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इस पाठ का सारांश बनाएं: बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज अभद्र टिप्पणी मामले में कहा कि अगर बीजेपी इस संबंध में दयाशंकर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराती तो अच्छा होता। दरअसल, दयाशंकर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हजारों बीएसपी कार्यकर्ता लखनऊ में सड़कों पर उतरे थे। हालांकि प्रशासन के आश्वासन के बाद बीएसपी ने धरना 36 घंटे के लिए टाल दिया है।
मायावती ने कहा, दयाशंकर के बयान से दलित बीजेपी से नाराज हो गए हैं। मैं पिछड़ों के लिए 'देवी' के समान हूं। अगर भाजपा खुद इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाती तो मेरा दिल जीत लिया होता। लेकिन बीजेपी ने औपचारिकता भर निभाने के लिए दयाशंकर को पार्टी से बाहर कर दिया। बुधवार को भी मायावती ने कहा था कि देश भाजपा को कभी माफ नहीं करेगा।
वहीं दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस बलिया पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिले। दयाशंकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें बलिया, आजमगढ़ और लखनऊ की कम से कम छह जगहों पर ढूंढा लेकिन वह नहीं मिले। समाजवादी पार्टी के नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि पुलिस दयाशंकर सिंह को ढूंढ रही है ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
आज ही राज्यसभा में मायावती ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले गोहत्या के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा था अब दलितों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से साथ आकर ऐसी चुनौतियों का सामना करने की अपील की। मायावती ने कहा कि बीजेपी को खुद इस मामले का संज्ञान लेकर केस दर्ज करवाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
मायावती ने कहा कि इस प्रकार के हमलों से दलितों के लिए लड़ाई लड़ने की मेरी इच्छा और पक्की हो जाती है। दयाशंकर के बयान से पूरे देश का दलित समाज दुखी है। मायावती ने सदन में आरोप लगाया कि सभी लोगों ने दलितों की बात तो की लेकिन वास्तविक्ता में ज्यादा कुछ नहीं होता है।
मायावती ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान बनाए जाने के बावजूद इस देश में दलितों को सम्मान की नजर से नहीं देखा जाता है। कांग्रेस और बीजेपी के लंबे शासन के बाद भी देश में दलितों की स्थिति ठीक नहीं है। आजादी के इतने सालों बाद भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार और उनपर अत्याचार खत्म नहीं हुआ है।टिप्पणियां
मायावती ने आरोप लगाया कि दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहा है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, इससे वे काफी निराश हैं। नेताओं और अधिकारियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। मायावती ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में होती है तब बीजेपी दलितों पर अत्याचार पर राजनीति करती है और जब बीजेपी सत्ता में होती है तब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति करती है।
गौरतलब है कि बीएसपी में कथित तौर पर मोटी रकम लेकर टिकट बेचे जाने को लेकर दयाशंकर ने मायावती पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसने सियासी बवाल को जन्म दे दिया है। दयाशंकर ने कहा था, 'मायावती टिकट बेच (चुनाव लड़ने के लिए) रही हैं...वे बेहद बड़ी नेता हैं, तीन बार की मुख्यमंत्री... लेकिन वे उन्हें टिकट दे रही हैं जो उन्हें एक करोड़ रुपये दे रहा है। यदि दोपहर को कोई दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएगा तो वे उसे टिकट दे देंगी। यदि कोई शाम को तीन करोड़ लेकर आएगा तो वे पिछले प्रत्याशी का टिकट खारिज करते हुए उसे बतौर प्रत्याशी चुन लेंगी। उनका चरित्र..... से भी बदतर है।'
मायावती ने कहा, दयाशंकर के बयान से दलित बीजेपी से नाराज हो गए हैं। मैं पिछड़ों के लिए 'देवी' के समान हूं। अगर भाजपा खुद इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाती तो मेरा दिल जीत लिया होता। लेकिन बीजेपी ने औपचारिकता भर निभाने के लिए दयाशंकर को पार्टी से बाहर कर दिया। बुधवार को भी मायावती ने कहा था कि देश भाजपा को कभी माफ नहीं करेगा।
वहीं दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस बलिया पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिले। दयाशंकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें बलिया, आजमगढ़ और लखनऊ की कम से कम छह जगहों पर ढूंढा लेकिन वह नहीं मिले। समाजवादी पार्टी के नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि पुलिस दयाशंकर सिंह को ढूंढ रही है ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
आज ही राज्यसभा में मायावती ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले गोहत्या के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा था अब दलितों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से साथ आकर ऐसी चुनौतियों का सामना करने की अपील की। मायावती ने कहा कि बीजेपी को खुद इस मामले का संज्ञान लेकर केस दर्ज करवाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
मायावती ने कहा कि इस प्रकार के हमलों से दलितों के लिए लड़ाई लड़ने की मेरी इच्छा और पक्की हो जाती है। दयाशंकर के बयान से पूरे देश का दलित समाज दुखी है। मायावती ने सदन में आरोप लगाया कि सभी लोगों ने दलितों की बात तो की लेकिन वास्तविक्ता में ज्यादा कुछ नहीं होता है।
मायावती ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान बनाए जाने के बावजूद इस देश में दलितों को सम्मान की नजर से नहीं देखा जाता है। कांग्रेस और बीजेपी के लंबे शासन के बाद भी देश में दलितों की स्थिति ठीक नहीं है। आजादी के इतने सालों बाद भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार और उनपर अत्याचार खत्म नहीं हुआ है।टिप्पणियां
मायावती ने आरोप लगाया कि दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहा है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, इससे वे काफी निराश हैं। नेताओं और अधिकारियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। मायावती ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में होती है तब बीजेपी दलितों पर अत्याचार पर राजनीति करती है और जब बीजेपी सत्ता में होती है तब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति करती है।
गौरतलब है कि बीएसपी में कथित तौर पर मोटी रकम लेकर टिकट बेचे जाने को लेकर दयाशंकर ने मायावती पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसने सियासी बवाल को जन्म दे दिया है। दयाशंकर ने कहा था, 'मायावती टिकट बेच (चुनाव लड़ने के लिए) रही हैं...वे बेहद बड़ी नेता हैं, तीन बार की मुख्यमंत्री... लेकिन वे उन्हें टिकट दे रही हैं जो उन्हें एक करोड़ रुपये दे रहा है। यदि दोपहर को कोई दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएगा तो वे उसे टिकट दे देंगी। यदि कोई शाम को तीन करोड़ लेकर आएगा तो वे पिछले प्रत्याशी का टिकट खारिज करते हुए उसे बतौर प्रत्याशी चुन लेंगी। उनका चरित्र..... से भी बदतर है।'
वहीं दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस बलिया पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिले। दयाशंकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें बलिया, आजमगढ़ और लखनऊ की कम से कम छह जगहों पर ढूंढा लेकिन वह नहीं मिले। समाजवादी पार्टी के नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि पुलिस दयाशंकर सिंह को ढूंढ रही है ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
आज ही राज्यसभा में मायावती ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले गोहत्या के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा था अब दलितों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से साथ आकर ऐसी चुनौतियों का सामना करने की अपील की। मायावती ने कहा कि बीजेपी को खुद इस मामले का संज्ञान लेकर केस दर्ज करवाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
मायावती ने कहा कि इस प्रकार के हमलों से दलितों के लिए लड़ाई लड़ने की मेरी इच्छा और पक्की हो जाती है। दयाशंकर के बयान से पूरे देश का दलित समाज दुखी है। मायावती ने सदन में आरोप लगाया कि सभी लोगों ने दलितों की बात तो की लेकिन वास्तविक्ता में ज्यादा कुछ नहीं होता है।
मायावती ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान बनाए जाने के बावजूद इस देश में दलितों को सम्मान की नजर से नहीं देखा जाता है। कांग्रेस और बीजेपी के लंबे शासन के बाद भी देश में दलितों की स्थिति ठीक नहीं है। आजादी के इतने सालों बाद भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार और उनपर अत्याचार खत्म नहीं हुआ है।टिप्पणियां
मायावती ने आरोप लगाया कि दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहा है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, इससे वे काफी निराश हैं। नेताओं और अधिकारियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। मायावती ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में होती है तब बीजेपी दलितों पर अत्याचार पर राजनीति करती है और जब बीजेपी सत्ता में होती है तब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति करती है।
गौरतलब है कि बीएसपी में कथित तौर पर मोटी रकम लेकर टिकट बेचे जाने को लेकर दयाशंकर ने मायावती पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसने सियासी बवाल को जन्म दे दिया है। दयाशंकर ने कहा था, 'मायावती टिकट बेच (चुनाव लड़ने के लिए) रही हैं...वे बेहद बड़ी नेता हैं, तीन बार की मुख्यमंत्री... लेकिन वे उन्हें टिकट दे रही हैं जो उन्हें एक करोड़ रुपये दे रहा है। यदि दोपहर को कोई दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएगा तो वे उसे टिकट दे देंगी। यदि कोई शाम को तीन करोड़ लेकर आएगा तो वे पिछले प्रत्याशी का टिकट खारिज करते हुए उसे बतौर प्रत्याशी चुन लेंगी। उनका चरित्र..... से भी बदतर है।'
आज ही राज्यसभा में मायावती ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले गोहत्या के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा था अब दलितों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से साथ आकर ऐसी चुनौतियों का सामना करने की अपील की। मायावती ने कहा कि बीजेपी को खुद इस मामले का संज्ञान लेकर केस दर्ज करवाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
मायावती ने कहा कि इस प्रकार के हमलों से दलितों के लिए लड़ाई लड़ने की मेरी इच्छा और पक्की हो जाती है। दयाशंकर के बयान से पूरे देश का दलित समाज दुखी है। मायावती ने सदन में आरोप लगाया कि सभी लोगों ने दलितों की बात तो की लेकिन वास्तविक्ता में ज्यादा कुछ नहीं होता है।
मायावती ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान बनाए जाने के बावजूद इस देश में दलितों को सम्मान की नजर से नहीं देखा जाता है। कांग्रेस और बीजेपी के लंबे शासन के बाद भी देश में दलितों की स्थिति ठीक नहीं है। आजादी के इतने सालों बाद भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार और उनपर अत्याचार खत्म नहीं हुआ है।टिप्पणियां
मायावती ने आरोप लगाया कि दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहा है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, इससे वे काफी निराश हैं। नेताओं और अधिकारियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। मायावती ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में होती है तब बीजेपी दलितों पर अत्याचार पर राजनीति करती है और जब बीजेपी सत्ता में होती है तब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति करती है।
गौरतलब है कि बीएसपी में कथित तौर पर मोटी रकम लेकर टिकट बेचे जाने को लेकर दयाशंकर ने मायावती पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसने सियासी बवाल को जन्म दे दिया है। दयाशंकर ने कहा था, 'मायावती टिकट बेच (चुनाव लड़ने के लिए) रही हैं...वे बेहद बड़ी नेता हैं, तीन बार की मुख्यमंत्री... लेकिन वे उन्हें टिकट दे रही हैं जो उन्हें एक करोड़ रुपये दे रहा है। यदि दोपहर को कोई दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएगा तो वे उसे टिकट दे देंगी। यदि कोई शाम को तीन करोड़ लेकर आएगा तो वे पिछले प्रत्याशी का टिकट खारिज करते हुए उसे बतौर प्रत्याशी चुन लेंगी। उनका चरित्र..... से भी बदतर है।'
मायावती ने कहा कि इस प्रकार के हमलों से दलितों के लिए लड़ाई लड़ने की मेरी इच्छा और पक्की हो जाती है। दयाशंकर के बयान से पूरे देश का दलित समाज दुखी है। मायावती ने सदन में आरोप लगाया कि सभी लोगों ने दलितों की बात तो की लेकिन वास्तविक्ता में ज्यादा कुछ नहीं होता है।
मायावती ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान बनाए जाने के बावजूद इस देश में दलितों को सम्मान की नजर से नहीं देखा जाता है। कांग्रेस और बीजेपी के लंबे शासन के बाद भी देश में दलितों की स्थिति ठीक नहीं है। आजादी के इतने सालों बाद भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार और उनपर अत्याचार खत्म नहीं हुआ है।टिप्पणियां
मायावती ने आरोप लगाया कि दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहा है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, इससे वे काफी निराश हैं। नेताओं और अधिकारियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। मायावती ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में होती है तब बीजेपी दलितों पर अत्याचार पर राजनीति करती है और जब बीजेपी सत्ता में होती है तब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति करती है।
गौरतलब है कि बीएसपी में कथित तौर पर मोटी रकम लेकर टिकट बेचे जाने को लेकर दयाशंकर ने मायावती पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसने सियासी बवाल को जन्म दे दिया है। दयाशंकर ने कहा था, 'मायावती टिकट बेच (चुनाव लड़ने के लिए) रही हैं...वे बेहद बड़ी नेता हैं, तीन बार की मुख्यमंत्री... लेकिन वे उन्हें टिकट दे रही हैं जो उन्हें एक करोड़ रुपये दे रहा है। यदि दोपहर को कोई दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएगा तो वे उसे टिकट दे देंगी। यदि कोई शाम को तीन करोड़ लेकर आएगा तो वे पिछले प्रत्याशी का टिकट खारिज करते हुए उसे बतौर प्रत्याशी चुन लेंगी। उनका चरित्र..... से भी बदतर है।'
मायावती ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान बनाए जाने के बावजूद इस देश में दलितों को सम्मान की नजर से नहीं देखा जाता है। कांग्रेस और बीजेपी के लंबे शासन के बाद भी देश में दलितों की स्थिति ठीक नहीं है। आजादी के इतने सालों बाद भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार और उनपर अत्याचार खत्म नहीं हुआ है।टिप्पणियां
मायावती ने आरोप लगाया कि दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहा है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, इससे वे काफी निराश हैं। नेताओं और अधिकारियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। मायावती ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में होती है तब बीजेपी दलितों पर अत्याचार पर राजनीति करती है और जब बीजेपी सत्ता में होती है तब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति करती है।
गौरतलब है कि बीएसपी में कथित तौर पर मोटी रकम लेकर टिकट बेचे जाने को लेकर दयाशंकर ने मायावती पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसने सियासी बवाल को जन्म दे दिया है। दयाशंकर ने कहा था, 'मायावती टिकट बेच (चुनाव लड़ने के लिए) रही हैं...वे बेहद बड़ी नेता हैं, तीन बार की मुख्यमंत्री... लेकिन वे उन्हें टिकट दे रही हैं जो उन्हें एक करोड़ रुपये दे रहा है। यदि दोपहर को कोई दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएगा तो वे उसे टिकट दे देंगी। यदि कोई शाम को तीन करोड़ लेकर आएगा तो वे पिछले प्रत्याशी का टिकट खारिज करते हुए उसे बतौर प्रत्याशी चुन लेंगी। उनका चरित्र..... से भी बदतर है।'
मायावती ने आरोप लगाया कि दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहा है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, इससे वे काफी निराश हैं। नेताओं और अधिकारियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। मायावती ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में होती है तब बीजेपी दलितों पर अत्याचार पर राजनीति करती है और जब बीजेपी सत्ता में होती है तब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति करती है।
गौरतलब है कि बीएसपी में कथित तौर पर मोटी रकम लेकर टिकट बेचे जाने को लेकर दयाशंकर ने मायावती पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसने सियासी बवाल को जन्म दे दिया है। दयाशंकर ने कहा था, 'मायावती टिकट बेच (चुनाव लड़ने के लिए) रही हैं...वे बेहद बड़ी नेता हैं, तीन बार की मुख्यमंत्री... लेकिन वे उन्हें टिकट दे रही हैं जो उन्हें एक करोड़ रुपये दे रहा है। यदि दोपहर को कोई दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएगा तो वे उसे टिकट दे देंगी। यदि कोई शाम को तीन करोड़ लेकर आएगा तो वे पिछले प्रत्याशी का टिकट खारिज करते हुए उसे बतौर प्रत्याशी चुन लेंगी। उनका चरित्र..... से भी बदतर है।'
गौरतलब है कि बीएसपी में कथित तौर पर मोटी रकम लेकर टिकट बेचे जाने को लेकर दयाशंकर ने मायावती पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसने सियासी बवाल को जन्म दे दिया है। दयाशंकर ने कहा था, 'मायावती टिकट बेच (चुनाव लड़ने के लिए) रही हैं...वे बेहद बड़ी नेता हैं, तीन बार की मुख्यमंत्री... लेकिन वे उन्हें टिकट दे रही हैं जो उन्हें एक करोड़ रुपये दे रहा है। यदि दोपहर को कोई दो करोड़ रुपये लेकर आ जाएगा तो वे उसे टिकट दे देंगी। यदि कोई शाम को तीन करोड़ लेकर आएगा तो वे पिछले प्रत्याशी का टिकट खारिज करते हुए उसे बतौर प्रत्याशी चुन लेंगी। उनका चरित्र..... से भी बदतर है।' | संक्षिप्त सारांश: भाजपा खुद एफआईआर दर्ज करवाती तो मेरा दिल जीत लिया होता : मायावती
दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस कर रही है छापेमारी
दयाशंकर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बीएसपी ने किया प्रदर्शन | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के 'होली में ठीक है' (Holi Mein Thik Hai) सॉन्ग को बिहार में हुई शराबबंदी से जोड़ा गया है. इस गाने को खेसारी लाल यादव ने इस तरह से गाया है कि लोगों के जुबान पर यह गाना चढ़ने लगा है. खेसारी लाल यादव के इस गाने का टाइटल है 'छपरा में पकड़ाएंगे'. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के इस गाने का म्यूजिक इतना लाउड है कि लोग झुमने को मजबूर हो रहे हैं. इससे पहले खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी (Kajal Raghwani) ने 'प्रेमिका मिल गईल (Premika Mil Gail)' एलबम के सॉन्ग 'ठीक है (Thik Hai)' से धूम मचाई थी
खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) का यह गाना यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहा है. इस गाने को अभी कुछ दिन पहले ही यूट्यूब पर पब्लिश किया गया है. खेसारी लाल यादव के 'होली में ठीक है' (Holi Mein Thik Hai) को अभी तक लगभग 70 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इस गाने को देखे जाने का सिलसिला अभी जारी है. हालांकि, खेसारी लाल यादव (Khesari Lal yadav) के इस गाने को ऑडियो फॉर्मेट में ही रिलीज किया गया है. लेकिन इस गाने की लोकप्रियता देख लगता है कि जल्द ही यह वीडियो फॉर्मेट में भी रिलीज होगा. | संक्षिप्त सारांश: खेसारी लाल यादव का तहलका
'छपरा में पकड़ाएंगे' गाने से खेसारी ने मचाई धूम
यूट्यूब पर 70 लाख बार देखा गया वीडियो | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आज उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने आज यहां भारी बारिश का अनुमान लगाया है.दिल्ली के अलावा, हरियाणा, पंजाब, मुंबई, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी बारिश का अनुमान है. शुक्रवार को दिल्ली में मौसम गर्म रहा था और न्यूनतम तापमान मौसम के औसत से एक डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया था. वहीं मौसम विभाग ने मुंबई में भी शनिवार देर रात और रविवार को भारी बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है. भारतीय मौसम विभाग के मुंबई कार्यालय में मौसमविज्ञान के उप महानिदेशक के.एस. होसालिकर ने ट्वीट किया, "खाड़ी के ऊपर बन रहे कम दबाव के क्षेत्र की वजह से शनिवार रात और रविवार को मुंबई में भारी बारिश की संभावना है. इसके मद्देनजर पश्चिमी तट सहित इलाके में अलर्ट जारी किया गया है."
मौसम विभाग की वेबसाइट के मुताबिक मौसम विभाग के सांताक्रूज केंद्र पर शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटे के दौरान 43.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसी अवधि में दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित मौसम केंद्र पर 21.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली-एनसीआर में आज उमस से मिल सकती है राहत
दिल्ली-एनसीआर आज भारी बारिश की संभावना
जानें आपके राज्य में कब होगी वर्षा | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अफगानिस्तान के तकहार प्रांत में शनिवार को हुए एक आत्मघाती हमले में गम्भीर रूप से घायल हुए प्रांतीय गवर्नर की शनिवार देर शाम मौत हो गई। समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के मुताबिक एक चिकित्सक सैयद अहमद ने बताया, विस्फोट में घायल हुए प्रांत के गवर्नर अब्दुल जब्बार तकवा की शनिवार देर शाम अस्पताल में मौत हो गई। इससे पहले शनिवार को तकहार प्रांत के प्रवक्ता फैजुल्लाह तवहिदी ने कहा था कि गवर्नर के कार्यालय पर किए गए आत्मघाती हमले में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और तीन जर्मन सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि गवर्नर सहित नौ लोग इस हमले में घायल हुए हैं। तालिबान ने इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले में प्रांत के पुलिस प्रमुख शाहजहां नूरी और उत्तरी अफगानिस्तान में अफगानी पुलिस के कमांडर जनरल मोहम्मद दाउद और पांच अन्य लोगों की मौत हो गई थी। अहमद ने कहा कि घायलों में कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। | यहाँ एक सारांश है:अफगानिस्तान के तकहार प्रांत में शनिवार को हुए एक आत्मघाती हमले में गम्भीर रूप से घायल हुए प्रांतीय गवर्नर की देर शाम मौत हो गई। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जापान के उत्तरी प्रांत होक्काइडो के निवासी 12 साल के मसाजो नोनका को विश्व के सबसे बुजुर्ग जीवित पुरुष की मान्यता दी गई है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने मंगलवार को यह जानकारी दी. एक समाचार एजेंसी ने स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि नोनका का जन्म 25 जुलाई 1905 को हुआ था. उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से प्रमाणपत्र प्राप्त किया. उन्हें अशोरो शहर के मेयर से पुरस्कार व केक भी मिला. अशोरो में ही नोनका का जन्म हुआ था और मौजूदा समय में वह यहीं अपने परिवार के साथ रहते हैं.
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नोनका ने कहा कि वह टीवी पर सुमो कुश्ती व संगीत सुनना पसंद करते हैं. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एडिटर इन चीफ क्रेग ग्लेंडे ने कहा, "नोनका की उपलब्धि असाधारण है."उन्होंने कहा, "वह हमें मूल्यवान जीवन के बारे में सभी महत्वपूर्ण सीख और मानव जीवन कैसे दीर्घायु बनाया जाए, इस बारे में बता सकते हैं."
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नोनका के बड़े पोते कोकी कुरोहाता ने कहा, "वह किसी भी सुविधा के लिए नर्सिग देखभाल नहीं ले रहे हैं और उनका दिमाग सही से काम कर रहा है. वह वास्तव में आश्चर्यजनक हैं."
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नोनका ने कहा कि वह टीवी पर सुमो कुश्ती व संगीत सुनना पसंद करते हैं. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एडिटर इन चीफ क्रेग ग्लेंडे ने कहा, "नोनका की उपलब्धि असाधारण है."उन्होंने कहा, "वह हमें मूल्यवान जीवन के बारे में सभी महत्वपूर्ण सीख और मानव जीवन कैसे दीर्घायु बनाया जाए, इस बारे में बता सकते हैं."
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नोनका के बड़े पोते कोकी कुरोहाता ने कहा, "वह किसी भी सुविधा के लिए नर्सिग देखभाल नहीं ले रहे हैं और उनका दिमाग सही से काम कर रहा है. वह वास्तव में आश्चर्यजनक हैं."
नोनका ने कहा कि वह टीवी पर सुमो कुश्ती व संगीत सुनना पसंद करते हैं. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एडिटर इन चीफ क्रेग ग्लेंडे ने कहा, "नोनका की उपलब्धि असाधारण है."उन्होंने कहा, "वह हमें मूल्यवान जीवन के बारे में सभी महत्वपूर्ण सीख और मानव जीवन कैसे दीर्घायु बनाया जाए, इस बारे में बता सकते हैं."
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नोनका के बड़े पोते कोकी कुरोहाता ने कहा, "वह किसी भी सुविधा के लिए नर्सिग देखभाल नहीं ले रहे हैं और उनका दिमाग सही से काम कर रहा है. वह वास्तव में आश्चर्यजनक हैं."
नोनका के बड़े पोते कोकी कुरोहाता ने कहा, "वह किसी भी सुविधा के लिए नर्सिग देखभाल नहीं ले रहे हैं और उनका दिमाग सही से काम कर रहा है. वह वास्तव में आश्चर्यजनक हैं." | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सबसे उम्रदराज है 112 साल का यह व्यक्ति
इनका नाम मसाजो नोनका है
जापान के उत्तरी प्रांत होक्काइडो के निवासी हैं नोनका | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चालू रबी विपणन मौसम में गेहूं खरीद को सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने भारतीय खाद्य निगम को उसकी वर्ष 2010-11 की कार्यशील पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये के अल्पावधि ऋण की मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। खाद्य निगम इस ऋण की वापसी अगले वित्त वर्ष में करेगा। यह देखते हुए कि इस कर्ज की वापसी का समय करीब एक साल है, इस पर 364 दिन की ट्रेजरी बिल के बराबर ब्याज देय होगा। सरकारी विज्ञप्ति में इसकी जानकारी देते हुए कहा गया है कि वित्त पोषण की यह व्यवस्था दूसरे विकल्प की तुलना में सस्ती होगी। बाजार से नकदी जुटाने की 10.60 प्रतिशत ब्याज दर सीमा की तुलना में यह ऋण सस्ता होगा। भारतीय खाद्य निगम को बैंकों के एक समूह से कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए 34,495 करोड़ रुपये की नकद उधारी सीमा उपलब्ध है। एफसीआई वर्तमान में इस समूह द्वारा उपलब्ध पूरी ऋण सीमा का इस्तेमाल कर चुका है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने निगम को 5,000 करोड़ रुपये का अल्पावधि कर्ज देने का फैसला किया है, ताकि निगम खाद्यान्न की वसूली और भंडारण कार्य कर सके। | सरकार ने भारतीय खाद्य निगम को वर्ष 2010-11 की कार्यशील पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये के अल्पावधि ऋण की मंजूरी दी है। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली में क्रूरतापूर्वक दुष्कर्म का शिकार होने वाली लड़की के पिता ने कहा है कि जब उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपने बेटे राहुल गांधी के साथ देखा तब उन्हें लगा कि शायद वे कोई सपना देख रहे हैं।
53 वर्षीय पिता ने रविवार को कहा कि शनिवार को कांग्रेस सांसद महाबल मिश्र ने शनिवार की शाम बार-बार फोन कर उनसे कहा कि एक 'बहुत बड़े नेता' उनके घर आने की योजना बना रहे हैं।टिप्पणियां
इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल पर कुली के रूप में काम करने पिता ने बताया कि जब पहला कॉल आया तब वे अस्पताल गए हुए थे। उन्हें बुखार आ गया था। वे अंदाजा नहीं लगा पाए कि यह 'बड़ा नेता' कौन हो सकता है। उन्होंने बताया, "मैं शाम करीब 5:15 बजे घर लौटा..करीब 45 मिनट बाद मेरे दरवाजे पर दस्तक हुई और दरवाजा खोला तो बाहर सोनियाजी, राहुलजी और रेणुकाजी (रेणुका चौधरी) खड़ी थीं।" उन्होंने बताया, "मैंने सोचा मैं कोई सपना देख रहा हूं।" उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि विपत्ति के मारे इस परिवार को देखने वास्तव में कांग्रेस अध्यक्ष पहुंची हैं।
तंग गली जहां बड़ी गाड़ियां नहीं जा सकतीं, ऐसे ही इलाके में स्थित एक मकान के दो कमरों की तंग जगह में सोनिया ने एक घंटे से भी ज्यादा समय गुजारा।
53 वर्षीय पिता ने रविवार को कहा कि शनिवार को कांग्रेस सांसद महाबल मिश्र ने शनिवार की शाम बार-बार फोन कर उनसे कहा कि एक 'बहुत बड़े नेता' उनके घर आने की योजना बना रहे हैं।टिप्पणियां
इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल पर कुली के रूप में काम करने पिता ने बताया कि जब पहला कॉल आया तब वे अस्पताल गए हुए थे। उन्हें बुखार आ गया था। वे अंदाजा नहीं लगा पाए कि यह 'बड़ा नेता' कौन हो सकता है। उन्होंने बताया, "मैं शाम करीब 5:15 बजे घर लौटा..करीब 45 मिनट बाद मेरे दरवाजे पर दस्तक हुई और दरवाजा खोला तो बाहर सोनियाजी, राहुलजी और रेणुकाजी (रेणुका चौधरी) खड़ी थीं।" उन्होंने बताया, "मैंने सोचा मैं कोई सपना देख रहा हूं।" उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि विपत्ति के मारे इस परिवार को देखने वास्तव में कांग्रेस अध्यक्ष पहुंची हैं।
तंग गली जहां बड़ी गाड़ियां नहीं जा सकतीं, ऐसे ही इलाके में स्थित एक मकान के दो कमरों की तंग जगह में सोनिया ने एक घंटे से भी ज्यादा समय गुजारा।
इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के घरेलू टर्मिनल पर कुली के रूप में काम करने पिता ने बताया कि जब पहला कॉल आया तब वे अस्पताल गए हुए थे। उन्हें बुखार आ गया था। वे अंदाजा नहीं लगा पाए कि यह 'बड़ा नेता' कौन हो सकता है। उन्होंने बताया, "मैं शाम करीब 5:15 बजे घर लौटा..करीब 45 मिनट बाद मेरे दरवाजे पर दस्तक हुई और दरवाजा खोला तो बाहर सोनियाजी, राहुलजी और रेणुकाजी (रेणुका चौधरी) खड़ी थीं।" उन्होंने बताया, "मैंने सोचा मैं कोई सपना देख रहा हूं।" उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि विपत्ति के मारे इस परिवार को देखने वास्तव में कांग्रेस अध्यक्ष पहुंची हैं।
तंग गली जहां बड़ी गाड़ियां नहीं जा सकतीं, ऐसे ही इलाके में स्थित एक मकान के दो कमरों की तंग जगह में सोनिया ने एक घंटे से भी ज्यादा समय गुजारा।
तंग गली जहां बड़ी गाड़ियां नहीं जा सकतीं, ऐसे ही इलाके में स्थित एक मकान के दो कमरों की तंग जगह में सोनिया ने एक घंटे से भी ज्यादा समय गुजारा। | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली में क्रूरतापूर्वक दुष्कर्म का शिकार होने वाली लड़की के पिता ने कहा है कि जब उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपने बेटे राहुल गांधी के साथ देखा तब उन्हें लगा कि शायद वे कोई सपना देख रहे हैं। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑक्सफोर्ड में रहने वाला एक भारतीय जोड़ा अपने पांच वर्षीय बेटे की देखरेख का अधिकार पाने के लिए अदालती लड़ाई लड़ रहा है। दुर्व्यवहार के कथित आरोप में सामाजिक सेवा संस्था उनके बेटे को ले गई है।
बेटे अचिंत्य के साथ खराब व्यवहार करने के संदिग्ध रजत पुरी ने दावा किया है, ‘वे भारतीय संस्कृति और ब्रिटिश संस्कृति के बीच के फर्क को नहीं समझते हैं। उनके परवरिश का तरीका हमारी संस्कृति से पूरी तरह अलग है।’
अचिंत्य की मां श्रुति बेरी का कहना है, ‘हमारे बच्चे की स्थिति बहुत खराब है। वह रोता रहता है और लगातार घर वापस जाने की मांग कर रहा है क्योंकि उसे रोज रात को एक अंधेरे कमरे में बंद होने से डर लगता है।’
श्रुति का कहना है कि ऑक्सफोर्डशायर काउंटी काउंसिल ने मामले का गलत मतलब निकाला है। टिप्पणियां
ऑक्सफोर्ड के बायर्डस हिल प्राथमिक विद्यालय में अचिंत्य के शिक्षक ने पिछले महीने पुलिस को सामाजिक सेवा संस्थान को फोन कर दिया था। शिक्षक का मानना है कि अचिंत्य ने उससे कहा था कि उसके पिता ‘गलत काम’ करते हैं। उन्हें डर है कि यह यौन प्रताड़ना या अन्य किसी प्रकार के दुर्व्यवहार का मामला हो सकता है।
हालांकि श्रुति का कहना है कि ‘गलत काम’ का अर्थ उसके पति के शराब पीने और धूम्रपान करने की आदतों से है जिसे वह हमेशा ‘गलत लत’ कहती हैं ताकि उनका बेटा इन लतों को न अपनाए।
बेटे अचिंत्य के साथ खराब व्यवहार करने के संदिग्ध रजत पुरी ने दावा किया है, ‘वे भारतीय संस्कृति और ब्रिटिश संस्कृति के बीच के फर्क को नहीं समझते हैं। उनके परवरिश का तरीका हमारी संस्कृति से पूरी तरह अलग है।’
अचिंत्य की मां श्रुति बेरी का कहना है, ‘हमारे बच्चे की स्थिति बहुत खराब है। वह रोता रहता है और लगातार घर वापस जाने की मांग कर रहा है क्योंकि उसे रोज रात को एक अंधेरे कमरे में बंद होने से डर लगता है।’
श्रुति का कहना है कि ऑक्सफोर्डशायर काउंटी काउंसिल ने मामले का गलत मतलब निकाला है। टिप्पणियां
ऑक्सफोर्ड के बायर्डस हिल प्राथमिक विद्यालय में अचिंत्य के शिक्षक ने पिछले महीने पुलिस को सामाजिक सेवा संस्थान को फोन कर दिया था। शिक्षक का मानना है कि अचिंत्य ने उससे कहा था कि उसके पिता ‘गलत काम’ करते हैं। उन्हें डर है कि यह यौन प्रताड़ना या अन्य किसी प्रकार के दुर्व्यवहार का मामला हो सकता है।
हालांकि श्रुति का कहना है कि ‘गलत काम’ का अर्थ उसके पति के शराब पीने और धूम्रपान करने की आदतों से है जिसे वह हमेशा ‘गलत लत’ कहती हैं ताकि उनका बेटा इन लतों को न अपनाए।
अचिंत्य की मां श्रुति बेरी का कहना है, ‘हमारे बच्चे की स्थिति बहुत खराब है। वह रोता रहता है और लगातार घर वापस जाने की मांग कर रहा है क्योंकि उसे रोज रात को एक अंधेरे कमरे में बंद होने से डर लगता है।’
श्रुति का कहना है कि ऑक्सफोर्डशायर काउंटी काउंसिल ने मामले का गलत मतलब निकाला है। टिप्पणियां
ऑक्सफोर्ड के बायर्डस हिल प्राथमिक विद्यालय में अचिंत्य के शिक्षक ने पिछले महीने पुलिस को सामाजिक सेवा संस्थान को फोन कर दिया था। शिक्षक का मानना है कि अचिंत्य ने उससे कहा था कि उसके पिता ‘गलत काम’ करते हैं। उन्हें डर है कि यह यौन प्रताड़ना या अन्य किसी प्रकार के दुर्व्यवहार का मामला हो सकता है।
हालांकि श्रुति का कहना है कि ‘गलत काम’ का अर्थ उसके पति के शराब पीने और धूम्रपान करने की आदतों से है जिसे वह हमेशा ‘गलत लत’ कहती हैं ताकि उनका बेटा इन लतों को न अपनाए।
श्रुति का कहना है कि ऑक्सफोर्डशायर काउंटी काउंसिल ने मामले का गलत मतलब निकाला है। टिप्पणियां
ऑक्सफोर्ड के बायर्डस हिल प्राथमिक विद्यालय में अचिंत्य के शिक्षक ने पिछले महीने पुलिस को सामाजिक सेवा संस्थान को फोन कर दिया था। शिक्षक का मानना है कि अचिंत्य ने उससे कहा था कि उसके पिता ‘गलत काम’ करते हैं। उन्हें डर है कि यह यौन प्रताड़ना या अन्य किसी प्रकार के दुर्व्यवहार का मामला हो सकता है।
हालांकि श्रुति का कहना है कि ‘गलत काम’ का अर्थ उसके पति के शराब पीने और धूम्रपान करने की आदतों से है जिसे वह हमेशा ‘गलत लत’ कहती हैं ताकि उनका बेटा इन लतों को न अपनाए।
ऑक्सफोर्ड के बायर्डस हिल प्राथमिक विद्यालय में अचिंत्य के शिक्षक ने पिछले महीने पुलिस को सामाजिक सेवा संस्थान को फोन कर दिया था। शिक्षक का मानना है कि अचिंत्य ने उससे कहा था कि उसके पिता ‘गलत काम’ करते हैं। उन्हें डर है कि यह यौन प्रताड़ना या अन्य किसी प्रकार के दुर्व्यवहार का मामला हो सकता है।
हालांकि श्रुति का कहना है कि ‘गलत काम’ का अर्थ उसके पति के शराब पीने और धूम्रपान करने की आदतों से है जिसे वह हमेशा ‘गलत लत’ कहती हैं ताकि उनका बेटा इन लतों को न अपनाए।
हालांकि श्रुति का कहना है कि ‘गलत काम’ का अर्थ उसके पति के शराब पीने और धूम्रपान करने की आदतों से है जिसे वह हमेशा ‘गलत लत’ कहती हैं ताकि उनका बेटा इन लतों को न अपनाए। | सारांश: ऑक्सफोर्ड में रहने वाला एक भारतीय जोड़ा अपने पांच वर्षीय बेटे की देखरेख का अधिकार पाने के लिए अदालती लड़ाई लड़ रहा है। दुर्व्यवहार के कथित आरोप में सामाजिक सेवा संस्था उनके बेटे को ले गई है। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मलाइका अरोड़ा खान ‘मुन्नी बदनाम हुई’ के बाद अब एक और आइटम सांग ‘अनारकली डिस्को चली’ की तैयारी कर रहीं हैं, जिसकी कोरियोग्राफी फराह खान करेंगी। इससे पहले फराह के साथ मलाइका ने ‘छैंया छैंया’ (दिल से), ‘काल धमाल’ (काल) और ‘मुन्नी बदनाम हुई’ (दबंग) में अपनी अदाओं से प्रशंसकों का दिल जीता है।
फराह खान अपने भाई साजिद खान की फिल्म ‘हाउसफुल-2’ के लिए ‘अनारकली डिस्को चली’ गीत पर मलाइका को नृत्य कराने की तैयारी में हैं। फराह ने कहा, ‘‘मलाइका और मेरे हिट गीतों के रिकॉर्ड को देखते हुए ‘अनारकली’ को लेकर हमारे ऊपर दबाव है। हमने एक साथ तीन गीतों पर काम किया है और काफी सफलता हासिल की है। इसलिए इस बार बहुत दबाव है।’’
फराह खान अपने भाई साजिद खान की फिल्म ‘हाउसफुल-2’ के लिए ‘अनारकली डिस्को चली’ गीत पर मलाइका को नृत्य कराने की तैयारी में हैं। फराह ने कहा, ‘‘मलाइका और मेरे हिट गीतों के रिकॉर्ड को देखते हुए ‘अनारकली’ को लेकर हमारे ऊपर दबाव है। हमने एक साथ तीन गीतों पर काम किया है और काफी सफलता हासिल की है। इसलिए इस बार बहुत दबाव है।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मलाइका अरोड़ा खान ‘मुन्नी बदनाम’ के बाद अब एक और आइटम सांग ‘अनारकली डिस्को’ की तैयारी कर रहीं हैं, जिसकी कोरियोग्राफी फराह खान करेंगी। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के रायसीना हिल्स पर सुरक्षा हमेशा काफी सख़्त रहती है, लेकिन इन दिनो यहां ख़ास इंतजाम है. वजह सुरक्षा एजेंसियों को मिला ये इनपुट है कि आतंकी संगठन दिल्ली में भी लंदन जैसा हमला करने का मंसूबा बांधे हुए हैं.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक़ खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला है कि 6 से 7 आतंकी दिल्ली में घुस आए हैं. वो यहां लंदन की तर्ज पर हमला करने की फ़िराक़ में हैं. अब केंद्रीय गृह मंत्रालय इस सूचना की छानबीन में जुटा है, लेकिन एहतियात के तौर पर ईद तक यानी 26 जून तक दिल्ली को अलर्ट कर दिया गया है.टिप्पणियां
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एडवाइजर अशोक प्रसाद ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि मल्टी एजेंसी सेंटर इसकी गंभीरता के बारे में पता लगा रहा है. लंदन में आतंकियों ने भीड़ पर अलग-अलग जगहों पर हमला किया था.
इसे ध्यान में रखते हुए बस टर्मिनल, रेलवे स्टेशन, फाइव स्टार होटल, मॉल, मार्केट, धार्मिक स्थान, दूतावास, मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट, स्टेडियम और अन्य टूरिस्ट प्लेस पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक़ खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला है कि 6 से 7 आतंकी दिल्ली में घुस आए हैं. वो यहां लंदन की तर्ज पर हमला करने की फ़िराक़ में हैं. अब केंद्रीय गृह मंत्रालय इस सूचना की छानबीन में जुटा है, लेकिन एहतियात के तौर पर ईद तक यानी 26 जून तक दिल्ली को अलर्ट कर दिया गया है.टिप्पणियां
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एडवाइजर अशोक प्रसाद ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि मल्टी एजेंसी सेंटर इसकी गंभीरता के बारे में पता लगा रहा है. लंदन में आतंकियों ने भीड़ पर अलग-अलग जगहों पर हमला किया था.
इसे ध्यान में रखते हुए बस टर्मिनल, रेलवे स्टेशन, फाइव स्टार होटल, मॉल, मार्केट, धार्मिक स्थान, दूतावास, मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट, स्टेडियम और अन्य टूरिस्ट प्लेस पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एडवाइजर अशोक प्रसाद ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि मल्टी एजेंसी सेंटर इसकी गंभीरता के बारे में पता लगा रहा है. लंदन में आतंकियों ने भीड़ पर अलग-अलग जगहों पर हमला किया था.
इसे ध्यान में रखते हुए बस टर्मिनल, रेलवे स्टेशन, फाइव स्टार होटल, मॉल, मार्केट, धार्मिक स्थान, दूतावास, मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट, स्टेडियम और अन्य टूरिस्ट प्लेस पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
इसे ध्यान में रखते हुए बस टर्मिनल, रेलवे स्टेशन, फाइव स्टार होटल, मॉल, मार्केट, धार्मिक स्थान, दूतावास, मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट, स्टेडियम और अन्य टूरिस्ट प्लेस पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. | संक्षिप्त पाठ: 6-7 आतंकियों के दिल्ली में घुसने की आशंका
ईद तक दिल्ली में रहेगी विशेष सुरक्षा
एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मॉल आदि जगहों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के साथ ब्रह्मपुत्र नदी का जल बांटने को लेकर एक तंत्र का विचार देने वाली अपनी आधिकारिक मीडिया की खबरों को कम तवज्जो देते हुए चीन ने सोमवार को कहा कि नदी प्रवाह के आंकड़े को साझा करने के लिए बीजिंग और नई दिल्ली के बीच प्रभावी सहयोग है और यह इसे जारी रखना चाहता है.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने यहां बताया, ‘दोनों देशों की सीमाओं के अंदर बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के पास उपयुक्त सहयोग तंत्र है.’ उन्होंने सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ में प्रकाशित एक आलेख को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘यह तंत्र अभी सुगमता से काम कर रहा है और प्रभावी है. चीन इस पर भारत के साथ सहयोग जारी रखने का इच्छुक है.’
दरअसल, समाचार पत्र में कहा गया है कि चीन जल साझेदारी के लिए भारत और बांग्लादेश की भागीदारी वाले एक बहुपक्षीय सहयोग तंत्र में शामिल होने को तैयार है. आलेख में कहा गया है कि चीन जल बंटवारे के लिए भारत और बांग्लादेश के साथ बहुपक्षीय सहयोग चाहता है. यह प्रस्ताव काफी मायने रखना है क्योंकि नदियों के जल बंटवारे को लेकर चीन की भारत के साथ कोई संधि नहीं है.
इसमें कहा गया है, ‘भारतीय लोगों के गुस्से को समझना आसान है क्योंकि उन्होंने हाल ही में ऐसी खबरें पढ़ी हैं जिनमें कहा गया है कि चीन ने ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी का जल रोक दिया है. कई देशों से होकर गुजरने वाली यह नदी दक्षिण पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम और बाद में बांग्लादेश से होकर बहती है. यह नदी इन क्षेत्रों के लिए जल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है.
आलेख में कहा गया है, ‘दरअसल भारत को इस प्रकार की परियोजनाओं पर इतनी अधिक तवज्जो देने की आवश्यकता नहीं है. इन परियोजनाओं का मकसद जल संसाधनों का उचित उपयोग एवं मुनासिब विकास में मदद करना है.’
इसमें कहा गया है कि चिंता की बात यह है कि कुछ स्थानीय भारतीय मीडिया प्रतिष्ठान जल रोके जाने को भारत के पाकिस्तान के साथ हालिया जल विवाद से जोड़कर यह गलत धारणा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन ‘पाकिस्तान को मौन सहयोग देने के लिए दोनों दक्षिण एशियाई देशों के बीच तथाकथित जल युद्ध’ में शामिल होना चाहता है, जबकि हकीकत यह है कि ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी पर बांध परियोजना का निर्माण जून 2014 में शुरू हो गया था.’
इसमें कहा गया है कि यह बात समझी जा सकती है कि भारत नदी के प्रवाह के नीचे की ओर स्थित देश के तौर पर ब्रह्मपुत्र पर चीन के जल दोहन को लेकर संवेदनशील है. इस बात की संभावना नहीं है कि चीन एक संभावित हथियार के रूप में नदी के जल का इस्तेमाल करेगा.’ इसने इस बात का जिक्र किया है कि चीन कई देशों में बहने वाली लांसांग मीकांग नदी सहित कई नदियों का उद्गम स्रोत है. लांसांग मीकांग चीन, म्यामांर, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से होकर बहती है. इसने कहा, ‘यदि चीन ने राजनीतिक कारणों को लेकर ब्रह्मपुत्र को बाधित कर दिया तो ऐसा कदम पांच दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के बीच दहशत पैदा करेगा और उनके साथ चीन के संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा.
इसने कहा, ‘हमारा मानना है कि जब ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले तीन बड़े देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात आएगी तब चीन इस तंत्र से अनुभव हासिल करना चाहेगा. चीन और भारत के बीच जल विवाद का यह सर्वाधिक प्रभावी हल होगा.’ एक अक्टूबर को चीन ने अपने सर्वाधिक खर्चीले बांध के निर्माण को लेकर तिब्बत में शियाबुकु नदी का जल रोकने की घोषणा की थी.
शियाबुकु नदी पर लालहो परियोजना पर 74 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है. बाद में बांध के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए चीन ने कहा था कि परियोजना के जलाशय की क्षमता यारलुंग जांगबो (ब्रह्मपुत्र) के सालाना औसत प्रवाह के 0.02 प्रतिशत से भी कम ही है.
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने यहां बताया, ‘दोनों देशों की सीमाओं के अंदर बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के पास उपयुक्त सहयोग तंत्र है.’ उन्होंने सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ में प्रकाशित एक आलेख को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘यह तंत्र अभी सुगमता से काम कर रहा है और प्रभावी है. चीन इस पर भारत के साथ सहयोग जारी रखने का इच्छुक है.’
दरअसल, समाचार पत्र में कहा गया है कि चीन जल साझेदारी के लिए भारत और बांग्लादेश की भागीदारी वाले एक बहुपक्षीय सहयोग तंत्र में शामिल होने को तैयार है. आलेख में कहा गया है कि चीन जल बंटवारे के लिए भारत और बांग्लादेश के साथ बहुपक्षीय सहयोग चाहता है. यह प्रस्ताव काफी मायने रखना है क्योंकि नदियों के जल बंटवारे को लेकर चीन की भारत के साथ कोई संधि नहीं है.
इसमें कहा गया है, ‘भारतीय लोगों के गुस्से को समझना आसान है क्योंकि उन्होंने हाल ही में ऐसी खबरें पढ़ी हैं जिनमें कहा गया है कि चीन ने ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी का जल रोक दिया है. कई देशों से होकर गुजरने वाली यह नदी दक्षिण पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम और बाद में बांग्लादेश से होकर बहती है. यह नदी इन क्षेत्रों के लिए जल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है.
आलेख में कहा गया है, ‘दरअसल भारत को इस प्रकार की परियोजनाओं पर इतनी अधिक तवज्जो देने की आवश्यकता नहीं है. इन परियोजनाओं का मकसद जल संसाधनों का उचित उपयोग एवं मुनासिब विकास में मदद करना है.’
इसमें कहा गया है कि चिंता की बात यह है कि कुछ स्थानीय भारतीय मीडिया प्रतिष्ठान जल रोके जाने को भारत के पाकिस्तान के साथ हालिया जल विवाद से जोड़कर यह गलत धारणा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन ‘पाकिस्तान को मौन सहयोग देने के लिए दोनों दक्षिण एशियाई देशों के बीच तथाकथित जल युद्ध’ में शामिल होना चाहता है, जबकि हकीकत यह है कि ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी पर बांध परियोजना का निर्माण जून 2014 में शुरू हो गया था.’
इसमें कहा गया है कि यह बात समझी जा सकती है कि भारत नदी के प्रवाह के नीचे की ओर स्थित देश के तौर पर ब्रह्मपुत्र पर चीन के जल दोहन को लेकर संवेदनशील है. इस बात की संभावना नहीं है कि चीन एक संभावित हथियार के रूप में नदी के जल का इस्तेमाल करेगा.’ इसने इस बात का जिक्र किया है कि चीन कई देशों में बहने वाली लांसांग मीकांग नदी सहित कई नदियों का उद्गम स्रोत है. लांसांग मीकांग चीन, म्यामांर, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से होकर बहती है. इसने कहा, ‘यदि चीन ने राजनीतिक कारणों को लेकर ब्रह्मपुत्र को बाधित कर दिया तो ऐसा कदम पांच दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के बीच दहशत पैदा करेगा और उनके साथ चीन के संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा.
इसने कहा, ‘हमारा मानना है कि जब ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले तीन बड़े देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात आएगी तब चीन इस तंत्र से अनुभव हासिल करना चाहेगा. चीन और भारत के बीच जल विवाद का यह सर्वाधिक प्रभावी हल होगा.’ एक अक्टूबर को चीन ने अपने सर्वाधिक खर्चीले बांध के निर्माण को लेकर तिब्बत में शियाबुकु नदी का जल रोकने की घोषणा की थी.
शियाबुकु नदी पर लालहो परियोजना पर 74 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है. बाद में बांध के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए चीन ने कहा था कि परियोजना के जलाशय की क्षमता यारलुंग जांगबो (ब्रह्मपुत्र) के सालाना औसत प्रवाह के 0.02 प्रतिशत से भी कम ही है.
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दरअसल, समाचार पत्र में कहा गया है कि चीन जल साझेदारी के लिए भारत और बांग्लादेश की भागीदारी वाले एक बहुपक्षीय सहयोग तंत्र में शामिल होने को तैयार है. आलेख में कहा गया है कि चीन जल बंटवारे के लिए भारत और बांग्लादेश के साथ बहुपक्षीय सहयोग चाहता है. यह प्रस्ताव काफी मायने रखना है क्योंकि नदियों के जल बंटवारे को लेकर चीन की भारत के साथ कोई संधि नहीं है.
इसमें कहा गया है, ‘भारतीय लोगों के गुस्से को समझना आसान है क्योंकि उन्होंने हाल ही में ऐसी खबरें पढ़ी हैं जिनमें कहा गया है कि चीन ने ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी का जल रोक दिया है. कई देशों से होकर गुजरने वाली यह नदी दक्षिण पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम और बाद में बांग्लादेश से होकर बहती है. यह नदी इन क्षेत्रों के लिए जल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है.
आलेख में कहा गया है, ‘दरअसल भारत को इस प्रकार की परियोजनाओं पर इतनी अधिक तवज्जो देने की आवश्यकता नहीं है. इन परियोजनाओं का मकसद जल संसाधनों का उचित उपयोग एवं मुनासिब विकास में मदद करना है.’
इसमें कहा गया है कि चिंता की बात यह है कि कुछ स्थानीय भारतीय मीडिया प्रतिष्ठान जल रोके जाने को भारत के पाकिस्तान के साथ हालिया जल विवाद से जोड़कर यह गलत धारणा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन ‘पाकिस्तान को मौन सहयोग देने के लिए दोनों दक्षिण एशियाई देशों के बीच तथाकथित जल युद्ध’ में शामिल होना चाहता है, जबकि हकीकत यह है कि ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी पर बांध परियोजना का निर्माण जून 2014 में शुरू हो गया था.’
इसमें कहा गया है कि यह बात समझी जा सकती है कि भारत नदी के प्रवाह के नीचे की ओर स्थित देश के तौर पर ब्रह्मपुत्र पर चीन के जल दोहन को लेकर संवेदनशील है. इस बात की संभावना नहीं है कि चीन एक संभावित हथियार के रूप में नदी के जल का इस्तेमाल करेगा.’ इसने इस बात का जिक्र किया है कि चीन कई देशों में बहने वाली लांसांग मीकांग नदी सहित कई नदियों का उद्गम स्रोत है. लांसांग मीकांग चीन, म्यामांर, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से होकर बहती है. इसने कहा, ‘यदि चीन ने राजनीतिक कारणों को लेकर ब्रह्मपुत्र को बाधित कर दिया तो ऐसा कदम पांच दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के बीच दहशत पैदा करेगा और उनके साथ चीन के संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा.
इसने कहा, ‘हमारा मानना है कि जब ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले तीन बड़े देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात आएगी तब चीन इस तंत्र से अनुभव हासिल करना चाहेगा. चीन और भारत के बीच जल विवाद का यह सर्वाधिक प्रभावी हल होगा.’ एक अक्टूबर को चीन ने अपने सर्वाधिक खर्चीले बांध के निर्माण को लेकर तिब्बत में शियाबुकु नदी का जल रोकने की घोषणा की थी.
शियाबुकु नदी पर लालहो परियोजना पर 74 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है. बाद में बांध के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए चीन ने कहा था कि परियोजना के जलाशय की क्षमता यारलुंग जांगबो (ब्रह्मपुत्र) के सालाना औसत प्रवाह के 0.02 प्रतिशत से भी कम ही है.
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसमें कहा गया है, ‘भारतीय लोगों के गुस्से को समझना आसान है क्योंकि उन्होंने हाल ही में ऐसी खबरें पढ़ी हैं जिनमें कहा गया है कि चीन ने ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी का जल रोक दिया है. कई देशों से होकर गुजरने वाली यह नदी दक्षिण पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम और बाद में बांग्लादेश से होकर बहती है. यह नदी इन क्षेत्रों के लिए जल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है.
आलेख में कहा गया है, ‘दरअसल भारत को इस प्रकार की परियोजनाओं पर इतनी अधिक तवज्जो देने की आवश्यकता नहीं है. इन परियोजनाओं का मकसद जल संसाधनों का उचित उपयोग एवं मुनासिब विकास में मदद करना है.’
इसमें कहा गया है कि चिंता की बात यह है कि कुछ स्थानीय भारतीय मीडिया प्रतिष्ठान जल रोके जाने को भारत के पाकिस्तान के साथ हालिया जल विवाद से जोड़कर यह गलत धारणा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन ‘पाकिस्तान को मौन सहयोग देने के लिए दोनों दक्षिण एशियाई देशों के बीच तथाकथित जल युद्ध’ में शामिल होना चाहता है, जबकि हकीकत यह है कि ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी पर बांध परियोजना का निर्माण जून 2014 में शुरू हो गया था.’
इसमें कहा गया है कि यह बात समझी जा सकती है कि भारत नदी के प्रवाह के नीचे की ओर स्थित देश के तौर पर ब्रह्मपुत्र पर चीन के जल दोहन को लेकर संवेदनशील है. इस बात की संभावना नहीं है कि चीन एक संभावित हथियार के रूप में नदी के जल का इस्तेमाल करेगा.’ इसने इस बात का जिक्र किया है कि चीन कई देशों में बहने वाली लांसांग मीकांग नदी सहित कई नदियों का उद्गम स्रोत है. लांसांग मीकांग चीन, म्यामांर, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से होकर बहती है. इसने कहा, ‘यदि चीन ने राजनीतिक कारणों को लेकर ब्रह्मपुत्र को बाधित कर दिया तो ऐसा कदम पांच दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के बीच दहशत पैदा करेगा और उनके साथ चीन के संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा.
इसने कहा, ‘हमारा मानना है कि जब ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले तीन बड़े देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात आएगी तब चीन इस तंत्र से अनुभव हासिल करना चाहेगा. चीन और भारत के बीच जल विवाद का यह सर्वाधिक प्रभावी हल होगा.’ एक अक्टूबर को चीन ने अपने सर्वाधिक खर्चीले बांध के निर्माण को लेकर तिब्बत में शियाबुकु नदी का जल रोकने की घोषणा की थी.
शियाबुकु नदी पर लालहो परियोजना पर 74 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है. बाद में बांध के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए चीन ने कहा था कि परियोजना के जलाशय की क्षमता यारलुंग जांगबो (ब्रह्मपुत्र) के सालाना औसत प्रवाह के 0.02 प्रतिशत से भी कम ही है.
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आलेख में कहा गया है, ‘दरअसल भारत को इस प्रकार की परियोजनाओं पर इतनी अधिक तवज्जो देने की आवश्यकता नहीं है. इन परियोजनाओं का मकसद जल संसाधनों का उचित उपयोग एवं मुनासिब विकास में मदद करना है.’
इसमें कहा गया है कि चिंता की बात यह है कि कुछ स्थानीय भारतीय मीडिया प्रतिष्ठान जल रोके जाने को भारत के पाकिस्तान के साथ हालिया जल विवाद से जोड़कर यह गलत धारणा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन ‘पाकिस्तान को मौन सहयोग देने के लिए दोनों दक्षिण एशियाई देशों के बीच तथाकथित जल युद्ध’ में शामिल होना चाहता है, जबकि हकीकत यह है कि ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी पर बांध परियोजना का निर्माण जून 2014 में शुरू हो गया था.’
इसमें कहा गया है कि यह बात समझी जा सकती है कि भारत नदी के प्रवाह के नीचे की ओर स्थित देश के तौर पर ब्रह्मपुत्र पर चीन के जल दोहन को लेकर संवेदनशील है. इस बात की संभावना नहीं है कि चीन एक संभावित हथियार के रूप में नदी के जल का इस्तेमाल करेगा.’ इसने इस बात का जिक्र किया है कि चीन कई देशों में बहने वाली लांसांग मीकांग नदी सहित कई नदियों का उद्गम स्रोत है. लांसांग मीकांग चीन, म्यामांर, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से होकर बहती है. इसने कहा, ‘यदि चीन ने राजनीतिक कारणों को लेकर ब्रह्मपुत्र को बाधित कर दिया तो ऐसा कदम पांच दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के बीच दहशत पैदा करेगा और उनके साथ चीन के संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा.
इसने कहा, ‘हमारा मानना है कि जब ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले तीन बड़े देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात आएगी तब चीन इस तंत्र से अनुभव हासिल करना चाहेगा. चीन और भारत के बीच जल विवाद का यह सर्वाधिक प्रभावी हल होगा.’ एक अक्टूबर को चीन ने अपने सर्वाधिक खर्चीले बांध के निर्माण को लेकर तिब्बत में शियाबुकु नदी का जल रोकने की घोषणा की थी.
शियाबुकु नदी पर लालहो परियोजना पर 74 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है. बाद में बांध के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए चीन ने कहा था कि परियोजना के जलाशय की क्षमता यारलुंग जांगबो (ब्रह्मपुत्र) के सालाना औसत प्रवाह के 0.02 प्रतिशत से भी कम ही है.
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसमें कहा गया है कि चिंता की बात यह है कि कुछ स्थानीय भारतीय मीडिया प्रतिष्ठान जल रोके जाने को भारत के पाकिस्तान के साथ हालिया जल विवाद से जोड़कर यह गलत धारणा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन ‘पाकिस्तान को मौन सहयोग देने के लिए दोनों दक्षिण एशियाई देशों के बीच तथाकथित जल युद्ध’ में शामिल होना चाहता है, जबकि हकीकत यह है कि ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी पर बांध परियोजना का निर्माण जून 2014 में शुरू हो गया था.’
इसमें कहा गया है कि यह बात समझी जा सकती है कि भारत नदी के प्रवाह के नीचे की ओर स्थित देश के तौर पर ब्रह्मपुत्र पर चीन के जल दोहन को लेकर संवेदनशील है. इस बात की संभावना नहीं है कि चीन एक संभावित हथियार के रूप में नदी के जल का इस्तेमाल करेगा.’ इसने इस बात का जिक्र किया है कि चीन कई देशों में बहने वाली लांसांग मीकांग नदी सहित कई नदियों का उद्गम स्रोत है. लांसांग मीकांग चीन, म्यामांर, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से होकर बहती है. इसने कहा, ‘यदि चीन ने राजनीतिक कारणों को लेकर ब्रह्मपुत्र को बाधित कर दिया तो ऐसा कदम पांच दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के बीच दहशत पैदा करेगा और उनके साथ चीन के संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा.
इसने कहा, ‘हमारा मानना है कि जब ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले तीन बड़े देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात आएगी तब चीन इस तंत्र से अनुभव हासिल करना चाहेगा. चीन और भारत के बीच जल विवाद का यह सर्वाधिक प्रभावी हल होगा.’ एक अक्टूबर को चीन ने अपने सर्वाधिक खर्चीले बांध के निर्माण को लेकर तिब्बत में शियाबुकु नदी का जल रोकने की घोषणा की थी.
शियाबुकु नदी पर लालहो परियोजना पर 74 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है. बाद में बांध के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए चीन ने कहा था कि परियोजना के जलाशय की क्षमता यारलुंग जांगबो (ब्रह्मपुत्र) के सालाना औसत प्रवाह के 0.02 प्रतिशत से भी कम ही है.
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसमें कहा गया है कि यह बात समझी जा सकती है कि भारत नदी के प्रवाह के नीचे की ओर स्थित देश के तौर पर ब्रह्मपुत्र पर चीन के जल दोहन को लेकर संवेदनशील है. इस बात की संभावना नहीं है कि चीन एक संभावित हथियार के रूप में नदी के जल का इस्तेमाल करेगा.’ इसने इस बात का जिक्र किया है कि चीन कई देशों में बहने वाली लांसांग मीकांग नदी सहित कई नदियों का उद्गम स्रोत है. लांसांग मीकांग चीन, म्यामांर, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से होकर बहती है. इसने कहा, ‘यदि चीन ने राजनीतिक कारणों को लेकर ब्रह्मपुत्र को बाधित कर दिया तो ऐसा कदम पांच दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के बीच दहशत पैदा करेगा और उनके साथ चीन के संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा.
इसने कहा, ‘हमारा मानना है कि जब ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले तीन बड़े देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात आएगी तब चीन इस तंत्र से अनुभव हासिल करना चाहेगा. चीन और भारत के बीच जल विवाद का यह सर्वाधिक प्रभावी हल होगा.’ एक अक्टूबर को चीन ने अपने सर्वाधिक खर्चीले बांध के निर्माण को लेकर तिब्बत में शियाबुकु नदी का जल रोकने की घोषणा की थी.
शियाबुकु नदी पर लालहो परियोजना पर 74 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है. बाद में बांध के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए चीन ने कहा था कि परियोजना के जलाशय की क्षमता यारलुंग जांगबो (ब्रह्मपुत्र) के सालाना औसत प्रवाह के 0.02 प्रतिशत से भी कम ही है.
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसने कहा, ‘हमारा मानना है कि जब ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले तीन बड़े देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की बात आएगी तब चीन इस तंत्र से अनुभव हासिल करना चाहेगा. चीन और भारत के बीच जल विवाद का यह सर्वाधिक प्रभावी हल होगा.’ एक अक्टूबर को चीन ने अपने सर्वाधिक खर्चीले बांध के निर्माण को लेकर तिब्बत में शियाबुकु नदी का जल रोकने की घोषणा की थी.
शियाबुकु नदी पर लालहो परियोजना पर 74 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है. बाद में बांध के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए चीन ने कहा था कि परियोजना के जलाशय की क्षमता यारलुंग जांगबो (ब्रह्मपुत्र) के सालाना औसत प्रवाह के 0.02 प्रतिशत से भी कम ही है.
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शियाबुकु नदी पर लालहो परियोजना पर 74 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है. बाद में बांध के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए चीन ने कहा था कि परियोजना के जलाशय की क्षमता यारलुंग जांगबो (ब्रह्मपुत्र) के सालाना औसत प्रवाह के 0.02 प्रतिशत से भी कम ही है.
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर चीन और भारत के बीच फिलहाल विशेषज्ञ स्तर का तंत्र है जिसके तहत बीजिंग नदी प्रवाह पर आंकड़े मुहैया करता है. एक नये तंत्र का विचार देते हुए ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आलेख में भारत पर विभिन्न रूप में ब्रह्मपुत्र नदी का दोहन करने की कोशिश बढ़ाने का आरोप लगाया गया. इसने कहा कि कुछ कोशिशें बांग्लादेश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती थी लेकिन बांग्लादेश के पास सौदेबाजी की ताकत का अभाव होने के चलते लोगों का कम ध्यान आकृष्ट हो पाया. बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था भारत पर बहुत अधिक निर्भर है.टिप्पणियां
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसने कहा कि ब्रह्मपुत्र के प्रवाह वाले देशों के बीच एक सहयोग तंत्र स्थापित करने के प्रति भारत की इच्छा नहीं हो सकती है क्योंकि ऐसे किसी तंत्र से भारत को इस तरह के कदम उठाने से रोके जाने की संभावना है जिससे बांग्लादेश के हितों को नुकसान होता हो.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:चीन ने कहा था- तिब्बत में शियाबुकु नदी का जल प्रवाह रोकने जा रहा है
चीन ने बांध बनाने के लिए अपने इस कदम को जस्टिफाई किया है
लिखित जवाब में कहा- निचले इलाकों में इसके प्रवाह पर विपरीत असर नहीं होगा | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप-बी में खेले गए मैच में मिली जीत को श्रीलंका के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने पिछले सप्ताह श्रीलंका में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों को समर्पित की है. केनिंग्टन ओवल मैदान पर गुरुवार को खेले गए इस मैच में श्रीलंका ने भारत को सात विकेट से मात दी.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में श्रीलंका के सामने 322 रनों का मजबूत लक्ष्य रखा था. इस लक्ष्य को श्रीलंका ने अपने बल्लेबाजों की बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर 48.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया. मैच के बाद कप्तान मैथ्यूज ने कहा, "इस मैच में जीत हासिल करना हमारे लिए बेहद जरूरी था. हम जहां भी जाते हैं, हमारे समर्थक टीम का मनोबल बढ़ाने के लिए वहां पहुंचते हैं. हाल ही में हमने काफी मुश्किलों का सामना किया है. पिछले सप्ताह आई बाढ़ में कई लोगों की मौत हो गई और कई प्रभावित हुए. ऐसे में इस जीत से अपने लोगों के चेहरों पर खुशी लाकर हम अभिभूत हैं."टिप्पणियां
मैथ्यूज ने कहा, "किसी को इस मैच में जीत की उम्मीद नहीं थी. इस कारण हम पर अधिक दबाव था. हमने बिना किसी घबराहट के मैदान पर उतरकर खेलने का फैसला किया और आप देख सकते हैं कि जब हम पूरी आजादी के साथ खेलने का मन बनाते हैं, तो क्या कर सकते हैं." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में श्रीलंका के सामने 322 रनों का मजबूत लक्ष्य रखा था. इस लक्ष्य को श्रीलंका ने अपने बल्लेबाजों की बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर 48.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया. मैच के बाद कप्तान मैथ्यूज ने कहा, "इस मैच में जीत हासिल करना हमारे लिए बेहद जरूरी था. हम जहां भी जाते हैं, हमारे समर्थक टीम का मनोबल बढ़ाने के लिए वहां पहुंचते हैं. हाल ही में हमने काफी मुश्किलों का सामना किया है. पिछले सप्ताह आई बाढ़ में कई लोगों की मौत हो गई और कई प्रभावित हुए. ऐसे में इस जीत से अपने लोगों के चेहरों पर खुशी लाकर हम अभिभूत हैं."टिप्पणियां
मैथ्यूज ने कहा, "किसी को इस मैच में जीत की उम्मीद नहीं थी. इस कारण हम पर अधिक दबाव था. हमने बिना किसी घबराहट के मैदान पर उतरकर खेलने का फैसला किया और आप देख सकते हैं कि जब हम पूरी आजादी के साथ खेलने का मन बनाते हैं, तो क्या कर सकते हैं." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मैथ्यूज ने कहा, "किसी को इस मैच में जीत की उम्मीद नहीं थी. इस कारण हम पर अधिक दबाव था. हमने बिना किसी घबराहट के मैदान पर उतरकर खेलने का फैसला किया और आप देख सकते हैं कि जब हम पूरी आजादी के साथ खेलने का मन बनाते हैं, तो क्या कर सकते हैं." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:श्रीलंका ने इस मैच में टीम इंडिया को दी सात विकेट से मात
मैथ्यूज बोले-हम बाढ़ पीड़ित लोगों के चेहरे पर खुशी लेकर आए
हमने बिना घबराबट मैदान पर उतरकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Housefull 4 Box Office Collection Day 2: अक्षय कुमार (Akshay Kumar), कृति सेनन, बॉबी देओल (Bobby Deol), रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh), कृति खरबंदा और पूजा हेगड़े स्टारर हाउसफुल 4 ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया है. यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आ रही है. 25 अक्टूबर को रिलीज हुई इस फिल्म ने दमदार प्रदर्शन करते हुए तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर की फिल्म 'सांड की आंख' और राजकुमार राव की फिल्म 'मेड इन चाइना' को बॉक्स ऑफिस पर बिल्कुल भी टिकने नहीं दिया. बॉक्स ऑफिस इंडिया की वेबसाइट के मुताबिक 'हाउसफुल 4 (Housefull 4)' ने दूसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाई की. इस फिल्म ने दूसरे दिन 18 करोड़ रुपये की धुंआधार कमाई की.
वहीं बता दें, अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म 'हाउसफुल 4 (Housefull 4)' ने पहले दिन 19 से 20 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जिसके बाद यह हाउसफुल सीरीज में अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बन गई. लेकिन कमाई से इतर फिल्म 'हाउसफुल 4' समीक्षकों का दिल जीतने में कामयाब नहीं रही है. फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने 'हाउसफुल 4' को केवल डेढ़ स्टार तो दिए ही हैं, साथ ही इस मूवी को 'हाउसफुल' सीरीज की सबसे कमजोर फिल्म बताई है. ट्वीट के अनुसार फिल्म लोगों को हंसाने के लिए तो पूरी ताकत लगाती है, लेकिन इसका खराब डायरेक्शन और ओवर द टॉप परफॉर्मेंस फिल्म को ले डूबा.
'हाउसफुल 4' (Housefull 4) की कहानी 1419 के सितमगढ़ की है, जहां अक्षय (Akshay Kumar), बॉबी (Bobby Deol), रितेश, कृति, पूजा और कृति (Kriti Sanon) एक दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन कुछ वजहों से ये जुदा हो जाते हैं. छह सौ साल बाद तीनों जोड़े पुनर्जन्म लेते हैं, और इसके बाद फिर शुरू होती है हाउसफुल टाइप कन्फ्यूजन. कपल्स का मिस मैच और एक के बाद एक ढेर सारे कैमियो. कुल मिलाकर हाउसफुल 4 को पहले तीन पार्ट की तर्ज पर ही गढ़ने की कोशिश की गई है. कहानी बेहद कमजोर है. जबरदस्ती के जोक्स ठूंसे गए हैं, और कई जगह तो हंसी भी नहीं आती है. डायलॉग्स बहुत ही फीके हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अक्षय कुमार की फिल्म 'हाउसफुल 4' ने दूसरे दिन किया इतना कलेक्शन
बॉक्स ऑफिस पर मचा दिया धमाल
25 अक्टूबर को रिलीज हुई थी फिल्म | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बताते हुए भाजपा महासचिव राम माधव ने सोमवार को कहा कि भारत का पड़ोस अब केवल उसकी समस्या नहीं है बल्कि वैश्विक चुनौती बन गया है. राम माधव ने कहा कि लोकतांत्रिक दुनिया को साथ में आना चाहिए तथा पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बाध्य करना चाहिए जो एक वैश्विक समस्या बन गया है. भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों तथा दोनों देशों के बीच संवाद की गुंजाइश के बारे में पूछे जाने पर माधव ने कहा कि पिछले सात दशक में रिश्तों में उतार-चढ़ाव रहे हैं.
उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ दोस्ताना संबंध रखने में निश्चित रूप से खुशी होगी लेकिन सबसे पहले उसे सीमापार आतंकवाद के प्रमुख मुद्दे पर ध्यान देना होगा. अमेरिका-भारत सामरिक संबंध फोरम द्वारा आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे माधव ने कहा, ‘‘आज हम एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जहां पाकिस्तान को अब केवल भारत ही मुश्किल संबंधों के तौर पर नहीं देखता. दुनिया के कई देश पाकिस्तान को ऐसे चिंता के मुद्दे के तौर पर देखते हैं जहां खासतौर पर पाकिस्तान में आतंकी ढांचे के बारे में बात हो रही है.''
माधव ने कहा कि एक वक्त था जब देश भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत करने की सलाह देते थे लेकिन आज कोई ऐसा नहीं कर रहा क्योंकि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बन गया है. जम्मू कश्मीर के भाजपा मामलों के प्रभारी माधव ने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद कश्मीर के बारे में पाकिस्तान ने जिस तरह प्रतिक्रिया दी, वह वैश्विक समुदाय के सामने अलग-थलग पड़ गया है.
उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान सरकार देश के आंतरिक मामलों का प्रबंधन करने के संबंध में वाकई गंभीर नहीं है जो सर्वोच्च प्राथमिकता या प्रतिबद्धता होनी चाहिए. दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे पड़ोस में ऐसे हालात हैं.'' एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान पर लागू पाबंदियों के बारे में माधव ने कहा कि वह काली सूची में आने से बाल-बाल बचा है लेकिन कोई नहीं जानता कि अगले साल फरवरी में क्या होगा. | संक्षिप्त सारांश: राम माधव ने किया पाकिस्तान पर प्रहार
कहा- कश्मीर मुद्दे पर दुनिया में अलग-थलग पड़ा
'पाकिस्तान केवल भारत की समस्या नहीं' | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली इंडियन प्रीमियर लीग के चौथे सत्र में नहीं खेलेंगे जबकि कर्नाटक के बल्लेबाज मनीष पांडे खिलाड़ियों के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के कारण अपनी नई फ्रेंचाइजी सहारा पुणे वारियर्स की तरह से पहले चार मैच नहीं खेल पाएंगे। आईपीएल की संचालन परिषद ने गांगुली को पिछले दरवाजे से प्रवेश दिलाने की कोशिशों पर रोक लगा दी। उन्हें आठ और नौ जनवरी को बेंगलुरू में हुई खिलाड़ियों की नीलामी में नहीं खरीदा गया था। उनकी मूल कीमत 400,000 डॉलर थी। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव एन श्रीनिवासन ने कहा, फ्रेंचाइजी टीमों के विचारों के आधार पर आईपीएल संचालन परिषद ने नीलामी में नहीं बिक पाए भारतीय खिलाड़ियों को किसी टीम में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रखने का फैसला किया। इससे गांगुली ही नहीं बल्कि दो अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों वसीम जाफर और वीआरवी सिंह की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया। ये तीनों आठ और नौ जनवरी को हुई नीलामी में शामिल थे लेकिन इन्हें किसी फ्रेंचाइजी ने नहीं खरीदा। संचालन परिषद के अध्यक्ष चिरायु अमीन ने मैराथन बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि एक फ्रेंचाइजी गांगुली को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रही थी लेकिन कुछ फ्रेंचाइजी ने इस पर आपत्ति जताई इसलिए यह क्रिकेटर आईपीएल चार का हिस्सा नहीं होगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आईपीएल की संचालन परिषद ने सौरव गांगुली को पिछले दरवाजे से प्रवेश दिलाने की कोशिशों पर रोक लगा दी। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में डेंगू का क़हर जारी है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजधानी पटना में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या अब 1300 से अधिक हो गयी है. इस बीच पटना में इस बीमारी से एक सात साल के बच्ची की जहां मौत हुई, वहीं भाजपा विधायक संजीव चौरसिया भी अब प्रभावित लोगों में से एक है. सोमवार को अकेले पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में जिन 294 सैम्पल की जांच हुई, उसमें 116 पॉजिटिव पाये गये. इनमें चार लोगों को छोड़कर सभी पटना के निवासी है. परिवार वालों के अनुसार डेंगू से जिस बच्ची की मौत हुई उसकी एक निजी अस्पताल में पिछले कई दिनों से इलाज के बाद डेंगू के कारण मौत हुई. हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि इस बच्ची की पहले दो दिनों तक डॉक्टर ने टाइफाइड की दवा चलायी, जिसके कारण हो सकता है.
इस बीच पूरे स्थिति के बारे में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि पटना शहर में डेंगू मरीजों की अप्रत्याशित वृद्धि का सबसे बड़ा कारण मौसम में उतार-चढ़ाव और जल जमाव है. उन्होंने कहा कि डेंगू मरीज़ों के साथ साथ वायरल बुखार और चिकनगुनिया के भी मरीज़ों की संख्या बढ़ी है.
हालांकि उनका मानना है कि मौसम में ठंडक आने के साथ-साथ अब मरीज़ों की संख्या में कमी आएगी और बिहार के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस बार डेंगू के मरीज़ों में एक नया ट्रेंड देखा जा रहा है कि डेंगू के डंक के बावजूद मरीज़ का प्लेटलेट ज़्यादा नीचे नहीं जा रहा है. मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे पटना के अस्पतालों का फिर से दौरा करेंगे और डॉक्टरों के साथ स्थिति की समीक्षा भी करेंगे. | यह एक सारांश है: पटना में डेंगू का कहर जारी
1300 से अधिक लोग प्रभावित
सात साल की बच्ची की मौत | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शोधकर्ताओं का कहना है कि दवाओं को दो या ज्यादा हिस्सों में तोड़कर खाना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे दवा की गलत मात्रा शरीर में पुहंच सकती है। 'जर्नल ऑफ एडवांस्ड नर्सिग' में प्रकाशित शोध पत्र के हवाले से समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' में प्रकाशित समाचार में कहा गया कि दवाओं को तोड़कर खाने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि दवा की गलत मात्रा लेने पर दवा और जहर में बारीक अंतर रह जाता है। दवा की गोलियों को तोड़े जाने पर सामान्यत: यह गैर बराबर भागों में टूटती हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि तोड़कर ली जाने वाली 31 प्रतिशत गोलियों में दवा की मात्रा गलत होती है और इससे दवा की 15 से 25 प्रतिशत ज्यादा मात्रा शरीर में पहुंचने की आशंका रहती है। इस अध्ययन में पार्किंसन, हृदयाघात और गठिया जैसे रोगों के लिए दी जाने वाली दवाओं के सम्बंध में यह अध्ययन किया। अध्ययन में अनुशंसा की गई कि कम्पनियों को दवाओं की विभिन्न मात्राओं वाली गोलियों का उत्पादन करना चाहिए। | यह एक सारांश है: तोड़कर ली जाने वाली 31 प्रतिशत गोलियों में दवा की मात्रा गलत होती है और दवा की 15 से 25 प्रतिशत ज्यादा मात्रा शरीर में पहुंचने की आशंका रहती है। | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अल्पसंख्यक हजारा समुदाय के विरोध प्रदर्शन में हुए दोहरे आत्मघाती बम धमाके में कम से कम 80 लोगों की मौत हो गई, जबकि 231 अन्य घायल हुए हैं। संवाद एजेंसी अमाक़ के अनुसार, आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी की है।
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, 'इस हमले में 80 लोग शहीद हो गए और 231 अन्य घायल हुए हैं।' इसके साथ बयान में बताया गया, 'शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हमले में तीन आत्मघाती हमलावर शामिल थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने तीसरे हमलावर को मार गिराया।'
अधिकारियों ने बताया कि घायलों के कारण शहर के अस्पतालों में जगह नहीं है। इस बीच वहां खून की कमी की खबरें भी मिल रही हैं और सोशल मीडिया पर लोगों से रक्तदान करने की अपील की गई है।
टीवी पर दिख रही तस्वीरों में धमाके वाली जगह पर कई शव बिखरे देखे जा सकते हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पुलिस के हवाले से बताया कि राजधानी में एक प्रमुख विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में अल्पसंख्यक हज़ारा शियाओं का समूह प्रदर्शन कर रहे थे, जिस दौरान यह बम धमाका हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि यह विद्युत लाइन गरीबी से जूझ रहे उनके गृह प्रांत से होकर ले जाई जाए।
विरोध मार्च के आयोजनकर्ताओं में शामिल लैला मुहम्मदी ने कहा कि वह धमाके के ठीक बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंची थी और वहां उन्होंने 'कई मृतकों और घायल लोगों को देखा'। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी रमीन अंसारी ने बताया कि देमाजांग इलाके में उन्होंने करीब 8 शव देखे। प्रदर्शनकारियों ने चार घंटे की मार्च के बाद इसी जगह कैंप लगा रखा था।टिप्पणियां
इस आत्मघाती हमले से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने चौराहे के आसपास के इलाके को सील कर दिया और पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को दाखिल होने से रोक दिया। कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर भी फेंके।
इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। गनी ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन अफगानिस्तान के हर नागरिक का अधिकार है और सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।'
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, 'इस हमले में 80 लोग शहीद हो गए और 231 अन्य घायल हुए हैं।' इसके साथ बयान में बताया गया, 'शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हमले में तीन आत्मघाती हमलावर शामिल थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने तीसरे हमलावर को मार गिराया।'
अधिकारियों ने बताया कि घायलों के कारण शहर के अस्पतालों में जगह नहीं है। इस बीच वहां खून की कमी की खबरें भी मिल रही हैं और सोशल मीडिया पर लोगों से रक्तदान करने की अपील की गई है।
टीवी पर दिख रही तस्वीरों में धमाके वाली जगह पर कई शव बिखरे देखे जा सकते हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पुलिस के हवाले से बताया कि राजधानी में एक प्रमुख विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में अल्पसंख्यक हज़ारा शियाओं का समूह प्रदर्शन कर रहे थे, जिस दौरान यह बम धमाका हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि यह विद्युत लाइन गरीबी से जूझ रहे उनके गृह प्रांत से होकर ले जाई जाए।
विरोध मार्च के आयोजनकर्ताओं में शामिल लैला मुहम्मदी ने कहा कि वह धमाके के ठीक बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंची थी और वहां उन्होंने 'कई मृतकों और घायल लोगों को देखा'। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी रमीन अंसारी ने बताया कि देमाजांग इलाके में उन्होंने करीब 8 शव देखे। प्रदर्शनकारियों ने चार घंटे की मार्च के बाद इसी जगह कैंप लगा रखा था।टिप्पणियां
इस आत्मघाती हमले से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने चौराहे के आसपास के इलाके को सील कर दिया और पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को दाखिल होने से रोक दिया। कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर भी फेंके।
इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। गनी ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन अफगानिस्तान के हर नागरिक का अधिकार है और सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।'
अधिकारियों ने बताया कि घायलों के कारण शहर के अस्पतालों में जगह नहीं है। इस बीच वहां खून की कमी की खबरें भी मिल रही हैं और सोशल मीडिया पर लोगों से रक्तदान करने की अपील की गई है।
टीवी पर दिख रही तस्वीरों में धमाके वाली जगह पर कई शव बिखरे देखे जा सकते हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पुलिस के हवाले से बताया कि राजधानी में एक प्रमुख विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में अल्पसंख्यक हज़ारा शियाओं का समूह प्रदर्शन कर रहे थे, जिस दौरान यह बम धमाका हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि यह विद्युत लाइन गरीबी से जूझ रहे उनके गृह प्रांत से होकर ले जाई जाए।
विरोध मार्च के आयोजनकर्ताओं में शामिल लैला मुहम्मदी ने कहा कि वह धमाके के ठीक बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंची थी और वहां उन्होंने 'कई मृतकों और घायल लोगों को देखा'। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी रमीन अंसारी ने बताया कि देमाजांग इलाके में उन्होंने करीब 8 शव देखे। प्रदर्शनकारियों ने चार घंटे की मार्च के बाद इसी जगह कैंप लगा रखा था।टिप्पणियां
इस आत्मघाती हमले से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने चौराहे के आसपास के इलाके को सील कर दिया और पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को दाखिल होने से रोक दिया। कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर भी फेंके।
इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। गनी ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन अफगानिस्तान के हर नागरिक का अधिकार है और सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।'
टीवी पर दिख रही तस्वीरों में धमाके वाली जगह पर कई शव बिखरे देखे जा सकते हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पुलिस के हवाले से बताया कि राजधानी में एक प्रमुख विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में अल्पसंख्यक हज़ारा शियाओं का समूह प्रदर्शन कर रहे थे, जिस दौरान यह बम धमाका हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि यह विद्युत लाइन गरीबी से जूझ रहे उनके गृह प्रांत से होकर ले जाई जाए।
विरोध मार्च के आयोजनकर्ताओं में शामिल लैला मुहम्मदी ने कहा कि वह धमाके के ठीक बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंची थी और वहां उन्होंने 'कई मृतकों और घायल लोगों को देखा'। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी रमीन अंसारी ने बताया कि देमाजांग इलाके में उन्होंने करीब 8 शव देखे। प्रदर्शनकारियों ने चार घंटे की मार्च के बाद इसी जगह कैंप लगा रखा था।टिप्पणियां
इस आत्मघाती हमले से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने चौराहे के आसपास के इलाके को सील कर दिया और पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को दाखिल होने से रोक दिया। कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर भी फेंके।
इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। गनी ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन अफगानिस्तान के हर नागरिक का अधिकार है और सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।'
विरोध मार्च के आयोजनकर्ताओं में शामिल लैला मुहम्मदी ने कहा कि वह धमाके के ठीक बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंची थी और वहां उन्होंने 'कई मृतकों और घायल लोगों को देखा'। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी रमीन अंसारी ने बताया कि देमाजांग इलाके में उन्होंने करीब 8 शव देखे। प्रदर्शनकारियों ने चार घंटे की मार्च के बाद इसी जगह कैंप लगा रखा था।टिप्पणियां
इस आत्मघाती हमले से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने चौराहे के आसपास के इलाके को सील कर दिया और पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को दाखिल होने से रोक दिया। कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर भी फेंके।
इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। गनी ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन अफगानिस्तान के हर नागरिक का अधिकार है और सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।'
इस आत्मघाती हमले से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने चौराहे के आसपास के इलाके को सील कर दिया और पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को दाखिल होने से रोक दिया। कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर भी फेंके।
इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। गनी ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन अफगानिस्तान के हर नागरिक का अधिकार है और सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।'
इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। गनी ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन अफगानिस्तान के हर नागरिक का अधिकार है और सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।' | संक्षिप्त पाठ: हजारा समुदाय के विरोध प्रदर्शन के दौरान दो आत्मघाती बम धमाके हुए
प्रमुख विद्युत लाइन अपने इलाके से ले जाने की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी
इस हमले में तीन आतंकी शामिल थे, लेकिन तीसरे हमलावर को मार गिराया गया | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस ने अपने तीन सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनपर पार्टीविरोधी बयान देने का आरोप है। इनके नाम हैं कुणाल घोष, शताब्दी रॉय और तपस पाल।टिप्पणियां
इसके बाद तृणमूल सांसद कुणाल घोष ने कहा है कि उन्हें पता था कि वह बोलेंगे तो मुश्किल आएगी लेकिन आने वाले दिनों में कई और बातें बता सकते हैं। घोष ने यह भी कहा है कि उनकी हत्या की आशंका है।
आपको बता दें कि कुणाल घोष का नाम शारदा चिट फंड घोटाले के समय सामने आया था।
इसके बाद तृणमूल सांसद कुणाल घोष ने कहा है कि उन्हें पता था कि वह बोलेंगे तो मुश्किल आएगी लेकिन आने वाले दिनों में कई और बातें बता सकते हैं। घोष ने यह भी कहा है कि उनकी हत्या की आशंका है।
आपको बता दें कि कुणाल घोष का नाम शारदा चिट फंड घोटाले के समय सामने आया था।
आपको बता दें कि कुणाल घोष का नाम शारदा चिट फंड घोटाले के समय सामने आया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तृणमूल कांग्रेस ने अपने तीन सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनपर पार्टीविरोधी बयान देने का आरोप है। इनके नाम हैं कुणाल घोष, शताब्दी रॉय और तपस पाल। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय वायुसेना का AN32 विमान लापता हो गया है। यह विमान चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा था। प्लेन में 29 लोग सवार थे। भारतीय वायुसेना, नौसेना और तटरक्षक बल द्वारा व्यापक खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है, जिसमें एक पनडुब्बी, आठ विमान और 13 पोत लगाए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक 23 हज़ार फुट से अचानक प्लेन की ऊंचाई में कमी आई। इसमें भारतीय वायुसेना के 12 जवान, 6 क्रू-मेंबर, 1 नौसैनिक, 1 सेना का जवान और एक ही परिवार के 8 सदस्य मौजूद थे और यह चेन्नई के पास तंबारम एयरबेस से सुबह 8.30 बजे पोर्ट ब्लेयर के लिए रवाना हुआ था। इसे सुबह 11.15 के करीब पोर्ट ब्लेयर लैंड होना था जो नहीं हो पाया।
भारतीय वायुसेना प्रमुख ने लापता विमान के बारे में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर से जानकारी साझा की है। पर्रिकर ने कहा है कि लापता विमान और उसमें सवार कर्मियों का पता लगाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल विमान की खोज और राहत के लिए वायुसेना और नौसेना के विमान लगा दिए गए हैं। एक पी-8-आई और एक डोर्नियर को बंगाल की खाड़ी में भेज दिया गया है। प्लेन में एक एमरजेंसी बेकन लोकेटर है, जो क्रैश होने की स्थिति में सक्रिय हो जाता है। नौसेना ने एक पनडुब्बी को लोकेटेर द्वारा पानी के नीचे हुए किसी भी तरह के ट्रांसमिशन की जांच के लिए भेजा है।
अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक एयरक्राफ्ट से आखिरी बातचीत टेकऑफ के 16 मिनट बाद हुई थी और पायलट ने कहा था कि सबकुछ 'सामान्य' है। 13 युद्धपोत जिसमें करमुख, घड़ियाल, ज्योति और कूथर शामिल हैं, उन्हें इस अभियान में लगा दिया गया है।
वायुसेना की पश्चिमी कमान के पूर्व प्रमुख एके सिंह के मुताबिक 'उस इलाके में मौसम खराब हो सकता है। दक्षिण-पश्चिमी मानसून बहुत असरदार है और ऐसे मौसम में इस स्थिति को संभालना बेहद मुश्किल काम है।' लापता प्लेन एक कुरियर विमान था, जो ज्यादातर भारत के मिलेट्री बेस मलक्का स्ट्रेट्स के पास बसे युद्धनीतिक द्वीपों पर सेना के जवानों को पहुंचाता था।
नौसेना के प्रवक्ता डी के शर्मा ने कहा, 'प्लेन लापता है, फिलहाल तो हम यही कहेंगे कि उसने जरूरत से ज्यादा वक्त लगा दिया है।' 1999 में भारतीय वायुसेना का एएन32 विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने से ठीक पहले क्रैश हो गया था, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी। भारतीय वायुसेना में इस वक्त 100 से भी ज़्यादा रूस निर्मित एएन32 विमान सेवारत हैं। इन विमानों की खासियत है कि यह चार घंटे तक दोबारा ईंधनभरे बगैर भी उड़ सकते हैं और यह हर मौसम के लिए उपयुक्त होते हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक 23 हज़ार फुट से अचानक प्लेन की ऊंचाई में कमी आई। इसमें भारतीय वायुसेना के 12 जवान, 6 क्रू-मेंबर, 1 नौसैनिक, 1 सेना का जवान और एक ही परिवार के 8 सदस्य मौजूद थे और यह चेन्नई के पास तंबारम एयरबेस से सुबह 8.30 बजे पोर्ट ब्लेयर के लिए रवाना हुआ था। इसे सुबह 11.15 के करीब पोर्ट ब्लेयर लैंड होना था जो नहीं हो पाया।
भारतीय वायुसेना प्रमुख ने लापता विमान के बारे में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर से जानकारी साझा की है। पर्रिकर ने कहा है कि लापता विमान और उसमें सवार कर्मियों का पता लगाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल विमान की खोज और राहत के लिए वायुसेना और नौसेना के विमान लगा दिए गए हैं। एक पी-8-आई और एक डोर्नियर को बंगाल की खाड़ी में भेज दिया गया है। प्लेन में एक एमरजेंसी बेकन लोकेटर है, जो क्रैश होने की स्थिति में सक्रिय हो जाता है। नौसेना ने एक पनडुब्बी को लोकेटेर द्वारा पानी के नीचे हुए किसी भी तरह के ट्रांसमिशन की जांच के लिए भेजा है।
अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक एयरक्राफ्ट से आखिरी बातचीत टेकऑफ के 16 मिनट बाद हुई थी और पायलट ने कहा था कि सबकुछ 'सामान्य' है। 13 युद्धपोत जिसमें करमुख, घड़ियाल, ज्योति और कूथर शामिल हैं, उन्हें इस अभियान में लगा दिया गया है।
वायुसेना की पश्चिमी कमान के पूर्व प्रमुख एके सिंह के मुताबिक 'उस इलाके में मौसम खराब हो सकता है। दक्षिण-पश्चिमी मानसून बहुत असरदार है और ऐसे मौसम में इस स्थिति को संभालना बेहद मुश्किल काम है।' लापता प्लेन एक कुरियर विमान था, जो ज्यादातर भारत के मिलेट्री बेस मलक्का स्ट्रेट्स के पास बसे युद्धनीतिक द्वीपों पर सेना के जवानों को पहुंचाता था।
नौसेना के प्रवक्ता डी के शर्मा ने कहा, 'प्लेन लापता है, फिलहाल तो हम यही कहेंगे कि उसने जरूरत से ज्यादा वक्त लगा दिया है।' 1999 में भारतीय वायुसेना का एएन32 विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने से ठीक पहले क्रैश हो गया था, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी। भारतीय वायुसेना में इस वक्त 100 से भी ज़्यादा रूस निर्मित एएन32 विमान सेवारत हैं। इन विमानों की खासियत है कि यह चार घंटे तक दोबारा ईंधनभरे बगैर भी उड़ सकते हैं और यह हर मौसम के लिए उपयुक्त होते हैं। | यह एक सारांश है: लापता प्लेन में नौसेना व सेना के एक-एक जवान और वायुसेना के 12 जवान हैं
तंबारम एयरबेस से सुबह 8.30 बजे पोर्ट ब्लेयर के लिए हुआ था रवाना
विमान की खोज और राहत कार्य के लिए वायुसेना और नौसेना के विमान लगाए गए हैं | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पुलिस ने शराब कारोबारी पॉन्टी चड्ढा के पहले पोस्टमार्टम के गड़बड़ा जाने के बाद उसका दोबारा पोस्टमार्टम कराया। पुलिस को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि पहले पोस्टमार्टम के बाद यह बात सामने आई कि उसके शव में तीन और गोलियां अंदर रह गई हैं।
पॉन्टी के शरीर में गोलियों के कुल 15 घाव थे। शराब कारोबारी की अंत्येष्ठि उसके भाई हरदीप के साथलोदी गार्डन श्मशान में कर दी गई। पॉन्टी का दूसरा पोस्टमार्टम शाम को सात बजे के बाद एम्स में किया गया जिसमें उसके शव से तीन गोलियां बाहर निकाली गईं।
हरदीप के शरीर में गोलियों के चार घाव थे लेकिन शरीर के अंदर कोई गोली नहीं पाई गई।
छतरपुर में उस समय नाटकीय स्थिति देखने को मिली जब पुलिस उसका शव लेने के लिए दोबारा वहां गई। इसके चलते उसके अंतिम संस्कार में विलंब हुआ जो पहले शाम साढ़े चार बजे किया जाना था।टिप्पणियां
इससे पहले, जब उसके शव को लेकर वाहन वहां आ रहा था तो पुलिस ने द्वार पर ही वाहन को रोक दिया और परिजनों को बताया कि पोस्टमार्टम में गड़बड़ी हो गई। पुलिस ने कहा कि वह दोबारा पोस्टमार्टम कराएगी जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर स्थित एक फार्म हाउस में पॉन्टी और हरदीप मारे गए थे। दोनों पक्षों की ओर से कथित तौर पर गोलियां चलाए जाने के बाद शनिवर को दोनों की मौत हो गई। दोनों भाई के बीच संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विवाद था।
पॉन्टी के शरीर में गोलियों के कुल 15 घाव थे। शराब कारोबारी की अंत्येष्ठि उसके भाई हरदीप के साथलोदी गार्डन श्मशान में कर दी गई। पॉन्टी का दूसरा पोस्टमार्टम शाम को सात बजे के बाद एम्स में किया गया जिसमें उसके शव से तीन गोलियां बाहर निकाली गईं।
हरदीप के शरीर में गोलियों के चार घाव थे लेकिन शरीर के अंदर कोई गोली नहीं पाई गई।
छतरपुर में उस समय नाटकीय स्थिति देखने को मिली जब पुलिस उसका शव लेने के लिए दोबारा वहां गई। इसके चलते उसके अंतिम संस्कार में विलंब हुआ जो पहले शाम साढ़े चार बजे किया जाना था।टिप्पणियां
इससे पहले, जब उसके शव को लेकर वाहन वहां आ रहा था तो पुलिस ने द्वार पर ही वाहन को रोक दिया और परिजनों को बताया कि पोस्टमार्टम में गड़बड़ी हो गई। पुलिस ने कहा कि वह दोबारा पोस्टमार्टम कराएगी जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर स्थित एक फार्म हाउस में पॉन्टी और हरदीप मारे गए थे। दोनों पक्षों की ओर से कथित तौर पर गोलियां चलाए जाने के बाद शनिवर को दोनों की मौत हो गई। दोनों भाई के बीच संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विवाद था।
हरदीप के शरीर में गोलियों के चार घाव थे लेकिन शरीर के अंदर कोई गोली नहीं पाई गई।
छतरपुर में उस समय नाटकीय स्थिति देखने को मिली जब पुलिस उसका शव लेने के लिए दोबारा वहां गई। इसके चलते उसके अंतिम संस्कार में विलंब हुआ जो पहले शाम साढ़े चार बजे किया जाना था।टिप्पणियां
इससे पहले, जब उसके शव को लेकर वाहन वहां आ रहा था तो पुलिस ने द्वार पर ही वाहन को रोक दिया और परिजनों को बताया कि पोस्टमार्टम में गड़बड़ी हो गई। पुलिस ने कहा कि वह दोबारा पोस्टमार्टम कराएगी जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर स्थित एक फार्म हाउस में पॉन्टी और हरदीप मारे गए थे। दोनों पक्षों की ओर से कथित तौर पर गोलियां चलाए जाने के बाद शनिवर को दोनों की मौत हो गई। दोनों भाई के बीच संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विवाद था।
छतरपुर में उस समय नाटकीय स्थिति देखने को मिली जब पुलिस उसका शव लेने के लिए दोबारा वहां गई। इसके चलते उसके अंतिम संस्कार में विलंब हुआ जो पहले शाम साढ़े चार बजे किया जाना था।टिप्पणियां
इससे पहले, जब उसके शव को लेकर वाहन वहां आ रहा था तो पुलिस ने द्वार पर ही वाहन को रोक दिया और परिजनों को बताया कि पोस्टमार्टम में गड़बड़ी हो गई। पुलिस ने कहा कि वह दोबारा पोस्टमार्टम कराएगी जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर स्थित एक फार्म हाउस में पॉन्टी और हरदीप मारे गए थे। दोनों पक्षों की ओर से कथित तौर पर गोलियां चलाए जाने के बाद शनिवर को दोनों की मौत हो गई। दोनों भाई के बीच संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विवाद था।
इससे पहले, जब उसके शव को लेकर वाहन वहां आ रहा था तो पुलिस ने द्वार पर ही वाहन को रोक दिया और परिजनों को बताया कि पोस्टमार्टम में गड़बड़ी हो गई। पुलिस ने कहा कि वह दोबारा पोस्टमार्टम कराएगी जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर स्थित एक फार्म हाउस में पॉन्टी और हरदीप मारे गए थे। दोनों पक्षों की ओर से कथित तौर पर गोलियां चलाए जाने के बाद शनिवर को दोनों की मौत हो गई। दोनों भाई के बीच संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विवाद था।
दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर स्थित एक फार्म हाउस में पॉन्टी और हरदीप मारे गए थे। दोनों पक्षों की ओर से कथित तौर पर गोलियां चलाए जाने के बाद शनिवर को दोनों की मौत हो गई। दोनों भाई के बीच संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विवाद था। | संक्षिप्त पाठ: पुलिस ने शराब कारोबारी पॉन्टी चड्ढा के पहले पोस्टमार्टम के गड़बड़ा जाने के बाद उसका दोबारा पोस्टमार्टम कराया। पुलिस को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि पहले पोस्टमार्टम के बाद यह बात सामने आई कि उसके शव में तीन और गोलियां अंदर रह गई हैं। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के बक्सर जिले में युवती का अधजला शव बरामद होने के बाद बलात्कार के बाद हत्या का संदिग्ध मामला असल में ऑनर किलिंग का मामला निकला. पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि कि मुख्य आरोपी, पीड़िता के पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र नाथ वर्मा ने मंगलवार को बताया कि मृतका की पहचान रोहतास जिले के दिनारा थाना अंतर्गत दिनारा बाजार के महेंद्र प्रसाद की पुत्री के रूप में की गयी है.
उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब मृतका के परिजनों से सम्पर्क किया तो युवती की माता और भाई ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया. वर्मा ने बताया कि पुलिस ने जब कड़ाई से उनसे पूछताछ की तो परिजन ने अंत में शव के साथ मिले सैंडल से पहचान की. वर्मा ने बताया कि इस हत्याकांड में कुल छह लोग संलिप्त थे. उन्होंने बताया कि पुलिस पूछताछ में पता चला की महेंद्र के भांजे ने ही मौत की जगह को तय किया और मृतका के पिता और भाई मोटरसाइकिल पर युवती को दिनारा से लेकर बक्सर के कुकुढ़ा गांव पहुंचे जहां पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार भांजे सहित तीन अन्य व्यक्ति मौजूद थे जिन्होंने युवती को गोली मारी और शव को पेट्रोल डालकर आग लगा दी.
सूत्रों के अनुसार युवती की शादी पांच मार्च 2018 को की गई थी जहां से वह रिसेप्शन के दिन फरार हो गयी थी. ग्रामीणों के अनुसार युवती के पिता को उसके फरार होने को लेकर गांव के लोग ताना मारा करते थे जिससे तंग आकर उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस अधीक्षक ने बताया की महेंद्र सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद बक्सर के धनसोई स्थित इलाहाबाद बैंक में गार्ड का काम करता था. पुलिस ने महेंद्र के पास बैंक के गार्ड के तौर पर मौजूद राइफल और कारतूस को कब्जे में लेकर जांच के लिए एफएसएल को भेज दिया है.
गत तीन दिसंबर को उक्त युवती का शव इताढ़ी थाना अंतर्गत एक गांव के खेत से बरामद हुआ था. यह मामला हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक से बलात्कार और हत्या मामले के कुछ ही दिन बाद हुआ था जिससे यह अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि यह मामला भी वैसा ही है. शव की 120 घंटे तक पहचान नहीं हो पाने पर पुलिस ने शव को दफना दिया था. मामले को तूल पकड़ता देख शाहाबाद क्षेत्र के उपमहानिरीक्षक राकेश राठी और एफएसएल की टीम ने वारदातस्थल पहुंचकर घटना की गहनतापूर्वक जांच की थी.
वारदात के दो दिनों बाद तक युवती पहचान नहीं होने पर सूबे के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने युवती की पहचान बताने वाले को 50 हजार रुपये इनाम की राशी दिए जाने की घोषणा की थी. | संक्षिप्त सारांश: बिहार के बक्सर में युवती का मिला था अधजला शव
बलात्कार-हत्या मामला ऑनर कीलिंग का मामला निकला
पुलिस जांच के बाद तह तक पहुंची | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कुश्ती ओलिंपिक का हिस्सा बने रहने की पहली परीक्षा में बुधवार को पास हो गयी। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) ने कुश्ती को उन तीन खेलों में शामिल किया गया है जिनके लिये सिंतबर में मतदान होगा। ओलिंपिक के सबसे पुराने खेल कुश्ती को आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने फरवरी में 2020 होने वाले ओलिंपिक के मुख्य खेलों की सूची से हटा दिया था।टिप्पणियां
कुश्ती को अब 8 सितंबर को ब्यूनसआयर्स में होने वाली आईओसी की बैठक में स्क्वाश तथा साफ्टबाल एवं बेसबाल से मुकाबला करना होगा। इन तीनों में केवल एक खेल को ओलिंपिक 2020 के मुख्य खेलों में जगह मिलेगी। साफ्टबाल एवं बेसबाल को 2009 में अलग-अलग खेलों के रूप में मान्यता नहीं दी गयी थी जिसके कारण इस बार उन्होंने मिलकर दावा पेश किया है।
कुश्ती आधुनिक ओलिंपिक ही नहीं बल्कि प्राचीन ओलिंपिक खेलों का हिस्सा भी रही है। पांच अन्य खेल वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स भी ओलिंपिक में जगह बनाने की कवायद में लगे थे लेकिन इन्हें कार्यकारी बोर्ड ने अपनी सूची में जगह नहीं दी।
कुश्ती को अब 8 सितंबर को ब्यूनसआयर्स में होने वाली आईओसी की बैठक में स्क्वाश तथा साफ्टबाल एवं बेसबाल से मुकाबला करना होगा। इन तीनों में केवल एक खेल को ओलिंपिक 2020 के मुख्य खेलों में जगह मिलेगी। साफ्टबाल एवं बेसबाल को 2009 में अलग-अलग खेलों के रूप में मान्यता नहीं दी गयी थी जिसके कारण इस बार उन्होंने मिलकर दावा पेश किया है।
कुश्ती आधुनिक ओलिंपिक ही नहीं बल्कि प्राचीन ओलिंपिक खेलों का हिस्सा भी रही है। पांच अन्य खेल वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स भी ओलिंपिक में जगह बनाने की कवायद में लगे थे लेकिन इन्हें कार्यकारी बोर्ड ने अपनी सूची में जगह नहीं दी।
कुश्ती आधुनिक ओलिंपिक ही नहीं बल्कि प्राचीन ओलिंपिक खेलों का हिस्सा भी रही है। पांच अन्य खेल वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स भी ओलिंपिक में जगह बनाने की कवायद में लगे थे लेकिन इन्हें कार्यकारी बोर्ड ने अपनी सूची में जगह नहीं दी। | कुश्ती ओलिंपिक का हिस्सा बने रहने की पहली परीक्षा में बुधवार को पास हो गयी। आईओसी ने कुश्ती को उन तीन खेलों में शामिल किया गया है जिनके लिये सिंतबर में मतदान होगा। ओलिंपिक के सबसे पुराने खेल कुश्ती को आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने फरवरी में 2020 होने वाले ओ | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बिहार (Bihar Mahagathbandhan) में सियासत की राह भी अब यूपी की ओर चल पड़ी है. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नीत महगठबंधन में पहले छोटे दलों के आकर्षण से महागठबंधन के नेता उत्साहित नजर आ रहे थे लेकिन अब इन दलों की मांग ने महागठबंधन में सीट बंटवारा चुनौती हो गई है. ऐसे में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिना कांग्रेस (Congress) के गठबंधन बनाए जाने के कयास लगाए जाने लगे हैं. कांग्रेस के एक नेता की मानें तो पहले कांग्रेस के 12 से 20 सीटों पर लड़ने पर सहमति बनी थी लेकिन धीरे-धीरे अन्य दलों के इस गठबंधन में शामिल होने के बाद अब गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर किचकिच शुरू हो गई है. अब इस गठबंधन में पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के अलावा जीतन राम मांझी का हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम), मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी शामिल है. माना जाता है वामपंथी दल भी इस महागठबंधन में शामिल होंगे, हालांकि अब तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है.
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस कम से कम 16 सीटें मांग रही है और यह संकेत भी दे रही है कि कांग्रेस किसी भी हाल में 12 से कम सीटों पर समझौता नहीं करेगी. कांग्रेस के इस मांग के बाद राजद ने अपने दूसरे फॉर्मूले पर काम शुरू कर दिया है, जिसमें कांग्रेस शामिल नहीं है. राजद सूत्र ने कहा कि तेजस्वी बिना कांग्रेस के छोटे दलों के साथ गठबंधन को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि इसे लेकर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा और मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी के नेताओं से बातचीत भी हो चुकी है.
बिहार की राजनीति को करीब से देखने वाले और राजनीतिक विश्लेषक सुरेंद्र किशोर कहते हैं कि यह बड़ी बात नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हाल में हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों से उत्साहित कांग्रेस राजद की सोच से ज्यादा सीट की मांग कर रही है. ऐसे में इतना तय है कि कांग्रेस 10 सीट से नीचे नहीं जाएगी.
किशोर कहते हैं, "राजद के 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण के विरोध के कारण कांग्रेस भी राजद से दूर होकर देश में यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि राजद ने सवर्ण आरक्षण का विरोध किया था, इस कारण अलग हुए. इस बहाने को लेकर राजद भी कांग्रेस से अलग होकर अपने वोटबैंक को मजबूत करने की बात को लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी." ऐसे में कांग्रेस और राजद के अलग होना कोई बड़ी बात नहीं है. उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर भी कहा कि महागठबंधन में दलों की संख्या अधिक हो गई है, जिसे कोई नकार नहीं सकता. ऐसे में कोई भी दल सीट को लेकर त्याग करने की स्थिति में नहीं है.
इस बीच, कांग्रेस ने अपने शक्तिप्रदर्शन को लेकर तीन फरवरी को पटना के गांधी मैदान में रैली की घोषणा कर दी है. इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी के भी आने की संभावना है. रैली को लेकर कांग्रेस के नेता उत्साहित हैं.
वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी कहते हैं कि महागठबंधन में सीट बंटवारे का पेंच कांग्रेस के कारण फंसा हुआ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है, ऐसे में वह सम्मानजनक सीटों से कम पर समझौता नहीं कर सकती है. उत्तर प्रदेश की रणनीति पर राजद यहां काम कर सकती है, इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता है. भेलारी भी मानते हैं कि रालोसपा किसी हाल में चार सीटों से कम पर समझौता नहीं करेगी. कांग्रेस और हम की अपनी-अपनी मांगें हैं. ऐसे में राजद के पास कांग्रेस को छोड़कर गठबंधन बनाने का अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं बचता.
वैसे, राजद के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा, "राजद अपनी वैकल्पिक योजना पर काम कर रही है परंतु कांग्रेस के साथ बातचीत विफल नहीं हुई है. यह सही है कि कांग्रेस तीन राज्यों में विजयी हुई है परंतु बिहार में भी उसकी स्थिति में सुधार हुआ है, ऐसा नहीं है. कांग्रेस को अपनी क्षमता के अनुसार मांग करनी चाहिए."
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है. पिछले लोकसभा चुनाव में राजद ने कितनी सीटें जीती थी, उसे यह याद रखना चाहिए. यह विधानसभा चुनाव नहीं है, जहां मतदाता क्षेत्रीय दलों को मत देंगे, यह लोकसभा चुनाव है, जहां मतदाता राष्ट्रीय दलों को देखते हैं. बहरहाल, महागठबंधन में सीटों को लेकर पेंच फंसा हुआ है. यही कारण है कि महागठबंधन के नेताओं के खरमास यानी 15 जनवरी के बाद होने वाला सीट बंटवारा अब तक नहीं हुआ है. | संक्षिप्त पाठ: बिहार में कांग्रेस अकेली पड़ सकती है.
सीटों को लेकर राजद और कांग्रेस के बीच ठनी.
सवर्ण आरक्षण बिल से दोनों के बीच सहमति बनने के आसार कम. | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के बालाकोट में हुई स्ट्राइक के बाद तबाह हो गए आतंकी कैंप एक बार फिर से वहां सक्रिय हो गए हैं. 129 आतंकी लॉन्च पैड पर घुसपैठ को तैयार बैठे हुए हैं. सूत्रों का कहना है कि 5 अगस्त के बाद 100 गुना घुसपैठ बढ़ गई है और इतना ही नहीं 45 दिनों में 60 आतंकियों ने की घुसपैठ की है. उसके पहले के 7 महीने में सिर्फ़ 35 घुसपैठ हुई थी. बताया जा रहा है कि इमरान खान के अमेरिका दौरे के दौरान इन आतंकी कैंपों को हटा लिया गया था. इन कैंपों में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही है. पहले भी इसी आतंकी संगठन के कैंप यहां चलाए जा रहे थे.
गौरतलब है कि इसी साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ एक काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 44 जवानों शहीद हो गए थे. लोकसभा चुनाव के ठीक पहले हुआ यह आतंकी हमला मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था. लेकिन 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट में चल रहे आतंकी कैंपों को तबाह कर डाला था. हालांकि इस स्ट्राइक के बाद कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने दावा किया कि भारतीय वायुसेना की इस स्ट्राइक में कोई मारा नहीं गया है. लेकिन बाद में वायुसेना की ओर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा गया कि हमले के वक्त वहां पर 300 मोबाइल फोन सक्रिय थे. हालांकि वायुसेना की ओर से यह साफ नहीं किया गया कि वहां पर कितने आतंकवादी मारे गए हैं. वायुसेना का कहना था कि लाशें गिनना हमारा काम नहीं है.
अन्य खबरें : | यहाँ एक सारांश है:भारतीय सरकार के सूत्रों का दावा
आतंकी कैंप फिर शुरू हुए बालाकोट में
129 आतंकवादी घुसपैठ की फिराक में | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ‘‘चौकीदार चोर है'' के नारों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने रोड शो के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस फ्रंट फुट पर खेलेगी और राज्य में कांग्रेस सरकार बनाएगी.
अमौसी एयरपोर्ट से चलने के तीन घंटे बाद लालबाग चौराहे पर कुछ मिनट के लिए रुके रोड शो में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा राफेल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर घेरा और अपने भाषण की शुरुआत ‘‘चौकीदार चोर है'' के नारे से की. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार का अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया.
उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश देश का दिल है. अब मैंने प्रियंका और सिंधिया को यहां का महामंत्री बनाया है. इनसे कहा है कि सालों से उत्तर प्रदेश में जो अन्याय हो रहा है उसके खिलाफ लड़ना है और न्याय वाली सरकार लानी है और इनका पहला लक्ष्य लोकसभा चुनाव है.'' राहुल ने कहा कि ये लोग फ्रंट फुट पर खेलेंगे और बैक फुट पर नहीं खलेंगे.
उन्होंने कहा कि प्रियंका और सिंधिया उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएंगे और जब तक उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बनेगी तब तक कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी.
(इनपुट भाषा से) | यहाँ एक सारांश है:पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा, ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगाए
कहा- अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया
यूपी में कांग्रेस की सरकार नहीं बनेगी तब तक कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम 2007 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी अनुराग तिवारी की संदिग्ध परिस्थितयों में हुई मौत की जांच के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंच गई है. सीबीआई ने शुक्रवार को हत्या का मामला दर्ज किया था और उत्तर प्रदेश सरकार के निवेदन तथा केंद्र सरकार की अधिसूचना के आधार पर जांच अपने जिम्मे ले लिया. अनुराग का शव एक महीने पहले लखनऊ में एक अतिथि गृह के बाहर पाया गया था.
प्राथमिकी के मुताबिक, अनुराग की मौत पर उनके भाई मयंक तिवारी ने साजिश की आशंका जताई है. सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, "सीबीआई अधिकारियों के एक दल ने आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की हत्या की जांच को लेकर आज (शनिवार) लखनऊ का दौरा किया. हमने शुक्रवार रात हत्या का मामला दर्ज किया." सीबीआई ने जांच का जिम्मा उत्तर प्रदेश पुलिस से लिया है. पुलिस ने 22 मई को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस थाने में मयंक की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. अनुराग 17 मई को लखनऊ में मृत पाए गए थे.टिप्पणियां
कर्नाटक कैडर के अधिकारी बेंगलुरू में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में आयुक्त के पद पर पदस्थापित थे. उत्तर प्रदेश के बहराइच निवासी अनुराग आईएएस अधिकारियों के प्रशिक्षण के सिलसिले में पिछले कुछ दिनों से लखनऊ में थे. स्थानीय पुलिस को दिए अपने बयान में मयंक ने कहा है कि अनुराग ने उन्हें कर्नाटक में एक घोटाले को उजागर करने के बारे में बताया था और उनपर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का बेहद दबाव था. उन्होंने पुलिस से कहा कि एक बार अनुराग ने अपनी जान को भी खतरा बताया था. इस महीने की शुरुआत में अनुराग के परिजनों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और सीबीआई से मामले की जांच कराने को कहा था.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्राथमिकी के मुताबिक, अनुराग की मौत पर उनके भाई मयंक तिवारी ने साजिश की आशंका जताई है. सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, "सीबीआई अधिकारियों के एक दल ने आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की हत्या की जांच को लेकर आज (शनिवार) लखनऊ का दौरा किया. हमने शुक्रवार रात हत्या का मामला दर्ज किया." सीबीआई ने जांच का जिम्मा उत्तर प्रदेश पुलिस से लिया है. पुलिस ने 22 मई को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस थाने में मयंक की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. अनुराग 17 मई को लखनऊ में मृत पाए गए थे.टिप्पणियां
कर्नाटक कैडर के अधिकारी बेंगलुरू में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में आयुक्त के पद पर पदस्थापित थे. उत्तर प्रदेश के बहराइच निवासी अनुराग आईएएस अधिकारियों के प्रशिक्षण के सिलसिले में पिछले कुछ दिनों से लखनऊ में थे. स्थानीय पुलिस को दिए अपने बयान में मयंक ने कहा है कि अनुराग ने उन्हें कर्नाटक में एक घोटाले को उजागर करने के बारे में बताया था और उनपर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का बेहद दबाव था. उन्होंने पुलिस से कहा कि एक बार अनुराग ने अपनी जान को भी खतरा बताया था. इस महीने की शुरुआत में अनुराग के परिजनों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और सीबीआई से मामले की जांच कराने को कहा था.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कर्नाटक कैडर के अधिकारी बेंगलुरू में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में आयुक्त के पद पर पदस्थापित थे. उत्तर प्रदेश के बहराइच निवासी अनुराग आईएएस अधिकारियों के प्रशिक्षण के सिलसिले में पिछले कुछ दिनों से लखनऊ में थे. स्थानीय पुलिस को दिए अपने बयान में मयंक ने कहा है कि अनुराग ने उन्हें कर्नाटक में एक घोटाले को उजागर करने के बारे में बताया था और उनपर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का बेहद दबाव था. उन्होंने पुलिस से कहा कि एक बार अनुराग ने अपनी जान को भी खतरा बताया था. इस महीने की शुरुआत में अनुराग के परिजनों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और सीबीआई से मामले की जांच कराने को कहा था.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: IAS रहे अनुराग तिवारी के भाई मयंक ने जताई है हत्या की आशंका
मयंक के मुताबिक कर्नाटक में एक घोटाले को लेकर था अनुराग पर दबाव
अनुराग 17 मई को लखनऊ में मृत पाए गए थे | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के राज्यसभा के लिए नामांकन को चुनौती देने वाली एक याचिका बुधवार को खारिज कर दी। मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति डी मुरुगेसन व न्यायमूर्ति राजीव एंडलॉ की खंडपीठ ने दिल्ली के एक पूर्व विधायक रामगोपाल सिंह सिसौदिया द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी।टिप्पणियां
याचिका में कहा गया था कि तेंदुलकर के पास 'विशेष ज्ञान और व्यवहारिक अनुभव' नहीं है, जबकि संविधान के 80वें अनुच्छेद के मुताबिक इस तरह के नामांकन के लिए ऐसा होना आवश्यक है। वैसे केंद्र सरकार ने न्यायालय को सूचित किया था कि तेंदुलकर का राज्यसभा के लिए नामांकन संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक हुआ है।
सरकार द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है, केवल चार श्रेणियों (साहित्य, विज्ञान, कला व सामाजिक सेवा) में ही 'विशेष ज्ञान और व्यवहारिक अनुभव' का होना आवश्यक नहीं है, इसमें खेल, शिक्षा, कानून, इतिहास, अकादमिक उपलब्धियों, अर्थशास्त्र, पत्रकारिता, संसदीय प्रक्रियाओं, लोक प्रशासन, कृषि, खेल (कुश्ती) या मानव उद्यम के ऐसे ही अन्य क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। सरकार ने 26 अप्रैल को तेंदुलकर को अभिनेत्री रेखा व उद्योगपति अनु आगा के साथ राज्यसभा के लिए नामांकित किया था।
याचिका में कहा गया था कि तेंदुलकर के पास 'विशेष ज्ञान और व्यवहारिक अनुभव' नहीं है, जबकि संविधान के 80वें अनुच्छेद के मुताबिक इस तरह के नामांकन के लिए ऐसा होना आवश्यक है। वैसे केंद्र सरकार ने न्यायालय को सूचित किया था कि तेंदुलकर का राज्यसभा के लिए नामांकन संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक हुआ है।
सरकार द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है, केवल चार श्रेणियों (साहित्य, विज्ञान, कला व सामाजिक सेवा) में ही 'विशेष ज्ञान और व्यवहारिक अनुभव' का होना आवश्यक नहीं है, इसमें खेल, शिक्षा, कानून, इतिहास, अकादमिक उपलब्धियों, अर्थशास्त्र, पत्रकारिता, संसदीय प्रक्रियाओं, लोक प्रशासन, कृषि, खेल (कुश्ती) या मानव उद्यम के ऐसे ही अन्य क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। सरकार ने 26 अप्रैल को तेंदुलकर को अभिनेत्री रेखा व उद्योगपति अनु आगा के साथ राज्यसभा के लिए नामांकित किया था।
सरकार द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है, केवल चार श्रेणियों (साहित्य, विज्ञान, कला व सामाजिक सेवा) में ही 'विशेष ज्ञान और व्यवहारिक अनुभव' का होना आवश्यक नहीं है, इसमें खेल, शिक्षा, कानून, इतिहास, अकादमिक उपलब्धियों, अर्थशास्त्र, पत्रकारिता, संसदीय प्रक्रियाओं, लोक प्रशासन, कृषि, खेल (कुश्ती) या मानव उद्यम के ऐसे ही अन्य क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। सरकार ने 26 अप्रैल को तेंदुलकर को अभिनेत्री रेखा व उद्योगपति अनु आगा के साथ राज्यसभा के लिए नामांकित किया था। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली के पूर्व विधायक रामगोपाल सिंह सिसौदिया द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि सचिन तेंदुलकर के पास 'विशेष ज्ञान और व्यवहारिक अनुभव' नहीं है, जबकि संविधान के 80वें अनुच्छेद के मुताबिक इस तरह के नामांकन के लिए ऐसा होना आवश्यक है। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ऐसे समय में जब संसद विवादित लोकपाल विधेयक पर चर्चा करने की तैयारी में है, एक पूर्व नौकरशाह ने कहा है कि ज्यादातर उद्योग घराने सरकारी नीतियों को प्रभावित करने या अपने पक्ष में निर्णय के लिए सांसदों को साध करके रखते हैं। आर्थिक खुफिया ब्यूरो के पूर्व महानिदेशक बीवी कुमार ने अपनी नई किताब दि डार्कर साइड ऑफ ब्लैक मनी (काले धन का गहन अंधेरा पक्ष) में लिखा है, कुछ बड़े उद्योग घराने जोखिम से बचाव के लिए विपक्ष में बैठे सांसदों को चढ़ावा चढ़ाते हैं ताकि यह उनके हित के किसी भी मुद्दे का ये सांसद विरोध न करें। ये उद्योग घराने इस तरह के चढ़ावे को दीर्घकालीन निवेश के तौर पर मानते हैं। वर्ष 1958 में भारतीय राजस्व सेवा में शामिल होने के बाद अपने 35 वर्ष के कार्यकाल के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहने वाले कुमार ने लिखा है कि ज्यादातर राजनीतिक दल जब विपक्ष में होते हैं तो भ्रष्टाचार उजागर करने में दिलचस्पी दिखाते हैं। और सरकार गिराने या सरकार में बदलाव आने पर इस मुद्दे में उनकी दिलचस्पी घट जाती है। कुमार का कहना है कि भले ही राजनीतिक पार्टियों के बीच भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, ज्यादातर राजनीतिक दलों ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बावजूद अपने खातों की जानकारी चुनाव आयोग को मुहैया नहीं कराई है। अपनी प्रस्तावना में पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने लिखा है, डार्क साइड ऑफ ब्लैक मनी के प्रकाशन का इससे बेहतर समय और कोई नहीं हो सकता। भारत से काला धन विश्व के विभिन्न हिस्सों में जाने से न केवल देश को नुकसान हो रहा है, बल्कि आतंकियों द्वारा इस धन के दुरुपयोग की आशंका है।'' | यहाँ एक सारांश है:एक पूर्व नौकरशाह ने कहा है कि ज्यादातर उद्योग घराने सरकारी नीतियों को प्रभावित करने या अपने पक्ष में निर्णय के लिए सांसदों को साध करके रखते हैं। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने शुक्रवार को नयी दिल्ली से वॉशिंगटन डीसी के लिये अपनी पहली उड़ान शुरू की. यह अमेरिका में एयर इंडिया का पांचवां गंतव्य है. एयर इंडिया ने इस सेवा के लिए बोइंग 777-200 एलआर विमान तैनात किया गया है. विमान में कुल 238-सीटें हैं जिसमें प्रथम श्रेणी की आठ, बिजनेस श्रेणी की 35 और इकॉनमी श्रेणी की 195 सीटें हैं.
अमेरिकी दूतावास के प्रभारी मैरीके लॉस कार्लसन और एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी, एयर इंडिया के वाणिज्यिक निदेशक पंकज श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से इस विमान सेवा की शुरुआत की गयी.टिप्पणियां
अमेरिका में भारत के राजदूत नवतेज सरना, लोहानी और श्रीवास्तव भी इस पहली उड़ान से अमेरिका रवाना हुए. एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार जुलाई माह में अमेरिका जाने वाले उड़ानों की करीब 90 प्रतिशत सीटें बुक हो चुकी हैं. उन्होंने बताया कि एयर इंडिया नौ जुलाई से 17 जुलाई के बीच अमेरिका के लिये 321 सीटों वाला बड़ा विमान बोइंग-777-300 ईआर का परिचालन करेगी. अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी के लिये यह सेवा सप्ताह में तीन बार उपलब्ध होगी.
वॉशिंगटन के अलावा न्यूयार्क, नेवार्क, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को के लिए एयरइंडिया की सेवाएं उपलब्ध हैं. दिल्ली से नेवार्क, न्यूयार्क और शिकागो के लिए दैनिक उड़ान सेवाएं हैं जबकि दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान सप्ताह में छह दिन उपलब्ध है. राष्ट्रीय विमानन कंपनी अमेरिका में अन्य शहरों जैसे लॉस एंजिलिस और हयूस्टन आदि के लिए भी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रही है.
अमेरिकी दूतावास के प्रभारी मैरीके लॉस कार्लसन और एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी, एयर इंडिया के वाणिज्यिक निदेशक पंकज श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से इस विमान सेवा की शुरुआत की गयी.टिप्पणियां
अमेरिका में भारत के राजदूत नवतेज सरना, लोहानी और श्रीवास्तव भी इस पहली उड़ान से अमेरिका रवाना हुए. एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार जुलाई माह में अमेरिका जाने वाले उड़ानों की करीब 90 प्रतिशत सीटें बुक हो चुकी हैं. उन्होंने बताया कि एयर इंडिया नौ जुलाई से 17 जुलाई के बीच अमेरिका के लिये 321 सीटों वाला बड़ा विमान बोइंग-777-300 ईआर का परिचालन करेगी. अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी के लिये यह सेवा सप्ताह में तीन बार उपलब्ध होगी.
वॉशिंगटन के अलावा न्यूयार्क, नेवार्क, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को के लिए एयरइंडिया की सेवाएं उपलब्ध हैं. दिल्ली से नेवार्क, न्यूयार्क और शिकागो के लिए दैनिक उड़ान सेवाएं हैं जबकि दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान सप्ताह में छह दिन उपलब्ध है. राष्ट्रीय विमानन कंपनी अमेरिका में अन्य शहरों जैसे लॉस एंजिलिस और हयूस्टन आदि के लिए भी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रही है.
अमेरिका में भारत के राजदूत नवतेज सरना, लोहानी और श्रीवास्तव भी इस पहली उड़ान से अमेरिका रवाना हुए. एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार जुलाई माह में अमेरिका जाने वाले उड़ानों की करीब 90 प्रतिशत सीटें बुक हो चुकी हैं. उन्होंने बताया कि एयर इंडिया नौ जुलाई से 17 जुलाई के बीच अमेरिका के लिये 321 सीटों वाला बड़ा विमान बोइंग-777-300 ईआर का परिचालन करेगी. अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी के लिये यह सेवा सप्ताह में तीन बार उपलब्ध होगी.
वॉशिंगटन के अलावा न्यूयार्क, नेवार्क, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को के लिए एयरइंडिया की सेवाएं उपलब्ध हैं. दिल्ली से नेवार्क, न्यूयार्क और शिकागो के लिए दैनिक उड़ान सेवाएं हैं जबकि दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान सप्ताह में छह दिन उपलब्ध है. राष्ट्रीय विमानन कंपनी अमेरिका में अन्य शहरों जैसे लॉस एंजिलिस और हयूस्टन आदि के लिए भी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रही है.
वॉशिंगटन के अलावा न्यूयार्क, नेवार्क, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को के लिए एयरइंडिया की सेवाएं उपलब्ध हैं. दिल्ली से नेवार्क, न्यूयार्क और शिकागो के लिए दैनिक उड़ान सेवाएं हैं जबकि दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान सप्ताह में छह दिन उपलब्ध है. राष्ट्रीय विमानन कंपनी अमेरिका में अन्य शहरों जैसे लॉस एंजिलिस और हयूस्टन आदि के लिए भी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रही है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली से वाशिंगटन डीसी के लिये अपनी पहली उड़ान AI ने शुरू की
बोइंग 777-200 एलआर विमान तैनात किया गया
यह सेवा सप्ताह में तीन बार उपलब्ध होगी | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रांची की जानी−मानी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बारला की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए और बढ़ा दी गई है। रविवार को दयामणि की गिरफ्तारी के विरोध में वहां प्रदर्शन हो रहे हैं।टिप्पणियां
रविवार को दयामणि बारला को सीजेएम कोर्ट में पेशी किया गया, जिसके बाद उन्हें फिर से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें 16 अक्टूबर को गिरफ्तार करने के बाद भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दो दिन पहले उनकी जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गई।
दयामणि रांची के पिस्का नगड़ी इलाके में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन कर रही हैं। वहां किसानों की 227 एकड़ जमीन ली गई है। बताया जा रहा है कि यह जमीन लॉ कॉलेज, आईआईएम और आईआईटी खोलने के लिए ली गई है। इसको लेकर लोग लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।
रविवार को दयामणि बारला को सीजेएम कोर्ट में पेशी किया गया, जिसके बाद उन्हें फिर से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें 16 अक्टूबर को गिरफ्तार करने के बाद भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दो दिन पहले उनकी जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गई।
दयामणि रांची के पिस्का नगड़ी इलाके में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन कर रही हैं। वहां किसानों की 227 एकड़ जमीन ली गई है। बताया जा रहा है कि यह जमीन लॉ कॉलेज, आईआईएम और आईआईटी खोलने के लिए ली गई है। इसको लेकर लोग लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।
दयामणि रांची के पिस्का नगड़ी इलाके में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन कर रही हैं। वहां किसानों की 227 एकड़ जमीन ली गई है। बताया जा रहा है कि यह जमीन लॉ कॉलेज, आईआईएम और आईआईटी खोलने के लिए ली गई है। इसको लेकर लोग लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। | सारांश: रांची की पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बारला की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए और बढ़ा दी गई है। दयामणि की गिरफ्तारी के विरोध में वहां प्रदर्शन हो रहे हैं। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान विराट कोहली ( Virat Kohli) को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे मैच की श्रृंखला के दो अंतिम मैचों और इसके बाद होने वाली टी20 श्रृंखला के लिये विश्राम दिया गया है. उप कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) उनकी अनुपस्थिति में टीम की अगुवाई करेंगे. चयन समिति और टीम प्रबंधन ने पिछले दो महीनों में उनके व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए यह फैसला किया. इस दौरान उन्होंने भारत को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट और द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला में पहली बार जीत दिलायी. बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘पिछले कुछ महीनों में उनके कार्यभार को देखते हुए टीम प्रबंधन और सीनियर चयन समिति का यह विचार था कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू श्रृंखला से पहले उन्हें उचित आराम दिया जाना आदर्श होगा. ''
इसके अनुसार, ‘‘न्यूजीलैंड श्रृंखला के लिये टीम में कोहली की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल नहीं किया जायेगा. रोहित शर्मा अंतिम दो वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में टीम के कप्तान होंगे.'' ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले कोहली को वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टी20 श्रृंखला के लिये आराम दिया गया था. उन्हें सितंबर में एशिया कप के लिये भी ब्रेक दिया गया था और रोहित ने संयुक्त अरब अमीरात में टीम की अगुवाई करते हुए टीम को खिताब दिलाया था. भारतीय खिलाड़ियों का मई से जुलाई तक होने वाले विश्व कप के लिये कार्यक्रम काफी व्यस्त है.
भारत 24 फरवरी से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच वनडे की मेजबानी करेगा और इसके तुरंत बाद आईपीएल आयोजित किया जायेगा. भारत ने बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरूआती मैच में जीत दर्ज कर भारत के खिलाफ मौजूदा वनडे श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली है. | संक्षिप्त सारांश: विराट कोहली को न्यूजीलैंड के खिलाफ दो वनडे से आराम
टी-20 सीरीज के लिए भी आराम
रोहित शर्मा उनकी अनुपस्थिति में होंगे कप्तान | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली की एक अदालत के सामने सरकारी खजाने को 90 करोड़ रुपये से अधिक की कथित हानि से जुड़े राष्ट्रमंडल खेलों के एक घोटाले के मामले में बुधवार को सुनवाई शुरू हुई। इस मामले में सुरेश कलमाड़ी और नौ अन्य आरोपी हैं।
अदालत ने आज राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी एक महिला अधिकारी के बयान दर्ज किए। राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के निष्कासित अध्यक्ष कलमाड़ी के अलावा अन्य आरोपियों में समिति के पूर्व महासचिव ललित भानोट और पूर्व महानिदेशक वीके वर्मा शामिल हैं।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रविन्द्र कौर ने सीबीआई की पहली गवाह और राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान संचार एवं प्रकाशन निदेशक रहीं आनंदा स्वरूप के बयान दर्ज किए।
विशेष न्यायाधीश ने ही भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत आरोप तय करके सुनवाई का रास्ता साफ किया था।
अदालत में आज दिनभर बयान दर्ज किये गये और इस दौरान आनंदा ने उस आशय पत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) के बारे में बयान दिए जिसे टाइमिंग, स्कोरिंग एंड रिजल्ट (टीएसआर) उपकरण खरीद के संबंध में आयोजन समिति की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था।
कलमाड़ी और अन्य राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टीएसआर प्रणाली लगाने के लिए एक कंपनी ‘स्विस टाइमिंग’ से ‘अवैध’ तरीके से अनुबंध करने से संबंधित है। इस दौरान सरकारी खजाने को 90 करोड़ रुपये से अधिक की हानि हुई।टिप्पणियां
इस मामले की जांच के दौरान आनंदा ने सीबीआई को बताया था कि उन्हें आयोजन समिति के महासचिव के कार्यालय के एक अधिकारी से 21 मार्च 2009 को एक ईमेल आया था जिसमें कहा गया था कि वेबसाइट पर आशय पत्र से संबंधित दस्तावेजों को वेबसाइट पर डाल दिया जाए।
सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों का आरोप है जिसमें अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है।
अदालत ने आज राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी एक महिला अधिकारी के बयान दर्ज किए। राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के निष्कासित अध्यक्ष कलमाड़ी के अलावा अन्य आरोपियों में समिति के पूर्व महासचिव ललित भानोट और पूर्व महानिदेशक वीके वर्मा शामिल हैं।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रविन्द्र कौर ने सीबीआई की पहली गवाह और राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान संचार एवं प्रकाशन निदेशक रहीं आनंदा स्वरूप के बयान दर्ज किए।
विशेष न्यायाधीश ने ही भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत आरोप तय करके सुनवाई का रास्ता साफ किया था।
अदालत में आज दिनभर बयान दर्ज किये गये और इस दौरान आनंदा ने उस आशय पत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) के बारे में बयान दिए जिसे टाइमिंग, स्कोरिंग एंड रिजल्ट (टीएसआर) उपकरण खरीद के संबंध में आयोजन समिति की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था।
कलमाड़ी और अन्य राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टीएसआर प्रणाली लगाने के लिए एक कंपनी ‘स्विस टाइमिंग’ से ‘अवैध’ तरीके से अनुबंध करने से संबंधित है। इस दौरान सरकारी खजाने को 90 करोड़ रुपये से अधिक की हानि हुई।टिप्पणियां
इस मामले की जांच के दौरान आनंदा ने सीबीआई को बताया था कि उन्हें आयोजन समिति के महासचिव के कार्यालय के एक अधिकारी से 21 मार्च 2009 को एक ईमेल आया था जिसमें कहा गया था कि वेबसाइट पर आशय पत्र से संबंधित दस्तावेजों को वेबसाइट पर डाल दिया जाए।
सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों का आरोप है जिसमें अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रविन्द्र कौर ने सीबीआई की पहली गवाह और राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान संचार एवं प्रकाशन निदेशक रहीं आनंदा स्वरूप के बयान दर्ज किए।
विशेष न्यायाधीश ने ही भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत आरोप तय करके सुनवाई का रास्ता साफ किया था।
अदालत में आज दिनभर बयान दर्ज किये गये और इस दौरान आनंदा ने उस आशय पत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) के बारे में बयान दिए जिसे टाइमिंग, स्कोरिंग एंड रिजल्ट (टीएसआर) उपकरण खरीद के संबंध में आयोजन समिति की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था।
कलमाड़ी और अन्य राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टीएसआर प्रणाली लगाने के लिए एक कंपनी ‘स्विस टाइमिंग’ से ‘अवैध’ तरीके से अनुबंध करने से संबंधित है। इस दौरान सरकारी खजाने को 90 करोड़ रुपये से अधिक की हानि हुई।टिप्पणियां
इस मामले की जांच के दौरान आनंदा ने सीबीआई को बताया था कि उन्हें आयोजन समिति के महासचिव के कार्यालय के एक अधिकारी से 21 मार्च 2009 को एक ईमेल आया था जिसमें कहा गया था कि वेबसाइट पर आशय पत्र से संबंधित दस्तावेजों को वेबसाइट पर डाल दिया जाए।
सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों का आरोप है जिसमें अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है।
विशेष न्यायाधीश ने ही भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत आरोप तय करके सुनवाई का रास्ता साफ किया था।
अदालत में आज दिनभर बयान दर्ज किये गये और इस दौरान आनंदा ने उस आशय पत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) के बारे में बयान दिए जिसे टाइमिंग, स्कोरिंग एंड रिजल्ट (टीएसआर) उपकरण खरीद के संबंध में आयोजन समिति की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था।
कलमाड़ी और अन्य राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टीएसआर प्रणाली लगाने के लिए एक कंपनी ‘स्विस टाइमिंग’ से ‘अवैध’ तरीके से अनुबंध करने से संबंधित है। इस दौरान सरकारी खजाने को 90 करोड़ रुपये से अधिक की हानि हुई।टिप्पणियां
इस मामले की जांच के दौरान आनंदा ने सीबीआई को बताया था कि उन्हें आयोजन समिति के महासचिव के कार्यालय के एक अधिकारी से 21 मार्च 2009 को एक ईमेल आया था जिसमें कहा गया था कि वेबसाइट पर आशय पत्र से संबंधित दस्तावेजों को वेबसाइट पर डाल दिया जाए।
सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों का आरोप है जिसमें अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है।
अदालत में आज दिनभर बयान दर्ज किये गये और इस दौरान आनंदा ने उस आशय पत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) के बारे में बयान दिए जिसे टाइमिंग, स्कोरिंग एंड रिजल्ट (टीएसआर) उपकरण खरीद के संबंध में आयोजन समिति की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था।
कलमाड़ी और अन्य राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टीएसआर प्रणाली लगाने के लिए एक कंपनी ‘स्विस टाइमिंग’ से ‘अवैध’ तरीके से अनुबंध करने से संबंधित है। इस दौरान सरकारी खजाने को 90 करोड़ रुपये से अधिक की हानि हुई।टिप्पणियां
इस मामले की जांच के दौरान आनंदा ने सीबीआई को बताया था कि उन्हें आयोजन समिति के महासचिव के कार्यालय के एक अधिकारी से 21 मार्च 2009 को एक ईमेल आया था जिसमें कहा गया था कि वेबसाइट पर आशय पत्र से संबंधित दस्तावेजों को वेबसाइट पर डाल दिया जाए।
सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों का आरोप है जिसमें अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है।
कलमाड़ी और अन्य राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टीएसआर प्रणाली लगाने के लिए एक कंपनी ‘स्विस टाइमिंग’ से ‘अवैध’ तरीके से अनुबंध करने से संबंधित है। इस दौरान सरकारी खजाने को 90 करोड़ रुपये से अधिक की हानि हुई।टिप्पणियां
इस मामले की जांच के दौरान आनंदा ने सीबीआई को बताया था कि उन्हें आयोजन समिति के महासचिव के कार्यालय के एक अधिकारी से 21 मार्च 2009 को एक ईमेल आया था जिसमें कहा गया था कि वेबसाइट पर आशय पत्र से संबंधित दस्तावेजों को वेबसाइट पर डाल दिया जाए।
सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों का आरोप है जिसमें अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है।
इस मामले की जांच के दौरान आनंदा ने सीबीआई को बताया था कि उन्हें आयोजन समिति के महासचिव के कार्यालय के एक अधिकारी से 21 मार्च 2009 को एक ईमेल आया था जिसमें कहा गया था कि वेबसाइट पर आशय पत्र से संबंधित दस्तावेजों को वेबसाइट पर डाल दिया जाए।
सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों का आरोप है जिसमें अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है।
सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों का आरोप है जिसमें अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली की एक अदालत के सामने सरकारी खजाने को 90 करोड़ रुपये से अधिक की कथित हानि से जुड़े राष्ट्रमंडल खेलों के एक घोटाले के मामले में बुधवार को सुनवाई शुरू हुई। इस मामले में सुरेश कलमाड़ी और नौ अन्य आरोपी हैं। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: टेनिस के डबल्स के विशेषज्ञ भारत के रोहन बोपन्ना ने कहा है कि वह पिछले साल के लचर प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए 2017 में बड़ी सफलता हासिल करने पर ध्यान लगाना चाहते हैं.
यहां एडुस्पोर्ट्स और रोहन बोपन्ना टेनिस अकादमी के बीच साझेदारी की घोषणा के बाद बोपन्ना ने संवाददाताओं से कहा, ‘यहां नकारात्मक चीजों (लिएंडर पेस के साथ हाल में ट्विटर पर बहस पर) पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. हमारा ध्यान 2017 में बड़ी चीजें हासिल करने पर होना चाहिए.’आगामी सत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए बोपन्ना ने कहा, ‘मोदीजी को देखिये, नोटबंदी लागू करके उन्होंने बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है.’ नए साझेदार पाब्लो क्यूवास के बारे में पूछने पर बोपन्ना ने कहा कि वह अर्जेन्टीना के इस खिलाड़ी से उसके एकल कार्यक्रम के अनुसार जुड़ेंगे.
उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर क्यूवास की प्राथमिकता एकल है. मैं उसके कार्यक्रम के अनुसार खेलूंगा. जहां भी क्यूवास एकल वर्ग में खेलेगा, मैं वहां उसके साथ जुडूंगा और युगल मुकाबलों में हिस्सा लूंगा.’ एक सवाल के जवाब में बोपन्ना ने कहा कि डेविस कप एशिया ओसियाना ग्रुप एक मुकाबले में न्यूजीलैड के खिलाफ एकल मुकाबला अहम होगा. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘विश्व ग्रुप में क्वालीफाई करने के लिए हमें दो अच्छे एकल खिलाड़ी चाहिए क्योंकि पांच अंक में से चार अंक एकल से आते हैं. मुझे उम्मीद है कि साकेत माइनेनी, युकी भांबरी और रामकुमार रामनाथन अब शीर्ष खिलाड़ियों को हरा सकते हैं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहां एडुस्पोर्ट्स और रोहन बोपन्ना टेनिस अकादमी के बीच साझेदारी की घोषणा के बाद बोपन्ना ने संवाददाताओं से कहा, ‘यहां नकारात्मक चीजों (लिएंडर पेस के साथ हाल में ट्विटर पर बहस पर) पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. हमारा ध्यान 2017 में बड़ी चीजें हासिल करने पर होना चाहिए.’आगामी सत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए बोपन्ना ने कहा, ‘मोदीजी को देखिये, नोटबंदी लागू करके उन्होंने बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है.’ नए साझेदार पाब्लो क्यूवास के बारे में पूछने पर बोपन्ना ने कहा कि वह अर्जेन्टीना के इस खिलाड़ी से उसके एकल कार्यक्रम के अनुसार जुड़ेंगे.
उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर क्यूवास की प्राथमिकता एकल है. मैं उसके कार्यक्रम के अनुसार खेलूंगा. जहां भी क्यूवास एकल वर्ग में खेलेगा, मैं वहां उसके साथ जुडूंगा और युगल मुकाबलों में हिस्सा लूंगा.’ एक सवाल के जवाब में बोपन्ना ने कहा कि डेविस कप एशिया ओसियाना ग्रुप एक मुकाबले में न्यूजीलैड के खिलाफ एकल मुकाबला अहम होगा. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘विश्व ग्रुप में क्वालीफाई करने के लिए हमें दो अच्छे एकल खिलाड़ी चाहिए क्योंकि पांच अंक में से चार अंक एकल से आते हैं. मुझे उम्मीद है कि साकेत माइनेनी, युकी भांबरी और रामकुमार रामनाथन अब शीर्ष खिलाड़ियों को हरा सकते हैं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर क्यूवास की प्राथमिकता एकल है. मैं उसके कार्यक्रम के अनुसार खेलूंगा. जहां भी क्यूवास एकल वर्ग में खेलेगा, मैं वहां उसके साथ जुडूंगा और युगल मुकाबलों में हिस्सा लूंगा.’ एक सवाल के जवाब में बोपन्ना ने कहा कि डेविस कप एशिया ओसियाना ग्रुप एक मुकाबले में न्यूजीलैड के खिलाफ एकल मुकाबला अहम होगा. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘विश्व ग्रुप में क्वालीफाई करने के लिए हमें दो अच्छे एकल खिलाड़ी चाहिए क्योंकि पांच अंक में से चार अंक एकल से आते हैं. मुझे उम्मीद है कि साकेत माइनेनी, युकी भांबरी और रामकुमार रामनाथन अब शीर्ष खिलाड़ियों को हरा सकते हैं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘विश्व ग्रुप में क्वालीफाई करने के लिए हमें दो अच्छे एकल खिलाड़ी चाहिए क्योंकि पांच अंक में से चार अंक एकल से आते हैं. मुझे उम्मीद है कि साकेत माइनेनी, युकी भांबरी और रामकुमार रामनाथन अब शीर्ष खिलाड़ियों को हरा सकते हैं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:बोपन्ना का ध्यान 2017 में बड़ी सफलता हासिल करने पर है
कहा-नकारात्मक बातों पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है
डेविस कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले को महत्वपूर्ण माना | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व दूरसंचार मंत्री अरुण शौरी 2-जी स्पेक्ट्रम के सिलसिले में शुक्रवार को सीबीआई के समक्ष उपस्थित हुए और कहा कि वास्तविक मुद्दा रिश्वतखोरी का है न कि स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए अपनाई गई नीति का। सीबीआई मुख्यालय में जाने से पहले उन्होंने कहा कि सरकार बेतुका तर्क देकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है। वाजपेयी सरकार में दूरसंचार मंत्री रहे शौरी ने कहा कि वह सीबीआई की हरसंभव मदद करेंगे और 50 पन्नों का दस्तावेज सौंपेंगे, जिसमें 'पहले आओ-पहले पाओ' जैसी नीतियों पर विस्तृत सवालों का जवाब होगा। उन्होंने कहा, यह काफी मजेदार बिंदु (पहले आओ-पहले पाओ का आधार) है। यह जनता की आंखों में धूल झोंकना है। मुद्दा यह है कि ए राजा ने धन बनाया, भले ही यह पहले आओ-पहले पाओ की नीति हो या नहीं, इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया गया। उन्हें जेल में रखा गया। उन्होंने कहा, मुद्दा स्पेक्ट्रम के आवंटन से धन बनाने का है। ज्यादा महत्वपूर्ण था कि उनके (राजा के) पर्यवेक्षकों ने भी ध्यान नहीं दिया। वे सो रहे थे। यह मुद्दा है। शौरी ने कहा, इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सरकार पहले आओ-पहले पाओ का तर्क दे रही है। 2001 से दूरसंचार नीति में संभावित आपराधिक पहलुओं की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए शौरी सीबीआई के समक्ष उपस्थित हुए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पूर्व दूरसंचार मंत्री अरुण शौरी 2-जी स्पेक्ट्रम के सिलसिले में शुक्रवार को सीबीआई के समक्ष उपस्थित हुए। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रांची टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ के बाद तेजतर्रार बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल भी शतक लगाने में कामयाब हुए हैं. स्मिथ ने जहां मैच में पहले दिन शतक बनाया था वहीं मैक्सवेल ने दूसरे दिन शतक पूरा किया. मूल रूप से शॉर्टर फॉर्मेट के विशेषज्ञ खिलाड़ी माने जाने वाले मैक्सवेल ने इस शतकीय पारी से साबित किया है कि उनमें टेस्ट क्रिकेट में भी कामयाब होने का जज्बा है. मैक्सवेल के टेस्ट करियर का यह पहला शतक है. मैक्सवेल के करियर का यह चौथा टेस्ट है.टिप्पणियां
रांची में टीम इंडिया के खिलाफ शतकीय पारी से मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में नियमित स्थान बनाने का दावा पेश किया है. इस पारी के दौरान मैक्सवेल और टीम इंडिया के बल्लेबाज करुण नायर के बीच अजीब समानता सामने आई. दरअसल, मैक्सवेल और नायर का जो टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च स्कोर है, उतनी रनसंख्या ये दोनों बल्लेबाज अपनी बाकी की सारी पारियों को मिलाकर भी नहीं बना पाए हैं. पहले बात, रांची में शतक बनाने वाले मैक्सवेल की. 'मैक्सी' ने इस टेस्ट की पहली पारी में 104 रन की पारी खेली. उन्हें लेग स्पिनर रवींद्र जडेजा ने विकेटकीपर साहा के हाथों कैच कराया. 104 रन के इस स्कोर को अलग कर दें तो मैक्सवेल का शेष तीन टेस्ट की छह पारियों का जोड़ 80 रन है. दूसरे शब्दों में कहें तो मैक्सवेल ने रांची में जितने रन बनाए, उतने रन वे अपने तीन टेस्ट की छह पारियों में मिलाकर भी नहीं बना पाए. भारत के खिलाफ हैदराबाद (मार्च 2013) में टेस्ट डेब्यू करने वाले मैक्सवेल ने अपने पहले टेस्ट में 13 रन और 8 रन बनाए थे. दिल्ली के अपने दूसरे टेस्ट में उनका स्कोर 10 और 8 रन रहा. मैक्सवेल ने अपना तीसरा टेस्ट पाकिस्तान के खिलाफ अबूधाबी में खेला जिसमें उन्होंने 37 और 4 रन बनाए. रांची टेस्ट के दूसरे दिन की शुरुआत मैक्सवेल के लिए नाटकीय सी रही. दिन की पहली ही गेंद पर उमेश यादव की तेज गेंद पर उनका बल्ला टूट गया.
टीम इंडिया के नवोदित बल्लेबाज करुण नायर की स्थिति भी मैक्सवेल की तरह ही है. करुण ने अपने टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ तिहरे शतक के रूप में बनाया था. इस मैच में करुण ने नाबाद 303 रन बनाए थे. रांची में करुण अपना पांचवां टेस्ट खेल रहे हैं. नाबाद 303 रन की उनकी सर्वोच्च पारी को छोड़ दिया जाए तो शेष चार पारियों में उनकी रन संख्या का जोड़ 43 रन.. जी हां महज 43 रन रहा. इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली में टेस्ट करियर का आगाज करने वाले इस मैच में 4 रन (दूसरी पारी में बैटिंग का मौका नहीं मिला) बनाए. मुंबई टेस्ट की एक पारी में उन्होंने 13 रन बनाए . चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ बनाए गए 303* के स्कोर के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरू टेस्ट में मौका मिला जिसमें उन्होंने पहली पारी में 26 रन बनाए जबकि दूसरी पारी में बिना कोई रन बनाए (0) आउट हो गए.
रांची में टीम इंडिया के खिलाफ शतकीय पारी से मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में नियमित स्थान बनाने का दावा पेश किया है. इस पारी के दौरान मैक्सवेल और टीम इंडिया के बल्लेबाज करुण नायर के बीच अजीब समानता सामने आई. दरअसल, मैक्सवेल और नायर का जो टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च स्कोर है, उतनी रनसंख्या ये दोनों बल्लेबाज अपनी बाकी की सारी पारियों को मिलाकर भी नहीं बना पाए हैं. पहले बात, रांची में शतक बनाने वाले मैक्सवेल की. 'मैक्सी' ने इस टेस्ट की पहली पारी में 104 रन की पारी खेली. उन्हें लेग स्पिनर रवींद्र जडेजा ने विकेटकीपर साहा के हाथों कैच कराया. 104 रन के इस स्कोर को अलग कर दें तो मैक्सवेल का शेष तीन टेस्ट की छह पारियों का जोड़ 80 रन है. दूसरे शब्दों में कहें तो मैक्सवेल ने रांची में जितने रन बनाए, उतने रन वे अपने तीन टेस्ट की छह पारियों में मिलाकर भी नहीं बना पाए. भारत के खिलाफ हैदराबाद (मार्च 2013) में टेस्ट डेब्यू करने वाले मैक्सवेल ने अपने पहले टेस्ट में 13 रन और 8 रन बनाए थे. दिल्ली के अपने दूसरे टेस्ट में उनका स्कोर 10 और 8 रन रहा. मैक्सवेल ने अपना तीसरा टेस्ट पाकिस्तान के खिलाफ अबूधाबी में खेला जिसमें उन्होंने 37 और 4 रन बनाए. रांची टेस्ट के दूसरे दिन की शुरुआत मैक्सवेल के लिए नाटकीय सी रही. दिन की पहली ही गेंद पर उमेश यादव की तेज गेंद पर उनका बल्ला टूट गया.
टीम इंडिया के नवोदित बल्लेबाज करुण नायर की स्थिति भी मैक्सवेल की तरह ही है. करुण ने अपने टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ तिहरे शतक के रूप में बनाया था. इस मैच में करुण ने नाबाद 303 रन बनाए थे. रांची में करुण अपना पांचवां टेस्ट खेल रहे हैं. नाबाद 303 रन की उनकी सर्वोच्च पारी को छोड़ दिया जाए तो शेष चार पारियों में उनकी रन संख्या का जोड़ 43 रन.. जी हां महज 43 रन रहा. इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली में टेस्ट करियर का आगाज करने वाले इस मैच में 4 रन (दूसरी पारी में बैटिंग का मौका नहीं मिला) बनाए. मुंबई टेस्ट की एक पारी में उन्होंने 13 रन बनाए . चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ बनाए गए 303* के स्कोर के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरू टेस्ट में मौका मिला जिसमें उन्होंने पहली पारी में 26 रन बनाए जबकि दूसरी पारी में बिना कोई रन बनाए (0) आउट हो गए.
टीम इंडिया के नवोदित बल्लेबाज करुण नायर की स्थिति भी मैक्सवेल की तरह ही है. करुण ने अपने टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ तिहरे शतक के रूप में बनाया था. इस मैच में करुण ने नाबाद 303 रन बनाए थे. रांची में करुण अपना पांचवां टेस्ट खेल रहे हैं. नाबाद 303 रन की उनकी सर्वोच्च पारी को छोड़ दिया जाए तो शेष चार पारियों में उनकी रन संख्या का जोड़ 43 रन.. जी हां महज 43 रन रहा. इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली में टेस्ट करियर का आगाज करने वाले इस मैच में 4 रन (दूसरी पारी में बैटिंग का मौका नहीं मिला) बनाए. मुंबई टेस्ट की एक पारी में उन्होंने 13 रन बनाए . चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ बनाए गए 303* के स्कोर के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरू टेस्ट में मौका मिला जिसमें उन्होंने पहली पारी में 26 रन बनाए जबकि दूसरी पारी में बिना कोई रन बनाए (0) आउट हो गए. | यहाँ एक सारांश है:जो है सर्वोच्च स्कोर, उतने रन बाकी पारियों में मिलाकर भी नहीं बना पाए
रांची टेस्ट में ग्लेन मैक्सवेल ने खेली है शतकीय पारी
चेन्नई टेस्ट में तिहरा शतक बनाकर सुर्खियों में आए थे करुण नायर | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने बुधवार स्वीकार किया कि निर्यात को बढ़ावा देने क लिए जिन 587 विशेष आर्थिक जोन (सेज) को मंजूरी दी गयी थी उनमें से एक चौथाई ही चालू हो पाए हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान तपन कुमार सेन, सुब्बारामी रेड्डी आदि सदस्यों के पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अब तक सेज के 587 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी थी जबकि 47 प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गयी है। इनमें से 380 की अधिसूचना जारी हो गयी है और 154 सेज काम कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि अगर सेज के चालू होने में स्वीकार्य सीमा से अधिक की देरी होगी तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई मामलों में सेज को अधिसूचना से बाहर किए जाने का अनुरोध मिला है।
उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2011 की स्थिति के अनुसार सेज में कुल 2,49,631 करोड़ रुपए का निवेश हुआ और करीब आठ लाख लोगों को रोजगार मिला है। टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि विशेष आर्थिक जोन (सेज) से 2010-11 में 3,15,868 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया जो पिछले साल की तुलना में 43.11 प्रतिशत अधिक है। शर्मा ने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश के कुल निर्यात में करीब 25 प्रतिशत हिस्सा सेज का है।
शर्मा ने कहा कि इस साल देश का निर्यात 300 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है जो पिछले साल 252 अरब डॉलर था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान तपन कुमार सेन, सुब्बारामी रेड्डी आदि सदस्यों के पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अब तक सेज के 587 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी थी जबकि 47 प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गयी है। इनमें से 380 की अधिसूचना जारी हो गयी है और 154 सेज काम कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि अगर सेज के चालू होने में स्वीकार्य सीमा से अधिक की देरी होगी तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई मामलों में सेज को अधिसूचना से बाहर किए जाने का अनुरोध मिला है।
उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2011 की स्थिति के अनुसार सेज में कुल 2,49,631 करोड़ रुपए का निवेश हुआ और करीब आठ लाख लोगों को रोजगार मिला है। टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि विशेष आर्थिक जोन (सेज) से 2010-11 में 3,15,868 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया जो पिछले साल की तुलना में 43.11 प्रतिशत अधिक है। शर्मा ने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश के कुल निर्यात में करीब 25 प्रतिशत हिस्सा सेज का है।
शर्मा ने कहा कि इस साल देश का निर्यात 300 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है जो पिछले साल 252 अरब डॉलर था।
उन्होंने बताया कि अब तक सेज के 587 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी थी जबकि 47 प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गयी है। इनमें से 380 की अधिसूचना जारी हो गयी है और 154 सेज काम कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि अगर सेज के चालू होने में स्वीकार्य सीमा से अधिक की देरी होगी तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई मामलों में सेज को अधिसूचना से बाहर किए जाने का अनुरोध मिला है।
उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2011 की स्थिति के अनुसार सेज में कुल 2,49,631 करोड़ रुपए का निवेश हुआ और करीब आठ लाख लोगों को रोजगार मिला है। टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि विशेष आर्थिक जोन (सेज) से 2010-11 में 3,15,868 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया जो पिछले साल की तुलना में 43.11 प्रतिशत अधिक है। शर्मा ने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश के कुल निर्यात में करीब 25 प्रतिशत हिस्सा सेज का है।
शर्मा ने कहा कि इस साल देश का निर्यात 300 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है जो पिछले साल 252 अरब डॉलर था।
शर्मा ने कहा कि अगर सेज के चालू होने में स्वीकार्य सीमा से अधिक की देरी होगी तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई मामलों में सेज को अधिसूचना से बाहर किए जाने का अनुरोध मिला है।
उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2011 की स्थिति के अनुसार सेज में कुल 2,49,631 करोड़ रुपए का निवेश हुआ और करीब आठ लाख लोगों को रोजगार मिला है। टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि विशेष आर्थिक जोन (सेज) से 2010-11 में 3,15,868 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया जो पिछले साल की तुलना में 43.11 प्रतिशत अधिक है। शर्मा ने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश के कुल निर्यात में करीब 25 प्रतिशत हिस्सा सेज का है।
शर्मा ने कहा कि इस साल देश का निर्यात 300 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है जो पिछले साल 252 अरब डॉलर था।
उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2011 की स्थिति के अनुसार सेज में कुल 2,49,631 करोड़ रुपए का निवेश हुआ और करीब आठ लाख लोगों को रोजगार मिला है। टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि विशेष आर्थिक जोन (सेज) से 2010-11 में 3,15,868 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया जो पिछले साल की तुलना में 43.11 प्रतिशत अधिक है। शर्मा ने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश के कुल निर्यात में करीब 25 प्रतिशत हिस्सा सेज का है।
शर्मा ने कहा कि इस साल देश का निर्यात 300 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है जो पिछले साल 252 अरब डॉलर था।
उन्होंने बताया कि विशेष आर्थिक जोन (सेज) से 2010-11 में 3,15,868 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया जो पिछले साल की तुलना में 43.11 प्रतिशत अधिक है। शर्मा ने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश के कुल निर्यात में करीब 25 प्रतिशत हिस्सा सेज का है।
शर्मा ने कहा कि इस साल देश का निर्यात 300 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है जो पिछले साल 252 अरब डॉलर था।
शर्मा ने कहा कि इस साल देश का निर्यात 300 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है जो पिछले साल 252 अरब डॉलर था। | सरकार ने बुधवार स्वीकार किया कि निर्यात को बढ़ावा देने क लिए जिन 587 विशेष आर्थिक जोन (सेज) को मंजूरी दी गयी थी उनमें से एक चौथाई ही चालू हो पाए हैं। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: यूपी के मंत्री गायत्री प्रजापति गैंगरेप के मामले में फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है. कुछ दिन पहले तक बड़े आराम से चुनाव प्रचार में देखे जा रहे थे और उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस बारे में गिरफ्तारी की जहमत नहीं उठाई. अब जब पुलिस उन्हें ढूंढ रही है तब से वह फरार हैं. शुक्रवार को लखनऊ में उनके फरार होने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया से कहा कि सब लोग कैमरा लेकर मेरे घर चलो और देखो गायत्री है कि नहीं. सीएम ने कहा कि इस मामले में सरकार हर तरह से मदद करेगी और न्याय होगा.
उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने कहा था, गायत्री प्रजापति सीएम के घर में छिपे हैं. वहीं, उनके विदेश भागने की भी आशंका जताई जा रही है. इसके लिए एयरपोर्ट्स को अलर्ट कर दिया गया है. बता दें कि गायत्री प्रजापति रेप के मामले में आरोपी हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि पीएम चाहें तो 100 नंबर मिलाएं और फिर चेक करें कि पुलिस आती है या नहीं?'' ''पीएम ने हावर्ड यूनिवर्सिटी और हार्ड वर्क की बात की, हम पूछते हैं कि आपने हार्डली कोई काम किया हो तो बताओ?''
अखिलेश यादव ने कहा कि वादाखिलाफी भी भ्रष्टाचार है. पीएम कब्रिस्तान और श्मशान की बात कर रहे हैं, हम लैपटॉप और स्मार्टफोन की बात कर रहे हैं. पीएम कैशलेस की बात करते हैं और उनके मंत्री कालेधन से कचौड़ी खा रहे हैं. कोई मोबाइल बैंकिंग से पेमेंट नहीं कर रहा है.'' बीजेपी बताए कि उसने क्या किया?टिप्पणियां
अखिलेश ने कहा, ''हमने लोहिया आवास दिया है, पीएम ने कौन सा आवास दिया है? हमने गंगा पर 8 लेन पुल बनाया है. जो ये बात कही जा रही है कि यूपी में नौकरी में, पेंशन में रेट चलता है तो बतौर सीएम मुझे बताया जाए कि क्या रेट चल रहा है. मैं उसे खत्म करने की कोशिश करूंगा.''
सीएम ने दावा किया कि हमने यूपी में 32 हजार पुलिसभर्ती की. इससे पहले 40 हजार लोगों को भर्ती किया. बीजेपी कह रही है कि लैपटॉप हमने अपने लोगों को दिया है. मैं हर वर्ग के बच्चों का नाम बता सकता हूं, जिन्हें हमने लैपटॉप दिया है.''
''बनारस में इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्री उतरे हैं. वे बताएं कि उनके विभाग ने क्या काम किया है? रेल मंत्री बताएं कि पटरी आईएसआई ने काटी या फिर इंजीनियर की गलती से ऐसा हुआ.''
उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने कहा था, गायत्री प्रजापति सीएम के घर में छिपे हैं. वहीं, उनके विदेश भागने की भी आशंका जताई जा रही है. इसके लिए एयरपोर्ट्स को अलर्ट कर दिया गया है. बता दें कि गायत्री प्रजापति रेप के मामले में आरोपी हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि पीएम चाहें तो 100 नंबर मिलाएं और फिर चेक करें कि पुलिस आती है या नहीं?'' ''पीएम ने हावर्ड यूनिवर्सिटी और हार्ड वर्क की बात की, हम पूछते हैं कि आपने हार्डली कोई काम किया हो तो बताओ?''
अखिलेश यादव ने कहा कि वादाखिलाफी भी भ्रष्टाचार है. पीएम कब्रिस्तान और श्मशान की बात कर रहे हैं, हम लैपटॉप और स्मार्टफोन की बात कर रहे हैं. पीएम कैशलेस की बात करते हैं और उनके मंत्री कालेधन से कचौड़ी खा रहे हैं. कोई मोबाइल बैंकिंग से पेमेंट नहीं कर रहा है.'' बीजेपी बताए कि उसने क्या किया?टिप्पणियां
अखिलेश ने कहा, ''हमने लोहिया आवास दिया है, पीएम ने कौन सा आवास दिया है? हमने गंगा पर 8 लेन पुल बनाया है. जो ये बात कही जा रही है कि यूपी में नौकरी में, पेंशन में रेट चलता है तो बतौर सीएम मुझे बताया जाए कि क्या रेट चल रहा है. मैं उसे खत्म करने की कोशिश करूंगा.''
सीएम ने दावा किया कि हमने यूपी में 32 हजार पुलिसभर्ती की. इससे पहले 40 हजार लोगों को भर्ती किया. बीजेपी कह रही है कि लैपटॉप हमने अपने लोगों को दिया है. मैं हर वर्ग के बच्चों का नाम बता सकता हूं, जिन्हें हमने लैपटॉप दिया है.''
''बनारस में इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्री उतरे हैं. वे बताएं कि उनके विभाग ने क्या काम किया है? रेल मंत्री बताएं कि पटरी आईएसआई ने काटी या फिर इंजीनियर की गलती से ऐसा हुआ.''
पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि पीएम चाहें तो 100 नंबर मिलाएं और फिर चेक करें कि पुलिस आती है या नहीं?'' ''पीएम ने हावर्ड यूनिवर्सिटी और हार्ड वर्क की बात की, हम पूछते हैं कि आपने हार्डली कोई काम किया हो तो बताओ?''
अखिलेश यादव ने कहा कि वादाखिलाफी भी भ्रष्टाचार है. पीएम कब्रिस्तान और श्मशान की बात कर रहे हैं, हम लैपटॉप और स्मार्टफोन की बात कर रहे हैं. पीएम कैशलेस की बात करते हैं और उनके मंत्री कालेधन से कचौड़ी खा रहे हैं. कोई मोबाइल बैंकिंग से पेमेंट नहीं कर रहा है.'' बीजेपी बताए कि उसने क्या किया?टिप्पणियां
अखिलेश ने कहा, ''हमने लोहिया आवास दिया है, पीएम ने कौन सा आवास दिया है? हमने गंगा पर 8 लेन पुल बनाया है. जो ये बात कही जा रही है कि यूपी में नौकरी में, पेंशन में रेट चलता है तो बतौर सीएम मुझे बताया जाए कि क्या रेट चल रहा है. मैं उसे खत्म करने की कोशिश करूंगा.''
सीएम ने दावा किया कि हमने यूपी में 32 हजार पुलिसभर्ती की. इससे पहले 40 हजार लोगों को भर्ती किया. बीजेपी कह रही है कि लैपटॉप हमने अपने लोगों को दिया है. मैं हर वर्ग के बच्चों का नाम बता सकता हूं, जिन्हें हमने लैपटॉप दिया है.''
''बनारस में इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्री उतरे हैं. वे बताएं कि उनके विभाग ने क्या काम किया है? रेल मंत्री बताएं कि पटरी आईएसआई ने काटी या फिर इंजीनियर की गलती से ऐसा हुआ.''
अखिलेश यादव ने कहा कि वादाखिलाफी भी भ्रष्टाचार है. पीएम कब्रिस्तान और श्मशान की बात कर रहे हैं, हम लैपटॉप और स्मार्टफोन की बात कर रहे हैं. पीएम कैशलेस की बात करते हैं और उनके मंत्री कालेधन से कचौड़ी खा रहे हैं. कोई मोबाइल बैंकिंग से पेमेंट नहीं कर रहा है.'' बीजेपी बताए कि उसने क्या किया?टिप्पणियां
अखिलेश ने कहा, ''हमने लोहिया आवास दिया है, पीएम ने कौन सा आवास दिया है? हमने गंगा पर 8 लेन पुल बनाया है. जो ये बात कही जा रही है कि यूपी में नौकरी में, पेंशन में रेट चलता है तो बतौर सीएम मुझे बताया जाए कि क्या रेट चल रहा है. मैं उसे खत्म करने की कोशिश करूंगा.''
सीएम ने दावा किया कि हमने यूपी में 32 हजार पुलिसभर्ती की. इससे पहले 40 हजार लोगों को भर्ती किया. बीजेपी कह रही है कि लैपटॉप हमने अपने लोगों को दिया है. मैं हर वर्ग के बच्चों का नाम बता सकता हूं, जिन्हें हमने लैपटॉप दिया है.''
''बनारस में इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्री उतरे हैं. वे बताएं कि उनके विभाग ने क्या काम किया है? रेल मंत्री बताएं कि पटरी आईएसआई ने काटी या फिर इंजीनियर की गलती से ऐसा हुआ.''
अखिलेश ने कहा, ''हमने लोहिया आवास दिया है, पीएम ने कौन सा आवास दिया है? हमने गंगा पर 8 लेन पुल बनाया है. जो ये बात कही जा रही है कि यूपी में नौकरी में, पेंशन में रेट चलता है तो बतौर सीएम मुझे बताया जाए कि क्या रेट चल रहा है. मैं उसे खत्म करने की कोशिश करूंगा.''
सीएम ने दावा किया कि हमने यूपी में 32 हजार पुलिसभर्ती की. इससे पहले 40 हजार लोगों को भर्ती किया. बीजेपी कह रही है कि लैपटॉप हमने अपने लोगों को दिया है. मैं हर वर्ग के बच्चों का नाम बता सकता हूं, जिन्हें हमने लैपटॉप दिया है.''
''बनारस में इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्री उतरे हैं. वे बताएं कि उनके विभाग ने क्या काम किया है? रेल मंत्री बताएं कि पटरी आईएसआई ने काटी या फिर इंजीनियर की गलती से ऐसा हुआ.''
सीएम ने दावा किया कि हमने यूपी में 32 हजार पुलिसभर्ती की. इससे पहले 40 हजार लोगों को भर्ती किया. बीजेपी कह रही है कि लैपटॉप हमने अपने लोगों को दिया है. मैं हर वर्ग के बच्चों का नाम बता सकता हूं, जिन्हें हमने लैपटॉप दिया है.''
''बनारस में इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्री उतरे हैं. वे बताएं कि उनके विभाग ने क्या काम किया है? रेल मंत्री बताएं कि पटरी आईएसआई ने काटी या फिर इंजीनियर की गलती से ऐसा हुआ.'' | यह एक सारांश है: यूपी के मंत्री गायत्री प्रजापति गैंगरेप के मामले में फरार हैं
कुछ दिन पहले तक बड़े आराम से चुनाव प्रचार में देखे जा रहे थे
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस बारे में गिरफ्तारी की जहमत नहीं उठाई. | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: झालावाड़ में हलिहेड़ा से डूंड़ा गाव तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क को ग्रामीणों ने खुद ही बना लिया।
गांव वालों ने इसे तीन दिन में ही बना डाला जबकि सरकार के कान पर काफी अरसे से जूं तक नहीं रेंग रही थी।टिप्पणियां
सब जगह गुहार लगा चुके गाव वालों की फरियाद जब किसी ने नहीं सुनी तो गांव के ही एक रिटायर कर्मचारी ने पहल की।
गांववालों ने तीन दिन में तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाकर एक मिसाल पेश की है।
गांव वालों ने इसे तीन दिन में ही बना डाला जबकि सरकार के कान पर काफी अरसे से जूं तक नहीं रेंग रही थी।टिप्पणियां
सब जगह गुहार लगा चुके गाव वालों की फरियाद जब किसी ने नहीं सुनी तो गांव के ही एक रिटायर कर्मचारी ने पहल की।
गांववालों ने तीन दिन में तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाकर एक मिसाल पेश की है।
सब जगह गुहार लगा चुके गाव वालों की फरियाद जब किसी ने नहीं सुनी तो गांव के ही एक रिटायर कर्मचारी ने पहल की।
गांववालों ने तीन दिन में तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाकर एक मिसाल पेश की है।
गांववालों ने तीन दिन में तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाकर एक मिसाल पेश की है। | संक्षिप्त सारांश: झालावाड़ में हलिहेड़ा से डूंड़ा गाव तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क को ग्रामीणों ने खुद ही बना लिया। गांव वालों ने इसे तीन दिन में ही बना डाला जबकि सरकार के कान पर काफी अरसे से जूं तक नहीं रेंग रही थी। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन आठ महीने बाद सीधे लंदन ओलिंपिक खेलों की टेनिस प्रतियोगिता में भाग लेंगे, हालांकि कोई भी एथलीट ऐसी वापसी की योजना नहीं बनायेगा लेकिन उनका कहना है कि वह इस महासमर में मिलने वाली चुनौती के लिए तैयार हैं।
सोमदेव कंधे की सर्जरी के कारण सत्र के शुरू से ही टेनिस नहीं खेल पाये हैं और हाल ही में उन्होंने अभ्यास शुरू किया है।
वैसे तो आदर्श स्थिति यही होती कि वह इन खेलों से पहले कुछ प्रतिस्पर्धी टेनिस खेलते जिससे उन्हें अपनी मैच फिटनेस और तेजी को परखने का मौका मिल जाता।
लेकिन सोमदेव ने विम्बलडन से खुद को बाहर रखा जबकि इस टूर्नामेंट से उन्हें लंदन के हालातों का अंदाजा हो जाता क्योंकि ओलिंपिक की टेनिस प्रतियोगिता इसी स्थान पर खेली जायेगी।
सोमदेव ने कहा कि वह सिर्फ अपने डाक्टरों की सलाह के अनुसार चल रहे हैं जिन्होंने उसे ग्रास कोर्ट ग्रैंडस्लैम से बाहर रहने को कहा है लेकिन वह खुद को खेलों के लिए तैयार कर रहे हैं।
पुरूष एकल में उन्हें वाइल्ड कार्ड से प्रवेश मिला है, वह अगले महीने शुरू होने वाले ओलिंपिक के लिए उन चार भारतीय टेनिस खिलाड़ियों में से एक होंगे जो अपना पहला ओलिंपिक खेलेंगे।
सोमदेव ने कहा, ‘‘मैं इस वाइल्ड कार्ड का पूरा इस्तेमाल करने के लिए तैयार हूं। यह मेरे लिए काफी शानदार समय है।’’ वर्ष 2009 चेन्नई ओपन के फाइनल में जगह बनाकर भारतीय टेनिस में सनसनी फैलाने वाले सोमदेव की चमक हालांकि इसके बाद फीकी पड़ गयी, उन्होंने कहा कि वह विम्बलडन में खेलना चाहते थे।
सोमदेव ने कहा, ‘‘मेरे पास विम्बलडन खेलने का मौका था। लेकिन मैंने अपने डाक्टरों की सलाह के बाद विम्बलडन से हटने का फैसला किया, ऐसा मैंने अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए किया।’’ एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदकधारी खिलाड़ी ने कहा कि वह उबरने की प्रक्रिया में हैं और देश के लिए अच्छा परिणाम हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘कंधा अच्छी तरह उबर रहा है। मैंने अब हिट करना शुरू कर दिया है और यह अच्छा है।’’ सोमदेव ने कहा, ‘‘ओलिंपिक में काफी प्रतिस्पर्धा होगी। मैं खुद को अच्छी तरह तैयार करूंगा और मैच के लिए तैयार होने के लिए सबकुछ करूंगा।’’ उन्होंने खुद को ओलिंपिक में लिएंडर पेस के साथ पुरूष युगल स्पर्धा के लिए अधिकारिक घोषणा से पहले उपलब्ध करा दिया था लेकिन एआईटीए ने विष्णु वर्धन का चयन किया।
इससे अटकलों का दौर शुरू हो गया कि उन्हें एआईटीए ने इसलिए नहीं चुना क्योंकि वह महेश भूपति की खेल प्रबंधन कपंनी ‘ग्लोबोस्पोर्ट’ से जुड़े हुए हैं। यह पूछने पर कि उन्हें एआईटीए ने क्यों नहीं चुना तो सोमदेव ने अपने जवाब में काफी सतर्कता बरती।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि एआईटीए के अपने कारण होंगे और मैं उनके कारणों को स्वीकार करता हूं।’’ सोमदेव ने हाल में हुए चयन विवाद पर भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया ।
इससे अटकलों का दौर शुरू हो गया कि उन्हें एआईटीए ने इसलिए नहीं चुना क्योंकि वह महेश भूपति की खेल प्रबंधन कपंनी ‘ग्लोबोस्पोर्ट’ से जुड़े हुए हैं। यह पूछने पर कि उन्हें एआईटीए ने क्यों नहीं चुना तो सोमदेव ने अपने जवाब में काफी सतर्कता बरती।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि एआईटीए के अपने कारण होंगे और मैं उनके कारणों को स्वीकार करता हूं।’’ सोमदेव ने हाल में हुए चयन विवाद पर भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया । | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन आठ महीने बाद सीधे लंदन ओलिंपिक खेलों की टेनिस प्रतियोगिता में भाग लेंगे, हालांकि कोई भी एथलीट ऐसी वापसी की योजना नहीं बनायेगा लेकिन उनका कहना है कि वह इस महासमर में मिलने वाली चुनौती के लिए तैयार हैं। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने 25 हफ्ते की गर्भवती महिला को गर्भपात कराने की इजाजत दे दी. सुप्रीम कोर्ट में गर्भपात के लिए अपील की गई थी. कोर्ट में यह कहा गया था कि मेडिकल समस्याओं के चलते यह जरूरी है. कोर्ट ने एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया था.
कोलकाता की 25 हफ्ते की गर्भवती महिला के गर्भपात कराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि महिला का गर्भपात कराया जा सकता है या नहीं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता में सात डाक्टरों के पैनल का मेडिकल बोर्ड बनाकर महिला की मेडिकल जांच कराने के आदेश दिए और कोर्ट में सीलबंद कवर में रिपोर्ट सौंपने को कहा था. बोर्ड ने कोर्ट में रिपोर्ट सौंप दी थी.
पिछली बार सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक्ट में सिर्फ भ्रूण नहीं बल्कि मां की जिंदगी के बारे में कहा गया है. अगर बच्चा पैदा होने के बाद कोमा में रहे या कुछ महसूस ना करे तो मां की जिंदगी कैसी रहेगी ?
वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने इस मामले में पहले ही सात डाक्टरों के पैनल का गठन किया है.
कोलकाता की 25 हफ्ते की गर्भवती महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर गर्भपात की इजाजत मांगने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. 33 साल की महिला ने कहा है कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर बीमारियां हैं जिसके चलते उसके बचने की उम्मीद कम है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन करने का फैसला किया है और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.टिप्पणियां
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान महिला की ओर से कहा गया कि 25 मई को उसकी जांच के दौरान ये पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे को दिल संबंधी गंभीर बीमारी है. इसके बाद 30 मई को फिर से मेडिकल परीक्षण कराए गए और इस बात की पुष्टि हो गई. लेकिन तब तक उसका गर्भ 20 हफ्ते से ऊपर हो चुका था। इसलिए वो गर्भपात नहीं करा पाई। अर्जी में कहा गया है कि बच्चे के बचने की उम्मीद कम है इसलिए वो परेशान है।
कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा ताकि ये पता चल सके कि क्या बच्चे या मां को किसी तरह का खतरा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है.
गौरतलब है कि देश में कानून के मुताबिक 20 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकता है. इसी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामले आ चुके हैं.
कोलकाता की 25 हफ्ते की गर्भवती महिला के गर्भपात कराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि महिला का गर्भपात कराया जा सकता है या नहीं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता में सात डाक्टरों के पैनल का मेडिकल बोर्ड बनाकर महिला की मेडिकल जांच कराने के आदेश दिए और कोर्ट में सीलबंद कवर में रिपोर्ट सौंपने को कहा था. बोर्ड ने कोर्ट में रिपोर्ट सौंप दी थी.
पिछली बार सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक्ट में सिर्फ भ्रूण नहीं बल्कि मां की जिंदगी के बारे में कहा गया है. अगर बच्चा पैदा होने के बाद कोमा में रहे या कुछ महसूस ना करे तो मां की जिंदगी कैसी रहेगी ?
वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने इस मामले में पहले ही सात डाक्टरों के पैनल का गठन किया है.
कोलकाता की 25 हफ्ते की गर्भवती महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर गर्भपात की इजाजत मांगने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. 33 साल की महिला ने कहा है कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर बीमारियां हैं जिसके चलते उसके बचने की उम्मीद कम है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन करने का फैसला किया है और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.टिप्पणियां
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान महिला की ओर से कहा गया कि 25 मई को उसकी जांच के दौरान ये पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे को दिल संबंधी गंभीर बीमारी है. इसके बाद 30 मई को फिर से मेडिकल परीक्षण कराए गए और इस बात की पुष्टि हो गई. लेकिन तब तक उसका गर्भ 20 हफ्ते से ऊपर हो चुका था। इसलिए वो गर्भपात नहीं करा पाई। अर्जी में कहा गया है कि बच्चे के बचने की उम्मीद कम है इसलिए वो परेशान है।
कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा ताकि ये पता चल सके कि क्या बच्चे या मां को किसी तरह का खतरा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है.
गौरतलब है कि देश में कानून के मुताबिक 20 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकता है. इसी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामले आ चुके हैं.
पिछली बार सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक्ट में सिर्फ भ्रूण नहीं बल्कि मां की जिंदगी के बारे में कहा गया है. अगर बच्चा पैदा होने के बाद कोमा में रहे या कुछ महसूस ना करे तो मां की जिंदगी कैसी रहेगी ?
वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने इस मामले में पहले ही सात डाक्टरों के पैनल का गठन किया है.
कोलकाता की 25 हफ्ते की गर्भवती महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर गर्भपात की इजाजत मांगने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. 33 साल की महिला ने कहा है कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर बीमारियां हैं जिसके चलते उसके बचने की उम्मीद कम है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन करने का फैसला किया है और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.टिप्पणियां
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान महिला की ओर से कहा गया कि 25 मई को उसकी जांच के दौरान ये पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे को दिल संबंधी गंभीर बीमारी है. इसके बाद 30 मई को फिर से मेडिकल परीक्षण कराए गए और इस बात की पुष्टि हो गई. लेकिन तब तक उसका गर्भ 20 हफ्ते से ऊपर हो चुका था। इसलिए वो गर्भपात नहीं करा पाई। अर्जी में कहा गया है कि बच्चे के बचने की उम्मीद कम है इसलिए वो परेशान है।
कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा ताकि ये पता चल सके कि क्या बच्चे या मां को किसी तरह का खतरा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है.
गौरतलब है कि देश में कानून के मुताबिक 20 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकता है. इसी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामले आ चुके हैं.
कोलकाता की 25 हफ्ते की गर्भवती महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर गर्भपात की इजाजत मांगने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. 33 साल की महिला ने कहा है कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर बीमारियां हैं जिसके चलते उसके बचने की उम्मीद कम है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन करने का फैसला किया है और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.टिप्पणियां
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान महिला की ओर से कहा गया कि 25 मई को उसकी जांच के दौरान ये पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे को दिल संबंधी गंभीर बीमारी है. इसके बाद 30 मई को फिर से मेडिकल परीक्षण कराए गए और इस बात की पुष्टि हो गई. लेकिन तब तक उसका गर्भ 20 हफ्ते से ऊपर हो चुका था। इसलिए वो गर्भपात नहीं करा पाई। अर्जी में कहा गया है कि बच्चे के बचने की उम्मीद कम है इसलिए वो परेशान है।
कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा ताकि ये पता चल सके कि क्या बच्चे या मां को किसी तरह का खतरा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है.
गौरतलब है कि देश में कानून के मुताबिक 20 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकता है. इसी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामले आ चुके हैं.
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान महिला की ओर से कहा गया कि 25 मई को उसकी जांच के दौरान ये पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे को दिल संबंधी गंभीर बीमारी है. इसके बाद 30 मई को फिर से मेडिकल परीक्षण कराए गए और इस बात की पुष्टि हो गई. लेकिन तब तक उसका गर्भ 20 हफ्ते से ऊपर हो चुका था। इसलिए वो गर्भपात नहीं करा पाई। अर्जी में कहा गया है कि बच्चे के बचने की उम्मीद कम है इसलिए वो परेशान है।
कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा ताकि ये पता चल सके कि क्या बच्चे या मां को किसी तरह का खतरा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है.
गौरतलब है कि देश में कानून के मुताबिक 20 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकता है. इसी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामले आ चुके हैं.
कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा ताकि ये पता चल सके कि क्या बच्चे या मां को किसी तरह का खतरा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है.
गौरतलब है कि देश में कानून के मुताबिक 20 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकता है. इसी को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई मामले आ चुके हैं. | यह एक सारांश है: 33 साल की महिला जो 25 हफ्ते की गर्भवती है
महिला ने कहा उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर बीमारियां हैं
कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और शुक्रवार को सुनवाई तय की है | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सीबीआई निदेशक ए पी सिंह ने राजस्थान के डीजीपी एचसी मीणा से भंवरी देवी के बच्चों की मदद करने की अपील की है। राजस्थान पुलिस के सूत्रों के मुताबिक डीजीपी मीणा ने अपनी ओर से हर संभव मदद करने और भंवरी के तीनों बच्चों की पढ़ाई और सामान्य जीवन फिर से शुरू करने का भरोसा दिलाया है।
भंवरी की सबसे छोटी बेटी सात साल की सुहानी पितृत्व विवाद में उलझी है जबकि 15 साल की अश्विनी को तीन महीने तक स्कूल नहीं जाने की वजह से निकाल दिया गया है। भंवरी के सबसे बड़े बेटे ने भी पिता अमरचंद के गिरफ्तार होने के बाद थाने और कचहरी के चक्कर में कॉलेज जाना छोड़ दिया है। भंवरी के बच्चे बिना किसी आय के अपनी दादी की पेंशन पर गुजारा कर रहे हैं। मीडिया में इन बच्चों की बदहाली दिखाए जाने के बाद अधिकारियों ने ये पहल की है।
भंवरी की सबसे छोटी बेटी सात साल की सुहानी पितृत्व विवाद में उलझी है जबकि 15 साल की अश्विनी को तीन महीने तक स्कूल नहीं जाने की वजह से निकाल दिया गया है। भंवरी के सबसे बड़े बेटे ने भी पिता अमरचंद के गिरफ्तार होने के बाद थाने और कचहरी के चक्कर में कॉलेज जाना छोड़ दिया है। भंवरी के बच्चे बिना किसी आय के अपनी दादी की पेंशन पर गुजारा कर रहे हैं। मीडिया में इन बच्चों की बदहाली दिखाए जाने के बाद अधिकारियों ने ये पहल की है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राजस्थान पुलिस के सूत्रों के मुताबिक डीजीपी मीणा ने भंवरी के तीनों बच्चों की पढ़ाई और सामान्य जीवन फिर से शुरू करने का भरोसा दिलाया है। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब कांग्रेस को अलग-अलग साइड इफेक्ट भी मिल रहे हैं. मध्य प्रदेश और कर्नाटक में सरकार बचा रही पार्टी के सामने अब राजस्थान सरकार में भी संकट में खड़ा होता दिखाई दे रहा है. सोशल मीडिया पर सीएम अशोक गहलोत के करीबी मंत्री का एक इस्तीफ़ा खूब शेयर किया जा रहा है. उनके इस्तीफ़े की अटकलें जारी हैं और वे अब लापता बताये जा रहे हैं. वहीं दो और मंत्रियो ने भी राजस्थान में हार के आकलन की बात कही है. इन सभी अटकलों के बीच राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रियंका गांधी मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे. गौरतलब है कि राजस्थान में कांग्रेस की हार के बाद प्रदेश के नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. राहुल गांधी की ये टिप्पणी चर्चा में है कि वो नहीं चाहते थे कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और मुख्यमंत्रियों के बेटे चुनाव लड़े. इस चुनाव में मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के बेटे नकुल और राजस्थान के सीएम अशोक के बेटे वैभव चुनाव मैदान में थे. जिसमें अशोक गहलोत अपने बेटे को जिता नहीं पाए. माना जा रहा है कि राहुल का इशारा इन्हीं दोनों पर था.
अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत जोधपुर से 2 लाख से ज़्यादा वोटों से चुनाव हार गए जबकि मुख्यमंत्री यहीं से विधायक हैं और पांच बार विधायक रह चुके हैं. वैभव अपने पिता के गृह क्षेत्र सरदारपुर से भी अठारह हज़ार वोटों से पिछड़ गए. पार्टी की हार के बाद समीक्षा के लिए बुलाई गई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली आए अशोक गहलोत सफाई दे रहे हैं, 'यह पार्टी के अंदरूनी मामले होते हैं और राहुल गांधी जी को कहने का अधिकार है क्योंकि वह हमारे अध्यक्ष हैं. उनको सब अधिकार है कि किस नेता की कहां कमी रही कैंपेन के अंदर, किस नेता की कहां निर्णय में कमी रही वो ऐसे वक्त में जब पोस्टमार्टम हो रहा है तो स्वाभाविक है कि कांग्रेस प्रेसिडेंट का अधिकार है वह कमियां बताएंगे सबको, हम लोगों ने उस पर चर्चा की है'.
वहीं अशोक गहलोत सरकार में मंत्री उदय लाल अंजाना की राय है कि वैभव को जोधपुर से नहीं पड़ोस के जालौर से चुनाव लड़ना चाहिए था. एक और दूसरे मंत्री रमेश मीणा का कहना है कि गहलोत नहीं पूरा प्रदेश नेतृत्व ज़िम्मेदारी ले. आपको बता दें कि राजस्थान में कांग्रेस सिर्फ़ 25 लोक सभा सीटें ही नहीं हारी है लेकिन 200 विधानसभा में 185 में पीछे रही है. अगर गहलोत की सीट सरदारपुर से वैभव 18000 के पिछड़े है तो टोंक में सचिन पायलट भी कांग्रेस के उम्मीदवार को 22000 की मात से नहीं बचा पाए. | संक्षिप्त सारांश: मंत्री के इस्तीफे की अटकलें
सोशल मीडिया पर इस्तीफा
संकट में राजस्थान सरकार? | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इस्लामिक स्टेट और आईएसआई समर्थित आतंकवादी गुट भारत में तबाही मचाने के लिए घात लगाए बैठे हैं. इस बारे में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने कुछ समय पहले ही इन तमाम अति-संवेदनशील खुफिया सूचनाओं से सरकार को अवगत करा दिया है, ताकि विध्वंसकारी ताकतों को वक्त रहते काबू किया जा सके. 9 अगस्त को इंटेलीजेंस ब्यूरो मुख्यालय द्वारा जारी गोपनीय रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा समर्थित जेहादी आतंकी गुट जम्मू एवं कश्मीर और उसके बाहर बड़ी आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं. इस सिलसिले में संबंधित राज्यों की अभिसूचना ईकाइयों और पुलिस मुख्यालयों को सचेत कर दिया गया है. सूत्रों की माने तो इस बार इस्लामिक स्टेट और पाक समर्थित कट्टरपंथी आतंकी संगठन बकरीद जैसे बड़े पर्व पर भीड़ को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं.
खुफिया एजेंसियां इस बात से भी इनकार नहीं कर रही हैं कि पाक खुफिया एजेंसी और इस्लामिक स्टेट समर्थित ये आतंकी गुट बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों (ट्रांसपोर्ट नेटवर्क) सहित अन्य कुछ महत्वपूर्ण जगहों को भी निशाना बनाने की फिराक में हैं. देश की खुफिया एजेंसियों के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, भले ही आईएसआई लंबे समय से भारत में अशांति फैला पाने में कामयाब न हो पाई हो, लेकिन कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद वह भी बुरी तरह से बौखलाई हुई हैं. गौरतलब है कि तालिबान समर्थित कुछ स्लिपिंग मॉड्यूलों की भारत में मौजूदगी की खबरें भी इन दिनों आ रही हैं. कुछ वक्त पहले ही एनआईए ने केरल सहित कुछ अन्य राज्यों में छापेमारी की थी. श्रीलंका में हुए सीरियल बम धमाकों के तार भी केरल से जुड़े थे. | खुफिया एजेंसियों ने सरकार को दी अति-संवेदनशील जानकारी
इस्लामिक स्टेट और आईएसआई समर्थित आतंकी गुट कर सकते हैं हमला
राज्यों की अभिसूचना ईकाइयों और पुलिस मुख्यालयों को किया गया सचेत | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली में दीवाली के बाद 4 नवंबर से 15 नवंबर तक ऑड ईवन स्कीम (Odd Even Scheme) लागू कर दिया जाएगा. लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा, ''पराली जलाने समेत कई अन्य कारणों की वजह से 4 नवंबर से 15 नवंबर तक ऑड ईवन स्कीम (Odd Even Scheme) लागू किया जा रहा है. इस दौरान दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियों पर भी यह नियम लागू होगा. हालांकि इसमें दोपहिया वाहन को छूट दी गई है.'' सीएम केजरीवाल ने कहा, ''यह नियम केंद्र सरकार के मंत्रियों पर लागू नहीं होगा, जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्री पर लागू होगा. इतना ही नहीं, यदि नियम का उल्लंघन किया गया तो 4000 का जुर्माना भी भरना पड़ेगा.''
दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर यह नियम तो लागू होगा, लेकिन राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री/केंद्रीय मंत्री/गवर्नर्स/मेडिकल इमरजेंसी व्हीकल्स/महिलाओं वाले वीकल्स समेत लिस्ट बनाई गई है जिन्हें ऑड ईवन से बाहर रखा गया है. इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में चार नवंबर से शुरू हो रही सम-विषम (Odd Even) योजना में महिलाओं को छूट दी जाएगी. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में तीसरी बार लागू की जा रही योजना में निजी सीएनजी वाहनों को इस बार छूट नहीं दी जाएगी. हालांकि पिछली दो बार सीएनजी गाड़ियों को छूट दी गई थी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कारें महिलाएं चला रही हों या जिन कारों में सभी महिलाएं सवार हों और महिलाओं के साथ 12 साल से कम उम्र का बच्चा जिस गाड़ी में होगा, उसे छूट दी जाएगी. उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह निर्णय किया गया है. सीएनजी गाड़ियों के लिए नीति में बदलाव पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सम-विषम के पिछले संस्करणों में, सीएनजी वाहनों को छूट दी गई थी, लेकिन हमने देखा कि वाहनों को छूट के लिए सीएनजी स्टीकरों को काला बाजार में बेचा गया और कुछ लोगों ने इस योजना से बचने के लिए स्टीकरों का दुरुपयोग किया था. इस तरह से सम-विषम के उद्देश्य को धक्का लगा था.' | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली में अगले महीने लागू होना है ऑड ईवन
4 नवंबर से 15 नवंबर तक होगा लागू
इसमें दोपहिया वाहन को छूट | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए ठेके आवंटित करते समय पारदर्शिता बरतने की जरूरत है ताकि सरकार पर पक्षपात करने का आरोप न लगे। 'राष्ट्रीय राजमार्गो के विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के सामने चुनौतियां' विषय पर एक सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि ये सार्वजनिक परियोजनाएं हैं और इनमें सार्वजनिक हित सर्वोपरि होना चाहिए।" उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट दिखना जरूरी है कि ठेके का आवंटन, निर्माण कार्य और परियोजना का संचालन स्वच्छ और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि किसी तरह के पक्षपात या कारोबारी समूहों और सरकारी अधिकारियों के बीच तथाकथित साठगांठ का आरोप न लगे।" भ्रष्टाचार के अनेक मामलों के सामने आने से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दूसरे कार्यकाल में सरकार की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है। कुछ वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि कई सरकारी एजेंसियां अब ठेकों के आवंटन से कतरा रही हैं। उन्हें डर लग रहा है कि कहीं उनके फैसलों पर बाद में सवाल खड़ा न हो जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगली पंचवर्षीय योजना (वर्ष 2012-13 से 2016-17) में नौ फीसदी की विकास दर हासिल करने के लिए सड़कों का बेहतर नेटवर्क बहुत जरूरी है और इस पर समुचित निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, "नौ फीसदी के विकास दर लक्ष्य को हासिल करने में आधारभूत संरचना क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हमारा लक्ष्य 11वीं पंचवर्षीय योजना के 500 अरब डॉलर के निवेश को 12वीं पंचवर्षीय योजना में दोगुना कर 1000 अरब डॉलर करने का है।" देश के 71,000 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में से 20,000 किलोमीटर सिर्फ एक लेन का है। उन्होंने कहा कि एक निश्चित समय में इन मार्गों को दोहरे लेन का बनाने के लिए तत्काल इस्तेमाल के लिए तैयार यानी टर्न की आधार पर ठेके आवंटित किए जाएंगे, ताकि कम खर्च में तेज गति से काम पूरा हो सके। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी के मुताबिक सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत इस वर्ष के अंत तक 7,800 किलोमीटर लम्बे राजमार्गों के निर्माण के लिए करीब 50 हजार करोड़ रुपये के ठेके आवंटित किये जाएंगे। उन्होंने हर रोज 20 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनने की उम्मीद जताते हुए कहा, "पहले चार माह में 21 हजार करोड़ रुपये के ठेके आवंटित किए जा चुके हैं।" | यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए ठेके आवंटित करते समय पारदर्शिता बरतने की जरूरत है ताकि सरकार पर पक्षपात का आरोप न लगे। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विस्कोन्सिन स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी में मारे गये छह लोगों में से चार व्यक्ति भारतीय नागरिक थे। इनमें से एक व्यक्ति हाल ही में भारत से यहां आया था। भारतीय दूतावास ने गोलीबारी में मारे गये लोगों के नामों की घोषणा कर दी है लेकिन यह पुष्टि नहीं की है कि इनमें से कौन भारतीय थे।
इस हादसे में मारे गए लोगों में सीता सिंह (41 वर्षीय पुरूष), रंजीत सिंह (49 वर्षीय पुरूष), सतवंत सिंह कलेका (62 वर्षीय पुरूष), प्रकाश सिंह (39 वर्षीय पुरूष), परमजीत कौर (41 वर्षीय महिला) और शोबैक सिंह (84 वर्षीय पुरूष) शामिल हैं।टिप्पणियां
दूतावास के प्रवक्ता ने बताया कि इस बीच, दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारी, वाशिंगटन के भारतीय दूतावास में सामुदायिक मामलों के मंत्री दत्ता पडसालगीकर और शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास में वाणिज्य दूत एनजे गंगटे ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों, एफबीआई और सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव को मंगलवार की सुबह फोन किया। राव ने बादल को आश्वासन दिया कि ओक क्रीक में हुए इस हादसे के पीड़ितों के लिए दूतावास सभी तरह से संभावित सहयोग करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पैट्रिक वेनटरेला ने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘‘हम मारे गये लोगों तथा घायलों, उनके परिवार वालों और सिख समुदाय के साथ हैं। खास कर एक पूजा स्थल पर ऐसी घटना होना बेहद दुखद है। अमेरिकी समाज में धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक सहिष्णुता मूलभूत आधार हैं।’’
एक अन्य बयान में इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस (आईएनओसी-यूएसए) ने विस्कोन्सिन में हुए इस नृशंस कृत्य की‘जोरदार निंदा’की है। आईएनओसी के अध्यक्ष जॉर्ज अब्राहम ने कहा‘‘ओक क्रीक में गुरूद्वारे में हुई हिंसा निंदनीय है और हमारे जैसे सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं है।’’
इस हादसे में मारे गए लोगों में सीता सिंह (41 वर्षीय पुरूष), रंजीत सिंह (49 वर्षीय पुरूष), सतवंत सिंह कलेका (62 वर्षीय पुरूष), प्रकाश सिंह (39 वर्षीय पुरूष), परमजीत कौर (41 वर्षीय महिला) और शोबैक सिंह (84 वर्षीय पुरूष) शामिल हैं।टिप्पणियां
दूतावास के प्रवक्ता ने बताया कि इस बीच, दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारी, वाशिंगटन के भारतीय दूतावास में सामुदायिक मामलों के मंत्री दत्ता पडसालगीकर और शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास में वाणिज्य दूत एनजे गंगटे ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों, एफबीआई और सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव को मंगलवार की सुबह फोन किया। राव ने बादल को आश्वासन दिया कि ओक क्रीक में हुए इस हादसे के पीड़ितों के लिए दूतावास सभी तरह से संभावित सहयोग करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पैट्रिक वेनटरेला ने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘‘हम मारे गये लोगों तथा घायलों, उनके परिवार वालों और सिख समुदाय के साथ हैं। खास कर एक पूजा स्थल पर ऐसी घटना होना बेहद दुखद है। अमेरिकी समाज में धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक सहिष्णुता मूलभूत आधार हैं।’’
एक अन्य बयान में इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस (आईएनओसी-यूएसए) ने विस्कोन्सिन में हुए इस नृशंस कृत्य की‘जोरदार निंदा’की है। आईएनओसी के अध्यक्ष जॉर्ज अब्राहम ने कहा‘‘ओक क्रीक में गुरूद्वारे में हुई हिंसा निंदनीय है और हमारे जैसे सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं है।’’
दूतावास के प्रवक्ता ने बताया कि इस बीच, दो वरिष्ठ भारतीय अधिकारी, वाशिंगटन के भारतीय दूतावास में सामुदायिक मामलों के मंत्री दत्ता पडसालगीकर और शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास में वाणिज्य दूत एनजे गंगटे ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों, एफबीआई और सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव को मंगलवार की सुबह फोन किया। राव ने बादल को आश्वासन दिया कि ओक क्रीक में हुए इस हादसे के पीड़ितों के लिए दूतावास सभी तरह से संभावित सहयोग करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पैट्रिक वेनटरेला ने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘‘हम मारे गये लोगों तथा घायलों, उनके परिवार वालों और सिख समुदाय के साथ हैं। खास कर एक पूजा स्थल पर ऐसी घटना होना बेहद दुखद है। अमेरिकी समाज में धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक सहिष्णुता मूलभूत आधार हैं।’’
एक अन्य बयान में इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस (आईएनओसी-यूएसए) ने विस्कोन्सिन में हुए इस नृशंस कृत्य की‘जोरदार निंदा’की है। आईएनओसी के अध्यक्ष जॉर्ज अब्राहम ने कहा‘‘ओक क्रीक में गुरूद्वारे में हुई हिंसा निंदनीय है और हमारे जैसे सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं है।’’
एक अन्य बयान में इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस (आईएनओसी-यूएसए) ने विस्कोन्सिन में हुए इस नृशंस कृत्य की‘जोरदार निंदा’की है। आईएनओसी के अध्यक्ष जॉर्ज अब्राहम ने कहा‘‘ओक क्रीक में गुरूद्वारे में हुई हिंसा निंदनीय है और हमारे जैसे सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं है।’’ | संक्षिप्त सारांश: विस्कोन्सिन स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी में मारे गये छह लोगों में से चार व्यक्ति भारतीय नागरिक थे। इनमें से एक व्यक्ति हाल ही में भारत से यहां आया था। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जहां ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के बीच वह नंबर वन हैं, वहीं वर्ल्ड लेवल पर देखें, तो वनडे में एक साल में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में महान सचिन तेंदुलकर नंबर वन पर हैं, तो टीम इंडिया के सफलतम कप्तानों में से एक बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरव गांगुली सूची में दूसरे नंबर पर हैं, जिसकी बराबरी वॉर्नर ने कर ली है.टिप्पणियां
सचिन तेंदुलकर ने यह उपलब्धि 1998 में हासिल की थी. हालांकि उन्होंने डेविड वॉर्नर से ज्यादा मैच खेले थे. सचिन ने 34 वनडे में नौ शतक लगाए थे, जबकि सौरव गांगुली ने साल 2000 में 32 मैचों में सात शतक लगाए थे. साल में छह शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दक्षिण अफ्रीका के गैरी कर्स्टन और सचिन (1996) तथा भारत के ही राहुल द्रविड़ (1999) के नाम हैं.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और सफलतम कप्तानों में से एक रिकी पॉन्टिंग और ओपनर मैथ्यू हेडन ने साल में पांच शतक लगाए थे. रिकी पॉन्टिंग ने वनडे करियर में 2003 और 2007 में यह कारनामा किया था, जबकि हेडन ने 2007 में पांच शतक जड़े थे.
सचिन तेंदुलकर ने यह उपलब्धि 1998 में हासिल की थी. हालांकि उन्होंने डेविड वॉर्नर से ज्यादा मैच खेले थे. सचिन ने 34 वनडे में नौ शतक लगाए थे, जबकि सौरव गांगुली ने साल 2000 में 32 मैचों में सात शतक लगाए थे. साल में छह शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दक्षिण अफ्रीका के गैरी कर्स्टन और सचिन (1996) तथा भारत के ही राहुल द्रविड़ (1999) के नाम हैं.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और सफलतम कप्तानों में से एक रिकी पॉन्टिंग और ओपनर मैथ्यू हेडन ने साल में पांच शतक लगाए थे. रिकी पॉन्टिंग ने वनडे करियर में 2003 और 2007 में यह कारनामा किया था, जबकि हेडन ने 2007 में पांच शतक जड़े थे.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और सफलतम कप्तानों में से एक रिकी पॉन्टिंग और ओपनर मैथ्यू हेडन ने साल में पांच शतक लगाए थे. रिकी पॉन्टिंग ने वनडे करियर में 2003 और 2007 में यह कारनामा किया था, जबकि हेडन ने 2007 में पांच शतक जड़े थे. | यह एक सारांश है: सचिन तेंदुलकर ने साल 1998 में 34 मैच में बनाए थे 9 शतक
सौरव गांगुली ने साल 2000 में 32 मैच में 7 शतक लगाए थे
वॉर्नर ने 23 वनडे में 7 शतक से गांगुली की बराबरी कर ली | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दी गईं शशिकला बुधवार को बेंगलुरु में सरेंडर कर सकती हैं. पार्टी से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी. वह देर रात पांच सितारा रिजॉर्ट से अपने आवास पोएस गार्डन लौंट आईं. चेन्नई शहर से सटे इस रिजॉर्ट में वह 100 से अधिक विधायकों के साथ सुबह से थी. कोर्ट का फैसला आने के बाद देर रात वह पहली बार जनता के सामने आईं. शशिकला ने भावुक संबोधन में कहा कि अगर वह जेल भी चली जाएं तो भी उनके विचार पार्टी के साथ ही रहेंगे. शशिकला ने कहा कि वह जहां भी रहें, चाहे जेल में, उन्हें पार्टी की ही चिंता रहेगी और उनके विचार पार्टी के साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि वह हमेशा पार्टी के बारे में ही सोचेंगी.
इससे पहले, सुबह साढ़े दस बजे कोर्ट ने शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को चार साल कैद की सजा भी सुनाई है. शशिकला पर 10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है. इसके फैसले के साथ ही शशिकला के राजनीतिक करियर पर विराम लग गया है. उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं. अब वह 10 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी. सुबह साढ़े दस बजे फैसला आया. कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा छानबीन किए गए आयकर संबंधी दस्तावेजों की अलग से जांच नहीं की बल्कि सिर्फ बचाव पक्ष के आयकर रिटर्न के कागजातों पर गौर किया.
ट्रायल कोर्ट का यह कहना भी ठीक है कि दोषियों ने बड़े पैमाने पर कम कीमत पर विवादित और लोगों पर दबाव बनाकर अचल संपत्ति खरीदी. कई बार सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया और मुख्यमंत्री आवास पर ही रजिस्ट्री तैयार की गई.
वहीं आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज शशिकला को दोषी ठहराये जाने के बाद तमिलनाडु में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के तहत उनके विश्वासपात्र समझे जाने वाले ई के पलानीस्वामी को पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया. उधर, अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला ने कड़ा रख अख्तियार करते हुए आज बागी नेता ओ पनीरसेल्वम और 19 अन्य वरिष्ठ नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया. टिप्पणियां
शशिकला के खिलाफ पनीरसेल्वम के बगावती रख अख्तियार करने के बाद करीब एक सप्ताह से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम में कार्यवाहक मुख्यमंत्री को निष्कासित किया जाने से सूबे की राजनीतिक में नया मोड़ आ गया है. अन्नाद्रमुक महासचिव ने पनीरसेल्वम को विश्वासघाती करार देते हुए उन पर द्रमुक के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. शशिकला ने कड़ा रख अख्तियार करते हुए कहा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने ‘पार्टी की नीतियों के विरूद्ध काम किया है और पार्टी की छवि खराब की है.’ इसके बाद उन्होंने पनीरसेल्वम और उनके प्रति हमदर्दी रखने वाले नेताओं का निष्कासित कर दिया.
इस कदम के जरिये उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि पलानीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में कोई अवरोध उत्पन्न ना हो, जो सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.
इससे पहले, सुबह साढ़े दस बजे कोर्ट ने शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को चार साल कैद की सजा भी सुनाई है. शशिकला पर 10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है. इसके फैसले के साथ ही शशिकला के राजनीतिक करियर पर विराम लग गया है. उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं. अब वह 10 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी. सुबह साढ़े दस बजे फैसला आया. कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा छानबीन किए गए आयकर संबंधी दस्तावेजों की अलग से जांच नहीं की बल्कि सिर्फ बचाव पक्ष के आयकर रिटर्न के कागजातों पर गौर किया.
ट्रायल कोर्ट का यह कहना भी ठीक है कि दोषियों ने बड़े पैमाने पर कम कीमत पर विवादित और लोगों पर दबाव बनाकर अचल संपत्ति खरीदी. कई बार सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया और मुख्यमंत्री आवास पर ही रजिस्ट्री तैयार की गई.
वहीं आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज शशिकला को दोषी ठहराये जाने के बाद तमिलनाडु में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के तहत उनके विश्वासपात्र समझे जाने वाले ई के पलानीस्वामी को पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया. उधर, अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला ने कड़ा रख अख्तियार करते हुए आज बागी नेता ओ पनीरसेल्वम और 19 अन्य वरिष्ठ नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया. टिप्पणियां
शशिकला के खिलाफ पनीरसेल्वम के बगावती रख अख्तियार करने के बाद करीब एक सप्ताह से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम में कार्यवाहक मुख्यमंत्री को निष्कासित किया जाने से सूबे की राजनीतिक में नया मोड़ आ गया है. अन्नाद्रमुक महासचिव ने पनीरसेल्वम को विश्वासघाती करार देते हुए उन पर द्रमुक के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. शशिकला ने कड़ा रख अख्तियार करते हुए कहा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने ‘पार्टी की नीतियों के विरूद्ध काम किया है और पार्टी की छवि खराब की है.’ इसके बाद उन्होंने पनीरसेल्वम और उनके प्रति हमदर्दी रखने वाले नेताओं का निष्कासित कर दिया.
इस कदम के जरिये उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि पलानीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में कोई अवरोध उत्पन्न ना हो, जो सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.
शशिकला के खिलाफ पनीरसेल्वम के बगावती रख अख्तियार करने के बाद करीब एक सप्ताह से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम में कार्यवाहक मुख्यमंत्री को निष्कासित किया जाने से सूबे की राजनीतिक में नया मोड़ आ गया है. अन्नाद्रमुक महासचिव ने पनीरसेल्वम को विश्वासघाती करार देते हुए उन पर द्रमुक के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. शशिकला ने कड़ा रख अख्तियार करते हुए कहा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने ‘पार्टी की नीतियों के विरूद्ध काम किया है और पार्टी की छवि खराब की है.’ इसके बाद उन्होंने पनीरसेल्वम और उनके प्रति हमदर्दी रखने वाले नेताओं का निष्कासित कर दिया.
इस कदम के जरिये उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि पलानीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में कोई अवरोध उत्पन्न ना हो, जो सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.
इस कदम के जरिये उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि पलानीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में कोई अवरोध उत्पन्न ना हो, जो सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. | सारांश: कोर्ट ने शशिकला को चार साल कैद की सजा भी सुनाई
कोर्ट ने शशिकला पर 10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है
कोर्ट के फैसले के साथ ही शशिकला के राजनीतिक करियर पर विराम | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अदालत ने बुधवार को निदेशालय द्वारा पूछताछ के लिए शाह की हिरासत एक दिन बढ़ा दी थी. निदेशालय ने कहा था कि पाकिस्तान, यूएई और ब्रिटेन जैसे देशों से हवाला चैनलों के जरिये भारत में आतंकवादियों को धन मुहैया कराने और 'राष्ट्र विरोधी क्रियाकलापों' में उनकी भूमिका पता करना जरूरी है.
एजेंसी ने अदालत से कहा था कि शाह पाकिस्तान के आतंकवादियों से निरंतर संपर्क में था और उसे 'जम्मू-कश्मीर में शांति बाधित करने के लिए' हवाला लेनदेन के जरिये कई बार धन मिला था.टिप्पणियां
शाह अगस्त 2005 मामले में गिरफ्तार हुए हैं, जिसमें दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी (35) को हिरासत में लिया था.
(इनपुट भाषा से)
एजेंसी ने अदालत से कहा था कि शाह पाकिस्तान के आतंकवादियों से निरंतर संपर्क में था और उसे 'जम्मू-कश्मीर में शांति बाधित करने के लिए' हवाला लेनदेन के जरिये कई बार धन मिला था.टिप्पणियां
शाह अगस्त 2005 मामले में गिरफ्तार हुए हैं, जिसमें दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी (35) को हिरासत में लिया था.
(इनपुट भाषा से)
एजेंसी ने अदालत से कहा था कि शाह पाकिस्तान के आतंकवादियों से निरंतर संपर्क में था और उसे 'जम्मू-कश्मीर में शांति बाधित करने के लिए' हवाला लेनदेन के जरिये कई बार धन मिला था.टिप्पणियां
शाह अगस्त 2005 मामले में गिरफ्तार हुए हैं, जिसमें दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी (35) को हिरासत में लिया था.
(इनपुट भाषा से)
शाह अगस्त 2005 मामले में गिरफ्तार हुए हैं, जिसमें दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी (35) को हिरासत में लिया था.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अदालत ने शाह की हिरासत 6 दिन बढ़ाने का निदेशालय का अनुरोध स्वीकार किया.
ईडी के वकील ने कोर्ट से कहा, शब्बीर शाह से भारत माता की जय कहलवाइए.
इस पर न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि यह कोई टीवी स्टूडियो नहीं है. | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हथियारों से लैस तालिबानी आतंकवादियों ने पाकिस्तान के कबाइली क्षेत्र में नाकेबंदी पर हमला कर दिया, जिसमें नौ सैनिकों की मौत हुई और जवाबी कार्रवाई में दस आतंकवादी भी मारे गए।
अधिकारियों ने टीवी समाचार चैनलों के हवाले से कहा कि आतंकवादियों के फरहांग बाबा क्षेत्र की सुरक्षा चौकी पर हमला करने के बाद दक्षिण वजीरिस्तान कबाइली इलाके में झड़प हुई। इस हमले में नौ सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए।टिप्पणियां
एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें दस आतंकवादी मारे गए। इन झड़पों में आठ आतंकवादी घायल भी हुए। सुरक्षा बलों ने हमले के बाद क्षेत्र में खोजी अभियान भी चलाया।
सुरक्षाबलों ने 2009 में जमीनी और हवाई कार्रवाई करते हुए ज्यादातर दक्षिण वजीरिस्तान क्षेत्र से तालिबान आतंकवादियों को खत्म कर दिया था हालांकि सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में छुपे तालिबानी आतंकवादी अब भी सैनिकों पर हमले करते हैं। इससे पहले कल, बाजौर कबीले के बातवार क्षेत्र में हुई झड़पों में तीन सैनिक और 11 आतंकवादी मारे गए।
अधिकारियों ने टीवी समाचार चैनलों के हवाले से कहा कि आतंकवादियों के फरहांग बाबा क्षेत्र की सुरक्षा चौकी पर हमला करने के बाद दक्षिण वजीरिस्तान कबाइली इलाके में झड़प हुई। इस हमले में नौ सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए।टिप्पणियां
एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें दस आतंकवादी मारे गए। इन झड़पों में आठ आतंकवादी घायल भी हुए। सुरक्षा बलों ने हमले के बाद क्षेत्र में खोजी अभियान भी चलाया।
सुरक्षाबलों ने 2009 में जमीनी और हवाई कार्रवाई करते हुए ज्यादातर दक्षिण वजीरिस्तान क्षेत्र से तालिबान आतंकवादियों को खत्म कर दिया था हालांकि सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में छुपे तालिबानी आतंकवादी अब भी सैनिकों पर हमले करते हैं। इससे पहले कल, बाजौर कबीले के बातवार क्षेत्र में हुई झड़पों में तीन सैनिक और 11 आतंकवादी मारे गए।
एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें दस आतंकवादी मारे गए। इन झड़पों में आठ आतंकवादी घायल भी हुए। सुरक्षा बलों ने हमले के बाद क्षेत्र में खोजी अभियान भी चलाया।
सुरक्षाबलों ने 2009 में जमीनी और हवाई कार्रवाई करते हुए ज्यादातर दक्षिण वजीरिस्तान क्षेत्र से तालिबान आतंकवादियों को खत्म कर दिया था हालांकि सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में छुपे तालिबानी आतंकवादी अब भी सैनिकों पर हमले करते हैं। इससे पहले कल, बाजौर कबीले के बातवार क्षेत्र में हुई झड़पों में तीन सैनिक और 11 आतंकवादी मारे गए।
सुरक्षाबलों ने 2009 में जमीनी और हवाई कार्रवाई करते हुए ज्यादातर दक्षिण वजीरिस्तान क्षेत्र से तालिबान आतंकवादियों को खत्म कर दिया था हालांकि सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में छुपे तालिबानी आतंकवादी अब भी सैनिकों पर हमले करते हैं। इससे पहले कल, बाजौर कबीले के बातवार क्षेत्र में हुई झड़पों में तीन सैनिक और 11 आतंकवादी मारे गए। | संक्षिप्त पाठ: हथियारों से लैस तालिबानी आतंकवादियों ने पाकिस्तान के कबाइली क्षेत्र में नाकेबंदी पर हमला कर दिया, जिसमें नौ सैनिकों की मौत हुई और जवाबी कार्रवाई में दस आतंकवादी भी मारे गए। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर 2009 में लाहौर में हुए हमले का मुख्य षड्यंत्रकर्ता पाकिस्तानी आतंकवादी अफगानिस्तान सीमा पर अफगान और अमेरिकी सेना के संयुक्त अभियान में मारा गया. एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने तालिबान कमांडरों के करीबी सूत्रों के हवाले से कहा कि प्रतिबंधित लश्कर ए झांगी का अगुवा कारी अजमल पकतिका प्रांत में मारा गया.
श्रीलंकाई टीम पर हमले के बाद वह वजीरिस्तान भाग गया था. उस हमले में सात पुलिसकर्मी मारे गए थे और महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा तथा अजंता मेंडिस समेत सात श्रीलंकाई खिलाड़ी घायल हो गए थे.टिप्पणियां
अजमल प्रतिबंधित तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद से जुड़ा था जो नवंबर 2013 में मारा गया. बाद में वह अफगानिस्तान भाग गया था और महसूद तालिबान के साथ रह रहा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
श्रीलंकाई टीम पर हमले के बाद वह वजीरिस्तान भाग गया था. उस हमले में सात पुलिसकर्मी मारे गए थे और महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा तथा अजंता मेंडिस समेत सात श्रीलंकाई खिलाड़ी घायल हो गए थे.टिप्पणियां
अजमल प्रतिबंधित तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद से जुड़ा था जो नवंबर 2013 में मारा गया. बाद में वह अफगानिस्तान भाग गया था और महसूद तालिबान के साथ रह रहा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अजमल प्रतिबंधित तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद से जुड़ा था जो नवंबर 2013 में मारा गया. बाद में वह अफगानिस्तान भाग गया था और महसूद तालिबान के साथ रह रहा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: अफगान-अमेरिकी सेना के संयुक्त अभियान में मार गिराया गया
श्रीलंका टीम पर हमले के बाद वजीरिस्तान भाग गया था अजमल
हमले में जयवर्धने, संगकारा मेंडिस समेत सात खिलाड़ी घायल हुए थे | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने चालू वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में 20,000 नई नियुक्तियां करने की घोषणा की है। कंपनी के सीईओ एन चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी दूसरी तिमाही में 17,000 से 20,000 नई भर्तियां करेगी। कंपनी ने चालू वित्तवर्ष के दौरान कुल 60,000 नियुक्तियां करने की योजना बनाई है। 30 जून को समाप्त तिमाही में कंपनी ने कुल 11,988 नए कर्मचारी जोड़े, जबकि 8,412 कर्मचारी कंपनी छोड़कर गए। इस तरह कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 3,576 का इजाफा हुआ। कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या 2,02,190 हो गई है। पहली तिमाही में कंपनी छोड़कर जाने वाले कर्मचारियों की दर 14.8 प्रतिशत रही, जो 2010-11 की चौथी तिमाही में 14.4 फीसदी थी। टीसीएस के उपाध्यक्ष और प्रमुख (वैश्विक मानव संसाधन) अजय मुखर्जी ने कहा कि यदि आप कंपनी छोड़कर जाने वाले कर्मचारियों की दर को देखें, तो यह काफी ऊंची लगती है, पर यह उद्योग के आगे बढ़ने का भी संकेत है। यह दर 13 से 14 प्रतिशत बनी रहेगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में 20,000 नई नियुक्तियां करने की घोषणा की है। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता मामले में लोक लेखा समिति (पीएसी) की मसौदा रिपोर्ट पर उठे विवाद के बीच संसदीय मामलों के विशेषज्ञों की इस बारे में एकराय है कि संसदीय समिति की सिफारिशों को आमतौर पर स्वीकार किया जाता है या कम से कम सरकार की ओर से गंभीरता से लिया जाता है। संविधान एवं संसदीय मामलों के विशेषज्ञों का हालांकि कहना है कि पीएसी का स्वरूप सिफारिश पेश करने का है जो कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होती है। लेकिन पारंपरिक तौर पर सरकार इस समिति की ओर से प्रस्तुत अधिकांश रिपोर्ट को स्वीकार करती है। सरकार को इसकी रिपोर्ट पर तीन महीने के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करनी होती है। जाने माने संविधान विशेषज्ञ सुभाष काश्यप ने कहा, यह बात लिखित में बतानी होती है कि सरकार पीएसी की कुछ सिफारिशों को क्यों नहीं स्वीकार कर रही है, इसके बाद पीएसी फिर इस पर विचार करती है। अगर संसद का सत्र नहीं चल रहा होता है तो पीएसी अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को भेजती है, इसके अलावा इसकी एक प्रति सरकार को भी भेजी जाती है। काश्यप ने कहा, आमतौर पर सरकार इसकी सिफारिशों को स्वीकार करती है। उन्होंने कहा कि पीएसी सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संसदीय समिति है। इस विचार से सहमत होते हुए, लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचारी ने कहा कि संसदीय आचार और पारंपरा के मुताबित पीएसी की अधिकांश सिफारिशों को स्वीकार किया जाता है या कम से कम गंभीरता से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि पीएसी किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह के खिलाफ कार्रवाई की कानूनी या कोई अन्य तरह कर सिफारिश कर सकती है या भविष्य के संबंध में प्रणालीगत बदलाव का सुझाव दे सकती है। उनका मनना है कि टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामला समिति के समक्ष आए सबसे संवेदनशील मामलों में है। गौरतलब है कि इस समिति का गठन 1921 में ब्रिटिश शासन के दौरान मेंटेग्यू.चेम्सफोर्ड सुधार के मद्देनजर किया गया था। देश में 26 जनवरी 1950 को संविधान के गठन के साथ ही इसके स्वरूप में काफी बदलाव किये गए। आचारी ने कहा, समय के साथ पीएसी की भूमिका में काफी विस्तार हुआ है। गौरतलब है कि 21 सदस्यीय पीएसी में कांग्रेस के सात प्रतिनिधि, भाजपा के चार, अन्नाद्रमुक और द्रमुक के दो-दो तथा शिवसेना, बीजद, जदयू, सपा, बसपा और माकपा के एक-एक सदस्य हैं। मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता में तैयार मसौदा रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री को घेरे में लेते हुए कहा गया है कि पीएमओ ने परोक्ष रूप से राजा को उसके कार्यो को आगे बढ़ाने की हरी झंडी दे दी। मसौदा रिपोर्ट में वित्त मंत्री पी चिदंबरम को इस बात के लिए आड़े हाथों लिया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपनी सिफारिशों में राजस्व नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की बजाए इस विषय को समाप्त माने जाने की सिफारिश की। सत्तारूढ पक्ष के सदस्यों ने इसे दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए इसे खारिज कर दिया। | यहाँ एक सारांश है:मसौदा रिपोर्ट पर उठे विवाद के बीच संसदीय मामलों के विशेषज्ञों की इस बारे में एकराय है कि संसदीय समिति की सिफारिशों को आमतौर पर स्वीकार किया जाता है या कम से कम सरकार की ओर से गंभीरता से लिया जाता है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नोट के बदले वोट मामले में तिहाड़ जेल भेजे गए अपने दो सांसदों और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के पूर्व सहायक सुधीन्द्र कुलकर्णी का जम कर बचाव करते हुए भाजपा ने बुधवार को कहा कि ये तीनों 2008 में तत्कालीन संप्रग सरकार के विश्वास मत के लिए सांसदों के वोट खरीदे जाने के प्रयासों का पर्दाफाश करने वाले लोग हैं। पार्टी ने कहा कि ये सभी शाबाशी के पात्र हैं न न कि सज़ा के। आडवाणी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने आज तिहाड़ जेल जाकर वहां बंद भाजपा के दो पूर्व सांसदों फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भागोरा तथा कुलकर्णी से मुलाकात की। बताया जाता है मुलाकात के दौरान आडवाणी ने आश्वासन दिया कि तीनों को हर संभव कानूनी सहायता मुहैया कराई जाएगी। जेटली ने इन तीनों का बचाव करते हुए संवाददाताओं से कहा, वोटों की खरीद फरोख्त का पर्दाफाश करने वालों के साथ वैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता है जैसा रिश्वत लेने-देने वालों के साथ होता है। उन्होंने कहा कि विश्वास मत के दौरान 19 सांसदों ने क्रास वोटिंग की थी या मत विभाजन में भाग नहीं लिया और यह खुला आरोप है कि सांसदों को प्रभावित करने के लिए धन बल का इस्तेमाल हुआ। जेटली ने कहा, दिल्ली पुलिस स्वीकार कर चुकी है कि विश्वास मत के लिए प्रथम दृष्टया रिश्वत दी गई ..हमारे सांसद रिश्वत लेने देने की करतूत का सिर्फ पर्दाफाश करने में शामिल थे। यह पूछे जाने पर कि भाजपा सांसदों ने तब पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की और नोटों की गड्डियां संसद में क्यों लाए, उन्होंने तर्क दिया कि जेएमएम मामले में उच्चतम न्यायालय का निर्णय है कि ऐसे मामलों का अधिकार क्षेत्र केवल संसद है और इसलिए उक्त सांसदों ने इस संबंध में लोकसभा को सूचित किया। कुलस्ते और भागोरा को छह सितंबर को न्याययिक हिरासत में तिहाड़ भेज दिया गया था और कुलकर्णी को कल अमेरिका से लौटने पर भेजा गया। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज पार्टी के दोनों उक्त पूर्व सांसदों से तिहाड़ जाकर पहले ही मुलाकात कर चुकी हैं। | यहाँ एक सारांश है:कैश फॉर वोट मामले में जेल गए भाजपा के पूर्व सांसद सुधींद्र कुलकर्णी से मिलने बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी तिहाड़ जेल पहुंचे। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वैश्विक स्तर पर मजबूत रुख से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स करीब 92 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। एक समय सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई थी लेकिन बाद में वैश्विक स्तर पर मजबूत रुख से तेल एवं गैस तथा सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों की अगुवाई में बाजार में तेजी आई।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स शुरू में बढ़त के साथ खुला लेकिन बाद में रिजर्व बैंक की तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने से इसमें गिरावट आई और यह सोमवार के बंद के मुकाबले करीब 140 अंक की गिरावट के साथ 17,004.09 अंक तक नीचे चला गया।
बहरहाल, बाद में बाजार में करीब 200 अंक की तेजी आई और अंत में यह 92.50 अंक या 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,236.18 अंक पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 29.20 अंक की बढ़त के साथ 5,229 अंक पर बंद हुआ।
सर्वाधिक गिरावट भारती एयरटेल के शेयर में दर्ज की गई। कंपनी का शेयर 2.77 प्रतिशत नीचे आया। स्टेट बैंक, हीरो मोटो कार्प तथा जिंदल स्टील में एक-एक प्रतिशत की गिरावट आई।टिप्पणियां
कारोबारियों के अनुसार रिजर्व बैंक का रुख उम्मीद के अनुरूप है लेकिन वैश्विक बाजार में तेजी से घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
फेडरल रिजर्व तथा यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आर्थिक वृद्धि को गति देने की तैयारी के संकेत से एशियाई तथा यूरोपीय बाजार में तेजी दर्ज की गई। इसका घरेलू बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ा।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स शुरू में बढ़त के साथ खुला लेकिन बाद में रिजर्व बैंक की तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने से इसमें गिरावट आई और यह सोमवार के बंद के मुकाबले करीब 140 अंक की गिरावट के साथ 17,004.09 अंक तक नीचे चला गया।
बहरहाल, बाद में बाजार में करीब 200 अंक की तेजी आई और अंत में यह 92.50 अंक या 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,236.18 अंक पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 29.20 अंक की बढ़त के साथ 5,229 अंक पर बंद हुआ।
सर्वाधिक गिरावट भारती एयरटेल के शेयर में दर्ज की गई। कंपनी का शेयर 2.77 प्रतिशत नीचे आया। स्टेट बैंक, हीरो मोटो कार्प तथा जिंदल स्टील में एक-एक प्रतिशत की गिरावट आई।टिप्पणियां
कारोबारियों के अनुसार रिजर्व बैंक का रुख उम्मीद के अनुरूप है लेकिन वैश्विक बाजार में तेजी से घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
फेडरल रिजर्व तथा यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आर्थिक वृद्धि को गति देने की तैयारी के संकेत से एशियाई तथा यूरोपीय बाजार में तेजी दर्ज की गई। इसका घरेलू बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ा।
बहरहाल, बाद में बाजार में करीब 200 अंक की तेजी आई और अंत में यह 92.50 अंक या 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,236.18 अंक पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 29.20 अंक की बढ़त के साथ 5,229 अंक पर बंद हुआ।
सर्वाधिक गिरावट भारती एयरटेल के शेयर में दर्ज की गई। कंपनी का शेयर 2.77 प्रतिशत नीचे आया। स्टेट बैंक, हीरो मोटो कार्प तथा जिंदल स्टील में एक-एक प्रतिशत की गिरावट आई।टिप्पणियां
कारोबारियों के अनुसार रिजर्व बैंक का रुख उम्मीद के अनुरूप है लेकिन वैश्विक बाजार में तेजी से घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
फेडरल रिजर्व तथा यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आर्थिक वृद्धि को गति देने की तैयारी के संकेत से एशियाई तथा यूरोपीय बाजार में तेजी दर्ज की गई। इसका घरेलू बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ा।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 29.20 अंक की बढ़त के साथ 5,229 अंक पर बंद हुआ।
सर्वाधिक गिरावट भारती एयरटेल के शेयर में दर्ज की गई। कंपनी का शेयर 2.77 प्रतिशत नीचे आया। स्टेट बैंक, हीरो मोटो कार्प तथा जिंदल स्टील में एक-एक प्रतिशत की गिरावट आई।टिप्पणियां
कारोबारियों के अनुसार रिजर्व बैंक का रुख उम्मीद के अनुरूप है लेकिन वैश्विक बाजार में तेजी से घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
फेडरल रिजर्व तथा यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आर्थिक वृद्धि को गति देने की तैयारी के संकेत से एशियाई तथा यूरोपीय बाजार में तेजी दर्ज की गई। इसका घरेलू बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ा।
सर्वाधिक गिरावट भारती एयरटेल के शेयर में दर्ज की गई। कंपनी का शेयर 2.77 प्रतिशत नीचे आया। स्टेट बैंक, हीरो मोटो कार्प तथा जिंदल स्टील में एक-एक प्रतिशत की गिरावट आई।टिप्पणियां
कारोबारियों के अनुसार रिजर्व बैंक का रुख उम्मीद के अनुरूप है लेकिन वैश्विक बाजार में तेजी से घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
फेडरल रिजर्व तथा यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आर्थिक वृद्धि को गति देने की तैयारी के संकेत से एशियाई तथा यूरोपीय बाजार में तेजी दर्ज की गई। इसका घरेलू बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ा।
कारोबारियों के अनुसार रिजर्व बैंक का रुख उम्मीद के अनुरूप है लेकिन वैश्विक बाजार में तेजी से घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।
फेडरल रिजर्व तथा यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आर्थिक वृद्धि को गति देने की तैयारी के संकेत से एशियाई तथा यूरोपीय बाजार में तेजी दर्ज की गई। इसका घरेलू बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ा।
फेडरल रिजर्व तथा यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आर्थिक वृद्धि को गति देने की तैयारी के संकेत से एशियाई तथा यूरोपीय बाजार में तेजी दर्ज की गई। इसका घरेलू बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ा। | यहाँ एक सारांश है:वैश्विक स्तर पर मजबूत रुख से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स करीब 92 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। एक समय सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई थी लेकिन बाद में वैश्विक स्तर पर मजबूत रुख से तेल एवं गैस तथा सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों की अगुवाई में बाजार में तेजी आई। | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: खेल मंत्री अजय माकन ने सोमवार को कहा कि अगर सुरेश कलमाड़ी को सीबीआई गिरफ्तार करती है तो वह भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) को नया अध्यक्ष चुनने के लिए कहेंगे। उन्होंने साथ ही धमकी दी कि अगर आईओए कार्रवाई करने में विफल रहता है तो मंत्रालय हस्तक्षेप करेगा। वर्ष 2009 में लंदन में हुई क्वीन्स बेटन रिले और पिछले साल हुए राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में अनियमितताओं के संबंध में कलमाड़ी को सोमवार को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। माकन ने कहा, यहां खेल मंत्रालय में हमने फैसला किया है कि जैसे ही सीबीआई सुरेश कलमाड़ी को गिरफ्तार करने की आधिकारिक घोषणा करेगी, हम आईओए को पत्र लिखेंगे कि उन्हें नया अध्यक्ष चुनना चाहिए। उन्होंने कहा, यह राष्ट्रीयहित में नहीं है कि ऐसा व्यक्ति जो जेल में है या जिसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ है वह देश का प्रतिनिधित्व करे। जैसे ही उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि होगी, हम आईओए से किसी और को चुनने का आग्रह करने वाले हैं। खेल मंत्री ने साथ ही कहा कि उनका मंत्रालय इस संबंध में एटार्नी जनरल की सलाह भी लेगा। माकन ने कहा, हम एटार्नी जनरल को भी पत्र लिखकर उनकी कानूनी सलाह लेंगे। आईओए अगर उनके खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहता है तो सरकार भी स्वयं कार्रवाई कर सकती है। खेल मंत्री ने कहा, हम पहले पत्र लिखकर आईओए को उन्हें हटाने और अध्यक्ष चुनने के लिए कहेंगे। साथ ही हम एटार्नी जनरल को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर हमें सलाह देने के लिए कहेंगे। जांच एजेंसी ने क्वीन्स बेटन रिले के आयोजन में अनियमितता और स्विट्जरलैंड की टाइम कीपिंग कंपनी को अनुबंध देने के मामले में सोमवार की सुबह कलमाड़ी से पूछताछ की। कलमाड़ी के करीबी आयोजन सिमिति के पूर्व महासचिव ललित भनोट, पूर्व महानिदेशक वीके वर्मा को पहले ही फरवरी में गिरफ्तार किया जा चुका है। माकन ने कहा, पिछले हफ्ते हमें कैबिनेट सचिवालय से औपचारिक तौर पर शुंगलू समिति की रिपोर्ट मिली और इसके आधार पर हमने शुंगलू समिति द्वारा दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए यह मामला दोबारा सीबीआई के पास भेजा। उम्मीद करता हूं कि सीबीआई सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। माकन ने साथ ही कहा कि खेल मंत्री बनने के बाद कभी औपचारिक या अनौपचारिक तौर पर उनकी कलमाड़ी के साथ कोई बात नहीं हुई। उन्होंने कहा, मेरी कभी उनसे बात नहीं हुई। (अजय माकन ने यह बयान सुरेश कलमाडी की गिरफ्तारी घोषित किए जाने से पूर्व दिया था।) | उन्होंने साथ ही धमकी दी कि अगर आईओए कार्रवाई करने में विफल रहता है तो मंत्रालय हस्तक्षेप करेगा। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वीवीएस लक्ष्मण की 85 रन की जांबाज पारी के बाद तेज गेंदबाजों की त्रिमूर्ति ने वेस्टइंडीज के शीर्ष क्रम को झकझोर कर भारत को दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में शानदार वापसी दिलाई। मैच का पहला दिन गेंदबाजों के नाम रहा तथा कुल 13 विकेट गिरे। भारत की शुरुआत खराब रही और उसने 38 रन के अंदर चोटी के चार विकेट गंवा दिए। इसके बाद लक्ष्मण ने सुरेश रैना (53) के साथ पांचवें विकेट के लिए 117 रन की साझेदारी की। अंतिम छह विकेट 46 रन के अंदर गंवाने के कारण भारत 201 रन ही बना पाया। वेस्टइंडीज का स्कोर भी जब पांच रन था, तब उसके दोनों सलामी बल्लेबाज पैवेलियन लौट गए थे। उसने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक तीन विकेट पर 30 रन बनाए और वह अब भी भारत से 171 रन पीछे है। इशांत शर्मा, प्रवीण कुमार और अभिमन्यु मिथुन तीनों ने एक-एक विकेट लेकर पहले दिन भारत का पलड़ा कुछ भारी रखा। इशांत ने पारी के चौथे ओवर में ही एड्रियन बराथ (3) को शॉर्ट पिच गेंद का शिकार बनाया। इशांत की गेंद बराथ के बल्ले के बीच के हिस्से से लगकर गली में खड़े विराट कोहली के पास पहुंची, जिन्होंने कैच का अभ्यास किया। अगले ओवर में प्रवीण कुमार की स्विंग लेती गेंद लेंडल सिमन्स (2) के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के दस्तानों में समा गई। अब मिथुन की बारी थी, जिन्होंने दिन के अंतिम ओवर में डेरेन ब्रावो (9) को धोनी के हाथों कैच कराया। ब्रावो हालांकि इस फैसले से खुश नहीं थे। स्टंप उखड़ने के समय रामनरेश सरवन 10 रन पर खेल रहे थे, जबकि नाइटवाचमैन देबेंद्र बिशू को अभी खाता खोलना है। भारतीयों के लिए रामपाल के पहले सत्र के आठ ओवर किसी दु:स्वप्न से कम नहीं रहे, जिनमें उन्होंने पांच रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने अभिनव मुकुंद (1), मुरली विजय (11) और विराट कोहली (शून्य) को पैवेलियन भेजा, जबकि राहुल द्रविड़ (5) कैरेबियाई कप्तान डेरेन सैमी के शिकार बने। लंच के बाद लक्ष्मण और रैना दोनों ने रन बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। पहले सत्र में भारत जहां 27 ओवर में 44 रन ही जोड़ पाया और उसने चार विकेट गंवाए, वहीं दूसरे सत्र में उसने 26 ओवर में 103 रन बनाए और इस बीच उसका कोई विकेट नहीं गिरा। लक्ष्मण ने इस बीच टेस्ट क्रिकेट में 50वां, जबकि रैना ने चौथा अर्धशतक पूरा किया। तीसरे सत्र में कहानी फिर से बदल गई जिसमें भारत ने 15 ओवर में 54 रन जोड़कर बाकी बचे छह विकेट गंवाए। इस सत्र में बिशू और एडवर्ड्स की गेंदबाजी का कमाल देखने को मिला। बिशू ने लक्ष्मण और रैना के अलावा प्रवीण (12) को आउट किया, जबकि एडवर्ड्स ने धोनी (2), हरभजन (5), और मिथुन (शून्य) को पैवेलियन भेजा। दूसरा सत्र पूरी तरह से भारतीयों के नाम रहा, जिसमें लक्ष्मण के कलात्मक स्ट्रोक और रैना के साहसिक शॉट भी देखने को मिले। लेकिन चाय के विश्राम के बाद इन दोनों की साझेदारी लंबी नहीं चली। तीसरे सत्र के तीसरे ओवर में ही बिशू ने रैना को आउट करके वेस्टइंडीज को बहुप्रतीक्षित सफलता दिलाई। वैसे यदि इस शृंखला में अंपायरों की निर्णय समीक्षा प्रणाली (यूडीआरएस) होती तो रैना पैवेलियन नहीं लौटते। बिशू की गेंद अचानक ही लेग स्टंप की तरफ उछली जो रैना के थाई पैड से लगकर शॉर्ट लेग के क्षेत्ररक्षक के पास चली गई। वेस्टइंडीज की अपील में भी ज्यादा दम नहीं था, लेकिन अंपायर असद राउफ की अंगुली उठ गई। रैना फैसले से खुश नहीं थे। वह इस उम्मीद में बाउंड्री पर भी खड़े रहे कि क्या पता अंपायर अपना फैसले में सुधार कर दें। उन्होंने अपनी पारी में 105 गेंद खेली और सात चौके लगाए। इसके बाद भारतीय पारी सिमटने में देर नहीं लगी। कप्तान धोनी की असफलता का क्रम यहां भी जारी रहा, जबकि हरभजन का भी जलवा नहीं चला। लक्ष्मण भी टेस्ट क्रिकेट में 8,000वां रन पूरा करने के तुरंत बाद बिशू की लेग ब्रेक पर कट करने के प्रयास में बैकवर्ड प्वाइंट पर कैच थमा दिया। उनकी 146 गेंद की पारी में 12 चौके शामिल हैं। | संक्षिप्त पाठ: लक्ष्मण की 85 रन की जांबाज पारी के बाद तेज गेंदबाजों की त्रिमूर्ति ने वेस्टइंडीज के शीर्ष क्रम को झकझोर कर भारत को दूसरे टेस्ट में शानदार वापसी दिलाई। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां चौथा टेस्ट मैच 74 रन से जीत लिया जबकि अभी एक दिन से अधिक का खेल बचा हुआ था। इसके साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की एशेज शृंखला में अपराजेय 3-0 की बढ़त हासिल कर ली है।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया की टीम 299 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दो विकेट पर 168 रन बनाकर अच्छी स्थिति में थी लेकिन चौथे दिन पूरी टीम 224 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गई। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने 50 रन देकर ऑस्ट्रेलिया के छह बल्लेबाजों को पवैलियन की राह दिखाई।
1950 के दशक के बाद से ऐसा पहली बार है जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इंग्लैंड ने एशेज ट्रॉफी पहले ही अपने पास बरकरार रखी है। अंतिम टेस्ट मैच 21 अगस्त से साउथ लंदन के द ओवल में खेला जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया की टीम 299 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दो विकेट पर 168 रन बनाकर अच्छी स्थिति में थी लेकिन चौथे दिन पूरी टीम 224 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गई। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने 50 रन देकर ऑस्ट्रेलिया के छह बल्लेबाजों को पवैलियन की राह दिखाई।
1950 के दशक के बाद से ऐसा पहली बार है जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इंग्लैंड ने एशेज ट्रॉफी पहले ही अपने पास बरकरार रखी है। अंतिम टेस्ट मैच 21 अगस्त से साउथ लंदन के द ओवल में खेला जाएगा।
1950 के दशक के बाद से ऐसा पहली बार है जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इंग्लैंड ने एशेज ट्रॉफी पहले ही अपने पास बरकरार रखी है। अंतिम टेस्ट मैच 21 अगस्त से साउथ लंदन के द ओवल में खेला जाएगा। | यह एक सारांश है: इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां चौथा टेस्ट मैच 74 रन से जीत लिया जबकि अभी एक दिन से अधिक का खेल बचा हुआ था। इसके साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की एशेज शृंखला में अपराजेय 3-0 की बढ़त हासिल कर ली है। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने आईसीसी की नवीनतम एक-दिवसीय चैम्पियनशिप तालिका में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है जबकि विराट कोहली सोमवार को जारी रैंकिंग में बल्लेबाजों में तीसरे स्थान पर कायम हैं।
भारत 119 अंक के साथ शीर्ष पर चल रहा है। इंग्लैंड दूसरे स्थान पर है। वेस्टइंडीज का 5-0 से क्लीनस्वीप करने वाला ऑस्ट्रेलिया तीन अंक के फायदे से 116 अंक के साथ तीसरे स्थान पर है।
दूसरी तरफ वेस्टइंडीज की टीम चार अंक के नुकसान से 84 अंक के साथ सातवें स्थान पर बरकरार है।
बल्लेबाजों की रैंकिंग में टीम में वापसी करने वाले ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन ने छह स्थान के फायदे से शीर्ष 10 में जगह बनाई। वह आठवें स्थान पर हैं। वाटसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में तीन मैचों में 66 की औसत से सर्वाधिक 198 रन बनाए।
बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला शीर्ष पर बरकरार हैं जबकि उनके बाद टीम के उनके साथी एबी डिविलियर्स और भारत के कोहली का नंबर आता है।
गेंदबाजी की वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज के सुनील नारायण ने एक स्थान के फायदे से तीसरा स्थान दोबारा हासिल कर लिया है जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 740 रेटिंग अंक भी हासिल किए।
ऑस्ट्रेलिया के क्लाइंट मैकाय ने पहली बार शीर्ष 10 गेंदबाजों में जगह बनाई। वह सात स्थान के फायदे से सातवें स्थान पर हैं। मैकाय ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों में 21-88 की औसत से नौ विकेट हासिल किए। ऑस्ट्रेलिया के ही मिशेल जानसन पांच स्थान के फायदे से 14वें पायदान पर हैं।
गेंदबाजी सूची में पाकिस्तान के सईद अजमल शीर्ष पर हैं जबकि मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।टिप्पणियां
आलराउंडरों की सूची में शीर्ष 10 में कोई बदलाव नहीं है। हफीज शीर्ष पर चल रहे हैं जबकि उनके बाद साकिब अल हसन और शेन वॉटसन का नंबर आता है।
आईसीसी की नवीनतम वन-डे तालिका में शीर्ष टीमों में काफी करीबी जंग है। भारत और छठे स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के बीच सिर्फ 12 अंक का अंतर है।
भारत 119 अंक के साथ शीर्ष पर चल रहा है। इंग्लैंड दूसरे स्थान पर है। वेस्टइंडीज का 5-0 से क्लीनस्वीप करने वाला ऑस्ट्रेलिया तीन अंक के फायदे से 116 अंक के साथ तीसरे स्थान पर है।
दूसरी तरफ वेस्टइंडीज की टीम चार अंक के नुकसान से 84 अंक के साथ सातवें स्थान पर बरकरार है।
बल्लेबाजों की रैंकिंग में टीम में वापसी करने वाले ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन ने छह स्थान के फायदे से शीर्ष 10 में जगह बनाई। वह आठवें स्थान पर हैं। वाटसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में तीन मैचों में 66 की औसत से सर्वाधिक 198 रन बनाए।
बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला शीर्ष पर बरकरार हैं जबकि उनके बाद टीम के उनके साथी एबी डिविलियर्स और भारत के कोहली का नंबर आता है।
गेंदबाजी की वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज के सुनील नारायण ने एक स्थान के फायदे से तीसरा स्थान दोबारा हासिल कर लिया है जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 740 रेटिंग अंक भी हासिल किए।
ऑस्ट्रेलिया के क्लाइंट मैकाय ने पहली बार शीर्ष 10 गेंदबाजों में जगह बनाई। वह सात स्थान के फायदे से सातवें स्थान पर हैं। मैकाय ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों में 21-88 की औसत से नौ विकेट हासिल किए। ऑस्ट्रेलिया के ही मिशेल जानसन पांच स्थान के फायदे से 14वें पायदान पर हैं।
गेंदबाजी सूची में पाकिस्तान के सईद अजमल शीर्ष पर हैं जबकि मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।टिप्पणियां
आलराउंडरों की सूची में शीर्ष 10 में कोई बदलाव नहीं है। हफीज शीर्ष पर चल रहे हैं जबकि उनके बाद साकिब अल हसन और शेन वॉटसन का नंबर आता है।
आईसीसी की नवीनतम वन-डे तालिका में शीर्ष टीमों में काफी करीबी जंग है। भारत और छठे स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के बीच सिर्फ 12 अंक का अंतर है।
दूसरी तरफ वेस्टइंडीज की टीम चार अंक के नुकसान से 84 अंक के साथ सातवें स्थान पर बरकरार है।
बल्लेबाजों की रैंकिंग में टीम में वापसी करने वाले ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन ने छह स्थान के फायदे से शीर्ष 10 में जगह बनाई। वह आठवें स्थान पर हैं। वाटसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में तीन मैचों में 66 की औसत से सर्वाधिक 198 रन बनाए।
बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला शीर्ष पर बरकरार हैं जबकि उनके बाद टीम के उनके साथी एबी डिविलियर्स और भारत के कोहली का नंबर आता है।
गेंदबाजी की वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज के सुनील नारायण ने एक स्थान के फायदे से तीसरा स्थान दोबारा हासिल कर लिया है जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 740 रेटिंग अंक भी हासिल किए।
ऑस्ट्रेलिया के क्लाइंट मैकाय ने पहली बार शीर्ष 10 गेंदबाजों में जगह बनाई। वह सात स्थान के फायदे से सातवें स्थान पर हैं। मैकाय ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों में 21-88 की औसत से नौ विकेट हासिल किए। ऑस्ट्रेलिया के ही मिशेल जानसन पांच स्थान के फायदे से 14वें पायदान पर हैं।
गेंदबाजी सूची में पाकिस्तान के सईद अजमल शीर्ष पर हैं जबकि मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।टिप्पणियां
आलराउंडरों की सूची में शीर्ष 10 में कोई बदलाव नहीं है। हफीज शीर्ष पर चल रहे हैं जबकि उनके बाद साकिब अल हसन और शेन वॉटसन का नंबर आता है।
आईसीसी की नवीनतम वन-डे तालिका में शीर्ष टीमों में काफी करीबी जंग है। भारत और छठे स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के बीच सिर्फ 12 अंक का अंतर है।
बल्लेबाजों की रैंकिंग में टीम में वापसी करने वाले ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन ने छह स्थान के फायदे से शीर्ष 10 में जगह बनाई। वह आठवें स्थान पर हैं। वाटसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में तीन मैचों में 66 की औसत से सर्वाधिक 198 रन बनाए।
बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला शीर्ष पर बरकरार हैं जबकि उनके बाद टीम के उनके साथी एबी डिविलियर्स और भारत के कोहली का नंबर आता है।
गेंदबाजी की वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज के सुनील नारायण ने एक स्थान के फायदे से तीसरा स्थान दोबारा हासिल कर लिया है जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 740 रेटिंग अंक भी हासिल किए।
ऑस्ट्रेलिया के क्लाइंट मैकाय ने पहली बार शीर्ष 10 गेंदबाजों में जगह बनाई। वह सात स्थान के फायदे से सातवें स्थान पर हैं। मैकाय ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों में 21-88 की औसत से नौ विकेट हासिल किए। ऑस्ट्रेलिया के ही मिशेल जानसन पांच स्थान के फायदे से 14वें पायदान पर हैं।
गेंदबाजी सूची में पाकिस्तान के सईद अजमल शीर्ष पर हैं जबकि मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।टिप्पणियां
आलराउंडरों की सूची में शीर्ष 10 में कोई बदलाव नहीं है। हफीज शीर्ष पर चल रहे हैं जबकि उनके बाद साकिब अल हसन और शेन वॉटसन का नंबर आता है।
आईसीसी की नवीनतम वन-डे तालिका में शीर्ष टीमों में काफी करीबी जंग है। भारत और छठे स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के बीच सिर्फ 12 अंक का अंतर है।
बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला शीर्ष पर बरकरार हैं जबकि उनके बाद टीम के उनके साथी एबी डिविलियर्स और भारत के कोहली का नंबर आता है।
गेंदबाजी की वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज के सुनील नारायण ने एक स्थान के फायदे से तीसरा स्थान दोबारा हासिल कर लिया है जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 740 रेटिंग अंक भी हासिल किए।
ऑस्ट्रेलिया के क्लाइंट मैकाय ने पहली बार शीर्ष 10 गेंदबाजों में जगह बनाई। वह सात स्थान के फायदे से सातवें स्थान पर हैं। मैकाय ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों में 21-88 की औसत से नौ विकेट हासिल किए। ऑस्ट्रेलिया के ही मिशेल जानसन पांच स्थान के फायदे से 14वें पायदान पर हैं।
गेंदबाजी सूची में पाकिस्तान के सईद अजमल शीर्ष पर हैं जबकि मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।टिप्पणियां
आलराउंडरों की सूची में शीर्ष 10 में कोई बदलाव नहीं है। हफीज शीर्ष पर चल रहे हैं जबकि उनके बाद साकिब अल हसन और शेन वॉटसन का नंबर आता है।
आईसीसी की नवीनतम वन-डे तालिका में शीर्ष टीमों में काफी करीबी जंग है। भारत और छठे स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के बीच सिर्फ 12 अंक का अंतर है।
गेंदबाजी की वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज के सुनील नारायण ने एक स्थान के फायदे से तीसरा स्थान दोबारा हासिल कर लिया है जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 740 रेटिंग अंक भी हासिल किए।
ऑस्ट्रेलिया के क्लाइंट मैकाय ने पहली बार शीर्ष 10 गेंदबाजों में जगह बनाई। वह सात स्थान के फायदे से सातवें स्थान पर हैं। मैकाय ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों में 21-88 की औसत से नौ विकेट हासिल किए। ऑस्ट्रेलिया के ही मिशेल जानसन पांच स्थान के फायदे से 14वें पायदान पर हैं।
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आईसीसी की नवीनतम वन-डे तालिका में शीर्ष टीमों में काफी करीबी जंग है। भारत और छठे स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के बीच सिर्फ 12 अंक का अंतर है।
ऑस्ट्रेलिया के क्लाइंट मैकाय ने पहली बार शीर्ष 10 गेंदबाजों में जगह बनाई। वह सात स्थान के फायदे से सातवें स्थान पर हैं। मैकाय ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों में 21-88 की औसत से नौ विकेट हासिल किए। ऑस्ट्रेलिया के ही मिशेल जानसन पांच स्थान के फायदे से 14वें पायदान पर हैं।
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आलराउंडरों की सूची में शीर्ष 10 में कोई बदलाव नहीं है। हफीज शीर्ष पर चल रहे हैं जबकि उनके बाद साकिब अल हसन और शेन वॉटसन का नंबर आता है।
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गेंदबाजी सूची में पाकिस्तान के सईद अजमल शीर्ष पर हैं जबकि मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।टिप्पणियां
आलराउंडरों की सूची में शीर्ष 10 में कोई बदलाव नहीं है। हफीज शीर्ष पर चल रहे हैं जबकि उनके बाद साकिब अल हसन और शेन वॉटसन का नंबर आता है।
आईसीसी की नवीनतम वन-डे तालिका में शीर्ष टीमों में काफी करीबी जंग है। भारत और छठे स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के बीच सिर्फ 12 अंक का अंतर है।
आलराउंडरों की सूची में शीर्ष 10 में कोई बदलाव नहीं है। हफीज शीर्ष पर चल रहे हैं जबकि उनके बाद साकिब अल हसन और शेन वॉटसन का नंबर आता है।
आईसीसी की नवीनतम वन-डे तालिका में शीर्ष टीमों में काफी करीबी जंग है। भारत और छठे स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के बीच सिर्फ 12 अंक का अंतर है।
आईसीसी की नवीनतम वन-डे तालिका में शीर्ष टीमों में काफी करीबी जंग है। भारत और छठे स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के बीच सिर्फ 12 अंक का अंतर है। | सारांश: भारत ने आईसीसी की नवीनतम एक-दिवसीय चैम्पियनशिप तालिका में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है जबकि विराट कोहली सोमवार को जारी रैंकिंग में बल्लेबाजों में तीसरे स्थान पर कायम हैं। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस ने गोवा में बीजेपी की बैठक से उसके कुछ नेताओं के अनुपस्थित रहने को लेकर चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल के वरिष्ठ नेता गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से बीमार पड़ने लगे हैं और पार्टी को सोचना चाहिए कि उनकी वजह से देश का क्या होगा।
गौरतलब है कि 85-वर्षीय आडवाणी बीजेपी पदाधिकारियों की गोवा में होने वाली बैठक में आज शामिल नहीं होंगे। इसकी वजह उनका अस्वस्थ होना बताया जा रहा है। इस बात को लेकर मजाक उड़ाते हुए कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, मोदी की वजह से बीजेपी के नेता बीमार पड़ने लगे हैं।टिप्पणियां
अल्वी ने कहा, बीजेपी को सोचना चाहिए कि मोदी की वजह से देश का क्या होगा। मोदी की वजह से जो बीमार पड़ रहे हैं, उनके साथ मेरी पूरी हमदर्दी है। कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने भी इस नए घटनाक्रम को लेकर बीजेपी की खिंचाई करते हुए कहा, मोदी समूह ने बीजेपी में आडवाणी समूह को खदेड़ दिया है।
आडवाणी गोवा में आज होने वाली पार्टी के पदाधिकारियों की बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन अगले दो दिन आयोजित होने वाले पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उनके उपस्थित रहने की संभावना है। पार्टी के कुछ वर्गों से मोदी को चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख घोषित करने की मांग हो रही है। इसे देखते हुए बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान अगले लोकसभा चुनाव में मोदी की भूमिका का मुद्दा छाया रह सकता है।
गौरतलब है कि 85-वर्षीय आडवाणी बीजेपी पदाधिकारियों की गोवा में होने वाली बैठक में आज शामिल नहीं होंगे। इसकी वजह उनका अस्वस्थ होना बताया जा रहा है। इस बात को लेकर मजाक उड़ाते हुए कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, मोदी की वजह से बीजेपी के नेता बीमार पड़ने लगे हैं।टिप्पणियां
अल्वी ने कहा, बीजेपी को सोचना चाहिए कि मोदी की वजह से देश का क्या होगा। मोदी की वजह से जो बीमार पड़ रहे हैं, उनके साथ मेरी पूरी हमदर्दी है। कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने भी इस नए घटनाक्रम को लेकर बीजेपी की खिंचाई करते हुए कहा, मोदी समूह ने बीजेपी में आडवाणी समूह को खदेड़ दिया है।
आडवाणी गोवा में आज होने वाली पार्टी के पदाधिकारियों की बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन अगले दो दिन आयोजित होने वाले पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उनके उपस्थित रहने की संभावना है। पार्टी के कुछ वर्गों से मोदी को चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख घोषित करने की मांग हो रही है। इसे देखते हुए बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान अगले लोकसभा चुनाव में मोदी की भूमिका का मुद्दा छाया रह सकता है।
अल्वी ने कहा, बीजेपी को सोचना चाहिए कि मोदी की वजह से देश का क्या होगा। मोदी की वजह से जो बीमार पड़ रहे हैं, उनके साथ मेरी पूरी हमदर्दी है। कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने भी इस नए घटनाक्रम को लेकर बीजेपी की खिंचाई करते हुए कहा, मोदी समूह ने बीजेपी में आडवाणी समूह को खदेड़ दिया है।
आडवाणी गोवा में आज होने वाली पार्टी के पदाधिकारियों की बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन अगले दो दिन आयोजित होने वाले पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उनके उपस्थित रहने की संभावना है। पार्टी के कुछ वर्गों से मोदी को चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख घोषित करने की मांग हो रही है। इसे देखते हुए बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान अगले लोकसभा चुनाव में मोदी की भूमिका का मुद्दा छाया रह सकता है।
आडवाणी गोवा में आज होने वाली पार्टी के पदाधिकारियों की बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन अगले दो दिन आयोजित होने वाले पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उनके उपस्थित रहने की संभावना है। पार्टी के कुछ वर्गों से मोदी को चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख घोषित करने की मांग हो रही है। इसे देखते हुए बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान अगले लोकसभा चुनाव में मोदी की भूमिका का मुद्दा छाया रह सकता है। | यह एक सारांश है: कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, मोदी समूह ने बीजेपी में आडवाणी समूह को खदेड़ दिया है। वहीं राशिद अल्वी ने कहा, मोदी की वजह से जो बीमार पड़ रहे हैं, उनके साथ मेरी पूरी हमदर्दी है। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां
अगर आप भोजन प्रेमी है तो आप गूगल सर्च में 'फूड फेस्टिवल इन दिल्ली' डालने का आपको आसान फार्मेट में सभी जानकारियां मिलेंगी. गूगल ने इसके अलावा डेवलपर गाइडलाइन भी जारी किया है, ताकि इवेंट को उसी तरीके से सूचीबद्ध किया जा सके. इसके यूजर्स को गूगल पर उसके नतीजे ढूंढ़ने में आसानी होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अगर आप भोजन प्रेमी है तो आप गूगल सर्च में 'फूड फेस्टिवल इन दिल्ली' डालने का आपको आसान फार्मेट में सभी जानकारियां मिलेंगी. गूगल ने इसके अलावा डेवलपर गाइडलाइन भी जारी किया है, ताकि इवेंट को उसी तरीके से सूचीबद्ध किया जा सके. इसके यूजर्स को गूगल पर उसके नतीजे ढूंढ़ने में आसानी होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: गूगल ने गुरुवार को अपने 'सर्च' एप का नवीनतम अपडेट लांच किया
नए अपडेट से यूजर्स को उसके नतीजे ढूंढ़ने में आसानी होगी
गूगल ने बताया कि यह अपडेट अंग्रेजी में उपलब्ध है | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक ने सुरेश कलमाडी को कॉमनवेल्थ आयोजन समिति का अध्यक्ष बनाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को ज़िम्मेदार बताया है। एनडीटीवी को मिले दस्तावेज़ के मुताबिक 2004 में तब के खेल मंत्री सुनील दत्त ने कलमाडी को कॉमनवेल्थ खेलों की कमान सौंपने का विरोध किया था, लेकिन पीएमओ ने 1982 के एशियाई खेलों की परंपरा की दुहाई देते हुए सुनील दत्त के ऐतराज़ का दरकिनार कर दिया और कलमाडी को आयोजन समिति का अध्यक्ष बना दिया। सुनील दत्त के बाद खेल मंत्री बने मणिशंकर अय्यर और एमएस गिल ने भी खेलों की तैयारियों की दौरान कलमाडी की मनमानियों की कई बार शिकायत की। खेल जब खत्म हुए तो भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी जिनकी जांच सीबीआई कर रही है। कलमाडी समेत आयोजन समिति के कई बड़े अधिकारी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। सीएजी की रिपोर्ट जल्द ही संसद में पेश होने वाली है और इसे लेकर भी सरकार विपक्ष के निशाने पर रहेगी। | सुनील दत्त के बाद खेल मंत्री बने अय्यर और एमएस गिल ने भी खेलों की तैयारियों की दौरान कलमाडी की मनमानियों की कई बार शिकायत की। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जापान में जबरदस्त भूकंप एवं सुनामी के असर से कच्चे तेल का भाव एक सप्ताह में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। जापान दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। यद्यपि यह अभी तक साफ नहीं है कि इस तबाही से जापान की अर्थव्यवस्था किस हद तक प्रभावित होगी पर सुनामी के चलते कच्चे तेल का बाजार नीचे आया है। न्यूयार्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में कच्चे तेल का भाव घटकर 99.01 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमिडिएट में अप्रैल डिलीवरी के लिए कच्चे तेल का भाव 1.60 डालर टूटकर 101.10 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। उल्लेखनीय है कि लीबिया में राजनीतिक तनाव शुरू होने के साथ फरवरी के मध्य से कच्चे तेल की कीमतें 24 प्रतिशत चढ़कर 100 डालर से उपर चली गयीं। उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के अन्य देशों में राजनीतिक घटनाक्रमों से तेल में तेजी को हवा मिली। विश्लेषक और व्यापारी स्टीफन शोर्क ने कहा, बाजार में गिरावट स्वाभाविक थी। सउदी अरब में हर कोई इस दिन का इंतजार कर रहा था। लेकिन इस समय इस तरह की कोई खबर नहीं है कि सउदी अरब के तेल भंडार खतरे में हैं। जापान में आई सुनामी में 23 फुट ऊंची समुद्री लहरों में जहाज, कारें और मकान बह गए। इसके अलावा, 8.9 तीव्रता के भूकंपीय झटके से आई तबाही में हजारों लोगों के मरने की आशंका है। | संक्षिप्त पाठ: जापान में जबरदस्त भूकंप एवं सुनामी के असर से कच्चे तेल का भाव एक सप्ताह में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को मजबूत लोकपाल विधेयक नहीं लाने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की और जोर देते हुए कहा कि इस प्रस्तावित कानून से भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा।
उन्होंने कहा, "आपको ऐसा लोकपाल क्यों चाहिए? जो एजेंसी भ्रष्टाचार को रोकेगी नहीं, बल्कि बढ़ाएगी और मंत्रियों को बचाएगी, उस पर क्या बात की जाए।"
केजरीवाल ने कहा, "सिर्फ लोकपाल शब्द का इस्तेमाल कर देने में हमारी कोई रुचि नहीं है। आप नाम कुछ भी रख सकते हैं। इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने देश के लोगों की राय का समर्थन नहीं किया है। भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना सरकार का संवैधानिक दायित्व है।"
यह कहते हुए कि देश के लोग भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि से परेशान हैं, उन्हों कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि इस मुद्दे पर जो पहल की गई है उससे वे खुश हैं, लेकिन सरकार ने क्या हमारे विचारों का समर्थन किया है?"
केजरीवाल ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार कानून को मजबूत बनाने के लिए इस में बदलाव क्यों नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, "बदलाव और संशोधन क्यों नहीं हो सकता? इसका मतलब है कि सरकार सोचती है कि यदि अगर सख्त कानून पारित हो जाता है तो सरकार में शामिल सभी लोग जेल चले जाएंगे।"
केजरीवाल ने कहा, "यदि मजबूत लोकपाल आ गया तो कैबिनेट में शामिल जिन मंत्रियों ने आज विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दी है, वे जेल में होंगे।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक में संशोधन के लिए राज्यसभा की प्रवर समिति द्वारा दिए गए सुझावों को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में विचाराधीन है। इस विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था, जिसने कई संशोधनों के सुझाव दिए। इस विधेयक को पारित कराने के लिए अब राज्यसभा में लाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "आपको ऐसा लोकपाल क्यों चाहिए? जो एजेंसी भ्रष्टाचार को रोकेगी नहीं, बल्कि बढ़ाएगी और मंत्रियों को बचाएगी, उस पर क्या बात की जाए।"
केजरीवाल ने कहा, "सिर्फ लोकपाल शब्द का इस्तेमाल कर देने में हमारी कोई रुचि नहीं है। आप नाम कुछ भी रख सकते हैं। इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने देश के लोगों की राय का समर्थन नहीं किया है। भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना सरकार का संवैधानिक दायित्व है।"
यह कहते हुए कि देश के लोग भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि से परेशान हैं, उन्हों कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि इस मुद्दे पर जो पहल की गई है उससे वे खुश हैं, लेकिन सरकार ने क्या हमारे विचारों का समर्थन किया है?"
केजरीवाल ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार कानून को मजबूत बनाने के लिए इस में बदलाव क्यों नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, "बदलाव और संशोधन क्यों नहीं हो सकता? इसका मतलब है कि सरकार सोचती है कि यदि अगर सख्त कानून पारित हो जाता है तो सरकार में शामिल सभी लोग जेल चले जाएंगे।"
केजरीवाल ने कहा, "यदि मजबूत लोकपाल आ गया तो कैबिनेट में शामिल जिन मंत्रियों ने आज विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दी है, वे जेल में होंगे।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक में संशोधन के लिए राज्यसभा की प्रवर समिति द्वारा दिए गए सुझावों को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में विचाराधीन है। इस विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था, जिसने कई संशोधनों के सुझाव दिए। इस विधेयक को पारित कराने के लिए अब राज्यसभा में लाया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा, "सिर्फ लोकपाल शब्द का इस्तेमाल कर देने में हमारी कोई रुचि नहीं है। आप नाम कुछ भी रख सकते हैं। इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने देश के लोगों की राय का समर्थन नहीं किया है। भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना सरकार का संवैधानिक दायित्व है।"
यह कहते हुए कि देश के लोग भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि से परेशान हैं, उन्हों कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि इस मुद्दे पर जो पहल की गई है उससे वे खुश हैं, लेकिन सरकार ने क्या हमारे विचारों का समर्थन किया है?"
केजरीवाल ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार कानून को मजबूत बनाने के लिए इस में बदलाव क्यों नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, "बदलाव और संशोधन क्यों नहीं हो सकता? इसका मतलब है कि सरकार सोचती है कि यदि अगर सख्त कानून पारित हो जाता है तो सरकार में शामिल सभी लोग जेल चले जाएंगे।"
केजरीवाल ने कहा, "यदि मजबूत लोकपाल आ गया तो कैबिनेट में शामिल जिन मंत्रियों ने आज विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दी है, वे जेल में होंगे।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक में संशोधन के लिए राज्यसभा की प्रवर समिति द्वारा दिए गए सुझावों को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में विचाराधीन है। इस विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था, जिसने कई संशोधनों के सुझाव दिए। इस विधेयक को पारित कराने के लिए अब राज्यसभा में लाया जाएगा।
यह कहते हुए कि देश के लोग भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि से परेशान हैं, उन्हों कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि इस मुद्दे पर जो पहल की गई है उससे वे खुश हैं, लेकिन सरकार ने क्या हमारे विचारों का समर्थन किया है?"
केजरीवाल ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार कानून को मजबूत बनाने के लिए इस में बदलाव क्यों नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, "बदलाव और संशोधन क्यों नहीं हो सकता? इसका मतलब है कि सरकार सोचती है कि यदि अगर सख्त कानून पारित हो जाता है तो सरकार में शामिल सभी लोग जेल चले जाएंगे।"
केजरीवाल ने कहा, "यदि मजबूत लोकपाल आ गया तो कैबिनेट में शामिल जिन मंत्रियों ने आज विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दी है, वे जेल में होंगे।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक में संशोधन के लिए राज्यसभा की प्रवर समिति द्वारा दिए गए सुझावों को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में विचाराधीन है। इस विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था, जिसने कई संशोधनों के सुझाव दिए। इस विधेयक को पारित कराने के लिए अब राज्यसभा में लाया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार कानून को मजबूत बनाने के लिए इस में बदलाव क्यों नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, "बदलाव और संशोधन क्यों नहीं हो सकता? इसका मतलब है कि सरकार सोचती है कि यदि अगर सख्त कानून पारित हो जाता है तो सरकार में शामिल सभी लोग जेल चले जाएंगे।"
केजरीवाल ने कहा, "यदि मजबूत लोकपाल आ गया तो कैबिनेट में शामिल जिन मंत्रियों ने आज विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दी है, वे जेल में होंगे।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक में संशोधन के लिए राज्यसभा की प्रवर समिति द्वारा दिए गए सुझावों को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में विचाराधीन है। इस विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था, जिसने कई संशोधनों के सुझाव दिए। इस विधेयक को पारित कराने के लिए अब राज्यसभा में लाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "बदलाव और संशोधन क्यों नहीं हो सकता? इसका मतलब है कि सरकार सोचती है कि यदि अगर सख्त कानून पारित हो जाता है तो सरकार में शामिल सभी लोग जेल चले जाएंगे।"
केजरीवाल ने कहा, "यदि मजबूत लोकपाल आ गया तो कैबिनेट में शामिल जिन मंत्रियों ने आज विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दी है, वे जेल में होंगे।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक में संशोधन के लिए राज्यसभा की प्रवर समिति द्वारा दिए गए सुझावों को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में विचाराधीन है। इस विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था, जिसने कई संशोधनों के सुझाव दिए। इस विधेयक को पारित कराने के लिए अब राज्यसभा में लाया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा, "यदि मजबूत लोकपाल आ गया तो कैबिनेट में शामिल जिन मंत्रियों ने आज विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दी है, वे जेल में होंगे।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक में संशोधन के लिए राज्यसभा की प्रवर समिति द्वारा दिए गए सुझावों को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में विचाराधीन है। इस विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था, जिसने कई संशोधनों के सुझाव दिए। इस विधेयक को पारित कराने के लिए अब राज्यसभा में लाया जाएगा।
गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक में संशोधन के लिए राज्यसभा की प्रवर समिति द्वारा दिए गए सुझावों को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में विचाराधीन है। इस विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था, जिसने कई संशोधनों के सुझाव दिए। इस विधेयक को पारित कराने के लिए अब राज्यसभा में लाया जाएगा।
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में विचाराधीन है। इस विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था, जिसने कई संशोधनों के सुझाव दिए। इस विधेयक को पारित कराने के लिए अब राज्यसभा में लाया जाएगा। | संक्षिप्त सारांश: आप के नेता अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को मजबूत लोकपाल विधेयक नहीं लाने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की और जोर देते हुए कहा कि इस प्रस्तावित कानून से भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिसंबर का महीना उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए तोहफों की बरसात लेकर आया है. इससे पहले कि चुनाव आयोग चुनावों की तारीखों की घोषणा करते हुए आचार संहिता लागू कर दे, मुख्यमंत्री दोनों हाथों से रोजाना प्रदेश की जनता के लिए कुछ न कुछ सौगात बांट रहे हैं.
मंगलवार को महज 4 घंटों में 50 हज़ार करोड़ से अधिक की करीब 300 योजनाओं को लॉन्च करने के बाद बुधवार को शिक्षकों व राज्यकर्मियों को खुश करने की कोशिश की गई. सरकार ने राज्यकर्मियों की भांति सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थानों, स्वायत्तशासी संस्थाओं व निगमों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों को अब पति-पत्नी दोनों को मकान किराया भत्ता देने का ऐलान किया है.
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. विधानसभा का सत्र होने के कारण कैबिनेट के फैसलों की फिलहाल अधिकृत सूचना नहीं दी गई है. इन फैसलों की जानकारी विधान मंडल के दोनों सदनों को दी जाएगी.
जानकारी के मुताबिक अभी तक सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों में यदि पति-पत्नी दोनों कार्यरत हैं, तो सिर्फ एक को ही एचआरए का लाभ मिलता था, जबकि राज्य कर्मचारी में पति-पत्नी दोनों को इसका लाभ दिया जा रहा है. राज्यकर्मियों की तरह सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों के कर्मचारी भी पति-पत्नी को एचआरए देने की मांग कर रहे थे.
इसके अलावा सरकार ने कमजोर वर्ग के लिए ई-रिक्शा में राहत की सौगात दी. अखिलेश यादव ने ई-रिक्शा पर लगने वाला वैट को साढ़े 12 फीसदी से घटाकर चार फीसदी कर दिया है. बाजार में 60,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये के बीच ई-रिक्शा आ रहा है. सरकार के इस कदम से ई-रिक्शा 5 से लेकर 7 हज़ार रुपये तक सस्ता हो जाएगा.
सरकार ने जूनियर इंजीनियरों का भी ख्याल रखा है. सरकारी, स्वायत्तशासी और निगमों में कार्यरत अवर अभियंताओं को हर महीने 400 रुपये विशेष भत्ता दिया जाएगा.
अखिलेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की है. सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोड़ने का फैसला किया है.टिप्पणियां
इन के अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीज़ल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधावाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है.
मंगलवार को महज 4 घंटों में 50 हज़ार करोड़ से अधिक की करीब 300 योजनाओं को लॉन्च करने के बाद बुधवार को शिक्षकों व राज्यकर्मियों को खुश करने की कोशिश की गई. सरकार ने राज्यकर्मियों की भांति सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थानों, स्वायत्तशासी संस्थाओं व निगमों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों को अब पति-पत्नी दोनों को मकान किराया भत्ता देने का ऐलान किया है.
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. विधानसभा का सत्र होने के कारण कैबिनेट के फैसलों की फिलहाल अधिकृत सूचना नहीं दी गई है. इन फैसलों की जानकारी विधान मंडल के दोनों सदनों को दी जाएगी.
जानकारी के मुताबिक अभी तक सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों में यदि पति-पत्नी दोनों कार्यरत हैं, तो सिर्फ एक को ही एचआरए का लाभ मिलता था, जबकि राज्य कर्मचारी में पति-पत्नी दोनों को इसका लाभ दिया जा रहा है. राज्यकर्मियों की तरह सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों के कर्मचारी भी पति-पत्नी को एचआरए देने की मांग कर रहे थे.
इसके अलावा सरकार ने कमजोर वर्ग के लिए ई-रिक्शा में राहत की सौगात दी. अखिलेश यादव ने ई-रिक्शा पर लगने वाला वैट को साढ़े 12 फीसदी से घटाकर चार फीसदी कर दिया है. बाजार में 60,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये के बीच ई-रिक्शा आ रहा है. सरकार के इस कदम से ई-रिक्शा 5 से लेकर 7 हज़ार रुपये तक सस्ता हो जाएगा.
सरकार ने जूनियर इंजीनियरों का भी ख्याल रखा है. सरकारी, स्वायत्तशासी और निगमों में कार्यरत अवर अभियंताओं को हर महीने 400 रुपये विशेष भत्ता दिया जाएगा.
अखिलेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की है. सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोड़ने का फैसला किया है.टिप्पणियां
इन के अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीज़ल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधावाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है.
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. विधानसभा का सत्र होने के कारण कैबिनेट के फैसलों की फिलहाल अधिकृत सूचना नहीं दी गई है. इन फैसलों की जानकारी विधान मंडल के दोनों सदनों को दी जाएगी.
जानकारी के मुताबिक अभी तक सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों में यदि पति-पत्नी दोनों कार्यरत हैं, तो सिर्फ एक को ही एचआरए का लाभ मिलता था, जबकि राज्य कर्मचारी में पति-पत्नी दोनों को इसका लाभ दिया जा रहा है. राज्यकर्मियों की तरह सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों के कर्मचारी भी पति-पत्नी को एचआरए देने की मांग कर रहे थे.
इसके अलावा सरकार ने कमजोर वर्ग के लिए ई-रिक्शा में राहत की सौगात दी. अखिलेश यादव ने ई-रिक्शा पर लगने वाला वैट को साढ़े 12 फीसदी से घटाकर चार फीसदी कर दिया है. बाजार में 60,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये के बीच ई-रिक्शा आ रहा है. सरकार के इस कदम से ई-रिक्शा 5 से लेकर 7 हज़ार रुपये तक सस्ता हो जाएगा.
सरकार ने जूनियर इंजीनियरों का भी ख्याल रखा है. सरकारी, स्वायत्तशासी और निगमों में कार्यरत अवर अभियंताओं को हर महीने 400 रुपये विशेष भत्ता दिया जाएगा.
अखिलेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की है. सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोड़ने का फैसला किया है.टिप्पणियां
इन के अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीज़ल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधावाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है.
जानकारी के मुताबिक अभी तक सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों में यदि पति-पत्नी दोनों कार्यरत हैं, तो सिर्फ एक को ही एचआरए का लाभ मिलता था, जबकि राज्य कर्मचारी में पति-पत्नी दोनों को इसका लाभ दिया जा रहा है. राज्यकर्मियों की तरह सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों के कर्मचारी भी पति-पत्नी को एचआरए देने की मांग कर रहे थे.
इसके अलावा सरकार ने कमजोर वर्ग के लिए ई-रिक्शा में राहत की सौगात दी. अखिलेश यादव ने ई-रिक्शा पर लगने वाला वैट को साढ़े 12 फीसदी से घटाकर चार फीसदी कर दिया है. बाजार में 60,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये के बीच ई-रिक्शा आ रहा है. सरकार के इस कदम से ई-रिक्शा 5 से लेकर 7 हज़ार रुपये तक सस्ता हो जाएगा.
सरकार ने जूनियर इंजीनियरों का भी ख्याल रखा है. सरकारी, स्वायत्तशासी और निगमों में कार्यरत अवर अभियंताओं को हर महीने 400 रुपये विशेष भत्ता दिया जाएगा.
अखिलेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की है. सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोड़ने का फैसला किया है.टिप्पणियां
इन के अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीज़ल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधावाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है.
इसके अलावा सरकार ने कमजोर वर्ग के लिए ई-रिक्शा में राहत की सौगात दी. अखिलेश यादव ने ई-रिक्शा पर लगने वाला वैट को साढ़े 12 फीसदी से घटाकर चार फीसदी कर दिया है. बाजार में 60,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये के बीच ई-रिक्शा आ रहा है. सरकार के इस कदम से ई-रिक्शा 5 से लेकर 7 हज़ार रुपये तक सस्ता हो जाएगा.
सरकार ने जूनियर इंजीनियरों का भी ख्याल रखा है. सरकारी, स्वायत्तशासी और निगमों में कार्यरत अवर अभियंताओं को हर महीने 400 रुपये विशेष भत्ता दिया जाएगा.
अखिलेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की है. सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोड़ने का फैसला किया है.टिप्पणियां
इन के अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीज़ल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधावाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है.
सरकार ने जूनियर इंजीनियरों का भी ख्याल रखा है. सरकारी, स्वायत्तशासी और निगमों में कार्यरत अवर अभियंताओं को हर महीने 400 रुपये विशेष भत्ता दिया जाएगा.
अखिलेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की है. सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोड़ने का फैसला किया है.टिप्पणियां
इन के अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीज़ल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधावाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है.
अखिलेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ देने की घोषणा की है. सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोड़ने का फैसला किया है.टिप्पणियां
इन के अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीज़ल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधावाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है.
इन के अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीज़ल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधावाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है. | संक्षिप्त पाठ: राज्यकर्मियों की तरह अन्य संस्थाओं में पति-पत्नी दोनों को मिलेगा एचआरए
ई-रिक्शा पर वैट 12.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी करने की घोषणा
सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह भुर्तिया जाति को भी आरक्षण | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: योजना आयोग के गरीबी कम होने संबंधी आकलन की चौतरफा आलोचना के बीच कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने भी केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के सुर में सुर मिलाते हुए गरीबी रेखा निर्धारित करने के मापदंड पर आज सवाल उठाए।
सिंह ने कहा कि परिवार के सदस्यों में कुपोषण को मापदंड बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग की गरीबी के मापदंड की मौजूदा पद्धति हकीकत से परे है और यह सभी इलाकों के लिए समान नहीं हो सकती।
कांग्रेस महासचिव ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा, मुझे योजना आयोग का गरीबी रेखा निर्धारित करने का मापदंड कभी समझ नहीं आया। यह हकीकत से परे है और सभी इलाकों में समान नहीं हो सकता। सिंह ने एक अन्य ट्वीट के जरिये गरीबी को कुपोषण और खून की कमी से जोड़ने की वकालत की।
उन्होंने कहा, गरीबी का पहला सूचक परिवार के सदस्यों में कुपोषण और खून की कमी है, जिसका आसानी से पता लगाया जा सकता है। क्या हम इसे मापदंड नहीं बना सकते? सिंह का बयान ऐसे समय आया है जब सिब्बल ने एक दिन पहले योजना आयोग के गरीबी का आकलन करने के तरीके को चुनौती देते हुए कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार प्रति माह 5000 रुपये में गुजारा नहीं कर सकता।
सिब्बल ने कोलकाता में कहा था, यदि योजना आयोग कहता है कि प्रति माह 5000 रुपये से अधिक कमाने वाले गरीबी रेखा के नीचे नहीं आते तो निश्चित ही देश में गरीबी की परिभाषा में कुछ गड़बड़ है। कोई 5000 रुपये में कैसे गुजारा कर सकता है? योजना आयोग ने इस सप्ताह की शुरुआत में गरीबी संबंधी अपने आंकड़े जारी करते हुए कहा था कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की प्रतिशतता वित्त वर्ष 2004-05 में 37.2 की तुलना में 2011-12 में तेजी से कम होकर 21.9 हो गई है।
आयोग ने कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार यदि ग्रामीण इलाकों में प्रति माह 4080 रुपये और शहरी इलाकों में 5,000 रुपये खर्च करता है तो वह गरीबी रेखा के दायरे में नहीं आएगा।
इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने नेताओं राज बब्बर और रशीद मसूद के उन बयानों से खुद को अलग कर लिया था जिसमें उन्होंने पांच और 12 रुपये में भोजन मिलने की बात कही थी। इस बयान की कई दलों ने आलोचना की थी। भाजपा ने इन बयानों को ‘बेतुके’, ‘मूखर्तापूर्ण’ करार दिया था।टिप्पणियां
इससे पहले राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि योजना आयोग के आंकड़े प्रति व्यक्ति दैनिक व्यय के ‘पूर्णयत: गलत: मापदंड पर आधारित हैं।
हालांकि कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कल दावा किया था कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गरीबी में कमी आई है।
सिंह ने कहा कि परिवार के सदस्यों में कुपोषण को मापदंड बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग की गरीबी के मापदंड की मौजूदा पद्धति हकीकत से परे है और यह सभी इलाकों के लिए समान नहीं हो सकती।
कांग्रेस महासचिव ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा, मुझे योजना आयोग का गरीबी रेखा निर्धारित करने का मापदंड कभी समझ नहीं आया। यह हकीकत से परे है और सभी इलाकों में समान नहीं हो सकता। सिंह ने एक अन्य ट्वीट के जरिये गरीबी को कुपोषण और खून की कमी से जोड़ने की वकालत की।
उन्होंने कहा, गरीबी का पहला सूचक परिवार के सदस्यों में कुपोषण और खून की कमी है, जिसका आसानी से पता लगाया जा सकता है। क्या हम इसे मापदंड नहीं बना सकते? सिंह का बयान ऐसे समय आया है जब सिब्बल ने एक दिन पहले योजना आयोग के गरीबी का आकलन करने के तरीके को चुनौती देते हुए कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार प्रति माह 5000 रुपये में गुजारा नहीं कर सकता।
सिब्बल ने कोलकाता में कहा था, यदि योजना आयोग कहता है कि प्रति माह 5000 रुपये से अधिक कमाने वाले गरीबी रेखा के नीचे नहीं आते तो निश्चित ही देश में गरीबी की परिभाषा में कुछ गड़बड़ है। कोई 5000 रुपये में कैसे गुजारा कर सकता है? योजना आयोग ने इस सप्ताह की शुरुआत में गरीबी संबंधी अपने आंकड़े जारी करते हुए कहा था कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की प्रतिशतता वित्त वर्ष 2004-05 में 37.2 की तुलना में 2011-12 में तेजी से कम होकर 21.9 हो गई है।
आयोग ने कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार यदि ग्रामीण इलाकों में प्रति माह 4080 रुपये और शहरी इलाकों में 5,000 रुपये खर्च करता है तो वह गरीबी रेखा के दायरे में नहीं आएगा।
इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने नेताओं राज बब्बर और रशीद मसूद के उन बयानों से खुद को अलग कर लिया था जिसमें उन्होंने पांच और 12 रुपये में भोजन मिलने की बात कही थी। इस बयान की कई दलों ने आलोचना की थी। भाजपा ने इन बयानों को ‘बेतुके’, ‘मूखर्तापूर्ण’ करार दिया था।टिप्पणियां
इससे पहले राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि योजना आयोग के आंकड़े प्रति व्यक्ति दैनिक व्यय के ‘पूर्णयत: गलत: मापदंड पर आधारित हैं।
हालांकि कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कल दावा किया था कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गरीबी में कमी आई है।
कांग्रेस महासचिव ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा, मुझे योजना आयोग का गरीबी रेखा निर्धारित करने का मापदंड कभी समझ नहीं आया। यह हकीकत से परे है और सभी इलाकों में समान नहीं हो सकता। सिंह ने एक अन्य ट्वीट के जरिये गरीबी को कुपोषण और खून की कमी से जोड़ने की वकालत की।
उन्होंने कहा, गरीबी का पहला सूचक परिवार के सदस्यों में कुपोषण और खून की कमी है, जिसका आसानी से पता लगाया जा सकता है। क्या हम इसे मापदंड नहीं बना सकते? सिंह का बयान ऐसे समय आया है जब सिब्बल ने एक दिन पहले योजना आयोग के गरीबी का आकलन करने के तरीके को चुनौती देते हुए कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार प्रति माह 5000 रुपये में गुजारा नहीं कर सकता।
सिब्बल ने कोलकाता में कहा था, यदि योजना आयोग कहता है कि प्रति माह 5000 रुपये से अधिक कमाने वाले गरीबी रेखा के नीचे नहीं आते तो निश्चित ही देश में गरीबी की परिभाषा में कुछ गड़बड़ है। कोई 5000 रुपये में कैसे गुजारा कर सकता है? योजना आयोग ने इस सप्ताह की शुरुआत में गरीबी संबंधी अपने आंकड़े जारी करते हुए कहा था कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की प्रतिशतता वित्त वर्ष 2004-05 में 37.2 की तुलना में 2011-12 में तेजी से कम होकर 21.9 हो गई है।
आयोग ने कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार यदि ग्रामीण इलाकों में प्रति माह 4080 रुपये और शहरी इलाकों में 5,000 रुपये खर्च करता है तो वह गरीबी रेखा के दायरे में नहीं आएगा।
इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने नेताओं राज बब्बर और रशीद मसूद के उन बयानों से खुद को अलग कर लिया था जिसमें उन्होंने पांच और 12 रुपये में भोजन मिलने की बात कही थी। इस बयान की कई दलों ने आलोचना की थी। भाजपा ने इन बयानों को ‘बेतुके’, ‘मूखर्तापूर्ण’ करार दिया था।टिप्पणियां
इससे पहले राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि योजना आयोग के आंकड़े प्रति व्यक्ति दैनिक व्यय के ‘पूर्णयत: गलत: मापदंड पर आधारित हैं।
हालांकि कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कल दावा किया था कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गरीबी में कमी आई है।
उन्होंने कहा, गरीबी का पहला सूचक परिवार के सदस्यों में कुपोषण और खून की कमी है, जिसका आसानी से पता लगाया जा सकता है। क्या हम इसे मापदंड नहीं बना सकते? सिंह का बयान ऐसे समय आया है जब सिब्बल ने एक दिन पहले योजना आयोग के गरीबी का आकलन करने के तरीके को चुनौती देते हुए कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार प्रति माह 5000 रुपये में गुजारा नहीं कर सकता।
सिब्बल ने कोलकाता में कहा था, यदि योजना आयोग कहता है कि प्रति माह 5000 रुपये से अधिक कमाने वाले गरीबी रेखा के नीचे नहीं आते तो निश्चित ही देश में गरीबी की परिभाषा में कुछ गड़बड़ है। कोई 5000 रुपये में कैसे गुजारा कर सकता है? योजना आयोग ने इस सप्ताह की शुरुआत में गरीबी संबंधी अपने आंकड़े जारी करते हुए कहा था कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की प्रतिशतता वित्त वर्ष 2004-05 में 37.2 की तुलना में 2011-12 में तेजी से कम होकर 21.9 हो गई है।
आयोग ने कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार यदि ग्रामीण इलाकों में प्रति माह 4080 रुपये और शहरी इलाकों में 5,000 रुपये खर्च करता है तो वह गरीबी रेखा के दायरे में नहीं आएगा।
इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने नेताओं राज बब्बर और रशीद मसूद के उन बयानों से खुद को अलग कर लिया था जिसमें उन्होंने पांच और 12 रुपये में भोजन मिलने की बात कही थी। इस बयान की कई दलों ने आलोचना की थी। भाजपा ने इन बयानों को ‘बेतुके’, ‘मूखर्तापूर्ण’ करार दिया था।टिप्पणियां
इससे पहले राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि योजना आयोग के आंकड़े प्रति व्यक्ति दैनिक व्यय के ‘पूर्णयत: गलत: मापदंड पर आधारित हैं।
हालांकि कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कल दावा किया था कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गरीबी में कमी आई है।
सिब्बल ने कोलकाता में कहा था, यदि योजना आयोग कहता है कि प्रति माह 5000 रुपये से अधिक कमाने वाले गरीबी रेखा के नीचे नहीं आते तो निश्चित ही देश में गरीबी की परिभाषा में कुछ गड़बड़ है। कोई 5000 रुपये में कैसे गुजारा कर सकता है? योजना आयोग ने इस सप्ताह की शुरुआत में गरीबी संबंधी अपने आंकड़े जारी करते हुए कहा था कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की प्रतिशतता वित्त वर्ष 2004-05 में 37.2 की तुलना में 2011-12 में तेजी से कम होकर 21.9 हो गई है।
आयोग ने कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार यदि ग्रामीण इलाकों में प्रति माह 4080 रुपये और शहरी इलाकों में 5,000 रुपये खर्च करता है तो वह गरीबी रेखा के दायरे में नहीं आएगा।
इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने नेताओं राज बब्बर और रशीद मसूद के उन बयानों से खुद को अलग कर लिया था जिसमें उन्होंने पांच और 12 रुपये में भोजन मिलने की बात कही थी। इस बयान की कई दलों ने आलोचना की थी। भाजपा ने इन बयानों को ‘बेतुके’, ‘मूखर्तापूर्ण’ करार दिया था।टिप्पणियां
इससे पहले राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि योजना आयोग के आंकड़े प्रति व्यक्ति दैनिक व्यय के ‘पूर्णयत: गलत: मापदंड पर आधारित हैं।
हालांकि कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कल दावा किया था कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गरीबी में कमी आई है।
आयोग ने कहा था कि पांच सदस्यों का एक परिवार यदि ग्रामीण इलाकों में प्रति माह 4080 रुपये और शहरी इलाकों में 5,000 रुपये खर्च करता है तो वह गरीबी रेखा के दायरे में नहीं आएगा।
इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने नेताओं राज बब्बर और रशीद मसूद के उन बयानों से खुद को अलग कर लिया था जिसमें उन्होंने पांच और 12 रुपये में भोजन मिलने की बात कही थी। इस बयान की कई दलों ने आलोचना की थी। भाजपा ने इन बयानों को ‘बेतुके’, ‘मूखर्तापूर्ण’ करार दिया था।टिप्पणियां
इससे पहले राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि योजना आयोग के आंकड़े प्रति व्यक्ति दैनिक व्यय के ‘पूर्णयत: गलत: मापदंड पर आधारित हैं।
हालांकि कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कल दावा किया था कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गरीबी में कमी आई है।
इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने नेताओं राज बब्बर और रशीद मसूद के उन बयानों से खुद को अलग कर लिया था जिसमें उन्होंने पांच और 12 रुपये में भोजन मिलने की बात कही थी। इस बयान की कई दलों ने आलोचना की थी। भाजपा ने इन बयानों को ‘बेतुके’, ‘मूखर्तापूर्ण’ करार दिया था।टिप्पणियां
इससे पहले राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि योजना आयोग के आंकड़े प्रति व्यक्ति दैनिक व्यय के ‘पूर्णयत: गलत: मापदंड पर आधारित हैं।
हालांकि कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कल दावा किया था कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गरीबी में कमी आई है।
इससे पहले राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि योजना आयोग के आंकड़े प्रति व्यक्ति दैनिक व्यय के ‘पूर्णयत: गलत: मापदंड पर आधारित हैं।
हालांकि कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कल दावा किया था कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गरीबी में कमी आई है।
हालांकि कांग्रेस के महासचिव अजय माकन ने कल दावा किया था कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गरीबी में कमी आई है। | यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस महासचिव ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा, मुझे योजना आयोग का गरीबी रेखा निर्धारित करने का मापदंड कभी समझ नहीं आया। यह हकीकत से परे है और सभी इलाकों में समान नहीं हो सकता। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड ने अपनी शानदार गेंदबाजी से बारिश से प्रभावित पहले टेस्ट में श्रीलंका को पारी और 14 रन से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बनाई। तेज गेंदबाज क्रिस ट्रेमलेट ने 40 रन और ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान ने 16 रन देकर चार चार विकेट हासिल किए जबकि स्टुअर्ट ब्राड के नाम दो विकेट रहे। जिससे श्रीलंकाई टीम पांचवें और अंतिम दिन दूसरी पारी में केवल 82 रन पर सिमट गई। दूसरा टेस्ट शुक्रवार को लार्ड्स में शुरू होगा। चाय तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में 33 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे और वह इंग्लैंड की पहली घोषित पारी पांच विकेट पर 496 रन के हिसाब से 63 रन पीछे थी। लेकिन चाय के बाद श्रीलंकाई टीम ने 49 रन के अंदर अपने आठ विकेट खो दिए और उसे इस करारी शिकस्त का मुंह देखना पड़ा। श्रीलंका ने पहली पारी में 400 रन बनाए थे। इस हश्र की शुरुआत ट्रेमलेट ने की थी जिन्होंने दूसरे सत्र में तीन गेंद में चार रन के अंदर श्रीलंका के दो विकेट चटका दिए थे। दोनों सलामी बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने से श्रीलंका का स्कोर दो विकेट पर 10 रन हो गया। ट्रेमलेट ने छठी गेंद पर थरंगा परणविताना को आउट किया जिनका कैच पहली स्लिप में खड़े इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रास ने लिया। इसके बाद इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ने श्रीलंकाई कप्तान तिलकरत्ने दिलशान को अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया। | सारांश: इंग्लैंड ने अपनी शानदार गेंदबाजी से पहले टेस्ट में श्रीलंका को पारी और 14 रन से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बनाई। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी ने मतदाताओं को मौकापरस्त राजनेताओं को प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में सबक सिखाने का आह्वान करते हुए कहा कि जनता को ऐसी राजनीति को नकार देना चाहिए, जो उसे नकारती हो।टिप्पणियां
प्रियंका ने अमेठी के अपने पांच दिवसीय दौरे के तीसरे दिन आयोजित जनसभा में कहा, ‘‘नेता आप (जनता) बनाते हैं, सरकारें आप बनाते हैं। जो नेता अपने मन में आपके प्रति सेवा की भावना नहीं रखता, या जो यह सोचता है कि सत्ता उन्हें आगे बढ़ाने का मौका है, उसे सबक आप ही सिखा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा नकारे जाने की जिम्मेदार खुद जनता ही है और उसे ऐसी राजनीति के प्रति बेरुख हो जाना चाहिए, जो अवाम को नकारती हो।
प्रियंका ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ‘‘मतदाताओं को समझना होगा कि क्या आपको ऐसी सरकारें चाहिए, जो आपके बारे में सोचती और काम करती हैं, या ऐसी चाहिए जो हजारों करोड़ की इमारतें बनाने में लगी रहती हैं।’’ उन्होंने कहा कि जिले में आगामी 19 फरवरी को होने वाला चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जनता को सिर्फ अपने क्षेत्र के बारे में नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के बारे में सोचना है। पिछले 22 साल से प्रदेश में ऐसी सरकारें बनी हैं, जिन्होंने जनता के लिए काम नहीं किया।
प्रियंका ने अमेठी के अपने पांच दिवसीय दौरे के तीसरे दिन आयोजित जनसभा में कहा, ‘‘नेता आप (जनता) बनाते हैं, सरकारें आप बनाते हैं। जो नेता अपने मन में आपके प्रति सेवा की भावना नहीं रखता, या जो यह सोचता है कि सत्ता उन्हें आगे बढ़ाने का मौका है, उसे सबक आप ही सिखा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा नकारे जाने की जिम्मेदार खुद जनता ही है और उसे ऐसी राजनीति के प्रति बेरुख हो जाना चाहिए, जो अवाम को नकारती हो।
प्रियंका ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ‘‘मतदाताओं को समझना होगा कि क्या आपको ऐसी सरकारें चाहिए, जो आपके बारे में सोचती और काम करती हैं, या ऐसी चाहिए जो हजारों करोड़ की इमारतें बनाने में लगी रहती हैं।’’ उन्होंने कहा कि जिले में आगामी 19 फरवरी को होने वाला चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जनता को सिर्फ अपने क्षेत्र के बारे में नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के बारे में सोचना है। पिछले 22 साल से प्रदेश में ऐसी सरकारें बनी हैं, जिन्होंने जनता के लिए काम नहीं किया।
प्रियंका ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ‘‘मतदाताओं को समझना होगा कि क्या आपको ऐसी सरकारें चाहिए, जो आपके बारे में सोचती और काम करती हैं, या ऐसी चाहिए जो हजारों करोड़ की इमारतें बनाने में लगी रहती हैं।’’ उन्होंने कहा कि जिले में आगामी 19 फरवरी को होने वाला चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जनता को सिर्फ अपने क्षेत्र के बारे में नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के बारे में सोचना है। पिछले 22 साल से प्रदेश में ऐसी सरकारें बनी हैं, जिन्होंने जनता के लिए काम नहीं किया। | यह एक सारांश है: कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी ने मतदाताओं से आह्वान किया कि जनता को ऐसी राजनीति को नकार देना चाहिए, जो उसे नकारती हो। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंडोनेशिया के प्रमुख द्वीप पर एक सक्रिय ज्वालामुखी के पास फंसे स्थानीय लोगों को वहां से निकालने जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई. दींग पठार पहुंचने से करीब तीन मिनट पहले ही हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह एक प्रमुख पर्यटक स्थल है जहां रविवार को ज्वालामुखी के फटने से कम से कम 10 लोग घायल हो गए थे।. हेलीकॉप्टर कथित तौर पर मध्य जावा प्रांत में तेमंगगंग जिले के बटक पहाड़ की एक चट्टान से टकरा गया था.टिप्पणियां
राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के उप प्रमुख संचालक मेजर जनरल हेरोनीमुस गुर ने बताया कि हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई. उन्होंने एपी को कहा, हम अभी सेमारंग में भायांगकर अस्पताल में हैं. मृतकों के शव इसी अस्पताल में लाए गए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के उप प्रमुख संचालक मेजर जनरल हेरोनीमुस गुर ने बताया कि हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई. उन्होंने एपी को कहा, हम अभी सेमारंग में भायांगकर अस्पताल में हैं. मृतकों के शव इसी अस्पताल में लाए गए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | ज्वालामुखी में फंसे लोगों को निकालने जा रहा था हेलीकॉप्टर
कथित तौर पर एक चट्टान से टकरा गया था
हेलीकॉप्टर में सवार सभी आठ लोगों की मौत | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में पिता की हैवानियत का शिकार बनी एक मासूम बच्ची को लोगों ने चाइल्ड लाइन पहुंचाया. उसका पिता अब पुलिस की गिरफ्त में है.
चाइल्ड लाइन के समन्वयक अविनाश ने रविवार को आईएएनएस को बताया कि एमआईजी थाना क्षेत्र के देवनगर निवासी कुछ लोगों ने शनिवार की रात मुंबई स्थित चाइल्ड लाइन के केंद्रीय कार्यालय के कॉल सेंटर को सूचना दी कि एक मासूम बच्ची को उसका पिता प्रताड़ित कर रहा है. इस पर चाइल्ड लाइन की टीम पुलिस की मदद से देवनगर पंकज पांडे के घर पहुंची.
अविनाश ने बताया कि पांच-वर्षीय मासूम बेटी के शरीर पर कई जगह सिगरेट से दागे जाने के निशान और चोटों के निशान मिले हैं. ये निशान उसे उसके पिता ने दिए हैं. रात में ही बच्ची को एमआईजी थाने लाया गया और बाल कल्याण न्यायाधीश की अनुमति से उसे चाइल्ड लाइन लाया गया. पुलिस ने बच्ची के पिता पंकज पांडे को गिरफ्तार कर लिया है.टिप्पणियां
अविनाश ने पीड़ित बच्ची के हवाले से बताया कि उसकी मां रीना दिन में काम पर जाती है और पिता रात में नौकरी पर जाता है. दिन में उसे पढ़ाई या काम को लेकर पिता आए दिन मारता रहता था. उसे कई बार सिगरेट से भी दागा गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चाइल्ड लाइन के समन्वयक अविनाश ने रविवार को आईएएनएस को बताया कि एमआईजी थाना क्षेत्र के देवनगर निवासी कुछ लोगों ने शनिवार की रात मुंबई स्थित चाइल्ड लाइन के केंद्रीय कार्यालय के कॉल सेंटर को सूचना दी कि एक मासूम बच्ची को उसका पिता प्रताड़ित कर रहा है. इस पर चाइल्ड लाइन की टीम पुलिस की मदद से देवनगर पंकज पांडे के घर पहुंची.
अविनाश ने बताया कि पांच-वर्षीय मासूम बेटी के शरीर पर कई जगह सिगरेट से दागे जाने के निशान और चोटों के निशान मिले हैं. ये निशान उसे उसके पिता ने दिए हैं. रात में ही बच्ची को एमआईजी थाने लाया गया और बाल कल्याण न्यायाधीश की अनुमति से उसे चाइल्ड लाइन लाया गया. पुलिस ने बच्ची के पिता पंकज पांडे को गिरफ्तार कर लिया है.टिप्पणियां
अविनाश ने पीड़ित बच्ची के हवाले से बताया कि उसकी मां रीना दिन में काम पर जाती है और पिता रात में नौकरी पर जाता है. दिन में उसे पढ़ाई या काम को लेकर पिता आए दिन मारता रहता था. उसे कई बार सिगरेट से भी दागा गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अविनाश ने बताया कि पांच-वर्षीय मासूम बेटी के शरीर पर कई जगह सिगरेट से दागे जाने के निशान और चोटों के निशान मिले हैं. ये निशान उसे उसके पिता ने दिए हैं. रात में ही बच्ची को एमआईजी थाने लाया गया और बाल कल्याण न्यायाधीश की अनुमति से उसे चाइल्ड लाइन लाया गया. पुलिस ने बच्ची के पिता पंकज पांडे को गिरफ्तार कर लिया है.टिप्पणियां
अविनाश ने पीड़ित बच्ची के हवाले से बताया कि उसकी मां रीना दिन में काम पर जाती है और पिता रात में नौकरी पर जाता है. दिन में उसे पढ़ाई या काम को लेकर पिता आए दिन मारता रहता था. उसे कई बार सिगरेट से भी दागा गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अविनाश ने पीड़ित बच्ची के हवाले से बताया कि उसकी मां रीना दिन में काम पर जाती है और पिता रात में नौकरी पर जाता है. दिन में उसे पढ़ाई या काम को लेकर पिता आए दिन मारता रहता था. उसे कई बार सिगरेट से भी दागा गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: लोगों ने बच्ची को चाइल्ड लाइन पहुंचाया
बच्ची के शरीर पर चोटों और सिगरेट से दागे जाने के निशान
पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार किया | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आपस में अंदरखाने समझौता कर लिया है जबकि कांग्रेस तो दौड़ से ही बाहर हो गई है।
बरेली में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने कहा, "भाजपा के एक सांसद ने कल एक बयान दिया था कि सपा सबसे अधिक सीटें जीतने जा रही है। यह इस बात का प्रमाण है कि सपा और भाजपा में अंदरखाने समझौता हो गया है। विपक्षी दल बसपा के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।"
मायावती ने मुस्लिम मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, "आपके वोट के बंटवारे के लिए यह बयान दिया गया है। आपका वोट बंटेगा तो लाभ भाजपा को ही होगा इसलिए आप प्रदेश में अमन चैन चाहते हैं तो बसपा की सरकार बनाने के लिए मतदान करें।" उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभाजन के प्रस्ताव को विधानसभा में पारित कर केंद्र के पास भेजा गया है लेकिन केंद्र इस पर दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
विपक्षी पार्टियां एक स्वर से प्रदेश विभाजन के प्रस्ताव का विरोध कर रही हैं क्योंकि वह सूबे को विकसित होते नहीं देखना चाहती।
मायावती ने कहा कि जनता को सबसे अधिक कांग्रेस से सावधान रहना है क्योंकि वह पांच साल में विकास का दावा कर रही है लेकिन यह दावा पूरी तरह से झूठा ही है। कांग्रेस आजादी के बाद यदि 40 वर्ष के अपने शासनकाल में गरीबी को दूर नहीं कर सकी तो अब पांच साल में क्या कर लेगी। टिप्पणियां
इससे पहले बदायूं में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि भाजपा और सपा को सत्ता से दूर रखने के लिए भारी संख्या में मतदान करें। भाजपा सत्ता में आई तो सांप्रदायिक ताकतें मजबूत होंगी और सपा सत्ता में आई तो गुंडाराज कायम होगा। उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार को भ्रष्टाचार एवं गुंडाराज विरासत में मिला था लेकिन बसपा की सरकार ने कानून का राज स्थापित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से ही राज्य से लोगों का पलायन हुआ। कांग्रेस पांच साल के भीतर सूबे का विकास करने का दावा कर रही है लेकिन अपने शासनकाल के दौरान उसने भ्रष्टाचार फैलाने के अलावा कुछ नहीं मिला।
मायावती ने कहा, "बसपा सरकार ने केंद्र सरकार के रवैये से दुखी होकर खुद के सीमित संसाधनों के दम पर उत्तर प्रदेश का विकास किया।"
बरेली में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने कहा, "भाजपा के एक सांसद ने कल एक बयान दिया था कि सपा सबसे अधिक सीटें जीतने जा रही है। यह इस बात का प्रमाण है कि सपा और भाजपा में अंदरखाने समझौता हो गया है। विपक्षी दल बसपा के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।"
मायावती ने मुस्लिम मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, "आपके वोट के बंटवारे के लिए यह बयान दिया गया है। आपका वोट बंटेगा तो लाभ भाजपा को ही होगा इसलिए आप प्रदेश में अमन चैन चाहते हैं तो बसपा की सरकार बनाने के लिए मतदान करें।" उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभाजन के प्रस्ताव को विधानसभा में पारित कर केंद्र के पास भेजा गया है लेकिन केंद्र इस पर दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
विपक्षी पार्टियां एक स्वर से प्रदेश विभाजन के प्रस्ताव का विरोध कर रही हैं क्योंकि वह सूबे को विकसित होते नहीं देखना चाहती।
मायावती ने कहा कि जनता को सबसे अधिक कांग्रेस से सावधान रहना है क्योंकि वह पांच साल में विकास का दावा कर रही है लेकिन यह दावा पूरी तरह से झूठा ही है। कांग्रेस आजादी के बाद यदि 40 वर्ष के अपने शासनकाल में गरीबी को दूर नहीं कर सकी तो अब पांच साल में क्या कर लेगी। टिप्पणियां
इससे पहले बदायूं में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि भाजपा और सपा को सत्ता से दूर रखने के लिए भारी संख्या में मतदान करें। भाजपा सत्ता में आई तो सांप्रदायिक ताकतें मजबूत होंगी और सपा सत्ता में आई तो गुंडाराज कायम होगा। उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार को भ्रष्टाचार एवं गुंडाराज विरासत में मिला था लेकिन बसपा की सरकार ने कानून का राज स्थापित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से ही राज्य से लोगों का पलायन हुआ। कांग्रेस पांच साल के भीतर सूबे का विकास करने का दावा कर रही है लेकिन अपने शासनकाल के दौरान उसने भ्रष्टाचार फैलाने के अलावा कुछ नहीं मिला।
मायावती ने कहा, "बसपा सरकार ने केंद्र सरकार के रवैये से दुखी होकर खुद के सीमित संसाधनों के दम पर उत्तर प्रदेश का विकास किया।"
मायावती ने मुस्लिम मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, "आपके वोट के बंटवारे के लिए यह बयान दिया गया है। आपका वोट बंटेगा तो लाभ भाजपा को ही होगा इसलिए आप प्रदेश में अमन चैन चाहते हैं तो बसपा की सरकार बनाने के लिए मतदान करें।" उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभाजन के प्रस्ताव को विधानसभा में पारित कर केंद्र के पास भेजा गया है लेकिन केंद्र इस पर दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
विपक्षी पार्टियां एक स्वर से प्रदेश विभाजन के प्रस्ताव का विरोध कर रही हैं क्योंकि वह सूबे को विकसित होते नहीं देखना चाहती।
मायावती ने कहा कि जनता को सबसे अधिक कांग्रेस से सावधान रहना है क्योंकि वह पांच साल में विकास का दावा कर रही है लेकिन यह दावा पूरी तरह से झूठा ही है। कांग्रेस आजादी के बाद यदि 40 वर्ष के अपने शासनकाल में गरीबी को दूर नहीं कर सकी तो अब पांच साल में क्या कर लेगी। टिप्पणियां
इससे पहले बदायूं में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि भाजपा और सपा को सत्ता से दूर रखने के लिए भारी संख्या में मतदान करें। भाजपा सत्ता में आई तो सांप्रदायिक ताकतें मजबूत होंगी और सपा सत्ता में आई तो गुंडाराज कायम होगा। उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार को भ्रष्टाचार एवं गुंडाराज विरासत में मिला था लेकिन बसपा की सरकार ने कानून का राज स्थापित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से ही राज्य से लोगों का पलायन हुआ। कांग्रेस पांच साल के भीतर सूबे का विकास करने का दावा कर रही है लेकिन अपने शासनकाल के दौरान उसने भ्रष्टाचार फैलाने के अलावा कुछ नहीं मिला।
मायावती ने कहा, "बसपा सरकार ने केंद्र सरकार के रवैये से दुखी होकर खुद के सीमित संसाधनों के दम पर उत्तर प्रदेश का विकास किया।"
विपक्षी पार्टियां एक स्वर से प्रदेश विभाजन के प्रस्ताव का विरोध कर रही हैं क्योंकि वह सूबे को विकसित होते नहीं देखना चाहती।
मायावती ने कहा कि जनता को सबसे अधिक कांग्रेस से सावधान रहना है क्योंकि वह पांच साल में विकास का दावा कर रही है लेकिन यह दावा पूरी तरह से झूठा ही है। कांग्रेस आजादी के बाद यदि 40 वर्ष के अपने शासनकाल में गरीबी को दूर नहीं कर सकी तो अब पांच साल में क्या कर लेगी। टिप्पणियां
इससे पहले बदायूं में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि भाजपा और सपा को सत्ता से दूर रखने के लिए भारी संख्या में मतदान करें। भाजपा सत्ता में आई तो सांप्रदायिक ताकतें मजबूत होंगी और सपा सत्ता में आई तो गुंडाराज कायम होगा। उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार को भ्रष्टाचार एवं गुंडाराज विरासत में मिला था लेकिन बसपा की सरकार ने कानून का राज स्थापित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से ही राज्य से लोगों का पलायन हुआ। कांग्रेस पांच साल के भीतर सूबे का विकास करने का दावा कर रही है लेकिन अपने शासनकाल के दौरान उसने भ्रष्टाचार फैलाने के अलावा कुछ नहीं मिला।
मायावती ने कहा, "बसपा सरकार ने केंद्र सरकार के रवैये से दुखी होकर खुद के सीमित संसाधनों के दम पर उत्तर प्रदेश का विकास किया।"
इससे पहले बदायूं में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि भाजपा और सपा को सत्ता से दूर रखने के लिए भारी संख्या में मतदान करें। भाजपा सत्ता में आई तो सांप्रदायिक ताकतें मजबूत होंगी और सपा सत्ता में आई तो गुंडाराज कायम होगा। उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार को भ्रष्टाचार एवं गुंडाराज विरासत में मिला था लेकिन बसपा की सरकार ने कानून का राज स्थापित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से ही राज्य से लोगों का पलायन हुआ। कांग्रेस पांच साल के भीतर सूबे का विकास करने का दावा कर रही है लेकिन अपने शासनकाल के दौरान उसने भ्रष्टाचार फैलाने के अलावा कुछ नहीं मिला।
मायावती ने कहा, "बसपा सरकार ने केंद्र सरकार के रवैये से दुखी होकर खुद के सीमित संसाधनों के दम पर उत्तर प्रदेश का विकास किया।"
मायावती ने कहा, "बसपा सरकार ने केंद्र सरकार के रवैये से दुखी होकर खुद के सीमित संसाधनों के दम पर उत्तर प्रदेश का विकास किया।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बसपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने आपस में अंदरखाने समझौता कर लिया है जबकि कांग्रेस तो दौड़ से ही बाहर हो गई है। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में नसरुल्लागंज तहसील के बसंतपुर पांगरी के किसान सरदार बारेला को खेत में खरपतवार निकालने के लिए कुल्पा मिल गया, प्रशासन ने समझाया खेती के काम में बेटियों को ना लगाएं. बेटियों की पढ़ाई के इंतजाम के लिए आदेश आ गया और राशन की दुकान से राशन का इंतज़ाम हो गया. मानवाधिकार आयोग ने भी प्रशासन से पूरे मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है.
एनडीटीवी ने 9 जुलाई को सरदार बारेला की माली हालत के बारे में बताया था कि किस तरह बैल नहीं होने के कारण उसकी बेटियों को जुताई के काम में लगना पड़ता है. सीहोर ज़िले के बसंतपुर पांगरी में सरदार बारेला बैल की जगह हल में अपनी दो बेटियों को जोत कर खेत की निंदाई का काम कर रहा था.
एक नजर में लगता है कि तस्वीरें खिंचवाने के मकसद से ऐसा किया गया हो, लेकिन ये हकीकत है. पहले तो प्रशासन ने भी इन तस्वीरों को झुठला दिया था, लेकिन प्रशासन बाद में हरकत में आया. अपर जिलाधिकारी चंद्रमोहन मिश्रा ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली, उन्होंने पंचायत सीईओ को वहां फौरन सहायता देने के लिए भेजा. प्रशासन ने खेती के औजार से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक सरकारी प्रावधानों के तहत करवाने की मदद की.
वैसे ख़बर दिखाए जाने के अगले दिन सरकारी अधिकारी किसान को हड़काने पहुंच गये थे. पंचायत सचिव लाल मियां ने सरदार बरेला से कहा था कि वह बच्चियों से काम करवाता है और किसान भी नहीं है. पंचायत सचिव ने उसे जेल भेजने की धमकी दी थी.
मीडिया में लगातार ख़बरों में बने रहने के बाद भी मध्य प्रदेश में किसान की हालत में कोई सुधार नहीं आ रहा है. किसान आंदोलन के बाद से अब तक 51 किसान खुदकुशी कर चुके हैं.
एनडीटीवी ने 9 जुलाई को सरदार बारेला की माली हालत के बारे में बताया था कि किस तरह बैल नहीं होने के कारण उसकी बेटियों को जुताई के काम में लगना पड़ता है. सीहोर ज़िले के बसंतपुर पांगरी में सरदार बारेला बैल की जगह हल में अपनी दो बेटियों को जोत कर खेत की निंदाई का काम कर रहा था.
एक नजर में लगता है कि तस्वीरें खिंचवाने के मकसद से ऐसा किया गया हो, लेकिन ये हकीकत है. पहले तो प्रशासन ने भी इन तस्वीरों को झुठला दिया था, लेकिन प्रशासन बाद में हरकत में आया. अपर जिलाधिकारी चंद्रमोहन मिश्रा ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली, उन्होंने पंचायत सीईओ को वहां फौरन सहायता देने के लिए भेजा. प्रशासन ने खेती के औजार से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक सरकारी प्रावधानों के तहत करवाने की मदद की.
वैसे ख़बर दिखाए जाने के अगले दिन सरकारी अधिकारी किसान को हड़काने पहुंच गये थे. पंचायत सचिव लाल मियां ने सरदार बरेला से कहा था कि वह बच्चियों से काम करवाता है और किसान भी नहीं है. पंचायत सचिव ने उसे जेल भेजने की धमकी दी थी.
मीडिया में लगातार ख़बरों में बने रहने के बाद भी मध्य प्रदेश में किसान की हालत में कोई सुधार नहीं आ रहा है. किसान आंदोलन के बाद से अब तक 51 किसान खुदकुशी कर चुके हैं.
एक नजर में लगता है कि तस्वीरें खिंचवाने के मकसद से ऐसा किया गया हो, लेकिन ये हकीकत है. पहले तो प्रशासन ने भी इन तस्वीरों को झुठला दिया था, लेकिन प्रशासन बाद में हरकत में आया. अपर जिलाधिकारी चंद्रमोहन मिश्रा ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली, उन्होंने पंचायत सीईओ को वहां फौरन सहायता देने के लिए भेजा. प्रशासन ने खेती के औजार से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक सरकारी प्रावधानों के तहत करवाने की मदद की.
वैसे ख़बर दिखाए जाने के अगले दिन सरकारी अधिकारी किसान को हड़काने पहुंच गये थे. पंचायत सचिव लाल मियां ने सरदार बरेला से कहा था कि वह बच्चियों से काम करवाता है और किसान भी नहीं है. पंचायत सचिव ने उसे जेल भेजने की धमकी दी थी.
मीडिया में लगातार ख़बरों में बने रहने के बाद भी मध्य प्रदेश में किसान की हालत में कोई सुधार नहीं आ रहा है. किसान आंदोलन के बाद से अब तक 51 किसान खुदकुशी कर चुके हैं.
वैसे ख़बर दिखाए जाने के अगले दिन सरकारी अधिकारी किसान को हड़काने पहुंच गये थे. पंचायत सचिव लाल मियां ने सरदार बरेला से कहा था कि वह बच्चियों से काम करवाता है और किसान भी नहीं है. पंचायत सचिव ने उसे जेल भेजने की धमकी दी थी.
मीडिया में लगातार ख़बरों में बने रहने के बाद भी मध्य प्रदेश में किसान की हालत में कोई सुधार नहीं आ रहा है. किसान आंदोलन के बाद से अब तक 51 किसान खुदकुशी कर चुके हैं.
मीडिया में लगातार ख़बरों में बने रहने के बाद भी मध्य प्रदेश में किसान की हालत में कोई सुधार नहीं आ रहा है. किसान आंदोलन के बाद से अब तक 51 किसान खुदकुशी कर चुके हैं. | बैल नहीं होने पर हल में बेटियों को जोत दिया था किसान ने
हरकत में आए प्रशासन ने किसान को दिया कुल्पा यंत्र
प्रशासन ने बेटियों को पढ़ाने का किया इंतजाम, भेजा छात्रावास | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बिहार में एक गरीब महिला द्वारा सिर्फ 62 रुपये में अपना बच्चा एक नेपाली दम्पत्ति को बेच देने का मामला प्रकाश में आया है, जिसकी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अररिया के पुलिस अधीक्षक शिवदीप डब्ल्यू लांडे ने कहा, "मुझे सूचना मिली कि एक गरीब महिला ने अपना बच्चा नेपाली दम्पत्ति को बेच दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।"
आरोप है कि करीब 35 साल की एक महिला शन्नु खातून ने फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर अपने बेटे को एक नेपाली दम्पत्ति को बेच दिया।टिप्पणियां
खातून ने अपने बच्चों के साथ कुछ दिनों पहले ही गांव छोड़ दिया था और वह रेलवे स्टेशन पर रह रही थी। उसने बच्चा बेचने की बात से इनकार किया, लेकिन बच्चे को नेपाली दम्पत्ति को देने की बात स्वीकार की, पर इसकी वजह बच्चे का भविष्य बताया। लेकिन उसकी आठ साल की बड़ी बेटी सबीना ने स्थानीय लोगों को बताया कि मां ने छोटे भाई को केवल 100 नेपाली रुपये (62 भारतीय रुपये) में नेपाली दम्पत्ति को बेच दिया।
वहीं, रेलवे आरक्षी बल के सैय्यद अहसान अली ने कहा कि खातून ने अपना बच्चा नेपाली दम्पत्ति को गोद दे दिया। खातून ने हमसे कहा कि इसके लिए उसने कोई पैसे नहीं लिए हैं।
अररिया के पुलिस अधीक्षक शिवदीप डब्ल्यू लांडे ने कहा, "मुझे सूचना मिली कि एक गरीब महिला ने अपना बच्चा नेपाली दम्पत्ति को बेच दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।"
आरोप है कि करीब 35 साल की एक महिला शन्नु खातून ने फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर अपने बेटे को एक नेपाली दम्पत्ति को बेच दिया।टिप्पणियां
खातून ने अपने बच्चों के साथ कुछ दिनों पहले ही गांव छोड़ दिया था और वह रेलवे स्टेशन पर रह रही थी। उसने बच्चा बेचने की बात से इनकार किया, लेकिन बच्चे को नेपाली दम्पत्ति को देने की बात स्वीकार की, पर इसकी वजह बच्चे का भविष्य बताया। लेकिन उसकी आठ साल की बड़ी बेटी सबीना ने स्थानीय लोगों को बताया कि मां ने छोटे भाई को केवल 100 नेपाली रुपये (62 भारतीय रुपये) में नेपाली दम्पत्ति को बेच दिया।
वहीं, रेलवे आरक्षी बल के सैय्यद अहसान अली ने कहा कि खातून ने अपना बच्चा नेपाली दम्पत्ति को गोद दे दिया। खातून ने हमसे कहा कि इसके लिए उसने कोई पैसे नहीं लिए हैं।
आरोप है कि करीब 35 साल की एक महिला शन्नु खातून ने फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर अपने बेटे को एक नेपाली दम्पत्ति को बेच दिया।टिप्पणियां
खातून ने अपने बच्चों के साथ कुछ दिनों पहले ही गांव छोड़ दिया था और वह रेलवे स्टेशन पर रह रही थी। उसने बच्चा बेचने की बात से इनकार किया, लेकिन बच्चे को नेपाली दम्पत्ति को देने की बात स्वीकार की, पर इसकी वजह बच्चे का भविष्य बताया। लेकिन उसकी आठ साल की बड़ी बेटी सबीना ने स्थानीय लोगों को बताया कि मां ने छोटे भाई को केवल 100 नेपाली रुपये (62 भारतीय रुपये) में नेपाली दम्पत्ति को बेच दिया।
वहीं, रेलवे आरक्षी बल के सैय्यद अहसान अली ने कहा कि खातून ने अपना बच्चा नेपाली दम्पत्ति को गोद दे दिया। खातून ने हमसे कहा कि इसके लिए उसने कोई पैसे नहीं लिए हैं।
खातून ने अपने बच्चों के साथ कुछ दिनों पहले ही गांव छोड़ दिया था और वह रेलवे स्टेशन पर रह रही थी। उसने बच्चा बेचने की बात से इनकार किया, लेकिन बच्चे को नेपाली दम्पत्ति को देने की बात स्वीकार की, पर इसकी वजह बच्चे का भविष्य बताया। लेकिन उसकी आठ साल की बड़ी बेटी सबीना ने स्थानीय लोगों को बताया कि मां ने छोटे भाई को केवल 100 नेपाली रुपये (62 भारतीय रुपये) में नेपाली दम्पत्ति को बेच दिया।
वहीं, रेलवे आरक्षी बल के सैय्यद अहसान अली ने कहा कि खातून ने अपना बच्चा नेपाली दम्पत्ति को गोद दे दिया। खातून ने हमसे कहा कि इसके लिए उसने कोई पैसे नहीं लिए हैं।
वहीं, रेलवे आरक्षी बल के सैय्यद अहसान अली ने कहा कि खातून ने अपना बच्चा नेपाली दम्पत्ति को गोद दे दिया। खातून ने हमसे कहा कि इसके लिए उसने कोई पैसे नहीं लिए हैं। | यहाँ एक सारांश है:बिहार में एक गरीब महिला द्वारा सिर्फ 62 रुपये में अपना बच्चा एक नेपाली दम्पत्ति को बेच देने का मामला प्रकाश में आया है, जिसकी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने क्रिस गेल और मलरेन सैमुअल्स की आक्रामक बल्लेबाजी का माकूल जवाब देते हुए ट्वेंटी-20 विश्व कप क्रिकेट के ग्रुप मैच में वेस्टइंडीज को डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर 17 रन से हरा दिया।
जीत के लिए 192 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों डेविड वार्नर, शेन वाटसन और माइकल हसी ने खुलकर शॉट खेले। उन्होंने 9.1 ओवर में 100 रन बना लिए थे जब बारिश के कारण मैच रोकना पड़ा।
उस समय डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर बराबरी का स्कोर 83 रन होना चाहिए था जिससे ऑस्ट्रेलिया 17 रन आगे था।
वार्नर 28 रन बनाकर आउट हुए जबकि मैन ऑफ द मैच वाटसन ने 24 गेंद में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 41 रन बनाए। हसी ने 19 गेंद में 28 रन बनाए जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था।टिप्पणियां
वाटसन ने गेंदबाजी के भी जौहर दिखाते हुए क्रिस गेल (33 गेंद में 54 रन) का विकेट लिया था। वेस्टइंडीज के लिए मलरेन सैमुअल्स ने भी 32 गेंद में 50 रन बनाए थे।
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया को धमाकेदार शुरुआत की जरूरत थी जो वार्नर ने दी। उसने दूसरे ओवर में रवि रामपाल की धुनाई करते हुए 20 रन बनाए। फिडेल एडवर्ड्स ने उसे विकेट के पीछे लपकवाया हालांकि रिप्ले से जाहिर था कि गेंद बल्ले को छूकर नहीं गई है।
जीत के लिए 192 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों डेविड वार्नर, शेन वाटसन और माइकल हसी ने खुलकर शॉट खेले। उन्होंने 9.1 ओवर में 100 रन बना लिए थे जब बारिश के कारण मैच रोकना पड़ा।
उस समय डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर बराबरी का स्कोर 83 रन होना चाहिए था जिससे ऑस्ट्रेलिया 17 रन आगे था।
वार्नर 28 रन बनाकर आउट हुए जबकि मैन ऑफ द मैच वाटसन ने 24 गेंद में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 41 रन बनाए। हसी ने 19 गेंद में 28 रन बनाए जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था।टिप्पणियां
वाटसन ने गेंदबाजी के भी जौहर दिखाते हुए क्रिस गेल (33 गेंद में 54 रन) का विकेट लिया था। वेस्टइंडीज के लिए मलरेन सैमुअल्स ने भी 32 गेंद में 50 रन बनाए थे।
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया को धमाकेदार शुरुआत की जरूरत थी जो वार्नर ने दी। उसने दूसरे ओवर में रवि रामपाल की धुनाई करते हुए 20 रन बनाए। फिडेल एडवर्ड्स ने उसे विकेट के पीछे लपकवाया हालांकि रिप्ले से जाहिर था कि गेंद बल्ले को छूकर नहीं गई है।
उस समय डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर बराबरी का स्कोर 83 रन होना चाहिए था जिससे ऑस्ट्रेलिया 17 रन आगे था।
वार्नर 28 रन बनाकर आउट हुए जबकि मैन ऑफ द मैच वाटसन ने 24 गेंद में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 41 रन बनाए। हसी ने 19 गेंद में 28 रन बनाए जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था।टिप्पणियां
वाटसन ने गेंदबाजी के भी जौहर दिखाते हुए क्रिस गेल (33 गेंद में 54 रन) का विकेट लिया था। वेस्टइंडीज के लिए मलरेन सैमुअल्स ने भी 32 गेंद में 50 रन बनाए थे।
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया को धमाकेदार शुरुआत की जरूरत थी जो वार्नर ने दी। उसने दूसरे ओवर में रवि रामपाल की धुनाई करते हुए 20 रन बनाए। फिडेल एडवर्ड्स ने उसे विकेट के पीछे लपकवाया हालांकि रिप्ले से जाहिर था कि गेंद बल्ले को छूकर नहीं गई है।
वार्नर 28 रन बनाकर आउट हुए जबकि मैन ऑफ द मैच वाटसन ने 24 गेंद में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 41 रन बनाए। हसी ने 19 गेंद में 28 रन बनाए जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था।टिप्पणियां
वाटसन ने गेंदबाजी के भी जौहर दिखाते हुए क्रिस गेल (33 गेंद में 54 रन) का विकेट लिया था। वेस्टइंडीज के लिए मलरेन सैमुअल्स ने भी 32 गेंद में 50 रन बनाए थे।
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया को धमाकेदार शुरुआत की जरूरत थी जो वार्नर ने दी। उसने दूसरे ओवर में रवि रामपाल की धुनाई करते हुए 20 रन बनाए। फिडेल एडवर्ड्स ने उसे विकेट के पीछे लपकवाया हालांकि रिप्ले से जाहिर था कि गेंद बल्ले को छूकर नहीं गई है।
वाटसन ने गेंदबाजी के भी जौहर दिखाते हुए क्रिस गेल (33 गेंद में 54 रन) का विकेट लिया था। वेस्टइंडीज के लिए मलरेन सैमुअल्स ने भी 32 गेंद में 50 रन बनाए थे।
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया को धमाकेदार शुरुआत की जरूरत थी जो वार्नर ने दी। उसने दूसरे ओवर में रवि रामपाल की धुनाई करते हुए 20 रन बनाए। फिडेल एडवर्ड्स ने उसे विकेट के पीछे लपकवाया हालांकि रिप्ले से जाहिर था कि गेंद बल्ले को छूकर नहीं गई है।
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया को धमाकेदार शुरुआत की जरूरत थी जो वार्नर ने दी। उसने दूसरे ओवर में रवि रामपाल की धुनाई करते हुए 20 रन बनाए। फिडेल एडवर्ड्स ने उसे विकेट के पीछे लपकवाया हालांकि रिप्ले से जाहिर था कि गेंद बल्ले को छूकर नहीं गई है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने क्रिस गेल और मलरेन सैमुअल्स की आक्रामक बल्लेबाजी का माकूल जवाब देते हुए ट्वेंटी-20 विश्व कप क्रिकेट के ग्रुप मैच में वेस्टइंडीज को डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर 17 रन से हरा दिया। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर तेज गेंदबाज एस श्रीसंत के एडापल्ली स्थित आवास में घुसने का प्रयास करने वाले 32 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के लिए हाल में हुई श्रीसंत की गिरफ्तारी के संबंध में उसके माता-पिता से ‘पूछताछ’ करना चाहता था।
नीलेश रामचंद्रन जगताप उर्फ सचिन ने क्रिकेटर के आवास पर तैनात सुरक्षा गार्डों से कहा कि वह मुंबई पुलिस की ओर से आया है और श्रीसंत के माता-पिता से पूछताछ करना चाहता है।
हालांकि, उसने गेट के निकट से श्रीसंत के माता-पिता से कहा कि वह बीसीसीआई से आया है और केंद्रीय मंत्री शरद पवार का करीबी है और वह उनके बेटे की मदद कर सकता है। उसकी मंशा पर संदेह करते हुए उन्होंने उससे बाहर प्रतीक्षा करने को कहा।टिप्पणियां
गार्ड ने निर्देश के अनुसार पुलिस को सूचित किया। श्रीसंत के माता-पिता ने भी पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने गार्डों को निर्देश दिया था कि अगर कोई श्रीसंत के माता-पिता से मिलना चाहे तो वे उन्हें सूचित करें।
पुलिस बृहस्पतिवार को क्रिकेटर के घर पहुंची और श्रीसंत के माता-पिता की शिकायत पर जगताप को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ किसी और का भेष धारण करने को लेकर एक मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषी व्यक्ति दो दिन पहले मुंबई से यहां आया था। उसके पास से मुंबई से कन्याकुमारी का एक रेल टिकट बरामद किया गया।
नीलेश रामचंद्रन जगताप उर्फ सचिन ने क्रिकेटर के आवास पर तैनात सुरक्षा गार्डों से कहा कि वह मुंबई पुलिस की ओर से आया है और श्रीसंत के माता-पिता से पूछताछ करना चाहता है।
हालांकि, उसने गेट के निकट से श्रीसंत के माता-पिता से कहा कि वह बीसीसीआई से आया है और केंद्रीय मंत्री शरद पवार का करीबी है और वह उनके बेटे की मदद कर सकता है। उसकी मंशा पर संदेह करते हुए उन्होंने उससे बाहर प्रतीक्षा करने को कहा।टिप्पणियां
गार्ड ने निर्देश के अनुसार पुलिस को सूचित किया। श्रीसंत के माता-पिता ने भी पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने गार्डों को निर्देश दिया था कि अगर कोई श्रीसंत के माता-पिता से मिलना चाहे तो वे उन्हें सूचित करें।
पुलिस बृहस्पतिवार को क्रिकेटर के घर पहुंची और श्रीसंत के माता-पिता की शिकायत पर जगताप को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ किसी और का भेष धारण करने को लेकर एक मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषी व्यक्ति दो दिन पहले मुंबई से यहां आया था। उसके पास से मुंबई से कन्याकुमारी का एक रेल टिकट बरामद किया गया।
हालांकि, उसने गेट के निकट से श्रीसंत के माता-पिता से कहा कि वह बीसीसीआई से आया है और केंद्रीय मंत्री शरद पवार का करीबी है और वह उनके बेटे की मदद कर सकता है। उसकी मंशा पर संदेह करते हुए उन्होंने उससे बाहर प्रतीक्षा करने को कहा।टिप्पणियां
गार्ड ने निर्देश के अनुसार पुलिस को सूचित किया। श्रीसंत के माता-पिता ने भी पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने गार्डों को निर्देश दिया था कि अगर कोई श्रीसंत के माता-पिता से मिलना चाहे तो वे उन्हें सूचित करें।
पुलिस बृहस्पतिवार को क्रिकेटर के घर पहुंची और श्रीसंत के माता-पिता की शिकायत पर जगताप को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ किसी और का भेष धारण करने को लेकर एक मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषी व्यक्ति दो दिन पहले मुंबई से यहां आया था। उसके पास से मुंबई से कन्याकुमारी का एक रेल टिकट बरामद किया गया।
गार्ड ने निर्देश के अनुसार पुलिस को सूचित किया। श्रीसंत के माता-पिता ने भी पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने गार्डों को निर्देश दिया था कि अगर कोई श्रीसंत के माता-पिता से मिलना चाहे तो वे उन्हें सूचित करें।
पुलिस बृहस्पतिवार को क्रिकेटर के घर पहुंची और श्रीसंत के माता-पिता की शिकायत पर जगताप को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ किसी और का भेष धारण करने को लेकर एक मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषी व्यक्ति दो दिन पहले मुंबई से यहां आया था। उसके पास से मुंबई से कन्याकुमारी का एक रेल टिकट बरामद किया गया।
पुलिस बृहस्पतिवार को क्रिकेटर के घर पहुंची और श्रीसंत के माता-पिता की शिकायत पर जगताप को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ किसी और का भेष धारण करने को लेकर एक मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषी व्यक्ति दो दिन पहले मुंबई से यहां आया था। उसके पास से मुंबई से कन्याकुमारी का एक रेल टिकट बरामद किया गया। | संक्षिप्त सारांश: खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर तेज गेंदबाज एस श्रीसंत के एडापल्ली स्थित आवास में घुसने का प्रयास करने वाले 32 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सवाई मान सिंह स्टेडियम में शनिवार को हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 36वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने शेन वाट्सन (नाबाद 98) के शानदार अर्द्धशतक की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद को आठ विकेट से हरा दिया।
सनराइजर्स हैदराबाद से मिले 145 रनों के लक्ष्य को राजस्थान ने 17.5 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया।
तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर राजस्थान का पहला विकेट अजिंक्य रहाणे के रूप में गिरा। वह एक रन बनाकर स्टेन की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।
पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद राजस्थान ने संभलकर खेलना शुरू किया। द्रविड़ (36) और वाट्सन ने दूसरे विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की। द्रविड़ 13वें ओवर की पांचवी गेंद पर हनुमा विहारी के हाथों कैच आउट हुए। उन्होंने 35 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया।
वाट्सन ने तीसरे विकेट के लिए स्टुअर्ट बिन्नी (9) के साथ 65 रनों की साझेदारी की जिसमें अकेले वाट्सन ने 56 रन जोड़े। वाट्सन ने 53 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौके और चार छक्के जड़े। सनराइजर्स की तरफ से डेल स्टेन और थिसारा परेरा को एक-एक विकेट ही मिल सका।
इससे पहले सनराइजर्स की शुरुआत बेहद खराब रही। एक समय छह ओवर में छह विकेट पर 29 रन से उबरते हुए सनराइजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 144 रन बनाए।
पहले ओवर की पांचवी गेंद पर अक्षत रेड्डी (2) के रूप में सनराइजर्स का पहला विकेट गिरा। सनराइजर्स के शुरुआती छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
पिछले मैच में अर्द्धशतक लगाने वाले शिखर धवन बिना खाता खोले ही लौट गए। जेम्स फॉकनर ने दूसरे ओवर की चौथी और आखिरी गेंद पर तथा चौथे ओवर की चौथी गेंद पर क्रमश: कुमार संगकारा (4), धवन (0) और करण शर्मा (6) को आउट किया। हनुमा विहारी (4) और परेरा (4) भी जल्द ही चलते बने।
इसके बाद सातवें विकेट के लिए डेरेन सामी (60) और अमित मिश्रा (21) ने संभलकर खेलते हुए 58 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। मिश्रा 15वें ओवर की पहली गेंद पर केविन कूपर के हाथों कैच आउट हुए। मिश्रा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
सनराइजर्स हैदराबाद से मिले 145 रनों के लक्ष्य को राजस्थान ने 17.5 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया।
तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर राजस्थान का पहला विकेट अजिंक्य रहाणे के रूप में गिरा। वह एक रन बनाकर स्टेन की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।
पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद राजस्थान ने संभलकर खेलना शुरू किया। द्रविड़ (36) और वाट्सन ने दूसरे विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की। द्रविड़ 13वें ओवर की पांचवी गेंद पर हनुमा विहारी के हाथों कैच आउट हुए। उन्होंने 35 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया।
वाट्सन ने तीसरे विकेट के लिए स्टुअर्ट बिन्नी (9) के साथ 65 रनों की साझेदारी की जिसमें अकेले वाट्सन ने 56 रन जोड़े। वाट्सन ने 53 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौके और चार छक्के जड़े। सनराइजर्स की तरफ से डेल स्टेन और थिसारा परेरा को एक-एक विकेट ही मिल सका।
इससे पहले सनराइजर्स की शुरुआत बेहद खराब रही। एक समय छह ओवर में छह विकेट पर 29 रन से उबरते हुए सनराइजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 144 रन बनाए।
पहले ओवर की पांचवी गेंद पर अक्षत रेड्डी (2) के रूप में सनराइजर्स का पहला विकेट गिरा। सनराइजर्स के शुरुआती छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
पिछले मैच में अर्द्धशतक लगाने वाले शिखर धवन बिना खाता खोले ही लौट गए। जेम्स फॉकनर ने दूसरे ओवर की चौथी और आखिरी गेंद पर तथा चौथे ओवर की चौथी गेंद पर क्रमश: कुमार संगकारा (4), धवन (0) और करण शर्मा (6) को आउट किया। हनुमा विहारी (4) और परेरा (4) भी जल्द ही चलते बने।
इसके बाद सातवें विकेट के लिए डेरेन सामी (60) और अमित मिश्रा (21) ने संभलकर खेलते हुए 58 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। मिश्रा 15वें ओवर की पहली गेंद पर केविन कूपर के हाथों कैच आउट हुए। मिश्रा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर राजस्थान का पहला विकेट अजिंक्य रहाणे के रूप में गिरा। वह एक रन बनाकर स्टेन की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।
पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद राजस्थान ने संभलकर खेलना शुरू किया। द्रविड़ (36) और वाट्सन ने दूसरे विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की। द्रविड़ 13वें ओवर की पांचवी गेंद पर हनुमा विहारी के हाथों कैच आउट हुए। उन्होंने 35 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया।
वाट्सन ने तीसरे विकेट के लिए स्टुअर्ट बिन्नी (9) के साथ 65 रनों की साझेदारी की जिसमें अकेले वाट्सन ने 56 रन जोड़े। वाट्सन ने 53 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौके और चार छक्के जड़े। सनराइजर्स की तरफ से डेल स्टेन और थिसारा परेरा को एक-एक विकेट ही मिल सका।
इससे पहले सनराइजर्स की शुरुआत बेहद खराब रही। एक समय छह ओवर में छह विकेट पर 29 रन से उबरते हुए सनराइजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 144 रन बनाए।
पहले ओवर की पांचवी गेंद पर अक्षत रेड्डी (2) के रूप में सनराइजर्स का पहला विकेट गिरा। सनराइजर्स के शुरुआती छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
पिछले मैच में अर्द्धशतक लगाने वाले शिखर धवन बिना खाता खोले ही लौट गए। जेम्स फॉकनर ने दूसरे ओवर की चौथी और आखिरी गेंद पर तथा चौथे ओवर की चौथी गेंद पर क्रमश: कुमार संगकारा (4), धवन (0) और करण शर्मा (6) को आउट किया। हनुमा विहारी (4) और परेरा (4) भी जल्द ही चलते बने।
इसके बाद सातवें विकेट के लिए डेरेन सामी (60) और अमित मिश्रा (21) ने संभलकर खेलते हुए 58 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। मिश्रा 15वें ओवर की पहली गेंद पर केविन कूपर के हाथों कैच आउट हुए। मिश्रा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद राजस्थान ने संभलकर खेलना शुरू किया। द्रविड़ (36) और वाट्सन ने दूसरे विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की। द्रविड़ 13वें ओवर की पांचवी गेंद पर हनुमा विहारी के हाथों कैच आउट हुए। उन्होंने 35 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया।
वाट्सन ने तीसरे विकेट के लिए स्टुअर्ट बिन्नी (9) के साथ 65 रनों की साझेदारी की जिसमें अकेले वाट्सन ने 56 रन जोड़े। वाट्सन ने 53 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौके और चार छक्के जड़े। सनराइजर्स की तरफ से डेल स्टेन और थिसारा परेरा को एक-एक विकेट ही मिल सका।
इससे पहले सनराइजर्स की शुरुआत बेहद खराब रही। एक समय छह ओवर में छह विकेट पर 29 रन से उबरते हुए सनराइजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 144 रन बनाए।
पहले ओवर की पांचवी गेंद पर अक्षत रेड्डी (2) के रूप में सनराइजर्स का पहला विकेट गिरा। सनराइजर्स के शुरुआती छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
पिछले मैच में अर्द्धशतक लगाने वाले शिखर धवन बिना खाता खोले ही लौट गए। जेम्स फॉकनर ने दूसरे ओवर की चौथी और आखिरी गेंद पर तथा चौथे ओवर की चौथी गेंद पर क्रमश: कुमार संगकारा (4), धवन (0) और करण शर्मा (6) को आउट किया। हनुमा विहारी (4) और परेरा (4) भी जल्द ही चलते बने।
इसके बाद सातवें विकेट के लिए डेरेन सामी (60) और अमित मिश्रा (21) ने संभलकर खेलते हुए 58 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। मिश्रा 15वें ओवर की पहली गेंद पर केविन कूपर के हाथों कैच आउट हुए। मिश्रा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
वाट्सन ने तीसरे विकेट के लिए स्टुअर्ट बिन्नी (9) के साथ 65 रनों की साझेदारी की जिसमें अकेले वाट्सन ने 56 रन जोड़े। वाट्सन ने 53 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौके और चार छक्के जड़े। सनराइजर्स की तरफ से डेल स्टेन और थिसारा परेरा को एक-एक विकेट ही मिल सका।
इससे पहले सनराइजर्स की शुरुआत बेहद खराब रही। एक समय छह ओवर में छह विकेट पर 29 रन से उबरते हुए सनराइजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 144 रन बनाए।
पहले ओवर की पांचवी गेंद पर अक्षत रेड्डी (2) के रूप में सनराइजर्स का पहला विकेट गिरा। सनराइजर्स के शुरुआती छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
पिछले मैच में अर्द्धशतक लगाने वाले शिखर धवन बिना खाता खोले ही लौट गए। जेम्स फॉकनर ने दूसरे ओवर की चौथी और आखिरी गेंद पर तथा चौथे ओवर की चौथी गेंद पर क्रमश: कुमार संगकारा (4), धवन (0) और करण शर्मा (6) को आउट किया। हनुमा विहारी (4) और परेरा (4) भी जल्द ही चलते बने।
इसके बाद सातवें विकेट के लिए डेरेन सामी (60) और अमित मिश्रा (21) ने संभलकर खेलते हुए 58 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। मिश्रा 15वें ओवर की पहली गेंद पर केविन कूपर के हाथों कैच आउट हुए। मिश्रा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
इससे पहले सनराइजर्स की शुरुआत बेहद खराब रही। एक समय छह ओवर में छह विकेट पर 29 रन से उबरते हुए सनराइजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 144 रन बनाए।
पहले ओवर की पांचवी गेंद पर अक्षत रेड्डी (2) के रूप में सनराइजर्स का पहला विकेट गिरा। सनराइजर्स के शुरुआती छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
पिछले मैच में अर्द्धशतक लगाने वाले शिखर धवन बिना खाता खोले ही लौट गए। जेम्स फॉकनर ने दूसरे ओवर की चौथी और आखिरी गेंद पर तथा चौथे ओवर की चौथी गेंद पर क्रमश: कुमार संगकारा (4), धवन (0) और करण शर्मा (6) को आउट किया। हनुमा विहारी (4) और परेरा (4) भी जल्द ही चलते बने।
इसके बाद सातवें विकेट के लिए डेरेन सामी (60) और अमित मिश्रा (21) ने संभलकर खेलते हुए 58 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। मिश्रा 15वें ओवर की पहली गेंद पर केविन कूपर के हाथों कैच आउट हुए। मिश्रा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
पहले ओवर की पांचवी गेंद पर अक्षत रेड्डी (2) के रूप में सनराइजर्स का पहला विकेट गिरा। सनराइजर्स के शुरुआती छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
पिछले मैच में अर्द्धशतक लगाने वाले शिखर धवन बिना खाता खोले ही लौट गए। जेम्स फॉकनर ने दूसरे ओवर की चौथी और आखिरी गेंद पर तथा चौथे ओवर की चौथी गेंद पर क्रमश: कुमार संगकारा (4), धवन (0) और करण शर्मा (6) को आउट किया। हनुमा विहारी (4) और परेरा (4) भी जल्द ही चलते बने।
इसके बाद सातवें विकेट के लिए डेरेन सामी (60) और अमित मिश्रा (21) ने संभलकर खेलते हुए 58 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। मिश्रा 15वें ओवर की पहली गेंद पर केविन कूपर के हाथों कैच आउट हुए। मिश्रा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
पिछले मैच में अर्द्धशतक लगाने वाले शिखर धवन बिना खाता खोले ही लौट गए। जेम्स फॉकनर ने दूसरे ओवर की चौथी और आखिरी गेंद पर तथा चौथे ओवर की चौथी गेंद पर क्रमश: कुमार संगकारा (4), धवन (0) और करण शर्मा (6) को आउट किया। हनुमा विहारी (4) और परेरा (4) भी जल्द ही चलते बने।
इसके बाद सातवें विकेट के लिए डेरेन सामी (60) और अमित मिश्रा (21) ने संभलकर खेलते हुए 58 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। मिश्रा 15वें ओवर की पहली गेंद पर केविन कूपर के हाथों कैच आउट हुए। मिश्रा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
इसके बाद सातवें विकेट के लिए डेरेन सामी (60) और अमित मिश्रा (21) ने संभलकर खेलते हुए 58 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। मिश्रा 15वें ओवर की पहली गेंद पर केविन कूपर के हाथों कैच आउट हुए। मिश्रा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
सामी की संघर्षपूर्ण पारी का अंत 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुआ। उन्हें फॉकनर ने एलबीडब्ल्यू किया। सामी ने 41 गेंदों में आठ चौके तथा एक छक्का लगाया।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
आशीष रेड्डी ने भी 11 गेंदों पर 14 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवर में डेल स्टेन ने भी आठ गेंदों पर दो चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 18 रन बनाए।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
राजस्थान की तरफ से फॉकनर ने कसी हुई गेंदबाजी की और 20 रन देकर पांच विकेट चटकाए। अजीत चंडीला भी दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे, जबकि कूपर और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला।टिप्पणियां
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
यह मैच जीतने के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसके आठ मैचों में कुल 10 अंक हो गए हैं।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है।
दूसरी तरफ सनराइजर्स नौ मैचों में इतने ही अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। सनराइजर्स का नेट रन रेट राजस्थान से कम होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स से पीछे है। | यह एक सारांश है: सवाई मान सिंह स्टेडियम में शनिवार को हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 36वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने शेन वाट्सन (नाबाद 98) के शानदार अर्द्धशतक की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद को आठ विकेट से हरा दिया। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुरुवार से शुरू होने जा रहे 'क्रिकेट महाकुम्भ' आईसीसी विश्व कप - 2011 के दौरान क्रिकेट प्रेमियों की नजरें जहां अपने-अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटरों पर रहेगी, वहीं तमाम स्टार जिस ट्रॉफी के लिए आपस में भिड़ेंगे, उसकी हैसियत भी किसी सुपरस्टार से कम नहीं... विजेता चाहे जो भी रहे, लेकिन अंतिम पलों में फोटोग्राफर सबसे अधिक तस्वीरें इसी ट्रॉफी की लेने वाले हैं... यही नहीं, 2 अप्रैल को देर रात तक और 3 अप्रैल की सुबह देश और दुनिया के तमाम टेलीविजन चैनल, समाचारपत्र और वेब पोर्टलों पर विजेता टीम के साथ-साथ जिस चीज़ का बोलबाला रहेगा, वह यही ट्रॉफी होगी... 11 किलोग्राम वजनी और 60 सेंटीमीटर ऊंची इस ट्रॉफी के लिए गुरुवार से 14 टीमों के बीच 43 दिनों तक अब लगातार जंग चलेगी... इसे हासिल करने वाला अगले चार वर्ष तक विश्व क्रिकेट का बादशाह कहलाएगा और विजेता कप्तान इसे देख-देखकर इतराया करेगा... आइए, जानते हैं, आखिर कैसी है यह ट्रॉफी और क्या है इसका इतिहास... वर्ष 1999 के विश्व कप में इस ट्रॉफी को एक आधिकारिक नाम दिया गया, आईसीसी विश्वकप ट्रॉफी... इससे पहले उसे प्रूडेंशियल कप, बेंसन एंड हेजेज़ कप, विल्स ट्रॉफी और रिलायंस कप के नाम से जाना गया... यह वह दौर था, जब विश्वकप के साथ प्रायोजकों का नाम जोड़ने का चलन था, लेकिन 1999 के बाद आईसीसी ने इसके साथ हमेशा के लिए अपना नाम जोड़ दिया... वर्ष 1975 में जब पहली बार विश्वकप खेला गया था, इंग्लैंड की जीवन बीमा कम्पनी प्रूडेंशियल कॉर्प ने इसे प्रायोजित करने का फैसला किया था, और उसकी शर्त थी कि कप के साथ उसका नाम जोड़ा जाए, सो, आईसीसी ने वही किया... इसके बाद वर्ष 1979 और 1983 के विश्वकप के दौरान भी ट्रॉफी को प्रूडेंशियल कप के नाम से जाना गया... इसी कारण शुरुआती तीनों विश्वकप इंग्लैंड में ही खेले गए... 1983 में भारत ने विश्वकप जीता और इस तरह यह कप पहली बार भारत आया... वर्ष 1987 में विश्वकप पहली बार इंग्लैंड से बाहर खेला गया, और इसका आयोजन तत्कालीन चैम्पियनों की धरती भारत में किया गया, पाकिस्तान सह-आयोजक था। इस विश्वकप का मुख्य प्रायोजक थी, रिलायंस इंड्रस्ट्रीज, सो, विश्वकप ट्रॉफी या विश्वकप को रिलायंस कप के नाम से जाना गया... रिलायंस आज भी विश्वकप का आधिकारिक प्रायोजक है, लेकिन अब ट्रॉफी के साथ उसका नाम नहीं जुड़ा है... इसके बाद विश्वकप 1992 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैण्ड की मेज़बानी में खेला गया, जिसे प्रायोजित किया सिगरेट बनाने वाली बड़ी कम्पनी बेन्सन एंड हेजेज़ ने, और यही कारण था कि इस विश्वकप को बेंसन एंड हेजेज़ कप के नाम से जाना गया... ऑस्ट्रेलिया की सैर करने और नए नाम से जाने जाने के बाद विश्वकप ट्रॉफी एक बार फिर नए नाम से मशहूर होने के लिए तैयार थी... 1996 में विश्वकप का आयोजन फिर भारत में हुआ और इस बार इसे प्रायोजित किया सिगरेट बनाने वाली कम्पनी आईटीसी के सबसे बड़े ब्रांड विल्स ने, सो, इस ट्रॉफी को विल्स कप के नाम से जाना गया... स्थान और नाम बदलते-बदलते ट्रॉफी मानो थक गई थी, सो, उसने नाम में स्थायित्व की गुहार लगाई, जिसे आईसीसी ने सुना और 1999 में इंग्लैण्ड, वेल्स, आयरलैण्ड, नीदरलैण्ड और स्कॉटलैण्ड की संयुक्त मेज़बानी में खेले गए विश्वकप के आठवें संस्करण से इस ट्रॉफी को आईसीसी विश्वकप ट्रॉफी नाम दे दिया गया... अब दिलचस्प तथ्य यह था कि आईसीसी ने ट्रॉफी को एक नया नाम तो दे दिया था, लेकिन उसके पास विजेता टीम को देने के लिए असल में कोई ट्रॉफी थी ही नहीं... प्रूडेंशियल कप (1975, 1979 और 1983) के बाद जितने भी विश्वकप खेले गए, ट्रॉफियां हमेशा के लिए विजेता टीमों को दे दी गईं, लेकिन आईसीसी आने वाले समय में ऐसा नहीं करने वाला था... इसी को ध्यान में रखकर उसने एक आकर्षक ट्रॉफी तैयार करने का फैसला किया, जो सोने और चांदी से बनी होनी चाहिए थी और इसी कारण आईसीसी ने इस महत्वपूर्ण काम का जिम्मा लंदन के मशहूर ज्वेलर गेरार्ड एंड कम्पनी को सौंपा, जिसे दुनिया क्राउन ज्वेलर्स के नाम से जानती थी... ज्वेलर ने दो महीने में 60 सेंटीमीटर और 11 किलोग्राम वजनी एक खास तरह की ट्रॉफी तैयार की, जिसमें सोने और चांदी का प्रयोग किया गया। इसमें सोने की परत चढ़ा एक ग्लोब बना है, जिसे तीन ओर से स्टम्प्स और बेल्स (विकेट और गिल्लियां) ने घेर रखा है... ग्लोब गेंद का परिचायक है और स्टम्प्स और बेल्स क्रिकेट के तीन विभागों - गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण - के परिचायक हैं... ट्रॉफी पर पूर्व विजेताओं के नाम उकेरे जाते हैं और सबसे खास बात यह है कि मूल ट्रॉफी संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई में स्थित आईसीसी के मुख्यालय में रखी रहती है... विश्वकप जीतने वाली टीमों को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी की प्रतिकृति दी जाती है... क्रिकेट के बहुतेरे प्रशंसक भले ही न जानते हों कि विश्वकप जीतने वाली टीमों को मूल ट्रॉफी नहीं, बल्कि प्रतिकृति दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद ट्रॉफी को लेकर खिलाड़ियों के रोमांच में किसी प्रकार की कमी नहीं आती... अब सच्चाई यह है कि क्रिकेट विश्वकप का यह महाकुम्भ फीफा फुटबॉल विश्वकप के बाद विश्व में सर्वाधिक देखा जाने वाला खेल आयोजन बना हुआ है और जिस ट्रॉफी के लिए यह महाकुम्भ होता है, उसकी हैसियत किसी सुपरस्टार से कम नहीं... | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विजेता चाहे जो भी रहे, लेकिन अंतिम पलों में फोटोग्राफर सबसे अधिक तस्वीरें इसी ट्रॉफी की लेने वाले हैं... | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चलती ट्रेन में एक महिला के साथ अभद्रता कर रहे युवकों को रोकने वाले पुरुष को ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया, जिससे वह घायल हो गया।
पुलिस ने बताया कि महिला के साथ अभद्रता करने वाले लोग नशे की हालत में थे।
बुधवार सुबह वह युवक बेहोशी की हालत में मिला और उसके दोनों हाथ कटे हुए थे। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया जहां उसकी हालत गंभीर बतायी जा रही है।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार, इडुक्की जिले का रहने वाला पीड़ित मालाबार एक्सप्रेस में सफर कर मेंगलूर के पास मूकंभिका मंदिर जा रहा था। इसी रेलगाड़ी में से उसे बाहर फेंक दिया गया। उसके होश में आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का पता लग पाया।
उसने परेशान की जा रही महिला की मदद करने की कोशिश की थी, जिसके बाद महिला के साथ छेड़छाड़ कर रहे लोगों ने उसे धक्का देकर बाहर फेंक दिया था।
पुलिस ने बताया कि महिला के साथ अभद्रता करने वाले लोग नशे की हालत में थे।
बुधवार सुबह वह युवक बेहोशी की हालत में मिला और उसके दोनों हाथ कटे हुए थे। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया जहां उसकी हालत गंभीर बतायी जा रही है।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार, इडुक्की जिले का रहने वाला पीड़ित मालाबार एक्सप्रेस में सफर कर मेंगलूर के पास मूकंभिका मंदिर जा रहा था। इसी रेलगाड़ी में से उसे बाहर फेंक दिया गया। उसके होश में आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का पता लग पाया।
उसने परेशान की जा रही महिला की मदद करने की कोशिश की थी, जिसके बाद महिला के साथ छेड़छाड़ कर रहे लोगों ने उसे धक्का देकर बाहर फेंक दिया था।
बुधवार सुबह वह युवक बेहोशी की हालत में मिला और उसके दोनों हाथ कटे हुए थे। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया जहां उसकी हालत गंभीर बतायी जा रही है।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार, इडुक्की जिले का रहने वाला पीड़ित मालाबार एक्सप्रेस में सफर कर मेंगलूर के पास मूकंभिका मंदिर जा रहा था। इसी रेलगाड़ी में से उसे बाहर फेंक दिया गया। उसके होश में आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का पता लग पाया।
उसने परेशान की जा रही महिला की मदद करने की कोशिश की थी, जिसके बाद महिला के साथ छेड़छाड़ कर रहे लोगों ने उसे धक्का देकर बाहर फेंक दिया था।
पुलिस के अनुसार, इडुक्की जिले का रहने वाला पीड़ित मालाबार एक्सप्रेस में सफर कर मेंगलूर के पास मूकंभिका मंदिर जा रहा था। इसी रेलगाड़ी में से उसे बाहर फेंक दिया गया। उसके होश में आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का पता लग पाया।
उसने परेशान की जा रही महिला की मदद करने की कोशिश की थी, जिसके बाद महिला के साथ छेड़छाड़ कर रहे लोगों ने उसे धक्का देकर बाहर फेंक दिया था।
उसने परेशान की जा रही महिला की मदद करने की कोशिश की थी, जिसके बाद महिला के साथ छेड़छाड़ कर रहे लोगों ने उसे धक्का देकर बाहर फेंक दिया था। | संक्षिप्त पाठ: बुधवार सुबह वह युवक बेहोशी की हालत में मिला और उसके दोनों हाथ कटे हुए थे। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया जहां उसकी हालत गंभीर बतायी जा रही है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर (एलओसी) पर भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को देखते हुए अमेरिका ने एक बार फिर दोहराया है कि वह दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता का समर्थक है। अमेरिका ने दोनों देशों से मतभेदों को सुलझाकर हिंसा समाप्त करने की अपील की।
विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने गुरुवार को संवाददाताओं के सामने नियंत्रण रेखा पर हुई हिंसा पर अमेरिका की चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, हमने दोनों देशों की सरकारों से कहा है कि वे उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए साथ में काम करें।
उन्होंने कहा, हम उनके बीच उच्च-स्तरीय वार्ता का मजबूती के साथ समर्थन करते हैं। इन मुद्दों से निपटने, हिंसा समाप्त करने और हम जहां थे वहां लौटने के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है।टिप्पणियां
नूलैंड ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत व पाकिस्तान के बीच रिश्तों में गर्माहट दिखाई दी थी और हमें उम्मीद थी कि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी शांति चाहते हैं और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि दोनों सरकारें बात करें।
इस सप्ताह नियंत्रण रेखा पर दो भारतीय सैनिकों के सिर काट दिए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है।
विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने गुरुवार को संवाददाताओं के सामने नियंत्रण रेखा पर हुई हिंसा पर अमेरिका की चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, हमने दोनों देशों की सरकारों से कहा है कि वे उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए साथ में काम करें।
उन्होंने कहा, हम उनके बीच उच्च-स्तरीय वार्ता का मजबूती के साथ समर्थन करते हैं। इन मुद्दों से निपटने, हिंसा समाप्त करने और हम जहां थे वहां लौटने के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है।टिप्पणियां
नूलैंड ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत व पाकिस्तान के बीच रिश्तों में गर्माहट दिखाई दी थी और हमें उम्मीद थी कि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी शांति चाहते हैं और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि दोनों सरकारें बात करें।
इस सप्ताह नियंत्रण रेखा पर दो भारतीय सैनिकों के सिर काट दिए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है।
उन्होंने कहा, हम उनके बीच उच्च-स्तरीय वार्ता का मजबूती के साथ समर्थन करते हैं। इन मुद्दों से निपटने, हिंसा समाप्त करने और हम जहां थे वहां लौटने के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है।टिप्पणियां
नूलैंड ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत व पाकिस्तान के बीच रिश्तों में गर्माहट दिखाई दी थी और हमें उम्मीद थी कि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी शांति चाहते हैं और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि दोनों सरकारें बात करें।
इस सप्ताह नियंत्रण रेखा पर दो भारतीय सैनिकों के सिर काट दिए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है।
नूलैंड ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत व पाकिस्तान के बीच रिश्तों में गर्माहट दिखाई दी थी और हमें उम्मीद थी कि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी शांति चाहते हैं और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि दोनों सरकारें बात करें।
इस सप्ताह नियंत्रण रेखा पर दो भारतीय सैनिकों के सिर काट दिए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है।
इस सप्ताह नियंत्रण रेखा पर दो भारतीय सैनिकों के सिर काट दिए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है। | संक्षिप्त पाठ: जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर (एलओसी) पर भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को देखते हुए अमेरिका ने एक बार फिर दोहराया है कि वह दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता का समर्थक है। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नेशनल हेराल्ड मामले में पटियाला हाउस कोर्ट से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को राहत दी गई है. कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने साथ ही कहा है कि स्वामी को कांग्रेस और AGL की बैलेंस शीट और आयकर संबंधी दस्तावेज नहीं मिलेंगे.
गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट को अहम फैसला सुनाना था. कोर्ट को यह तय करना था कि बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को कांग्रेस पार्टी की 2010-11 की बैलेंस शीट, आयकर रिटर्न और एसोसिएट जर्नल लिमिटेड AJL के भी वित्तीय दस्तावेज बतौर सुबूत दिए जाएं या नहीं.
दरअसल, 12 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत दी थी. गौरतलब है कि ट्रायल कोर्ट ने उनको कांग्रेस और एसोसिएट जर्नल लिमिटेड की इनकम टैक्स बैलेंस सीट और मंत्रालयों के कागजात सौंपने का आदेश दिया था. राहुल गांधी ने साधा पीएम मोदी पर निशाना, गरीबों के पास जो पैसा है वह कालाधन नहीं है
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि CRPC के सेक्शन 91 के तहत कोई भी ऑर्डर देने से पहले आरोपी पक्ष को सुना जाना जरूरी है, जो इस मामले में नहीं किया गया. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने गंभीर तरीके से आवेदन नहीं लगाया और उसी तरीके से उस पर कोर्ट (पटियाला कोर्ट) ने आदेश दे दिए. स्वामी न तो गवाहों की लिस्ट के साथ इन कागजातों को जोड़ पाए और न ही यह बता पाए कि ट्रायल में इन कागजातों की क्या अहमयित है.
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 मार्च को नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस मांग को स्वीकार कर लिया था, जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) और एसोसिएटिड जनरल प्रा.लि.(एजेएल) की वित्तीय जानकारी से जुड़े कुछ कागजात समन करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी किया था कि वह संबंधित दस्तावेजों की प्रति सुब्रमण्यम स्वामी को दें.
केस में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता मोती लाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा आरोपी हैं. महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें पूरी होने के बाद उस पर अपना आदेश सुरक्षित रखने का फैसला सुनाया.टिप्पणियां
गांधी परिवार की तरफ से दलील दी गई थी कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित करने के मकसद से अदालत के समक्ष यह याचिका लगाई गई है. जिन दस्तावेजों की स्वामी मांग कर रहे हैं वह कांग्रेस पार्टी और एजेएल के गोपनीय दस्तावेज हैं. यह दस्तावेज स्वामी को नहीं दिए जाने चाहिए.
स्वामी का कहना था कि षड्यंत्र के तहत सभी आरोपियों ने यंग इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाकर नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके चलते करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिकार यंग इंडिया को मिल गया.
गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट को अहम फैसला सुनाना था. कोर्ट को यह तय करना था कि बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को कांग्रेस पार्टी की 2010-11 की बैलेंस शीट, आयकर रिटर्न और एसोसिएट जर्नल लिमिटेड AJL के भी वित्तीय दस्तावेज बतौर सुबूत दिए जाएं या नहीं.
दरअसल, 12 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत दी थी. गौरतलब है कि ट्रायल कोर्ट ने उनको कांग्रेस और एसोसिएट जर्नल लिमिटेड की इनकम टैक्स बैलेंस सीट और मंत्रालयों के कागजात सौंपने का आदेश दिया था. राहुल गांधी ने साधा पीएम मोदी पर निशाना, गरीबों के पास जो पैसा है वह कालाधन नहीं है
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि CRPC के सेक्शन 91 के तहत कोई भी ऑर्डर देने से पहले आरोपी पक्ष को सुना जाना जरूरी है, जो इस मामले में नहीं किया गया. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने गंभीर तरीके से आवेदन नहीं लगाया और उसी तरीके से उस पर कोर्ट (पटियाला कोर्ट) ने आदेश दे दिए. स्वामी न तो गवाहों की लिस्ट के साथ इन कागजातों को जोड़ पाए और न ही यह बता पाए कि ट्रायल में इन कागजातों की क्या अहमयित है.
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 मार्च को नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस मांग को स्वीकार कर लिया था, जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) और एसोसिएटिड जनरल प्रा.लि.(एजेएल) की वित्तीय जानकारी से जुड़े कुछ कागजात समन करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी किया था कि वह संबंधित दस्तावेजों की प्रति सुब्रमण्यम स्वामी को दें.
केस में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता मोती लाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा आरोपी हैं. महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें पूरी होने के बाद उस पर अपना आदेश सुरक्षित रखने का फैसला सुनाया.टिप्पणियां
गांधी परिवार की तरफ से दलील दी गई थी कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित करने के मकसद से अदालत के समक्ष यह याचिका लगाई गई है. जिन दस्तावेजों की स्वामी मांग कर रहे हैं वह कांग्रेस पार्टी और एजेएल के गोपनीय दस्तावेज हैं. यह दस्तावेज स्वामी को नहीं दिए जाने चाहिए.
स्वामी का कहना था कि षड्यंत्र के तहत सभी आरोपियों ने यंग इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाकर नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके चलते करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिकार यंग इंडिया को मिल गया.
दरअसल, 12 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत दी थी. गौरतलब है कि ट्रायल कोर्ट ने उनको कांग्रेस और एसोसिएट जर्नल लिमिटेड की इनकम टैक्स बैलेंस सीट और मंत्रालयों के कागजात सौंपने का आदेश दिया था. राहुल गांधी ने साधा पीएम मोदी पर निशाना, गरीबों के पास जो पैसा है वह कालाधन नहीं है
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि CRPC के सेक्शन 91 के तहत कोई भी ऑर्डर देने से पहले आरोपी पक्ष को सुना जाना जरूरी है, जो इस मामले में नहीं किया गया. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने गंभीर तरीके से आवेदन नहीं लगाया और उसी तरीके से उस पर कोर्ट (पटियाला कोर्ट) ने आदेश दे दिए. स्वामी न तो गवाहों की लिस्ट के साथ इन कागजातों को जोड़ पाए और न ही यह बता पाए कि ट्रायल में इन कागजातों की क्या अहमयित है.
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 मार्च को नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस मांग को स्वीकार कर लिया था, जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) और एसोसिएटिड जनरल प्रा.लि.(एजेएल) की वित्तीय जानकारी से जुड़े कुछ कागजात समन करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी किया था कि वह संबंधित दस्तावेजों की प्रति सुब्रमण्यम स्वामी को दें.
केस में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता मोती लाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा आरोपी हैं. महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें पूरी होने के बाद उस पर अपना आदेश सुरक्षित रखने का फैसला सुनाया.टिप्पणियां
गांधी परिवार की तरफ से दलील दी गई थी कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित करने के मकसद से अदालत के समक्ष यह याचिका लगाई गई है. जिन दस्तावेजों की स्वामी मांग कर रहे हैं वह कांग्रेस पार्टी और एजेएल के गोपनीय दस्तावेज हैं. यह दस्तावेज स्वामी को नहीं दिए जाने चाहिए.
स्वामी का कहना था कि षड्यंत्र के तहत सभी आरोपियों ने यंग इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाकर नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके चलते करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिकार यंग इंडिया को मिल गया.
राहुल गांधी ने साधा पीएम मोदी पर निशाना, गरीबों के पास जो पैसा है वह कालाधन नहीं है
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि CRPC के सेक्शन 91 के तहत कोई भी ऑर्डर देने से पहले आरोपी पक्ष को सुना जाना जरूरी है, जो इस मामले में नहीं किया गया. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने गंभीर तरीके से आवेदन नहीं लगाया और उसी तरीके से उस पर कोर्ट (पटियाला कोर्ट) ने आदेश दे दिए. स्वामी न तो गवाहों की लिस्ट के साथ इन कागजातों को जोड़ पाए और न ही यह बता पाए कि ट्रायल में इन कागजातों की क्या अहमयित है.
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 मार्च को नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस मांग को स्वीकार कर लिया था, जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) और एसोसिएटिड जनरल प्रा.लि.(एजेएल) की वित्तीय जानकारी से जुड़े कुछ कागजात समन करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी किया था कि वह संबंधित दस्तावेजों की प्रति सुब्रमण्यम स्वामी को दें.
केस में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता मोती लाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा आरोपी हैं. महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें पूरी होने के बाद उस पर अपना आदेश सुरक्षित रखने का फैसला सुनाया.टिप्पणियां
गांधी परिवार की तरफ से दलील दी गई थी कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित करने के मकसद से अदालत के समक्ष यह याचिका लगाई गई है. जिन दस्तावेजों की स्वामी मांग कर रहे हैं वह कांग्रेस पार्टी और एजेएल के गोपनीय दस्तावेज हैं. यह दस्तावेज स्वामी को नहीं दिए जाने चाहिए.
स्वामी का कहना था कि षड्यंत्र के तहत सभी आरोपियों ने यंग इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाकर नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके चलते करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिकार यंग इंडिया को मिल गया.
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 मार्च को नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस मांग को स्वीकार कर लिया था, जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) और एसोसिएटिड जनरल प्रा.लि.(एजेएल) की वित्तीय जानकारी से जुड़े कुछ कागजात समन करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी किया था कि वह संबंधित दस्तावेजों की प्रति सुब्रमण्यम स्वामी को दें.
केस में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता मोती लाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा आरोपी हैं. महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें पूरी होने के बाद उस पर अपना आदेश सुरक्षित रखने का फैसला सुनाया.टिप्पणियां
गांधी परिवार की तरफ से दलील दी गई थी कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित करने के मकसद से अदालत के समक्ष यह याचिका लगाई गई है. जिन दस्तावेजों की स्वामी मांग कर रहे हैं वह कांग्रेस पार्टी और एजेएल के गोपनीय दस्तावेज हैं. यह दस्तावेज स्वामी को नहीं दिए जाने चाहिए.
स्वामी का कहना था कि षड्यंत्र के तहत सभी आरोपियों ने यंग इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाकर नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके चलते करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिकार यंग इंडिया को मिल गया.
गांधी परिवार की तरफ से दलील दी गई थी कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित करने के मकसद से अदालत के समक्ष यह याचिका लगाई गई है. जिन दस्तावेजों की स्वामी मांग कर रहे हैं वह कांग्रेस पार्टी और एजेएल के गोपनीय दस्तावेज हैं. यह दस्तावेज स्वामी को नहीं दिए जाने चाहिए.
स्वामी का कहना था कि षड्यंत्र के तहत सभी आरोपियों ने यंग इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाकर नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके चलते करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिकार यंग इंडिया को मिल गया.
स्वामी का कहना था कि षड्यंत्र के तहत सभी आरोपियों ने यंग इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाकर नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके चलते करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिकार यंग इंडिया को मिल गया. | यह एक सारांश है: गांधी परिवार ने लगाया था बेवजह प्रताड़ित करने का आरोप
कोर्ट ने कहा-स्वामी को दस्तावेज नहीं दिए जाएंगे
कांग्रेस ने कहा था दस्तावेज गोपनीय हैं | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गत चैम्पियन भारत ने लचर प्रदर्शन के बावजूद सैफ फुटबाल चैम्पियनशिप के शुरुआती मैच में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 1-0 से हरा दिया।
पाकिस्तान के कप्तान समर इशाक के 14वें मिनट में दागे आत्मघाती गोल ने सुनील छेत्री की अगुआई वाली भारतीय टीम के तीन अंक सुनिश्चित किए। भारतीय टीम अपने दूसरे ग्रुप मैच में मंगलवार को बांग्लादेश से भिड़ेगी।
इस मैच को पाकिस्तान के डिफेंडर और फुलहम के पूर्व खिलाड़ी जेश रहमान और छेत्री के बीच का मुकाबला माना जा रहा था लेकिन दोनों ने निराश किया। तीस बरस से अधिक उम्र के रहमान काफी धीमे थे जबकि छेत्री के लचर प्रदर्शन के कारण भारत ने गोल के तीन स्पष्ट मौके गंवाए।टिप्पणियां
इन सभी मौकों पर भारतीय कप्तान को सिर्फ विरोधी गोलकीपर को छकाना था लेकिन उनके सभी शाट लक्ष्य से काफी दूर रहे।
भारत को जीत दिलाने वाला गोल पाकिस्तान के डिफेंस की चूक रहा। निरमल छेत्री ने अच्छा मूव बनाते हुए दो विरोधी डिफेंडरों के बीच से छेत्री को पास देने की कोशिश की लेकिन इस बीच पाकिस्तानी कप्तान इशाक ने गेंद को क्लियर करने की कोशिश में अपने ही गोल में पहुंचा दिया।
पाकिस्तान के कप्तान समर इशाक के 14वें मिनट में दागे आत्मघाती गोल ने सुनील छेत्री की अगुआई वाली भारतीय टीम के तीन अंक सुनिश्चित किए। भारतीय टीम अपने दूसरे ग्रुप मैच में मंगलवार को बांग्लादेश से भिड़ेगी।
इस मैच को पाकिस्तान के डिफेंडर और फुलहम के पूर्व खिलाड़ी जेश रहमान और छेत्री के बीच का मुकाबला माना जा रहा था लेकिन दोनों ने निराश किया। तीस बरस से अधिक उम्र के रहमान काफी धीमे थे जबकि छेत्री के लचर प्रदर्शन के कारण भारत ने गोल के तीन स्पष्ट मौके गंवाए।टिप्पणियां
इन सभी मौकों पर भारतीय कप्तान को सिर्फ विरोधी गोलकीपर को छकाना था लेकिन उनके सभी शाट लक्ष्य से काफी दूर रहे।
भारत को जीत दिलाने वाला गोल पाकिस्तान के डिफेंस की चूक रहा। निरमल छेत्री ने अच्छा मूव बनाते हुए दो विरोधी डिफेंडरों के बीच से छेत्री को पास देने की कोशिश की लेकिन इस बीच पाकिस्तानी कप्तान इशाक ने गेंद को क्लियर करने की कोशिश में अपने ही गोल में पहुंचा दिया।
इस मैच को पाकिस्तान के डिफेंडर और फुलहम के पूर्व खिलाड़ी जेश रहमान और छेत्री के बीच का मुकाबला माना जा रहा था लेकिन दोनों ने निराश किया। तीस बरस से अधिक उम्र के रहमान काफी धीमे थे जबकि छेत्री के लचर प्रदर्शन के कारण भारत ने गोल के तीन स्पष्ट मौके गंवाए।टिप्पणियां
इन सभी मौकों पर भारतीय कप्तान को सिर्फ विरोधी गोलकीपर को छकाना था लेकिन उनके सभी शाट लक्ष्य से काफी दूर रहे।
भारत को जीत दिलाने वाला गोल पाकिस्तान के डिफेंस की चूक रहा। निरमल छेत्री ने अच्छा मूव बनाते हुए दो विरोधी डिफेंडरों के बीच से छेत्री को पास देने की कोशिश की लेकिन इस बीच पाकिस्तानी कप्तान इशाक ने गेंद को क्लियर करने की कोशिश में अपने ही गोल में पहुंचा दिया।
इन सभी मौकों पर भारतीय कप्तान को सिर्फ विरोधी गोलकीपर को छकाना था लेकिन उनके सभी शाट लक्ष्य से काफी दूर रहे।
भारत को जीत दिलाने वाला गोल पाकिस्तान के डिफेंस की चूक रहा। निरमल छेत्री ने अच्छा मूव बनाते हुए दो विरोधी डिफेंडरों के बीच से छेत्री को पास देने की कोशिश की लेकिन इस बीच पाकिस्तानी कप्तान इशाक ने गेंद को क्लियर करने की कोशिश में अपने ही गोल में पहुंचा दिया।
भारत को जीत दिलाने वाला गोल पाकिस्तान के डिफेंस की चूक रहा। निरमल छेत्री ने अच्छा मूव बनाते हुए दो विरोधी डिफेंडरों के बीच से छेत्री को पास देने की कोशिश की लेकिन इस बीच पाकिस्तानी कप्तान इशाक ने गेंद को क्लियर करने की कोशिश में अपने ही गोल में पहुंचा दिया। | यहाँ एक सारांश है:गत चैम्पियन भारत ने लचर प्रदर्शन के बावजूद सैफ फुटबाल चैम्पियनशिप के शुरुआती मैच में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 1-0 से हरा दिया। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सैल) ने 20 साल पहले मृत घोषित किए जा चुके एक सिख आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। आतंकवादी की पहचान सुखविंदर उर्फ सुक्खा के रूप में की गई है। यह आतंकी खालिस्तान कमांडो फोर्स से जुड़ा हुआ था। उसे 1992 में पंजाब पुलिस ने मृत घोषित कर दिया था।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि उसने उसे मिली सूचना के आधार पर पंजाब, हरियाणा, गुड़गांव, दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, आतंकवादियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक और नाम लिया था। उसे दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि उसने उसे मिली सूचना के आधार पर पंजाब, हरियाणा, गुड़गांव, दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, आतंकवादियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक और नाम लिया था। उसे दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, आतंकवादियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक और नाम लिया था। उसे दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया। | सारांश: दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सैल) ने 20 साल पहले मृत घोषित किए जा चुके एक सिख आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: संसद हमला मामले में दोषी करार दिए गए अफजल गुरु के बारे में गृह मंत्रालय ने अभी तक राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। गृह मंत्रालय में लंबित पड़ी दया याचिकाओं की संख्या के बारे में गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बताया कि अभी कुल 31 मामले हैं जिनमें से पिछले 30 माह के दौरान 19 मामलों को फिर से भेजा गया और 11 पर निर्णय ले लिया गया। उन्होंने कहा, ढाई साल के मेरे कार्यकाल में हमने 19 मामलों को दोबारा भेजा और इनमें से 11 में निर्णय लिया जा चुका है। मैं बाकी के आठ पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद कर रहा हूं। चिदंबरम ने कहा, इसलिए रिकॉर्ड अपने आप में बताने वाला है। अफजल गुरु के मामले को फिर से भेजे जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इसे केवल एक बार भेजा जाना है। इसे जल्द से जल्द भेज दिया जाएगा जिसमें बहुत देरी नहीं है। गुरु को दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले के षडयंत्र का दोषी पाया गया है और उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2004 में उसे मौत की सजा सुनाई है। गुरु को इसके अनुसार 20 अक्तूबर 2006 को फांसी की सजा दी जानी थी लेकिन उसकी पत्नी के राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर किए जाने के बाद उसे फांसी की सजा नहीं दी जा सकी है। उन्होंने कहा कि 1998 से 2004 के बीच राष्ट्रपति को 14 मामले भेजे गए लेकिन किसी भी मामले में कोई निर्णय नहीं लिया गया। चिदंबरम ने कहा कि 22 मई 2004 से 13 नवंबर 2008 के बीच 14 मामलों को भेजा गया और 14 नए मामले भी भेजे गए। | संक्षिप्त सारांश: संसद हमला मामले में दोषी करार दिए गए अफजल गुरु के बारे में गृह मंत्रालय ने अभी तक राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भाई-बहन की हत्या मामले में बच्चों के मामा और उसके दो सहयोगियों को दिल्ली में रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इस हत्या के चौथे अभियुक्त की तलाश के लिए पुलिस ने मुहिम छेड़ दी है। 30 लाख रुपये फिरौती के लिए वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मनसीज (7) और उसकी बहन यश्वी (5) पूर्वी दिल्ली के अपने स्कूल से 26 फरवरी से लापता थे। उनके शव को सबसे पहले एक टैक्सी चालक ने शनिवार की सुबह रिंग रोड- भैरव रोड के क्रॉसिंग के समीप झाड़ियों में देखा।
मृतक बच्चों के पिता मनोज कुमार शेयर ब्रोकरेज फर्म में काम करते हैं। पुलिस ने बताया कि मनोज को 30 लाख फिरौती के लिए सात बार कॉल की गई। ये कॉल बच्चों के मामा अमित सिंह और उसके दो सहयोगियों पंकज कश्यप और शिवम गुप्ता ने की।
पुलिस ने बताया कि तीनों अभियुक्तों को शनिवार को पूर्वी दिल्ली के मंडावली में उनके छिपने के ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया। उनका सहयोगी अभिषेक फरार है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह को एक फ्लैट सौदे के लिए छह लाख रुपये की जरूरत थी। पंकज को अपना कर्जा चुकाने के लिए 1.50 लाख रुपये की दरकार थी। शिवम और अभिषेक को अपने जीवन शैली पर फिजूलखर्ची के लिए पैसा चाहिए था।"
अधिकारी ने कहा, "फिरौती के वास्ते अपहरण के लिए अमित सिंह ने बच्चों को निशाना बनाया। अमित सिंह को पता था कि बच्चों के परिवार को एक प्रॉपर्टी सौदे में 30 लाख रुपये मिला है।
पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने कहा, " पुलिस ने संदेह के आधार पर अमित को पूछताछ के लिए चुना। उसने अपने तीन सहयोगियों के साथ वारदात को अंजाम देने की बात कबूल ली।"
पुलिस ने बताया कि बच्चों का पता लगने के समय उनका शव सड़ चुका था। मालूम होता है कि उनके कुछ अंगों को जानवर भी खा चुके थे। दोनों बच्चे स्कूल की पोशाक में थे। पोशाक से ही बच्चों की शिनाख्त हुई।
पुलिस के अनुसार अमित ने मदर कान्वेंट स्कूल के बाहर 26 फरवरी को दिन में करीब एक बजे बच्चों को अगवा किया।
अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि मनसीज (7) और उसकी बहन यश्वी (5) पूर्वी दिल्ली के अपने स्कूल से 26 फरवरी से लापता थे। उनके शव को सबसे पहले एक टैक्सी चालक ने शनिवार की सुबह रिंग रोड- भैरव रोड के क्रॉसिंग के समीप झाड़ियों में देखा।
मृतक बच्चों के पिता मनोज कुमार शेयर ब्रोकरेज फर्म में काम करते हैं। पुलिस ने बताया कि मनोज को 30 लाख फिरौती के लिए सात बार कॉल की गई। ये कॉल बच्चों के मामा अमित सिंह और उसके दो सहयोगियों पंकज कश्यप और शिवम गुप्ता ने की।
पुलिस ने बताया कि तीनों अभियुक्तों को शनिवार को पूर्वी दिल्ली के मंडावली में उनके छिपने के ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया। उनका सहयोगी अभिषेक फरार है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह को एक फ्लैट सौदे के लिए छह लाख रुपये की जरूरत थी। पंकज को अपना कर्जा चुकाने के लिए 1.50 लाख रुपये की दरकार थी। शिवम और अभिषेक को अपने जीवन शैली पर फिजूलखर्ची के लिए पैसा चाहिए था।"
अधिकारी ने कहा, "फिरौती के वास्ते अपहरण के लिए अमित सिंह ने बच्चों को निशाना बनाया। अमित सिंह को पता था कि बच्चों के परिवार को एक प्रॉपर्टी सौदे में 30 लाख रुपये मिला है।
पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने कहा, " पुलिस ने संदेह के आधार पर अमित को पूछताछ के लिए चुना। उसने अपने तीन सहयोगियों के साथ वारदात को अंजाम देने की बात कबूल ली।"
पुलिस ने बताया कि बच्चों का पता लगने के समय उनका शव सड़ चुका था। मालूम होता है कि उनके कुछ अंगों को जानवर भी खा चुके थे। दोनों बच्चे स्कूल की पोशाक में थे। पोशाक से ही बच्चों की शिनाख्त हुई।
पुलिस के अनुसार अमित ने मदर कान्वेंट स्कूल के बाहर 26 फरवरी को दिन में करीब एक बजे बच्चों को अगवा किया।
अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
मृतक बच्चों के पिता मनोज कुमार शेयर ब्रोकरेज फर्म में काम करते हैं। पुलिस ने बताया कि मनोज को 30 लाख फिरौती के लिए सात बार कॉल की गई। ये कॉल बच्चों के मामा अमित सिंह और उसके दो सहयोगियों पंकज कश्यप और शिवम गुप्ता ने की।
पुलिस ने बताया कि तीनों अभियुक्तों को शनिवार को पूर्वी दिल्ली के मंडावली में उनके छिपने के ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया। उनका सहयोगी अभिषेक फरार है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह को एक फ्लैट सौदे के लिए छह लाख रुपये की जरूरत थी। पंकज को अपना कर्जा चुकाने के लिए 1.50 लाख रुपये की दरकार थी। शिवम और अभिषेक को अपने जीवन शैली पर फिजूलखर्ची के लिए पैसा चाहिए था।"
अधिकारी ने कहा, "फिरौती के वास्ते अपहरण के लिए अमित सिंह ने बच्चों को निशाना बनाया। अमित सिंह को पता था कि बच्चों के परिवार को एक प्रॉपर्टी सौदे में 30 लाख रुपये मिला है।
पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने कहा, " पुलिस ने संदेह के आधार पर अमित को पूछताछ के लिए चुना। उसने अपने तीन सहयोगियों के साथ वारदात को अंजाम देने की बात कबूल ली।"
पुलिस ने बताया कि बच्चों का पता लगने के समय उनका शव सड़ चुका था। मालूम होता है कि उनके कुछ अंगों को जानवर भी खा चुके थे। दोनों बच्चे स्कूल की पोशाक में थे। पोशाक से ही बच्चों की शिनाख्त हुई।
पुलिस के अनुसार अमित ने मदर कान्वेंट स्कूल के बाहर 26 फरवरी को दिन में करीब एक बजे बच्चों को अगवा किया।
अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि तीनों अभियुक्तों को शनिवार को पूर्वी दिल्ली के मंडावली में उनके छिपने के ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया। उनका सहयोगी अभिषेक फरार है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह को एक फ्लैट सौदे के लिए छह लाख रुपये की जरूरत थी। पंकज को अपना कर्जा चुकाने के लिए 1.50 लाख रुपये की दरकार थी। शिवम और अभिषेक को अपने जीवन शैली पर फिजूलखर्ची के लिए पैसा चाहिए था।"
अधिकारी ने कहा, "फिरौती के वास्ते अपहरण के लिए अमित सिंह ने बच्चों को निशाना बनाया। अमित सिंह को पता था कि बच्चों के परिवार को एक प्रॉपर्टी सौदे में 30 लाख रुपये मिला है।
पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने कहा, " पुलिस ने संदेह के आधार पर अमित को पूछताछ के लिए चुना। उसने अपने तीन सहयोगियों के साथ वारदात को अंजाम देने की बात कबूल ली।"
पुलिस ने बताया कि बच्चों का पता लगने के समय उनका शव सड़ चुका था। मालूम होता है कि उनके कुछ अंगों को जानवर भी खा चुके थे। दोनों बच्चे स्कूल की पोशाक में थे। पोशाक से ही बच्चों की शिनाख्त हुई।
पुलिस के अनुसार अमित ने मदर कान्वेंट स्कूल के बाहर 26 फरवरी को दिन में करीब एक बजे बच्चों को अगवा किया।
अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह को एक फ्लैट सौदे के लिए छह लाख रुपये की जरूरत थी। पंकज को अपना कर्जा चुकाने के लिए 1.50 लाख रुपये की दरकार थी। शिवम और अभिषेक को अपने जीवन शैली पर फिजूलखर्ची के लिए पैसा चाहिए था।"
अधिकारी ने कहा, "फिरौती के वास्ते अपहरण के लिए अमित सिंह ने बच्चों को निशाना बनाया। अमित सिंह को पता था कि बच्चों के परिवार को एक प्रॉपर्टी सौदे में 30 लाख रुपये मिला है।
पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने कहा, " पुलिस ने संदेह के आधार पर अमित को पूछताछ के लिए चुना। उसने अपने तीन सहयोगियों के साथ वारदात को अंजाम देने की बात कबूल ली।"
पुलिस ने बताया कि बच्चों का पता लगने के समय उनका शव सड़ चुका था। मालूम होता है कि उनके कुछ अंगों को जानवर भी खा चुके थे। दोनों बच्चे स्कूल की पोशाक में थे। पोशाक से ही बच्चों की शिनाख्त हुई।
पुलिस के अनुसार अमित ने मदर कान्वेंट स्कूल के बाहर 26 फरवरी को दिन में करीब एक बजे बच्चों को अगवा किया।
अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
अधिकारी ने कहा, "फिरौती के वास्ते अपहरण के लिए अमित सिंह ने बच्चों को निशाना बनाया। अमित सिंह को पता था कि बच्चों के परिवार को एक प्रॉपर्टी सौदे में 30 लाख रुपये मिला है।
पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने कहा, " पुलिस ने संदेह के आधार पर अमित को पूछताछ के लिए चुना। उसने अपने तीन सहयोगियों के साथ वारदात को अंजाम देने की बात कबूल ली।"
पुलिस ने बताया कि बच्चों का पता लगने के समय उनका शव सड़ चुका था। मालूम होता है कि उनके कुछ अंगों को जानवर भी खा चुके थे। दोनों बच्चे स्कूल की पोशाक में थे। पोशाक से ही बच्चों की शिनाख्त हुई।
पुलिस के अनुसार अमित ने मदर कान्वेंट स्कूल के बाहर 26 फरवरी को दिन में करीब एक बजे बच्चों को अगवा किया।
अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने कहा, " पुलिस ने संदेह के आधार पर अमित को पूछताछ के लिए चुना। उसने अपने तीन सहयोगियों के साथ वारदात को अंजाम देने की बात कबूल ली।"
पुलिस ने बताया कि बच्चों का पता लगने के समय उनका शव सड़ चुका था। मालूम होता है कि उनके कुछ अंगों को जानवर भी खा चुके थे। दोनों बच्चे स्कूल की पोशाक में थे। पोशाक से ही बच्चों की शिनाख्त हुई।
पुलिस के अनुसार अमित ने मदर कान्वेंट स्कूल के बाहर 26 फरवरी को दिन में करीब एक बजे बच्चों को अगवा किया।
अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि बच्चों का पता लगने के समय उनका शव सड़ चुका था। मालूम होता है कि उनके कुछ अंगों को जानवर भी खा चुके थे। दोनों बच्चे स्कूल की पोशाक में थे। पोशाक से ही बच्चों की शिनाख्त हुई।
पुलिस के अनुसार अमित ने मदर कान्वेंट स्कूल के बाहर 26 फरवरी को दिन में करीब एक बजे बच्चों को अगवा किया।
अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार अमित ने मदर कान्वेंट स्कूल के बाहर 26 फरवरी को दिन में करीब एक बजे बच्चों को अगवा किया।
अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
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अपहरण से चंद मिनट पहले शिवम ने बच्चों के घर के मुख्य दरवाजे में ताला जड़ दिया था, ताकि उनकी मां उन्हें लाने के लिए स्कूल न जा सके। अमित सिंह ने बच्चों को स्कूल से अपने साथ ले लिया। इधर, पंकज बच्चों के घर पर नजर टिकाए था।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
अधिकारी ने बताया, "अमित सिंह बच्चों को लेकर पांडव नगर गया, जहां वह दो बजे के करीब साजिश में शामिल अन्य लोगों से मिला। 30 लाख फिरौती के लिए पहली कॉल वहीं से की गई। इसके बाद अभियुक्तों ने फिरौती के लिए दो अन्य कॉल 27-28 फरवरी को की।" पुलिस ने बताया कि बच्चों को बाद में महरौली ले जाया गया।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों को रकम नहीं मिल सकी क्योंकि वे माता-पिता की बात बच्चों से कराने में असमर्थ थे।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि अमित और उसके सहयोगी फिरौती की रकम नहीं पा सके इसलिए उन्होंने बच्चों की हत्या कर दी। | यहाँ एक सारांश है:भाई-बहन की हत्या मामले में बच्चों के मामा और उसके दो सहयोगियों को दिल्ली में रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इस हत्या के चौथे अभियुक्त की तलाश के लिए पुलिस ने मुहिम छेड़ दी है। 30 लाख रुपये फिरौती के लिए वारदात को अंजाम दिया गया। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई में लोकल ट्रेन में सफर करने वालों को बुधवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीती रात कुर्ला−विद्या विहार के बीच सिग्नल पैनल में आग लगने से इस रूट पर ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। मुंबई के सेंट्रल लाइन पर लोकल ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।टिप्पणियां
मंगलवार को शाम को रेलवे की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि बुधवार को कम से कम 85 फीसद लोकल ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से किया जाएगा। सिग्नल सिस्टम में आई खराबी को काफी हद तक दुरुस्त कर लिया गया है।
गौरतलब है कि सोमवार को आग पर रात साढ़े बारह बजे काबू पा लिया गया था। रेल प्रशासन इस हादसे की जांच कर रहा है। सिग्नल खराब होने की वजह से कुर्ला−विद्या विहार रूट पर मैनुअल पायलटिंग के जरिए ट्रेनों का चलाया जा रहा है जिसकी वजह से ट्रेनें करीब 45 मिनट देरी से चली सिग्नल खराब होने की वजह से कई एक्सप्रेस ट्रेनें भी रद्द की गईं।
मंगलवार को शाम को रेलवे की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि बुधवार को कम से कम 85 फीसद लोकल ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से किया जाएगा। सिग्नल सिस्टम में आई खराबी को काफी हद तक दुरुस्त कर लिया गया है।
गौरतलब है कि सोमवार को आग पर रात साढ़े बारह बजे काबू पा लिया गया था। रेल प्रशासन इस हादसे की जांच कर रहा है। सिग्नल खराब होने की वजह से कुर्ला−विद्या विहार रूट पर मैनुअल पायलटिंग के जरिए ट्रेनों का चलाया जा रहा है जिसकी वजह से ट्रेनें करीब 45 मिनट देरी से चली सिग्नल खराब होने की वजह से कई एक्सप्रेस ट्रेनें भी रद्द की गईं।
गौरतलब है कि सोमवार को आग पर रात साढ़े बारह बजे काबू पा लिया गया था। रेल प्रशासन इस हादसे की जांच कर रहा है। सिग्नल खराब होने की वजह से कुर्ला−विद्या विहार रूट पर मैनुअल पायलटिंग के जरिए ट्रेनों का चलाया जा रहा है जिसकी वजह से ट्रेनें करीब 45 मिनट देरी से चली सिग्नल खराब होने की वजह से कई एक्सप्रेस ट्रेनें भी रद्द की गईं। | संक्षिप्त पाठ: मुंबई में लोकल ट्रेन में सफर करने वालों को बुधवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीती रात कुर्ला−विद्या विहार के बीच सिग्नल पैनल में आग लगने से इस रूट पर ट्रेनें प्रभावित रही हैं। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय सर्वेक्षण विभाग जल्द ही माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई ‘फिर से मापेगा’. दरअसल, सर्वेक्षण विभाग यह पता लगाना चाहता है कि नेपाल में दो साल पहले आए भयंकर भूकंप के बाद विश्व की सबसे ऊंची चोटी की ऊंचाई वास्तव में कम हुई है या नहीं. भारतीय सर्वेक्षण विभाग का एक दल इस अभियान के लिए दो महीने में नेपाल के लिए रवाना होगा. यह अभियान ऐसे समय चलाया जा रहा है जब माउंट एवरेस्ट की उंचाई को लेकर वैज्ञानिक समुदाय की ओर से शंकाएं व्यक्त की गई हैं. माउंट एवरेस्ट की आधिकारिक रूप से ऊंचाई समुद्र स्तर से 8848 मीटर ऊपर है.
भारतीय सर्वेक्षण विभाग के महा सर्वेक्षक स्वर्ण सुब्बा राव ने कहा कि इस परियोजना के लिए जरूरी मंजूरी ले ली गई है और इससे भविष्य के वैज्ञानिक अध्ययनों में भी मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा, हम एक अभियान दल को माउंट एवरेस्ट के लिए रवाना कर रहे हैं. एवरेस्ट की ऊंचाई की घोषणा, अगर मैं गलत नहीं हूं तो 1855 में की गई थी. कइयों के द्वारा इसकी उंचाई नापी गई लेकिन भारतीय सर्वेक्षण विभाग की माप को आज भी सही उंचाईं माना जाता है. भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अनुसार एवरेस्ट की ऊंचाई 29,028 फुट है, हम इसे दोबारा नापने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल में दो साल पहले भीषण भूकंप आया था, इसके बाद से ही वैज्ञानिक समुदाय को शक है कि एवरेस्ट सिकुड़ रहा है, दोबारा नाप कराने का यह एक कारण है. इसके अलावा दूसरा कारण यह है कि यह वैज्ञानिक अध्ययन और प्लेट की गति को समझने में सहायता करता है. राव ने एक कार्यक्रम से इतर कहा कि इसके लिए आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है और यह अभियान एक माह में शुरू हो जाएगा. टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस बार माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई दो तरीकों ‘ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम’ (जीपीएस) और एक जमीनी पद्धति से नापने की योजना है.
(इनपुट्स भाषा से)
भारतीय सर्वेक्षण विभाग के महा सर्वेक्षक स्वर्ण सुब्बा राव ने कहा कि इस परियोजना के लिए जरूरी मंजूरी ले ली गई है और इससे भविष्य के वैज्ञानिक अध्ययनों में भी मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा, हम एक अभियान दल को माउंट एवरेस्ट के लिए रवाना कर रहे हैं. एवरेस्ट की ऊंचाई की घोषणा, अगर मैं गलत नहीं हूं तो 1855 में की गई थी. कइयों के द्वारा इसकी उंचाई नापी गई लेकिन भारतीय सर्वेक्षण विभाग की माप को आज भी सही उंचाईं माना जाता है. भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अनुसार एवरेस्ट की ऊंचाई 29,028 फुट है, हम इसे दोबारा नापने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल में दो साल पहले भीषण भूकंप आया था, इसके बाद से ही वैज्ञानिक समुदाय को शक है कि एवरेस्ट सिकुड़ रहा है, दोबारा नाप कराने का यह एक कारण है. इसके अलावा दूसरा कारण यह है कि यह वैज्ञानिक अध्ययन और प्लेट की गति को समझने में सहायता करता है. राव ने एक कार्यक्रम से इतर कहा कि इसके लिए आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है और यह अभियान एक माह में शुरू हो जाएगा. टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस बार माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई दो तरीकों ‘ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम’ (जीपीएस) और एक जमीनी पद्धति से नापने की योजना है.
(इनपुट्स भाषा से)
उन्होंने कहा, हम एक अभियान दल को माउंट एवरेस्ट के लिए रवाना कर रहे हैं. एवरेस्ट की ऊंचाई की घोषणा, अगर मैं गलत नहीं हूं तो 1855 में की गई थी. कइयों के द्वारा इसकी उंचाई नापी गई लेकिन भारतीय सर्वेक्षण विभाग की माप को आज भी सही उंचाईं माना जाता है. भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अनुसार एवरेस्ट की ऊंचाई 29,028 फुट है, हम इसे दोबारा नापने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल में दो साल पहले भीषण भूकंप आया था, इसके बाद से ही वैज्ञानिक समुदाय को शक है कि एवरेस्ट सिकुड़ रहा है, दोबारा नाप कराने का यह एक कारण है. इसके अलावा दूसरा कारण यह है कि यह वैज्ञानिक अध्ययन और प्लेट की गति को समझने में सहायता करता है. राव ने एक कार्यक्रम से इतर कहा कि इसके लिए आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है और यह अभियान एक माह में शुरू हो जाएगा. टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस बार माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई दो तरीकों ‘ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम’ (जीपीएस) और एक जमीनी पद्धति से नापने की योजना है.
(इनपुट्स भाषा से)
उन्होंने कहा कि इस बार माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई दो तरीकों ‘ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम’ (जीपीएस) और एक जमीनी पद्धति से नापने की योजना है.
(इनपुट्स भाषा से)
(इनपुट्स भाषा से) | सारांश: इस परियोजना के लिए जरूरी मंजूरी ले ली गई है
इससे भविष्य के वैज्ञानिक अध्ययनों में भी मदद मिलेगी.
नेपाल में दो साल पहले भीषण भूकंप आया था | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का प्रशासन भारत सहित अपने महत्वपूर्ण सहयोगियों को सशस्त्र ड्रोन बेचने पर जोर दे रहा है लेकिन उसे सांसदों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सांसदों ने ड्रोन प्रौद्योगिकी के प्रसार को लेकर चिंता जताई है। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। समाचार पत्र 'वाल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन चाहता है कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्य देशों के पास इस तरह के पायलट रहित विमानों की संख्या और अधिक हो ताकि अफगानिस्तान में अमेरिका का बोझ कम करने और भविष्य में लीबिया जैसा अभियान चलाने में मदद मिले। भारत जो कुछ समय से इजरायल से ड्रोन विमान खरीद रहा है, वह अमेरिकी ड्रोन विमानों का खरीदार हो सकता है। भारत हालांकि, अपने ड्रोन विमान को विकसित करने में जुटा है लेकिन उसके पास प्रेडटर्स एवं रीपर्स जैसे सशस्त्र ड्रोन विमान नहीं हैं। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां इन ड्रोन विमानों का इस्तेमाल पाकिस्तान में अलकायदा और तालिबान को निशाना बनाने में करती हैं। | यहाँ एक सारांश है:ओबामा प्रशासन भारत सहित अपने महत्वपूर्ण सहयोगियों को सशस्त्र ड्रोन बेचने पर जोर दे रहा है लेकिन उसे सांसदों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सोमवार को राजघाट पर धरना देने का फैसला किया है, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद पार्टी सूत्रों ने बताया कि छात्रों के आंदोलन के समर्थन और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यह धरना दिया जाएगा. सूत्रों के अनुसार इस धरने में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के भाग लेने की संभावना है. कांग्रेस नागरिकता संशोधन कानून को ''असंवैधानिक'' करार देते हुए इसका खुलकर विरोध कर रही है.
पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को एक बयान जारी कर नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को संविधान की मूल आत्मा के खिलाफ करार देते हुए दावा किया कि जनता की आवाज दबाने के लिए सरकार द्वारा तानाशाही का तांडव हो रहा है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नागरिकता कानून और एनआरसी के नाम पर गरीब लोगों को प्रताड़ित किया जाएगा.
आपको बता दें कि शनिवार की सुबह जनता दल(यूनाइटेड) के उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ सड़क पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अनुपस्थिति पर नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नेताओं से कहा कि वे इन प्रदर्शनों में भाग लें अन्यथा सोनिया गांधी जैसी शख्सीयत द्वारा इस संबंध में वीडियो जारी करने का कोई मतलब नहीं रह जाता. प्रशांत किशोर के द्वारा ट्वीट के बाद कांग्रेस ने सोमवार को राजघाट पर धरना देने का फैसला किया. | यह एक सारांश है: नागरिकता कानून के खिलाफ कांग्रेस की हुंकार
रविवार को राजघाट पर धरना देगी कांग्रेस
कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी होंगे मौजूद | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने देश में दो-तीन बड़े विश्वस्तरीय बैंकों की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इसके लिए बैंकिंग क्षेत्र में थोड़ा-बहुत विलय और एकीकरण जरूरी है।
उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र पर आयोजित सम्मेलन 'बैनकॉन-2012' में कहा, नए व्यावसायिक माहौल में कामकाज करने के लिए कुछ एकीकरण जरुरी है। हमें इस तरह के सुदृढीकरण अथवा एकीकरण से डरना नहीं चाहिए। मुझे पता है कि यहां गौरव और पहचान का सवाल है, लेकिन आखिरकार इस देश की बैंकिंग प्रणाली में थोड़-बहुत विलय और एकीकरण तो होना है।
उन्होंने कहा, हमें कम से कम दो-तीन वैश्विक आकार के बैंक बनाने होंगे। चीन ने ऐसा किया है और यदि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहता है और यह होगी भी, तो हमारे पास कम से कम दो वैश्विक आकार के बैंक होने चाहिए और बैंकों में थोड़े-बहुत समेकन, एकीकरण को टाला नहीं जा सकता।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा कि जब बड़े बैंकों के बीच विलय, एकीकरण होता है तब वहां स्थानीय क्षेत्र के बैंकों के लिए भी अवसर बनता है। उन्होंने कहा, दरअसल मुझे अफसोस है कि 1996 में शुरू हुई स्थानीय क्षेत्र बैंक की पहल पहले तीन लाइसेंस देने के बाद बंद हो गई। मुझे लगता है कि स्थानीय क्षेत्र बैंकों के पास स्थानीय लोगों की सेवा का मौका है और उन्हीं से उन्हें मजबूती भी मिलेगी।
देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने अपने पांच सहयोगी बैंकों के साथ विलय के लिए मंजूरी हासिल की है। इसने अपनी दो सहयोगी बैंकों को पहले ही अपने साथ मिला लिया है। एसबीआई ने अपने सहयोगी स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र का 2008 में विलय कर लिया था। इसके अलावा 2010 में स्टेट बैंक आफ इंदौर का भी विलय हो गया था। बैठक में कार्यकर्ताओं के एक तबके के बीच कुछ असहमति भी दिखाई पड़ी। उन्हें इसमें शामिल नहीं होने दिया गया।
उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र पर आयोजित सम्मेलन 'बैनकॉन-2012' में कहा, नए व्यावसायिक माहौल में कामकाज करने के लिए कुछ एकीकरण जरुरी है। हमें इस तरह के सुदृढीकरण अथवा एकीकरण से डरना नहीं चाहिए। मुझे पता है कि यहां गौरव और पहचान का सवाल है, लेकिन आखिरकार इस देश की बैंकिंग प्रणाली में थोड़-बहुत विलय और एकीकरण तो होना है।
उन्होंने कहा, हमें कम से कम दो-तीन वैश्विक आकार के बैंक बनाने होंगे। चीन ने ऐसा किया है और यदि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहता है और यह होगी भी, तो हमारे पास कम से कम दो वैश्विक आकार के बैंक होने चाहिए और बैंकों में थोड़े-बहुत समेकन, एकीकरण को टाला नहीं जा सकता।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा कि जब बड़े बैंकों के बीच विलय, एकीकरण होता है तब वहां स्थानीय क्षेत्र के बैंकों के लिए भी अवसर बनता है। उन्होंने कहा, दरअसल मुझे अफसोस है कि 1996 में शुरू हुई स्थानीय क्षेत्र बैंक की पहल पहले तीन लाइसेंस देने के बाद बंद हो गई। मुझे लगता है कि स्थानीय क्षेत्र बैंकों के पास स्थानीय लोगों की सेवा का मौका है और उन्हीं से उन्हें मजबूती भी मिलेगी।
देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने अपने पांच सहयोगी बैंकों के साथ विलय के लिए मंजूरी हासिल की है। इसने अपनी दो सहयोगी बैंकों को पहले ही अपने साथ मिला लिया है। एसबीआई ने अपने सहयोगी स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र का 2008 में विलय कर लिया था। इसके अलावा 2010 में स्टेट बैंक आफ इंदौर का भी विलय हो गया था। बैठक में कार्यकर्ताओं के एक तबके के बीच कुछ असहमति भी दिखाई पड़ी। उन्हें इसमें शामिल नहीं होने दिया गया।
उन्होंने कहा, हमें कम से कम दो-तीन वैश्विक आकार के बैंक बनाने होंगे। चीन ने ऐसा किया है और यदि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहता है और यह होगी भी, तो हमारे पास कम से कम दो वैश्विक आकार के बैंक होने चाहिए और बैंकों में थोड़े-बहुत समेकन, एकीकरण को टाला नहीं जा सकता।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा कि जब बड़े बैंकों के बीच विलय, एकीकरण होता है तब वहां स्थानीय क्षेत्र के बैंकों के लिए भी अवसर बनता है। उन्होंने कहा, दरअसल मुझे अफसोस है कि 1996 में शुरू हुई स्थानीय क्षेत्र बैंक की पहल पहले तीन लाइसेंस देने के बाद बंद हो गई। मुझे लगता है कि स्थानीय क्षेत्र बैंकों के पास स्थानीय लोगों की सेवा का मौका है और उन्हीं से उन्हें मजबूती भी मिलेगी।
देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने अपने पांच सहयोगी बैंकों के साथ विलय के लिए मंजूरी हासिल की है। इसने अपनी दो सहयोगी बैंकों को पहले ही अपने साथ मिला लिया है। एसबीआई ने अपने सहयोगी स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र का 2008 में विलय कर लिया था। इसके अलावा 2010 में स्टेट बैंक आफ इंदौर का भी विलय हो गया था। बैठक में कार्यकर्ताओं के एक तबके के बीच कुछ असहमति भी दिखाई पड़ी। उन्हें इसमें शामिल नहीं होने दिया गया।
चिदंबरम ने कहा कि जब बड़े बैंकों के बीच विलय, एकीकरण होता है तब वहां स्थानीय क्षेत्र के बैंकों के लिए भी अवसर बनता है। उन्होंने कहा, दरअसल मुझे अफसोस है कि 1996 में शुरू हुई स्थानीय क्षेत्र बैंक की पहल पहले तीन लाइसेंस देने के बाद बंद हो गई। मुझे लगता है कि स्थानीय क्षेत्र बैंकों के पास स्थानीय लोगों की सेवा का मौका है और उन्हीं से उन्हें मजबूती भी मिलेगी।
देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने अपने पांच सहयोगी बैंकों के साथ विलय के लिए मंजूरी हासिल की है। इसने अपनी दो सहयोगी बैंकों को पहले ही अपने साथ मिला लिया है। एसबीआई ने अपने सहयोगी स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र का 2008 में विलय कर लिया था। इसके अलावा 2010 में स्टेट बैंक आफ इंदौर का भी विलय हो गया था। बैठक में कार्यकर्ताओं के एक तबके के बीच कुछ असहमति भी दिखाई पड़ी। उन्हें इसमें शामिल नहीं होने दिया गया।
देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक ने अपने पांच सहयोगी बैंकों के साथ विलय के लिए मंजूरी हासिल की है। इसने अपनी दो सहयोगी बैंकों को पहले ही अपने साथ मिला लिया है। एसबीआई ने अपने सहयोगी स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र का 2008 में विलय कर लिया था। इसके अलावा 2010 में स्टेट बैंक आफ इंदौर का भी विलय हो गया था। बैठक में कार्यकर्ताओं के एक तबके के बीच कुछ असहमति भी दिखाई पड़ी। उन्हें इसमें शामिल नहीं होने दिया गया। | संक्षिप्त पाठ: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने देश में दो-तीन बड़े विश्वस्तरीय बैंकों की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इसके लिए बैंकिंग क्षेत्र में थोड़ा-बहुत विलय और एकीकरण जरूरी है। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया की खबर में दावा किया गया है कि देश का हालिया मिसाइल प्रक्षेपण नए तरह के रॉकेट का सफल परीक्षण था. केसीएनए न्यूज एजेंसी ने बताया कि कल का प्रक्षेपण ‘हाल ही में विकसित मध्यम-लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले रणनीतिक बैलेस्टिक रॉकेट ह्वासोंग-12 का था. ’एजेंसी की खबर के अनुसार, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने खुद इस नये तरह के रॉकेट मिसाइल प्रक्षेपण पर नजर रखी.
उल्लेखनीय है कि अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा एवं मिसाइल कार्यक्रम के पीछे अलग-थलग पड़ चुके उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र ने कई प्रतिबंध लगाए हैं.उत्तर कोरिया का कहना है कि उसे आत्मरक्षा के लिए परमाणु हथियारों की जरूरत है. लेकिन समझा जाता है कि वह अमेरिका तक परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम मिसाइल विकसित करना चाहता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऐसा नहीं होने देने’ का संकल्प जाहिर किया है.टिप्पणियां
पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. वाशिंगटन का कहना है कि सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर प्योंगयांग का रवैया भी धमकी भरा है जिससे संघर्ष की आशंका बढ़ गयी है.ट्रंप अपना रूख लचीला करते हुए बातचीत के दरवाजे खोलते प्रतीत हुए जब उन्होंने कहा कि वह किम से मिल कर ‘सम्मानित’ महसूस करेंगे. साथ ही उन्होंने किम को ‘स्मार्ट कुकी’ की उपमा भी दी.
पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया में मून जे इन नए राष्ट्रपति बने जिन्होंने प्योंगयांग के साथ सुलह सहमति की वकालत की और अपने शुरूआती संबोधन में कहा कि वह तनाव दूर करने के लिए ‘सही परिस्थितियों में’ उत्तर कोरिया जाना चाहते हैं. लेकिन उत्तर कोरिया के कल के राकेट परीक्षण ने एक बार फिर सबका रूख बदल दिया और सबने इस परीक्षण को उकसावे की कार्रवाई बताया है.
उल्लेखनीय है कि अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा एवं मिसाइल कार्यक्रम के पीछे अलग-थलग पड़ चुके उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र ने कई प्रतिबंध लगाए हैं.उत्तर कोरिया का कहना है कि उसे आत्मरक्षा के लिए परमाणु हथियारों की जरूरत है. लेकिन समझा जाता है कि वह अमेरिका तक परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम मिसाइल विकसित करना चाहता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऐसा नहीं होने देने’ का संकल्प जाहिर किया है.टिप्पणियां
पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. वाशिंगटन का कहना है कि सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर प्योंगयांग का रवैया भी धमकी भरा है जिससे संघर्ष की आशंका बढ़ गयी है.ट्रंप अपना रूख लचीला करते हुए बातचीत के दरवाजे खोलते प्रतीत हुए जब उन्होंने कहा कि वह किम से मिल कर ‘सम्मानित’ महसूस करेंगे. साथ ही उन्होंने किम को ‘स्मार्ट कुकी’ की उपमा भी दी.
पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया में मून जे इन नए राष्ट्रपति बने जिन्होंने प्योंगयांग के साथ सुलह सहमति की वकालत की और अपने शुरूआती संबोधन में कहा कि वह तनाव दूर करने के लिए ‘सही परिस्थितियों में’ उत्तर कोरिया जाना चाहते हैं. लेकिन उत्तर कोरिया के कल के राकेट परीक्षण ने एक बार फिर सबका रूख बदल दिया और सबने इस परीक्षण को उकसावे की कार्रवाई बताया है.
पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. वाशिंगटन का कहना है कि सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर प्योंगयांग का रवैया भी धमकी भरा है जिससे संघर्ष की आशंका बढ़ गयी है.ट्रंप अपना रूख लचीला करते हुए बातचीत के दरवाजे खोलते प्रतीत हुए जब उन्होंने कहा कि वह किम से मिल कर ‘सम्मानित’ महसूस करेंगे. साथ ही उन्होंने किम को ‘स्मार्ट कुकी’ की उपमा भी दी.
पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया में मून जे इन नए राष्ट्रपति बने जिन्होंने प्योंगयांग के साथ सुलह सहमति की वकालत की और अपने शुरूआती संबोधन में कहा कि वह तनाव दूर करने के लिए ‘सही परिस्थितियों में’ उत्तर कोरिया जाना चाहते हैं. लेकिन उत्तर कोरिया के कल के राकेट परीक्षण ने एक बार फिर सबका रूख बदल दिया और सबने इस परीक्षण को उकसावे की कार्रवाई बताया है.
पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया में मून जे इन नए राष्ट्रपति बने जिन्होंने प्योंगयांग के साथ सुलह सहमति की वकालत की और अपने शुरूआती संबोधन में कहा कि वह तनाव दूर करने के लिए ‘सही परिस्थितियों में’ उत्तर कोरिया जाना चाहते हैं. लेकिन उत्तर कोरिया के कल के राकेट परीक्षण ने एक बार फिर सबका रूख बदल दिया और सबने इस परीक्षण को उकसावे की कार्रवाई बताया है. | संक्षिप्त पाठ: किम जोंग-उन ने खुद इस नये तरह के रॉकेट मिसाइल प्रक्षेपण पर नजर रखी
डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऐसा नहीं होने देने’ का संकल्प जाहिर किया है
पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पहली पारी में 191 रन पर सिमटने के बाद फॉलोऑन को मजबूर इंग्लैंड ने दूसरी पारी में कप्तान एलिस्टेयर कुक के नाबाद अर्धशतक की बदौलत बिना विकेट खोए 111 रन बनाकर भारत को पहले क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन ठोस जवाब दिया।
दिन का खेल खत्म होने पर कुक 74, जबकि उनके सलामी जोड़ीदार निक काम्पटन 34 रन बनाकर खेल रहे थे। भारत का पलड़ा हालांकि अब भी पारी है, क्योंकि पहली पारी में 330 रन से पिछड़ने वाला इंग्लैंड अब भी मेजबान टीम से 219 रन पीछे है, जबकि उसके सभी 10 विकेट बाकी हैं।
इससे पहले बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने अपने करियर में चौथी बार पांच विकेट चटकाए, जिससे भारत ने इंग्लैंड को पहली पारी में 191 रन पर ढेर करके फॉलोऑन के लिए मजबूर किया। मेजबान टीम ने अपनी पहली पारी आठ विकेट पर 521 रन बनाने के बाद घोषित की थी। ओझा ने 22.2 ओवर 45 रन देकर पांच विकेट हासिल किए।
ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने उनका अच्छा साथ निभाते हुए 80 रन देकर तीन विकेट चटकाए। उमेश यादव और जहीर खान को एक-एक विकेट मिला। दूसरी पारी में हालांकि कुक और काम्पटन ने भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। दोनों ने सतर्क शुरुआत की, लेकिन बाद में कुछ आकर्षक शॉट लगाए।
ओझा ने दूसरे ओवर में ही काम्पटन के खिलाफ पगबाधा की विश्वसनीय अपील की, लेकिन अंपायर अलीम दार से इसे ठुकरा दिया। काम्पटन ने अश्विन की गेंद को रिवर्स स्वीप करने आठवें ओवर में पारी का पहला चौका जड़ा। कुक ने भी ओझा पर चौका जड़ने के बाद अश्विन के ओवर में दो बार गेंद को बाउंड्री के दर्शन कराए। कुक ने अश्विन पर चौके के साथ 19वें ओवर में मैच में इंग्लैंड की ओर से पहली अर्धशतकीय साझेदारी की पूरी की।
इससे पूर्व शनिवार सुबह पहली पारी में मैट प्रायर (48) और कप्तान कुक (41) के अलावा इंग्लैंड का कोई बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों की फिरकी का सामना नहीं कर पाया। इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 41 रन से आगे खेलना शुरू किया और लंच तक उसका स्कोर सात विकेट पर 110 रन हो गया। शुक्रवार को एक विकेट लेने वाले ओझा ने नर्वस लग रहे केविन पीटरसन (17) और इयान बेल (शून्य) को आउट किया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 69 रन हो गया।
कप्तान एलिस्टेयर कुक (41) ने एक छोर पर पांव जमाने की रणनीति अपनाई थी, लेकिन अश्विन की ऑफ ब्रेक पर उनका धैर्य जवाब दे गया। उमेश यादव को 48वें ओवर तक गेंद नहीं सौंपी गई थी। उन्होंने अपने पहले ओवर में ही समित पटेल (10) को एलबीडब्ल्यू आउट किया। गेंद लेग की तरफ जा रही थी, लेकिन इसी बल्लेबाज के खिलाफ आर अश्विन की विश्वसनीय अपील ठुकराने वाले अंपायर अलीम दार ने इस बार अंगुली उठा दी। पटेल इससे नाखुश थे और निराश होकर पैवेलियन लौटे।टिप्पणियां
प्रायर और ब्रेसनेन की जोड़ी तोड़ने के लिए धोनी ने ओझा को गेंद थमाई और बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया। ओझा ने नए स्पैल की अपनी चौथी गेंद पर ही ब्रेसनेन को दूसरी स्लिप में विराट कोहली के हाथों कैच करा दिया। प्रायर को इसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड (25) के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला।
दोनों ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर इंग्लैंड को 200 रन के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों के लगातार ओवरों में पैवेलियन लौटने से इंग्लैंड की पारी का अंत हुआ और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। ब्रॉड को जहीर ने पगबाधा आउट किया, जबकि ओझा ने प्रायर का ऑफ स्टंप उखाड़कर पारी का अपना पांचवां विकेट हासिल किया। प्रायर ने अपनी पारी में 100 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े।
दिन का खेल खत्म होने पर कुक 74, जबकि उनके सलामी जोड़ीदार निक काम्पटन 34 रन बनाकर खेल रहे थे। भारत का पलड़ा हालांकि अब भी पारी है, क्योंकि पहली पारी में 330 रन से पिछड़ने वाला इंग्लैंड अब भी मेजबान टीम से 219 रन पीछे है, जबकि उसके सभी 10 विकेट बाकी हैं।
इससे पहले बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने अपने करियर में चौथी बार पांच विकेट चटकाए, जिससे भारत ने इंग्लैंड को पहली पारी में 191 रन पर ढेर करके फॉलोऑन के लिए मजबूर किया। मेजबान टीम ने अपनी पहली पारी आठ विकेट पर 521 रन बनाने के बाद घोषित की थी। ओझा ने 22.2 ओवर 45 रन देकर पांच विकेट हासिल किए।
ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने उनका अच्छा साथ निभाते हुए 80 रन देकर तीन विकेट चटकाए। उमेश यादव और जहीर खान को एक-एक विकेट मिला। दूसरी पारी में हालांकि कुक और काम्पटन ने भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। दोनों ने सतर्क शुरुआत की, लेकिन बाद में कुछ आकर्षक शॉट लगाए।
ओझा ने दूसरे ओवर में ही काम्पटन के खिलाफ पगबाधा की विश्वसनीय अपील की, लेकिन अंपायर अलीम दार से इसे ठुकरा दिया। काम्पटन ने अश्विन की गेंद को रिवर्स स्वीप करने आठवें ओवर में पारी का पहला चौका जड़ा। कुक ने भी ओझा पर चौका जड़ने के बाद अश्विन के ओवर में दो बार गेंद को बाउंड्री के दर्शन कराए। कुक ने अश्विन पर चौके के साथ 19वें ओवर में मैच में इंग्लैंड की ओर से पहली अर्धशतकीय साझेदारी की पूरी की।
इससे पूर्व शनिवार सुबह पहली पारी में मैट प्रायर (48) और कप्तान कुक (41) के अलावा इंग्लैंड का कोई बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों की फिरकी का सामना नहीं कर पाया। इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 41 रन से आगे खेलना शुरू किया और लंच तक उसका स्कोर सात विकेट पर 110 रन हो गया। शुक्रवार को एक विकेट लेने वाले ओझा ने नर्वस लग रहे केविन पीटरसन (17) और इयान बेल (शून्य) को आउट किया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 69 रन हो गया।
कप्तान एलिस्टेयर कुक (41) ने एक छोर पर पांव जमाने की रणनीति अपनाई थी, लेकिन अश्विन की ऑफ ब्रेक पर उनका धैर्य जवाब दे गया। उमेश यादव को 48वें ओवर तक गेंद नहीं सौंपी गई थी। उन्होंने अपने पहले ओवर में ही समित पटेल (10) को एलबीडब्ल्यू आउट किया। गेंद लेग की तरफ जा रही थी, लेकिन इसी बल्लेबाज के खिलाफ आर अश्विन की विश्वसनीय अपील ठुकराने वाले अंपायर अलीम दार ने इस बार अंगुली उठा दी। पटेल इससे नाखुश थे और निराश होकर पैवेलियन लौटे।टिप्पणियां
प्रायर और ब्रेसनेन की जोड़ी तोड़ने के लिए धोनी ने ओझा को गेंद थमाई और बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया। ओझा ने नए स्पैल की अपनी चौथी गेंद पर ही ब्रेसनेन को दूसरी स्लिप में विराट कोहली के हाथों कैच करा दिया। प्रायर को इसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड (25) के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला।
दोनों ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर इंग्लैंड को 200 रन के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों के लगातार ओवरों में पैवेलियन लौटने से इंग्लैंड की पारी का अंत हुआ और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। ब्रॉड को जहीर ने पगबाधा आउट किया, जबकि ओझा ने प्रायर का ऑफ स्टंप उखाड़कर पारी का अपना पांचवां विकेट हासिल किया। प्रायर ने अपनी पारी में 100 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े।
इससे पहले बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने अपने करियर में चौथी बार पांच विकेट चटकाए, जिससे भारत ने इंग्लैंड को पहली पारी में 191 रन पर ढेर करके फॉलोऑन के लिए मजबूर किया। मेजबान टीम ने अपनी पहली पारी आठ विकेट पर 521 रन बनाने के बाद घोषित की थी। ओझा ने 22.2 ओवर 45 रन देकर पांच विकेट हासिल किए।
ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने उनका अच्छा साथ निभाते हुए 80 रन देकर तीन विकेट चटकाए। उमेश यादव और जहीर खान को एक-एक विकेट मिला। दूसरी पारी में हालांकि कुक और काम्पटन ने भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। दोनों ने सतर्क शुरुआत की, लेकिन बाद में कुछ आकर्षक शॉट लगाए।
ओझा ने दूसरे ओवर में ही काम्पटन के खिलाफ पगबाधा की विश्वसनीय अपील की, लेकिन अंपायर अलीम दार से इसे ठुकरा दिया। काम्पटन ने अश्विन की गेंद को रिवर्स स्वीप करने आठवें ओवर में पारी का पहला चौका जड़ा। कुक ने भी ओझा पर चौका जड़ने के बाद अश्विन के ओवर में दो बार गेंद को बाउंड्री के दर्शन कराए। कुक ने अश्विन पर चौके के साथ 19वें ओवर में मैच में इंग्लैंड की ओर से पहली अर्धशतकीय साझेदारी की पूरी की।
इससे पूर्व शनिवार सुबह पहली पारी में मैट प्रायर (48) और कप्तान कुक (41) के अलावा इंग्लैंड का कोई बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों की फिरकी का सामना नहीं कर पाया। इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 41 रन से आगे खेलना शुरू किया और लंच तक उसका स्कोर सात विकेट पर 110 रन हो गया। शुक्रवार को एक विकेट लेने वाले ओझा ने नर्वस लग रहे केविन पीटरसन (17) और इयान बेल (शून्य) को आउट किया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 69 रन हो गया।
कप्तान एलिस्टेयर कुक (41) ने एक छोर पर पांव जमाने की रणनीति अपनाई थी, लेकिन अश्विन की ऑफ ब्रेक पर उनका धैर्य जवाब दे गया। उमेश यादव को 48वें ओवर तक गेंद नहीं सौंपी गई थी। उन्होंने अपने पहले ओवर में ही समित पटेल (10) को एलबीडब्ल्यू आउट किया। गेंद लेग की तरफ जा रही थी, लेकिन इसी बल्लेबाज के खिलाफ आर अश्विन की विश्वसनीय अपील ठुकराने वाले अंपायर अलीम दार ने इस बार अंगुली उठा दी। पटेल इससे नाखुश थे और निराश होकर पैवेलियन लौटे।टिप्पणियां
प्रायर और ब्रेसनेन की जोड़ी तोड़ने के लिए धोनी ने ओझा को गेंद थमाई और बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया। ओझा ने नए स्पैल की अपनी चौथी गेंद पर ही ब्रेसनेन को दूसरी स्लिप में विराट कोहली के हाथों कैच करा दिया। प्रायर को इसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड (25) के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला।
दोनों ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर इंग्लैंड को 200 रन के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों के लगातार ओवरों में पैवेलियन लौटने से इंग्लैंड की पारी का अंत हुआ और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। ब्रॉड को जहीर ने पगबाधा आउट किया, जबकि ओझा ने प्रायर का ऑफ स्टंप उखाड़कर पारी का अपना पांचवां विकेट हासिल किया। प्रायर ने अपनी पारी में 100 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े।
ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने उनका अच्छा साथ निभाते हुए 80 रन देकर तीन विकेट चटकाए। उमेश यादव और जहीर खान को एक-एक विकेट मिला। दूसरी पारी में हालांकि कुक और काम्पटन ने भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। दोनों ने सतर्क शुरुआत की, लेकिन बाद में कुछ आकर्षक शॉट लगाए।
ओझा ने दूसरे ओवर में ही काम्पटन के खिलाफ पगबाधा की विश्वसनीय अपील की, लेकिन अंपायर अलीम दार से इसे ठुकरा दिया। काम्पटन ने अश्विन की गेंद को रिवर्स स्वीप करने आठवें ओवर में पारी का पहला चौका जड़ा। कुक ने भी ओझा पर चौका जड़ने के बाद अश्विन के ओवर में दो बार गेंद को बाउंड्री के दर्शन कराए। कुक ने अश्विन पर चौके के साथ 19वें ओवर में मैच में इंग्लैंड की ओर से पहली अर्धशतकीय साझेदारी की पूरी की।
इससे पूर्व शनिवार सुबह पहली पारी में मैट प्रायर (48) और कप्तान कुक (41) के अलावा इंग्लैंड का कोई बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों की फिरकी का सामना नहीं कर पाया। इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 41 रन से आगे खेलना शुरू किया और लंच तक उसका स्कोर सात विकेट पर 110 रन हो गया। शुक्रवार को एक विकेट लेने वाले ओझा ने नर्वस लग रहे केविन पीटरसन (17) और इयान बेल (शून्य) को आउट किया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 69 रन हो गया।
कप्तान एलिस्टेयर कुक (41) ने एक छोर पर पांव जमाने की रणनीति अपनाई थी, लेकिन अश्विन की ऑफ ब्रेक पर उनका धैर्य जवाब दे गया। उमेश यादव को 48वें ओवर तक गेंद नहीं सौंपी गई थी। उन्होंने अपने पहले ओवर में ही समित पटेल (10) को एलबीडब्ल्यू आउट किया। गेंद लेग की तरफ जा रही थी, लेकिन इसी बल्लेबाज के खिलाफ आर अश्विन की विश्वसनीय अपील ठुकराने वाले अंपायर अलीम दार ने इस बार अंगुली उठा दी। पटेल इससे नाखुश थे और निराश होकर पैवेलियन लौटे।टिप्पणियां
प्रायर और ब्रेसनेन की जोड़ी तोड़ने के लिए धोनी ने ओझा को गेंद थमाई और बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया। ओझा ने नए स्पैल की अपनी चौथी गेंद पर ही ब्रेसनेन को दूसरी स्लिप में विराट कोहली के हाथों कैच करा दिया। प्रायर को इसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड (25) के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला।
दोनों ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर इंग्लैंड को 200 रन के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों के लगातार ओवरों में पैवेलियन लौटने से इंग्लैंड की पारी का अंत हुआ और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। ब्रॉड को जहीर ने पगबाधा आउट किया, जबकि ओझा ने प्रायर का ऑफ स्टंप उखाड़कर पारी का अपना पांचवां विकेट हासिल किया। प्रायर ने अपनी पारी में 100 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े।
ओझा ने दूसरे ओवर में ही काम्पटन के खिलाफ पगबाधा की विश्वसनीय अपील की, लेकिन अंपायर अलीम दार से इसे ठुकरा दिया। काम्पटन ने अश्विन की गेंद को रिवर्स स्वीप करने आठवें ओवर में पारी का पहला चौका जड़ा। कुक ने भी ओझा पर चौका जड़ने के बाद अश्विन के ओवर में दो बार गेंद को बाउंड्री के दर्शन कराए। कुक ने अश्विन पर चौके के साथ 19वें ओवर में मैच में इंग्लैंड की ओर से पहली अर्धशतकीय साझेदारी की पूरी की।
इससे पूर्व शनिवार सुबह पहली पारी में मैट प्रायर (48) और कप्तान कुक (41) के अलावा इंग्लैंड का कोई बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों की फिरकी का सामना नहीं कर पाया। इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 41 रन से आगे खेलना शुरू किया और लंच तक उसका स्कोर सात विकेट पर 110 रन हो गया। शुक्रवार को एक विकेट लेने वाले ओझा ने नर्वस लग रहे केविन पीटरसन (17) और इयान बेल (शून्य) को आउट किया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 69 रन हो गया।
कप्तान एलिस्टेयर कुक (41) ने एक छोर पर पांव जमाने की रणनीति अपनाई थी, लेकिन अश्विन की ऑफ ब्रेक पर उनका धैर्य जवाब दे गया। उमेश यादव को 48वें ओवर तक गेंद नहीं सौंपी गई थी। उन्होंने अपने पहले ओवर में ही समित पटेल (10) को एलबीडब्ल्यू आउट किया। गेंद लेग की तरफ जा रही थी, लेकिन इसी बल्लेबाज के खिलाफ आर अश्विन की विश्वसनीय अपील ठुकराने वाले अंपायर अलीम दार ने इस बार अंगुली उठा दी। पटेल इससे नाखुश थे और निराश होकर पैवेलियन लौटे।टिप्पणियां
प्रायर और ब्रेसनेन की जोड़ी तोड़ने के लिए धोनी ने ओझा को गेंद थमाई और बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया। ओझा ने नए स्पैल की अपनी चौथी गेंद पर ही ब्रेसनेन को दूसरी स्लिप में विराट कोहली के हाथों कैच करा दिया। प्रायर को इसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड (25) के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला।
दोनों ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर इंग्लैंड को 200 रन के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों के लगातार ओवरों में पैवेलियन लौटने से इंग्लैंड की पारी का अंत हुआ और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। ब्रॉड को जहीर ने पगबाधा आउट किया, जबकि ओझा ने प्रायर का ऑफ स्टंप उखाड़कर पारी का अपना पांचवां विकेट हासिल किया। प्रायर ने अपनी पारी में 100 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े।
इससे पूर्व शनिवार सुबह पहली पारी में मैट प्रायर (48) और कप्तान कुक (41) के अलावा इंग्लैंड का कोई बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों की फिरकी का सामना नहीं कर पाया। इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 41 रन से आगे खेलना शुरू किया और लंच तक उसका स्कोर सात विकेट पर 110 रन हो गया। शुक्रवार को एक विकेट लेने वाले ओझा ने नर्वस लग रहे केविन पीटरसन (17) और इयान बेल (शून्य) को आउट किया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 69 रन हो गया।
कप्तान एलिस्टेयर कुक (41) ने एक छोर पर पांव जमाने की रणनीति अपनाई थी, लेकिन अश्विन की ऑफ ब्रेक पर उनका धैर्य जवाब दे गया। उमेश यादव को 48वें ओवर तक गेंद नहीं सौंपी गई थी। उन्होंने अपने पहले ओवर में ही समित पटेल (10) को एलबीडब्ल्यू आउट किया। गेंद लेग की तरफ जा रही थी, लेकिन इसी बल्लेबाज के खिलाफ आर अश्विन की विश्वसनीय अपील ठुकराने वाले अंपायर अलीम दार ने इस बार अंगुली उठा दी। पटेल इससे नाखुश थे और निराश होकर पैवेलियन लौटे।टिप्पणियां
प्रायर और ब्रेसनेन की जोड़ी तोड़ने के लिए धोनी ने ओझा को गेंद थमाई और बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया। ओझा ने नए स्पैल की अपनी चौथी गेंद पर ही ब्रेसनेन को दूसरी स्लिप में विराट कोहली के हाथों कैच करा दिया। प्रायर को इसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड (25) के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला।
दोनों ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर इंग्लैंड को 200 रन के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों के लगातार ओवरों में पैवेलियन लौटने से इंग्लैंड की पारी का अंत हुआ और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। ब्रॉड को जहीर ने पगबाधा आउट किया, जबकि ओझा ने प्रायर का ऑफ स्टंप उखाड़कर पारी का अपना पांचवां विकेट हासिल किया। प्रायर ने अपनी पारी में 100 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े।
कप्तान एलिस्टेयर कुक (41) ने एक छोर पर पांव जमाने की रणनीति अपनाई थी, लेकिन अश्विन की ऑफ ब्रेक पर उनका धैर्य जवाब दे गया। उमेश यादव को 48वें ओवर तक गेंद नहीं सौंपी गई थी। उन्होंने अपने पहले ओवर में ही समित पटेल (10) को एलबीडब्ल्यू आउट किया। गेंद लेग की तरफ जा रही थी, लेकिन इसी बल्लेबाज के खिलाफ आर अश्विन की विश्वसनीय अपील ठुकराने वाले अंपायर अलीम दार ने इस बार अंगुली उठा दी। पटेल इससे नाखुश थे और निराश होकर पैवेलियन लौटे।टिप्पणियां
प्रायर और ब्रेसनेन की जोड़ी तोड़ने के लिए धोनी ने ओझा को गेंद थमाई और बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया। ओझा ने नए स्पैल की अपनी चौथी गेंद पर ही ब्रेसनेन को दूसरी स्लिप में विराट कोहली के हाथों कैच करा दिया। प्रायर को इसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड (25) के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला।
दोनों ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर इंग्लैंड को 200 रन के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों के लगातार ओवरों में पैवेलियन लौटने से इंग्लैंड की पारी का अंत हुआ और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। ब्रॉड को जहीर ने पगबाधा आउट किया, जबकि ओझा ने प्रायर का ऑफ स्टंप उखाड़कर पारी का अपना पांचवां विकेट हासिल किया। प्रायर ने अपनी पारी में 100 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े।
प्रायर और ब्रेसनेन की जोड़ी तोड़ने के लिए धोनी ने ओझा को गेंद थमाई और बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया। ओझा ने नए स्पैल की अपनी चौथी गेंद पर ही ब्रेसनेन को दूसरी स्लिप में विराट कोहली के हाथों कैच करा दिया। प्रायर को इसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड (25) के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला।
दोनों ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर इंग्लैंड को 200 रन के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों के लगातार ओवरों में पैवेलियन लौटने से इंग्लैंड की पारी का अंत हुआ और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। ब्रॉड को जहीर ने पगबाधा आउट किया, जबकि ओझा ने प्रायर का ऑफ स्टंप उखाड़कर पारी का अपना पांचवां विकेट हासिल किया। प्रायर ने अपनी पारी में 100 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े।
दोनों ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर इंग्लैंड को 200 रन के करीब पहुंचाया, लेकिन इन दोनों के लगातार ओवरों में पैवेलियन लौटने से इंग्लैंड की पारी का अंत हुआ और उसे फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। ब्रॉड को जहीर ने पगबाधा आउट किया, जबकि ओझा ने प्रायर का ऑफ स्टंप उखाड़कर पारी का अपना पांचवां विकेट हासिल किया। प्रायर ने अपनी पारी में 100 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े। | संक्षिप्त सारांश: पहली पारी में 191 रन पर सिमटने के बाद फॉलोऑन को मजबूर इंग्लैंड ने दूसरी पारी में कप्तान कुक के अर्धशतक की बदौलत बिना विकेट खोए 111 रन बनाकर भारत को पहले टेस्ट के तीसरे दिन ठोस जवाब दिया। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: डॉक्टरों ने पाकिस्तान के एक अस्पताल में छह पैरों के साथ जन्मे बच्चे के शरीर से अनावश्यक अंगों को ऑपरेशन से अलग करके उसकी जान बचाई।
कराची के ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ द चाइल्ड हेल्थ’ के निदेशक जमाल रजा ने बताया, ‘‘पांच अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने आज बच्चे के शरीर से अनावश्यक अंगों और पैरों को अलग किया। अब वह बिल्कुल सुरक्षित है।’’ जिओ न्यूज की खबर के मुताबिक, ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ द चाइल्ड हेल्थ’ में यह ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला और अनावश्यक पैरों को सफलपूवर्क शरीर से अलग कर लिया गया। बच्चे की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
कराची के ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ द चाइल्ड हेल्थ’ के निदेशक जमाल रजा ने बताया, ‘‘पांच अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने आज बच्चे के शरीर से अनावश्यक अंगों और पैरों को अलग किया। अब वह बिल्कुल सुरक्षित है।’’ जिओ न्यूज की खबर के मुताबिक, ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ द चाइल्ड हेल्थ’ में यह ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला और अनावश्यक पैरों को सफलपूवर्क शरीर से अलग कर लिया गया। बच्चे की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। | डॉक्टरों ने पाकिस्तान के एक अस्पताल में छह पैरों के साथ जन्मे बच्चे के शरीर से अनावश्यक अंगों को ऑपरेशन से अलग करके उसकी जान बचाई। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग को नेतृत्व का ‘प्रमुख’ नियुक्त करते हुए उन्हें उसी तरह का दर्जा प्रदान किया है जो पार्टी के संस्थापक ‘चेयरमैन’ माओत्से तुंग का था. साथ ही उन्हें पार्टी , सेना और सरकार पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की भी इजाजत दे दी. पार्टी की एक प्रमुख बैठक में साथ ही यह फैसला भी किया गया कि सामूहिक नेतृत्व वाली व्यवस्था के साथ आगे बढ़ा जाएगा.
यह व्यवस्था 1981 में शुरू की गई थी ताकि कोई एक व्यक्ति पार्टी नेतृत्व पर वर्चस्व स्थापित नहीं कर सके. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार 370 मुख्य नेताओं की चार दिन तक चली बंद कमरे में बैठक के बाद सीपीसी के शीर्ष नेताओं की ओर से बयान में इस बात का आह्वान किया गया कि सभी सदस्य सीपीसी केंद्रीय समिति के ईद-गिर्द एकजुट हो जाएं जहां कॉमरेड शी चिनफिंग प्रमुख होंगे.’
राष्ट्रपति होने के साथ 63 साल के शी सीपीसी के महासचिव और सेना के प्रमुख हैं. जानकारों का कहना है कि शी को ‘प्रमुख’ नेता बनाने का कदम उनको पार्टी के भीतर अगले साल के आखिर में होने वाले फेरबदल को लेकर उन्हें काफी प्रभावी बनाता है. एक कयास यह भी लगाया जा रहा था कि पार्टी तीन दशक से भी अधिक समय से चले आ रहे सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था में बदलाव कर सकती है. हालांकि पार्टी के पूर्ण अधिवेशन में सीपीसी के भीतर सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था का अनुपालन जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया गया. इससे पहले इस तरह की अटकलें थी कि इस व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है.
शी फिलहाल सात सदस्यीय स्थायी समिति का नेतृत्व कर रहे हैं. यह सात सदस्यीय समिति शासन के कई पहलुओं पर विचार कर रही है इसमें प्रधानमंत्री ली क्विंग भी शामिल हैं. शी चिनफिंग नवंबर, 2012 में पार्टी का नेता और 2013 में राष्ट्रपति एवं सेना का प्रमुख बनने के बाद से एक ऐसे शक्तिशाली नेता के तौर पर उभरे हैं जो शायद माओ के बाद दूसरा सबसे ताकतवर नेता के रूप में देखे जा रहे हैं. ऐसे में स्थायी समिति का महत्व कम हो गया है.
पार्टी नेताओं के बयान में कहा गया है कि सीपीसी के लोकतांत्रिक केंद्रीकरण के बुनियादी संगठनात्मक सिद्धांत का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के तौर पर सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था का हमेशा अनुसरण करना चाहिए और किसी संगठन अथवा व्यक्ति द्वारा किसी भी हालात में या किसी भी वजह से इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए.
बयान के अनुसार विभिन्न स्तर पर मौजूद पार्टी की समितियों को इस व्यवस्था का पालन करना चाहिए. इसमें प्रमुख पदाधिकारियों का आह्वान किया गया है कि वे संपूर्ण हालात और संबंधित जिम्मेदारियों को लेकर अपनी समझ बढ़ाएं और पार्टी संगठनों की ओर से किए गए फैसलों को लागू कराएं. सीपीसी के पूर्ण अधिवेशन में पार्टी के अनुशासन को लेकर दो दस्तावेजों को भी स्वीकृति प्रदान की है जिसमें नयी स्थिति के तहत पार्टी के भीतर राजनीतिक जीवन के नियमों की बात भी शामिल है.
अधिवेशन में यह भी कहा गया है कि सीपीसी चुनाव में गलत आचार के मुद्दे का निवारण करेगी, आधिकारिक पदों को खरीदने अथवा बेचने या मतदान में धांधली पर अंकुश लगाएगी. पार्टी ने कहा कि आधिकारिक पद, सम्मान अथवा विशेष आवभगत के लिए आग्रह को किसी भी सूरत में इजाजत नहीं दी जाएगी. साल 2012 में हुए 18वें कांग्रेस में शी और प्रधानमंत्री ली क्विंग का चुनाव किया गया था. दोनों का कार्यकाल 10 साल का है.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह व्यवस्था 1981 में शुरू की गई थी ताकि कोई एक व्यक्ति पार्टी नेतृत्व पर वर्चस्व स्थापित नहीं कर सके. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार 370 मुख्य नेताओं की चार दिन तक चली बंद कमरे में बैठक के बाद सीपीसी के शीर्ष नेताओं की ओर से बयान में इस बात का आह्वान किया गया कि सभी सदस्य सीपीसी केंद्रीय समिति के ईद-गिर्द एकजुट हो जाएं जहां कॉमरेड शी चिनफिंग प्रमुख होंगे.’
राष्ट्रपति होने के साथ 63 साल के शी सीपीसी के महासचिव और सेना के प्रमुख हैं. जानकारों का कहना है कि शी को ‘प्रमुख’ नेता बनाने का कदम उनको पार्टी के भीतर अगले साल के आखिर में होने वाले फेरबदल को लेकर उन्हें काफी प्रभावी बनाता है. एक कयास यह भी लगाया जा रहा था कि पार्टी तीन दशक से भी अधिक समय से चले आ रहे सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था में बदलाव कर सकती है. हालांकि पार्टी के पूर्ण अधिवेशन में सीपीसी के भीतर सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था का अनुपालन जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया गया. इससे पहले इस तरह की अटकलें थी कि इस व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है.
शी फिलहाल सात सदस्यीय स्थायी समिति का नेतृत्व कर रहे हैं. यह सात सदस्यीय समिति शासन के कई पहलुओं पर विचार कर रही है इसमें प्रधानमंत्री ली क्विंग भी शामिल हैं. शी चिनफिंग नवंबर, 2012 में पार्टी का नेता और 2013 में राष्ट्रपति एवं सेना का प्रमुख बनने के बाद से एक ऐसे शक्तिशाली नेता के तौर पर उभरे हैं जो शायद माओ के बाद दूसरा सबसे ताकतवर नेता के रूप में देखे जा रहे हैं. ऐसे में स्थायी समिति का महत्व कम हो गया है.
पार्टी नेताओं के बयान में कहा गया है कि सीपीसी के लोकतांत्रिक केंद्रीकरण के बुनियादी संगठनात्मक सिद्धांत का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के तौर पर सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था का हमेशा अनुसरण करना चाहिए और किसी संगठन अथवा व्यक्ति द्वारा किसी भी हालात में या किसी भी वजह से इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए.
बयान के अनुसार विभिन्न स्तर पर मौजूद पार्टी की समितियों को इस व्यवस्था का पालन करना चाहिए. इसमें प्रमुख पदाधिकारियों का आह्वान किया गया है कि वे संपूर्ण हालात और संबंधित जिम्मेदारियों को लेकर अपनी समझ बढ़ाएं और पार्टी संगठनों की ओर से किए गए फैसलों को लागू कराएं. सीपीसी के पूर्ण अधिवेशन में पार्टी के अनुशासन को लेकर दो दस्तावेजों को भी स्वीकृति प्रदान की है जिसमें नयी स्थिति के तहत पार्टी के भीतर राजनीतिक जीवन के नियमों की बात भी शामिल है.
अधिवेशन में यह भी कहा गया है कि सीपीसी चुनाव में गलत आचार के मुद्दे का निवारण करेगी, आधिकारिक पदों को खरीदने अथवा बेचने या मतदान में धांधली पर अंकुश लगाएगी. पार्टी ने कहा कि आधिकारिक पद, सम्मान अथवा विशेष आवभगत के लिए आग्रह को किसी भी सूरत में इजाजत नहीं दी जाएगी. साल 2012 में हुए 18वें कांग्रेस में शी और प्रधानमंत्री ली क्विंग का चुनाव किया गया था. दोनों का कार्यकाल 10 साल का है.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राष्ट्रपति होने के साथ 63 साल के शी सीपीसी के महासचिव और सेना के प्रमुख हैं. जानकारों का कहना है कि शी को ‘प्रमुख’ नेता बनाने का कदम उनको पार्टी के भीतर अगले साल के आखिर में होने वाले फेरबदल को लेकर उन्हें काफी प्रभावी बनाता है. एक कयास यह भी लगाया जा रहा था कि पार्टी तीन दशक से भी अधिक समय से चले आ रहे सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था में बदलाव कर सकती है. हालांकि पार्टी के पूर्ण अधिवेशन में सीपीसी के भीतर सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था का अनुपालन जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया गया. इससे पहले इस तरह की अटकलें थी कि इस व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है.
शी फिलहाल सात सदस्यीय स्थायी समिति का नेतृत्व कर रहे हैं. यह सात सदस्यीय समिति शासन के कई पहलुओं पर विचार कर रही है इसमें प्रधानमंत्री ली क्विंग भी शामिल हैं. शी चिनफिंग नवंबर, 2012 में पार्टी का नेता और 2013 में राष्ट्रपति एवं सेना का प्रमुख बनने के बाद से एक ऐसे शक्तिशाली नेता के तौर पर उभरे हैं जो शायद माओ के बाद दूसरा सबसे ताकतवर नेता के रूप में देखे जा रहे हैं. ऐसे में स्थायी समिति का महत्व कम हो गया है.
पार्टी नेताओं के बयान में कहा गया है कि सीपीसी के लोकतांत्रिक केंद्रीकरण के बुनियादी संगठनात्मक सिद्धांत का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के तौर पर सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था का हमेशा अनुसरण करना चाहिए और किसी संगठन अथवा व्यक्ति द्वारा किसी भी हालात में या किसी भी वजह से इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए.
बयान के अनुसार विभिन्न स्तर पर मौजूद पार्टी की समितियों को इस व्यवस्था का पालन करना चाहिए. इसमें प्रमुख पदाधिकारियों का आह्वान किया गया है कि वे संपूर्ण हालात और संबंधित जिम्मेदारियों को लेकर अपनी समझ बढ़ाएं और पार्टी संगठनों की ओर से किए गए फैसलों को लागू कराएं. सीपीसी के पूर्ण अधिवेशन में पार्टी के अनुशासन को लेकर दो दस्तावेजों को भी स्वीकृति प्रदान की है जिसमें नयी स्थिति के तहत पार्टी के भीतर राजनीतिक जीवन के नियमों की बात भी शामिल है.
अधिवेशन में यह भी कहा गया है कि सीपीसी चुनाव में गलत आचार के मुद्दे का निवारण करेगी, आधिकारिक पदों को खरीदने अथवा बेचने या मतदान में धांधली पर अंकुश लगाएगी. पार्टी ने कहा कि आधिकारिक पद, सम्मान अथवा विशेष आवभगत के लिए आग्रह को किसी भी सूरत में इजाजत नहीं दी जाएगी. साल 2012 में हुए 18वें कांग्रेस में शी और प्रधानमंत्री ली क्विंग का चुनाव किया गया था. दोनों का कार्यकाल 10 साल का है.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शी फिलहाल सात सदस्यीय स्थायी समिति का नेतृत्व कर रहे हैं. यह सात सदस्यीय समिति शासन के कई पहलुओं पर विचार कर रही है इसमें प्रधानमंत्री ली क्विंग भी शामिल हैं. शी चिनफिंग नवंबर, 2012 में पार्टी का नेता और 2013 में राष्ट्रपति एवं सेना का प्रमुख बनने के बाद से एक ऐसे शक्तिशाली नेता के तौर पर उभरे हैं जो शायद माओ के बाद दूसरा सबसे ताकतवर नेता के रूप में देखे जा रहे हैं. ऐसे में स्थायी समिति का महत्व कम हो गया है.
पार्टी नेताओं के बयान में कहा गया है कि सीपीसी के लोकतांत्रिक केंद्रीकरण के बुनियादी संगठनात्मक सिद्धांत का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के तौर पर सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था का हमेशा अनुसरण करना चाहिए और किसी संगठन अथवा व्यक्ति द्वारा किसी भी हालात में या किसी भी वजह से इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए.
बयान के अनुसार विभिन्न स्तर पर मौजूद पार्टी की समितियों को इस व्यवस्था का पालन करना चाहिए. इसमें प्रमुख पदाधिकारियों का आह्वान किया गया है कि वे संपूर्ण हालात और संबंधित जिम्मेदारियों को लेकर अपनी समझ बढ़ाएं और पार्टी संगठनों की ओर से किए गए फैसलों को लागू कराएं. सीपीसी के पूर्ण अधिवेशन में पार्टी के अनुशासन को लेकर दो दस्तावेजों को भी स्वीकृति प्रदान की है जिसमें नयी स्थिति के तहत पार्टी के भीतर राजनीतिक जीवन के नियमों की बात भी शामिल है.
अधिवेशन में यह भी कहा गया है कि सीपीसी चुनाव में गलत आचार के मुद्दे का निवारण करेगी, आधिकारिक पदों को खरीदने अथवा बेचने या मतदान में धांधली पर अंकुश लगाएगी. पार्टी ने कहा कि आधिकारिक पद, सम्मान अथवा विशेष आवभगत के लिए आग्रह को किसी भी सूरत में इजाजत नहीं दी जाएगी. साल 2012 में हुए 18वें कांग्रेस में शी और प्रधानमंत्री ली क्विंग का चुनाव किया गया था. दोनों का कार्यकाल 10 साल का है.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पार्टी नेताओं के बयान में कहा गया है कि सीपीसी के लोकतांत्रिक केंद्रीकरण के बुनियादी संगठनात्मक सिद्धांत का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के तौर पर सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था का हमेशा अनुसरण करना चाहिए और किसी संगठन अथवा व्यक्ति द्वारा किसी भी हालात में या किसी भी वजह से इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए.
बयान के अनुसार विभिन्न स्तर पर मौजूद पार्टी की समितियों को इस व्यवस्था का पालन करना चाहिए. इसमें प्रमुख पदाधिकारियों का आह्वान किया गया है कि वे संपूर्ण हालात और संबंधित जिम्मेदारियों को लेकर अपनी समझ बढ़ाएं और पार्टी संगठनों की ओर से किए गए फैसलों को लागू कराएं. सीपीसी के पूर्ण अधिवेशन में पार्टी के अनुशासन को लेकर दो दस्तावेजों को भी स्वीकृति प्रदान की है जिसमें नयी स्थिति के तहत पार्टी के भीतर राजनीतिक जीवन के नियमों की बात भी शामिल है.
अधिवेशन में यह भी कहा गया है कि सीपीसी चुनाव में गलत आचार के मुद्दे का निवारण करेगी, आधिकारिक पदों को खरीदने अथवा बेचने या मतदान में धांधली पर अंकुश लगाएगी. पार्टी ने कहा कि आधिकारिक पद, सम्मान अथवा विशेष आवभगत के लिए आग्रह को किसी भी सूरत में इजाजत नहीं दी जाएगी. साल 2012 में हुए 18वें कांग्रेस में शी और प्रधानमंत्री ली क्विंग का चुनाव किया गया था. दोनों का कार्यकाल 10 साल का है.टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बयान के अनुसार विभिन्न स्तर पर मौजूद पार्टी की समितियों को इस व्यवस्था का पालन करना चाहिए. इसमें प्रमुख पदाधिकारियों का आह्वान किया गया है कि वे संपूर्ण हालात और संबंधित जिम्मेदारियों को लेकर अपनी समझ बढ़ाएं और पार्टी संगठनों की ओर से किए गए फैसलों को लागू कराएं. सीपीसी के पूर्ण अधिवेशन में पार्टी के अनुशासन को लेकर दो दस्तावेजों को भी स्वीकृति प्रदान की है जिसमें नयी स्थिति के तहत पार्टी के भीतर राजनीतिक जीवन के नियमों की बात भी शामिल है.
अधिवेशन में यह भी कहा गया है कि सीपीसी चुनाव में गलत आचार के मुद्दे का निवारण करेगी, आधिकारिक पदों को खरीदने अथवा बेचने या मतदान में धांधली पर अंकुश लगाएगी. पार्टी ने कहा कि आधिकारिक पद, सम्मान अथवा विशेष आवभगत के लिए आग्रह को किसी भी सूरत में इजाजत नहीं दी जाएगी. साल 2012 में हुए 18वें कांग्रेस में शी और प्रधानमंत्री ली क्विंग का चुनाव किया गया था. दोनों का कार्यकाल 10 साल का है.टिप्पणियां
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अधिवेशन में यह भी कहा गया है कि सीपीसी चुनाव में गलत आचार के मुद्दे का निवारण करेगी, आधिकारिक पदों को खरीदने अथवा बेचने या मतदान में धांधली पर अंकुश लगाएगी. पार्टी ने कहा कि आधिकारिक पद, सम्मान अथवा विशेष आवभगत के लिए आग्रह को किसी भी सूरत में इजाजत नहीं दी जाएगी. साल 2012 में हुए 18वें कांग्रेस में शी और प्रधानमंत्री ली क्विंग का चुनाव किया गया था. दोनों का कार्यकाल 10 साल का है.टिप्पणियां
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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पार्टी, सेना और सरकार पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की इजाजत मिली
सामूहिक नेतृत्व वाली व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने का लिया गया फैसला
यह व्यवस्था 1981 में शुरू की गई थी ताकि एक व्यक्ति वर्चस्व स्थापित न करे | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हम सब जानते हैं कि दिल सीने में धड़कता है और इसे केवल महसूस किया जा सकता है, लेकिन रूस की एक बच्ची का हॉर्ट सीने के बाहर है. इतना ही नहीं आप इस सात साल की बच्ची के दिल को सामने से धड़कते देख सकते हैं. विरसाव्या नाम की यह बच्ची दूसरों की तरह खेलती है, डांस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती है, लेकिन उसका दिल उसे खास बनाता है. डॉक्टरों का कहना है कि यह बच्ची 'थोरैको एब्डोमिनल सिंड्रोम या पेंटालॉजी ऑफ कैंट्रेल' से ग्रसित है. यह स्थिति 10 लाख बच्चों में से एक में देखा जाता है.
विरसाव्या अंगुली से इशारा करते हुए कहती है, 'ये मेरा दिल है. मैं इकलौती हूं जिसका दिल इस जगह पर है.'
आप जब विरसाव्या के दिल को देखेंगे तो वह सीने के नीचे उभार के रूप में दिखता है. वह बेहद पतली त्वचा से ढकी है. इस कारण वह बाहर से साफ तौर से दिखती है कि वह कैसे धड़क रही है.
यह बच्ची कहती है कि अपने दिल की सुरक्षा के चलते वह हमेशा हल्के और मुलायम कपड़े पहनती है. वह कहती है, मैं पैदल चलना, उछलना, उड़ना चाहती हूं. हालांकि मुझे तेज चलने से मना किया गया है.
विरसाव्या का जन्म रूस में हुआ था. जन्म के वक्त उसके दिल की ये हालत देखकर डॉक्टर काफी चिंतिंत थे. उन्होंने उसकी मां डारी ब्रोन को बुरी खबर सुनने के लिए तैयार रहने को कहा था.
डारी ब्रोन कहती, 'डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि विरसाव्या की स्थिति बेहद नाजुक है. जब मैंने पहली बार इसके दिल को धड़कते देखा तो यह मेरे लिए नया अनुभव था. ये देखकर मुझे अंदर से लगा कि विरसाव्या की हालत ठीक है और वह बच जाएगी.'टिप्पणियां
इसके बाद ब्रोन अपनी बेटी को लेकर अमेरिका में डॉक्टरों से मिली. उन्हें उम्मीद थी कि शायद यहां के डॉक्टर सर्जरी से विरसाव्या का दिल सामान्य स्थिति में पहुंचा देंगे. हाई ब्लडप्रेशर के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने सर्जरी करने से मना कर दिया.
अपने दिल की वजह से विरसाव्या स्कूल नहीं जा पाती है, लेकिन वह अपने घर पर ही पढ़ाई करती है. वह डांस, खेल आदि में बेहद सावधानी से हिस्सा लेकर अपने शौक को पूरा करती है. हालांकि इस दौरान उसकी मां उसका पूरा ख्याल रखती है.
विरसाव्या अंगुली से इशारा करते हुए कहती है, 'ये मेरा दिल है. मैं इकलौती हूं जिसका दिल इस जगह पर है.'
आप जब विरसाव्या के दिल को देखेंगे तो वह सीने के नीचे उभार के रूप में दिखता है. वह बेहद पतली त्वचा से ढकी है. इस कारण वह बाहर से साफ तौर से दिखती है कि वह कैसे धड़क रही है.
यह बच्ची कहती है कि अपने दिल की सुरक्षा के चलते वह हमेशा हल्के और मुलायम कपड़े पहनती है. वह कहती है, मैं पैदल चलना, उछलना, उड़ना चाहती हूं. हालांकि मुझे तेज चलने से मना किया गया है.
विरसाव्या का जन्म रूस में हुआ था. जन्म के वक्त उसके दिल की ये हालत देखकर डॉक्टर काफी चिंतिंत थे. उन्होंने उसकी मां डारी ब्रोन को बुरी खबर सुनने के लिए तैयार रहने को कहा था.
डारी ब्रोन कहती, 'डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि विरसाव्या की स्थिति बेहद नाजुक है. जब मैंने पहली बार इसके दिल को धड़कते देखा तो यह मेरे लिए नया अनुभव था. ये देखकर मुझे अंदर से लगा कि विरसाव्या की हालत ठीक है और वह बच जाएगी.'टिप्पणियां
इसके बाद ब्रोन अपनी बेटी को लेकर अमेरिका में डॉक्टरों से मिली. उन्हें उम्मीद थी कि शायद यहां के डॉक्टर सर्जरी से विरसाव्या का दिल सामान्य स्थिति में पहुंचा देंगे. हाई ब्लडप्रेशर के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने सर्जरी करने से मना कर दिया.
अपने दिल की वजह से विरसाव्या स्कूल नहीं जा पाती है, लेकिन वह अपने घर पर ही पढ़ाई करती है. वह डांस, खेल आदि में बेहद सावधानी से हिस्सा लेकर अपने शौक को पूरा करती है. हालांकि इस दौरान उसकी मां उसका पूरा ख्याल रखती है.
आप जब विरसाव्या के दिल को देखेंगे तो वह सीने के नीचे उभार के रूप में दिखता है. वह बेहद पतली त्वचा से ढकी है. इस कारण वह बाहर से साफ तौर से दिखती है कि वह कैसे धड़क रही है.
यह बच्ची कहती है कि अपने दिल की सुरक्षा के चलते वह हमेशा हल्के और मुलायम कपड़े पहनती है. वह कहती है, मैं पैदल चलना, उछलना, उड़ना चाहती हूं. हालांकि मुझे तेज चलने से मना किया गया है.
विरसाव्या का जन्म रूस में हुआ था. जन्म के वक्त उसके दिल की ये हालत देखकर डॉक्टर काफी चिंतिंत थे. उन्होंने उसकी मां डारी ब्रोन को बुरी खबर सुनने के लिए तैयार रहने को कहा था.
डारी ब्रोन कहती, 'डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि विरसाव्या की स्थिति बेहद नाजुक है. जब मैंने पहली बार इसके दिल को धड़कते देखा तो यह मेरे लिए नया अनुभव था. ये देखकर मुझे अंदर से लगा कि विरसाव्या की हालत ठीक है और वह बच जाएगी.'टिप्पणियां
इसके बाद ब्रोन अपनी बेटी को लेकर अमेरिका में डॉक्टरों से मिली. उन्हें उम्मीद थी कि शायद यहां के डॉक्टर सर्जरी से विरसाव्या का दिल सामान्य स्थिति में पहुंचा देंगे. हाई ब्लडप्रेशर के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने सर्जरी करने से मना कर दिया.
अपने दिल की वजह से विरसाव्या स्कूल नहीं जा पाती है, लेकिन वह अपने घर पर ही पढ़ाई करती है. वह डांस, खेल आदि में बेहद सावधानी से हिस्सा लेकर अपने शौक को पूरा करती है. हालांकि इस दौरान उसकी मां उसका पूरा ख्याल रखती है.
यह बच्ची कहती है कि अपने दिल की सुरक्षा के चलते वह हमेशा हल्के और मुलायम कपड़े पहनती है. वह कहती है, मैं पैदल चलना, उछलना, उड़ना चाहती हूं. हालांकि मुझे तेज चलने से मना किया गया है.
विरसाव्या का जन्म रूस में हुआ था. जन्म के वक्त उसके दिल की ये हालत देखकर डॉक्टर काफी चिंतिंत थे. उन्होंने उसकी मां डारी ब्रोन को बुरी खबर सुनने के लिए तैयार रहने को कहा था.
डारी ब्रोन कहती, 'डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि विरसाव्या की स्थिति बेहद नाजुक है. जब मैंने पहली बार इसके दिल को धड़कते देखा तो यह मेरे लिए नया अनुभव था. ये देखकर मुझे अंदर से लगा कि विरसाव्या की हालत ठीक है और वह बच जाएगी.'टिप्पणियां
इसके बाद ब्रोन अपनी बेटी को लेकर अमेरिका में डॉक्टरों से मिली. उन्हें उम्मीद थी कि शायद यहां के डॉक्टर सर्जरी से विरसाव्या का दिल सामान्य स्थिति में पहुंचा देंगे. हाई ब्लडप्रेशर के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने सर्जरी करने से मना कर दिया.
अपने दिल की वजह से विरसाव्या स्कूल नहीं जा पाती है, लेकिन वह अपने घर पर ही पढ़ाई करती है. वह डांस, खेल आदि में बेहद सावधानी से हिस्सा लेकर अपने शौक को पूरा करती है. हालांकि इस दौरान उसकी मां उसका पूरा ख्याल रखती है.
विरसाव्या का जन्म रूस में हुआ था. जन्म के वक्त उसके दिल की ये हालत देखकर डॉक्टर काफी चिंतिंत थे. उन्होंने उसकी मां डारी ब्रोन को बुरी खबर सुनने के लिए तैयार रहने को कहा था.
डारी ब्रोन कहती, 'डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि विरसाव्या की स्थिति बेहद नाजुक है. जब मैंने पहली बार इसके दिल को धड़कते देखा तो यह मेरे लिए नया अनुभव था. ये देखकर मुझे अंदर से लगा कि विरसाव्या की हालत ठीक है और वह बच जाएगी.'टिप्पणियां
इसके बाद ब्रोन अपनी बेटी को लेकर अमेरिका में डॉक्टरों से मिली. उन्हें उम्मीद थी कि शायद यहां के डॉक्टर सर्जरी से विरसाव्या का दिल सामान्य स्थिति में पहुंचा देंगे. हाई ब्लडप्रेशर के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने सर्जरी करने से मना कर दिया.
अपने दिल की वजह से विरसाव्या स्कूल नहीं जा पाती है, लेकिन वह अपने घर पर ही पढ़ाई करती है. वह डांस, खेल आदि में बेहद सावधानी से हिस्सा लेकर अपने शौक को पूरा करती है. हालांकि इस दौरान उसकी मां उसका पूरा ख्याल रखती है.
डारी ब्रोन कहती, 'डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि विरसाव्या की स्थिति बेहद नाजुक है. जब मैंने पहली बार इसके दिल को धड़कते देखा तो यह मेरे लिए नया अनुभव था. ये देखकर मुझे अंदर से लगा कि विरसाव्या की हालत ठीक है और वह बच जाएगी.'टिप्पणियां
इसके बाद ब्रोन अपनी बेटी को लेकर अमेरिका में डॉक्टरों से मिली. उन्हें उम्मीद थी कि शायद यहां के डॉक्टर सर्जरी से विरसाव्या का दिल सामान्य स्थिति में पहुंचा देंगे. हाई ब्लडप्रेशर के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने सर्जरी करने से मना कर दिया.
अपने दिल की वजह से विरसाव्या स्कूल नहीं जा पाती है, लेकिन वह अपने घर पर ही पढ़ाई करती है. वह डांस, खेल आदि में बेहद सावधानी से हिस्सा लेकर अपने शौक को पूरा करती है. हालांकि इस दौरान उसकी मां उसका पूरा ख्याल रखती है.
इसके बाद ब्रोन अपनी बेटी को लेकर अमेरिका में डॉक्टरों से मिली. उन्हें उम्मीद थी कि शायद यहां के डॉक्टर सर्जरी से विरसाव्या का दिल सामान्य स्थिति में पहुंचा देंगे. हाई ब्लडप्रेशर के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने सर्जरी करने से मना कर दिया.
अपने दिल की वजह से विरसाव्या स्कूल नहीं जा पाती है, लेकिन वह अपने घर पर ही पढ़ाई करती है. वह डांस, खेल आदि में बेहद सावधानी से हिस्सा लेकर अपने शौक को पूरा करती है. हालांकि इस दौरान उसकी मां उसका पूरा ख्याल रखती है.
अपने दिल की वजह से विरसाव्या स्कूल नहीं जा पाती है, लेकिन वह अपने घर पर ही पढ़ाई करती है. वह डांस, खेल आदि में बेहद सावधानी से हिस्सा लेकर अपने शौक को पूरा करती है. हालांकि इस दौरान उसकी मां उसका पूरा ख्याल रखती है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीने के बाहर धड़कता है विरसाव्या का दिल.
बच्ची थोरैको एब्डोमिनल सिंड्रोम से ग्रसित है.
बच्ची स्कूल नहीं जा पाती है, उसे उछलने का शौक है. | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्वी दिल्ली में कपड़े की एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई।टिप्पणियां
अग्निशमन विभाग के अनुसार गांधी नगर क्षेत्र में एक कपड़े की फैक्ट्री में दोपहर करीब दो बजे आग लगने की खबर मिली और अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
आग टीशर्ट तैयार करने वाली फैक्ट्री में लगी जो महिला कालोनी में स्थित है। उन्होंने कहा कि घने क्षेत्र में बनी इस फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। आग पर काबू पाने के लिए 25 दमकल गाड़ियों को करीब पांच घंटे लगे।
अग्निशमन विभाग के अनुसार गांधी नगर क्षेत्र में एक कपड़े की फैक्ट्री में दोपहर करीब दो बजे आग लगने की खबर मिली और अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
आग टीशर्ट तैयार करने वाली फैक्ट्री में लगी जो महिला कालोनी में स्थित है। उन्होंने कहा कि घने क्षेत्र में बनी इस फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। आग पर काबू पाने के लिए 25 दमकल गाड़ियों को करीब पांच घंटे लगे।
आग टीशर्ट तैयार करने वाली फैक्ट्री में लगी जो महिला कालोनी में स्थित है। उन्होंने कहा कि घने क्षेत्र में बनी इस फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। आग पर काबू पाने के लिए 25 दमकल गाड़ियों को करीब पांच घंटे लगे। | अग्निशमन विभाग के अनुसार गांधी नगर क्षेत्र में एक कपड़े की फैक्ट्री में दोपहर करीब दो बजे आग लगने की खबर मिली और अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में 1 से 10 जून तक आहुत किसानों की हड़ताल में सियासत हावी हो गई है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ वार्ता के बाद आंदोलन ख़त्म करने का फैसला किया है, लेकिन आंदोलन में अगुआ भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मज़दूर संघ ने संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ने का ऐलान किया है.
उज्जैन में बैठक के बाद तय हुआ कि किसान कृषि उपज मंडी में जो उत्पाद बेचते हैं, उनका 50 फीसदी उन्हें नकद मिलेगा जबकि 50 फीसदी आरटीजीएस के ज़रिए यानी सीधा उनके बैंक खाते में आएगा. ये भी तय हुआ कि मूंग की फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदेगी.
किसानों का प्याज 8 रुपए प्रति किलोग्रा की सरकारी दर से अगले तीन-चार दिनों में खरीदा जाएगा. सब्जी मंडियों में किसानों को ज्यादा आढ़त देनी पड़ती है, इसे रोकने के लिए सब्जी मंडियों को मंडी अधिनियम के दायरे में लाया जाएगा. फसल बीमा योजना को ऐच्छिक बनाने और किसानों के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को भी वापस लेने का भी फैसला हुआ. टिप्पणियां
बैठक के बाद भारतीय किसान संघ के शिवकांत दीक्षित ने घोषणा की कि चूंकि सरकार ने उनकी सारी बातें मान ली हैं इसलिए आंदोलन को स्थगित किया जाता है.
वहीं राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने इस समझौते की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार इस आंदोलन से घबराकर ऐसे हथकंडे अपना रही है, वहीं भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि हड़ताल उनके संगठन ने शुरू की थी और खत्म भी वही करेंगे.
उज्जैन में बैठक के बाद तय हुआ कि किसान कृषि उपज मंडी में जो उत्पाद बेचते हैं, उनका 50 फीसदी उन्हें नकद मिलेगा जबकि 50 फीसदी आरटीजीएस के ज़रिए यानी सीधा उनके बैंक खाते में आएगा. ये भी तय हुआ कि मूंग की फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदेगी.
किसानों का प्याज 8 रुपए प्रति किलोग्रा की सरकारी दर से अगले तीन-चार दिनों में खरीदा जाएगा. सब्जी मंडियों में किसानों को ज्यादा आढ़त देनी पड़ती है, इसे रोकने के लिए सब्जी मंडियों को मंडी अधिनियम के दायरे में लाया जाएगा. फसल बीमा योजना को ऐच्छिक बनाने और किसानों के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को भी वापस लेने का भी फैसला हुआ. टिप्पणियां
बैठक के बाद भारतीय किसान संघ के शिवकांत दीक्षित ने घोषणा की कि चूंकि सरकार ने उनकी सारी बातें मान ली हैं इसलिए आंदोलन को स्थगित किया जाता है.
वहीं राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने इस समझौते की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार इस आंदोलन से घबराकर ऐसे हथकंडे अपना रही है, वहीं भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि हड़ताल उनके संगठन ने शुरू की थी और खत्म भी वही करेंगे.
किसानों का प्याज 8 रुपए प्रति किलोग्रा की सरकारी दर से अगले तीन-चार दिनों में खरीदा जाएगा. सब्जी मंडियों में किसानों को ज्यादा आढ़त देनी पड़ती है, इसे रोकने के लिए सब्जी मंडियों को मंडी अधिनियम के दायरे में लाया जाएगा. फसल बीमा योजना को ऐच्छिक बनाने और किसानों के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को भी वापस लेने का भी फैसला हुआ. टिप्पणियां
बैठक के बाद भारतीय किसान संघ के शिवकांत दीक्षित ने घोषणा की कि चूंकि सरकार ने उनकी सारी बातें मान ली हैं इसलिए आंदोलन को स्थगित किया जाता है.
वहीं राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने इस समझौते की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार इस आंदोलन से घबराकर ऐसे हथकंडे अपना रही है, वहीं भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि हड़ताल उनके संगठन ने शुरू की थी और खत्म भी वही करेंगे.
बैठक के बाद भारतीय किसान संघ के शिवकांत दीक्षित ने घोषणा की कि चूंकि सरकार ने उनकी सारी बातें मान ली हैं इसलिए आंदोलन को स्थगित किया जाता है.
वहीं राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने इस समझौते की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार इस आंदोलन से घबराकर ऐसे हथकंडे अपना रही है, वहीं भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि हड़ताल उनके संगठन ने शुरू की थी और खत्म भी वही करेंगे.
वहीं राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने इस समझौते की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार इस आंदोलन से घबराकर ऐसे हथकंडे अपना रही है, वहीं भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि हड़ताल उनके संगठन ने शुरू की थी और खत्म भी वही करेंगे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मध्य प्रदेश के कई किसान संगठन 10 दिन की हड़ताल पर हैं
मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारी किसानों की ज्यादातर मांगें मान ली हैं
भारतीय किसान संघ ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया है | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बहरीन की राजधानी मनामा में एक दिन पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़पों में मारे गए एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए मंगलवार को जमा हुई भीड़ पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी से कम से कम एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। बहरीन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स में विदेशी मामलों के प्रमुख, मरियम अलख्वाजा ने कहा कि दंगा पुलिस ने मंगलवार सुबह फादेल अली अल्मतरूक पर गोलीबारी की। अल्मतरूक अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ अस्पताल से कब्रगाह जा रहा था। कतर स्थित टीवी चैनल 'अल जजीरा' ने अलख्वाजा के हवाले से कहा, "वर्तमान शासन को हटाने के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर जुलूस निकाल रहे हैं। पुलिस प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और छर्रे दाग रही है तथा अत्यधिक बल का प्रयोग कर रही है, जिससे लोग दुखी हैं।" ईरान के प्रेस टीवी ने हालांकि कहा कि अस्पताल के बाहर पुलिस की गोलीबारी में दो प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि सोमवार को बुरी तरह घायल हुए प्रदर्शनकारी की मंगलवार को मौत हो गई। मंत्रालय इस मौत की जांच कराएगा। राजधानी मनामा में जहां तनाव बढ़ गया है, वहीं मनामा के पश्चिम में स्थित शिया बाहुल्य दो गांवों - दाराज और सनाबिस में प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच तीखी झड़प होने की खबर है। सोमवार को 'दिया' गांव में हुई झड़पों में कम से कम 14 लोग घायल हो गए थे। विपक्ष ने इसे 'आक्रोश दिवस' बताया था। मिस्र और ट्यूनीशिया में हुए विद्रोह से प्रेरित प्रदर्शनकारियों ने अब शुक्रवार को 'आक्रोश दिवस' का आह्वान किया है। इस बीच बहरीन के शाह हमाद बिन ईसा अल-खलीफा ने मिस्र की सत्ताधारी सैन्य परिषद के प्रमुख फील्ड मार्शल मोहम्मद हुसैन तंतावी से फोन पर बात की। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्थानीय दैनिक 'अल-आयम' के हवाले से कहा है कि हमाद ने उम्मीद जताई है कि मिस्र, अरब एवं मुस्लिम विश्व में अपनी प्रमुख भूमिका बनाए रखेगा। हमाद ने इसके पहले मध्यपूर्व के भविष्य पर चर्चा करने के लिए अरब देशों की एक बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा था। ज्ञात हो कि सशस्त्र बलों की सर्वोच्च परिषद के प्रमुख तंतावी, मिस्र के रक्षा मंत्री भी हैं। यह सैन्य परिषद छह महीनों तक सत्ता पर काबिज रहेगी। | यह एक सारांश है: हिंसक झड़पों में मारे गए एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए जमा हुई भीड़ पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी से कम से कम एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जूही चावला का कहना है कि काम की वजह से वह अपने बच्चों के खानपान पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रही हैं, लेकिन वह सुनिश्चित करती हैं कि वे पौष्टिक और लजीज भोजन खाएं।टिप्पणियां
45 वर्षीय जूही ने केलोग्स के विज्ञापन के शूट के मौके पर कहा, ज्हानवी बहुत साधारण है। उसे दाल रोटी सब्जी पसंद है। लेकिन वह अर्जुन से नाराज रहती है, क्योंकि वह नई-नई चीजें खाना चाहता। खाने के मामले में दोनों एक दूसरे से एकदम अलग हैं। मैं पौष्टिक और लजीज खाने में संतुलन बनाने की कोशिश करती हूं।
जूही इन दिनों अनुभव सिन्हा की 'गुलाब गैंग' के लिए शूट कर रही हैं जिसमें माधुरी दीक्षित भी हैं।
45 वर्षीय जूही ने केलोग्स के विज्ञापन के शूट के मौके पर कहा, ज्हानवी बहुत साधारण है। उसे दाल रोटी सब्जी पसंद है। लेकिन वह अर्जुन से नाराज रहती है, क्योंकि वह नई-नई चीजें खाना चाहता। खाने के मामले में दोनों एक दूसरे से एकदम अलग हैं। मैं पौष्टिक और लजीज खाने में संतुलन बनाने की कोशिश करती हूं।
जूही इन दिनों अनुभव सिन्हा की 'गुलाब गैंग' के लिए शूट कर रही हैं जिसमें माधुरी दीक्षित भी हैं।
जूही इन दिनों अनुभव सिन्हा की 'गुलाब गैंग' के लिए शूट कर रही हैं जिसमें माधुरी दीक्षित भी हैं। | यह एक सारांश है: जूही चावला का कहना है कि काम की वजह से वह अपने बच्चों के खानपान पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रही हैं, लेकिन वह सुनिश्चित करती हैं कि वे पौष्टिक और लजीज भोजन खाएं। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बैठक में स्वीकार किए गए प्रस्ताव के हवाले से कहा कि पार्टियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने तथा संविधान के अनुच्छेद 370 और 35-ए को रद्द करने की किसी कोशिश के परिणामों से उन्हें अवगत कराने का फैसला किया है. बैठक में यह भी कहा गया कि 35 ए और 370 से छेड़छाड़ को किसी भी हाल में मंजूर नहीं किया जाएगा.
बैठक में पार्टियों ने भारत और पाकिस्तान से ऐसा कोई कदम नहीं उठाने की अपील की है, जो क्षेत्र में तनाव बढ़ाता हो. उन्होंने राज्य के लोगों से शांति बनाए रखने की भी अपील की. यह बैठक महबूबा के आवास पर प्रस्तावित थी, लेकिन अब्दुल्ला के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए इसका आयोजन नेकां नेता के आवास पर हुआ. सुरक्षा कारणों को लेकर जम्मू कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा बीच में ही रोक दी और तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों से यथाशीघ्र घाटी छोड़ने को कहा था.
बता दें कि इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि वह राज्य के विशेष दर्जें के साथ छेड़छाड़ ना करें. उन्होंने कहा कि ऐसे कदम के नतीजे अच्छे नहीं होंगे. महबूबा ने अन्य पार्टियों के नेताओं के साथ शुक्रवार रात को राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की थी और उनसे उन 'अफवाहों को खारिज करने का अनुरोध किया था, जिससे घाटी में भय का माहौल पैदा हो गया है.' उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अपनी विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिए जो कुछ भी बाकी बचा है, उसे भारत, जम्मू कश्मीर की जनता से 'बलपूर्वक छीनने' की तैयारी में है.
उधर, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर राज्य के हालात को सामान्य बताया है. उन्होंने कहा है कि अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं, जिसपर ध्यान देने की ज़रूरत नहीं है. जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शनिवार को राज्य के विशेष दर्जे के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है. उनकी यह टिप्पणी उमर अब्दुल्ला के साथ हुई मुलाकात के कुछ घंटों के बाद आई थी.
नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने अंदेशा जताया था कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर राज्य के विशेष दर्जे को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उनकी पार्टी को भरोसा दिलाया दिया है कि संविधान के 'अनुच्छेद 370 और 35 ए' को रद्द किए जाने या राज्य को तीन हिस्सों में बांटने जैसा कदम उठाने की कोई योजना नहीं है. हालांकि, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इन मुद्दों पर सोमवार को संसद में केंद्र का आश्वासन चाहते हैं क्योंकि जम्मू कश्मीर पर राज्यपाल अंतिम प्राधिकार नहीं हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: '35A और धारा 370 से छेड़छाड़ मंज़ूर नहीं'
लोगों से अमन बनाए रखने की भी अपील
बैठक में महबूबा और सज्जाद लोन भी | 11 | ['hin'] |
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