौधारोपण की जिम्मेदारी सौंपी गई. यूपी परिवहन विभाग के पौधरोपण को देखने हम महोबा कि बस स्टैंड पहुंचे. यहां पौधरोपण की फोटो होने के बाद से ही पौधे नदारद हैं और अब खाली जगह पीक दान के तौर पर इस्तेमाल हो रही है. इसी महोबा के गांधी उपवन में खुद वन मंत्री दारा सिंह ने पौधरोपण करवाया था. उसका हाल जानने के लिए हममे गांधी उपवन का रुख किया. काफी पूछने के बाद ही शहर से बाहर के इस पहाड़ी पर पहुंचे. यहां गांधी जी के पसंदीदा करीब 6 हजार पौधे वन विभाग ने लगाए हैं. लेकिन पता चला कि मंत्री जी का लगाया गया बड़ा पौधा जिंदा है बाकी के कई पौधे हमें सूखे मिले. यहां घूम रहे आवारा मवेशी के चलते जो पौधे बचे हैं उन्हें बस खुशकिस्मत ही कहा जा सकता है. बुंदेलखंड के सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सागर बताते हैं कि  CAG ने भी 2010 में हुए पौधरोपण पर जांच की बात कही है लेकिन बीते दस सालों से जमीनी पौधों की जांच नहीं हो पाई है. दरअसल सरकार का सारा जोर पौधरोपण पर रहता है क्योंकि इससे नेताओं को प्रचार और अधिकारियों को भ्रष्टाचार करने का मौका बना रहता है लेकिन पौधा लगाने के बजाए पौधा बचाने पर जब जोर रहेगा तभी पर्यायवरण भी बचेगा.
सारांश: पत्नी और बेटे की मौत के बाद पेड़ों को ही परिवार बना लिया दो किमी दूर से रोज तीस से चालीस मटका पानी लाकर सिंचाई की करीब 300 करोड़ रुपये की सरकारी पौधरोपण योजना फेल
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो गोसेवा के लिए जो अनुदान दिया गया वह विवादों में आ गया है. आरटीआई से खुलासा हुआ है कि करीब 86% अनुदान अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव के एनजीओ को दिया गया है. राज्य में अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान, गौसेवा आयोग से मिलने वाले गौशाला फंड्स का बड़ा हिस्सा अपर्णा यादव के एनजीओ जीव आश्रय को गया है. जीव आश्रय राज्य के अमौसी इलाके के पास स्थित कान्हा उपवन गौशाला के संचालन का काम देखता है.टिप्पणियां मुलायम के बेटे प्रतीक यादव ने इस पर कहा कि हमारी संस्था सबसे ज्यादा काम कर रही है तो इसमें हर्ज है. वहीं अपर्णा यादव ने कहा कि  ये संस्था काम करेगी तो उसको 86 प्रतिशत क्या 100 प्रतिशत देना चाहिए. ये अच्छी बात है कि जिसने काम किया उसे पैसे मिलने चाहिए. कोई गुनाह की बात नहीं. जानवरों की देखरेख के लिए फंड की जरूरत पड़ती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- एनजीओ जीव आश्रय को वित्त वर्ष 2012-13 में 50 लाख, 2013-14 में 1.25 करोड़ और 2014-15 में 1.41 करोड़ रुपये, गौसेवा आयोग द्वारा आवंटित किए गए. ठीक इसी तरह वित्त वर्ष 2015-16 में 2.58 करोड़ रुपये और 2016-17 में 2.55 करोड़ और एनजीओ जीव आश्रय को आवंटित किए गए थे. वहीं जारी वित्त वर्ष (2017-18) में विभिन्न गौशालाओं को 1.05 करोड़ रुपये आवंटित किए गए जबकि जीव आश्रय को अभी तक कोई राशि आवंटित नहीं की गई है. वहीं इस साल जिस गौशाला को सबसे ज्यादा राशि आवंटित की गई है वह ललितपुर की दयोदय गौशाला है. इस गौशाला को 63 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं. ये आंकड़े आरटीआई के जरिए प्राप्त किए गए हैं. मुलायम के बेटे प्रतीक यादव ने इस पर कहा कि हमारी संस्था सबसे ज्यादा काम कर रही है तो इसमें हर्ज है. वहीं अपर्णा यादव ने कहा कि  ये संस्था काम करेगी तो उसको 86 प्रतिशत क्या 100 प्रतिशत देना चाहिए. ये अच्छी बात है कि जिसने काम किया उसे पैसे मिलने चाहिए. कोई गुनाह की बात नहीं. जानवरों की देखरेख के लिए फंड की जरूरत पड़ती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- एनजीओ जीव आश्रय को वित्त वर्ष 2012-13 में 50 लाख, 2013-14 में 1.25 करोड़ और 2014-15 में 1.41 करोड़ रुपये, गौसेवा आयोग द्वारा आवंटित किए गए. ठीक इसी तरह वित्त वर्ष 2015-16 में 2.58 करोड़ रुपये और 2016-17 में 2.55 करोड़ और एनजीओ जीव आश्रय को आवंटित किए गए थे. वहीं जारी वित्त वर्ष (2017-18) में विभिन्न गौशालाओं को 1.05 करोड़ रुपये आवंटित किए गए जबकि जीव आश्रय को अभी तक कोई राशि आवंटित नहीं की गई है. वहीं इस साल जिस गौशाला को सबसे ज्यादा राशि आवंटित की गई है वह ललितपुर की दयोदय गौशाला है. इस गौशाला को 63 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं. ये आंकड़े आरटीआई के जरिए प्राप्त किए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- एनजीओ जीव आश्रय को वित्त वर्ष 2012-13 में 50 लाख, 2013-14 में 1.25 करोड़ और 2014-15 में 1.41 करोड़ रुपये, गौसेवा आयोग द्वारा आवंटित किए गए. ठीक इसी तरह वित्त वर्ष 2015-16 में 2.58 करोड़ रुपये और 2016-17 में 2.55 करोड़ और एनजीओ जीव आश्रय को आवंटित किए गए थे. वहीं जारी वित्त वर्ष (2017-18) में विभिन्न गौशालाओं को 1.05 करोड़ रुपये आवंटित किए गए जबकि जीव आश्रय को अभी तक कोई राशि आवंटित नहीं की गई है. वहीं इस साल जिस गौशाला को सबसे ज्यादा राशि आवंटित की गई है वह ललितपुर की दयोदय गौशाला है. इस गौशाला को 63 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं. ये आंकड़े आरटीआई के जरिए प्राप्त किए गए हैं.
संस्था काम कर रही है तो हर्ज क्या है 86 के बजाय 100 प्रतिशत देना चाहिए जिसने काम किया उसे पैसे मिलने चाहिए
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय जांच ब्यूरो :सीबीआई: ने अदालत को बताया है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज दूरसंचार विभाग से गायब हैं। सीबीआई ने जिन दस्तावेजों की बाबत यह सूचना दी, वे किसी दूरसंचार कंपनी से संबंधित हैं और इनसे घोटाले के सिलसिले में अहम सबूत जुटाए जा सकते हैं। सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी से कहा स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए एक कंपनी की ओर से दूरसंचार विभाग को दिए गए दस्तावेज, जिनके आधार पर दूरसंचार कंपनियों की प्राथमिकता तय की गयी थी, के बारे में पता चला है कि वे पता लगाए जाने योग्य नहीं हैं और अब तक उनका अता-पता नहीं चल सका है। जांच एजेंसी ने पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा की जमानत याचिका के विरोध में पेश अपने जवाब में यह खुलासा किया। बेहुरा को पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के साथ बीती दो फरवरी को 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने यह कहकर भी जमानत याचिका का विरोध किया कि कुछ और दस्तावेजों का पता अब भ लगाना बाकी है। 2जी घोटाले में बेहुरा की कथित भूमिका का ब्योरा देते हुए सीबीआई ने कहा कि राजा और बेहुरा ने लोक सेवकों के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया और स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड की पात्रता की शर्तों की जांच से जुड़े दस्तावेजों को मंजूरी प्रदान की थी । सीबीआई ने कहा लोक सेवकों के रूप में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग और स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड की पात्रता शर्तों की जांच के लिए संबंधित वर्गों की ओर से उठाए गए गंभीर मुद्दों की अनदेखी कर राजा और बेहुरा ने नौ जनवरी 2008 को बेईमानी से फाइल को हरी झंडी दिखा दी ताकि स्वान को 13 दूरसंचार क्षेत्रों के लिए मंशा पत्र जारी कर दिए जाएं । केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि राजा के पूर्व निजी सचिव आरके चंदौलिया और दूसरों के साथ साजिश कर बेहुरा ने मंशा पत्र के वितरण और दूरसंचार विभाग की प्रतिक्रिया के प्रबंध किए थे जो मनमाने और अनुचित तरीके से किया गया।
यह एक सारांश है: जांच एजेंसी ने पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा की जमानत याचिका के विरोध में पेश अपने जवाब में यह खुलासा किया।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में एलओसी के पास पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में सेना के दो जवान शहीद हो गए हैं. सेना के मुताबिक पाकिस्तानी सैनिकों ने बिना किसी उकसावे के भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाया. दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर न केवल छोटे हथियारों से फायरिंग की गई, बल्कि मोर्टार के गोले भी दागे गए. बताया जा रहा है कि ये गोलाबारी सीमा पार से भारतीय सैनिकों को निशाना बनाकर ही की गई थी. सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की है. वैसे अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को कितना नुकसान पहुंचा है. इस बीच जम्मू के पुंछ सेक्टर के बालाकोट इलाके में भी पाकिस्तान की ओर से फायरिंग हुई है. इसी वजह से पुंछ के चक्कां दा बाग से होने वाला व्यापार को भी स्थगित कर दिया गया है. शनिवार को पुंछ में पाकिस्तानी गोलाबारी में एक भारतीय दंपति की मौत हो गई थी और दो बच्चे घायल हो गए थे. हालिया महीनों में पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन की कई घटनाएं सामने आई हैं.टिप्पणियां इससे पहले, आज ही मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को मार गिराया था. सुरक्षाबलों ने बडगाम के रेडबग इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिलने के बाद मंगलवार शाम इलाके की घेराबंदी कर खोज अभियान शुरू किया था. खोज अभियान के दौरान उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई, जब आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी. रात में अभियान को रोक दिया गया था, लेकिन सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए इलाके की घेराबंदी बनाए रखी. सुबह फिर से मुठभेड़ शुरू हो गई. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ में सुबह तीन आतंकवादी मारे गए और घटनास्थल से कुछ हथियार तथा गोला बारूद बरामद किए गए हैं. इस बीच जम्मू के पुंछ सेक्टर के बालाकोट इलाके में भी पाकिस्तान की ओर से फायरिंग हुई है. इसी वजह से पुंछ के चक्कां दा बाग से होने वाला व्यापार को भी स्थगित कर दिया गया है. शनिवार को पुंछ में पाकिस्तानी गोलाबारी में एक भारतीय दंपति की मौत हो गई थी और दो बच्चे घायल हो गए थे. हालिया महीनों में पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन की कई घटनाएं सामने आई हैं.टिप्पणियां इससे पहले, आज ही मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को मार गिराया था. सुरक्षाबलों ने बडगाम के रेडबग इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिलने के बाद मंगलवार शाम इलाके की घेराबंदी कर खोज अभियान शुरू किया था. खोज अभियान के दौरान उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई, जब आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी. रात में अभियान को रोक दिया गया था, लेकिन सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए इलाके की घेराबंदी बनाए रखी. सुबह फिर से मुठभेड़ शुरू हो गई. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ में सुबह तीन आतंकवादी मारे गए और घटनास्थल से कुछ हथियार तथा गोला बारूद बरामद किए गए हैं. इससे पहले, आज ही मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को मार गिराया था. सुरक्षाबलों ने बडगाम के रेडबग इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिलने के बाद मंगलवार शाम इलाके की घेराबंदी कर खोज अभियान शुरू किया था. खोज अभियान के दौरान उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई, जब आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी. रात में अभियान को रोक दिया गया था, लेकिन सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए इलाके की घेराबंदी बनाए रखी. सुबह फिर से मुठभेड़ शुरू हो गई. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ में सुबह तीन आतंकवादी मारे गए और घटनास्थल से कुछ हथियार तथा गोला बारूद बरामद किए गए हैं. खोज अभियान के दौरान उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई, जब आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी. रात में अभियान को रोक दिया गया था, लेकिन सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए इलाके की घेराबंदी बनाए रखी. सुबह फिर से मुठभेड़ शुरू हो गई. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ में सुबह तीन आतंकवादी मारे गए और घटनास्थल से कुछ हथियार तथा गोला बारूद बरामद किए गए हैं.
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तानी सैनिकों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग की न सिर्फ छोटे हथियारों से फायरिंग की गई, बल्कि मोर्टार के गोले भी दागे गए पुंछ सेक्टर के बालाकोट इलाके में भी पाक की ओर से फायरिंग की गई
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने चेतेश्वर पुजारा की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यह युवा क्रिकेटर पूर्ण टेस्ट बल्लेबाज है, जिसका धैर्य और संयम उसकी बल्लेबाजी का अहम हिस्सा है। पुजारा ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन नाबाद 114 रन बनाए, जिससे भारतीय टीम 119 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन छह विकेट पर 266 रन बनाने में सफल रही।टिप्पणियां गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा, वह शानदार बल्लेबाज है। उसने दिखाया है कि वह पूर्ण टेस्ट बल्लेबाज है। अहमदाबाद के बाद उसने यहां भी अपनी क्षमता दिखाई और वह विदेश में भी खुद को साबित करने में सफल रहेगा। उन्होंने कहा, उसने जिस तरह अपनी पारी को आगे बढ़ाया, यह दिखाता है कि उसका धैर्य और संयम गजब का है। यही चीज उसे विशेष बनाती है। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए पुजारा ने पहले टेस्ट में भी पहली पारी में नाबाद दोहरा शतक जड़ने के बाद दूसरी पारी में नाबाद 41 रन की पारी खेली थी। पुजारा ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन नाबाद 114 रन बनाए, जिससे भारतीय टीम 119 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन छह विकेट पर 266 रन बनाने में सफल रही।टिप्पणियां गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा, वह शानदार बल्लेबाज है। उसने दिखाया है कि वह पूर्ण टेस्ट बल्लेबाज है। अहमदाबाद के बाद उसने यहां भी अपनी क्षमता दिखाई और वह विदेश में भी खुद को साबित करने में सफल रहेगा। उन्होंने कहा, उसने जिस तरह अपनी पारी को आगे बढ़ाया, यह दिखाता है कि उसका धैर्य और संयम गजब का है। यही चीज उसे विशेष बनाती है। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए पुजारा ने पहले टेस्ट में भी पहली पारी में नाबाद दोहरा शतक जड़ने के बाद दूसरी पारी में नाबाद 41 रन की पारी खेली थी। गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा, वह शानदार बल्लेबाज है। उसने दिखाया है कि वह पूर्ण टेस्ट बल्लेबाज है। अहमदाबाद के बाद उसने यहां भी अपनी क्षमता दिखाई और वह विदेश में भी खुद को साबित करने में सफल रहेगा। उन्होंने कहा, उसने जिस तरह अपनी पारी को आगे बढ़ाया, यह दिखाता है कि उसका धैर्य और संयम गजब का है। यही चीज उसे विशेष बनाती है। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए पुजारा ने पहले टेस्ट में भी पहली पारी में नाबाद दोहरा शतक जड़ने के बाद दूसरी पारी में नाबाद 41 रन की पारी खेली थी। उन्होंने कहा, उसने जिस तरह अपनी पारी को आगे बढ़ाया, यह दिखाता है कि उसका धैर्य और संयम गजब का है। यही चीज उसे विशेष बनाती है। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए पुजारा ने पहले टेस्ट में भी पहली पारी में नाबाद दोहरा शतक जड़ने के बाद दूसरी पारी में नाबाद 41 रन की पारी खेली थी।
सारांश: महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने चेतेश्वर पुजारा की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यह युवा क्रिकेटर पूर्ण टेस्ट बल्लेबाज है, जिसका धैर्य और संयम उसकी बल्लेबाजी का अहम हिस्सा है।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान की संसद के स्पीकर अली लारीजानी का कहना है कि कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रूस और ईरान समान राय रखते हैं और उनके बीच करीबी रिश्तों से क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं स्थायित्व कायम होगा। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने प्रेस टीवी के हवाले से बताया कि लारीजानी ने कहा, "कई अंतरराष्ट्रीय मसलों पर दोनों देशों के हित और उनकी राय समान है और ये उन दोनों के रचनात्मक सहयोग का आधार बन सकते हैं।" लारीजानी ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों ही देश के विचार और रुचियां समान हैं और जिसे तेहरान और मास्को के बीच रचनात्मक सहयोग के रूप में देखा जा सकता है।"टिप्पणियां उन्होंने यह बात तेहरान में आयोजित 'गुटनिरपेक्ष आंदोलन' की 16वीं बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति के प्रतिनिधि कोंस्तांतिन शुवालोव के साथ मुलाकात में कही। उन्होंने कहा कि ईरानी संसद रूस के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बंधों को बढ़ाने की पूरी कोशिश करेगी। इस अवसर पर शुवालोव ने कहा कि ईरान क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के लिए प्रभावशाली और रचनात्मक भूमिका निभाता आया है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने प्रेस टीवी के हवाले से बताया कि लारीजानी ने कहा, "कई अंतरराष्ट्रीय मसलों पर दोनों देशों के हित और उनकी राय समान है और ये उन दोनों के रचनात्मक सहयोग का आधार बन सकते हैं।" लारीजानी ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों ही देश के विचार और रुचियां समान हैं और जिसे तेहरान और मास्को के बीच रचनात्मक सहयोग के रूप में देखा जा सकता है।"टिप्पणियां उन्होंने यह बात तेहरान में आयोजित 'गुटनिरपेक्ष आंदोलन' की 16वीं बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति के प्रतिनिधि कोंस्तांतिन शुवालोव के साथ मुलाकात में कही। उन्होंने कहा कि ईरानी संसद रूस के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बंधों को बढ़ाने की पूरी कोशिश करेगी। इस अवसर पर शुवालोव ने कहा कि ईरान क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के लिए प्रभावशाली और रचनात्मक भूमिका निभाता आया है। लारीजानी ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों ही देश के विचार और रुचियां समान हैं और जिसे तेहरान और मास्को के बीच रचनात्मक सहयोग के रूप में देखा जा सकता है।"टिप्पणियां उन्होंने यह बात तेहरान में आयोजित 'गुटनिरपेक्ष आंदोलन' की 16वीं बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति के प्रतिनिधि कोंस्तांतिन शुवालोव के साथ मुलाकात में कही। उन्होंने कहा कि ईरानी संसद रूस के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बंधों को बढ़ाने की पूरी कोशिश करेगी। इस अवसर पर शुवालोव ने कहा कि ईरान क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के लिए प्रभावशाली और रचनात्मक भूमिका निभाता आया है। उन्होंने यह बात तेहरान में आयोजित 'गुटनिरपेक्ष आंदोलन' की 16वीं बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति के प्रतिनिधि कोंस्तांतिन शुवालोव के साथ मुलाकात में कही। उन्होंने कहा कि ईरानी संसद रूस के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बंधों को बढ़ाने की पूरी कोशिश करेगी। इस अवसर पर शुवालोव ने कहा कि ईरान क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के लिए प्रभावशाली और रचनात्मक भूमिका निभाता आया है। उन्होंने कहा कि ईरानी संसद रूस के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बंधों को बढ़ाने की पूरी कोशिश करेगी। इस अवसर पर शुवालोव ने कहा कि ईरान क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के लिए प्रभावशाली और रचनात्मक भूमिका निभाता आया है।
यहाँ एक सारांश है:ईरान की संसद के स्पीकर अली लारीजानी का कहना है कि कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रूस और ईरान समान राय रखते हैं और उनके बीच करीबी रिश्तों से क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं स्थायित्व कायम होगा।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फुटबाल जगत के महानतम खिलाड़ियों में शुमार अर्जेटीना के डिएगो माराडोना का मानना है कि अगर रियल मेड्रिड के लिए खेलने वाले पुर्तगाली स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अर्जेटीना में जन्म लिया होता तो कुछ और ही बात होती. माराडोना हालांकि, बार्सिलनो के लिए खेलने वाले आज के सबसे ख्तातिमान खिलाड़ी लियोनेल मेसी को ही अर्जेंटीनी राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करते देखना चाहते हैं.  पिछले नौ बालोन डी ओर खिताब मेसी और रोनाल्डो के बीच साझा किए गए हैं. टीवाईसी स्पोर्ट्स' को दिए एक बयान में माराडोना ने कहा था, "रोनाल्डो एक जानवर हैं. काश, वह अर्जेटीना के होते." साल 1986 में विश्व कप जीतने वाली अर्जेटीना टीम के खिलाड़ी रहे माराडोना वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात के क्लब अल-फुजेराह के कोच हैं.  नापोली के पूर्व स्टार खिलाड़ी ने उस समय मेसी की आलोचना की थी, जब उन्होंने कोपा अमेरिका के फाइनल के बाद संन्यास लेने की घोषणा की थी.  रोनाल्डो वर्तमान में रूस में जारी कन्फेडरेशन्स कप टूर्नामेंट में खेल रहे हैं और उन्होंने हाल ही में अपना चौथा बालोन डी ओर खिताब जीता.  रियल मेड्रिड के खिलाड़ी रोनाल्डो ने चार चैम्पियंस लीग खिताब जीते. टिप्पणियां माराडोना ने कहा, "मैं अब भी मेसी को ही प्राथमिकता दूंगा. वह फुटबाल का आनंद ले रहे हैं और प्रतिद्वंद्वी टीम को आसानी से हराते हैं."  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साल 1986 में विश्व कप जीतने वाली अर्जेटीना टीम के खिलाड़ी रहे माराडोना वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात के क्लब अल-फुजेराह के कोच हैं.  नापोली के पूर्व स्टार खिलाड़ी ने उस समय मेसी की आलोचना की थी, जब उन्होंने कोपा अमेरिका के फाइनल के बाद संन्यास लेने की घोषणा की थी.  रोनाल्डो वर्तमान में रूस में जारी कन्फेडरेशन्स कप टूर्नामेंट में खेल रहे हैं और उन्होंने हाल ही में अपना चौथा बालोन डी ओर खिताब जीता.  रियल मेड्रिड के खिलाड़ी रोनाल्डो ने चार चैम्पियंस लीग खिताब जीते. टिप्पणियां माराडोना ने कहा, "मैं अब भी मेसी को ही प्राथमिकता दूंगा. वह फुटबाल का आनंद ले रहे हैं और प्रतिद्वंद्वी टीम को आसानी से हराते हैं."  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नापोली के पूर्व स्टार खिलाड़ी ने उस समय मेसी की आलोचना की थी, जब उन्होंने कोपा अमेरिका के फाइनल के बाद संन्यास लेने की घोषणा की थी.  रोनाल्डो वर्तमान में रूस में जारी कन्फेडरेशन्स कप टूर्नामेंट में खेल रहे हैं और उन्होंने हाल ही में अपना चौथा बालोन डी ओर खिताब जीता.  रियल मेड्रिड के खिलाड़ी रोनाल्डो ने चार चैम्पियंस लीग खिताब जीते. टिप्पणियां माराडोना ने कहा, "मैं अब भी मेसी को ही प्राथमिकता दूंगा. वह फुटबाल का आनंद ले रहे हैं और प्रतिद्वंद्वी टीम को आसानी से हराते हैं."  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रोनाल्डो वर्तमान में रूस में जारी कन्फेडरेशन्स कप टूर्नामेंट में खेल रहे हैं और उन्होंने हाल ही में अपना चौथा बालोन डी ओर खिताब जीता.  रियल मेड्रिड के खिलाड़ी रोनाल्डो ने चार चैम्पियंस लीग खिताब जीते. टिप्पणियां माराडोना ने कहा, "मैं अब भी मेसी को ही प्राथमिकता दूंगा. वह फुटबाल का आनंद ले रहे हैं और प्रतिद्वंद्वी टीम को आसानी से हराते हैं."  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रियल मेड्रिड के खिलाड़ी रोनाल्डो ने चार चैम्पियंस लीग खिताब जीते. टिप्पणियां माराडोना ने कहा, "मैं अब भी मेसी को ही प्राथमिकता दूंगा. वह फुटबाल का आनंद ले रहे हैं और प्रतिद्वंद्वी टीम को आसानी से हराते हैं."  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) माराडोना ने कहा, "मैं अब भी मेसी को ही प्राथमिकता दूंगा. वह फुटबाल का आनंद ले रहे हैं और प्रतिद्वंद्वी टीम को आसानी से हराते हैं."  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: माराडोना ने रोनाल्डो के साथ सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर साझा की माराडोना वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात के क्लब अल-फुजेराह के कोच रियल मेड्रिड के खिलाड़ी रोनाल्डो ने चार चैम्पियंस लीग खिताब जीते
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मौजूदा यूपीए सरकार के मंगलवार को तीन साल पूरे हो गए। कमरतोड़ महंगाई के बीच एक तरफ तो सरकार फिजूलखर्ची रोकने और किफायत करने की बात कर रही है, लेकिन सच तो यह है कि सरकार की अपनी फिजूलखर्ची कम नहीं हुई है। सोमवार को ही राजीव गांधी की 21वीं पुण्यतिथि पर अखबार सरकारी विज्ञापनों से भरे रहे। बीते तीन सालों में ही सरकार ने विज्ञापनों पर 58 करोड़ रुपये फूंक डाले हैं। एनडीटीवी को एक आरटीआई से यह जानकारी मिली है कि बीते तीन साल में पुण्यतिथियों पर दिए जाने वाले विज्ञापनों पर ही केंद्र सरकार 58 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इनमें 15.23 करोड़ रुपये महात्मा गांधी से जुडे विज्ञापनों पर खर्च किए गए। अंबेडकर के विज्ञापनों पर 12.81 करोड़ रुपये खर्च हुए। राजीव गांधी से जुड़े विज्ञापनों पर 11.6 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जवाहरलाल नेहरू से जुड़े विज्ञापनों पर 7.2 करोड़ का खर्च आया और इंदिरा गांधी के विज्ञापनों पर 4.9 करोड रुपये खर्च किए गए।टिप्पणियां बीते पांच साल मे सरकार की आमदनी बस 36 फीसदी बढ़ी है और वित्तीय घाटा 312 फीसदी बढ़ चुका है। कुछ वक्त पहले वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने सरकारी खर्चों में कुछ कटौतियों का ऐलान भी किया है। इनमें विदेश यात्रओं पर पाबंदी, सेमिनारों और सम्मेलनों के बजट में 10 फीसदी की कटौती, पांच सितारा होटलों में बैठकों पर रोक, रक्षा के अलावा वाहनों की ख़रीद पर रोक जैसी तरकीबें शामिल हैं, लेकिन इन चीज़ों पर रोक लगी तो क्या हुआ, सरकार के पास फ़िज़ूलख़र्ची करने के और रास्ते हैं। एनडीटीवी को एक आरटीआई से यह जानकारी मिली है कि बीते तीन साल में पुण्यतिथियों पर दिए जाने वाले विज्ञापनों पर ही केंद्र सरकार 58 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इनमें 15.23 करोड़ रुपये महात्मा गांधी से जुडे विज्ञापनों पर खर्च किए गए। अंबेडकर के विज्ञापनों पर 12.81 करोड़ रुपये खर्च हुए। राजीव गांधी से जुड़े विज्ञापनों पर 11.6 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जवाहरलाल नेहरू से जुड़े विज्ञापनों पर 7.2 करोड़ का खर्च आया और इंदिरा गांधी के विज्ञापनों पर 4.9 करोड रुपये खर्च किए गए।टिप्पणियां बीते पांच साल मे सरकार की आमदनी बस 36 फीसदी बढ़ी है और वित्तीय घाटा 312 फीसदी बढ़ चुका है। कुछ वक्त पहले वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने सरकारी खर्चों में कुछ कटौतियों का ऐलान भी किया है। इनमें विदेश यात्रओं पर पाबंदी, सेमिनारों और सम्मेलनों के बजट में 10 फीसदी की कटौती, पांच सितारा होटलों में बैठकों पर रोक, रक्षा के अलावा वाहनों की ख़रीद पर रोक जैसी तरकीबें शामिल हैं, लेकिन इन चीज़ों पर रोक लगी तो क्या हुआ, सरकार के पास फ़िज़ूलख़र्ची करने के और रास्ते हैं। बीते पांच साल मे सरकार की आमदनी बस 36 फीसदी बढ़ी है और वित्तीय घाटा 312 फीसदी बढ़ चुका है। कुछ वक्त पहले वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने सरकारी खर्चों में कुछ कटौतियों का ऐलान भी किया है। इनमें विदेश यात्रओं पर पाबंदी, सेमिनारों और सम्मेलनों के बजट में 10 फीसदी की कटौती, पांच सितारा होटलों में बैठकों पर रोक, रक्षा के अलावा वाहनों की ख़रीद पर रोक जैसी तरकीबें शामिल हैं, लेकिन इन चीज़ों पर रोक लगी तो क्या हुआ, सरकार के पास फ़िज़ूलख़र्ची करने के और रास्ते हैं। इनमें विदेश यात्रओं पर पाबंदी, सेमिनारों और सम्मेलनों के बजट में 10 फीसदी की कटौती, पांच सितारा होटलों में बैठकों पर रोक, रक्षा के अलावा वाहनों की ख़रीद पर रोक जैसी तरकीबें शामिल हैं, लेकिन इन चीज़ों पर रोक लगी तो क्या हुआ, सरकार के पास फ़िज़ूलख़र्ची करने के और रास्ते हैं।
संक्षिप्त सारांश: आरटीआई से यह जानकारी मिली है कि बीते तीन साल में पुण्यतिथियों पर दिए जाने वाले विज्ञापनों पर ही केंद्र सरकार 58 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की विशाल विविधता का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश में कोई एक स्वरूप या एकरूपता विनाशकारी होगी। दार्जिलिंग में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने देश की बहुजातीय संस्कृति पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने कहा, 'हम अपनी विविधता पर गर्व करते हैं। हम एक ही स्वरूप या एकरूपता लाने की कोशिश इसलिए नहीं करते क्योंकि हम जानते हैं कि यह हमारे सामाजिक प्रगति एवं विकास के लिए सबसे ज्यादा विनाशकारी होगा। विविधता में एकता ही हमारी ताकत है। हम अपने राष्ट्रीय बंधन में एकजुट हैं।' प्रणब ने कहा कि भारत की विशालता इसकी विविधता में है। उन्होंने यहां नेपाली कवि भानुभक्त आचार्य की 202वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के मुद्दे पर बहस चल रही है।टिप्पणियां प्रणब ने कहा कि नेपाल के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा, 'हम इस संबंध को और मजबूत करना चाहेंगे।' महान कवि भानुभक्त आचार्य का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अपनी कविताएं तो नेपाली में लिखी, लेकिन उनका संदेश समूची मानवता के लिए है। उन्होंने कहा, 'उनकी अपील भौगोलिक सीमाओं और समय से परे है। नेपाली भाषा के इस अग्रणी कवि को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर पाकर वह खुश हैं।' इस कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी भी मौजूद थे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राष्ट्रपति ने कहा, 'हम अपनी विविधता पर गर्व करते हैं। हम एक ही स्वरूप या एकरूपता लाने की कोशिश इसलिए नहीं करते क्योंकि हम जानते हैं कि यह हमारे सामाजिक प्रगति एवं विकास के लिए सबसे ज्यादा विनाशकारी होगा। विविधता में एकता ही हमारी ताकत है। हम अपने राष्ट्रीय बंधन में एकजुट हैं।' प्रणब ने कहा कि भारत की विशालता इसकी विविधता में है। उन्होंने यहां नेपाली कवि भानुभक्त आचार्य की 202वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के मुद्दे पर बहस चल रही है।टिप्पणियां प्रणब ने कहा कि नेपाल के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा, 'हम इस संबंध को और मजबूत करना चाहेंगे।' महान कवि भानुभक्त आचार्य का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अपनी कविताएं तो नेपाली में लिखी, लेकिन उनका संदेश समूची मानवता के लिए है। उन्होंने कहा, 'उनकी अपील भौगोलिक सीमाओं और समय से परे है। नेपाली भाषा के इस अग्रणी कवि को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर पाकर वह खुश हैं।' इस कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी भी मौजूद थे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रणब ने कहा कि भारत की विशालता इसकी विविधता में है। उन्होंने यहां नेपाली कवि भानुभक्त आचार्य की 202वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के मुद्दे पर बहस चल रही है।टिप्पणियां प्रणब ने कहा कि नेपाल के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा, 'हम इस संबंध को और मजबूत करना चाहेंगे।' महान कवि भानुभक्त आचार्य का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अपनी कविताएं तो नेपाली में लिखी, लेकिन उनका संदेश समूची मानवता के लिए है। उन्होंने कहा, 'उनकी अपील भौगोलिक सीमाओं और समय से परे है। नेपाली भाषा के इस अग्रणी कवि को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर पाकर वह खुश हैं।' इस कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी भी मौजूद थे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रणब ने कहा कि नेपाल के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा, 'हम इस संबंध को और मजबूत करना चाहेंगे।' महान कवि भानुभक्त आचार्य का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अपनी कविताएं तो नेपाली में लिखी, लेकिन उनका संदेश समूची मानवता के लिए है। उन्होंने कहा, 'उनकी अपील भौगोलिक सीमाओं और समय से परे है। नेपाली भाषा के इस अग्रणी कवि को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर पाकर वह खुश हैं।' इस कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी भी मौजूद थे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: समान नागरिक संहिता पर जारी बहस के बीच राष्ट्रपति ने ये बातें कही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश की बहुजातीय संस्कृति पर जोर दिया राष्ट्रपति ने कहा हम अपनी विविधता पर गर्व करते हैं
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पुलिस ने जब सख्ती से केवी रमा से पूछताछ की तो उसने अपने पति को ज़हर देकर मारने की बात कबूल कर लिया. उसने पुलिस को बताया कि ज़हर का इंतजाम तांत्रिक ने किया था. महिला के कबूलनामे के बाद मृतक के भाई ने पुलिस में एक लिखित शिकायत दी जिसके बाद से पुलिस ने इस पूरे मामले में आईपीसी 302, 120बी और 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है.  टिप्पणियां उसकी निशानदेही पर तांत्रिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।. मुरथी एक फाइनेंस मैनेजर था और रमा सरकारी नौकरी करती थी. पुलिस को उसने बताया कि उसकी शादीशुदा जिंदगी ठीक नहीं चल रही थी. पति शराब का आदि था और परिवार पर 10 से 12 लाख का कर्ज़ भी हो गया था वह इन सब से छुटकारा पाना चाहती थी, इसलिए वो तांत्रिक से मिली जिसने ये पूरी साजिश रची. उसकी निशानदेही पर तांत्रिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।. मुरथी एक फाइनेंस मैनेजर था और रमा सरकारी नौकरी करती थी. पुलिस को उसने बताया कि उसकी शादीशुदा जिंदगी ठीक नहीं चल रही थी. पति शराब का आदि था और परिवार पर 10 से 12 लाख का कर्ज़ भी हो गया था वह इन सब से छुटकारा पाना चाहती थी, इसलिए वो तांत्रिक से मिली जिसने ये पूरी साजिश रची. मुरथी एक फाइनेंस मैनेजर था और रमा सरकारी नौकरी करती थी. पुलिस को उसने बताया कि उसकी शादीशुदा जिंदगी ठीक नहीं चल रही थी. पति शराब का आदि था और परिवार पर 10 से 12 लाख का कर्ज़ भी हो गया था वह इन सब से छुटकारा पाना चाहती थी, इसलिए वो तांत्रिक से मिली जिसने ये पूरी साजिश रची.
यह एक सारांश है: शराबी पति ने ले लिया था लाखों का कर्ज शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं थी रमा जहर देकर पति की हत्या की.
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बंबई शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार तीसरे दिन जारी रहा और सेंसेक्स 51 अंक लुढ़ककर 18,086 अंक पर आ गया। कंपनियों की आमदनी उम्मीद से कम रहने तथा ब्याज दरें बढ़ने की चिंता से बाजार में बिकवाली का दबाव रहा। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 51.15 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 18,086.20 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह दिन के निचले स्तर 18,020.79 पर आ गया था। इससे पिछले सत्रों में सेंसेक्स में 394 अंक की गिरावट आई थी। इस साल सेंसेक्स करीब 12.5 प्रतिशत टूट चुका है। इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 18.35 अंक या 0.34 प्रतिशत टूटकर 5,420.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 5,401.25 अंक तक नीचे आया था। विश्लेषकों के अनुसार, एशियाई और यूरोपीय बाजारों में मजबूती के रुख के बावजूद बाजार में गिरावट का सिलसिला बना हुआ है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक और ओएनजीसी जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स नीचे आ गया। ब्रोकरों ने कहा कि यदि एचडीएफसी, आईटीसी, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में लिवाली का जोर नहीं रहता तो यह गिरावट और बड़ी हो सकती थी। पेट्रोल कीमतों में वृद्धि के बावजूद रिफाइनरी शेयरों में मुनाफावसूली का जोर रहा। तेल एवं गैस सूचकांक 175.62 अंक या 1.88 प्रतिशत लुढ़क गया। भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन आयल कारपोरेशन, गेल इंडिया तथा ओएनजीसी के साथ सेंसेक्स में सबसे ज्यादा भारांश रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 1.3 प्रतिशत से 4.5 फीसद तक नीचे आए। सार्वजनिक उपक्रमों, फार्मा, वाहन, रीयल्टी और बैंकिंग शेयर भी दबाव में रहे।
यह एक सारांश है: बंबई शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार तीसरे दिन जारी रहा और सेंसेक्स 51 अंक लुढ़ककर 18,086 अंक पर आ गया।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले साल लंदन में हुए दंगों के दौरान हिंसक उपद्रव और एक हाई प्रोफाइल रेस्त्रां पर हमले में संलिप्तता के लिए एक ब्रिटिश अदालत ने 16 लोगों को कुल 73 साल के कारावास की सजा सुनाई है।टिप्पणियां इनर लंदन क्राउन कोर्ट ने कहा कि आरोपी ‘‘उत्पात और उग्र भीड़ वाले अपराध’’ में शामिल थे और अपने रास्ते पर तबाही मचाई। अदालत ने 16 लोगों को अलग-अलग कारावास की सजा सुनाई जो कुल मिलाकर 73 साल और पांच महीने है। ये अपराध अगस्त 2011 की शाम को क्वीन्सवे और नॉटिंग हिल इलाकों में किए गए थे। दंगों के दौरान तबाही के रास्ते पर चलने वाले गिरोह को यह सजा न्यायाधीश उषा कारू ने सुनाई। इनर लंदन क्राउन कोर्ट ने कहा कि आरोपी ‘‘उत्पात और उग्र भीड़ वाले अपराध’’ में शामिल थे और अपने रास्ते पर तबाही मचाई। अदालत ने 16 लोगों को अलग-अलग कारावास की सजा सुनाई जो कुल मिलाकर 73 साल और पांच महीने है। ये अपराध अगस्त 2011 की शाम को क्वीन्सवे और नॉटिंग हिल इलाकों में किए गए थे। दंगों के दौरान तबाही के रास्ते पर चलने वाले गिरोह को यह सजा न्यायाधीश उषा कारू ने सुनाई। अदालत ने 16 लोगों को अलग-अलग कारावास की सजा सुनाई जो कुल मिलाकर 73 साल और पांच महीने है। ये अपराध अगस्त 2011 की शाम को क्वीन्सवे और नॉटिंग हिल इलाकों में किए गए थे। दंगों के दौरान तबाही के रास्ते पर चलने वाले गिरोह को यह सजा न्यायाधीश उषा कारू ने सुनाई।
संक्षिप्त पाठ: पिछले साल लंदन में हुए दंगों के दौरान हिंसक उपद्रव और एक हाई प्रोफाइल रेस्त्रां पर हमले में संलिप्तता के लिए एक ब्रिटिश अदालत ने 16 लोगों को कुल 73 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजावादी पार्टी नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खान पर निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों को सपा का गुलाम बनाकर रखने की आजम की कोशिश नाकाम हो गई है. मायावती ने एक बयान में कहा, 'आजम खान अपने जमीर को मारकर पहले सपा नेता मुलायम सिंह यादव और अब उनके पुत्र बबुआ (अखिलेश यादव) की चाटुकारिता कर रहे हैं. मुसलमानों को सपा का गुलाम बनाकर रखने की उनकी कोशिश अब पूरी तरह नाकाम हो गई है.' उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग अपने अच्छे बुरे को खुद समझकर फैसले ले रहे हैं. वे महसूस करते हैं कि उत्तर प्रदेश में केवल बसपा और उसका मजबूत नेतृत्व ही भाजपा एंड कंपनी, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांप्रदायिक एवं फासीवादी एजेंडे को विफल कर सकती है. 'इसीलिए इस खास मकसद को लेकर उन्होंने काफी बढ़ चढ़ कर विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया है.'टिप्पणियां मायावती ने कहा कि यही आजम खान की नाराजगी की वजह है. 'परंतु सपा नेता को अपने भविष्य से ज्यादा अपनी कौम की, सूबे की और मुल्क की फिक्र करनी चाहिए. जहां तक बसपा का सवाल है, तो इस पार्टी ने कभी किसी समाज का सिर झुकने नहीं दिया है. वह सर्वसमाज के हित एवं कल्याण के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से हर स्तर पर काम करती है. यही कारण है कि मुस्लिम समाज के लोगों को बसपा नेतृत्व पर ज्यादा भरोसा है.' उन्होंने दावा किया कि मुसलमान चूंकि बसपा से जुड़ रहा है, इसलिए आजम खान मुसलमानों को कोस रहे हैं, जो अशोभनीय है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग अपने अच्छे बुरे को खुद समझकर फैसले ले रहे हैं. वे महसूस करते हैं कि उत्तर प्रदेश में केवल बसपा और उसका मजबूत नेतृत्व ही भाजपा एंड कंपनी, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांप्रदायिक एवं फासीवादी एजेंडे को विफल कर सकती है. 'इसीलिए इस खास मकसद को लेकर उन्होंने काफी बढ़ चढ़ कर विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया है.'टिप्पणियां मायावती ने कहा कि यही आजम खान की नाराजगी की वजह है. 'परंतु सपा नेता को अपने भविष्य से ज्यादा अपनी कौम की, सूबे की और मुल्क की फिक्र करनी चाहिए. जहां तक बसपा का सवाल है, तो इस पार्टी ने कभी किसी समाज का सिर झुकने नहीं दिया है. वह सर्वसमाज के हित एवं कल्याण के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से हर स्तर पर काम करती है. यही कारण है कि मुस्लिम समाज के लोगों को बसपा नेतृत्व पर ज्यादा भरोसा है.' उन्होंने दावा किया कि मुसलमान चूंकि बसपा से जुड़ रहा है, इसलिए आजम खान मुसलमानों को कोस रहे हैं, जो अशोभनीय है. मायावती ने कहा कि यही आजम खान की नाराजगी की वजह है. 'परंतु सपा नेता को अपने भविष्य से ज्यादा अपनी कौम की, सूबे की और मुल्क की फिक्र करनी चाहिए. जहां तक बसपा का सवाल है, तो इस पार्टी ने कभी किसी समाज का सिर झुकने नहीं दिया है. वह सर्वसमाज के हित एवं कल्याण के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से हर स्तर पर काम करती है. यही कारण है कि मुस्लिम समाज के लोगों को बसपा नेतृत्व पर ज्यादा भरोसा है.' उन्होंने दावा किया कि मुसलमान चूंकि बसपा से जुड़ रहा है, इसलिए आजम खान मुसलमानों को कोस रहे हैं, जो अशोभनीय है. उन्होंने दावा किया कि मुसलमान चूंकि बसपा से जुड़ रहा है, इसलिए आजम खान मुसलमानों को कोस रहे हैं, जो अशोभनीय है.
संक्षिप्त पाठ: 'मुसलमानों को सपा का गुलाम बनाकर रखने की आजम की कोशिश नाकाम' 'मुस्लिम समाज के लोग अपने अच्छे बुरे को खुद समझकर फैसले ले रहे हैं.' 'उन्होंने काफी बढ़ चढ़ कर विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया है.'
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद अब भारत सरकार ने अलगाववादी समूह जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर (Jamaat-e-Islami Jammu and Kashmir) को कथित रूप से राष्ट्र विरोधी और विध्वंसकारी गतिविधियों के लिये गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत को प्रतिबंधित कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिबंध को लेकर अधिसूचना जारी की गई. जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर देश में राष्ट्र विरोधी और विध्वंसकारी गतिविधियों में शामिल होने और आतंकवादी संगठनों के साथ संपर्क में होने का आरोप है. जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर बैन लगाने के बाद सरकार ने बडी़ कार्रवाई की है और उनके नेताओं के कई घरों, दफ्तरों और संपत्तियों को सील कर दिया है. शनिवार को कश्मीर में कई जगहों पर अधिकारियों ने जमात-ए-इस्लामी  के कार्यकर्ताओं के घरों और संपत्तियों को सील किया. मजिस्ट्रेट ने जमात-ए-इस्लामी से जुड़े घरों और संस्थानों को सील करने का आदेश दिया था. इससे पहले सुरक्षा बलों ने पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले के बाद अलगाववादी ताकतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी तथा जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं और समर्थकों को गिरफ्तार किया था.  माना जा रहा है कि बीते चार दिनों में करीब 200 से अधिक जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी पर पाबंदी लगाने के केंद्र के फैसले की शुक्रवार को निंदा की और कहा कि यह राज्य के राजनीतिक मुद्दे से बाहुबल से निपटने की केंद्र सरकार की पहल का एक अन्य उदाहरण है.  सरकारी अधिकारियों का कहना है कि जमात-ए-इस्लामी (जेईएल) ही जम्मू कश्मीर राज्य के सबसे बड़े आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन और हुर्रियत कांफ्रेंस के गठन के लिए जिम्मेदार है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह संगठन दशकों से अपने अलगाववाद एवं पाकिस्तान समर्थन एजेंडे के तहत राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए राज्य में अलगाववादी एवं आतंकवादी तत्वों को वैचारिक और साजो-सामान संबंधी सहयोग प्रदान कर रहा है. एक अधिकारी ने कहा, ‘जेईल (जेएंडके) जम्मू कश्मीर में सक्रिय सबसे बड़े आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के गठन के लिए जिम्मेदार है. पाकिस्तान के सहयोग से ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के गठन के पीछे भी जेएल का ही दिमाग है.'
सारांश: जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर लगा बैन. जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर के नेताओं के घरों को सील किया गया. करीब 200 नेताओं को गिरफ्तार किया गया है.
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर वसीम अकरम ने भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट में नकारात्मक कप्तानी पर सवाल उठाए, लेकिन उम्मीद जताई कि वह चार मैचों की शृंखला के बचे हुए मैचों से पहले अपनी गलतियों से सीख लेंगे। अकरम ने धोनी की आलोचना करते हुए कहा कि क्षेत्ररक्षण करते हुए भारतीय कप्तान ने खिलाड़ियों को सही तरह से खड़ा नहीं किया और साथ ही कहा कि जब एमसीजी पर खिलाड़ी हतोत्साहित थे, तो वे उन्हें प्रेरित नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के निराशाजनक दौरे के बाद भी मैंने कहा था कि धोनी अच्छा कप्तान है और सीख रहा है। लेकिन एमसीजी पर वह मैदान पर चुप था, केवल कुछेक बार ही उसने गेंदबाजों को उत्साहित करने के लिए कुछ शब्द कहे। मुझे लगता है कि विकेट के पीछे खड़े रहकर गेंदबाजों को प्रेरित करना अब तक उप महाद्वीप की संस्कृति का हिस्सा नहीं बना है। अकरम ने कहा, ‘मुझे धोनी की रणनीति समझ नहीं आई। जब आपको उछाल मिल रहा है, तो आपको डीप प्वाइंट पर खिलाड़ी रखने की क्या जरूरत, उसे थर्ड मैन पर क्यों नहीं खड़ा किया। अगर आप खराब गेंदबाजी कर रहे हो, तो आपकी गेंद पर शॉट लगेंगे ही।
पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर वसीम अकरम ने भारतीय कप्तान धोनी की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट में नकारात्मक कप्तानी पर सवाल उठाए हैं।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दक्षिण चीन सागर में द्वीपसमूहों पर अधिकार के लिए समीपवर्ती देशों के साथ बढ़ते विवाद के बीच, चीन ने ‘समुद्री संप्रभुता’ की सुरक्षा के प्रयासों के तहत अपना सबसे बड़ा और अत्याधुनिक गश्ती पोत मिशन पर तैनात कर दिया है। बीते सप्ताह के अंत में नए पोत हैक्सुन 01 को हुबेई प्रांत के वुहान से जल क्षेत्र में उतारा गया। शंघाई नौवहन ब्यूरो (एसएमबी) ने बताया कि यह पोत ऐसा पहला गश्ती पोत है जो नौवहन निगरानी और बचाव कार्य, दोनों कर सकता है। इस पोत का प्रबंधन एसएमबी ही करेगा।टिप्पणियां सरकारी अखबार ‘चाइना डेली’ की आज की खबर में कहा गया है ‘‘समुद्री संप्रभुता की रक्षा करने और अपने तटीय जल क्षेत्र में बचाव क्षमता को बढ़ाने के प्रयासों के तहत चीन ने यह कदम उठाया है।’ एसएमबी ने एक बयान में कहा है कि कुल 5,418 टन वजन का यह पोत समुद्र में लोगों को बचा सकता है, नौवहन विवाद की जांच कर सकता है और तेल के रिसाव पर नजर रख सकता है। यह दूसरे पोतों को खींच भी सकता है और अन्य नौकाओं पर गोले बरसा सकता है। बीते सप्ताह के अंत में नए पोत हैक्सुन 01 को हुबेई प्रांत के वुहान से जल क्षेत्र में उतारा गया। शंघाई नौवहन ब्यूरो (एसएमबी) ने बताया कि यह पोत ऐसा पहला गश्ती पोत है जो नौवहन निगरानी और बचाव कार्य, दोनों कर सकता है। इस पोत का प्रबंधन एसएमबी ही करेगा।टिप्पणियां सरकारी अखबार ‘चाइना डेली’ की आज की खबर में कहा गया है ‘‘समुद्री संप्रभुता की रक्षा करने और अपने तटीय जल क्षेत्र में बचाव क्षमता को बढ़ाने के प्रयासों के तहत चीन ने यह कदम उठाया है।’ एसएमबी ने एक बयान में कहा है कि कुल 5,418 टन वजन का यह पोत समुद्र में लोगों को बचा सकता है, नौवहन विवाद की जांच कर सकता है और तेल के रिसाव पर नजर रख सकता है। यह दूसरे पोतों को खींच भी सकता है और अन्य नौकाओं पर गोले बरसा सकता है। सरकारी अखबार ‘चाइना डेली’ की आज की खबर में कहा गया है ‘‘समुद्री संप्रभुता की रक्षा करने और अपने तटीय जल क्षेत्र में बचाव क्षमता को बढ़ाने के प्रयासों के तहत चीन ने यह कदम उठाया है।’ एसएमबी ने एक बयान में कहा है कि कुल 5,418 टन वजन का यह पोत समुद्र में लोगों को बचा सकता है, नौवहन विवाद की जांच कर सकता है और तेल के रिसाव पर नजर रख सकता है। यह दूसरे पोतों को खींच भी सकता है और अन्य नौकाओं पर गोले बरसा सकता है। एसएमबी ने एक बयान में कहा है कि कुल 5,418 टन वजन का यह पोत समुद्र में लोगों को बचा सकता है, नौवहन विवाद की जांच कर सकता है और तेल के रिसाव पर नजर रख सकता है। यह दूसरे पोतों को खींच भी सकता है और अन्य नौकाओं पर गोले बरसा सकता है।
संक्षिप्त पाठ: दक्षिण चीन सागर में द्वीपसमूहों पर अधिकार के लिए समीपवर्ती देशों के साथ बढ़ते विवाद के बीच, चीन ने ‘समुद्री संप्रभुता’ की सुरक्षा के प्रयासों के तहत अपना सबसे बड़ा और अत्याधुनिक गश्ती पोत मिशन पर तैनात कर दिया है।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग करते हुए कहा है कि कोर्ट किंगफिशर एयरलाइंस के मुखिया विजय माल्या को आदेश दे कि वह डिएगो डील से मिले 40 मिलियन यूएस डॉलर लेकर एक हफ्ते के भीतर भारत आए. अगर वह पैसे वापस भारत नहीं लाते तो कोर्ट में पेश हों. बैंक एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि डिएगो डील से मिले 40 मिलियन डॉलर बच्चों के एकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं. उसका एक ट्रस्ट बना रखा है. मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी. किंगफिशर एयरलाइंस के मुखिया विजय माल्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर डिएगो डील से मिले 40 मिलियन डॉलर बच्चों के एकाउंट में ट्रांसफर किए हैं. बैंकों ने डिएगो डील से मिले 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर सुप्रीम कोर्ट में जमा कराने की मांग की है. इससे पहले विजय माल्या की याचिका पर कोर्ट ने बैंकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. याचिका में माल्या ने अवमानना नोटिस को वापस लेने की मांग की है. माल्या का कहना है कि संपत्ति का ब्योरा समझौते के लिए दिया था, जबकि समझौता नहीं हो रहा है. लिहाजा कोई अवमानना का मामला नहीं बनता. दरअसल सुप्रीम कोर्ट किंगफिशर एयरलाइंस के मुखिया विजय माल्या के खिलाफ अदालत की अवमानना के मामले की सुनवाई कर रहा है. एसबीआई और बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट में अदालत की अवमानना की याचिका दाखिल की है जिस पर कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाया जाए.टिप्पणियां बैंकों की याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माल्या ने सील कवर में संपत्ति का ब्योरा दिया, वह गलत है. एजी ने कोर्ट से कहा कि माल्या ने इस डिक्लेरेशन में कई जानकारियां छिपाईं, झूठ बोला है. माल्या ने 2500 करोड़ के कैश का लेन-देन भी छिपाया है जो कोर्ट के आदेश की अवमानना है. कोर्ट के आदेश पर माल्या ने देश-विदेश में अपनी संपत्ति का ब्योरा दाखिल किया था. इससे पहले बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपये लोन न चुकाने के मामले में कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. किंगफिशर एयरलाइंस के मुखिया विजय माल्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर डिएगो डील से मिले 40 मिलियन डॉलर बच्चों के एकाउंट में ट्रांसफर किए हैं. बैंकों ने डिएगो डील से मिले 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर सुप्रीम कोर्ट में जमा कराने की मांग की है. इससे पहले विजय माल्या की याचिका पर कोर्ट ने बैंकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. याचिका में माल्या ने अवमानना नोटिस को वापस लेने की मांग की है. माल्या का कहना है कि संपत्ति का ब्योरा समझौते के लिए दिया था, जबकि समझौता नहीं हो रहा है. लिहाजा कोई अवमानना का मामला नहीं बनता. दरअसल सुप्रीम कोर्ट किंगफिशर एयरलाइंस के मुखिया विजय माल्या के खिलाफ अदालत की अवमानना के मामले की सुनवाई कर रहा है. एसबीआई और बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट में अदालत की अवमानना की याचिका दाखिल की है जिस पर कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाया जाए.टिप्पणियां बैंकों की याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माल्या ने सील कवर में संपत्ति का ब्योरा दिया, वह गलत है. एजी ने कोर्ट से कहा कि माल्या ने इस डिक्लेरेशन में कई जानकारियां छिपाईं, झूठ बोला है. माल्या ने 2500 करोड़ के कैश का लेन-देन भी छिपाया है जो कोर्ट के आदेश की अवमानना है. कोर्ट के आदेश पर माल्या ने देश-विदेश में अपनी संपत्ति का ब्योरा दाखिल किया था. इससे पहले बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपये लोन न चुकाने के मामले में कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. इससे पहले विजय माल्या की याचिका पर कोर्ट ने बैंकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. याचिका में माल्या ने अवमानना नोटिस को वापस लेने की मांग की है. माल्या का कहना है कि संपत्ति का ब्योरा समझौते के लिए दिया था, जबकि समझौता नहीं हो रहा है. लिहाजा कोई अवमानना का मामला नहीं बनता. दरअसल सुप्रीम कोर्ट किंगफिशर एयरलाइंस के मुखिया विजय माल्या के खिलाफ अदालत की अवमानना के मामले की सुनवाई कर रहा है. एसबीआई और बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट में अदालत की अवमानना की याचिका दाखिल की है जिस पर कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाया जाए.टिप्पणियां बैंकों की याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माल्या ने सील कवर में संपत्ति का ब्योरा दिया, वह गलत है. एजी ने कोर्ट से कहा कि माल्या ने इस डिक्लेरेशन में कई जानकारियां छिपाईं, झूठ बोला है. माल्या ने 2500 करोड़ के कैश का लेन-देन भी छिपाया है जो कोर्ट के आदेश की अवमानना है. कोर्ट के आदेश पर माल्या ने देश-विदेश में अपनी संपत्ति का ब्योरा दाखिल किया था. इससे पहले बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपये लोन न चुकाने के मामले में कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट किंगफिशर एयरलाइंस के मुखिया विजय माल्या के खिलाफ अदालत की अवमानना के मामले की सुनवाई कर रहा है. एसबीआई और बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट में अदालत की अवमानना की याचिका दाखिल की है जिस पर कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाया जाए.टिप्पणियां बैंकों की याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माल्या ने सील कवर में संपत्ति का ब्योरा दिया, वह गलत है. एजी ने कोर्ट से कहा कि माल्या ने इस डिक्लेरेशन में कई जानकारियां छिपाईं, झूठ बोला है. माल्या ने 2500 करोड़ के कैश का लेन-देन भी छिपाया है जो कोर्ट के आदेश की अवमानना है. कोर्ट के आदेश पर माल्या ने देश-विदेश में अपनी संपत्ति का ब्योरा दाखिल किया था. इससे पहले बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपये लोन न चुकाने के मामले में कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. बैंकों की याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माल्या ने सील कवर में संपत्ति का ब्योरा दिया, वह गलत है. एजी ने कोर्ट से कहा कि माल्या ने इस डिक्लेरेशन में कई जानकारियां छिपाईं, झूठ बोला है. माल्या ने 2500 करोड़ के कैश का लेन-देन भी छिपाया है जो कोर्ट के आदेश की अवमानना है. कोर्ट के आदेश पर माल्या ने देश-विदेश में अपनी संपत्ति का ब्योरा दाखिल किया था. इससे पहले बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपये लोन न चुकाने के मामले में कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. कोर्ट के आदेश पर माल्या ने देश-विदेश में अपनी संपत्ति का ब्योरा दाखिल किया था. इससे पहले बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपये लोन न चुकाने के मामले में कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.
सारांश: विजय माल्या को डिएगो डील से मिले 40 मिलियन यूएस डॉलर रकम बच्चों के एकाउंट में डाले, ट्रस्ट बना रखा है मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने एशियाई शेरों को गुजरात से मध्य प्रदेश के अभयारण्य में स्थानांतरित करने की अनुमति देते हुए सोमवार को कहा कि यह प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है और उसे दूसरे घर की आवश्यकता है। न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति चंदमौलि कुमार प्रसाद की खंडपीठ ने शेरों का स्थानांतरण करने के लिए संबंधित वन्यजीव प्राधिकरणों को छह महीने का वक्त दिया है। इस समय गुजरात के गिर अभयारण्य में करीब चार सौ एशियाई शेर हैं। न्यायाधीशों ने कहा कि नामीबिया से अफ्रीकी चीते भारत लाने की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि जंगली भैंसा और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जैसी विलुप्त होने की कगार पहुंची देशी प्रजातियों के संरक्षण को प्राथमिकी दी जानी चाहिए। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 300 करोड़ रुपये के चीता संरक्षण कार्यक्रम के तहत देश में अफ्रीकी चीते लाने का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन शीर्ष अदालत ने पिछले साल मई में इस परियोजना के अमल पर रोक लगा दी थी। एशियाई शेरों को गुजरात के गिर अभयारण्य से मध्य प्रदेश के पालपुर कुनो अभयारण्य में भेजने के मसले पर सुनवाई के दौरान ही नामीबिया से चीते लाने का मुद्दा भी उठा था। गिर के अभयारण्य से एशियाई शेरों को मध्य प्रदेश के अभयारण्य में स्थानांतरित करने के लिए दायर जनहित याचिका का गुजरात सरकार शीर्ष अदालत में विरोध कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले साल इन शेरों को पालपुर कुनो अभयारण्य में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार का दावा था कि वहां इस प्रजाति के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के लिए सभी सुविधायें हैं। मध्य प्रदेश के इस अनुरोध का गुजरात विरोध कर रहा था। गुजरात का तर्क था कि यह राज्य पन्ना अभयारण्य में बाघों को सुरक्षित नहीं रख सका है, ऐसी स्थिति में ये शेर भी वहां सुरक्षित नहीं रहेंगे। गुजरात की दलील थी कि उसके पास शेरों के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन और इच्छाशक्ति है और ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। गुजरात का कहना था कि लगभग विलुप्त हो चुके दक्षिण अफ्रीकी चीतों को कूनो पालपुर अभयारण्य में स्थानांतरित करना चाहिए और समुचित प्रयासों के बाद ही धीरे-धीरे इन शेरों को अभयारण्य में शामिल किया जाना चाहिए।टिप्पणियां अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति चंदमौलि कुमार प्रसाद की खंडपीठ ने शेरों का स्थानांतरण करने के लिए संबंधित वन्यजीव प्राधिकरणों को छह महीने का वक्त दिया है। इस समय गुजरात के गिर अभयारण्य में करीब चार सौ एशियाई शेर हैं। न्यायाधीशों ने कहा कि नामीबिया से अफ्रीकी चीते भारत लाने की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि जंगली भैंसा और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जैसी विलुप्त होने की कगार पहुंची देशी प्रजातियों के संरक्षण को प्राथमिकी दी जानी चाहिए। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 300 करोड़ रुपये के चीता संरक्षण कार्यक्रम के तहत देश में अफ्रीकी चीते लाने का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन शीर्ष अदालत ने पिछले साल मई में इस परियोजना के अमल पर रोक लगा दी थी। एशियाई शेरों को गुजरात के गिर अभयारण्य से मध्य प्रदेश के पालपुर कुनो अभयारण्य में भेजने के मसले पर सुनवाई के दौरान ही नामीबिया से चीते लाने का मुद्दा भी उठा था। गिर के अभयारण्य से एशियाई शेरों को मध्य प्रदेश के अभयारण्य में स्थानांतरित करने के लिए दायर जनहित याचिका का गुजरात सरकार शीर्ष अदालत में विरोध कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले साल इन शेरों को पालपुर कुनो अभयारण्य में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार का दावा था कि वहां इस प्रजाति के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के लिए सभी सुविधायें हैं। मध्य प्रदेश के इस अनुरोध का गुजरात विरोध कर रहा था। गुजरात का तर्क था कि यह राज्य पन्ना अभयारण्य में बाघों को सुरक्षित नहीं रख सका है, ऐसी स्थिति में ये शेर भी वहां सुरक्षित नहीं रहेंगे। गुजरात की दलील थी कि उसके पास शेरों के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन और इच्छाशक्ति है और ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। गुजरात का कहना था कि लगभग विलुप्त हो चुके दक्षिण अफ्रीकी चीतों को कूनो पालपुर अभयारण्य में स्थानांतरित करना चाहिए और समुचित प्रयासों के बाद ही धीरे-धीरे इन शेरों को अभयारण्य में शामिल किया जाना चाहिए।टिप्पणियां अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। न्यायाधीशों ने कहा कि नामीबिया से अफ्रीकी चीते भारत लाने की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि जंगली भैंसा और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जैसी विलुप्त होने की कगार पहुंची देशी प्रजातियों के संरक्षण को प्राथमिकी दी जानी चाहिए। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 300 करोड़ रुपये के चीता संरक्षण कार्यक्रम के तहत देश में अफ्रीकी चीते लाने का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन शीर्ष अदालत ने पिछले साल मई में इस परियोजना के अमल पर रोक लगा दी थी। एशियाई शेरों को गुजरात के गिर अभयारण्य से मध्य प्रदेश के पालपुर कुनो अभयारण्य में भेजने के मसले पर सुनवाई के दौरान ही नामीबिया से चीते लाने का मुद्दा भी उठा था। गिर के अभयारण्य से एशियाई शेरों को मध्य प्रदेश के अभयारण्य में स्थानांतरित करने के लिए दायर जनहित याचिका का गुजरात सरकार शीर्ष अदालत में विरोध कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले साल इन शेरों को पालपुर कुनो अभयारण्य में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार का दावा था कि वहां इस प्रजाति के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के लिए सभी सुविधायें हैं। मध्य प्रदेश के इस अनुरोध का गुजरात विरोध कर रहा था। गुजरात का तर्क था कि यह राज्य पन्ना अभयारण्य में बाघों को सुरक्षित नहीं रख सका है, ऐसी स्थिति में ये शेर भी वहां सुरक्षित नहीं रहेंगे। गुजरात की दलील थी कि उसके पास शेरों के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन और इच्छाशक्ति है और ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। गुजरात का कहना था कि लगभग विलुप्त हो चुके दक्षिण अफ्रीकी चीतों को कूनो पालपुर अभयारण्य में स्थानांतरित करना चाहिए और समुचित प्रयासों के बाद ही धीरे-धीरे इन शेरों को अभयारण्य में शामिल किया जाना चाहिए।टिप्पणियां अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 300 करोड़ रुपये के चीता संरक्षण कार्यक्रम के तहत देश में अफ्रीकी चीते लाने का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन शीर्ष अदालत ने पिछले साल मई में इस परियोजना के अमल पर रोक लगा दी थी। एशियाई शेरों को गुजरात के गिर अभयारण्य से मध्य प्रदेश के पालपुर कुनो अभयारण्य में भेजने के मसले पर सुनवाई के दौरान ही नामीबिया से चीते लाने का मुद्दा भी उठा था। गिर के अभयारण्य से एशियाई शेरों को मध्य प्रदेश के अभयारण्य में स्थानांतरित करने के लिए दायर जनहित याचिका का गुजरात सरकार शीर्ष अदालत में विरोध कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले साल इन शेरों को पालपुर कुनो अभयारण्य में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार का दावा था कि वहां इस प्रजाति के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के लिए सभी सुविधायें हैं। मध्य प्रदेश के इस अनुरोध का गुजरात विरोध कर रहा था। गुजरात का तर्क था कि यह राज्य पन्ना अभयारण्य में बाघों को सुरक्षित नहीं रख सका है, ऐसी स्थिति में ये शेर भी वहां सुरक्षित नहीं रहेंगे। गुजरात की दलील थी कि उसके पास शेरों के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन और इच्छाशक्ति है और ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। गुजरात का कहना था कि लगभग विलुप्त हो चुके दक्षिण अफ्रीकी चीतों को कूनो पालपुर अभयारण्य में स्थानांतरित करना चाहिए और समुचित प्रयासों के बाद ही धीरे-धीरे इन शेरों को अभयारण्य में शामिल किया जाना चाहिए।टिप्पणियां अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। एशियाई शेरों को गुजरात के गिर अभयारण्य से मध्य प्रदेश के पालपुर कुनो अभयारण्य में भेजने के मसले पर सुनवाई के दौरान ही नामीबिया से चीते लाने का मुद्दा भी उठा था। गिर के अभयारण्य से एशियाई शेरों को मध्य प्रदेश के अभयारण्य में स्थानांतरित करने के लिए दायर जनहित याचिका का गुजरात सरकार शीर्ष अदालत में विरोध कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले साल इन शेरों को पालपुर कुनो अभयारण्य में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार का दावा था कि वहां इस प्रजाति के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के लिए सभी सुविधायें हैं। मध्य प्रदेश के इस अनुरोध का गुजरात विरोध कर रहा था। गुजरात का तर्क था कि यह राज्य पन्ना अभयारण्य में बाघों को सुरक्षित नहीं रख सका है, ऐसी स्थिति में ये शेर भी वहां सुरक्षित नहीं रहेंगे। गुजरात की दलील थी कि उसके पास शेरों के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन और इच्छाशक्ति है और ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। गुजरात का कहना था कि लगभग विलुप्त हो चुके दक्षिण अफ्रीकी चीतों को कूनो पालपुर अभयारण्य में स्थानांतरित करना चाहिए और समुचित प्रयासों के बाद ही धीरे-धीरे इन शेरों को अभयारण्य में शामिल किया जाना चाहिए।टिप्पणियां अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। गिर के अभयारण्य से एशियाई शेरों को मध्य प्रदेश के अभयारण्य में स्थानांतरित करने के लिए दायर जनहित याचिका का गुजरात सरकार शीर्ष अदालत में विरोध कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले साल इन शेरों को पालपुर कुनो अभयारण्य में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार का दावा था कि वहां इस प्रजाति के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के लिए सभी सुविधायें हैं। मध्य प्रदेश के इस अनुरोध का गुजरात विरोध कर रहा था। गुजरात का तर्क था कि यह राज्य पन्ना अभयारण्य में बाघों को सुरक्षित नहीं रख सका है, ऐसी स्थिति में ये शेर भी वहां सुरक्षित नहीं रहेंगे। गुजरात की दलील थी कि उसके पास शेरों के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन और इच्छाशक्ति है और ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। गुजरात का कहना था कि लगभग विलुप्त हो चुके दक्षिण अफ्रीकी चीतों को कूनो पालपुर अभयारण्य में स्थानांतरित करना चाहिए और समुचित प्रयासों के बाद ही धीरे-धीरे इन शेरों को अभयारण्य में शामिल किया जाना चाहिए।टिप्पणियां अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले साल इन शेरों को पालपुर कुनो अभयारण्य में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार का दावा था कि वहां इस प्रजाति के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के लिए सभी सुविधायें हैं। मध्य प्रदेश के इस अनुरोध का गुजरात विरोध कर रहा था। गुजरात का तर्क था कि यह राज्य पन्ना अभयारण्य में बाघों को सुरक्षित नहीं रख सका है, ऐसी स्थिति में ये शेर भी वहां सुरक्षित नहीं रहेंगे। गुजरात की दलील थी कि उसके पास शेरों के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन और इच्छाशक्ति है और ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। गुजरात का कहना था कि लगभग विलुप्त हो चुके दक्षिण अफ्रीकी चीतों को कूनो पालपुर अभयारण्य में स्थानांतरित करना चाहिए और समुचित प्रयासों के बाद ही धीरे-धीरे इन शेरों को अभयारण्य में शामिल किया जाना चाहिए।टिप्पणियां अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। मध्य प्रदेश के इस अनुरोध का गुजरात विरोध कर रहा था। गुजरात का तर्क था कि यह राज्य पन्ना अभयारण्य में बाघों को सुरक्षित नहीं रख सका है, ऐसी स्थिति में ये शेर भी वहां सुरक्षित नहीं रहेंगे। गुजरात की दलील थी कि उसके पास शेरों के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन और इच्छाशक्ति है और ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। गुजरात का कहना था कि लगभग विलुप्त हो चुके दक्षिण अफ्रीकी चीतों को कूनो पालपुर अभयारण्य में स्थानांतरित करना चाहिए और समुचित प्रयासों के बाद ही धीरे-धीरे इन शेरों को अभयारण्य में शामिल किया जाना चाहिए।टिप्पणियां अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। गुजरात की दलील थी कि उसके पास शेरों के संरक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन और इच्छाशक्ति है और ऐसी स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। गुजरात का कहना था कि लगभग विलुप्त हो चुके दक्षिण अफ्रीकी चीतों को कूनो पालपुर अभयारण्य में स्थानांतरित करना चाहिए और समुचित प्रयासों के बाद ही धीरे-धीरे इन शेरों को अभयारण्य में शामिल किया जाना चाहिए।टिप्पणियां अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अफ्रीकी चीतों को भारत लाने के प्रस्ताव का अनेक पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं। इनका तर्क है कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थाई समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। एशियाई चीते 1950 में देश में विलुप्त हो गए थे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई, 2010 में भारत में अफ्रीकी चीते लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
सारांश: उच्चतम न्यायालय ने एशियाई शेरों को गुजरात से मध्य प्रदेश के अभयारण्य में स्थानांतरित करने की अनुमति देते हुए सोमवार को कहा कि यह प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है और उसे दूसरे घर की आवश्यकता है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हरियाणा के हिसार और उससे सटे भिवानी, जींद और रोहतक जिले में जाटों के विरोध प्रदर्शन के चलते शनिवार को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। हरियाणा सरकार द्वारा हिंसक विरोध प्रदर्शन करने वाले करीब 100 जाट नेताओं को रिहा करने की मांग ठुकराए जाने के बाद प्रदेश में जाट आंदोलनकारियों ने शनिवार को सड़क और रेल यातायात ठप कर दिया। जानकारी के अनुसार जाट प्रदर्शनकारियों ने सरकार द्वारा गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने की अपनी मांग नहीं माने जाने के बाद शुक्रवार को दोबारा से प्रदेश के हिसार जिले से गुजरने वाले राजमार्गो और रेलपटरियों को जाम कर दिया और आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों ने अपने नेताओं को रिहा करने के सम्बंध में हरियाणा सरकार के लिए शुक्रवार दोपहर तक की समय सीमा तय की थी। इससे दो दिन पूर्व हुई हिंसा में एक युवक की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे। जाट नेताओं का कहना है कि जब तब उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, उस वक्त तक वे प्रशासन और प्रदेश सरकार से किसी तरह की बातचीत नहीं करेंगे। नेताओं की रिहाई न होने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने हिसार को दिल्ली, जींद, भिवानी और चण्डीगढ़ से जोड़ने वाले राजमार्गो को पेड़ और बड़े आकार के पत्थर डालकर जाम कर दिया है। इसके अलावा हिसार-दिल्ली रेलपटरी अवरूद्ध कर दी गई है। जाटों ने मारे गए युवक का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया है। युवक के शव को कांच के बक्से में बंदकर हिसार से 25 किलोमीटर दूर मैय्यर गांव के नजदीक रेलपटरी पर रखा गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रनजीव दलाल के अनुसार जिले में अर्द्धसैनिक बलों की 24 कम्पनियां पहले से ही तैनात हैं और इसके अतिरिक्त छह कम्पनियां जल्द ही पहुंचने वाली हैं। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय पिछले कुछ दिनों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। हरियाणा सरकार द्वारा हिंसक विरोध प्रदर्शन करने वाले करीब 100 जाट नेताओं को रिहा करने की मांग ठुकराए जाने के बाद प्रदेश में जाट आंदोलनकारियों ने शनिवार को सड़क और रेल यातायात ठप कर दिया। जानकारी के अनुसार जाट प्रदर्शनकारियों ने सरकार द्वारा गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने की अपनी मांग नहीं माने जाने के बाद शुक्रवार को दोबारा से प्रदेश के हिसार जिले से गुजरने वाले राजमार्गो और रेलपटरियों को जाम कर दिया और आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों ने अपने नेताओं को रिहा करने के सम्बंध में हरियाणा सरकार के लिए शुक्रवार दोपहर तक की समय सीमा तय की थी। इससे दो दिन पूर्व हुई हिंसा में एक युवक की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे। जाट नेताओं का कहना है कि जब तब उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, उस वक्त तक वे प्रशासन और प्रदेश सरकार से किसी तरह की बातचीत नहीं करेंगे। नेताओं की रिहाई न होने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने हिसार को दिल्ली, जींद, भिवानी और चण्डीगढ़ से जोड़ने वाले राजमार्गो को पेड़ और बड़े आकार के पत्थर डालकर जाम कर दिया है। इसके अलावा हिसार-दिल्ली रेलपटरी अवरूद्ध कर दी गई है। जाटों ने मारे गए युवक का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया है। युवक के शव को कांच के बक्से में बंदकर हिसार से 25 किलोमीटर दूर मैय्यर गांव के नजदीक रेलपटरी पर रखा गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रनजीव दलाल के अनुसार जिले में अर्द्धसैनिक बलों की 24 कम्पनियां पहले से ही तैनात हैं और इसके अतिरिक्त छह कम्पनियां जल्द ही पहुंचने वाली हैं। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय पिछले कुछ दिनों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। जानकारी के अनुसार जाट प्रदर्शनकारियों ने सरकार द्वारा गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने की अपनी मांग नहीं माने जाने के बाद शुक्रवार को दोबारा से प्रदेश के हिसार जिले से गुजरने वाले राजमार्गो और रेलपटरियों को जाम कर दिया और आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों ने अपने नेताओं को रिहा करने के सम्बंध में हरियाणा सरकार के लिए शुक्रवार दोपहर तक की समय सीमा तय की थी। इससे दो दिन पूर्व हुई हिंसा में एक युवक की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे। जाट नेताओं का कहना है कि जब तब उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, उस वक्त तक वे प्रशासन और प्रदेश सरकार से किसी तरह की बातचीत नहीं करेंगे। नेताओं की रिहाई न होने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने हिसार को दिल्ली, जींद, भिवानी और चण्डीगढ़ से जोड़ने वाले राजमार्गो को पेड़ और बड़े आकार के पत्थर डालकर जाम कर दिया है। इसके अलावा हिसार-दिल्ली रेलपटरी अवरूद्ध कर दी गई है। जाटों ने मारे गए युवक का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया है। युवक के शव को कांच के बक्से में बंदकर हिसार से 25 किलोमीटर दूर मैय्यर गांव के नजदीक रेलपटरी पर रखा गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रनजीव दलाल के अनुसार जिले में अर्द्धसैनिक बलों की 24 कम्पनियां पहले से ही तैनात हैं और इसके अतिरिक्त छह कम्पनियां जल्द ही पहुंचने वाली हैं। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय पिछले कुछ दिनों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। प्रदर्शनकारियों ने अपने नेताओं को रिहा करने के सम्बंध में हरियाणा सरकार के लिए शुक्रवार दोपहर तक की समय सीमा तय की थी। इससे दो दिन पूर्व हुई हिंसा में एक युवक की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे। जाट नेताओं का कहना है कि जब तब उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, उस वक्त तक वे प्रशासन और प्रदेश सरकार से किसी तरह की बातचीत नहीं करेंगे। नेताओं की रिहाई न होने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने हिसार को दिल्ली, जींद, भिवानी और चण्डीगढ़ से जोड़ने वाले राजमार्गो को पेड़ और बड़े आकार के पत्थर डालकर जाम कर दिया है। इसके अलावा हिसार-दिल्ली रेलपटरी अवरूद्ध कर दी गई है। जाटों ने मारे गए युवक का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया है। युवक के शव को कांच के बक्से में बंदकर हिसार से 25 किलोमीटर दूर मैय्यर गांव के नजदीक रेलपटरी पर रखा गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रनजीव दलाल के अनुसार जिले में अर्द्धसैनिक बलों की 24 कम्पनियां पहले से ही तैनात हैं और इसके अतिरिक्त छह कम्पनियां जल्द ही पहुंचने वाली हैं। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय पिछले कुछ दिनों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। जाट नेताओं का कहना है कि जब तब उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, उस वक्त तक वे प्रशासन और प्रदेश सरकार से किसी तरह की बातचीत नहीं करेंगे। नेताओं की रिहाई न होने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने हिसार को दिल्ली, जींद, भिवानी और चण्डीगढ़ से जोड़ने वाले राजमार्गो को पेड़ और बड़े आकार के पत्थर डालकर जाम कर दिया है। इसके अलावा हिसार-दिल्ली रेलपटरी अवरूद्ध कर दी गई है। जाटों ने मारे गए युवक का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया है। युवक के शव को कांच के बक्से में बंदकर हिसार से 25 किलोमीटर दूर मैय्यर गांव के नजदीक रेलपटरी पर रखा गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रनजीव दलाल के अनुसार जिले में अर्द्धसैनिक बलों की 24 कम्पनियां पहले से ही तैनात हैं और इसके अतिरिक्त छह कम्पनियां जल्द ही पहुंचने वाली हैं। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय पिछले कुछ दिनों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। नेताओं की रिहाई न होने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने हिसार को दिल्ली, जींद, भिवानी और चण्डीगढ़ से जोड़ने वाले राजमार्गो को पेड़ और बड़े आकार के पत्थर डालकर जाम कर दिया है। इसके अलावा हिसार-दिल्ली रेलपटरी अवरूद्ध कर दी गई है। जाटों ने मारे गए युवक का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया है। युवक के शव को कांच के बक्से में बंदकर हिसार से 25 किलोमीटर दूर मैय्यर गांव के नजदीक रेलपटरी पर रखा गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रनजीव दलाल के अनुसार जिले में अर्द्धसैनिक बलों की 24 कम्पनियां पहले से ही तैनात हैं और इसके अतिरिक्त छह कम्पनियां जल्द ही पहुंचने वाली हैं। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय पिछले कुछ दिनों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। जाटों ने मारे गए युवक का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया है। युवक के शव को कांच के बक्से में बंदकर हिसार से 25 किलोमीटर दूर मैय्यर गांव के नजदीक रेलपटरी पर रखा गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रनजीव दलाल के अनुसार जिले में अर्द्धसैनिक बलों की 24 कम्पनियां पहले से ही तैनात हैं और इसके अतिरिक्त छह कम्पनियां जल्द ही पहुंचने वाली हैं। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय पिछले कुछ दिनों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रनजीव दलाल के अनुसार जिले में अर्द्धसैनिक बलों की 24 कम्पनियां पहले से ही तैनात हैं और इसके अतिरिक्त छह कम्पनियां जल्द ही पहुंचने वाली हैं। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय पिछले कुछ दिनों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय पिछले कुछ दिनों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। जाट समुदाय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पूर्व में किए गए अपने वादों से मुकरने और आंदोलन को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। प्रदेश में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में एक युवक की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलपटरियों को जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिसार कैंट के नजदीक एक बैंक की शाखा में भी तोडफोड़ की थी।टिप्पणियां चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर रामायेन और मैहर गांवों के नजदीक प्रदर्शनकारियों से रेलपटरियां खाली कराने के प्रयास में मंगलवार को 20 वर्षीय संदीप नाम के युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से गम्भीर रूप से घायल हुए 10 लोगों को हिसार और रोहतक के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
संक्षिप्त सारांश: हरियाणा के हिसार और उससे सटे भिवानी, जींद और रोहतक जिले में जाटों के विरोध प्रदर्शन के चलते शनिवार को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: Xiaomi ने पिछले हफ्ते इस बात की पुष्टि की थी कि कंपनी अंडर-डिस्प्ले सेल्फी कैमरे वाले फोन पर काम कर रही है। शाओमी की इस नई और खास तकनीक से स्मार्टफोन में नॉच, पंच-होल या पॉप-अप स्लाइडर की आवश्यकता नहीं होगी। कैमरा को स्पेशल लो-रिफ्लेक्टिव ग्लास के नीचे जगह मिलेगी। इस तकनीक पर फिलहाल अभी काम चल रहा है और अब Xiaomi के वरिष्ठ वाइस प्रेसिडेंट Wang Xiang ने बताया है कि आखिर यह तकनीक कैसे काम करेगी। उनका कहना है कि शाओमी की अंडर-डिस्प्ले कैमरा टेक्नोलॉजी (Xiaomi's Under-Display Camera Technology) फुल स्क्रीन डिस्प्ले के लिए अल्टीमेट समाधान हो सकता है। Wang Xiang ने कई स्लाइड्स को ट्वीट करके बताया है कि यह अंडर-डिस्प्ले कैमरा तकनीक कैसे काम करती है। कंपनी एक कस्टम डिस्प्ले पर काम कर रही है जिसमें छोटे ट्रांसपेरेंट एरिया को बनाने में विशेष लो-रिफ्लेक्टिव ग्लास का इस्तेमाल किया जाएगा। जैसे ही सेल्फी कैमरा एक्टिवेट होगा, कैमरा लेंस के ऊपर डिस्प्ले एरिया एक पल में ट्रांसपेरेंट हो जाएगा और फिर लाइट इसमें एंटर करेगी। यह फ्रंट कैमरे के साथ फुल स्क्रीन डिस्प्ले का अल्टीमेट विकल्प हो सकता है। जिस वक्त कैमरा मोड एक्टिवेट नहीं होगा यह सामान्य डिस्प्ले की तरह ही काम करेगा, जिससे कंटेंट फुल स्क्रीन पर दिखेगा। Wang Xiang ने एक स्लाइड में बताया कि पंच-होल विकल्प की तुलना में डिस्प्ले में कैमरा को ऐम्बेड करने से ज्यादा लाइट लेंस पर पड़ेगी जिससे सेल्फी साफ़ और क्रिस्प आएंगी। Oppo भी इस बात की पुष्टि कर चुकी है कि वह भी बिना किसी मोटराइज्ड पार्ट्स के समान तकनीक पर काम कर रही है। Honor प्रेसिडेंट जॉर्ज झाओ ने CNMO के साथ एक इंटरव्यू के दौरान इस बात की पुष्टि की थी कि कंपनी भी अंडर-डिस्प्ले कैमरा तकनीक पर काम कर रही है। उन्होंने कहा था कि एक प्रोटोटाइप का निर्माण किया गया है।
संक्षिप्त सारांश: कैमरा को इंटीग्रेट करने के लिए Xiaomi डेवलप कर रही है कस्टम डिस्प्ले लो-रिफ्लेक्टिव ग्लास से बना होगा छोटा ट्रांसपेरेंट एरिया Xiaomi ने बताया कैसे काम करेगी तकनीक
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस नीत केंद्र सरकार को झूठ बोलने की आदी और बेशर्म करार देते हुए बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा और कहा कि वह किसी और की आवाज बनकर रह गए हैं तथा इसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए। मेनका ने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में गत 5 जून को बाबा रामदेव के समर्थकों पर हुई कार्रवाई के बारे में दिए गए अपने हलफनामे में मौके पर लाठीचार्ज नहीं होने की बात कही है। यह बात सफेद झूठ है। उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों पर देश के करोड़ों लोगों ने रामदेव समर्थकों पर पुलिस की ज्यादती देखी, लेकिन केंद्र सरकार झूठ बोलने की आदी हो चुकी है और उसने साधु-संतों पर लाठीचार्ज करके निहायत बेशर्मी का प्रदर्शन किया है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की आलोचना करते हुए आंवला से बीजेपी सांसद ने कहा कि सिंह का अपना अलग एजेंडा है और वह बिना कुछ सोचे-समझे किसी के बारे में कुछ भी कह देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सिंह हर मामले में केंद्र का कवच बन जाते हैं। इससे प्रतीत होता है कि वह अपनी नहीं, बल्कि किसी और की आवाज बोलते हैं। मेनका ने कहा कि सिंह हर मामले, हर बात और हर मुद्दे पर टिप्पणी करते हैं। वह किसकी आवाज बोल रहे हैं, इसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए।
केंद्र सरकार को झूठ बोलने की आदी और बेशर्म करार देते हुए बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह पर तीखे प्रहार किए।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात में खेड़ा के जिलाधिकारी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल से जुड़े एक भूखंड को बेचे जाने के मामले की जांच का आदेश दिया है। यह भूखंड जिले में महमदाबाद तालुक के गडवा गांव में है।टिप्पणियां जिलाधिकारी एमवी पारघी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल से जुड़ी जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दी गई। इस मामले में जिले के महमदाबाद शहर में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। पारघी ने बताया कि उपजिलाधिकारी मुनीर वोहरा को जांच करने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में केंद्रीय खान राज्यमंत्री दिनशा पटेल ने शिकायत की थी। जिलाधिकारी एमवी पारघी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल से जुड़ी जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दी गई। इस मामले में जिले के महमदाबाद शहर में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। पारघी ने बताया कि उपजिलाधिकारी मुनीर वोहरा को जांच करने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में केंद्रीय खान राज्यमंत्री दिनशा पटेल ने शिकायत की थी। पारघी ने बताया कि उपजिलाधिकारी मुनीर वोहरा को जांच करने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में केंद्रीय खान राज्यमंत्री दिनशा पटेल ने शिकायत की थी।
यहाँ एक सारांश है:गुजरात में खेड़ा के जिलाधिकारी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल से जुड़े एक भूखंड को बेचे जाने के मामले की जांच का आदेश दिया है।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 2-जी स्पेक्ट्रम मामले में अभियोजन पक्ष के एक प्रमुख गवाह ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने लाइसेंसों के वितरण के लिए नीति के बारे में ‘अपने स्तर पर’ ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सूचित किया, लेकिन इससे जुड़े मुद्दे दूरसंचार विभाग की फाइलों से ‘होकर नहीं गुजरे’ थे।टिप्पणियां अभियोजन पक्ष के गवाह दूरसंचार विभाग के पूर्व उपमहानिदेशक (एसेस सर्विसेज) एके श्रीवास्तव ने गवाही दी कि 7 जनवरी 2008 को राजा ने उनसे कहा कि प्रधानमंत्री को 26 दिसंबर 2007 को भेजा गया पत्र दूरसंचार नीति के तौर पर ‘स्वीकार्य’ किया जाए। श्रीवास्तव ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी से कहा, ‘26 दिसंबर, 2007 को तत्कालीन संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ए राजा द्वारा अपने स्तर पर प्रधानमंत्री को पत्र भेजा गया। इससे जुड़े मुद्दे पर दूरंसचार विभाग ने न तो इस पर गौर किया था और न ही फाइलों में इस बारे में कोई कार्रवाई की गई थी।’ अभियोजन पक्ष के गवाह दूरसंचार विभाग के पूर्व उपमहानिदेशक (एसेस सर्विसेज) एके श्रीवास्तव ने गवाही दी कि 7 जनवरी 2008 को राजा ने उनसे कहा कि प्रधानमंत्री को 26 दिसंबर 2007 को भेजा गया पत्र दूरसंचार नीति के तौर पर ‘स्वीकार्य’ किया जाए। श्रीवास्तव ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी से कहा, ‘26 दिसंबर, 2007 को तत्कालीन संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ए राजा द्वारा अपने स्तर पर प्रधानमंत्री को पत्र भेजा गया। इससे जुड़े मुद्दे पर दूरंसचार विभाग ने न तो इस पर गौर किया था और न ही फाइलों में इस बारे में कोई कार्रवाई की गई थी।’ श्रीवास्तव ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी से कहा, ‘26 दिसंबर, 2007 को तत्कालीन संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ए राजा द्वारा अपने स्तर पर प्रधानमंत्री को पत्र भेजा गया। इससे जुड़े मुद्दे पर दूरंसचार विभाग ने न तो इस पर गौर किया था और न ही फाइलों में इस बारे में कोई कार्रवाई की गई थी।’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने लाइसेंसों के वितरण के लिए नीति के बारे में ‘अपने स्तर पर’ ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सूचित किया, लेकिन इससे जुड़े मुद्दे दूरसंचार विभाग की फाइलों से ‘होकर नहीं गुजरे’ थे।'
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एक्सप्रेस-वे के लिए सरकारी खजाने का दरवाजा खोल दिया है। 16000 करोड़ की लागत से 13 परियोजनाओं का उद्घाटन आज अखिलेश ने लखनऊ में बैठे-बैठे कर दिया।टिप्पणियां माना जा रहा है कि पहले के मुख्यमंत्रियों की तरह अखिलेश भी नोएडा आने से डर गए और इसी के चलते लखनऊ में अपने घर से ही परियोजनाओं का उद्घाटन किया। दरअसल, कल्याण सिंह के समय शुरू हुआ यह वहम मायावती और बाकी मुख्यमंत्रियों के समय भी जारी रहा। ऐसा माना जाता रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा आया वह चुनाव में हार गया इसलिए अखिलेश ने अपने घर से ही नोएडा सेक्टर 18 में 3000 कारों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग, सेक्टर 39 में जिला अस्पताल और ग्रेटर नोएडा में मेडिकल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 10 में 7200 फ्लैट बनाने की भी योजना है। माना जा रहा है कि पहले के मुख्यमंत्रियों की तरह अखिलेश भी नोएडा आने से डर गए और इसी के चलते लखनऊ में अपने घर से ही परियोजनाओं का उद्घाटन किया। दरअसल, कल्याण सिंह के समय शुरू हुआ यह वहम मायावती और बाकी मुख्यमंत्रियों के समय भी जारी रहा। ऐसा माना जाता रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा आया वह चुनाव में हार गया इसलिए अखिलेश ने अपने घर से ही नोएडा सेक्टर 18 में 3000 कारों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग, सेक्टर 39 में जिला अस्पताल और ग्रेटर नोएडा में मेडिकल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 10 में 7200 फ्लैट बनाने की भी योजना है। दरअसल, कल्याण सिंह के समय शुरू हुआ यह वहम मायावती और बाकी मुख्यमंत्रियों के समय भी जारी रहा। ऐसा माना जाता रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा आया वह चुनाव में हार गया इसलिए अखिलेश ने अपने घर से ही नोएडा सेक्टर 18 में 3000 कारों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग, सेक्टर 39 में जिला अस्पताल और ग्रेटर नोएडा में मेडिकल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 10 में 7200 फ्लैट बनाने की भी योजना है।
संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एक्सप्रेस-वे के लिए सरकारी खजाने का दरवाजा खोल दिया है। 16000 करोड़ की लागत से 13 परियोजनाओं का उद्घाटन आज अखिलेश ने लखनऊ में बैठे-बैठे कर दिया।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए उन्हें वहां जाने की जरूरत नहीं है. झारखंड में चुनाव प्रचार के लिए जाने के बारे में पूछने पर नीतीश ने संवाददाताओं से कहा, 'वहां मेरी जरूरत नहीं है.' बता दें, 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा का चुनाव आगामी 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों में संपन्न होगा और मतगणना 23 दिसंबर को है. जद (यू) ने झारखंड चुनाव के मद्देनजर अब तक अपने 25 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. इसके साथ ही नीतीश कुमार ने भाजपा के बागी विधायक और पूर्व मंत्री सरयू रॉय का समर्थन करने का भी ऐलान किया है.  बता दें, बिहार में भाजपा के साथ सत्ता में शामिल जद(यू) ने अगस्त में ही स्पष्ट कर दिया था झारखंड विधानसभा चुनाव वह अपने बलबूते चुनाव लडेगी. हालांकि जद(यू) 2009 और 2014 के झारखंड विधानसभा में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी.
यह एक सारांश है: झारखंड विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए उन्हें वहां जाने की जरूरत नहीं है झारखंड विधानसभा का चुनाव आगामी 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच होगा जद (यू) ने अभी तक अपने 25 उम्मीदवारों की घोषणा की है
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री संजीव बालयान ने कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की जगह अब देश में सभी फसलों के लिए कानून बनाकर न्यूनतम बिक्री मूल्य तय होना चाहिए. संजीव बालयान ने एनडीटीवी से बातचीत में यह बात कही.   देश में किसानों की सबसे ज्यादा नाराजगी उनकी फसलों के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने को लेकर है. अब केन्द्र सरकार पर न्यूनतम समर्थम मूल्य की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर दबाव बढ़ने लगा है. फिलहाल देश में सिर्फ 22 फसलों के लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है. केंद्रीय मंत्री संजीव बालयान कहते हैं कि आलू, प्याज और टमाटर जैसी फसलों के लिए कानून के जरिए अगर न्यूनतम बिक्री मूल्य तय होता है तो इससे किसानों का शोषण रोकने में काफी मदद मिलेगी. महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद भारतीय किसान संघ राजस्थान में विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी में है. इन तीनों राज्यों में किसानों को सबसे ज्यादा शिकायत न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर है. केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री का यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जिस तरह से किसानों के आंदोलन का दायरा बढ़ता जा रहा है उसको लेकर सरकार की चिंता भी बढ़ती जा रही है. टिप्पणियां एक मंत्री का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने सार्वजनिक तौर पर यह सवाल उठाया है कि राजस्थान में बीजेपी सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने में नाकाम रही है. भारतीय किसान संघ के आल इंडिया सेक्रेटरी मोहिनी मोहन मिश्रा ने सोमवार को एनडीटीवी से कहा था कि चना, मूंगफली, सरसों और तुअर की फसलों की जो कीमत राजस्थान के किसानों को मिली है वह इन फसलों के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम है. इसके विरोध में भारतीय किसान संघ ने 15 जून से तीन दिनों तक राजस्थान में आठ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है. महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद भारतीय किसान संघ राजस्थान में विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी में है. इन तीनों राज्यों में किसानों को सबसे ज्यादा शिकायत न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर है. केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री का यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जिस तरह से किसानों के आंदोलन का दायरा बढ़ता जा रहा है उसको लेकर सरकार की चिंता भी बढ़ती जा रही है. टिप्पणियां एक मंत्री का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने सार्वजनिक तौर पर यह सवाल उठाया है कि राजस्थान में बीजेपी सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने में नाकाम रही है. भारतीय किसान संघ के आल इंडिया सेक्रेटरी मोहिनी मोहन मिश्रा ने सोमवार को एनडीटीवी से कहा था कि चना, मूंगफली, सरसों और तुअर की फसलों की जो कीमत राजस्थान के किसानों को मिली है वह इन फसलों के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम है. इसके विरोध में भारतीय किसान संघ ने 15 जून से तीन दिनों तक राजस्थान में आठ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है. एक मंत्री का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने सार्वजनिक तौर पर यह सवाल उठाया है कि राजस्थान में बीजेपी सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने में नाकाम रही है. भारतीय किसान संघ के आल इंडिया सेक्रेटरी मोहिनी मोहन मिश्रा ने सोमवार को एनडीटीवी से कहा था कि चना, मूंगफली, सरसों और तुअर की फसलों की जो कीमत राजस्थान के किसानों को मिली है वह इन फसलों के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम है. इसके विरोध में भारतीय किसान संघ ने 15 जून से तीन दिनों तक राजस्थान में आठ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है. भारतीय किसान संघ के आल इंडिया सेक्रेटरी मोहिनी मोहन मिश्रा ने सोमवार को एनडीटीवी से कहा था कि चना, मूंगफली, सरसों और तुअर की फसलों की जो कीमत राजस्थान के किसानों को मिली है वह इन फसलों के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम है. इसके विरोध में भारतीय किसान संघ ने 15 जून से तीन दिनों तक राजस्थान में आठ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है.
किसानों को सबसे ज्यादा शिकायत न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर सिर्फ 22 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है सरकार आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने उठाया शोषण पर सवाल
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ( reliance jio) ने आरोप लगाया है कि उसकी प्रतिद्वंद्वी एयरटेल द्वारा तिकोना के प्रस्तावित अधिग्रहण सौदे से सरकार को 217 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. जियो ने कहा कि यदि इंटरनेट सेवा प्रदाता के पास मौजूद स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल वॉयस कॉल करने के लिए किया जाएगा, तो इससे सरकार को घाटा होगा.टिप्पणियां जियो ने दूरसंचार विभाग से मांग की है कि वह तब तक इस अधिग्रहण सौदे को मंजूरी न दे जब तक कि एयरटेल ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को आईएसपी लाइसेंस से यूनिफाइड लाइसेंस में बदलने के लिए भुगतान नहीं कर देती है. इसके बाद स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किसी भी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है. तीन पृष्ठ के पत्र में जियो ने इसके साथ ही कहा है कि उसे 1,658 करोड़ रपये का वह शुल्क लौटाया जाए जो उसने 2013 में अपने ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को यूनिफाइड लाइसेंस में बदलने के लिए किया था. (न्यूज-एजेंसी भाषा से इनपुट)   जियो ने कहा कि यदि इंटरनेट सेवा प्रदाता के पास मौजूद स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल वॉयस कॉल करने के लिए किया जाएगा, तो इससे सरकार को घाटा होगा.टिप्पणियां जियो ने दूरसंचार विभाग से मांग की है कि वह तब तक इस अधिग्रहण सौदे को मंजूरी न दे जब तक कि एयरटेल ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को आईएसपी लाइसेंस से यूनिफाइड लाइसेंस में बदलने के लिए भुगतान नहीं कर देती है. इसके बाद स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किसी भी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है. तीन पृष्ठ के पत्र में जियो ने इसके साथ ही कहा है कि उसे 1,658 करोड़ रपये का वह शुल्क लौटाया जाए जो उसने 2013 में अपने ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को यूनिफाइड लाइसेंस में बदलने के लिए किया था. (न्यूज-एजेंसी भाषा से इनपुट)   जियो ने दूरसंचार विभाग से मांग की है कि वह तब तक इस अधिग्रहण सौदे को मंजूरी न दे जब तक कि एयरटेल ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को आईएसपी लाइसेंस से यूनिफाइड लाइसेंस में बदलने के लिए भुगतान नहीं कर देती है. इसके बाद स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किसी भी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है. तीन पृष्ठ के पत्र में जियो ने इसके साथ ही कहा है कि उसे 1,658 करोड़ रपये का वह शुल्क लौटाया जाए जो उसने 2013 में अपने ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को यूनिफाइड लाइसेंस में बदलने के लिए किया था. (न्यूज-एजेंसी भाषा से इनपुट)   तीन पृष्ठ के पत्र में जियो ने इसके साथ ही कहा है कि उसे 1,658 करोड़ रपये का वह शुल्क लौटाया जाए जो उसने 2013 में अपने ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को यूनिफाइड लाइसेंस में बदलने के लिए किया था. (न्यूज-एजेंसी भाषा से इनपुट)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अधिग्रहण सौदे से सरकार को 217 करोड़ रुपये का नुकसान होगा, कहा जियो ने तिकोना एयरटेल सौदे से मौजूद स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल वॉयस कॉल करने को होगा जियो का कहना है कि इस अधिग्रहण सौदे को मंजूरी न दें
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य बनाने को लेकर सांसदों की ओर से व्यक्त की गई चिंताओं के मद्देनजर शुक्रवार को कहा कि कोई भी आधार कार्ड न होने के चलते लाभ से वंचित नहीं होगा. नायडू ने कहा कि आधार कानून की धारा सात के तहत जिन लाभार्थियों के पास आधार नम्बर नहीं हैं उन्हें पंजीकृत किया जाएगा और नम्बर मिलने तक सब्सिडी, लाभ या सेवा प्राप्ति के लिए पहचान का वैकल्पिक एवं व्यावहारिक साधन मुहैया कराया जाएगा.’’ सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘‘यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी वास्तविक एवं योग्य लाभार्थी अपने अधिकार से वंचित नहीं हो.’’ वह राज्यसभा में हुई चर्चा के संबंध में जवाब दे रहे थे जिस दौरान विपक्ष ने कल आधार कार्ड को एलपीजी, पीडीएस आपूर्ति और पेंशन जैसे सरकारी लाभ हासिल करने के लिए अनिवार्य बनाने का विरोध किया था.टिप्पणियां नायडू ने कहा कि अभी तक की स्थिति के अनुसार 103 करोड़ से अधिक लोगों के पास आधार है जहां तक वयस्कों के बीच उसके प्रसार का सवाल है उनमें से 97 प्रतिशत इसके दायरे में हैं. उन्होंने कहा कि यद्यपि देश के कुछ ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जैसे असम, मेघालय आदि जहां लोगों को अभी तक आधार नहीं मिला है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नायडू ने कहा कि आधार कानून की धारा सात के तहत जिन लाभार्थियों के पास आधार नम्बर नहीं हैं उन्हें पंजीकृत किया जाएगा और नम्बर मिलने तक सब्सिडी, लाभ या सेवा प्राप्ति के लिए पहचान का वैकल्पिक एवं व्यावहारिक साधन मुहैया कराया जाएगा.’’ सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘‘यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी वास्तविक एवं योग्य लाभार्थी अपने अधिकार से वंचित नहीं हो.’’ वह राज्यसभा में हुई चर्चा के संबंध में जवाब दे रहे थे जिस दौरान विपक्ष ने कल आधार कार्ड को एलपीजी, पीडीएस आपूर्ति और पेंशन जैसे सरकारी लाभ हासिल करने के लिए अनिवार्य बनाने का विरोध किया था.टिप्पणियां नायडू ने कहा कि अभी तक की स्थिति के अनुसार 103 करोड़ से अधिक लोगों के पास आधार है जहां तक वयस्कों के बीच उसके प्रसार का सवाल है उनमें से 97 प्रतिशत इसके दायरे में हैं. उन्होंने कहा कि यद्यपि देश के कुछ ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जैसे असम, मेघालय आदि जहां लोगों को अभी तक आधार नहीं मिला है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘‘यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी वास्तविक एवं योग्य लाभार्थी अपने अधिकार से वंचित नहीं हो.’’ वह राज्यसभा में हुई चर्चा के संबंध में जवाब दे रहे थे जिस दौरान विपक्ष ने कल आधार कार्ड को एलपीजी, पीडीएस आपूर्ति और पेंशन जैसे सरकारी लाभ हासिल करने के लिए अनिवार्य बनाने का विरोध किया था.टिप्पणियां नायडू ने कहा कि अभी तक की स्थिति के अनुसार 103 करोड़ से अधिक लोगों के पास आधार है जहां तक वयस्कों के बीच उसके प्रसार का सवाल है उनमें से 97 प्रतिशत इसके दायरे में हैं. उन्होंने कहा कि यद्यपि देश के कुछ ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जैसे असम, मेघालय आदि जहां लोगों को अभी तक आधार नहीं मिला है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नायडू ने कहा कि अभी तक की स्थिति के अनुसार 103 करोड़ से अधिक लोगों के पास आधार है जहां तक वयस्कों के बीच उसके प्रसार का सवाल है उनमें से 97 प्रतिशत इसके दायरे में हैं. उन्होंने कहा कि यद्यपि देश के कुछ ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जैसे असम, मेघालय आदि जहां लोगों को अभी तक आधार नहीं मिला है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: कोई भी आधार कार्ड न होने के चलते लाभ से वंचित नहीं होगा अब तक 103 करोड़ से अधिक लोगों के पास आधार नंबर है असम, मेघालय आदि में लोगों को अभी तक शायद आधार नहीं मिला
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड के सीएम विजय बहूगुणा ने एनडीटीवी से बातचीत में साफ कहा है कि मृतकों की संख्या के बारे में जो बात विधानसभा के स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कही है वह गलत है। आज ही कुंजवाल ने कहा था कि हालात देखकर लगता है कि मृतकों की संख्या 10 हजार हो सकती है। सीएम ने प्रश्न किया कि स्पीकर को कहां से यह आंकड़ा मिला। इसके अलावा पूरे इलाके में बरबाद हुई सड़कों की मरम्मत में दो महीने का समय लगने की बाद भी सीएम बहूगुणा ने की। उत्तराखंड में बाढ़ से तबाही के बाद वहां फंसे लोगों को निकाले जाने का सिलसिला जारी है। बद्रीनाथ इलाके में अब भी एक हजार से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। खराब मौसम की वजह से उन्हें निकालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि अब तक 1 लाख 5 हजार 606 लोगों को बचाया गया है। वहीं प्रभावित इलाकों में अब भी 3,000 लोग लापता हैं। केदारनाथ में बारिश की वजह से पुजारियों को नहीं भेजा जा सका है, जहां फिर से पूजा शुरू होनी है। आज ही उत्तराखंड विधानसभा के स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा था कि राज्य में भारी तबाही हुई है… हमारा पहला मकसद फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निलना है। कुंजवाल का यह भी कहना है कि इस तबाही में मरने वालों की तादाद 10 हजार से भी ज्यादा हो सकती है। उत्तराखंड में आई बाढ़ से मची तबाही में जहां कई लोगों की जानें गईं, वहीं बहुत सी सड़कें, पुल, हाइडल प्रोजेक्ट्स, घरों और गेस्ट हाउस को भी बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चमोली जिले में अलकनंदा नदी ने अपना रास्ता बदल लिया है। बाढ़ से हुए नुकसान की वजह से अलकनंदा ने अचानक 100 मीटर दूरी पर अपना रास्ता बदल लिया। लोगों ने बताया कि किस तरह से इस बाढ़ में उन्होंने अपना सब कुछ गंवा दिया। हालांकि राज्य में भागीरथी नदी का पानी उतरने लगा है। शुक्रवार को लगातार हो रही बारिश की वजह से भागीरथी नदी उफान पर थी और पानी बढ़ता देख लोग काफी डर गए थे। गंगा मंदिर के आसपास के इलाकों में कटाव भी हुआ था, जिसके बाद नदी के किनारे के कई मकानों का खाली करा लिया गया था और वहां के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। शुक्रवार को सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा था कि अगर मौसम ठीक रहा, तो जल्द ही सभी फंसे लोगों को निकाल लिया जाएगा। इसके अलावा कल देहरादून में हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे गृहमंत्री सुशील शिंदे ने कहा था कि मलबे के नीचे कितने लोग दबे हैं, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है।टिप्पणियां उत्तराखंड में कुदरत के कहर के बाद जहां हजारों लोग राहत के लिए आस लगाए बैठे हैं, वहीं देशभर से भेजी जा रही राहत सामग्री जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही है। वजह यह है कि ऋषिकेश से आगे जाने के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है। हादसे के इतने दिनों बाद भी गुप्तकाशी का कालीमठ इलाका देश से कटा हुआ है और वहां किसी तरह की मदद नहीं पहुंची है। कालीमठ जाने के सभी रास्ते तबाह हो चुके हैं, पुल टूट चुके हैं। इलाके से पैदल चलकर जैसे-तैसे निकल आए लोगों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए कालीमठ से बाहर निकले तकरीबन सौ लोगों का कोई अता−पता नहीं चल रहा है। सैलाब सब कुछ बहा ले गया है और हालत यह है कि लोग एक वक्त के भोजन के लिए तरस रहे हैं। उत्तराखंड में बाढ़ से तबाही के बाद वहां फंसे लोगों को निकाले जाने का सिलसिला जारी है। बद्रीनाथ इलाके में अब भी एक हजार से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। खराब मौसम की वजह से उन्हें निकालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि अब तक 1 लाख 5 हजार 606 लोगों को बचाया गया है। वहीं प्रभावित इलाकों में अब भी 3,000 लोग लापता हैं। केदारनाथ में बारिश की वजह से पुजारियों को नहीं भेजा जा सका है, जहां फिर से पूजा शुरू होनी है। आज ही उत्तराखंड विधानसभा के स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा था कि राज्य में भारी तबाही हुई है… हमारा पहला मकसद फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निलना है। कुंजवाल का यह भी कहना है कि इस तबाही में मरने वालों की तादाद 10 हजार से भी ज्यादा हो सकती है। उत्तराखंड में आई बाढ़ से मची तबाही में जहां कई लोगों की जानें गईं, वहीं बहुत सी सड़कें, पुल, हाइडल प्रोजेक्ट्स, घरों और गेस्ट हाउस को भी बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चमोली जिले में अलकनंदा नदी ने अपना रास्ता बदल लिया है। बाढ़ से हुए नुकसान की वजह से अलकनंदा ने अचानक 100 मीटर दूरी पर अपना रास्ता बदल लिया। लोगों ने बताया कि किस तरह से इस बाढ़ में उन्होंने अपना सब कुछ गंवा दिया। हालांकि राज्य में भागीरथी नदी का पानी उतरने लगा है। शुक्रवार को लगातार हो रही बारिश की वजह से भागीरथी नदी उफान पर थी और पानी बढ़ता देख लोग काफी डर गए थे। गंगा मंदिर के आसपास के इलाकों में कटाव भी हुआ था, जिसके बाद नदी के किनारे के कई मकानों का खाली करा लिया गया था और वहां के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। शुक्रवार को सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा था कि अगर मौसम ठीक रहा, तो जल्द ही सभी फंसे लोगों को निकाल लिया जाएगा। इसके अलावा कल देहरादून में हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे गृहमंत्री सुशील शिंदे ने कहा था कि मलबे के नीचे कितने लोग दबे हैं, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है।टिप्पणियां उत्तराखंड में कुदरत के कहर के बाद जहां हजारों लोग राहत के लिए आस लगाए बैठे हैं, वहीं देशभर से भेजी जा रही राहत सामग्री जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही है। वजह यह है कि ऋषिकेश से आगे जाने के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है। हादसे के इतने दिनों बाद भी गुप्तकाशी का कालीमठ इलाका देश से कटा हुआ है और वहां किसी तरह की मदद नहीं पहुंची है। कालीमठ जाने के सभी रास्ते तबाह हो चुके हैं, पुल टूट चुके हैं। इलाके से पैदल चलकर जैसे-तैसे निकल आए लोगों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए कालीमठ से बाहर निकले तकरीबन सौ लोगों का कोई अता−पता नहीं चल रहा है। सैलाब सब कुछ बहा ले गया है और हालत यह है कि लोग एक वक्त के भोजन के लिए तरस रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि अब तक 1 लाख 5 हजार 606 लोगों को बचाया गया है। वहीं प्रभावित इलाकों में अब भी 3,000 लोग लापता हैं। केदारनाथ में बारिश की वजह से पुजारियों को नहीं भेजा जा सका है, जहां फिर से पूजा शुरू होनी है। आज ही उत्तराखंड विधानसभा के स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा था कि राज्य में भारी तबाही हुई है… हमारा पहला मकसद फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निलना है। कुंजवाल का यह भी कहना है कि इस तबाही में मरने वालों की तादाद 10 हजार से भी ज्यादा हो सकती है। उत्तराखंड में आई बाढ़ से मची तबाही में जहां कई लोगों की जानें गईं, वहीं बहुत सी सड़कें, पुल, हाइडल प्रोजेक्ट्स, घरों और गेस्ट हाउस को भी बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चमोली जिले में अलकनंदा नदी ने अपना रास्ता बदल लिया है। बाढ़ से हुए नुकसान की वजह से अलकनंदा ने अचानक 100 मीटर दूरी पर अपना रास्ता बदल लिया। लोगों ने बताया कि किस तरह से इस बाढ़ में उन्होंने अपना सब कुछ गंवा दिया। हालांकि राज्य में भागीरथी नदी का पानी उतरने लगा है। शुक्रवार को लगातार हो रही बारिश की वजह से भागीरथी नदी उफान पर थी और पानी बढ़ता देख लोग काफी डर गए थे। गंगा मंदिर के आसपास के इलाकों में कटाव भी हुआ था, जिसके बाद नदी के किनारे के कई मकानों का खाली करा लिया गया था और वहां के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। शुक्रवार को सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा था कि अगर मौसम ठीक रहा, तो जल्द ही सभी फंसे लोगों को निकाल लिया जाएगा। इसके अलावा कल देहरादून में हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे गृहमंत्री सुशील शिंदे ने कहा था कि मलबे के नीचे कितने लोग दबे हैं, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है।टिप्पणियां उत्तराखंड में कुदरत के कहर के बाद जहां हजारों लोग राहत के लिए आस लगाए बैठे हैं, वहीं देशभर से भेजी जा रही राहत सामग्री जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही है। वजह यह है कि ऋषिकेश से आगे जाने के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है। हादसे के इतने दिनों बाद भी गुप्तकाशी का कालीमठ इलाका देश से कटा हुआ है और वहां किसी तरह की मदद नहीं पहुंची है। कालीमठ जाने के सभी रास्ते तबाह हो चुके हैं, पुल टूट चुके हैं। इलाके से पैदल चलकर जैसे-तैसे निकल आए लोगों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए कालीमठ से बाहर निकले तकरीबन सौ लोगों का कोई अता−पता नहीं चल रहा है। सैलाब सब कुछ बहा ले गया है और हालत यह है कि लोग एक वक्त के भोजन के लिए तरस रहे हैं। आज ही उत्तराखंड विधानसभा के स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा था कि राज्य में भारी तबाही हुई है… हमारा पहला मकसद फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निलना है। कुंजवाल का यह भी कहना है कि इस तबाही में मरने वालों की तादाद 10 हजार से भी ज्यादा हो सकती है। उत्तराखंड में आई बाढ़ से मची तबाही में जहां कई लोगों की जानें गईं, वहीं बहुत सी सड़कें, पुल, हाइडल प्रोजेक्ट्स, घरों और गेस्ट हाउस को भी बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चमोली जिले में अलकनंदा नदी ने अपना रास्ता बदल लिया है। बाढ़ से हुए नुकसान की वजह से अलकनंदा ने अचानक 100 मीटर दूरी पर अपना रास्ता बदल लिया। लोगों ने बताया कि किस तरह से इस बाढ़ में उन्होंने अपना सब कुछ गंवा दिया। हालांकि राज्य में भागीरथी नदी का पानी उतरने लगा है। शुक्रवार को लगातार हो रही बारिश की वजह से भागीरथी नदी उफान पर थी और पानी बढ़ता देख लोग काफी डर गए थे। गंगा मंदिर के आसपास के इलाकों में कटाव भी हुआ था, जिसके बाद नदी के किनारे के कई मकानों का खाली करा लिया गया था और वहां के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। शुक्रवार को सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा था कि अगर मौसम ठीक रहा, तो जल्द ही सभी फंसे लोगों को निकाल लिया जाएगा। इसके अलावा कल देहरादून में हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे गृहमंत्री सुशील शिंदे ने कहा था कि मलबे के नीचे कितने लोग दबे हैं, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है।टिप्पणियां उत्तराखंड में कुदरत के कहर के बाद जहां हजारों लोग राहत के लिए आस लगाए बैठे हैं, वहीं देशभर से भेजी जा रही राहत सामग्री जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही है। वजह यह है कि ऋषिकेश से आगे जाने के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है। हादसे के इतने दिनों बाद भी गुप्तकाशी का कालीमठ इलाका देश से कटा हुआ है और वहां किसी तरह की मदद नहीं पहुंची है। कालीमठ जाने के सभी रास्ते तबाह हो चुके हैं, पुल टूट चुके हैं। इलाके से पैदल चलकर जैसे-तैसे निकल आए लोगों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए कालीमठ से बाहर निकले तकरीबन सौ लोगों का कोई अता−पता नहीं चल रहा है। सैलाब सब कुछ बहा ले गया है और हालत यह है कि लोग एक वक्त के भोजन के लिए तरस रहे हैं। उत्तराखंड में आई बाढ़ से मची तबाही में जहां कई लोगों की जानें गईं, वहीं बहुत सी सड़कें, पुल, हाइडल प्रोजेक्ट्स, घरों और गेस्ट हाउस को भी बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चमोली जिले में अलकनंदा नदी ने अपना रास्ता बदल लिया है। बाढ़ से हुए नुकसान की वजह से अलकनंदा ने अचानक 100 मीटर दूरी पर अपना रास्ता बदल लिया। लोगों ने बताया कि किस तरह से इस बाढ़ में उन्होंने अपना सब कुछ गंवा दिया। हालांकि राज्य में भागीरथी नदी का पानी उतरने लगा है। शुक्रवार को लगातार हो रही बारिश की वजह से भागीरथी नदी उफान पर थी और पानी बढ़ता देख लोग काफी डर गए थे। गंगा मंदिर के आसपास के इलाकों में कटाव भी हुआ था, जिसके बाद नदी के किनारे के कई मकानों का खाली करा लिया गया था और वहां के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। शुक्रवार को सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा था कि अगर मौसम ठीक रहा, तो जल्द ही सभी फंसे लोगों को निकाल लिया जाएगा। इसके अलावा कल देहरादून में हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे गृहमंत्री सुशील शिंदे ने कहा था कि मलबे के नीचे कितने लोग दबे हैं, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है।टिप्पणियां उत्तराखंड में कुदरत के कहर के बाद जहां हजारों लोग राहत के लिए आस लगाए बैठे हैं, वहीं देशभर से भेजी जा रही राहत सामग्री जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही है। वजह यह है कि ऋषिकेश से आगे जाने के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है। हादसे के इतने दिनों बाद भी गुप्तकाशी का कालीमठ इलाका देश से कटा हुआ है और वहां किसी तरह की मदद नहीं पहुंची है। कालीमठ जाने के सभी रास्ते तबाह हो चुके हैं, पुल टूट चुके हैं। इलाके से पैदल चलकर जैसे-तैसे निकल आए लोगों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए कालीमठ से बाहर निकले तकरीबन सौ लोगों का कोई अता−पता नहीं चल रहा है। सैलाब सब कुछ बहा ले गया है और हालत यह है कि लोग एक वक्त के भोजन के लिए तरस रहे हैं। हालांकि राज्य में भागीरथी नदी का पानी उतरने लगा है। शुक्रवार को लगातार हो रही बारिश की वजह से भागीरथी नदी उफान पर थी और पानी बढ़ता देख लोग काफी डर गए थे। गंगा मंदिर के आसपास के इलाकों में कटाव भी हुआ था, जिसके बाद नदी के किनारे के कई मकानों का खाली करा लिया गया था और वहां के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। शुक्रवार को सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा था कि अगर मौसम ठीक रहा, तो जल्द ही सभी फंसे लोगों को निकाल लिया जाएगा। इसके अलावा कल देहरादून में हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे गृहमंत्री सुशील शिंदे ने कहा था कि मलबे के नीचे कितने लोग दबे हैं, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है।टिप्पणियां उत्तराखंड में कुदरत के कहर के बाद जहां हजारों लोग राहत के लिए आस लगाए बैठे हैं, वहीं देशभर से भेजी जा रही राहत सामग्री जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही है। वजह यह है कि ऋषिकेश से आगे जाने के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है। हादसे के इतने दिनों बाद भी गुप्तकाशी का कालीमठ इलाका देश से कटा हुआ है और वहां किसी तरह की मदद नहीं पहुंची है। कालीमठ जाने के सभी रास्ते तबाह हो चुके हैं, पुल टूट चुके हैं। इलाके से पैदल चलकर जैसे-तैसे निकल आए लोगों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए कालीमठ से बाहर निकले तकरीबन सौ लोगों का कोई अता−पता नहीं चल रहा है। सैलाब सब कुछ बहा ले गया है और हालत यह है कि लोग एक वक्त के भोजन के लिए तरस रहे हैं। शुक्रवार को सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा था कि अगर मौसम ठीक रहा, तो जल्द ही सभी फंसे लोगों को निकाल लिया जाएगा। इसके अलावा कल देहरादून में हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे गृहमंत्री सुशील शिंदे ने कहा था कि मलबे के नीचे कितने लोग दबे हैं, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है।टिप्पणियां उत्तराखंड में कुदरत के कहर के बाद जहां हजारों लोग राहत के लिए आस लगाए बैठे हैं, वहीं देशभर से भेजी जा रही राहत सामग्री जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही है। वजह यह है कि ऋषिकेश से आगे जाने के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है। हादसे के इतने दिनों बाद भी गुप्तकाशी का कालीमठ इलाका देश से कटा हुआ है और वहां किसी तरह की मदद नहीं पहुंची है। कालीमठ जाने के सभी रास्ते तबाह हो चुके हैं, पुल टूट चुके हैं। इलाके से पैदल चलकर जैसे-तैसे निकल आए लोगों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए कालीमठ से बाहर निकले तकरीबन सौ लोगों का कोई अता−पता नहीं चल रहा है। सैलाब सब कुछ बहा ले गया है और हालत यह है कि लोग एक वक्त के भोजन के लिए तरस रहे हैं। उत्तराखंड में कुदरत के कहर के बाद जहां हजारों लोग राहत के लिए आस लगाए बैठे हैं, वहीं देशभर से भेजी जा रही राहत सामग्री जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही है। वजह यह है कि ऋषिकेश से आगे जाने के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है। हादसे के इतने दिनों बाद भी गुप्तकाशी का कालीमठ इलाका देश से कटा हुआ है और वहां किसी तरह की मदद नहीं पहुंची है। कालीमठ जाने के सभी रास्ते तबाह हो चुके हैं, पुल टूट चुके हैं। इलाके से पैदल चलकर जैसे-तैसे निकल आए लोगों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए कालीमठ से बाहर निकले तकरीबन सौ लोगों का कोई अता−पता नहीं चल रहा है। सैलाब सब कुछ बहा ले गया है और हालत यह है कि लोग एक वक्त के भोजन के लिए तरस रहे हैं। कालीमठ जाने के सभी रास्ते तबाह हो चुके हैं, पुल टूट चुके हैं। इलाके से पैदल चलकर जैसे-तैसे निकल आए लोगों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए कालीमठ से बाहर निकले तकरीबन सौ लोगों का कोई अता−पता नहीं चल रहा है। सैलाब सब कुछ बहा ले गया है और हालत यह है कि लोग एक वक्त के भोजन के लिए तरस रहे हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्पीकर कुंजवाल ने कहा था कि हालात देखकर लगता है कि मृतकों की संख्या 10 हजार हो सकती है। सीएम ने प्रश्न किया कि स्पीकर को कहां से यह आंकड़ा मिला। इसके अलावा पूरे इलाके में बरबाद हुई सड़कों की मरम्मत में दो महीने का समय लगने की बाद भी सीएम बहूगुणा ने की।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकपाल विधेयक पर लेनदेन की संभावना पर जोर देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा और बातचीत के लिए तैयार है। सिंह ने कहा कि लेनदेन की पूरी संभावना है और सरकार चर्चा एवं संवाद के लिए तैयार है, ताकि एक राष्ट्रीय सहमति बन सके। योजना आयोग की एक बैठक के बाद गांधीवादी अन्ना हजारे के अनशन से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए सिंह ने कहा, हम सभी ऐसे लोकपाल के पक्ष में हैं, जो मजबूत और प्रभावी है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि हम चर्चा और बातचीत के लिए तैयार हैं। हम इस पर एक व्यापक राष्ट्रीय सहमति चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ऐसे में लेनदेन की बहुत संभावना है। हमें उम्मीद है कि सभी वैचारिक तबकों से सहयोग प्राप्त कर सकते हैं, ताकि एक मजबूत एवं प्रभावी लोकपाल को सुनिश्चित किया जा सके, जो समाज के सभी तबके चाहते हैं। मनमोहन ने कहा कि लोकपाल के मुद्दे पर सर्वदलीय सम्मेलन में सभी राजनीतिक दलों की ओर से लोकपाल विधेयक की मांग के मुताबिक यह विधेयक प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा, दलों ने कहा कि हम तब तक अपनी राय नहीं दे सकते, जब तक सरकार मसौदा नहीं लाती। हमने उस जिम्मेदारी को भी पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, हम चर्चा और संवाद के लिए तैयार हैं। हम चाहते हैं कि इस पर एक राष्ट्रीय सहमति पैदा हो। हम सभी ऐसे लोकपाल के पक्ष में है, जो मजबूत और प्रभावी है। हजारे की ओर से इस महीने के आखिर तक जन लोकपाल विधेयक पारित करने की मांग के संदर्भ में सिंह ने कहा, मेरा मानना है कि कुछ परेशानिया हैं। यह विधायी प्रक्रिया से जुड़ा एक तर्क है। उन्होंने कहा, जो भी कहा जा रहा है कि मैं उस पर कुछ कहना अथवा विवाद पैदा नहीं करना चाहता। सिंह ने उम्मीद जताई कि जनता इस बात को मानेगी कि विधायी प्रक्रिया में गतिशीलता है, जो समय लेती है। उन्होंने कहा कि सभी दलों को एक मजबूत और प्रभावी लोकपाल लाने एवं इसके रास्ते में आनी वाली बाधाओं को दूर करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
संक्षिप्त सारांश: मनमोहन सिंह ने लोकपाल विधेयक पर लेनदेन की संभावना पर जोर देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा और बातचीत के लिए तैयार है।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर अमेरिका से अपील की है कि वह उनके देश के विकास एवं स्थिरता के लिए योजना बनाए, जो आतंकवाद के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जरदारी ने गुरुवार को अमेरिका के विदेशमंत्री जॉन केरी से ये बातें कही। केरी इन दिनों पाकिस्तान यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति के प्रवक्ता के मुताबिक, जरदारी ने कहा, पाकिस्तान के लोग आतंकवाद के खिलाफ जारी संघर्ष में बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी बनती है कि वह आर्थिक सहायता, ऊर्जा विकास तथा व्यापक बाजार सुलभता के जरिये हमारे लोगों को शांति प्रदान करें। केरी के साथ बातचीत में पाकिस्तान-अमेरिका के संबंध, अफगानिस्तान में सुलह प्रक्रिया, ड्रोन हमले तथा अन्य वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। जरदारी ने एक बार फिर कहा कि ड्रोन हमले पाकिस्तान की संप्रभुता एवं भूभागीय अखंडता का उल्लंघन है। टिप्पणियां ड्रोन हमले रोकने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इनका प्रतिकूल असर होगा और पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी भावना को बल मिलेगा। केरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से भी मुलाकात की तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अमेरिका दौरे का न्योता दिया। शरीफ ने भी केरी के समक्ष ड्रोन हमलों का मुद्दा उठाया और इसे तुरंत रोकने की आवश्यकता जताई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जरदारी ने गुरुवार को अमेरिका के विदेशमंत्री जॉन केरी से ये बातें कही। केरी इन दिनों पाकिस्तान यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति के प्रवक्ता के मुताबिक, जरदारी ने कहा, पाकिस्तान के लोग आतंकवाद के खिलाफ जारी संघर्ष में बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी बनती है कि वह आर्थिक सहायता, ऊर्जा विकास तथा व्यापक बाजार सुलभता के जरिये हमारे लोगों को शांति प्रदान करें। केरी के साथ बातचीत में पाकिस्तान-अमेरिका के संबंध, अफगानिस्तान में सुलह प्रक्रिया, ड्रोन हमले तथा अन्य वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। जरदारी ने एक बार फिर कहा कि ड्रोन हमले पाकिस्तान की संप्रभुता एवं भूभागीय अखंडता का उल्लंघन है। टिप्पणियां ड्रोन हमले रोकने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इनका प्रतिकूल असर होगा और पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी भावना को बल मिलेगा। केरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से भी मुलाकात की तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अमेरिका दौरे का न्योता दिया। शरीफ ने भी केरी के समक्ष ड्रोन हमलों का मुद्दा उठाया और इसे तुरंत रोकने की आवश्यकता जताई। राष्ट्रपति के प्रवक्ता के मुताबिक, जरदारी ने कहा, पाकिस्तान के लोग आतंकवाद के खिलाफ जारी संघर्ष में बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी बनती है कि वह आर्थिक सहायता, ऊर्जा विकास तथा व्यापक बाजार सुलभता के जरिये हमारे लोगों को शांति प्रदान करें। केरी के साथ बातचीत में पाकिस्तान-अमेरिका के संबंध, अफगानिस्तान में सुलह प्रक्रिया, ड्रोन हमले तथा अन्य वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। जरदारी ने एक बार फिर कहा कि ड्रोन हमले पाकिस्तान की संप्रभुता एवं भूभागीय अखंडता का उल्लंघन है। टिप्पणियां ड्रोन हमले रोकने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इनका प्रतिकूल असर होगा और पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी भावना को बल मिलेगा। केरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से भी मुलाकात की तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अमेरिका दौरे का न्योता दिया। शरीफ ने भी केरी के समक्ष ड्रोन हमलों का मुद्दा उठाया और इसे तुरंत रोकने की आवश्यकता जताई। केरी के साथ बातचीत में पाकिस्तान-अमेरिका के संबंध, अफगानिस्तान में सुलह प्रक्रिया, ड्रोन हमले तथा अन्य वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। जरदारी ने एक बार फिर कहा कि ड्रोन हमले पाकिस्तान की संप्रभुता एवं भूभागीय अखंडता का उल्लंघन है। टिप्पणियां ड्रोन हमले रोकने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इनका प्रतिकूल असर होगा और पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी भावना को बल मिलेगा। केरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से भी मुलाकात की तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अमेरिका दौरे का न्योता दिया। शरीफ ने भी केरी के समक्ष ड्रोन हमलों का मुद्दा उठाया और इसे तुरंत रोकने की आवश्यकता जताई। ड्रोन हमले रोकने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इनका प्रतिकूल असर होगा और पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी भावना को बल मिलेगा। केरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से भी मुलाकात की तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अमेरिका दौरे का न्योता दिया। शरीफ ने भी केरी के समक्ष ड्रोन हमलों का मुद्दा उठाया और इसे तुरंत रोकने की आवश्यकता जताई। केरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से भी मुलाकात की तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अमेरिका दौरे का न्योता दिया। शरीफ ने भी केरी के समक्ष ड्रोन हमलों का मुद्दा उठाया और इसे तुरंत रोकने की आवश्यकता जताई।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर अमेरिका से अपील की है कि वह उनके देश के विकास एवं स्थिरता के लिए योजना बनाए, जो आतंकवाद के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बलूचिस्तान के एक शीर्ष नेता ने आज आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षाबल बलूचिस्तान में 'मानवाधिकारों का भीषण उल्लंघन' कर रहे हैं. उन्होंने बलूच राष्ट्रवादी आंदोलन में भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की मांग भी की है. 'बलूच रिपब्लिकन पार्टी' के अध्यक्ष एवं बलूच राष्ट्रवादी नेता नवाब अकबर खान बुगती के पोते ब्रहुमदाग़ बुगती ने हाल में बलूचिस्तान में हालात का मुद्दा उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया. गौरतलब है कि 10 साल पहले पाकिस्तानी सेना के साथ एक मुठभेड़ में नवाब अकबर खान बुगती मारे गए थे. स्विटजरलैंड में रह रहे बुगती ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बलूच लोगों के बीच जनमत संग्रह कराने की मांग करते हुए कहा, 'पाक सुरक्षा बल मानवाधिकारों के बेइंतहां उल्लंघनों में संलिप्त रहे हैं. हम लोग किसी भी हाल में पाकिस्तान के साथ अब और नहीं रहना चाहते'. अपने दादा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के संबंध में स्विट्जरलैंड गए बुगती ने फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका, नाटो देशों, इस्राइल और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे उनकी लड़ाई में उनकी मदद करें.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 'बलूच रिपब्लिकन पार्टी' के अध्यक्ष एवं बलूच राष्ट्रवादी नेता नवाब अकबर खान बुगती के पोते ब्रहुमदाग़ बुगती ने हाल में बलूचिस्तान में हालात का मुद्दा उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया. गौरतलब है कि 10 साल पहले पाकिस्तानी सेना के साथ एक मुठभेड़ में नवाब अकबर खान बुगती मारे गए थे. स्विटजरलैंड में रह रहे बुगती ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बलूच लोगों के बीच जनमत संग्रह कराने की मांग करते हुए कहा, 'पाक सुरक्षा बल मानवाधिकारों के बेइंतहां उल्लंघनों में संलिप्त रहे हैं. हम लोग किसी भी हाल में पाकिस्तान के साथ अब और नहीं रहना चाहते'. अपने दादा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के संबंध में स्विट्जरलैंड गए बुगती ने फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका, नाटो देशों, इस्राइल और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे उनकी लड़ाई में उनकी मदद करें.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि 10 साल पहले पाकिस्तानी सेना के साथ एक मुठभेड़ में नवाब अकबर खान बुगती मारे गए थे. स्विटजरलैंड में रह रहे बुगती ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बलूच लोगों के बीच जनमत संग्रह कराने की मांग करते हुए कहा, 'पाक सुरक्षा बल मानवाधिकारों के बेइंतहां उल्लंघनों में संलिप्त रहे हैं. हम लोग किसी भी हाल में पाकिस्तान के साथ अब और नहीं रहना चाहते'. अपने दादा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के संबंध में स्विट्जरलैंड गए बुगती ने फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका, नाटो देशों, इस्राइल और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे उनकी लड़ाई में उनकी मदद करें.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) स्विटजरलैंड में रह रहे बुगती ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बलूच लोगों के बीच जनमत संग्रह कराने की मांग करते हुए कहा, 'पाक सुरक्षा बल मानवाधिकारों के बेइंतहां उल्लंघनों में संलिप्त रहे हैं. हम लोग किसी भी हाल में पाकिस्तान के साथ अब और नहीं रहना चाहते'. अपने दादा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के संबंध में स्विट्जरलैंड गए बुगती ने फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका, नाटो देशों, इस्राइल और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे उनकी लड़ाई में उनकी मदद करें.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:ब्रहुमदाग़ बुगती ने बलूचिस्तान में हालात का मुद्दा उठाया. बलूच राष्ट्रवादी आंदोलन में भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी. पाक सुरक्षा बल मानवाधिकारों के बेइंतहां उल्लंघनों में संलिप्त : बुगती
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: विदेशों में रखे कालेधन की जांच का दायरा बढ़ाते हुए वित्त मंत्रालय ने करचोरों को पनाह देने वाले और अन्य देशों को पत्र लिखकर चुनींदा मामलों में बैंक लेन-देन से जुड़ी पुरानी सूचना प्राप्त करने का फैसला किया है। शीर्षस्थ सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने करचोरों की पनाहगाह माने जाने वाले विशेषअधिकार क्षेत्र वाले द्वीपों और कई स्थलों सहित विभिन्न देशों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर अब इन देशों से दोहरी कराधान निवारण संधि (डीटीएए) के संशोधित प्रावधानों के तहत बैकिंग सूचना लेने के लिए पत्र लिखा जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने कहा सीबीडीटी ने लगभग 75 देशों के साथ डीटीएए और कर सूचना आदान-प्रदान समझौते (टीआईईए) के तहत सूचनाओं के आदान-प्रदान की संभावनाओं के विस्तार के लिए बातचीत शुरू की है। कुछ देशों से चुनिंदा खातों से जुड़ी पिछली बैकिंग सूचनाएं मांगी जा रही हैं क्योंकि आयकर विभाग को इनमें धन जमा करने की खबर मिली है। उन्होंने बताया कि जिन देशों को चिट्ठी लिखी जाएगी उनमें अमेरिका, ब्रिटेन, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड आदि शामिल हैं। भारत ने फिलहाल 60 देशों और क्षेत्रों के साथ वार्ताओं का दौर पूरा कर लिया है जिनमें 24 मौजूदा डीटीएए, 19 नए डीटीएए और 17 टीआईईए शामिल हैं जबकि 26 अन्य देशों के साथ बातचीत चल रही है। सूत्रों ने बताया कुछ समझौते मसलन स्विट्जरलैंड जैसे देशों के साथ हुए समझौते के तहत सीबीडीटी अतीत में हुए हस्तांतरण और बैंक से जुड़ी सूचनाएं नहीं मांग सकता लेकिन कुछ समझौते के तहत यह सूचना प्राप्त की जा सकती है। ऐसे देश और करचोरी के धन के लिए सुरक्षित देशों से संपर्क किया जा रहा है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीडीटी ने लगभग 75 देशों के साथ डीटीएए और टीआईईए के तहत सूचनाओं के आदान-प्रदान की संभावनाओं के विस्तार के लिए बातचीत शुरू की है।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मलेशिया में भारतीय मूल के एक 57 वर्षीय व्यक्ति ने लीवर कैंसर से बचने के मात्र एक वर्ष बाद 44 किलोमीटर पीछे पैदल चलकर वर्ष 2004 में बनाया गया अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर नया रिकॉर्ड बनाया है। जी देव इपोह से कुआलालंपुर ट्रंक रोड पर उल्टा पैदल चले। उन्होंने अपने पहले के 40 किलोमीटर पीछे चलने के रिकार्ड को तोड़ने में सात घंटे का समय लगा। वर्ष 2003 में देव ने पहांग प्रांत के कैमरन हाईलैंड्स स्थित तनाह राता नगरपालिका परिषद के चारों ओर 100 चक्कर लगाये थे जो 40 किलोमीटर के बराबर है। वर्ष 1996 के बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए देव का नाम मलेशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में पांच बार आया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जनवरी में उन्हें लीवर कैंसर होने का पता चला था और चिकित्सकों ने कहा था कि उनके पास केवल पांच वर्ष का समय है। उन्होंने कहा, मैंने इसके बावजूद हार नहीं मानी और व्यायाम जारी रखा। चार महीने बाद गत वर्ष 19 अप्रैल को मेरे चिकित्सक ने कहा कि मेरा रोग ठीक हो गया है।
यहाँ एक सारांश है:जी देव इपोह से कुआलालंपुर ट्रंक रोड पर उल्टा पैदल चले। उन्होंने अपने पहले के 40 किलोमीटर पीछे चलने के रिकॉर्ड को तोड़ने में सात घंटे का समय लगा।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार का मानना है कि लगातार दो महीने से गिरावट दर्ज कर रहा निर्यात कारोबार सितंबर के बाद से पटरी पर लौट आएगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा, हम हालात पर गंभीरता से ध्यान रखे हुए हैं। मेरी राय में जो कदम उठाए गए हैं और जो घोषणाएं की गई हैं, उनसे निर्यात नए सिरे से बढ़ेगा और सितंबर के आसपास फिर वृद्धि की राह पर लौट आएगा। शर्मा 'इंडिया शो एवं सीईओ फोरम' में भाग लेने के लिए तीन दिन की यात्रा पर श्रीलंका में हैं। पश्चिम बाजारों में नरमी के चलते भारत की निर्यात वृद्धि जून में 5.45 प्रतिशत घटकर 25 अरब डॉलर रह गया। घरेलू अर्थव्यवस्था में कमजोर गतिविधियों को परिलक्षित करता हुआ आलोच्य महीने में आयात भी 13.46 प्रतिशत घटकर 35.37 अरब डॉलर रह गया। इसके परिणामस्वरुप व्यापार घाटा सिकुड़ कर 10.3 अरब डॉलर रह गया। देश का निर्यात कारोबार घटने का यह दौर ऐसे समय आया है, जब 2011-12 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत रह गई और यह नौ साल के न्यूनतम स्तर तक पहुंच गई। वित्तवर्ष के शुरुआती दो महीनों के दौरान औद्योगिक उत्पादन वृद्धि भी धीमी रही है। टिप्पणियां शर्मा ने कहा, हमारे परंपरागत निर्यात बाजारों में मांग कमजोर पड़ी है, यूरोपीय संघ के बाजारों में सुधार अस्थिर है, फिलहाल हम जैसे-तैसे यदि निर्यात बाजार में टिके हैं, तो वह केवल बाजार के विविधीकरण की वजह से ही हो पाया है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून 2012-13 अवधि में निर्यात कारोबार 1.7 प्रतिशत घटकर 75.2 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 76.5 अरब डॉलर रहा था। इस दौरान अयात कारोबार 6.10 प्रतिशत घटकर 115.25 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 122.74 अरब डॉलर रहा था। शर्मा 'इंडिया शो एवं सीईओ फोरम' में भाग लेने के लिए तीन दिन की यात्रा पर श्रीलंका में हैं। पश्चिम बाजारों में नरमी के चलते भारत की निर्यात वृद्धि जून में 5.45 प्रतिशत घटकर 25 अरब डॉलर रह गया। घरेलू अर्थव्यवस्था में कमजोर गतिविधियों को परिलक्षित करता हुआ आलोच्य महीने में आयात भी 13.46 प्रतिशत घटकर 35.37 अरब डॉलर रह गया। इसके परिणामस्वरुप व्यापार घाटा सिकुड़ कर 10.3 अरब डॉलर रह गया। देश का निर्यात कारोबार घटने का यह दौर ऐसे समय आया है, जब 2011-12 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत रह गई और यह नौ साल के न्यूनतम स्तर तक पहुंच गई। वित्तवर्ष के शुरुआती दो महीनों के दौरान औद्योगिक उत्पादन वृद्धि भी धीमी रही है। टिप्पणियां शर्मा ने कहा, हमारे परंपरागत निर्यात बाजारों में मांग कमजोर पड़ी है, यूरोपीय संघ के बाजारों में सुधार अस्थिर है, फिलहाल हम जैसे-तैसे यदि निर्यात बाजार में टिके हैं, तो वह केवल बाजार के विविधीकरण की वजह से ही हो पाया है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून 2012-13 अवधि में निर्यात कारोबार 1.7 प्रतिशत घटकर 75.2 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 76.5 अरब डॉलर रहा था। इस दौरान अयात कारोबार 6.10 प्रतिशत घटकर 115.25 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 122.74 अरब डॉलर रहा था। देश का निर्यात कारोबार घटने का यह दौर ऐसे समय आया है, जब 2011-12 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत रह गई और यह नौ साल के न्यूनतम स्तर तक पहुंच गई। वित्तवर्ष के शुरुआती दो महीनों के दौरान औद्योगिक उत्पादन वृद्धि भी धीमी रही है। टिप्पणियां शर्मा ने कहा, हमारे परंपरागत निर्यात बाजारों में मांग कमजोर पड़ी है, यूरोपीय संघ के बाजारों में सुधार अस्थिर है, फिलहाल हम जैसे-तैसे यदि निर्यात बाजार में टिके हैं, तो वह केवल बाजार के विविधीकरण की वजह से ही हो पाया है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून 2012-13 अवधि में निर्यात कारोबार 1.7 प्रतिशत घटकर 75.2 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 76.5 अरब डॉलर रहा था। इस दौरान अयात कारोबार 6.10 प्रतिशत घटकर 115.25 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 122.74 अरब डॉलर रहा था। शर्मा ने कहा, हमारे परंपरागत निर्यात बाजारों में मांग कमजोर पड़ी है, यूरोपीय संघ के बाजारों में सुधार अस्थिर है, फिलहाल हम जैसे-तैसे यदि निर्यात बाजार में टिके हैं, तो वह केवल बाजार के विविधीकरण की वजह से ही हो पाया है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून 2012-13 अवधि में निर्यात कारोबार 1.7 प्रतिशत घटकर 75.2 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 76.5 अरब डॉलर रहा था। इस दौरान अयात कारोबार 6.10 प्रतिशत घटकर 115.25 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 122.74 अरब डॉलर रहा था। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून 2012-13 अवधि में निर्यात कारोबार 1.7 प्रतिशत घटकर 75.2 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 76.5 अरब डॉलर रहा था। इस दौरान अयात कारोबार 6.10 प्रतिशत घटकर 115.25 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 122.74 अरब डॉलर रहा था।
संक्षिप्त सारांश: सरकार का मानना है कि लगातार दो महीने से गिरावट दर्ज कर रहा निर्यात कारोबार सितंबर के बाद से पटरी पर लौट आएगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा, हम हालात पर गंभीरता से ध्यान रखे हुए हैं।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत के मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) द्वारा गुरुवार को जारी रैंकिंग में छह स्थानों की छलांग लगाकर 14वें पायदान पर पहुंच गए हैं। यह उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। कश्यप (26 वर्ष) ने बीते रविवार लखनऊ में खेले गए सैयद मोदी इंटरनेशनल इंडिया ग्रांड प्रिक्स गोल्ड टूनामेंट का पुरुषों का एकल खिताब जीता था।टिप्पणियां उनके अलावा टूर्नामेंट में महिलाओं के एकल मुकाबलों के फाइनल में हार का सामना करने वाली पी. वी. संधु भी पांच स्थानों की छलांग लगाकर 19वें पायदान पर पहुंच गई है। यह संधु के करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। वहीं, विवादास्पद परिस्थितियों में टूर्नामेंट से हटने वाली भारत की बैडमिंटन सनसनी सायना नेहवाल विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं। कश्यप (26 वर्ष) ने बीते रविवार लखनऊ में खेले गए सैयद मोदी इंटरनेशनल इंडिया ग्रांड प्रिक्स गोल्ड टूनामेंट का पुरुषों का एकल खिताब जीता था।टिप्पणियां उनके अलावा टूर्नामेंट में महिलाओं के एकल मुकाबलों के फाइनल में हार का सामना करने वाली पी. वी. संधु भी पांच स्थानों की छलांग लगाकर 19वें पायदान पर पहुंच गई है। यह संधु के करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। वहीं, विवादास्पद परिस्थितियों में टूर्नामेंट से हटने वाली भारत की बैडमिंटन सनसनी सायना नेहवाल विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं। उनके अलावा टूर्नामेंट में महिलाओं के एकल मुकाबलों के फाइनल में हार का सामना करने वाली पी. वी. संधु भी पांच स्थानों की छलांग लगाकर 19वें पायदान पर पहुंच गई है। यह संधु के करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। वहीं, विवादास्पद परिस्थितियों में टूर्नामेंट से हटने वाली भारत की बैडमिंटन सनसनी सायना नेहवाल विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं। वहीं, विवादास्पद परिस्थितियों में टूर्नामेंट से हटने वाली भारत की बैडमिंटन सनसनी सायना नेहवाल विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं।
संक्षिप्त सारांश: भारत के मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) द्वारा गुरुवार को जारी रैंकिंग में छह स्थानों की छलांग लगाकर 14वें पायदान पर पहुंच गए हैं। यह उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रमंडल खेलों के कवरेज के लिए प्रसार भारती और ब्रिटेन की एक कंपनी के बीच हुए 246 करोड़ रुपये के एक समझौते पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि धन-शोधन और विदेशी मुद्रा संबंधी नियमों के उल्लंघन से जुड़ी ईडी की जांच के तहत ताजा मामला ब्रिटेन की एसआईएस लाइव और प्रसार भारती के बीच हुए करोड़ों रुपये के समझौते की जांच का है। उन्होंने बताया कि निदेशालय के इस कदम से प्रसार भारती के कई आला अधिकारी भी जांच के दायरे में आएंगे। ईडी ने आयकर विभाग से भी इस बारे में जानकारी मांगी है। विभाग ने ब्रिटेन की इस कंपनी के स्थानीय कार्यालय के परिसर में एक सर्वेक्षण किया था। यह समझौता इसलिए जांच के दायरे में आया है, क्योंकि प्रसार भारती ने खेलों के प्रसारण के लिए एसआईएस लाइव के साथ 246 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था, लेकिन ब्रिटेन की इस कंपनी ने प्रसार भारती के साथ हुए इस समझौते के बाद इसी काम का ठेका एक उप अनुबंध के तहत एक भारतीय कंपनी जूम कम्युनिकेशन को सिर्फ 177 करोड़ रुपये में दे दिया।
संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रमंडल खेलों के कवरेज के लिए प्रसार भारती और ब्रिटेन की एक कंपनी के बीच हुए 246 करोड़ रुपये के एक समझौते पर प्रवर्तन निदेशालय की नजर है।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत में स्मार्टफोन में मजबूत वृद्धि दर के बल पर कोरियाई कंपनी सैमसंग फिनलैंड की नोकिया को कड़ी टक्कर दे रही है। वायस एंड डाटा के अध्ययन के मुताबिक, वर्ष 2010-11 में सैमसंग के मोबाइल फोन का कारोबार 21.7 प्रतिशत बढ़कर 5,720 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 4,700 करोड़ रुपये था। वहीं दूसरी ओर, समीक्षाधीन अवधि में नोकिया ने 12,929 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जो इससे पिछले वित्तवर्ष के 12,900 करोड़ रुपये के मुकाबले मामूली रूप से अधिक है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में नोकिया अग्रणी कंपनी है और उसकी बाजार हिस्सेदारी 39 प्रतिशत है, उसके वर्चस्व पर दबाव बना हुआ है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, इस साल जनवरी-जुलाई में नोकिया की बाजार हिस्सेदारी घटकर 37.5 प्रतिशत पर आ गई, जो 2010 में 49.3 प्रतिशत थी। वहीं सैमसंग की बाजार हिस्सेदारी पहले सात महीने में 28 प्रतिशत पहुंच गई, जो 2010 में 20.1 प्रतिशत थी।
भारत में स्मार्टफोन में मजबूत वृद्धि दर के बल पर कोरियाई कंपनी सैमसंग फिनलैंड की नोकिया को कड़ी टक्कर दे रही है।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: डोकलाम में जारी तनाव के बीच पिछले कम से कम 30 दिन से 350 सैनिक मानव श्रृंखला बनाकर डटे हुए हैं. दोनों देशों की सेनाओं के बीच कुछ ही मीटर का फासला है. नाथुल दर्रे से 15 किमी की दूरी पर दोनों सेनाएं 500 मीटर पर जमी हुई हैं. 6 जून से भारत, भूटान और सिक्किम के तीन बिंदु स्थल (चिकननेक) पर तनाव बरकरार है. भारत मामले का हल निकालने के लिए सभी विकल्पों को आजमा रहा है.  सूत्रों ने NDTV ने बताया कि चीनी सैनिकों की मानव श्रृंखला के 1 किमी पीछे मानवरहित एरियल व्हीकल या ड्रोन, लगभग 3000 लो और हल्की मशीनरी दिखाई दी है. भारत ने भी चीन की उसी भाषा में जवाब देने के लिए हल्की मशीनरी सैनिकों की मानव श्रृंखला के पीछे तैनात कर दी है.  समुद्र तल से लगभग 4500 मीटर ऊंचे इस दुर्गम स्थल पर हवा में ऑक्सीजन का लेवल बहुत कम है. मानव श्रृंखला में तैनात जवानों को हर दो घंटे में बदलकर उनके जगह नए जवान तैनात किए जा रहे हैं.  रक्षा जानकारों के मुताबिक चुंबी घाटी में चीन की गतिविधियां भारत के लिए चिंता का सबब है. यह मानचित्र में हंसिए की तरह का हिस्‍सा है जो भारत के 'चिकन नेक' से ठीक ऊपर स्थित है. अभी इस क्षेत्र में भू-सामरिक लिहाज से भारत बेहतर स्थिति में है लेकिन डोकलाम से डोका ला तक सड़क निर्माण कर चीन, इन देशों के मिलन बिंदु स्‍थल तक पहुंचकर भारत को घेरना चाहता है.   वीडियोटिप्पणियां उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत और चीन की सेना के बीच सिक्किम में जारी गतिरोध के बीच कहा, "अगर चीन सिक्किम पर कब्जा कर लेता है तो यह केंद्र की विफलता होगी. सरकार की कूटनीतिक विफलता के कारण चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ संबंध खराब हो रहे हैं." उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल को इस विफलता का नुकसान उठाना पड़ता है क्योंकि यह इनके बीच में पड़ता है... यह नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के लिए प्रवेश द्वार है."    सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी गतिरोध के बीच चीन की सेना ने कहा कि इसने पठारी इलाके में हमले की अपनी क्षमता जांचने के लिए तिब्बत पवर्तीय क्षेत्र में फायरिंग का अभ्यास किया है. सूत्रों ने NDTV ने बताया कि चीनी सैनिकों की मानव श्रृंखला के 1 किमी पीछे मानवरहित एरियल व्हीकल या ड्रोन, लगभग 3000 लो और हल्की मशीनरी दिखाई दी है. भारत ने भी चीन की उसी भाषा में जवाब देने के लिए हल्की मशीनरी सैनिकों की मानव श्रृंखला के पीछे तैनात कर दी है.  समुद्र तल से लगभग 4500 मीटर ऊंचे इस दुर्गम स्थल पर हवा में ऑक्सीजन का लेवल बहुत कम है. मानव श्रृंखला में तैनात जवानों को हर दो घंटे में बदलकर उनके जगह नए जवान तैनात किए जा रहे हैं.  रक्षा जानकारों के मुताबिक चुंबी घाटी में चीन की गतिविधियां भारत के लिए चिंता का सबब है. यह मानचित्र में हंसिए की तरह का हिस्‍सा है जो भारत के 'चिकन नेक' से ठीक ऊपर स्थित है. अभी इस क्षेत्र में भू-सामरिक लिहाज से भारत बेहतर स्थिति में है लेकिन डोकलाम से डोका ला तक सड़क निर्माण कर चीन, इन देशों के मिलन बिंदु स्‍थल तक पहुंचकर भारत को घेरना चाहता है.   वीडियोटिप्पणियां उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत और चीन की सेना के बीच सिक्किम में जारी गतिरोध के बीच कहा, "अगर चीन सिक्किम पर कब्जा कर लेता है तो यह केंद्र की विफलता होगी. सरकार की कूटनीतिक विफलता के कारण चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ संबंध खराब हो रहे हैं." उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल को इस विफलता का नुकसान उठाना पड़ता है क्योंकि यह इनके बीच में पड़ता है... यह नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के लिए प्रवेश द्वार है."    सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी गतिरोध के बीच चीन की सेना ने कहा कि इसने पठारी इलाके में हमले की अपनी क्षमता जांचने के लिए तिब्बत पवर्तीय क्षेत्र में फायरिंग का अभ्यास किया है. समुद्र तल से लगभग 4500 मीटर ऊंचे इस दुर्गम स्थल पर हवा में ऑक्सीजन का लेवल बहुत कम है. मानव श्रृंखला में तैनात जवानों को हर दो घंटे में बदलकर उनके जगह नए जवान तैनात किए जा रहे हैं.  रक्षा जानकारों के मुताबिक चुंबी घाटी में चीन की गतिविधियां भारत के लिए चिंता का सबब है. यह मानचित्र में हंसिए की तरह का हिस्‍सा है जो भारत के 'चिकन नेक' से ठीक ऊपर स्थित है. अभी इस क्षेत्र में भू-सामरिक लिहाज से भारत बेहतर स्थिति में है लेकिन डोकलाम से डोका ला तक सड़क निर्माण कर चीन, इन देशों के मिलन बिंदु स्‍थल तक पहुंचकर भारत को घेरना चाहता है.   वीडियोटिप्पणियां उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत और चीन की सेना के बीच सिक्किम में जारी गतिरोध के बीच कहा, "अगर चीन सिक्किम पर कब्जा कर लेता है तो यह केंद्र की विफलता होगी. सरकार की कूटनीतिक विफलता के कारण चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ संबंध खराब हो रहे हैं." उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल को इस विफलता का नुकसान उठाना पड़ता है क्योंकि यह इनके बीच में पड़ता है... यह नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के लिए प्रवेश द्वार है."    सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी गतिरोध के बीच चीन की सेना ने कहा कि इसने पठारी इलाके में हमले की अपनी क्षमता जांचने के लिए तिब्बत पवर्तीय क्षेत्र में फायरिंग का अभ्यास किया है. रक्षा जानकारों के मुताबिक चुंबी घाटी में चीन की गतिविधियां भारत के लिए चिंता का सबब है. यह मानचित्र में हंसिए की तरह का हिस्‍सा है जो भारत के 'चिकन नेक' से ठीक ऊपर स्थित है. अभी इस क्षेत्र में भू-सामरिक लिहाज से भारत बेहतर स्थिति में है लेकिन डोकलाम से डोका ला तक सड़क निर्माण कर चीन, इन देशों के मिलन बिंदु स्‍थल तक पहुंचकर भारत को घेरना चाहता है.   वीडियोटिप्पणियां उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत और चीन की सेना के बीच सिक्किम में जारी गतिरोध के बीच कहा, "अगर चीन सिक्किम पर कब्जा कर लेता है तो यह केंद्र की विफलता होगी. सरकार की कूटनीतिक विफलता के कारण चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ संबंध खराब हो रहे हैं." उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल को इस विफलता का नुकसान उठाना पड़ता है क्योंकि यह इनके बीच में पड़ता है... यह नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के लिए प्रवेश द्वार है."    सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी गतिरोध के बीच चीन की सेना ने कहा कि इसने पठारी इलाके में हमले की अपनी क्षमता जांचने के लिए तिब्बत पवर्तीय क्षेत्र में फायरिंग का अभ्यास किया है. उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत और चीन की सेना के बीच सिक्किम में जारी गतिरोध के बीच कहा, "अगर चीन सिक्किम पर कब्जा कर लेता है तो यह केंद्र की विफलता होगी. सरकार की कूटनीतिक विफलता के कारण चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ संबंध खराब हो रहे हैं." उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल को इस विफलता का नुकसान उठाना पड़ता है क्योंकि यह इनके बीच में पड़ता है... यह नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के लिए प्रवेश द्वार है."    सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी गतिरोध के बीच चीन की सेना ने कहा कि इसने पठारी इलाके में हमले की अपनी क्षमता जांचने के लिए तिब्बत पवर्तीय क्षेत्र में फायरिंग का अभ्यास किया है. सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी गतिरोध के बीच चीन की सेना ने कहा कि इसने पठारी इलाके में हमले की अपनी क्षमता जांचने के लिए तिब्बत पवर्तीय क्षेत्र में फायरिंग का अभ्यास किया है.
यह एक सारांश है: समुद्र तल से लगभग 4500 मीटर ऊंचे दुर्गम स्थल पर सेना तैनात मानव श्रृंखला में तैनात जवानों को हर दो घंटे में बदला जाता है चुंबी घाटी में चीन की गतिविधियां भारत के लिए चिंता का सबब है
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: साल 2014 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के बाद बीजेपी ने देशभर में उनकी ब्रांडिंग की थी. सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाने के साथ ज्यादा से ज्यादा जनसभाएं आयोजित कर नरेंद्र मोदी को घर-घर पहुंचाने की कोशिश की गई थी, जो शायद सफल भी हुआ. बीजेपी पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई और नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने. प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने ताबड़तोड़ विदेशी दौरे किए, तर्क दिया गया कि वे भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती देने के लिए ये सब कर रहे हैं. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के तीन साल हो गए हैं. ऐसे में यूट्यूबर रिक्शावाली (Rickshawali) स्पेन के  इबीसा द्वीपसमूह पर पहुंची और वहां के लोगों को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर दिखाकर उन्हें पहचानने को कहा. ज्यादातर लोगों ने पीएम मोदी को पहचान लिया और उनके बारे में बेहद चौंकाने वाले जवाब दिए.  एक स्पेनिस लड़के ने तो यहां तक कह दिया कि नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी ज्यादा पावरफुल हैं. उसने अपने हाथों से इशारा करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को चाहिए की वह डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका से हटाएं. टिप्पणियां खुद को योगा शिक्षक बता रही स्पेन की एक महिला ने नरेंद्र मोदी की ओर से विश्व योग दिवस (world yoga day 2017) शुरू किए जाने के चलते उन्हें शुक्रिया कहा. द्वीप पर मौजूद ज्यादातर लोगों को योग दिवस की तारीख 21 जून याद थे. इतना ही नहीं कई लोगों ने तो योग के स्टेप करके भी दिखाए. कई लोगों ने नरेंद्र मोदी की तस्वीर देखते ही कहा, 'वेरी पावरफुल पर्सन'. एक शख्स को तो 'हर-हर मोदी, घर-घर मोदी' को नारा भी मालूम था. लोगों के जवाब सुनकर रिक्शावाली भी अचंभित थीं. हालांकि एक शख्स ने तो पीएम मोदी की तस्वीर देखकर उन्हें गांधी बता डाला.  मालूम हो कि भारत से स्पेन की दूरी करीब 7,951 किलोमीटर है. वहां के लोगों के बीच नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता दर्शाने वाले इस वीडियो को उनके समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  फेसबुक और ट्विटर पर भी खूब शेयर कर रहे हैं. यह वीडियो यूट्यब पर 26 मई को शेयर किया गया है. साल 2014 में इसी दिन नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. एक स्पेनिस लड़के ने तो यहां तक कह दिया कि नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी ज्यादा पावरफुल हैं. उसने अपने हाथों से इशारा करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को चाहिए की वह डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका से हटाएं. टिप्पणियां खुद को योगा शिक्षक बता रही स्पेन की एक महिला ने नरेंद्र मोदी की ओर से विश्व योग दिवस (world yoga day 2017) शुरू किए जाने के चलते उन्हें शुक्रिया कहा. द्वीप पर मौजूद ज्यादातर लोगों को योग दिवस की तारीख 21 जून याद थे. इतना ही नहीं कई लोगों ने तो योग के स्टेप करके भी दिखाए. कई लोगों ने नरेंद्र मोदी की तस्वीर देखते ही कहा, 'वेरी पावरफुल पर्सन'. एक शख्स को तो 'हर-हर मोदी, घर-घर मोदी' को नारा भी मालूम था. लोगों के जवाब सुनकर रिक्शावाली भी अचंभित थीं. हालांकि एक शख्स ने तो पीएम मोदी की तस्वीर देखकर उन्हें गांधी बता डाला.  मालूम हो कि भारत से स्पेन की दूरी करीब 7,951 किलोमीटर है. वहां के लोगों के बीच नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता दर्शाने वाले इस वीडियो को उनके समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  फेसबुक और ट्विटर पर भी खूब शेयर कर रहे हैं. यह वीडियो यूट्यब पर 26 मई को शेयर किया गया है. साल 2014 में इसी दिन नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. खुद को योगा शिक्षक बता रही स्पेन की एक महिला ने नरेंद्र मोदी की ओर से विश्व योग दिवस (world yoga day 2017) शुरू किए जाने के चलते उन्हें शुक्रिया कहा. द्वीप पर मौजूद ज्यादातर लोगों को योग दिवस की तारीख 21 जून याद थे. इतना ही नहीं कई लोगों ने तो योग के स्टेप करके भी दिखाए. कई लोगों ने नरेंद्र मोदी की तस्वीर देखते ही कहा, 'वेरी पावरफुल पर्सन'. एक शख्स को तो 'हर-हर मोदी, घर-घर मोदी' को नारा भी मालूम था. लोगों के जवाब सुनकर रिक्शावाली भी अचंभित थीं. हालांकि एक शख्स ने तो पीएम मोदी की तस्वीर देखकर उन्हें गांधी बता डाला.  मालूम हो कि भारत से स्पेन की दूरी करीब 7,951 किलोमीटर है. वहां के लोगों के बीच नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता दर्शाने वाले इस वीडियो को उनके समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  फेसबुक और ट्विटर पर भी खूब शेयर कर रहे हैं. यह वीडियो यूट्यब पर 26 मई को शेयर किया गया है. साल 2014 में इसी दिन नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. मालूम हो कि भारत से स्पेन की दूरी करीब 7,951 किलोमीटर है. वहां के लोगों के बीच नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता दर्शाने वाले इस वीडियो को उनके समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  फेसबुक और ट्विटर पर भी खूब शेयर कर रहे हैं. यह वीडियो यूट्यब पर 26 मई को शेयर किया गया है. साल 2014 में इसी दिन नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी.
यहाँ एक सारांश है:स्पेन में आम लोगों से पूछा गया, कौन हैं नरेंद्र मोदी? ज्यादातर लोगों ने नरेंद्र मोदी को पहचान लिया कुछ ने उन्हें पावरफुल नेता बताया, तो एक ने ट्रंप से भी ताकतवर
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: औद्योगिक कर्मचारियों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में बढ़कर 11.17 प्रतिशत पर पहुंच गई। इस दौरान, खाद्य वस्तुएं, बिजली और दवा सहित अन्य प्रमुख वस्तुएं महंगी हुईं।टिप्पणियां एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मासिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक. औद्योगिक कर्मचारी के संदर्भ में खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर, 2012 में 11.17 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले महीने 9.55 प्रतिशत और दिसंबर, 2011 में 6.49 प्रतिशत थी। समीक्षाधीन माह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 13.53 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले महीने यानी नवंबर 2012 में 10.85 प्रतिशत थी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मासिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक. औद्योगिक कर्मचारी के संदर्भ में खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर, 2012 में 11.17 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले महीने 9.55 प्रतिशत और दिसंबर, 2011 में 6.49 प्रतिशत थी। समीक्षाधीन माह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 13.53 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले महीने यानी नवंबर 2012 में 10.85 प्रतिशत थी। समीक्षाधीन माह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 13.53 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले महीने यानी नवंबर 2012 में 10.85 प्रतिशत थी।
यहाँ एक सारांश है:औद्योगिक कर्मचारियों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में बढ़कर 11.17 प्रतिशत पर पहुंच गई। इस दौरान, खाद्य वस्तुएं, बिजली और दवा सहित अन्य प्रमुख वस्तुएं महंगी हुईं।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम दिल्ली में पुलिस ने एक कबाड़ विक्रेता और पांच लड़कों को गिरफ्तार किया है जिनके पास से 1100 डॉलर की मुद्रा, 1.10 लाख रुपये के आभूषण और मूर्तियां बरामद हुई हैं। पुलिस ने बताया कि कबाड़ व्यापारी ने कथित तौर पर चोरी करने के मकसद से ही 10 से 15 साल की उम्र के इन नाबालिग लड़कों को नौकरी पर रखा था। पुलिस उपायुक्त :पश्चिम: वी. रंगानाथन ने कहा कि जनकपुरी इलाके में कल गश्त के दौरान डीडीए पार्क से इन्हें गिरफ्तार किया गया। नाबालिगों ने पुलिस को कबाड़ विक्रेता सतीश के बारे में बताया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। रंगनाथन ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी से तीन मामलों को सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा, ये लड़के बंद घरों को चुनते थे। घरों में बाथरूम की खिड़की या रसोई के रास्ते घुसते थे। लड़कों ने हमें बताया कि उन्होंने जनकपुरी में करीब 10.12 घरों में चोरी को अंजाम दिया है।
यह एक सारांश है: पुलिस ने एक कबाड़ विक्रेता और पांच लड़कों को गिरफ्तार किया है जिनके पास से 1100 डॉलर की मुद्रा, आभूषण और मूर्तियां बरामद हुई हैं।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी सीमा से लगे पूर्वी अफगानिस्तान में गांव के एक सरदार के जनाजे को लक्षित कर किए गए आत्मघाती हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई जबकि अनेक लोग घायल हो गए। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता अहमद जिया अब्दुलजई ने बताया कि यह हमला मंगलवार को दुरबाबा जिला के शगाई गांव में हुआ। अब्दुलजई ने बातया कि हमलावर पैदल था। इस हमले में जिला गवर्नर के बेटे समेत 25 लोग मारे गए। प्राथमिक रिपोर्ट में बताया गया था कि इस आत्मघाती हमले में कम से कम 10 असैनिक मारे गए। अधिकारियों ने बाद में बताया कि एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ दिया। अभी किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी कबूल नहीं की है। इस इलाके से लगे पाकिस्तान के पर्वतीय इलाकों में तालिबान और अन्य छापेमारों के खिलाफ संघर्ष चलाए जा रहे थे। इस हमले में कितने लोग मारे गए इसपर अलग-अलग रिपोर्ट हैं। इससे पहले जलालाबाद से समाचार एजेंसी एएफपी ने पुलिस और आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के हवाले से बताया था कि इस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई। प्रांत की सरकार ने बताया कि दूरदराज के दूर बाबा जिले में हुए इस आत्मघाती हमले में 25 लोग मारे गए हैं। टिप्पणियां रिपोर्टों के अनुसार आत्मघाती हमले का लक्ष्य जिला गवर्नर थे। वह घायल हो गए। अधिकारियों ने अंदेशा जताया कि इस आत्मघाती हमले में मरने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता सिद्दीक सिद्दीकी ने कहा, 'आत्मघाती हमले में 20 लोगों की मौत हो गई और जिला गवर्नर समेत तकरीबन 50 लोग घायल हो गए।' सिद्दीकी ने कहा, ‘घायल लोगों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।’ प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता अहमद जिया अब्दुलजई ने बताया कि यह हमला मंगलवार को दुरबाबा जिला के शगाई गांव में हुआ। अब्दुलजई ने बातया कि हमलावर पैदल था। इस हमले में जिला गवर्नर के बेटे समेत 25 लोग मारे गए। प्राथमिक रिपोर्ट में बताया गया था कि इस आत्मघाती हमले में कम से कम 10 असैनिक मारे गए। अधिकारियों ने बाद में बताया कि एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ दिया। अभी किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी कबूल नहीं की है। इस इलाके से लगे पाकिस्तान के पर्वतीय इलाकों में तालिबान और अन्य छापेमारों के खिलाफ संघर्ष चलाए जा रहे थे। इस हमले में कितने लोग मारे गए इसपर अलग-अलग रिपोर्ट हैं। इससे पहले जलालाबाद से समाचार एजेंसी एएफपी ने पुलिस और आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के हवाले से बताया था कि इस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई। प्रांत की सरकार ने बताया कि दूरदराज के दूर बाबा जिले में हुए इस आत्मघाती हमले में 25 लोग मारे गए हैं। टिप्पणियां रिपोर्टों के अनुसार आत्मघाती हमले का लक्ष्य जिला गवर्नर थे। वह घायल हो गए। अधिकारियों ने अंदेशा जताया कि इस आत्मघाती हमले में मरने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता सिद्दीक सिद्दीकी ने कहा, 'आत्मघाती हमले में 20 लोगों की मौत हो गई और जिला गवर्नर समेत तकरीबन 50 लोग घायल हो गए।' सिद्दीकी ने कहा, ‘घायल लोगों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।’ प्राथमिक रिपोर्ट में बताया गया था कि इस आत्मघाती हमले में कम से कम 10 असैनिक मारे गए। अधिकारियों ने बाद में बताया कि एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ दिया। अभी किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी कबूल नहीं की है। इस इलाके से लगे पाकिस्तान के पर्वतीय इलाकों में तालिबान और अन्य छापेमारों के खिलाफ संघर्ष चलाए जा रहे थे। इस हमले में कितने लोग मारे गए इसपर अलग-अलग रिपोर्ट हैं। इससे पहले जलालाबाद से समाचार एजेंसी एएफपी ने पुलिस और आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के हवाले से बताया था कि इस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई। प्रांत की सरकार ने बताया कि दूरदराज के दूर बाबा जिले में हुए इस आत्मघाती हमले में 25 लोग मारे गए हैं। टिप्पणियां रिपोर्टों के अनुसार आत्मघाती हमले का लक्ष्य जिला गवर्नर थे। वह घायल हो गए। अधिकारियों ने अंदेशा जताया कि इस आत्मघाती हमले में मरने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता सिद्दीक सिद्दीकी ने कहा, 'आत्मघाती हमले में 20 लोगों की मौत हो गई और जिला गवर्नर समेत तकरीबन 50 लोग घायल हो गए।' सिद्दीकी ने कहा, ‘घायल लोगों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।’ अभी किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी कबूल नहीं की है। इस इलाके से लगे पाकिस्तान के पर्वतीय इलाकों में तालिबान और अन्य छापेमारों के खिलाफ संघर्ष चलाए जा रहे थे। इस हमले में कितने लोग मारे गए इसपर अलग-अलग रिपोर्ट हैं। इससे पहले जलालाबाद से समाचार एजेंसी एएफपी ने पुलिस और आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के हवाले से बताया था कि इस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई। प्रांत की सरकार ने बताया कि दूरदराज के दूर बाबा जिले में हुए इस आत्मघाती हमले में 25 लोग मारे गए हैं। टिप्पणियां रिपोर्टों के अनुसार आत्मघाती हमले का लक्ष्य जिला गवर्नर थे। वह घायल हो गए। अधिकारियों ने अंदेशा जताया कि इस आत्मघाती हमले में मरने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता सिद्दीक सिद्दीकी ने कहा, 'आत्मघाती हमले में 20 लोगों की मौत हो गई और जिला गवर्नर समेत तकरीबन 50 लोग घायल हो गए।' सिद्दीकी ने कहा, ‘घायल लोगों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।’ इससे पहले जलालाबाद से समाचार एजेंसी एएफपी ने पुलिस और आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के हवाले से बताया था कि इस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई। प्रांत की सरकार ने बताया कि दूरदराज के दूर बाबा जिले में हुए इस आत्मघाती हमले में 25 लोग मारे गए हैं। टिप्पणियां रिपोर्टों के अनुसार आत्मघाती हमले का लक्ष्य जिला गवर्नर थे। वह घायल हो गए। अधिकारियों ने अंदेशा जताया कि इस आत्मघाती हमले में मरने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता सिद्दीक सिद्दीकी ने कहा, 'आत्मघाती हमले में 20 लोगों की मौत हो गई और जिला गवर्नर समेत तकरीबन 50 लोग घायल हो गए।' सिद्दीकी ने कहा, ‘घायल लोगों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।’ रिपोर्टों के अनुसार आत्मघाती हमले का लक्ष्य जिला गवर्नर थे। वह घायल हो गए। अधिकारियों ने अंदेशा जताया कि इस आत्मघाती हमले में मरने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है। आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता सिद्दीक सिद्दीकी ने कहा, 'आत्मघाती हमले में 20 लोगों की मौत हो गई और जिला गवर्नर समेत तकरीबन 50 लोग घायल हो गए।' सिद्दीकी ने कहा, ‘घायल लोगों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।’ आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता सिद्दीक सिद्दीकी ने कहा, 'आत्मघाती हमले में 20 लोगों की मौत हो गई और जिला गवर्नर समेत तकरीबन 50 लोग घायल हो गए।' सिद्दीकी ने कहा, ‘घायल लोगों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।’
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तानी सीमा से लगे पूर्वी अफगानिस्तान में गांव के एक सरदार के जनाजे को लक्षित कर किए गए आत्मघाती हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई जबकि अनेक लोग घायल हो गए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड के ‘दबंग’ स्टार सलमान खान ने पाकिस्तान की जनता, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और मीडिया से अनुरोध किया है कि ‘अल्लाह के वास्ते’ पिछले 30 वर्षों से पाकिस्तानी जेल में बंद सरबजीत को रिहा कर दें। सलमान ने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा, ‘‘मैं पाकिस्तान की जनता से गुजारिश करूंगा कि वे पिछले 30 वर्षों से जेल में बंद सरबजीत सिंह को रिहा कराने में मेरी मदद करें। आपको अल्लाह का वास्ता।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान की आवाम, मीडिया के सदस्यों, पाकिस्तान सरकार, राष्ट्रपति जरदारी से विनम्र निवेदन है कि यह सबसे अच्छा सद्भावनापूर्ण कदम होगा कि 30 वर्ष बाद सरबजीत को उसके परिवार के पास वापस भेज दिया जाए। मैं आशा करता हूं आप सब इसमें मेरी मदद करेंगे। आपसे अनुरोध है कि आप एक परिवार की खुशियों का हिस्सा बनें।’’ सलमान खान ने कहा, ‘‘मैं लम्बे समय से इसके लिए ट्वीट करना चाह रहा था और जब मैंने सरबजीत के बहन की तस्वीर देखी तो मेरी जान ही निकल गई। मैं उनकी बहन को लेकर बहुत दुखी हूं। मेरी मदद कीजिए, उनकी मदद कीजिए।’’ बॉलीवुड अभिनेता ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के सभी लोगों से मेरा विनम्र निवेदन है कि कृपया सरबजीत को वापस पंजाब स्थित उसके परिवार के पास वापस भेज दीजिए। मैं आशा करता हूं कि आपके (पाकिस्तानी लोगों के) दिल में भी रहम होगा और आप मदद करेंगे।’’ सलमान खान की इस गुजारिश का पाकिस्तानी लोगों ने दिल खोलकर समर्थन किया है। पाकिस्तान के कराची शहर में रहने वाले अली राशिद ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘सल्लू भाई मुझे पूरा विश्वास है कि यदि आप पाकिस्तान आएं और एक अभियान शुरू करें तथा अधिकारियों से अनुरोध करें तो कुछ हो सकता है।’’ उल्लेखनीय है कि सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर और उसकी बेटी सहित अन्य रिश्तेदारों ने गुरुवार को विदेशमंत्री एसएम कृष्णा से मुलाकात की थी। पिछले 20 साल से पाकिस्तानी जेल में बंद सरबजीत सिंह की रिहाई के लिए दलबीर लम्बे समय से संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान की आवाम, मीडिया के सदस्यों, पाकिस्तान सरकार, राष्ट्रपति जरदारी से विनम्र निवेदन है कि यह सबसे अच्छा सद्भावनापूर्ण कदम होगा कि 30 वर्ष बाद सरबजीत को उसके परिवार के पास वापस भेज दिया जाए। मैं आशा करता हूं आप सब इसमें मेरी मदद करेंगे। आपसे अनुरोध है कि आप एक परिवार की खुशियों का हिस्सा बनें।’’ सलमान खान ने कहा, ‘‘मैं लम्बे समय से इसके लिए ट्वीट करना चाह रहा था और जब मैंने सरबजीत के बहन की तस्वीर देखी तो मेरी जान ही निकल गई। मैं उनकी बहन को लेकर बहुत दुखी हूं। मेरी मदद कीजिए, उनकी मदद कीजिए।’’ बॉलीवुड अभिनेता ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के सभी लोगों से मेरा विनम्र निवेदन है कि कृपया सरबजीत को वापस पंजाब स्थित उसके परिवार के पास वापस भेज दीजिए। मैं आशा करता हूं कि आपके (पाकिस्तानी लोगों के) दिल में भी रहम होगा और आप मदद करेंगे।’’ सलमान खान की इस गुजारिश का पाकिस्तानी लोगों ने दिल खोलकर समर्थन किया है। पाकिस्तान के कराची शहर में रहने वाले अली राशिद ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘सल्लू भाई मुझे पूरा विश्वास है कि यदि आप पाकिस्तान आएं और एक अभियान शुरू करें तथा अधिकारियों से अनुरोध करें तो कुछ हो सकता है।’’ उल्लेखनीय है कि सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर और उसकी बेटी सहित अन्य रिश्तेदारों ने गुरुवार को विदेशमंत्री एसएम कृष्णा से मुलाकात की थी। पिछले 20 साल से पाकिस्तानी जेल में बंद सरबजीत सिंह की रिहाई के लिए दलबीर लम्बे समय से संघर्ष कर रही हैं। बॉलीवुड अभिनेता ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के सभी लोगों से मेरा विनम्र निवेदन है कि कृपया सरबजीत को वापस पंजाब स्थित उसके परिवार के पास वापस भेज दीजिए। मैं आशा करता हूं कि आपके (पाकिस्तानी लोगों के) दिल में भी रहम होगा और आप मदद करेंगे।’’ सलमान खान की इस गुजारिश का पाकिस्तानी लोगों ने दिल खोलकर समर्थन किया है। पाकिस्तान के कराची शहर में रहने वाले अली राशिद ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘सल्लू भाई मुझे पूरा विश्वास है कि यदि आप पाकिस्तान आएं और एक अभियान शुरू करें तथा अधिकारियों से अनुरोध करें तो कुछ हो सकता है।’’ उल्लेखनीय है कि सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर और उसकी बेटी सहित अन्य रिश्तेदारों ने गुरुवार को विदेशमंत्री एसएम कृष्णा से मुलाकात की थी। पिछले 20 साल से पाकिस्तानी जेल में बंद सरबजीत सिंह की रिहाई के लिए दलबीर लम्बे समय से संघर्ष कर रही हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बॉलीवुड स्टार ने पाकिस्तान की जनता, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और मीडिया से 'अल्लाह का वास्ता' देकर अनुरोध किया है कि 30 साल से जेल में बंद सरबजीत को रिहा करें...
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण में रॉयल चैलेंजर्स बेगंलुरू ने मंगलवार को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए के नौवें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को सात विकेट से हराकर पिछले मैच में हैदराबाद से सुपरओवर में मिली हार का हिसाब चुकता कर लिया।     बेंगलुरू की ओर विराट कोहली (नाबाद 93) कप्तानी पारी खेलते हुए अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कोहली ने 47 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौके और चार छक्के जड़े। हैदराबाद के घर में खेले गए पिछले मुकाबले में बेंगलुरू के बल्लेबाज कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, लेकिन इस बार कोहली ने बल्लेबाजों का नेतृत्व करते हुए हैदराबाद के तेंज गेंदबाजों डेल स्टेन और इशांत शर्मा को कोई भी मौका नहीं दिया, जिससे की वह अपनी टीम को लगातार तीसरी जीत दिला सकें। गेल (13) इस मैच में भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके, लेकिन कोहली ने टीम को उनकी कमी जरा भी नहीं खलने दी। मंयक अग्रवाल (29) ने 20 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और अब्राहम डिविलियर्स ने तीसरे विकेट के लिए अहम 49 रन जोड़े। 96 रनों के कुल योग पर डिविलियर्स (15) कैमरन व्हाइट की गेंद पर हुनमा विहारी को कैच थमा बैठे। चौथे विकेट के लिए मोएसिस हेनरिक्स (नाबाद 15) के साथ मिलकर 66 रन की अविजित साझेदारी की और अपनी टीम को जीत दिला दी।टिप्पणियां इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद ने निर्धारित ओवरों में छह विकेट खोकर 161 रन बनाए थे। हैदराबाद की ओर से कैमरन व्हाइट ने सबसे ज्यादा 52 रनों की पारी खेली, जबकि थिशारा परेरा ने 40 रन बनाए। व्हाइट ने 34 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और तीन छक्के जड़े, वहीं, परेरा ने 24 गेंदों का सामना करते हुए चार छक्के और एक चौका जड़ा। बैंगलुरू ने अब तक खेले तीन मैचों में दो में जीत दर्ज की है, वहीं एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद की टूर्नामेंट में पहली हार है। हैदराबाद के घर में खेले गए पिछले मुकाबले में बेंगलुरू के बल्लेबाज कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, लेकिन इस बार कोहली ने बल्लेबाजों का नेतृत्व करते हुए हैदराबाद के तेंज गेंदबाजों डेल स्टेन और इशांत शर्मा को कोई भी मौका नहीं दिया, जिससे की वह अपनी टीम को लगातार तीसरी जीत दिला सकें। गेल (13) इस मैच में भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके, लेकिन कोहली ने टीम को उनकी कमी जरा भी नहीं खलने दी। मंयक अग्रवाल (29) ने 20 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और अब्राहम डिविलियर्स ने तीसरे विकेट के लिए अहम 49 रन जोड़े। 96 रनों के कुल योग पर डिविलियर्स (15) कैमरन व्हाइट की गेंद पर हुनमा विहारी को कैच थमा बैठे। चौथे विकेट के लिए मोएसिस हेनरिक्स (नाबाद 15) के साथ मिलकर 66 रन की अविजित साझेदारी की और अपनी टीम को जीत दिला दी।टिप्पणियां इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद ने निर्धारित ओवरों में छह विकेट खोकर 161 रन बनाए थे। हैदराबाद की ओर से कैमरन व्हाइट ने सबसे ज्यादा 52 रनों की पारी खेली, जबकि थिशारा परेरा ने 40 रन बनाए। व्हाइट ने 34 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और तीन छक्के जड़े, वहीं, परेरा ने 24 गेंदों का सामना करते हुए चार छक्के और एक चौका जड़ा। बैंगलुरू ने अब तक खेले तीन मैचों में दो में जीत दर्ज की है, वहीं एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद की टूर्नामेंट में पहली हार है। गेल (13) इस मैच में भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके, लेकिन कोहली ने टीम को उनकी कमी जरा भी नहीं खलने दी। मंयक अग्रवाल (29) ने 20 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और अब्राहम डिविलियर्स ने तीसरे विकेट के लिए अहम 49 रन जोड़े। 96 रनों के कुल योग पर डिविलियर्स (15) कैमरन व्हाइट की गेंद पर हुनमा विहारी को कैच थमा बैठे। चौथे विकेट के लिए मोएसिस हेनरिक्स (नाबाद 15) के साथ मिलकर 66 रन की अविजित साझेदारी की और अपनी टीम को जीत दिला दी।टिप्पणियां इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद ने निर्धारित ओवरों में छह विकेट खोकर 161 रन बनाए थे। हैदराबाद की ओर से कैमरन व्हाइट ने सबसे ज्यादा 52 रनों की पारी खेली, जबकि थिशारा परेरा ने 40 रन बनाए। व्हाइट ने 34 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और तीन छक्के जड़े, वहीं, परेरा ने 24 गेंदों का सामना करते हुए चार छक्के और एक चौका जड़ा। बैंगलुरू ने अब तक खेले तीन मैचों में दो में जीत दर्ज की है, वहीं एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद की टूर्नामेंट में पहली हार है। कोहली और अब्राहम डिविलियर्स ने तीसरे विकेट के लिए अहम 49 रन जोड़े। 96 रनों के कुल योग पर डिविलियर्स (15) कैमरन व्हाइट की गेंद पर हुनमा विहारी को कैच थमा बैठे। चौथे विकेट के लिए मोएसिस हेनरिक्स (नाबाद 15) के साथ मिलकर 66 रन की अविजित साझेदारी की और अपनी टीम को जीत दिला दी।टिप्पणियां इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद ने निर्धारित ओवरों में छह विकेट खोकर 161 रन बनाए थे। हैदराबाद की ओर से कैमरन व्हाइट ने सबसे ज्यादा 52 रनों की पारी खेली, जबकि थिशारा परेरा ने 40 रन बनाए। व्हाइट ने 34 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और तीन छक्के जड़े, वहीं, परेरा ने 24 गेंदों का सामना करते हुए चार छक्के और एक चौका जड़ा। बैंगलुरू ने अब तक खेले तीन मैचों में दो में जीत दर्ज की है, वहीं एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद की टूर्नामेंट में पहली हार है। चौथे विकेट के लिए मोएसिस हेनरिक्स (नाबाद 15) के साथ मिलकर 66 रन की अविजित साझेदारी की और अपनी टीम को जीत दिला दी।टिप्पणियां इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद ने निर्धारित ओवरों में छह विकेट खोकर 161 रन बनाए थे। हैदराबाद की ओर से कैमरन व्हाइट ने सबसे ज्यादा 52 रनों की पारी खेली, जबकि थिशारा परेरा ने 40 रन बनाए। व्हाइट ने 34 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और तीन छक्के जड़े, वहीं, परेरा ने 24 गेंदों का सामना करते हुए चार छक्के और एक चौका जड़ा। बैंगलुरू ने अब तक खेले तीन मैचों में दो में जीत दर्ज की है, वहीं एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद की टूर्नामेंट में पहली हार है। इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद ने निर्धारित ओवरों में छह विकेट खोकर 161 रन बनाए थे। हैदराबाद की ओर से कैमरन व्हाइट ने सबसे ज्यादा 52 रनों की पारी खेली, जबकि थिशारा परेरा ने 40 रन बनाए। व्हाइट ने 34 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और तीन छक्के जड़े, वहीं, परेरा ने 24 गेंदों का सामना करते हुए चार छक्के और एक चौका जड़ा। बैंगलुरू ने अब तक खेले तीन मैचों में दो में जीत दर्ज की है, वहीं एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद की टूर्नामेंट में पहली हार है। बैंगलुरू ने अब तक खेले तीन मैचों में दो में जीत दर्ज की है, वहीं एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद की टूर्नामेंट में पहली हार है।
यहाँ एक सारांश है:इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण में रॉयल चैलेंजर्स बेगंलुरू ने मंगलवार को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए के नौवें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को सात विकेट से हराकर पिछले मैच में हैदराबाद से सुपरओवर में मिली हार का हिसाब चुकता कर लिया
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['hin']
एक सारांश बनाओ: अपने ऑलराउंड खेल से मैन ऑफ द मैच चुने गए रविंद्र जडेजा ने आज यहां इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वन-डे में मिली 127 रन की जीत के बाद कहा कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाया। जडेजा ने बल्ले से शानदार खेल दिखाते हुए नाबाद 61 रन बनाए और फिर इंग्लैंड के दो खिलाड़ियों को पैवेलियन भेजा।टिप्पणियां जडेजा ने अपनी पारी के बारे में कहा, मैंने अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाया। विकेट काफी अच्छा था और गेंद आसानी से बल्ले पर आ रही थी, मैंने कुछ क्रिकेटिया शॉट खेलने की कोशिश की। आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से खेलने वाले जडेजा 2011 में कोच्चि में खेल चुके हैं, जिससे वह जानते थे कि विकेट थोड़ा धीमा था। उन्होंने कहा, 2011 में कोच्चि में आईपीएल में खेला था, मैं जानता था कि विकेट थोड़ा धीमा था, लेकिन एक बार आप जम गए तो आप इस पर रन बना सकते हैं। जडेजा ने कहा कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सलाह भी उनके काम आई। उन्होंने कहा, माही भाई मुझे कह रहे थे कि अपना विकेट मत खोना। मैं (सुरेश) रैना भाई से बात कर रहा था, मैंने कहा कि गेंद टर्न कर रही है और मुझे इस पिच पर विकेट मिल सकते हैं। जडेजा ने बल्ले से शानदार खेल दिखाते हुए नाबाद 61 रन बनाए और फिर इंग्लैंड के दो खिलाड़ियों को पैवेलियन भेजा।टिप्पणियां जडेजा ने अपनी पारी के बारे में कहा, मैंने अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाया। विकेट काफी अच्छा था और गेंद आसानी से बल्ले पर आ रही थी, मैंने कुछ क्रिकेटिया शॉट खेलने की कोशिश की। आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से खेलने वाले जडेजा 2011 में कोच्चि में खेल चुके हैं, जिससे वह जानते थे कि विकेट थोड़ा धीमा था। उन्होंने कहा, 2011 में कोच्चि में आईपीएल में खेला था, मैं जानता था कि विकेट थोड़ा धीमा था, लेकिन एक बार आप जम गए तो आप इस पर रन बना सकते हैं। जडेजा ने कहा कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सलाह भी उनके काम आई। उन्होंने कहा, माही भाई मुझे कह रहे थे कि अपना विकेट मत खोना। मैं (सुरेश) रैना भाई से बात कर रहा था, मैंने कहा कि गेंद टर्न कर रही है और मुझे इस पिच पर विकेट मिल सकते हैं। जडेजा ने अपनी पारी के बारे में कहा, मैंने अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाया। विकेट काफी अच्छा था और गेंद आसानी से बल्ले पर आ रही थी, मैंने कुछ क्रिकेटिया शॉट खेलने की कोशिश की। आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से खेलने वाले जडेजा 2011 में कोच्चि में खेल चुके हैं, जिससे वह जानते थे कि विकेट थोड़ा धीमा था। उन्होंने कहा, 2011 में कोच्चि में आईपीएल में खेला था, मैं जानता था कि विकेट थोड़ा धीमा था, लेकिन एक बार आप जम गए तो आप इस पर रन बना सकते हैं। जडेजा ने कहा कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सलाह भी उनके काम आई। उन्होंने कहा, माही भाई मुझे कह रहे थे कि अपना विकेट मत खोना। मैं (सुरेश) रैना भाई से बात कर रहा था, मैंने कहा कि गेंद टर्न कर रही है और मुझे इस पिच पर विकेट मिल सकते हैं। जडेजा ने कहा कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सलाह भी उनके काम आई। उन्होंने कहा, माही भाई मुझे कह रहे थे कि अपना विकेट मत खोना। मैं (सुरेश) रैना भाई से बात कर रहा था, मैंने कहा कि गेंद टर्न कर रही है और मुझे इस पिच पर विकेट मिल सकते हैं।
सारांश: अपने ऑलराउंड खेल से मैन ऑफ द मैच चुने गए रविंद्र जडेजा ने आज यहां इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वन-डे में मिली 127 रन की जीत के बाद कहा कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाया।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन ने कहा है कि ब्रिक्स देशों के समूह ने सदस्य देशों के बीच काफी सहयोग किया है और इस दिशा में अच्छी प्रगति की है। भारत भी ब्रिक्स समूह का सदस्य है। इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में भी आपसी सहयोग बढ़ाया है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका देशों के समूह को ब्रिक्स नाम दिया गया है। न्यूयॉर्क में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद चीन के विदेश मंत्री येंग जेइची ने कहा की समूह के सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग में काफी प्रगति हुई है। बैठक में विदेश मंत्री एसएम कृष्णा भी उपस्थित थे। जेइची ने कहा कि समूह के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को अप्रैल, 2011 को जारी सान्या घोषणा को पूरी तरह से अमल में लाना चाहिए। इसके साथ ही सदस्य देशों को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर आपसी समन्वय और सहयोग भी बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को आगामी चौथी बैठक के लिये बेहतर ढंग से तैयारी करनी चाहिए। 'शिन्हुआ' समाचार एजेंसी ने विदेश मंत्री के हवाले से कहा कि ब्रिक्स समूह के पांचों देशों ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में आपसी समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। सदस्य देशों ने लीबिया, सीरिया और फिलिस्तीन-इस्ररायल पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में सुधार, पर्यावरण बदलाव, सतत विकास और आतंकवादी निरोधी मुद्दों पर भी चर्चा की।
संक्षिप्त पाठ: चीन ने कहा है कि ब्रिक्स देशों के समूह ने सदस्य देशों के बीच काफी सहयोग किया है और इस दिशा में अच्छी प्रगति की है। भारत भी ब्रिक्स समूह का सदस्य है।
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: मलेशिया ने आज कहा कि मॉरिशस में मिला विमान के मलबे का टुकड़ा मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान MH370 का ही है. मार्च 2014 में लापता हुए इस विमान में 239 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे. बोइंग 777 विमान कुआलालंपुर से बीजिंग जाने के दौरान बीच रास्ते में ही लापता हो गया था. इसका पता लगाने के लिए पिछले दो वर्षों से तलाशी अभियान जारी था.टिप्पणियां पंख के फ्लैप का टुकड़ा मई में मिला था और इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा ब्यूरो के विशेषज्ञों ने इसका विश्लेषण किया. ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा ब्यूरो आस्ट्रेलिया के पश्चिम तट के निकट महासागर के दूरस्थ क्षेत्र में विमान की तलाश का नेतृत्व कर रहा है. एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जांचकर्ताओं ने पाया कि मलबे में मिला पंख लापता बोइंग 777 का हिस्सा है. मलेशिया के परिवहन मंत्री लियोन तियोंग लाई ने भी इस बात की पुष्टि की है. इससे पहले मिले विमान के दो टुकड़े लापता जेट के होने की पुष्टि हुई थी. इनमें से पहले टुकड़ा जुलाई 2015 में रीयूनियन द्वीप के पास, जबकि दूसरा तंजानिया के तट के करीब पेंबा द्वीप के किनारे मिले थे. हालांकि अभी तक मलबे से मिली कोई भी वस्तु यह पता करने में मदद नहीं कर पाई है कि मुख्य मलबा समुद्र में कहां स्थित है. बोइंग 777 विमान कुआलालंपुर से बीजिंग जाने के दौरान बीच रास्ते में ही लापता हो गया था. इसका पता लगाने के लिए पिछले दो वर्षों से तलाशी अभियान जारी था.टिप्पणियां पंख के फ्लैप का टुकड़ा मई में मिला था और इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा ब्यूरो के विशेषज्ञों ने इसका विश्लेषण किया. ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा ब्यूरो आस्ट्रेलिया के पश्चिम तट के निकट महासागर के दूरस्थ क्षेत्र में विमान की तलाश का नेतृत्व कर रहा है. एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जांचकर्ताओं ने पाया कि मलबे में मिला पंख लापता बोइंग 777 का हिस्सा है. मलेशिया के परिवहन मंत्री लियोन तियोंग लाई ने भी इस बात की पुष्टि की है. इससे पहले मिले विमान के दो टुकड़े लापता जेट के होने की पुष्टि हुई थी. इनमें से पहले टुकड़ा जुलाई 2015 में रीयूनियन द्वीप के पास, जबकि दूसरा तंजानिया के तट के करीब पेंबा द्वीप के किनारे मिले थे. हालांकि अभी तक मलबे से मिली कोई भी वस्तु यह पता करने में मदद नहीं कर पाई है कि मुख्य मलबा समुद्र में कहां स्थित है. पंख के फ्लैप का टुकड़ा मई में मिला था और इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा ब्यूरो के विशेषज्ञों ने इसका विश्लेषण किया. ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा ब्यूरो आस्ट्रेलिया के पश्चिम तट के निकट महासागर के दूरस्थ क्षेत्र में विमान की तलाश का नेतृत्व कर रहा है. एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जांचकर्ताओं ने पाया कि मलबे में मिला पंख लापता बोइंग 777 का हिस्सा है. मलेशिया के परिवहन मंत्री लियोन तियोंग लाई ने भी इस बात की पुष्टि की है. इससे पहले मिले विमान के दो टुकड़े लापता जेट के होने की पुष्टि हुई थी. इनमें से पहले टुकड़ा जुलाई 2015 में रीयूनियन द्वीप के पास, जबकि दूसरा तंजानिया के तट के करीब पेंबा द्वीप के किनारे मिले थे. हालांकि अभी तक मलबे से मिली कोई भी वस्तु यह पता करने में मदद नहीं कर पाई है कि मुख्य मलबा समुद्र में कहां स्थित है. इससे पहले मिले विमान के दो टुकड़े लापता जेट के होने की पुष्टि हुई थी. इनमें से पहले टुकड़ा जुलाई 2015 में रीयूनियन द्वीप के पास, जबकि दूसरा तंजानिया के तट के करीब पेंबा द्वीप के किनारे मिले थे. हालांकि अभी तक मलबे से मिली कोई भी वस्तु यह पता करने में मदद नहीं कर पाई है कि मुख्य मलबा समुद्र में कहां स्थित है.
यहाँ एक सारांश है:बोइंग 777 विमान कुआलालंपुर से बीजिंग जाने के दौरान लापता हो गया था मार्च 2014 में लापता हुए MH370 विमान में 239 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे इसका पता लगाने के लिए पिछले दो वर्षों से तलाशी अभियान जारी था
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे द्वारा बीजेपी और आरएसएस पर लगाए गए हिन्दू आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा है कि गृहमंत्री अपने इस बयान से आतंकवादियों के चहेते बन गए हैं। बीजेपी और आरएसएस का कहना है कि इस प्रकार के बयान के बाद अब पाकिस्तान और आतंकवादी संगठनों को इस बात की छूट मिल जाएगी कि वे भारत में हो रहे आतंकी हमलों के लिए भारतीय संगठनों को ही जिम्मेदार ठहराएं। आरएसएस प्रवक्ता राम माधव ने ट्वीट किया है कि शिंदे इस तरह के बयान देकर हमारे दुश्मनों की मदद कर रहे हैं। वहीं बीजेपी के मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि शिंदे का बयान भारत विरोधी आतंकवादी संगठनों के लिए 'ऑक्सीजन' की तरह है।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि गृहमंत्री ने सोमवार को कहा था, जांच के बाद हमने पाया कि या भाजपा या आरएसएस अपने प्रशिक्षण शिविरों में हिन्दू आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, जो चिंता की बात है। उन्होंने यह भी कहा था कि हम भाजपा या आरएसएस की शिविर जैसी गतिविधियों पर नज़र भी रख रहे हैं। हालांकि शिंदे ने बाद में सफाई दी कि उन्होंने केवल वही कहा, जो मीडिया में आया है और उनका इशारा 'भगवा आतंकवाद' की ओर था। उधर, गृहमंत्री के इस बयान की गूंज पाकिस्तान तक सुनाई दे रही है, और मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टमाइंड और आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद भी मंगलवार को ही भारतीय गृहमंत्री के इस बयान को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहा है। आरएसएस प्रवक्ता राम माधव ने ट्वीट किया है कि शिंदे इस तरह के बयान देकर हमारे दुश्मनों की मदद कर रहे हैं। वहीं बीजेपी के मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि शिंदे का बयान भारत विरोधी आतंकवादी संगठनों के लिए 'ऑक्सीजन' की तरह है।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि गृहमंत्री ने सोमवार को कहा था, जांच के बाद हमने पाया कि या भाजपा या आरएसएस अपने प्रशिक्षण शिविरों में हिन्दू आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, जो चिंता की बात है। उन्होंने यह भी कहा था कि हम भाजपा या आरएसएस की शिविर जैसी गतिविधियों पर नज़र भी रख रहे हैं। हालांकि शिंदे ने बाद में सफाई दी कि उन्होंने केवल वही कहा, जो मीडिया में आया है और उनका इशारा 'भगवा आतंकवाद' की ओर था। उधर, गृहमंत्री के इस बयान की गूंज पाकिस्तान तक सुनाई दे रही है, और मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टमाइंड और आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद भी मंगलवार को ही भारतीय गृहमंत्री के इस बयान को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि गृहमंत्री ने सोमवार को कहा था, जांच के बाद हमने पाया कि या भाजपा या आरएसएस अपने प्रशिक्षण शिविरों में हिन्दू आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, जो चिंता की बात है। उन्होंने यह भी कहा था कि हम भाजपा या आरएसएस की शिविर जैसी गतिविधियों पर नज़र भी रख रहे हैं। हालांकि शिंदे ने बाद में सफाई दी कि उन्होंने केवल वही कहा, जो मीडिया में आया है और उनका इशारा 'भगवा आतंकवाद' की ओर था। उधर, गृहमंत्री के इस बयान की गूंज पाकिस्तान तक सुनाई दे रही है, और मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टमाइंड और आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद भी मंगलवार को ही भारतीय गृहमंत्री के इस बयान को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहा है। उधर, गृहमंत्री के इस बयान की गूंज पाकिस्तान तक सुनाई दे रही है, और मुंबई में हुए 26/11 हमले के मास्टमाइंड और आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद भी मंगलवार को ही भारतीय गृहमंत्री के इस बयान को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहा है।
सारांश: केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे द्वारा बीजेपी और आरएसएस पर लगाए गए हिन्दू आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा है कि गृहमंत्री अपने इस बयान से आतंकवादियों के चहेते बन गए हैं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के कई जिले इन दिनों बाढ़ की चपेट में है. यहां हो रही लगातार बारिश ने हालात को और भी खराब बना दिया है. आम जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है. लेकिन इन सब के बीच सूबे के सीएम नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे राज्य में हो रही लगातार बारिश और उससे हो रही तबाही के लिए नक्षत्र को जिम्मेदार बता रहे हैं. केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि राज्य में ‘‘हथिया नक्षत्र'' के कारण जबरदस्त बारिश हो रही है. राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम से इतर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों से बिहार में जारी मूसलाधार बारिश ‘हथिया नक्षत्र' के कारण हो रही है. हथिया नक्षत्र में कभी कभी बहुत भयंकर बारिश होती है. बारिश ने अब प्राकृतिक आपदा का रूप ले लिया है. अश्विनी चौबे ने कहा कि बिहार की भाजपा-जद (यू) गठबंधन सरकार, जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं और स्थिति से निपटने के लिए काम कर रहे हैं . केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री समेत पूरी राज्य सरकार स्थिति की नजदीक से निगरानी कर रही है. जिन लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है उनको राहत पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. मौसम विभाग ने कहा है कि मॉनसून की सबसे अधिक देरी से वापस हो सकती है और बिहार सहित कई राज्यों में बारिश जारी है. प्रदेश में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं जबकि बाढ़ के कारण रेलवे यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई हैं. इससे पहले सीएम नीतीश कुमार भी राज्य में हो रही भारी बारिश और उससे होने वाली तबाही के लिए हथिया नक्षत्र को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं. गौरतलब है कि बिहार के कई जिलों में मुसलाधार बारिश की वजह से बीते कुछ दिनों से जलजमाव की स्थिति है. खास तौर पर पटना और आसपास के जिलों में हालात ज्यादा खराब हैं. मौसम विभाग ने राज्य में बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया है.राज्य सरकार के अनुसार बिहार के कई जिलों में हो रही बारिश की वजह से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 41 हो गया है. NDRF की कई टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का कार्य कर रही है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पटना में बाढ़ से बिगड़े हालात को देखते हुए वायुसेना से मदद मांगी है. हालांकि, सोमवार देर रात से पटना में बारिश नहीं हुई है.  बता दें कि पिछले कई दिन से हो रही बारिश के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश के अनेक हिस्से सोमवार को बाढ़ की चपेट में रहे वहीं देश भर में वर्षा जनित हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या 148 पर पहुंच गई हैं. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि देश में 1994 के बाद इस मानसून में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई. मौसम विभाग ने इसे ‘सामान्य से अधिक' बताया. मानसून सोमवार को आधिकारिक रूप से तो समाप्त हो गया लेकिन यह देश के कुछ हिस्सों के ऊपर अभी भी सक्रिय है. मौसम विभाग के 36 उपमंडलों में से दो..पश्चिम मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र एवं कच्छ..में ‘‘काफी अधिक'' वर्षा दर्ज की गई. बिहार में बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि राज्य सरकार ने वायुसेना से पानी में डूबे स्थानों में खाने के पैकेट व अन्य सामग्रियां गिराने के लिए एक हेलीकॉप्टर भेजने का आग्रह किया है. लोकजनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान और उनके बेटे चिराग पासवान पटना में अपने घर के बदले एक होटल में रुके हुए हए हैं. सोमवार दोपहर में तीन और लोगों के बारिश की वजह से मरने की खबर आई है. इनमें से एक व्यक्ति की मौत नवादा और दो लोगों की मौत जहानाबाद जिले में हुई. सुबह में बारिश थमी थी लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पटना में सोमवार देर शाम बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है.  मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में इस मानसून में एक जून से 30 सितम्बर तक 404.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जबकि 30 वर्ष का औसत 648.9 मिलीमीटर है. इस तरह से इस वर्ष 38 प्रतिशत कम वर्षा हुई। मानसून इस वर्ष सामान्य से एक सप्ताह की देरी से आया था. मानसून ने आठ जून को केरल के ऊपर से शुरूआत की थी लेकिन जून में इसकी गति सुस्त हो गई थी और जून में 33 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी. यद्यपि मानसून ने जुलाई में गति पकड़ी और सामान्य से 33 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई. अगस्त में भी सामान्य से 15 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले दो वर्षों के दौरान अधिक वर्षा दर्ज की गई थी.  दिल्ली में 2018 में 770.6 मिलीमीटर और 2017 में 672.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस वर्ष जून में दिल्ली में मात्र 11.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जबकि सामान्य 65.5 मिलीमीटर है. इस तरह से जून में 83 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई. जुलाई महीने में यहां 24 प्रतिशत कम वर्षा हुई क्योंकि मात्र 210.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई. उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से कई स्थानों पर जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है. बलिया के समूचे जिला कारागार परिसर में कमर तक पानी भर जाने के कारण कम से कम 900 कैदियों को दूसरे जिलों की जेलों में भेजना पड़ा.
संक्षिप्त सारांश: अश्विनी चौबे ने एक कार्यक्रम में दिया यह बयान पटना में हुए जल जमाव को लेकर बोल रहे थे चौबे सीएम नीतीश कुमार ने भी दिया था ऐसा बयान
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सचिन तेंदुलकर और नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जैसे सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हो रही सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज पहुंच गई है। भारतीय टीम स्थानीय समयानुसार बृहस्पतिवार को रात साढ़े आठ बजे पियारको अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची। त्रिनिदाद और टोबैगो क्रिकेट बोर्ड तथा प्रायोजक डिजिसेल के अधिकारियों ने भारतीय टीम का स्वागत किया। मुंबई से लंदन होती हुई बारबडोस पहुंची सुरेश रैना की अगुआई वाली भारतीय टीम लंबी यात्रा के बाद थकी हुई लग रही थी। कार्यवाहक कप्तान रैना की आंखे नींद पूरी नहीं होने के कारण लाल थीं जबकि अन्य खिलाड़ी भी थके हुए थे। थकान के बावजूद रैना ने भरोसा जताया कि उनकी युवा टीम एकमात्र ट्वेंटी20 मैच और पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला जीतने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। रैना ने यहां पहुंचने के बाद कहा, यह युवा टीम है। खिलाड़ी देश और अपने लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। वह काफी प्रेरित हैं। उप कप्तान हरभजन सिंह ने भी कहा कि सितारों के बिना आई भारतीय टीम में प्रेरणा की कोई कमी नहीं है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय टीम स्थानीय समयानुसार रात साढ़े आठ बजे पियारको अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गौरतलब है कि पिछले माह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर एमटीएनएल बिल्डिंग में ईडी दफ्तर पूछताछ के लिए पहुंचे थे. उन्हें ईडी ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में पूछताछ के लिए बुलाया था. उनसे कुछ देर पूछताछ चली लेकिन इसी बीच उन्हें अंदेशा हुआ कि ईडी की टीम गिरफ्तार कर लेगी. रतुल ने ईडी दफ्तर में जांच अधिकारी से टॉयलेट जाने की बात कही. वह टॉयलेट गए और फिर वहां से गायब जो गए. जब काफी देर तक जांच अधिकारी के पास रतुल नहीं पहुंचे तो ईडी की टीम ने बाथरूम और ईडी दफ्तर में उन्हें हर जगह खोजा लेकिन वे कहीं नहीं मिले. फिर ईडी की टीम रतुल के दिल्ली के घर और दफ्तर पहुचीं लेकिन वे वहां भी नहीं मिले. ईडी दफ्तर से शुरू हुआ यह हाइवोल्टेज ड्रामा यहीं खत्म नहीं हुआ. ईडी की टीम रतुल की तलाश कर रही थी कि अगले दिन सुबह मीडिया में रतुल के गायब होने की खबर चलने लगी. उसके बाद ईडी ऑफिस से सफाई आई कि रतुल के भागने की बात गलत है. रतुल ईडी ऑफिस पूछताछ के लिए आए थे वे टॉयलेट गए और वहां से बिना बताए गायब हो गए. उनको दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा. इस बयान के थोड़ी ही देर बाद रतुल पुरी ने दिल्ली के राउस एवेन्यू कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगा दी. रतुल की तरफ से कोर्ट में दो जाने माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी और विजय अग्रवाल पेश हुए. उन्होंने कहा रतुल पुरी अभी तक 22 बार ईडी के सामने पेश हुए हैं. उनको 23वीं बार बुलाया गया था. उन्हें यात्रा पर जाना था, लेकिन तब भी वे ईडी के सामने पेश हुए. उन्हें गिरफ्तारी का अंदेशा हुआ. वे लंच करने बाहर गए, लेकिन ED की तरफ से कहा गया कि वे भाग गए.
ईडी ने कोर्ट से रतुल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के सुबूतों से भी छेड़छाड़ करने का अंदेशा जताया रतुल की अग्रिम जमानत की मांग कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दी थी
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नवी मुंबई से 520 करोड़ की हेरोइन की एक और खेप बरामद की. बीते 2 हफ्तों में एक ही अफगानी सिंडिकेट से अब तक 1320 करोड़ की हेरोइन बरामद हो चुकी है. इस बार 130 किलो हेरोइन जूट के बैग में एक कंटेनर से पकड़ी गई. ये हेरोइन तुलसी के बीज के साथ छुपा कर रखी गयी थी, जिससे कोई शक न कर सके. इस मामले में 2 और लोग पकड़े गए हैं जिसमें दिल्ली का एक मास्टरमाइंड और अफगानी है. ये हेरोइन अफगानिस्तान से ईरान के समुद्री रास्ते होते हुए मुम्बई लायी गयी.  चलती कार में आग लगने से ड्राइवर की मौत, ऑटोमैटिक गेट लॉक होने की वजह से गंवानी पड़ी जान अब तक 1320 करोड़ कीमत की 330 किलो हेरोइन बरामद  हो चुकी है और कुल 9 लोग गिरफ्तार हुए हैं जिसमें 5 अफगानी नागरिक हैं. बरामद हुई पूरी हेरोइन अफगानिस्तान से भारत लायी गयी है. शक है कि इसके पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई है जो नार्को टेररिज्म के जरिये फण्ड इकट्ठा करवा रही है.
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को मिली बड़ी कामयाबी 520 करोड़ की हेरोइन बरामद की अब तक 1320 करोड़ की हेरोइन बरामद हो चुकी है
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान ने एलओसी पर जो किया वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस मामले के दोषियों को सजा देनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने एनडीटीवी से बातचीत के दौरान कहा है कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य नहीं हैं और आगे शांति प्रक्रिया पाकिस्तान पर ही निर्भर है कि वह इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है। बुजुर्ग पाकिस्तानी नागरिकों को भारत आने के लिए आसानी से वीजा देने को रोक लेने संबंधी सरकार के कदम पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "बर्बरतापूर्ण कृत्य के बाद संबंध सामान्य नहीं बने रह सकते हैं।" सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह द्वारा सेना दिवस के मौके पर आयोजित मिलन समारोह में प्रधानमंत्री बोल रहे थे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आसान वीजा मंगलवार से शुरू होनी थी। मनमोहन सिंह ने कहा, "इस जघन्य कारनामे के लिए जो भी जिम्मेदार है उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री का स्पष्ट इशारा 8 जनवरी को जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा से भारतीय क्षेत्र में 600 मीटर भीतर घुसपैठ कर दो भारतीय जवानों की हत्या करने वालों की ओर था। एक जवान का सिर काट लिया गया और घुसपैठिए उसे लेकर भाग गए। दूसरे जवान का शव क्षत-विक्षत कर दिया। इस क्रूरता की राष्ट्रव्यापी निंदा हुई। प्रधानमंत्री ने एनडीटीवी से बातचीत के दौरान कहा है कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य नहीं हैं और आगे शांति प्रक्रिया पाकिस्तान पर ही निर्भर है कि वह इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है। बुजुर्ग पाकिस्तानी नागरिकों को भारत आने के लिए आसानी से वीजा देने को रोक लेने संबंधी सरकार के कदम पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "बर्बरतापूर्ण कृत्य के बाद संबंध सामान्य नहीं बने रह सकते हैं।" सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह द्वारा सेना दिवस के मौके पर आयोजित मिलन समारोह में प्रधानमंत्री बोल रहे थे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आसान वीजा मंगलवार से शुरू होनी थी। मनमोहन सिंह ने कहा, "इस जघन्य कारनामे के लिए जो भी जिम्मेदार है उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री का स्पष्ट इशारा 8 जनवरी को जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा से भारतीय क्षेत्र में 600 मीटर भीतर घुसपैठ कर दो भारतीय जवानों की हत्या करने वालों की ओर था। एक जवान का सिर काट लिया गया और घुसपैठिए उसे लेकर भाग गए। दूसरे जवान का शव क्षत-विक्षत कर दिया। इस क्रूरता की राष्ट्रव्यापी निंदा हुई। बुजुर्ग पाकिस्तानी नागरिकों को भारत आने के लिए आसानी से वीजा देने को रोक लेने संबंधी सरकार के कदम पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "बर्बरतापूर्ण कृत्य के बाद संबंध सामान्य नहीं बने रह सकते हैं।" सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह द्वारा सेना दिवस के मौके पर आयोजित मिलन समारोह में प्रधानमंत्री बोल रहे थे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आसान वीजा मंगलवार से शुरू होनी थी। मनमोहन सिंह ने कहा, "इस जघन्य कारनामे के लिए जो भी जिम्मेदार है उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री का स्पष्ट इशारा 8 जनवरी को जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा से भारतीय क्षेत्र में 600 मीटर भीतर घुसपैठ कर दो भारतीय जवानों की हत्या करने वालों की ओर था। एक जवान का सिर काट लिया गया और घुसपैठिए उसे लेकर भाग गए। दूसरे जवान का शव क्षत-विक्षत कर दिया। इस क्रूरता की राष्ट्रव्यापी निंदा हुई। सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह द्वारा सेना दिवस के मौके पर आयोजित मिलन समारोह में प्रधानमंत्री बोल रहे थे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आसान वीजा मंगलवार से शुरू होनी थी। मनमोहन सिंह ने कहा, "इस जघन्य कारनामे के लिए जो भी जिम्मेदार है उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री का स्पष्ट इशारा 8 जनवरी को जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा से भारतीय क्षेत्र में 600 मीटर भीतर घुसपैठ कर दो भारतीय जवानों की हत्या करने वालों की ओर था। एक जवान का सिर काट लिया गया और घुसपैठिए उसे लेकर भाग गए। दूसरे जवान का शव क्षत-विक्षत कर दिया। इस क्रूरता की राष्ट्रव्यापी निंदा हुई। मनमोहन सिंह ने कहा, "इस जघन्य कारनामे के लिए जो भी जिम्मेदार है उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री का स्पष्ट इशारा 8 जनवरी को जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा से भारतीय क्षेत्र में 600 मीटर भीतर घुसपैठ कर दो भारतीय जवानों की हत्या करने वालों की ओर था। एक जवान का सिर काट लिया गया और घुसपैठिए उसे लेकर भाग गए। दूसरे जवान का शव क्षत-विक्षत कर दिया। इस क्रूरता की राष्ट्रव्यापी निंदा हुई। प्रधानमंत्री का स्पष्ट इशारा 8 जनवरी को जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा से भारतीय क्षेत्र में 600 मीटर भीतर घुसपैठ कर दो भारतीय जवानों की हत्या करने वालों की ओर था। एक जवान का सिर काट लिया गया और घुसपैठिए उसे लेकर भाग गए। दूसरे जवान का शव क्षत-विक्षत कर दिया। इस क्रूरता की राष्ट्रव्यापी निंदा हुई। एक जवान का सिर काट लिया गया और घुसपैठिए उसे लेकर भाग गए। दूसरे जवान का शव क्षत-विक्षत कर दिया। इस क्रूरता की राष्ट्रव्यापी निंदा हुई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री ने एनडीटीवी से बातचीत के दौरान कहा है कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य नहीं हैं और आगे शांति प्रक्रिया पाकिस्तान पर ही निर्भर है कि वह इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने कहा कि देश के विभिन्न बैंकों में 1,723.24 करोड़ रुपये की राशि बिना दावे के लंबित पड़ी है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में बताया कि यह बगैर दावे वाली 1723.24 करोड़ रुपये की राशि 31 दिसंबर 2010 को बिना परिचालन वाले 1.03 करोड़ खातों में पड़ी थी। उन्होंने कहा कि यह बिना दावे वाली जमाराशि संबंधित बैंकों में जमा हैं और उनके द्वारा इस राशि का इस्तेमाल बाकी अन्य जमाराशियों की तरह से उनके आम व्यवसाय के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने रिजर्व बैंक के परामर्श से एक प्रस्ताव का प्रारूप तैयार किया है जिसके अनुसार बैंकिंग नियमन कानून, 1949 में संशोधन किया जाना है जिसमें इस बात की व्यवस्था की गई है कि वे जमा खाते जिन्हें 10 वर्ष तक परिचालित नहीं किया गया है अथवा 10 वर्ष से अधिक समय तक बैंकों के पास बगैर दावे वाली कोई जमा धनराशि को शिक्षा एवं जागरूकता कोष में डाल दिया जाएगा।
संक्षिप्त सारांश: सरकार ने कहा कि देश के विभिन्न बैंकों में 1,723.24 करोड़ रुपये की राशि बिना दावे के लंबित पड़ी है।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के अंतर्गत वीरेंद्र सहवाग के नेतृत्व वाली दिल्ली डेयरडेविल्स टीम आज खेले जाने वाले लीग मुकाबले में मुम्बई इंडियंस से भिड़ेगी। मुम्बई पिछले हार के बदले को चुकता करने के इरादे से उतरेगी वहीं डेयरडेविल्स के सामने अपने घर में जीत के लय को बरकरार रखने की चुनौती होगी। मौजूदा संस्करण में दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी हैं। 16 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में बाजी डेयरडेविल्स के हाथ लगी थी। डेयरडेविल्स ने मुम्बई को उसी के घर में पहले 92 रनों पर ढेर किया फिर उसे सात विकेट से हराया। ऐसे में मुम्बई टीम के कप्तान हरभजन सिंह उस हार का बदला लेने को बेताब होंगे। हरभजन के पास अब डेयरडेविल्स को उन्हीं के घर में हराने का मौका है।टिप्पणियां मुम्बई ने अपने पिछले मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब को उन्हीं के घर में चार विकेट से मात दी थी जबकि डेयरडेविल्स ने पुणे वॉरियर्स इंडिया को पिछले मैच में आठ विकेट से शिकस्त दी थी। दोनों टीमें जीत के रथ पर सवार हैं। डेयरडेविल्स ने अब तक सात मैच खेले हैं जिनमें उसे पांच में जीत मिली है जबकि दो मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है। 10 अंक लेकर डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। मुम्बई ने भी इतने ही मैच खेले हैं लेकिन उसे चार में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। आठ अंकों के साथ मुम्बई तालिका में सातवें स्थान पर है। मौजूदा संस्करण में दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी हैं। 16 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में बाजी डेयरडेविल्स के हाथ लगी थी। डेयरडेविल्स ने मुम्बई को उसी के घर में पहले 92 रनों पर ढेर किया फिर उसे सात विकेट से हराया। ऐसे में मुम्बई टीम के कप्तान हरभजन सिंह उस हार का बदला लेने को बेताब होंगे। हरभजन के पास अब डेयरडेविल्स को उन्हीं के घर में हराने का मौका है।टिप्पणियां मुम्बई ने अपने पिछले मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब को उन्हीं के घर में चार विकेट से मात दी थी जबकि डेयरडेविल्स ने पुणे वॉरियर्स इंडिया को पिछले मैच में आठ विकेट से शिकस्त दी थी। दोनों टीमें जीत के रथ पर सवार हैं। डेयरडेविल्स ने अब तक सात मैच खेले हैं जिनमें उसे पांच में जीत मिली है जबकि दो मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है। 10 अंक लेकर डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। मुम्बई ने भी इतने ही मैच खेले हैं लेकिन उसे चार में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। आठ अंकों के साथ मुम्बई तालिका में सातवें स्थान पर है। ऐसे में मुम्बई टीम के कप्तान हरभजन सिंह उस हार का बदला लेने को बेताब होंगे। हरभजन के पास अब डेयरडेविल्स को उन्हीं के घर में हराने का मौका है।टिप्पणियां मुम्बई ने अपने पिछले मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब को उन्हीं के घर में चार विकेट से मात दी थी जबकि डेयरडेविल्स ने पुणे वॉरियर्स इंडिया को पिछले मैच में आठ विकेट से शिकस्त दी थी। दोनों टीमें जीत के रथ पर सवार हैं। डेयरडेविल्स ने अब तक सात मैच खेले हैं जिनमें उसे पांच में जीत मिली है जबकि दो मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है। 10 अंक लेकर डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। मुम्बई ने भी इतने ही मैच खेले हैं लेकिन उसे चार में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। आठ अंकों के साथ मुम्बई तालिका में सातवें स्थान पर है। मुम्बई ने अपने पिछले मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब को उन्हीं के घर में चार विकेट से मात दी थी जबकि डेयरडेविल्स ने पुणे वॉरियर्स इंडिया को पिछले मैच में आठ विकेट से शिकस्त दी थी। दोनों टीमें जीत के रथ पर सवार हैं। डेयरडेविल्स ने अब तक सात मैच खेले हैं जिनमें उसे पांच में जीत मिली है जबकि दो मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है। 10 अंक लेकर डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। मुम्बई ने भी इतने ही मैच खेले हैं लेकिन उसे चार में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। आठ अंकों के साथ मुम्बई तालिका में सातवें स्थान पर है। डेयरडेविल्स ने अब तक सात मैच खेले हैं जिनमें उसे पांच में जीत मिली है जबकि दो मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है। 10 अंक लेकर डेयरडेविल्स अंक तालिका में शीर्ष पर है। मुम्बई ने भी इतने ही मैच खेले हैं लेकिन उसे चार में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। आठ अंकों के साथ मुम्बई तालिका में सातवें स्थान पर है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में आईपीएल के पांचवें संस्करण के अंतर्गत वीरेंद्र सहवाग के नेतृत्व वाली दिल्ली डेयरडेविल्स टीम आज खेले जाने वाले लीग मुकाबले में मुम्बई इंडियंस से भिड़ेगी।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कथित रूप से एक बीजेपी विधायक द्वारा पीटे जाने की वजह से पिछली टांग टूट जाने के कुछ समय बाद जब कुछ महीने पहले शक्तिमान नामक घोड़े की मौत हुई थी, देश के कोने-कोने से शोकसंदेशों के साथ-साथ गुस्सा भी व्यक्त किया गया था। 14 वर्ष का शक्तिमान पुलिस का घोड़ा रहा था, और अप्रैल में उसकी मौत हो जाने के बाद शनिवार को देहरादून के बीचोंबीच एक प्रमुख चौराहे पर श्रद्धांजलिस्वरूप उसकी प्रतिमा लगाई गई, लेकिन मंगलवार सुबह लाल काठी में सजे सफेद रंग के घोड़े की इस प्रतिमा को हटा लिया गया। बताया जा रहा है कि सरकार ने बीजेपी और आम लोगों के दबाव में यह फैसला लिया है। कुछ स्थानीय लोगों के मुताबिक उत्तराखंड पुलिस के कई जवान अलग-अलग मौकों पर शहीद हुए, लेकिन कभी किसी की मूर्ति नहीं लगाई गई। इसके अलावा बीजेपी भी मूर्ति के विरोध में थी। शक्तिमान की यह मूर्ति विधानसभा चौराहे पर लगाई गई थी, लेकिन अब इसे देहरादून पुलिस लाइन शिफ्ट कर दिया गया है। जिन दिनों शक्तिमान का इलाज चल रहा था, उसे देखने के लिए पहुंचने वाले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अब कहा, "मैं यह फैसला अगली सरकार पर छोड़ता हूं कि यह प्रतिमा यहां लगनी चाहिए या नहीं..." उत्तराखंड में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कुछ आलोचकों ने, जिनमें बीजेपी के लोग भी शामिल हैं, शक्तिमान की प्रतिमा लगाए जाने का इस आधार पर विरोध किया है कि देश के लिए जान गंवा देने वाले उत्तराखंड के जवानों को जब उचित सम्मान नहीं दिया जा सका है, तो एक घोड़े को लेकर इतना हो-हल्ला किसलिए मचाया जा रहा है।टिप्पणियां जिन दिनों शक्तिमान घायल था, बीजेपी ने कांग्रेस की रावत सरकार पर राजनैतिक लाभ उठाने के लिए इस घटना के राजनीतिकरण का आरोप लगाया था। इस मामले में शक्तिमान को घयाल करने के आरोपी बीजेपी विधायक गणेश जोशी को भी गिरफ्तार कर बाद में जमानत पर रिहा किया गया था। शक्तिमान की घायल पिछली टांग काटने जाने के बाद उसे एक नकली पैर भी लगाया गया था, लेकिन वह बच नहीं सका था। उसे पुलिस सम्मान के साथ दफनाया गया था। बताया जा रहा है कि सरकार ने बीजेपी और आम लोगों के दबाव में यह फैसला लिया है। कुछ स्थानीय लोगों के मुताबिक उत्तराखंड पुलिस के कई जवान अलग-अलग मौकों पर शहीद हुए, लेकिन कभी किसी की मूर्ति नहीं लगाई गई। इसके अलावा बीजेपी भी मूर्ति के विरोध में थी। शक्तिमान की यह मूर्ति विधानसभा चौराहे पर लगाई गई थी, लेकिन अब इसे देहरादून पुलिस लाइन शिफ्ट कर दिया गया है। जिन दिनों शक्तिमान का इलाज चल रहा था, उसे देखने के लिए पहुंचने वाले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अब कहा, "मैं यह फैसला अगली सरकार पर छोड़ता हूं कि यह प्रतिमा यहां लगनी चाहिए या नहीं..." उत्तराखंड में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कुछ आलोचकों ने, जिनमें बीजेपी के लोग भी शामिल हैं, शक्तिमान की प्रतिमा लगाए जाने का इस आधार पर विरोध किया है कि देश के लिए जान गंवा देने वाले उत्तराखंड के जवानों को जब उचित सम्मान नहीं दिया जा सका है, तो एक घोड़े को लेकर इतना हो-हल्ला किसलिए मचाया जा रहा है।टिप्पणियां जिन दिनों शक्तिमान घायल था, बीजेपी ने कांग्रेस की रावत सरकार पर राजनैतिक लाभ उठाने के लिए इस घटना के राजनीतिकरण का आरोप लगाया था। इस मामले में शक्तिमान को घयाल करने के आरोपी बीजेपी विधायक गणेश जोशी को भी गिरफ्तार कर बाद में जमानत पर रिहा किया गया था। शक्तिमान की घायल पिछली टांग काटने जाने के बाद उसे एक नकली पैर भी लगाया गया था, लेकिन वह बच नहीं सका था। उसे पुलिस सम्मान के साथ दफनाया गया था। जिन दिनों शक्तिमान का इलाज चल रहा था, उसे देखने के लिए पहुंचने वाले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अब कहा, "मैं यह फैसला अगली सरकार पर छोड़ता हूं कि यह प्रतिमा यहां लगनी चाहिए या नहीं..." उत्तराखंड में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कुछ आलोचकों ने, जिनमें बीजेपी के लोग भी शामिल हैं, शक्तिमान की प्रतिमा लगाए जाने का इस आधार पर विरोध किया है कि देश के लिए जान गंवा देने वाले उत्तराखंड के जवानों को जब उचित सम्मान नहीं दिया जा सका है, तो एक घोड़े को लेकर इतना हो-हल्ला किसलिए मचाया जा रहा है।टिप्पणियां जिन दिनों शक्तिमान घायल था, बीजेपी ने कांग्रेस की रावत सरकार पर राजनैतिक लाभ उठाने के लिए इस घटना के राजनीतिकरण का आरोप लगाया था। इस मामले में शक्तिमान को घयाल करने के आरोपी बीजेपी विधायक गणेश जोशी को भी गिरफ्तार कर बाद में जमानत पर रिहा किया गया था। शक्तिमान की घायल पिछली टांग काटने जाने के बाद उसे एक नकली पैर भी लगाया गया था, लेकिन वह बच नहीं सका था। उसे पुलिस सम्मान के साथ दफनाया गया था। उत्तराखंड में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कुछ आलोचकों ने, जिनमें बीजेपी के लोग भी शामिल हैं, शक्तिमान की प्रतिमा लगाए जाने का इस आधार पर विरोध किया है कि देश के लिए जान गंवा देने वाले उत्तराखंड के जवानों को जब उचित सम्मान नहीं दिया जा सका है, तो एक घोड़े को लेकर इतना हो-हल्ला किसलिए मचाया जा रहा है।टिप्पणियां जिन दिनों शक्तिमान घायल था, बीजेपी ने कांग्रेस की रावत सरकार पर राजनैतिक लाभ उठाने के लिए इस घटना के राजनीतिकरण का आरोप लगाया था। इस मामले में शक्तिमान को घयाल करने के आरोपी बीजेपी विधायक गणेश जोशी को भी गिरफ्तार कर बाद में जमानत पर रिहा किया गया था। शक्तिमान की घायल पिछली टांग काटने जाने के बाद उसे एक नकली पैर भी लगाया गया था, लेकिन वह बच नहीं सका था। उसे पुलिस सम्मान के साथ दफनाया गया था। जिन दिनों शक्तिमान घायल था, बीजेपी ने कांग्रेस की रावत सरकार पर राजनैतिक लाभ उठाने के लिए इस घटना के राजनीतिकरण का आरोप लगाया था। इस मामले में शक्तिमान को घयाल करने के आरोपी बीजेपी विधायक गणेश जोशी को भी गिरफ्तार कर बाद में जमानत पर रिहा किया गया था। शक्तिमान की घायल पिछली टांग काटने जाने के बाद उसे एक नकली पैर भी लगाया गया था, लेकिन वह बच नहीं सका था। उसे पुलिस सम्मान के साथ दफनाया गया था। शक्तिमान की घायल पिछली टांग काटने जाने के बाद उसे एक नकली पैर भी लगाया गया था, लेकिन वह बच नहीं सका था। उसे पुलिस सम्मान के साथ दफनाया गया था।
शक्तिमान की मूर्ति विधानसभा चौराहे पर लगी थी, लेकिन अब हटा दिया गया है शक्तिमान को नकली पैर लगाया गया था, लेकिन अप्रैल में उसकी मौत हो गई थी सीएम ने कहा, "मैं मूर्ति लगाने का फैसला अगली सरकार पर छोड़ता हूं..."
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मेरठ की शीतल यादव के जनधन खाते में करीब 100 करोड़ जमा होने की बात को स्टेट बैंक इंडिया ने गलत बताया है. बैंक ने अपनी सफाई में कहा है कि शीतल यादव के अकाउंट में केवाईसी की औपचारिकताएं पूरी नहीं की थी इसलिए बैंक ने उसके अकाउंट में होल्ड लगाया था. केवाईसी यानी 'नो योअर कस्टमर' के तहत खाताधारक को अपनी पहचान से संबंधित जानकारियां देनी होती हैं और ऐसा न करने पर खाते पर पाबंदी लगाई जा सकती है. खाते में लेन-देन की इस पाबंदी को बैंक की भाषा में होल्ड (रोक) लगाया जाता है ताकि कोई लेन-देन न हो सके. बैंक अधिकारियों ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि शीतल के खाते में होल्ड की राशि 999999999 लगाई गई थी और उसके खाते में करीब 600 रुपये ही बकाया था इसलिए एटीएम से चैक करने के कारण उसे बकाया निगेटिव में दिखा जिसे उसने अपने खाते में जमा राशि मान लिया और इसी से सारी गलतफहमी पैदा हुई. गौरतलब है कि मेरठ में शारदा रोड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खाताधारक शीतल यादव ने शिकायत की थी कि उसके जन धन खाते में किसी ने 100 करोड़ जमा करवा दिए हैं. शीतल के पति ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा था. शीतल के पति जिलेदार सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई अपनी शिकायत में कहा है कि उनका मेरठ में शारदा रोड स्थित एसबीआई की शाखा में जनधन खाता है. वह 18 दिसंबर को जब अपने घर के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम बूथ पैसा निकालने गई, लेकिन यह देखकर चौंक गई कि उनके खाते में 99,99,99,394 रुपये हैं. उन्हें इस पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने पास ही खड़े एक व्यक्ति से खाते में जमा धनराशि देखने का अनुरोध किया तो व्यक्ति ने भी यही धनराशि बताई. इसके बाद वह निकट स्थित यस बैंक के एटीएम गई और वहां भी वही राशि खाते में जमा बताई गई.टिप्पणियां इसकी शिकायत लेकर वह लगातार दो दिन बैंक गई, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने उनकी शिकायत ही नहीं सुनी और कहा कि वे किसी ऐसे दिन आएं जब शाखा प्रबंधक उनकी शिकायत सुन सकें. जब अगली बार वह बैंक गई तो उन्हें किसी और बहाने से वापस भेज दिया गया. शीतल के पति जिलेदार सिंह एक निजी कारखाने में काम करते हैं. जिलेदार सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी भी एक निजी कारखाने में काम करती है और 5,000 रुपये प्रति महीने की तनख्वाह मिलती है. उनकी खुद की तनख्वाह काफी कम है.   बैंक अधिकारियों ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि शीतल के खाते में होल्ड की राशि 999999999 लगाई गई थी और उसके खाते में करीब 600 रुपये ही बकाया था इसलिए एटीएम से चैक करने के कारण उसे बकाया निगेटिव में दिखा जिसे उसने अपने खाते में जमा राशि मान लिया और इसी से सारी गलतफहमी पैदा हुई. गौरतलब है कि मेरठ में शारदा रोड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खाताधारक शीतल यादव ने शिकायत की थी कि उसके जन धन खाते में किसी ने 100 करोड़ जमा करवा दिए हैं. शीतल के पति ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा था. शीतल के पति जिलेदार सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई अपनी शिकायत में कहा है कि उनका मेरठ में शारदा रोड स्थित एसबीआई की शाखा में जनधन खाता है. वह 18 दिसंबर को जब अपने घर के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम बूथ पैसा निकालने गई, लेकिन यह देखकर चौंक गई कि उनके खाते में 99,99,99,394 रुपये हैं. उन्हें इस पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने पास ही खड़े एक व्यक्ति से खाते में जमा धनराशि देखने का अनुरोध किया तो व्यक्ति ने भी यही धनराशि बताई. इसके बाद वह निकट स्थित यस बैंक के एटीएम गई और वहां भी वही राशि खाते में जमा बताई गई.टिप्पणियां इसकी शिकायत लेकर वह लगातार दो दिन बैंक गई, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने उनकी शिकायत ही नहीं सुनी और कहा कि वे किसी ऐसे दिन आएं जब शाखा प्रबंधक उनकी शिकायत सुन सकें. जब अगली बार वह बैंक गई तो उन्हें किसी और बहाने से वापस भेज दिया गया. शीतल के पति जिलेदार सिंह एक निजी कारखाने में काम करते हैं. जिलेदार सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी भी एक निजी कारखाने में काम करती है और 5,000 रुपये प्रति महीने की तनख्वाह मिलती है. उनकी खुद की तनख्वाह काफी कम है.   गौरतलब है कि मेरठ में शारदा रोड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खाताधारक शीतल यादव ने शिकायत की थी कि उसके जन धन खाते में किसी ने 100 करोड़ जमा करवा दिए हैं. शीतल के पति ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा था. शीतल के पति जिलेदार सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई अपनी शिकायत में कहा है कि उनका मेरठ में शारदा रोड स्थित एसबीआई की शाखा में जनधन खाता है. वह 18 दिसंबर को जब अपने घर के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम बूथ पैसा निकालने गई, लेकिन यह देखकर चौंक गई कि उनके खाते में 99,99,99,394 रुपये हैं. उन्हें इस पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने पास ही खड़े एक व्यक्ति से खाते में जमा धनराशि देखने का अनुरोध किया तो व्यक्ति ने भी यही धनराशि बताई. इसके बाद वह निकट स्थित यस बैंक के एटीएम गई और वहां भी वही राशि खाते में जमा बताई गई.टिप्पणियां इसकी शिकायत लेकर वह लगातार दो दिन बैंक गई, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने उनकी शिकायत ही नहीं सुनी और कहा कि वे किसी ऐसे दिन आएं जब शाखा प्रबंधक उनकी शिकायत सुन सकें. जब अगली बार वह बैंक गई तो उन्हें किसी और बहाने से वापस भेज दिया गया. शीतल के पति जिलेदार सिंह एक निजी कारखाने में काम करते हैं. जिलेदार सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी भी एक निजी कारखाने में काम करती है और 5,000 रुपये प्रति महीने की तनख्वाह मिलती है. उनकी खुद की तनख्वाह काफी कम है.   शीतल के पति जिलेदार सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई अपनी शिकायत में कहा है कि उनका मेरठ में शारदा रोड स्थित एसबीआई की शाखा में जनधन खाता है. वह 18 दिसंबर को जब अपने घर के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम बूथ पैसा निकालने गई, लेकिन यह देखकर चौंक गई कि उनके खाते में 99,99,99,394 रुपये हैं. उन्हें इस पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने पास ही खड़े एक व्यक्ति से खाते में जमा धनराशि देखने का अनुरोध किया तो व्यक्ति ने भी यही धनराशि बताई. इसके बाद वह निकट स्थित यस बैंक के एटीएम गई और वहां भी वही राशि खाते में जमा बताई गई.टिप्पणियां इसकी शिकायत लेकर वह लगातार दो दिन बैंक गई, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने उनकी शिकायत ही नहीं सुनी और कहा कि वे किसी ऐसे दिन आएं जब शाखा प्रबंधक उनकी शिकायत सुन सकें. जब अगली बार वह बैंक गई तो उन्हें किसी और बहाने से वापस भेज दिया गया. शीतल के पति जिलेदार सिंह एक निजी कारखाने में काम करते हैं. जिलेदार सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी भी एक निजी कारखाने में काम करती है और 5,000 रुपये प्रति महीने की तनख्वाह मिलती है. उनकी खुद की तनख्वाह काफी कम है.   उन्हें इस पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने पास ही खड़े एक व्यक्ति से खाते में जमा धनराशि देखने का अनुरोध किया तो व्यक्ति ने भी यही धनराशि बताई. इसके बाद वह निकट स्थित यस बैंक के एटीएम गई और वहां भी वही राशि खाते में जमा बताई गई.टिप्पणियां इसकी शिकायत लेकर वह लगातार दो दिन बैंक गई, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने उनकी शिकायत ही नहीं सुनी और कहा कि वे किसी ऐसे दिन आएं जब शाखा प्रबंधक उनकी शिकायत सुन सकें. जब अगली बार वह बैंक गई तो उन्हें किसी और बहाने से वापस भेज दिया गया. शीतल के पति जिलेदार सिंह एक निजी कारखाने में काम करते हैं. जिलेदार सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी भी एक निजी कारखाने में काम करती है और 5,000 रुपये प्रति महीने की तनख्वाह मिलती है. उनकी खुद की तनख्वाह काफी कम है.   इसकी शिकायत लेकर वह लगातार दो दिन बैंक गई, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने उनकी शिकायत ही नहीं सुनी और कहा कि वे किसी ऐसे दिन आएं जब शाखा प्रबंधक उनकी शिकायत सुन सकें. जब अगली बार वह बैंक गई तो उन्हें किसी और बहाने से वापस भेज दिया गया. शीतल के पति जिलेदार सिंह एक निजी कारखाने में काम करते हैं. जिलेदार सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी भी एक निजी कारखाने में काम करती है और 5,000 रुपये प्रति महीने की तनख्वाह मिलती है. उनकी खुद की तनख्वाह काफी कम है.   शीतल के पति जिलेदार सिंह एक निजी कारखाने में काम करते हैं. जिलेदार सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी भी एक निजी कारखाने में काम करती है और 5,000 रुपये प्रति महीने की तनख्वाह मिलती है. उनकी खुद की तनख्वाह काफी कम है.
सारांश: शीतल के खाते में होल्ड की राशि 999999999 लगाई गई थी शीतल के खाते में 600 रुपये बकाया थे कारखाने में काम करने वाली शीतल को मिलते हैं 5000 रुपये
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के पहले चरण का मतदान होने के बाद अब 18 अप्रैल को दूसरे चरण की पोलिंग होने जा रही है. इससे पहले एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें हिमाचल प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती एक मंच पर खड़े होकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर यह वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है. आम आदमी पार्टी के नेता व कवि कुमार विश्वास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर करते हुए तंज कसा है. कुमार विश्वास का कहना है कि भला इतने बड़े राष्ट्रवादी दल के इतने बड़े नेता जी एक क्षेत्रीय दल के नेता आजम खान से पीछे कैसे रह जाते? कुमार विश्वास ने ट्वीट कर लिखा, ''वाह, इसे कहते हैं चुनाव.. भला इतने बड़े राष्ट्रवादी दल के इतने बड़े नेता जी एक क्षेत्रीय दल के नेता आजम खान से पीछे कैसे रह जाते? रोज मुझसे 'राजनीति में मेरी निष्क्रियता' पर सवाल पूछने वाले दोस्तों को शायद अब समझ में आए कि हम जैसै इस दौर की राजनीति में पिछड़े हुए क्यों हैं?'' ये वीडियो रविवार का है जब सोलन में पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार करते वक़्त उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. सतपाल सिंह सत्ती ने पहले तो राहुल गांधी और उनके परिवार को ज़मानती बताया और कहा कि जो ख़ुद जमानत पर हो वो प्रधानमंत्री को चोर कैसे कह सकता है. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडियो पर कथित तौर पर किसी शख़्स की टिप्पणी को पढ़ा जिसमें राहुल गांधी के लिए गाली का इस्तेमाल किया गया है. गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, नेताओं के बीच बदजुबानी भी बढ़ गई है. रामपुर से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आजम खान ने जयाप्रदा को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी. उन्होंने अपने बयान पर स्पष्टिकरण देते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म अभिनेत्री और बीजेपी उम्मीदवार जयाप्रदा के खिलाफ किसी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है. हालांकि उनके बयान पर विवाद बढ़ गया है और एफआईआर दर्ज हो गई है. दूसरी तरफ, जयाप्रदा ने बसपा (BSP) प्रमुख मायावती से मदद की अपील की है. जयाप्रदा ने कहा कि मैं मायावती (Mayawati) से अपील करती हूं कि मेरी मदद कीजिए और मेरे लिए आवाज उठाएं.   साथ ही जयाप्रदा (Jaya Prada) ने कहा कि मैं मायावती से अपील करती हूं कि समाजवादी पार्टी से समर्थन वापस लें. बता दें, आजम खान ने रविवार को जनसभा के दौरान कहा था, 'जिसको हम ऊंगली पकड़कर रामपुर लाए, आपने 10 साल जिससे अपना प्रतिनिधित्व कराया... उनकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे, मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है.' हालांकि, उन्होंने इस बयान में जयाप्रदा का नाम नहीं लिया था. लेकिन उनका इशारा जयाप्रदा की तरफ ही समझा रहा है.
कुमार विश्वास ने कसा तंज बीजेपी नेता ने मंच से कहा था ऐसा ट्वीट कर कही ये बात
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सोशल मीडिया पर पूर्व बॉयफ्रेंड शरद मल्होत्रा के प्रशंसकों के ट्रोलिंग से परेशान होकर टेलीविजन अभिनेत्री दिव्यंका त्रिपाठी ने इस बारे में बताने के लिए उनको मैसेज किया. इस मैसेज के बाद शरद मल्होत्रा ने इंस्टाग्राम पर एक संदेश पोस्ट करते हुए अपने फैन्स से कहा कि वे महिलाओं की इज्जत करें.टिप्पणियां शरद ने लिखा, 'दिव्यंका त्रिपाठी दहिया का मेरे पास एक मैसेज आया जिसमें लिखा था कि मेरे कुछ फैन्स उनकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके और उनके परिजनों को बुरा भला कह रहे हैं. यह पढ़कर मैं थोड़ा हताश हो गया.'   उन्होंने आगे लिखा, 'एक तरफ हम ओलिंपिक में महिलाओं की सफलता का जश्न मना रहे हैं, उनकी उपलब्धि पर गर्व कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ एक कुछ ऐसे लोग भी हैं जो एक महिला का अपमान कर रहे हैं. दिव्यंका त्रिपाठी दहिया ने मुझसे एक सार्वजनिक नोट लिखने को कहा, इसलिए मैं आप सबसे गुजारिश करता हूं कि कृपया महिलाओं और हमारी निजता का सम्मान करें. हम दोनों अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं. उनके खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करता हूं. मेरा पूरा विश्वास है कि मेरे सच्चे फैन्स कभी भी ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे एक महिला का अपमान हो. ' शरद के इस पोस्ट के बाद दिव्यंका ने लिखा, 'शुक्रिया शरद, यह बहुत मायने रखता है. अलग होने का सबसे अच्छा तोहफा. आपकी बेहतरीन जिंदगी की कामना. खुश रहो. परिवार को प्यार.' दिव्यंका ने इस साल 8 जुलाई को 'ये है मोहब्बतें' के अपने सहकलाकार विवेक दहिया से शादी की है. विवेक इन दिनों 'कवच...काली शक्तियों से' में मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं.   दिव्यंका और शरद की मुलाकात 'बनूं मैं तेरी दुल्हन' सीरियल के दौरान हुई थी. उस दौरान ही दोनों के बीच अफेयर शुरू हुआ था. हालांकि कुछ सालों बाद दोनों आपसी सहमति से अलग हो गए थे.   शरद ने लिखा, 'दिव्यंका त्रिपाठी दहिया का मेरे पास एक मैसेज आया जिसमें लिखा था कि मेरे कुछ फैन्स उनकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके और उनके परिजनों को बुरा भला कह रहे हैं. यह पढ़कर मैं थोड़ा हताश हो गया.'   उन्होंने आगे लिखा, 'एक तरफ हम ओलिंपिक में महिलाओं की सफलता का जश्न मना रहे हैं, उनकी उपलब्धि पर गर्व कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ एक कुछ ऐसे लोग भी हैं जो एक महिला का अपमान कर रहे हैं. दिव्यंका त्रिपाठी दहिया ने मुझसे एक सार्वजनिक नोट लिखने को कहा, इसलिए मैं आप सबसे गुजारिश करता हूं कि कृपया महिलाओं और हमारी निजता का सम्मान करें. हम दोनों अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं. उनके खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करता हूं. मेरा पूरा विश्वास है कि मेरे सच्चे फैन्स कभी भी ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे एक महिला का अपमान हो. ' शरद के इस पोस्ट के बाद दिव्यंका ने लिखा, 'शुक्रिया शरद, यह बहुत मायने रखता है. अलग होने का सबसे अच्छा तोहफा. आपकी बेहतरीन जिंदगी की कामना. खुश रहो. परिवार को प्यार.' दिव्यंका ने इस साल 8 जुलाई को 'ये है मोहब्बतें' के अपने सहकलाकार विवेक दहिया से शादी की है. विवेक इन दिनों 'कवच...काली शक्तियों से' में मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं.   दिव्यंका और शरद की मुलाकात 'बनूं मैं तेरी दुल्हन' सीरियल के दौरान हुई थी. उस दौरान ही दोनों के बीच अफेयर शुरू हुआ था. हालांकि कुछ सालों बाद दोनों आपसी सहमति से अलग हो गए थे.   शरद के इस पोस्ट के बाद दिव्यंका ने लिखा, 'शुक्रिया शरद, यह बहुत मायने रखता है. अलग होने का सबसे अच्छा तोहफा. आपकी बेहतरीन जिंदगी की कामना. खुश रहो. परिवार को प्यार.' दिव्यंका ने इस साल 8 जुलाई को 'ये है मोहब्बतें' के अपने सहकलाकार विवेक दहिया से शादी की है. विवेक इन दिनों 'कवच...काली शक्तियों से' में मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं.   दिव्यंका और शरद की मुलाकात 'बनूं मैं तेरी दुल्हन' सीरियल के दौरान हुई थी. उस दौरान ही दोनों के बीच अफेयर शुरू हुआ था. हालांकि कुछ सालों बाद दोनों आपसी सहमति से अलग हो गए थे.
संक्षिप्त पाठ: शरद ने लिखा, 'मैसेज पढ़ मैं थोड़ा हताश हो गया.' 'महिलाओं का और हम दोनों की निजता का सम्मान करें.' मेरे सच्चे फैन कभी कुछ ऐसा नहीं करेंगे जिससे किसी महिला का अपमान हो: शरद.
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्रालय को सख़्त निर्देश दिए हैं कि घाटी में स्कूल जल्द से जल्द खुलवाए जाएं. घाटी में दसवीं और बारवीं की बोर्ड परीक्षाएं नवंबर 14 से शुरू हैं. वैसे पीछले चार महीनों से घाटी के सभी स्कूलों में ताले लगे हुए हैं. प्रधानमंत्री चाहते हैं कि ये हालात जल्द बदलें. उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार की हर तरह से मदद की जाए ताकि स्कूल दोबारा खुलें. प्रधानमंत्री की ख़ास चिंता बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों को लेकर है. एनडीटीवी इंडिया को मिली हुई जानकारी के मुताबिक़ राज्य सरकार ने 500 से ज़्यादा स्कूल नोटिफ़ाई कर दिए है जहां बोर्ड परीक्षा होगी. दसवीं और बारवीं के कुल मिलाकर 50000 छात्र परीक्षा में बैठेंगे. पुलिस ने भी स्कूलों के लिए ऐक्शन प्लान तैयार कर लिया है. संवेदनशील इलाकों में पड़ने वाले स्कूलों को सुरक्षा भी दी जाएगी. हालांकि कई स्कूलों का प्रबंधन भी इन्‍हें खोले जाने पक्ष में है. कई में शिक्षक भी आ रहे हैं. पर अगर स्कूल खुलेंगे तो महौल बदलेगा, ये कट्टरपंथी नहीं चाहते हैं.टिप्पणियां पीछले एक महीने में 20 स्कूलों को जलाया गया है. उधर अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने नया कैलेंडर जारी कर दिया है जिसमें हड़ताल को नवंबर 3 तक कर दिया है. स्कूलों को बंद रखने की हिदायत दी गई है. इस सबके बीच गृह मंत्रालय का कहना है कि कट्टरपंथी चाहते हैं कि नौजवान नए दौर की शिक्षा से दूर हो जाए और जमात के साथ जुड़े इसलिए भी स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है. इस बीच कश्मीर के पट्टन इलाक़े में गुरुवार को एक और स्कूल को आग लगा दी गई. प्रधानमंत्री चाहते हैं कि ये हालात जल्द बदलें. उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार की हर तरह से मदद की जाए ताकि स्कूल दोबारा खुलें. प्रधानमंत्री की ख़ास चिंता बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों को लेकर है. एनडीटीवी इंडिया को मिली हुई जानकारी के मुताबिक़ राज्य सरकार ने 500 से ज़्यादा स्कूल नोटिफ़ाई कर दिए है जहां बोर्ड परीक्षा होगी. दसवीं और बारवीं के कुल मिलाकर 50000 छात्र परीक्षा में बैठेंगे. पुलिस ने भी स्कूलों के लिए ऐक्शन प्लान तैयार कर लिया है. संवेदनशील इलाकों में पड़ने वाले स्कूलों को सुरक्षा भी दी जाएगी. हालांकि कई स्कूलों का प्रबंधन भी इन्‍हें खोले जाने पक्ष में है. कई में शिक्षक भी आ रहे हैं. पर अगर स्कूल खुलेंगे तो महौल बदलेगा, ये कट्टरपंथी नहीं चाहते हैं.टिप्पणियां पीछले एक महीने में 20 स्कूलों को जलाया गया है. उधर अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने नया कैलेंडर जारी कर दिया है जिसमें हड़ताल को नवंबर 3 तक कर दिया है. स्कूलों को बंद रखने की हिदायत दी गई है. इस सबके बीच गृह मंत्रालय का कहना है कि कट्टरपंथी चाहते हैं कि नौजवान नए दौर की शिक्षा से दूर हो जाए और जमात के साथ जुड़े इसलिए भी स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है. इस बीच कश्मीर के पट्टन इलाक़े में गुरुवार को एक और स्कूल को आग लगा दी गई. एनडीटीवी इंडिया को मिली हुई जानकारी के मुताबिक़ राज्य सरकार ने 500 से ज़्यादा स्कूल नोटिफ़ाई कर दिए है जहां बोर्ड परीक्षा होगी. दसवीं और बारवीं के कुल मिलाकर 50000 छात्र परीक्षा में बैठेंगे. पुलिस ने भी स्कूलों के लिए ऐक्शन प्लान तैयार कर लिया है. संवेदनशील इलाकों में पड़ने वाले स्कूलों को सुरक्षा भी दी जाएगी. हालांकि कई स्कूलों का प्रबंधन भी इन्‍हें खोले जाने पक्ष में है. कई में शिक्षक भी आ रहे हैं. पर अगर स्कूल खुलेंगे तो महौल बदलेगा, ये कट्टरपंथी नहीं चाहते हैं.टिप्पणियां पीछले एक महीने में 20 स्कूलों को जलाया गया है. उधर अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने नया कैलेंडर जारी कर दिया है जिसमें हड़ताल को नवंबर 3 तक कर दिया है. स्कूलों को बंद रखने की हिदायत दी गई है. इस सबके बीच गृह मंत्रालय का कहना है कि कट्टरपंथी चाहते हैं कि नौजवान नए दौर की शिक्षा से दूर हो जाए और जमात के साथ जुड़े इसलिए भी स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है. इस बीच कश्मीर के पट्टन इलाक़े में गुरुवार को एक और स्कूल को आग लगा दी गई. पीछले एक महीने में 20 स्कूलों को जलाया गया है. उधर अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने नया कैलेंडर जारी कर दिया है जिसमें हड़ताल को नवंबर 3 तक कर दिया है. स्कूलों को बंद रखने की हिदायत दी गई है. इस सबके बीच गृह मंत्रालय का कहना है कि कट्टरपंथी चाहते हैं कि नौजवान नए दौर की शिक्षा से दूर हो जाए और जमात के साथ जुड़े इसलिए भी स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है. इस बीच कश्मीर के पट्टन इलाक़े में गुरुवार को एक और स्कूल को आग लगा दी गई. इस सबके बीच गृह मंत्रालय का कहना है कि कट्टरपंथी चाहते हैं कि नौजवान नए दौर की शिक्षा से दूर हो जाए और जमात के साथ जुड़े इसलिए भी स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है. इस बीच कश्मीर के पट्टन इलाक़े में गुरुवार को एक और स्कूल को आग लगा दी गई.
यहाँ एक सारांश है:मौजूदा कार्यकारी समतुल्यता को 1991 में स्पष्ट किया गया था ये कदम सिर्फ ड्यूटी बांटने और कार्य संबधी जिम्मेदारी निभाने के लिए है ये सब गुमराह करने के लिए किया जा रहा है : रक्षा मंत्रालय के सूत्र
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि भारत और चीन जैसे देश काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि अमेरिका को इन देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। न्यूयॉर्क में धन जुटाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में ओबामा ने कहा, चीन और भारत जैसे देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनमें सफलता की भूख है। वे आगे निकल पड़े हैं। ओबामा ने खुलासा किया कि 2008 में वह इसलिए राष्ट्रपति चुनाव में उतरे, क्योंकि इस दुनिया में अमेरिका को बेहतर रोजगार के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। ओबामा ने कहा, लंबे समय से हमें बताया जाता रहा कि इस प्रतिस्पर्धा को जीतने के लिए उपभोक्ता संरक्षणवाद से दूर रहें, स्वच्छ वायु एवं स्वच्छ जल कानूनों को नजरअंदाज करें, करोड़पतियों को कर रियायतें दें और सब कुछ ठीक रहेगा। लेकिन यह फॉर्मूला काम नहीं आया। वास्तव में अगर आप इतिहास देखें, तो पता चलेगा कि यह दर्शन काम न आया।
यह एक सारांश है: ओबामा ने कहा है कि भारत और चीन काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इन देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीएमओ बीपी सिंह हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वाईएस सचान की जिला जेल अस्पताल में रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उनकी पत्नी की अर्जी पर रविवार को राजधानी के गोसाईगंज पुलिस थाने पर हत्या एवं साजिश का मामला दर्ज कर लिया गया। लखनऊ के उपपुलिस महानिरीक्षक डीके ठाकुर ने बताया, डिप्टी सीएमओ सचान की जिला जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उनकी पत्नी मालती सचान की अर्जी पर गोसाईगंज पुलिस थाने पर आज अज्ञात लोगों के विरद्ध धारा 302 :हत्या: और 120बी :साजिश: के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। ठाकुर ने बताया कि यह प्राथमिकी स्पीड पोस्ट से गोसाईगंज थाने के प्रभारी को भेजी गई तहरीर के आधार पर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर चूंकि इस मामले की न्यायिक जांच चल रही है, पुलिस इस मामले की जांच न्यायिक जांच पूरी हो जाने के बाद ही शुरू करेगी। दोनों जांच एक साथ नहीं चल सकतीं। ठाकुर ने यह भी कहा कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बारे में मामले की न्यायिक जांच कर रहे मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी को सूचित कर दिया जाएगा। शुक्रवार को दिवंगत डिप्टी सीएमओ सचान की पत्नी मालती सचान ने उनके पति की मौत के मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज किए जाने के लिए ठाकुर को भी अर्जी भेजे जाने की बात कही थी, मगर ठाकुर ने उन्हें कोई अर्जी मिलने से इनकार किया। प्रदेश सरकार द्वारा सचान की मौत को प्रथम दृष्टया आत्महत्या बताये जाने की कहानी को खारिज करते हुए सचान के परिजन इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जिसे फिलहाल प्रदेश सरकार ने ठुकरा दिया है। सचान की मौत के बारे में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिए जाने के बाद उनके भाई आर के सचान ने कहा कि यह प्राथमिकी तो पहले ही दर्ज हो जानी चाहिए थी। देर से ही सही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके इसे हत्या का मामला तो माना। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वे और उनके परिजन इस मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अब भी कायम हैं क्योंकि सभी जानते हैं कि पुलिस की जांच कैसे होती है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मेडिको-लीगल विभाग के संयुक्त निदेशक वाई एस पाठक ने दावा किया है कि सचान के शरीर पर पाए गए सारे घाव उनके द्वारा स्वयं किए गए नहीं हो सकते और प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का है। उन्होंने कहा कि उनके गले पर फंदे के निशान से लगता है कि उनकी हत्या को आत्महत्या की शक्ल देने के लिये बाद में उनके शव को लटका दिया गया था। इस बीच दिवंगत सचान के पुत्र संकल्प सचान ने कहा है, मेरे पिता की हत्या की गयी है, क्योंकि वे अगले दिन अदालत में पेशी पर सीएमओ बीपी सिंह हत्याकाण्ड में कुछ लोगों के नाम का खुलासा करने वाले थे। सीएमओ बीपी सिंह हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी सचान को वृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया जाना था और बुधवार 22 जून की शाम को उन्हें जिला जेल अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था। उनके शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कोहनी, जांघ और कलाई पर धारदार औजार से हुए आठ घाव और गले पर फंदे का निशान पाया गया था।
यह एक सारांश है: डॉ सचान की मौत के मामले में उनकी पत्नी की अर्जी पर गोसाईगंज पुलिस थाने पर हत्या एवं साजिश का मामला दर्ज कर लिया गया।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नक्सलियों को मदद देने के आरोप में देशद्रोह की सजा पाए सामाजिक कार्यकर्ता बिनायक सेन की अर्जी पर सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। रायपुर की जिला अदालत ने उन्हें उम्र कैद की सज़ा सुनाई। बिनायक सेन के साथ-साथ कोलकाता के एक कारोबारी पीयूष गुहा और माओवादी विचारक नारायण सान्याल को भी देशद्रोह के आरोप में उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई। बिनायक सेन के लिए अदालत में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी बहस करेंगे। राम जेठमलानी ने कुछ दिन पहले खुद ही बिनायक सेन कामुकदमा लड़ने की पेशकश की थी। देशद्रोह एक बेहद गंभीर मामला है और बिनायक सेन के खिलाफ आए इस फैसले का काफी विरोध भी हुआ है। इस सुनवाई में कई मुद्दों पर बहस हो सकती है जैसे राष्ट्रद्रोह के लिए बैठक कहां हुई। जेल अधिकारियों ने अपने साक्ष्य में कहा है कि डॉक्टर सेन और नारायण सान्याल उनके सामने मिलते थे तो साजिश के लिए बैठक कहां हुई। होटल के कमर्चारियों ने बातचीत से इनकार किया है। डॉक्टर सेन और गुहा के मिलने की बात से होटल मालिक मुकर चुके हैं। मुख्य सवाल यह भी है कि क्या एक कथित नक्सली नेता से मिलना अपराध है। क्या एक ऐसे व्यक्ति से मिलना अपराध है जिस पर नक्सली होने के आरोप हैं और ऐसा है तो जेल में उनसे रोज मिलने वाले जेल अधिकारी भी दोषी चिट्ठियों में हिंसा से जुड़ी कोई बात नहीं है। पीयूष गुहा के पास से बरामद चिट्टियों में हिंसा की कोई बात नहीं है। जो किताबें पीयूष गुहा के पास से मिलीं वो खुले आम बिकती हैं। गुहा के पास जो माओवादी किताबें मिलीं उन पर उनका मूल्य और कहां छपी यह लिखा है। पुलिस उन पर कार्रवाई क्यों नहीं करती। इस सुनवाई पर देश और दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। बिनायक सेन की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद रहने के इरादे से यूरोपीय यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल रायपुर पहुंचा है, लेकिन हवाई अड्डे पर उसे लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी पर एतराज़ जताया है। एयरपोर्ट पर लोगों ने प्रतिनिधिमंडल के खिलाफ़ नारे लगाए और उनके वापस जाने की मांग की।
बिनायक सेन के लिए अदालत में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी बहस करेंगे। जेठमलानी ने पहले खुद ही बिनायक सेन का मुकदमा लड़ने की पेशकश की थी।
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बुधवार को संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने के फैसले को जायज ठहराते हुए कहा कि कोई विकल्प नहीं बचा था क्योंकि संसद चल नहीं रही थी। उन्होंने कहा कि संसद में सांसदों द्वारा बाधा डालना जनता के साथ धोखा है जिसने उन्हें चुनकर भेजा है।टिप्पणियां संसद के बजट सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने के बाद स्पीकर ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘संसद चलनी चाहिए। संसद हमेशा चलनी चाहिए। किसी भी वजह से कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। यह जनता के साथ विश्वासघात है जिन्होंने अपने प्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है।’’ निर्धारित समय से दो दिन पहले ही कार्यवाही स्थगित किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए करना पड़ा ‘‘क्योंकि संसद नहीं चल रही थी।’’ गत 22 अप्रैल से शुरू हुए बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार हंगामा बना रहा और दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। संवैधानिक जरूरत के चलते वित्त विधेयक और रेल बजट पारित होने के अतिरिक्त संसद में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि संसद में सांसदों द्वारा बाधा डालना जनता के साथ धोखा है जिसने उन्हें चुनकर भेजा है।टिप्पणियां संसद के बजट सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने के बाद स्पीकर ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘संसद चलनी चाहिए। संसद हमेशा चलनी चाहिए। किसी भी वजह से कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। यह जनता के साथ विश्वासघात है जिन्होंने अपने प्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है।’’ निर्धारित समय से दो दिन पहले ही कार्यवाही स्थगित किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए करना पड़ा ‘‘क्योंकि संसद नहीं चल रही थी।’’ गत 22 अप्रैल से शुरू हुए बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार हंगामा बना रहा और दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। संवैधानिक जरूरत के चलते वित्त विधेयक और रेल बजट पारित होने के अतिरिक्त संसद में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका। संसद के बजट सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने के बाद स्पीकर ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘संसद चलनी चाहिए। संसद हमेशा चलनी चाहिए। किसी भी वजह से कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। यह जनता के साथ विश्वासघात है जिन्होंने अपने प्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है।’’ निर्धारित समय से दो दिन पहले ही कार्यवाही स्थगित किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए करना पड़ा ‘‘क्योंकि संसद नहीं चल रही थी।’’ गत 22 अप्रैल से शुरू हुए बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार हंगामा बना रहा और दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। संवैधानिक जरूरत के चलते वित्त विधेयक और रेल बजट पारित होने के अतिरिक्त संसद में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका। गत 22 अप्रैल से शुरू हुए बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार हंगामा बना रहा और दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। संवैधानिक जरूरत के चलते वित्त विधेयक और रेल बजट पारित होने के अतिरिक्त संसद में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बुधवार को संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने के फैसले को जायज ठहराते हुए कहा कि कोई विकल्प नहीं बचा था क्योंकि संसद चल नहीं रही थी।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: नई दिल्ली में आयोजित एक इवेंट में शाओमी अपने लेटेस्ट बजट स्मार्टफोन Redmi 7 को लॉन्च कर दिया। बता दें कि इस इवेंट में ही शाओमी ने अपने 32 मेगापिक्सल सेल्फी कैमरे वाले Redmi Y3 हैंडसेट से भी पर्दा उठाया था। अहम खासियतों की बात करें तो Redmi 7 एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10, ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 632 प्रोसेसर और 4,000 एमएएच की बैटरी के साथ आता है। ऑरा डिज़ाइन के साथ आने वाले रेडमी 7 पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 की प्रोटेक्शन है। देखा जाए तो रेडमी 7  और रेडमी वाई3 स्पेसिफिकेशन के मामले में एक-दूसरे से काफी मेल खाते हैं, सेल्फी  कैमरे को छोड़कर। रैम और स्टोरेज पर आधारित रेडमी 7 के दो वेरिएंट भारत में लॉन्च किए गए हैं। Redmi 7 के 2 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का दाम 7,999 रुपये है। इसके 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 8,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। रेडमी 7 की पहली सेल 29 अप्रैल को दोपहर 12 बजे अमेज़न इंडिया, मी डॉट कॉम और मी होम स्टोर में आयोजित होगी। डुअल-सिम (नैनो) वाला रेडमी 7 एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलता है। इसमें 6.26 इंच एचडी+ (720x1520 पिक्सल) डिस्प्ले है, इसका आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है। Redmi 7 में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 का इस्तेमाल हुआ है। स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए 1.8 गीगाहर्ट्ज़ ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 632 प्रोसेसर है। यह हैंडसेट दो रैम विकल्प में आता है- 2 जीबी और 3 जीबी। स्टोरेज का एक मात्र विकल्प 32 जीबी है। दोनों ही वेरिएंट में 512 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड के लिए सपोर्ट है। बता दें कि इस हैंडसेट में अलग से माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट है। अब बात कैमरा सेटअप की। Redmi 7 में फोटोग्राफी के लिए दो रियर कैमरे दिए गए हैं, 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 2 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर। सेल्फी के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसके अलावा यह हैंडसेट एआई स्मार्ट ब्यूटी, सेल्फी टाइमर और फेस अनलॉक जैसे फीचर से लैस है। कनेक्टिविटी के लिए हैंडसेट में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ वर्जन 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस, यूएसबी, इंफ्रेड (IR) ब्लॉस्टर और 3.5 मिलीमीटर हेडफोन जैक शामिल है। Redmi 7 में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है।
संक्षिप्त पाठ: Redmi 7 में फोटोग्राफी के लिए दो रियर कैमरे दिए गए हैं स्नैपड्रैगन 632 प्रोसेसर से लैस है रेडमी वाई3 Redmi 7 में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 का इस्तेमाल हुआ है
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इतालवी स्कूटर ब्रांड वेस्पा ने करीब एक दशक बाद फिर से भारतीय बाजार में वापसी की है। पियाजियो समूह ने वेस्पा का प्रीमियम मॉडल यहां पेश किया, जिसकी महाराष्ट्र में एक्सशोरूम कीमत 66,661 रुपये होगी। पियाजियो भारतीय बाजार में स्कूटर और मोटरसाइकिल के और प्रीमियम ब्रांड लाने की योजना बना रही है।टिप्पणियां पियाजियो व्हीक्लस प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रवि चोपड़ा ने कहा, ‘‘फिलहाल भारतीय स्कूटर बाजार में कोई बड़ा ब्रांड नहीं है, लेकिन हमारा मानना है कि ब्रांड के प्रति जागरूक युवाओं की तादाद काफी है, जो इसे खरीदना चाहेंगे। वेस्पा उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर एक प्रीमियम वर्ग तैयार कर रही है।’’ कंपनी ने वेस्पा एलएक्स125 लॉन्च किया। स्कूटर का इंजन भारतीय स्थिति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, लेकिन इसका उपयोग यूरोप और एशिया में पियाजियो के वैश्विक उत्पादों में भी किया जाएगा। यह पूछने पर कि क्या कंपनी सस्ते वाहनों के खंड में प्रवेश पर विचार कर रही है, उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे बाजार में प्रवेश करने में हमारी रुचि नहीं, जहां गला-काट प्रतियोगिता है।’’ मोटरसाइकिल खंड में प्रवेश की संभावना के संबंध में उन्होंने कहा, ‘‘पियाजियो के पास 50 सीसी स्कूटर से लेकर 1,400 सीसी की बाइक और सुपरबाइक की रेंज है। आज हमने अपना सफर शुरू ही किया है और हम उन सभी वैश्विक ब्रांडों को यहां लाने की कोशिश करेंगे, जो इस बाजार के अनुरूप हैं।’’ चोपड़ा ने हालांकि यह नहीं बताया कि कंपनी कौन से मॉडल कब पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी अभी बाजार का आकलन कर रही है। पियाजियो व्हीक्लस प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रवि चोपड़ा ने कहा, ‘‘फिलहाल भारतीय स्कूटर बाजार में कोई बड़ा ब्रांड नहीं है, लेकिन हमारा मानना है कि ब्रांड के प्रति जागरूक युवाओं की तादाद काफी है, जो इसे खरीदना चाहेंगे। वेस्पा उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर एक प्रीमियम वर्ग तैयार कर रही है।’’ कंपनी ने वेस्पा एलएक्स125 लॉन्च किया। स्कूटर का इंजन भारतीय स्थिति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, लेकिन इसका उपयोग यूरोप और एशिया में पियाजियो के वैश्विक उत्पादों में भी किया जाएगा। यह पूछने पर कि क्या कंपनी सस्ते वाहनों के खंड में प्रवेश पर विचार कर रही है, उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे बाजार में प्रवेश करने में हमारी रुचि नहीं, जहां गला-काट प्रतियोगिता है।’’ मोटरसाइकिल खंड में प्रवेश की संभावना के संबंध में उन्होंने कहा, ‘‘पियाजियो के पास 50 सीसी स्कूटर से लेकर 1,400 सीसी की बाइक और सुपरबाइक की रेंज है। आज हमने अपना सफर शुरू ही किया है और हम उन सभी वैश्विक ब्रांडों को यहां लाने की कोशिश करेंगे, जो इस बाजार के अनुरूप हैं।’’ चोपड़ा ने हालांकि यह नहीं बताया कि कंपनी कौन से मॉडल कब पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी अभी बाजार का आकलन कर रही है। यह पूछने पर कि क्या कंपनी सस्ते वाहनों के खंड में प्रवेश पर विचार कर रही है, उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे बाजार में प्रवेश करने में हमारी रुचि नहीं, जहां गला-काट प्रतियोगिता है।’’ मोटरसाइकिल खंड में प्रवेश की संभावना के संबंध में उन्होंने कहा, ‘‘पियाजियो के पास 50 सीसी स्कूटर से लेकर 1,400 सीसी की बाइक और सुपरबाइक की रेंज है। आज हमने अपना सफर शुरू ही किया है और हम उन सभी वैश्विक ब्रांडों को यहां लाने की कोशिश करेंगे, जो इस बाजार के अनुरूप हैं।’’ चोपड़ा ने हालांकि यह नहीं बताया कि कंपनी कौन से मॉडल कब पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी अभी बाजार का आकलन कर रही है।
संक्षिप्त सारांश: इतालवी स्कूटर ब्रांड वेस्पा ने एक दशक बाद भारतीय बाजार में वापसी की है। पियाजियो समूह ने वेस्पा का प्रीमियम मॉडल पेश किया, जिसकी महाराष्ट्र में एक्सशोरूम कीमत 66,661 रुपये होगी।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद के मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा करेगी ताकि इस मामले पर ‘‘नए सिरे से गौर’’ किया जाए. पुलिस (दक्षिण पूर्व) के संयुक्त आयुक्त आरपी उपाध्याय ने कहा कि इस संबंध में आदेश कल आया था. एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘नजीब की मां ने कुछ दिन पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी और मामले की सीबीआई से जांच कराने का अनुरोध किया था. मामले को अलग नजरिए से देखने और सबूतों पर फिर से नजर डालने के लिए मामले को दक्षिण जिले से कल अपराध शाखा को हस्तांतरित किया गया.’’ गृह मंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा को निर्देश दिए जाने के बाद नजीब (27) का पता लगाने के लिए एसआईटी का पिछले महीने गठन किया गया था. नजीब 15 अक्टूबर को लापता हो गया था. उसकी इससे एक रात पहले एबीवीपी के सदस्यों के साथ कथित हाथापाई हुई थी. अतिरिक्त डीसीपी-द्वितीय (दक्षिण) मनीषी चंद्र के नेतृत्व में एसआईटी इस मामले में कोई ऐसा सुराग नहीं प्राप्त कर पाई जिसके आधार पर कोई कार्रवाई की जा सके. टिप्पणियां विमहंस में एक चिकित्सक ने पुलिस को बताया था कि नजीब आब्सेसिव कम्पल्सिव डिसआर्डर (ओसीडी) एवं अवसाद से पीड़ित था जिसके बाद से एसआईटी नजीब के मामले पर नए सिरे से गौर कर रही थी. इसके बाद जांच में मनोरोग संबंधी पहलू मुख्य हो गया था. एसआईटी मामले में जांच की योजना तैयार करने के लिए एम्स एवं आरएमएल के मनोचिकित्सकों की मदद लेने पर विचार कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस (दक्षिण पूर्व) के संयुक्त आयुक्त आरपी उपाध्याय ने कहा कि इस संबंध में आदेश कल आया था. एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘नजीब की मां ने कुछ दिन पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी और मामले की सीबीआई से जांच कराने का अनुरोध किया था. मामले को अलग नजरिए से देखने और सबूतों पर फिर से नजर डालने के लिए मामले को दक्षिण जिले से कल अपराध शाखा को हस्तांतरित किया गया.’’ गृह मंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा को निर्देश दिए जाने के बाद नजीब (27) का पता लगाने के लिए एसआईटी का पिछले महीने गठन किया गया था. नजीब 15 अक्टूबर को लापता हो गया था. उसकी इससे एक रात पहले एबीवीपी के सदस्यों के साथ कथित हाथापाई हुई थी. अतिरिक्त डीसीपी-द्वितीय (दक्षिण) मनीषी चंद्र के नेतृत्व में एसआईटी इस मामले में कोई ऐसा सुराग नहीं प्राप्त कर पाई जिसके आधार पर कोई कार्रवाई की जा सके. टिप्पणियां विमहंस में एक चिकित्सक ने पुलिस को बताया था कि नजीब आब्सेसिव कम्पल्सिव डिसआर्डर (ओसीडी) एवं अवसाद से पीड़ित था जिसके बाद से एसआईटी नजीब के मामले पर नए सिरे से गौर कर रही थी. इसके बाद जांच में मनोरोग संबंधी पहलू मुख्य हो गया था. एसआईटी मामले में जांच की योजना तैयार करने के लिए एम्स एवं आरएमएल के मनोचिकित्सकों की मदद लेने पर विचार कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गृह मंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा को निर्देश दिए जाने के बाद नजीब (27) का पता लगाने के लिए एसआईटी का पिछले महीने गठन किया गया था. नजीब 15 अक्टूबर को लापता हो गया था. उसकी इससे एक रात पहले एबीवीपी के सदस्यों के साथ कथित हाथापाई हुई थी. अतिरिक्त डीसीपी-द्वितीय (दक्षिण) मनीषी चंद्र के नेतृत्व में एसआईटी इस मामले में कोई ऐसा सुराग नहीं प्राप्त कर पाई जिसके आधार पर कोई कार्रवाई की जा सके. टिप्पणियां विमहंस में एक चिकित्सक ने पुलिस को बताया था कि नजीब आब्सेसिव कम्पल्सिव डिसआर्डर (ओसीडी) एवं अवसाद से पीड़ित था जिसके बाद से एसआईटी नजीब के मामले पर नए सिरे से गौर कर रही थी. इसके बाद जांच में मनोरोग संबंधी पहलू मुख्य हो गया था. एसआईटी मामले में जांच की योजना तैयार करने के लिए एम्स एवं आरएमएल के मनोचिकित्सकों की मदद लेने पर विचार कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अतिरिक्त डीसीपी-द्वितीय (दक्षिण) मनीषी चंद्र के नेतृत्व में एसआईटी इस मामले में कोई ऐसा सुराग नहीं प्राप्त कर पाई जिसके आधार पर कोई कार्रवाई की जा सके. टिप्पणियां विमहंस में एक चिकित्सक ने पुलिस को बताया था कि नजीब आब्सेसिव कम्पल्सिव डिसआर्डर (ओसीडी) एवं अवसाद से पीड़ित था जिसके बाद से एसआईटी नजीब के मामले पर नए सिरे से गौर कर रही थी. इसके बाद जांच में मनोरोग संबंधी पहलू मुख्य हो गया था. एसआईटी मामले में जांच की योजना तैयार करने के लिए एम्स एवं आरएमएल के मनोचिकित्सकों की मदद लेने पर विचार कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विमहंस में एक चिकित्सक ने पुलिस को बताया था कि नजीब आब्सेसिव कम्पल्सिव डिसआर्डर (ओसीडी) एवं अवसाद से पीड़ित था जिसके बाद से एसआईटी नजीब के मामले पर नए सिरे से गौर कर रही थी. इसके बाद जांच में मनोरोग संबंधी पहलू मुख्य हो गया था. एसआईटी मामले में जांच की योजना तैयार करने के लिए एम्स एवं आरएमएल के मनोचिकित्सकों की मदद लेने पर विचार कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:मामला दक्षिण जिले से कल अपराध शाखा को हस्तांतरित किया गया लापता नजीब आब्सेसिव कम्पल्सिव डिसआर्डर एवं अवसाद से पीड़ित था नजीब की मां ने मामले की सीबीआई से जांच कराने का अनुरोध किया था
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यदि आपको सही और संतुलित सूचना चाहिए, खासकर कम्पनियों के बारे में तो विकिपीडिया पर आंख बंद करके भरोसा न करें। कम्पनियों से सम्बंधित इसकी सूचनाओं में 60 प्रतिशत तक खामियां होती हैं। इसका खुलासा एक नए अध्ययन से हुआ है। अमेरिका स्थित पेन स्टेट यूनीवर्सिटी में लोक सम्पर्क विभाग के सहायक प्रोफेसर मार्शिया डब्ल्यू. डिस्टासो के अनुसार, "मुझे यह जानकर कोई हैरानी नहीं हुई है कि विकिपीडिया की बहुत सी सूचनाओं में गलतियां होती हैं।" डिस्टासो ने कहा, "इन गलत तथ्यात्मक सूचना के कारण ऐसे लोग प्रभावित होते हैं, जो सही व संतुलित सूचना के लिए विकिपीडिया पर निर्भर करते हैं।" डिस्टासो ने पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ अमेरिका, इंटरनेशल एसोसिएशन ऑफ बिजनेस कम्युकेटर्स, वर्ड ऑफ माउथ मार्केटिंग एसोसिएशन, इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक रिलेशंस और नेशनल इनवेस्टर रिलेशंस इंस्टीट्यूट के 1,284 पेशेवरों से पूछताछ के आधार पर ये नतीजे निकाले। इसमें विकिपीडिया के साथ उनके कामकाजी सम्बंधों का मूल्यांकन किया गया। यह अध्ययन रिपोर्ट 'पब्लिक रिलेशंस' पत्रिका में प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि सर्वेक्षण के नतीजे सम्पादन अंशों को लेकर लोक सम्पर्क पेशेवरों और विकिपीडिया के बीच मतभेद की ओर भी संकेत करते हैं। टिप्पणियां सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत पेशेवरों के मुताबिक, उन्होंने जब गलतियां ठीक करने को लेकर 'टॉक' पेज के जरिये विकिपीडिया के सम्पादक को बताया तो इसका जवाब कई दिनों बाद मिला। 12 प्रतिशत के मुताबिक, जवाब मिलने में कई सप्ताह लग गए और 24 प्रतिशत ने कोई जवाब नहीं मिलने की बात कही। वहीं, विकिपीडिया ने कहा कि गलतियां सुधारने से सम्बंधित अनुरोध का जवाब वह दो से पांच दिनों में देता है। इसका खुलासा एक नए अध्ययन से हुआ है। अमेरिका स्थित पेन स्टेट यूनीवर्सिटी में लोक सम्पर्क विभाग के सहायक प्रोफेसर मार्शिया डब्ल्यू. डिस्टासो के अनुसार, "मुझे यह जानकर कोई हैरानी नहीं हुई है कि विकिपीडिया की बहुत सी सूचनाओं में गलतियां होती हैं।" डिस्टासो ने कहा, "इन गलत तथ्यात्मक सूचना के कारण ऐसे लोग प्रभावित होते हैं, जो सही व संतुलित सूचना के लिए विकिपीडिया पर निर्भर करते हैं।" डिस्टासो ने पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ अमेरिका, इंटरनेशल एसोसिएशन ऑफ बिजनेस कम्युकेटर्स, वर्ड ऑफ माउथ मार्केटिंग एसोसिएशन, इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक रिलेशंस और नेशनल इनवेस्टर रिलेशंस इंस्टीट्यूट के 1,284 पेशेवरों से पूछताछ के आधार पर ये नतीजे निकाले। इसमें विकिपीडिया के साथ उनके कामकाजी सम्बंधों का मूल्यांकन किया गया। यह अध्ययन रिपोर्ट 'पब्लिक रिलेशंस' पत्रिका में प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि सर्वेक्षण के नतीजे सम्पादन अंशों को लेकर लोक सम्पर्क पेशेवरों और विकिपीडिया के बीच मतभेद की ओर भी संकेत करते हैं। टिप्पणियां सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत पेशेवरों के मुताबिक, उन्होंने जब गलतियां ठीक करने को लेकर 'टॉक' पेज के जरिये विकिपीडिया के सम्पादक को बताया तो इसका जवाब कई दिनों बाद मिला। 12 प्रतिशत के मुताबिक, जवाब मिलने में कई सप्ताह लग गए और 24 प्रतिशत ने कोई जवाब नहीं मिलने की बात कही। वहीं, विकिपीडिया ने कहा कि गलतियां सुधारने से सम्बंधित अनुरोध का जवाब वह दो से पांच दिनों में देता है। डिस्टासो ने कहा, "इन गलत तथ्यात्मक सूचना के कारण ऐसे लोग प्रभावित होते हैं, जो सही व संतुलित सूचना के लिए विकिपीडिया पर निर्भर करते हैं।" डिस्टासो ने पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ अमेरिका, इंटरनेशल एसोसिएशन ऑफ बिजनेस कम्युकेटर्स, वर्ड ऑफ माउथ मार्केटिंग एसोसिएशन, इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक रिलेशंस और नेशनल इनवेस्टर रिलेशंस इंस्टीट्यूट के 1,284 पेशेवरों से पूछताछ के आधार पर ये नतीजे निकाले। इसमें विकिपीडिया के साथ उनके कामकाजी सम्बंधों का मूल्यांकन किया गया। यह अध्ययन रिपोर्ट 'पब्लिक रिलेशंस' पत्रिका में प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि सर्वेक्षण के नतीजे सम्पादन अंशों को लेकर लोक सम्पर्क पेशेवरों और विकिपीडिया के बीच मतभेद की ओर भी संकेत करते हैं। टिप्पणियां सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत पेशेवरों के मुताबिक, उन्होंने जब गलतियां ठीक करने को लेकर 'टॉक' पेज के जरिये विकिपीडिया के सम्पादक को बताया तो इसका जवाब कई दिनों बाद मिला। 12 प्रतिशत के मुताबिक, जवाब मिलने में कई सप्ताह लग गए और 24 प्रतिशत ने कोई जवाब नहीं मिलने की बात कही। वहीं, विकिपीडिया ने कहा कि गलतियां सुधारने से सम्बंधित अनुरोध का जवाब वह दो से पांच दिनों में देता है। डिस्टासो ने पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ अमेरिका, इंटरनेशल एसोसिएशन ऑफ बिजनेस कम्युकेटर्स, वर्ड ऑफ माउथ मार्केटिंग एसोसिएशन, इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक रिलेशंस और नेशनल इनवेस्टर रिलेशंस इंस्टीट्यूट के 1,284 पेशेवरों से पूछताछ के आधार पर ये नतीजे निकाले। इसमें विकिपीडिया के साथ उनके कामकाजी सम्बंधों का मूल्यांकन किया गया। यह अध्ययन रिपोर्ट 'पब्लिक रिलेशंस' पत्रिका में प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि सर्वेक्षण के नतीजे सम्पादन अंशों को लेकर लोक सम्पर्क पेशेवरों और विकिपीडिया के बीच मतभेद की ओर भी संकेत करते हैं। टिप्पणियां सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत पेशेवरों के मुताबिक, उन्होंने जब गलतियां ठीक करने को लेकर 'टॉक' पेज के जरिये विकिपीडिया के सम्पादक को बताया तो इसका जवाब कई दिनों बाद मिला। 12 प्रतिशत के मुताबिक, जवाब मिलने में कई सप्ताह लग गए और 24 प्रतिशत ने कोई जवाब नहीं मिलने की बात कही। वहीं, विकिपीडिया ने कहा कि गलतियां सुधारने से सम्बंधित अनुरोध का जवाब वह दो से पांच दिनों में देता है। यह अध्ययन रिपोर्ट 'पब्लिक रिलेशंस' पत्रिका में प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि सर्वेक्षण के नतीजे सम्पादन अंशों को लेकर लोक सम्पर्क पेशेवरों और विकिपीडिया के बीच मतभेद की ओर भी संकेत करते हैं। टिप्पणियां सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत पेशेवरों के मुताबिक, उन्होंने जब गलतियां ठीक करने को लेकर 'टॉक' पेज के जरिये विकिपीडिया के सम्पादक को बताया तो इसका जवाब कई दिनों बाद मिला। 12 प्रतिशत के मुताबिक, जवाब मिलने में कई सप्ताह लग गए और 24 प्रतिशत ने कोई जवाब नहीं मिलने की बात कही। वहीं, विकिपीडिया ने कहा कि गलतियां सुधारने से सम्बंधित अनुरोध का जवाब वह दो से पांच दिनों में देता है। सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत पेशेवरों के मुताबिक, उन्होंने जब गलतियां ठीक करने को लेकर 'टॉक' पेज के जरिये विकिपीडिया के सम्पादक को बताया तो इसका जवाब कई दिनों बाद मिला। 12 प्रतिशत के मुताबिक, जवाब मिलने में कई सप्ताह लग गए और 24 प्रतिशत ने कोई जवाब नहीं मिलने की बात कही। वहीं, विकिपीडिया ने कहा कि गलतियां सुधारने से सम्बंधित अनुरोध का जवाब वह दो से पांच दिनों में देता है। वहीं, विकिपीडिया ने कहा कि गलतियां सुधारने से सम्बंधित अनुरोध का जवाब वह दो से पांच दिनों में देता है।
यहाँ एक सारांश है:यदि आपको सही और संतुलित सूचना चाहिए, खासकर कम्पनियों के बारे में तो विकिपीडिया पर आंख बंद करके भरोसा न करें। कम्पनियों से सम्बंधित इसकी सूचनाओं में 60 प्रतिशत तक खामियां होती हैं।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर का कहना है कि अभिनेता-निर्माता आमिर खान भारतीय सिनेमा में बदलाव लाने वाले इंसान हैं और उन्होंने कई अनोखी, लेकिन मुख्यधारा की फिल्में दी हैं। करण ने शुक्रवार को फिल्म 'स्ट्रेंजर्स इन द नाइट' के प्रदर्शन के मौके पर कहा, मैं समझता हूं कि आमिर बदलाव लाने वाले इंसान हैं। उनके बहुत से फैसलों ने उन्हें महान और वर्तमान के मुख्यधारा सिनेमा का मार्ग दर्शक बना दिया है। इस लघु फिल्म का निर्माण करण की धर्मा प्रोड्क्शंस ने चिवास प्रोड्क्शंस के साथ मिलकर किया है।टिप्पणियां 40-वर्षीय करण ने कहा, मैं समझता हूं कि उनके प्रयास वर्ष 2001 में 'लगान' से शुरू हुए और उसके बाद 'दिल चाहता है', लीक से हटकर बनी फिल्म 'रंग दे बसंती' से लेकर उनके निर्देशन में बनी 'तारे जमीन पर' सहित उनकी हर फिल्म में नजर आते हैं। उन्होंने हमेशा हिट फिल्में दी और कुछ अलग किया। करण ने कहा, मैं समझता हूं कि आमिर वह इंसान हैं, जिसे आप भारतीय फिल्म बिरादरी का सर्वोकृष्ट बदलाव लाने वाला कह सकते हैं। आमिर की आने वाली फिल्म 'तलाश' 30 नवम्बर को प्रदर्शित होगी। इसमें करीना कपूर और रानी मुखर्जी भी नजर आएंगी। करण ने शुक्रवार को फिल्म 'स्ट्रेंजर्स इन द नाइट' के प्रदर्शन के मौके पर कहा, मैं समझता हूं कि आमिर बदलाव लाने वाले इंसान हैं। उनके बहुत से फैसलों ने उन्हें महान और वर्तमान के मुख्यधारा सिनेमा का मार्ग दर्शक बना दिया है। इस लघु फिल्म का निर्माण करण की धर्मा प्रोड्क्शंस ने चिवास प्रोड्क्शंस के साथ मिलकर किया है।टिप्पणियां 40-वर्षीय करण ने कहा, मैं समझता हूं कि उनके प्रयास वर्ष 2001 में 'लगान' से शुरू हुए और उसके बाद 'दिल चाहता है', लीक से हटकर बनी फिल्म 'रंग दे बसंती' से लेकर उनके निर्देशन में बनी 'तारे जमीन पर' सहित उनकी हर फिल्म में नजर आते हैं। उन्होंने हमेशा हिट फिल्में दी और कुछ अलग किया। करण ने कहा, मैं समझता हूं कि आमिर वह इंसान हैं, जिसे आप भारतीय फिल्म बिरादरी का सर्वोकृष्ट बदलाव लाने वाला कह सकते हैं। आमिर की आने वाली फिल्म 'तलाश' 30 नवम्बर को प्रदर्शित होगी। इसमें करीना कपूर और रानी मुखर्जी भी नजर आएंगी। 40-वर्षीय करण ने कहा, मैं समझता हूं कि उनके प्रयास वर्ष 2001 में 'लगान' से शुरू हुए और उसके बाद 'दिल चाहता है', लीक से हटकर बनी फिल्म 'रंग दे बसंती' से लेकर उनके निर्देशन में बनी 'तारे जमीन पर' सहित उनकी हर फिल्म में नजर आते हैं। उन्होंने हमेशा हिट फिल्में दी और कुछ अलग किया। करण ने कहा, मैं समझता हूं कि आमिर वह इंसान हैं, जिसे आप भारतीय फिल्म बिरादरी का सर्वोकृष्ट बदलाव लाने वाला कह सकते हैं। आमिर की आने वाली फिल्म 'तलाश' 30 नवम्बर को प्रदर्शित होगी। इसमें करीना कपूर और रानी मुखर्जी भी नजर आएंगी। करण ने कहा, मैं समझता हूं कि आमिर वह इंसान हैं, जिसे आप भारतीय फिल्म बिरादरी का सर्वोकृष्ट बदलाव लाने वाला कह सकते हैं। आमिर की आने वाली फिल्म 'तलाश' 30 नवम्बर को प्रदर्शित होगी। इसमें करीना कपूर और रानी मुखर्जी भी नजर आएंगी।
यहाँ एक सारांश है:फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर का कहना है कि अभिनेता-निर्माता आमिर खान भारतीय सिनेमा में बदलाव लाने वाले इंसान हैं और उन्होंने कई अनोखी, लेकिन मुख्यधारा की फिल्में दी हैं।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: जापान ने कहा है कि रविवार को पूर्वी चीन सागर के विवादित जलक्षेत्र में चीन का एक जहाज कुछ समय के लिए चक्कर लगाता रहा।टिप्पणियां जापान के तटरक्षक ने एक बयान में कहा है कि मछली पकड़ने पर नजर रखने वाला एक गश्ती जहाज सेनकाकू द्वीप समूह के कूबा के पूर्व में आ गया और 16 मिनट तक चक्कर लगाता रहा। पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले द्वीप समूह पर चीन अपने अधिकार का दावा करता है। इसे वहां दियावू नाम से जाना जाता है। हाल के दिनों में द्वीप समूह को लेकर दोनों देशों के बीच विवादों ने काफी तूल पकड़ा है। जापान के तटरक्षक ने एक बयान में कहा है कि मछली पकड़ने पर नजर रखने वाला एक गश्ती जहाज सेनकाकू द्वीप समूह के कूबा के पूर्व में आ गया और 16 मिनट तक चक्कर लगाता रहा। पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले द्वीप समूह पर चीन अपने अधिकार का दावा करता है। इसे वहां दियावू नाम से जाना जाता है। हाल के दिनों में द्वीप समूह को लेकर दोनों देशों के बीच विवादों ने काफी तूल पकड़ा है। पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले द्वीप समूह पर चीन अपने अधिकार का दावा करता है। इसे वहां दियावू नाम से जाना जाता है। हाल के दिनों में द्वीप समूह को लेकर दोनों देशों के बीच विवादों ने काफी तूल पकड़ा है।
सारांश: जापान ने कहा है कि रविवार को पूर्वी चीन सागर के विवादित जलक्षेत्र में चीन का एक जहाज कुछ समय के लिए चक्कर लगाता रहा।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: निर्भया (Nirbhaya) के दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह (Akshay Kumar Singh)  की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 17 दिसंबर को सुनवाई करने का फैसला किया है. इस पुनर्विचार याचिका पर तीन जजों की बेंच सुनवाई करेगी. सुनवाई का समय कोर्ट द्वारा दोपहर दो बजे निर्धारित किया गया है. कोर्ट ने कहा है कि मामले में खुली अदालत में सुनवाई होगी. यह भी पढ़ें- निर्भया के दोषी की SC में दलील- दिल्ली में प्रदूषण का बुरा हाल, पानी भी जहरीला...जिंदगी छोटी हो ही रही फिर फांसी क्यों? अक्षय को ट्रायल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी. इसकी सजा को दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था.अक्षय ने पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा पर फिर से विचार करने की मांग की है. दोषी ने सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने में हुई देरी के लिए भी माफी की बात कही है. यह भी पढ़ें- Nirbhaya Case: तिहाड़ जेल में फांसी की तैयारियों की खबरों के बीच दोषी अक्षय पहुंचा सुप्रीम कोर्ट याचिका में अक्षय ने अपील की है कि दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है. दिल्ली गैस चेंबर में तब्दील हो चुकी है. साथ ही यहां का पानी भी जहरीला हो चुका है. ऐसे में जब खराब हवा और पानी के चलते उम्र पहले से ही कम से कम होती जा रही है फिर फांसी की सजा की जरूरत क्यों है?
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: निर्भया रेप मामले में दोषी है अक्षय कुमार सिंह अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को सुनवाई करने का फैसला किया है
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने अरुणाचल के छह स्थानों का नाम बदलने और इन नामों को स्टैंडरडाइज करने के चीन के फैसले पर कड़ा एतराज़ जताया है. गुरुवार को भारत ने साफ कर दिया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है. चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में छह स्थानों के चीनी नाम का एलान करने के बाद भारत और चीन के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. गुरुवार को शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने साफ शब्दों में दोहराया कि अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा है और चीन के पास भारतीय इलाकों के नाम बदलने का अधिकार नहीं है. वैंकेया नायडू ने कहा, "अरुणाचल प्रदेश की हर एक इंच जमीन भारत की है. भारतीय शहरों का नाम बदलने का हक चीन के पास नहीं है." दरअसल दलाई लामा के अरुणाचल दौरे के ठीक बाद चीन ने यह पहल की. चीनी सरकार के सरकारी आर्डर में पहला नाम है वो गायनलिंग...शायद ये तवांग शहर के पास बना उर्गेनलिंग मठ है. दूसरी जगह है मेचुका जिसका नाम मेनकूका कर दिया गया है, जहां भारतीय वायु सेना ने हाल में एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड और एक हवाई पट्टी भी बनाई है. तीसरा बूमो ला शायद बुमला है जो तवांग से आधे घंटे के फासले पर है. मिला री शायद तिब्बती संत मिला रेस्पा के नाम पर रखा गया है. एक और इलाके का नाम रखा है कोईदेंगारबो री. आखिरी छठी जगह है नामकापब री जो शायद नामका चू के पास है. यहीं 1962 में भारतीय सेना की सातवीं इन्फेन्टरी ब्रिगेड को चीनी सेना ने बुरी तरह हराया था. टिप्पणियां चीन सरकार के कदम पर कड़ा एतराज़ जताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है और किसी भी इलाके का सिर्फ नाम बदलने से वह कानूनी वैद्य कैसे हो सकता है. अगर चीन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और सर्च इंजनों पर चीनी शब्दों के प्रयोग के लिए दबाव डालता है तो आने वाले दिनों में भारत और चीन के बीच तनाव और बढ़ेगा. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में वह अरुणाचल प्रदेश के कुछ और इलाकों के नाम का एलान कर सकते हैं. ज़ाहिर है...दलाई लामा के अरुणाचल दौरे के कुछ ही दिन बाद उठा यह विवाद जल्दी खत्म होगा इसके आसार फिलहाल नहीं दिखाई देते हैं. वैंकेया नायडू ने कहा, "अरुणाचल प्रदेश की हर एक इंच जमीन भारत की है. भारतीय शहरों का नाम बदलने का हक चीन के पास नहीं है." दरअसल दलाई लामा के अरुणाचल दौरे के ठीक बाद चीन ने यह पहल की. चीनी सरकार के सरकारी आर्डर में पहला नाम है वो गायनलिंग...शायद ये तवांग शहर के पास बना उर्गेनलिंग मठ है. दूसरी जगह है मेचुका जिसका नाम मेनकूका कर दिया गया है, जहां भारतीय वायु सेना ने हाल में एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड और एक हवाई पट्टी भी बनाई है. तीसरा बूमो ला शायद बुमला है जो तवांग से आधे घंटे के फासले पर है. मिला री शायद तिब्बती संत मिला रेस्पा के नाम पर रखा गया है. एक और इलाके का नाम रखा है कोईदेंगारबो री. आखिरी छठी जगह है नामकापब री जो शायद नामका चू के पास है. यहीं 1962 में भारतीय सेना की सातवीं इन्फेन्टरी ब्रिगेड को चीनी सेना ने बुरी तरह हराया था. टिप्पणियां चीन सरकार के कदम पर कड़ा एतराज़ जताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है और किसी भी इलाके का सिर्फ नाम बदलने से वह कानूनी वैद्य कैसे हो सकता है. अगर चीन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और सर्च इंजनों पर चीनी शब्दों के प्रयोग के लिए दबाव डालता है तो आने वाले दिनों में भारत और चीन के बीच तनाव और बढ़ेगा. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में वह अरुणाचल प्रदेश के कुछ और इलाकों के नाम का एलान कर सकते हैं. ज़ाहिर है...दलाई लामा के अरुणाचल दौरे के कुछ ही दिन बाद उठा यह विवाद जल्दी खत्म होगा इसके आसार फिलहाल नहीं दिखाई देते हैं. चीनी सरकार के सरकारी आर्डर में पहला नाम है वो गायनलिंग...शायद ये तवांग शहर के पास बना उर्गेनलिंग मठ है. दूसरी जगह है मेचुका जिसका नाम मेनकूका कर दिया गया है, जहां भारतीय वायु सेना ने हाल में एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड और एक हवाई पट्टी भी बनाई है. तीसरा बूमो ला शायद बुमला है जो तवांग से आधे घंटे के फासले पर है. मिला री शायद तिब्बती संत मिला रेस्पा के नाम पर रखा गया है. एक और इलाके का नाम रखा है कोईदेंगारबो री. आखिरी छठी जगह है नामकापब री जो शायद नामका चू के पास है. यहीं 1962 में भारतीय सेना की सातवीं इन्फेन्टरी ब्रिगेड को चीनी सेना ने बुरी तरह हराया था. टिप्पणियां चीन सरकार के कदम पर कड़ा एतराज़ जताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है और किसी भी इलाके का सिर्फ नाम बदलने से वह कानूनी वैद्य कैसे हो सकता है. अगर चीन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और सर्च इंजनों पर चीनी शब्दों के प्रयोग के लिए दबाव डालता है तो आने वाले दिनों में भारत और चीन के बीच तनाव और बढ़ेगा. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में वह अरुणाचल प्रदेश के कुछ और इलाकों के नाम का एलान कर सकते हैं. ज़ाहिर है...दलाई लामा के अरुणाचल दौरे के कुछ ही दिन बाद उठा यह विवाद जल्दी खत्म होगा इसके आसार फिलहाल नहीं दिखाई देते हैं. चीन सरकार के कदम पर कड़ा एतराज़ जताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है और किसी भी इलाके का सिर्फ नाम बदलने से वह कानूनी वैद्य कैसे हो सकता है. अगर चीन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और सर्च इंजनों पर चीनी शब्दों के प्रयोग के लिए दबाव डालता है तो आने वाले दिनों में भारत और चीन के बीच तनाव और बढ़ेगा. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में वह अरुणाचल प्रदेश के कुछ और इलाकों के नाम का एलान कर सकते हैं. ज़ाहिर है...दलाई लामा के अरुणाचल दौरे के कुछ ही दिन बाद उठा यह विवाद जल्दी खत्म होगा इसके आसार फिलहाल नहीं दिखाई देते हैं. अगर चीन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और सर्च इंजनों पर चीनी शब्दों के प्रयोग के लिए दबाव डालता है तो आने वाले दिनों में भारत और चीन के बीच तनाव और बढ़ेगा. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में वह अरुणाचल प्रदेश के कुछ और इलाकों के नाम का एलान कर सकते हैं. ज़ाहिर है...दलाई लामा के अरुणाचल दौरे के कुछ ही दिन बाद उठा यह विवाद जल्दी खत्म होगा इसके आसार फिलहाल नहीं दिखाई देते हैं.
चीन ने अरुणाचल प्रदेश के छह स्थानों के नाम बदले नायडू ने कहा, अरुणाचल की हर एक इंच जमीन भारत की सिर्फ नाम बदलने से वह कानूनी वैद्य नहीं हो सकता
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने के कारण तेल विपणन कम्पनियों ने शनिवार को पेट्रोल की कीमत दो रुपये घटा दी। इससे सरकार को थोड़ी राहत मिली, जिसे 10 दिनों पहले कीमत बढ़ने के कारण कटु आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। सरकारी की कुछ सहयोगी और विपक्षी पार्टियां हालांकि इस कटौती से संतुष्ट नहीं हैं और मूल्य में हुई वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग कर रही हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 6.28 रुपये घटा दी थी, जो अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि थी। इस वृद्धि में राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क शामिल नहीं हैं। रियायती मूल्य पर बेचने से होने वाले नुकसान को कम करने, अंतरराष्ट्रीय मूल्य में तेजी और रुपये के अवमूल्यन के कारण कीमत बढ़ाई गई थी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत कम होने के कारण तेल कम्पनी ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 1.68 रुपये कम की है। अक्टूबर के बाद पहली बार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है। तेल कम्पनी ने कहा कि अन्य राज्यों में तेल कीमत में गिरावट वहां के कर के अनुरूप होगा और वह दिल्ली में हुई गिरावट के समान नहीं होगा। दिल्ली में इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने शनिवार को कहा कि वह शनिवार मध्य रात्रि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 2.02 रुपये घटा देगी। इसमें राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क भी शामिल है। राजधानी में अभी पेट्रोल की कीमत 73.18 रुपये प्रति लीटर है, जो शनिवार मध्य रात से 71.16 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी। कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" सरकारी की कुछ सहयोगी और विपक्षी पार्टियां हालांकि इस कटौती से संतुष्ट नहीं हैं और मूल्य में हुई वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग कर रही हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 6.28 रुपये घटा दी थी, जो अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि थी। इस वृद्धि में राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क शामिल नहीं हैं। रियायती मूल्य पर बेचने से होने वाले नुकसान को कम करने, अंतरराष्ट्रीय मूल्य में तेजी और रुपये के अवमूल्यन के कारण कीमत बढ़ाई गई थी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत कम होने के कारण तेल कम्पनी ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 1.68 रुपये कम की है। अक्टूबर के बाद पहली बार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है। तेल कम्पनी ने कहा कि अन्य राज्यों में तेल कीमत में गिरावट वहां के कर के अनुरूप होगा और वह दिल्ली में हुई गिरावट के समान नहीं होगा। दिल्ली में इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने शनिवार को कहा कि वह शनिवार मध्य रात्रि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 2.02 रुपये घटा देगी। इसमें राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क भी शामिल है। राजधानी में अभी पेट्रोल की कीमत 73.18 रुपये प्रति लीटर है, जो शनिवार मध्य रात से 71.16 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी। कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 6.28 रुपये घटा दी थी, जो अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि थी। इस वृद्धि में राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क शामिल नहीं हैं। रियायती मूल्य पर बेचने से होने वाले नुकसान को कम करने, अंतरराष्ट्रीय मूल्य में तेजी और रुपये के अवमूल्यन के कारण कीमत बढ़ाई गई थी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत कम होने के कारण तेल कम्पनी ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 1.68 रुपये कम की है। अक्टूबर के बाद पहली बार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है। तेल कम्पनी ने कहा कि अन्य राज्यों में तेल कीमत में गिरावट वहां के कर के अनुरूप होगा और वह दिल्ली में हुई गिरावट के समान नहीं होगा। दिल्ली में इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने शनिवार को कहा कि वह शनिवार मध्य रात्रि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 2.02 रुपये घटा देगी। इसमें राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क भी शामिल है। राजधानी में अभी पेट्रोल की कीमत 73.18 रुपये प्रति लीटर है, जो शनिवार मध्य रात से 71.16 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी। कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" रियायती मूल्य पर बेचने से होने वाले नुकसान को कम करने, अंतरराष्ट्रीय मूल्य में तेजी और रुपये के अवमूल्यन के कारण कीमत बढ़ाई गई थी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत कम होने के कारण तेल कम्पनी ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 1.68 रुपये कम की है। अक्टूबर के बाद पहली बार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है। तेल कम्पनी ने कहा कि अन्य राज्यों में तेल कीमत में गिरावट वहां के कर के अनुरूप होगा और वह दिल्ली में हुई गिरावट के समान नहीं होगा। दिल्ली में इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने शनिवार को कहा कि वह शनिवार मध्य रात्रि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 2.02 रुपये घटा देगी। इसमें राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क भी शामिल है। राजधानी में अभी पेट्रोल की कीमत 73.18 रुपये प्रति लीटर है, जो शनिवार मध्य रात से 71.16 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी। कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत कम होने के कारण तेल कम्पनी ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 1.68 रुपये कम की है। अक्टूबर के बाद पहली बार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है। तेल कम्पनी ने कहा कि अन्य राज्यों में तेल कीमत में गिरावट वहां के कर के अनुरूप होगा और वह दिल्ली में हुई गिरावट के समान नहीं होगा। दिल्ली में इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने शनिवार को कहा कि वह शनिवार मध्य रात्रि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 2.02 रुपये घटा देगी। इसमें राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क भी शामिल है। राजधानी में अभी पेट्रोल की कीमत 73.18 रुपये प्रति लीटर है, जो शनिवार मध्य रात से 71.16 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी। कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" तेल कम्पनी ने कहा कि अन्य राज्यों में तेल कीमत में गिरावट वहां के कर के अनुरूप होगा और वह दिल्ली में हुई गिरावट के समान नहीं होगा। दिल्ली में इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने शनिवार को कहा कि वह शनिवार मध्य रात्रि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 2.02 रुपये घटा देगी। इसमें राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क भी शामिल है। राजधानी में अभी पेट्रोल की कीमत 73.18 रुपये प्रति लीटर है, जो शनिवार मध्य रात से 71.16 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी। कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" दिल्ली में इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने शनिवार को कहा कि वह शनिवार मध्य रात्रि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 2.02 रुपये घटा देगी। इसमें राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क भी शामिल है। राजधानी में अभी पेट्रोल की कीमत 73.18 रुपये प्रति लीटर है, जो शनिवार मध्य रात से 71.16 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी। कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" राजधानी में अभी पेट्रोल की कीमत 73.18 रुपये प्रति लीटर है, जो शनिवार मध्य रात से 71.16 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी। कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी। कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।टिप्पणियां भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।" कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।"
सारांश: पेट्रोल के दाम में पिछले दिनों की गई 7.50 रुपये की भारी बढ़ोतरी के जबरदस्त विरोध के बाद तेल कंपनियों ने इसके दाम में 2 रुपये की कमी कर दी है।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एससीजी पर त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान सचिन तेंदुलकर के रन आउट होने को लेकर विवाद पैदा हो गया। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस स्टार बल्लेबाज के रास्ते में खड़े होने के लिए ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली की कड़ी आलोचना की।टिप्पणियां चार साल पहले ‘मंकीगेट कांड’ के लिए मशहूर रहे एससीजी पर भारतीय पारी के सातवें ओवर की वह आखिरी गेंद थी। यह ओवर ली ने किया था। गौतम गंभीर ने एक रन के लिए आवाज लगाई और तेंदुलकर भी दौड़ पड़े लेकिन डेविड वार्नर ने उन्हें रन आउट कर दिया। ली तब उनकी राह में आ गए थे। तेंदुलकर इस तरह से आउट होने से काफी निराश थे। साथ जाहिर था कि ली ने जिस तरह से उनका रास्ता रोका था उससे वह खुश नहीं थे लेकिन अंपायर साइमन टफेल (तब स्क्वायर लेग पर खड़े) और बिली बोडेन ने कुछ देर चर्चा करने के बाद बल्लेबाज के खिलाफ फैसला सुनाया। धोनी ने मैच के संवाददाता सम्मेलन में ली को आड़े हाथों लिया। धोनी ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज को तेंदुलकर के रास्ते में आने की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं मानता कि आप इस बात को सही करार दे सकते हो कि ली प्वाइंट क्षेत्ररक्षक की तरफ जा रहा था। मैं नहीं मानता कि उसे तब वहां जाने और तेंदुलकर के आगे खड़े होने की जरूरत थी। इसका मतलब था कि तेंदुलकर को लंबा रास्ता तय करना पड़ा। उस रन आउट पर यह मेरा आकलन है।’ चार साल पहले ‘मंकीगेट कांड’ के लिए मशहूर रहे एससीजी पर भारतीय पारी के सातवें ओवर की वह आखिरी गेंद थी। यह ओवर ली ने किया था। गौतम गंभीर ने एक रन के लिए आवाज लगाई और तेंदुलकर भी दौड़ पड़े लेकिन डेविड वार्नर ने उन्हें रन आउट कर दिया। ली तब उनकी राह में आ गए थे। तेंदुलकर इस तरह से आउट होने से काफी निराश थे। साथ जाहिर था कि ली ने जिस तरह से उनका रास्ता रोका था उससे वह खुश नहीं थे लेकिन अंपायर साइमन टफेल (तब स्क्वायर लेग पर खड़े) और बिली बोडेन ने कुछ देर चर्चा करने के बाद बल्लेबाज के खिलाफ फैसला सुनाया। धोनी ने मैच के संवाददाता सम्मेलन में ली को आड़े हाथों लिया। धोनी ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज को तेंदुलकर के रास्ते में आने की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं मानता कि आप इस बात को सही करार दे सकते हो कि ली प्वाइंट क्षेत्ररक्षक की तरफ जा रहा था। मैं नहीं मानता कि उसे तब वहां जाने और तेंदुलकर के आगे खड़े होने की जरूरत थी। इसका मतलब था कि तेंदुलकर को लंबा रास्ता तय करना पड़ा। उस रन आउट पर यह मेरा आकलन है।’ धोनी ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज को तेंदुलकर के रास्ते में आने की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं मानता कि आप इस बात को सही करार दे सकते हो कि ली प्वाइंट क्षेत्ररक्षक की तरफ जा रहा था। मैं नहीं मानता कि उसे तब वहां जाने और तेंदुलकर के आगे खड़े होने की जरूरत थी। इसका मतलब था कि तेंदुलकर को लंबा रास्ता तय करना पड़ा। उस रन आउट पर यह मेरा आकलन है।’
संक्षिप्त पाठ: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एससीजी पर त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान सचिन तेंदुलकर के रन आउट होने को लेकर विवाद पैदा हो गया।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी दिल्ली से यहां पहुंचे और सीधा आरएसएस मुख्यालय गए जहां उन्होंने संघ के नेताओं से मुलाकात की। आडवाणी का दौरा इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हिस्सा लेने के एक दिन बाद उन्होंने आरएसएस नेतृत्व से मुलाकात की । आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव भैयाजी जोशी के साथ आडवाणी ने बैठक की। भाजपा के शीर्ष नेताओं का आरएसएस के नेताओं से मुलाकात का सिलसिला जारी है।टिप्पणियां पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने भागवत और भैयाजी जोशी से मुलाकात की थी जबकि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह संघ नेताओं से शनिवार को मुलाकात करेंगे। पार्टी सूत्रों ने कहा कि आडवाणी दिल्ली से विमान से यहां पहुंचे । भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी भी उनके साथ हैं और वह 11 जुलाई को लौटेंगे। सूत्रों ने कहा कि राजनाथ सिंह यहां शनिवार की सुबह पहुंचेंगे और फिर कोलकाता जाएंगे। आडवाणी का दौरा इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हिस्सा लेने के एक दिन बाद उन्होंने आरएसएस नेतृत्व से मुलाकात की । आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव भैयाजी जोशी के साथ आडवाणी ने बैठक की। भाजपा के शीर्ष नेताओं का आरएसएस के नेताओं से मुलाकात का सिलसिला जारी है।टिप्पणियां पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने भागवत और भैयाजी जोशी से मुलाकात की थी जबकि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह संघ नेताओं से शनिवार को मुलाकात करेंगे। पार्टी सूत्रों ने कहा कि आडवाणी दिल्ली से विमान से यहां पहुंचे । भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी भी उनके साथ हैं और वह 11 जुलाई को लौटेंगे। सूत्रों ने कहा कि राजनाथ सिंह यहां शनिवार की सुबह पहुंचेंगे और फिर कोलकाता जाएंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव भैयाजी जोशी के साथ आडवाणी ने बैठक की। भाजपा के शीर्ष नेताओं का आरएसएस के नेताओं से मुलाकात का सिलसिला जारी है।टिप्पणियां पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने भागवत और भैयाजी जोशी से मुलाकात की थी जबकि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह संघ नेताओं से शनिवार को मुलाकात करेंगे। पार्टी सूत्रों ने कहा कि आडवाणी दिल्ली से विमान से यहां पहुंचे । भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी भी उनके साथ हैं और वह 11 जुलाई को लौटेंगे। सूत्रों ने कहा कि राजनाथ सिंह यहां शनिवार की सुबह पहुंचेंगे और फिर कोलकाता जाएंगे। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने भागवत और भैयाजी जोशी से मुलाकात की थी जबकि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह संघ नेताओं से शनिवार को मुलाकात करेंगे। पार्टी सूत्रों ने कहा कि आडवाणी दिल्ली से विमान से यहां पहुंचे । भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी भी उनके साथ हैं और वह 11 जुलाई को लौटेंगे। सूत्रों ने कहा कि राजनाथ सिंह यहां शनिवार की सुबह पहुंचेंगे और फिर कोलकाता जाएंगे। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी भी उनके साथ हैं और वह 11 जुलाई को लौटेंगे। सूत्रों ने कहा कि राजनाथ सिंह यहां शनिवार की सुबह पहुंचेंगे और फिर कोलकाता जाएंगे।
संक्षिप्त सारांश: भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी दिल्ली से यहां पहुंचे और सीधा आरएसएस मुख्यालय गए जहां उन्होंने संघ के नेताओं से मुलाकात की।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन के सहायक ने कहा है कि रूस, ओलिम्पिक खेलों में कुश्ती के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव तथा हर स्तर पर संघर्ष करेगा। अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति ने पिछले सप्ताह ही इस प्राचीनतम खेल को ओलिम्पिक खेलों की प्रमुख सूची से हटा दिया है। तभी से कुश्ती की पारम्परिक पृष्ठभूमि वाले देश जैसे रूस, इरान तथा भारत, ओलिम्पिक समिति के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को कहा, "निश्चित रूप से, इस बात की पूरी संभावनाएं हैं। आधिकारिक और कार्यकारी सभी स्तरों पर हम ओलिम्पिक समिति के कार्यकारी बोर्ड तथा ओलिम्पिक समिति के सदस्यों से मिलकर इस निर्णय को वापस लेने के लिए अपने तर्क रखेंगे।"टिप्पणियां ओलिम्पिक समिति के इस निर्णय के बाद कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय सरकारी संस्था एफआईएलए के अध्यक्ष राफेल मार्टिनेटी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया तथा उनके स्थान पर सर्बिया के नेनाद लाजोविक को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। राफेल अविश्वास प्रस्ताव में बमुश्किल अपना पद बचा सके थे। ओलिम्पिक समिति सितम्बर में ब्यूनस आयर्स में 2020 में होने वाले ओलिम्पिक कार्यक्रमों तथा मेजबान शहर के बारे में अंतिम घोषणा करेगी। अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति ने पिछले सप्ताह ही इस प्राचीनतम खेल को ओलिम्पिक खेलों की प्रमुख सूची से हटा दिया है। तभी से कुश्ती की पारम्परिक पृष्ठभूमि वाले देश जैसे रूस, इरान तथा भारत, ओलिम्पिक समिति के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को कहा, "निश्चित रूप से, इस बात की पूरी संभावनाएं हैं। आधिकारिक और कार्यकारी सभी स्तरों पर हम ओलिम्पिक समिति के कार्यकारी बोर्ड तथा ओलिम्पिक समिति के सदस्यों से मिलकर इस निर्णय को वापस लेने के लिए अपने तर्क रखेंगे।"टिप्पणियां ओलिम्पिक समिति के इस निर्णय के बाद कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय सरकारी संस्था एफआईएलए के अध्यक्ष राफेल मार्टिनेटी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया तथा उनके स्थान पर सर्बिया के नेनाद लाजोविक को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। राफेल अविश्वास प्रस्ताव में बमुश्किल अपना पद बचा सके थे। ओलिम्पिक समिति सितम्बर में ब्यूनस आयर्स में 2020 में होने वाले ओलिम्पिक कार्यक्रमों तथा मेजबान शहर के बारे में अंतिम घोषणा करेगी। दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को कहा, "निश्चित रूप से, इस बात की पूरी संभावनाएं हैं। आधिकारिक और कार्यकारी सभी स्तरों पर हम ओलिम्पिक समिति के कार्यकारी बोर्ड तथा ओलिम्पिक समिति के सदस्यों से मिलकर इस निर्णय को वापस लेने के लिए अपने तर्क रखेंगे।"टिप्पणियां ओलिम्पिक समिति के इस निर्णय के बाद कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय सरकारी संस्था एफआईएलए के अध्यक्ष राफेल मार्टिनेटी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया तथा उनके स्थान पर सर्बिया के नेनाद लाजोविक को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। राफेल अविश्वास प्रस्ताव में बमुश्किल अपना पद बचा सके थे। ओलिम्पिक समिति सितम्बर में ब्यूनस आयर्स में 2020 में होने वाले ओलिम्पिक कार्यक्रमों तथा मेजबान शहर के बारे में अंतिम घोषणा करेगी। ओलिम्पिक समिति के इस निर्णय के बाद कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय सरकारी संस्था एफआईएलए के अध्यक्ष राफेल मार्टिनेटी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया तथा उनके स्थान पर सर्बिया के नेनाद लाजोविक को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। राफेल अविश्वास प्रस्ताव में बमुश्किल अपना पद बचा सके थे। ओलिम्पिक समिति सितम्बर में ब्यूनस आयर्स में 2020 में होने वाले ओलिम्पिक कार्यक्रमों तथा मेजबान शहर के बारे में अंतिम घोषणा करेगी। ओलिम्पिक समिति सितम्बर में ब्यूनस आयर्स में 2020 में होने वाले ओलिम्पिक कार्यक्रमों तथा मेजबान शहर के बारे में अंतिम घोषणा करेगी।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन के सहायक ने कहा है कि रूस, ओलिम्पिक खेलों में कुश्ती के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव तथा हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीजेपी यूपी में एक या दो नहीं बल्कि आधा दर्जन चेहरे लेकर चुनाव मैदान में उतर रही है. चुनाव को व्यक्ति केंद्रित न बनाने की रणनीति लेकर पार्टी ने साफ कर दिया है कि वो इस चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी. पांच नवंबर से सहारनपुर से शुरू हो रही पार्टी की परिवर्तन यात्राओं में रथों के ऊपर छह प्रमुख नेताओं के चेहरे लगाए जा रहे हैं. ये हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती, केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य. पीएम और शाह के अलावा बाकी चार नेताओं के चेहरों को लगाने के पीछे बीजेपी की रणनीति जातीय समीकरण साधना है. जहां राजनाथ सिंह और कलराज मिश्र अगड़ों की नुमाइंदगी करते हैं वहीं उमा भारती और केशव प्रसाद मौर्य पिछड़े वर्ग की. बीजेपी अभी तक यही कहती आई है कि सीएम उम्मीदवार के बारे में संसदीय बोर्ड तय करेगा. लेकिन परिवर्तन यात्राओं के पोस्टरों से साफ है कि बीजेपी किसी चेहरे को आगे नहीं करेगी. पार्टी महासचिव भूपेन्द्र यादव ने बताया कि परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत 5 नवंबर से होगी. सहारनपुर से अमित शाह पहली यात्रा की शुरुआत करेंगे. 6 नवंबर को झांसी से दूसरी यात्रा, 8 को सोनभद्र से तीसरी और 9 नवंबर को बलिया से चौथी यात्रा शुरू होगी. ये सभी यात्राएं 24 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी जहां परिवर्तन सभा को प्रधानमंत्री मोदी संबोधित करेंगे. इन यात्राओं में कुल 17000 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की छह बड़ी सभाएं होंगी. साथ ही राष्ट्रीय नेताओं की 30 बड़ी सभाएं होंगी. इनमें शाह, राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र की 10-10 सभाएं और उमा भारती की 6 सभाएं होंगी. यादव के मुताबिक 75 जिला मुख्यालयों में 4500 स्वागत कार्यक्रम होंगे. हर यात्रा प्रति दिन 100 किलोमीटर चलेगी. सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें भारतीय युवा मोर्चा के 15000 कार्यकर्ताओं को परिवर्तन सारथी बनाया गया है. ये सभी पंचायतों में जाकर परिवर्तन चौपाल करेंगे. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सपा-बसपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 'सपा बसपा ने यूपी को ईस्ट बंगाल मोहन बाग़ान बना रखा है. एक बार हम एक बार तुम आएंगे.'टिप्पणियां प्रसाद के मुताबिक, 'लोहिया का समाजवाद परिवार का बंधक हो गया और कांशीराम का दलित उत्थानवाद एक व्यक्ति का कल्याण बन कर रह गया.' प्रसाद ने कहा कि यूपी की पहचान परिवार, अहंकार, अत्याचार अपराध और भ्रष्टाचार बन कर रह गई है. आज यूपी को चाहिए गुड गवर्नेंस और आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोलना. प्रसाद ने लोगों को कल्याण सिंह के शासन की याद दिलाई जब राज्य अपराधमुक्त था और राजनाथ सिंह के शासन की भी जिसमें दलित, पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए कार्यक्रम चलते थे. बीजेपी ने यूपी के लिए 'पूर्ण बहुमत, संपूर्ण विकास, भाजपा पर है विश्वास' का नारा दिया है. पांच नवंबर से सहारनपुर से शुरू हो रही पार्टी की परिवर्तन यात्राओं में रथों के ऊपर छह प्रमुख नेताओं के चेहरे लगाए जा रहे हैं. ये हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती, केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य. पीएम और शाह के अलावा बाकी चार नेताओं के चेहरों को लगाने के पीछे बीजेपी की रणनीति जातीय समीकरण साधना है. जहां राजनाथ सिंह और कलराज मिश्र अगड़ों की नुमाइंदगी करते हैं वहीं उमा भारती और केशव प्रसाद मौर्य पिछड़े वर्ग की. बीजेपी अभी तक यही कहती आई है कि सीएम उम्मीदवार के बारे में संसदीय बोर्ड तय करेगा. लेकिन परिवर्तन यात्राओं के पोस्टरों से साफ है कि बीजेपी किसी चेहरे को आगे नहीं करेगी. पार्टी महासचिव भूपेन्द्र यादव ने बताया कि परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत 5 नवंबर से होगी. सहारनपुर से अमित शाह पहली यात्रा की शुरुआत करेंगे. 6 नवंबर को झांसी से दूसरी यात्रा, 8 को सोनभद्र से तीसरी और 9 नवंबर को बलिया से चौथी यात्रा शुरू होगी. ये सभी यात्राएं 24 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी जहां परिवर्तन सभा को प्रधानमंत्री मोदी संबोधित करेंगे. इन यात्राओं में कुल 17000 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की छह बड़ी सभाएं होंगी. साथ ही राष्ट्रीय नेताओं की 30 बड़ी सभाएं होंगी. इनमें शाह, राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र की 10-10 सभाएं और उमा भारती की 6 सभाएं होंगी. यादव के मुताबिक 75 जिला मुख्यालयों में 4500 स्वागत कार्यक्रम होंगे. हर यात्रा प्रति दिन 100 किलोमीटर चलेगी. सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें भारतीय युवा मोर्चा के 15000 कार्यकर्ताओं को परिवर्तन सारथी बनाया गया है. ये सभी पंचायतों में जाकर परिवर्तन चौपाल करेंगे. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सपा-बसपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 'सपा बसपा ने यूपी को ईस्ट बंगाल मोहन बाग़ान बना रखा है. एक बार हम एक बार तुम आएंगे.'टिप्पणियां प्रसाद के मुताबिक, 'लोहिया का समाजवाद परिवार का बंधक हो गया और कांशीराम का दलित उत्थानवाद एक व्यक्ति का कल्याण बन कर रह गया.' प्रसाद ने कहा कि यूपी की पहचान परिवार, अहंकार, अत्याचार अपराध और भ्रष्टाचार बन कर रह गई है. आज यूपी को चाहिए गुड गवर्नेंस और आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोलना. प्रसाद ने लोगों को कल्याण सिंह के शासन की याद दिलाई जब राज्य अपराधमुक्त था और राजनाथ सिंह के शासन की भी जिसमें दलित, पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए कार्यक्रम चलते थे. बीजेपी ने यूपी के लिए 'पूर्ण बहुमत, संपूर्ण विकास, भाजपा पर है विश्वास' का नारा दिया है. पीएम और शाह के अलावा बाकी चार नेताओं के चेहरों को लगाने के पीछे बीजेपी की रणनीति जातीय समीकरण साधना है. जहां राजनाथ सिंह और कलराज मिश्र अगड़ों की नुमाइंदगी करते हैं वहीं उमा भारती और केशव प्रसाद मौर्य पिछड़े वर्ग की. बीजेपी अभी तक यही कहती आई है कि सीएम उम्मीदवार के बारे में संसदीय बोर्ड तय करेगा. लेकिन परिवर्तन यात्राओं के पोस्टरों से साफ है कि बीजेपी किसी चेहरे को आगे नहीं करेगी. पार्टी महासचिव भूपेन्द्र यादव ने बताया कि परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत 5 नवंबर से होगी. सहारनपुर से अमित शाह पहली यात्रा की शुरुआत करेंगे. 6 नवंबर को झांसी से दूसरी यात्रा, 8 को सोनभद्र से तीसरी और 9 नवंबर को बलिया से चौथी यात्रा शुरू होगी. ये सभी यात्राएं 24 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी जहां परिवर्तन सभा को प्रधानमंत्री मोदी संबोधित करेंगे. इन यात्राओं में कुल 17000 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की छह बड़ी सभाएं होंगी. साथ ही राष्ट्रीय नेताओं की 30 बड़ी सभाएं होंगी. इनमें शाह, राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र की 10-10 सभाएं और उमा भारती की 6 सभाएं होंगी. यादव के मुताबिक 75 जिला मुख्यालयों में 4500 स्वागत कार्यक्रम होंगे. हर यात्रा प्रति दिन 100 किलोमीटर चलेगी. सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें भारतीय युवा मोर्चा के 15000 कार्यकर्ताओं को परिवर्तन सारथी बनाया गया है. ये सभी पंचायतों में जाकर परिवर्तन चौपाल करेंगे. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सपा-बसपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 'सपा बसपा ने यूपी को ईस्ट बंगाल मोहन बाग़ान बना रखा है. एक बार हम एक बार तुम आएंगे.'टिप्पणियां प्रसाद के मुताबिक, 'लोहिया का समाजवाद परिवार का बंधक हो गया और कांशीराम का दलित उत्थानवाद एक व्यक्ति का कल्याण बन कर रह गया.' प्रसाद ने कहा कि यूपी की पहचान परिवार, अहंकार, अत्याचार अपराध और भ्रष्टाचार बन कर रह गई है. आज यूपी को चाहिए गुड गवर्नेंस और आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोलना. प्रसाद ने लोगों को कल्याण सिंह के शासन की याद दिलाई जब राज्य अपराधमुक्त था और राजनाथ सिंह के शासन की भी जिसमें दलित, पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए कार्यक्रम चलते थे. बीजेपी ने यूपी के लिए 'पूर्ण बहुमत, संपूर्ण विकास, भाजपा पर है विश्वास' का नारा दिया है. लेकिन परिवर्तन यात्राओं के पोस्टरों से साफ है कि बीजेपी किसी चेहरे को आगे नहीं करेगी. पार्टी महासचिव भूपेन्द्र यादव ने बताया कि परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत 5 नवंबर से होगी. सहारनपुर से अमित शाह पहली यात्रा की शुरुआत करेंगे. 6 नवंबर को झांसी से दूसरी यात्रा, 8 को सोनभद्र से तीसरी और 9 नवंबर को बलिया से चौथी यात्रा शुरू होगी. ये सभी यात्राएं 24 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी जहां परिवर्तन सभा को प्रधानमंत्री मोदी संबोधित करेंगे. इन यात्राओं में कुल 17000 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की छह बड़ी सभाएं होंगी. साथ ही राष्ट्रीय नेताओं की 30 बड़ी सभाएं होंगी. इनमें शाह, राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र की 10-10 सभाएं और उमा भारती की 6 सभाएं होंगी. यादव के मुताबिक 75 जिला मुख्यालयों में 4500 स्वागत कार्यक्रम होंगे. हर यात्रा प्रति दिन 100 किलोमीटर चलेगी. सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें भारतीय युवा मोर्चा के 15000 कार्यकर्ताओं को परिवर्तन सारथी बनाया गया है. ये सभी पंचायतों में जाकर परिवर्तन चौपाल करेंगे. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सपा-बसपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 'सपा बसपा ने यूपी को ईस्ट बंगाल मोहन बाग़ान बना रखा है. एक बार हम एक बार तुम आएंगे.'टिप्पणियां प्रसाद के मुताबिक, 'लोहिया का समाजवाद परिवार का बंधक हो गया और कांशीराम का दलित उत्थानवाद एक व्यक्ति का कल्याण बन कर रह गया.' प्रसाद ने कहा कि यूपी की पहचान परिवार, अहंकार, अत्याचार अपराध और भ्रष्टाचार बन कर रह गई है. आज यूपी को चाहिए गुड गवर्नेंस और आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोलना. प्रसाद ने लोगों को कल्याण सिंह के शासन की याद दिलाई जब राज्य अपराधमुक्त था और राजनाथ सिंह के शासन की भी जिसमें दलित, पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए कार्यक्रम चलते थे. बीजेपी ने यूपी के लिए 'पूर्ण बहुमत, संपूर्ण विकास, भाजपा पर है विश्वास' का नारा दिया है. इन यात्राओं में कुल 17000 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की छह बड़ी सभाएं होंगी. साथ ही राष्ट्रीय नेताओं की 30 बड़ी सभाएं होंगी. इनमें शाह, राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र की 10-10 सभाएं और उमा भारती की 6 सभाएं होंगी. यादव के मुताबिक 75 जिला मुख्यालयों में 4500 स्वागत कार्यक्रम होंगे. हर यात्रा प्रति दिन 100 किलोमीटर चलेगी. सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें भारतीय युवा मोर्चा के 15000 कार्यकर्ताओं को परिवर्तन सारथी बनाया गया है. ये सभी पंचायतों में जाकर परिवर्तन चौपाल करेंगे. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सपा-बसपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 'सपा बसपा ने यूपी को ईस्ट बंगाल मोहन बाग़ान बना रखा है. एक बार हम एक बार तुम आएंगे.'टिप्पणियां प्रसाद के मुताबिक, 'लोहिया का समाजवाद परिवार का बंधक हो गया और कांशीराम का दलित उत्थानवाद एक व्यक्ति का कल्याण बन कर रह गया.' प्रसाद ने कहा कि यूपी की पहचान परिवार, अहंकार, अत्याचार अपराध और भ्रष्टाचार बन कर रह गई है. आज यूपी को चाहिए गुड गवर्नेंस और आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोलना. प्रसाद ने लोगों को कल्याण सिंह के शासन की याद दिलाई जब राज्य अपराधमुक्त था और राजनाथ सिंह के शासन की भी जिसमें दलित, पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए कार्यक्रम चलते थे. बीजेपी ने यूपी के लिए 'पूर्ण बहुमत, संपूर्ण विकास, भाजपा पर है विश्वास' का नारा दिया है. हर यात्रा प्रति दिन 100 किलोमीटर चलेगी. सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें भारतीय युवा मोर्चा के 15000 कार्यकर्ताओं को परिवर्तन सारथी बनाया गया है. ये सभी पंचायतों में जाकर परिवर्तन चौपाल करेंगे. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सपा-बसपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 'सपा बसपा ने यूपी को ईस्ट बंगाल मोहन बाग़ान बना रखा है. एक बार हम एक बार तुम आएंगे.'टिप्पणियां प्रसाद के मुताबिक, 'लोहिया का समाजवाद परिवार का बंधक हो गया और कांशीराम का दलित उत्थानवाद एक व्यक्ति का कल्याण बन कर रह गया.' प्रसाद ने कहा कि यूपी की पहचान परिवार, अहंकार, अत्याचार अपराध और भ्रष्टाचार बन कर रह गई है. आज यूपी को चाहिए गुड गवर्नेंस और आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोलना. प्रसाद ने लोगों को कल्याण सिंह के शासन की याद दिलाई जब राज्य अपराधमुक्त था और राजनाथ सिंह के शासन की भी जिसमें दलित, पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए कार्यक्रम चलते थे. बीजेपी ने यूपी के लिए 'पूर्ण बहुमत, संपूर्ण विकास, भाजपा पर है विश्वास' का नारा दिया है. प्रसाद के मुताबिक, 'लोहिया का समाजवाद परिवार का बंधक हो गया और कांशीराम का दलित उत्थानवाद एक व्यक्ति का कल्याण बन कर रह गया.' प्रसाद ने कहा कि यूपी की पहचान परिवार, अहंकार, अत्याचार अपराध और भ्रष्टाचार बन कर रह गई है. आज यूपी को चाहिए गुड गवर्नेंस और आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोलना. प्रसाद ने लोगों को कल्याण सिंह के शासन की याद दिलाई जब राज्य अपराधमुक्त था और राजनाथ सिंह के शासन की भी जिसमें दलित, पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए कार्यक्रम चलते थे. बीजेपी ने यूपी के लिए 'पूर्ण बहुमत, संपूर्ण विकास, भाजपा पर है विश्वास' का नारा दिया है. प्रसाद ने लोगों को कल्याण सिंह के शासन की याद दिलाई जब राज्य अपराधमुक्त था और राजनाथ सिंह के शासन की भी जिसमें दलित, पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए कार्यक्रम चलते थे. बीजेपी ने यूपी के लिए 'पूर्ण बहुमत, संपूर्ण विकास, भाजपा पर है विश्वास' का नारा दिया है.
यात्राओं के पोस्टरों से साफ है कि BJP किसी चेहरे को आगे नहीं करेगी पार्टी की परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत 5 नवंबर को सहारनपुर से होगी आज यूपी को चाहिए गुड गवर्नेंस और आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोलना
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आरबीआई के वर्तमान गवर्नर रघुराम राजन का कार्यकाल 4 सितंबर को समाप्त होने के बाद केंद्रीय बैंक के गवर्नर का पद संभालने जा रहे उर्जित पटेल अपनी उन व्यावसायिक और शैक्षणिक योग्यताओं के लिए सम्मानजक छवि रखते हैं जो उनके नए रोल को सफलतापूर्वक चलाने के लिए जरूरी मानी जाती है. उन्हें जुलाई 2013 को आरबीआई का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था और इस साल जनवरी में उनका कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ाया गया था. रिजर्व बैंक के भीतर उर्जित पटेल के बारे में कहा जाता है कि वह बड़ी मीटिंग और मुलाकातें करने से बचते हैं. उनकी यह 'आदत' उनके पहले के डिप्टी गवर्नरों से अलग है जोकि अक्सर जनता से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त रहते थे. वह भाषणादि भी कम देते हैं और वह मीडिया में इंटरव्यू देने में भी उनकी दिलचस्पी कम रहती है. आमतौर पर 'निर्जन' तरीके से या कहा जा सकता है कि एकांत में काम करते हैं और कई बार तुनकमिजाज भी करार दिए जाते हैं. डॉक्टर पटेल के साथ काम कर चुके एक अधिकारी ने बताया- उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी उनकी खुद की कम्यूनिकेशन स्किल्स. वह केवल उन्हीं के साथ बातचीत करने को प्राथमिकता देते हैं जिनके साथ वह सहज महसूस करते हैं और ऐसे लोग बेहद कम हैं. रिजर्व बैंक के 24वें गवर्नर बनने जा रहे उर्जित पटेल लंदन स्कूल इकोनॉमिक्स से स्नातक हैं. फिर उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम. फिल और येल यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र से पीएचडी की. पटेल के पास दो दशक का ऊर्जा, बुनियादी ढांचों और वित्त क्षेत्र में कार्यों का अनुभव है. आईबीआई के अलावा वह बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ भी काम कर चुके हैं. अब इससे सवाल खड़े होते हैं कि डॉक्टर पटेल अपनी भूमिका में जनसंवाद के पहलू को किस प्रकार से निभाएंगे. आरबीआई की नई मॉनिटेरी पॉलिसी कमिटी के लिए उन्हें पांच और सदस्यों की सहमति की जरूरत होगी. उन्हें राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बैंकों के अध्यक्षों से भी काफी नजदीकी के साथ काम करना होगा. आरबीआई को बैड लोन, जोकि करीब 8 लाख करोड़ रुपए का है, से निपटने के लिए यह करना जरूरी होगा. डॉक्टर पटेल के सरकारी अधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं. नई भूमिका में ये और बेहतर हो सकते हैं. जबकि, डॉक्टर रघुराम राजन पीएम मोदी की भारतीय जनता पार्टी के कुछ सदस्यों के निशाने पर अक्सर रहे. उर्जित पटेल के साथ काम कर चुके आरबीआई के एक अन्य सीनियर अधिकारी ने कहा- वह काफी भावुक हैं और सरकार की नाराजगी को लेकर व्यावहारिक और समझदारीपूर्ण रवैया अपनाते हैं. इससे पहले वाले अधिकारी ने बताया कि वह डिप्टी गवर्नर के तौर पर दोबारा चुने गए और अब प्रमोशन के साथ गवर्नर बनाए जा रहे हैं, यह बताता है कि वह सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं.टिप्पणियां डॉक्टर पटेल डॉक्टर राजन की तरह निवेशकों के बीच अच्छी साख रखते हैं. रघुराम राजन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले पटेल को महंगाई के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले राजन के मजबूत सिपाही के तौर पर जाना जाता है. वह समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव लाए. कई विश्लेषकों का मानना है कि वह सरकार के साथ को कोई सलाम-बंदगी भी नहीं करने वाले. उनकी जो छवि है, उससे लगता है कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को रखते हुए पीएम मोदी और उनके मंत्रियों को वित्तीय घाटे को सावधानी और बुद्धिमानी से साधने की ओर जोर देंगे. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इंवेस्टमेंट अधिकारी मिहिर वोरा के मुताबिक, नए गवर्नर को बाहरी दुनिया और भारतीय बाजारों में फिर से वही साख पैदा करनी होगी जो उन्हें केंद्रीय बैंक में है. रिजर्व बैंक के भीतर उर्जित पटेल के बारे में कहा जाता है कि वह बड़ी मीटिंग और मुलाकातें करने से बचते हैं. उनकी यह 'आदत' उनके पहले के डिप्टी गवर्नरों से अलग है जोकि अक्सर जनता से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त रहते थे. वह भाषणादि भी कम देते हैं और वह मीडिया में इंटरव्यू देने में भी उनकी दिलचस्पी कम रहती है. आमतौर पर 'निर्जन' तरीके से या कहा जा सकता है कि एकांत में काम करते हैं और कई बार तुनकमिजाज भी करार दिए जाते हैं. डॉक्टर पटेल के साथ काम कर चुके एक अधिकारी ने बताया- उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी उनकी खुद की कम्यूनिकेशन स्किल्स. वह केवल उन्हीं के साथ बातचीत करने को प्राथमिकता देते हैं जिनके साथ वह सहज महसूस करते हैं और ऐसे लोग बेहद कम हैं. रिजर्व बैंक के 24वें गवर्नर बनने जा रहे उर्जित पटेल लंदन स्कूल इकोनॉमिक्स से स्नातक हैं. फिर उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम. फिल और येल यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र से पीएचडी की. पटेल के पास दो दशक का ऊर्जा, बुनियादी ढांचों और वित्त क्षेत्र में कार्यों का अनुभव है. आईबीआई के अलावा वह बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ भी काम कर चुके हैं. अब इससे सवाल खड़े होते हैं कि डॉक्टर पटेल अपनी भूमिका में जनसंवाद के पहलू को किस प्रकार से निभाएंगे. आरबीआई की नई मॉनिटेरी पॉलिसी कमिटी के लिए उन्हें पांच और सदस्यों की सहमति की जरूरत होगी. उन्हें राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बैंकों के अध्यक्षों से भी काफी नजदीकी के साथ काम करना होगा. आरबीआई को बैड लोन, जोकि करीब 8 लाख करोड़ रुपए का है, से निपटने के लिए यह करना जरूरी होगा. डॉक्टर पटेल के सरकारी अधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं. नई भूमिका में ये और बेहतर हो सकते हैं. जबकि, डॉक्टर रघुराम राजन पीएम मोदी की भारतीय जनता पार्टी के कुछ सदस्यों के निशाने पर अक्सर रहे. उर्जित पटेल के साथ काम कर चुके आरबीआई के एक अन्य सीनियर अधिकारी ने कहा- वह काफी भावुक हैं और सरकार की नाराजगी को लेकर व्यावहारिक और समझदारीपूर्ण रवैया अपनाते हैं. इससे पहले वाले अधिकारी ने बताया कि वह डिप्टी गवर्नर के तौर पर दोबारा चुने गए और अब प्रमोशन के साथ गवर्नर बनाए जा रहे हैं, यह बताता है कि वह सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं.टिप्पणियां डॉक्टर पटेल डॉक्टर राजन की तरह निवेशकों के बीच अच्छी साख रखते हैं. रघुराम राजन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले पटेल को महंगाई के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले राजन के मजबूत सिपाही के तौर पर जाना जाता है. वह समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव लाए. कई विश्लेषकों का मानना है कि वह सरकार के साथ को कोई सलाम-बंदगी भी नहीं करने वाले. उनकी जो छवि है, उससे लगता है कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को रखते हुए पीएम मोदी और उनके मंत्रियों को वित्तीय घाटे को सावधानी और बुद्धिमानी से साधने की ओर जोर देंगे. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इंवेस्टमेंट अधिकारी मिहिर वोरा के मुताबिक, नए गवर्नर को बाहरी दुनिया और भारतीय बाजारों में फिर से वही साख पैदा करनी होगी जो उन्हें केंद्रीय बैंक में है. डॉक्टर पटेल के साथ काम कर चुके एक अधिकारी ने बताया- उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी उनकी खुद की कम्यूनिकेशन स्किल्स. वह केवल उन्हीं के साथ बातचीत करने को प्राथमिकता देते हैं जिनके साथ वह सहज महसूस करते हैं और ऐसे लोग बेहद कम हैं. रिजर्व बैंक के 24वें गवर्नर बनने जा रहे उर्जित पटेल लंदन स्कूल इकोनॉमिक्स से स्नातक हैं. फिर उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम. फिल और येल यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र से पीएचडी की. पटेल के पास दो दशक का ऊर्जा, बुनियादी ढांचों और वित्त क्षेत्र में कार्यों का अनुभव है. आईबीआई के अलावा वह बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ भी काम कर चुके हैं. अब इससे सवाल खड़े होते हैं कि डॉक्टर पटेल अपनी भूमिका में जनसंवाद के पहलू को किस प्रकार से निभाएंगे. आरबीआई की नई मॉनिटेरी पॉलिसी कमिटी के लिए उन्हें पांच और सदस्यों की सहमति की जरूरत होगी. उन्हें राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बैंकों के अध्यक्षों से भी काफी नजदीकी के साथ काम करना होगा. आरबीआई को बैड लोन, जोकि करीब 8 लाख करोड़ रुपए का है, से निपटने के लिए यह करना जरूरी होगा. डॉक्टर पटेल के सरकारी अधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं. नई भूमिका में ये और बेहतर हो सकते हैं. जबकि, डॉक्टर रघुराम राजन पीएम मोदी की भारतीय जनता पार्टी के कुछ सदस्यों के निशाने पर अक्सर रहे. उर्जित पटेल के साथ काम कर चुके आरबीआई के एक अन्य सीनियर अधिकारी ने कहा- वह काफी भावुक हैं और सरकार की नाराजगी को लेकर व्यावहारिक और समझदारीपूर्ण रवैया अपनाते हैं. इससे पहले वाले अधिकारी ने बताया कि वह डिप्टी गवर्नर के तौर पर दोबारा चुने गए और अब प्रमोशन के साथ गवर्नर बनाए जा रहे हैं, यह बताता है कि वह सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं.टिप्पणियां डॉक्टर पटेल डॉक्टर राजन की तरह निवेशकों के बीच अच्छी साख रखते हैं. रघुराम राजन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले पटेल को महंगाई के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले राजन के मजबूत सिपाही के तौर पर जाना जाता है. वह समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव लाए. कई विश्लेषकों का मानना है कि वह सरकार के साथ को कोई सलाम-बंदगी भी नहीं करने वाले. उनकी जो छवि है, उससे लगता है कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को रखते हुए पीएम मोदी और उनके मंत्रियों को वित्तीय घाटे को सावधानी और बुद्धिमानी से साधने की ओर जोर देंगे. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इंवेस्टमेंट अधिकारी मिहिर वोरा के मुताबिक, नए गवर्नर को बाहरी दुनिया और भारतीय बाजारों में फिर से वही साख पैदा करनी होगी जो उन्हें केंद्रीय बैंक में है. रिजर्व बैंक के 24वें गवर्नर बनने जा रहे उर्जित पटेल लंदन स्कूल इकोनॉमिक्स से स्नातक हैं. फिर उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम. फिल और येल यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र से पीएचडी की. पटेल के पास दो दशक का ऊर्जा, बुनियादी ढांचों और वित्त क्षेत्र में कार्यों का अनुभव है. आईबीआई के अलावा वह बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ भी काम कर चुके हैं. अब इससे सवाल खड़े होते हैं कि डॉक्टर पटेल अपनी भूमिका में जनसंवाद के पहलू को किस प्रकार से निभाएंगे. आरबीआई की नई मॉनिटेरी पॉलिसी कमिटी के लिए उन्हें पांच और सदस्यों की सहमति की जरूरत होगी. उन्हें राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बैंकों के अध्यक्षों से भी काफी नजदीकी के साथ काम करना होगा. आरबीआई को बैड लोन, जोकि करीब 8 लाख करोड़ रुपए का है, से निपटने के लिए यह करना जरूरी होगा. डॉक्टर पटेल के सरकारी अधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं. नई भूमिका में ये और बेहतर हो सकते हैं. जबकि, डॉक्टर रघुराम राजन पीएम मोदी की भारतीय जनता पार्टी के कुछ सदस्यों के निशाने पर अक्सर रहे. उर्जित पटेल के साथ काम कर चुके आरबीआई के एक अन्य सीनियर अधिकारी ने कहा- वह काफी भावुक हैं और सरकार की नाराजगी को लेकर व्यावहारिक और समझदारीपूर्ण रवैया अपनाते हैं. इससे पहले वाले अधिकारी ने बताया कि वह डिप्टी गवर्नर के तौर पर दोबारा चुने गए और अब प्रमोशन के साथ गवर्नर बनाए जा रहे हैं, यह बताता है कि वह सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं.टिप्पणियां डॉक्टर पटेल डॉक्टर राजन की तरह निवेशकों के बीच अच्छी साख रखते हैं. रघुराम राजन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले पटेल को महंगाई के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले राजन के मजबूत सिपाही के तौर पर जाना जाता है. वह समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव लाए. कई विश्लेषकों का मानना है कि वह सरकार के साथ को कोई सलाम-बंदगी भी नहीं करने वाले. उनकी जो छवि है, उससे लगता है कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को रखते हुए पीएम मोदी और उनके मंत्रियों को वित्तीय घाटे को सावधानी और बुद्धिमानी से साधने की ओर जोर देंगे. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इंवेस्टमेंट अधिकारी मिहिर वोरा के मुताबिक, नए गवर्नर को बाहरी दुनिया और भारतीय बाजारों में फिर से वही साख पैदा करनी होगी जो उन्हें केंद्रीय बैंक में है. अब इससे सवाल खड़े होते हैं कि डॉक्टर पटेल अपनी भूमिका में जनसंवाद के पहलू को किस प्रकार से निभाएंगे. आरबीआई की नई मॉनिटेरी पॉलिसी कमिटी के लिए उन्हें पांच और सदस्यों की सहमति की जरूरत होगी. उन्हें राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बैंकों के अध्यक्षों से भी काफी नजदीकी के साथ काम करना होगा. आरबीआई को बैड लोन, जोकि करीब 8 लाख करोड़ रुपए का है, से निपटने के लिए यह करना जरूरी होगा. डॉक्टर पटेल के सरकारी अधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं. नई भूमिका में ये और बेहतर हो सकते हैं. जबकि, डॉक्टर रघुराम राजन पीएम मोदी की भारतीय जनता पार्टी के कुछ सदस्यों के निशाने पर अक्सर रहे. उर्जित पटेल के साथ काम कर चुके आरबीआई के एक अन्य सीनियर अधिकारी ने कहा- वह काफी भावुक हैं और सरकार की नाराजगी को लेकर व्यावहारिक और समझदारीपूर्ण रवैया अपनाते हैं. इससे पहले वाले अधिकारी ने बताया कि वह डिप्टी गवर्नर के तौर पर दोबारा चुने गए और अब प्रमोशन के साथ गवर्नर बनाए जा रहे हैं, यह बताता है कि वह सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं.टिप्पणियां डॉक्टर पटेल डॉक्टर राजन की तरह निवेशकों के बीच अच्छी साख रखते हैं. रघुराम राजन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले पटेल को महंगाई के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले राजन के मजबूत सिपाही के तौर पर जाना जाता है. वह समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव लाए. कई विश्लेषकों का मानना है कि वह सरकार के साथ को कोई सलाम-बंदगी भी नहीं करने वाले. उनकी जो छवि है, उससे लगता है कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को रखते हुए पीएम मोदी और उनके मंत्रियों को वित्तीय घाटे को सावधानी और बुद्धिमानी से साधने की ओर जोर देंगे. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इंवेस्टमेंट अधिकारी मिहिर वोरा के मुताबिक, नए गवर्नर को बाहरी दुनिया और भारतीय बाजारों में फिर से वही साख पैदा करनी होगी जो उन्हें केंद्रीय बैंक में है. डॉक्टर पटेल के सरकारी अधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं. नई भूमिका में ये और बेहतर हो सकते हैं. जबकि, डॉक्टर रघुराम राजन पीएम मोदी की भारतीय जनता पार्टी के कुछ सदस्यों के निशाने पर अक्सर रहे. उर्जित पटेल के साथ काम कर चुके आरबीआई के एक अन्य सीनियर अधिकारी ने कहा- वह काफी भावुक हैं और सरकार की नाराजगी को लेकर व्यावहारिक और समझदारीपूर्ण रवैया अपनाते हैं. इससे पहले वाले अधिकारी ने बताया कि वह डिप्टी गवर्नर के तौर पर दोबारा चुने गए और अब प्रमोशन के साथ गवर्नर बनाए जा रहे हैं, यह बताता है कि वह सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं.टिप्पणियां डॉक्टर पटेल डॉक्टर राजन की तरह निवेशकों के बीच अच्छी साख रखते हैं. रघुराम राजन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले पटेल को महंगाई के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले राजन के मजबूत सिपाही के तौर पर जाना जाता है. वह समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव लाए. कई विश्लेषकों का मानना है कि वह सरकार के साथ को कोई सलाम-बंदगी भी नहीं करने वाले. उनकी जो छवि है, उससे लगता है कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को रखते हुए पीएम मोदी और उनके मंत्रियों को वित्तीय घाटे को सावधानी और बुद्धिमानी से साधने की ओर जोर देंगे. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इंवेस्टमेंट अधिकारी मिहिर वोरा के मुताबिक, नए गवर्नर को बाहरी दुनिया और भारतीय बाजारों में फिर से वही साख पैदा करनी होगी जो उन्हें केंद्रीय बैंक में है. इससे पहले वाले अधिकारी ने बताया कि वह डिप्टी गवर्नर के तौर पर दोबारा चुने गए और अब प्रमोशन के साथ गवर्नर बनाए जा रहे हैं, यह बताता है कि वह सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं.टिप्पणियां डॉक्टर पटेल डॉक्टर राजन की तरह निवेशकों के बीच अच्छी साख रखते हैं. रघुराम राजन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले पटेल को महंगाई के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले राजन के मजबूत सिपाही के तौर पर जाना जाता है. वह समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव लाए. कई विश्लेषकों का मानना है कि वह सरकार के साथ को कोई सलाम-बंदगी भी नहीं करने वाले. उनकी जो छवि है, उससे लगता है कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को रखते हुए पीएम मोदी और उनके मंत्रियों को वित्तीय घाटे को सावधानी और बुद्धिमानी से साधने की ओर जोर देंगे. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इंवेस्टमेंट अधिकारी मिहिर वोरा के मुताबिक, नए गवर्नर को बाहरी दुनिया और भारतीय बाजारों में फिर से वही साख पैदा करनी होगी जो उन्हें केंद्रीय बैंक में है. डॉक्टर पटेल डॉक्टर राजन की तरह निवेशकों के बीच अच्छी साख रखते हैं. रघुराम राजन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले पटेल को महंगाई के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले राजन के मजबूत सिपाही के तौर पर जाना जाता है. वह समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव लाए. कई विश्लेषकों का मानना है कि वह सरकार के साथ को कोई सलाम-बंदगी भी नहीं करने वाले. उनकी जो छवि है, उससे लगता है कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को रखते हुए पीएम मोदी और उनके मंत्रियों को वित्तीय घाटे को सावधानी और बुद्धिमानी से साधने की ओर जोर देंगे. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इंवेस्टमेंट अधिकारी मिहिर वोरा के मुताबिक, नए गवर्नर को बाहरी दुनिया और भारतीय बाजारों में फिर से वही साख पैदा करनी होगी जो उन्हें केंद्रीय बैंक में है. कई विश्लेषकों का मानना है कि वह सरकार के साथ को कोई सलाम-बंदगी भी नहीं करने वाले. उनकी जो छवि है, उससे लगता है कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को रखते हुए पीएम मोदी और उनके मंत्रियों को वित्तीय घाटे को सावधानी और बुद्धिमानी से साधने की ओर जोर देंगे. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इंवेस्टमेंट अधिकारी मिहिर वोरा के मुताबिक, नए गवर्नर को बाहरी दुनिया और भारतीय बाजारों में फिर से वही साख पैदा करनी होगी जो उन्हें केंद्रीय बैंक में है.
उर्जित पटेल RBI के डिप्टी गवर्नर हैं, 4 तारीख के बाद गवर्नर पद संभालेंगे छवि है कि बड़ी बड़ी मीटिंगों से बचते हैं और एकांत में काम करते हैं डॉक्टर पटेल के सरकारी अधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने खुले सामान्य लाइसेंस (ओजीएल) के तहत 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी के निर्यात की अनुमति बृहस्पतिवार को दी। मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) की बैठक के बाद खाद्य मंत्री केवी थामस ने कहा, ईजीओएम ने 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी के निर्यात की मंजूरी दी है। अप्रैल में सरकार ने ओजीएल के तहत 5,00,000 टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। इसका मतलब है कि निर्यातक बिना किसी बाधा के इतनी मात्रा में चीनी का निर्यात कर सकते हैं। हालांकि चीनी पर भंडार रखे जाने की सीमा हटाये जाने के बारे में कोई निर्णय नहीं हुआ। थामस ने कहा कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में ईजीओएम की बैठक में गरीबी रेखा के उपर रहने वाले (एपीएल) परिवार को 50 लाख टन अतिरिक्त अनाज आवंटन का निर्णय किया गया। ईजीओएम के प्रमुख सदस्य कृषि मंत्री पवार बैठक में मौजूद नहीं थे। वह पेरिस में जी20 की बैठक में शरीक होने गए हुए हैं। उद्योग ने इस साल बेहतर उत्पादन का हवाला देते हुए 15 लाख टन अतिरिक्त चीनी के निर्यात की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया था। पवार ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनसे चीनी के निर्यात की अनुमति दिये जाने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि वैश्विक स्तर पर इस समय चीनी के दाम ऊंचे है और इसे भुनाने के लिये केवल महीने का समय बचा है। उन्होंने कहा था कि घरेलू उत्पादन बेहतर रहने का अनुमान तथा वैश्विक कीमत उंची रहने की वजह से चीनी के निर्यात का मामला बनता है। देश में 2010-11 (अक्तूबर-सितंबर) के दौरान चीनी उत्पादन 2.42 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो इससे पूर्व सीजन में 1.89 करोड़ टन था।
खाद्य मंत्री केवी थामस ने कहा, ईजीओएम ने 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी के निर्यात की मंजूरी दी है।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विस्फोटक तेवरों के धनी क्रिस गेल ने अपने चिर परिचित अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए बुधवार को नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली जिससे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियन्स को नौ विकेट से करारी शिकस्त देकर प्ले ऑफ के लिये अपना दावा मजबूत किया। मुंबई इंडियन्स के बल्लेबाज रन बनाने के लिये तरसते रहे। उसकी टीम टास गंवाने के बाद पहले दस ओवरों में 50 रन तक भी नहीं पहुंच पायी थी लेकिन आखिर में उसने छह विकेट पर 141 रन बनाये। गेल ने हालांकि इसे बौना साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने 59 गेंद पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 82 रन बनाये। गेल ने कप्तान विराट कोहली (25 गेंद पर 36 रन: के साथ 94 रन की अटूट साझेदारी की जिससे बेंगलूर ने 18 ओवर में एक विकेट पर 142 रन बनाकर जीत दर्ज की। गेल आईपीएल पांच में 500 रन की संख्या छूने वाले पहले बल्लेबाज भी बने। बेंगलूर के इस जीत से 12 मैच में 13 अंक हो गये हैं और वह अंकतालिका में सातवें से उछलकर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। मुंबई इंडियन्स के 12 मैच में 14 अंक हैं और वह पहले की तरह तीसरे स्थान पर है। मुंबई इंडियन्स का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया जिसका आखिर में उसे खामियाजा भुगतना पड़ा। उसकी तरफ से दिनेश कार्तिक ने सर्वाधिक 44 रन बनाये। सचिन तेंदुलकर (27 गेंद पर 24), अंबाती रायुडु (17 गेंद पर 22), कीरोन पोलार्ड (13 गेंद पर नाबाद 21) और कप्तान हरभजन सिंह (12 गेंद पर नाबाद 20) भी दोहरे अंक में पहुंचे। मुंबई को आखिर में पहली सफलता बायें हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने दिलायी। दिलशान (25 गेंद पर 19 रन) को अंपायर बिली बोडेन ने विकेट के पीछे गलत आउट दिया क्योंकि तब गेंद उनके बल्ले से लगकर नहीं गयी थी। गेल ने ओझा के अगले ओवर में मिडविकेट, स्क्वायर लेग और लांग आफ पर लगातार तीन छक्के जड़कर गेंद और रनों के बीच का अंतर कम कर दिया। इनमें से तीसरे छक्के से उन्होंने टूर्नामेंट का छठा अर्धशतक पूरा किया। कोहली को भी उनसे प्रेरणा मिली और उन्होंने पोलार्ड की फाइन लेग पर छह रन के लिये पहुंचा दी। गेल ने भी हमवतन कैरेबियाई पोलार्ड को यही सबक सिखाया। गेल ने रोहित शर्मा पर छठा छक्का लगाया जबकि कोहली ने इसी ओवर की अंतिम गेंद पर विजयी छक्का जड़ा। इससे पहले बेंगलूर के गेंदबाज हावी रहे और उन्होंने शुरू से ही मुंबई के बल्लेबाजों पर अंकुश लगा दिया। बेंगलूर की तरफ से मुथया मुरलीधरन, हषर्ल पटेल और आर विनयकुमार ने दो-दो विकेट लिये।टिप्पणियां मुंबई का स्कोर दो विकेट पर दो रन था। तेंदुलकर ने छठे ओवर में विनयकुमार की तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद को सीमा रेखा के पार भेजकर मुंबई के प्रशंसकों को उत्साहित किया। सचिन ने पटेल पर भी चौका लगाया लेकिन अगली गेंद हवा में खेलकर वह गेंदबाज को वापस आसान कैच थमा गये। मुंबई की टीम 11वें ओवर में 50 रन पर पहुंची। इसके बाद रायुडु के बल्ले से पारी का पांचवां चौका निकला। कार्तिक ने 13वें ओवर में पहला छक्का लगाया। पटेल के अगले ओवर में दो चौके लगे लेकिन उन्होंने रायुडु को डगआउट में भी पहुंचाया। मुरलीधरन ने कार्तिक और मुंबई की चेन्नई सुपरकिंग्स पर जीत के नायक ड्वेन स्मिथ (2) को लगातार गेंद पर आउट किया। कार्तिक ने 39 गेंद खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया। हरभजन ने 19वें ओवर में जहीर पर दो चौके लगाये। जहीर ने भले ही विकेट नहीं लिया लेकिन उन्होंने चार ओवर में 16 रन दिये। चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले पोलार्ड ने आखिरी ओवर में विनयकुमार पर लगातार दो छक्के जमाये। मुंबई इंडियन्स के बल्लेबाज रन बनाने के लिये तरसते रहे। उसकी टीम टास गंवाने के बाद पहले दस ओवरों में 50 रन तक भी नहीं पहुंच पायी थी लेकिन आखिर में उसने छह विकेट पर 141 रन बनाये। गेल ने हालांकि इसे बौना साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने 59 गेंद पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 82 रन बनाये। गेल ने कप्तान विराट कोहली (25 गेंद पर 36 रन: के साथ 94 रन की अटूट साझेदारी की जिससे बेंगलूर ने 18 ओवर में एक विकेट पर 142 रन बनाकर जीत दर्ज की। गेल आईपीएल पांच में 500 रन की संख्या छूने वाले पहले बल्लेबाज भी बने। बेंगलूर के इस जीत से 12 मैच में 13 अंक हो गये हैं और वह अंकतालिका में सातवें से उछलकर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। मुंबई इंडियन्स के 12 मैच में 14 अंक हैं और वह पहले की तरह तीसरे स्थान पर है। मुंबई इंडियन्स का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया जिसका आखिर में उसे खामियाजा भुगतना पड़ा। उसकी तरफ से दिनेश कार्तिक ने सर्वाधिक 44 रन बनाये। सचिन तेंदुलकर (27 गेंद पर 24), अंबाती रायुडु (17 गेंद पर 22), कीरोन पोलार्ड (13 गेंद पर नाबाद 21) और कप्तान हरभजन सिंह (12 गेंद पर नाबाद 20) भी दोहरे अंक में पहुंचे। मुंबई को आखिर में पहली सफलता बायें हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने दिलायी। दिलशान (25 गेंद पर 19 रन) को अंपायर बिली बोडेन ने विकेट के पीछे गलत आउट दिया क्योंकि तब गेंद उनके बल्ले से लगकर नहीं गयी थी। गेल ने ओझा के अगले ओवर में मिडविकेट, स्क्वायर लेग और लांग आफ पर लगातार तीन छक्के जड़कर गेंद और रनों के बीच का अंतर कम कर दिया। इनमें से तीसरे छक्के से उन्होंने टूर्नामेंट का छठा अर्धशतक पूरा किया। कोहली को भी उनसे प्रेरणा मिली और उन्होंने पोलार्ड की फाइन लेग पर छह रन के लिये पहुंचा दी। गेल ने भी हमवतन कैरेबियाई पोलार्ड को यही सबक सिखाया। गेल ने रोहित शर्मा पर छठा छक्का लगाया जबकि कोहली ने इसी ओवर की अंतिम गेंद पर विजयी छक्का जड़ा। इससे पहले बेंगलूर के गेंदबाज हावी रहे और उन्होंने शुरू से ही मुंबई के बल्लेबाजों पर अंकुश लगा दिया। बेंगलूर की तरफ से मुथया मुरलीधरन, हषर्ल पटेल और आर विनयकुमार ने दो-दो विकेट लिये।टिप्पणियां मुंबई का स्कोर दो विकेट पर दो रन था। तेंदुलकर ने छठे ओवर में विनयकुमार की तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद को सीमा रेखा के पार भेजकर मुंबई के प्रशंसकों को उत्साहित किया। सचिन ने पटेल पर भी चौका लगाया लेकिन अगली गेंद हवा में खेलकर वह गेंदबाज को वापस आसान कैच थमा गये। मुंबई की टीम 11वें ओवर में 50 रन पर पहुंची। इसके बाद रायुडु के बल्ले से पारी का पांचवां चौका निकला। कार्तिक ने 13वें ओवर में पहला छक्का लगाया। पटेल के अगले ओवर में दो चौके लगे लेकिन उन्होंने रायुडु को डगआउट में भी पहुंचाया। मुरलीधरन ने कार्तिक और मुंबई की चेन्नई सुपरकिंग्स पर जीत के नायक ड्वेन स्मिथ (2) को लगातार गेंद पर आउट किया। कार्तिक ने 39 गेंद खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया। हरभजन ने 19वें ओवर में जहीर पर दो चौके लगाये। जहीर ने भले ही विकेट नहीं लिया लेकिन उन्होंने चार ओवर में 16 रन दिये। चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले पोलार्ड ने आखिरी ओवर में विनयकुमार पर लगातार दो छक्के जमाये। मुंबई इंडियन्स के 12 मैच में 14 अंक हैं और वह पहले की तरह तीसरे स्थान पर है। मुंबई इंडियन्स का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया जिसका आखिर में उसे खामियाजा भुगतना पड़ा। उसकी तरफ से दिनेश कार्तिक ने सर्वाधिक 44 रन बनाये। सचिन तेंदुलकर (27 गेंद पर 24), अंबाती रायुडु (17 गेंद पर 22), कीरोन पोलार्ड (13 गेंद पर नाबाद 21) और कप्तान हरभजन सिंह (12 गेंद पर नाबाद 20) भी दोहरे अंक में पहुंचे। मुंबई को आखिर में पहली सफलता बायें हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने दिलायी। दिलशान (25 गेंद पर 19 रन) को अंपायर बिली बोडेन ने विकेट के पीछे गलत आउट दिया क्योंकि तब गेंद उनके बल्ले से लगकर नहीं गयी थी। गेल ने ओझा के अगले ओवर में मिडविकेट, स्क्वायर लेग और लांग आफ पर लगातार तीन छक्के जड़कर गेंद और रनों के बीच का अंतर कम कर दिया। इनमें से तीसरे छक्के से उन्होंने टूर्नामेंट का छठा अर्धशतक पूरा किया। कोहली को भी उनसे प्रेरणा मिली और उन्होंने पोलार्ड की फाइन लेग पर छह रन के लिये पहुंचा दी। गेल ने भी हमवतन कैरेबियाई पोलार्ड को यही सबक सिखाया। गेल ने रोहित शर्मा पर छठा छक्का लगाया जबकि कोहली ने इसी ओवर की अंतिम गेंद पर विजयी छक्का जड़ा। इससे पहले बेंगलूर के गेंदबाज हावी रहे और उन्होंने शुरू से ही मुंबई के बल्लेबाजों पर अंकुश लगा दिया। बेंगलूर की तरफ से मुथया मुरलीधरन, हषर्ल पटेल और आर विनयकुमार ने दो-दो विकेट लिये।टिप्पणियां मुंबई का स्कोर दो विकेट पर दो रन था। तेंदुलकर ने छठे ओवर में विनयकुमार की तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद को सीमा रेखा के पार भेजकर मुंबई के प्रशंसकों को उत्साहित किया। सचिन ने पटेल पर भी चौका लगाया लेकिन अगली गेंद हवा में खेलकर वह गेंदबाज को वापस आसान कैच थमा गये। मुंबई की टीम 11वें ओवर में 50 रन पर पहुंची। इसके बाद रायुडु के बल्ले से पारी का पांचवां चौका निकला। कार्तिक ने 13वें ओवर में पहला छक्का लगाया। पटेल के अगले ओवर में दो चौके लगे लेकिन उन्होंने रायुडु को डगआउट में भी पहुंचाया। मुरलीधरन ने कार्तिक और मुंबई की चेन्नई सुपरकिंग्स पर जीत के नायक ड्वेन स्मिथ (2) को लगातार गेंद पर आउट किया। कार्तिक ने 39 गेंद खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया। हरभजन ने 19वें ओवर में जहीर पर दो चौके लगाये। जहीर ने भले ही विकेट नहीं लिया लेकिन उन्होंने चार ओवर में 16 रन दिये। चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले पोलार्ड ने आखिरी ओवर में विनयकुमार पर लगातार दो छक्के जमाये। मुंबई को आखिर में पहली सफलता बायें हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने दिलायी। दिलशान (25 गेंद पर 19 रन) को अंपायर बिली बोडेन ने विकेट के पीछे गलत आउट दिया क्योंकि तब गेंद उनके बल्ले से लगकर नहीं गयी थी। गेल ने ओझा के अगले ओवर में मिडविकेट, स्क्वायर लेग और लांग आफ पर लगातार तीन छक्के जड़कर गेंद और रनों के बीच का अंतर कम कर दिया। इनमें से तीसरे छक्के से उन्होंने टूर्नामेंट का छठा अर्धशतक पूरा किया। कोहली को भी उनसे प्रेरणा मिली और उन्होंने पोलार्ड की फाइन लेग पर छह रन के लिये पहुंचा दी। गेल ने भी हमवतन कैरेबियाई पोलार्ड को यही सबक सिखाया। गेल ने रोहित शर्मा पर छठा छक्का लगाया जबकि कोहली ने इसी ओवर की अंतिम गेंद पर विजयी छक्का जड़ा। इससे पहले बेंगलूर के गेंदबाज हावी रहे और उन्होंने शुरू से ही मुंबई के बल्लेबाजों पर अंकुश लगा दिया। बेंगलूर की तरफ से मुथया मुरलीधरन, हषर्ल पटेल और आर विनयकुमार ने दो-दो विकेट लिये।टिप्पणियां मुंबई का स्कोर दो विकेट पर दो रन था। तेंदुलकर ने छठे ओवर में विनयकुमार की तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद को सीमा रेखा के पार भेजकर मुंबई के प्रशंसकों को उत्साहित किया। सचिन ने पटेल पर भी चौका लगाया लेकिन अगली गेंद हवा में खेलकर वह गेंदबाज को वापस आसान कैच थमा गये। मुंबई की टीम 11वें ओवर में 50 रन पर पहुंची। इसके बाद रायुडु के बल्ले से पारी का पांचवां चौका निकला। कार्तिक ने 13वें ओवर में पहला छक्का लगाया। पटेल के अगले ओवर में दो चौके लगे लेकिन उन्होंने रायुडु को डगआउट में भी पहुंचाया। मुरलीधरन ने कार्तिक और मुंबई की चेन्नई सुपरकिंग्स पर जीत के नायक ड्वेन स्मिथ (2) को लगातार गेंद पर आउट किया। कार्तिक ने 39 गेंद खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया। हरभजन ने 19वें ओवर में जहीर पर दो चौके लगाये। जहीर ने भले ही विकेट नहीं लिया लेकिन उन्होंने चार ओवर में 16 रन दिये। चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले पोलार्ड ने आखिरी ओवर में विनयकुमार पर लगातार दो छक्के जमाये। गेल ने भी हमवतन कैरेबियाई पोलार्ड को यही सबक सिखाया। गेल ने रोहित शर्मा पर छठा छक्का लगाया जबकि कोहली ने इसी ओवर की अंतिम गेंद पर विजयी छक्का जड़ा। इससे पहले बेंगलूर के गेंदबाज हावी रहे और उन्होंने शुरू से ही मुंबई के बल्लेबाजों पर अंकुश लगा दिया। बेंगलूर की तरफ से मुथया मुरलीधरन, हषर्ल पटेल और आर विनयकुमार ने दो-दो विकेट लिये।टिप्पणियां मुंबई का स्कोर दो विकेट पर दो रन था। तेंदुलकर ने छठे ओवर में विनयकुमार की तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद को सीमा रेखा के पार भेजकर मुंबई के प्रशंसकों को उत्साहित किया। सचिन ने पटेल पर भी चौका लगाया लेकिन अगली गेंद हवा में खेलकर वह गेंदबाज को वापस आसान कैच थमा गये। मुंबई की टीम 11वें ओवर में 50 रन पर पहुंची। इसके बाद रायुडु के बल्ले से पारी का पांचवां चौका निकला। कार्तिक ने 13वें ओवर में पहला छक्का लगाया। पटेल के अगले ओवर में दो चौके लगे लेकिन उन्होंने रायुडु को डगआउट में भी पहुंचाया। मुरलीधरन ने कार्तिक और मुंबई की चेन्नई सुपरकिंग्स पर जीत के नायक ड्वेन स्मिथ (2) को लगातार गेंद पर आउट किया। कार्तिक ने 39 गेंद खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया। हरभजन ने 19वें ओवर में जहीर पर दो चौके लगाये। जहीर ने भले ही विकेट नहीं लिया लेकिन उन्होंने चार ओवर में 16 रन दिये। चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले पोलार्ड ने आखिरी ओवर में विनयकुमार पर लगातार दो छक्के जमाये। मुंबई का स्कोर दो विकेट पर दो रन था। तेंदुलकर ने छठे ओवर में विनयकुमार की तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद को सीमा रेखा के पार भेजकर मुंबई के प्रशंसकों को उत्साहित किया। सचिन ने पटेल पर भी चौका लगाया लेकिन अगली गेंद हवा में खेलकर वह गेंदबाज को वापस आसान कैच थमा गये। मुंबई की टीम 11वें ओवर में 50 रन पर पहुंची। इसके बाद रायुडु के बल्ले से पारी का पांचवां चौका निकला। कार्तिक ने 13वें ओवर में पहला छक्का लगाया। पटेल के अगले ओवर में दो चौके लगे लेकिन उन्होंने रायुडु को डगआउट में भी पहुंचाया। मुरलीधरन ने कार्तिक और मुंबई की चेन्नई सुपरकिंग्स पर जीत के नायक ड्वेन स्मिथ (2) को लगातार गेंद पर आउट किया। कार्तिक ने 39 गेंद खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया। हरभजन ने 19वें ओवर में जहीर पर दो चौके लगाये। जहीर ने भले ही विकेट नहीं लिया लेकिन उन्होंने चार ओवर में 16 रन दिये। चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले पोलार्ड ने आखिरी ओवर में विनयकुमार पर लगातार दो छक्के जमाये। मुंबई की टीम 11वें ओवर में 50 रन पर पहुंची। इसके बाद रायुडु के बल्ले से पारी का पांचवां चौका निकला। कार्तिक ने 13वें ओवर में पहला छक्का लगाया। पटेल के अगले ओवर में दो चौके लगे लेकिन उन्होंने रायुडु को डगआउट में भी पहुंचाया। मुरलीधरन ने कार्तिक और मुंबई की चेन्नई सुपरकिंग्स पर जीत के नायक ड्वेन स्मिथ (2) को लगातार गेंद पर आउट किया। कार्तिक ने 39 गेंद खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया। हरभजन ने 19वें ओवर में जहीर पर दो चौके लगाये। जहीर ने भले ही विकेट नहीं लिया लेकिन उन्होंने चार ओवर में 16 रन दिये। चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले पोलार्ड ने आखिरी ओवर में विनयकुमार पर लगातार दो छक्के जमाये।
संक्षिप्त पाठ: विस्फोटक तेवरों के धनी क्रिस गेल ने अपने चिर परिचित अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए बुधवार को नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली जिससे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियन्स को नौ विकेट से करारी शिकस्त देकर प्ले ऑफ के लिये अपना दावा मजबूत कि
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चित्रकूट के जंगल में डाकू ललित पटेल ने सोमवार को देर रात तीन बंधकों को जिंदा जला दिया. उन्हें मध्य प्रदेश से अगवा किया गया था. डाकू की तलाश में पुलिस कॉम्बिंग कर रही है लेकिन उसका कहीं पता नहीं है. चंद दिनों पहले बांदा में पुलिस के एक शहीद स्मारक को भी डाकू तोड़ चुके हैं. यूपी-एमपी की सरहद पर इन इलाकों में डाकुओं का आतंक है. यहा पर वे अपराध की रोज नई कहानी लिख रहे हैं. चित्रकूट के कोल्हुआ के जंगल में ताजा जले हुए तीन नरकंकाल मिलने से दहशत फैल गई है. खबर लगते ही मौके पर पुलिस पहुंची. इलाके के डरे हुए लोग दबी ज़ुबान में कहते हैं कि मध्य प्रदेश का इनामी डाकू ललित पटेल और उसकी गैंग वहां से गुजरी थी. शक है कि सतना के नया गांव से जिन तीन लोगों को डाकू ने 30 मई को अगवा किया था, फिरौती न मिलने पर उन्हें ही जला डाला है. जंगल में मौका मुआयना के लिए पहुंचे बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, ”हो सकता है कि इन्हें कहीं और मारा गया हो और यहां लाकर एक साथ जला दिया गया हो. अब इसके बारे में पूरी तहकीकात की जा रही है. जो भी यहां एविडेंस मिले उनको कलेक्ट किया गया है. स्कल कलेक्ट किया गया है. डीएनए सैंपलिंग कराई जाएगी और जो लोग गायब हैं उनके परिवार वालों के डीएनए परीक्षण कराए जाएंगे. फिर उससे कनेक्ट किया जाएगा.”   यूपी-एमपी सरहद के इन जंगलों में डाकुओं की आमदरफ्त काफी बढ़ गई है. इन इलाकों पर लंबे अरसे तक डाकुओं की हुकूमत रही है. लोगों को अगवा कर फिरौती वसूलना और सारे सरकारी ठेकों में कट लेना इनका पेशा है. इसी इलाके के सबसे बड़े डाकू ददुआ ने यहां 35 साल राज किया. यहां की 10 असेंबली सीटों पर उसका फरमान चलता था. चुनाव के वक्त जिसके लिए उसका फरमान जारी होता अवाम को उसे वोट देना पड़ता. लेकिन यहां डाकुओं के खिलाफ चले अभियान में एक-एक कर तमाम बड़े डाकू मारे गए. सन 2007 में सात लाख का इनामी डाकू ददुआ मारा गया था. वर्ष 2008 में पांच लाख का इनामी डाकू ठोकिया मारा गया था. साल 2012 में दो लाख का इनामी डाकू रागीया मारा गया और 2015 में पांच लाख का इनामी डाकू बलखड़िया मारा गया. लेकिन अब फिर डाकुओं की तीन गैंग यहां सक्रिय हो गई हैं. यह गैंगें अक्सर रातों में जंगल में बारिश होने पर गावों में पनाह लेने आती हैं. गांव वालों को पूरी गैंग को खाना खिलाना पड़ता है. चित्रकूट के कोल्हुआ के जंगल के पास रहने वाले रामेश्वर कहते हैं कि, “अरे साहब पूछो न.. रात को खेत ही नहीं जाते हैं. फसल जानवर चर जाते हैं..घर के किवाड़ बंद करके पड़े रहते हैं. और अगर रात को डाकू रहने आ जाएं तो मुसीबत ही है. उनको पनाह देने से मना करो तो डाकू की गोली खाओ और अगर पनाह दो तो फिर पुलिस के निशाने पर आ जाओ. गांव वालों की बड़ी मुसीबत है.” इन्हीं इलाकों में सन 2007 में डाकू ठोकिया की गैंग ने उसकी तलाश में जुटी एसटीएफ के छह जवानों को भून डाला था. उनकी याद में बने शहीद स्मारक पर चंद दिनों पहले एक लाख के इनामी डाकू रामगोपाल उर्फ गोप्पा ने हमला किया. माना जा रहा है कि पुलिस का शहीद स्मारक तोड़कर उसने सीधे पुलिस को चुनौती दी है. इससे इलाके में दहशत है.टिप्पणियां बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, “हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है. यह काम गोप्पा गैंग का है. यह गौरी यादव गैंग से ही निकली हुई एक गोपा यादव गैंग है. यह तीन गैंग इस वक्त यहां सक्रिय हैं जिनके लिए पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है. पिछले एक महीने में तीन-चार मुठभेड़ हो चुकी हैं. आमने-सामने गोलियां चल चुकी हैं और इसमें पूरी तरह से पुलिस सक्रिय है. उम्मीद है कि जल्द उन्हें पकड़ लेंगे.” घने जंगलों से घिरे इस इलाके की भौगोलिक स्थिति डाकुओं को एक बेहतरीन पनाहगाह देती है. लेकिन बारिश में उन्हें जंगल से निकलकर गावों में पनाह लेना पड़ती है. पुलिस उन्हें खत्म करने के लिए ऐसे ही मौके की तलाश में है. चित्रकूट के कोल्हुआ के जंगल में ताजा जले हुए तीन नरकंकाल मिलने से दहशत फैल गई है. खबर लगते ही मौके पर पुलिस पहुंची. इलाके के डरे हुए लोग दबी ज़ुबान में कहते हैं कि मध्य प्रदेश का इनामी डाकू ललित पटेल और उसकी गैंग वहां से गुजरी थी. शक है कि सतना के नया गांव से जिन तीन लोगों को डाकू ने 30 मई को अगवा किया था, फिरौती न मिलने पर उन्हें ही जला डाला है. जंगल में मौका मुआयना के लिए पहुंचे बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, ”हो सकता है कि इन्हें कहीं और मारा गया हो और यहां लाकर एक साथ जला दिया गया हो. अब इसके बारे में पूरी तहकीकात की जा रही है. जो भी यहां एविडेंस मिले उनको कलेक्ट किया गया है. स्कल कलेक्ट किया गया है. डीएनए सैंपलिंग कराई जाएगी और जो लोग गायब हैं उनके परिवार वालों के डीएनए परीक्षण कराए जाएंगे. फिर उससे कनेक्ट किया जाएगा.”   यूपी-एमपी सरहद के इन जंगलों में डाकुओं की आमदरफ्त काफी बढ़ गई है. इन इलाकों पर लंबे अरसे तक डाकुओं की हुकूमत रही है. लोगों को अगवा कर फिरौती वसूलना और सारे सरकारी ठेकों में कट लेना इनका पेशा है. इसी इलाके के सबसे बड़े डाकू ददुआ ने यहां 35 साल राज किया. यहां की 10 असेंबली सीटों पर उसका फरमान चलता था. चुनाव के वक्त जिसके लिए उसका फरमान जारी होता अवाम को उसे वोट देना पड़ता. लेकिन यहां डाकुओं के खिलाफ चले अभियान में एक-एक कर तमाम बड़े डाकू मारे गए. सन 2007 में सात लाख का इनामी डाकू ददुआ मारा गया था. वर्ष 2008 में पांच लाख का इनामी डाकू ठोकिया मारा गया था. साल 2012 में दो लाख का इनामी डाकू रागीया मारा गया और 2015 में पांच लाख का इनामी डाकू बलखड़िया मारा गया. लेकिन अब फिर डाकुओं की तीन गैंग यहां सक्रिय हो गई हैं. यह गैंगें अक्सर रातों में जंगल में बारिश होने पर गावों में पनाह लेने आती हैं. गांव वालों को पूरी गैंग को खाना खिलाना पड़ता है. चित्रकूट के कोल्हुआ के जंगल के पास रहने वाले रामेश्वर कहते हैं कि, “अरे साहब पूछो न.. रात को खेत ही नहीं जाते हैं. फसल जानवर चर जाते हैं..घर के किवाड़ बंद करके पड़े रहते हैं. और अगर रात को डाकू रहने आ जाएं तो मुसीबत ही है. उनको पनाह देने से मना करो तो डाकू की गोली खाओ और अगर पनाह दो तो फिर पुलिस के निशाने पर आ जाओ. गांव वालों की बड़ी मुसीबत है.” इन्हीं इलाकों में सन 2007 में डाकू ठोकिया की गैंग ने उसकी तलाश में जुटी एसटीएफ के छह जवानों को भून डाला था. उनकी याद में बने शहीद स्मारक पर चंद दिनों पहले एक लाख के इनामी डाकू रामगोपाल उर्फ गोप्पा ने हमला किया. माना जा रहा है कि पुलिस का शहीद स्मारक तोड़कर उसने सीधे पुलिस को चुनौती दी है. इससे इलाके में दहशत है.टिप्पणियां बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, “हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है. यह काम गोप्पा गैंग का है. यह गौरी यादव गैंग से ही निकली हुई एक गोपा यादव गैंग है. यह तीन गैंग इस वक्त यहां सक्रिय हैं जिनके लिए पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है. पिछले एक महीने में तीन-चार मुठभेड़ हो चुकी हैं. आमने-सामने गोलियां चल चुकी हैं और इसमें पूरी तरह से पुलिस सक्रिय है. उम्मीद है कि जल्द उन्हें पकड़ लेंगे.” घने जंगलों से घिरे इस इलाके की भौगोलिक स्थिति डाकुओं को एक बेहतरीन पनाहगाह देती है. लेकिन बारिश में उन्हें जंगल से निकलकर गावों में पनाह लेना पड़ती है. पुलिस उन्हें खत्म करने के लिए ऐसे ही मौके की तलाश में है. जंगल में मौका मुआयना के लिए पहुंचे बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, ”हो सकता है कि इन्हें कहीं और मारा गया हो और यहां लाकर एक साथ जला दिया गया हो. अब इसके बारे में पूरी तहकीकात की जा रही है. जो भी यहां एविडेंस मिले उनको कलेक्ट किया गया है. स्कल कलेक्ट किया गया है. डीएनए सैंपलिंग कराई जाएगी और जो लोग गायब हैं उनके परिवार वालों के डीएनए परीक्षण कराए जाएंगे. फिर उससे कनेक्ट किया जाएगा.”   यूपी-एमपी सरहद के इन जंगलों में डाकुओं की आमदरफ्त काफी बढ़ गई है. इन इलाकों पर लंबे अरसे तक डाकुओं की हुकूमत रही है. लोगों को अगवा कर फिरौती वसूलना और सारे सरकारी ठेकों में कट लेना इनका पेशा है. इसी इलाके के सबसे बड़े डाकू ददुआ ने यहां 35 साल राज किया. यहां की 10 असेंबली सीटों पर उसका फरमान चलता था. चुनाव के वक्त जिसके लिए उसका फरमान जारी होता अवाम को उसे वोट देना पड़ता. लेकिन यहां डाकुओं के खिलाफ चले अभियान में एक-एक कर तमाम बड़े डाकू मारे गए. सन 2007 में सात लाख का इनामी डाकू ददुआ मारा गया था. वर्ष 2008 में पांच लाख का इनामी डाकू ठोकिया मारा गया था. साल 2012 में दो लाख का इनामी डाकू रागीया मारा गया और 2015 में पांच लाख का इनामी डाकू बलखड़िया मारा गया. लेकिन अब फिर डाकुओं की तीन गैंग यहां सक्रिय हो गई हैं. यह गैंगें अक्सर रातों में जंगल में बारिश होने पर गावों में पनाह लेने आती हैं. गांव वालों को पूरी गैंग को खाना खिलाना पड़ता है. चित्रकूट के कोल्हुआ के जंगल के पास रहने वाले रामेश्वर कहते हैं कि, “अरे साहब पूछो न.. रात को खेत ही नहीं जाते हैं. फसल जानवर चर जाते हैं..घर के किवाड़ बंद करके पड़े रहते हैं. और अगर रात को डाकू रहने आ जाएं तो मुसीबत ही है. उनको पनाह देने से मना करो तो डाकू की गोली खाओ और अगर पनाह दो तो फिर पुलिस के निशाने पर आ जाओ. गांव वालों की बड़ी मुसीबत है.” इन्हीं इलाकों में सन 2007 में डाकू ठोकिया की गैंग ने उसकी तलाश में जुटी एसटीएफ के छह जवानों को भून डाला था. उनकी याद में बने शहीद स्मारक पर चंद दिनों पहले एक लाख के इनामी डाकू रामगोपाल उर्फ गोप्पा ने हमला किया. माना जा रहा है कि पुलिस का शहीद स्मारक तोड़कर उसने सीधे पुलिस को चुनौती दी है. इससे इलाके में दहशत है.टिप्पणियां बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, “हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है. यह काम गोप्पा गैंग का है. यह गौरी यादव गैंग से ही निकली हुई एक गोपा यादव गैंग है. यह तीन गैंग इस वक्त यहां सक्रिय हैं जिनके लिए पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है. पिछले एक महीने में तीन-चार मुठभेड़ हो चुकी हैं. आमने-सामने गोलियां चल चुकी हैं और इसमें पूरी तरह से पुलिस सक्रिय है. उम्मीद है कि जल्द उन्हें पकड़ लेंगे.” घने जंगलों से घिरे इस इलाके की भौगोलिक स्थिति डाकुओं को एक बेहतरीन पनाहगाह देती है. लेकिन बारिश में उन्हें जंगल से निकलकर गावों में पनाह लेना पड़ती है. पुलिस उन्हें खत्म करने के लिए ऐसे ही मौके की तलाश में है. लेकिन यहां डाकुओं के खिलाफ चले अभियान में एक-एक कर तमाम बड़े डाकू मारे गए. सन 2007 में सात लाख का इनामी डाकू ददुआ मारा गया था. वर्ष 2008 में पांच लाख का इनामी डाकू ठोकिया मारा गया था. साल 2012 में दो लाख का इनामी डाकू रागीया मारा गया और 2015 में पांच लाख का इनामी डाकू बलखड़िया मारा गया. लेकिन अब फिर डाकुओं की तीन गैंग यहां सक्रिय हो गई हैं. यह गैंगें अक्सर रातों में जंगल में बारिश होने पर गावों में पनाह लेने आती हैं. गांव वालों को पूरी गैंग को खाना खिलाना पड़ता है. चित्रकूट के कोल्हुआ के जंगल के पास रहने वाले रामेश्वर कहते हैं कि, “अरे साहब पूछो न.. रात को खेत ही नहीं जाते हैं. फसल जानवर चर जाते हैं..घर के किवाड़ बंद करके पड़े रहते हैं. और अगर रात को डाकू रहने आ जाएं तो मुसीबत ही है. उनको पनाह देने से मना करो तो डाकू की गोली खाओ और अगर पनाह दो तो फिर पुलिस के निशाने पर आ जाओ. गांव वालों की बड़ी मुसीबत है.” इन्हीं इलाकों में सन 2007 में डाकू ठोकिया की गैंग ने उसकी तलाश में जुटी एसटीएफ के छह जवानों को भून डाला था. उनकी याद में बने शहीद स्मारक पर चंद दिनों पहले एक लाख के इनामी डाकू रामगोपाल उर्फ गोप्पा ने हमला किया. माना जा रहा है कि पुलिस का शहीद स्मारक तोड़कर उसने सीधे पुलिस को चुनौती दी है. इससे इलाके में दहशत है.टिप्पणियां बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, “हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है. यह काम गोप्पा गैंग का है. यह गौरी यादव गैंग से ही निकली हुई एक गोपा यादव गैंग है. यह तीन गैंग इस वक्त यहां सक्रिय हैं जिनके लिए पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है. पिछले एक महीने में तीन-चार मुठभेड़ हो चुकी हैं. आमने-सामने गोलियां चल चुकी हैं और इसमें पूरी तरह से पुलिस सक्रिय है. उम्मीद है कि जल्द उन्हें पकड़ लेंगे.” घने जंगलों से घिरे इस इलाके की भौगोलिक स्थिति डाकुओं को एक बेहतरीन पनाहगाह देती है. लेकिन बारिश में उन्हें जंगल से निकलकर गावों में पनाह लेना पड़ती है. पुलिस उन्हें खत्म करने के लिए ऐसे ही मौके की तलाश में है. चित्रकूट के कोल्हुआ के जंगल के पास रहने वाले रामेश्वर कहते हैं कि, “अरे साहब पूछो न.. रात को खेत ही नहीं जाते हैं. फसल जानवर चर जाते हैं..घर के किवाड़ बंद करके पड़े रहते हैं. और अगर रात को डाकू रहने आ जाएं तो मुसीबत ही है. उनको पनाह देने से मना करो तो डाकू की गोली खाओ और अगर पनाह दो तो फिर पुलिस के निशाने पर आ जाओ. गांव वालों की बड़ी मुसीबत है.” इन्हीं इलाकों में सन 2007 में डाकू ठोकिया की गैंग ने उसकी तलाश में जुटी एसटीएफ के छह जवानों को भून डाला था. उनकी याद में बने शहीद स्मारक पर चंद दिनों पहले एक लाख के इनामी डाकू रामगोपाल उर्फ गोप्पा ने हमला किया. माना जा रहा है कि पुलिस का शहीद स्मारक तोड़कर उसने सीधे पुलिस को चुनौती दी है. इससे इलाके में दहशत है.टिप्पणियां बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, “हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है. यह काम गोप्पा गैंग का है. यह गौरी यादव गैंग से ही निकली हुई एक गोपा यादव गैंग है. यह तीन गैंग इस वक्त यहां सक्रिय हैं जिनके लिए पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है. पिछले एक महीने में तीन-चार मुठभेड़ हो चुकी हैं. आमने-सामने गोलियां चल चुकी हैं और इसमें पूरी तरह से पुलिस सक्रिय है. उम्मीद है कि जल्द उन्हें पकड़ लेंगे.” घने जंगलों से घिरे इस इलाके की भौगोलिक स्थिति डाकुओं को एक बेहतरीन पनाहगाह देती है. लेकिन बारिश में उन्हें जंगल से निकलकर गावों में पनाह लेना पड़ती है. पुलिस उन्हें खत्म करने के लिए ऐसे ही मौके की तलाश में है. इन्हीं इलाकों में सन 2007 में डाकू ठोकिया की गैंग ने उसकी तलाश में जुटी एसटीएफ के छह जवानों को भून डाला था. उनकी याद में बने शहीद स्मारक पर चंद दिनों पहले एक लाख के इनामी डाकू रामगोपाल उर्फ गोप्पा ने हमला किया. माना जा रहा है कि पुलिस का शहीद स्मारक तोड़कर उसने सीधे पुलिस को चुनौती दी है. इससे इलाके में दहशत है.टिप्पणियां बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, “हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है. यह काम गोप्पा गैंग का है. यह गौरी यादव गैंग से ही निकली हुई एक गोपा यादव गैंग है. यह तीन गैंग इस वक्त यहां सक्रिय हैं जिनके लिए पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है. पिछले एक महीने में तीन-चार मुठभेड़ हो चुकी हैं. आमने-सामने गोलियां चल चुकी हैं और इसमें पूरी तरह से पुलिस सक्रिय है. उम्मीद है कि जल्द उन्हें पकड़ लेंगे.” घने जंगलों से घिरे इस इलाके की भौगोलिक स्थिति डाकुओं को एक बेहतरीन पनाहगाह देती है. लेकिन बारिश में उन्हें जंगल से निकलकर गावों में पनाह लेना पड़ती है. पुलिस उन्हें खत्म करने के लिए ऐसे ही मौके की तलाश में है. बांदा के डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी कहते हैं कि, “हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है. यह काम गोप्पा गैंग का है. यह गौरी यादव गैंग से ही निकली हुई एक गोपा यादव गैंग है. यह तीन गैंग इस वक्त यहां सक्रिय हैं जिनके लिए पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है. पिछले एक महीने में तीन-चार मुठभेड़ हो चुकी हैं. आमने-सामने गोलियां चल चुकी हैं और इसमें पूरी तरह से पुलिस सक्रिय है. उम्मीद है कि जल्द उन्हें पकड़ लेंगे.” घने जंगलों से घिरे इस इलाके की भौगोलिक स्थिति डाकुओं को एक बेहतरीन पनाहगाह देती है. लेकिन बारिश में उन्हें जंगल से निकलकर गावों में पनाह लेना पड़ती है. पुलिस उन्हें खत्म करने के लिए ऐसे ही मौके की तलाश में है. घने जंगलों से घिरे इस इलाके की भौगोलिक स्थिति डाकुओं को एक बेहतरीन पनाहगाह देती है. लेकिन बारिश में उन्हें जंगल से निकलकर गावों में पनाह लेना पड़ती है. पुलिस उन्हें खत्म करने के लिए ऐसे ही मौके की तलाश में है.
संक्षिप्त सारांश: मध्यप्रदेश के इनामी डाकू ललित पटेल की गैंग पर शक सतना के नया गांव से तीन लोगों को 30 मई को अगवा किया गया था यूपी और एमपी की सीमा के इलाके में डाकुओं की तीन गैंग सक्रिय
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बारिश और हड़ताल सहित कई कारणों से कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण दिल्ली, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बिजली की कमी ने शुक्रवार को देशव्यापी संकट का रूप अख्तियार कर लिया। कई राज्यों को दिन में तीन से चार घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है और यह संकट और गहराने की संभावना है। केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कोयला आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई कदमों की घोषणा की है। बुधवार शाम जारी एक बयान में कहा गया था, कि विद्युत क्षेत्र के लिए कोयले की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कोयला मंत्रालय ने चालू महीने के दौरान विद्युत क्षेत्र को ई-नीलामी के कुछ कोयले उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। कोयले की आपूर्ति की मौजूदा नीति के अनुसार कोयले की कुल उपलब्धता का 10 प्रतिशत हिस्सा ई-नीलामी के लिए रखा जाता है। जायसवाल ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कोयले की लदाई मौजूदा 153 रेक प्रतिदिन से बढ़ाकर तत्काल 180 रेक प्रतिदिन कर दिया जाए। इनमें से 145 रेक विद्युत क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं। विद्युत उत्पादक संघ के महानिदेशक अशोक खुराना ने कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए इस पहले कदम का हम स्वागत करते हैं। इससे तात्कालिक कोयला संकट से निपटने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी। कोयले की कमी के पीछे मुख्य कारण कोयला उत्पादन वाले कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश, सरकारी स्वामित्व वाले कोल इंडिया के कामगारों द्वारा पिछले सप्ताह किया गया दो दिवसीय हड़ताल और आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर जारी हड़ताल से खनन में पैदा हुआ व्यवधान शामिल हैं। इसके परिणामस्वरूप देश में विद्युत उत्पादन की सबसे बड़ी कंपनी, सरकारी स्वामित्व वाली राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की कई इकाइयों में दो दिनों से कोयले की आपूर्ति ठप है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से दिल्ली, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बिजली की कमी ने देशव्यापी संकट का रूप अख्तियार कर लिया है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 'रैम्बो' कहे जाने पर बीजेपी की प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि 'डम्बो' और 'स्कैम्बो' होने से कहीं अच्छा है 'रैम्बो' होना।टिप्पणियां मामला तब शुरू हुआ जब मोदी उत्तराखंड पहुंचे और मीडिया में खबरें चलने लगीं कि मोदी ने कहा है कि वह 15000 गुजराती लोगों को बचाकर लाए हैं। वहीं से मोदी को 'रैम्बो' कहकर उनकी आलोचना शुरू हुई थी। इससे बाद सोमवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर नीतीश ने एक बार फिर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि मैं कोई 'रैम्बो' नहीं हूं कि उत्तराखंड जाकर बिहार के लोगों को बचा लूं।   दरअसल, इससे पहले बीजेपी ने नीतीश कुमार की आलोचना यह कहकर की थी गुजरात की सरकार उत्तराखंड में फंसे लोगों के राहत के लिए बहुत कुछ कर रही है।   बिहार बीजेपी का आरोप है कि उत्तराखंड में फंसे बिहार को लोगों के लिए बिहार सरकार कुछ नहीं कर रही है। बिहार बीजेपी के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि दूसरी राज्य सरकारों के मुकाबले बिहार सरकार संवेदनहीन है। मामला तब शुरू हुआ जब मोदी उत्तराखंड पहुंचे और मीडिया में खबरें चलने लगीं कि मोदी ने कहा है कि वह 15000 गुजराती लोगों को बचाकर लाए हैं। वहीं से मोदी को 'रैम्बो' कहकर उनकी आलोचना शुरू हुई थी। इससे बाद सोमवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर नीतीश ने एक बार फिर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि मैं कोई 'रैम्बो' नहीं हूं कि उत्तराखंड जाकर बिहार के लोगों को बचा लूं।   दरअसल, इससे पहले बीजेपी ने नीतीश कुमार की आलोचना यह कहकर की थी गुजरात की सरकार उत्तराखंड में फंसे लोगों के राहत के लिए बहुत कुछ कर रही है।   बिहार बीजेपी का आरोप है कि उत्तराखंड में फंसे बिहार को लोगों के लिए बिहार सरकार कुछ नहीं कर रही है। बिहार बीजेपी के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि दूसरी राज्य सरकारों के मुकाबले बिहार सरकार संवेदनहीन है। इससे बाद सोमवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर नीतीश ने एक बार फिर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि मैं कोई 'रैम्बो' नहीं हूं कि उत्तराखंड जाकर बिहार के लोगों को बचा लूं।   दरअसल, इससे पहले बीजेपी ने नीतीश कुमार की आलोचना यह कहकर की थी गुजरात की सरकार उत्तराखंड में फंसे लोगों के राहत के लिए बहुत कुछ कर रही है।   बिहार बीजेपी का आरोप है कि उत्तराखंड में फंसे बिहार को लोगों के लिए बिहार सरकार कुछ नहीं कर रही है। बिहार बीजेपी के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि दूसरी राज्य सरकारों के मुकाबले बिहार सरकार संवेदनहीन है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह कहकर निशाना साधा कि मैं कोई 'रैम्बो' नहीं हूं कि उत्तराखंड जाकर बिहार के लोगों को बचा लूं।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: विपक्ष के आरोपों के बीच बुधवार को सत्‍ताधारी अन्‍नाडीएमके ने संकेत दिया कि वित्‍त मंत्री जयललिता ने वित्‍त मंत्री ओ पनीरसेल्‍वम को उनके विभाग सौंपे जाने पर मौखिक सहमति दी थी. पार्टी ने यह भी कहा कि डॉक्‍टरों के मुताबिक ''जयललिता तेजी से स्‍वस्‍थ हो रही हैं और अखबार भी पढ़ने लगी हैं.'' अन्‍नाडीएमके प्रवक्‍ता सीआर सरस्‍वती ने NDTV से कहा, ''पनीरसेल्‍वम को उनके विभागों का कामकाज संबंधी संदेश जयललिता को भेजा गया था जिस पर उन्‍होंने 'सहमति' दी. संक्रमण के चलते हर कोई जयललिता के पास नहीं जा सकता. केवल डॉक्‍टर ही जा सकते हैं और इसी तरह उनको संदेश दिया गया. मुख्‍यमंत्री की सलाह के बिना, अन्‍नाडीएमके में कुछ नहीं होता.'' सरस्‍वती ने यह भी कहा, ''डॉक्‍टरों के मुताबिक जयललिता अखबार पढ़ने लगी हैं और तेजी से स्‍वस्‍थ हो रही हैं. अस्‍पताल इस मामले में झूठी रिपोर्ट नहीं देगा.'' अन्‍नाडीएमके की प्रतिक्रिया ऐसे वक्‍त आई है जब मुख्‍य विपक्षी पार्टी डीएमके के मुखिया एम करुणानिधि ने बुधवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव के उस बयान पर 'आश्‍चर्य' व्‍यक्‍त किया जिसमें कहा गया है कि मुख्‍यमंत्री जयललिता की 'सलाह' पर उनके आठ विभाग का कामकाज वित्‍त मंत्री ओ पनीरसेल्‍वम को सौंपा जा रहा है. उन्‍होंने अपने बयान में कहा, ''कुछ लोगों के जे़हन में यह सवाल उठ रहा है कि पनीरसेल्‍वम को कामकाज सौंपने संबंधी सलाह वाली फाइल पर क्‍या मुख्‍यमंत्री ने हस्‍ताक्षर किए हैं.'' इसी तरह पीएमके नेता एस रामदास ने सवाल किया कि गवर्नर को बताना चाहिए कि आखिर किस तरह जयललिता ने यह बदलाव संबंधी सलाह उन्‍हें दी. उन्‍होंने कहा, ''गवर्नर को असंबंधित लोगों को सरकारी मशीनरी पर नियंत्रण का अधिकार नहीं देना चाहिए. हर चीज संविधान के अनुसार होनी चाहिए. जब तक गवर्नर स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं करते तब तक तमिलनाडु में शासन के संबंध में संशय बना रहेगा.''टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली राज्‍य की मुख्‍यमंत्री जयललिता के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने के लिए बुधवार को चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्‍टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है. अमित शाह और अरुण जेटली अस्‍पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्‍यमंत्री के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने अस्‍पताल गए थे  और उनके ''जल्‍दी स्‍वस्‍थ'' होने की कामना की. अन्‍नाडीएमके प्रवक्‍ता सीआर सरस्‍वती ने NDTV से कहा, ''पनीरसेल्‍वम को उनके विभागों का कामकाज संबंधी संदेश जयललिता को भेजा गया था जिस पर उन्‍होंने 'सहमति' दी. संक्रमण के चलते हर कोई जयललिता के पास नहीं जा सकता. केवल डॉक्‍टर ही जा सकते हैं और इसी तरह उनको संदेश दिया गया. मुख्‍यमंत्री की सलाह के बिना, अन्‍नाडीएमके में कुछ नहीं होता.'' सरस्‍वती ने यह भी कहा, ''डॉक्‍टरों के मुताबिक जयललिता अखबार पढ़ने लगी हैं और तेजी से स्‍वस्‍थ हो रही हैं. अस्‍पताल इस मामले में झूठी रिपोर्ट नहीं देगा.'' अन्‍नाडीएमके की प्रतिक्रिया ऐसे वक्‍त आई है जब मुख्‍य विपक्षी पार्टी डीएमके के मुखिया एम करुणानिधि ने बुधवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव के उस बयान पर 'आश्‍चर्य' व्‍यक्‍त किया जिसमें कहा गया है कि मुख्‍यमंत्री जयललिता की 'सलाह' पर उनके आठ विभाग का कामकाज वित्‍त मंत्री ओ पनीरसेल्‍वम को सौंपा जा रहा है. उन्‍होंने अपने बयान में कहा, ''कुछ लोगों के जे़हन में यह सवाल उठ रहा है कि पनीरसेल्‍वम को कामकाज सौंपने संबंधी सलाह वाली फाइल पर क्‍या मुख्‍यमंत्री ने हस्‍ताक्षर किए हैं.'' इसी तरह पीएमके नेता एस रामदास ने सवाल किया कि गवर्नर को बताना चाहिए कि आखिर किस तरह जयललिता ने यह बदलाव संबंधी सलाह उन्‍हें दी. उन्‍होंने कहा, ''गवर्नर को असंबंधित लोगों को सरकारी मशीनरी पर नियंत्रण का अधिकार नहीं देना चाहिए. हर चीज संविधान के अनुसार होनी चाहिए. जब तक गवर्नर स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं करते तब तक तमिलनाडु में शासन के संबंध में संशय बना रहेगा.''टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली राज्‍य की मुख्‍यमंत्री जयललिता के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने के लिए बुधवार को चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्‍टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है. अमित शाह और अरुण जेटली अस्‍पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्‍यमंत्री के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने अस्‍पताल गए थे  और उनके ''जल्‍दी स्‍वस्‍थ'' होने की कामना की. सरस्‍वती ने यह भी कहा, ''डॉक्‍टरों के मुताबिक जयललिता अखबार पढ़ने लगी हैं और तेजी से स्‍वस्‍थ हो रही हैं. अस्‍पताल इस मामले में झूठी रिपोर्ट नहीं देगा.'' अन्‍नाडीएमके की प्रतिक्रिया ऐसे वक्‍त आई है जब मुख्‍य विपक्षी पार्टी डीएमके के मुखिया एम करुणानिधि ने बुधवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव के उस बयान पर 'आश्‍चर्य' व्‍यक्‍त किया जिसमें कहा गया है कि मुख्‍यमंत्री जयललिता की 'सलाह' पर उनके आठ विभाग का कामकाज वित्‍त मंत्री ओ पनीरसेल्‍वम को सौंपा जा रहा है. उन्‍होंने अपने बयान में कहा, ''कुछ लोगों के जे़हन में यह सवाल उठ रहा है कि पनीरसेल्‍वम को कामकाज सौंपने संबंधी सलाह वाली फाइल पर क्‍या मुख्‍यमंत्री ने हस्‍ताक्षर किए हैं.'' इसी तरह पीएमके नेता एस रामदास ने सवाल किया कि गवर्नर को बताना चाहिए कि आखिर किस तरह जयललिता ने यह बदलाव संबंधी सलाह उन्‍हें दी. उन्‍होंने कहा, ''गवर्नर को असंबंधित लोगों को सरकारी मशीनरी पर नियंत्रण का अधिकार नहीं देना चाहिए. हर चीज संविधान के अनुसार होनी चाहिए. जब तक गवर्नर स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं करते तब तक तमिलनाडु में शासन के संबंध में संशय बना रहेगा.''टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली राज्‍य की मुख्‍यमंत्री जयललिता के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने के लिए बुधवार को चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्‍टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है. अमित शाह और अरुण जेटली अस्‍पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्‍यमंत्री के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने अस्‍पताल गए थे  और उनके ''जल्‍दी स्‍वस्‍थ'' होने की कामना की. अन्‍नाडीएमके की प्रतिक्रिया ऐसे वक्‍त आई है जब मुख्‍य विपक्षी पार्टी डीएमके के मुखिया एम करुणानिधि ने बुधवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव के उस बयान पर 'आश्‍चर्य' व्‍यक्‍त किया जिसमें कहा गया है कि मुख्‍यमंत्री जयललिता की 'सलाह' पर उनके आठ विभाग का कामकाज वित्‍त मंत्री ओ पनीरसेल्‍वम को सौंपा जा रहा है. उन्‍होंने अपने बयान में कहा, ''कुछ लोगों के जे़हन में यह सवाल उठ रहा है कि पनीरसेल्‍वम को कामकाज सौंपने संबंधी सलाह वाली फाइल पर क्‍या मुख्‍यमंत्री ने हस्‍ताक्षर किए हैं.'' इसी तरह पीएमके नेता एस रामदास ने सवाल किया कि गवर्नर को बताना चाहिए कि आखिर किस तरह जयललिता ने यह बदलाव संबंधी सलाह उन्‍हें दी. उन्‍होंने कहा, ''गवर्नर को असंबंधित लोगों को सरकारी मशीनरी पर नियंत्रण का अधिकार नहीं देना चाहिए. हर चीज संविधान के अनुसार होनी चाहिए. जब तक गवर्नर स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं करते तब तक तमिलनाडु में शासन के संबंध में संशय बना रहेगा.''टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली राज्‍य की मुख्‍यमंत्री जयललिता के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने के लिए बुधवार को चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्‍टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है. अमित शाह और अरुण जेटली अस्‍पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्‍यमंत्री के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने अस्‍पताल गए थे  और उनके ''जल्‍दी स्‍वस्‍थ'' होने की कामना की. इसी तरह पीएमके नेता एस रामदास ने सवाल किया कि गवर्नर को बताना चाहिए कि आखिर किस तरह जयललिता ने यह बदलाव संबंधी सलाह उन्‍हें दी. उन्‍होंने कहा, ''गवर्नर को असंबंधित लोगों को सरकारी मशीनरी पर नियंत्रण का अधिकार नहीं देना चाहिए. हर चीज संविधान के अनुसार होनी चाहिए. जब तक गवर्नर स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं करते तब तक तमिलनाडु में शासन के संबंध में संशय बना रहेगा.''टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली राज्‍य की मुख्‍यमंत्री जयललिता के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने के लिए बुधवार को चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्‍टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है. अमित शाह और अरुण जेटली अस्‍पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्‍यमंत्री के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने अस्‍पताल गए थे  और उनके ''जल्‍दी स्‍वस्‍थ'' होने की कामना की. उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली राज्‍य की मुख्‍यमंत्री जयललिता के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने के लिए बुधवार को चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्‍टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है. अमित शाह और अरुण जेटली अस्‍पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्‍यमंत्री के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने अस्‍पताल गए थे  और उनके ''जल्‍दी स्‍वस्‍थ'' होने की कामना की. अमित शाह और अरुण जेटली अस्‍पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्‍यमंत्री के स्‍वास्‍थ्‍य का हाल-चाल लेने अस्‍पताल गए थे  और उनके ''जल्‍दी स्‍वस्‍थ'' होने की कामना की.
पार्टी ने जयललिता के मौखिक सहमति देने का दिया संकेत विपक्षी नेताओं करुणानिधि और रामदास ने उठाए थे सवाल बुधवार को अमित शाह और अरुण जेटली भी जया का हालचाल लेने पहुंचे
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने बुधवार को टीम अन्ना पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उन मुद्दों को उठा रहे हैं जिन्हें उच्चतम न्यायालय खारिज कर चुका है और अगर उन्हें उसपर भी विश्वास नहीं है तो वे संयुक्त राष्ट्र से संपर्क कर सकते हैं। कानून मंत्री ने कहा, ‘‘उन्हें संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखना चाहिए। भारत में उच्चतम न्यायालय से अधिक स्वतंत्र क्या हो सकता है। वे ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच चाहते हैं जिन्हें उच्चतम न्यायालय खारिज और नामंजूर कर चुका है।’’ टीमअन्ना उन 15 केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच गठित करने की मांग कर रही हैं जिनके खिलाफ उन्होंने कुछ आरोप लगाए हैं। सरकार मांग को पहले ही खारिज कर चुकी है। टीम अन्ना ने मजबूत लोकपाल के गठन और केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष दल के गठन की मांग को लेकर आज अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। टीम अन्ना पार्टी प्रमुखों और सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामलों की त्वरित जांच फास्ट ट्रैक अदालत से कराने की भी मांग कर रही है। टिप्पणियां टीम के इस आरोप को खारिज करते हुए कि लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार गंभीर नहीं है, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि प्रस्तावित कानून की समीक्षा संसद की प्रवर समिति कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है। इसे राज्यसभा में लाया गया है जो आवश्यक है। 185 से ज्यादा संशोधन हैं। इस पर काफी बहस हो चुकी है। इसे पारित नहीं किया जा सका।’’ कानून मंत्री ने कहा, ‘‘उन्हें संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखना चाहिए। भारत में उच्चतम न्यायालय से अधिक स्वतंत्र क्या हो सकता है। वे ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच चाहते हैं जिन्हें उच्चतम न्यायालय खारिज और नामंजूर कर चुका है।’’ टीमअन्ना उन 15 केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच गठित करने की मांग कर रही हैं जिनके खिलाफ उन्होंने कुछ आरोप लगाए हैं। सरकार मांग को पहले ही खारिज कर चुकी है। टीम अन्ना ने मजबूत लोकपाल के गठन और केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष दल के गठन की मांग को लेकर आज अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। टीम अन्ना पार्टी प्रमुखों और सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामलों की त्वरित जांच फास्ट ट्रैक अदालत से कराने की भी मांग कर रही है। टिप्पणियां टीम के इस आरोप को खारिज करते हुए कि लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार गंभीर नहीं है, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि प्रस्तावित कानून की समीक्षा संसद की प्रवर समिति कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है। इसे राज्यसभा में लाया गया है जो आवश्यक है। 185 से ज्यादा संशोधन हैं। इस पर काफी बहस हो चुकी है। इसे पारित नहीं किया जा सका।’’ टीम अन्ना ने मजबूत लोकपाल के गठन और केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष दल के गठन की मांग को लेकर आज अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। टीम अन्ना पार्टी प्रमुखों और सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामलों की त्वरित जांच फास्ट ट्रैक अदालत से कराने की भी मांग कर रही है। टिप्पणियां टीम के इस आरोप को खारिज करते हुए कि लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार गंभीर नहीं है, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि प्रस्तावित कानून की समीक्षा संसद की प्रवर समिति कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है। इसे राज्यसभा में लाया गया है जो आवश्यक है। 185 से ज्यादा संशोधन हैं। इस पर काफी बहस हो चुकी है। इसे पारित नहीं किया जा सका।’’ टीम के इस आरोप को खारिज करते हुए कि लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार गंभीर नहीं है, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि प्रस्तावित कानून की समीक्षा संसद की प्रवर समिति कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है। इसे राज्यसभा में लाया गया है जो आवश्यक है। 185 से ज्यादा संशोधन हैं। इस पर काफी बहस हो चुकी है। इसे पारित नहीं किया जा सका।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है। इसे राज्यसभा में लाया गया है जो आवश्यक है। 185 से ज्यादा संशोधन हैं। इस पर काफी बहस हो चुकी है। इसे पारित नहीं किया जा सका।’’
सारांश: सलमान खुर्शीद ने टीम अन्ना पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उन मुद्दों को उठा रहे हैं जिन्हें उच्चतम न्यायालय खारिज कर चुका है और अगर उन्हें उसपर भी विश्वास नहीं है तो वे संयुक्त राष्ट्र से संपर्क कर सकते हैं।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय एकदिवसीय टीम से अंदर बाहर होते रहे रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उनकी निगाहें उन आठ टेस्ट मैचों पर टिकी हैं, जिन्हें भारतीय टीम इस सत्र में घरेलू सरजमीं पर खेलेगी। मुंबई की तरफ से रेलवे के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले पहले रणजी ट्रॉफी मैच की तैयारियों में जुटे रोहित ने कहा, मैं शुरू से ही इसके लिए काम कर रहा हूं। कुछ चीजें ऐसी हैं, जो मेरे दिमाग में नहीं हैं। जो भी मेरे हाथ में है मैं वैसा करने की कोशिश करूंगा। मुझे अपना कौशल दिखाने का वास्तविक मौका मिलेगा। मैं अच्छा प्रदर्शन करके बाकी चयनकर्ताओं पर छोड़ना चाहूंगा। रोहित ने अब तक 85 वनडे और 32 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं तथा वह आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियन्स के प्रमुख सदस्य हैं। उन्होंने हालांकि अब तक टेस्ट मैच नहीं खेला है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, मैं सत्र की सकारात्मक शुरुआत करना चाहता हूं। यह घरेलू सरजमीं पर हमारा महत्वपूर्ण मैच होगा। मुझे सकारात्मक रहने की जरूरत है और मैच शुरू होने से पहले मैं सही मानसिक स्थिति में हूं। रोहित को खुशी है कि सचिन तेंदुलकर और जहीर खान ने मैच में खेलने का फैसला किया। उन्होंने कहा, यह मुंबई क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है। इससे पहले भी उन्होंने मेरे लिए मैच जीते हैं। खिलाड़ियों को इससे सीखने को मिलेगा। रोहित ने अब तक 85 वनडे और 32 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं तथा वह आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियन्स के प्रमुख सदस्य हैं। उन्होंने हालांकि अब तक टेस्ट मैच नहीं खेला है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, मैं सत्र की सकारात्मक शुरुआत करना चाहता हूं। यह घरेलू सरजमीं पर हमारा महत्वपूर्ण मैच होगा। मुझे सकारात्मक रहने की जरूरत है और मैच शुरू होने से पहले मैं सही मानसिक स्थिति में हूं। रोहित को खुशी है कि सचिन तेंदुलकर और जहीर खान ने मैच में खेलने का फैसला किया। उन्होंने कहा, यह मुंबई क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है। इससे पहले भी उन्होंने मेरे लिए मैच जीते हैं। खिलाड़ियों को इससे सीखने को मिलेगा।
यह एक सारांश है: राष्ट्रीय एकदिवसीय टीम से अंदर बाहर होते रहे रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उनकी निगाहें उन आठ टेस्ट मैचों पर टिकी हैं, जिन्हें भारतीय टीम इस सत्र में घरेलू सरजमीं पर खेलेगी।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण यूपी विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार अन्‍य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) में रोजगार संकट के बीच इस दिशा में सकारात्‍मक पहल करने जा रही है. यानी इसके लिए नीतिगत स्‍तर पर तैयारी हो रही है. इस संबंध में सामाजिक न्‍याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा, ''मंत्रालय पिछड़े वर्गों के लिए राष्‍ट्रीय आयोग के प्रस्‍ताव पर विचार कर रहा है और अगले कुछ महीने के भीतर नई क्रीमी लेयर या कट-ऑफ स्‍तर की घोषणा की जाएगी.'' दरअसल अगले साल मार्च से पहले यूपी में चुनाव होने जा रहे हैं और लगभग सभी 403 सीटों पर ये पिछड़ा वर्ग प्रभावी भूमिका में है. दरअसल सरकारी नौकरियों और राज्‍य की शैक्षणिक संस्‍थाओं में 22.5 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जातियों (एससी) और जनजातियों के लिए आरक्षित हैं. इसके अतिरिक्‍त 1993 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी के लिए सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण पर मुहर लगाई. लेकिन साथ ही कोर्ट ने यह व्‍यवस्‍था भी दी कि सालाना एक निश्चित आय वर्ग वाले लोगों के लिए 'क्रीमी लेयर' की सीमा का निर्धारण होना चाहिए और इसके दायरे में आने वाले लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को हर तीन साल में क्रीमी लेयर की समीक्षा करनी चाहिए लेकिन वास्‍तव में पिछले दो दशकों में इसकी समीक्षा केवल तीन बार ही हुई है. सबसे हाल में 2011 में इसकी समीक्षा हुई और छह लाख रुपये वार्षिक आय को क्रीमी लेयर के तहत लाया गया. इस बीच पिछड़ा वर्ग राष्‍ट्रीय आयोग ने बार-बार इस कट-ऑफ को बढ़ाने की बात कही लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया. वास्‍तव में इसमें यह चुनौती रही है कि ऐतिहासिक रूप से कमजोर तबकों को तो संरक्षण दिया जाए लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी जातियां जो परंपरागत रूप से प्रभावशाली रही हैं लेकिन अब आर्थिक रूप से पिछड़ी हैं, वे कहीं विकास की दौड़ में कहीं पीछे नहीं रह जाएं.  2015 में पेश अपनी पिछली रिपोर्ट में आयोग ने इस कट-ऑफ को बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की सिफारिश की थी. पिछले कुछ दशकों में कुर्मी और यादव जैसी जातियां आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से प्रभावी हुई हैं. ओबीसी श्रेणी से ताल्‍लुक रखने वाले ज्‍यादातर ग्रेजुएट इन्‍हीं जातियों से ताल्‍लुक रखते हैं और वे क्रीमी लेयर के दायरे को पार कर रहे हैं, इसका मतलब है कि उनको सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती. वहीं दूसरी ओर बेहद गरीब जातियां अपने बच्‍चों के लिए उच्‍च शिक्षा का इंतजाम नहीं कर पातीं, इसका भी मतलब यह हुआ कि उन बच्‍चों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिल पाएगी. इन वजहों से ही 27 प्रतिशत कोटा उपलब्‍ध होने के बावजूद इनकी हिस्‍सेदारी महज 12 प्रतिशत है. आयोग के सदस्‍य एसके खारवेंथन का कहना है, ''सरकार ने 2014 में संसद में स्‍वीकार किया था कि सुप्रीम कोर्ट के 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे के निर्णय के 20 साल बाद भी ओबीसी का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्‍व महज 12 प्रतिशत है.''टिप्पणियां बाराबंकी के एक गांव में पंचायत के एक चबूतरे पर बैठे कुछ युवा सदस्‍यों के समूह में से एक राहुल यादव ने चार साल पहले ग्रेजुएट किया था और सरकारी नौकरी को पाने की कोशिशें की. लेकिन उसके पिता की सालाना आमदनी सात लाख रुपये से ज्‍यादा है. इस कारण ओबीसी श्रेणी को होने के बावजूद क्रीमी लेयर के दायरे में आने के कारण उसको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. नतीजतन अब वह खेती कर रहा है. उसका कहना है, ''क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 8-10 लाख  की जानी चाहिए, ऐसा नहीं होने पर सबसे योग्‍य पिछड़ों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी.'' ऐसे में नवंबर में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की उम्‍मीद है, इससे सरकार को निचली जातियों में लोकप्रियता बढ़ने की उम्‍मीद है लेकिन इससे परंपरागत रूप से बीजेपी का समर्थन करने वाली ऊंची जातियां छिटक सकती हैं. इसलिए सूत्रों का कहना है कि आयोग की क्रीमी लेयर की 15 लाख की सीमा की सिफारिशों के बावजूद सरकार उससे कहीं नीचे ही इसका निर्धारण कर सकती है. दरअसल सरकारी नौकरियों और राज्‍य की शैक्षणिक संस्‍थाओं में 22.5 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जातियों (एससी) और जनजातियों के लिए आरक्षित हैं. इसके अतिरिक्‍त 1993 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी के लिए सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण पर मुहर लगाई. लेकिन साथ ही कोर्ट ने यह व्‍यवस्‍था भी दी कि सालाना एक निश्चित आय वर्ग वाले लोगों के लिए 'क्रीमी लेयर' की सीमा का निर्धारण होना चाहिए और इसके दायरे में आने वाले लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को हर तीन साल में क्रीमी लेयर की समीक्षा करनी चाहिए लेकिन वास्‍तव में पिछले दो दशकों में इसकी समीक्षा केवल तीन बार ही हुई है. सबसे हाल में 2011 में इसकी समीक्षा हुई और छह लाख रुपये वार्षिक आय को क्रीमी लेयर के तहत लाया गया. इस बीच पिछड़ा वर्ग राष्‍ट्रीय आयोग ने बार-बार इस कट-ऑफ को बढ़ाने की बात कही लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया. वास्‍तव में इसमें यह चुनौती रही है कि ऐतिहासिक रूप से कमजोर तबकों को तो संरक्षण दिया जाए लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी जातियां जो परंपरागत रूप से प्रभावशाली रही हैं लेकिन अब आर्थिक रूप से पिछड़ी हैं, वे कहीं विकास की दौड़ में कहीं पीछे नहीं रह जाएं.  2015 में पेश अपनी पिछली रिपोर्ट में आयोग ने इस कट-ऑफ को बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की सिफारिश की थी. पिछले कुछ दशकों में कुर्मी और यादव जैसी जातियां आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से प्रभावी हुई हैं. ओबीसी श्रेणी से ताल्‍लुक रखने वाले ज्‍यादातर ग्रेजुएट इन्‍हीं जातियों से ताल्‍लुक रखते हैं और वे क्रीमी लेयर के दायरे को पार कर रहे हैं, इसका मतलब है कि उनको सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती. वहीं दूसरी ओर बेहद गरीब जातियां अपने बच्‍चों के लिए उच्‍च शिक्षा का इंतजाम नहीं कर पातीं, इसका भी मतलब यह हुआ कि उन बच्‍चों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिल पाएगी. इन वजहों से ही 27 प्रतिशत कोटा उपलब्‍ध होने के बावजूद इनकी हिस्‍सेदारी महज 12 प्रतिशत है. आयोग के सदस्‍य एसके खारवेंथन का कहना है, ''सरकार ने 2014 में संसद में स्‍वीकार किया था कि सुप्रीम कोर्ट के 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे के निर्णय के 20 साल बाद भी ओबीसी का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्‍व महज 12 प्रतिशत है.''टिप्पणियां बाराबंकी के एक गांव में पंचायत के एक चबूतरे पर बैठे कुछ युवा सदस्‍यों के समूह में से एक राहुल यादव ने चार साल पहले ग्रेजुएट किया था और सरकारी नौकरी को पाने की कोशिशें की. लेकिन उसके पिता की सालाना आमदनी सात लाख रुपये से ज्‍यादा है. इस कारण ओबीसी श्रेणी को होने के बावजूद क्रीमी लेयर के दायरे में आने के कारण उसको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. नतीजतन अब वह खेती कर रहा है. उसका कहना है, ''क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 8-10 लाख  की जानी चाहिए, ऐसा नहीं होने पर सबसे योग्‍य पिछड़ों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी.'' ऐसे में नवंबर में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की उम्‍मीद है, इससे सरकार को निचली जातियों में लोकप्रियता बढ़ने की उम्‍मीद है लेकिन इससे परंपरागत रूप से बीजेपी का समर्थन करने वाली ऊंची जातियां छिटक सकती हैं. इसलिए सूत्रों का कहना है कि आयोग की क्रीमी लेयर की 15 लाख की सीमा की सिफारिशों के बावजूद सरकार उससे कहीं नीचे ही इसका निर्धारण कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को हर तीन साल में क्रीमी लेयर की समीक्षा करनी चाहिए लेकिन वास्‍तव में पिछले दो दशकों में इसकी समीक्षा केवल तीन बार ही हुई है. सबसे हाल में 2011 में इसकी समीक्षा हुई और छह लाख रुपये वार्षिक आय को क्रीमी लेयर के तहत लाया गया. इस बीच पिछड़ा वर्ग राष्‍ट्रीय आयोग ने बार-बार इस कट-ऑफ को बढ़ाने की बात कही लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया. वास्‍तव में इसमें यह चुनौती रही है कि ऐतिहासिक रूप से कमजोर तबकों को तो संरक्षण दिया जाए लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी जातियां जो परंपरागत रूप से प्रभावशाली रही हैं लेकिन अब आर्थिक रूप से पिछड़ी हैं, वे कहीं विकास की दौड़ में कहीं पीछे नहीं रह जाएं.  2015 में पेश अपनी पिछली रिपोर्ट में आयोग ने इस कट-ऑफ को बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की सिफारिश की थी. पिछले कुछ दशकों में कुर्मी और यादव जैसी जातियां आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से प्रभावी हुई हैं. ओबीसी श्रेणी से ताल्‍लुक रखने वाले ज्‍यादातर ग्रेजुएट इन्‍हीं जातियों से ताल्‍लुक रखते हैं और वे क्रीमी लेयर के दायरे को पार कर रहे हैं, इसका मतलब है कि उनको सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती. वहीं दूसरी ओर बेहद गरीब जातियां अपने बच्‍चों के लिए उच्‍च शिक्षा का इंतजाम नहीं कर पातीं, इसका भी मतलब यह हुआ कि उन बच्‍चों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिल पाएगी. इन वजहों से ही 27 प्रतिशत कोटा उपलब्‍ध होने के बावजूद इनकी हिस्‍सेदारी महज 12 प्रतिशत है. आयोग के सदस्‍य एसके खारवेंथन का कहना है, ''सरकार ने 2014 में संसद में स्‍वीकार किया था कि सुप्रीम कोर्ट के 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे के निर्णय के 20 साल बाद भी ओबीसी का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्‍व महज 12 प्रतिशत है.''टिप्पणियां बाराबंकी के एक गांव में पंचायत के एक चबूतरे पर बैठे कुछ युवा सदस्‍यों के समूह में से एक राहुल यादव ने चार साल पहले ग्रेजुएट किया था और सरकारी नौकरी को पाने की कोशिशें की. लेकिन उसके पिता की सालाना आमदनी सात लाख रुपये से ज्‍यादा है. इस कारण ओबीसी श्रेणी को होने के बावजूद क्रीमी लेयर के दायरे में आने के कारण उसको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. नतीजतन अब वह खेती कर रहा है. उसका कहना है, ''क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 8-10 लाख  की जानी चाहिए, ऐसा नहीं होने पर सबसे योग्‍य पिछड़ों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी.'' ऐसे में नवंबर में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की उम्‍मीद है, इससे सरकार को निचली जातियों में लोकप्रियता बढ़ने की उम्‍मीद है लेकिन इससे परंपरागत रूप से बीजेपी का समर्थन करने वाली ऊंची जातियां छिटक सकती हैं. इसलिए सूत्रों का कहना है कि आयोग की क्रीमी लेयर की 15 लाख की सीमा की सिफारिशों के बावजूद सरकार उससे कहीं नीचे ही इसका निर्धारण कर सकती है. इस बीच पिछड़ा वर्ग राष्‍ट्रीय आयोग ने बार-बार इस कट-ऑफ को बढ़ाने की बात कही लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया. वास्‍तव में इसमें यह चुनौती रही है कि ऐतिहासिक रूप से कमजोर तबकों को तो संरक्षण दिया जाए लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी जातियां जो परंपरागत रूप से प्रभावशाली रही हैं लेकिन अब आर्थिक रूप से पिछड़ी हैं, वे कहीं विकास की दौड़ में कहीं पीछे नहीं रह जाएं.  2015 में पेश अपनी पिछली रिपोर्ट में आयोग ने इस कट-ऑफ को बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की सिफारिश की थी. पिछले कुछ दशकों में कुर्मी और यादव जैसी जातियां आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से प्रभावी हुई हैं. ओबीसी श्रेणी से ताल्‍लुक रखने वाले ज्‍यादातर ग्रेजुएट इन्‍हीं जातियों से ताल्‍लुक रखते हैं और वे क्रीमी लेयर के दायरे को पार कर रहे हैं, इसका मतलब है कि उनको सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती. वहीं दूसरी ओर बेहद गरीब जातियां अपने बच्‍चों के लिए उच्‍च शिक्षा का इंतजाम नहीं कर पातीं, इसका भी मतलब यह हुआ कि उन बच्‍चों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिल पाएगी. इन वजहों से ही 27 प्रतिशत कोटा उपलब्‍ध होने के बावजूद इनकी हिस्‍सेदारी महज 12 प्रतिशत है. आयोग के सदस्‍य एसके खारवेंथन का कहना है, ''सरकार ने 2014 में संसद में स्‍वीकार किया था कि सुप्रीम कोर्ट के 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे के निर्णय के 20 साल बाद भी ओबीसी का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्‍व महज 12 प्रतिशत है.''टिप्पणियां बाराबंकी के एक गांव में पंचायत के एक चबूतरे पर बैठे कुछ युवा सदस्‍यों के समूह में से एक राहुल यादव ने चार साल पहले ग्रेजुएट किया था और सरकारी नौकरी को पाने की कोशिशें की. लेकिन उसके पिता की सालाना आमदनी सात लाख रुपये से ज्‍यादा है. इस कारण ओबीसी श्रेणी को होने के बावजूद क्रीमी लेयर के दायरे में आने के कारण उसको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. नतीजतन अब वह खेती कर रहा है. उसका कहना है, ''क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 8-10 लाख  की जानी चाहिए, ऐसा नहीं होने पर सबसे योग्‍य पिछड़ों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी.'' ऐसे में नवंबर में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की उम्‍मीद है, इससे सरकार को निचली जातियों में लोकप्रियता बढ़ने की उम्‍मीद है लेकिन इससे परंपरागत रूप से बीजेपी का समर्थन करने वाली ऊंची जातियां छिटक सकती हैं. इसलिए सूत्रों का कहना है कि आयोग की क्रीमी लेयर की 15 लाख की सीमा की सिफारिशों के बावजूद सरकार उससे कहीं नीचे ही इसका निर्धारण कर सकती है.  2015 में पेश अपनी पिछली रिपोर्ट में आयोग ने इस कट-ऑफ को बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की सिफारिश की थी. पिछले कुछ दशकों में कुर्मी और यादव जैसी जातियां आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से प्रभावी हुई हैं. ओबीसी श्रेणी से ताल्‍लुक रखने वाले ज्‍यादातर ग्रेजुएट इन्‍हीं जातियों से ताल्‍लुक रखते हैं और वे क्रीमी लेयर के दायरे को पार कर रहे हैं, इसका मतलब है कि उनको सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती. वहीं दूसरी ओर बेहद गरीब जातियां अपने बच्‍चों के लिए उच्‍च शिक्षा का इंतजाम नहीं कर पातीं, इसका भी मतलब यह हुआ कि उन बच्‍चों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिल पाएगी. इन वजहों से ही 27 प्रतिशत कोटा उपलब्‍ध होने के बावजूद इनकी हिस्‍सेदारी महज 12 प्रतिशत है. आयोग के सदस्‍य एसके खारवेंथन का कहना है, ''सरकार ने 2014 में संसद में स्‍वीकार किया था कि सुप्रीम कोर्ट के 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे के निर्णय के 20 साल बाद भी ओबीसी का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्‍व महज 12 प्रतिशत है.''टिप्पणियां बाराबंकी के एक गांव में पंचायत के एक चबूतरे पर बैठे कुछ युवा सदस्‍यों के समूह में से एक राहुल यादव ने चार साल पहले ग्रेजुएट किया था और सरकारी नौकरी को पाने की कोशिशें की. लेकिन उसके पिता की सालाना आमदनी सात लाख रुपये से ज्‍यादा है. इस कारण ओबीसी श्रेणी को होने के बावजूद क्रीमी लेयर के दायरे में आने के कारण उसको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. नतीजतन अब वह खेती कर रहा है. उसका कहना है, ''क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 8-10 लाख  की जानी चाहिए, ऐसा नहीं होने पर सबसे योग्‍य पिछड़ों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी.'' ऐसे में नवंबर में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की उम्‍मीद है, इससे सरकार को निचली जातियों में लोकप्रियता बढ़ने की उम्‍मीद है लेकिन इससे परंपरागत रूप से बीजेपी का समर्थन करने वाली ऊंची जातियां छिटक सकती हैं. इसलिए सूत्रों का कहना है कि आयोग की क्रीमी लेयर की 15 लाख की सीमा की सिफारिशों के बावजूद सरकार उससे कहीं नीचे ही इसका निर्धारण कर सकती है. वहीं दूसरी ओर बेहद गरीब जातियां अपने बच्‍चों के लिए उच्‍च शिक्षा का इंतजाम नहीं कर पातीं, इसका भी मतलब यह हुआ कि उन बच्‍चों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिल पाएगी. इन वजहों से ही 27 प्रतिशत कोटा उपलब्‍ध होने के बावजूद इनकी हिस्‍सेदारी महज 12 प्रतिशत है. आयोग के सदस्‍य एसके खारवेंथन का कहना है, ''सरकार ने 2014 में संसद में स्‍वीकार किया था कि सुप्रीम कोर्ट के 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे के निर्णय के 20 साल बाद भी ओबीसी का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्‍व महज 12 प्रतिशत है.''टिप्पणियां बाराबंकी के एक गांव में पंचायत के एक चबूतरे पर बैठे कुछ युवा सदस्‍यों के समूह में से एक राहुल यादव ने चार साल पहले ग्रेजुएट किया था और सरकारी नौकरी को पाने की कोशिशें की. लेकिन उसके पिता की सालाना आमदनी सात लाख रुपये से ज्‍यादा है. इस कारण ओबीसी श्रेणी को होने के बावजूद क्रीमी लेयर के दायरे में आने के कारण उसको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. नतीजतन अब वह खेती कर रहा है. उसका कहना है, ''क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 8-10 लाख  की जानी चाहिए, ऐसा नहीं होने पर सबसे योग्‍य पिछड़ों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी.'' ऐसे में नवंबर में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की उम्‍मीद है, इससे सरकार को निचली जातियों में लोकप्रियता बढ़ने की उम्‍मीद है लेकिन इससे परंपरागत रूप से बीजेपी का समर्थन करने वाली ऊंची जातियां छिटक सकती हैं. इसलिए सूत्रों का कहना है कि आयोग की क्रीमी लेयर की 15 लाख की सीमा की सिफारिशों के बावजूद सरकार उससे कहीं नीचे ही इसका निर्धारण कर सकती है. आयोग के सदस्‍य एसके खारवेंथन का कहना है, ''सरकार ने 2014 में संसद में स्‍वीकार किया था कि सुप्रीम कोर्ट के 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे के निर्णय के 20 साल बाद भी ओबीसी का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्‍व महज 12 प्रतिशत है.''टिप्पणियां बाराबंकी के एक गांव में पंचायत के एक चबूतरे पर बैठे कुछ युवा सदस्‍यों के समूह में से एक राहुल यादव ने चार साल पहले ग्रेजुएट किया था और सरकारी नौकरी को पाने की कोशिशें की. लेकिन उसके पिता की सालाना आमदनी सात लाख रुपये से ज्‍यादा है. इस कारण ओबीसी श्रेणी को होने के बावजूद क्रीमी लेयर के दायरे में आने के कारण उसको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. नतीजतन अब वह खेती कर रहा है. उसका कहना है, ''क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 8-10 लाख  की जानी चाहिए, ऐसा नहीं होने पर सबसे योग्‍य पिछड़ों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी.'' ऐसे में नवंबर में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की उम्‍मीद है, इससे सरकार को निचली जातियों में लोकप्रियता बढ़ने की उम्‍मीद है लेकिन इससे परंपरागत रूप से बीजेपी का समर्थन करने वाली ऊंची जातियां छिटक सकती हैं. इसलिए सूत्रों का कहना है कि आयोग की क्रीमी लेयर की 15 लाख की सीमा की सिफारिशों के बावजूद सरकार उससे कहीं नीचे ही इसका निर्धारण कर सकती है. बाराबंकी के एक गांव में पंचायत के एक चबूतरे पर बैठे कुछ युवा सदस्‍यों के समूह में से एक राहुल यादव ने चार साल पहले ग्रेजुएट किया था और सरकारी नौकरी को पाने की कोशिशें की. लेकिन उसके पिता की सालाना आमदनी सात लाख रुपये से ज्‍यादा है. इस कारण ओबीसी श्रेणी को होने के बावजूद क्रीमी लेयर के दायरे में आने के कारण उसको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. नतीजतन अब वह खेती कर रहा है. उसका कहना है, ''क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 8-10 लाख  की जानी चाहिए, ऐसा नहीं होने पर सबसे योग्‍य पिछड़ों को भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी.'' ऐसे में नवंबर में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की उम्‍मीद है, इससे सरकार को निचली जातियों में लोकप्रियता बढ़ने की उम्‍मीद है लेकिन इससे परंपरागत रूप से बीजेपी का समर्थन करने वाली ऊंची जातियां छिटक सकती हैं. इसलिए सूत्रों का कहना है कि आयोग की क्रीमी लेयर की 15 लाख की सीमा की सिफारिशों के बावजूद सरकार उससे कहीं नीचे ही इसका निर्धारण कर सकती है. ऐसे में नवंबर में क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की उम्‍मीद है, इससे सरकार को निचली जातियों में लोकप्रियता बढ़ने की उम्‍मीद है लेकिन इससे परंपरागत रूप से बीजेपी का समर्थन करने वाली ऊंची जातियां छिटक सकती हैं. इसलिए सूत्रों का कहना है कि आयोग की क्रीमी लेयर की 15 लाख की सीमा की सिफारिशों के बावजूद सरकार उससे कहीं नीचे ही इसका निर्धारण कर सकती है.
संक्षिप्त सारांश: नौकरियों में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण है निर्धारित इस वक्‍त क्रीमी लेयर की सीमा छह लाख है इससे ऊपर आय होने पर आरक्षण का लाभ नहीं
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेट विश्व कप में मैन ऑफ द सीरीज पुरस्कार हासिल करने वाले युवराज सिंह ने मंगलवार को महेंद्र सिंह धोनी की फाइनल मुकाबले में खेली गई 91 रन की नाबाद पारी को भारतीय कप्तान की सर्वश्रेष्ठ पारी करार दिया। युवराज ने भारतीय कप्तान की मौजूदगी में धोनी की पारी के बारे में कहा, यह सपना साकार होने जैसा था। जैसा की एमएस (धोनी) ने पहले भी कहा है कि मैं नहीं जानता था कि क्या करूं। मैं एमएस पर कूदना चाहता था और कूदते ही रहना चाहता था। उसने अपनी जिदंगी की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। रांची का यह विकेटकीपर बल्लेबाज फार्म में चल रहे युवराज से पहले खुद पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरा और वानखेड़े स्टेडियम में 79 गेंद की पारी में दो छक्के और आठ चौके जमाकर श्रीलंका से मैच छीन लिया। धोनी भारत को विश्व कप खिताबी जीत दिलाने वाले कपिल देव के बाद दूसरे कप्तान हैं। उन्होंने गौतम गंभीर (97) के साथ चौथे विकेट के लिए 109 रन और युवराज (नाबाद 21) के साथ पांचवें विकेट के लिए नाबाद 46 रन की पारी खेली। युवराज ने नौ मैचों में 90 से अधिक औसत से 362 रन जोड़े थे और 15 विकेट भी हासिल किए थे। उन्होंने कहा, यह मेरे कैरियर के लिए विशेष था। 28 साल बाद विश्वकप जीतना बहुत ही विशेष था। इस अहसास को बयां नहीं किया जा सकता।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: युवराज सिंह ने महेंद्र सिंह धोनी की फाइनल मुकाबले में खेली गई 91 रन की नाबाद पारी को भारतीय कप्तान की सर्वश्रेष्ठ पारी करार दिया।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूजीलैंड के खिलाफ चैम्पियंस ट्रॉफी के मैच में शानदार जीत हासिल करने वाली बांग्लादेश टीम के कप्तान मशरफे मुर्तजा का कहना है कि अगर टीम सेमीफाइनल में गई, तो वे पहले से अधिक बेहतर प्रदर्शन करेंगे. न्यूजीलैंड को मात देकर भले ही बांग्लादेश ने स्वयं को टूर्नामेंट से बाहर जाने से बचा लिया हो, लेकिन उसका सेमीफाइनल में प्रवेश आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच होने वाले परिणाम पर आधारित है.  इस मैच में अगर आस्ट्रेलिया जीत हासिल करता है, तो बांग्लादेश इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा. इस बारे में मुर्तजा ने कहा, 'सेमीफाइनल में हमारी टीम का पहुंचना अच्छी बात होगी, लेकिन आस्ट्रेलिया भी शानदार टीम है और मैं यह नहीं कह सकता कि वो हारेगी. हमें जो हो सकता था, हमने किया. यहीं हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है. अगर टीम सेमीफाइनल में गई, तो हम और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे.' बांग्लादेश ने गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी के बाद शाकिब अल हसन (114) और महामुदुल्लाह (नाबाद 102) के बीच हुई रिकार्ड साझेदारी के दम पर गुरुवार को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के ग्रुप-ए के मुकाबले में न्यूजीलैंड को हैरान करते हुए पांच विकेट से मात दी. टिप्पणियां इस मैच के बारे में मुर्तजा ने कहा, 'यह शानदार एहसास है. मुझे 2005 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया मैच जीवन भर याद रहेगा. हमारी गेंदबाजी सटीक थी और शाकिब तथा महामुदुल्लाह की साझेदारी मेरे लिए अद्वितीय थी. हमें अच्छा महसूस हो रहा है.'  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बारे में मुर्तजा ने कहा, 'सेमीफाइनल में हमारी टीम का पहुंचना अच्छी बात होगी, लेकिन आस्ट्रेलिया भी शानदार टीम है और मैं यह नहीं कह सकता कि वो हारेगी. हमें जो हो सकता था, हमने किया. यहीं हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है. अगर टीम सेमीफाइनल में गई, तो हम और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे.' बांग्लादेश ने गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी के बाद शाकिब अल हसन (114) और महामुदुल्लाह (नाबाद 102) के बीच हुई रिकार्ड साझेदारी के दम पर गुरुवार को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के ग्रुप-ए के मुकाबले में न्यूजीलैंड को हैरान करते हुए पांच विकेट से मात दी. टिप्पणियां इस मैच के बारे में मुर्तजा ने कहा, 'यह शानदार एहसास है. मुझे 2005 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया मैच जीवन भर याद रहेगा. हमारी गेंदबाजी सटीक थी और शाकिब तथा महामुदुल्लाह की साझेदारी मेरे लिए अद्वितीय थी. हमें अच्छा महसूस हो रहा है.'  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बांग्लादेश ने गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी के बाद शाकिब अल हसन (114) और महामुदुल्लाह (नाबाद 102) के बीच हुई रिकार्ड साझेदारी के दम पर गुरुवार को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के ग्रुप-ए के मुकाबले में न्यूजीलैंड को हैरान करते हुए पांच विकेट से मात दी. टिप्पणियां इस मैच के बारे में मुर्तजा ने कहा, 'यह शानदार एहसास है. मुझे 2005 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया मैच जीवन भर याद रहेगा. हमारी गेंदबाजी सटीक थी और शाकिब तथा महामुदुल्लाह की साझेदारी मेरे लिए अद्वितीय थी. हमें अच्छा महसूस हो रहा है.'  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस मैच के बारे में मुर्तजा ने कहा, 'यह शानदार एहसास है. मुझे 2005 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया मैच जीवन भर याद रहेगा. हमारी गेंदबाजी सटीक थी और शाकिब तथा महामुदुल्लाह की साझेदारी मेरे लिए अद्वितीय थी. हमें अच्छा महसूस हो रहा है.'  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: न्यूजीलैंड को बांग्लादेश ने हरा दिया है बांग्लादेश टीम के इरादे बुलंद, सेमीफाइनल पहुंच सकती है टीम बांग्लादेश के कप्तान ने कहा कि शानदार प्रदर्शन करेंगे
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कन्नड़ में लिखी गई 'राम मंदिरा येके बेदा (क्यों राम मंदिर की नहीं है जरूरत) में यह दावा किया है. दक्षिणपंथी संगठनों ने शुक्रवार को लेखक के खिलाफ प्रदर्शन भी किया. लेखक पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने अपनी किताब में भगवान राम का अपमान किया है.  लेखक ने भगवत गीता के कुछ संदर्भों का जिक्र किया है, जिन्हें दक्षिणपंथी समूहों ने 'अपमानजक' बताया है. साथ ही आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी किताब में भगवान राम के चरित्र को निंदात्मक तरीके से पेश किया है. हालांकि, लेखक ने इसका बचाव किया है. उन्होंने कहा कि मेरी किताब वाल्मीकि की रामायण पर आधारित है. शुक्रवार को हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने लेखक के घर के आगे प्रदर्शन किया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की. भाजपा की कर्नाटक यूनिट ने इस मसले पर चुप्पी साधे रखने पर राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी पर निशाना साधा है और लेख को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है. राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता और विधायक एस सुरेश कुमार ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि राज्य सरकार के पास दो विकल्प हैं. सरकार लेखक को जेल भेजे या फिर मेंटल अस्पताल.
यहाँ एक सारांश है:लेखक के. एस. भगवान की किताब पर विवाद पुलिस ने दर्ज किया मामला भाजपा ने भी साधा निशाना
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात ने अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए विधानसभा चुनाव में मतदान का नया रिकॉर्ड बनाया है। साल 1995 के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड 64.70 फीसदी मतदान हुआ था लेकिन इस बार के चुनावों ने पिछले रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए 71.30 फीसदी मतदान का नया रिकॉर्ड कायम किया है। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक मानेक ने बताया कि दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 13 दिसंबर को 70.75 फीसदी मतदान हुआ और सोमवार को हुए दूसरे और अंतिम चरण के मतदान में 71.85 फीसदी मत पड़े। मानेक ने इतनी बड़ी तादाद में हुए मतदान का श्रेय चुनाव आयोग और मीडिया की ओर से चलाए गए मतदाता जागरुकता अभियान को दिया। अभियान में मतदाताओं को मतदान की उनकी जिम्मेदारी के बारे में बताया गया।टिप्पणियां गोधरा कांड के बाद राज्य भर में भड़के सांप्रदायिक दंगों के बाद हुए साल 2002 के विधानसभा चुनावों में 61.55 फीसदी मतदान हुआ और भाजपा सत्ता पर काबिज हुई। साल 2007 के विधानसभा चुनावों में 59.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया और भाजपा को एक बार फिर सत्ता हासिल हुई। भाजपा को कुल 182 में से 117 सीटें मिली। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक मानेक ने बताया कि दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 13 दिसंबर को 70.75 फीसदी मतदान हुआ और सोमवार को हुए दूसरे और अंतिम चरण के मतदान में 71.85 फीसदी मत पड़े। मानेक ने इतनी बड़ी तादाद में हुए मतदान का श्रेय चुनाव आयोग और मीडिया की ओर से चलाए गए मतदाता जागरुकता अभियान को दिया। अभियान में मतदाताओं को मतदान की उनकी जिम्मेदारी के बारे में बताया गया।टिप्पणियां गोधरा कांड के बाद राज्य भर में भड़के सांप्रदायिक दंगों के बाद हुए साल 2002 के विधानसभा चुनावों में 61.55 फीसदी मतदान हुआ और भाजपा सत्ता पर काबिज हुई। साल 2007 के विधानसभा चुनावों में 59.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया और भाजपा को एक बार फिर सत्ता हासिल हुई। भाजपा को कुल 182 में से 117 सीटें मिली। मानेक ने इतनी बड़ी तादाद में हुए मतदान का श्रेय चुनाव आयोग और मीडिया की ओर से चलाए गए मतदाता जागरुकता अभियान को दिया। अभियान में मतदाताओं को मतदान की उनकी जिम्मेदारी के बारे में बताया गया।टिप्पणियां गोधरा कांड के बाद राज्य भर में भड़के सांप्रदायिक दंगों के बाद हुए साल 2002 के विधानसभा चुनावों में 61.55 फीसदी मतदान हुआ और भाजपा सत्ता पर काबिज हुई। साल 2007 के विधानसभा चुनावों में 59.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया और भाजपा को एक बार फिर सत्ता हासिल हुई। भाजपा को कुल 182 में से 117 सीटें मिली। गोधरा कांड के बाद राज्य भर में भड़के सांप्रदायिक दंगों के बाद हुए साल 2002 के विधानसभा चुनावों में 61.55 फीसदी मतदान हुआ और भाजपा सत्ता पर काबिज हुई। साल 2007 के विधानसभा चुनावों में 59.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया और भाजपा को एक बार फिर सत्ता हासिल हुई। भाजपा को कुल 182 में से 117 सीटें मिली। साल 2007 के विधानसभा चुनावों में 59.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया और भाजपा को एक बार फिर सत्ता हासिल हुई। भाजपा को कुल 182 में से 117 सीटें मिली।
संक्षिप्त पाठ: साल 1995 के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड 64.70 फीसदी मतदान हुआ था लेकिन इस बार के चुनावों ने पिछले रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए 71.30 फीसदी मतदान का नया रिकॉर्ड कायम किया है।
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इस पाठ का सारांश बनाएं: कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी रिएलिटी शो 'बिग बॉस 6' से बाहर हो गए। अभी तक पिछले तीन सप्ताह के दौरान एक-एक सदस्य बेघर होते आए हैं। इस बार बेघर होने के लिए जिनका नामांकन हुआ था उनमें त्रिवेदी के अलावा गुलाबी गैंग की संपत लाल, मॉडल करिश्मा कोटक और हेयरस्टाइलिस्ट सपना भवनानी शामिल थीं।टिप्पणियां इस रिएलिटी शो की शुरुआत 15 प्रतिभागियों के साथ हुई थी जिसमें से चार अभी तक बेघर हो चुके हैं। त्रिवेदी से पहले इसमें भोजपुरी अभिनेता दिनेशलाल यादव, मार्शल आर्टिस्ट काशिफ कुरैशी एवं अभिनेत्री सायंतनी घोष शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के नेतृत्व में पांच हजार कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को बिग बॉस के लोनावाला स्थित घर पर पहुंच गए थे और असीम त्रिवेदी को बेघर करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने संविधान और अन्य प्रतीकों के निंदात्मक कार्टून बनाए थे। इस बार बेघर होने के लिए जिनका नामांकन हुआ था उनमें त्रिवेदी के अलावा गुलाबी गैंग की संपत लाल, मॉडल करिश्मा कोटक और हेयरस्टाइलिस्ट सपना भवनानी शामिल थीं।टिप्पणियां इस रिएलिटी शो की शुरुआत 15 प्रतिभागियों के साथ हुई थी जिसमें से चार अभी तक बेघर हो चुके हैं। त्रिवेदी से पहले इसमें भोजपुरी अभिनेता दिनेशलाल यादव, मार्शल आर्टिस्ट काशिफ कुरैशी एवं अभिनेत्री सायंतनी घोष शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के नेतृत्व में पांच हजार कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को बिग बॉस के लोनावाला स्थित घर पर पहुंच गए थे और असीम त्रिवेदी को बेघर करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने संविधान और अन्य प्रतीकों के निंदात्मक कार्टून बनाए थे। इस रिएलिटी शो की शुरुआत 15 प्रतिभागियों के साथ हुई थी जिसमें से चार अभी तक बेघर हो चुके हैं। त्रिवेदी से पहले इसमें भोजपुरी अभिनेता दिनेशलाल यादव, मार्शल आर्टिस्ट काशिफ कुरैशी एवं अभिनेत्री सायंतनी घोष शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के नेतृत्व में पांच हजार कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को बिग बॉस के लोनावाला स्थित घर पर पहुंच गए थे और असीम त्रिवेदी को बेघर करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने संविधान और अन्य प्रतीकों के निंदात्मक कार्टून बनाए थे। उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के नेतृत्व में पांच हजार कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को बिग बॉस के लोनावाला स्थित घर पर पहुंच गए थे और असीम त्रिवेदी को बेघर करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने संविधान और अन्य प्रतीकों के निंदात्मक कार्टून बनाए थे।
कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी रिएलिटी शो 'बिग बॉस 6' से बाहर हो गए। अभी तक पिछले तीन सप्ताह के दौरान एक-एक सदस्य बेघर होते आए हैं।
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