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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के बीच समय बिताने के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी शनिवार को दोदिवसीय यात्रा पर नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे। धोनी अपनी यात्रा के दौरान नेपाल के क्रिकेटरों से मुलाकात करेंगे और प्रशंसकों से मिलेंगे।
त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद धोनी ने संवाददाताओं से कहा, युवाओं को शिक्षा के अलावा खेलों में भी आगे आना चाहिए, क्योंकि इससे देश की प्रतिष्ठा बढ़ती है। धोनी ने कहा कि उन्हें क्रिकेट को बढ़ावा देने में खुशी होगी, जो उपमहाद्वीप में लोकप्रिय खेल है।टिप्पणियां
भारतीय कप्तान ने कहा, क्रिकेट नेपाल में उभरता हुआ खेल है और मैं भविष्य में नेपाल के युवाओं को एक लोकप्रिय टीम के रूप में प्रदर्शन करते हुए देखना चाहता हूं। धोनी काठमांडू के बाहरी हिस्से में स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय के परिसर में बने कीर्तिपुर क्रिकेट स्टेडियम में कुछ घंटे बिताएंगे और नेपाल के खिलाड़ियों के साथ बातचीत करेंगे तथा अपना नजरिया रखेंगे।
वह काठमांडू के होटल में लेक्चर भी देंगे और अपने नेपाली प्रशंसकों से मिलेंगे। धोनी रविवार को प्रतिष्ठित हिन्दू मंदिर पशुपतिनाथ में दर्शन करने भी जाएंगे और फिर स्वदेश लौट आएंगे।
त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद धोनी ने संवाददाताओं से कहा, युवाओं को शिक्षा के अलावा खेलों में भी आगे आना चाहिए, क्योंकि इससे देश की प्रतिष्ठा बढ़ती है। धोनी ने कहा कि उन्हें क्रिकेट को बढ़ावा देने में खुशी होगी, जो उपमहाद्वीप में लोकप्रिय खेल है।टिप्पणियां
भारतीय कप्तान ने कहा, क्रिकेट नेपाल में उभरता हुआ खेल है और मैं भविष्य में नेपाल के युवाओं को एक लोकप्रिय टीम के रूप में प्रदर्शन करते हुए देखना चाहता हूं। धोनी काठमांडू के बाहरी हिस्से में स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय के परिसर में बने कीर्तिपुर क्रिकेट स्टेडियम में कुछ घंटे बिताएंगे और नेपाल के खिलाड़ियों के साथ बातचीत करेंगे तथा अपना नजरिया रखेंगे।
वह काठमांडू के होटल में लेक्चर भी देंगे और अपने नेपाली प्रशंसकों से मिलेंगे। धोनी रविवार को प्रतिष्ठित हिन्दू मंदिर पशुपतिनाथ में दर्शन करने भी जाएंगे और फिर स्वदेश लौट आएंगे।
भारतीय कप्तान ने कहा, क्रिकेट नेपाल में उभरता हुआ खेल है और मैं भविष्य में नेपाल के युवाओं को एक लोकप्रिय टीम के रूप में प्रदर्शन करते हुए देखना चाहता हूं। धोनी काठमांडू के बाहरी हिस्से में स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय के परिसर में बने कीर्तिपुर क्रिकेट स्टेडियम में कुछ घंटे बिताएंगे और नेपाल के खिलाड़ियों के साथ बातचीत करेंगे तथा अपना नजरिया रखेंगे।
वह काठमांडू के होटल में लेक्चर भी देंगे और अपने नेपाली प्रशंसकों से मिलेंगे। धोनी रविवार को प्रतिष्ठित हिन्दू मंदिर पशुपतिनाथ में दर्शन करने भी जाएंगे और फिर स्वदेश लौट आएंगे।
वह काठमांडू के होटल में लेक्चर भी देंगे और अपने नेपाली प्रशंसकों से मिलेंगे। धोनी रविवार को प्रतिष्ठित हिन्दू मंदिर पशुपतिनाथ में दर्शन करने भी जाएंगे और फिर स्वदेश लौट आएंगे। | यह एक सारांश है: जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के बीच समय बिताने के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी शनिवार को दोदिवसीय यात्रा पर नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके दो अन्य साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने सफलतापूर्वक अपने रूसी सोयूज अंतरिक्षयान को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र से जोड़ा। वे चार महीने तक केंद्र में रहकर 30 से अधिक वैज्ञानिक मिशनों पर काम करेंगे।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में मौजूद सुनीता विलियम्स और उनके साथियों से पत्रकारों और उनके परिवार की बातचीत करवाई। सुनीता ने अपनी बहन से बात करते हुए कहा कि अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखना बेहद खूबसूरत अनुभव है।
नासा की 46 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री सुनीता, रूस के सोयूज के कमांडर यूरी मलेनचेनको और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के फ्लाइट इंजीनियर अकिहिको होशिदे दो दिन तक अंतरिक्ष की कक्षा में रहने के बाद आज आईएसएस पहुंचे।
अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ने के बाद मलेनचेनको ने कोरोलेव में रूसी मिशन नियंत्रण केंद्र पर भेजे रेडियो संदेश में कहा, सब कुछ ठीक है। नासा ने एक बयान में कहा कि रूसी अंतरिक्ष यान..सोयूज टीएमए.05एम स्वचालित तरीके से भारतीय समयानुसार सुबह करीब 10:21 बजे आईएसएस के रासवेट मॉड्यूल से जुड़ गया।
तीनों ने गत रविवार को अपने चार महीने के अंतरिक्ष मिशन के लिहाज से कजाखस्तान के बैकनूर कॉस्मोड्रोम से आईएसएस के लिए सफन उड़ान भरी थी।
सुनीता विलियम्स की यह दूसरी अंतरिक्षयात्रा है। इससे पहले वह 195 दिन अंतरिक्ष में रह चुकी हैं, जो किसी महिला अंतरिक्षयात्री की सबसे लंबी यात्रा का रिकार्ड है।
तीन सदस्यीय दल नवंबर के मध्य में वापस लौटेगा और इस दौरान आईएसएस पर वे करीब 30 वैज्ञानिक मिशनों को पूरा कर सकते हैं।
सुनीता और उनकी टीम की लंदन ओलंपिक के मद्देनजर अंतरिक्ष की कक्षा में रोचक आयोजन की भी योजना है।
सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष केंद्र पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सर्जेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में मौजूद सुनीता विलियम्स और उनके साथियों से पत्रकारों और उनके परिवार की बातचीत करवाई। सुनीता ने अपनी बहन से बात करते हुए कहा कि अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखना बेहद खूबसूरत अनुभव है।
नासा की 46 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री सुनीता, रूस के सोयूज के कमांडर यूरी मलेनचेनको और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के फ्लाइट इंजीनियर अकिहिको होशिदे दो दिन तक अंतरिक्ष की कक्षा में रहने के बाद आज आईएसएस पहुंचे।
अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ने के बाद मलेनचेनको ने कोरोलेव में रूसी मिशन नियंत्रण केंद्र पर भेजे रेडियो संदेश में कहा, सब कुछ ठीक है। नासा ने एक बयान में कहा कि रूसी अंतरिक्ष यान..सोयूज टीएमए.05एम स्वचालित तरीके से भारतीय समयानुसार सुबह करीब 10:21 बजे आईएसएस के रासवेट मॉड्यूल से जुड़ गया।
तीनों ने गत रविवार को अपने चार महीने के अंतरिक्ष मिशन के लिहाज से कजाखस्तान के बैकनूर कॉस्मोड्रोम से आईएसएस के लिए सफन उड़ान भरी थी।
सुनीता विलियम्स की यह दूसरी अंतरिक्षयात्रा है। इससे पहले वह 195 दिन अंतरिक्ष में रह चुकी हैं, जो किसी महिला अंतरिक्षयात्री की सबसे लंबी यात्रा का रिकार्ड है।
तीन सदस्यीय दल नवंबर के मध्य में वापस लौटेगा और इस दौरान आईएसएस पर वे करीब 30 वैज्ञानिक मिशनों को पूरा कर सकते हैं।
सुनीता और उनकी टीम की लंदन ओलंपिक के मद्देनजर अंतरिक्ष की कक्षा में रोचक आयोजन की भी योजना है।
सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष केंद्र पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सर्जेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
नासा की 46 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री सुनीता, रूस के सोयूज के कमांडर यूरी मलेनचेनको और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के फ्लाइट इंजीनियर अकिहिको होशिदे दो दिन तक अंतरिक्ष की कक्षा में रहने के बाद आज आईएसएस पहुंचे।
अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ने के बाद मलेनचेनको ने कोरोलेव में रूसी मिशन नियंत्रण केंद्र पर भेजे रेडियो संदेश में कहा, सब कुछ ठीक है। नासा ने एक बयान में कहा कि रूसी अंतरिक्ष यान..सोयूज टीएमए.05एम स्वचालित तरीके से भारतीय समयानुसार सुबह करीब 10:21 बजे आईएसएस के रासवेट मॉड्यूल से जुड़ गया।
तीनों ने गत रविवार को अपने चार महीने के अंतरिक्ष मिशन के लिहाज से कजाखस्तान के बैकनूर कॉस्मोड्रोम से आईएसएस के लिए सफन उड़ान भरी थी।
सुनीता विलियम्स की यह दूसरी अंतरिक्षयात्रा है। इससे पहले वह 195 दिन अंतरिक्ष में रह चुकी हैं, जो किसी महिला अंतरिक्षयात्री की सबसे लंबी यात्रा का रिकार्ड है।
तीन सदस्यीय दल नवंबर के मध्य में वापस लौटेगा और इस दौरान आईएसएस पर वे करीब 30 वैज्ञानिक मिशनों को पूरा कर सकते हैं।
सुनीता और उनकी टीम की लंदन ओलंपिक के मद्देनजर अंतरिक्ष की कक्षा में रोचक आयोजन की भी योजना है।
सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष केंद्र पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सर्जेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ने के बाद मलेनचेनको ने कोरोलेव में रूसी मिशन नियंत्रण केंद्र पर भेजे रेडियो संदेश में कहा, सब कुछ ठीक है। नासा ने एक बयान में कहा कि रूसी अंतरिक्ष यान..सोयूज टीएमए.05एम स्वचालित तरीके से भारतीय समयानुसार सुबह करीब 10:21 बजे आईएसएस के रासवेट मॉड्यूल से जुड़ गया।
तीनों ने गत रविवार को अपने चार महीने के अंतरिक्ष मिशन के लिहाज से कजाखस्तान के बैकनूर कॉस्मोड्रोम से आईएसएस के लिए सफन उड़ान भरी थी।
सुनीता विलियम्स की यह दूसरी अंतरिक्षयात्रा है। इससे पहले वह 195 दिन अंतरिक्ष में रह चुकी हैं, जो किसी महिला अंतरिक्षयात्री की सबसे लंबी यात्रा का रिकार्ड है।
तीन सदस्यीय दल नवंबर के मध्य में वापस लौटेगा और इस दौरान आईएसएस पर वे करीब 30 वैज्ञानिक मिशनों को पूरा कर सकते हैं।
सुनीता और उनकी टीम की लंदन ओलंपिक के मद्देनजर अंतरिक्ष की कक्षा में रोचक आयोजन की भी योजना है।
सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष केंद्र पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सर्जेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
तीनों ने गत रविवार को अपने चार महीने के अंतरिक्ष मिशन के लिहाज से कजाखस्तान के बैकनूर कॉस्मोड्रोम से आईएसएस के लिए सफन उड़ान भरी थी।
सुनीता विलियम्स की यह दूसरी अंतरिक्षयात्रा है। इससे पहले वह 195 दिन अंतरिक्ष में रह चुकी हैं, जो किसी महिला अंतरिक्षयात्री की सबसे लंबी यात्रा का रिकार्ड है।
तीन सदस्यीय दल नवंबर के मध्य में वापस लौटेगा और इस दौरान आईएसएस पर वे करीब 30 वैज्ञानिक मिशनों को पूरा कर सकते हैं।
सुनीता और उनकी टीम की लंदन ओलंपिक के मद्देनजर अंतरिक्ष की कक्षा में रोचक आयोजन की भी योजना है।
सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष केंद्र पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सर्जेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
सुनीता विलियम्स की यह दूसरी अंतरिक्षयात्रा है। इससे पहले वह 195 दिन अंतरिक्ष में रह चुकी हैं, जो किसी महिला अंतरिक्षयात्री की सबसे लंबी यात्रा का रिकार्ड है।
तीन सदस्यीय दल नवंबर के मध्य में वापस लौटेगा और इस दौरान आईएसएस पर वे करीब 30 वैज्ञानिक मिशनों को पूरा कर सकते हैं।
सुनीता और उनकी टीम की लंदन ओलंपिक के मद्देनजर अंतरिक्ष की कक्षा में रोचक आयोजन की भी योजना है।
सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष केंद्र पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सर्जेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
तीन सदस्यीय दल नवंबर के मध्य में वापस लौटेगा और इस दौरान आईएसएस पर वे करीब 30 वैज्ञानिक मिशनों को पूरा कर सकते हैं।
सुनीता और उनकी टीम की लंदन ओलंपिक के मद्देनजर अंतरिक्ष की कक्षा में रोचक आयोजन की भी योजना है।
सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष केंद्र पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सर्जेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
सुनीता और उनकी टीम की लंदन ओलंपिक के मद्देनजर अंतरिक्ष की कक्षा में रोचक आयोजन की भी योजना है।
सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष केंद्र पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सर्जेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
सुनीता, मलेनचेनको और होशिदे पहले से ही अंतरिक्ष केंद्र पर रह रहे रूसी कमांडर जेनाडी पडालका, उनके सहयोगी सर्जेई रेविन तथा नासा के अंतरिक्षयात्री जोए अकाबा से मुलाकात करेंगे। सभी छह लोग करीब दो महीने तक मिलकर काम करेंगे।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को धरती पर लौटने का कार्यक्रम है। पडालका वापसी से पहले केंद्र तथा ‘एक्सपिडीशन.33’ की कमान सुनीता विलियम्स को सौंपेंगे।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
एक्सपिडीशन..32 अपोलो.सोयूज परीक्षण परियोजना की 37वीं वर्षगांठ के मौके पर रवाना हुई है और अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंची है। 37 साल पहले पहली बार अमेरिकी यान रूस के सोयूज के साथ जुड़ा था।टिप्पणियां
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
केनेडी अंतरिक्ष केंद्र का अपोलो यान और बैकनूर कॉस्मोड्रोम के सोयूज 7के.टीएम को 15 जुलाई, 1975 को रवाना किया गया था और वे दो दिन बाद केंद्र से जुड़े।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था।
सुनीता और उनके साथियों का आईएसएस पर व्यस्त कार्यक्रम रहेगा जिनमें दो स्पेसवाक के साथ जापानी, अमेरिकी व्यावसायिक और रूसी पुन: आपूर्ति यानों का आगमन शामिल होगा। अंतरिक्ष केंद्र के बाहर लगे वीडियो कैमरों ने सोयूज की शानदार तस्वीरें खींचीं। सुनीता 2006 में छह महीने तक आईएसएस में ठहरीं और अनुसंधान किया। सुनीता के पिता गुजरात के हैं और नासा ने 1998 में उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुना था। | भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके दो अन्य साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने सफलतापूर्वक अपने रूसी सोयूज अंतरिक्षयान को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र से जोड़ा। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कम्पनी गेल पर रियायती दर पर गैस आपूर्ति के जरिये निजी बिजली उत्पादक कम्पनियों को 246 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया।
सीएजी ने गेल पर यह भी आरोप लगाया कि वह उर्वरक कम्पनियों को रियायती गैस का गैर-उर्वरक बनाने में उपयोग से रोकने में असफल रही।
संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में सीएजी ने गेल पर आरोप लगाया कि वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से एक महीने तक अधिक गैस हासिल करने के लिए जुर्माना के तौर पर 29.78 करोड़ वसूलने में असफल रही।
रिपोर्ट में कहा गया कि मंत्रालय के निर्देश से अलग जाकर गेल ने उन अयोग्य ग्राहकों को रियायती दर पर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की, जो अपने ग्राहकों को वाणिज्यिक दर पर बिजली की आपूर्ति करते हैं।
सीएजी ने कारोबारी साल 2010-11 की रिपोर्ट में कहा, "गेल ने सरकार प्रशासित कीमत तंत्र (एपीएम) के तहत गैस की आपूर्ति ऐसी बिजली उत्पादक कम्पनियों को की, जिन्होंने 2006 में अपने ग्राहकों को वाणिज्यिक दरों पर आपूर्ति की। इससे गैस पूल खाते में 246.16 करोड़ रुपये की कम वसूली हुई, इससे ऐसे उत्पादकों को इतनी ही राशि का अनुचित लाभ मिला और योग्य ग्राहकों को यह लाभ नहीं मिल पाया।"
सरकार प्रशासित गैस सिर्फ उन बिजली कम्पनियों के लिए है, जो ग्रिड को आपूर्ति करने के लिए बिजली का उत्पादन करते हैं और जिनका वितरण सार्वजनिक उपभोक्ता कम्पनियों की मार्फत होता है।
सीएजी ने कहा कि गेल ऐसी प्रणाली का विकास करने में भी असफल रहा, जिससे यह तय किया जा सके कि किसी उर्वरक कम्पनियों ने गैर उर्वरक उत्पाद के निर्माण में कितनी गैस का उपयोग किया और उसके लिए भुगतान बाजार दर पर हो, न कि रियायती दर पर।टिप्पणियां
गैर उर्वरक के लिए उपयोग किए गए गैस की कीमत एक जनवरी 2009 से बाजार दर पर ली जानी थी। सीएजी ने कहा कि गैर उर्वरक उत्पादों के लिए गैस के उपयोग के मुद्दे के समाधान में तेल मंत्रालय और रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय में तालमेल का अभाव था।
रिपोर्ट में कहा गया, "इस स्थिति के कारण जुलाई 2005 से दिसम्बर 2008 की अवधि गैस पूल खाते में कम वसूली हुई और सरकार द्वारा उर्वरकों पर अधिक रियायत का भुगतान किया गया।"
सीएजी ने गेल पर यह भी आरोप लगाया कि वह उर्वरक कम्पनियों को रियायती गैस का गैर-उर्वरक बनाने में उपयोग से रोकने में असफल रही।
संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में सीएजी ने गेल पर आरोप लगाया कि वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से एक महीने तक अधिक गैस हासिल करने के लिए जुर्माना के तौर पर 29.78 करोड़ वसूलने में असफल रही।
रिपोर्ट में कहा गया कि मंत्रालय के निर्देश से अलग जाकर गेल ने उन अयोग्य ग्राहकों को रियायती दर पर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की, जो अपने ग्राहकों को वाणिज्यिक दर पर बिजली की आपूर्ति करते हैं।
सीएजी ने कारोबारी साल 2010-11 की रिपोर्ट में कहा, "गेल ने सरकार प्रशासित कीमत तंत्र (एपीएम) के तहत गैस की आपूर्ति ऐसी बिजली उत्पादक कम्पनियों को की, जिन्होंने 2006 में अपने ग्राहकों को वाणिज्यिक दरों पर आपूर्ति की। इससे गैस पूल खाते में 246.16 करोड़ रुपये की कम वसूली हुई, इससे ऐसे उत्पादकों को इतनी ही राशि का अनुचित लाभ मिला और योग्य ग्राहकों को यह लाभ नहीं मिल पाया।"
सरकार प्रशासित गैस सिर्फ उन बिजली कम्पनियों के लिए है, जो ग्रिड को आपूर्ति करने के लिए बिजली का उत्पादन करते हैं और जिनका वितरण सार्वजनिक उपभोक्ता कम्पनियों की मार्फत होता है।
सीएजी ने कहा कि गेल ऐसी प्रणाली का विकास करने में भी असफल रहा, जिससे यह तय किया जा सके कि किसी उर्वरक कम्पनियों ने गैर उर्वरक उत्पाद के निर्माण में कितनी गैस का उपयोग किया और उसके लिए भुगतान बाजार दर पर हो, न कि रियायती दर पर।टिप्पणियां
गैर उर्वरक के लिए उपयोग किए गए गैस की कीमत एक जनवरी 2009 से बाजार दर पर ली जानी थी। सीएजी ने कहा कि गैर उर्वरक उत्पादों के लिए गैस के उपयोग के मुद्दे के समाधान में तेल मंत्रालय और रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय में तालमेल का अभाव था।
रिपोर्ट में कहा गया, "इस स्थिति के कारण जुलाई 2005 से दिसम्बर 2008 की अवधि गैस पूल खाते में कम वसूली हुई और सरकार द्वारा उर्वरकों पर अधिक रियायत का भुगतान किया गया।"
संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में सीएजी ने गेल पर आरोप लगाया कि वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से एक महीने तक अधिक गैस हासिल करने के लिए जुर्माना के तौर पर 29.78 करोड़ वसूलने में असफल रही।
रिपोर्ट में कहा गया कि मंत्रालय के निर्देश से अलग जाकर गेल ने उन अयोग्य ग्राहकों को रियायती दर पर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की, जो अपने ग्राहकों को वाणिज्यिक दर पर बिजली की आपूर्ति करते हैं।
सीएजी ने कारोबारी साल 2010-11 की रिपोर्ट में कहा, "गेल ने सरकार प्रशासित कीमत तंत्र (एपीएम) के तहत गैस की आपूर्ति ऐसी बिजली उत्पादक कम्पनियों को की, जिन्होंने 2006 में अपने ग्राहकों को वाणिज्यिक दरों पर आपूर्ति की। इससे गैस पूल खाते में 246.16 करोड़ रुपये की कम वसूली हुई, इससे ऐसे उत्पादकों को इतनी ही राशि का अनुचित लाभ मिला और योग्य ग्राहकों को यह लाभ नहीं मिल पाया।"
सरकार प्रशासित गैस सिर्फ उन बिजली कम्पनियों के लिए है, जो ग्रिड को आपूर्ति करने के लिए बिजली का उत्पादन करते हैं और जिनका वितरण सार्वजनिक उपभोक्ता कम्पनियों की मार्फत होता है।
सीएजी ने कहा कि गेल ऐसी प्रणाली का विकास करने में भी असफल रहा, जिससे यह तय किया जा सके कि किसी उर्वरक कम्पनियों ने गैर उर्वरक उत्पाद के निर्माण में कितनी गैस का उपयोग किया और उसके लिए भुगतान बाजार दर पर हो, न कि रियायती दर पर।टिप्पणियां
गैर उर्वरक के लिए उपयोग किए गए गैस की कीमत एक जनवरी 2009 से बाजार दर पर ली जानी थी। सीएजी ने कहा कि गैर उर्वरक उत्पादों के लिए गैस के उपयोग के मुद्दे के समाधान में तेल मंत्रालय और रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय में तालमेल का अभाव था।
रिपोर्ट में कहा गया, "इस स्थिति के कारण जुलाई 2005 से दिसम्बर 2008 की अवधि गैस पूल खाते में कम वसूली हुई और सरकार द्वारा उर्वरकों पर अधिक रियायत का भुगतान किया गया।"
रिपोर्ट में कहा गया कि मंत्रालय के निर्देश से अलग जाकर गेल ने उन अयोग्य ग्राहकों को रियायती दर पर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की, जो अपने ग्राहकों को वाणिज्यिक दर पर बिजली की आपूर्ति करते हैं।
सीएजी ने कारोबारी साल 2010-11 की रिपोर्ट में कहा, "गेल ने सरकार प्रशासित कीमत तंत्र (एपीएम) के तहत गैस की आपूर्ति ऐसी बिजली उत्पादक कम्पनियों को की, जिन्होंने 2006 में अपने ग्राहकों को वाणिज्यिक दरों पर आपूर्ति की। इससे गैस पूल खाते में 246.16 करोड़ रुपये की कम वसूली हुई, इससे ऐसे उत्पादकों को इतनी ही राशि का अनुचित लाभ मिला और योग्य ग्राहकों को यह लाभ नहीं मिल पाया।"
सरकार प्रशासित गैस सिर्फ उन बिजली कम्पनियों के लिए है, जो ग्रिड को आपूर्ति करने के लिए बिजली का उत्पादन करते हैं और जिनका वितरण सार्वजनिक उपभोक्ता कम्पनियों की मार्फत होता है।
सीएजी ने कहा कि गेल ऐसी प्रणाली का विकास करने में भी असफल रहा, जिससे यह तय किया जा सके कि किसी उर्वरक कम्पनियों ने गैर उर्वरक उत्पाद के निर्माण में कितनी गैस का उपयोग किया और उसके लिए भुगतान बाजार दर पर हो, न कि रियायती दर पर।टिप्पणियां
गैर उर्वरक के लिए उपयोग किए गए गैस की कीमत एक जनवरी 2009 से बाजार दर पर ली जानी थी। सीएजी ने कहा कि गैर उर्वरक उत्पादों के लिए गैस के उपयोग के मुद्दे के समाधान में तेल मंत्रालय और रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय में तालमेल का अभाव था।
रिपोर्ट में कहा गया, "इस स्थिति के कारण जुलाई 2005 से दिसम्बर 2008 की अवधि गैस पूल खाते में कम वसूली हुई और सरकार द्वारा उर्वरकों पर अधिक रियायत का भुगतान किया गया।"
सीएजी ने कारोबारी साल 2010-11 की रिपोर्ट में कहा, "गेल ने सरकार प्रशासित कीमत तंत्र (एपीएम) के तहत गैस की आपूर्ति ऐसी बिजली उत्पादक कम्पनियों को की, जिन्होंने 2006 में अपने ग्राहकों को वाणिज्यिक दरों पर आपूर्ति की। इससे गैस पूल खाते में 246.16 करोड़ रुपये की कम वसूली हुई, इससे ऐसे उत्पादकों को इतनी ही राशि का अनुचित लाभ मिला और योग्य ग्राहकों को यह लाभ नहीं मिल पाया।"
सरकार प्रशासित गैस सिर्फ उन बिजली कम्पनियों के लिए है, जो ग्रिड को आपूर्ति करने के लिए बिजली का उत्पादन करते हैं और जिनका वितरण सार्वजनिक उपभोक्ता कम्पनियों की मार्फत होता है।
सीएजी ने कहा कि गेल ऐसी प्रणाली का विकास करने में भी असफल रहा, जिससे यह तय किया जा सके कि किसी उर्वरक कम्पनियों ने गैर उर्वरक उत्पाद के निर्माण में कितनी गैस का उपयोग किया और उसके लिए भुगतान बाजार दर पर हो, न कि रियायती दर पर।टिप्पणियां
गैर उर्वरक के लिए उपयोग किए गए गैस की कीमत एक जनवरी 2009 से बाजार दर पर ली जानी थी। सीएजी ने कहा कि गैर उर्वरक उत्पादों के लिए गैस के उपयोग के मुद्दे के समाधान में तेल मंत्रालय और रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय में तालमेल का अभाव था।
रिपोर्ट में कहा गया, "इस स्थिति के कारण जुलाई 2005 से दिसम्बर 2008 की अवधि गैस पूल खाते में कम वसूली हुई और सरकार द्वारा उर्वरकों पर अधिक रियायत का भुगतान किया गया।"
सरकार प्रशासित गैस सिर्फ उन बिजली कम्पनियों के लिए है, जो ग्रिड को आपूर्ति करने के लिए बिजली का उत्पादन करते हैं और जिनका वितरण सार्वजनिक उपभोक्ता कम्पनियों की मार्फत होता है।
सीएजी ने कहा कि गेल ऐसी प्रणाली का विकास करने में भी असफल रहा, जिससे यह तय किया जा सके कि किसी उर्वरक कम्पनियों ने गैर उर्वरक उत्पाद के निर्माण में कितनी गैस का उपयोग किया और उसके लिए भुगतान बाजार दर पर हो, न कि रियायती दर पर।टिप्पणियां
गैर उर्वरक के लिए उपयोग किए गए गैस की कीमत एक जनवरी 2009 से बाजार दर पर ली जानी थी। सीएजी ने कहा कि गैर उर्वरक उत्पादों के लिए गैस के उपयोग के मुद्दे के समाधान में तेल मंत्रालय और रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय में तालमेल का अभाव था।
रिपोर्ट में कहा गया, "इस स्थिति के कारण जुलाई 2005 से दिसम्बर 2008 की अवधि गैस पूल खाते में कम वसूली हुई और सरकार द्वारा उर्वरकों पर अधिक रियायत का भुगतान किया गया।"
सीएजी ने कहा कि गेल ऐसी प्रणाली का विकास करने में भी असफल रहा, जिससे यह तय किया जा सके कि किसी उर्वरक कम्पनियों ने गैर उर्वरक उत्पाद के निर्माण में कितनी गैस का उपयोग किया और उसके लिए भुगतान बाजार दर पर हो, न कि रियायती दर पर।टिप्पणियां
गैर उर्वरक के लिए उपयोग किए गए गैस की कीमत एक जनवरी 2009 से बाजार दर पर ली जानी थी। सीएजी ने कहा कि गैर उर्वरक उत्पादों के लिए गैस के उपयोग के मुद्दे के समाधान में तेल मंत्रालय और रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय में तालमेल का अभाव था।
रिपोर्ट में कहा गया, "इस स्थिति के कारण जुलाई 2005 से दिसम्बर 2008 की अवधि गैस पूल खाते में कम वसूली हुई और सरकार द्वारा उर्वरकों पर अधिक रियायत का भुगतान किया गया।"
गैर उर्वरक के लिए उपयोग किए गए गैस की कीमत एक जनवरी 2009 से बाजार दर पर ली जानी थी। सीएजी ने कहा कि गैर उर्वरक उत्पादों के लिए गैस के उपयोग के मुद्दे के समाधान में तेल मंत्रालय और रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय में तालमेल का अभाव था।
रिपोर्ट में कहा गया, "इस स्थिति के कारण जुलाई 2005 से दिसम्बर 2008 की अवधि गैस पूल खाते में कम वसूली हुई और सरकार द्वारा उर्वरकों पर अधिक रियायत का भुगतान किया गया।"
रिपोर्ट में कहा गया, "इस स्थिति के कारण जुलाई 2005 से दिसम्बर 2008 की अवधि गैस पूल खाते में कम वसूली हुई और सरकार द्वारा उर्वरकों पर अधिक रियायत का भुगतान किया गया।" | संक्षिप्त पाठ: सीएजी ने सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कम्पनी गेल पर रियायती दर पर गैस आपूर्ति के जरिये निजी बिजली उत्पादक कम्पनियों को 246 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सांप अगर भूखा और गुस्से में हो तो क्या कर सकता है इसका अंदाजा आप इस वीडियो को देखकर लगा सकते हैं. लेकिन हमारी सलाह यह है कि आपका दिल कमजोर है तो इसको बिलकुल न देखें. आस्ट्रेलिया में यह वीडियो सामने आया है जहां पर एक सांप ने किचन में इस्तेमाल होने वाले चिमटे को ही पूरी तरह से निगल गया लेकिन इस वजह से उसकी हालत मरने जैसे हो गई. हालांकि इस सांप के मुंह से चिमटा निकाल लिया गया है. इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया गया है. लेकिन जिस समय सांप इस चिमटे को निगलने की कोशिश कर रहा था लोग काफी डरे हुए थे और तस्वीरें कैद करने वाले शख्स के हाथ भी कांप रहे थे. जो शख्स सांप के मुंह से चिमटा निकाल रहा था उसने बताया कि सांप के जबड़ों में चिमटा फंस गया था और उसे निकालने में काफी दिक्कत हो रही थी.
डर इस बात का था कि चिमटा निकलते ही कहीं सांप उल्टा डंस न ले. इस बीच लोग उसको सावधान रहने की हिदायत भी दे रहे थे. जिस शख्स ने वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है उसने भी हिदायत दी है कि 'संवेदनशील' इस वीडियो को न देखें. साथ यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है, सांप ने पहले भी कई बार चिमटे को निगलने की कोशिश की है.
डर इस बात का था कि चिमटा निकलते ही कहीं सांप उल्टा डंस न ले. इस बीच लोग उसको सावधान रहने की हिदायत भी दे रहे थे. जिस शख्स ने वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है उसने भी हिदायत दी है कि 'संवेदनशील' इस वीडियो को न देखें. साथ यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है, सांप ने पहले भी कई बार चिमटे को निगलने की कोशिश की है. | यहाँ एक सारांश है:सांप निगल गया चिमटा
बड़ी कोशिश से उसके मुंह से निकाला गया
आस्ट्रेलिया में हुई घटना | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में रोड रेज के एक मामले में एक कॉलेज छात्र की गोली मारकर हत्या कर देने के आरोप में मई में गिरफ्तार किए गए रॉकी यादव को पटना हाईकोर्ट से ज़मानत मिल जाने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है.
राजधानी पटना से लगभग 107 किलोमीटर दूर गया में अपनी एसयूवी में सफर कर रहे रॉकी यादव, जिसका असली नाम राकेश रंजन यादव है, को अपने दोस्तों के साथ एक मारुति स्विफ्ट कार में जाते 19-वर्षीय आदित्य सचदेव ने ओवरटेक किया था. इसके बाद रॉकी ने कथित रूप से चेतावनी देने के लिए गोली चलाई, जिसकी वजह से आदित्य को अपनी कार रोकनी पड़ी. फिर अपनी रेंजरोवर से बाहर निकलकर रॉकी ने कथित रूप से आदित्य की पिटाई की, और फिर उसे गोली मार दी.
21-वर्षीय रॉकी बिहार की एक महिला राजनेता का पुत्र है, और उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि 12वीं कक्षा के छात्र आदित्य की मौत में उनके मुवक्किल की लिप्तता का कोई सीधा सबूत मौजूद नहीं है. टिप्पणियां
आदित्य की मां चांद ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि कोर्ट ने 'केस खोला तक नहीं', और वक्त से पहले ही रॉकी को ज़मानत दे दी है.
आदित्य के मारे जाने के रॉकी गायब हो गया था, और उसकी मां मनोरमा देवी को जनता दल यूनाइडेट (जेडीयू) से निलंबित कर दिया गया था. गौरतलब है कि जेडीयू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी है, जिन्होंने मीडिया पर रॉकी के मामले में मनोरमा देवी के राजनैतिक संपर्कों को ज़रूरत से ज़्यादा तूल देने का आरोप लगाया था. बाद में रॉकी को एक फैक्टरी से 10 लाख रुपये कीमत वाली पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया था.
राजधानी पटना से लगभग 107 किलोमीटर दूर गया में अपनी एसयूवी में सफर कर रहे रॉकी यादव, जिसका असली नाम राकेश रंजन यादव है, को अपने दोस्तों के साथ एक मारुति स्विफ्ट कार में जाते 19-वर्षीय आदित्य सचदेव ने ओवरटेक किया था. इसके बाद रॉकी ने कथित रूप से चेतावनी देने के लिए गोली चलाई, जिसकी वजह से आदित्य को अपनी कार रोकनी पड़ी. फिर अपनी रेंजरोवर से बाहर निकलकर रॉकी ने कथित रूप से आदित्य की पिटाई की, और फिर उसे गोली मार दी.
21-वर्षीय रॉकी बिहार की एक महिला राजनेता का पुत्र है, और उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि 12वीं कक्षा के छात्र आदित्य की मौत में उनके मुवक्किल की लिप्तता का कोई सीधा सबूत मौजूद नहीं है. टिप्पणियां
आदित्य की मां चांद ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि कोर्ट ने 'केस खोला तक नहीं', और वक्त से पहले ही रॉकी को ज़मानत दे दी है.
आदित्य के मारे जाने के रॉकी गायब हो गया था, और उसकी मां मनोरमा देवी को जनता दल यूनाइडेट (जेडीयू) से निलंबित कर दिया गया था. गौरतलब है कि जेडीयू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी है, जिन्होंने मीडिया पर रॉकी के मामले में मनोरमा देवी के राजनैतिक संपर्कों को ज़रूरत से ज़्यादा तूल देने का आरोप लगाया था. बाद में रॉकी को एक फैक्टरी से 10 लाख रुपये कीमत वाली पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया था.
21-वर्षीय रॉकी बिहार की एक महिला राजनेता का पुत्र है, और उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि 12वीं कक्षा के छात्र आदित्य की मौत में उनके मुवक्किल की लिप्तता का कोई सीधा सबूत मौजूद नहीं है. टिप्पणियां
आदित्य की मां चांद ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि कोर्ट ने 'केस खोला तक नहीं', और वक्त से पहले ही रॉकी को ज़मानत दे दी है.
आदित्य के मारे जाने के रॉकी गायब हो गया था, और उसकी मां मनोरमा देवी को जनता दल यूनाइडेट (जेडीयू) से निलंबित कर दिया गया था. गौरतलब है कि जेडीयू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी है, जिन्होंने मीडिया पर रॉकी के मामले में मनोरमा देवी के राजनैतिक संपर्कों को ज़रूरत से ज़्यादा तूल देने का आरोप लगाया था. बाद में रॉकी को एक फैक्टरी से 10 लाख रुपये कीमत वाली पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया था.
आदित्य की मां चांद ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि कोर्ट ने 'केस खोला तक नहीं', और वक्त से पहले ही रॉकी को ज़मानत दे दी है.
आदित्य के मारे जाने के रॉकी गायब हो गया था, और उसकी मां मनोरमा देवी को जनता दल यूनाइडेट (जेडीयू) से निलंबित कर दिया गया था. गौरतलब है कि जेडीयू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी है, जिन्होंने मीडिया पर रॉकी के मामले में मनोरमा देवी के राजनैतिक संपर्कों को ज़रूरत से ज़्यादा तूल देने का आरोप लगाया था. बाद में रॉकी को एक फैक्टरी से 10 लाख रुपये कीमत वाली पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया था.
आदित्य के मारे जाने के रॉकी गायब हो गया था, और उसकी मां मनोरमा देवी को जनता दल यूनाइडेट (जेडीयू) से निलंबित कर दिया गया था. गौरतलब है कि जेडीयू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी है, जिन्होंने मीडिया पर रॉकी के मामले में मनोरमा देवी के राजनैतिक संपर्कों को ज़रूरत से ज़्यादा तूल देने का आरोप लगाया था. बाद में रॉकी को एक फैक्टरी से 10 लाख रुपये कीमत वाली पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया था. | यहाँ एक सारांश है:रॉकी पर रोडरेज के मामले में 19-वर्षीय आदित्य सचदेव की हत्या का आरोप
रोडरेज की यह घटना मई में पटना से 107 किलोमीटर दूर गया में हुई थी
आदित्य की मां ने कहा कि कोर्ट ने 'केस खोला तक नहीं' और रॉकी को ज़मानत दी | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रुपये में भारी उतार चढ़ाव को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और बाजार नियामक सेबी द्वारा उठाए गए कदमों के बाद रुपया प्रमुख विदेशी मुद्राओं की तुलना में डॉलर में नरमी के रुख से आज रुपया 24 पैसे मजबूत होकर 59.41 प्रति डॉलर पर खुला।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख बेन बर्नांके ने कहा कि भारी प्रोत्साहन कार्यक्रम कुछ समय जारी रहेगा।टिप्पणियां
फारेक्स डीलरों ने कहा कि इसके अलावा निर्यातकों द्वारा डॉलर की बिकवाली किए जाने और स्थानीय शेयर बाजारों के मजबूती के साथ खुलने से भी रुपया की धारणा मजबूत हुई।
बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 49 पैसे मजबूत होकर 59.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख बेन बर्नांके ने कहा कि भारी प्रोत्साहन कार्यक्रम कुछ समय जारी रहेगा।टिप्पणियां
फारेक्स डीलरों ने कहा कि इसके अलावा निर्यातकों द्वारा डॉलर की बिकवाली किए जाने और स्थानीय शेयर बाजारों के मजबूती के साथ खुलने से भी रुपया की धारणा मजबूत हुई।
बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 49 पैसे मजबूत होकर 59.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
फारेक्स डीलरों ने कहा कि इसके अलावा निर्यातकों द्वारा डॉलर की बिकवाली किए जाने और स्थानीय शेयर बाजारों के मजबूती के साथ खुलने से भी रुपया की धारणा मजबूत हुई।
बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 49 पैसे मजबूत होकर 59.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 49 पैसे मजबूत होकर 59.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। | संक्षिप्त पाठ: फारेक्स डीलरों ने कहा कि इसके अलावा निर्यातकों द्वारा डॉलर की बिकवाली किए जाने और स्थानीय शेयर बाजारों के मजबूती के साथ खुलने से भी रुपया की धारणा मजबूत हुई। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एक संगठन ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सुझाव दिया है कि स्कूलों में प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी को शिक्षा का माध्यम बनाया जाए तथा विदेशी भाषाओं को किसी भारतीय भाषा के विकल्प के तौर पर नहीं रखा जाए.
'शिक्षा संस्किृत उत्थान न्यास' ने शिक्षा के संदर्भ में मंत्रालय को कई दूसरे सुझाव भी दिए हैं. मसलन, आईआईटी, आईआईएम और एनआईटी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में भारतीय भाषाओं में पढ़ाई के प्रबंध करने का सुझाव दिया गया है. उसने मंत्रालय से कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाते समय उसके सुझावों पर अमल किया जाए.टिप्पणियां
न्यास के सुझावों के अनुसार अंग्रेजी भाषा को संवाद और शिक्षा के माध्यम के तौर पर अनिवार्य नहीं बनाया जाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
'शिक्षा संस्किृत उत्थान न्यास' ने शिक्षा के संदर्भ में मंत्रालय को कई दूसरे सुझाव भी दिए हैं. मसलन, आईआईटी, आईआईएम और एनआईटी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में भारतीय भाषाओं में पढ़ाई के प्रबंध करने का सुझाव दिया गया है. उसने मंत्रालय से कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाते समय उसके सुझावों पर अमल किया जाए.टिप्पणियां
न्यास के सुझावों के अनुसार अंग्रेजी भाषा को संवाद और शिक्षा के माध्यम के तौर पर अनिवार्य नहीं बनाया जाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यास के सुझावों के अनुसार अंग्रेजी भाषा को संवाद और शिक्षा के माध्यम के तौर पर अनिवार्य नहीं बनाया जाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: आरएसएस से जुड़े संगठन 'शिक्षा संस्किृत उत्थान न्यास' ने दिया सुझाव
प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक अंग्रेजी की जगह हिंदी माध्यम में पढ़ाया जाए
IIT, IIM और NIT जैसे संस्थानों में भारतीय भाषाओं में पढ़ाई के प्रबंध हों | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विधानसभा चुनावों में बीजेपी को मिली जीत से देश का विपक्ष तो चिंतित है ही साथ में इसकी धमक विदेशों तक भी सुनाई दे रही है. चीनी मीडिया ने साफ कहा है कि बीजेपी की बढ़ती ताकत दोनों देशों के संबंधों के लिए नुकसानदायक हो सकती है.
चीन के सरकारी मीडिया ने टिप्पणी की है कि हाल में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में बीजेपी की धमाकेदार जीत का असर चीन भारत के रिश्तों पर पड़ेगा क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त रवैये को प्रोत्साहित करेगा और चीन जैसे देशों के साथ समझौते के लिए दिक्कतें पेश करेगा.
कम्युनिस्टि पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) द्वारा संचालित ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी ने हाल में सबसे ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश में जीत हासिल की है और कई अन्य प्रमुख राज्य चुनावों में भी अच्छा समर्थन हासिल किया है.
चुनाव के बाद चीन के सरकारी मीडिया ने पहली बार टिप्पणी की है. मीडिया कहता है कि नतीजे न केवल 2019 में होने वाले भारत के आम चुनावों में मोदी की जीतने की संभावना को बढ़ाते हैं बल्कि कई तो यह अनुमान जता चुके हैं कि उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलना पहले से ही तय है. मीडिया के लेख में कहा गया है कि बीजिंग-नई दिल्ली के रिश्तों के हाल में जटिल और नाजुक दौर में प्रवेश करने के बाद विशेषज्ञों ने मोदी के सत्ता पर पकड़ मजबूत होने के बाद से इस बात पर बारीक नजर रखना शुरू कर दी कि द्विपक्षीय संबंध कैसे विकसित होंगे.
नरेंद्र मोदी को काम करने वाले व्यक्ति और कड़ा रुख रखने वाली शख्सित के तौर पर बताते हुए लेख ने कहा कि उनके द्वारा भारत की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियां बदलाव के दौर से गुजरी हैं.अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में, उन्होंने किसी को नाराज नहीं करने की भारत की नीति को बदला है. लेख में कहा गया है कि मोदी का कड़ा रुख घरेलू नीतियों और कूटनीति दोनों पर दिखा है. घरेलू स्तर पर जैसे उच्च मूल्य वाले नोटों को बंद करना है.
लेख कहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत का किसी को कभी नाराज नहीं करने का पहले के रवैये को बदला है और अपने हितों को अधिकतम करने के लिए अन्य देशों के साथ विवादों पर स्पष्ट रुख अपनाना शुरू कर दिया. उन्होंने चीन और मॉस्को के साथ नई दिल्ली के संबंधों को बढ़ाया है और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सदस्यता के लिए आवेदन किया है. उसमें कहा गया है कि उन्होंने अमेरिका और जापान के साथ रक्षा सहयोग का विस्तार किया है और एशिया प्रशांत रणनीति में अमेरिका के फिर से संतुलन स्थापित करने के और दक्षिण चीन सागर विवाद पर वाशिंगटन के रुख पर अपना समर्थन जाहिर किया है.
लेख में कहा गया है कि अगर मोदी अगला चुनाव जीत जाते हैं तो भारत का मौजूदा दृढ़ और कड़ा रुख जारी रहेगा. इसमे कोई संदेह नहीं कि यह देश के विकास के लिए अच्छी खबर होगी. इसमें कहा गया है कि फिर भी अन्य देशों के साथ समझौते करने में ज्यादा मुश्किलें होंगी. बीजिंग और नई दिल्ली के बीच सीमा विवाद को लें. कोई उम्मीद की किरण अब तक नहीं उभरी है और मोदी, चीन-भारत सीमा पर सैनिकों के साथ दीवाली मनाकर अपना दृढ़ रुख दिखा चुके हैं.टिप्पणियां
लेख कहता है कि अगर दोनों पक्ष इच्छुक हैं तो हम नई दिल्ली के साथ मोदी के कार्यकाल के दौरान सीमा विवाद सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए आशावादी हो सकते हैं. लेख में कहा गया है कि यह चीन को भी एक मौका देता है कि वह भारत सरकार के कड़े रुख के बावजूद बीजिंग-नई दिल्ली के संबंधों को कैसे सुधारे इस पर अधिक विचार करे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चीन के सरकारी मीडिया ने टिप्पणी की है कि हाल में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में बीजेपी की धमाकेदार जीत का असर चीन भारत के रिश्तों पर पड़ेगा क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त रवैये को प्रोत्साहित करेगा और चीन जैसे देशों के साथ समझौते के लिए दिक्कतें पेश करेगा.
कम्युनिस्टि पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) द्वारा संचालित ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी ने हाल में सबसे ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश में जीत हासिल की है और कई अन्य प्रमुख राज्य चुनावों में भी अच्छा समर्थन हासिल किया है.
चुनाव के बाद चीन के सरकारी मीडिया ने पहली बार टिप्पणी की है. मीडिया कहता है कि नतीजे न केवल 2019 में होने वाले भारत के आम चुनावों में मोदी की जीतने की संभावना को बढ़ाते हैं बल्कि कई तो यह अनुमान जता चुके हैं कि उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलना पहले से ही तय है. मीडिया के लेख में कहा गया है कि बीजिंग-नई दिल्ली के रिश्तों के हाल में जटिल और नाजुक दौर में प्रवेश करने के बाद विशेषज्ञों ने मोदी के सत्ता पर पकड़ मजबूत होने के बाद से इस बात पर बारीक नजर रखना शुरू कर दी कि द्विपक्षीय संबंध कैसे विकसित होंगे.
नरेंद्र मोदी को काम करने वाले व्यक्ति और कड़ा रुख रखने वाली शख्सित के तौर पर बताते हुए लेख ने कहा कि उनके द्वारा भारत की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियां बदलाव के दौर से गुजरी हैं.अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में, उन्होंने किसी को नाराज नहीं करने की भारत की नीति को बदला है. लेख में कहा गया है कि मोदी का कड़ा रुख घरेलू नीतियों और कूटनीति दोनों पर दिखा है. घरेलू स्तर पर जैसे उच्च मूल्य वाले नोटों को बंद करना है.
लेख कहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत का किसी को कभी नाराज नहीं करने का पहले के रवैये को बदला है और अपने हितों को अधिकतम करने के लिए अन्य देशों के साथ विवादों पर स्पष्ट रुख अपनाना शुरू कर दिया. उन्होंने चीन और मॉस्को के साथ नई दिल्ली के संबंधों को बढ़ाया है और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सदस्यता के लिए आवेदन किया है. उसमें कहा गया है कि उन्होंने अमेरिका और जापान के साथ रक्षा सहयोग का विस्तार किया है और एशिया प्रशांत रणनीति में अमेरिका के फिर से संतुलन स्थापित करने के और दक्षिण चीन सागर विवाद पर वाशिंगटन के रुख पर अपना समर्थन जाहिर किया है.
लेख में कहा गया है कि अगर मोदी अगला चुनाव जीत जाते हैं तो भारत का मौजूदा दृढ़ और कड़ा रुख जारी रहेगा. इसमे कोई संदेह नहीं कि यह देश के विकास के लिए अच्छी खबर होगी. इसमें कहा गया है कि फिर भी अन्य देशों के साथ समझौते करने में ज्यादा मुश्किलें होंगी. बीजिंग और नई दिल्ली के बीच सीमा विवाद को लें. कोई उम्मीद की किरण अब तक नहीं उभरी है और मोदी, चीन-भारत सीमा पर सैनिकों के साथ दीवाली मनाकर अपना दृढ़ रुख दिखा चुके हैं.टिप्पणियां
लेख कहता है कि अगर दोनों पक्ष इच्छुक हैं तो हम नई दिल्ली के साथ मोदी के कार्यकाल के दौरान सीमा विवाद सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए आशावादी हो सकते हैं. लेख में कहा गया है कि यह चीन को भी एक मौका देता है कि वह भारत सरकार के कड़े रुख के बावजूद बीजिंग-नई दिल्ली के संबंधों को कैसे सुधारे इस पर अधिक विचार करे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कम्युनिस्टि पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) द्वारा संचालित ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी ने हाल में सबसे ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश में जीत हासिल की है और कई अन्य प्रमुख राज्य चुनावों में भी अच्छा समर्थन हासिल किया है.
चुनाव के बाद चीन के सरकारी मीडिया ने पहली बार टिप्पणी की है. मीडिया कहता है कि नतीजे न केवल 2019 में होने वाले भारत के आम चुनावों में मोदी की जीतने की संभावना को बढ़ाते हैं बल्कि कई तो यह अनुमान जता चुके हैं कि उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलना पहले से ही तय है. मीडिया के लेख में कहा गया है कि बीजिंग-नई दिल्ली के रिश्तों के हाल में जटिल और नाजुक दौर में प्रवेश करने के बाद विशेषज्ञों ने मोदी के सत्ता पर पकड़ मजबूत होने के बाद से इस बात पर बारीक नजर रखना शुरू कर दी कि द्विपक्षीय संबंध कैसे विकसित होंगे.
नरेंद्र मोदी को काम करने वाले व्यक्ति और कड़ा रुख रखने वाली शख्सित के तौर पर बताते हुए लेख ने कहा कि उनके द्वारा भारत की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियां बदलाव के दौर से गुजरी हैं.अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में, उन्होंने किसी को नाराज नहीं करने की भारत की नीति को बदला है. लेख में कहा गया है कि मोदी का कड़ा रुख घरेलू नीतियों और कूटनीति दोनों पर दिखा है. घरेलू स्तर पर जैसे उच्च मूल्य वाले नोटों को बंद करना है.
लेख कहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत का किसी को कभी नाराज नहीं करने का पहले के रवैये को बदला है और अपने हितों को अधिकतम करने के लिए अन्य देशों के साथ विवादों पर स्पष्ट रुख अपनाना शुरू कर दिया. उन्होंने चीन और मॉस्को के साथ नई दिल्ली के संबंधों को बढ़ाया है और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सदस्यता के लिए आवेदन किया है. उसमें कहा गया है कि उन्होंने अमेरिका और जापान के साथ रक्षा सहयोग का विस्तार किया है और एशिया प्रशांत रणनीति में अमेरिका के फिर से संतुलन स्थापित करने के और दक्षिण चीन सागर विवाद पर वाशिंगटन के रुख पर अपना समर्थन जाहिर किया है.
लेख में कहा गया है कि अगर मोदी अगला चुनाव जीत जाते हैं तो भारत का मौजूदा दृढ़ और कड़ा रुख जारी रहेगा. इसमे कोई संदेह नहीं कि यह देश के विकास के लिए अच्छी खबर होगी. इसमें कहा गया है कि फिर भी अन्य देशों के साथ समझौते करने में ज्यादा मुश्किलें होंगी. बीजिंग और नई दिल्ली के बीच सीमा विवाद को लें. कोई उम्मीद की किरण अब तक नहीं उभरी है और मोदी, चीन-भारत सीमा पर सैनिकों के साथ दीवाली मनाकर अपना दृढ़ रुख दिखा चुके हैं.टिप्पणियां
लेख कहता है कि अगर दोनों पक्ष इच्छुक हैं तो हम नई दिल्ली के साथ मोदी के कार्यकाल के दौरान सीमा विवाद सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए आशावादी हो सकते हैं. लेख में कहा गया है कि यह चीन को भी एक मौका देता है कि वह भारत सरकार के कड़े रुख के बावजूद बीजिंग-नई दिल्ली के संबंधों को कैसे सुधारे इस पर अधिक विचार करे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चुनाव के बाद चीन के सरकारी मीडिया ने पहली बार टिप्पणी की है. मीडिया कहता है कि नतीजे न केवल 2019 में होने वाले भारत के आम चुनावों में मोदी की जीतने की संभावना को बढ़ाते हैं बल्कि कई तो यह अनुमान जता चुके हैं कि उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलना पहले से ही तय है. मीडिया के लेख में कहा गया है कि बीजिंग-नई दिल्ली के रिश्तों के हाल में जटिल और नाजुक दौर में प्रवेश करने के बाद विशेषज्ञों ने मोदी के सत्ता पर पकड़ मजबूत होने के बाद से इस बात पर बारीक नजर रखना शुरू कर दी कि द्विपक्षीय संबंध कैसे विकसित होंगे.
नरेंद्र मोदी को काम करने वाले व्यक्ति और कड़ा रुख रखने वाली शख्सित के तौर पर बताते हुए लेख ने कहा कि उनके द्वारा भारत की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियां बदलाव के दौर से गुजरी हैं.अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में, उन्होंने किसी को नाराज नहीं करने की भारत की नीति को बदला है. लेख में कहा गया है कि मोदी का कड़ा रुख घरेलू नीतियों और कूटनीति दोनों पर दिखा है. घरेलू स्तर पर जैसे उच्च मूल्य वाले नोटों को बंद करना है.
लेख कहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत का किसी को कभी नाराज नहीं करने का पहले के रवैये को बदला है और अपने हितों को अधिकतम करने के लिए अन्य देशों के साथ विवादों पर स्पष्ट रुख अपनाना शुरू कर दिया. उन्होंने चीन और मॉस्को के साथ नई दिल्ली के संबंधों को बढ़ाया है और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सदस्यता के लिए आवेदन किया है. उसमें कहा गया है कि उन्होंने अमेरिका और जापान के साथ रक्षा सहयोग का विस्तार किया है और एशिया प्रशांत रणनीति में अमेरिका के फिर से संतुलन स्थापित करने के और दक्षिण चीन सागर विवाद पर वाशिंगटन के रुख पर अपना समर्थन जाहिर किया है.
लेख में कहा गया है कि अगर मोदी अगला चुनाव जीत जाते हैं तो भारत का मौजूदा दृढ़ और कड़ा रुख जारी रहेगा. इसमे कोई संदेह नहीं कि यह देश के विकास के लिए अच्छी खबर होगी. इसमें कहा गया है कि फिर भी अन्य देशों के साथ समझौते करने में ज्यादा मुश्किलें होंगी. बीजिंग और नई दिल्ली के बीच सीमा विवाद को लें. कोई उम्मीद की किरण अब तक नहीं उभरी है और मोदी, चीन-भारत सीमा पर सैनिकों के साथ दीवाली मनाकर अपना दृढ़ रुख दिखा चुके हैं.टिप्पणियां
लेख कहता है कि अगर दोनों पक्ष इच्छुक हैं तो हम नई दिल्ली के साथ मोदी के कार्यकाल के दौरान सीमा विवाद सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए आशावादी हो सकते हैं. लेख में कहा गया है कि यह चीन को भी एक मौका देता है कि वह भारत सरकार के कड़े रुख के बावजूद बीजिंग-नई दिल्ली के संबंधों को कैसे सुधारे इस पर अधिक विचार करे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नरेंद्र मोदी को काम करने वाले व्यक्ति और कड़ा रुख रखने वाली शख्सित के तौर पर बताते हुए लेख ने कहा कि उनके द्वारा भारत की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियां बदलाव के दौर से गुजरी हैं.अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में, उन्होंने किसी को नाराज नहीं करने की भारत की नीति को बदला है. लेख में कहा गया है कि मोदी का कड़ा रुख घरेलू नीतियों और कूटनीति दोनों पर दिखा है. घरेलू स्तर पर जैसे उच्च मूल्य वाले नोटों को बंद करना है.
लेख कहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत का किसी को कभी नाराज नहीं करने का पहले के रवैये को बदला है और अपने हितों को अधिकतम करने के लिए अन्य देशों के साथ विवादों पर स्पष्ट रुख अपनाना शुरू कर दिया. उन्होंने चीन और मॉस्को के साथ नई दिल्ली के संबंधों को बढ़ाया है और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सदस्यता के लिए आवेदन किया है. उसमें कहा गया है कि उन्होंने अमेरिका और जापान के साथ रक्षा सहयोग का विस्तार किया है और एशिया प्रशांत रणनीति में अमेरिका के फिर से संतुलन स्थापित करने के और दक्षिण चीन सागर विवाद पर वाशिंगटन के रुख पर अपना समर्थन जाहिर किया है.
लेख में कहा गया है कि अगर मोदी अगला चुनाव जीत जाते हैं तो भारत का मौजूदा दृढ़ और कड़ा रुख जारी रहेगा. इसमे कोई संदेह नहीं कि यह देश के विकास के लिए अच्छी खबर होगी. इसमें कहा गया है कि फिर भी अन्य देशों के साथ समझौते करने में ज्यादा मुश्किलें होंगी. बीजिंग और नई दिल्ली के बीच सीमा विवाद को लें. कोई उम्मीद की किरण अब तक नहीं उभरी है और मोदी, चीन-भारत सीमा पर सैनिकों के साथ दीवाली मनाकर अपना दृढ़ रुख दिखा चुके हैं.टिप्पणियां
लेख कहता है कि अगर दोनों पक्ष इच्छुक हैं तो हम नई दिल्ली के साथ मोदी के कार्यकाल के दौरान सीमा विवाद सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए आशावादी हो सकते हैं. लेख में कहा गया है कि यह चीन को भी एक मौका देता है कि वह भारत सरकार के कड़े रुख के बावजूद बीजिंग-नई दिल्ली के संबंधों को कैसे सुधारे इस पर अधिक विचार करे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेख कहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत का किसी को कभी नाराज नहीं करने का पहले के रवैये को बदला है और अपने हितों को अधिकतम करने के लिए अन्य देशों के साथ विवादों पर स्पष्ट रुख अपनाना शुरू कर दिया. उन्होंने चीन और मॉस्को के साथ नई दिल्ली के संबंधों को बढ़ाया है और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सदस्यता के लिए आवेदन किया है. उसमें कहा गया है कि उन्होंने अमेरिका और जापान के साथ रक्षा सहयोग का विस्तार किया है और एशिया प्रशांत रणनीति में अमेरिका के फिर से संतुलन स्थापित करने के और दक्षिण चीन सागर विवाद पर वाशिंगटन के रुख पर अपना समर्थन जाहिर किया है.
लेख में कहा गया है कि अगर मोदी अगला चुनाव जीत जाते हैं तो भारत का मौजूदा दृढ़ और कड़ा रुख जारी रहेगा. इसमे कोई संदेह नहीं कि यह देश के विकास के लिए अच्छी खबर होगी. इसमें कहा गया है कि फिर भी अन्य देशों के साथ समझौते करने में ज्यादा मुश्किलें होंगी. बीजिंग और नई दिल्ली के बीच सीमा विवाद को लें. कोई उम्मीद की किरण अब तक नहीं उभरी है और मोदी, चीन-भारत सीमा पर सैनिकों के साथ दीवाली मनाकर अपना दृढ़ रुख दिखा चुके हैं.टिप्पणियां
लेख कहता है कि अगर दोनों पक्ष इच्छुक हैं तो हम नई दिल्ली के साथ मोदी के कार्यकाल के दौरान सीमा विवाद सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए आशावादी हो सकते हैं. लेख में कहा गया है कि यह चीन को भी एक मौका देता है कि वह भारत सरकार के कड़े रुख के बावजूद बीजिंग-नई दिल्ली के संबंधों को कैसे सुधारे इस पर अधिक विचार करे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेख में कहा गया है कि अगर मोदी अगला चुनाव जीत जाते हैं तो भारत का मौजूदा दृढ़ और कड़ा रुख जारी रहेगा. इसमे कोई संदेह नहीं कि यह देश के विकास के लिए अच्छी खबर होगी. इसमें कहा गया है कि फिर भी अन्य देशों के साथ समझौते करने में ज्यादा मुश्किलें होंगी. बीजिंग और नई दिल्ली के बीच सीमा विवाद को लें. कोई उम्मीद की किरण अब तक नहीं उभरी है और मोदी, चीन-भारत सीमा पर सैनिकों के साथ दीवाली मनाकर अपना दृढ़ रुख दिखा चुके हैं.टिप्पणियां
लेख कहता है कि अगर दोनों पक्ष इच्छुक हैं तो हम नई दिल्ली के साथ मोदी के कार्यकाल के दौरान सीमा विवाद सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए आशावादी हो सकते हैं. लेख में कहा गया है कि यह चीन को भी एक मौका देता है कि वह भारत सरकार के कड़े रुख के बावजूद बीजिंग-नई दिल्ली के संबंधों को कैसे सुधारे इस पर अधिक विचार करे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेख कहता है कि अगर दोनों पक्ष इच्छुक हैं तो हम नई दिल्ली के साथ मोदी के कार्यकाल के दौरान सीमा विवाद सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए आशावादी हो सकते हैं. लेख में कहा गया है कि यह चीन को भी एक मौका देता है कि वह भारत सरकार के कड़े रुख के बावजूद बीजिंग-नई दिल्ली के संबंधों को कैसे सुधारे इस पर अधिक विचार करे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: चीनी मीडिया के मुताबिक, नरेंद्र मोदी को दूसरा कार्यकाल मिलना तय है
नरेंद्र मोदी का कड़ा रुख घरेलू नीतियों और कूटनीति दोनों पर दिखा है
बीजिंग, नई दिल्ली के संबंधों को कैसे सुधारे इस पर अधिक विचार करे | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विराट कोहली ने मैच के बाद कहा कि हम गाले के मैदान पर 2015 में अपना मैच गंवा बैठे थे तो हमने अपनी हार का बदला ले लिया है. मैं अपनी टीम के के प्रदर्शन से खुश हूं. यह जीत इसलिए खास है. जीत से दौरे का आगाज हुआ है. अभिनव ने अच्छे बल्लेबाजी की और वह शतक का हकदार था. टिप्पणियांINDvsSL Test: पहले ही दिन से टीम इंडिया ने बना लिया था वर्चस्व, बड़ी जीत की 4 खास बातें
वहीं श्रीलंका के कार्यवाहक कप्तान रंगना हेराथ ने कहा कि मेरी अंगुली में लगी चोट सही हो रही है. आशा करता हूं कि जल्द ठीक हो जाएगी. टॉस की बहुत ज्यादा भूमिका नहीं रही. टीम इंडिया ने हर तरह से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. निश्चित रूप से वह जीत की हकदार थी.
INDvsSL Test: पहले ही दिन से टीम इंडिया ने बना लिया था वर्चस्व, बड़ी जीत की 4 खास बातें
वहीं श्रीलंका के कार्यवाहक कप्तान रंगना हेराथ ने कहा कि मेरी अंगुली में लगी चोट सही हो रही है. आशा करता हूं कि जल्द ठीक हो जाएगी. टॉस की बहुत ज्यादा भूमिका नहीं रही. टीम इंडिया ने हर तरह से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. निश्चित रूप से वह जीत की हकदार थी.
वहीं श्रीलंका के कार्यवाहक कप्तान रंगना हेराथ ने कहा कि मेरी अंगुली में लगी चोट सही हो रही है. आशा करता हूं कि जल्द ठीक हो जाएगी. टॉस की बहुत ज्यादा भूमिका नहीं रही. टीम इंडिया ने हर तरह से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. निश्चित रूप से वह जीत की हकदार थी. | संक्षिप्त सारांश: भारतीय टीम ने श्रीलंका 304 रन से करारी शिकस्त दी
भारत ने चौथे दिन ही मैच अपनी झोली में डाल लिया
भारत ने जीत के लिए 550 रन का पहाड़ा सा लक्ष्य दिया था | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सैन्य प्रमुखों की मांगों को नजरअंदाज करते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने उनसे बिना देरी किए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन करने को कहा है. पिछले हफ्ते तीनों सर्विसेज आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ने अपने यहां संकेत (सिग्नल) दिए थे कि जब तक विसंगतियों को दूर नहीं किया जाता तब तक सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लंबित रखा जाएगा.
सोमवार को चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने इस सिलसिले में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात कर सैन्य बलों के लिए वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन से पहले इनमें व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की जरूरत पर बल दिया.
उच्च पदस्थ सूत्रों ने NDTV को बताया कि पर्रिकर ने धैर्यपूर्वक सैन्य बलों की मांगों को सुना लेकिन दृढ़तापूर्वक कहा कि सातवें वेतन आयोग का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए और विसंगतियों पर सरकार गौर करेगी.
दरअसल सैन्य बलों की प्रमुख मांगों से एक नान-फंक्शनल अपग्रेड (एनएफयू) का मसला है. ये सुविधा नौकरशाहों को उपलब्ध है लेकिन सैन्य बलों को यह सुविधा नहीं मिलती. ये वास्तव में उच्च प्रशासनिक ग्रेड (एचएजी) में शामिल होने तक ऑटोमेटिक समयबद्ध ढंग से वेतन में बढ़ोतरी से संबंधित है. इसके अलावा सिविल नौकरशाही से भिन्न वेतनमान का मामला भी है. सरकार ने इन मुद्दों को देखने के लिए एक विसंगति आयोग का गठन किया है.
रक्षा मंत्री पर्रिकर का बलों को सख्त संदेश ऐसे समय में दिया गया है जब सरकार में मोटे तौर पर यह महसूस किया जा रहा है कि सेना के वेतन और सुविधाएं बाकी अधिकांश सरकारी सेवाओं की तुलना में बेहतर हैं.टिप्पणियां
इस संबंध में सूत्रों के मुताबिक, ''मिलिट्री को पेंशन की सुविधा उपलब्ध है जबकि अब अन्य किसी सेवा में पेंशन का प्रावधान नहीं है, इसके साथ ही मिलिट्री को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की सुविधा भी उपलब्ध है जबकि अन्य किसी सेवा में यह उपलब्ध नहीं है.''
इसके मद्देनजर बलों के अपने पूर्व सिग्नल से पीछे हटते हुए सातवें वेतन आयोग को क्रियान्वित करने के लिए कदम उठाना देखने वाली बात होगी.
सोमवार को चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने इस सिलसिले में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात कर सैन्य बलों के लिए वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन से पहले इनमें व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की जरूरत पर बल दिया.
उच्च पदस्थ सूत्रों ने NDTV को बताया कि पर्रिकर ने धैर्यपूर्वक सैन्य बलों की मांगों को सुना लेकिन दृढ़तापूर्वक कहा कि सातवें वेतन आयोग का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए और विसंगतियों पर सरकार गौर करेगी.
दरअसल सैन्य बलों की प्रमुख मांगों से एक नान-फंक्शनल अपग्रेड (एनएफयू) का मसला है. ये सुविधा नौकरशाहों को उपलब्ध है लेकिन सैन्य बलों को यह सुविधा नहीं मिलती. ये वास्तव में उच्च प्रशासनिक ग्रेड (एचएजी) में शामिल होने तक ऑटोमेटिक समयबद्ध ढंग से वेतन में बढ़ोतरी से संबंधित है. इसके अलावा सिविल नौकरशाही से भिन्न वेतनमान का मामला भी है. सरकार ने इन मुद्दों को देखने के लिए एक विसंगति आयोग का गठन किया है.
रक्षा मंत्री पर्रिकर का बलों को सख्त संदेश ऐसे समय में दिया गया है जब सरकार में मोटे तौर पर यह महसूस किया जा रहा है कि सेना के वेतन और सुविधाएं बाकी अधिकांश सरकारी सेवाओं की तुलना में बेहतर हैं.टिप्पणियां
इस संबंध में सूत्रों के मुताबिक, ''मिलिट्री को पेंशन की सुविधा उपलब्ध है जबकि अब अन्य किसी सेवा में पेंशन का प्रावधान नहीं है, इसके साथ ही मिलिट्री को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की सुविधा भी उपलब्ध है जबकि अन्य किसी सेवा में यह उपलब्ध नहीं है.''
इसके मद्देनजर बलों के अपने पूर्व सिग्नल से पीछे हटते हुए सातवें वेतन आयोग को क्रियान्वित करने के लिए कदम उठाना देखने वाली बात होगी.
उच्च पदस्थ सूत्रों ने NDTV को बताया कि पर्रिकर ने धैर्यपूर्वक सैन्य बलों की मांगों को सुना लेकिन दृढ़तापूर्वक कहा कि सातवें वेतन आयोग का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए और विसंगतियों पर सरकार गौर करेगी.
दरअसल सैन्य बलों की प्रमुख मांगों से एक नान-फंक्शनल अपग्रेड (एनएफयू) का मसला है. ये सुविधा नौकरशाहों को उपलब्ध है लेकिन सैन्य बलों को यह सुविधा नहीं मिलती. ये वास्तव में उच्च प्रशासनिक ग्रेड (एचएजी) में शामिल होने तक ऑटोमेटिक समयबद्ध ढंग से वेतन में बढ़ोतरी से संबंधित है. इसके अलावा सिविल नौकरशाही से भिन्न वेतनमान का मामला भी है. सरकार ने इन मुद्दों को देखने के लिए एक विसंगति आयोग का गठन किया है.
रक्षा मंत्री पर्रिकर का बलों को सख्त संदेश ऐसे समय में दिया गया है जब सरकार में मोटे तौर पर यह महसूस किया जा रहा है कि सेना के वेतन और सुविधाएं बाकी अधिकांश सरकारी सेवाओं की तुलना में बेहतर हैं.टिप्पणियां
इस संबंध में सूत्रों के मुताबिक, ''मिलिट्री को पेंशन की सुविधा उपलब्ध है जबकि अब अन्य किसी सेवा में पेंशन का प्रावधान नहीं है, इसके साथ ही मिलिट्री को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की सुविधा भी उपलब्ध है जबकि अन्य किसी सेवा में यह उपलब्ध नहीं है.''
इसके मद्देनजर बलों के अपने पूर्व सिग्नल से पीछे हटते हुए सातवें वेतन आयोग को क्रियान्वित करने के लिए कदम उठाना देखने वाली बात होगी.
दरअसल सैन्य बलों की प्रमुख मांगों से एक नान-फंक्शनल अपग्रेड (एनएफयू) का मसला है. ये सुविधा नौकरशाहों को उपलब्ध है लेकिन सैन्य बलों को यह सुविधा नहीं मिलती. ये वास्तव में उच्च प्रशासनिक ग्रेड (एचएजी) में शामिल होने तक ऑटोमेटिक समयबद्ध ढंग से वेतन में बढ़ोतरी से संबंधित है. इसके अलावा सिविल नौकरशाही से भिन्न वेतनमान का मामला भी है. सरकार ने इन मुद्दों को देखने के लिए एक विसंगति आयोग का गठन किया है.
रक्षा मंत्री पर्रिकर का बलों को सख्त संदेश ऐसे समय में दिया गया है जब सरकार में मोटे तौर पर यह महसूस किया जा रहा है कि सेना के वेतन और सुविधाएं बाकी अधिकांश सरकारी सेवाओं की तुलना में बेहतर हैं.टिप्पणियां
इस संबंध में सूत्रों के मुताबिक, ''मिलिट्री को पेंशन की सुविधा उपलब्ध है जबकि अब अन्य किसी सेवा में पेंशन का प्रावधान नहीं है, इसके साथ ही मिलिट्री को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की सुविधा भी उपलब्ध है जबकि अन्य किसी सेवा में यह उपलब्ध नहीं है.''
इसके मद्देनजर बलों के अपने पूर्व सिग्नल से पीछे हटते हुए सातवें वेतन आयोग को क्रियान्वित करने के लिए कदम उठाना देखने वाली बात होगी.
रक्षा मंत्री पर्रिकर का बलों को सख्त संदेश ऐसे समय में दिया गया है जब सरकार में मोटे तौर पर यह महसूस किया जा रहा है कि सेना के वेतन और सुविधाएं बाकी अधिकांश सरकारी सेवाओं की तुलना में बेहतर हैं.टिप्पणियां
इस संबंध में सूत्रों के मुताबिक, ''मिलिट्री को पेंशन की सुविधा उपलब्ध है जबकि अब अन्य किसी सेवा में पेंशन का प्रावधान नहीं है, इसके साथ ही मिलिट्री को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की सुविधा भी उपलब्ध है जबकि अन्य किसी सेवा में यह उपलब्ध नहीं है.''
इसके मद्देनजर बलों के अपने पूर्व सिग्नल से पीछे हटते हुए सातवें वेतन आयोग को क्रियान्वित करने के लिए कदम उठाना देखने वाली बात होगी.
इस संबंध में सूत्रों के मुताबिक, ''मिलिट्री को पेंशन की सुविधा उपलब्ध है जबकि अब अन्य किसी सेवा में पेंशन का प्रावधान नहीं है, इसके साथ ही मिलिट्री को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की सुविधा भी उपलब्ध है जबकि अन्य किसी सेवा में यह उपलब्ध नहीं है.''
इसके मद्देनजर बलों के अपने पूर्व सिग्नल से पीछे हटते हुए सातवें वेतन आयोग को क्रियान्वित करने के लिए कदम उठाना देखने वाली बात होगी.
इसके मद्देनजर बलों के अपने पूर्व सिग्नल से पीछे हटते हुए सातवें वेतन आयोग को क्रियान्वित करने के लिए कदम उठाना देखने वाली बात होगी. | सारांश: अरूप राहा ने रक्षा मंत्री से मुलाकात की
बलों ने विसंगतियों को दूर करने की मांग की
पर्रिकर ने दृढ़तापूर्वक वेतन आयोग का क्रियान्वयन करने को कहा | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि राज्य में जून के मध्य में आई जल प्रलय के बाद से केदारनाथ में बंद पड़ी पूजा अर्चना 11 सितंबर से शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि पूजा सुबह 7 बजे से पूर्वाह्न 11 बजे के बीच होगी और दीवाली पर मंदिर के कपाट बंद होने तक जारी रहेगी।टिप्पणियां
बहुगुणा ने पूजा अर्चना की तैयारियों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं को बताया कि यद्यपि पूजा शुरू हो रही है, लेकिन इस हिमालयी तीर्थस्थल के लिए तीर्थयात्रा शुरू करने पर कोई फैसला 30 सितंबर की समीक्षा बैठक के बाद ही लिया जाएगा।
फैसला किया गया कि मंदिर समिति पदाधिकारियों और नामित पुजारियों सहित 24 लोगों की सूची देगी, जो पूजा अर्चना का काम देखेंगे।
उन्होंने कहा कि पूजा सुबह 7 बजे से पूर्वाह्न 11 बजे के बीच होगी और दीवाली पर मंदिर के कपाट बंद होने तक जारी रहेगी।टिप्पणियां
बहुगुणा ने पूजा अर्चना की तैयारियों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं को बताया कि यद्यपि पूजा शुरू हो रही है, लेकिन इस हिमालयी तीर्थस्थल के लिए तीर्थयात्रा शुरू करने पर कोई फैसला 30 सितंबर की समीक्षा बैठक के बाद ही लिया जाएगा।
फैसला किया गया कि मंदिर समिति पदाधिकारियों और नामित पुजारियों सहित 24 लोगों की सूची देगी, जो पूजा अर्चना का काम देखेंगे।
बहुगुणा ने पूजा अर्चना की तैयारियों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं को बताया कि यद्यपि पूजा शुरू हो रही है, लेकिन इस हिमालयी तीर्थस्थल के लिए तीर्थयात्रा शुरू करने पर कोई फैसला 30 सितंबर की समीक्षा बैठक के बाद ही लिया जाएगा।
फैसला किया गया कि मंदिर समिति पदाधिकारियों और नामित पुजारियों सहित 24 लोगों की सूची देगी, जो पूजा अर्चना का काम देखेंगे।
फैसला किया गया कि मंदिर समिति पदाधिकारियों और नामित पुजारियों सहित 24 लोगों की सूची देगी, जो पूजा अर्चना का काम देखेंगे। | संक्षिप्त सारांश: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि राज्य में जून के मध्य में आई जल प्रलय के बाद से केदारनाथ में बंद पड़ी पूजा अर्चना 11 सितंबर से शुरू होगी। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान के अलवर में पिछले हफ्ते लोगों को दहला कर रख देने वाला जघन्य हत्या का मामला पुलिस के मुताबिक सुलझा लिया गया है. पिछले हफ्ते दीवाली के वक्त शहर के कई रिहायशी कॉलोनियों में शरीर के कटे हुए टुकड़े मिले थे. प्लास्टिक की थैलियों में रखे ये टुकड़े जले हुए थे. बीते चार दिनों के दौरान पुलिस को शरीर के ऐसे 7 टुकड़े मिले और इनमें एक बात समान थी कि इन्हें काट और जलाकर बैग में ठूसा गया था.
ये सब शुरू हुआ 30 अक्टूबर को, जब अलवर के उच्च मध्यवर्गीय रिहायशी इलाके आर्य नगर में प्लास्टिक का एक थैला मिला, जिसमें एक महिला का दाहिना पैर रखा था. इसके बाद दो कटे हुए हाथ ऐसे ही दो थैलों में बरामद हुए. इसी तरह बुधवार को मिले सातवें और आखिरी थैले में महिला का कटा सिर रखा था.
पुलिस को शक हुआ कि हत्यारा उसी इलाके के आस-पास ही रहता होगा, जहां से थैले मिले. फिर उसने इन रिहायशी इलाकों में घर-घर जाकर पूछताछ करनी शुरू की. पेशेवर कामगारों के इस इलाके में पुलिस को 35 वर्षीय योगेश मल्होत्रा पर शक हुआ. अलवर के पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश कहते हैं, 'हमने घर घर जाकर पूछताछ की, कल हम एक ऐसे घर पहुंचे जहां दीवाली बाद से ही एक महिला लापता थी. पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने घर से झगड़े की कुछ आवाज़ें सुनी थी और उसके बाद से आरती नाम की उस महिला को नहीं देखा.'
इसके तुरंत बाद ही पुलिस ने योगेश पर नजर रखनी शुरू कर दी. हाथों पर जलने के निशान और पुलिस दल के इलाके में पूछताछ के लिए पहुंचने पर उसके घर से निकल भागने की वजह से पुलिस का शक और गहरा हो गया. पड़ोसियों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह उसे प्लास्टिक की थैलियां ले जाते देख रहे हैं.
इन सारी बातों से पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया और वह उसकी तलाश में जुट गई. आखिरकार पुलिस ने उसे हिसार से हिरासत में लिया, जहां वह छुपा बैठा था. पुलिस के मुताबिक, उसने स्वीकार कर लिया है कि उसने अपनी पत्नी के शव के टुकड़े-टुकड़े किए, हालांकि उसका कहना है कि उसने जान नहीं ली, बल्कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या की थी.टिप्पणियां
पुलिस हिरासत में बंद योगेश का कहना है, 'मैंने उसे नहीं मारा, उसने आत्महत्या की है, लेकिन मैं डर गया था कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरी छोटी बेटी का कौन ख्याल रखेगा, इसलिए मैंने उसकी लाश को काट कर ठिकाने लगाया.'
उसके पास कोई पक्की नौकरी नहीं और पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे यह वजह हो सकती है कि उसे अपनी पत्नी आरती पर बेवफाई का शक था.
ये सब शुरू हुआ 30 अक्टूबर को, जब अलवर के उच्च मध्यवर्गीय रिहायशी इलाके आर्य नगर में प्लास्टिक का एक थैला मिला, जिसमें एक महिला का दाहिना पैर रखा था. इसके बाद दो कटे हुए हाथ ऐसे ही दो थैलों में बरामद हुए. इसी तरह बुधवार को मिले सातवें और आखिरी थैले में महिला का कटा सिर रखा था.
पुलिस को शक हुआ कि हत्यारा उसी इलाके के आस-पास ही रहता होगा, जहां से थैले मिले. फिर उसने इन रिहायशी इलाकों में घर-घर जाकर पूछताछ करनी शुरू की. पेशेवर कामगारों के इस इलाके में पुलिस को 35 वर्षीय योगेश मल्होत्रा पर शक हुआ. अलवर के पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश कहते हैं, 'हमने घर घर जाकर पूछताछ की, कल हम एक ऐसे घर पहुंचे जहां दीवाली बाद से ही एक महिला लापता थी. पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने घर से झगड़े की कुछ आवाज़ें सुनी थी और उसके बाद से आरती नाम की उस महिला को नहीं देखा.'
इसके तुरंत बाद ही पुलिस ने योगेश पर नजर रखनी शुरू कर दी. हाथों पर जलने के निशान और पुलिस दल के इलाके में पूछताछ के लिए पहुंचने पर उसके घर से निकल भागने की वजह से पुलिस का शक और गहरा हो गया. पड़ोसियों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह उसे प्लास्टिक की थैलियां ले जाते देख रहे हैं.
इन सारी बातों से पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया और वह उसकी तलाश में जुट गई. आखिरकार पुलिस ने उसे हिसार से हिरासत में लिया, जहां वह छुपा बैठा था. पुलिस के मुताबिक, उसने स्वीकार कर लिया है कि उसने अपनी पत्नी के शव के टुकड़े-टुकड़े किए, हालांकि उसका कहना है कि उसने जान नहीं ली, बल्कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या की थी.टिप्पणियां
पुलिस हिरासत में बंद योगेश का कहना है, 'मैंने उसे नहीं मारा, उसने आत्महत्या की है, लेकिन मैं डर गया था कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरी छोटी बेटी का कौन ख्याल रखेगा, इसलिए मैंने उसकी लाश को काट कर ठिकाने लगाया.'
उसके पास कोई पक्की नौकरी नहीं और पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे यह वजह हो सकती है कि उसे अपनी पत्नी आरती पर बेवफाई का शक था.
पुलिस को शक हुआ कि हत्यारा उसी इलाके के आस-पास ही रहता होगा, जहां से थैले मिले. फिर उसने इन रिहायशी इलाकों में घर-घर जाकर पूछताछ करनी शुरू की. पेशेवर कामगारों के इस इलाके में पुलिस को 35 वर्षीय योगेश मल्होत्रा पर शक हुआ. अलवर के पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश कहते हैं, 'हमने घर घर जाकर पूछताछ की, कल हम एक ऐसे घर पहुंचे जहां दीवाली बाद से ही एक महिला लापता थी. पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने घर से झगड़े की कुछ आवाज़ें सुनी थी और उसके बाद से आरती नाम की उस महिला को नहीं देखा.'
इसके तुरंत बाद ही पुलिस ने योगेश पर नजर रखनी शुरू कर दी. हाथों पर जलने के निशान और पुलिस दल के इलाके में पूछताछ के लिए पहुंचने पर उसके घर से निकल भागने की वजह से पुलिस का शक और गहरा हो गया. पड़ोसियों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह उसे प्लास्टिक की थैलियां ले जाते देख रहे हैं.
इन सारी बातों से पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया और वह उसकी तलाश में जुट गई. आखिरकार पुलिस ने उसे हिसार से हिरासत में लिया, जहां वह छुपा बैठा था. पुलिस के मुताबिक, उसने स्वीकार कर लिया है कि उसने अपनी पत्नी के शव के टुकड़े-टुकड़े किए, हालांकि उसका कहना है कि उसने जान नहीं ली, बल्कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या की थी.टिप्पणियां
पुलिस हिरासत में बंद योगेश का कहना है, 'मैंने उसे नहीं मारा, उसने आत्महत्या की है, लेकिन मैं डर गया था कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरी छोटी बेटी का कौन ख्याल रखेगा, इसलिए मैंने उसकी लाश को काट कर ठिकाने लगाया.'
उसके पास कोई पक्की नौकरी नहीं और पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे यह वजह हो सकती है कि उसे अपनी पत्नी आरती पर बेवफाई का शक था.
इसके तुरंत बाद ही पुलिस ने योगेश पर नजर रखनी शुरू कर दी. हाथों पर जलने के निशान और पुलिस दल के इलाके में पूछताछ के लिए पहुंचने पर उसके घर से निकल भागने की वजह से पुलिस का शक और गहरा हो गया. पड़ोसियों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह उसे प्लास्टिक की थैलियां ले जाते देख रहे हैं.
इन सारी बातों से पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया और वह उसकी तलाश में जुट गई. आखिरकार पुलिस ने उसे हिसार से हिरासत में लिया, जहां वह छुपा बैठा था. पुलिस के मुताबिक, उसने स्वीकार कर लिया है कि उसने अपनी पत्नी के शव के टुकड़े-टुकड़े किए, हालांकि उसका कहना है कि उसने जान नहीं ली, बल्कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या की थी.टिप्पणियां
पुलिस हिरासत में बंद योगेश का कहना है, 'मैंने उसे नहीं मारा, उसने आत्महत्या की है, लेकिन मैं डर गया था कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरी छोटी बेटी का कौन ख्याल रखेगा, इसलिए मैंने उसकी लाश को काट कर ठिकाने लगाया.'
उसके पास कोई पक्की नौकरी नहीं और पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे यह वजह हो सकती है कि उसे अपनी पत्नी आरती पर बेवफाई का शक था.
इन सारी बातों से पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया और वह उसकी तलाश में जुट गई. आखिरकार पुलिस ने उसे हिसार से हिरासत में लिया, जहां वह छुपा बैठा था. पुलिस के मुताबिक, उसने स्वीकार कर लिया है कि उसने अपनी पत्नी के शव के टुकड़े-टुकड़े किए, हालांकि उसका कहना है कि उसने जान नहीं ली, बल्कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या की थी.टिप्पणियां
पुलिस हिरासत में बंद योगेश का कहना है, 'मैंने उसे नहीं मारा, उसने आत्महत्या की है, लेकिन मैं डर गया था कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरी छोटी बेटी का कौन ख्याल रखेगा, इसलिए मैंने उसकी लाश को काट कर ठिकाने लगाया.'
उसके पास कोई पक्की नौकरी नहीं और पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे यह वजह हो सकती है कि उसे अपनी पत्नी आरती पर बेवफाई का शक था.
पुलिस हिरासत में बंद योगेश का कहना है, 'मैंने उसे नहीं मारा, उसने आत्महत्या की है, लेकिन मैं डर गया था कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरी छोटी बेटी का कौन ख्याल रखेगा, इसलिए मैंने उसकी लाश को काट कर ठिकाने लगाया.'
उसके पास कोई पक्की नौकरी नहीं और पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे यह वजह हो सकती है कि उसे अपनी पत्नी आरती पर बेवफाई का शक था.
उसके पास कोई पक्की नौकरी नहीं और पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे यह वजह हो सकती है कि उसे अपनी पत्नी आरती पर बेवफाई का शक था. | यहाँ एक सारांश है:शहर के कई रिहायशी कॉलोनियों में शरीर के कटे हुए टुकड़े मिले थे
पुलिस को शक हुआ कि हत्यारा उसी इलाके के आस-पास ही रहता होगा
शक पुख्ता होने पर पुलिस ने योगेश को हिसार से पकड़ा, जहां वह छुपा बैठा था | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अचेतावस्था में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही दो साल की बच्ची फलक के मस्तिष्क का सोमवार को ऑपरेशन कर फ्लूड निकाला गया। उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है। इस बीच पुलिस को मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रामा सेंटर के सहायक प्रोफेसर (न्यूरो सर्जन) दीपक अग्रवाल ने कहा, "उसके मस्तिष्क से फ्लूड निकालने के लिए हमने एक छोटा ऑपरेशन किया है। हमें संदेह था कि उसके मस्तिष्क में संक्रमण हो सकता है। फ्लूड को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।"
चिकित्सक के अनुसार बच्ची को श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं और उसका एक और आपरेशन करना पड़ सकता है।
अग्रवाल ने कहा, "उसकी हालत गम्भीर है। उसे श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं, इसीलिए हमने उसे कल (रविवार) रात 10.30 बजे फिर से वेंटीलेटर पर रखा था।" हालत में थोड़ी सुधार आने पर शुक्रवार को उसे वेंटीलेर से हटा लिया गया था।
अग्रवाल ने बताया, "उसके सीने में संक्रमण है और बार-बार दर्द उभर रहा है। उसके सिर में भी गम्भीर चोट है।"
18 जनवरी को बच्ची को जब एम्स में भर्ती कराया गया था, उस समय सिर में चोट के कारण रक्त निकल रहा था, चेहरे पर किसी इंसान के दांत से काटने के निशान थे तथा मस्तिष्क के दाएं भाग में खून जमा हुआ था। उसे एक किशोरी अस्पताल लेकर आई थी और खुद को फलक की मां होने का दावा किया था।
किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। उसके माता-पिता की तलाश के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं।टिप्पणियां
फलक की हालत पर नजर रख रहे चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की हालत बहुत नाजुक है। इस मामले में एक महिला से पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा ने कहा कि मामले का मुख्य अभियुक्त राजकुमार गुप्ता अभी तक फरार है लेकिन उसे जिस महिला से यह बच्ची प्राप्त हुई थी, उसकी पहचान लक्ष्मी के रूप में की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार बच्चों की मां मुन्नी नामक महिला फलक को लक्ष्मी के घर में छोड़ गई थी, जहां से राजकुमार पिछले वर्ष सितम्बर में फलक को अपने घर ले गया था।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रामा सेंटर के सहायक प्रोफेसर (न्यूरो सर्जन) दीपक अग्रवाल ने कहा, "उसके मस्तिष्क से फ्लूड निकालने के लिए हमने एक छोटा ऑपरेशन किया है। हमें संदेह था कि उसके मस्तिष्क में संक्रमण हो सकता है। फ्लूड को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।"
चिकित्सक के अनुसार बच्ची को श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं और उसका एक और आपरेशन करना पड़ सकता है।
अग्रवाल ने कहा, "उसकी हालत गम्भीर है। उसे श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं, इसीलिए हमने उसे कल (रविवार) रात 10.30 बजे फिर से वेंटीलेटर पर रखा था।" हालत में थोड़ी सुधार आने पर शुक्रवार को उसे वेंटीलेर से हटा लिया गया था।
अग्रवाल ने बताया, "उसके सीने में संक्रमण है और बार-बार दर्द उभर रहा है। उसके सिर में भी गम्भीर चोट है।"
18 जनवरी को बच्ची को जब एम्स में भर्ती कराया गया था, उस समय सिर में चोट के कारण रक्त निकल रहा था, चेहरे पर किसी इंसान के दांत से काटने के निशान थे तथा मस्तिष्क के दाएं भाग में खून जमा हुआ था। उसे एक किशोरी अस्पताल लेकर आई थी और खुद को फलक की मां होने का दावा किया था।
किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। उसके माता-पिता की तलाश के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं।टिप्पणियां
फलक की हालत पर नजर रख रहे चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की हालत बहुत नाजुक है। इस मामले में एक महिला से पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा ने कहा कि मामले का मुख्य अभियुक्त राजकुमार गुप्ता अभी तक फरार है लेकिन उसे जिस महिला से यह बच्ची प्राप्त हुई थी, उसकी पहचान लक्ष्मी के रूप में की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार बच्चों की मां मुन्नी नामक महिला फलक को लक्ष्मी के घर में छोड़ गई थी, जहां से राजकुमार पिछले वर्ष सितम्बर में फलक को अपने घर ले गया था।
चिकित्सक के अनुसार बच्ची को श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं और उसका एक और आपरेशन करना पड़ सकता है।
अग्रवाल ने कहा, "उसकी हालत गम्भीर है। उसे श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं, इसीलिए हमने उसे कल (रविवार) रात 10.30 बजे फिर से वेंटीलेटर पर रखा था।" हालत में थोड़ी सुधार आने पर शुक्रवार को उसे वेंटीलेर से हटा लिया गया था।
अग्रवाल ने बताया, "उसके सीने में संक्रमण है और बार-बार दर्द उभर रहा है। उसके सिर में भी गम्भीर चोट है।"
18 जनवरी को बच्ची को जब एम्स में भर्ती कराया गया था, उस समय सिर में चोट के कारण रक्त निकल रहा था, चेहरे पर किसी इंसान के दांत से काटने के निशान थे तथा मस्तिष्क के दाएं भाग में खून जमा हुआ था। उसे एक किशोरी अस्पताल लेकर आई थी और खुद को फलक की मां होने का दावा किया था।
किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। उसके माता-पिता की तलाश के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं।टिप्पणियां
फलक की हालत पर नजर रख रहे चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की हालत बहुत नाजुक है। इस मामले में एक महिला से पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा ने कहा कि मामले का मुख्य अभियुक्त राजकुमार गुप्ता अभी तक फरार है लेकिन उसे जिस महिला से यह बच्ची प्राप्त हुई थी, उसकी पहचान लक्ष्मी के रूप में की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार बच्चों की मां मुन्नी नामक महिला फलक को लक्ष्मी के घर में छोड़ गई थी, जहां से राजकुमार पिछले वर्ष सितम्बर में फलक को अपने घर ले गया था।
अग्रवाल ने कहा, "उसकी हालत गम्भीर है। उसे श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं, इसीलिए हमने उसे कल (रविवार) रात 10.30 बजे फिर से वेंटीलेटर पर रखा था।" हालत में थोड़ी सुधार आने पर शुक्रवार को उसे वेंटीलेर से हटा लिया गया था।
अग्रवाल ने बताया, "उसके सीने में संक्रमण है और बार-बार दर्द उभर रहा है। उसके सिर में भी गम्भीर चोट है।"
18 जनवरी को बच्ची को जब एम्स में भर्ती कराया गया था, उस समय सिर में चोट के कारण रक्त निकल रहा था, चेहरे पर किसी इंसान के दांत से काटने के निशान थे तथा मस्तिष्क के दाएं भाग में खून जमा हुआ था। उसे एक किशोरी अस्पताल लेकर आई थी और खुद को फलक की मां होने का दावा किया था।
किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। उसके माता-पिता की तलाश के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं।टिप्पणियां
फलक की हालत पर नजर रख रहे चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की हालत बहुत नाजुक है। इस मामले में एक महिला से पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा ने कहा कि मामले का मुख्य अभियुक्त राजकुमार गुप्ता अभी तक फरार है लेकिन उसे जिस महिला से यह बच्ची प्राप्त हुई थी, उसकी पहचान लक्ष्मी के रूप में की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार बच्चों की मां मुन्नी नामक महिला फलक को लक्ष्मी के घर में छोड़ गई थी, जहां से राजकुमार पिछले वर्ष सितम्बर में फलक को अपने घर ले गया था।
अग्रवाल ने बताया, "उसके सीने में संक्रमण है और बार-बार दर्द उभर रहा है। उसके सिर में भी गम्भीर चोट है।"
18 जनवरी को बच्ची को जब एम्स में भर्ती कराया गया था, उस समय सिर में चोट के कारण रक्त निकल रहा था, चेहरे पर किसी इंसान के दांत से काटने के निशान थे तथा मस्तिष्क के दाएं भाग में खून जमा हुआ था। उसे एक किशोरी अस्पताल लेकर आई थी और खुद को फलक की मां होने का दावा किया था।
किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। उसके माता-पिता की तलाश के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं।टिप्पणियां
फलक की हालत पर नजर रख रहे चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की हालत बहुत नाजुक है। इस मामले में एक महिला से पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा ने कहा कि मामले का मुख्य अभियुक्त राजकुमार गुप्ता अभी तक फरार है लेकिन उसे जिस महिला से यह बच्ची प्राप्त हुई थी, उसकी पहचान लक्ष्मी के रूप में की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार बच्चों की मां मुन्नी नामक महिला फलक को लक्ष्मी के घर में छोड़ गई थी, जहां से राजकुमार पिछले वर्ष सितम्बर में फलक को अपने घर ले गया था।
किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। उसके माता-पिता की तलाश के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं।टिप्पणियां
फलक की हालत पर नजर रख रहे चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की हालत बहुत नाजुक है। इस मामले में एक महिला से पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा ने कहा कि मामले का मुख्य अभियुक्त राजकुमार गुप्ता अभी तक फरार है लेकिन उसे जिस महिला से यह बच्ची प्राप्त हुई थी, उसकी पहचान लक्ष्मी के रूप में की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार बच्चों की मां मुन्नी नामक महिला फलक को लक्ष्मी के घर में छोड़ गई थी, जहां से राजकुमार पिछले वर्ष सितम्बर में फलक को अपने घर ले गया था।
फलक की हालत पर नजर रख रहे चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की हालत बहुत नाजुक है। इस मामले में एक महिला से पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा ने कहा कि मामले का मुख्य अभियुक्त राजकुमार गुप्ता अभी तक फरार है लेकिन उसे जिस महिला से यह बच्ची प्राप्त हुई थी, उसकी पहचान लक्ष्मी के रूप में की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार बच्चों की मां मुन्नी नामक महिला फलक को लक्ष्मी के घर में छोड़ गई थी, जहां से राजकुमार पिछले वर्ष सितम्बर में फलक को अपने घर ले गया था।
पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा ने कहा कि मामले का मुख्य अभियुक्त राजकुमार गुप्ता अभी तक फरार है लेकिन उसे जिस महिला से यह बच्ची प्राप्त हुई थी, उसकी पहचान लक्ष्मी के रूप में की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार बच्चों की मां मुन्नी नामक महिला फलक को लक्ष्मी के घर में छोड़ गई थी, जहां से राजकुमार पिछले वर्ष सितम्बर में फलक को अपने घर ले गया था। | संक्षिप्त पाठ: अचेतावस्था में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही दो साल की बच्ची फलक के मस्तिष्क का सोमवार को ऑपरेशन कर फ्लूड निकाला गया। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट के नजदीक प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुबह से अगले आदेश तक युद्ध स्मारक के नजदीक स्थित चार मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है।
डीएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि पटेल चौक, केन्द्रीय सचिवालय, उद्योग भवन और रेस कोर्स स्टेशनों को बंद रखा गया है।
दिल्ली पुलिस के निर्देश के बाद इन स्टेशनों को बंद रखने का फैसला किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस से अंतिम आदेश मिलने तक डीएमआरसी स्टेशनों को बंद रखेगा। सभी चार स्टेशन इंडिया गेट के नजदीक है। हालांकि, केन्द्रीय सचिवालय स्टेशन पर अदला-बदली करने की अनुमति होगी।टिप्पणियां
एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के विरोध में रायसीना हिल पर हो रहे प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है।
शनिवार को पुलिस के साथ हजारों युवकों का टकराव हुआ और पुलिस ने पानी की बौछार करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी दागे।
डीएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि पटेल चौक, केन्द्रीय सचिवालय, उद्योग भवन और रेस कोर्स स्टेशनों को बंद रखा गया है।
दिल्ली पुलिस के निर्देश के बाद इन स्टेशनों को बंद रखने का फैसला किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस से अंतिम आदेश मिलने तक डीएमआरसी स्टेशनों को बंद रखेगा। सभी चार स्टेशन इंडिया गेट के नजदीक है। हालांकि, केन्द्रीय सचिवालय स्टेशन पर अदला-बदली करने की अनुमति होगी।टिप्पणियां
एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के विरोध में रायसीना हिल पर हो रहे प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है।
शनिवार को पुलिस के साथ हजारों युवकों का टकराव हुआ और पुलिस ने पानी की बौछार करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी दागे।
दिल्ली पुलिस के निर्देश के बाद इन स्टेशनों को बंद रखने का फैसला किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस से अंतिम आदेश मिलने तक डीएमआरसी स्टेशनों को बंद रखेगा। सभी चार स्टेशन इंडिया गेट के नजदीक है। हालांकि, केन्द्रीय सचिवालय स्टेशन पर अदला-बदली करने की अनुमति होगी।टिप्पणियां
एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के विरोध में रायसीना हिल पर हो रहे प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है।
शनिवार को पुलिस के साथ हजारों युवकों का टकराव हुआ और पुलिस ने पानी की बौछार करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी दागे।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस से अंतिम आदेश मिलने तक डीएमआरसी स्टेशनों को बंद रखेगा। सभी चार स्टेशन इंडिया गेट के नजदीक है। हालांकि, केन्द्रीय सचिवालय स्टेशन पर अदला-बदली करने की अनुमति होगी।टिप्पणियां
एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के विरोध में रायसीना हिल पर हो रहे प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है।
शनिवार को पुलिस के साथ हजारों युवकों का टकराव हुआ और पुलिस ने पानी की बौछार करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी दागे।
एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के विरोध में रायसीना हिल पर हो रहे प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है।
शनिवार को पुलिस के साथ हजारों युवकों का टकराव हुआ और पुलिस ने पानी की बौछार करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी दागे।
शनिवार को पुलिस के साथ हजारों युवकों का टकराव हुआ और पुलिस ने पानी की बौछार करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी दागे। | सारांश: राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट के नजदीक प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुबह से अगले आदेश तक युद्ध स्मारक के नजदीक स्थित चार मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल (Hardik Patel) गुजरात हाई कोर्ट के फ़ैसले के खिलाफ पहुंचे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं. उन्होंने अपनी याचिका में गुजरात हाई कोर्ट के फैसले पर रोक और सज़ा को निलंबित करने की मांग की है. हालांकि याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में लंबित हैं, सूचीबद्ध नहीं हुई है. सूचीबद्ध होने के बाद हार्दिक (Hardik Patel) अपनी याचिका पर सुनवाई की मांग करेंगे. हार्दिक ने अपनी याचिका में कहा है कि नामांकन का आखिरी दिन गुरुवार है, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट की याचिका पर रोक लगाए. आपको बता दें कि हार्दिक पटेल (Hardik Patel) को फिलहाल लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया गया है.
दरअसल 2015 में गुजरात में हुए उपद्रव के मामले में शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट से हार्दिक पटेल (Hardik Patel) को बड़ा झटका लगा था. हाईकोर्ट ने हार्दिक पटेल की याचिका को ख़ारिज कर दिया था जिसमें मेहसाणा में 2015 के दंगा उपद्रव मामले में उनकी सजा निलंबित करने की अपील की गई थी. दंगा भड़काने के आरोप में साल 2018 में निचली कोर्ट ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल (Hardik Patel) को दोषी ठहराते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई थी. दंगा 23 जुलाई, 2015 को हुए थे और उनके नेतृत्व में पाटीदारों ने पहली बार रैली की थी.
हार्दिक ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 2007 के नवजोत सिंह सिद्धू फैसले का हवाला दिया है. याचिका में कहा गया है कि नवजोत सिद्धू केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दोषसिद्धि याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट को ये भी देखना चाहिए कि इसका व्यक्ति पर क्या प्रभाव होगा और उसे बरकरार रखा गया तो उसे कभी न पूरा होने वाला नुकसान तो नहीं होगा. अगर अब दोषसिद्धि को निलंबित नहीं किया गया तो वे 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने का अधिकार खो देंगे.
इसी फैसले में कहा गया था कि ऐसे मामलों में मौजूद सबूतों पर भी गौर किया जाना चाहिए. उनके केस में कोई सीधा सबूत नहीं है और पूरा केस कही-सुनी पर आधारित है. याचिका में दोषसिद्धि को निलंबित कर हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है.
आपको बता दें कि बीते बुधवार को ही गुजरात सरकार ने हार्दिक पटेल (Hardik Patel) की दोषसिद्धि पर स्थगन आदेश देने की मांग करने वाली याचिका का विरोध किया था. सरकारी वकील मितेश अमीन ने अदालत से कहा था कि पटेल करीब 17 मुकदमों का सामना कर रहे हैं, जिससे पता चलता है कि उनका चरित्र ठीक नहीं है. पटेल के वकील ने कहा था कि अगर स्थगन आदेश नहीं दिया गया तो उससे उनके मुवक्किल को ‘अपूरणीय क्षति' होगी क्योंकि वह चुनाव लड़ना चाहते हैं. जुलाई 2018 में सत्र अदालत ने उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई थी. वे फिलहाल जमानत पर चल रहे हैं.
गौरतलब है कि राहुल गांधी की मौजूदगी में 12 मार्च को हार्दिक पटेल (Hardik Patel) ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया था. कांग्रेस में शामिल होने के बाद हार्दिक पटेल के जामनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि कांग्रेस की तरफ से आधिकारिक रूप से कुछ भी साफ नहीं किया गया था कि वह किस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं. | संक्षिप्त पाठ: हार्दिक पटेल ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका
गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पहुंचे कोर्ट
फिलहाल वे अभी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सकते हैं | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमांडर बुरहान वानी की मौत के छह दिन बाद कश्मीर में हालात समान्य नहीं हुए हैं। अब तक भड़की हिंसा में 36 लोगों की जान जा चुकी है लेकिन कश्मीर में लगी हिंसा की आग अभी तक ठंडी नहीं हुई है। हुर्रियत कांफ्रेंस के सैयद अली शाह गिलानी को श्रीनगर के हैदरपोरा में उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया जब वो कर्फ्यू उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे थे। गिलानी शहीदों के कब्रिस्तान तक मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
आपको ये बता दें कि 1931 में राजशाही के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाने वालों की 85वीं बरसी मनाने के लिए गिलानी शहीदों के कब्रिस्तान तक जाने की कोशिश की। पुलिस ने केवल गिलानी को ही नहीं हुर्रियत के दूसरे नेताओं को भी हिरासत में लिया है ।टिप्पणियां
कश्मीर के अनंतनाग , पंपोर और कुपवाड़ा सहित कई हिस्सों में कर्फ्यू बुधवार को भी जारी है। इसके अलावा दूसरे कई इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध यानी कि अघोषित कर्फ्यू बरकरार है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर में ज्यादातर मौतें शनिवार को हुईं। उस दिन भीड़ ने कई जगहों पर पुलिस पर हमला किया था। वैसे अभी तक सभी मौतों की वजहों का पता नहीं लगाया जा सका क्योंकि मौजूदा हालात की वजह से पुलिस एवं दूसरी एजेंसियां ये जानकारी नहीं जुटा सकीं। जानकारी के मुताबिक ज्यादातर मौतें अनंतनाग जिले (16) में हुईं। इसके बाद कुलगाम (8),छोपियां (5), पुलवामा (3), श्रीनगर (1) और कुपवाड़ा (1) का स्थान है।
सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में नागरिकों की मौतों का विरोध करने के लिए अलगाववादियों ने बंद आयोजित किया है। इसके चलते बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के चलते दुकानें बंद रही और सार्वजनिक और निजी यातायात सड़कों से नदारद रहे। मोबाइल इंटरनेट और रेल सेवाएं अब भी निलंबित हैं। सरकार का कहना है कि अगले एक दो दिनों में हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट आयेंगे।
आपको ये बता दें कि 1931 में राजशाही के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाने वालों की 85वीं बरसी मनाने के लिए गिलानी शहीदों के कब्रिस्तान तक जाने की कोशिश की। पुलिस ने केवल गिलानी को ही नहीं हुर्रियत के दूसरे नेताओं को भी हिरासत में लिया है ।टिप्पणियां
कश्मीर के अनंतनाग , पंपोर और कुपवाड़ा सहित कई हिस्सों में कर्फ्यू बुधवार को भी जारी है। इसके अलावा दूसरे कई इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध यानी कि अघोषित कर्फ्यू बरकरार है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर में ज्यादातर मौतें शनिवार को हुईं। उस दिन भीड़ ने कई जगहों पर पुलिस पर हमला किया था। वैसे अभी तक सभी मौतों की वजहों का पता नहीं लगाया जा सका क्योंकि मौजूदा हालात की वजह से पुलिस एवं दूसरी एजेंसियां ये जानकारी नहीं जुटा सकीं। जानकारी के मुताबिक ज्यादातर मौतें अनंतनाग जिले (16) में हुईं। इसके बाद कुलगाम (8),छोपियां (5), पुलवामा (3), श्रीनगर (1) और कुपवाड़ा (1) का स्थान है।
सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में नागरिकों की मौतों का विरोध करने के लिए अलगाववादियों ने बंद आयोजित किया है। इसके चलते बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के चलते दुकानें बंद रही और सार्वजनिक और निजी यातायात सड़कों से नदारद रहे। मोबाइल इंटरनेट और रेल सेवाएं अब भी निलंबित हैं। सरकार का कहना है कि अगले एक दो दिनों में हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट आयेंगे।
कश्मीर के अनंतनाग , पंपोर और कुपवाड़ा सहित कई हिस्सों में कर्फ्यू बुधवार को भी जारी है। इसके अलावा दूसरे कई इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध यानी कि अघोषित कर्फ्यू बरकरार है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर में ज्यादातर मौतें शनिवार को हुईं। उस दिन भीड़ ने कई जगहों पर पुलिस पर हमला किया था। वैसे अभी तक सभी मौतों की वजहों का पता नहीं लगाया जा सका क्योंकि मौजूदा हालात की वजह से पुलिस एवं दूसरी एजेंसियां ये जानकारी नहीं जुटा सकीं। जानकारी के मुताबिक ज्यादातर मौतें अनंतनाग जिले (16) में हुईं। इसके बाद कुलगाम (8),छोपियां (5), पुलवामा (3), श्रीनगर (1) और कुपवाड़ा (1) का स्थान है।
सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में नागरिकों की मौतों का विरोध करने के लिए अलगाववादियों ने बंद आयोजित किया है। इसके चलते बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के चलते दुकानें बंद रही और सार्वजनिक और निजी यातायात सड़कों से नदारद रहे। मोबाइल इंटरनेट और रेल सेवाएं अब भी निलंबित हैं। सरकार का कहना है कि अगले एक दो दिनों में हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट आयेंगे।
सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में नागरिकों की मौतों का विरोध करने के लिए अलगाववादियों ने बंद आयोजित किया है। इसके चलते बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के चलते दुकानें बंद रही और सार्वजनिक और निजी यातायात सड़कों से नदारद रहे। मोबाइल इंटरनेट और रेल सेवाएं अब भी निलंबित हैं। सरकार का कहना है कि अगले एक दो दिनों में हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट आयेंगे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अब तक भड़की हिंसा में 36 लोगों की जान जा चुकी है
हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी को किया गया गिरफ्तार
सरकार को एक-दो दिनों में हालात सामान्य होने की उम्मीद | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति चुनाव में बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद की जीत और विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार की हार तय है. लेकिन इस चुनाव के बहाने सत्तारूढ़ महागठबंधन के दो सहयोगी - जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) - के नेताओं और प्रवक्ताओं के बीच वाकयुद्ध जारी है.
बिहार में सरकार के गठन से पूर्व से लेकर अब तक हमलावर राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं, रघुवंश प्रसाद सिंह और भाई वीरेंद्र के अलावा इस बार नीतीश कुमार के खिलाफ बयान देने वालों में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी शामिल हैं. तेजस्वी ने शुक्रवार को नीतीश कुमार के संवादाता सम्मलेन के दस मिनट के अंतराल पर ये कह कर सबको चौंका दिया था कि मैदान में कूदने से पहले जीत और हार तय नहीं होती. नीतीश कुमार ने कहा था कि 'बिहार की बेटी' को केवल हारने के लिए ही क्यों चुना गया है. तेजस्वी ने इसी के जवाब में ये बात कही थी. लेकिन रविवार को अपने दिल की बात के लेख में तेजस्वी ने एक कदम आगे जाते हुए यहां तक कह डाला कि 'कुछ लोग अपने अहंकार और गलत प्राथमिकता के कारण विपक्षी एकता का नुकसान कर रहे हैं. राजनीतिक दांव पेंच कर कुछ तात्कालिक तो हासिल किया जा सकता है लेकिन दीर्घकालिक राजनीति नहीं की जा सकती.' तेजस्वी के नजदीकी बता रहे हैं कि उनका बयान नीतीश केंद्रित नहीं बल्कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को निशाने पर रख कर लिखा गया है. लेकिन राहुल हों या नीतीश, तेजस्वी के बयान से महागठबंधन में शक और तनाव की दरारें और गहरी होंगी. हालांकि तेजस्वी ने दिल की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर रखा है लेकिन अपने दिल की बात से उन्होंने एकता के सरे दावों को हवा हवाई कर दिया है.
वहीं जेडीयू ने तेजस्वी के तजा बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन उसके नेता आश्वस्त हैं कि तेजस्वी ने अपने दिल की बात से खुद की तरफ गोल कर दिया है. वो चाहे नीतीश के खिलाफ हो या राहुल के, कम से कम तेजस्वी यादव के प्रति इन दोनों नेतओं का विश्वास और कम होगा. नीतीश, तेजस्वी के शुक्रवार के बयान के अलावा उनके कामकाज से भी खुश नहीं चल रहे. राष्ट्रीय जनता दल के नेता भी मानते हैं कि अपने पथ निर्माण विभाग का अधिकांश बजट जिस प्रकार से तेजस्वी ने दो ज़िले वैशाली और सारण में खर्च कर रहे हैं, वो नीतीश क्या, उनकी अपनी पार्टी के अधिकांश विधायकों के गले नहीं उतर रहा. टिप्पणियां
इससे पहले भी मई महीने में जिस दिन लालू यादव के घर पर दिल्ली में आयकर विभाग के छापे पड़े थे, उस समय भी लालू यादव का एक ट्वीट आया था कि बीजेपी को उनका नया सहयोगी मुबारक. हालांकि उस ट्वीट के बाद भी सफाई दी गयी कि इसका अर्थ आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों से था लेकिन राजनीतिक गलियारे में इसे नीतीश के ऊपर दिया गया बयान माना गया था. इस बीच खबर है कि लालू यादव बयानबाजी से खफा हैं और उन्होंने अपनी पार्टी के प्रवक्तओं को मीडिया से दूर रहने के लिए कहा है. लेकिन सब जानते हैं कि जब खुद लालू यादव और तेजस्वी यादव खुल कर नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हों, वैसे में उनकी पार्टी के प्रवक्ता बहती गंगा में हाथ क्यों न धोएं. अभी तक जनता दल यूनाइटेड के बिहार के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना है कि नीतीश कुमार पर सीधे हमला कर राष्ट्रीय जनता दल के लोग इस बात का आकलन नहीं कर रहे कि इसका आखिर परिणाम क्या होगा.
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के बिहार के नेता, वो चाहे सुशील मोदी हों या राज्य बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय या पूर्व अध्यक्ष मंगल पांडेय, सब अब नीतीश के बचाव में कूद गए हैं. माना जा रहा है कि ये नेता ऐसा पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर कर रहे हैं. लेकिन फ़िलहाल बिहार में राष्ट्रपति चुनाव के बहाने महागठबंधन सरकार खुद में उलझती जा रही है.
बिहार में सरकार के गठन से पूर्व से लेकर अब तक हमलावर राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं, रघुवंश प्रसाद सिंह और भाई वीरेंद्र के अलावा इस बार नीतीश कुमार के खिलाफ बयान देने वालों में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी शामिल हैं. तेजस्वी ने शुक्रवार को नीतीश कुमार के संवादाता सम्मलेन के दस मिनट के अंतराल पर ये कह कर सबको चौंका दिया था कि मैदान में कूदने से पहले जीत और हार तय नहीं होती. नीतीश कुमार ने कहा था कि 'बिहार की बेटी' को केवल हारने के लिए ही क्यों चुना गया है. तेजस्वी ने इसी के जवाब में ये बात कही थी. लेकिन रविवार को अपने दिल की बात के लेख में तेजस्वी ने एक कदम आगे जाते हुए यहां तक कह डाला कि 'कुछ लोग अपने अहंकार और गलत प्राथमिकता के कारण विपक्षी एकता का नुकसान कर रहे हैं. राजनीतिक दांव पेंच कर कुछ तात्कालिक तो हासिल किया जा सकता है लेकिन दीर्घकालिक राजनीति नहीं की जा सकती.' तेजस्वी के नजदीकी बता रहे हैं कि उनका बयान नीतीश केंद्रित नहीं बल्कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को निशाने पर रख कर लिखा गया है. लेकिन राहुल हों या नीतीश, तेजस्वी के बयान से महागठबंधन में शक और तनाव की दरारें और गहरी होंगी. हालांकि तेजस्वी ने दिल की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर रखा है लेकिन अपने दिल की बात से उन्होंने एकता के सरे दावों को हवा हवाई कर दिया है.
वहीं जेडीयू ने तेजस्वी के तजा बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन उसके नेता आश्वस्त हैं कि तेजस्वी ने अपने दिल की बात से खुद की तरफ गोल कर दिया है. वो चाहे नीतीश के खिलाफ हो या राहुल के, कम से कम तेजस्वी यादव के प्रति इन दोनों नेतओं का विश्वास और कम होगा. नीतीश, तेजस्वी के शुक्रवार के बयान के अलावा उनके कामकाज से भी खुश नहीं चल रहे. राष्ट्रीय जनता दल के नेता भी मानते हैं कि अपने पथ निर्माण विभाग का अधिकांश बजट जिस प्रकार से तेजस्वी ने दो ज़िले वैशाली और सारण में खर्च कर रहे हैं, वो नीतीश क्या, उनकी अपनी पार्टी के अधिकांश विधायकों के गले नहीं उतर रहा. टिप्पणियां
इससे पहले भी मई महीने में जिस दिन लालू यादव के घर पर दिल्ली में आयकर विभाग के छापे पड़े थे, उस समय भी लालू यादव का एक ट्वीट आया था कि बीजेपी को उनका नया सहयोगी मुबारक. हालांकि उस ट्वीट के बाद भी सफाई दी गयी कि इसका अर्थ आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों से था लेकिन राजनीतिक गलियारे में इसे नीतीश के ऊपर दिया गया बयान माना गया था. इस बीच खबर है कि लालू यादव बयानबाजी से खफा हैं और उन्होंने अपनी पार्टी के प्रवक्तओं को मीडिया से दूर रहने के लिए कहा है. लेकिन सब जानते हैं कि जब खुद लालू यादव और तेजस्वी यादव खुल कर नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हों, वैसे में उनकी पार्टी के प्रवक्ता बहती गंगा में हाथ क्यों न धोएं. अभी तक जनता दल यूनाइटेड के बिहार के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना है कि नीतीश कुमार पर सीधे हमला कर राष्ट्रीय जनता दल के लोग इस बात का आकलन नहीं कर रहे कि इसका आखिर परिणाम क्या होगा.
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के बिहार के नेता, वो चाहे सुशील मोदी हों या राज्य बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय या पूर्व अध्यक्ष मंगल पांडेय, सब अब नीतीश के बचाव में कूद गए हैं. माना जा रहा है कि ये नेता ऐसा पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर कर रहे हैं. लेकिन फ़िलहाल बिहार में राष्ट्रपति चुनाव के बहाने महागठबंधन सरकार खुद में उलझती जा रही है.
वहीं जेडीयू ने तेजस्वी के तजा बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन उसके नेता आश्वस्त हैं कि तेजस्वी ने अपने दिल की बात से खुद की तरफ गोल कर दिया है. वो चाहे नीतीश के खिलाफ हो या राहुल के, कम से कम तेजस्वी यादव के प्रति इन दोनों नेतओं का विश्वास और कम होगा. नीतीश, तेजस्वी के शुक्रवार के बयान के अलावा उनके कामकाज से भी खुश नहीं चल रहे. राष्ट्रीय जनता दल के नेता भी मानते हैं कि अपने पथ निर्माण विभाग का अधिकांश बजट जिस प्रकार से तेजस्वी ने दो ज़िले वैशाली और सारण में खर्च कर रहे हैं, वो नीतीश क्या, उनकी अपनी पार्टी के अधिकांश विधायकों के गले नहीं उतर रहा. टिप्पणियां
इससे पहले भी मई महीने में जिस दिन लालू यादव के घर पर दिल्ली में आयकर विभाग के छापे पड़े थे, उस समय भी लालू यादव का एक ट्वीट आया था कि बीजेपी को उनका नया सहयोगी मुबारक. हालांकि उस ट्वीट के बाद भी सफाई दी गयी कि इसका अर्थ आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों से था लेकिन राजनीतिक गलियारे में इसे नीतीश के ऊपर दिया गया बयान माना गया था. इस बीच खबर है कि लालू यादव बयानबाजी से खफा हैं और उन्होंने अपनी पार्टी के प्रवक्तओं को मीडिया से दूर रहने के लिए कहा है. लेकिन सब जानते हैं कि जब खुद लालू यादव और तेजस्वी यादव खुल कर नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हों, वैसे में उनकी पार्टी के प्रवक्ता बहती गंगा में हाथ क्यों न धोएं. अभी तक जनता दल यूनाइटेड के बिहार के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना है कि नीतीश कुमार पर सीधे हमला कर राष्ट्रीय जनता दल के लोग इस बात का आकलन नहीं कर रहे कि इसका आखिर परिणाम क्या होगा.
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के बिहार के नेता, वो चाहे सुशील मोदी हों या राज्य बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय या पूर्व अध्यक्ष मंगल पांडेय, सब अब नीतीश के बचाव में कूद गए हैं. माना जा रहा है कि ये नेता ऐसा पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर कर रहे हैं. लेकिन फ़िलहाल बिहार में राष्ट्रपति चुनाव के बहाने महागठबंधन सरकार खुद में उलझती जा रही है.
इससे पहले भी मई महीने में जिस दिन लालू यादव के घर पर दिल्ली में आयकर विभाग के छापे पड़े थे, उस समय भी लालू यादव का एक ट्वीट आया था कि बीजेपी को उनका नया सहयोगी मुबारक. हालांकि उस ट्वीट के बाद भी सफाई दी गयी कि इसका अर्थ आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों से था लेकिन राजनीतिक गलियारे में इसे नीतीश के ऊपर दिया गया बयान माना गया था. इस बीच खबर है कि लालू यादव बयानबाजी से खफा हैं और उन्होंने अपनी पार्टी के प्रवक्तओं को मीडिया से दूर रहने के लिए कहा है. लेकिन सब जानते हैं कि जब खुद लालू यादव और तेजस्वी यादव खुल कर नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हों, वैसे में उनकी पार्टी के प्रवक्ता बहती गंगा में हाथ क्यों न धोएं. अभी तक जनता दल यूनाइटेड के बिहार के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना है कि नीतीश कुमार पर सीधे हमला कर राष्ट्रीय जनता दल के लोग इस बात का आकलन नहीं कर रहे कि इसका आखिर परिणाम क्या होगा.
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के बिहार के नेता, वो चाहे सुशील मोदी हों या राज्य बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय या पूर्व अध्यक्ष मंगल पांडेय, सब अब नीतीश के बचाव में कूद गए हैं. माना जा रहा है कि ये नेता ऐसा पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर कर रहे हैं. लेकिन फ़िलहाल बिहार में राष्ट्रपति चुनाव के बहाने महागठबंधन सरकार खुद में उलझती जा रही है.
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के बिहार के नेता, वो चाहे सुशील मोदी हों या राज्य बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय या पूर्व अध्यक्ष मंगल पांडेय, सब अब नीतीश के बचाव में कूद गए हैं. माना जा रहा है कि ये नेता ऐसा पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर कर रहे हैं. लेकिन फ़िलहाल बिहार में राष्ट्रपति चुनाव के बहाने महागठबंधन सरकार खुद में उलझती जा रही है. | संक्षिप्त सारांश: तेजस्वी के नजदीकी बता रहे हैं कि उनका बयान राहुल गांधी पर निशाना है
जेडीयू ने तेजस्वी के ताजा बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है
बिहार बीजेपी के नेता अब नीतीश के बचाव में कूद गए हैं | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक बार फिर गुजरात के गीर जंगल मे बसने वाले बब्बर शेर की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाने वाला वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो में शेर के बच्चे के पीछे एक गाड़ी भाग रही है. शेर के बच्चे को दौड़ा रही है. करीब 1 मिनट के इस वीडियो में उसे तब तक दौड़ाया जाता है जब तक वह जंगल की झाड़ियों में नहीं छिप जाता. वीडियो लेते समय एक आवाज भी सुनाई देती है कि तेज भगाओ, उसे तेज दौड़ाओ, भले ही वो मर जाए. ऐसे दृश्य कब तक देखने को मिलेंगे. इस वायरल वीडियो के बाद वन विभाग के अधिकारियों की नींद खुली है और अब छानबीन शुरू की है.
गुजरात का गिर वन्य जीव अभयारण्य जंगल के राजा यानी शेरों के लिए जाना जाता है. इस जगह की खास बात यह है कि यहां पर कभी भी शेरों को घूमते देखा जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- गिर के जंगल को सन् 1969 में वन्य जीव अभयारण्य बनाया गया और 6 वर्षों बाद इसका 140.4 वर्ग किलोमीटर में विस्तार करके इसे राष्ट्रीय उद्यान के रूप में स्थापित कर दिया गया। यह अभ्यारण्य अब लगभग 258.71 वर्ग किलोमीटर तक विस्तृत हो चुका है। वन्य जीवों को सरक्षंण प्रदान करने के प्रयास से अब शेरों की संख्या बढकर 312 हो गई है.
गुजरात का गिर वन्य जीव अभयारण्य जंगल के राजा यानी शेरों के लिए जाना जाता है. इस जगह की खास बात यह है कि यहां पर कभी भी शेरों को घूमते देखा जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- गिर के जंगल को सन् 1969 में वन्य जीव अभयारण्य बनाया गया और 6 वर्षों बाद इसका 140.4 वर्ग किलोमीटर में विस्तार करके इसे राष्ट्रीय उद्यान के रूप में स्थापित कर दिया गया। यह अभ्यारण्य अब लगभग 258.71 वर्ग किलोमीटर तक विस्तृत हो चुका है। वन्य जीवों को सरक्षंण प्रदान करने के प्रयास से अब शेरों की संख्या बढकर 312 हो गई है. | यहाँ एक सारांश है:शेर के पीछे दौड़ने वाली गाड़ी का पता नहीं चल पाया
पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है
शेर झाड़ियों में छिपकर जान बचाता है | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कामरान अकमल (नाबाद 92) की तूफानी पारी की बदौलत पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने आर. प्रेमदासा स्टेडियम में सोमवार को खेले गए ट्वेंटी-20 विश्व कप के अभ्यास मैच में भारत को पांच विकेट से हरा दिया।
पाकिस्तान की जीत के हीरो रहे अकमल ने 50 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और छह छक्के लगाए जबकि शोएब मलिक 37 रन बनाकर नाबाद लौटे। 18 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के लगाने वाले मलिक और अकमल ने छठे विकेट के लिए 95 नाबाद रन जोड़े। पाक टीम ने 19.1 में ही यह विशाल लक्ष्य हासिल कर लिया।
अकमल और मलिक ने ऐसे समय में पाकिस्तान की पारी को संवारा और उसे जीत तक ले गए, जब उसने 91 रन के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उसके अंतिम तीन विकेट सिर्फ सात रन के कुल योग पर ही गिर गए थे, इससे बेखबर अकमल ने अपनी टीम को छक्के के साथ जीत दिलाई।
पाकिस्तान ने 186 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 84 रन बनाए थे। उस समय तक पलड़ा बराबर लग रहा था। 91 के कुल योग पर उमर अकमल (2) का विकेट गिरने के बाद जब मलिक विकेट पर आए तब खेल का पासा पलट गया और वह हर गेंद के साथ पाकिस्तान के पक्ष में जाता दिखाई दिया।
उमर के विकेट पर आने से पहले पाकिस्तान ने 84 रन के कुल योग पर ही अपने दो विकेट गंवा दिए थे। इसमें एक विकेट कप्तान मोहम्मद हफीज (38) और एक विकेट शाहिद अफरीदी (0) का था। भारत के लिए चार विकेट रविचंद्रन अश्विन ने लिए। उनके अलावा किसी अन्य गेंदबाज को सफलता नहीं मिली।
पाकिस्तान का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज इमरान नजीर (13) के रूप में गिरा था। नजीर को अश्विन ने सुरेश रैना के हाथों कैच कराया जबकि नासिर जमशेद को 33 रन के कुल योग पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गौतम गम्भीर के थ्रो पर रन आउट किया।
नजीर का विकेट 30 रन के कुल योग पर गिरा था। इसके बाद कप्तान हफीज और अकमल ने तीसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम को मजबूती प्रदान की।
हफीज ने अपनी 29 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। हफीज का विकेट अश्विन ने लिया। हफीज की विदाई के बाद पूर्व कप्तान अफरीदी विकेट पर आए। पाकिस्तान को उनसे आतिशी पारी की उम्मीद थी लेकिन दो गेंद खेलने के बाद ही जहीर खान के हाथों लपके गए। अफरीदी खाता भी नहीं खोल सके।
इससे पहले, जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली (नाबाद 75) और रोहित शर्मा (56) की उम्दा पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
पाकिस्तान की जीत के हीरो रहे अकमल ने 50 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और छह छक्के लगाए जबकि शोएब मलिक 37 रन बनाकर नाबाद लौटे। 18 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के लगाने वाले मलिक और अकमल ने छठे विकेट के लिए 95 नाबाद रन जोड़े। पाक टीम ने 19.1 में ही यह विशाल लक्ष्य हासिल कर लिया।
अकमल और मलिक ने ऐसे समय में पाकिस्तान की पारी को संवारा और उसे जीत तक ले गए, जब उसने 91 रन के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उसके अंतिम तीन विकेट सिर्फ सात रन के कुल योग पर ही गिर गए थे, इससे बेखबर अकमल ने अपनी टीम को छक्के के साथ जीत दिलाई।
पाकिस्तान ने 186 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 84 रन बनाए थे। उस समय तक पलड़ा बराबर लग रहा था। 91 के कुल योग पर उमर अकमल (2) का विकेट गिरने के बाद जब मलिक विकेट पर आए तब खेल का पासा पलट गया और वह हर गेंद के साथ पाकिस्तान के पक्ष में जाता दिखाई दिया।
उमर के विकेट पर आने से पहले पाकिस्तान ने 84 रन के कुल योग पर ही अपने दो विकेट गंवा दिए थे। इसमें एक विकेट कप्तान मोहम्मद हफीज (38) और एक विकेट शाहिद अफरीदी (0) का था। भारत के लिए चार विकेट रविचंद्रन अश्विन ने लिए। उनके अलावा किसी अन्य गेंदबाज को सफलता नहीं मिली।
पाकिस्तान का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज इमरान नजीर (13) के रूप में गिरा था। नजीर को अश्विन ने सुरेश रैना के हाथों कैच कराया जबकि नासिर जमशेद को 33 रन के कुल योग पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गौतम गम्भीर के थ्रो पर रन आउट किया।
नजीर का विकेट 30 रन के कुल योग पर गिरा था। इसके बाद कप्तान हफीज और अकमल ने तीसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम को मजबूती प्रदान की।
हफीज ने अपनी 29 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। हफीज का विकेट अश्विन ने लिया। हफीज की विदाई के बाद पूर्व कप्तान अफरीदी विकेट पर आए। पाकिस्तान को उनसे आतिशी पारी की उम्मीद थी लेकिन दो गेंद खेलने के बाद ही जहीर खान के हाथों लपके गए। अफरीदी खाता भी नहीं खोल सके।
इससे पहले, जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली (नाबाद 75) और रोहित शर्मा (56) की उम्दा पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
अकमल और मलिक ने ऐसे समय में पाकिस्तान की पारी को संवारा और उसे जीत तक ले गए, जब उसने 91 रन के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उसके अंतिम तीन विकेट सिर्फ सात रन के कुल योग पर ही गिर गए थे, इससे बेखबर अकमल ने अपनी टीम को छक्के के साथ जीत दिलाई।
पाकिस्तान ने 186 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 84 रन बनाए थे। उस समय तक पलड़ा बराबर लग रहा था। 91 के कुल योग पर उमर अकमल (2) का विकेट गिरने के बाद जब मलिक विकेट पर आए तब खेल का पासा पलट गया और वह हर गेंद के साथ पाकिस्तान के पक्ष में जाता दिखाई दिया।
उमर के विकेट पर आने से पहले पाकिस्तान ने 84 रन के कुल योग पर ही अपने दो विकेट गंवा दिए थे। इसमें एक विकेट कप्तान मोहम्मद हफीज (38) और एक विकेट शाहिद अफरीदी (0) का था। भारत के लिए चार विकेट रविचंद्रन अश्विन ने लिए। उनके अलावा किसी अन्य गेंदबाज को सफलता नहीं मिली।
पाकिस्तान का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज इमरान नजीर (13) के रूप में गिरा था। नजीर को अश्विन ने सुरेश रैना के हाथों कैच कराया जबकि नासिर जमशेद को 33 रन के कुल योग पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गौतम गम्भीर के थ्रो पर रन आउट किया।
नजीर का विकेट 30 रन के कुल योग पर गिरा था। इसके बाद कप्तान हफीज और अकमल ने तीसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम को मजबूती प्रदान की।
हफीज ने अपनी 29 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। हफीज का विकेट अश्विन ने लिया। हफीज की विदाई के बाद पूर्व कप्तान अफरीदी विकेट पर आए। पाकिस्तान को उनसे आतिशी पारी की उम्मीद थी लेकिन दो गेंद खेलने के बाद ही जहीर खान के हाथों लपके गए। अफरीदी खाता भी नहीं खोल सके।
इससे पहले, जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली (नाबाद 75) और रोहित शर्मा (56) की उम्दा पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
पाकिस्तान ने 186 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 84 रन बनाए थे। उस समय तक पलड़ा बराबर लग रहा था। 91 के कुल योग पर उमर अकमल (2) का विकेट गिरने के बाद जब मलिक विकेट पर आए तब खेल का पासा पलट गया और वह हर गेंद के साथ पाकिस्तान के पक्ष में जाता दिखाई दिया।
उमर के विकेट पर आने से पहले पाकिस्तान ने 84 रन के कुल योग पर ही अपने दो विकेट गंवा दिए थे। इसमें एक विकेट कप्तान मोहम्मद हफीज (38) और एक विकेट शाहिद अफरीदी (0) का था। भारत के लिए चार विकेट रविचंद्रन अश्विन ने लिए। उनके अलावा किसी अन्य गेंदबाज को सफलता नहीं मिली।
पाकिस्तान का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज इमरान नजीर (13) के रूप में गिरा था। नजीर को अश्विन ने सुरेश रैना के हाथों कैच कराया जबकि नासिर जमशेद को 33 रन के कुल योग पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गौतम गम्भीर के थ्रो पर रन आउट किया।
नजीर का विकेट 30 रन के कुल योग पर गिरा था। इसके बाद कप्तान हफीज और अकमल ने तीसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम को मजबूती प्रदान की।
हफीज ने अपनी 29 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। हफीज का विकेट अश्विन ने लिया। हफीज की विदाई के बाद पूर्व कप्तान अफरीदी विकेट पर आए। पाकिस्तान को उनसे आतिशी पारी की उम्मीद थी लेकिन दो गेंद खेलने के बाद ही जहीर खान के हाथों लपके गए। अफरीदी खाता भी नहीं खोल सके।
इससे पहले, जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली (नाबाद 75) और रोहित शर्मा (56) की उम्दा पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
उमर के विकेट पर आने से पहले पाकिस्तान ने 84 रन के कुल योग पर ही अपने दो विकेट गंवा दिए थे। इसमें एक विकेट कप्तान मोहम्मद हफीज (38) और एक विकेट शाहिद अफरीदी (0) का था। भारत के लिए चार विकेट रविचंद्रन अश्विन ने लिए। उनके अलावा किसी अन्य गेंदबाज को सफलता नहीं मिली।
पाकिस्तान का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज इमरान नजीर (13) के रूप में गिरा था। नजीर को अश्विन ने सुरेश रैना के हाथों कैच कराया जबकि नासिर जमशेद को 33 रन के कुल योग पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गौतम गम्भीर के थ्रो पर रन आउट किया।
नजीर का विकेट 30 रन के कुल योग पर गिरा था। इसके बाद कप्तान हफीज और अकमल ने तीसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम को मजबूती प्रदान की।
हफीज ने अपनी 29 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। हफीज का विकेट अश्विन ने लिया। हफीज की विदाई के बाद पूर्व कप्तान अफरीदी विकेट पर आए। पाकिस्तान को उनसे आतिशी पारी की उम्मीद थी लेकिन दो गेंद खेलने के बाद ही जहीर खान के हाथों लपके गए। अफरीदी खाता भी नहीं खोल सके।
इससे पहले, जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली (नाबाद 75) और रोहित शर्मा (56) की उम्दा पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
पाकिस्तान का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज इमरान नजीर (13) के रूप में गिरा था। नजीर को अश्विन ने सुरेश रैना के हाथों कैच कराया जबकि नासिर जमशेद को 33 रन के कुल योग पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गौतम गम्भीर के थ्रो पर रन आउट किया।
नजीर का विकेट 30 रन के कुल योग पर गिरा था। इसके बाद कप्तान हफीज और अकमल ने तीसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम को मजबूती प्रदान की।
हफीज ने अपनी 29 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। हफीज का विकेट अश्विन ने लिया। हफीज की विदाई के बाद पूर्व कप्तान अफरीदी विकेट पर आए। पाकिस्तान को उनसे आतिशी पारी की उम्मीद थी लेकिन दो गेंद खेलने के बाद ही जहीर खान के हाथों लपके गए। अफरीदी खाता भी नहीं खोल सके।
इससे पहले, जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली (नाबाद 75) और रोहित शर्मा (56) की उम्दा पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
नजीर का विकेट 30 रन के कुल योग पर गिरा था। इसके बाद कप्तान हफीज और अकमल ने तीसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम को मजबूती प्रदान की।
हफीज ने अपनी 29 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। हफीज का विकेट अश्विन ने लिया। हफीज की विदाई के बाद पूर्व कप्तान अफरीदी विकेट पर आए। पाकिस्तान को उनसे आतिशी पारी की उम्मीद थी लेकिन दो गेंद खेलने के बाद ही जहीर खान के हाथों लपके गए। अफरीदी खाता भी नहीं खोल सके।
इससे पहले, जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली (नाबाद 75) और रोहित शर्मा (56) की उम्दा पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
हफीज ने अपनी 29 गेंदों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। हफीज का विकेट अश्विन ने लिया। हफीज की विदाई के बाद पूर्व कप्तान अफरीदी विकेट पर आए। पाकिस्तान को उनसे आतिशी पारी की उम्मीद थी लेकिन दो गेंद खेलने के बाद ही जहीर खान के हाथों लपके गए। अफरीदी खाता भी नहीं खोल सके।
इससे पहले, जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली (नाबाद 75) और रोहित शर्मा (56) की उम्दा पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
इससे पहले, जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली (नाबाद 75) और रोहित शर्मा (56) की उम्दा पारियों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 47 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के जड़े। कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की साझेदारी की। युवराज सिंह चार रन पर नाबाद रहे।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवरों में 41 रन जोड़े।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
गम्भीर के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। उन्हें 10 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज उमर गुल ने बोल्ड किया। गम्भीर के आउट होने के बाद कुछ देर बार सहवाग भी ऑफ स्पिनर सईद अजमल की गेंद पर शाहिद अफरीदी को कैच थमाकर चलते बने।टिप्पणियां
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
सहवाग ने 14 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाए। रोहित के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। उन्हें अजमल ने बोल्ड किया। रोहित ने 40 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए। पाकिस्तान की ओर से अजमल ने दो जबकि गुल ने एक विकेट झटका।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी।
भारत ने अपने पहले अभ्यास मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 26 रनों से हराया था। मंगलवार से शुरू हो रहे विश्व कप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी। | संक्षिप्त पाठ: कामरान अकमल (नाबाद 92) की तूफानी पारी की बदौलत पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने आर. प्रेमदासा स्टेडियम में सोमवार को खेले गए ट्वेंटी-20 विश्व कप के अभ्यास मैच में भारत को पांच विकेट से हरा दिया। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में तैयार हो चुके फ्लैटों के लिये अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने की एक त्वरित योजना का प्रस्ताव किया है. इससे इन फ्लैटों के खरीदारों को जल्द रजिस्ट्री कराने में मदद मिलेगी. करीब 50,000 फ्लैट खरीदारों को इसका फायदा होगा.
अनेक परियोजनायें हैं जिनमें बिल्डर द्वारा विभिन्न बकायों का भुगतान नहीं किये जाने और परियोजना को पूरा करने में हो रही देरी के चलते खरीदारों को अपने फ्लैट की रजिस्ट्री कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है . नये प्रस्ताव के तहत समूची परियोजना के पूरा नहीं होने के बावजूद जो फ्लैट तैयार हो चुके हैं उनके खरीदारों को एनओसी दे दिया जायेगा ताकि वह रजिस्ट्री प्राप्त कर सकें.
यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद अमल में आयेगा. इसके तहत ऐसे तैयार फ्लैटों की रजिस्ट्री के लिये बिल्डर द्वारा बकायों का आनुपातिक भुगतान और 10 प्रतिशत अधिभार चुकाने के बाद अनुमति दे दी जायेगी. यह योजना यदि सिरे चढ़ती है तो अकेले ग्रेटर नोएडा में ही 20,000 फ्लैट मालिकों को तुरंत इसका लाभ मिलेगा. नोएडा में इससे भी अधिक फ्लैट हैं जो तैयार हो चुके हैं लेकिन एनओसी नहीं मिलने की वजह से उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. हालांकि, यमुना एक्सप्रेसवे में ऐसे फ्लैटों की संख्या कम है लेकिन कुल मिलाकर इन क्षेत्रों में ऐसे फ्लैंटों की संख्या 50,000 से अधिक हो जायेगी. टिप्पणियां
कई मामले तो ऐसे हैं कि खरीदार ने इन फ्लैंटों में रहना भी शुरू कर दिया है लेकिन वह अपने फ्लैट के पंजीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि बिल्डर की तरफ से परियोजना अभी पूरी नहीं हुई है और उसने प्राधिकरण के विभिन्न बकायों का भुगतान नहीं किया है.
अनेक परियोजनायें हैं जिनमें बिल्डर द्वारा विभिन्न बकायों का भुगतान नहीं किये जाने और परियोजना को पूरा करने में हो रही देरी के चलते खरीदारों को अपने फ्लैट की रजिस्ट्री कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है . नये प्रस्ताव के तहत समूची परियोजना के पूरा नहीं होने के बावजूद जो फ्लैट तैयार हो चुके हैं उनके खरीदारों को एनओसी दे दिया जायेगा ताकि वह रजिस्ट्री प्राप्त कर सकें.
यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद अमल में आयेगा. इसके तहत ऐसे तैयार फ्लैटों की रजिस्ट्री के लिये बिल्डर द्वारा बकायों का आनुपातिक भुगतान और 10 प्रतिशत अधिभार चुकाने के बाद अनुमति दे दी जायेगी. यह योजना यदि सिरे चढ़ती है तो अकेले ग्रेटर नोएडा में ही 20,000 फ्लैट मालिकों को तुरंत इसका लाभ मिलेगा. नोएडा में इससे भी अधिक फ्लैट हैं जो तैयार हो चुके हैं लेकिन एनओसी नहीं मिलने की वजह से उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. हालांकि, यमुना एक्सप्रेसवे में ऐसे फ्लैटों की संख्या कम है लेकिन कुल मिलाकर इन क्षेत्रों में ऐसे फ्लैंटों की संख्या 50,000 से अधिक हो जायेगी. टिप्पणियां
कई मामले तो ऐसे हैं कि खरीदार ने इन फ्लैंटों में रहना भी शुरू कर दिया है लेकिन वह अपने फ्लैट के पंजीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि बिल्डर की तरफ से परियोजना अभी पूरी नहीं हुई है और उसने प्राधिकरण के विभिन्न बकायों का भुगतान नहीं किया है.
यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद अमल में आयेगा. इसके तहत ऐसे तैयार फ्लैटों की रजिस्ट्री के लिये बिल्डर द्वारा बकायों का आनुपातिक भुगतान और 10 प्रतिशत अधिभार चुकाने के बाद अनुमति दे दी जायेगी. यह योजना यदि सिरे चढ़ती है तो अकेले ग्रेटर नोएडा में ही 20,000 फ्लैट मालिकों को तुरंत इसका लाभ मिलेगा. नोएडा में इससे भी अधिक फ्लैट हैं जो तैयार हो चुके हैं लेकिन एनओसी नहीं मिलने की वजह से उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. हालांकि, यमुना एक्सप्रेसवे में ऐसे फ्लैटों की संख्या कम है लेकिन कुल मिलाकर इन क्षेत्रों में ऐसे फ्लैंटों की संख्या 50,000 से अधिक हो जायेगी. टिप्पणियां
कई मामले तो ऐसे हैं कि खरीदार ने इन फ्लैंटों में रहना भी शुरू कर दिया है लेकिन वह अपने फ्लैट के पंजीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि बिल्डर की तरफ से परियोजना अभी पूरी नहीं हुई है और उसने प्राधिकरण के विभिन्न बकायों का भुगतान नहीं किया है.
कई मामले तो ऐसे हैं कि खरीदार ने इन फ्लैंटों में रहना भी शुरू कर दिया है लेकिन वह अपने फ्लैट के पंजीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि बिल्डर की तरफ से परियोजना अभी पूरी नहीं हुई है और उसने प्राधिकरण के विभिन्न बकायों का भुगतान नहीं किया है. | फ्लैटों के लिये रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान करने की कोशिश
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने दिया है प्रस्ताव
50 हजार से अधिक फ्लैट खरीददारों को होगा फायदा | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ल्यूक राइट के नाबाद 99 रन की मदद से गत चैम्पियन इंग्लैंड ने ग्रुप ए मैच में शुक्रवार को अफगानिस्तान को 116 रन से हराकर उसे आईसीसी विश्व ट्वेंटी-20 क्रिकेट चैम्पियनशिप से बाहर कर दिया।
इंग्लैंड ने राइट की 55 गेंद में आठ चौकों और छह छक्कों की मदद से खेली गई पारी की बदौलत अफगानिस्तान को 197 रन का लक्ष्य दिया और फिर विरोधी टीम को यहां आर प्रेमदासा स्टेडियम में 2.4 ओवर शेष रहते 80 रन पर ढेर कर दिया।टिप्पणियां
इंग्लैंड की इस शानदार जीत के साथ उसके अलावा भारत ने भी सुपर आठ में जगह बना ली है। भारत ने अपने पहले मैच में 19 सितंबर को अफगानिस्तान को हराया था।
ग्रुप ए का अंतिम मैच रविवार को भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा जो ग्रुप की शीर्ष टीम का फैसला करेगा।
इंग्लैंड ने राइट की 55 गेंद में आठ चौकों और छह छक्कों की मदद से खेली गई पारी की बदौलत अफगानिस्तान को 197 रन का लक्ष्य दिया और फिर विरोधी टीम को यहां आर प्रेमदासा स्टेडियम में 2.4 ओवर शेष रहते 80 रन पर ढेर कर दिया।टिप्पणियां
इंग्लैंड की इस शानदार जीत के साथ उसके अलावा भारत ने भी सुपर आठ में जगह बना ली है। भारत ने अपने पहले मैच में 19 सितंबर को अफगानिस्तान को हराया था।
ग्रुप ए का अंतिम मैच रविवार को भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा जो ग्रुप की शीर्ष टीम का फैसला करेगा।
इंग्लैंड की इस शानदार जीत के साथ उसके अलावा भारत ने भी सुपर आठ में जगह बना ली है। भारत ने अपने पहले मैच में 19 सितंबर को अफगानिस्तान को हराया था।
ग्रुप ए का अंतिम मैच रविवार को भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा जो ग्रुप की शीर्ष टीम का फैसला करेगा।
ग्रुप ए का अंतिम मैच रविवार को भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा जो ग्रुप की शीर्ष टीम का फैसला करेगा। | संक्षिप्त पाठ: आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले जा रहे ट्वेंटी-20 विश्व कप के ग्रुप-'ए' के मुकाबले में इंग्लैंड द्वारा दिए गए 197 रनों के विशालकाय लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान की टीम ने 17.2 ओवर में 80 रन पर ढेर हो गई। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में जीत का जश्न मनाकर गुजरात में बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए अमित शाह का गुजरात आगमन हुआ. यहां पार्टी ने उनका जोरदार स्वागत किया. इस मौके पर पूरे राज्य के करीब एक लाख कार्यकर्ता जुटे. लेकिन जब गुजरात में भाजपा में भी इस चुनावी जीत का फायदा उठाने के लिए जल्द चुनाव की सुगबुगाहट तेज है तब अमित शाह ने इसे खारिज करते हुए नवम्बर में ही चुनाव की संभावना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि ''मित्रो नरेंद्र भाई के नेतृत्व में चल रहा भारतीय जनता पार्टी का विजय रथ घूमते-घूमते नवम्बर में गुजरात आने वाला है. मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि जब भाजपा का रथ गुजरात आ रहा है तो क्या भाजपा कार्यकर्ता तैयार हैं. मोदी साहब से कह दूं.''
अमित शाह ने गुजरात चुनाव में पहले से ज्यादा सीटों पर जीत की उम्मीद जताई. अमित शाह के लिए यह रैली महत्वपूर्ण थी क्योंकि राज्य में अब भी पाटीदार आरक्षण आंदोलन, ठाकोर समाज का आंदोलन और दलित भी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. ऐसे में कार्यकर्ताओं में जीत का भरोसा जताना जरूरी लग रहा है. टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि गंगा के किनारे कानपुर के एक सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने निर्णय किया था कि इस बार 300 से ज्यादा सीटों वाली सरकार बनानी है. इसी तरह उस महान साबरमती नदी के किनारे, जहां पर स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी गई, आज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता यह संकल्प लेने के लिए इकट्ठे हुए हैं कि इस बार गुजरात में 150 से ज्यादा सीटें लाना है.
उत्तर प्रदेश के बाद अमित शाह मिशन गुजरात में जुट गए हैं. गुरुवार को वे विधायक के तौर पर विधानसभा में हाजिरी देंगे और पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा भी लेंगे.
अमित शाह ने गुजरात चुनाव में पहले से ज्यादा सीटों पर जीत की उम्मीद जताई. अमित शाह के लिए यह रैली महत्वपूर्ण थी क्योंकि राज्य में अब भी पाटीदार आरक्षण आंदोलन, ठाकोर समाज का आंदोलन और दलित भी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. ऐसे में कार्यकर्ताओं में जीत का भरोसा जताना जरूरी लग रहा है. टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि गंगा के किनारे कानपुर के एक सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने निर्णय किया था कि इस बार 300 से ज्यादा सीटों वाली सरकार बनानी है. इसी तरह उस महान साबरमती नदी के किनारे, जहां पर स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी गई, आज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता यह संकल्प लेने के लिए इकट्ठे हुए हैं कि इस बार गुजरात में 150 से ज्यादा सीटें लाना है.
उत्तर प्रदेश के बाद अमित शाह मिशन गुजरात में जुट गए हैं. गुरुवार को वे विधायक के तौर पर विधानसभा में हाजिरी देंगे और पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा भी लेंगे.
अमित शाह ने कहा कि गंगा के किनारे कानपुर के एक सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने निर्णय किया था कि इस बार 300 से ज्यादा सीटों वाली सरकार बनानी है. इसी तरह उस महान साबरमती नदी के किनारे, जहां पर स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी गई, आज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता यह संकल्प लेने के लिए इकट्ठे हुए हैं कि इस बार गुजरात में 150 से ज्यादा सीटें लाना है.
उत्तर प्रदेश के बाद अमित शाह मिशन गुजरात में जुट गए हैं. गुरुवार को वे विधायक के तौर पर विधानसभा में हाजिरी देंगे और पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा भी लेंगे.
उत्तर प्रदेश के बाद अमित शाह मिशन गुजरात में जुट गए हैं. गुरुवार को वे विधायक के तौर पर विधानसभा में हाजिरी देंगे और पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा भी लेंगे. | यह एक सारांश है: यूपी की सफलता से गुजरात बीजेपी में उत्साह, अमित शाह का जोरदार स्वागत
विजय विश्वास सम्मेलन में राज्य के करीब एक लाख कार्यकर्ता जुटे
शाह ने कहा, गुजरात विधानसभा चुनाव में 150 से ज्यादा सीटें लाना है | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी ओपन पर तूफान के संभावित खतरे के कारण गत पुरुष एकल चैम्पियन नोवाक जोकोविच के सेमीफाइनल मुकाबले को पहले सेट में ही स्थगित करना पड़ा। अब सेमीफाइनल रविवार को और फाइनल सोमवार को खेला जाएगा। यह लगातार पांचवां साल है जब मौसम के खराब मिजाज के कारण टूर्नामेंट समय पर समाप्त नहीं हो पाएगा।
जोकोविच के सेमीफाइनल मुकाबले को जब रोका गया तो लगभग आधे घंटे का खेल होने के बाद वह चौथे वरीय स्पेन के डेविड फेरर के खिलाफ 2-5 से पिछड़ रहे थे।
जोकोविच और फेरर के बीच होने वाले सेमीफाइनल के विजेता को फाइनल में ओलिंपिक चैम्पियन एंडी मरे का सामना करना है।
इससे पहले शनिवार को सेरेना विलियम्स और विक्टोरिया अजारेंका के बीच होने वाले महिला एकल फाइनल को भी एक दिन खिसका दिया गया था और अब यह आज होगा। पिछले पांच साल में यह चौथा मौका है जबकि महिला एकल सेमीफाइनल रविवार को खेला जा रहा है।
विंबलडन और ऑस्ट्रेलियाई ओपन की तरह अमेरिकी ओपन में ऐसा कोई कोर्ट नहीं है जिसके ऊपर छत हो और बारिश के बावजूद वहां खेल जारी रखा जा सके।
अगले साल से पहली बार सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक दिन के ब्रेक की व्यवस्था की जाएगी। सेमीफाइनल को शुक्रवार को आयोजित करके या फिर फाइनल के लिए सोमवार का दिन तय करके ऐसा किया जाएगा। इससे पहले कल बारिश के कारण मरे का मैच भी एक घंटे से अधिक विलंब से शुरू हुआ। ब्रिटेन का यह खिलाड़ी इसके बाद सातवें वरीय चेक गणराज्य के टामस बर्डीच को 5-7, 6-2, 6-1, 7-6 से हराने में सफल रहा।
मरे अब अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के अलावा 76 साल में ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाला ब्रिटेन का पहला खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगे।टिप्पणियां
वर्ष 2004 के फ्रेंच ओपन के बाद से यह पहला टूर्नामेंट है जब रोजर फेडरर या रफेल नडाल दोनों में से कोई भी सेमीफाइनल में खेलता हुआ नहीं दिखा। फेडरर को क्वार्टर फाइनल में बर्डीच ने हराया जबकि नडाल बायें घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं खेले।
फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी ने 2005 के फ्रेंच ओपन से 30 में से 29 गै्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं।
जोकोविच के सेमीफाइनल मुकाबले को जब रोका गया तो लगभग आधे घंटे का खेल होने के बाद वह चौथे वरीय स्पेन के डेविड फेरर के खिलाफ 2-5 से पिछड़ रहे थे।
जोकोविच और फेरर के बीच होने वाले सेमीफाइनल के विजेता को फाइनल में ओलिंपिक चैम्पियन एंडी मरे का सामना करना है।
इससे पहले शनिवार को सेरेना विलियम्स और विक्टोरिया अजारेंका के बीच होने वाले महिला एकल फाइनल को भी एक दिन खिसका दिया गया था और अब यह आज होगा। पिछले पांच साल में यह चौथा मौका है जबकि महिला एकल सेमीफाइनल रविवार को खेला जा रहा है।
विंबलडन और ऑस्ट्रेलियाई ओपन की तरह अमेरिकी ओपन में ऐसा कोई कोर्ट नहीं है जिसके ऊपर छत हो और बारिश के बावजूद वहां खेल जारी रखा जा सके।
अगले साल से पहली बार सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक दिन के ब्रेक की व्यवस्था की जाएगी। सेमीफाइनल को शुक्रवार को आयोजित करके या फिर फाइनल के लिए सोमवार का दिन तय करके ऐसा किया जाएगा। इससे पहले कल बारिश के कारण मरे का मैच भी एक घंटे से अधिक विलंब से शुरू हुआ। ब्रिटेन का यह खिलाड़ी इसके बाद सातवें वरीय चेक गणराज्य के टामस बर्डीच को 5-7, 6-2, 6-1, 7-6 से हराने में सफल रहा।
मरे अब अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के अलावा 76 साल में ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाला ब्रिटेन का पहला खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगे।टिप्पणियां
वर्ष 2004 के फ्रेंच ओपन के बाद से यह पहला टूर्नामेंट है जब रोजर फेडरर या रफेल नडाल दोनों में से कोई भी सेमीफाइनल में खेलता हुआ नहीं दिखा। फेडरर को क्वार्टर फाइनल में बर्डीच ने हराया जबकि नडाल बायें घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं खेले।
फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी ने 2005 के फ्रेंच ओपन से 30 में से 29 गै्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं।
जोकोविच और फेरर के बीच होने वाले सेमीफाइनल के विजेता को फाइनल में ओलिंपिक चैम्पियन एंडी मरे का सामना करना है।
इससे पहले शनिवार को सेरेना विलियम्स और विक्टोरिया अजारेंका के बीच होने वाले महिला एकल फाइनल को भी एक दिन खिसका दिया गया था और अब यह आज होगा। पिछले पांच साल में यह चौथा मौका है जबकि महिला एकल सेमीफाइनल रविवार को खेला जा रहा है।
विंबलडन और ऑस्ट्रेलियाई ओपन की तरह अमेरिकी ओपन में ऐसा कोई कोर्ट नहीं है जिसके ऊपर छत हो और बारिश के बावजूद वहां खेल जारी रखा जा सके।
अगले साल से पहली बार सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक दिन के ब्रेक की व्यवस्था की जाएगी। सेमीफाइनल को शुक्रवार को आयोजित करके या फिर फाइनल के लिए सोमवार का दिन तय करके ऐसा किया जाएगा। इससे पहले कल बारिश के कारण मरे का मैच भी एक घंटे से अधिक विलंब से शुरू हुआ। ब्रिटेन का यह खिलाड़ी इसके बाद सातवें वरीय चेक गणराज्य के टामस बर्डीच को 5-7, 6-2, 6-1, 7-6 से हराने में सफल रहा।
मरे अब अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के अलावा 76 साल में ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाला ब्रिटेन का पहला खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगे।टिप्पणियां
वर्ष 2004 के फ्रेंच ओपन के बाद से यह पहला टूर्नामेंट है जब रोजर फेडरर या रफेल नडाल दोनों में से कोई भी सेमीफाइनल में खेलता हुआ नहीं दिखा। फेडरर को क्वार्टर फाइनल में बर्डीच ने हराया जबकि नडाल बायें घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं खेले।
फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी ने 2005 के फ्रेंच ओपन से 30 में से 29 गै्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं।
इससे पहले शनिवार को सेरेना विलियम्स और विक्टोरिया अजारेंका के बीच होने वाले महिला एकल फाइनल को भी एक दिन खिसका दिया गया था और अब यह आज होगा। पिछले पांच साल में यह चौथा मौका है जबकि महिला एकल सेमीफाइनल रविवार को खेला जा रहा है।
विंबलडन और ऑस्ट्रेलियाई ओपन की तरह अमेरिकी ओपन में ऐसा कोई कोर्ट नहीं है जिसके ऊपर छत हो और बारिश के बावजूद वहां खेल जारी रखा जा सके।
अगले साल से पहली बार सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक दिन के ब्रेक की व्यवस्था की जाएगी। सेमीफाइनल को शुक्रवार को आयोजित करके या फिर फाइनल के लिए सोमवार का दिन तय करके ऐसा किया जाएगा। इससे पहले कल बारिश के कारण मरे का मैच भी एक घंटे से अधिक विलंब से शुरू हुआ। ब्रिटेन का यह खिलाड़ी इसके बाद सातवें वरीय चेक गणराज्य के टामस बर्डीच को 5-7, 6-2, 6-1, 7-6 से हराने में सफल रहा।
मरे अब अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के अलावा 76 साल में ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाला ब्रिटेन का पहला खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगे।टिप्पणियां
वर्ष 2004 के फ्रेंच ओपन के बाद से यह पहला टूर्नामेंट है जब रोजर फेडरर या रफेल नडाल दोनों में से कोई भी सेमीफाइनल में खेलता हुआ नहीं दिखा। फेडरर को क्वार्टर फाइनल में बर्डीच ने हराया जबकि नडाल बायें घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं खेले।
फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी ने 2005 के फ्रेंच ओपन से 30 में से 29 गै्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं।
विंबलडन और ऑस्ट्रेलियाई ओपन की तरह अमेरिकी ओपन में ऐसा कोई कोर्ट नहीं है जिसके ऊपर छत हो और बारिश के बावजूद वहां खेल जारी रखा जा सके।
अगले साल से पहली बार सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक दिन के ब्रेक की व्यवस्था की जाएगी। सेमीफाइनल को शुक्रवार को आयोजित करके या फिर फाइनल के लिए सोमवार का दिन तय करके ऐसा किया जाएगा। इससे पहले कल बारिश के कारण मरे का मैच भी एक घंटे से अधिक विलंब से शुरू हुआ। ब्रिटेन का यह खिलाड़ी इसके बाद सातवें वरीय चेक गणराज्य के टामस बर्डीच को 5-7, 6-2, 6-1, 7-6 से हराने में सफल रहा।
मरे अब अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के अलावा 76 साल में ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाला ब्रिटेन का पहला खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगे।टिप्पणियां
वर्ष 2004 के फ्रेंच ओपन के बाद से यह पहला टूर्नामेंट है जब रोजर फेडरर या रफेल नडाल दोनों में से कोई भी सेमीफाइनल में खेलता हुआ नहीं दिखा। फेडरर को क्वार्टर फाइनल में बर्डीच ने हराया जबकि नडाल बायें घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं खेले।
फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी ने 2005 के फ्रेंच ओपन से 30 में से 29 गै्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं।
अगले साल से पहली बार सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक दिन के ब्रेक की व्यवस्था की जाएगी। सेमीफाइनल को शुक्रवार को आयोजित करके या फिर फाइनल के लिए सोमवार का दिन तय करके ऐसा किया जाएगा। इससे पहले कल बारिश के कारण मरे का मैच भी एक घंटे से अधिक विलंब से शुरू हुआ। ब्रिटेन का यह खिलाड़ी इसके बाद सातवें वरीय चेक गणराज्य के टामस बर्डीच को 5-7, 6-2, 6-1, 7-6 से हराने में सफल रहा।
मरे अब अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के अलावा 76 साल में ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाला ब्रिटेन का पहला खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगे।टिप्पणियां
वर्ष 2004 के फ्रेंच ओपन के बाद से यह पहला टूर्नामेंट है जब रोजर फेडरर या रफेल नडाल दोनों में से कोई भी सेमीफाइनल में खेलता हुआ नहीं दिखा। फेडरर को क्वार्टर फाइनल में बर्डीच ने हराया जबकि नडाल बायें घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं खेले।
फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी ने 2005 के फ्रेंच ओपन से 30 में से 29 गै्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं।
मरे अब अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के अलावा 76 साल में ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाला ब्रिटेन का पहला खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगे।टिप्पणियां
वर्ष 2004 के फ्रेंच ओपन के बाद से यह पहला टूर्नामेंट है जब रोजर फेडरर या रफेल नडाल दोनों में से कोई भी सेमीफाइनल में खेलता हुआ नहीं दिखा। फेडरर को क्वार्टर फाइनल में बर्डीच ने हराया जबकि नडाल बायें घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं खेले।
फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी ने 2005 के फ्रेंच ओपन से 30 में से 29 गै्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं।
वर्ष 2004 के फ्रेंच ओपन के बाद से यह पहला टूर्नामेंट है जब रोजर फेडरर या रफेल नडाल दोनों में से कोई भी सेमीफाइनल में खेलता हुआ नहीं दिखा। फेडरर को क्वार्टर फाइनल में बर्डीच ने हराया जबकि नडाल बायें घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं खेले।
फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी ने 2005 के फ्रेंच ओपन से 30 में से 29 गै्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं।
फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी ने 2005 के फ्रेंच ओपन से 30 में से 29 गै्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं। | संक्षिप्त पाठ: अब सेमीफाइनल रविवार को और फाइनल सोमवार को खेला जाएगा। यह लगातार पांचवां साल है जब मौसम के खराब मिजाज के कारण टूर्नामेंट समय पर समाप्त नहीं हो पाएगा। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा सतर्कता बरतने से शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भी गिरावट का रुख रहा और बीएसई सेंसेक्स 26 अंक गिरकर बंद हुआ।
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 25.56 अंक की गिरावट के साथ 15,857.08 अंक पर बंद हुआ। बुधवार को सेंसेक्स 57 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था। हालांकि, आज यह कारोबार के दौरान दिन के उच्च स्तर 15,980.17 अंक पर पहुंच गया था।
वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.30 अंक की मामूली बढ़त के साथ 4,749.95 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
ब्रोकरों ने कहा कि कंपनियों द्वारा तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा से पहले निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। अगले सप्ताह इनफोसिस तिमाही नतीजों की घोषणा कर तीसरी तिमाही परिणामों की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, निवेशक आर्थिक वृद्धि दर में नरमी को लेकर भी चिंतित हैं, भले ही खाद्य मुद्रास्फीति 24 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में घटकर ऋणात्मक 3.36 प्रतिशत पर आ गई।
वहीं, यूरो-जोन ऋण संकट को लेकर भी निवेशकों की चिंता बरकरार है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा।
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 25.56 अंक की गिरावट के साथ 15,857.08 अंक पर बंद हुआ। बुधवार को सेंसेक्स 57 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था। हालांकि, आज यह कारोबार के दौरान दिन के उच्च स्तर 15,980.17 अंक पर पहुंच गया था।
वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.30 अंक की मामूली बढ़त के साथ 4,749.95 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
ब्रोकरों ने कहा कि कंपनियों द्वारा तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा से पहले निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। अगले सप्ताह इनफोसिस तिमाही नतीजों की घोषणा कर तीसरी तिमाही परिणामों की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, निवेशक आर्थिक वृद्धि दर में नरमी को लेकर भी चिंतित हैं, भले ही खाद्य मुद्रास्फीति 24 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में घटकर ऋणात्मक 3.36 प्रतिशत पर आ गई।
वहीं, यूरो-जोन ऋण संकट को लेकर भी निवेशकों की चिंता बरकरार है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा।
वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.30 अंक की मामूली बढ़त के साथ 4,749.95 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
ब्रोकरों ने कहा कि कंपनियों द्वारा तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा से पहले निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। अगले सप्ताह इनफोसिस तिमाही नतीजों की घोषणा कर तीसरी तिमाही परिणामों की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, निवेशक आर्थिक वृद्धि दर में नरमी को लेकर भी चिंतित हैं, भले ही खाद्य मुद्रास्फीति 24 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में घटकर ऋणात्मक 3.36 प्रतिशत पर आ गई।
वहीं, यूरो-जोन ऋण संकट को लेकर भी निवेशकों की चिंता बरकरार है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा।
ब्रोकरों ने कहा कि कंपनियों द्वारा तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा से पहले निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। अगले सप्ताह इनफोसिस तिमाही नतीजों की घोषणा कर तीसरी तिमाही परिणामों की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, निवेशक आर्थिक वृद्धि दर में नरमी को लेकर भी चिंतित हैं, भले ही खाद्य मुद्रास्फीति 24 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में घटकर ऋणात्मक 3.36 प्रतिशत पर आ गई।
वहीं, यूरो-जोन ऋण संकट को लेकर भी निवेशकों की चिंता बरकरार है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा।
वहीं, यूरो-जोन ऋण संकट को लेकर भी निवेशकों की चिंता बरकरार है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। | संक्षिप्त सारांश: कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा सतर्कता बरतने से शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भी गिरावट का रुख रहा और बीएसई सेंसेक्स 26 अंक गिरकर बंद हुआ। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता शक्ति कपूर ने अपनी बेटी अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के काम की तारीफ करते हुए कहा कि श्रद्धा के अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड की महान अभिनेत्रियों वहीदा रहमान और मधुबाला की याद दिला दी।टिप्पणियां
शक्ति कहते हैं कि श्रद्धा काफी समझदार है और वह भी अक्सर कई मामलों में उनकी सलाह लेते हैं। शक्ति ने अभिनेत्री पद्ममिनी कोल्हापुरे की बड़ी बहन शिवांगी से विवाह किया और और वे दो बच्चों श्रद्धा और सिद्धांत के माता-पिता हैं।
शक्ति कहते हैं, मैं किसी की जिंदगी और काम में दखल नहीं देता। उन्होंने कहा, यदि उसे मेरी सलाह की जरूरत होगी, तो मैं जरूर मदद करूंगा। वह खुद ही बहुत समझदार है, उसने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, बल्कि मुझे ही कोई परेशानी होती है, तो मैं उसकी सलाह लेता हूं। शक्ति ने कहा, आज के युवा हमसे ज्यादा जानकारी रखते हैं। मैं श्रद्धा को सिर्फ अपने अनुभव ही बता सकता हूं। श्रद्धा ने पिछले दिनों आई फिल्म 'आशिकी 2' से बॉलीवुड में कदम रखा और उनके पिता शक्ति कपूर को उन पर गर्व है।
शक्ति कहते हैं कि श्रद्धा काफी समझदार है और वह भी अक्सर कई मामलों में उनकी सलाह लेते हैं। शक्ति ने अभिनेत्री पद्ममिनी कोल्हापुरे की बड़ी बहन शिवांगी से विवाह किया और और वे दो बच्चों श्रद्धा और सिद्धांत के माता-पिता हैं।
शक्ति कहते हैं, मैं किसी की जिंदगी और काम में दखल नहीं देता। उन्होंने कहा, यदि उसे मेरी सलाह की जरूरत होगी, तो मैं जरूर मदद करूंगा। वह खुद ही बहुत समझदार है, उसने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, बल्कि मुझे ही कोई परेशानी होती है, तो मैं उसकी सलाह लेता हूं। शक्ति ने कहा, आज के युवा हमसे ज्यादा जानकारी रखते हैं। मैं श्रद्धा को सिर्फ अपने अनुभव ही बता सकता हूं। श्रद्धा ने पिछले दिनों आई फिल्म 'आशिकी 2' से बॉलीवुड में कदम रखा और उनके पिता शक्ति कपूर को उन पर गर्व है।
शक्ति कहते हैं, मैं किसी की जिंदगी और काम में दखल नहीं देता। उन्होंने कहा, यदि उसे मेरी सलाह की जरूरत होगी, तो मैं जरूर मदद करूंगा। वह खुद ही बहुत समझदार है, उसने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, बल्कि मुझे ही कोई परेशानी होती है, तो मैं उसकी सलाह लेता हूं। शक्ति ने कहा, आज के युवा हमसे ज्यादा जानकारी रखते हैं। मैं श्रद्धा को सिर्फ अपने अनुभव ही बता सकता हूं। श्रद्धा ने पिछले दिनों आई फिल्म 'आशिकी 2' से बॉलीवुड में कदम रखा और उनके पिता शक्ति कपूर को उन पर गर्व है। | संक्षिप्त सारांश: शक्ति कपूर कहते हैं कि बेटी श्रद्धा काफी समझदार है और वह भी अक्सर कई मामलों में उनकी सलाह लेते हैं। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एडिलेड ओवल मैदान पर मंगलवार को खेले गए त्रिकोणीय श्रृंखला के दूसरे फाइनल मुकाबले के दौरान किसी फैसले को लेकर अम्पायरों से बहस करने पर श्रीलंकाई टीम के कप्तान माहेला जयवर्धने पर जुर्माना लगाया गया है।
आईसीसी ने जयवर्धने को किसी अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान अम्पायर के फैसले की अवमानना को लेकर 10 फीसदी जुर्माना भरने को कहा। जयवर्धने को आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.1.3 के तहत अवमानना का दोषी पाया गया है।
जयवर्धने आस्ट्रेलियाई पारी के 44वें ओवर के दौरान अम्पायरों द्वारा देरी से नोबॉल देने से नाराज दिखे। अम्पायरों ने फरवीज महरूफ की कंधे से ऊपर जाती गेंद पर चौका लगने के बाद उसे नोबॉल करार दिया। जयवर्धने ने कहा कि वह नोबॉल से नाराज नहीं थे बल्कि इस फैसले में हुई देरी से हैरान थे।टिप्पणियां
माइकल क्लार्क द्वारा महरूफ की गेंद पर चौका लगाए जाने के बाद अम्पायरों ने नोबॉल का फैसला दिया। इसके बाद ही जयवर्धने अम्पायरों से बहस करने पहुंचे। उन्होंने मैच के बाद कहा कि नोबॉल को लेकर कोई विवाद था ही नहीं, वह तो अम्पायरों से यह जानना चाहते थे कि आखिरकार इस फैसले में इतनी देरी क्यों हुई।
आईसीसी के मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने कहा कि जयवर्धने ने इस गलती के लिए माफी मांग ली है और आईसीसी ने उन्हें माफ कर दिया है लेकिन सीनियर खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते मैदान पर उनका व्यवहार शोभनीय नहीं था और इसी कारण उन पर मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया गया।
आईसीसी ने जयवर्धने को किसी अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान अम्पायर के फैसले की अवमानना को लेकर 10 फीसदी जुर्माना भरने को कहा। जयवर्धने को आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.1.3 के तहत अवमानना का दोषी पाया गया है।
जयवर्धने आस्ट्रेलियाई पारी के 44वें ओवर के दौरान अम्पायरों द्वारा देरी से नोबॉल देने से नाराज दिखे। अम्पायरों ने फरवीज महरूफ की कंधे से ऊपर जाती गेंद पर चौका लगने के बाद उसे नोबॉल करार दिया। जयवर्धने ने कहा कि वह नोबॉल से नाराज नहीं थे बल्कि इस फैसले में हुई देरी से हैरान थे।टिप्पणियां
माइकल क्लार्क द्वारा महरूफ की गेंद पर चौका लगाए जाने के बाद अम्पायरों ने नोबॉल का फैसला दिया। इसके बाद ही जयवर्धने अम्पायरों से बहस करने पहुंचे। उन्होंने मैच के बाद कहा कि नोबॉल को लेकर कोई विवाद था ही नहीं, वह तो अम्पायरों से यह जानना चाहते थे कि आखिरकार इस फैसले में इतनी देरी क्यों हुई।
आईसीसी के मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने कहा कि जयवर्धने ने इस गलती के लिए माफी मांग ली है और आईसीसी ने उन्हें माफ कर दिया है लेकिन सीनियर खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते मैदान पर उनका व्यवहार शोभनीय नहीं था और इसी कारण उन पर मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया गया।
जयवर्धने आस्ट्रेलियाई पारी के 44वें ओवर के दौरान अम्पायरों द्वारा देरी से नोबॉल देने से नाराज दिखे। अम्पायरों ने फरवीज महरूफ की कंधे से ऊपर जाती गेंद पर चौका लगने के बाद उसे नोबॉल करार दिया। जयवर्धने ने कहा कि वह नोबॉल से नाराज नहीं थे बल्कि इस फैसले में हुई देरी से हैरान थे।टिप्पणियां
माइकल क्लार्क द्वारा महरूफ की गेंद पर चौका लगाए जाने के बाद अम्पायरों ने नोबॉल का फैसला दिया। इसके बाद ही जयवर्धने अम्पायरों से बहस करने पहुंचे। उन्होंने मैच के बाद कहा कि नोबॉल को लेकर कोई विवाद था ही नहीं, वह तो अम्पायरों से यह जानना चाहते थे कि आखिरकार इस फैसले में इतनी देरी क्यों हुई।
आईसीसी के मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने कहा कि जयवर्धने ने इस गलती के लिए माफी मांग ली है और आईसीसी ने उन्हें माफ कर दिया है लेकिन सीनियर खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते मैदान पर उनका व्यवहार शोभनीय नहीं था और इसी कारण उन पर मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया गया।
माइकल क्लार्क द्वारा महरूफ की गेंद पर चौका लगाए जाने के बाद अम्पायरों ने नोबॉल का फैसला दिया। इसके बाद ही जयवर्धने अम्पायरों से बहस करने पहुंचे। उन्होंने मैच के बाद कहा कि नोबॉल को लेकर कोई विवाद था ही नहीं, वह तो अम्पायरों से यह जानना चाहते थे कि आखिरकार इस फैसले में इतनी देरी क्यों हुई।
आईसीसी के मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने कहा कि जयवर्धने ने इस गलती के लिए माफी मांग ली है और आईसीसी ने उन्हें माफ कर दिया है लेकिन सीनियर खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते मैदान पर उनका व्यवहार शोभनीय नहीं था और इसी कारण उन पर मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया गया।
आईसीसी के मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने कहा कि जयवर्धने ने इस गलती के लिए माफी मांग ली है और आईसीसी ने उन्हें माफ कर दिया है लेकिन सीनियर खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते मैदान पर उनका व्यवहार शोभनीय नहीं था और इसी कारण उन पर मैच फीस का 10 फीसदी जुर्माना लगाया गया। | संक्षिप्त सारांश: त्रिकोणीय श्रृंखला के दूसरे फाइनल मुकाबले के दौरान किसी फैसले को लेकर अम्पायरों से बहस करने पर श्रीलंकाई टीम के कप्तान माहेला जयवर्धने पर जुर्माना लगाया गया है। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले कुछ वर्षों में विभिन्न कारोबारों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर सकती है। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा नकदी प्रवाह के इस्तेमाल के बारे में चिंताएं अब भी बरकरार हैं। वैश्विक निवेश बैंकिंग कंपनी मार्गन स्टैनले की एक इक्विटी अनुसंधान रपट में इस विशाल निवेश योजना का जिक्र किया गया है। मार्गन स्टैनले संयोग से आरआईएल के साथ बीपी की प्रस्तावित साझीदारी में वित्तीय परामर्शदाता है। मार्गन स्टैनले के मुताबिक, आरआईएल द्वारा यह निवेश मुख्यतौर पर उत्खनन एवं उत्पादन, पेट्रोकेमिकल एवं शेल गैस में किया जाएगा। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाला रिलायंस समूह जनवरी, 2010 से 7.2 अरब डालर के निवेश की घोषणा पहले ही कर चुका है। भले ही पाइपलाइन में बड़ी निवेश योजनाएं है, आरआईएल द्वारा नकदी प्रवाह के उपयोग को लेकर रुख सीमित रूप से स्पष्ट करने की वजह से चिंता कायम है। रपट में कहा गया है, मार्गन स्टैनले रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ बीपी की प्रस्तावित साझीदारी में बीपी के लिए एक वित्तीय परामर्शदाता के तौर पर काम कर रही है। बीपी वित्तीय सेवाओं के लिए मार्गन स्टैनले को शुल्क अदा करने को राजी है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वैश्विक निवेश बैंकिंग कंपनी मार्गन स्टैनले की एक इक्विटी अनुसंधान रपट में इस विशाल निवेश योजना का जिक्र किया गया है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नाम सविता यादव, उम्र 33 वर्ष। इस महिला को सांप 60 से ज्यादा बार डस चुका है, मगर मौत का साया कभी उसके पास नहीं पहुंचा। ये किसी पटकथा की पंक्तियां नहीं हैं, बल्कि मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की उस महिला की जिंदगी की हकीकत है, जिसे साल में कई बार सांप के दंश का शिकार बनना पड़ता है।
टीकमगढ़ के मोहनगढ़ पंचायत के करीब है पंचमपुरा गांव। यहां रहने वाली सविता की पहचान सर्पदंशिता के रूप में बन चुकी है। सविता को पहली बार सांप ने तब डसा जब उसकी उम्र 19 वर्ष थी। उसके बाद से हर वर्ष औसतन चार से पांच बार सांप उसे डसता है, मगर कुदरत के करिश्मे के चलते मौत उसे छूती नहीं है।
सविता बताती है कि उसे जिस रात सपने में सांप दिखता है, वह समझ जाती है कि जल्दी ही सांप उसके करीब आकर उसे काट सकता है। ऐसा होता भी है। वह बताती है कि एक बार भी ऐसा नहीं हुआ कि सांप सपने में दिखा हो और उसे काटा न हो। इतना ही नहीं, जब उसे सांप काटता है तो ललितपुर का एक ओझा ही उसे होश में ला पाता है।
मजदूरी करने वाले परिवार की सविता के शरीर पर बने 60 निशान सांप के डसने की कहानी बयां करते हैं। हाथ व शरीर के हिस्से में सांप के डसे जाने के निशान दिखाते हुए सविता बताती है कि सांप के डसते ही वह बेहोशी की हालत में आ जाती है और परिवार के लोग उसे ओझा के पास लेकर भागते हैं। होश में आने पर उसे कई दिन तक कमजोरी रहती है। उसका दावा है कि उसे बार-बार एक ही सांप डसता है। टिप्पणियां
सविता के पति राजधर का कहना है कि ऐसा नहीं है कि सांप उसे सिर्फ पंचमपुरा गांव में रहने पर ही काटता हो। वह पंचमपुरा से बाहर भी होती है तो उसे वहां भी सांप का निशाना बनना पड़ता है।
गांव के कुछ लोग इस वाकये को पुर्नजन्म से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि सविता पिछले जन्म में उस सांप के करीब रही होगी, जो उसे इस जन्म में डसता है। इस जन्म में दोनों अलग-अलग हैं। जहां सविता ने इंसान के रूप में जन्म लिया है तो वह सांप के तौर। जान-पहचान के कारण ही वह सविता के पास आता है।
सविता को सांप क्यों डसता है और उस पर जहर का असर क्यों नहीं होता, इसको लेकर तरह-तरह के किस्से लोग एक-दूसरे को सुनाते हैं।
टीकमगढ़ के मोहनगढ़ पंचायत के करीब है पंचमपुरा गांव। यहां रहने वाली सविता की पहचान सर्पदंशिता के रूप में बन चुकी है। सविता को पहली बार सांप ने तब डसा जब उसकी उम्र 19 वर्ष थी। उसके बाद से हर वर्ष औसतन चार से पांच बार सांप उसे डसता है, मगर कुदरत के करिश्मे के चलते मौत उसे छूती नहीं है।
सविता बताती है कि उसे जिस रात सपने में सांप दिखता है, वह समझ जाती है कि जल्दी ही सांप उसके करीब आकर उसे काट सकता है। ऐसा होता भी है। वह बताती है कि एक बार भी ऐसा नहीं हुआ कि सांप सपने में दिखा हो और उसे काटा न हो। इतना ही नहीं, जब उसे सांप काटता है तो ललितपुर का एक ओझा ही उसे होश में ला पाता है।
मजदूरी करने वाले परिवार की सविता के शरीर पर बने 60 निशान सांप के डसने की कहानी बयां करते हैं। हाथ व शरीर के हिस्से में सांप के डसे जाने के निशान दिखाते हुए सविता बताती है कि सांप के डसते ही वह बेहोशी की हालत में आ जाती है और परिवार के लोग उसे ओझा के पास लेकर भागते हैं। होश में आने पर उसे कई दिन तक कमजोरी रहती है। उसका दावा है कि उसे बार-बार एक ही सांप डसता है। टिप्पणियां
सविता के पति राजधर का कहना है कि ऐसा नहीं है कि सांप उसे सिर्फ पंचमपुरा गांव में रहने पर ही काटता हो। वह पंचमपुरा से बाहर भी होती है तो उसे वहां भी सांप का निशाना बनना पड़ता है।
गांव के कुछ लोग इस वाकये को पुर्नजन्म से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि सविता पिछले जन्म में उस सांप के करीब रही होगी, जो उसे इस जन्म में डसता है। इस जन्म में दोनों अलग-अलग हैं। जहां सविता ने इंसान के रूप में जन्म लिया है तो वह सांप के तौर। जान-पहचान के कारण ही वह सविता के पास आता है।
सविता को सांप क्यों डसता है और उस पर जहर का असर क्यों नहीं होता, इसको लेकर तरह-तरह के किस्से लोग एक-दूसरे को सुनाते हैं।
सविता बताती है कि उसे जिस रात सपने में सांप दिखता है, वह समझ जाती है कि जल्दी ही सांप उसके करीब आकर उसे काट सकता है। ऐसा होता भी है। वह बताती है कि एक बार भी ऐसा नहीं हुआ कि सांप सपने में दिखा हो और उसे काटा न हो। इतना ही नहीं, जब उसे सांप काटता है तो ललितपुर का एक ओझा ही उसे होश में ला पाता है।
मजदूरी करने वाले परिवार की सविता के शरीर पर बने 60 निशान सांप के डसने की कहानी बयां करते हैं। हाथ व शरीर के हिस्से में सांप के डसे जाने के निशान दिखाते हुए सविता बताती है कि सांप के डसते ही वह बेहोशी की हालत में आ जाती है और परिवार के लोग उसे ओझा के पास लेकर भागते हैं। होश में आने पर उसे कई दिन तक कमजोरी रहती है। उसका दावा है कि उसे बार-बार एक ही सांप डसता है। टिप्पणियां
सविता के पति राजधर का कहना है कि ऐसा नहीं है कि सांप उसे सिर्फ पंचमपुरा गांव में रहने पर ही काटता हो। वह पंचमपुरा से बाहर भी होती है तो उसे वहां भी सांप का निशाना बनना पड़ता है।
गांव के कुछ लोग इस वाकये को पुर्नजन्म से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि सविता पिछले जन्म में उस सांप के करीब रही होगी, जो उसे इस जन्म में डसता है। इस जन्म में दोनों अलग-अलग हैं। जहां सविता ने इंसान के रूप में जन्म लिया है तो वह सांप के तौर। जान-पहचान के कारण ही वह सविता के पास आता है।
सविता को सांप क्यों डसता है और उस पर जहर का असर क्यों नहीं होता, इसको लेकर तरह-तरह के किस्से लोग एक-दूसरे को सुनाते हैं।
मजदूरी करने वाले परिवार की सविता के शरीर पर बने 60 निशान सांप के डसने की कहानी बयां करते हैं। हाथ व शरीर के हिस्से में सांप के डसे जाने के निशान दिखाते हुए सविता बताती है कि सांप के डसते ही वह बेहोशी की हालत में आ जाती है और परिवार के लोग उसे ओझा के पास लेकर भागते हैं। होश में आने पर उसे कई दिन तक कमजोरी रहती है। उसका दावा है कि उसे बार-बार एक ही सांप डसता है। टिप्पणियां
सविता के पति राजधर का कहना है कि ऐसा नहीं है कि सांप उसे सिर्फ पंचमपुरा गांव में रहने पर ही काटता हो। वह पंचमपुरा से बाहर भी होती है तो उसे वहां भी सांप का निशाना बनना पड़ता है।
गांव के कुछ लोग इस वाकये को पुर्नजन्म से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि सविता पिछले जन्म में उस सांप के करीब रही होगी, जो उसे इस जन्म में डसता है। इस जन्म में दोनों अलग-अलग हैं। जहां सविता ने इंसान के रूप में जन्म लिया है तो वह सांप के तौर। जान-पहचान के कारण ही वह सविता के पास आता है।
सविता को सांप क्यों डसता है और उस पर जहर का असर क्यों नहीं होता, इसको लेकर तरह-तरह के किस्से लोग एक-दूसरे को सुनाते हैं।
सविता के पति राजधर का कहना है कि ऐसा नहीं है कि सांप उसे सिर्फ पंचमपुरा गांव में रहने पर ही काटता हो। वह पंचमपुरा से बाहर भी होती है तो उसे वहां भी सांप का निशाना बनना पड़ता है।
गांव के कुछ लोग इस वाकये को पुर्नजन्म से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि सविता पिछले जन्म में उस सांप के करीब रही होगी, जो उसे इस जन्म में डसता है। इस जन्म में दोनों अलग-अलग हैं। जहां सविता ने इंसान के रूप में जन्म लिया है तो वह सांप के तौर। जान-पहचान के कारण ही वह सविता के पास आता है।
सविता को सांप क्यों डसता है और उस पर जहर का असर क्यों नहीं होता, इसको लेकर तरह-तरह के किस्से लोग एक-दूसरे को सुनाते हैं।
गांव के कुछ लोग इस वाकये को पुर्नजन्म से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि सविता पिछले जन्म में उस सांप के करीब रही होगी, जो उसे इस जन्म में डसता है। इस जन्म में दोनों अलग-अलग हैं। जहां सविता ने इंसान के रूप में जन्म लिया है तो वह सांप के तौर। जान-पहचान के कारण ही वह सविता के पास आता है।
सविता को सांप क्यों डसता है और उस पर जहर का असर क्यों नहीं होता, इसको लेकर तरह-तरह के किस्से लोग एक-दूसरे को सुनाते हैं। | संक्षिप्त सारांश: सविता को पहली बार सांप ने तब डसा जब उसकी उम्र 19 वर्ष थी। उसके बाद से हर वर्ष औसतन चार से पांच बार सांप उसे डसता है, मगर कुदरत के करिश्मे के चलते मौत उसे छूती नहीं है। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वोडाफोन इंडिया ने एक उल्लेखनीय कदम उठाते हुए तीन सर्किलों में डेटा दरों में 80 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है। नई सस्ती दरें राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी।टिप्पणियां
वोडाफोन ने कर्नाटक, पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किलों में डेटा दरें 10 पैसे प्रति 10केबी से घटाकर 2 पैसा प्रति 10 केबी कर दी हैं।
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दरों में कटौती से ग्राहकों के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल काफी सस्ता हो जाएगा, जो अभी तक मोबाइल इंटरनेट का सीमित इस्तेमाल करते हैं। कंपनी ने कहा है कि नई दरें 2जी नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले सभी प्रीपेड और पोस्ट पेड ग्राहकों के लिए होंगी।
वोडाफोन ने कर्नाटक, पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किलों में डेटा दरें 10 पैसे प्रति 10केबी से घटाकर 2 पैसा प्रति 10 केबी कर दी हैं।
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दरों में कटौती से ग्राहकों के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल काफी सस्ता हो जाएगा, जो अभी तक मोबाइल इंटरनेट का सीमित इस्तेमाल करते हैं। कंपनी ने कहा है कि नई दरें 2जी नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले सभी प्रीपेड और पोस्ट पेड ग्राहकों के लिए होंगी।
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दरों में कटौती से ग्राहकों के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल काफी सस्ता हो जाएगा, जो अभी तक मोबाइल इंटरनेट का सीमित इस्तेमाल करते हैं। कंपनी ने कहा है कि नई दरें 2जी नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले सभी प्रीपेड और पोस्ट पेड ग्राहकों के लिए होंगी। | यहाँ एक सारांश है:वोडाफोन ने कर्नाटक, पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किलों में डेटा दरें 10 पैसे प्रति 10 केबी से घटाकर 2 पैसा प्रति 10 केबी कर दी हैं। नई सस्ती दरें राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जनता दल (एस) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने अपने और अपने परिवार पर अवैध संपत्ति रखने के भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर पिछले दो दिन से जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन यह कहते हुए समाप्त कर दिया कि वह अपनी पार्टी और कार्यकर्ताओं के कहने पर ऐसा कर रहे हैं। भाजपा ने आरोप लगाया था कि कुमारस्वामी और उनके परिवार ने 1500 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जमा कर रखी है। कुमारस्वामी इसी आरोप की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे। फ्रीडम पार्क में, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित यूआर अनंतमूर्ति ने अनशन तोड़ने का अनुरोध करते हुए कुमारस्वामी को फलों के जूस का गिलास दिया जिसे जद (एस) नेता ने स्वीकार कर लिया। कुमारस्वामी ने कहा, व्यक्तिगत रूप से मैं अनशन जारी रखने के समर्थन में हूं। लेकिन मेरी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रमुख व्यक्तियों ने अनशन तोड़ने के लिए मुझ पर दबाव बनाया। मैं उन सबका सम्मान करता हूं और उनकी भावनाओं का सम्मान करता हूं। | भाजपा ने आरोप लगाया था कि कुमारस्वामी और उनके परिवार ने 1500 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जमा कर रखी है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका दौरे पर गए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने अमेरिकी सांसदों के साथ होने वाली बैठक को रद्द कर दिया था. इस बैठक में अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल (Pramila Jayapal) भी शामिल होने वाली थीं. प्रमिला ने अपनी एक रिपोर्ट में कश्मीर में उठाए भारत सरकार के कदमों की आलोचना की थी. भारत सरकार के अधिकारियों ने इस बारे में कहा कि विदेश मंत्री ने इस मीटिंग को इसलिए कैंसिल किया क्योंकि वह डेमोक्रेट कांग्रेसवुमेन प्रमिला जयपाल से नहीं मिलना चाहते थे.
अधिकारियों ने कहा कि प्रमिला जयपाल कमेटी की मेंबर नहीं है, लिहाजा भारतीय विदेश मंत्री उनसे मुलाकात के लिए बाध्य नहीं थे. किसी भी स्वतंत्र देश के विदेश मंत्री पर अपने एजेंडे के लिए नेताओं से मुलाकात को लेकर दबाव नहीं डाला जाना चाहिए. अधिकारियों ने कहा कि प्रमिला जयपाल भारत के लिए क्या रुख रखती हैं, इससे सभी वाकिफ हैं. उनके साथ बैठक नहीं की गई. मुलाकात को लेकर भारत की ओर से कोई शर्तें नहीं रखी गई थीं बल्कि उनकी (HFAC लीडरशिप) ओर से समिति में शामिल होने के लिए प्रमिला जयपाल के नाम की गुजारिश की गई थी.
बैठक रद्द करने को लेकर समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक वाशिंगटन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, 'मुझे नहीं लगता, इसमें (रिपोर्ट में) जम्मू और कश्मीर की स्थिति को सही तरीके से समझा गया है या इसमें भारत सरकार के कदमों को सही तरीके से बताया गया है. मुझे उनसे (प्रमिला जयपाल) मुलाकात करने में कोई दिलचस्पी नहीं है.' 'वाशिंगटन पोस्ट' ने अपनी एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में कहा कि जब अमेरिकी सांसदों ने प्रमिला जयपाल को बैठक में शामिल नहीं करने की मांग को खारिज कर दिया, तो एस. जयशंकर ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के वरिष्ठ सदस्यों के साथ होने वाली बैठक को रद्द करने का फैसला किया.
बैठक रद्द होने के बाद प्रमिला जयपाल ने ट्वीट किया, 'इस बैठक को रद्द किया जाना बहुत विचलित करने वाला है. इससे हमारी इस सोच को बल मिलता है कि भारत सरकार किसी भी असहमति को सुनने की इच्छुक नहीं है.' | संक्षिप्त पाठ: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रद्द की थी बैठक
प्रमिला जयपाल से नहीं मिलना चाहते थे विदेश मंत्री
भारतीय अधिकारियों ने कही ये बात | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका की कारोबारी गतिविधियों में सुस्ती के संकेतों और कर्ज सीमा को बढ़ाए जाने सम्बंधी फैसले की समय सीमा के नजदीक आने के बीच गत कारोबारी सप्ताह में अमेरिकी शेयर बाजारों में साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। डाऊ जोंस में लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई और यह 96.87 या 0.79 फीसदी की गिरावट के साथ 12,143.24 पर बंद हुआ। स्टैंडर्ड एंड पुअर्स 500 में लगातार पांचवें दिन गिरावट दर्ज की गई और यह 0.65 फीसदी गिरावट के साथ 1,292.28 पर बंद हुआ। नास्डाक कम्पोजिट इंडेक्स 0.36 फीसदी गिरावट के साथ 2,756.38 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह डाऊ जोंस और एस एंड पी 500 में चार फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले एक साल में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में कर्ज सीमा को बढ़ाए जाने के लिए हो रही चर्चा में कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला है। निवेशकों का मानना है कि अमेरिकी कांग्रेस में दो अगस्त की समय सीमा के भीतर कर्ज सीमा को बढ़ाने को लेकर सकारात्मक सहमति नहीं बन पाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कांग्रेस से अनुरोध किया है कि एक बड़े आर्थिक संकट से अमेरिका को बचाने के लिए सीमा बढ़ाने के लिए जल्द-से-जल्द सहमति बनाए। उन्होंने कहा कि अब इसके लिए समय लगभग समाप्त हो चुका है। निवेशकों का मानना है कि कांग्रेस में भले ही सीमा बढ़ाने को लेकर सहमति बन जाए, लेकिन अमेरिका की शाख में गिरावट आना तय है। वाणिज्य विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक साल की दूसरी तिमाही में अमेरिका का आर्थिक विकास 1.3 फीसदी की रफ्तार से हुआ, जो उम्मीद से कम है। यही नहीं पहली तिमाही की विकास दर में भी संशोधन किया गया और इसे 1.7 फीसदी से घटाकर 0.4 फीसदी किया गया। | सारांश: डाऊ जोंस में लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई और यह 96.87 या 0.79 फीसदी की गिरावट के साथ 12,143.24 पर बंद हुआ। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मजदूर दिवस (Labour Day) उन लोगों का दिन है जिन्होंने अपने खून पसीने से देश और दुनिया के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. किसी भी देश, समाज, संस्था और उद्योग में मजदूरों, कामगारों और मेहनतकशों की अहम भूमिका होती है. मजदूरों और कामगारों की मेहनत और लगन की बदौलत ही आज दुनिया भर के देश हर क्षेत्र में विकास कर रहे हैं. मजदूर दिवस (Labour Day 2019) हर साल बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. मजदूर दिवस का एक महत्वपूर्ण स्थान है. मजदूर दिवस को लेबर डे, मई दिवस (May Day 2019), श्रमिक दिवस भी कहा जाता है. मजदूर दिवस या मई दिवस हर साल दुनिया भर में 1 मई (1 May) को मनाया जाता है. इस दिन देश की लगभग सभी कंपनियों में छुट्टी रहती है. सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया के करीब 80 देशों में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है. भारत में मजदूर दिवस (Labour Day In India) कामकाजी लोगों के सम्मान में मनाया जाता है. भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत सबसे पहले चेन्नई में 1 मई 1923 को हुई थी. उस समय इसको मद्रास दिवस के तौर पर प्रामाणित कर लिया गया था. इस की शुरु
आत भारतीय मजदूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगरावेलू चेट्यार ने शुरू की थी. भारत में मद्रास हाईकोर्ट सामने एक बड़ा प्रदर्शन किया गया और एक संकल्प पास करके यह सहमति बनाई गई कि इस दिवस को भारत में भी मजदूर दिवस के तौर पर मनाया जाए और इस दिन छुट्टी (Labour Day Holiday) का ऐलान किया जाए. उस समय भारत में मजदूरों की जंग लड़ने के लिए कई नेता सामने आए जिनमें बड़ा नाम दत्तात्रेय नारायण सामंत उर्फ डॉक्टर साहेब और जॉर्ज फर्नांडिस का था.
Labour Day 2019: मजदूर कभी नींद की गोली नहीं खाते...मजदूर दिवस पर ऐसी ही शानदार शायरी
हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्सा मांगेंगे,
इक खेत नहीं, इक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेंगे.
यां पर्वत-पर्वत हीरे हैं, यां सागर-सागर मोती हैं
ये सारा माल हमारा है, हम सारा खजाना मांगेंगे.
वो सेठ व्यापारी रजवाड़े, दस लाख तो हम हैं दस करोड
ये कब तक अमरीका से, जीने का सहारा मांगेंगे.
जो खून बहे जो बाग उजड़े जो गीत दिलों में कत्ल हुए,
हर कतरे का हर गुंचे का, हर गीत का बदला मांगेंगे.
जब सब सीधा हो जाएगा, जब सब झगडे मिट जाएंगे,
हम मेहनत से उपजाएंगे, बस बांट बराबर खाएंगे.
Labour Day Wishes: अगर जहां में मज़दूर का ना नामों-निशां होता, फिर ना हवा महल और ना ही ताज महल होता, लेबर डे के खास मैसेजेस
हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्सा मांगेंगे,
इक खेत नहीं, इक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेंगे. | संक्षिप्त सारांश: मजदूर दिवस 1 मई को मनाया जाता है.
मजदूर दिवस की शुरुआत 1 मई 1886 में हुई.
1889 में मजदूर दिवस मनाने का ऐलान किया गया था. | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक सांसद के रूप में अपनी पिछली पारी के 14 वर्षों बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में वापसी की। पाकिस्तान के 66 वर्षों के इतिहास में हुए पहले लोकतांत्रिक सत्ता परिवर्तन में नवाज शरीफ और अन्य सांसदों ने शपथ ग्रहण की।
कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर को जुटी नई नेशनल असेंबली में शरीफ और अन्य सांसदों को नेशनल असेंबली की सेवामुक्त हो रहीं अध्यक्ष फहमीदा मिर्जा ने शपथ दिलाई।
कौमी असेंबली के सत्र में शामिल होने के लिए पीएमएल-एन प्रमुख शरीफ ने अपने करीबी सहयोगियों के साथ लाहौर से रावलपिंडी के लिए उड़ान भरी। इसके बाद वे कार से कौमी असेंबली पहुंचे। नई कौमी असेंबली के इस सत्र में शरीफ रेकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।
इस्लामाबाद के मध्य में स्थित इस ‘रेड जोन’ की सुरक्षा के लिए सैंकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात थे और सेना के हेलीकॉप्टर शहर की हवाई निगरानी कर रहे थे।
सफेद रंग का सलवार-कमीज पहने 63 वर्षीय शरीफ ने स्लेटी रंग का वेस्टकोट पहना हुआ था। शरीफ सदन की पहली पंक्ति में पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता चौधरी निसार अली खान के साथ बैठे।
कुरान की आयतें पढ़ने के बाद सेवामुक्त हो रहीं अध्यक्ष ने सांसदों को शपथ दिलवाई।
मिर्जा ने यह घोषणा करी कि नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आगामी 3 जून को चुने जाएंगे। उसके बाद उन्होंने नए सदस्यों को कौमी असेंबली की नामावली पर दस्तखत करने के लिए बुलाया।
प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव आगामी 5 जून को होने हैं। 342 सदस्यीय कौमी असेंबली में पीएमएल-एन के 180 से भी ज्यादा सदस्य होने के कारण सदन के नेता के रूप में शरीफ का चयन लगभग तय ही माना जा रहा है।
रावलपिंडी हवाईअड्डे पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शरीफ ने बीते 11 मई को हुए आम चुनावों के जरिये ‘शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन’ पर संतोष जाहिर किया। पाकिस्तान के लोगों को चुनावों के जरिये एक बदलाव लाने का अवसर देने के लिए उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर को जुटी नई नेशनल असेंबली में शरीफ और अन्य सांसदों को नेशनल असेंबली की सेवामुक्त हो रहीं अध्यक्ष फहमीदा मिर्जा ने शपथ दिलाई।
कौमी असेंबली के सत्र में शामिल होने के लिए पीएमएल-एन प्रमुख शरीफ ने अपने करीबी सहयोगियों के साथ लाहौर से रावलपिंडी के लिए उड़ान भरी। इसके बाद वे कार से कौमी असेंबली पहुंचे। नई कौमी असेंबली के इस सत्र में शरीफ रेकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।
इस्लामाबाद के मध्य में स्थित इस ‘रेड जोन’ की सुरक्षा के लिए सैंकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात थे और सेना के हेलीकॉप्टर शहर की हवाई निगरानी कर रहे थे।
सफेद रंग का सलवार-कमीज पहने 63 वर्षीय शरीफ ने स्लेटी रंग का वेस्टकोट पहना हुआ था। शरीफ सदन की पहली पंक्ति में पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता चौधरी निसार अली खान के साथ बैठे।
कुरान की आयतें पढ़ने के बाद सेवामुक्त हो रहीं अध्यक्ष ने सांसदों को शपथ दिलवाई।
मिर्जा ने यह घोषणा करी कि नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आगामी 3 जून को चुने जाएंगे। उसके बाद उन्होंने नए सदस्यों को कौमी असेंबली की नामावली पर दस्तखत करने के लिए बुलाया।
प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव आगामी 5 जून को होने हैं। 342 सदस्यीय कौमी असेंबली में पीएमएल-एन के 180 से भी ज्यादा सदस्य होने के कारण सदन के नेता के रूप में शरीफ का चयन लगभग तय ही माना जा रहा है।
रावलपिंडी हवाईअड्डे पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शरीफ ने बीते 11 मई को हुए आम चुनावों के जरिये ‘शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन’ पर संतोष जाहिर किया। पाकिस्तान के लोगों को चुनावों के जरिये एक बदलाव लाने का अवसर देने के लिए उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
कौमी असेंबली के सत्र में शामिल होने के लिए पीएमएल-एन प्रमुख शरीफ ने अपने करीबी सहयोगियों के साथ लाहौर से रावलपिंडी के लिए उड़ान भरी। इसके बाद वे कार से कौमी असेंबली पहुंचे। नई कौमी असेंबली के इस सत्र में शरीफ रेकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।
इस्लामाबाद के मध्य में स्थित इस ‘रेड जोन’ की सुरक्षा के लिए सैंकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात थे और सेना के हेलीकॉप्टर शहर की हवाई निगरानी कर रहे थे।
सफेद रंग का सलवार-कमीज पहने 63 वर्षीय शरीफ ने स्लेटी रंग का वेस्टकोट पहना हुआ था। शरीफ सदन की पहली पंक्ति में पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता चौधरी निसार अली खान के साथ बैठे।
कुरान की आयतें पढ़ने के बाद सेवामुक्त हो रहीं अध्यक्ष ने सांसदों को शपथ दिलवाई।
मिर्जा ने यह घोषणा करी कि नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आगामी 3 जून को चुने जाएंगे। उसके बाद उन्होंने नए सदस्यों को कौमी असेंबली की नामावली पर दस्तखत करने के लिए बुलाया।
प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव आगामी 5 जून को होने हैं। 342 सदस्यीय कौमी असेंबली में पीएमएल-एन के 180 से भी ज्यादा सदस्य होने के कारण सदन के नेता के रूप में शरीफ का चयन लगभग तय ही माना जा रहा है।
रावलपिंडी हवाईअड्डे पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शरीफ ने बीते 11 मई को हुए आम चुनावों के जरिये ‘शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन’ पर संतोष जाहिर किया। पाकिस्तान के लोगों को चुनावों के जरिये एक बदलाव लाने का अवसर देने के लिए उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
इस्लामाबाद के मध्य में स्थित इस ‘रेड जोन’ की सुरक्षा के लिए सैंकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात थे और सेना के हेलीकॉप्टर शहर की हवाई निगरानी कर रहे थे।
सफेद रंग का सलवार-कमीज पहने 63 वर्षीय शरीफ ने स्लेटी रंग का वेस्टकोट पहना हुआ था। शरीफ सदन की पहली पंक्ति में पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता चौधरी निसार अली खान के साथ बैठे।
कुरान की आयतें पढ़ने के बाद सेवामुक्त हो रहीं अध्यक्ष ने सांसदों को शपथ दिलवाई।
मिर्जा ने यह घोषणा करी कि नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आगामी 3 जून को चुने जाएंगे। उसके बाद उन्होंने नए सदस्यों को कौमी असेंबली की नामावली पर दस्तखत करने के लिए बुलाया।
प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव आगामी 5 जून को होने हैं। 342 सदस्यीय कौमी असेंबली में पीएमएल-एन के 180 से भी ज्यादा सदस्य होने के कारण सदन के नेता के रूप में शरीफ का चयन लगभग तय ही माना जा रहा है।
रावलपिंडी हवाईअड्डे पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शरीफ ने बीते 11 मई को हुए आम चुनावों के जरिये ‘शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन’ पर संतोष जाहिर किया। पाकिस्तान के लोगों को चुनावों के जरिये एक बदलाव लाने का अवसर देने के लिए उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
सफेद रंग का सलवार-कमीज पहने 63 वर्षीय शरीफ ने स्लेटी रंग का वेस्टकोट पहना हुआ था। शरीफ सदन की पहली पंक्ति में पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता चौधरी निसार अली खान के साथ बैठे।
कुरान की आयतें पढ़ने के बाद सेवामुक्त हो रहीं अध्यक्ष ने सांसदों को शपथ दिलवाई।
मिर्जा ने यह घोषणा करी कि नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आगामी 3 जून को चुने जाएंगे। उसके बाद उन्होंने नए सदस्यों को कौमी असेंबली की नामावली पर दस्तखत करने के लिए बुलाया।
प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव आगामी 5 जून को होने हैं। 342 सदस्यीय कौमी असेंबली में पीएमएल-एन के 180 से भी ज्यादा सदस्य होने के कारण सदन के नेता के रूप में शरीफ का चयन लगभग तय ही माना जा रहा है।
रावलपिंडी हवाईअड्डे पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शरीफ ने बीते 11 मई को हुए आम चुनावों के जरिये ‘शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन’ पर संतोष जाहिर किया। पाकिस्तान के लोगों को चुनावों के जरिये एक बदलाव लाने का अवसर देने के लिए उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
कुरान की आयतें पढ़ने के बाद सेवामुक्त हो रहीं अध्यक्ष ने सांसदों को शपथ दिलवाई।
मिर्जा ने यह घोषणा करी कि नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आगामी 3 जून को चुने जाएंगे। उसके बाद उन्होंने नए सदस्यों को कौमी असेंबली की नामावली पर दस्तखत करने के लिए बुलाया।
प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव आगामी 5 जून को होने हैं। 342 सदस्यीय कौमी असेंबली में पीएमएल-एन के 180 से भी ज्यादा सदस्य होने के कारण सदन के नेता के रूप में शरीफ का चयन लगभग तय ही माना जा रहा है।
रावलपिंडी हवाईअड्डे पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शरीफ ने बीते 11 मई को हुए आम चुनावों के जरिये ‘शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन’ पर संतोष जाहिर किया। पाकिस्तान के लोगों को चुनावों के जरिये एक बदलाव लाने का अवसर देने के लिए उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
मिर्जा ने यह घोषणा करी कि नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आगामी 3 जून को चुने जाएंगे। उसके बाद उन्होंने नए सदस्यों को कौमी असेंबली की नामावली पर दस्तखत करने के लिए बुलाया।
प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव आगामी 5 जून को होने हैं। 342 सदस्यीय कौमी असेंबली में पीएमएल-एन के 180 से भी ज्यादा सदस्य होने के कारण सदन के नेता के रूप में शरीफ का चयन लगभग तय ही माना जा रहा है।
रावलपिंडी हवाईअड्डे पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शरीफ ने बीते 11 मई को हुए आम चुनावों के जरिये ‘शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन’ पर संतोष जाहिर किया। पाकिस्तान के लोगों को चुनावों के जरिये एक बदलाव लाने का अवसर देने के लिए उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव आगामी 5 जून को होने हैं। 342 सदस्यीय कौमी असेंबली में पीएमएल-एन के 180 से भी ज्यादा सदस्य होने के कारण सदन के नेता के रूप में शरीफ का चयन लगभग तय ही माना जा रहा है।
रावलपिंडी हवाईअड्डे पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शरीफ ने बीते 11 मई को हुए आम चुनावों के जरिये ‘शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन’ पर संतोष जाहिर किया। पाकिस्तान के लोगों को चुनावों के जरिये एक बदलाव लाने का अवसर देने के लिए उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
रावलपिंडी हवाईअड्डे पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में शरीफ ने बीते 11 मई को हुए आम चुनावों के जरिये ‘शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन’ पर संतोष जाहिर किया। पाकिस्तान के लोगों को चुनावों के जरिये एक बदलाव लाने का अवसर देने के लिए उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस आंदोलन में मेरी और मेरी पार्टी की भूमिका होना सौभाग्य की बात है। यह बहुत अच्छी बात है कि पाकिस्तान में शांतिपूर्ण ढंग से सत्तापरिवर्तन हो रहा है।’’ सफेद रंग की गाड़ी से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले शरीफ ने कहा, ‘‘ईश्वर ने चाहा तो भविष्य में और भी शांतिपूर्ण सत्तापरिवर्तन होंगे, जहां सरकारें लोगों के मतों के जरिए आएंगी और जाएंगी। इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?’’ इस्लामाबाद पहुंचने पर शरीफ ने पीएमएल-एन के नवनिर्वाचित सांसदों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन सरकार को वर्ष 1999 में पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में सत्ता से हटा दिया गया था। शरीफ को गिरफ्तार करके निर्वासन में सउदी अरब भेज दिया गया था।टिप्पणियां
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
वर्ष 2007 में शरीफ पाकिस्तान लौट आए थे लेकिन वर्ष 2008 में हुए आम चुनावों में उन्हें चुनाव लड़ने नहीं दिया गया। संसद भवन के भीतर और बाहर के सभी स्थान नवनिर्वाचित सदस्यों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के वाहनों से भरे पड़े थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे।
इस पूरी कार्यवाही का साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ लोकाधिकारी, सैन्य अधिकारी और कूटनीतिज्ञ भी आए हुए थे। | संक्षिप्त सारांश: एक सांसद के रूप में अपनी पिछली पारी के 14 वर्षों बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में वापसी की। पाकिस्तान के 66 वर्षों के इतिहास में हुए पहले लोकतांत्रिक सत्ता परिवर्तन में नवाज शरीफ और अन्य सांसदों ने शपथ ग्रहण की। | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संसद पर हमले की आज दसवीं बरसी है। 10 साल पहले 13 दिसंबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकियों ने संसद पर हमला किया था। इस हमले का संसद परिसर में तैनात सुरक्षा बलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया था और सभी पांच आतंकियों को मार गिराया था। देश के लोकतंत्र पर हुए इस सबसे बड़े हमले में दिल्ली पुलिस के पांच जवान, सीआरपीएफ की एक महिला कांस्टेबल, संसद के दो गार्ड, संसद में काम कर रहा एक माली और एक पत्रकार शहीद हो गए थे। बाद में इस हमले के मुख्य आरोपी अफजल गुरु को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था जिसे बाद में कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। अफजल गुरु की फांसी पर दया की याचिका राष्ट्रपति के पास पड़ी है। संसद पर हमले के दौरान शहीद दिल्ली पुलिस के असिस्टेंट सब−इंस्पेक्टर नानक चंद का परिवार मुख्य आरोपी अफजल गुरु को फांसी मिलने में हो रही देरी से नाराज है। नानक चंद के परिवार ने कहा है कि जब तक अफजल को फांसी नहीं मिल जाती तब तक वे सरकार की ओर से दिए गए किसी भी सम्मान को नहीं लेंगे। सरकार ने नानकचंद की बहादुरी को देखते हुए उन्हें कीर्ति चक्र दिया था लेकिन उनके परिवार ने इसे लेने से मना कर दिया था। नानक चंद के पिता ने कहा कि एक तो सरकार ने उनके बेटे की शहादत के बाद उनकी कोई सुध नहीं ली और दूसरे कि वह उनके बेटे के हत्यारे को फांसी देने में देरी कर रही है। | संक्षिप्त सारांश: 10 साल पहले 13 दिसंबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकियों ने संसद पर हमला किया था। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टीम ने भले ही पाकिस्तान के खिलाफ वन-डे शृंखला गंवा दी हो लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ज्योफ्री बॉयकॉट को लगता है कि मेजबान के पास अब भी 11 जनवरी से इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में शुरू होने वाली पांच मैचों की शृंखला में जीतने का अच्छा मौका है।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘भारत के पास जीतने का प्रतिशत 60-40 है। मैं इस शृंखला के बारे में ऐसा ही कहूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि भारत को हराना इतना मुश्किल होगा। लेकिन फिर भी उन्हें अपनी सरजमीं पर हराना काफी कठिन होगा, उनके पास काफी अच्छे खिलाड़ी हैं।’’ बॉयकॉट ने कहा, ‘‘एमएस धोनी शानदार खिलाड़ी है, विराट कोहली भी है। ये अच्छे क्रिकेटर हैं। इंग्लैंड को मौका मिलेगा लेकिन मुझे लगता है कि भारतीय टीम कोशिश करेगी और योजना बनाकर आगे बढ़ेगी।’’टिप्पणियां
इंग्लैंड के इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि भारतीय टीम को हालिया खराब फार्म की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह बदलाव के दौर के कारण हो सकता है जिनके सीनियर खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने संन्यास ले लिया है।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘मुझे युवा बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे पसंद है, वह काफी अच्छा खिलाड़ी दिखता है। मैं जानता हूं कि पाकिस्तान से हारना भारतीय क्रिकेट के समर्थकों के लिए काफी दुखी करने वाला होगा। लेकिन यह आगे बढ़ने का हिस्सा है। नए खिलाड़ियों को आजमाना ही आगे बढ़ना है।’’
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘भारत के पास जीतने का प्रतिशत 60-40 है। मैं इस शृंखला के बारे में ऐसा ही कहूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि भारत को हराना इतना मुश्किल होगा। लेकिन फिर भी उन्हें अपनी सरजमीं पर हराना काफी कठिन होगा, उनके पास काफी अच्छे खिलाड़ी हैं।’’ बॉयकॉट ने कहा, ‘‘एमएस धोनी शानदार खिलाड़ी है, विराट कोहली भी है। ये अच्छे क्रिकेटर हैं। इंग्लैंड को मौका मिलेगा लेकिन मुझे लगता है कि भारतीय टीम कोशिश करेगी और योजना बनाकर आगे बढ़ेगी।’’टिप्पणियां
इंग्लैंड के इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि भारतीय टीम को हालिया खराब फार्म की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह बदलाव के दौर के कारण हो सकता है जिनके सीनियर खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने संन्यास ले लिया है।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘मुझे युवा बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे पसंद है, वह काफी अच्छा खिलाड़ी दिखता है। मैं जानता हूं कि पाकिस्तान से हारना भारतीय क्रिकेट के समर्थकों के लिए काफी दुखी करने वाला होगा। लेकिन यह आगे बढ़ने का हिस्सा है। नए खिलाड़ियों को आजमाना ही आगे बढ़ना है।’’
इंग्लैंड के इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि भारतीय टीम को हालिया खराब फार्म की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह बदलाव के दौर के कारण हो सकता है जिनके सीनियर खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने संन्यास ले लिया है।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘मुझे युवा बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे पसंद है, वह काफी अच्छा खिलाड़ी दिखता है। मैं जानता हूं कि पाकिस्तान से हारना भारतीय क्रिकेट के समर्थकों के लिए काफी दुखी करने वाला होगा। लेकिन यह आगे बढ़ने का हिस्सा है। नए खिलाड़ियों को आजमाना ही आगे बढ़ना है।’’
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘मुझे युवा बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे पसंद है, वह काफी अच्छा खिलाड़ी दिखता है। मैं जानता हूं कि पाकिस्तान से हारना भारतीय क्रिकेट के समर्थकों के लिए काफी दुखी करने वाला होगा। लेकिन यह आगे बढ़ने का हिस्सा है। नए खिलाड़ियों को आजमाना ही आगे बढ़ना है।’’ | यहाँ एक सारांश है:भारतीय टीम ने भले ही पाकिस्तान के खिलाफ वन-डे शृंखला गंवा दी हो लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ज्योफ्री बॉयकॉट को लगता है कि मेजबान के पास अब भी 11 जनवरी से इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में शुरू होने वाली पांच मैचों की शृंखला में जीतने का अच्छा मौका है। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम को बड़ी राहत देते हुए शुक्रवार को जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में चिदम्बरम को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के आरोपी पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री ए. राजा के साथ सह-आरोपी बनाने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति एसके राधाकृष्णन की खंडपीठ ने स्वामी की याचिका खारिज करते हुए कहा, "याचिकाकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों से यह साबित नहीं होता कि पी. चिदम्बरम ने वित्त मंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया या साजिश की या 2001 में तय दर पर 2008 में स्पेक्ट्रम के आवंटन में ए. राजा के साथ उनकी मिलीभगत थी।"
अदालत ने कहा कि पेश की गई सामग्री के आधार प्रथम दृष्ट्या इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता कि चिदम्बरम ने दो कम्पनियों स्वान और यूनिटेक के शेयर को हल्का करने की अनुमति जानबूझकर दी।
फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने कहा, "कोई ऐसा तथ्य भी उपलब्ध नहीं कराया गया जिसका प्रथम दृष्टया निष्कर्ष निकाला जा सके कि पी. चिदम्बरम ने अपने पद का दुरुपयोग किया या स्वयं को या ए. राजा सहित किसी अन्य व्यक्ति को आर्थिक लाभ दिलाने के लिए कोई भ्रष्ट या अवैध तरीका अपनाया हो।"
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने चिदम्बरम को पाक-साफ बताया और स्वामी की निंदा की। लेकिन विपक्ष ने कांग्रेस को आगाह किया कि उसे इस फैसले से बहुत खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि उसके नेतृत्व वाली केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।
स्वामी ने निचली अदालत के चार फरवरी के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने अपने आदेश में चिदम्बरम को सहआरोपी बनाने और उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग खारिज कर दी थी।
न्यायालय ने कहा कि चिदम्बरम और राजा के बीच हुई केवल एक मुलाकात को साजिश के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस बात को दर्शाने के लिए कुछ भी नहीं है कि चिदम्बरम ने दो मोबाइल फोन ऑपरेटरों को कोई आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें अपनी हिस्सेदारी कम करने की अनुमति दी थी।
स्वामी और एक गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट एंड लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ कोई अनियमितता साबित नहीं हुई है।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया में कहा कि चिदम्बरम का इस मामले से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति एसके राधाकृष्णन की खंडपीठ ने स्वामी की याचिका खारिज करते हुए कहा, "याचिकाकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों से यह साबित नहीं होता कि पी. चिदम्बरम ने वित्त मंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया या साजिश की या 2001 में तय दर पर 2008 में स्पेक्ट्रम के आवंटन में ए. राजा के साथ उनकी मिलीभगत थी।"
अदालत ने कहा कि पेश की गई सामग्री के आधार प्रथम दृष्ट्या इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता कि चिदम्बरम ने दो कम्पनियों स्वान और यूनिटेक के शेयर को हल्का करने की अनुमति जानबूझकर दी।
फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने कहा, "कोई ऐसा तथ्य भी उपलब्ध नहीं कराया गया जिसका प्रथम दृष्टया निष्कर्ष निकाला जा सके कि पी. चिदम्बरम ने अपने पद का दुरुपयोग किया या स्वयं को या ए. राजा सहित किसी अन्य व्यक्ति को आर्थिक लाभ दिलाने के लिए कोई भ्रष्ट या अवैध तरीका अपनाया हो।"
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने चिदम्बरम को पाक-साफ बताया और स्वामी की निंदा की। लेकिन विपक्ष ने कांग्रेस को आगाह किया कि उसे इस फैसले से बहुत खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि उसके नेतृत्व वाली केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।
स्वामी ने निचली अदालत के चार फरवरी के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने अपने आदेश में चिदम्बरम को सहआरोपी बनाने और उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग खारिज कर दी थी।
न्यायालय ने कहा कि चिदम्बरम और राजा के बीच हुई केवल एक मुलाकात को साजिश के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस बात को दर्शाने के लिए कुछ भी नहीं है कि चिदम्बरम ने दो मोबाइल फोन ऑपरेटरों को कोई आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें अपनी हिस्सेदारी कम करने की अनुमति दी थी।
स्वामी और एक गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट एंड लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ कोई अनियमितता साबित नहीं हुई है।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया में कहा कि चिदम्बरम का इस मामले से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि पेश की गई सामग्री के आधार प्रथम दृष्ट्या इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता कि चिदम्बरम ने दो कम्पनियों स्वान और यूनिटेक के शेयर को हल्का करने की अनुमति जानबूझकर दी।
फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने कहा, "कोई ऐसा तथ्य भी उपलब्ध नहीं कराया गया जिसका प्रथम दृष्टया निष्कर्ष निकाला जा सके कि पी. चिदम्बरम ने अपने पद का दुरुपयोग किया या स्वयं को या ए. राजा सहित किसी अन्य व्यक्ति को आर्थिक लाभ दिलाने के लिए कोई भ्रष्ट या अवैध तरीका अपनाया हो।"
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने चिदम्बरम को पाक-साफ बताया और स्वामी की निंदा की। लेकिन विपक्ष ने कांग्रेस को आगाह किया कि उसे इस फैसले से बहुत खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि उसके नेतृत्व वाली केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।
स्वामी ने निचली अदालत के चार फरवरी के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने अपने आदेश में चिदम्बरम को सहआरोपी बनाने और उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग खारिज कर दी थी।
न्यायालय ने कहा कि चिदम्बरम और राजा के बीच हुई केवल एक मुलाकात को साजिश के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस बात को दर्शाने के लिए कुछ भी नहीं है कि चिदम्बरम ने दो मोबाइल फोन ऑपरेटरों को कोई आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें अपनी हिस्सेदारी कम करने की अनुमति दी थी।
स्वामी और एक गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट एंड लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ कोई अनियमितता साबित नहीं हुई है।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया में कहा कि चिदम्बरम का इस मामले से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने कहा, "कोई ऐसा तथ्य भी उपलब्ध नहीं कराया गया जिसका प्रथम दृष्टया निष्कर्ष निकाला जा सके कि पी. चिदम्बरम ने अपने पद का दुरुपयोग किया या स्वयं को या ए. राजा सहित किसी अन्य व्यक्ति को आर्थिक लाभ दिलाने के लिए कोई भ्रष्ट या अवैध तरीका अपनाया हो।"
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने चिदम्बरम को पाक-साफ बताया और स्वामी की निंदा की। लेकिन विपक्ष ने कांग्रेस को आगाह किया कि उसे इस फैसले से बहुत खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि उसके नेतृत्व वाली केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।
स्वामी ने निचली अदालत के चार फरवरी के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने अपने आदेश में चिदम्बरम को सहआरोपी बनाने और उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग खारिज कर दी थी।
न्यायालय ने कहा कि चिदम्बरम और राजा के बीच हुई केवल एक मुलाकात को साजिश के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस बात को दर्शाने के लिए कुछ भी नहीं है कि चिदम्बरम ने दो मोबाइल फोन ऑपरेटरों को कोई आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें अपनी हिस्सेदारी कम करने की अनुमति दी थी।
स्वामी और एक गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट एंड लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ कोई अनियमितता साबित नहीं हुई है।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया में कहा कि चिदम्बरम का इस मामले से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने चिदम्बरम को पाक-साफ बताया और स्वामी की निंदा की। लेकिन विपक्ष ने कांग्रेस को आगाह किया कि उसे इस फैसले से बहुत खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि उसके नेतृत्व वाली केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।
स्वामी ने निचली अदालत के चार फरवरी के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने अपने आदेश में चिदम्बरम को सहआरोपी बनाने और उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग खारिज कर दी थी।
न्यायालय ने कहा कि चिदम्बरम और राजा के बीच हुई केवल एक मुलाकात को साजिश के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस बात को दर्शाने के लिए कुछ भी नहीं है कि चिदम्बरम ने दो मोबाइल फोन ऑपरेटरों को कोई आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें अपनी हिस्सेदारी कम करने की अनुमति दी थी।
स्वामी और एक गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट एंड लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ कोई अनियमितता साबित नहीं हुई है।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया में कहा कि चिदम्बरम का इस मामले से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
स्वामी ने निचली अदालत के चार फरवरी के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने अपने आदेश में चिदम्बरम को सहआरोपी बनाने और उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग खारिज कर दी थी।
न्यायालय ने कहा कि चिदम्बरम और राजा के बीच हुई केवल एक मुलाकात को साजिश के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस बात को दर्शाने के लिए कुछ भी नहीं है कि चिदम्बरम ने दो मोबाइल फोन ऑपरेटरों को कोई आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें अपनी हिस्सेदारी कम करने की अनुमति दी थी।
स्वामी और एक गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट एंड लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ कोई अनियमितता साबित नहीं हुई है।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया में कहा कि चिदम्बरम का इस मामले से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
न्यायालय ने कहा कि चिदम्बरम और राजा के बीच हुई केवल एक मुलाकात को साजिश के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस बात को दर्शाने के लिए कुछ भी नहीं है कि चिदम्बरम ने दो मोबाइल फोन ऑपरेटरों को कोई आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें अपनी हिस्सेदारी कम करने की अनुमति दी थी।
स्वामी और एक गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट एंड लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ कोई अनियमितता साबित नहीं हुई है।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया में कहा कि चिदम्बरम का इस मामले से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
स्वामी और एक गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट एंड लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ कोई अनियमितता साबित नहीं हुई है।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया में कहा कि चिदम्बरम का इस मामले से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
न्यायालय के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया में कहा कि चिदम्बरम का इस मामले से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के बाद कहा, "हम यह बात शुरू से ही कह रहे हैं। चिदम्बरम की तरफ से कोई अनियमितता नहीं की गई है।"
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
नारायणसामी ने कहा, "हर कोई जानता है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी कांग्रेस में हर किसी के खिलाफ याचिका दायर कर रहे हैं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला करेंगे। स्वामी ने जिस साजिश का आरोप लगाया वह सरासर गलत है।"
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी स्वामी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा से कहा है कि उनका यह कदम औचित्यपूर्ण नहीं है।" उन्होंने कहा कि स्वामी ने यह याचिका खबरों में बने रहने के लिए दायर की थी।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
सोनी ने कहा, "यह याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं था। यह मात्र न्यायालय का समय बर्बाद करना था।" लेकिन स्वामी ने कहा है कि वह इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 2जी मामले में चिदम्बरम को सह-आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज हो जाने से कांग्रेस को बहुत खुश नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने स्वामी की याचिका खारिज होने के थोड़े ही समय बाद कहा, "मैंने पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार को इसे लेकर इतना खुश नहीं होना चाहिए।"
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
नकवी ने कहा, "सरकार का एक मंत्री पहले से जेल में है और अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी सबूत हैं। यदि किसी तकनीकी कारण से या सबूत के अभाव में कोई निर्णय आया है, तो सरकार को इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।"
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
भाकपा नेता और 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य गुरुदास दासगुप्ता ने भी कहा कि यह सरकार की कोई जीत नहीं है।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
दासगुप्ता ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाने में अपनी जगह सही है। लेकिन सांसदों और जेपीसी के अपने दृष्टिकोण हैं। सीबीआई या सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा है, इसका हमारे ऊपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।"टिप्पणियां
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
दासगुप्ता ने कहा, "हम प्राप्त सबूतों के आधार पर अपना निर्णय लेंगे। यह कोई झटका नहीं है।"
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया।
चिदम्बरम के खिलाफ ये आरोप उस समय के हैं, जब वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रथम कार्यकाल के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम को बड़ी राहत देते हुए शुक्रवार को जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका खारिज कर दी। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के मुंबई स्थित वाईबी चव्हाण ऑडिटोरियम में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और NCP चीफ शरद पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान दोनों ही नेताओं ने कहा कि हम साथ हैं और साथ रहेंगे. इतना ही नहीं, उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और अजित पवार के साथ सरकार बनाने के दावे को 'फर्जिकल स्ट्राइक' करार दिया है. वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा, सभी तीन पार्टियां (शिवसेना, कांग्रेस और रांकपा) सरकार बनाने के लिए अभी भी साथ हैं, लेकिन अजित पवार कुछ विधायक लेकर गए. अजित पवार के फैसले पर हम साथ नहीं, जो विधायक गए उनपर कार्रवाई की जाएगी.
उद्धव ठाकरे ने कहा, ''महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर फर्जिकल स्ट्राइक की गई. चोरी-छिपे सरकार बनाई गई, हम (शिवसेना-एनसीपी) एक साथ खड़े हैं और सरकार बनाएंगे.'' वहीं, शरद पवार ने कहा कि भाजपा का समर्थन करने वाले राकांपा विधायकों को पता होना चाहिए कि उनके इस कदम पर दल बदल विरोधी कानून लागू होगा. उन्होंने कहा कि अजित पवार का फैसला अनुशासनहीनता है, कोई भी राकांपा कार्यकर्ता राकांपा-भाजपा सरकार के समर्थन में नहीं है. वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में राकांपा विधायकों ने कहा कि उन्हें राज भवन ले जाया गया लेकिन उन्हें यह मालूम नहीं था कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए ले जाया जा रहा है.
महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ. बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने दोबारा सीएम पद की शपथ ले ली है. वहीं, एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. सुबह करीब आठ बजे राजभवन में राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. आपको बता दें कि आज सुबह तक महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही जा रही थी. तीनों दल उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने पर सहमत भी हो गए थे और चर्चा थी कि आज औपचारिक तौर पर वे राज्यपाल से मिलकर दावा पेश करते, लेकिन इसी बीच अजित पवार 'किंगमेकर' बनकर उभरे और राज्य का सियासी समीकरण बदल गया. | महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर
रातोंरात बीजेपी ने अजित पवार संग मिलकर बना ली सरकार
शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जताई असहमति | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व क्रिकेटर मैथ्यू हेडन को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो टेस्ट के लिए भारतीय टीम से गौतम गंभीर का बाहर होना मेहमान टीम के लिए सकारात्मक चीज है।
वर्ष 2001 में हेडन का भारत दौरा अच्छा रहा था, उन्होंने कहा कि गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की सलामी जोड़ी काफी मजबूत थी और इस बायें हाथ के खिलाड़ी का टीम से बाहर होना ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के लिए राहत की बात है।
गंभीर ने शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में भारत-ए की तरफ से शतक जड़ा था। हेडन ने कहा, ‘‘भारत ने गौतम गंभीर को टीम से बाहर कर दिया, यह ऑस्ट्रेलिया के लिए सकारात्मक कदम है।’’टिप्पणियां
हेडन ने कहा, ‘‘वह जब भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलता है, अच्छा करता है। उसकी और वीरेंद्र सहवाग की सलामी जोड़ी काफी ताकतवर है। भारत का गंभीर को बाहर रखना हैरानी भरा फैसला है।’’
इस ऑस्ट्रेलियाई ने भारत के 2001 टूर के दौरान 110 के औसत से 549 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत जाते हैं तो हमेशा ही उनके स्पिनरों का जिक्र होता है। मुझे नहीं लगता कि हमें इसे ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए। इसमें गेंद स्पिन होती है, लेकिन यह 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नहीं आएगी।’’
वर्ष 2001 में हेडन का भारत दौरा अच्छा रहा था, उन्होंने कहा कि गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की सलामी जोड़ी काफी मजबूत थी और इस बायें हाथ के खिलाड़ी का टीम से बाहर होना ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के लिए राहत की बात है।
गंभीर ने शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में भारत-ए की तरफ से शतक जड़ा था। हेडन ने कहा, ‘‘भारत ने गौतम गंभीर को टीम से बाहर कर दिया, यह ऑस्ट्रेलिया के लिए सकारात्मक कदम है।’’टिप्पणियां
हेडन ने कहा, ‘‘वह जब भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलता है, अच्छा करता है। उसकी और वीरेंद्र सहवाग की सलामी जोड़ी काफी ताकतवर है। भारत का गंभीर को बाहर रखना हैरानी भरा फैसला है।’’
इस ऑस्ट्रेलियाई ने भारत के 2001 टूर के दौरान 110 के औसत से 549 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत जाते हैं तो हमेशा ही उनके स्पिनरों का जिक्र होता है। मुझे नहीं लगता कि हमें इसे ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए। इसमें गेंद स्पिन होती है, लेकिन यह 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नहीं आएगी।’’
गंभीर ने शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में भारत-ए की तरफ से शतक जड़ा था। हेडन ने कहा, ‘‘भारत ने गौतम गंभीर को टीम से बाहर कर दिया, यह ऑस्ट्रेलिया के लिए सकारात्मक कदम है।’’टिप्पणियां
हेडन ने कहा, ‘‘वह जब भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलता है, अच्छा करता है। उसकी और वीरेंद्र सहवाग की सलामी जोड़ी काफी ताकतवर है। भारत का गंभीर को बाहर रखना हैरानी भरा फैसला है।’’
इस ऑस्ट्रेलियाई ने भारत के 2001 टूर के दौरान 110 के औसत से 549 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत जाते हैं तो हमेशा ही उनके स्पिनरों का जिक्र होता है। मुझे नहीं लगता कि हमें इसे ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए। इसमें गेंद स्पिन होती है, लेकिन यह 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नहीं आएगी।’’
हेडन ने कहा, ‘‘वह जब भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलता है, अच्छा करता है। उसकी और वीरेंद्र सहवाग की सलामी जोड़ी काफी ताकतवर है। भारत का गंभीर को बाहर रखना हैरानी भरा फैसला है।’’
इस ऑस्ट्रेलियाई ने भारत के 2001 टूर के दौरान 110 के औसत से 549 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत जाते हैं तो हमेशा ही उनके स्पिनरों का जिक्र होता है। मुझे नहीं लगता कि हमें इसे ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए। इसमें गेंद स्पिन होती है, लेकिन यह 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नहीं आएगी।’’
इस ऑस्ट्रेलियाई ने भारत के 2001 टूर के दौरान 110 के औसत से 549 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत जाते हैं तो हमेशा ही उनके स्पिनरों का जिक्र होता है। मुझे नहीं लगता कि हमें इसे ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए। इसमें गेंद स्पिन होती है, लेकिन यह 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नहीं आएगी।’’ | सारांश: पूर्व क्रिकेटर मैथ्यू हेडन को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो टेस्ट के लिए भारतीय टीम से गौतम गंभीर का बाहर होना मेहमान टीम के लिए सकारात्मक चीज है। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि लीबिया में विदेशी सैन्य हस्तक्षेप किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने कहा है कि यदि लीबियाई शासक मुअम्मार गद्दाफी की सेना ने नागरिकों के खिलाफ रासायनिक हथियारों या युद्धक विमानों का इस्तेमाल किया तो फ्रांस और ब्रिटेन लीबियाई सेना पर हवाई हमले के लिए तैयार हैं। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है, "विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को खारिज किया जाना चाहिए।" रूसी विदेश मंत्रालय के बयान में हाल के अफ्रीकी संघ के प्रस्ताव का स्वागत किया गया है। इस प्रस्ताव में लीबिया की सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया गया है तथा किसी भी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप की निंदा की गई है। रूसी विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब काहिरा में अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होने वाली है, जिसमें इस बात पर चर्चा होगी कि लीबिया के ऊपर उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाए या नहीं। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सैन्य कर्मियों ने जरूरत पड़ने पर वायुसेना एवं नौसेना को लड़ाई के लिए भेजने हेतु आपात योजना तैयार करनी शुरू कर दी है। ज्ञात हो कि गद्दाफी के खिलाफ 14 फरवरी से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक हजारों की संख्या में लोग मारे जा चुके हैं। | यहाँ एक सारांश है:रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि लीबिया में विदेशी सैन्य हस्तक्षेप किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पॉप सम्राट माइकल जैक्सन अपने जीवन के अंतिम दिनों में गुपचुप तरीके से अपनी आत्मकथा लिखने में जुटे हुए थे। 'डेली एक्सप्रेस' की खबर के अनुसार ऐसी सूचना है कि इस गायक ने 600 पृष्ठों में अपने जीवन के अनुभवों को लिखा है, जिसमें 80 के दशक के आखिर से वर्ष 2007 तक के संघर्ष तक का जिक्र भी है।टिप्पणियां
वर्ष 2009 में जैक्सन का निधन हो गया था। जैक्सन ने उनके बारे में जो कुछ भी लिखा गया था, उसे उन्होंने सही करने का प्रयास किया है और इसके लिए उन्होंने दस्तावेजों और रेखाचित्रों का सहारा लिया।
इन दोनों दशकों में जैक्सन शायद ही कभी सुखिर्यों से बाहर रहे। इस बीच उन पर बाल यौन शोषण के भी आरोप लगे। इन सबसे परेशान होकर ही जैक्सन तब पश्चिम एशिया की ओर चले गए, जहां उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखनी शुरू की। उनके एक पूर्व व्यापारिक सहयोगी ने इस पांडुलिपि को अपने पास रख लिया था। इसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने को लेकर उनके इस रईस सहयोगी के मन में दुविधा है, क्योंकि यह पुस्तक पूर्ण भी नहीं है और इसे आत्मकथा का रूप देने के लिए इसमें कुछ अतिरिक्त सामग्री जोड़ने की भी जरूरत है।
वर्ष 2009 में जैक्सन का निधन हो गया था। जैक्सन ने उनके बारे में जो कुछ भी लिखा गया था, उसे उन्होंने सही करने का प्रयास किया है और इसके लिए उन्होंने दस्तावेजों और रेखाचित्रों का सहारा लिया।
इन दोनों दशकों में जैक्सन शायद ही कभी सुखिर्यों से बाहर रहे। इस बीच उन पर बाल यौन शोषण के भी आरोप लगे। इन सबसे परेशान होकर ही जैक्सन तब पश्चिम एशिया की ओर चले गए, जहां उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखनी शुरू की। उनके एक पूर्व व्यापारिक सहयोगी ने इस पांडुलिपि को अपने पास रख लिया था। इसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने को लेकर उनके इस रईस सहयोगी के मन में दुविधा है, क्योंकि यह पुस्तक पूर्ण भी नहीं है और इसे आत्मकथा का रूप देने के लिए इसमें कुछ अतिरिक्त सामग्री जोड़ने की भी जरूरत है।
इन दोनों दशकों में जैक्सन शायद ही कभी सुखिर्यों से बाहर रहे। इस बीच उन पर बाल यौन शोषण के भी आरोप लगे। इन सबसे परेशान होकर ही जैक्सन तब पश्चिम एशिया की ओर चले गए, जहां उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखनी शुरू की। उनके एक पूर्व व्यापारिक सहयोगी ने इस पांडुलिपि को अपने पास रख लिया था। इसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने को लेकर उनके इस रईस सहयोगी के मन में दुविधा है, क्योंकि यह पुस्तक पूर्ण भी नहीं है और इसे आत्मकथा का रूप देने के लिए इसमें कुछ अतिरिक्त सामग्री जोड़ने की भी जरूरत है। | संक्षिप्त सारांश: 'डेली एक्सप्रेस' की खबर के अनुसार ऐसी सूचना है कि पॉप सम्राट माइकल जैक्सन अपने जीवन के अंतिम दिनों में गुपचुप तरीके से अपनी आत्मकथा लिखने में जुटे हुए थे और उन्होंने 600 पृष्ठों में अपने जीवन के अनुभवों को लिखा है। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकाम ने गुरुवार को मंगोलिया के उलनबटोर में छठी एशियाई महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगोलिया की नंदीनसेटसेग ममागमारदुल को 14-11 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इससे भारत की आठ मुक्केबाज अंतिम चार में पहुंच गयी हैं।टिप्पणियां
अब मैरीकाम का सामना 24 मार्च को सेमीफाइनल में फिलीपींस की एलीस केट अपारी से होगा। मंदाकिनी चानू 57 किग्रा में किल ओक किम से 17-31 से हार गयी। 69 किग्रा में मोनिका सौन ने कजाखस्तान की मोलदिर बाजारबायेवा को 16-14 से परास्त किया।
पूजा रानी ने 75 किग्रा वर्ग में मंगोलिया की उंद्रम अर्देनसोयोल को 28-6 से हराया और अब सेमीफाइनल में उनकी भिड़ंत सु रिम पाएक से होगी। भारतीयों में पिंकी जांगड़ा (48 किग्रा), सोनिया लाठेर (54 किग्रा), सरिता देवी (60 किग्रा), भाग्यवती काचारी (81 किग्रा) और कविता चाहल (85 किग्रा) सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं।
अब मैरीकाम का सामना 24 मार्च को सेमीफाइनल में फिलीपींस की एलीस केट अपारी से होगा। मंदाकिनी चानू 57 किग्रा में किल ओक किम से 17-31 से हार गयी। 69 किग्रा में मोनिका सौन ने कजाखस्तान की मोलदिर बाजारबायेवा को 16-14 से परास्त किया।
पूजा रानी ने 75 किग्रा वर्ग में मंगोलिया की उंद्रम अर्देनसोयोल को 28-6 से हराया और अब सेमीफाइनल में उनकी भिड़ंत सु रिम पाएक से होगी। भारतीयों में पिंकी जांगड़ा (48 किग्रा), सोनिया लाठेर (54 किग्रा), सरिता देवी (60 किग्रा), भाग्यवती काचारी (81 किग्रा) और कविता चाहल (85 किग्रा) सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं।
पूजा रानी ने 75 किग्रा वर्ग में मंगोलिया की उंद्रम अर्देनसोयोल को 28-6 से हराया और अब सेमीफाइनल में उनकी भिड़ंत सु रिम पाएक से होगी। भारतीयों में पिंकी जांगड़ा (48 किग्रा), सोनिया लाठेर (54 किग्रा), सरिता देवी (60 किग्रा), भाग्यवती काचारी (81 किग्रा) और कविता चाहल (85 किग्रा) सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। | यह एक सारांश है: पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकाम ने गुरुवार को मंगोलिया के उलनबटोर में छठी एशियाई महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगोलिया की नंदीनसेटसेग ममागमारदुल को 14-11 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जापान में पिछले माह आए भूकंप और सुनामी के मद्देनजर एक और जापानी कंपनी उत्पादन में कटौती को मजबूर हो गई है। वाहन क्षेत्र की होंडा मोटर कंपनी ने कलपुर्जों की आपूर्ति बाधित होने से भारत में उत्पादन 50 प्रतिशत घटाने की घोषणा की है। कंपनी भारत में सिएल समूह के साथ होंडा सिएल कार्स इंडिया (एचएससीआई) संयुक्त उद्यम के रूप में मौजूद है। कंपनी के ग्रेटर नोएडा संयंत्र की सालाना स्थापित उत्पादन क्षमता एक लाख कारों की है। पिछले साल कंपनी ने भारत में 60,000 कारें बेची थीं। एचएससीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (विपणन एवं बिक्री) ज्ञानेश्वर सेन ने कहा, जापान में मौजूदा हालात की वजह से हमें कलपुजरें की आपूर्ति में बाधा हो रही है। इससे हमें उत्पादन घटाना पड़ रहा है। मई, 2011 से हम एक पाली में उत्पादन करेंगे और स्थिति पर नजर रखेंगे। होंडा मोटर ने अपने जापानी संयंत्रों में भी उत्पादन में कटौती की है। बयान में कहा गया है कि मई से कुल उत्पादन में करीब 50 प्रतिशत की कमी आएगी। इसमें कहा गया है कि होंडा स्थिति की निगरानी करेगी और उसी आधार पर परिचालन का प्रबंधन करेगी। सेन ने कहा कि आपूर्ति ठीक होने के बाद हम जल्द से जल्द फिर से सामान्य उत्पादन को हासिल करना चाहेंगे। | यह एक सारांश है: जापान में पिछले माह आए भूकंप और सुनामी के मद्देनजर एक और जापानी कंपनी उत्पादन में कटौती को मजबूर हो गई है। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखें जैसे-जैसे पास आ रही हैं वैसे-वैसे वोट के लिए गलत तरीके और पैसे की ताकत के इस्तेमाल की खबरें आ रही हैं। सोमवार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साढ़े 13 करोड़ रुपये कैश बरामद किया। दो गाड़ियों में ये पैसे दिल्ली से यूपी लाए जा रहे थे।
वहीं लखीमपुर खीरी जिले से 2 करोड़ 22 लाख और जनपद प्रबुद्ध नगर से 80 लाख रुपये मिले हैं। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो जगहों से 11 लाख रुपये बरामद किए हैं। दनकौर पुलिस ने एक स्कूटी से साढ़े सात लाख और सूरजपुर पुलिस ने एक कार से 4 लाख रुपये बरामद किए।
वहीं लखीमपुर खीरी जिले से 2 करोड़ 22 लाख और जनपद प्रबुद्ध नगर से 80 लाख रुपये मिले हैं। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो जगहों से 11 लाख रुपये बरामद किए हैं। दनकौर पुलिस ने एक स्कूटी से साढ़े सात लाख और सूरजपुर पुलिस ने एक कार से 4 लाख रुपये बरामद किए। | संक्षिप्त पाठ: सोमवार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साढ़े 13 करोड़ रुपये कैश बरामद किया। दो गाड़ियों में ये पैसे दिल्ली से यूपी लाए जा रहे थे। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राजीव राय भटनागर को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है. भटनागर 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. फिलहाल वह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख के पद पर तैनात थे. 28 फरवरी के बाद से सीआरपीएफ का कोई नियमित डीजी नहीं था.
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक का पद करीब दो महीने से खाली पड़ा था. सरकार ने अब तक नियमित महानिदेशक की नियुक्ति नहीं की है. इस बीच, देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल इस अवधि के दौरान दो बड़े हमलों में अपने 38 जवानों को खो चुका है.टिप्पणियां
बीती 28 फरवरी को के दुर्गा प्रसाद के सीआरपीएफ महानिदेशक के पद से रिटायर होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त महानिदेशक सुदीप लखटकिया को बल के प्रमुख पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था.
बीते 11 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 13 जवान शहीद हुए थे, जबकि इसी बल ने सोमवार को सुकमा में ही नक्सली हमले में अपने 25 जवान खो दिए.
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक का पद करीब दो महीने से खाली पड़ा था. सरकार ने अब तक नियमित महानिदेशक की नियुक्ति नहीं की है. इस बीच, देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल इस अवधि के दौरान दो बड़े हमलों में अपने 38 जवानों को खो चुका है.टिप्पणियां
बीती 28 फरवरी को के दुर्गा प्रसाद के सीआरपीएफ महानिदेशक के पद से रिटायर होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त महानिदेशक सुदीप लखटकिया को बल के प्रमुख पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था.
बीते 11 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 13 जवान शहीद हुए थे, जबकि इसी बल ने सोमवार को सुकमा में ही नक्सली हमले में अपने 25 जवान खो दिए.
बीती 28 फरवरी को के दुर्गा प्रसाद के सीआरपीएफ महानिदेशक के पद से रिटायर होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त महानिदेशक सुदीप लखटकिया को बल के प्रमुख पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था.
बीते 11 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 13 जवान शहीद हुए थे, जबकि इसी बल ने सोमवार को सुकमा में ही नक्सली हमले में अपने 25 जवान खो दिए.
बीते 11 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 13 जवान शहीद हुए थे, जबकि इसी बल ने सोमवार को सुकमा में ही नक्सली हमले में अपने 25 जवान खो दिए. | भटनागर 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं.
फिलहाल वह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख के पद पर तैनात थे.
28 फरवरी के बाद से सीआरपीएफ का कोई नियमित डीजी नहीं था. | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गीता कॉलोनी इलाके में बीती शाम ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना सामने आयी है. करीब 20 राउंड फायरिंग हुई ,इस घटना में 4 लोग घायल हुए हैं. पुलिस के मुताबिक वारदात जिस जगह हुई है वहां बाजार लगता है और बाजार में तमाम रेहड़ी लगती हैं. इस बाजार में मुल्ला नाम का शख्स बैटरी लाइट की सप्लाई करता है और उसकी एवज में रेहड़ी वालों से किराया लेता है. आज दिन के वक्त मुल्ला का विवाद एक रेहड़ी वाले से हो गया और शाम को मुल्ला अपने कुछ साथियों के साथ बाजार में आ गया. जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई. इस हाथापाई के बीच मुल्ला के साथ आये जुबैर ,नासिर ,प्रिंस और बेड़ा ने फायरिंग की, जिसमें अमित और जितेंद्र के अलावा और लोग भी घायल हो गए.
फायरिंग में जुबैर खुद घायल हो गया ,जिसे पकड़ लिया गया. हालांकि पुलिस इस मामले में साफ साफ जानकारी नहीं दे रही कि कुल कितने लोग घायल हुए हैं. ये भी कहा जा रहा है कि झगड़े की वजह सट्टा है. वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है.
फिलहाल पुलिस जुबैर से उसके साथियों की जानकारी जुटा रही है. जुबैर के साथियों की तलाश में पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है लेकिन इस वारदात के बाद दिल्ली की कानून व्यवस्था पर तमाम सवाल जरूर खड़े हो गए हैं.
इस मामले में शाहदरा के डीसीपी ने कहा, 'गीता कॉलोनी में कल शाम हुई फायरिंग में कुल 6 लोगों को गोलियां लगीं. मुख्य आरोपी जुबैर हथियार के साथ पकड़ा गया ,वो भी घायल है. 2 लोग और पकड़े गए हैं उनकी उम्र वेरीफाई की जा रही है. इस फायरिंग के पीछे सट्टे का कोई एंगल नहीं है.'
उन्होंने कहा, '2 गुटों में झगड़े के पीछे वजह ये है कि हाशिम मुल्ला नाम का शख्स रेहड़ी वालों को लाइट के लिए बैटरी किराये पर देता है, हाशिम ने एक रेहड़ी वाले से बैटरी मांगी, उस रेहड़ी वाले ने कहा कि बैटरी उसके पास नहीं है, इसे लेकर पहले विवाद हुआ और फिर सब वापस चले गए. बाद में हाशिम कई लोगों को अपने साथ लेकर आया और झगड़ा दोबारा हुआ, उसके बाद फायरिंग हुई, जिसमें दूसरे गुट के 5 जबकि हाशिम के गुट का जुबैर घायल हो गया. पुलिस ने 307 का केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है.' | गीता कॉलोनी इलाके में बीती शाम ताबड़तोड़ फायरिंग
गीता कॉलोनी इलाके में करीब 20 राउंड फायरिंग हुई
मुख्य आरोपी जुबैर हथियार के साथ पकड़ा गया | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ शहर में दलित उत्थान आंदोलन के वरिष्ठ कार्यकर्ता और बसपा के पूर्व कारकुन ने कथित रूप से मौजूदा व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर कचहरी परिसर स्थित अम्बेडकर पार्क में आग लगाकर खुदकुशी कर ली।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय सिंह मीणा ने बताया कि बसपा के पुराने कार्यकर्ता और अम्बेडकर समाज पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे दलित आंदोलन से जुड़े बलिराम प्रसाद (65) ने कचहरी स्थित अम्बेडकर पार्क में खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि भरी कचहरी के अम्बेडकर पार्क में हुई यह वारदात देखकर आसपास मौजूद लोगों ने प्रसाद को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मीणा ने बताया कि प्रसाद की जेब से एक खत भी मिला है, जिसमें प्रसाद ने मौजूदा व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है।
खत में लिखा है कि दलित उत्थान के लिए उनके तथा अन्य समर्पित लोगों की कुर्बानियों का कोई मोल नहीं मिला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय सिंह मीणा ने बताया कि बसपा के पुराने कार्यकर्ता और अम्बेडकर समाज पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे दलित आंदोलन से जुड़े बलिराम प्रसाद (65) ने कचहरी स्थित अम्बेडकर पार्क में खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि भरी कचहरी के अम्बेडकर पार्क में हुई यह वारदात देखकर आसपास मौजूद लोगों ने प्रसाद को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मीणा ने बताया कि प्रसाद की जेब से एक खत भी मिला है, जिसमें प्रसाद ने मौजूदा व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है।
खत में लिखा है कि दलित उत्थान के लिए उनके तथा अन्य समर्पित लोगों की कुर्बानियों का कोई मोल नहीं मिला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि भरी कचहरी के अम्बेडकर पार्क में हुई यह वारदात देखकर आसपास मौजूद लोगों ने प्रसाद को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मीणा ने बताया कि प्रसाद की जेब से एक खत भी मिला है, जिसमें प्रसाद ने मौजूदा व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है।
खत में लिखा है कि दलित उत्थान के लिए उनके तथा अन्य समर्पित लोगों की कुर्बानियों का कोई मोल नहीं मिला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
खत में लिखा है कि दलित उत्थान के लिए उनके तथा अन्य समर्पित लोगों की कुर्बानियों का कोई मोल नहीं मिला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है। | संक्षिप्त सारांश: एसपी के मुताबिक बसपा के पुराने कार्यकर्ता और दलित आंदोलन से जुड़े बलिराम प्रसाद ने कचहरी स्थित अम्बेडकर पार्क में खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकी कमांडो कार्रवाई में मारे गए दुनिया के सबसे वांछित आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के शव की तस्वीरे नहीं जारी करने के निर्णय की घोषणा करते हुए कहा है कि वह इसे ट्रॉफी के रूप में पेश नहीं करना चाहते। ओबामा की ओर से यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देश के भीतर और बाहर इस बात का लेकर बहस जारी है कि अलकायदा प्रमुख ओसामा के शव की तस्वीरें जारी की जानी चाहिए या नहीं। ओबामा के प्रवक्ता जे कार्नी ने ओबामा की ओर से बुधवार को दिए गए साक्षात्कार के दौरान की गई टिप्पणी पढ़ते हुए कहा कि उन्होंने यह निर्णय इसलिए किया क्योंकि इससे हिंसा भड़केगी और उसके मत का प्रचार करने वालों को मदद मिलेगी। इस निर्णय की घोषणा स्वयं ओबामा ने सीबीएस को कल दिये साक्षात्कार में की। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ऐसे व्यक्ति की तस्वीरें जारी नहीं हों जिसे सिर में गोली मारी गई थी क्योंकि इससे हिंसा भड़केगी और इसका इस्तेमाल उसके समर्थकों को भड़काने में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा, हम ऐसे नहीं हैं। हम इसका इस्तेमाल ट्रॉफी के रूप में नहीं करना चाहते। इस पूरे मामले का तथ्य यह है कि ये वह व्यक्ति था जो उसी का हकदार था जो उसे मिला। मेरा मानना है कि अमेरिका और पूरे दुनिया के लोग इस बात को लेकर प्रशन्न हैं कि उसका अंत हो चुका है। | संक्षिप्त सारांश: उन्होंने यह निर्णय इसलिए किया क्योंकि इससे हिंसा भड़केगी और उसके मत का प्रचार करने वालों को मदद मिलेगी। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स ने विराट कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यह प्रतिभाशाली भारतीय बल्लेबाज उन्हें खुद की बल्लेबाजी की याद दिलाता है।
रिचर्ड्स ने कहा, मुझे विराट कोहली को बल्लेबाजी करते हुए देखना पसंद है। मुझे उसकी आक्रामकता और जुनून पसंद है जैसे कि मैं था। वह मुझे खुद की याद दिलाता है। अपने जमाने के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाने वाले रिचर्ड्स ने कहा कि क्षेत्ररक्षण करते समय भी कोहली काफी हद तक उनकी तरह लगते हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मेरी तरह वह भी चाहता है कि गेंद उसके पास आए। वह डाइव मारना चाहता है और गेंद रोकना चाहता है। रिचर्ड्स से पूछा गया कि क्या सचिन तेंदुलकर के संन्यास लेने के बाद कोहली भारतीय बल्लेबाजी का ध्वजवाहक होगा, उन्होंने 'हां' में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, जब तक तेंदुलकर टीम में है तब तक आपको उन्हें सम्मान देने की जरूरत है। निश्चित रूप से जब सचिन संन्यास ले लेगा तो आप कोहली पर निर्भर हो जाओगे क्योंकि वह काफी युवा है और उसके पास पर्याप्त समय है। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शांतचित रवैये के समर्थक रिचर्ड्स ने कहा कि भारतीय टीम को नियमित रूप से विदेशों में भी जीत दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (हाल की टेस्ट शृंखला में) उनकी वापसी शानदार रही। लेकिन मेरे हिसाब से हर जगह जीतना महत्वपूर्ण है। आपक अपने प्रतिद्वंद्वी को हराने के लिये घरेलू शृंखला का इंतजार नहीं कर सकते।
रिचर्ड्स ने कहा, मुझे विराट कोहली को बल्लेबाजी करते हुए देखना पसंद है। मुझे उसकी आक्रामकता और जुनून पसंद है जैसे कि मैं था। वह मुझे खुद की याद दिलाता है। अपने जमाने के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाने वाले रिचर्ड्स ने कहा कि क्षेत्ररक्षण करते समय भी कोहली काफी हद तक उनकी तरह लगते हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मेरी तरह वह भी चाहता है कि गेंद उसके पास आए। वह डाइव मारना चाहता है और गेंद रोकना चाहता है। रिचर्ड्स से पूछा गया कि क्या सचिन तेंदुलकर के संन्यास लेने के बाद कोहली भारतीय बल्लेबाजी का ध्वजवाहक होगा, उन्होंने 'हां' में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, जब तक तेंदुलकर टीम में है तब तक आपको उन्हें सम्मान देने की जरूरत है। निश्चित रूप से जब सचिन संन्यास ले लेगा तो आप कोहली पर निर्भर हो जाओगे क्योंकि वह काफी युवा है और उसके पास पर्याप्त समय है। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शांतचित रवैये के समर्थक रिचर्ड्स ने कहा कि भारतीय टीम को नियमित रूप से विदेशों में भी जीत दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (हाल की टेस्ट शृंखला में) उनकी वापसी शानदार रही। लेकिन मेरे हिसाब से हर जगह जीतना महत्वपूर्ण है। आपक अपने प्रतिद्वंद्वी को हराने के लिये घरेलू शृंखला का इंतजार नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, मेरी तरह वह भी चाहता है कि गेंद उसके पास आए। वह डाइव मारना चाहता है और गेंद रोकना चाहता है। रिचर्ड्स से पूछा गया कि क्या सचिन तेंदुलकर के संन्यास लेने के बाद कोहली भारतीय बल्लेबाजी का ध्वजवाहक होगा, उन्होंने 'हां' में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, जब तक तेंदुलकर टीम में है तब तक आपको उन्हें सम्मान देने की जरूरत है। निश्चित रूप से जब सचिन संन्यास ले लेगा तो आप कोहली पर निर्भर हो जाओगे क्योंकि वह काफी युवा है और उसके पास पर्याप्त समय है। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शांतचित रवैये के समर्थक रिचर्ड्स ने कहा कि भारतीय टीम को नियमित रूप से विदेशों में भी जीत दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (हाल की टेस्ट शृंखला में) उनकी वापसी शानदार रही। लेकिन मेरे हिसाब से हर जगह जीतना महत्वपूर्ण है। आपक अपने प्रतिद्वंद्वी को हराने के लिये घरेलू शृंखला का इंतजार नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, जब तक तेंदुलकर टीम में है तब तक आपको उन्हें सम्मान देने की जरूरत है। निश्चित रूप से जब सचिन संन्यास ले लेगा तो आप कोहली पर निर्भर हो जाओगे क्योंकि वह काफी युवा है और उसके पास पर्याप्त समय है। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शांतचित रवैये के समर्थक रिचर्ड्स ने कहा कि भारतीय टीम को नियमित रूप से विदेशों में भी जीत दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (हाल की टेस्ट शृंखला में) उनकी वापसी शानदार रही। लेकिन मेरे हिसाब से हर जगह जीतना महत्वपूर्ण है। आपक अपने प्रतिद्वंद्वी को हराने के लिये घरेलू शृंखला का इंतजार नहीं कर सकते। | यहाँ एक सारांश है:वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स ने विराट कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यह प्रतिभाशाली भारतीय बल्लेबाज उन्हें खुद की बल्लेबाजी की याद दिलाता है। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बैठे-बैठे काम करने, अनियिमित खान पान और फास्टफूड को लेकर बढ़ते क्रेज के चलते युवा पीढ़ी में कोलस्ट्रोल बढ़ता जा रहा है, जिससे उनमें दिल की बीमारी का जोखिम भी बढ़ गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंडल एसोचैम के ताजा सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष सामने आया है।
'वर्ल्ड हर्ट डे' (24 सितंबर) से पहले किए गए इस सर्वेक्षण के अनुसार दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 25 से 45 वर्ष के आयुवर्ग में 38 प्रतिशत नौजवानों में कोलस्ट्रोल खतरनाक स्थिति तक पहुंच चुका है। दिल की बीमारी में ऊंचा कोलस्ट्रोल ही सबसे बड़ा जोखिम होता है।टिप्पणियां
एसोचैम की स्वास्थ्य समिति के चेयरमैन डॉ बीके राव ने सर्वेक्षण जारी करते हुए कहा हालांकि, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह समस्या कम पाई गई। 15 प्रतिशत महिलाओं में ही अधिक चर्बी और कोलस्ट्रोल की समस्या पाई गई। ह्रदयाघात और उसके जोखिम पर यह सर्वेक्षण देश के प्रमुख शहरों में किया गया।
दिल की बीमारियों के मामले में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली एनसीआर) सबसे आगे रहा। उसके बाद मुंबई दूसरे, अहमदाबाद तीसरे, बेंगलुरु चौथे, चंडीगढ़ पांचवें, हैदराबाद छठे और पुणे सातवें स्थान पर रहा। एसोचैम के इस सर्वेक्षण में दिल्ली एनसीआर के अलावा मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, चंडीगढ, देहरादून आदि शहरों में किया गया। हर शहर से औसतन 200 कर्मचारियों को चुना गया।
'वर्ल्ड हर्ट डे' (24 सितंबर) से पहले किए गए इस सर्वेक्षण के अनुसार दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 25 से 45 वर्ष के आयुवर्ग में 38 प्रतिशत नौजवानों में कोलस्ट्रोल खतरनाक स्थिति तक पहुंच चुका है। दिल की बीमारी में ऊंचा कोलस्ट्रोल ही सबसे बड़ा जोखिम होता है।टिप्पणियां
एसोचैम की स्वास्थ्य समिति के चेयरमैन डॉ बीके राव ने सर्वेक्षण जारी करते हुए कहा हालांकि, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह समस्या कम पाई गई। 15 प्रतिशत महिलाओं में ही अधिक चर्बी और कोलस्ट्रोल की समस्या पाई गई। ह्रदयाघात और उसके जोखिम पर यह सर्वेक्षण देश के प्रमुख शहरों में किया गया।
दिल की बीमारियों के मामले में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली एनसीआर) सबसे आगे रहा। उसके बाद मुंबई दूसरे, अहमदाबाद तीसरे, बेंगलुरु चौथे, चंडीगढ़ पांचवें, हैदराबाद छठे और पुणे सातवें स्थान पर रहा। एसोचैम के इस सर्वेक्षण में दिल्ली एनसीआर के अलावा मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, चंडीगढ, देहरादून आदि शहरों में किया गया। हर शहर से औसतन 200 कर्मचारियों को चुना गया।
एसोचैम की स्वास्थ्य समिति के चेयरमैन डॉ बीके राव ने सर्वेक्षण जारी करते हुए कहा हालांकि, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह समस्या कम पाई गई। 15 प्रतिशत महिलाओं में ही अधिक चर्बी और कोलस्ट्रोल की समस्या पाई गई। ह्रदयाघात और उसके जोखिम पर यह सर्वेक्षण देश के प्रमुख शहरों में किया गया।
दिल की बीमारियों के मामले में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली एनसीआर) सबसे आगे रहा। उसके बाद मुंबई दूसरे, अहमदाबाद तीसरे, बेंगलुरु चौथे, चंडीगढ़ पांचवें, हैदराबाद छठे और पुणे सातवें स्थान पर रहा। एसोचैम के इस सर्वेक्षण में दिल्ली एनसीआर के अलावा मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, चंडीगढ, देहरादून आदि शहरों में किया गया। हर शहर से औसतन 200 कर्मचारियों को चुना गया।
दिल की बीमारियों के मामले में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली एनसीआर) सबसे आगे रहा। उसके बाद मुंबई दूसरे, अहमदाबाद तीसरे, बेंगलुरु चौथे, चंडीगढ़ पांचवें, हैदराबाद छठे और पुणे सातवें स्थान पर रहा। एसोचैम के इस सर्वेक्षण में दिल्ली एनसीआर के अलावा मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, चंडीगढ, देहरादून आदि शहरों में किया गया। हर शहर से औसतन 200 कर्मचारियों को चुना गया। | संक्षिप्त सारांश: बैठे-बैठे काम करने, अनियिमित खान पान और फास्टफूड को लेकर बढ़ते क्रेज के चलते युवा पीढ़ी में कोलस्ट्रोल बढ़ता जा रहा है, जिससे उनमें दिल की बीमारी का जोखिम भी बढ़ गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंडल एसोचैम के ताजा सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष सामने आया है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्यार का पंचनामा… तीन दोस्तों पर है जिनकी ज़िंदगी में एक साथ प्यार की एंट्री होती है। लेकिन धीरे-धीरे इन्हें अपनी गर्लफ्रेंड्स की असलियत समझ में आती हैं। रजत को अहसास होता है कि ओवरपज़ेसिव गर्लफ्रेंड नेहा हमेशा उस पर हावी होती है। विक्रांत को पता चलता है कि उसकी गर्लफ्रेंड रिया को अपनी ज़िंदगी में कुछ ज्यादा ही खुलापन चाहिए। और निशांत को समझ में आता है उसकी गर्लफ्रेंड चारू नंबर एक की खुदगर्ज है। डायरेक्टर लव रंजन की प्यार का पंचनामा में कुछ भी नया नहीं…। चाहे वह स्टोरी हो या इसका ट्रीटमेंट। फिल्म… दिल तो बच्चा है जी… की रीमेक लगती है जहां प्यार में चोट खाए लड़के रोते हैं लेकिन कमज़ोर स्क्रीनप्ले के कारण आपको इन लड़कों से कोई सहानुभूति नहीं हो पाएगी। गर्लफ्रेंड्स की ज्यादतियों को नई दुल्हन की तरह बर्दाश्त कर रहे बॉयफ्रेंड्स के किस्से च्यूइंग गम की तरह इतने खींचे गए कि फिल्म में मिठास बची ही नहीं। दिव्येंदु रायो नुसरत और कार्तिकेय की एक्टिंग ठीक है। खासकर कार्तिकेय का एक लंबा डायलॉग बेहतरीन है। प्यार का पंचनामा देखना मतलब अपने वक्त का पंचनामा करवाना है। फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 1.5 स्टार। | संक्षिप्त पाठ: प्यार का पंचनामा… तीन दोस्तों पर है जिनकी ज़िंदगी में एक साथ प्यार की एंट्री होती है... | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली में लगातार 9 बार पार्षद का चुनाव जीतने वाले रमेश दत्ता के पास खुद का मकान भी नहीं है. 76 साल के दत्ता 1971 से लगातार जीत रहे हैं, लेकिन खंडहरनुमा मकान में रहते हैं. यह मकान भी उनके किसी दूर के रिश्तेदार का है. उनके पास न तो मोबाइल फोन है और न ही किसी बैंक में उनका खुद का खाता है. नेहरू और इंदिरा के जमाने से कांग्रेस के सिपाही रहे इस बुजुर्ग नेता का टिकट इस बार कट गया. फिर भी घर में जगह-जगह कांग्रेस से जुड़े दस्तावेज रखे हुए हैं. ये दस्तावेज उनके लिए किसी अनमोल धरोहर से कम नहीं हैं.टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि घर में पड़ी कांग्रेस से जुड़ी इन सामग्रियों का आप क्या करेंगे, दत्ता ने जवाब दिया कि जैसे लोग बाप-दादा की संपत्ति को संभालकर रखते हैं. इसी तरह इन्हें मेरी अलबम समझ लीजिए. जैसे भगवान की पूजा करते हैं, वैसे ही इसके सामने अगरबत्ती जलाऊंगा.
दिल्ली गेट के वार्ड नंबर 88 से मैदान में उतरे रमेश दत्ता इस बार निर्दलीय उम्मीदवार हैं. उनका टिकट इससे पहले भी 1997 में काट दिया गया था, लेकिन तब भी दत्ता ने जीत दर्ज की थी और फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इस बार भी जीतने पर इरादा कुछ वैसा ही है. रमेश दत्ता ने कहा कि कांग्रेस ने मुझे इतनी इज्जत दी. इंदिरा गाधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी ने सबने मुझे सम्मान दिया. मुझे नेहरू जी का भी प्यार मिला. उसके लिए मुझे धक्के भी मारेंगे, तो इंदिरा गांधी की कांग्रेस को नहीं छोड़ूंगा. वो खुद मुझे पार्टी में लेना चाहेंगे, अगर नहीं भी लेना चाहेंगे, तो मैं बाहर से ही पूजा करूंगा.
यह पूछे जाने पर कि घर में पड़ी कांग्रेस से जुड़ी इन सामग्रियों का आप क्या करेंगे, दत्ता ने जवाब दिया कि जैसे लोग बाप-दादा की संपत्ति को संभालकर रखते हैं. इसी तरह इन्हें मेरी अलबम समझ लीजिए. जैसे भगवान की पूजा करते हैं, वैसे ही इसके सामने अगरबत्ती जलाऊंगा.
दिल्ली गेट के वार्ड नंबर 88 से मैदान में उतरे रमेश दत्ता इस बार निर्दलीय उम्मीदवार हैं. उनका टिकट इससे पहले भी 1997 में काट दिया गया था, लेकिन तब भी दत्ता ने जीत दर्ज की थी और फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इस बार भी जीतने पर इरादा कुछ वैसा ही है. रमेश दत्ता ने कहा कि कांग्रेस ने मुझे इतनी इज्जत दी. इंदिरा गाधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी ने सबने मुझे सम्मान दिया. मुझे नेहरू जी का भी प्यार मिला. उसके लिए मुझे धक्के भी मारेंगे, तो इंदिरा गांधी की कांग्रेस को नहीं छोड़ूंगा. वो खुद मुझे पार्टी में लेना चाहेंगे, अगर नहीं भी लेना चाहेंगे, तो मैं बाहर से ही पूजा करूंगा.
दिल्ली गेट के वार्ड नंबर 88 से मैदान में उतरे रमेश दत्ता इस बार निर्दलीय उम्मीदवार हैं. उनका टिकट इससे पहले भी 1997 में काट दिया गया था, लेकिन तब भी दत्ता ने जीत दर्ज की थी और फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इस बार भी जीतने पर इरादा कुछ वैसा ही है. रमेश दत्ता ने कहा कि कांग्रेस ने मुझे इतनी इज्जत दी. इंदिरा गाधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी ने सबने मुझे सम्मान दिया. मुझे नेहरू जी का भी प्यार मिला. उसके लिए मुझे धक्के भी मारेंगे, तो इंदिरा गांधी की कांग्रेस को नहीं छोड़ूंगा. वो खुद मुझे पार्टी में लेना चाहेंगे, अगर नहीं भी लेना चाहेंगे, तो मैं बाहर से ही पूजा करूंगा. | संक्षिप्त पाठ: रमेश दत्ता 1971 से लगातार निगम चुनाव जीतते रहे हैं
दिल्ली गेट के वार्ड नंबर 88 से इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं
उनके पास न तो मोबाइल फोन है, न ही बैंक खाता | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में चलाए गए अभियान के दौरान 27 तालिबान आतंकवादियों को मार गिराया गया। यह जानकारी आंतरिक मंत्रालय ने बुधवार को दी।
मंत्रालय द्वारा जारी वक्तव्य के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में अफगान नेशनल पुलिस (एएनपी), सेना, नेशनल सिक्युरिटी डायरेक्टोरेट और नाटो के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने कई जगहों पर धावा बोला, जिस दौरान 27 तालिबान आतंकवादी मारे गए।टिप्पणियां
नूरिस्तान, बाघलान, कुंदुज, कंधार, वरदक और हेलमंड प्रांतों में चलाए गए अभियान में 10 आतंकवादी घायल हुए हैं और सात को गिरफ्तार किया गया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इसके अलावा एएनपी ने फरयाब और पकटिया प्रांतों में पांच देसी बम भी निष्क्रिय किए हैं। तालिबान की तरफ से हालांकि, अभी कोई बयान नहीं आया है।
मंत्रालय द्वारा जारी वक्तव्य के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में अफगान नेशनल पुलिस (एएनपी), सेना, नेशनल सिक्युरिटी डायरेक्टोरेट और नाटो के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने कई जगहों पर धावा बोला, जिस दौरान 27 तालिबान आतंकवादी मारे गए।टिप्पणियां
नूरिस्तान, बाघलान, कुंदुज, कंधार, वरदक और हेलमंड प्रांतों में चलाए गए अभियान में 10 आतंकवादी घायल हुए हैं और सात को गिरफ्तार किया गया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इसके अलावा एएनपी ने फरयाब और पकटिया प्रांतों में पांच देसी बम भी निष्क्रिय किए हैं। तालिबान की तरफ से हालांकि, अभी कोई बयान नहीं आया है।
नूरिस्तान, बाघलान, कुंदुज, कंधार, वरदक और हेलमंड प्रांतों में चलाए गए अभियान में 10 आतंकवादी घायल हुए हैं और सात को गिरफ्तार किया गया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इसके अलावा एएनपी ने फरयाब और पकटिया प्रांतों में पांच देसी बम भी निष्क्रिय किए हैं। तालिबान की तरफ से हालांकि, अभी कोई बयान नहीं आया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इसके अलावा एएनपी ने फरयाब और पकटिया प्रांतों में पांच देसी बम भी निष्क्रिय किए हैं। तालिबान की तरफ से हालांकि, अभी कोई बयान नहीं आया है। | यहाँ एक सारांश है:अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में चलाए गए अभियान के दौरान 27 तालिबान आतंकवादियों को मार गिराया गया। यह जानकारी आंतरिक मंत्रालय ने बुधवार को दी। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: खुद धरना देने के लिए मशहूर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर धरने पर रोक लगाने के मजिस्ट्रेट के आदेश को दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने अमान्य करार दिया है. उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट के पास ऐसे आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है.
एलजी नजीब जंग ने कहा कि सिर्फ पुलिस ही सीआरपीसी की धारा 144 के तहत किसी स्थान पर लोगों को एकत्र होने से रोक सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा इस कानून का इस्तेमाल गलत है और इसके लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
दरअसल सिविल लाइंस के एसडीएम ने आदेश जारी करके 31 अगस्त तक सीएम आवास के आसपास किसी भी तरह के राजनीतिक प्रदर्शन, जमावड़े, भाषणबाज़ी आदि पर रोक लगा दी है. आदेश में कहा गया कि इस महीने स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन, जन्माष्टमी जैसे बहुत से त्योहार हैं. ऐसे में बहुत सारे लोग सीएम आवास पर आएंगे और ऐसे में किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन या जमावड़े से कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की समस्या पैदा हो सकती है, इसलिए इस पर रोक लगाई जा रही है.टिप्पणियां
अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत में कई बार धरना-प्रदर्शन के चलते विरोधियों द्वारा 'धरना कुमार' के खिताब के नवाजे जा चुके सीएम केजरीवाल के बाहर विपक्षी दल बीजेपी और कांग्रेस अकसर विरोध प्रदर्शन किया करते थे, जिसके बाद एसडीएम ने यह आदेश दिया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एलजी नजीब जंग ने कहा कि सिर्फ पुलिस ही सीआरपीसी की धारा 144 के तहत किसी स्थान पर लोगों को एकत्र होने से रोक सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा इस कानून का इस्तेमाल गलत है और इसके लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
दरअसल सिविल लाइंस के एसडीएम ने आदेश जारी करके 31 अगस्त तक सीएम आवास के आसपास किसी भी तरह के राजनीतिक प्रदर्शन, जमावड़े, भाषणबाज़ी आदि पर रोक लगा दी है. आदेश में कहा गया कि इस महीने स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन, जन्माष्टमी जैसे बहुत से त्योहार हैं. ऐसे में बहुत सारे लोग सीएम आवास पर आएंगे और ऐसे में किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन या जमावड़े से कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की समस्या पैदा हो सकती है, इसलिए इस पर रोक लगाई जा रही है.टिप्पणियां
अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत में कई बार धरना-प्रदर्शन के चलते विरोधियों द्वारा 'धरना कुमार' के खिताब के नवाजे जा चुके सीएम केजरीवाल के बाहर विपक्षी दल बीजेपी और कांग्रेस अकसर विरोध प्रदर्शन किया करते थे, जिसके बाद एसडीएम ने यह आदेश दिया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दरअसल सिविल लाइंस के एसडीएम ने आदेश जारी करके 31 अगस्त तक सीएम आवास के आसपास किसी भी तरह के राजनीतिक प्रदर्शन, जमावड़े, भाषणबाज़ी आदि पर रोक लगा दी है. आदेश में कहा गया कि इस महीने स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन, जन्माष्टमी जैसे बहुत से त्योहार हैं. ऐसे में बहुत सारे लोग सीएम आवास पर आएंगे और ऐसे में किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन या जमावड़े से कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की समस्या पैदा हो सकती है, इसलिए इस पर रोक लगाई जा रही है.टिप्पणियां
अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत में कई बार धरना-प्रदर्शन के चलते विरोधियों द्वारा 'धरना कुमार' के खिताब के नवाजे जा चुके सीएम केजरीवाल के बाहर विपक्षी दल बीजेपी और कांग्रेस अकसर विरोध प्रदर्शन किया करते थे, जिसके बाद एसडीएम ने यह आदेश दिया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत में कई बार धरना-प्रदर्शन के चलते विरोधियों द्वारा 'धरना कुमार' के खिताब के नवाजे जा चुके सीएम केजरीवाल के बाहर विपक्षी दल बीजेपी और कांग्रेस अकसर विरोध प्रदर्शन किया करते थे, जिसके बाद एसडीएम ने यह आदेश दिया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: सिविल लाइंस के SDM ने 31 अगस्त तक सीएम आवास के पास प्रदर्शनों पर रोक लगाई
LG नजीब जंग ने कहा, मजिस्ट्रेट के पास ऐसे आदेश जारी करने का अधिकार नहीं
जंग ने कहा कि सिर्फ पुलिस ही CrPC की धारा 144 के तहत ऐसे आदेश दे सकती है | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हजारे पक्ष ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से एक संदेश प्राप्त हुआ है जिसमें लोकपाल विधेयक पर उनकी मांगों को शामिल करते हुए ध्वनिमत से एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। हजारे पक्ष ने इस घटनाक्रम को सुखद करार दिया। लोकपाल मुद्दे पर उस समय नया संकट सामने आ गया था जब हजारे पक्ष ने संसद में चर्चा के बाद प्रस्ताव पारित नहीं करने की सरकार की प्रतिक्रिया को विश्वासघात करार दिया है। अन्ना हजारे के करीबी सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने सरकार के प्रतिनिधियों के साथ नए दौर की बातचीत के बाद कहा, यह स्पष्ट तौर पर विश्वासघात है। यह और क्या हो सकता है... पिछले चार दिनों में सरकार ने तीन बार अपना रुख बदला है। इसके बाद सरकार को अपना रुख बदलने पर मजबूर होना पड़ा। हजारे पक्ष ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से एक संदेश प्राप्त हुआ है जिसमें ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित करने के निर्णय की बात है। हजारे पक्ष के प्रवक्ता ने कहा, हम इस घटनाक्रम से काफी खुश हैं। यह पूछे जाने पर कि हजारे अनशन कब समाप्त करेंगे, प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय हजारे को स्वयं करना है। प्रवक्ता ने कहा, हजारे यह निर्णय करेंगे कि उन्हें अपना अनशन आज या कल सुबह समाप्त करना है। | यह एक सारांश है: उस समय नया संकट सामने आ गया था जब हजारे पक्ष ने संसद में चर्चा के बाद प्रस्ताव पारित नहीं करने की सरकार की प्रतिक्रिया को विश्वासघात करार दिया। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी हॉस्पिटल) के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों ने शनिवार को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
ये लोग दो दिन पहले एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुई बदसलूकी की घटना का विरोध कर रहे थे। दो दिन पहले एलएनजेपी हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज के रिश्तेदार ने कथित तौर पर अस्पताल की एक रेजिडेंट महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ की, उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे बलात्कार की धमकी दी।टिप्पणियां
पीड़ित डॉक्टर आरोपी शख्स के मरीज को छोड़कर दूसरे मरीज को देखने चली गई थी, जिससे नाराज होकर आरोपी ने ऐसा किया। हैरानी की बात यह है कि घटना के वक्त मौके पर मौजूद प्राइवेट सुरक्षा गार्ड और पुलिस तमाशबीन बने ये सब देखते रहे।
इस घटना के बाद महिला डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला डॉक्टर के साथियों ने आज ट्रैफिक ब्लॉक किया और बेहतर सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
ये लोग दो दिन पहले एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुई बदसलूकी की घटना का विरोध कर रहे थे। दो दिन पहले एलएनजेपी हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज के रिश्तेदार ने कथित तौर पर अस्पताल की एक रेजिडेंट महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ की, उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे बलात्कार की धमकी दी।टिप्पणियां
पीड़ित डॉक्टर आरोपी शख्स के मरीज को छोड़कर दूसरे मरीज को देखने चली गई थी, जिससे नाराज होकर आरोपी ने ऐसा किया। हैरानी की बात यह है कि घटना के वक्त मौके पर मौजूद प्राइवेट सुरक्षा गार्ड और पुलिस तमाशबीन बने ये सब देखते रहे।
इस घटना के बाद महिला डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला डॉक्टर के साथियों ने आज ट्रैफिक ब्लॉक किया और बेहतर सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
पीड़ित डॉक्टर आरोपी शख्स के मरीज को छोड़कर दूसरे मरीज को देखने चली गई थी, जिससे नाराज होकर आरोपी ने ऐसा किया। हैरानी की बात यह है कि घटना के वक्त मौके पर मौजूद प्राइवेट सुरक्षा गार्ड और पुलिस तमाशबीन बने ये सब देखते रहे।
इस घटना के बाद महिला डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला डॉक्टर के साथियों ने आज ट्रैफिक ब्लॉक किया और बेहतर सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
इस घटना के बाद महिला डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला डॉक्टर के साथियों ने आज ट्रैफिक ब्लॉक किया और बेहतर सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। | संक्षिप्त सारांश: दो दिन पहले एलएनजेपी हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज के रिश्तेदार ने कथित तौर पर अस्पताल की एक रेजिडेंट महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ की, उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे बलात्कार की धमकी दी। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आलोक वर्मा के सीबीआई डायरेक्टर पद से हटाए जाने के सिलेक्शन कमेटी के फैसले के बाद जस्टिस एके सीकरी पहली बार कैमरे के सामने आए. रविवार को ही जस्टिस सीकरी ने मार्च में अपने रिटायरमेंट के बाद कामनवेल्थ ट्रिब्यूनल में जाने के सरकार के आफर को ठुकरा दिया. लेकिन अब विपक्ष सवाल सीवीसी की जांच पर उठा रहा है.
सोमवार को जस्टिस एके सीकरी ने खुद को बस किताब तक सीमित रखा. जिन्हें उम्मीद थी कि वे हाल के विवाद पर कुछ कहेंगे, वे मायूस हुए. लेकिन आलोक वर्मा को हटाने पर विवाद ख़त्म नहीं हुआ है.
आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी जांच की निगरानी कर रहे जस्टिस एके पटनायक के बयान का हवाला देते हुए सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने NDTV से कहा कि सीवीसी को हटाया जाना चाहिए. येचुरी ने कहा "मुझे लग रहा है कि सीवीसी को अब हटाना चाहिए क्योंकि उन्होंने पूरे मामले को सरकार के हिसाब से तय किया. उनका सीवीसी के पद पर बने रहना उचित नहीं है. सीवीसी को पहले हटाया जाना चाहिए और फिर उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, कि क्या रहा उनका रोल इस पूरे केस में.
कांग्रेस पहले से ही सीवीसी की जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "इस सरकार में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है...सीवीसी का काम आर्बिट्रेट करने का नहीं है." जबकि बीजेपी के सांसद औरक प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के बड़े नेता अगस्ता वेस्टलैंड जैसे मामलों में उनके खिलाफ चल रही सीबीआई जांच से घबराकर इस तरह से बौखलाए हुए हैं.
इस राजनीतिक वाद-विवाद से साफ है कि ये विवाद जल्दी खत्म होगा, फिलहाल इसके आसार दिखाई नहीं दे रहे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, सीवीसी को हटाया जाना चाहिए
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, इस सरकार में निष्पक्ष जांच असंभव
अगस्ता वेस्टलैंड जैसे मामलों में जांच से बौखलाए कांग्रेस नेता : बीजेपी | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: -हाल के बॉलीवुड गानों में लियोरा को फिल्म 'जब वी मेट' का 'बरसेगा सावन...' काफी पसंद है.
-लियोरा हिंदी काफी अच्छी बोलती हैं.
मालूम हो कि पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस्राइल के दौरे पर गए हैं. पीएम नरेंद्र मोदी इस्राइल में राष्ट्रपति रियुवेन रूवी रिवलिन से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के विभिन्न कंपनियों के सीईओ तथा भारतवंशी समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे. वे याद वाशेम स्मारक संग्रहालय भी जाएंगे और यहूदियों के सबसे बड़े नरसंहार (होलोकास्ट) में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे. भारतीय प्रधानमंत्री 1918 में हैफा की आजादी के दौरान जान गंवाने वाले साहसी भारतीय सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.
मालूम हो कि पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस्राइल के दौरे पर गए हैं. पीएम नरेंद्र मोदी इस्राइल में राष्ट्रपति रियुवेन रूवी रिवलिन से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के विभिन्न कंपनियों के सीईओ तथा भारतवंशी समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे. वे याद वाशेम स्मारक संग्रहालय भी जाएंगे और यहूदियों के सबसे बड़े नरसंहार (होलोकास्ट) में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे. भारतीय प्रधानमंत्री 1918 में हैफा की आजादी के दौरान जान गंवाने वाले साहसी भारतीय सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. | यहाँ एक सारांश है:लियोरा इतज़ाक पीएम मोदी के स्वागत में गाएंगे राष्ट्रगान
लियोरा इतज़ाक माता-पिता गुजरात के हैं
लियोरा इतज़ाक आठ साल तक मुंबई में रह चुकी हैं | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन के करीब 35 फीसदी कंपनियों ने 2012 में गंभीर मंदी की आशंका व्यक्त की है। 'इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स' (आईओडी) द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है। सर्वेक्षण में विभिन्न कंपनियों के 1000 निदेशकों ने भाग लिया। लगभग 53 निदेशकों का मानना था कि इस वर्ष मंदी का असर मध्यम रहेगा, जबकि 11 फीसदी का मानना था कि इस वर्ष मंदी आने का खतरा बहुत कम है।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' ने आईओडी के हवाले से बताया कि देश के कमजोर आर्थिक परिदृश्य के बावजूद शीर्ष उद्यमी अपेक्षाकृत आश्वस्त दिखे। लगभग 43 फीसदी निदेशकों का मानना था कि अगर मंदी आई तो यह कम अवधि की हल्की होगी, जबकि 33 फीसदी का मानना था कि यह हल्के असर के साथ लंबे समय तक रहेगी। केवल 10 फीसदी का मानना था कि ब्रिटेन दीर्घ अवधि तक गहरी मंदी की चपेट में आ सकता है।
लगभग 50 फीसदी कंपनियों का मानना था कि 2011 की तुलना में उनकी आय में 2012 में वृद्धि होगी, जबकि 40 फीसदी का मानना था कि 2012 में उनके लाभ में वृद्धि होगी। इस सबसे बीच कंपनियां हालांकि व्यापारिक निवेश और रोजगार में निवेश बढ़ाने को लेकर सजग हैं। करीब 27 फीसदी कंपनियां सोचती हैं कि इस साल रोजगार में वृद्धि होगी, जबकि 25 फीसदी का मानना है कि इसमें कमी आएगी।
समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' ने आईओडी के हवाले से बताया कि देश के कमजोर आर्थिक परिदृश्य के बावजूद शीर्ष उद्यमी अपेक्षाकृत आश्वस्त दिखे। लगभग 43 फीसदी निदेशकों का मानना था कि अगर मंदी आई तो यह कम अवधि की हल्की होगी, जबकि 33 फीसदी का मानना था कि यह हल्के असर के साथ लंबे समय तक रहेगी। केवल 10 फीसदी का मानना था कि ब्रिटेन दीर्घ अवधि तक गहरी मंदी की चपेट में आ सकता है।
लगभग 50 फीसदी कंपनियों का मानना था कि 2011 की तुलना में उनकी आय में 2012 में वृद्धि होगी, जबकि 40 फीसदी का मानना था कि 2012 में उनके लाभ में वृद्धि होगी। इस सबसे बीच कंपनियां हालांकि व्यापारिक निवेश और रोजगार में निवेश बढ़ाने को लेकर सजग हैं। करीब 27 फीसदी कंपनियां सोचती हैं कि इस साल रोजगार में वृद्धि होगी, जबकि 25 फीसदी का मानना है कि इसमें कमी आएगी।
लगभग 50 फीसदी कंपनियों का मानना था कि 2011 की तुलना में उनकी आय में 2012 में वृद्धि होगी, जबकि 40 फीसदी का मानना था कि 2012 में उनके लाभ में वृद्धि होगी। इस सबसे बीच कंपनियां हालांकि व्यापारिक निवेश और रोजगार में निवेश बढ़ाने को लेकर सजग हैं। करीब 27 फीसदी कंपनियां सोचती हैं कि इस साल रोजगार में वृद्धि होगी, जबकि 25 फीसदी का मानना है कि इसमें कमी आएगी। | संक्षिप्त पाठ: ब्रिटेन के करीब 35 फीसदी कंपनियों ने 2012 में गंभीर मंदी की आशंका व्यक्त की है। 'इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स' (आईओडी) द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के दो सहयोगियों ने विशेष पॉक्सो अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. दोनों आरोपियों अमरेन्द्र सिंह उर्फ पिन्टू और विकास वर्मा को जमानत पर रिहा कर दिया गया था लेकिन बाद में उच्च न्यायालय ने इस आदेश को रोक दिया था जिसके बाद से दोनों फरार थे.
सामूहिक बलात्कार मामले में प्रजापति की जमानत पर रोक लगाते हुए उच्च न्यायालय ने पुलिस को उक्त दोनों आरोपियों को हिरासत में लेने का निर्देश दिया था.टिप्पणियां
आरोपी उच्चतम न्यायालय गए थे लेकिन न्यायालय ने उनसे उच्च न्यायालय से संपर्क करने को कहा था. उच्च न्यायालय में इन याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख 26 मई के लिए सूचीबद्घ है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सामूहिक बलात्कार मामले में प्रजापति की जमानत पर रोक लगाते हुए उच्च न्यायालय ने पुलिस को उक्त दोनों आरोपियों को हिरासत में लेने का निर्देश दिया था.टिप्पणियां
आरोपी उच्चतम न्यायालय गए थे लेकिन न्यायालय ने उनसे उच्च न्यायालय से संपर्क करने को कहा था. उच्च न्यायालय में इन याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख 26 मई के लिए सूचीबद्घ है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आरोपी उच्चतम न्यायालय गए थे लेकिन न्यायालय ने उनसे उच्च न्यायालय से संपर्क करने को कहा था. उच्च न्यायालय में इन याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख 26 मई के लिए सूचीबद्घ है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: गायत्री प्रजापति सपा सरकार के कद्दावर नेता और मंत्री रहे हैं
गायत्री प्रजापति गैंगरेप में इन दिनों जेल में बंद हैं
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गायत्री को गिरफ्तार किया गया | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राज्य की एक जेल के हेड वार्डन को शनिवार को निलंबित कर दिया गया. वार्डन का एक महिला के साथ जेल परिसर में नृत्य करता हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यहां कहा, "हरियाणा के पुलिस महानिरीक्षक जेल ने करनाल जिला जेल के मुख्य वार्डन, सतवान सिंह को जींद जिला जेल में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के वीडियो में होने के लिए पहली अप्रैल, 2017 से निलंबित कर दिया गया है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था."टिप्पणियां
वीडियो में जेल वार्डन को होली समारोह के उपलक्ष्य में जींद जेल परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर एक पेशेवर नर्तकी के साथ अश्लील नृत्य करते हुए वर्दी में देखा गया था. वीडियो में जेल के अन्य अधिकारी भी दिखाई दिए थे. वीडियो में नृत्य के दौरान लोगों की तरफ से नर्तकी के ऊपर नोट फेंकते भी देखा गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वीडियो में जेल वार्डन को होली समारोह के उपलक्ष्य में जींद जेल परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर एक पेशेवर नर्तकी के साथ अश्लील नृत्य करते हुए वर्दी में देखा गया था. वीडियो में जेल के अन्य अधिकारी भी दिखाई दिए थे. वीडियो में नृत्य के दौरान लोगों की तरफ से नर्तकी के ऊपर नोट फेंकते भी देखा गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | करनाल जिला जेल के हेड वार्डन को शनिवार को निलंबित कर दिया गया.
वीडियो में जेल वार्डन को अश्लील नृत्य करते हुए वर्दी में देखा गया था.
नृत्य के दौरान लोगों की तरफ से नर्तकी के ऊपर नोट फेंकते भी देखा गया था. | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चालू वित्त वर्ष की शुरुआती दो तिमाहियों में विकास दर में गिरावट के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वार्षिक विकास दर अनुमान को घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया है जबकि बजट भाषण में नौ फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा गया था। राजधानी में 'हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट' में मुखर्जी ने कहा, "मैं विनम्र हूं, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मैं बजट भाषण में तय लक्ष्य को प्राप्त करने जा रहा हूं। बजट भाषण में नौ फीसदी का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 0.25 फीसदी की कमी या वृद्धि सम्भव है। मैं इसे घटाकर करीब 7.5 फीसदी करने जा रहा हूं।" चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में विकास दर घटकर 7.3 फीसदी हो गई है जो बजटीय अनुमान से कम है। पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर 7.7 फीसदी और दूसरी तिमाही (जुलाई-सितम्बर) में विकास दर 6.9 फीसदी रही। मुखर्जी ने कहा कि सरकार प्रोत्साहन पैकेज के माध्यम से विकास दर को बढ़ावा देने में सक्षम नहीं है जैसा उसने वर्ष 2008-09 की मंदी के दौरान किया था। उन्होंने कहा, "मैं वर्ष 2008-09 की तरह प्रोत्साहन पैकेज मुहैया कराने की स्थिति में नहीं हूं। लेकिन कुछ नीतिगत परिवर्तन से स्थिति में कुछ बदलाव हो सकता है जिसे हम कर रहे हैं।" मुखर्जी ने आशा जाहिर की कि सरकार प्रमुख आर्थिक सुधारों को लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सहमति कायम करने में सफल हो जाएगी, जो विकास को गति देने के लिए बेहद जरूरी है। | शुरुआती दो तिमाहियों में विकास दर में गिरावट के बाद प्रणब मुखर्जी ने वार्षिक विकास दर अनुमान को घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया है। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चारा घोटाले में लालू यादव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के झटके के बाद हर कोई जानना चाहता हैं कि आखिर इसके क्या मायने है और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव का क्या होगा? फैसले के कुछ घंटे के बाद विधि विशेज्ञ, राजनीतिक जानकर और इस मामले से जुड़े कुछ पक्षों के माने तो भविष्य कोई नहीं जानता लेकिन कुछ बातें बिल्कुल स्पष्ट हैं. जैसे...
1. चारा घोटाले में सीबीआई अभियुक्तों को साक्ष्य के आधार पर सजा दिलाने में जो उनकी सफलता का रिकॉर्ड है, उस आधार पर लालू यादव और अन्य अभियुक्तों को राहत या कहिये निर्दोष करार दिए जाने की संभावना न के बराबर है. ऐसे में उनका दोषी करार दिया जाने की प्रबल संभावना है.
2. अगर लालू यादव बाकी के चार मामलो में दोषी करार दिए गए तब चुनाव लड़ने की संभावना न के बराबर हैं. एक बार सजा होने पर 5 साल के लिए आपको अयोग्य करार दिया जाता है. ऐसे में पांच मामलो में पचीस साल तक उन्हें चुनावी राजनीती से दूर रहना पड़ेगा. जब तक कि झारखंड हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ मामले को निरस्त न कर दे.
3. हर बार दोषी करार दिए जाने पर लालू यादव को सजा होने पर जेल जाना पड़ेगा. और उनके पार्टी के लोग भी मानते हैं की सोमवार के सर्वोच्च न्यायलय के झटके के बाद उन्हें चार बार जेल जाना पड़ सकता है.
4. चारा घोटाले के मामले में दोषी, सजा या जेल जाने पर नीतीश कुमार और कांग्रेस पार्टी से उनके संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा क्योंकि दोनों ने दोस्ती और राजैनतिक गठबंधन चारा घोटाले में एक मामले में दोषी पाए जाने के बाबजूद किया था.
5. लालू यादव की असल मुश्किल चारा घोटाले से ज्यादा बीजेपी नेता सुशिल मोदी हैं जो हर दूसरे दिन उनके संपत्ति के नए नए खुलासे को लेकर हैं. क्योंकि लालू यादव भी जानते हैं कि जिस तरह संपत्तियों को अर्जित किया गया है, उसे सार्वजनिक रूप से या किसी जांच एजेंसी के सामने सही करार करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
6. लालू यादव को मालूम है कि संपत्ति के खेल में अगर उनके बेटे फंसे तब नीतीश से रहम की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री के पास एक मात्र जमा पूंजी उनकी अपनी छवि है और वो तेजप्रताप और तेजस्वी को बचने के चक्कर में उससे गंवाने की गलती नहीं करेंगे.
7. लालू यादव यह भी जानते हैं कि भले सुप्रीम कोर्ट की दी गई 9 महीने के समयावधि में सभी मामलों में सुनवाई पूरी न हो पाए लेकिन अब ये मामले ज्यादा दिन तक नहीं खींचेंगे और वर्तमान में सीबीआई के आलाधिकारियों का प्रयास होगा कि जल्द से जल्द सब मामले में फैसला आ जाये.
8. फ़िलहाल लालू यादव की जमानत भले ही रद्द न हो लेकिन अगली बार जेल जाने पर शायद सजा का 50 फीसदी समय वो जेल में न गुजारे पर जमानत की उम्मीद करना बेकार है.टिप्पणियां
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
1. चारा घोटाले में सीबीआई अभियुक्तों को साक्ष्य के आधार पर सजा दिलाने में जो उनकी सफलता का रिकॉर्ड है, उस आधार पर लालू यादव और अन्य अभियुक्तों को राहत या कहिये निर्दोष करार दिए जाने की संभावना न के बराबर है. ऐसे में उनका दोषी करार दिया जाने की प्रबल संभावना है.
2. अगर लालू यादव बाकी के चार मामलो में दोषी करार दिए गए तब चुनाव लड़ने की संभावना न के बराबर हैं. एक बार सजा होने पर 5 साल के लिए आपको अयोग्य करार दिया जाता है. ऐसे में पांच मामलो में पचीस साल तक उन्हें चुनावी राजनीती से दूर रहना पड़ेगा. जब तक कि झारखंड हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ मामले को निरस्त न कर दे.
3. हर बार दोषी करार दिए जाने पर लालू यादव को सजा होने पर जेल जाना पड़ेगा. और उनके पार्टी के लोग भी मानते हैं की सोमवार के सर्वोच्च न्यायलय के झटके के बाद उन्हें चार बार जेल जाना पड़ सकता है.
4. चारा घोटाले के मामले में दोषी, सजा या जेल जाने पर नीतीश कुमार और कांग्रेस पार्टी से उनके संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा क्योंकि दोनों ने दोस्ती और राजैनतिक गठबंधन चारा घोटाले में एक मामले में दोषी पाए जाने के बाबजूद किया था.
5. लालू यादव की असल मुश्किल चारा घोटाले से ज्यादा बीजेपी नेता सुशिल मोदी हैं जो हर दूसरे दिन उनके संपत्ति के नए नए खुलासे को लेकर हैं. क्योंकि लालू यादव भी जानते हैं कि जिस तरह संपत्तियों को अर्जित किया गया है, उसे सार्वजनिक रूप से या किसी जांच एजेंसी के सामने सही करार करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
6. लालू यादव को मालूम है कि संपत्ति के खेल में अगर उनके बेटे फंसे तब नीतीश से रहम की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री के पास एक मात्र जमा पूंजी उनकी अपनी छवि है और वो तेजप्रताप और तेजस्वी को बचने के चक्कर में उससे गंवाने की गलती नहीं करेंगे.
7. लालू यादव यह भी जानते हैं कि भले सुप्रीम कोर्ट की दी गई 9 महीने के समयावधि में सभी मामलों में सुनवाई पूरी न हो पाए लेकिन अब ये मामले ज्यादा दिन तक नहीं खींचेंगे और वर्तमान में सीबीआई के आलाधिकारियों का प्रयास होगा कि जल्द से जल्द सब मामले में फैसला आ जाये.
8. फ़िलहाल लालू यादव की जमानत भले ही रद्द न हो लेकिन अगली बार जेल जाने पर शायद सजा का 50 फीसदी समय वो जेल में न गुजारे पर जमानत की उम्मीद करना बेकार है.टिप्पणियां
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
2. अगर लालू यादव बाकी के चार मामलो में दोषी करार दिए गए तब चुनाव लड़ने की संभावना न के बराबर हैं. एक बार सजा होने पर 5 साल के लिए आपको अयोग्य करार दिया जाता है. ऐसे में पांच मामलो में पचीस साल तक उन्हें चुनावी राजनीती से दूर रहना पड़ेगा. जब तक कि झारखंड हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ मामले को निरस्त न कर दे.
3. हर बार दोषी करार दिए जाने पर लालू यादव को सजा होने पर जेल जाना पड़ेगा. और उनके पार्टी के लोग भी मानते हैं की सोमवार के सर्वोच्च न्यायलय के झटके के बाद उन्हें चार बार जेल जाना पड़ सकता है.
4. चारा घोटाले के मामले में दोषी, सजा या जेल जाने पर नीतीश कुमार और कांग्रेस पार्टी से उनके संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा क्योंकि दोनों ने दोस्ती और राजैनतिक गठबंधन चारा घोटाले में एक मामले में दोषी पाए जाने के बाबजूद किया था.
5. लालू यादव की असल मुश्किल चारा घोटाले से ज्यादा बीजेपी नेता सुशिल मोदी हैं जो हर दूसरे दिन उनके संपत्ति के नए नए खुलासे को लेकर हैं. क्योंकि लालू यादव भी जानते हैं कि जिस तरह संपत्तियों को अर्जित किया गया है, उसे सार्वजनिक रूप से या किसी जांच एजेंसी के सामने सही करार करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
6. लालू यादव को मालूम है कि संपत्ति के खेल में अगर उनके बेटे फंसे तब नीतीश से रहम की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री के पास एक मात्र जमा पूंजी उनकी अपनी छवि है और वो तेजप्रताप और तेजस्वी को बचने के चक्कर में उससे गंवाने की गलती नहीं करेंगे.
7. लालू यादव यह भी जानते हैं कि भले सुप्रीम कोर्ट की दी गई 9 महीने के समयावधि में सभी मामलों में सुनवाई पूरी न हो पाए लेकिन अब ये मामले ज्यादा दिन तक नहीं खींचेंगे और वर्तमान में सीबीआई के आलाधिकारियों का प्रयास होगा कि जल्द से जल्द सब मामले में फैसला आ जाये.
8. फ़िलहाल लालू यादव की जमानत भले ही रद्द न हो लेकिन अगली बार जेल जाने पर शायद सजा का 50 फीसदी समय वो जेल में न गुजारे पर जमानत की उम्मीद करना बेकार है.टिप्पणियां
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
3. हर बार दोषी करार दिए जाने पर लालू यादव को सजा होने पर जेल जाना पड़ेगा. और उनके पार्टी के लोग भी मानते हैं की सोमवार के सर्वोच्च न्यायलय के झटके के बाद उन्हें चार बार जेल जाना पड़ सकता है.
4. चारा घोटाले के मामले में दोषी, सजा या जेल जाने पर नीतीश कुमार और कांग्रेस पार्टी से उनके संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा क्योंकि दोनों ने दोस्ती और राजैनतिक गठबंधन चारा घोटाले में एक मामले में दोषी पाए जाने के बाबजूद किया था.
5. लालू यादव की असल मुश्किल चारा घोटाले से ज्यादा बीजेपी नेता सुशिल मोदी हैं जो हर दूसरे दिन उनके संपत्ति के नए नए खुलासे को लेकर हैं. क्योंकि लालू यादव भी जानते हैं कि जिस तरह संपत्तियों को अर्जित किया गया है, उसे सार्वजनिक रूप से या किसी जांच एजेंसी के सामने सही करार करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
6. लालू यादव को मालूम है कि संपत्ति के खेल में अगर उनके बेटे फंसे तब नीतीश से रहम की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री के पास एक मात्र जमा पूंजी उनकी अपनी छवि है और वो तेजप्रताप और तेजस्वी को बचने के चक्कर में उससे गंवाने की गलती नहीं करेंगे.
7. लालू यादव यह भी जानते हैं कि भले सुप्रीम कोर्ट की दी गई 9 महीने के समयावधि में सभी मामलों में सुनवाई पूरी न हो पाए लेकिन अब ये मामले ज्यादा दिन तक नहीं खींचेंगे और वर्तमान में सीबीआई के आलाधिकारियों का प्रयास होगा कि जल्द से जल्द सब मामले में फैसला आ जाये.
8. फ़िलहाल लालू यादव की जमानत भले ही रद्द न हो लेकिन अगली बार जेल जाने पर शायद सजा का 50 फीसदी समय वो जेल में न गुजारे पर जमानत की उम्मीद करना बेकार है.टिप्पणियां
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
4. चारा घोटाले के मामले में दोषी, सजा या जेल जाने पर नीतीश कुमार और कांग्रेस पार्टी से उनके संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा क्योंकि दोनों ने दोस्ती और राजैनतिक गठबंधन चारा घोटाले में एक मामले में दोषी पाए जाने के बाबजूद किया था.
5. लालू यादव की असल मुश्किल चारा घोटाले से ज्यादा बीजेपी नेता सुशिल मोदी हैं जो हर दूसरे दिन उनके संपत्ति के नए नए खुलासे को लेकर हैं. क्योंकि लालू यादव भी जानते हैं कि जिस तरह संपत्तियों को अर्जित किया गया है, उसे सार्वजनिक रूप से या किसी जांच एजेंसी के सामने सही करार करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
6. लालू यादव को मालूम है कि संपत्ति के खेल में अगर उनके बेटे फंसे तब नीतीश से रहम की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री के पास एक मात्र जमा पूंजी उनकी अपनी छवि है और वो तेजप्रताप और तेजस्वी को बचने के चक्कर में उससे गंवाने की गलती नहीं करेंगे.
7. लालू यादव यह भी जानते हैं कि भले सुप्रीम कोर्ट की दी गई 9 महीने के समयावधि में सभी मामलों में सुनवाई पूरी न हो पाए लेकिन अब ये मामले ज्यादा दिन तक नहीं खींचेंगे और वर्तमान में सीबीआई के आलाधिकारियों का प्रयास होगा कि जल्द से जल्द सब मामले में फैसला आ जाये.
8. फ़िलहाल लालू यादव की जमानत भले ही रद्द न हो लेकिन अगली बार जेल जाने पर शायद सजा का 50 फीसदी समय वो जेल में न गुजारे पर जमानत की उम्मीद करना बेकार है.टिप्पणियां
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
5. लालू यादव की असल मुश्किल चारा घोटाले से ज्यादा बीजेपी नेता सुशिल मोदी हैं जो हर दूसरे दिन उनके संपत्ति के नए नए खुलासे को लेकर हैं. क्योंकि लालू यादव भी जानते हैं कि जिस तरह संपत्तियों को अर्जित किया गया है, उसे सार्वजनिक रूप से या किसी जांच एजेंसी के सामने सही करार करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
6. लालू यादव को मालूम है कि संपत्ति के खेल में अगर उनके बेटे फंसे तब नीतीश से रहम की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री के पास एक मात्र जमा पूंजी उनकी अपनी छवि है और वो तेजप्रताप और तेजस्वी को बचने के चक्कर में उससे गंवाने की गलती नहीं करेंगे.
7. लालू यादव यह भी जानते हैं कि भले सुप्रीम कोर्ट की दी गई 9 महीने के समयावधि में सभी मामलों में सुनवाई पूरी न हो पाए लेकिन अब ये मामले ज्यादा दिन तक नहीं खींचेंगे और वर्तमान में सीबीआई के आलाधिकारियों का प्रयास होगा कि जल्द से जल्द सब मामले में फैसला आ जाये.
8. फ़िलहाल लालू यादव की जमानत भले ही रद्द न हो लेकिन अगली बार जेल जाने पर शायद सजा का 50 फीसदी समय वो जेल में न गुजारे पर जमानत की उम्मीद करना बेकार है.टिप्पणियां
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
6. लालू यादव को मालूम है कि संपत्ति के खेल में अगर उनके बेटे फंसे तब नीतीश से रहम की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री के पास एक मात्र जमा पूंजी उनकी अपनी छवि है और वो तेजप्रताप और तेजस्वी को बचने के चक्कर में उससे गंवाने की गलती नहीं करेंगे.
7. लालू यादव यह भी जानते हैं कि भले सुप्रीम कोर्ट की दी गई 9 महीने के समयावधि में सभी मामलों में सुनवाई पूरी न हो पाए लेकिन अब ये मामले ज्यादा दिन तक नहीं खींचेंगे और वर्तमान में सीबीआई के आलाधिकारियों का प्रयास होगा कि जल्द से जल्द सब मामले में फैसला आ जाये.
8. फ़िलहाल लालू यादव की जमानत भले ही रद्द न हो लेकिन अगली बार जेल जाने पर शायद सजा का 50 फीसदी समय वो जेल में न गुजारे पर जमानत की उम्मीद करना बेकार है.टिप्पणियां
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
7. लालू यादव यह भी जानते हैं कि भले सुप्रीम कोर्ट की दी गई 9 महीने के समयावधि में सभी मामलों में सुनवाई पूरी न हो पाए लेकिन अब ये मामले ज्यादा दिन तक नहीं खींचेंगे और वर्तमान में सीबीआई के आलाधिकारियों का प्रयास होगा कि जल्द से जल्द सब मामले में फैसला आ जाये.
8. फ़िलहाल लालू यादव की जमानत भले ही रद्द न हो लेकिन अगली बार जेल जाने पर शायद सजा का 50 फीसदी समय वो जेल में न गुजारे पर जमानत की उम्मीद करना बेकार है.टिप्पणियां
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
8. फ़िलहाल लालू यादव की जमानत भले ही रद्द न हो लेकिन अगली बार जेल जाने पर शायद सजा का 50 फीसदी समय वो जेल में न गुजारे पर जमानत की उम्मीद करना बेकार है.टिप्पणियां
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
9. लालू यादव का प्रयास होगा कि संपत्ति कि बारे में बीजेपी द्वारा हो रहे खुलासे पर केंद्र की जांच से पहले सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाए. उन्हें मालूम है कि अधिकांश जानकारियों को तेजप्रताप और तेजस्वी यादव ने अपने शपथ पत्र में न देकर सरकार और खासकर नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ाई हैं.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे.
10. चारा घोटाले की जो जांच लालू यादव की राजनीति और निजी जीवन को पिछले 21 वर्षों से प्रभावित कर रही है और जिसके कारण उन्हें आधे दर्जन से अधिक बार जेल जाना पड़ा फ़िलहाल उससे उनका पीछा खत्म नहीं हुआ और आने वाले कई वर्षों तक इस चक्कर में उन्हें कोर्ट और जेल के चक्कर काटने होंगे. | संक्षिप्त पाठ: लालू यादव और अन्य अभियुक्तों को राहत मिलने की संभावना न के बराबर
हर बार दोषी करार दिए जाने पर जेल जाना पड़ेगा
सर्वोच्च न्यायलय के झटके के बाद लालू को जेल जाना पड़ सकता है | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका में कराए गए एक सर्वे के अनुसार कार्यालयों में कर्मचारियों के साथ डांटने-हड़काने की प्रवृत्ति बढ़ रही है और समस्या ज्यादातर बड़े अधिकारियों की ओर से है। ऐसे माहौल में काम करने वाले कर्मचारियों को बीमारी पकड़ रही है या वे पीड़ित मन:स्थिति में काम छोड़कर जा रहे हैं।
मानव संसाधन कंपनी कैरियर बिल्डर की ओर से अनुसंधान कंपनी हैरिस इंटरैक्टिव द्वारा किए गए इस सर्वे में एक तिहाई से अधिक (35 प्रतिशत) कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें पिछले साल अपने कार्यालय में अपमान का अनुभव हुआ। इससे पिछले साल इसी तरह के सर्वे में 27 प्रतिशत कर्मचारियों ने इस तरह के अपमान के अनुभव की बात कही थी। ऑनलाइन सर्वे में पूरे अमेरिका के 3,900 कर्मचारियों से संपर्क किया गया है।
सर्वे के अनुसार 16 प्रतिशत कर्मचारियों कहा कि धमकी खाने के बाद उनको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। 17 प्रतिशत कर्मचारियों ने ऐसी नौकरी से तौबा करने का फैसला कर लिया। धमकी खाने वाले कर्मचारियों में 48 प्रतिशत को उनके बॉस (वरिष्ठ अधिकारियों) से धमकी मिली, जबकि 45 प्रतिशत ने कहा कि उनके सहयोगियों से उन्हें अपमान झेलना पड़ा। इनमें से कुछ कर्मचारी ऐसे भी रहे, जिन्हें ग्राहकों ने हड़काया। 54 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें हड़काने वाले उनसे अधिक उम्र के थे। टिप्पणियां
सर्वे के अनुसार ऐसे ज्यादतर कर्मचारियों की शिकायत थी कि उन्हें वहां गलत साबित करने का प्रयास किया गया, जहां उनकी गलती नहीं थी। कुछ ने कहा कि उनकी लगातार आलोचना की गई और बॉस ने सबके सामने डांट लगा दी।
51 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने धौंस-पट्टी का खुद सीधे जवाब नहीं दिया, जिन्होंने खुद जवाब दिया उनमें से करीब आधे लोगों ने कहा कि विरोध करने पर उनको हड़काने का काम बंद हो गया। 11 प्रतिशत के लिए हालत और बुरे हो गए। 38 प्रतिशत ने कहा कि हालात वैसे ही रहे। 27 प्रतिशत ने कहा, उन्होंने एचआर विभाग से शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मानव संसाधन कंपनी कैरियर बिल्डर की ओर से अनुसंधान कंपनी हैरिस इंटरैक्टिव द्वारा किए गए इस सर्वे में एक तिहाई से अधिक (35 प्रतिशत) कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें पिछले साल अपने कार्यालय में अपमान का अनुभव हुआ। इससे पिछले साल इसी तरह के सर्वे में 27 प्रतिशत कर्मचारियों ने इस तरह के अपमान के अनुभव की बात कही थी। ऑनलाइन सर्वे में पूरे अमेरिका के 3,900 कर्मचारियों से संपर्क किया गया है।
सर्वे के अनुसार 16 प्रतिशत कर्मचारियों कहा कि धमकी खाने के बाद उनको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। 17 प्रतिशत कर्मचारियों ने ऐसी नौकरी से तौबा करने का फैसला कर लिया। धमकी खाने वाले कर्मचारियों में 48 प्रतिशत को उनके बॉस (वरिष्ठ अधिकारियों) से धमकी मिली, जबकि 45 प्रतिशत ने कहा कि उनके सहयोगियों से उन्हें अपमान झेलना पड़ा। इनमें से कुछ कर्मचारी ऐसे भी रहे, जिन्हें ग्राहकों ने हड़काया। 54 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें हड़काने वाले उनसे अधिक उम्र के थे। टिप्पणियां
सर्वे के अनुसार ऐसे ज्यादतर कर्मचारियों की शिकायत थी कि उन्हें वहां गलत साबित करने का प्रयास किया गया, जहां उनकी गलती नहीं थी। कुछ ने कहा कि उनकी लगातार आलोचना की गई और बॉस ने सबके सामने डांट लगा दी।
51 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने धौंस-पट्टी का खुद सीधे जवाब नहीं दिया, जिन्होंने खुद जवाब दिया उनमें से करीब आधे लोगों ने कहा कि विरोध करने पर उनको हड़काने का काम बंद हो गया। 11 प्रतिशत के लिए हालत और बुरे हो गए। 38 प्रतिशत ने कहा कि हालात वैसे ही रहे। 27 प्रतिशत ने कहा, उन्होंने एचआर विभाग से शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सर्वे के अनुसार 16 प्रतिशत कर्मचारियों कहा कि धमकी खाने के बाद उनको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। 17 प्रतिशत कर्मचारियों ने ऐसी नौकरी से तौबा करने का फैसला कर लिया। धमकी खाने वाले कर्मचारियों में 48 प्रतिशत को उनके बॉस (वरिष्ठ अधिकारियों) से धमकी मिली, जबकि 45 प्रतिशत ने कहा कि उनके सहयोगियों से उन्हें अपमान झेलना पड़ा। इनमें से कुछ कर्मचारी ऐसे भी रहे, जिन्हें ग्राहकों ने हड़काया। 54 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें हड़काने वाले उनसे अधिक उम्र के थे। टिप्पणियां
सर्वे के अनुसार ऐसे ज्यादतर कर्मचारियों की शिकायत थी कि उन्हें वहां गलत साबित करने का प्रयास किया गया, जहां उनकी गलती नहीं थी। कुछ ने कहा कि उनकी लगातार आलोचना की गई और बॉस ने सबके सामने डांट लगा दी।
51 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने धौंस-पट्टी का खुद सीधे जवाब नहीं दिया, जिन्होंने खुद जवाब दिया उनमें से करीब आधे लोगों ने कहा कि विरोध करने पर उनको हड़काने का काम बंद हो गया। 11 प्रतिशत के लिए हालत और बुरे हो गए। 38 प्रतिशत ने कहा कि हालात वैसे ही रहे। 27 प्रतिशत ने कहा, उन्होंने एचआर विभाग से शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सर्वे के अनुसार ऐसे ज्यादतर कर्मचारियों की शिकायत थी कि उन्हें वहां गलत साबित करने का प्रयास किया गया, जहां उनकी गलती नहीं थी। कुछ ने कहा कि उनकी लगातार आलोचना की गई और बॉस ने सबके सामने डांट लगा दी।
51 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने धौंस-पट्टी का खुद सीधे जवाब नहीं दिया, जिन्होंने खुद जवाब दिया उनमें से करीब आधे लोगों ने कहा कि विरोध करने पर उनको हड़काने का काम बंद हो गया। 11 प्रतिशत के लिए हालत और बुरे हो गए। 38 प्रतिशत ने कहा कि हालात वैसे ही रहे। 27 प्रतिशत ने कहा, उन्होंने एचआर विभाग से शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
51 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने धौंस-पट्टी का खुद सीधे जवाब नहीं दिया, जिन्होंने खुद जवाब दिया उनमें से करीब आधे लोगों ने कहा कि विरोध करने पर उनको हड़काने का काम बंद हो गया। 11 प्रतिशत के लिए हालत और बुरे हो गए। 38 प्रतिशत ने कहा कि हालात वैसे ही रहे। 27 प्रतिशत ने कहा, उन्होंने एचआर विभाग से शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सर्वे के अनुसार 16 प्रतिशत कर्मचारियों कहा कि धमकी खाने के बाद उनको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। 17 प्रतिशत कर्मचारियों ने ऐसी नौकरी से तौबा करने का फैसला कर लिया। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह की जन्मतिथि के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले रक्षा मंत्रालय ने सेना की संबद्ध शाखा (एड्ज्यूटेंट जनरल्स) से कहा है कि वह सिंह का जन्म वर्ष 1950 दर्शाए। एजी की शाखा को इस आश्य का पत्र पिछले हफ्ते भेजा गया, जिसमें कहा गया है कि जनरल सिंह की जन्मतिथि 10 मई, 1950 दर्शाई जाए।
सेना का रिकॉर्ड रखने वाली शाखा ने सिंह की जन्मतिथि 10 मई, 1951 दर्शाई है, जबकि सैन्य सचिव की शाखा के रिकॉर्ड में यह 10 मई, 1950 दर्ज है। यह कदम दोनों तिथियों को समान दर्शाने तथा सिंह के प्रति सरकार के कड़े रुख को दर्शाता है, जो मामले को शीर्ष न्यायालय में ले गए हैं। मामले की सुनवाई 3 फरवरी को होनी है।
सेनाध्यक्ष के दावे को ठुकराते हुए रक्षा मंत्रालय ने 21 जुलाई के अपने पहले आदेश में एजी की शाखा से कहा था कि वह जनरल सिंह का जन्मवर्ष 1950 दर्ज करे। रक्षा मंत्रालय ने 21 जुलाई के अपने फैसले में एड्ज्यूटेंट जनरल (मानवश्रम एवं नियोजन) के 25 फरवरी के उस आदेश को ‘निष्प्रभावी एवं अवैध’ घोषित किया, जिसमें 10 मई, 1950 के बजाय संशोधन कर सिंह की जन्मतिथि को 10 मई, 1951 करने का निर्देश दिया गया था। टिप्पणियां
मंत्रालय द्वारा आदेश जारी होने के तुरंत बाद सेनाध्यक्ष ने यह कहते हुए रक्षामंत्री एके एंटनी से वैधानिक शिकायत की कि उनकी जन्मतिथि 10 मई 1951 मानी जाए। सेना मुख्यालय ने बाद में खुले तौर पर इस फैसले पर यह कहते हुए सवाल उठाया कि हाईस्कूल के प्रमाण पत्र में उल्लिखित तिथि की अनदेखी नहीं की जा सकती।
उसने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने एमएस शाखा द्वारा उसे दी गई जानकारी के आधार पर मुद्दे पर यह फैसला किया, जबकि इस शाखा के क्षेत्राधिकार में ऐसे मुद्दे नहीं आते। रक्षा मंत्रालय से 30 दिसम्बर को शिकायत खारिज होने के बाद जनरल सिंह ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 1950 को यदि उनके जन्म का वर्ष माना जाता है, तो जनरल सिंह को इस साल 31 मई को पद छोड़ना होगा, जबकि 10 मई, 1951 माने जाने पर वह 10 माह और पद पर रह सकेंगे।
सेना का रिकॉर्ड रखने वाली शाखा ने सिंह की जन्मतिथि 10 मई, 1951 दर्शाई है, जबकि सैन्य सचिव की शाखा के रिकॉर्ड में यह 10 मई, 1950 दर्ज है। यह कदम दोनों तिथियों को समान दर्शाने तथा सिंह के प्रति सरकार के कड़े रुख को दर्शाता है, जो मामले को शीर्ष न्यायालय में ले गए हैं। मामले की सुनवाई 3 फरवरी को होनी है।
सेनाध्यक्ष के दावे को ठुकराते हुए रक्षा मंत्रालय ने 21 जुलाई के अपने पहले आदेश में एजी की शाखा से कहा था कि वह जनरल सिंह का जन्मवर्ष 1950 दर्ज करे। रक्षा मंत्रालय ने 21 जुलाई के अपने फैसले में एड्ज्यूटेंट जनरल (मानवश्रम एवं नियोजन) के 25 फरवरी के उस आदेश को ‘निष्प्रभावी एवं अवैध’ घोषित किया, जिसमें 10 मई, 1950 के बजाय संशोधन कर सिंह की जन्मतिथि को 10 मई, 1951 करने का निर्देश दिया गया था। टिप्पणियां
मंत्रालय द्वारा आदेश जारी होने के तुरंत बाद सेनाध्यक्ष ने यह कहते हुए रक्षामंत्री एके एंटनी से वैधानिक शिकायत की कि उनकी जन्मतिथि 10 मई 1951 मानी जाए। सेना मुख्यालय ने बाद में खुले तौर पर इस फैसले पर यह कहते हुए सवाल उठाया कि हाईस्कूल के प्रमाण पत्र में उल्लिखित तिथि की अनदेखी नहीं की जा सकती।
उसने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने एमएस शाखा द्वारा उसे दी गई जानकारी के आधार पर मुद्दे पर यह फैसला किया, जबकि इस शाखा के क्षेत्राधिकार में ऐसे मुद्दे नहीं आते। रक्षा मंत्रालय से 30 दिसम्बर को शिकायत खारिज होने के बाद जनरल सिंह ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 1950 को यदि उनके जन्म का वर्ष माना जाता है, तो जनरल सिंह को इस साल 31 मई को पद छोड़ना होगा, जबकि 10 मई, 1951 माने जाने पर वह 10 माह और पद पर रह सकेंगे।
सेनाध्यक्ष के दावे को ठुकराते हुए रक्षा मंत्रालय ने 21 जुलाई के अपने पहले आदेश में एजी की शाखा से कहा था कि वह जनरल सिंह का जन्मवर्ष 1950 दर्ज करे। रक्षा मंत्रालय ने 21 जुलाई के अपने फैसले में एड्ज्यूटेंट जनरल (मानवश्रम एवं नियोजन) के 25 फरवरी के उस आदेश को ‘निष्प्रभावी एवं अवैध’ घोषित किया, जिसमें 10 मई, 1950 के बजाय संशोधन कर सिंह की जन्मतिथि को 10 मई, 1951 करने का निर्देश दिया गया था। टिप्पणियां
मंत्रालय द्वारा आदेश जारी होने के तुरंत बाद सेनाध्यक्ष ने यह कहते हुए रक्षामंत्री एके एंटनी से वैधानिक शिकायत की कि उनकी जन्मतिथि 10 मई 1951 मानी जाए। सेना मुख्यालय ने बाद में खुले तौर पर इस फैसले पर यह कहते हुए सवाल उठाया कि हाईस्कूल के प्रमाण पत्र में उल्लिखित तिथि की अनदेखी नहीं की जा सकती।
उसने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने एमएस शाखा द्वारा उसे दी गई जानकारी के आधार पर मुद्दे पर यह फैसला किया, जबकि इस शाखा के क्षेत्राधिकार में ऐसे मुद्दे नहीं आते। रक्षा मंत्रालय से 30 दिसम्बर को शिकायत खारिज होने के बाद जनरल सिंह ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 1950 को यदि उनके जन्म का वर्ष माना जाता है, तो जनरल सिंह को इस साल 31 मई को पद छोड़ना होगा, जबकि 10 मई, 1951 माने जाने पर वह 10 माह और पद पर रह सकेंगे।
मंत्रालय द्वारा आदेश जारी होने के तुरंत बाद सेनाध्यक्ष ने यह कहते हुए रक्षामंत्री एके एंटनी से वैधानिक शिकायत की कि उनकी जन्मतिथि 10 मई 1951 मानी जाए। सेना मुख्यालय ने बाद में खुले तौर पर इस फैसले पर यह कहते हुए सवाल उठाया कि हाईस्कूल के प्रमाण पत्र में उल्लिखित तिथि की अनदेखी नहीं की जा सकती।
उसने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने एमएस शाखा द्वारा उसे दी गई जानकारी के आधार पर मुद्दे पर यह फैसला किया, जबकि इस शाखा के क्षेत्राधिकार में ऐसे मुद्दे नहीं आते। रक्षा मंत्रालय से 30 दिसम्बर को शिकायत खारिज होने के बाद जनरल सिंह ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 1950 को यदि उनके जन्म का वर्ष माना जाता है, तो जनरल सिंह को इस साल 31 मई को पद छोड़ना होगा, जबकि 10 मई, 1951 माने जाने पर वह 10 माह और पद पर रह सकेंगे।
उसने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने एमएस शाखा द्वारा उसे दी गई जानकारी के आधार पर मुद्दे पर यह फैसला किया, जबकि इस शाखा के क्षेत्राधिकार में ऐसे मुद्दे नहीं आते। रक्षा मंत्रालय से 30 दिसम्बर को शिकायत खारिज होने के बाद जनरल सिंह ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 1950 को यदि उनके जन्म का वर्ष माना जाता है, तो जनरल सिंह को इस साल 31 मई को पद छोड़ना होगा, जबकि 10 मई, 1951 माने जाने पर वह 10 माह और पद पर रह सकेंगे। | संक्षिप्त पाठ: सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह की जन्मतिथि पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले रक्षा मंत्रालय ने सेना की संबद्ध शाखा से कहा है कि वह सिंह का जन्म वर्ष 1950 दर्शाए। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मारुति सुजुकी ने मंगलवार को कहा कि सुजुकी पावरटेन के विलय के बाद उसकी मूल जापानी कंपनी सुजुकी मोटर कापरेरेशन की भारत की इस सबसे बड़ी कार कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 56.2 फीसद हो जाएगी।
कंपनी ने एक बयान में कहा ‘‘मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के निदेशक मंडल ने आज सुजुकी पावरटेन इंडिया लिमिटेड (एसपीआईएल) का एमएसआई के साथ विलय करने की मंजूरी दी।’’ एसपीआईएल सुजुकी मोटर कापरेरेशन (एसएमसी) की सहयोगी कंपनी है जो एमएसआई को डीजल ईंजन और पारेषण उपकरणों की आपूर्ति करती है।
बयान में कहा गया कि एसएमसी की एसपीआईएल में 70 फीसद हिस्सेदारी है जबकि शेष हिस्सेदारी एमएसआई के पास है। एमएसआई ने कहा ‘‘विलय के बाद सुजुकी मोटर कापरेरेशन की मारुति सजुकी इंडिया में हिस्सेदारी 54.2 फीसद से बढ़कर 56.2 फीसद हो जाएगी .. मारुति सुजुकी ने एसएमसी को 1.31 करोड़ नए शेयर जारी करने की पेशकश की है।’’ भारतीय कार बाजार की प्रमुख कंपनी ने कहा कि एमएसआई से कोई ताजा नकदी प्रवाह नहीं होगा क्योंकि विलय शेयर अदला-बदली समझौते के जरिए किए जाने का प्रस्ताव है।टिप्पणियां
माना जाता है कि शेयर अदला-बदली 1:70 के अनुपात में होगी जिसका मतलब होगा कि एसपीआईएल के 10 रुपए के अंकित मूल्य वाले 70 शेयर के बदले एमएसआई के पांच रुपए के अंकित मूल्य वाले एक शेयर दिए जाएंगे।
कंपनी ने कहा ‘‘उम्मीद है कि विलय संबंधी नियामक मंजूरी ओर कानूनी अनिवार्यता दिसंबर 2012 तक पूरी हो जाएगी। विलय को मंजूरी मिलने के बाद एसपीआईएल के खातों का विलय एमएसआई के साथ किया जाएगा जो एक अप्रैल 2012 से प्रभावी होगा।’’
कंपनी ने एक बयान में कहा ‘‘मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के निदेशक मंडल ने आज सुजुकी पावरटेन इंडिया लिमिटेड (एसपीआईएल) का एमएसआई के साथ विलय करने की मंजूरी दी।’’ एसपीआईएल सुजुकी मोटर कापरेरेशन (एसएमसी) की सहयोगी कंपनी है जो एमएसआई को डीजल ईंजन और पारेषण उपकरणों की आपूर्ति करती है।
बयान में कहा गया कि एसएमसी की एसपीआईएल में 70 फीसद हिस्सेदारी है जबकि शेष हिस्सेदारी एमएसआई के पास है। एमएसआई ने कहा ‘‘विलय के बाद सुजुकी मोटर कापरेरेशन की मारुति सजुकी इंडिया में हिस्सेदारी 54.2 फीसद से बढ़कर 56.2 फीसद हो जाएगी .. मारुति सुजुकी ने एसएमसी को 1.31 करोड़ नए शेयर जारी करने की पेशकश की है।’’ भारतीय कार बाजार की प्रमुख कंपनी ने कहा कि एमएसआई से कोई ताजा नकदी प्रवाह नहीं होगा क्योंकि विलय शेयर अदला-बदली समझौते के जरिए किए जाने का प्रस्ताव है।टिप्पणियां
माना जाता है कि शेयर अदला-बदली 1:70 के अनुपात में होगी जिसका मतलब होगा कि एसपीआईएल के 10 रुपए के अंकित मूल्य वाले 70 शेयर के बदले एमएसआई के पांच रुपए के अंकित मूल्य वाले एक शेयर दिए जाएंगे।
कंपनी ने कहा ‘‘उम्मीद है कि विलय संबंधी नियामक मंजूरी ओर कानूनी अनिवार्यता दिसंबर 2012 तक पूरी हो जाएगी। विलय को मंजूरी मिलने के बाद एसपीआईएल के खातों का विलय एमएसआई के साथ किया जाएगा जो एक अप्रैल 2012 से प्रभावी होगा।’’
बयान में कहा गया कि एसएमसी की एसपीआईएल में 70 फीसद हिस्सेदारी है जबकि शेष हिस्सेदारी एमएसआई के पास है। एमएसआई ने कहा ‘‘विलय के बाद सुजुकी मोटर कापरेरेशन की मारुति सजुकी इंडिया में हिस्सेदारी 54.2 फीसद से बढ़कर 56.2 फीसद हो जाएगी .. मारुति सुजुकी ने एसएमसी को 1.31 करोड़ नए शेयर जारी करने की पेशकश की है।’’ भारतीय कार बाजार की प्रमुख कंपनी ने कहा कि एमएसआई से कोई ताजा नकदी प्रवाह नहीं होगा क्योंकि विलय शेयर अदला-बदली समझौते के जरिए किए जाने का प्रस्ताव है।टिप्पणियां
माना जाता है कि शेयर अदला-बदली 1:70 के अनुपात में होगी जिसका मतलब होगा कि एसपीआईएल के 10 रुपए के अंकित मूल्य वाले 70 शेयर के बदले एमएसआई के पांच रुपए के अंकित मूल्य वाले एक शेयर दिए जाएंगे।
कंपनी ने कहा ‘‘उम्मीद है कि विलय संबंधी नियामक मंजूरी ओर कानूनी अनिवार्यता दिसंबर 2012 तक पूरी हो जाएगी। विलय को मंजूरी मिलने के बाद एसपीआईएल के खातों का विलय एमएसआई के साथ किया जाएगा जो एक अप्रैल 2012 से प्रभावी होगा।’’
माना जाता है कि शेयर अदला-बदली 1:70 के अनुपात में होगी जिसका मतलब होगा कि एसपीआईएल के 10 रुपए के अंकित मूल्य वाले 70 शेयर के बदले एमएसआई के पांच रुपए के अंकित मूल्य वाले एक शेयर दिए जाएंगे।
कंपनी ने कहा ‘‘उम्मीद है कि विलय संबंधी नियामक मंजूरी ओर कानूनी अनिवार्यता दिसंबर 2012 तक पूरी हो जाएगी। विलय को मंजूरी मिलने के बाद एसपीआईएल के खातों का विलय एमएसआई के साथ किया जाएगा जो एक अप्रैल 2012 से प्रभावी होगा।’’
कंपनी ने कहा ‘‘उम्मीद है कि विलय संबंधी नियामक मंजूरी ओर कानूनी अनिवार्यता दिसंबर 2012 तक पूरी हो जाएगी। विलय को मंजूरी मिलने के बाद एसपीआईएल के खातों का विलय एमएसआई के साथ किया जाएगा जो एक अप्रैल 2012 से प्रभावी होगा।’’ | मारुति सुजुकी ने कहा कि सुजुकी पावरटेन के विलय के बाद उसकी मूल जापानी कंपनी सुजुकी मोटर कापरेरेशन की भारत की इस सबसे बड़ी कार कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 56.2 फीसद हो जाएगी। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शोएब मलिक अपनी राष्ट्रीय टीम और इंडियन प्रीमियर लीग में नहीं खेल पाने के कारण इन दिनों दिल्ली के एक स्थानीय टूर्नामेंट में अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखा रहे हैं। मलिक इन दिनों अपनी पत्नी सानिया मिर्जा के साथ भारत के दौरे पर आए हैं और इस बीच उन्हें जब क्रिकेट में हाथ आजमाने का मौका मिला तो वह चौकों और छक्कों की बरसात करने से नहीं चूके। मलिक ने यहां गुरु गोविंद सिंह कालेज पीतमपुरा में टर्फ दिन रात्रि क्रिकेट टूर्नामेंट में 22 अप्रैल को खेले गए मैच में हिस्सा लिया। इस मैच में उन्होंने टर्फ अकादमी की तरफ से खेलते हुए फ्रैंड्स यूनाइटेड क्लब के खिलाफ केवल 57 गेंद पर नाबाद 123 रन की पारी खेली जिसमें दस छक्के और छह चौके शामिल हैं। उनकी इस पारी से उनकी टीम ने यह मैच 19 रन से जीता। टूर्नामेंट के आयोजक सचिन खुराना ने बताया कि मलिक आगे भी कुछ मैचों में खेल सकते हैं। उन्होंने कहा, वह मेरे करीबी मित्र हैं और मेरे आग्रह पर टूर्नामेंट में खेलने के लिये तैयार हुए। यह मैच खेलने के बाद वह हैदराबाद चले गए। वहां से लौटने के बाद उनके कुछ और मैचों में खेलने की संभावना है। | संक्षिप्त पाठ: मलिक इन दिनों अपनी पत्नी सानिया मिर्जा के साथ भारत के दौरे पर आए हैं। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. देश के सबसे बड़े बैंक ने पहली तिमाही में अपने मुनाफे में 20 फीसदी गिरावट दर्ज की है.
पढ़ें- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) खाताधारक आधार संख्या जोड़ें, चार आसान तरीके
यदि सब्सिडियरीज़ का प्रॉफिट हटा दिया जाए तो बैंक का नेट प्रॉफिट (जून 30 को समाप्त हुई तिमाही में) 20.06 अरब रुपये रह जाएगा. जबकि, पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में यह 25.21 अरब रुपये था.
पढ़ें- एसबीआई ने घटायी बचत खातों में ब्याज की दर, 4 फीसदी से घटकर हुई 3.5%
नेट इंट्रेस्ट इनकम में गिरावट और बैड लोन में बढ़ोतरी के बीच यह गिरावट दर्ज की गई है. पांच बैंकों में विलय के बाद एसबीआई के यह पहली तिमाही नतीजे हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, बैंक की नेट इंट्रेस्ट इनकम में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. यह गिरकर 176.06 अरब रहा.
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय स्टेट बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 3,105.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 867.32 करोड़ रुपये रहा था.
वीडियो- एसबीआई की नई स्कीम, मोबाइल वॉलेट की मदद से निकाल सकेंगे पैसाटिप्पणियां
इस तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय बढ़कर 70,776.56 करोड़ रुपये पर, जो एक साल पहले समान तिमाही में 69,414.82 करोड़ रुपये रही थी.
इनपुट : भाषा
पढ़ें- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) खाताधारक आधार संख्या जोड़ें, चार आसान तरीके
यदि सब्सिडियरीज़ का प्रॉफिट हटा दिया जाए तो बैंक का नेट प्रॉफिट (जून 30 को समाप्त हुई तिमाही में) 20.06 अरब रुपये रह जाएगा. जबकि, पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में यह 25.21 अरब रुपये था.
पढ़ें- एसबीआई ने घटायी बचत खातों में ब्याज की दर, 4 फीसदी से घटकर हुई 3.5%
नेट इंट्रेस्ट इनकम में गिरावट और बैड लोन में बढ़ोतरी के बीच यह गिरावट दर्ज की गई है. पांच बैंकों में विलय के बाद एसबीआई के यह पहली तिमाही नतीजे हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, बैंक की नेट इंट्रेस्ट इनकम में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. यह गिरकर 176.06 अरब रहा.
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय स्टेट बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 3,105.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 867.32 करोड़ रुपये रहा था.
वीडियो- एसबीआई की नई स्कीम, मोबाइल वॉलेट की मदद से निकाल सकेंगे पैसाटिप्पणियां
इस तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय बढ़कर 70,776.56 करोड़ रुपये पर, जो एक साल पहले समान तिमाही में 69,414.82 करोड़ रुपये रही थी.
इनपुट : भाषा
यदि सब्सिडियरीज़ का प्रॉफिट हटा दिया जाए तो बैंक का नेट प्रॉफिट (जून 30 को समाप्त हुई तिमाही में) 20.06 अरब रुपये रह जाएगा. जबकि, पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में यह 25.21 अरब रुपये था.
पढ़ें- एसबीआई ने घटायी बचत खातों में ब्याज की दर, 4 फीसदी से घटकर हुई 3.5%
नेट इंट्रेस्ट इनकम में गिरावट और बैड लोन में बढ़ोतरी के बीच यह गिरावट दर्ज की गई है. पांच बैंकों में विलय के बाद एसबीआई के यह पहली तिमाही नतीजे हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, बैंक की नेट इंट्रेस्ट इनकम में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. यह गिरकर 176.06 अरब रहा.
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय स्टेट बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 3,105.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 867.32 करोड़ रुपये रहा था.
वीडियो- एसबीआई की नई स्कीम, मोबाइल वॉलेट की मदद से निकाल सकेंगे पैसाटिप्पणियां
इस तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय बढ़कर 70,776.56 करोड़ रुपये पर, जो एक साल पहले समान तिमाही में 69,414.82 करोड़ रुपये रही थी.
इनपुट : भाषा
पढ़ें- एसबीआई ने घटायी बचत खातों में ब्याज की दर, 4 फीसदी से घटकर हुई 3.5%
नेट इंट्रेस्ट इनकम में गिरावट और बैड लोन में बढ़ोतरी के बीच यह गिरावट दर्ज की गई है. पांच बैंकों में विलय के बाद एसबीआई के यह पहली तिमाही नतीजे हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, बैंक की नेट इंट्रेस्ट इनकम में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. यह गिरकर 176.06 अरब रहा.
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय स्टेट बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 3,105.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 867.32 करोड़ रुपये रहा था.
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इस तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय बढ़कर 70,776.56 करोड़ रुपये पर, जो एक साल पहले समान तिमाही में 69,414.82 करोड़ रुपये रही थी.
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नेट इंट्रेस्ट इनकम में गिरावट और बैड लोन में बढ़ोतरी के बीच यह गिरावट दर्ज की गई है. पांच बैंकों में विलय के बाद एसबीआई के यह पहली तिमाही नतीजे हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, बैंक की नेट इंट्रेस्ट इनकम में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. यह गिरकर 176.06 अरब रहा.
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय स्टेट बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 3,105.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 867.32 करोड़ रुपये रहा था.
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इस तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय बढ़कर 70,776.56 करोड़ रुपये पर, जो एक साल पहले समान तिमाही में 69,414.82 करोड़ रुपये रही थी.
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चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय स्टेट बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 3,105.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 867.32 करोड़ रुपये रहा था.
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इस तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय बढ़कर 70,776.56 करोड़ रुपये पर, जो एक साल पहले समान तिमाही में 69,414.82 करोड़ रुपये रही थी.
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इस तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय बढ़कर 70,776.56 करोड़ रुपये पर, जो एक साल पहले समान तिमाही में 69,414.82 करोड़ रुपये रही थी.
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इस तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत कुल आय बढ़कर 70,776.56 करोड़ रुपये पर, जो एक साल पहले समान तिमाही में 69,414.82 करोड़ रुपये रही थी.
इनपुट : भाषा
इनपुट : भाषा | यह एक सारांश है: एसबीआई की नेट इंट्रेस्ट इनकम में 3.5 फीसदी की गिरावट
बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 3,105.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया
एकीकृत कुल आय बढ़कर 70,776.56 करोड़ रुपये हो गई | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जॉनसन चार्ल्स (97) और डारेन ब्रावो (55) के शानदार अर्धशतकों की बदौलत वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने रविवार को सबीना पार्क मैदान पर खेले गए सेल्कॉन मोबाइल कप त्रिकोणीय शृंखला मुकाबले में भारत को एक विकेट से हरा दिया। चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भारत को पहले ही मैच में हार मिली है जबकि वेस्टइंडीज की त्रिकोणीय शृंखला में यह लगातार दूसरी जीत है।
वेस्टइंडीज ने भारत द्वारा दिए गए 230 रनों के लक्ष्य को 47.4 ओवरों में नौ विकेट खोकर हासिल कर लिया। 100 गेंदों की आतिशी पारी में आठ चौके और चार छक्के लगाने वाले चार्ल्स को मैन ऑफ द मैच चुना गया। ब्रावो ने 78 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया।
डारेन सैमी ने भी 25 गेंदों पर दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 29 रन बनाए। भारत की ओर से उमेश यादव ने तीन सफलता हासिल की जबकि इशांत शर्मा और रविचंद्रन अश्विन को दो-दो विकेट मिले।
भारतीय टीम ने एक समय 26 रनों के कुल योग पर वेस्टइंडीज के तीन विकेट झटक लिए थे। श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाने वाले क्रिस गेल (11), ड्वेन स्मिथ (0) और मार्लन सैमुएल्स (1) पवेलियन लौटे चुके थे लेकिन इसके बाद चार्ल्स और ब्रावो ने चौथे विकेट के लिए 116 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी करते हुए भारत का काम खराब कर दिया।
भारत ने 142 रनों के कुल योग पर ब्रावो को चलता करने के बाद 155 के कुल योग पर कार्यकारी कप्तान कीरन पोलार्ड (4) और 161 के कुल योग पर दिनेश रामदीन (4) को आउट कर वापसी करने की कोशिश की, लेकिन उसकी राह में सैमी और चार्ल्स ने सातवें विकेट के लिए 31 गेंदों पर 36 रन जोड़कर रोड़े अटका दिए।
सैमी का विकेट 197 के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 211 के कुल योग पर चार्ल्स विदा हुए और 220 के कुल योग पर सुनील नरेन (5) आउट हुए। यहां भारत को जीत की उम्मीद एक बार फिर बंधी थी। जीत के लिए उसे सिर्फ एक विकेट चाहिए था, लेकिन केमर रोच (नाबाद 14) और टीनो बेस्ट (नाबाद तीन) ने उसे निराशा झेलने पर मजबूर किया।
इससे पहले, वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने का निमंत्रण दिया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 229 रन बनाए।
रोहित शर्मा ने 89 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 60 रन बनाए जबकि सुरेश रैना ने 44 और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 27 रनों का योगदान दिया।
रैना ने 55 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए जबकि कप्तान ने 35 गेंदों पर एक चौका लगाया। दिनेश कार्तिक ने भी 23 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से केमर रोच, डरेन सैमी और टीनो बेस्ट ने दो-दो विकेट लिए जबकि मार्लन सैमुएल्स को एक सफलता मिली।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
वेस्टइंडीज ने भारत द्वारा दिए गए 230 रनों के लक्ष्य को 47.4 ओवरों में नौ विकेट खोकर हासिल कर लिया। 100 गेंदों की आतिशी पारी में आठ चौके और चार छक्के लगाने वाले चार्ल्स को मैन ऑफ द मैच चुना गया। ब्रावो ने 78 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया।
डारेन सैमी ने भी 25 गेंदों पर दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 29 रन बनाए। भारत की ओर से उमेश यादव ने तीन सफलता हासिल की जबकि इशांत शर्मा और रविचंद्रन अश्विन को दो-दो विकेट मिले।
भारतीय टीम ने एक समय 26 रनों के कुल योग पर वेस्टइंडीज के तीन विकेट झटक लिए थे। श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाने वाले क्रिस गेल (11), ड्वेन स्मिथ (0) और मार्लन सैमुएल्स (1) पवेलियन लौटे चुके थे लेकिन इसके बाद चार्ल्स और ब्रावो ने चौथे विकेट के लिए 116 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी करते हुए भारत का काम खराब कर दिया।
भारत ने 142 रनों के कुल योग पर ब्रावो को चलता करने के बाद 155 के कुल योग पर कार्यकारी कप्तान कीरन पोलार्ड (4) और 161 के कुल योग पर दिनेश रामदीन (4) को आउट कर वापसी करने की कोशिश की, लेकिन उसकी राह में सैमी और चार्ल्स ने सातवें विकेट के लिए 31 गेंदों पर 36 रन जोड़कर रोड़े अटका दिए।
सैमी का विकेट 197 के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 211 के कुल योग पर चार्ल्स विदा हुए और 220 के कुल योग पर सुनील नरेन (5) आउट हुए। यहां भारत को जीत की उम्मीद एक बार फिर बंधी थी। जीत के लिए उसे सिर्फ एक विकेट चाहिए था, लेकिन केमर रोच (नाबाद 14) और टीनो बेस्ट (नाबाद तीन) ने उसे निराशा झेलने पर मजबूर किया।
इससे पहले, वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने का निमंत्रण दिया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 229 रन बनाए।
रोहित शर्मा ने 89 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 60 रन बनाए जबकि सुरेश रैना ने 44 और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 27 रनों का योगदान दिया।
रैना ने 55 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए जबकि कप्तान ने 35 गेंदों पर एक चौका लगाया। दिनेश कार्तिक ने भी 23 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से केमर रोच, डरेन सैमी और टीनो बेस्ट ने दो-दो विकेट लिए जबकि मार्लन सैमुएल्स को एक सफलता मिली।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
डारेन सैमी ने भी 25 गेंदों पर दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 29 रन बनाए। भारत की ओर से उमेश यादव ने तीन सफलता हासिल की जबकि इशांत शर्मा और रविचंद्रन अश्विन को दो-दो विकेट मिले।
भारतीय टीम ने एक समय 26 रनों के कुल योग पर वेस्टइंडीज के तीन विकेट झटक लिए थे। श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाने वाले क्रिस गेल (11), ड्वेन स्मिथ (0) और मार्लन सैमुएल्स (1) पवेलियन लौटे चुके थे लेकिन इसके बाद चार्ल्स और ब्रावो ने चौथे विकेट के लिए 116 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी करते हुए भारत का काम खराब कर दिया।
भारत ने 142 रनों के कुल योग पर ब्रावो को चलता करने के बाद 155 के कुल योग पर कार्यकारी कप्तान कीरन पोलार्ड (4) और 161 के कुल योग पर दिनेश रामदीन (4) को आउट कर वापसी करने की कोशिश की, लेकिन उसकी राह में सैमी और चार्ल्स ने सातवें विकेट के लिए 31 गेंदों पर 36 रन जोड़कर रोड़े अटका दिए।
सैमी का विकेट 197 के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 211 के कुल योग पर चार्ल्स विदा हुए और 220 के कुल योग पर सुनील नरेन (5) आउट हुए। यहां भारत को जीत की उम्मीद एक बार फिर बंधी थी। जीत के लिए उसे सिर्फ एक विकेट चाहिए था, लेकिन केमर रोच (नाबाद 14) और टीनो बेस्ट (नाबाद तीन) ने उसे निराशा झेलने पर मजबूर किया।
इससे पहले, वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने का निमंत्रण दिया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 229 रन बनाए।
रोहित शर्मा ने 89 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 60 रन बनाए जबकि सुरेश रैना ने 44 और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 27 रनों का योगदान दिया।
रैना ने 55 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए जबकि कप्तान ने 35 गेंदों पर एक चौका लगाया। दिनेश कार्तिक ने भी 23 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से केमर रोच, डरेन सैमी और टीनो बेस्ट ने दो-दो विकेट लिए जबकि मार्लन सैमुएल्स को एक सफलता मिली।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
भारतीय टीम ने एक समय 26 रनों के कुल योग पर वेस्टइंडीज के तीन विकेट झटक लिए थे। श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाने वाले क्रिस गेल (11), ड्वेन स्मिथ (0) और मार्लन सैमुएल्स (1) पवेलियन लौटे चुके थे लेकिन इसके बाद चार्ल्स और ब्रावो ने चौथे विकेट के लिए 116 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी करते हुए भारत का काम खराब कर दिया।
भारत ने 142 रनों के कुल योग पर ब्रावो को चलता करने के बाद 155 के कुल योग पर कार्यकारी कप्तान कीरन पोलार्ड (4) और 161 के कुल योग पर दिनेश रामदीन (4) को आउट कर वापसी करने की कोशिश की, लेकिन उसकी राह में सैमी और चार्ल्स ने सातवें विकेट के लिए 31 गेंदों पर 36 रन जोड़कर रोड़े अटका दिए।
सैमी का विकेट 197 के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 211 के कुल योग पर चार्ल्स विदा हुए और 220 के कुल योग पर सुनील नरेन (5) आउट हुए। यहां भारत को जीत की उम्मीद एक बार फिर बंधी थी। जीत के लिए उसे सिर्फ एक विकेट चाहिए था, लेकिन केमर रोच (नाबाद 14) और टीनो बेस्ट (नाबाद तीन) ने उसे निराशा झेलने पर मजबूर किया।
इससे पहले, वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने का निमंत्रण दिया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 229 रन बनाए।
रोहित शर्मा ने 89 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 60 रन बनाए जबकि सुरेश रैना ने 44 और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 27 रनों का योगदान दिया।
रैना ने 55 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए जबकि कप्तान ने 35 गेंदों पर एक चौका लगाया। दिनेश कार्तिक ने भी 23 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से केमर रोच, डरेन सैमी और टीनो बेस्ट ने दो-दो विकेट लिए जबकि मार्लन सैमुएल्स को एक सफलता मिली।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
भारत ने 142 रनों के कुल योग पर ब्रावो को चलता करने के बाद 155 के कुल योग पर कार्यकारी कप्तान कीरन पोलार्ड (4) और 161 के कुल योग पर दिनेश रामदीन (4) को आउट कर वापसी करने की कोशिश की, लेकिन उसकी राह में सैमी और चार्ल्स ने सातवें विकेट के लिए 31 गेंदों पर 36 रन जोड़कर रोड़े अटका दिए।
सैमी का विकेट 197 के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 211 के कुल योग पर चार्ल्स विदा हुए और 220 के कुल योग पर सुनील नरेन (5) आउट हुए। यहां भारत को जीत की उम्मीद एक बार फिर बंधी थी। जीत के लिए उसे सिर्फ एक विकेट चाहिए था, लेकिन केमर रोच (नाबाद 14) और टीनो बेस्ट (नाबाद तीन) ने उसे निराशा झेलने पर मजबूर किया।
इससे पहले, वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने का निमंत्रण दिया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 229 रन बनाए।
रोहित शर्मा ने 89 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 60 रन बनाए जबकि सुरेश रैना ने 44 और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 27 रनों का योगदान दिया।
रैना ने 55 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए जबकि कप्तान ने 35 गेंदों पर एक चौका लगाया। दिनेश कार्तिक ने भी 23 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से केमर रोच, डरेन सैमी और टीनो बेस्ट ने दो-दो विकेट लिए जबकि मार्लन सैमुएल्स को एक सफलता मिली।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
सैमी का विकेट 197 के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 211 के कुल योग पर चार्ल्स विदा हुए और 220 के कुल योग पर सुनील नरेन (5) आउट हुए। यहां भारत को जीत की उम्मीद एक बार फिर बंधी थी। जीत के लिए उसे सिर्फ एक विकेट चाहिए था, लेकिन केमर रोच (नाबाद 14) और टीनो बेस्ट (नाबाद तीन) ने उसे निराशा झेलने पर मजबूर किया।
इससे पहले, वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने का निमंत्रण दिया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 229 रन बनाए।
रोहित शर्मा ने 89 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 60 रन बनाए जबकि सुरेश रैना ने 44 और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 27 रनों का योगदान दिया।
रैना ने 55 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए जबकि कप्तान ने 35 गेंदों पर एक चौका लगाया। दिनेश कार्तिक ने भी 23 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से केमर रोच, डरेन सैमी और टीनो बेस्ट ने दो-दो विकेट लिए जबकि मार्लन सैमुएल्स को एक सफलता मिली।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
इससे पहले, वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने का निमंत्रण दिया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 229 रन बनाए।
रोहित शर्मा ने 89 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 60 रन बनाए जबकि सुरेश रैना ने 44 और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 27 रनों का योगदान दिया।
रैना ने 55 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए जबकि कप्तान ने 35 गेंदों पर एक चौका लगाया। दिनेश कार्तिक ने भी 23 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से केमर रोच, डरेन सैमी और टीनो बेस्ट ने दो-दो विकेट लिए जबकि मार्लन सैमुएल्स को एक सफलता मिली।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
रोहित शर्मा ने 89 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 60 रन बनाए जबकि सुरेश रैना ने 44 और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 27 रनों का योगदान दिया।
रैना ने 55 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए जबकि कप्तान ने 35 गेंदों पर एक चौका लगाया। दिनेश कार्तिक ने भी 23 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से केमर रोच, डरेन सैमी और टीनो बेस्ट ने दो-दो विकेट लिए जबकि मार्लन सैमुएल्स को एक सफलता मिली।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
रैना ने 55 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए जबकि कप्तान ने 35 गेंदों पर एक चौका लगाया। दिनेश कार्तिक ने भी 23 रनों का योगदान दिया। वेस्टइंडीज की ओर से केमर रोच, डरेन सैमी और टीनो बेस्ट ने दो-दो विकेट लिए जबकि मार्लन सैमुएल्स को एक सफलता मिली।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 38 रन के कुल योग पर ही शिखर धवन (11) और विराट कोहली (11) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। कार्तिक ने अपनी 56 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
कार्तिक का विकेट 98 रनों के कुल योग पर गिरा। कार्तिक की विदाई के बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन 124 के कुल योग पर रोहित की विदाई के साथ ही इस जोड़ी का अंत हुआ।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना ने पांचवें विकेट के लिए 12 ओवरों में 58 रन जोड़े। इस साझेदारी को 182 रनों के कुल योग पर रोच ने तोड़ा। इसके बाद 197 के कुल योग पर भी पवेलियन लौट गए।टिप्पणियां
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
रवींद्र जडेजा 20 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाने के बाद बेस्ट की गेंद पर 212 रनों के कुल योग पर आउट हुए। भुवनेश्वर कुमार 11 और रविचंद्रन अश्विन पांच रनों पर नाबाद लौटे।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था।
कुमार ने सुनील नरेन द्वारा फेंके गए पारी के अंतिम ओवर की अंत की दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेने वाले नरेन के इस ओवर में अश्विन और कुमार ने 17 रन बटोरे। वेस्टइंडीज ने शुक्रवार को क्रिस गेल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका को छह विकेट से हराया था। | जॉनसन चार्ल्स (97) और डारेन ब्रावो (55) के शानदार अर्धशतकों की बदौलत वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने सबीना पार्क मैदान पर खेले गए सेल्कॉन मोबाइल कप त्रिकोणीय शृंखला मुकाबले में भारत को एक विकेट से हरा दिया। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग का कहना है कि कप्तानी के दबाव से परे वह बल्लेबाज की नई भूमिका का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच बुधवार से गॉल में खेला जाएगा। आईसीसी विश्व कप के बाद पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और एकदिवसीय टीम के कप्तान पद से इस्तीफा दे दिया था। 'क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया' की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक पोंटिंग ने कहा, "कप्तानी के साथ बहुत कुछ चला जाता है हालांकि यह मेरे लिए कभी बोझ नहीं था। पिछले कुछ वर्षों से मैं अपने खेल के साथ इंसाफ नहीं कर पा रहा था। बतौर खिलाड़ी मैं जमकर लुत्फ उठा रहा हूं।" टेस्ट श्रृंखला से पहले ऑस्ट्रेलिया ने माइकल क्लार्क की कप्तानी में श्रीलंका को पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 3-2 से मात दी थी जबकि इससे पहले खेली गई दो ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला में श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया था। टेस्ट मैच की तैयारियों में जुटे पोंटिंग ने कहा, "मेरे लिए यह सप्ताह अच्छा रहा है। इस दौरान हमने टेस्ट मैच के लिए अच्छी तैयारी की है। मैं पूरी तरह से फिट हूं। मैं अपने खेल को लेकर थोड़ा चिंतित हूं। एशेज श्रृंखला मेरे लिए अच्छा नहीं रहा था। उसके बाद मैं कड़ी मेहनत की है। मैं इस श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन करना चाहता हूं।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग का कहना है कि कप्तानी के दबाव से परे वह बल्लेबाज की नई भूमिका का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: असहिष्णुता के मुद्दे पर अभिनेता आमिर खान पर अपनी अप्रत्यक्ष टिप्पणी से विवाद के बावजूद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर अपने रुख पर कायम रहे और दावा किया कि कई लोगों ने उन्हें बताया कि जो उन्होंने कहा वह सही है.
केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कई लोग भाजपा के खिलाफ नफरत का माहौल बना रहे हैं और असमाजिक तत्वों के खिलाफ हमदर्दी जता रहे. पर्रिकर ने पार्टी के अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पुणे में मैंने जो कहा कि उसे मैं दोबारा नहीं कहना चाहता. अगर कोई चाहता है तो वह यूट्यूब पर इसे देख सकता है. आज तक एक भी व्यक्ति नहीं मिला जिसने कहा हो कि मैं गलत था. असल में उन सबने कहा कि मैंने जो कुछ भी कहा ठीक कहा.’’टिप्पणियां
पिछले सप्ताह पुणे में एक समारोह में बोलते हुए पर्रिकर ने कहा था, ‘‘एक अभिनेता कहते हैं कि उनकी पत्नी भारत के बाहर रहना चाहती हैं. यह एक अहंकारी बयान है. अगर मैं गरीब हूं और मेरा घर छोटा है लेकिन मुझे अपने घर से प्यार है और हमेशा से इसे बंगला बनाने का सपना रहा है.’ साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्र के खिलाफ बोलते हैं लोगों को उन्हें सबक सिखना चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कई लोग भाजपा के खिलाफ नफरत का माहौल बना रहे हैं और असमाजिक तत्वों के खिलाफ हमदर्दी जता रहे. पर्रिकर ने पार्टी के अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पुणे में मैंने जो कहा कि उसे मैं दोबारा नहीं कहना चाहता. अगर कोई चाहता है तो वह यूट्यूब पर इसे देख सकता है. आज तक एक भी व्यक्ति नहीं मिला जिसने कहा हो कि मैं गलत था. असल में उन सबने कहा कि मैंने जो कुछ भी कहा ठीक कहा.’’टिप्पणियां
पिछले सप्ताह पुणे में एक समारोह में बोलते हुए पर्रिकर ने कहा था, ‘‘एक अभिनेता कहते हैं कि उनकी पत्नी भारत के बाहर रहना चाहती हैं. यह एक अहंकारी बयान है. अगर मैं गरीब हूं और मेरा घर छोटा है लेकिन मुझे अपने घर से प्यार है और हमेशा से इसे बंगला बनाने का सपना रहा है.’ साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्र के खिलाफ बोलते हैं लोगों को उन्हें सबक सिखना चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले सप्ताह पुणे में एक समारोह में बोलते हुए पर्रिकर ने कहा था, ‘‘एक अभिनेता कहते हैं कि उनकी पत्नी भारत के बाहर रहना चाहती हैं. यह एक अहंकारी बयान है. अगर मैं गरीब हूं और मेरा घर छोटा है लेकिन मुझे अपने घर से प्यार है और हमेशा से इसे बंगला बनाने का सपना रहा है.’ साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्र के खिलाफ बोलते हैं लोगों को उन्हें सबक सिखना चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: कई लोग भाजपा के खिलाफ नफरत का माहौल बना रहे हैं
‘पुणे में मैंने जो कहा कि उसे मैं दोबारा नहीं कहना चाहता'
'जो लोग राष्ट्र के खिलाफ बोलते हैं लोगों को उन्हें सबक सिखना चाहिए' | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अलग-अलग राजनीतिक दल और उनके नेता इंटरनेट पर अपनी पहुंच बनाने में लगे हुए हैं ऐसे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी को पीछे छोड़ दिया है और बुधवार को फेसबुक पर उनके आधिकारिक पन्ने पर फॉलोअरों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गयी।
करीब डेढ़ महीने पहले ही ममता बनर्जी ने फेसबुक पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। हालांकि इससे पहले वह सोशल नेटवर्किंग साइटों पर अपने ऊपर की गयी टिप्पणियों और कार्टूनों को लेकर नाराजगी भी जता चुकी हैं।टिप्पणियां
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओब्रायन ने कहा कि संचार के इस युग में हम संचार के सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए लोगों से जुड़े रहना चाहते हैं। इनमें नुक्कड़ सभाओं से लेकर पोस्टर, आयोजनों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया तक रहे हैं। और अब यह दायरा सोशल नेटवर्किंग मंचों तक पहुंच गया है।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि ममता बनर्जी दफ्तर से घर लौटने के बाद हर रोज करीब आधा घंटा सोशल मीडिया वेबसाइटों पर समय खर्च करती हैं। अन्य नेता भी इंटरनेट पर अपनी पैंठ बनाने के प्रयास में लगे हैं लेकिन फिलहाल वे एक तरह से दीदी से बहुत पीछे हैं।
करीब डेढ़ महीने पहले ही ममता बनर्जी ने फेसबुक पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। हालांकि इससे पहले वह सोशल नेटवर्किंग साइटों पर अपने ऊपर की गयी टिप्पणियों और कार्टूनों को लेकर नाराजगी भी जता चुकी हैं।टिप्पणियां
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओब्रायन ने कहा कि संचार के इस युग में हम संचार के सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए लोगों से जुड़े रहना चाहते हैं। इनमें नुक्कड़ सभाओं से लेकर पोस्टर, आयोजनों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया तक रहे हैं। और अब यह दायरा सोशल नेटवर्किंग मंचों तक पहुंच गया है।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि ममता बनर्जी दफ्तर से घर लौटने के बाद हर रोज करीब आधा घंटा सोशल मीडिया वेबसाइटों पर समय खर्च करती हैं। अन्य नेता भी इंटरनेट पर अपनी पैंठ बनाने के प्रयास में लगे हैं लेकिन फिलहाल वे एक तरह से दीदी से बहुत पीछे हैं।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओब्रायन ने कहा कि संचार के इस युग में हम संचार के सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए लोगों से जुड़े रहना चाहते हैं। इनमें नुक्कड़ सभाओं से लेकर पोस्टर, आयोजनों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया तक रहे हैं। और अब यह दायरा सोशल नेटवर्किंग मंचों तक पहुंच गया है।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि ममता बनर्जी दफ्तर से घर लौटने के बाद हर रोज करीब आधा घंटा सोशल मीडिया वेबसाइटों पर समय खर्च करती हैं। अन्य नेता भी इंटरनेट पर अपनी पैंठ बनाने के प्रयास में लगे हैं लेकिन फिलहाल वे एक तरह से दीदी से बहुत पीछे हैं।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि ममता बनर्जी दफ्तर से घर लौटने के बाद हर रोज करीब आधा घंटा सोशल मीडिया वेबसाइटों पर समय खर्च करती हैं। अन्य नेता भी इंटरनेट पर अपनी पैंठ बनाने के प्रयास में लगे हैं लेकिन फिलहाल वे एक तरह से दीदी से बहुत पीछे हैं। | संक्षिप्त सारांश: करीब डेढ़ महीने पहले ही ममता बनर्जी ने फेसबुक पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। हालांकि इससे पहले वह सोशल नेटवर्किंग साइटों पर अपने ऊपर की गयी टिप्पणियों और कार्टूनों को लेकर नाराजगी भी जता चुकी हैं। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जीएम सरसों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिये किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ सियासी पार्टियां भी खड़ी हो गई हैं. जीएम सरसों के फील्ड ट्रायल हो चुके हैं और इसे आखिरी मंजूरी मिलना बाकी है लेकिन कोर्ट में दायर याचिका के चलते अभी इस पर आखिरी फैसला नहीं हो पाया है.
पर्यावरण मंत्री अनिल दवे ने NDTV इंडिया से कहा कि मामला अदालत में है और अभी वह इस पर कुछ नहीं कहेंगे लेकिन संघ परिवार से जुड़े भारतीय किसान संघ ने भी जंतर-मंतर पर इस प्रदर्शन को समर्थन दिया. जीएम सरसों के खिलाफ देश के कई राज्यों से आये प्रतिनिधि और किसान शामिल हुए.
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के गौरव गोगोई और सीपीएम के हन्ननान मुल्ला के अलावा आम आदमी पार्टी के दिलीप पांडे और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल शर्मा भी शामिल हुए. जीएम सरसों को लेकर प्रयोगशाला और खेतों में सभी प्रयोग हो चुके हैं. इसका विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि जीएम सरसों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है. इस मामले में पर्यावरण मंत्रालय की जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी ने जो रिपोर्ट दी, उसे लेकर काफी विवाद हुआ और कहा गया कि प्रयोगों से जुड़े सारे तथ्य सामने नहीं रखे गये हैं. इस बीच ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.टिप्पणियां
लेकिन मंगलवार को हुये प्रदर्शन से नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ राजनीतिक लामबंदी दिखाई दी. विपक्ष के साथ-साथ संघ परिवार से जुड़े संगठनों के खुलकर जीएम सरसों के विरोध में आने से आने वाले दिनों में जीएम सरसों को लेकर लड़ाई दिलचस्प हो गई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पर्यावरण मंत्री अनिल दवे ने NDTV इंडिया से कहा कि मामला अदालत में है और अभी वह इस पर कुछ नहीं कहेंगे लेकिन संघ परिवार से जुड़े भारतीय किसान संघ ने भी जंतर-मंतर पर इस प्रदर्शन को समर्थन दिया. जीएम सरसों के खिलाफ देश के कई राज्यों से आये प्रतिनिधि और किसान शामिल हुए.
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के गौरव गोगोई और सीपीएम के हन्ननान मुल्ला के अलावा आम आदमी पार्टी के दिलीप पांडे और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल शर्मा भी शामिल हुए. जीएम सरसों को लेकर प्रयोगशाला और खेतों में सभी प्रयोग हो चुके हैं. इसका विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि जीएम सरसों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है. इस मामले में पर्यावरण मंत्रालय की जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी ने जो रिपोर्ट दी, उसे लेकर काफी विवाद हुआ और कहा गया कि प्रयोगों से जुड़े सारे तथ्य सामने नहीं रखे गये हैं. इस बीच ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.टिप्पणियां
लेकिन मंगलवार को हुये प्रदर्शन से नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ राजनीतिक लामबंदी दिखाई दी. विपक्ष के साथ-साथ संघ परिवार से जुड़े संगठनों के खुलकर जीएम सरसों के विरोध में आने से आने वाले दिनों में जीएम सरसों को लेकर लड़ाई दिलचस्प हो गई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के गौरव गोगोई और सीपीएम के हन्ननान मुल्ला के अलावा आम आदमी पार्टी के दिलीप पांडे और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल शर्मा भी शामिल हुए. जीएम सरसों को लेकर प्रयोगशाला और खेतों में सभी प्रयोग हो चुके हैं. इसका विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि जीएम सरसों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है. इस मामले में पर्यावरण मंत्रालय की जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी ने जो रिपोर्ट दी, उसे लेकर काफी विवाद हुआ और कहा गया कि प्रयोगों से जुड़े सारे तथ्य सामने नहीं रखे गये हैं. इस बीच ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.टिप्पणियां
लेकिन मंगलवार को हुये प्रदर्शन से नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ राजनीतिक लामबंदी दिखाई दी. विपक्ष के साथ-साथ संघ परिवार से जुड़े संगठनों के खुलकर जीएम सरसों के विरोध में आने से आने वाले दिनों में जीएम सरसों को लेकर लड़ाई दिलचस्प हो गई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेकिन मंगलवार को हुये प्रदर्शन से नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ राजनीतिक लामबंदी दिखाई दी. विपक्ष के साथ-साथ संघ परिवार से जुड़े संगठनों के खुलकर जीएम सरसों के विरोध में आने से आने वाले दिनों में जीएम सरसों को लेकर लड़ाई दिलचस्प हो गई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: जीएम सरसों के हो चुके हैं फील्ड ट्रायल, अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी
कोर्ट में दायर याचिका के चलते इस पर नहीं हो सका है अंतिम फैसला
संघ परिवार से जुड़े भारतीय किसान संघ ने भी दिया प्रदर्शन को समर्थन | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कंगना रनौत-करन जौहर में भाई-भतीजा को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया और इस बार जगह थी 2017 आइफा अवॉर्ड का मंच. समारोह की मेजबानी कर रहे जौहर और सैफ अली खान ने अभिनेत्री पर उस वक्त निशाना साधा जब वरुण धवन 'ढिशूम' में सर्वश्रेष्ठ हास्य भूमिका का पुरस्कार लेने मंच पर आए. सैफ ने भाई-भतीजावाद का जिक्र करते हुए वरुण का मजाक उड़ाया कि उन्होंने बॉलीवुड में बड़ा नाम बनाया क्योंकि उनके पिता निर्देशक डेविड धवन हैं.
सैफ ने कहा, "तुम यहां अपने पापा की वजह से हो." इस पर वरुण ने जवाब दिया "आप भी यहां अपनी मम्मी (शर्मिला टैगोर के संदर्भ में) की वजह से हैं." जल्द ही करन जौहर भी इस चर्चा में शामिल हो गये और कहा कि वह इस इंडस्ट्री में हैं क्योंकि उनके पिता फिल्मकार यश जौहर हैं. इसके बाद तीनों ने चिल्लाकर कहा, "भाई-भतीजावाद जिंदाबाद".
इसके बाद सैफ और वरुण, जौहर की फिल्म "कभी खुशी कभी गम..." का गाना "बोले चूड़ियां..." गाने लगे. लेकिन निर्देशक ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया करते हुये कहा, "कंगना नहीं बोले तो अच्छा है".टिप्पणियांकंगना ने करन जौहर के चैट शो में भाई-भतीजावाद के बारे में बोलकर नई बहस छेड़ दी थी. उन्होंने जौहर को "भाई-भतीजावाद का ध्वजवाहक" बताया और यह बात निर्देशक को पसंद नहीं आई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सैफ ने कहा, "तुम यहां अपने पापा की वजह से हो." इस पर वरुण ने जवाब दिया "आप भी यहां अपनी मम्मी (शर्मिला टैगोर के संदर्भ में) की वजह से हैं." जल्द ही करन जौहर भी इस चर्चा में शामिल हो गये और कहा कि वह इस इंडस्ट्री में हैं क्योंकि उनके पिता फिल्मकार यश जौहर हैं. इसके बाद तीनों ने चिल्लाकर कहा, "भाई-भतीजावाद जिंदाबाद".
इसके बाद सैफ और वरुण, जौहर की फिल्म "कभी खुशी कभी गम..." का गाना "बोले चूड़ियां..." गाने लगे. लेकिन निर्देशक ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया करते हुये कहा, "कंगना नहीं बोले तो अच्छा है".टिप्पणियांकंगना ने करन जौहर के चैट शो में भाई-भतीजावाद के बारे में बोलकर नई बहस छेड़ दी थी. उन्होंने जौहर को "भाई-भतीजावाद का ध्वजवाहक" बताया और यह बात निर्देशक को पसंद नहीं आई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके बाद सैफ और वरुण, जौहर की फिल्म "कभी खुशी कभी गम..." का गाना "बोले चूड़ियां..." गाने लगे. लेकिन निर्देशक ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया करते हुये कहा, "कंगना नहीं बोले तो अच्छा है".टिप्पणियांकंगना ने करन जौहर के चैट शो में भाई-भतीजावाद के बारे में बोलकर नई बहस छेड़ दी थी. उन्होंने जौहर को "भाई-भतीजावाद का ध्वजवाहक" बताया और यह बात निर्देशक को पसंद नहीं आई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके बाद सैफ और वरुण, जौहर की फिल्म "कभी खुशी कभी गम..." का गाना "बोले चूड़ियां..." गाने लगे. लेकिन निर्देशक ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया करते हुये कहा, "कंगना नहीं बोले तो अच्छा है".टिप्पणियांकंगना ने करन जौहर के चैट शो में भाई-भतीजावाद के बारे में बोलकर नई बहस छेड़ दी थी. उन्होंने जौहर को "भाई-भतीजावाद का ध्वजवाहक" बताया और यह बात निर्देशक को पसंद नहीं आई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंगना ने करन जौहर के चैट शो में भाई-भतीजावाद के बारे में बोलकर नई बहस छेड़ दी थी. उन्होंने जौहर को "भाई-भतीजावाद का ध्वजवाहक" बताया और यह बात निर्देशक को पसंद नहीं आई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कंगना रनौत-करन जौहर में भाई-भतीजा को लेकर विवाद सुर्खियों में
सैफ ने भाई-भतीजावाद का जिक्र करते हुए वरुण का मजाक उड़ाया
सैफ अली खान ने कहा तुम यहां अपने पापा की वजह से हो | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सतारा की एक चीनी मिल के प्रबंध निदेशक ने हाल ही में भंग कर दिए गए महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के 48 निदेशकों के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज कराया है, जिसमें राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार का नाम भी शामिल है। इन लोगों पर बैंक के जरिए फैक्ट्री की बिक्री में फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। गौरतलब है कि इस सहकारी बैंक को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस महीने के शुरुआत में भंग कर दिया था। शिकायतकर्ता के वकील राजे भोसले ने बताया कि इस मामले की सुनवाई 27 मई को होगी। जिले के कोरेगांव तहसील के चिमनगांव में स्थित गेरांदेश्वर चीनी मिल के प्रबंध निदेशक बालकृष्ण घडगे ने आरोप लगाया है कि नीलामी में बैंक के निदेशकों ने फैक्ट्री को मुंबई आधारित गुरू कोमोडिटी को 65 करोड़ रुपये में बेचने का फैसला किया था, जबकि इसकी कीमत काफी अधिक आंकी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शर्तों का उल्लंघन करते हुए नीलामी की राशि की अदायगी में देर की गई और तय समय सीमा के अंदर बैंक में जमा नहीं की गई। हालांकि, अभी पवार की इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं मिल पाई है। | संक्षिप्त पाठ: सतारा की चीनी मिल के प्रबंध निदेशक ने हाल ही में भंग किए गए महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के 48 निदेशकों के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज कराया है। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Samsung Galaxy A80 को थाइलैंड में आयोजित एक इवेंट में बुधवार को लॉन्च कर दिया गया। इस फोन का प्राइमरी कैमरा 48 मेगापिक्सल का है। Galaxy A80 फुल-एचडी+ सुपर एमोलेड डिस्प्ले और डॉल्बी एटमस ऑडियो इंटिग्रेशन के साथ आता है। एंड्रॉयड पाई पर चलने वाले इस Samsung फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर है। लेकिन Samsung Galaxy A80 की सबसे अहम खासियत रोटेटिंग कैमरा है। इसकी मदद से कंपनी गैलेक्सी ए80 में बिना नॉच वाला डिस्प्ले दे पाई है। इसके अलावा एक ही कैमरा सेटअप रियर के अलावा फ्रंट कैमरे का भी काम करता है। सैमसंग गैलेक्सी ए80 (Galaxy A80) को भारत कब लाया जाएगा, फिलहाल इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई है।
कंपनी फोन में ‘intelligent battery' फीचर होने की बात कर रही है। इसके बारे में कहना है कि यह यूज़र के रूटीन के आधार पर बैटरी लाइफ को ऑप्टिमाइज़ करता है। यह 25 वॉट की सुपर फास्ट चार्जिंग टेक के साथ आती है। आइए आपको Samsung Galaxy A80 की कीमत, रिलीज़ तारीख, स्पेसिफिकेशन और अन्य फीचर के बारे में विस्तार से बताते हैं।
सैमसंग गैलेक्सी ए80 की कीमत का ऐलान अभी कंपनी नहीं किया है। लेकिन सैमसंग ने यह ज़रूर बताया कि फोन एंजल गोल्ड, घोस्ट व्हाइट और फैंटम ब्लैक रंग में उपलब्ध होगा। यह भी साफ नहीं है कि हैंडसेट को भारत में कब तक लॉन्च किया जाएगा।
डुअल सिम सैमसंग गैलेक्सी ए80 एंड्रॉयड 9.0 पाई पर चलता है। इसके ऊपर कंपनी का वन यूआई है। स्मार्टफोन में 6.7 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2400 पिक्सल) सुपर एमोलेड ‘न्यू इनफिनिटी डिस्प्ले' है। आस्पेक्ट रेशियो 20:9 है और यह बिना नॉच के आता है। इसमें ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 730जी प्रोसेसर दिया गया है। फोन 8 जीबी रैम के साथ आएगा।
अब बात फोन के सबसे अहम फीचर यानी कैमरे की। इसमें ट्रिपल कैमरा सेटअप वाला रोटेटिंग कैमरा है। प्राइमरी सेंसर 48 मेगापिक्सल का है और इसका अपर्चर एफ/ 2.0 है। इसके साथ एफ/ 2.2 अपर्चर वाला अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस से लैस 8 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। फोन में एक 3डी डेप्थ कैमरा भी है। साथ में एक आईआर सेंसर भी है। सेल्फी के लिए जैसे ही यूज़र सेल्फी मोड को चुनेंगे, तीनों कैमरे अपने आप पॉप-अप होकर फ्रंट पैनल पर रोटेट हो जाएंगे। Samsung Galaxy A80 के अन्य फीचर में स्टेडी वीडियो मोड, सीन ऑप्टिमाइज़र और फ्लॉ डिटेक्शन शामिल हैं।
इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी है। लेकिन माइक्रोएसडी कार्ड के लिए कोई सपोर्ट नहीं है। Samsung Galaxy A80 की बैटरी 3,700 एमएएच की है और यह 25 वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है। हैंडसेट का डाइमेंशन 165.2x76.5x9.3 मिलीमीटर है। | यहाँ एक सारांश है:सैमसंग गैलेक्सी ए80 एंड्रॉयड 9.0 पाई पर चलता है
Samsung Galaxy A80 की बैटरी 3,700 एमएएच की है
सैमसंग गैलेक्सी ए80 की कीमत का ऐलान अभी कंपनी नहीं किया है | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अभिनेत्री सोहा अली खान ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद अपनी मां अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की तरह अभिनय को अपना करियर चुना। लेकिन वह कहती हैं कि उनकी मां उनके पेशे के चुनाव से खुश नहीं हैं, शर्मिला चाहती थीं कि उनकी बेटी वकील बने।
सोहा ने लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से परास्नातक की डिग्री भी हासिल की है। उन्होंने 2004 में फिल्म 'दिल मांगे मोर' से हिन्दी फिल्म जगत में कदम रखा। उनकी ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं, लेकिन 'रंग दे बसंती' और 'साहब, बीवी और गैंग्स्टर रिटर्न्स' जैसी फिल्मों में उनके काम को सराहा गया।
सोहा ने बताया, मेरी मां अब तक मेरे काम से खुश नहीं हैं। यहां तक कि हर रविवार वह मुझे फोन करती हैं और कहती हैं कि तुम अब भी वकील बन सकती हो, ज्यादा देर नहीं हुई है। तुम्हें हार्वर्ड विश्वविद्यालय जाना चाहिए, तुमने इतनी पढ़ाई की और उसका उपयोग नहीं कर रही हो।
सोहा ने कहा, मुझे उन्हें समझाना पड़ता है कि मैं जो कर रही हूं, उसमें खुश हूं। लेकिन एक मां होने के नाते वह अपने बच्चे के लिए हमेशा परेशान रहती हैं। उन्हें इस बात की फिक्र है कि मैं अगले 10-20 सालों बाद क्या कर रही होऊंगी।
शर्मिला भले ही सोहा के करियर को लेकर बेहद सशंकित विचार रखती हों, लेकिन अभिनेता कुणाल खेमू के साथ उनके लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बेफिक्र और आश्वस्त हैं।टिप्पणियां
सोहा ने हिन्दी फिल्मों से इतर 'अंतरमहल' और 'इति श्रीकांता' जैसी बांग्ला फिल्मों में भी काम किया है। वह कहती हैं कि लोग क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को पसंद करते हैं क्योंकि कहानी में ईमानदारी होती है।
सोहा की फिल्म 'वार छोड़ न यार' 11 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आ रही है, जिसमें उन्होंने अभिनेता शरमन जोशी और जावेद जाफरी के साथ काम किया है।
सोहा ने लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से परास्नातक की डिग्री भी हासिल की है। उन्होंने 2004 में फिल्म 'दिल मांगे मोर' से हिन्दी फिल्म जगत में कदम रखा। उनकी ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं, लेकिन 'रंग दे बसंती' और 'साहब, बीवी और गैंग्स्टर रिटर्न्स' जैसी फिल्मों में उनके काम को सराहा गया।
सोहा ने बताया, मेरी मां अब तक मेरे काम से खुश नहीं हैं। यहां तक कि हर रविवार वह मुझे फोन करती हैं और कहती हैं कि तुम अब भी वकील बन सकती हो, ज्यादा देर नहीं हुई है। तुम्हें हार्वर्ड विश्वविद्यालय जाना चाहिए, तुमने इतनी पढ़ाई की और उसका उपयोग नहीं कर रही हो।
सोहा ने कहा, मुझे उन्हें समझाना पड़ता है कि मैं जो कर रही हूं, उसमें खुश हूं। लेकिन एक मां होने के नाते वह अपने बच्चे के लिए हमेशा परेशान रहती हैं। उन्हें इस बात की फिक्र है कि मैं अगले 10-20 सालों बाद क्या कर रही होऊंगी।
शर्मिला भले ही सोहा के करियर को लेकर बेहद सशंकित विचार रखती हों, लेकिन अभिनेता कुणाल खेमू के साथ उनके लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बेफिक्र और आश्वस्त हैं।टिप्पणियां
सोहा ने हिन्दी फिल्मों से इतर 'अंतरमहल' और 'इति श्रीकांता' जैसी बांग्ला फिल्मों में भी काम किया है। वह कहती हैं कि लोग क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को पसंद करते हैं क्योंकि कहानी में ईमानदारी होती है।
सोहा की फिल्म 'वार छोड़ न यार' 11 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आ रही है, जिसमें उन्होंने अभिनेता शरमन जोशी और जावेद जाफरी के साथ काम किया है।
सोहा ने बताया, मेरी मां अब तक मेरे काम से खुश नहीं हैं। यहां तक कि हर रविवार वह मुझे फोन करती हैं और कहती हैं कि तुम अब भी वकील बन सकती हो, ज्यादा देर नहीं हुई है। तुम्हें हार्वर्ड विश्वविद्यालय जाना चाहिए, तुमने इतनी पढ़ाई की और उसका उपयोग नहीं कर रही हो।
सोहा ने कहा, मुझे उन्हें समझाना पड़ता है कि मैं जो कर रही हूं, उसमें खुश हूं। लेकिन एक मां होने के नाते वह अपने बच्चे के लिए हमेशा परेशान रहती हैं। उन्हें इस बात की फिक्र है कि मैं अगले 10-20 सालों बाद क्या कर रही होऊंगी।
शर्मिला भले ही सोहा के करियर को लेकर बेहद सशंकित विचार रखती हों, लेकिन अभिनेता कुणाल खेमू के साथ उनके लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बेफिक्र और आश्वस्त हैं।टिप्पणियां
सोहा ने हिन्दी फिल्मों से इतर 'अंतरमहल' और 'इति श्रीकांता' जैसी बांग्ला फिल्मों में भी काम किया है। वह कहती हैं कि लोग क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को पसंद करते हैं क्योंकि कहानी में ईमानदारी होती है।
सोहा की फिल्म 'वार छोड़ न यार' 11 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आ रही है, जिसमें उन्होंने अभिनेता शरमन जोशी और जावेद जाफरी के साथ काम किया है।
सोहा ने कहा, मुझे उन्हें समझाना पड़ता है कि मैं जो कर रही हूं, उसमें खुश हूं। लेकिन एक मां होने के नाते वह अपने बच्चे के लिए हमेशा परेशान रहती हैं। उन्हें इस बात की फिक्र है कि मैं अगले 10-20 सालों बाद क्या कर रही होऊंगी।
शर्मिला भले ही सोहा के करियर को लेकर बेहद सशंकित विचार रखती हों, लेकिन अभिनेता कुणाल खेमू के साथ उनके लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बेफिक्र और आश्वस्त हैं।टिप्पणियां
सोहा ने हिन्दी फिल्मों से इतर 'अंतरमहल' और 'इति श्रीकांता' जैसी बांग्ला फिल्मों में भी काम किया है। वह कहती हैं कि लोग क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को पसंद करते हैं क्योंकि कहानी में ईमानदारी होती है।
सोहा की फिल्म 'वार छोड़ न यार' 11 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आ रही है, जिसमें उन्होंने अभिनेता शरमन जोशी और जावेद जाफरी के साथ काम किया है।
शर्मिला भले ही सोहा के करियर को लेकर बेहद सशंकित विचार रखती हों, लेकिन अभिनेता कुणाल खेमू के साथ उनके लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बेफिक्र और आश्वस्त हैं।टिप्पणियां
सोहा ने हिन्दी फिल्मों से इतर 'अंतरमहल' और 'इति श्रीकांता' जैसी बांग्ला फिल्मों में भी काम किया है। वह कहती हैं कि लोग क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को पसंद करते हैं क्योंकि कहानी में ईमानदारी होती है।
सोहा की फिल्म 'वार छोड़ न यार' 11 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आ रही है, जिसमें उन्होंने अभिनेता शरमन जोशी और जावेद जाफरी के साथ काम किया है।
सोहा ने हिन्दी फिल्मों से इतर 'अंतरमहल' और 'इति श्रीकांता' जैसी बांग्ला फिल्मों में भी काम किया है। वह कहती हैं कि लोग क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को पसंद करते हैं क्योंकि कहानी में ईमानदारी होती है।
सोहा की फिल्म 'वार छोड़ न यार' 11 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आ रही है, जिसमें उन्होंने अभिनेता शरमन जोशी और जावेद जाफरी के साथ काम किया है।
सोहा की फिल्म 'वार छोड़ न यार' 11 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आ रही है, जिसमें उन्होंने अभिनेता शरमन जोशी और जावेद जाफरी के साथ काम किया है। | यह एक सारांश है: सोहा ने बताया, मेरी मां अब तक मेरे काम से खुश नहीं हैं। यहां तक कि हर रविवार वह मुझे फोन करती हैं और कहती हैं कि तुम अब भी वकील बन सकती हो, ज्यादा देर नहीं हुई है। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल को आड़े हाथ लेते हुए सोमवार को कहा कि केन्द्रीय बैंक के प्रमुख ने नोटबंदी के मुद्दे को सही ढंग से नहीं संभाला जैसा कि एक स्वतंत्र स्वायत्तशासी संस्थान को संभालना चाहिए था.
चिदंबरम ने एक अंग्रेजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैं बुरी तरह से निराश हूं कि श्री उर्जित पटेल ने इस मामले (विमुद्रीकरण) को उस तरह से नहीं संभाला जिस तरह से किसी स्वतंत्र स्वायत्तशासी संस्थान को संभालना चाहिए था।’’ उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने अपनी स्वतंत्रता एवं गंभीरता से समझौता किया जिसे विभिन्न गवर्नरों के कार्यकाल में अर्जित किया गया।
कांग्रेस नेता ने इस बात पर खेद जताया कि गवर्नर पटेल को आठ नवंबर की शाम साढ़े पांच बजे रिजर्व बैंक की बोर्ड बैठक बुलाने को कहा गया। उनसे कहा गया कि वह एक घंटे के भीतर सिफारिश भेज दें। टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चिदंबरम ने एक अंग्रेजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैं बुरी तरह से निराश हूं कि श्री उर्जित पटेल ने इस मामले (विमुद्रीकरण) को उस तरह से नहीं संभाला जिस तरह से किसी स्वतंत्र स्वायत्तशासी संस्थान को संभालना चाहिए था।’’ उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने अपनी स्वतंत्रता एवं गंभीरता से समझौता किया जिसे विभिन्न गवर्नरों के कार्यकाल में अर्जित किया गया।
कांग्रेस नेता ने इस बात पर खेद जताया कि गवर्नर पटेल को आठ नवंबर की शाम साढ़े पांच बजे रिजर्व बैंक की बोर्ड बैठक बुलाने को कहा गया। उनसे कहा गया कि वह एक घंटे के भीतर सिफारिश भेज दें। टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कांग्रेस नेता ने इस बात पर खेद जताया कि गवर्नर पटेल को आठ नवंबर की शाम साढ़े पांच बजे रिजर्व बैंक की बोर्ड बैठक बुलाने को कहा गया। उनसे कहा गया कि वह एक घंटे के भीतर सिफारिश भेज दें। टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: चिदबंरम ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल को आड़े हाथ लिय
बोले- नोटबंदी के मुद्दे को सही ढंग से नहीं संभाला उर्जित ने
बोले- मैं बुरी तरह से निराश हूं | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश का विदेशी मुद्रा भंडार 25 जनवरी को समाप्त सप्ताह में 7.76 करोड़ डॉलर डॉलर बढ़कर 295.75 अरब डॉलर रहा।
इससे पिछले सप्ताह कुल मुद्रा भंडार 58 करोड़ डॉलर घटकर 295.67 अरब डॉलर रह गया था।टिप्पणियां
रिजर्व बैंक की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 7.93 करोड़ डॉलर बढ़कर 261.71 अरब डॉलर रही।
स्वर्ण भंडार 25 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान 27.22 अरब डॉलर पर स्थिर रहा।
इससे पिछले सप्ताह कुल मुद्रा भंडार 58 करोड़ डॉलर घटकर 295.67 अरब डॉलर रह गया था।टिप्पणियां
रिजर्व बैंक की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 7.93 करोड़ डॉलर बढ़कर 261.71 अरब डॉलर रही।
स्वर्ण भंडार 25 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान 27.22 अरब डॉलर पर स्थिर रहा।
रिजर्व बैंक की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 7.93 करोड़ डॉलर बढ़कर 261.71 अरब डॉलर रही।
स्वर्ण भंडार 25 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान 27.22 अरब डॉलर पर स्थिर रहा।
स्वर्ण भंडार 25 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान 27.22 अरब डॉलर पर स्थिर रहा। | देश का विदेशी मुद्रा भंडार 25 जनवरी को समाप्त सप्ताह में 7.76 करोड़ डॉलर डॉलर बढ़कर 295.75 अरब डॉलर रहा। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दो साल पहले पाकिस्तान से भारत लौटी मूक-बधिर की शादी होने वाली है. इस शादी का सारा खर्च मध्य प्रदेश सरकार उठाएगी. यहों तक कन्यादान भी सीएम शिवराज सिंह चौहान करेंगे. टिप्पणियां
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सारा जिस लड़के से कहेगी उसी से शादी कर दिया जाएगा. करीब 10-12 साल की उम्र में गीता गलती से पाकिस्तान चली गई थी. वहां ईधी फाउंडेशन में उसकी परवरिश हुई. करीब दो साल पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पहल पर उसे अपने वतन लाया गया था और इंदौर में रखा है. विदेश मंत्री कई बार उससे मिलने भी यहां आती रही हैं. सरकार की ओर से संगठन को अनुदान राशि भी दी जाएगी.
इनपुट: भाषा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सारा जिस लड़के से कहेगी उसी से शादी कर दिया जाएगा. करीब 10-12 साल की उम्र में गीता गलती से पाकिस्तान चली गई थी. वहां ईधी फाउंडेशन में उसकी परवरिश हुई. करीब दो साल पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पहल पर उसे अपने वतन लाया गया था और इंदौर में रखा है. विदेश मंत्री कई बार उससे मिलने भी यहां आती रही हैं. सरकार की ओर से संगठन को अनुदान राशि भी दी जाएगी.
इनपुट: भाषा
इनपुट: भाषा | यहाँ एक सारांश है:कैंसर से पीड़ित हैं पाकिस्तान महिला
गाजियाबाद में आईडीसीएच) में दिखाना चाहती हैं
मेडिकल वीजा के लिए सुषमा स्वराज से मांगी मदद | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति बनने की ओर एक कदम और बढ़ा है। सूत्रों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी प्रणब दा को यूपीए की ओर से राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाने पर सहमत हो गई हैं।
कहा जा रहा है कि वह किसी बंगाली को इस पद पर देखकर खुश होंगी। दूसरी ओर, प्रणब मुखर्जी ने अपना काबुल दौरा रद्द कर दिया है। इससे राष्ट्रपति पद के चुनावों में प्रणब की दावेदारी पर कयासों का दौर तेज़ हो गया है। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रणब के नाम पर धीरे−धीरे यूपीए में भी आम राय दिख रही है।
राष्ट्रपति चुनाव पर सोनिया गांधी के बुलावे पर चर्चा के लिए ममता बनर्जी मंगलवार की रात दिल्ली पहुंची। एयरपोर्ट से ममता बनर्जी सीधे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से मिलने उनके घर पहुंची। दोनों के बीच मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर बात हुई है लेकिन इस मामले पर अभी बुधवार को भी वह मुलायम सिंह यादव से मिलेंगी।
राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब की दावेदारी को एक अखबार ने और पुख्ता किया है। अखबार के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने 14 तारीख से शुरू होने वाली अपनी अफगानिस्तान यात्रा को रद्द कर दिया है। अखबार ने लिखा है कि सोनिया गांधी अगले 15 तारीख तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर अपना अंतिम फैसला सुना सकती हैं। 16 तारीख से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ब्राजील और मैक्सिको के दौरे पर हैं। और पीएम के विदेश रवाना होने से पहले राष्ट्रपति पद के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
अब तृणमूल ने उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दिखाई है। लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।टिप्पणियां
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई ऐतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
कहा जा रहा है कि वह किसी बंगाली को इस पद पर देखकर खुश होंगी। दूसरी ओर, प्रणब मुखर्जी ने अपना काबुल दौरा रद्द कर दिया है। इससे राष्ट्रपति पद के चुनावों में प्रणब की दावेदारी पर कयासों का दौर तेज़ हो गया है। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रणब के नाम पर धीरे−धीरे यूपीए में भी आम राय दिख रही है।
राष्ट्रपति चुनाव पर सोनिया गांधी के बुलावे पर चर्चा के लिए ममता बनर्जी मंगलवार की रात दिल्ली पहुंची। एयरपोर्ट से ममता बनर्जी सीधे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से मिलने उनके घर पहुंची। दोनों के बीच मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर बात हुई है लेकिन इस मामले पर अभी बुधवार को भी वह मुलायम सिंह यादव से मिलेंगी।
राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब की दावेदारी को एक अखबार ने और पुख्ता किया है। अखबार के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने 14 तारीख से शुरू होने वाली अपनी अफगानिस्तान यात्रा को रद्द कर दिया है। अखबार ने लिखा है कि सोनिया गांधी अगले 15 तारीख तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर अपना अंतिम फैसला सुना सकती हैं। 16 तारीख से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ब्राजील और मैक्सिको के दौरे पर हैं। और पीएम के विदेश रवाना होने से पहले राष्ट्रपति पद के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
अब तृणमूल ने उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दिखाई है। लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।टिप्पणियां
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई ऐतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
राष्ट्रपति चुनाव पर सोनिया गांधी के बुलावे पर चर्चा के लिए ममता बनर्जी मंगलवार की रात दिल्ली पहुंची। एयरपोर्ट से ममता बनर्जी सीधे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से मिलने उनके घर पहुंची। दोनों के बीच मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर बात हुई है लेकिन इस मामले पर अभी बुधवार को भी वह मुलायम सिंह यादव से मिलेंगी।
राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब की दावेदारी को एक अखबार ने और पुख्ता किया है। अखबार के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने 14 तारीख से शुरू होने वाली अपनी अफगानिस्तान यात्रा को रद्द कर दिया है। अखबार ने लिखा है कि सोनिया गांधी अगले 15 तारीख तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर अपना अंतिम फैसला सुना सकती हैं। 16 तारीख से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ब्राजील और मैक्सिको के दौरे पर हैं। और पीएम के विदेश रवाना होने से पहले राष्ट्रपति पद के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
अब तृणमूल ने उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दिखाई है। लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।टिप्पणियां
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई ऐतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब की दावेदारी को एक अखबार ने और पुख्ता किया है। अखबार के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने 14 तारीख से शुरू होने वाली अपनी अफगानिस्तान यात्रा को रद्द कर दिया है। अखबार ने लिखा है कि सोनिया गांधी अगले 15 तारीख तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर अपना अंतिम फैसला सुना सकती हैं। 16 तारीख से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ब्राजील और मैक्सिको के दौरे पर हैं। और पीएम के विदेश रवाना होने से पहले राष्ट्रपति पद के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
अब तृणमूल ने उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दिखाई है। लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।टिप्पणियां
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई ऐतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
अब तृणमूल ने उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दिखाई है। लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।टिप्पणियां
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई ऐतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई ऐतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है। | प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति बनने की ओर एक कदम और बढ़ा है। सूत्रों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी, प्रणब को यूपीए की ओर से राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाने पर सहमत हो गई हैं। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एशियाई कारोबार में कच्चे तेल के भाव में तेजी दर्ज की गयी है। तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक की बैठक में उत्पादन बढ़ाने पर सहमति नहीं बन पाने के कारण कीमत में तेजी आयी है। न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध लाइट स्वीट क्रूड का भाव जुलाई डिलीवरी के लिए 49 सेंट्स बढ़कर 101.23 डालर बैरल रहा। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ सीट क्रूड की कीमत जुलाई माह की डिलीवरी के लिये 27 सेंट्स बढ़कर 118.2 डालर बैरल रही। ऊर्जा के बारे में परामर्श देने वाली सिंगापुर स्थित पुरविन एंड गेट्ज के विशेषज्ञ विक्टर शुम ने कहा, उत्पादन बढ़ाने को लेकर ओपेक देशों में सहमति नहीं बन पाने के कारण कीमत में तेजी आयी है। ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में कल हुई ओपेक की बैठक में उत्पादन को 2.48 करोड़ बैरल प्रतिदिन के स्तर पर बनाये रखने का फैसला किया गया। संगठन के सदस्य जनवरी 2009 से इतने ही मात्रा में तेल का उत्पादन करते आ रहे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक की बैठक में उत्पादन बढ़ाने पर सहमति नहीं बन पाने के कारण कीमत में तेजी आयी है। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका में बसे भारतीय मूल के लोगों पर हमलों की हालिया घटनाओं के संदर्भ में चुप्पी साधने के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए बुधवार को केंद्र सरकार ने कहा कि विदेश में बसे भारतवंशियों की सुरक्षा तथा संरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को लोकसभा में इस मामले में बयान दिया. गत नौ मार्च को शून्यकाल में सदन के कई सदस्यों ने इस विषय को उठाते हुए सरकार से बयान की मांग की थी.
सुषमा ने गत 22 फरवरी को अमेरिका के कन्सास में 32 वर्षीय भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचीभोतला की अमेरिकी नागरिक द्वारा गोली मारकर हत्या, दो मार्च को भारतीय मूल के हर्निश पटेल पर हमले और चार मार्च को भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक दीप राय पर हमले की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, ''मैं इस सदन और सदस्यों को आश्वस्त करना चाहूंगी कि विदेश में बसे भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा तथा संरक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.''
विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.'' उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. किसी भी आपातकालीन मुद्दे के समाधान के लिए हमारे दूतावास तथा वाणिज्य महादूतावास स्थानीय भारतीय समुदायों के साथ संपर्क में हैं. हम विदेश में रहने वाले भारतीयों के जीवन को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति सतर्क रहेंगे और उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कार्य करेंगे.
विदेश मंत्री ने बताया कि उक्त तीनों ही मामलों में सरकार ने अपने राजदूतावासों तथा महावाणिज्य दूतावासों के माध्यम से प्रभावित लोगों तथा उनके परिजनों को हर समय सहायता देने के लिए उनसे तत्काल संपर्क किया.
इन घटनाओं के संबंध में सरकार पर चुप्पी साधने के कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों को खारिज करते हुए सुषमा ने कहा, ''यह बात पूरी तरह गलत है. यदि कोई भारतीय संकट में है और सरकार चुप्पी साधे रहे, यह संभव ही नहीं है. यह हमारी कार्यशैली नहीं है. यह आरोप बिल्कुल गलत है.'' विदेश मंत्री ने कहा कि पहले भी इस तरह के मामलों में हमने 24 घंटे के अंदर समस्या का निराकरण करने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि जिस दिन श्रीनिवास की हत्या की घटना घटी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय चुनाव प्रचार में लगे थे. लेकिन उन्होंने हर दिन इस मामले में मंत्रालय से इस संबंध में कार्रवाई के बारे में पूछा.
सुषमा ने कहा, ''मैं घर में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही थी. लेकिन व्यक्तिगत रूप से पूरे मामले पर नजर रख रही थी.'' उन्होंने कहा, ''मैंने व्यक्तिगत रूप से हैदराबाद में श्रीनिवास के पिता और भाई से बात की. कन्सास में उनकी पत्नी सुनैना से भी संपर्क साधा. घटना वाले दिन ही वाणिज्य महादूतावास के दो अधिकारी उनके घर पहुंचे.'' विदेश मंत्री ने कहा कि इनमें से एक अधिकारी को भेजे मेल में श्रीनिवास के परिवार ने संकट के समय सहायता के लिए सरकार का धन्यवाद अदा किया है. श्रीनिवास के परिवार के पांच सदस्यों ने केवल धन्यवाद कहने के लिए मुझसे मिलने का समय मांगा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मैंने दीप राय के पिता से भी बात की और उन्होंने इसके लिए आभार जताया और बताया कि दीप पूरी तरह सुरक्षित है. विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सुषमा ने गत 22 फरवरी को अमेरिका के कन्सास में 32 वर्षीय भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचीभोतला की अमेरिकी नागरिक द्वारा गोली मारकर हत्या, दो मार्च को भारतीय मूल के हर्निश पटेल पर हमले और चार मार्च को भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक दीप राय पर हमले की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, ''मैं इस सदन और सदस्यों को आश्वस्त करना चाहूंगी कि विदेश में बसे भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा तथा संरक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.''
विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.'' उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. किसी भी आपातकालीन मुद्दे के समाधान के लिए हमारे दूतावास तथा वाणिज्य महादूतावास स्थानीय भारतीय समुदायों के साथ संपर्क में हैं. हम विदेश में रहने वाले भारतीयों के जीवन को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति सतर्क रहेंगे और उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कार्य करेंगे.
विदेश मंत्री ने बताया कि उक्त तीनों ही मामलों में सरकार ने अपने राजदूतावासों तथा महावाणिज्य दूतावासों के माध्यम से प्रभावित लोगों तथा उनके परिजनों को हर समय सहायता देने के लिए उनसे तत्काल संपर्क किया.
इन घटनाओं के संबंध में सरकार पर चुप्पी साधने के कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों को खारिज करते हुए सुषमा ने कहा, ''यह बात पूरी तरह गलत है. यदि कोई भारतीय संकट में है और सरकार चुप्पी साधे रहे, यह संभव ही नहीं है. यह हमारी कार्यशैली नहीं है. यह आरोप बिल्कुल गलत है.'' विदेश मंत्री ने कहा कि पहले भी इस तरह के मामलों में हमने 24 घंटे के अंदर समस्या का निराकरण करने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि जिस दिन श्रीनिवास की हत्या की घटना घटी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय चुनाव प्रचार में लगे थे. लेकिन उन्होंने हर दिन इस मामले में मंत्रालय से इस संबंध में कार्रवाई के बारे में पूछा.
सुषमा ने कहा, ''मैं घर में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही थी. लेकिन व्यक्तिगत रूप से पूरे मामले पर नजर रख रही थी.'' उन्होंने कहा, ''मैंने व्यक्तिगत रूप से हैदराबाद में श्रीनिवास के पिता और भाई से बात की. कन्सास में उनकी पत्नी सुनैना से भी संपर्क साधा. घटना वाले दिन ही वाणिज्य महादूतावास के दो अधिकारी उनके घर पहुंचे.'' विदेश मंत्री ने कहा कि इनमें से एक अधिकारी को भेजे मेल में श्रीनिवास के परिवार ने संकट के समय सहायता के लिए सरकार का धन्यवाद अदा किया है. श्रीनिवास के परिवार के पांच सदस्यों ने केवल धन्यवाद कहने के लिए मुझसे मिलने का समय मांगा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मैंने दीप राय के पिता से भी बात की और उन्होंने इसके लिए आभार जताया और बताया कि दीप पूरी तरह सुरक्षित है. विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.'' उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. किसी भी आपातकालीन मुद्दे के समाधान के लिए हमारे दूतावास तथा वाणिज्य महादूतावास स्थानीय भारतीय समुदायों के साथ संपर्क में हैं. हम विदेश में रहने वाले भारतीयों के जीवन को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति सतर्क रहेंगे और उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कार्य करेंगे.
विदेश मंत्री ने बताया कि उक्त तीनों ही मामलों में सरकार ने अपने राजदूतावासों तथा महावाणिज्य दूतावासों के माध्यम से प्रभावित लोगों तथा उनके परिजनों को हर समय सहायता देने के लिए उनसे तत्काल संपर्क किया.
इन घटनाओं के संबंध में सरकार पर चुप्पी साधने के कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों को खारिज करते हुए सुषमा ने कहा, ''यह बात पूरी तरह गलत है. यदि कोई भारतीय संकट में है और सरकार चुप्पी साधे रहे, यह संभव ही नहीं है. यह हमारी कार्यशैली नहीं है. यह आरोप बिल्कुल गलत है.'' विदेश मंत्री ने कहा कि पहले भी इस तरह के मामलों में हमने 24 घंटे के अंदर समस्या का निराकरण करने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि जिस दिन श्रीनिवास की हत्या की घटना घटी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय चुनाव प्रचार में लगे थे. लेकिन उन्होंने हर दिन इस मामले में मंत्रालय से इस संबंध में कार्रवाई के बारे में पूछा.
सुषमा ने कहा, ''मैं घर में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही थी. लेकिन व्यक्तिगत रूप से पूरे मामले पर नजर रख रही थी.'' उन्होंने कहा, ''मैंने व्यक्तिगत रूप से हैदराबाद में श्रीनिवास के पिता और भाई से बात की. कन्सास में उनकी पत्नी सुनैना से भी संपर्क साधा. घटना वाले दिन ही वाणिज्य महादूतावास के दो अधिकारी उनके घर पहुंचे.'' विदेश मंत्री ने कहा कि इनमें से एक अधिकारी को भेजे मेल में श्रीनिवास के परिवार ने संकट के समय सहायता के लिए सरकार का धन्यवाद अदा किया है. श्रीनिवास के परिवार के पांच सदस्यों ने केवल धन्यवाद कहने के लिए मुझसे मिलने का समय मांगा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मैंने दीप राय के पिता से भी बात की और उन्होंने इसके लिए आभार जताया और बताया कि दीप पूरी तरह सुरक्षित है. विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्री ने बताया कि उक्त तीनों ही मामलों में सरकार ने अपने राजदूतावासों तथा महावाणिज्य दूतावासों के माध्यम से प्रभावित लोगों तथा उनके परिजनों को हर समय सहायता देने के लिए उनसे तत्काल संपर्क किया.
इन घटनाओं के संबंध में सरकार पर चुप्पी साधने के कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों को खारिज करते हुए सुषमा ने कहा, ''यह बात पूरी तरह गलत है. यदि कोई भारतीय संकट में है और सरकार चुप्पी साधे रहे, यह संभव ही नहीं है. यह हमारी कार्यशैली नहीं है. यह आरोप बिल्कुल गलत है.'' विदेश मंत्री ने कहा कि पहले भी इस तरह के मामलों में हमने 24 घंटे के अंदर समस्या का निराकरण करने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि जिस दिन श्रीनिवास की हत्या की घटना घटी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय चुनाव प्रचार में लगे थे. लेकिन उन्होंने हर दिन इस मामले में मंत्रालय से इस संबंध में कार्रवाई के बारे में पूछा.
सुषमा ने कहा, ''मैं घर में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही थी. लेकिन व्यक्तिगत रूप से पूरे मामले पर नजर रख रही थी.'' उन्होंने कहा, ''मैंने व्यक्तिगत रूप से हैदराबाद में श्रीनिवास के पिता और भाई से बात की. कन्सास में उनकी पत्नी सुनैना से भी संपर्क साधा. घटना वाले दिन ही वाणिज्य महादूतावास के दो अधिकारी उनके घर पहुंचे.'' विदेश मंत्री ने कहा कि इनमें से एक अधिकारी को भेजे मेल में श्रीनिवास के परिवार ने संकट के समय सहायता के लिए सरकार का धन्यवाद अदा किया है. श्रीनिवास के परिवार के पांच सदस्यों ने केवल धन्यवाद कहने के लिए मुझसे मिलने का समय मांगा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मैंने दीप राय के पिता से भी बात की और उन्होंने इसके लिए आभार जताया और बताया कि दीप पूरी तरह सुरक्षित है. विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इन घटनाओं के संबंध में सरकार पर चुप्पी साधने के कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों को खारिज करते हुए सुषमा ने कहा, ''यह बात पूरी तरह गलत है. यदि कोई भारतीय संकट में है और सरकार चुप्पी साधे रहे, यह संभव ही नहीं है. यह हमारी कार्यशैली नहीं है. यह आरोप बिल्कुल गलत है.'' विदेश मंत्री ने कहा कि पहले भी इस तरह के मामलों में हमने 24 घंटे के अंदर समस्या का निराकरण करने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि जिस दिन श्रीनिवास की हत्या की घटना घटी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय चुनाव प्रचार में लगे थे. लेकिन उन्होंने हर दिन इस मामले में मंत्रालय से इस संबंध में कार्रवाई के बारे में पूछा.
सुषमा ने कहा, ''मैं घर में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही थी. लेकिन व्यक्तिगत रूप से पूरे मामले पर नजर रख रही थी.'' उन्होंने कहा, ''मैंने व्यक्तिगत रूप से हैदराबाद में श्रीनिवास के पिता और भाई से बात की. कन्सास में उनकी पत्नी सुनैना से भी संपर्क साधा. घटना वाले दिन ही वाणिज्य महादूतावास के दो अधिकारी उनके घर पहुंचे.'' विदेश मंत्री ने कहा कि इनमें से एक अधिकारी को भेजे मेल में श्रीनिवास के परिवार ने संकट के समय सहायता के लिए सरकार का धन्यवाद अदा किया है. श्रीनिवास के परिवार के पांच सदस्यों ने केवल धन्यवाद कहने के लिए मुझसे मिलने का समय मांगा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मैंने दीप राय के पिता से भी बात की और उन्होंने इसके लिए आभार जताया और बताया कि दीप पूरी तरह सुरक्षित है. विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सुषमा ने कहा, ''मैं घर में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही थी. लेकिन व्यक्तिगत रूप से पूरे मामले पर नजर रख रही थी.'' उन्होंने कहा, ''मैंने व्यक्तिगत रूप से हैदराबाद में श्रीनिवास के पिता और भाई से बात की. कन्सास में उनकी पत्नी सुनैना से भी संपर्क साधा. घटना वाले दिन ही वाणिज्य महादूतावास के दो अधिकारी उनके घर पहुंचे.'' विदेश मंत्री ने कहा कि इनमें से एक अधिकारी को भेजे मेल में श्रीनिवास के परिवार ने संकट के समय सहायता के लिए सरकार का धन्यवाद अदा किया है. श्रीनिवास के परिवार के पांच सदस्यों ने केवल धन्यवाद कहने के लिए मुझसे मिलने का समय मांगा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मैंने दीप राय के पिता से भी बात की और उन्होंने इसके लिए आभार जताया और बताया कि दीप पूरी तरह सुरक्षित है. विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि मैंने दीप राय के पिता से भी बात की और उन्होंने इसके लिए आभार जताया और बताया कि दीप पूरी तरह सुरक्षित है. विदेश मंत्री ने कहा कि हमले में शिकार लोगों के परिजनों ने भी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाया. जबकि कांग्रेस ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया. सरकार ने कभी चुप्पी नहीं साधी और ना कभी साधेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों का दिया जवाब
खड़गे ने विदेश में भारतीयों पर हुए हमलों के मामले में सरकार को घेरा था
उन्होंने सरकार पर इस मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाया था | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार पर पिछले तीन दिन से तलवार लटक रही है. मंगलवार को इस राजनीतिक संकट की गूंज राज्यसभा में पूरे दिन सुनाई देती रही. कांग्रेस सांसदों ने इस संकट के लिए पीएम मोदी और अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया. जबकि बीजेपी ने इसे कांग्रेस का अंदरूनी संकट करार दिया. कांग्रेस के हंगामे की वजह से राज्यसभा में पूरे दिन कोई काम-काज नहीं हो सका.
कर्नाटक के संकट को लेकर राज्यसभा में मंगलवार को पूरे दिन हंगामा होता रहा. कर्नाटक पर चर्चा कराने की कांग्रेस सांसदों की मांग को सभापति ने स्वीकर नहीं किया जिसकी वजह से हंगामा जारी रहा और राज्यसभा की कार्यवाही को तीन बार स्थगित करना पड़ी.
कांग्रेस के सांसद बीके हरिप्रसाद ने कहा कि ये सब पीएम मोदी, अमित शाह की शह पर बीजेपी नेता कर रहे हैं. पीयूष गोयल मुंबई में बैठकर सब कुछ मैनेज कर रहे हैं. विधायकों को मुंबई भेजने में येदियुरप्पा का पीए भी शामिल है.
हंगामा लोकसभा में भी हुआ जहां कांग्रेस सांसद वाक आउट कर गए. कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोक सभा में कहा कि ''यह 'पोचिंग पॉलीटिक्स' बंद होनी चाहिए, आज कर्नाटक, कल मध्य प्रदेश, इस तरह की राजनीति बंद होनी चाहिए.''
हालांकि सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि कर्नाटक में राजनीतिक संकट कांग्रेस के अंदरूनी गतिरोध की वजह से खड़ा हुआ है और उसका सदन की कार्रवाई बाधित करने का फैसला सरासर गलत है.
इस हंगामे के बीच सरकार की विनिवेश की योजना के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने भी दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया और सदन की कार्रवाई रोककर इस पर चर्चा की मांग की.
कर्नाटक में गहराते राजनीतिक संकट और सरकार की विनिवेश योजना के खिलाफ तृणमूल के विरोध से साफ है कि यह गतिरोध जल्दी खत्म होगा इसके आसार फिलहाल दिखाई नहीं देते. | विधायकों को मुंबई भेजने में येदियुरप्पा का पीए भी शामिल: कांग्रेस
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि 'पोचिंग पॉलीटिक्स' बंद होनी चाहिए
सदन की कार्यवाही बाधित करने का फैसला सरासर गलत : राजनाथ | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा में रेल मंत्री पवन कुमार बंसल द्वारा वर्ष 2013-14 का रेल बजट भाषण पढ़े जाने के दौरान जब रेल मंत्री दक्षिण भारतीय राज्यों के कुछ स्थानों के नामों का उच्चारण ठीक से नहीं कर पाए तो विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज अपनी हंसी नहीं रोक पाईं।
हालांकि रेल मंत्री के पास वाली अग्रिम पंक्ति में बैठे वित्त मंत्री पी चिदम्बरम समेत दक्षिण भारतीय राज्यों से आने वाले अन्य सांसदों ने बंसल के उच्चारण पर कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की।टिप्पणियां
रेल मंत्री बंसल जब अपने बजट भाषण के दौरान नई रेल लाइनों आदि के बारे में विभिन्न स्थानों के नामों को पढ़ रहे थे तो दक्षिण भारतीय राज्यों विशेषकर तमिलनाडु के कुछ स्थानों के नामों का वह ठीक से उच्चारण नहीं कर पा रहे थे।
हालांकि चिदम्बरम उनकी हौसलाफजाई के अंदाज में इशारों इशारों में कहते देखे गए कि कोई बात नहीं, आगे चलो। लेकिन बंसल के उच्चारण की गड़बड़ी पर सुषमा अपनी हंसी नहीं रोक पाईं।
हालांकि रेल मंत्री के पास वाली अग्रिम पंक्ति में बैठे वित्त मंत्री पी चिदम्बरम समेत दक्षिण भारतीय राज्यों से आने वाले अन्य सांसदों ने बंसल के उच्चारण पर कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की।टिप्पणियां
रेल मंत्री बंसल जब अपने बजट भाषण के दौरान नई रेल लाइनों आदि के बारे में विभिन्न स्थानों के नामों को पढ़ रहे थे तो दक्षिण भारतीय राज्यों विशेषकर तमिलनाडु के कुछ स्थानों के नामों का वह ठीक से उच्चारण नहीं कर पा रहे थे।
हालांकि चिदम्बरम उनकी हौसलाफजाई के अंदाज में इशारों इशारों में कहते देखे गए कि कोई बात नहीं, आगे चलो। लेकिन बंसल के उच्चारण की गड़बड़ी पर सुषमा अपनी हंसी नहीं रोक पाईं।
रेल मंत्री बंसल जब अपने बजट भाषण के दौरान नई रेल लाइनों आदि के बारे में विभिन्न स्थानों के नामों को पढ़ रहे थे तो दक्षिण भारतीय राज्यों विशेषकर तमिलनाडु के कुछ स्थानों के नामों का वह ठीक से उच्चारण नहीं कर पा रहे थे।
हालांकि चिदम्बरम उनकी हौसलाफजाई के अंदाज में इशारों इशारों में कहते देखे गए कि कोई बात नहीं, आगे चलो। लेकिन बंसल के उच्चारण की गड़बड़ी पर सुषमा अपनी हंसी नहीं रोक पाईं।
हालांकि चिदम्बरम उनकी हौसलाफजाई के अंदाज में इशारों इशारों में कहते देखे गए कि कोई बात नहीं, आगे चलो। लेकिन बंसल के उच्चारण की गड़बड़ी पर सुषमा अपनी हंसी नहीं रोक पाईं। | संक्षिप्त पाठ: लोकसभा में रेल मंत्री पवन कुमार बंसल द्वारा वर्ष 2013-14 का रेल बजट भाषण पढ़े जाने के दौरान जब रेल मंत्री दक्षिण भारतीय राज्यों के कुछ स्थानों के नामों का उच्चारण ठीक से नहीं कर पाए तो विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज अपनी हंसी नहीं रोक पाईं। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूं तो कनाडा के पॉप सिंगर जस्टिन बीबर अंग्रेजी में गाने गाते हैं. मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में हुए कॉन्सर्ट में भी उन्होंने अंग्रेजी गाने गाए. दुनिया भर में मशहूर जस्टिन बीबर का यह भारत में पहला कॉन्सर्ट था, जिसके बाद भी लोगों का उनके प्रति दीवानगी देखने को मिल रही है. सोशल मीडिया पर कोई उनके ऊपर चुटकुला गढ़ने में लगा है तो कोई उनकी आवाज में गाने गाकर वीडियो पोस्ट कर रहा है. ऐसे में कुछ लोग मैशअप वीडियो भी पोस्ट कर रहे हैं. इन वीडियो में हिट भोजपुरी गाने के साथ जस्टिन बीबर के विजुअल को मैशअप किया गया है. पिछले दो दिनों से जो मैशअप वीडियो वायरल हो रहे हैं उसमें एक मनोज तिवारी का गाया हिट गाना 'बगल वाली जान मारे ली...' और पवन सिंह का 'तू लगावेलू जब लिपिस्टिक' गाना है. इन दोनों वीडियो को लोग काफी शेयर कर रहे हैं.
मालूम हो कि ग्रैमी अवार्ड विजेता कनाडा के पॉप गायक जस्टिन बीबर ने बुधवार शाम आठ बजे मुंबई में अपना पहला कॉन्सर्ट किया. इस कॉन्सर्ट के टिकट 75 हजार रुपए तक में बिके. वे कॉन्सर्ट के लिए अपनी टीम के साथ चार्टर्ड विमान से यहां पहुंचे. टिप्पणियां
व्हाइट फॉक्स इंडिया के टूर आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में 45,000 से ज्यादा लोग मौजूद रहे. नवी मुंबई पुलिस ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की थी. कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और वहां आपातकालीन प्रबंधन के मद्देनजर लगभग 500 पुलसिकर्मियों और 25 अधिकारियों की तौनती की गई थी. अपने इस टूर के दौरान बीबर अपने चौथे एल्बम 'परपज' का प्रचार किया.
फैन्स के साथ ही कई वॉलीवुड सितारे भी इस ग्रैमी अवॉर्ड विजेता पॉप स्टार को देखने आए. इन सितारों में एक्ट्रेस आलिया भट्रट, अर्जुन रामपाल, सोनाली बेंद्रे, श्रीदेवी, अरबाज खान, मलाइका अरोड़ा, सलमान खान की बहन अर्पिता और उनकी पति आयुष जैसे स्टार शामिल हुए.
मालूम हो कि ग्रैमी अवार्ड विजेता कनाडा के पॉप गायक जस्टिन बीबर ने बुधवार शाम आठ बजे मुंबई में अपना पहला कॉन्सर्ट किया. इस कॉन्सर्ट के टिकट 75 हजार रुपए तक में बिके. वे कॉन्सर्ट के लिए अपनी टीम के साथ चार्टर्ड विमान से यहां पहुंचे. टिप्पणियां
व्हाइट फॉक्स इंडिया के टूर आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में 45,000 से ज्यादा लोग मौजूद रहे. नवी मुंबई पुलिस ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की थी. कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और वहां आपातकालीन प्रबंधन के मद्देनजर लगभग 500 पुलसिकर्मियों और 25 अधिकारियों की तौनती की गई थी. अपने इस टूर के दौरान बीबर अपने चौथे एल्बम 'परपज' का प्रचार किया.
फैन्स के साथ ही कई वॉलीवुड सितारे भी इस ग्रैमी अवॉर्ड विजेता पॉप स्टार को देखने आए. इन सितारों में एक्ट्रेस आलिया भट्रट, अर्जुन रामपाल, सोनाली बेंद्रे, श्रीदेवी, अरबाज खान, मलाइका अरोड़ा, सलमान खान की बहन अर्पिता और उनकी पति आयुष जैसे स्टार शामिल हुए.
व्हाइट फॉक्स इंडिया के टूर आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में 45,000 से ज्यादा लोग मौजूद रहे. नवी मुंबई पुलिस ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की थी. कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और वहां आपातकालीन प्रबंधन के मद्देनजर लगभग 500 पुलसिकर्मियों और 25 अधिकारियों की तौनती की गई थी. अपने इस टूर के दौरान बीबर अपने चौथे एल्बम 'परपज' का प्रचार किया.
फैन्स के साथ ही कई वॉलीवुड सितारे भी इस ग्रैमी अवॉर्ड विजेता पॉप स्टार को देखने आए. इन सितारों में एक्ट्रेस आलिया भट्रट, अर्जुन रामपाल, सोनाली बेंद्रे, श्रीदेवी, अरबाज खान, मलाइका अरोड़ा, सलमान खान की बहन अर्पिता और उनकी पति आयुष जैसे स्टार शामिल हुए.
फैन्स के साथ ही कई वॉलीवुड सितारे भी इस ग्रैमी अवॉर्ड विजेता पॉप स्टार को देखने आए. इन सितारों में एक्ट्रेस आलिया भट्रट, अर्जुन रामपाल, सोनाली बेंद्रे, श्रीदेवी, अरबाज खान, मलाइका अरोड़ा, सलमान खान की बहन अर्पिता और उनकी पति आयुष जैसे स्टार शामिल हुए. | सारांश: मुंबई में कॉन्सर्ट के बाद भारत में भी चढ़ा जस्टिन बीबर का फीवर
सोशल मीडिया पर लोग जस्टिन बीबर के मैशअप वीडियो भी कर रहे शेयर
मैशअप वीडियो में भोजपुरी के हिट गानों पर जस्टिन बीबर कर रहे डांस | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सचिन तेंदुलकर के लिए विश्व कप जीतने की बात कहने वाले युवराज सिंह खराब फॉर्म और फिटनेस समस्याओं के बाद यदि शानदार वापसी करने में कामयाब रहे हैं, तो उसका श्रेय भी इस चैम्पियन बल्लेबाज को ही जाता है। पिछले साल फॉर्म और फिटनेस समस्याओं के कारण आलोचना झेलने वाले युवराज ने विश्व कप में चार मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द टूर्नामेंट पुरस्कार जीतकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। इस बदलाव के राज के बारे में पूछने पर उनकी मां शबनम सिंह ने बताया कि इसके पीछे उनके गुरुओं का आशीर्वाद और सचिन से मिली प्रेरणा है। शबनम ने कहा, युवराज ने वापसी की है, तो अपने गुरुओं के आशीर्वाद और सचिन की वजह से। लगातार आलोचना से वह इतना परेशान हो गया था कि उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करे। उसने सचिन से प्रेरणा ली, जो अपने करियर में खराब दौर से गुजरकर शानदार वापसी करते हुए शीर्ष पर पहुंचे। उसी की बदौलत आज युवराज ने जबर्दस्त वापसी की। उन्होंने कहा, जिस तरह सचिन अपने बल्ले से जवाब देने में विश्वास रखते हैं, वही फलसफा युवराज का है। शबनम ने कहा कि विश्व कप के दौरान युवराज पर काफी दबाव था और वह रातों को चैन से सो नहीं पाता था, लेकिन फाइनल जीतने के बाद अब वह सुकून महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा, सभी की नजरें उसी पर थीं। वह कई बार रातों को उठकर बैठ जाता था। उसे उल्टियां भी होने लगी थी। इतने दबाव के बीच अच्छा खेलना बहुत मुश्किल था, लेकिन मुझे गर्व है कि उसने ऐसा कर दिखाया। यह पूछने पर कि विश्व कप जीतने के बाद उसकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी, शबनम ने कहा कि उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था और वह खुशी के मारे चीख रहा था। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल जीतने के बाद उसने पूछा था कि अगर हम विश्व कप जीत गए तो क्या होगा। मैंने कहा कि भारत ही जीतेगा, तो उसका जवाब था कि मैं खुशी के मारे पागल हो जाऊंगा। उसके जज्बात मैदान पर सभी ने देखे। यह पूछने पर कि बतौर खिलाड़ी युवराज के भीतर आए बदलाव को विश्व कप में सभी ने देखा, लेकिन क्या निजी जिंदगी में भी वह बदल गया है, उन्होंने ना में जवाब दिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सचिन के लिए विश्व कप जीतने की बात कहने वाले युवराज खराब फॉर्म के बाद यदि शानदार वापसी करने में कामयाब रहे, तो उसका श्रेय इस चैम्पियन बल्लेबाज को ही जाता है। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका में 15 साल की एक मुस्लिम लड़की ने दावा किया है कि उसे उसके हिजाब के कारण एक चालक द्वारा एक स्कूल बस से दो बार उतारा गया. लड़की के परिवार ने स्कूल वालों से माफी की मांग की है.
परिवार के वकील रानडाल स्पेंसर ने कहा कि उताह के प्रोवो सिटी में टिम्पव्यू हाई स्कूल में पढ़ने वाली लड़की जान्ना बाकिर से बस चालक ने बस की इंटरकॉम प्रणाली का प्रयोग करते हुए कहा कि बस से उतर जाओ, तुम यहां की नहीं हो.
बाकिर के हवाले से एबीसी न्यूज से जुड़े 'डब्ल्यबीएनडी एलडी' ने कहा, 'यह (हिजाब) इसका हिस्सा है कि मैं कौन हूं और कहां से आती हूं और यह मेरे धर्म का हिस्सा है. हर दिन मैं अपने कपड़ों के साथ अपने हिजाब का मिलान करती हूं'. उन्होंने पिछले महीने हुई इस घटना के बारे में कहा कि चालक ने कहा, 'हे, तुम नीली चीज (स्कार्फ) वाली, तुम इस बस पर नहीं चढो और मैंने कभी तुम्हें सवार होते नहीं देखा इसलिए उतर जाओ'.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई और वह बस से उतरकर रोने लगी. उन्होंने कहा, 'मैं बहुत शर्मिंदा हुई कि किस तरह हर कोई उन्हें घूर रहा था'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
परिवार के वकील रानडाल स्पेंसर ने कहा कि उताह के प्रोवो सिटी में टिम्पव्यू हाई स्कूल में पढ़ने वाली लड़की जान्ना बाकिर से बस चालक ने बस की इंटरकॉम प्रणाली का प्रयोग करते हुए कहा कि बस से उतर जाओ, तुम यहां की नहीं हो.
बाकिर के हवाले से एबीसी न्यूज से जुड़े 'डब्ल्यबीएनडी एलडी' ने कहा, 'यह (हिजाब) इसका हिस्सा है कि मैं कौन हूं और कहां से आती हूं और यह मेरे धर्म का हिस्सा है. हर दिन मैं अपने कपड़ों के साथ अपने हिजाब का मिलान करती हूं'. उन्होंने पिछले महीने हुई इस घटना के बारे में कहा कि चालक ने कहा, 'हे, तुम नीली चीज (स्कार्फ) वाली, तुम इस बस पर नहीं चढो और मैंने कभी तुम्हें सवार होते नहीं देखा इसलिए उतर जाओ'.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई और वह बस से उतरकर रोने लगी. उन्होंने कहा, 'मैं बहुत शर्मिंदा हुई कि किस तरह हर कोई उन्हें घूर रहा था'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बाकिर के हवाले से एबीसी न्यूज से जुड़े 'डब्ल्यबीएनडी एलडी' ने कहा, 'यह (हिजाब) इसका हिस्सा है कि मैं कौन हूं और कहां से आती हूं और यह मेरे धर्म का हिस्सा है. हर दिन मैं अपने कपड़ों के साथ अपने हिजाब का मिलान करती हूं'. उन्होंने पिछले महीने हुई इस घटना के बारे में कहा कि चालक ने कहा, 'हे, तुम नीली चीज (स्कार्फ) वाली, तुम इस बस पर नहीं चढो और मैंने कभी तुम्हें सवार होते नहीं देखा इसलिए उतर जाओ'.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई और वह बस से उतरकर रोने लगी. उन्होंने कहा, 'मैं बहुत शर्मिंदा हुई कि किस तरह हर कोई उन्हें घूर रहा था'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई और वह बस से उतरकर रोने लगी. उन्होंने कहा, 'मैं बहुत शर्मिंदा हुई कि किस तरह हर कोई उन्हें घूर रहा था'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हिजाब के कारण एक चालक द्वारा एक स्कूल बस से दो बार उतारा गया.
बस से उतर जाओ, तुम यहां की नहीं हो- चालक ने लड़की से कहा
लड़की ने कहा, मैं बहुत शर्मिंदा हुई कि किस तरह हर कोई उन्हें घूर रहा था. | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वरिष्ठ गांधीवादी और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ योग गुरु बाबा रामदेव के अनशन के दौरान पुलिस कार्रवाई की रविवार को कड़ी निंदा की। इसे लेकर उन्होंने आठ जून को एक दिन के लिए जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठने का ऐलान किया। साथ ही लोकपाल मसौदा समिति की होने वाली अगली बैठक का इसमें शमिल सामाजिक संगठन के सदस्यों ने बहिष्कार करने का फैसला किया है। अन्ना हजारे ने यहां पत्रकारों के साथ चर्चा में कहा, "आंदोलन और अनशन के खिलाफ कार्रवाई लोकतंत्र के लिए खतरा है। सरकार लोकशाही का गला घोंटने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने कहा, "अनशन के दौरान पंडाल में रात में सोए हुए लोगों पर लाठी चार्ज करना मानवीयता के खिलाफ है और बेहद निंदनीय है। संविधान ने हमें आंदोलन और अनशन का अधिकार प्रदान किया है।" गांधीवादी नेता ने कहा, "अंग्रेज भी ऐसा ही दुर्व्यवहार करते थे। इस घटना ने जलियांवाला बाग की घटना की याद को ताजा कर दिया है। अंग्रेजों और भारतीय हुकुमत में क्या अंतर है।" उन्होंने बाबा रामदेव के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जंतर-मंतर पर आठ जून को एक दिवसीय अनशन पर बैठने का ऐलान किया। साथ ही अन्ना हजारे ने देशवासियों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया। सख्त लोकपाल विधेयक का मसौदा तय करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई 10 सदस्यीय समिति की अगली बैठक में सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि हिस्सा नहीं लेंगे। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की ओर से जारी एक बयान में यह बात कही गई। काले धन के मुद्दे पर बाबा रामदेव के अनशन के दौरान शनिवार-रविवार की मध्य रात्रि को पुलिस द्वारा की गई बर्बरता के खिलाफ सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने यह फैसला किया है। सामाजिक संगठन के सदस्यों की ओर जारी बयान में यह भी कहा गया है कि इस सम्बंध में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर जानकारी दे दी जाएगी। | यह एक सारांश है: अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ योग गुरु बाबा रामदेव के अनशन के दौरान पुलिस कार्रवाई की रविवार को कड़ी निंदा की। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टीम अन्ना ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तैयार कर ली है, जिसके तहत टीम अपने अभियान की शुरुआत उत्तराखंड से 21, 22 और 23 जनवरी को करेगी। टीम के मुताबिक वे किसी भी राजनैतिक दल का विरोध करने के स्थान पर लोकपाल तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनसाधारण को जागरूक करने जा रहे हैं।
उत्तराखंड के बाद टीम अन्ना 25 जनवरी को पंजाब में प्रचार करेगी, और 26 जनवरी को दिल्ली में 'गणतंत्र बचाओ अभियान' चलाएगी। दिल्ली के बाद 27 और 28 जनवरी को उत्तराखंड में दोबारा प्रचार का कार्यक्रम होगा। उत्तर प्रदेश में प्रचार अभियान की शुरुआत 3 फरवरी से होगी।
उत्तराखंड के बाद टीम अन्ना 25 जनवरी को पंजाब में प्रचार करेगी, और 26 जनवरी को दिल्ली में 'गणतंत्र बचाओ अभियान' चलाएगी। दिल्ली के बाद 27 और 28 जनवरी को उत्तराखंड में दोबारा प्रचार का कार्यक्रम होगा। उत्तर प्रदेश में प्रचार अभियान की शुरुआत 3 फरवरी से होगी। | संक्षिप्त पाठ: टीम के मुताबिक वे किसी भी राजनैतिक दल का विरोध करने के स्थान पर लोकपाल तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनसाधारण को जागरूक करने जा रहे हैं। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: त्योहारों के दौरान ग्राहकों को आकर्षित करने के इरादे से सार्वजनिक क्षेत्र के देना बैंक ने शुक्रवार को ऋण मेला शुरू किया। इसके तहत बैंक नए आवास एवं वाहन कर्ज पर 0.25 प्रतिशत की छूट देने के साथ प्रोसेसिंग शुल्क आधा लेगा। बैंक ने बयान में कहा कि यह योजना 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। बयान के अनुसार, देना बैंक ने नए आवास एवं कार ऋण पर घोषित ब्याज दर पर 0.25 प्रतिशत छूट देने का निर्णय किया है। ग्राहकों को और लाभ देने के लिए हमने नए कर्ज पर प्रोसेसिंग शुल्क मौजूदा एक प्रतिशत से घटाकर 0.50 प्रतिशत कर दिया है। देना बैंक की आधार दर यानी बेस रेट फिलहाल 10.70 प्रतिशत है। बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि छूट कर्ज की मात्रा तथा अवधि पर निर्भर करेगी। बैंक फ्लोटिंग आवास ऋण पर 11.20 प्रतिशत से 12.75 प्रतिशत ब्याज दर वसूलता है, जबकि स्थिर ब्याज दर 11.50 प्रतिशत से 12.75 प्रतिशत के बीच है। अधिकारी के अनुसार तीन साल के लिए वाहन ऋण पर ब्याज दर 13.25 प्रतिशत तथा तीन साल से अधिक की अवधि के कर्ज पर ब्याज दर 13.75 प्रतिशत देय है। इन दरों पर 0.25 प्रतिशत की छूट मिलेगी। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने भी दिसंबर तक आवास ऋण पर 0.25 प्रतिशत की रियायत दिए जाने की घोषणा की है। | संक्षिप्त सारांश: बैंक नए आवास एवं वाहन कर्ज पर 0.25 प्रतिशत की छूट देने के साथ प्रोसेसिंग शुल्क आधा लेगा। यह योजना 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि भारत को सर्वाधिक तरजीही देश (एमएफएन) का दर्जा देने के कदम को मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान को पड़ोसी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने में दिलचस्पी है।टिप्पणियां
गिलानी ने अपने निवास पर संवाददाता से मजाकिये लहजे में कहा, ‘‘हमें एमएफएन को कोई अच्छा नाम देना चाहिए, तब मुझे लगता है कि यह मुद्दा हल हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि ऐसा जान पड़ता है कि एमएफएन नाम मुद्दा बन गया है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमें व्यापार में दिलचस्पी है क्योंकि हम चीन जैसे अन्य पड़ोसी देशों के साथ ऐसा ही (व्यापार) कर रहे हैं।’’
गिलानी ने अपने निवास पर संवाददाता से मजाकिये लहजे में कहा, ‘‘हमें एमएफएन को कोई अच्छा नाम देना चाहिए, तब मुझे लगता है कि यह मुद्दा हल हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि ऐसा जान पड़ता है कि एमएफएन नाम मुद्दा बन गया है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमें व्यापार में दिलचस्पी है क्योंकि हम चीन जैसे अन्य पड़ोसी देशों के साथ ऐसा ही (व्यापार) कर रहे हैं।’’
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमें व्यापार में दिलचस्पी है क्योंकि हम चीन जैसे अन्य पड़ोसी देशों के साथ ऐसा ही (व्यापार) कर रहे हैं।’’ | संक्षिप्त सारांश: गिलानी ने कहा है कि भारत को सर्वाधिक तरजीही देश का दर्जा देने के कदम को मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान को पड़ोसी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने में दिलचस्पी है। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में जमीनी विवाद में शुक्रवार को एक सरपंच की हत्या से गुस्साए समर्थकों ने गिरफ्तार मुख्य आरोपी के घर में आग लगा दी जिससे पांच नाबालिक बच्चों सहित उसके 10 परिजनों की जलकर मौत हो गई जबकि दो अन्य बुरी तरह से झुलस गए। आगजनी के आरोप में अब तक 40 गिरफ्तारियां की गई हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है। गोरखपुर परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) संदीप सालोन्के ने बताया कि फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह से काबू में है। पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में तनाव के मद्देनजर भारी संख्या में जिला पुलिस के अलावा प्रांतीय सशस्त्र बल(पीएसी) की तैनाती की गई है। पुलिस के मुताबिक घटना थूथीबारी थाना क्षेत्र के डिगेरी गांव की है, जहां सरपंच दीनानाथ सिंह की गांव के ही द्वारिका दुबे ने परिजनों के साथ गोलीमार कर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी द्वारिका सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन भीड़ की गुस्सा इससे शांत नहीं हुआ। सालोन्के के मुताबिक हत्या से भड़के सरपंच के समर्थकों ने द्वारिका के घर में आग लगी दी। आगजनी की सूचना पर पुलिस और अग्निशमनकर्मी जब मौके पर जाने लगे तो समर्थकों ने उन्हें जाने से रोका और उनपर जमकर पथराव किया। उन्होंने बताया कि भारी संख्या में दूसरे थानों के पुलिस बल पहुंचने पर हालात पर काबू में हो सके। जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो पांच बच्चों, दो पुरुष और दो महिलाओं की दम घुटने और जलने मौत हो चुकी थी। सालोन्के ने कहा कि आगजनी की घटना में शामिल होने के आरोप में अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई अन्य के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है, जिन्हें पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आगजनी के आरोप में अब तक 40 गिरफ्तारियां की गई हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है। | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय गृह मंत्रालय में 1992 बैच के आईपीएस अफसर रजनीश राय की एक रिपोर्ट पर खलबली मच गई है. इस रिपोर्ट में उन्होंने चिरांग में हुए एक एनकाउंटर को फर्ज़ी करार दिया है. खलबली इसलिए है क्योंकि इसी अफसर ने सोहराबुद्दीन मामले की जांच की थी और गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू किया था.
केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने बुधवार की शाम को डीजी सीआरपीएफ आरआर भटनागर को तलब किया और जानना चाहा कि आखिर आईजी रजनीश राय जो कि सीआरपीएफ के असम तथा पूर्वोत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में उग्रवाद-विरोधी बल के प्रभारी हैं की रिपोर्ट में कितनी सच्चाई है. रजनीश राय ने किसके कहने पर यह रिपोर्ट सीआरपीएफ मुख्यालय भेजी.
मीटिंग के बाद डीजी सीआरपीएफ आरआर भटनागर ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि राय ने रिपोर्ट उनके काम सम्भालने से पहले एक्टिंग डीजी सुदीप लखटकिया को भेजी थी. उन्होंने कहा "इस मामले में पहले ही असम पुलिस जांच कर रही है, इसीलिए इसमें दूसरी जांच शुरू नहीं की जा सकती."
उधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ से इस रिपोर्ट के बारे में जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्या यह अनुशासनहीनता का मामला बनता है, क्योंकि रजनीश राय ने जांच रिपोर्ट सीआरपीएफ के अलावा राज्य पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के डीजी को भी भेजी है.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रालय का मानना है कि यह एक प्रशासनिक रिपोर्ट है जिस पर अंदरूनी जांच होगी. अगर सही पाई गई तो कसूरवार अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है. आईजी की रिपोर्ट पोस्टफ़ाक्टो है इसलिए इसे सीक्वेंस ऑफ़ इवेंट से मिलाने की जरूरत है. यह इसीलिए भी अहम है क्योंकि पहले ही फर्ज़ी एनकाउंटर के मामले में राज्य पुलिस जांच कर रही है.टिप्पणियां
मंत्रालय ने सीआरपीएफ से पूछा है कि रजनीश राय इस फैसले पर कैसे पहुंचे कि यह एक फर्ज़ी एनकाउंटर है. क्या उन्होंने सही चश्मदीदों से बात की है. या फिर फोरेंसिक सबूतों के आधार पर वे ऐसा कह रहे हैं.
असम के चिरांग जिले में 30 मार्च को एक एनकाउंटर में दो बोडो उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. रिपोर्ट में राय ने लिखा है कि बोडो उग्रवादियों को एनकाउंटर में नहीं मारा गया, बल्कि पहले पकड़ा गया और फिर मारा. यानी मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन हुआ है.
केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने बुधवार की शाम को डीजी सीआरपीएफ आरआर भटनागर को तलब किया और जानना चाहा कि आखिर आईजी रजनीश राय जो कि सीआरपीएफ के असम तथा पूर्वोत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में उग्रवाद-विरोधी बल के प्रभारी हैं की रिपोर्ट में कितनी सच्चाई है. रजनीश राय ने किसके कहने पर यह रिपोर्ट सीआरपीएफ मुख्यालय भेजी.
मीटिंग के बाद डीजी सीआरपीएफ आरआर भटनागर ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि राय ने रिपोर्ट उनके काम सम्भालने से पहले एक्टिंग डीजी सुदीप लखटकिया को भेजी थी. उन्होंने कहा "इस मामले में पहले ही असम पुलिस जांच कर रही है, इसीलिए इसमें दूसरी जांच शुरू नहीं की जा सकती."
उधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ से इस रिपोर्ट के बारे में जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्या यह अनुशासनहीनता का मामला बनता है, क्योंकि रजनीश राय ने जांच रिपोर्ट सीआरपीएफ के अलावा राज्य पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के डीजी को भी भेजी है.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रालय का मानना है कि यह एक प्रशासनिक रिपोर्ट है जिस पर अंदरूनी जांच होगी. अगर सही पाई गई तो कसूरवार अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है. आईजी की रिपोर्ट पोस्टफ़ाक्टो है इसलिए इसे सीक्वेंस ऑफ़ इवेंट से मिलाने की जरूरत है. यह इसीलिए भी अहम है क्योंकि पहले ही फर्ज़ी एनकाउंटर के मामले में राज्य पुलिस जांच कर रही है.टिप्पणियां
मंत्रालय ने सीआरपीएफ से पूछा है कि रजनीश राय इस फैसले पर कैसे पहुंचे कि यह एक फर्ज़ी एनकाउंटर है. क्या उन्होंने सही चश्मदीदों से बात की है. या फिर फोरेंसिक सबूतों के आधार पर वे ऐसा कह रहे हैं.
असम के चिरांग जिले में 30 मार्च को एक एनकाउंटर में दो बोडो उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. रिपोर्ट में राय ने लिखा है कि बोडो उग्रवादियों को एनकाउंटर में नहीं मारा गया, बल्कि पहले पकड़ा गया और फिर मारा. यानी मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन हुआ है.
मीटिंग के बाद डीजी सीआरपीएफ आरआर भटनागर ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि राय ने रिपोर्ट उनके काम सम्भालने से पहले एक्टिंग डीजी सुदीप लखटकिया को भेजी थी. उन्होंने कहा "इस मामले में पहले ही असम पुलिस जांच कर रही है, इसीलिए इसमें दूसरी जांच शुरू नहीं की जा सकती."
उधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ से इस रिपोर्ट के बारे में जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्या यह अनुशासनहीनता का मामला बनता है, क्योंकि रजनीश राय ने जांच रिपोर्ट सीआरपीएफ के अलावा राज्य पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के डीजी को भी भेजी है.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रालय का मानना है कि यह एक प्रशासनिक रिपोर्ट है जिस पर अंदरूनी जांच होगी. अगर सही पाई गई तो कसूरवार अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है. आईजी की रिपोर्ट पोस्टफ़ाक्टो है इसलिए इसे सीक्वेंस ऑफ़ इवेंट से मिलाने की जरूरत है. यह इसीलिए भी अहम है क्योंकि पहले ही फर्ज़ी एनकाउंटर के मामले में राज्य पुलिस जांच कर रही है.टिप्पणियां
मंत्रालय ने सीआरपीएफ से पूछा है कि रजनीश राय इस फैसले पर कैसे पहुंचे कि यह एक फर्ज़ी एनकाउंटर है. क्या उन्होंने सही चश्मदीदों से बात की है. या फिर फोरेंसिक सबूतों के आधार पर वे ऐसा कह रहे हैं.
असम के चिरांग जिले में 30 मार्च को एक एनकाउंटर में दो बोडो उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. रिपोर्ट में राय ने लिखा है कि बोडो उग्रवादियों को एनकाउंटर में नहीं मारा गया, बल्कि पहले पकड़ा गया और फिर मारा. यानी मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन हुआ है.
उधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ से इस रिपोर्ट के बारे में जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्या यह अनुशासनहीनता का मामला बनता है, क्योंकि रजनीश राय ने जांच रिपोर्ट सीआरपीएफ के अलावा राज्य पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के डीजी को भी भेजी है.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रालय का मानना है कि यह एक प्रशासनिक रिपोर्ट है जिस पर अंदरूनी जांच होगी. अगर सही पाई गई तो कसूरवार अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है. आईजी की रिपोर्ट पोस्टफ़ाक्टो है इसलिए इसे सीक्वेंस ऑफ़ इवेंट से मिलाने की जरूरत है. यह इसीलिए भी अहम है क्योंकि पहले ही फर्ज़ी एनकाउंटर के मामले में राज्य पुलिस जांच कर रही है.टिप्पणियां
मंत्रालय ने सीआरपीएफ से पूछा है कि रजनीश राय इस फैसले पर कैसे पहुंचे कि यह एक फर्ज़ी एनकाउंटर है. क्या उन्होंने सही चश्मदीदों से बात की है. या फिर फोरेंसिक सबूतों के आधार पर वे ऐसा कह रहे हैं.
असम के चिरांग जिले में 30 मार्च को एक एनकाउंटर में दो बोडो उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. रिपोर्ट में राय ने लिखा है कि बोडो उग्रवादियों को एनकाउंटर में नहीं मारा गया, बल्कि पहले पकड़ा गया और फिर मारा. यानी मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन हुआ है.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रालय का मानना है कि यह एक प्रशासनिक रिपोर्ट है जिस पर अंदरूनी जांच होगी. अगर सही पाई गई तो कसूरवार अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है. आईजी की रिपोर्ट पोस्टफ़ाक्टो है इसलिए इसे सीक्वेंस ऑफ़ इवेंट से मिलाने की जरूरत है. यह इसीलिए भी अहम है क्योंकि पहले ही फर्ज़ी एनकाउंटर के मामले में राज्य पुलिस जांच कर रही है.टिप्पणियां
मंत्रालय ने सीआरपीएफ से पूछा है कि रजनीश राय इस फैसले पर कैसे पहुंचे कि यह एक फर्ज़ी एनकाउंटर है. क्या उन्होंने सही चश्मदीदों से बात की है. या फिर फोरेंसिक सबूतों के आधार पर वे ऐसा कह रहे हैं.
असम के चिरांग जिले में 30 मार्च को एक एनकाउंटर में दो बोडो उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. रिपोर्ट में राय ने लिखा है कि बोडो उग्रवादियों को एनकाउंटर में नहीं मारा गया, बल्कि पहले पकड़ा गया और फिर मारा. यानी मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन हुआ है.
मंत्रालय ने सीआरपीएफ से पूछा है कि रजनीश राय इस फैसले पर कैसे पहुंचे कि यह एक फर्ज़ी एनकाउंटर है. क्या उन्होंने सही चश्मदीदों से बात की है. या फिर फोरेंसिक सबूतों के आधार पर वे ऐसा कह रहे हैं.
असम के चिरांग जिले में 30 मार्च को एक एनकाउंटर में दो बोडो उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. रिपोर्ट में राय ने लिखा है कि बोडो उग्रवादियों को एनकाउंटर में नहीं मारा गया, बल्कि पहले पकड़ा गया और फिर मारा. यानी मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन हुआ है.
असम के चिरांग जिले में 30 मार्च को एक एनकाउंटर में दो बोडो उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. रिपोर्ट में राय ने लिखा है कि बोडो उग्रवादियों को एनकाउंटर में नहीं मारा गया, बल्कि पहले पकड़ा गया और फिर मारा. यानी मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन हुआ है. | संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय गृह सचिव ने डीजी सीआरपीएफ भटनागर को तलब किया
जांच के बाद कसूरवार अधिकारियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
रजनीश राय ने सोहराबुद्दीन मामले की भी जांच की थी | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: न्यायपालिका पर दिए एक बयान को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुश्किल में पड़ सकती हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता के 14 अगस्त के उस भाषण का वीडियो देखा, जिसमें ममता ने अदालतों में भ्रष्टाचार को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद कोर्ट ने केस को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
वहीं, ममता बनर्जी ने फिर कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा और वह एक हजार बार यह बात फिर कहने को तैयार हैं। कोर्ट के बुलावे के बाद वह अपना जवाब कोर्ट में भी देंगी।
ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा में कहा था कि न्याय पैसों से खरीदा जाता है, जो ठीक नहीं है।टिप्पणियां
इस बीच, ममता बनर्जी के खिलाफ दायर एक शिकायत पर हाईकोर्ट ने चार मीडिया घरानों को तीन हफ्ते के भीतर हलफनामा दायर करने को कहा है। शिकायतकर्ता ने खबरों का हवाला दिया था, जिसकी पुष्टि अदालत करना चाहती है। इसके बाद कोर्ट फैसला करेगा कि आगे क्या करना है।
गौरतलब है कि मंगलवार को ममता बनर्जी ने अदालतों पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पैसे के बल पर फैसले हो रहे हैं, जो ठीक नहीं। ममता ने कहा था, इस वक्तव्य के बाद मेरी आलोचना भी होगी और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। तमाम ऐसे फैसले हैं, जो पैसे के दम लिए गए हैं। इस संबंध में मुझे राय प्रकट करने का अधिकार है। आखिर न्यायपालिका में इतना भ्रष्टाचार क्यों है? यह हमारा दुर्भाग्य है। बड़े वकीलों ने ममता के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
वहीं, ममता बनर्जी ने फिर कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा और वह एक हजार बार यह बात फिर कहने को तैयार हैं। कोर्ट के बुलावे के बाद वह अपना जवाब कोर्ट में भी देंगी।
ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा में कहा था कि न्याय पैसों से खरीदा जाता है, जो ठीक नहीं है।टिप्पणियां
इस बीच, ममता बनर्जी के खिलाफ दायर एक शिकायत पर हाईकोर्ट ने चार मीडिया घरानों को तीन हफ्ते के भीतर हलफनामा दायर करने को कहा है। शिकायतकर्ता ने खबरों का हवाला दिया था, जिसकी पुष्टि अदालत करना चाहती है। इसके बाद कोर्ट फैसला करेगा कि आगे क्या करना है।
गौरतलब है कि मंगलवार को ममता बनर्जी ने अदालतों पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पैसे के बल पर फैसले हो रहे हैं, जो ठीक नहीं। ममता ने कहा था, इस वक्तव्य के बाद मेरी आलोचना भी होगी और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। तमाम ऐसे फैसले हैं, जो पैसे के दम लिए गए हैं। इस संबंध में मुझे राय प्रकट करने का अधिकार है। आखिर न्यायपालिका में इतना भ्रष्टाचार क्यों है? यह हमारा दुर्भाग्य है। बड़े वकीलों ने ममता के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा में कहा था कि न्याय पैसों से खरीदा जाता है, जो ठीक नहीं है।टिप्पणियां
इस बीच, ममता बनर्जी के खिलाफ दायर एक शिकायत पर हाईकोर्ट ने चार मीडिया घरानों को तीन हफ्ते के भीतर हलफनामा दायर करने को कहा है। शिकायतकर्ता ने खबरों का हवाला दिया था, जिसकी पुष्टि अदालत करना चाहती है। इसके बाद कोर्ट फैसला करेगा कि आगे क्या करना है।
गौरतलब है कि मंगलवार को ममता बनर्जी ने अदालतों पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पैसे के बल पर फैसले हो रहे हैं, जो ठीक नहीं। ममता ने कहा था, इस वक्तव्य के बाद मेरी आलोचना भी होगी और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। तमाम ऐसे फैसले हैं, जो पैसे के दम लिए गए हैं। इस संबंध में मुझे राय प्रकट करने का अधिकार है। आखिर न्यायपालिका में इतना भ्रष्टाचार क्यों है? यह हमारा दुर्भाग्य है। बड़े वकीलों ने ममता के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
इस बीच, ममता बनर्जी के खिलाफ दायर एक शिकायत पर हाईकोर्ट ने चार मीडिया घरानों को तीन हफ्ते के भीतर हलफनामा दायर करने को कहा है। शिकायतकर्ता ने खबरों का हवाला दिया था, जिसकी पुष्टि अदालत करना चाहती है। इसके बाद कोर्ट फैसला करेगा कि आगे क्या करना है।
गौरतलब है कि मंगलवार को ममता बनर्जी ने अदालतों पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पैसे के बल पर फैसले हो रहे हैं, जो ठीक नहीं। ममता ने कहा था, इस वक्तव्य के बाद मेरी आलोचना भी होगी और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। तमाम ऐसे फैसले हैं, जो पैसे के दम लिए गए हैं। इस संबंध में मुझे राय प्रकट करने का अधिकार है। आखिर न्यायपालिका में इतना भ्रष्टाचार क्यों है? यह हमारा दुर्भाग्य है। बड़े वकीलों ने ममता के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को ममता बनर्जी ने अदालतों पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पैसे के बल पर फैसले हो रहे हैं, जो ठीक नहीं। ममता ने कहा था, इस वक्तव्य के बाद मेरी आलोचना भी होगी और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। तमाम ऐसे फैसले हैं, जो पैसे के दम लिए गए हैं। इस संबंध में मुझे राय प्रकट करने का अधिकार है। आखिर न्यायपालिका में इतना भ्रष्टाचार क्यों है? यह हमारा दुर्भाग्य है। बड़े वकीलों ने ममता के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। | सारांश: कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता के 14 अगस्त के उस भाषण का वीडियो देखा, जिसमें उन्होंने अदालतों में भ्रष्टाचार को लेकर टिप्पणी की थी। ममता ने एक बार फिर कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल के बधर्मान जिले के दुर्गापुर में फूड प्वाइजनिंग की वजह से 49 छात्राएं बीमार हो गई हैं, जिनमें से एक छात्रा की मौत हो गई है।
बीमार हुई सभी लड़कियों को दुर्गापुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीमार छात्राओं में से तीन की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।टिप्पणियां
ये सभी छात्राएं पंडित रघुनाथ मुरमू मेमोरियल ट्राइबल स्कूल की हैं।
गौरतलब है कि शनिवार रात स्कूल के हॉस्टल में खाना खाने के बाद छात्राओं की तबियत बिगड़ने लगी।
यहां के खाने में मिलावट की बात सामने आ रही है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है। अभी तक इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है।
बीमार हुई सभी लड़कियों को दुर्गापुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीमार छात्राओं में से तीन की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।टिप्पणियां
ये सभी छात्राएं पंडित रघुनाथ मुरमू मेमोरियल ट्राइबल स्कूल की हैं।
गौरतलब है कि शनिवार रात स्कूल के हॉस्टल में खाना खाने के बाद छात्राओं की तबियत बिगड़ने लगी।
यहां के खाने में मिलावट की बात सामने आ रही है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है। अभी तक इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है।
ये सभी छात्राएं पंडित रघुनाथ मुरमू मेमोरियल ट्राइबल स्कूल की हैं।
गौरतलब है कि शनिवार रात स्कूल के हॉस्टल में खाना खाने के बाद छात्राओं की तबियत बिगड़ने लगी।
यहां के खाने में मिलावट की बात सामने आ रही है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है। अभी तक इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है।
यहां के खाने में मिलावट की बात सामने आ रही है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है। अभी तक इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पश्चिम बंगाल के बधर्मान जिले के दुर्गापुर में फूड प्वाइजनिंग की वजह से 49 छात्राएं बीमार हो गई हैं, जिनमें से एक छात्रा की मौत हो गई है। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजार के खिलाड़ियों की निगाह अगले सप्ताह कम्पनियों के दूसरी तिमाही के परिणामों पर टिकी रहेगी। इसके अलावा अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव भी बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। अगले सप्ताह कई प्रमुख कम्पनियां अपने परिणाम घोषित करेंगी।
सोमवार पांच नवम्बर को परिणाम घोषित करने वाले प्रमुख कम्पनियों में रिलायंस पॉवर, टेक महिंद्रा, विजया बैंक और वोल्टास हैं।
मंगलवार को परिणाम घोषित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, एडविस फायनेंशियल, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, इंडियन होटल्स, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और टाटा पावर।
बुधवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में होंगी कैंटाबिल रिटेल, इंद्रप्रस्थ गैस, किंगफिशर एयरलाइंस, एनएमडीसी, श्री अष्टविनायक, टाटा मोटर्स और यूको बैंक। किंगफिशर के शेयरों पर नजर टिकी रहेगी, क्योंकि कम्पनी के प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बकाए वेतन के मुद्दे पर समझौता हो गया है।
कम्पनी के वादे के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन की दूसरी खेप मिल चुकी है। कम्पनी ने वादा किया है कि चौथी खेप वह दिसम्बर से पहले चुका देगी। समझौते के बाद से लगातार कम्पनी के शेयरों को ऊपरी सर्किट सीमा पर बंद होते देखा जा रहा है।
गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पाश्र्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा।
शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां
शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है।
अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
सोमवार पांच नवम्बर को परिणाम घोषित करने वाले प्रमुख कम्पनियों में रिलायंस पॉवर, टेक महिंद्रा, विजया बैंक और वोल्टास हैं।
मंगलवार को परिणाम घोषित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, एडविस फायनेंशियल, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, इंडियन होटल्स, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और टाटा पावर।
बुधवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में होंगी कैंटाबिल रिटेल, इंद्रप्रस्थ गैस, किंगफिशर एयरलाइंस, एनएमडीसी, श्री अष्टविनायक, टाटा मोटर्स और यूको बैंक। किंगफिशर के शेयरों पर नजर टिकी रहेगी, क्योंकि कम्पनी के प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बकाए वेतन के मुद्दे पर समझौता हो गया है।
कम्पनी के वादे के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन की दूसरी खेप मिल चुकी है। कम्पनी ने वादा किया है कि चौथी खेप वह दिसम्बर से पहले चुका देगी। समझौते के बाद से लगातार कम्पनी के शेयरों को ऊपरी सर्किट सीमा पर बंद होते देखा जा रहा है।
गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पाश्र्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा।
शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां
शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है।
अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
मंगलवार को परिणाम घोषित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, एडविस फायनेंशियल, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, इंडियन होटल्स, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और टाटा पावर।
बुधवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में होंगी कैंटाबिल रिटेल, इंद्रप्रस्थ गैस, किंगफिशर एयरलाइंस, एनएमडीसी, श्री अष्टविनायक, टाटा मोटर्स और यूको बैंक। किंगफिशर के शेयरों पर नजर टिकी रहेगी, क्योंकि कम्पनी के प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बकाए वेतन के मुद्दे पर समझौता हो गया है।
कम्पनी के वादे के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन की दूसरी खेप मिल चुकी है। कम्पनी ने वादा किया है कि चौथी खेप वह दिसम्बर से पहले चुका देगी। समझौते के बाद से लगातार कम्पनी के शेयरों को ऊपरी सर्किट सीमा पर बंद होते देखा जा रहा है।
गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पाश्र्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा।
शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां
शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है।
अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
बुधवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में होंगी कैंटाबिल रिटेल, इंद्रप्रस्थ गैस, किंगफिशर एयरलाइंस, एनएमडीसी, श्री अष्टविनायक, टाटा मोटर्स और यूको बैंक। किंगफिशर के शेयरों पर नजर टिकी रहेगी, क्योंकि कम्पनी के प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बकाए वेतन के मुद्दे पर समझौता हो गया है।
कम्पनी के वादे के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन की दूसरी खेप मिल चुकी है। कम्पनी ने वादा किया है कि चौथी खेप वह दिसम्बर से पहले चुका देगी। समझौते के बाद से लगातार कम्पनी के शेयरों को ऊपरी सर्किट सीमा पर बंद होते देखा जा रहा है।
गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पाश्र्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा।
शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां
शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है।
अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
कम्पनी के वादे के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन की दूसरी खेप मिल चुकी है। कम्पनी ने वादा किया है कि चौथी खेप वह दिसम्बर से पहले चुका देगी। समझौते के बाद से लगातार कम्पनी के शेयरों को ऊपरी सर्किट सीमा पर बंद होते देखा जा रहा है।
गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पाश्र्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा।
शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां
शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है।
अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
गुरुवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली प्रमुख कम्पनियों में रहेंगी अशोक लीलैंड, मन्नप्पुरम फाइनेंस, ओएनजीसी, पाश्र्वनाथ डेवलपर, रिलायंस केमिकल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, सेल और सन फार्मा।
शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां
शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है।
अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
शुक्रवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी अपोलो अस्पताल, बैग फिल्म्स, बालाजी टेलीफिल्म्स, कोल इंडिया, एस्सार ऑयल, फोर्टिस हेल्थकेयर, एचडीआईएल, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, जिंदल स्टील, पॉवर फायनेंस, एसबीआई, सन टीवी और सुजलॉन एनर्जी।टिप्पणियां
शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है।
अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
शनिवार को परिणाम प्रकाशित करने वाली कम्पनियों में प्रमुख रहेंगी ब्रांड हाउस रिटेल और डीबी रियल्टी। हाल में राकेश झुनझुनवाला के डीबी रियल्टी में निवेश की खबर आने के बाद कम्पनी के शेयर में 25 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था, हालांकि इसमें वापस गिरावट हुई है।
अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
अगले सप्ताह अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करने वाला साबित हो सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। | सारांश: शेयर बाजार के खिलाड़ियों की निगाह अगले सप्ताह कम्पनियों के दूसरी तिमाही के परिणामों पर टिकी रहेगी। इसके अलावा अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव भी बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Weight Loss: क्या केला खाने से बढ़ता है वजन? यहां है जवाब
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1. बेहद कठोर कदम न उठाएं या अपने आहार में कोई बड़ा बदलाव न करें. यदि आप फ्राइज़, फ्रिटर, पिज्जा और पैटी के रूप में बहुत अधिक ट्रांस-फास्ट खा रहे हैं, तो तुरंत इसे काटने की कोशिश करें. जहां तक आपके बाकी आहार की बात है, अगर आप अपने शरीर की जरूरत की तुलना में ज्यादा कैलोरी खाते हैं, तो अपने नियमित भोजन से कैलोरी कम करने का प्रयास करें. यदि आप चार रोटियां खा रहे हैं, तो आप इसे तीन तक ला सकते हैं. इसे धीरे-धीरे समय के साथ करें. अपने शरीर को परिवर्तनों के अनुकूल होने दें. अपने सिस्टम को झटका देना या भूखा रहना अच्छा नहीं है.
2. कोशिश करें की खाने की मेज पर बहुत लंबे समय न बैठें. यदि आप भोजन करते हैं, तो अपनी प्लेट लें और टेबल से हट जाएं. अगर आप देर तक बैठे रहते हैं तो कुछ न कुछ अधिक खाने की संभावना बनी रहती है.
3. बहुत सारे ऐप और गैजेट हैं जिनका उपयोग आप आजकल अपनी कैलोरी, कदम और पोषक तत्वों-सेवन पर नज़र रखने के लिए कर सकते हैं. अपनी वज़न कम करने की यात्रा में जितना हो सके उतना इनका इस्तेमाल करें. अपने दोस्त और सहकर्मियों को भी अपनी यात्रा में शामिल करें.
जब तक सचमुच भूख न लगी हो तो भोजन न करें.
4. बड़ी प्लेटों में खाना खाने से आपको विश्वास हो जाता है कि आपने खाना कम कर दिया है, क्योंकि खाना बिखरा हुआ है. छोटी प्लेटों का विकल्प चुनें. जब तक सचमुच भूख न लगी हो तो भोजन न करें.
फायदे ही नहीं नुकसान भी पहुंचा सकती है अलसी, खाएं तो जरा संभल कर...
5. अपने आप पर बहुत कठोर न बनें. जब आप अपने लिए लक्ष्य निर्धारित करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप समय-समय पर खुद को पुरस्कृत करते हैं. डाइटिंग से भरे एक हफ्ते के बाद, आप केक के उस स्लाइस को डिजर्व करते हैं. प्रोत्साहन आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अधिक प्रेरित करता है.
इन टिप्स पर ध्यान दें और स्वाभाविक रूप से अतिरिक्त वजन कम करें. यदि आपके पास साझा करने के लिए कोई और सुझाव है, तो हमें टिप्पणी में लिखें.
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Weight Loss: मलाइका अरोड़ा की कॉफी है वेट लॉट और कीटोजेनिक फ्रेंडली! | संक्षिप्त पाठ: वजन कम (weight loss) करना आसान नहीं है
बेहद कठोर कदम न उठाएं या अपने आहार में कोई बड़ा बदलाव न करें.
अपने दोस्त और सहकर्मियों को भी अपनी यात्रा में शामिल करें. | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ओल्गा लैडिज़ेनस्काया (Olga Ladyzhenskaya) की आज 97वीं बर्थ एनिवर्सिरी (Olga Ladyzhenskaya 97th Birthday) है. आज गूगल ने डूडल (Google Doodle) के जरिए सम्मान दे रहा है. ओल्गा लैडिज़ेनस्काया रूस की महान गणितज्ञ (Russian Mathematician Olga Ladyzhenskaya) है. पर्शियल डिफरेंशल इक्वेशन और फ्लुइड डायनमिक्स की फील्ड में अहम योगदान दिया है. गूगल तस्वीर डूडल में लगाकर ओल्गा लैडिज़ेनस्काया के बर्थडे को सेलीब्रेट (Google Doodle On Olga Ladyzhenskaya) कर रहा है. फोटो के नीचे अवकल समीकरण (Differential equation) दिया गया है. जो उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है. उनको शुरुआती जीवन में काफी संघर्ष करना पड़ा. पिता की मृत्यू के दौरान उनको काफी नफरत का सामना करना पड़ा उसके बाद भी वो नहीं रुकीं और अपनी पहचान बनाकर दुनिया से अपना लोहा मनवाया. हम आपको बताने जा रहे हैं ओल्गा लैडिज़ेनस्काया की खास बातें...
(Olga Ladyzhenskaya: गूगल ने 97वीं बर्थ एनिवर्सिरी पर Google Doodle बना.) | सारांश: गूगल ने बनाया ओल्गा लैडिज़ेनस्काया का डूडल.
ओल्गा लैडिज़ेनस्काया रूस की महान गणितज्ञ हैं.
उनका जन्म 7 मार्च 1922 को रूस के कोलोग्रिव कस्बे में हुआ था. | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने कहा कि कुछ राष्ट्रीय खेल महासंघों की अध्यक्षता ऐसे राजनेताओं और अधिकारियों के हाथों में है जो खेल के बारे में कुछ नहीं जानते और साथ ही उन्होंने खराब प्रशासनिक प्रणाली के बावजूद देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की प्रशंसा की। माकन ने लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स के 22 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन करने वाले 15 खिलाड़ियों को पीपल आफ द ईयर 2011 के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय एथलीटों में इससे अधिक पदक हासिल करने की क्षमता है, लेकिन सबसे पहले प्रशासनिक प्रणाली को ठीक करना जरूरी है। माकन ने इस मौके पर कहा, भारत ने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेल 2010 में इन खेलों के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। राष्ट्रमंडल में हमें 38 स्वर्ण जबकि एशियाई खेलों में रिकार्ड 14 स्वर्ण पदक मिले। इन खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित किया और इनमें और पदक जीतने की क्षमता है लेकिन प्रशासनिक प्रणाली को ठीक करना बहुत जरूरी है। | सारांश: माकन ने कहा कि कुछ राष्ट्रीय खेल महासंघों की अध्यक्षता ऐसे राजनेताओं और अधिकारियों के हाथों में है जो खेल के बारे में कुछ नहीं जानते। | 5 | ['hin'] |
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