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एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड के दमदार एक्टर ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की फिल्म 'वॉर' (War) ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन ही धमाका कर दिया है. बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग करने वाली  'वॉर' (War) ने कुल 55 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. इतना ही नहीं, ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की जोड़ी को लेकर दर्शकों में भी काफी क्रेज देखने को मिल रहा है. लेकिन हाल ही में ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ और फिल्म वॉर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. दोनों 'वॉर' के बाद एक और फिल्म में साथ और आमने-सामने नजर आएंगे.  दरअसल, 'वॉर' (War) के डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने फिल्म का सीक्वेंस बनाने की तैयारी कर ली है और इस फिल्म में भी टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) और ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) आमने-सामने नजर आएंगे. एक इंटरव्यू के दौरान सिद्धार्थ आनंद (Sidharth Anand) ने कहा, "वॉर पार्ट टू की संभावना है." वहीं, इस बात पर टाइगर श्रॉफ का कहना है, "हम इस चीज का इंतजार कर रहे थे कि फिल्म दर्शकों को कितनी पसंद आती है, लेकिन बात अगर पार्ट 2 की है तो इसकी पूरी-पूरी संभावना है." टाइगर और सिद्धार्थ आनंद के अलावा खुद ऋतिक रोशन ने भी इस बात पर हामी भरी. उन्होंने कहा, "इंशाअल्लाह. यह पब्लिक के ऊपर निर्भर करता है. हम फ्रेंचाइजी तैयार करेंगे, अगर वह इसे दोबारा देखना चाहते हैं तो." बता दें कि ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की 'वॉर' ने रिलीज होने से पहले ही दमदार रिकॉर्ड बनाया था. दरअसल, फिल्म ने अपनी प्री-बुकिंग के जरिए ही करीब 31-32 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जो कि अपने आप में ही एक रिकॉर्ड है. वहीं, वॉर की बात करें तो यह एक्शन से भरपूर है. फिल्म में ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ और वाणी कपूर, तीनों ही अपनी भूमिका में काफी जमे हैं.
'वॉर' के सीक्वेंस को लेकर हुआ खुलासा ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ ने तोड़ी चुप्पी बॉक्स ऑफिस पर पहले ही दिन किया 'वॉर' ने धमाका
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उनकी विदेश यात्राओं पर सरकारी खजाने से 1880 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। दूसरी ओर जिस आरटीआई कार्यकर्ता को मिली जानकारी के आधार पर मोदी ने यह दावा किया है, उन्होंने इससे इनकार किया है। आरटीआई कार्यकर्ता रमेश वर्मा ने बताया कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।  मोदी ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के पूर्व अपनी एक महीने की यात्रा के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘कांग्रेस के उन मित्रों से जो हमारी सरकार पर अनियंत्रित खर्च करने का आरोप लगा रहे हैं, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या यह सही नहीं है कि पिछले तीन साल में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेश दौरों पर 1880 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से खर्च किए गए।’ उन्होंन कहा कि इसका साफ अर्थ है कि सोनिया गांधी की विदेश यात्राओं पर जो खर्च किया गया, वह भावनगर, जामनगर, जूनागढ और राजकोट नगर निगम के कुल सालाना बजट से ज्यादा है। मोदी ने कहा कि 12 जुलाई को एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने यह दावा किया है। मोदी के अनुसार वह रिपोर्ट सूचना का अधिकार कानून के तहत हरियाणा में हिसार के एक युवक के आवेदन पर सरकार से मिली जानकारी पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार या सोनिया गांधी ने उस रिपोर्ट का खंडन नहीं किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने मोदी के इस आरोप को ‘गैरजिम्मेदाराना’ और ‘झूठा’ करार देते हुए खारिज कर दिया है।टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह दुभाग्यपूर्ण है कि जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे व्यक्ति इस तरह का गैरजिम्मेदाराना बयान देते हैं। यह बौखलाहट और कुंठा की निशानी है। गुजरात के मुख्यमंत्री के बयान पर टिप्पणी कर हम ऐसे बयान और झूठ को सुशोभित नहीं करना चाहते। तिवारी ने साथ ही मुख्यमंत्री को कांग्रेस सांसदों की ओर से केन्द्रीय सर्तकता आयुक्त को सौंपे गये ज्ञापन की याद दिलाई जिसमें एक लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री में सच्चाई उजागर करने की क्षमता है तो उन्हें इन आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच का सामना करना चाहिए। तिवारी का कहना था कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। दूसरी ओर जिस आरटीआई कार्यकर्ता को मिली जानकारी के आधार पर मोदी ने यह दावा किया है, उन्होंने इससे इनकार किया है। आरटीआई कार्यकर्ता रमेश वर्मा ने बताया कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।  मोदी ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के पूर्व अपनी एक महीने की यात्रा के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘कांग्रेस के उन मित्रों से जो हमारी सरकार पर अनियंत्रित खर्च करने का आरोप लगा रहे हैं, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या यह सही नहीं है कि पिछले तीन साल में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेश दौरों पर 1880 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से खर्च किए गए।’ उन्होंन कहा कि इसका साफ अर्थ है कि सोनिया गांधी की विदेश यात्राओं पर जो खर्च किया गया, वह भावनगर, जामनगर, जूनागढ और राजकोट नगर निगम के कुल सालाना बजट से ज्यादा है। मोदी ने कहा कि 12 जुलाई को एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने यह दावा किया है। मोदी के अनुसार वह रिपोर्ट सूचना का अधिकार कानून के तहत हरियाणा में हिसार के एक युवक के आवेदन पर सरकार से मिली जानकारी पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार या सोनिया गांधी ने उस रिपोर्ट का खंडन नहीं किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने मोदी के इस आरोप को ‘गैरजिम्मेदाराना’ और ‘झूठा’ करार देते हुए खारिज कर दिया है।टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह दुभाग्यपूर्ण है कि जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे व्यक्ति इस तरह का गैरजिम्मेदाराना बयान देते हैं। यह बौखलाहट और कुंठा की निशानी है। गुजरात के मुख्यमंत्री के बयान पर टिप्पणी कर हम ऐसे बयान और झूठ को सुशोभित नहीं करना चाहते। तिवारी ने साथ ही मुख्यमंत्री को कांग्रेस सांसदों की ओर से केन्द्रीय सर्तकता आयुक्त को सौंपे गये ज्ञापन की याद दिलाई जिसमें एक लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री में सच्चाई उजागर करने की क्षमता है तो उन्हें इन आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच का सामना करना चाहिए। तिवारी का कहना था कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। मोदी ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के पूर्व अपनी एक महीने की यात्रा के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘कांग्रेस के उन मित्रों से जो हमारी सरकार पर अनियंत्रित खर्च करने का आरोप लगा रहे हैं, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या यह सही नहीं है कि पिछले तीन साल में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेश दौरों पर 1880 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से खर्च किए गए।’ उन्होंन कहा कि इसका साफ अर्थ है कि सोनिया गांधी की विदेश यात्राओं पर जो खर्च किया गया, वह भावनगर, जामनगर, जूनागढ और राजकोट नगर निगम के कुल सालाना बजट से ज्यादा है। मोदी ने कहा कि 12 जुलाई को एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने यह दावा किया है। मोदी के अनुसार वह रिपोर्ट सूचना का अधिकार कानून के तहत हरियाणा में हिसार के एक युवक के आवेदन पर सरकार से मिली जानकारी पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार या सोनिया गांधी ने उस रिपोर्ट का खंडन नहीं किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने मोदी के इस आरोप को ‘गैरजिम्मेदाराना’ और ‘झूठा’ करार देते हुए खारिज कर दिया है।टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह दुभाग्यपूर्ण है कि जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे व्यक्ति इस तरह का गैरजिम्मेदाराना बयान देते हैं। यह बौखलाहट और कुंठा की निशानी है। गुजरात के मुख्यमंत्री के बयान पर टिप्पणी कर हम ऐसे बयान और झूठ को सुशोभित नहीं करना चाहते। तिवारी ने साथ ही मुख्यमंत्री को कांग्रेस सांसदों की ओर से केन्द्रीय सर्तकता आयुक्त को सौंपे गये ज्ञापन की याद दिलाई जिसमें एक लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री में सच्चाई उजागर करने की क्षमता है तो उन्हें इन आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच का सामना करना चाहिए। तिवारी का कहना था कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। मोदी ने कहा कि 12 जुलाई को एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने यह दावा किया है। मोदी के अनुसार वह रिपोर्ट सूचना का अधिकार कानून के तहत हरियाणा में हिसार के एक युवक के आवेदन पर सरकार से मिली जानकारी पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार या सोनिया गांधी ने उस रिपोर्ट का खंडन नहीं किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने मोदी के इस आरोप को ‘गैरजिम्मेदाराना’ और ‘झूठा’ करार देते हुए खारिज कर दिया है।टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह दुभाग्यपूर्ण है कि जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे व्यक्ति इस तरह का गैरजिम्मेदाराना बयान देते हैं। यह बौखलाहट और कुंठा की निशानी है। गुजरात के मुख्यमंत्री के बयान पर टिप्पणी कर हम ऐसे बयान और झूठ को सुशोभित नहीं करना चाहते। तिवारी ने साथ ही मुख्यमंत्री को कांग्रेस सांसदों की ओर से केन्द्रीय सर्तकता आयुक्त को सौंपे गये ज्ञापन की याद दिलाई जिसमें एक लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री में सच्चाई उजागर करने की क्षमता है तो उन्हें इन आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच का सामना करना चाहिए। तिवारी का कहना था कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। दूसरी ओर, कांग्रेस ने मोदी के इस आरोप को ‘गैरजिम्मेदाराना’ और ‘झूठा’ करार देते हुए खारिज कर दिया है।टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह दुभाग्यपूर्ण है कि जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे व्यक्ति इस तरह का गैरजिम्मेदाराना बयान देते हैं। यह बौखलाहट और कुंठा की निशानी है। गुजरात के मुख्यमंत्री के बयान पर टिप्पणी कर हम ऐसे बयान और झूठ को सुशोभित नहीं करना चाहते। तिवारी ने साथ ही मुख्यमंत्री को कांग्रेस सांसदों की ओर से केन्द्रीय सर्तकता आयुक्त को सौंपे गये ज्ञापन की याद दिलाई जिसमें एक लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री में सच्चाई उजागर करने की क्षमता है तो उन्हें इन आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच का सामना करना चाहिए। तिवारी का कहना था कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह दुभाग्यपूर्ण है कि जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे व्यक्ति इस तरह का गैरजिम्मेदाराना बयान देते हैं। यह बौखलाहट और कुंठा की निशानी है। गुजरात के मुख्यमंत्री के बयान पर टिप्पणी कर हम ऐसे बयान और झूठ को सुशोभित नहीं करना चाहते। तिवारी ने साथ ही मुख्यमंत्री को कांग्रेस सांसदों की ओर से केन्द्रीय सर्तकता आयुक्त को सौंपे गये ज्ञापन की याद दिलाई जिसमें एक लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री में सच्चाई उजागर करने की क्षमता है तो उन्हें इन आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच का सामना करना चाहिए। तिवारी का कहना था कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। तिवारी ने साथ ही मुख्यमंत्री को कांग्रेस सांसदों की ओर से केन्द्रीय सर्तकता आयुक्त को सौंपे गये ज्ञापन की याद दिलाई जिसमें एक लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री में सच्चाई उजागर करने की क्षमता है तो उन्हें इन आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच का सामना करना चाहिए। तिवारी का कहना था कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते।
यहाँ एक सारांश है:गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उनकी विदेश यात्राओं पर सरकारी खजाने से 1880 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्याज की कीमत अगले सप्ताह से पांच रुपये प्रति किलो हो सकती है। आजादपुर थोक सब्जी विक्रेता संघ ने गुरुवार को कहा कि अगले सप्ताह से बाजार में प्याज की नई फसल आ जाएगी। चैंबर ऑफ आजादपुर फ्रूट एंड वेजीटेबल ट्रेडर के महासचिव रंजन शर्मा ने कहा कि लोहड़ी के बाद नई फसल आने लगती है, जिसके कारण बाजार प्याज की नई फसल से भर जाएगा और खुदरा दुकानों पर प्याज पांच से 10 रुपये प्रति किलो भाव पर मिलने शुरू हो सकते हैं। पिछले महीने प्याज की कीमत 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। शर्मा ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को खुदरा विक्रेताओं को 400 टन प्याज बेचे हैं और इसकी कीमत अभी 20-40 रुपये प्रति किलो चल रही है। प्याज के थोक कारोबारी आयकर अधिकारियों द्वारा मारे जा रहे छापे के विरोध में दो दिनों से हड़ताल पर थे, जिसे उन्होंने बुधवार को वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि दो दिनों की हड़ताल के कारण अभी उनके पास कम प्याज हैं, लेकिन दो-तीन दिनों में प्याज की आपूर्ति बढ़ जाने से कीमत कम हो जाएगी। व्यापारियों ने बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने हड़ताल वापस ले ली।
यहाँ एक सारांश है:लोहड़ी के बाद नई फसल आने लगती है, जिसके कारण बाजार प्याज की नई फसल से भर जाएगा। इससे प्याज का भाव 5-10 रुपये प्रति किलो हो सकता है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रियो ओलिंपिक में भारत के लिए निराशा का दौर खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा. हॉकी, तीरंदाजी और बैडमिंटन डबल्‍स, बॉक्सिंग में निराशा से भरे गुरुवार को अब तक बैडमिंटन स्‍टार साइना नेहवाल और पीवी सिंधु ने ही अपने मुकाबले जीतकर कुछ आस बंधाई है. तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बायला देवी के दबाव के आगे घुटने टेकने, हॉकी टीम के आखिरी क्षणों में पांच पेनल्टी कार्नर गंवाने के बाद हार झेलने तथा मुक्केबाजी में पदक की आस शिव थापा के पहले दौर में बाहर होने से भारतीय दल को आज भी निराशा हाथ लगी. भारतीय हॉकी टीम को अपना अगला मैच शुक्रवार को कनाडा से है. इस बीच, बैडमिंटन में मिश्रित परिणाम मिले.साइना नेहवाल और पीवी सिंधु ने महिला एकल में जीत से शुरूआत की लेकिन महिला डबल्‍स में ज्वाला गुट्टा-अश्विनी पोनप्पा तथा पुरुष डबल्‍स में मनु अत्री-सुमित रेड्डी को हार का सामना करना पड़ा.साइना ने ग्रुप जी में ब्राजील की लोयानी विसेंटे को 39 मिनट तक चले मैच में सीधे गेम में 21-17, 21-17 से हराया.उन्हें अब अपने ग्रुप के दूसरे मैच में उक्रेन की मारिया उलटिना से भिड़ना है.यह मैच 14 अगस्त को होगा. विश्व चैंपियनशिप में दो बार की कांस्य पदक विजेता सिंधु ने ग्रुप एम में विश्व में 64वें नंबर की हंगरी की लौरा सारोसी को 21-8, 21-9 से पराजित किया.उनका अगला मुकाबला 14 अगस्त को ग्रुप चरण में ही कनाडा की ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन ली मिशेली से होगा. ज्वाला और अश्विनी की भारतीय जोड़ी की महिला डबल्‍स में शुरूआत निराशाजनक रही.उन्हें ग्रुप ए में जापान की अयाका ताकाहाशी और मिसाकी मातसुमोतो की विश्व में नंबर एक जोड़ी से महज 36 मिनट में 15-21, 10-21 से हार झेलनी पड़ी.पुरुष डबल्‍स में मनु अत्री और सुमित बी रेड्डी की जोड़ी को मोहम्मद अहसन और हेंद्रा सेतियावान की इंडोनेशिया की दुनिया की दूसरे नंबर की जोड़ी के खिलाफ 18-21 13-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा. भारत को बॉक्सिंग में शिव थापा (56 किग्रा) से काफी उम्मीद थी, लेकिन वह पहले दौर के मुकाबले में चौथे वरीय क्यूबाई खिलाड़ी रोबीसे रमीरेज से शिकस्त झेलकर ओलंपिक से बाहर हो गए. अपने दूसरे ओलंपिक में हिस्सा ले रहे 22 साल के शिव को एकतरफा मुकाबले में 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा.इस मुकाबले के दौरान उनकी बायीं आंख के उपर कट भी लग गया.भारतीय उम्मीदों का भार अब विकास कृष्ण (75 किग्रा)0 और मनोज कुमार (64 किग्रा) पर है जो दोनों प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना चुके हैं. तीरंदाजी में झारखंड की दो बार की ओलंपियन दीपिका और तीन बार की ओलंपियन बोम्बायला के व्यक्तिगत वर्ग के प्री क्वार्टरफाइनल में हारने से महिला एकल में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गई.दीपिका को दुनिया की नंबर दो चीनी ताइपे की टान या टिंग से 0-6 से जबकि बोम्बायला को मेक्सिको की एलेजांद्रा वेलेंसिया (दुनिया की 18वें नंबर की तीरंदाज) से 2-6 से हार का सामना करना पड़ा.भारतीयों में सबसे पहले दीपिका ने निशाना साधा, लेकिन वह सही समय पर अपने खेल में सुधार नहीं कर सकी और एकतरफा मुकाबले में 27-28, 26-29, 27-30 से हार गयीं.एक अन्‍य तीरंदाज बोम्बायला 26-28, 26-23, 27-28, 23-25 से हार गयी.अब तीरंदाजी में भारतीय चुनौती पुरुष स्पर्धा में ही बची है जिसमें एकमात्र अतनु दास प्रतिनिधत्व कर रहे हैं और वह कल अपना प्री क्वार्टरफाइनल खेलेंगे. उधर, हॉकी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम को नीदरलैंड से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा.नीदरलैंड ने अपने दोनों गोल पेनल्टी कार्नर पर रोजर होफमैन (32वें मिनट) और मिंक वान डेर वीरडन (54वें मिनट) के जरिये किये.भारत ने भी अपना एकमात्र गोल वीआर रघुनाथ (38वें मिनट) के जरिये पेनल्टी कार्नर पर किया.अंतिम लम्हों में हालांकि भारत ने कड़ी टक्कर दी.टिप्पणियां मुकाबले में जब सिर्फ चार मिनट बचे थे और भारत 1-2 से पिछड़ रहा था जब टीम ने गोलकीपर पीआर श्रीजेश की जगह एक अतिरिक्त फारवर्ड उतार दिया.भारत को इसका फायदा भी मिला जब उसे वीडियो रेफरल के जरिये मैच खत्म होने से छह सेकेंड पहले अपना चौथा पेनल्टी कार्नर मिला.इस पेनल्टी कार्नर के बाद भारत को लगातार चार और पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन चार शॉट लेने वाले वाले रूपिंदर पाल सिंह और रघुनाथ ड्रैग फ्लिक के जरिये गोलकीपर याप स्काटमैन की अगुआई वाले नीदरलैंड के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे.भारत पूल बी में छह अंक के साथ तीसरे स्थान पर चल रहा है.नीदरलैंड (10) और जर्मनी (09) पहले दो स्थान पर हैं जबकि अर्जेन्टीना चार अंक के साथ चौथे स्थान पर है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच, बैडमिंटन में मिश्रित परिणाम मिले.साइना नेहवाल और पीवी सिंधु ने महिला एकल में जीत से शुरूआत की लेकिन महिला डबल्‍स में ज्वाला गुट्टा-अश्विनी पोनप्पा तथा पुरुष डबल्‍स में मनु अत्री-सुमित रेड्डी को हार का सामना करना पड़ा.साइना ने ग्रुप जी में ब्राजील की लोयानी विसेंटे को 39 मिनट तक चले मैच में सीधे गेम में 21-17, 21-17 से हराया.उन्हें अब अपने ग्रुप के दूसरे मैच में उक्रेन की मारिया उलटिना से भिड़ना है.यह मैच 14 अगस्त को होगा. विश्व चैंपियनशिप में दो बार की कांस्य पदक विजेता सिंधु ने ग्रुप एम में विश्व में 64वें नंबर की हंगरी की लौरा सारोसी को 21-8, 21-9 से पराजित किया.उनका अगला मुकाबला 14 अगस्त को ग्रुप चरण में ही कनाडा की ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन ली मिशेली से होगा. ज्वाला और अश्विनी की भारतीय जोड़ी की महिला डबल्‍स में शुरूआत निराशाजनक रही.उन्हें ग्रुप ए में जापान की अयाका ताकाहाशी और मिसाकी मातसुमोतो की विश्व में नंबर एक जोड़ी से महज 36 मिनट में 15-21, 10-21 से हार झेलनी पड़ी.पुरुष डबल्‍स में मनु अत्री और सुमित बी रेड्डी की जोड़ी को मोहम्मद अहसन और हेंद्रा सेतियावान की इंडोनेशिया की दुनिया की दूसरे नंबर की जोड़ी के खिलाफ 18-21 13-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा. भारत को बॉक्सिंग में शिव थापा (56 किग्रा) से काफी उम्मीद थी, लेकिन वह पहले दौर के मुकाबले में चौथे वरीय क्यूबाई खिलाड़ी रोबीसे रमीरेज से शिकस्त झेलकर ओलंपिक से बाहर हो गए. अपने दूसरे ओलंपिक में हिस्सा ले रहे 22 साल के शिव को एकतरफा मुकाबले में 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा.इस मुकाबले के दौरान उनकी बायीं आंख के उपर कट भी लग गया.भारतीय उम्मीदों का भार अब विकास कृष्ण (75 किग्रा)0 और मनोज कुमार (64 किग्रा) पर है जो दोनों प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना चुके हैं. तीरंदाजी में झारखंड की दो बार की ओलंपियन दीपिका और तीन बार की ओलंपियन बोम्बायला के व्यक्तिगत वर्ग के प्री क्वार्टरफाइनल में हारने से महिला एकल में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गई.दीपिका को दुनिया की नंबर दो चीनी ताइपे की टान या टिंग से 0-6 से जबकि बोम्बायला को मेक्सिको की एलेजांद्रा वेलेंसिया (दुनिया की 18वें नंबर की तीरंदाज) से 2-6 से हार का सामना करना पड़ा.भारतीयों में सबसे पहले दीपिका ने निशाना साधा, लेकिन वह सही समय पर अपने खेल में सुधार नहीं कर सकी और एकतरफा मुकाबले में 27-28, 26-29, 27-30 से हार गयीं.एक अन्‍य तीरंदाज बोम्बायला 26-28, 26-23, 27-28, 23-25 से हार गयी.अब तीरंदाजी में भारतीय चुनौती पुरुष स्पर्धा में ही बची है जिसमें एकमात्र अतनु दास प्रतिनिधत्व कर रहे हैं और वह कल अपना प्री क्वार्टरफाइनल खेलेंगे. उधर, हॉकी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम को नीदरलैंड से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा.नीदरलैंड ने अपने दोनों गोल पेनल्टी कार्नर पर रोजर होफमैन (32वें मिनट) और मिंक वान डेर वीरडन (54वें मिनट) के जरिये किये.भारत ने भी अपना एकमात्र गोल वीआर रघुनाथ (38वें मिनट) के जरिये पेनल्टी कार्नर पर किया.अंतिम लम्हों में हालांकि भारत ने कड़ी टक्कर दी.टिप्पणियां मुकाबले में जब सिर्फ चार मिनट बचे थे और भारत 1-2 से पिछड़ रहा था जब टीम ने गोलकीपर पीआर श्रीजेश की जगह एक अतिरिक्त फारवर्ड उतार दिया.भारत को इसका फायदा भी मिला जब उसे वीडियो रेफरल के जरिये मैच खत्म होने से छह सेकेंड पहले अपना चौथा पेनल्टी कार्नर मिला.इस पेनल्टी कार्नर के बाद भारत को लगातार चार और पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन चार शॉट लेने वाले वाले रूपिंदर पाल सिंह और रघुनाथ ड्रैग फ्लिक के जरिये गोलकीपर याप स्काटमैन की अगुआई वाले नीदरलैंड के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे.भारत पूल बी में छह अंक के साथ तीसरे स्थान पर चल रहा है.नीदरलैंड (10) और जर्मनी (09) पहले दो स्थान पर हैं जबकि अर्जेन्टीना चार अंक के साथ चौथे स्थान पर है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विश्व चैंपियनशिप में दो बार की कांस्य पदक विजेता सिंधु ने ग्रुप एम में विश्व में 64वें नंबर की हंगरी की लौरा सारोसी को 21-8, 21-9 से पराजित किया.उनका अगला मुकाबला 14 अगस्त को ग्रुप चरण में ही कनाडा की ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन ली मिशेली से होगा. ज्वाला और अश्विनी की भारतीय जोड़ी की महिला डबल्‍स में शुरूआत निराशाजनक रही.उन्हें ग्रुप ए में जापान की अयाका ताकाहाशी और मिसाकी मातसुमोतो की विश्व में नंबर एक जोड़ी से महज 36 मिनट में 15-21, 10-21 से हार झेलनी पड़ी.पुरुष डबल्‍स में मनु अत्री और सुमित बी रेड्डी की जोड़ी को मोहम्मद अहसन और हेंद्रा सेतियावान की इंडोनेशिया की दुनिया की दूसरे नंबर की जोड़ी के खिलाफ 18-21 13-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा. भारत को बॉक्सिंग में शिव थापा (56 किग्रा) से काफी उम्मीद थी, लेकिन वह पहले दौर के मुकाबले में चौथे वरीय क्यूबाई खिलाड़ी रोबीसे रमीरेज से शिकस्त झेलकर ओलंपिक से बाहर हो गए. अपने दूसरे ओलंपिक में हिस्सा ले रहे 22 साल के शिव को एकतरफा मुकाबले में 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा.इस मुकाबले के दौरान उनकी बायीं आंख के उपर कट भी लग गया.भारतीय उम्मीदों का भार अब विकास कृष्ण (75 किग्रा)0 और मनोज कुमार (64 किग्रा) पर है जो दोनों प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना चुके हैं. तीरंदाजी में झारखंड की दो बार की ओलंपियन दीपिका और तीन बार की ओलंपियन बोम्बायला के व्यक्तिगत वर्ग के प्री क्वार्टरफाइनल में हारने से महिला एकल में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गई.दीपिका को दुनिया की नंबर दो चीनी ताइपे की टान या टिंग से 0-6 से जबकि बोम्बायला को मेक्सिको की एलेजांद्रा वेलेंसिया (दुनिया की 18वें नंबर की तीरंदाज) से 2-6 से हार का सामना करना पड़ा.भारतीयों में सबसे पहले दीपिका ने निशाना साधा, लेकिन वह सही समय पर अपने खेल में सुधार नहीं कर सकी और एकतरफा मुकाबले में 27-28, 26-29, 27-30 से हार गयीं.एक अन्‍य तीरंदाज बोम्बायला 26-28, 26-23, 27-28, 23-25 से हार गयी.अब तीरंदाजी में भारतीय चुनौती पुरुष स्पर्धा में ही बची है जिसमें एकमात्र अतनु दास प्रतिनिधत्व कर रहे हैं और वह कल अपना प्री क्वार्टरफाइनल खेलेंगे. उधर, हॉकी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम को नीदरलैंड से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा.नीदरलैंड ने अपने दोनों गोल पेनल्टी कार्नर पर रोजर होफमैन (32वें मिनट) और मिंक वान डेर वीरडन (54वें मिनट) के जरिये किये.भारत ने भी अपना एकमात्र गोल वीआर रघुनाथ (38वें मिनट) के जरिये पेनल्टी कार्नर पर किया.अंतिम लम्हों में हालांकि भारत ने कड़ी टक्कर दी.टिप्पणियां मुकाबले में जब सिर्फ चार मिनट बचे थे और भारत 1-2 से पिछड़ रहा था जब टीम ने गोलकीपर पीआर श्रीजेश की जगह एक अतिरिक्त फारवर्ड उतार दिया.भारत को इसका फायदा भी मिला जब उसे वीडियो रेफरल के जरिये मैच खत्म होने से छह सेकेंड पहले अपना चौथा पेनल्टी कार्नर मिला.इस पेनल्टी कार्नर के बाद भारत को लगातार चार और पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन चार शॉट लेने वाले वाले रूपिंदर पाल सिंह और रघुनाथ ड्रैग फ्लिक के जरिये गोलकीपर याप स्काटमैन की अगुआई वाले नीदरलैंड के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे.भारत पूल बी में छह अंक के साथ तीसरे स्थान पर चल रहा है.नीदरलैंड (10) और जर्मनी (09) पहले दो स्थान पर हैं जबकि अर्जेन्टीना चार अंक के साथ चौथे स्थान पर है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत को बॉक्सिंग में शिव थापा (56 किग्रा) से काफी उम्मीद थी, लेकिन वह पहले दौर के मुकाबले में चौथे वरीय क्यूबाई खिलाड़ी रोबीसे रमीरेज से शिकस्त झेलकर ओलंपिक से बाहर हो गए. अपने दूसरे ओलंपिक में हिस्सा ले रहे 22 साल के शिव को एकतरफा मुकाबले में 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा.इस मुकाबले के दौरान उनकी बायीं आंख के उपर कट भी लग गया.भारतीय उम्मीदों का भार अब विकास कृष्ण (75 किग्रा)0 और मनोज कुमार (64 किग्रा) पर है जो दोनों प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना चुके हैं. तीरंदाजी में झारखंड की दो बार की ओलंपियन दीपिका और तीन बार की ओलंपियन बोम्बायला के व्यक्तिगत वर्ग के प्री क्वार्टरफाइनल में हारने से महिला एकल में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गई.दीपिका को दुनिया की नंबर दो चीनी ताइपे की टान या टिंग से 0-6 से जबकि बोम्बायला को मेक्सिको की एलेजांद्रा वेलेंसिया (दुनिया की 18वें नंबर की तीरंदाज) से 2-6 से हार का सामना करना पड़ा.भारतीयों में सबसे पहले दीपिका ने निशाना साधा, लेकिन वह सही समय पर अपने खेल में सुधार नहीं कर सकी और एकतरफा मुकाबले में 27-28, 26-29, 27-30 से हार गयीं.एक अन्‍य तीरंदाज बोम्बायला 26-28, 26-23, 27-28, 23-25 से हार गयी.अब तीरंदाजी में भारतीय चुनौती पुरुष स्पर्धा में ही बची है जिसमें एकमात्र अतनु दास प्रतिनिधत्व कर रहे हैं और वह कल अपना प्री क्वार्टरफाइनल खेलेंगे. उधर, हॉकी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम को नीदरलैंड से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा.नीदरलैंड ने अपने दोनों गोल पेनल्टी कार्नर पर रोजर होफमैन (32वें मिनट) और मिंक वान डेर वीरडन (54वें मिनट) के जरिये किये.भारत ने भी अपना एकमात्र गोल वीआर रघुनाथ (38वें मिनट) के जरिये पेनल्टी कार्नर पर किया.अंतिम लम्हों में हालांकि भारत ने कड़ी टक्कर दी.टिप्पणियां मुकाबले में जब सिर्फ चार मिनट बचे थे और भारत 1-2 से पिछड़ रहा था जब टीम ने गोलकीपर पीआर श्रीजेश की जगह एक अतिरिक्त फारवर्ड उतार दिया.भारत को इसका फायदा भी मिला जब उसे वीडियो रेफरल के जरिये मैच खत्म होने से छह सेकेंड पहले अपना चौथा पेनल्टी कार्नर मिला.इस पेनल्टी कार्नर के बाद भारत को लगातार चार और पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन चार शॉट लेने वाले वाले रूपिंदर पाल सिंह और रघुनाथ ड्रैग फ्लिक के जरिये गोलकीपर याप स्काटमैन की अगुआई वाले नीदरलैंड के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे.भारत पूल बी में छह अंक के साथ तीसरे स्थान पर चल रहा है.नीदरलैंड (10) और जर्मनी (09) पहले दो स्थान पर हैं जबकि अर्जेन्टीना चार अंक के साथ चौथे स्थान पर है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तीरंदाजी में झारखंड की दो बार की ओलंपियन दीपिका और तीन बार की ओलंपियन बोम्बायला के व्यक्तिगत वर्ग के प्री क्वार्टरफाइनल में हारने से महिला एकल में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गई.दीपिका को दुनिया की नंबर दो चीनी ताइपे की टान या टिंग से 0-6 से जबकि बोम्बायला को मेक्सिको की एलेजांद्रा वेलेंसिया (दुनिया की 18वें नंबर की तीरंदाज) से 2-6 से हार का सामना करना पड़ा.भारतीयों में सबसे पहले दीपिका ने निशाना साधा, लेकिन वह सही समय पर अपने खेल में सुधार नहीं कर सकी और एकतरफा मुकाबले में 27-28, 26-29, 27-30 से हार गयीं.एक अन्‍य तीरंदाज बोम्बायला 26-28, 26-23, 27-28, 23-25 से हार गयी.अब तीरंदाजी में भारतीय चुनौती पुरुष स्पर्धा में ही बची है जिसमें एकमात्र अतनु दास प्रतिनिधत्व कर रहे हैं और वह कल अपना प्री क्वार्टरफाइनल खेलेंगे. उधर, हॉकी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम को नीदरलैंड से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा.नीदरलैंड ने अपने दोनों गोल पेनल्टी कार्नर पर रोजर होफमैन (32वें मिनट) और मिंक वान डेर वीरडन (54वें मिनट) के जरिये किये.भारत ने भी अपना एकमात्र गोल वीआर रघुनाथ (38वें मिनट) के जरिये पेनल्टी कार्नर पर किया.अंतिम लम्हों में हालांकि भारत ने कड़ी टक्कर दी.टिप्पणियां मुकाबले में जब सिर्फ चार मिनट बचे थे और भारत 1-2 से पिछड़ रहा था जब टीम ने गोलकीपर पीआर श्रीजेश की जगह एक अतिरिक्त फारवर्ड उतार दिया.भारत को इसका फायदा भी मिला जब उसे वीडियो रेफरल के जरिये मैच खत्म होने से छह सेकेंड पहले अपना चौथा पेनल्टी कार्नर मिला.इस पेनल्टी कार्नर के बाद भारत को लगातार चार और पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन चार शॉट लेने वाले वाले रूपिंदर पाल सिंह और रघुनाथ ड्रैग फ्लिक के जरिये गोलकीपर याप स्काटमैन की अगुआई वाले नीदरलैंड के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे.भारत पूल बी में छह अंक के साथ तीसरे स्थान पर चल रहा है.नीदरलैंड (10) और जर्मनी (09) पहले दो स्थान पर हैं जबकि अर्जेन्टीना चार अंक के साथ चौथे स्थान पर है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उधर, हॉकी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम को नीदरलैंड से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा.नीदरलैंड ने अपने दोनों गोल पेनल्टी कार्नर पर रोजर होफमैन (32वें मिनट) और मिंक वान डेर वीरडन (54वें मिनट) के जरिये किये.भारत ने भी अपना एकमात्र गोल वीआर रघुनाथ (38वें मिनट) के जरिये पेनल्टी कार्नर पर किया.अंतिम लम्हों में हालांकि भारत ने कड़ी टक्कर दी.टिप्पणियां मुकाबले में जब सिर्फ चार मिनट बचे थे और भारत 1-2 से पिछड़ रहा था जब टीम ने गोलकीपर पीआर श्रीजेश की जगह एक अतिरिक्त फारवर्ड उतार दिया.भारत को इसका फायदा भी मिला जब उसे वीडियो रेफरल के जरिये मैच खत्म होने से छह सेकेंड पहले अपना चौथा पेनल्टी कार्नर मिला.इस पेनल्टी कार्नर के बाद भारत को लगातार चार और पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन चार शॉट लेने वाले वाले रूपिंदर पाल सिंह और रघुनाथ ड्रैग फ्लिक के जरिये गोलकीपर याप स्काटमैन की अगुआई वाले नीदरलैंड के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे.भारत पूल बी में छह अंक के साथ तीसरे स्थान पर चल रहा है.नीदरलैंड (10) और जर्मनी (09) पहले दो स्थान पर हैं जबकि अर्जेन्टीना चार अंक के साथ चौथे स्थान पर है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुकाबले में जब सिर्फ चार मिनट बचे थे और भारत 1-2 से पिछड़ रहा था जब टीम ने गोलकीपर पीआर श्रीजेश की जगह एक अतिरिक्त फारवर्ड उतार दिया.भारत को इसका फायदा भी मिला जब उसे वीडियो रेफरल के जरिये मैच खत्म होने से छह सेकेंड पहले अपना चौथा पेनल्टी कार्नर मिला.इस पेनल्टी कार्नर के बाद भारत को लगातार चार और पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन चार शॉट लेने वाले वाले रूपिंदर पाल सिंह और रघुनाथ ड्रैग फ्लिक के जरिये गोलकीपर याप स्काटमैन की अगुआई वाले नीदरलैंड के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे.भारत पूल बी में छह अंक के साथ तीसरे स्थान पर चल रहा है.नीदरलैंड (10) और जर्मनी (09) पहले दो स्थान पर हैं जबकि अर्जेन्टीना चार अंक के साथ चौथे स्थान पर है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: बैडमिंटन में साइना, सिंधु ने अपने मैच जीते, डबल्‍स जोड़ी हारीं तीरंदाजी में दीपिका और बोम्‍बायला देवी मुकाबले से बाहर हुईं हॉकी में नीदरलैंड्स से 2-1 से हारी भारतीय टीम
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी के विधायकों की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं. दिल्ली के विधायक और गुजरात आम आदमी पार्टी के प्रभारी गुलाब सिंह आज गुजरात के उमरा पुलिस स्टेशन सरेंडर करने पहुंचे और दिल्ली पुलिस ने वहां पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.टिप्पणियां गुलाब सिंह के खिलाफ जबरन वसूली के आरोप में गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था. दिल्ली पुलिस गुलाब सिंह को गिरफ्तार करने पहले ही गुजरात पहुंच चुकी थी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुलाब सिंह के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं उन्हें फर्ज़ी बताते हुए कहा है कि बीजेपी घबराहट में है इसलिए बीजेपी के अधीन दिल्ली पुलिस ये सब कर रही है. वहीं गुलाब सिंह का कहना है कि मैं गिरफ़्तारी से डरता नहीं हूं. गुलाब सिंह के खिलाफ जबरन वसूली के आरोप में गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था. दिल्ली पुलिस गुलाब सिंह को गिरफ्तार करने पहले ही गुजरात पहुंच चुकी थी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुलाब सिंह के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं उन्हें फर्ज़ी बताते हुए कहा है कि बीजेपी घबराहट में है इसलिए बीजेपी के अधीन दिल्ली पुलिस ये सब कर रही है. वहीं गुलाब सिंह का कहना है कि मैं गिरफ़्तारी से डरता नहीं हूं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुलाब सिंह के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं उन्हें फर्ज़ी बताते हुए कहा है कि बीजेपी घबराहट में है इसलिए बीजेपी के अधीन दिल्ली पुलिस ये सब कर रही है. वहीं गुलाब सिंह का कहना है कि मैं गिरफ़्तारी से डरता नहीं हूं.
सारांश: जबरन वसूली के आरोप के मामले में गैर-जमानती वारंट जारी किया गुलाब सिंह बोले, मैं गिरफ्तारी से नहीं डरता अरविंद केजरीवाल ने आरोपों को बताया फर्जी
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री के पद से प्रणब मुखर्जी के इस्तीफे के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि रक्षा मंत्री एके एंटनी को सरकार में नंबर दो का दर्जा दिया गया है। इस बारे में गुरुवार को उस समय संकेत मिला, जब कैबिनेट की बैठक में एंटनी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बगल में सीट दी गई। सूत्रों ने बताया कि एंटनी को प्रधानमंत्री के दाहिनी ओर कुर्सी दी गई, जहां आमतौर पर मुखर्जी बैठते थे। प्रधानमंत्री के बाईं ओर सामान्य रूप से कैबिनेट सचिव अजीत सेठ बैठे।टिप्पणियां वित्तमंत्री पद से इस्तीफा देने के पूर्व प्रणब मुखर्जी वस्तुत: सरकार में नंबर दो थे और प्रधानमंत्री के सरकारी दौरों पर बाहर होने की स्थिति में मुखर्जी दिल्ली में रहते थे। पिछले हफ्ते ऐसी अटकलें थीं कि एनसीपी नेता और कृषिमंत्री शरद पवार को नंबर दो का दर्जा दिया गया है, क्योंकि पीएमओ की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद पवार का ही नाम था। मुखर्जी के हट जाने के बाद कांग्रेस को लोकसभा में नेता पद के बारे में भी फैसला करना है। इस बारे में गुरुवार को उस समय संकेत मिला, जब कैबिनेट की बैठक में एंटनी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बगल में सीट दी गई। सूत्रों ने बताया कि एंटनी को प्रधानमंत्री के दाहिनी ओर कुर्सी दी गई, जहां आमतौर पर मुखर्जी बैठते थे। प्रधानमंत्री के बाईं ओर सामान्य रूप से कैबिनेट सचिव अजीत सेठ बैठे।टिप्पणियां वित्तमंत्री पद से इस्तीफा देने के पूर्व प्रणब मुखर्जी वस्तुत: सरकार में नंबर दो थे और प्रधानमंत्री के सरकारी दौरों पर बाहर होने की स्थिति में मुखर्जी दिल्ली में रहते थे। पिछले हफ्ते ऐसी अटकलें थीं कि एनसीपी नेता और कृषिमंत्री शरद पवार को नंबर दो का दर्जा दिया गया है, क्योंकि पीएमओ की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद पवार का ही नाम था। मुखर्जी के हट जाने के बाद कांग्रेस को लोकसभा में नेता पद के बारे में भी फैसला करना है। वित्तमंत्री पद से इस्तीफा देने के पूर्व प्रणब मुखर्जी वस्तुत: सरकार में नंबर दो थे और प्रधानमंत्री के सरकारी दौरों पर बाहर होने की स्थिति में मुखर्जी दिल्ली में रहते थे। पिछले हफ्ते ऐसी अटकलें थीं कि एनसीपी नेता और कृषिमंत्री शरद पवार को नंबर दो का दर्जा दिया गया है, क्योंकि पीएमओ की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद पवार का ही नाम था। मुखर्जी के हट जाने के बाद कांग्रेस को लोकसभा में नेता पद के बारे में भी फैसला करना है। पिछले हफ्ते ऐसी अटकलें थीं कि एनसीपी नेता और कृषिमंत्री शरद पवार को नंबर दो का दर्जा दिया गया है, क्योंकि पीएमओ की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद पवार का ही नाम था। मुखर्जी के हट जाने के बाद कांग्रेस को लोकसभा में नेता पद के बारे में भी फैसला करना है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस बारे में गुरुवार को उस समय संकेत मिला, जब कैबिनेट की बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बगल में सीट दी गई।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कराची की जेल में बंद भारतीय मछुआरे समत लक्ष्मण बंभानिया को छोड़ने के आदेश दिए हैं। यह आदेश भारतीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा अजमेर की जेल में बंद पाकिस्तानी नागरिक डॉ खलील चिश्ती की रिहाई के आदेश के बाद आया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि दोनों देशों में रिश्तों के सुधार के लिए यह कदम पाकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से उठाया गया है। बताया जा रहा है कि बंभानिया को कैंसर है। सूत्र बता रहे हैं कि रविवार को भारत आए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी। यह आदेश भारतीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा अजमेर की जेल में बंद पाकिस्तानी नागरिक डॉ खलील चिश्ती की रिहाई के आदेश के बाद आया है।टिप्पणियां माना जा रहा है कि दोनों देशों में रिश्तों के सुधार के लिए यह कदम पाकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से उठाया गया है। बताया जा रहा है कि बंभानिया को कैंसर है। सूत्र बता रहे हैं कि रविवार को भारत आए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी। माना जा रहा है कि दोनों देशों में रिश्तों के सुधार के लिए यह कदम पाकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से उठाया गया है। बताया जा रहा है कि बंभानिया को कैंसर है। सूत्र बता रहे हैं कि रविवार को भारत आए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी। सूत्र बता रहे हैं कि रविवार को भारत आए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी।
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कराची की जेल में बंद भारतीय मछुआरे समत लक्ष्मण बंभानिया को छोड़ने के आदेश दिए हैं।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गृह मंत्रालय द्वारा प्रणव मुखर्जी के कार्यालय में जासूसी की घटना को कुछ खास नहीं बताए जाने के दावे की कड़ी आलोचना करते हुए भाजपा ने रविवार को मांग की कि यह बहुत गंभीर मामला है। भाजपा ने मांग की कि वित्तमंत्री द्वारा इस संबंध में प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र को सार्वजनिक किया जाए। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने गृहमंत्री पी चिदंबरम के इस वक्तव्य पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की कि वित्त मंत्री और उनके सहयोगियों के कार्यालय में जासूसी की घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री को पत्र लिखने से पूर्व वित्तमंत्री सीबीडीटी और विदेशी जांचकर्ताओं की सेवायें लेते हैं जबकि गृहमंत्री कहते हैं कि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले आईबी से मामले की जांच पर चिदंबरम की अनभिज्ञता पर आश्चर्य प्रकट करते हुए प्रसाद ने कहा कि यह स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा मजाक है। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि मुखर्जी को अपने कार्यालय में जासूसी का संदेह था और उन्होंने तो इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि इस पत्र को सार्वजनिक किया जाए। प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, जिस पत्र को वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा था उसे अवश्य सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नार्थ ब्लॉक चिदंबरम या किसी अन्य की निजी संपत्ति नहीं है। प्रसाद ने हाल ही में मिट्टी के तेल, एलपीजी और डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोत्तरी पर भी संप्रग सरकार की आलोचना की। सरकार द्वारा तेल कंपनियों को भारी घाटा बताये जाने पर संदेह जताते हुए प्रसाद ने कहा कि वास्तविक आंकड़े एक अलग कहानी बताते हैं। प्रसाद ने तेल वितरण कंपनियों इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की वेबसाइट के आंकड़ों के आधार पर कहा कि ये आंकड़े बताते हैं कि ये कंपनियां मुनाफा अर्जित कर रही हैं। प्रसाद ने तेल कंपनियों को एक लाख करोड़ के घाटे के सरकारी अनुमानों पर भी सवाल उठाया। कांग्रेस द्वारा पार्टी शासित राज्यों को तेल पर लगने वाले करों को कम करने के लिये कहे जाने पर प्रसाद ने कहा कि भाजपा इस सिद्धांत को नहीं अपनाएगी। प्रसाद ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी में महासचिव राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाये जाने के लिये होड़ है। उन्होंने कहा, इसमें नुकसान क्या है। उन्हें :कांग्रेस पार्टी: राहुल को प्रधानमंत्री बनाने दीजिए। आपके पास एक प्रधानमंत्री (डाक्टर मनमोहन सिंह) हैं। उन्हें सीट की अदला बदली करने दीजिए। राहुल को प्रधानमंत्री बनने दीजिए।
भाजपा ने मांग की कि वित्तमंत्री द्वारा इस संबंध में प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र को सार्वजनिक किया जाए।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर सर्विस द्वारा देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआई) की रेटिंग घटाए जाने के बाद बुधवार को बम्बई स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) में बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एसबीआई की रेटिंग घटाने से देश के बड़े बैंकों की सेहत की चिंताओं के मद्देनजर बुधवार को शेयर बाजार खुलते ही बैंकिंग के 12 शेयरों में 0.20 फीसदी से 2.96 फीसदी की गिरावट देखी गई हालांकि बाद में कारोबार के दौरान कई बैंकों के शेयरों में रिकवरी देखी गई।    एसबीआई के शेयरों में लगातार दूसरे दिन बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। एसबीआई के शेयर एक समय 1708.55 रुपये के निचले स्तर पर चला गया जो अंत में कुल 4.1 फीसदी की गिरावट के साथ 1715.30 पर बंद हुआ। बुधवार को कारोबार के दौरान एसबीआई का शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गया था। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर सर्विस ने मंगलवार को एसबीआई की 'वित्तीय मजबूती रेटिंग' को 'सी' से घटाकर 'डी+' कर दिया था। पूंजी सम्बंधी चिंताओं और परिसंपत्तियों की खराब गुणवत्ता के कारण बैंक की रेटिंग कम की गई है। एजेंसी ने बैंक की 'हाइब्रिड कर्ज रेटिंग' को भी 'बीए2' से घटाकर 'बीए3' कर दिया है। देश का सबसे बड़ा निजी बैंक आईसीआईसी बैंक 2.72 फीसदी की गिरावट के साथ 778.95 रुपये पर बंद हुआ। आईसीआईसी बैंक के शेयर ने बुधवार को कारोबार के दौरान 52 सप्ताह के निचले स्तर 776.10 रुपये को भी छुआ। इसके साथ ही एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 2.65 फीसदी की गिरावट आई। बैंकिंग सूचकांक 2.52 फीसदी की गिरावट के साथ 9961.54 अंक पर बंद हुआ जो कि पिछले दो साल का सर्वाधिक निचला स्तर है। उल्लेखनीय है कि देश के शेयर बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 72.45 अंकों की गिरावट के साथ 15792.41 पर जबकि निफ्टी 20.85 अंकों की गिरावट के साथ 4751.30 पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर सर्विस द्वारा देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की रेटिंग घटाए जाने के बाद बीएसई में बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले में अग्रिम जमानत से इनकार कर दिया है. अब ईडी पी चिदंबरम को गिरफ्तार कर सकता है. बता दें कि केंद्र सरकार के वकील और इस मामले में ED के वकील तुषार मेहता भी कोर्ट नंबर 6 में पहुंचे तो वहीं पी चिदंबरम की तरफ से कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी भी मौजूद है. बहस शुरू होने से पहले कोर्ट ने कहा, ''ट्रायल शुरु होने से पहले कोर्ट केस डायरी देख सकता है. हमने ED के सील कवर को नहीं खोला.'' कोर्ट ने आगे कहा, इस केस में एजेंसी को कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता. हमने सील कवर को नहीं देखा ताकि हमारी टिप्पणियों का केस के ट्रायल पर कोई असर ना पड़े. इस बात से सहमत है कि इस मामले में चिदंबरम इसे हिरासत में पूछताछ होनी चाहिए.'' कोर्ट ने आर्थिक अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट का पुराना फैसले को दोहराया. कोर्ट ने कहा, ''ये अग्रिम जमानत के लिए फिट केस नहीं है. मनी लॉन्ड्रिंग में पैसा कई देशों में घूमता है. इसकी वैज्ञानिक और पुख्ता जांच जरूरी है. लैटर ऑफ रोगेटरी भी भेजी गई है. अगर अग्रिम जमानत दी गई तो जांच प्रभावित होगी. ये कोई असाधरण मामला नहीं है.'' बता दें कि चिदंबरम नियमित जमानत की अर्जी दे सकते हैं. कोर्ट ने कहा, ''आर्थिक अपराध अलग श्रेणी का अपराध है, इसे अलग नजर से देखना चाहिए. हर किसी केस में अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती. जांच अधिकारी को शुरुआती दौर में अपने हिसाब से जांच को आगे बढाने का अधिकार है.'' यह जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस ए एस बोपन्ना की बेंच का फैसला है.
यहाँ एक सारांश है:पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से झटका सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से किया इनकार अब ईडी चिदंबरम को कभी भी कर सकता है गिरफ्तार
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिव सेना के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सुरेशदादा जैन ने शनिवार को वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को एक 'तालिबान गांधी' बताया। अन्ना हजारे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने वाले जैन ने जलगांव में कहा, "एक सख्त लोकपाल विधेयक के लिए अपने आंदोलन में अन्ना हजारे जिस तरीके से 'महात्मा गांधी के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं उस तरह से कोई नहीं कर सकता।' उन्होंने कहा, "प्रत्येक आदमी भ्रष्टाचार के खिलाफ है लेकिन हम महान संस्थाओं वाले देश में रहते हैं और इस तरह के दबाव की रणनीति का इस्तेमाल कर उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।" दिल्ली में आगामी 16 अगस्त से अन्ना हजारे के प्रस्तावित आमरण अनशन का हवाला देते हुए जैन ने कहा, "सबकुछ अपने निर्धारित समय पर होगा। आप इस तरह के ब्लैकमेल की रणनीति का सहारा नहीं ले सकते।" हजारे मुकदमे के सिलसिले में शनिवार दोपहर यहां आए थे। उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया जानती है कि अन्ना हजारे कौन है और सुरेश जैन कौन है। ऐसे लोग फलदायी वृक्षों पर पत्थर फेंकते हैं।" ज्ञात हो कि वर्ष 2003 में अन्ना हजारे ने तत्कालीन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता और राज्य मंत्री जैन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। अन्ना हजारे के आरोप पर सत्तारूढ़ कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन सरकार ने जैन और दो अन्य मंत्रियों नवाब मलिक और पद्मसिंह पाटिल के खिलाफ जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट के बाद जैन और मलिक को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद जैन ने अन्ना हजारे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया।
शिव सेना के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सुरेशदादा जैन ने शनिवार को वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को एक 'तालिबान गांधी' बताया।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कप्तान अब्राहम डिविलियर्स के तेजतर्रार (30) छोटी लेकिन उपयोगी पारी और तेज गेंदबाज डेल स्टेन (10/2) की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने महिंदा राजपक्षे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में ट्वेंटी-20 विश्व कप के अंतर्गत शनिवार को खेले गए ग्रुप-'सी' के एक मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 32 रनों से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका की ओर से रखे गए 79 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम सात ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 46 रन ही बना सकी। डिविलियर्स को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। उन्होंने अपनी पारी में 13 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। श्रीलंका की ओर से दिलशान मुनावीरा और कुमार संगकारा ने सबसे अधिक 13-13 रन बनाए जबकि कप्तान माहेला जयवर्धने चार और थिसारा परेरा एक रन बनाकर आउट हुए। तिलकरत्ने दिलशान खाता खोले बगैर आउट हुए। जीवन मेंडिस (7) और लाहिरू थिरिमाने (5) नाबाद लौटे। दक्षिण अफ्रीका की ओर से जैक्स कैलिस और एल्बी मोर्कल ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका ने सात ओवर में चार विकेट पर 78 रन बनाए थे। श्रीलंका ने टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।टिप्पणियां दक्षिण अफ्रीका की ओर से हाशिम अमला 16, फाफ ड्यू प्लेसिस 13 और रिचर्ड लेवी ने चार रन बनाए। ज्यॉ पॉल ड्यूमिनी (12) और एल्बी (शून्य) नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरा, लसिथ मलिंगा, रंगना हेराथ और परेरा ने एक-एक विकेट झटका। उल्लेखनीय है कि हम्बनटोटा में भारी बारिश के कारण मैच तय समय पर शुरू नहीं हो सका। मैच भारतीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू हुआ। समय की कमी को देखते हुए कुल ओवरों की संख्या में कटौती की गई और दोनों टीमों को सात-सात ओवर का मैच खेलना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका की ओर से रखे गए 79 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम सात ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 46 रन ही बना सकी। डिविलियर्स को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। उन्होंने अपनी पारी में 13 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। श्रीलंका की ओर से दिलशान मुनावीरा और कुमार संगकारा ने सबसे अधिक 13-13 रन बनाए जबकि कप्तान माहेला जयवर्धने चार और थिसारा परेरा एक रन बनाकर आउट हुए। तिलकरत्ने दिलशान खाता खोले बगैर आउट हुए। जीवन मेंडिस (7) और लाहिरू थिरिमाने (5) नाबाद लौटे। दक्षिण अफ्रीका की ओर से जैक्स कैलिस और एल्बी मोर्कल ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका ने सात ओवर में चार विकेट पर 78 रन बनाए थे। श्रीलंका ने टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।टिप्पणियां दक्षिण अफ्रीका की ओर से हाशिम अमला 16, फाफ ड्यू प्लेसिस 13 और रिचर्ड लेवी ने चार रन बनाए। ज्यॉ पॉल ड्यूमिनी (12) और एल्बी (शून्य) नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरा, लसिथ मलिंगा, रंगना हेराथ और परेरा ने एक-एक विकेट झटका। उल्लेखनीय है कि हम्बनटोटा में भारी बारिश के कारण मैच तय समय पर शुरू नहीं हो सका। मैच भारतीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू हुआ। समय की कमी को देखते हुए कुल ओवरों की संख्या में कटौती की गई और दोनों टीमों को सात-सात ओवर का मैच खेलना पड़ा। श्रीलंका की ओर से दिलशान मुनावीरा और कुमार संगकारा ने सबसे अधिक 13-13 रन बनाए जबकि कप्तान माहेला जयवर्धने चार और थिसारा परेरा एक रन बनाकर आउट हुए। तिलकरत्ने दिलशान खाता खोले बगैर आउट हुए। जीवन मेंडिस (7) और लाहिरू थिरिमाने (5) नाबाद लौटे। दक्षिण अफ्रीका की ओर से जैक्स कैलिस और एल्बी मोर्कल ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका ने सात ओवर में चार विकेट पर 78 रन बनाए थे। श्रीलंका ने टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।टिप्पणियां दक्षिण अफ्रीका की ओर से हाशिम अमला 16, फाफ ड्यू प्लेसिस 13 और रिचर्ड लेवी ने चार रन बनाए। ज्यॉ पॉल ड्यूमिनी (12) और एल्बी (शून्य) नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरा, लसिथ मलिंगा, रंगना हेराथ और परेरा ने एक-एक विकेट झटका। उल्लेखनीय है कि हम्बनटोटा में भारी बारिश के कारण मैच तय समय पर शुरू नहीं हो सका। मैच भारतीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू हुआ। समय की कमी को देखते हुए कुल ओवरों की संख्या में कटौती की गई और दोनों टीमों को सात-सात ओवर का मैच खेलना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका की ओर से जैक्स कैलिस और एल्बी मोर्कल ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका ने सात ओवर में चार विकेट पर 78 रन बनाए थे। श्रीलंका ने टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।टिप्पणियां दक्षिण अफ्रीका की ओर से हाशिम अमला 16, फाफ ड्यू प्लेसिस 13 और रिचर्ड लेवी ने चार रन बनाए। ज्यॉ पॉल ड्यूमिनी (12) और एल्बी (शून्य) नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरा, लसिथ मलिंगा, रंगना हेराथ और परेरा ने एक-एक विकेट झटका। उल्लेखनीय है कि हम्बनटोटा में भारी बारिश के कारण मैच तय समय पर शुरू नहीं हो सका। मैच भारतीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू हुआ। समय की कमी को देखते हुए कुल ओवरों की संख्या में कटौती की गई और दोनों टीमों को सात-सात ओवर का मैच खेलना पड़ा। इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका ने सात ओवर में चार विकेट पर 78 रन बनाए थे। श्रीलंका ने टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।टिप्पणियां दक्षिण अफ्रीका की ओर से हाशिम अमला 16, फाफ ड्यू प्लेसिस 13 और रिचर्ड लेवी ने चार रन बनाए। ज्यॉ पॉल ड्यूमिनी (12) और एल्बी (शून्य) नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरा, लसिथ मलिंगा, रंगना हेराथ और परेरा ने एक-एक विकेट झटका। उल्लेखनीय है कि हम्बनटोटा में भारी बारिश के कारण मैच तय समय पर शुरू नहीं हो सका। मैच भारतीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू हुआ। समय की कमी को देखते हुए कुल ओवरों की संख्या में कटौती की गई और दोनों टीमों को सात-सात ओवर का मैच खेलना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका की ओर से हाशिम अमला 16, फाफ ड्यू प्लेसिस 13 और रिचर्ड लेवी ने चार रन बनाए। ज्यॉ पॉल ड्यूमिनी (12) और एल्बी (शून्य) नाबाद लौटे। श्रीलंका की ओर से नुवान कुलासेकरा, लसिथ मलिंगा, रंगना हेराथ और परेरा ने एक-एक विकेट झटका। उल्लेखनीय है कि हम्बनटोटा में भारी बारिश के कारण मैच तय समय पर शुरू नहीं हो सका। मैच भारतीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू हुआ। समय की कमी को देखते हुए कुल ओवरों की संख्या में कटौती की गई और दोनों टीमों को सात-सात ओवर का मैच खेलना पड़ा। उल्लेखनीय है कि हम्बनटोटा में भारी बारिश के कारण मैच तय समय पर शुरू नहीं हो सका। मैच भारतीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू हुआ। समय की कमी को देखते हुए कुल ओवरों की संख्या में कटौती की गई और दोनों टीमों को सात-सात ओवर का मैच खेलना पड़ा।
संक्षिप्त सारांश: डिविलियर्स के तेजतर्रार छोटी लेकिन उपयोगी पारी और तेज गेंदबाज डेल स्टेन की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत द. अफ्रीका ने महिंदा राजपक्षे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में ट्वेंटी-20 विश्व कप के अंतर्गत खेले गए ग्रुप-'सी' के एक मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 32
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अनिवार्य मतदान के मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और नरेन्द्र मोदी साथ साथ नजर आए और गुजरात के मुख्यमंत्री को पार्टी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर कड़वाहट के बाद आडवाणी ने कहा कि ‘इनमें से कोई नहीं’ विकल्प के साथ मतदान को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। आडवाणी ने अपने ताजा ब्लॉग में उच्चतम न्यायालय के उस सुझाव का स्वागत किया कि लोगों को नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने हालांकि इसके साथ कहा कि मतदान के प्रावधान को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। आडवाणी ने कहा, ‘आज जो स्थिति है, वह मतदाता जो संविधान प्रदत्त अपना मत देने के बहुमूल्य अधिकार का बिना किसी वैध कारण के उपयोग नहीं करता है, अनचाहे ही सभी उम्मीदवारों के खिलाफ नकारात्मक वोट देता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए मेरा मानना है कि नकारात्मक वोट अर्थपूर्ण होगा अगर इसके साथ ही मतदान को अनिवार्य बना दिया जाए।’ आडवाणी ने अपने ताजा ब्लॉग में उच्चतम न्यायालय के उस सुझाव का स्वागत किया कि लोगों को नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने हालांकि इसके साथ कहा कि मतदान के प्रावधान को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। आडवाणी ने कहा, ‘आज जो स्थिति है, वह मतदाता जो संविधान प्रदत्त अपना मत देने के बहुमूल्य अधिकार का बिना किसी वैध कारण के उपयोग नहीं करता है, अनचाहे ही सभी उम्मीदवारों के खिलाफ नकारात्मक वोट देता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए मेरा मानना है कि नकारात्मक वोट अर्थपूर्ण होगा अगर इसके साथ ही मतदान को अनिवार्य बना दिया जाए।’ उन्होंने हालांकि इसके साथ कहा कि मतदान के प्रावधान को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। आडवाणी ने कहा, ‘आज जो स्थिति है, वह मतदाता जो संविधान प्रदत्त अपना मत देने के बहुमूल्य अधिकार का बिना किसी वैध कारण के उपयोग नहीं करता है, अनचाहे ही सभी उम्मीदवारों के खिलाफ नकारात्मक वोट देता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए मेरा मानना है कि नकारात्मक वोट अर्थपूर्ण होगा अगर इसके साथ ही मतदान को अनिवार्य बना दिया जाए।’ आडवाणी ने कहा, ‘आज जो स्थिति है, वह मतदाता जो संविधान प्रदत्त अपना मत देने के बहुमूल्य अधिकार का बिना किसी वैध कारण के उपयोग नहीं करता है, अनचाहे ही सभी उम्मीदवारों के खिलाफ नकारात्मक वोट देता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए मेरा मानना है कि नकारात्मक वोट अर्थपूर्ण होगा अगर इसके साथ ही मतदान को अनिवार्य बना दिया जाए।’
यह एक सारांश है: अनिवार्य मतदान के मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और नरेन्द्र मोदी साथ साथ नजर आए और गुजरात के मुख्यमंत्री को पार्टी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर कड़वाहट के बाद आडवाणी ने कहा कि ‘इनमें से कोई नहीं’ विकल्प के साथ मतदान को अनि
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्वी अफगानिस्तान में जलालाबाद हवाईअड्डे पर हुए एक आत्मघाती कार बम हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए और सात घायल हो गए। नांगरहार प्रांत के पुलिस प्रवक्ता हजरत मोहम्मद ने कहा, ‘‘नौ लोगों की मौत हुई है।’’ विस्फोट जहां हुआ वहां नाटो बलों का शिविर है। नांगरहार प्रांत के प्रवक्ता अहमद जिया अब्दुल जई ने बताया कि विस्फोट के बाद नाटो बलों ने इलाके को घेर लिया है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमले में नाटो के किसी सदस्य के हताहत होने की खबर नहीं है। प्रवक्ता ने कहा ‘‘शुरुआती सूचना के अनुसार, आईएसएएफ का शिविर विस्फोट के दायरे से बाहर था।’’ राष्ट्रपति हामिद करजई की पश्चिम समर्थित सरकार के खिलाफ पिछले दस साल से हिंसारत तालिबान ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। नांगरहार प्रांत के पुलिस प्रवक्ता हजरत मोहम्मद ने कहा, ‘‘नौ लोगों की मौत हुई है।’’ विस्फोट जहां हुआ वहां नाटो बलों का शिविर है। नांगरहार प्रांत के प्रवक्ता अहमद जिया अब्दुल जई ने बताया कि विस्फोट के बाद नाटो बलों ने इलाके को घेर लिया है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमले में नाटो के किसी सदस्य के हताहत होने की खबर नहीं है। प्रवक्ता ने कहा ‘‘शुरुआती सूचना के अनुसार, आईएसएएफ का शिविर विस्फोट के दायरे से बाहर था।’’ राष्ट्रपति हामिद करजई की पश्चिम समर्थित सरकार के खिलाफ पिछले दस साल से हिंसारत तालिबान ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली है।
संक्षिप्त सारांश: पूर्वी अफगानिस्तान में जलालाबाद हवाईअड्डे पर हुए एक आत्मघाती कार बम हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए और सात घायल हो गए।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस के 46 वर्षीय एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) ने गुरुवार को एक मेट्रो ट्रेन के आगे कूद कर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला निवासी एएसआई अजय कुमार दिल्ली पुलिस की संचार इकाई में नियुक्त थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी, 19 वर्षीय एक बेटी और 17 साल का एक बेटा है. दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के मुताबिक यह घटना येलो लाइन (मार्ग) के जहांगीरपुरी स्टेशन पर दोपहर 12 बजे हुई, जब ट्रेन हुडा सिटी सेंटर की ओर जा रही थी.  उन्होंने बताया कि कुमार 12 फरवरी से चार मार्च तक चिकित्सा अवकाश पर थे. उन्होंने अपना अवकाश एक महीने के लिए बढ़ा लिया था और वह गुरुवार को काम पर लौटने वाले थे. पुलिस उपायुक्त (मेट्रो) मोहम्मद अली ने बताया कि कुमार गुरुवार दोपहर जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन के आगे कूद गए, जिसके बाद उन्हें पास के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.  अधिकारी ने बताया कि कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद किया गया है. हालांकि, शुरूआती जांच से यह खुलासा हुआ है कि कुमार संभवत: अवसाद में थे. मामले की जांच जारी है. दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 2017 में 11 और 2018 में नौ पुलिसकर्मियों ने आत्महत्या की थी.
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली पुलिस एएसआई ने किया सुसाइड चलती मेट्रो के सामने कूदे अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: फिल्म निर्माता शकील नूरानी को धमकी देने के मामले में चल रही सुनवाई के दौरान अदालत में पेश न होने के मामले में गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद संजय दत्त कोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने जमानत दे दी गई। अंधेरी की अदालत ने संजय दत्त के खिलाफ वारंट जारी करते हुए उन्हें 3 मई को मामले की अगली सुनवाई की तारीख पर पेश होने का आदेश दिया था।टिप्पणियां गौरतलब है कि शकील नूरानी की फिल्म 'जान की बाजी' को अभिनेता संजय दत्त ने अधूरा छोड़ दिया था, जिसके चलते कोर्ट ने संजय दत्त की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया था। संजय के वकील ने बाद में तर्क दिया था कि संजय ने फिल्म इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें धमकाया जा रहा था, जबकि शकील ने आरोप लगाया कि संजय दत्त ने उन्हें धमकी दिलवाई। उल्लेखनीय है कि संजय दत्त इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई बम धमाकों से जुड़े गैरकानूनी हथियार रखने के मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई थी और सरेंडर करने के लिए 18 अप्रैल तक का वक्त दिया था। इस दौरान संजय ने सुप्रीम कोर्ट से सरेंडर करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त वक्त मांगा था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सिर्फ चार सप्ताह की और मोहलत दी है। अंधेरी की अदालत ने संजय दत्त के खिलाफ वारंट जारी करते हुए उन्हें 3 मई को मामले की अगली सुनवाई की तारीख पर पेश होने का आदेश दिया था।टिप्पणियां गौरतलब है कि शकील नूरानी की फिल्म 'जान की बाजी' को अभिनेता संजय दत्त ने अधूरा छोड़ दिया था, जिसके चलते कोर्ट ने संजय दत्त की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया था। संजय के वकील ने बाद में तर्क दिया था कि संजय ने फिल्म इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें धमकाया जा रहा था, जबकि शकील ने आरोप लगाया कि संजय दत्त ने उन्हें धमकी दिलवाई। उल्लेखनीय है कि संजय दत्त इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई बम धमाकों से जुड़े गैरकानूनी हथियार रखने के मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई थी और सरेंडर करने के लिए 18 अप्रैल तक का वक्त दिया था। इस दौरान संजय ने सुप्रीम कोर्ट से सरेंडर करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त वक्त मांगा था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सिर्फ चार सप्ताह की और मोहलत दी है। गौरतलब है कि शकील नूरानी की फिल्म 'जान की बाजी' को अभिनेता संजय दत्त ने अधूरा छोड़ दिया था, जिसके चलते कोर्ट ने संजय दत्त की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया था। संजय के वकील ने बाद में तर्क दिया था कि संजय ने फिल्म इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें धमकाया जा रहा था, जबकि शकील ने आरोप लगाया कि संजय दत्त ने उन्हें धमकी दिलवाई। उल्लेखनीय है कि संजय दत्त इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई बम धमाकों से जुड़े गैरकानूनी हथियार रखने के मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई थी और सरेंडर करने के लिए 18 अप्रैल तक का वक्त दिया था। इस दौरान संजय ने सुप्रीम कोर्ट से सरेंडर करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त वक्त मांगा था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सिर्फ चार सप्ताह की और मोहलत दी है। उल्लेखनीय है कि संजय दत्त इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई बम धमाकों से जुड़े गैरकानूनी हथियार रखने के मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई थी और सरेंडर करने के लिए 18 अप्रैल तक का वक्त दिया था। इस दौरान संजय ने सुप्रीम कोर्ट से सरेंडर करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त वक्त मांगा था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सिर्फ चार सप्ताह की और मोहलत दी है।
यहाँ एक सारांश है:फिल्म निर्माता शकील नूरानी को धमकी देने के मामले में चल रही सुनवाई के दौरान अदालत में पेश न होने पर अभिनेता संजय दत्त के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रांची में रामगढ़ स्थित इनलैंड पावर प्लांट में हुई पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई है जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. घायलों में पुलिस के कई जवान भी शामिल हैं. इलाके में तनाव को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है.टिप्पणियां दरअसल, प्लांट से हो रहे प्रदूषण का विरोध कर रहे इलाके के ग्रामीण उग्र हो गए. पहले दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी हुई जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी. इस हमले में घायलों को  बेहतर इलाज़ के लिए RIMS रिम्स रेफ़र कर दिया गया है. सीएम रघुवर दास ने हजारीबाग़ के कमिश्नर और डीआईजी को पूरे मामले की जांच कर 7 दिन में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. फिलहाल इलाके में धारा 144 लगा दी गई है और सीनियर पुलिसकर्मी मौक़े पर पहुंचकर जायजा ले रहे हैं. हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है. दरअसल, प्लांट से हो रहे प्रदूषण का विरोध कर रहे इलाके के ग्रामीण उग्र हो गए. पहले दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी हुई जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी. इस हमले में घायलों को  बेहतर इलाज़ के लिए RIMS रिम्स रेफ़र कर दिया गया है. सीएम रघुवर दास ने हजारीबाग़ के कमिश्नर और डीआईजी को पूरे मामले की जांच कर 7 दिन में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. फिलहाल इलाके में धारा 144 लगा दी गई है और सीनियर पुलिसकर्मी मौक़े पर पहुंचकर जायजा ले रहे हैं. हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है. सीएम रघुवर दास ने हजारीबाग़ के कमिश्नर और डीआईजी को पूरे मामले की जांच कर 7 दिन में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. फिलहाल इलाके में धारा 144 लगा दी गई है और सीनियर पुलिसकर्मी मौक़े पर पहुंचकर जायजा ले रहे हैं. हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.
यहाँ एक सारांश है:प्रदूषण का विरोध कर रहे थे इलाके के ग्रामीण पुलिस को नियंत्रण के लिए फायरिंग करनी पड़ी दो की मौत और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: गुलाम मोहम्मद वस्तानवी दारुल उलूम देवबंद के वीसी बने रहेंगे। देवबंद में मजलिस−ए−शूरा की बैठक में यह फ़ैसला लिया गया है। वस्तानवी के मोदी पर बयान की जांच एक कमेटी करेगी।दारुल उलूम देवबंद के नायब मोहतमिम मौलाना खालिक मद्रासी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शूरा की बैठक में मौलाना वस्तानवी को मोहतमिम के पद पर बनाए रखने का फैसला किया गया है, जबकि मौलाना अब्दुल कासिम बनारसी को कारगुजार (कार्यवाहक) मोहतमिम बनाया गया है। उन्होंने बताया कि वस्तानवी पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित रूप से तारीफ करने तथा अन्य आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। मौलाना मद्रासी ने बताया कि इस बैठक में शूरा के 21 में से 15 सदस्यों ने शिरकत की थी। इस बैठक में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी समेत छह सदस्य शामिल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि यह तत्काल पता नहीं लग सका है कि मौलाना वस्तानवी ने बैठक में इस्तीफे की पेशकश की थी या नहीं। गौरतलब है कि गत 10 जनवरी को दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम चुने गए गुजरात के वस्तान इलाके के निवासी मौलाना वस्तानवी ने मोदी की कथित तारीफ के बाद अपने खिलाफ शुरू हुए अभियान के चलते इस्तीफे की पेशकश की थी। इसी सिलसिले में मजलिस-ए-शूरा की बैठक बुलाई गई थी।(इनपुट भाषा से भी)
गुलाम मोहम्मद वस्तानवी दारुल उलूम देवबंद के वीसी बने रहेंगे। देवबंद में मजलिस−ए−शूरा की बैठक में यह फ़ैसला लिया गया है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मणिपुर में हुई गोलीबारी के कारण पांच पुलिसकर्मिंयों को निलंबित कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस गोलीबारी में 29 वर्षीय एक पत्रकार की मौत हो गई थी। सूत्रों ने बताया कि प्रधान सचिव (गृह) सुरेश बाबू के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। यह समिति सरकार को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करेगी। पुलिस ने रविवार को नगा उग्रवादी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल के विरोध में गोलीबारी कर दी थी। नगा उग्रवादी ने 18 दिसंबर को एक फिल्म अभिनेत्री का कथित तौर पर उत्पीड़न किया था। ‘प्राइम टाइम’ न्यूज चैनल के थंगनाम नानाओ सिंह उर्फ द्विजामंती की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी। वह दूरदर्शन के लिए भी काम किया करते थे।टिप्पणियां मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह ने जर्नलिस्ट यूनीयन के प्रतिनिधियों से कल शाम मुलकात की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ संभव कार्रवाई की जाएगी। इस हड़ताल का आह्वान करने वाले संगठन मणिपुर फिल्म फोरम का कहना है कि क्रिसमस के त्योहार का देखते हुए हड़ताल को कल मध्यरात्रि से 26 दिसंबर की मध्यरात्रि तक निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि प्रधान सचिव (गृह) सुरेश बाबू के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। यह समिति सरकार को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करेगी। पुलिस ने रविवार को नगा उग्रवादी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल के विरोध में गोलीबारी कर दी थी। नगा उग्रवादी ने 18 दिसंबर को एक फिल्म अभिनेत्री का कथित तौर पर उत्पीड़न किया था। ‘प्राइम टाइम’ न्यूज चैनल के थंगनाम नानाओ सिंह उर्फ द्विजामंती की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी। वह दूरदर्शन के लिए भी काम किया करते थे।टिप्पणियां मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह ने जर्नलिस्ट यूनीयन के प्रतिनिधियों से कल शाम मुलकात की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ संभव कार्रवाई की जाएगी। इस हड़ताल का आह्वान करने वाले संगठन मणिपुर फिल्म फोरम का कहना है कि क्रिसमस के त्योहार का देखते हुए हड़ताल को कल मध्यरात्रि से 26 दिसंबर की मध्यरात्रि तक निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने रविवार को नगा उग्रवादी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल के विरोध में गोलीबारी कर दी थी। नगा उग्रवादी ने 18 दिसंबर को एक फिल्म अभिनेत्री का कथित तौर पर उत्पीड़न किया था। ‘प्राइम टाइम’ न्यूज चैनल के थंगनाम नानाओ सिंह उर्फ द्विजामंती की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी। वह दूरदर्शन के लिए भी काम किया करते थे।टिप्पणियां मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह ने जर्नलिस्ट यूनीयन के प्रतिनिधियों से कल शाम मुलकात की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ संभव कार्रवाई की जाएगी। इस हड़ताल का आह्वान करने वाले संगठन मणिपुर फिल्म फोरम का कहना है कि क्रिसमस के त्योहार का देखते हुए हड़ताल को कल मध्यरात्रि से 26 दिसंबर की मध्यरात्रि तक निलंबित कर दिया गया है। ‘प्राइम टाइम’ न्यूज चैनल के थंगनाम नानाओ सिंह उर्फ द्विजामंती की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी। वह दूरदर्शन के लिए भी काम किया करते थे।टिप्पणियां मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह ने जर्नलिस्ट यूनीयन के प्रतिनिधियों से कल शाम मुलकात की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ संभव कार्रवाई की जाएगी। इस हड़ताल का आह्वान करने वाले संगठन मणिपुर फिल्म फोरम का कहना है कि क्रिसमस के त्योहार का देखते हुए हड़ताल को कल मध्यरात्रि से 26 दिसंबर की मध्यरात्रि तक निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह ने जर्नलिस्ट यूनीयन के प्रतिनिधियों से कल शाम मुलकात की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ संभव कार्रवाई की जाएगी। इस हड़ताल का आह्वान करने वाले संगठन मणिपुर फिल्म फोरम का कहना है कि क्रिसमस के त्योहार का देखते हुए हड़ताल को कल मध्यरात्रि से 26 दिसंबर की मध्यरात्रि तक निलंबित कर दिया गया है। इस हड़ताल का आह्वान करने वाले संगठन मणिपुर फिल्म फोरम का कहना है कि क्रिसमस के त्योहार का देखते हुए हड़ताल को कल मध्यरात्रि से 26 दिसंबर की मध्यरात्रि तक निलंबित कर दिया गया है।
संक्षिप्त पाठ: मणिपुर में हुई गोलीबारी के कारण पांच पुलिसकर्मिंयों को निलंबित कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस गोलीबारी में 29 वर्षीय एक पत्रकार की मौत हो गई थी।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मान ने यह भी बताया कि हार को लेकर मैंने अपने विचारों से अरविंद केजरीवाल को रिपोर्ट दे दी है. मैंने उन्हें बताया है कि कैसे पार्टी हाईकमान उस पंजाब में हार के लिए जिम्मेदार है, जिसमें लोगों की बड़ी भीड़ हमारी रैलियों में पहुंची थी. मान ने आरोप लगाया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी बिना कप्तान के लड़ी. मोहल्ला क्रिकेट टीम की तरह बर्ताव किया गया, जिसमें हर प्लेयर खुद तय करता है कि कहां फिल्डिंग करनी है और किस नंबर पर बैटिंग करनी है. जब पार्टी से पूछा गया कि जीतने के बाद सीएम कौन होगा, तो सही जवाब देने के बजाय उल्टे-सीधे जवाब दिए गए. जिससे कंफ्यूजन पैदा हुआ.  मान ने यह भी कहा कि मैंने कुछ उम्मीदवारों के नामांकन का विरोध किया था, लेकिन उन्हें बदलने के बजाय पार्टी ने मुझे ही अलग-थलग कर दिया. मैं  चुप रहा क्योंकि उस समय कोई बवाल नहीं खड़ा करना चाहता था. अगर मैंने विरोध किया होता तो पार्टी की हार का जिम्मेदार मुझे ठहरा दिया गया होता. जरनैल सिंह को राजौरी गार्डन से इस्तीफा दिलवाकर पंजाब चुनाव में उतारने के फैसले को भी भगवंत मान ने गलत बताया.इस कदम से पंजाब के लोग सीएम फेस को लेकर कंफ्यूज हो गए.  मान ने यह भी कहा कि मैंने कुछ उम्मीदवारों के नामांकन का विरोध किया था, लेकिन उन्हें बदलने के बजाय पार्टी ने मुझे ही अलग-थलग कर दिया. मैं  चुप रहा क्योंकि उस समय कोई बवाल नहीं खड़ा करना चाहता था. अगर मैंने विरोध किया होता तो पार्टी की हार का जिम्मेदार मुझे ठहरा दिया गया होता. जरनैल सिंह को राजौरी गार्डन से इस्तीफा दिलवाकर पंजाब चुनाव में उतारने के फैसले को भी भगवंत मान ने गलत बताया.इस कदम से पंजाब के लोग सीएम फेस को लेकर कंफ्यूज हो गए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अरविंद केजरीवाल को विचारों से अवगत करा दिया है अमेरिका से लौटकर ले सकते हैं बड़ा फैसला पार्टी की चुनावी रणनीति में गलतियां
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकीं फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के पिता अशोक चोपड़ा गंभीर रूप से बीमार हैं। कुछ साल पहले उन्हें जिस कैंसर ने अपनी चपेट में लिया था, वह फिर से लौट आया है। चोपड़ा का कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रियंका के दोस्तों ने कहा है कि चोपड़ा की हालत बेहद गंभीर है। अपने पिता की हालत को लेकर प्रियंका काफी चिंतित हैं। उन्होंने इसे देखते हुए मुक्केबाज मेरीकॉम के जीवन पर बन रही उमंग कुमार की फिल्म के लिए रिहर्सल रोक दिया है। बीते सप्ताह जब प्रियंका के पिता की हालत गंभीर हुई थी, तब तक वह सामान्य दिनों की तरह काम कर रही थीं। जो लोग उनके बेहद करीब हैं, सिर्फ वही जानते हैं कि वह किस तरह के मानसिक हालात से गुजर रही हैं।टिप्पणियां प्रियंका के पिता की 2005 में भी तबीयत खराब हुई थी। उस समय प्रियंका रोहन सिप्पी की फिल्म 'ब्लफमास्टर' की शूटिंग कर रही थीं। उस समय भी प्रियंका ने अपने दुख को जाहिर नहीं होने दिया था। (चित्र परिचय : वैंकुवर में टोयफा अवॉर्ड्स में प्रियंका अपने पिता के साथ) प्रियंका के दोस्तों ने कहा है कि चोपड़ा की हालत बेहद गंभीर है। अपने पिता की हालत को लेकर प्रियंका काफी चिंतित हैं। उन्होंने इसे देखते हुए मुक्केबाज मेरीकॉम के जीवन पर बन रही उमंग कुमार की फिल्म के लिए रिहर्सल रोक दिया है। बीते सप्ताह जब प्रियंका के पिता की हालत गंभीर हुई थी, तब तक वह सामान्य दिनों की तरह काम कर रही थीं। जो लोग उनके बेहद करीब हैं, सिर्फ वही जानते हैं कि वह किस तरह के मानसिक हालात से गुजर रही हैं।टिप्पणियां प्रियंका के पिता की 2005 में भी तबीयत खराब हुई थी। उस समय प्रियंका रोहन सिप्पी की फिल्म 'ब्लफमास्टर' की शूटिंग कर रही थीं। उस समय भी प्रियंका ने अपने दुख को जाहिर नहीं होने दिया था। (चित्र परिचय : वैंकुवर में टोयफा अवॉर्ड्स में प्रियंका अपने पिता के साथ) बीते सप्ताह जब प्रियंका के पिता की हालत गंभीर हुई थी, तब तक वह सामान्य दिनों की तरह काम कर रही थीं। जो लोग उनके बेहद करीब हैं, सिर्फ वही जानते हैं कि वह किस तरह के मानसिक हालात से गुजर रही हैं।टिप्पणियां प्रियंका के पिता की 2005 में भी तबीयत खराब हुई थी। उस समय प्रियंका रोहन सिप्पी की फिल्म 'ब्लफमास्टर' की शूटिंग कर रही थीं। उस समय भी प्रियंका ने अपने दुख को जाहिर नहीं होने दिया था। (चित्र परिचय : वैंकुवर में टोयफा अवॉर्ड्स में प्रियंका अपने पिता के साथ) प्रियंका के पिता की 2005 में भी तबीयत खराब हुई थी। उस समय प्रियंका रोहन सिप्पी की फिल्म 'ब्लफमास्टर' की शूटिंग कर रही थीं। उस समय भी प्रियंका ने अपने दुख को जाहिर नहीं होने दिया था। (चित्र परिचय : वैंकुवर में टोयफा अवॉर्ड्स में प्रियंका अपने पिता के साथ) (चित्र परिचय : वैंकुवर में टोयफा अवॉर्ड्स में प्रियंका अपने पिता के साथ)
संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकीं फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के पिता अशोक चोपड़ा गंभीर रूप से बीमार हैं। कुछ साल पहले उन्हें जिस कैंसर ने अपनी चपेट में लिया था, वह फिर से लौट आया है।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता ने विश्वास की कमी को घटाया है और दोनों पक्षों को शांति प्रक्रिया आगे ले जाने के लिए ठोस आधारशिला रखने का प्रयास करना चाहिए। गिलानी ने यहां के दौरे पर आए भारतीय सांसदों के एक समूह के साथ बैठक के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों के हल निकालने से उपमहाद्वीप के लोगों का शांति, प्रगति और समृद्धि के युग में प्रवेश होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण हल के लिए प्रतिबद्ध है।टिप्पणियां गिलानी ने साथ ही भारत द्वारा सिंधु जल संधि को पूरी तरह से लागू करने की प्रतिबद्ध जताने की जरूरत पर बल दिया। पिछले साल फिर से शुरू हुई वार्ता प्रक्रिया के पहले दौर के पूरे होने के संदर्भ में गिलानी ने कहा, ‘‘बातचीत ने विश्वास की कमी को घटाने का काम किया है।’’ गिलानी ने कहा, ‘दोनों पक्षों को इस प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए ठोस आधारशिला रखने के लिए पूरा प्रयास करने की आवश्यकता है।’ पाकिस्तान (विदेश) सचिव स्तर की द्विपक्षीय वार्ता के अगले दौर के सफल होने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने आशा जताई कि इस वार्ता का अगला दौर सकारात्मक रहेगा। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान और भारत को दोस्ती, सहयोग और अच्छे पड़ोसी वाले रिश्तों के साथ आगे बढ़ते देखना उनका सपना है। गिलानी ने यहां के दौरे पर आए भारतीय सांसदों के एक समूह के साथ बैठक के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों के हल निकालने से उपमहाद्वीप के लोगों का शांति, प्रगति और समृद्धि के युग में प्रवेश होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण हल के लिए प्रतिबद्ध है।टिप्पणियां गिलानी ने साथ ही भारत द्वारा सिंधु जल संधि को पूरी तरह से लागू करने की प्रतिबद्ध जताने की जरूरत पर बल दिया। पिछले साल फिर से शुरू हुई वार्ता प्रक्रिया के पहले दौर के पूरे होने के संदर्भ में गिलानी ने कहा, ‘‘बातचीत ने विश्वास की कमी को घटाने का काम किया है।’’ गिलानी ने कहा, ‘दोनों पक्षों को इस प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए ठोस आधारशिला रखने के लिए पूरा प्रयास करने की आवश्यकता है।’ पाकिस्तान (विदेश) सचिव स्तर की द्विपक्षीय वार्ता के अगले दौर के सफल होने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने आशा जताई कि इस वार्ता का अगला दौर सकारात्मक रहेगा। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान और भारत को दोस्ती, सहयोग और अच्छे पड़ोसी वाले रिश्तों के साथ आगे बढ़ते देखना उनका सपना है। गिलानी ने साथ ही भारत द्वारा सिंधु जल संधि को पूरी तरह से लागू करने की प्रतिबद्ध जताने की जरूरत पर बल दिया। पिछले साल फिर से शुरू हुई वार्ता प्रक्रिया के पहले दौर के पूरे होने के संदर्भ में गिलानी ने कहा, ‘‘बातचीत ने विश्वास की कमी को घटाने का काम किया है।’’ गिलानी ने कहा, ‘दोनों पक्षों को इस प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए ठोस आधारशिला रखने के लिए पूरा प्रयास करने की आवश्यकता है।’ पाकिस्तान (विदेश) सचिव स्तर की द्विपक्षीय वार्ता के अगले दौर के सफल होने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने आशा जताई कि इस वार्ता का अगला दौर सकारात्मक रहेगा। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान और भारत को दोस्ती, सहयोग और अच्छे पड़ोसी वाले रिश्तों के साथ आगे बढ़ते देखना उनका सपना है। गिलानी ने कहा, ‘दोनों पक्षों को इस प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए ठोस आधारशिला रखने के लिए पूरा प्रयास करने की आवश्यकता है।’ पाकिस्तान (विदेश) सचिव स्तर की द्विपक्षीय वार्ता के अगले दौर के सफल होने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने आशा जताई कि इस वार्ता का अगला दौर सकारात्मक रहेगा। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान और भारत को दोस्ती, सहयोग और अच्छे पड़ोसी वाले रिश्तों के साथ आगे बढ़ते देखना उनका सपना है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता ने विश्वास की कमी को घटाया है और दोनों पक्षों को शांति प्रक्रिया आगे ले जाने के लिए ठोस आधारशिला रखने का प्रयास करना चाहिए।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: आगरा वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सूर सरोवर पक्षी विहार की सीमा के अन्दर संचालित किए जा रहे शारदा समूह के आनंद इंजीनियरिंग कालेज को सर्वोच्च न्यायायल के आदेशों के विरुद्ध एवं वन्य जीव अधिनियम के प्राविधानों के उल्लघंन करने पर सील कर दिया है और परिसर को तीन दिन के अंदर खाली करने के आदेश जारी कर दिए हैं। कालेज के निदेशक के विरुद्ध भी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए है। आगरा के प्रभागीय निदेशक (चंबल वन्य जीव प्रभाग) सुजोय बैनर्जी ने बताया कि वन विभाग की टीम ने शनिवार को सूर सरोवर पक्षी विहार की सीमा में संचालित शारदा समूह के आनंद इंजीनियरिंग कालेज पर छापा मारा। छापे के दौरान पाया कि कालेज प्रशासन द्वारा वृहद स्तर पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पांच मंजिला निर्माण तो मौके पर होता हुआ पाया गया। निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों द्वारा निर्माण सामग्री का पर्याप्त मात्रा में भंडारण भी किया गया था। वन विभाग द्वारा इसके पूर्व नोटिस जारी कर कालेज प्रशासन को अवगत कराया गया था कि पक्षी विहार की सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार कोई भी निर्माण कार्य और व्यवसायिक गतिविधियां नही की जा सकती हैं। टिप्पणियां वन विभाग की टीम ने मौके पर हो रहे निर्माण कार्य को देखते हुए कालेज को सील करते हुए कालेज के निदेशक एसआर चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए। मौके पर हो रहे निर्माण कार्य की फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी भी कराई गई तथा कालेज प्रसासन को आगामी 26 सितंबर 2012 तक परिसर खाली करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। आनंद इंजीरियरिंग कालेज पर सूर सरोवर पक्षी विहार स्थित कीठम झील के अंदर लगातार प्रदूषित जहरीले जल एंव सीवेज का निस्तारण किए जाने के कारण छह करोड़ रुपये का हर्जाना वन विभाग द्वारा लगाया गया था जिसका मामला माननीय उच्च न्यायालय में चल रहा है। वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से उच्च न्यायालय को भी अवगत कराया जा रहा है। आगरा के प्रभागीय निदेशक (चंबल वन्य जीव प्रभाग) सुजोय बैनर्जी ने बताया कि वन विभाग की टीम ने शनिवार को सूर सरोवर पक्षी विहार की सीमा में संचालित शारदा समूह के आनंद इंजीनियरिंग कालेज पर छापा मारा। छापे के दौरान पाया कि कालेज प्रशासन द्वारा वृहद स्तर पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पांच मंजिला निर्माण तो मौके पर होता हुआ पाया गया। निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों द्वारा निर्माण सामग्री का पर्याप्त मात्रा में भंडारण भी किया गया था। वन विभाग द्वारा इसके पूर्व नोटिस जारी कर कालेज प्रशासन को अवगत कराया गया था कि पक्षी विहार की सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार कोई भी निर्माण कार्य और व्यवसायिक गतिविधियां नही की जा सकती हैं। टिप्पणियां वन विभाग की टीम ने मौके पर हो रहे निर्माण कार्य को देखते हुए कालेज को सील करते हुए कालेज के निदेशक एसआर चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए। मौके पर हो रहे निर्माण कार्य की फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी भी कराई गई तथा कालेज प्रसासन को आगामी 26 सितंबर 2012 तक परिसर खाली करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। आनंद इंजीरियरिंग कालेज पर सूर सरोवर पक्षी विहार स्थित कीठम झील के अंदर लगातार प्रदूषित जहरीले जल एंव सीवेज का निस्तारण किए जाने के कारण छह करोड़ रुपये का हर्जाना वन विभाग द्वारा लगाया गया था जिसका मामला माननीय उच्च न्यायालय में चल रहा है। वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से उच्च न्यायालय को भी अवगत कराया जा रहा है। वन विभाग द्वारा इसके पूर्व नोटिस जारी कर कालेज प्रशासन को अवगत कराया गया था कि पक्षी विहार की सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार कोई भी निर्माण कार्य और व्यवसायिक गतिविधियां नही की जा सकती हैं। टिप्पणियां वन विभाग की टीम ने मौके पर हो रहे निर्माण कार्य को देखते हुए कालेज को सील करते हुए कालेज के निदेशक एसआर चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए। मौके पर हो रहे निर्माण कार्य की फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी भी कराई गई तथा कालेज प्रसासन को आगामी 26 सितंबर 2012 तक परिसर खाली करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। आनंद इंजीरियरिंग कालेज पर सूर सरोवर पक्षी विहार स्थित कीठम झील के अंदर लगातार प्रदूषित जहरीले जल एंव सीवेज का निस्तारण किए जाने के कारण छह करोड़ रुपये का हर्जाना वन विभाग द्वारा लगाया गया था जिसका मामला माननीय उच्च न्यायालय में चल रहा है। वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से उच्च न्यायालय को भी अवगत कराया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने मौके पर हो रहे निर्माण कार्य को देखते हुए कालेज को सील करते हुए कालेज के निदेशक एसआर चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए। मौके पर हो रहे निर्माण कार्य की फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी भी कराई गई तथा कालेज प्रसासन को आगामी 26 सितंबर 2012 तक परिसर खाली करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। आनंद इंजीरियरिंग कालेज पर सूर सरोवर पक्षी विहार स्थित कीठम झील के अंदर लगातार प्रदूषित जहरीले जल एंव सीवेज का निस्तारण किए जाने के कारण छह करोड़ रुपये का हर्जाना वन विभाग द्वारा लगाया गया था जिसका मामला माननीय उच्च न्यायालय में चल रहा है। वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से उच्च न्यायालय को भी अवगत कराया जा रहा है। आनंद इंजीरियरिंग कालेज पर सूर सरोवर पक्षी विहार स्थित कीठम झील के अंदर लगातार प्रदूषित जहरीले जल एंव सीवेज का निस्तारण किए जाने के कारण छह करोड़ रुपये का हर्जाना वन विभाग द्वारा लगाया गया था जिसका मामला माननीय उच्च न्यायालय में चल रहा है। वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से उच्च न्यायालय को भी अवगत कराया जा रहा है।
आगरा वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सूर सरोवर पक्षी विहार की सीमा के अन्दर संचालित किए जा रहे शारदा समूह के आनंद इंजीनियरिंग कालेज को सर्वोच्च न्यायायल के आदेशों के विरुद्ध एवं वन्य जीव अधिनियम के प्राविधानों के उल्लघंन करने पर सील कर दिया है।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत और पाकिस्तान के बीच उदार वीजा समझौते को मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां दोनों पक्षों ने 8 सितम्बर को समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इससे दोनों देशों के लोगों का आपसी सम्पर्क और आपसी व्यापार बढ़ेगा। समझौते के मुताबिक, छह महीने तक की अवधि के लिए वीजा जारी किया जाएगा और इसके तहत अधिकतम पांच स्थानों की यात्रा की जा सकेगी। इस वीजा के तहत देश की यात्रा करने वाला वहां एक बार में अधिकतम तीन महीने तक ही रह सकता है। दोनों पक्षों ने 8 सितम्बर को समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इससे दोनों देशों के लोगों का आपसी सम्पर्क और आपसी व्यापार बढ़ेगा। समझौते के मुताबिक, छह महीने तक की अवधि के लिए वीजा जारी किया जाएगा और इसके तहत अधिकतम पांच स्थानों की यात्रा की जा सकेगी। इस वीजा के तहत देश की यात्रा करने वाला वहां एक बार में अधिकतम तीन महीने तक ही रह सकता है। समझौते के मुताबिक, छह महीने तक की अवधि के लिए वीजा जारी किया जाएगा और इसके तहत अधिकतम पांच स्थानों की यात्रा की जा सकेगी। इस वीजा के तहत देश की यात्रा करने वाला वहां एक बार में अधिकतम तीन महीने तक ही रह सकता है।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत और पाकिस्तान के बीच उदार वीजा समझौते को मंजूरी दे दी है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बेवरेज कंपनी कोका कोला ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 2020 तक भारत में नया बॉटलिंग संयंत्र सहित विभिन्न गतिविधियों पर 5 अरब डॉलर (लगभग 28,000 करोड़ रुपये) निवेश करने की घोषणा की है। इससे पहले कंपनी ने नवंबर, 2011 में भारत में अपने परिचालन का विस्तार करने के लिए पांच साल में दो अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा की थी।टिप्पणियां कोका कोला के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुहटर केंट ने मंगलवार को कहा, ‘‘कोका कोला ने अब से लेकर 2020 तक भारत में 5 अरब डॉलर का निवेश करने का फैसला किया है। यह निवेश कंपनी द्वारा इस अवधि में वैश्विक स्तर पर 30 अरब डॉलर के निवेश की योजना का हिस्सा है। भारत दुनिया में कोका कोला के पांच प्रमुख बाजारों में शामिल हो जाएगा। अभी यह सातवें स्थान पर है।’’ केंट ने कहा कि अपने सहयोगियों के साथ हम यह निवेश बॉटलिंग लाइन के विस्तार, नए बॉटलिंग संयंत्रों की स्थापना, बैक एंड ढांचे के विस्तार के अलावा विपणन पर करेंगे। केंट ने कहा कि कंपनी की ताजा निवेश घोषणा पूर्व के आंकड़ों से तीन अरब डॉलर अधिक है। कंपनी भारत में निवेश क्यों कर रही है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि क्योंकि हमें पूरा भरोसा है कि भारत में भारी संभावनाओं को देखते हुए यह एक उचित फैसला है। हमने भारत में अपने कारोबार की समीक्षा की है। कोका कोला ने 2020 तक वैश्विक स्तर पर अपने कारोबार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले कंपनी ने नवंबर, 2011 में भारत में अपने परिचालन का विस्तार करने के लिए पांच साल में दो अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा की थी।टिप्पणियां कोका कोला के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुहटर केंट ने मंगलवार को कहा, ‘‘कोका कोला ने अब से लेकर 2020 तक भारत में 5 अरब डॉलर का निवेश करने का फैसला किया है। यह निवेश कंपनी द्वारा इस अवधि में वैश्विक स्तर पर 30 अरब डॉलर के निवेश की योजना का हिस्सा है। भारत दुनिया में कोका कोला के पांच प्रमुख बाजारों में शामिल हो जाएगा। अभी यह सातवें स्थान पर है।’’ केंट ने कहा कि अपने सहयोगियों के साथ हम यह निवेश बॉटलिंग लाइन के विस्तार, नए बॉटलिंग संयंत्रों की स्थापना, बैक एंड ढांचे के विस्तार के अलावा विपणन पर करेंगे। केंट ने कहा कि कंपनी की ताजा निवेश घोषणा पूर्व के आंकड़ों से तीन अरब डॉलर अधिक है। कंपनी भारत में निवेश क्यों कर रही है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि क्योंकि हमें पूरा भरोसा है कि भारत में भारी संभावनाओं को देखते हुए यह एक उचित फैसला है। हमने भारत में अपने कारोबार की समीक्षा की है। कोका कोला ने 2020 तक वैश्विक स्तर पर अपने कारोबार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। कोका कोला के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुहटर केंट ने मंगलवार को कहा, ‘‘कोका कोला ने अब से लेकर 2020 तक भारत में 5 अरब डॉलर का निवेश करने का फैसला किया है। यह निवेश कंपनी द्वारा इस अवधि में वैश्विक स्तर पर 30 अरब डॉलर के निवेश की योजना का हिस्सा है। भारत दुनिया में कोका कोला के पांच प्रमुख बाजारों में शामिल हो जाएगा। अभी यह सातवें स्थान पर है।’’ केंट ने कहा कि अपने सहयोगियों के साथ हम यह निवेश बॉटलिंग लाइन के विस्तार, नए बॉटलिंग संयंत्रों की स्थापना, बैक एंड ढांचे के विस्तार के अलावा विपणन पर करेंगे। केंट ने कहा कि कंपनी की ताजा निवेश घोषणा पूर्व के आंकड़ों से तीन अरब डॉलर अधिक है। कंपनी भारत में निवेश क्यों कर रही है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि क्योंकि हमें पूरा भरोसा है कि भारत में भारी संभावनाओं को देखते हुए यह एक उचित फैसला है। हमने भारत में अपने कारोबार की समीक्षा की है। कोका कोला ने 2020 तक वैश्विक स्तर पर अपने कारोबार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। केंट ने कहा कि अपने सहयोगियों के साथ हम यह निवेश बॉटलिंग लाइन के विस्तार, नए बॉटलिंग संयंत्रों की स्थापना, बैक एंड ढांचे के विस्तार के अलावा विपणन पर करेंगे। केंट ने कहा कि कंपनी की ताजा निवेश घोषणा पूर्व के आंकड़ों से तीन अरब डॉलर अधिक है। कंपनी भारत में निवेश क्यों कर रही है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि क्योंकि हमें पूरा भरोसा है कि भारत में भारी संभावनाओं को देखते हुए यह एक उचित फैसला है। हमने भारत में अपने कारोबार की समीक्षा की है। कोका कोला ने 2020 तक वैश्विक स्तर पर अपने कारोबार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
सारांश: बेवरेज कंपनी कोका कोला ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 2020 तक भारत में नया बॉटलिंग संयंत्र सहित विभिन्न गतिविधियों पर 28 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की है।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है. एक साल पहले ही एजेंसी के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच 'रिश्वत' को लेकर विवाद हुआ था. अब एक अधिकारी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बड़े अधिकारी पर फर्जी एन्काउंटर में शामिल होने का आरोप लगाया है. अधिकार का नाम एनपी मिश्रा है जो डीएसपी रैंक के पुलिस अधिकारी हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि एजेंसी के संयुक्त निदेशक एके भटनागर झारखंड में एक फेक एन्काउंटर में शामिल थे और अब वह उनको हटाए जाने की मांग करता हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखे पत्र में एनपी मिश्रा ने कहा कि एके भटनागर जो कि वर्तमान में सीबीआई में प्रशासनिक मामलों के संयुक्त निदेशक हैं, वह झारखंड में 14  निर्दोष लोगों के फर्जी एन्काउंटर के मामले पूरी तरह शामिल थे और पाया गया है कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है.' आपको बता दें कि यह पत्र 25 सितंबर को लिखा गया था. प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा सीबीआई प्रमुख और सीवीसी को भी भेजा गया है. इसके अलावा उन्होंने 5 पन्नों की शिकायत अलग से उन्होंने सीवीसी से की है.  एनपी मिश्रा के मुताबिक इन फर्जी एन्काउंटर में मारे गए लोगों के परिजनों ने पहले ही इसकी शिकायत कर रही है. इसके अलावा मिश्रा ने एके भटनागर पर कई भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा कि इसकी भी शिकायत कई लोगों की ओर से की जा चुकी है. हालांकि एनपी मिश्रा की ओर से लिखे गए इस पत्र पर सीबीआई की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है.  आपको बता दें कि एनपी मिश्रा ने इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में एक पत्रकार उमेश राजपूत की हत्या और भ्रष्टाचार के कई आरोप सीबीआई अधिकारियों पर लगा चुके हैं. लेकिन एजेंसी ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया था. इसके अलावा एनपी मिश्रा ने अपने तबादले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील कर रखी है जिसकी सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी. वह अभी सीबीआई के इंटरपोल के जरिए भगोड़ों को पकड़ कर लाने वाले विभाग में काम कर रहे हैं. गौरतलब है कि पिछले साल ही सीबीआई प्रमुख रहे आलोक वर्मा और नंबर-2  अधिकारी राजीव अस्थाना के बीच सार्वजनिक रूप से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए थे. दोनों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. बाद में दोनों को छुट्टी पर भेज दिया गया था. बाद में आलोक वर्मा ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था.
एनपी मिश्रा हैं DSP रैंक के अधिकारी एके भटनागर पर लगाया आरोप भटनागर हैं संयुक्त निदेशक (प्रशासन)
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेजीं.अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केन्द्र और जम्मू कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अनुच्छेद 370 हटाए जाने की संवैधानिक वैधता की समीक्षा करेगा. अनुच्छेद 370 के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई पांच जजों की बेंच करेगी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया है कि जम्मू-कश्मीर हालात सामान्य हैं.  सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने के राष्ट्रपति आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं के संबंध में केन्द्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस भी जारी किए. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ केन्द्र की उस दलील से सहमत नहीं दिखी कि अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल के अदालत में मौजूद होने के कारण नोटिस जारी करने की जरूरत नहीं है.  पीठ ने नोटिस को लेकर ‘सीमा पार प्रतिक्रिया' होने की दलील को ठुकराते हुए कहा, ‘हम इस मामले को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेजते हैं.' अटॉर्नी जनरल ने कहा कि इस अदालत द्वारा कही हर बात को संयुक्त राष्ट्र के समक्ष पेश किया जाता है. दोनों पक्ष के वकीलों के वाद-विवाद में उलझने पर पीठ ने कहा, ‘हमें पता है कि क्या करना है, हमने आदेश पारित कर दिया है और हम इसे बदलने नहीं वाले.' अनुच्छेद 370 रद्द करने के फैसले के खिलाफ याचिका अधिवक्ता एमएल शर्मा ने दायर की है, जबकि नेशनल कांफ्रेंस सांसद मोहम्मद अकबर लोन और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी ने जम्मू कश्मीर के संवैधानिक दर्जे में केंद्र द्वारा किये गए बदलावों को चुनौती दी है. पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल, जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद और राधा कुमार जैसे प्रख्यात हस्तियों सहित अन्य भी इसमें शामिल हैं.
संक्षिप्त पाठ: SC ने की कई याचिकाओं पर सुनवाई केंद्र सरकार से मांगा जवाब अक्टूबर में होगी अगली सुनवाई
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: असम-नागालैंड सीमा से लगे गोलाघाट जिले के मीरापनी के उदयपुर-मिकिरपट्टी के निवासी रहमान ने बताया, "हमें अतीत में विदेशी प्राधिकरण से कोई नोटिस नहीं मिला था. हाल ही में जब मैं छुट्टियों के दौरान घर आया था, तो हमें प्राधिकरण का विदेशी घोषित करने वाला नोटिस मिला." रहमान ने कहा, "मेरी और मेरी पत्नी की भारतीय नागरिकता संदेह से परे है. हम वास्तविक भारतीय नागरिक हैं. हमें विदेशी घोषित करना केवल यही साबित करता है कि सीमा पुलिस ने अपने कतर्व्य का ठीक से निवर्हन नहीं किया." उन्होंने बताया कि वे इस मामले में पहले ही गुवाहाटी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं. उन्होंने कहा, "ना तो मैं और ना ही मेरी पत्नी डरे हुए हैं. हमारे पास हमारे पुरखों के 1930 के जमीन के कागजात हैं. सीमा पुलिस के एक अधिकारी ने शराबी की बात को सच मानकर हमारे खिलाफ विदेशी प्राधिकरण में रिपोर्ट दाखिल कर दी." बीएसएफ अधिकारी ने हालांकि उस सीमा पुलिस के अधिकारी का नाम लेने से मना कर दिया, जिसने उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ गलत रिपोर्ट दाखिल की. उन्होंने केवल यह कहा कि इस मामले पर वह केस खत्म हो जाने के बाद बात करेंगे. कुछ महीने पहले, असम के कामरूप जिले के विदेशी प्राधिकरण ने सेना के सेवानिवृत्त कैप्टन मोहम्मद सनाउल्लाह को विदेशी घोषित कर दिया था, जिसके बाद सनाउल्लाह को बंदी शिविर में डाल दिया गया. हालांकि बाद में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी.
सारांश: रहमान असम-नागालैंड सीमा से लगे उदयपुर-मिकिरपट्टी के निवासी छुट्टियों में घर आए तो विदेशी घोषित करने वाला नोटिस मिला रहमान ने कहा- हमारे पुरखों के 1930 के जमीन के कागजात हैं
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नवंबर महीने के अंत में रिलीज होने जा रही फिल्म ‘बुलेट राजा’ के पटकथा लेखक अमरेश मिश्र के अनुसार यह फिल्म कार्पोरेट कंपनियों की एकरूपता पैदा करने जैसी तमाम संस्कृति के खिलाफ ठेठ भारतीय आत्मसम्मान, स्वाभिमान और पौरुष के बगावत की कहानी है। अमरेश मिश्र ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ के निर्देशक तिग्मांशु धूलिया के साथ मिलकर फिल्म ‘बुलेट राजा’ की कहानी लिखी है। तिग्मांशु और अमरेश अच्छे दोस्त भी हैं। इस फिल्म का प्रस्ताव लेकर वह तिग्मांशु से पहली दफा 2006 में मिले थे और तब इस फिल्म का नाम ‘दिन दहाड़े’ रखा था जिसे बाद में बदलकर कर ‘बुलेट राजा’ किया गया। इस फिल्म का निर्देशन तिग्मांशु धूलिया ने किया है। फिल्म की पटकथा तैयार करने की पृष्ठभूमि के बाबत अमरेश ने कहा, ‘‘फिल्म की कहानी उदारवादी आर्थिक नीतियों से मोहभंग के दौर में समाज के कुछ वर्गों द्वारा आयातीत विदेशी संस्कृति के खिलाफ हिन्दी उर्दू क्षेत्र के लोगों के जज्बे, गुस्से और विक्षोभ को दर्शाता है। फिल्म में यह दर्शाया गया है कि कैसे फिल्म के दो चरित्र (सैफ अली खान और जिमी शेरगिल) इस संस्कृति के खिलाफ अपने गुस्से के इजहार के लिए अपराध का रास्ता अख्तियार कर लेते हैं।’’ लेखक, फिल्म समीक्षक और सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता अमरेश ने कहा, ‘‘यह विशुद्ध रूप से मुख्यधारा की फिल्म है जिसका ढांचा पाश्चात्य फिल्मों का है। इसमें हिंसा का तारतम्य है जिसकी तुलना अमेरिकी फिल्म निर्देशक जार्ज रॉय हिल की ‘बुच केसेडी एंड सन डांस किड’ फिल्म से की जा सकती है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘कॉर्पोरेट कल्चर में अपेक्षा की जाती है कि लोगों के बीच व्यवहार में एकरूपता हो, उनके काम करने के तरीके में एकरूपता हो। गहराई में जाकर देखें तो यह लोगों को अपने से ही बेगाना बनाता है। इसमें अपेक्षा की जाती है कि ब्राह्मण टीका न लगाए, मुसलमान पांच वक्त की नमाज न पढ़े और इस संस्कृति की ‘मदर कंट्री’ (केन्द्र) अमेरिका है।’’ अमरेश ने कहा, ‘गहराई में जाकर देखें तो देश में 1857 का विद्रोह भी उस समय के साम्राज्यवादियों द्वारा भारतीय समाज पर थोपी जा रही संस्कृति के खिलाफ था। कुल मिलाकर इस पूरी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर इस फिल्म को तैयार किया गया है जो अपने स्वरूप में तो शुद्ध मुख्यधारा की फिल्म है, लेकिन अपनी विषयवस्तु में कई गंभीर पहलुओं को छूते हुए आगे बढ़ती है।’ अमरेश मिश्र ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ के निर्देशक तिग्मांशु धूलिया के साथ मिलकर फिल्म ‘बुलेट राजा’ की कहानी लिखी है। तिग्मांशु और अमरेश अच्छे दोस्त भी हैं। इस फिल्म का प्रस्ताव लेकर वह तिग्मांशु से पहली दफा 2006 में मिले थे और तब इस फिल्म का नाम ‘दिन दहाड़े’ रखा था जिसे बाद में बदलकर कर ‘बुलेट राजा’ किया गया। इस फिल्म का निर्देशन तिग्मांशु धूलिया ने किया है। फिल्म की पटकथा तैयार करने की पृष्ठभूमि के बाबत अमरेश ने कहा, ‘‘फिल्म की कहानी उदारवादी आर्थिक नीतियों से मोहभंग के दौर में समाज के कुछ वर्गों द्वारा आयातीत विदेशी संस्कृति के खिलाफ हिन्दी उर्दू क्षेत्र के लोगों के जज्बे, गुस्से और विक्षोभ को दर्शाता है। फिल्म में यह दर्शाया गया है कि कैसे फिल्म के दो चरित्र (सैफ अली खान और जिमी शेरगिल) इस संस्कृति के खिलाफ अपने गुस्से के इजहार के लिए अपराध का रास्ता अख्तियार कर लेते हैं।’’ लेखक, फिल्म समीक्षक और सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता अमरेश ने कहा, ‘‘यह विशुद्ध रूप से मुख्यधारा की फिल्म है जिसका ढांचा पाश्चात्य फिल्मों का है। इसमें हिंसा का तारतम्य है जिसकी तुलना अमेरिकी फिल्म निर्देशक जार्ज रॉय हिल की ‘बुच केसेडी एंड सन डांस किड’ फिल्म से की जा सकती है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘कॉर्पोरेट कल्चर में अपेक्षा की जाती है कि लोगों के बीच व्यवहार में एकरूपता हो, उनके काम करने के तरीके में एकरूपता हो। गहराई में जाकर देखें तो यह लोगों को अपने से ही बेगाना बनाता है। इसमें अपेक्षा की जाती है कि ब्राह्मण टीका न लगाए, मुसलमान पांच वक्त की नमाज न पढ़े और इस संस्कृति की ‘मदर कंट्री’ (केन्द्र) अमेरिका है।’’ अमरेश ने कहा, ‘गहराई में जाकर देखें तो देश में 1857 का विद्रोह भी उस समय के साम्राज्यवादियों द्वारा भारतीय समाज पर थोपी जा रही संस्कृति के खिलाफ था। कुल मिलाकर इस पूरी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर इस फिल्म को तैयार किया गया है जो अपने स्वरूप में तो शुद्ध मुख्यधारा की फिल्म है, लेकिन अपनी विषयवस्तु में कई गंभीर पहलुओं को छूते हुए आगे बढ़ती है।’ इस फिल्म का प्रस्ताव लेकर वह तिग्मांशु से पहली दफा 2006 में मिले थे और तब इस फिल्म का नाम ‘दिन दहाड़े’ रखा था जिसे बाद में बदलकर कर ‘बुलेट राजा’ किया गया। इस फिल्म का निर्देशन तिग्मांशु धूलिया ने किया है। फिल्म की पटकथा तैयार करने की पृष्ठभूमि के बाबत अमरेश ने कहा, ‘‘फिल्म की कहानी उदारवादी आर्थिक नीतियों से मोहभंग के दौर में समाज के कुछ वर्गों द्वारा आयातीत विदेशी संस्कृति के खिलाफ हिन्दी उर्दू क्षेत्र के लोगों के जज्बे, गुस्से और विक्षोभ को दर्शाता है। फिल्म में यह दर्शाया गया है कि कैसे फिल्म के दो चरित्र (सैफ अली खान और जिमी शेरगिल) इस संस्कृति के खिलाफ अपने गुस्से के इजहार के लिए अपराध का रास्ता अख्तियार कर लेते हैं।’’ लेखक, फिल्म समीक्षक और सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता अमरेश ने कहा, ‘‘यह विशुद्ध रूप से मुख्यधारा की फिल्म है जिसका ढांचा पाश्चात्य फिल्मों का है। इसमें हिंसा का तारतम्य है जिसकी तुलना अमेरिकी फिल्म निर्देशक जार्ज रॉय हिल की ‘बुच केसेडी एंड सन डांस किड’ फिल्म से की जा सकती है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘कॉर्पोरेट कल्चर में अपेक्षा की जाती है कि लोगों के बीच व्यवहार में एकरूपता हो, उनके काम करने के तरीके में एकरूपता हो। गहराई में जाकर देखें तो यह लोगों को अपने से ही बेगाना बनाता है। इसमें अपेक्षा की जाती है कि ब्राह्मण टीका न लगाए, मुसलमान पांच वक्त की नमाज न पढ़े और इस संस्कृति की ‘मदर कंट्री’ (केन्द्र) अमेरिका है।’’ अमरेश ने कहा, ‘गहराई में जाकर देखें तो देश में 1857 का विद्रोह भी उस समय के साम्राज्यवादियों द्वारा भारतीय समाज पर थोपी जा रही संस्कृति के खिलाफ था। कुल मिलाकर इस पूरी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर इस फिल्म को तैयार किया गया है जो अपने स्वरूप में तो शुद्ध मुख्यधारा की फिल्म है, लेकिन अपनी विषयवस्तु में कई गंभीर पहलुओं को छूते हुए आगे बढ़ती है।’ फिल्म की पटकथा तैयार करने की पृष्ठभूमि के बाबत अमरेश ने कहा, ‘‘फिल्म की कहानी उदारवादी आर्थिक नीतियों से मोहभंग के दौर में समाज के कुछ वर्गों द्वारा आयातीत विदेशी संस्कृति के खिलाफ हिन्दी उर्दू क्षेत्र के लोगों के जज्बे, गुस्से और विक्षोभ को दर्शाता है। फिल्म में यह दर्शाया गया है कि कैसे फिल्म के दो चरित्र (सैफ अली खान और जिमी शेरगिल) इस संस्कृति के खिलाफ अपने गुस्से के इजहार के लिए अपराध का रास्ता अख्तियार कर लेते हैं।’’ लेखक, फिल्म समीक्षक और सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता अमरेश ने कहा, ‘‘यह विशुद्ध रूप से मुख्यधारा की फिल्म है जिसका ढांचा पाश्चात्य फिल्मों का है। इसमें हिंसा का तारतम्य है जिसकी तुलना अमेरिकी फिल्म निर्देशक जार्ज रॉय हिल की ‘बुच केसेडी एंड सन डांस किड’ फिल्म से की जा सकती है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘कॉर्पोरेट कल्चर में अपेक्षा की जाती है कि लोगों के बीच व्यवहार में एकरूपता हो, उनके काम करने के तरीके में एकरूपता हो। गहराई में जाकर देखें तो यह लोगों को अपने से ही बेगाना बनाता है। इसमें अपेक्षा की जाती है कि ब्राह्मण टीका न लगाए, मुसलमान पांच वक्त की नमाज न पढ़े और इस संस्कृति की ‘मदर कंट्री’ (केन्द्र) अमेरिका है।’’ अमरेश ने कहा, ‘गहराई में जाकर देखें तो देश में 1857 का विद्रोह भी उस समय के साम्राज्यवादियों द्वारा भारतीय समाज पर थोपी जा रही संस्कृति के खिलाफ था। कुल मिलाकर इस पूरी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर इस फिल्म को तैयार किया गया है जो अपने स्वरूप में तो शुद्ध मुख्यधारा की फिल्म है, लेकिन अपनी विषयवस्तु में कई गंभीर पहलुओं को छूते हुए आगे बढ़ती है।’ लेखक, फिल्म समीक्षक और सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता अमरेश ने कहा, ‘‘यह विशुद्ध रूप से मुख्यधारा की फिल्म है जिसका ढांचा पाश्चात्य फिल्मों का है। इसमें हिंसा का तारतम्य है जिसकी तुलना अमेरिकी फिल्म निर्देशक जार्ज रॉय हिल की ‘बुच केसेडी एंड सन डांस किड’ फिल्म से की जा सकती है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘कॉर्पोरेट कल्चर में अपेक्षा की जाती है कि लोगों के बीच व्यवहार में एकरूपता हो, उनके काम करने के तरीके में एकरूपता हो। गहराई में जाकर देखें तो यह लोगों को अपने से ही बेगाना बनाता है। इसमें अपेक्षा की जाती है कि ब्राह्मण टीका न लगाए, मुसलमान पांच वक्त की नमाज न पढ़े और इस संस्कृति की ‘मदर कंट्री’ (केन्द्र) अमेरिका है।’’ अमरेश ने कहा, ‘गहराई में जाकर देखें तो देश में 1857 का विद्रोह भी उस समय के साम्राज्यवादियों द्वारा भारतीय समाज पर थोपी जा रही संस्कृति के खिलाफ था। कुल मिलाकर इस पूरी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर इस फिल्म को तैयार किया गया है जो अपने स्वरूप में तो शुद्ध मुख्यधारा की फिल्म है, लेकिन अपनी विषयवस्तु में कई गंभीर पहलुओं को छूते हुए आगे बढ़ती है।’ उन्होंने कहा, ‘‘कॉर्पोरेट कल्चर में अपेक्षा की जाती है कि लोगों के बीच व्यवहार में एकरूपता हो, उनके काम करने के तरीके में एकरूपता हो। गहराई में जाकर देखें तो यह लोगों को अपने से ही बेगाना बनाता है। इसमें अपेक्षा की जाती है कि ब्राह्मण टीका न लगाए, मुसलमान पांच वक्त की नमाज न पढ़े और इस संस्कृति की ‘मदर कंट्री’ (केन्द्र) अमेरिका है।’’ अमरेश ने कहा, ‘गहराई में जाकर देखें तो देश में 1857 का विद्रोह भी उस समय के साम्राज्यवादियों द्वारा भारतीय समाज पर थोपी जा रही संस्कृति के खिलाफ था। कुल मिलाकर इस पूरी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर इस फिल्म को तैयार किया गया है जो अपने स्वरूप में तो शुद्ध मुख्यधारा की फिल्म है, लेकिन अपनी विषयवस्तु में कई गंभीर पहलुओं को छूते हुए आगे बढ़ती है।’ अमरेश ने कहा, ‘गहराई में जाकर देखें तो देश में 1857 का विद्रोह भी उस समय के साम्राज्यवादियों द्वारा भारतीय समाज पर थोपी जा रही संस्कृति के खिलाफ था। कुल मिलाकर इस पूरी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर इस फिल्म को तैयार किया गया है जो अपने स्वरूप में तो शुद्ध मुख्यधारा की फिल्म है, लेकिन अपनी विषयवस्तु में कई गंभीर पहलुओं को छूते हुए आगे बढ़ती है।’
यहाँ एक सारांश है:अमरेश ने कहा, 'फिल्म की कहानी उदारवादी आर्थिक नीतियों से मोहभंग के दौर में समाज के कुछ वर्गों द्वारा आयातीत विदेशी संस्कृति के खिलाफ हिन्दी उर्दू क्षेत्र के लोगों के जज्बे, गुस्से और विक्षोभ को दर्शाता है।'
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के जीवन पर बन रही फिल्म  'माय नेम इज रागा' (My Name Is Raga) में उनके बचपन से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष बनने तक की पूरी कहानी दिखाई जाएगी. इस फिल्म में राहुल गांधी के महत्वपूर्ण पहलुओं को भी दिखाया गया. फिल्म में राहुल गांधी के पॉलिटिकल विवादों को भी दिखाने की कोशिश की गई. राहुल गांधी पर बन रही इस फिल्म की स्क्रिप्ट और डायरेक्शन रुपेश पॉल ने किया है. फिल्म में एक्टर अश्विनी कुमार (Ashwini Kumar) राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भूमिका निभा रहे हैं जबकि हिमंत कपाडिया (Hemant Kadia) पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के रोल में नजर आएंगे. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को इस फिल्म के टीजर में देखा जा सकता है कि इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) को गोली लगने के बाद वो अपने पिता राजीव गांधी से बड़ी मासूमियत से पूछते नजर आ रहे हैं कि क्या आपको भी गोली मार दी जाएगी. राजीव गांधी उनके इन बातों को सुनकर स्तब्ध रह जाते हैं.  'माय नेम इज रागा' (My Name Is Raga) के टीजर में यह भी देखा जा सकती है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) राहुल गांधी से कहते हैं कि अब समय आ गया है जब तुम जिम्मेदारी संभालो.  राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस फिल्म में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कड़े सवालों का जवाब भी देते नजर आएंगे. राहुल गांधी के अलावा पीएम मोदी की भी बायोपिक बन रही है, जिसमें विवेक ओबेरॉय उनकी भूमिका में हैं. राहुल गांधी और पीएम मोदी से पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जीवन पर बायोपिक रिलीज हुई थी, जिसमें अभिनेता अनुपम खेर उनके किरदार में थे. यह फिल्म संजय बारू की किताब पर आधारित  'द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' पर बेस्ड थी.
राहुल गांधी की बोयोपिक का टीजर रिलीज इस टीजर की शरुआत इंदिरा गांधी की हत्या से होती इस फिल्म में राहुल गांधी के महत्वपूर्ण पहलुओं को दिखाया जाएगा.
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपनी भारतीय प्रेमिका और उसके भाई- बहन की हत्या करने के मामले में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दोषी को पेरोल के बगैर कम से कम 35 साल जेल में गुजारने पड़ेंगे। इस मामले में दी गई सजा क्वींसलैंड इतिहास की अब तक की सबसे लंबी सजा है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जॉन बायर्ने ने आज 42 वर्षीय मासिमो ‘मैक्स’ सिका को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने इसे ‘हत्या की सबसे खराब श्रेणी का जघन्य और घिनौना अपराध’ करार दिया।टिप्पणियां इससे पहले मंगलवार को आठ पुरुषों और चार महिलाओं की ज्यूरी ने सिका को वर्ष 2003 में अपनी 24 वर्षीय पूर्व प्रेमिका नीलमा सिंह और उसके भाई कुणाल (18) और बहन सिधी (12) की हत्याओं का दोषी ठहराया। ये तीनों ब्रिसबेन के उत्तर में ब्रिजमैन डाउंस में अपने माता पिता के घर के स्पा में मृत मिले थे। सजा सुनते समय सिका ने कोई भावना व्यक्त नहीं की। जस्टिस बायर्ने ने कहा कि यह हत्या की सबसे खराब श्रेणी में जघन्य और डरावना अपराध है। उन्होंने कहा कि यह अपराध सिंह परिवार को जिंदगीभर दुख देगा। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जॉन बायर्ने ने आज 42 वर्षीय मासिमो ‘मैक्स’ सिका को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने इसे ‘हत्या की सबसे खराब श्रेणी का जघन्य और घिनौना अपराध’ करार दिया।टिप्पणियां इससे पहले मंगलवार को आठ पुरुषों और चार महिलाओं की ज्यूरी ने सिका को वर्ष 2003 में अपनी 24 वर्षीय पूर्व प्रेमिका नीलमा सिंह और उसके भाई कुणाल (18) और बहन सिधी (12) की हत्याओं का दोषी ठहराया। ये तीनों ब्रिसबेन के उत्तर में ब्रिजमैन डाउंस में अपने माता पिता के घर के स्पा में मृत मिले थे। सजा सुनते समय सिका ने कोई भावना व्यक्त नहीं की। जस्टिस बायर्ने ने कहा कि यह हत्या की सबसे खराब श्रेणी में जघन्य और डरावना अपराध है। उन्होंने कहा कि यह अपराध सिंह परिवार को जिंदगीभर दुख देगा। इससे पहले मंगलवार को आठ पुरुषों और चार महिलाओं की ज्यूरी ने सिका को वर्ष 2003 में अपनी 24 वर्षीय पूर्व प्रेमिका नीलमा सिंह और उसके भाई कुणाल (18) और बहन सिधी (12) की हत्याओं का दोषी ठहराया। ये तीनों ब्रिसबेन के उत्तर में ब्रिजमैन डाउंस में अपने माता पिता के घर के स्पा में मृत मिले थे। सजा सुनते समय सिका ने कोई भावना व्यक्त नहीं की। जस्टिस बायर्ने ने कहा कि यह हत्या की सबसे खराब श्रेणी में जघन्य और डरावना अपराध है। उन्होंने कहा कि यह अपराध सिंह परिवार को जिंदगीभर दुख देगा। जस्टिस बायर्ने ने कहा कि यह हत्या की सबसे खराब श्रेणी में जघन्य और डरावना अपराध है। उन्होंने कहा कि यह अपराध सिंह परिवार को जिंदगीभर दुख देगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अपनी भारतीय प्रेमिका और उसके भाई- बहन की हत्या करने के मामले में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान का एक यात्री विमान देश के जागरोस की पहाड़ियों पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में 50 से अधिक लोग सवार थे. खबर आ रही है इस क्रैश में 66 लोग मारे गए हैं. ईरान के असेमां एयरलाइन्स के प्रवक्ता ने सरकारी टीवी को बताया. देश की आपात सेवा के प्रमुख ने स्थानीय मीडिया को आज यह जानकारी दी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान में दो सुरक्षा कर्मी, दो फ्लाइट अटेंडेंट और पायलट, को-पायलट सहित 60 लोग सवार थे. 'बीबीसी' की रिपोर्ट के अनुसार, विमान दक्षिण-पश्चिम यासूज शहर और तेहरान के बीच यात्रा के दौरान इस्फहान प्रांत के सोमीरोम शहर के पास जाग्रोस पहाडियों में दुर्घटना का शिकार हो गया. Video- मुंबई के समंदर में हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 की मौतटिप्पणियां पीर हुसैन कूलीवंद ने फार्स समाचार एजेंसी को बताया,  यह विमान सेमीरोम क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और सभी आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया था. इनपुट- भाषा, आईएएनएस देश की आपात सेवा के प्रमुख ने स्थानीय मीडिया को आज यह जानकारी दी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान में दो सुरक्षा कर्मी, दो फ्लाइट अटेंडेंट और पायलट, को-पायलट सहित 60 लोग सवार थे. 'बीबीसी' की रिपोर्ट के अनुसार, विमान दक्षिण-पश्चिम यासूज शहर और तेहरान के बीच यात्रा के दौरान इस्फहान प्रांत के सोमीरोम शहर के पास जाग्रोस पहाडियों में दुर्घटना का शिकार हो गया. Video- मुंबई के समंदर में हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 की मौतटिप्पणियां पीर हुसैन कूलीवंद ने फार्स समाचार एजेंसी को बताया,  यह विमान सेमीरोम क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और सभी आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया था. इनपुट- भाषा, आईएएनएस 'बीबीसी' की रिपोर्ट के अनुसार, विमान दक्षिण-पश्चिम यासूज शहर और तेहरान के बीच यात्रा के दौरान इस्फहान प्रांत के सोमीरोम शहर के पास जाग्रोस पहाडियों में दुर्घटना का शिकार हो गया. Video- मुंबई के समंदर में हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 की मौतटिप्पणियां पीर हुसैन कूलीवंद ने फार्स समाचार एजेंसी को बताया,  यह विमान सेमीरोम क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और सभी आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया था. इनपुट- भाषा, आईएएनएस Video- मुंबई के समंदर में हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 की मौतटिप्पणियां पीर हुसैन कूलीवंद ने फार्स समाचार एजेंसी को बताया,  यह विमान सेमीरोम क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और सभी आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया था. इनपुट- भाषा, आईएएनएस पीर हुसैन कूलीवंद ने फार्स समाचार एजेंसी को बताया,  यह विमान सेमीरोम क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और सभी आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया था. इनपुट- भाषा, आईएएनएस इनपुट- भाषा, आईएएनएस
यह एक सारांश है: ईरान का एक यात्री विमान क्रैश हो गया जागरोस की पहाड़ियों पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ यह विमान इसमें सवार सभी 66 लोगों की मौत हो गई
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय शैक्षणिक संस्थाओं में इंजीनियरिंग की साझा प्रवेश परीक्षा का विरोध कर रहे आईआईटी शिक्षक संघ को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आश्वस्त किया कि आईआईटी की स्वायत्ता अक्षुण्ण रहेगी। अखिल भारतीय आईआईटी शिक्षण संघ के सचिव एके मित्तल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस विषय पर मुलाकात की।टिप्पणियां बैठक के बाद मित्तल ने संवाददाताओं से कहा, हमने उनके (प्रधानमंत्री) समक्ष सभी विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह मानव संसाधन विकास मंत्री से बात करेंगे और इस बात का आश्वासन दिया कि आईआईटी की स्वायत्ता अक्षुण्ण रहेगी। शिक्षक संघ का कहना है कि आईआईटी और अन्य केंद्रीय शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले के लिए साझा प्रवेश परीक्षा के नए प्रारूप से आईआईटी की स्वायत्ता में हस्तक्षेप होगा। प्रधानमंत्री के साथ आईआईटी शिक्षक संघ की बैठक ऐसे समय हुई है, जब सिब्बल अपनी अमेरिका की यात्रा की निर्धारित अवधि को कम करके गुरुवार रात भारत वापस लौट आए। बैठक के बाद मित्तल ने संवाददाताओं से कहा, हमने उनके (प्रधानमंत्री) समक्ष सभी विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह मानव संसाधन विकास मंत्री से बात करेंगे और इस बात का आश्वासन दिया कि आईआईटी की स्वायत्ता अक्षुण्ण रहेगी। शिक्षक संघ का कहना है कि आईआईटी और अन्य केंद्रीय शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले के लिए साझा प्रवेश परीक्षा के नए प्रारूप से आईआईटी की स्वायत्ता में हस्तक्षेप होगा। प्रधानमंत्री के साथ आईआईटी शिक्षक संघ की बैठक ऐसे समय हुई है, जब सिब्बल अपनी अमेरिका की यात्रा की निर्धारित अवधि को कम करके गुरुवार रात भारत वापस लौट आए। शिक्षक संघ का कहना है कि आईआईटी और अन्य केंद्रीय शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले के लिए साझा प्रवेश परीक्षा के नए प्रारूप से आईआईटी की स्वायत्ता में हस्तक्षेप होगा। प्रधानमंत्री के साथ आईआईटी शिक्षक संघ की बैठक ऐसे समय हुई है, जब सिब्बल अपनी अमेरिका की यात्रा की निर्धारित अवधि को कम करके गुरुवार रात भारत वापस लौट आए।
संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय शैक्षणिक संस्थाओं में इंजीनियरिंग की साझा प्रवेश परीक्षा का विरोध कर रहे आईआईटी शिक्षक संघ को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आश्वस्त किया कि आईआईटी की स्वायत्ता अक्षुण्ण रहेगी।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बैंक और एटीएम के बाहर अभी भी कतारों की लंबाई में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है. लोग घंटों कतारों में खड़े हैं ताकि बंद हो चुके 500 और 1000 के पुराने नोटों के बदले मान्य मुद्रा हासिल कर सकें. पुराने नोटों के अचानक बंद होने से लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं क्योंकि वे नकदी की तंगी से परेशान हैं. नोटबंदी के बाद नौंवे दिन भी बैंक शाखाओं और एटीएम के बाहर बड़ी संख्या में लोग कतारों में लगे हैं. अधिकतर एटीएम में या तो नकदी नहीं है या उनमें नकदी जल्दी खत्म हो जाती है. लोगों को सरकार की ओर से तय अधिकतम 2500 रुपये की नकदी निकासी के लिए भी एक-दो घंटे कतार में गुजारने पड़ रहे हैं. बैंकों का कहना है कि सभी एटीएम मशीनों को 2000 और 500 रुपये के नए नोटों के अनुरूप बनाने में अभी 10 से 15 दिन का समय और लगेगा. हालांकि कल वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि बैंक शाखाओं के बाहर कतारों में महत्वपूर्ण कमी आई है और वास्तव में कोई परेशान होने वाली बात नहीं है.टिप्पणियां सरकार के साथ-साथ रिजर्व बैंक भी बाजार में नकदी उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है. नोटबंदी का सबसे बुरा असर छोटे दुकानदारों, ढाबों और गली-मोहल्ले के किराना स्टोरों पर पड़ा है जो आमतौर पर लेन-देन में नकदी का इस्तेमाल करते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुराने नोटों के अचानक बंद होने से लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं क्योंकि वे नकदी की तंगी से परेशान हैं. नोटबंदी के बाद नौंवे दिन भी बैंक शाखाओं और एटीएम के बाहर बड़ी संख्या में लोग कतारों में लगे हैं. अधिकतर एटीएम में या तो नकदी नहीं है या उनमें नकदी जल्दी खत्म हो जाती है. लोगों को सरकार की ओर से तय अधिकतम 2500 रुपये की नकदी निकासी के लिए भी एक-दो घंटे कतार में गुजारने पड़ रहे हैं. बैंकों का कहना है कि सभी एटीएम मशीनों को 2000 और 500 रुपये के नए नोटों के अनुरूप बनाने में अभी 10 से 15 दिन का समय और लगेगा. हालांकि कल वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि बैंक शाखाओं के बाहर कतारों में महत्वपूर्ण कमी आई है और वास्तव में कोई परेशान होने वाली बात नहीं है.टिप्पणियां सरकार के साथ-साथ रिजर्व बैंक भी बाजार में नकदी उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है. नोटबंदी का सबसे बुरा असर छोटे दुकानदारों, ढाबों और गली-मोहल्ले के किराना स्टोरों पर पड़ा है जो आमतौर पर लेन-देन में नकदी का इस्तेमाल करते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नोटबंदी के बाद नौंवे दिन भी बैंक शाखाओं और एटीएम के बाहर बड़ी संख्या में लोग कतारों में लगे हैं. अधिकतर एटीएम में या तो नकदी नहीं है या उनमें नकदी जल्दी खत्म हो जाती है. लोगों को सरकार की ओर से तय अधिकतम 2500 रुपये की नकदी निकासी के लिए भी एक-दो घंटे कतार में गुजारने पड़ रहे हैं. बैंकों का कहना है कि सभी एटीएम मशीनों को 2000 और 500 रुपये के नए नोटों के अनुरूप बनाने में अभी 10 से 15 दिन का समय और लगेगा. हालांकि कल वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि बैंक शाखाओं के बाहर कतारों में महत्वपूर्ण कमी आई है और वास्तव में कोई परेशान होने वाली बात नहीं है.टिप्पणियां सरकार के साथ-साथ रिजर्व बैंक भी बाजार में नकदी उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है. नोटबंदी का सबसे बुरा असर छोटे दुकानदारों, ढाबों और गली-मोहल्ले के किराना स्टोरों पर पड़ा है जो आमतौर पर लेन-देन में नकदी का इस्तेमाल करते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बैंकों का कहना है कि सभी एटीएम मशीनों को 2000 और 500 रुपये के नए नोटों के अनुरूप बनाने में अभी 10 से 15 दिन का समय और लगेगा. हालांकि कल वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि बैंक शाखाओं के बाहर कतारों में महत्वपूर्ण कमी आई है और वास्तव में कोई परेशान होने वाली बात नहीं है.टिप्पणियां सरकार के साथ-साथ रिजर्व बैंक भी बाजार में नकदी उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है. नोटबंदी का सबसे बुरा असर छोटे दुकानदारों, ढाबों और गली-मोहल्ले के किराना स्टोरों पर पड़ा है जो आमतौर पर लेन-देन में नकदी का इस्तेमाल करते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि कल वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि बैंक शाखाओं के बाहर कतारों में महत्वपूर्ण कमी आई है और वास्तव में कोई परेशान होने वाली बात नहीं है.टिप्पणियां सरकार के साथ-साथ रिजर्व बैंक भी बाजार में नकदी उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है. नोटबंदी का सबसे बुरा असर छोटे दुकानदारों, ढाबों और गली-मोहल्ले के किराना स्टोरों पर पड़ा है जो आमतौर पर लेन-देन में नकदी का इस्तेमाल करते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सरकार के साथ-साथ रिजर्व बैंक भी बाजार में नकदी उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है. नोटबंदी का सबसे बुरा असर छोटे दुकानदारों, ढाबों और गली-मोहल्ले के किराना स्टोरों पर पड़ा है जो आमतौर पर लेन-देन में नकदी का इस्तेमाल करते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: नोटबंदी के बाद नौंवे दिन भी बैंक शाखाओं में भीड़ नहीं घटी 500 और 1000 के पुराने नोट बदलने के लिए लोग कर रहे मशक्कत रिजर्व बैंक भी बाजार में नकदी उपलब्ध कराने के लिए मेहनत कर रहा
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: उपहार सिनेमा अग्निकांड में दोषी करार दिए गए गोपाल अंसल ने आज समर्पण कर दिया. गोपाल अंसल ने तिहाड़ जेल में समर्पण किया. इससे पहले आज यानी सोमवार की सुबह सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दया याचिका के लिए वक्त देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद ही तय हो गया था कि गोपाल अंसल को पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर करना होगा. शाम को गोपाल अंसल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया. गोपाल अंसल की ओर कोर्ट से कहा गया कि उन्होंने राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगाई है लेकिन राष्ट्रपति अभी उपलब्ध नहीं हैं. इसलिए सुप्रीम कोर्ट जब तक राष्ट्रपति दया याचिका पर फैसला नहीं सुनाते तब तक सेरेंडर करने का वक्त बढ़ा दे. इस मामले में दो बजे सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करे. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर ने कहा कि इस मामले में हम तीन जजों की बेंच के फैसले के बाद कोई सुनवाई नहीं करेंगे.टिप्पणियां इससे पहले 9 मार्च को दोषी गोपाल अंसल को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने 9 मार्च को पुनर्विचार याचिका पर फैसले के संशोधन की याचिका खारिज की थी. समानता के आधार पर गोपाल ने सुशील अंसल की तरह जेल से राहत मांगी थी.   हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सेरेंडर करने की तारीख 20 मार्च कर दी थी. वैसे सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सुशील अंसल को राहत बरकरार रहेगी. पीड़ितों की याचिका भी खारिज कर दी गई जिसमें पुनर्विचार याचिका पर राहत देने के फैसले में संशोधन कर सुशील अंसल को सरेंडर कर जेल भेजने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को उपहार अग्नि कांड मामले में गोपाल अंसल को एक साल की सजा सुनाई थी. वहीं उनके भाई सुशील अंसल को स्वास्थ्य के आधार पर राहत दी थी. गौरतलब है कि उपहार सिनेमा में 1996 में बार्डर फिल्म के प्रदर्शन के दौरान आग लग गई थी जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी. गोपाल अंसल की ओर कोर्ट से कहा गया कि उन्होंने राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगाई है लेकिन राष्ट्रपति अभी उपलब्ध नहीं हैं. इसलिए सुप्रीम कोर्ट जब तक राष्ट्रपति दया याचिका पर फैसला नहीं सुनाते तब तक सेरेंडर करने का वक्त बढ़ा दे. इस मामले में दो बजे सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करे. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर ने कहा कि इस मामले में हम तीन जजों की बेंच के फैसले के बाद कोई सुनवाई नहीं करेंगे.टिप्पणियां इससे पहले 9 मार्च को दोषी गोपाल अंसल को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने 9 मार्च को पुनर्विचार याचिका पर फैसले के संशोधन की याचिका खारिज की थी. समानता के आधार पर गोपाल ने सुशील अंसल की तरह जेल से राहत मांगी थी.   हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सेरेंडर करने की तारीख 20 मार्च कर दी थी. वैसे सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सुशील अंसल को राहत बरकरार रहेगी. पीड़ितों की याचिका भी खारिज कर दी गई जिसमें पुनर्विचार याचिका पर राहत देने के फैसले में संशोधन कर सुशील अंसल को सरेंडर कर जेल भेजने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को उपहार अग्नि कांड मामले में गोपाल अंसल को एक साल की सजा सुनाई थी. वहीं उनके भाई सुशील अंसल को स्वास्थ्य के आधार पर राहत दी थी. गौरतलब है कि उपहार सिनेमा में 1996 में बार्डर फिल्म के प्रदर्शन के दौरान आग लग गई थी जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी. इससे पहले 9 मार्च को दोषी गोपाल अंसल को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने 9 मार्च को पुनर्विचार याचिका पर फैसले के संशोधन की याचिका खारिज की थी. समानता के आधार पर गोपाल ने सुशील अंसल की तरह जेल से राहत मांगी थी.   हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सेरेंडर करने की तारीख 20 मार्च कर दी थी. वैसे सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सुशील अंसल को राहत बरकरार रहेगी. पीड़ितों की याचिका भी खारिज कर दी गई जिसमें पुनर्विचार याचिका पर राहत देने के फैसले में संशोधन कर सुशील अंसल को सरेंडर कर जेल भेजने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को उपहार अग्नि कांड मामले में गोपाल अंसल को एक साल की सजा सुनाई थी. वहीं उनके भाई सुशील अंसल को स्वास्थ्य के आधार पर राहत दी थी. गौरतलब है कि उपहार सिनेमा में 1996 में बार्डर फिल्म के प्रदर्शन के दौरान आग लग गई थी जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को उपहार अग्नि कांड मामले में गोपाल अंसल को एक साल की सजा सुनाई थी. वहीं उनके भाई सुशील अंसल को स्वास्थ्य के आधार पर राहत दी थी. गौरतलब है कि उपहार सिनेमा में 1996 में बार्डर फिल्म के प्रदर्शन के दौरान आग लग गई थी जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी.
9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल अंसल को एक साल की सज़ा सुनाई थी सुप्रीम कोर्ट ने 9 मार्च को फैसले के संशोधन की याचिका खारिज की थी समानता के आधार पर गोपाल ने सुशील अंसल की तरह जेल से राहत मांगी थी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: श्रीलंका के खिलाफ त्रिकोणीय एक दिवसीय क्रिकेट श्रृंखला का मैच आखिरी गेंद पर टाई कराने के बावजूद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को खुद को कसूरवार ठहराते हुए कहा कि क्रीज पर जम चुके गौतम गंभीर को रन आउट कराने से टीम जीत से महरूम रह गई। धोनी ने कहा, ‘एक गलत फैसले से हमने मैच गंवा दिया। मैंने गौतम को एक रन के लिये बुलाकर गलती की और वह रन आउट हो गया।’ धोनी ने हालांकि बेहतरीन पारी खेलते हुए नाबाद 58 रन बनाये जिससे भारत ने मैच ड्रा कराया और दो अंक बनाये। निर्णायक क्षणों में धोनी ने शांतचित्त बने रहकर भारत को हार की कगार से निकाला। उन्होंने कहा, ‘सबसे अहम क्रीज पर डटे रहना था। मैं अंत तक रूकना चाहता था क्योंकि छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते समय पता होता है कि आपके बाद ज्यादा बल्लेबाज नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘यदि अच्छी साझेदारियां बनी हो तो मैच जीता जा सकता है।’टिप्पणियां धोनी ने यह भी कहा कि मलिंगा की गेंद पर रन बनाना मुश्किल है जिसने आखिरी ओवर फेंका था। मैन आफ द मैच धोनी ने कहा, ‘मलिंगा बहुत अच्छा गेंदबाज है। उसके एक्शन की वजह से उसे शाट मारना मुश्किल है। हम 49वें ओवर में एंजेलो मैथ्यूज पर रन लेने की फिराक में थे।’ उन्होंने कहा, ‘आखिरी शाट बहुत मुश्किल था। भारत में वह दो टिप्पे के बाद चौका जाता। आखिरी ओवर में जब 10 या 12 रन चाहिये हों तो दिल की धड़कन बढ़ ही जाती है।’ श्रीलंकाई कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा कि भले ही उन्हें दो अंक मिल गए हों लेकिन मैच कभी भी हमारी गिरफ्त में नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हमने कई गलतियां की। कैच छोड़े और रन आउट के मौके गंवाये। मैच कभी भी हमारी गिरफ्त में नहीं था। हमें खुशी है कि दो अंक मिल गए।’ धोनी ने कहा, ‘एक गलत फैसले से हमने मैच गंवा दिया। मैंने गौतम को एक रन के लिये बुलाकर गलती की और वह रन आउट हो गया।’ धोनी ने हालांकि बेहतरीन पारी खेलते हुए नाबाद 58 रन बनाये जिससे भारत ने मैच ड्रा कराया और दो अंक बनाये। निर्णायक क्षणों में धोनी ने शांतचित्त बने रहकर भारत को हार की कगार से निकाला। उन्होंने कहा, ‘सबसे अहम क्रीज पर डटे रहना था। मैं अंत तक रूकना चाहता था क्योंकि छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते समय पता होता है कि आपके बाद ज्यादा बल्लेबाज नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘यदि अच्छी साझेदारियां बनी हो तो मैच जीता जा सकता है।’टिप्पणियां धोनी ने यह भी कहा कि मलिंगा की गेंद पर रन बनाना मुश्किल है जिसने आखिरी ओवर फेंका था। मैन आफ द मैच धोनी ने कहा, ‘मलिंगा बहुत अच्छा गेंदबाज है। उसके एक्शन की वजह से उसे शाट मारना मुश्किल है। हम 49वें ओवर में एंजेलो मैथ्यूज पर रन लेने की फिराक में थे।’ उन्होंने कहा, ‘आखिरी शाट बहुत मुश्किल था। भारत में वह दो टिप्पे के बाद चौका जाता। आखिरी ओवर में जब 10 या 12 रन चाहिये हों तो दिल की धड़कन बढ़ ही जाती है।’ श्रीलंकाई कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा कि भले ही उन्हें दो अंक मिल गए हों लेकिन मैच कभी भी हमारी गिरफ्त में नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हमने कई गलतियां की। कैच छोड़े और रन आउट के मौके गंवाये। मैच कभी भी हमारी गिरफ्त में नहीं था। हमें खुशी है कि दो अंक मिल गए।’ निर्णायक क्षणों में धोनी ने शांतचित्त बने रहकर भारत को हार की कगार से निकाला। उन्होंने कहा, ‘सबसे अहम क्रीज पर डटे रहना था। मैं अंत तक रूकना चाहता था क्योंकि छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते समय पता होता है कि आपके बाद ज्यादा बल्लेबाज नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘यदि अच्छी साझेदारियां बनी हो तो मैच जीता जा सकता है।’टिप्पणियां धोनी ने यह भी कहा कि मलिंगा की गेंद पर रन बनाना मुश्किल है जिसने आखिरी ओवर फेंका था। मैन आफ द मैच धोनी ने कहा, ‘मलिंगा बहुत अच्छा गेंदबाज है। उसके एक्शन की वजह से उसे शाट मारना मुश्किल है। हम 49वें ओवर में एंजेलो मैथ्यूज पर रन लेने की फिराक में थे।’ उन्होंने कहा, ‘आखिरी शाट बहुत मुश्किल था। भारत में वह दो टिप्पे के बाद चौका जाता। आखिरी ओवर में जब 10 या 12 रन चाहिये हों तो दिल की धड़कन बढ़ ही जाती है।’ श्रीलंकाई कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा कि भले ही उन्हें दो अंक मिल गए हों लेकिन मैच कभी भी हमारी गिरफ्त में नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हमने कई गलतियां की। कैच छोड़े और रन आउट के मौके गंवाये। मैच कभी भी हमारी गिरफ्त में नहीं था। हमें खुशी है कि दो अंक मिल गए।’ धोनी ने यह भी कहा कि मलिंगा की गेंद पर रन बनाना मुश्किल है जिसने आखिरी ओवर फेंका था। मैन आफ द मैच धोनी ने कहा, ‘मलिंगा बहुत अच्छा गेंदबाज है। उसके एक्शन की वजह से उसे शाट मारना मुश्किल है। हम 49वें ओवर में एंजेलो मैथ्यूज पर रन लेने की फिराक में थे।’ उन्होंने कहा, ‘आखिरी शाट बहुत मुश्किल था। भारत में वह दो टिप्पे के बाद चौका जाता। आखिरी ओवर में जब 10 या 12 रन चाहिये हों तो दिल की धड़कन बढ़ ही जाती है।’ श्रीलंकाई कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा कि भले ही उन्हें दो अंक मिल गए हों लेकिन मैच कभी भी हमारी गिरफ्त में नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हमने कई गलतियां की। कैच छोड़े और रन आउट के मौके गंवाये। मैच कभी भी हमारी गिरफ्त में नहीं था। हमें खुशी है कि दो अंक मिल गए।’ उन्होंने कहा, ‘हमने कई गलतियां की। कैच छोड़े और रन आउट के मौके गंवाये। मैच कभी भी हमारी गिरफ्त में नहीं था। हमें खुशी है कि दो अंक मिल गए।’
श्रीलंका के खिलाफ त्रिकोणीय एक दिवसीय क्रिकेट श्रृंखला का मैच आखिरी गेंद पर टाई कराने के बावजूद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को खुद को कसूरवार ठहराते हुए कहा कि क्रीज पर जम चुके गौतम गंभीर को रन आउट कराने से टीम जीत से महरूम रह गई।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले साल मई माह में चीन की परमाणुशक्ति-चालित एक लड़ाकू पनडुब्बी कराची के बंदरगाह पर मौजूद थी, यह दिखाई देता है गूगल अर्थ की एक तस्वीर में, जिससे साबित होता है कि चीन संभवतः अब भारतीय युद्धक पोतों की गतिविधियों पर पहले की तुलना में ज़्यादा बारीकी से और करीबी नज़र रख रहा है. परंपरागत पनडुब्बियों से अलग परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की खासियत यह होती है कि वे असीमित दूरी तक बहुत-से काम करती रह सकती हैं, क्योंकि उन्हें बार-बार ईंधन भरने की ज़रूरत नहीं होती. इसका अर्थ यह हुआ कि टॉरपीडो और क्रूज़ मिसाइलों से लैस इन पनडुब्बियों को पानी के भीतर ज़्यादा समय तक तैनात रखा जा सकता है, जहां इन्हें तलाश कर पाना या इनका सुराग पाना बेहद कठिन होता है. कराची से मिली इस तस्वीर, जिसे सबसे पहले सैटेलाइट इमेजरी एक्सपर्ट (जिनका ट्विटर हैंडल @rajfortyseven है) ने ढूंढा, में चीनी नौसेना की टाइप 091 'हान' क्लास लड़ाकू पनडुब्बी को साफ देखा जा सकता है. यह पनडुब्बी चीन द्वारा तैनात की गई शुरुआती पनडुब्बियों में से एक है. इस तस्वीर को गूगल अर्थ की हिस्टॉरिकल इमेजरी आइकॉन पर क्लिक कर और मई, 2016 तक स्क्रॉल कर देखा जा सकता है. यही नहीं, जिन भारतीय नौसैनिक विशेषज्ञों से NDTV ने बात की, उन्होंने इस संभावना से भी इंकार नहीं किया कि तस्वीर में दिख रही पनडुब्बी कहीं ज़्यादा सक्षम चीनी टाइप 093 'शान्ग' क्लास पनडुब्बी भी हो सकती है, जो कम आवाज़ करती है, जिसका सुराग पा लेना कहीं ज़्यादा मुश्किल होता है, और जिसमें परमाणु रिएक्टर समेत अत्याधुनिक तकनीक से युक्त नए हथियार फिट हैं. अब हिन्द महासागर में चीनी परमाणु पनडुब्बी की मौजूदगी साबित करती है कि भारत की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस इलाके में भारतीय प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए चीन बहुत बेकरार है, और लगातार प्रयास कर रहा है. पिछले महीने नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा ने कहा था, "जहां तक पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के नौसेनिक पोत तथा पनडुब्बियों का सवाल है, भारतीय नौसेना उन पर करीबी नज़र रखती है, और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखती है... हम उनका सुराग पाते रहने के लिए विमानों और पोतों की सूरत में सर्वेलैन्स मिशन लॉन्च करते रहते हैं..." परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बी द्वारा अंजाम दिए जा सकने वाले कारनामों पर अंकुश अक्सर उसी स्थिति में लगता है, जब उस पर मौजूद रसद की मात्रा कम पड़ जाए, या पनडुब्बी खुद ही मैकेनिकली कमज़ोर पड़ जाए. परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियां वैसे भी परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बियों की तुलना में पानी के नीचे कहीं ज़्यादा तेज़ गति से चलती हैं. गौरतलब है कि ऐसा बहुत कम होता है, जब डीज़ल-चालित पनडुब्बियों को ऐसे मिशनों पर भेजा जाता है, जिन्हें पूरा होने में कुछ हफ्तों से ज़्यादा वक्त लगने वाला हो. पिछले कुछ सालों में भारतीय नौसेना को पूरा यकीन हो चुका है कि हिन्द महासागर में चीनी परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की मौजूदगी बहुत सोच-समझकर बनाई गई उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत चीन इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है. जिन वरिष्ठ नौसेनाधिकारियों से NDTV ने बात की, वे चीन के पहले किए गए उन दावों को खारिज करते हैं, जिनमें कहा गया था कि इस इलाके में पनडुब्बियों की तैनाती सोमालिया के तट पर चलाए जा रहे एन्टी-पाइरेसी मिशन का हिस्सा है. बहरहाल, जो बात साफ है, वह है कि इस समय हिन्द महासागर में पानी के नीचे बिल्कुल वैसी ही चालें चली जा रही हैं, जैसा शीतयुद्ध के दिनों में किया जाता था. वैसे, हिन्द महासागर में ऑपरेट करने के लिए चीनी पनडुब्बियों को मलक्का, लोम्बोक या सुंडा जलडमरूमध्य से होकर जाना पड़ेगा, जहां समुद्र के छिछले होने तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते उन्हें या तो सतह पर रहना होगा, या कम से कम दिखते रहना पड़ेगा.टिप्पणियां इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. परंपरागत पनडुब्बियों से अलग परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की खासियत यह होती है कि वे असीमित दूरी तक बहुत-से काम करती रह सकती हैं, क्योंकि उन्हें बार-बार ईंधन भरने की ज़रूरत नहीं होती. इसका अर्थ यह हुआ कि टॉरपीडो और क्रूज़ मिसाइलों से लैस इन पनडुब्बियों को पानी के भीतर ज़्यादा समय तक तैनात रखा जा सकता है, जहां इन्हें तलाश कर पाना या इनका सुराग पाना बेहद कठिन होता है. कराची से मिली इस तस्वीर, जिसे सबसे पहले सैटेलाइट इमेजरी एक्सपर्ट (जिनका ट्विटर हैंडल @rajfortyseven है) ने ढूंढा, में चीनी नौसेना की टाइप 091 'हान' क्लास लड़ाकू पनडुब्बी को साफ देखा जा सकता है. यह पनडुब्बी चीन द्वारा तैनात की गई शुरुआती पनडुब्बियों में से एक है. इस तस्वीर को गूगल अर्थ की हिस्टॉरिकल इमेजरी आइकॉन पर क्लिक कर और मई, 2016 तक स्क्रॉल कर देखा जा सकता है. यही नहीं, जिन भारतीय नौसैनिक विशेषज्ञों से NDTV ने बात की, उन्होंने इस संभावना से भी इंकार नहीं किया कि तस्वीर में दिख रही पनडुब्बी कहीं ज़्यादा सक्षम चीनी टाइप 093 'शान्ग' क्लास पनडुब्बी भी हो सकती है, जो कम आवाज़ करती है, जिसका सुराग पा लेना कहीं ज़्यादा मुश्किल होता है, और जिसमें परमाणु रिएक्टर समेत अत्याधुनिक तकनीक से युक्त नए हथियार फिट हैं. अब हिन्द महासागर में चीनी परमाणु पनडुब्बी की मौजूदगी साबित करती है कि भारत की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस इलाके में भारतीय प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए चीन बहुत बेकरार है, और लगातार प्रयास कर रहा है. पिछले महीने नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा ने कहा था, "जहां तक पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के नौसेनिक पोत तथा पनडुब्बियों का सवाल है, भारतीय नौसेना उन पर करीबी नज़र रखती है, और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखती है... हम उनका सुराग पाते रहने के लिए विमानों और पोतों की सूरत में सर्वेलैन्स मिशन लॉन्च करते रहते हैं..." परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बी द्वारा अंजाम दिए जा सकने वाले कारनामों पर अंकुश अक्सर उसी स्थिति में लगता है, जब उस पर मौजूद रसद की मात्रा कम पड़ जाए, या पनडुब्बी खुद ही मैकेनिकली कमज़ोर पड़ जाए. परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियां वैसे भी परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बियों की तुलना में पानी के नीचे कहीं ज़्यादा तेज़ गति से चलती हैं. गौरतलब है कि ऐसा बहुत कम होता है, जब डीज़ल-चालित पनडुब्बियों को ऐसे मिशनों पर भेजा जाता है, जिन्हें पूरा होने में कुछ हफ्तों से ज़्यादा वक्त लगने वाला हो. पिछले कुछ सालों में भारतीय नौसेना को पूरा यकीन हो चुका है कि हिन्द महासागर में चीनी परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की मौजूदगी बहुत सोच-समझकर बनाई गई उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत चीन इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है. जिन वरिष्ठ नौसेनाधिकारियों से NDTV ने बात की, वे चीन के पहले किए गए उन दावों को खारिज करते हैं, जिनमें कहा गया था कि इस इलाके में पनडुब्बियों की तैनाती सोमालिया के तट पर चलाए जा रहे एन्टी-पाइरेसी मिशन का हिस्सा है. बहरहाल, जो बात साफ है, वह है कि इस समय हिन्द महासागर में पानी के नीचे बिल्कुल वैसी ही चालें चली जा रही हैं, जैसा शीतयुद्ध के दिनों में किया जाता था. वैसे, हिन्द महासागर में ऑपरेट करने के लिए चीनी पनडुब्बियों को मलक्का, लोम्बोक या सुंडा जलडमरूमध्य से होकर जाना पड़ेगा, जहां समुद्र के छिछले होने तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते उन्हें या तो सतह पर रहना होगा, या कम से कम दिखते रहना पड़ेगा.टिप्पणियां इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. कराची से मिली इस तस्वीर, जिसे सबसे पहले सैटेलाइट इमेजरी एक्सपर्ट (जिनका ट्विटर हैंडल @rajfortyseven है) ने ढूंढा, में चीनी नौसेना की टाइप 091 'हान' क्लास लड़ाकू पनडुब्बी को साफ देखा जा सकता है. यह पनडुब्बी चीन द्वारा तैनात की गई शुरुआती पनडुब्बियों में से एक है. इस तस्वीर को गूगल अर्थ की हिस्टॉरिकल इमेजरी आइकॉन पर क्लिक कर और मई, 2016 तक स्क्रॉल कर देखा जा सकता है. यही नहीं, जिन भारतीय नौसैनिक विशेषज्ञों से NDTV ने बात की, उन्होंने इस संभावना से भी इंकार नहीं किया कि तस्वीर में दिख रही पनडुब्बी कहीं ज़्यादा सक्षम चीनी टाइप 093 'शान्ग' क्लास पनडुब्बी भी हो सकती है, जो कम आवाज़ करती है, जिसका सुराग पा लेना कहीं ज़्यादा मुश्किल होता है, और जिसमें परमाणु रिएक्टर समेत अत्याधुनिक तकनीक से युक्त नए हथियार फिट हैं. अब हिन्द महासागर में चीनी परमाणु पनडुब्बी की मौजूदगी साबित करती है कि भारत की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस इलाके में भारतीय प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए चीन बहुत बेकरार है, और लगातार प्रयास कर रहा है. पिछले महीने नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा ने कहा था, "जहां तक पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के नौसेनिक पोत तथा पनडुब्बियों का सवाल है, भारतीय नौसेना उन पर करीबी नज़र रखती है, और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखती है... हम उनका सुराग पाते रहने के लिए विमानों और पोतों की सूरत में सर्वेलैन्स मिशन लॉन्च करते रहते हैं..." परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बी द्वारा अंजाम दिए जा सकने वाले कारनामों पर अंकुश अक्सर उसी स्थिति में लगता है, जब उस पर मौजूद रसद की मात्रा कम पड़ जाए, या पनडुब्बी खुद ही मैकेनिकली कमज़ोर पड़ जाए. परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियां वैसे भी परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बियों की तुलना में पानी के नीचे कहीं ज़्यादा तेज़ गति से चलती हैं. गौरतलब है कि ऐसा बहुत कम होता है, जब डीज़ल-चालित पनडुब्बियों को ऐसे मिशनों पर भेजा जाता है, जिन्हें पूरा होने में कुछ हफ्तों से ज़्यादा वक्त लगने वाला हो. पिछले कुछ सालों में भारतीय नौसेना को पूरा यकीन हो चुका है कि हिन्द महासागर में चीनी परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की मौजूदगी बहुत सोच-समझकर बनाई गई उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत चीन इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है. जिन वरिष्ठ नौसेनाधिकारियों से NDTV ने बात की, वे चीन के पहले किए गए उन दावों को खारिज करते हैं, जिनमें कहा गया था कि इस इलाके में पनडुब्बियों की तैनाती सोमालिया के तट पर चलाए जा रहे एन्टी-पाइरेसी मिशन का हिस्सा है. बहरहाल, जो बात साफ है, वह है कि इस समय हिन्द महासागर में पानी के नीचे बिल्कुल वैसी ही चालें चली जा रही हैं, जैसा शीतयुद्ध के दिनों में किया जाता था. वैसे, हिन्द महासागर में ऑपरेट करने के लिए चीनी पनडुब्बियों को मलक्का, लोम्बोक या सुंडा जलडमरूमध्य से होकर जाना पड़ेगा, जहां समुद्र के छिछले होने तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते उन्हें या तो सतह पर रहना होगा, या कम से कम दिखते रहना पड़ेगा.टिप्पणियां इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. यही नहीं, जिन भारतीय नौसैनिक विशेषज्ञों से NDTV ने बात की, उन्होंने इस संभावना से भी इंकार नहीं किया कि तस्वीर में दिख रही पनडुब्बी कहीं ज़्यादा सक्षम चीनी टाइप 093 'शान्ग' क्लास पनडुब्बी भी हो सकती है, जो कम आवाज़ करती है, जिसका सुराग पा लेना कहीं ज़्यादा मुश्किल होता है, और जिसमें परमाणु रिएक्टर समेत अत्याधुनिक तकनीक से युक्त नए हथियार फिट हैं. अब हिन्द महासागर में चीनी परमाणु पनडुब्बी की मौजूदगी साबित करती है कि भारत की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस इलाके में भारतीय प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए चीन बहुत बेकरार है, और लगातार प्रयास कर रहा है. पिछले महीने नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा ने कहा था, "जहां तक पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के नौसेनिक पोत तथा पनडुब्बियों का सवाल है, भारतीय नौसेना उन पर करीबी नज़र रखती है, और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखती है... हम उनका सुराग पाते रहने के लिए विमानों और पोतों की सूरत में सर्वेलैन्स मिशन लॉन्च करते रहते हैं..." परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बी द्वारा अंजाम दिए जा सकने वाले कारनामों पर अंकुश अक्सर उसी स्थिति में लगता है, जब उस पर मौजूद रसद की मात्रा कम पड़ जाए, या पनडुब्बी खुद ही मैकेनिकली कमज़ोर पड़ जाए. परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियां वैसे भी परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बियों की तुलना में पानी के नीचे कहीं ज़्यादा तेज़ गति से चलती हैं. गौरतलब है कि ऐसा बहुत कम होता है, जब डीज़ल-चालित पनडुब्बियों को ऐसे मिशनों पर भेजा जाता है, जिन्हें पूरा होने में कुछ हफ्तों से ज़्यादा वक्त लगने वाला हो. पिछले कुछ सालों में भारतीय नौसेना को पूरा यकीन हो चुका है कि हिन्द महासागर में चीनी परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की मौजूदगी बहुत सोच-समझकर बनाई गई उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत चीन इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है. जिन वरिष्ठ नौसेनाधिकारियों से NDTV ने बात की, वे चीन के पहले किए गए उन दावों को खारिज करते हैं, जिनमें कहा गया था कि इस इलाके में पनडुब्बियों की तैनाती सोमालिया के तट पर चलाए जा रहे एन्टी-पाइरेसी मिशन का हिस्सा है. बहरहाल, जो बात साफ है, वह है कि इस समय हिन्द महासागर में पानी के नीचे बिल्कुल वैसी ही चालें चली जा रही हैं, जैसा शीतयुद्ध के दिनों में किया जाता था. वैसे, हिन्द महासागर में ऑपरेट करने के लिए चीनी पनडुब्बियों को मलक्का, लोम्बोक या सुंडा जलडमरूमध्य से होकर जाना पड़ेगा, जहां समुद्र के छिछले होने तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते उन्हें या तो सतह पर रहना होगा, या कम से कम दिखते रहना पड़ेगा.टिप्पणियां इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. अब हिन्द महासागर में चीनी परमाणु पनडुब्बी की मौजूदगी साबित करती है कि भारत की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस इलाके में भारतीय प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए चीन बहुत बेकरार है, और लगातार प्रयास कर रहा है. पिछले महीने नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा ने कहा था, "जहां तक पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के नौसेनिक पोत तथा पनडुब्बियों का सवाल है, भारतीय नौसेना उन पर करीबी नज़र रखती है, और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखती है... हम उनका सुराग पाते रहने के लिए विमानों और पोतों की सूरत में सर्वेलैन्स मिशन लॉन्च करते रहते हैं..." परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बी द्वारा अंजाम दिए जा सकने वाले कारनामों पर अंकुश अक्सर उसी स्थिति में लगता है, जब उस पर मौजूद रसद की मात्रा कम पड़ जाए, या पनडुब्बी खुद ही मैकेनिकली कमज़ोर पड़ जाए. परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियां वैसे भी परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बियों की तुलना में पानी के नीचे कहीं ज़्यादा तेज़ गति से चलती हैं. गौरतलब है कि ऐसा बहुत कम होता है, जब डीज़ल-चालित पनडुब्बियों को ऐसे मिशनों पर भेजा जाता है, जिन्हें पूरा होने में कुछ हफ्तों से ज़्यादा वक्त लगने वाला हो. पिछले कुछ सालों में भारतीय नौसेना को पूरा यकीन हो चुका है कि हिन्द महासागर में चीनी परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की मौजूदगी बहुत सोच-समझकर बनाई गई उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत चीन इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है. जिन वरिष्ठ नौसेनाधिकारियों से NDTV ने बात की, वे चीन के पहले किए गए उन दावों को खारिज करते हैं, जिनमें कहा गया था कि इस इलाके में पनडुब्बियों की तैनाती सोमालिया के तट पर चलाए जा रहे एन्टी-पाइरेसी मिशन का हिस्सा है. बहरहाल, जो बात साफ है, वह है कि इस समय हिन्द महासागर में पानी के नीचे बिल्कुल वैसी ही चालें चली जा रही हैं, जैसा शीतयुद्ध के दिनों में किया जाता था. वैसे, हिन्द महासागर में ऑपरेट करने के लिए चीनी पनडुब्बियों को मलक्का, लोम्बोक या सुंडा जलडमरूमध्य से होकर जाना पड़ेगा, जहां समुद्र के छिछले होने तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते उन्हें या तो सतह पर रहना होगा, या कम से कम दिखते रहना पड़ेगा.टिप्पणियां इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. पिछले महीने नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा ने कहा था, "जहां तक पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के नौसेनिक पोत तथा पनडुब्बियों का सवाल है, भारतीय नौसेना उन पर करीबी नज़र रखती है, और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखती है... हम उनका सुराग पाते रहने के लिए विमानों और पोतों की सूरत में सर्वेलैन्स मिशन लॉन्च करते रहते हैं..." परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बी द्वारा अंजाम दिए जा सकने वाले कारनामों पर अंकुश अक्सर उसी स्थिति में लगता है, जब उस पर मौजूद रसद की मात्रा कम पड़ जाए, या पनडुब्बी खुद ही मैकेनिकली कमज़ोर पड़ जाए. परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियां वैसे भी परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बियों की तुलना में पानी के नीचे कहीं ज़्यादा तेज़ गति से चलती हैं. गौरतलब है कि ऐसा बहुत कम होता है, जब डीज़ल-चालित पनडुब्बियों को ऐसे मिशनों पर भेजा जाता है, जिन्हें पूरा होने में कुछ हफ्तों से ज़्यादा वक्त लगने वाला हो. पिछले कुछ सालों में भारतीय नौसेना को पूरा यकीन हो चुका है कि हिन्द महासागर में चीनी परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की मौजूदगी बहुत सोच-समझकर बनाई गई उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत चीन इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है. जिन वरिष्ठ नौसेनाधिकारियों से NDTV ने बात की, वे चीन के पहले किए गए उन दावों को खारिज करते हैं, जिनमें कहा गया था कि इस इलाके में पनडुब्बियों की तैनाती सोमालिया के तट पर चलाए जा रहे एन्टी-पाइरेसी मिशन का हिस्सा है. बहरहाल, जो बात साफ है, वह है कि इस समय हिन्द महासागर में पानी के नीचे बिल्कुल वैसी ही चालें चली जा रही हैं, जैसा शीतयुद्ध के दिनों में किया जाता था. वैसे, हिन्द महासागर में ऑपरेट करने के लिए चीनी पनडुब्बियों को मलक्का, लोम्बोक या सुंडा जलडमरूमध्य से होकर जाना पड़ेगा, जहां समुद्र के छिछले होने तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते उन्हें या तो सतह पर रहना होगा, या कम से कम दिखते रहना पड़ेगा.टिप्पणियां इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बी द्वारा अंजाम दिए जा सकने वाले कारनामों पर अंकुश अक्सर उसी स्थिति में लगता है, जब उस पर मौजूद रसद की मात्रा कम पड़ जाए, या पनडुब्बी खुद ही मैकेनिकली कमज़ोर पड़ जाए. परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियां वैसे भी परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बियों की तुलना में पानी के नीचे कहीं ज़्यादा तेज़ गति से चलती हैं. गौरतलब है कि ऐसा बहुत कम होता है, जब डीज़ल-चालित पनडुब्बियों को ऐसे मिशनों पर भेजा जाता है, जिन्हें पूरा होने में कुछ हफ्तों से ज़्यादा वक्त लगने वाला हो. पिछले कुछ सालों में भारतीय नौसेना को पूरा यकीन हो चुका है कि हिन्द महासागर में चीनी परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की मौजूदगी बहुत सोच-समझकर बनाई गई उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत चीन इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है. जिन वरिष्ठ नौसेनाधिकारियों से NDTV ने बात की, वे चीन के पहले किए गए उन दावों को खारिज करते हैं, जिनमें कहा गया था कि इस इलाके में पनडुब्बियों की तैनाती सोमालिया के तट पर चलाए जा रहे एन्टी-पाइरेसी मिशन का हिस्सा है. बहरहाल, जो बात साफ है, वह है कि इस समय हिन्द महासागर में पानी के नीचे बिल्कुल वैसी ही चालें चली जा रही हैं, जैसा शीतयुद्ध के दिनों में किया जाता था. वैसे, हिन्द महासागर में ऑपरेट करने के लिए चीनी पनडुब्बियों को मलक्का, लोम्बोक या सुंडा जलडमरूमध्य से होकर जाना पड़ेगा, जहां समुद्र के छिछले होने तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते उन्हें या तो सतह पर रहना होगा, या कम से कम दिखते रहना पड़ेगा.टिप्पणियां इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. पिछले कुछ सालों में भारतीय नौसेना को पूरा यकीन हो चुका है कि हिन्द महासागर में चीनी परमाणुशक्ति-चालित पनडुब्बियों की मौजूदगी बहुत सोच-समझकर बनाई गई उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत चीन इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है. जिन वरिष्ठ नौसेनाधिकारियों से NDTV ने बात की, वे चीन के पहले किए गए उन दावों को खारिज करते हैं, जिनमें कहा गया था कि इस इलाके में पनडुब्बियों की तैनाती सोमालिया के तट पर चलाए जा रहे एन्टी-पाइरेसी मिशन का हिस्सा है. बहरहाल, जो बात साफ है, वह है कि इस समय हिन्द महासागर में पानी के नीचे बिल्कुल वैसी ही चालें चली जा रही हैं, जैसा शीतयुद्ध के दिनों में किया जाता था. वैसे, हिन्द महासागर में ऑपरेट करने के लिए चीनी पनडुब्बियों को मलक्का, लोम्बोक या सुंडा जलडमरूमध्य से होकर जाना पड़ेगा, जहां समुद्र के छिछले होने तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते उन्हें या तो सतह पर रहना होगा, या कम से कम दिखते रहना पड़ेगा.टिप्पणियां इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. बहरहाल, जो बात साफ है, वह है कि इस समय हिन्द महासागर में पानी के नीचे बिल्कुल वैसी ही चालें चली जा रही हैं, जैसा शीतयुद्ध के दिनों में किया जाता था. वैसे, हिन्द महासागर में ऑपरेट करने के लिए चीनी पनडुब्बियों को मलक्का, लोम्बोक या सुंडा जलडमरूमध्य से होकर जाना पड़ेगा, जहां समुद्र के छिछले होने तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते उन्हें या तो सतह पर रहना होगा, या कम से कम दिखते रहना पड़ेगा.टिप्पणियां इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. इस वजह से भारतीय नौसेना सहित क्षेत्रीय नौसेनाओं को चीनी पनडुब्बियों के फिर गहरे पानी में गोता लगा लेने से पहले उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का मौका मिलेगा. भारतीय नौसेनाधिकारियों ने NDTV को बताया कि अमेरिका-निर्मित पी8-आई एन्टी-सबमरीन युद्धक जेट विमानों को शामिल करने से बहुत फायदा हुआ, और हिन्द महासागर में चीनी पनडुब्बियों पर नज़र रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं. पुराने होते जा रहे सोवियत-निर्मित टुपोलेव टीयू-142 की जगह ले रहे पी8-आई में अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जिनसे पानी के भीतर पनडुब्बी द्वारा की जाने वाली आवाज़ को भांपा जा सकता है. जब किसी पनडुब्बी का सुराग मिल जाता है, तो पी8-आई पनडुब्बी को हथियारों की मदद से उलझा सकता है, या अपने डाटालिंक की मदद से उसी इलाके में मौजूद मित्र पोतों तथा पनडुब्बियों समेत अपने नौसैनिक पोतों-पनडुब्बियों को उस पनडुब्बी की सही जगह की सूचना दे सकता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय साझीदार चीन के साथ अपने नौसैनिक संबंध भी मजबूत किए हैं. पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान स्टेट रेडियो ने चीन से आठ युआन क्लास परंपरागत डीज़ल-चालित पनडुब्बी हासिल करने के लिए हुए सौदे की घोषणा की थी. पहली चार पनडुब्बियां वर्ष 2023 के अंत तक डिलीवर किए जाने की उम्मीद है, जबकि शेष चारों पनडुब्बियां कराची में ही वर्ष 2028 तक असेम्बल की जाएंगी. शायद सबसे अहम पहलू यह है कि चीन के पास पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से ग्वादार पोर्ट तक पहुंच है, जो 46 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) का हिस्सा है, और इसके अलावा चीन ने खुद भी हॉर्न ऑफ अफ्रीका में जिबूती स्टेशन पर हाल ही में नौसैनिक अड्डा बनाया है.
यह एक सारांश है: सैटेलाइट चित्र में परमाणु हमला करने वाली चीनी पनडुब्बी कराची में देखी गई हिन्द महासागर में भारतीय प्रभुत्व को चुनौती देता रहा है चीन चीनी पनडुब्बियों पर खासतौर पर नज़र रखता है भारत
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बहुब्रांड खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को अनुमति देने के सरकार के निर्णय का बचाव करते हुए केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि इससे किसानों को फायदा होगा। उन्होंने विपक्षियों पर बिचौलियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया। उन्होंने साथ ही कहा कि इस मुद्दे पर बहस कराने की आवश्यकता नहीं थी और यह सिर्फ एक राजनीति है। उन्होंने कहा, "इस नीति का मकसद यह है कि किसानों को आज मंडी में मिल रही कीमत से अधिक कीमत मिलनी चाहिए।" सिब्बल ने कहा, "बाजार मूल्य का सिर्फ 15 से 17 फीसदी हिस्सा ही किसानों के पास जा पाता है। विपक्ष के नेताओं को यह तय करना होगा कि वे किसानों के साथ हैं या बिचौलियों के साथ हैं.. हम किसानों और खरीददारों के साथ हैं.. आप बिचौलियों के साथ हैं।" मंत्री ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण पेश किया और कहा कि पेप्सिको ने 10 हजार किसानों से उनकी उपज खरीदी। उन्होंने कहा, "आलू का बाजार भाव तीन रुपये प्रति किलो है, जबकि पेप्सिको ने उन्हें सात रुपये प्रति किलो का भुगतान किया।" उन्होंने साथ ही कहा कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करना राज्य सरकार पर निर्भर है और किसी पर इसे लागू करने के लिए दबाव नहीं दिया जाएगा। खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर लोकसभा में बहस के दौरान सिब्बल ने कहा, "मुझे आश्चर्य है, यह बहस क्यों हो रही है।" सिब्बल ने कहा कि विपक्ष इस देश में एक नए तरह के संघीय ढांचे की बात कर रहा है, जो इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहा है कि यह नीति राज्यों को छूट देती है कि वे खुदरा में किसी एफडीआई परियोजना को अनुमति दें या न दें।टिप्पणियां सिब्बल ने कहा, "लेकिन यदि कोई मुख्यमंत्री खुदरा में एफडीआई लाना चाहता है तो आप उसे कैसे रोक सकते हैं।" सिब्बल ने कहा, "यह तय किया गया है कि उन्हीं शहरों में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दी जाएगी, जहां की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है। ऐसे 53 शहर हैं। इसके बाद हमने महसूस किया कि कुछ राज्यों में विपक्ष की सरकार है। यदि उन राज्यों को अलग कर दिया जाए, जो इसे लागू नहीं करना चाहते हैं, तो 18 शहर बच जाते हैं।" उन्होंने कहा कि इसलिए देश में केवल 18 शहरों में इस तरह के स्टोर्स खोले जा सकते हैं। उन्होंने इस नीति के बारे में बताया कि निवेशकों को कम से कम 10 करोड़ डॉलर निवेश करना होगा, जिसका आधा आधारभूत संरचना तैयार करने पर खर्च होगा। सिब्बल ने कहा, "बाजार मूल्य का सिर्फ 15 से 17 फीसदी हिस्सा ही किसानों के पास जा पाता है। विपक्ष के नेताओं को यह तय करना होगा कि वे किसानों के साथ हैं या बिचौलियों के साथ हैं.. हम किसानों और खरीददारों के साथ हैं.. आप बिचौलियों के साथ हैं।" मंत्री ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण पेश किया और कहा कि पेप्सिको ने 10 हजार किसानों से उनकी उपज खरीदी। उन्होंने कहा, "आलू का बाजार भाव तीन रुपये प्रति किलो है, जबकि पेप्सिको ने उन्हें सात रुपये प्रति किलो का भुगतान किया।" उन्होंने साथ ही कहा कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करना राज्य सरकार पर निर्भर है और किसी पर इसे लागू करने के लिए दबाव नहीं दिया जाएगा। खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर लोकसभा में बहस के दौरान सिब्बल ने कहा, "मुझे आश्चर्य है, यह बहस क्यों हो रही है।" सिब्बल ने कहा कि विपक्ष इस देश में एक नए तरह के संघीय ढांचे की बात कर रहा है, जो इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहा है कि यह नीति राज्यों को छूट देती है कि वे खुदरा में किसी एफडीआई परियोजना को अनुमति दें या न दें।टिप्पणियां सिब्बल ने कहा, "लेकिन यदि कोई मुख्यमंत्री खुदरा में एफडीआई लाना चाहता है तो आप उसे कैसे रोक सकते हैं।" सिब्बल ने कहा, "यह तय किया गया है कि उन्हीं शहरों में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दी जाएगी, जहां की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है। ऐसे 53 शहर हैं। इसके बाद हमने महसूस किया कि कुछ राज्यों में विपक्ष की सरकार है। यदि उन राज्यों को अलग कर दिया जाए, जो इसे लागू नहीं करना चाहते हैं, तो 18 शहर बच जाते हैं।" उन्होंने कहा कि इसलिए देश में केवल 18 शहरों में इस तरह के स्टोर्स खोले जा सकते हैं। उन्होंने इस नीति के बारे में बताया कि निवेशकों को कम से कम 10 करोड़ डॉलर निवेश करना होगा, जिसका आधा आधारभूत संरचना तैयार करने पर खर्च होगा। मंत्री ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण पेश किया और कहा कि पेप्सिको ने 10 हजार किसानों से उनकी उपज खरीदी। उन्होंने कहा, "आलू का बाजार भाव तीन रुपये प्रति किलो है, जबकि पेप्सिको ने उन्हें सात रुपये प्रति किलो का भुगतान किया।" उन्होंने साथ ही कहा कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करना राज्य सरकार पर निर्भर है और किसी पर इसे लागू करने के लिए दबाव नहीं दिया जाएगा। खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर लोकसभा में बहस के दौरान सिब्बल ने कहा, "मुझे आश्चर्य है, यह बहस क्यों हो रही है।" सिब्बल ने कहा कि विपक्ष इस देश में एक नए तरह के संघीय ढांचे की बात कर रहा है, जो इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहा है कि यह नीति राज्यों को छूट देती है कि वे खुदरा में किसी एफडीआई परियोजना को अनुमति दें या न दें।टिप्पणियां सिब्बल ने कहा, "लेकिन यदि कोई मुख्यमंत्री खुदरा में एफडीआई लाना चाहता है तो आप उसे कैसे रोक सकते हैं।" सिब्बल ने कहा, "यह तय किया गया है कि उन्हीं शहरों में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दी जाएगी, जहां की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है। ऐसे 53 शहर हैं। इसके बाद हमने महसूस किया कि कुछ राज्यों में विपक्ष की सरकार है। यदि उन राज्यों को अलग कर दिया जाए, जो इसे लागू नहीं करना चाहते हैं, तो 18 शहर बच जाते हैं।" उन्होंने कहा कि इसलिए देश में केवल 18 शहरों में इस तरह के स्टोर्स खोले जा सकते हैं। उन्होंने इस नीति के बारे में बताया कि निवेशकों को कम से कम 10 करोड़ डॉलर निवेश करना होगा, जिसका आधा आधारभूत संरचना तैयार करने पर खर्च होगा। खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर लोकसभा में बहस के दौरान सिब्बल ने कहा, "मुझे आश्चर्य है, यह बहस क्यों हो रही है।" सिब्बल ने कहा कि विपक्ष इस देश में एक नए तरह के संघीय ढांचे की बात कर रहा है, जो इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहा है कि यह नीति राज्यों को छूट देती है कि वे खुदरा में किसी एफडीआई परियोजना को अनुमति दें या न दें।टिप्पणियां सिब्बल ने कहा, "लेकिन यदि कोई मुख्यमंत्री खुदरा में एफडीआई लाना चाहता है तो आप उसे कैसे रोक सकते हैं।" सिब्बल ने कहा, "यह तय किया गया है कि उन्हीं शहरों में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दी जाएगी, जहां की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है। ऐसे 53 शहर हैं। इसके बाद हमने महसूस किया कि कुछ राज्यों में विपक्ष की सरकार है। यदि उन राज्यों को अलग कर दिया जाए, जो इसे लागू नहीं करना चाहते हैं, तो 18 शहर बच जाते हैं।" उन्होंने कहा कि इसलिए देश में केवल 18 शहरों में इस तरह के स्टोर्स खोले जा सकते हैं। उन्होंने इस नीति के बारे में बताया कि निवेशकों को कम से कम 10 करोड़ डॉलर निवेश करना होगा, जिसका आधा आधारभूत संरचना तैयार करने पर खर्च होगा। सिब्बल ने कहा कि विपक्ष इस देश में एक नए तरह के संघीय ढांचे की बात कर रहा है, जो इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहा है कि यह नीति राज्यों को छूट देती है कि वे खुदरा में किसी एफडीआई परियोजना को अनुमति दें या न दें।टिप्पणियां सिब्बल ने कहा, "लेकिन यदि कोई मुख्यमंत्री खुदरा में एफडीआई लाना चाहता है तो आप उसे कैसे रोक सकते हैं।" सिब्बल ने कहा, "यह तय किया गया है कि उन्हीं शहरों में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दी जाएगी, जहां की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है। ऐसे 53 शहर हैं। इसके बाद हमने महसूस किया कि कुछ राज्यों में विपक्ष की सरकार है। यदि उन राज्यों को अलग कर दिया जाए, जो इसे लागू नहीं करना चाहते हैं, तो 18 शहर बच जाते हैं।" उन्होंने कहा कि इसलिए देश में केवल 18 शहरों में इस तरह के स्टोर्स खोले जा सकते हैं। उन्होंने इस नीति के बारे में बताया कि निवेशकों को कम से कम 10 करोड़ डॉलर निवेश करना होगा, जिसका आधा आधारभूत संरचना तैयार करने पर खर्च होगा। सिब्बल ने कहा, "लेकिन यदि कोई मुख्यमंत्री खुदरा में एफडीआई लाना चाहता है तो आप उसे कैसे रोक सकते हैं।" सिब्बल ने कहा, "यह तय किया गया है कि उन्हीं शहरों में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दी जाएगी, जहां की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है। ऐसे 53 शहर हैं। इसके बाद हमने महसूस किया कि कुछ राज्यों में विपक्ष की सरकार है। यदि उन राज्यों को अलग कर दिया जाए, जो इसे लागू नहीं करना चाहते हैं, तो 18 शहर बच जाते हैं।" उन्होंने कहा कि इसलिए देश में केवल 18 शहरों में इस तरह के स्टोर्स खोले जा सकते हैं। उन्होंने इस नीति के बारे में बताया कि निवेशकों को कम से कम 10 करोड़ डॉलर निवेश करना होगा, जिसका आधा आधारभूत संरचना तैयार करने पर खर्च होगा। सिब्बल ने कहा, "यह तय किया गया है कि उन्हीं शहरों में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दी जाएगी, जहां की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है। ऐसे 53 शहर हैं। इसके बाद हमने महसूस किया कि कुछ राज्यों में विपक्ष की सरकार है। यदि उन राज्यों को अलग कर दिया जाए, जो इसे लागू नहीं करना चाहते हैं, तो 18 शहर बच जाते हैं।" उन्होंने कहा कि इसलिए देश में केवल 18 शहरों में इस तरह के स्टोर्स खोले जा सकते हैं। उन्होंने इस नीति के बारे में बताया कि निवेशकों को कम से कम 10 करोड़ डॉलर निवेश करना होगा, जिसका आधा आधारभूत संरचना तैयार करने पर खर्च होगा।
यहाँ एक सारांश है:बहुब्रांड खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को अनुमति देने के सरकार के निर्णय का बचाव करते हुए केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि इससे किसानों को फायदा होगा।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मोहाली में मौसम साफ है। धूप खिली हुई है। मंगलवार रात आंधी के साथ आई बारिश के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले पर खतरा मंडराने लगा था लेकिन बुधवार को सुबह होते ही यह डर काफूर हो गया। मंगलवार को मोहाली और चण्डीगढ़ में रात नौ बजे तक मौसम बिल्कुल साफ था। रात तकरीबन 9.15 बजे अचानक मौसम खराब होने लगा। आसमान पर बादलों का डेरा बन गया और हल्की बारिश भी शुरू हो गई। रात 9.35 बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। चण्डीगढ़ में तो ओले नहीं पड़े पर मोहाली में ओले पड़ने की पुष्टि हुई। बारिश का कहर रात 12.30 बजे तक जारी रहा था। लेकिन सुबह होते ही नजारा बदल गया। पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) मैदान की स्थिति मैच के लायक है। उसका ड्रेनेज सिस्टम इतना अच्छा है कि तीन घंटे की बारिश ने आउटफील्ड पर मामूली असर डाला है। पिच शाम चार बजे ही ढक दी गई थी। ऐसे में बारिश का पिच पर कोई असर नहीं पड़ा है।
संक्षिप्त पाठ: मोहाली में मंगलवार को आई बारिश के बाद भारत और पाक सेमीफाइनल पर खतरा मंडराने लगा था लेकिन सुबह होते ही यह डर काफूर हो गया।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीमित आपूर्ति के बीच फुटकर और थोक उपभोक्ताओं की मांग बढ़ने से समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली थोक बाजार में चीनी की कीमतों में 50रु क्विंटल की तेजी आई। बाजार सूत्रों के अनुसार सीमित आपूर्ति के बीच गर्मी का मौसम शुरू होने से मांग में तेजी आने से थोक बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी आई। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चीनी निर्यात की अनुमति दिये जाने से चीनी की कीमतों में उछाल आया।टिप्पणियां चीनी तैयार एम 30 के भाव 3125-3250 से बढ़कर 3150-3300 और एस 30 के भाव 25 रु की तेजी के साथ सप्ताहांत में 3125-3250 रु क्विंटल बंद हुये। मिल डिलीवरी एम 30 और एस 30 के भाव क्रमश: 2925-3150 और 2900-3125 से बढ़कार सप्ताहांत में क्रमश: 2950-3175 और 2925-3150 रु क्विंटल बंद हुये। मिलगेट चीनी असमोली और तितावी के भाव 30रु की तेजी के साथ क्रमश: 3160 और 3090 रु क्विंटल बंद हुये। मवाना के भाव 40 रु चढ़कर 3110 और खतौली के भाव 20 रु की तेजी के साथ 3095 रु क्विंटल बंद हुये। मोरना और सकौती के भाव 20 रु की तेजी के साथ सप्ताहांत में क्रमश: 3020 और 3010 रु क्विंटल बंद हुये। बाजार सूत्रों के अनुसार सीमित आपूर्ति के बीच गर्मी का मौसम शुरू होने से मांग में तेजी आने से थोक बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी आई। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चीनी निर्यात की अनुमति दिये जाने से चीनी की कीमतों में उछाल आया।टिप्पणियां चीनी तैयार एम 30 के भाव 3125-3250 से बढ़कर 3150-3300 और एस 30 के भाव 25 रु की तेजी के साथ सप्ताहांत में 3125-3250 रु क्विंटल बंद हुये। मिल डिलीवरी एम 30 और एस 30 के भाव क्रमश: 2925-3150 और 2900-3125 से बढ़कार सप्ताहांत में क्रमश: 2950-3175 और 2925-3150 रु क्विंटल बंद हुये। मिलगेट चीनी असमोली और तितावी के भाव 30रु की तेजी के साथ क्रमश: 3160 और 3090 रु क्विंटल बंद हुये। मवाना के भाव 40 रु चढ़कर 3110 और खतौली के भाव 20 रु की तेजी के साथ 3095 रु क्विंटल बंद हुये। मोरना और सकौती के भाव 20 रु की तेजी के साथ सप्ताहांत में क्रमश: 3020 और 3010 रु क्विंटल बंद हुये। चीनी तैयार एम 30 के भाव 3125-3250 से बढ़कर 3150-3300 और एस 30 के भाव 25 रु की तेजी के साथ सप्ताहांत में 3125-3250 रु क्विंटल बंद हुये। मिल डिलीवरी एम 30 और एस 30 के भाव क्रमश: 2925-3150 और 2900-3125 से बढ़कार सप्ताहांत में क्रमश: 2950-3175 और 2925-3150 रु क्विंटल बंद हुये। मिलगेट चीनी असमोली और तितावी के भाव 30रु की तेजी के साथ क्रमश: 3160 और 3090 रु क्विंटल बंद हुये। मवाना के भाव 40 रु चढ़कर 3110 और खतौली के भाव 20 रु की तेजी के साथ 3095 रु क्विंटल बंद हुये। मोरना और सकौती के भाव 20 रु की तेजी के साथ सप्ताहांत में क्रमश: 3020 और 3010 रु क्विंटल बंद हुये। मिलगेट चीनी असमोली और तितावी के भाव 30रु की तेजी के साथ क्रमश: 3160 और 3090 रु क्विंटल बंद हुये। मवाना के भाव 40 रु चढ़कर 3110 और खतौली के भाव 20 रु की तेजी के साथ 3095 रु क्विंटल बंद हुये। मोरना और सकौती के भाव 20 रु की तेजी के साथ सप्ताहांत में क्रमश: 3020 और 3010 रु क्विंटल बंद हुये।
सारांश: सीमित आपूर्ति के बीच फुटकर और थोक उपभोक्ताओं की मांग बढ़ने से समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली थोक बाजार में चीनी की कीमतों में 50रु क्विंटल की तेजी आई।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: क्लार्क ने कहा, "एक पूर्व खिलाड़ी के तौर पर मैं यह कहना चाहता हूं कि अगर जल्द हल नहीं निकलता है, तो खिलाड़ियों को इस मध्यस्थता प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए, क्योंकि इस विवाद को हमें अंतिम रूप देने की जरूरत है."टिप्पणियां उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि एसीए को निश्चित तौर पर मध्यस्ता का प्रस्ताव स्वीकार करना चाहिए और अगर वो ऐसा नहीं करता है, तो ये उसकी मूर्खता होगी. खिलाड़ी इसके लिए ना नहीं कह सकते, क्योंकि उन्हें खेलना है. अगर उन्हें खेलना है, तो इसके लिए उन्हें हामी भरनी होगी."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि एसीए को निश्चित तौर पर मध्यस्ता का प्रस्ताव स्वीकार करना चाहिए और अगर वो ऐसा नहीं करता है, तो ये उसकी मूर्खता होगी. खिलाड़ी इसके लिए ना नहीं कह सकते, क्योंकि उन्हें खेलना है. अगर उन्हें खेलना है, तो इसके लिए उन्हें हामी भरनी होगी."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: रोलओवर अनुबंध के साथ बांग्लादेश-भारत दौरे का आश्वासन-CA CA के प्रस्ताव को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर संघ की सहमति नहीं मिली प्रस्ताव से भुगतान विवाद के समाधान में देरी की संभावना
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मकान खरीदना और उसका निर्माण खर्च अब बढ़ जाएगा। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा शुक्रवार को पेश 2012-13 के बजट में सेवा कर में दो प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। रीयल्टी क्षेत्र की कंपनियों का कहना है कि इससे महत्वपूर्ण कच्चे माल सीमेंट और इस्पात के दाम बढ़ जाएंगे। सस्ते मकान को छोड़कर अन्य संपत्तियों के दाम सेवा कर को 10 से बढ़ाकर 12 फीसदी किए जाने की वजह से बढ़ जाएंगे। अचल संपत्ति के स्थानांतरण पर एक प्रतिशत की स्रोत की कर कटौती (टीडीएस) से मकान खरीदना महंगा हो जाएगा। शहरी क्षेत्र में टीडीएस 50 लाख रुपये या अधिक की संपत्ति पर काटा जाएगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 20 लाख रुपये और ऊपर की संपत्ति पर।टिप्पणियां चार्टर्ड अकाउंटेंट सत्येंद्र जैन ने अचल संपत्ति पर टीडीएस के प्रावधान को गैर जरूरी, जनता को परेशान करने वाला और संसाधनों का अपव्यय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लोग टीडीएस की वसूली के लिए आयकर दफ्तर के चक्कर काटने को विवश होंगे। रीयल एस्टेट कंपनियों के प्रमुख संगठन केड्राई के चेयरमैन प्रदीप जैन ने कहा, ‘‘संपत्ति की खरीद और बिक्री पर टीडीएस लागू करने और सेवा कर में दो फीसदी की वृद्धि के संपत्ति की कुल लागत बढ़ेगी।’’ रीयल्टी क्षेत्र की सलाहकार डीटीजेड ने कहा कि सेवा कर में वृद्धि से मध्य और उच्च वर्ग में घर के खरीदारों पर बोझ बढ़ जाएगा। 75 लाख रुपये के मकान पर टीडीएस का बोझ 40,000 रुपये होगा। हालांकि, डीटीजेड ने कहा कि सस्ते मकान निषेधात्मक सूची में हैं, इसलिए उसे सेवा कर की छूट मिली हुई है। इससे सस्ते मकानों को बढ़ावा मिलेगा। जोंस लांग लासाले इंडिया के चेयरमैन और कंट्री प्रमुख अनुज पुरी ने कहा कि सेवा कर को 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने से डेवलपर्स के लिए निर्माण की लागत बढ़ जाएगी। सस्ते मकान को छोड़कर अन्य संपत्तियों के दाम सेवा कर को 10 से बढ़ाकर 12 फीसदी किए जाने की वजह से बढ़ जाएंगे। अचल संपत्ति के स्थानांतरण पर एक प्रतिशत की स्रोत की कर कटौती (टीडीएस) से मकान खरीदना महंगा हो जाएगा। शहरी क्षेत्र में टीडीएस 50 लाख रुपये या अधिक की संपत्ति पर काटा जाएगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 20 लाख रुपये और ऊपर की संपत्ति पर।टिप्पणियां चार्टर्ड अकाउंटेंट सत्येंद्र जैन ने अचल संपत्ति पर टीडीएस के प्रावधान को गैर जरूरी, जनता को परेशान करने वाला और संसाधनों का अपव्यय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लोग टीडीएस की वसूली के लिए आयकर दफ्तर के चक्कर काटने को विवश होंगे। रीयल एस्टेट कंपनियों के प्रमुख संगठन केड्राई के चेयरमैन प्रदीप जैन ने कहा, ‘‘संपत्ति की खरीद और बिक्री पर टीडीएस लागू करने और सेवा कर में दो फीसदी की वृद्धि के संपत्ति की कुल लागत बढ़ेगी।’’ रीयल्टी क्षेत्र की सलाहकार डीटीजेड ने कहा कि सेवा कर में वृद्धि से मध्य और उच्च वर्ग में घर के खरीदारों पर बोझ बढ़ जाएगा। 75 लाख रुपये के मकान पर टीडीएस का बोझ 40,000 रुपये होगा। हालांकि, डीटीजेड ने कहा कि सस्ते मकान निषेधात्मक सूची में हैं, इसलिए उसे सेवा कर की छूट मिली हुई है। इससे सस्ते मकानों को बढ़ावा मिलेगा। जोंस लांग लासाले इंडिया के चेयरमैन और कंट्री प्रमुख अनुज पुरी ने कहा कि सेवा कर को 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने से डेवलपर्स के लिए निर्माण की लागत बढ़ जाएगी। चार्टर्ड अकाउंटेंट सत्येंद्र जैन ने अचल संपत्ति पर टीडीएस के प्रावधान को गैर जरूरी, जनता को परेशान करने वाला और संसाधनों का अपव्यय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लोग टीडीएस की वसूली के लिए आयकर दफ्तर के चक्कर काटने को विवश होंगे। रीयल एस्टेट कंपनियों के प्रमुख संगठन केड्राई के चेयरमैन प्रदीप जैन ने कहा, ‘‘संपत्ति की खरीद और बिक्री पर टीडीएस लागू करने और सेवा कर में दो फीसदी की वृद्धि के संपत्ति की कुल लागत बढ़ेगी।’’ रीयल्टी क्षेत्र की सलाहकार डीटीजेड ने कहा कि सेवा कर में वृद्धि से मध्य और उच्च वर्ग में घर के खरीदारों पर बोझ बढ़ जाएगा। 75 लाख रुपये के मकान पर टीडीएस का बोझ 40,000 रुपये होगा। हालांकि, डीटीजेड ने कहा कि सस्ते मकान निषेधात्मक सूची में हैं, इसलिए उसे सेवा कर की छूट मिली हुई है। इससे सस्ते मकानों को बढ़ावा मिलेगा। जोंस लांग लासाले इंडिया के चेयरमैन और कंट्री प्रमुख अनुज पुरी ने कहा कि सेवा कर को 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने से डेवलपर्स के लिए निर्माण की लागत बढ़ जाएगी। रीयल्टी क्षेत्र की सलाहकार डीटीजेड ने कहा कि सेवा कर में वृद्धि से मध्य और उच्च वर्ग में घर के खरीदारों पर बोझ बढ़ जाएगा। 75 लाख रुपये के मकान पर टीडीएस का बोझ 40,000 रुपये होगा। हालांकि, डीटीजेड ने कहा कि सस्ते मकान निषेधात्मक सूची में हैं, इसलिए उसे सेवा कर की छूट मिली हुई है। इससे सस्ते मकानों को बढ़ावा मिलेगा। जोंस लांग लासाले इंडिया के चेयरमैन और कंट्री प्रमुख अनुज पुरी ने कहा कि सेवा कर को 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने से डेवलपर्स के लिए निर्माण की लागत बढ़ जाएगी।
यह एक सारांश है: बजट में सेवा कर में दो प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। रीयल्टी क्षेत्र की कंपनियों का कहना है कि इससे महत्वपूर्ण कच्चे माल सीमेंट और इस्पात के दाम बढ़ जाएंगे।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: OnePlus 7 Pro के अलमॉन्ड वेरिएंट की बिक्री भारत में 14 जून से शुरू होगी। हैंडसेट के नए कलर वेरिएंट की सेल वनप्लस की वेबसाइट, अमेज़न इंडिया और वनप्लस के एक्सक्लूसिव स्टोर में होगी। बता दें कि वनप्लस 7 प्रो का यह खास कलर वेरिएंट सिर्फ 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज के साथ आता है। OnePlus ने बीते महीने ही लॉन्च इवेंट में OnePlus 7 Pro के अलमॉन्ड वेरिएंट को पेश किया था। अब इस वेरिएंट की बिक्री की तारीख सामने आ गई है। वनप्लस 7 प्रो की कीमत भारत में 48,999 रुपये से शुरू होती है। यह दाम 6 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। हैंडसेट के 8 जीबी रैम/ 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 52,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। यानी ग्राहक को वनप्लस 7 प्रो के अलमॉन्ड वेरिएंट के लिए यही कीमत चुकानी होगी। OnePlus 7 Pro के अन्य मॉडल की तरह यह कलर वेरिएंट भी अमेज़न, OnePlus.in, वनप्लस एक्सक्लूसिव ऑफलाइन स्टोर, रिलायंस डिजिटल, माय जियो और क्रोमा स्टोर में मिलेगा। बिक्री 14 जून को दोपहर 12 बजे शुरू होगी। वनप्लस 7 प्रो के साथ मिलने वाले ऑफर्स की बात करें तो Jio की तरफ से ग्राहकों को 9,300 रुपये के फायदे, Servify की ओर से 70 प्रतिशत तक गारंटीड एक्सचेंज वैल्यू और एसबीआई कार्ड पर 2,000 रुपये का कैशबैक मिलेगा। डुअल-सिम OnePlus 7 Pro एंड्रॉयड 9.0 पाई पर आधारित ऑक्सीजनओएस पर चलता है। सॉफ्टवेयर अब स्क्रीन रिकॉर्डिंग और ज़ेन मोड जैसे फीचर को लेकर आता है। OnePlus 7 Pro में क्वाड-एचडी+ रिजॉल्यूशन (1440x3120 पिक्सल) वाला डिस्प्ले दिया गया है। हैंडसेट में 6.67 इंच की फ्लूइड एमोलेड स्क्रीन है। इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है और पिक्सल डेनसिटी 516 पीपीआई है। डिस्प्ले पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 की प्रोटेक्शन है। स्मार्टफोन में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। ग्राफिक्स के लिए एड्रेनो 640 जीपीयू इंटीग्रेटेड है और जुगलबंदी के लिए 12 जीबी तक रैम हैं। OnePlus 7 Pro ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। इसमें 48 मेगापिक्सल का Sony IMX586 सेंसर है। प्राइमरी कैमरा एफ/1.6 अपर्चर वाला है और यह ऑप्टिकल इमेज स्टेबालइज़ेशन व इलेक्ट्रॉनिक इमेज स्टेबलाइज़ेशन से लैस है। सेकेंडरी कैमरा 16 मेगापिक्सल का है। एफ/ 2.4 अपर्चर वाला यह सेंसर अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस से लैस है। इनके साथ 8 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस दिया गया है। रियर कैमरा सेटअप के साथ डुअल फ्लैश मॉड्यूल भी है। यह फेज़ डिटेक्शन ऑटोफोकस, लेज़र ऑटोफोकस और कॉन्ट्रास्ट ऑटोफोकस को सपोर्ट करता है। पोर्ट्रेट, अल्ट्राशॉट, नाइटस्केप, प्रो मोड, एआई सीन डिटेक्शन, पनोरमा, एचडीआर, स्टूडियो लाइटनिंग, टाइम लैप्स और रॉ इमेज जैसे फीचर भी दिए गए हैं। OnePlus ने वनप्लस 7 प्रो में पॉप-अप कैमरा दिया है। यहां 16 मेगापिक्सल का Sony IMX471 सेंसर है। स्टोरेज के आधार पर OnePlus 7 Pro के दो विकल्प हैं- 128 जीबी और 256 जीबी यूएफएस 3.0 2-लेन स्टोरेज। कंपनी का दावा है कि यह ज़्यादा तेज़ स्टोरेज स्टेंडर्ड के साथ आने वाला दुनिया का पहला फोन होगा। वनप्लस के अन्य हैंडसेट की तरह इसमें भी माइक्रोएसडी कार्ड के लिए कोई सपोर्ट नहीं है। OnePlus 7 Pro के कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 5.0, एनएफसी, जीपीएस/ ए-जीपीएस और माइक्रो-यूएसबी टाइप-सी शामिल हैं। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, जायरोस्कोप, मैगनेटोमीटर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इसका हिस्सा हैं।  OnePlus 7 Pro की बैटरी 4,000 एमएएच की है। यह 30 वॉट की Warp Charge फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करती है।
यहाँ एक सारांश है:OnePlus ने वनप्लस 7 प्रो में पॉप-अप कैमरा दिया है OnePlus 7 Pro ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है वनप्लस 7 प्रो में
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के नोएडा क्षेत्र के फलैदा गांव में बनाए गए गौशाला की दीवार आज बारिश के चलते ढह गई, जिससे इस घटना में 8 गोवंश की मौत हो गई जबकि 2 दर्जन से ज्यादा गायें गंभीर रूप से घायल हो गईं. इस मामले में जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह ने एडीएम वित्त के नेतृत्व में जांच के आदेश दिए हैं. जिलाधिकारी गौतमबुध नगर बृजेश नारायण सिंह ने बताया कि लावारिस घूम रहे गोवंश को एक जगह रखने के लिए थाना रबूपुरा क्षेत्र के फलैदा गांव में एक गौशाला बनाई गई है. उन्होंने बताया कि उक्त गौशाला को बनाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को जिला प्रशासन ने जमीन मुहैया कराई थी, जबकि इसके निर्माण और रखरखाव का कार्य यमुना प्राधिकरण कर रहा हैं.  डीएम ने बताया कि शनिवार दोपहर को हुई बारिश के चलते उक्त गौशाला की दीवार ढह गई, जिसमें दबकर 8 गायों की मौत हो गई, जबकि 2 दर्जन से ज्यादा गायें गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्होंने बताया कि मृत गायों में कुछ बीमार भी चल रही थी. डीएम ने बताया कि इस घटना में किसका कितना दोष है, तथा इसके निर्माण में क्या खामियां रही, इस बात को ध्यान में रखते हुए एडीएम वित्त के नेतृत्व में जांच के आदेश दिये गए हैं. सिंह ने बताया कि 15 दिन के अंदर न्यायिक जांच की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है.  डीएम ने बताया कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मालूम हो कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के कई जिलों के आला अफसरों के खिलाफ गोवंश की सही से देखभाल ना करने की वजह से कठोर कार्रवाई की थी.
यह एक सारांश है: बारिश के कारण गौशाला की दीवार गिरी दीवार गिरने से 8 गोवंश की मौत 2 दर्जन से ज्यादा गायें गंभीर रूप से घायल
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उपराज्यपाल प्रशासनिक प्रमुख हैं. जिनकी सभी प्रशासनिक फैसलों के लिए पूर्व रजामंदी की जरूरत है. हाईकोर्ट के चार अगस्त के फैसले के खिलाफ आप सरकार की सात अपीलों पर केन्द्र से छह हफ्तों में जवाब मांगते हुए शीर्ष अदालत ने उपराज्यपाल नजीब जंग के उस हालिया फैसले पर भी रोक से इंकार किया, जिसमें दिल्ली सरकार के पिछले आदेशों तथा 400 से अधिक फाइलों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था. सरकारी फाइलों की जांच के उपराज्यपाल के हालिया फैसले का जिक्र होने पर न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति एन.वी. रमण की पीठ ने कहा, 'हर दिन कुछ आदेश दिए जाएंगे, हम प्रतिदिन के आधार पर आदेश नहीं दे सकते.' पीठ ने कहा, 'कोई रोक नहीं. हम इन मामलों में अंतिम सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय करते हैं.' पीठ ने साथ ही अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी की इन शुरुआती आपत्तियों पर सहमति नहीं जताई कि कई आधारों पर अपीलों को खारिज किया जाना चाहिए. टिप्पणियां इसमें से एक आधार यह है कि मुख्य सचिव या सचिव की जगह याचिकाओं का अनुमोदन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के हलफनामा द्वारा किया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हाईकोर्ट के चार अगस्त के फैसले के खिलाफ आप सरकार की सात अपीलों पर केन्द्र से छह हफ्तों में जवाब मांगते हुए शीर्ष अदालत ने उपराज्यपाल नजीब जंग के उस हालिया फैसले पर भी रोक से इंकार किया, जिसमें दिल्ली सरकार के पिछले आदेशों तथा 400 से अधिक फाइलों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था. सरकारी फाइलों की जांच के उपराज्यपाल के हालिया फैसले का जिक्र होने पर न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति एन.वी. रमण की पीठ ने कहा, 'हर दिन कुछ आदेश दिए जाएंगे, हम प्रतिदिन के आधार पर आदेश नहीं दे सकते.' पीठ ने कहा, 'कोई रोक नहीं. हम इन मामलों में अंतिम सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय करते हैं.' पीठ ने साथ ही अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी की इन शुरुआती आपत्तियों पर सहमति नहीं जताई कि कई आधारों पर अपीलों को खारिज किया जाना चाहिए. टिप्पणियां इसमें से एक आधार यह है कि मुख्य सचिव या सचिव की जगह याचिकाओं का अनुमोदन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के हलफनामा द्वारा किया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सरकारी फाइलों की जांच के उपराज्यपाल के हालिया फैसले का जिक्र होने पर न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति एन.वी. रमण की पीठ ने कहा, 'हर दिन कुछ आदेश दिए जाएंगे, हम प्रतिदिन के आधार पर आदेश नहीं दे सकते.' पीठ ने कहा, 'कोई रोक नहीं. हम इन मामलों में अंतिम सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय करते हैं.' पीठ ने साथ ही अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी की इन शुरुआती आपत्तियों पर सहमति नहीं जताई कि कई आधारों पर अपीलों को खारिज किया जाना चाहिए. टिप्पणियां इसमें से एक आधार यह है कि मुख्य सचिव या सचिव की जगह याचिकाओं का अनुमोदन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के हलफनामा द्वारा किया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीठ ने कहा, 'कोई रोक नहीं. हम इन मामलों में अंतिम सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय करते हैं.' पीठ ने साथ ही अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी की इन शुरुआती आपत्तियों पर सहमति नहीं जताई कि कई आधारों पर अपीलों को खारिज किया जाना चाहिए. टिप्पणियां इसमें से एक आधार यह है कि मुख्य सचिव या सचिव की जगह याचिकाओं का अनुमोदन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के हलफनामा द्वारा किया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसमें से एक आधार यह है कि मुख्य सचिव या सचिव की जगह याचिकाओं का अनुमोदन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के हलफनामा द्वारा किया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: इस मामले में अंतिम सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय पीठ ने कहा, 'हम प्रतिदिन के आधार पर आदेश नहीं दे सकते' हाईकोर्ट ने कहा था कि उपराज्यपाल दिल्ली में प्रशासनिक प्रमुख हैं
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नोटबंदी की कवायद को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि बैंक खाताधारकों पर नगदी निकालने की सीमा तय किए जाने का फैसला एक नीतिगत निर्णय है, जो न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर है. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी रोहिणी और न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने यह फैसला उस अर्जी पर सुनाया जिसमें बैंकों से रोजाना नगदी निकालने की सीमा तय करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी. पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इसमें 'दम नहीं है' क्योंकि 'गैर-नगद लेन-देन' पर कोई 'बंदिश नहीं' है. न्यायालय ने कहा, "यह भी जोड़ा जा सकता है कि विशिष्ट राशि के बैंक नोटों को नौ नवंबर 2016 से वापस लेने के फैसले को अमल में लाने का तौर-तरीका एक नीतिगत निर्णय है, जो न्यायिक समीक्षा के अधिकार के दायरे से बाहर है." पीठ ने कहा, "कानून निर्धारित है कि अदालत तभी दखल दे सकती है जब तैयार की गई नीति पूरी तरह मनमानी हो या तर्कसंगत नहीं हो और लचीला नहीं हो और असत्यापित बयान हो, जिससे भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) का उल्लंघन होता हो." उच्च न्यायालय का आदेश अहम है क्योंकि नोटबंदी से जुड़े मामले से उच्चतम न्यायालय को भी अवगत कराया गया है और आठ नवंबर की अधिसूचना को चुनौती देने वाली अर्जियों पर शीर्ष अदालत में सुनवाई हो रही है. उच्चतम न्यायालय केंद्र की उस अर्जी पर भी सुनवाई कर रहा है जिसमें अलग-अलग उच्च न्यायालयों में लंबित ऐसी सभी याचिकाओं को या तो शीर्ष न्यायालय या किसी एक उच्च न्यायालय में भेजने की गुजारिश की गई है. पीठ ने 25 नवंबर को वह अपील खारिज कर दी थी जो एक उद्योगपति अशोक शर्मा ने दायर की थी. इस अपील में केंद्र सरकार को, 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट अमान्य किए जाने के फैसले से पहले बैंकों में लोगों द्वारा जमा किए गए धन को रोज निकालने पर लगाई गई रोक को हटाने का आदेश देने की मांग की गई थी. उच्च न्यायालय ने अपना पूर्व का आदेश वापस लेने की मांग कर रहे आवेदन पर 30 नवंबर को अपना फैसला आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. अपील में आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार ने अदालत में झूठा बयान दिया कि बैंकों से 24,000 रुपये निकालने की सीमा केवल 24 नवंबर तक थी जबकि यह सीमा अवधि बढ़ा कर 30 दिसंबर कर दी गई है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी रोहिणी और न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने यह फैसला उस अर्जी पर सुनाया जिसमें बैंकों से रोजाना नगदी निकालने की सीमा तय करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी. पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इसमें 'दम नहीं है' क्योंकि 'गैर-नगद लेन-देन' पर कोई 'बंदिश नहीं' है. न्यायालय ने कहा, "यह भी जोड़ा जा सकता है कि विशिष्ट राशि के बैंक नोटों को नौ नवंबर 2016 से वापस लेने के फैसले को अमल में लाने का तौर-तरीका एक नीतिगत निर्णय है, जो न्यायिक समीक्षा के अधिकार के दायरे से बाहर है." पीठ ने कहा, "कानून निर्धारित है कि अदालत तभी दखल दे सकती है जब तैयार की गई नीति पूरी तरह मनमानी हो या तर्कसंगत नहीं हो और लचीला नहीं हो और असत्यापित बयान हो, जिससे भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) का उल्लंघन होता हो." उच्च न्यायालय का आदेश अहम है क्योंकि नोटबंदी से जुड़े मामले से उच्चतम न्यायालय को भी अवगत कराया गया है और आठ नवंबर की अधिसूचना को चुनौती देने वाली अर्जियों पर शीर्ष अदालत में सुनवाई हो रही है. उच्चतम न्यायालय केंद्र की उस अर्जी पर भी सुनवाई कर रहा है जिसमें अलग-अलग उच्च न्यायालयों में लंबित ऐसी सभी याचिकाओं को या तो शीर्ष न्यायालय या किसी एक उच्च न्यायालय में भेजने की गुजारिश की गई है. पीठ ने 25 नवंबर को वह अपील खारिज कर दी थी जो एक उद्योगपति अशोक शर्मा ने दायर की थी. इस अपील में केंद्र सरकार को, 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट अमान्य किए जाने के फैसले से पहले बैंकों में लोगों द्वारा जमा किए गए धन को रोज निकालने पर लगाई गई रोक को हटाने का आदेश देने की मांग की गई थी. उच्च न्यायालय ने अपना पूर्व का आदेश वापस लेने की मांग कर रहे आवेदन पर 30 नवंबर को अपना फैसला आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. अपील में आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार ने अदालत में झूठा बयान दिया कि बैंकों से 24,000 रुपये निकालने की सीमा केवल 24 नवंबर तक थी जबकि यह सीमा अवधि बढ़ा कर 30 दिसंबर कर दी गई है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) न्यायालय ने कहा, "यह भी जोड़ा जा सकता है कि विशिष्ट राशि के बैंक नोटों को नौ नवंबर 2016 से वापस लेने के फैसले को अमल में लाने का तौर-तरीका एक नीतिगत निर्णय है, जो न्यायिक समीक्षा के अधिकार के दायरे से बाहर है." पीठ ने कहा, "कानून निर्धारित है कि अदालत तभी दखल दे सकती है जब तैयार की गई नीति पूरी तरह मनमानी हो या तर्कसंगत नहीं हो और लचीला नहीं हो और असत्यापित बयान हो, जिससे भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) का उल्लंघन होता हो." उच्च न्यायालय का आदेश अहम है क्योंकि नोटबंदी से जुड़े मामले से उच्चतम न्यायालय को भी अवगत कराया गया है और आठ नवंबर की अधिसूचना को चुनौती देने वाली अर्जियों पर शीर्ष अदालत में सुनवाई हो रही है. उच्चतम न्यायालय केंद्र की उस अर्जी पर भी सुनवाई कर रहा है जिसमें अलग-अलग उच्च न्यायालयों में लंबित ऐसी सभी याचिकाओं को या तो शीर्ष न्यायालय या किसी एक उच्च न्यायालय में भेजने की गुजारिश की गई है. पीठ ने 25 नवंबर को वह अपील खारिज कर दी थी जो एक उद्योगपति अशोक शर्मा ने दायर की थी. इस अपील में केंद्र सरकार को, 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट अमान्य किए जाने के फैसले से पहले बैंकों में लोगों द्वारा जमा किए गए धन को रोज निकालने पर लगाई गई रोक को हटाने का आदेश देने की मांग की गई थी. उच्च न्यायालय ने अपना पूर्व का आदेश वापस लेने की मांग कर रहे आवेदन पर 30 नवंबर को अपना फैसला आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. अपील में आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार ने अदालत में झूठा बयान दिया कि बैंकों से 24,000 रुपये निकालने की सीमा केवल 24 नवंबर तक थी जबकि यह सीमा अवधि बढ़ा कर 30 दिसंबर कर दी गई है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उच्च न्यायालय का आदेश अहम है क्योंकि नोटबंदी से जुड़े मामले से उच्चतम न्यायालय को भी अवगत कराया गया है और आठ नवंबर की अधिसूचना को चुनौती देने वाली अर्जियों पर शीर्ष अदालत में सुनवाई हो रही है. उच्चतम न्यायालय केंद्र की उस अर्जी पर भी सुनवाई कर रहा है जिसमें अलग-अलग उच्च न्यायालयों में लंबित ऐसी सभी याचिकाओं को या तो शीर्ष न्यायालय या किसी एक उच्च न्यायालय में भेजने की गुजारिश की गई है. पीठ ने 25 नवंबर को वह अपील खारिज कर दी थी जो एक उद्योगपति अशोक शर्मा ने दायर की थी. इस अपील में केंद्र सरकार को, 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट अमान्य किए जाने के फैसले से पहले बैंकों में लोगों द्वारा जमा किए गए धन को रोज निकालने पर लगाई गई रोक को हटाने का आदेश देने की मांग की गई थी. उच्च न्यायालय ने अपना पूर्व का आदेश वापस लेने की मांग कर रहे आवेदन पर 30 नवंबर को अपना फैसला आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. अपील में आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार ने अदालत में झूठा बयान दिया कि बैंकों से 24,000 रुपये निकालने की सीमा केवल 24 नवंबर तक थी जबकि यह सीमा अवधि बढ़ा कर 30 दिसंबर कर दी गई है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीठ ने 25 नवंबर को वह अपील खारिज कर दी थी जो एक उद्योगपति अशोक शर्मा ने दायर की थी. इस अपील में केंद्र सरकार को, 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट अमान्य किए जाने के फैसले से पहले बैंकों में लोगों द्वारा जमा किए गए धन को रोज निकालने पर लगाई गई रोक को हटाने का आदेश देने की मांग की गई थी. उच्च न्यायालय ने अपना पूर्व का आदेश वापस लेने की मांग कर रहे आवेदन पर 30 नवंबर को अपना फैसला आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. अपील में आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार ने अदालत में झूठा बयान दिया कि बैंकों से 24,000 रुपये निकालने की सीमा केवल 24 नवंबर तक थी जबकि यह सीमा अवधि बढ़ा कर 30 दिसंबर कर दी गई है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उच्च न्यायालय ने अपना पूर्व का आदेश वापस लेने की मांग कर रहे आवेदन पर 30 नवंबर को अपना फैसला आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. अपील में आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार ने अदालत में झूठा बयान दिया कि बैंकों से 24,000 रुपये निकालने की सीमा केवल 24 नवंबर तक थी जबकि यह सीमा अवधि बढ़ा कर 30 दिसंबर कर दी गई है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: रोजाना नगदी निकालने की सीमा के फैसले को चुनौती दी गई थी पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इसमें 'दम नहीं है' नोटबंदी को चुनौती देने वाली अर्जियों पर शीर्ष अदालत में सुनवाई जारी
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: Chandrayaan 2: भारत के मून लैंडर विक्रम से उस समय संपर्क टूट गया, जब वह शनिवार तड़के चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ रहा था. इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने बताया, 'संपर्क उस समय टूटा, जब विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाले स्थान से 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था. अभी आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है.' इस खबर से जहां इसरो के वैज्ञानिकों में निराशा देखने को मिली, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपने बहुत अच्छा काम किया है. उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और यह यात्रा जारी रहेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जब मिशन बड़ा होता है तो निराशा से पार पाने की हिम्मत होना चाहिए. मेरी तरफ से आप सभी को बहुत बधाई है. आपने देश की मानव जाति की बड़ी सेवा की है." Chandrayaan 2 के  लैंडर से संपर्क टूटने पर पीएम मोदी ने दिया दिलासा तो इसरो प्रमुख ने वैज्ञानिकों से कही यह बात... अब इस मामले में उद्योगपति आनंद महिंद्रा का भी ट्वीट सामने आया है. उन्होंने कहा, 'कम्यूनिकेशन खत्म नहीं हुआ है. हर भारतीय चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) की धड़कन को महसूस कर सकता है. हम इसे यह कहते हुए सुन सकते हैं कि 'अगर आप पहली बार में सफल नहीं होते हैं, तो फिर से प्रयास करें.' बता दें कि आनंद महिंद्रा चंद्रयान (Chandrayaan 2) की यात्रा को बहुत नजदीक से फॉलो कर रहे थे. Chandrayaan 2: क्या विक्रम लैंडर चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया? जानिए लैंडिंग के दौरान क्‍या-क्‍या हुआ...  भारत का चंद्र मिशन जब आंध्र प्रदेश के हरिकोटा से जुलाई में निकला था तब महिंद्रा ने कहा था, 'सामान्य रूप से फिर से सांस लेने से पहले इसरो के लोगों को एक दूसरे को गले लगते देखने का इंतजार कर रहा. मैं अपने वैज्ञानिकों के साथ खड़ा हूं और उन्हें सलाम करता हूं. वे हक से हमारे लिए एक हस्ती हैं.'
संक्षिप्त पाठ: भारत के मून लैंडर विक्रम से संपर्क टूट गया पीएम मोदी ने कहा- जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं हर भारतीय चंद्रयान-2 की धड़कन को महसूस कर सकता है- आनंद महिंद्रा
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इस क्षेत्र में भारत और अमेरिका के साथ मिलकर चीनी युद्धपोतों और पनडुब्बियों की गतिविधियों पर नजर रखने की बात मानते हुए एडमिरल ने कहा, ''हम लोग मिलकर इस तरह का सर्विलांस कर रहे हैं.'' जब NDTV ने उनसे इस बारे में विस्‍तृत ब्‍यौरा देने का आग्रह किया तो एडमिरल ने कहा,''मैं इस मामले में ज्‍यादा कुछ नहीं बोलना चाहता लेकिन चीनी पोतों की रियल टाइल गतिविधियों की सूचनाएं साझा की जा रही हैं.'' उल्‍लेखनीय है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चीनी पनडुब्बियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भारतीय नेवी काफी हद तक अमेरिकी निर्मित पनडुब्‍बी रोधी हथियारबोइंग P8-I पर निर्भर है. एडमिरल हैरिस का कहना है कि भारतीय और अमेरिकी नेवी के बीच सूचनाएं साझा करने के मसले पर काफी कुछ किया जाता है यदि भारत कम्‍युनिकेशंस कंपेटिबिलिटी एंड सेक्‍योरिटी एग्रीमेंट(COMCASA) पर हस्‍ताक्षर कर दे. इसके तहत अमेरिका और उसके मिलिट्री पार्टनर देशों के बीच सैन्‍य सूचनाओं का सुरक्षित तरीके से आदान-प्रदान होता है. एडमिरल हैरिस के मुताबिक, ''P8 दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ और सर्वाधिक सक्षम पनडुब्‍बी रोधी युद्धक प्‍लेटफॉर्म है. भारत के पास P8-I है. हमारे पास P8-A है लेकिन भिन्‍न संचार तंत्रों की वजह से ये पूरी तरह सक्षम नहीं हैं. ऐसे में पूरी क्षमता का इस्‍तेमाल करते हुए हिंद महासागर में इस तरह की पनडुब्बियों पर निगाह रखने के लिए हमको इस तरह की संधि को आगे ले जाने की जरूरत है.''टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में चीन ने तमाम युद्धपोतों के साथ परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बियों को तैनात किया है. चीन का इस पर कहना है कि सोमालिया तट के पास जल दस्‍युओं से निपटने के लिए ऐसा किया गया है. इसके विपरीत भारतीय नेवी का मानना है कि यह वास्‍तव में हिंद महासागर में पोर्ट और सैन्‍य संयंत्रों को विकसित करने के साथ भारत को सामरिक दृष्टि से घेरने के लिए किया जा रहा है. पिछली मई में एक परमाणु पनडुब्‍बी को कराची बंदरगाह पर देखा गया और उस पर पाकिस्‍तानी सवार थे. भारतीय नेवी का मानना है कि हो सकता है कि इस्‍लामाबाद को लीज पर वह चीनी परमाणु पनडुब्‍बी मिली हो. इस संबंध में एडमिरल हैरिस का कहना है, ''मेरा मानना है कि चीन और पाकिस्‍तान के संबंध चिंता का विषय है. चीन का सशक्‍त और समृद्ध होना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है लेकिन यदि ताकत आक्रामकता में बदल जाए तो यह भारत समेत हम सभी के लिए समस्‍या का सबब बन सकता है.'' उल्‍लेखनीय है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चीनी पनडुब्बियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भारतीय नेवी काफी हद तक अमेरिकी निर्मित पनडुब्‍बी रोधी हथियारबोइंग P8-I पर निर्भर है. एडमिरल हैरिस का कहना है कि भारतीय और अमेरिकी नेवी के बीच सूचनाएं साझा करने के मसले पर काफी कुछ किया जाता है यदि भारत कम्‍युनिकेशंस कंपेटिबिलिटी एंड सेक्‍योरिटी एग्रीमेंट(COMCASA) पर हस्‍ताक्षर कर दे. इसके तहत अमेरिका और उसके मिलिट्री पार्टनर देशों के बीच सैन्‍य सूचनाओं का सुरक्षित तरीके से आदान-प्रदान होता है. एडमिरल हैरिस के मुताबिक, ''P8 दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ और सर्वाधिक सक्षम पनडुब्‍बी रोधी युद्धक प्‍लेटफॉर्म है. भारत के पास P8-I है. हमारे पास P8-A है लेकिन भिन्‍न संचार तंत्रों की वजह से ये पूरी तरह सक्षम नहीं हैं. ऐसे में पूरी क्षमता का इस्‍तेमाल करते हुए हिंद महासागर में इस तरह की पनडुब्बियों पर निगाह रखने के लिए हमको इस तरह की संधि को आगे ले जाने की जरूरत है.''टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में चीन ने तमाम युद्धपोतों के साथ परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बियों को तैनात किया है. चीन का इस पर कहना है कि सोमालिया तट के पास जल दस्‍युओं से निपटने के लिए ऐसा किया गया है. इसके विपरीत भारतीय नेवी का मानना है कि यह वास्‍तव में हिंद महासागर में पोर्ट और सैन्‍य संयंत्रों को विकसित करने के साथ भारत को सामरिक दृष्टि से घेरने के लिए किया जा रहा है. पिछली मई में एक परमाणु पनडुब्‍बी को कराची बंदरगाह पर देखा गया और उस पर पाकिस्‍तानी सवार थे. भारतीय नेवी का मानना है कि हो सकता है कि इस्‍लामाबाद को लीज पर वह चीनी परमाणु पनडुब्‍बी मिली हो. इस संबंध में एडमिरल हैरिस का कहना है, ''मेरा मानना है कि चीन और पाकिस्‍तान के संबंध चिंता का विषय है. चीन का सशक्‍त और समृद्ध होना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है लेकिन यदि ताकत आक्रामकता में बदल जाए तो यह भारत समेत हम सभी के लिए समस्‍या का सबब बन सकता है.'' एडमिरल हैरिस के मुताबिक, ''P8 दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ और सर्वाधिक सक्षम पनडुब्‍बी रोधी युद्धक प्‍लेटफॉर्म है. भारत के पास P8-I है. हमारे पास P8-A है लेकिन भिन्‍न संचार तंत्रों की वजह से ये पूरी तरह सक्षम नहीं हैं. ऐसे में पूरी क्षमता का इस्‍तेमाल करते हुए हिंद महासागर में इस तरह की पनडुब्बियों पर निगाह रखने के लिए हमको इस तरह की संधि को आगे ले जाने की जरूरत है.''टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में चीन ने तमाम युद्धपोतों के साथ परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बियों को तैनात किया है. चीन का इस पर कहना है कि सोमालिया तट के पास जल दस्‍युओं से निपटने के लिए ऐसा किया गया है. इसके विपरीत भारतीय नेवी का मानना है कि यह वास्‍तव में हिंद महासागर में पोर्ट और सैन्‍य संयंत्रों को विकसित करने के साथ भारत को सामरिक दृष्टि से घेरने के लिए किया जा रहा है. पिछली मई में एक परमाणु पनडुब्‍बी को कराची बंदरगाह पर देखा गया और उस पर पाकिस्‍तानी सवार थे. भारतीय नेवी का मानना है कि हो सकता है कि इस्‍लामाबाद को लीज पर वह चीनी परमाणु पनडुब्‍बी मिली हो. इस संबंध में एडमिरल हैरिस का कहना है, ''मेरा मानना है कि चीन और पाकिस्‍तान के संबंध चिंता का विषय है. चीन का सशक्‍त और समृद्ध होना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है लेकिन यदि ताकत आक्रामकता में बदल जाए तो यह भारत समेत हम सभी के लिए समस्‍या का सबब बन सकता है.'' उल्‍लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में चीन ने तमाम युद्धपोतों के साथ परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बियों को तैनात किया है. चीन का इस पर कहना है कि सोमालिया तट के पास जल दस्‍युओं से निपटने के लिए ऐसा किया गया है. इसके विपरीत भारतीय नेवी का मानना है कि यह वास्‍तव में हिंद महासागर में पोर्ट और सैन्‍य संयंत्रों को विकसित करने के साथ भारत को सामरिक दृष्टि से घेरने के लिए किया जा रहा है. पिछली मई में एक परमाणु पनडुब्‍बी को कराची बंदरगाह पर देखा गया और उस पर पाकिस्‍तानी सवार थे. भारतीय नेवी का मानना है कि हो सकता है कि इस्‍लामाबाद को लीज पर वह चीनी परमाणु पनडुब्‍बी मिली हो. इस संबंध में एडमिरल हैरिस का कहना है, ''मेरा मानना है कि चीन और पाकिस्‍तान के संबंध चिंता का विषय है. चीन का सशक्‍त और समृद्ध होना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है लेकिन यदि ताकत आक्रामकता में बदल जाए तो यह भारत समेत हम सभी के लिए समस्‍या का सबब बन सकता है.'' पिछली मई में एक परमाणु पनडुब्‍बी को कराची बंदरगाह पर देखा गया और उस पर पाकिस्‍तानी सवार थे. भारतीय नेवी का मानना है कि हो सकता है कि इस्‍लामाबाद को लीज पर वह चीनी परमाणु पनडुब्‍बी मिली हो. इस संबंध में एडमिरल हैरिस का कहना है, ''मेरा मानना है कि चीन और पाकिस्‍तान के संबंध चिंता का विषय है. चीन का सशक्‍त और समृद्ध होना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है लेकिन यदि ताकत आक्रामकता में बदल जाए तो यह भारत समेत हम सभी के लिए समस्‍या का सबब बन सकता है.''
अमेरिकी कमांडर ने हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव पर जताई चिंता चीनी युद्धपोतों पर भारत और अमेरिका रख रहे निगाह पिछले 3 वर्षों में इस क्षेत्र में चीन ने परमाणु पनडुब्बियां तैनात कीं
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) अब प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ऑनलाइन जारी किए जाने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है जिसमें किसी तरह के कागज इस्तेमाल की गुंजाइश नहीं होगी। सेबी का कहना है कि इस प्रस्ताव पर यदि अमल होता है तो आईपीओ की प्रक्रिया काफी तेज हो जाएगी और इसकी लागत भी कम हो जाएगी। निवेशकों के लिए भी काफी सहूलियत होगी। वह केवल कंप्यूटर पर एक क्लिक के जरिये शेयरों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। उन्हें भारी भरकम दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी नहीं करने होंगे। सेबी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से आईपीओ लाने और चलाने के प्रस्ताव पर कार्पोरेट कार्य मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। हालांकि अनौपचारिक तौर पर मंत्रालय ने उसे इस दिशा में आगे काम करने का संकेत दे दिया है। सेबी बोर्ड के समक्ष 24 नवंबर को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार ई-आईपीओ पर अमल के लिए कंपनी अधिनियम में संशोधन करना होगा। यह संशोधन निवेशक की तरफ से इस आवश्यकता को दूर करने पर होगा कि उसे लिखित में सहमति देनी होती है, लेकिन ई-आईपीओ में कोई आवेदन फार्म नहीं भरना होगा और सीधे डी-मैट खाते में ही शेयर आवंटन का काम होगा। बहरहाल, कंपनी कार्य मंत्रालय को इस संबंध में लिखित स्पष्टीकरण देना होगा। आईपीओ प्रक्रिया को और सरल बनाने की दिशा में सेबी ने कंपनियों की सार्वजनिक पेशकश के साथ सलंग्न होने वाले दस्तावेजों की जरूरत को भी समाप्त करने की योजना बनाई है। इसके अलावा इश्यू लाने वाली कंपनी और लीड मर्चेंट बैंक के बीच समझौते की प्रति लगाने की जरूरत को भी दूर किया जाएगा।
संक्षिप्त पाठ: सेबी अब प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ऑनलाइन जारी किए जाने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की और संकल्प लिया कि वह इस अधिकार को लेकर ही रहेंगे। उन्होंने हुंकार भरी कि यदि बिहार के 10.5 करोड़ लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज किया जाएगा तो अगले साल दिल्ली के रामलीला मैदान को वह बिहारियों से पाट देंगे। गांधी मैदान में आयोजित अधिकार रैली में लाखों की संख्या में जुटे लोगों को सम्बोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि बिहार ही नहीं विकास के मामले में राष्ट्रीय औसत से नीचे खड़े राज्यों को भी उनका हक मिलना चाहिए और इस सिलसिले में वह सभी से बात करेंगे। वहीं जनता दल (युनाइटेड ) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि बिहार को उसका हक नहीं देने वाली केंद्र सरकार को सत्ता छोड़नी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक बिहार में जात-पात की भावनात्मक बातों पर लोगों का उफान देखा जाता था, लेकिन अब बिहार के लोग विकास के लिए एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा, "मैं केवल बिहार की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि केंद्र सरकार को उन सभी राज्यों को उस समय तक विशेष राज्य के दर्जा के तहत रखना चाहिए जब तक वे विकास सहित अन्य मामलों में राष्ट्रीय औसत तक नहीं पहुंच जाते हैं।" नीतीश ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि अगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें ऐसा फैसला लेना होगा जिसमें उनके बिना दिल्ली में कोई केंद्र सरकार न बने और वह सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए बाध्य हो जाए। इस रैली में उन्होंने जहां बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के लिए तर्क दिए, वहीं बिहार के विकास की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिहार के इतिहास के बिना देश का इतिहास नहीं लिखा जा सकता, उसी प्रकार बिना बिहार के विकास के देश के समावेशी विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई। इसके अलावा राज्य के करीब 1.25 करोड़ लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा गया। नीतीश ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने की बात की जाती है, लेकिन तर्क के आधार पर वह इन कारणों को बदलना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बिहार पर्वतीय राज्य नहीं है, लेकिन हिमालय पर्वत की नदियां प्रत्येक वर्ष यहां बाढ़ का कहर लाती है, सब कुछ बर्बाद हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार अब भी बिहार के साढ़े 10 करोड़ लोगों की आवाज नहीं सुनती है तो मार्च में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया जाएगा और उस मौके पर भी गांधी मैदान की तरह रामलीला मैदान को बिहारियों से पाट दिया जाएगा। शरद यादव ने इस मंच से लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता है तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित इस रैली के माध्यम से बिहार अपने हक के लिए खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब इसी मैदान में जय प्रकाश नारायण खड़ा हुए थे तो इंदिरा गांधी को सत्ता से हटाना पड़ा था और इस बार तो पूरा बिहार खड़ा हो गया है। अगर इनकी मांगें नहीं मानी गईं तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद बिहार की कमर टूट गई, लेकिन इसकी सहायता नहीं की गई। अब यहां के लोग अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को 'घोटालों की सरकार' बताते हुए कहा कि आज जितने बिचौलिए खा रहे हैं, इसमें से थोड़ा भी बिहार को मदद मिल जाए तो वह बिहार को चमन बना देंगे।टिप्पणियां अधिकार रैली में जद (यु) के करीब सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे। गांधी मैदान में आयोजित अधिकार रैली में लाखों की संख्या में जुटे लोगों को सम्बोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि बिहार ही नहीं विकास के मामले में राष्ट्रीय औसत से नीचे खड़े राज्यों को भी उनका हक मिलना चाहिए और इस सिलसिले में वह सभी से बात करेंगे। वहीं जनता दल (युनाइटेड ) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि बिहार को उसका हक नहीं देने वाली केंद्र सरकार को सत्ता छोड़नी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक बिहार में जात-पात की भावनात्मक बातों पर लोगों का उफान देखा जाता था, लेकिन अब बिहार के लोग विकास के लिए एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा, "मैं केवल बिहार की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि केंद्र सरकार को उन सभी राज्यों को उस समय तक विशेष राज्य के दर्जा के तहत रखना चाहिए जब तक वे विकास सहित अन्य मामलों में राष्ट्रीय औसत तक नहीं पहुंच जाते हैं।" नीतीश ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि अगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें ऐसा फैसला लेना होगा जिसमें उनके बिना दिल्ली में कोई केंद्र सरकार न बने और वह सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए बाध्य हो जाए। इस रैली में उन्होंने जहां बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के लिए तर्क दिए, वहीं बिहार के विकास की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिहार के इतिहास के बिना देश का इतिहास नहीं लिखा जा सकता, उसी प्रकार बिना बिहार के विकास के देश के समावेशी विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई। इसके अलावा राज्य के करीब 1.25 करोड़ लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा गया। नीतीश ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने की बात की जाती है, लेकिन तर्क के आधार पर वह इन कारणों को बदलना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बिहार पर्वतीय राज्य नहीं है, लेकिन हिमालय पर्वत की नदियां प्रत्येक वर्ष यहां बाढ़ का कहर लाती है, सब कुछ बर्बाद हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार अब भी बिहार के साढ़े 10 करोड़ लोगों की आवाज नहीं सुनती है तो मार्च में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया जाएगा और उस मौके पर भी गांधी मैदान की तरह रामलीला मैदान को बिहारियों से पाट दिया जाएगा। शरद यादव ने इस मंच से लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता है तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित इस रैली के माध्यम से बिहार अपने हक के लिए खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब इसी मैदान में जय प्रकाश नारायण खड़ा हुए थे तो इंदिरा गांधी को सत्ता से हटाना पड़ा था और इस बार तो पूरा बिहार खड़ा हो गया है। अगर इनकी मांगें नहीं मानी गईं तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद बिहार की कमर टूट गई, लेकिन इसकी सहायता नहीं की गई। अब यहां के लोग अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को 'घोटालों की सरकार' बताते हुए कहा कि आज जितने बिचौलिए खा रहे हैं, इसमें से थोड़ा भी बिहार को मदद मिल जाए तो वह बिहार को चमन बना देंगे।टिप्पणियां अधिकार रैली में जद (यु) के करीब सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक बिहार में जात-पात की भावनात्मक बातों पर लोगों का उफान देखा जाता था, लेकिन अब बिहार के लोग विकास के लिए एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा, "मैं केवल बिहार की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि केंद्र सरकार को उन सभी राज्यों को उस समय तक विशेष राज्य के दर्जा के तहत रखना चाहिए जब तक वे विकास सहित अन्य मामलों में राष्ट्रीय औसत तक नहीं पहुंच जाते हैं।" नीतीश ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि अगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें ऐसा फैसला लेना होगा जिसमें उनके बिना दिल्ली में कोई केंद्र सरकार न बने और वह सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए बाध्य हो जाए। इस रैली में उन्होंने जहां बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के लिए तर्क दिए, वहीं बिहार के विकास की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिहार के इतिहास के बिना देश का इतिहास नहीं लिखा जा सकता, उसी प्रकार बिना बिहार के विकास के देश के समावेशी विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई। इसके अलावा राज्य के करीब 1.25 करोड़ लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा गया। नीतीश ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने की बात की जाती है, लेकिन तर्क के आधार पर वह इन कारणों को बदलना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बिहार पर्वतीय राज्य नहीं है, लेकिन हिमालय पर्वत की नदियां प्रत्येक वर्ष यहां बाढ़ का कहर लाती है, सब कुछ बर्बाद हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार अब भी बिहार के साढ़े 10 करोड़ लोगों की आवाज नहीं सुनती है तो मार्च में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया जाएगा और उस मौके पर भी गांधी मैदान की तरह रामलीला मैदान को बिहारियों से पाट दिया जाएगा। शरद यादव ने इस मंच से लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता है तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित इस रैली के माध्यम से बिहार अपने हक के लिए खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब इसी मैदान में जय प्रकाश नारायण खड़ा हुए थे तो इंदिरा गांधी को सत्ता से हटाना पड़ा था और इस बार तो पूरा बिहार खड़ा हो गया है। अगर इनकी मांगें नहीं मानी गईं तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद बिहार की कमर टूट गई, लेकिन इसकी सहायता नहीं की गई। अब यहां के लोग अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को 'घोटालों की सरकार' बताते हुए कहा कि आज जितने बिचौलिए खा रहे हैं, इसमें से थोड़ा भी बिहार को मदद मिल जाए तो वह बिहार को चमन बना देंगे।टिप्पणियां अधिकार रैली में जद (यु) के करीब सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे। नीतीश ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि अगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें ऐसा फैसला लेना होगा जिसमें उनके बिना दिल्ली में कोई केंद्र सरकार न बने और वह सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए बाध्य हो जाए। इस रैली में उन्होंने जहां बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के लिए तर्क दिए, वहीं बिहार के विकास की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिहार के इतिहास के बिना देश का इतिहास नहीं लिखा जा सकता, उसी प्रकार बिना बिहार के विकास के देश के समावेशी विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई। इसके अलावा राज्य के करीब 1.25 करोड़ लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा गया। नीतीश ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने की बात की जाती है, लेकिन तर्क के आधार पर वह इन कारणों को बदलना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बिहार पर्वतीय राज्य नहीं है, लेकिन हिमालय पर्वत की नदियां प्रत्येक वर्ष यहां बाढ़ का कहर लाती है, सब कुछ बर्बाद हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार अब भी बिहार के साढ़े 10 करोड़ लोगों की आवाज नहीं सुनती है तो मार्च में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया जाएगा और उस मौके पर भी गांधी मैदान की तरह रामलीला मैदान को बिहारियों से पाट दिया जाएगा। शरद यादव ने इस मंच से लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता है तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित इस रैली के माध्यम से बिहार अपने हक के लिए खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब इसी मैदान में जय प्रकाश नारायण खड़ा हुए थे तो इंदिरा गांधी को सत्ता से हटाना पड़ा था और इस बार तो पूरा बिहार खड़ा हो गया है। अगर इनकी मांगें नहीं मानी गईं तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद बिहार की कमर टूट गई, लेकिन इसकी सहायता नहीं की गई। अब यहां के लोग अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को 'घोटालों की सरकार' बताते हुए कहा कि आज जितने बिचौलिए खा रहे हैं, इसमें से थोड़ा भी बिहार को मदद मिल जाए तो वह बिहार को चमन बना देंगे।टिप्पणियां अधिकार रैली में जद (यु) के करीब सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे। इस रैली में उन्होंने जहां बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के लिए तर्क दिए, वहीं बिहार के विकास की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिहार के इतिहास के बिना देश का इतिहास नहीं लिखा जा सकता, उसी प्रकार बिना बिहार के विकास के देश के समावेशी विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई। इसके अलावा राज्य के करीब 1.25 करोड़ लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा गया। नीतीश ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने की बात की जाती है, लेकिन तर्क के आधार पर वह इन कारणों को बदलना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बिहार पर्वतीय राज्य नहीं है, लेकिन हिमालय पर्वत की नदियां प्रत्येक वर्ष यहां बाढ़ का कहर लाती है, सब कुछ बर्बाद हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार अब भी बिहार के साढ़े 10 करोड़ लोगों की आवाज नहीं सुनती है तो मार्च में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया जाएगा और उस मौके पर भी गांधी मैदान की तरह रामलीला मैदान को बिहारियों से पाट दिया जाएगा। शरद यादव ने इस मंच से लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता है तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित इस रैली के माध्यम से बिहार अपने हक के लिए खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब इसी मैदान में जय प्रकाश नारायण खड़ा हुए थे तो इंदिरा गांधी को सत्ता से हटाना पड़ा था और इस बार तो पूरा बिहार खड़ा हो गया है। अगर इनकी मांगें नहीं मानी गईं तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद बिहार की कमर टूट गई, लेकिन इसकी सहायता नहीं की गई। अब यहां के लोग अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को 'घोटालों की सरकार' बताते हुए कहा कि आज जितने बिचौलिए खा रहे हैं, इसमें से थोड़ा भी बिहार को मदद मिल जाए तो वह बिहार को चमन बना देंगे।टिप्पणियां अधिकार रैली में जद (यु) के करीब सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे। नीतीश ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने की बात की जाती है, लेकिन तर्क के आधार पर वह इन कारणों को बदलना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बिहार पर्वतीय राज्य नहीं है, लेकिन हिमालय पर्वत की नदियां प्रत्येक वर्ष यहां बाढ़ का कहर लाती है, सब कुछ बर्बाद हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार अब भी बिहार के साढ़े 10 करोड़ लोगों की आवाज नहीं सुनती है तो मार्च में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया जाएगा और उस मौके पर भी गांधी मैदान की तरह रामलीला मैदान को बिहारियों से पाट दिया जाएगा। शरद यादव ने इस मंच से लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता है तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित इस रैली के माध्यम से बिहार अपने हक के लिए खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब इसी मैदान में जय प्रकाश नारायण खड़ा हुए थे तो इंदिरा गांधी को सत्ता से हटाना पड़ा था और इस बार तो पूरा बिहार खड़ा हो गया है। अगर इनकी मांगें नहीं मानी गईं तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद बिहार की कमर टूट गई, लेकिन इसकी सहायता नहीं की गई। अब यहां के लोग अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को 'घोटालों की सरकार' बताते हुए कहा कि आज जितने बिचौलिए खा रहे हैं, इसमें से थोड़ा भी बिहार को मदद मिल जाए तो वह बिहार को चमन बना देंगे।टिप्पणियां अधिकार रैली में जद (यु) के करीब सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार अब भी बिहार के साढ़े 10 करोड़ लोगों की आवाज नहीं सुनती है तो मार्च में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन किया जाएगा और उस मौके पर भी गांधी मैदान की तरह रामलीला मैदान को बिहारियों से पाट दिया जाएगा। शरद यादव ने इस मंच से लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता है तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित इस रैली के माध्यम से बिहार अपने हक के लिए खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब इसी मैदान में जय प्रकाश नारायण खड़ा हुए थे तो इंदिरा गांधी को सत्ता से हटाना पड़ा था और इस बार तो पूरा बिहार खड़ा हो गया है। अगर इनकी मांगें नहीं मानी गईं तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद बिहार की कमर टूट गई, लेकिन इसकी सहायता नहीं की गई। अब यहां के लोग अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को 'घोटालों की सरकार' बताते हुए कहा कि आज जितने बिचौलिए खा रहे हैं, इसमें से थोड़ा भी बिहार को मदद मिल जाए तो वह बिहार को चमन बना देंगे।टिप्पणियां अधिकार रैली में जद (यु) के करीब सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे। शरद यादव ने इस मंच से लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता है तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित इस रैली के माध्यम से बिहार अपने हक के लिए खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब इसी मैदान में जय प्रकाश नारायण खड़ा हुए थे तो इंदिरा गांधी को सत्ता से हटाना पड़ा था और इस बार तो पूरा बिहार खड़ा हो गया है। अगर इनकी मांगें नहीं मानी गईं तो केंद्र सरकार को जाना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद बिहार की कमर टूट गई, लेकिन इसकी सहायता नहीं की गई। अब यहां के लोग अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को 'घोटालों की सरकार' बताते हुए कहा कि आज जितने बिचौलिए खा रहे हैं, इसमें से थोड़ा भी बिहार को मदद मिल जाए तो वह बिहार को चमन बना देंगे।टिप्पणियां अधिकार रैली में जद (यु) के करीब सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे। अधिकार रैली में जद (यु) के करीब सभी मंत्री, विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे। एक तरफ दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां कांग्रेस की रैली में लगभग 50 हजार लोग जुटे वहीं गांधी मैदान की रैली में डेढ़ से दो लाख लोग पहुंचे।
यह एक सारांश है: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की और संकल्प लिया कि वह इस अधिकार को लेकर ही रहेंगे।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के इस कथित बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई कि उत्तर प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कांग्रेस से होगा जिसका ‘रिमोट राहुल जी के हाथों में होगा।’’ भाजपा ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को सोच समझ कर बोलना चाहिए। पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री का पद एक संवैधानिक पद है। जब रिमोट कंट्रोल जैसे शब्द प्रयुक्त किए जाते हैं तो संवैधानिक पद के लिए सम्मान कहां रहता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस महत्वपूर्ण संस्थानों को सम्मान देने का दावा करती है। उसे (जायसवाल की टिप्पणियों के बारे में) स्पष्टीकरण देना चाहिए।’’ जायसवाल ने कथित तौर पर कहा था, ‘‘उप्र में मुख्यमंत्री जो भी बने, रिमोट राहुल जी के हाथों में होगा।’’ पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री का पद एक संवैधानिक पद है। जब रिमोट कंट्रोल जैसे शब्द प्रयुक्त किए जाते हैं तो संवैधानिक पद के लिए सम्मान कहां रहता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस महत्वपूर्ण संस्थानों को सम्मान देने का दावा करती है। उसे (जायसवाल की टिप्पणियों के बारे में) स्पष्टीकरण देना चाहिए।’’ जायसवाल ने कथित तौर पर कहा था, ‘‘उप्र में मुख्यमंत्री जो भी बने, रिमोट राहुल जी के हाथों में होगा।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के इस कथित बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई कि उत्तर प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कांग्रेस से होगा जिसका ‘रिमोट राहुल जी के हाथों में होगा।’’
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 84.98 अंकों की तेजी के साथ 19,495.82 पर तथा निफ्टी 30.95 अंकों की तेजी के साथ 5,867.90 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 157.95 अंकों की तेजी केसाथ 19,568.79 पर खुला और 84.98 अंकों यानी 0.44 फीसदी की तेजी के साथ 19,495.82 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,640.27 के ऊपरी और 19,477.74 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जिंदल स्टील (3.51 फीसदी), ओएनजीसी (2.25 फीसदी), आरआईएल (2.15 फीसदी), भेल (1.83 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (1.53 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (1.89 फीसदी), गेल (1.74 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.40 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.21 फीसदी) और कोल इंडिया (0.67 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 53.00 अंकों की तेजी के साथ 5,889.95 पर खुला और 30.95 अंकों यानी 0.53 फीसदी की तेजी के साथ 5,867.90 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,900.45 के ऊपरी और 5,858.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 10.92 अंकों की तेजी के साथ 5,991.99 पर और स्मॉलकैप 14.97 अंकों की तेजी के साथ 5,692.05 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (1.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.89 फीसदी), धातु (0.62 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों प्रौद्योगिकी (0.54 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.29 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1189 शेयरों में तेजी और 1152 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 133 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 157.95 अंकों की तेजी केसाथ 19,568.79 पर खुला और 84.98 अंकों यानी 0.44 फीसदी की तेजी के साथ 19,495.82 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,640.27 के ऊपरी और 19,477.74 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जिंदल स्टील (3.51 फीसदी), ओएनजीसी (2.25 फीसदी), आरआईएल (2.15 फीसदी), भेल (1.83 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (1.53 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (1.89 फीसदी), गेल (1.74 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.40 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.21 फीसदी) और कोल इंडिया (0.67 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 53.00 अंकों की तेजी के साथ 5,889.95 पर खुला और 30.95 अंकों यानी 0.53 फीसदी की तेजी के साथ 5,867.90 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,900.45 के ऊपरी और 5,858.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 10.92 अंकों की तेजी के साथ 5,991.99 पर और स्मॉलकैप 14.97 अंकों की तेजी के साथ 5,692.05 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (1.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.89 फीसदी), धातु (0.62 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों प्रौद्योगिकी (0.54 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.29 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1189 शेयरों में तेजी और 1152 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 133 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जिंदल स्टील (3.51 फीसदी), ओएनजीसी (2.25 फीसदी), आरआईएल (2.15 फीसदी), भेल (1.83 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (1.53 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (1.89 फीसदी), गेल (1.74 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.40 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.21 फीसदी) और कोल इंडिया (0.67 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 53.00 अंकों की तेजी के साथ 5,889.95 पर खुला और 30.95 अंकों यानी 0.53 फीसदी की तेजी के साथ 5,867.90 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,900.45 के ऊपरी और 5,858.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 10.92 अंकों की तेजी के साथ 5,991.99 पर और स्मॉलकैप 14.97 अंकों की तेजी के साथ 5,692.05 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (1.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.89 फीसदी), धातु (0.62 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों प्रौद्योगिकी (0.54 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.29 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1189 शेयरों में तेजी और 1152 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 133 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (1.89 फीसदी), गेल (1.74 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.40 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.21 फीसदी) और कोल इंडिया (0.67 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 53.00 अंकों की तेजी के साथ 5,889.95 पर खुला और 30.95 अंकों यानी 0.53 फीसदी की तेजी के साथ 5,867.90 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,900.45 के ऊपरी और 5,858.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 10.92 अंकों की तेजी के साथ 5,991.99 पर और स्मॉलकैप 14.97 अंकों की तेजी के साथ 5,692.05 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (1.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.89 फीसदी), धातु (0.62 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों प्रौद्योगिकी (0.54 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.29 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1189 शेयरों में तेजी और 1152 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 133 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 53.00 अंकों की तेजी के साथ 5,889.95 पर खुला और 30.95 अंकों यानी 0.53 फीसदी की तेजी के साथ 5,867.90 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,900.45 के ऊपरी और 5,858.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 10.92 अंकों की तेजी के साथ 5,991.99 पर और स्मॉलकैप 14.97 अंकों की तेजी के साथ 5,692.05 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (1.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.89 फीसदी), धातु (0.62 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों प्रौद्योगिकी (0.54 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.29 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1189 शेयरों में तेजी और 1152 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 133 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 10.92 अंकों की तेजी के साथ 5,991.99 पर और स्मॉलकैप 14.97 अंकों की तेजी के साथ 5,692.05 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (1.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.89 फीसदी), धातु (0.62 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों प्रौद्योगिकी (0.54 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.29 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1189 शेयरों में तेजी और 1152 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 133 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (1.49 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.89 फीसदी), धातु (0.62 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों प्रौद्योगिकी (0.54 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.29 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1189 शेयरों में तेजी और 1152 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 133 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के दो सेक्टरों प्रौद्योगिकी (0.54 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.29 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1189 शेयरों में तेजी और 1152 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 133 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1189 शेयरों में तेजी और 1152 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 133 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 84.98 अंकों की तेजी के साथ 19,495.82 पर तथा निफ्टी 30.95 अंकों की तेजी के साथ 5,867.90 पर बंद हुआ।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली में रविवार रात चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई 23 वर्षीया युवती की हालत सोमवार को बिगड़ गई। वह जीवन के लिए संघर्ष कर रही है। सामूहिक दुष्कर्म के बाद युवती को उसके पुरुष मित्र के साथ बस से फेंक दिया गया था। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें से एक बस का ड्राइवर है। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस भयानक घटना पर नाराजगी प्रकट की। दोनों पीड़ितों को पुलिस की जीप से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के मुताबिक युवती की हालत नाजुक है, उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है जबकि उसके 28 वर्षीय मित्र को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और पुलिस ने उसका बयान लेकर मामला दर्ज कर दिया है। अस्पताल के प्रवक्ता एसएन मकवाना ने कहा, "मरीज की हालत नाजुक है।" चिकित्सकों ने कहा कि अमानवीय घटना की शिकार हुई पीड़िता के पेट और आंत में गंभीर चोटें आई हैं तथा उसके शरीर पर किसी भोथरी चीज से मारने के निशान हैं। यह घटना रविवार रात उस वक्त हुई जब पैरामेडिकल की एक छात्रा फिल्म देखने के बाद रात 9.15 बजे अपने मित्र के साथ बस में सवार होकर मुनीरका से द्वारका जा रही थी। पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा के मुताबिक लड़की के बस में बैठते ही चालक और कंडक्टर सहित लगभग सात लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। उस बस में और यात्री नहीं थे। छाया शर्मा ने बताया कि युवती के मित्र ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और चार लोगों ने युवती के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, "सात में से चार लोगों ने दुष्कर्म किया। हमने संदिग्धों के स्केच तैयार करवा लिए हैं।" आरोपियों ने मोबाइल छीनने के बाद रात करीब 10.30 बजे युवती और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर में बस से फेंक दिया। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि युवती की इज्जत पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "परिवहन विभाग ने मुझे बताया है कि बस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और व्हाइट लाइन बस के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें से एक बस का ड्राइवर है। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस भयानक घटना पर नाराजगी प्रकट की। दोनों पीड़ितों को पुलिस की जीप से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के मुताबिक युवती की हालत नाजुक है, उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है जबकि उसके 28 वर्षीय मित्र को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और पुलिस ने उसका बयान लेकर मामला दर्ज कर दिया है। अस्पताल के प्रवक्ता एसएन मकवाना ने कहा, "मरीज की हालत नाजुक है।" चिकित्सकों ने कहा कि अमानवीय घटना की शिकार हुई पीड़िता के पेट और आंत में गंभीर चोटें आई हैं तथा उसके शरीर पर किसी भोथरी चीज से मारने के निशान हैं। यह घटना रविवार रात उस वक्त हुई जब पैरामेडिकल की एक छात्रा फिल्म देखने के बाद रात 9.15 बजे अपने मित्र के साथ बस में सवार होकर मुनीरका से द्वारका जा रही थी। पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा के मुताबिक लड़की के बस में बैठते ही चालक और कंडक्टर सहित लगभग सात लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। उस बस में और यात्री नहीं थे। छाया शर्मा ने बताया कि युवती के मित्र ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और चार लोगों ने युवती के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, "सात में से चार लोगों ने दुष्कर्म किया। हमने संदिग्धों के स्केच तैयार करवा लिए हैं।" आरोपियों ने मोबाइल छीनने के बाद रात करीब 10.30 बजे युवती और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर में बस से फेंक दिया। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि युवती की इज्जत पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "परिवहन विभाग ने मुझे बताया है कि बस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और व्हाइट लाइन बस के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" दोनों पीड़ितों को पुलिस की जीप से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के मुताबिक युवती की हालत नाजुक है, उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है जबकि उसके 28 वर्षीय मित्र को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और पुलिस ने उसका बयान लेकर मामला दर्ज कर दिया है। अस्पताल के प्रवक्ता एसएन मकवाना ने कहा, "मरीज की हालत नाजुक है।" चिकित्सकों ने कहा कि अमानवीय घटना की शिकार हुई पीड़िता के पेट और आंत में गंभीर चोटें आई हैं तथा उसके शरीर पर किसी भोथरी चीज से मारने के निशान हैं। यह घटना रविवार रात उस वक्त हुई जब पैरामेडिकल की एक छात्रा फिल्म देखने के बाद रात 9.15 बजे अपने मित्र के साथ बस में सवार होकर मुनीरका से द्वारका जा रही थी। पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा के मुताबिक लड़की के बस में बैठते ही चालक और कंडक्टर सहित लगभग सात लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। उस बस में और यात्री नहीं थे। छाया शर्मा ने बताया कि युवती के मित्र ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और चार लोगों ने युवती के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, "सात में से चार लोगों ने दुष्कर्म किया। हमने संदिग्धों के स्केच तैयार करवा लिए हैं।" आरोपियों ने मोबाइल छीनने के बाद रात करीब 10.30 बजे युवती और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर में बस से फेंक दिया। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि युवती की इज्जत पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "परिवहन विभाग ने मुझे बताया है कि बस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और व्हाइट लाइन बस के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" चिकित्सकों ने कहा कि अमानवीय घटना की शिकार हुई पीड़िता के पेट और आंत में गंभीर चोटें आई हैं तथा उसके शरीर पर किसी भोथरी चीज से मारने के निशान हैं। यह घटना रविवार रात उस वक्त हुई जब पैरामेडिकल की एक छात्रा फिल्म देखने के बाद रात 9.15 बजे अपने मित्र के साथ बस में सवार होकर मुनीरका से द्वारका जा रही थी। पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा के मुताबिक लड़की के बस में बैठते ही चालक और कंडक्टर सहित लगभग सात लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। उस बस में और यात्री नहीं थे। छाया शर्मा ने बताया कि युवती के मित्र ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और चार लोगों ने युवती के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, "सात में से चार लोगों ने दुष्कर्म किया। हमने संदिग्धों के स्केच तैयार करवा लिए हैं।" आरोपियों ने मोबाइल छीनने के बाद रात करीब 10.30 बजे युवती और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर में बस से फेंक दिया। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि युवती की इज्जत पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "परिवहन विभाग ने मुझे बताया है कि बस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और व्हाइट लाइन बस के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" यह घटना रविवार रात उस वक्त हुई जब पैरामेडिकल की एक छात्रा फिल्म देखने के बाद रात 9.15 बजे अपने मित्र के साथ बस में सवार होकर मुनीरका से द्वारका जा रही थी। पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा के मुताबिक लड़की के बस में बैठते ही चालक और कंडक्टर सहित लगभग सात लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। उस बस में और यात्री नहीं थे। छाया शर्मा ने बताया कि युवती के मित्र ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और चार लोगों ने युवती के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, "सात में से चार लोगों ने दुष्कर्म किया। हमने संदिग्धों के स्केच तैयार करवा लिए हैं।" आरोपियों ने मोबाइल छीनने के बाद रात करीब 10.30 बजे युवती और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर में बस से फेंक दिया। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि युवती की इज्जत पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "परिवहन विभाग ने मुझे बताया है कि बस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और व्हाइट लाइन बस के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा के मुताबिक लड़की के बस में बैठते ही चालक और कंडक्टर सहित लगभग सात लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। उस बस में और यात्री नहीं थे। छाया शर्मा ने बताया कि युवती के मित्र ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और चार लोगों ने युवती के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, "सात में से चार लोगों ने दुष्कर्म किया। हमने संदिग्धों के स्केच तैयार करवा लिए हैं।" आरोपियों ने मोबाइल छीनने के बाद रात करीब 10.30 बजे युवती और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर में बस से फेंक दिया। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि युवती की इज्जत पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "परिवहन विभाग ने मुझे बताया है कि बस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और व्हाइट लाइन बस के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" छाया शर्मा ने बताया कि युवती के मित्र ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और चार लोगों ने युवती के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, "सात में से चार लोगों ने दुष्कर्म किया। हमने संदिग्धों के स्केच तैयार करवा लिए हैं।" आरोपियों ने मोबाइल छीनने के बाद रात करीब 10.30 बजे युवती और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर में बस से फेंक दिया। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि युवती की इज्जत पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "परिवहन विभाग ने मुझे बताया है कि बस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और व्हाइट लाइन बस के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" आरोपियों ने मोबाइल छीनने के बाद रात करीब 10.30 बजे युवती और उसके मित्र को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर में बस से फेंक दिया। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि युवती की इज्जत पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "परिवहन विभाग ने मुझे बताया है कि बस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और व्हाइट लाइन बस के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि युवती की इज्जत पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "परिवहन विभाग ने मुझे बताया है कि बस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और व्हाइट लाइन बस के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री किरण वालिया ने मुख्यमंत्री की बात दोहराते हुए कहा, "किसी को नहीं बख्शा जाएगा। यह बेहद शर्मनाक घटना है, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"टिप्पणियां राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर मुनीरका जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना हो जाती है तो इसका मतलब है कि पुलिस सतर्क नहीं है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।" भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस इस तरह की घटनाओं की जांच कर पाने के योग्य है जो कि दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार राजधानी की कानून व्यवस्था के साथ बेहद गैरजिम्मेराना तरीके से निपट रही है।"
यहाँ एक सारांश है:घटना साउथ दिल्ली के महिपालपुर इलाके की है, जहां एक प्राइवेट बस में लड़की के साथ गैंगरेप हुआ और उसे महिपालपुर फ्लाईओवर के पास बस से फेंक दिया गया। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 12 जून को लॉन्च किए जाने से पहले Xiaomi Mi 9T के बारे में इंटरनेट पर जानकारी लीक हुई है। इस बार फोन को फिलिपिंस में बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। एक यूट्यबरर ने इस फोन का अनबॉक्सिंग वीडियो भी ज़ारी किया है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह शख्स फोन को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किए जाने से पहले खरीदने में सफल रहा है। ताज़ा जानकारियां तो यही इशारा देती हैं कि Xiaomi Mi 9T वाकई में Redmi K20 का ही एक रीब्रांडेड वेरिएंट होगा। फिलिपिंस की वेबसाइट Revu के मुताबिक, कई अनाधिकारिक सेलर्स अभी तक लॉन्च नहीं हुए Xiaomi Mi 9T स्मार्टफोन को फिलिपिंस में बेच रहे हैं। फोन को करीब 25,500 रुपये से करीब 28,100 रुपये के बीच बेचा जा रहा है। ध्यान रहे कि यह आधिकारिक कीमतें नहीं हैं। ग्रे-मार्केट सेलर्स ने फेसबुक पर मी 9टी के रिटेल यूनिट की तस्वीरें भी साझा की हैं। ताकि इच्छुक ग्राहकों को लगे कि फोन वाकई में उपलब्ध है। लीक हुआ रिटेल बॉक्स पुराने दावों की ही पुष्टि करता है। इसके अलावा “Mitch002 Xiaomi Review” चैनल नाम वाले एक यूट्यूबर ने मी 9टी के रिटेल यूनिट के कई वीडियो साझा किए हैं। एक वीडियो में इस फोन की तुलना रेडमी के20 प्रो से की गई है। इस फोन के कई फीचर और डिज़ाइन Redmi K20 से मेल खाते हैं। वीडियो से खुलासा हुआ है कि Mi 9T वाकई में Redmi K20 का रीब्रांडेड वर्ज़न होगा। लेकिन Mi 9T में पिछले हिस्से पर रेडमी के20 वाला फ्लेम्ड टेक्सचर फिनिश नहीं है। फिलहाल, Mi 9T Pro स्मार्टफोन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। डुअल-सिम (नैनो) वाला रेडमी के20 प्रो स्मार्टफोन एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलता है। फोन में 6.39 इंच का एमोलेड फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) स्क्रीन है, इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5: 9 आस्पेक्ट रेशियो है। स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो 91.9 प्रतिशत है। Redmi K20 में स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। साथ ही इसमें 8 जीबी तक रैम है। अब बात कैमरा सेटअप की। Redmi ब्रांड के इस फोन में तीन रियर कैमरे हैं, 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा है जो सोनी आईएमएक्स586 सेंसर से लैस है और इसका अपर्चर एफ/1.75 है। 13 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा है, वाइड-एंगल लेंस के साथ और तीसरा सेंसर 8 मेगापिक्सल का है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 20 मेगापिक्सल का पॉप-अप सेल्फी कैमरा दिया गया है। रेडमी के20 में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी है जो 18 वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट से लैस है। फोटो, वीडियो और अन्य चीजों को सेव करने के लिए 256 जीबी तक स्टोरेज है, माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज को 512 जीबी तक बढ़ाना संभव है। फोन की लंबाई-चौड़ाई 156.7x74.3x8.8 मिलीमीटर और वज़न 191 ग्राम है।
सारांश: Xiaomi Mi 9T वाकई में Redmi K20 का ही एक रीब्रांडेड वेरिएंट होगा रेडमी के20 को पहले ही चीनी मार्केट में लॉन्च किया जा चुका है Mi 9T Pro स्मार्टफोन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चार लोकसभा और छह विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं। लोकसभा की जिन चार सीटों के लिए मतदान हो रहा है, वे हैं- बिहार में महाराजगंज, पश्चिम बंगाल में हावड़ा और गुजरात में पोरबंदर तथा बनासकांठा। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की छह विधानसभा सीटों पर भी वोट डाले जा रहे हैं। महाराजगंज का चुनाव बिहार के दो बड़े नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के लिए नाक का सवाल बन गया है। लालू यादव ने जहां मैदान में पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उतारा है, वहीं जेडीयू ने पीके शाही को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की छह विधानसभा सीटों पर भी वोट डाले जा रहे हैं। महाराजगंज का चुनाव बिहार के दो बड़े नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के लिए नाक का सवाल बन गया है। लालू यादव ने जहां मैदान में पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उतारा है, वहीं जेडीयू ने पीके शाही को उम्मीदवार बनाया है।
यह एक सारांश है: लोकसभा की जिन चार सीटों के लिए मतदान हो रहा है, वे हैं- बिहार में महाराजगंज, पश्चिम बंगाल में हावड़ा और गुजरात में पोरबंदर तथा बनासकांठा। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की छह विधानसभा सीटों पर भी वोट डाले जा रहे हैं।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने योग गुरु रामदेव पर उनके उस बयान पर तंज कसा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की आबादी नियंत्रित करने के लिए 'तीसरे बच्चे को वोट का अधिकार छीन लेना चाहिए.' ओवैसी ने तंज भरा ट्वीट करते हुए रामदेव पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल इसलिए अपना वोट का अधिकार नहीं खोना चाहिए क्योंकि वह अपने माता-पिता के तीसरे बच्चे हैं.  ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'लोगों को असंवैधानिक बातें कहने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है, लेकिन रामदेव के विचारों पर अनुचित ध्यान क्यों दिया जाता है? वह अपने पेट के साथ कुछ कर सकते हैं या अपने पैरों को घुमा सकते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि नरेंद्र मोदी अपना वोट देने का अधिकार सिर्फ इसलिए खो दें, क्योंकि वह तीसरी संतान हैं.' बता दें, पीएम मोदी दामोदरदास मोदी और हीराबा मोदी की तीसरी संतान हैं. पीएम मोदी का गुजरात के वाडनगर में 17 सितंबर 1950 में जन्म हुआ था. योग गुरु रामदेव ने रविवार को देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिये कानून लाये जाने की वकालत करते हुए कहा था कि दो बच्चों के बाद पैदा होने वाले बच्चे को मताधिकार, चुनाव लड़ने के अधिकार तथा अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना चाहिए. हरिद्वार में एक संवाददाता सम्मेलन में स्वामी रामदेव ने कहा था कि जिस तरह से देश की जनसंख्या बढ़ रही है उसके लिये भारत तैयार नहीं है और किसी भी दशा में भारत की आबादी 150 करोड से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. साथ ही स्वामी रामदेव ने कहा था, 'यह तभी हो सकता है जब देश में ऐसा कानून बने कि जो भी दो से ज्यादा बच्चे पैदा करे तो उसके बच्चे को वोट देने का अधिकार न हो, चुनाव लड़ने का अधिकार न हो और सरकार की ओर से जो सुविधायें दी जाती हैं, उन सभी सुविधाओं से उसे वंचित कर दिया जाये.' ओवैसी ने रविवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल जुबानी बातें करते हैं कि अल्पसंख्यक भय के वातावरण में जी रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे और उनकी पार्टी भाजपा पिछले पांच साल से यह 'पाखंड' कर रही है. प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले कहा था कि अल्पसंख्यक भय के वातारवरण में हैं और उन्होंने इसे दूर करने का आह्वान किया था। इस पर ओवैसी ने कहा कि मोदी संकेत नहीं दे रहे, बल्कि इस मुद्दे ने उनको 'एक्सपोज' कर दिया है.  उन्होंने मीडिया से कहा कि अगर मोदी उन गिरोहों पर लगाम लगाते हैं जो गाय के नाम पर मुस्लिमों को पीटते हैं और उनकी हत्या करते हैं तो अल्पसंख्यकों में भय अपने आप दूर हो जाएगा. मध्य प्रदेश में हाल में गाय के मुद्दे पर मुस्लिमों को पीटने की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत से इन संगठनों का मनोबल मजबूत हुआ है और अब कोई इनको रोक नहीं सकता. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो कि संविधान की शपथ लेंगे, उन्हें जानना चाहिए कि जीने का आधिकार मानव के लिए है, न कि पशुओं के लिए.  उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री इस मूलभूत चीज को समझ लेंगे तो भय अपने आप दूर हो जाएगा, लेकिन भाजपा मौलिक अधिकार को पसंद नहीं करती. ओवैसी ने गाय के नाम पर अल्पसंख्यकों को पीटने और हत्या करने वालों को भष्मासुर करार दिया.
सारांश: बाबा रामदेव ने बताया आबादी नियंत्रित करने का तरीका कहा- दो के बाद तीसरे बच्चों को नहीं मिले मताधिकार का अधिकार ओवैसी बोले- 'लोगों को असंवैधानिक बातें कहने से रोकने का कोई कानून नहीं'
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महिलाएं घर से बाहर निकलें तो सिर ढंकें और मोबाइल साथ लेकर ना जाएं। 36 बिरादरियों की पंचायत ने यह 'फरमान' जारी किया है।टिप्पणियां बागपत में 40 साल से कम की लड़कियां अगर बाज़ार जाती हैं तो अपने साथ मोबाइल नहीं ले जा सकतीं। असारा गांव में बैठी खाप पंचायत ने यह फ़ैसला किया है। इस खाप में 36 बिरादरियों के शामिल होने की बात कही जा रही है। खाप ने कहा है कि लड़कियां घर से बाहर निकलें तो सिर ढंककर निकलें। लड़कियां शाम ढले अपने घर से निकलें भी नहीं। पंचायत की शिकायत है कि लड़कियां बाज़ार जाने के बहाने अपने प्रेमी के साथ भाग जाती हैं। पंचायत का कहना है जो प्रेम विवाह करना चाहता है गांव छोड़कर चला जाए। बागपत में 40 साल से कम की लड़कियां अगर बाज़ार जाती हैं तो अपने साथ मोबाइल नहीं ले जा सकतीं। असारा गांव में बैठी खाप पंचायत ने यह फ़ैसला किया है। इस खाप में 36 बिरादरियों के शामिल होने की बात कही जा रही है। खाप ने कहा है कि लड़कियां घर से बाहर निकलें तो सिर ढंककर निकलें। लड़कियां शाम ढले अपने घर से निकलें भी नहीं। पंचायत की शिकायत है कि लड़कियां बाज़ार जाने के बहाने अपने प्रेमी के साथ भाग जाती हैं। पंचायत का कहना है जो प्रेम विवाह करना चाहता है गांव छोड़कर चला जाए। इस खाप में 36 बिरादरियों के शामिल होने की बात कही जा रही है। खाप ने कहा है कि लड़कियां घर से बाहर निकलें तो सिर ढंककर निकलें। लड़कियां शाम ढले अपने घर से निकलें भी नहीं। पंचायत की शिकायत है कि लड़कियां बाज़ार जाने के बहाने अपने प्रेमी के साथ भाग जाती हैं। पंचायत का कहना है जो प्रेम विवाह करना चाहता है गांव छोड़कर चला जाए।
यह एक सारांश है: महिलाएं घर से बाहर निकलें तो सिर ढंकें और मोबाइल साथ लेकर न जाएं। 36 बिरादरियों की पंचायत ने यह 'फरमान' जारी किया है।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर ने भ्रष्टाचार के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक विशेष न्यायाधीश को निलम्बित कर दिया है। सीबीआई के अतिरिक्त जज टी. पट्टाभी रामाराव ने ओएमसी अवैध खनन मामले में मुख्य आरोपी व कर्नाटक के पूर्व मंत्री गली जनार्दन रेड्डी को जमानत देने के एवज में कथिततौपर पांच करोड़ रुपये लिए थे। रामाराव ने 12 मई को रेड्डी को जमानत दी थी। लेकिन वह अवैध खनन के एक और मामले में बेंगलुरू जेल में बंद रहे।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई की ओर से शिकायत दाखिल करने के बाद गुरुवार को मुख्य न्यायमूर्ति ने जज के खिलाफ यह कार्रवाई की। सीबीआई ने पाया कि रिश्वत का पैसा जज के परिजनों के बैंक लॉकरों में छुपाकर रखा गया है। सीबीआई के अतिरिक्त जज टी. पट्टाभी रामाराव ने ओएमसी अवैध खनन मामले में मुख्य आरोपी व कर्नाटक के पूर्व मंत्री गली जनार्दन रेड्डी को जमानत देने के एवज में कथिततौपर पांच करोड़ रुपये लिए थे। रामाराव ने 12 मई को रेड्डी को जमानत दी थी। लेकिन वह अवैध खनन के एक और मामले में बेंगलुरू जेल में बंद रहे।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई की ओर से शिकायत दाखिल करने के बाद गुरुवार को मुख्य न्यायमूर्ति ने जज के खिलाफ यह कार्रवाई की। सीबीआई ने पाया कि रिश्वत का पैसा जज के परिजनों के बैंक लॉकरों में छुपाकर रखा गया है। रामाराव ने 12 मई को रेड्डी को जमानत दी थी। लेकिन वह अवैध खनन के एक और मामले में बेंगलुरू जेल में बंद रहे।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई की ओर से शिकायत दाखिल करने के बाद गुरुवार को मुख्य न्यायमूर्ति ने जज के खिलाफ यह कार्रवाई की। सीबीआई ने पाया कि रिश्वत का पैसा जज के परिजनों के बैंक लॉकरों में छुपाकर रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई की ओर से शिकायत दाखिल करने के बाद गुरुवार को मुख्य न्यायमूर्ति ने जज के खिलाफ यह कार्रवाई की। सीबीआई ने पाया कि रिश्वत का पैसा जज के परिजनों के बैंक लॉकरों में छुपाकर रखा गया है। सीबीआई ने पाया कि रिश्वत का पैसा जज के परिजनों के बैंक लॉकरों में छुपाकर रखा गया है।
संक्षिप्त सारांश: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर ने भ्रष्टाचार के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक विशेष न्यायाधीश को निलम्बित कर दिया है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा समर्थकों द्वारा मंगलवार को बजट सत्र के पहले दिन के बहिष्कार का फैसला किए जाने के साथ ही सत्तारूढ़ भाजपा के लिए संकट और गहरा गया है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने हालांकि यह कहा है कि वह संकट के समाधान के लिए दूत भेजेगा लेकिन इसके बावजूद येदियुरप्पा के वफादारों ने एक निजी रिसोर्ट में ठहरे रहने का फैसला किया है जहां वे रविवार से रुके हुए हैं। बहिष्कार के फैसले के बीच उन्होंने दो मंत्रियों जगदीश शेट्टर तथा सीएम उडासी और विधायकों लक्ष्मीनारायण तथा चंद्रकांत बेल्लाड को सत्र में जाने देने का निर्णय किया है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने संकट के समाधान के लिए वर्तमान बजट सत्र के बाद एक दूत नियुक्त करने का फैसला किया था। इस आश्वासन ने मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को कल बिना किसी बाधा के अपना पहला बजट पेश करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। जल संसाधन मंत्री एवं येदियुरप्पा के वफादार बासवराज बोमई ने यहां निजी रिसोर्ट में संवाददाताओं से कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए अपना दूत भेजेगा और गौड़ा कल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपना बजट पेश करेंगे।’ बोमई ने कहा कि समूह ने मांग की है कि नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए पार्टी विधायक दल की बैठक आयोजित करे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व, खासकर भाजपा महासचिव अरुण जेटली लगातार बीएस येदियुरप्पा के संपर्क में हैं और उनसे मुद्दे पर व्यापक चर्चा की है।टिप्पणियां बोमई ने कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा से बीजे पुट्टास्वामी के निलंबन आदेश को वापस लेने का आग्रह किया जिन्होंने बागी उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। बोमई ने कहा कि भाजपा के पास विधानसभा सदन में संख्या बल है, उन्होंने पुट्टास्वामी को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारा है। ‘हम उन्हें बागी उम्मीदवार नहीं मानते।’ इस बीच, गौड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें कल बजट पेश करने के लिए अधिकृत किया है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने हालांकि यह कहा है कि वह संकट के समाधान के लिए दूत भेजेगा लेकिन इसके बावजूद येदियुरप्पा के वफादारों ने एक निजी रिसोर्ट में ठहरे रहने का फैसला किया है जहां वे रविवार से रुके हुए हैं। बहिष्कार के फैसले के बीच उन्होंने दो मंत्रियों जगदीश शेट्टर तथा सीएम उडासी और विधायकों लक्ष्मीनारायण तथा चंद्रकांत बेल्लाड को सत्र में जाने देने का निर्णय किया है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने संकट के समाधान के लिए वर्तमान बजट सत्र के बाद एक दूत नियुक्त करने का फैसला किया था। इस आश्वासन ने मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को कल बिना किसी बाधा के अपना पहला बजट पेश करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। जल संसाधन मंत्री एवं येदियुरप्पा के वफादार बासवराज बोमई ने यहां निजी रिसोर्ट में संवाददाताओं से कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए अपना दूत भेजेगा और गौड़ा कल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपना बजट पेश करेंगे।’ बोमई ने कहा कि समूह ने मांग की है कि नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए पार्टी विधायक दल की बैठक आयोजित करे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व, खासकर भाजपा महासचिव अरुण जेटली लगातार बीएस येदियुरप्पा के संपर्क में हैं और उनसे मुद्दे पर व्यापक चर्चा की है।टिप्पणियां बोमई ने कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा से बीजे पुट्टास्वामी के निलंबन आदेश को वापस लेने का आग्रह किया जिन्होंने बागी उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। बोमई ने कहा कि भाजपा के पास विधानसभा सदन में संख्या बल है, उन्होंने पुट्टास्वामी को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारा है। ‘हम उन्हें बागी उम्मीदवार नहीं मानते।’ इस बीच, गौड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें कल बजट पेश करने के लिए अधिकृत किया है। बहिष्कार के फैसले के बीच उन्होंने दो मंत्रियों जगदीश शेट्टर तथा सीएम उडासी और विधायकों लक्ष्मीनारायण तथा चंद्रकांत बेल्लाड को सत्र में जाने देने का निर्णय किया है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने संकट के समाधान के लिए वर्तमान बजट सत्र के बाद एक दूत नियुक्त करने का फैसला किया था। इस आश्वासन ने मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को कल बिना किसी बाधा के अपना पहला बजट पेश करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। जल संसाधन मंत्री एवं येदियुरप्पा के वफादार बासवराज बोमई ने यहां निजी रिसोर्ट में संवाददाताओं से कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए अपना दूत भेजेगा और गौड़ा कल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपना बजट पेश करेंगे।’ बोमई ने कहा कि समूह ने मांग की है कि नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए पार्टी विधायक दल की बैठक आयोजित करे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व, खासकर भाजपा महासचिव अरुण जेटली लगातार बीएस येदियुरप्पा के संपर्क में हैं और उनसे मुद्दे पर व्यापक चर्चा की है।टिप्पणियां बोमई ने कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा से बीजे पुट्टास्वामी के निलंबन आदेश को वापस लेने का आग्रह किया जिन्होंने बागी उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। बोमई ने कहा कि भाजपा के पास विधानसभा सदन में संख्या बल है, उन्होंने पुट्टास्वामी को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारा है। ‘हम उन्हें बागी उम्मीदवार नहीं मानते।’ इस बीच, गौड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें कल बजट पेश करने के लिए अधिकृत किया है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने संकट के समाधान के लिए वर्तमान बजट सत्र के बाद एक दूत नियुक्त करने का फैसला किया था। इस आश्वासन ने मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को कल बिना किसी बाधा के अपना पहला बजट पेश करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। जल संसाधन मंत्री एवं येदियुरप्पा के वफादार बासवराज बोमई ने यहां निजी रिसोर्ट में संवाददाताओं से कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए अपना दूत भेजेगा और गौड़ा कल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपना बजट पेश करेंगे।’ बोमई ने कहा कि समूह ने मांग की है कि नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए पार्टी विधायक दल की बैठक आयोजित करे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व, खासकर भाजपा महासचिव अरुण जेटली लगातार बीएस येदियुरप्पा के संपर्क में हैं और उनसे मुद्दे पर व्यापक चर्चा की है।टिप्पणियां बोमई ने कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा से बीजे पुट्टास्वामी के निलंबन आदेश को वापस लेने का आग्रह किया जिन्होंने बागी उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। बोमई ने कहा कि भाजपा के पास विधानसभा सदन में संख्या बल है, उन्होंने पुट्टास्वामी को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारा है। ‘हम उन्हें बागी उम्मीदवार नहीं मानते।’ इस बीच, गौड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें कल बजट पेश करने के लिए अधिकृत किया है। जल संसाधन मंत्री एवं येदियुरप्पा के वफादार बासवराज बोमई ने यहां निजी रिसोर्ट में संवाददाताओं से कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए अपना दूत भेजेगा और गौड़ा कल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपना बजट पेश करेंगे।’ बोमई ने कहा कि समूह ने मांग की है कि नेतृत्व मुद्दे के समाधान के लिए पार्टी विधायक दल की बैठक आयोजित करे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व, खासकर भाजपा महासचिव अरुण जेटली लगातार बीएस येदियुरप्पा के संपर्क में हैं और उनसे मुद्दे पर व्यापक चर्चा की है।टिप्पणियां बोमई ने कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा से बीजे पुट्टास्वामी के निलंबन आदेश को वापस लेने का आग्रह किया जिन्होंने बागी उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। बोमई ने कहा कि भाजपा के पास विधानसभा सदन में संख्या बल है, उन्होंने पुट्टास्वामी को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारा है। ‘हम उन्हें बागी उम्मीदवार नहीं मानते।’ इस बीच, गौड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें कल बजट पेश करने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व, खासकर भाजपा महासचिव अरुण जेटली लगातार बीएस येदियुरप्पा के संपर्क में हैं और उनसे मुद्दे पर व्यापक चर्चा की है।टिप्पणियां बोमई ने कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा से बीजे पुट्टास्वामी के निलंबन आदेश को वापस लेने का आग्रह किया जिन्होंने बागी उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। बोमई ने कहा कि भाजपा के पास विधानसभा सदन में संख्या बल है, उन्होंने पुट्टास्वामी को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारा है। ‘हम उन्हें बागी उम्मीदवार नहीं मानते।’ इस बीच, गौड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें कल बजट पेश करने के लिए अधिकृत किया है। बोमई ने कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा से बीजे पुट्टास्वामी के निलंबन आदेश को वापस लेने का आग्रह किया जिन्होंने बागी उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। बोमई ने कहा कि भाजपा के पास विधानसभा सदन में संख्या बल है, उन्होंने पुट्टास्वामी को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारा है। ‘हम उन्हें बागी उम्मीदवार नहीं मानते।’ इस बीच, गौड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें कल बजट पेश करने के लिए अधिकृत किया है। बोमई ने कहा कि भाजपा के पास विधानसभा सदन में संख्या बल है, उन्होंने पुट्टास्वामी को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारा है। ‘हम उन्हें बागी उम्मीदवार नहीं मानते।’ इस बीच, गौड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें कल बजट पेश करने के लिए अधिकृत किया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा समर्थकों द्वारा मंगलवार को बजट सत्र के पहले दिन के बहिष्कार का फैसला किए जाने के साथ ही सत्तारूढ़ भाजपा के लिए संकट और गहरा गया है।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पत्र में सभी मदरसा संचालकों को कार्यक्रम के वीडियो और फोटोग्राफी कराने के भी निर्देश दिए गए हैं. इसकी वजह ये बताई गई है कि इस कार्यक्रम के फोटोग्राफ और वीडियो से आने वाले समय में भी ऐसे ही कार्यक्रम कराए जा सकेंगे.  यह पत्र उत्तर प्रदेश मदरसा परिषद के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता की ओर से जारी किया गया है. पत्र जारी करने वाले गुप्ता ने बताया, "यह आदेश सही है. इस तरह का लेटर पहली बार जारी नहीं किया गया है. समय-समय पर इसे जारी किया जाता है. मैं मदरसा शिक्षा परिषद का रजिस्ट्रार हूं तो लेटर जारी करना मेरी जिम्मेदारी है. इसे राजनीति से जोड़कर देखना सही नहीं है." यह पत्र उत्तर प्रदेश मदरसा परिषद के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता की ओर से जारी किया गया है. पत्र जारी करने वाले गुप्ता ने बताया, "यह आदेश सही है. इस तरह का लेटर पहली बार जारी नहीं किया गया है. समय-समय पर इसे जारी किया जाता है. मैं मदरसा शिक्षा परिषद का रजिस्ट्रार हूं तो लेटर जारी करना मेरी जिम्मेदारी है. इसे राजनीति से जोड़कर देखना सही नहीं है."
यह एक सारांश है: योगी सरकार की ओर से जारी फरमान मदरसों में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित करने के संबंध में कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग और तस्वीर साझा करने की बात कही
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) की जांच कर रही संसद की एक प्रमुख समिति आयकर छूट सीमा बढ़ाकर 3 लाख करने की सिफारिश कर सकती है। साथ ही समिति 2.5 लाख रुपये तक के निवेश पर कर छूट देने का भी प्रस्ताव रख सकती है। भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त पर संसद की स्थायी समिति की बैठक के बाद सूत्रों ने कहा, ‘‘इस बात पर सदस्यों के बीच सहमति है कि सालाना कर छूट सीमा को बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जाए।’’ सूत्रों के अनुसार ऊंची मुद्रास्फीति से परेशान लोगों को राहत देने के लिए आयकर छूट सीमा को मौजूदा 1.8 लाख रुपये से बढ़ाने की जरूरत है। फिलहाल, विर्निदिष्ट क्षेत्रों में एक लाख रुपये तक के निवेश पर कर छूट मिलता है। इसके अलावा बुनियादी ढांचा बांड पर 20,000 रुपये तक के निवेश पर भी कर छूट मिलता है।टिप्पणियां वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने 2 मार्च को डीटीसी पर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने का निर्णय किया है, ताकि संसद 12 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र में प्रत्यक्ष कर व्यवस्था पर महत्वकांक्षी सुधार पर विचार कर सके। सूत्रों के अनुसार, ‘‘समिति संसद को अपनी रिपोर्ट मार्च के तीसरे सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।’’ प्रस्तावित प्रत्यक्ष कर संहिता में आयकर छूट सीमा 2 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। साथ ही कर स्लैब में संशोधन का भी प्रस्ताव है। फिलहाल, 1.80 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक पर 10 प्रतिशत, 5 से 8 लाख पर 20 प्रतिशत तथा 8 लाख रुपये से उपर की आय पर 30 प्रतिशत कर लगता है। डीटीसी आयकर कानून, 1961 का स्थान लेगा। इसे अगस्त, 2010 में समिति को सौंपा गया था। कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को वित्तमंत्री को सौंपी अपनी मांग में ‘सभी को खुश करने वाला’ बजट बनाने तथा आयकर स्लैब बढ़ाने की बात रखी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त पर संसद की स्थायी समिति की बैठक के बाद सूत्रों ने कहा, ‘‘इस बात पर सदस्यों के बीच सहमति है कि सालाना कर छूट सीमा को बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जाए।’’ सूत्रों के अनुसार ऊंची मुद्रास्फीति से परेशान लोगों को राहत देने के लिए आयकर छूट सीमा को मौजूदा 1.8 लाख रुपये से बढ़ाने की जरूरत है। फिलहाल, विर्निदिष्ट क्षेत्रों में एक लाख रुपये तक के निवेश पर कर छूट मिलता है। इसके अलावा बुनियादी ढांचा बांड पर 20,000 रुपये तक के निवेश पर भी कर छूट मिलता है।टिप्पणियां वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने 2 मार्च को डीटीसी पर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने का निर्णय किया है, ताकि संसद 12 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र में प्रत्यक्ष कर व्यवस्था पर महत्वकांक्षी सुधार पर विचार कर सके। सूत्रों के अनुसार, ‘‘समिति संसद को अपनी रिपोर्ट मार्च के तीसरे सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।’’ प्रस्तावित प्रत्यक्ष कर संहिता में आयकर छूट सीमा 2 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। साथ ही कर स्लैब में संशोधन का भी प्रस्ताव है। फिलहाल, 1.80 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक पर 10 प्रतिशत, 5 से 8 लाख पर 20 प्रतिशत तथा 8 लाख रुपये से उपर की आय पर 30 प्रतिशत कर लगता है। डीटीसी आयकर कानून, 1961 का स्थान लेगा। इसे अगस्त, 2010 में समिति को सौंपा गया था। कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को वित्तमंत्री को सौंपी अपनी मांग में ‘सभी को खुश करने वाला’ बजट बनाने तथा आयकर स्लैब बढ़ाने की बात रखी है। वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने 2 मार्च को डीटीसी पर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने का निर्णय किया है, ताकि संसद 12 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र में प्रत्यक्ष कर व्यवस्था पर महत्वकांक्षी सुधार पर विचार कर सके। सूत्रों के अनुसार, ‘‘समिति संसद को अपनी रिपोर्ट मार्च के तीसरे सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।’’ प्रस्तावित प्रत्यक्ष कर संहिता में आयकर छूट सीमा 2 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। साथ ही कर स्लैब में संशोधन का भी प्रस्ताव है। फिलहाल, 1.80 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक पर 10 प्रतिशत, 5 से 8 लाख पर 20 प्रतिशत तथा 8 लाख रुपये से उपर की आय पर 30 प्रतिशत कर लगता है। डीटीसी आयकर कानून, 1961 का स्थान लेगा। इसे अगस्त, 2010 में समिति को सौंपा गया था। कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को वित्तमंत्री को सौंपी अपनी मांग में ‘सभी को खुश करने वाला’ बजट बनाने तथा आयकर स्लैब बढ़ाने की बात रखी है। फिलहाल, 1.80 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक पर 10 प्रतिशत, 5 से 8 लाख पर 20 प्रतिशत तथा 8 लाख रुपये से उपर की आय पर 30 प्रतिशत कर लगता है। डीटीसी आयकर कानून, 1961 का स्थान लेगा। इसे अगस्त, 2010 में समिति को सौंपा गया था। कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को वित्तमंत्री को सौंपी अपनी मांग में ‘सभी को खुश करने वाला’ बजट बनाने तथा आयकर स्लैब बढ़ाने की बात रखी है।
यह एक सारांश है: प्रत्यक्ष कर संहिता की जांच कर रही संसद की एक प्रमुख समिति आयकर छूट सीमा बढ़ाकर 3 लाख करने की सिफारिश कर सकती है।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होने के बावजूद उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड जारी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं हरियाणा में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू एवं तापमान लगातार शून्य से नीचे चल रहा है। दिल्ली में शनिवार सुबह करीब एक हफ्ते तक चले घने कोहरे के दौर के बाद आसमान साफ रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से कम होने के बावजूद धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 5.4 डिग्री सेल्सियस था। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अधिकारी ने बताया कि राजधानी में ठंडी हवाओं का दौर फिलहाल जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में लगातार दूसरे दिन शनिवार को तेज धूप खिलने से लोगों को सर्दी से राहत मिली। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय इलाकों से आने वाली सर्द हवाओं का असर कुछ कम हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित ज्यादतर इलाकों में सर्द हवाओं का दौर जारी है लेकिन तेज धूप निकलने से दिन के समय उनका असर उतना नहीं महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि शनिवार सुबह लखनऊ का तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया जो सामान्य से दो डिग्री कम था। कश्मीर घाटी व लद्दाख क्षेत्र में शनिवार को सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। मौसम कार्यालय ने अगले सप्ताह और हिमपात होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। स्थानीय मौसम कार्यालय के निदेशक सोनम लोटस ने यहां बताया, "घाटी व लद्दाख क्षेत्र में रात को आकाश साफ रहने से सर्द हवाएं तेज हो गई हैं। लेह में शनिवार को इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान शून्य से 21.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। करगिल में शून्य से 21 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे व पहलगाम में शून्य से 16.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।" लोटस ने बताया कि 23 से 26 जनवरी के बीच घाटी में और हिमपात होने की सम्भावना है। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर भागों में शनिवार को भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। दिल्ली में शनिवार सुबह करीब एक हफ्ते तक चले घने कोहरे के दौर के बाद आसमान साफ रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से कम होने के बावजूद धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 5.4 डिग्री सेल्सियस था। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अधिकारी ने बताया कि राजधानी में ठंडी हवाओं का दौर फिलहाल जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में लगातार दूसरे दिन शनिवार को तेज धूप खिलने से लोगों को सर्दी से राहत मिली। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय इलाकों से आने वाली सर्द हवाओं का असर कुछ कम हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित ज्यादतर इलाकों में सर्द हवाओं का दौर जारी है लेकिन तेज धूप निकलने से दिन के समय उनका असर उतना नहीं महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि शनिवार सुबह लखनऊ का तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया जो सामान्य से दो डिग्री कम था। कश्मीर घाटी व लद्दाख क्षेत्र में शनिवार को सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। मौसम कार्यालय ने अगले सप्ताह और हिमपात होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। स्थानीय मौसम कार्यालय के निदेशक सोनम लोटस ने यहां बताया, "घाटी व लद्दाख क्षेत्र में रात को आकाश साफ रहने से सर्द हवाएं तेज हो गई हैं। लेह में शनिवार को इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान शून्य से 21.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। करगिल में शून्य से 21 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे व पहलगाम में शून्य से 16.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।" लोटस ने बताया कि 23 से 26 जनवरी के बीच घाटी में और हिमपात होने की सम्भावना है। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर भागों में शनिवार को भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 5.4 डिग्री सेल्सियस था। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अधिकारी ने बताया कि राजधानी में ठंडी हवाओं का दौर फिलहाल जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में लगातार दूसरे दिन शनिवार को तेज धूप खिलने से लोगों को सर्दी से राहत मिली। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय इलाकों से आने वाली सर्द हवाओं का असर कुछ कम हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित ज्यादतर इलाकों में सर्द हवाओं का दौर जारी है लेकिन तेज धूप निकलने से दिन के समय उनका असर उतना नहीं महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि शनिवार सुबह लखनऊ का तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया जो सामान्य से दो डिग्री कम था। कश्मीर घाटी व लद्दाख क्षेत्र में शनिवार को सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। मौसम कार्यालय ने अगले सप्ताह और हिमपात होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। स्थानीय मौसम कार्यालय के निदेशक सोनम लोटस ने यहां बताया, "घाटी व लद्दाख क्षेत्र में रात को आकाश साफ रहने से सर्द हवाएं तेज हो गई हैं। लेह में शनिवार को इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान शून्य से 21.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। करगिल में शून्य से 21 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे व पहलगाम में शून्य से 16.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।" लोटस ने बताया कि 23 से 26 जनवरी के बीच घाटी में और हिमपात होने की सम्भावना है। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर भागों में शनिवार को भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में लगातार दूसरे दिन शनिवार को तेज धूप खिलने से लोगों को सर्दी से राहत मिली। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय इलाकों से आने वाली सर्द हवाओं का असर कुछ कम हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित ज्यादतर इलाकों में सर्द हवाओं का दौर जारी है लेकिन तेज धूप निकलने से दिन के समय उनका असर उतना नहीं महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि शनिवार सुबह लखनऊ का तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया जो सामान्य से दो डिग्री कम था। कश्मीर घाटी व लद्दाख क्षेत्र में शनिवार को सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। मौसम कार्यालय ने अगले सप्ताह और हिमपात होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। स्थानीय मौसम कार्यालय के निदेशक सोनम लोटस ने यहां बताया, "घाटी व लद्दाख क्षेत्र में रात को आकाश साफ रहने से सर्द हवाएं तेज हो गई हैं। लेह में शनिवार को इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान शून्य से 21.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। करगिल में शून्य से 21 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे व पहलगाम में शून्य से 16.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।" लोटस ने बताया कि 23 से 26 जनवरी के बीच घाटी में और हिमपात होने की सम्भावना है। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर भागों में शनिवार को भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित ज्यादतर इलाकों में सर्द हवाओं का दौर जारी है लेकिन तेज धूप निकलने से दिन के समय उनका असर उतना नहीं महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि शनिवार सुबह लखनऊ का तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया जो सामान्य से दो डिग्री कम था। कश्मीर घाटी व लद्दाख क्षेत्र में शनिवार को सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। मौसम कार्यालय ने अगले सप्ताह और हिमपात होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। स्थानीय मौसम कार्यालय के निदेशक सोनम लोटस ने यहां बताया, "घाटी व लद्दाख क्षेत्र में रात को आकाश साफ रहने से सर्द हवाएं तेज हो गई हैं। लेह में शनिवार को इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान शून्य से 21.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। करगिल में शून्य से 21 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे व पहलगाम में शून्य से 16.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।" लोटस ने बताया कि 23 से 26 जनवरी के बीच घाटी में और हिमपात होने की सम्भावना है। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर भागों में शनिवार को भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। कश्मीर घाटी व लद्दाख क्षेत्र में शनिवार को सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। मौसम कार्यालय ने अगले सप्ताह और हिमपात होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। स्थानीय मौसम कार्यालय के निदेशक सोनम लोटस ने यहां बताया, "घाटी व लद्दाख क्षेत्र में रात को आकाश साफ रहने से सर्द हवाएं तेज हो गई हैं। लेह में शनिवार को इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान शून्य से 21.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। करगिल में शून्य से 21 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे व पहलगाम में शून्य से 16.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।" लोटस ने बताया कि 23 से 26 जनवरी के बीच घाटी में और हिमपात होने की सम्भावना है। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर भागों में शनिवार को भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। स्थानीय मौसम कार्यालय के निदेशक सोनम लोटस ने यहां बताया, "घाटी व लद्दाख क्षेत्र में रात को आकाश साफ रहने से सर्द हवाएं तेज हो गई हैं। लेह में शनिवार को इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान शून्य से 21.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। करगिल में शून्य से 21 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे व पहलगाम में शून्य से 16.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।" लोटस ने बताया कि 23 से 26 जनवरी के बीच घाटी में और हिमपात होने की सम्भावना है। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर भागों में शनिवार को भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। लोटस ने बताया कि 23 से 26 जनवरी के बीच घाटी में और हिमपात होने की सम्भावना है। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर भागों में शनिवार को भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। हिमाचल प्रदेश के अधिकतर भागों में शनिवार को भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग ने एक बयान में बताया कि शिमला को छोड़कर समूचे राज्य में पारे में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं भी बड़े स्तर पर हिमपात या बारिश नहीं हुई है। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। बादल छाए रहने के कारण शिमला के रात के तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज गई। यहां का न्यूनतम तापमान शून्य 1.2 डिग्री सेल्सियस था और 2.4 सेमी हिमपात भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया, "इन दिनों का शिमला का अधिकतम तापमान औसतन चार से पांच डिग्री के मध्य है।" लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। लाहौल एवं स्पीति का केलांग कस्बा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। रात में यहां का तापमान शून्य से 14.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।टिप्पणियां पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। पंजाब एवं हरियाणा न्यूनतम तापमान बढ़ने के बावजूद कोहरे की चादर से लिपटा रहे, जिसकी वजह से यातायात प्रभावित रहा। उत्तराखण्ड में ठंड का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल के मुक्तेश्वर में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था। राजस्थान में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। माउंट आबू राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का रात में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस था।
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं हरियाणा में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू एवं तापमान लगातार शून्य से नीचे चल रहा है।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: त्रिकोणीय वनडे सीरीज में भारत को रोमांचक जीत दिलाने वाले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने साफ किया कि वह कम लक्ष्य का पीछा करते हुए 'बोरिंग क्रिकेट' खेलने के लिए तैयार हैं, यदि इससे उनकी टीम की जीत सुनिश्चित होती है। धोनी ने कहा, मैं 49वें ओवर में एक-एक रन से बच रहा था, क्योंकि अगर मुझे अंतिम गेंद खेलनी पड़ती और मैं इससे चूक जाता तो इससे इशांत पर दबाव बढ़ जाता। वह स्ट्राइक रोटेट करने में इतना अच्छा नहीं है और मैं उसके साथ एक रन लेकर ही सर्वश्रेष्ठ कर सकता था। धोनी ने पुछल्ले बल्लेबाजों की तारीफ की, जिन्होंने ज्यादा रन नहीं बनाने के बावजूद काफी गेंदों का सामना किया। उन्होंने कहा, इसका श्रेय भुवी को जाता है, क्योंकि उसने कम से कम छह से 10 गेंद मलिंगा की खेली, जिसका मतलब है कि अगले दो बल्लेबाजों को मलिंगा की ज्यादा गेंदों का सामना नहीं करना पड़ता। यह दिलचस्प मैच था, जिसमें सच कहूं, तो हम अच्छी स्थिति में नहीं थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा, मैं पुछल्ले बल्लेबाजों को जितना संभव हो, उतनी देर तक क्रीज पर चाहता था, जिससे मुझे मौका मिल जाता। रोहित शर्मा सलामी बल्लेबाज के तौर पर अच्छे साबित हुए हैं और कप्तान मुंबई के इस खिलाड़ी के प्रदर्शन से काफी खुश थे। धोनी ने कहा, रोहित का प्रदर्शन शानदार रहा और शुरू से ही आत्मविश्वास से भरा था। उसे रन बनाते हुए देखना अच्छा लगता है। जब वह रन बनाता है, तो इससे मध्यक्रम को मदद मिलती है, लेकिन उसके कुछ शॉट का चयन अच्छा नहीं था। जडेजा को 10 ओवर पूरे नहीं कराने के बारे में धोनी ने कहा, क्योंकि बाएं हाथ के दो बल्लेबाज (संगकारा और थिरिमाने) खेल रहे थे, तो मैंने सोचा कि दो ऑफ स्पिनरों अश्विन और रैना को जारी रखना बेहतर होगा। मैंने विराट को भी कुछ ओवर दिए, क्योंकि गेंद ज्यादा पुरानी नहीं हुई थी। मेरे लिए जडेजा से दो ओवर कम कराना ठीक था। धोनी ने कहा, मैं 49वें ओवर में एक-एक रन से बच रहा था, क्योंकि अगर मुझे अंतिम गेंद खेलनी पड़ती और मैं इससे चूक जाता तो इससे इशांत पर दबाव बढ़ जाता। वह स्ट्राइक रोटेट करने में इतना अच्छा नहीं है और मैं उसके साथ एक रन लेकर ही सर्वश्रेष्ठ कर सकता था। धोनी ने पुछल्ले बल्लेबाजों की तारीफ की, जिन्होंने ज्यादा रन नहीं बनाने के बावजूद काफी गेंदों का सामना किया। उन्होंने कहा, इसका श्रेय भुवी को जाता है, क्योंकि उसने कम से कम छह से 10 गेंद मलिंगा की खेली, जिसका मतलब है कि अगले दो बल्लेबाजों को मलिंगा की ज्यादा गेंदों का सामना नहीं करना पड़ता। यह दिलचस्प मैच था, जिसमें सच कहूं, तो हम अच्छी स्थिति में नहीं थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा, मैं पुछल्ले बल्लेबाजों को जितना संभव हो, उतनी देर तक क्रीज पर चाहता था, जिससे मुझे मौका मिल जाता। रोहित शर्मा सलामी बल्लेबाज के तौर पर अच्छे साबित हुए हैं और कप्तान मुंबई के इस खिलाड़ी के प्रदर्शन से काफी खुश थे। धोनी ने कहा, रोहित का प्रदर्शन शानदार रहा और शुरू से ही आत्मविश्वास से भरा था। उसे रन बनाते हुए देखना अच्छा लगता है। जब वह रन बनाता है, तो इससे मध्यक्रम को मदद मिलती है, लेकिन उसके कुछ शॉट का चयन अच्छा नहीं था। जडेजा को 10 ओवर पूरे नहीं कराने के बारे में धोनी ने कहा, क्योंकि बाएं हाथ के दो बल्लेबाज (संगकारा और थिरिमाने) खेल रहे थे, तो मैंने सोचा कि दो ऑफ स्पिनरों अश्विन और रैना को जारी रखना बेहतर होगा। मैंने विराट को भी कुछ ओवर दिए, क्योंकि गेंद ज्यादा पुरानी नहीं हुई थी। मेरे लिए जडेजा से दो ओवर कम कराना ठीक था। उन्होंने कहा, इसका श्रेय भुवी को जाता है, क्योंकि उसने कम से कम छह से 10 गेंद मलिंगा की खेली, जिसका मतलब है कि अगले दो बल्लेबाजों को मलिंगा की ज्यादा गेंदों का सामना नहीं करना पड़ता। यह दिलचस्प मैच था, जिसमें सच कहूं, तो हम अच्छी स्थिति में नहीं थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा, मैं पुछल्ले बल्लेबाजों को जितना संभव हो, उतनी देर तक क्रीज पर चाहता था, जिससे मुझे मौका मिल जाता। रोहित शर्मा सलामी बल्लेबाज के तौर पर अच्छे साबित हुए हैं और कप्तान मुंबई के इस खिलाड़ी के प्रदर्शन से काफी खुश थे। धोनी ने कहा, रोहित का प्रदर्शन शानदार रहा और शुरू से ही आत्मविश्वास से भरा था। उसे रन बनाते हुए देखना अच्छा लगता है। जब वह रन बनाता है, तो इससे मध्यक्रम को मदद मिलती है, लेकिन उसके कुछ शॉट का चयन अच्छा नहीं था। जडेजा को 10 ओवर पूरे नहीं कराने के बारे में धोनी ने कहा, क्योंकि बाएं हाथ के दो बल्लेबाज (संगकारा और थिरिमाने) खेल रहे थे, तो मैंने सोचा कि दो ऑफ स्पिनरों अश्विन और रैना को जारी रखना बेहतर होगा। मैंने विराट को भी कुछ ओवर दिए, क्योंकि गेंद ज्यादा पुरानी नहीं हुई थी। मेरे लिए जडेजा से दो ओवर कम कराना ठीक था। उन्होंने कहा, मैं पुछल्ले बल्लेबाजों को जितना संभव हो, उतनी देर तक क्रीज पर चाहता था, जिससे मुझे मौका मिल जाता। रोहित शर्मा सलामी बल्लेबाज के तौर पर अच्छे साबित हुए हैं और कप्तान मुंबई के इस खिलाड़ी के प्रदर्शन से काफी खुश थे। धोनी ने कहा, रोहित का प्रदर्शन शानदार रहा और शुरू से ही आत्मविश्वास से भरा था। उसे रन बनाते हुए देखना अच्छा लगता है। जब वह रन बनाता है, तो इससे मध्यक्रम को मदद मिलती है, लेकिन उसके कुछ शॉट का चयन अच्छा नहीं था। जडेजा को 10 ओवर पूरे नहीं कराने के बारे में धोनी ने कहा, क्योंकि बाएं हाथ के दो बल्लेबाज (संगकारा और थिरिमाने) खेल रहे थे, तो मैंने सोचा कि दो ऑफ स्पिनरों अश्विन और रैना को जारी रखना बेहतर होगा। मैंने विराट को भी कुछ ओवर दिए, क्योंकि गेंद ज्यादा पुरानी नहीं हुई थी। मेरे लिए जडेजा से दो ओवर कम कराना ठीक था। जडेजा को 10 ओवर पूरे नहीं कराने के बारे में धोनी ने कहा, क्योंकि बाएं हाथ के दो बल्लेबाज (संगकारा और थिरिमाने) खेल रहे थे, तो मैंने सोचा कि दो ऑफ स्पिनरों अश्विन और रैना को जारी रखना बेहतर होगा। मैंने विराट को भी कुछ ओवर दिए, क्योंकि गेंद ज्यादा पुरानी नहीं हुई थी। मेरे लिए जडेजा से दो ओवर कम कराना ठीक था।
त्रिकोणीय सीरीज में भारत को रोमांचक जीत दिलाने वाले भारतीय कप्तान धोनी ने साफ किया कि वह कम लक्ष्य का पीछा करते हुए 'बोरिंग क्रिकेट' खेलने के लिए तैयार हैं, यदि इससे उनकी टीम की जीत सुनिश्चित होती है।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: पंजाब क्रिकेट संघ मैदान पर बुधवार को खेले जाने वाले आईसीसी विश्व कप-20 के अंतर्गत भारत पाकिस्तान सेमीफाइनल मुकाबले पर बारिश का साया मंडराने लगा है। मंगलवार को चण्डीगढ़ सहित मोहाली और उसके आसपास के इलाके में जोरदार आंधी आने के साथ ही गरज के साथ बारिश हुई। सोमवार रात लगभग नौ बजे के आसपास भी बारिश की आशंका बनी हुई थी लेकिन सुबह होते-होते मौसम साफ हो गया था। इस मैच को देखने के लिए पीसीए स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों, राजनेताओं और उद्योगपतियों सहित 28,000 लोगों के पहुंचने की संभावना है लेकिन बारिश इस रोमांचक मुकाबले में खलल डालती दिख रही है। दिन के वक्त मौसम पूरी तरह खुला हुआ था और शाम होते-होते मोहाली की पिच को एहियात के तौर पर ढंक दिया गया था। इससे पिच को नुकसान पहुंचने की संभावना कम है लेकिन अगर रात में या फिर सुबह के वक्त तेज बारिश हो जाती है तो इससे आउट फील्ड के गीला होने की आशंका है इस कारण मैच शुरू होने में देरी हो सकती है। मोहाली की पिच पर काफी अधिक घास है जिसे शाम के वक्त हटाने का प्रयास चल रहा था लेकिन ऐसी उम्मीद है कि पूरी घास पिच से नहीं हटाई जाएगी। और ऐसे में बारिश की सूरत में पैदा हुई नमी के कारण उमर गुल जैसे पाकिस्तानी तेज गेंदबाज को रिवर्स स्विंग का फायदा मिल सकता है। मैच दोपहर ढाई बजे शुरू होना है। मोहाली का ड्रेनेज सिस्टम अच्छा है और अगर बारिश बहुत अधिक नहीं होती है तो मैच को लेकर यथावत स्थिति बनी रह सकती है।
संक्षिप्त पाठ: बारिश की सूरत में पैदा हुई नमी के कारण उमर गुल जैसे पाकिस्तानी तेज गेंदबाज को रिवर्स स्विंग का फायदा मिल सकता है।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई में तेजाब हमले की शिकार युवती के पिता ने रविवार को बताया कि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। नई दिल्ली से नर्सिंग में स्नातक प्रीति राठी पर चार दिन पहले मुंबई के एक रेलवे स्टेशन पर तेजाब फेंककर हमला किया गया था। प्रीति के पिता अमर सिंह राठी मुंबई के बाइकुला में मसीना अस्पताल में भर्ती प्रीति की देखभाल के लिए अस्पताल में ही रह रहे हैं। प्रीति की हालत से वह बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा, उसे अभी तक गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में रखा गया है। अब तक उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया है। प्रीति अपने पिता के साथ पिछले गुरुवार को मुंबई आई थी मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर गरीब रथ ट्रेन से उतरते ही एक अज्ञात युवक ने प्रीति के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। वे नई दिल्ली से यहां पहुंचे थे। राठी के अनुसार प्रीति दक्षिण मुंबई के कोलाबा में सैन्य अस्पताल में नर्स लेफ्टिनेंट के रूप में नई नौकरी शुरू करने आई थी। अब प्रीति के परिवार को यह समझ में नहीं आ रहा है कि रक्षा विभाग में उसकी नौकरी का क्या भविष्य है।टिप्पणियां राठी ने कहा, हम औपचारिक तौर पर मुंबई में (सोमवार को) सैन्य अधिकारियों से संपर्क कर प्रीति का पक्ष रखेंगे। इसके बाद निर्णय करना उनके हाथ में है। इस बीच, भारतीय रेलवे ने प्रीति के इलाज पर आ रहे सभी खर्चों को वहन करने का निर्णय किया है, क्योंकि यह हादसा रेल परिसर में हुई है। इससे प्रीति के परिवार को काफी राहत मिली है। मसीना अस्पताल के निदेशक आरबी दस्तूर ने कहा कि तेजाब से जलने और मुंह के रास्ते तेजाब के अंदर चले जाने तथा श्वास मार्ग से इसके प्रभाव के कारण प्रीति के अंदरूनी हिस्से जल गए हैं तथा उसके दाहिने आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। मुंबई पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावर के स्केच जारी किए हैं, लेकिन चार दिन बाद अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। प्रीति के पिता अमर सिंह राठी मुंबई के बाइकुला में मसीना अस्पताल में भर्ती प्रीति की देखभाल के लिए अस्पताल में ही रह रहे हैं। प्रीति की हालत से वह बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा, उसे अभी तक गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में रखा गया है। अब तक उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया है। प्रीति अपने पिता के साथ पिछले गुरुवार को मुंबई आई थी मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर गरीब रथ ट्रेन से उतरते ही एक अज्ञात युवक ने प्रीति के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। वे नई दिल्ली से यहां पहुंचे थे। राठी के अनुसार प्रीति दक्षिण मुंबई के कोलाबा में सैन्य अस्पताल में नर्स लेफ्टिनेंट के रूप में नई नौकरी शुरू करने आई थी। अब प्रीति के परिवार को यह समझ में नहीं आ रहा है कि रक्षा विभाग में उसकी नौकरी का क्या भविष्य है।टिप्पणियां राठी ने कहा, हम औपचारिक तौर पर मुंबई में (सोमवार को) सैन्य अधिकारियों से संपर्क कर प्रीति का पक्ष रखेंगे। इसके बाद निर्णय करना उनके हाथ में है। इस बीच, भारतीय रेलवे ने प्रीति के इलाज पर आ रहे सभी खर्चों को वहन करने का निर्णय किया है, क्योंकि यह हादसा रेल परिसर में हुई है। इससे प्रीति के परिवार को काफी राहत मिली है। मसीना अस्पताल के निदेशक आरबी दस्तूर ने कहा कि तेजाब से जलने और मुंह के रास्ते तेजाब के अंदर चले जाने तथा श्वास मार्ग से इसके प्रभाव के कारण प्रीति के अंदरूनी हिस्से जल गए हैं तथा उसके दाहिने आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। मुंबई पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावर के स्केच जारी किए हैं, लेकिन चार दिन बाद अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर गरीब रथ ट्रेन से उतरते ही एक अज्ञात युवक ने प्रीति के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। वे नई दिल्ली से यहां पहुंचे थे। राठी के अनुसार प्रीति दक्षिण मुंबई के कोलाबा में सैन्य अस्पताल में नर्स लेफ्टिनेंट के रूप में नई नौकरी शुरू करने आई थी। अब प्रीति के परिवार को यह समझ में नहीं आ रहा है कि रक्षा विभाग में उसकी नौकरी का क्या भविष्य है।टिप्पणियां राठी ने कहा, हम औपचारिक तौर पर मुंबई में (सोमवार को) सैन्य अधिकारियों से संपर्क कर प्रीति का पक्ष रखेंगे। इसके बाद निर्णय करना उनके हाथ में है। इस बीच, भारतीय रेलवे ने प्रीति के इलाज पर आ रहे सभी खर्चों को वहन करने का निर्णय किया है, क्योंकि यह हादसा रेल परिसर में हुई है। इससे प्रीति के परिवार को काफी राहत मिली है। मसीना अस्पताल के निदेशक आरबी दस्तूर ने कहा कि तेजाब से जलने और मुंह के रास्ते तेजाब के अंदर चले जाने तथा श्वास मार्ग से इसके प्रभाव के कारण प्रीति के अंदरूनी हिस्से जल गए हैं तथा उसके दाहिने आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। मुंबई पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावर के स्केच जारी किए हैं, लेकिन चार दिन बाद अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। राठी ने कहा, हम औपचारिक तौर पर मुंबई में (सोमवार को) सैन्य अधिकारियों से संपर्क कर प्रीति का पक्ष रखेंगे। इसके बाद निर्णय करना उनके हाथ में है। इस बीच, भारतीय रेलवे ने प्रीति के इलाज पर आ रहे सभी खर्चों को वहन करने का निर्णय किया है, क्योंकि यह हादसा रेल परिसर में हुई है। इससे प्रीति के परिवार को काफी राहत मिली है। मसीना अस्पताल के निदेशक आरबी दस्तूर ने कहा कि तेजाब से जलने और मुंह के रास्ते तेजाब के अंदर चले जाने तथा श्वास मार्ग से इसके प्रभाव के कारण प्रीति के अंदरूनी हिस्से जल गए हैं तथा उसके दाहिने आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। मुंबई पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावर के स्केच जारी किए हैं, लेकिन चार दिन बाद अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। मसीना अस्पताल के निदेशक आरबी दस्तूर ने कहा कि तेजाब से जलने और मुंह के रास्ते तेजाब के अंदर चले जाने तथा श्वास मार्ग से इसके प्रभाव के कारण प्रीति के अंदरूनी हिस्से जल गए हैं तथा उसके दाहिने आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। मुंबई पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावर के स्केच जारी किए हैं, लेकिन चार दिन बाद अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है।
सारांश: नर्सिंग में स्नातक प्रीति राठी के चेहरे पर चार दिन पहले मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर गरीब रथ ट्रेन से उतरते ही एक अज्ञात युवक ने तेजाब फेंक दिया था।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुजफ्फरपुर से एक वीडियो सामने आया है जिसमें भीड़, पुलिस की पिटाई करते हुए दिखाई दे रही है. दरअसल औराई थाने में शनिवार को 2 युवकों का शव मिला था जिसके बाद नाराज ग्रामीणों ने पहले सड़क पर जाम लगा दिया फिर पुलिस अधिकारियों और जवानों को बंधकर बनाकर उनकी पिटाई की. ग्रामीणों ने पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. स्थिति से निपटने के लिए पुलिसवालों को कई राउंड की फायरिंग करनी पड़ी जिसके बाद ही भीड़ पर काबू पाया जा सका. जो वीडियो सामने आया है, उसमें साफ देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारी के सिर से खून बह रहा है लेकिन गुस्साई भीड़ लगातार उनपर हमला कर रही है. वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार पुलिस लोगों से बात करने की कोशिश करती दिखी लेकिन भीड़ कुछ भी सुनना नहीं चाह रही थी. लोगों के हाथ में डंडा था और वह लगातार हमला कर रहे थे. पुलिस ने काफी समझाने की कोशिश की लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी. हालांकि कुछ लोग बीच-बचाव करते दिखे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गुस्साई भीड़ ने पुलिसवालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जान बचाने के लिए करनी पड़ी फायरिंग 2 युवकों का शव मिलने की वजह से नाराज थे ग्रामीण
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 59 विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण का मतदान शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सम्पन्न हो गया। कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो मतदान शांतिपूर्ण रहा। आधिकारिक बयान के मुताबिक दूसरे चरण में 60 से 61 फीसदी मतदान हुआ। मौसम खुला रहने के कारण मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे। सुबह और दोपहर तक मतदान का प्रतिशत कम रहा लेकिन तीन बजे के बाद मतदान में तेजी आई और इस कारण इस वर्ष मतदान का प्रतिशत 2007 के 46.7 प्रतिशत को पार कर गया। दूसरे चरण में 1098 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गया। इस चरण में 1.94 करोड़ योग्य मतदाता थे। दूसरे चरण में जिन नौ जिलों में मतदान हुआ, उनमें आजमगढ़, कुशीनगर, महाराजगंज, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, मऊ और देविरया शामिल हैं। दूसरे चरण के माध्यम से कुल 1098 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। इनमें 1021 पुरुष, 76 महिला और एक अन्य शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया, "सुबह से मतदान में धीमी लेकिन अपेक्षित तेजी दिखी। इससे साफ हो गया था कि मतदान का प्रतिशत 2007 के आंकड़े को पार कर जाएगा।" सिन्हा ने बताया कि मौसम साफ रहने के अलावा इस वर्ष चुनाव में पहली बार हिस्सा ले रहे मतदाताओं ने मतदान के आंकड़ों में वृद्धि में अहम योगदान दिया। बकौल सिन्हा, "कुशीनगर में दोपहर तक 50 फीसदी मतदान हो चुका था, जो असामान्य बात रही।" इस चरण में कुल 1,94,93,520 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1,07,27,184 पुरुष और 87,38,246 महिला जबकि 1177 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। मौसम खुला रहने के कारण मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे। सुबह और दोपहर तक मतदान का प्रतिशत कम रहा लेकिन तीन बजे के बाद मतदान में तेजी आई और इस कारण इस वर्ष मतदान का प्रतिशत 2007 के 46.7 प्रतिशत को पार कर गया। दूसरे चरण में 1098 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गया। इस चरण में 1.94 करोड़ योग्य मतदाता थे। दूसरे चरण में जिन नौ जिलों में मतदान हुआ, उनमें आजमगढ़, कुशीनगर, महाराजगंज, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, मऊ और देविरया शामिल हैं। दूसरे चरण के माध्यम से कुल 1098 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। इनमें 1021 पुरुष, 76 महिला और एक अन्य शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया, "सुबह से मतदान में धीमी लेकिन अपेक्षित तेजी दिखी। इससे साफ हो गया था कि मतदान का प्रतिशत 2007 के आंकड़े को पार कर जाएगा।" सिन्हा ने बताया कि मौसम साफ रहने के अलावा इस वर्ष चुनाव में पहली बार हिस्सा ले रहे मतदाताओं ने मतदान के आंकड़ों में वृद्धि में अहम योगदान दिया। बकौल सिन्हा, "कुशीनगर में दोपहर तक 50 फीसदी मतदान हो चुका था, जो असामान्य बात रही।" इस चरण में कुल 1,94,93,520 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1,07,27,184 पुरुष और 87,38,246 महिला जबकि 1177 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। दूसरे चरण में 1098 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गया। इस चरण में 1.94 करोड़ योग्य मतदाता थे। दूसरे चरण में जिन नौ जिलों में मतदान हुआ, उनमें आजमगढ़, कुशीनगर, महाराजगंज, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, मऊ और देविरया शामिल हैं। दूसरे चरण के माध्यम से कुल 1098 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। इनमें 1021 पुरुष, 76 महिला और एक अन्य शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया, "सुबह से मतदान में धीमी लेकिन अपेक्षित तेजी दिखी। इससे साफ हो गया था कि मतदान का प्रतिशत 2007 के आंकड़े को पार कर जाएगा।" सिन्हा ने बताया कि मौसम साफ रहने के अलावा इस वर्ष चुनाव में पहली बार हिस्सा ले रहे मतदाताओं ने मतदान के आंकड़ों में वृद्धि में अहम योगदान दिया। बकौल सिन्हा, "कुशीनगर में दोपहर तक 50 फीसदी मतदान हो चुका था, जो असामान्य बात रही।" इस चरण में कुल 1,94,93,520 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1,07,27,184 पुरुष और 87,38,246 महिला जबकि 1177 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। दूसरे चरण में जिन नौ जिलों में मतदान हुआ, उनमें आजमगढ़, कुशीनगर, महाराजगंज, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, मऊ और देविरया शामिल हैं। दूसरे चरण के माध्यम से कुल 1098 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। इनमें 1021 पुरुष, 76 महिला और एक अन्य शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया, "सुबह से मतदान में धीमी लेकिन अपेक्षित तेजी दिखी। इससे साफ हो गया था कि मतदान का प्रतिशत 2007 के आंकड़े को पार कर जाएगा।" सिन्हा ने बताया कि मौसम साफ रहने के अलावा इस वर्ष चुनाव में पहली बार हिस्सा ले रहे मतदाताओं ने मतदान के आंकड़ों में वृद्धि में अहम योगदान दिया। बकौल सिन्हा, "कुशीनगर में दोपहर तक 50 फीसदी मतदान हो चुका था, जो असामान्य बात रही।" इस चरण में कुल 1,94,93,520 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1,07,27,184 पुरुष और 87,38,246 महिला जबकि 1177 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। दूसरे चरण के माध्यम से कुल 1098 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। इनमें 1021 पुरुष, 76 महिला और एक अन्य शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया, "सुबह से मतदान में धीमी लेकिन अपेक्षित तेजी दिखी। इससे साफ हो गया था कि मतदान का प्रतिशत 2007 के आंकड़े को पार कर जाएगा।" सिन्हा ने बताया कि मौसम साफ रहने के अलावा इस वर्ष चुनाव में पहली बार हिस्सा ले रहे मतदाताओं ने मतदान के आंकड़ों में वृद्धि में अहम योगदान दिया। बकौल सिन्हा, "कुशीनगर में दोपहर तक 50 फीसदी मतदान हो चुका था, जो असामान्य बात रही।" इस चरण में कुल 1,94,93,520 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1,07,27,184 पुरुष और 87,38,246 महिला जबकि 1177 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया, "सुबह से मतदान में धीमी लेकिन अपेक्षित तेजी दिखी। इससे साफ हो गया था कि मतदान का प्रतिशत 2007 के आंकड़े को पार कर जाएगा।" सिन्हा ने बताया कि मौसम साफ रहने के अलावा इस वर्ष चुनाव में पहली बार हिस्सा ले रहे मतदाताओं ने मतदान के आंकड़ों में वृद्धि में अहम योगदान दिया। बकौल सिन्हा, "कुशीनगर में दोपहर तक 50 फीसदी मतदान हो चुका था, जो असामान्य बात रही।" इस चरण में कुल 1,94,93,520 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1,07,27,184 पुरुष और 87,38,246 महिला जबकि 1177 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। सिन्हा ने बताया कि मौसम साफ रहने के अलावा इस वर्ष चुनाव में पहली बार हिस्सा ले रहे मतदाताओं ने मतदान के आंकड़ों में वृद्धि में अहम योगदान दिया। बकौल सिन्हा, "कुशीनगर में दोपहर तक 50 फीसदी मतदान हो चुका था, जो असामान्य बात रही।" इस चरण में कुल 1,94,93,520 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1,07,27,184 पुरुष और 87,38,246 महिला जबकि 1177 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। बकौल सिन्हा, "कुशीनगर में दोपहर तक 50 फीसदी मतदान हो चुका था, जो असामान्य बात रही।" इस चरण में कुल 1,94,93,520 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1,07,27,184 पुरुष और 87,38,246 महिला जबकि 1177 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। इस चरण में कुल 1,94,93,520 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 1,07,27,184 पुरुष और 87,38,246 महिला जबकि 1177 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। इस चरण में 12,995 मतदान केंद्र बनाए गए थे और मतदान प्रक्रिया में करीब 22,000 ईवीएम का उपयोग हुआ।टिप्पणियां सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। सबसे अधिक 24 उम्मीदवार गोरखपुर शहर से जबकि सबसे कम 10 उम्मीदवार गाजीपुर जिले के सैदपुर सीट पर थे। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी। मतदान के दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), पुलिस और होमगार्ड के एक लाख से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई थी।
उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 59 विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण का मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच सम्पन्न हो गया। आधिकारिक बयान के मुताबिक दूसरे चरण में 60 से 61 फीसदी मतदान हुआ।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: 2019 ICC Cricket World Cup 2019: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) द्वारा इंग्लैंड के विभिन्न मैदानों में आयोजित क्रिकेट वर्ल्ड कप (World Cup) का आगाज गुरुवार को होने जा रहा है. वर्ल्ड कप का पहला मुकाबला इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका (England vs South Africa) के बीच खेला जाना है. दोनों ही टीम वर्ल्ड कप के लिए मजबूत दावेदार हैं. फिलहाल वर्ल्ड कप की शुरुआत होने पर गूगल ने डूडल (Google Doodle) बनाया है. इस डूडल में एनिमेशन दिखलाया गया है. बुधवार की शाम को वर्ल्ड कप की ओपनिंग सेरेमनी हुई, जिसमें टॉप 10 के सभी देशों के कप्तान भी मौजूद थे.  आईसीसी विश्व कप-2019 (World Cup 2019) का पहला मैच वीरवार को मेजबान इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा, लेकिन एक दिन पहले टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह (World Cup Opening ceremony)यहां बर्मिघम पैलेस के पास स्थिति प्रतिष्ठित लंदन मॉल में आयोजित किया गया. इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ ने यहां सभी टीमों के कप्तानों से मुलाकात की और उनके साथ फोटो खिंचवाया. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा, "यहां आकर बेहद अच्छा लग रहा है. यहां हमारे बहुत प्रशंसक हैं. यह दबाव और गर्व दोनों की बात है. हम यहां मौजूद अपने समर्थन का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे" वर्ल्ड कप के ओपनिंग सेरेमनी (World Cup Opening Ceremony) में भारत की तरफ से पूर्व कप्तान और कोच अनिल कुंबले ने अभिनेता फरहान अख्तर, पाकिस्तान की तरफ से मलाला युसूफजई और अजहर, वेस्टइंडीज की तरफ से विवियन रिचडर्स और धावक योहान ब्लैक, दक्षिण अफ्रीका की तरफ से जैक्स कैलिस, ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्रेट ली और मेजबान देश की तरफ से केविन पीटरसन मौजूद रहे. बता दें, आईसीसी ने विश्व कप से पहले क्रियो अभियान शुरू करके दुनिया भर में क्रिकेट खेलने वाले 46 करोड़ लोगों को जोड़ा है. आईसीसी ने क्रिकेटप्रेमियों से सोशल क्रिकेट मंच से जुड़ने को कहा है जिसमें वे दुनिया में जहां भी क्रिकेट खेलते हैं, उसकी तस्वीरें और वीडियो हाल ही में लांच किये गए हैशटैग क्रियो और क्रियो डाट काम पर साझा किये जायेंगे. यह आईसीसी की सोशल मीडिया मुहिम हैशटैग वर्ल्डवाइडविकेट्स का हिस्सा है. अगले 12 महीने में आईसीसी इस तरह के कई कार्यक्रम लांच करेगा. आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मनु साहनी ने कहा, ‘‘आईसीसी पुरूष क्रिकेट विश्व कप से पहले हम करीब 50 करोड़ क्रिकेटप्रेमियों के उत्साह का जश्न सोशल मीडिया क्रिकेट के जरिये मनाना चाहते हैं.'' उन्होंने कहा, ‘‘इसके तहत दुनिया में कहीं भी क्रिकेट खेलने वाले क्रियो ट्राइब में शामिल होंगे.''
यह एक सारांश है: क्रिकेट वर्ल्ड कप का आगाज आज गूगल ने बनाया डूडल आज है इंग्लैंड-दक्षिण अफ्रीका का पहला मुकाबला
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति के मामले में राज्य सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए मंज़ूर कर ली है, और लोकायुक्त, गवर्नर और प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार की अपील पर 20 मार्च से तीन दिन तक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मामला यह है कि राज्यपाल कमला बेनीवाल ने रिटायर्ड जज आरए मेहता को गुजरात का पहला लोकायुक्त नियुक्त किया था, लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका विरोध किया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में गया, जहां दो जजों की बेंच ने बंटा हुआ फैसला दिया। जब मामला दोबारा हाईकोर्ट पहुंचा तो सिंगल जज बेंच ने गवर्नर के फैसले को सही ठहराया। अब गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, और सरकार का आरोप है कि राज्यपाल ने सरकार की राय लिए बिना लोकायुक्त के पद पर जस्टिस मेहता की नियुक्ति कर दी, जो संविधान के खिलाफ है। मामला यह है कि राज्यपाल कमला बेनीवाल ने रिटायर्ड जज आरए मेहता को गुजरात का पहला लोकायुक्त नियुक्त किया था, लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका विरोध किया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में गया, जहां दो जजों की बेंच ने बंटा हुआ फैसला दिया। जब मामला दोबारा हाईकोर्ट पहुंचा तो सिंगल जज बेंच ने गवर्नर के फैसले को सही ठहराया। अब गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, और सरकार का आरोप है कि राज्यपाल ने सरकार की राय लिए बिना लोकायुक्त के पद पर जस्टिस मेहता की नियुक्ति कर दी, जो संविधान के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट ने लोकायुक्त की नियुक्ति के मामले में मोदी सरकार की अपील को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री एंव समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक स्वस्थ परंपरा की शुरुआत करते हुए बिना शोरगुल के अपनी सम्पत्ति सार्वजनिक कर दी है। मुख्यमंत्री के ऐसा करने के बाद माना जा रहा है कि उनके मंत्रियों को भी सम्पत्ति की घोषणा करनी होगी। उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर मंगलवार रात मुख्यमंत्री की प्रोफाइल के साथ उनकी सम्पत्ति का ब्योरा अपलोड किया गया। 15 मार्च 2012 को बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने की तारीख को उनके पास जितनी सम्पत्ति व देनदारियां थीं उसका पूरा ब्योरा वेबसाइट में दिया गया है। प्रदेश सरकार की वेबसाइट के ब्योरे में मुख्यमंत्री अखिलेश की कुल सम्पत्ति तीन करोड़ 45 लाख 82 हजार 420 रुपये की बताई गई है। कुल सम्पत्ति में 98 लाख 84 हजार 86 रुपये की अचल सम्पत्ति है। अखिलेश के पास इटावा में 17 लाख रुपये की कृषि योग्य भूमि है जबकि लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर एक बंगले के आधे हिस्से के वह मालिक है, जिसकी कीमत करीब 42 लाख रुपये है।टिप्पणियां अखिलेश के पास 20 लाख रुपये की पजेरो कार है। इसके अलावा उन्होंने बीमा और फंड्स के रूप में एक करोड़ 54 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। उनके पास विभिन्न बैंकों में एक करोड़ 30 लाख रुपये जमा है। मुख्यमंत्री पर एक करोड़ 50 लाख रुपये का कर्ज और देनदारियां है। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने शपथपत्र में अपनी कुल सम्पत्ति दो करोड़ 31 लाख 42 हजार 705 रुपये बताई थी। उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर मंगलवार रात मुख्यमंत्री की प्रोफाइल के साथ उनकी सम्पत्ति का ब्योरा अपलोड किया गया। 15 मार्च 2012 को बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने की तारीख को उनके पास जितनी सम्पत्ति व देनदारियां थीं उसका पूरा ब्योरा वेबसाइट में दिया गया है। प्रदेश सरकार की वेबसाइट के ब्योरे में मुख्यमंत्री अखिलेश की कुल सम्पत्ति तीन करोड़ 45 लाख 82 हजार 420 रुपये की बताई गई है। कुल सम्पत्ति में 98 लाख 84 हजार 86 रुपये की अचल सम्पत्ति है। अखिलेश के पास इटावा में 17 लाख रुपये की कृषि योग्य भूमि है जबकि लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर एक बंगले के आधे हिस्से के वह मालिक है, जिसकी कीमत करीब 42 लाख रुपये है।टिप्पणियां अखिलेश के पास 20 लाख रुपये की पजेरो कार है। इसके अलावा उन्होंने बीमा और फंड्स के रूप में एक करोड़ 54 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। उनके पास विभिन्न बैंकों में एक करोड़ 30 लाख रुपये जमा है। मुख्यमंत्री पर एक करोड़ 50 लाख रुपये का कर्ज और देनदारियां है। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने शपथपत्र में अपनी कुल सम्पत्ति दो करोड़ 31 लाख 42 हजार 705 रुपये बताई थी। प्रदेश सरकार की वेबसाइट के ब्योरे में मुख्यमंत्री अखिलेश की कुल सम्पत्ति तीन करोड़ 45 लाख 82 हजार 420 रुपये की बताई गई है। कुल सम्पत्ति में 98 लाख 84 हजार 86 रुपये की अचल सम्पत्ति है। अखिलेश के पास इटावा में 17 लाख रुपये की कृषि योग्य भूमि है जबकि लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर एक बंगले के आधे हिस्से के वह मालिक है, जिसकी कीमत करीब 42 लाख रुपये है।टिप्पणियां अखिलेश के पास 20 लाख रुपये की पजेरो कार है। इसके अलावा उन्होंने बीमा और फंड्स के रूप में एक करोड़ 54 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। उनके पास विभिन्न बैंकों में एक करोड़ 30 लाख रुपये जमा है। मुख्यमंत्री पर एक करोड़ 50 लाख रुपये का कर्ज और देनदारियां है। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने शपथपत्र में अपनी कुल सम्पत्ति दो करोड़ 31 लाख 42 हजार 705 रुपये बताई थी। अखिलेश के पास 20 लाख रुपये की पजेरो कार है। इसके अलावा उन्होंने बीमा और फंड्स के रूप में एक करोड़ 54 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। उनके पास विभिन्न बैंकों में एक करोड़ 30 लाख रुपये जमा है। मुख्यमंत्री पर एक करोड़ 50 लाख रुपये का कर्ज और देनदारियां है। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने शपथपत्र में अपनी कुल सम्पत्ति दो करोड़ 31 लाख 42 हजार 705 रुपये बताई थी। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने शपथपत्र में अपनी कुल सम्पत्ति दो करोड़ 31 लाख 42 हजार 705 रुपये बताई थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री एंव समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक स्वस्थ परंपरा की शुरुआत करते हुए बिना शोरगुल के अपनी सम्पत्ति सार्वजनिक कर दी है।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में 12 साल की एक छोटी-सी लड़की से बदसलूकी हुई, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के विधायक को इस बच्ची के कपड़ों पर ज्यादा आपत्ति है। उनके मुताबिक बदसलूकी के जिम्मेदार उसके कपड़े हैं और कोई नहीं। तृणमूल कांग्रेस के विधायक चिरंजीत चक्रवर्ती के मुताबिक लड़कियों के साथ जो बदसलूकी होती है उसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार हैं। बारासात में शुक्रवार को एक 12 साल की लड़की के साथ हुई बदसलसूकी के मामले में जांच करने गए चिरंजीत उल्टे पीड़ित के कपड़ों पर ही भड़क उठे। उन्होंने कहा कि लड़कियां ऐसे कपड़े पहनेंगी तो नौजवान भड़केंगे ही।टिप्पणियां तृणमूल कांग्रेस के विधायक ने यह भी कहा कि बदसलूकी और यौन उत्पीड़न करने वालों को सजा मिलनी चाहिए लेकिन इन घटनाओं की एक वजह लड़कियों के कपड़े होते हैं। वैसे, ममता सरकार को पहले से ही महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर उनके रवैये के लिए घेरा जाता रहा है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक चिरंजीत चक्रवर्ती के मुताबिक लड़कियों के साथ जो बदसलूकी होती है उसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार हैं। बारासात में शुक्रवार को एक 12 साल की लड़की के साथ हुई बदसलसूकी के मामले में जांच करने गए चिरंजीत उल्टे पीड़ित के कपड़ों पर ही भड़क उठे। उन्होंने कहा कि लड़कियां ऐसे कपड़े पहनेंगी तो नौजवान भड़केंगे ही।टिप्पणियां तृणमूल कांग्रेस के विधायक ने यह भी कहा कि बदसलूकी और यौन उत्पीड़न करने वालों को सजा मिलनी चाहिए लेकिन इन घटनाओं की एक वजह लड़कियों के कपड़े होते हैं। वैसे, ममता सरकार को पहले से ही महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर उनके रवैये के लिए घेरा जाता रहा है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक ने यह भी कहा कि बदसलूकी और यौन उत्पीड़न करने वालों को सजा मिलनी चाहिए लेकिन इन घटनाओं की एक वजह लड़कियों के कपड़े होते हैं। वैसे, ममता सरकार को पहले से ही महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर उनके रवैये के लिए घेरा जाता रहा है। वैसे, ममता सरकार को पहले से ही महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर उनके रवैये के लिए घेरा जाता रहा है।
यहाँ एक सारांश है:तृणमूल कांग्रेस के विधायक चिरंजीत चक्रवर्ती के मुताबिक लड़कियों के साथ जो बदसलूकी होती है उसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार हैं।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गत चैम्पियन साइना नेहवाल इंडानेशिया ओपन बैडमिंटन सुपर सीरिज के पहले ही मुकाबले में इंडोनेशिया की लिंडावेनी फानेत्री के हाथों हारने से बाल बाल बची। दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी साइना को 14वीं रैंकिंग वाली फानेत्री ने साइना के लिये खतरे की घंटी बजा दी। साइना ने सवा घंटे तक चले पहले दौर के मैच में आखिरकार 21-17, 27-29, 21-13 से जीत दर्ज की। अब उसका सामना जापान की सायाका तकाहाशी और थाईलैंड की पोर्नतिप पी के बीच बुधवार को होने वाले मैच के विजेता से होगा। दूसरी वरीयता प्राप्त साइना ने अच्छे स्मैश लगाये जबकि नेटप्ले में फानेत्री हावी रही। पहले गेम में फानेत्री 5-2 से आगे चल रही थी लेकिन जल्दी ही स्कोर 9-9 हो गया। इसके बाद साइना ने कुछ अच्छे स्मैश लगाये। दूसरे गेम में फानेत्री ने 11-9 की बढ़त बना ली। स्कोर एक समय 15-15 भी हुआ लेकिन फानेत्री ने सही समय पर वापसी करके गेम जीत लिया। निर्णायक गेम में हालांकि साइना ने अपना दबदबा बनाया। दमखम के मामले में वह अपनी प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ी।टिप्पणियां मिश्रिम युगल में तरूण कोना और अश्विनी पोनप्पा की 29वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 30वीं वरीयता प्राप्त प्रवीण जोर्डन और विता मारिसा को 21-18, 14-21, 25-23 से हराया। अब उनका सामना पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त राबर्ट एम और नादियेदा जेइबा की जोड़ी से होगा। दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी साइना को 14वीं रैंकिंग वाली फानेत्री ने साइना के लिये खतरे की घंटी बजा दी। साइना ने सवा घंटे तक चले पहले दौर के मैच में आखिरकार 21-17, 27-29, 21-13 से जीत दर्ज की। अब उसका सामना जापान की सायाका तकाहाशी और थाईलैंड की पोर्नतिप पी के बीच बुधवार को होने वाले मैच के विजेता से होगा। दूसरी वरीयता प्राप्त साइना ने अच्छे स्मैश लगाये जबकि नेटप्ले में फानेत्री हावी रही। पहले गेम में फानेत्री 5-2 से आगे चल रही थी लेकिन जल्दी ही स्कोर 9-9 हो गया। इसके बाद साइना ने कुछ अच्छे स्मैश लगाये। दूसरे गेम में फानेत्री ने 11-9 की बढ़त बना ली। स्कोर एक समय 15-15 भी हुआ लेकिन फानेत्री ने सही समय पर वापसी करके गेम जीत लिया। निर्णायक गेम में हालांकि साइना ने अपना दबदबा बनाया। दमखम के मामले में वह अपनी प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ी।टिप्पणियां मिश्रिम युगल में तरूण कोना और अश्विनी पोनप्पा की 29वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 30वीं वरीयता प्राप्त प्रवीण जोर्डन और विता मारिसा को 21-18, 14-21, 25-23 से हराया। अब उनका सामना पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त राबर्ट एम और नादियेदा जेइबा की जोड़ी से होगा। अब उसका सामना जापान की सायाका तकाहाशी और थाईलैंड की पोर्नतिप पी के बीच बुधवार को होने वाले मैच के विजेता से होगा। दूसरी वरीयता प्राप्त साइना ने अच्छे स्मैश लगाये जबकि नेटप्ले में फानेत्री हावी रही। पहले गेम में फानेत्री 5-2 से आगे चल रही थी लेकिन जल्दी ही स्कोर 9-9 हो गया। इसके बाद साइना ने कुछ अच्छे स्मैश लगाये। दूसरे गेम में फानेत्री ने 11-9 की बढ़त बना ली। स्कोर एक समय 15-15 भी हुआ लेकिन फानेत्री ने सही समय पर वापसी करके गेम जीत लिया। निर्णायक गेम में हालांकि साइना ने अपना दबदबा बनाया। दमखम के मामले में वह अपनी प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ी।टिप्पणियां मिश्रिम युगल में तरूण कोना और अश्विनी पोनप्पा की 29वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 30वीं वरीयता प्राप्त प्रवीण जोर्डन और विता मारिसा को 21-18, 14-21, 25-23 से हराया। अब उनका सामना पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त राबर्ट एम और नादियेदा जेइबा की जोड़ी से होगा। दूसरी वरीयता प्राप्त साइना ने अच्छे स्मैश लगाये जबकि नेटप्ले में फानेत्री हावी रही। पहले गेम में फानेत्री 5-2 से आगे चल रही थी लेकिन जल्दी ही स्कोर 9-9 हो गया। इसके बाद साइना ने कुछ अच्छे स्मैश लगाये। दूसरे गेम में फानेत्री ने 11-9 की बढ़त बना ली। स्कोर एक समय 15-15 भी हुआ लेकिन फानेत्री ने सही समय पर वापसी करके गेम जीत लिया। निर्णायक गेम में हालांकि साइना ने अपना दबदबा बनाया। दमखम के मामले में वह अपनी प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ी।टिप्पणियां मिश्रिम युगल में तरूण कोना और अश्विनी पोनप्पा की 29वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 30वीं वरीयता प्राप्त प्रवीण जोर्डन और विता मारिसा को 21-18, 14-21, 25-23 से हराया। अब उनका सामना पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त राबर्ट एम और नादियेदा जेइबा की जोड़ी से होगा। दूसरे गेम में फानेत्री ने 11-9 की बढ़त बना ली। स्कोर एक समय 15-15 भी हुआ लेकिन फानेत्री ने सही समय पर वापसी करके गेम जीत लिया। निर्णायक गेम में हालांकि साइना ने अपना दबदबा बनाया। दमखम के मामले में वह अपनी प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ी।टिप्पणियां मिश्रिम युगल में तरूण कोना और अश्विनी पोनप्पा की 29वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 30वीं वरीयता प्राप्त प्रवीण जोर्डन और विता मारिसा को 21-18, 14-21, 25-23 से हराया। अब उनका सामना पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त राबर्ट एम और नादियेदा जेइबा की जोड़ी से होगा। निर्णायक गेम में हालांकि साइना ने अपना दबदबा बनाया। दमखम के मामले में वह अपनी प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ी।टिप्पणियां मिश्रिम युगल में तरूण कोना और अश्विनी पोनप्पा की 29वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 30वीं वरीयता प्राप्त प्रवीण जोर्डन और विता मारिसा को 21-18, 14-21, 25-23 से हराया। अब उनका सामना पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त राबर्ट एम और नादियेदा जेइबा की जोड़ी से होगा। मिश्रिम युगल में तरूण कोना और अश्विनी पोनप्पा की 29वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 30वीं वरीयता प्राप्त प्रवीण जोर्डन और विता मारिसा को 21-18, 14-21, 25-23 से हराया। अब उनका सामना पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त राबर्ट एम और नादियेदा जेइबा की जोड़ी से होगा। अब उनका सामना पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त राबर्ट एम और नादियेदा जेइबा की जोड़ी से होगा।
यहाँ एक सारांश है:गत चैम्पियन साइना नेहवाल इंडानेशिया ओपन बैडमिंटन सुपर सीरिज के पहले ही मुकाबले में इंडोनेशिया की लिंडावेनी फानेत्री के हाथों हारने से बाल बाल बची।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान ने विवादित परमाणु कार्यक्रम पर उससे सीधी बातचीत करने की अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जो बिडेन की पेशकश पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की, लेकिन साथ ही मांग की कि पश्चिमी देश उस पर दबाव डालना बंद करें। ईरान के विदेशमंत्री अली अकबर सालेही ने बिडेन के बयान को ‘सकारात्मक’ एवं ‘आगे की दिशा में कदम’ बताकर उसका स्वागत किया।टिप्पणियां लेकिन इसी के साथ उन्होंने अपने देश का यह रुख दोहराया कि वह अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तभी तैयार होगा जब वह समानता के आधार पर हो। उन्होंने तीन दिवसीय म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के अंतिम दिन करीब 400 प्रतिनिधियों से कहा, दुर्भाग्य से हर बार जब हम बातचीत करते हैं तो यह दूसरा पक्ष ही है, जो अपने वादों पर नहीं टिका रहता। बिडेन ने इससे पूर्व कहा था कि ओबामा प्रशासन ईरान से उसके परमाणु गतिरोध पर सीधी बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते ईरानी नेतृत्व उसे गंभीरता से ले। ईरान के विदेशमंत्री अली अकबर सालेही ने बिडेन के बयान को ‘सकारात्मक’ एवं ‘आगे की दिशा में कदम’ बताकर उसका स्वागत किया।टिप्पणियां लेकिन इसी के साथ उन्होंने अपने देश का यह रुख दोहराया कि वह अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तभी तैयार होगा जब वह समानता के आधार पर हो। उन्होंने तीन दिवसीय म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के अंतिम दिन करीब 400 प्रतिनिधियों से कहा, दुर्भाग्य से हर बार जब हम बातचीत करते हैं तो यह दूसरा पक्ष ही है, जो अपने वादों पर नहीं टिका रहता। बिडेन ने इससे पूर्व कहा था कि ओबामा प्रशासन ईरान से उसके परमाणु गतिरोध पर सीधी बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते ईरानी नेतृत्व उसे गंभीरता से ले। लेकिन इसी के साथ उन्होंने अपने देश का यह रुख दोहराया कि वह अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तभी तैयार होगा जब वह समानता के आधार पर हो। उन्होंने तीन दिवसीय म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के अंतिम दिन करीब 400 प्रतिनिधियों से कहा, दुर्भाग्य से हर बार जब हम बातचीत करते हैं तो यह दूसरा पक्ष ही है, जो अपने वादों पर नहीं टिका रहता। बिडेन ने इससे पूर्व कहा था कि ओबामा प्रशासन ईरान से उसके परमाणु गतिरोध पर सीधी बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते ईरानी नेतृत्व उसे गंभीरता से ले। उन्होंने तीन दिवसीय म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के अंतिम दिन करीब 400 प्रतिनिधियों से कहा, दुर्भाग्य से हर बार जब हम बातचीत करते हैं तो यह दूसरा पक्ष ही है, जो अपने वादों पर नहीं टिका रहता। बिडेन ने इससे पूर्व कहा था कि ओबामा प्रशासन ईरान से उसके परमाणु गतिरोध पर सीधी बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते ईरानी नेतृत्व उसे गंभीरता से ले।
यह एक सारांश है: ईरान ने विवादित परमाणु कार्यक्रम पर उससे सीधी बातचीत करने की अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जो बिडेन की पेशकश पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की, लेकिन साथ ही मांग की कि पश्चिमी देश उस पर दबाव डालना बंद करें।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने आज व्यवस्था दी है कि अगर किसी मुजरिम को एक या उससे अधिक अपराधों में एक से ज्यादा बार आजीवन कारावास की सजा दी जाती है तो उसकी यह सजा एक साथ ही चलेंगी अलग-अलग नहीं। प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने कानून से जुड़े कई सवालों पर यह फैसला दिया है। इसमें एक सवाल यह भी था कि क्या दोषी को एक या उससे अधिक मामलों में एक से ज्यादा बार उम्र कैद की सजा दी जा सकती है? पीठ में न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्ला, एके सीकरी, एसए बोबडे और आर भानुमति भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि निचली और उच्च अदालतें किसी मामले के दोषी को उम्र कैद के साथ-साथ निश्चित अवधि की सजा भी सुना सकती हैं। इसमें दोषी से पहले निश्चित अवधि की सजा और फिर उम्र कैद की सजा काटने को कहा जा सकता है।टिप्पणियां यह फैसला कुछ याचिकाओं के आधार पर आया है। इन्हीं में से एक मामला ए मुथुरामालिंगम का था, जिसमें उन्होंने एक मामले में दी गई सजा के बारे में पूछा था कि ये सजाएं साथ-साथ भुगती जा सकती हैं या इन्हें एक के बाद एक भुगतना होगा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने कानून से जुड़े कई सवालों पर यह फैसला दिया है। इसमें एक सवाल यह भी था कि क्या दोषी को एक या उससे अधिक मामलों में एक से ज्यादा बार उम्र कैद की सजा दी जा सकती है? पीठ में न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्ला, एके सीकरी, एसए बोबडे और आर भानुमति भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि निचली और उच्च अदालतें किसी मामले के दोषी को उम्र कैद के साथ-साथ निश्चित अवधि की सजा भी सुना सकती हैं। इसमें दोषी से पहले निश्चित अवधि की सजा और फिर उम्र कैद की सजा काटने को कहा जा सकता है।टिप्पणियां यह फैसला कुछ याचिकाओं के आधार पर आया है। इन्हीं में से एक मामला ए मुथुरामालिंगम का था, जिसमें उन्होंने एक मामले में दी गई सजा के बारे में पूछा था कि ये सजाएं साथ-साथ भुगती जा सकती हैं या इन्हें एक के बाद एक भुगतना होगा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीठ में न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्ला, एके सीकरी, एसए बोबडे और आर भानुमति भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि निचली और उच्च अदालतें किसी मामले के दोषी को उम्र कैद के साथ-साथ निश्चित अवधि की सजा भी सुना सकती हैं। इसमें दोषी से पहले निश्चित अवधि की सजा और फिर उम्र कैद की सजा काटने को कहा जा सकता है।टिप्पणियां यह फैसला कुछ याचिकाओं के आधार पर आया है। इन्हीं में से एक मामला ए मुथुरामालिंगम का था, जिसमें उन्होंने एक मामले में दी गई सजा के बारे में पूछा था कि ये सजाएं साथ-साथ भुगती जा सकती हैं या इन्हें एक के बाद एक भुगतना होगा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह फैसला कुछ याचिकाओं के आधार पर आया है। इन्हीं में से एक मामला ए मुथुरामालिंगम का था, जिसमें उन्होंने एक मामले में दी गई सजा के बारे में पूछा था कि ये सजाएं साथ-साथ भुगती जा सकती हैं या इन्हें एक के बाद एक भुगतना होगा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:सुप्रीम कोर्ट ने दी उम्रकैद की सजाओं के लिए नई व्यवस्था। एक साथ चलेंगी उम्रकैद की दो या उससे अधिक सजाएं। कई याचिकाओं के आधार पर लिया गया फैसला।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 231.59 अंकों की तेजी के साथ 19,735.77 पर और निफ्टी 69.15 अंकों की तेजी के साथ 5,999.35 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 44.85 अंकों की गिरावट के साथ 19,459.33 पर खुला और 231.59 अंकों यानी 1.19 फीसदी की तेजी के साथ 19,735.77 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,792.00 के ऊपरी और 19,451.26 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। टीसीएस (3.48 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.48 फीसदी), एलएंडटी (2.61 फीसदी), इंफोसिस (2.35 फीसदी) और एचडीएफसी (1.99 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे हीरोमोटोकॉर्प (1.96 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (1.93 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.44 फीसदी), गेल इंडिया (1.38 फीसदी) और बजाज ऑटो (1.18 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,911.40 पर खुला और 69.15 अंकों यानी 1.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,999.35 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,019.45 के ऊपरी और 5,910.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 48.63 अंकों की तेजी के साथ 6,392.67 पर और स्मॉलकैप 34.57 अंकों की तेजी के साथ 6,055.73 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (2.55 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), रियल्टी (1.48 फीसदी) और बैंकिंग (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1271 शेयरों में तेजी और 1117 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 44.85 अंकों की गिरावट के साथ 19,459.33 पर खुला और 231.59 अंकों यानी 1.19 फीसदी की तेजी के साथ 19,735.77 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,792.00 के ऊपरी और 19,451.26 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। टीसीएस (3.48 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.48 फीसदी), एलएंडटी (2.61 फीसदी), इंफोसिस (2.35 फीसदी) और एचडीएफसी (1.99 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे हीरोमोटोकॉर्प (1.96 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (1.93 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.44 फीसदी), गेल इंडिया (1.38 फीसदी) और बजाज ऑटो (1.18 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,911.40 पर खुला और 69.15 अंकों यानी 1.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,999.35 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,019.45 के ऊपरी और 5,910.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 48.63 अंकों की तेजी के साथ 6,392.67 पर और स्मॉलकैप 34.57 अंकों की तेजी के साथ 6,055.73 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (2.55 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), रियल्टी (1.48 फीसदी) और बैंकिंग (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1271 शेयरों में तेजी और 1117 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। टीसीएस (3.48 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.48 फीसदी), एलएंडटी (2.61 फीसदी), इंफोसिस (2.35 फीसदी) और एचडीएफसी (1.99 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे हीरोमोटोकॉर्प (1.96 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (1.93 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.44 फीसदी), गेल इंडिया (1.38 फीसदी) और बजाज ऑटो (1.18 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,911.40 पर खुला और 69.15 अंकों यानी 1.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,999.35 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,019.45 के ऊपरी और 5,910.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 48.63 अंकों की तेजी के साथ 6,392.67 पर और स्मॉलकैप 34.57 अंकों की तेजी के साथ 6,055.73 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (2.55 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), रियल्टी (1.48 फीसदी) और बैंकिंग (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1271 शेयरों में तेजी और 1117 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे हीरोमोटोकॉर्प (1.96 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (1.93 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.44 फीसदी), गेल इंडिया (1.38 फीसदी) और बजाज ऑटो (1.18 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,911.40 पर खुला और 69.15 अंकों यानी 1.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,999.35 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,019.45 के ऊपरी और 5,910.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 48.63 अंकों की तेजी के साथ 6,392.67 पर और स्मॉलकैप 34.57 अंकों की तेजी के साथ 6,055.73 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (2.55 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), रियल्टी (1.48 फीसदी) और बैंकिंग (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1271 शेयरों में तेजी और 1117 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,911.40 पर खुला और 69.15 अंकों यानी 1.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,999.35 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,019.45 के ऊपरी और 5,910.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 48.63 अंकों की तेजी के साथ 6,392.67 पर और स्मॉलकैप 34.57 अंकों की तेजी के साथ 6,055.73 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (2.55 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), रियल्टी (1.48 फीसदी) और बैंकिंग (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1271 शेयरों में तेजी और 1117 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 48.63 अंकों की तेजी के साथ 6,392.67 पर और स्मॉलकैप 34.57 अंकों की तेजी के साथ 6,055.73 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (2.55 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), रियल्टी (1.48 फीसदी) और बैंकिंग (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1271 शेयरों में तेजी और 1117 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (2.55 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), रियल्टी (1.48 फीसदी) और बैंकिंग (1.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1271 शेयरों में तेजी और 1117 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1271 शेयरों में तेजी और 1117 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स 231.59 अंकों की तेजी के साथ 19,735.77 पर और निफ्टी 69.15 अंकों की तेजी के साथ 5,999.35 पर बंद हुआ।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के करीबी सहायक और तीन अन्य के खिलाफ शनिवार को आरोप तय किए। इससे इनके खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया। इन लोगों को कश्मीर घाटी में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को धन मुहैया कराने के लिए कथित तौर पर हवाला गिरोह चलाने को लेकर गिरफ्तार किया गया था।टिप्पणियां जिला न्यायाधीश एचएस शर्मा ने गिलानी के करीबी सहायक गुलाम मोहम्मद भट, मोहम्मद सिद्दीक गनई और गुलाम जिलानी लिलू और फारूक अहमद डग्गा के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए। वे फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘सभी आरोपियों को विस्तार से आरोप स्प्ष्ट कर दिए गए हैं। उन्होंने अपना गुनाह नहीं कबूला है।’’ उन्होंने कहा कि मुकदमा 16 अप्रैल से शुरू होगा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पिछले साल चारों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। इसमें उन्हें 2008 के बाद तीन सालों के भीतर हवाला माध्यमों के जरिए पाकिस्तान से 4.57 करोड़ रुपये से अधिक रकम हासिल करने के लिए अभ्यारोपित किया गया। यह धन घाटी में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के लिए हासिल किया गया था। जिला न्यायाधीश एचएस शर्मा ने गिलानी के करीबी सहायक गुलाम मोहम्मद भट, मोहम्मद सिद्दीक गनई और गुलाम जिलानी लिलू और फारूक अहमद डग्गा के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए। वे फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘सभी आरोपियों को विस्तार से आरोप स्प्ष्ट कर दिए गए हैं। उन्होंने अपना गुनाह नहीं कबूला है।’’ उन्होंने कहा कि मुकदमा 16 अप्रैल से शुरू होगा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पिछले साल चारों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। इसमें उन्हें 2008 के बाद तीन सालों के भीतर हवाला माध्यमों के जरिए पाकिस्तान से 4.57 करोड़ रुपये से अधिक रकम हासिल करने के लिए अभ्यारोपित किया गया। यह धन घाटी में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के लिए हासिल किया गया था। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘सभी आरोपियों को विस्तार से आरोप स्प्ष्ट कर दिए गए हैं। उन्होंने अपना गुनाह नहीं कबूला है।’’ उन्होंने कहा कि मुकदमा 16 अप्रैल से शुरू होगा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पिछले साल चारों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। इसमें उन्हें 2008 के बाद तीन सालों के भीतर हवाला माध्यमों के जरिए पाकिस्तान से 4.57 करोड़ रुपये से अधिक रकम हासिल करने के लिए अभ्यारोपित किया गया। यह धन घाटी में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के लिए हासिल किया गया था।
यहाँ एक सारांश है:इन लोगों को कश्मीर घाटी में हिज्बुल मुजाहिदीन को धन मुहैया कराने के लिए कथित तौर पर हवाला गिरोह चलाने को लेकर गिरफ्तार किया गया था।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का पांचवां संस्करण बुधवार से शुरू हो रहा है। चार अप्रैल से 27 मई तक चलने वाले ट्वेंटी-20 क्रिकेट के इस मेले में चौकों और छक्कों की बरसात के अलावा विकेटों की पतझड़ भी देखने को मिलेगी। क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप को पहले बल्लेबाजों का खेल माना जा रहा था लेकिन तेज रफ्तार और फिरकी ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है। टूर्नामेंट का पहला संस्करण शुरू होने से पहले पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट के जानकारों का कहना था कि इस खेल में गेंदबाजों की शामत आने वाली है लेकिन गेंदबाजों ने उनकी बातों को दरकिनार कर अपने ऊपर विश्वास रखा और जमकर विकेट झटककर उन्हें गलत साबित किया। पिछले चार संस्करणों की तरह इस बार भी सबकी निगाहें बल्लेबाजों के अलावा तेज और स्पिन गेंदबाजों पर भी रहेगी जिन्होंने पिछले चार संस्करणें में विश्व के दिग्गज बल्लेबाजों को अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से खूब छकाया है। आईपीाएल में अब तक सर्वाधिक विकेट चटकाने का रिकॉर्ड मध्यम गति के गेंदबाज रुद्र प्रताप सिंह के नाम दर्ज है। रुद्र ने (2008-11 जिनमें डेक्कन चार्जर्स और कोच्चि टस्कर्स की टीमें शामिल हैं) अब तक 56 मैचों में कुल 64 विकेट झटके हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 22 रन खर्च कर चार विकेट रहा है। आरपी ने इस दौरान कुल 203 ओवर की अपनी गेंदबाजी में 1574 रन लुटाए हैं। चार्जर्स टीम को वर्ष 2009 में चैम्पियन बनाने में रुद्र की मुख्य भूमिका रही थी। रुद्र ने उस दौरान 16 मैच खेले थे जिनमें उन्होंने 23 विकेट झटके थे। यह आईपीएल का दूसरा संस्करण था। दूसरे संस्करण में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में रुद्र शीर्ष पर थे। अजीबो-गरीब एक्शन से गेंदबाजी करने वाले मुम्बई इंडियंस के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा का स्लिंगा एक्शन आजकल काफी सुर्खियों में है। मलिंगा ने (2009-11) मुम्बई इंडियंस की ओर से कुल 42 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 61 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन खर्च कर पांच विकेट रहा है। मलिंगा ने उपरोक्त ओवरों में 161.3 ओवरों की गेंदबाजी में चार ओवर मेडन रखते हुए 1031 रन खर्च किए हैं। पिछले वर्ष मुम्बई को दूसरे और अंतिम क्वालीफाइंग के फाइनल तक का सफर तय कराने में मलिंगा ने बेहतरीन रोल अदा किया था। मलिंगा ने पिछले वर्ष 16 मैचों में कसी हुई गेंदबाजी कर 28 विकेट झटकने में सफलता पाई थी। इस दौरान उन्होंने 63 ओवर की अपनी गेंदबाजी में दो ओवर मेडन रखते हुए 375 रन खर्च किए थे। वर्ष 2011 में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में मलिंगा शीर्ष पर थे। लम्बे समय बाद हाल में भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले मध्यम गति के गेंदबाज इरफान पठान ने (2008-11 तक दिल्ली डेयर डेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब) अब तक 56 मैचों में 58 विकेट अपने नाम किए हैं। पठान ने अपने 195.3 ओवर की गेंदबाजी में पांच ओवर मेडन रखते हुए 1510 रन खर्च किए हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 24 रन पर तीन विकेट रही है। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। टूर्नामेंट का पहला संस्करण शुरू होने से पहले पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट के जानकारों का कहना था कि इस खेल में गेंदबाजों की शामत आने वाली है लेकिन गेंदबाजों ने उनकी बातों को दरकिनार कर अपने ऊपर विश्वास रखा और जमकर विकेट झटककर उन्हें गलत साबित किया। पिछले चार संस्करणों की तरह इस बार भी सबकी निगाहें बल्लेबाजों के अलावा तेज और स्पिन गेंदबाजों पर भी रहेगी जिन्होंने पिछले चार संस्करणें में विश्व के दिग्गज बल्लेबाजों को अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से खूब छकाया है। आईपीाएल में अब तक सर्वाधिक विकेट चटकाने का रिकॉर्ड मध्यम गति के गेंदबाज रुद्र प्रताप सिंह के नाम दर्ज है। रुद्र ने (2008-11 जिनमें डेक्कन चार्जर्स और कोच्चि टस्कर्स की टीमें शामिल हैं) अब तक 56 मैचों में कुल 64 विकेट झटके हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 22 रन खर्च कर चार विकेट रहा है। आरपी ने इस दौरान कुल 203 ओवर की अपनी गेंदबाजी में 1574 रन लुटाए हैं। चार्जर्स टीम को वर्ष 2009 में चैम्पियन बनाने में रुद्र की मुख्य भूमिका रही थी। रुद्र ने उस दौरान 16 मैच खेले थे जिनमें उन्होंने 23 विकेट झटके थे। यह आईपीएल का दूसरा संस्करण था। दूसरे संस्करण में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में रुद्र शीर्ष पर थे। अजीबो-गरीब एक्शन से गेंदबाजी करने वाले मुम्बई इंडियंस के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा का स्लिंगा एक्शन आजकल काफी सुर्खियों में है। मलिंगा ने (2009-11) मुम्बई इंडियंस की ओर से कुल 42 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 61 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन खर्च कर पांच विकेट रहा है। मलिंगा ने उपरोक्त ओवरों में 161.3 ओवरों की गेंदबाजी में चार ओवर मेडन रखते हुए 1031 रन खर्च किए हैं। पिछले वर्ष मुम्बई को दूसरे और अंतिम क्वालीफाइंग के फाइनल तक का सफर तय कराने में मलिंगा ने बेहतरीन रोल अदा किया था। मलिंगा ने पिछले वर्ष 16 मैचों में कसी हुई गेंदबाजी कर 28 विकेट झटकने में सफलता पाई थी। इस दौरान उन्होंने 63 ओवर की अपनी गेंदबाजी में दो ओवर मेडन रखते हुए 375 रन खर्च किए थे। वर्ष 2011 में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में मलिंगा शीर्ष पर थे। लम्बे समय बाद हाल में भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले मध्यम गति के गेंदबाज इरफान पठान ने (2008-11 तक दिल्ली डेयर डेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब) अब तक 56 मैचों में 58 विकेट अपने नाम किए हैं। पठान ने अपने 195.3 ओवर की गेंदबाजी में पांच ओवर मेडन रखते हुए 1510 रन खर्च किए हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 24 रन पर तीन विकेट रही है। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। पिछले चार संस्करणों की तरह इस बार भी सबकी निगाहें बल्लेबाजों के अलावा तेज और स्पिन गेंदबाजों पर भी रहेगी जिन्होंने पिछले चार संस्करणें में विश्व के दिग्गज बल्लेबाजों को अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से खूब छकाया है। आईपीाएल में अब तक सर्वाधिक विकेट चटकाने का रिकॉर्ड मध्यम गति के गेंदबाज रुद्र प्रताप सिंह के नाम दर्ज है। रुद्र ने (2008-11 जिनमें डेक्कन चार्जर्स और कोच्चि टस्कर्स की टीमें शामिल हैं) अब तक 56 मैचों में कुल 64 विकेट झटके हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 22 रन खर्च कर चार विकेट रहा है। आरपी ने इस दौरान कुल 203 ओवर की अपनी गेंदबाजी में 1574 रन लुटाए हैं। चार्जर्स टीम को वर्ष 2009 में चैम्पियन बनाने में रुद्र की मुख्य भूमिका रही थी। रुद्र ने उस दौरान 16 मैच खेले थे जिनमें उन्होंने 23 विकेट झटके थे। यह आईपीएल का दूसरा संस्करण था। दूसरे संस्करण में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में रुद्र शीर्ष पर थे। अजीबो-गरीब एक्शन से गेंदबाजी करने वाले मुम्बई इंडियंस के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा का स्लिंगा एक्शन आजकल काफी सुर्खियों में है। मलिंगा ने (2009-11) मुम्बई इंडियंस की ओर से कुल 42 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 61 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन खर्च कर पांच विकेट रहा है। मलिंगा ने उपरोक्त ओवरों में 161.3 ओवरों की गेंदबाजी में चार ओवर मेडन रखते हुए 1031 रन खर्च किए हैं। पिछले वर्ष मुम्बई को दूसरे और अंतिम क्वालीफाइंग के फाइनल तक का सफर तय कराने में मलिंगा ने बेहतरीन रोल अदा किया था। मलिंगा ने पिछले वर्ष 16 मैचों में कसी हुई गेंदबाजी कर 28 विकेट झटकने में सफलता पाई थी। इस दौरान उन्होंने 63 ओवर की अपनी गेंदबाजी में दो ओवर मेडन रखते हुए 375 रन खर्च किए थे। वर्ष 2011 में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में मलिंगा शीर्ष पर थे। लम्बे समय बाद हाल में भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले मध्यम गति के गेंदबाज इरफान पठान ने (2008-11 तक दिल्ली डेयर डेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब) अब तक 56 मैचों में 58 विकेट अपने नाम किए हैं। पठान ने अपने 195.3 ओवर की गेंदबाजी में पांच ओवर मेडन रखते हुए 1510 रन खर्च किए हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 24 रन पर तीन विकेट रही है। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। रुद्र ने (2008-11 जिनमें डेक्कन चार्जर्स और कोच्चि टस्कर्स की टीमें शामिल हैं) अब तक 56 मैचों में कुल 64 विकेट झटके हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 22 रन खर्च कर चार विकेट रहा है। आरपी ने इस दौरान कुल 203 ओवर की अपनी गेंदबाजी में 1574 रन लुटाए हैं। चार्जर्स टीम को वर्ष 2009 में चैम्पियन बनाने में रुद्र की मुख्य भूमिका रही थी। रुद्र ने उस दौरान 16 मैच खेले थे जिनमें उन्होंने 23 विकेट झटके थे। यह आईपीएल का दूसरा संस्करण था। दूसरे संस्करण में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में रुद्र शीर्ष पर थे। अजीबो-गरीब एक्शन से गेंदबाजी करने वाले मुम्बई इंडियंस के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा का स्लिंगा एक्शन आजकल काफी सुर्खियों में है। मलिंगा ने (2009-11) मुम्बई इंडियंस की ओर से कुल 42 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 61 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन खर्च कर पांच विकेट रहा है। मलिंगा ने उपरोक्त ओवरों में 161.3 ओवरों की गेंदबाजी में चार ओवर मेडन रखते हुए 1031 रन खर्च किए हैं। पिछले वर्ष मुम्बई को दूसरे और अंतिम क्वालीफाइंग के फाइनल तक का सफर तय कराने में मलिंगा ने बेहतरीन रोल अदा किया था। मलिंगा ने पिछले वर्ष 16 मैचों में कसी हुई गेंदबाजी कर 28 विकेट झटकने में सफलता पाई थी। इस दौरान उन्होंने 63 ओवर की अपनी गेंदबाजी में दो ओवर मेडन रखते हुए 375 रन खर्च किए थे। वर्ष 2011 में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में मलिंगा शीर्ष पर थे। लम्बे समय बाद हाल में भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले मध्यम गति के गेंदबाज इरफान पठान ने (2008-11 तक दिल्ली डेयर डेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब) अब तक 56 मैचों में 58 विकेट अपने नाम किए हैं। पठान ने अपने 195.3 ओवर की गेंदबाजी में पांच ओवर मेडन रखते हुए 1510 रन खर्च किए हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 24 रन पर तीन विकेट रही है। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। चार्जर्स टीम को वर्ष 2009 में चैम्पियन बनाने में रुद्र की मुख्य भूमिका रही थी। रुद्र ने उस दौरान 16 मैच खेले थे जिनमें उन्होंने 23 विकेट झटके थे। यह आईपीएल का दूसरा संस्करण था। दूसरे संस्करण में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में रुद्र शीर्ष पर थे। अजीबो-गरीब एक्शन से गेंदबाजी करने वाले मुम्बई इंडियंस के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा का स्लिंगा एक्शन आजकल काफी सुर्खियों में है। मलिंगा ने (2009-11) मुम्बई इंडियंस की ओर से कुल 42 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 61 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन खर्च कर पांच विकेट रहा है। मलिंगा ने उपरोक्त ओवरों में 161.3 ओवरों की गेंदबाजी में चार ओवर मेडन रखते हुए 1031 रन खर्च किए हैं। पिछले वर्ष मुम्बई को दूसरे और अंतिम क्वालीफाइंग के फाइनल तक का सफर तय कराने में मलिंगा ने बेहतरीन रोल अदा किया था। मलिंगा ने पिछले वर्ष 16 मैचों में कसी हुई गेंदबाजी कर 28 विकेट झटकने में सफलता पाई थी। इस दौरान उन्होंने 63 ओवर की अपनी गेंदबाजी में दो ओवर मेडन रखते हुए 375 रन खर्च किए थे। वर्ष 2011 में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में मलिंगा शीर्ष पर थे। लम्बे समय बाद हाल में भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले मध्यम गति के गेंदबाज इरफान पठान ने (2008-11 तक दिल्ली डेयर डेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब) अब तक 56 मैचों में 58 विकेट अपने नाम किए हैं। पठान ने अपने 195.3 ओवर की गेंदबाजी में पांच ओवर मेडन रखते हुए 1510 रन खर्च किए हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 24 रन पर तीन विकेट रही है। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। अजीबो-गरीब एक्शन से गेंदबाजी करने वाले मुम्बई इंडियंस के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा का स्लिंगा एक्शन आजकल काफी सुर्खियों में है। मलिंगा ने (2009-11) मुम्बई इंडियंस की ओर से कुल 42 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 61 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन खर्च कर पांच विकेट रहा है। मलिंगा ने उपरोक्त ओवरों में 161.3 ओवरों की गेंदबाजी में चार ओवर मेडन रखते हुए 1031 रन खर्च किए हैं। पिछले वर्ष मुम्बई को दूसरे और अंतिम क्वालीफाइंग के फाइनल तक का सफर तय कराने में मलिंगा ने बेहतरीन रोल अदा किया था। मलिंगा ने पिछले वर्ष 16 मैचों में कसी हुई गेंदबाजी कर 28 विकेट झटकने में सफलता पाई थी। इस दौरान उन्होंने 63 ओवर की अपनी गेंदबाजी में दो ओवर मेडन रखते हुए 375 रन खर्च किए थे। वर्ष 2011 में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में मलिंगा शीर्ष पर थे। लम्बे समय बाद हाल में भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले मध्यम गति के गेंदबाज इरफान पठान ने (2008-11 तक दिल्ली डेयर डेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब) अब तक 56 मैचों में 58 विकेट अपने नाम किए हैं। पठान ने अपने 195.3 ओवर की गेंदबाजी में पांच ओवर मेडन रखते हुए 1510 रन खर्च किए हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 24 रन पर तीन विकेट रही है। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। मलिंगा ने उपरोक्त ओवरों में 161.3 ओवरों की गेंदबाजी में चार ओवर मेडन रखते हुए 1031 रन खर्च किए हैं। पिछले वर्ष मुम्बई को दूसरे और अंतिम क्वालीफाइंग के फाइनल तक का सफर तय कराने में मलिंगा ने बेहतरीन रोल अदा किया था। मलिंगा ने पिछले वर्ष 16 मैचों में कसी हुई गेंदबाजी कर 28 विकेट झटकने में सफलता पाई थी। इस दौरान उन्होंने 63 ओवर की अपनी गेंदबाजी में दो ओवर मेडन रखते हुए 375 रन खर्च किए थे। वर्ष 2011 में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में मलिंगा शीर्ष पर थे। लम्बे समय बाद हाल में भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले मध्यम गति के गेंदबाज इरफान पठान ने (2008-11 तक दिल्ली डेयर डेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब) अब तक 56 मैचों में 58 विकेट अपने नाम किए हैं। पठान ने अपने 195.3 ओवर की गेंदबाजी में पांच ओवर मेडन रखते हुए 1510 रन खर्च किए हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 24 रन पर तीन विकेट रही है। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। मलिंगा ने पिछले वर्ष 16 मैचों में कसी हुई गेंदबाजी कर 28 विकेट झटकने में सफलता पाई थी। इस दौरान उन्होंने 63 ओवर की अपनी गेंदबाजी में दो ओवर मेडन रखते हुए 375 रन खर्च किए थे। वर्ष 2011 में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में मलिंगा शीर्ष पर थे। लम्बे समय बाद हाल में भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले मध्यम गति के गेंदबाज इरफान पठान ने (2008-11 तक दिल्ली डेयर डेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब) अब तक 56 मैचों में 58 विकेट अपने नाम किए हैं। पठान ने अपने 195.3 ओवर की गेंदबाजी में पांच ओवर मेडन रखते हुए 1510 रन खर्च किए हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 24 रन पर तीन विकेट रही है। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। लम्बे समय बाद हाल में भारत की राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले मध्यम गति के गेंदबाज इरफान पठान ने (2008-11 तक दिल्ली डेयर डेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब) अब तक 56 मैचों में 58 विकेट अपने नाम किए हैं। पठान ने अपने 195.3 ओवर की गेंदबाजी में पांच ओवर मेडन रखते हुए 1510 रन खर्च किए हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 24 रन पर तीन विकेट रही है। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। स्पिन गेंदबाजों में अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला ने अपनी फिरकी पर दिग्गज बल्लेबाजों को खूब नचाया है। मिश्रा ने (2008-11 डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयर डेविल्स) 45 मैचों में 61 शिकार किए हैं। अपने 168.2 ओवर की गेंदबाजी में मिश्रा ने तीन ओवर मेडन फेंकते हुए 1153 रन लुटाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन पर पांच विकेट है। मिश्रा ने पिछले वर्ष 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं जिनमें नौ रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। प्रज्ञान ने चार्जर्स की ओर से अब तक 54 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 60 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 21 रन पर तीन विकेट रहा है।टिप्पणियां चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। चावला ने किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से (2008-11) अब तक 55 मैचों की 55 पारियों में 182 ओवर की गेंदबाजी में 1400 रन खर्च कर कुल 57 विकेट झटके हैं। इस दौरान 17 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे। पिछले वर्ष चावला ने 12 मैचों में 41.2 ओवर की गेंदबाजी की थी जिनमें उन्होंने 336 रन लुटाकर 16 विकेट अपनी झोली में डाले थे। गेंदबाजों के उपरोक्त प्रदर्शन को देखकर कहा जा सकता है कि हर बार की तरह इस बार भी रफ्तार और फिरकी एक बार फिर से जलवा बिखेरने को तैयार होंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चार अप्रैल से 27 मई तक चलने वाले ट्वेंटी-20 क्रिकेट के इस मेले में चौकों और छक्कों की बरसात के अलावा विकेटों की पतझड़ भी देखने को मिलेगी।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी तेज गेंदबाज वसीम अकरम चाहते हैं कि भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर दोनों पड़ोसी देशों के लिए शांति दूत बनें। तेंदुलकर के कल 40वें जन्मदिन से अकरम ने इस स्टार बल्लेबाज से दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने में मदद करने की अपील की।टिप्पणियां अकरम ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के लोग उन्हें आइकन, महान क्रिकेटर और महान बल्लेबाज के रूप में देखते हैं। भारत और दुनिया में उनका जितना सम्मान होता है पाकिस्तान के लोग भी उनका उतना ही आदर करते हैं।’’ उन्होंने ‘बीबीसी’ रेडियो के विशेष कार्यक्रम ‘सचिन एट 40’ कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘वह सुपरस्टार है लेकिन कम बात करता है। वह सच्चा आदर्श है और वह दूत के रूप में इन दोनों देशों के बीच काफी मददगार और उपयोगी हो सकता है।’’ अकरम ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के लोग उन्हें आइकन, महान क्रिकेटर और महान बल्लेबाज के रूप में देखते हैं। भारत और दुनिया में उनका जितना सम्मान होता है पाकिस्तान के लोग भी उनका उतना ही आदर करते हैं।’’ उन्होंने ‘बीबीसी’ रेडियो के विशेष कार्यक्रम ‘सचिन एट 40’ कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘वह सुपरस्टार है लेकिन कम बात करता है। वह सच्चा आदर्श है और वह दूत के रूप में इन दोनों देशों के बीच काफी मददगार और उपयोगी हो सकता है।’’ उन्होंने ‘बीबीसी’ रेडियो के विशेष कार्यक्रम ‘सचिन एट 40’ कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘वह सुपरस्टार है लेकिन कम बात करता है। वह सच्चा आदर्श है और वह दूत के रूप में इन दोनों देशों के बीच काफी मददगार और उपयोगी हो सकता है।’’
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तानी तेज गेंदबाज वसीम अकरम चाहते हैं कि भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर दोनों पड़ोसी देशों के लिए शांति दूत बनें। तेंदुलकर के कल 40वें जन्मदिन से अकरम ने इस स्टार बल्लेबाज से दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने में मदद करने की अपील की।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सब्जी, फल, दूध और दाल, अंडे, मांस, मछली जैसे प्रोटीन आधारित उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण 15 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 11.43 फीसदी पर पहुंच गई। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति पिछले सप्ताह 10.60 फीसदी थी। पिछले साल की समान अवधि में खाद्य कीमतों की कीमतों की महंगाई दर 14.20 फीसदी थी। सरकार द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक सब्जियों के दाम में सालाना स्तर पर 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह फल की कीमत 11.96 फीसदी, दूध की 10.85 फीसदी और अंडा, मांस एवं मछली की कीमत 12.82 फीसदी बढ़ी। हालांकि उक्त सप्ताह में प्याज 18.93 फीसदी सस्ता हुआ और गेहूं की कीमत 0.95 फीसदी और आलू की कीमत 0.45 फीसदी कम हुई। साप्ताहिक स्तर पर 15 अक्टूबर को समाप्त हफ्ते में प्राथमिक उत्पाद खंड की मुद्रास्फीति 11.75 फीसदी रही, जबकि इसके पिछले सप्ताह यह 11.18 फीसदी थी। थोक मूल्य सूचकांक में प्राथमिक उत्पादों का योगदान 20 प्रतिशत से अधिक है। समीक्षाधीन अवधि में फाइबर, तिलहन और खनिज समेत गैर खाद्य उत्पादों की मुद्रास्फीति 7.87 फीसदी रही, जबकि 8 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान यह 8.51 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र की मुद्रास्फीति 15 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 14.70 फीसदी रही, जबकि इसके पिछले सप्ताह यह 15.17 फीसदी थी। खाद्य कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से सरकार और रिजर्व बैंक पर इस स्थिति से तेजी से निपटने का दबाव बढ़ सकता है। सकल मुद्रास्फीति दिसंबर 2010 से नौ फीसदी से ऊपर बनी हुई है। इस साल सितंबर में यह 9.72 फीसदी पर थी। आरबीआई मांग पर लगाम लगाने और मुद्रास्फीति कम करने के लिए मार्च 2010 से 13 बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर चुका है। इस सप्ताह मौद्रिक नीति की हुई दूसरी तिमाही समीक्षा में सर्वोच्च बैंक ने कहा कि मार्च, 2012 तक सात फीसदी पर आने से पहले मुद्रास्फीति मांग और आपूर्ति में अंतर के कारण दिसंबर तक उच्च स्तर पर बनी रहेगी।
यहाँ एक सारांश है:सब्जी, फल, दूध, दाल, मांस, मछली जैसे उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी से 15 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 11.43% हो गई।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने गुरुवार को लोकसभा चुनाव के लिए वाराणसी का नाम तब लिया, जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनकी मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया. वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और इस बार भी वह लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार हैं. सोनिया गांधी गुरुवार को रायबरेली में कांग्रेस के बूथ कार्यकर्ताओं से मिलीं. एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस दौरान कार्यकर्ता ने चुनाव लड़ने के लिए रायबरेली क्षेत्र का नाम लिया तो प्रियंका गांधी ने कहा, 'वाराणसी क्यों नहीं?'  प्रियंका गांधी ने गुरुवार को रायबरेली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हुए कहा कि उनकी मां सोनिया गांधी थोड़ी परेशान थीं, क्योंकि वह खुद आप सभी से मिलने नहीं आ सकीं. इस पर वहां मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें रायबरेली से चुनाव लड़ने के लिए कहा. इस पर हंसते हुए प्रियंका ने जवाब दिया, 'वाराणसी से क्यों नहीं'. उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी अयोध्या में होंगी. प्रियंका गांधी हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी, फिर एक रोड शो करेंगी.  इस दौरान वह हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन करेंगी और रोड शो में भाग लेंगी. कार्यक्रम समन्वयक मोना मिश्र ने बताया कि कुमारगंज, हरदोईया, आदिलपुर, नउवाकुआं में नुक्कड़ सभा और चौपाल का कार्यक्रम आयोजित किया गया है. उन्होंने बताया कि इसके अलावा वह रोड शो भी करेंगी. कुमारगंज से प्रियंका गांधी का रोड शो शुरू होगा और अयोध्या के हनुमागढ़ी में समाप्त होगा. प्रियंका गांधी करीब साढ़े पांच घंटे अयोध्या में रहेंगी. हनुमानगढ़ी में प्रियंका पूजा अर्चना करेंगी. उनके रोड शो को लेकर एसपीजी ने कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया.
यहाँ एक सारांश है:गुरुवार को रायबरेली में थीं प्रियंका गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूछा ऐसा सवाल तो प्रियंका गांधी बोलीं, 'वाराणसी से क्यों नहीं?'
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'बिग बॉस' के घर में 73वें दिन स्वामी ओम ने अपनी मनमानी चलाने की कोशिश की, हालांकि वह सफल नहीं हुए और इस कारण घरवालों के गुस्से का शिकार भी हुए. दिन की शुरुआत 'मस्त बहारों का मैं आशिक' गाने से हुई. दूसरे दिन भी तूफान टास्क जारी रहा, दिन के पहले तूफान में बानी जे टास्क से डिस्क्वालिफाई हो गईं. इसके ठीक बाद स्वामी ओम एक बार फिर इगलू के बाहर स्टूल लगाकर बैठ गए. इस दौरान वह कैमरे से बात भी करते रहे है कि वह बूढ़े हैं और दूर रहेंगे तो इगलू में घुस नहीं पाएंगे. स्वामी ओम की हरकतों से नाराज रोहन मेहरा ने तय किया कि वह उन्हें टास्क में आगे नहीं जाने देंगे. इसके लिए वह स्वामी ओम के ठीक सामने स्टूल लगाकर इस तरह बैठ गए कि स्वामी ओम इगलू में न घुस सकें. इसके बाद गर्मी लगने की बात कहते हुए उन्होंने अपने कश्मीरी कपड़े का लोअर उतार दिया और ऐसे ही बैठ गए. स्वामी ओम की इस हरकत ने सभी घरवालों को चौंका दिया. बाद में मनवीर के कहने पर उन्होंने कपड़े वापस पहने.इस बीच बानी जे अपने दोस्त गौरव चोपड़ा से इस बात पर लड़ने लगीं कि उन्होंने खाने के लिए उनका इंतजार नहीं किया. इस पर गौरव ने बानी से कहा कि उन्हें इतनी छोटी सी बात का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए. शो के अंत में दोनों के बीच एक बार फिर बहस हो गई.टिप्पणियां जब काफी देर तक रोहन और स्वामी ओम इगलू के सामने से नहीं उठे तब 'बिग बॉस' ने एक चिट्ठी भेजी और लोपा को निर्देश दिया कि चिट्ठी के साथ भेजे गए स्प्रे की मदद से वह एक बड़ा 'D' बनाएं और निर्देश दिए कि तूफान आने से पहले कोई भी सदस्य उस 'D' के अंदर नहीं जाएगा. इस दौरान जब लोपा ने स्वामी ओम से कहा कि वह अपने पैर निशान से बाहर रखें तो वह उनसे भी लड़ने लगे. इसके बाद जब तूफान आया तो सभी सदस्य इगलू के अंदर घुसे लेकिन घरवाले यह तय नहीं कर पा रहे थे कि इगलू में लोपा आखिरी में घुसीं या स्वामी ओम. घरवालों की समस्या का समाधान करते हुए 'बिग बॉस' ने कहा कि इगलू में स्वामी ओम सबसे बाद में घुसे थे इसलिए वह टास्क से डिस्क्वालीफाई किए जाते हैं. इस फैसले से ओम स्वामी नाराज हो गए और 'बिग बॉस' पर भेदभाव करने का आरोप लगाने लगे, वह यह भी कहने लगे कि वीकेंड का वार में वह सलमान खान से इस बारे में बात भी करेंगे.दिन में जब तीसरी बार तूफान आया तब मनु, मनवीर और रोहन इगलू में घुस गए जबकि लोपामुद्रा बाहर ही रह गईं. इसके बाद मनवीर ने मनु से कहा कि वह उन्हें जन्मदिन का गिफ्ट देना चाहते हैं और इसलिए वह उन्हें और रोहन को अंदर जाने देंगे और खुद बाद में जाएंगे. इस पर मनु ने उन्हें समझाया कि गेम को गेम की तरह ही खेलें और दोनों साथ अंदर जाएंगे. टास्क से बाहर होने के बाद भी स्वामी ओम अपना गंदा खेल खेलने से बाज नहीं आए, वह इगलू के एंट्रेस के पास खड़े हो गए. जब तूफान आया तो उन्होंने इगलू के अंदर जाते रोहन का कॉलर पकड़कर उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की. हालांकि मनु पंजाबी समय रहते इगलू में नहीं घुस पाए और टास्क से बाहर हो गए. इसके बाद स्वामी की इस हरकत के लिए घरवालों ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और कहा कि इससे रोहन को चोट लग सकती थी. दिन का अंत मनु पंजाबी के बर्थडे सेलिब्रेशन के साथ हुआ. उनके लिए उनकी गर्लफ्रेंड पीकू ने केक भेजा था जिसे उन्होंने सबके साथ मिलकर काटा. कल के एपिसोड में हम देखेंगे कि कप्तानी का फाइनल मुकाबला रोहन और मनवीर के बीच होगा और इस मुकाबले में भी स्वामी ओम रोहन के खिलाफ हरकतें करते दिखेंगे. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि घर की कप्तानी रोहन को मिलती है या मनवीर को. स्वामी ओम की हरकतों से नाराज रोहन मेहरा ने तय किया कि वह उन्हें टास्क में आगे नहीं जाने देंगे. इसके लिए वह स्वामी ओम के ठीक सामने स्टूल लगाकर इस तरह बैठ गए कि स्वामी ओम इगलू में न घुस सकें. इसके बाद गर्मी लगने की बात कहते हुए उन्होंने अपने कश्मीरी कपड़े का लोअर उतार दिया और ऐसे ही बैठ गए. स्वामी ओम की इस हरकत ने सभी घरवालों को चौंका दिया. बाद में मनवीर के कहने पर उन्होंने कपड़े वापस पहने. इस बीच बानी जे अपने दोस्त गौरव चोपड़ा से इस बात पर लड़ने लगीं कि उन्होंने खाने के लिए उनका इंतजार नहीं किया. इस पर गौरव ने बानी से कहा कि उन्हें इतनी छोटी सी बात का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए. शो के अंत में दोनों के बीच एक बार फिर बहस हो गई.टिप्पणियां जब काफी देर तक रोहन और स्वामी ओम इगलू के सामने से नहीं उठे तब 'बिग बॉस' ने एक चिट्ठी भेजी और लोपा को निर्देश दिया कि चिट्ठी के साथ भेजे गए स्प्रे की मदद से वह एक बड़ा 'D' बनाएं और निर्देश दिए कि तूफान आने से पहले कोई भी सदस्य उस 'D' के अंदर नहीं जाएगा. इस दौरान जब लोपा ने स्वामी ओम से कहा कि वह अपने पैर निशान से बाहर रखें तो वह उनसे भी लड़ने लगे. इसके बाद जब तूफान आया तो सभी सदस्य इगलू के अंदर घुसे लेकिन घरवाले यह तय नहीं कर पा रहे थे कि इगलू में लोपा आखिरी में घुसीं या स्वामी ओम. घरवालों की समस्या का समाधान करते हुए 'बिग बॉस' ने कहा कि इगलू में स्वामी ओम सबसे बाद में घुसे थे इसलिए वह टास्क से डिस्क्वालीफाई किए जाते हैं. इस फैसले से ओम स्वामी नाराज हो गए और 'बिग बॉस' पर भेदभाव करने का आरोप लगाने लगे, वह यह भी कहने लगे कि वीकेंड का वार में वह सलमान खान से इस बारे में बात भी करेंगे.दिन में जब तीसरी बार तूफान आया तब मनु, मनवीर और रोहन इगलू में घुस गए जबकि लोपामुद्रा बाहर ही रह गईं. इसके बाद मनवीर ने मनु से कहा कि वह उन्हें जन्मदिन का गिफ्ट देना चाहते हैं और इसलिए वह उन्हें और रोहन को अंदर जाने देंगे और खुद बाद में जाएंगे. इस पर मनु ने उन्हें समझाया कि गेम को गेम की तरह ही खेलें और दोनों साथ अंदर जाएंगे. टास्क से बाहर होने के बाद भी स्वामी ओम अपना गंदा खेल खेलने से बाज नहीं आए, वह इगलू के एंट्रेस के पास खड़े हो गए. जब तूफान आया तो उन्होंने इगलू के अंदर जाते रोहन का कॉलर पकड़कर उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की. हालांकि मनु पंजाबी समय रहते इगलू में नहीं घुस पाए और टास्क से बाहर हो गए. इसके बाद स्वामी की इस हरकत के लिए घरवालों ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और कहा कि इससे रोहन को चोट लग सकती थी. दिन का अंत मनु पंजाबी के बर्थडे सेलिब्रेशन के साथ हुआ. उनके लिए उनकी गर्लफ्रेंड पीकू ने केक भेजा था जिसे उन्होंने सबके साथ मिलकर काटा. कल के एपिसोड में हम देखेंगे कि कप्तानी का फाइनल मुकाबला रोहन और मनवीर के बीच होगा और इस मुकाबले में भी स्वामी ओम रोहन के खिलाफ हरकतें करते दिखेंगे. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि घर की कप्तानी रोहन को मिलती है या मनवीर को. जब काफी देर तक रोहन और स्वामी ओम इगलू के सामने से नहीं उठे तब 'बिग बॉस' ने एक चिट्ठी भेजी और लोपा को निर्देश दिया कि चिट्ठी के साथ भेजे गए स्प्रे की मदद से वह एक बड़ा 'D' बनाएं और निर्देश दिए कि तूफान आने से पहले कोई भी सदस्य उस 'D' के अंदर नहीं जाएगा. इस दौरान जब लोपा ने स्वामी ओम से कहा कि वह अपने पैर निशान से बाहर रखें तो वह उनसे भी लड़ने लगे. इसके बाद जब तूफान आया तो सभी सदस्य इगलू के अंदर घुसे लेकिन घरवाले यह तय नहीं कर पा रहे थे कि इगलू में लोपा आखिरी में घुसीं या स्वामी ओम. घरवालों की समस्या का समाधान करते हुए 'बिग बॉस' ने कहा कि इगलू में स्वामी ओम सबसे बाद में घुसे थे इसलिए वह टास्क से डिस्क्वालीफाई किए जाते हैं. इस फैसले से ओम स्वामी नाराज हो गए और 'बिग बॉस' पर भेदभाव करने का आरोप लगाने लगे, वह यह भी कहने लगे कि वीकेंड का वार में वह सलमान खान से इस बारे में बात भी करेंगे. दिन में जब तीसरी बार तूफान आया तब मनु, मनवीर और रोहन इगलू में घुस गए जबकि लोपामुद्रा बाहर ही रह गईं. इसके बाद मनवीर ने मनु से कहा कि वह उन्हें जन्मदिन का गिफ्ट देना चाहते हैं और इसलिए वह उन्हें और रोहन को अंदर जाने देंगे और खुद बाद में जाएंगे. इस पर मनु ने उन्हें समझाया कि गेम को गेम की तरह ही खेलें और दोनों साथ अंदर जाएंगे. टास्क से बाहर होने के बाद भी स्वामी ओम अपना गंदा खेल खेलने से बाज नहीं आए, वह इगलू के एंट्रेस के पास खड़े हो गए. जब तूफान आया तो उन्होंने इगलू के अंदर जाते रोहन का कॉलर पकड़कर उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की. हालांकि मनु पंजाबी समय रहते इगलू में नहीं घुस पाए और टास्क से बाहर हो गए. इसके बाद स्वामी की इस हरकत के लिए घरवालों ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और कहा कि इससे रोहन को चोट लग सकती थी. दिन का अंत मनु पंजाबी के बर्थडे सेलिब्रेशन के साथ हुआ. उनके लिए उनकी गर्लफ्रेंड पीकू ने केक भेजा था जिसे उन्होंने सबके साथ मिलकर काटा. कल के एपिसोड में हम देखेंगे कि कप्तानी का फाइनल मुकाबला रोहन और मनवीर के बीच होगा और इस मुकाबले में भी स्वामी ओम रोहन के खिलाफ हरकतें करते दिखेंगे. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि घर की कप्तानी रोहन को मिलती है या मनवीर को. दिन का अंत मनु पंजाबी के बर्थडे सेलिब्रेशन के साथ हुआ. उनके लिए उनकी गर्लफ्रेंड पीकू ने केक भेजा था जिसे उन्होंने सबके साथ मिलकर काटा. कल के एपिसोड में हम देखेंगे कि कप्तानी का फाइनल मुकाबला रोहन और मनवीर के बीच होगा और इस मुकाबले में भी स्वामी ओम रोहन के खिलाफ हरकतें करते दिखेंगे. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि घर की कप्तानी रोहन को मिलती है या मनवीर को.
संक्षिप्त सारांश: 'बिग बॉस' के घर में दूसरे दिन भी आते रहे तूफान. टास्क से बाहर होने के बाद स्वामी ने 'बिग बॉस' पर लगाया भेदभाव का आरोप. स्वामी ओम ने टास्क के दौरान रोहन का कॉलर पकड़ उन्हें खींचने की कोशिश की.
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर कोरिया ने गुरुवार को द्विपक्षीय उच्चस्तरीय वार्ता के रद्द होने के लिए दक्षिण कोरिया को जिम्मेदार ठहराया। समाचार एजेंसी यॉनहैप ने उत्तर कोरियाई मीडिया के हवाले से कहा कि उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर आरोप लगाया है कि दक्षिण कोरिया ने जानबूझकर दोनों देशों के बीच फिर से शुरू होने वाली वार्ता में अड़ंगा लगाया।टिप्पणियां समाचार एजेंसी ने 'कमिटी फॉर द पीसफुल रीयूनिफिकेशन ऑफ कोरिया' (सीपीआरके) के प्रवक्ता के हवाले से कहा, "यह पूरी तरह प्रमाणित हो चुका है कि दक्षिण कोरिया की बातचीत में कोई रुचि नहीं है और वह बातचीत में अवरोध पैदा करना, विलंब करना और पूरी प्रक्रिया को नष्ट करना चाहता है। मुद्दे को हल करने में उसकी कोई रुचि नहीं है।" ज्ञात हो कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच बुधवार से दो दिवसीय वार्ता शुरू होने वाली थी, लेकिन प्योंगयांग ने सियोल पर वरिष्ठ वार्ताकारों को नहीं बुलाए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद वार्ता की योजना रद्द कर दी गई। समाचार एजेंसी यॉनहैप ने उत्तर कोरियाई मीडिया के हवाले से कहा कि उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर आरोप लगाया है कि दक्षिण कोरिया ने जानबूझकर दोनों देशों के बीच फिर से शुरू होने वाली वार्ता में अड़ंगा लगाया।टिप्पणियां समाचार एजेंसी ने 'कमिटी फॉर द पीसफुल रीयूनिफिकेशन ऑफ कोरिया' (सीपीआरके) के प्रवक्ता के हवाले से कहा, "यह पूरी तरह प्रमाणित हो चुका है कि दक्षिण कोरिया की बातचीत में कोई रुचि नहीं है और वह बातचीत में अवरोध पैदा करना, विलंब करना और पूरी प्रक्रिया को नष्ट करना चाहता है। मुद्दे को हल करने में उसकी कोई रुचि नहीं है।" ज्ञात हो कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच बुधवार से दो दिवसीय वार्ता शुरू होने वाली थी, लेकिन प्योंगयांग ने सियोल पर वरिष्ठ वार्ताकारों को नहीं बुलाए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद वार्ता की योजना रद्द कर दी गई। समाचार एजेंसी ने 'कमिटी फॉर द पीसफुल रीयूनिफिकेशन ऑफ कोरिया' (सीपीआरके) के प्रवक्ता के हवाले से कहा, "यह पूरी तरह प्रमाणित हो चुका है कि दक्षिण कोरिया की बातचीत में कोई रुचि नहीं है और वह बातचीत में अवरोध पैदा करना, विलंब करना और पूरी प्रक्रिया को नष्ट करना चाहता है। मुद्दे को हल करने में उसकी कोई रुचि नहीं है।" ज्ञात हो कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच बुधवार से दो दिवसीय वार्ता शुरू होने वाली थी, लेकिन प्योंगयांग ने सियोल पर वरिष्ठ वार्ताकारों को नहीं बुलाए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद वार्ता की योजना रद्द कर दी गई। ज्ञात हो कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच बुधवार से दो दिवसीय वार्ता शुरू होने वाली थी, लेकिन प्योंगयांग ने सियोल पर वरिष्ठ वार्ताकारों को नहीं बुलाए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद वार्ता की योजना रद्द कर दी गई।
यह एक सारांश है: उत्तर कोरिया ने गुरुवार को द्विपक्षीय उच्चस्तरीय वार्ता के रद्द होने के लिए दक्षिण कोरिया को जिम्मेदार ठहराया।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बड़े नोटों को चलन से बाहर करने के केंद्र के कदम पर अपनी घोर प्रतिद्वंद्वी माकपा के साथ काम करने की इच्छा जताने के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को माकपा महासचिव सीताराम येचुरी को फोन किया और भाजपा एवं इसकी जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 'एकजुट होकर लड़ने' का आग्रह किया. माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने बताया, 'हां, ममता बनर्जी ने सीताराम येचुरी से बातचीत की और उन्हें बताया कि सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ खड़ा होना चाहिए. येचुरी ने जवाब दिया कि चूंकि वह यात्रा कर रहे हैं, इसलिए वह पार्टी में इस पर चर्चा करने के बाद ही मामले पर टिप्पणी कर सकेंगे.' सलीम ने कहा, 'यह कॉल शारदा और नारद घोटालों में कथित तौर पर लिप्त तृणमूल के नेताओं को बचाने का एक प्रयास है. तृणमूल कांग्रेस की विश्वसनीयता क्या है? वे कैसे कालाधन के खिलाफ लड़ने की बात कर सकते हैं, जब खुद उनकी (ममता) पार्टी के नेता ही शारदा घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैं.' उन्होंने कहा, 'जो लोग पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के जरिये अपनी पार्टी चला रहे हैं, उन्हें कालाधन के बारे में बहुत अधिक बात नहीं करनी चाहिए.' ममता बनर्जी ने बड़े पुराने नोटों का चलन बंद करने के केंद्र के कदम पर रविवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से बात की और कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इस मुद्दे पर अगले हफ्ते उनसे मिलेंगे. ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, 'माननीय राष्ट्रपति मेरा फोन उठाने में पर्याप्त दयालु रहे. मैंने उन्हें बताया कि कैसे आम लोग बड़े पुराने नोटों का चलन बंद होने से परेशान हो रहे हैं.' उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'मैंने उन्हें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 16 या 17 नवंबर को मिलने के लिए राजी होने पर धन्यवाद दिया, जब हम उन्हें भयंकर स्थिति से अवगत कराएंगे.'टिप्पणियां बीजेपी पर प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा था कि 'अघोषित आपातकाल' लगाने वाली 'जनविरोधी' मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष करने के लिए अपनी प्रतिद्वंद्वी माकपा तथा कांग्रेस, सपा, बसपा जैसे अन्य विपक्षी दलों के साथ काम करने में परहेज नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने बताया, 'हां, ममता बनर्जी ने सीताराम येचुरी से बातचीत की और उन्हें बताया कि सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ खड़ा होना चाहिए. येचुरी ने जवाब दिया कि चूंकि वह यात्रा कर रहे हैं, इसलिए वह पार्टी में इस पर चर्चा करने के बाद ही मामले पर टिप्पणी कर सकेंगे.' सलीम ने कहा, 'यह कॉल शारदा और नारद घोटालों में कथित तौर पर लिप्त तृणमूल के नेताओं को बचाने का एक प्रयास है. तृणमूल कांग्रेस की विश्वसनीयता क्या है? वे कैसे कालाधन के खिलाफ लड़ने की बात कर सकते हैं, जब खुद उनकी (ममता) पार्टी के नेता ही शारदा घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैं.' उन्होंने कहा, 'जो लोग पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के जरिये अपनी पार्टी चला रहे हैं, उन्हें कालाधन के बारे में बहुत अधिक बात नहीं करनी चाहिए.' ममता बनर्जी ने बड़े पुराने नोटों का चलन बंद करने के केंद्र के कदम पर रविवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से बात की और कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इस मुद्दे पर अगले हफ्ते उनसे मिलेंगे. ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, 'माननीय राष्ट्रपति मेरा फोन उठाने में पर्याप्त दयालु रहे. मैंने उन्हें बताया कि कैसे आम लोग बड़े पुराने नोटों का चलन बंद होने से परेशान हो रहे हैं.' उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'मैंने उन्हें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 16 या 17 नवंबर को मिलने के लिए राजी होने पर धन्यवाद दिया, जब हम उन्हें भयंकर स्थिति से अवगत कराएंगे.'टिप्पणियां बीजेपी पर प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा था कि 'अघोषित आपातकाल' लगाने वाली 'जनविरोधी' मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष करने के लिए अपनी प्रतिद्वंद्वी माकपा तथा कांग्रेस, सपा, बसपा जैसे अन्य विपक्षी दलों के साथ काम करने में परहेज नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सलीम ने कहा, 'यह कॉल शारदा और नारद घोटालों में कथित तौर पर लिप्त तृणमूल के नेताओं को बचाने का एक प्रयास है. तृणमूल कांग्रेस की विश्वसनीयता क्या है? वे कैसे कालाधन के खिलाफ लड़ने की बात कर सकते हैं, जब खुद उनकी (ममता) पार्टी के नेता ही शारदा घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैं.' उन्होंने कहा, 'जो लोग पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के जरिये अपनी पार्टी चला रहे हैं, उन्हें कालाधन के बारे में बहुत अधिक बात नहीं करनी चाहिए.' ममता बनर्जी ने बड़े पुराने नोटों का चलन बंद करने के केंद्र के कदम पर रविवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से बात की और कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इस मुद्दे पर अगले हफ्ते उनसे मिलेंगे. ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, 'माननीय राष्ट्रपति मेरा फोन उठाने में पर्याप्त दयालु रहे. मैंने उन्हें बताया कि कैसे आम लोग बड़े पुराने नोटों का चलन बंद होने से परेशान हो रहे हैं.' उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'मैंने उन्हें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 16 या 17 नवंबर को मिलने के लिए राजी होने पर धन्यवाद दिया, जब हम उन्हें भयंकर स्थिति से अवगत कराएंगे.'टिप्पणियां बीजेपी पर प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा था कि 'अघोषित आपातकाल' लगाने वाली 'जनविरोधी' मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष करने के लिए अपनी प्रतिद्वंद्वी माकपा तथा कांग्रेस, सपा, बसपा जैसे अन्य विपक्षी दलों के साथ काम करने में परहेज नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ममता बनर्जी ने बड़े पुराने नोटों का चलन बंद करने के केंद्र के कदम पर रविवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से बात की और कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इस मुद्दे पर अगले हफ्ते उनसे मिलेंगे. ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, 'माननीय राष्ट्रपति मेरा फोन उठाने में पर्याप्त दयालु रहे. मैंने उन्हें बताया कि कैसे आम लोग बड़े पुराने नोटों का चलन बंद होने से परेशान हो रहे हैं.' उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'मैंने उन्हें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 16 या 17 नवंबर को मिलने के लिए राजी होने पर धन्यवाद दिया, जब हम उन्हें भयंकर स्थिति से अवगत कराएंगे.'टिप्पणियां बीजेपी पर प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा था कि 'अघोषित आपातकाल' लगाने वाली 'जनविरोधी' मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष करने के लिए अपनी प्रतिद्वंद्वी माकपा तथा कांग्रेस, सपा, बसपा जैसे अन्य विपक्षी दलों के साथ काम करने में परहेज नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, 'माननीय राष्ट्रपति मेरा फोन उठाने में पर्याप्त दयालु रहे. मैंने उन्हें बताया कि कैसे आम लोग बड़े पुराने नोटों का चलन बंद होने से परेशान हो रहे हैं.' उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'मैंने उन्हें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 16 या 17 नवंबर को मिलने के लिए राजी होने पर धन्यवाद दिया, जब हम उन्हें भयंकर स्थिति से अवगत कराएंगे.'टिप्पणियां बीजेपी पर प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा था कि 'अघोषित आपातकाल' लगाने वाली 'जनविरोधी' मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष करने के लिए अपनी प्रतिद्वंद्वी माकपा तथा कांग्रेस, सपा, बसपा जैसे अन्य विपक्षी दलों के साथ काम करने में परहेज नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बीजेपी पर प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा था कि 'अघोषित आपातकाल' लगाने वाली 'जनविरोधी' मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष करने के लिए अपनी प्रतिद्वंद्वी माकपा तथा कांग्रेस, सपा, बसपा जैसे अन्य विपक्षी दलों के साथ काम करने में परहेज नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ममता ने येचुरी से कहा - केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट हों येचुरी ने कहा- पार्टी में चर्चा करने के बाद ही मामले पर वह टिप्पणी करेंगे नोटबंदी के मामले पर अगले हफ्ते राष्ट्रपति से भी मिलेंगी ममता बनर्जी
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका चाहती है कि जो लोग बहुमंजिला इमारत बनाना चाहते हैं वे बिल्डिंग बायलॉज़ का पूरी तरह ख्याल रखें.अगर किसी ने कानून तोड़ने की हिमाकत की तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा. बीबीएमपी के कमिश्नर मंजुनाथ प्रसाद ने सफाई दी कि नए कानून के तहत इमारत बन जाने पर ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेते वक्त यह जांच की जाएगी कि इमारत एप्रूव्ड नक्शे के तहत बनाई गई है या नहीं. अगर वायलेशन पाया गया तो इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर महानगर पालिका का कब्जा हो जाएगा. पालिका नक्शा पास करवाते वक्त ही उस इमारत के भूतल, यानी ग्राउंड फ्लोर का मालिकाना हक अपने पास ले लेगा .अगर निर्माण नक्शे के मुताबिक हुआ है तो ओसी जारी करते वक्त मालिकाना हक भी मकान मालिक को वापस मिल जाएगा. हालांकि इसका सभी बिल्डर एसोसिएशन विरोध कर रहे हैं .क्योंकि रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी देश भर में जून से लागू होने जा रहा है, जिसमें अधिकारी और मकान मालिक दोनों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है. टिप्पणियां नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिटेलर्स इंडिया के अध्यक्ष एम फारूक का कहना है कि उनका विरोध कानून से नहीं है बल्कि उन्हें आशंका है कि इससे रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिलेगा और सरकार किसी प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही कैसे उस पर संदेह कर सकती है. बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिसकी मंजूरी  महज़ एक औपचारिकता मानी जा रही है. अगर वायलेशन पाया गया तो इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर महानगर पालिका का कब्जा हो जाएगा. पालिका नक्शा पास करवाते वक्त ही उस इमारत के भूतल, यानी ग्राउंड फ्लोर का मालिकाना हक अपने पास ले लेगा .अगर निर्माण नक्शे के मुताबिक हुआ है तो ओसी जारी करते वक्त मालिकाना हक भी मकान मालिक को वापस मिल जाएगा. हालांकि इसका सभी बिल्डर एसोसिएशन विरोध कर रहे हैं .क्योंकि रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी देश भर में जून से लागू होने जा रहा है, जिसमें अधिकारी और मकान मालिक दोनों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है. टिप्पणियां नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिटेलर्स इंडिया के अध्यक्ष एम फारूक का कहना है कि उनका विरोध कानून से नहीं है बल्कि उन्हें आशंका है कि इससे रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिलेगा और सरकार किसी प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही कैसे उस पर संदेह कर सकती है. बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिसकी मंजूरी  महज़ एक औपचारिकता मानी जा रही है. हालांकि इसका सभी बिल्डर एसोसिएशन विरोध कर रहे हैं .क्योंकि रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी देश भर में जून से लागू होने जा रहा है, जिसमें अधिकारी और मकान मालिक दोनों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है. टिप्पणियां नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिटेलर्स इंडिया के अध्यक्ष एम फारूक का कहना है कि उनका विरोध कानून से नहीं है बल्कि उन्हें आशंका है कि इससे रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिलेगा और सरकार किसी प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही कैसे उस पर संदेह कर सकती है. बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिसकी मंजूरी  महज़ एक औपचारिकता मानी जा रही है. नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिटेलर्स इंडिया के अध्यक्ष एम फारूक का कहना है कि उनका विरोध कानून से नहीं है बल्कि उन्हें आशंका है कि इससे रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिलेगा और सरकार किसी प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही कैसे उस पर संदेह कर सकती है. बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिसकी मंजूरी  महज़ एक औपचारिकता मानी जा रही है. बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिसकी मंजूरी  महज़ एक औपचारिकता मानी जा रही है.
बेंगलुरु महानगर पालिका ने कहा, बिल्डिंग बायलॉज़ का पूरा ध्यान रखें कानून तोड़ने की हिमाकत की तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा महानगर पालिका के कदम का बिल्डर एसोसिएशन कर रहे विरोध
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओलिंपिक पदक जीतना और ग्रैंड स्लैम खिताब के सूखे को खत्म करना 2012 में लिएंडर पेस की शीर्ष प्राथमिकताएं हैं। हालांकि इस दिग्गज भारतीय टेनिस खिलाड़ी ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि वह लंदन खेलों में किसके साथ जोड़ी बनाएंगे। महेश भूपति के साथ एक बार फिर जोड़ी टूटने के बाद पेस नए सत्र की शुरुआत चेन्नई ओपन में युगल प्रतियोगिता के साथ करेंगे और उनके नए जोड़ीदार यांको टिप्सरेविच होंगे। पेस ने कहा, ‘दोनों मेरी प्राथमिकताए हैं। यह यह सत्र काफी कड़ा रहेगा, क्योंकि फ्रेंच ओपन के बाद विम्बलडन, फिर ओलिंपिक और इसके दो या तीन हफ्ते के अंदर अमेरिकी ओपन होना है।’ इस दिग्गज भारतीय ने कहा कि पिछले सत्र में एक भी ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने में नाकाम रहने के बाद वह जीत की राह पर लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल मैंने एक भी ग्रैंडस्लैम खिताब नहीं जीता और यह साल ओलिंपिक वर्ष है, इसलिए निश्चित तौर पर सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करने का समय है। मैं पहले भी इसके (ओलिंपिक में) के काफी करीब पहुंचा हूं, जिसमें रमेश कृष्णन के साथ बार्सिलोना (जहां यह जोड़ी अंतिम आठ में पहुंची) में ओलिंपिक का प्रदर्शन भी शामिल है।’’ पेस ने हालांकि इसका खुलासा करने से इनकार कर दिया कि महेश भूपति के रोहन बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाने की तैयारी के बीच वह लंदन ओलिंपिक  में किसके साथ जोड़ी बनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इसका फैसला अखिल भारतीय टेनिस संघ को करना है। मैं अभी इसका जवाब नहीं देने वाला।’’ पहली बार टिपसरेविच के साथ जोड़ी बना रहे पेस ने सर्बिया के इस खिलाड़ी की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘वह शानदार एथलीट है, वह अब शीर्ष 10 में है। वह बेहतरीन इंसान है। मैं उसके साथ काफी नहीं खेला हूं, लेकिन उम्मीद करता हूं कि हम अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।’’ पेस ने साथ ही कहा कि उनकी पीढ़ी से बागडोर आगे संभालने के लिए काफी युवा खिलाड़ी आगे नहीं आए हैं। इस दिग्गज खिलाड़ी ने हालांकि सोमदेव देववर्मन की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘वह शानदार खिलाड़ी है। उसके नतीजे और उसका टेनिस उसके बारे में बताते हैं।’’ पेस ने हालांकि कहा कि सोमदेव को वह समर्थन नहीं मिला है, जिसका वह हकदार है। इस दिग्गज ने साथ ही युवा प्रतिभावान खिलाड़ी युकी भांबरी की भी तारीफ की, लेकिन कहा कि वह अब तक अपनी पूर्ण क्षमता को नहीं पहचान पाया है।
संक्षिप्त पाठ: हालांकि इस दिग्गज भारतीय टेनिस खिलाड़ी ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि वह लंदन खेलों में किसके साथ जोड़ी बनाएंगे।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राज्य में तख्तापलट के बाद एनसीपी नेता शरद पवार (Sharad Pawar) ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. शरद पवार ने अपने भतीजे और एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) को विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है. अजित की जगह जयंत पाटिल को NCP विधायक दल का नेता बनाया गया है. बता दें कि महाराष्‍ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक दल की बैठक जारी है. बताया जा रहा है कि एनसीपी के 54 विधायकों में से 48 विधायक बैठक में हिस्‍सा लेने पहुंचे हैं. पहले खबर आई थी कि 9 बागी विधायक दिल्‍ली जा रहे हैं लेकिन बाद में उनमें से दो शरद पवार के पास लौट आए. उसके बाद 7 विधायकों के प्राइवेट चार्टर्ड प्‍लेन से दिल्‍ली जाने की खबर आई. लेकिन धनंजय मुंडे जो सुबह तक अजित पवार के साथ थे, वो भी बाद में बैठक के लिए पहुंच गए जहां तालियां बजाकर उनका स्‍वागत किया गया. एनसीपी विधायक दल की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कहा गया कि अजित पवार की कार्रवाई ने पार्टी की नीतियों का उल्लंघन किया है. बैठक में पार्टी अध्यक्ष शरद पवार भी मौजूद थे. इसमें कहा गया है कि विधायक दल के अगले नेता का चयन होने तक एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के पास सभी अधिकार होंगे. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार को 30 अक्टूबर को विधायक दल का नेता चुना गया था. प्रस्ताव में कहा गया है कि व्हिप जारी करने के अजित पवार के अधिकार को भी वापस ले लिया गया है. प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम में आलोक में पार्टी ने शरद पवार और जयंत पाटिल को पार्टी के अगले कदम पर फैसला लेने के लिए अधिकृत किया है. गौरतलब है कि एनसीपी नेता अजित पवार के समर्थन से भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री पद की, जबकि एनसीपी नेता अजित ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस बारे में पवार ने कहा था फडणवीस को समर्थन देना उनके भतीजे का व्यक्तिगत निर्णय है और यह पार्टी का निर्णय नहीं है. शनिवार सुबह महाराष्ट्र की राजनीति के नाटकीय मोड़ लेने के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने विधायक दल की बैठक बुलायी थी. इस बैठक में पार्टी के 54 में से 49 विधायक शामिल हुए. सूत्रों ने बताया कि पार्टी को उम्मीद है कि बाकी बचे विधायक भी वापस लौट आयेंगे. एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि एनसीपी विधायकों की जो सूची अजित पवार ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले राज्यपाल को सौंपी है असल में उस पर पार्टी की पहले हुई बैठक में शामिल हुए विधायकों ने हस्ताक्षर किए थे. अजित के साथ शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उपस्थित कुछ विधायक बाद में पार्टी में वापस लौट आये और पार्टी प्रमुख शरद पवार के प्रति अपनी वफादारी दिखायी. अजित को कितने विधायकों का समर्थन प्राप्त है यह अब भी एक रहस्य बना हुआ है. इस बीच सूत्रों ने बताया कि अजित पवार की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता अब भी बरकरार है. उन्होंने बताया, ‘‘पार्टी में वापस लौटने के लिए उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है.'' आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए 21 अक्टूबर को चुनाव हुए थे और 24 अक्टूबर को परिणाम आए थे. चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. किसी भी पार्टी या गठबंधन के सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करने के बाद 12 नवंबर को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.
सारांश: अजित पवार पर शरद पवार का फूटा गुस्सा विधायक दल के नेता पद से अजित पवार को हटाया जयंत पाटिल बने विधायक दल के नए नेता
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने मालाबार हिल स्थित राजभवन परिसर में अंग्रेजों के समय का 150 मीटर लंबे एक बंकर का पता लगाया है, जो कई दशकों से बंद पड़ा था. इसका मुआयना करने राज्यपाल खुद उसके अंदर उतरे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका साथ दिया. इस दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया कि बंकर 5 हजार स्क्वायर फीट में फैला है. इसकी लंबाई 150 मीटर है और ऊंचाई 12 फ़ीट. खास बात है कि बंकर आज भी मजबूती के साथ खड़ा है राज्यपाल ने बंकर को तब खोलने का निर्देश दिया था, जब तीन महीने पहले पुराने लोगों ने उन्हें राजभवन के भीतर एक सुरंग मौजूद होने के बारे में बताया था.टिप्पणियां यह गोलाबारूद और हथियारों को रखने के लिए तैयार किया गया था. इसी के साथ कुछ हिस्से में लोगों के रहने के लिए कमरे भी बने हुए हैं. इस बंकर की शुरुआत एक बड़े कामकाजी इलाके से होती है और बाद में पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ ही गटर की रचना के साथ ये आगे बढ़ती है.   इस बैरक की सूचना तुरंत ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी दी गई. साथ ही जानकारों को इसके अधिक तथ्यों को उजागर करने के लिए बुलाया गया है. गौरतलब है कि राजभवन तीन दिशाओं से अरब सागर से घिरा है. वैसे हाल में ब्रिटिशकालीन सुरंग हाल छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के नीचे भी पाई गई थी. इसका मुआयना करने राज्यपाल खुद उसके अंदर उतरे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका साथ दिया. इस दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया कि बंकर 5 हजार स्क्वायर फीट में फैला है. इसकी लंबाई 150 मीटर है और ऊंचाई 12 फ़ीट. खास बात है कि बंकर आज भी मजबूती के साथ खड़ा है राज्यपाल ने बंकर को तब खोलने का निर्देश दिया था, जब तीन महीने पहले पुराने लोगों ने उन्हें राजभवन के भीतर एक सुरंग मौजूद होने के बारे में बताया था.टिप्पणियां यह गोलाबारूद और हथियारों को रखने के लिए तैयार किया गया था. इसी के साथ कुछ हिस्से में लोगों के रहने के लिए कमरे भी बने हुए हैं. इस बंकर की शुरुआत एक बड़े कामकाजी इलाके से होती है और बाद में पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ ही गटर की रचना के साथ ये आगे बढ़ती है.   इस बैरक की सूचना तुरंत ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी दी गई. साथ ही जानकारों को इसके अधिक तथ्यों को उजागर करने के लिए बुलाया गया है. गौरतलब है कि राजभवन तीन दिशाओं से अरब सागर से घिरा है. वैसे हाल में ब्रिटिशकालीन सुरंग हाल छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के नीचे भी पाई गई थी. राज्यपाल ने बंकर को तब खोलने का निर्देश दिया था, जब तीन महीने पहले पुराने लोगों ने उन्हें राजभवन के भीतर एक सुरंग मौजूद होने के बारे में बताया था.टिप्पणियां यह गोलाबारूद और हथियारों को रखने के लिए तैयार किया गया था. इसी के साथ कुछ हिस्से में लोगों के रहने के लिए कमरे भी बने हुए हैं. इस बंकर की शुरुआत एक बड़े कामकाजी इलाके से होती है और बाद में पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ ही गटर की रचना के साथ ये आगे बढ़ती है.   इस बैरक की सूचना तुरंत ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी दी गई. साथ ही जानकारों को इसके अधिक तथ्यों को उजागर करने के लिए बुलाया गया है. गौरतलब है कि राजभवन तीन दिशाओं से अरब सागर से घिरा है. वैसे हाल में ब्रिटिशकालीन सुरंग हाल छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के नीचे भी पाई गई थी. यह गोलाबारूद और हथियारों को रखने के लिए तैयार किया गया था. इसी के साथ कुछ हिस्से में लोगों के रहने के लिए कमरे भी बने हुए हैं. इस बंकर की शुरुआत एक बड़े कामकाजी इलाके से होती है और बाद में पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ ही गटर की रचना के साथ ये आगे बढ़ती है.   इस बैरक की सूचना तुरंत ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी दी गई. साथ ही जानकारों को इसके अधिक तथ्यों को उजागर करने के लिए बुलाया गया है. गौरतलब है कि राजभवन तीन दिशाओं से अरब सागर से घिरा है. वैसे हाल में ब्रिटिशकालीन सुरंग हाल छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के नीचे भी पाई गई थी. यह गोलाबारूद और हथियारों को रखने के लिए तैयार किया गया था. इसी के साथ कुछ हिस्से में लोगों के रहने के लिए कमरे भी बने हुए हैं. इस बंकर की शुरुआत एक बड़े कामकाजी इलाके से होती है और बाद में पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ ही गटर की रचना के साथ ये आगे बढ़ती है.   इस बैरक की सूचना तुरंत ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी दी गई. साथ ही जानकारों को इसके अधिक तथ्यों को उजागर करने के लिए बुलाया गया है. गौरतलब है कि राजभवन तीन दिशाओं से अरब सागर से घिरा है. वैसे हाल में ब्रिटिशकालीन सुरंग हाल छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के नीचे भी पाई गई थी.
सारांश: बंकर की लंबाई 150 मीटर है 13 कमरे हैं इस बंकर में गोलाबारूद रखने के लिए तैयार किया गया था
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकार ने देशभर में टोल प्लाजा को 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक पुराना 500 और 1,000 का नोट स्वीकार करने का निर्देश दिया है. इससे टोल प्लाजा पर लंबी कतारें नहीं लगेंगी. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन राघव चंद्रा ने यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ उठाया जिसके बाद यह फैसला किया गया. चंद्रा को राज्यों से सभी टोल प्लाजा पर खराब होती स्थिति की सूचना मिली थी.टिप्पणियां चंद्रा ने कहा, ‘‘हमने देशभर में सभी 365 टोल प्लाजाओं को तत्काल 500 और 1,000 का नोट स्वीकार करने का निर्देश दिया है. 11 नवंबर मध्यरात्रि तक टोल प्लाजा पर ये नोट स्वीकार किए जाएंगे. टोल प्लाजा पर जाम तथा लंबी कतारों की वजह से यह कदम उठाया गया है.’’ चंद्रा ने बताया कि उन्होंने पीएमओ तथा वित्त मंत्रालय से संपर्क उन्हें प्लाजा पर स्थिति से अवगत कराया. उन्हें यात्रियों के अलावा राज्य सरकारों के अधिकारियों से यातायात जाम की कॉल्स मिली थीं. उन्होंने कहा, ‘‘कई हरियाणा और गुजरात सहित कई मुख्य सचिवों के अलावा यात्रियों ने मुझसे संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया.’’ इसके बाद सरकार से संपर्क करने पर टोल प्लाजा पर 500 और 1,000 का नोट स्वीकार करने की अनुमति दे दी गई. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन राघव चंद्रा ने यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ उठाया जिसके बाद यह फैसला किया गया. चंद्रा को राज्यों से सभी टोल प्लाजा पर खराब होती स्थिति की सूचना मिली थी.टिप्पणियां चंद्रा ने कहा, ‘‘हमने देशभर में सभी 365 टोल प्लाजाओं को तत्काल 500 और 1,000 का नोट स्वीकार करने का निर्देश दिया है. 11 नवंबर मध्यरात्रि तक टोल प्लाजा पर ये नोट स्वीकार किए जाएंगे. टोल प्लाजा पर जाम तथा लंबी कतारों की वजह से यह कदम उठाया गया है.’’ चंद्रा ने बताया कि उन्होंने पीएमओ तथा वित्त मंत्रालय से संपर्क उन्हें प्लाजा पर स्थिति से अवगत कराया. उन्हें यात्रियों के अलावा राज्य सरकारों के अधिकारियों से यातायात जाम की कॉल्स मिली थीं. उन्होंने कहा, ‘‘कई हरियाणा और गुजरात सहित कई मुख्य सचिवों के अलावा यात्रियों ने मुझसे संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया.’’ इसके बाद सरकार से संपर्क करने पर टोल प्लाजा पर 500 और 1,000 का नोट स्वीकार करने की अनुमति दे दी गई. चंद्रा ने कहा, ‘‘हमने देशभर में सभी 365 टोल प्लाजाओं को तत्काल 500 और 1,000 का नोट स्वीकार करने का निर्देश दिया है. 11 नवंबर मध्यरात्रि तक टोल प्लाजा पर ये नोट स्वीकार किए जाएंगे. टोल प्लाजा पर जाम तथा लंबी कतारों की वजह से यह कदम उठाया गया है.’’ चंद्रा ने बताया कि उन्होंने पीएमओ तथा वित्त मंत्रालय से संपर्क उन्हें प्लाजा पर स्थिति से अवगत कराया. उन्हें यात्रियों के अलावा राज्य सरकारों के अधिकारियों से यातायात जाम की कॉल्स मिली थीं. उन्होंने कहा, ‘‘कई हरियाणा और गुजरात सहित कई मुख्य सचिवों के अलावा यात्रियों ने मुझसे संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया.’’ इसके बाद सरकार से संपर्क करने पर टोल प्लाजा पर 500 और 1,000 का नोट स्वीकार करने की अनुमति दे दी गई. चंद्रा ने बताया कि उन्होंने पीएमओ तथा वित्त मंत्रालय से संपर्क उन्हें प्लाजा पर स्थिति से अवगत कराया. उन्हें यात्रियों के अलावा राज्य सरकारों के अधिकारियों से यातायात जाम की कॉल्स मिली थीं. उन्होंने कहा, ‘‘कई हरियाणा और गुजरात सहित कई मुख्य सचिवों के अलावा यात्रियों ने मुझसे संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया.’’ इसके बाद सरकार से संपर्क करने पर टोल प्लाजा पर 500 और 1,000 का नोट स्वीकार करने की अनुमति दे दी गई.
संक्षिप्त पाठ: 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक पुराना 500 और 1,000 का नोट स्वीकार होगा सरकार ने देशभर में टोल प्लाजा के लिए लिया है यह फैसला टोल प्लाजा पर जाम तथा लंबी कतारों की वजह से यह कदम उठाया
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नवजोत सिंह सिद्धू आगामी पंजाब चुनाव में किस पार्टी के साथ जाएंगे इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है. बुधवार रात नवजोत सिंह सिद्धू और आम आदमी पार्टी के पंजाब के सह प्रभारी दुर्गेश पाठक की मुलाक़ात हुई. सिद्धू के घर अचानक हुई इस मुलाक़ात में आवाज़-ए-पंजाब के दूसरे नेता परगट सिंह और बैंस बंधू भी मौजूद थे.   ये मुलाक़ात करीब एक घंटे चली जिससे ये कयास एक बार फिर लगने शुरू हो गए हैं कि क्या सिद्धू आप के साथ जा सकते हैं? क्योंकि सिद्धू की आम आदमी पार्टी के साथ बातचीत पहले टूट गई थी, यही नहीं सिद्धू ने आम आदमी पार्टी को ईस्ट इंडिया कंपनी और केजरीवाल को अराजक बताया था और अब ये कहा जाने लगा था कि सिद्धू और उनका फ्रंट कांग्रेस के साथ जाने की डील फाइनल कर चुका है. लेकिन, अब इस मुलाक़ात के बाद कहा जा सकता है कि सिद्धू और उनका फ्रंट आवाज़-ए-पंजाब अब भी अपने लिए साथी चुनने की कवायद में लगे हुए हैं.टिप्पणियां इससे पहले बुधवार को एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि सिद्धू से उनकी बातचीत चल रही है और उम्मीद है वो हमारे साथ आएंगे. ये सवाल उठना लाज़मी है कि क्या सिद्धू और उनके साथियों को कांग्रेस में जाना ठीक नहीं लग रहा या फिर कांग्रेस से अच्छी डील नहीं मिल रही है. या फिर वो आम आदमी पार्टी से बात करके कांग्रेस पर दबाव बनाना चाह रहे हैं क्योंकि हो सकता है कि कांग्रेस ये मानकर कि सिद्धू और उनके साथियों के पास कांग्रेस में आने के अलावा विकल्प नहीं है उनको ज़्यादा तवज्जो या बड़ी पेशकश ना कर रही हो और ये खबर देखकर कि सिद्धू के पास आप वाला विकल्प मौजूद है कांग्रेस कोई नई या अच्छी डील सिद्धू और उनके साथियों को ऑफर कर दे. इससे पहले बुधवार को एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि सिद्धू से उनकी बातचीत चल रही है और उम्मीद है वो हमारे साथ आएंगे. ये सवाल उठना लाज़मी है कि क्या सिद्धू और उनके साथियों को कांग्रेस में जाना ठीक नहीं लग रहा या फिर कांग्रेस से अच्छी डील नहीं मिल रही है. या फिर वो आम आदमी पार्टी से बात करके कांग्रेस पर दबाव बनाना चाह रहे हैं क्योंकि हो सकता है कि कांग्रेस ये मानकर कि सिद्धू और उनके साथियों के पास कांग्रेस में आने के अलावा विकल्प नहीं है उनको ज़्यादा तवज्जो या बड़ी पेशकश ना कर रही हो और ये खबर देखकर कि सिद्धू के पास आप वाला विकल्प मौजूद है कांग्रेस कोई नई या अच्छी डील सिद्धू और उनके साथियों को ऑफर कर दे. ये सवाल उठना लाज़मी है कि क्या सिद्धू और उनके साथियों को कांग्रेस में जाना ठीक नहीं लग रहा या फिर कांग्रेस से अच्छी डील नहीं मिल रही है. या फिर वो आम आदमी पार्टी से बात करके कांग्रेस पर दबाव बनाना चाह रहे हैं क्योंकि हो सकता है कि कांग्रेस ये मानकर कि सिद्धू और उनके साथियों के पास कांग्रेस में आने के अलावा विकल्प नहीं है उनको ज़्यादा तवज्जो या बड़ी पेशकश ना कर रही हो और ये खबर देखकर कि सिद्धू के पास आप वाला विकल्प मौजूद है कांग्रेस कोई नई या अच्छी डील सिद्धू और उनके साथियों को ऑफर कर दे.
यह एक सारांश है: आम आदमी पार्टी के पंजाब के सह प्रभारी दुर्गेश पाठक से मुलाक़ात हुई. आवाज़-ए-पंजाब के दूसरे नेता परगट सिंह और बैंस बंधू भी मौजूद थे. ये मुलाक़ात करीब एक घंटे चली
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राम चंदेर छत्रपति, एक हंसता मुस्कुराता साहसिक पत्रकार बीच शहर में मार दिया गया. राम चंदेर के बेटे अंशुल ने बताया कि एक बार जब लड़ने का फैसला कर घर से निकले तो रास्ते में बहुत से अच्छे लोग मिले. तमाम दबावों के बाद भी कुछ लोगों ने हमारा और साध्वियों का ही साथ दिया. यही नहीं सीबीआई के जाबांज़ डीएसपी सतीश डागर न होते तो यह केस अपने मुकाम पर नहीं पहुंच पाता. सतीश डागर ने ही साध्वियों को मानसिक रूप से तैयार किया. एक लड़की का ससुराल डेरा का समर्थक था, जब उसे पता चला कि उसने गवाही दी हो तो घर से निकाल दिया. इसके बाद भी लड़कियां तमाम तरह के दबावों और भीड़ के खौफ का सामना करती रहीं. पढ़ें:  नुकसान की भरपाई के लिए डेरा सच्चा सौदा की संपत्तियों को जब्त किया जाए : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पढ़ें:  नुकसान की भरपाई के लिए डेरा सच्चा सौदा की संपत्तियों को जब्त किया जाए : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पढ़ें:  HOTO: डेरा समर्थकों की हिंसा में झुलसा हरियाणा-पंजाब, तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर दरअसल, तत्कालीन प्रधानमंत्री के पास मामला जाने के बाद पूरे मामले की सजा सिरसा के सेशन जज को सौंपी गई. शिकायत सही जाने पर राम रहीम के खिलाफ कई धारोओं में मामला दर्ज किया गया. दिसंबर, 2003 को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई और सतीश डागर ने जांच शुरू की. सतीश ने ही खोजबीन कर पीड़ित साध्वी को खोज निकाला और उसे अपना बयान दर्ज कराने के लिए तैयार किया. साध्वी को बयान देने के लिए तैयार करना भी संजीव के लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि इस बार दुश्मन किसी छोटे-मोटे देश की सराकर से भी ज्यादा ताकतवर था.   दरअसल, तत्कालीन प्रधानमंत्री के पास मामला जाने के बाद पूरे मामले की सजा सिरसा के सेशन जज को सौंपी गई. शिकायत सही जाने पर राम रहीम के खिलाफ कई धारोओं में मामला दर्ज किया गया. दिसंबर, 2003 को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई और सतीश डागर ने जांच शुरू की. सतीश ने ही खोजबीन कर पीड़ित साध्वी को खोज निकाला और उसे अपना बयान दर्ज कराने के लिए तैयार किया. साध्वी को बयान देने के लिए तैयार करना भी संजीव के लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि इस बार दुश्मन किसी छोटे-मोटे देश की सराकर से भी ज्यादा ताकतवर था.
यहाँ एक सारांश है:2002 में दर्ज हुआ था डेरा प्रमुख के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दिसंबर, 2003 में मामले की जांच सौंपी गई थी सीबीआई को CBI अधिकारी सतीश डागर ने बड़ी मुश्किल से खोजा था पीड़ित साध्वी को
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप को लेकर नए आरोप लगे हैं, जिसमें कहा गया है कि पूर्ति ग्रुप में 85 फीसदी हिस्सेदारी ऐसी कंपनियों की है, जिनका कोई अता−पता नहीं है। पूर्ति ग्रुप की शेयर पूंजी 68 करोड़ रुपये की है, जिसमें 60 करोड़ रुपये 18 कंपनियों के हैं, जिनमें से कई के पते भी गलत हैं। गडकरी के पास सिर्फ 200 शेयर हैं।टिप्पणियां साथ ही उनकी कंपनी में एक ऐसे ठेकेदार का भी निवेश है, जिसे गडकरी के महाराष्ट्र में लोक निर्माण मंत्री रहते वक्त ठेका मिला था। लेकिन एनडीटीवी के स्टूडियो में आए नितिन गडकरी ने हर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। गडकरी ने कहा, किसी भी कंपनी में कई शेयर धारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है...इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है। गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है। उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं। पूर्ति ग्रुप की शेयर पूंजी 68 करोड़ रुपये की है, जिसमें 60 करोड़ रुपये 18 कंपनियों के हैं, जिनमें से कई के पते भी गलत हैं। गडकरी के पास सिर्फ 200 शेयर हैं।टिप्पणियां साथ ही उनकी कंपनी में एक ऐसे ठेकेदार का भी निवेश है, जिसे गडकरी के महाराष्ट्र में लोक निर्माण मंत्री रहते वक्त ठेका मिला था। लेकिन एनडीटीवी के स्टूडियो में आए नितिन गडकरी ने हर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। गडकरी ने कहा, किसी भी कंपनी में कई शेयर धारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है...इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है। गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है। उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं। साथ ही उनकी कंपनी में एक ऐसे ठेकेदार का भी निवेश है, जिसे गडकरी के महाराष्ट्र में लोक निर्माण मंत्री रहते वक्त ठेका मिला था। लेकिन एनडीटीवी के स्टूडियो में आए नितिन गडकरी ने हर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। गडकरी ने कहा, किसी भी कंपनी में कई शेयर धारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है...इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है। गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है। उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं। गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है। उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
सारांश: बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप को लेकर नए आरोप लगे हैं, जिसमें कहा गया है कि पूर्ति ग्रुप में 85 फीसदी हिस्सेदारी ऐसी कंपनियों की है, जिनका कोई अता−पता नहीं है।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे ने मुंबई क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा। वह 18 अक्टूबर को होने वाले चुनावों में शीर्ष पद के लिए नामांकन भरने वाले पहले बड़े राजनीतिक नेता है। मुंडे ने एमसीए कार्यालय में नामांकन भरने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘एमसीए के क्लब और सदस्य कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनके पास सुविधाओं की कमी है और मैं उसमें सुधार करना चाहता हूं। यही एक वजह है कि मैं चुनाव लड़ना चाहता हूं।’ भाजपा के लोकसभा में उप नेता से पूछा गया कि क्या उनका मुकाबला महाराष्ट्र के एक अन्य बड़े नेता शरद पवार से होगा जिन्होंने एमसीए अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने में दिलचस्पी दिखाई है, मुंडे ने कहा, ‘मैं पहला व्यक्ति हूं जिसने अध्यक्ष पद का नामांकन भरा। मैं पवार के बारे में नहीं जानता।’टिप्पणियां एमसीए के संयुक्त सचिव पीवी शेट्टी ने कहा, ‘मुंडे ने नामांकन भरा है। वह स्वतंत्र उम्मीद्वार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। अभी तक अध्यक्ष पद के लिए किसी अन्य ने नामांकन नहीं भरा है।’ नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर है। इसके एक दिन बाद 12 अक्टूबर को कागजातों की जांच की जाएगी। 15 अक्टूबर तक नाम वापस लिया जा सकता है। मुंडे ने एमसीए कार्यालय में नामांकन भरने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘एमसीए के क्लब और सदस्य कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनके पास सुविधाओं की कमी है और मैं उसमें सुधार करना चाहता हूं। यही एक वजह है कि मैं चुनाव लड़ना चाहता हूं।’ भाजपा के लोकसभा में उप नेता से पूछा गया कि क्या उनका मुकाबला महाराष्ट्र के एक अन्य बड़े नेता शरद पवार से होगा जिन्होंने एमसीए अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने में दिलचस्पी दिखाई है, मुंडे ने कहा, ‘मैं पहला व्यक्ति हूं जिसने अध्यक्ष पद का नामांकन भरा। मैं पवार के बारे में नहीं जानता।’टिप्पणियां एमसीए के संयुक्त सचिव पीवी शेट्टी ने कहा, ‘मुंडे ने नामांकन भरा है। वह स्वतंत्र उम्मीद्वार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। अभी तक अध्यक्ष पद के लिए किसी अन्य ने नामांकन नहीं भरा है।’ नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर है। इसके एक दिन बाद 12 अक्टूबर को कागजातों की जांच की जाएगी। 15 अक्टूबर तक नाम वापस लिया जा सकता है। भाजपा के लोकसभा में उप नेता से पूछा गया कि क्या उनका मुकाबला महाराष्ट्र के एक अन्य बड़े नेता शरद पवार से होगा जिन्होंने एमसीए अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने में दिलचस्पी दिखाई है, मुंडे ने कहा, ‘मैं पहला व्यक्ति हूं जिसने अध्यक्ष पद का नामांकन भरा। मैं पवार के बारे में नहीं जानता।’टिप्पणियां एमसीए के संयुक्त सचिव पीवी शेट्टी ने कहा, ‘मुंडे ने नामांकन भरा है। वह स्वतंत्र उम्मीद्वार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। अभी तक अध्यक्ष पद के लिए किसी अन्य ने नामांकन नहीं भरा है।’ नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर है। इसके एक दिन बाद 12 अक्टूबर को कागजातों की जांच की जाएगी। 15 अक्टूबर तक नाम वापस लिया जा सकता है। एमसीए के संयुक्त सचिव पीवी शेट्टी ने कहा, ‘मुंडे ने नामांकन भरा है। वह स्वतंत्र उम्मीद्वार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। अभी तक अध्यक्ष पद के लिए किसी अन्य ने नामांकन नहीं भरा है।’ नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर है। इसके एक दिन बाद 12 अक्टूबर को कागजातों की जांच की जाएगी। 15 अक्टूबर तक नाम वापस लिया जा सकता है। नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर है। इसके एक दिन बाद 12 अक्टूबर को कागजातों की जांच की जाएगी। 15 अक्टूबर तक नाम वापस लिया जा सकता है।
यहाँ एक सारांश है:भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे ने मुंबई क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा। वह 18 अक्टूबर को होने वाले चुनावों में शीर्ष पद के लिए नामांकन भरने वाले पहले बड़े राजनीतिक नेता है।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने शहीद केएल गर्ग-सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन ग्रां प्री के अपने पहले मुकाबले में चोट और थकान का हवाला देकर रूसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैच बीच में ही छोड़ दिया। सैयद मोदी ग्रां प्री में खेलने के प्रति मंगलवार को अप्रत्यक्ष रूप से अनिच्छा जाहिर कर चुकी साइना आयोजकों के मनाने पर खेलने के लिए राजी हो गई थीं और वह रूस की सेनिया पोलिकारपोवा के खिलाफ मुकाबले में उतरीं भी, लेकिन वह पूरा मैच नहीं खेल सकीं।टिप्पणियां साइना ने मुकाबले में पहला गेम 21-17 से जीत लिया था और दूसरे गेम में 20-18 से बढ़त भी हासिल कर ली थी, लेकिन इसी दौरान मैच प्वाइंट पर अचानक उन्होंने मुकाबला बीच में ही छोड़ने का फैसला किया। मुकाबला छोड़ने के बाद साइना ने कहा कि उन्होंने कल ही कह दिया था कि उन्हें घुटने में कुछ दिक्कत है, जो आज मैच में और उभर आई। साइना ने कहा कि आगामी टूर्नामेंट के मद्देनजर उन्होंने इस मुकाबले को छोड़ना ही बेहतर समझा। साइना ने कहा कि वह भारत के टूर्नामेंट में खेलना चाहती थीं और रूसी खिलाड़ी को मजबूरन वॉक ओवर देने का उन्हें दुख है। सैयद मोदी ग्रां प्री में खेलने के प्रति मंगलवार को अप्रत्यक्ष रूप से अनिच्छा जाहिर कर चुकी साइना आयोजकों के मनाने पर खेलने के लिए राजी हो गई थीं और वह रूस की सेनिया पोलिकारपोवा के खिलाफ मुकाबले में उतरीं भी, लेकिन वह पूरा मैच नहीं खेल सकीं।टिप्पणियां साइना ने मुकाबले में पहला गेम 21-17 से जीत लिया था और दूसरे गेम में 20-18 से बढ़त भी हासिल कर ली थी, लेकिन इसी दौरान मैच प्वाइंट पर अचानक उन्होंने मुकाबला बीच में ही छोड़ने का फैसला किया। मुकाबला छोड़ने के बाद साइना ने कहा कि उन्होंने कल ही कह दिया था कि उन्हें घुटने में कुछ दिक्कत है, जो आज मैच में और उभर आई। साइना ने कहा कि आगामी टूर्नामेंट के मद्देनजर उन्होंने इस मुकाबले को छोड़ना ही बेहतर समझा। साइना ने कहा कि वह भारत के टूर्नामेंट में खेलना चाहती थीं और रूसी खिलाड़ी को मजबूरन वॉक ओवर देने का उन्हें दुख है। साइना ने मुकाबले में पहला गेम 21-17 से जीत लिया था और दूसरे गेम में 20-18 से बढ़त भी हासिल कर ली थी, लेकिन इसी दौरान मैच प्वाइंट पर अचानक उन्होंने मुकाबला बीच में ही छोड़ने का फैसला किया। मुकाबला छोड़ने के बाद साइना ने कहा कि उन्होंने कल ही कह दिया था कि उन्हें घुटने में कुछ दिक्कत है, जो आज मैच में और उभर आई। साइना ने कहा कि आगामी टूर्नामेंट के मद्देनजर उन्होंने इस मुकाबले को छोड़ना ही बेहतर समझा। साइना ने कहा कि वह भारत के टूर्नामेंट में खेलना चाहती थीं और रूसी खिलाड़ी को मजबूरन वॉक ओवर देने का उन्हें दुख है। साइना ने कहा कि आगामी टूर्नामेंट के मद्देनजर उन्होंने इस मुकाबले को छोड़ना ही बेहतर समझा। साइना ने कहा कि वह भारत के टूर्नामेंट में खेलना चाहती थीं और रूसी खिलाड़ी को मजबूरन वॉक ओवर देने का उन्हें दुख है।
संक्षिप्त सारांश: साइना नेहवाल ने शहीद केएल गर्ग-सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन ग्रां प्री के अपने पहले मुकाबले में चोट और थकान का हवाला देकर रूसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैच बीच में ही छोड़ दिया।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले में एक ट्रैक्टर ट्रॉली के पानी से भरे खड्ड में गिर जाने से उसमें सवार कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि ये लोग पास के एक धार्मिक स्थल की यात्रा से लौट रहे थे। यह दुर्घटना घमौर गांव के पास हुई। उन्होंने बताया कि छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अस्पताल में तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रैक्टर ट्राली पर दुर्घटना के वक्त 24 लोग सवार थे। पुलिस ने बताया कि ये लोग पास के एक धार्मिक स्थल की यात्रा से लौट रहे थे। यह दुर्घटना घमौर गांव के पास हुई। उन्होंने बताया कि छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अस्पताल में तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रैक्टर ट्राली पर दुर्घटना के वक्त 24 लोग सवार थे। पुलिस ने बताया कि घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रैक्टर ट्राली पर दुर्घटना के वक्त 24 लोग सवार थे।
संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले में एक ट्रैक्टर ट्रॉली के पानी से भरे खड्ड में गिर जाने से उसमें सवार कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टीवी अभिनेत्री उपासना सिंह ने 'द कपिल शर्मा शो' की शूटिंग शुरू कर दी है. उन्होंने शो में डॉक्टर मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी का किरदार निभाने वाले सुनील ग्रोवर के भी जल्द ही टीम में शामिल होने की उम्मीद जताई है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "हां, मैं शो में वापस आ रही हूं. मैं फिलहाल इसके लिए शूटिंग कर रही हूं. मैंने एक एपिसोड की शूटिंग कर ली है." उपासना कपिल के शो में ट्विंकल और डॉक्टर मशहूर गुलाटी की पुरानी दोस्त का किरदार निभाती थीं. पिछले साल जून में उन्होंने शो छोड़ दिया था, अब वह नए किरदार के रूप में शो में वापसी कर रही हैं. बताते चलें कि पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया से मुंबई की फ्लाइट में कपिल शर्मा ने कथित तौर पर सुनील ग्रोवर के साथ बदसलूकी की थी जिसके बाद सुनील ग्रोवर ने शो छोड़ दिया है. सुनील के समर्थन में अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने भी शो का बायकॉट कर दिया है. शो में सुनील की वापसी की उम्मीद जताते हुए उपासना ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "कपिल और सुनील काफी अच्छे दोस्त हैं. दोनों एक दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और दोनों के संबंध काफी अच्छे हैं. यह दुखद है कि दोनों के बीच ऐसी चीजें हो रही हैं, पर मुझे लगता है कि दोनों के बीच सब ठीक हो जाएगा."   कपिल की नई टीम में शामिल हो चुके हैं राजू श्रीवास्तव और उपासना सिंह. फ्लाइट में हुई घटना के बाद कपिल शर्मा ने फेसबुक पर इसे अपना पारिवारिक मामला बताया था और इसके बाद ट्विटर पर उन्होंने सुनील से माफी भी मांगी थी. हालांकि इसके जवाब में सुनील ने कपिल से कहा था कि उन्हें लोगों का सम्मान करना चाहिए. सुनील ने जवाब में लिखा था, 'शुक्रिया, यह बताने के लिए कि शो आपका है और कभी भी किसी को भी बाहर निकाल सकते हो.' शो छोड़ने के बाद सुनील ने दिल्ली में एक लाइव शो और इंडियन आइडल के ग्रांड फिनाले में डॉ मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी के तौर पर प्रस्तुति दी दी. दोनों की कार्यक्रम काफी पसंद किए गए. इस बीच खबरें आने लगी थीं कि सुनील अपनी फीस बढ़ाकर कपिल के शो में वापसी करने वाले हैं. हालांकि उन्होंने इन खबरों को खारिज करते हुए ट्वीट किया, "मेरा इरादा पूरे सम्मान के साथ लोगों का मनोरंजन करना है. मेरे लिए किसी काम को करने या न करने की एकमात्र वजह पैसा नहीं हो सकता है."   पुरानी टीम में केवल कीकू शारदा बने हुए हैं कपिल शर्मा के साथ. उपासना सिंह को यकीन है कि कपिल और सुनील के बीच का विवाद जल्द ही सुलझ जाएगा. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "हम एक परिवार की तरह हैं और हर परिवार में उतार-चढ़ाव आते हैं, लड़ाइयां होती हैं. लेकिन अंत में सभी एक हो जाते हैं. मुझे लगता है कि वे फिर से दोस्त बन जाएंगे."टिप्पणियां इस बीच खबरें यह भी हैं कि सोनी चैनल एक और कार्यक्रम लाने की तैयारी कर रहा है जिसमें सुनील ग्रोवर मुख्य कलाकार होंगे. इस पर उपासना सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "मैंने ऐसा कुछ सुना नहीं है अब तक और मुझे नहीं लगता कि एक चैनल में एक ही तरह के दो शो हो सकते हैं. मैं एक समय पर एक शो से जुड़ी रहने में यकीन रखती हूं."   कपिल शर्मा ने कथित तौर पर सुनील ग्रोवर से की थी बदसलूकी. 'द कपिल शर्मा शो' के अलावा उपासना सिंह इन दिनों करण टैकर के साथ स्टार प्लस के डांस रियलिटी शो 'नच बलिये 8' होस्ट कर रही हैं. वह वरुण धवन की फिल्म 'जुड़वां 2' की शूटिंग भी कर रही हैं. बताते चलें कि पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया से मुंबई की फ्लाइट में कपिल शर्मा ने कथित तौर पर सुनील ग्रोवर के साथ बदसलूकी की थी जिसके बाद सुनील ग्रोवर ने शो छोड़ दिया है. सुनील के समर्थन में अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने भी शो का बायकॉट कर दिया है. शो में सुनील की वापसी की उम्मीद जताते हुए उपासना ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "कपिल और सुनील काफी अच्छे दोस्त हैं. दोनों एक दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और दोनों के संबंध काफी अच्छे हैं. यह दुखद है कि दोनों के बीच ऐसी चीजें हो रही हैं, पर मुझे लगता है कि दोनों के बीच सब ठीक हो जाएगा."   कपिल की नई टीम में शामिल हो चुके हैं राजू श्रीवास्तव और उपासना सिंह. फ्लाइट में हुई घटना के बाद कपिल शर्मा ने फेसबुक पर इसे अपना पारिवारिक मामला बताया था और इसके बाद ट्विटर पर उन्होंने सुनील से माफी भी मांगी थी. हालांकि इसके जवाब में सुनील ने कपिल से कहा था कि उन्हें लोगों का सम्मान करना चाहिए. सुनील ने जवाब में लिखा था, 'शुक्रिया, यह बताने के लिए कि शो आपका है और कभी भी किसी को भी बाहर निकाल सकते हो.' शो छोड़ने के बाद सुनील ने दिल्ली में एक लाइव शो और इंडियन आइडल के ग्रांड फिनाले में डॉ मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी के तौर पर प्रस्तुति दी दी. दोनों की कार्यक्रम काफी पसंद किए गए. इस बीच खबरें आने लगी थीं कि सुनील अपनी फीस बढ़ाकर कपिल के शो में वापसी करने वाले हैं. हालांकि उन्होंने इन खबरों को खारिज करते हुए ट्वीट किया, "मेरा इरादा पूरे सम्मान के साथ लोगों का मनोरंजन करना है. मेरे लिए किसी काम को करने या न करने की एकमात्र वजह पैसा नहीं हो सकता है."   पुरानी टीम में केवल कीकू शारदा बने हुए हैं कपिल शर्मा के साथ. उपासना सिंह को यकीन है कि कपिल और सुनील के बीच का विवाद जल्द ही सुलझ जाएगा. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "हम एक परिवार की तरह हैं और हर परिवार में उतार-चढ़ाव आते हैं, लड़ाइयां होती हैं. लेकिन अंत में सभी एक हो जाते हैं. मुझे लगता है कि वे फिर से दोस्त बन जाएंगे."टिप्पणियां इस बीच खबरें यह भी हैं कि सोनी चैनल एक और कार्यक्रम लाने की तैयारी कर रहा है जिसमें सुनील ग्रोवर मुख्य कलाकार होंगे. इस पर उपासना सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "मैंने ऐसा कुछ सुना नहीं है अब तक और मुझे नहीं लगता कि एक चैनल में एक ही तरह के दो शो हो सकते हैं. मैं एक समय पर एक शो से जुड़ी रहने में यकीन रखती हूं."   कपिल शर्मा ने कथित तौर पर सुनील ग्रोवर से की थी बदसलूकी. 'द कपिल शर्मा शो' के अलावा उपासना सिंह इन दिनों करण टैकर के साथ स्टार प्लस के डांस रियलिटी शो 'नच बलिये 8' होस्ट कर रही हैं. वह वरुण धवन की फिल्म 'जुड़वां 2' की शूटिंग भी कर रही हैं. फ्लाइट में हुई घटना के बाद कपिल शर्मा ने फेसबुक पर इसे अपना पारिवारिक मामला बताया था और इसके बाद ट्विटर पर उन्होंने सुनील से माफी भी मांगी थी. हालांकि इसके जवाब में सुनील ने कपिल से कहा था कि उन्हें लोगों का सम्मान करना चाहिए. सुनील ने जवाब में लिखा था, 'शुक्रिया, यह बताने के लिए कि शो आपका है और कभी भी किसी को भी बाहर निकाल सकते हो.' शो छोड़ने के बाद सुनील ने दिल्ली में एक लाइव शो और इंडियन आइडल के ग्रांड फिनाले में डॉ मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी के तौर पर प्रस्तुति दी दी. दोनों की कार्यक्रम काफी पसंद किए गए. इस बीच खबरें आने लगी थीं कि सुनील अपनी फीस बढ़ाकर कपिल के शो में वापसी करने वाले हैं. हालांकि उन्होंने इन खबरों को खारिज करते हुए ट्वीट किया, "मेरा इरादा पूरे सम्मान के साथ लोगों का मनोरंजन करना है. मेरे लिए किसी काम को करने या न करने की एकमात्र वजह पैसा नहीं हो सकता है."   पुरानी टीम में केवल कीकू शारदा बने हुए हैं कपिल शर्मा के साथ. उपासना सिंह को यकीन है कि कपिल और सुनील के बीच का विवाद जल्द ही सुलझ जाएगा. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "हम एक परिवार की तरह हैं और हर परिवार में उतार-चढ़ाव आते हैं, लड़ाइयां होती हैं. लेकिन अंत में सभी एक हो जाते हैं. मुझे लगता है कि वे फिर से दोस्त बन जाएंगे."टिप्पणियां इस बीच खबरें यह भी हैं कि सोनी चैनल एक और कार्यक्रम लाने की तैयारी कर रहा है जिसमें सुनील ग्रोवर मुख्य कलाकार होंगे. इस पर उपासना सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "मैंने ऐसा कुछ सुना नहीं है अब तक और मुझे नहीं लगता कि एक चैनल में एक ही तरह के दो शो हो सकते हैं. मैं एक समय पर एक शो से जुड़ी रहने में यकीन रखती हूं."   कपिल शर्मा ने कथित तौर पर सुनील ग्रोवर से की थी बदसलूकी. 'द कपिल शर्मा शो' के अलावा उपासना सिंह इन दिनों करण टैकर के साथ स्टार प्लस के डांस रियलिटी शो 'नच बलिये 8' होस्ट कर रही हैं. वह वरुण धवन की फिल्म 'जुड़वां 2' की शूटिंग भी कर रही हैं. इस बीच खबरें आने लगी थीं कि सुनील अपनी फीस बढ़ाकर कपिल के शो में वापसी करने वाले हैं. हालांकि उन्होंने इन खबरों को खारिज करते हुए ट्वीट किया, "मेरा इरादा पूरे सम्मान के साथ लोगों का मनोरंजन करना है. मेरे लिए किसी काम को करने या न करने की एकमात्र वजह पैसा नहीं हो सकता है."   पुरानी टीम में केवल कीकू शारदा बने हुए हैं कपिल शर्मा के साथ. उपासना सिंह को यकीन है कि कपिल और सुनील के बीच का विवाद जल्द ही सुलझ जाएगा. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "हम एक परिवार की तरह हैं और हर परिवार में उतार-चढ़ाव आते हैं, लड़ाइयां होती हैं. लेकिन अंत में सभी एक हो जाते हैं. मुझे लगता है कि वे फिर से दोस्त बन जाएंगे."टिप्पणियां इस बीच खबरें यह भी हैं कि सोनी चैनल एक और कार्यक्रम लाने की तैयारी कर रहा है जिसमें सुनील ग्रोवर मुख्य कलाकार होंगे. इस पर उपासना सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "मैंने ऐसा कुछ सुना नहीं है अब तक और मुझे नहीं लगता कि एक चैनल में एक ही तरह के दो शो हो सकते हैं. मैं एक समय पर एक शो से जुड़ी रहने में यकीन रखती हूं."   कपिल शर्मा ने कथित तौर पर सुनील ग्रोवर से की थी बदसलूकी. 'द कपिल शर्मा शो' के अलावा उपासना सिंह इन दिनों करण टैकर के साथ स्टार प्लस के डांस रियलिटी शो 'नच बलिये 8' होस्ट कर रही हैं. वह वरुण धवन की फिल्म 'जुड़वां 2' की शूटिंग भी कर रही हैं. उपासना सिंह को यकीन है कि कपिल और सुनील के बीच का विवाद जल्द ही सुलझ जाएगा. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "हम एक परिवार की तरह हैं और हर परिवार में उतार-चढ़ाव आते हैं, लड़ाइयां होती हैं. लेकिन अंत में सभी एक हो जाते हैं. मुझे लगता है कि वे फिर से दोस्त बन जाएंगे."टिप्पणियां इस बीच खबरें यह भी हैं कि सोनी चैनल एक और कार्यक्रम लाने की तैयारी कर रहा है जिसमें सुनील ग्रोवर मुख्य कलाकार होंगे. इस पर उपासना सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "मैंने ऐसा कुछ सुना नहीं है अब तक और मुझे नहीं लगता कि एक चैनल में एक ही तरह के दो शो हो सकते हैं. मैं एक समय पर एक शो से जुड़ी रहने में यकीन रखती हूं."   कपिल शर्मा ने कथित तौर पर सुनील ग्रोवर से की थी बदसलूकी. 'द कपिल शर्मा शो' के अलावा उपासना सिंह इन दिनों करण टैकर के साथ स्टार प्लस के डांस रियलिटी शो 'नच बलिये 8' होस्ट कर रही हैं. वह वरुण धवन की फिल्म 'जुड़वां 2' की शूटिंग भी कर रही हैं. इस बीच खबरें यह भी हैं कि सोनी चैनल एक और कार्यक्रम लाने की तैयारी कर रहा है जिसमें सुनील ग्रोवर मुख्य कलाकार होंगे. इस पर उपासना सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "मैंने ऐसा कुछ सुना नहीं है अब तक और मुझे नहीं लगता कि एक चैनल में एक ही तरह के दो शो हो सकते हैं. मैं एक समय पर एक शो से जुड़ी रहने में यकीन रखती हूं."   कपिल शर्मा ने कथित तौर पर सुनील ग्रोवर से की थी बदसलूकी. 'द कपिल शर्मा शो' के अलावा उपासना सिंह इन दिनों करण टैकर के साथ स्टार प्लस के डांस रियलिटी शो 'नच बलिये 8' होस्ट कर रही हैं. वह वरुण धवन की फिल्म 'जुड़वां 2' की शूटिंग भी कर रही हैं. 'द कपिल शर्मा शो' के अलावा उपासना सिंह इन दिनों करण टैकर के साथ स्टार प्लस के डांस रियलिटी शो 'नच बलिये 8' होस्ट कर रही हैं. वह वरुण धवन की फिल्म 'जुड़वां 2' की शूटिंग भी कर रही हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पिछले साल जून में उपासना सिंह ने छोड़ दिया था कपिल शर्मा का शो उपासना ने कहा कि सुनील और कपिल लंबे समय से अच्छे दोस्त हैं "मैं चाहती हूं कि दोनों के बीच सब ठीक हो जाए"- उपासना
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के उत्तम नगर इलाके के चिरंजीवी मिश्रा टीम अन्ना के अनशन स्थल पर भीड़ कम होने से निराश हैं। पिछले साल से वह अन्ना के हर अनशन पर लोगों के चेहरे पर तिरंगे लगाते हैं, पर इस बार निराश हैं क्योंकि उम्मीद के अनुसार कमाई नहीं हो रही है।टिप्पणियां मिश्रा ने कहा कि पिछले साल अगस्त में लोगों में उत्साह था जो अब कम हुआ है। पिछले दो दिन में मैंने मुश्किल से 100 रुपये कमाए हैं। कुछ यही कहना है अन्ना टोपी बेचने वाले उपेंद्र का लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सप्ताहांत में लोग आएंगे। मिश्रा ने कहा कि पिछले साल अगस्त में लोगों में उत्साह था जो अब कम हुआ है। पिछले दो दिन में मैंने मुश्किल से 100 रुपये कमाए हैं। कुछ यही कहना है अन्ना टोपी बेचने वाले उपेंद्र का लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सप्ताहांत में लोग आएंगे। कुछ यही कहना है अन्ना टोपी बेचने वाले उपेंद्र का लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सप्ताहांत में लोग आएंगे।
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली के उत्तम नगर इलाके के चिरंजीवी मिश्रा टीम अन्ना के अनशन स्थल पर भीड़ कम होने से निराश हैं। पिछले साल से वह अन्ना के हर अनशन पर लोगों के चेहरे पर तिरंगे लगाते हैं, पर इस बार निराश हैं क्योंकि उम्मीद के अनुसार कमाई नहीं हो रही है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय उच्चायोग में शरण लिए मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद और मालदीव की सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। भारतीय विदेश मंत्रालय के दल और मालदीव के प्रमुख मंत्रियों के बीच हुई बातचीत के बावजूद स्थिति के समाधान का कोई संकेत नहीं है। अधिकारियों का कहना है, ‘‘कोई नई प्रगति नहीं हुई है। बातचीत अब भी चल रही है। फिलहाल स्थिति के समाधान का कोई संकेत नहीं मिला है।’’ अब तक की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के प्रवक्ता मसूद इमाम ने कहा, ‘‘यह गतिरोध है। किसी को रास्ता देना होगा। भारत सरकार जानती है कि हमारे यहां महाभियोजक स्वतंत्र हैं और सरकार दखल नहीं दे सकती।’’ इमाम के अनुसार यहां विभिन्न पक्षों से मुलाकात के बाद भारतीय अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा स्थितियों से द्विपक्षीय संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने देना चाहिए। टिप्पणियां भारतीय अधिकारियों के दल ने मालदीव के विदेशमंत्री अब्दुल समद अब्दुल्ला, रक्षा मंत्री मोहम्मद नाजिम, वकीलों तथा कुछ अन्य महत्वपूर्ण लोगों से बातचीत की है। इन्होंने नशीद और राष्ट्रपति पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे अब्दुल्ला यामीन से भी विस्तृत बातचीत की है। अधिकारियों का कहना है, ‘‘कोई नई प्रगति नहीं हुई है। बातचीत अब भी चल रही है। फिलहाल स्थिति के समाधान का कोई संकेत नहीं मिला है।’’ अब तक की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के प्रवक्ता मसूद इमाम ने कहा, ‘‘यह गतिरोध है। किसी को रास्ता देना होगा। भारत सरकार जानती है कि हमारे यहां महाभियोजक स्वतंत्र हैं और सरकार दखल नहीं दे सकती।’’ इमाम के अनुसार यहां विभिन्न पक्षों से मुलाकात के बाद भारतीय अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा स्थितियों से द्विपक्षीय संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने देना चाहिए। टिप्पणियां भारतीय अधिकारियों के दल ने मालदीव के विदेशमंत्री अब्दुल समद अब्दुल्ला, रक्षा मंत्री मोहम्मद नाजिम, वकीलों तथा कुछ अन्य महत्वपूर्ण लोगों से बातचीत की है। इन्होंने नशीद और राष्ट्रपति पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे अब्दुल्ला यामीन से भी विस्तृत बातचीत की है। इमाम के अनुसार यहां विभिन्न पक्षों से मुलाकात के बाद भारतीय अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा स्थितियों से द्विपक्षीय संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने देना चाहिए। टिप्पणियां भारतीय अधिकारियों के दल ने मालदीव के विदेशमंत्री अब्दुल समद अब्दुल्ला, रक्षा मंत्री मोहम्मद नाजिम, वकीलों तथा कुछ अन्य महत्वपूर्ण लोगों से बातचीत की है। इन्होंने नशीद और राष्ट्रपति पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे अब्दुल्ला यामीन से भी विस्तृत बातचीत की है। भारतीय अधिकारियों के दल ने मालदीव के विदेशमंत्री अब्दुल समद अब्दुल्ला, रक्षा मंत्री मोहम्मद नाजिम, वकीलों तथा कुछ अन्य महत्वपूर्ण लोगों से बातचीत की है। इन्होंने नशीद और राष्ट्रपति पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे अब्दुल्ला यामीन से भी विस्तृत बातचीत की है। इन्होंने नशीद और राष्ट्रपति पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे अब्दुल्ला यामीन से भी विस्तृत बातचीत की है।
भारतीय उच्चायोग में शरण लिए मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद और मालदीव की सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। भारतीय विदेश मंत्रालय के दल और मालदीव के प्रमुख मंत्रियों के बीच हुई बातचीत के बावजूद स्थिति के समाधान का कोई संकेत नहीं है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चलती बस में युवती से सामूहिक बलात्कार और बर्बरता तथा उसकी मौत पर देश भर में जनता का गुस्सा फूटने के बाद राहुल गांधी ने शनिवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। राहुल ने कहा कि महिलाओं की मर्यादा का सम्मान करने का संकल्प लेना चाहिए। कांग्रेस महासचिव ने मृतका के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि वह हृदय से युवती के परिवार वालों के साथ हैं और लाखों युवा भारतीय भी उनके साथ हैं जो बेहतर भारत के लिए कार्य करते हैं, उम्मीद और प्रार्थना करते हैं।टिप्पणियां राहुल ने कहा कि नागरिक होने के नाते हमें कानून का पालन करना चाहिए और महिलाओं की मर्यादा के सम्मान का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने एक संदेश में कहा कि अपनी मां और बहन के साथ ही वह भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। कांग्रेस महासचिव ने मृतका के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि वह हृदय से युवती के परिवार वालों के साथ हैं और लाखों युवा भारतीय भी उनके साथ हैं जो बेहतर भारत के लिए कार्य करते हैं, उम्मीद और प्रार्थना करते हैं।टिप्पणियां राहुल ने कहा कि नागरिक होने के नाते हमें कानून का पालन करना चाहिए और महिलाओं की मर्यादा के सम्मान का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने एक संदेश में कहा कि अपनी मां और बहन के साथ ही वह भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। राहुल ने कहा कि नागरिक होने के नाते हमें कानून का पालन करना चाहिए और महिलाओं की मर्यादा के सम्मान का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने एक संदेश में कहा कि अपनी मां और बहन के साथ ही वह भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। उन्होंने एक संदेश में कहा कि अपनी मां और बहन के साथ ही वह भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं।
संक्षिप्त पाठ: सामूहिक बलात्कार और बर्बरता तथा युवकी मौत पर देशभर में जनता का गुस्सा फूटने के बाद राहुल गांधी ने अपनी चुप्पी तोड़ी। राहुल ने कहा कि महिलाओं की मर्यादा का सम्मान करने का संकल्प लेना चाहिए।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस गठबंधन की जोरदार जीत के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि कांग्रेस सरकार में शामिल होगी या नहीं। हालांकि शुक्रवार को नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा था कि वह चाहेंगी कि कांग्रेस सरकार में शामिल हो, लेकिन कांग्रेस ने इस मसले पर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इसी सिलसिले में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी शनिवार को ममता बनर्जी से मुलाकात करने वाले हैं। हालांकि शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत पार्टी के तमाम बड़े नेताओं ने इस मुद्दे पर एक बैठक की, लेकिन अभी तक कांग्रेस की और से इस बाबत कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आज होने वाली इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के गठबंधन ने असेंबली चुनाव में दो−तिहाई बहुमत हासिल किया है।
सारांश: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस गठबंधन की जोरदार जीत के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि कांग्रेस सरकार में शामिल होगी या नहीं।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हज जाने वाले यात्रियों की लिस्ट में हेराफेरी के आरोप लगे हैं। यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खान ने खुलासा किया है कि 170 लोगों के नाम गलत तरीके से हज जाने वालों की लिस्ट में लाए गए हैं।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि इनमें से 18 तो ऐसे थे जिन्होंने हज जाने के लिए जरूरी फॉर्म भी नहीं भरा था बाकी लोग वेटिंग में थे। आजम खान ने कहा कि कंप्यूटर हैक कर हज की लिस्ट में बदलाव किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ लखनऊ ही नहीं दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में भी हुआ है। खान से भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के नाम सामने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि हज यात्रा में हुए फर्जीवाड़े में दोषी पाए जाने वाले लोगों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इनमें से 18 तो ऐसे थे जिन्होंने हज जाने के लिए जरूरी फॉर्म भी नहीं भरा था बाकी लोग वेटिंग में थे। आजम खान ने कहा कि कंप्यूटर हैक कर हज की लिस्ट में बदलाव किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ लखनऊ ही नहीं दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में भी हुआ है। खान से भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के नाम सामने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि हज यात्रा में हुए फर्जीवाड़े में दोषी पाए जाने वाले लोगों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। खान से भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के नाम सामने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि हज यात्रा में हुए फर्जीवाड़े में दोषी पाए जाने वाले लोगों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
संक्षिप्त सारांश: यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खान ने खुलासा किया है कि 170 लोगों के नाम गलत तरीके से हज जाने वालों की लिस्ट में लाए गए हैं।
23
['hin']