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इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस फिल्म में आलोकनाथ (Aloknath) अजय देवगन के पिता की भूमिका में नजर आएंगे. फिल्म के ट्रेलर में अजय देवगन की उम्र 50 साल और राकुल प्रीत को 24 साल का दिखाया गया है. फिल्म में राकुल प्रीत के किरदार का नाम आयशा है. इन दोनों की उम्र में लगभग 26 साल का अंतर है. इन दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है. जिसके बाद इनकी ये कहानी शुरू होती है.
इस फिल्म में जावेद जाफरी (Javeed Jaffrey) का भी रोल है जो ट्रेलर के शुरू होते ही दिखाई देता है. जावेद फिल्म में अजय देवगन के दोस्त का किरदार निभा रहें हैं जो कि अपने दोस्त को उम्र के अंतर को समझाते हुए नजर आता है. फिल्म में इसके अलावा अजय देवगन के दो बच्चे हैं, जिनका नाम ईशान और इशिका है. ये दोनों लगभग रकुल प्रीत की उम्र के हैं.
लव ट्रायंगल से शुरु हुई इस फिल्म में तब्बू और रकुल प्रीत की नोकझोंक को भी दिखाया जाएगा. जिससे फिल्म में ट्वीस्ट और टर्न्स आएंगे. 'सिंघम', 'गोलमाल' जैसी फिल्में देने वाले अजय देवगन की ये मोस्ट अवेटिड फिल्म 17 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. | सारांश: 'दे दे प्यार दे' 17 मई को होगी रिलीज
फिल्म में अजय देवगन संग तब्बू और रकुल प्रीत आएंगी नजर
ट्रायंगल लव स्टोरी पर बेस्ड है फिल्म | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को हाल ही में अपनी आगामी फिल्म 'पद्मावती' की शूटिंग अचानक रोकनी पड़ी. दरअसल उनकी गर्दन में खिंचाव आ गया है जिसकी वजह से वह रानी पद्मावती के लिए डिजाइन किए गए भारी गहने और कॉस्ट्यूम पहनने में असमर्थ हैं. दीपिका के प्रवक्ता ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “दीपिका की गर्दन में खिंचाव आ गया था जिसके कारण वह शूटिंग नहीं कर पा रही हैं. वह जल्द ही वापस शूटिंग शुरू करेंगी. चिंता की कोई बात नहीं है.” दीपिका पादुकोण ने कुछ समय पहले ही संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' की शूटिंग शुरू की थी, पर गर्दन में दर्द की वजह से उन्हें शूटिंग रोकनी पड़ी.
इससे पहले जयपुर में फिल्म के सेट पर राजपूत करणी सेना द्वारा हमला किए जाने के बाद फिल्म की शूटिंग रोक दी गई थी. कुछ लोगों ने भंसाली पर भी हमला किया था. इस घटना के बाद भंसाली ने मुंबई की फिल्म सिटी में नया सेट तैयार करवाया है. राजपूत करणी सेना को शक था कि भंसाली अपनी फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच प्रेमदृश्य दिखाने वाले हैं और इसके विरोध में उन्होंने सेट पर हमला किया था. हालांकि भंसाली और उनकी टीम ने यह साफ किया है कि फिल्म में ऐसा कोई दृश्य नहीं रखा गया है.टिप्पणियां
पिछले महीने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में अज्ञात लोगों ने फिल्म के सेट पर आग लगा दी थी. इस आग की वजह से जूनियर कलाकारों के कई कॉस्ट्यूम जल गए और फिल्म के निर्माताओं को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा.
'पद्मावती' चित्तौड़ की रानी पद्मावती की कहानी है जिन्होंने अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के बाद अपने महल की औरतों के साथ जौहर कर लिया था. फिल्म में रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका निभा रहे हैं, वहीं शाहिद कपूर दीपिका के पति राजा रतन सिंह की भूमिका में दिखेंगे. फिल्म के इस साल के अंत तक रिलीज होने की उम्मीद है.
पिछले महीने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में अज्ञात लोगों ने फिल्म के सेट पर आग लगा दी थी. इस आग की वजह से जूनियर कलाकारों के कई कॉस्ट्यूम जल गए और फिल्म के निर्माताओं को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा.
'पद्मावती' चित्तौड़ की रानी पद्मावती की कहानी है जिन्होंने अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के बाद अपने महल की औरतों के साथ जौहर कर लिया था. फिल्म में रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका निभा रहे हैं, वहीं शाहिद कपूर दीपिका के पति राजा रतन सिंह की भूमिका में दिखेंगे. फिल्म के इस साल के अंत तक रिलीज होने की उम्मीद है.
'पद्मावती' चित्तौड़ की रानी पद्मावती की कहानी है जिन्होंने अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के बाद अपने महल की औरतों के साथ जौहर कर लिया था. फिल्म में रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका निभा रहे हैं, वहीं शाहिद कपूर दीपिका के पति राजा रतन सिंह की भूमिका में दिखेंगे. फिल्म के इस साल के अंत तक रिलीज होने की उम्मीद है. | संक्षिप्त सारांश: दीपिका की गर्दन में खिंचाव आने के बाद फिल्म की शूटिंग रोक दी गई
दीपिका के प्रवक्ता ने बताया कि वह जल्द ही फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगी
'पद्मावती' में दीपिका के अलावा शाहिद कपूर और रणवीर सिंह निभा रहे हैं मुख् | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुपरटेक कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने कंपनी को कहा है कि सोमवार तक 5 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा कराये। इसके बाद 27 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।टिप्पणियां
कोर्ट ने कहा जब तक आप पैसा नहीं जमा कराते तब तक हम आपकी याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट नोएडा एक्सप्रेस-वे पर बनी इमरेल्ड कोर्ट की 40 मंजिली दो टावरों के मामले की सुनवाई कर रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों टावरों को अवैध घोषित कर गिराने के आदेश दिए थे। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 14 फीसदी ब्याज के साथ खरीदारों को रकम वापस करने के लिए कहा था।
कोर्ट ने कहा जब तक आप पैसा नहीं जमा कराते तब तक हम आपकी याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट नोएडा एक्सप्रेस-वे पर बनी इमरेल्ड कोर्ट की 40 मंजिली दो टावरों के मामले की सुनवाई कर रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों टावरों को अवैध घोषित कर गिराने के आदेश दिए थे। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 14 फीसदी ब्याज के साथ खरीदारों को रकम वापस करने के लिए कहा था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों टावरों को अवैध घोषित कर गिराने के आदेश दिए थे। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 14 फीसदी ब्याज के साथ खरीदारों को रकम वापस करने के लिए कहा था। | सारांश: इमरेल्ड कोर्ट की 40 मंजिली दो टावरों का मामला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों टावरों को अवैध घोषित कर चुका है
27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली सुनवाई | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से जहां एक ओर रिटेल क्षेत्र का आधुनिकीकरण होगा, वहीं महंगाई दर में भी कमी आएगी। यह मानना है उद्योग जगत के जानकारों और आर्थिक विश्लेषकों का। शुक्रवार को एक सरकारी पैनल द्वारा दिए गए इस सुझाव का स्वागत करते हुए फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के महासचिव राजीव कुमार ने कहा, "यह एक बड़ा फैसला है। हम चाहते हैं कि यह जल्द-से-जल्द शुरू हो।" मंत्रिमंडलीय सचिव अजित कुमार सेठ की अध्यक्षता में सचिवों की एक समिति ने शुक्रवार को सैद्धांतिक तौर पर मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में 51 फीसदी सीमा तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी। यदि सरकार इस सुझाव को स्वीकार कर लेती है, तो वाल-मार्ट, केयरफॉर और टेस्को जैसे अंतरराष्ट्रीय रिटेल कारोबारियों के लिए भारत में साझेदारी के माध्यम से प्रवेश करना सम्भव हो जाएगा। कुमार ने कहा कि इनके प्रवेश से भारत के रिटेल क्षेत्र में नयापन आएगा। इसके साथ ही इससे महंगाई दर भी घटेगी, जो आज एक बड़ी समस्या बन गई है। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि इस कदम से न सिर्फ विदेशी निवेशकों, बल्कि भारतीय निवेशकों के बीच भी अच्छा संकेत जाएगा, जो यह मानकर चल रहे थे कि सरकार बड़ा फैसला नहीं ले सकती है। रावत ने कहा, "सरकार ने पिछले कुछ समय से बड़ा फैसला नहीं लिया था। यदि सरकार इस सुझाव को मानती है, तो इसका हर क्षेत्र में बेहतर संकेत जाएगा।" उन्होंने हालांकि कहा कि यह तो सिर्फ पहला कदम है। इसे अभी कई बाधाएं पार करनी है। सचिवों की समिति ने अपना सुझाव मंत्रिमंडलीय समिति को भेज दिया है। अब प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रीमंडलीय समिति इस पर विचार करेगी। सरकार के लिए इस पर फैसला लेना कठिन होगा, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी सहित अन्य कई विपक्षी पार्टियां यह कहकर इस कदम का विरोध कर रही हैं कि बहुराष्ट्रीय रिटेल कम्पनियां छोटे-मोटे दुकानदारों तथा कारोबारियों को बाजार से खदेड़ देंगी। विश्लेषकों का हालांकि यह मानना है कि देश का बाजार बहुत बड़ा है और यहां छोटे कारोबारियों के लिए हमेशा अवसर रहेंगे। डिलॉयटी के निदेशक गौरव गुप्ता ने कहा, "सुपरबाजारों के काम करने का तरीका छोटे कारोबारियों से अलग होता है। मैं नहीं समझता कि ये सुपरबाजार छोटे कारोबारियों के लिए खतरा हैं।" गुप्ता ने कहा कि समिति ने कम से कम 10 करोड़ डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा तय की है, इसलिए छोटे कारोबारियों को खतरा नहीं है। समति ने सुझाव दिया है कि कुल निवेश का कम से कम आधा हिस्सा शीत भंडार जैसे आधारभूत संरचना में निवेश होना चाहिए। देश में अभी एकल ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी और कैश एंड कैरी थोक कारोबार में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की इजाजत है। वालमार्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय रिटेल कम्पनियों ने पहले से यहां रणनीतिक साझेदारी के तहत कैश एंड कैरी कारोबार शुरू कर दिए हैं और जल्द-से-जल्द अपने सुपरबाजार भी शुरू करना चाहती हैं। | मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से जहां एक ओर रिटेल क्षेत्र का आधुनिकीकरण होगा, वहीं महंगाई दर में भी कमी आएगी। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के इस्तीफे की खुशी मना रहे काहिरा के प्रदर्शनकारियों से प्रेरित होकर अब यमन में भी क्रांति का बिगुल बजाया जा रहा है। स्थानीय समाचार पत्र 'क्रिश्चियन साइंस मॉनीटर' के मुताबिक यमन के दक्षिणी शहर अदन में प्रदर्शनकारियों ने सऊदी अरब का पुराना झंडा लहराते हुए जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने 'दक्षिण के लिए क्रांति' के नारे लगाए। इस जुलूस से कुछ घंटे पहले यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों ने गोलियां चलाईं। अदन के अलावा दक्षिणी यमन के अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए। अदन की अलगाववादी नेता जाहरा सलेह ने कहा, "होस्नी मुबारक के बाद अब अगला नम्बर यमन का है, मैं जानती हूं।" दक्षिणी अलगाववादी आंदोलन के नेता अली जरल्लाह ने कहा, "अब हमारा आंदोलन मजबूत हो रहा है।" अदन के प्रतिबंधित समाचार पत्र 'अल खय्याम' के प्रबंध सम्पादक तम्माम बशरहील ने कहा, "मिस्र में जो कुछ हुआ उससे इस (दक्षिणी) आंदोलन को मजबूती मिली है।" | सारांश: मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के इस्तीफे की खुशी मना रहे काहिरा के प्रदर्शनकारियों से प्रेरित होकर अब यमन में भी क्रांति का बिगुल बजाया जा रहा है। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की एक-दिवसीय टीम रैंकिंग में वार्षिक अपडेट के साथ इंग्लैंड पूर्व विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पछाड़कर दुनिया की नंबर एक टीम बन गई। ऑस्ट्रेलिया वार्षिक अपडेट के साथ ही एक-दिवसीय तालिका में चौथे स्थान पर खिसक गया है, जो 2002 में रैंकिंग की शुरुआत से उसकी सबसे खराब रैंकिंग है।
इस अपडेट के बाद ऑस्ट्रेलिया का 2009-10 का 40 वनडे में 30 जीत का रिकॉर्ड रैंकिंग तय करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इंग्लैंड के 121 रेटिंग अंक हैं। दूसरे स्थान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीका के भी 121 रेटिंग अंक हैं, लेकिन दशमलव स्थान तक गणना करने पर इंग्लैंड की टीम आगे निकल जाती है। भारत 120 रेटिंग अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया के 112 अंक हैं। रैंकिंग तालिका में वार्षिक अपडेट इसलिए किया जाता है, ताकि रैंकिंग में टीमों की हाल की फॉर्म झलके।टिप्पणियां
नवीनतम सूची में अगस्त, 2010 के बाद के मैचों को ही शामिल किया गया है, जबकि अगस्त, 2009 से जुलाई, 2010 के मैचों के नतीजों को हटा दिया गया है। आईसीसी रैंकिंग की शुरूआत के बाद से यह पहला मौका है, जब इंग्लैंड इस सूची में शीर्ष पर पहुंचा है।
शीर्ष चार से नीचे रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि सातवें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज और आठवें नंबर पर मौजूद न्यूजीलैंड के बीच का अंतर छह से बढ़कर 20 अंक का हो गया है जबकि नौवें स्थान पर मौजूद बांग्लादेश की टीम न्यूजीलैंड से सिर्फ तीन अंक पीछे है। इस बीच टी-20 रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। भारत टी-20 रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और श्रीलंका के बाद चौथे स्थान पर है।
इस अपडेट के बाद ऑस्ट्रेलिया का 2009-10 का 40 वनडे में 30 जीत का रिकॉर्ड रैंकिंग तय करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इंग्लैंड के 121 रेटिंग अंक हैं। दूसरे स्थान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीका के भी 121 रेटिंग अंक हैं, लेकिन दशमलव स्थान तक गणना करने पर इंग्लैंड की टीम आगे निकल जाती है। भारत 120 रेटिंग अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया के 112 अंक हैं। रैंकिंग तालिका में वार्षिक अपडेट इसलिए किया जाता है, ताकि रैंकिंग में टीमों की हाल की फॉर्म झलके।टिप्पणियां
नवीनतम सूची में अगस्त, 2010 के बाद के मैचों को ही शामिल किया गया है, जबकि अगस्त, 2009 से जुलाई, 2010 के मैचों के नतीजों को हटा दिया गया है। आईसीसी रैंकिंग की शुरूआत के बाद से यह पहला मौका है, जब इंग्लैंड इस सूची में शीर्ष पर पहुंचा है।
शीर्ष चार से नीचे रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि सातवें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज और आठवें नंबर पर मौजूद न्यूजीलैंड के बीच का अंतर छह से बढ़कर 20 अंक का हो गया है जबकि नौवें स्थान पर मौजूद बांग्लादेश की टीम न्यूजीलैंड से सिर्फ तीन अंक पीछे है। इस बीच टी-20 रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। भारत टी-20 रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और श्रीलंका के बाद चौथे स्थान पर है।
नवीनतम सूची में अगस्त, 2010 के बाद के मैचों को ही शामिल किया गया है, जबकि अगस्त, 2009 से जुलाई, 2010 के मैचों के नतीजों को हटा दिया गया है। आईसीसी रैंकिंग की शुरूआत के बाद से यह पहला मौका है, जब इंग्लैंड इस सूची में शीर्ष पर पहुंचा है।
शीर्ष चार से नीचे रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि सातवें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज और आठवें नंबर पर मौजूद न्यूजीलैंड के बीच का अंतर छह से बढ़कर 20 अंक का हो गया है जबकि नौवें स्थान पर मौजूद बांग्लादेश की टीम न्यूजीलैंड से सिर्फ तीन अंक पीछे है। इस बीच टी-20 रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। भारत टी-20 रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और श्रीलंका के बाद चौथे स्थान पर है।
शीर्ष चार से नीचे रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि सातवें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज और आठवें नंबर पर मौजूद न्यूजीलैंड के बीच का अंतर छह से बढ़कर 20 अंक का हो गया है जबकि नौवें स्थान पर मौजूद बांग्लादेश की टीम न्यूजीलैंड से सिर्फ तीन अंक पीछे है। इस बीच टी-20 रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। भारत टी-20 रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और श्रीलंका के बाद चौथे स्थान पर है। | यहाँ एक सारांश है:अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की एक-दिवसीय टीम रैंकिंग में वार्षिक अपडेट के साथ इंग्लैंड पूर्व विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पछाड़कर दुनिया की नंबर एक टीम बन गई है। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यूरो तथा अन्य वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने से शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 14 पैसे मजबूत होकर 55.66 पर खुला।
इसके अलावा, स्थानीय शेयर बाजार में अच्छी शुरुआत से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा। कारोबारियों के अनुसार यूरो तथा अन्य वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने तथा स्थानीय शेयर बाजार में अच्छी शुरुआत से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा। इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 124.20 अंक या 0.74 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,802.08 अंक पर खुला।
इसके अलावा, स्थानीय शेयर बाजार में अच्छी शुरुआत से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा। कारोबारियों के अनुसार यूरो तथा अन्य वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने तथा स्थानीय शेयर बाजार में अच्छी शुरुआत से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा। इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 124.20 अंक या 0.74 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,802.08 अंक पर खुला। | संक्षिप्त पाठ: यूरो तथा अन्य वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने से शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 14 पैसे मजबूत होकर 55.66 पर खुला। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के गोपालगंज जिले में नाराज लोगों के एक समूह ने रविवार को उस वक्त बैंक के गेट का ताला तोड़ दिया और जबरन बैंक परिसर में घुस गए जब उन्हें बताया गया कि बैंक में नकदी नहीं है. राज्य पुलिस ने यह जानकारी दी. इस तरह के हंगामे की खबरें बिहार के कई हिस्सों से मिली हैं.
500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण के बाद सुबह से ही घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद लोग बैंकों से छोटे नोट पाने में नाकाम रहे. इससे गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया और राज्यभर में कई स्थानों पर बैंकों में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया.
जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "लोग गोपलगंज जिले के मीरगंज में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा गेट का ताला तोड़कर जबरन घुस गए और नकदी देने में नाकाम रहे बैंकों के खिलाफ प्रदर्शन किया."
पुलिस ने गुस्साई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए डंडे बरसाए. चंपारण जिले के नरकटियागंज इलाके में एक बैंक में दो गुट तब भिड़ गए जब लंबी कतारों में खड़े कुछ लोग नाले में गिर गए. औरंगाबाद, पटना, गया, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, भागलपुर और खगड़िया जिले के बैंकों में नकदी के संकट के विरोध में गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया. अधिकारियों ने कहा कि नकदी का संकट अगले कुछ दिनों तक बने रहने की आशंका है क्योंकि राज्य के करीब पांच प्रतिशत एटीएम काम नहीं कर रहे हैं. टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण के बाद सुबह से ही घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद लोग बैंकों से छोटे नोट पाने में नाकाम रहे. इससे गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया और राज्यभर में कई स्थानों पर बैंकों में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया.
जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "लोग गोपलगंज जिले के मीरगंज में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा गेट का ताला तोड़कर जबरन घुस गए और नकदी देने में नाकाम रहे बैंकों के खिलाफ प्रदर्शन किया."
पुलिस ने गुस्साई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए डंडे बरसाए. चंपारण जिले के नरकटियागंज इलाके में एक बैंक में दो गुट तब भिड़ गए जब लंबी कतारों में खड़े कुछ लोग नाले में गिर गए. औरंगाबाद, पटना, गया, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, भागलपुर और खगड़िया जिले के बैंकों में नकदी के संकट के विरोध में गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया. अधिकारियों ने कहा कि नकदी का संकट अगले कुछ दिनों तक बने रहने की आशंका है क्योंकि राज्य के करीब पांच प्रतिशत एटीएम काम नहीं कर रहे हैं. टिप्पणियां
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जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "लोग गोपलगंज जिले के मीरगंज में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा गेट का ताला तोड़कर जबरन घुस गए और नकदी देने में नाकाम रहे बैंकों के खिलाफ प्रदर्शन किया."
पुलिस ने गुस्साई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए डंडे बरसाए. चंपारण जिले के नरकटियागंज इलाके में एक बैंक में दो गुट तब भिड़ गए जब लंबी कतारों में खड़े कुछ लोग नाले में गिर गए. औरंगाबाद, पटना, गया, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, भागलपुर और खगड़िया जिले के बैंकों में नकदी के संकट के विरोध में गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया. अधिकारियों ने कहा कि नकदी का संकट अगले कुछ दिनों तक बने रहने की आशंका है क्योंकि राज्य के करीब पांच प्रतिशत एटीएम काम नहीं कर रहे हैं. टिप्पणियां
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पुलिस ने गुस्साई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए डंडे बरसाए. चंपारण जिले के नरकटियागंज इलाके में एक बैंक में दो गुट तब भिड़ गए जब लंबी कतारों में खड़े कुछ लोग नाले में गिर गए. औरंगाबाद, पटना, गया, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, भागलपुर और खगड़िया जिले के बैंकों में नकदी के संकट के विरोध में गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया. अधिकारियों ने कहा कि नकदी का संकट अगले कुछ दिनों तक बने रहने की आशंका है क्योंकि राज्य के करीब पांच प्रतिशत एटीएम काम नहीं कर रहे हैं. टिप्पणियां
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: गोपालगंज जिले में जबरन बैंक परिसर में घुस गए लोग
घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद पैसे न मिलने पर प्रदर्शन
राज्यभर में कई स्थानों पर बैंकों में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: असम में एक रेलगाड़ी के डिब्बे से शुक्रवार को एक शक्तिशाली बम बरामद किया गया। उड़ीसा जा रही इस रेलगाड़ी में 500 से अधिक यात्री सफर कर रहे थे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गुवाहाटी से पुरी जा रही कामाख्या-पुरी एक्सप्रेस के डिब्बे से बम गोलपाड़ा जिले के पंचतंत्र स्टेशन पर शुक्रवार को बरामद किया गया। गोलपाड़ा जिले के पुलिस प्रमुख लुईस आइंड ने बताया कि रेलगाड़ी में बम रखे जाने की सूचना मिली थी और पंचतंत्र स्टेशन पर रेलगाड़ी को रोककर बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया और शक्तिशाली बम बरामद किया गया। बम विशेषज्ञों ने बम को निष्क्रिय कर दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि जांच चल रही है और इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पिछले महीने 11 जुलाई को पश्चिमी असम में इसी रेलगाड़ी के चार डिब्बे शक्तिशाली बम विस्फोट से पटरी से उतर गए थे। इस हादसे 70 लोग घायल हुए थे। असम में सक्रिय 12 विद्रोही गुटों ने 15 अगस्त को देखते हुए अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं और इस दिन के बहिष्कार की घोषणा करते हुए 17 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया है। | संक्षिप्त पाठ: असम में एक रेलगाड़ी के डिब्बे से शुक्रवार को एक शक्तिशाली बम बरामद किया गया। उड़ीसा जा रही इस रेलगाड़ी में 500 से अधिक यात्री सफर कर रहे थे। | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री एम. जे. अकबर द्वारा दायर मानहानि के मामले में सोमवार को पत्रकार प्रिया रमानी को जमानत दे दी. 'मी टू' अभियान के दौरान रमानी ने अकबर के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया था. इस पर अकबर ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया, जिसमें रमानी को बतौर आरोपी समन किया गया था. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने 10,000 रुपये के मुचलके पर रमानी के जमानत दे दी. अदालत ने पाया कि अकबर के खिलाफ लगाए गए आरोप पहली नजर में मानहानि कारक हैं और उन्होंने सभी आरोपों को ‘‘फर्जी तथा मनगढ़ंत'' बताया है. इसके बाद अदालत ने रमानी को अपने समक्ष पेश होने को कहा था.
प्रिया रमानी का आरोप है कि 20 साल पहले जब अकबर पत्रकार थे तब उन्होंने रमानी का यौन शोषण किया था। हालांकि पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने आरोपों से इनकार किया है. अकबर पर अन्य कई महिलाओं ने भी आरोप लगाए हैं. भारत में पिछले साल ‘मी टू' अभियान ने जब जोर पकड़ा तब अकबर का नाम सोशल मीडिया में आया. उन दिनों वह नाइजीरिया में थे. फिर उन्होंने 17 अक्तूबर को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था. आपको बता दें कि पत्रकार एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वालों में अमेरिका की रहने वाली पत्रकार भी शामिल हैं, जिन्होंने कहा था कि 23 साल पहले जयपुर के होटल में एमजे अकबर ने उनका यौन शोषण किया था. जब केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने कहा कि उनका संबंध एक सहमति का मामला रहा तो जवाब में पत्रकार ने कहा था कि संबंध जबरदस्ती और सत्ता के दुरुपयोग पर आधारित रहा. उसे शब्दों में बया नहीं किया जा सकता. | सारांश: एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी पर किया है मानहानि का केस
दिल्ली की अदालत ने दी प्रिया रमानी को जमानत
10,000 रुपये के मुचलके पर रमानी को मिली जमानत | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आज घोषणा की कि वह तीन साल में पेट्रोकेमिकल, तेल-गैस, साथ खुदरा व दूरसंचार क्षेत्र के अपने मुख्य कारोबार में 1,500 अरब रुपये (1.5 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी।
कंपनी के शेयरधारकों की 39वीं आम बैठक को संबोधित करते हुए कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, रिलायंस का यह अब तक का सबसे बड़ा निवेश कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि यह निवेश मुख्य रूप से तेल एवं गैस उत्खनन व उत्पादन, रिफाइनिंग एवं विपण, पेट्रोकेमिकल, खुदरा और ब्राडबैंड व डिजिटल सेवाओं में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आरआईएल विश्व की पांच शीर्ष पेट्रोकेमिकल कंपनियों में स्थान बनना चाहती है और कंपनी की पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता सालाना 1.5 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.5 करोड़ टन की जा रही है।
अंबानी ने पिछली सालाना आम बैठक में अगले चार-पांच साल में 1,00,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। उसने अब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश तीन साल में ही करने की बात की है। टिप्पणियां
आरआईएल की ब्रिटेन की बीपी के साथ भागीदारी का फायदा दिखना शुरू हो गया है। मौजूदा उत्पादन क्षेत्र केजी-डी6 ब्लॉक में दो किलोमीटर नीचे गैस की खोज के साथ कंपनी अब इस गैस क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में इसका उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है। अंबानी ने कहा कि कंपनी मध्य प्रदेश के शोगापुर में स्थित कोल-बेड-मिथेन (सीबीएम) से उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है।
अंपनी ने दूरसंचार सेवा शुरू करने के संबंध में जानकारियां नहीं दी लेकिन उन्होंने कहा कि दूरसंचार कारोबार इकाई में कर्मचारियों की संख्या अगले साल बढ़ाकर 10,000 की जाएगी, जो फिलहाल 3,000 है।
कंपनी के शेयरधारकों की 39वीं आम बैठक को संबोधित करते हुए कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, रिलायंस का यह अब तक का सबसे बड़ा निवेश कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि यह निवेश मुख्य रूप से तेल एवं गैस उत्खनन व उत्पादन, रिफाइनिंग एवं विपण, पेट्रोकेमिकल, खुदरा और ब्राडबैंड व डिजिटल सेवाओं में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आरआईएल विश्व की पांच शीर्ष पेट्रोकेमिकल कंपनियों में स्थान बनना चाहती है और कंपनी की पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता सालाना 1.5 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.5 करोड़ टन की जा रही है।
अंबानी ने पिछली सालाना आम बैठक में अगले चार-पांच साल में 1,00,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। उसने अब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश तीन साल में ही करने की बात की है। टिप्पणियां
आरआईएल की ब्रिटेन की बीपी के साथ भागीदारी का फायदा दिखना शुरू हो गया है। मौजूदा उत्पादन क्षेत्र केजी-डी6 ब्लॉक में दो किलोमीटर नीचे गैस की खोज के साथ कंपनी अब इस गैस क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में इसका उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है। अंबानी ने कहा कि कंपनी मध्य प्रदेश के शोगापुर में स्थित कोल-बेड-मिथेन (सीबीएम) से उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है।
अंपनी ने दूरसंचार सेवा शुरू करने के संबंध में जानकारियां नहीं दी लेकिन उन्होंने कहा कि दूरसंचार कारोबार इकाई में कर्मचारियों की संख्या अगले साल बढ़ाकर 10,000 की जाएगी, जो फिलहाल 3,000 है।
उन्होंने कहा कि आरआईएल विश्व की पांच शीर्ष पेट्रोकेमिकल कंपनियों में स्थान बनना चाहती है और कंपनी की पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता सालाना 1.5 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.5 करोड़ टन की जा रही है।
अंबानी ने पिछली सालाना आम बैठक में अगले चार-पांच साल में 1,00,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। उसने अब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश तीन साल में ही करने की बात की है। टिप्पणियां
आरआईएल की ब्रिटेन की बीपी के साथ भागीदारी का फायदा दिखना शुरू हो गया है। मौजूदा उत्पादन क्षेत्र केजी-डी6 ब्लॉक में दो किलोमीटर नीचे गैस की खोज के साथ कंपनी अब इस गैस क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में इसका उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है। अंबानी ने कहा कि कंपनी मध्य प्रदेश के शोगापुर में स्थित कोल-बेड-मिथेन (सीबीएम) से उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है।
अंपनी ने दूरसंचार सेवा शुरू करने के संबंध में जानकारियां नहीं दी लेकिन उन्होंने कहा कि दूरसंचार कारोबार इकाई में कर्मचारियों की संख्या अगले साल बढ़ाकर 10,000 की जाएगी, जो फिलहाल 3,000 है।
अंबानी ने पिछली सालाना आम बैठक में अगले चार-पांच साल में 1,00,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। उसने अब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश तीन साल में ही करने की बात की है। टिप्पणियां
आरआईएल की ब्रिटेन की बीपी के साथ भागीदारी का फायदा दिखना शुरू हो गया है। मौजूदा उत्पादन क्षेत्र केजी-डी6 ब्लॉक में दो किलोमीटर नीचे गैस की खोज के साथ कंपनी अब इस गैस क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में इसका उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है। अंबानी ने कहा कि कंपनी मध्य प्रदेश के शोगापुर में स्थित कोल-बेड-मिथेन (सीबीएम) से उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है।
अंपनी ने दूरसंचार सेवा शुरू करने के संबंध में जानकारियां नहीं दी लेकिन उन्होंने कहा कि दूरसंचार कारोबार इकाई में कर्मचारियों की संख्या अगले साल बढ़ाकर 10,000 की जाएगी, जो फिलहाल 3,000 है।
आरआईएल की ब्रिटेन की बीपी के साथ भागीदारी का फायदा दिखना शुरू हो गया है। मौजूदा उत्पादन क्षेत्र केजी-डी6 ब्लॉक में दो किलोमीटर नीचे गैस की खोज के साथ कंपनी अब इस गैस क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में इसका उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है। अंबानी ने कहा कि कंपनी मध्य प्रदेश के शोगापुर में स्थित कोल-बेड-मिथेन (सीबीएम) से उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है।
अंपनी ने दूरसंचार सेवा शुरू करने के संबंध में जानकारियां नहीं दी लेकिन उन्होंने कहा कि दूरसंचार कारोबार इकाई में कर्मचारियों की संख्या अगले साल बढ़ाकर 10,000 की जाएगी, जो फिलहाल 3,000 है।
अंपनी ने दूरसंचार सेवा शुरू करने के संबंध में जानकारियां नहीं दी लेकिन उन्होंने कहा कि दूरसंचार कारोबार इकाई में कर्मचारियों की संख्या अगले साल बढ़ाकर 10,000 की जाएगी, जो फिलहाल 3,000 है। | सारांश: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आज घोषणा की कि वह तीन साल में पेट्रोकेमिकल, तेल-गैस, साथ खुदरा व दूरसंचार क्षेत्र के अपने मुख्य कारोबार में 1,500 अरब रुपये (1.5 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्र सरकार की ओर से AG मुकुल रोहतगी ने कहा कि कोर्ट को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए. कोर्ट को यह तय नहीं करना चाहिए कि सुरक्षा बल कौन से हथियार का इस्तेमाल करें, क्या तरीका इस्तेमाल करें. कश्मीर के हालात का अंदाजा यहां से नहीं लगाया जा सकता रोजाना वहां 50 घटनाएं हो रही हैं. यहां तक कि बुरहान वानी की मौत के बाद 8 जुलाई से 11 अगस्त 2016 में CRPF कैंप पर हमले की 252 वारदातें हुईं जिनमें 3177 लोग जख्मी हुए.
सीमा पार से पथराव करने के लिए 16, 17 और 18 साल के युवकों को तैयार किया जा रहा है. हालांकि AG ने पिछले साल अक्तूबर में तैयार गृहमंत्रालय की रिपोर्ट भी कोर्ट को दी है. कोर्ट 10 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई करेगा. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा इस्तेमाल करने वाले पैलेट गन पर रोक लगाने ककी मांग की गई है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.
सीमा पार से पथराव करने के लिए 16, 17 और 18 साल के युवकों को तैयार किया जा रहा है. हालांकि AG ने पिछले साल अक्तूबर में तैयार गृहमंत्रालय की रिपोर्ट भी कोर्ट को दी है. कोर्ट 10 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई करेगा. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा इस्तेमाल करने वाले पैलेट गन पर रोक लगाने ककी मांग की गई है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. | संक्षिप्त सारांश: केंद्रीय मंत्री हंसराज गंगाराम ने लोकसभा को किया आश्वस्त
कश्मीर घाटी में दंगाइयों पर पैलेट गन होगा आखिरी विकल्प
पैलेट गन का विकल्प तलाशने को कह चुका है सुप्रीम कोर्ट | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की बैठक के पहले एक विवाद इस बात को लेकर खड़ा हो गया था कि नवाज़ शरीफ़ ने कुछ पत्रकारों को चाय पर बुलाया था और बातचीत में उनसे कहा था कि मनमोहन सिंह तो उस 'देहाती औरत' की तरह हैं जो ओबामा के पास पाकिस्तान की शिकायत करने पहुंच गए थे।टिप्पणियां
विवाद की वजह था जीओ टीवी के कार्यकारी संपादक हामिद मीर का वह बयान जिसमें उन्होंने यह बात कही थी।
लेकिन, बाद में हामिद मीर ने इसे गलत बता दिया।
वहीं, पाकिस्तान के विदेश सचिव ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा है कि हामिद खुद इस बात से इनकार कर चुके हैं कि ऐसा कुछ कहा गया था। उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
विवाद की वजह था जीओ टीवी के कार्यकारी संपादक हामिद मीर का वह बयान जिसमें उन्होंने यह बात कही थी।
लेकिन, बाद में हामिद मीर ने इसे गलत बता दिया।
वहीं, पाकिस्तान के विदेश सचिव ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा है कि हामिद खुद इस बात से इनकार कर चुके हैं कि ऐसा कुछ कहा गया था। उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
वहीं, पाकिस्तान के विदेश सचिव ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा है कि हामिद खुद इस बात से इनकार कर चुके हैं कि ऐसा कुछ कहा गया था। उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। | सारांश: भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की बैठक के पहले एक विवाद इस बात को लेकर खड़ा हो गया था कि नवाज़ शरीफ़ ने कुछ पत्रकारों को चाय पर बुलाया था और बातचीत में उनसे कहा था कि मनमोहन सिंह तो उस 'देहाती औरत' की तरह हैं जो ओबामा के पास पाकिस्तान की शिकायत करने पह | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के सतना जिले में सोमवार सुबह लोहे के गार्डरों से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने आगे चल रही एक कार को टक्कर मार दी, फिर जीप को रौंद दिया। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार मैहर व जिला चिकित्सालय में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, सरला नगर में आगे एक कार और एक जीप जा रही थी, तभी पीछे से आ रहे एक ट्रक ने पहले पहले कार को टक्कर मारी, फिर जीप पर चढ़ गया। जीप में सवार लोग मैहर बाजार जा रहे थे।
मैहर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभिजीत अग्रवाल ने बताया कि जीप ट्रक के नीचे बुरी तरह दब गई। इस हादसे में 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में एक कार सवार भी शामिल है।टिप्पणियां
घायलों को मैहर के सिविल अस्पताल और फिर सतना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अग्रवाल ने बताया कि हादसे के दौरान जीप का चालक व सहायक दोनों ट्रक में फंस गए थे, जिन्हें काफी कोशिशों के बाद निकालकर उपचार के लिए सतना भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, सरला नगर में आगे एक कार और एक जीप जा रही थी, तभी पीछे से आ रहे एक ट्रक ने पहले पहले कार को टक्कर मारी, फिर जीप पर चढ़ गया। जीप में सवार लोग मैहर बाजार जा रहे थे।
मैहर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभिजीत अग्रवाल ने बताया कि जीप ट्रक के नीचे बुरी तरह दब गई। इस हादसे में 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में एक कार सवार भी शामिल है।टिप्पणियां
घायलों को मैहर के सिविल अस्पताल और फिर सतना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अग्रवाल ने बताया कि हादसे के दौरान जीप का चालक व सहायक दोनों ट्रक में फंस गए थे, जिन्हें काफी कोशिशों के बाद निकालकर उपचार के लिए सतना भेजा गया।
मैहर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभिजीत अग्रवाल ने बताया कि जीप ट्रक के नीचे बुरी तरह दब गई। इस हादसे में 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में एक कार सवार भी शामिल है।टिप्पणियां
घायलों को मैहर के सिविल अस्पताल और फिर सतना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अग्रवाल ने बताया कि हादसे के दौरान जीप का चालक व सहायक दोनों ट्रक में फंस गए थे, जिन्हें काफी कोशिशों के बाद निकालकर उपचार के लिए सतना भेजा गया।
घायलों को मैहर के सिविल अस्पताल और फिर सतना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अग्रवाल ने बताया कि हादसे के दौरान जीप का चालक व सहायक दोनों ट्रक में फंस गए थे, जिन्हें काफी कोशिशों के बाद निकालकर उपचार के लिए सतना भेजा गया।
अग्रवाल ने बताया कि हादसे के दौरान जीप का चालक व सहायक दोनों ट्रक में फंस गए थे, जिन्हें काफी कोशिशों के बाद निकालकर उपचार के लिए सतना भेजा गया। | यह एक सारांश है: मध्य प्रदेश के सतना जिले में सोमवार सुबह लोहे के गार्डरों से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने आगे चल रही एक कार को टक्कर मार दी, फिर जीप को रौंद दिया। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के अनुभवी हरफनमौला खिलाड़ी स्कॉट स्टायरिस का मानना है कि आईसीसी विश्व कप-2011 में स्पिनरों की अहम भूमिका होगी और डेनियल विटोरी जैसे प्रमुख खिलाड़ी के दम पर उनकी टीम अच्छा परिणाम हासिल कर सकती है। स्टायरिस ने रविवार को बेंगलुरू में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच खेले गए अहम अभ्यास मुकाबले का परिणाम देखने के बाद यह बयान दिया। स्टायरिस ने कहा, "अगर पिच बेंगलुरू जैसा स्पिन लेगी तो फिर यह विश्व कप देखने लायक होगा। भारतीय उपमहाद्वीप में वैसे भी स्पिनर खास भूमिका निभाते हैं लेकिन ऐसी दशा में तो उनकी भूमिका और अहम हो जाएगी।" स्टायरिस की तर्ज पर कीवी टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज रॉस टेलर ने भी कहा कि उनकी टीम में विटोरी जैसा विश्वस्तरीय स्पिनर है और इस कारण उनकी टीम का मनोबल ऊंचा है। टेलर ने कहा, "बुधवार को होने वाले अहम अभ्यास मैच में हमें भारतीय टीम को बैकफुट पर लाने का प्रयास करना होगा। हमारे लिए स्पिनरों के खिलाफ अच्छा खेल दिखाना जरूरी होगा और इसके लिए सभी को तैयार रहना होगा।" स्टायरिस ने कहा कि उन्हें भारत में खेलना हमेशा से पसंद रहा है। बकौल स्टायरिस, "भारतीय उपमहाद्वीप में विश्व कप का होना सचमुच में बहुत अच्छा अनुभव है। यहां के स्टेडियम बड़े हैं और मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचते हैं। क्रिकेट यहां के लोगों के दिलों में बसता है और यही कारण है कि यहां का माहौल हमेशा रोमांचक होता है।" | न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के अनुभवी हरफनमौला खिलाड़ी स्कॉट स्टायरिस का मानना है कि आईसीसी विश्व कप-2011 में स्पिनरों की अहम भूमिका होगी। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: परिवर्तिनी एकादशी (Parivartini Ekadashi) या पार्श्व एकादशी (Parsva Ekadashi) का विशेष महत्व है. मान्यता है कि चौमास यानी कि आषाढ़, श्रावण, भादो और अश्विन में भगवान विष्णु सोते रहते हैं और फिर देवउठनी एकादशी के दिन ही उठते हैं. लेकिन इन महीनों में एक समय ऐसा भी आता है जब सोते हुए श्री हरि विष्णु अपनी करवट बदलते हैं. यह समय भादो (Bhadra) मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का होता है. इस एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं और इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा का विधान है. मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मृत्यु के बाद उन्हें स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है. कहते हैं कि परिवर्तिनी एकादशी की कथा पढ़ने या सुनने से हजार अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल मिलता है.
अपने वामनावतार में भगवान विष्णु ने राजा बलि की परीक्षा ली. राजा बलि ने तीनों लोकों पर अपना अधिकार कर लिया था लेकिन उसमें एक गुण यह था कि वह किसी भी ब्राह्मण को खाली हाथ नहीं भेजता था. उसे दान अवश्य देता था. दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने उसे भगवान विष्णु की चाल से अवगत भी करवाया लेकिन बावजूद उसके बलि ने वामन स्वरूप भगवान विष्णु को तीन पग जमीन देने का वचन दे दिया. फिर क्या था दो पगों में ही भगवान विष्णु ने समस्त लोकों को नाप दिया तीसरे पग के लिये कुछ नहीं बचा तो बलि ने वचन पूरा करते हुए अपना शीष उनके पग के नीचे कर दिया. भगवान विष्णु की कृपा से बलि रसातल में पाताल लोक में रहने लगा. | यहाँ एक सारांश है:परिवर्तिनी एकादशी का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है
इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है
मान्यता है कि इस व्रत के प्रताप से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: खेलमंत्री अजय माकन ने क्रिकेटर युवराज सिंह को सरकारी मदद का वादा किया जो फेफड़े में कैंसर से उबरने के लिए अमेरिका में कीमोथैरेपी करा रहे हैं। माकन ने ट्वीट किया, ‘‘युवराज के जल्दी अच्छे होने की कामना करता हूं। मैंने अधिकारियों से यह पता करने के लिए कहा है कि युवराज को किस तरह की और कितनी मदद चाहिए। सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए और सरकार उनकी मदद करेगी। ’’ पिछले साल भारत की वनडे विश्व कप खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज को कैंसर है और वह बोस्टन में कैंसर अनुसंधान संस्थान में कीमोथैरेपी करा रहे हैं।
यह 30 वर्षीय बाएं हाथ का बल्लेबाज पिछले महीने से उपचार के सिलसिले में अमेरिका में है। पहले उनके परिवार ने फेफड़े में ट्यूमर की पुष्टि की थी। उनके फिजियो डॉ जतिन चौधरी ने हालांकि आश्वस्त किया कि इसे इलाज से ठीक किया जा सकता है और यह बल्लेबाज मई में क्रिकेट खेलने के लिए फिट होगा। चौधरी ने कहा, ‘‘यह असमान्य ट्यूमर है लेकिन यह कैंसरस भी है लेकिन इसका पता पहले चरण में ही लगा लिया गया है। डॉक्टरों को फैसला करना था कि वे दवाई जारी रखें या फिर कीमोथेरेपी कराएं लेकिन ट्यूमर का हिस्सा उनके दिल की धमनी के ऊपर था तो इसमें खतरा था क्योंकि यह फट सकता था लेकिन इसका पूरी तरह से उपचार किया जा सकता है।’’टिप्पणियां
चौधरी ने कहा, ‘‘डाक्टरों ने फैसला किया कि उसे कीमोथैरेपी करानी पड़ेगी और वह 26 जनवरी को अमेरिका गया। मार्च के अंत में वह सी टी स्कैन कराएगा और तब तक उसे उबर जाना चाहिए। इसके बाद अप्रैल में रिहैबिलिटेशन होगा और वह मई तक खेलने के लिए फिट हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शुक्र है कि सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी। वह पहले से काफी बेहतर है और जल्द से जल्द क्रिकेट मैदान पर वापसी करना चाहता है। ’’ युवराज पिछले साल विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे, उन्होंने 362 रन बनाकर और 15 विकेट चटकाकर चार मैच मैन ऑफ द मैच पुरस्कार हासिल किए थे। वह इस बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां भी ले रहे हैं।
इस क्रिकेटर ने 37 टेस्ट मैच में 34.80 के औसत से 1775 रन बनाए हैं। उन्होंने 274 वनडे मैच में 37.62 के औसत से 8051 रन जोड़े हैं। वहीं 23 ट्वेंटी-20 मैचों में उनके नाम 567 रन हैं। चौधरी कहा, ‘‘मार्च में कीमोथैरेपी कराने के बाद, उनका रिहैबिलिटेशन अप्रैल के अंत तक पूरा हो जाएगा और वह मई में खेलने के लिए पूरी तरह फिट होंगे। ’’
यह 30 वर्षीय बाएं हाथ का बल्लेबाज पिछले महीने से उपचार के सिलसिले में अमेरिका में है। पहले उनके परिवार ने फेफड़े में ट्यूमर की पुष्टि की थी। उनके फिजियो डॉ जतिन चौधरी ने हालांकि आश्वस्त किया कि इसे इलाज से ठीक किया जा सकता है और यह बल्लेबाज मई में क्रिकेट खेलने के लिए फिट होगा। चौधरी ने कहा, ‘‘यह असमान्य ट्यूमर है लेकिन यह कैंसरस भी है लेकिन इसका पता पहले चरण में ही लगा लिया गया है। डॉक्टरों को फैसला करना था कि वे दवाई जारी रखें या फिर कीमोथेरेपी कराएं लेकिन ट्यूमर का हिस्सा उनके दिल की धमनी के ऊपर था तो इसमें खतरा था क्योंकि यह फट सकता था लेकिन इसका पूरी तरह से उपचार किया जा सकता है।’’टिप्पणियां
चौधरी ने कहा, ‘‘डाक्टरों ने फैसला किया कि उसे कीमोथैरेपी करानी पड़ेगी और वह 26 जनवरी को अमेरिका गया। मार्च के अंत में वह सी टी स्कैन कराएगा और तब तक उसे उबर जाना चाहिए। इसके बाद अप्रैल में रिहैबिलिटेशन होगा और वह मई तक खेलने के लिए फिट हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शुक्र है कि सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी। वह पहले से काफी बेहतर है और जल्द से जल्द क्रिकेट मैदान पर वापसी करना चाहता है। ’’ युवराज पिछले साल विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे, उन्होंने 362 रन बनाकर और 15 विकेट चटकाकर चार मैच मैन ऑफ द मैच पुरस्कार हासिल किए थे। वह इस बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां भी ले रहे हैं।
इस क्रिकेटर ने 37 टेस्ट मैच में 34.80 के औसत से 1775 रन बनाए हैं। उन्होंने 274 वनडे मैच में 37.62 के औसत से 8051 रन जोड़े हैं। वहीं 23 ट्वेंटी-20 मैचों में उनके नाम 567 रन हैं। चौधरी कहा, ‘‘मार्च में कीमोथैरेपी कराने के बाद, उनका रिहैबिलिटेशन अप्रैल के अंत तक पूरा हो जाएगा और वह मई में खेलने के लिए पूरी तरह फिट होंगे। ’’
चौधरी ने कहा, ‘‘डाक्टरों ने फैसला किया कि उसे कीमोथैरेपी करानी पड़ेगी और वह 26 जनवरी को अमेरिका गया। मार्च के अंत में वह सी टी स्कैन कराएगा और तब तक उसे उबर जाना चाहिए। इसके बाद अप्रैल में रिहैबिलिटेशन होगा और वह मई तक खेलने के लिए फिट हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शुक्र है कि सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी। वह पहले से काफी बेहतर है और जल्द से जल्द क्रिकेट मैदान पर वापसी करना चाहता है। ’’ युवराज पिछले साल विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे, उन्होंने 362 रन बनाकर और 15 विकेट चटकाकर चार मैच मैन ऑफ द मैच पुरस्कार हासिल किए थे। वह इस बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां भी ले रहे हैं।
इस क्रिकेटर ने 37 टेस्ट मैच में 34.80 के औसत से 1775 रन बनाए हैं। उन्होंने 274 वनडे मैच में 37.62 के औसत से 8051 रन जोड़े हैं। वहीं 23 ट्वेंटी-20 मैचों में उनके नाम 567 रन हैं। चौधरी कहा, ‘‘मार्च में कीमोथैरेपी कराने के बाद, उनका रिहैबिलिटेशन अप्रैल के अंत तक पूरा हो जाएगा और वह मई में खेलने के लिए पूरी तरह फिट होंगे। ’’
इस क्रिकेटर ने 37 टेस्ट मैच में 34.80 के औसत से 1775 रन बनाए हैं। उन्होंने 274 वनडे मैच में 37.62 के औसत से 8051 रन जोड़े हैं। वहीं 23 ट्वेंटी-20 मैचों में उनके नाम 567 रन हैं। चौधरी कहा, ‘‘मार्च में कीमोथैरेपी कराने के बाद, उनका रिहैबिलिटेशन अप्रैल के अंत तक पूरा हो जाएगा और वह मई में खेलने के लिए पूरी तरह फिट होंगे। ’’ | सारांश: खेलमंत्री अजय माकन ने क्रिकेटर युवराज सिंह को सरकारी मदद का वादा किया जो फेफड़े में कैंसर से उबरने के लिए अमेरिका में कीमोथैरेपी करा रहे हैं। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केरोसीन की खरीद पर सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने तथा अटल पेंशन योजना के लाभ के लिए आधार कार्ड को अब अनिवार्य कर दिया गया है. अधिकारियों ने रविवार को कहा कि जो लोग केरोसीन पर सब्सिडी ले रहे हैं या पेंशन योजना के लिए योगदान कर रहे हैं, उन्हें अब लाभ के लिए आधार संख्या देनी होगी. अगर उनके पास आधार नहीं है, तो उन्हें पंजीकरण प्रक्रिया से गुजरना होगा.
केरोसीन सब्सिडी के मामले में आधार प्राप्त करने या उसे हासिल करने के लिए पंजीकरण के लिए 30 सितंबर अंतिम तारीख है. एक सरकारी आदेश के अनुसार अटल पेंशन योजना के लिए आधार हासिल करने की समयसीमा 15 जून है. हालांकि आधार कार्ड जारी होने तक राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, फोटो युक्त किसान पासबुक, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जारी रोजगार कार्ड और राजपत्रित अधिकारी या तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाणपत्र लाभ के लिए पहचान का साक्ष्य माना जाएगा. साथ ही लाभ के लिए आधार संख्या या बैंक खाता से परिवार को जारी राशन कार्ड को जोड़ने का फैसला किया गया है, ताकि नकद अंतरण लाभ दिया जा सके.टिप्पणियां
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना पेश की है. इसके तहत सब्सिडी उन लाभार्थियों के सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है, जो बाजार भाव पर राशन की दुकान से केरोसीन खरीदते हैं. इन दोनों योजनाओं को आधार से जोड़ने से सब्सिडी का दुरूपयोग रुकेगा और यह सुनिश्चित होगा कि लाभार्थियों को उनका लाभ मिले. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केरोसीन सब्सिडी के मामले में आधार प्राप्त करने या उसे हासिल करने के लिए पंजीकरण के लिए 30 सितंबर अंतिम तारीख है. एक सरकारी आदेश के अनुसार अटल पेंशन योजना के लिए आधार हासिल करने की समयसीमा 15 जून है. हालांकि आधार कार्ड जारी होने तक राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, फोटो युक्त किसान पासबुक, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जारी रोजगार कार्ड और राजपत्रित अधिकारी या तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाणपत्र लाभ के लिए पहचान का साक्ष्य माना जाएगा. साथ ही लाभ के लिए आधार संख्या या बैंक खाता से परिवार को जारी राशन कार्ड को जोड़ने का फैसला किया गया है, ताकि नकद अंतरण लाभ दिया जा सके.टिप्पणियां
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना पेश की है. इसके तहत सब्सिडी उन लाभार्थियों के सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है, जो बाजार भाव पर राशन की दुकान से केरोसीन खरीदते हैं. इन दोनों योजनाओं को आधार से जोड़ने से सब्सिडी का दुरूपयोग रुकेगा और यह सुनिश्चित होगा कि लाभार्थियों को उनका लाभ मिले. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना पेश की है. इसके तहत सब्सिडी उन लाभार्थियों के सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है, जो बाजार भाव पर राशन की दुकान से केरोसीन खरीदते हैं. इन दोनों योजनाओं को आधार से जोड़ने से सब्सिडी का दुरूपयोग रुकेगा और यह सुनिश्चित होगा कि लाभार्थियों को उनका लाभ मिले. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | केरोसीन सब्सिडी के मामले में आधार पंजीकरण के लिए 30 सितंबर अंतिम तारीख है
अटल पेंशन योजना के लिए आधार हासिल करने की समयसीमा 15 जून है
आधार जारी होने तक अन्य मान्य दस्तावेज पहचान का साक्ष्य माना जाएगा | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाने वाले वीरभद्र सिंह 25 दिसंबर को छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
राज्यपाल उर्मिला सिंह ने 78 वर्षीय वीरभद्र को सरकार बनाने और 25 दिसंबर को शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि इस दिन सिंह अकेले ही शपथ लेंगे और बाद में पार्टी आलाकमान से विचार-विमर्श के बाद वह मंत्रिपरिषद का गठन करेंगे।टिप्पणियां
वीरभद्र ने कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेद्वी से लंबी मुलाकात की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। पार्टी आला कमान ने जनार्दन को कांग्रेस विधायक दल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वीरभद्र ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उनके मंत्रिमंडल में ‘पूरा प्रतिनिधित्व’ रहेगा। उन्होंने कहा, ‘सभी वर्ग एवं धर्म, युवाओं एवं उम्रदराजों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।’ विधानसभा के अगले अध्यक्ष के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनके दिमाग में तीन लोगों के नाम हैं, लेकिन उन्होंने इन नामों को जाहिर नहीं किया।
राज्यपाल उर्मिला सिंह ने 78 वर्षीय वीरभद्र को सरकार बनाने और 25 दिसंबर को शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि इस दिन सिंह अकेले ही शपथ लेंगे और बाद में पार्टी आलाकमान से विचार-विमर्श के बाद वह मंत्रिपरिषद का गठन करेंगे।टिप्पणियां
वीरभद्र ने कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेद्वी से लंबी मुलाकात की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। पार्टी आला कमान ने जनार्दन को कांग्रेस विधायक दल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वीरभद्र ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उनके मंत्रिमंडल में ‘पूरा प्रतिनिधित्व’ रहेगा। उन्होंने कहा, ‘सभी वर्ग एवं धर्म, युवाओं एवं उम्रदराजों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।’ विधानसभा के अगले अध्यक्ष के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनके दिमाग में तीन लोगों के नाम हैं, लेकिन उन्होंने इन नामों को जाहिर नहीं किया।
वीरभद्र ने कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेद्वी से लंबी मुलाकात की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। पार्टी आला कमान ने जनार्दन को कांग्रेस विधायक दल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वीरभद्र ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उनके मंत्रिमंडल में ‘पूरा प्रतिनिधित्व’ रहेगा। उन्होंने कहा, ‘सभी वर्ग एवं धर्म, युवाओं एवं उम्रदराजों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।’ विधानसभा के अगले अध्यक्ष के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनके दिमाग में तीन लोगों के नाम हैं, लेकिन उन्होंने इन नामों को जाहिर नहीं किया।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वीरभद्र ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उनके मंत्रिमंडल में ‘पूरा प्रतिनिधित्व’ रहेगा। उन्होंने कहा, ‘सभी वर्ग एवं धर्म, युवाओं एवं उम्रदराजों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।’ विधानसभा के अगले अध्यक्ष के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनके दिमाग में तीन लोगों के नाम हैं, लेकिन उन्होंने इन नामों को जाहिर नहीं किया। | संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हिमाचल प्रदेश के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह एक बार फिर से हिमाचल की सत्ता पर काबिज़ होने जा रहे हैं। कांग्रेस विधायक दल की बैठक मे उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं के जयकारों और मंत्रोच्चार से लखनऊ के सभी देवी मंदिर गूंज उठे। चौक स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन काली मंदिर, शास्त्री नगर स्थित दुर्गा मंदिर सहित राजधानी के सभी देवी मंदिरों में सुबह से भक्तों का तांता लग गया। हाथ में सिंदूर, नारियल, चुनरी और फूल-माला लिए श्रद्धालु कतार में लगकर बारी-बारी से मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे थे। नवरात्रि वर्ष में दो बार आते हैं। काली मंदिर के पुजारी पंडित ओंकार नाथ शास्त्री कहते हैं कि ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान जो भक्त सच्चे दिल व समर्पित भाव से मां दुर्गा का व्रत रखकर उनकी पूजा-अर्चना करता है, उस पर देवी मां की विशेष कृपा होती है। देवी मंदिरों में तड़के चार बजे से भक्तों का सैलाब देखा गया। भक्त राजेश तिवारी कहते हें कि नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के पहले रूप शैलुपत्री की पूजा का जाती है। | सारांश: नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं के जयकारों और मंत्रोच्चार से लखनऊ के सभी देवी मंदिर गूंज उठे। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यह पूछने पर कि जब तक किसी को मौका नहीं दिया जाएगा, तब तक कैसे पता चलेगा कि विकल्प उपलब्ध है, गावस्कर ने कहा, समय सही नहीं है। संभवत: नागपुर टेस्ट के बाद पुनर्विचार किया जा सकता है, क्योंकि शृंखला समाप्त हो जाएगी।
गावस्कर ने चयन विवाद पर बोलने के अमरनाथ के फैसले को हौसले भरा करार दिया। उन्होंने कहा, जिमी ने जो किया वह काफी हौसले वाला काम है और इससे सबक सीखने की जरूरत है। उसमें हौसला था और वह इसके नतीजों का सामना करने को तैयार है। टिप्पणियां
धोनी को कप्तानी से हटाने के फैसले को एन श्रीनिवासन के स्वीकृति नहीं देने के अमरनाथ के आरोपों पर गावस्कर ने कहा, यह प्रोटोकॉल हमेशा से रहा है कि बोर्ड से अंतिम स्वीकृति ली जाती है। इसमें कुछ भी असाधारण नहीं है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्ड में भी ऐसा किया जाता है।
यह पूछने पर कि धोनी चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान है, जो बोर्ड अध्यक्ष की फ्रेंचाइजी है, तो क्या इसकी भी कप्तानी मुद्दे में भूमिका रही, गावस्कर ने कहा, यह कहना मुश्किल होगा। हमें विश्वास करना होगा कि बीसीसीआई अध्यक्ष के दिल में देश के क्रिकेट का हित है।
गावस्कर ने चयन विवाद पर बोलने के अमरनाथ के फैसले को हौसले भरा करार दिया। उन्होंने कहा, जिमी ने जो किया वह काफी हौसले वाला काम है और इससे सबक सीखने की जरूरत है। उसमें हौसला था और वह इसके नतीजों का सामना करने को तैयार है। टिप्पणियां
धोनी को कप्तानी से हटाने के फैसले को एन श्रीनिवासन के स्वीकृति नहीं देने के अमरनाथ के आरोपों पर गावस्कर ने कहा, यह प्रोटोकॉल हमेशा से रहा है कि बोर्ड से अंतिम स्वीकृति ली जाती है। इसमें कुछ भी असाधारण नहीं है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्ड में भी ऐसा किया जाता है।
यह पूछने पर कि धोनी चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान है, जो बोर्ड अध्यक्ष की फ्रेंचाइजी है, तो क्या इसकी भी कप्तानी मुद्दे में भूमिका रही, गावस्कर ने कहा, यह कहना मुश्किल होगा। हमें विश्वास करना होगा कि बीसीसीआई अध्यक्ष के दिल में देश के क्रिकेट का हित है।
धोनी को कप्तानी से हटाने के फैसले को एन श्रीनिवासन के स्वीकृति नहीं देने के अमरनाथ के आरोपों पर गावस्कर ने कहा, यह प्रोटोकॉल हमेशा से रहा है कि बोर्ड से अंतिम स्वीकृति ली जाती है। इसमें कुछ भी असाधारण नहीं है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्ड में भी ऐसा किया जाता है।
यह पूछने पर कि धोनी चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान है, जो बोर्ड अध्यक्ष की फ्रेंचाइजी है, तो क्या इसकी भी कप्तानी मुद्दे में भूमिका रही, गावस्कर ने कहा, यह कहना मुश्किल होगा। हमें विश्वास करना होगा कि बीसीसीआई अध्यक्ष के दिल में देश के क्रिकेट का हित है।
यह पूछने पर कि धोनी चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान है, जो बोर्ड अध्यक्ष की फ्रेंचाइजी है, तो क्या इसकी भी कप्तानी मुद्दे में भूमिका रही, गावस्कर ने कहा, यह कहना मुश्किल होगा। हमें विश्वास करना होगा कि बीसीसीआई अध्यक्ष के दिल में देश के क्रिकेट का हित है। | यह एक सारांश है: पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता मोहिंदर अमरनाथ ने खुले तौर पर कहा कि महेंद्र सिंह धोनी को टेस्ट टीम की कप्तानी से हटाने की जरूरत है, लेकिन सुनील गावस्कर का मानना है कि समय उपयुक्त नहीं है, क्योंकि कोई विकल्प मौजूद नहीं है। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कर्नाटक में जारी सियासी संकट के बीच भाजपा पूरे घटनाक्रम पर बारीक निगाह बनाए हुए है. राज्य भाजपा के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा (B. S. Yeddyurappa) ने कहा कि पार्टी में लोग ‘संन्यासी' नहीं हैं जो सरकार बनाने की संभावनाओं से इंकार करेंगे. यह पूछने पर कि क्या भाजपा सरकार बनाने के लिए तैयार है तो उन्होंने कहा, ‘इंतजार कीजिए और देखिए. क्या हम संन्यासी हैं? इस्तीफा की प्रक्रिया खत्म होने और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा निर्णय लेने के बाद हमारी पार्टी के नेता विचार-विमर्श करेंगे और निर्णय करेंगे.' टुमकुर में संवददाताओं से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी है, राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा करने के बाद हम निर्णय करेंगे.'
यह पूछने पर कि क्या गठबंधन सरकार गिर जाएगी तो उन्होंने कहा, ‘इंतजार कीजिए और देखिए.'आपको बता दें कि एक दिन पहले ही कर्नाटक (Karnataka) में कांग्रेस और जेडीएस के 11 विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया था. ये असंतुष्ट विधायक पहले स्पीकर से मिलने गए लेकिन स्पीकर घर पर नहीं मिले. उसके बाद वो राज्यपाल से मिलने पहुंचे. स्पीकर ने कहा है कि वो निजी काम से बाहर थे, लेकिन उन्होंने 11 इस्तीफ़ों की पुष्टि की है. स्पीकर ने कहा है कि कल रविवार है और वे सोमवार को इस मामले को देखेंगे.
इन 11 विधायकों के अलावा एक और विधायक हैं जो कह रहे हैं कि वो इस्तीफ़ा दे सकते हैं. इन विधायकों के इस्तीफ़े के बाद कुमारस्वामी सरकार पर बहुमत खोने की नौबत में आ गई है. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री एच डी कुमारास्वामी देश में नहीं हैं, वे अमेरिका गए हैं. दूसरी तरफ, खबर है कि कर्नाटक विधानसभा से इस्तीफ़ा देने वाले विधायक मुंबई पहुंच गए हैं. | कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के 11 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है
विधायकों के इस्तीफे के बाद सियासी संकट जारी है
इस बीच येदियुरप्पा ने कहा- थोड़ा इंतजार करिये | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शपथ ग्रहण के करीब 72 घंटे बाद रविवार को आखिरकार उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गृह, पर्यटन, ऊर्जा, आबकारी और वन सहित 50 महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं।
राज्य सरकार की तरफ से रविवार देर शाम जारी एक प्रेस नोट में सभी 47 कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के बारे में जानकारी दी गई।
आजम खान को संसदीय कार्य, नगर विकास विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण, हज और मुस्लिम वक्फ सहित छह विभाग दिए गए हैं।टिप्पणियां
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव को लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और सिंचाई (यांत्रिक), अहमद हसन को चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण, वकार अहमद शाह को श्रम एंव नियोजन, राजा अरिदमन महेंद्र सिंह को परिवहन और आनंद सिंह को कृषि और धर्मार्थ कार्य विभाग दिया गया है।
रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को खाद्य एवं रसद, कारागार और नागरिक आपूर्ति सहित छह विभाग दिए गए हैं।
राज्य सरकार की तरफ से रविवार देर शाम जारी एक प्रेस नोट में सभी 47 कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के बारे में जानकारी दी गई।
आजम खान को संसदीय कार्य, नगर विकास विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण, हज और मुस्लिम वक्फ सहित छह विभाग दिए गए हैं।टिप्पणियां
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव को लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और सिंचाई (यांत्रिक), अहमद हसन को चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण, वकार अहमद शाह को श्रम एंव नियोजन, राजा अरिदमन महेंद्र सिंह को परिवहन और आनंद सिंह को कृषि और धर्मार्थ कार्य विभाग दिया गया है।
रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को खाद्य एवं रसद, कारागार और नागरिक आपूर्ति सहित छह विभाग दिए गए हैं।
आजम खान को संसदीय कार्य, नगर विकास विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण, हज और मुस्लिम वक्फ सहित छह विभाग दिए गए हैं।टिप्पणियां
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव को लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और सिंचाई (यांत्रिक), अहमद हसन को चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण, वकार अहमद शाह को श्रम एंव नियोजन, राजा अरिदमन महेंद्र सिंह को परिवहन और आनंद सिंह को कृषि और धर्मार्थ कार्य विभाग दिया गया है।
रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को खाद्य एवं रसद, कारागार और नागरिक आपूर्ति सहित छह विभाग दिए गए हैं।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव को लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और सिंचाई (यांत्रिक), अहमद हसन को चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण, वकार अहमद शाह को श्रम एंव नियोजन, राजा अरिदमन महेंद्र सिंह को परिवहन और आनंद सिंह को कृषि और धर्मार्थ कार्य विभाग दिया गया है।
रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को खाद्य एवं रसद, कारागार और नागरिक आपूर्ति सहित छह विभाग दिए गए हैं।
रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को खाद्य एवं रसद, कारागार और नागरिक आपूर्ति सहित छह विभाग दिए गए हैं। | संक्षिप्त सारांश: शपथ ग्रहण के करीब 72 घंटे बाद रविवार को आखिरकार उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जाट समुदाय को आरक्षण की मांग को लेकर करीब 150 प्रदर्शनकारी बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के आवास में घुस गए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में 13 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
पुलिस ने 142 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करके उन पर दंगा और अनधिकृत तरीके से किसी के घर में प्रवेश करने का मामला दर्ज किया। घटना के समय शिंदे घर पर नहीं थे। वह रूस की आधिकारिक यात्रा पर गए हुए हैं।टिप्पणियां
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वाधान में प्रदर्शनकारी प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए थे और शाम को तीन बसों में भरकर 2, कृष्णा मेनन मार्ग स्थित शिंदे के आवास पर पहुंच गए।
पुलिस को संभवत: प्रदर्शनकारियों के इरादे की कोई भनक नहीं थी। पुलिस उस समय हैरान रह गई, जब प्रदर्शनकारी गृहमंत्री के आवास के सामने बसों से उतरे। प्रदर्शनकारियों ने शिंदे के आवास में घुसने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मी शुरुआत में उन्हें रोकने में कामयाब रहे। हालांकि उन्होंने दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर उसे खोल लिया और परिसर में पहुंचकर धरना शुरू कर दिया।
पुलिस ने 142 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करके उन पर दंगा और अनधिकृत तरीके से किसी के घर में प्रवेश करने का मामला दर्ज किया। घटना के समय शिंदे घर पर नहीं थे। वह रूस की आधिकारिक यात्रा पर गए हुए हैं।टिप्पणियां
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वाधान में प्रदर्शनकारी प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए थे और शाम को तीन बसों में भरकर 2, कृष्णा मेनन मार्ग स्थित शिंदे के आवास पर पहुंच गए।
पुलिस को संभवत: प्रदर्शनकारियों के इरादे की कोई भनक नहीं थी। पुलिस उस समय हैरान रह गई, जब प्रदर्शनकारी गृहमंत्री के आवास के सामने बसों से उतरे। प्रदर्शनकारियों ने शिंदे के आवास में घुसने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मी शुरुआत में उन्हें रोकने में कामयाब रहे। हालांकि उन्होंने दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर उसे खोल लिया और परिसर में पहुंचकर धरना शुरू कर दिया।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वाधान में प्रदर्शनकारी प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए थे और शाम को तीन बसों में भरकर 2, कृष्णा मेनन मार्ग स्थित शिंदे के आवास पर पहुंच गए।
पुलिस को संभवत: प्रदर्शनकारियों के इरादे की कोई भनक नहीं थी। पुलिस उस समय हैरान रह गई, जब प्रदर्शनकारी गृहमंत्री के आवास के सामने बसों से उतरे। प्रदर्शनकारियों ने शिंदे के आवास में घुसने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मी शुरुआत में उन्हें रोकने में कामयाब रहे। हालांकि उन्होंने दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर उसे खोल लिया और परिसर में पहुंचकर धरना शुरू कर दिया।
पुलिस को संभवत: प्रदर्शनकारियों के इरादे की कोई भनक नहीं थी। पुलिस उस समय हैरान रह गई, जब प्रदर्शनकारी गृहमंत्री के आवास के सामने बसों से उतरे। प्रदर्शनकारियों ने शिंदे के आवास में घुसने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मी शुरुआत में उन्हें रोकने में कामयाब रहे। हालांकि उन्होंने दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर उसे खोल लिया और परिसर में पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। | यह एक सारांश है: जाट समुदाय को आरक्षण की मांग को लेकर करीब 150 प्रदर्शनकारी केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के आवास में घुस गए थे। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन में बने दुनिया के सबसे लम्बे समुद्री पुल पर गुरुवार को यातायात शुरू हो गया। आठ मार्गों वाले किंगडाओ जियाओझोउ बे पुल की लम्बाई 36.48 किलोमीटर है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक गुरुवार सुबह शांगडांग प्रांत के किंगडाओ शहर स्थित जियाओझोउ खाड़ी पर स्थित इस पुल का उद्घाटन समारोह हुआ। यह पुल शहरी जिले को हुआंगडाओ जिले से जोड़ता है, 14.8 अरब युआन (2.3 अरब डॉलर) की लागत से इसका निर्माण हुआ है। पुल का निर्माण मई 2007 में शुरू हुआ था। शहर की यातायात प्रबंधन समिति के उपनिदेशक हान शॉक्जिन का कहना है कि इस पुल के बनने से दोनों क्षेत्रों के बीच की दूरी घटकर 30 किलोमीटर रह गई है। अब इस दूरी को 40 की बजाए 20 मिनट में तय किया जा सकेगा। इससे पहले पूर्वी चीन के झियांग प्रांत में झियांगजिंग व निंग्बो शहरों को जोड़ने वाले 36 किलोमीटर लम्बे हांगझोउ बे पुल को दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री पुल माना जाता था। | यह एक सारांश है: आठ मार्गों वाले किंगडाओ जियाओझोउ बे पुल की लम्बाई 36.48 किलोमीटर है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने अमेरिका से कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते पर दस्तखत करने से पहले वह चाहते हैं कि अमेरिकी सैनिकों द्वारा रात में की जाने वाली हमले की कार्रवाई बंद हो, तथा उनके द्वारा संचालित जेलों को अफगानिस्तान के अधिकारियों के हवाले किया जाए। यह जानकारी अफगानी समाचार माध्यमों ने सोमवार को दी।
अमेरिका के कानून निर्माताओं का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को काबुल पहुंचा, जिनकी अगुआई सीनेटर जॉन मैक्के न कर रहे हैं।टिप्पणियां
अमेरिकी सैनिकों द्वारा रात में की जाने वाली कार्रवाई पर अफगानी अधिकारियों का कोई नियंत्रण नहीं होता है। इस कार्रवाई में अमेरिकी सैनिक ऐसे किसी भी घर में घुस जाते हैं, जिनमें तालिबान आतंकवादियों के होने का उन्हें संदेह होता है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका करीब एक वर्ष से अधिक समय से अफगानिस्तान के साथ समझौता करना चाह रहा है, जिसके तहत 2014 में अंतरराष्ट्रीय सैनिकों के काबुल छोड़ने के बाद भी अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान में भूमिका बनी रहे।
अमेरिका के कानून निर्माताओं का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को काबुल पहुंचा, जिनकी अगुआई सीनेटर जॉन मैक्के न कर रहे हैं।टिप्पणियां
अमेरिकी सैनिकों द्वारा रात में की जाने वाली कार्रवाई पर अफगानी अधिकारियों का कोई नियंत्रण नहीं होता है। इस कार्रवाई में अमेरिकी सैनिक ऐसे किसी भी घर में घुस जाते हैं, जिनमें तालिबान आतंकवादियों के होने का उन्हें संदेह होता है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका करीब एक वर्ष से अधिक समय से अफगानिस्तान के साथ समझौता करना चाह रहा है, जिसके तहत 2014 में अंतरराष्ट्रीय सैनिकों के काबुल छोड़ने के बाद भी अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान में भूमिका बनी रहे।
अमेरिकी सैनिकों द्वारा रात में की जाने वाली कार्रवाई पर अफगानी अधिकारियों का कोई नियंत्रण नहीं होता है। इस कार्रवाई में अमेरिकी सैनिक ऐसे किसी भी घर में घुस जाते हैं, जिनमें तालिबान आतंकवादियों के होने का उन्हें संदेह होता है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका करीब एक वर्ष से अधिक समय से अफगानिस्तान के साथ समझौता करना चाह रहा है, जिसके तहत 2014 में अंतरराष्ट्रीय सैनिकों के काबुल छोड़ने के बाद भी अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान में भूमिका बनी रहे।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका करीब एक वर्ष से अधिक समय से अफगानिस्तान के साथ समझौता करना चाह रहा है, जिसके तहत 2014 में अंतरराष्ट्रीय सैनिकों के काबुल छोड़ने के बाद भी अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान में भूमिका बनी रहे। | यहाँ एक सारांश है:करजई ने अमेरिका से कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते पर दस्तखत करने से पहले वह चाहते हैं कि अमेरिकी सैनिकों द्वारा रात में की जाने वाली हमले की कार्रवाई बंद हो, तथा उनके द्वारा संचालित जेलों को अफगानिस्तान के अधिकारियों के हवाले किया जाए। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आईपीएस अधिकारी डी रूपा द्वारा कुछ दिन पहले शहर के एक फाउंडेशन से पुरस्कार लेने से इनकार करने के कुछ दिन बाद, इस फाउंडेशन ने कहा कि उन्हें इस पुरस्कार की कभी पेशकश नहीं की गई. भाजपा के राज्यसभा सदस्य राजीव चंद्रेशखर की अध्यक्षता वाले नम्मा बेंगलुरू फाउंडेशन (एनबीएफ) ने एक बयान में कहा कि उन्हें इस पुरस्कार की कभी पेशकश नहीं की गई और इसलिए उनके द्वारा इससे इंकार करने का कोई विषय नहीं है.टिप्पणियां
एनबीएफ बेंगलुरू के एनजीओ तथा अन्य को इस पुरस्कार से सम्मानित करता है और पिछले साल यहां केन्द्रीय कारागार में बंद अन्नाद्रमुक की नेता वी के शशिकला के साथ कथित तरजीह वाले व्यवहार का खुलासा करने वाली रूपा को साल की सरकारी अधिकारी श्रेणी में नामित किया गया था.
फाउंडेशन ने सवाल किया कि रूपा को विजेता के नाम का पता कैसे चला जबकि इसकी घोषणा तक नहीं हुई है. हालांकि रूपा ने एक पत्र में कहा कि उन्हें पुरस्कार के नतीजे पता हैं.
एनबीएफ बेंगलुरू के एनजीओ तथा अन्य को इस पुरस्कार से सम्मानित करता है और पिछले साल यहां केन्द्रीय कारागार में बंद अन्नाद्रमुक की नेता वी के शशिकला के साथ कथित तरजीह वाले व्यवहार का खुलासा करने वाली रूपा को साल की सरकारी अधिकारी श्रेणी में नामित किया गया था.
फाउंडेशन ने सवाल किया कि रूपा को विजेता के नाम का पता कैसे चला जबकि इसकी घोषणा तक नहीं हुई है. हालांकि रूपा ने एक पत्र में कहा कि उन्हें पुरस्कार के नतीजे पता हैं.
फाउंडेशन ने सवाल किया कि रूपा को विजेता के नाम का पता कैसे चला जबकि इसकी घोषणा तक नहीं हुई है. हालांकि रूपा ने एक पत्र में कहा कि उन्हें पुरस्कार के नतीजे पता हैं. | संक्षिप्त सारांश: शशिकला के लिए जेल में खास इंतजाम पर जताई थी आपत्ति
एक फाउंडेशन की ओर से पुरस्कार की घोषणा की बात कही गई
संस्था ने घोषणा से किया इनकार | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वहीं जानकर मानते हैं कि मॉल का निर्माण लालू यादव और उनके महागठबंधन के लिए राजैनतिक रूप से महंगा पड़ सकता है. मिटटी के बहाने बैठे बिठाये बिहार में विपक्ष को एक मुद्दा मिल गया. वहीं राष्ट्रीय जनता दल के नेता भी मानते हैं कि मोदी और योगी के जमाने में उनके सुप्रीमो अगर परिवार के सदस्य के नाम पर मॉल का निर्माण करते हैं तो चुनाव में उनकी नैया को डूबने से कोई नहीं बचा सकता.
इस बीच इस मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है कि 45 लाख की मिट्टी की खरीद बिना निविदा के मात्र कोटेशन के आधार पर कैसे की गई. वन विभाग जिसके तहत यह जैविक उद्यान आता है उसके अधिकारी भी मानते हैं कि हाल के वर्षों में इतनी अधिक राशि का खर्च मात्रा कोटेशन के आधार पर करने की कोई परंपरा उन्हें याद नहीं, लेकिन इस पूरे विवाद के केंद्र में पटना चिड़ियाघर के निदेशक नन्द किशोर का दावा है कि सब कुछ नियम संगत किया गया है और उन्होंने कहा कि जिस ठेकेदार ने मिटटी की आपूर्ति की है उसका कहना है कि उन्होंने मिट्टी निर्माणाधीन मॉल की साइट से नहीं ली है.
इस बीच इस मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है कि 45 लाख की मिट्टी की खरीद बिना निविदा के मात्र कोटेशन के आधार पर कैसे की गई. वन विभाग जिसके तहत यह जैविक उद्यान आता है उसके अधिकारी भी मानते हैं कि हाल के वर्षों में इतनी अधिक राशि का खर्च मात्रा कोटेशन के आधार पर करने की कोई परंपरा उन्हें याद नहीं, लेकिन इस पूरे विवाद के केंद्र में पटना चिड़ियाघर के निदेशक नन्द किशोर का दावा है कि सब कुछ नियम संगत किया गया है और उन्होंने कहा कि जिस ठेकेदार ने मिटटी की आपूर्ति की है उसका कहना है कि उन्होंने मिट्टी निर्माणाधीन मॉल की साइट से नहीं ली है. | संक्षिप्त सारांश: मिट्टी के बहाने बैठे बिठाए बिहार में विपक्ष को एक मुद्दा मिल गया
पटना जू के निदेशक ने कहा- सब नियमों के अनुसार
रेलवे की जमीन से जुड़ा है ये मामला | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन को यह जानने के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा कि वह टी-20 विश्व कप के लिए टीम में है या नहीं।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने अगले महीने श्रीलंका में होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की आखिरी तारीख शनिवार तक की तय की थी। आईसीसी ने हालांकि कई देशों की मांग पर गुरुवार को यह मियाद 24 अगस्त तक बढ़ा दी।
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने पीटरसन से समझौते के लिए तारीख आगे बढ़ाने की मांग नहीं की थी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने अगले महीने श्रीलंका में होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की आखिरी तारीख शनिवार तक की तय की थी। आईसीसी ने हालांकि कई देशों की मांग पर गुरुवार को यह मियाद 24 अगस्त तक बढ़ा दी।
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने पीटरसन से समझौते के लिए तारीख आगे बढ़ाने की मांग नहीं की थी।
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने पीटरसन से समझौते के लिए तारीख आगे बढ़ाने की मांग नहीं की थी। | सारांश: इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन को यह जानने के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा कि वह टी-20 विश्व कप के लिए टीम में है या नहीं। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आयकर महकमा मुंबई में दिनभर बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी के पूर्ति समूह की छानबीन में जुटा रहा।
पूर्ति समूह में पैसा लगाने वाली कंपनियां फर्ज़ी पाई गईं। ऐसी 24 कंपनियों की आयकर विभाग ने छानबीन की। 11 कंपनियों के दफ़्तरों पर आयकर टीम पहुंची। लेकिन सारी कंपनियां फ़र्ज़ी पाई गईं।टिप्पणियां
इससे पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए आयकर विभाग से और समय मांगा था, जिन्हें विभाग ने पूर्ति समूह की कंपनियों में कथित संदिग्ध निवेश के संबंध में जांच को लेकर उन्हें सोमवार को अपने समक्ष पेश होने को कहा था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी कार्यों में व्यस्तता को लेकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में अपनी असमर्थता जताई। उन्होंने पेश होने के लिए नया समय दिए जाने की मांग की थी। सूत्रों ने बताया कि गडकरी को अब एक फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है।
पूर्ति समूह में पैसा लगाने वाली कंपनियां फर्ज़ी पाई गईं। ऐसी 24 कंपनियों की आयकर विभाग ने छानबीन की। 11 कंपनियों के दफ़्तरों पर आयकर टीम पहुंची। लेकिन सारी कंपनियां फ़र्ज़ी पाई गईं।टिप्पणियां
इससे पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए आयकर विभाग से और समय मांगा था, जिन्हें विभाग ने पूर्ति समूह की कंपनियों में कथित संदिग्ध निवेश के संबंध में जांच को लेकर उन्हें सोमवार को अपने समक्ष पेश होने को कहा था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी कार्यों में व्यस्तता को लेकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में अपनी असमर्थता जताई। उन्होंने पेश होने के लिए नया समय दिए जाने की मांग की थी। सूत्रों ने बताया कि गडकरी को अब एक फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है।
इससे पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अपना पक्ष रखने के लिए आयकर विभाग से और समय मांगा था, जिन्हें विभाग ने पूर्ति समूह की कंपनियों में कथित संदिग्ध निवेश के संबंध में जांच को लेकर उन्हें सोमवार को अपने समक्ष पेश होने को कहा था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी कार्यों में व्यस्तता को लेकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में अपनी असमर्थता जताई। उन्होंने पेश होने के लिए नया समय दिए जाने की मांग की थी। सूत्रों ने बताया कि गडकरी को अब एक फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गडकरी ने पार्टी कार्यों में व्यस्तता को लेकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में अपनी असमर्थता जताई। उन्होंने पेश होने के लिए नया समय दिए जाने की मांग की थी। सूत्रों ने बताया कि गडकरी को अब एक फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। | संक्षिप्त पाठ: पूर्ति समूह में पैसा लगाने वाली कंपनियां फर्ज़ी पाई गईं। ऐसी 24 कंपनियों की आयकर विभाग ने छानबीन की। 11 कंपनियों के दफ़्तरों पर आयकर टीम पहुंची। लेकिन सारी कंपनियां फ़र्ज़ी पाई गईं। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया में रासायनिक हथियारों के कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने को लेकर बशर अल असद शासन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का फैसला किया है, हालांकि वह इसके लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी लेंगे।
व्हाइट हाउस के रोज गार्डन से राष्ट्र के नाम संबोधन में ओबामा ने कांग्रेस से सीरियाई शासन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के उनके फैसले पर चर्चा करने और मतदान करने का अनुरोध किया। ओबामा के साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बायडेन भी थे।
ओबामा ने कहा, सावधानी से विचार-विमर्श के बाद मैंने फैसला किया है कि अमेरिका को सीरियाई ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी चाहिए। मैं आश्वस्त हूं कि हम रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए असद शासन को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। उन्होंने कहा, यह मानवता पर हमला है और यह रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर वैश्विक निषेध का मजाक बनाने का खतरा पैदा करता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, अनेक खतरों के साथ दुनिया में इस हमले का अवश्य विरोध किया जाना चाहिए। अमेरिका को सैन्य कार्रवाई अवश्य करनी चाहिए। अपने मामले को अमेरिकी जनता और कांग्रेस के समक्ष रखते हुए ओबामा ने कहा, दमिश्क में जो हुआ अमेरिका उसके प्रति आंखें नहीं मूंद सकता। अमेरिका को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए।
ओबामा की ओर से यह बयान तब आया है, जब उनके प्रशासन ने अपना खुफिया आकलन जारी किया, जिसमें असद शासन पर अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने का दोषी ठहराया गया। इसके अनुसार उस हमले में कम से कम 426 बच्चों समेत 1429 लोग मारे गए।
व्हाइट हाउस के रोज गार्डन से राष्ट्र के नाम संबोधन में ओबामा ने कांग्रेस से सीरियाई शासन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के उनके फैसले पर चर्चा करने और मतदान करने का अनुरोध किया। ओबामा के साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बायडेन भी थे।
ओबामा ने कहा, सावधानी से विचार-विमर्श के बाद मैंने फैसला किया है कि अमेरिका को सीरियाई ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी चाहिए। मैं आश्वस्त हूं कि हम रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए असद शासन को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। उन्होंने कहा, यह मानवता पर हमला है और यह रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर वैश्विक निषेध का मजाक बनाने का खतरा पैदा करता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, अनेक खतरों के साथ दुनिया में इस हमले का अवश्य विरोध किया जाना चाहिए। अमेरिका को सैन्य कार्रवाई अवश्य करनी चाहिए। अपने मामले को अमेरिकी जनता और कांग्रेस के समक्ष रखते हुए ओबामा ने कहा, दमिश्क में जो हुआ अमेरिका उसके प्रति आंखें नहीं मूंद सकता। अमेरिका को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए।
ओबामा की ओर से यह बयान तब आया है, जब उनके प्रशासन ने अपना खुफिया आकलन जारी किया, जिसमें असद शासन पर अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने का दोषी ठहराया गया। इसके अनुसार उस हमले में कम से कम 426 बच्चों समेत 1429 लोग मारे गए।
ओबामा ने कहा, सावधानी से विचार-विमर्श के बाद मैंने फैसला किया है कि अमेरिका को सीरियाई ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी चाहिए। मैं आश्वस्त हूं कि हम रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए असद शासन को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। उन्होंने कहा, यह मानवता पर हमला है और यह रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर वैश्विक निषेध का मजाक बनाने का खतरा पैदा करता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, अनेक खतरों के साथ दुनिया में इस हमले का अवश्य विरोध किया जाना चाहिए। अमेरिका को सैन्य कार्रवाई अवश्य करनी चाहिए। अपने मामले को अमेरिकी जनता और कांग्रेस के समक्ष रखते हुए ओबामा ने कहा, दमिश्क में जो हुआ अमेरिका उसके प्रति आंखें नहीं मूंद सकता। अमेरिका को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए।
ओबामा की ओर से यह बयान तब आया है, जब उनके प्रशासन ने अपना खुफिया आकलन जारी किया, जिसमें असद शासन पर अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने का दोषी ठहराया गया। इसके अनुसार उस हमले में कम से कम 426 बच्चों समेत 1429 लोग मारे गए।
उन्होंने कहा, अनेक खतरों के साथ दुनिया में इस हमले का अवश्य विरोध किया जाना चाहिए। अमेरिका को सैन्य कार्रवाई अवश्य करनी चाहिए। अपने मामले को अमेरिकी जनता और कांग्रेस के समक्ष रखते हुए ओबामा ने कहा, दमिश्क में जो हुआ अमेरिका उसके प्रति आंखें नहीं मूंद सकता। अमेरिका को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए।
ओबामा की ओर से यह बयान तब आया है, जब उनके प्रशासन ने अपना खुफिया आकलन जारी किया, जिसमें असद शासन पर अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने का दोषी ठहराया गया। इसके अनुसार उस हमले में कम से कम 426 बच्चों समेत 1429 लोग मारे गए।
ओबामा की ओर से यह बयान तब आया है, जब उनके प्रशासन ने अपना खुफिया आकलन जारी किया, जिसमें असद शासन पर अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने का दोषी ठहराया गया। इसके अनुसार उस हमले में कम से कम 426 बच्चों समेत 1429 लोग मारे गए। | सारांश: व्हाइट हाउस के रोज गार्डन से राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ओबामा ने कांग्रेस से सीरियाई शासन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के उनके फैसले पर चर्चा करने और मतदान करने का अनुरोध किया। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले की जांच को लेकर केंद्र सरकार की दो एजेंसियों आईबी और सीबीआई के बीच टकराव की नौबत आ गई है।
मामला आईबी के स्पेशल डायरेक्टर रहे राजेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए बुलाने का है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई ने इन्हें शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसको लेकर आईबी के प्रमुख आसिफ इब्राहिम ने तीखा विरोध दर्ज कराया है।
आसिफ इब्राहीम ने गृहमंत्री सुशील शिंदे, गृहसचिव आरके सिंह और सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा के सामने भी यह मामला उठाया है।
इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसके बारे में जानकारी दी है। आईबी की चिंता है कि इतने सीनियर अफसर से पूछताछ से गलत संदेश जाएगा और गलत नजीर बनेगी।टिप्पणियां
दूसरी तरफ सीबीआई का कहना है कि उसके पास राजेंद्र कुमार के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, वह नरेंद्र मोदी के भी काफी करीब रहे हैं। वह उन्हें गिरफ्तार करने पर भी विचार कर रही है।
उन्हें पिछले महीने भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था। राजेंद्र कुमार 1979 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वे आईबी में ज्वाइंट डायरेक्टर के तौर पर गुजरात में थे। उन्हीं के रहते आईबी ने मोदी की हत्या की साजिश को लेकर इनपुट्स भेजे थे। वह सादिक जमाल मुठभेड़ केस में सीबीआई की जांच के दायरे में हैं।
मामला आईबी के स्पेशल डायरेक्टर रहे राजेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए बुलाने का है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई ने इन्हें शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसको लेकर आईबी के प्रमुख आसिफ इब्राहिम ने तीखा विरोध दर्ज कराया है।
आसिफ इब्राहीम ने गृहमंत्री सुशील शिंदे, गृहसचिव आरके सिंह और सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा के सामने भी यह मामला उठाया है।
इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसके बारे में जानकारी दी है। आईबी की चिंता है कि इतने सीनियर अफसर से पूछताछ से गलत संदेश जाएगा और गलत नजीर बनेगी।टिप्पणियां
दूसरी तरफ सीबीआई का कहना है कि उसके पास राजेंद्र कुमार के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, वह नरेंद्र मोदी के भी काफी करीब रहे हैं। वह उन्हें गिरफ्तार करने पर भी विचार कर रही है।
उन्हें पिछले महीने भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था। राजेंद्र कुमार 1979 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वे आईबी में ज्वाइंट डायरेक्टर के तौर पर गुजरात में थे। उन्हीं के रहते आईबी ने मोदी की हत्या की साजिश को लेकर इनपुट्स भेजे थे। वह सादिक जमाल मुठभेड़ केस में सीबीआई की जांच के दायरे में हैं।
आसिफ इब्राहीम ने गृहमंत्री सुशील शिंदे, गृहसचिव आरके सिंह और सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा के सामने भी यह मामला उठाया है।
इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसके बारे में जानकारी दी है। आईबी की चिंता है कि इतने सीनियर अफसर से पूछताछ से गलत संदेश जाएगा और गलत नजीर बनेगी।टिप्पणियां
दूसरी तरफ सीबीआई का कहना है कि उसके पास राजेंद्र कुमार के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, वह नरेंद्र मोदी के भी काफी करीब रहे हैं। वह उन्हें गिरफ्तार करने पर भी विचार कर रही है।
उन्हें पिछले महीने भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था। राजेंद्र कुमार 1979 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वे आईबी में ज्वाइंट डायरेक्टर के तौर पर गुजरात में थे। उन्हीं के रहते आईबी ने मोदी की हत्या की साजिश को लेकर इनपुट्स भेजे थे। वह सादिक जमाल मुठभेड़ केस में सीबीआई की जांच के दायरे में हैं।
इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसके बारे में जानकारी दी है। आईबी की चिंता है कि इतने सीनियर अफसर से पूछताछ से गलत संदेश जाएगा और गलत नजीर बनेगी।टिप्पणियां
दूसरी तरफ सीबीआई का कहना है कि उसके पास राजेंद्र कुमार के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, वह नरेंद्र मोदी के भी काफी करीब रहे हैं। वह उन्हें गिरफ्तार करने पर भी विचार कर रही है।
उन्हें पिछले महीने भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था। राजेंद्र कुमार 1979 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वे आईबी में ज्वाइंट डायरेक्टर के तौर पर गुजरात में थे। उन्हीं के रहते आईबी ने मोदी की हत्या की साजिश को लेकर इनपुट्स भेजे थे। वह सादिक जमाल मुठभेड़ केस में सीबीआई की जांच के दायरे में हैं।
दूसरी तरफ सीबीआई का कहना है कि उसके पास राजेंद्र कुमार के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, वह नरेंद्र मोदी के भी काफी करीब रहे हैं। वह उन्हें गिरफ्तार करने पर भी विचार कर रही है।
उन्हें पिछले महीने भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था। राजेंद्र कुमार 1979 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वे आईबी में ज्वाइंट डायरेक्टर के तौर पर गुजरात में थे। उन्हीं के रहते आईबी ने मोदी की हत्या की साजिश को लेकर इनपुट्स भेजे थे। वह सादिक जमाल मुठभेड़ केस में सीबीआई की जांच के दायरे में हैं।
उन्हें पिछले महीने भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था। राजेंद्र कुमार 1979 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वे आईबी में ज्वाइंट डायरेक्टर के तौर पर गुजरात में थे। उन्हीं के रहते आईबी ने मोदी की हत्या की साजिश को लेकर इनपुट्स भेजे थे। वह सादिक जमाल मुठभेड़ केस में सीबीआई की जांच के दायरे में हैं। | मामला सीबीआई द्वारा आईबी के स्पेशल डायरेक्टर रहे राजेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए बुलाने का है। इसका आईबी के प्रमुख आसिफ इब्राहिम ने कड़ा विरोध जताया है। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने भ्रम फैलाने वाले विज्ञापनों में भाग लेने वाले सेलेब्रिटीज़ पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है. कई देशों के कानूनों के अध्ययन के बाद सेलेब्रिटीज की जवाबदेही तय करने के तीन विकल्प सामने आए हैं.
खाद्य मंत्री द्वारा गठित विशेषज्ञों की समिति ने अपनी रिपोर्ट में तीन विकल्प सुझाए हैं -
सेलेब्रिटीज़ पर फाइन लगाया जाएसेलेब्रिटीज़ पर प्रतिबंध लगाया जाए या फिरसेलेब्रिटीज़ पर फाइन और प्रतिबंध दोनों लगाए जाएं
एनडीटीवी से बातचीत में खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने कहा, "हमने तय किया है कि गलत विज्ञापन करने वाले सेलेब्रिटीज़ को दंडित करने का प्रावधान नए प्रस्तावित कानून में होगा."
सूत्रों के मुताबिक फाइन और प्रतिबंध का दायरा तय करने पर चर्चा जारी है. पहले दौर की चर्चा में फाइन लगाने के अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा हुई. इस पर भी विचार हुआ कि रिपीट अफेंडर्स के खिलाफ सख्ती से पहल करना जरूरी होगा. टिप्पणियां
संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने इसके लिए सजा की सिफारिश भी की थी लेकिन खाद्य मंत्री ने एनडीटीवी से कहा कि सेलेब्रिटीज़ को दंडित करने के प्रावधान और तरीके पर अंतिम फैसला ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में लिया जाएगा.
विज्ञापनों में सेलेब्रिटीज़ की जवाबदेही तय करने के लिए तैयार बिल को अब सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है...अब अगली चुनौती बिल के प्रारूप पर राजनीतिक सहमति जुटाने की होगी.
खाद्य मंत्री द्वारा गठित विशेषज्ञों की समिति ने अपनी रिपोर्ट में तीन विकल्प सुझाए हैं -
सेलेब्रिटीज़ पर फाइन लगाया जाएसेलेब्रिटीज़ पर प्रतिबंध लगाया जाए या फिरसेलेब्रिटीज़ पर फाइन और प्रतिबंध दोनों लगाए जाएं
एनडीटीवी से बातचीत में खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने कहा, "हमने तय किया है कि गलत विज्ञापन करने वाले सेलेब्रिटीज़ को दंडित करने का प्रावधान नए प्रस्तावित कानून में होगा."
सूत्रों के मुताबिक फाइन और प्रतिबंध का दायरा तय करने पर चर्चा जारी है. पहले दौर की चर्चा में फाइन लगाने के अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा हुई. इस पर भी विचार हुआ कि रिपीट अफेंडर्स के खिलाफ सख्ती से पहल करना जरूरी होगा. टिप्पणियां
संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने इसके लिए सजा की सिफारिश भी की थी लेकिन खाद्य मंत्री ने एनडीटीवी से कहा कि सेलेब्रिटीज़ को दंडित करने के प्रावधान और तरीके पर अंतिम फैसला ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में लिया जाएगा.
विज्ञापनों में सेलेब्रिटीज़ की जवाबदेही तय करने के लिए तैयार बिल को अब सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है...अब अगली चुनौती बिल के प्रारूप पर राजनीतिक सहमति जुटाने की होगी.
सूत्रों के मुताबिक फाइन और प्रतिबंध का दायरा तय करने पर चर्चा जारी है. पहले दौर की चर्चा में फाइन लगाने के अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा हुई. इस पर भी विचार हुआ कि रिपीट अफेंडर्स के खिलाफ सख्ती से पहल करना जरूरी होगा. टिप्पणियां
संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने इसके लिए सजा की सिफारिश भी की थी लेकिन खाद्य मंत्री ने एनडीटीवी से कहा कि सेलेब्रिटीज़ को दंडित करने के प्रावधान और तरीके पर अंतिम फैसला ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में लिया जाएगा.
विज्ञापनों में सेलेब्रिटीज़ की जवाबदेही तय करने के लिए तैयार बिल को अब सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है...अब अगली चुनौती बिल के प्रारूप पर राजनीतिक सहमति जुटाने की होगी.
संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने इसके लिए सजा की सिफारिश भी की थी लेकिन खाद्य मंत्री ने एनडीटीवी से कहा कि सेलेब्रिटीज़ को दंडित करने के प्रावधान और तरीके पर अंतिम फैसला ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में लिया जाएगा.
विज्ञापनों में सेलेब्रिटीज़ की जवाबदेही तय करने के लिए तैयार बिल को अब सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है...अब अगली चुनौती बिल के प्रारूप पर राजनीतिक सहमति जुटाने की होगी.
विज्ञापनों में सेलेब्रिटीज़ की जवाबदेही तय करने के लिए तैयार बिल को अब सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है...अब अगली चुनौती बिल के प्रारूप पर राजनीतिक सहमति जुटाने की होगी. | संक्षिप्त सारांश: सेलेब्रिटीज की जवाबदेही तय करने के लिए तीन विकल्प
नए कानून में होगा सेलेब्रिटीज़ को दंडित करने का प्रावधान
नए कानून में होगा सेलेब्रिटीज़ को दंडित करने का प्रावधान | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नागालैंड के गृहमंत्री इमकॉम एल इमचेन को हिरासत में लिया गया है। चुनाव प्रचार के दौरान इमकॉम की बोलेरो गाड़ी में एक करोड़ 20 लाख रुपये नकद मिले हैं। साथ ही उनकी गाड़ी से पांच पिस्टल और दो राइफल भी बरामद हुआ है, जिसके बाद असम राइफल्स ने गृहमंत्री इमकॉम को हिरासत में लिया।टिप्पणियां
इससे पहले यहां एक हेलीकॉप्टर से एक करोड़ रुपये कैश बरामद हुए थे और जिस हेलीकॉप्टर से एक करोड़ रुपये बरामद हुए थे, उसमें नागालैंड के मुख्यमंत्री सवार थे।
गौरतलब है कि नागालैंड में 23 फरवरी को चुनाव होने हैं और गृहमंत्रालय को इस बारे में सूचना दे दी गई है।
इससे पहले यहां एक हेलीकॉप्टर से एक करोड़ रुपये कैश बरामद हुए थे और जिस हेलीकॉप्टर से एक करोड़ रुपये बरामद हुए थे, उसमें नागालैंड के मुख्यमंत्री सवार थे।
गौरतलब है कि नागालैंड में 23 फरवरी को चुनाव होने हैं और गृहमंत्रालय को इस बारे में सूचना दे दी गई है।
गौरतलब है कि नागालैंड में 23 फरवरी को चुनाव होने हैं और गृहमंत्रालय को इस बारे में सूचना दे दी गई है। | संक्षिप्त पाठ: नागालैंड के गृहमंत्री इमकॉम एल इमचेन की कार से एक करोड़ 20 लाख कैश और हथियार बरामद करने के बाद हिरासत में लिया गया है। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वोडाफोन कर मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पुनर्विचार याचिका खारिज किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर विधि मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि सरकार को फर्म को धन लौटाना पड़ेगा।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा शाम को बुलाई गई प्रमुख मंत्रियों की बैठक के बाद खुर्शीद ने पत्रकारों को बताया, ‘मेरी जानकारी में कोई उपचारात्मक याचिका नहीं है। मैं मानता हूं कि सरकार को वोडाफोन को धन लौटाना पड़ेगा।’
उपचारात्मक याचिका सरकार के पास उपलब्ध आखिरी न्यायिक उपचार है। आनन-फानन में बुलाई गई बैठक में गृह मंत्री पी. चिदंबरम, दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल और अटार्नी जनरल जीई वाहनवती शामिल थे।टिप्पणियां
उच्चतम न्यायालय ने 20 जनवरी को दिए अपने निर्णय में बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को दरकिनार करते हुए आयकर विभाग को वोडाफोन द्वारा जमा कराया गया 2,500 करोड़ रुपये 4 प्रतिशत ब्याज के साथ दो महीने के भीतर लौटाने को कहा था।
उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि वोडाफोन इंटरनेशनल और हचिसन ग्रुप के बीच हुए 12 अरब डालर के विदेशी सौदे
पर 11,000 करोड़ रुपये कर लगाने का अधिकार आयकर विभाग के क्षेत्र में नहीं है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा शाम को बुलाई गई प्रमुख मंत्रियों की बैठक के बाद खुर्शीद ने पत्रकारों को बताया, ‘मेरी जानकारी में कोई उपचारात्मक याचिका नहीं है। मैं मानता हूं कि सरकार को वोडाफोन को धन लौटाना पड़ेगा।’
उपचारात्मक याचिका सरकार के पास उपलब्ध आखिरी न्यायिक उपचार है। आनन-फानन में बुलाई गई बैठक में गृह मंत्री पी. चिदंबरम, दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल और अटार्नी जनरल जीई वाहनवती शामिल थे।टिप्पणियां
उच्चतम न्यायालय ने 20 जनवरी को दिए अपने निर्णय में बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को दरकिनार करते हुए आयकर विभाग को वोडाफोन द्वारा जमा कराया गया 2,500 करोड़ रुपये 4 प्रतिशत ब्याज के साथ दो महीने के भीतर लौटाने को कहा था।
उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि वोडाफोन इंटरनेशनल और हचिसन ग्रुप के बीच हुए 12 अरब डालर के विदेशी सौदे
पर 11,000 करोड़ रुपये कर लगाने का अधिकार आयकर विभाग के क्षेत्र में नहीं है।
उपचारात्मक याचिका सरकार के पास उपलब्ध आखिरी न्यायिक उपचार है। आनन-फानन में बुलाई गई बैठक में गृह मंत्री पी. चिदंबरम, दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल और अटार्नी जनरल जीई वाहनवती शामिल थे।टिप्पणियां
उच्चतम न्यायालय ने 20 जनवरी को दिए अपने निर्णय में बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को दरकिनार करते हुए आयकर विभाग को वोडाफोन द्वारा जमा कराया गया 2,500 करोड़ रुपये 4 प्रतिशत ब्याज के साथ दो महीने के भीतर लौटाने को कहा था।
उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि वोडाफोन इंटरनेशनल और हचिसन ग्रुप के बीच हुए 12 अरब डालर के विदेशी सौदे
पर 11,000 करोड़ रुपये कर लगाने का अधिकार आयकर विभाग के क्षेत्र में नहीं है।
उच्चतम न्यायालय ने 20 जनवरी को दिए अपने निर्णय में बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को दरकिनार करते हुए आयकर विभाग को वोडाफोन द्वारा जमा कराया गया 2,500 करोड़ रुपये 4 प्रतिशत ब्याज के साथ दो महीने के भीतर लौटाने को कहा था।
उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि वोडाफोन इंटरनेशनल और हचिसन ग्रुप के बीच हुए 12 अरब डालर के विदेशी सौदे
पर 11,000 करोड़ रुपये कर लगाने का अधिकार आयकर विभाग के क्षेत्र में नहीं है।
उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि वोडाफोन इंटरनेशनल और हचिसन ग्रुप के बीच हुए 12 अरब डालर के विदेशी सौदे
पर 11,000 करोड़ रुपये कर लगाने का अधिकार आयकर विभाग के क्षेत्र में नहीं है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वोडाफोन कर मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पुनर्विचार याचिका खारिज किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर विधि मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि सरकार को फर्म को धन लौटाना पड़ेगा। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग पर क्रिकेटरों को लालची बनाने का आरोप लगाते हुए श्रीलंका के विश्वकप विजेता कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने आज कहा कि इस लीग से भारतीय क्रिकेट को बदनामी के सिवा कुछ नहीं मिला और उन्हें हैरानी है कि कई महान क्रिकेटर इसे बचाने की कोशिश में लगे हैं।
रणतुंगा ने कहा, मैं पहले से कहता आया हूं कि आईपीएल क्रिकेट में सट्टेबाजी, फिक्सिंग, शराबखोरी, डोपिंग जैसी कई बुराइयों को लेकर आया है। मौजूदा स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण ने ताबूत में आखिरी कील ठोकने का काम किया है और मेरा मानना है कि क्रिकेट की भलाई के लिए आईपीएल को बंद कर देना चाहिए। आईपीएल के मुखर आलोचकों में से एक रहे रणतुंगा ने हैरानी जताई कि कई महान क्रिकेटर आईपीएल के पक्ष में बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा, मुझे दुख है कि अपने जमाने के कई महान क्रिकेटर पैसा कमाने के लिए आईपीएल का बचाव कर रहे हैं। ईरापल्ली प्रसन्ना जैसे कुछ ही क्रिकेटर हैं, जो इसके खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा, आईपीएल क्यों खेला जा रहा है। इससे भारतीय क्रिकेट को क्या मिला है। विश्व क्रिकेट में भारत की इतनी बदनामी कभी नहीं हुई। यह 2000 के मैच फिक्सिंग प्रकरण के बराबर का मामला है और इसका असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है।
रणतुंगा ने कहा, मुझे पिछले छह साल में एक भी खिलाड़ी ऐसा नहीं देखा जो भारतीय क्रिकेट को आईपीएल की देन हो। आईपीएल के चलते भारत को कभी तेंदुलकर, द्रविड़, गावस्कर या कपिल जैसे खिलाड़ी नहीं मिल सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीसीसीआई का घरेलू क्रिकेट का ढांचा इतना सक्षम है कि उससे अच्छे क्रिकेटर निकल सके और उसे आईपीएल की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ आईपीएल छह ही नहीं बल्कि हर सत्र में भ्रष्टाचार का शक रहा है और आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के पूर्व अध्यक्ष सर पाल कंडोन ने 2008 में आईपीएल के पहले सत्र के बाद ही इसके संकेत दिए थे।
रणतुंगा ने कहा, आईपीएल में फिक्सिंग का खुलासा अब हुआ है, लेकिन 2008 में पहले सत्र से ही शक की सुई इस लीग पर थी। सर पाल कंडोन ने इस पर एक दस्तावेज भी आईसीसी बोर्ड को दिया था। उन्होंने कहा, सर पाल कंडोन ने कहा था कि नब्बे के दशक के बाद अब आईपीएल क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आसान जरिये के रूप में उभरा है। यदि बीसीसीआई को वाकई क्रिकेट से भ्रष्टाचार को दूर करना था तो उसी समय कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, लेकिन भारतीय बोर्ड ने अपनी खुद की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई बनाई और हर आईपीएल में कोई ना कोई विवाद जुड़ा रहा। यह क्रिकेट नहीं बल्कि क्रिकेट का तमाशा है और खिलाड़ियों को लालची बना रहा है।टिप्पणियां
कुछ भारतीय सटोरियों के श्रीलंका प्रीमियर लीग में कुछ फ्रेंचाइजी के बेनामी मालिक होने की खबरों के बारे में पूछने पर रणतुंगा ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैंने भी ऐसी खबरें पढ़ी हैं। मैं शुरू से श्रीलंका प्रीमियर लीग के भी खिलाफ था, क्योंकि मुझे अंदेशा था कि ऐसी किसी भी लीग के साथ गैर जरूरी चीजें भी क्रिकेट में आ जाएंगी। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होनी चाहिए। रणतुंगा ने यह भी कहा कि आईपीएल में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और सरकार को इसमें दखल देना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत सरकार को चाहिए कि बीसीसीआई को अपनी छत्रछाया में ले जैसा कि श्रीलंका में है। बीसीसीआई के मौजूदा पदाधिकारियों को बर्खास्त करके नए सिरे से चयन होना चाहिए।
रणतुंगा ने कहा, मैं पहले से कहता आया हूं कि आईपीएल क्रिकेट में सट्टेबाजी, फिक्सिंग, शराबखोरी, डोपिंग जैसी कई बुराइयों को लेकर आया है। मौजूदा स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण ने ताबूत में आखिरी कील ठोकने का काम किया है और मेरा मानना है कि क्रिकेट की भलाई के लिए आईपीएल को बंद कर देना चाहिए। आईपीएल के मुखर आलोचकों में से एक रहे रणतुंगा ने हैरानी जताई कि कई महान क्रिकेटर आईपीएल के पक्ष में बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा, मुझे दुख है कि अपने जमाने के कई महान क्रिकेटर पैसा कमाने के लिए आईपीएल का बचाव कर रहे हैं। ईरापल्ली प्रसन्ना जैसे कुछ ही क्रिकेटर हैं, जो इसके खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा, आईपीएल क्यों खेला जा रहा है। इससे भारतीय क्रिकेट को क्या मिला है। विश्व क्रिकेट में भारत की इतनी बदनामी कभी नहीं हुई। यह 2000 के मैच फिक्सिंग प्रकरण के बराबर का मामला है और इसका असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है।
रणतुंगा ने कहा, मुझे पिछले छह साल में एक भी खिलाड़ी ऐसा नहीं देखा जो भारतीय क्रिकेट को आईपीएल की देन हो। आईपीएल के चलते भारत को कभी तेंदुलकर, द्रविड़, गावस्कर या कपिल जैसे खिलाड़ी नहीं मिल सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीसीसीआई का घरेलू क्रिकेट का ढांचा इतना सक्षम है कि उससे अच्छे क्रिकेटर निकल सके और उसे आईपीएल की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ आईपीएल छह ही नहीं बल्कि हर सत्र में भ्रष्टाचार का शक रहा है और आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के पूर्व अध्यक्ष सर पाल कंडोन ने 2008 में आईपीएल के पहले सत्र के बाद ही इसके संकेत दिए थे।
रणतुंगा ने कहा, आईपीएल में फिक्सिंग का खुलासा अब हुआ है, लेकिन 2008 में पहले सत्र से ही शक की सुई इस लीग पर थी। सर पाल कंडोन ने इस पर एक दस्तावेज भी आईसीसी बोर्ड को दिया था। उन्होंने कहा, सर पाल कंडोन ने कहा था कि नब्बे के दशक के बाद अब आईपीएल क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आसान जरिये के रूप में उभरा है। यदि बीसीसीआई को वाकई क्रिकेट से भ्रष्टाचार को दूर करना था तो उसी समय कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, लेकिन भारतीय बोर्ड ने अपनी खुद की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई बनाई और हर आईपीएल में कोई ना कोई विवाद जुड़ा रहा। यह क्रिकेट नहीं बल्कि क्रिकेट का तमाशा है और खिलाड़ियों को लालची बना रहा है।टिप्पणियां
कुछ भारतीय सटोरियों के श्रीलंका प्रीमियर लीग में कुछ फ्रेंचाइजी के बेनामी मालिक होने की खबरों के बारे में पूछने पर रणतुंगा ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैंने भी ऐसी खबरें पढ़ी हैं। मैं शुरू से श्रीलंका प्रीमियर लीग के भी खिलाफ था, क्योंकि मुझे अंदेशा था कि ऐसी किसी भी लीग के साथ गैर जरूरी चीजें भी क्रिकेट में आ जाएंगी। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होनी चाहिए। रणतुंगा ने यह भी कहा कि आईपीएल में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और सरकार को इसमें दखल देना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत सरकार को चाहिए कि बीसीसीआई को अपनी छत्रछाया में ले जैसा कि श्रीलंका में है। बीसीसीआई के मौजूदा पदाधिकारियों को बर्खास्त करके नए सिरे से चयन होना चाहिए।
उन्होंने कहा, मुझे दुख है कि अपने जमाने के कई महान क्रिकेटर पैसा कमाने के लिए आईपीएल का बचाव कर रहे हैं। ईरापल्ली प्रसन्ना जैसे कुछ ही क्रिकेटर हैं, जो इसके खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा, आईपीएल क्यों खेला जा रहा है। इससे भारतीय क्रिकेट को क्या मिला है। विश्व क्रिकेट में भारत की इतनी बदनामी कभी नहीं हुई। यह 2000 के मैच फिक्सिंग प्रकरण के बराबर का मामला है और इसका असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है।
रणतुंगा ने कहा, मुझे पिछले छह साल में एक भी खिलाड़ी ऐसा नहीं देखा जो भारतीय क्रिकेट को आईपीएल की देन हो। आईपीएल के चलते भारत को कभी तेंदुलकर, द्रविड़, गावस्कर या कपिल जैसे खिलाड़ी नहीं मिल सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीसीसीआई का घरेलू क्रिकेट का ढांचा इतना सक्षम है कि उससे अच्छे क्रिकेटर निकल सके और उसे आईपीएल की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ आईपीएल छह ही नहीं बल्कि हर सत्र में भ्रष्टाचार का शक रहा है और आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के पूर्व अध्यक्ष सर पाल कंडोन ने 2008 में आईपीएल के पहले सत्र के बाद ही इसके संकेत दिए थे।
रणतुंगा ने कहा, आईपीएल में फिक्सिंग का खुलासा अब हुआ है, लेकिन 2008 में पहले सत्र से ही शक की सुई इस लीग पर थी। सर पाल कंडोन ने इस पर एक दस्तावेज भी आईसीसी बोर्ड को दिया था। उन्होंने कहा, सर पाल कंडोन ने कहा था कि नब्बे के दशक के बाद अब आईपीएल क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आसान जरिये के रूप में उभरा है। यदि बीसीसीआई को वाकई क्रिकेट से भ्रष्टाचार को दूर करना था तो उसी समय कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, लेकिन भारतीय बोर्ड ने अपनी खुद की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई बनाई और हर आईपीएल में कोई ना कोई विवाद जुड़ा रहा। यह क्रिकेट नहीं बल्कि क्रिकेट का तमाशा है और खिलाड़ियों को लालची बना रहा है।टिप्पणियां
कुछ भारतीय सटोरियों के श्रीलंका प्रीमियर लीग में कुछ फ्रेंचाइजी के बेनामी मालिक होने की खबरों के बारे में पूछने पर रणतुंगा ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैंने भी ऐसी खबरें पढ़ी हैं। मैं शुरू से श्रीलंका प्रीमियर लीग के भी खिलाफ था, क्योंकि मुझे अंदेशा था कि ऐसी किसी भी लीग के साथ गैर जरूरी चीजें भी क्रिकेट में आ जाएंगी। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होनी चाहिए। रणतुंगा ने यह भी कहा कि आईपीएल में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और सरकार को इसमें दखल देना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत सरकार को चाहिए कि बीसीसीआई को अपनी छत्रछाया में ले जैसा कि श्रीलंका में है। बीसीसीआई के मौजूदा पदाधिकारियों को बर्खास्त करके नए सिरे से चयन होना चाहिए।
रणतुंगा ने कहा, मुझे पिछले छह साल में एक भी खिलाड़ी ऐसा नहीं देखा जो भारतीय क्रिकेट को आईपीएल की देन हो। आईपीएल के चलते भारत को कभी तेंदुलकर, द्रविड़, गावस्कर या कपिल जैसे खिलाड़ी नहीं मिल सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीसीसीआई का घरेलू क्रिकेट का ढांचा इतना सक्षम है कि उससे अच्छे क्रिकेटर निकल सके और उसे आईपीएल की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ आईपीएल छह ही नहीं बल्कि हर सत्र में भ्रष्टाचार का शक रहा है और आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के पूर्व अध्यक्ष सर पाल कंडोन ने 2008 में आईपीएल के पहले सत्र के बाद ही इसके संकेत दिए थे।
रणतुंगा ने कहा, आईपीएल में फिक्सिंग का खुलासा अब हुआ है, लेकिन 2008 में पहले सत्र से ही शक की सुई इस लीग पर थी। सर पाल कंडोन ने इस पर एक दस्तावेज भी आईसीसी बोर्ड को दिया था। उन्होंने कहा, सर पाल कंडोन ने कहा था कि नब्बे के दशक के बाद अब आईपीएल क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आसान जरिये के रूप में उभरा है। यदि बीसीसीआई को वाकई क्रिकेट से भ्रष्टाचार को दूर करना था तो उसी समय कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, लेकिन भारतीय बोर्ड ने अपनी खुद की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई बनाई और हर आईपीएल में कोई ना कोई विवाद जुड़ा रहा। यह क्रिकेट नहीं बल्कि क्रिकेट का तमाशा है और खिलाड़ियों को लालची बना रहा है।टिप्पणियां
कुछ भारतीय सटोरियों के श्रीलंका प्रीमियर लीग में कुछ फ्रेंचाइजी के बेनामी मालिक होने की खबरों के बारे में पूछने पर रणतुंगा ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैंने भी ऐसी खबरें पढ़ी हैं। मैं शुरू से श्रीलंका प्रीमियर लीग के भी खिलाफ था, क्योंकि मुझे अंदेशा था कि ऐसी किसी भी लीग के साथ गैर जरूरी चीजें भी क्रिकेट में आ जाएंगी। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होनी चाहिए। रणतुंगा ने यह भी कहा कि आईपीएल में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और सरकार को इसमें दखल देना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत सरकार को चाहिए कि बीसीसीआई को अपनी छत्रछाया में ले जैसा कि श्रीलंका में है। बीसीसीआई के मौजूदा पदाधिकारियों को बर्खास्त करके नए सिरे से चयन होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ आईपीएल छह ही नहीं बल्कि हर सत्र में भ्रष्टाचार का शक रहा है और आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के पूर्व अध्यक्ष सर पाल कंडोन ने 2008 में आईपीएल के पहले सत्र के बाद ही इसके संकेत दिए थे।
रणतुंगा ने कहा, आईपीएल में फिक्सिंग का खुलासा अब हुआ है, लेकिन 2008 में पहले सत्र से ही शक की सुई इस लीग पर थी। सर पाल कंडोन ने इस पर एक दस्तावेज भी आईसीसी बोर्ड को दिया था। उन्होंने कहा, सर पाल कंडोन ने कहा था कि नब्बे के दशक के बाद अब आईपीएल क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आसान जरिये के रूप में उभरा है। यदि बीसीसीआई को वाकई क्रिकेट से भ्रष्टाचार को दूर करना था तो उसी समय कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, लेकिन भारतीय बोर्ड ने अपनी खुद की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई बनाई और हर आईपीएल में कोई ना कोई विवाद जुड़ा रहा। यह क्रिकेट नहीं बल्कि क्रिकेट का तमाशा है और खिलाड़ियों को लालची बना रहा है।टिप्पणियां
कुछ भारतीय सटोरियों के श्रीलंका प्रीमियर लीग में कुछ फ्रेंचाइजी के बेनामी मालिक होने की खबरों के बारे में पूछने पर रणतुंगा ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैंने भी ऐसी खबरें पढ़ी हैं। मैं शुरू से श्रीलंका प्रीमियर लीग के भी खिलाफ था, क्योंकि मुझे अंदेशा था कि ऐसी किसी भी लीग के साथ गैर जरूरी चीजें भी क्रिकेट में आ जाएंगी। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होनी चाहिए। रणतुंगा ने यह भी कहा कि आईपीएल में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और सरकार को इसमें दखल देना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत सरकार को चाहिए कि बीसीसीआई को अपनी छत्रछाया में ले जैसा कि श्रीलंका में है। बीसीसीआई के मौजूदा पदाधिकारियों को बर्खास्त करके नए सिरे से चयन होना चाहिए।
रणतुंगा ने कहा, आईपीएल में फिक्सिंग का खुलासा अब हुआ है, लेकिन 2008 में पहले सत्र से ही शक की सुई इस लीग पर थी। सर पाल कंडोन ने इस पर एक दस्तावेज भी आईसीसी बोर्ड को दिया था। उन्होंने कहा, सर पाल कंडोन ने कहा था कि नब्बे के दशक के बाद अब आईपीएल क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आसान जरिये के रूप में उभरा है। यदि बीसीसीआई को वाकई क्रिकेट से भ्रष्टाचार को दूर करना था तो उसी समय कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, लेकिन भारतीय बोर्ड ने अपनी खुद की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई बनाई और हर आईपीएल में कोई ना कोई विवाद जुड़ा रहा। यह क्रिकेट नहीं बल्कि क्रिकेट का तमाशा है और खिलाड़ियों को लालची बना रहा है।टिप्पणियां
कुछ भारतीय सटोरियों के श्रीलंका प्रीमियर लीग में कुछ फ्रेंचाइजी के बेनामी मालिक होने की खबरों के बारे में पूछने पर रणतुंगा ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैंने भी ऐसी खबरें पढ़ी हैं। मैं शुरू से श्रीलंका प्रीमियर लीग के भी खिलाफ था, क्योंकि मुझे अंदेशा था कि ऐसी किसी भी लीग के साथ गैर जरूरी चीजें भी क्रिकेट में आ जाएंगी। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होनी चाहिए। रणतुंगा ने यह भी कहा कि आईपीएल में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और सरकार को इसमें दखल देना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत सरकार को चाहिए कि बीसीसीआई को अपनी छत्रछाया में ले जैसा कि श्रीलंका में है। बीसीसीआई के मौजूदा पदाधिकारियों को बर्खास्त करके नए सिरे से चयन होना चाहिए।
कुछ भारतीय सटोरियों के श्रीलंका प्रीमियर लीग में कुछ फ्रेंचाइजी के बेनामी मालिक होने की खबरों के बारे में पूछने पर रणतुंगा ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैंने भी ऐसी खबरें पढ़ी हैं। मैं शुरू से श्रीलंका प्रीमियर लीग के भी खिलाफ था, क्योंकि मुझे अंदेशा था कि ऐसी किसी भी लीग के साथ गैर जरूरी चीजें भी क्रिकेट में आ जाएंगी। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होनी चाहिए। रणतुंगा ने यह भी कहा कि आईपीएल में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और सरकार को इसमें दखल देना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत सरकार को चाहिए कि बीसीसीआई को अपनी छत्रछाया में ले जैसा कि श्रीलंका में है। बीसीसीआई के मौजूदा पदाधिकारियों को बर्खास्त करके नए सिरे से चयन होना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत सरकार को चाहिए कि बीसीसीआई को अपनी छत्रछाया में ले जैसा कि श्रीलंका में है। बीसीसीआई के मौजूदा पदाधिकारियों को बर्खास्त करके नए सिरे से चयन होना चाहिए। | यहाँ एक सारांश है:रणतुंगा ने कहा, मैं पहले से कहता आया हूं कि आईपीएल क्रिकेट में सट्टेबाजी, फिक्सिंग, शराबखोरी, डोपिंग जैसी कई बुराइयों को लेकर आया है। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अफगानिस्तान में हमले में नाटो के तीन और जवानों की मौत हो गई है। नाटो बल पर हुए साल के इस बड़े हमले में कुल आठ जवानों की जान चली गई है। तीनों मौतों की घोषणा दक्षिणी प्रांत में दो अलग-अलग विस्फोट के बाद की गई है। इससे पहले इसी दिन एक अमेरिकी शिविर पर आत्मघाती हमले में नाटो के पांच जवानों की मौत हो गई। नाटो अधिकारियों ने आशंका जाहिर की है कि गर्मियों में हिंसा में और बढ़ोतरी हो सकती है। यह क्षेत्र अगला कुछ माह अमेरिका के लिए भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्योंकि जुलाई से अमेरिकी सैनिकों की वापसी भी शुरू होगी। पूर्वी लघमन प्रांत में एक आत्मघाती हमले में चार अफगानी सैनिकों और एक दुभाषिये की मौत हो गई। इस हमले की तालिबान ने जिम्मेदारी ली है। इस ताजातरीन हमले के बाद अब तक इस महीने में नाटो के 23 कर्मियों की मौत हो चुकी है, जबकि साल की शुरुआत से अब तक हमले के 125 शिकार बन चुके हैं। | यहाँ एक सारांश है:अफगानिस्तान में हमले में नाटो के तीन और जवानों की मौत हो गई है। नाटो बल पर हुए साल के इस बड़े हमले में कुल आठ जवानों की जान चली गई है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रतिबंधित भारतीय क्रिकेटर एस श्रीसंत द्वारा दायर की याचिका पर केरल हाईकोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नोटिस जारी किया है. इस याचिका में श्रीसंत ने बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति द्वारा उन पर लगाए आजीवन प्रतिबंध को चुनौती दी है. टीम इंडिया के ओर से खेल चुके इस क्रिकेटर ने याचिका में कोर्ट से बीसीसीआई को यह निर्देश देने की मांग की है कि उन्हें अप्रैल में स्काटिश क्लब की ओर से खेलने की अनुमति दी जाए. न्यायमूर्ति पीवी आशा ने इस खिलाड़ी की याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार और बीसीसीआई को जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है.टिप्पणियां
श्रीसंत ने कहा कि है स्काटलैंड में प्रीमियर लीग में खेलने के लिये उन्हें ग्लेनरोथ टीम का प्रतिनिधित्व करने के आमंत्रित किया गया है जिसका आयोजन अप्रैल के पहले हफ्ते में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वे इस मैच में खेलना चाहते है जिसके लिये उन्हें बोर्ड से अनापत्ति पत्र चाहिए. जुलाई 2015 में पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चांडिला सहित सभी 36 आरोपियों को आईपीएल 6 स्पाट फिक्सिंग मामले में बरी कर दिया गया था.
गौरतलब है कि श्रीसंथ टेस्ट, वनडे और टी20 मैचों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उन्होंने टेस्ट में भारत की ओर से 87, वनडे में 75 और टी20 में 7 विकेट लिए हैं. स्पॉट फिक्सिंग मामले में कथित तौर पर नाम आने के बाद वे राजनीति में सक्रिए हुए थे. उन्होंने भाजपा के टिकट पर केरल विधानसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन हार का सामना करना पड़ा था.
श्रीसंत ने कहा कि है स्काटलैंड में प्रीमियर लीग में खेलने के लिये उन्हें ग्लेनरोथ टीम का प्रतिनिधित्व करने के आमंत्रित किया गया है जिसका आयोजन अप्रैल के पहले हफ्ते में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वे इस मैच में खेलना चाहते है जिसके लिये उन्हें बोर्ड से अनापत्ति पत्र चाहिए. जुलाई 2015 में पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चांडिला सहित सभी 36 आरोपियों को आईपीएल 6 स्पाट फिक्सिंग मामले में बरी कर दिया गया था.
गौरतलब है कि श्रीसंथ टेस्ट, वनडे और टी20 मैचों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उन्होंने टेस्ट में भारत की ओर से 87, वनडे में 75 और टी20 में 7 विकेट लिए हैं. स्पॉट फिक्सिंग मामले में कथित तौर पर नाम आने के बाद वे राजनीति में सक्रिए हुए थे. उन्होंने भाजपा के टिकट पर केरल विधानसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन हार का सामना करना पड़ा था.
गौरतलब है कि श्रीसंथ टेस्ट, वनडे और टी20 मैचों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उन्होंने टेस्ट में भारत की ओर से 87, वनडे में 75 और टी20 में 7 विकेट लिए हैं. स्पॉट फिक्सिंग मामले में कथित तौर पर नाम आने के बाद वे राजनीति में सक्रिए हुए थे. उन्होंने भाजपा के टिकट पर केरल विधानसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन हार का सामना करना पड़ा था. | सारांश: स्कॉटिश क्लब की ओर से खेलना चाहते हैं तेज गेंदबाज श्रीसंत
कोर्ट से इस बारे में बीसीसीआई को निर्देश देने का आग्रह किया
पटियाला हाउस कोर्ट श्रीसंत सहित आरोपियों को कर चुका है बरी | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी नई दिल्ली स्थित जाने-माने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) का एक छात्र अपने होस्टल में हुए झगड़े के बाद शनिवार से लापता है.
स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में पढ़ने वाला नजीब अहमद लापता होने से सिर्फ 15 दिन पहले कैम्पस में रहने आया था, और अब उसके माता-पिता उसके होस्टल के बाहर बैठे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
वाम कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मेस कमेटी के चुनाव के लिए हर छात्र के पास जाकर प्रचार करने के दौरान शुक्रवार रात को नजीब अहमद का झगड़ा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं से हुआ था. नजीब ने एबीवीपी के प्रत्याशी को कथित रूप से चांटा मार दिया था, जिसके बाद झगड़ा बढ़ गया, और अन्य कार्यकर्ताओं ने होस्टल में आकर कथित रूप से नजीब की पिटाई की. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की छात्र शाखा एबीवीपी ने इस आरोप से इंकार किया है.
एक गवाह ने बताया, "वाम कार्यकर्ताओं ने बीचबचाव किया, और नजीब को बचाने के लिए उसे वॉशरूम में बंद कर दिया, और उसे बाद में वॉर्डन की मौजूदगी में बाहर ले जाया गया, लेकिन उससे भी मदद नहीं मिली, क्योंकि गालीगलौज जारी रही..."
गवाह के मुताबिक, "अगली सुबह से नजीब का किसी से संपर्क नहीं हुआ है..."
बताया जाता है कि नजीब ने उसी रात अपने माता-पिता से बात की थी, लेकिन जब तक वे उत्तर प्रदेश के बदायूं से दिल्ली पहुंचे, नजीब लापता हो चुका था. सोमवार को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर ली गई है.टिप्पणियां
जेएनयू छात्रसंघ ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि नजीब जिस होस्टल में रहता था, उसमें छात्रों को 'आतंकित' करने के लिए लगातार कोशिशें होती रहती हैं. बयान में कहा गया है, "कल, घटना की रिपोर्ट बनाने के लिए हुई वॉर्डनों की बैठक को भी एबीवीपी के सदस्यों ने बार-बार बाधित किया..."
जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि कैम्पस की व्यापक तलाश की जा रही है. यूनिवर्सिटी ने कहा, "जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था से कहा गया है कि तुरंत लापता छात्र को खोजें... डीन ने सभी होस्टलों के सभी कमरों में तलाश किए जाने के लिए सभी वॉर्डनों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं..." यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि वह लगातार पुलिस के संपर्क में है.
स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में पढ़ने वाला नजीब अहमद लापता होने से सिर्फ 15 दिन पहले कैम्पस में रहने आया था, और अब उसके माता-पिता उसके होस्टल के बाहर बैठे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
वाम कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मेस कमेटी के चुनाव के लिए हर छात्र के पास जाकर प्रचार करने के दौरान शुक्रवार रात को नजीब अहमद का झगड़ा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं से हुआ था. नजीब ने एबीवीपी के प्रत्याशी को कथित रूप से चांटा मार दिया था, जिसके बाद झगड़ा बढ़ गया, और अन्य कार्यकर्ताओं ने होस्टल में आकर कथित रूप से नजीब की पिटाई की. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की छात्र शाखा एबीवीपी ने इस आरोप से इंकार किया है.
एक गवाह ने बताया, "वाम कार्यकर्ताओं ने बीचबचाव किया, और नजीब को बचाने के लिए उसे वॉशरूम में बंद कर दिया, और उसे बाद में वॉर्डन की मौजूदगी में बाहर ले जाया गया, लेकिन उससे भी मदद नहीं मिली, क्योंकि गालीगलौज जारी रही..."
गवाह के मुताबिक, "अगली सुबह से नजीब का किसी से संपर्क नहीं हुआ है..."
बताया जाता है कि नजीब ने उसी रात अपने माता-पिता से बात की थी, लेकिन जब तक वे उत्तर प्रदेश के बदायूं से दिल्ली पहुंचे, नजीब लापता हो चुका था. सोमवार को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर ली गई है.टिप्पणियां
जेएनयू छात्रसंघ ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि नजीब जिस होस्टल में रहता था, उसमें छात्रों को 'आतंकित' करने के लिए लगातार कोशिशें होती रहती हैं. बयान में कहा गया है, "कल, घटना की रिपोर्ट बनाने के लिए हुई वॉर्डनों की बैठक को भी एबीवीपी के सदस्यों ने बार-बार बाधित किया..."
जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि कैम्पस की व्यापक तलाश की जा रही है. यूनिवर्सिटी ने कहा, "जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था से कहा गया है कि तुरंत लापता छात्र को खोजें... डीन ने सभी होस्टलों के सभी कमरों में तलाश किए जाने के लिए सभी वॉर्डनों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं..." यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि वह लगातार पुलिस के संपर्क में है.
वाम कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मेस कमेटी के चुनाव के लिए हर छात्र के पास जाकर प्रचार करने के दौरान शुक्रवार रात को नजीब अहमद का झगड़ा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं से हुआ था. नजीब ने एबीवीपी के प्रत्याशी को कथित रूप से चांटा मार दिया था, जिसके बाद झगड़ा बढ़ गया, और अन्य कार्यकर्ताओं ने होस्टल में आकर कथित रूप से नजीब की पिटाई की. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की छात्र शाखा एबीवीपी ने इस आरोप से इंकार किया है.
एक गवाह ने बताया, "वाम कार्यकर्ताओं ने बीचबचाव किया, और नजीब को बचाने के लिए उसे वॉशरूम में बंद कर दिया, और उसे बाद में वॉर्डन की मौजूदगी में बाहर ले जाया गया, लेकिन उससे भी मदद नहीं मिली, क्योंकि गालीगलौज जारी रही..."
गवाह के मुताबिक, "अगली सुबह से नजीब का किसी से संपर्क नहीं हुआ है..."
बताया जाता है कि नजीब ने उसी रात अपने माता-पिता से बात की थी, लेकिन जब तक वे उत्तर प्रदेश के बदायूं से दिल्ली पहुंचे, नजीब लापता हो चुका था. सोमवार को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर ली गई है.टिप्पणियां
जेएनयू छात्रसंघ ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि नजीब जिस होस्टल में रहता था, उसमें छात्रों को 'आतंकित' करने के लिए लगातार कोशिशें होती रहती हैं. बयान में कहा गया है, "कल, घटना की रिपोर्ट बनाने के लिए हुई वॉर्डनों की बैठक को भी एबीवीपी के सदस्यों ने बार-बार बाधित किया..."
जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि कैम्पस की व्यापक तलाश की जा रही है. यूनिवर्सिटी ने कहा, "जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था से कहा गया है कि तुरंत लापता छात्र को खोजें... डीन ने सभी होस्टलों के सभी कमरों में तलाश किए जाने के लिए सभी वॉर्डनों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं..." यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि वह लगातार पुलिस के संपर्क में है.
एक गवाह ने बताया, "वाम कार्यकर्ताओं ने बीचबचाव किया, और नजीब को बचाने के लिए उसे वॉशरूम में बंद कर दिया, और उसे बाद में वॉर्डन की मौजूदगी में बाहर ले जाया गया, लेकिन उससे भी मदद नहीं मिली, क्योंकि गालीगलौज जारी रही..."
गवाह के मुताबिक, "अगली सुबह से नजीब का किसी से संपर्क नहीं हुआ है..."
बताया जाता है कि नजीब ने उसी रात अपने माता-पिता से बात की थी, लेकिन जब तक वे उत्तर प्रदेश के बदायूं से दिल्ली पहुंचे, नजीब लापता हो चुका था. सोमवार को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर ली गई है.टिप्पणियां
जेएनयू छात्रसंघ ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि नजीब जिस होस्टल में रहता था, उसमें छात्रों को 'आतंकित' करने के लिए लगातार कोशिशें होती रहती हैं. बयान में कहा गया है, "कल, घटना की रिपोर्ट बनाने के लिए हुई वॉर्डनों की बैठक को भी एबीवीपी के सदस्यों ने बार-बार बाधित किया..."
जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि कैम्पस की व्यापक तलाश की जा रही है. यूनिवर्सिटी ने कहा, "जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था से कहा गया है कि तुरंत लापता छात्र को खोजें... डीन ने सभी होस्टलों के सभी कमरों में तलाश किए जाने के लिए सभी वॉर्डनों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं..." यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि वह लगातार पुलिस के संपर्क में है.
गवाह के मुताबिक, "अगली सुबह से नजीब का किसी से संपर्क नहीं हुआ है..."
बताया जाता है कि नजीब ने उसी रात अपने माता-पिता से बात की थी, लेकिन जब तक वे उत्तर प्रदेश के बदायूं से दिल्ली पहुंचे, नजीब लापता हो चुका था. सोमवार को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर ली गई है.टिप्पणियां
जेएनयू छात्रसंघ ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि नजीब जिस होस्टल में रहता था, उसमें छात्रों को 'आतंकित' करने के लिए लगातार कोशिशें होती रहती हैं. बयान में कहा गया है, "कल, घटना की रिपोर्ट बनाने के लिए हुई वॉर्डनों की बैठक को भी एबीवीपी के सदस्यों ने बार-बार बाधित किया..."
जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि कैम्पस की व्यापक तलाश की जा रही है. यूनिवर्सिटी ने कहा, "जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था से कहा गया है कि तुरंत लापता छात्र को खोजें... डीन ने सभी होस्टलों के सभी कमरों में तलाश किए जाने के लिए सभी वॉर्डनों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं..." यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि वह लगातार पुलिस के संपर्क में है.
बताया जाता है कि नजीब ने उसी रात अपने माता-पिता से बात की थी, लेकिन जब तक वे उत्तर प्रदेश के बदायूं से दिल्ली पहुंचे, नजीब लापता हो चुका था. सोमवार को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर ली गई है.टिप्पणियां
जेएनयू छात्रसंघ ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि नजीब जिस होस्टल में रहता था, उसमें छात्रों को 'आतंकित' करने के लिए लगातार कोशिशें होती रहती हैं. बयान में कहा गया है, "कल, घटना की रिपोर्ट बनाने के लिए हुई वॉर्डनों की बैठक को भी एबीवीपी के सदस्यों ने बार-बार बाधित किया..."
जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि कैम्पस की व्यापक तलाश की जा रही है. यूनिवर्सिटी ने कहा, "जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था से कहा गया है कि तुरंत लापता छात्र को खोजें... डीन ने सभी होस्टलों के सभी कमरों में तलाश किए जाने के लिए सभी वॉर्डनों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं..." यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि वह लगातार पुलिस के संपर्क में है.
जेएनयू छात्रसंघ ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि नजीब जिस होस्टल में रहता था, उसमें छात्रों को 'आतंकित' करने के लिए लगातार कोशिशें होती रहती हैं. बयान में कहा गया है, "कल, घटना की रिपोर्ट बनाने के लिए हुई वॉर्डनों की बैठक को भी एबीवीपी के सदस्यों ने बार-बार बाधित किया..."
जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि कैम्पस की व्यापक तलाश की जा रही है. यूनिवर्सिटी ने कहा, "जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था से कहा गया है कि तुरंत लापता छात्र को खोजें... डीन ने सभी होस्टलों के सभी कमरों में तलाश किए जाने के लिए सभी वॉर्डनों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं..." यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि वह लगातार पुलिस के संपर्क में है.
जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि कैम्पस की व्यापक तलाश की जा रही है. यूनिवर्सिटी ने कहा, "जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था से कहा गया है कि तुरंत लापता छात्र को खोजें... डीन ने सभी होस्टलों के सभी कमरों में तलाश किए जाने के लिए सभी वॉर्डनों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं..." यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि वह लगातार पुलिस के संपर्क में है. | यह एक सारांश है: स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी का छात्र नजीब 15 दिन पहले कैम्पस में रहने आया था
अब बदायूं से आए उसके माता-पिता होस्टल के बाहर बैठे प्रदर्शन कर रहे हैं
वाम कार्यकर्ताओं का आरोप, नजीब का झगड़ा एबीवीपी कार्यकर्ताओं से हुआ था | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के कुंडा में पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक सहित तीन लोगों की हत्या की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो की अनुशंसा पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अपर पुलिस अधीक्षक व चार थाना प्रभारियों को हटाने का आग्रह किया था। इस आग्रह पर कार्रवाई करते हुए यूपी सरकार ने इन्हीं अधिकारियों का नहीं बल्कि इस सर्कल के चार थानों में तैनात सभी 103 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया। बता दें कि एक सर्कल में चार थाने आते हैं।
सीबीआई ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर इन पुलिस अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की थी। पत्र में कहा गया था कि इन पुलिस अधिकारियों के कारण जांच प्रभावित हो रही है। आशंका है कि इनके प्रभाव के चलते लोग सीबीआई से खुलकर बात नहीं कर रहे हैं।
जिन पुलिस अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की गई थी, उनमें अपर पुलिस अधीक्षक आशाराम यादव, कुंडा थाना प्रभारी प्रकाश राय, हथिगवां थाना प्रभारी निशिकांत राय, मानिकपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार और नवाबगंज थाना प्रभारी अरविंद सिंह शामिल थे। सीबीआई के पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने बुधवार को पांचों पुलिस अधिकारियों को हटाने के आदेश दिए। टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि सीबीआई ने जिन पांच अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की थी, उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। कुंडा परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी चारों थानों के अन्य पुलिसकर्मियों को भी हटाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 2 मार्च को कुंडा के वलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद हुई हिंसा में उनके भाई सुरेश यादव और मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की भी हत्या कर दी गई थी।
सीबीआई ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर इन पुलिस अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की थी। पत्र में कहा गया था कि इन पुलिस अधिकारियों के कारण जांच प्रभावित हो रही है। आशंका है कि इनके प्रभाव के चलते लोग सीबीआई से खुलकर बात नहीं कर रहे हैं।
जिन पुलिस अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की गई थी, उनमें अपर पुलिस अधीक्षक आशाराम यादव, कुंडा थाना प्रभारी प्रकाश राय, हथिगवां थाना प्रभारी निशिकांत राय, मानिकपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार और नवाबगंज थाना प्रभारी अरविंद सिंह शामिल थे। सीबीआई के पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने बुधवार को पांचों पुलिस अधिकारियों को हटाने के आदेश दिए। टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि सीबीआई ने जिन पांच अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की थी, उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। कुंडा परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी चारों थानों के अन्य पुलिसकर्मियों को भी हटाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 2 मार्च को कुंडा के वलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद हुई हिंसा में उनके भाई सुरेश यादव और मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की भी हत्या कर दी गई थी।
जिन पुलिस अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की गई थी, उनमें अपर पुलिस अधीक्षक आशाराम यादव, कुंडा थाना प्रभारी प्रकाश राय, हथिगवां थाना प्रभारी निशिकांत राय, मानिकपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार और नवाबगंज थाना प्रभारी अरविंद सिंह शामिल थे। सीबीआई के पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने बुधवार को पांचों पुलिस अधिकारियों को हटाने के आदेश दिए। टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि सीबीआई ने जिन पांच अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की थी, उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। कुंडा परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी चारों थानों के अन्य पुलिसकर्मियों को भी हटाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 2 मार्च को कुंडा के वलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद हुई हिंसा में उनके भाई सुरेश यादव और मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की भी हत्या कर दी गई थी।
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि सीबीआई ने जिन पांच अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की थी, उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। कुंडा परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी चारों थानों के अन्य पुलिसकर्मियों को भी हटाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 2 मार्च को कुंडा के वलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद हुई हिंसा में उनके भाई सुरेश यादव और मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की भी हत्या कर दी गई थी।
उल्लेखनीय है कि 2 मार्च को कुंडा के वलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद हुई हिंसा में उनके भाई सुरेश यादव और मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की भी हत्या कर दी गई थी। | सारांश: उत्तर प्रदेश के कुंडा में पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक सहित तीन लोगों की हत्या की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो की अनुशंसा पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अपर पुलिस अधीक्षक व चार थाना प्रभारियों को हटाने का आग्रह किया था। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रामलीला मैदान में ही नहीं पूरे देश में अन्ना का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। 80 हज़ार की क्षमता वाले रामलीला मैदान में तिल रखने की जगह नहीं थी। उधर, अन्ना लगता है किसी भी क़ीमत पर केंद्र सरकार को बख्शने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश इस वक्त एक कमज़ोर प्रधानमंत्री के हाथ में है। उनके मुताबिक सरकार ने उन्हें भी धोखा देने की कोशिश की। सरकार की धोखाधड़ी का ज़िक्र करते हुए अन्ना ने कहा कि सरकार अगर 30 अगस्त तक बिल पास नहीं करती तो उसे जाना ही होगा…. सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दस साल की लड़ाई के बाद आरटीआई एक्ट पास करा पाए लेकिन इससे घोटालेबाज़ों का नाम तो सामने आ पाया लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। अन्ना ने कहा कि घोटालेबाज़ की दुकान बदस्तूर जारी है। इससे पहले, प्रभावी लोकपाल के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बातचीत की पेशकश के एक दिन बाद हजारे ने कहा कि वह बातचीत के तैयार हैं। लेकिन उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा तैयार भ्रष्टाचार विरोधी विधेयक संसद से पारित होने तक अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया। प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर अनशन के छठे दिन रामलीला मैदान में 74 वर्षीय अन्ना हजारे ने कहा, "हमारे लिए बातचीत का रास्ता बंद नहीं हुआ है। यह अब भी खुला है। केवल बातचीत के जरिये ही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।" उन्होंने सरकार से कहा, "आप जब तक चाहते हैं, वार्ता करें। लेकिन हम जन लोकपाल से नहीं डिगेंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी टीम के द्वारा तैयार लोकपाल विधेयक ही वास्तव में भ्रष्टाचार से सही तरीके से निपटने में सक्षम है। उनकी यह प्रतिक्रिया एक दिन पहले अरुणा रॉय सहित कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जन लोकपाल विधेयक को अलोकतांत्रिक बताए जाने के बाद आई है। वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ नए सिरे से बातचीत करना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान में सभी के विचारों को शामिल करने की प्रावधान है। इस बीच, कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संसद की स्थायी समिति को लोकपाल विधेयक के सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए आदर्श मंच बताया। वह इस समिति के अध्यक्ष भी हैं। सिंघवी ने अन्ना हजारे के करीबी सहयोगी अरविंद केजरीवाल के शनिवार के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने से मना कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार समिति का इस्तेमाल ढाल की तरह कर रही है। उधर, अन्ना हजारे के समर्थन में 40 से अधिक लोगों ने रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास के नजदीक धरना दिया। भ्रष्टाचार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी इंडिया गेट से मार्च करते हुए 7 रेस कोर्स रोड तक पहुंचे। लेकिन प्रधानमंत्री आवास से 200 मीटर की दूरी पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने वहीं धरना दिया। अनशन के छठे दिन भी पूरी तरह ऊर्जावान दिख रहे गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि देशभर में लोग जन लोकपाल विधेयक संसद में पारित करवाने के लिए अपने सांसदों के आवास के बाहर प्रदर्शन करें। उधर, रायबरेली से कांग्रेस के सांसद परवीन सिंह एरन ने अन्ना हजारे के जन लोकपाल विधेयक का समर्थन करते हुए उसे निजी तौर पर सिंघवी की अध्यक्षता वाली संसद की स्थाई समिति के पास भेजा है। इस बीच, लेखिका और कार्यकर्ता अरुंधति रॉय ने आरोप लगाया है कि अन्ना हजारे की टीम केवल सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार पर केंद्रित है, जबकि गैर-सरकारी संगठनों और औद्योगिक घरानों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। | सारांश: सरकार की धोखाधड़ी का ज़िक्र करते हुए अन्ना ने कहा कि सरकार अगर 30 अगस्त तक बिल पास नहीं करती तो उसे जाना ही होगा… | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में दक्षिणी कैलिफोर्निया की एक मस्जिद में कथित आगजनी की घटना हुई और घटनास्थल से न्यूजीलैंड में हुए आतंकी हमले का उल्लेख करने वाला एक पत्र मिला है. पुलिस ने रविवार को बताया कि घटना में कोई भी जख्मी नहीं हुआ है और इस्लामिक सेंटर ऑफ एस्कोंदिदो के सदस्यों ने दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही आग को बुझा दिया था. मस्जिद में मामूली आग लगी थी. अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच आगज़नी और घृणा अपराध की आशंका के तौर पर की जा रही है.
पुलिस लेफ्टिनेंट क्रिस लिक ने बताया कि पार्किंग स्थल से एक पत्र मिला है जिसमें इस महीने न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर हुए हमले का जिक्र है. इस हमले में 50 लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने इस बात की ज्यादा जानकारी नहीं दी कि पत्र में क्या लिखा है.
जांचकर्ताओं ने संदिग्ध के बारे भी जानकारी साझा नहीं की. पुलिस ने केएनएसडी टीवी को बताया कि घटना के समय मस्जिद में सात लोग मौजूद थे. उन्होंने दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले अग्निशामक से आग को बुझा दिया. | यह एक सारांश है: कैलिफोर्निया मस्जिद में लगी आग
किसी के हताहत होने की खबर नहीं
मिला एक पत्र, न्यूजीलैंड हमले का था जिक्र | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने संसद में पेश एक रिपोर्ट में मुम्बई के कांदीवली में एक रक्षा भूखंड की निजी बिल्डर को की गई बिक्री पर गम्भीर आपत्ति उठाई है।
रिपोर्ट शुक्रवार को पेश किया गया। यह 5,166 वर्ग फुट भूखंड के बारे में है। सेना के केंद्रीय आयुध डिपो (सीओडी) के अधीन यह भूमि 1942 से थी।
भूमि को एक निजी कम्पनी को आवासीय भवन बनाने के लिए दे दिया गया। सीएजी ने अप्रैल 2011 में किए गए लेखापरीक्षण के बाद कहा कि यह सौदा रक्षा एस्टेट अधिकारी (डीईओ) द्वारा जारी अनियमित अनापत्ति प्रमाणपत्र के आधार पर किया गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि इस भूमि से जुड़ी कुछ भ्रष्ट गतिविधियों की जानकारी मिली है, लेकिन सीओडी मुम्बई राज्य सरकार से इस भूखंड को अपने नाम नहीं करा सकी।
डीईओ ने दिसम्बर 1981 तक इसके लिए किराया दिया, लेकिन इसके बाद कोई किराया नहीं दिया गया, क्योंकि राज्य सरकार ने बिल नहीं भेजा।
जून 1994 में मुम्बई उपशहरी जिला अधिकारी ने सेना को बताया कि एक निजी कम्पनी ने भूमि पर आवासीय भवन बनाने के लिए आवेदन किया और सेना से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया।
अगस्त 1994 में सीओडी ने यह कह कर इसका विरोध किया था कि संवेदनशील क्षेत्र के आसपास बहुमंजिला इमारत नहीं बनाया जा सकता है। और इस मामले की जानकारी उसने डीईओ को दी थी।
बाद में अगस्त 1994 में ही कम्पनी के प्रतिनिधि से मुलाकात के बाद डीईओ ने अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया लेकिन बहुमंजिला इमारत नहीं बनाने की शर्त रखी और इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दे दी कि निजी पक्ष को भूखंड दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीओडी को डीईओ द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बारे में पता था, लेकिन उसने अपनी किराएदारी की पुष्टि के लिए कुछ नहीं किया और न ही अपनी चारदिवारी सुनिश्चित कराई।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
रिपोर्ट शुक्रवार को पेश किया गया। यह 5,166 वर्ग फुट भूखंड के बारे में है। सेना के केंद्रीय आयुध डिपो (सीओडी) के अधीन यह भूमि 1942 से थी।
भूमि को एक निजी कम्पनी को आवासीय भवन बनाने के लिए दे दिया गया। सीएजी ने अप्रैल 2011 में किए गए लेखापरीक्षण के बाद कहा कि यह सौदा रक्षा एस्टेट अधिकारी (डीईओ) द्वारा जारी अनियमित अनापत्ति प्रमाणपत्र के आधार पर किया गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि इस भूमि से जुड़ी कुछ भ्रष्ट गतिविधियों की जानकारी मिली है, लेकिन सीओडी मुम्बई राज्य सरकार से इस भूखंड को अपने नाम नहीं करा सकी।
डीईओ ने दिसम्बर 1981 तक इसके लिए किराया दिया, लेकिन इसके बाद कोई किराया नहीं दिया गया, क्योंकि राज्य सरकार ने बिल नहीं भेजा।
जून 1994 में मुम्बई उपशहरी जिला अधिकारी ने सेना को बताया कि एक निजी कम्पनी ने भूमि पर आवासीय भवन बनाने के लिए आवेदन किया और सेना से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया।
अगस्त 1994 में सीओडी ने यह कह कर इसका विरोध किया था कि संवेदनशील क्षेत्र के आसपास बहुमंजिला इमारत नहीं बनाया जा सकता है। और इस मामले की जानकारी उसने डीईओ को दी थी।
बाद में अगस्त 1994 में ही कम्पनी के प्रतिनिधि से मुलाकात के बाद डीईओ ने अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया लेकिन बहुमंजिला इमारत नहीं बनाने की शर्त रखी और इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दे दी कि निजी पक्ष को भूखंड दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीओडी को डीईओ द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बारे में पता था, लेकिन उसने अपनी किराएदारी की पुष्टि के लिए कुछ नहीं किया और न ही अपनी चारदिवारी सुनिश्चित कराई।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
भूमि को एक निजी कम्पनी को आवासीय भवन बनाने के लिए दे दिया गया। सीएजी ने अप्रैल 2011 में किए गए लेखापरीक्षण के बाद कहा कि यह सौदा रक्षा एस्टेट अधिकारी (डीईओ) द्वारा जारी अनियमित अनापत्ति प्रमाणपत्र के आधार पर किया गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि इस भूमि से जुड़ी कुछ भ्रष्ट गतिविधियों की जानकारी मिली है, लेकिन सीओडी मुम्बई राज्य सरकार से इस भूखंड को अपने नाम नहीं करा सकी।
डीईओ ने दिसम्बर 1981 तक इसके लिए किराया दिया, लेकिन इसके बाद कोई किराया नहीं दिया गया, क्योंकि राज्य सरकार ने बिल नहीं भेजा।
जून 1994 में मुम्बई उपशहरी जिला अधिकारी ने सेना को बताया कि एक निजी कम्पनी ने भूमि पर आवासीय भवन बनाने के लिए आवेदन किया और सेना से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया।
अगस्त 1994 में सीओडी ने यह कह कर इसका विरोध किया था कि संवेदनशील क्षेत्र के आसपास बहुमंजिला इमारत नहीं बनाया जा सकता है। और इस मामले की जानकारी उसने डीईओ को दी थी।
बाद में अगस्त 1994 में ही कम्पनी के प्रतिनिधि से मुलाकात के बाद डीईओ ने अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया लेकिन बहुमंजिला इमारत नहीं बनाने की शर्त रखी और इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दे दी कि निजी पक्ष को भूखंड दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीओडी को डीईओ द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बारे में पता था, लेकिन उसने अपनी किराएदारी की पुष्टि के लिए कुछ नहीं किया और न ही अपनी चारदिवारी सुनिश्चित कराई।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि इस भूमि से जुड़ी कुछ भ्रष्ट गतिविधियों की जानकारी मिली है, लेकिन सीओडी मुम्बई राज्य सरकार से इस भूखंड को अपने नाम नहीं करा सकी।
डीईओ ने दिसम्बर 1981 तक इसके लिए किराया दिया, लेकिन इसके बाद कोई किराया नहीं दिया गया, क्योंकि राज्य सरकार ने बिल नहीं भेजा।
जून 1994 में मुम्बई उपशहरी जिला अधिकारी ने सेना को बताया कि एक निजी कम्पनी ने भूमि पर आवासीय भवन बनाने के लिए आवेदन किया और सेना से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया।
अगस्त 1994 में सीओडी ने यह कह कर इसका विरोध किया था कि संवेदनशील क्षेत्र के आसपास बहुमंजिला इमारत नहीं बनाया जा सकता है। और इस मामले की जानकारी उसने डीईओ को दी थी।
बाद में अगस्त 1994 में ही कम्पनी के प्रतिनिधि से मुलाकात के बाद डीईओ ने अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया लेकिन बहुमंजिला इमारत नहीं बनाने की शर्त रखी और इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दे दी कि निजी पक्ष को भूखंड दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीओडी को डीईओ द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बारे में पता था, लेकिन उसने अपनी किराएदारी की पुष्टि के लिए कुछ नहीं किया और न ही अपनी चारदिवारी सुनिश्चित कराई।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
डीईओ ने दिसम्बर 1981 तक इसके लिए किराया दिया, लेकिन इसके बाद कोई किराया नहीं दिया गया, क्योंकि राज्य सरकार ने बिल नहीं भेजा।
जून 1994 में मुम्बई उपशहरी जिला अधिकारी ने सेना को बताया कि एक निजी कम्पनी ने भूमि पर आवासीय भवन बनाने के लिए आवेदन किया और सेना से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया।
अगस्त 1994 में सीओडी ने यह कह कर इसका विरोध किया था कि संवेदनशील क्षेत्र के आसपास बहुमंजिला इमारत नहीं बनाया जा सकता है। और इस मामले की जानकारी उसने डीईओ को दी थी।
बाद में अगस्त 1994 में ही कम्पनी के प्रतिनिधि से मुलाकात के बाद डीईओ ने अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया लेकिन बहुमंजिला इमारत नहीं बनाने की शर्त रखी और इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दे दी कि निजी पक्ष को भूखंड दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीओडी को डीईओ द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बारे में पता था, लेकिन उसने अपनी किराएदारी की पुष्टि के लिए कुछ नहीं किया और न ही अपनी चारदिवारी सुनिश्चित कराई।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
जून 1994 में मुम्बई उपशहरी जिला अधिकारी ने सेना को बताया कि एक निजी कम्पनी ने भूमि पर आवासीय भवन बनाने के लिए आवेदन किया और सेना से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया।
अगस्त 1994 में सीओडी ने यह कह कर इसका विरोध किया था कि संवेदनशील क्षेत्र के आसपास बहुमंजिला इमारत नहीं बनाया जा सकता है। और इस मामले की जानकारी उसने डीईओ को दी थी।
बाद में अगस्त 1994 में ही कम्पनी के प्रतिनिधि से मुलाकात के बाद डीईओ ने अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया लेकिन बहुमंजिला इमारत नहीं बनाने की शर्त रखी और इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दे दी कि निजी पक्ष को भूखंड दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीओडी को डीईओ द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बारे में पता था, लेकिन उसने अपनी किराएदारी की पुष्टि के लिए कुछ नहीं किया और न ही अपनी चारदिवारी सुनिश्चित कराई।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
अगस्त 1994 में सीओडी ने यह कह कर इसका विरोध किया था कि संवेदनशील क्षेत्र के आसपास बहुमंजिला इमारत नहीं बनाया जा सकता है। और इस मामले की जानकारी उसने डीईओ को दी थी।
बाद में अगस्त 1994 में ही कम्पनी के प्रतिनिधि से मुलाकात के बाद डीईओ ने अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया लेकिन बहुमंजिला इमारत नहीं बनाने की शर्त रखी और इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दे दी कि निजी पक्ष को भूखंड दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीओडी को डीईओ द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बारे में पता था, लेकिन उसने अपनी किराएदारी की पुष्टि के लिए कुछ नहीं किया और न ही अपनी चारदिवारी सुनिश्चित कराई।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
बाद में अगस्त 1994 में ही कम्पनी के प्रतिनिधि से मुलाकात के बाद डीईओ ने अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया लेकिन बहुमंजिला इमारत नहीं बनाने की शर्त रखी और इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दे दी कि निजी पक्ष को भूखंड दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीओडी को डीईओ द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बारे में पता था, लेकिन उसने अपनी किराएदारी की पुष्टि के लिए कुछ नहीं किया और न ही अपनी चारदिवारी सुनिश्चित कराई।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीओडी को डीईओ द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बारे में पता था, लेकिन उसने अपनी किराएदारी की पुष्टि के लिए कुछ नहीं किया और न ही अपनी चारदिवारी सुनिश्चित कराई।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
करीब 13 सालों बाद जून 2007 में निजी कम्पनी के एक प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी द्वारा जारी दो पत्रों की प्रति के साथ सीओडी से सम्पर्क किया।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
सीएजी ने कहा कि असामान्य गति से जिलाधिकारी ने 5,166.50 वर्ग मीटर भूखंड उसे जारी कर दिया। इसकी कीमत बाजार मूल्य पर 5.94 करोड़ रुपये ली गई और नौ जुलाई 2007 को कब्जा दे दिया गया।टिप्पणियां
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
उसी महीने डीईओ ने जिलाधिकारी से भूमि बिक्री खारिज करने का अनुरेाध किया, जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि तत्कालीन राजस्व मंत्री ने भूमि की स्थिति की जांच की थी और इसकी पुष्टि की थी कि यह राज्य सरकार की भूमि है। इसके बाद ही इसे कम्पनी को जारी किया गया था।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है।
दो महीने बाद कम्पनी ने डीईओ को बताया कि उसका दावा स्वीकार कर लिया गया है और वह इस पर काम शुरू करेगी, लेकिन सीओडी अब भी उस भूमि पर सैनिक तैनात किए हुए है। | यह एक सारांश है: देश के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने संसद में पेश एक रिपोर्ट में मुम्बई के कांदीवली में एक रक्षा भूखंड की निजी बिल्डर को की गई बिक्री पर गम्भीर आपत्ति उठाई है। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूजीलैंड के क्रिकेटर (New Zealand Cricketer) इवेन चैटफील्ड (Ewen Chatfield) ने 68 वर्ष की उम्र में क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है. तेज गेंदबाज की हैसियत से क्रिकेट खेलने वाले चैटफील्ड ने अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज वर्ष 1975 में इंग्लैंड के खिलाफ ऑकलैंड में टेस्ट खेलकर किया था. अपने करियर के दौरान चैटफील्ड ने 43 टेस्ट और 114 वनडे मैचों में न्यूजीलैंड टीम का प्रतिनिधित्व किया. अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच फरवरी 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने वाले चैटफील्ड (Ewen Chatfield) ने अब जाकर 68 वर्ष की उम्र में शनिवार को क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है.
पीटरसन ने पहले की विराट कोहली की खिंचाई, फिर बोले, 'चलिए आपको छोड़ता हूं क्योंकि...'
stuff.co.nz को दिए इंटरव्यू में न्यूजीलैंड के इस उम्रदराज क्रिकेटर ने कहा, 'यह सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन मैंने क्रिकेट में अपने मानक (standards) सेट करके रखे. जब मुझे लगा कि मैं इन स्टेंडर्ड पर खरा नहीं उतर सकता तो मैंने सोचा कि संन्यास लेने का समय आ गया है.'
3 जुलाई 1950 को जन्मे चैटफील्ड (Ewen Chatfield) ने अपना आखिरी मैच नेइने ओल्ड बॉयज क्लब की ओर से खेला. इस मैच में वे पहली ही गेंद पर आउट होकर पेवेलियन लौटे. चैटफील्ड ने उसी स्थान, नेइने पार्क से से क्रिकेट को अलविदा करने का फैसला किया जहां से फरवरी 1968 में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था. चेटफील्ड ने अपना आाखिरी वनडे और टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ 1989 में खेला. उन्होंने 43 टेस्ट में 123 विकेट हासिल किए. पारी में पांच या इससे अधिक विकेट उन्होंने तीन बार और 10 या इससे ज्यादा विकेट एक बार हासिल किए. 73 रन देकर छह विकेट टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. 114 वनडे मैचों में चैटफील्ड (Ewen Chatfield) ने 140 विकेट लिए. उनका गेंदबाजी औसत 25.84 का रहा. वनडे इंटरनेशनल में 34 रन देकर पांच विकेट चैटफील्ड का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. | संक्षिप्त सारांश: चैटफील्ड ने 43 टेस्ट, 114 वनडे मैच खेले
न्यूजीलैंड के लिए तेज गेंदबाजी करते थे
आखिरी इंटरनेशनल मैच 1989 में खेला था | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईपीएल के सनसनीखेज स्पॉट फिक्सिंग मामले से आहत बीसीसीआई कार्यकारिणी की चेन्नई में आपात बैठक हुई , जिसमें इस विवाद के कारण पैदा हुई स्थिति और गिरफ्तार किए गए तीनों क्रिकेटरों के खिलाफ भविष्य में की जाने वाली कार्रवाई पर चर्चा हुई। इस बैठक में राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजमेंट को भी बुलाया गया। राजस्थान रॉयल्स ने आरोपी खिलाड़ियों पर जनता से धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने का फैसला किया है।
बैठक के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कहा कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और खिलाड़ियों की हरकत पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्पॉट फिक्सिंग आरोपों की जांच के लिए रवि सवानी आयुक्त नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों के एजेंट को मान्यता दी जाएगी। बीसीसीआई प्रमुख ने कहा कि हमने दिल्ली पुलिस से जानकारी मांगी है और उन्हें जांच में हरसंभव सहायता देंगे।
बैठक में बीसीसीआई के कुल 30 सदस्य शामिल हुए, जिनमें बीसीसीआई एंटी करप्शन सिक्योरिटी यूनिट के प्रमुख रवि सवानी भी थे। बैठक में आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला, अरुण जेटली, अनुराग ठाकुर और पूर्व क्रिकेटर अनिल कुंबले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को कम से कम तीन आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के लिए गिरफ्तार किया है। बीसीसीआई ने इन खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया है। इन पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) के तहत आरोप लगाए गए हैं। बोर्ड ने प्रथम श्रेणी क्रिकेटर अमित सिंह को भी निलंबित कर दिया है, जो अब कथित रूप से सटोरिया है। उसे 16 मई को 10 अन्य सटोरियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
आईपीएल अध्यक्ष शुक्ला पहले ही दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो भी स्पॉट फिक्सिंग में लिप्त पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। शुक्ला ने कहा कि आईपीएल की संचालन परिषद टूर्नामेंट को साफ-सुथरा रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी और सुनिश्चित करेगी कि इसकी छवि खराब नहीं हो।
बैठक के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कहा कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और खिलाड़ियों की हरकत पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्पॉट फिक्सिंग आरोपों की जांच के लिए रवि सवानी आयुक्त नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों के एजेंट को मान्यता दी जाएगी। बीसीसीआई प्रमुख ने कहा कि हमने दिल्ली पुलिस से जानकारी मांगी है और उन्हें जांच में हरसंभव सहायता देंगे।
बैठक में बीसीसीआई के कुल 30 सदस्य शामिल हुए, जिनमें बीसीसीआई एंटी करप्शन सिक्योरिटी यूनिट के प्रमुख रवि सवानी भी थे। बैठक में आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला, अरुण जेटली, अनुराग ठाकुर और पूर्व क्रिकेटर अनिल कुंबले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को कम से कम तीन आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के लिए गिरफ्तार किया है। बीसीसीआई ने इन खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया है। इन पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) के तहत आरोप लगाए गए हैं। बोर्ड ने प्रथम श्रेणी क्रिकेटर अमित सिंह को भी निलंबित कर दिया है, जो अब कथित रूप से सटोरिया है। उसे 16 मई को 10 अन्य सटोरियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
आईपीएल अध्यक्ष शुक्ला पहले ही दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो भी स्पॉट फिक्सिंग में लिप्त पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। शुक्ला ने कहा कि आईपीएल की संचालन परिषद टूर्नामेंट को साफ-सुथरा रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी और सुनिश्चित करेगी कि इसकी छवि खराब नहीं हो।
बैठक में बीसीसीआई के कुल 30 सदस्य शामिल हुए, जिनमें बीसीसीआई एंटी करप्शन सिक्योरिटी यूनिट के प्रमुख रवि सवानी भी थे। बैठक में आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला, अरुण जेटली, अनुराग ठाकुर और पूर्व क्रिकेटर अनिल कुंबले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को कम से कम तीन आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के लिए गिरफ्तार किया है। बीसीसीआई ने इन खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया है। इन पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) के तहत आरोप लगाए गए हैं। बोर्ड ने प्रथम श्रेणी क्रिकेटर अमित सिंह को भी निलंबित कर दिया है, जो अब कथित रूप से सटोरिया है। उसे 16 मई को 10 अन्य सटोरियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
आईपीएल अध्यक्ष शुक्ला पहले ही दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो भी स्पॉट फिक्सिंग में लिप्त पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। शुक्ला ने कहा कि आईपीएल की संचालन परिषद टूर्नामेंट को साफ-सुथरा रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी और सुनिश्चित करेगी कि इसकी छवि खराब नहीं हो।
दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को कम से कम तीन आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के लिए गिरफ्तार किया है। बीसीसीआई ने इन खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया है। इन पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) के तहत आरोप लगाए गए हैं। बोर्ड ने प्रथम श्रेणी क्रिकेटर अमित सिंह को भी निलंबित कर दिया है, जो अब कथित रूप से सटोरिया है। उसे 16 मई को 10 अन्य सटोरियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
आईपीएल अध्यक्ष शुक्ला पहले ही दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो भी स्पॉट फिक्सिंग में लिप्त पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। शुक्ला ने कहा कि आईपीएल की संचालन परिषद टूर्नामेंट को साफ-सुथरा रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी और सुनिश्चित करेगी कि इसकी छवि खराब नहीं हो।
आईपीएल अध्यक्ष शुक्ला पहले ही दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो भी स्पॉट फिक्सिंग में लिप्त पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। शुक्ला ने कहा कि आईपीएल की संचालन परिषद टूर्नामेंट को साफ-सुथरा रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी और सुनिश्चित करेगी कि इसकी छवि खराब नहीं हो। | यहाँ एक सारांश है:बीसीसीआई की आपात बैठक के बाद अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कहा कि स्पॉट फिक्सिंग आरोपों की जांच के लिए रवि सवानी आयुक्त नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली पुलिस से जानकारी मांगी है और उन्हें जांच में हरसंभव मदद देंगे। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन के एक मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि डाओ केमिकल कम्पनी को लंदन ओलिम्पिक का प्रयोजक चुनने में उनकी सरकार का कोई हाथ नहीं है।
ब्रिटिश सरकार के ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ग्रेगरी बार्कर ने कहा, "प्रायोजकों का चयन पूरी तरह लंदन ओलिम्पिक आयोजन समिति का काम है। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"टिप्पणियां
एक समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे बार्कर ने कहा कि इस सम्बंध में लोगों के मन में गलतफहमी है क्योंकि उनकी सरकार ने डाओ को प्रायोजक बनाने को लेकर कभी कोई राय नहीं दी।
डाओ को ओलम्पिक प्रायोजक बनाने को लेकर खासा विरोध हो रहा है। यह वही कम्पनी है, जिसने 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के 16 साल बाद इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कम्पनी यूनियन कार्बाइड इंडिया को खरीदा था।
ब्रिटिश सरकार के ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ग्रेगरी बार्कर ने कहा, "प्रायोजकों का चयन पूरी तरह लंदन ओलिम्पिक आयोजन समिति का काम है। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"टिप्पणियां
एक समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे बार्कर ने कहा कि इस सम्बंध में लोगों के मन में गलतफहमी है क्योंकि उनकी सरकार ने डाओ को प्रायोजक बनाने को लेकर कभी कोई राय नहीं दी।
डाओ को ओलम्पिक प्रायोजक बनाने को लेकर खासा विरोध हो रहा है। यह वही कम्पनी है, जिसने 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के 16 साल बाद इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कम्पनी यूनियन कार्बाइड इंडिया को खरीदा था।
एक समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे बार्कर ने कहा कि इस सम्बंध में लोगों के मन में गलतफहमी है क्योंकि उनकी सरकार ने डाओ को प्रायोजक बनाने को लेकर कभी कोई राय नहीं दी।
डाओ को ओलम्पिक प्रायोजक बनाने को लेकर खासा विरोध हो रहा है। यह वही कम्पनी है, जिसने 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के 16 साल बाद इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कम्पनी यूनियन कार्बाइड इंडिया को खरीदा था।
डाओ को ओलम्पिक प्रायोजक बनाने को लेकर खासा विरोध हो रहा है। यह वही कम्पनी है, जिसने 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के 16 साल बाद इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कम्पनी यूनियन कार्बाइड इंडिया को खरीदा था। | ब्रिटेन के एक मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि डाओ केमिकल कम्पनी को लंदन ओलिम्पिक का प्रयोजक चुनने में उनकी सरकार का कोई हाथ नहीं है। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: किंग्स इलेवन पंजाब की टीम आईपीएल के मैच में शुक्रवार को जब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से भिड़ेगी, तो उनके लिए चिंता का सबब वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाज क्रिस गेल का जबर्दस्त फॉर्म होगा। पंजाब को बुधवार को टूर्नामेंट में तीसरी पराजय झेलनी पड़ी, जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने आठ विकेट से जीत दर्ज की।टिप्पणियां
एडम गिलक्रिस्ट की अगुवाई वाली टीम लगातार अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाई है। केकेआर के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए वे सात विकेट पर 124 रन ही बना सके। दूसरी ओर बैंगलोर ने पिछले मैच में पुणे पर धमाकेदार जीत दर्ज की। गेल ने 48 गेंद में 81 रन बनाए, जिसमें आठ छक्के शामिल थे। इनमें से पांच छक्के, तो उन्होंने स्पिनर राहुल शर्मा को एक ही ओवर में लगाए। इसकी बदौलत बैंगलोर ने वॉरियर्स को 182 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी गेंद पर हराया।
पंजाब और आरसीबी अब तक पांच मैच खेले हैं और अंकतालिका में क्रमश: सातवें और आठवें स्थान पर हैं। पंजाब ने शुरुआती दो मैच हारने के बाद लगातार दो मैच जीते, लेकिन गुरुवार को वह कोलकाता से हार गया। गिलक्रिस्ट की मांसपेशियों में भी खिंचाव आ गया है, जो चिंता का विषय है। पंजाब के ऑस्ट्रेलियाई स्टार शॉन मार्श अभी तक पूरी तरह से रंगत में नहीं आए हैं, जबकि पिछले आईपीएल के हीरो पॉल वलथाटी नाकाम रहे हैं।
एडम गिलक्रिस्ट की अगुवाई वाली टीम लगातार अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाई है। केकेआर के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए वे सात विकेट पर 124 रन ही बना सके। दूसरी ओर बैंगलोर ने पिछले मैच में पुणे पर धमाकेदार जीत दर्ज की। गेल ने 48 गेंद में 81 रन बनाए, जिसमें आठ छक्के शामिल थे। इनमें से पांच छक्के, तो उन्होंने स्पिनर राहुल शर्मा को एक ही ओवर में लगाए। इसकी बदौलत बैंगलोर ने वॉरियर्स को 182 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी गेंद पर हराया।
पंजाब और आरसीबी अब तक पांच मैच खेले हैं और अंकतालिका में क्रमश: सातवें और आठवें स्थान पर हैं। पंजाब ने शुरुआती दो मैच हारने के बाद लगातार दो मैच जीते, लेकिन गुरुवार को वह कोलकाता से हार गया। गिलक्रिस्ट की मांसपेशियों में भी खिंचाव आ गया है, जो चिंता का विषय है। पंजाब के ऑस्ट्रेलियाई स्टार शॉन मार्श अभी तक पूरी तरह से रंगत में नहीं आए हैं, जबकि पिछले आईपीएल के हीरो पॉल वलथाटी नाकाम रहे हैं।
पंजाब और आरसीबी अब तक पांच मैच खेले हैं और अंकतालिका में क्रमश: सातवें और आठवें स्थान पर हैं। पंजाब ने शुरुआती दो मैच हारने के बाद लगातार दो मैच जीते, लेकिन गुरुवार को वह कोलकाता से हार गया। गिलक्रिस्ट की मांसपेशियों में भी खिंचाव आ गया है, जो चिंता का विषय है। पंजाब के ऑस्ट्रेलियाई स्टार शॉन मार्श अभी तक पूरी तरह से रंगत में नहीं आए हैं, जबकि पिछले आईपीएल के हीरो पॉल वलथाटी नाकाम रहे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: किंग्स इलेवन पंजाब की टीम आईपीएल के मैच में शुक्रवार को जब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से भिड़ेगी, तो उनके लिए चिंता का सबब वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाज क्रिस गेल का जबर्दस्त फॉर्म होगा। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन की शराब कम्पनी डियाजियो पीएलसी द्वारा सोमवार को युनाईटेड स्पिरिट्स में साधारण शेयरधारकों की 26 फीसदी शेयरों को हासिल करने खुली बोली लगाने के बाद युनाईटेड स्पिरिट्स के शेयरों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 34.93 फीसदी तेजी के साथ 1,834.60 रुपये पर बंद हुए।टिप्पणियां
डियाजियो ने शुक्रवार को विजय माल्या की शराब कम्पनी में 27.4 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता होने की घोषणा की थी। ओपेन ऑफर के जरिए 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के बाद युनाईटेड स्पिरिट्स में डियाजियो की 53.4 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी।
दिन के कारोबार में युनाईटेड स्पिरिट्स के शेयरों ने 1,375.55 के निचले और 1,877.15 के ऊपरी स्तर को छुआ। कम्पनी के शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1,359.70 रुपये पर बंद हुए थे।
डियाजियो ने शुक्रवार को विजय माल्या की शराब कम्पनी में 27.4 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता होने की घोषणा की थी। ओपेन ऑफर के जरिए 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के बाद युनाईटेड स्पिरिट्स में डियाजियो की 53.4 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी।
दिन के कारोबार में युनाईटेड स्पिरिट्स के शेयरों ने 1,375.55 के निचले और 1,877.15 के ऊपरी स्तर को छुआ। कम्पनी के शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1,359.70 रुपये पर बंद हुए थे।
दिन के कारोबार में युनाईटेड स्पिरिट्स के शेयरों ने 1,375.55 के निचले और 1,877.15 के ऊपरी स्तर को छुआ। कम्पनी के शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1,359.70 रुपये पर बंद हुए थे। | ब्रिटेन की शराब कम्पनी डियाजियो पीएलसी द्वारा सोमवार को युनाईटेड स्पिरिट्स में साधारण शेयरधारकों की 26 फीसदी शेयरों को हासिल करने खुली बोली लगाने के बाद युनाईटेड स्पिरिट्स के शेयरों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य की सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लिए 50 प्रतिशत की सीमा तोड़कर उसे बढ़ाकर 82 प्रतिशत तक करने वाले अध्यादेश पर जवाब मांगा है. कोर्ट में इस अध्यादेश की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए दो याचिकाएं राज्य सरकार के खिलाफ दायर की गई थीं. वेदप्रकाश सिंह ठाकुर और आदित्य तिवारी द्वारा अलग-अलग दायर इन याचिकाओं को स्वीकार करते हुए मुख्य न्यायाधीश पी आर रामचंद्र मेनन और न्यायाधीश पी पी साहू ने शुक्रवार को सरकार को नोटिस जारी किया और कहा कि 10 दिन बाद मामले की सुनवाई होगी.
याचिका में राज्य सरकार द्वारा चार सितंबर को जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसका शीर्षक है- “छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जन जातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) (संशोधन) आध्यादेश, 2019.” इसके तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सीमा को संशोधित करने की बात कही गई है.
ठाकुर के वकील अनीश तिवारी ने कहा कि अध्यादेश में अनुसूचित जाति के कोटा को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 13 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है. उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजातियों के लिए कोटा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये 32 प्रतिशत पर यथावत है. अध्यादेश में आर्थिक रूप से गरीब तबकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव भी किया गया है, जिसके बाद राज्य में कुल आरक्षण बढ़कर 82 प्रतिशत हो गया है.
अनीश तिवारी ने 1993 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इंदिरा साहनी मामले में दिए उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा, “नए अध्यादेश के तहत आरक्षण 82 प्रतिशत हो गया है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक इसे 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए.” इस मामले में उपस्थित हुए महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को किसी तरह की राहत नहीं दी है और राज्य सरकार को जवाब देने के लिए वक्त दिया है. | यह एक सारांश है: 50 फीसदी से 82 फीसदी करने का लाया गया है अध्यादेश
आर्थिक रूप से गरीब तबके के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान भी शामिल
सुप्रीम के मुताबिक 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता आरक्षण | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गोवा में कांग्रेस को किनारे करते हुए बहुमत में आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) गठबंधन ने सर्वसम्मति से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना लिया है। वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर नौ मार्च को शपथ लेंगे।
भाजपा-नीत गठबंधन ने इससे पहले, बुधवार को राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। शपथ ग्रहण समारोह स्थानीय कैम्पन मैदान में होगा।
राजभवन के बाहर पत्रकारों से चर्चा में पर्रिकर ने कहा, "मैंने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। भाजपा व गठबंधन के नवनिर्वाचित विधायकों ने मुझे अपना नेता चुना है। इनमें भाजपा के 21, एमजीपी के तीन और दो निर्दलीय विधायक हैं।"
उन्होंने कहा, "हमने शपथ ग्रहण के लिए राज्यपाल से नौ मार्च को पांच बजे का समय तय करने का आग्रह किया है। शपथ ग्रहण समारोह कैम्पल मैदान में होगा।"
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
भाजपा-नीत गठबंधन ने इससे पहले, बुधवार को राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। शपथ ग्रहण समारोह स्थानीय कैम्पन मैदान में होगा।
राजभवन के बाहर पत्रकारों से चर्चा में पर्रिकर ने कहा, "मैंने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। भाजपा व गठबंधन के नवनिर्वाचित विधायकों ने मुझे अपना नेता चुना है। इनमें भाजपा के 21, एमजीपी के तीन और दो निर्दलीय विधायक हैं।"
उन्होंने कहा, "हमने शपथ ग्रहण के लिए राज्यपाल से नौ मार्च को पांच बजे का समय तय करने का आग्रह किया है। शपथ ग्रहण समारोह कैम्पल मैदान में होगा।"
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
राजभवन के बाहर पत्रकारों से चर्चा में पर्रिकर ने कहा, "मैंने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। भाजपा व गठबंधन के नवनिर्वाचित विधायकों ने मुझे अपना नेता चुना है। इनमें भाजपा के 21, एमजीपी के तीन और दो निर्दलीय विधायक हैं।"
उन्होंने कहा, "हमने शपथ ग्रहण के लिए राज्यपाल से नौ मार्च को पांच बजे का समय तय करने का आग्रह किया है। शपथ ग्रहण समारोह कैम्पल मैदान में होगा।"
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
उन्होंने कहा, "हमने शपथ ग्रहण के लिए राज्यपाल से नौ मार्च को पांच बजे का समय तय करने का आग्रह किया है। शपथ ग्रहण समारोह कैम्पल मैदान में होगा।"
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा-एमजीपी गठबंधन को 24 सीटें मिली हैं। वहीं, उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ है। चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के खाते में केवल नौ सीटें गईं, जबकि राकांपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही।टिप्पणियां
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
पिछली विधानसभा में राकांपा के तीन विधायक थे। सात सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें दो पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के छह मंत्री भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस से जीतने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रताप सिंह राणे शामिल हैं।
उल्लेखनीय है पर्रिकर 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
उल्लेखनीय है पर्रिकर 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। वह 27 फरवरी 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। 5 जून 2002 को वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने। वह देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गोवा में कांग्रेस को किनारे करते हुए बहुमत में आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) गठबंधन ने सर्वसम्मति से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना लिया है। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इसके बाद नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने आरजेडी के दोनों नेताओं के अनुरोध को मानते हुए महज 10-10 मिनट का भाषण दिया. नीतीश कुमार ने अपने भाषण में कहा, सेक्युलरिज़्म पर देश का कोई भी मुझे नसीहत नहीं दे सकता.टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार सरकार ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में बेहद अहम विश्वास मत जीत लिया. इसके पक्ष में 131 मत और विपक्ष में 108 मत पड़े. 243 सदस्यीय विधानसभा में चार सदस्य मतदान नहीं कर सके, जिसकी वजह से विश्वास मत के दौरान सदन में सदस्यों की संख्या घटकर 239 रह गई.
नीतीश कुमार (66) ने गुरूवार को शपथ ग्रहण की थी. वे चार वर्ष बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में लौट आए. एक दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और इसके साथ ही सहयोगी दल लालू यादव की राजद और कांग्रेस के साथ रिश्ते तोड़ लिए थे.
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उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार सरकार ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में बेहद अहम विश्वास मत जीत लिया. इसके पक्ष में 131 मत और विपक्ष में 108 मत पड़े. 243 सदस्यीय विधानसभा में चार सदस्य मतदान नहीं कर सके, जिसकी वजह से विश्वास मत के दौरान सदन में सदस्यों की संख्या घटकर 239 रह गई.
नीतीश कुमार (66) ने गुरूवार को शपथ ग्रहण की थी. वे चार वर्ष बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में लौट आए. एक दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और इसके साथ ही सहयोगी दल लालू यादव की राजद और कांग्रेस के साथ रिश्ते तोड़ लिए थे.
उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार सरकार ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में बेहद अहम विश्वास मत जीत लिया. इसके पक्ष में 131 मत और विपक्ष में 108 मत पड़े. 243 सदस्यीय विधानसभा में चार सदस्य मतदान नहीं कर सके, जिसकी वजह से विश्वास मत के दौरान सदन में सदस्यों की संख्या घटकर 239 रह गई.
नीतीश कुमार (66) ने गुरूवार को शपथ ग्रहण की थी. वे चार वर्ष बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में लौट आए. एक दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और इसके साथ ही सहयोगी दल लालू यादव की राजद और कांग्रेस के साथ रिश्ते तोड़ लिए थे.
नीतीश कुमार (66) ने गुरूवार को शपथ ग्रहण की थी. वे चार वर्ष बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में लौट आए. एक दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और इसके साथ ही सहयोगी दल लालू यादव की राजद और कांग्रेस के साथ रिश्ते तोड़ लिए थे. | सारांश: अब्दुल गफूर और अब्दुल बारी सिद्दीकी ने स्पीकर से किया था अनुरोध
नीतीश और सुशील मोदी ने महज 10-10 मिनट का भाषण दिया.
नीतीश ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में बेहद अहम विश्वास मत जीता. | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुंबई की हाजी अली दरगाह इलाके में अतिक्रमण के मामला में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीएमसी से कहा कि हाजी अली दरगाह का सौंदर्यीकरण होना ही चाहिए. बीएमसी दरगाह ट्रस्ट के दिए सौंदर्यीकरण के प्लान को या तो मंजूर करे या संशोधन करे या खुद अपना प्लान बताए.
कोर्ट ने कहा कि 30 जून तक बीएमसी प्लान सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करें. कोर्ट ने दरगाह ट्रस्ट के अतिक्रमण हटाने के कदम की सराहना की. कोर्ट ने ट्रस्ट को कहा है कि चार हफ्ते में बाकी अतिक्रमण भी हटाएं. दरगाह ट्रस्ट ने एक सौंदर्यीकरण योजना कोर्ट में सौंपी है. टिप्पणियां
मुंबई की हाजी अली दरगाह के पास अतिक्रमण का मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि दरगाह के पास 737 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटेंगे और दरगाह ट्रस्ट खुद ही अतिक्रमण हटाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने दरगाह ट्रस्ट को खुद ही अतिक्रमण हटाने की इजाजत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दरगाह ट्रस्ट 8 मई तक खुद ही हटाए अतिक्रमण. हालांकि कोर्ट ने कहा था कि 171 वर्ग मीटर में बनी मस्जिद में तोडफोड नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर तोडफोड के लिए बनी स्पेशल टास्क फोर्स के तोडफोड कारवाई पर रोक लगा दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट को हाजी अली के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को बढाने के लिए योजना बनाकर देने को हरी झंडी दिखाई थी सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मुद्दे पर कोई भी कोर्ट कोई आदेश जारी नहीं करेगी. किसी पक्षकार को दिक्कत है तो वो सुप्रीम कोर्ट आ सकता ह सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में पक्षकारों को नोटिस जारी किया था.
दरअसल 22 मार्च 2017 को बोंबे हाईकोर्ट ने यहां 908 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे. हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में CJI खेहर की बेंच ने कहा कि वो 908 मीटर में से 171 वर्ग मीटर इलाका जिसमें मस्जिद है, उस पर तोडफोड से रोक लगा देंगे. लेकिन ट्रस्ट ये सुनिश्चित करे कि बाकी अतिक्रमण को हटाने में वो अथारिटी की मदद करेगा मस्जिद को लेकर वो बाद में सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाजी अली के पास काफी अतिक्रमण है और ये सिर्फ दुकानें हैं. लोगों को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत होती है. कोर्ट ने कहा कि धर्म के लोगों को अतिक्रमण हटाने की कारवाई को स्पोर्ट करना चाहिए दरगाह ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से लीज उसके पास है. हाईकोर्ट के इलाके में तोड़फोड़ के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए.
कोर्ट ने कहा कि 30 जून तक बीएमसी प्लान सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करें. कोर्ट ने दरगाह ट्रस्ट के अतिक्रमण हटाने के कदम की सराहना की. कोर्ट ने ट्रस्ट को कहा है कि चार हफ्ते में बाकी अतिक्रमण भी हटाएं. दरगाह ट्रस्ट ने एक सौंदर्यीकरण योजना कोर्ट में सौंपी है. टिप्पणियां
मुंबई की हाजी अली दरगाह के पास अतिक्रमण का मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि दरगाह के पास 737 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटेंगे और दरगाह ट्रस्ट खुद ही अतिक्रमण हटाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने दरगाह ट्रस्ट को खुद ही अतिक्रमण हटाने की इजाजत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दरगाह ट्रस्ट 8 मई तक खुद ही हटाए अतिक्रमण. हालांकि कोर्ट ने कहा था कि 171 वर्ग मीटर में बनी मस्जिद में तोडफोड नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर तोडफोड के लिए बनी स्पेशल टास्क फोर्स के तोडफोड कारवाई पर रोक लगा दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट को हाजी अली के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को बढाने के लिए योजना बनाकर देने को हरी झंडी दिखाई थी सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मुद्दे पर कोई भी कोर्ट कोई आदेश जारी नहीं करेगी. किसी पक्षकार को दिक्कत है तो वो सुप्रीम कोर्ट आ सकता ह सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में पक्षकारों को नोटिस जारी किया था.
दरअसल 22 मार्च 2017 को बोंबे हाईकोर्ट ने यहां 908 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे. हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में CJI खेहर की बेंच ने कहा कि वो 908 मीटर में से 171 वर्ग मीटर इलाका जिसमें मस्जिद है, उस पर तोडफोड से रोक लगा देंगे. लेकिन ट्रस्ट ये सुनिश्चित करे कि बाकी अतिक्रमण को हटाने में वो अथारिटी की मदद करेगा मस्जिद को लेकर वो बाद में सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाजी अली के पास काफी अतिक्रमण है और ये सिर्फ दुकानें हैं. लोगों को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत होती है. कोर्ट ने कहा कि धर्म के लोगों को अतिक्रमण हटाने की कारवाई को स्पोर्ट करना चाहिए दरगाह ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से लीज उसके पास है. हाईकोर्ट के इलाके में तोड़फोड़ के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए.
मुंबई की हाजी अली दरगाह के पास अतिक्रमण का मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि दरगाह के पास 737 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटेंगे और दरगाह ट्रस्ट खुद ही अतिक्रमण हटाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने दरगाह ट्रस्ट को खुद ही अतिक्रमण हटाने की इजाजत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दरगाह ट्रस्ट 8 मई तक खुद ही हटाए अतिक्रमण. हालांकि कोर्ट ने कहा था कि 171 वर्ग मीटर में बनी मस्जिद में तोडफोड नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर तोडफोड के लिए बनी स्पेशल टास्क फोर्स के तोडफोड कारवाई पर रोक लगा दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट को हाजी अली के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को बढाने के लिए योजना बनाकर देने को हरी झंडी दिखाई थी सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मुद्दे पर कोई भी कोर्ट कोई आदेश जारी नहीं करेगी. किसी पक्षकार को दिक्कत है तो वो सुप्रीम कोर्ट आ सकता ह सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में पक्षकारों को नोटिस जारी किया था.
दरअसल 22 मार्च 2017 को बोंबे हाईकोर्ट ने यहां 908 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे. हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में CJI खेहर की बेंच ने कहा कि वो 908 मीटर में से 171 वर्ग मीटर इलाका जिसमें मस्जिद है, उस पर तोडफोड से रोक लगा देंगे. लेकिन ट्रस्ट ये सुनिश्चित करे कि बाकी अतिक्रमण को हटाने में वो अथारिटी की मदद करेगा मस्जिद को लेकर वो बाद में सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाजी अली के पास काफी अतिक्रमण है और ये सिर्फ दुकानें हैं. लोगों को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत होती है. कोर्ट ने कहा कि धर्म के लोगों को अतिक्रमण हटाने की कारवाई को स्पोर्ट करना चाहिए दरगाह ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से लीज उसके पास है. हाईकोर्ट के इलाके में तोड़फोड़ के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए.
दरअसल 22 मार्च 2017 को बोंबे हाईकोर्ट ने यहां 908 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे. हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में CJI खेहर की बेंच ने कहा कि वो 908 मीटर में से 171 वर्ग मीटर इलाका जिसमें मस्जिद है, उस पर तोडफोड से रोक लगा देंगे. लेकिन ट्रस्ट ये सुनिश्चित करे कि बाकी अतिक्रमण को हटाने में वो अथारिटी की मदद करेगा मस्जिद को लेकर वो बाद में सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाजी अली के पास काफी अतिक्रमण है और ये सिर्फ दुकानें हैं. लोगों को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत होती है. कोर्ट ने कहा कि धर्म के लोगों को अतिक्रमण हटाने की कारवाई को स्पोर्ट करना चाहिए दरगाह ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से लीज उसके पास है. हाईकोर्ट के इलाके में तोड़फोड़ के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए. | यहाँ एक सारांश है:मुम्बई के हाजी अली दरगाह के पास का है मामला
हाई कोर्ट ने यहां 908 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटाने के दिये आदेश
लोगो को होती है दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: युवा पंजाबी सिंगर यंकी जट (Yankee Jatt) ने अपने नए सॉन्ग से धूम मचा दी है. उनका नया पंजाबी सॉन्ग (Punjabi Song) 'शिकार' (Shikaar) लोगों को खूब पसंद आ रहा है. यंकी जट (Yankee Jatt) के इस गाने में रैप का तड़का भी बखूबी लगाया गया है. खास बात यह है कि इस पंजाबी सॉन्ग की रचना यंकी जट (Yankee Jatt) ने खुद ही किया है. इस गाने के बोल निशू राजपूत ने लिखे हैं. पंजाबी सॉन्ग 'शिकार' में रैप का तड़का छोटी काशी आला ने लगाया है. युवा पंजाबी सिंगर यंकी जट (Yankee Jatt) ने कुल मिलाकर इस पंजाबी सॉन्ग से सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है. लोग उनके इस गाने को सुनने के लिए बार-बार मजबूर हो रहे हैं.
पंजाबी सिंगर यंकी जट (Yankee Jatt) के 'शिकार' सॉन्ग को यूट्यूब (YouTube) पर अभी तक हजारों लोग देख चुके हैं और इसे देखने का सिलसिला अभी जारी है. इससे पहले भी यंकी जट अपने गानों से लोगों का दिल जीत चुके हैं. हाल ही में उनका गाना 'लाहौर' आया था. उस गाने को भी लोगों ने खूब पसंद किया था. युवा पंजाबी सिंगर यंकी जट गुरु रंधावा को अपना आइडल मानते हैं और कई मौकों पर उनके गाने गाते हुए देखे जाते हैं.
यंकी जट (Yankee Jatt) ने साल 2017 में पंजाबी सुपरस्टार गुरु रंधावा के सॉन्ग 'हाई रेटेड गबरु' (High Rated Gabru) को अपने अंदाज में गाया था, जिसे यूट्यूब (YouTube) पर लाखों लोगों ने देखा था. आने वाले दिनों में भी यंकी जट अपने कई नए प्रोजेक्ट्स लेकर दर्शकों के सामने आएंगे. उम्मीद है कि वो अपने नए प्रोजेक्ट्स से भी दर्शकों का खूब मनोरंजन करेंगे. | संक्षिप्त पाठ: पंजाबी सॉन्ग 'शिकार' का धमाल
यंकी जट ने जमाया रंग
बार-बार देखा जा रहा है वीडियो | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: द. अफ्रीका का त्रिकोणीय ट्वेंटी-20 श्रृंखला में खराब प्रदर्शन जारी है तथा जिम्बाब्वे से पराजय झेलने के बाद उसे बांग्लादेश के हाथों भी तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
बांग्लादेश ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करके द. अफ्रीका के लिए अब शनिवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाला मैच करो या मरो जैसा बना दिया है।टिप्पणियां
द. अफ्रीका की टीम टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 129 रन ही बना पाई। उसकी तरफ से जस्टिन ओनटोंग ने 41 जबकि कप्तान हाशिम अमला ने 20 रन बनाए। बांग्लादेश की तरफ से इलियास सनी ने 21 रन देकर दो विकेट लिए।
बांग्लादेश के केवल तीन बल्लेबाज मोहम्मद अशरफुल (40), महमुदुल्लाह (28) और जियाउर रहमान (नाबाद 27) ही दोहरे अंक में पहुंचे लेकिन उसे 19 अतिरिक्त रनों का फायदा मिला। बांग्लादेश ने 19.5 ओवर में सात विकेट पर 132 रन बनाकर जीत दर्ज की। द. अफ्रीका के तेज गेंदबाज मर्चेंट डि लेंगे (25 रन देकर तीन विकेट) और वायने पर्नेल (18 रन देकर दो विकेट) का प्रयास भी टीम को जीत नहीं दिला पाया। द. अफ्रीका यदि शनिवार को जिम्बाब्वे को हरा देता है तो तीनों टीमों के समान आठ-आठ अंक हो जाएंगे। ऐसे में बेहतर रन रेट वाली टीमें फाइनल में पहुंचेगी। अभी केवल बांग्लादेश का रन रेट नेगेटिव में है।
बांग्लादेश ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करके द. अफ्रीका के लिए अब शनिवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाला मैच करो या मरो जैसा बना दिया है।टिप्पणियां
द. अफ्रीका की टीम टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 129 रन ही बना पाई। उसकी तरफ से जस्टिन ओनटोंग ने 41 जबकि कप्तान हाशिम अमला ने 20 रन बनाए। बांग्लादेश की तरफ से इलियास सनी ने 21 रन देकर दो विकेट लिए।
बांग्लादेश के केवल तीन बल्लेबाज मोहम्मद अशरफुल (40), महमुदुल्लाह (28) और जियाउर रहमान (नाबाद 27) ही दोहरे अंक में पहुंचे लेकिन उसे 19 अतिरिक्त रनों का फायदा मिला। बांग्लादेश ने 19.5 ओवर में सात विकेट पर 132 रन बनाकर जीत दर्ज की। द. अफ्रीका के तेज गेंदबाज मर्चेंट डि लेंगे (25 रन देकर तीन विकेट) और वायने पर्नेल (18 रन देकर दो विकेट) का प्रयास भी टीम को जीत नहीं दिला पाया। द. अफ्रीका यदि शनिवार को जिम्बाब्वे को हरा देता है तो तीनों टीमों के समान आठ-आठ अंक हो जाएंगे। ऐसे में बेहतर रन रेट वाली टीमें फाइनल में पहुंचेगी। अभी केवल बांग्लादेश का रन रेट नेगेटिव में है।
द. अफ्रीका की टीम टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 129 रन ही बना पाई। उसकी तरफ से जस्टिन ओनटोंग ने 41 जबकि कप्तान हाशिम अमला ने 20 रन बनाए। बांग्लादेश की तरफ से इलियास सनी ने 21 रन देकर दो विकेट लिए।
बांग्लादेश के केवल तीन बल्लेबाज मोहम्मद अशरफुल (40), महमुदुल्लाह (28) और जियाउर रहमान (नाबाद 27) ही दोहरे अंक में पहुंचे लेकिन उसे 19 अतिरिक्त रनों का फायदा मिला। बांग्लादेश ने 19.5 ओवर में सात विकेट पर 132 रन बनाकर जीत दर्ज की। द. अफ्रीका के तेज गेंदबाज मर्चेंट डि लेंगे (25 रन देकर तीन विकेट) और वायने पर्नेल (18 रन देकर दो विकेट) का प्रयास भी टीम को जीत नहीं दिला पाया। द. अफ्रीका यदि शनिवार को जिम्बाब्वे को हरा देता है तो तीनों टीमों के समान आठ-आठ अंक हो जाएंगे। ऐसे में बेहतर रन रेट वाली टीमें फाइनल में पहुंचेगी। अभी केवल बांग्लादेश का रन रेट नेगेटिव में है।
बांग्लादेश के केवल तीन बल्लेबाज मोहम्मद अशरफुल (40), महमुदुल्लाह (28) और जियाउर रहमान (नाबाद 27) ही दोहरे अंक में पहुंचे लेकिन उसे 19 अतिरिक्त रनों का फायदा मिला। बांग्लादेश ने 19.5 ओवर में सात विकेट पर 132 रन बनाकर जीत दर्ज की। द. अफ्रीका के तेज गेंदबाज मर्चेंट डि लेंगे (25 रन देकर तीन विकेट) और वायने पर्नेल (18 रन देकर दो विकेट) का प्रयास भी टीम को जीत नहीं दिला पाया। द. अफ्रीका यदि शनिवार को जिम्बाब्वे को हरा देता है तो तीनों टीमों के समान आठ-आठ अंक हो जाएंगे। ऐसे में बेहतर रन रेट वाली टीमें फाइनल में पहुंचेगी। अभी केवल बांग्लादेश का रन रेट नेगेटिव में है। | यह एक सारांश है: द. अफ्रीका का त्रिकोणीय ट्वेंटी-20 श्रृंखला में खराब प्रदर्शन जारी है तथा जिम्बाब्वे से पराजय झेलने के बाद उसे बांग्लादेश के हाथों भी तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ मतभेदों के बीच क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के नवनियुक्त अध्यक्ष हारून लोगार्ट ने माफी मांगी है, तथा बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने इसका स्वागत किया है।
बीसीसीआई का लोगार्ट के साथ मतभेद काफी पुराना है, तथा हाल ही में दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ प्रस्तावित दौरे को छोटा किए जाने को लेकर यह मतभेद फिर से उभर आए हैं। बीसीसीआई की कार्य समिति की हाल ही में हुई बैठक में वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड दौरे पर तो निर्णय लिया गया पर दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर कोई विचार-विमर्श नहीं हुआ।
इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी दौरे में काट-छांट की संभावना काफी बढ़ गई, जिसके कारण सीएसए को राजस्व की काफी हानि होने का अनुमान है।टिप्पणियां
वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट कॉम ने डालमिया के हवाले से कहा, "लोगार्ट भद्र व्यक्ति हैं, और यदि वह माफी मांगते हैं तो यह अच्छी बात होगी।" इसे बीसीसीआई और लोगार्ट के बीच मतभेदों में नरमी आने के रूप में देखा जा रहा है।
डालमिया ने हाल ही में बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन की बात को दोहराया और कहा, "दौरा होगा।" हालांकि अभी तक दोनों क्रिकेट बोर्डो के बीच किसी तरह का आधिकारिक लेन-देन नहीं हुआ है।
बीसीसीआई का लोगार्ट के साथ मतभेद काफी पुराना है, तथा हाल ही में दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ प्रस्तावित दौरे को छोटा किए जाने को लेकर यह मतभेद फिर से उभर आए हैं। बीसीसीआई की कार्य समिति की हाल ही में हुई बैठक में वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड दौरे पर तो निर्णय लिया गया पर दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर कोई विचार-विमर्श नहीं हुआ।
इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी दौरे में काट-छांट की संभावना काफी बढ़ गई, जिसके कारण सीएसए को राजस्व की काफी हानि होने का अनुमान है।टिप्पणियां
वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट कॉम ने डालमिया के हवाले से कहा, "लोगार्ट भद्र व्यक्ति हैं, और यदि वह माफी मांगते हैं तो यह अच्छी बात होगी।" इसे बीसीसीआई और लोगार्ट के बीच मतभेदों में नरमी आने के रूप में देखा जा रहा है।
डालमिया ने हाल ही में बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन की बात को दोहराया और कहा, "दौरा होगा।" हालांकि अभी तक दोनों क्रिकेट बोर्डो के बीच किसी तरह का आधिकारिक लेन-देन नहीं हुआ है।
इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी दौरे में काट-छांट की संभावना काफी बढ़ गई, जिसके कारण सीएसए को राजस्व की काफी हानि होने का अनुमान है।टिप्पणियां
वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट कॉम ने डालमिया के हवाले से कहा, "लोगार्ट भद्र व्यक्ति हैं, और यदि वह माफी मांगते हैं तो यह अच्छी बात होगी।" इसे बीसीसीआई और लोगार्ट के बीच मतभेदों में नरमी आने के रूप में देखा जा रहा है।
डालमिया ने हाल ही में बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन की बात को दोहराया और कहा, "दौरा होगा।" हालांकि अभी तक दोनों क्रिकेट बोर्डो के बीच किसी तरह का आधिकारिक लेन-देन नहीं हुआ है।
वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट कॉम ने डालमिया के हवाले से कहा, "लोगार्ट भद्र व्यक्ति हैं, और यदि वह माफी मांगते हैं तो यह अच्छी बात होगी।" इसे बीसीसीआई और लोगार्ट के बीच मतभेदों में नरमी आने के रूप में देखा जा रहा है।
डालमिया ने हाल ही में बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन की बात को दोहराया और कहा, "दौरा होगा।" हालांकि अभी तक दोनों क्रिकेट बोर्डो के बीच किसी तरह का आधिकारिक लेन-देन नहीं हुआ है।
डालमिया ने हाल ही में बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन की बात को दोहराया और कहा, "दौरा होगा।" हालांकि अभी तक दोनों क्रिकेट बोर्डो के बीच किसी तरह का आधिकारिक लेन-देन नहीं हुआ है। | यह एक सारांश है: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ मतभेदों के बीच क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के नवनियुक्त अध्यक्ष हारून लोगार्ट ने माफी मांगी है, तथा बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने इसका स्वागत किया है। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शेयर बाजारों में लगातार चौथे सप्ताह तेजी दर्ज की गई। प्रमुख संवेदी सूचकांकों सेंसेक्स में 92.13 अंकों यानी 0.52 फीसदी तेजी रही जबकि निफ्टी में 20.40 अंकों यानी 0.38 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
बम्बई स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स इस सप्ताह 92.13 अंकों की वृद्धि के साथ 17,783.21 पर बंद हुआ जबकि नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 शेयरों पर आधारित सूचकांक निफ्टी 20.40 अंकों की वृद्धि के साथ 5,386.70 पर बंद हुआ।
बीएसई के दो अन्य प्रमुख सूचकांक मिडकैप और स्मालकैप में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप में 0.63 फीसदी की गिरावट रही और यह 6119.21 पर बंद हुआ जबकि स्मालकैप में 0.61 की गिरावट रही और यह 6574.78 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में इस माह 24 अगस्त तक 547.03 अंकों यानी 3.17 फीसदी की तेजी रही। वहीं इस साल की बात की जाए तो सेंसेक्स में अब तक 15.06 फीसदी यानी 2,328.29 अंकों की तेजी रही है। सेंसेक्स ने इस साल 22 फरवरी 2012 को सबसे ऊंचे स्तर 18,523.78 पर पहुंची थी।
इस सप्ताह की बात की जाए तो सोमवार को ईद की वजह से बाजार बंद था। मंगलवार 21 अगस्त को बाजारों में तेजी रही।
सेंसेक्स 194.18 अंकों यानी 1.1 फीसदी की तेजी के साथ 17,885.26 पर बंद हुआ। निफ्टी 54.70 अंकों यानी 1.02 फीसदी के साथ 5421 पर बंद हुआ।
बुधवार को हालांकि इसमें 38.40 अंकों यानी 0.21 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,846.86 पर बंद हुआ। निफ्टी 8.15 अंकों यानी 0.15 फीसदी गिरावट के साथ 5412.85 पर बंद हुआ।
गुरुवार को शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स 3.38 अंकों यानी 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त के 17,850.22 पर बंद हुआ और निफ्टी 2.50 अंकों यानी 0.05 फीसदी के साथ 5415.35 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 24 अगस्त को सेंसेक्स में 67.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,783.21 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 28.65 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5386.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए।
बम्बई स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स इस सप्ताह 92.13 अंकों की वृद्धि के साथ 17,783.21 पर बंद हुआ जबकि नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 शेयरों पर आधारित सूचकांक निफ्टी 20.40 अंकों की वृद्धि के साथ 5,386.70 पर बंद हुआ।
बीएसई के दो अन्य प्रमुख सूचकांक मिडकैप और स्मालकैप में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप में 0.63 फीसदी की गिरावट रही और यह 6119.21 पर बंद हुआ जबकि स्मालकैप में 0.61 की गिरावट रही और यह 6574.78 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में इस माह 24 अगस्त तक 547.03 अंकों यानी 3.17 फीसदी की तेजी रही। वहीं इस साल की बात की जाए तो सेंसेक्स में अब तक 15.06 फीसदी यानी 2,328.29 अंकों की तेजी रही है। सेंसेक्स ने इस साल 22 फरवरी 2012 को सबसे ऊंचे स्तर 18,523.78 पर पहुंची थी।
इस सप्ताह की बात की जाए तो सोमवार को ईद की वजह से बाजार बंद था। मंगलवार 21 अगस्त को बाजारों में तेजी रही।
सेंसेक्स 194.18 अंकों यानी 1.1 फीसदी की तेजी के साथ 17,885.26 पर बंद हुआ। निफ्टी 54.70 अंकों यानी 1.02 फीसदी के साथ 5421 पर बंद हुआ।
बुधवार को हालांकि इसमें 38.40 अंकों यानी 0.21 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,846.86 पर बंद हुआ। निफ्टी 8.15 अंकों यानी 0.15 फीसदी गिरावट के साथ 5412.85 पर बंद हुआ।
गुरुवार को शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स 3.38 अंकों यानी 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त के 17,850.22 पर बंद हुआ और निफ्टी 2.50 अंकों यानी 0.05 फीसदी के साथ 5415.35 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 24 अगस्त को सेंसेक्स में 67.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,783.21 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 28.65 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5386.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए।
बीएसई के दो अन्य प्रमुख सूचकांक मिडकैप और स्मालकैप में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप में 0.63 फीसदी की गिरावट रही और यह 6119.21 पर बंद हुआ जबकि स्मालकैप में 0.61 की गिरावट रही और यह 6574.78 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में इस माह 24 अगस्त तक 547.03 अंकों यानी 3.17 फीसदी की तेजी रही। वहीं इस साल की बात की जाए तो सेंसेक्स में अब तक 15.06 फीसदी यानी 2,328.29 अंकों की तेजी रही है। सेंसेक्स ने इस साल 22 फरवरी 2012 को सबसे ऊंचे स्तर 18,523.78 पर पहुंची थी।
इस सप्ताह की बात की जाए तो सोमवार को ईद की वजह से बाजार बंद था। मंगलवार 21 अगस्त को बाजारों में तेजी रही।
सेंसेक्स 194.18 अंकों यानी 1.1 फीसदी की तेजी के साथ 17,885.26 पर बंद हुआ। निफ्टी 54.70 अंकों यानी 1.02 फीसदी के साथ 5421 पर बंद हुआ।
बुधवार को हालांकि इसमें 38.40 अंकों यानी 0.21 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,846.86 पर बंद हुआ। निफ्टी 8.15 अंकों यानी 0.15 फीसदी गिरावट के साथ 5412.85 पर बंद हुआ।
गुरुवार को शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स 3.38 अंकों यानी 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त के 17,850.22 पर बंद हुआ और निफ्टी 2.50 अंकों यानी 0.05 फीसदी के साथ 5415.35 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 24 अगस्त को सेंसेक्स में 67.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,783.21 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 28.65 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5386.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए।
सेंसेक्स में इस माह 24 अगस्त तक 547.03 अंकों यानी 3.17 फीसदी की तेजी रही। वहीं इस साल की बात की जाए तो सेंसेक्स में अब तक 15.06 फीसदी यानी 2,328.29 अंकों की तेजी रही है। सेंसेक्स ने इस साल 22 फरवरी 2012 को सबसे ऊंचे स्तर 18,523.78 पर पहुंची थी।
इस सप्ताह की बात की जाए तो सोमवार को ईद की वजह से बाजार बंद था। मंगलवार 21 अगस्त को बाजारों में तेजी रही।
सेंसेक्स 194.18 अंकों यानी 1.1 फीसदी की तेजी के साथ 17,885.26 पर बंद हुआ। निफ्टी 54.70 अंकों यानी 1.02 फीसदी के साथ 5421 पर बंद हुआ।
बुधवार को हालांकि इसमें 38.40 अंकों यानी 0.21 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,846.86 पर बंद हुआ। निफ्टी 8.15 अंकों यानी 0.15 फीसदी गिरावट के साथ 5412.85 पर बंद हुआ।
गुरुवार को शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स 3.38 अंकों यानी 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त के 17,850.22 पर बंद हुआ और निफ्टी 2.50 अंकों यानी 0.05 फीसदी के साथ 5415.35 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 24 अगस्त को सेंसेक्स में 67.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,783.21 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 28.65 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5386.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए।
इस सप्ताह की बात की जाए तो सोमवार को ईद की वजह से बाजार बंद था। मंगलवार 21 अगस्त को बाजारों में तेजी रही।
सेंसेक्स 194.18 अंकों यानी 1.1 फीसदी की तेजी के साथ 17,885.26 पर बंद हुआ। निफ्टी 54.70 अंकों यानी 1.02 फीसदी के साथ 5421 पर बंद हुआ।
बुधवार को हालांकि इसमें 38.40 अंकों यानी 0.21 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,846.86 पर बंद हुआ। निफ्टी 8.15 अंकों यानी 0.15 फीसदी गिरावट के साथ 5412.85 पर बंद हुआ।
गुरुवार को शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स 3.38 अंकों यानी 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त के 17,850.22 पर बंद हुआ और निफ्टी 2.50 अंकों यानी 0.05 फीसदी के साथ 5415.35 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 24 अगस्त को सेंसेक्स में 67.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,783.21 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 28.65 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5386.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए।
सेंसेक्स 194.18 अंकों यानी 1.1 फीसदी की तेजी के साथ 17,885.26 पर बंद हुआ। निफ्टी 54.70 अंकों यानी 1.02 फीसदी के साथ 5421 पर बंद हुआ।
बुधवार को हालांकि इसमें 38.40 अंकों यानी 0.21 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,846.86 पर बंद हुआ। निफ्टी 8.15 अंकों यानी 0.15 फीसदी गिरावट के साथ 5412.85 पर बंद हुआ।
गुरुवार को शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स 3.38 अंकों यानी 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त के 17,850.22 पर बंद हुआ और निफ्टी 2.50 अंकों यानी 0.05 फीसदी के साथ 5415.35 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 24 अगस्त को सेंसेक्स में 67.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,783.21 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 28.65 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5386.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए।
बुधवार को हालांकि इसमें 38.40 अंकों यानी 0.21 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,846.86 पर बंद हुआ। निफ्टी 8.15 अंकों यानी 0.15 फीसदी गिरावट के साथ 5412.85 पर बंद हुआ।
गुरुवार को शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स 3.38 अंकों यानी 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त के 17,850.22 पर बंद हुआ और निफ्टी 2.50 अंकों यानी 0.05 फीसदी के साथ 5415.35 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 24 अगस्त को सेंसेक्स में 67.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,783.21 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 28.65 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5386.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए।
गुरुवार को शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स 3.38 अंकों यानी 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त के 17,850.22 पर बंद हुआ और निफ्टी 2.50 अंकों यानी 0.05 फीसदी के साथ 5415.35 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 24 अगस्त को सेंसेक्स में 67.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,783.21 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 28.65 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5386.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 24 अगस्त को सेंसेक्स में 67.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 17,783.21 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 28.65 अंकों यानी 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5386.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 में तेजी और बाकी में गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सरकारी कम्पनी कोल इंडिया सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली कम्पनी रही। इसके शेयर 4.69 फीसदी तेजी के साथ 366.90 रुपये पर बंद हुए। | सारांश: प्रमुख संवेदी सूचकांकों सेंसेक्स में 92.13 अंकों यानी 0.52 फीसदी तेजी रही जबकि निफ्टी में 20.40 अंकों यानी 0.38 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आइटम गर्ल राखी सावंत ने आरोप लगाया है कि कैटरीना कैफ ने 'अग्निपथ' के नए संस्करण के आइटम गीत 'चिकनी चमेली' में उनकी नकल की है। हमेशा विवादों को जन्म देने के लिए चर्चित 33 वर्षीय राखी ने कहा, मुझे लगता है कि 'चिकनी चमेली' अच्छा गीत है। कैटरीना ने बहुत अच्छा नृत्य किया है, लेकिन इसमें नया कुछ नहीं है। मैं पहले यह सब कुछ कर चुकी हूं। आप मेरे सभी गीत देख सकते हैं, मैं पहले ही यह सब कर चुकी हूं। उन्होंने कहा, मैंने 'देखता है तू क्या' में जो किया है, वह उन्होंने 'शीला की जवानी' में किया है। 'चिकनी चमेली' में उन्होंने एक बार फिर मेरी नकल की है। इससे मालूम होता है कि कैटरीना सच में मुझे पसंद करती हैं...यदि कोई मेरी नकल करना और मेरी तरह नृत्य करना चाहता है, तो यह ठीक है। राखी को अब तक कोई पुरस्कार नहीं मिला है। जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने खुद की तुलना आमिर खान से की। वैसे वह मजाकिया अंदाज में थीं और उन्होंने कहा, आमिर और मैं एक जैसे हैं। न तो उन्हें पुरस्कार मिले हैं और न ही मुझे मिले हैं, लेकिन हमने भारत का दिल जीता है और हमें किसी पुरस्कार की आवश्यकता नहीं है। राखी अंतिम बार 'लूट' के आइटम गीत में बड़े पर्दे पर नजर आई थीं। वह इन दिनों रिएलिटी शो 'अजब देश की गजब कहानियां' का प्रस्तुतिकरण कर रही हैं। | संक्षिप्त सारांश: राखी सावंत का आरोप है कि कैटरीना कैफ ने 'अग्निपथ' के आइटम गीत 'चिकनी चमेली' में उनकी नकल की है। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय टीम रविवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले पहले अभ्यास मैच के जरिये लय हासिल कर विश्व कप अभियान की शुरुआत सकारात्मक तरीके से करने की कोशिश करेगी। टीम इंडिया 2007 विश्व कप के पहले मैच में बांग्लादेश से हारकर शुरुआती राउंड में बाहर हो गई थी और इस निराशाजनक प्रदर्शन की यादें अब भी महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम के दिमाग में ताजा होगी इसलिए गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह अतिरिक्त सतर्कता बरतेगी जो इंग्लैंड को 6-1 से रौंदकर टूर्नामेंट में आत्मविश्वास से ओत-प्रोत होगी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिन रात्रि का यह अभ्यास मैच भारत के लिए काफी अहमियत रखता है क्योंकि इसके जरिये उसे अपने कुछ खिलाड़ियों वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी तिकड़ी की फिटनेस आजमाने का बढ़िया मौका मिल जाएगा जो चोट के बाद टीम में वापसी कर रहे हैं। सहवाग भी कुछ रन बनाने की कोशिश करेंगे क्योंकि दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट श्रृंखला में वह ज्यादा रन नहीं बटोर सके थे और फिर कंधे की चोट के कारण वह वनडे श्रृंखला भी नहीं खेल पाए थे। तेंदुलकर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण दक्षिण अफ्रीका से लौट गए थे और वह भी अपने अंतिम विश्व कप में प्रभावित करने के लिए बेताब होंगे। | सारांश: भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले पहले अभ्यास मैच के जरिये लय हासिल कर विश्व कप अभियान की शुरुआत सकारात्मक तरीके से करना चाहेगी। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हिमाचल प्रदेश के रेवालसर के एक शिविर में कथित तौर पर खाना खाने के बाद 15 वर्षीय एक एनसीसी कैडेट की मौत हो गई जबकि 11 अन्य बीमार पड़ गए। घटनास्थल मंडी से करीब 25 किलोमीटर दूर है।
पुलिस ने रविवार को बताया कि कामना देवी को शनिवार शाम पेट में दर्द की शिकायत के बाद मंडी के जोनल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि जिन 11 छात्रों ने पेट दर्द, सिर दर्द और बुखार की शिकायत की थी उन्हें रत्ती के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और उनमें से कुछ को बाद में मंडी के जोनल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सहायक पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने कहा कि तहकीकात जारी है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने रविवार को बताया कि कामना देवी को शनिवार शाम पेट में दर्द की शिकायत के बाद मंडी के जोनल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि जिन 11 छात्रों ने पेट दर्द, सिर दर्द और बुखार की शिकायत की थी उन्हें रत्ती के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और उनमें से कुछ को बाद में मंडी के जोनल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सहायक पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने कहा कि तहकीकात जारी है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने कहा कि जिन 11 छात्रों ने पेट दर्द, सिर दर्द और बुखार की शिकायत की थी उन्हें रत्ती के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और उनमें से कुछ को बाद में मंडी के जोनल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सहायक पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने कहा कि तहकीकात जारी है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कैडेट कामना को पेट में दर्द हुआ और बाद में मौत हो गई
अन्य 11कैडेटों ने पेट दर्द, सिर दर्द और बुखार की शिकायत की
इनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपनी आने वाली फिल्म बुड्ढा होगा तेरा बाप में बिंदास अंदाज में दिखने वाले अमिताभ बच्चन का कहना है कि वह लंबे समय से खुद को आइटम ब्वॉय कहलाने के लिए उतावले हैं। फिल्म में गो मीरा गीत में बिग बी को रंगीन और तड़क-भड़क वाले अंदाज में अपनी ही सदाबहार फिल्मों के गीतों पर थिरकते देखा जा सकेगा। इन धुनों में खइके पान बनारस वाला, पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी, रंग बरसे और सारा जमाना आदि हैं। 68 साल की उम्र में आइटम ब्वॉय कहलाने की इच्छा के बारे में पूछे जाने पर अमिताभ ने कहा, पिछले कुछ सालों से मैं उत्सुकता से आइटम ब्वॉय कहलाने का इंतजार कर रहा हूं। कृपया मुझे ऐसे ही पुकारें। मुझे लगता है कि इस गाने के साथ मेरी इच्छा पूरी हुई और मैं संतुष्ट हूं। अमिताभ ने इस फिल्म के निर्माण से जुड़े अपने बेटे अभिषेक के साथ गुरुवार शाम गीत गो मीरा को पहली बार सार्वजनिक किया। पुरी जगन्नाथ निर्देशित यह फिल्म एक गुस्सैल बुजुर्ग इंसान की रोमांटिक कॉमेडी कहानी है, जो बहुत जल्द अपना आपा खोने के कारण दिक्कत में फंस जाता है। फिल्म में हेमा मालिनी, मिनिषा लांबा, रवीना टंडन, सोनल चौहान और सोनू सूद भी हैं। यह 1 जुलाई को रिलीज होगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बुड्ढा होगा तेरा बाप में बिंदास अंदाज में दिखने वाले अमिताभ का कहना है कि वह लंबे समय से खुद को आइटम ब्वॉय कहलाने के लिए उतावले हैं। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा है कि अगले 12 से 24 माह के दौरान भारत की रेटिंग को कम किए जाने की संभावना 50 फीसदी से ज्यादा है। फिच ने अभी भारत की वित्तीय साख को नीचे नहीं किया है, पर भविष्य के परिदृश्य को ‘नकारात्मक’ जरूर कर दिया है।
फिच ने कहा, नकारात्मक परिदृश्य इस बात का संकेतक है कि अगले 12 से 24 माह में इस बात की काफी संभावना है कि देश की रेटिंग को घटाकर ‘ट्रिपल बी माइनस’ से ‘बीबी प्लस’ कर दिया जाए। फिच एपीएसी सावरेन टीम के निदेशक आर्ट वू ने कहा, जब हम बात करते हैं कि अधिक संभावना, तो इसका आशय है कि 50 फीसदी से अधिक संभावना की। भारत की रेटिंग में संशोधन के बारे में ई-मेल के जरिए भेजे गए सवालों के जवाब में फिच ने यह बात कही है। फिच ने सरकारी ऋण के लिए भारत का परिदृश्य 15 जून, 2012 को स्थिर से नकारात्मक कर दिया।
ऋण परिदृश्य को घटाने के पीछे बड़ा करण बताया गया कि बुनिदी नीतियों में जिस तेजी से सुधार की जरूरत है वैसा हो नहीं पा रहा है। इससे देश की मध्यकालिक और दीर्घकालिक वृद्धि की संभावना घट सकती है।
एजेंसी का कहना है कि व्यवसाय तथा निजी निवेश को बढ़ाने के लिए ज्यादा सकारात्मक वातावरण बनाने की जरूरत है।
भारत की सावरेन रेटिंग (सरकार की वित्तीय साख) घटाए जाने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है और इससे ऋण लेने की लागत बढ़ सकती है।
वू ने कहा, वृहद आर्थिक तस्वीर प्रतिकूल होने की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ी है, जबकि मुद्रास्फीति का दबाव कायम है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश के वातावरण के समक्ष ढांचागत चुनौतियां हैं। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सरकार के हाल के सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (गार) जैसे कर प्रस्तावों की समीक्षा के फैसले ज्यादा हैरान करने वाले नहीं हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले महीने इक्रियर के प्रमुख और कर विशेषज्ञ पार्थासारथी शोम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति को गार के मामले में ज्यादा स्पष्टता लाने के अलावा 30 सितंबर तक इसके क्रियान्वयन के लिए खाका तैयार करने का काम करना है।टिप्पणियां
एक अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गत 9 अगस्त को भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक मोर्चे पर संकट, घरेलू नीतियों में समन्वय के अभाव तथा खराब मानसून स्थिति की वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान घटाया है।
हाल के दिनों में वित्तीय सेवा कंपनी सिटी, सीएलएसए तथा क्रिसिल ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई को पेश मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में देश की वृद्धि दर के अनुमान को 7 से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।
फिच ने कहा, नकारात्मक परिदृश्य इस बात का संकेतक है कि अगले 12 से 24 माह में इस बात की काफी संभावना है कि देश की रेटिंग को घटाकर ‘ट्रिपल बी माइनस’ से ‘बीबी प्लस’ कर दिया जाए। फिच एपीएसी सावरेन टीम के निदेशक आर्ट वू ने कहा, जब हम बात करते हैं कि अधिक संभावना, तो इसका आशय है कि 50 फीसदी से अधिक संभावना की। भारत की रेटिंग में संशोधन के बारे में ई-मेल के जरिए भेजे गए सवालों के जवाब में फिच ने यह बात कही है। फिच ने सरकारी ऋण के लिए भारत का परिदृश्य 15 जून, 2012 को स्थिर से नकारात्मक कर दिया।
ऋण परिदृश्य को घटाने के पीछे बड़ा करण बताया गया कि बुनिदी नीतियों में जिस तेजी से सुधार की जरूरत है वैसा हो नहीं पा रहा है। इससे देश की मध्यकालिक और दीर्घकालिक वृद्धि की संभावना घट सकती है।
एजेंसी का कहना है कि व्यवसाय तथा निजी निवेश को बढ़ाने के लिए ज्यादा सकारात्मक वातावरण बनाने की जरूरत है।
भारत की सावरेन रेटिंग (सरकार की वित्तीय साख) घटाए जाने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है और इससे ऋण लेने की लागत बढ़ सकती है।
वू ने कहा, वृहद आर्थिक तस्वीर प्रतिकूल होने की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ी है, जबकि मुद्रास्फीति का दबाव कायम है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश के वातावरण के समक्ष ढांचागत चुनौतियां हैं। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सरकार के हाल के सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (गार) जैसे कर प्रस्तावों की समीक्षा के फैसले ज्यादा हैरान करने वाले नहीं हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले महीने इक्रियर के प्रमुख और कर विशेषज्ञ पार्थासारथी शोम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति को गार के मामले में ज्यादा स्पष्टता लाने के अलावा 30 सितंबर तक इसके क्रियान्वयन के लिए खाका तैयार करने का काम करना है।टिप्पणियां
एक अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गत 9 अगस्त को भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक मोर्चे पर संकट, घरेलू नीतियों में समन्वय के अभाव तथा खराब मानसून स्थिति की वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान घटाया है।
हाल के दिनों में वित्तीय सेवा कंपनी सिटी, सीएलएसए तथा क्रिसिल ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई को पेश मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में देश की वृद्धि दर के अनुमान को 7 से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।
ऋण परिदृश्य को घटाने के पीछे बड़ा करण बताया गया कि बुनिदी नीतियों में जिस तेजी से सुधार की जरूरत है वैसा हो नहीं पा रहा है। इससे देश की मध्यकालिक और दीर्घकालिक वृद्धि की संभावना घट सकती है।
एजेंसी का कहना है कि व्यवसाय तथा निजी निवेश को बढ़ाने के लिए ज्यादा सकारात्मक वातावरण बनाने की जरूरत है।
भारत की सावरेन रेटिंग (सरकार की वित्तीय साख) घटाए जाने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है और इससे ऋण लेने की लागत बढ़ सकती है।
वू ने कहा, वृहद आर्थिक तस्वीर प्रतिकूल होने की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ी है, जबकि मुद्रास्फीति का दबाव कायम है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश के वातावरण के समक्ष ढांचागत चुनौतियां हैं। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सरकार के हाल के सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (गार) जैसे कर प्रस्तावों की समीक्षा के फैसले ज्यादा हैरान करने वाले नहीं हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले महीने इक्रियर के प्रमुख और कर विशेषज्ञ पार्थासारथी शोम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति को गार के मामले में ज्यादा स्पष्टता लाने के अलावा 30 सितंबर तक इसके क्रियान्वयन के लिए खाका तैयार करने का काम करना है।टिप्पणियां
एक अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गत 9 अगस्त को भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक मोर्चे पर संकट, घरेलू नीतियों में समन्वय के अभाव तथा खराब मानसून स्थिति की वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान घटाया है।
हाल के दिनों में वित्तीय सेवा कंपनी सिटी, सीएलएसए तथा क्रिसिल ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई को पेश मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में देश की वृद्धि दर के अनुमान को 7 से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।
एजेंसी का कहना है कि व्यवसाय तथा निजी निवेश को बढ़ाने के लिए ज्यादा सकारात्मक वातावरण बनाने की जरूरत है।
भारत की सावरेन रेटिंग (सरकार की वित्तीय साख) घटाए जाने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है और इससे ऋण लेने की लागत बढ़ सकती है।
वू ने कहा, वृहद आर्थिक तस्वीर प्रतिकूल होने की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ी है, जबकि मुद्रास्फीति का दबाव कायम है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश के वातावरण के समक्ष ढांचागत चुनौतियां हैं। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सरकार के हाल के सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (गार) जैसे कर प्रस्तावों की समीक्षा के फैसले ज्यादा हैरान करने वाले नहीं हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले महीने इक्रियर के प्रमुख और कर विशेषज्ञ पार्थासारथी शोम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति को गार के मामले में ज्यादा स्पष्टता लाने के अलावा 30 सितंबर तक इसके क्रियान्वयन के लिए खाका तैयार करने का काम करना है।टिप्पणियां
एक अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गत 9 अगस्त को भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक मोर्चे पर संकट, घरेलू नीतियों में समन्वय के अभाव तथा खराब मानसून स्थिति की वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान घटाया है।
हाल के दिनों में वित्तीय सेवा कंपनी सिटी, सीएलएसए तथा क्रिसिल ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई को पेश मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में देश की वृद्धि दर के अनुमान को 7 से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।
भारत की सावरेन रेटिंग (सरकार की वित्तीय साख) घटाए जाने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है और इससे ऋण लेने की लागत बढ़ सकती है।
वू ने कहा, वृहद आर्थिक तस्वीर प्रतिकूल होने की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ी है, जबकि मुद्रास्फीति का दबाव कायम है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश के वातावरण के समक्ष ढांचागत चुनौतियां हैं। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सरकार के हाल के सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (गार) जैसे कर प्रस्तावों की समीक्षा के फैसले ज्यादा हैरान करने वाले नहीं हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले महीने इक्रियर के प्रमुख और कर विशेषज्ञ पार्थासारथी शोम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति को गार के मामले में ज्यादा स्पष्टता लाने के अलावा 30 सितंबर तक इसके क्रियान्वयन के लिए खाका तैयार करने का काम करना है।टिप्पणियां
एक अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गत 9 अगस्त को भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक मोर्चे पर संकट, घरेलू नीतियों में समन्वय के अभाव तथा खराब मानसून स्थिति की वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान घटाया है।
हाल के दिनों में वित्तीय सेवा कंपनी सिटी, सीएलएसए तथा क्रिसिल ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई को पेश मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में देश की वृद्धि दर के अनुमान को 7 से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।
वू ने कहा, वृहद आर्थिक तस्वीर प्रतिकूल होने की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ी है, जबकि मुद्रास्फीति का दबाव कायम है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश के वातावरण के समक्ष ढांचागत चुनौतियां हैं। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सरकार के हाल के सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (गार) जैसे कर प्रस्तावों की समीक्षा के फैसले ज्यादा हैरान करने वाले नहीं हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले महीने इक्रियर के प्रमुख और कर विशेषज्ञ पार्थासारथी शोम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति को गार के मामले में ज्यादा स्पष्टता लाने के अलावा 30 सितंबर तक इसके क्रियान्वयन के लिए खाका तैयार करने का काम करना है।टिप्पणियां
एक अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गत 9 अगस्त को भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक मोर्चे पर संकट, घरेलू नीतियों में समन्वय के अभाव तथा खराब मानसून स्थिति की वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान घटाया है।
हाल के दिनों में वित्तीय सेवा कंपनी सिटी, सीएलएसए तथा क्रिसिल ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई को पेश मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में देश की वृद्धि दर के अनुमान को 7 से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले महीने इक्रियर के प्रमुख और कर विशेषज्ञ पार्थासारथी शोम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति को गार के मामले में ज्यादा स्पष्टता लाने के अलावा 30 सितंबर तक इसके क्रियान्वयन के लिए खाका तैयार करने का काम करना है।टिप्पणियां
एक अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गत 9 अगस्त को भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक मोर्चे पर संकट, घरेलू नीतियों में समन्वय के अभाव तथा खराब मानसून स्थिति की वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान घटाया है।
हाल के दिनों में वित्तीय सेवा कंपनी सिटी, सीएलएसए तथा क्रिसिल ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई को पेश मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में देश की वृद्धि दर के अनुमान को 7 से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।
एक अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गत 9 अगस्त को भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक मोर्चे पर संकट, घरेलू नीतियों में समन्वय के अभाव तथा खराब मानसून स्थिति की वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान घटाया है।
हाल के दिनों में वित्तीय सेवा कंपनी सिटी, सीएलएसए तथा क्रिसिल ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई को पेश मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में देश की वृद्धि दर के अनुमान को 7 से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।
हाल के दिनों में वित्तीय सेवा कंपनी सिटी, सीएलएसए तथा क्रिसिल ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई को पेश मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में देश की वृद्धि दर के अनुमान को 7 से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। | संक्षिप्त सारांश: रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा है कि अगले 12 से 24 माह के दौरान भारत की रेटिंग को कम किए जाने की संभावना 50 फीसदी से ज्यादा है। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पंजाबी सॉन्ग (Punjabi Songs) हमेशा ही डिमांड में रहते हैं. शादी हो या पार्टी बिन पंजाबी सॉन्ग सब अधूरा ही लगता है. पंजाबी सॉन्ग टिकटॉक (TikTok Video) पर भी जमकर धमाल मचाते हैं. पंजाबी सॉन्ग पर वीडियो बनाकर लोग टिकटॉक (Latest Punjabi Video on TikTok) पर शेयर करते हैं और ये वीडियो देखते ही देखते वायरल हो जाते हैं. ऐसे ही कुछ टिकटॉक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे यह लड़कियां पंजाबी सॉन्ग (TikTok Pujabi Songs) पर एक्ट कर रही हैं. इनके वीडियो को लोग खूब पसंद कर भी कर रहे हैं.
इन वीडियो में पंजाबी सॉन्ग (Punjabi Songs) पर कोई लड़की डांस कर रही हैं तो कोई शानदार एक्सप्रेशंस देकर वाहवाही लूट रही है. हम ऐसे ही टिकटॉक (TikTok) के पांच वीडियो लेकर आए हैं, जो खूब वायरल हो रहे हैं. वायरल हो रहे इन वीडियो ने टिकटॉक (TikTok) पर धूम मचा दी है. देखें यह वीडियो... | संक्षिप्त सारांश: पंजाबी सॉन्ग पर इन लड़कियों ने यूं बिखेरा जलवा
डांस और एक्सप्रेशंस से मचाई धूम
खूब वायरल हो रहा है टिकटॉक वीडियो | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रात के साढ़े ग्यारह बजे थे। कुछ लोग काम में लगे थे। कुछ खाना खा रहे थे। कुछ सोने की तैयारी में थे। शहर और आद्यौगिक क्षेत्र का यह हिस्सा भी धीरे-धीरे रात के अंधेरे में वीरान हो रहा था। सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा था कि एक जोर की आवाज आई और सब कुछ तबाह हो गया। लोगों की चीख पुकार सुनाई देने लगी। आसपास के लोगों को पता भी नहीं चला कि क्या हुआ। बाद में लोगों ने देखा तो तीन मंजिली इमारत जमींदोज हो चुकी थी और उसमें फंसे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे।
यह किसी कहानी या उपन्यास का हिस्सा नहीं बल्कि रविवार देर रात जालंधर में कंबल बनाने वाली एक कारखाने के तीन मंजिली इमारत गिरने के समय का दृश्य है।टिप्पणियां
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही इमारत गिरी, जोरदार आवाज हुई। ऐसा लगा मानो कोई विस्फोट हुआ। आसपास की इकाईयों में काम कर रहे श्रमिक उस ओर भागे। जिस कारखाने की इमारत गिरी थी उसकी दूसरी इकाईयों में काम करने वाले लोग भी उस ओर दौड़े। उन्होंने बताया कि हर तरफ केवल चीख पुकार मची हुई थी। मलबे में दबे लोग बचाने की गुहार लगा रहे थे। वह पानी मांग रहे थे। आज तड़के तक आवाजें आती रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ा आवाज धीमी होती चली गई।
बिहार के पटना जिले के निवासी मंजीत कुमार ने कहा, ‘मेरा भाई और एक अन्य रिश्तेदार मलबे में दबे हुए हैं। सुबह सवा पांच बजे उसके रिश्तेदार का अंतिम बार फोन आया था। उसके बाद से कोई बातचीत नहीं हो पाई है।
यह किसी कहानी या उपन्यास का हिस्सा नहीं बल्कि रविवार देर रात जालंधर में कंबल बनाने वाली एक कारखाने के तीन मंजिली इमारत गिरने के समय का दृश्य है।टिप्पणियां
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही इमारत गिरी, जोरदार आवाज हुई। ऐसा लगा मानो कोई विस्फोट हुआ। आसपास की इकाईयों में काम कर रहे श्रमिक उस ओर भागे। जिस कारखाने की इमारत गिरी थी उसकी दूसरी इकाईयों में काम करने वाले लोग भी उस ओर दौड़े। उन्होंने बताया कि हर तरफ केवल चीख पुकार मची हुई थी। मलबे में दबे लोग बचाने की गुहार लगा रहे थे। वह पानी मांग रहे थे। आज तड़के तक आवाजें आती रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ा आवाज धीमी होती चली गई।
बिहार के पटना जिले के निवासी मंजीत कुमार ने कहा, ‘मेरा भाई और एक अन्य रिश्तेदार मलबे में दबे हुए हैं। सुबह सवा पांच बजे उसके रिश्तेदार का अंतिम बार फोन आया था। उसके बाद से कोई बातचीत नहीं हो पाई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही इमारत गिरी, जोरदार आवाज हुई। ऐसा लगा मानो कोई विस्फोट हुआ। आसपास की इकाईयों में काम कर रहे श्रमिक उस ओर भागे। जिस कारखाने की इमारत गिरी थी उसकी दूसरी इकाईयों में काम करने वाले लोग भी उस ओर दौड़े। उन्होंने बताया कि हर तरफ केवल चीख पुकार मची हुई थी। मलबे में दबे लोग बचाने की गुहार लगा रहे थे। वह पानी मांग रहे थे। आज तड़के तक आवाजें आती रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ा आवाज धीमी होती चली गई।
बिहार के पटना जिले के निवासी मंजीत कुमार ने कहा, ‘मेरा भाई और एक अन्य रिश्तेदार मलबे में दबे हुए हैं। सुबह सवा पांच बजे उसके रिश्तेदार का अंतिम बार फोन आया था। उसके बाद से कोई बातचीत नहीं हो पाई है।
बिहार के पटना जिले के निवासी मंजीत कुमार ने कहा, ‘मेरा भाई और एक अन्य रिश्तेदार मलबे में दबे हुए हैं। सुबह सवा पांच बजे उसके रिश्तेदार का अंतिम बार फोन आया था। उसके बाद से कोई बातचीत नहीं हो पाई है। | सारांश: रात के साढ़े ग्यारह बजे थे। कुछ लोग काम में लगे थे। कुछ खाना खा रहे थे। कुछ सोने की तैयारी में थे। शहर और आद्यौगिक क्षेत्र का यह हिस्सा भी धीरे-धीरे रात के अंधेरे में वीरान हो रहा था। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रूस ने गीता को लेकर उठे विवाद के लिए खेद जताया है। भारत में रूस के राजदूत एलेक्जेंडर एम कदाकिन ने कहा है कि एक पवित्र ग्रंथ को लेकर कोर्ट में मुकदमा चलाना सही नहीं है। उन्होंने बयान जारी करके कहा कि ये देखकर हैरानी होती है कि तोमस्क जैसे शहर में यह सब हो रहा है, जो अपनी धर्मनिरपेक्षता और धार्मिक सहिष्णुता के लिए जाना जाता है। रूसी राजदूत ने कहा कि भगवद गीता भारत और पूरी दुनिया के लिए ज्ञान का स्त्रोत है और इस पर इस तरह से विवाद खड़ा करना ठीक नहीं है। गीता पर प्रतिबंध को लेकर भारतीय विदेशमंत्री एसएम कृष्णा आज संसद में बयान देंगे। कल इस मुद्दे पर सभी दलों के सांसदों ने नाराजगी जताई थी और सरकार से दखल देने की मांग की थी। उधर, रूस की एक अदालत ने भगवद् गीता पर प्रतिबंध लगाने की मांग पर अपना फैसला 28 दिसंबर तक के लिए टाल दिया। ईसाई आर्थोडोक्स चर्च से जुड़े एक संगठन ने गीता को चरमपंथी ग्रंथ करार दिया है। साइबेरियाई शहर तोमस्क की एक अदालत द्वारा फैसला टालने के बाद इस्कॉन के साधु प्रिय दास ने कहा, फैसला 28 दिसंबर तक के लिए टाल दिया गया है, क्योंकि इस्कॉन की स्थानीय इकाई के वकील ने अदालत से रूसी लोकपाल और रूस में इंडोलाजी के मुख्य केंद्र मास्को तथा सेंट पीटर्सबर्ग के विशेषज्ञों से राय लेने की मांग की। इससे पहले, रूस के लोकपाल (औम्बुड्समैन) व्लादिमीर लुकिन ने अपना बयान जारी करके घोषणा की थी कि इस्कॉन के संस्थापक एसी भक्तिवेदांता स्वामी द्वारा लिखित भगवद् गीता एज इट इज विश्व भर में प्रतिष्ठित पुस्तक है और रूस में इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग अस्वीकार्य है।(इनपुट भाषा से भी) | संक्षिप्त सारांश: भारत में रूस के राजदूत एलेक्जेंडर कदाकिन ने कहा है कि एक पवित्र ग्रंथ को लेकर कोर्ट में मुकदमा चलाना सही नहीं है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पायलटों की हड़ताल के कारण एयर इंडिया को सोमवार को कुल 165 उड़ानें रद्द करनी पड़ी अथवा उनके समय में बदलाव करना पड़ा। एयर इंडिया के 1,600 पायलटों में से लगभग आधे की हड़ताल सोमवार को लगातार छठे दिन भी जारी रही, जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय हड़ताल वापस लेने के आदेश का पालन नहीं करने के कारण हड़ताली पायलटों की यूनियन के अधिकारियों खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई करने वाली है। विमानन कम्पनी ने मुम्बई से उड़ान भरने वाली तथा मुम्बई में उतरने वाली 35 उड़ानें सोमवार को रद्द कीं, जबकि कोलकाता से 11 उड़ानें रद्द की गईं। विमानन कम्पनी के एक अधिकारी ने देश भर में संचालित की जाने वाली कम्पनी की घरेलू उड़ानों के बारे में कहा, "आज घरेलू मार्गों पर लगभग 60 उड़ानें सचालित की जाएंगी। लगभग 165 उड़ानें या तो रद्द की गईं हैं या उनके समय में बदलाव किए गए हैं।" हड़ताल के कारण सोमवार को एयर इंडिया की कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रभावित हुईं। लंदन, दुबई और काठमांडू तथा कुछ अन्य जगह जाने वाली 43 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द किया गया। उड़ान रद्द होने के कारण प्रभावित यात्रियों को इस दौरान निजी विमान सेवाओं की टिकटों के लिए 50-75 फीसदी अधिक किराए का भुगतान करना पड़ा। अधिकारी ने कहा कि एयर इंडिया की सहायक कम्पनी एलायंस एयर की 100 घरेलू उड़ानों के संचालन पर प्रभाव नहीं पड़ा है। अधिकारी ने कहा कि गुरुवार से विमानन कम्पनी ने कम उड़ानों के साथ बड़े आकार के विमानों को सेवा पर लगाने की रणनीति पर अमल किया। इस दौरान किंगफिशर एयरलाइंस के एयरबस विमान भी किराए पर लेकर चलाए गए। अधिकारी ने कहा कि वे चार मई तक नए टिकटों की बुकिंग नहीं कर रहे हैं, इसलिए यात्रियों का दबाव भी लगातार घटता जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि वे इस स्थिति से आसानी से निकल जाएंगे। न्यायालय ने पिछले सप्ताह युनियन को हड़ताल वापस लेने का आदेश दिया था, जिसकी अनदेखी की गई। अवमानना के दोषी पाए जाने पर युनियन के वरिष्ठ अधिकारियों को छह माह की जेल हो सकती है। एयर इंडिया के पास कुल लगभग 1,600 पायलट हैं और वह रोजाना 320 उड़ानें संचालित करती है। उड़ान रद्द किए जाने के कारण हजारों यात्रियों को निजी विमान सेवाओं के टिकट हासिल करने के लिए सामान्य से काफी अधिक किराए का भुगतान करना पड़ा। दिल्ली-मुम्बई मार्ग पर कुछ यात्रियों की शिकायतों के मुताबिक अंतिम समय के लिए 2,400-3,000 आधार दर वाले किराए को बढ़ाकर 7,500 रुपये तक कर दिया गया, जिसके कारण एक ओर का किराया बढ़कर लगभग 11,500 रुपये तक पहुंच गया। यात्रियों की असुविधा और किराए में भारी वृद्धि को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने विमानन कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक बुलाई है। एक अधिकारी ने कहा कि पायलटों की कमी के कारण एयर इंडिया की उड़ानें अगले सप्ताह भी बाधित रहेंगी। कम्पनी ने अपने वेबसाइट पर छह मई तक के लिए उड़ानों के कार्यक्रम लगा दिए हैं। भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ के हड़ताल करने वाले पायलट वे पायलट हैं, जिन्होंने पहले इंडियन एयरलाइंस के साथ काम किया है, और जिसका एयर इंडिया में विलय कर दिया गया था। पायलट एयर इंडिया के अपने अन्य साथियों के समान वेतन की मांग कर रहे हैं। हड़ताली पायलटों ने रविवार शाम समान वेतन की मांग करते हुए गेटवे ऑफ इंडिया पर मोमबत्तियां लेकर जुलूस निकाला और प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उन्हें बातचीत के लिए नहीं बुलाया जा रहा है। | यह एक सारांश है: पायलटों की हड़ताल के कारण एयर इंडिया को सोमवार को कुल 165 उड़ानें रद्द करनी पड़ी अथवा उनके समय में बदलाव करना पड़ा। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन के हिन्दू समुदायों ने सरकार से मांग की है कि वह रेस्तरां में उपयोग किए जाने वाले मांस के स्रोत को सार्वजनिक करें। स्पष्ट रूप से यह बताएं कि मांस कहां से लाया जा रहा है और किसका है। ऐसी बातें सामने आई हैं कि स्कॉटलैंड में भारतीय भोजन बेचने वाले रेस्तरां गलत मांस का उपयोग कर रहे हैं।टिप्पणियां
पूरे यूरोप में घोड़े के मांस को लेकर चल रहे हंगामे के बीच यह बात सामने आई है कि स्कॉटलैंड के एक तिहाई से ज्यादा रेस्तरां बकरे की मांस के स्थान पर सस्ते मांस (गाय के मांस) का उपयोग कर रहे हैं।
‘हिन्दू काउंसिल ब्रिटेन’ के प्रबंध निदेशक अनिल भनोट का कहना है, ‘यह मुद्दा धार्मिक चिंताएं उत्पन्न करता है क्योंकि मांसाहार करने वाले हिन्दू गाय का मांस खाना नहीं चाहेंगे क्योंकि गाय को हमारे धर्म में पवित्र माना गया है।’ उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर हिन्दू शाकाहारी हैं लेकिन हमारा आकलन है कि ब्रिटेन में रहने वाले एक तिहाई हिन्दू मांसाहारी हैं और उनके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उन्हें क्या परोसा जा रहा है।’
पूरे यूरोप में घोड़े के मांस को लेकर चल रहे हंगामे के बीच यह बात सामने आई है कि स्कॉटलैंड के एक तिहाई से ज्यादा रेस्तरां बकरे की मांस के स्थान पर सस्ते मांस (गाय के मांस) का उपयोग कर रहे हैं।
‘हिन्दू काउंसिल ब्रिटेन’ के प्रबंध निदेशक अनिल भनोट का कहना है, ‘यह मुद्दा धार्मिक चिंताएं उत्पन्न करता है क्योंकि मांसाहार करने वाले हिन्दू गाय का मांस खाना नहीं चाहेंगे क्योंकि गाय को हमारे धर्म में पवित्र माना गया है।’ उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर हिन्दू शाकाहारी हैं लेकिन हमारा आकलन है कि ब्रिटेन में रहने वाले एक तिहाई हिन्दू मांसाहारी हैं और उनके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उन्हें क्या परोसा जा रहा है।’
‘हिन्दू काउंसिल ब्रिटेन’ के प्रबंध निदेशक अनिल भनोट का कहना है, ‘यह मुद्दा धार्मिक चिंताएं उत्पन्न करता है क्योंकि मांसाहार करने वाले हिन्दू गाय का मांस खाना नहीं चाहेंगे क्योंकि गाय को हमारे धर्म में पवित्र माना गया है।’ उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर हिन्दू शाकाहारी हैं लेकिन हमारा आकलन है कि ब्रिटेन में रहने वाले एक तिहाई हिन्दू मांसाहारी हैं और उनके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उन्हें क्या परोसा जा रहा है।’ | यह एक सारांश है: ब्रिटेन के हिन्दू समुदायों ने सरकार से मांग की है कि वह रेस्तरां में उपयोग किए जाने वाले मांस के स्रोत को सार्वजनिक करें। स्पष्ट रूप से यह बताएं कि मांस कहां से लाया जा रहा है और किसका है। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के परिवार पर फिर निशाना साधा. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नैतिकता के आधार पर तेजस्वी और तेजप्रताप को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि लालू के दोनों पुत्र तेजप्रताप यादव और तेजस्वी प्रसाद यादव विधानसभा चुनाव लड़ने के समय दिए गए शपथपत्र और बिहार में मंत्रियों द्वारा प्रतिवर्ष दी जाने वाली संपत्तियों के ब्योरे में सही जानकारी नहीं दी है. पटना में प्रेसवार्ता के दौरान सुशील मोदी ने कहा कि डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक तेज प्रताप, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी हैं. समय-समय पर इस कंपनी के नाम बदलते रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इस कंपनी की जमीन का ब्योरा तेजस्वी और तेजप्रताप ने न विधानसभा चुनाव लड़ने के समय शपथपत्र में दिया और न ही बिहार में मंत्रियों द्वारा प्रतिवर्ष दी जाने वाली संपत्तियों के ब्योरे में ही इसकी जानकारी दी है. मोदी ने कहा कि इसी कंपनी की जमीन पर बिहार के सबसे बड़े मॉल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी मिट्टी पटना संजय गांधी जैविक उद्यान ने बिना टेंडर के खरीदी.
बीजेपी नेता ने कहा कि लालू यदि गरीब का बेटा हैं, तो उनके पास यह संपत्ति कहां से आई? इस मामले में पक्का सबूत होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, "रेलमंत्री रहते हुए ही लालू प्रसाद ने यह घोटाला भी किया था. लालू को जवाब देना चाहिए कि खुद को वह चपरासी का बेटा बताते हैं, गरीब का बेटा बताते हैं तो एक गरीब के पास तीस साल में करोड़ों की संपत्ति कहां से आई?"टिप्पणियां
मोदी ने बताया "डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित की गई जमीन पर शॉपिंग मल बन रहा है और इस कंपनी का नाम आज 'लारा प्रोजेक्टस' कर दिया गया है. इस कंपनी के निदेशक राजद अध्यक्ष के बड़े पुत्र एवं राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री तेजप्रताप यादव, छोटे पुत्र एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी हैं." उन्होंने कहा, "खोदा मिट्टी, निकला मॉल! लालू प्रसाद के खिलाफ हमारे पास अब पर्याप्त सबूत हैं. लालू को बताना चाहिए कि पटना के सगुना में बन रहे बिहार के सबसे बड़े मॉल की जमीन उनकी है या नहीं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि इस कंपनी की जमीन का ब्योरा तेजस्वी और तेजप्रताप ने न विधानसभा चुनाव लड़ने के समय शपथपत्र में दिया और न ही बिहार में मंत्रियों द्वारा प्रतिवर्ष दी जाने वाली संपत्तियों के ब्योरे में ही इसकी जानकारी दी है. मोदी ने कहा कि इसी कंपनी की जमीन पर बिहार के सबसे बड़े मॉल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी मिट्टी पटना संजय गांधी जैविक उद्यान ने बिना टेंडर के खरीदी.
बीजेपी नेता ने कहा कि लालू यदि गरीब का बेटा हैं, तो उनके पास यह संपत्ति कहां से आई? इस मामले में पक्का सबूत होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, "रेलमंत्री रहते हुए ही लालू प्रसाद ने यह घोटाला भी किया था. लालू को जवाब देना चाहिए कि खुद को वह चपरासी का बेटा बताते हैं, गरीब का बेटा बताते हैं तो एक गरीब के पास तीस साल में करोड़ों की संपत्ति कहां से आई?"टिप्पणियां
मोदी ने बताया "डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित की गई जमीन पर शॉपिंग मल बन रहा है और इस कंपनी का नाम आज 'लारा प्रोजेक्टस' कर दिया गया है. इस कंपनी के निदेशक राजद अध्यक्ष के बड़े पुत्र एवं राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री तेजप्रताप यादव, छोटे पुत्र एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी हैं." उन्होंने कहा, "खोदा मिट्टी, निकला मॉल! लालू प्रसाद के खिलाफ हमारे पास अब पर्याप्त सबूत हैं. लालू को बताना चाहिए कि पटना के सगुना में बन रहे बिहार के सबसे बड़े मॉल की जमीन उनकी है या नहीं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीजेपी नेता ने कहा कि लालू यदि गरीब का बेटा हैं, तो उनके पास यह संपत्ति कहां से आई? इस मामले में पक्का सबूत होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, "रेलमंत्री रहते हुए ही लालू प्रसाद ने यह घोटाला भी किया था. लालू को जवाब देना चाहिए कि खुद को वह चपरासी का बेटा बताते हैं, गरीब का बेटा बताते हैं तो एक गरीब के पास तीस साल में करोड़ों की संपत्ति कहां से आई?"टिप्पणियां
मोदी ने बताया "डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित की गई जमीन पर शॉपिंग मल बन रहा है और इस कंपनी का नाम आज 'लारा प्रोजेक्टस' कर दिया गया है. इस कंपनी के निदेशक राजद अध्यक्ष के बड़े पुत्र एवं राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री तेजप्रताप यादव, छोटे पुत्र एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी हैं." उन्होंने कहा, "खोदा मिट्टी, निकला मॉल! लालू प्रसाद के खिलाफ हमारे पास अब पर्याप्त सबूत हैं. लालू को बताना चाहिए कि पटना के सगुना में बन रहे बिहार के सबसे बड़े मॉल की जमीन उनकी है या नहीं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी ने बताया "डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित की गई जमीन पर शॉपिंग मल बन रहा है और इस कंपनी का नाम आज 'लारा प्रोजेक्टस' कर दिया गया है. इस कंपनी के निदेशक राजद अध्यक्ष के बड़े पुत्र एवं राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री तेजप्रताप यादव, छोटे पुत्र एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी हैं." उन्होंने कहा, "खोदा मिट्टी, निकला मॉल! लालू प्रसाद के खिलाफ हमारे पास अब पर्याप्त सबूत हैं. लालू को बताना चाहिए कि पटना के सगुना में बन रहे बिहार के सबसे बड़े मॉल की जमीन उनकी है या नहीं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: सुशील मोदी ने कहा- लालू प्रसाद यादव के पास यह संपत्ति कहां से आई?
रेलमंत्री रहते हुए ही लालू प्रसाद ने यह घोटाला भी किया था : सुशील मोदी
लालू बताएं पटना के सगुना में बन रहे मॉल की जमीन उनकी है या नहीं : सुशील | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने चीन में अपनी दूसरी शाखा खोल दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, नई शाखा मंगलवार को उत्तरी बंदरगाह शहर तियानजिन में खोली गई। इस शाखा में कर्ज, व्यापारिक फाइनेंसिंग और रेमिटेंस जैसी सेवा प्रदान की जाएगी।टिप्पणियां
भारतीय स्टेट बैंक ने चीन में पहली शाखा 2006 में शंघाई में खोली थी और 2010 में चीन सरकार से स्थानीय रेनमिनबी मुद्रा में कारोबार करने का अधिकार लिया था।
'बैंकर' पत्रिका ने जुलाई 2012 में दुनिया के 1,000 सबसे अच्छे बैंकों की एक सूची में भारतीय स्टेट बैंक को 60वां स्थान दिया था। भारत सरकार की बैंक में 61.58 फीसदी हिस्सेदारी है।
भारतीय स्टेट बैंक ने चीन में पहली शाखा 2006 में शंघाई में खोली थी और 2010 में चीन सरकार से स्थानीय रेनमिनबी मुद्रा में कारोबार करने का अधिकार लिया था।
'बैंकर' पत्रिका ने जुलाई 2012 में दुनिया के 1,000 सबसे अच्छे बैंकों की एक सूची में भारतीय स्टेट बैंक को 60वां स्थान दिया था। भारत सरकार की बैंक में 61.58 फीसदी हिस्सेदारी है।
'बैंकर' पत्रिका ने जुलाई 2012 में दुनिया के 1,000 सबसे अच्छे बैंकों की एक सूची में भारतीय स्टेट बैंक को 60वां स्थान दिया था। भारत सरकार की बैंक में 61.58 फीसदी हिस्सेदारी है। | यह एक सारांश है: भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने चीन में अपनी दूसरी शाखा खोल दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, नई शाखा मंगलवार को उत्तरी बंदरगाह शहर तियानजिन में खोली गई। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र में वायु प्रदूषण से हर साल करीब आठ लाख लोगों की मौत हो रही है, जिसमें से 75 प्रतिशत से अधिक मौतें हृदय रोगों और फेफड़े के कैंसर के चलते अकेले भारत में होती हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक नई रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया कि विश्व में 10 व्यक्तियों में से नौ खराब गुणवत्ता की हवा में सांस ले रहे हैं, जबकि वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों में से 90 प्रतिशत मौतें निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में होती हैं. वहीं तीन मौतों में से दो मौतें भारत एवं पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों सहित डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्वी एशिया में होती हैं.
डब्ल्यूएचओ के जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख मारिया नीएरा ने कहा, 'यह जनस्वास्थ्य के लिहाज से आपात स्थिति है.' रिपोर्ट में इसके साथ ही परिवहन के अक्षम साधनों, घरों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और कूड़ा जलाने, कोयला आधारित बिजली संयंत्रों और औद्योगिक गतिविधियों के खिलाफ कदम मजबूत उठाने का आह्वान किया गया, जो कि वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में हैं.
इसमें कहा गया कि 94 प्रतिशत मौतें गैर-संचारी बीमारियों से होती हैं, जिसमें मुख्य तौर पर हृदय रोग, फेफड़े के रोग, फेफड़े का कैंसर शामिल हैं. वायु प्रदूषण श्वसन संक्रमण का खतरा बढ़ाता है.
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र के बयान में कहा गया, 'वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए विश्व का सबसे बड़ा पर्यावरणीय खतरा है और इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि इसका बढ़ना जारी है.टिप्पणियां
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र ने डब्ल्यूएचओ की परिवेशी वायु प्रदूषण रिपोर्ट-2016 को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत में 6,21,138 लोगों की मौत एक्यूट लोअर रेसपेरेटरी इंफेक्शन, क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पलमोनरी डिसऑर्डर, इस्केमिक हर्ट डीजीज और फेफड़े के कैंसर से हुई. हालांकि भारत का यह आंकड़ा 2012 का है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक नई रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया कि विश्व में 10 व्यक्तियों में से नौ खराब गुणवत्ता की हवा में सांस ले रहे हैं, जबकि वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों में से 90 प्रतिशत मौतें निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में होती हैं. वहीं तीन मौतों में से दो मौतें भारत एवं पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों सहित डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्वी एशिया में होती हैं.
डब्ल्यूएचओ के जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख मारिया नीएरा ने कहा, 'यह जनस्वास्थ्य के लिहाज से आपात स्थिति है.' रिपोर्ट में इसके साथ ही परिवहन के अक्षम साधनों, घरों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और कूड़ा जलाने, कोयला आधारित बिजली संयंत्रों और औद्योगिक गतिविधियों के खिलाफ कदम मजबूत उठाने का आह्वान किया गया, जो कि वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में हैं.
इसमें कहा गया कि 94 प्रतिशत मौतें गैर-संचारी बीमारियों से होती हैं, जिसमें मुख्य तौर पर हृदय रोग, फेफड़े के रोग, फेफड़े का कैंसर शामिल हैं. वायु प्रदूषण श्वसन संक्रमण का खतरा बढ़ाता है.
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र के बयान में कहा गया, 'वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए विश्व का सबसे बड़ा पर्यावरणीय खतरा है और इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि इसका बढ़ना जारी है.टिप्पणियां
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र ने डब्ल्यूएचओ की परिवेशी वायु प्रदूषण रिपोर्ट-2016 को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत में 6,21,138 लोगों की मौत एक्यूट लोअर रेसपेरेटरी इंफेक्शन, क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पलमोनरी डिसऑर्डर, इस्केमिक हर्ट डीजीज और फेफड़े के कैंसर से हुई. हालांकि भारत का यह आंकड़ा 2012 का है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डब्ल्यूएचओ के जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख मारिया नीएरा ने कहा, 'यह जनस्वास्थ्य के लिहाज से आपात स्थिति है.' रिपोर्ट में इसके साथ ही परिवहन के अक्षम साधनों, घरों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और कूड़ा जलाने, कोयला आधारित बिजली संयंत्रों और औद्योगिक गतिविधियों के खिलाफ कदम मजबूत उठाने का आह्वान किया गया, जो कि वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में हैं.
इसमें कहा गया कि 94 प्रतिशत मौतें गैर-संचारी बीमारियों से होती हैं, जिसमें मुख्य तौर पर हृदय रोग, फेफड़े के रोग, फेफड़े का कैंसर शामिल हैं. वायु प्रदूषण श्वसन संक्रमण का खतरा बढ़ाता है.
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र के बयान में कहा गया, 'वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए विश्व का सबसे बड़ा पर्यावरणीय खतरा है और इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि इसका बढ़ना जारी है.टिप्पणियां
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र ने डब्ल्यूएचओ की परिवेशी वायु प्रदूषण रिपोर्ट-2016 को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत में 6,21,138 लोगों की मौत एक्यूट लोअर रेसपेरेटरी इंफेक्शन, क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पलमोनरी डिसऑर्डर, इस्केमिक हर्ट डीजीज और फेफड़े के कैंसर से हुई. हालांकि भारत का यह आंकड़ा 2012 का है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसमें कहा गया कि 94 प्रतिशत मौतें गैर-संचारी बीमारियों से होती हैं, जिसमें मुख्य तौर पर हृदय रोग, फेफड़े के रोग, फेफड़े का कैंसर शामिल हैं. वायु प्रदूषण श्वसन संक्रमण का खतरा बढ़ाता है.
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र के बयान में कहा गया, 'वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए विश्व का सबसे बड़ा पर्यावरणीय खतरा है और इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि इसका बढ़ना जारी है.टिप्पणियां
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र ने डब्ल्यूएचओ की परिवेशी वायु प्रदूषण रिपोर्ट-2016 को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत में 6,21,138 लोगों की मौत एक्यूट लोअर रेसपेरेटरी इंफेक्शन, क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पलमोनरी डिसऑर्डर, इस्केमिक हर्ट डीजीज और फेफड़े के कैंसर से हुई. हालांकि भारत का यह आंकड़ा 2012 का है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र के बयान में कहा गया, 'वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए विश्व का सबसे बड़ा पर्यावरणीय खतरा है और इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि इसका बढ़ना जारी है.टिप्पणियां
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र ने डब्ल्यूएचओ की परिवेशी वायु प्रदूषण रिपोर्ट-2016 को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत में 6,21,138 लोगों की मौत एक्यूट लोअर रेसपेरेटरी इंफेक्शन, क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पलमोनरी डिसऑर्डर, इस्केमिक हर्ट डीजीज और फेफड़े के कैंसर से हुई. हालांकि भारत का यह आंकड़ा 2012 का है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र ने डब्ल्यूएचओ की परिवेशी वायु प्रदूषण रिपोर्ट-2016 को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत में 6,21,138 लोगों की मौत एक्यूट लोअर रेसपेरेटरी इंफेक्शन, क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पलमोनरी डिसऑर्डर, इस्केमिक हर्ट डीजीज और फेफड़े के कैंसर से हुई. हालांकि भारत का यह आंकड़ा 2012 का है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: विश्व में 10 व्यक्तियों में से नौ खराब गुणवत्ता की हवा में सांस ले रहे है
वायु प्रदूषण से हर साल करीब आठ लाख लोगों की मौत हो रही है
इन मौतों में से 90% निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पांच राज्यों में चुनावों के बाद अब लोकसभा चुनाव को लेकर यूपी में समाजवादी पार्टी और बसपा के बीच गठबंधन की बातचीत शुरू हुई है. कांग्रेस को लेकर अभी भ्रम है कि वह इसका हिस्सा होगी या नहीं, लेकिन सियासत के जानकार कहते हैं कि तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत के बाद बने माहौल में गठबंधन में कांग्रेस का होना फायदेमंद है. विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह तीनों दल एक साथ हो जाएं तो बीजेपी के लिए कठिन चुनौती बन सकते हैं.
समाजवादी पार्टी में चुनाव के मद्देनजर सम्मेलनों का सिलसिला जारी है. गठबंधन करने के बहुत पहले से संगठन का काम चल रहा है. संगठन के हर हिस्से को काम पर लगाया जा रहा है. अखिलेश वक्त से पहले गठबंधन की तफसील बताने से बचते हैं.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से जब पूछा गया कि “तीन राज्यों में कांग्रेस ने जीत हासिल की है. आपकी पार्टी और बसपा से कोई नहीं गया वहाँ पर…क्या यूपी में गठबंधन निश्चित? उन्होंने कहा, ''उस पर अभी कोई बातचीत नहीं करनी है.” समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील साजन का कहना है कि समाजवादी पार्टी लगातार ऐसा प्रयास कर रही है कि हम एक ऐसा गठबंधन का स्वरूप निकालें जिससे कम से कम उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का सफाया हो.
यूपी में बसपा ने 1996 में कांग्रेस से गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. मायावती कहती हैं कि उनका वोट तो कांग्रेस को ट्रांसफर हुआ लेकिन कांग्रेस का उन्हें नहीं मिला. पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस से गठबंधन किया…लेकिन उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली.
तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत के बाद सियासी माहौल बदला है. सियासत के जानकार कहते हैं कि गठबंधन के लिए अब कांग्रेस के लिए ज़्यादा माफ़िक़ माहौल है. जानकार कहते हैं कि तीन राज्यों की जीत के बाद अगर कांग्रेस ज़्यादा सीटें न मांगे तो गठबंधन से तीनों दलों को फ़ायदा होगा. इन चुनावों के बाद राहुल गांधी का कद बड़ा हुआ है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश और हौसला आया है. आम लोगों को कांग्रेस लड़ती-संघर्ष करती नज़र आई है और मुस्लिम वोटर में उसके लिए झुकाव पैदा हुआ है.
पीक्स मीडिया रिसर्च के चुनाव विश्लेषक शमशाद ख़ान कहते हैं कि “जो बसपा का सबसे कम पर्सेंट है वह 19 पर्सेंट है और सपा का 22 पर्सेंट और कांग्रेस का छह. इसको जोड़ देते हैं तो यह ऑलमोस्ट 46 पर्सेंट वोट हो जाते हैं... 47 पर्सेंट के आसपास. अगर यह एलायंस एक हो जाएगा तो आज के समय में जो बीजेपी के पास 73 सीटें हैं उसमें से बीजेपी सिर्फ़ 15 सीटों पर सिमटकर रह जाएगी. उसका सबसे बड़ा कारण यह है कि 51 पर्सेंट वोट जहां हो जाती हैं, उस स्थिति में सिर्फ और सिर्फ़ 12 से 15 सीटें ही जीती जा सकती हैं जो बीजेपी के पास वर्तमान में हैं.
जाहिर है कि गठबंधन की ऐसी कोशिशें बीजेपी को पसंद नहीं हैं. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि “पैरों के नीचे की जमीन खिसकती देखकर एक-दूसरे को गले लगाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं.” अगर वाकई यह गठबंधन हो जाता है तो बीजेपी को लड़ने के लिए कुछ नए हथियार तलाशने पड़ सकते हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस, सपा और बसपा मिलकर कुल 46 प्रतिशत वोट हासिल करने में सक्षम
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को फिलहाल गठबंधन पर बातचीत से परहेज
1996 में कांग्रेस से गठबंधन के अनुभव के मद्देनजर बसपा असमंजस में | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कंपनियों को सार्वजनिक पेशकश में अपने कर्मचारियों को अधिक शेयर आवंटित करने की अनुमति दे दी है.
अब स्टॉफ कोटा के तहत कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक के शेयर आवंटित किए जा सकते हैं. अभी तक यह सीमा दो लाख रुपये है. सेबी को नियमों को उदार करने संबंधी कई ज्ञापन मिले हैं, जिसके बाद नियामक ने यह कदम उठाया है.टिप्पणियां
इसके अलावा सेबी से कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटा में दो लाख रुपये की मौजूदा सीमा के बाद अनुपातिक आधार पर कम सबस्क्रिप्शन का भी आग्रह मिला है. सेबी (पूंजी जारी करने और खुलासा अनिवार्यता) नियमनों के तहत कोई भी जारीकर्ता अपने कर्मचारियों के लिए कोटा आरक्षित कर सकता है जो कंपनी के निर्गम के बाद पूंजी का पांच प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अब स्टॉफ कोटा के तहत कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक के शेयर आवंटित किए जा सकते हैं. अभी तक यह सीमा दो लाख रुपये है. सेबी को नियमों को उदार करने संबंधी कई ज्ञापन मिले हैं, जिसके बाद नियामक ने यह कदम उठाया है.टिप्पणियां
इसके अलावा सेबी से कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटा में दो लाख रुपये की मौजूदा सीमा के बाद अनुपातिक आधार पर कम सबस्क्रिप्शन का भी आग्रह मिला है. सेबी (पूंजी जारी करने और खुलासा अनिवार्यता) नियमनों के तहत कोई भी जारीकर्ता अपने कर्मचारियों के लिए कोटा आरक्षित कर सकता है जो कंपनी के निर्गम के बाद पूंजी का पांच प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके अलावा सेबी से कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटा में दो लाख रुपये की मौजूदा सीमा के बाद अनुपातिक आधार पर कम सबस्क्रिप्शन का भी आग्रह मिला है. सेबी (पूंजी जारी करने और खुलासा अनिवार्यता) नियमनों के तहत कोई भी जारीकर्ता अपने कर्मचारियों के लिए कोटा आरक्षित कर सकता है जो कंपनी के निर्गम के बाद पूंजी का पांच प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: सेबी ने आईपीओ में अपने कर्मचारियों को अधिक शेयर आवंटित करने की अनुमति दी
अब कर्मचारियों को पांच लाख रुपये के शेयर आवंटित किए जा सकते हैं
अभी तक यह सीमा दो लाख रुपये है, नियामक ने कदम उठाया | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मोबाइल सिम वैरिफिकेशन मामले में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि एक साल में सभी सिम कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ दिया जाएगा. देश में 90 फीसदी सिम प्री पेड हैं लेकिन अब ऐसा मैकेनिज्म लाया जा रहा है जिससे इन मोबाइल सिम को भी आधार से जोड़ा जा सके.टिप्पणियां
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि मोबाइल सिम कार्ड रखने वालों के वेरिफिकेशन के लिए क्या तरीका है, इसके बारे में दो हफ्ते में केंद्र सरकार जानकारी दे. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJI खेहर ने कहा था कि मोबाइल सिम कार्ड रखने वालों की पहचान न हो तो यह धोखाधड़ी से रुपये निकालने के काम में इस्तेमाल हो सकता है. सरकार को जल्द ही पहचान करने की प्रक्रिया करनी चाहिए, वहीं केंद्र की ओर से कहा गया था कि इस मामले में उसे हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त चाहिए. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते का वक्त दिया.
दरअसल सुप्रीम कोर्ट NGO लोकनीति की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार और ट्राई को ये निर्देश दिए जाए कि मोबाइल सिम धारकों की पहचान, पता और सभी डिटेल उपलब्ध हों. कोई भी मोबाइल सिम बिना वैरिफिकेशन के न दी जाए. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा था.
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि मोबाइल सिम कार्ड रखने वालों के वेरिफिकेशन के लिए क्या तरीका है, इसके बारे में दो हफ्ते में केंद्र सरकार जानकारी दे. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJI खेहर ने कहा था कि मोबाइल सिम कार्ड रखने वालों की पहचान न हो तो यह धोखाधड़ी से रुपये निकालने के काम में इस्तेमाल हो सकता है. सरकार को जल्द ही पहचान करने की प्रक्रिया करनी चाहिए, वहीं केंद्र की ओर से कहा गया था कि इस मामले में उसे हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त चाहिए. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते का वक्त दिया.
दरअसल सुप्रीम कोर्ट NGO लोकनीति की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार और ट्राई को ये निर्देश दिए जाए कि मोबाइल सिम धारकों की पहचान, पता और सभी डिटेल उपलब्ध हों. कोई भी मोबाइल सिम बिना वैरिफिकेशन के न दी जाए. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा था.
दरअसल सुप्रीम कोर्ट NGO लोकनीति की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार और ट्राई को ये निर्देश दिए जाए कि मोबाइल सिम धारकों की पहचान, पता और सभी डिटेल उपलब्ध हों. कोई भी मोबाइल सिम बिना वैरिफिकेशन के न दी जाए. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक साल के अंदर सभी सिम कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा
SC ने सरकार से पूछा कि मोबाइल सिम कार्ड रखने वालों की पहचान कैसे करें
याचिका में कहा गया सिम धारकों की पहचान, पता और सभी डिटेल उपलब्ध हों | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: समुद्री लुटेरों के खिलाफ वैश्विक मुहिम शुरू करने की भारत की कोशिश आखिरकार रंग लाने वाली है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस मुद्दे पर सोमवार को एक कानूनी प्रस्ताव पर मतदान करने वाला है। इस प्रस्ताव के पारित हो जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश समुद्री लूट के खिलाफ पूर्ण सहयोग कर सकेंगे। इसके तहत बनने वाले कानून समुद्री लुटेरों द्वारा बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करेगा, चाहे वह किसी भी देश के जहाज से बंदी बनाए गए हों। सूत्रों ने बताया कि गहरे समुद्र में सोमालियाई समुद्री लुटेरों द्वारा जहाजों को अगवा किए जाने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर यह प्रस्ताव सभी देशों के लिए होगा कि वे समुद्री लूट एवं जहाजों को अगवा किए जाने संबंधी गतिविधियों की सूचना साझा करें और इस तरह की वारदातों में अर्थिक सहयोग करने वालों को निशाना बनाए। गौरतलब है कि भारत इस समस्या से बहुत अधिक पीड़ित रहा है क्योंकि इसके 53 नागरिक अब भी समुद्री लुटेरों के पास बंधक हैं। | संक्षिप्त पाठ: इसके तहत बनने वाले कानून समुद्री लुटेरों द्वारा बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करेगा, चाहे वह किसी भी देश के जहाज से बंदी बनाए गए हों। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुनिया के हर मुल्क में भारतीय दर्शक अपने चहेते स्टार की फिल्में देखने के लिए वैसे तो समय निकाल ही लेते हैं लेकिन यदि कंपनियां उनको इसके लिए छुट्टी की सौगात दें तो बात ही निराली हो जाती है. वैसे तो आमतौर पर रजनीकांत की फिल्मों के लिए दुनिया भर में इस तरह का क्रेज देखने को मिलता है लेकिन ताजा मामला तेलुगु सुपरस्टार चिरंजीवी की नई फिल्म से जुड़ा है.
चिरंजीवी की नई फिल्म 11 जनवरी यानी बुधवार को खाड़ी देशों में रिलीज होने जा रही है और उनके क्रेज को देखते हुए वहां की कई कंपनियों ने बुधवार को छु्ट्टी का ऐलान कर दिया है. हालांकि सरकार की तरफ से किसी खाड़ी देश में ऐसा ऐलान नहीं हुआ है, बस कंपनियों ने अपनी तरफ से ऐसा किया है.
चिरंजीवी की इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह मानी जा रही है कि इसके जरिये 10 वर्षों के बाद पहली बार यह तेलुगु सुपरस्टार रुपहले पर्दे पर दिखेगा. दूसरी बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि यह चिरंजीवी की 150वीं फिल्म है. ऐसे में इसको उत्सव की तरह मनाने के लिए इस तरह की तैयारियां की जा रही हैं. संभवतया इसीलिए इस फिल्म का नाम 'खिलाड़ी नंबर 150' है. टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि खाड़ी देशों बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और यूएई में चार लाख तेलुगु भाषी रहते हैं. इनमें से ज्यादातर कामगार हैं. हालांकि कुछ लोगों ने अपनी मेहनत से ऊंचा मुकाम भी हासिल किया है. यह फिल्म भारत के अलावा ऐसे मुल्कों में रिलीज होने जा रही है जहां तेलुगु भाषियों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा है. खाड़ी देशों के 500 थिएटरों में इसको रिलीज किए जाने की संभावना है. केवल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के 20 थिएटरों में इसको रिलीज किए जाने की संभावना है.
गौरतलब है कि फिल्मों से दूर होने के बाद चिरंजीवी ने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई. उन्होंने अपनी एक पार्टी भी बनाई थी जिसका बाद में कांग्रेस में विलय हो गया. वे यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे.
चिरंजीवी की नई फिल्म 11 जनवरी यानी बुधवार को खाड़ी देशों में रिलीज होने जा रही है और उनके क्रेज को देखते हुए वहां की कई कंपनियों ने बुधवार को छु्ट्टी का ऐलान कर दिया है. हालांकि सरकार की तरफ से किसी खाड़ी देश में ऐसा ऐलान नहीं हुआ है, बस कंपनियों ने अपनी तरफ से ऐसा किया है.
चिरंजीवी की इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह मानी जा रही है कि इसके जरिये 10 वर्षों के बाद पहली बार यह तेलुगु सुपरस्टार रुपहले पर्दे पर दिखेगा. दूसरी बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि यह चिरंजीवी की 150वीं फिल्म है. ऐसे में इसको उत्सव की तरह मनाने के लिए इस तरह की तैयारियां की जा रही हैं. संभवतया इसीलिए इस फिल्म का नाम 'खिलाड़ी नंबर 150' है. टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि खाड़ी देशों बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और यूएई में चार लाख तेलुगु भाषी रहते हैं. इनमें से ज्यादातर कामगार हैं. हालांकि कुछ लोगों ने अपनी मेहनत से ऊंचा मुकाम भी हासिल किया है. यह फिल्म भारत के अलावा ऐसे मुल्कों में रिलीज होने जा रही है जहां तेलुगु भाषियों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा है. खाड़ी देशों के 500 थिएटरों में इसको रिलीज किए जाने की संभावना है. केवल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के 20 थिएटरों में इसको रिलीज किए जाने की संभावना है.
गौरतलब है कि फिल्मों से दूर होने के बाद चिरंजीवी ने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई. उन्होंने अपनी एक पार्टी भी बनाई थी जिसका बाद में कांग्रेस में विलय हो गया. वे यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे.
चिरंजीवी की इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह मानी जा रही है कि इसके जरिये 10 वर्षों के बाद पहली बार यह तेलुगु सुपरस्टार रुपहले पर्दे पर दिखेगा. दूसरी बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि यह चिरंजीवी की 150वीं फिल्म है. ऐसे में इसको उत्सव की तरह मनाने के लिए इस तरह की तैयारियां की जा रही हैं. संभवतया इसीलिए इस फिल्म का नाम 'खिलाड़ी नंबर 150' है. टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि खाड़ी देशों बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और यूएई में चार लाख तेलुगु भाषी रहते हैं. इनमें से ज्यादातर कामगार हैं. हालांकि कुछ लोगों ने अपनी मेहनत से ऊंचा मुकाम भी हासिल किया है. यह फिल्म भारत के अलावा ऐसे मुल्कों में रिलीज होने जा रही है जहां तेलुगु भाषियों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा है. खाड़ी देशों के 500 थिएटरों में इसको रिलीज किए जाने की संभावना है. केवल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के 20 थिएटरों में इसको रिलीज किए जाने की संभावना है.
गौरतलब है कि फिल्मों से दूर होने के बाद चिरंजीवी ने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई. उन्होंने अपनी एक पार्टी भी बनाई थी जिसका बाद में कांग्रेस में विलय हो गया. वे यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे.
उल्लेखनीय है कि खाड़ी देशों बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और यूएई में चार लाख तेलुगु भाषी रहते हैं. इनमें से ज्यादातर कामगार हैं. हालांकि कुछ लोगों ने अपनी मेहनत से ऊंचा मुकाम भी हासिल किया है. यह फिल्म भारत के अलावा ऐसे मुल्कों में रिलीज होने जा रही है जहां तेलुगु भाषियों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा है. खाड़ी देशों के 500 थिएटरों में इसको रिलीज किए जाने की संभावना है. केवल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के 20 थिएटरों में इसको रिलीज किए जाने की संभावना है.
गौरतलब है कि फिल्मों से दूर होने के बाद चिरंजीवी ने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई. उन्होंने अपनी एक पार्टी भी बनाई थी जिसका बाद में कांग्रेस में विलय हो गया. वे यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे.
गौरतलब है कि फिल्मों से दूर होने के बाद चिरंजीवी ने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई. उन्होंने अपनी एक पार्टी भी बनाई थी जिसका बाद में कांग्रेस में विलय हो गया. वे यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे. | यह एक सारांश है: चिरंजीवी की 150वीं फिल्म होगी रिलीज
10 वर्षों बाद तेलुगु सुपर स्टार की फिल्म रिलीज होगी
फिल्म का नाम खिलाड़ी नंबर 150 | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में आतंकवादी शिविर पर हमले के केंद्र के दावे पर विपक्ष द्वारा सबूत मांगे जाने के बीच केंद्रीय मंत्री एस एस अहलुवालिया ने कहा है कि इस हमले का उद्देश्य मानवीय क्षति पहुंचाना नहीं बल्कि एक संदेश देना था कि भारत दुश्मन के क्षेत्र में अंदर दूर तक घुसकर प्रहार कर सकता है. अहलुवालिया ने कहा कि न तो प्रधानमंत्री और न ही किसी सरकारी प्रवक्ता ने हवाई हमले के हताहतों पर कोई आंकड़ा दिया है. बल्कि यह तो भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया ही था जहां मारे गए आतंकवादियों की अपुष्ट संख्या की चर्चा हो रही थी. उन्होंने शनिवार को सिलीगुड़ी में संवाददाताओं से सवाल किया कि हमने भारतीय मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खबरें देखी हैं और यह भी देखा कि मोदीजी ने क्या कहा था.
हवाई हमले के बाद मोदीजी की रैली हुई और उन्होंने हताहतों की संख्या के बारे में कुछ नहीं कहा. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मोदी या किसी सरकारी प्रवक्ता या हमारे पार्टी अध्यक्ष ने कोई आंकड़ा दिया है? इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री ने कहा कि इस हमले का इरादा एक संदेश देना था कि भारत जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान की नाक के नीचे तबाही मचाने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि हम कोई मानवीय क्षति नहीं चाहते थे. अहलुवालिया की टिप्पणी वाले वीडियो को माकपा ने अपने ट्विटर हैंडल पर डालकर सवाल किया है कि क्या सरकार अपने इस दावे से पीछे हट रही है कि उसने पाकिस्तान में आतंकवादी शिविर को निशाना बनाया?
जब अहलुवालिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने यह दोहराया कि न तो सरकारी अधिकारियों ने और न ही किसी मंत्री ने हताहतों का कोई आंकड़ा दिया है. उन्होंने कहा कि मुझसे पूछा गया कि क्या आप सरकार के बयान के साथ हैं या भारतीय मीडिया की खबरों के साथ है जिसने कहा कि 300-350 आतंकवादी मारे गये. मैं सरकार के बयान के साथ हूं. मैं कैसे मीडिया के बयान का समर्थन कर सकता हूं. दार्जिलिंग के सांसद की टिप्पणी ऐसे वक्त में आयी है जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने हवाई हमले को लेकर मोदी सरकार पर सवाल दागा है. ममता बनर्जी ने भारतीय वायुसेना द्वारा जैश ए मोहम्मद के प्रशिक्षिण शिविरों पर हमला करने का सबूत मांगा था. उन्होंने यह भी कहा था कि विपक्षी दल अभियान का ब्योरा जानना चाहते हैं. (इनपुट भाषा से) | सारांश: बालाकोट हमले को लेकर रखी अपनी बात
सरकार का जो मकसद था वह पूरा हुआ- अहलूवालिया
26 फरवरी को किया था वायुसेना ने हमला | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब सरकार के मुफ्त सरकारी आवास के प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक खारिज करते हुए कहा कि वह इस प्रस्ताव के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के आभारी हैं. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सद्भाव दिखाते हुए शनिवार को बादल को अपनी पसंद का मुफ्त सरकारी आवास मुहैया कराने का फैसला किया था. इससे पहले खबरें थीं कि वरिष्ठ अकाली नेता मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद एक अच्छा घर तलाश रहे हैं.
कैप्टन अमरिंदर के प्रस्ताव पर बादल ने एक बयान में कहा, ''उनका यह प्रस्ताव सुखद है और मैं तहेदिल से इसके लिए उन्हें शुक्रिया अदा करता हूं. लेकिन मैं अपने आवास के लिए खुद बंदोबस्त कर रहा हूं. हालांकि मैं उनकी भावनाओं की बहुत कद्र करता हूं और पूरी तरह उनके प्रति भी अपनी सद्भावनाएं प्रकट करता हूं.'' बादल ने कहा कि वह और उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल पंजाब की जनता के व्यापक हित में कांग्रेस सरकार के किसी भी फैसले का पूरा और तहेदिल से समर्थन करेगी.
उन्होंने कहा कि अकाली दल टकराव या आलोचना के लिए आलोचना करने में विश्वास नहीं रखता. अगर नई सरकार में अपने वादों को पूरा करने की दृढ़ इच्छाशक्ति है तो वह आसानी से इसे कर सकती है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''कांग्रेस का घोषणापत्र दुनिया के सबसे अच्छे अर्थशास्त्रियों में शामिल डॉ मनमोहन सिंह ने तैयार और जारी किया था और अगर उन्होंने सोचा होता कि पंजाब सरकार का खजाना खाली है और इन खर्चों को पूरा करने के लिए पैसा नहीं है तो वे ये वादे नहीं करते.'' टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''इसलिए मैं नई सरकार से अपेक्षा करता हूं कि पहले ही महीनों में अपने वादों को पूरा करें. अगर वे ऐसा करते हैं तो मैं उन्हें निजी तौर पर बधाई दूंगा.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कैप्टन अमरिंदर के प्रस्ताव पर बादल ने एक बयान में कहा, ''उनका यह प्रस्ताव सुखद है और मैं तहेदिल से इसके लिए उन्हें शुक्रिया अदा करता हूं. लेकिन मैं अपने आवास के लिए खुद बंदोबस्त कर रहा हूं. हालांकि मैं उनकी भावनाओं की बहुत कद्र करता हूं और पूरी तरह उनके प्रति भी अपनी सद्भावनाएं प्रकट करता हूं.'' बादल ने कहा कि वह और उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल पंजाब की जनता के व्यापक हित में कांग्रेस सरकार के किसी भी फैसले का पूरा और तहेदिल से समर्थन करेगी.
उन्होंने कहा कि अकाली दल टकराव या आलोचना के लिए आलोचना करने में विश्वास नहीं रखता. अगर नई सरकार में अपने वादों को पूरा करने की दृढ़ इच्छाशक्ति है तो वह आसानी से इसे कर सकती है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''कांग्रेस का घोषणापत्र दुनिया के सबसे अच्छे अर्थशास्त्रियों में शामिल डॉ मनमोहन सिंह ने तैयार और जारी किया था और अगर उन्होंने सोचा होता कि पंजाब सरकार का खजाना खाली है और इन खर्चों को पूरा करने के लिए पैसा नहीं है तो वे ये वादे नहीं करते.'' टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''इसलिए मैं नई सरकार से अपेक्षा करता हूं कि पहले ही महीनों में अपने वादों को पूरा करें. अगर वे ऐसा करते हैं तो मैं उन्हें निजी तौर पर बधाई दूंगा.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि अकाली दल टकराव या आलोचना के लिए आलोचना करने में विश्वास नहीं रखता. अगर नई सरकार में अपने वादों को पूरा करने की दृढ़ इच्छाशक्ति है तो वह आसानी से इसे कर सकती है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''कांग्रेस का घोषणापत्र दुनिया के सबसे अच्छे अर्थशास्त्रियों में शामिल डॉ मनमोहन सिंह ने तैयार और जारी किया था और अगर उन्होंने सोचा होता कि पंजाब सरकार का खजाना खाली है और इन खर्चों को पूरा करने के लिए पैसा नहीं है तो वे ये वादे नहीं करते.'' टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''इसलिए मैं नई सरकार से अपेक्षा करता हूं कि पहले ही महीनों में अपने वादों को पूरा करें. अगर वे ऐसा करते हैं तो मैं उन्हें निजी तौर पर बधाई दूंगा.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ''इसलिए मैं नई सरकार से अपेक्षा करता हूं कि पहले ही महीनों में अपने वादों को पूरा करें. अगर वे ऐसा करते हैं तो मैं उन्हें निजी तौर पर बधाई दूंगा.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: बादल सीएम पद छोड़ने के बाद तलाश रहे घर
लिहाजा पंजाब सरकार ने दिया था ऑफर
अकाली नेता ने विनम्रतापूर्वक ठुकराया | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि राहुल गांधी की प्रमुख हिस्सेदारी वाली एक ब्रिटिश कंपनी के पार्टनर को यूपीए के दौरान डिफेंस ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट दिया गया. राहुल गांधी की बैकऑप्स लिमिटेड नाम की कंपनी में 2003 से 2009 में 65 फीसदी हिस्सेदारी थी, इसमें राहुल गांधी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने अपने आरोप में कहा डिफेंस सौदों के पीछे ज़ोर लगाने वाले राहुल गांधी अब देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं. जेटली ने कहा कि राफेल (Rafale Deal) को लेकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आरोप निराधार हैं. जहां पीएम का राफेल के ऑफसेट सौदे से कोई लेना देना नहीं था जबकि राहुल गांधी की हिस्सेदारी वाली कंपनी के पार्टनर को यूपीए के दौरान डिफेंस ऑफसेट ठेका मिला.
वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया और गांधी पर निशाना साधने के लिए जिस जानकारी को उन्होंने आधार बनाया, वो भी साझा की. जेटली ने कहा कि यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो ‘डिफेंस डील पुशर' था और अब प्रधानमंत्री बनना चाह रहा है. इस पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि यह आरोप है और इनकी पुष्टि करने की जरूरत है. जेटली ने प्रेस वार्ता में कहा कि राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भारत में 2002 में पंजीकृत कंपनी बैकॉप्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक थे और तभी इसी नाम की एक कंपनी का पंजीकरण ब्रिटेन में कराया गया जिसमें राहुल गांधी और युलरिक मैकनाइट निदेशक थे.
बीजेपी नेता अरुण जेटली बोले- इन राज्यों से चौंकाने वाले नतीजे आएंगे
उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक ‘नकद के लिए प्रभावित' करने वाली कंपनी थी और मैकनाइट राहुल गांधी के ‘सोशल गैंग' का हिस्सा थे और उनकी शादी एक कांग्रेस नेता की बेटी से हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी और मैकनाइट ने लंदन के उसी पते को पंजीकृत कराया था जिसके मालिक अभिनता अमिताभ बच्चन के भाई अजिताभ बच्चन थे. वित्त मंत्री ने कहा कि 2009 में राहुल गांधी ने ब्रिटेन की कंपनी छोड़ दी और भारतीय कंपनी 2010 में बंद हो गयी लेकिन उनका साझेदार विभिन्न कंपनियों के साथ जुड़ा रहा.
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उन्होंने कहा कि मैकनाइट का एक फ्रांसीसी कंपनी से ऑफसेट करार हुआ था जिसे भारतीय नौसेना से पनडुब्बियों के उत्पादन का काम मिला था. गांधी पर निशाना साधते हुए जेटली ने कहा, ‘‘सवाल अब यह है कि आप अब लोगों में अपने बारे में क्या राय बनते देखना चाहते हैं. आप दूसरों के बारे में सबूत नहीं होते हुए भी राय पेश कर रहे हैं. आपने खुद की बनाई एक संदिग्ध कंपनी से दूरी बना ली और फिर आपके साझेदार को ऑफसेट काम करने का करार मिल जाता है.''
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राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजग सरकार पर राहुल गांधी के लगातार हमलों का परोक्ष जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि वह खुद भी एक ऑफसेट करार के लाभार्थी रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘राहुल की खुद की क्या भूमिका थी? क्या वह रक्षा कारोबारी बनना चाहते थे. बहुत गंभीर विषय है और हम चाहते हैं कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व जल्द से जल्द जवाब दे.'' कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए जेटली ने कहा कि वह सोचते हैं कि क्या बेहतर होता कि राहुल रक्षा व्यापार में ही बने रहते और राजनीति में नहीं आते.
जेटली के वार के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का बयान आया. चिदंबरम ने राहुल गांधी के हवाले से कहा कि सरकार को हर मसले और व्यक्तियों की जांच करनी चाहिए और रफ़ाल की भी जांच होनी चाहिए. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ''जो ‘डिफेंस डील पुशर’ था और अब PM बनना चाह रहा है''
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया
चिदंबरम ने कहा, 'हर मसले और व्यक्तियों की जांच होनी चाहिए' | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को जिस दोस्त ने हेलीकॉप्टर शॉट सिखाया वह इन दिनों बेहद बीमार है।
रणजी में धोनी के साथ खेलने वाले उनके इस दोस्त का नाम संतोष लाल है और बेहोशी की हालत में उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए रांची से दिल्ली लाया गया है। धोनी, हालांकि इस वक्त अमेरिका में हैं लेकिन फोन से वह संपर्क में हैं और अपने दोस्त की हरसंभव मदद कर रहे हैं।टिप्पणियां
शुरुआती दिनों में धोनी के कोच रहे चंचल भट्टाचार्य का कहना है कि धोनी के साथ संतोष के दूसरे दोस्त भी उसकी मदद कर रहे हैं। इसके अलावा झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने भी एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की है।
रेलवे में काम करने वाले लाल रणजी ट्रॉफी के दौरान हेलीकॉप्टर शॉट खेलते थे और धोनी ने उनसे ही हेलीकॉप्टर शॉट सीखा। लाल अग्नाशय की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।
रणजी में धोनी के साथ खेलने वाले उनके इस दोस्त का नाम संतोष लाल है और बेहोशी की हालत में उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए रांची से दिल्ली लाया गया है। धोनी, हालांकि इस वक्त अमेरिका में हैं लेकिन फोन से वह संपर्क में हैं और अपने दोस्त की हरसंभव मदद कर रहे हैं।टिप्पणियां
शुरुआती दिनों में धोनी के कोच रहे चंचल भट्टाचार्य का कहना है कि धोनी के साथ संतोष के दूसरे दोस्त भी उसकी मदद कर रहे हैं। इसके अलावा झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने भी एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की है।
रेलवे में काम करने वाले लाल रणजी ट्रॉफी के दौरान हेलीकॉप्टर शॉट खेलते थे और धोनी ने उनसे ही हेलीकॉप्टर शॉट सीखा। लाल अग्नाशय की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।
शुरुआती दिनों में धोनी के कोच रहे चंचल भट्टाचार्य का कहना है कि धोनी के साथ संतोष के दूसरे दोस्त भी उसकी मदद कर रहे हैं। इसके अलावा झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने भी एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की है।
रेलवे में काम करने वाले लाल रणजी ट्रॉफी के दौरान हेलीकॉप्टर शॉट खेलते थे और धोनी ने उनसे ही हेलीकॉप्टर शॉट सीखा। लाल अग्नाशय की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।
रेलवे में काम करने वाले लाल रणजी ट्रॉफी के दौरान हेलीकॉप्टर शॉट खेलते थे और धोनी ने उनसे ही हेलीकॉप्टर शॉट सीखा। लाल अग्नाशय की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। | संक्षिप्त सारांश: रणजी में धोनी के साथ खेलने वाले उनके इस दोस्त का नाम संतोष लाल है और बेहोशी की हालत में उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए रांची से दिल्ली लाया गया है। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आर्थिक वृद्धि की कीमत पर मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के आर्थिक विचार के आलोचक रहे भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आज कहा कि सिर्फ भारत को नुकसान पहुंचाने के खतरनाक इरादे रखने वाले ही इससे अलग विचार रख सकते हैं।
स्वामी रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के उस रुख के मुखर आलोचक रहे हैं जिसमें मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए ब्याज दर कम न करने की नीति अपनाई गई है। भाजपा नेता स्वामी ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने करीब 50 साल तक अमरीकियों को अर्थशास्त्र पढ़ाया है।
स्वामी ने कहा, ‘‘ सिर्फ अर्थशास्त्र न जानने वाले या भारत को नुकसान पहुंचाने के खतरनाक इरादे वाले व्यक्ति की सोच ही इससे अलग हो सकती हैं।’’ स्वामी ने यह बात ट्वीटर पर अपने एक अनुगामी के सवाल के जवाब में कही जिसने उनसे इस विषय पर नोबल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री जोसफ स्टिग्लिज के बयान पर टिप्पणी देने को कहा था। अमेरिकी अर्थशास्त्री स्टिगलिट्ज ने कहा था कि भारत को मुद्रास्फीति को लेकर ज्यादा परेशान होने के बजाय आर्थिक वृद्धि पर अधिक ध्यान देना चाहिए।टिप्पणियां
स्वामी ने अपने अनुगामी को जबाव देते हुए ट्वीट किया कि उनको अपने विचारों को स्थापित करने के लिए किसी और के समर्थन (जीवनरेखा) की जरूरत नहीं है। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘जीवनरेखा? मुझे किसी और की बैसाखी की जरूरत नहीं है जैसा कि अन्य गैर देशभक्त भारतीयों को जरूरत पड़ती है। मैंने 50 साल तक अमरीकियों को अर्थशास्त्र पढ़ाया है।’’ स्टिग्लिज ने कहा था कि मुद्रास्फीति पर ज्यादा जोर देने से उच्च स्तर पर बेरोजगारी और कम वृद्धि की स्थिति पैदा हो सकती है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वामी रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के उस रुख के मुखर आलोचक रहे हैं जिसमें मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए ब्याज दर कम न करने की नीति अपनाई गई है। भाजपा नेता स्वामी ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने करीब 50 साल तक अमरीकियों को अर्थशास्त्र पढ़ाया है।
स्वामी ने कहा, ‘‘ सिर्फ अर्थशास्त्र न जानने वाले या भारत को नुकसान पहुंचाने के खतरनाक इरादे वाले व्यक्ति की सोच ही इससे अलग हो सकती हैं।’’ स्वामी ने यह बात ट्वीटर पर अपने एक अनुगामी के सवाल के जवाब में कही जिसने उनसे इस विषय पर नोबल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री जोसफ स्टिग्लिज के बयान पर टिप्पणी देने को कहा था। अमेरिकी अर्थशास्त्री स्टिगलिट्ज ने कहा था कि भारत को मुद्रास्फीति को लेकर ज्यादा परेशान होने के बजाय आर्थिक वृद्धि पर अधिक ध्यान देना चाहिए।टिप्पणियां
स्वामी ने अपने अनुगामी को जबाव देते हुए ट्वीट किया कि उनको अपने विचारों को स्थापित करने के लिए किसी और के समर्थन (जीवनरेखा) की जरूरत नहीं है। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘जीवनरेखा? मुझे किसी और की बैसाखी की जरूरत नहीं है जैसा कि अन्य गैर देशभक्त भारतीयों को जरूरत पड़ती है। मैंने 50 साल तक अमरीकियों को अर्थशास्त्र पढ़ाया है।’’ स्टिग्लिज ने कहा था कि मुद्रास्फीति पर ज्यादा जोर देने से उच्च स्तर पर बेरोजगारी और कम वृद्धि की स्थिति पैदा हो सकती है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वामी ने कहा, ‘‘ सिर्फ अर्थशास्त्र न जानने वाले या भारत को नुकसान पहुंचाने के खतरनाक इरादे वाले व्यक्ति की सोच ही इससे अलग हो सकती हैं।’’ स्वामी ने यह बात ट्वीटर पर अपने एक अनुगामी के सवाल के जवाब में कही जिसने उनसे इस विषय पर नोबल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री जोसफ स्टिग्लिज के बयान पर टिप्पणी देने को कहा था। अमेरिकी अर्थशास्त्री स्टिगलिट्ज ने कहा था कि भारत को मुद्रास्फीति को लेकर ज्यादा परेशान होने के बजाय आर्थिक वृद्धि पर अधिक ध्यान देना चाहिए।टिप्पणियां
स्वामी ने अपने अनुगामी को जबाव देते हुए ट्वीट किया कि उनको अपने विचारों को स्थापित करने के लिए किसी और के समर्थन (जीवनरेखा) की जरूरत नहीं है। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘जीवनरेखा? मुझे किसी और की बैसाखी की जरूरत नहीं है जैसा कि अन्य गैर देशभक्त भारतीयों को जरूरत पड़ती है। मैंने 50 साल तक अमरीकियों को अर्थशास्त्र पढ़ाया है।’’ स्टिग्लिज ने कहा था कि मुद्रास्फीति पर ज्यादा जोर देने से उच्च स्तर पर बेरोजगारी और कम वृद्धि की स्थिति पैदा हो सकती है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वामी ने अपने अनुगामी को जबाव देते हुए ट्वीट किया कि उनको अपने विचारों को स्थापित करने के लिए किसी और के समर्थन (जीवनरेखा) की जरूरत नहीं है। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘जीवनरेखा? मुझे किसी और की बैसाखी की जरूरत नहीं है जैसा कि अन्य गैर देशभक्त भारतीयों को जरूरत पड़ती है। मैंने 50 साल तक अमरीकियों को अर्थशास्त्र पढ़ाया है।’’ स्टिग्लिज ने कहा था कि मुद्रास्फीति पर ज्यादा जोर देने से उच्च स्तर पर बेरोजगारी और कम वृद्धि की स्थिति पैदा हो सकती है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए ब्याज दर में कमी की नीति के आलोचक हैं स्व
ट्विटर पर कहा, 50 साल तक अमरीकियों को अर्थशास्त्र पढ़ाया
ट्वीटर पर अपने एक अनुगामी के सवाल के जवाब में की टिप्पणी | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हिंदी फिल्म उद्योग में अपने काम का आनंद ले रहीं भारतीय-कनाडाई पोर्न स्टार सनी लियोन कहती हैं कि वह पति डेनियल वेबर के साथ एक सामान्य जिंदगी जी रही हैं। वह कहती हैं कि उनका रिश्ता भी एक शादीशुदा सामान्य युगल जैसा ही है।टिप्पणियां
सनी 'बिग बॉस 5' में शामिल होने के लिए भारत आई थीं और 'बिग बॉस' में रहते हुए ही महेश भट्ट ने उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया था। बिग बॉस से निकलने के बाद 'जिस्म 2' उनकी झोली में आई। इस फिल्म की निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट की सुपुत्री पूजा भट्टा थीं। सनी अब 'जैकपॉट' कर रही हैं। इसमें उनके साथ उनके पति भी दिखेंगे।
सनी ने कहा, "हमारे बीच एक साधारण रूढ़िवादी पति-पत्नी का रिश्ता है। हमारी एक उत्साहपूर्ण जिंदगी है। हम बहुत यात्रा करते हैं एवं शूटिंग और फोटो शूट पर जाते हैं। हम जो सोचते हैं वही करते हैं। हम एक सामान्य दंपती और परिवार हैं। सनी ने कहा कि वह स्वीकार करती हैं कि 'बिग बॉस' उनकी जिंदगी का निर्णायक मोड़ बना।
सनी 'बिग बॉस 5' में शामिल होने के लिए भारत आई थीं और 'बिग बॉस' में रहते हुए ही महेश भट्ट ने उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया था। बिग बॉस से निकलने के बाद 'जिस्म 2' उनकी झोली में आई। इस फिल्म की निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट की सुपुत्री पूजा भट्टा थीं। सनी अब 'जैकपॉट' कर रही हैं। इसमें उनके साथ उनके पति भी दिखेंगे।
सनी ने कहा, "हमारे बीच एक साधारण रूढ़िवादी पति-पत्नी का रिश्ता है। हमारी एक उत्साहपूर्ण जिंदगी है। हम बहुत यात्रा करते हैं एवं शूटिंग और फोटो शूट पर जाते हैं। हम जो सोचते हैं वही करते हैं। हम एक सामान्य दंपती और परिवार हैं। सनी ने कहा कि वह स्वीकार करती हैं कि 'बिग बॉस' उनकी जिंदगी का निर्णायक मोड़ बना।
सनी ने कहा, "हमारे बीच एक साधारण रूढ़िवादी पति-पत्नी का रिश्ता है। हमारी एक उत्साहपूर्ण जिंदगी है। हम बहुत यात्रा करते हैं एवं शूटिंग और फोटो शूट पर जाते हैं। हम जो सोचते हैं वही करते हैं। हम एक सामान्य दंपती और परिवार हैं। सनी ने कहा कि वह स्वीकार करती हैं कि 'बिग बॉस' उनकी जिंदगी का निर्णायक मोड़ बना। | यह एक सारांश है: हिंदी फिल्म उद्योग में अपने काम का आनंद ले रहीं भारतीय-कनाडाई पोर्न स्टार सनी लियोन कहती हैं कि वह पति डेनियल वेबर के साथ एक सामान्य जिंदगी जी रही हैं। वह कहती हैं कि उनका रिश्ता भी एक शादीशुदा सामान्य युगल जैसा ही है। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) और सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की फिल्म 'छीछोरे (Chhichhore)' का ट्रेलर रिलीज हो गया है. 'फ्रेंडशिप डे (Friendship Day)' पर रिलीज हुए इस ट्रेलर में दोस्तों की कहानी को दिखाया गया है. इस फिल्म में श्रद्धा कपूर और सुशांत सिंह राजपूत के साथ-साथ वरुण शर्मा और ताहिर राज भसीन भी नजर आ रहा हैं. यूं तो ट्रेलर को देखकर लग रहा है कि फिल्म 'छिछोरे' दर्शकों को हंसी से लोटपोट कर देगी लेकिन कही-कही इस फिल्म की कहानी कुछ-कुछ आलिया भट्ट की फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर (Student Of The Year)' से मिलती-जुलती है.
यूट्यूब पर श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) और सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की फिल्म का ये ट्रेलर काफी धमाल मचा रहा है. ये फिल्म दर्शकों को दोस्ती की एक बेहतरीन कहानी के साथ-साथ जीवन के अच्छे-बुरे अनुभवों को बड़े पर्दे पर उतारेगा. नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म के ट्रेलर ने कॉलेज के वो अनमोल दिन और अपने दोस्तों के साथ की गई मस्ती की यादें ताजा कर दी हैं.
फिल्म की लीड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) इस फिल्म में बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आ रही हैं. इस फिल्म में श्रद्धा का कैरेक्टर काफी अलग है. वहीं सुशांत सिंह राजपूत काफी सीधे-साधे लड़के के रोल में नजर आ रहे हैं. बता दें नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म 'छिछोरे (Chhichhore)' इसी महीने 30 अगस्त को रिलीज होगी. फिल्म के ट्रेलर को देखने के बाद फैन्स में फिल्म को लेकर काफी एक्साइटमेंट है. अब देखना होगा कि दर्शकों को ये फिल्म कितनी भाती है. | संक्षिप्त पाठ: श्रद्धा कपूर की फिल्म 'छिछोरे' का ट्रेलर हुआ रिलीज
'फ्रेंडशिप डे' पर रिलीज हुआ 'छिछोरे' का ट्रेलर
यूट्यूब पर कर रहा है ट्रेंड | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: स्विटजरलैंड की दवा कंपनी नोवार्टिस ने कहा कि वह भारत में अनुसंधान व विकास गतिविधियों में निवेश नहीं करेगी तथा इसके लिए और अनुकूल जगह तलाशेगी। कंपनी का यह बयान उच्चतम न्यायालय के उस फैसले के बाद आया है जिसमें कैंसर के इलाज में काम आने वाली दवा ग्लीवेक पर पेटेंट की उसकी याचिका खारिज कर दी गई।टिप्पणियां
नोवार्टिस इंडिया के प्रबंध निदेशक रणजीत शाहनी ने कहा कि कंपनी यहां नए उत्पाद पेश करती रहेगी लेकिन अनुसंधान एवं विकास में निवेश नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि नोवार्टिस अपने अनुसंधान एवं विकास निवेश को अनुकूल गंतव्यों में करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी पेटेंट आवेदन करती रहेगी और भारत में 'सतर्कता' से निवेश करेगी।
उल्लेखनीय है कि स्विट्जरलैंड की दवा कंपनी नोवार्टिस रक्त कैंसर की दवा ग्लीवेक को भारत में पेटेंट कराने की कानूनी लड़ाई हार गई है। उच्चतम न्यायालय ने ग्लीवेक पर पेटेंट के अधिकार का दावा तथा भारतीय कंपनियों को इसके सामान्य संस्करण के विनिर्माण और कारोबार से रोकने की अपील वाली नोवार्टिस की याचिका खारिज कर दी।
नोवार्टिस इंडिया के प्रबंध निदेशक रणजीत शाहनी ने कहा कि कंपनी यहां नए उत्पाद पेश करती रहेगी लेकिन अनुसंधान एवं विकास में निवेश नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि नोवार्टिस अपने अनुसंधान एवं विकास निवेश को अनुकूल गंतव्यों में करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी पेटेंट आवेदन करती रहेगी और भारत में 'सतर्कता' से निवेश करेगी।
उल्लेखनीय है कि स्विट्जरलैंड की दवा कंपनी नोवार्टिस रक्त कैंसर की दवा ग्लीवेक को भारत में पेटेंट कराने की कानूनी लड़ाई हार गई है। उच्चतम न्यायालय ने ग्लीवेक पर पेटेंट के अधिकार का दावा तथा भारतीय कंपनियों को इसके सामान्य संस्करण के विनिर्माण और कारोबार से रोकने की अपील वाली नोवार्टिस की याचिका खारिज कर दी।
उल्लेखनीय है कि स्विट्जरलैंड की दवा कंपनी नोवार्टिस रक्त कैंसर की दवा ग्लीवेक को भारत में पेटेंट कराने की कानूनी लड़ाई हार गई है। उच्चतम न्यायालय ने ग्लीवेक पर पेटेंट के अधिकार का दावा तथा भारतीय कंपनियों को इसके सामान्य संस्करण के विनिर्माण और कारोबार से रोकने की अपील वाली नोवार्टिस की याचिका खारिज कर दी। | यह एक सारांश है: स्विटजरलैंड की दवा कंपनी नोवार्टिस ने कहा कि वह भारत में अनुसंधान व विकास गतिविधियों में निवेश नहीं करेगी तथा इसके लिए और अनुकूल जगह तलाशेगी। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रुपये के अवमूल्यन को रोकने तथा चालू खाते के घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत पर रखने के प्रयासों के तहत सरकार ने आज सोने, चांदी तथा प्लैटिनम पर आयात शुल्क बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, स्टैंडर्ड सोने तथा प्लैटिनम पर मूल सीमा शुल्क 8 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत चांदी पर शुल्क 6 से बढ़ाकर 10 फीसदी किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने स्वर्ण अयस्क, कन्सनट्रेट, अर्धशोधित सोने की छड़ तथा अर्धशोधित चांदी की छड़ों पर आयात शुल्क की दर 7 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि इससे वित्त वर्ष की शेष अवधि में सरकार को 4,830 करोड़ रपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले से सोने के दाम 600 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ जाएंगे।
इसके अलावा सरकार ने सोने के अयस्क अथवा कन्सनट्रेट तथा सोने-चांदी की अर्धपरिष्किृत छड़ों या कॉपर स्मेल्टिंग के दौरान उत्पादित परिष्कृत सोने की छड़ों पर उत्पाद शुल्क 7 से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया।
अधिसूचना में कहा गया है कि चांदी के अयस्क या कन्सनट्रेट, चांदी-सोने की अर्धशोधित छड़ या तांबा जस्ता या सीसे की स्मेल्टिंग के दौरान विनिर्मित चांदी पर उत्पाद शुल्क 4 से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया है। इन अधिसूचनाओं को आज संसद के पटल पर रख दिया गया।टिप्पणियां
एक आधिकारिक अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में देश में सोने का आयात घटकर 850 टन रहने का अनुमान है, जो 2012-13 में 950 टन रहा था।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा था कि सरकार रुपये में गिरावट तथा चालू खाते के घाटे (कैड) को सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत पर रखने के लिए बहुमूल्य धातुओं की मांग कम करने के उपाय करेगी। यह कदम वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद ही उठाए गए हैं। वित्त वर्ष 2012-13 कैड अपने सर्वकालिक उच्च स्तर जीडीपी के 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गया था।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, स्टैंडर्ड सोने तथा प्लैटिनम पर मूल सीमा शुल्क 8 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत चांदी पर शुल्क 6 से बढ़ाकर 10 फीसदी किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने स्वर्ण अयस्क, कन्सनट्रेट, अर्धशोधित सोने की छड़ तथा अर्धशोधित चांदी की छड़ों पर आयात शुल्क की दर 7 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि इससे वित्त वर्ष की शेष अवधि में सरकार को 4,830 करोड़ रपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले से सोने के दाम 600 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ जाएंगे।
इसके अलावा सरकार ने सोने के अयस्क अथवा कन्सनट्रेट तथा सोने-चांदी की अर्धपरिष्किृत छड़ों या कॉपर स्मेल्टिंग के दौरान उत्पादित परिष्कृत सोने की छड़ों पर उत्पाद शुल्क 7 से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया।
अधिसूचना में कहा गया है कि चांदी के अयस्क या कन्सनट्रेट, चांदी-सोने की अर्धशोधित छड़ या तांबा जस्ता या सीसे की स्मेल्टिंग के दौरान विनिर्मित चांदी पर उत्पाद शुल्क 4 से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया है। इन अधिसूचनाओं को आज संसद के पटल पर रख दिया गया।टिप्पणियां
एक आधिकारिक अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में देश में सोने का आयात घटकर 850 टन रहने का अनुमान है, जो 2012-13 में 950 टन रहा था।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा था कि सरकार रुपये में गिरावट तथा चालू खाते के घाटे (कैड) को सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत पर रखने के लिए बहुमूल्य धातुओं की मांग कम करने के उपाय करेगी। यह कदम वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद ही उठाए गए हैं। वित्त वर्ष 2012-13 कैड अपने सर्वकालिक उच्च स्तर जीडीपी के 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गया था।
सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले से सोने के दाम 600 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ जाएंगे।
इसके अलावा सरकार ने सोने के अयस्क अथवा कन्सनट्रेट तथा सोने-चांदी की अर्धपरिष्किृत छड़ों या कॉपर स्मेल्टिंग के दौरान उत्पादित परिष्कृत सोने की छड़ों पर उत्पाद शुल्क 7 से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया।
अधिसूचना में कहा गया है कि चांदी के अयस्क या कन्सनट्रेट, चांदी-सोने की अर्धशोधित छड़ या तांबा जस्ता या सीसे की स्मेल्टिंग के दौरान विनिर्मित चांदी पर उत्पाद शुल्क 4 से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया है। इन अधिसूचनाओं को आज संसद के पटल पर रख दिया गया।टिप्पणियां
एक आधिकारिक अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में देश में सोने का आयात घटकर 850 टन रहने का अनुमान है, जो 2012-13 में 950 टन रहा था।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा था कि सरकार रुपये में गिरावट तथा चालू खाते के घाटे (कैड) को सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत पर रखने के लिए बहुमूल्य धातुओं की मांग कम करने के उपाय करेगी। यह कदम वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद ही उठाए गए हैं। वित्त वर्ष 2012-13 कैड अपने सर्वकालिक उच्च स्तर जीडीपी के 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गया था।
इसके अलावा सरकार ने सोने के अयस्क अथवा कन्सनट्रेट तथा सोने-चांदी की अर्धपरिष्किृत छड़ों या कॉपर स्मेल्टिंग के दौरान उत्पादित परिष्कृत सोने की छड़ों पर उत्पाद शुल्क 7 से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया।
अधिसूचना में कहा गया है कि चांदी के अयस्क या कन्सनट्रेट, चांदी-सोने की अर्धशोधित छड़ या तांबा जस्ता या सीसे की स्मेल्टिंग के दौरान विनिर्मित चांदी पर उत्पाद शुल्क 4 से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया है। इन अधिसूचनाओं को आज संसद के पटल पर रख दिया गया।टिप्पणियां
एक आधिकारिक अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में देश में सोने का आयात घटकर 850 टन रहने का अनुमान है, जो 2012-13 में 950 टन रहा था।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा था कि सरकार रुपये में गिरावट तथा चालू खाते के घाटे (कैड) को सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत पर रखने के लिए बहुमूल्य धातुओं की मांग कम करने के उपाय करेगी। यह कदम वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद ही उठाए गए हैं। वित्त वर्ष 2012-13 कैड अपने सर्वकालिक उच्च स्तर जीडीपी के 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गया था।
अधिसूचना में कहा गया है कि चांदी के अयस्क या कन्सनट्रेट, चांदी-सोने की अर्धशोधित छड़ या तांबा जस्ता या सीसे की स्मेल्टिंग के दौरान विनिर्मित चांदी पर उत्पाद शुल्क 4 से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया है। इन अधिसूचनाओं को आज संसद के पटल पर रख दिया गया।टिप्पणियां
एक आधिकारिक अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में देश में सोने का आयात घटकर 850 टन रहने का अनुमान है, जो 2012-13 में 950 टन रहा था।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा था कि सरकार रुपये में गिरावट तथा चालू खाते के घाटे (कैड) को सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत पर रखने के लिए बहुमूल्य धातुओं की मांग कम करने के उपाय करेगी। यह कदम वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद ही उठाए गए हैं। वित्त वर्ष 2012-13 कैड अपने सर्वकालिक उच्च स्तर जीडीपी के 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गया था।
एक आधिकारिक अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में देश में सोने का आयात घटकर 850 टन रहने का अनुमान है, जो 2012-13 में 950 टन रहा था।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा था कि सरकार रुपये में गिरावट तथा चालू खाते के घाटे (कैड) को सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत पर रखने के लिए बहुमूल्य धातुओं की मांग कम करने के उपाय करेगी। यह कदम वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद ही उठाए गए हैं। वित्त वर्ष 2012-13 कैड अपने सर्वकालिक उच्च स्तर जीडीपी के 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गया था।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा था कि सरकार रुपये में गिरावट तथा चालू खाते के घाटे (कैड) को सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत पर रखने के लिए बहुमूल्य धातुओं की मांग कम करने के उपाय करेगी। यह कदम वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद ही उठाए गए हैं। वित्त वर्ष 2012-13 कैड अपने सर्वकालिक उच्च स्तर जीडीपी के 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गया था। | संक्षिप्त सारांश: रुपये के अवमूल्यन को रोकने तथा चालू खाते के घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 3.7 प्रतिशत पर रखने के प्रयासों के तहत सरकार ने आज सोने, चांदी तथा प्लैटिनम पर आयात शुल्क बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गायिका लेडी गागा अब सितारों पर भरोसा करने लगी हैं। वह अपनी विश्व संगीत यात्रा से पहले ज्योतिषियों के एक दल से इसके लिए सलाह ले रही हैं। उन्हें लगता है कि आजकल उनके सितारे उनके पक्ष में नहीं हैं।टिप्पणियां
गागा को इस बात की फिक्र है कि बुध ग्रह पीछे की ओर जा रहा है और यह उनके लिए खराब स्थिति है। ज्योतिषियों के मुताबिक इस वजह से वह दुर्भाग्य का सामना कर रही हैं।
वेबसाइट 'द सन डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक एक सूत्र का कहना है, "गागा चिंतित हैं और वह चाहती हैं कि जब वह अपनी संगीत यात्रा पर निकलें तो उनके सितारे पक्ष में हों। इसके लिए वह अपनी जन्मकुंडली दिखा रही हैं।"
गागा को इस बात की फिक्र है कि बुध ग्रह पीछे की ओर जा रहा है और यह उनके लिए खराब स्थिति है। ज्योतिषियों के मुताबिक इस वजह से वह दुर्भाग्य का सामना कर रही हैं।
वेबसाइट 'द सन डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक एक सूत्र का कहना है, "गागा चिंतित हैं और वह चाहती हैं कि जब वह अपनी संगीत यात्रा पर निकलें तो उनके सितारे पक्ष में हों। इसके लिए वह अपनी जन्मकुंडली दिखा रही हैं।"
वेबसाइट 'द सन डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक एक सूत्र का कहना है, "गागा चिंतित हैं और वह चाहती हैं कि जब वह अपनी संगीत यात्रा पर निकलें तो उनके सितारे पक्ष में हों। इसके लिए वह अपनी जन्मकुंडली दिखा रही हैं।" | यहाँ एक सारांश है:गायिका लेडी गागा अब सितारों पर भरोसा करने लगी हैं। वह अपनी विश्व संगीत यात्रा से पहले ज्योतिषियों के एक दल से इसके लिए सलाह ले रही हैं। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ एवं भूटान के प्रधानमंत्री जिग्मी वाई. थिनले ने दोनों देशों के मध्य औपचारिक राजनयिक सम्बंध स्थापित करने पर सहमति जताई।
समाचार पत्र 'चाइना डेली' के अनुसार रियो डी जनेरियो में आयोजित पृथ्वी शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने मुलाकात की।टिप्पणियां
वेन ने कहा कि चीन ताइवान एवं तिब्बत के मुद्दे पर भूटान के रुख की अत्यधिक प्रशंसा करता है। उन्होंने 'बेहतर पड़ोसी धर्म' पर आधारित चीन की विदेश नीति का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन 'शांतिपूर्ण सह अस्तित्व के पांच सिद्धांतों' के आधार पर भूटान के साथ राजनयिक सम्बंध स्थापित करने के लिए तैयार है।
भूटान के प्रधानमंत्री थिनले ने कहा कि भूटान के लोग अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मंचों पर विकासशील देशों के समान हितों की रक्षा के लिए चीन के प्रयासों की सराहना करते हैं।
समाचार पत्र 'चाइना डेली' के अनुसार रियो डी जनेरियो में आयोजित पृथ्वी शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने मुलाकात की।टिप्पणियां
वेन ने कहा कि चीन ताइवान एवं तिब्बत के मुद्दे पर भूटान के रुख की अत्यधिक प्रशंसा करता है। उन्होंने 'बेहतर पड़ोसी धर्म' पर आधारित चीन की विदेश नीति का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन 'शांतिपूर्ण सह अस्तित्व के पांच सिद्धांतों' के आधार पर भूटान के साथ राजनयिक सम्बंध स्थापित करने के लिए तैयार है।
भूटान के प्रधानमंत्री थिनले ने कहा कि भूटान के लोग अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मंचों पर विकासशील देशों के समान हितों की रक्षा के लिए चीन के प्रयासों की सराहना करते हैं।
वेन ने कहा कि चीन ताइवान एवं तिब्बत के मुद्दे पर भूटान के रुख की अत्यधिक प्रशंसा करता है। उन्होंने 'बेहतर पड़ोसी धर्म' पर आधारित चीन की विदेश नीति का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन 'शांतिपूर्ण सह अस्तित्व के पांच सिद्धांतों' के आधार पर भूटान के साथ राजनयिक सम्बंध स्थापित करने के लिए तैयार है।
भूटान के प्रधानमंत्री थिनले ने कहा कि भूटान के लोग अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मंचों पर विकासशील देशों के समान हितों की रक्षा के लिए चीन के प्रयासों की सराहना करते हैं।
भूटान के प्रधानमंत्री थिनले ने कहा कि भूटान के लोग अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मंचों पर विकासशील देशों के समान हितों की रक्षा के लिए चीन के प्रयासों की सराहना करते हैं। | चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ एवं भूटान के प्रधानमंत्री जिग्मी वाई. थिनले ने दोनों देशों के मध्य औपचारिक राजनयिक सम्बंध स्थापित करने पर सहमति जताई। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड तारिका करीना कपूर अभिनीत फिल्म 'हीरोइन' में उनके विविध रंग देखने को मिलेंगे। फिल्मकार मधुर भंडारकर की इस फिल्म के पहले पोस्टर ने ही दर्शकों में इसे देखने की उत्सुकता जगा दी है।
'हीरोइन' के पहले पोस्टर में करीना सुनहरी पोशाक पहने फिल्मी पत्रिकाओं से घिरी दिखती हैं। पोस्टर में शराब का एक खाली गिलास भी दिखता है।
फिल्म 'हीरोइन' भारतीय फिल्मोद्योग की एक फिल्मी तारिका के पर्दे के पीछे के जीवन की कहानी पेश करती है। फिल्म का पहला पोस्टर भी बताता है कि उसकी कहानी क्या है।
'हीरोइन' के एक अन्य पोस्टर को देखकर करीना के 'चमेली' और 'छम्मक छल्लो' अवतार की यादें ताजा हो जाती हैं। लाल साड़ी में लिपटी हुईं करीना 'द डर्टी पिक्चर' की विद्या बालन की भी याद दिलाती हैं। इस पोशाक में उन पर फिल्म के लिए 'हलकट जवानी' गीत फिल्माया गया है।
फिल्म की पृष्ठभूमि भंडारकर की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म 'फैशन' की भी याद दिलाती है। 'फैशन' में भारतीय फैशन दुनिया की धूसर वास्तविकताओं को उजागर किया गया था। फिल्म फैशन की दुनिया में सफलता की सीढ़ियां चढ़कर उतरने वाली दो मॉडल्स की जिंदगी का हश्र दिखाती है।
'हीरोइन', 'फैशन' और 'द डर्टी पिक्चर' से मिलती-जुलती फिल्म हो सकती है, जो 21 सितम्बर को प्रदर्शित होगी।
भंडारकर ने पिछले साल कान अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अभिनेत्री ऐश्वर्या राय को मुख्य भूमिका में लेकर 'हीरोइन' बनाने की घोषणा की थी। बाद में ऐश्वर्या के गर्भवती होने के चलते उन्हें नई अभिनेत्री तलाशनी पड़ी।
करीना इस भूमिका के लिए एकदम सही हैं। कहा जा रहा है कि इसमें उन्होंने अब तक का सर्वश्रेष्ठ अभिनय किया है। | सारांश: भंडारकर ने पिछले साल कान अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अभिनेत्री ऐश्वर्या राय को मुख्य भूमिका में लेकर 'हीरोइन' बनाने की घोषणा की थी। बाद में ऐश्वर्या के गर्भवती होने के चलते उन्हें नई अभिनेत्री तलाशनी पड़ी। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नकदी की समस्या से लोग अभी भी परेशान है और सुबह से ही एटीएम और बैंकों के बाहर कभी ना खत्म होने वाली कतारें लग गई हैं. लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के नकदी चाहते हैं और चलन से बाहर किए गए 500 और 1000 के नोटों के बदले मान्य नोट लेने के लिए कतारों में खड़े हैं.
बैंकों के अधिकतर ग्राहक एटीएम के जल्द खाली हो जाने की वजह से परेशान नजर आए. इसके अलावा अभी हजारों एटीएम ने काम करना शुरू नहीं किया है. कुछ एटीएम में नकदी है लेकिन वे भी तकनीकी खामी के चलते लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं.
कतारों का आलम यह है कि संसद भवन और वित्त मंत्रालय की इमारतों में लगे एटीएम में भी लंबी कतार लगी है और यहां भी लोगों को नकदी लेने में औसतन एक घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है.
अभी एटीएम के द्वारा 500 और 2000 रुपये के नए नोटों को वितरित करने में कई और हफ्ते लग सकते हैं. मौजूदा समय में वे मुख्यत: 100 रुपये के नोट ही वितरण कर रहे हैं. टिप्पणियां
देशभर में लोग अपनी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें भी ठीक से पूरी नहीं हो पा रही हैं. गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैंकों के अधिकतर ग्राहक एटीएम के जल्द खाली हो जाने की वजह से परेशान नजर आए. इसके अलावा अभी हजारों एटीएम ने काम करना शुरू नहीं किया है. कुछ एटीएम में नकदी है लेकिन वे भी तकनीकी खामी के चलते लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं.
कतारों का आलम यह है कि संसद भवन और वित्त मंत्रालय की इमारतों में लगे एटीएम में भी लंबी कतार लगी है और यहां भी लोगों को नकदी लेने में औसतन एक घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है.
अभी एटीएम के द्वारा 500 और 2000 रुपये के नए नोटों को वितरित करने में कई और हफ्ते लग सकते हैं. मौजूदा समय में वे मुख्यत: 100 रुपये के नोट ही वितरण कर रहे हैं. टिप्पणियां
देशभर में लोग अपनी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें भी ठीक से पूरी नहीं हो पा रही हैं. गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कतारों का आलम यह है कि संसद भवन और वित्त मंत्रालय की इमारतों में लगे एटीएम में भी लंबी कतार लगी है और यहां भी लोगों को नकदी लेने में औसतन एक घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है.
अभी एटीएम के द्वारा 500 और 2000 रुपये के नए नोटों को वितरित करने में कई और हफ्ते लग सकते हैं. मौजूदा समय में वे मुख्यत: 100 रुपये के नोट ही वितरण कर रहे हैं. टिप्पणियां
देशभर में लोग अपनी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें भी ठीक से पूरी नहीं हो पा रही हैं. गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अभी एटीएम के द्वारा 500 और 2000 रुपये के नए नोटों को वितरित करने में कई और हफ्ते लग सकते हैं. मौजूदा समय में वे मुख्यत: 100 रुपये के नोट ही वितरण कर रहे हैं. टिप्पणियां
देशभर में लोग अपनी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें भी ठीक से पूरी नहीं हो पा रही हैं. गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
देशभर में लोग अपनी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें भी ठीक से पूरी नहीं हो पा रही हैं. गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के नकदी चाहते हैं
एटीएम के जल्द खाली हो जाने की वजह से परेशान लोग
अभी हजारों एटीएम ने काम करना शुरू नहीं किया है. | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने विमान ईंधन एटीएफ की कीमतों में डेढ़ प्रतिशत की और बढ़ोतरी कर दी है। रुपये की कमजोरी की वजह से तेल आयात महंगा होने की वजह से कंपनियों ने सितंबर में दूसरी बार एटीएफ के दाम बढ़ाए हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के टी-3 हवाई अड्डे पर एटीएफ का दाम 899 रुपये प्रति किलोलीटर या डेढ़ प्रतिशत बढ़कर 58,578 रुपये प्रति किलोलीटर हो जाएगा। नई दरें आज मध्य रात्रि से लागू होंगी। आईओसी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने इससे पहले 16 सितंबर को जेट ईंधन के दामों में ढाई प्रतिशत की वृद्धि की थी। देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे मुंबई में एटीएफ की कीमत 907 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़कर 59,359 रुपये हो जाएगी। एयरलाइन की परिचालन लागत में एटीएफ की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत बैठती है। फिलहाल किसी एयरलाइन से एटीएफ कीमतों में वृद्धि का यात्री किरायों पर पड़ने वाले असर के बारे प्रतिक्रिया नहीं ली जा सकी। तीनों कंपनियां प्रत्येक माह की एक और 16 तारीख को औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से एटीएफ मूल्य में संशोधन करती हैं। | यह एक सारांश है: रुपये की कमजोरी की वजह से तेल आयात महंगा होने की वजह से कंपनियों ने सितंबर में दूसरी बार एटीएफ के दाम बढ़ाए हैं। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Samsung Galaxy M40 को मंगलवार को भारत में लॉन्च किया गया। यह कंपनी की Galaxy M सीरीज़ का लेटेस्ट स्मार्टफोन है और सबसे प्रीमियम भी। दाम 20,000 रुपये से कम होने की वजह से Galaxy M40 की भिड़ंत मार्केट में Realme 3 Pro और Redmi Note 7 Pro जैसे स्मार्टफोन से है। देखा जाए तो इस फोन को Samsung ब्रांड के ही Samsung Galaxy A50 से भी चुनौती मिलती है, खाकर कीमत और स्पेसिफिकेशन में। अहम खासियतों की बात करें तो Galaxy M40 फुल-एचडी+ इनफिनिटी ओ डिस्प्ले, ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर के साथ आता है। यह अपने सेगमेंट का पहला स्मार्टफोन है जो "स्क्रीन साउंड" टेक्नोलॉजी से लैस है।
हमने इस लेख में कीमत, स्पेसिफिकेशन और फीचर्स के आधार पर Samsung Galaxy M40 की तुलना Samsung Galaxy A50 से की है।
सैमसंग गैलेक्सी एम40 को भारत में 19,990 रुपये में बेचा जाएगा। यह 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज के साथ आएगा। हैंडसेट की बिक्री 18 जून को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। फोन को अमेज़न इंडिया और सैमसंग ऑनलाइन शॉप पर बेचा जाएगा। यह मिडनाइट ब्लू और सीवाटर ब्लू ग्रेडिएंट में उपलब्ध होगा।
कीमत में कटौती के बाद सैमसंग गैलेक्सी ए50 के 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 18,490 रुपये में बेचा जा रहा है। इसके 6 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 21,490 रुपये है। लॉन्च के वक्त सैमसंग गैलेक्सी ए50 के 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज मॉडल को भारत में 19,990 रुपये में बेचा जाता था। इसके 6 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज मॉडल की कीमत 22,990 रुपये थी।
सैमसंग गैलेक्सी एम40 एंड्रॉयड 9.0 पाई पर आधारित वनयूआई पर चलेगा। इसमें 6.3 इंच का फुल-एचडी+ इनफिनिटी ओ डिस्प्ले है। इस पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 3 की प्रोटेक्शन है। डिस्प्ले पैनल कंपनी की स्क्रीन साउंड टेक्नोलॉजी के साथ आता है। यह हैंडसेट में ऑडियो वाइब्रेशन प्रोड्यूस करता है। फोन में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर के साथ एड्रेनो 612 जीपीयू और 6 जीबी रैम दिया गया है।
भारतीय मार्केट में गैलेक्सी ए सीरीज़ का सबसे प्रीमियम हैंडसेट है Samsung Galaxy A50। इसमें में 6.4 इंच का सुपर एमोलेड इनफिनिटी यू स्क्रीन है, फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) रिजॉल्यूशन और 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ। गैलेक्सी ए50 में ऑक्टा-कोर एक्सीनॉस 9610 प्रोसेसर दिया गया है। जुगलबंदी के लिए 4 जीबी और 6 जीबी रैम मौज़ूद होंगे।
Galaxy M40 में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 32 मेगापिक्सल का है। यह एआई सीन ऑप्टिमाइज़र और एफ/ 1.7 लेंस के साथ आता है। पिछले हिस्से पर 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा है। यह डेप्थ सेंसर भी है। तीसरा कैमरा 8 मेगापिक्सल का है, यह अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस के साथ आता है। फोन में 4के वीडियो रिकॉर्डिंग, स्लो-मो और हाइपरलैप्स के लिए सपोर्ट है। सेल्फी के लिए फोन में 16 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है।
कैमरा सेटअप की बात करें तो Galaxy A50 में पिछले हिस्से पर तीन कैमरे हैं। रियर पर एफ/ 1.7 अपर्चर वाला 25 मेगापिक्सल सेंसर, एफ/ 2.2 अपर्चर वाला 5 मेगापिक्सल फिक्स्ड फोकस सेंसर और एफ/ 2.2 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। इस फोन में फ्रंट पैनल पर एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 25 मेगापिक्सल का सेंसर है। इसके अलावा हैडंसेट सैमसंग के इंटेलीजेंट सीन ऑप्टिमाइज़र के साथ आता है।
सैमसंग गैलेक्सी एम40 की इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर 512 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है। फोन के कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ, जीपीएस/ ए-जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। हैंडसेट में पिछले हिस्से पर फिंगरप्रिंट सेंसर है। Samsung के इस फोन में 3,500 एमएएच की बैटरी है और यह 15 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन की मोटाई 7.9 मिलीमीटर है और इसका वज़न 168 ग्राम है।
Galaxy A50 की इनबिल्ट स्टोरेज 64 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर 512 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव होगा। हैंडसेट में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर है। इसकी बैटरी 4000 एमएएच की है जो फास्ट वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है। | सारांश: Galaxy M40 में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है
Galaxy A50 में भी पिछले हिस्से पर तीन कैमरे हैं
गैलेक्सी एम40 का दाम 19,990 रुपये है और ए50 की कीमत 18,490 रुपये से शुरू | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बेस्ट एक्टर - ऋद्धि सेन (नगर कीर्तन)
बेस्ट एक्ट्रेस - श्रीदेवी (मॉम)
बेस्ट फिल्म - विलेज रॉकस्टार्स (असमिया भाषा)
दादा साहेब फाल्के - विनोद खन्ना
इंटरटेनर फिल्म ऑफ द ईयर - बाहुबली (द कन्क्लूजन)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस - दिव्या दत्ता (इरादा)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर - फहाद फाजिल (तोंडीमुथलम दृक्शयम)
बेस्ट डायरेक्टर - जयराज
बेस्ट हिंदी फिल्म - न्यूटन
बेस्ट तेलगु फिल्म - गाजी
बेस्ट लद्दाखी फिल्म - वॉकिंग विद द विंड
बेस्ट तमिल फिल्म - टू लेट
बेस्ट बंगाली फिल्म - मयूरक्षी
बेस्ट कन्नड़ फिल्म - हेब्बत रामाक्का
बेस्ट मलयालम फिल्म - थोंडीमुथलम दृक्शियम
बेस्ट उड़िया फिल्म - हेलो आर्सी
बेस्ट मराठी फिल्म - कच्चा लिंबू
बेस्ट गुजराती फिल्म - दह..
बेस्ट असम फिल्म - इशू
बेस्ट एक्शन डायरेक्शन अवार्ड - अब्बास अली मोगुल (बाहुबली- द कन्क्लूजन)
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर - ए आर रहमान ('कात्रु वेलियिदाई' के लिए)
बेस्ट लिरिक्स - जे एम प्रहलाद
बेस्ट कोरियोग्राफर - गणेश आचार्य ('गोरी तू लठ्ठ मार...' गाने के लिए)
बेस्ट जूरी अवार्ड - नगर कीर्तन
बेस्ट मेक-अप आर्टिस्ट - राम रज्जक (नगर कीर्तन)
बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन - संतोष रमन (टेक ऑफ)
बेस्ट स्क्रीन प्ले -
* स्क्रीनप्ले राइटर (ओरिजनल) - संजीव पजहूर (तोंडीमुथलम दृक्शयम)
* स्क्रीनप्ले राइटर (एडाप्टेड) - जयराज (भयानकम)
* डायलॉग्स - संबित मोहंते (हेलो अर्सी)
बेस्ट सिनेमेटोग्राफी - 'भयानकम'
बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर - शशा तिरुपति ('कात्रु वेलियिदाई' गाने के लिए)
बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट - बनिता दास (विलेज रॉकस्टार्स) | श्रीदेवी को बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड
बेस्ट हिंदी फिल्म 'न्यूटन'
विनोद खन्ना को दादा साहेब फाल्के अवार्ड | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में शिवसेना नेता संजय राउत और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से हुई मुलाकात के बाद दिल्ली तक हलचल बढ़ गई है. बीजेपी से 50-50 के फॉर्मूले पर अड़ी शिवसेना उस समय नरम पड़ती दिखाई पड़ी जब विधायक दल की बैठक में एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता चुना गया. क्योंकि उद्धव ठाकरे पहले भी तय कर चुके हैं कि शिवसेना की ओर से मुख्यमंत्री आदित्य ठाकरे ही होंगे. लेकिन संजय राउत की शरद पवार से मुलाकात के बाद शिवसेना का रुख और सख्त हो गया है. आज सुबह संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ सरकार बनाने को लेकर कोई बातचीत नहीं हो रही है और इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में अगला मुख्यमंत्री शिवसेना की होगा. तो क्या शिवसेना एनसीपी के समर्थन से सरकार बनाने को तैयार है? लेकिन इसके लिए क्या शिवसेना को कांग्रेस का भी समर्थन लेने को राजी हो जाएगी? इसके लिए हमें बीते राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर डालनी पड़ेगी. कांग्रेस और शिवसेना में भले ही गहरे वैचारिक मतभेद रहे हों लेकिन मौका पड़ने पर दोनों दल एक साथ आ चुके हैं.
हालांकि राम मंदिर आंदोलन के पहले तक शिवसेना के एजेंडे में हिंदुत्व नहीं था और देखने वाली बात यह होगी कि लोकसभा चुनाव 2019 के पहले तक अयोध्या का राग अलापते रहे उद्धव ठाकरे क्या बीजेपी का साथ छोड़कर कांग्रेस का समर्थन लेंगे. हालांकि इस बार मामला मुद्दों का नहीं, सरकार बनाने का है.
अन्य खबरें : | संक्षिप्त सारांश: क्या कांग्रेस का समर्थन लेगी शिवसेना
पहले भी कई मुद्दों पर रहे हैं साथ
NCP प्रमुख से मिले संजय राउत | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री व भाजपा नेता नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस के बारे में दिए गए बयान को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक तल्खियां एक बार फिर बढ़ गई है। कांग्रेस ने जहां मोदी पर पलटवार करते हुए धर्मनिरपेक्षता के 'बुर्के' को नग्न साम्प्रदायिकता से बेहतर बताया, वहीं भाजपा के कई नेता सोमवार को मोदी के बचाव में आ गए। मोदी ने कहा था कि संकट आने पर कांग्रेस धर्मनिरक्षेता के 'बुर्के' में छिप जाती है।
मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोमवार को कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा, "धर्मनिरपेक्षता का 'बुर्का' नग्न साम्प्रदायिकता से कहीं अधिक बेहतर है। साम्प्रदायिकता देश को बांटती है, जबकि धर्मनिरपेक्षता इसे एकजुट रखती है।" उन्होंने मोदी को यह भी नसीहत दी कि पहले अपने राज्य की स्थिति बेहतर बनाएं और फिर केंद्र को विकास पर सीख दें। माकन ने संवाददाताओं से कहा, "मोदी को केंद्र सरकार की आलोचना करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वह विफल रहे हैं। उन्हें झूठी आभा बनाने का अधिकार नहीं है।"
मोदी ने शनिवार को पुणे में एक रैली को संबोधित करते हुए संप्रग पर आर्थिक विकास के मामले में भी विफल रहने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में माकन ने सोमवार को कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने वर्ष 1998-2004 के छह वर्ष के कार्यकाल में और गुजरात में स्वयं मोदी की सरकार ने उतना विकास नहीं किया, जितना संप्रग के कार्यकाल में हुआ।
माकन ने कहा, "हमें गलत तथ्यों पर आधारित उनके आरोपों का जवाब देने की जरूरत है। हम अपनी सफलता की कहानी लोगों को बताना चाहते हैं।"
माकन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं आर्थिक विकास सहित बहुत से मामलों में संप्रग ने राजग सरकार से बेहतर प्रदर्शन किया है। राजग के कार्यकाल में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) केवल 1.67 प्रतिशत था, जबकि संप्रग के कार्यकाल में यह 4.02 प्रतिशत है।
भाजपा पर हमला करते हुए कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह देश को बांटने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "भाजपा देश को विविधता और साम्प्रदायिक विचारधारा में यकीन रखने वालों के बीच बांटना चाहती है।"
वहीं, भाजपा के नेताओं ने मोदी का बचाव किया। पार्टी की युवा शाखा, अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा, "मोदी ने जो कुछ भी कहा, वह सही है। कांग्रेस के पास जब भी सवालों के जवाब नहीं होते, वह खुद को बुर्के में छिपा लेती है।" उन्होंने खाद्य सुरक्षा पर अध्यादेश को चुनावी रणनीति करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस को मोदी के कार्यों की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और योजना आयोग तक ने गुजरात के विकास को स्वीकार किया है।
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने राजग से अलग होने के अपनी पार्टी के फैसले को वाजिब ठहराया और मोदी का नाम लिए बगैर कहा, "भाजपा के नेता एक खास समुदाय को आहत करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में राजग से अलग होने का पिछले माह का हमारा फैसला सही साबित होता है।"टिप्पणियां
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोमवार को कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा, "धर्मनिरपेक्षता का 'बुर्का' नग्न साम्प्रदायिकता से कहीं अधिक बेहतर है। साम्प्रदायिकता देश को बांटती है, जबकि धर्मनिरपेक्षता इसे एकजुट रखती है।" उन्होंने मोदी को यह भी नसीहत दी कि पहले अपने राज्य की स्थिति बेहतर बनाएं और फिर केंद्र को विकास पर सीख दें। माकन ने संवाददाताओं से कहा, "मोदी को केंद्र सरकार की आलोचना करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वह विफल रहे हैं। उन्हें झूठी आभा बनाने का अधिकार नहीं है।"
मोदी ने शनिवार को पुणे में एक रैली को संबोधित करते हुए संप्रग पर आर्थिक विकास के मामले में भी विफल रहने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में माकन ने सोमवार को कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने वर्ष 1998-2004 के छह वर्ष के कार्यकाल में और गुजरात में स्वयं मोदी की सरकार ने उतना विकास नहीं किया, जितना संप्रग के कार्यकाल में हुआ।
माकन ने कहा, "हमें गलत तथ्यों पर आधारित उनके आरोपों का जवाब देने की जरूरत है। हम अपनी सफलता की कहानी लोगों को बताना चाहते हैं।"
माकन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं आर्थिक विकास सहित बहुत से मामलों में संप्रग ने राजग सरकार से बेहतर प्रदर्शन किया है। राजग के कार्यकाल में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) केवल 1.67 प्रतिशत था, जबकि संप्रग के कार्यकाल में यह 4.02 प्रतिशत है।
भाजपा पर हमला करते हुए कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह देश को बांटने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "भाजपा देश को विविधता और साम्प्रदायिक विचारधारा में यकीन रखने वालों के बीच बांटना चाहती है।"
वहीं, भाजपा के नेताओं ने मोदी का बचाव किया। पार्टी की युवा शाखा, अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा, "मोदी ने जो कुछ भी कहा, वह सही है। कांग्रेस के पास जब भी सवालों के जवाब नहीं होते, वह खुद को बुर्के में छिपा लेती है।" उन्होंने खाद्य सुरक्षा पर अध्यादेश को चुनावी रणनीति करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस को मोदी के कार्यों की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और योजना आयोग तक ने गुजरात के विकास को स्वीकार किया है।
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने राजग से अलग होने के अपनी पार्टी के फैसले को वाजिब ठहराया और मोदी का नाम लिए बगैर कहा, "भाजपा के नेता एक खास समुदाय को आहत करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में राजग से अलग होने का पिछले माह का हमारा फैसला सही साबित होता है।"टिप्पणियां
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
मोदी ने शनिवार को पुणे में एक रैली को संबोधित करते हुए संप्रग पर आर्थिक विकास के मामले में भी विफल रहने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में माकन ने सोमवार को कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने वर्ष 1998-2004 के छह वर्ष के कार्यकाल में और गुजरात में स्वयं मोदी की सरकार ने उतना विकास नहीं किया, जितना संप्रग के कार्यकाल में हुआ।
माकन ने कहा, "हमें गलत तथ्यों पर आधारित उनके आरोपों का जवाब देने की जरूरत है। हम अपनी सफलता की कहानी लोगों को बताना चाहते हैं।"
माकन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं आर्थिक विकास सहित बहुत से मामलों में संप्रग ने राजग सरकार से बेहतर प्रदर्शन किया है। राजग के कार्यकाल में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) केवल 1.67 प्रतिशत था, जबकि संप्रग के कार्यकाल में यह 4.02 प्रतिशत है।
भाजपा पर हमला करते हुए कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह देश को बांटने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "भाजपा देश को विविधता और साम्प्रदायिक विचारधारा में यकीन रखने वालों के बीच बांटना चाहती है।"
वहीं, भाजपा के नेताओं ने मोदी का बचाव किया। पार्टी की युवा शाखा, अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा, "मोदी ने जो कुछ भी कहा, वह सही है। कांग्रेस के पास जब भी सवालों के जवाब नहीं होते, वह खुद को बुर्के में छिपा लेती है।" उन्होंने खाद्य सुरक्षा पर अध्यादेश को चुनावी रणनीति करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस को मोदी के कार्यों की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और योजना आयोग तक ने गुजरात के विकास को स्वीकार किया है।
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने राजग से अलग होने के अपनी पार्टी के फैसले को वाजिब ठहराया और मोदी का नाम लिए बगैर कहा, "भाजपा के नेता एक खास समुदाय को आहत करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में राजग से अलग होने का पिछले माह का हमारा फैसला सही साबित होता है।"टिप्पणियां
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
माकन ने कहा, "हमें गलत तथ्यों पर आधारित उनके आरोपों का जवाब देने की जरूरत है। हम अपनी सफलता की कहानी लोगों को बताना चाहते हैं।"
माकन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं आर्थिक विकास सहित बहुत से मामलों में संप्रग ने राजग सरकार से बेहतर प्रदर्शन किया है। राजग के कार्यकाल में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) केवल 1.67 प्रतिशत था, जबकि संप्रग के कार्यकाल में यह 4.02 प्रतिशत है।
भाजपा पर हमला करते हुए कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह देश को बांटने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "भाजपा देश को विविधता और साम्प्रदायिक विचारधारा में यकीन रखने वालों के बीच बांटना चाहती है।"
वहीं, भाजपा के नेताओं ने मोदी का बचाव किया। पार्टी की युवा शाखा, अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा, "मोदी ने जो कुछ भी कहा, वह सही है। कांग्रेस के पास जब भी सवालों के जवाब नहीं होते, वह खुद को बुर्के में छिपा लेती है।" उन्होंने खाद्य सुरक्षा पर अध्यादेश को चुनावी रणनीति करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस को मोदी के कार्यों की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और योजना आयोग तक ने गुजरात के विकास को स्वीकार किया है।
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने राजग से अलग होने के अपनी पार्टी के फैसले को वाजिब ठहराया और मोदी का नाम लिए बगैर कहा, "भाजपा के नेता एक खास समुदाय को आहत करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में राजग से अलग होने का पिछले माह का हमारा फैसला सही साबित होता है।"टिप्पणियां
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
माकन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं आर्थिक विकास सहित बहुत से मामलों में संप्रग ने राजग सरकार से बेहतर प्रदर्शन किया है। राजग के कार्यकाल में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) केवल 1.67 प्रतिशत था, जबकि संप्रग के कार्यकाल में यह 4.02 प्रतिशत है।
भाजपा पर हमला करते हुए कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह देश को बांटने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "भाजपा देश को विविधता और साम्प्रदायिक विचारधारा में यकीन रखने वालों के बीच बांटना चाहती है।"
वहीं, भाजपा के नेताओं ने मोदी का बचाव किया। पार्टी की युवा शाखा, अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा, "मोदी ने जो कुछ भी कहा, वह सही है। कांग्रेस के पास जब भी सवालों के जवाब नहीं होते, वह खुद को बुर्के में छिपा लेती है।" उन्होंने खाद्य सुरक्षा पर अध्यादेश को चुनावी रणनीति करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस को मोदी के कार्यों की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और योजना आयोग तक ने गुजरात के विकास को स्वीकार किया है।
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने राजग से अलग होने के अपनी पार्टी के फैसले को वाजिब ठहराया और मोदी का नाम लिए बगैर कहा, "भाजपा के नेता एक खास समुदाय को आहत करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में राजग से अलग होने का पिछले माह का हमारा फैसला सही साबित होता है।"टिप्पणियां
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
भाजपा पर हमला करते हुए कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह देश को बांटने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "भाजपा देश को विविधता और साम्प्रदायिक विचारधारा में यकीन रखने वालों के बीच बांटना चाहती है।"
वहीं, भाजपा के नेताओं ने मोदी का बचाव किया। पार्टी की युवा शाखा, अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा, "मोदी ने जो कुछ भी कहा, वह सही है। कांग्रेस के पास जब भी सवालों के जवाब नहीं होते, वह खुद को बुर्के में छिपा लेती है।" उन्होंने खाद्य सुरक्षा पर अध्यादेश को चुनावी रणनीति करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस को मोदी के कार्यों की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और योजना आयोग तक ने गुजरात के विकास को स्वीकार किया है।
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने राजग से अलग होने के अपनी पार्टी के फैसले को वाजिब ठहराया और मोदी का नाम लिए बगैर कहा, "भाजपा के नेता एक खास समुदाय को आहत करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में राजग से अलग होने का पिछले माह का हमारा फैसला सही साबित होता है।"टिप्पणियां
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
वहीं, भाजपा के नेताओं ने मोदी का बचाव किया। पार्टी की युवा शाखा, अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा, "मोदी ने जो कुछ भी कहा, वह सही है। कांग्रेस के पास जब भी सवालों के जवाब नहीं होते, वह खुद को बुर्के में छिपा लेती है।" उन्होंने खाद्य सुरक्षा पर अध्यादेश को चुनावी रणनीति करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस को मोदी के कार्यों की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और योजना आयोग तक ने गुजरात के विकास को स्वीकार किया है।
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने राजग से अलग होने के अपनी पार्टी के फैसले को वाजिब ठहराया और मोदी का नाम लिए बगैर कहा, "भाजपा के नेता एक खास समुदाय को आहत करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में राजग से अलग होने का पिछले माह का हमारा फैसला सही साबित होता है।"टिप्पणियां
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस को मोदी के कार्यों की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय और योजना आयोग तक ने गुजरात के विकास को स्वीकार किया है।
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने राजग से अलग होने के अपनी पार्टी के फैसले को वाजिब ठहराया और मोदी का नाम लिए बगैर कहा, "भाजपा के नेता एक खास समुदाय को आहत करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में राजग से अलग होने का पिछले माह का हमारा फैसला सही साबित होता है।"टिप्पणियां
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने राजग से अलग होने के अपनी पार्टी के फैसले को वाजिब ठहराया और मोदी का नाम लिए बगैर कहा, "भाजपा के नेता एक खास समुदाय को आहत करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में राजग से अलग होने का पिछले माह का हमारा फैसला सही साबित होता है।"टिप्पणियां
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों पर उनकी टिप्पणी राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा को सलाह नहीं थी, बल्कि यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए था।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है।
सिन्हा ने रविवार को कहा था कि दंगों पर मोदी के बयान से लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटकेगा। उनका यह बयान शनिवार को मोदी के एक साक्षात्कार के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्होंने जो कुछ भी किया था, वह 'ठीक' था और यदि एक 'पिल्ला' भी कार के नीचे आकर मरता है तो उससे दुख होता है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस ने जहां मोदी पर पलटवार करते हुए धर्मनिरपेक्षता के 'बुर्के' को नग्न साम्प्रदायिकता से बेहतर बताया, वहीं भाजपा के कई नेता सोमवार को मोदी के बचाव में आ गए। मोदी ने कहा था कि संकट आने पर कांग्रेस धर्मनिरक्षेता के 'बुर्के' में छिप जाती है। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में सीबीआई की एक अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद उनके बड़े बेटे तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा कि इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।
तेजस्वी ने कहा, "हम ऊपरी अदालत में अपील करेंगे, न्यायिक व्यवस्था में हमारा भरोसा है।"
उन्होंने कहा, "हम जनता की अदालत में भी जाएंगे। हमारे नेता के खिलाफ साजिश करने वाली ताकतों को अगले चुनाव में सही जवाब मिलेगा।"
वहीं, पार्टी के नेता रघुवंश प्रसाद ने इस कानूनी लड़ाई को एक 'राजनीतिक जंग' करार दिया।
रघुवंश प्रसाद ने कहा, "हम अपने नेता की जमानत के लिए तैयारी कर रहे हैं। यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि राजनीतिक लड़ाई है। जो लोग हमारे खिलाफ थे वे सभी हमें फंसाने के लिए एकजुट हुए हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि दागी जनप्रतिनिधियों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत अध्यादेश लाया जाना और लोकप्रियता हासिल करने के लिए फिर उसे वापस लेने की जो कवायद चल रही है, उसका उद्देश्य लालू प्रसाद को फंसाना है।
रघुवंश प्रसाद ने एक टीवी चैनल पर कहा कि सर्वदलीय बैठक में तय हुआ था कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बदला जाएगा। लेकिन जब जनता दल-युनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी ने देख लिया कि लालू प्रसाद दोषी करार दिए जाने वाले हैं तो उन्होंने अपना विचार बदल लिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे समझते हैं कि कांग्रेस ने उनको बेसहारा छोड़ दिया है, तो रघुवंश प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस कब हमारे साथ थी? हम केवल सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए उसके साथ थे।"
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 43 अन्य को भी सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी ठहराया।टिप्पणियां
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
तेजस्वी ने कहा, "हम ऊपरी अदालत में अपील करेंगे, न्यायिक व्यवस्था में हमारा भरोसा है।"
उन्होंने कहा, "हम जनता की अदालत में भी जाएंगे। हमारे नेता के खिलाफ साजिश करने वाली ताकतों को अगले चुनाव में सही जवाब मिलेगा।"
वहीं, पार्टी के नेता रघुवंश प्रसाद ने इस कानूनी लड़ाई को एक 'राजनीतिक जंग' करार दिया।
रघुवंश प्रसाद ने कहा, "हम अपने नेता की जमानत के लिए तैयारी कर रहे हैं। यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि राजनीतिक लड़ाई है। जो लोग हमारे खिलाफ थे वे सभी हमें फंसाने के लिए एकजुट हुए हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि दागी जनप्रतिनिधियों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत अध्यादेश लाया जाना और लोकप्रियता हासिल करने के लिए फिर उसे वापस लेने की जो कवायद चल रही है, उसका उद्देश्य लालू प्रसाद को फंसाना है।
रघुवंश प्रसाद ने एक टीवी चैनल पर कहा कि सर्वदलीय बैठक में तय हुआ था कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बदला जाएगा। लेकिन जब जनता दल-युनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी ने देख लिया कि लालू प्रसाद दोषी करार दिए जाने वाले हैं तो उन्होंने अपना विचार बदल लिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे समझते हैं कि कांग्रेस ने उनको बेसहारा छोड़ दिया है, तो रघुवंश प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस कब हमारे साथ थी? हम केवल सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए उसके साथ थे।"
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 43 अन्य को भी सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी ठहराया।टिप्पणियां
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
उन्होंने कहा, "हम जनता की अदालत में भी जाएंगे। हमारे नेता के खिलाफ साजिश करने वाली ताकतों को अगले चुनाव में सही जवाब मिलेगा।"
वहीं, पार्टी के नेता रघुवंश प्रसाद ने इस कानूनी लड़ाई को एक 'राजनीतिक जंग' करार दिया।
रघुवंश प्रसाद ने कहा, "हम अपने नेता की जमानत के लिए तैयारी कर रहे हैं। यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि राजनीतिक लड़ाई है। जो लोग हमारे खिलाफ थे वे सभी हमें फंसाने के लिए एकजुट हुए हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि दागी जनप्रतिनिधियों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत अध्यादेश लाया जाना और लोकप्रियता हासिल करने के लिए फिर उसे वापस लेने की जो कवायद चल रही है, उसका उद्देश्य लालू प्रसाद को फंसाना है।
रघुवंश प्रसाद ने एक टीवी चैनल पर कहा कि सर्वदलीय बैठक में तय हुआ था कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बदला जाएगा। लेकिन जब जनता दल-युनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी ने देख लिया कि लालू प्रसाद दोषी करार दिए जाने वाले हैं तो उन्होंने अपना विचार बदल लिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे समझते हैं कि कांग्रेस ने उनको बेसहारा छोड़ दिया है, तो रघुवंश प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस कब हमारे साथ थी? हम केवल सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए उसके साथ थे।"
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 43 अन्य को भी सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी ठहराया।टिप्पणियां
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
वहीं, पार्टी के नेता रघुवंश प्रसाद ने इस कानूनी लड़ाई को एक 'राजनीतिक जंग' करार दिया।
रघुवंश प्रसाद ने कहा, "हम अपने नेता की जमानत के लिए तैयारी कर रहे हैं। यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि राजनीतिक लड़ाई है। जो लोग हमारे खिलाफ थे वे सभी हमें फंसाने के लिए एकजुट हुए हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि दागी जनप्रतिनिधियों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत अध्यादेश लाया जाना और लोकप्रियता हासिल करने के लिए फिर उसे वापस लेने की जो कवायद चल रही है, उसका उद्देश्य लालू प्रसाद को फंसाना है।
रघुवंश प्रसाद ने एक टीवी चैनल पर कहा कि सर्वदलीय बैठक में तय हुआ था कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बदला जाएगा। लेकिन जब जनता दल-युनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी ने देख लिया कि लालू प्रसाद दोषी करार दिए जाने वाले हैं तो उन्होंने अपना विचार बदल लिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे समझते हैं कि कांग्रेस ने उनको बेसहारा छोड़ दिया है, तो रघुवंश प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस कब हमारे साथ थी? हम केवल सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए उसके साथ थे।"
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 43 अन्य को भी सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी ठहराया।टिप्पणियां
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
रघुवंश प्रसाद ने कहा, "हम अपने नेता की जमानत के लिए तैयारी कर रहे हैं। यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि राजनीतिक लड़ाई है। जो लोग हमारे खिलाफ थे वे सभी हमें फंसाने के लिए एकजुट हुए हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि दागी जनप्रतिनिधियों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत अध्यादेश लाया जाना और लोकप्रियता हासिल करने के लिए फिर उसे वापस लेने की जो कवायद चल रही है, उसका उद्देश्य लालू प्रसाद को फंसाना है।
रघुवंश प्रसाद ने एक टीवी चैनल पर कहा कि सर्वदलीय बैठक में तय हुआ था कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बदला जाएगा। लेकिन जब जनता दल-युनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी ने देख लिया कि लालू प्रसाद दोषी करार दिए जाने वाले हैं तो उन्होंने अपना विचार बदल लिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे समझते हैं कि कांग्रेस ने उनको बेसहारा छोड़ दिया है, तो रघुवंश प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस कब हमारे साथ थी? हम केवल सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए उसके साथ थे।"
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 43 अन्य को भी सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी ठहराया।टिप्पणियां
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि दागी जनप्रतिनिधियों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत अध्यादेश लाया जाना और लोकप्रियता हासिल करने के लिए फिर उसे वापस लेने की जो कवायद चल रही है, उसका उद्देश्य लालू प्रसाद को फंसाना है।
रघुवंश प्रसाद ने एक टीवी चैनल पर कहा कि सर्वदलीय बैठक में तय हुआ था कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बदला जाएगा। लेकिन जब जनता दल-युनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी ने देख लिया कि लालू प्रसाद दोषी करार दिए जाने वाले हैं तो उन्होंने अपना विचार बदल लिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे समझते हैं कि कांग्रेस ने उनको बेसहारा छोड़ दिया है, तो रघुवंश प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस कब हमारे साथ थी? हम केवल सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए उसके साथ थे।"
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 43 अन्य को भी सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी ठहराया।टिप्पणियां
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
रघुवंश प्रसाद ने एक टीवी चैनल पर कहा कि सर्वदलीय बैठक में तय हुआ था कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बदला जाएगा। लेकिन जब जनता दल-युनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी ने देख लिया कि लालू प्रसाद दोषी करार दिए जाने वाले हैं तो उन्होंने अपना विचार बदल लिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे समझते हैं कि कांग्रेस ने उनको बेसहारा छोड़ दिया है, तो रघुवंश प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस कब हमारे साथ थी? हम केवल सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए उसके साथ थे।"
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 43 अन्य को भी सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी ठहराया।टिप्पणियां
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे समझते हैं कि कांग्रेस ने उनको बेसहारा छोड़ दिया है, तो रघुवंश प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस कब हमारे साथ थी? हम केवल सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए उसके साथ थे।"
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 43 अन्य को भी सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी ठहराया।टिप्पणियां
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 43 अन्य को भी सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी ठहराया।टिप्पणियां
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 45 आरोपियों को मामले में दोषी पाया।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी।
अदालत ने कहा कि सजा तीन अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई जाएगी। | यह एक सारांश है: राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में सीबीआई की एक अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद उनके बड़े बेटे तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा कि इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका की एक संसदीय समिति ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 70 करोड़ डॉलर की सहायता तब तक के लिए रोकने पर सहमति जताई है, जब तक कि इस्लामाबाद अफगानिस्तान में घरेलू स्तर पर निर्मित बमों के खिलाफ लड़ाई में मदद नहीं करता। हाउस और सीनेट की सशस्त्र सैन्य समितियों में शामिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के नेताओं ने पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता रोकने पर सहमति जताई है। इस सहमति के एक रक्षा विधेयक के हिस्से के रूप में इस सप्ताह पारित होने की सम्भावना है। हाउस में रिपब्लिकन प्रतिनिधि हॉवर्ड मैकिऑन ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "अमेरिका, पाकिस्तान से यह आश्वासन चाहता है कि वह घरेलू स्तर पर निर्मित बमों से निपट रहा है। ये बम हमारे गठबंधन बलों को निशाना बना रहे हैं।" मैकिऑन ने कहा कि विधेयक को इस बात की भी जरूरत होगी कि पेंटागन पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता की प्रभावकता सुधारने के लिए एक रणनीति मुहैया कराए। पाकिस्तान 2001 से लेकर अबतक अमेरिका से सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता के रूप में कोई 20 अरब डॉलर की राशि प्राप्त कर चुका है। आतंकवादी, इन बमों को अमेरिकी और गठबंधन सेना के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ऐसे कई बम अमोनियम नाइट्रेट से बनाए जाते हैं। अमोनियम नाइट्रेट एक सामान्य उर्वरक है, जो पाकिस्तान से सीमा पार कर अफगानिस्तान पहुंच जाता है। सीनेटर जॉन मैक्के न ने पिछले सप्ताह कहा था, "अफगानिस्तान में अमेरिकी बलों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले विस्फोटकों में इस्तेमाल होने वाली ज्यादातर सामग्री पाकिस्तान स्थित दो उर्वरक कारखानों से आती है।" इस्लामाबाद को सहायता राशि रोके जाने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब 26 नवम्बर को दो पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर हुए उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के हवाई हमले के बाद दोनों देशों के बीच सम्बंध तनावपूर्ण हो गए हैं। इस हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका की एक संसदीय समिति ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 70 करोड़ डॉलर की सहायता रोकने पर सहमति जताई है। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत के रोहन बोपन्ना और पाकिस्तान के ऐसाम-उल-हक कुरैशी की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन के पुरुष युगल वर्ग में फ्रांस के जेरेमी कार्डी और अर्नाड क्लेमेंट की जोड़ी को 6-3, 4-6, 6-4 से हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। पहले दौर के मैच में गुरुवार को फ्रांसो फेरेरो और एंड्रे सा की ब्राजीलियाई जोड़ी के खिलाफ आसानी से जीत दर्ज करने वाली इंडो-पाक एक्सप्रेस को शुक्रवार को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। 10वीं वरीयता प्राप्त इस एशियाई जोड़ी ने पहला सेट 6-3 से जीतने के बाद दूसरे सेट में लय खो दिया और इसे 4-6 से गंवा दिया। तीसरे और निर्णायक सेट में दोनों जोड़ियों ने खूब पसीना बहाया, लेकिन बोपन्ना-कुरैशी आखिरकार इस सेट को 6-4 से अपने कब्जे में लेने में सफल रहे। यह भारत-पाक जोड़ी पिछले साल अमेरिकी ओपन में उपविजेता रही थी। अब उनका मुकाबला फ्रांस के माइकल लोड्रा और सर्बिया के नेनाड जिम्मोनजिक की जोड़ी से होगा। | संक्षिप्त सारांश: भारत के रोहन बोपन्ना और पाक के ऐसाम-उल-हक कुरैशी की जोड़ी ने फ्रांस के जेरेमी कार्डी-अर्नाड क्लेमेंट की जोड़ी को हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिलीपीन के अधिकारियों ने कल रात राष्ट्रपति रोड्रिगो ड्यूटेर्ट के गृह नगर दावाओ के एक बजार में हुए विस्फोट के लिए आज इस्लामी आतंकियों के एक कुख्यात समूह को जिम्मेदार ठहराया है. विस्फोट में कम से कम 14 लोग मारे गए.
दक्षिणी फिलीपीन के दावाओ शहर के मध्य में स्थित बाजार में स्थानीय समयानुसार रात 11 बजे से कुछ पहले यह विस्फोट हुआ. यह जगह शहर के प्रमुख होटलों के पास है. अधिकारियों ने इस्लामिक स्टेट समूह से सम्बद्ध होने का दावा करने वाले आतंकियों के एक छोटे समूह अबू सैयफ के हमले के पीछे होने की संभावना जतायी है. उनका कहना है कि आतंकी समूह के खिलाफ पिछले हफ्ते सैन्य कार्यवाही शुरू की गयी थी और यह हमला उसकी प्रतिक्रिया हो सकती है.टिप्पणियां
दावाओ की मेयर और राष्ट्रपति की बेटी सारा ड्यूटेर्ट ने सीएनएन फिलीपीन से कहा, ‘‘राष्ट्रपति कार्यालय ने संदेश भेजा है और पुष्टि की है कि यह अबू सैयफ द्वारा की गयी जवाबी कार्रवाई थी. शहर की सरकार की तरफ से हम इस की पुष्टि करने की कोशिश कर रहे हैं.’’ राष्ट्रपति सुरक्षा सचिव डेल्फिन लोरेंजान ने कह कि अबू सैयफ के गढ़ जोलो द्वीप पर सैन्य अभियान में उसे काफी नुकसान उठाना पड़ा था और उन्होंने उसके जवाब में यह हमला किया. जोलो द्वीप दावाओ से करीब 900 किलोमीटर दूर है.
राष्ट्रपति हमले के समय दावाओ में ही थे. उन्होंने आज तड़के संवाददाताओं से कहा कि यह एक आतंकी घटना है और सेना को अतिरिक्त शक्तियां दी जाएंगी. पुलिस के अनुसार विस्फोट में कम से कम 14 लोग मारे गए और 67 अन्य घायल हो गए. एक स्थानीय अस्पताल के निदेशक ने संवाददाताओं से कहा कि उनमें से 16 घायल लोगों की हालत नाजुक है.
दक्षिणी फिलीपीन के दावाओ शहर के मध्य में स्थित बाजार में स्थानीय समयानुसार रात 11 बजे से कुछ पहले यह विस्फोट हुआ. यह जगह शहर के प्रमुख होटलों के पास है. अधिकारियों ने इस्लामिक स्टेट समूह से सम्बद्ध होने का दावा करने वाले आतंकियों के एक छोटे समूह अबू सैयफ के हमले के पीछे होने की संभावना जतायी है. उनका कहना है कि आतंकी समूह के खिलाफ पिछले हफ्ते सैन्य कार्यवाही शुरू की गयी थी और यह हमला उसकी प्रतिक्रिया हो सकती है.टिप्पणियां
दावाओ की मेयर और राष्ट्रपति की बेटी सारा ड्यूटेर्ट ने सीएनएन फिलीपीन से कहा, ‘‘राष्ट्रपति कार्यालय ने संदेश भेजा है और पुष्टि की है कि यह अबू सैयफ द्वारा की गयी जवाबी कार्रवाई थी. शहर की सरकार की तरफ से हम इस की पुष्टि करने की कोशिश कर रहे हैं.’’ राष्ट्रपति सुरक्षा सचिव डेल्फिन लोरेंजान ने कह कि अबू सैयफ के गढ़ जोलो द्वीप पर सैन्य अभियान में उसे काफी नुकसान उठाना पड़ा था और उन्होंने उसके जवाब में यह हमला किया. जोलो द्वीप दावाओ से करीब 900 किलोमीटर दूर है.
राष्ट्रपति हमले के समय दावाओ में ही थे. उन्होंने आज तड़के संवाददाताओं से कहा कि यह एक आतंकी घटना है और सेना को अतिरिक्त शक्तियां दी जाएंगी. पुलिस के अनुसार विस्फोट में कम से कम 14 लोग मारे गए और 67 अन्य घायल हो गए. एक स्थानीय अस्पताल के निदेशक ने संवाददाताओं से कहा कि उनमें से 16 घायल लोगों की हालत नाजुक है.
दावाओ की मेयर और राष्ट्रपति की बेटी सारा ड्यूटेर्ट ने सीएनएन फिलीपीन से कहा, ‘‘राष्ट्रपति कार्यालय ने संदेश भेजा है और पुष्टि की है कि यह अबू सैयफ द्वारा की गयी जवाबी कार्रवाई थी. शहर की सरकार की तरफ से हम इस की पुष्टि करने की कोशिश कर रहे हैं.’’ राष्ट्रपति सुरक्षा सचिव डेल्फिन लोरेंजान ने कह कि अबू सैयफ के गढ़ जोलो द्वीप पर सैन्य अभियान में उसे काफी नुकसान उठाना पड़ा था और उन्होंने उसके जवाब में यह हमला किया. जोलो द्वीप दावाओ से करीब 900 किलोमीटर दूर है.
राष्ट्रपति हमले के समय दावाओ में ही थे. उन्होंने आज तड़के संवाददाताओं से कहा कि यह एक आतंकी घटना है और सेना को अतिरिक्त शक्तियां दी जाएंगी. पुलिस के अनुसार विस्फोट में कम से कम 14 लोग मारे गए और 67 अन्य घायल हो गए. एक स्थानीय अस्पताल के निदेशक ने संवाददाताओं से कहा कि उनमें से 16 घायल लोगों की हालत नाजुक है.
राष्ट्रपति हमले के समय दावाओ में ही थे. उन्होंने आज तड़के संवाददाताओं से कहा कि यह एक आतंकी घटना है और सेना को अतिरिक्त शक्तियां दी जाएंगी. पुलिस के अनुसार विस्फोट में कम से कम 14 लोग मारे गए और 67 अन्य घायल हो गए. एक स्थानीय अस्पताल के निदेशक ने संवाददाताओं से कहा कि उनमें से 16 घायल लोगों की हालत नाजुक है. | सारांश: फिलीपीन में विस्फोट में कम से कम 14 लोग गए थे
फिलीपीन के अधिकारियों ने इस्लामी आतंकियों के समूह को ठहराया जिम्मेदार
समयानुसार रात 11 बजे से कुछ पहले यह विस्फोट हुआ था | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ग्वालियर की एक स्थानीय अदालत ने अपहरण के बाद एक बच्ची से एक सप्ताह तक दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति को मरने तक जेल में रहने की सजा सुनाई है।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मी शर्मा ने आरोपी को 11 साल की बालिका के अपहरण और जान से मारने की धमकी देकर एक सप्ताह तक दुष्कर्म करने का दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। न्यायाधीश ने फैसले में लिखा कि दोषी का शेष जीवन कारावास में बीते अर्थात मौत होने तक अपराधी जेल में रहे।
गौरतलब है कि दिल्ली में चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की की मौत के बाद गठित समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जेएस वर्मा ने दुष्कर्म के दोषी को मृत्यु तक जेल में रखने की सिफारिश की थी।
अभियोजन के अनुसार, 20 जून 2012 को शिवपुरी के रन्नौद के रामपुरा निवासी रामकिशन (40) लड़की के पिता के मामा को खोजता उनके घर आया था, लेकिन संबंधित के नहीं मिलने पर वह उनके घर ही रुक गया। अगले दिन वह लड़की को कपड़े दिलाने के बहाने ले गया और जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे ट्रेन से राजस्थान के बारा लेकर पहुंचा। वहां जाकर भी उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। टिप्पणियां
रामकिशन यहां से लड़की को राधापुरा गांव ले आया और वहां भी दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़की को एक खेत में छोड़कर फरार हो गया। खेत में बनी झोपड़ी में रह रही एक वृद्ध महिला को लड़की ने आपबीती सुनाई। उस महिला की मदद से वह अपने घर पहुंची।
लड़की के पिता ने मोहना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि किसी महिला की निजता का उल्लंघन अथवा उस पर ऐसा हमला जो उसके मस्तिष्क पर धब्बा या टीस छोड़ जाए, उसके लिए जिंदगीभर मृत्युकारी कष्ट के समान होता है। इसलिए दुष्कृत्य करने वाले अपराधियों के साथ सहानुभूति दिखाना न तो न्याय के उद्देश्य की पूर्ति करेगा और न ही समाज के लिए हितकारी होगा।
न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज की नैतिकता को भी प्रभावित करते हैं, इसलिए इस प्रकार के मामलों में कठोर दंड ही दिया जाना चाहिए।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मी शर्मा ने आरोपी को 11 साल की बालिका के अपहरण और जान से मारने की धमकी देकर एक सप्ताह तक दुष्कर्म करने का दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। न्यायाधीश ने फैसले में लिखा कि दोषी का शेष जीवन कारावास में बीते अर्थात मौत होने तक अपराधी जेल में रहे।
गौरतलब है कि दिल्ली में चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की की मौत के बाद गठित समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जेएस वर्मा ने दुष्कर्म के दोषी को मृत्यु तक जेल में रखने की सिफारिश की थी।
अभियोजन के अनुसार, 20 जून 2012 को शिवपुरी के रन्नौद के रामपुरा निवासी रामकिशन (40) लड़की के पिता के मामा को खोजता उनके घर आया था, लेकिन संबंधित के नहीं मिलने पर वह उनके घर ही रुक गया। अगले दिन वह लड़की को कपड़े दिलाने के बहाने ले गया और जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे ट्रेन से राजस्थान के बारा लेकर पहुंचा। वहां जाकर भी उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। टिप्पणियां
रामकिशन यहां से लड़की को राधापुरा गांव ले आया और वहां भी दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़की को एक खेत में छोड़कर फरार हो गया। खेत में बनी झोपड़ी में रह रही एक वृद्ध महिला को लड़की ने आपबीती सुनाई। उस महिला की मदद से वह अपने घर पहुंची।
लड़की के पिता ने मोहना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि किसी महिला की निजता का उल्लंघन अथवा उस पर ऐसा हमला जो उसके मस्तिष्क पर धब्बा या टीस छोड़ जाए, उसके लिए जिंदगीभर मृत्युकारी कष्ट के समान होता है। इसलिए दुष्कृत्य करने वाले अपराधियों के साथ सहानुभूति दिखाना न तो न्याय के उद्देश्य की पूर्ति करेगा और न ही समाज के लिए हितकारी होगा।
न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज की नैतिकता को भी प्रभावित करते हैं, इसलिए इस प्रकार के मामलों में कठोर दंड ही दिया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि दिल्ली में चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की की मौत के बाद गठित समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जेएस वर्मा ने दुष्कर्म के दोषी को मृत्यु तक जेल में रखने की सिफारिश की थी।
अभियोजन के अनुसार, 20 जून 2012 को शिवपुरी के रन्नौद के रामपुरा निवासी रामकिशन (40) लड़की के पिता के मामा को खोजता उनके घर आया था, लेकिन संबंधित के नहीं मिलने पर वह उनके घर ही रुक गया। अगले दिन वह लड़की को कपड़े दिलाने के बहाने ले गया और जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे ट्रेन से राजस्थान के बारा लेकर पहुंचा। वहां जाकर भी उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। टिप्पणियां
रामकिशन यहां से लड़की को राधापुरा गांव ले आया और वहां भी दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़की को एक खेत में छोड़कर फरार हो गया। खेत में बनी झोपड़ी में रह रही एक वृद्ध महिला को लड़की ने आपबीती सुनाई। उस महिला की मदद से वह अपने घर पहुंची।
लड़की के पिता ने मोहना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि किसी महिला की निजता का उल्लंघन अथवा उस पर ऐसा हमला जो उसके मस्तिष्क पर धब्बा या टीस छोड़ जाए, उसके लिए जिंदगीभर मृत्युकारी कष्ट के समान होता है। इसलिए दुष्कृत्य करने वाले अपराधियों के साथ सहानुभूति दिखाना न तो न्याय के उद्देश्य की पूर्ति करेगा और न ही समाज के लिए हितकारी होगा।
न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज की नैतिकता को भी प्रभावित करते हैं, इसलिए इस प्रकार के मामलों में कठोर दंड ही दिया जाना चाहिए।
अभियोजन के अनुसार, 20 जून 2012 को शिवपुरी के रन्नौद के रामपुरा निवासी रामकिशन (40) लड़की के पिता के मामा को खोजता उनके घर आया था, लेकिन संबंधित के नहीं मिलने पर वह उनके घर ही रुक गया। अगले दिन वह लड़की को कपड़े दिलाने के बहाने ले गया और जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे ट्रेन से राजस्थान के बारा लेकर पहुंचा। वहां जाकर भी उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। टिप्पणियां
रामकिशन यहां से लड़की को राधापुरा गांव ले आया और वहां भी दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़की को एक खेत में छोड़कर फरार हो गया। खेत में बनी झोपड़ी में रह रही एक वृद्ध महिला को लड़की ने आपबीती सुनाई। उस महिला की मदद से वह अपने घर पहुंची।
लड़की के पिता ने मोहना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि किसी महिला की निजता का उल्लंघन अथवा उस पर ऐसा हमला जो उसके मस्तिष्क पर धब्बा या टीस छोड़ जाए, उसके लिए जिंदगीभर मृत्युकारी कष्ट के समान होता है। इसलिए दुष्कृत्य करने वाले अपराधियों के साथ सहानुभूति दिखाना न तो न्याय के उद्देश्य की पूर्ति करेगा और न ही समाज के लिए हितकारी होगा।
न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज की नैतिकता को भी प्रभावित करते हैं, इसलिए इस प्रकार के मामलों में कठोर दंड ही दिया जाना चाहिए।
रामकिशन यहां से लड़की को राधापुरा गांव ले आया और वहां भी दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़की को एक खेत में छोड़कर फरार हो गया। खेत में बनी झोपड़ी में रह रही एक वृद्ध महिला को लड़की ने आपबीती सुनाई। उस महिला की मदद से वह अपने घर पहुंची।
लड़की के पिता ने मोहना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि किसी महिला की निजता का उल्लंघन अथवा उस पर ऐसा हमला जो उसके मस्तिष्क पर धब्बा या टीस छोड़ जाए, उसके लिए जिंदगीभर मृत्युकारी कष्ट के समान होता है। इसलिए दुष्कृत्य करने वाले अपराधियों के साथ सहानुभूति दिखाना न तो न्याय के उद्देश्य की पूर्ति करेगा और न ही समाज के लिए हितकारी होगा।
न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज की नैतिकता को भी प्रभावित करते हैं, इसलिए इस प्रकार के मामलों में कठोर दंड ही दिया जाना चाहिए।
न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज की नैतिकता को भी प्रभावित करते हैं, इसलिए इस प्रकार के मामलों में कठोर दंड ही दिया जाना चाहिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ग्वालियर की एक स्थानीय अदालत ने अपहरण के बाद एक बच्ची से एक सप्ताह तक दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति को मरने तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: निमोनिया से उबर रहीं हिलेरी क्लिंटन ने अपने स्वास्थ्य से जुड़ी नई सूचना जारी की है, जिसमें उनके चिकित्सक ने कहा है कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और राष्ट्रपति के रूप में ‘सेवाएं देने के लिए फिट' हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी की प्रचार मुहिम पर उस समय उनके स्वास्थ्य सबंधी सूचना जारी करने का दबाव बढ़ गया जब वह रविवार को 9\11 हमलों के पीड़ितों की स्मृति सभा में बीमार पड़ गई थीं और यह पता चला था कि वह निमोनिया से पीड़ित हैं.
पूर्व विदेशमंत्री की निजी चिकित्सक लीसा बर्डाक ने हिलेरी के स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी दो पृष्ठों में देते हुए कहा कि वह ‘अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में सेवाएं देने के लिए स्वस्थ एवं फिट हैं.’ लीसा ने हिलेरी के जांच की रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया है कि उनका कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और अन्य प्रमुख चीजें ‘सामान्य’ बताई गई हैं.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘उनकी शारीरिक जांच में शेष सभी बातें सामान्य पाई गई हैं और उनकी मानसिक स्थिति बेहतरीन है.’ लीसा ने कहा कि हिलेरी का रक्तचाप ‘अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है’. उन्होंने कहा कि हिलेरी निमोनिया से पीड़ित होने के बाद ‘एंटीबॉयोटिक ले रही हैं और आराम कर रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी की प्रचार मुहिम पर उस समय उनके स्वास्थ्य सबंधी सूचना जारी करने का दबाव बढ़ गया जब वह रविवार को 9\11 हमलों के पीड़ितों की स्मृति सभा में बीमार पड़ गई थीं और यह पता चला था कि वह निमोनिया से पीड़ित हैं.
पूर्व विदेशमंत्री की निजी चिकित्सक लीसा बर्डाक ने हिलेरी के स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी दो पृष्ठों में देते हुए कहा कि वह ‘अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में सेवाएं देने के लिए स्वस्थ एवं फिट हैं.’ लीसा ने हिलेरी के जांच की रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया है कि उनका कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और अन्य प्रमुख चीजें ‘सामान्य’ बताई गई हैं.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘उनकी शारीरिक जांच में शेष सभी बातें सामान्य पाई गई हैं और उनकी मानसिक स्थिति बेहतरीन है.’ लीसा ने कहा कि हिलेरी का रक्तचाप ‘अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है’. उन्होंने कहा कि हिलेरी निमोनिया से पीड़ित होने के बाद ‘एंटीबॉयोटिक ले रही हैं और आराम कर रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूर्व विदेशमंत्री की निजी चिकित्सक लीसा बर्डाक ने हिलेरी के स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी दो पृष्ठों में देते हुए कहा कि वह ‘अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में सेवाएं देने के लिए स्वस्थ एवं फिट हैं.’ लीसा ने हिलेरी के जांच की रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया है कि उनका कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और अन्य प्रमुख चीजें ‘सामान्य’ बताई गई हैं.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘उनकी शारीरिक जांच में शेष सभी बातें सामान्य पाई गई हैं और उनकी मानसिक स्थिति बेहतरीन है.’ लीसा ने कहा कि हिलेरी का रक्तचाप ‘अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है’. उन्होंने कहा कि हिलेरी निमोनिया से पीड़ित होने के बाद ‘एंटीबॉयोटिक ले रही हैं और आराम कर रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘उनकी शारीरिक जांच में शेष सभी बातें सामान्य पाई गई हैं और उनकी मानसिक स्थिति बेहतरीन है.’ लीसा ने कहा कि हिलेरी का रक्तचाप ‘अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है’. उन्होंने कहा कि हिलेरी निमोनिया से पीड़ित होने के बाद ‘एंटीबॉयोटिक ले रही हैं और आराम कर रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: 9\11 हमलों के पीड़ितों की स्मृति सभा में बीमार पड़ गई थीं
यह पता चला था कि वह निमोनिया से पीड़ित हैं
अब सेवाएं देने के लिए स्वस्थ एवं फिट हैं | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शोएब मलिक और अब्दुल रज्जाक की पाकिस्तानी टी-20 और वन-डे टीम में वापसी लगभग तय है और मौजूदा टी-20 कप्तान मोहम्मद हफीज ने साफतौर पर कहा है कि उन्हें इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं है।टिप्पणियां
हफीज ने लाहौर में पत्रकारों से कहा, मैंने हमेशा कहा है कि मैं चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करूंगा। एक कप्तान के तौर पर मेरा काम अपने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराना है। टी-20 रैंकिंग में हमारा नौवें से दूसरे स्थान पर पहुंचना इसका सबूत है। मलिक और रज्जाक ने हाल ही में पीसीबी के कार्यवाहक अध्यक्ष नजम सठी से मुलाकात की। समझा जाता है कि दोनों ने शिकायत की है कि हफीज और वन-डे कप्तान मिसबाह-उल-हक ने उन्हें उचित मौके नहीं दिए।
हफीज ने यह भी कहा कि वह टेस्ट टीम से बाहर होने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। उन्होंने कहा, ऐसा सभी के साथ होता है और इसे स्वीकार करके और मेहनत करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
हफीज ने लाहौर में पत्रकारों से कहा, मैंने हमेशा कहा है कि मैं चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करूंगा। एक कप्तान के तौर पर मेरा काम अपने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराना है। टी-20 रैंकिंग में हमारा नौवें से दूसरे स्थान पर पहुंचना इसका सबूत है। मलिक और रज्जाक ने हाल ही में पीसीबी के कार्यवाहक अध्यक्ष नजम सठी से मुलाकात की। समझा जाता है कि दोनों ने शिकायत की है कि हफीज और वन-डे कप्तान मिसबाह-उल-हक ने उन्हें उचित मौके नहीं दिए।
हफीज ने यह भी कहा कि वह टेस्ट टीम से बाहर होने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। उन्होंने कहा, ऐसा सभी के साथ होता है और इसे स्वीकार करके और मेहनत करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
हफीज ने यह भी कहा कि वह टेस्ट टीम से बाहर होने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। उन्होंने कहा, ऐसा सभी के साथ होता है और इसे स्वीकार करके और मेहनत करने के लिए तैयार रहना चाहिए। | हफीज ने लाहौर में पत्रकारों से कहा, मैंने हमेशा कहा है कि मैं चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करूंगा। एक कप्तान के तौर पर मेरा काम अपने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराना है। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीसीसीआई ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर उच्चतम न्यायालय की ओर से पारित अंतरिम आदेश पर चर्चा करने के लिए 15 अक्टूबर को एक विशेष आम बैठक बुलाई है. न्यायालय में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को है.
यह पिछले दो सप्ताह में बीसीसीआई की ओर से बुलाई गई दूसरी विशेष आम बैठक होगी. बोर्ड ने पिछले बैठक में लोढ़ा समिति के विवादास्पद सिफारिशों को छोड़कर अन्य सिफारिशों को हिस्से में लागू करने का निर्णय किया था.
उच्चतम न्यायालय ने गत शुक्रवार को दिये एक अंतरिम आदेश में कहा था कि बीसीसीआई लोढ़ा समिति को अपना पूरा सहयोग नहीं दे रहा है जिसमें क्रिकेट बोर्ड में व्यापक सुधारों का सुझाव दिया है.
न्यायालय द्वारा अंतिम आदेश 17 अक्टूबर को पारित किये जाने की उम्मीद है.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह पिछले दो सप्ताह में बीसीसीआई की ओर से बुलाई गई दूसरी विशेष आम बैठक होगी. बोर्ड ने पिछले बैठक में लोढ़ा समिति के विवादास्पद सिफारिशों को छोड़कर अन्य सिफारिशों को हिस्से में लागू करने का निर्णय किया था.
उच्चतम न्यायालय ने गत शुक्रवार को दिये एक अंतरिम आदेश में कहा था कि बीसीसीआई लोढ़ा समिति को अपना पूरा सहयोग नहीं दे रहा है जिसमें क्रिकेट बोर्ड में व्यापक सुधारों का सुझाव दिया है.
न्यायालय द्वारा अंतिम आदेश 17 अक्टूबर को पारित किये जाने की उम्मीद है.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उच्चतम न्यायालय ने गत शुक्रवार को दिये एक अंतरिम आदेश में कहा था कि बीसीसीआई लोढ़ा समिति को अपना पूरा सहयोग नहीं दे रहा है जिसमें क्रिकेट बोर्ड में व्यापक सुधारों का सुझाव दिया है.
न्यायालय द्वारा अंतिम आदेश 17 अक्टूबर को पारित किये जाने की उम्मीद है.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायालय द्वारा अंतिम आदेश 17 अक्टूबर को पारित किये जाने की उम्मीद है.टिप्पणियां
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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने का दबाव
दो सप्ताह में दूसरी बार बीसीसीआई की विशेष आम बैठक
न्यायालय द्वारा अंतिम आदेश 17 अक्टूबर को पारित किये जाने की उम्मीद | 20 | ['hin'] |
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