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इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन में एमएस की पढ़ाई करने वाला तेलंगाना का 23 वर्षीय एक छात्र लापता हो गया. युवक के पिता ने सोमवार को यह जानकारी दी. छात्र के पिता और भाजपा की खम्मम जिला इकाई के अध्यक्ष उदय प्रताप ने बताया कि उज्जवल श्रीहर्ष ने आखिरी बार 21 अगस्त को अपनी माँ से बात की थी. श्रीहर्ष मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एमएस का कोर्स करने के लिए पिछले साल लंदन गया था. उन्होंने कहा कि जब अगले दिन परिवार के लोगों ने उसे फोन किया तो कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. ‘‘वह हर दिन फोन करता था.''
लापता हुए उज्जवल ने अपनी स्कूली शिक्षा आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले के ऋषि वैली स्कूल से की थी और हैदराबाद में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. प्रताप ने कहा कि श्रीहर्ष एक वैज्ञानिक बनना चाहता है और हाल ही में एक परियोजना के काम के लिए जापान गया था. उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस मामले में मदद करने का वादा किया है. | संक्षिप्त सारांश: लंदन पुलिस ने दी उज्जवल के लापता होने की सूचना
समुद्र तट पर मिला उज्जवल का बैग
एमएस करने ब्रिटेन गया है उज्जवल | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन ने शुक्रवार को कहा कि जापान में 11 मार्च को आए भूकंप और सुनामी के कारण उपकरणों की कमी होने से वाहनों का उत्पादन दिसंबर तक ही सामान्य स्तर पर पहुंच सकेगा। टोयोटा की इस घोषणा के बाद बाजार के जानकारों का कहना है कि उत्तर अमेरिकी बाजार में टोयोटा को काफी नुकसान होगा, जहां इस साल की पहली तिमाही में वाहनों की बिक्री पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 17 प्रतिशत बढ़ी थी। जानकारों का कहना है कि यदि कारों की बिक्री में वृद्धि जारी रहती है और टोयोटा अपना सामान्य उत्पादन स्तर कायम नहीं कर पाती है, तो टोयोटा को पीछे छोड़कर जनरल मोटर्स दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी बन सकती है। टोयोटा ने वर्ष 2007 में जनरल मोटर्स को पीछे छोड़कर यह स्थान हासिल किया था। दुनियाभर में मौजूद अपने उपभोक्ताओं से आपूर्ति में बाधाओं के लिए खेद जताते हुए टोयोटा के अध्यक्ष अकियो टोयोदा ने जापान में शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, जिन उपभोक्ताओं ने हमारे द्वारा बनाए गए वाहन खरीदने का निर्णय लिया है, उनसे मैं आपूर्ति में देरी के लिए क्षमा मांगता हूं। कंपनी ने अपने बयान में कहा, जापान में उत्पादन में वृद्धि जुलाई में शुरू होगी और उत्तरी अमेरिका में यह वृद्धि अगस्त तक शुरू होगी, नवम्बर या दिसम्बर तक सभी मॉडलों का उत्पादन सामान्य स्तर तक पहुंचेगा। टोयोटा ने कहा कि जापान में स्थित कंपनी के संयंत्रों में फिलहाल केवल 50 प्रतिशत उत्पादन हो रहा है, जबकि उत्तर अमेरिका में संयंत्रों की क्षमता का केवल 30 प्रतिशत उत्पादन किया जा रहा है। कंपनी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक, रबर और पेंट संबंधी करीब 150 उपकरणों की कमी के कारण वाहनों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। टोयोटा उत्तर अमेरिका में निर्मित किए जाने वाले 12 टोयोटा और लेक्सस मॉडलों के उपकरणों और अन्य सामग्रियों की आपूर्ति 500 स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के जरिए करती है, लेकिन यह महत्वपूर्ण उपकरणों की आपूर्ति के लिए जापान से आयात पर निर्भर है। | टोयोटा मोटर ने कहा कि जापान में भूकंप और सुनामी के कारण उपकरणों की कमी होने से वाहनों का उत्पादन दिसंबर तक ही सामान्य स्तर पर पहुंच सकेगा। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: स्पिनरों की शानदार गेंदबाजी के बाद कप्तान गौतम गंभीर के नाबाद अर्द्धशतक से कोलकाता नाइटराइडर्स ने आईपीएल के अहम मैच में पुणे वारियर्स को सात विकेट से हराकर प्ले ऑफ में जगह सुनिश्चित की। टूर्नामेंट से पहले ही बाहर हो चुकी पुणे वारियर्स महज सात विकेट पर 118 रन ही बना सकी। जवाब में शाहरुख खान की टीम ने आराम से खेलते हुए गंभीर के नाबाद 54 और यूसुफ पठान (29) के साथ तीसरे विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी से 16.4 ओवर में तीन विकेट पर 119 रन बनाकर जीत दर्ज की। इस जीत से कोलकाता ने प्ले ऑफ में जगह पक्की की। उसके 13 मैचों में आठ जीत से 16 अंक हो गए हैं और वह मुंबई इंडियंस को हटाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गई। पुणे वारियर्स के कप्तान युवराज सिंह ने पिछले मैच के बाद कहा था कि वह अब टूर्नामेंट में सम्मान बचाने के लिए खेलेंगे लेकिन बल्लेबाजी को देखकर ऐसा नहीं लगा कि टीम कहीं भी जीत दर्ज करने के लिए खेल रही थी। उनके 13 मैचों में नौ हार से आठ अंक हैं। गंभीर आईपीएल में पहली बार पारी का आगाज करने उतरे क्योंकि नियमित सलामी बल्लेबाज जाक कैलिस क्षेत्ररक्षण के दौरान अंगुली में चोट लगा बैठे थे। उन्होंने 15वें ओवर में चौका लगाकर 43 गेंद में अर्द्धशतक पूरा किया और 46 गेंद का सामना करते हुए सात चौके से नाबाद 55 रन बनाए। पहले ही ओवर में टीम को करारा झटका लगा क्योंकि श्रीवत्स गोस्वामी (06) तीसरी गेंद पर चौका लगाकर अगली पर अलफोंसो थामस को विकेट दे बैठे जिसे विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने आसानी से लपक लिया। | सारांश: गंभीर के नाबाद अर्द्धशतक से कोलकाता नाइटराइडर्स ने आईपीएल के अहम मैच में पुणे वारियर्स को सात विकेट से हराकर प्ले ऑफ में जगह सुनिश्चित की। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल के कांथी दक्षिण से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार चंद्रिमा भट्टाचार्य जीत गई हैं. वहीं इस सीट पर बीजेपी का प्रदर्शन भी चौंकाने वाला रहा है. बीजेपी का वोट 8.76% से बढ़कर इस बार 30.09% हो गया है. सीपीआई को 10.02% और कांग्रेस को सिर्फ़ 1.3% वोट मिले हैं.टिप्पणियां
कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार चंद्रीमा भट्टाचार्य अपनी निकटवर्ती भाजपा प्रतिद्वंद्वी सौरिंद्रा मोहन जना से 36,000 से ज्यादा वोटों से जीत गई हैं. वहीं 12वें राउंड की मतगणना तक तृणमूल और भाजपा उम्मीदवार के बाद भाकपा उम्मीदवार उत्तम प्रधान को 12,846 और कांग्रेस के नबा कुमार नंदा को करीब 1,759 मत मिले हैं.
बता दें कि 8 राज्यों की 10 विधानसभा सीटों के नतीजों के लिए मतगणना जारी है. नतीजों पर पीएम नरेंद्र मोदी की लहर का असर साफ दिखाई दे रहा है. हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के राजौरी गार्डन की सीट बीजेपी के खाते में चली गई है और मध्य प्रदेश, राजस्थान और असम में भी बीजेपी आगे है. वहीं कर्नाटक की दोनों सीटों पर कांग्रेस आगे चल रही है. रविवार को इन सभी सीटों पर उपचुनाव हुए थे, जिन सीटों के नतीजे आज आ रहे हैं, इनमें राजस्थान-धौलपुर, मध्य प्रदेश- अटेर, बांधवगढ़, झारखंड-लिट्टीपाड़ा, पश्चिम बंगाल-कांठी दक्षिण, असम-धेमाजी, कर्नाटक-नंजनगुड, गुंडलुपेट, हिमाचल, प्रदेश की भोरांजी शामिल है.
कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार चंद्रीमा भट्टाचार्य अपनी निकटवर्ती भाजपा प्रतिद्वंद्वी सौरिंद्रा मोहन जना से 36,000 से ज्यादा वोटों से जीत गई हैं. वहीं 12वें राउंड की मतगणना तक तृणमूल और भाजपा उम्मीदवार के बाद भाकपा उम्मीदवार उत्तम प्रधान को 12,846 और कांग्रेस के नबा कुमार नंदा को करीब 1,759 मत मिले हैं.
बता दें कि 8 राज्यों की 10 विधानसभा सीटों के नतीजों के लिए मतगणना जारी है. नतीजों पर पीएम नरेंद्र मोदी की लहर का असर साफ दिखाई दे रहा है. हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के राजौरी गार्डन की सीट बीजेपी के खाते में चली गई है और मध्य प्रदेश, राजस्थान और असम में भी बीजेपी आगे है. वहीं कर्नाटक की दोनों सीटों पर कांग्रेस आगे चल रही है. रविवार को इन सभी सीटों पर उपचुनाव हुए थे, जिन सीटों के नतीजे आज आ रहे हैं, इनमें राजस्थान-धौलपुर, मध्य प्रदेश- अटेर, बांधवगढ़, झारखंड-लिट्टीपाड़ा, पश्चिम बंगाल-कांठी दक्षिण, असम-धेमाजी, कर्नाटक-नंजनगुड, गुंडलुपेट, हिमाचल, प्रदेश की भोरांजी शामिल है.
बता दें कि 8 राज्यों की 10 विधानसभा सीटों के नतीजों के लिए मतगणना जारी है. नतीजों पर पीएम नरेंद्र मोदी की लहर का असर साफ दिखाई दे रहा है. हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के राजौरी गार्डन की सीट बीजेपी के खाते में चली गई है और मध्य प्रदेश, राजस्थान और असम में भी बीजेपी आगे है. वहीं कर्नाटक की दोनों सीटों पर कांग्रेस आगे चल रही है. रविवार को इन सभी सीटों पर उपचुनाव हुए थे, जिन सीटों के नतीजे आज आ रहे हैं, इनमें राजस्थान-धौलपुर, मध्य प्रदेश- अटेर, बांधवगढ़, झारखंड-लिट्टीपाड़ा, पश्चिम बंगाल-कांठी दक्षिण, असम-धेमाजी, कर्नाटक-नंजनगुड, गुंडलुपेट, हिमाचल, प्रदेश की भोरांजी शामिल है. | संक्षिप्त सारांश: पश्चिम बंगाल की कांथी दक्षिण में टीएमसी की जीत हुई
हालांकि यहां बीजेपी के प्रदर्शन में चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिले
बीजेपी का वोट 8 प्रतिशत से 30 प्रतिशत हुआ | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कृषि मंत्री शरद पवार ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनसे अपील की है कि देश से और अधिक मात्रा में चीनी का निर्यात करने की अनुमति दी जानी चाहिए। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि कृषि मंत्री का कहना है कि इस समय अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी तेज है और इसका फायदा उठाने का यही सही वक्त है। उन्होंने यह भी कहा है कि भारत के लिए फायदे की यह स्थिति एक महीने तक ही रहेगी। अप्रैल में सरकार ने ओपन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) के तहत पांच लाख टन चीनी का निर्यात करने को अनुमति दी थी। चीनी उद्योग 15 लाख टन अतिरिक्त चीनी का निर्यात करना चाहता है। सूत्रों के अनुसार पवार ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि घरेलू चीन उत्पादन जरूरत से ज्यादा है और वैश्विक बाजार में कीमतें ऊंची है। ऐसे में निर्यात बढाना ठीक रहेगा। भारत के मुकाबले विश्व बाजार में कीमतें 500-600 रुपये प्रति टन ऊंची हैं। का अधिक प्रीमियम है। निर्यात का फैसला सही समय पर करने की बात पर जोर देते हुए कृषि मंत्री ने कहा है कि पहले पांच लाख टन चीनी का निर्यात करने की अनुमति दिये जाने में होने वाली देरी के कारण देश पहले ही जनवरी-मार्च 2011 के दौरान चीनी निर्यात से लाभ काटने का एक अच्छा मौका गवां चुका है। पवार ने प्रधानमंत्री से कहा है, 'मेरा स्पष्ट मानना है कि हमें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और उपलब्ध अधिशेष चीनी को तत्काल निर्यात करने की अनुमति दी जानी चाहिए। निर्णय लेने में देर प्रतिकूल कदम साबित होगा।' पिछले सप्ताह खाद्य मंत्री के वी थामस ने कहा था कि दीवाली तक कोई अतिरिक्त निर्यात करने की अनुमति नहीं दी जायेगी क्योंकि त्यौहारों के मौसम में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। पवार ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि अतिरिक्त चीनी निर्यात उन चीनी मिलों के अधिक स्टाक होने के बोझ को कम करेगा तथा उनका नकदी प्रवाह बढ़ेगा जिससे वे वित्तीय संकट से निबट सकेंगे और गन्ना किसानों को भुगतान कर सकेंगे। दुनिया में चीनी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश और विशालतम खपतकर्ता देश भारत में 2010-11 के सत्र (अक्तूबर से सितंबर) में चीनी उत्पादन 2.42 करोड़ टन होने का अनुमान है जो उत्पादन पिछले सत्र में 1.88 करोड़ टन था। चीनी की वाषिर्क घरेलू मांग 2.2 से 2.25 करोड़ टन की है। पवार ने आगाह किया कि 2011-12 का सत्र अधिशेष वर्ष होने की उम्मीद है। इसके कारण गंभीर समस्यायें भी हो सकती हैं क्योंकि आने वाले वषरे में निर्यात के लाभप्रद विकल्प नहीं होंगे। चालू चीनी सत्र के अंत में भारत के पास 65 लाख टन का विशाल स्टाक होगा जो तीन माह की खपत के मानदंड से कहीं काफी अधिक होगा। | सारांश: पवार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे अपील की है कि देश से और अधिक मात्रा में चीनी का निर्यात करने की अनुमति दी जानी चाहिए। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के ऐतिहासिक चुनाव में मतदान के लिए उमड़ी भीड़ को देखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान का समय एक घंटा बढ़ा दिया।
स्थानीय समयानुसार मतदान शाम पांच बजे ही समाप्त हो जाना था, लेकिन मतदाता उसके बाद भी मतदान केन्द्रों पर आते रहे। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान की समयसीमा में एक घंटे का विस्तार कर उसे शाम छह बजे तक कर दिया।
कराची के कुछ मतदान केन्द्रों पर चुनाव स्थानीय समयानुसार शाम सात बजे (भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे) तक चला क्योंकि वहां गड़बड़ियों के कारण मतदान बाधित रहा। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि इस बार 60 प्रतिशत मतदान होने की संभावना है।टिप्पणियां
पाकिस्तान में 8.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। पाकिस्तान में चुनाव का इतिहास देखें तो अमूमन मतदान का प्रतिशत कम ही रहता है। पिछली बार वर्ष 2008 में हुए चुनाव में महज 44 प्रतिशत मतदान हुआ था।
संसदीय चुनाव के लिए कुल 4,670 उम्मीदवार हैं, जबकि चार प्रांतों की एसेंबलियों में करीब 11,000 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
स्थानीय समयानुसार मतदान शाम पांच बजे ही समाप्त हो जाना था, लेकिन मतदाता उसके बाद भी मतदान केन्द्रों पर आते रहे। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान की समयसीमा में एक घंटे का विस्तार कर उसे शाम छह बजे तक कर दिया।
कराची के कुछ मतदान केन्द्रों पर चुनाव स्थानीय समयानुसार शाम सात बजे (भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे) तक चला क्योंकि वहां गड़बड़ियों के कारण मतदान बाधित रहा। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि इस बार 60 प्रतिशत मतदान होने की संभावना है।टिप्पणियां
पाकिस्तान में 8.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। पाकिस्तान में चुनाव का इतिहास देखें तो अमूमन मतदान का प्रतिशत कम ही रहता है। पिछली बार वर्ष 2008 में हुए चुनाव में महज 44 प्रतिशत मतदान हुआ था।
संसदीय चुनाव के लिए कुल 4,670 उम्मीदवार हैं, जबकि चार प्रांतों की एसेंबलियों में करीब 11,000 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
कराची के कुछ मतदान केन्द्रों पर चुनाव स्थानीय समयानुसार शाम सात बजे (भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे) तक चला क्योंकि वहां गड़बड़ियों के कारण मतदान बाधित रहा। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि इस बार 60 प्रतिशत मतदान होने की संभावना है।टिप्पणियां
पाकिस्तान में 8.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। पाकिस्तान में चुनाव का इतिहास देखें तो अमूमन मतदान का प्रतिशत कम ही रहता है। पिछली बार वर्ष 2008 में हुए चुनाव में महज 44 प्रतिशत मतदान हुआ था।
संसदीय चुनाव के लिए कुल 4,670 उम्मीदवार हैं, जबकि चार प्रांतों की एसेंबलियों में करीब 11,000 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
पाकिस्तान में 8.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। पाकिस्तान में चुनाव का इतिहास देखें तो अमूमन मतदान का प्रतिशत कम ही रहता है। पिछली बार वर्ष 2008 में हुए चुनाव में महज 44 प्रतिशत मतदान हुआ था।
संसदीय चुनाव के लिए कुल 4,670 उम्मीदवार हैं, जबकि चार प्रांतों की एसेंबलियों में करीब 11,000 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
संसदीय चुनाव के लिए कुल 4,670 उम्मीदवार हैं, जबकि चार प्रांतों की एसेंबलियों में करीब 11,000 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के ऐतिहासिक चुनाव में मतदान के लिए उमड़ी भीड़ को देखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान का समय एक घंटा बढ़ा दिया। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी टीम गुरुवार को चोटों की समस्याओं से जूझ रही श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के लीग मैच में जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी, लेकिन यह टूर्नामेंट में उसके लिए कड़ी परीक्षा भी होगी। पाकिस्तान ने अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश को हराकर की, हालांकि यह करीबी मुकाबला रहा।
वहीं श्रीलंकाई टीम भारत के खिलाफ बड़े लक्ष्य को पार करने में असफल रही और उसे हार का सामना करना पड़ा। भारत के 304 रन के लक्ष्य के जवाब में श्रीलंकाई टीम 50 रन पहले ही सिमट गई। हालांकि उप महाद्वीपीय हालात में उनके क्लिक होने की उम्मीद थी और उनके खिलाड़ी निचले क्रम तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन फिर भी टीम 45.1 ओवर में 254 रन पर सिमट गई। लेकिन पाकिस्तान के बारे में भविष्यवाणी नहीं की जा सकती और दोनों टीमों कागज पर बराबर ही दिख रही हैं।
हालांकि पाकिस्तान का बल्लेबाजी क्रम काफी लंबा है और उनकी टीम में शाहिद अफरीदी जैसा विस्फोटक क्रिकेटर है, जो मैच का पासा पलटने की क्षमता रखता है, लेकिन उनकी टीम प्रदर्शन के मामले में इतनी निरंतर नहीं रही है। वह जिस दिन अच्छा खेल रहा हो, तो मैच का रुख पलट सकता है, लेकिन अगले ही मैच में उसका प्रदर्शन काफी खराब भी हो जाता है। पाकिस्तानी टीम अपनी लेग ब्रेक गेंदबाजी पर निर्भर कर सकती है, जो हमेशा ही उसके काम आई है।
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने बांग्लादेश के खिलाफ अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन यूनुस खान और मिस्बाह उल हक जैसे अनुभवी मध्यक्रम खिलाड़ी असफल रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर टीम माने जाने वाली मेजबान टीम के खिलाफ उनकी गेंदबाजी भी प्रभावशाली नहीं रही। तेज गेंदबाजी की अगुवाई करने वाले उमर गुल खर्चीले रहे और उन्हें अपनी गेंदबाजी पर ध्यान देना होगा, क्योंकि टीम की जीत के लिये उनकी फार्म काफी अहम है।टिप्पणियां
श्रीलंका को गेंदबाजी की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उनका गेंदबाजी आक्रमण लसिथ मलिंगा की गैर-मौजूदगी में भारतीयों को नहीं रोक पाया और शुरुआती मुकाबले में उन्होंने काफी रन गंवा दिए। मलिंगा की इस मैच में वापसी की उम्मीद है। बल्लेबाजी में भी चिंताएं बनी हुई है। कप्तान महेला जयवर्धने के आउट होने के बाद टीम लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई।
विस्फोटक बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान बड़ा स्कोर की नींव रखने में अहम होंगे और चार बार की चैंपियन टीम टूर्नामेंट में खराब शुरुआत के बावजूद आक्रामक प्रदर्शन करना चाहेगी। श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी नौंवें नंबर तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन भारत के खिलाफ यह प्रयास अच्छा नहीं रहा। श्रीलंका को अपने दो आक्रमक ऑल राउंडर एंजेलो मैथ्यूज और थिसारा परेरा भी कमी खल रही है, जो चोटिल होने के कारण टीम से बाहर हैं।
वहीं श्रीलंकाई टीम भारत के खिलाफ बड़े लक्ष्य को पार करने में असफल रही और उसे हार का सामना करना पड़ा। भारत के 304 रन के लक्ष्य के जवाब में श्रीलंकाई टीम 50 रन पहले ही सिमट गई। हालांकि उप महाद्वीपीय हालात में उनके क्लिक होने की उम्मीद थी और उनके खिलाड़ी निचले क्रम तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन फिर भी टीम 45.1 ओवर में 254 रन पर सिमट गई। लेकिन पाकिस्तान के बारे में भविष्यवाणी नहीं की जा सकती और दोनों टीमों कागज पर बराबर ही दिख रही हैं।
हालांकि पाकिस्तान का बल्लेबाजी क्रम काफी लंबा है और उनकी टीम में शाहिद अफरीदी जैसा विस्फोटक क्रिकेटर है, जो मैच का पासा पलटने की क्षमता रखता है, लेकिन उनकी टीम प्रदर्शन के मामले में इतनी निरंतर नहीं रही है। वह जिस दिन अच्छा खेल रहा हो, तो मैच का रुख पलट सकता है, लेकिन अगले ही मैच में उसका प्रदर्शन काफी खराब भी हो जाता है। पाकिस्तानी टीम अपनी लेग ब्रेक गेंदबाजी पर निर्भर कर सकती है, जो हमेशा ही उसके काम आई है।
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने बांग्लादेश के खिलाफ अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन यूनुस खान और मिस्बाह उल हक जैसे अनुभवी मध्यक्रम खिलाड़ी असफल रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर टीम माने जाने वाली मेजबान टीम के खिलाफ उनकी गेंदबाजी भी प्रभावशाली नहीं रही। तेज गेंदबाजी की अगुवाई करने वाले उमर गुल खर्चीले रहे और उन्हें अपनी गेंदबाजी पर ध्यान देना होगा, क्योंकि टीम की जीत के लिये उनकी फार्म काफी अहम है।टिप्पणियां
श्रीलंका को गेंदबाजी की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उनका गेंदबाजी आक्रमण लसिथ मलिंगा की गैर-मौजूदगी में भारतीयों को नहीं रोक पाया और शुरुआती मुकाबले में उन्होंने काफी रन गंवा दिए। मलिंगा की इस मैच में वापसी की उम्मीद है। बल्लेबाजी में भी चिंताएं बनी हुई है। कप्तान महेला जयवर्धने के आउट होने के बाद टीम लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई।
विस्फोटक बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान बड़ा स्कोर की नींव रखने में अहम होंगे और चार बार की चैंपियन टीम टूर्नामेंट में खराब शुरुआत के बावजूद आक्रामक प्रदर्शन करना चाहेगी। श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी नौंवें नंबर तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन भारत के खिलाफ यह प्रयास अच्छा नहीं रहा। श्रीलंका को अपने दो आक्रमक ऑल राउंडर एंजेलो मैथ्यूज और थिसारा परेरा भी कमी खल रही है, जो चोटिल होने के कारण टीम से बाहर हैं।
हालांकि पाकिस्तान का बल्लेबाजी क्रम काफी लंबा है और उनकी टीम में शाहिद अफरीदी जैसा विस्फोटक क्रिकेटर है, जो मैच का पासा पलटने की क्षमता रखता है, लेकिन उनकी टीम प्रदर्शन के मामले में इतनी निरंतर नहीं रही है। वह जिस दिन अच्छा खेल रहा हो, तो मैच का रुख पलट सकता है, लेकिन अगले ही मैच में उसका प्रदर्शन काफी खराब भी हो जाता है। पाकिस्तानी टीम अपनी लेग ब्रेक गेंदबाजी पर निर्भर कर सकती है, जो हमेशा ही उसके काम आई है।
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने बांग्लादेश के खिलाफ अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन यूनुस खान और मिस्बाह उल हक जैसे अनुभवी मध्यक्रम खिलाड़ी असफल रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर टीम माने जाने वाली मेजबान टीम के खिलाफ उनकी गेंदबाजी भी प्रभावशाली नहीं रही। तेज गेंदबाजी की अगुवाई करने वाले उमर गुल खर्चीले रहे और उन्हें अपनी गेंदबाजी पर ध्यान देना होगा, क्योंकि टीम की जीत के लिये उनकी फार्म काफी अहम है।टिप्पणियां
श्रीलंका को गेंदबाजी की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उनका गेंदबाजी आक्रमण लसिथ मलिंगा की गैर-मौजूदगी में भारतीयों को नहीं रोक पाया और शुरुआती मुकाबले में उन्होंने काफी रन गंवा दिए। मलिंगा की इस मैच में वापसी की उम्मीद है। बल्लेबाजी में भी चिंताएं बनी हुई है। कप्तान महेला जयवर्धने के आउट होने के बाद टीम लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई।
विस्फोटक बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान बड़ा स्कोर की नींव रखने में अहम होंगे और चार बार की चैंपियन टीम टूर्नामेंट में खराब शुरुआत के बावजूद आक्रामक प्रदर्शन करना चाहेगी। श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी नौंवें नंबर तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन भारत के खिलाफ यह प्रयास अच्छा नहीं रहा। श्रीलंका को अपने दो आक्रमक ऑल राउंडर एंजेलो मैथ्यूज और थिसारा परेरा भी कमी खल रही है, जो चोटिल होने के कारण टीम से बाहर हैं।
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने बांग्लादेश के खिलाफ अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन यूनुस खान और मिस्बाह उल हक जैसे अनुभवी मध्यक्रम खिलाड़ी असफल रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर टीम माने जाने वाली मेजबान टीम के खिलाफ उनकी गेंदबाजी भी प्रभावशाली नहीं रही। तेज गेंदबाजी की अगुवाई करने वाले उमर गुल खर्चीले रहे और उन्हें अपनी गेंदबाजी पर ध्यान देना होगा, क्योंकि टीम की जीत के लिये उनकी फार्म काफी अहम है।टिप्पणियां
श्रीलंका को गेंदबाजी की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उनका गेंदबाजी आक्रमण लसिथ मलिंगा की गैर-मौजूदगी में भारतीयों को नहीं रोक पाया और शुरुआती मुकाबले में उन्होंने काफी रन गंवा दिए। मलिंगा की इस मैच में वापसी की उम्मीद है। बल्लेबाजी में भी चिंताएं बनी हुई है। कप्तान महेला जयवर्धने के आउट होने के बाद टीम लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई।
विस्फोटक बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान बड़ा स्कोर की नींव रखने में अहम होंगे और चार बार की चैंपियन टीम टूर्नामेंट में खराब शुरुआत के बावजूद आक्रामक प्रदर्शन करना चाहेगी। श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी नौंवें नंबर तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन भारत के खिलाफ यह प्रयास अच्छा नहीं रहा। श्रीलंका को अपने दो आक्रमक ऑल राउंडर एंजेलो मैथ्यूज और थिसारा परेरा भी कमी खल रही है, जो चोटिल होने के कारण टीम से बाहर हैं।
श्रीलंका को गेंदबाजी की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उनका गेंदबाजी आक्रमण लसिथ मलिंगा की गैर-मौजूदगी में भारतीयों को नहीं रोक पाया और शुरुआती मुकाबले में उन्होंने काफी रन गंवा दिए। मलिंगा की इस मैच में वापसी की उम्मीद है। बल्लेबाजी में भी चिंताएं बनी हुई है। कप्तान महेला जयवर्धने के आउट होने के बाद टीम लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई।
विस्फोटक बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान बड़ा स्कोर की नींव रखने में अहम होंगे और चार बार की चैंपियन टीम टूर्नामेंट में खराब शुरुआत के बावजूद आक्रामक प्रदर्शन करना चाहेगी। श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी नौंवें नंबर तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन भारत के खिलाफ यह प्रयास अच्छा नहीं रहा। श्रीलंका को अपने दो आक्रमक ऑल राउंडर एंजेलो मैथ्यूज और थिसारा परेरा भी कमी खल रही है, जो चोटिल होने के कारण टीम से बाहर हैं।
विस्फोटक बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान बड़ा स्कोर की नींव रखने में अहम होंगे और चार बार की चैंपियन टीम टूर्नामेंट में खराब शुरुआत के बावजूद आक्रामक प्रदर्शन करना चाहेगी। श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी नौंवें नंबर तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन भारत के खिलाफ यह प्रयास अच्छा नहीं रहा। श्रीलंका को अपने दो आक्रमक ऑल राउंडर एंजेलो मैथ्यूज और थिसारा परेरा भी कमी खल रही है, जो चोटिल होने के कारण टीम से बाहर हैं। | पाकिस्तानी टीम श्रीलंका के खिलाफ लीग मैच में जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी, लेकिन यह टूर्नामेंट में उसके लिए कड़ी परीक्षा भी होगी। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उधर, इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की भी नाराजगी सामने आई थी. बिहार में बीजेपी के सहयोग से सरकार चला रही JDU का कोई भी मंत्री केंद्र सरकार में शामिल नहीं है. हालांकि नीतीश कुमार ने यह साफ किया है कि हम पहले भी साथ थे और आगे भी रहेंगे. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा था कि जेडीयू के किसी भी नेता को केंद्र (PM Modi) में मंत्रिमंडल न देने का मुद्दा अब खत्म हो गया है. उन्होंने (Nitish Kumar) कहा कि केंद्र (PM Modi) में बीजेपी की अपनी बहुमत की सरकार है और सरकार चलाने के लिए उनको किसी सहयोगी दल की जरूरत नहीं है. लेकिन अगर भविष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र और बिहार सरकार साथ मिलकर काम कर रही है. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जेडीयू-बीजेपी साथ मिलकर लड़ेगी.
हालांकि रविवार को पटना में जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया कि जेडीयू बिहार के बाहर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा नहीं होगी. बैठक में हुए फैसले के अनुसार नीतीश कुमार (Nitish kumar) की जनता दल यूनाइटेड बिहार के बाहर होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव अकेली लड़ेगी. बता दें कि हाल ही में नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, जिसमें जेडीयू के 8 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, लेकिन बीजेपी से किसी भी नेता को मंत्री नहीं बनाया गया.
उधर, महाराष्ट्र के वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुंगंटीवार ने दावा किया है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री उनकी पार्टी का होगा. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और गठबंधन सहयोगी शिवसेना इस साल के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के लिए जल्द ही सीटों के बंटवारे के लिये एक समझौते पर पहुंचेगी. मुंगंटीवार ने सोमवार को नासिक में कहा, 'अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा. इसे लेकर भाजपा-शिवसेना गठबंधन में कोई असंतोष नहीं है. इस बार हम 288 सदस्यीय विधानसभा में 220 से अधिक सीटें जीतेंगे.' उन्होंने कहा कि भाजपा और शिवसेना के नेता राज्य विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे के लिए एक समझौता पर काम कर रहे हैं. मुंगंटीवार ने कहा, 'सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा. हम अपने गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे.'
इस बीच, मुंगंटीवार की टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए शिवसेना के एक नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि गठबंधन के दोनों सहयोगी सभी जिम्मेदारियां साझा करेंगे और विधानसभा चुनाव में बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. | सारांश: JDU के बाद शिवसेना के नाराज़ होने की ख़बर
'मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना-बीजेपी में मनमुटाव'
शिवसेना ढाई-ढाई साल का फ़ॉर्मूला चाहती है: सूत्र | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर तीसरा मोर्चा खड़ा करने की कवायद में जुटी समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को जहां संकेत दिया कि वह तृणमूल कांग्रेस की बजाय वाम दलों को साथ लेकर चलना पसंद करेगी वहीं उसी दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की।
ममता से मुलाकात के बाद अखिलेश ने संवाददाताओं से कहा, 'समय देने के लिए मैं दीदी को धन्यवाद देता हूं। यह अच्छा नहीं लगता कि हम कोलकाता आएं और उनसे मिले नहीं। लम्बे संघर्ष के बाद वह सत्ता में आई हैं और उनकी सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम कर रही है।'
उधर, ममता ने कहा, 'मैं अखिलेश को धन्यवाद देती हूं कि वह समय निकालकर मुझसे मिलने आए। हमने कई मुद्दों पर चर्चा की। दोनों राज्यों ने कौन-कौन सी नई योजनाएं चलाई हैं, उस पर हमने आपस में अपने अनुभव बांटे। दोनों ही सरकारें अच्छा काम कर रही हैं।'टिप्पणियां
अखिलेश सपा सांसद किरणमय नंदा के साथ ममता से मिलने गए थे।
इससे पहले दिन में सपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन महासचिव मोहन सिंह ने तीसरे मोर्चे के बारे में कहा, 'तृणमूल कांग्रेस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पार्टी है। जब हम अन्य दलों से बात करेंगे तो तृणमूल से भी बात करनी हमारी बाध्यता होगी।' उन्होंने कहा, 'लेकिन समस्या यह है कि हमारे वाम दलों से पारम्परिक संबंध रहे हैं। बुरे दिनों में हमें हरकिशन सिंह सुरजीत और ज्योति बसु का साथ मिला।'
ममता से मुलाकात के बाद अखिलेश ने संवाददाताओं से कहा, 'समय देने के लिए मैं दीदी को धन्यवाद देता हूं। यह अच्छा नहीं लगता कि हम कोलकाता आएं और उनसे मिले नहीं। लम्बे संघर्ष के बाद वह सत्ता में आई हैं और उनकी सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम कर रही है।'
उधर, ममता ने कहा, 'मैं अखिलेश को धन्यवाद देती हूं कि वह समय निकालकर मुझसे मिलने आए। हमने कई मुद्दों पर चर्चा की। दोनों राज्यों ने कौन-कौन सी नई योजनाएं चलाई हैं, उस पर हमने आपस में अपने अनुभव बांटे। दोनों ही सरकारें अच्छा काम कर रही हैं।'टिप्पणियां
अखिलेश सपा सांसद किरणमय नंदा के साथ ममता से मिलने गए थे।
इससे पहले दिन में सपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन महासचिव मोहन सिंह ने तीसरे मोर्चे के बारे में कहा, 'तृणमूल कांग्रेस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पार्टी है। जब हम अन्य दलों से बात करेंगे तो तृणमूल से भी बात करनी हमारी बाध्यता होगी।' उन्होंने कहा, 'लेकिन समस्या यह है कि हमारे वाम दलों से पारम्परिक संबंध रहे हैं। बुरे दिनों में हमें हरकिशन सिंह सुरजीत और ज्योति बसु का साथ मिला।'
उधर, ममता ने कहा, 'मैं अखिलेश को धन्यवाद देती हूं कि वह समय निकालकर मुझसे मिलने आए। हमने कई मुद्दों पर चर्चा की। दोनों राज्यों ने कौन-कौन सी नई योजनाएं चलाई हैं, उस पर हमने आपस में अपने अनुभव बांटे। दोनों ही सरकारें अच्छा काम कर रही हैं।'टिप्पणियां
अखिलेश सपा सांसद किरणमय नंदा के साथ ममता से मिलने गए थे।
इससे पहले दिन में सपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन महासचिव मोहन सिंह ने तीसरे मोर्चे के बारे में कहा, 'तृणमूल कांग्रेस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पार्टी है। जब हम अन्य दलों से बात करेंगे तो तृणमूल से भी बात करनी हमारी बाध्यता होगी।' उन्होंने कहा, 'लेकिन समस्या यह है कि हमारे वाम दलों से पारम्परिक संबंध रहे हैं। बुरे दिनों में हमें हरकिशन सिंह सुरजीत और ज्योति बसु का साथ मिला।'
अखिलेश सपा सांसद किरणमय नंदा के साथ ममता से मिलने गए थे।
इससे पहले दिन में सपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन महासचिव मोहन सिंह ने तीसरे मोर्चे के बारे में कहा, 'तृणमूल कांग्रेस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पार्टी है। जब हम अन्य दलों से बात करेंगे तो तृणमूल से भी बात करनी हमारी बाध्यता होगी।' उन्होंने कहा, 'लेकिन समस्या यह है कि हमारे वाम दलों से पारम्परिक संबंध रहे हैं। बुरे दिनों में हमें हरकिशन सिंह सुरजीत और ज्योति बसु का साथ मिला।'
इससे पहले दिन में सपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन महासचिव मोहन सिंह ने तीसरे मोर्चे के बारे में कहा, 'तृणमूल कांग्रेस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पार्टी है। जब हम अन्य दलों से बात करेंगे तो तृणमूल से भी बात करनी हमारी बाध्यता होगी।' उन्होंने कहा, 'लेकिन समस्या यह है कि हमारे वाम दलों से पारम्परिक संबंध रहे हैं। बुरे दिनों में हमें हरकिशन सिंह सुरजीत और ज्योति बसु का साथ मिला।' | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर तीसरा मोर्चा खड़ा करने की कवायद में जुटी सपा ने जहां संकेत दिया कि वह तृणमूल कांग्रेस की बजाय वाम दलों को साथ लेकर चलना पसंद करेगी वहीं उसी दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जालंधर की रहने वाली, सामूहिक बलात्कार की शिकार 14 वर्षीय लड़की की हालत लगातार गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने उसका फट चुका गर्भाशय सर्जरी कर निकाल दिया और क्षतिग्रस्त अंतड़ियों को भी ठीक करने का प्रयास किया है।
गुरु नानक देव अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक तेजबीर सिंह ने कहा, लड़की का गर्भाशय फट गया था और उसमें तीव्र संक्रमण भी हो गया था। स्त्री रोग विशेषज्ञों और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के दल ने सेप्टीसेमिया के संक्रमण के कारण गर्भाशय निकालने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि पीड़ित की क्षतिग्रस्त आंतों की भी सर्जरी करनी पड़ी है।
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि लड़की को जालंधर से यहां लाने के बाद सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है और कल शाम उसकी सर्जरी की गई।
उसकी देखरेख कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि सर्जरी के बाद भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, जिसकी वजह से अगले 72 घंटे तक उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी।
सिंह ने बताया, ‘उसे बहुत रक्तस्राव हो चुका है और हीमोग्लोबिन भी घट कर तीन पर आ गया है, जबकि सामान्य तौर पर हीमोग्लोबिन 11.5 से 16 के बीच रहता है। उसे पर्याप्त खून दिया गया, लेकिन उसकी हालत सुधरने में अभी समय लगेगा। 28 जनवरी को लड़की शौच के लिए गई थी। तभी गांव के तीन व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर उससे सामूहिक बलात्कार किया।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि जालंधर के मंधाला चन्ना गांव में 28 जनवरी को तीन व्यक्तियों ने लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
पीड़ित के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनकी बेटी ने बलात्कार के बारे में घटना के दस दिन बाद बताया तब उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
गुरु नानक देव अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक तेजबीर सिंह ने कहा, लड़की का गर्भाशय फट गया था और उसमें तीव्र संक्रमण भी हो गया था। स्त्री रोग विशेषज्ञों और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के दल ने सेप्टीसेमिया के संक्रमण के कारण गर्भाशय निकालने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि पीड़ित की क्षतिग्रस्त आंतों की भी सर्जरी करनी पड़ी है।
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि लड़की को जालंधर से यहां लाने के बाद सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है और कल शाम उसकी सर्जरी की गई।
उसकी देखरेख कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि सर्जरी के बाद भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, जिसकी वजह से अगले 72 घंटे तक उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी।
सिंह ने बताया, ‘उसे बहुत रक्तस्राव हो चुका है और हीमोग्लोबिन भी घट कर तीन पर आ गया है, जबकि सामान्य तौर पर हीमोग्लोबिन 11.5 से 16 के बीच रहता है। उसे पर्याप्त खून दिया गया, लेकिन उसकी हालत सुधरने में अभी समय लगेगा। 28 जनवरी को लड़की शौच के लिए गई थी। तभी गांव के तीन व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर उससे सामूहिक बलात्कार किया।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि जालंधर के मंधाला चन्ना गांव में 28 जनवरी को तीन व्यक्तियों ने लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
पीड़ित के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनकी बेटी ने बलात्कार के बारे में घटना के दस दिन बाद बताया तब उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि लड़की को जालंधर से यहां लाने के बाद सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है और कल शाम उसकी सर्जरी की गई।
उसकी देखरेख कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि सर्जरी के बाद भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, जिसकी वजह से अगले 72 घंटे तक उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी।
सिंह ने बताया, ‘उसे बहुत रक्तस्राव हो चुका है और हीमोग्लोबिन भी घट कर तीन पर आ गया है, जबकि सामान्य तौर पर हीमोग्लोबिन 11.5 से 16 के बीच रहता है। उसे पर्याप्त खून दिया गया, लेकिन उसकी हालत सुधरने में अभी समय लगेगा। 28 जनवरी को लड़की शौच के लिए गई थी। तभी गांव के तीन व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर उससे सामूहिक बलात्कार किया।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि जालंधर के मंधाला चन्ना गांव में 28 जनवरी को तीन व्यक्तियों ने लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
पीड़ित के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनकी बेटी ने बलात्कार के बारे में घटना के दस दिन बाद बताया तब उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
उसकी देखरेख कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि सर्जरी के बाद भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, जिसकी वजह से अगले 72 घंटे तक उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी।
सिंह ने बताया, ‘उसे बहुत रक्तस्राव हो चुका है और हीमोग्लोबिन भी घट कर तीन पर आ गया है, जबकि सामान्य तौर पर हीमोग्लोबिन 11.5 से 16 के बीच रहता है। उसे पर्याप्त खून दिया गया, लेकिन उसकी हालत सुधरने में अभी समय लगेगा। 28 जनवरी को लड़की शौच के लिए गई थी। तभी गांव के तीन व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर उससे सामूहिक बलात्कार किया।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि जालंधर के मंधाला चन्ना गांव में 28 जनवरी को तीन व्यक्तियों ने लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
पीड़ित के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनकी बेटी ने बलात्कार के बारे में घटना के दस दिन बाद बताया तब उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सिंह ने बताया, ‘उसे बहुत रक्तस्राव हो चुका है और हीमोग्लोबिन भी घट कर तीन पर आ गया है, जबकि सामान्य तौर पर हीमोग्लोबिन 11.5 से 16 के बीच रहता है। उसे पर्याप्त खून दिया गया, लेकिन उसकी हालत सुधरने में अभी समय लगेगा। 28 जनवरी को लड़की शौच के लिए गई थी। तभी गांव के तीन व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर उससे सामूहिक बलात्कार किया।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि जालंधर के मंधाला चन्ना गांव में 28 जनवरी को तीन व्यक्तियों ने लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
पीड़ित के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनकी बेटी ने बलात्कार के बारे में घटना के दस दिन बाद बताया तब उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बताया कि जालंधर के मंधाला चन्ना गांव में 28 जनवरी को तीन व्यक्तियों ने लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
पीड़ित के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनकी बेटी ने बलात्कार के बारे में घटना के दस दिन बाद बताया तब उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनकी बेटी ने बलात्कार के बारे में घटना के दस दिन बाद बताया तब उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। | यह एक सारांश है: जालंधर की रहने वाली, सामूहिक बलात्कार की शिकार 14 वर्षीय लड़की की हालत लगातार गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने उसका फट चुका गर्भाशय सर्जरी कर निकाल दिया और क्षतिग्रस्त अंतड़ियों को भी ठीक करने का प्रयास किया है। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नागालैंड के मोन जिला में सेना ने तीन उग्रवादियों को मार गिराया है. सेना की उग्रवादियों के साथ यह मुठभेड़ मंगलवार रात 11.30 शुरू हुई. मुठभेड़ तब शुरू हुई जब उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया. इस ऑपेरशन में टेरीटोरियल आर्मी का एक ऑफिसर शहीद हो गया है. इस कार्रवाई में तीन जवान भी घायल हो गए हैं.
सेना और उग्रवादियों के बीच गोलीबारी में एक आम आदमी की मौत भी हो गई है. वैसे अभी तक इसके पीछे कौन-सा ग्रुप है इसका पता नहीं चल पाया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो खापलांग या एनडीएफबी जैसे पुराने ग्रुपों का हाथ न होकर किसी तीसरे ग्रुप का इस हमले में हाथ हो सकता है.
सेना और उग्रवादियों के बीच गोलीबारी में एक आम आदमी की मौत भी हो गई है. वैसे अभी तक इसके पीछे कौन-सा ग्रुप है इसका पता नहीं चल पाया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो खापलांग या एनडीएफबी जैसे पुराने ग्रुपों का हाथ न होकर किसी तीसरे ग्रुप का इस हमले में हाथ हो सकता है. | यहाँ एक सारांश है:उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया था
कार्रवाई में तीन जवान भी घायल हुए हैं
एक आम आदमी की भी मौत हो गई | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर शेन वाटसन अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुरुवार से एडिलेड में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में भी नहीं खेल पाएंगे।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने यह जानकारी दी। पिंडली की चोट से परेशान वाटसन ब्रिस्बेन में पहला टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी फिटनेस साबित करने के लिए काफी कोशिश की थी। क्लार्क ने कहा कि वाटसन की चोट को लेकर बनी संदेह की स्थिति को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच की टीम में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।
क्लार्क ने कहा, पिछले कुछ दिनों में उसकी स्थिति में काफी सुधार हुआ है, लेकिन वह अभी शत प्रतिशत फिट नहीं है। क्लार्क ने कहा कि वाटसन की अनुपस्थिति में ब्रिस्बेन में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रॉब क्वीनी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतर सकते हैं जबकि तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क 12वें खिलाड़ी होंगे।
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने यह जानकारी दी। पिंडली की चोट से परेशान वाटसन ब्रिस्बेन में पहला टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी फिटनेस साबित करने के लिए काफी कोशिश की थी। क्लार्क ने कहा कि वाटसन की चोट को लेकर बनी संदेह की स्थिति को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच की टीम में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।
क्लार्क ने कहा, पिछले कुछ दिनों में उसकी स्थिति में काफी सुधार हुआ है, लेकिन वह अभी शत प्रतिशत फिट नहीं है। क्लार्क ने कहा कि वाटसन की अनुपस्थिति में ब्रिस्बेन में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रॉब क्वीनी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतर सकते हैं जबकि तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क 12वें खिलाड़ी होंगे।
क्लार्क ने कहा, पिछले कुछ दिनों में उसकी स्थिति में काफी सुधार हुआ है, लेकिन वह अभी शत प्रतिशत फिट नहीं है। क्लार्क ने कहा कि वाटसन की अनुपस्थिति में ब्रिस्बेन में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रॉब क्वीनी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतर सकते हैं जबकि तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क 12वें खिलाड़ी होंगे। | यह एक सारांश है: ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर शेन वाटसन अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुरुवार से एडिलेड में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में भी नहीं खेल पाएंगे। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भाजपा नेता चिन्मयानंद की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ती हुई दिख रही हैं. पीड़ित लॉ छात्रा ने चिन्मयानंद के खिलाफ लगाए गंभीर आरोप लगाए हैं. 12 पन्नों की शिकायत और SIT को दिए बयान में कई चौंका देने वाली बातें सामने आई हैं. पीड़िता का कहना है कि चिन्मयानंद ने ब्लैकमेल कर रेप किया है. पीड़िता का हॉस्टल के बाथरूम में नहाने का वीडियो बनाया गया और उस वीडियो को वॉयरल करने की धमकी देकर एक साल तक रेप करता रहा.
साथ ही पीड़िता ने बताया कि चिन्मयानंद ने शारीरिक शोषण का वीडियो भी बनाया है. चिन्मयानंद पीड़िता से मसाज करने का भी दबाव बनाता था और कई बार उसके साथ बंदूक के दम पर भी रेप हुआ है. लड़की ने भी अपने बचाव के लिए चिन्मयानंद का वीडियो बनाया है. लड़की ने इसके लिए अपनी चश्मे में खुफिया कैमरा लगाया और चिन्मयानंद का वीडियो बनाया है.
वहीं, रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने घर पास में होने के बावजूद हॉस्टल में रहने के पीछे कारणों का खुलासा किया है. उसने बताया कि वह एलएलएम में एडमीशन लेने के लिए गई था लेकिन चिन्मयानंद ने उसे नौकरी दे दी. नौकरी में काम का ज्यादा बोझ होने के कारण उसे हॉस्टल में रहना पड़ा जहां उसके साथ गलत हुआ. मंगलवार को पुलिस की एसआईटी ने लड़की के शाहजहांपुर में स्थित हॉस्टल के कमरे में रेप के सबूत तलाशे.
स्वामी चिन्मयानंद (Chinmayanand) मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पीड़ित लड़की के हॉस्टल का कमरा देखा और साक्ष्य जुटाए. एसआईटी दोपहर में कॉलेज परिसर पहुंची. टीम ने करीब पांच घंटे तक छात्रा के कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया. टीम के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी मौजूद रहे.पीड़िता जिस कमरे में रहती थी, पुलिस ने उसे सील किया हुआ था. एसआईटी ने उसकी सील तोड़ कर मौका मुआयना किया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पीड़िता ने लगाए यौन शोषण के आरोप
SIT ने खंगाला पीड़िता का कमरा
15 घंटे पीड़िता से हुई पूछताछ | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एनडीटीवी को इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ के मामले में सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट के हिस्से मिले हैं। इनसे पता चलता है कि गुजरात के आला अफसरों ने कथित रूप से मुठभेड़ की भूमिका तैयार की।टिप्पणियां
सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट कथित रूप से बताती है कि 13 जून को राजेंद्र कुमार ने डीजी वंझारा से पूछा था कि इशरत का क्या किया जाए। कहा जा रहा है कि स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक डीजी वंझारा ने कहा कि उसने उजली और काली दाढ़ी वाले से बात की है और उन्हें मुठभेड़ के लिए हरी झंड़ी मिल गई है।
यहीं, स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक 15 जून को इशरत जहां मुठभेड़ से आधा घंटा बाद अमित शाह ने डीजी वंझारा से बात की। वहीं डीजी वंझारा ने उसी दिन मुठभेड़ से पांच घंटे पहले अमित शाह से बात की। वहीं, रिपोर्ट यह कहती है कि डीजी वंझारा ने नरेंद्र मोदी के आवास पर मुठभेड़ से 14 घंटे पहले बात की थी। मुठभेड़ 14 सेकेंड चली और उसके बाद भी वंझारा ने अमित शाह से बात की।
सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट कथित रूप से बताती है कि 13 जून को राजेंद्र कुमार ने डीजी वंझारा से पूछा था कि इशरत का क्या किया जाए। कहा जा रहा है कि स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक डीजी वंझारा ने कहा कि उसने उजली और काली दाढ़ी वाले से बात की है और उन्हें मुठभेड़ के लिए हरी झंड़ी मिल गई है।
यहीं, स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक 15 जून को इशरत जहां मुठभेड़ से आधा घंटा बाद अमित शाह ने डीजी वंझारा से बात की। वहीं डीजी वंझारा ने उसी दिन मुठभेड़ से पांच घंटे पहले अमित शाह से बात की। वहीं, रिपोर्ट यह कहती है कि डीजी वंझारा ने नरेंद्र मोदी के आवास पर मुठभेड़ से 14 घंटे पहले बात की थी। मुठभेड़ 14 सेकेंड चली और उसके बाद भी वंझारा ने अमित शाह से बात की।
यहीं, स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक 15 जून को इशरत जहां मुठभेड़ से आधा घंटा बाद अमित शाह ने डीजी वंझारा से बात की। वहीं डीजी वंझारा ने उसी दिन मुठभेड़ से पांच घंटे पहले अमित शाह से बात की। वहीं, रिपोर्ट यह कहती है कि डीजी वंझारा ने नरेंद्र मोदी के आवास पर मुठभेड़ से 14 घंटे पहले बात की थी। मुठभेड़ 14 सेकेंड चली और उसके बाद भी वंझारा ने अमित शाह से बात की। | यहाँ एक सारांश है:सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट कथित रूप से बताती है कि 13 जून को राजेंद्र कुमार ने डीजी वंझारा से पूछा था कि इशरत का क्या किया जाए। कहा जा रहा है कि स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक डीजी वंझारा ने कहा कि उसने उजली और काली दाढ़ी वाले से बात की है और उन्हें मुठभेड़ के लिए | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री व सिरसा से विधायक गोपाल कांडा के चुनावी प्रचार में गीतिका भी सिरसा आती रही थी।
एक ताजा वीडियो में चुनावों से कुछ दिन पहले सिरसा के एक चौक में चुनावी प्रचार के लिए बुलाए गए हास्य कलाकारों के साथ गीतिका भी गोपाल कांडा के साथ मंच पर नजर आ रही है।टिप्पणियां
2009 के विधानसभा चुनावों में गोपाल कांडा ने वोटरो को रिझाने के लिए स्टार कलाकारों का भी सहारा लिया था। जिसमें गीतिका शर्मा गोपाल कांडा के साथ मंच पर ग्रीन सूट में नजर आ रही है। बाल हास्य कलाकार सलोनी, भारती उर्फ लल्ली और कोमल चौटाला गोपाल कांडा के साथ नजर आ रहे हैं। वहीं, रति अग्निहोत्री भी गोपाल कांडा के साथ मंच से चुनाव प्रचार कर रही हैं। यह कार्यक्रम सिरसा के भगत सिंह चौक मे हुआ था।
इसके अलावा इस चुनावी प्रचार के दौरान गोपाल कांडा ने सिरसा के लोगों से कई वादे किए और एक वादा यह भी करते नजर आ रहे हैं कि यदि वह विधानसभा में पहुंच जाते हैं तो अगला काम वह खुद कर लेंगे यानी वह एक अहम मंत्री बनेंगे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गोपाल कांडा को पहले से ही मंत्री बनने का भरोसा था। गोपाल कांडा इन चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे और बाद में हुड्डा सरकार को समर्थन देकर प्रदेश के गृह राज्यमंत्री बने।
एक ताजा वीडियो में चुनावों से कुछ दिन पहले सिरसा के एक चौक में चुनावी प्रचार के लिए बुलाए गए हास्य कलाकारों के साथ गीतिका भी गोपाल कांडा के साथ मंच पर नजर आ रही है।टिप्पणियां
2009 के विधानसभा चुनावों में गोपाल कांडा ने वोटरो को रिझाने के लिए स्टार कलाकारों का भी सहारा लिया था। जिसमें गीतिका शर्मा गोपाल कांडा के साथ मंच पर ग्रीन सूट में नजर आ रही है। बाल हास्य कलाकार सलोनी, भारती उर्फ लल्ली और कोमल चौटाला गोपाल कांडा के साथ नजर आ रहे हैं। वहीं, रति अग्निहोत्री भी गोपाल कांडा के साथ मंच से चुनाव प्रचार कर रही हैं। यह कार्यक्रम सिरसा के भगत सिंह चौक मे हुआ था।
इसके अलावा इस चुनावी प्रचार के दौरान गोपाल कांडा ने सिरसा के लोगों से कई वादे किए और एक वादा यह भी करते नजर आ रहे हैं कि यदि वह विधानसभा में पहुंच जाते हैं तो अगला काम वह खुद कर लेंगे यानी वह एक अहम मंत्री बनेंगे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गोपाल कांडा को पहले से ही मंत्री बनने का भरोसा था। गोपाल कांडा इन चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे और बाद में हुड्डा सरकार को समर्थन देकर प्रदेश के गृह राज्यमंत्री बने।
2009 के विधानसभा चुनावों में गोपाल कांडा ने वोटरो को रिझाने के लिए स्टार कलाकारों का भी सहारा लिया था। जिसमें गीतिका शर्मा गोपाल कांडा के साथ मंच पर ग्रीन सूट में नजर आ रही है। बाल हास्य कलाकार सलोनी, भारती उर्फ लल्ली और कोमल चौटाला गोपाल कांडा के साथ नजर आ रहे हैं। वहीं, रति अग्निहोत्री भी गोपाल कांडा के साथ मंच से चुनाव प्रचार कर रही हैं। यह कार्यक्रम सिरसा के भगत सिंह चौक मे हुआ था।
इसके अलावा इस चुनावी प्रचार के दौरान गोपाल कांडा ने सिरसा के लोगों से कई वादे किए और एक वादा यह भी करते नजर आ रहे हैं कि यदि वह विधानसभा में पहुंच जाते हैं तो अगला काम वह खुद कर लेंगे यानी वह एक अहम मंत्री बनेंगे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गोपाल कांडा को पहले से ही मंत्री बनने का भरोसा था। गोपाल कांडा इन चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे और बाद में हुड्डा सरकार को समर्थन देकर प्रदेश के गृह राज्यमंत्री बने।
इसके अलावा इस चुनावी प्रचार के दौरान गोपाल कांडा ने सिरसा के लोगों से कई वादे किए और एक वादा यह भी करते नजर आ रहे हैं कि यदि वह विधानसभा में पहुंच जाते हैं तो अगला काम वह खुद कर लेंगे यानी वह एक अहम मंत्री बनेंगे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गोपाल कांडा को पहले से ही मंत्री बनने का भरोसा था। गोपाल कांडा इन चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे और बाद में हुड्डा सरकार को समर्थन देकर प्रदेश के गृह राज्यमंत्री बने। | सारांश: गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में आरोपी गोपाल कांडा के चुनावी प्रचार में गीतिका भी सिरसा आती रही थी। एक ताजा वीडियो में चुनाव से कुछ दिन पहले सिरसा में प्रचार के लिए बुलाए गए कलाकारों और कांडा के साथ गीतिका भी मंच पर नजर आ रही है। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के महान बल्लेबाज ज्योफ्री बॉयकॉट को लगता है कि भारतीय टीम अब उतनी मजबूत नहीं रह गई है जैसी पहले हुआ करती थी और अब क्रिकेट खेलने वाले देशों के लिए भारत का दौरा करना काफी आसान हो गया है।
बॉयकॉट ने कहा कि भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और उनके अुनसार कुछ स्टार भारतीय क्रिकेटर अपने शीर्ष स्तर से गुजर चुके हैं।
उन्होंने ‘द डेली टेलीग्राफ’ में अपने कालम में लिखा, ‘‘भारतीय टीम उतनी ताकतवर नहीं है, जैसी वह हुआ करती थी। उनके दो महान बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ संन्यास ले चुके हैं जबकि सचिन तेंदुलकर उतने महान खिलाड़ी नहीं रह गए हैं जैसे वह हुआ करते थे।’’
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘हरभजन सिंह और जहीर खान अच्छे गेंदबाज रहे हैं, लेकिन वे अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर से गुजर चुके हैं। आप कह सकते हैं कि भारत का दौरा करना अब थोड़ा आसान हो गया है क्योंकि होटल बेहतर हैं, बड़े शहरों में इंग्लिश खाना शानदार है और यात्रा करना भी आसान हो गया है।’’
उनकी यह प्रतिक्रिया इंग्लैंड के टेस्ट शृंखला में भारत को उसकी सरजमीं पर 2-1 से हराकर 28 साल का मिथक तोड़ने के बाद आई है।
क्रिकेटर से कमेंटेटर बने बॉयकॉट ने एलिस्टर कुक की अगुवाई वाली टीम की प्रशंसा की जिसने शृंखला के शुरुआती मैच में करारी शिकस्त के बाद वापसी की। बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इस साल के शुरू में हमने पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट और श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट गंवा दिया। हम अहमदाबाद में पहले टेस्ट में काफी खराब खेले और पारी से हार गए। अचानक भारत में सभी को लगा कि इंग्लैंड की टीम 0-4 से हार जाएगी।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वे इस तरह का जज्बा, दृढ़ निश्चय और काबिलियत दिखाने के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।’’ बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने एंड्रयू स्ट्रास के संन्यास के बाद अब नया सलामी बल्लेबाज खोज लिया है।’’ उन्होंने कुक, केविन पीटरसन, तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन तथा ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की स्पिन जोड़ी की काफी सराहना की।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने यह श्रृंखला तीन बड़े गेंदबाजों जेम्स एंडरसन, ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की बदौलत जीती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एलिस्टर कुक, केविन पीटरसन और एंडरसन शानदार रहे। हमने सही मायने में इनका विश्व स्तरीय प्रदर्शन देखा। हमारे दो स्पिनरों स्वान और पनेसर ने दो भारतीय स्पिनरों को पछाड़ दिया।’’
बॉयकॉट ने कहा कि भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और उनके अुनसार कुछ स्टार भारतीय क्रिकेटर अपने शीर्ष स्तर से गुजर चुके हैं।
उन्होंने ‘द डेली टेलीग्राफ’ में अपने कालम में लिखा, ‘‘भारतीय टीम उतनी ताकतवर नहीं है, जैसी वह हुआ करती थी। उनके दो महान बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ संन्यास ले चुके हैं जबकि सचिन तेंदुलकर उतने महान खिलाड़ी नहीं रह गए हैं जैसे वह हुआ करते थे।’’
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘हरभजन सिंह और जहीर खान अच्छे गेंदबाज रहे हैं, लेकिन वे अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर से गुजर चुके हैं। आप कह सकते हैं कि भारत का दौरा करना अब थोड़ा आसान हो गया है क्योंकि होटल बेहतर हैं, बड़े शहरों में इंग्लिश खाना शानदार है और यात्रा करना भी आसान हो गया है।’’
उनकी यह प्रतिक्रिया इंग्लैंड के टेस्ट शृंखला में भारत को उसकी सरजमीं पर 2-1 से हराकर 28 साल का मिथक तोड़ने के बाद आई है।
क्रिकेटर से कमेंटेटर बने बॉयकॉट ने एलिस्टर कुक की अगुवाई वाली टीम की प्रशंसा की जिसने शृंखला के शुरुआती मैच में करारी शिकस्त के बाद वापसी की। बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इस साल के शुरू में हमने पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट और श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट गंवा दिया। हम अहमदाबाद में पहले टेस्ट में काफी खराब खेले और पारी से हार गए। अचानक भारत में सभी को लगा कि इंग्लैंड की टीम 0-4 से हार जाएगी।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वे इस तरह का जज्बा, दृढ़ निश्चय और काबिलियत दिखाने के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।’’ बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने एंड्रयू स्ट्रास के संन्यास के बाद अब नया सलामी बल्लेबाज खोज लिया है।’’ उन्होंने कुक, केविन पीटरसन, तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन तथा ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की स्पिन जोड़ी की काफी सराहना की।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने यह श्रृंखला तीन बड़े गेंदबाजों जेम्स एंडरसन, ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की बदौलत जीती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एलिस्टर कुक, केविन पीटरसन और एंडरसन शानदार रहे। हमने सही मायने में इनका विश्व स्तरीय प्रदर्शन देखा। हमारे दो स्पिनरों स्वान और पनेसर ने दो भारतीय स्पिनरों को पछाड़ दिया।’’
उन्होंने ‘द डेली टेलीग्राफ’ में अपने कालम में लिखा, ‘‘भारतीय टीम उतनी ताकतवर नहीं है, जैसी वह हुआ करती थी। उनके दो महान बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ संन्यास ले चुके हैं जबकि सचिन तेंदुलकर उतने महान खिलाड़ी नहीं रह गए हैं जैसे वह हुआ करते थे।’’
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘हरभजन सिंह और जहीर खान अच्छे गेंदबाज रहे हैं, लेकिन वे अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर से गुजर चुके हैं। आप कह सकते हैं कि भारत का दौरा करना अब थोड़ा आसान हो गया है क्योंकि होटल बेहतर हैं, बड़े शहरों में इंग्लिश खाना शानदार है और यात्रा करना भी आसान हो गया है।’’
उनकी यह प्रतिक्रिया इंग्लैंड के टेस्ट शृंखला में भारत को उसकी सरजमीं पर 2-1 से हराकर 28 साल का मिथक तोड़ने के बाद आई है।
क्रिकेटर से कमेंटेटर बने बॉयकॉट ने एलिस्टर कुक की अगुवाई वाली टीम की प्रशंसा की जिसने शृंखला के शुरुआती मैच में करारी शिकस्त के बाद वापसी की। बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इस साल के शुरू में हमने पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट और श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट गंवा दिया। हम अहमदाबाद में पहले टेस्ट में काफी खराब खेले और पारी से हार गए। अचानक भारत में सभी को लगा कि इंग्लैंड की टीम 0-4 से हार जाएगी।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वे इस तरह का जज्बा, दृढ़ निश्चय और काबिलियत दिखाने के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।’’ बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने एंड्रयू स्ट्रास के संन्यास के बाद अब नया सलामी बल्लेबाज खोज लिया है।’’ उन्होंने कुक, केविन पीटरसन, तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन तथा ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की स्पिन जोड़ी की काफी सराहना की।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने यह श्रृंखला तीन बड़े गेंदबाजों जेम्स एंडरसन, ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की बदौलत जीती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एलिस्टर कुक, केविन पीटरसन और एंडरसन शानदार रहे। हमने सही मायने में इनका विश्व स्तरीय प्रदर्शन देखा। हमारे दो स्पिनरों स्वान और पनेसर ने दो भारतीय स्पिनरों को पछाड़ दिया।’’
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘हरभजन सिंह और जहीर खान अच्छे गेंदबाज रहे हैं, लेकिन वे अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर से गुजर चुके हैं। आप कह सकते हैं कि भारत का दौरा करना अब थोड़ा आसान हो गया है क्योंकि होटल बेहतर हैं, बड़े शहरों में इंग्लिश खाना शानदार है और यात्रा करना भी आसान हो गया है।’’
उनकी यह प्रतिक्रिया इंग्लैंड के टेस्ट शृंखला में भारत को उसकी सरजमीं पर 2-1 से हराकर 28 साल का मिथक तोड़ने के बाद आई है।
क्रिकेटर से कमेंटेटर बने बॉयकॉट ने एलिस्टर कुक की अगुवाई वाली टीम की प्रशंसा की जिसने शृंखला के शुरुआती मैच में करारी शिकस्त के बाद वापसी की। बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इस साल के शुरू में हमने पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट और श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट गंवा दिया। हम अहमदाबाद में पहले टेस्ट में काफी खराब खेले और पारी से हार गए। अचानक भारत में सभी को लगा कि इंग्लैंड की टीम 0-4 से हार जाएगी।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वे इस तरह का जज्बा, दृढ़ निश्चय और काबिलियत दिखाने के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।’’ बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने एंड्रयू स्ट्रास के संन्यास के बाद अब नया सलामी बल्लेबाज खोज लिया है।’’ उन्होंने कुक, केविन पीटरसन, तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन तथा ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की स्पिन जोड़ी की काफी सराहना की।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने यह श्रृंखला तीन बड़े गेंदबाजों जेम्स एंडरसन, ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की बदौलत जीती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एलिस्टर कुक, केविन पीटरसन और एंडरसन शानदार रहे। हमने सही मायने में इनका विश्व स्तरीय प्रदर्शन देखा। हमारे दो स्पिनरों स्वान और पनेसर ने दो भारतीय स्पिनरों को पछाड़ दिया।’’
उनकी यह प्रतिक्रिया इंग्लैंड के टेस्ट शृंखला में भारत को उसकी सरजमीं पर 2-1 से हराकर 28 साल का मिथक तोड़ने के बाद आई है।
क्रिकेटर से कमेंटेटर बने बॉयकॉट ने एलिस्टर कुक की अगुवाई वाली टीम की प्रशंसा की जिसने शृंखला के शुरुआती मैच में करारी शिकस्त के बाद वापसी की। बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इस साल के शुरू में हमने पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट और श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट गंवा दिया। हम अहमदाबाद में पहले टेस्ट में काफी खराब खेले और पारी से हार गए। अचानक भारत में सभी को लगा कि इंग्लैंड की टीम 0-4 से हार जाएगी।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वे इस तरह का जज्बा, दृढ़ निश्चय और काबिलियत दिखाने के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।’’ बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने एंड्रयू स्ट्रास के संन्यास के बाद अब नया सलामी बल्लेबाज खोज लिया है।’’ उन्होंने कुक, केविन पीटरसन, तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन तथा ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की स्पिन जोड़ी की काफी सराहना की।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने यह श्रृंखला तीन बड़े गेंदबाजों जेम्स एंडरसन, ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की बदौलत जीती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एलिस्टर कुक, केविन पीटरसन और एंडरसन शानदार रहे। हमने सही मायने में इनका विश्व स्तरीय प्रदर्शन देखा। हमारे दो स्पिनरों स्वान और पनेसर ने दो भारतीय स्पिनरों को पछाड़ दिया।’’
क्रिकेटर से कमेंटेटर बने बॉयकॉट ने एलिस्टर कुक की अगुवाई वाली टीम की प्रशंसा की जिसने शृंखला के शुरुआती मैच में करारी शिकस्त के बाद वापसी की। बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इस साल के शुरू में हमने पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट और श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट गंवा दिया। हम अहमदाबाद में पहले टेस्ट में काफी खराब खेले और पारी से हार गए। अचानक भारत में सभी को लगा कि इंग्लैंड की टीम 0-4 से हार जाएगी।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वे इस तरह का जज्बा, दृढ़ निश्चय और काबिलियत दिखाने के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।’’ बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने एंड्रयू स्ट्रास के संन्यास के बाद अब नया सलामी बल्लेबाज खोज लिया है।’’ उन्होंने कुक, केविन पीटरसन, तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन तथा ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की स्पिन जोड़ी की काफी सराहना की।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने यह श्रृंखला तीन बड़े गेंदबाजों जेम्स एंडरसन, ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की बदौलत जीती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एलिस्टर कुक, केविन पीटरसन और एंडरसन शानदार रहे। हमने सही मायने में इनका विश्व स्तरीय प्रदर्शन देखा। हमारे दो स्पिनरों स्वान और पनेसर ने दो भारतीय स्पिनरों को पछाड़ दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे इस तरह का जज्बा, दृढ़ निश्चय और काबिलियत दिखाने के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।’’ बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने एंड्रयू स्ट्रास के संन्यास के बाद अब नया सलामी बल्लेबाज खोज लिया है।’’ उन्होंने कुक, केविन पीटरसन, तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन तथा ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की स्पिन जोड़ी की काफी सराहना की।
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने यह श्रृंखला तीन बड़े गेंदबाजों जेम्स एंडरसन, ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की बदौलत जीती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एलिस्टर कुक, केविन पीटरसन और एंडरसन शानदार रहे। हमने सही मायने में इनका विश्व स्तरीय प्रदर्शन देखा। हमारे दो स्पिनरों स्वान और पनेसर ने दो भारतीय स्पिनरों को पछाड़ दिया।’’
बॉयकॉट ने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने यह श्रृंखला तीन बड़े गेंदबाजों जेम्स एंडरसन, ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की बदौलत जीती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एलिस्टर कुक, केविन पीटरसन और एंडरसन शानदार रहे। हमने सही मायने में इनका विश्व स्तरीय प्रदर्शन देखा। हमारे दो स्पिनरों स्वान और पनेसर ने दो भारतीय स्पिनरों को पछाड़ दिया।’’ | यहाँ एक सारांश है:इंग्लैंड के महान बल्लेबाज ज्योफ्री बॉयकॉट को लगता है कि भारतीय टीम अब उतनी मजबूत नहीं रह गई है जैसी पहले हुआ करती थी और अब क्रिकेट खेलने वाले देशों के लिए भारत का दौरा करना काफी आसान हो गया है। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से मात देने के बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी उठाने के साथ ही सचिन तेंदुलकर ने अपने बहुप्रतीक्षित संन्यास की घोषणा न करके सभी क्रिकेट प्रेमियों एवं विशेषज्ञों को अटकलें लगाने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया।
यहां तक कि भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी मीडिया से सचिन के संन्यास के बारे में अटकलें लगाने से मना किया। उल्लेखनीय है कि सचिन पिछले वर्ष दिसम्बर में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को विदा कह चुके हैं।
शृंखला का आखिरी टेस्ट मैच तीसरे ही दिन रविवार को जीतने के बाद के बाद संवाददाता सम्मेलन में धोनी ने कहा, "सचिन के करियर के बारे में अटकलें लगाना बंद कीजिए। इससे पहले 2005 में भी आपने (मीडिया ने) ऐसी ही बातें की थीं, लेकिन वह कभी नहीं हुआ।"टिप्पणियां
इससे पहले क्रिकेट जगत में चर्चा थी कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली के कोटला में होने वाला शृंखला का आखिरी मैच सचिन का भी भारत की धरती पर आखिरी टेस्ट मैच हो सकता है।
इन अफवाहों के कारण ही इस मैच के दौरान जब भी सचिन बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे या आउट होकर पवेलियन की तरफ लौटे तो दर्शकों ने उनका खड़े होकर अभिवादन किया।
यहां तक कि भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी मीडिया से सचिन के संन्यास के बारे में अटकलें लगाने से मना किया। उल्लेखनीय है कि सचिन पिछले वर्ष दिसम्बर में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को विदा कह चुके हैं।
शृंखला का आखिरी टेस्ट मैच तीसरे ही दिन रविवार को जीतने के बाद के बाद संवाददाता सम्मेलन में धोनी ने कहा, "सचिन के करियर के बारे में अटकलें लगाना बंद कीजिए। इससे पहले 2005 में भी आपने (मीडिया ने) ऐसी ही बातें की थीं, लेकिन वह कभी नहीं हुआ।"टिप्पणियां
इससे पहले क्रिकेट जगत में चर्चा थी कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली के कोटला में होने वाला शृंखला का आखिरी मैच सचिन का भी भारत की धरती पर आखिरी टेस्ट मैच हो सकता है।
इन अफवाहों के कारण ही इस मैच के दौरान जब भी सचिन बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे या आउट होकर पवेलियन की तरफ लौटे तो दर्शकों ने उनका खड़े होकर अभिवादन किया।
शृंखला का आखिरी टेस्ट मैच तीसरे ही दिन रविवार को जीतने के बाद के बाद संवाददाता सम्मेलन में धोनी ने कहा, "सचिन के करियर के बारे में अटकलें लगाना बंद कीजिए। इससे पहले 2005 में भी आपने (मीडिया ने) ऐसी ही बातें की थीं, लेकिन वह कभी नहीं हुआ।"टिप्पणियां
इससे पहले क्रिकेट जगत में चर्चा थी कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली के कोटला में होने वाला शृंखला का आखिरी मैच सचिन का भी भारत की धरती पर आखिरी टेस्ट मैच हो सकता है।
इन अफवाहों के कारण ही इस मैच के दौरान जब भी सचिन बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे या आउट होकर पवेलियन की तरफ लौटे तो दर्शकों ने उनका खड़े होकर अभिवादन किया।
इससे पहले क्रिकेट जगत में चर्चा थी कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली के कोटला में होने वाला शृंखला का आखिरी मैच सचिन का भी भारत की धरती पर आखिरी टेस्ट मैच हो सकता है।
इन अफवाहों के कारण ही इस मैच के दौरान जब भी सचिन बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे या आउट होकर पवेलियन की तरफ लौटे तो दर्शकों ने उनका खड़े होकर अभिवादन किया।
इन अफवाहों के कारण ही इस मैच के दौरान जब भी सचिन बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे या आउट होकर पवेलियन की तरफ लौटे तो दर्शकों ने उनका खड़े होकर अभिवादन किया। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से मात देने के बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी उठाने के साथ ही सचिन तेंदुलकर ने अपने बहुप्रतीक्षित संन्यास की घोषणा न करके सभी क्रिकेट प्रेमियों एवं विशेषज्ञों को अटकलें लगाने के लिए स्वतंत्र छोड़ द | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कनाडा में एक सिख परिवार का मोटल आग लगने से राख हो गया और उसमें एक व्यक्ति की जान चली गयी एवं तीन अन्य घायल हो गए. पुलिस को इस मोटल पर लिखी हुई कुछ नस्लवादी टिप्पणी का पता चला है कि जिससे इस पूरी घटना में किसी साजिश का संदेह पैदा हो गया है.
अल्बर्टा प्रांत में तिवाना परिवार के ‘बाशा मोटर इन’ में एक विस्फोट की आवाज पड़ोसियों को सुनाई दी और उन्हें उससे आग की लपटें उठती हुई नजर आयीं. इस मोटल के आसपास रहने वाले तिवाना परिवार के समर्थन में आगे आए हैं और उन्होंने इस परिवार की खातिर 8000 डॉलर से अधिक धनराशि इकट्ठा की.
एक पड़ोसी फैजल मोदी ने सीबीसी न्यूज को बताया कि वह पिछले रविवार की रात बाशा मोटल में हुए जबर्दस्त विस्फोट एवं उसके बाद रोने चिल्लाने की आवाज कभी नहीं भूल पायेंगे. मोदी ने तिवाना परिवार की महिला और उनके दो बच्चों की जान बचायी. मोदी के अनुसार, तीनों बुरी तरह झुलस गए हैं. ये दोनों लड़के अपने पिता के लिए चिल्ला रहे थे जो अंदर थे.टिप्पणियां
वैसे उनके पिता का पता नहीं चल पाया है जिससे यह माना जाने लगा है कि जो क्षत विक्षत शव मिला है वह उनके पिता का ही है लेकिन पोस्टमॉर्टम के नतीजे सामने आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी. पुलिस के अनुसार, मोटल पर कुछ लिखा हुआ है लेकिन जांचकर्ताओं को फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे आग और टिप्पणी के बीच संबंध स्थापित हो. वर्ल्ड सिख आर्गनाइजेशन ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अल्बर्टा प्रांत में तिवाना परिवार के ‘बाशा मोटर इन’ में एक विस्फोट की आवाज पड़ोसियों को सुनाई दी और उन्हें उससे आग की लपटें उठती हुई नजर आयीं. इस मोटल के आसपास रहने वाले तिवाना परिवार के समर्थन में आगे आए हैं और उन्होंने इस परिवार की खातिर 8000 डॉलर से अधिक धनराशि इकट्ठा की.
एक पड़ोसी फैजल मोदी ने सीबीसी न्यूज को बताया कि वह पिछले रविवार की रात बाशा मोटल में हुए जबर्दस्त विस्फोट एवं उसके बाद रोने चिल्लाने की आवाज कभी नहीं भूल पायेंगे. मोदी ने तिवाना परिवार की महिला और उनके दो बच्चों की जान बचायी. मोदी के अनुसार, तीनों बुरी तरह झुलस गए हैं. ये दोनों लड़के अपने पिता के लिए चिल्ला रहे थे जो अंदर थे.टिप्पणियां
वैसे उनके पिता का पता नहीं चल पाया है जिससे यह माना जाने लगा है कि जो क्षत विक्षत शव मिला है वह उनके पिता का ही है लेकिन पोस्टमॉर्टम के नतीजे सामने आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी. पुलिस के अनुसार, मोटल पर कुछ लिखा हुआ है लेकिन जांचकर्ताओं को फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे आग और टिप्पणी के बीच संबंध स्थापित हो. वर्ल्ड सिख आर्गनाइजेशन ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक पड़ोसी फैजल मोदी ने सीबीसी न्यूज को बताया कि वह पिछले रविवार की रात बाशा मोटल में हुए जबर्दस्त विस्फोट एवं उसके बाद रोने चिल्लाने की आवाज कभी नहीं भूल पायेंगे. मोदी ने तिवाना परिवार की महिला और उनके दो बच्चों की जान बचायी. मोदी के अनुसार, तीनों बुरी तरह झुलस गए हैं. ये दोनों लड़के अपने पिता के लिए चिल्ला रहे थे जो अंदर थे.टिप्पणियां
वैसे उनके पिता का पता नहीं चल पाया है जिससे यह माना जाने लगा है कि जो क्षत विक्षत शव मिला है वह उनके पिता का ही है लेकिन पोस्टमॉर्टम के नतीजे सामने आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी. पुलिस के अनुसार, मोटल पर कुछ लिखा हुआ है लेकिन जांचकर्ताओं को फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे आग और टिप्पणी के बीच संबंध स्थापित हो. वर्ल्ड सिख आर्गनाइजेशन ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वैसे उनके पिता का पता नहीं चल पाया है जिससे यह माना जाने लगा है कि जो क्षत विक्षत शव मिला है वह उनके पिता का ही है लेकिन पोस्टमॉर्टम के नतीजे सामने आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी. पुलिस के अनुसार, मोटल पर कुछ लिखा हुआ है लेकिन जांचकर्ताओं को फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे आग और टिप्पणी के बीच संबंध स्थापित हो. वर्ल्ड सिख आर्गनाइजेशन ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: सिख परिवार का मोटल आग लगने से राख हो गया
एक व्यक्ति की जान चली गयी, तीन अन्य घायल
मोटल पर लिखी हुई मिलीं कुछ नस्लवादी टिप्पणी | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: डीएनए रिपोर्ट के खुलासे के बाद रोहित शेखर ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पांच साल उन्होंने (एनडी तिवारी ने) बहुत हथकंडे अपनाए। उन्होंने मुझे और मेरी माता को बहुत मानसिक यातनाएं दी हैं, लेकिन अब उनकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और उनकी कानूनी मुश्किलें बहुत बढ़ेंगी। मैं अपनी नानी जी का धन्यवाद अदा करना चाहता हूं। रोहित ने यह भी कहा कि कोई संतान नाजायज नहीं होती और मैं इस मुद्दे को लेकर न्यायालय में याचिका दायक करूंगा।
वहीं रोहित की माता उज्ज्वला शर्मा ने कहा कि मेरे पिता की आत्मा को आज जाकर शांति मिली होगी। रोहित ने स्वास्थ्य ठीक न होते हुए भी इतना लंबा संघर्ष किया और आज न्यायिक प्रक्रिया पर मेरा ही नहीं, जन-जन का भरोसा बढ़ा है।
वहीं रोहित की माता उज्ज्वला शर्मा ने कहा कि मेरे पिता की आत्मा को आज जाकर शांति मिली होगी। रोहित ने स्वास्थ्य ठीक न होते हुए भी इतना लंबा संघर्ष किया और आज न्यायिक प्रक्रिया पर मेरा ही नहीं, जन-जन का भरोसा बढ़ा है। | यहाँ एक सारांश है:डीएनए रिपोर्ट के खुलासे के बाद रोहित शेखर ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में कहा कि तिवारी ने बहुत हथकंडे अपनाए, लेकिन अब उनकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्वयंभू बाबा की सलाह पर छुपा हुआ खज़ाना ढूढ़ने के लिए एक पति ने अपनी पत्नी को करीब 50 दिन तक कथित रूप से बहुत कम मात्रा में खाना दिया. शेगांव थाने के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि महिला ने अगस्त 2018 में शादी की थी. एक स्वयंभू बाबा ने महिला के पति और ससुराल वालों से कहा कि अगर वह भूखा रहे और कुछ अनुष्ठान करे तो उन्हें ‘गुप्त खज़ाना' मिल सकता है.
उन्होंने बताया कि शादी के पहले दिन से ही महिला को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और उसे एक कछुए सहित विभिन्न चीजों को लेकर अनुष्ठान और अन्य चीज़े करने के लिए मजबूर किया गया. अधिकारी ने बताया कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा 50 दिनों तक बहुत थोड़ी मात्रा में खाना दिया गया. उन्होंने बताया कि उस दौरान वह महिला से रोज़ाना तड़के पौने तीन बजे पूजा कराते थे और इस दौरान कोई गलती करने पर उसे पीटते थे.
अधिकारी ने बताया कि उसके पिता को संदेह हुआ तो वह उसके घर गए और वह उसकी दयनीय हालत देखकर स्तब्ध रह गए. इसके बाद वह महिला को अपने साथ घर ले गए जहां उसने अपनी आप बीती सुनाई.
घटना की जानकारी मिलने पर महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने पुलिस से संपर्क किया और महिला के पति, ससुराल वालों और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया और महिला के पति और स्वयं भू बाबा को गिरफ्तार कर लिया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अंधविश्वास के चक्कर में पत्नी को किया गया प्रताड़ित
खजाना ढूंढने के लिए पति ने किया ऐसा
गलती करने पर उसे पीटते थे | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय...' यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई इलाहाबाद में, जहां आठ महीने की एक दुधमुंही बच्ची मौत के मुंह में जाकर वापस आ गई है... दरअसल हुआ यूं कि इलाहाबाद की रहने वाली आठ महीने की सपना के हाथ में एक कुछ मुड़ा हुआ लगभग एक फुट लम्बा लोहे के सरिये का टुकड़ा आ गया, और इस मासूम ने खेल-खेल में उसे अपने मुंह में डाल लिया... लेकिन कुछ ही पलों में बच्ची की खिलवाड़ जानलेवा नज़र आने लगा, जब वह सरिया उसके गले को चीरता हुआ सीने के ऊपरी हिस्से में जाकर फंस गया...डॉक्टरों के लिए भी यह दृश्य, जिसमें सरिये का लगभग एक-तिहाई हिस्सा सपना के मुंह से बाहर था, और दो-तिहाई उसके गले और सीने में फंसा था, बेहद खौफनाक था, और उन्होंने हाथ खड़े कर दिए, और सपना की मौत निश्चित लगने लगी... लेकिन 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय...' वाली कहावत को इसी किस्से में सच साबित होना था, इसलिए घटना के अगले दिन डॉक्टरों ने जी-जान से कोशिश की, और सात घंटे के मैराथन ऑपरेशन के बाद सरिये को सपना के शरीर से निकाल दिया, और उसे नई ज़िन्दगी दी... | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'जाको राखे साइयां...' की कहावत इलाहाबाद में फिर सच साबित हुई, और एक मैराथन ऑपरेशन के बाद बच्ची के गले में फंसा सरिया निकल पाया... | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: यदि सब कुछ अच्छा रहा तो पाकिस्तानी अभिनेत्री वीना मलिक अपने भारतीय साथी अश्मित पटेल के साथ बुधवार को मोहाली में अपने देश के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करती नजर आएंगी। मोहाली में भारत व पाकिस्तान के बीच क्रिकेट विश्व कप का सेमीफाइनल मैच होना है। वीना को क्रिकेट ही नहीं क्रिकेट खेलने वालों से भी प्यार है लेकिन इस बार उनका यह प्यार दो जगह बंट गया है। एक ओर उनकी पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ी हैं तो दूसरी ओर उनके मित्र अश्मित हैं। वीना इन दिनों भारत में हैं। वह कहती हैं, "कुछ लोग मंदिरा बेदी से मेरी तुलना करते हैं लेकिन मैं जो हूं उससे खुश हूं। मुझे क्रिकेट से प्यार है।" वीना मोहाली में अपने देश के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के साथ दोनों देशों के बीच होने वाला मैच देखेंगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ मैच देखेंगे। मैच में जीत को लेकर वीना कहती हैं, "यह बहुत स्वाभाविक है। मेरा दिल कहता है कि मुझे मैच में पाकिस्तान का समर्थन करना चाहिए। मेरे देश ने मुझे पहचान दी है। दूसरी ओर भारत में मुझे बहुत सा प्यार मिला है और करियर के अच्छे अवसर मिले हैं।" उन्होंने कहा, "भारतीय टीम कप जीतने वाली पसंदीदा टीम हो सकती है लेकिन मैं एक पाकिस्तानी हूं। इसलिए मैं मेरे एक गाल पर पाकिस्तान और दूसरे पर भारत का झंडा पेंट करूंगी। जो टीम सर्वश्रेष्ठ होगी वही बुधवार को जीतेगी।" वह कहती हैं, "युवराज और अफरीदी दोनों ही दिल से खेलते हैं और मुझे विश्वास है कि दोनों ईमानदारी से खेलेंगे। उनकी वफादारी को कोई नहीं खरीद सकता। मैं सचिन तेंदुलकर की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं लेकिन तभी जब वह पाकिस्तान के खिलाफ न खेल रहे हों।" | संक्षिप्त पाठ: वीना ने बताया कि युवराज और अफरीदी दोनों ही दिल से खेलते हैं और मुझे विश्वास है कि दोनों ईमानदारी से खेलेंगे। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं पर योग गुरु रामदेव ने सभी 142 आवंटनों को रद्द करने और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस्तीफा देने की मांग की।
रामदेव ने कहा कि भ्रष्टाचार और काला धन के खिलाफ वह अपने आंदोलन का अगला चरण 2 अक्टूबर से शुरू करेंगे और पांच राज्यों में आसन्न विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्र सरकार के कथित भ्रष्टाचार के बारे में लोगों को बताएंगे।
संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया, कांग्रेस पार्टी ने ईमानदार सरकार और ईमानदार प्रधानमंत्री की नई परिभाषा गढ़ी है। घोटलों का विश्व कीर्तिमान स्थापित करने वाली कांग्रेस पार्टी मनमानी कर रही है और उसकी सरकार एक के बाद एक घोटाले में लिप्त है।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए रामदेव ने कहा, लाखों करोड़ रुपये के घोटले से जुड़ी सरकार के मुखिया ईमानदार कैसे हो सकते हैं, इसलिए सभी कोयला ब्लाकों के आवंटन को रद्द किया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि इस तरह के आवंटन की बीजेपी शासित राज्यों समेत कुछ अन्य प्रदेश सरकारों की ओर से वकालत किए जाने के बावजूद वह केवल कांग्रेस को ही क्यों निशाना बना रहे हैं, रामदेव ने कहा कि अन्य लोग आंशिक रूप से भागीदार है, जबकि कांग्रेस ने घोटालों का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। लेकिन जो भी गुनाहगार है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
रामदेव ने कहा कि भ्रष्टाचार और काला धन के खिलाफ वह अपने आंदोलन का अगला चरण 2 अक्टूबर से शुरू करेंगे और पांच राज्यों में आसन्न विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्र सरकार के कथित भ्रष्टाचार के बारे में लोगों को बताएंगे।
संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया, कांग्रेस पार्टी ने ईमानदार सरकार और ईमानदार प्रधानमंत्री की नई परिभाषा गढ़ी है। घोटलों का विश्व कीर्तिमान स्थापित करने वाली कांग्रेस पार्टी मनमानी कर रही है और उसकी सरकार एक के बाद एक घोटाले में लिप्त है।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए रामदेव ने कहा, लाखों करोड़ रुपये के घोटले से जुड़ी सरकार के मुखिया ईमानदार कैसे हो सकते हैं, इसलिए सभी कोयला ब्लाकों के आवंटन को रद्द किया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि इस तरह के आवंटन की बीजेपी शासित राज्यों समेत कुछ अन्य प्रदेश सरकारों की ओर से वकालत किए जाने के बावजूद वह केवल कांग्रेस को ही क्यों निशाना बना रहे हैं, रामदेव ने कहा कि अन्य लोग आंशिक रूप से भागीदार है, जबकि कांग्रेस ने घोटालों का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। लेकिन जो भी गुनाहगार है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया, कांग्रेस पार्टी ने ईमानदार सरकार और ईमानदार प्रधानमंत्री की नई परिभाषा गढ़ी है। घोटलों का विश्व कीर्तिमान स्थापित करने वाली कांग्रेस पार्टी मनमानी कर रही है और उसकी सरकार एक के बाद एक घोटाले में लिप्त है।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए रामदेव ने कहा, लाखों करोड़ रुपये के घोटले से जुड़ी सरकार के मुखिया ईमानदार कैसे हो सकते हैं, इसलिए सभी कोयला ब्लाकों के आवंटन को रद्द किया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि इस तरह के आवंटन की बीजेपी शासित राज्यों समेत कुछ अन्य प्रदेश सरकारों की ओर से वकालत किए जाने के बावजूद वह केवल कांग्रेस को ही क्यों निशाना बना रहे हैं, रामदेव ने कहा कि अन्य लोग आंशिक रूप से भागीदार है, जबकि कांग्रेस ने घोटालों का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। लेकिन जो भी गुनाहगार है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए रामदेव ने कहा, लाखों करोड़ रुपये के घोटले से जुड़ी सरकार के मुखिया ईमानदार कैसे हो सकते हैं, इसलिए सभी कोयला ब्लाकों के आवंटन को रद्द किया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि इस तरह के आवंटन की बीजेपी शासित राज्यों समेत कुछ अन्य प्रदेश सरकारों की ओर से वकालत किए जाने के बावजूद वह केवल कांग्रेस को ही क्यों निशाना बना रहे हैं, रामदेव ने कहा कि अन्य लोग आंशिक रूप से भागीदार है, जबकि कांग्रेस ने घोटालों का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। लेकिन जो भी गुनाहगार है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि इस तरह के आवंटन की बीजेपी शासित राज्यों समेत कुछ अन्य प्रदेश सरकारों की ओर से वकालत किए जाने के बावजूद वह केवल कांग्रेस को ही क्यों निशाना बना रहे हैं, रामदेव ने कहा कि अन्य लोग आंशिक रूप से भागीदार है, जबकि कांग्रेस ने घोटालों का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। लेकिन जो भी गुनाहगार है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। | संक्षिप्त पाठ: रामदेव ने कहा कि वह अपने आंदोलन का अगला चरण 2 अक्टूबर से शुरू करेंगे और पांच राज्यों में आसन्न विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्र सरकार के कथित भ्रष्टाचार के बारे में लोगों को बताएंगे। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डीके शिवकुमार को रॉउस एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था. ईडी ने कोर्ट से कहा था कि डीके शिवकुमार की मेडिकल रिपोर्ट के हिसाब से वो बिल्कुल ठीक हैं. ईडी ने कहा कि पूछताछ में वह सत्य नहीं बता रहे हैं, सहयोग नहीं कर रहे हैं. इन्होंने अपनी पोजिशन का गलत इस्तेमाल कर अवैध तरीके से बहुत पैसा बनाया है. इनके भाई और परिवार की सम्पत्तियां बढ़ती गई. इनके खिलाफ कई सबूत मिले. इनकी कस्टोडियल इंटेरोगेशन की जरूरत है. इनकी सम्पत्तियों, लेनदेन के बारे में सब कुछ पता लगाना है. ईडी की तरफ से कहा गया कि इन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग की है. पैसे का सोर्स का पता करना है. डीके शिवकुमार को कुछ लोगों से आमने सामने बिठाकर पूछताछ करनी है. सभी जानकारी सीबीआई से भी शेयर की गई हैं. वह सवालों के उल्टे जबाब दे रहे हैं.
उधर, डीके शिवकुमार की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि ईडी ने इनसे 4 दिन तक करीब 30 घंटे से ज्यादा पूछताछ की है. इनका पूरा केस आयकर विभाग और आईटी विभाग की सर्च पर आधारित है जो 2 अगस्त 2017 को हुई थी. इसी के आधार पर ये रिमांड मांग रहे हैं. आयकर विभाग ने 13 जून 2018 को ईडी को जानकारी दी. डीके शिवकुमार ने बेल के लिए भी अर्जी लगाई है.
आयकर विभाग की कार्रवाई पर कर्नाटक हाइकोर्ट ने सितंबर 2017 तक रोक लगाई हुई थी. अगर नींव पर ही रोक लगाई है तो उस पर इमारत कैसे खड़ी हो सकती है. आयकर विभाग ने जिन सेक्शन के तहत कार्रवाई की है उनके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस नहीं बनता. आरोपी को मौखिक अर्जी के आधार पर भी ज़मानत दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि क्या अपने ऑडिटर का नाम न बताना जांच में सहयोग न करना है? सिंघवी ने कहा कि एजेंसी क्या चाहती है, शिवकुमार क्या गुनाह कबूल कर लें! उन्हें किसी भी शर्त पर बेल दी जाए. उन्हें एक दिन दिन या मिनट की रिमांच नहीं देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार को दवाई और प्रॉपर खाने की जरूरत है जो उन्हें मिलना चाहिए. आज भी उन्हें खाना नहीं दिया गया. उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डीके शिवकुमार 13 तक ED की रिमांड पर
ईडी ने मंगलवार रात को किया था गिरफ्तार
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है गिरफ्तारी | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 फीसदी आरक्षण रद्द करने के मामले में यथास्थिति बरक़रार रखने का आदेश दिया है.दरअसल, हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाई थी.29 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई होगी.फिलहाल कोई भी नया दाखिला नहीं होगा.
सुप्रीम कोर्ट में गुजरात सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है और हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग करते हुए आरक्षण फिर से लागू करने की गुहार लगाई है.टिप्पणियां
दरअसल, हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से पिछडों को गुजरात सरकार के 10 फीसदी आरक्षण को रद्द कर दिया था.फैसले में कहा था कि राज्य ने सुप्रीम कोर्ट के 50 फीसदी आरक्षण के फैसले को दरकिनार कर ये आरक्षण दिया गया था।
गौरतलब है कि 1 मई को गुजरात सरकार ने अध्यादेश के जरिए सरकारी नौकरी और कॉलेज दाखिलों में आर्थिक रूप से पिछडे सामान्य वर्ग को भी 10 फीसदी आरक्षण दे दिया था, जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम है लेकिन हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से पिछड़ों को गुजरात सरकार के 10 फीसदी आरक्षण को रद्द कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट में गुजरात सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है और हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग करते हुए आरक्षण फिर से लागू करने की गुहार लगाई है.टिप्पणियां
दरअसल, हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से पिछडों को गुजरात सरकार के 10 फीसदी आरक्षण को रद्द कर दिया था.फैसले में कहा था कि राज्य ने सुप्रीम कोर्ट के 50 फीसदी आरक्षण के फैसले को दरकिनार कर ये आरक्षण दिया गया था।
गौरतलब है कि 1 मई को गुजरात सरकार ने अध्यादेश के जरिए सरकारी नौकरी और कॉलेज दाखिलों में आर्थिक रूप से पिछडे सामान्य वर्ग को भी 10 फीसदी आरक्षण दे दिया था, जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम है लेकिन हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से पिछड़ों को गुजरात सरकार के 10 फीसदी आरक्षण को रद्द कर दिया था.
दरअसल, हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से पिछडों को गुजरात सरकार के 10 फीसदी आरक्षण को रद्द कर दिया था.फैसले में कहा था कि राज्य ने सुप्रीम कोर्ट के 50 फीसदी आरक्षण के फैसले को दरकिनार कर ये आरक्षण दिया गया था।
गौरतलब है कि 1 मई को गुजरात सरकार ने अध्यादेश के जरिए सरकारी नौकरी और कॉलेज दाखिलों में आर्थिक रूप से पिछडे सामान्य वर्ग को भी 10 फीसदी आरक्षण दे दिया था, जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम है लेकिन हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से पिछड़ों को गुजरात सरकार के 10 फीसदी आरक्षण को रद्द कर दिया था.
गौरतलब है कि 1 मई को गुजरात सरकार ने अध्यादेश के जरिए सरकारी नौकरी और कॉलेज दाखिलों में आर्थिक रूप से पिछडे सामान्य वर्ग को भी 10 फीसदी आरक्षण दे दिया था, जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम है लेकिन हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से पिछड़ों को गुजरात सरकार के 10 फीसदी आरक्षण को रद्द कर दिया था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 10 फीसदी आरक्षण पर हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे बरकरार रखा
मामले में अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बेटी तेजस्वी रघुवंशी ने बताया, मैं क्लास 2 में पढ़ती हूं. मुझे जमीन पर बिठाया गया और परीक्षा नहीं देने दी क्योंकि मेरे पास चिल्लर (खुल्ले पैसे) थे और बैंक ने जमा करने से मना कर दिया था. पिता ठाकुर सिंह रघुवंशी ने कहा, मैं बैंक गया था सिक्के लेकर. मेरी साइकिल की दुकान है और दुकान में सिक्के ही आते हैं जिसे बैंक ने जमा करने से मना कर दिया. कहा कि आप हजार पांच सौ के रुपये दो. स्कूल ने पेपर नहीं देने दिया.
Video- स्कूल में फीस के लिए दबाव बनाए जाने से परेशान छात्र ने की खुदकुशी
एसडीएम का कहना है दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी. वहीं स्कूल कह रहा है कि बच्ची का साल बर्बाद नहीं होने देंगे. एसडीएम सीपी गोहल ने कहा कि बच्ची के अभिवावक मेरे पास आये थे. मैंने बीआरसी को कह दिया है कि जांच के बाद पता चलेगा कि फीस के कारण उसे परीक्षा नहीं देने दी तो हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे. ब्रदर एंथोनी के प्राचार्य ने कहा कि मैंने 12 तारीख को बीईओ से कहा था कि हम स्टाफ को तनख्वाह देते हैं. हमारे पास उनके वेतन को पैसा नहीं था इसलिए हमने पेरेंट्स से फीस जमा करने की बात कही. फीस के चलते बच्चा फेल नहीं होगा. बच्ची का भविष्य बरबाद नहीं होने देंगे.
Video- स्कूल में फीस के लिए दबाव बनाए जाने से परेशान छात्र ने की खुदकुशी
एसडीएम का कहना है दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी. वहीं स्कूल कह रहा है कि बच्ची का साल बर्बाद नहीं होने देंगे. एसडीएम सीपी गोहल ने कहा कि बच्ची के अभिवावक मेरे पास आये थे. मैंने बीआरसी को कह दिया है कि जांच के बाद पता चलेगा कि फीस के कारण उसे परीक्षा नहीं देने दी तो हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे. ब्रदर एंथोनी के प्राचार्य ने कहा कि मैंने 12 तारीख को बीईओ से कहा था कि हम स्टाफ को तनख्वाह देते हैं. हमारे पास उनके वेतन को पैसा नहीं था इसलिए हमने पेरेंट्स से फीस जमा करने की बात कही. फीस के चलते बच्चा फेल नहीं होगा. बच्ची का भविष्य बरबाद नहीं होने देंगे. | मध्य प्रदेश में विदिशा की तहसील गंजबासौदा की घटना
बैंक ने सिक्कों में फीस लेने से मना कर दिया
स्कूल ने एग्जाम देने से मना कर दिया | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: काले धन की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय को देश के चार बड़े नेताओं के खिलाफ कुछ सुराग मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक हसन अली के करीबी माने जा रहे काशीनाथ से पूछताछ के दौरान प्रवर्तन निदेशालय को अहम जानकारियां मिली हैं। इन जानकारियों की पुष्टि के लिए प्रवर्तन निदेशालय एक बार फिर हसन अली से पूछताछ करना चाहता है और इसके लिए उसने सुप्रीम कोर्ट से हसन अली की अतिरिक्त रिमांड की मांग की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हसन अली अभी शुक्रवार तक प्रवर्तन निदेशालय की रिमांड पर है और अतिरिक्त रिमांड के लिए वह विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाए।उधर, हसन अली को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा हिरासत में रखे जाने को अवैध करार देते हुए गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। न्यायमूर्ति बी सुर्दशन रेड्डी और न्यायमूर्ति एसएस निज्जर की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने यह कहकर इस अनुरोध को ठुकरा दिया कि न्यायालय के पास ऐसी कोई अर्जी या याचिका नहीं है जिसमें उसकी हिरासत को चुनौती दी गई हो। न्यायालय ने अली की ओर से पेश हुए वकील संतोष पॉल से कहा कि न्यायालय मौखिक अनुरोध पर विचार नहीं करेगा। पॉल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को विशेष अदालत द्वारा देखे जाने के बगैर ही प्रवर्तन निदेशालय को अली की तीन दिन की हिरासत मिल गई। सर्वोच्च न्यायालय ने अली को विशेष अदालत के समक्ष जमानत की नई अर्जी दाखिल करने की इजाजत दी थी। न्यायालय ने कहा कि यदि अली को लगता है कि विशेष अदालत का तीन दिन की हिरासत का फैसला उचित नहीं है तो वह उसके आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकता है। | काले धन की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय को हसन अली के करीबी काशीनाथ से पूछताछ में देश के चार बड़े नेताओं के खिलाफ कुछ सुराग मिले हैं। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने गुरुवार को बहुचर्चित लोकपाल विधेयक को लोकसभा में पेश किया। इस विधेयक में प्रधानमंत्री को प्रस्तावित भ्रष्टाचार निरोधी निकाय के दायरे से बाहर रखा गया है। इस पर मुख्य विपक्ष दल भाजपा ने आपत्ति जताई। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री वी. नारायणसामी द्वारा विधेयक को लोकसभा में पेश करने से पहले अध्यक्ष मीरा कुमार ने विपक्ष की नेता सुषमा को अपनी बात रखने का मौका दिया। सुषमा ने प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे से बाहर रखने के प्रावधान पर आपत्ति जतायी और कहा कि जब आपराधिक कानून और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्रधानमंत्री को अभियोजन से छूट नहीं मिली है तो उन्हें लोकपाल के दायरे से बाहर क्यों रखा गया है। संविधान के तहत सभी को समानता का अधिकार है। विधेयक में प्रावधान है कि प्रधानमंत्री पदमुक्त होने तक लोकपाल के दायरे में नहीं आएंगे। विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत संसद के भीतर सांसदों का आचरण और उच्च न्यायपालिका लोकपाल के दायरे में आए, जिसका अन्ना हजारे पक्ष ने सुझाव दिया था। लोकसभा में विपक्ष की नेता ने कहा, ऐसा पहली बार हुआ है जब लोकपाल के दायरे में सभी केंद्रीय मंत्रियों को तो रखा गया है, लेकिन प्रधानमंत्री को छोड़ दिया गया है। मुझे समझ नहीं आता कि ऐसा क्यों किया गया। सुषमा ने कहा, राजग की सरकार ने जो विधेयक तैयार किया था, उसमें प्रधानमंत्री पद को लोकपाल के दायरे में रखने का प्रावधान था। यह विधेयक स्थायी समिति को भेजा गया। तब मौजूदा सदन के नेता (प्रणब मुखर्जी) उस स्थायी समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने भी प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में रखने का प्रावधान स्वीकार किया था। सुषमा ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह खुद कह चुके हैं कि वह लोकपाल के दायरे में आना चाहते हैं तो फिर कैबिनेट ने उनके विचारों को क्यों नहीं माना। उन्होंने सरकार से विधेयक में संशोधन करने को कहा। सुषमा ने कहा, हम विधेयक को इस रूप में पुन:स्थापित करने की अनुमति नहीं दे सकते। सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने कहा, यह सही है कि मैं तत्कालीन लोकसभा में स्थायी समिति का प्रमुख था और मैंने 16 फरवरी 2002 को स्थायी समिति की रिपोर्ट सदन में पेश कर दी थी। इसके बाद दो वर्ष तक राजग की सरकार रही। आखिर क्या कारण रहे कि उसने दो वर्ष तक यह विधेयक नहीं लाया। देश में मजबूत और प्रभावी लोकपाल की संस्था की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है। प्रशासनिक सुधार समिति ने करीब चार दशक पहले लोकपाल की स्थापना करने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश के मद्देनजर यह विधेयक पहले आठ बार यानी वर्ष 1968, 1971, 1977, 1985, 1989, 1996, 1998 और 2001 में संसद में पेश हो चुका है। मौजूदा विधेयक में कहा गया है कि लोकपाल में एक अध्यक्ष और आठ अन्य सदस्य होंगे। इनमें से आधे न्यायपालिका से होंगे। लोकपाल के पास अपनी अभियोजन और जांच इकाई होगी। विधेयक में कहा गया है कि लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री पदमुक्त होने के बाद आएंगे। साथ ही केंद्रीय मंत्री, संसद सदस्य, समूह ए या उसके समकक्ष के किसी अधिकारी, संसद द्वारा पारित कानून के तहत किसी निकाय, बोर्ड, निगम, प्राधिकरण, कंपनी, सोसाइटी, न्यास और स्वशासी निकाय के अध्यक्ष या सदस्य, समूह ए के समकक्ष अधिकारी तथा केंद्र सरकार के आंशिक या पूर्ण वित्तीय नियंत्रण वाले या जनता से दान प्राप्त करने वाले निकाय लोकपाल के दायरे में रहेंगे। लोकपाल को भविष्य में अभियोजन चल सकने की संभावना वाले मामलों में आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 197 और भ्रष्टाचार निरोधक कानून 1988 की धारा 19 के तहत मंजूरी प्राप्त करने की जरूरत नहीं होगी। लोकपाल को तलाशी और जब्ती की शक्ति और दीवानी अदालत के समान शक्तियां प्राप्त होंगी। लोकपाल या उसके द्वारा अधिकृत किया गया कोई भी जांच अधिकारी ऐसी संपत्ति को कुर्क कर सकेगा जो प्रथम दृष्टया भ्रष्ट साधनों से अर्जित की गई हो। लोकपाल के समक्ष शिकायतें दाखिल करने के लिए कथित अपराध होने की तारीख से सात वर्ष तक की समय सीमा होगी। लोकपाल को पुलिस अफसरों को जांच के संबंध प्राप्त अधिकारों के समान शक्तियां प्राप्त होंगे। लोकपाल को चलाने के लिए धनराशि की व्यवस्था भारत की संचित निधि के जरिए की जाएगी। यह प्रस्तावित भ्रष्टाचार निरोधी निकाय जांच करने में केंद्र और राज्य सरकार की मदद भी ले सकेगा। लोकपाल भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे नौकरशाहों के तबादले या निलंबन की भी सिफारिश कर सकेगा। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि लोकपाल भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम 1988 के तहत दर्ज होने वाले मामलों की सुनवाई के लिये पर्याप्त संख्या में विशेष न्यायालयों का गठन करने की सिफारिश कर सकेगा। विधेयक में यह प्रावधान है कि अगर कोई सरकारी कर्मी अपनी संपत्ति की घोषणा नहीं कर पाता है या भ्रामक सूचना देता है तो यह मान लिया जाएगा कि उसने भ्रष्ट तरीकों से संपत्ति जुटाई है। विधेयक कहता है कि गलत शिकायतों पर शिकायतकर्ता के खिलाफ अभियोजन चलाया जा सकेगा और ऐसे मामलों में सजा का प्रावधान कम से कम दो वर्ष और अधिकतम पांच वर्ष होगा। ऐसे मामलों में दंड भी कम से कम 25,000 से अधिकतम दो लाख रुपये तक लगाने का प्रावधान किया गया है। | संक्षिप्त पाठ: भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने साफ कहा, जब तक प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में नहीं लाया जाएगा, बिल पास नहीं होगा। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश सरकार ने आरटीआई एक्टिविस्ट शहला मसूद मर्डर केस की गुत्थी सुलाझाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए भोपाल पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजेगी। भोपाल पुलिस के आईजी का कहना है कि शहला जिन−जिन लोगों के भी संपर्क में थी उनसे पूछताछ की जाएगी। इसी सिलसिले में बीजेपी नेता तरुण विजय से भी पूछताछ की जाएगी। इससे पहले शहला मर्डर में सूचना देने वाले को एक लाख रुपये ईनाम देने की घोषणा की भी की गई थी। 16 अगस्त को शहला मसूद की हत्या उनके घर के बाहर उनकी ही कार में कर दी गई थी। राज्यसभा के बीजेपी सांसद तरुण विजय ने कहा है कि वो शहला मसूद की हत्या की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तरुण विजय ने कहा कि शहला की मौत का दुख उन्हें भी है और वो दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के साथ हैं। पुलिस इस मामले में तरुण विजय से भी पूछताछ करने वाली है। दरअसल, हत्या के एक दिन पहले शहला मसूद की तरुण विजय से बातचीत हुई थी। पुलिस उस सभी से पूछताछ करने वाली है जिनकी शहला से बातचीत हुई थी। | मध्यप्रदेश सरकार ने आरटीआई एक्टिविस्ट शहला मसूद मर्डर केस की गुत्थी सुलाझाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए भोपाल पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजेगी। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई इंडियन्स के कप्तान सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स को हराने के बाद कहा कि उन्होंने कुछ विकेट जल्दी गंवाने के बावजूद हार नहीं मानी थी क्योंकि ट्वेंटी-20 प्रारूप में कुछ भी हो सकता है। केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 175 रन बनाए थे जिसके जवाब में मुंबई की टीम ने अंतिम गेंद पर पांच विकेट पर 178 रन बनाकर मैच जीत लिया। जेम्स फ्रेंकलिन ने 23 गेंद में नाबाद 45 रन की पारी खेली जबकि रायुडू (नाबाद 17) ने पारी की अंतिम गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत दिलाई। तेंदुलकर ने मैच के बाद कहा, यह बेहतरीन मैच था। नतीजा भी हमारे लिए बेहतरीन रहा। हमारे बल्लेबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और रायुडू तथा फ्रेंकलिन ने मैच को अंजाम तक पहुंचाया। खेल के इस प्रारूप में कुछ भी संभव है यही कारण है कि हमने हार नहीं मानी थी। उन्होंने कहा, अंतिम ओवर में भाग्य ने भी साथ दिया और हम लक्ष्य हासिल करने में सफल रहे। लगातार तीन हार के बाद जीतने दर्ज करने पर तेंदुलकर ने कहा कि दोबारा लय हासिल करना अहम था और इससे प्ले ऑफ से पूर्व मदद मिलेगी। उन्होंने साथ ही कहा कि हरभजन सिंह को तीसरे स्थान पर भेजने का फैसला भी सही रहा क्योंकि उनकी 30 रन की पारी से टीम को काफी मदद मिली। | यह एक सारांश है: मुंबई के कप्तान सचिन तेंदुलकर ने मैच में कोलकाता को हराने के बाद कहा कि उन्होंने कुछ विकेट जल्दी गंवाने के बावजूद हार नहीं मानी थी। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में कथित जमीनी विवाद में पड़ोसियों ने एक महिला को जला दिया। 60 फीसदी से ज्यादा जली हालत में महिला का इलाज चल रहा है। आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर है। घटना जिले के खरेला गांव की है, जहां लाखन और सोनू पर आरोप है कि उन्होंने मंगलवार को अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पडो़सी उर्मिला (35) के परिजनों की बर्बरतापूर्वक पिटाई की और बाद में उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। झांसी के अपर पुलिस अधीक्षक पीके तिवारी ने बुधवार को बताया कि गंभीर रूप से झुलसी उर्मिला का झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। तिवारी ने बताया कि मारपीट करने और जलाने के आरोप में लाखन और सोनू सहित गांव के अन्य छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। तिवारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लाखन व सोनू का उर्मिला के पति शिवकुमार से जमीन का विवाद चल रहा था। आरोप है कि कल कहासुनी के बाद दोनों ने सहयोगियों के साथ शिवकुमार को पीट-पीटकर तालाब में फेंक दिया और उसे बचाने आई उर्मिला को उन्होंने जला दिया। | झांसी जिले में कथित जमीनी विवाद में पड़ोसियों ने एक महिला को जला दिया। 60 फीसदी से ज्यादा जली हालत में महिला का इलाज चल रहा है। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सियाचिन सेक्टर स्थित एक शिविर में करीब 135 पाकिस्तानी सैनिक आज सुबह हिमस्खलन की चपेट में आ गए। टेलीविजन चैनल की खबरों के अनुसार सियाचिन सेक्टर के ग्यारी स्थित एक बटालियन सुबह छह बजे हिमस्खलन की चपेट में आ गई। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा माना जा रहा है कि इस हिमस्खलन में एक कर्नल सहित करीब 135 सैनिक बर्फ में दब गए हैं। हिमस्खलन के बाद इस क्षेत्र में राहत अभियान शुरू कर दिया गया है।टिप्पणियां
हिमस्खलन की घटना में जनहानि होने की रिपोर्ट है लेकिन इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पायी है। पाकिस्तानी सेना की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ग्यारी में महत्वपूर्ण बटालियन मुख्यालय स्थित है और एक समय में यहां पर करीब तीन हजार सैनिक तैनात थे। जम्मू कश्मीर सीमा पर संघषर्विराम होने के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने सैनिकों की संख्या में कटौती कर दी थी। सियाचिन ग्लेशियर विश्व का सबसे उंचा और सबसे ठंडा युद्धक्षेत्र है। इस क्षेत्र में जितने सैनिक संघर्ष में नहीं मारे गए उससे अधिक खराब मौसम के चलते मारे गए हैं।
हिमस्खलन की घटना में जनहानि होने की रिपोर्ट है लेकिन इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पायी है। पाकिस्तानी सेना की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ग्यारी में महत्वपूर्ण बटालियन मुख्यालय स्थित है और एक समय में यहां पर करीब तीन हजार सैनिक तैनात थे। जम्मू कश्मीर सीमा पर संघषर्विराम होने के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने सैनिकों की संख्या में कटौती कर दी थी। सियाचिन ग्लेशियर विश्व का सबसे उंचा और सबसे ठंडा युद्धक्षेत्र है। इस क्षेत्र में जितने सैनिक संघर्ष में नहीं मारे गए उससे अधिक खराब मौसम के चलते मारे गए हैं।
ग्यारी में महत्वपूर्ण बटालियन मुख्यालय स्थित है और एक समय में यहां पर करीब तीन हजार सैनिक तैनात थे। जम्मू कश्मीर सीमा पर संघषर्विराम होने के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने सैनिकों की संख्या में कटौती कर दी थी। सियाचिन ग्लेशियर विश्व का सबसे उंचा और सबसे ठंडा युद्धक्षेत्र है। इस क्षेत्र में जितने सैनिक संघर्ष में नहीं मारे गए उससे अधिक खराब मौसम के चलते मारे गए हैं। | सियाचिन सेक्टर स्थित एक शिविर में करीब 135 पाकिस्तानी सैनिक आज सुबह हिमस्खलन की चपेट में आ गए। टेलीविजन चैनल की खबरों के अनुसार सियाचिन सेक्टर के ग्यारी स्थित एक बटालियन सुबह छह बजे हिमस्खलन की चपेट में आ गई। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव को लगता है कि तेज गेंदबाज जहीर खान बहुत ज्यादा समय तक राष्ट्रीय टीम की तेज गेंदबाजी की अगुवाई नहीं कर पाएंगे उन्हें टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी । टेस्ट मैचों में 434 विकेट चटका चुके कपिल ने कहा, तेज गेंदबाज अगर बढ़ती उम्र के साथ घायल होने लगे तो उसके लिए वापसी करना काफी कठिन हो जाता है। जहीर को अगर सही तरीके से टीम में वापसी करनी है तो उस कुछ अतिरिक्त तैयारी करनी होगी वरना वह कुछ मैच और खेलेगा और फिर चोटिल हो जाएगा। जहीर खान ने भारत के लिए 79 टेस्ट खेले हैं और 273 विकेट लिए हैं। अब ऐसी कोई टेस्ट सीरीज नहीं है जिसमें जहीर चोटिल नहीं होता हो। जुलाई में लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ पहले ही टेस्ट में उसका घायल होना ताजा उदाहरण है । बहुत से लोगों को लगता है कि सचिन तेंदुलकर का वन डे कैरियर समाप्त हो रहा है वह अंगुठे की चोट के कारण टीम से बाहर है। कपिल का मानना है कि तेंदुलकर का मामला जहीर से अलग है। उन्होंने कहा, बल्लेबाजों का मामला अलग होता है सचिन आराम से वापसी कर सकता है। वह सब कुछ कर चुका है उसके लिए कुछ नहीं बचा है एक शतक बचा है वह तो हो ही जाएगा। कपिल ने कहा, सचिन को खुद फैसला करना है कि उसे कब क्या करना है क्यों वही यह जानता है उसका शरीर अभी कितना और साथ देगा और वह कैसा महसूस कर रहा है। हमारे जैसे लोगों का बाहर से बैठ कर सचिन पर टिप्पणी करना सही नहीं है। | कपिल ने जहीर खान के लिए कहा कि तेज गेंदबाज अगर बढ़ती उम्र के साथ घायल होने लगे तो उसके लिए वापसी करना काफी कठिन हो जाता है। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फुटपाथ पर स्कूटर चलाकर ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने वाले का अपने सेलफोन से वीडियो बनाने का प्रयास करना इस शख्स को भारी पड़ गया। ट्रैफिक नियम को तोड़ रहे व्यक्ति ने अंकित चौधरी नाम के 26 वर्षीय युवक को थप्पड़ जड़ दिया और हेलमेट से भी हमला करने की कोशिश की। अंकित ने इस वाकये को रिकॉर्ड करके अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया है।
अपलोड किये जाने के बाद यह पोस्ट वायरल हो गया है और करीब 600 लोगों ने इसे शेयर किया है। चौधरी के अनुसार, फुटपाथ पर स्कूल चलाने से संबंधित इस वीडियो को वह बेंगलुरू ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर पोस्ट करना चाहता था। बेंगलुरू मिरर से बातचीत में उसने कहा, 'यह किसी को शर्मिंदा करने का मामला नहीं है। इसके पीछे इरादा लोगों को यह अहसास कराना था कि ट्रैफिक नियमों को तोड़ना गलत है।' हमले की यह घटना सोमवार को बेंगलुरू शहर के कोरमंगला इलाके में हुई।टिप्पणियां
अंकित ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'हमेशा ऐसे लोग होते हैं तो नियमों का उल्लंघन करते हुए फुटपाथ पर वाहन चलाते हैं जिससे राहगीरों को परेशानी होती है। इसलिए मैंने इसकी फोटो लेकर रिपोर्ट की। उम्मीद हैं कि इससे नियमों के उल्लंघन की प्रवृत्ति धीरे-धीरे कम होगी। वैसे आज का व्यक्ति इस मामले में अपवाद साबित हुआ। जैसे ही मैंने उसका फोटो लिया। वह बाइक रोककर मारने की लिए मेरी ओर दौड़ा। '
पुलिस सूत्रों ने NDTV को बताया कि जिस व्यक्ति ने अंकित चौधरी पर हमला किया वह चाहता था कि अंकित अपने रिकॉर्ड किए गए फुटेज को डिलीट कर दें। उन्होंने कहा कि वे अब तक इस शख्स की पहचान नहीं कर सके हैं हालांकि अंकित की ओर से पोस्ट किये गये वीडियो में हमलावर को साफ तौर पर देखा जा सकता है।
अपलोड किये जाने के बाद यह पोस्ट वायरल हो गया है और करीब 600 लोगों ने इसे शेयर किया है। चौधरी के अनुसार, फुटपाथ पर स्कूल चलाने से संबंधित इस वीडियो को वह बेंगलुरू ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर पोस्ट करना चाहता था। बेंगलुरू मिरर से बातचीत में उसने कहा, 'यह किसी को शर्मिंदा करने का मामला नहीं है। इसके पीछे इरादा लोगों को यह अहसास कराना था कि ट्रैफिक नियमों को तोड़ना गलत है।' हमले की यह घटना सोमवार को बेंगलुरू शहर के कोरमंगला इलाके में हुई।टिप्पणियां
अंकित ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'हमेशा ऐसे लोग होते हैं तो नियमों का उल्लंघन करते हुए फुटपाथ पर वाहन चलाते हैं जिससे राहगीरों को परेशानी होती है। इसलिए मैंने इसकी फोटो लेकर रिपोर्ट की। उम्मीद हैं कि इससे नियमों के उल्लंघन की प्रवृत्ति धीरे-धीरे कम होगी। वैसे आज का व्यक्ति इस मामले में अपवाद साबित हुआ। जैसे ही मैंने उसका फोटो लिया। वह बाइक रोककर मारने की लिए मेरी ओर दौड़ा। '
पुलिस सूत्रों ने NDTV को बताया कि जिस व्यक्ति ने अंकित चौधरी पर हमला किया वह चाहता था कि अंकित अपने रिकॉर्ड किए गए फुटेज को डिलीट कर दें। उन्होंने कहा कि वे अब तक इस शख्स की पहचान नहीं कर सके हैं हालांकि अंकित की ओर से पोस्ट किये गये वीडियो में हमलावर को साफ तौर पर देखा जा सकता है।
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अंकित ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'हमेशा ऐसे लोग होते हैं तो नियमों का उल्लंघन करते हुए फुटपाथ पर वाहन चलाते हैं जिससे राहगीरों को परेशानी होती है। इसलिए मैंने इसकी फोटो लेकर रिपोर्ट की। उम्मीद हैं कि इससे नियमों के उल्लंघन की प्रवृत्ति धीरे-धीरे कम होगी। वैसे आज का व्यक्ति इस मामले में अपवाद साबित हुआ। जैसे ही मैंने उसका फोटो लिया। वह बाइक रोककर मारने की लिए मेरी ओर दौड़ा। '
पुलिस सूत्रों ने NDTV को बताया कि जिस व्यक्ति ने अंकित चौधरी पर हमला किया वह चाहता था कि अंकित अपने रिकॉर्ड किए गए फुटेज को डिलीट कर दें। उन्होंने कहा कि वे अब तक इस शख्स की पहचान नहीं कर सके हैं हालांकि अंकित की ओर से पोस्ट किये गये वीडियो में हमलावर को साफ तौर पर देखा जा सकता है।
अंकित ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'हमेशा ऐसे लोग होते हैं तो नियमों का उल्लंघन करते हुए फुटपाथ पर वाहन चलाते हैं जिससे राहगीरों को परेशानी होती है। इसलिए मैंने इसकी फोटो लेकर रिपोर्ट की। उम्मीद हैं कि इससे नियमों के उल्लंघन की प्रवृत्ति धीरे-धीरे कम होगी। वैसे आज का व्यक्ति इस मामले में अपवाद साबित हुआ। जैसे ही मैंने उसका फोटो लिया। वह बाइक रोककर मारने की लिए मेरी ओर दौड़ा। '
पुलिस सूत्रों ने NDTV को बताया कि जिस व्यक्ति ने अंकित चौधरी पर हमला किया वह चाहता था कि अंकित अपने रिकॉर्ड किए गए फुटेज को डिलीट कर दें। उन्होंने कहा कि वे अब तक इस शख्स की पहचान नहीं कर सके हैं हालांकि अंकित की ओर से पोस्ट किये गये वीडियो में हमलावर को साफ तौर पर देखा जा सकता है।
पुलिस सूत्रों ने NDTV को बताया कि जिस व्यक्ति ने अंकित चौधरी पर हमला किया वह चाहता था कि अंकित अपने रिकॉर्ड किए गए फुटेज को डिलीट कर दें। उन्होंने कहा कि वे अब तक इस शख्स की पहचान नहीं कर सके हैं हालांकि अंकित की ओर से पोस्ट किये गये वीडियो में हमलावर को साफ तौर पर देखा जा सकता है। | नियम तोड़ने वाले ने अंकित चौधरी पर हेलमेट से हमला किया
फेसबुक पर वायरल हुआ वीडियो, 600 लोगों ने इसे शेयर किया
पुलिस सूत्रों ने कहा, हमलावर की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा का मानना है कि आगामी ट्वेंटी-20 विश्व कप में उनकी टीम को घर में खेलने का लाभ मिलेगा। संगकारा को लगता है कि घर में खेलने से उनकी टीम विश्व कप जीतने को प्रेरित होगी।
आईसीसी क्रिकेट 360 से बातचीत में संगकारा ने कहा कि उनकी टीम को घरेलू परिस्थितयों का लाभ मिलेगा। ट्वेंटी-20 विश्व कप का आयोजन सितम्बर-अक्टूबर में श्रीलंका में किया जाएगा।टिप्पणियां
बकौल संगकारा, मुझे लगता है कि हमें कुछ शानदार खिलाड़ी मिले हैं। विश्व कप जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी टीम में उपलब्ध होंगे। हम अपने घर की परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए हमें इसका फायदा मिलेगा।
संगकारा ने टूर्नामेंट की तैयारी को बेहद अहम बताया है। उन्होंने कहा, तैयारी बेहद अहम है। निश्चिततौर पर ट्वेंटी-20 में कुछ गेंदों में मैच का पासा पलट जाता है और मनोबल गिरने से आप मैच हार भी सकते हैं।
आईसीसी क्रिकेट 360 से बातचीत में संगकारा ने कहा कि उनकी टीम को घरेलू परिस्थितयों का लाभ मिलेगा। ट्वेंटी-20 विश्व कप का आयोजन सितम्बर-अक्टूबर में श्रीलंका में किया जाएगा।टिप्पणियां
बकौल संगकारा, मुझे लगता है कि हमें कुछ शानदार खिलाड़ी मिले हैं। विश्व कप जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी टीम में उपलब्ध होंगे। हम अपने घर की परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए हमें इसका फायदा मिलेगा।
संगकारा ने टूर्नामेंट की तैयारी को बेहद अहम बताया है। उन्होंने कहा, तैयारी बेहद अहम है। निश्चिततौर पर ट्वेंटी-20 में कुछ गेंदों में मैच का पासा पलट जाता है और मनोबल गिरने से आप मैच हार भी सकते हैं।
बकौल संगकारा, मुझे लगता है कि हमें कुछ शानदार खिलाड़ी मिले हैं। विश्व कप जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी टीम में उपलब्ध होंगे। हम अपने घर की परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए हमें इसका फायदा मिलेगा।
संगकारा ने टूर्नामेंट की तैयारी को बेहद अहम बताया है। उन्होंने कहा, तैयारी बेहद अहम है। निश्चिततौर पर ट्वेंटी-20 में कुछ गेंदों में मैच का पासा पलट जाता है और मनोबल गिरने से आप मैच हार भी सकते हैं।
संगकारा ने टूर्नामेंट की तैयारी को बेहद अहम बताया है। उन्होंने कहा, तैयारी बेहद अहम है। निश्चिततौर पर ट्वेंटी-20 में कुछ गेंदों में मैच का पासा पलट जाता है और मनोबल गिरने से आप मैच हार भी सकते हैं। | यह एक सारांश है: श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा का मानना है कि आगामी ट्वेंटी-20 विश्व कप में उनकी टीम को घर में खेलने का लाभ मिलेगा। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर अमेरिकी सांसदों के बीच लॉबिंग गतिविधियों पर भारत सरकार ने 2013 की पहली तिमाही में 1.80 लाख डॉलर या लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
अमेरिकी संसद में पेश लॉबिंग गतिविधियों पर ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल मिलाकर भारत सरकार ने सितंबर, 2005 में लॉबिंग शुरू कराने के बाद लाबिंग फर्म बॉर्बर ग्रिफिथ एंड रॉजर्स एलएलसी (बीजीआर) को करीब 50 लाख डॉलर (25 करोड़ रुपये से अधिक) का भुगतान कर चुकी है।टिप्पणियां
अमेरिका में लॉबिंग एक वैध काम है, लेकिन सांसदों के बीच लॉबिंग करने वाली फर्म को अनिवार्य रूप से सीनेट के समक्ष उसकी जानकारी देनी होती और खर्च आदि का विवरण एक तय फार्म पर भरकर जमा कराना होता है।
बीजीआर ने भारत सरकार की ओर से ताजा लॉबिंग रिपोर्ट कल जमा कराई। इसमें बताया गया है कि दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों संबंधी से जुड़े मामलों पर लॉबिंग के लिए उसे भारत सरकार से 1.80 लाख डॉलर की आय हुई भारत की ओर से बीजीआर ने अमेरिकी सीनेट, प्रतिनिधि सभा, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर), विदेश विभाग और वाणिज्य विभाग के समक्ष लॉबिंग की।
31 मार्च, 2013 को समाप्त तिमाही में जिन अन्य भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में लॉबिंग की उनमें ओएनजीसी विदेश लि., साफ्टवेयर उद्योगों के संगठन नास्काम तथा स्टर्लिंग बायोटेक शामिल हैं।
अमेरिकी संसद में पेश लॉबिंग गतिविधियों पर ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल मिलाकर भारत सरकार ने सितंबर, 2005 में लॉबिंग शुरू कराने के बाद लाबिंग फर्म बॉर्बर ग्रिफिथ एंड रॉजर्स एलएलसी (बीजीआर) को करीब 50 लाख डॉलर (25 करोड़ रुपये से अधिक) का भुगतान कर चुकी है।टिप्पणियां
अमेरिका में लॉबिंग एक वैध काम है, लेकिन सांसदों के बीच लॉबिंग करने वाली फर्म को अनिवार्य रूप से सीनेट के समक्ष उसकी जानकारी देनी होती और खर्च आदि का विवरण एक तय फार्म पर भरकर जमा कराना होता है।
बीजीआर ने भारत सरकार की ओर से ताजा लॉबिंग रिपोर्ट कल जमा कराई। इसमें बताया गया है कि दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों संबंधी से जुड़े मामलों पर लॉबिंग के लिए उसे भारत सरकार से 1.80 लाख डॉलर की आय हुई भारत की ओर से बीजीआर ने अमेरिकी सीनेट, प्रतिनिधि सभा, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर), विदेश विभाग और वाणिज्य विभाग के समक्ष लॉबिंग की।
31 मार्च, 2013 को समाप्त तिमाही में जिन अन्य भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में लॉबिंग की उनमें ओएनजीसी विदेश लि., साफ्टवेयर उद्योगों के संगठन नास्काम तथा स्टर्लिंग बायोटेक शामिल हैं।
अमेरिका में लॉबिंग एक वैध काम है, लेकिन सांसदों के बीच लॉबिंग करने वाली फर्म को अनिवार्य रूप से सीनेट के समक्ष उसकी जानकारी देनी होती और खर्च आदि का विवरण एक तय फार्म पर भरकर जमा कराना होता है।
बीजीआर ने भारत सरकार की ओर से ताजा लॉबिंग रिपोर्ट कल जमा कराई। इसमें बताया गया है कि दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों संबंधी से जुड़े मामलों पर लॉबिंग के लिए उसे भारत सरकार से 1.80 लाख डॉलर की आय हुई भारत की ओर से बीजीआर ने अमेरिकी सीनेट, प्रतिनिधि सभा, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर), विदेश विभाग और वाणिज्य विभाग के समक्ष लॉबिंग की।
31 मार्च, 2013 को समाप्त तिमाही में जिन अन्य भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में लॉबिंग की उनमें ओएनजीसी विदेश लि., साफ्टवेयर उद्योगों के संगठन नास्काम तथा स्टर्लिंग बायोटेक शामिल हैं।
बीजीआर ने भारत सरकार की ओर से ताजा लॉबिंग रिपोर्ट कल जमा कराई। इसमें बताया गया है कि दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों संबंधी से जुड़े मामलों पर लॉबिंग के लिए उसे भारत सरकार से 1.80 लाख डॉलर की आय हुई भारत की ओर से बीजीआर ने अमेरिकी सीनेट, प्रतिनिधि सभा, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर), विदेश विभाग और वाणिज्य विभाग के समक्ष लॉबिंग की।
31 मार्च, 2013 को समाप्त तिमाही में जिन अन्य भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में लॉबिंग की उनमें ओएनजीसी विदेश लि., साफ्टवेयर उद्योगों के संगठन नास्काम तथा स्टर्लिंग बायोटेक शामिल हैं। | यह एक सारांश है: भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर अमेरिकी सांसदों के बीच लॉबिंग गतिविधियों पर भारत सरकार ने 2013 की पहली तिमाही में 1.80 लाख डॉलर या लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रेल यात्रा सोमवार से महंगी हो गई। रेलवे बजट में आरक्षण शुल्क तथा सुपरफास्ट शुल्क में वृद्धि को जो प्रस्ताव किया गया है वह सोमवार यानी 1 अप्रैल से लागू हो गया है।
यात्री किरायों में बढ़ोतरी के अलावा सोमवार से सभी जिंसों के लिए माल ढुलाई भी करीब 5.7 फीसद बढ़ने जा रही है। रेलवे को 2013-14 में यात्री किराये से 42,210 करोड़ रुपये तथा माल ढुलाई से 93,554 करोड़ रुपये की आमदनी की उम्मीद है।
हालांकि, रेल बजट में मूल किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन इसमें आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट तथा तत्काल शुल्कों में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। टिकट रद्द कराने तथा लिपिकीय शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है।
नकदी संकट से जूझ रही रेलवे को टिकटों पर सेवा शुल्क में वृद्धि से सालाना 880 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। वहीं, माल ढुलाई में संशोधन से रेलवे को 4,200 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार द्वितीय श्रेणी तथा शयनयान श्रेणी में आरक्षण शुल्क में बदलाव नहीं किया गया है, एसी श्रेणी में इसमें 15 से 25 रुपये की वृद्धि की गई है। शयनयान तथा द्वितीय श्रेणी में सुपरफास्ट शुल्क में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
देश में 11,000 रेलगाड़ियों से प्रतिदिन दो करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं।टिप्पणियां
द्वितीय श्रेणी में तत्काल शुल्क में मूल किराये पर 10 फीसद की बढ़ोतरी की गई है, वहीं सभी एसी की सभी श्रेणियों में तत्काल शुल्क में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कन्फर्म टिकट को रद्द करवाने का शुल्क 10 रुपये बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। वहीं वेटिंग लिस्ट तथा आरएसी टिकटों के लिए टिकट रद्द कराने का लिपिकीय शुल्क शयनयान वर्ग में 5 रुपये बढ़ाया गया है। एसी श्रेणी में इसमें 10 रुपये की वृद्धि की गई है।
यात्री किरायों में बढ़ोतरी के अलावा सोमवार से सभी जिंसों के लिए माल ढुलाई भी करीब 5.7 फीसद बढ़ने जा रही है। रेलवे को 2013-14 में यात्री किराये से 42,210 करोड़ रुपये तथा माल ढुलाई से 93,554 करोड़ रुपये की आमदनी की उम्मीद है।
हालांकि, रेल बजट में मूल किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन इसमें आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट तथा तत्काल शुल्कों में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। टिकट रद्द कराने तथा लिपिकीय शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है।
नकदी संकट से जूझ रही रेलवे को टिकटों पर सेवा शुल्क में वृद्धि से सालाना 880 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। वहीं, माल ढुलाई में संशोधन से रेलवे को 4,200 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार द्वितीय श्रेणी तथा शयनयान श्रेणी में आरक्षण शुल्क में बदलाव नहीं किया गया है, एसी श्रेणी में इसमें 15 से 25 रुपये की वृद्धि की गई है। शयनयान तथा द्वितीय श्रेणी में सुपरफास्ट शुल्क में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
देश में 11,000 रेलगाड़ियों से प्रतिदिन दो करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं।टिप्पणियां
द्वितीय श्रेणी में तत्काल शुल्क में मूल किराये पर 10 फीसद की बढ़ोतरी की गई है, वहीं सभी एसी की सभी श्रेणियों में तत्काल शुल्क में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कन्फर्म टिकट को रद्द करवाने का शुल्क 10 रुपये बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। वहीं वेटिंग लिस्ट तथा आरएसी टिकटों के लिए टिकट रद्द कराने का लिपिकीय शुल्क शयनयान वर्ग में 5 रुपये बढ़ाया गया है। एसी श्रेणी में इसमें 10 रुपये की वृद्धि की गई है।
हालांकि, रेल बजट में मूल किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन इसमें आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट तथा तत्काल शुल्कों में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। टिकट रद्द कराने तथा लिपिकीय शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है।
नकदी संकट से जूझ रही रेलवे को टिकटों पर सेवा शुल्क में वृद्धि से सालाना 880 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। वहीं, माल ढुलाई में संशोधन से रेलवे को 4,200 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार द्वितीय श्रेणी तथा शयनयान श्रेणी में आरक्षण शुल्क में बदलाव नहीं किया गया है, एसी श्रेणी में इसमें 15 से 25 रुपये की वृद्धि की गई है। शयनयान तथा द्वितीय श्रेणी में सुपरफास्ट शुल्क में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
देश में 11,000 रेलगाड़ियों से प्रतिदिन दो करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं।टिप्पणियां
द्वितीय श्रेणी में तत्काल शुल्क में मूल किराये पर 10 फीसद की बढ़ोतरी की गई है, वहीं सभी एसी की सभी श्रेणियों में तत्काल शुल्क में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कन्फर्म टिकट को रद्द करवाने का शुल्क 10 रुपये बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। वहीं वेटिंग लिस्ट तथा आरएसी टिकटों के लिए टिकट रद्द कराने का लिपिकीय शुल्क शयनयान वर्ग में 5 रुपये बढ़ाया गया है। एसी श्रेणी में इसमें 10 रुपये की वृद्धि की गई है।
नकदी संकट से जूझ रही रेलवे को टिकटों पर सेवा शुल्क में वृद्धि से सालाना 880 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। वहीं, माल ढुलाई में संशोधन से रेलवे को 4,200 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार द्वितीय श्रेणी तथा शयनयान श्रेणी में आरक्षण शुल्क में बदलाव नहीं किया गया है, एसी श्रेणी में इसमें 15 से 25 रुपये की वृद्धि की गई है। शयनयान तथा द्वितीय श्रेणी में सुपरफास्ट शुल्क में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
देश में 11,000 रेलगाड़ियों से प्रतिदिन दो करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं।टिप्पणियां
द्वितीय श्रेणी में तत्काल शुल्क में मूल किराये पर 10 फीसद की बढ़ोतरी की गई है, वहीं सभी एसी की सभी श्रेणियों में तत्काल शुल्क में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कन्फर्म टिकट को रद्द करवाने का शुल्क 10 रुपये बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। वहीं वेटिंग लिस्ट तथा आरएसी टिकटों के लिए टिकट रद्द कराने का लिपिकीय शुल्क शयनयान वर्ग में 5 रुपये बढ़ाया गया है। एसी श्रेणी में इसमें 10 रुपये की वृद्धि की गई है।
देश में 11,000 रेलगाड़ियों से प्रतिदिन दो करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं।टिप्पणियां
द्वितीय श्रेणी में तत्काल शुल्क में मूल किराये पर 10 फीसद की बढ़ोतरी की गई है, वहीं सभी एसी की सभी श्रेणियों में तत्काल शुल्क में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कन्फर्म टिकट को रद्द करवाने का शुल्क 10 रुपये बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। वहीं वेटिंग लिस्ट तथा आरएसी टिकटों के लिए टिकट रद्द कराने का लिपिकीय शुल्क शयनयान वर्ग में 5 रुपये बढ़ाया गया है। एसी श्रेणी में इसमें 10 रुपये की वृद्धि की गई है।
द्वितीय श्रेणी में तत्काल शुल्क में मूल किराये पर 10 फीसद की बढ़ोतरी की गई है, वहीं सभी एसी की सभी श्रेणियों में तत्काल शुल्क में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कन्फर्म टिकट को रद्द करवाने का शुल्क 10 रुपये बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। वहीं वेटिंग लिस्ट तथा आरएसी टिकटों के लिए टिकट रद्द कराने का लिपिकीय शुल्क शयनयान वर्ग में 5 रुपये बढ़ाया गया है। एसी श्रेणी में इसमें 10 रुपये की वृद्धि की गई है।
कन्फर्म टिकट को रद्द करवाने का शुल्क 10 रुपये बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। वहीं वेटिंग लिस्ट तथा आरएसी टिकटों के लिए टिकट रद्द कराने का लिपिकीय शुल्क शयनयान वर्ग में 5 रुपये बढ़ाया गया है। एसी श्रेणी में इसमें 10 रुपये की वृद्धि की गई है। | सारांश: रेल यात्रा सोमवार से महंगी हो गई। रेलवे बजट में आरक्षण शुल्क तथा सुपरफास्ट शुल्क में वृद्धि को जो प्रस्ताव किया गया है वह सोमवार यानी 1 अप्रैल से लागू हो गया है। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग ने स्कूलों से कहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद ‘परीक्षा पर चर्चा 2.0' कार्यक्रम का मंगलवार को प्रसारण करें.यह कार्यक्रम डीडी नेशनल, डीडी न्यूज और डीडी इंडिया पर प्रसारित होगा और साथ ही विभिन्न वेबसाइटों पर इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा. महाराष्ट्र राज्य शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को पीटीआई को बताया कि उनके सर्कुलर में साफ कहा गया है कि संवाद का प्रसारण करना स्कूलों के लिए अनिवार्य नहीं है. अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने केंद्र के दिशा निर्देशों के अनुसार स्कूलों को बस सूचित किया है. वे इसे प्रसारित करने या नहीं करने के लिए स्वतंत्र हैं. जब प्रधानमंत्री छात्रों के साथ संवाद करेंगे तो एक जैसे सवाल रखने वाले दूसरे लोगों को भी जवाब पाने का मौका मिलेगा.''
सर्कुलर के अनुसार, जो स्कूल स्क्रीनिंग करेंगे उन्हें उसी दिन कार्यक्रम की तस्वीरों और वीडियो समेत एक रिपोर्ट जमा करानी होगी.छठी कक्षा के ऊपर के छात्रों को कार्यक्रम में भाग लेना होगा.हालांकि, विपक्ष ने इस सर्कुलर की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार स्कूलों का चुनाव प्रचार अभियान के माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है.राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने दावा करते हुए कहा, ‘‘भाजपा जानती है कि उनकी जमीन खिसक चुकी है और वे जल्द ही सत्ता में नहीं रहेंगे. वे परेशान होकर अब चुनाव प्रचार अभियान के लिए माध्यम के रूप में स्कूलों का इस्तेमाल कर रहे हैं.'' | यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे परीक्षा पर चर्चा
महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग ने स्कूलों को जारी किया सर्कुलर
कहा- बच्चों को स्कूल दिखाएं पीएम मोदी के संवाद का प्रसारण | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के कराची नौसेनिक अड्डे के लिए अमेरिका से दो टोही विमान मिले हैं। अमेरिका ने विदेशी सैन्य सहायता कोष कार्यक्रम के तहत पाकिस्तानी नौसेना को उन्नत टोही विमान दिया है। पाकिस्तान को दो-दो के क्रम में ऐसे छह विमान मिलेंगे।टिप्पणियां
समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक मंगलवार को नौसैनिक हवाई अड्डे पर पीएन फ्लीट में लम्बी दूरी के दो पी3सी ओरिअन टोही विमान मिले हैं।
पिछले वर्ष 22 मई को कराची के पीएनएस मेहरान नौसेनिक हवाई अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले में दो पी3सी ओरिअन नष्ट हो गए थे। इस हमले में चार आतंकवादियों सहित 14 लोग मारे गए थे।
समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक मंगलवार को नौसैनिक हवाई अड्डे पर पीएन फ्लीट में लम्बी दूरी के दो पी3सी ओरिअन टोही विमान मिले हैं।
पिछले वर्ष 22 मई को कराची के पीएनएस मेहरान नौसेनिक हवाई अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले में दो पी3सी ओरिअन नष्ट हो गए थे। इस हमले में चार आतंकवादियों सहित 14 लोग मारे गए थे।
पिछले वर्ष 22 मई को कराची के पीएनएस मेहरान नौसेनिक हवाई अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले में दो पी3सी ओरिअन नष्ट हो गए थे। इस हमले में चार आतंकवादियों सहित 14 लोग मारे गए थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका ने विदेशी सैन्य सहायता कोष कार्यक्रम के तहत पाकिस्तानी नौसेना को उन्नत टोही विमान दिया है। पाकिस्तान को दो-दो के क्रम में ऐसे छह विमान मिलेंगे। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ट्रैफिक तो समस्या है लेकिन साथ ही ये लोगों की हेल्थ पर भी बुरा असर डाल रहा है. लोगों में नाश्ता करके घर से न निकलने की बढ़ती आदत और घंटों सड़कों पर जाम में फंसे रहने की दिक्कत को देखते हुए बेंगलुरु के एक पेट्रोल पंप ने नायाब तरीका ढूंढ निकाला है. पेट्रोल पंप ने कुछ ऐसा किया है जिससे लोग ड्राइविंग के दौरान भूखे नहीं रहेंगे. जी हां, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहयोग से बेंगलुरु की ओल्ड मद्रास रोड पर स्थित वेंकटेश्वर सर्विस स्टेशन पर इसी हफ्ते से इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है. यह अपने तरह का पहला प्रोजेक्ट है जिसका मकसद ऐसे लोगों की हेल्थ का खयाल रखना है जो अपना ध्यान नहीं रख पा रहे हैं. बैंगलोरमिरर की ख़बर के मुताबिक यह एक तरह की फ्री फूड सर्विस है, जिसकी टैगलाइन है 'U fill Ur Tank! V Fill Ur Tummy!' यानी 'आप अपना टैंक भरिए हम आपका पेट भरेंगे'. यह सुविधा 24 घंटे सातों दिन उपलब्ध है, जिसमें वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन दोनों तरह का ब्रेकफास्ट, स्नैक्स और दूसरे तरह का खाना दिया जा रहा है. पढ़ें: अब घर-घर की जाएगी पेट्रोल-डीज़ल की डिलीवरी सर्विस स्टेशन के मालिक प्रकाश राव ने बैंगलोर मिरर को बताया, 'चाहे किसी के पास समय हो या न हो लेकिन हर कोई अपनी गाड़ी में तेल भरवाने के लिए सर्विस स्टेशन पर जरूर रुकता है. हम उसी दौरान लोगों का पेट भरने की जुगत में लग जाते हैं. दो मिनट से भी कम समय में हम कस्टमर की इच्छा के मुताबिक उनका मनपसंद खाना पैक करके उन्हें दे देते हैं.' टिप्पणियां
आपको बता दें कि इस सर्विस स्टेशन में काफी भीड़ रहती है. यहां ढेर सारे लोग तेल भरवाने के लिए आते हैं. ऐसे में ज़ाहिर है कि पेट्रोल पंप को मुफ्त में खाना बांटने से ज़्यादा नुकसान भी उठाना पड़ेगा. लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल पंप की तैयारी पूरी है. उनका मानना है कि ऐसा करने से आने वाले दिनों में पेट्रोल पंप में खाने की सुविधा के कॉनसेप्ट को बल मिलेगा. खास बात यह है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन पूरे घाटे का एक तिहाई भार उठाएगा.
यह प्रोजेक्ट एक महीने तक यूं ही चलता रहेगा जिसके तहत लोगों को मुफ्त में खाना मिलेगा, लेकिन इसके बाद बेहद कम कीमत में लोगों को खाना मुहैया कराया जाएगा. गौरतलब है कि शहर के करीब 100 इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना है.
बैंगलोरमिरर की ख़बर के मुताबिक यह एक तरह की फ्री फूड सर्विस है, जिसकी टैगलाइन है 'U fill Ur Tank! V Fill Ur Tummy!' यानी 'आप अपना टैंक भरिए हम आपका पेट भरेंगे'. यह सुविधा 24 घंटे सातों दिन उपलब्ध है, जिसमें वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन दोनों तरह का ब्रेकफास्ट, स्नैक्स और दूसरे तरह का खाना दिया जा रहा है. पढ़ें: अब घर-घर की जाएगी पेट्रोल-डीज़ल की डिलीवरी सर्विस स्टेशन के मालिक प्रकाश राव ने बैंगलोर मिरर को बताया, 'चाहे किसी के पास समय हो या न हो लेकिन हर कोई अपनी गाड़ी में तेल भरवाने के लिए सर्विस स्टेशन पर जरूर रुकता है. हम उसी दौरान लोगों का पेट भरने की जुगत में लग जाते हैं. दो मिनट से भी कम समय में हम कस्टमर की इच्छा के मुताबिक उनका मनपसंद खाना पैक करके उन्हें दे देते हैं.' टिप्पणियां
आपको बता दें कि इस सर्विस स्टेशन में काफी भीड़ रहती है. यहां ढेर सारे लोग तेल भरवाने के लिए आते हैं. ऐसे में ज़ाहिर है कि पेट्रोल पंप को मुफ्त में खाना बांटने से ज़्यादा नुकसान भी उठाना पड़ेगा. लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल पंप की तैयारी पूरी है. उनका मानना है कि ऐसा करने से आने वाले दिनों में पेट्रोल पंप में खाने की सुविधा के कॉनसेप्ट को बल मिलेगा. खास बात यह है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन पूरे घाटे का एक तिहाई भार उठाएगा.
यह प्रोजेक्ट एक महीने तक यूं ही चलता रहेगा जिसके तहत लोगों को मुफ्त में खाना मिलेगा, लेकिन इसके बाद बेहद कम कीमत में लोगों को खाना मुहैया कराया जाएगा. गौरतलब है कि शहर के करीब 100 इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना है.
पढ़ें: अब घर-घर की जाएगी पेट्रोल-डीज़ल की डिलीवरी
सर्विस स्टेशन के मालिक प्रकाश राव ने बैंगलोर मिरर को बताया, 'चाहे किसी के पास समय हो या न हो लेकिन हर कोई अपनी गाड़ी में तेल भरवाने के लिए सर्विस स्टेशन पर जरूर रुकता है. हम उसी दौरान लोगों का पेट भरने की जुगत में लग जाते हैं. दो मिनट से भी कम समय में हम कस्टमर की इच्छा के मुताबिक उनका मनपसंद खाना पैक करके उन्हें दे देते हैं.' टिप्पणियां
आपको बता दें कि इस सर्विस स्टेशन में काफी भीड़ रहती है. यहां ढेर सारे लोग तेल भरवाने के लिए आते हैं. ऐसे में ज़ाहिर है कि पेट्रोल पंप को मुफ्त में खाना बांटने से ज़्यादा नुकसान भी उठाना पड़ेगा. लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल पंप की तैयारी पूरी है. उनका मानना है कि ऐसा करने से आने वाले दिनों में पेट्रोल पंप में खाने की सुविधा के कॉनसेप्ट को बल मिलेगा. खास बात यह है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन पूरे घाटे का एक तिहाई भार उठाएगा.
यह प्रोजेक्ट एक महीने तक यूं ही चलता रहेगा जिसके तहत लोगों को मुफ्त में खाना मिलेगा, लेकिन इसके बाद बेहद कम कीमत में लोगों को खाना मुहैया कराया जाएगा. गौरतलब है कि शहर के करीब 100 इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना है.
आपको बता दें कि इस सर्विस स्टेशन में काफी भीड़ रहती है. यहां ढेर सारे लोग तेल भरवाने के लिए आते हैं. ऐसे में ज़ाहिर है कि पेट्रोल पंप को मुफ्त में खाना बांटने से ज़्यादा नुकसान भी उठाना पड़ेगा. लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल पंप की तैयारी पूरी है. उनका मानना है कि ऐसा करने से आने वाले दिनों में पेट्रोल पंप में खाने की सुविधा के कॉनसेप्ट को बल मिलेगा. खास बात यह है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन पूरे घाटे का एक तिहाई भार उठाएगा.
यह प्रोजेक्ट एक महीने तक यूं ही चलता रहेगा जिसके तहत लोगों को मुफ्त में खाना मिलेगा, लेकिन इसके बाद बेहद कम कीमत में लोगों को खाना मुहैया कराया जाएगा. गौरतलब है कि शहर के करीब 100 इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना है.
यह प्रोजेक्ट एक महीने तक यूं ही चलता रहेगा जिसके तहत लोगों को मुफ्त में खाना मिलेगा, लेकिन इसके बाद बेहद कम कीमत में लोगों को खाना मुहैया कराया जाएगा. गौरतलब है कि शहर के करीब 100 इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना है. | सारांश: दो मिनट से भी कम समय में पैक होगा मनपसंद खाना
तेल भरवाने आए ग्राहकों को मिलेगी ये सुविधा
जल्द ही करीब 100 और पेट्रोल पंप में शुरू होगी योजना | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीनी मीडिया की रिपोर्ट ने चीनी विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान के साथ अपनी सीमा को पूरी तरह सील करने का भारत का कदम 'बेहद अतार्किक फैसला' है और पाकिस्तान के साथ चीन के 'सदाबहार' रिश्तों के मद्देनजर यह भारत-चीन रिश्तों को और भी जटिल बनाएगा.
ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, शंघाई एकेडमी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन्स के रिसर्च फेलो हू झियोंग ने कहा, 'भारत बेहद तर्कशून्य फैसला कर रहा है, क्योंकि उरी घटना के बाद कोई गहन जांच नहीं की गई है और कोई सबूत यह साबित नहीं करता है कि पाकिस्तान हमले के पीछे है.'
हू ने यह बात केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की शुक्रवार की इस घोषणा पर टिप्पणी करते हुए कही कि दिसंबर 2018 तक पाकिस्तान और भारत के बीच की 3323 किलोमीटर लंबी सीमा 'पूरी तरह सील' कर दी जाएगी. चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि दोनों देशों के बीच का सीमा कारोबार बहुत कम है और 'पूरी तरह सील की गई' सीमा उनके बीच व्यापार एवं वार्ता को और भी बाधित करेगी.
शंघाई म्यूनिसिपल सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के इंस्टीट्युट फॉर सदर्न ऐंड सेंट्रल एशियन स्टडीज के निदेशक वांग देहुआ ने कहा कि सील की गई सीमा से दोनों पक्षों के बीच के शांति प्रयासों को ही नुकसान पहुंचेंगा. हू ने कहा, 'देश (भारत) का फैसला शीतयुद्ध मानसिकता को प्रतिबिंबित करता है और इससे भारत तथा पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर में रहने वाले लोगों के बीच बस गहरी नफरत फैलेगी.' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चीन का 'सदाबहार' सामरिक साझेदार है और भारत के फैसले से चीन-पाकिस्तान-भारत रिश्ते और भी जटिल होंगे. टिप्पणियां
बहरहाल, चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि कश्मीर विवाद का कोई शांतिपूर्ण समाधान चीन की आंतरिक सुरक्षा, खास कर उसके पश्चिमी क्षेत्रों में सुरक्षा के हित में है. चीनी विशेषज्ञों की ये कठोर टिप्पणियां चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा के पहले आई है. शी इसी हफ्ते गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं. इस सम्मेलन के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. दो महीने के वक्फे में यह दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाकात होगी. दोनों नेताओं ने पिछले माह हांगझोउ में समूह-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी.
इससे पहले सोमवार को चीन के विदेश उपमंत्री ली बाओदोंग ने पाकिस्तान आधारित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर चीन के कदम की हिमायत की थी. ली ने भारत पर परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए कहा था, 'चीन सभी तरह के आतंकवाद का विरोधी है. आतंकवाद के विरोध पर कोई दोहरा मानक नहीं होना चाहिए. ना ही कोई आतंकवाद के विरोध के नाम पर अपना राजनीतिक लाभ हासिल करे.'
ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, शंघाई एकेडमी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन्स के रिसर्च फेलो हू झियोंग ने कहा, 'भारत बेहद तर्कशून्य फैसला कर रहा है, क्योंकि उरी घटना के बाद कोई गहन जांच नहीं की गई है और कोई सबूत यह साबित नहीं करता है कि पाकिस्तान हमले के पीछे है.'
हू ने यह बात केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की शुक्रवार की इस घोषणा पर टिप्पणी करते हुए कही कि दिसंबर 2018 तक पाकिस्तान और भारत के बीच की 3323 किलोमीटर लंबी सीमा 'पूरी तरह सील' कर दी जाएगी. चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि दोनों देशों के बीच का सीमा कारोबार बहुत कम है और 'पूरी तरह सील की गई' सीमा उनके बीच व्यापार एवं वार्ता को और भी बाधित करेगी.
शंघाई म्यूनिसिपल सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के इंस्टीट्युट फॉर सदर्न ऐंड सेंट्रल एशियन स्टडीज के निदेशक वांग देहुआ ने कहा कि सील की गई सीमा से दोनों पक्षों के बीच के शांति प्रयासों को ही नुकसान पहुंचेंगा. हू ने कहा, 'देश (भारत) का फैसला शीतयुद्ध मानसिकता को प्रतिबिंबित करता है और इससे भारत तथा पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर में रहने वाले लोगों के बीच बस गहरी नफरत फैलेगी.' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चीन का 'सदाबहार' सामरिक साझेदार है और भारत के फैसले से चीन-पाकिस्तान-भारत रिश्ते और भी जटिल होंगे. टिप्पणियां
बहरहाल, चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि कश्मीर विवाद का कोई शांतिपूर्ण समाधान चीन की आंतरिक सुरक्षा, खास कर उसके पश्चिमी क्षेत्रों में सुरक्षा के हित में है. चीनी विशेषज्ञों की ये कठोर टिप्पणियां चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा के पहले आई है. शी इसी हफ्ते गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं. इस सम्मेलन के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. दो महीने के वक्फे में यह दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाकात होगी. दोनों नेताओं ने पिछले माह हांगझोउ में समूह-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी.
इससे पहले सोमवार को चीन के विदेश उपमंत्री ली बाओदोंग ने पाकिस्तान आधारित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर चीन के कदम की हिमायत की थी. ली ने भारत पर परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए कहा था, 'चीन सभी तरह के आतंकवाद का विरोधी है. आतंकवाद के विरोध पर कोई दोहरा मानक नहीं होना चाहिए. ना ही कोई आतंकवाद के विरोध के नाम पर अपना राजनीतिक लाभ हासिल करे.'
हू ने यह बात केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की शुक्रवार की इस घोषणा पर टिप्पणी करते हुए कही कि दिसंबर 2018 तक पाकिस्तान और भारत के बीच की 3323 किलोमीटर लंबी सीमा 'पूरी तरह सील' कर दी जाएगी. चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि दोनों देशों के बीच का सीमा कारोबार बहुत कम है और 'पूरी तरह सील की गई' सीमा उनके बीच व्यापार एवं वार्ता को और भी बाधित करेगी.
शंघाई म्यूनिसिपल सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के इंस्टीट्युट फॉर सदर्न ऐंड सेंट्रल एशियन स्टडीज के निदेशक वांग देहुआ ने कहा कि सील की गई सीमा से दोनों पक्षों के बीच के शांति प्रयासों को ही नुकसान पहुंचेंगा. हू ने कहा, 'देश (भारत) का फैसला शीतयुद्ध मानसिकता को प्रतिबिंबित करता है और इससे भारत तथा पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर में रहने वाले लोगों के बीच बस गहरी नफरत फैलेगी.' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चीन का 'सदाबहार' सामरिक साझेदार है और भारत के फैसले से चीन-पाकिस्तान-भारत रिश्ते और भी जटिल होंगे. टिप्पणियां
बहरहाल, चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि कश्मीर विवाद का कोई शांतिपूर्ण समाधान चीन की आंतरिक सुरक्षा, खास कर उसके पश्चिमी क्षेत्रों में सुरक्षा के हित में है. चीनी विशेषज्ञों की ये कठोर टिप्पणियां चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा के पहले आई है. शी इसी हफ्ते गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं. इस सम्मेलन के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. दो महीने के वक्फे में यह दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाकात होगी. दोनों नेताओं ने पिछले माह हांगझोउ में समूह-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी.
इससे पहले सोमवार को चीन के विदेश उपमंत्री ली बाओदोंग ने पाकिस्तान आधारित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर चीन के कदम की हिमायत की थी. ली ने भारत पर परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए कहा था, 'चीन सभी तरह के आतंकवाद का विरोधी है. आतंकवाद के विरोध पर कोई दोहरा मानक नहीं होना चाहिए. ना ही कोई आतंकवाद के विरोध के नाम पर अपना राजनीतिक लाभ हासिल करे.'
शंघाई म्यूनिसिपल सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के इंस्टीट्युट फॉर सदर्न ऐंड सेंट्रल एशियन स्टडीज के निदेशक वांग देहुआ ने कहा कि सील की गई सीमा से दोनों पक्षों के बीच के शांति प्रयासों को ही नुकसान पहुंचेंगा. हू ने कहा, 'देश (भारत) का फैसला शीतयुद्ध मानसिकता को प्रतिबिंबित करता है और इससे भारत तथा पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर में रहने वाले लोगों के बीच बस गहरी नफरत फैलेगी.' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चीन का 'सदाबहार' सामरिक साझेदार है और भारत के फैसले से चीन-पाकिस्तान-भारत रिश्ते और भी जटिल होंगे. टिप्पणियां
बहरहाल, चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि कश्मीर विवाद का कोई शांतिपूर्ण समाधान चीन की आंतरिक सुरक्षा, खास कर उसके पश्चिमी क्षेत्रों में सुरक्षा के हित में है. चीनी विशेषज्ञों की ये कठोर टिप्पणियां चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा के पहले आई है. शी इसी हफ्ते गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं. इस सम्मेलन के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. दो महीने के वक्फे में यह दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाकात होगी. दोनों नेताओं ने पिछले माह हांगझोउ में समूह-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी.
इससे पहले सोमवार को चीन के विदेश उपमंत्री ली बाओदोंग ने पाकिस्तान आधारित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर चीन के कदम की हिमायत की थी. ली ने भारत पर परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए कहा था, 'चीन सभी तरह के आतंकवाद का विरोधी है. आतंकवाद के विरोध पर कोई दोहरा मानक नहीं होना चाहिए. ना ही कोई आतंकवाद के विरोध के नाम पर अपना राजनीतिक लाभ हासिल करे.'
बहरहाल, चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि कश्मीर विवाद का कोई शांतिपूर्ण समाधान चीन की आंतरिक सुरक्षा, खास कर उसके पश्चिमी क्षेत्रों में सुरक्षा के हित में है. चीनी विशेषज्ञों की ये कठोर टिप्पणियां चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा के पहले आई है. शी इसी हफ्ते गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं. इस सम्मेलन के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. दो महीने के वक्फे में यह दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाकात होगी. दोनों नेताओं ने पिछले माह हांगझोउ में समूह-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी.
इससे पहले सोमवार को चीन के विदेश उपमंत्री ली बाओदोंग ने पाकिस्तान आधारित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर चीन के कदम की हिमायत की थी. ली ने भारत पर परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए कहा था, 'चीन सभी तरह के आतंकवाद का विरोधी है. आतंकवाद के विरोध पर कोई दोहरा मानक नहीं होना चाहिए. ना ही कोई आतंकवाद के विरोध के नाम पर अपना राजनीतिक लाभ हासिल करे.'
इससे पहले सोमवार को चीन के विदेश उपमंत्री ली बाओदोंग ने पाकिस्तान आधारित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर चीन के कदम की हिमायत की थी. ली ने भारत पर परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए कहा था, 'चीन सभी तरह के आतंकवाद का विरोधी है. आतंकवाद के विरोध पर कोई दोहरा मानक नहीं होना चाहिए. ना ही कोई आतंकवाद के विरोध के नाम पर अपना राजनीतिक लाभ हासिल करे.' | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था भारत-पाक सीमा 'पूरी तरह सील' कर दी जाएगी
चीनी विशेषज्ञ ने कहा, भारत का कदम 'बेहद अतार्किक फैसला'
'पाक से सदाबहार रिश्तों के मद्देनजर यह भारत-चीन रिश्तो को और जटिल बनाएगा' | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: CBI Director Alok Verma Removed: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मात्र दो दिन बाद पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली एक हाई पावर सेलेक्शन कमेटी द्वारा हटाए जाने पर आलोक वर्मा ( Alok Verma CBI Director) ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. सीबीआई चीफ पद से हटाए गये आलोक वर्मा ने कहा कि झूठे, अप्रमाणित और बेहद हल्के आरोपों को आधार बनाकर ट्रांसफर किया गया है. आगे उन्होंने कहा कि ये आरोप उस एक शख्स ने लगाए हैं, जो उनसे द्वेष रखता है. बता दें कि सीबीआई यानी केंद्रीय जांच ब्यूरो निदेशक पद से हटाए जाने के बाद आलोक वर्मा को अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड का महानिदेशक बनाया गया है. गौरतलब है कि आलोक वर्मा (, CBI Chief Alok Verma) को सीबीआई के निदेशक पद से हटाए जाने को लेकर राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को सेलेक्शन कमेटी की बैठक में 2:1 से ये फ़ैसला लिया गया कि आलोक वर्मा को सीबीआई चीफ के पद से हटाया जाए. पैनल में मौजूद पीएम मोदी और चीफ़ जस्टिस के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद जस्टिस एके सीकरी वर्मा को हटाने के पक्ष में थे. वहीं पैनल के तीसरे सदस्य के तौर पर मौजूद लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आलोक वर्मा को हटाने के विरोध में थे. उन्होंने समिति को विरोध की चिट्ठी भी सौंपी.
इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आलोक वर्मा ने गुरुवार देर रात पीटीआई को दिए एक बयान में कहा कि 'सीबीआई उच्च सार्वजनिक स्थानों में भ्रष्टाचार से निपटने वाली एक प्रमुख जांच एजेंसी है, एक ऐसी संस्था है जिसकी स्वतंत्रता को संरक्षित और सुरक्षित किया जाना चाहिए. आगे उन्होंने कहा कि इसे बिना किसी बाहरी प्रभावों यानी दखलअंदाजी के कार्य करना चाहिए. मैंने संस्था की साख बनाए रखने की कोशिश की है, जबकि इसे नष्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं. इसे केंद्र सरकार और सीवीसी के 23 अक्टूबर, 2018 के आदेशों में देखा जा सकता है जो बिना किसी अधिकार क्षेत्र के दिए गए थे और जिन्हें रद्द कर दिया गया.'
पैनल ने पाया कि सीवीसी ने आलोक वर्मा पर गंभीर टिप्पणियां की हैं. पैनल को लगा कि आलोक वर्मा जिस तरह के संवेदनशील संस्था के प्रमुख थे, उन्होंने वैसा आचरण नहीं किया. पैनल के मुताबिक सीवीसी को लगा है कि मोइन क़ुरैशी मामले में आलोक वर्मा की भूमिका संदेहास्पद है. IRCTC केस में सीवीसी को ये लगा है कि जानबूझकर वर्मा ने एक नाम हटाया है. वहीं सीवीसी को कई दूसरे मामलों में भी शर्मा के खिलाफ सबूत मिले हैं. फ़िलहाल उन्हें डीजी फायर सर्विसेज़, सिविल डिफेंस और होमगार्ड का बनाया गया है. | सारांश: CBI चीफ के पद से हटाए जाने पर आलोक वर्मा ने तोड़ी चुप्पी.
आलोक वर्मा ने कहा कि झूठे आरोपों की वजह से उन्हें हटाया गया.
आलोक वर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा दफ्तर में बहाल किया था. | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नक्सली गंती प्रसाद के जमानत पर रिहा होने के बावजूद नक्सलियों ने उड़ीसा के मलकानगिरि जिले के कलेक्टर को छोड़ने से इनकार कर दिया है। नक्सलियों ने नई मांगें रख दी हैं। उन्होंने जेल में बंद पांच बड़े माओवादी नेताओं की रिहाई की मांग की है। नक्सलियों ने जूनियर इंजीनियर पबित्र मांझी को रिहा करके उनके साथ एक चिट्ठी भेजी है। तेलूगु में लिखी इस चिट्ठी में स्वामी अग्निवेश को नए सिरे की बातचीत में शामिल करने की मांग की गई है। तीन दिनों तक चली बातचीत के बाद नक्सलियों की 14 मांगों को लेकर समझौता हो गया था। दोनों पक्षों ने कहा था कि अगवा अधिकारियों को 48 घंटों के भीतर छोड़ दिया जाएगा, लेकिन अब माओवादियों का कहना है कि पहले उनके नेताओं को जंगल में उनके हवाले किया जाए, उसके बाद ही वे कलेक्टर को छोड़ेंगे। माओवादियों ने जिन पांच बड़े नक्सलियों को छोड़ने की नई मांग रखी है, उनके नाम हैं- आशुतोष सेन, तपन मिश्रा, गणनाथ पात्रा, ईश्वरी, सरिता और कुलपीड़िया। इन पांचों नक्सलियों पर देशद्रोह और सरकार के खिलाफ़ युद्ध छेड़ने का आरोप है। | नक्सली गंती प्रसाद के जमानत पर रिहा होने के बावजूद नक्सलियों ने उड़ीसा के मलकानगिरि जिले के कलेक्टर को छोड़ने से इनकार कर दिया है। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीमित ओवरों के क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बावजूद केविन पीटरसन ने कहा कि वह सितंबर में श्रीलंका में होने वाला विश्व टी-20 टूर्नामेंट खेलना चाहते हैं। दो साल पहले इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज में जब टी-20 विश्व कप जीता था तब पीटरसन मैन ऑफ द टूर्नामेंट थे।
उन्होंने पिछले सप्ताह सीमित ओवरों के क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें बताया था कि इंग्लैंड के केंद्रीय अनुबंध की शर्तों के तहत वह 50 ओवरों के क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद टी-20 क्रिकेट भी नहीं खेल सकते।टिप्पणियां
पीटरसन ने कहा, ‘‘मैंने कहा कि मैं टी-20 विश्व कप खेलना चाहता हूं। यदि इंग्लैंड चाहता है कि मैं टी-20 विश्व कप खेलूं तो मैं खेलूंगा लेकिन अनुबंध तो अनुबंध है। उन्हें इसके लिए नियम बदलने होंगे।’’ आईपीएल में खेलने वाले पीटरसन ने कहा कि उनके लिए तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाना मुश्किल है।
उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम इतना व्यस्त है कि मैं तीनों प्रारूप नहीं खेल सकता। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा मैंने पिछले सात साल में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में किसी एक प्रारूप से संन्यास लेना जरूरी है। मैंने वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा।’’
उन्होंने पिछले सप्ताह सीमित ओवरों के क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें बताया था कि इंग्लैंड के केंद्रीय अनुबंध की शर्तों के तहत वह 50 ओवरों के क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद टी-20 क्रिकेट भी नहीं खेल सकते।टिप्पणियां
पीटरसन ने कहा, ‘‘मैंने कहा कि मैं टी-20 विश्व कप खेलना चाहता हूं। यदि इंग्लैंड चाहता है कि मैं टी-20 विश्व कप खेलूं तो मैं खेलूंगा लेकिन अनुबंध तो अनुबंध है। उन्हें इसके लिए नियम बदलने होंगे।’’ आईपीएल में खेलने वाले पीटरसन ने कहा कि उनके लिए तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाना मुश्किल है।
उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम इतना व्यस्त है कि मैं तीनों प्रारूप नहीं खेल सकता। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा मैंने पिछले सात साल में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में किसी एक प्रारूप से संन्यास लेना जरूरी है। मैंने वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा।’’
पीटरसन ने कहा, ‘‘मैंने कहा कि मैं टी-20 विश्व कप खेलना चाहता हूं। यदि इंग्लैंड चाहता है कि मैं टी-20 विश्व कप खेलूं तो मैं खेलूंगा लेकिन अनुबंध तो अनुबंध है। उन्हें इसके लिए नियम बदलने होंगे।’’ आईपीएल में खेलने वाले पीटरसन ने कहा कि उनके लिए तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाना मुश्किल है।
उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम इतना व्यस्त है कि मैं तीनों प्रारूप नहीं खेल सकता। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा मैंने पिछले सात साल में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में किसी एक प्रारूप से संन्यास लेना जरूरी है। मैंने वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम इतना व्यस्त है कि मैं तीनों प्रारूप नहीं खेल सकता। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा मैंने पिछले सात साल में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में किसी एक प्रारूप से संन्यास लेना जरूरी है। मैंने वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा।’’ | सीमित ओवरों के क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बावजूद केविन पीटरसन ने कहा कि वह सितंबर में श्रीलंका में होने वाला विश्व टी-20 टूर्नामेंट खेलना चाहते हैं। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नवी मुंबई के पनवेल में पुलिस ने एक व्यक्ति को अपने आठ साल के सौतेले बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है. व्यक्ति के सौतेले बेटे ने समय पर सोने जाने से मना कर दिया था इसलिए कथित तौर पर पिता ने उसकी हत्या कर दी. ऑटो रिक्शा चालक राकेश अंबाजी ताम्बड़े (32) को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. उसके मित्र रमेश उर्फ कांति पांचगे को भी कथित तौर पर शव ठिकाने लगाने में ताम्बड़े की सहायता करने के लिए गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने बुधवार को बताया कि ताम्बड़े, उसकी पत्नी और सौतेला बेटा सूरज पनवेल उपनगर में बाहर खुले में सड़क किनारे सोते थे. लड़का जब भी समय पर नहीं सोता तब ताम्बड़े अक्सर आपा खो बैठता था. रविवार की रात ताम्बड़े ने कथित रूप से लड़के का गला घोंटकर उसे मार डाला और पांचगे की सहायता से शव को बोरे में भरकर सड़क पर फेंक दिया.
नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पूछताछ के दौरान ताम्बड़े ने पुलिस को बताया कि लड़के ने सोने से मना कर दिया जिसके कारण उसे गुस्सा आया और उसने लड़के की हत्या कर दी.
फिलहाल जांचकर्ता ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस घटना की आखिर असल वजह क्या थी. हालांकि हत्या के आरोप में दोनों ही आरोपियों को स्थानीय अदालत ने 23 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. | संक्षिप्त पाठ: बोरे भरकर सड़क पर फेंक दिया शव
समय पर न सोने के लिए अक्सर मासूम को डांटता था युवक
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपीए द्वारा हामिद अंसारी को उप राष्ट्रपति के तौर पर उतारने के बाद विपक्षी खेमे से जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव को मुकाबले में उतारे जाने की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के कुछ नेता और अन्य पार्टियों के कुछ नेताओं ने शरद यादव से इस संबंध में बात भी की है। माना जा रहा है कि वह अन्य दलों का समर्थन भी जुटा सकते हैं।
2010 और 2012 में पेट्रोल के दामों में इजाफे के बाद शरद यादव ही ‘भारत बंद’ के आयोजन में आगे रहे थे जिसको वाम दलों और दक्षिणपंथी दलों का भी समर्थन मिला था।
जद (यू) कहता आया है कि उप राष्ट्रपति चुनाव राष्ट्रपति चुनावों से अलग होगा और इसमें विपक्ष एकजुट रहेगा।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के सहयोगी दल जद(यू) और शिवसेना ने भाजपा के विपरीत जाकर यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन दिया है।
उप राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के तौर पर पहले अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और भाजपा नेता जसवंत सिंह का भी नाम चर्चा में था।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के कुछ नेता और अन्य पार्टियों के कुछ नेताओं ने शरद यादव से इस संबंध में बात भी की है। माना जा रहा है कि वह अन्य दलों का समर्थन भी जुटा सकते हैं।
2010 और 2012 में पेट्रोल के दामों में इजाफे के बाद शरद यादव ही ‘भारत बंद’ के आयोजन में आगे रहे थे जिसको वाम दलों और दक्षिणपंथी दलों का भी समर्थन मिला था।
जद (यू) कहता आया है कि उप राष्ट्रपति चुनाव राष्ट्रपति चुनावों से अलग होगा और इसमें विपक्ष एकजुट रहेगा।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के सहयोगी दल जद(यू) और शिवसेना ने भाजपा के विपरीत जाकर यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन दिया है।
उप राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के तौर पर पहले अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और भाजपा नेता जसवंत सिंह का भी नाम चर्चा में था।
2010 और 2012 में पेट्रोल के दामों में इजाफे के बाद शरद यादव ही ‘भारत बंद’ के आयोजन में आगे रहे थे जिसको वाम दलों और दक्षिणपंथी दलों का भी समर्थन मिला था।
जद (यू) कहता आया है कि उप राष्ट्रपति चुनाव राष्ट्रपति चुनावों से अलग होगा और इसमें विपक्ष एकजुट रहेगा।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के सहयोगी दल जद(यू) और शिवसेना ने भाजपा के विपरीत जाकर यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन दिया है।
उप राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के तौर पर पहले अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और भाजपा नेता जसवंत सिंह का भी नाम चर्चा में था।
जद (यू) कहता आया है कि उप राष्ट्रपति चुनाव राष्ट्रपति चुनावों से अलग होगा और इसमें विपक्ष एकजुट रहेगा।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के सहयोगी दल जद(यू) और शिवसेना ने भाजपा के विपरीत जाकर यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन दिया है।
उप राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के तौर पर पहले अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और भाजपा नेता जसवंत सिंह का भी नाम चर्चा में था।
राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के सहयोगी दल जद(यू) और शिवसेना ने भाजपा के विपरीत जाकर यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन दिया है।
उप राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के तौर पर पहले अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और भाजपा नेता जसवंत सिंह का भी नाम चर्चा में था।
उप राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के तौर पर पहले अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और भाजपा नेता जसवंत सिंह का भी नाम चर्चा में था। | यूपीए द्वारा हामिद अंसारी को उप राष्ट्रपति के तौर पर उतारने के बाद विपक्षी खेमे से जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव को मुकाबले में उतारे जाने की तैयारी है। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महेश भूपति और रोहन बोपन्ना रोम मास्टर्स टेनिस के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए जबकि लिएंडर पेस और ऑस्ट्रिया के जर्गन मेल्जर हारकर बाहर हो गए।
छठी वरीयता प्राप्त भूपति और बोपन्ना ने ब्रिटेन के गैर-वरीय डोमिनिक इंगलोट और जोनाथन मरे को हराया।टिप्पणियां
पेस और मेल्जर को मैक्सिको के सैंटियागो गोंजालेस और स्काट लिपस्की ने 7-6, 7-6 से मात दी।
भूपति और बोपन्ना का सामना अब चेक गणराज्य के थामस बर्डीच और राडेक स्टीपानेक से होगा।
छठी वरीयता प्राप्त भूपति और बोपन्ना ने ब्रिटेन के गैर-वरीय डोमिनिक इंगलोट और जोनाथन मरे को हराया।टिप्पणियां
पेस और मेल्जर को मैक्सिको के सैंटियागो गोंजालेस और स्काट लिपस्की ने 7-6, 7-6 से मात दी।
भूपति और बोपन्ना का सामना अब चेक गणराज्य के थामस बर्डीच और राडेक स्टीपानेक से होगा।
पेस और मेल्जर को मैक्सिको के सैंटियागो गोंजालेस और स्काट लिपस्की ने 7-6, 7-6 से मात दी।
भूपति और बोपन्ना का सामना अब चेक गणराज्य के थामस बर्डीच और राडेक स्टीपानेक से होगा।
भूपति और बोपन्ना का सामना अब चेक गणराज्य के थामस बर्डीच और राडेक स्टीपानेक से होगा। | महेश भूपति और रोहन बोपन्ना रोम मास्टर्स टेनिस के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए जबकि लिएंडर पेस और ऑस्ट्रिया के जर्गन मेल्जर हारकर बाहर हो गए। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिमी दिल्ली के एक मॉल की 12वीं मंजिल से कथित रूप से कूदकर एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इस दौरान एक व्यक्ति भी घायल हो गया, जिस पर महिला गिरी थी। यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी। घटना दिन के लगभग 11 बजे हुई, जब जनकपुरी इलाके के वेस्टएंड मॉल से 24-वर्षीय महिला कूदने के बाद एक व्यक्ति के ऊपर गिर गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, मृतक महिला की पहचान रोहिणी की चंचल शर्मा और घायल व्यक्ति की सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो मॉल में स्थित दुकान का कर्मचारी है। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। महिला को मृत घोषित कर दिया गया। सुनील की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि महिला की खुदकुशी के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश की रही है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, मृतक महिला की पहचान रोहिणी की चंचल शर्मा और घायल व्यक्ति की सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो मॉल में स्थित दुकान का कर्मचारी है। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। महिला को मृत घोषित कर दिया गया। सुनील की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि महिला की खुदकुशी के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश की रही है। | संक्षिप्त पाठ: पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में वेस्टएंड मॉल की 12वीं मंजिल से कथित रूप से कूदकर एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इस दौरान एक व्यक्ति भी घायल हो गया, जिस पर महिला गिरी थी। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने वित्त वर्ष 2013-14 के बजट में 2,000 रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन पर उत्पाद शुल्क को बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। इससे मोबाइल हैंडसेट महंगा हो जाएगा हालांकि, 2,000 रुपये से कम के मोबाइल पर मौजूदा एक प्रतिशत का रियायती उत्पाद शुल्क बरकरार रखा गया है।
इसके अलावा बजट प्रस्तावों में 800 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर सीमा शुल्क की दर को 75 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही इतनी क्षमता की नावों या जलयानों पर भी सीमा शुल्क की दर को 10 से बढ़ाकर 25 फीसद किए जाने का प्रस्ताव है।टिप्पणियां
वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि देश का अमीर वर्ग अत्यधिक कीमत वाले वाहनों, मोटरसाइकिलों, नावों और ऐसी ही आयातित विलासिता की वस्तुओं का उपभोग करता है और उसे थोड़ा अतिरिक्त शुल्क देने पर ऐतराज नहीं होना चाहिए।
चिदंबरम ने इसके साथ ही सेट टॉप बॉक्स के घरेलू विनिर्माण और मूल्यवर्धन को प्रोत्साहन देने के लिए इस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को 5 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है।
इसके अलावा बजट प्रस्तावों में 800 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर सीमा शुल्क की दर को 75 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही इतनी क्षमता की नावों या जलयानों पर भी सीमा शुल्क की दर को 10 से बढ़ाकर 25 फीसद किए जाने का प्रस्ताव है।टिप्पणियां
वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि देश का अमीर वर्ग अत्यधिक कीमत वाले वाहनों, मोटरसाइकिलों, नावों और ऐसी ही आयातित विलासिता की वस्तुओं का उपभोग करता है और उसे थोड़ा अतिरिक्त शुल्क देने पर ऐतराज नहीं होना चाहिए।
चिदंबरम ने इसके साथ ही सेट टॉप बॉक्स के घरेलू विनिर्माण और मूल्यवर्धन को प्रोत्साहन देने के लिए इस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को 5 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है।
वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि देश का अमीर वर्ग अत्यधिक कीमत वाले वाहनों, मोटरसाइकिलों, नावों और ऐसी ही आयातित विलासिता की वस्तुओं का उपभोग करता है और उसे थोड़ा अतिरिक्त शुल्क देने पर ऐतराज नहीं होना चाहिए।
चिदंबरम ने इसके साथ ही सेट टॉप बॉक्स के घरेलू विनिर्माण और मूल्यवर्धन को प्रोत्साहन देने के लिए इस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को 5 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है।
चिदंबरम ने इसके साथ ही सेट टॉप बॉक्स के घरेलू विनिर्माण और मूल्यवर्धन को प्रोत्साहन देने के लिए इस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को 5 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। | सारांश: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने वित्त वर्ष 2013-14 के बजट में 2,000 रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन पर उत्पाद शुल्क को बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने कहा है कि क्षेत्रीय फिल्मों को सहयोग और समर्थन की जरूरत है और यही कारण है कि वह ऐसी फिल्मों में काम के बदले कभी पैसा नहीं लेते।
अमिताभ इन दिनों 'गंगा देवी' नाम की भोजपुरी फिल्म में काम कर रहे हैं और उन्होंने इस फिल्म के लिए कोई मेहनताना नहीं लिया है। अमिताभ के मेकअप मैन दीपक सावंत इस फिल्म के निर्माता हैं।टिप्पणियां
इससे पहले भी सावंत की 'गंगा' और 'गंगोत्री' जैसी फिल्मों में काम कर चुके अमिताभ 'गंगा देवी' में एक अहम किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म राजनीति में महिला आरक्षण पर आधारित है।
अमिताभ ने कहा, "भोजपुरी सिनेमा को प्रोत्साहन की जरूरत है। मैंने सावंत की फिल्मों के लिए कभी भी पैसा नहीं लिया। यह सिर्फ पैसे की बात नहीं है। यह इस फिल्म जगत में अपने सहयोग से जुड़ा मसला है।"
अमिताभ इन दिनों 'गंगा देवी' नाम की भोजपुरी फिल्म में काम कर रहे हैं और उन्होंने इस फिल्म के लिए कोई मेहनताना नहीं लिया है। अमिताभ के मेकअप मैन दीपक सावंत इस फिल्म के निर्माता हैं।टिप्पणियां
इससे पहले भी सावंत की 'गंगा' और 'गंगोत्री' जैसी फिल्मों में काम कर चुके अमिताभ 'गंगा देवी' में एक अहम किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म राजनीति में महिला आरक्षण पर आधारित है।
अमिताभ ने कहा, "भोजपुरी सिनेमा को प्रोत्साहन की जरूरत है। मैंने सावंत की फिल्मों के लिए कभी भी पैसा नहीं लिया। यह सिर्फ पैसे की बात नहीं है। यह इस फिल्म जगत में अपने सहयोग से जुड़ा मसला है।"
इससे पहले भी सावंत की 'गंगा' और 'गंगोत्री' जैसी फिल्मों में काम कर चुके अमिताभ 'गंगा देवी' में एक अहम किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म राजनीति में महिला आरक्षण पर आधारित है।
अमिताभ ने कहा, "भोजपुरी सिनेमा को प्रोत्साहन की जरूरत है। मैंने सावंत की फिल्मों के लिए कभी भी पैसा नहीं लिया। यह सिर्फ पैसे की बात नहीं है। यह इस फिल्म जगत में अपने सहयोग से जुड़ा मसला है।"
अमिताभ ने कहा, "भोजपुरी सिनेमा को प्रोत्साहन की जरूरत है। मैंने सावंत की फिल्मों के लिए कभी भी पैसा नहीं लिया। यह सिर्फ पैसे की बात नहीं है। यह इस फिल्म जगत में अपने सहयोग से जुड़ा मसला है।" | संक्षिप्त सारांश: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने कहा है कि क्षेत्रीय फिल्मों को सहयोग और समर्थन की जरूरत है और यही कारण है कि वह ऐसी फिल्मों में काम के बदले कभी पैसा नहीं लेते। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि भारत में बच्चों पर बहुत विज्ञापन बनते है और बहुत सारी कम्पनियों बच्चों के विज्ञापनों के जरिए अपने उत्पाद का विक्रय करती है, लेकिन फिर भी बच्चों की फिल्में कम होती है, यह एक अजीब विडम्बना है.
बालचित्र समिति, भारत एवं राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आज जयपुर में मेक इन इंडिया की थीम पर तीन दिवसीय द्वितीय बाल फिल्म महोत्सव-2016 के उद्घाटन पर बोलते हुए राज्यवर्धन ने कहा कि फिल्म अभिनेता इरफान खान और बालीवुड के कलाकार अनिल कपूर ने बच्चों की फिल्मों को बड़े पर्दे पर लाने का बहुत सफल प्रयास किया है. अनिल कपूर की मिस्टर इंडिया में अभिनय किया वह आज भी बच्चों में बहुत लोकप्रिय है.
उन्होंने कहा कि जयपुर में पहली बार 50 बच्चों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी और राज्य सरकार ने 12 सिनेमाघरों में तीन दिनों तक बच्चों की फिल्में दिखाने के लिए उपलब्ध कराए हैं. आजकल फिल्म बनाना आसान हो गया है कि बच्चे मोबाइल से फिल्में बना रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बाल फिल्मों के प्रदर्शन के साथ बालीवुड के मशहूर फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और लेखकों के साथ स्कूली बच्चें बेहतर फिल्म निर्माण के बारे में चर्चा कर सकते है. जिस तरह स्कूल में कुछ बाते सीख कर जीवन में इस्तेमाल की जाती है उसी तरह पढ़ाई के साथ साथ ज्ञान हासिल करना बहुत जरूरी है और जरूरी नहीं है कि ज्ञान स्कूल में ही मिले.
उन्होंने कहा कि मजबूत सपने जरूर पूरे होते है लेकिन उन्हें पूरा करने के लिये कहीं ना कहीं मेहनत और ज्ञान अर्जन करना पडेगा. फिल्म उद्योग में सफल होने के लिये कई चुनौतियों का सामना करना पडता है. उन्हें राजनीति में आने के बाद पता चला कि राजनीति में कितनी मेहनत करनी पडती है, उस मेहनत से आप बच नहीं सकते है.टिप्पणियां
राज्यवर्धन सिंह ने उद्घाटन सत्र के बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देशी विदेशी फिल्म निर्माताओं को फिल्मांकन के लिए आसानी से स्थान मिले इसके लिए केन्द्र सरकार ने दिल्ली में एकल खिड़की फिल्म फेसीटिलेशन कार्यालय बनाया है, जिसमें केन्द्र सरकार से मिलने वाली सभी अनुमतियां प्राप्त की जा सकती है. अलग अलग राज्यों में फिल्मों के निर्माण से पर्यटन को बढावा मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को फिल्मों में काम करने का मौका मिलता है, इन सब के लिये राज्यसरकार प्रोत्साहन देती है, राजस्थान सरकार भी प्रोत्साहन दे सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बालचित्र समिति, भारत एवं राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आज जयपुर में मेक इन इंडिया की थीम पर तीन दिवसीय द्वितीय बाल फिल्म महोत्सव-2016 के उद्घाटन पर बोलते हुए राज्यवर्धन ने कहा कि फिल्म अभिनेता इरफान खान और बालीवुड के कलाकार अनिल कपूर ने बच्चों की फिल्मों को बड़े पर्दे पर लाने का बहुत सफल प्रयास किया है. अनिल कपूर की मिस्टर इंडिया में अभिनय किया वह आज भी बच्चों में बहुत लोकप्रिय है.
उन्होंने कहा कि जयपुर में पहली बार 50 बच्चों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी और राज्य सरकार ने 12 सिनेमाघरों में तीन दिनों तक बच्चों की फिल्में दिखाने के लिए उपलब्ध कराए हैं. आजकल फिल्म बनाना आसान हो गया है कि बच्चे मोबाइल से फिल्में बना रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बाल फिल्मों के प्रदर्शन के साथ बालीवुड के मशहूर फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और लेखकों के साथ स्कूली बच्चें बेहतर फिल्म निर्माण के बारे में चर्चा कर सकते है. जिस तरह स्कूल में कुछ बाते सीख कर जीवन में इस्तेमाल की जाती है उसी तरह पढ़ाई के साथ साथ ज्ञान हासिल करना बहुत जरूरी है और जरूरी नहीं है कि ज्ञान स्कूल में ही मिले.
उन्होंने कहा कि मजबूत सपने जरूर पूरे होते है लेकिन उन्हें पूरा करने के लिये कहीं ना कहीं मेहनत और ज्ञान अर्जन करना पडेगा. फिल्म उद्योग में सफल होने के लिये कई चुनौतियों का सामना करना पडता है. उन्हें राजनीति में आने के बाद पता चला कि राजनीति में कितनी मेहनत करनी पडती है, उस मेहनत से आप बच नहीं सकते है.टिप्पणियां
राज्यवर्धन सिंह ने उद्घाटन सत्र के बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देशी विदेशी फिल्म निर्माताओं को फिल्मांकन के लिए आसानी से स्थान मिले इसके लिए केन्द्र सरकार ने दिल्ली में एकल खिड़की फिल्म फेसीटिलेशन कार्यालय बनाया है, जिसमें केन्द्र सरकार से मिलने वाली सभी अनुमतियां प्राप्त की जा सकती है. अलग अलग राज्यों में फिल्मों के निर्माण से पर्यटन को बढावा मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को फिल्मों में काम करने का मौका मिलता है, इन सब के लिये राज्यसरकार प्रोत्साहन देती है, राजस्थान सरकार भी प्रोत्साहन दे सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि जयपुर में पहली बार 50 बच्चों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी और राज्य सरकार ने 12 सिनेमाघरों में तीन दिनों तक बच्चों की फिल्में दिखाने के लिए उपलब्ध कराए हैं. आजकल फिल्म बनाना आसान हो गया है कि बच्चे मोबाइल से फिल्में बना रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बाल फिल्मों के प्रदर्शन के साथ बालीवुड के मशहूर फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और लेखकों के साथ स्कूली बच्चें बेहतर फिल्म निर्माण के बारे में चर्चा कर सकते है. जिस तरह स्कूल में कुछ बाते सीख कर जीवन में इस्तेमाल की जाती है उसी तरह पढ़ाई के साथ साथ ज्ञान हासिल करना बहुत जरूरी है और जरूरी नहीं है कि ज्ञान स्कूल में ही मिले.
उन्होंने कहा कि मजबूत सपने जरूर पूरे होते है लेकिन उन्हें पूरा करने के लिये कहीं ना कहीं मेहनत और ज्ञान अर्जन करना पडेगा. फिल्म उद्योग में सफल होने के लिये कई चुनौतियों का सामना करना पडता है. उन्हें राजनीति में आने के बाद पता चला कि राजनीति में कितनी मेहनत करनी पडती है, उस मेहनत से आप बच नहीं सकते है.टिप्पणियां
राज्यवर्धन सिंह ने उद्घाटन सत्र के बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देशी विदेशी फिल्म निर्माताओं को फिल्मांकन के लिए आसानी से स्थान मिले इसके लिए केन्द्र सरकार ने दिल्ली में एकल खिड़की फिल्म फेसीटिलेशन कार्यालय बनाया है, जिसमें केन्द्र सरकार से मिलने वाली सभी अनुमतियां प्राप्त की जा सकती है. अलग अलग राज्यों में फिल्मों के निर्माण से पर्यटन को बढावा मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को फिल्मों में काम करने का मौका मिलता है, इन सब के लिये राज्यसरकार प्रोत्साहन देती है, राजस्थान सरकार भी प्रोत्साहन दे सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि बाल फिल्मों के प्रदर्शन के साथ बालीवुड के मशहूर फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और लेखकों के साथ स्कूली बच्चें बेहतर फिल्म निर्माण के बारे में चर्चा कर सकते है. जिस तरह स्कूल में कुछ बाते सीख कर जीवन में इस्तेमाल की जाती है उसी तरह पढ़ाई के साथ साथ ज्ञान हासिल करना बहुत जरूरी है और जरूरी नहीं है कि ज्ञान स्कूल में ही मिले.
उन्होंने कहा कि मजबूत सपने जरूर पूरे होते है लेकिन उन्हें पूरा करने के लिये कहीं ना कहीं मेहनत और ज्ञान अर्जन करना पडेगा. फिल्म उद्योग में सफल होने के लिये कई चुनौतियों का सामना करना पडता है. उन्हें राजनीति में आने के बाद पता चला कि राजनीति में कितनी मेहनत करनी पडती है, उस मेहनत से आप बच नहीं सकते है.टिप्पणियां
राज्यवर्धन सिंह ने उद्घाटन सत्र के बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देशी विदेशी फिल्म निर्माताओं को फिल्मांकन के लिए आसानी से स्थान मिले इसके लिए केन्द्र सरकार ने दिल्ली में एकल खिड़की फिल्म फेसीटिलेशन कार्यालय बनाया है, जिसमें केन्द्र सरकार से मिलने वाली सभी अनुमतियां प्राप्त की जा सकती है. अलग अलग राज्यों में फिल्मों के निर्माण से पर्यटन को बढावा मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को फिल्मों में काम करने का मौका मिलता है, इन सब के लिये राज्यसरकार प्रोत्साहन देती है, राजस्थान सरकार भी प्रोत्साहन दे सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि मजबूत सपने जरूर पूरे होते है लेकिन उन्हें पूरा करने के लिये कहीं ना कहीं मेहनत और ज्ञान अर्जन करना पडेगा. फिल्म उद्योग में सफल होने के लिये कई चुनौतियों का सामना करना पडता है. उन्हें राजनीति में आने के बाद पता चला कि राजनीति में कितनी मेहनत करनी पडती है, उस मेहनत से आप बच नहीं सकते है.टिप्पणियां
राज्यवर्धन सिंह ने उद्घाटन सत्र के बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देशी विदेशी फिल्म निर्माताओं को फिल्मांकन के लिए आसानी से स्थान मिले इसके लिए केन्द्र सरकार ने दिल्ली में एकल खिड़की फिल्म फेसीटिलेशन कार्यालय बनाया है, जिसमें केन्द्र सरकार से मिलने वाली सभी अनुमतियां प्राप्त की जा सकती है. अलग अलग राज्यों में फिल्मों के निर्माण से पर्यटन को बढावा मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को फिल्मों में काम करने का मौका मिलता है, इन सब के लिये राज्यसरकार प्रोत्साहन देती है, राजस्थान सरकार भी प्रोत्साहन दे सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राज्यवर्धन सिंह ने उद्घाटन सत्र के बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देशी विदेशी फिल्म निर्माताओं को फिल्मांकन के लिए आसानी से स्थान मिले इसके लिए केन्द्र सरकार ने दिल्ली में एकल खिड़की फिल्म फेसीटिलेशन कार्यालय बनाया है, जिसमें केन्द्र सरकार से मिलने वाली सभी अनुमतियां प्राप्त की जा सकती है. अलग अलग राज्यों में फिल्मों के निर्माण से पर्यटन को बढावा मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को फिल्मों में काम करने का मौका मिलता है, इन सब के लिये राज्यसरकार प्रोत्साहन देती है, राजस्थान सरकार भी प्रोत्साहन दे सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तीन दिवसीय बाल फिल्म महोत्सव-2016 का उद्घाटन
जयपुर में पहली बार 50 बच्चों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी
इरफान खान और अनिल कपूर ने बच्चों को फिल्मों में लिया | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई हमला मामले में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात पाकिस्तानी आरोपियों का बचाव कर रहे वकीलों ने सवाल किया है कि क्या अभियोजकों के पास हमलावरों को सिंध और अन्य स्थानों पर शिविरों में प्रशिक्षण दिए जाने के कोई पुख्ता सबूत हैं।
रावलपिंडी की अदियाला जेल में मुंबई हमला मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने अभियोजन पक्ष के पांच गवाहों से जिरह के दौरान यह सवाल पूछा।
इन गवाहों ने अपनी गवाही में कहा था कि हमलावरों को सिंध, खबर पख्तूनख्वा प्रांतों और पाक अधिकृत कश्मीर में शिविरों में प्रशिक्षण दिया गया था।
ये गवाह संघीय जांच एजेंसी और आईएसआई के अधिकारी हैं। इन लोगों ने न्यायाधीश चौधरी हबीब उर रहमान से कहा कि हमलावरों को कराची में, खबर पख्तूनख्वा के मनसेहरा जिले के बट्टाल में और पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में स्थित लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण शिविरों में प्रशिक्षण दिया गया था।टिप्पणियां
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने अभियोजन पक्ष के गवाहों से पूछा कि क्या उन्होंने सचमुच संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में प्रशिक्षण लेते देखा था।
गवाहों ने जवाब दिया कि उनकी गवाही शिविरों की गतिविधियों के बारे में आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। अहमद के अनुसार, गवाहों ने संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में आग्नेयास्त्रों और विस्फोटक उपकरणों का प्रशिक्षण लेते नहीं देखा।
रावलपिंडी की अदियाला जेल में मुंबई हमला मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने अभियोजन पक्ष के पांच गवाहों से जिरह के दौरान यह सवाल पूछा।
इन गवाहों ने अपनी गवाही में कहा था कि हमलावरों को सिंध, खबर पख्तूनख्वा प्रांतों और पाक अधिकृत कश्मीर में शिविरों में प्रशिक्षण दिया गया था।
ये गवाह संघीय जांच एजेंसी और आईएसआई के अधिकारी हैं। इन लोगों ने न्यायाधीश चौधरी हबीब उर रहमान से कहा कि हमलावरों को कराची में, खबर पख्तूनख्वा के मनसेहरा जिले के बट्टाल में और पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में स्थित लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण शिविरों में प्रशिक्षण दिया गया था।टिप्पणियां
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने अभियोजन पक्ष के गवाहों से पूछा कि क्या उन्होंने सचमुच संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में प्रशिक्षण लेते देखा था।
गवाहों ने जवाब दिया कि उनकी गवाही शिविरों की गतिविधियों के बारे में आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। अहमद के अनुसार, गवाहों ने संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में आग्नेयास्त्रों और विस्फोटक उपकरणों का प्रशिक्षण लेते नहीं देखा।
इन गवाहों ने अपनी गवाही में कहा था कि हमलावरों को सिंध, खबर पख्तूनख्वा प्रांतों और पाक अधिकृत कश्मीर में शिविरों में प्रशिक्षण दिया गया था।
ये गवाह संघीय जांच एजेंसी और आईएसआई के अधिकारी हैं। इन लोगों ने न्यायाधीश चौधरी हबीब उर रहमान से कहा कि हमलावरों को कराची में, खबर पख्तूनख्वा के मनसेहरा जिले के बट्टाल में और पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में स्थित लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण शिविरों में प्रशिक्षण दिया गया था।टिप्पणियां
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने अभियोजन पक्ष के गवाहों से पूछा कि क्या उन्होंने सचमुच संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में प्रशिक्षण लेते देखा था।
गवाहों ने जवाब दिया कि उनकी गवाही शिविरों की गतिविधियों के बारे में आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। अहमद के अनुसार, गवाहों ने संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में आग्नेयास्त्रों और विस्फोटक उपकरणों का प्रशिक्षण लेते नहीं देखा।
ये गवाह संघीय जांच एजेंसी और आईएसआई के अधिकारी हैं। इन लोगों ने न्यायाधीश चौधरी हबीब उर रहमान से कहा कि हमलावरों को कराची में, खबर पख्तूनख्वा के मनसेहरा जिले के बट्टाल में और पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में स्थित लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण शिविरों में प्रशिक्षण दिया गया था।टिप्पणियां
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने अभियोजन पक्ष के गवाहों से पूछा कि क्या उन्होंने सचमुच संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में प्रशिक्षण लेते देखा था।
गवाहों ने जवाब दिया कि उनकी गवाही शिविरों की गतिविधियों के बारे में आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। अहमद के अनुसार, गवाहों ने संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में आग्नेयास्त्रों और विस्फोटक उपकरणों का प्रशिक्षण लेते नहीं देखा।
लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद ने अभियोजन पक्ष के गवाहों से पूछा कि क्या उन्होंने सचमुच संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में प्रशिक्षण लेते देखा था।
गवाहों ने जवाब दिया कि उनकी गवाही शिविरों की गतिविधियों के बारे में आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। अहमद के अनुसार, गवाहों ने संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में आग्नेयास्त्रों और विस्फोटक उपकरणों का प्रशिक्षण लेते नहीं देखा।
गवाहों ने जवाब दिया कि उनकी गवाही शिविरों की गतिविधियों के बारे में आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। अहमद के अनुसार, गवाहों ने संदिग्धों को लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों में आग्नेयास्त्रों और विस्फोटक उपकरणों का प्रशिक्षण लेते नहीं देखा। | संक्षिप्त सारांश: मुंबई हमला मामले में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात पाकिस्तानी आरोपियों का बचाव कर रहे वकीलों ने सवाल किया है कि क्या अभियोजकों के पास हमलावरों को सिंध और अन्य स्थानों पर शिविरों में प्रशिक्षण दिए जाने के कोई पुख्ता सबूत हैं। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण के प्रचार का शोर रविवार शाम थम गया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सहित अन्य दलों के नेताओं ने प्रचार के आखिरी दिन पचास से ज्यादा ताबड़तोड़ रैलियां कर अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
छठे चरण में 28 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 13 जिलों की 68 सीटों पर मतदान होना है। कुल 1103 उम्मीदवारों की किस्मत इस चरण में तय होनी है।
इस चरण के तहत जिन 13 जिलों में मतदान होना है उसमें गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, प्रबुद्धनगर, पंचशीलनगर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर शामिल हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को सहारनपुर जिले में जनसभा में उत्तर प्रदेश की बदहाली के लिए समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "इन तीनों दलों ने प्रदेश का विकास करने के बजाय इसे लूटा है।''
सपा मुखिया मुलायम सिंह ने मेरठ में जनसभा में कहा, "जनता का काम करने के बजाय मायावती ने पांच साल केवल पैसे गिनने का काम किया है। सपा की सरकार बनी तो बसपा सरकार के भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी। ''
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मायावती ने बिजनौर में लोगों को सावधान करते हुए रविवार को कहा, "यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार बनी तो गुंडाराज कायम होने के साथ पूरा प्रदेश एक बार फिर दंगे और फसादों की गिरफ्त में आ जाएगा।''
बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा, "यहां के एक नेता एक बार मुख्यमंत्री बन जाने के बाद जनता के बीच नहीं जाते। उनकी समस्याएं नहीं सुनते। किसान और गरीबों की कोई नहीं सुनता। सब पैसे की बात करते हैं।''
राहुल ने हापुड़ और बुलंदशहर में चुनावी जनसभाएं कीं। इससे पहले राहुल गांधी ने रविवार को हाथरस जिले में रोड शो कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नोएडा में कहा,"कांग्रेस, सपा व बसपा का दिल्ली में प्यार और यूपी में जनता को गुमराह करने के लिए तकरार अब अधिक दिन नहीं चलने वाला। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है।''टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
छठे चरण में 28 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 13 जिलों की 68 सीटों पर मतदान होना है। कुल 1103 उम्मीदवारों की किस्मत इस चरण में तय होनी है।
इस चरण के तहत जिन 13 जिलों में मतदान होना है उसमें गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, प्रबुद्धनगर, पंचशीलनगर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर शामिल हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को सहारनपुर जिले में जनसभा में उत्तर प्रदेश की बदहाली के लिए समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "इन तीनों दलों ने प्रदेश का विकास करने के बजाय इसे लूटा है।''
सपा मुखिया मुलायम सिंह ने मेरठ में जनसभा में कहा, "जनता का काम करने के बजाय मायावती ने पांच साल केवल पैसे गिनने का काम किया है। सपा की सरकार बनी तो बसपा सरकार के भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी। ''
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मायावती ने बिजनौर में लोगों को सावधान करते हुए रविवार को कहा, "यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार बनी तो गुंडाराज कायम होने के साथ पूरा प्रदेश एक बार फिर दंगे और फसादों की गिरफ्त में आ जाएगा।''
बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा, "यहां के एक नेता एक बार मुख्यमंत्री बन जाने के बाद जनता के बीच नहीं जाते। उनकी समस्याएं नहीं सुनते। किसान और गरीबों की कोई नहीं सुनता। सब पैसे की बात करते हैं।''
राहुल ने हापुड़ और बुलंदशहर में चुनावी जनसभाएं कीं। इससे पहले राहुल गांधी ने रविवार को हाथरस जिले में रोड शो कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नोएडा में कहा,"कांग्रेस, सपा व बसपा का दिल्ली में प्यार और यूपी में जनता को गुमराह करने के लिए तकरार अब अधिक दिन नहीं चलने वाला। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है।''टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
इस चरण के तहत जिन 13 जिलों में मतदान होना है उसमें गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, प्रबुद्धनगर, पंचशीलनगर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर शामिल हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को सहारनपुर जिले में जनसभा में उत्तर प्रदेश की बदहाली के लिए समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "इन तीनों दलों ने प्रदेश का विकास करने के बजाय इसे लूटा है।''
सपा मुखिया मुलायम सिंह ने मेरठ में जनसभा में कहा, "जनता का काम करने के बजाय मायावती ने पांच साल केवल पैसे गिनने का काम किया है। सपा की सरकार बनी तो बसपा सरकार के भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी। ''
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मायावती ने बिजनौर में लोगों को सावधान करते हुए रविवार को कहा, "यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार बनी तो गुंडाराज कायम होने के साथ पूरा प्रदेश एक बार फिर दंगे और फसादों की गिरफ्त में आ जाएगा।''
बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा, "यहां के एक नेता एक बार मुख्यमंत्री बन जाने के बाद जनता के बीच नहीं जाते। उनकी समस्याएं नहीं सुनते। किसान और गरीबों की कोई नहीं सुनता। सब पैसे की बात करते हैं।''
राहुल ने हापुड़ और बुलंदशहर में चुनावी जनसभाएं कीं। इससे पहले राहुल गांधी ने रविवार को हाथरस जिले में रोड शो कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नोएडा में कहा,"कांग्रेस, सपा व बसपा का दिल्ली में प्यार और यूपी में जनता को गुमराह करने के लिए तकरार अब अधिक दिन नहीं चलने वाला। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है।''टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को सहारनपुर जिले में जनसभा में उत्तर प्रदेश की बदहाली के लिए समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "इन तीनों दलों ने प्रदेश का विकास करने के बजाय इसे लूटा है।''
सपा मुखिया मुलायम सिंह ने मेरठ में जनसभा में कहा, "जनता का काम करने के बजाय मायावती ने पांच साल केवल पैसे गिनने का काम किया है। सपा की सरकार बनी तो बसपा सरकार के भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी। ''
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मायावती ने बिजनौर में लोगों को सावधान करते हुए रविवार को कहा, "यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार बनी तो गुंडाराज कायम होने के साथ पूरा प्रदेश एक बार फिर दंगे और फसादों की गिरफ्त में आ जाएगा।''
बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा, "यहां के एक नेता एक बार मुख्यमंत्री बन जाने के बाद जनता के बीच नहीं जाते। उनकी समस्याएं नहीं सुनते। किसान और गरीबों की कोई नहीं सुनता। सब पैसे की बात करते हैं।''
राहुल ने हापुड़ और बुलंदशहर में चुनावी जनसभाएं कीं। इससे पहले राहुल गांधी ने रविवार को हाथरस जिले में रोड शो कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नोएडा में कहा,"कांग्रेस, सपा व बसपा का दिल्ली में प्यार और यूपी में जनता को गुमराह करने के लिए तकरार अब अधिक दिन नहीं चलने वाला। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है।''टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
सपा मुखिया मुलायम सिंह ने मेरठ में जनसभा में कहा, "जनता का काम करने के बजाय मायावती ने पांच साल केवल पैसे गिनने का काम किया है। सपा की सरकार बनी तो बसपा सरकार के भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी। ''
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मायावती ने बिजनौर में लोगों को सावधान करते हुए रविवार को कहा, "यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार बनी तो गुंडाराज कायम होने के साथ पूरा प्रदेश एक बार फिर दंगे और फसादों की गिरफ्त में आ जाएगा।''
बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा, "यहां के एक नेता एक बार मुख्यमंत्री बन जाने के बाद जनता के बीच नहीं जाते। उनकी समस्याएं नहीं सुनते। किसान और गरीबों की कोई नहीं सुनता। सब पैसे की बात करते हैं।''
राहुल ने हापुड़ और बुलंदशहर में चुनावी जनसभाएं कीं। इससे पहले राहुल गांधी ने रविवार को हाथरस जिले में रोड शो कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नोएडा में कहा,"कांग्रेस, सपा व बसपा का दिल्ली में प्यार और यूपी में जनता को गुमराह करने के लिए तकरार अब अधिक दिन नहीं चलने वाला। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है।''टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मायावती ने बिजनौर में लोगों को सावधान करते हुए रविवार को कहा, "यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार बनी तो गुंडाराज कायम होने के साथ पूरा प्रदेश एक बार फिर दंगे और फसादों की गिरफ्त में आ जाएगा।''
बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा, "यहां के एक नेता एक बार मुख्यमंत्री बन जाने के बाद जनता के बीच नहीं जाते। उनकी समस्याएं नहीं सुनते। किसान और गरीबों की कोई नहीं सुनता। सब पैसे की बात करते हैं।''
राहुल ने हापुड़ और बुलंदशहर में चुनावी जनसभाएं कीं। इससे पहले राहुल गांधी ने रविवार को हाथरस जिले में रोड शो कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नोएडा में कहा,"कांग्रेस, सपा व बसपा का दिल्ली में प्यार और यूपी में जनता को गुमराह करने के लिए तकरार अब अधिक दिन नहीं चलने वाला। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है।''टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा, "यहां के एक नेता एक बार मुख्यमंत्री बन जाने के बाद जनता के बीच नहीं जाते। उनकी समस्याएं नहीं सुनते। किसान और गरीबों की कोई नहीं सुनता। सब पैसे की बात करते हैं।''
राहुल ने हापुड़ और बुलंदशहर में चुनावी जनसभाएं कीं। इससे पहले राहुल गांधी ने रविवार को हाथरस जिले में रोड शो कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नोएडा में कहा,"कांग्रेस, सपा व बसपा का दिल्ली में प्यार और यूपी में जनता को गुमराह करने के लिए तकरार अब अधिक दिन नहीं चलने वाला। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है।''टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
राहुल ने हापुड़ और बुलंदशहर में चुनावी जनसभाएं कीं। इससे पहले राहुल गांधी ने रविवार को हाथरस जिले में रोड शो कर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नोएडा में कहा,"कांग्रेस, सपा व बसपा का दिल्ली में प्यार और यूपी में जनता को गुमराह करने के लिए तकरार अब अधिक दिन नहीं चलने वाला। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है।''टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नोएडा में कहा,"कांग्रेस, सपा व बसपा का दिल्ली में प्यार और यूपी में जनता को गुमराह करने के लिए तकरार अब अधिक दिन नहीं चलने वाला। प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है।''टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने नोएडा में जनसभा में कहा,"भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार, अपराध, महंगाई से मुक्ति दिलाकर सुशासन दे सकती है।''
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा।
छठे चरण में 86 महिलाओं सहित कुल 1103 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनकी किस्मत का फैसला करीब 2.14 करोड़ मतदाता करेंगे। कुल 22,137 मतदान केंद्र बनाए गए है और मतदान प्रक्रिया में 30,028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल होगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस, सपा, भाजपा और बसपा सहित अन्य दलों के नेताओं ने प्रचार के आखिरी दिन पचास से ज्यादा ताबड़तोड़ रैलियां कर अपनी पूरी ताकत झोंक दी। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण का मंगलवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में 50 हजार खेलप्रेमियों के सामने रंगारंग आगाज हुआ। क्रिकेट के इस महाकुंभ के तहत अब अगले 54 दिनों पर 12 स्थान पर 70 से अधिक मैच खेले जाएंगे और इसके बाद क्रिकेट के चहेते एक बार फिर 26 मई को कोलकाता का रुख करेंगे क्योंकि इसी ऐतिहासिक शहर में इस टूर्नामेंट का फाइनल खेला जाना है।
अपने आप में अद्वितीय सॉल्ट लेक स्टेडियम को उद्घाटन समारोह के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया था। मंगलवार शाम से ही ऐसा लग रहा था कि सभी रास्ते मानो सॉल्ट लेक स्टेडियम में ही समाप्त हो रहे हों। क्रिकेट प्रेमियों को जिस तरह कं उद्घाटन की उम्मीद थी, वह पूरी हुई क्योंकि बॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों ने स्टेज का मान बढ़ाया और हिंदी फिल्मों के सदाबहार गीतों पर जमकर थिरके।
उद्घाटन समारोह में क्रिकेट, फिल्म और राजनीति की बड़ी-बड़ी हस्तियां पहुंचीं। उषा उत्थुप से लेकर बप्पी लहरी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर बीसीसीआई के प्रमुख एन श्रीनिवासन तक ने इस समारोह की शोभा बढ़ाई। ममता ने हूटर बजाकर उद्घाटन समारोह के शुरू होने का ऐलान किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान ममता काफी खुश नजर आईं।
रवींद्र संगीत और 'ऊं' की परिकृति के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में देसी और विदेशी कला एवं संस्कृति की झलक देखने को मिली। एक तरफ जहां रवींद्र संगीत की मिठास सुनाई दी वहीं वायलिन और ड्रम की धुनों पर नाचते विदेशी कलाकार देखे गए। अमेरिकी रैपर पिटबुल ने दर्शकों का मन मोह लिया।
सबसे अधिक आकर्षण बॉलीवुड की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और कैटरीना कैफ तथा शाहरुख खान ने बटोरी। दीपिका, कैटरीना और शाहरुख ने अपनी-अपनी फिल्मों की धुनों पर नृत्य किया, जिस पर दर्शक झूमे बगैर नहीं रह सके। शाहरुख ने अपनी कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बैनर तले हो रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए खुद भी स्टेज पर आना बेहतर समझा।
आईपीएल के कमिश्नर और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कुछ दिन पहले कहा था कि सात सप्ताह तक भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले आईपीएल के छठे संस्करण की भव्यता को देखते हुए उद्घाटन समारोह को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है। शुक्ला की बात पूरी तरह सही साबित हुई क्योंकि उद्घाटन समारोह ने सबका मन मोह लिया।टिप्पणियां
जहां तक क्रिकेट खिलाड़ियों की बात है तो आईपीएल के इस संस्करण में हिस्सा ले रही नौ टीमों के कप्तानों ने आईसीसी स्पीरिट ऑफ क्रिकेट प्लेज 'प्ले हार्ड, प्ले फेयर' पर हस्ताक्षर किया। इससे पहले कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर मौजूदा चैम्पियन होने के नाते आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी को लेकर मैदान में पहुंचे। आसमान से उतरी एक परी ने गंभीर को यह ट्रॉफी सौंपी। गुब्बारों की मदद से उड़कर स्टेडियम में आई इस परी को देखना लाजवाब था।
उद्घाटन के बाद अब मुकाबलों की बारी है। बीते संस्करण में कोलकाता नाइट राइर्ड्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता था। अब देखना है कि नाइट राइर्ड्स अपना खिताब बचाने में सफल रहते हैं या फिर कोई और टीम विजेता बनने का गौरव हासिल करेगी। बहरहाल, टूर्नामेंट का पहला मैच बुधवार को ईडन गार्डन्स स्टेडिमय में नाइट राइर्ड्स और दिल्ली डेयरडेविल्स टीमों के बीच खेला जाना है।
अपने आप में अद्वितीय सॉल्ट लेक स्टेडियम को उद्घाटन समारोह के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया था। मंगलवार शाम से ही ऐसा लग रहा था कि सभी रास्ते मानो सॉल्ट लेक स्टेडियम में ही समाप्त हो रहे हों। क्रिकेट प्रेमियों को जिस तरह कं उद्घाटन की उम्मीद थी, वह पूरी हुई क्योंकि बॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों ने स्टेज का मान बढ़ाया और हिंदी फिल्मों के सदाबहार गीतों पर जमकर थिरके।
उद्घाटन समारोह में क्रिकेट, फिल्म और राजनीति की बड़ी-बड़ी हस्तियां पहुंचीं। उषा उत्थुप से लेकर बप्पी लहरी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर बीसीसीआई के प्रमुख एन श्रीनिवासन तक ने इस समारोह की शोभा बढ़ाई। ममता ने हूटर बजाकर उद्घाटन समारोह के शुरू होने का ऐलान किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान ममता काफी खुश नजर आईं।
रवींद्र संगीत और 'ऊं' की परिकृति के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में देसी और विदेशी कला एवं संस्कृति की झलक देखने को मिली। एक तरफ जहां रवींद्र संगीत की मिठास सुनाई दी वहीं वायलिन और ड्रम की धुनों पर नाचते विदेशी कलाकार देखे गए। अमेरिकी रैपर पिटबुल ने दर्शकों का मन मोह लिया।
सबसे अधिक आकर्षण बॉलीवुड की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और कैटरीना कैफ तथा शाहरुख खान ने बटोरी। दीपिका, कैटरीना और शाहरुख ने अपनी-अपनी फिल्मों की धुनों पर नृत्य किया, जिस पर दर्शक झूमे बगैर नहीं रह सके। शाहरुख ने अपनी कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बैनर तले हो रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए खुद भी स्टेज पर आना बेहतर समझा।
आईपीएल के कमिश्नर और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कुछ दिन पहले कहा था कि सात सप्ताह तक भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले आईपीएल के छठे संस्करण की भव्यता को देखते हुए उद्घाटन समारोह को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है। शुक्ला की बात पूरी तरह सही साबित हुई क्योंकि उद्घाटन समारोह ने सबका मन मोह लिया।टिप्पणियां
जहां तक क्रिकेट खिलाड़ियों की बात है तो आईपीएल के इस संस्करण में हिस्सा ले रही नौ टीमों के कप्तानों ने आईसीसी स्पीरिट ऑफ क्रिकेट प्लेज 'प्ले हार्ड, प्ले फेयर' पर हस्ताक्षर किया। इससे पहले कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर मौजूदा चैम्पियन होने के नाते आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी को लेकर मैदान में पहुंचे। आसमान से उतरी एक परी ने गंभीर को यह ट्रॉफी सौंपी। गुब्बारों की मदद से उड़कर स्टेडियम में आई इस परी को देखना लाजवाब था।
उद्घाटन के बाद अब मुकाबलों की बारी है। बीते संस्करण में कोलकाता नाइट राइर्ड्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता था। अब देखना है कि नाइट राइर्ड्स अपना खिताब बचाने में सफल रहते हैं या फिर कोई और टीम विजेता बनने का गौरव हासिल करेगी। बहरहाल, टूर्नामेंट का पहला मैच बुधवार को ईडन गार्डन्स स्टेडिमय में नाइट राइर्ड्स और दिल्ली डेयरडेविल्स टीमों के बीच खेला जाना है।
उद्घाटन समारोह में क्रिकेट, फिल्म और राजनीति की बड़ी-बड़ी हस्तियां पहुंचीं। उषा उत्थुप से लेकर बप्पी लहरी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर बीसीसीआई के प्रमुख एन श्रीनिवासन तक ने इस समारोह की शोभा बढ़ाई। ममता ने हूटर बजाकर उद्घाटन समारोह के शुरू होने का ऐलान किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान ममता काफी खुश नजर आईं।
रवींद्र संगीत और 'ऊं' की परिकृति के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में देसी और विदेशी कला एवं संस्कृति की झलक देखने को मिली। एक तरफ जहां रवींद्र संगीत की मिठास सुनाई दी वहीं वायलिन और ड्रम की धुनों पर नाचते विदेशी कलाकार देखे गए। अमेरिकी रैपर पिटबुल ने दर्शकों का मन मोह लिया।
सबसे अधिक आकर्षण बॉलीवुड की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और कैटरीना कैफ तथा शाहरुख खान ने बटोरी। दीपिका, कैटरीना और शाहरुख ने अपनी-अपनी फिल्मों की धुनों पर नृत्य किया, जिस पर दर्शक झूमे बगैर नहीं रह सके। शाहरुख ने अपनी कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बैनर तले हो रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए खुद भी स्टेज पर आना बेहतर समझा।
आईपीएल के कमिश्नर और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कुछ दिन पहले कहा था कि सात सप्ताह तक भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले आईपीएल के छठे संस्करण की भव्यता को देखते हुए उद्घाटन समारोह को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है। शुक्ला की बात पूरी तरह सही साबित हुई क्योंकि उद्घाटन समारोह ने सबका मन मोह लिया।टिप्पणियां
जहां तक क्रिकेट खिलाड़ियों की बात है तो आईपीएल के इस संस्करण में हिस्सा ले रही नौ टीमों के कप्तानों ने आईसीसी स्पीरिट ऑफ क्रिकेट प्लेज 'प्ले हार्ड, प्ले फेयर' पर हस्ताक्षर किया। इससे पहले कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर मौजूदा चैम्पियन होने के नाते आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी को लेकर मैदान में पहुंचे। आसमान से उतरी एक परी ने गंभीर को यह ट्रॉफी सौंपी। गुब्बारों की मदद से उड़कर स्टेडियम में आई इस परी को देखना लाजवाब था।
उद्घाटन के बाद अब मुकाबलों की बारी है। बीते संस्करण में कोलकाता नाइट राइर्ड्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता था। अब देखना है कि नाइट राइर्ड्स अपना खिताब बचाने में सफल रहते हैं या फिर कोई और टीम विजेता बनने का गौरव हासिल करेगी। बहरहाल, टूर्नामेंट का पहला मैच बुधवार को ईडन गार्डन्स स्टेडिमय में नाइट राइर्ड्स और दिल्ली डेयरडेविल्स टीमों के बीच खेला जाना है।
रवींद्र संगीत और 'ऊं' की परिकृति के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में देसी और विदेशी कला एवं संस्कृति की झलक देखने को मिली। एक तरफ जहां रवींद्र संगीत की मिठास सुनाई दी वहीं वायलिन और ड्रम की धुनों पर नाचते विदेशी कलाकार देखे गए। अमेरिकी रैपर पिटबुल ने दर्शकों का मन मोह लिया।
सबसे अधिक आकर्षण बॉलीवुड की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और कैटरीना कैफ तथा शाहरुख खान ने बटोरी। दीपिका, कैटरीना और शाहरुख ने अपनी-अपनी फिल्मों की धुनों पर नृत्य किया, जिस पर दर्शक झूमे बगैर नहीं रह सके। शाहरुख ने अपनी कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बैनर तले हो रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए खुद भी स्टेज पर आना बेहतर समझा।
आईपीएल के कमिश्नर और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कुछ दिन पहले कहा था कि सात सप्ताह तक भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले आईपीएल के छठे संस्करण की भव्यता को देखते हुए उद्घाटन समारोह को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है। शुक्ला की बात पूरी तरह सही साबित हुई क्योंकि उद्घाटन समारोह ने सबका मन मोह लिया।टिप्पणियां
जहां तक क्रिकेट खिलाड़ियों की बात है तो आईपीएल के इस संस्करण में हिस्सा ले रही नौ टीमों के कप्तानों ने आईसीसी स्पीरिट ऑफ क्रिकेट प्लेज 'प्ले हार्ड, प्ले फेयर' पर हस्ताक्षर किया। इससे पहले कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर मौजूदा चैम्पियन होने के नाते आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी को लेकर मैदान में पहुंचे। आसमान से उतरी एक परी ने गंभीर को यह ट्रॉफी सौंपी। गुब्बारों की मदद से उड़कर स्टेडियम में आई इस परी को देखना लाजवाब था।
उद्घाटन के बाद अब मुकाबलों की बारी है। बीते संस्करण में कोलकाता नाइट राइर्ड्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता था। अब देखना है कि नाइट राइर्ड्स अपना खिताब बचाने में सफल रहते हैं या फिर कोई और टीम विजेता बनने का गौरव हासिल करेगी। बहरहाल, टूर्नामेंट का पहला मैच बुधवार को ईडन गार्डन्स स्टेडिमय में नाइट राइर्ड्स और दिल्ली डेयरडेविल्स टीमों के बीच खेला जाना है।
सबसे अधिक आकर्षण बॉलीवुड की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और कैटरीना कैफ तथा शाहरुख खान ने बटोरी। दीपिका, कैटरीना और शाहरुख ने अपनी-अपनी फिल्मों की धुनों पर नृत्य किया, जिस पर दर्शक झूमे बगैर नहीं रह सके। शाहरुख ने अपनी कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बैनर तले हो रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए खुद भी स्टेज पर आना बेहतर समझा।
आईपीएल के कमिश्नर और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कुछ दिन पहले कहा था कि सात सप्ताह तक भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले आईपीएल के छठे संस्करण की भव्यता को देखते हुए उद्घाटन समारोह को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है। शुक्ला की बात पूरी तरह सही साबित हुई क्योंकि उद्घाटन समारोह ने सबका मन मोह लिया।टिप्पणियां
जहां तक क्रिकेट खिलाड़ियों की बात है तो आईपीएल के इस संस्करण में हिस्सा ले रही नौ टीमों के कप्तानों ने आईसीसी स्पीरिट ऑफ क्रिकेट प्लेज 'प्ले हार्ड, प्ले फेयर' पर हस्ताक्षर किया। इससे पहले कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर मौजूदा चैम्पियन होने के नाते आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी को लेकर मैदान में पहुंचे। आसमान से उतरी एक परी ने गंभीर को यह ट्रॉफी सौंपी। गुब्बारों की मदद से उड़कर स्टेडियम में आई इस परी को देखना लाजवाब था।
उद्घाटन के बाद अब मुकाबलों की बारी है। बीते संस्करण में कोलकाता नाइट राइर्ड्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता था। अब देखना है कि नाइट राइर्ड्स अपना खिताब बचाने में सफल रहते हैं या फिर कोई और टीम विजेता बनने का गौरव हासिल करेगी। बहरहाल, टूर्नामेंट का पहला मैच बुधवार को ईडन गार्डन्स स्टेडिमय में नाइट राइर्ड्स और दिल्ली डेयरडेविल्स टीमों के बीच खेला जाना है।
आईपीएल के कमिश्नर और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कुछ दिन पहले कहा था कि सात सप्ताह तक भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले आईपीएल के छठे संस्करण की भव्यता को देखते हुए उद्घाटन समारोह को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है। शुक्ला की बात पूरी तरह सही साबित हुई क्योंकि उद्घाटन समारोह ने सबका मन मोह लिया।टिप्पणियां
जहां तक क्रिकेट खिलाड़ियों की बात है तो आईपीएल के इस संस्करण में हिस्सा ले रही नौ टीमों के कप्तानों ने आईसीसी स्पीरिट ऑफ क्रिकेट प्लेज 'प्ले हार्ड, प्ले फेयर' पर हस्ताक्षर किया। इससे पहले कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर मौजूदा चैम्पियन होने के नाते आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी को लेकर मैदान में पहुंचे। आसमान से उतरी एक परी ने गंभीर को यह ट्रॉफी सौंपी। गुब्बारों की मदद से उड़कर स्टेडियम में आई इस परी को देखना लाजवाब था।
उद्घाटन के बाद अब मुकाबलों की बारी है। बीते संस्करण में कोलकाता नाइट राइर्ड्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता था। अब देखना है कि नाइट राइर्ड्स अपना खिताब बचाने में सफल रहते हैं या फिर कोई और टीम विजेता बनने का गौरव हासिल करेगी। बहरहाल, टूर्नामेंट का पहला मैच बुधवार को ईडन गार्डन्स स्टेडिमय में नाइट राइर्ड्स और दिल्ली डेयरडेविल्स टीमों के बीच खेला जाना है।
जहां तक क्रिकेट खिलाड़ियों की बात है तो आईपीएल के इस संस्करण में हिस्सा ले रही नौ टीमों के कप्तानों ने आईसीसी स्पीरिट ऑफ क्रिकेट प्लेज 'प्ले हार्ड, प्ले फेयर' पर हस्ताक्षर किया। इससे पहले कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर मौजूदा चैम्पियन होने के नाते आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी को लेकर मैदान में पहुंचे। आसमान से उतरी एक परी ने गंभीर को यह ट्रॉफी सौंपी। गुब्बारों की मदद से उड़कर स्टेडियम में आई इस परी को देखना लाजवाब था।
उद्घाटन के बाद अब मुकाबलों की बारी है। बीते संस्करण में कोलकाता नाइट राइर्ड्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता था। अब देखना है कि नाइट राइर्ड्स अपना खिताब बचाने में सफल रहते हैं या फिर कोई और टीम विजेता बनने का गौरव हासिल करेगी। बहरहाल, टूर्नामेंट का पहला मैच बुधवार को ईडन गार्डन्स स्टेडिमय में नाइट राइर्ड्स और दिल्ली डेयरडेविल्स टीमों के बीच खेला जाना है।
उद्घाटन के बाद अब मुकाबलों की बारी है। बीते संस्करण में कोलकाता नाइट राइर्ड्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहली बार खिताब जीता था। अब देखना है कि नाइट राइर्ड्स अपना खिताब बचाने में सफल रहते हैं या फिर कोई और टीम विजेता बनने का गौरव हासिल करेगी। बहरहाल, टूर्नामेंट का पहला मैच बुधवार को ईडन गार्डन्स स्टेडिमय में नाइट राइर्ड्स और दिल्ली डेयरडेविल्स टीमों के बीच खेला जाना है। | संक्षिप्त पाठ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण का मंगलवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में 50 हजार खेलप्रेमियों के सामने रंगारंग आगाज हुआ। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं. इस बार भी मुख्य मुकाबला एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच है. इसके साथ रेयान स्कूल के मालिकों की अग्रिम जमानत अर्जी पर आज सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट में भी राज्यसभा चुनाव में NOTA के खिलाफ गुजरात सरकार की याचिका पर सुनवाई होगी. कावेरी जल विवाद पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. अमित शाह ने साधा राहुल पर निशाना, कहा - कुछ नेता विदेश में बोलते हैं, क्योंकि देश में उन्हें कोई नहीं सुनता
जापान के पीएम शिंजो आबे आज दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं. पीएम मोदी गुजरात में उनका स्वागत करेंगे. अहमदाबाद और गांधी नगर में उनके कई कार्यक्रम हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के चुनाव के नतीजे आ आ रहे हैं. इस बार भी मुख्य मुकाबला एबीवीपी (ABVP) और एनएसयूआई (NSUI) के बीच है. अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी से जहां रजत चौधरी मैदान में है तो वहीं एनएसयूआई से रॉकी तूसीद मैदान में हैं. रॉकी का नामांकन रद्द हो गया था लेकिन हाईकोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद वह चुनाव लड़ रहे हैं. आईयूसी को कम करने के लिए 'कुटिल अभियान' चला रहा है जियो : एयरटेल
उधर सुप्रीम कोर्ट में आज राज्यसभा चुनाव में NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई होगी. इससे पहले चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा है कि राज्यसभा चुनाव में NOTA, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक है और ये प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही चुनावों पर लागू होता है. चुनाव आयोग ने अपने हलफनामें में यह भी कहा कि NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका अदालती कार्रवाई का दुरुपयोग है. NOTA राज्यसभा चुनाव में 2014 से जारी है जबकि कांग्रेस ने 2017 में चुनौती दी. 2014 से अब तक गुजरात समेत 25 राज्यसभा चुनाव NOTA से हो चुके हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. गुजरात में सूरत के पाटीदारों के दबदबे वाले इलाके में देर रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने दो बसें फूंक दीं. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम सौराष्ट्र भवन में गुजरात बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यक्रम में हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति से कथित तौर पर जुड़े कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की थी. यह कार्यक्रम भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया था. बीजेपी पूरे राज्य में इस तरह की बैठकें आयोजित कर रही है. आज भी इसी को लेकर हंगामे के आसार हैं.
अमित शाह ने साधा राहुल पर निशाना, कहा - कुछ नेता विदेश में बोलते हैं, क्योंकि देश में उन्हें कोई नहीं सुनता
जापान के पीएम शिंजो आबे आज दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं. पीएम मोदी गुजरात में उनका स्वागत करेंगे. अहमदाबाद और गांधी नगर में उनके कई कार्यक्रम हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के चुनाव के नतीजे आ आ रहे हैं. इस बार भी मुख्य मुकाबला एबीवीपी (ABVP) और एनएसयूआई (NSUI) के बीच है. अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी से जहां रजत चौधरी मैदान में है तो वहीं एनएसयूआई से रॉकी तूसीद मैदान में हैं. रॉकी का नामांकन रद्द हो गया था लेकिन हाईकोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद वह चुनाव लड़ रहे हैं. आईयूसी को कम करने के लिए 'कुटिल अभियान' चला रहा है जियो : एयरटेल
उधर सुप्रीम कोर्ट में आज राज्यसभा चुनाव में NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई होगी. इससे पहले चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा है कि राज्यसभा चुनाव में NOTA, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक है और ये प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही चुनावों पर लागू होता है. चुनाव आयोग ने अपने हलफनामें में यह भी कहा कि NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका अदालती कार्रवाई का दुरुपयोग है. NOTA राज्यसभा चुनाव में 2014 से जारी है जबकि कांग्रेस ने 2017 में चुनौती दी. 2014 से अब तक गुजरात समेत 25 राज्यसभा चुनाव NOTA से हो चुके हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. गुजरात में सूरत के पाटीदारों के दबदबे वाले इलाके में देर रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने दो बसें फूंक दीं. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम सौराष्ट्र भवन में गुजरात बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यक्रम में हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति से कथित तौर पर जुड़े कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की थी. यह कार्यक्रम भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया था. बीजेपी पूरे राज्य में इस तरह की बैठकें आयोजित कर रही है. आज भी इसी को लेकर हंगामे के आसार हैं.
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दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के चुनाव के नतीजे आ आ रहे हैं. इस बार भी मुख्य मुकाबला एबीवीपी (ABVP) और एनएसयूआई (NSUI) के बीच है. अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी से जहां रजत चौधरी मैदान में है तो वहीं एनएसयूआई से रॉकी तूसीद मैदान में हैं. रॉकी का नामांकन रद्द हो गया था लेकिन हाईकोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद वह चुनाव लड़ रहे हैं. आईयूसी को कम करने के लिए 'कुटिल अभियान' चला रहा है जियो : एयरटेल
उधर सुप्रीम कोर्ट में आज राज्यसभा चुनाव में NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई होगी. इससे पहले चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा है कि राज्यसभा चुनाव में NOTA, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक है और ये प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही चुनावों पर लागू होता है. चुनाव आयोग ने अपने हलफनामें में यह भी कहा कि NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका अदालती कार्रवाई का दुरुपयोग है. NOTA राज्यसभा चुनाव में 2014 से जारी है जबकि कांग्रेस ने 2017 में चुनौती दी. 2014 से अब तक गुजरात समेत 25 राज्यसभा चुनाव NOTA से हो चुके हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. गुजरात में सूरत के पाटीदारों के दबदबे वाले इलाके में देर रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने दो बसें फूंक दीं. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम सौराष्ट्र भवन में गुजरात बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यक्रम में हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति से कथित तौर पर जुड़े कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की थी. यह कार्यक्रम भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया था. बीजेपी पूरे राज्य में इस तरह की बैठकें आयोजित कर रही है. आज भी इसी को लेकर हंगामे के आसार हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के चुनाव के नतीजे आ आ रहे हैं. इस बार भी मुख्य मुकाबला एबीवीपी (ABVP) और एनएसयूआई (NSUI) के बीच है. अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी से जहां रजत चौधरी मैदान में है तो वहीं एनएसयूआई से रॉकी तूसीद मैदान में हैं. रॉकी का नामांकन रद्द हो गया था लेकिन हाईकोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद वह चुनाव लड़ रहे हैं. आईयूसी को कम करने के लिए 'कुटिल अभियान' चला रहा है जियो : एयरटेल
उधर सुप्रीम कोर्ट में आज राज्यसभा चुनाव में NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई होगी. इससे पहले चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा है कि राज्यसभा चुनाव में NOTA, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक है और ये प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही चुनावों पर लागू होता है. चुनाव आयोग ने अपने हलफनामें में यह भी कहा कि NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका अदालती कार्रवाई का दुरुपयोग है. NOTA राज्यसभा चुनाव में 2014 से जारी है जबकि कांग्रेस ने 2017 में चुनौती दी. 2014 से अब तक गुजरात समेत 25 राज्यसभा चुनाव NOTA से हो चुके हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. गुजरात में सूरत के पाटीदारों के दबदबे वाले इलाके में देर रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने दो बसें फूंक दीं. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम सौराष्ट्र भवन में गुजरात बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यक्रम में हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति से कथित तौर पर जुड़े कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की थी. यह कार्यक्रम भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया था. बीजेपी पूरे राज्य में इस तरह की बैठकें आयोजित कर रही है. आज भी इसी को लेकर हंगामे के आसार हैं.
आईयूसी को कम करने के लिए 'कुटिल अभियान' चला रहा है जियो : एयरटेल
उधर सुप्रीम कोर्ट में आज राज्यसभा चुनाव में NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई होगी. इससे पहले चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा है कि राज्यसभा चुनाव में NOTA, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक है और ये प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही चुनावों पर लागू होता है. चुनाव आयोग ने अपने हलफनामें में यह भी कहा कि NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका अदालती कार्रवाई का दुरुपयोग है. NOTA राज्यसभा चुनाव में 2014 से जारी है जबकि कांग्रेस ने 2017 में चुनौती दी. 2014 से अब तक गुजरात समेत 25 राज्यसभा चुनाव NOTA से हो चुके हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. गुजरात में सूरत के पाटीदारों के दबदबे वाले इलाके में देर रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने दो बसें फूंक दीं. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम सौराष्ट्र भवन में गुजरात बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यक्रम में हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति से कथित तौर पर जुड़े कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की थी. यह कार्यक्रम भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया था. बीजेपी पूरे राज्य में इस तरह की बैठकें आयोजित कर रही है. आज भी इसी को लेकर हंगामे के आसार हैं.
उधर सुप्रीम कोर्ट में आज राज्यसभा चुनाव में NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई होगी. इससे पहले चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा है कि राज्यसभा चुनाव में NOTA, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक है और ये प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही चुनावों पर लागू होता है. चुनाव आयोग ने अपने हलफनामें में यह भी कहा कि NOTA के खिलाफ गुजरात कांग्रेस की याचिका अदालती कार्रवाई का दुरुपयोग है. NOTA राज्यसभा चुनाव में 2014 से जारी है जबकि कांग्रेस ने 2017 में चुनौती दी. 2014 से अब तक गुजरात समेत 25 राज्यसभा चुनाव NOTA से हो चुके हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. गुजरात में सूरत के पाटीदारों के दबदबे वाले इलाके में देर रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने दो बसें फूंक दीं. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम सौराष्ट्र भवन में गुजरात बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यक्रम में हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति से कथित तौर पर जुड़े कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की थी. यह कार्यक्रम भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया था. बीजेपी पूरे राज्य में इस तरह की बैठकें आयोजित कर रही है. आज भी इसी को लेकर हंगामे के आसार हैं.
इसके साथ ही तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. गुजरात में सूरत के पाटीदारों के दबदबे वाले इलाके में देर रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने दो बसें फूंक दीं. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम सौराष्ट्र भवन में गुजरात बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यक्रम में हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति से कथित तौर पर जुड़े कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की थी. यह कार्यक्रम भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया था. बीजेपी पूरे राज्य में इस तरह की बैठकें आयोजित कर रही है. आज भी इसी को लेकर हंगामे के आसार हैं.
गुजरात में सूरत के पाटीदारों के दबदबे वाले इलाके में देर रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने दो बसें फूंक दीं. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम सौराष्ट्र भवन में गुजरात बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यक्रम में हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति से कथित तौर पर जुड़े कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की थी. यह कार्यक्रम भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया था. बीजेपी पूरे राज्य में इस तरह की बैठकें आयोजित कर रही है. आज भी इसी को लेकर हंगामे के आसार हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रेयान स्कूल मालिकों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई
डीयू चुनाव के नतीजे आज
कावेरी जल विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के राजनेता अजित सिंह अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए फिर अपने लिए सहयोगी तलाश रहे हैं। राज्य में वे लगभग हर पार्टी के साथ सहयोगी की भूमिका में रह चुके हैं। हालांकि 'चंचल साझेदार' की छवि के कारण इस बार अभी तक उनकी यह 'तलाश' पूरी नहीं हो पाई है।
जानकारी के मुताबिक समाजवादी पार्टी और बीजेपी जैसे बड़े 'खिलाड़ियों' ने अजित सिंह से कहा है कि उन्हें (अजित को) अपनी पार्टी का उनके साथ विलय करना होगा ताकि चुनाव के बाद 'निष्ठा डगमगाने' जैसी स्थिति से बचा जा सके। दरअसल अजित के ट्रैक रिकॉर्ड ने उन्हें ऐसा रुख अपनाने को विवश किया है।
अजित सिंह केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इसी तरह, यूपी में उनकी पार्टी, दो प्रबल विरोधी पार्टियों समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी की सहयोगी रह चुकी है। रविवार को अजित सिंह की सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के साथ बातचीत रालोद की मौजूदा सीटों की संख्या के कारण अंजाम तक नहीं पहुंच पाई । 403 सदस्यीय यूपी विधानसभा में इस समय अजित सिंह की पार्टी के महज 9 विधायक हैं जबकि संसद में उनका एक भी सांसद नहीं है।टिप्पणियां
राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने कहा कि जाटों की बहुलता वाले यूपी के 12 जिलों की 60 विधानसभा सीटों में उनकी पार्टी निर्णायक भूमिका में है। करीब एक दशक पहले अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की छवि के कारण अजित सिंह की पार्टी का यूपी के जाटों पर अच्छा खासा असर था। लेकिन 'चौधरी साहब' के निधन और 2014 के आम चुनाव में इस पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के कारण स्थिति पहले जैसी नहीं रह गई है। लोकसभा चुनाव में रालोद यूपी में एक भी सीट नहीं जीत पाया था।
इसके बावजूद क्षेत्र में अजित सिंह का असर पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। ऐसा माना जा रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव में नजदीकी मुकाबले की स्थिति में (जिसकी पूरी संभावना है) किसी भी पार्टी को अजित का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है। समाजवादी पार्टी के एक नेता ने कहा, 'एसपी के समर्थन से रालोद सीटें जीत सकती है। लेकिन यदि अजित सिंह कुछ सीटें जीत भी जाते हैं तो इस बात की गारंटी नहीं है कि वे सपा के साथ ही खड़े रहेंगे। यदि बीएसपी या बीजेपी सरकार बनाने के करीब होती हैं तो अजित अपनी निष्ठा बदल सकते हैं।'
जानकारी के मुताबिक समाजवादी पार्टी और बीजेपी जैसे बड़े 'खिलाड़ियों' ने अजित सिंह से कहा है कि उन्हें (अजित को) अपनी पार्टी का उनके साथ विलय करना होगा ताकि चुनाव के बाद 'निष्ठा डगमगाने' जैसी स्थिति से बचा जा सके। दरअसल अजित के ट्रैक रिकॉर्ड ने उन्हें ऐसा रुख अपनाने को विवश किया है।
अजित सिंह केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इसी तरह, यूपी में उनकी पार्टी, दो प्रबल विरोधी पार्टियों समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी की सहयोगी रह चुकी है। रविवार को अजित सिंह की सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के साथ बातचीत रालोद की मौजूदा सीटों की संख्या के कारण अंजाम तक नहीं पहुंच पाई । 403 सदस्यीय यूपी विधानसभा में इस समय अजित सिंह की पार्टी के महज 9 विधायक हैं जबकि संसद में उनका एक भी सांसद नहीं है।टिप्पणियां
राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने कहा कि जाटों की बहुलता वाले यूपी के 12 जिलों की 60 विधानसभा सीटों में उनकी पार्टी निर्णायक भूमिका में है। करीब एक दशक पहले अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की छवि के कारण अजित सिंह की पार्टी का यूपी के जाटों पर अच्छा खासा असर था। लेकिन 'चौधरी साहब' के निधन और 2014 के आम चुनाव में इस पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के कारण स्थिति पहले जैसी नहीं रह गई है। लोकसभा चुनाव में रालोद यूपी में एक भी सीट नहीं जीत पाया था।
इसके बावजूद क्षेत्र में अजित सिंह का असर पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। ऐसा माना जा रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव में नजदीकी मुकाबले की स्थिति में (जिसकी पूरी संभावना है) किसी भी पार्टी को अजित का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है। समाजवादी पार्टी के एक नेता ने कहा, 'एसपी के समर्थन से रालोद सीटें जीत सकती है। लेकिन यदि अजित सिंह कुछ सीटें जीत भी जाते हैं तो इस बात की गारंटी नहीं है कि वे सपा के साथ ही खड़े रहेंगे। यदि बीएसपी या बीजेपी सरकार बनाने के करीब होती हैं तो अजित अपनी निष्ठा बदल सकते हैं।'
अजित सिंह केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इसी तरह, यूपी में उनकी पार्टी, दो प्रबल विरोधी पार्टियों समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी की सहयोगी रह चुकी है। रविवार को अजित सिंह की सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के साथ बातचीत रालोद की मौजूदा सीटों की संख्या के कारण अंजाम तक नहीं पहुंच पाई । 403 सदस्यीय यूपी विधानसभा में इस समय अजित सिंह की पार्टी के महज 9 विधायक हैं जबकि संसद में उनका एक भी सांसद नहीं है।टिप्पणियां
राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने कहा कि जाटों की बहुलता वाले यूपी के 12 जिलों की 60 विधानसभा सीटों में उनकी पार्टी निर्णायक भूमिका में है। करीब एक दशक पहले अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की छवि के कारण अजित सिंह की पार्टी का यूपी के जाटों पर अच्छा खासा असर था। लेकिन 'चौधरी साहब' के निधन और 2014 के आम चुनाव में इस पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के कारण स्थिति पहले जैसी नहीं रह गई है। लोकसभा चुनाव में रालोद यूपी में एक भी सीट नहीं जीत पाया था।
इसके बावजूद क्षेत्र में अजित सिंह का असर पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। ऐसा माना जा रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव में नजदीकी मुकाबले की स्थिति में (जिसकी पूरी संभावना है) किसी भी पार्टी को अजित का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है। समाजवादी पार्टी के एक नेता ने कहा, 'एसपी के समर्थन से रालोद सीटें जीत सकती है। लेकिन यदि अजित सिंह कुछ सीटें जीत भी जाते हैं तो इस बात की गारंटी नहीं है कि वे सपा के साथ ही खड़े रहेंगे। यदि बीएसपी या बीजेपी सरकार बनाने के करीब होती हैं तो अजित अपनी निष्ठा बदल सकते हैं।'
राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने कहा कि जाटों की बहुलता वाले यूपी के 12 जिलों की 60 विधानसभा सीटों में उनकी पार्टी निर्णायक भूमिका में है। करीब एक दशक पहले अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की छवि के कारण अजित सिंह की पार्टी का यूपी के जाटों पर अच्छा खासा असर था। लेकिन 'चौधरी साहब' के निधन और 2014 के आम चुनाव में इस पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के कारण स्थिति पहले जैसी नहीं रह गई है। लोकसभा चुनाव में रालोद यूपी में एक भी सीट नहीं जीत पाया था।
इसके बावजूद क्षेत्र में अजित सिंह का असर पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। ऐसा माना जा रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव में नजदीकी मुकाबले की स्थिति में (जिसकी पूरी संभावना है) किसी भी पार्टी को अजित का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है। समाजवादी पार्टी के एक नेता ने कहा, 'एसपी के समर्थन से रालोद सीटें जीत सकती है। लेकिन यदि अजित सिंह कुछ सीटें जीत भी जाते हैं तो इस बात की गारंटी नहीं है कि वे सपा के साथ ही खड़े रहेंगे। यदि बीएसपी या बीजेपी सरकार बनाने के करीब होती हैं तो अजित अपनी निष्ठा बदल सकते हैं।'
इसके बावजूद क्षेत्र में अजित सिंह का असर पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। ऐसा माना जा रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव में नजदीकी मुकाबले की स्थिति में (जिसकी पूरी संभावना है) किसी भी पार्टी को अजित का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है। समाजवादी पार्टी के एक नेता ने कहा, 'एसपी के समर्थन से रालोद सीटें जीत सकती है। लेकिन यदि अजित सिंह कुछ सीटें जीत भी जाते हैं तो इस बात की गारंटी नहीं है कि वे सपा के साथ ही खड़े रहेंगे। यदि बीएसपी या बीजेपी सरकार बनाने के करीब होती हैं तो अजित अपनी निष्ठा बदल सकते हैं।' | सारांश: 'चंचल भागीदार' की अजित सिंह की छवि से चिंतित हैं बड़ी पार्टियां
अजित के 'रिकॉर्ड' के कारण बड़े दलों को बनानी पड़ी ऐसी धारणा
पश्चिमी यूपी में अजित सिंह और उनकी पार्टी का अभी भी है असर | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 4. आर्थिक तंगी की वजह से शास्त्री जी को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. उनको वाराणसी भेज दिया गया. पढ़ाई करने के लिए वह कई मीलों पैदल चलकर स्कूल जाते थे. टिप्पणियां
5. शास्त्री जी ने अपनी शादी में दहजे में एक चरखा और कुछ कपड़े लिए थे.
6. शास्त्री जी जात-पांत का हमेशा विरोध करते रहे. यहां तक कि उन्होंने कभी अपने नाम के आगे भी अपनी जाति का उल्लेख नहीं किया. शास्त्री की उपाधि उनको काशी विश्वविद्यालय से मिली थी.
5. शास्त्री जी ने अपनी शादी में दहजे में एक चरखा और कुछ कपड़े लिए थे.
6. शास्त्री जी जात-पांत का हमेशा विरोध करते रहे. यहां तक कि उन्होंने कभी अपने नाम के आगे भी अपनी जाति का उल्लेख नहीं किया. शास्त्री की उपाधि उनको काशी विश्वविद्यालय से मिली थी.
6. शास्त्री जी जात-पांत का हमेशा विरोध करते रहे. यहां तक कि उन्होंने कभी अपने नाम के आगे भी अपनी जाति का उल्लेख नहीं किया. शास्त्री की उपाधि उनको काशी विश्वविद्यालय से मिली थी. | संक्षिप्त सारांश: पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की आज 52वीं पुण्यतिथि है.
शास्त्री का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दो अक्टूबर 1904 को हुआ था.
लाल बहादुर शास्त्री केवल डेढ़ वर्ष के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया था. | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की तीखी आलोचना के बाद दोषी सांसदों पर अध्यादेश वापस लेने के सरकार के प्रयासों का बुधवार को सपा ने विरोध किया और कहा कि सोचे समझे फैसले से पीछे हटने से यह संदेश जाएगा कि एक व्यक्ति सरकार से बड़ा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरीके से अध्यादेश लाया गया और अब जिस हड़बड़ी में इसे वापस लिया जा रहा है, यह दिखाता है कि चुनावों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जा रहा है।
सपा के राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल ने कहा, ‘सपा प्रधानमंत्री से अनुरोध करती है कि उन्हें सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश पर कायम रहना चाहिए। इसे विचार-विमर्श के बाद लाया गया इसलिए इस पर कायम रहना चाहिए। देश में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि इसे एक व्यक्ति के दबाव में वापस लिया गया।’
बाहर से संप्रग सरकार को समर्थन दे रही सपा ने अध्यादेश लाने के सरकार के कदम का समर्थन किया था और वह इसे वापस लिए जाने के किसी भी प्रयास का विरोध कर रही है। टिप्पणियां
अग्रवाल ने कहा, ‘नेता जनता के लिए संघर्ष करते हैं और फिर यदि उन्हें दोषी ठहराया जाता है तो चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा। तो हम काम कैसे करेंगे? यह लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है। अगर अध्यादेश को वापस लिया जाता है तो साबित हो जाएगा कि देश में एक व्यक्ति बड़ा है, सरकार नहीं।’
उन्होंने अध्यादेश पर राहुल की ओर से आलोचना के बाद भी अफसोस जताया था।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरीके से अध्यादेश लाया गया और अब जिस हड़बड़ी में इसे वापस लिया जा रहा है, यह दिखाता है कि चुनावों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जा रहा है।
सपा के राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल ने कहा, ‘सपा प्रधानमंत्री से अनुरोध करती है कि उन्हें सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश पर कायम रहना चाहिए। इसे विचार-विमर्श के बाद लाया गया इसलिए इस पर कायम रहना चाहिए। देश में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि इसे एक व्यक्ति के दबाव में वापस लिया गया।’
बाहर से संप्रग सरकार को समर्थन दे रही सपा ने अध्यादेश लाने के सरकार के कदम का समर्थन किया था और वह इसे वापस लिए जाने के किसी भी प्रयास का विरोध कर रही है। टिप्पणियां
अग्रवाल ने कहा, ‘नेता जनता के लिए संघर्ष करते हैं और फिर यदि उन्हें दोषी ठहराया जाता है तो चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा। तो हम काम कैसे करेंगे? यह लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है। अगर अध्यादेश को वापस लिया जाता है तो साबित हो जाएगा कि देश में एक व्यक्ति बड़ा है, सरकार नहीं।’
उन्होंने अध्यादेश पर राहुल की ओर से आलोचना के बाद भी अफसोस जताया था।
सपा के राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल ने कहा, ‘सपा प्रधानमंत्री से अनुरोध करती है कि उन्हें सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश पर कायम रहना चाहिए। इसे विचार-विमर्श के बाद लाया गया इसलिए इस पर कायम रहना चाहिए। देश में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि इसे एक व्यक्ति के दबाव में वापस लिया गया।’
बाहर से संप्रग सरकार को समर्थन दे रही सपा ने अध्यादेश लाने के सरकार के कदम का समर्थन किया था और वह इसे वापस लिए जाने के किसी भी प्रयास का विरोध कर रही है। टिप्पणियां
अग्रवाल ने कहा, ‘नेता जनता के लिए संघर्ष करते हैं और फिर यदि उन्हें दोषी ठहराया जाता है तो चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा। तो हम काम कैसे करेंगे? यह लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है। अगर अध्यादेश को वापस लिया जाता है तो साबित हो जाएगा कि देश में एक व्यक्ति बड़ा है, सरकार नहीं।’
उन्होंने अध्यादेश पर राहुल की ओर से आलोचना के बाद भी अफसोस जताया था।
बाहर से संप्रग सरकार को समर्थन दे रही सपा ने अध्यादेश लाने के सरकार के कदम का समर्थन किया था और वह इसे वापस लिए जाने के किसी भी प्रयास का विरोध कर रही है। टिप्पणियां
अग्रवाल ने कहा, ‘नेता जनता के लिए संघर्ष करते हैं और फिर यदि उन्हें दोषी ठहराया जाता है तो चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा। तो हम काम कैसे करेंगे? यह लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है। अगर अध्यादेश को वापस लिया जाता है तो साबित हो जाएगा कि देश में एक व्यक्ति बड़ा है, सरकार नहीं।’
उन्होंने अध्यादेश पर राहुल की ओर से आलोचना के बाद भी अफसोस जताया था।
अग्रवाल ने कहा, ‘नेता जनता के लिए संघर्ष करते हैं और फिर यदि उन्हें दोषी ठहराया जाता है तो चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा। तो हम काम कैसे करेंगे? यह लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है। अगर अध्यादेश को वापस लिया जाता है तो साबित हो जाएगा कि देश में एक व्यक्ति बड़ा है, सरकार नहीं।’
उन्होंने अध्यादेश पर राहुल की ओर से आलोचना के बाद भी अफसोस जताया था।
उन्होंने अध्यादेश पर राहुल की ओर से आलोचना के बाद भी अफसोस जताया था। | संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की तीखी आलोचना के बाद दोषी सांसदों पर अध्यादेश वापस लेने के सरकार के प्रयासों का बुधवार को सपा ने विरोध किया और कहा कि सोचे समझे फैसले से पीछे हटने से यह संदेश जाएगा कि एक व्यक्ति सरकार से बड़ा है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के सरकारी अस्पतालों में नवजात शिशुओं की मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताज़ा मामला बारामुला के ज़िला अस्पताल का है जहां दो नवजात बच्चों की मौत हुई है।
दोनों ही बच्चों को वेंटिलेटर पर रखा गया था लेकिन, अचानक बिजली चली गई। दो घंटे तक वहां जनरेटर भी नहीं चलाया जा सका और इस बीच दोनों नवजात बच्चों की मौत हो गई।टिप्पणियां
घाटी के सरकारी अस्पताल का यह कोई नया मामला नहीं है। अभी कुछ दिन पहले ही डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से एक बच्ची की मौत हो गई थी और गुरुवार को ही एक सीनियर डॉक्टरो को भी लापरवाही के मामले में गिरफ़्तार किया गया था।
हर बार की तरह ही इस बार भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक जांच बिठा दी है लेकिन, इन सरकारी अस्पतालों के हालात सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
दोनों ही बच्चों को वेंटिलेटर पर रखा गया था लेकिन, अचानक बिजली चली गई। दो घंटे तक वहां जनरेटर भी नहीं चलाया जा सका और इस बीच दोनों नवजात बच्चों की मौत हो गई।टिप्पणियां
घाटी के सरकारी अस्पताल का यह कोई नया मामला नहीं है। अभी कुछ दिन पहले ही डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से एक बच्ची की मौत हो गई थी और गुरुवार को ही एक सीनियर डॉक्टरो को भी लापरवाही के मामले में गिरफ़्तार किया गया था।
हर बार की तरह ही इस बार भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक जांच बिठा दी है लेकिन, इन सरकारी अस्पतालों के हालात सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
घाटी के सरकारी अस्पताल का यह कोई नया मामला नहीं है। अभी कुछ दिन पहले ही डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से एक बच्ची की मौत हो गई थी और गुरुवार को ही एक सीनियर डॉक्टरो को भी लापरवाही के मामले में गिरफ़्तार किया गया था।
हर बार की तरह ही इस बार भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक जांच बिठा दी है लेकिन, इन सरकारी अस्पतालों के हालात सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
हर बार की तरह ही इस बार भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक जांच बिठा दी है लेकिन, इन सरकारी अस्पतालों के हालात सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। | संक्षिप्त पाठ: जम्मू-कश्मीर के सरकारी अस्पतालों में नवजात शिशुओं की मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताज़ा मामला बारामुला के ज़िला अस्पताल का है जहां दो नवजात बच्चों की मौत हुई है। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शाहिद अफरीदी को आयरलैंड के खिलाफ होने वाली दो मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए कप्तान पद से हटाकर उनके स्थान पर टेस्ट कप्तान मिसबाह उल हक को यह जिम्मेदारी सौंप दी। वेस्टइंडीज में अपेक्षानुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद से ही अफरीदी को हटाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। इस ऑलराउंडर को हालांकि टीम में बनाए रखा गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष एजाज बट ने इस्लामाबाद में गृह मंत्री रहमान मलिक के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में कहा, सीनियर बल्लेबाज मिसबाह उल हक को आयरलैंड के खिलाफ 28 और 30 मई को होने वाले दो वन डे मैचों के लिए राष्ट्रीय टीम की कमान सौंपी गई है। बट ने कहा, अफरीदी एक खिलाड़ी की हैसियत से टीम के साथ जुडे रहेंगे लेकिन मिसबाह कप्तान होंगे। पीसीबी ने इससे पहले अफरीदी को नोटिस जारी किया था जिसमें वेस्टइंडीज के लचर दौरे से लौटने के बाद अफरीदी की टीम के मामलों में की गई टिप्पणी के लिए जवाब मांगा गया था। बट ने संकेत दिया कि वह अफरीदी द्वारा मीडिया में टीम के मामलों में दिए जाने वाले बयानों की आदत से नाराज हैं। अफरीदी को हटाया जाना क्रिकेट जगत में आश्चर्यजनक माना जा रहा है क्योंकि उनकी अगुवाई में टीम विश्व कप सेमीफाइनल तक पहुंची थी और फिर वेस्टइंडीज में टीम ने 3-2 से जीत दर्ज की थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आयरलैंड के खिलाफ होने वाली दो मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए टेस्ट कप्तान मिसबाह उल हक को जिम्मेदारी सौंपी। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: डोप कलंकित साइकिलिस्ट लांस आर्मस्ट्रांग ने स्वीकार किया कि टूर दे फ्रांस पर सात खिताब जीतने के पीछे प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का भी हाथ था। आर्मस्ट्रांग ने ओपरा विनफ्रे के टॉक शो पर कहा, मैंने अपने फैसले किए। ये मेरी गलतियां हैं।
खेल से आजीवन प्रतिबंध झेलने के बाद आर्मस्ट्रांग का यह पहला इंटरव्यू है। उन्होंने कहा, मैं यहां उसके लिए माफी मांगता हूं। मैंने एक बड़ा झूठ बोला और उसके बाद लगातार दोहराता गया। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर मैंने गलती की।
कैंसर से उबरकर वापसी करने और खिताब जीतने वाले आर्मस्ट्रांग दूसरों के लिए प्रेरणा बन गए थे। उन्होंने कहा, वह सब मिथक, एक परिपक्व कहानी थी और यह सच नहीं था। विनफ्रे के बहुप्रतीक्षित इंटरव्यू में सबसे पहले हां या ना के रैपिड फायर सवाल हुए। इसमें आर्मस्ट्रांग ने खून की मात्रा बढ़ाने वाले ईपीओ, टेस्टोस्टेरोन और शक्तिवर्धक हार्मोन के सेवन की बात स्वीकार की।
उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता था कि शक्तिवर्धक दवाओं के इस्तेमाल के बिना साइकिलिंग की बड़ी रेस जीती जा सकती है। उन्होंने कहा, सारी गलती मेरी है, लेकिन तस्वीर के पीछे और उस कहानी के पीछे एक लम्हा था। मीडिया और प्रशंसकों के लिए वह चलता रहा, लेकिन मैंने उस लम्हे में सब कुछ खो दिया। आर्मस्ट्रांग ने कहा कि उन्हें उस दौरान कभी लगा भी नहीं कि वह कुछ गलत कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बनाए मानदंड से अलग जाने वाले लोगों को धमकाया भी। टिप्पणियां
उन्होंने हालांकि इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अपने साथियों को डोपिंग के लिए मजबूर किया। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि इतालवी डॉक्टर मिशेल फेरारी अमेरिकी पोस्टल सर्विस साइकिलिंग टीम के डोपिंग घोटाले के मास्टरमाइंड थे। आर्मस्ट्रांग ने यह भी कहा कि यह डोपिंग घोटाला खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसकी तुलना पूर्व पूर्वी जर्मनी के शासन प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम से नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि 2009 में वापसी के बाद उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि डोपिंग का साइकिलिंग चलन है, लेकिन वह किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहते।
खेल से आजीवन प्रतिबंध झेलने के बाद आर्मस्ट्रांग का यह पहला इंटरव्यू है। उन्होंने कहा, मैं यहां उसके लिए माफी मांगता हूं। मैंने एक बड़ा झूठ बोला और उसके बाद लगातार दोहराता गया। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर मैंने गलती की।
कैंसर से उबरकर वापसी करने और खिताब जीतने वाले आर्मस्ट्रांग दूसरों के लिए प्रेरणा बन गए थे। उन्होंने कहा, वह सब मिथक, एक परिपक्व कहानी थी और यह सच नहीं था। विनफ्रे के बहुप्रतीक्षित इंटरव्यू में सबसे पहले हां या ना के रैपिड फायर सवाल हुए। इसमें आर्मस्ट्रांग ने खून की मात्रा बढ़ाने वाले ईपीओ, टेस्टोस्टेरोन और शक्तिवर्धक हार्मोन के सेवन की बात स्वीकार की।
उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता था कि शक्तिवर्धक दवाओं के इस्तेमाल के बिना साइकिलिंग की बड़ी रेस जीती जा सकती है। उन्होंने कहा, सारी गलती मेरी है, लेकिन तस्वीर के पीछे और उस कहानी के पीछे एक लम्हा था। मीडिया और प्रशंसकों के लिए वह चलता रहा, लेकिन मैंने उस लम्हे में सब कुछ खो दिया। आर्मस्ट्रांग ने कहा कि उन्हें उस दौरान कभी लगा भी नहीं कि वह कुछ गलत कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बनाए मानदंड से अलग जाने वाले लोगों को धमकाया भी। टिप्पणियां
उन्होंने हालांकि इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अपने साथियों को डोपिंग के लिए मजबूर किया। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि इतालवी डॉक्टर मिशेल फेरारी अमेरिकी पोस्टल सर्विस साइकिलिंग टीम के डोपिंग घोटाले के मास्टरमाइंड थे। आर्मस्ट्रांग ने यह भी कहा कि यह डोपिंग घोटाला खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसकी तुलना पूर्व पूर्वी जर्मनी के शासन प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम से नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि 2009 में वापसी के बाद उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि डोपिंग का साइकिलिंग चलन है, लेकिन वह किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहते।
कैंसर से उबरकर वापसी करने और खिताब जीतने वाले आर्मस्ट्रांग दूसरों के लिए प्रेरणा बन गए थे। उन्होंने कहा, वह सब मिथक, एक परिपक्व कहानी थी और यह सच नहीं था। विनफ्रे के बहुप्रतीक्षित इंटरव्यू में सबसे पहले हां या ना के रैपिड फायर सवाल हुए। इसमें आर्मस्ट्रांग ने खून की मात्रा बढ़ाने वाले ईपीओ, टेस्टोस्टेरोन और शक्तिवर्धक हार्मोन के सेवन की बात स्वीकार की।
उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता था कि शक्तिवर्धक दवाओं के इस्तेमाल के बिना साइकिलिंग की बड़ी रेस जीती जा सकती है। उन्होंने कहा, सारी गलती मेरी है, लेकिन तस्वीर के पीछे और उस कहानी के पीछे एक लम्हा था। मीडिया और प्रशंसकों के लिए वह चलता रहा, लेकिन मैंने उस लम्हे में सब कुछ खो दिया। आर्मस्ट्रांग ने कहा कि उन्हें उस दौरान कभी लगा भी नहीं कि वह कुछ गलत कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बनाए मानदंड से अलग जाने वाले लोगों को धमकाया भी। टिप्पणियां
उन्होंने हालांकि इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अपने साथियों को डोपिंग के लिए मजबूर किया। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि इतालवी डॉक्टर मिशेल फेरारी अमेरिकी पोस्टल सर्विस साइकिलिंग टीम के डोपिंग घोटाले के मास्टरमाइंड थे। आर्मस्ट्रांग ने यह भी कहा कि यह डोपिंग घोटाला खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसकी तुलना पूर्व पूर्वी जर्मनी के शासन प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम से नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि 2009 में वापसी के बाद उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि डोपिंग का साइकिलिंग चलन है, लेकिन वह किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहते।
उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता था कि शक्तिवर्धक दवाओं के इस्तेमाल के बिना साइकिलिंग की बड़ी रेस जीती जा सकती है। उन्होंने कहा, सारी गलती मेरी है, लेकिन तस्वीर के पीछे और उस कहानी के पीछे एक लम्हा था। मीडिया और प्रशंसकों के लिए वह चलता रहा, लेकिन मैंने उस लम्हे में सब कुछ खो दिया। आर्मस्ट्रांग ने कहा कि उन्हें उस दौरान कभी लगा भी नहीं कि वह कुछ गलत कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बनाए मानदंड से अलग जाने वाले लोगों को धमकाया भी। टिप्पणियां
उन्होंने हालांकि इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अपने साथियों को डोपिंग के लिए मजबूर किया। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि इतालवी डॉक्टर मिशेल फेरारी अमेरिकी पोस्टल सर्विस साइकिलिंग टीम के डोपिंग घोटाले के मास्टरमाइंड थे। आर्मस्ट्रांग ने यह भी कहा कि यह डोपिंग घोटाला खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसकी तुलना पूर्व पूर्वी जर्मनी के शासन प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम से नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि 2009 में वापसी के बाद उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि डोपिंग का साइकिलिंग चलन है, लेकिन वह किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहते।
उन्होंने हालांकि इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अपने साथियों को डोपिंग के लिए मजबूर किया। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि इतालवी डॉक्टर मिशेल फेरारी अमेरिकी पोस्टल सर्विस साइकिलिंग टीम के डोपिंग घोटाले के मास्टरमाइंड थे। आर्मस्ट्रांग ने यह भी कहा कि यह डोपिंग घोटाला खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसकी तुलना पूर्व पूर्वी जर्मनी के शासन प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम से नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि 2009 में वापसी के बाद उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि डोपिंग का साइकिलिंग चलन है, लेकिन वह किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहते।
उन्होंने कहा कि इसकी तुलना पूर्व पूर्वी जर्मनी के शासन प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम से नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि 2009 में वापसी के बाद उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि डोपिंग का साइकिलिंग चलन है, लेकिन वह किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहते। | संक्षिप्त सारांश: डोप कलंकित साइकिलिस्ट लांस आर्मस्ट्रांग ने स्वीकार किया कि टूर दे फ्रांस पर सात खिताब जीतने के पीछे प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का भी हाथ था। आर्मस्ट्रांग ने ओपरा विनफ्रे के टॉक शो पर कहा, मैंने अपने फैसले किए। ये मेरी गलतियां हैं। आजीवन प्रतिबंध झेलने के बा | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटाए गए साइरस मिस्त्री ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात का समय मांगा है, लेकिन सरकार ने फिलहाल टाटा समूह के निदेशक मंडल के भीतर की रस्साकशी से अपने को दूर रखने का निर्णय किया है. जेटली के पास कंपनी मामलों के मंत्रालय का भी प्रभार है.
मिस्त्री को टाटा समूह के चेयरमैन पद से पिछले महीने के आखिर में झटके से हटा दिया गया. उन्होंने इस प्रकरण में अपनी बात रखने के लिए जेटली से मुलाकात का समय मांगा है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि वित्त मंत्री ने फिलहाल दोनों में से किसी पक्ष से नहीं मिलने का निर्णय किया है, क्योंकि सरकार देश के इस प्रमुख औद्योगिक समूह के आंतरिक उठापटक में लिप्त होते नहीं दिखना चाहती है.
टाटा समूह की धारक कंपनी टाटा संस ने मिस्त्री की जगह पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को चार महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया है. रतन टाटा ने फिलहाल जेटली से मुलाकात का समय नहीं मांगा है, लेकिन मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि दोनों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय लिया था. अधिकारी ने कहा कि सरकार टाटा घराने के पचड़े में खुद उलझना नहीं चाहती. टिप्पणियां
इससे पहले वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा था कि सरकार टाटा समूह की घटनाओं पर नजदीकी से निगाह रखे हुए है. उन्होंने कहा था कि सेबी और अन्य एजेंसियां भी इस मामले में सतर्क हैं, लेकिन अभी तक कोई मामला कॉरपोरेट मंत्रालय के पास नहीं पहुंचा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मिस्त्री को टाटा समूह के चेयरमैन पद से पिछले महीने के आखिर में झटके से हटा दिया गया. उन्होंने इस प्रकरण में अपनी बात रखने के लिए जेटली से मुलाकात का समय मांगा है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि वित्त मंत्री ने फिलहाल दोनों में से किसी पक्ष से नहीं मिलने का निर्णय किया है, क्योंकि सरकार देश के इस प्रमुख औद्योगिक समूह के आंतरिक उठापटक में लिप्त होते नहीं दिखना चाहती है.
टाटा समूह की धारक कंपनी टाटा संस ने मिस्त्री की जगह पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को चार महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया है. रतन टाटा ने फिलहाल जेटली से मुलाकात का समय नहीं मांगा है, लेकिन मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि दोनों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय लिया था. अधिकारी ने कहा कि सरकार टाटा घराने के पचड़े में खुद उलझना नहीं चाहती. टिप्पणियां
इससे पहले वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा था कि सरकार टाटा समूह की घटनाओं पर नजदीकी से निगाह रखे हुए है. उन्होंने कहा था कि सेबी और अन्य एजेंसियां भी इस मामले में सतर्क हैं, लेकिन अभी तक कोई मामला कॉरपोरेट मंत्रालय के पास नहीं पहुंचा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टाटा समूह की धारक कंपनी टाटा संस ने मिस्त्री की जगह पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को चार महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया है. रतन टाटा ने फिलहाल जेटली से मुलाकात का समय नहीं मांगा है, लेकिन मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि दोनों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय लिया था. अधिकारी ने कहा कि सरकार टाटा घराने के पचड़े में खुद उलझना नहीं चाहती. टिप्पणियां
इससे पहले वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा था कि सरकार टाटा समूह की घटनाओं पर नजदीकी से निगाह रखे हुए है. उन्होंने कहा था कि सेबी और अन्य एजेंसियां भी इस मामले में सतर्क हैं, लेकिन अभी तक कोई मामला कॉरपोरेट मंत्रालय के पास नहीं पहुंचा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा था कि सरकार टाटा समूह की घटनाओं पर नजदीकी से निगाह रखे हुए है. उन्होंने कहा था कि सेबी और अन्य एजेंसियां भी इस मामले में सतर्क हैं, लेकिन अभी तक कोई मामला कॉरपोरेट मंत्रालय के पास नहीं पहुंचा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:अभी तक इससे जुड़ा कोई मामला कॉरपोरेट मंत्रालय के पास नहीं पहुंचा
जेटली के पास कंपनी मामलों के मंत्रालय का भी प्रभार है
सरकार टाटा घराने के पचड़े में खुद नहीं उलझना चाहती | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एनडीटीवी के 'इंडियन ऑफ द ईयर-2012' कार्यक्रम में आए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि मध्यावधि चुनाव की कोई संभावना नहीं है। सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। हालांकि, उन्होंने तीसरे टर्म के बारे में पूछे गए सवाल को टाल दिया।टिप्पणियां
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने एनडीटीवी के योगदान की भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने समय से पहले चुनाव कराए जाने की संभावना से किया इनकार करते हुए कहा कि उनकी सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। वह इस सवाल को टाल गए कि क्या वह तीसरा कार्यकाल स्वीकार करेंगे... उन्होंने कहा कि अभी उनका मौजूदा कार्यकाल पूरा होने में कुछ वक्त बाकी है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने एनडीटीवी के योगदान की भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने समय से पहले चुनाव कराए जाने की संभावना से किया इनकार करते हुए कहा कि उनकी सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। वह इस सवाल को टाल गए कि क्या वह तीसरा कार्यकाल स्वीकार करेंगे... उन्होंने कहा कि अभी उनका मौजूदा कार्यकाल पूरा होने में कुछ वक्त बाकी है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने समय से पहले चुनाव कराए जाने की संभावना से किया इनकार करते हुए कहा कि उनकी सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। वह इस सवाल को टाल गए कि क्या वह तीसरा कार्यकाल स्वीकार करेंगे... उन्होंने कहा कि अभी उनका मौजूदा कार्यकाल पूरा होने में कुछ वक्त बाकी है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एनडीटीवी के 'इंडियन ऑफ द ईयर-2012' कार्यक्रम में आए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि मध्यावधि चुनाव की कोई संभावना नहीं है। सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। हालांकि, उन्होंने तीसरे टर्म के बारे में पूछे गए सवाल को टाल दिया। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बिहार में शानदार प्रदर्शन किया. बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय (Nityanand Rai) को केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी स्थान मिल गया है. अब पार्टी राज्य में नए अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए माथापच्ची कर रही है. कई नामों को लेकर मंथन जारी है. कहा जा रहा है कि अगले साल बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए नेतृत्वकर्ता के रूप में दमदार चेहरे की खोज की जा रही है. भाजपा नए नेतृत्व के जरिये बिहार में सामाजिक समीकरणों को भी साधने की भी कोशिश करेगी. आपको बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस चुनाव में भाजपा को न केवल करीब ढाई प्रतिशत ज्यादा मत मिले, बल्कि पार्टी का स्ट्राइक रेट भी 100 प्रतिशत रहा. राजग में भाजपा ने अपने हिस्से की सभी 17 सीटों पर जीत हासिल की.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय (Nityanand Rai) दूसरी बार उजियारपुर संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल की. इस चुनाव में राय ने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को पराजित किया, जिसका पुरस्कार भी उन्हें केंद्र में पहली बार मंत्री बनाकर पार्टी ने दिया. नित्यानंद राय के मंत्री बनने के बाद यह तय है कि वे अब अध्यक्ष पद छोड़ेंगे. राय ने हालांकि अब तक औपचारिक रूप से अपने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया है. लोकसभा चुनाव परिणाम के आंकड़ों पर गौर करें तो इस चुनाव में भाजपा को दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों का भी साथ मिला है. सूत्रों का दावा है कि इस बार चुनाव जीतने और केंद्र में मंत्री नहीं बनने वाले पूर्व मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, संजय जायसवाल जैसे दिग्गज सांसदों में से किसी एक को भी यहां के शीर्ष पद की जिम्मेवारी सौंपी जा सकती है. | सारांश: बिहार बीजेपी में अध्यक्ष को लेकर मंथन जारी
मौजूदा अध्यक्ष नित्यानंद राय बने चुके हैं मंत्री
कई कद्दावर नेता दौड़ में शामिल हैं | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के जिलही गांव में संदिग्ध परिस्थितियों प्रेमी युगल की मौत हो गई. जहां प्रेमी का शव मंदिर में मिला, वहीं प्रेमिका का शव प्रेमी के किराए के मकान में मिला. कहा जा रहा है कि प्रेमी युगल ने जहर खाकर जान दी है.
पुलिस के मुताबिक, बेवर थाना क्षेत्र के जिलही गांव निवासी सुलेखा (17) और पेशे से दूधिया शादीशुदा वीरबल (28) से पिछले 4 सालों से प्रेम संबंध था. बीते 15 दिन से बीरबल अपनी पत्नी मुन्नी देवी के साथ बेवर में किशोर गुप्ता के मकान में किराए पर रहता था. गुरुवार को वीरबल के साथ सुलेखा उसके घर आई थी, तीनों साथ थे. खाना खाने के बाद वीरबल अपने गांव चला गया. सुबह जिलही में उसका शव मंदिर के पास मिला.
वहीं बीरबल के घर में रुकी सुलेखा की भी घर में मौत हो गई. कहा जा रहा है कि दोनों की जहर खाने से मौत हुई है. मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने शक के आधार पर वीरबल की पत्नी को हिरासत में लिया. साथ ही शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
एसपी मैनपुरी राजेश एस. ने बताया कि शक है कि दोनों को जहर देकर मारा गया है. पता चला है कि मृतक बीरबल की पत्नी को दोनों के प्रेम संबंध का पता था और वह इसका पति से विरोध भी करती थी. उन्होंने बताया कि पता चला कि बीरबल तीन साल पहले जिलही के प्रधान पुत्र की हत्या के मामले में 8 माह जेल भी रहा, उसकी प्रेमिका जेल में उससे मिलने जाती थी. टिप्पणियां
इसी साल प्रेम संबंधों को लेकर परिजनों से विवाद हुआ तो पुलिस ने शांति भंग में जेल भेज था. प्रेम संबधों में दोनों की मौत की बात सामने आ रही है. फिलहाल पुलिस मृतक की पत्नी से पूछताछ कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस के मुताबिक, बेवर थाना क्षेत्र के जिलही गांव निवासी सुलेखा (17) और पेशे से दूधिया शादीशुदा वीरबल (28) से पिछले 4 सालों से प्रेम संबंध था. बीते 15 दिन से बीरबल अपनी पत्नी मुन्नी देवी के साथ बेवर में किशोर गुप्ता के मकान में किराए पर रहता था. गुरुवार को वीरबल के साथ सुलेखा उसके घर आई थी, तीनों साथ थे. खाना खाने के बाद वीरबल अपने गांव चला गया. सुबह जिलही में उसका शव मंदिर के पास मिला.
वहीं बीरबल के घर में रुकी सुलेखा की भी घर में मौत हो गई. कहा जा रहा है कि दोनों की जहर खाने से मौत हुई है. मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने शक के आधार पर वीरबल की पत्नी को हिरासत में लिया. साथ ही शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
एसपी मैनपुरी राजेश एस. ने बताया कि शक है कि दोनों को जहर देकर मारा गया है. पता चला है कि मृतक बीरबल की पत्नी को दोनों के प्रेम संबंध का पता था और वह इसका पति से विरोध भी करती थी. उन्होंने बताया कि पता चला कि बीरबल तीन साल पहले जिलही के प्रधान पुत्र की हत्या के मामले में 8 माह जेल भी रहा, उसकी प्रेमिका जेल में उससे मिलने जाती थी. टिप्पणियां
इसी साल प्रेम संबंधों को लेकर परिजनों से विवाद हुआ तो पुलिस ने शांति भंग में जेल भेज था. प्रेम संबधों में दोनों की मौत की बात सामने आ रही है. फिलहाल पुलिस मृतक की पत्नी से पूछताछ कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वहीं बीरबल के घर में रुकी सुलेखा की भी घर में मौत हो गई. कहा जा रहा है कि दोनों की जहर खाने से मौत हुई है. मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने शक के आधार पर वीरबल की पत्नी को हिरासत में लिया. साथ ही शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
एसपी मैनपुरी राजेश एस. ने बताया कि शक है कि दोनों को जहर देकर मारा गया है. पता चला है कि मृतक बीरबल की पत्नी को दोनों के प्रेम संबंध का पता था और वह इसका पति से विरोध भी करती थी. उन्होंने बताया कि पता चला कि बीरबल तीन साल पहले जिलही के प्रधान पुत्र की हत्या के मामले में 8 माह जेल भी रहा, उसकी प्रेमिका जेल में उससे मिलने जाती थी. टिप्पणियां
इसी साल प्रेम संबंधों को लेकर परिजनों से विवाद हुआ तो पुलिस ने शांति भंग में जेल भेज था. प्रेम संबधों में दोनों की मौत की बात सामने आ रही है. फिलहाल पुलिस मृतक की पत्नी से पूछताछ कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एसपी मैनपुरी राजेश एस. ने बताया कि शक है कि दोनों को जहर देकर मारा गया है. पता चला है कि मृतक बीरबल की पत्नी को दोनों के प्रेम संबंध का पता था और वह इसका पति से विरोध भी करती थी. उन्होंने बताया कि पता चला कि बीरबल तीन साल पहले जिलही के प्रधान पुत्र की हत्या के मामले में 8 माह जेल भी रहा, उसकी प्रेमिका जेल में उससे मिलने जाती थी. टिप्पणियां
इसी साल प्रेम संबंधों को लेकर परिजनों से विवाद हुआ तो पुलिस ने शांति भंग में जेल भेज था. प्रेम संबधों में दोनों की मौत की बात सामने आ रही है. फिलहाल पुलिस मृतक की पत्नी से पूछताछ कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसी साल प्रेम संबंधों को लेकर परिजनों से विवाद हुआ तो पुलिस ने शांति भंग में जेल भेज था. प्रेम संबधों में दोनों की मौत की बात सामने आ रही है. फिलहाल पुलिस मृतक की पत्नी से पूछताछ कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: प्रेमी शादीशुदा था और पत्नी को उसके इन संबंधों पर कड़ा ऐतराज था
प्रेमी जिलगी गांव के प्रधान के पुत्र की हत्या में 8 माह जेल भी रहा
जेल में भी मिलते जाती थी उसकी प्रेमिका, परिवारों में था झगड़ा | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव की फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' महिलाओं की आकांक्षाओं की कहानी कहती है, फिर चाहे वो किसी भी उम्र, धर्म या समाज की हों. इस फिल्म में एक महिला की पूरी जिंदगी की कहानी चार पात्रों द्वारा कही गयी है जो उम्र के अलग पड़ाव पर हैं. किस तरह यह महिलाएं समाज, परिवार और रवायतों की बंदिशों में जकड़ी हुई अपनी आकांक्षाओं का गला घोंट कर उन्हें जीने को मजबूर करती हैं. इस फिल्म में रिहाना ( पलाबिता बोरठाकुर) बुर्के में कैद, अपने सपनों और चाहतों को परिवार की परंपराओं के बंधनों से आजाद करना चाहती हैं, वहीं दूसरी तरफ लीला (आहाना कुमरा) एक ब्यूटी पार्लर चलती है, पर उसके सपने भोपाल की तंग गलियों से निकलना चाहते हैं.
फिल्म की खामियों की बात करें तो, मैं इसे फिल्मकार की नहीं, बल्कि समय की कमी मानता हूं क्योंकि इस तरह के विषय पर पहले भी फिल्में बन चुकी हैं और जो हाल ही की फिल्म मुझे याद आती है, वह है 'पार्च्ट'. तुलना की जाए तो उस फिल्म में भी कहानी की आत्मा 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' जैसी ही थी, लेकिन हर फिल्मकार को अपनी तरह से अपनी कहानी कहने का हक है पर बतौर आलोचक मेरी मुश्किल ये हो जाती है की विषय में फिर उतना नयापन नहीं लगता.
इसके अलावा फिल्म की दूसरी कमी है फिल्म में इंटरवेल के बाद का थोड़ा सा हिस्सा, जहां फिल्म की कहानी की गति कम हो जाती है. इसके अलावा अगर देखें तो यह फिल्म समाज के सिर्फ एक वर्ग यानी मध्यम वर्ग या नीचले माध्यम वर्ग की कहानी कहती है. अगर उच्च वर्ग की भी बात होती तो शायद रेंज और बढ़ जाती. | यहाँ एक सारांश है:भोपल शहर में रहने वाली 4 लड़कियों की कहानी है यह फिल्म
फिल्म की निर्देशक अलंकृता श्रीवास्तव ने किया है शानदार काम
हमारी तरफ से इस फिल्म को मिलते हैं 3.5 स्टार्स | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फेसबुक का शेयर बाजार में बहु-प्रतीक्षित प्रवेश उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और बगैर किसी भारी फेर-बदल के पेशकश मूल्य के आस-पास ही बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान 45 डॉलर प्रति शेयर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद शेयर सिर्फ 0.61 फीसदी चढ़कर 38.23 डॉलर पर बंद हुआ।टिप्पणियां
मार्क जुकरबर्ग और फेसबुक में उनके सहयोगियों के लिए शुक्रवार का दिन उम्मीदों से भरा था। सबकी आंखें नैस्डैक पर टिकी थीं जहां ‘एफबी’ संकेतक के साथ कारोबार शुरू होना था। शेयर कारोबार शुरू होने के कुछ देर तक फेसबुक का शेयर अपने पेशकश मूल्य 38 डॉलर पर बरकरार रहा।
करीब आधे घंटे बाद शेयर करीब 11 फीसदी चढ़कर 42.05 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। दिन के कारोबार के दौरान फेसबुक का शेयर 45 डॉलर के उच्चतम स्तर और 38 डालर के निम्नतम स्तर पर रहा। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 104.81 अरब डॉलर है। हालांकि इस शेयर से जुड़ी उम्मीद जल्दी ही टूटने लगी और शेयर वापस 38 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। फेसबुक का शेयर पहले दिन के कारोबार के दौरान 38.23 डॉलर पर बंद हुआ।
मार्क जुकरबर्ग और फेसबुक में उनके सहयोगियों के लिए शुक्रवार का दिन उम्मीदों से भरा था। सबकी आंखें नैस्डैक पर टिकी थीं जहां ‘एफबी’ संकेतक के साथ कारोबार शुरू होना था। शेयर कारोबार शुरू होने के कुछ देर तक फेसबुक का शेयर अपने पेशकश मूल्य 38 डॉलर पर बरकरार रहा।
करीब आधे घंटे बाद शेयर करीब 11 फीसदी चढ़कर 42.05 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। दिन के कारोबार के दौरान फेसबुक का शेयर 45 डॉलर के उच्चतम स्तर और 38 डालर के निम्नतम स्तर पर रहा। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 104.81 अरब डॉलर है। हालांकि इस शेयर से जुड़ी उम्मीद जल्दी ही टूटने लगी और शेयर वापस 38 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। फेसबुक का शेयर पहले दिन के कारोबार के दौरान 38.23 डॉलर पर बंद हुआ।
करीब आधे घंटे बाद शेयर करीब 11 फीसदी चढ़कर 42.05 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। दिन के कारोबार के दौरान फेसबुक का शेयर 45 डॉलर के उच्चतम स्तर और 38 डालर के निम्नतम स्तर पर रहा। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 104.81 अरब डॉलर है। हालांकि इस शेयर से जुड़ी उम्मीद जल्दी ही टूटने लगी और शेयर वापस 38 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। फेसबुक का शेयर पहले दिन के कारोबार के दौरान 38.23 डॉलर पर बंद हुआ। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिन के कारोबार के दौरान 45 डॉलर प्रति शेयर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद शेयर सिर्फ 0.61 फीसदी चढ़कर 38.23 डॉलर पर बंद हुआ। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व में हॉकी की सबसे बड़ी संस्था-अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने वर्ष 2012 में एफआईएच वर्ल्ड लीग शुरू करने की घोषणा की है। इसमें सभी प्रमुख देश हिस्सा लेंगे और इसके लिए सभी देशों के पास निमंत्रण भेज दिया गया है। एफआईएच की विज्ञप्ति में कहा गया है कि एफआईएच वर्ल्ड लीग में एफआईएच के सभी सदस्यों देशों को हिस्सा लेने का मौका दिया जाएगा। इसके जरिए इसमें शरीक होने वाले देशों के लिए विश्व कप और ओलिंपिक में खेलने का भी दरवाजा खुलेगा। 2012-13 सत्र के दौरान वर्ल्ड लीग में खेलने वाली चार टीमें 2014 विश्व कप में सीधे प्रवेश पाने की हकदार होंगी। विश्व कप का आयोजन नीदरलैंड्स के शहर हेग में होना है। एफआईएच के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैली फेयरवेदर ने कहा, "वर्ल्ड लीग प्रतियोगिता के माध्यम से हम एक कदम और आगे बढ़ाने पर खुश हैं। हम इसे काफी समय पहले शुरू करना चाहते थे। हम चाहते हैं कि इस आयोजन के माध्यम से सभी देश इलीट हॉकी में हिस्सा लें।" वर्ल्ड लीग चार राउंड में खेली जाएगी। शुरुआती दो राउंड 2012 कैलेंडर वर्ष में आयोजित होंगे जबकि तीसरा और चाथा राउंड 2013 में आयोजित किया जाएगा। इसमें महिला एवं पुरुष टीमें हिस्सा ले सकेंगी। टीमों के पास एक अप्रैल, 2011 तक यह बताने का समय है कि वे इसमें खेलने की इच्छुक हैं या नहीं। एफआईएच विश्व वरीयता क्रम में शीर्ष-8 स्थानों पर काबिज महिला एवं पुरुष टीमों को तीसरे दौर तक बाई मिलेगा। साथ ही साथ वरीयता क्रम में 9 से 16 स्थानों पर मौजूद टीमों को दूसरे राउंड में खेलने का टिकट मिलेगा। प्रत्येक राउंड में एफआईएच विश्व रैंकिंग प्रणाली लागू होगी। अंक किस प्रकार आवंटित किए जाएंगे, इसकी घोषणा बाद में की जाएगी। टूर्नामेंट में कितने राउंड होंगे, इसका फैसला पंजीकृत टीमों की संख्या पर निर्भर करेगा। इस तरह इसमें प्रत्येक देश को हिस्सा लेने का मौका देने का प्रयास किया गया है। | यह एक सारांश है: विश्व में हॉकी की सबसे बड़ी संस्था-अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने वर्ष 2012 में एफआईएच वर्ल्ड लीग शुरू करने की घोषणा की है। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने बुधवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करके उन्हें देश का शीर्ष संवैधानिक पद संभालने के लिए बधाई दी।
गडकरी ने मुखर्जी से अपनी मुलाकात को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताते हुए कहा कि इसका राजनीति से कुछ लेना-देना नहीं है।टिप्पणियां
राष्ट्रपति भवन से बाहर आने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने पर मुझे उनको बधाई देनी थी। मैंने उन्हें बधाई दी और कुछ चर्चा की। मेरे उनके साथ पुराने व्यक्तिगत रिश्ते हैं। यह शिष्टाचार भेंट थी। भाजपा अध्यक्ष ने हालांकि राम जेठमलानी की ओर से उन्हें लिखे उस पत्र के बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसमें इस वरिष्ठ अधिवक्ता और पार्टी सदस्य ने 1214 के लोकसभा चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग की है।
जेठमलानी के पत्र के बारे में बार बार पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे इसके बारे में नहीं मालूम ..हम बाद में मिलेंगे।
गडकरी ने मुखर्जी से अपनी मुलाकात को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताते हुए कहा कि इसका राजनीति से कुछ लेना-देना नहीं है।टिप्पणियां
राष्ट्रपति भवन से बाहर आने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने पर मुझे उनको बधाई देनी थी। मैंने उन्हें बधाई दी और कुछ चर्चा की। मेरे उनके साथ पुराने व्यक्तिगत रिश्ते हैं। यह शिष्टाचार भेंट थी। भाजपा अध्यक्ष ने हालांकि राम जेठमलानी की ओर से उन्हें लिखे उस पत्र के बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसमें इस वरिष्ठ अधिवक्ता और पार्टी सदस्य ने 1214 के लोकसभा चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग की है।
जेठमलानी के पत्र के बारे में बार बार पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे इसके बारे में नहीं मालूम ..हम बाद में मिलेंगे।
राष्ट्रपति भवन से बाहर आने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने पर मुझे उनको बधाई देनी थी। मैंने उन्हें बधाई दी और कुछ चर्चा की। मेरे उनके साथ पुराने व्यक्तिगत रिश्ते हैं। यह शिष्टाचार भेंट थी। भाजपा अध्यक्ष ने हालांकि राम जेठमलानी की ओर से उन्हें लिखे उस पत्र के बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसमें इस वरिष्ठ अधिवक्ता और पार्टी सदस्य ने 1214 के लोकसभा चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग की है।
जेठमलानी के पत्र के बारे में बार बार पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे इसके बारे में नहीं मालूम ..हम बाद में मिलेंगे।
जेठमलानी के पत्र के बारे में बार बार पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे इसके बारे में नहीं मालूम ..हम बाद में मिलेंगे। | यह एक सारांश है: भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने बुधवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करके उन्हें देश का शीर्ष संवैधानिक पद संभालने के लिए बधाई दी। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अभिनेत्री करिश्मा कपूर का कहना है कि वह अपने जीवन के इस चरण का आनंद ले रही हैं। आगे निकलने की होड़ से दूर अभिनेत्री इस बात से भी बेहद खुश हैं कि वह अपने हिसाब से परियोजनाओं का चयन करती हैं।
करिश्मा ने बताया, मैं समझती हूं कि यह बहुत शानदार स्थिति है। मैं आगे निकलने की होड़ और भारी दबाव से दूर हूं। मैं अपने हिसाब से काम कर सकती हूं और वहीं करती हूं, जो मुझे पसंद है। इसलिए यह बहुत अच्छी चीज है।टिप्पणियां
38 वर्षीय करिश्मा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1991 में आई फिल्म 'प्रेम कैदी' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अनाड़ी', 'राज बाबू', 'राजा हिन्दुस्तानी' और 'दिल तो पागल है' जैसी कामयाब फिल्में दी।
वर्ष 2003 में उद्योगपति संजय कपूर से शादी के बाद वह बॉलीवुड से दूर हो गई थी। उनकी बेटी का नाम समैरा (7 वर्ष) और बेटे का नाम कियान (2 वर्ष) है। उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में विक्रम भट्ट की 'डेंजर्स इश्क' से फिल्मों में वापसी की।
करिश्मा ने बताया, मैं समझती हूं कि यह बहुत शानदार स्थिति है। मैं आगे निकलने की होड़ और भारी दबाव से दूर हूं। मैं अपने हिसाब से काम कर सकती हूं और वहीं करती हूं, जो मुझे पसंद है। इसलिए यह बहुत अच्छी चीज है।टिप्पणियां
38 वर्षीय करिश्मा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1991 में आई फिल्म 'प्रेम कैदी' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अनाड़ी', 'राज बाबू', 'राजा हिन्दुस्तानी' और 'दिल तो पागल है' जैसी कामयाब फिल्में दी।
वर्ष 2003 में उद्योगपति संजय कपूर से शादी के बाद वह बॉलीवुड से दूर हो गई थी। उनकी बेटी का नाम समैरा (7 वर्ष) और बेटे का नाम कियान (2 वर्ष) है। उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में विक्रम भट्ट की 'डेंजर्स इश्क' से फिल्मों में वापसी की।
38 वर्षीय करिश्मा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1991 में आई फिल्म 'प्रेम कैदी' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'अनाड़ी', 'राज बाबू', 'राजा हिन्दुस्तानी' और 'दिल तो पागल है' जैसी कामयाब फिल्में दी।
वर्ष 2003 में उद्योगपति संजय कपूर से शादी के बाद वह बॉलीवुड से दूर हो गई थी। उनकी बेटी का नाम समैरा (7 वर्ष) और बेटे का नाम कियान (2 वर्ष) है। उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में विक्रम भट्ट की 'डेंजर्स इश्क' से फिल्मों में वापसी की।
वर्ष 2003 में उद्योगपति संजय कपूर से शादी के बाद वह बॉलीवुड से दूर हो गई थी। उनकी बेटी का नाम समैरा (7 वर्ष) और बेटे का नाम कियान (2 वर्ष) है। उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में विक्रम भट्ट की 'डेंजर्स इश्क' से फिल्मों में वापसी की। | सारांश: करिश्मा ने बताया, मैं समझती हूं कि यह बहुत शानदार स्थिति है। मैं आगे निकलने की होड़ और भारी दबाव से दूर हूं। मैं अपने हिसाब से काम कर सकती हूं और वहीं करती हूं, जो मुझे पसंद है। इसलिए यह बहुत अच्छी चीज है। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीबीआई ने 450 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड रिश्वत मामले में शुक्रवार को अपनी तरह की पहली कार्रवाई में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके रिश्ते के भाई संजीव और वकील गौतम खेतान को गिरफ्तार किया. यह मामला 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद से जुड़ा है.टिप्पणियां
वर्ष 2013 में एफआईआर दर्ज किए जाने के तीन साल बाद सीबीआई द्वारा इस मामले में ये पहली गिरफ्तारियां हैं. इटली में इस घोटाले के ब्योरे उजागर होने के बाद आरोपों की जांच के लिए 2013 में मामला दर्ज किया गया था. इटली में अभियोजकों ने अगस्ता वेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमेकैनिका के प्रमुख के खिलाफ इस सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्ष 2013 में एफआईआर दर्ज किए जाने के तीन साल बाद सीबीआई द्वारा इस मामले में ये पहली गिरफ्तारियां हैं. इटली में इस घोटाले के ब्योरे उजागर होने के बाद आरोपों की जांच के लिए 2013 में मामला दर्ज किया गया था. इटली में अभियोजकों ने अगस्ता वेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमेकैनिका के प्रमुख के खिलाफ इस सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी को CBI ने चॉपर घोटाले में गिरफ्तार किया है
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को त्यागी को 4 दिन की हिरासत में भेज दिया
अरूप राहा ने कहा- जो भी अंतिम फैसला होगा, हम उसे मानेंगे | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गत सप्ताह शेयर बाजार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में जहां एक फीसदी से अधिक और निफ्टी में आधे फीसदी से कुछ कम गिरावट रही, वहीं बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर 10 फीसदी से अधिक गिरावट का शिकार हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 1.13 फीसदी या 207.67 अंकों की गिरावट के साथ 18,242.56 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी इसी अवधि में 0.44 फीसदी या 24.7 अंकों की गिरावट के साथ 5,528.55 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। टाटा मोटर्स (7.87 फीसदी), सिप्ला (4.71 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (4.71 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (3.66 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.95 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (19.85 फीसदी), विप्रो (15.71 फीसदी), टाटा स्टील (2.97 फीसदी), कोल इंडिया (2.77 फीसदी) और जिंदल स्टील (2.09 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 0.73 फीसदी या 44.72 अंकों की गिरावट के साथ 6,099.64 पर और स्मॉलकैप 0.71 फीसदी या 42.28 अंकों की गिरावट के साथ 5,872.11 पर बंद हुआ।
बीएसई के तेजी में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.61 फीसदी), वाहन (1.83 फीसदी), रियल्टी (1.77 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.20 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.98 फीसदी)। गिरावट वाल सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (10.26 फीसदी), धातु (1.21 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कम्पनी इंफोसिस ने शुक्रवार को 2012-13 की चौथी तिमाही का परिणाम घोषित किया। कम्पनी के वर्तमान काराबारी वर्ष में आय के अनुमान ने निवेशकों को निराश किया, जिसके कारण कम्पनी के शेयर शुक्रवार को 21.33 फीसदी गिरावट के शिकार हुए।
इंफोसिस ने कारोबारी वर्ष 2013-14 के लिए कुल आय में 2012-13 के मुकाबले छह से 10 फीसदी वृद्धि (डॉलर मूल्य में) का अनुमान जाहिर किया।
आलोच्य अवधि में कम्पनी की समेकित आय साल दर साल आधार पर 19.6 फीसदी वृद्धि के साथ 40,352 करोड़ रुपये रही, जो 2011-12 की समान अवधि में 33,734 करोड़ रुपये थी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिग मानक के तहत आय साल दर साल आधार पर सात अरब डॉलर से 5.8 फीसदी बढ़कर 7.4 अरब डॉलर रही।
गुरुवार को भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौता जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि होगी।टिप्पणियां
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 1.13 फीसदी या 207.67 अंकों की गिरावट के साथ 18,242.56 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी इसी अवधि में 0.44 फीसदी या 24.7 अंकों की गिरावट के साथ 5,528.55 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। टाटा मोटर्स (7.87 फीसदी), सिप्ला (4.71 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (4.71 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (3.66 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.95 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (19.85 फीसदी), विप्रो (15.71 फीसदी), टाटा स्टील (2.97 फीसदी), कोल इंडिया (2.77 फीसदी) और जिंदल स्टील (2.09 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 0.73 फीसदी या 44.72 अंकों की गिरावट के साथ 6,099.64 पर और स्मॉलकैप 0.71 फीसदी या 42.28 अंकों की गिरावट के साथ 5,872.11 पर बंद हुआ।
बीएसई के तेजी में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.61 फीसदी), वाहन (1.83 फीसदी), रियल्टी (1.77 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.20 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.98 फीसदी)। गिरावट वाल सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (10.26 फीसदी), धातु (1.21 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कम्पनी इंफोसिस ने शुक्रवार को 2012-13 की चौथी तिमाही का परिणाम घोषित किया। कम्पनी के वर्तमान काराबारी वर्ष में आय के अनुमान ने निवेशकों को निराश किया, जिसके कारण कम्पनी के शेयर शुक्रवार को 21.33 फीसदी गिरावट के शिकार हुए।
इंफोसिस ने कारोबारी वर्ष 2013-14 के लिए कुल आय में 2012-13 के मुकाबले छह से 10 फीसदी वृद्धि (डॉलर मूल्य में) का अनुमान जाहिर किया।
आलोच्य अवधि में कम्पनी की समेकित आय साल दर साल आधार पर 19.6 फीसदी वृद्धि के साथ 40,352 करोड़ रुपये रही, जो 2011-12 की समान अवधि में 33,734 करोड़ रुपये थी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिग मानक के तहत आय साल दर साल आधार पर सात अरब डॉलर से 5.8 फीसदी बढ़कर 7.4 अरब डॉलर रही।
गुरुवार को भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौता जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि होगी।टिप्पणियां
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। टाटा मोटर्स (7.87 फीसदी), सिप्ला (4.71 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (4.71 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (3.66 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.95 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (19.85 फीसदी), विप्रो (15.71 फीसदी), टाटा स्टील (2.97 फीसदी), कोल इंडिया (2.77 फीसदी) और जिंदल स्टील (2.09 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 0.73 फीसदी या 44.72 अंकों की गिरावट के साथ 6,099.64 पर और स्मॉलकैप 0.71 फीसदी या 42.28 अंकों की गिरावट के साथ 5,872.11 पर बंद हुआ।
बीएसई के तेजी में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.61 फीसदी), वाहन (1.83 फीसदी), रियल्टी (1.77 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.20 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.98 फीसदी)। गिरावट वाल सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (10.26 फीसदी), धातु (1.21 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कम्पनी इंफोसिस ने शुक्रवार को 2012-13 की चौथी तिमाही का परिणाम घोषित किया। कम्पनी के वर्तमान काराबारी वर्ष में आय के अनुमान ने निवेशकों को निराश किया, जिसके कारण कम्पनी के शेयर शुक्रवार को 21.33 फीसदी गिरावट के शिकार हुए।
इंफोसिस ने कारोबारी वर्ष 2013-14 के लिए कुल आय में 2012-13 के मुकाबले छह से 10 फीसदी वृद्धि (डॉलर मूल्य में) का अनुमान जाहिर किया।
आलोच्य अवधि में कम्पनी की समेकित आय साल दर साल आधार पर 19.6 फीसदी वृद्धि के साथ 40,352 करोड़ रुपये रही, जो 2011-12 की समान अवधि में 33,734 करोड़ रुपये थी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिग मानक के तहत आय साल दर साल आधार पर सात अरब डॉलर से 5.8 फीसदी बढ़कर 7.4 अरब डॉलर रही।
गुरुवार को भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौता जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि होगी।टिप्पणियां
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 0.73 फीसदी या 44.72 अंकों की गिरावट के साथ 6,099.64 पर और स्मॉलकैप 0.71 फीसदी या 42.28 अंकों की गिरावट के साथ 5,872.11 पर बंद हुआ।
बीएसई के तेजी में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.61 फीसदी), वाहन (1.83 फीसदी), रियल्टी (1.77 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.20 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.98 फीसदी)। गिरावट वाल सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (10.26 फीसदी), धातु (1.21 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कम्पनी इंफोसिस ने शुक्रवार को 2012-13 की चौथी तिमाही का परिणाम घोषित किया। कम्पनी के वर्तमान काराबारी वर्ष में आय के अनुमान ने निवेशकों को निराश किया, जिसके कारण कम्पनी के शेयर शुक्रवार को 21.33 फीसदी गिरावट के शिकार हुए।
इंफोसिस ने कारोबारी वर्ष 2013-14 के लिए कुल आय में 2012-13 के मुकाबले छह से 10 फीसदी वृद्धि (डॉलर मूल्य में) का अनुमान जाहिर किया।
आलोच्य अवधि में कम्पनी की समेकित आय साल दर साल आधार पर 19.6 फीसदी वृद्धि के साथ 40,352 करोड़ रुपये रही, जो 2011-12 की समान अवधि में 33,734 करोड़ रुपये थी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिग मानक के तहत आय साल दर साल आधार पर सात अरब डॉलर से 5.8 फीसदी बढ़कर 7.4 अरब डॉलर रही।
गुरुवार को भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौता जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि होगी।टिप्पणियां
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
बीएसई के तेजी में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.61 फीसदी), वाहन (1.83 फीसदी), रियल्टी (1.77 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.20 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.98 फीसदी)। गिरावट वाल सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (10.26 फीसदी), धातु (1.21 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कम्पनी इंफोसिस ने शुक्रवार को 2012-13 की चौथी तिमाही का परिणाम घोषित किया। कम्पनी के वर्तमान काराबारी वर्ष में आय के अनुमान ने निवेशकों को निराश किया, जिसके कारण कम्पनी के शेयर शुक्रवार को 21.33 फीसदी गिरावट के शिकार हुए।
इंफोसिस ने कारोबारी वर्ष 2013-14 के लिए कुल आय में 2012-13 के मुकाबले छह से 10 फीसदी वृद्धि (डॉलर मूल्य में) का अनुमान जाहिर किया।
आलोच्य अवधि में कम्पनी की समेकित आय साल दर साल आधार पर 19.6 फीसदी वृद्धि के साथ 40,352 करोड़ रुपये रही, जो 2011-12 की समान अवधि में 33,734 करोड़ रुपये थी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिग मानक के तहत आय साल दर साल आधार पर सात अरब डॉलर से 5.8 फीसदी बढ़कर 7.4 अरब डॉलर रही।
गुरुवार को भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौता जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि होगी।टिप्पणियां
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कम्पनी इंफोसिस ने शुक्रवार को 2012-13 की चौथी तिमाही का परिणाम घोषित किया। कम्पनी के वर्तमान काराबारी वर्ष में आय के अनुमान ने निवेशकों को निराश किया, जिसके कारण कम्पनी के शेयर शुक्रवार को 21.33 फीसदी गिरावट के शिकार हुए।
इंफोसिस ने कारोबारी वर्ष 2013-14 के लिए कुल आय में 2012-13 के मुकाबले छह से 10 फीसदी वृद्धि (डॉलर मूल्य में) का अनुमान जाहिर किया।
आलोच्य अवधि में कम्पनी की समेकित आय साल दर साल आधार पर 19.6 फीसदी वृद्धि के साथ 40,352 करोड़ रुपये रही, जो 2011-12 की समान अवधि में 33,734 करोड़ रुपये थी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिग मानक के तहत आय साल दर साल आधार पर सात अरब डॉलर से 5.8 फीसदी बढ़कर 7.4 अरब डॉलर रही।
गुरुवार को भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौता जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि होगी।टिप्पणियां
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
इंफोसिस ने कारोबारी वर्ष 2013-14 के लिए कुल आय में 2012-13 के मुकाबले छह से 10 फीसदी वृद्धि (डॉलर मूल्य में) का अनुमान जाहिर किया।
आलोच्य अवधि में कम्पनी की समेकित आय साल दर साल आधार पर 19.6 फीसदी वृद्धि के साथ 40,352 करोड़ रुपये रही, जो 2011-12 की समान अवधि में 33,734 करोड़ रुपये थी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिग मानक के तहत आय साल दर साल आधार पर सात अरब डॉलर से 5.8 फीसदी बढ़कर 7.4 अरब डॉलर रही।
गुरुवार को भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौता जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि होगी।टिप्पणियां
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
आलोच्य अवधि में कम्पनी की समेकित आय साल दर साल आधार पर 19.6 फीसदी वृद्धि के साथ 40,352 करोड़ रुपये रही, जो 2011-12 की समान अवधि में 33,734 करोड़ रुपये थी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिग मानक के तहत आय साल दर साल आधार पर सात अरब डॉलर से 5.8 फीसदी बढ़कर 7.4 अरब डॉलर रही।
गुरुवार को भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौता जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि होगी।टिप्पणियां
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
गुरुवार को भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौता जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में काफी वृद्धि होगी।टिप्पणियां
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज (नासकॉम) ने बुधवार को 2013-14 में देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 से 14 फीसदी विकास की उम्मीद का इजहार किया, जिसमें पिछले कारोबारी साल डॉलर राशि में 10.2 फीसदी विकास दर्ज किया गया था।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है।
नासकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने कहा कि घरेलू उद्योग में डॉलर राशि में 15 से 16 फीसदी और निर्यात में 12 से 14 फीसदी विकास का अनुमान है। | सारांश: गत सप्ताह शेयर बाजार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में जहां एक फीसदी से अधिक और निफ्टी में आधे फीसदी से कुछ कम गिरावट रही, वहीं बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर 10 फीसदी से अधिक गिरावट का शिकार हुआ। | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ओडिशा में 2,000 रुपये के जाली नोट का इस्तेमाल करने की कोशिश करने के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया जबकि एक अन्य मामले में 2,000 रुपये के नये नोटों की 4.8 लाख रुपये से अधिक राशि जब्त की गई.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि झारसुगुडा के मधुसुदन मेहर को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह सुनारीमुंडा में एक पेट्रोल पंप पर जाली नोट को चलाने की कोशिश कर रहा था. पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने उसे पुलिस को सौंप दिया.
झारसुगुडा के उप-प्रभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), बिजय नंदा ने बताया, "वह नोट 2,000 रुपये के असली नोट की रंगीन फोटोकॉपी थी. झारसुगुडा पुलिस थाने में एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है."टिप्पणियां
इस बीच बोलानगीर जिले में पुलिस ने प्रवासी मजदूरों को काम पर लगाने वाले एक एजेंट के घर से 12 लाख रुपये से अधिक राशि जब्त की. वह एजेंट 'ददन सरदार' के नाम से जाना जाता है और उसके पास से जब्त की राशि में से 4.8 लाख रुपये से अधिक की राशि 2,000 के नये नोटों की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि झारसुगुडा के मधुसुदन मेहर को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह सुनारीमुंडा में एक पेट्रोल पंप पर जाली नोट को चलाने की कोशिश कर रहा था. पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने उसे पुलिस को सौंप दिया.
झारसुगुडा के उप-प्रभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), बिजय नंदा ने बताया, "वह नोट 2,000 रुपये के असली नोट की रंगीन फोटोकॉपी थी. झारसुगुडा पुलिस थाने में एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है."टिप्पणियां
इस बीच बोलानगीर जिले में पुलिस ने प्रवासी मजदूरों को काम पर लगाने वाले एक एजेंट के घर से 12 लाख रुपये से अधिक राशि जब्त की. वह एजेंट 'ददन सरदार' के नाम से जाना जाता है और उसके पास से जब्त की राशि में से 4.8 लाख रुपये से अधिक की राशि 2,000 के नये नोटों की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
झारसुगुडा के उप-प्रभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), बिजय नंदा ने बताया, "वह नोट 2,000 रुपये के असली नोट की रंगीन फोटोकॉपी थी. झारसुगुडा पुलिस थाने में एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है."टिप्पणियां
इस बीच बोलानगीर जिले में पुलिस ने प्रवासी मजदूरों को काम पर लगाने वाले एक एजेंट के घर से 12 लाख रुपये से अधिक राशि जब्त की. वह एजेंट 'ददन सरदार' के नाम से जाना जाता है और उसके पास से जब्त की राशि में से 4.8 लाख रुपये से अधिक की राशि 2,000 के नये नोटों की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बीच बोलानगीर जिले में पुलिस ने प्रवासी मजदूरों को काम पर लगाने वाले एक एजेंट के घर से 12 लाख रुपये से अधिक राशि जब्त की. वह एजेंट 'ददन सरदार' के नाम से जाना जाता है और उसके पास से जब्त की राशि में से 4.8 लाख रुपये से अधिक की राशि 2,000 के नये नोटों की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पेट्रोल पंप पर जाली नोट को चलाने की कोशिश कर रहा था
पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने उसे पुलिस को सौंप दिया
एक अन्य मामले में 2,000 रुपये के 4.8 लाख रुपये नये नोट जब्त | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने केरल के श्रीपद्मनाभस्वामी मंदिर के खजाने से मिले कीमती सामानों को सूचीबद्ध करने के लिए गुरुवार को राष्ट्रीय संग्रहालय के महानिदेशक सीवी आनंद बोस की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया। न्यायमूर्ति आरवी रवींद्रन और न्यायमूर्ति एके पटनायक की खंडपीठ ने कहा कि पांच सदस्यीय समिति 'कलारा ए' से प्राप्त वस्तुओं की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करेगी। साथ ही समिति कीमती सामानों के संरक्षण एवं सुरक्षा, मंदिर परिसर में उच्च सुरक्षा वाले संग्रहालय की स्थापना की संभावना और छठे खजाने 'कालरा बी' को खोले जाने की आवश्यकता पर भी सुझाव देगी, जो अब तक बंद है। यह सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के प्रति जिम्मेदार होगी और अदालत को ही रिपोर्ट करेगी। विशेषज्ञों की इस समिति के कामकाज की निगरानी के लिए अदालत ने न्यायमूर्ति एमएन कृष्णा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एक अन्य समिति का गठन भी किया है। अदालत ने मीडिया से मंदिर के खजानों को लेकर किसी तरह का आकलन नहीं करने के लिए कहा है। मंदिर के पांच खजानों से अब तक हीरे, मानिक, स्वर्ण आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं मिली हैं, जिनकी कीमत एक लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। इनकी खोज सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त टीम ने की है। अब तक मंदिर के छह में से पांच खजाने खोले गए हैं। विशेषज्ञों की समिति मंदिर से मिली इन मूल्यवान वस्तुओं को तीन श्रेणियों- ऐतिहासिक, कलात्मक एवं प्राचीन मूल्य के जेवरात, नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले जेवरात और केवल मौद्रिक मूल्य वाली वस्तुओं में सूचीबद्ध करेगी। | सारांश: सुप्रीम कोर्ट ने श्रीपद्मनाभस्वामी मंदिर के खजाने से मिले कीमती सामानों को सूचीबद्ध करने के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने वर्ष 1971 में हुए मुक्ति संग्राम के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने के जुर्म में कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के एक शीर्ष नेता को बुधवार को मौत की सजा सुनाई।
जमात के 65 वर्षीय महासचिव अली अहसन मोहम्मद मुजाहिद को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (2) ने मौत की सजा सुनाई।
इस फैसले से दो दिन पहले ही जमात-ए-इस्लामी के 91 वर्षीय प्रमुख गुलाम आजम को एक न्यायाधिकरण ने 90 साल की सजा सुनाई। यह सजा उन्हें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ज्यादतियों का प्रमुख षड्यंत्रकारी होने के आरोप में सुनाई गई।
न्यायाधीशों के तीन सदस्यीय दल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ओबैदुल हस्सा ने फैसले का अहम हिस्सा पढ़ते हुए कहा, ‘‘उन्हें तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक उनकी मौत नहीं हो जाती।’’ उन्होंने कहा कि मुजाहिद के खिलाफ लगाए गए सात में से पांच आरोप संदेह से परे हैं और अदालत मुक्ति समर्थक कई कार्यकर्ताओं को मार डालने में उनके निजी तौर पर संलिप्त रहने के दो आरोपों पर उन्हें मौत की सजा सुनाती है।
मुजाहिद, जमात की तत्कालीन छात्र शाखा के प्रबंधन से संचालित होने वाले कुख्यात अल-बदर मिलीशिया बल में दूसरे नंबर की हैसियत रखते थे।
फैसले पर गुस्से से भरी प्रतिक्रिया देते हुए 65 वर्षीय मुजाहिद ने कहा कि फैसला ‘100 प्रतिशत अन्याय है’’ और कुरान की एक आयत पढ़ी।
कठघरे में खड़े मुजाहिद ने कहा, ‘मैं शत-प्रतिशत निर्दोष हूं।’ उनके वकील ने कहा कि वह इस ‘अनुचित’ फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
अल-बदर ने मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना की सहायक बल की भूमिका निभाते हुए प्रमुख बांग्ला कार्यकर्ताओं को मारा था। मुजाहिद को ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायाधीकरण ने कहा कि मुजाहिद ने वरिष्ठ पत्रकार सिराजुद्दीन हुसैन की हत्या का हुक्म दिया था और पाकिस्तान के एक सैन्य अधिकारी को कई प्रमुख लोगों को यातना देने तथा हत्या करने के लिए उकसाया था। इनमें मशहूर संगीतकार अल्ताफ महमूद और स्वतंत्रता सेना रूमी भी शामिल थे।टिप्पणियां
इस फैसले को लेकर जमात ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़तान का आह्वान किया है। युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई आरंभ होने के बाद मुजाहिद जमात के छठे ऐसे नेता हैं जिन्हें न्यायाधीकरण ने दोषी ठहराया है।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई।
जमात के 65 वर्षीय महासचिव अली अहसन मोहम्मद मुजाहिद को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (2) ने मौत की सजा सुनाई।
इस फैसले से दो दिन पहले ही जमात-ए-इस्लामी के 91 वर्षीय प्रमुख गुलाम आजम को एक न्यायाधिकरण ने 90 साल की सजा सुनाई। यह सजा उन्हें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ज्यादतियों का प्रमुख षड्यंत्रकारी होने के आरोप में सुनाई गई।
न्यायाधीशों के तीन सदस्यीय दल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ओबैदुल हस्सा ने फैसले का अहम हिस्सा पढ़ते हुए कहा, ‘‘उन्हें तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक उनकी मौत नहीं हो जाती।’’ उन्होंने कहा कि मुजाहिद के खिलाफ लगाए गए सात में से पांच आरोप संदेह से परे हैं और अदालत मुक्ति समर्थक कई कार्यकर्ताओं को मार डालने में उनके निजी तौर पर संलिप्त रहने के दो आरोपों पर उन्हें मौत की सजा सुनाती है।
मुजाहिद, जमात की तत्कालीन छात्र शाखा के प्रबंधन से संचालित होने वाले कुख्यात अल-बदर मिलीशिया बल में दूसरे नंबर की हैसियत रखते थे।
फैसले पर गुस्से से भरी प्रतिक्रिया देते हुए 65 वर्षीय मुजाहिद ने कहा कि फैसला ‘100 प्रतिशत अन्याय है’’ और कुरान की एक आयत पढ़ी।
कठघरे में खड़े मुजाहिद ने कहा, ‘मैं शत-प्रतिशत निर्दोष हूं।’ उनके वकील ने कहा कि वह इस ‘अनुचित’ फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
अल-बदर ने मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना की सहायक बल की भूमिका निभाते हुए प्रमुख बांग्ला कार्यकर्ताओं को मारा था। मुजाहिद को ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायाधीकरण ने कहा कि मुजाहिद ने वरिष्ठ पत्रकार सिराजुद्दीन हुसैन की हत्या का हुक्म दिया था और पाकिस्तान के एक सैन्य अधिकारी को कई प्रमुख लोगों को यातना देने तथा हत्या करने के लिए उकसाया था। इनमें मशहूर संगीतकार अल्ताफ महमूद और स्वतंत्रता सेना रूमी भी शामिल थे।टिप्पणियां
इस फैसले को लेकर जमात ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़तान का आह्वान किया है। युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई आरंभ होने के बाद मुजाहिद जमात के छठे ऐसे नेता हैं जिन्हें न्यायाधीकरण ने दोषी ठहराया है।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई।
इस फैसले से दो दिन पहले ही जमात-ए-इस्लामी के 91 वर्षीय प्रमुख गुलाम आजम को एक न्यायाधिकरण ने 90 साल की सजा सुनाई। यह सजा उन्हें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ज्यादतियों का प्रमुख षड्यंत्रकारी होने के आरोप में सुनाई गई।
न्यायाधीशों के तीन सदस्यीय दल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ओबैदुल हस्सा ने फैसले का अहम हिस्सा पढ़ते हुए कहा, ‘‘उन्हें तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक उनकी मौत नहीं हो जाती।’’ उन्होंने कहा कि मुजाहिद के खिलाफ लगाए गए सात में से पांच आरोप संदेह से परे हैं और अदालत मुक्ति समर्थक कई कार्यकर्ताओं को मार डालने में उनके निजी तौर पर संलिप्त रहने के दो आरोपों पर उन्हें मौत की सजा सुनाती है।
मुजाहिद, जमात की तत्कालीन छात्र शाखा के प्रबंधन से संचालित होने वाले कुख्यात अल-बदर मिलीशिया बल में दूसरे नंबर की हैसियत रखते थे।
फैसले पर गुस्से से भरी प्रतिक्रिया देते हुए 65 वर्षीय मुजाहिद ने कहा कि फैसला ‘100 प्रतिशत अन्याय है’’ और कुरान की एक आयत पढ़ी।
कठघरे में खड़े मुजाहिद ने कहा, ‘मैं शत-प्रतिशत निर्दोष हूं।’ उनके वकील ने कहा कि वह इस ‘अनुचित’ फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
अल-बदर ने मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना की सहायक बल की भूमिका निभाते हुए प्रमुख बांग्ला कार्यकर्ताओं को मारा था। मुजाहिद को ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायाधीकरण ने कहा कि मुजाहिद ने वरिष्ठ पत्रकार सिराजुद्दीन हुसैन की हत्या का हुक्म दिया था और पाकिस्तान के एक सैन्य अधिकारी को कई प्रमुख लोगों को यातना देने तथा हत्या करने के लिए उकसाया था। इनमें मशहूर संगीतकार अल्ताफ महमूद और स्वतंत्रता सेना रूमी भी शामिल थे।टिप्पणियां
इस फैसले को लेकर जमात ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़तान का आह्वान किया है। युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई आरंभ होने के बाद मुजाहिद जमात के छठे ऐसे नेता हैं जिन्हें न्यायाधीकरण ने दोषी ठहराया है।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई।
न्यायाधीशों के तीन सदस्यीय दल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ओबैदुल हस्सा ने फैसले का अहम हिस्सा पढ़ते हुए कहा, ‘‘उन्हें तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक उनकी मौत नहीं हो जाती।’’ उन्होंने कहा कि मुजाहिद के खिलाफ लगाए गए सात में से पांच आरोप संदेह से परे हैं और अदालत मुक्ति समर्थक कई कार्यकर्ताओं को मार डालने में उनके निजी तौर पर संलिप्त रहने के दो आरोपों पर उन्हें मौत की सजा सुनाती है।
मुजाहिद, जमात की तत्कालीन छात्र शाखा के प्रबंधन से संचालित होने वाले कुख्यात अल-बदर मिलीशिया बल में दूसरे नंबर की हैसियत रखते थे।
फैसले पर गुस्से से भरी प्रतिक्रिया देते हुए 65 वर्षीय मुजाहिद ने कहा कि फैसला ‘100 प्रतिशत अन्याय है’’ और कुरान की एक आयत पढ़ी।
कठघरे में खड़े मुजाहिद ने कहा, ‘मैं शत-प्रतिशत निर्दोष हूं।’ उनके वकील ने कहा कि वह इस ‘अनुचित’ फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
अल-बदर ने मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना की सहायक बल की भूमिका निभाते हुए प्रमुख बांग्ला कार्यकर्ताओं को मारा था। मुजाहिद को ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायाधीकरण ने कहा कि मुजाहिद ने वरिष्ठ पत्रकार सिराजुद्दीन हुसैन की हत्या का हुक्म दिया था और पाकिस्तान के एक सैन्य अधिकारी को कई प्रमुख लोगों को यातना देने तथा हत्या करने के लिए उकसाया था। इनमें मशहूर संगीतकार अल्ताफ महमूद और स्वतंत्रता सेना रूमी भी शामिल थे।टिप्पणियां
इस फैसले को लेकर जमात ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़तान का आह्वान किया है। युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई आरंभ होने के बाद मुजाहिद जमात के छठे ऐसे नेता हैं जिन्हें न्यायाधीकरण ने दोषी ठहराया है।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई।
मुजाहिद, जमात की तत्कालीन छात्र शाखा के प्रबंधन से संचालित होने वाले कुख्यात अल-बदर मिलीशिया बल में दूसरे नंबर की हैसियत रखते थे।
फैसले पर गुस्से से भरी प्रतिक्रिया देते हुए 65 वर्षीय मुजाहिद ने कहा कि फैसला ‘100 प्रतिशत अन्याय है’’ और कुरान की एक आयत पढ़ी।
कठघरे में खड़े मुजाहिद ने कहा, ‘मैं शत-प्रतिशत निर्दोष हूं।’ उनके वकील ने कहा कि वह इस ‘अनुचित’ फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
अल-बदर ने मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना की सहायक बल की भूमिका निभाते हुए प्रमुख बांग्ला कार्यकर्ताओं को मारा था। मुजाहिद को ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायाधीकरण ने कहा कि मुजाहिद ने वरिष्ठ पत्रकार सिराजुद्दीन हुसैन की हत्या का हुक्म दिया था और पाकिस्तान के एक सैन्य अधिकारी को कई प्रमुख लोगों को यातना देने तथा हत्या करने के लिए उकसाया था। इनमें मशहूर संगीतकार अल्ताफ महमूद और स्वतंत्रता सेना रूमी भी शामिल थे।टिप्पणियां
इस फैसले को लेकर जमात ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़तान का आह्वान किया है। युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई आरंभ होने के बाद मुजाहिद जमात के छठे ऐसे नेता हैं जिन्हें न्यायाधीकरण ने दोषी ठहराया है।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई।
फैसले पर गुस्से से भरी प्रतिक्रिया देते हुए 65 वर्षीय मुजाहिद ने कहा कि फैसला ‘100 प्रतिशत अन्याय है’’ और कुरान की एक आयत पढ़ी।
कठघरे में खड़े मुजाहिद ने कहा, ‘मैं शत-प्रतिशत निर्दोष हूं।’ उनके वकील ने कहा कि वह इस ‘अनुचित’ फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
अल-बदर ने मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना की सहायक बल की भूमिका निभाते हुए प्रमुख बांग्ला कार्यकर्ताओं को मारा था। मुजाहिद को ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायाधीकरण ने कहा कि मुजाहिद ने वरिष्ठ पत्रकार सिराजुद्दीन हुसैन की हत्या का हुक्म दिया था और पाकिस्तान के एक सैन्य अधिकारी को कई प्रमुख लोगों को यातना देने तथा हत्या करने के लिए उकसाया था। इनमें मशहूर संगीतकार अल्ताफ महमूद और स्वतंत्रता सेना रूमी भी शामिल थे।टिप्पणियां
इस फैसले को लेकर जमात ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़तान का आह्वान किया है। युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई आरंभ होने के बाद मुजाहिद जमात के छठे ऐसे नेता हैं जिन्हें न्यायाधीकरण ने दोषी ठहराया है।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई।
कठघरे में खड़े मुजाहिद ने कहा, ‘मैं शत-प्रतिशत निर्दोष हूं।’ उनके वकील ने कहा कि वह इस ‘अनुचित’ फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
अल-बदर ने मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना की सहायक बल की भूमिका निभाते हुए प्रमुख बांग्ला कार्यकर्ताओं को मारा था। मुजाहिद को ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायाधीकरण ने कहा कि मुजाहिद ने वरिष्ठ पत्रकार सिराजुद्दीन हुसैन की हत्या का हुक्म दिया था और पाकिस्तान के एक सैन्य अधिकारी को कई प्रमुख लोगों को यातना देने तथा हत्या करने के लिए उकसाया था। इनमें मशहूर संगीतकार अल्ताफ महमूद और स्वतंत्रता सेना रूमी भी शामिल थे।टिप्पणियां
इस फैसले को लेकर जमात ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़तान का आह्वान किया है। युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई आरंभ होने के बाद मुजाहिद जमात के छठे ऐसे नेता हैं जिन्हें न्यायाधीकरण ने दोषी ठहराया है।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई।
अल-बदर ने मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना की सहायक बल की भूमिका निभाते हुए प्रमुख बांग्ला कार्यकर्ताओं को मारा था। मुजाहिद को ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। न्यायाधीकरण ने कहा कि मुजाहिद ने वरिष्ठ पत्रकार सिराजुद्दीन हुसैन की हत्या का हुक्म दिया था और पाकिस्तान के एक सैन्य अधिकारी को कई प्रमुख लोगों को यातना देने तथा हत्या करने के लिए उकसाया था। इनमें मशहूर संगीतकार अल्ताफ महमूद और स्वतंत्रता सेना रूमी भी शामिल थे।टिप्पणियां
इस फैसले को लेकर जमात ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़तान का आह्वान किया है। युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई आरंभ होने के बाद मुजाहिद जमात के छठे ऐसे नेता हैं जिन्हें न्यायाधीकरण ने दोषी ठहराया है।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई।
इस फैसले को लेकर जमात ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़तान का आह्वान किया है। युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई आरंभ होने के बाद मुजाहिद जमात के छठे ऐसे नेता हैं जिन्हें न्यायाधीकरण ने दोषी ठहराया है।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई।
मुजाहिद से पहले आजम को 90 साल तथा अब्दुल कादिर मुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनके अलावा अबुल कलाम आजाद, दिलवर हुसैन सईदी तथा मुहम्मद कमरूजमां को मौत की सजा सुनाई गई। | बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने वर्ष 1971 में हुए मुक्ति संग्राम के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों को अंजाम देने के जुर्म में कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के एक शीर्ष नेता को बुधवार को मौत की सजा सुनाई। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) ने अपनी अगली फिल्म 'कबीर सिंह' (Kabir Singh) के लिए जी-तोड़ मेहनत की है. शाहिद कपूर की फिल्म 'कबीर सिंह' के पोस्टर और ट्रेलर ने उनके फैंस के मन में काफी एक्साइटमेंट बढ़ा दी है. फिल्म 'कबीर सिंह' में शाहिद कपूर एक सर्जन का रोल अदा कर रहे हैं. शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) की यह फिल्म 21 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. इस फिल्म में उनके साथ 'एम.एस धोनी' से अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस कियारा आडवाणी (Kiara Advani) भी दिखाई देंगी. शाहिद कपूर ने फिल्म 'कबीर सिंह' (Kabir Singh) के किरदार के लिए काफी पसीना बहाया है.
शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) फिल्म कबीर सिंह में एक डॉक्टर की भूमिका में नजर आएंगे. इसके लिए शाहिद कपूर खुद को डॉक्टर के लुक और स्टाइल में ढालने के लिए कई जगहों पर गए हैं. डॉक्टर के रोल में पूरी तरह खो जाने के लिए शाहिद कपूर ने मुंबई के बड़े अस्पतालों में से एक के डॉक्टर्स से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात भी की है. शाहिद कपूर डॉक्टर्स से मिलने के अलावा उनके साथ कई घंटों तक रहे. ताकी वे अपने किरदार की बारीकी जान सकें और डॉक्टर के काम को अच्छे से समझ सकें.
अपनी तैयारी के बारे में शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) ने बताया, 'कबीर सिंह एक कुशल सर्जन हैं, शायद अपनी फील्ड में सबसे बेस्ट. तो इस किरदार के लिए किरदार में उतरना जरूरी था. वहीं विशेषज्ञों से बातचीत करके मुझे इस काम के बारे में और भी गहरी जानकारी मिली.' शाहिद कपूर की फिल्म कबीर सिंह टी-सीरीज के बैनर तले बनी है. 'कबीर सिंह' को संदीप वांगा ने डायरेक्ट किया है, जबकि भूषण कुमार, अश्विन वर्दे और कृष्ण कुमार इसके प्रोड्यूसर हैं. 'कबीर सिंह' ऐसे लड़के की कहानी है, जो अपनी गर्लफ्रेंड की शादी के बाद खुद को बरबाद करने पर उतारू हो जाता है. | संक्षिप्त सारांश: 'कबीर सिंह' में सर्जन की भूमिका में दिखेंगे शाहिद कपूर
साउथ की रीमेक है शाहिद कपूर की 'कबीर सिंह'
फिल्म में शाहिद कपूर के साथ नजर आएंगी कियारा अडवानी | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एबी डिविलियर्स की दक्षिण अफ्रीकी टीम के खराब प्रदर्शन का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा. चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचने में नाकाम रही दक्षिण अफ्रीकी टीम को यहां टी20 मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा. आक्रामक बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टा के नाबाद 60 रन की बदौलत इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज के पहले टी20 मैच में यहां दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट के बड़े अंतर से शिकस्त दी. दक्षिण अफ्रीका के 143 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 33 गेंद शेष रहते एक विकेट गंवाकर जीत दर्ज की.टिप्पणियां
सलामी बल्लेबाज एलेक्स हेल्स ने भी नाबाद 47 रन की पारी खेली. बेयरस्टा और हेल्स ने दूसरे विकेट के लिए 98 रन की अविजित साझेदारी की. शीर्ष बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत इंग्लैंड ने जीत के लिए जरूरी 143 रन महज 14.3 ओवर में एक विकेट खोकर बना डाले.
इंग्लैंड की जीत की नींव हालांकि उसके गेंदबाजों ने रखी जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका को तीन विकेट पर 142 रन के स्कोर पर सीमित कर दिया. दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स ने नाबाद 65 जबकि फरहान बेहरदीन ने नाबाद 64 रन की पारी खेली. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 110 रन की अटूट साझेदारी की. दोनों उस समय क्रीज पर उतरे जब दक्षिण अफ्रीका की टीम 32 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद संकट में थी. इंग्लैंड की ओर से मार्क वुड ने 36 रन देकर दो विकेट चटकाए. लियाम डासन ने चार ओवर में सिर्फ 17 रन खर्च किए जबकि पदार्पण कर रहे मेसन क्रेन ने चार ओवर में 24 रन दिए.
सलामी बल्लेबाज एलेक्स हेल्स ने भी नाबाद 47 रन की पारी खेली. बेयरस्टा और हेल्स ने दूसरे विकेट के लिए 98 रन की अविजित साझेदारी की. शीर्ष बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत इंग्लैंड ने जीत के लिए जरूरी 143 रन महज 14.3 ओवर में एक विकेट खोकर बना डाले.
इंग्लैंड की जीत की नींव हालांकि उसके गेंदबाजों ने रखी जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका को तीन विकेट पर 142 रन के स्कोर पर सीमित कर दिया. दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स ने नाबाद 65 जबकि फरहान बेहरदीन ने नाबाद 64 रन की पारी खेली. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 110 रन की अटूट साझेदारी की. दोनों उस समय क्रीज पर उतरे जब दक्षिण अफ्रीका की टीम 32 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद संकट में थी. इंग्लैंड की ओर से मार्क वुड ने 36 रन देकर दो विकेट चटकाए. लियाम डासन ने चार ओवर में सिर्फ 17 रन खर्च किए जबकि पदार्पण कर रहे मेसन क्रेन ने चार ओवर में 24 रन दिए.
इंग्लैंड की जीत की नींव हालांकि उसके गेंदबाजों ने रखी जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका को तीन विकेट पर 142 रन के स्कोर पर सीमित कर दिया. दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स ने नाबाद 65 जबकि फरहान बेहरदीन ने नाबाद 64 रन की पारी खेली. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 110 रन की अटूट साझेदारी की. दोनों उस समय क्रीज पर उतरे जब दक्षिण अफ्रीका की टीम 32 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद संकट में थी. इंग्लैंड की ओर से मार्क वुड ने 36 रन देकर दो विकेट चटकाए. लियाम डासन ने चार ओवर में सिर्फ 17 रन खर्च किए जबकि पदार्पण कर रहे मेसन क्रेन ने चार ओवर में 24 रन दिए. | यहाँ एक सारांश है:दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 20 ओवर में 142 रन बनाए
इंग्लैंड ने लक्ष्य 14.3 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल किया
बेयरस्टा ने नाबाद 60 और हेल्स ने नाबाद 47 रन बनाए | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रविवार को विंबलडन में इतिहास का बनना तय है। देखने की बात यह होगी कि इतिहास बनाता कौन है। विंबलडन के फाइनल में रोजर फ़ेडरर और एंडी मरे के बीच टक्कर होगी।
इस मुकाबले में जीत चाहे जिसकी हो, इतिहास बनेगा। अगर रोजर फ़ेडरर जीते तो यह विंबलडन के मैदान पर उनका सातवां ग्रैंड स्लैम खिताब होगा। पीट संप्रास के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी वह कर लेंगे और उनके ग्रैंड स्लैम ख़िताबों की संख्या 17 हो जाएगी। पहले से ही वह सबसे आगे चल रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, एंडी मरे हैं जो 74 साल के लंबे इंतजार के बाद विंबलडन फ़ाइनल में पहुंचने का कारनामा दिखाने वाले ब्रिटिश खिलाड़ी हैं। लेकिन अहम सवाल यह है कि क्या मरे इतिहास बना पाएंगे...।
एक मायने में यह मुकाबला टेनिस के इन दो दिग्गज खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता की मिसाल भी है। रोजर फ़ेडरर टेनिस की दुनिया के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उनके नाम 16 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं लेकिन बीते ढाई साल के दौरान वह कोई भी ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि फ़ेडरर का खेल खराब होने लगा था।
30 साल के फ़ेडरर को रफाल नडाल और नोवाक जोकोविच से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। फ़ेडरर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के बावजूद इन दोनों की तेजी और कोर्ट कवरेज के सामने पिछड़ने लगे थे। लेकिन फ़ेडरर आसानी से हार मानने वालों में नहीं हैं। यह बात एक बार फिर से उन्होंने साबित कर दी।
2008 में जब नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में उन्हें हराया तब जोकोविच की मां ने एक बयान दिया था... 'द किंग इज़ डेड...'। उनका आकलन गलत साबित हुआ और फ़ेडरर उसके बाद भी ग्रैंड स्लैम जीतने में कामयाब रहे। इस बार तो सेमीफ़ाइनल में फ़ेडरर के हाथों मिली हार के बाद जोकोविच ने भी कहा है कि फ़ेडरर फिर से नंबर वन बनने के उपयुक्त हैं। विंबलडन जीतने के बाद फ़ेडरर फिर से नंबर वन बन जाएंगे। ऐसा हुआ तो पीट संप्रास के 286 सप्ताह तक नंबर वन बनने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी फ़ेडरर कर लेंगे।
दूसरी ओर, एंडी मरे हैं। मरे की बदकिस्मती यह है कि वह उस दौर में टेनिस खेल रहे हैं जब फ़ेडरर नडाल और जोकोविच किसी चौथे के लिए जगह छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए वह सर्वश्रेष्ठ चार खिलाड़ियों में चौथे नंबर पर ही बने हुए हैं। वह विंबलडन में इतिहास बना सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें खुद को झोंक देना होगा।
लंदन में स्थानीय दर्शक भी मरे का जोरदार समर्थन करेंगे लेकिन फ़ेडरर से पार पाना उनके लिए इतना आसान भी नहीं होगा।
वैसे तो फ़ेडरर को वह कई बार हरा चुके हैं लेकिन ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में वह उनके सामने कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए हैं। 2008 के यूएस ओपन और 2010 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में फ़ेडरर ने मरे को सीधे सेटों में हराया है।टिप्पणियां
कहा जाता है कि हर दौर अपने आप में प्रतिस्पर्द्धी और रोमांचकता का पुट लिए होता है। हर दौर में दो लीजेंड्स के बीच बादशाहत की होड़ देखने लायक होती है लेकिन टेनिस के प्रशंसकों के लिए यह टेनिस का सबसे बेहतरीन दौर है। इस दौर के दर्शकों को एक साथ रोजर फ़ेडरर, नोवाक जोकोविच, रफायल नडाल और एंडी मरे जैसे दमदार खिलाड़ियों को देखने को मौका मिल रहा है। एक समान स्तर पर इतनी बेहतरीन टेनिस का दौर इससे पहले कभी नहीं दिखा। वैसे भी जीनियस रोज रोज पैदा नहीं होते। कम से कम रोजर फ़ेडरर जैसे जीनियस के लिए टेनिस को लंबा इंतजार करना होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा।
इस मुकाबले में जीत चाहे जिसकी हो, इतिहास बनेगा। अगर रोजर फ़ेडरर जीते तो यह विंबलडन के मैदान पर उनका सातवां ग्रैंड स्लैम खिताब होगा। पीट संप्रास के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी वह कर लेंगे और उनके ग्रैंड स्लैम ख़िताबों की संख्या 17 हो जाएगी। पहले से ही वह सबसे आगे चल रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, एंडी मरे हैं जो 74 साल के लंबे इंतजार के बाद विंबलडन फ़ाइनल में पहुंचने का कारनामा दिखाने वाले ब्रिटिश खिलाड़ी हैं। लेकिन अहम सवाल यह है कि क्या मरे इतिहास बना पाएंगे...।
एक मायने में यह मुकाबला टेनिस के इन दो दिग्गज खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता की मिसाल भी है। रोजर फ़ेडरर टेनिस की दुनिया के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उनके नाम 16 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं लेकिन बीते ढाई साल के दौरान वह कोई भी ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि फ़ेडरर का खेल खराब होने लगा था।
30 साल के फ़ेडरर को रफाल नडाल और नोवाक जोकोविच से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। फ़ेडरर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के बावजूद इन दोनों की तेजी और कोर्ट कवरेज के सामने पिछड़ने लगे थे। लेकिन फ़ेडरर आसानी से हार मानने वालों में नहीं हैं। यह बात एक बार फिर से उन्होंने साबित कर दी।
2008 में जब नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में उन्हें हराया तब जोकोविच की मां ने एक बयान दिया था... 'द किंग इज़ डेड...'। उनका आकलन गलत साबित हुआ और फ़ेडरर उसके बाद भी ग्रैंड स्लैम जीतने में कामयाब रहे। इस बार तो सेमीफ़ाइनल में फ़ेडरर के हाथों मिली हार के बाद जोकोविच ने भी कहा है कि फ़ेडरर फिर से नंबर वन बनने के उपयुक्त हैं। विंबलडन जीतने के बाद फ़ेडरर फिर से नंबर वन बन जाएंगे। ऐसा हुआ तो पीट संप्रास के 286 सप्ताह तक नंबर वन बनने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी फ़ेडरर कर लेंगे।
दूसरी ओर, एंडी मरे हैं। मरे की बदकिस्मती यह है कि वह उस दौर में टेनिस खेल रहे हैं जब फ़ेडरर नडाल और जोकोविच किसी चौथे के लिए जगह छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए वह सर्वश्रेष्ठ चार खिलाड़ियों में चौथे नंबर पर ही बने हुए हैं। वह विंबलडन में इतिहास बना सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें खुद को झोंक देना होगा।
लंदन में स्थानीय दर्शक भी मरे का जोरदार समर्थन करेंगे लेकिन फ़ेडरर से पार पाना उनके लिए इतना आसान भी नहीं होगा।
वैसे तो फ़ेडरर को वह कई बार हरा चुके हैं लेकिन ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में वह उनके सामने कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए हैं। 2008 के यूएस ओपन और 2010 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में फ़ेडरर ने मरे को सीधे सेटों में हराया है।टिप्पणियां
कहा जाता है कि हर दौर अपने आप में प्रतिस्पर्द्धी और रोमांचकता का पुट लिए होता है। हर दौर में दो लीजेंड्स के बीच बादशाहत की होड़ देखने लायक होती है लेकिन टेनिस के प्रशंसकों के लिए यह टेनिस का सबसे बेहतरीन दौर है। इस दौर के दर्शकों को एक साथ रोजर फ़ेडरर, नोवाक जोकोविच, रफायल नडाल और एंडी मरे जैसे दमदार खिलाड़ियों को देखने को मौका मिल रहा है। एक समान स्तर पर इतनी बेहतरीन टेनिस का दौर इससे पहले कभी नहीं दिखा। वैसे भी जीनियस रोज रोज पैदा नहीं होते। कम से कम रोजर फ़ेडरर जैसे जीनियस के लिए टेनिस को लंबा इंतजार करना होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा।
वहीं दूसरी ओर, एंडी मरे हैं जो 74 साल के लंबे इंतजार के बाद विंबलडन फ़ाइनल में पहुंचने का कारनामा दिखाने वाले ब्रिटिश खिलाड़ी हैं। लेकिन अहम सवाल यह है कि क्या मरे इतिहास बना पाएंगे...।
एक मायने में यह मुकाबला टेनिस के इन दो दिग्गज खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता की मिसाल भी है। रोजर फ़ेडरर टेनिस की दुनिया के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उनके नाम 16 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं लेकिन बीते ढाई साल के दौरान वह कोई भी ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि फ़ेडरर का खेल खराब होने लगा था।
30 साल के फ़ेडरर को रफाल नडाल और नोवाक जोकोविच से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। फ़ेडरर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के बावजूद इन दोनों की तेजी और कोर्ट कवरेज के सामने पिछड़ने लगे थे। लेकिन फ़ेडरर आसानी से हार मानने वालों में नहीं हैं। यह बात एक बार फिर से उन्होंने साबित कर दी।
2008 में जब नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में उन्हें हराया तब जोकोविच की मां ने एक बयान दिया था... 'द किंग इज़ डेड...'। उनका आकलन गलत साबित हुआ और फ़ेडरर उसके बाद भी ग्रैंड स्लैम जीतने में कामयाब रहे। इस बार तो सेमीफ़ाइनल में फ़ेडरर के हाथों मिली हार के बाद जोकोविच ने भी कहा है कि फ़ेडरर फिर से नंबर वन बनने के उपयुक्त हैं। विंबलडन जीतने के बाद फ़ेडरर फिर से नंबर वन बन जाएंगे। ऐसा हुआ तो पीट संप्रास के 286 सप्ताह तक नंबर वन बनने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी फ़ेडरर कर लेंगे।
दूसरी ओर, एंडी मरे हैं। मरे की बदकिस्मती यह है कि वह उस दौर में टेनिस खेल रहे हैं जब फ़ेडरर नडाल और जोकोविच किसी चौथे के लिए जगह छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए वह सर्वश्रेष्ठ चार खिलाड़ियों में चौथे नंबर पर ही बने हुए हैं। वह विंबलडन में इतिहास बना सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें खुद को झोंक देना होगा।
लंदन में स्थानीय दर्शक भी मरे का जोरदार समर्थन करेंगे लेकिन फ़ेडरर से पार पाना उनके लिए इतना आसान भी नहीं होगा।
वैसे तो फ़ेडरर को वह कई बार हरा चुके हैं लेकिन ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में वह उनके सामने कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए हैं। 2008 के यूएस ओपन और 2010 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में फ़ेडरर ने मरे को सीधे सेटों में हराया है।टिप्पणियां
कहा जाता है कि हर दौर अपने आप में प्रतिस्पर्द्धी और रोमांचकता का पुट लिए होता है। हर दौर में दो लीजेंड्स के बीच बादशाहत की होड़ देखने लायक होती है लेकिन टेनिस के प्रशंसकों के लिए यह टेनिस का सबसे बेहतरीन दौर है। इस दौर के दर्शकों को एक साथ रोजर फ़ेडरर, नोवाक जोकोविच, रफायल नडाल और एंडी मरे जैसे दमदार खिलाड़ियों को देखने को मौका मिल रहा है। एक समान स्तर पर इतनी बेहतरीन टेनिस का दौर इससे पहले कभी नहीं दिखा। वैसे भी जीनियस रोज रोज पैदा नहीं होते। कम से कम रोजर फ़ेडरर जैसे जीनियस के लिए टेनिस को लंबा इंतजार करना होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा।
एक मायने में यह मुकाबला टेनिस के इन दो दिग्गज खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता की मिसाल भी है। रोजर फ़ेडरर टेनिस की दुनिया के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उनके नाम 16 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं लेकिन बीते ढाई साल के दौरान वह कोई भी ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि फ़ेडरर का खेल खराब होने लगा था।
30 साल के फ़ेडरर को रफाल नडाल और नोवाक जोकोविच से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। फ़ेडरर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के बावजूद इन दोनों की तेजी और कोर्ट कवरेज के सामने पिछड़ने लगे थे। लेकिन फ़ेडरर आसानी से हार मानने वालों में नहीं हैं। यह बात एक बार फिर से उन्होंने साबित कर दी।
2008 में जब नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में उन्हें हराया तब जोकोविच की मां ने एक बयान दिया था... 'द किंग इज़ डेड...'। उनका आकलन गलत साबित हुआ और फ़ेडरर उसके बाद भी ग्रैंड स्लैम जीतने में कामयाब रहे। इस बार तो सेमीफ़ाइनल में फ़ेडरर के हाथों मिली हार के बाद जोकोविच ने भी कहा है कि फ़ेडरर फिर से नंबर वन बनने के उपयुक्त हैं। विंबलडन जीतने के बाद फ़ेडरर फिर से नंबर वन बन जाएंगे। ऐसा हुआ तो पीट संप्रास के 286 सप्ताह तक नंबर वन बनने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी फ़ेडरर कर लेंगे।
दूसरी ओर, एंडी मरे हैं। मरे की बदकिस्मती यह है कि वह उस दौर में टेनिस खेल रहे हैं जब फ़ेडरर नडाल और जोकोविच किसी चौथे के लिए जगह छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए वह सर्वश्रेष्ठ चार खिलाड़ियों में चौथे नंबर पर ही बने हुए हैं। वह विंबलडन में इतिहास बना सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें खुद को झोंक देना होगा।
लंदन में स्थानीय दर्शक भी मरे का जोरदार समर्थन करेंगे लेकिन फ़ेडरर से पार पाना उनके लिए इतना आसान भी नहीं होगा।
वैसे तो फ़ेडरर को वह कई बार हरा चुके हैं लेकिन ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में वह उनके सामने कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए हैं। 2008 के यूएस ओपन और 2010 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में फ़ेडरर ने मरे को सीधे सेटों में हराया है।टिप्पणियां
कहा जाता है कि हर दौर अपने आप में प्रतिस्पर्द्धी और रोमांचकता का पुट लिए होता है। हर दौर में दो लीजेंड्स के बीच बादशाहत की होड़ देखने लायक होती है लेकिन टेनिस के प्रशंसकों के लिए यह टेनिस का सबसे बेहतरीन दौर है। इस दौर के दर्शकों को एक साथ रोजर फ़ेडरर, नोवाक जोकोविच, रफायल नडाल और एंडी मरे जैसे दमदार खिलाड़ियों को देखने को मौका मिल रहा है। एक समान स्तर पर इतनी बेहतरीन टेनिस का दौर इससे पहले कभी नहीं दिखा। वैसे भी जीनियस रोज रोज पैदा नहीं होते। कम से कम रोजर फ़ेडरर जैसे जीनियस के लिए टेनिस को लंबा इंतजार करना होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा।
30 साल के फ़ेडरर को रफाल नडाल और नोवाक जोकोविच से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। फ़ेडरर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के बावजूद इन दोनों की तेजी और कोर्ट कवरेज के सामने पिछड़ने लगे थे। लेकिन फ़ेडरर आसानी से हार मानने वालों में नहीं हैं। यह बात एक बार फिर से उन्होंने साबित कर दी।
2008 में जब नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में उन्हें हराया तब जोकोविच की मां ने एक बयान दिया था... 'द किंग इज़ डेड...'। उनका आकलन गलत साबित हुआ और फ़ेडरर उसके बाद भी ग्रैंड स्लैम जीतने में कामयाब रहे। इस बार तो सेमीफ़ाइनल में फ़ेडरर के हाथों मिली हार के बाद जोकोविच ने भी कहा है कि फ़ेडरर फिर से नंबर वन बनने के उपयुक्त हैं। विंबलडन जीतने के बाद फ़ेडरर फिर से नंबर वन बन जाएंगे। ऐसा हुआ तो पीट संप्रास के 286 सप्ताह तक नंबर वन बनने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी फ़ेडरर कर लेंगे।
दूसरी ओर, एंडी मरे हैं। मरे की बदकिस्मती यह है कि वह उस दौर में टेनिस खेल रहे हैं जब फ़ेडरर नडाल और जोकोविच किसी चौथे के लिए जगह छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए वह सर्वश्रेष्ठ चार खिलाड़ियों में चौथे नंबर पर ही बने हुए हैं। वह विंबलडन में इतिहास बना सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें खुद को झोंक देना होगा।
लंदन में स्थानीय दर्शक भी मरे का जोरदार समर्थन करेंगे लेकिन फ़ेडरर से पार पाना उनके लिए इतना आसान भी नहीं होगा।
वैसे तो फ़ेडरर को वह कई बार हरा चुके हैं लेकिन ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में वह उनके सामने कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए हैं। 2008 के यूएस ओपन और 2010 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में फ़ेडरर ने मरे को सीधे सेटों में हराया है।टिप्पणियां
कहा जाता है कि हर दौर अपने आप में प्रतिस्पर्द्धी और रोमांचकता का पुट लिए होता है। हर दौर में दो लीजेंड्स के बीच बादशाहत की होड़ देखने लायक होती है लेकिन टेनिस के प्रशंसकों के लिए यह टेनिस का सबसे बेहतरीन दौर है। इस दौर के दर्शकों को एक साथ रोजर फ़ेडरर, नोवाक जोकोविच, रफायल नडाल और एंडी मरे जैसे दमदार खिलाड़ियों को देखने को मौका मिल रहा है। एक समान स्तर पर इतनी बेहतरीन टेनिस का दौर इससे पहले कभी नहीं दिखा। वैसे भी जीनियस रोज रोज पैदा नहीं होते। कम से कम रोजर फ़ेडरर जैसे जीनियस के लिए टेनिस को लंबा इंतजार करना होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा।
2008 में जब नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में उन्हें हराया तब जोकोविच की मां ने एक बयान दिया था... 'द किंग इज़ डेड...'। उनका आकलन गलत साबित हुआ और फ़ेडरर उसके बाद भी ग्रैंड स्लैम जीतने में कामयाब रहे। इस बार तो सेमीफ़ाइनल में फ़ेडरर के हाथों मिली हार के बाद जोकोविच ने भी कहा है कि फ़ेडरर फिर से नंबर वन बनने के उपयुक्त हैं। विंबलडन जीतने के बाद फ़ेडरर फिर से नंबर वन बन जाएंगे। ऐसा हुआ तो पीट संप्रास के 286 सप्ताह तक नंबर वन बनने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी फ़ेडरर कर लेंगे।
दूसरी ओर, एंडी मरे हैं। मरे की बदकिस्मती यह है कि वह उस दौर में टेनिस खेल रहे हैं जब फ़ेडरर नडाल और जोकोविच किसी चौथे के लिए जगह छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए वह सर्वश्रेष्ठ चार खिलाड़ियों में चौथे नंबर पर ही बने हुए हैं। वह विंबलडन में इतिहास बना सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें खुद को झोंक देना होगा।
लंदन में स्थानीय दर्शक भी मरे का जोरदार समर्थन करेंगे लेकिन फ़ेडरर से पार पाना उनके लिए इतना आसान भी नहीं होगा।
वैसे तो फ़ेडरर को वह कई बार हरा चुके हैं लेकिन ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में वह उनके सामने कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए हैं। 2008 के यूएस ओपन और 2010 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में फ़ेडरर ने मरे को सीधे सेटों में हराया है।टिप्पणियां
कहा जाता है कि हर दौर अपने आप में प्रतिस्पर्द्धी और रोमांचकता का पुट लिए होता है। हर दौर में दो लीजेंड्स के बीच बादशाहत की होड़ देखने लायक होती है लेकिन टेनिस के प्रशंसकों के लिए यह टेनिस का सबसे बेहतरीन दौर है। इस दौर के दर्शकों को एक साथ रोजर फ़ेडरर, नोवाक जोकोविच, रफायल नडाल और एंडी मरे जैसे दमदार खिलाड़ियों को देखने को मौका मिल रहा है। एक समान स्तर पर इतनी बेहतरीन टेनिस का दौर इससे पहले कभी नहीं दिखा। वैसे भी जीनियस रोज रोज पैदा नहीं होते। कम से कम रोजर फ़ेडरर जैसे जीनियस के लिए टेनिस को लंबा इंतजार करना होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा।
दूसरी ओर, एंडी मरे हैं। मरे की बदकिस्मती यह है कि वह उस दौर में टेनिस खेल रहे हैं जब फ़ेडरर नडाल और जोकोविच किसी चौथे के लिए जगह छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए वह सर्वश्रेष्ठ चार खिलाड़ियों में चौथे नंबर पर ही बने हुए हैं। वह विंबलडन में इतिहास बना सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें खुद को झोंक देना होगा।
लंदन में स्थानीय दर्शक भी मरे का जोरदार समर्थन करेंगे लेकिन फ़ेडरर से पार पाना उनके लिए इतना आसान भी नहीं होगा।
वैसे तो फ़ेडरर को वह कई बार हरा चुके हैं लेकिन ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में वह उनके सामने कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए हैं। 2008 के यूएस ओपन और 2010 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में फ़ेडरर ने मरे को सीधे सेटों में हराया है।टिप्पणियां
कहा जाता है कि हर दौर अपने आप में प्रतिस्पर्द्धी और रोमांचकता का पुट लिए होता है। हर दौर में दो लीजेंड्स के बीच बादशाहत की होड़ देखने लायक होती है लेकिन टेनिस के प्रशंसकों के लिए यह टेनिस का सबसे बेहतरीन दौर है। इस दौर के दर्शकों को एक साथ रोजर फ़ेडरर, नोवाक जोकोविच, रफायल नडाल और एंडी मरे जैसे दमदार खिलाड़ियों को देखने को मौका मिल रहा है। एक समान स्तर पर इतनी बेहतरीन टेनिस का दौर इससे पहले कभी नहीं दिखा। वैसे भी जीनियस रोज रोज पैदा नहीं होते। कम से कम रोजर फ़ेडरर जैसे जीनियस के लिए टेनिस को लंबा इंतजार करना होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा।
लंदन में स्थानीय दर्शक भी मरे का जोरदार समर्थन करेंगे लेकिन फ़ेडरर से पार पाना उनके लिए इतना आसान भी नहीं होगा।
वैसे तो फ़ेडरर को वह कई बार हरा चुके हैं लेकिन ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में वह उनके सामने कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए हैं। 2008 के यूएस ओपन और 2010 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल में फ़ेडरर ने मरे को सीधे सेटों में हराया है।टिप्पणियां
कहा जाता है कि हर दौर अपने आप में प्रतिस्पर्द्धी और रोमांचकता का पुट लिए होता है। हर दौर में दो लीजेंड्स के बीच बादशाहत की होड़ देखने लायक होती है लेकिन टेनिस के प्रशंसकों के लिए यह टेनिस का सबसे बेहतरीन दौर है। इस दौर के दर्शकों को एक साथ रोजर फ़ेडरर, नोवाक जोकोविच, रफायल नडाल और एंडी मरे जैसे दमदार खिलाड़ियों को देखने को मौका मिल रहा है। एक समान स्तर पर इतनी बेहतरीन टेनिस का दौर इससे पहले कभी नहीं दिखा। वैसे भी जीनियस रोज रोज पैदा नहीं होते। कम से कम रोजर फ़ेडरर जैसे जीनियस के लिए टेनिस को लंबा इंतजार करना होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा।
कहा जाता है कि हर दौर अपने आप में प्रतिस्पर्द्धी और रोमांचकता का पुट लिए होता है। हर दौर में दो लीजेंड्स के बीच बादशाहत की होड़ देखने लायक होती है लेकिन टेनिस के प्रशंसकों के लिए यह टेनिस का सबसे बेहतरीन दौर है। इस दौर के दर्शकों को एक साथ रोजर फ़ेडरर, नोवाक जोकोविच, रफायल नडाल और एंडी मरे जैसे दमदार खिलाड़ियों को देखने को मौका मिल रहा है। एक समान स्तर पर इतनी बेहतरीन टेनिस का दौर इससे पहले कभी नहीं दिखा। वैसे भी जीनियस रोज रोज पैदा नहीं होते। कम से कम रोजर फ़ेडरर जैसे जीनियस के लिए टेनिस को लंबा इंतजार करना होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा।
यह जरूर है कि आने वाले दिनों में टेनिस का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले युवाओं की क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन टेनिस में फ़ेडरर तो एक ही होगा। | संक्षिप्त पाठ: रविवार को विंबलडन में इतिहास का बनना तय है। देखने की बात यह होगी कि इतिहास बनाता कौन है। विंबलडन के फाइनल में रोजर फ़ेडरर और एंडी मरे के बीच टक्कर होगी। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: साल के पहले कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजारों में ढाई फीसदी से अधिक की उछाल दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह के बंद स्तर के मुकाबले शनिवार को 2.55 फीसदी या 393.88 अंकों की तेजी के साथ 15,848.80 पर और निफ्टी 2.65 फीसदी या 122.60 अंकों की तेजी के साथ 4,746.90 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह शुक्रवार को 15,454.92 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 4,624.30 पर बंद हुआ था।
साल के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स में 63 अंकों की तेजी रही। मंगलवार को सेंसेक्स में 421.44 अंकों की तेजी रही। बुधवार और गुरुवार को सेंसेक्स में मामूली गिरावट रही, जबकि शुक्रवार को सेंसेक्स में मामूली तेजी रही।
बीएसई और एनएसई में शनिवार को विशेष कारोबारी सत्र संचालित किया गया। एनएसई में ढांचागत संरचना में सुधार के लिए यह कारोबारी सत्र संचालित किया गया और इसी वजह से बीएसई में भी कारोबार हुआ।
शनिवार को 11.15 बजे से 12.45 बजे तक दोनों शेयर बाजारों में कारोबार हुआ।
नब्बे मिनट के विशेष सत्र में शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 18.93 अंकों की गिरावट के साथ 15,848.80 पर और निफ्टी 7.20 अंकों की गिरावट के साथ 4,746.90 पर बंद हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी इस सप्ताह तेजी देखी गई। साप्ताहिक कारोबार में मिडकैप 3.17 फीसदी या 162.57 अंकों की तेजी के साथ शनिवार को 5,297.62 पर बंद हुआ। मिडकैप पिछले सप्ताह शुक्रवार को 5,135.05 पर बंद हुआ था।
स्मॉलकैप सूचकांक इस सप्ताह 3.81 फीसदी या 211.47 अंकों की तेजी के साथ शनिवार को 5,761.61 पर बंद हुआ। सूचकांक पिछले सप्ताह इसी दिन 5,550.14 पर बंद हुआ था।
बीएसई में इस सप्ताह 13 में 12 सेक्टरों में तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (6.22 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (6.18 फीसदी), बैंकिंग (6.02 फीसदी) और धातु (5.37 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही, जबकि एकमात्र सेक्टर तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.30 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स में शनिवार को विशेष कारोबार सत्र में 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। डीएलएफ (1.06 फीसदी), मारुति सुजुकी (0.59 फीसदी), कोल इंडिया (0.52 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.50 फीसदी) और सन फार्मा (0.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में शनिवार को गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे जयप्रकाश एसोसिएट्स (2.35 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (0.79 फीसदी), बजाज ऑटो (0.76 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (0.67 फीसदी) और स्टरलाईट इंडस्ट्रीज (0.58 फीसदी)। | संक्षिप्त सारांश: साल के पहले कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजारों में ढाई फीसदी से अधिक की उछाल दर्ज की गई। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: क्रोएशिया ने यूरो कप फुटबाल क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की आयरलैंड की उम्मीदों को करारा झटका देते हुए ग्रुप सी के मैच में उसे 3-1 से हराया।
क्रोएशिया के लिये मारियो मेंजुकिच ने दो गोल किये। आयरलैंड और क्रोएशिया दोनों ही जीत के साथ आगाज के इरादे से उतरे थे क्योंकि ग्रुप सी के आगामी मैचों में उनका सामना इटली और स्पेन जैसे धुरंधरों से होना है।
आयरलैंड के लिये गोल करने वाले सीन सेंट लेजर ने कहा, ‘‘हमने खराब खेला और आसान गोल गंवाये। मुझे गोल करने की खुशी है लेकिन दुख है कि हम हार गए।’’ क्रोएशिया के लिये तीसरे ही मिनट में मारियो ने गोल कर दिया। वोल्फबर्ग के स्ट्राइकर ने कप्तान डारिजो सरना से पास लेकर आयरिश गोलकीपर शे गिवन को छकाकर हेडर पर गोल किया।
आयरलैंड के लिये 123 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके सबसे अनुभवी खिलाड़ी गिवन ने जो गोल गंवाया वह पिछले 15 मैचों में उनकी टीम का पहले हाफ में गंवाया हुआ पहला गोल था। एस्टोन विला के 36 वर्षीय इस गोलकीपर का घुटने की चोट के कारण खेलना संदिग्ध था लेकिन उन्हें दो दिन पहले ही फिट करार दिया गया था।टिप्पणियां
क्रोएशियाई समर्थकों ने गोल के बाद इस बदर जश्न मनाया कि टीम पर उसके प्रशंसकों के बर्ताव के कारण युएफा द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है। आयरलैंड को 11वें मिनट में फ्रीकिक पर गोल करने का मौका मिला लेकिन कीथ एंड्रयूज का शाट गोल के भीतर जाने से पहले ही रोक दिया गया। आठ मिनट बाद हालांकि एडेन मैगीडी की बेहतरीन फ्रीकिक पर लेजर ने हेडर के जरिये गोल करके आयरलैंड को बराबरी दिलाई।
इसके दो मिनट बाद ही हालांकि क्रोएशियाई टीम ने फिर बढत बना ली। निकिका जेलाविच ने गिवन को चकमा देकर यह गोल किया। ब्रेक के बाद तीसरे मिनट में क्रोएशिया ने बढ़त 3-1 की कर ली। यह गोल भी मारियो ने किया।
क्रोएशिया के लिये मारियो मेंजुकिच ने दो गोल किये। आयरलैंड और क्रोएशिया दोनों ही जीत के साथ आगाज के इरादे से उतरे थे क्योंकि ग्रुप सी के आगामी मैचों में उनका सामना इटली और स्पेन जैसे धुरंधरों से होना है।
आयरलैंड के लिये गोल करने वाले सीन सेंट लेजर ने कहा, ‘‘हमने खराब खेला और आसान गोल गंवाये। मुझे गोल करने की खुशी है लेकिन दुख है कि हम हार गए।’’ क्रोएशिया के लिये तीसरे ही मिनट में मारियो ने गोल कर दिया। वोल्फबर्ग के स्ट्राइकर ने कप्तान डारिजो सरना से पास लेकर आयरिश गोलकीपर शे गिवन को छकाकर हेडर पर गोल किया।
आयरलैंड के लिये 123 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके सबसे अनुभवी खिलाड़ी गिवन ने जो गोल गंवाया वह पिछले 15 मैचों में उनकी टीम का पहले हाफ में गंवाया हुआ पहला गोल था। एस्टोन विला के 36 वर्षीय इस गोलकीपर का घुटने की चोट के कारण खेलना संदिग्ध था लेकिन उन्हें दो दिन पहले ही फिट करार दिया गया था।टिप्पणियां
क्रोएशियाई समर्थकों ने गोल के बाद इस बदर जश्न मनाया कि टीम पर उसके प्रशंसकों के बर्ताव के कारण युएफा द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है। आयरलैंड को 11वें मिनट में फ्रीकिक पर गोल करने का मौका मिला लेकिन कीथ एंड्रयूज का शाट गोल के भीतर जाने से पहले ही रोक दिया गया। आठ मिनट बाद हालांकि एडेन मैगीडी की बेहतरीन फ्रीकिक पर लेजर ने हेडर के जरिये गोल करके आयरलैंड को बराबरी दिलाई।
इसके दो मिनट बाद ही हालांकि क्रोएशियाई टीम ने फिर बढत बना ली। निकिका जेलाविच ने गिवन को चकमा देकर यह गोल किया। ब्रेक के बाद तीसरे मिनट में क्रोएशिया ने बढ़त 3-1 की कर ली। यह गोल भी मारियो ने किया।
आयरलैंड के लिये गोल करने वाले सीन सेंट लेजर ने कहा, ‘‘हमने खराब खेला और आसान गोल गंवाये। मुझे गोल करने की खुशी है लेकिन दुख है कि हम हार गए।’’ क्रोएशिया के लिये तीसरे ही मिनट में मारियो ने गोल कर दिया। वोल्फबर्ग के स्ट्राइकर ने कप्तान डारिजो सरना से पास लेकर आयरिश गोलकीपर शे गिवन को छकाकर हेडर पर गोल किया।
आयरलैंड के लिये 123 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके सबसे अनुभवी खिलाड़ी गिवन ने जो गोल गंवाया वह पिछले 15 मैचों में उनकी टीम का पहले हाफ में गंवाया हुआ पहला गोल था। एस्टोन विला के 36 वर्षीय इस गोलकीपर का घुटने की चोट के कारण खेलना संदिग्ध था लेकिन उन्हें दो दिन पहले ही फिट करार दिया गया था।टिप्पणियां
क्रोएशियाई समर्थकों ने गोल के बाद इस बदर जश्न मनाया कि टीम पर उसके प्रशंसकों के बर्ताव के कारण युएफा द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है। आयरलैंड को 11वें मिनट में फ्रीकिक पर गोल करने का मौका मिला लेकिन कीथ एंड्रयूज का शाट गोल के भीतर जाने से पहले ही रोक दिया गया। आठ मिनट बाद हालांकि एडेन मैगीडी की बेहतरीन फ्रीकिक पर लेजर ने हेडर के जरिये गोल करके आयरलैंड को बराबरी दिलाई।
इसके दो मिनट बाद ही हालांकि क्रोएशियाई टीम ने फिर बढत बना ली। निकिका जेलाविच ने गिवन को चकमा देकर यह गोल किया। ब्रेक के बाद तीसरे मिनट में क्रोएशिया ने बढ़त 3-1 की कर ली। यह गोल भी मारियो ने किया।
क्रोएशियाई समर्थकों ने गोल के बाद इस बदर जश्न मनाया कि टीम पर उसके प्रशंसकों के बर्ताव के कारण युएफा द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है। आयरलैंड को 11वें मिनट में फ्रीकिक पर गोल करने का मौका मिला लेकिन कीथ एंड्रयूज का शाट गोल के भीतर जाने से पहले ही रोक दिया गया। आठ मिनट बाद हालांकि एडेन मैगीडी की बेहतरीन फ्रीकिक पर लेजर ने हेडर के जरिये गोल करके आयरलैंड को बराबरी दिलाई।
इसके दो मिनट बाद ही हालांकि क्रोएशियाई टीम ने फिर बढत बना ली। निकिका जेलाविच ने गिवन को चकमा देकर यह गोल किया। ब्रेक के बाद तीसरे मिनट में क्रोएशिया ने बढ़त 3-1 की कर ली। यह गोल भी मारियो ने किया।
इसके दो मिनट बाद ही हालांकि क्रोएशियाई टीम ने फिर बढत बना ली। निकिका जेलाविच ने गिवन को चकमा देकर यह गोल किया। ब्रेक के बाद तीसरे मिनट में क्रोएशिया ने बढ़त 3-1 की कर ली। यह गोल भी मारियो ने किया। | यह एक सारांश है: क्रोएशिया ने यूरो कप फुटबाल क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की आयरलैंड की उम्मीदों को करारा झटका देते हुए ग्रुप सी के मैच में उसे 3-1 से हराया। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लक्षद्वीप के कालपेनी में स्थानीय लोगों द्वारा एक यात्री जहाज पर चढ़ने से रोक देने पर बिना भोजन पानी के भटके करीब 130 पर्यटक तड़के पुलिस हस्तक्षेप के बाद यहां से विदा हुए। इन लोगों को पुलिस सुरक्षा में जहाज पर ले जाया गया और तब ये मिनीकॉय द्वीप पहुंचे। इनमें 30 गुजराती हैं। दरअसल शनिवार को लक्षद्वीप के मुख्यालय कावारत्ती में 26 बच्चों समेत ये सभी पर्यटक पहुंचे थे। ये लोग यात्री जहाज एमवी कावारत्ती पर पहुंचने के लिए जब एक जहाज पर चढ़ने वाले थे तब उन्हें 300 स्थानीय लोगों ने यह कहते हुए रोक दिया कि उनके पास वैध टिकट नहीं है। गुजरात के सूचना कार्यालय के अनुसार इनमें से एक पर्यटक ने गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यालय को अपनी परेशानियों से अवगत कराया, जिसके बाद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। तब जाकर उनकी परेशानी समाप्त हुई। दिल्ली स्थित गुजरात सूचना कार्यालय ने एक बयान में कहा कि गृह मंत्रालय समेत विभिन्न स्तरों पर यह मुद्दा उठा और लक्षद्वीप के प्रशासक से इस संकट का समाधान करने को कहा गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रात साढ़े दस बजे उन्हें नाव ठहराव स्थल से स्थानीय लोगों को हटाने के लिए निषेधाज्ञा जारी की गई। रात में करीब दो बजकर 20 मिनट पर स्थानीय लोग वहां से हटे तब जाकर पर्यटकों को पुलिस घेरे में जहाज पर पहुंचाया गया। बंदरगाह अधिकारी हुसैन ने कहा कि सभी पर्यटकों के पास वैध टिकट थे। | संक्षिप्त पाठ: लक्षद्वीप के कालपेनी में स्थानीय लोगों द्वारा एक यात्री जहाज पर चढ़ने से रोक देने पर बिना भोजन पानी के भटके करीब 130 पर्यटक तड़के यहां से विदा हुए। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तराखंड में भारी बारिश और भयानक बाढ़ से मची तबाही, मौत और भोजन की कमी की डरावनी दास्तान गुरुवार को सामने आई। राज्य में विभिन्न जगहों पर करीब 70,000 लोग अभी भी फंसे पड़े हैं।
पिछले सप्ताह के अंत में हुई भयंकर वर्षा और अचानक आई बाढ़ से मची तबाही का असर साफ दिखने लगा है। अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि केदारनाथ की तीर्थयात्रा बहाल होने में तीन वर्ष या इससे ज्यादा समय लग सकते हैं।
केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह ने बताया, "हम जो देख रहे हैं वह अत्यंत हृदय विदारक और अविश्वसनीय है। अगले तीन वर्ष तक हम चारधाम यात्रा के बहाल होने की उम्मीद नहीं करते।"
करीब 1000 वर्ष पूर्व आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित केदारनाथ तीर्थस्थल के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि विनाशकारी बाढ़ में तीर्थस्थल तो बच गया है, लेकिन इसके चारों तरफ सब कुछ तहस-नहस हो गया है।
अधिकारी ने कहा, "इसे चमत्कार कहा जाएगा कि नंदी की प्रतिमा और मंदिर में स्थित अन्य प्रतिमाएं जस की तस हैं। जिस समय आपदा आई उस समय मंदिर में शरण लेने वाले तीर्थयात्री भी सुरक्षित बच गए।" "लेकिन मंदिर के चारों तरफ हुआ विध्वंस डरावना है।" उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ और बादल फटने से मरने वालों की संख्या आधिकारिक रूप से घोषित 150 से ज्यादा हो सकती है।
मंदिर से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित राम बाड़ा कथित रूप से तबाह हो चुका है। जिस समय बादल फटा उस समय राम बाड़ा में 5000 लोग मौजूद थे।
सेना, अर्द्धसैनिक और असैनिक अधिकारी राज्य में व्यापक राहत अभियान में जुटे हुए हैं, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि वायु मार्ग से राहत के काम में मौसम साथ नहीं दे रहा।
फंसे हुए अधिकांश लोगों को हरिद्वार के समीप ऋषिकेश लाया गया है। ऋषिकेश को जोशीमठ और उत्तरकाशी से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग अब खुल चुका है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है और कहा है कि वे मौत और तबाही के रूप को देख कर स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर सड़क बह चुकी है। कई पुल, घर, पानी की लाइन, नहरें, चेक डैम, बिजली की लाइन, बिजली घर और अन्य सरकारी व निजी संपत्ति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
पिछले सप्ताह के अंत में हुई भयंकर वर्षा और अचानक आई बाढ़ से मची तबाही का असर साफ दिखने लगा है। अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि केदारनाथ की तीर्थयात्रा बहाल होने में तीन वर्ष या इससे ज्यादा समय लग सकते हैं।
केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह ने बताया, "हम जो देख रहे हैं वह अत्यंत हृदय विदारक और अविश्वसनीय है। अगले तीन वर्ष तक हम चारधाम यात्रा के बहाल होने की उम्मीद नहीं करते।"
करीब 1000 वर्ष पूर्व आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित केदारनाथ तीर्थस्थल के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि विनाशकारी बाढ़ में तीर्थस्थल तो बच गया है, लेकिन इसके चारों तरफ सब कुछ तहस-नहस हो गया है।
अधिकारी ने कहा, "इसे चमत्कार कहा जाएगा कि नंदी की प्रतिमा और मंदिर में स्थित अन्य प्रतिमाएं जस की तस हैं। जिस समय आपदा आई उस समय मंदिर में शरण लेने वाले तीर्थयात्री भी सुरक्षित बच गए।" "लेकिन मंदिर के चारों तरफ हुआ विध्वंस डरावना है।" उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ और बादल फटने से मरने वालों की संख्या आधिकारिक रूप से घोषित 150 से ज्यादा हो सकती है।
मंदिर से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित राम बाड़ा कथित रूप से तबाह हो चुका है। जिस समय बादल फटा उस समय राम बाड़ा में 5000 लोग मौजूद थे।
सेना, अर्द्धसैनिक और असैनिक अधिकारी राज्य में व्यापक राहत अभियान में जुटे हुए हैं, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि वायु मार्ग से राहत के काम में मौसम साथ नहीं दे रहा।
फंसे हुए अधिकांश लोगों को हरिद्वार के समीप ऋषिकेश लाया गया है। ऋषिकेश को जोशीमठ और उत्तरकाशी से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग अब खुल चुका है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है और कहा है कि वे मौत और तबाही के रूप को देख कर स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर सड़क बह चुकी है। कई पुल, घर, पानी की लाइन, नहरें, चेक डैम, बिजली की लाइन, बिजली घर और अन्य सरकारी व निजी संपत्ति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह ने बताया, "हम जो देख रहे हैं वह अत्यंत हृदय विदारक और अविश्वसनीय है। अगले तीन वर्ष तक हम चारधाम यात्रा के बहाल होने की उम्मीद नहीं करते।"
करीब 1000 वर्ष पूर्व आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित केदारनाथ तीर्थस्थल के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि विनाशकारी बाढ़ में तीर्थस्थल तो बच गया है, लेकिन इसके चारों तरफ सब कुछ तहस-नहस हो गया है।
अधिकारी ने कहा, "इसे चमत्कार कहा जाएगा कि नंदी की प्रतिमा और मंदिर में स्थित अन्य प्रतिमाएं जस की तस हैं। जिस समय आपदा आई उस समय मंदिर में शरण लेने वाले तीर्थयात्री भी सुरक्षित बच गए।" "लेकिन मंदिर के चारों तरफ हुआ विध्वंस डरावना है।" उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ और बादल फटने से मरने वालों की संख्या आधिकारिक रूप से घोषित 150 से ज्यादा हो सकती है।
मंदिर से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित राम बाड़ा कथित रूप से तबाह हो चुका है। जिस समय बादल फटा उस समय राम बाड़ा में 5000 लोग मौजूद थे।
सेना, अर्द्धसैनिक और असैनिक अधिकारी राज्य में व्यापक राहत अभियान में जुटे हुए हैं, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि वायु मार्ग से राहत के काम में मौसम साथ नहीं दे रहा।
फंसे हुए अधिकांश लोगों को हरिद्वार के समीप ऋषिकेश लाया गया है। ऋषिकेश को जोशीमठ और उत्तरकाशी से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग अब खुल चुका है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है और कहा है कि वे मौत और तबाही के रूप को देख कर स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर सड़क बह चुकी है। कई पुल, घर, पानी की लाइन, नहरें, चेक डैम, बिजली की लाइन, बिजली घर और अन्य सरकारी व निजी संपत्ति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
करीब 1000 वर्ष पूर्व आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित केदारनाथ तीर्थस्थल के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि विनाशकारी बाढ़ में तीर्थस्थल तो बच गया है, लेकिन इसके चारों तरफ सब कुछ तहस-नहस हो गया है।
अधिकारी ने कहा, "इसे चमत्कार कहा जाएगा कि नंदी की प्रतिमा और मंदिर में स्थित अन्य प्रतिमाएं जस की तस हैं। जिस समय आपदा आई उस समय मंदिर में शरण लेने वाले तीर्थयात्री भी सुरक्षित बच गए।" "लेकिन मंदिर के चारों तरफ हुआ विध्वंस डरावना है।" उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ और बादल फटने से मरने वालों की संख्या आधिकारिक रूप से घोषित 150 से ज्यादा हो सकती है।
मंदिर से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित राम बाड़ा कथित रूप से तबाह हो चुका है। जिस समय बादल फटा उस समय राम बाड़ा में 5000 लोग मौजूद थे।
सेना, अर्द्धसैनिक और असैनिक अधिकारी राज्य में व्यापक राहत अभियान में जुटे हुए हैं, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि वायु मार्ग से राहत के काम में मौसम साथ नहीं दे रहा।
फंसे हुए अधिकांश लोगों को हरिद्वार के समीप ऋषिकेश लाया गया है। ऋषिकेश को जोशीमठ और उत्तरकाशी से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग अब खुल चुका है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है और कहा है कि वे मौत और तबाही के रूप को देख कर स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर सड़क बह चुकी है। कई पुल, घर, पानी की लाइन, नहरें, चेक डैम, बिजली की लाइन, बिजली घर और अन्य सरकारी व निजी संपत्ति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
अधिकारी ने कहा, "इसे चमत्कार कहा जाएगा कि नंदी की प्रतिमा और मंदिर में स्थित अन्य प्रतिमाएं जस की तस हैं। जिस समय आपदा आई उस समय मंदिर में शरण लेने वाले तीर्थयात्री भी सुरक्षित बच गए।" "लेकिन मंदिर के चारों तरफ हुआ विध्वंस डरावना है।" उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ और बादल फटने से मरने वालों की संख्या आधिकारिक रूप से घोषित 150 से ज्यादा हो सकती है।
मंदिर से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित राम बाड़ा कथित रूप से तबाह हो चुका है। जिस समय बादल फटा उस समय राम बाड़ा में 5000 लोग मौजूद थे।
सेना, अर्द्धसैनिक और असैनिक अधिकारी राज्य में व्यापक राहत अभियान में जुटे हुए हैं, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि वायु मार्ग से राहत के काम में मौसम साथ नहीं दे रहा।
फंसे हुए अधिकांश लोगों को हरिद्वार के समीप ऋषिकेश लाया गया है। ऋषिकेश को जोशीमठ और उत्तरकाशी से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग अब खुल चुका है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है और कहा है कि वे मौत और तबाही के रूप को देख कर स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर सड़क बह चुकी है। कई पुल, घर, पानी की लाइन, नहरें, चेक डैम, बिजली की लाइन, बिजली घर और अन्य सरकारी व निजी संपत्ति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
मंदिर से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित राम बाड़ा कथित रूप से तबाह हो चुका है। जिस समय बादल फटा उस समय राम बाड़ा में 5000 लोग मौजूद थे।
सेना, अर्द्धसैनिक और असैनिक अधिकारी राज्य में व्यापक राहत अभियान में जुटे हुए हैं, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि वायु मार्ग से राहत के काम में मौसम साथ नहीं दे रहा।
फंसे हुए अधिकांश लोगों को हरिद्वार के समीप ऋषिकेश लाया गया है। ऋषिकेश को जोशीमठ और उत्तरकाशी से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग अब खुल चुका है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है और कहा है कि वे मौत और तबाही के रूप को देख कर स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर सड़क बह चुकी है। कई पुल, घर, पानी की लाइन, नहरें, चेक डैम, बिजली की लाइन, बिजली घर और अन्य सरकारी व निजी संपत्ति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
सेना, अर्द्धसैनिक और असैनिक अधिकारी राज्य में व्यापक राहत अभियान में जुटे हुए हैं, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि वायु मार्ग से राहत के काम में मौसम साथ नहीं दे रहा।
फंसे हुए अधिकांश लोगों को हरिद्वार के समीप ऋषिकेश लाया गया है। ऋषिकेश को जोशीमठ और उत्तरकाशी से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग अब खुल चुका है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है और कहा है कि वे मौत और तबाही के रूप को देख कर स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर सड़क बह चुकी है। कई पुल, घर, पानी की लाइन, नहरें, चेक डैम, बिजली की लाइन, बिजली घर और अन्य सरकारी व निजी संपत्ति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
फंसे हुए अधिकांश लोगों को हरिद्वार के समीप ऋषिकेश लाया गया है। ऋषिकेश को जोशीमठ और उत्तरकाशी से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग अब खुल चुका है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है और कहा है कि वे मौत और तबाही के रूप को देख कर स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर सड़क बह चुकी है। कई पुल, घर, पानी की लाइन, नहरें, चेक डैम, बिजली की लाइन, बिजली घर और अन्य सरकारी व निजी संपत्ति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ आपदा को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है और कहा है कि वे मौत और तबाही के रूप को देख कर स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर सड़क बह चुकी है। कई पुल, घर, पानी की लाइन, नहरें, चेक डैम, बिजली की लाइन, बिजली घर और अन्य सरकारी व निजी संपत्ति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
केदारनाथ के रास्ते में फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए 20 से ज्यादा हेलीकाप्टर लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
अधिकारियों ने कहा कि जहां खाली कराने का काम तेजी से चल रहा है, वहीं राज्य में विभिन्न जगहों पर अभी भी 70,000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हम जहां तक संभव है बेहतर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ सीमाएं हैं।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
बादल फटने और भयंकर वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा के चार दिनों बाद भी विभिन्न स्थानों पर फंसे लोग भोजन पानी के लिए तरस रहे हैं।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
लौट कर आए कई लोगों ने बताया कि फंसे हुए लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और आपूर्ति नहीं होने से आलू चिप्स और मिनरल वाटर के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
एक निजी हेलीकॉप्टर द्वारा बचाए गए उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला निवासी तीर्थयात्री ने बताया, "पेयजल, दवाएं और खाने की भयंकर कमी है। जैसी स्थिति है उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।"
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
पांच लोगों के परिवार के साथ वापस लौटे तीर्थयात्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने के लिए उन्हें 11 लाख रुपये देने पड़े। उन्होंने शिकायत की, "बिना कोई दया दिखाते हुए लोग दूसरों को लूट रहे हैं।" उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से गिराए गए खाने के पैकेट नदियों में बह गए।टिप्पणियां
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हेलीकॉप्टरों से 20,000 खाने के पैकेट गिराए गए। गुप्तकाशी और घनसाली के बीच फंसी करीब 500 कारों को भी बाहर निकाला गया।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए।
कुछ अधिकारियों ने इस बात की आशंका जाहिर की कि संभवत: हजारों लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए या ध्वस्त भवनों के मलबे के नीचे दब गए। | संक्षिप्त पाठ: उत्तराखंड में भारी बारिश और भयानक बाढ़ से मची तबाही, मौत और भोजन की कमी की डरावनी दास्तान गुरुवार को सामने आई। राज्य में विभिन्न जगहों पर करीब 70,000 लोग अभी भी फंसे पड़े हैं। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कैलीफोर्निया के गोताखोर और कारोबारी बिल वॉरेन ने घोषणा की है कि वह आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का शव तलाशना चाहते हैं ताकि इस बात का सबूत मिल सके कि वह सचमुच मारा जा चुका है। उनसठ वर्षीय वॉरेन ने 'न्यूयार्क पोस्ट' से कहा, "मैं ऐसा कर रहा हूं क्योंकि मैं राष्ट्रभक्त अमेरिकी हूं, जो सच्चाई जानना चाहता है। मैं दुनिया के लिए ऐसा करना चाहता हूं।" लादेन को दशक भर तलाशने की कोशिशों के बाद वह गत दो मई को पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडो कार्रवाई में मारा गया था। बाद में उसका शव समुद्र में दफना दिया गया था। व्हाइट हाउस ने कहा था कि वह लादेन के शव की तस्वीरे जारी नहीं करेगा हालांकि बाद में सीआईए ने कुछ गिने-चुने सांसदों को ये तस्वीरे दिखाई भी थीं। वॉरेन ने कहा, "मेरी एक रूसी मित्र है और उसका कहना है कि उसके यहां खुफिया हलकों में इस बात पर यकीन नहीं किया जाता कि लादेन वास्तव में मारा जा चुका है। मैं अपनी सरकार या ओबामा पर यकीन नहीं करता।" वॉरेन का अनुमान है कि इस तलाश पर 400,000 डॉलर की लागत आएगी और उसके कई नौकाओं तथा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी की मदद लेनी होगी। यदि वॉरेन को शव मिल गया तो वह उसका जहाज पर डीएनए परीक्षण कराएंगे। | यहाँ एक सारांश है:कैलीफोर्निया के गोताखोर बिल वॉरेन ने घोषणा की है कि वह लादेन का शव तलाशना चाहते हैं ताकि सबूत मिल सके कि वह सचमुच मारा जा चुका है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने कहा कि 16 और 17 सितंबर को होने वाली आईसीसी की मुख्य कार्यकारियों की बैठक में बोर्ड वारेन ब्रेनन के हॉटस्पॉट तकनीक के बारे में निरीक्षण पर चर्चा करेगा।
डालमिया ने कहा, ‘(बोर्ड सचिव) संजय पटेल इस बैठक में ब्रेनन के अवलोकन पर चर्चा करेंगे कि बल्ले पर सुरक्षा कवच लगाने से गेंद के संपर्क को छुपाया जा सकता है। बोर्ड चर्चा करेगा कि उनका यह निरीक्षण सही है या नहीं।’
हॉटस्पॉट तकनीक को इजाद करने वाले ब्रेनन ने चिंता व्यक्त की थी कि एशेज शृंखला के दौरान बल्लेबाज गेंद से संपर्क को छुपाने के लिए सिलिकान टेप का इस्तेमाल कर रहे हैं।टिप्पणियां
पता चला है कि बोर्ड को हॉटस्पॉट तकनीक से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन उसने समीक्षा प्रणाली के संबंध में अपना पक्ष बरकरार रखा कि यह फूलप्रूफ नहीं है।
आईसीसी की बैठक इसलिये भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बोर्ड सचिव इस मौके पर दक्षिण अफ्रीका दौरे के विवाद को निपटाने के लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट से भी मिलेंगे।
डालमिया ने कहा, ‘(बोर्ड सचिव) संजय पटेल इस बैठक में ब्रेनन के अवलोकन पर चर्चा करेंगे कि बल्ले पर सुरक्षा कवच लगाने से गेंद के संपर्क को छुपाया जा सकता है। बोर्ड चर्चा करेगा कि उनका यह निरीक्षण सही है या नहीं।’
हॉटस्पॉट तकनीक को इजाद करने वाले ब्रेनन ने चिंता व्यक्त की थी कि एशेज शृंखला के दौरान बल्लेबाज गेंद से संपर्क को छुपाने के लिए सिलिकान टेप का इस्तेमाल कर रहे हैं।टिप्पणियां
पता चला है कि बोर्ड को हॉटस्पॉट तकनीक से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन उसने समीक्षा प्रणाली के संबंध में अपना पक्ष बरकरार रखा कि यह फूलप्रूफ नहीं है।
आईसीसी की बैठक इसलिये भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बोर्ड सचिव इस मौके पर दक्षिण अफ्रीका दौरे के विवाद को निपटाने के लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट से भी मिलेंगे।
हॉटस्पॉट तकनीक को इजाद करने वाले ब्रेनन ने चिंता व्यक्त की थी कि एशेज शृंखला के दौरान बल्लेबाज गेंद से संपर्क को छुपाने के लिए सिलिकान टेप का इस्तेमाल कर रहे हैं।टिप्पणियां
पता चला है कि बोर्ड को हॉटस्पॉट तकनीक से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन उसने समीक्षा प्रणाली के संबंध में अपना पक्ष बरकरार रखा कि यह फूलप्रूफ नहीं है।
आईसीसी की बैठक इसलिये भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बोर्ड सचिव इस मौके पर दक्षिण अफ्रीका दौरे के विवाद को निपटाने के लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट से भी मिलेंगे।
पता चला है कि बोर्ड को हॉटस्पॉट तकनीक से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन उसने समीक्षा प्रणाली के संबंध में अपना पक्ष बरकरार रखा कि यह फूलप्रूफ नहीं है।
आईसीसी की बैठक इसलिये भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बोर्ड सचिव इस मौके पर दक्षिण अफ्रीका दौरे के विवाद को निपटाने के लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट से भी मिलेंगे।
आईसीसी की बैठक इसलिये भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बोर्ड सचिव इस मौके पर दक्षिण अफ्रीका दौरे के विवाद को निपटाने के लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट से भी मिलेंगे। | सारांश: बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने कहा कि 16 और 17 सितंबर को होने वाली आईसीसी की मुख्य कार्यकारियों की बैठक में बोर्ड वारेन ब्रेनन के हॉटस्पॉट तकनीक के बारे में निरीक्षण पर चर्चा करेगा। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है, ऐसे में मुंबई के वकोला इलाके में 600 लोगों ने बाकायदा जनहित याचिका दायर की है. हलफनामा देकर कहा है कि उन सबने अपने पसंदीदा निर्दलीय उम्मीदवार को वोट किया लेकिन कई के वोट उसे मिले ही नहीं. 600 लोगों की शिकायत है, कह रहे हैं कि वोट चोरी हो गए, अदालत दखल दे. बाकायदा हलफनाम देकर बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया है कि बीएमसी चुनावों में उन्होंने जिस उम्मीदवार को वोट दिया उसे इनका वोट नहीं मिला.
मामला मुंबई के वकोला इलाके में वार्ड नंबर 88 का है. वार्ड में 13 उम्मीदवार चुनावी समर में कूदे थे जिनमें निर्दलीय नीलोत्पल मृणाल भी थे. उन्हें महज 375 वोट मिले. सीट शिवसेना के खाते में गई लेकिन अब इलाके के 600 मतदाताओं ने एफिडेविट पर साइन करके, अपने वोटर आईडी की फोटो कॉपी के साथ, नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखकर हाईकोर्ट में अर्जी दी है. याचिकाकर्ता ताहिर शेख ने कहा ''मैं खुद काउंटिंग के दिन बैठा था. जब वोट गिने तो मैं बहुत निराश हुआ फिर हमने इलाके के लोगों के साथ बैठक की और तय किया कि कुछ करना है इसलिए हमने पीआईएल दी.''टिप्पणियां
चुनाव हारने के बाद नीलोत्पल मृणाल का दावा है कि उन्होंने बीएमसी से आधिकारिक जानकारी मांगी जिससे उन्हें पता लगा कि कई वॉर्डों में जिन लोगों ने हलफनामे पर सहमति दी उससे कम वोट उन्हें मिले. नीलोत्पल ने कहा ''अगर मुझे हर बूथ से 50-60 वोट मिलते तो शायद पता करने में दिक्कत होती लेकिन 4-5 वोट मिले जहां से दुगुने से ज्यादा लोगों ने मुझे शपथपत्र देकर कहा कि उन्होंने मुझे वोट दिया था. मतदाता जानना चाहते हैं कि मामला ईवीएम में खराबी का है या उसके साथ छेड़छाड़ का.'' याचिकाकर्ताओं के वकील श्रवण गिरी ने ''कहा याचिका दाखिल हो गई है. किसी भी दिन सुनवाई की तारीख आ सकती है. हम चाहते हैं कि अदालत जांच करवाए कि लोगों के वोट कहां गए?''
उम्मीदवार का दावा है कि भले ही 600 लोगों ने हलफनामा दिया हो लेकिन उन्हें वोट करने वालों की तादाद इससे कहीं ज्यादा है. वैसे फैसला हक में आने पर भी वे दुबारा चुनाव नहीं लड़ना चाहते. उधर लोगों की शिकायत है कि उन्हें अपनी पसंद का पार्षद नहीं मिल पाया. जनता की अर्जी है, फैसला अदालत को करना है.
मामला मुंबई के वकोला इलाके में वार्ड नंबर 88 का है. वार्ड में 13 उम्मीदवार चुनावी समर में कूदे थे जिनमें निर्दलीय नीलोत्पल मृणाल भी थे. उन्हें महज 375 वोट मिले. सीट शिवसेना के खाते में गई लेकिन अब इलाके के 600 मतदाताओं ने एफिडेविट पर साइन करके, अपने वोटर आईडी की फोटो कॉपी के साथ, नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखकर हाईकोर्ट में अर्जी दी है. याचिकाकर्ता ताहिर शेख ने कहा ''मैं खुद काउंटिंग के दिन बैठा था. जब वोट गिने तो मैं बहुत निराश हुआ फिर हमने इलाके के लोगों के साथ बैठक की और तय किया कि कुछ करना है इसलिए हमने पीआईएल दी.''टिप्पणियां
चुनाव हारने के बाद नीलोत्पल मृणाल का दावा है कि उन्होंने बीएमसी से आधिकारिक जानकारी मांगी जिससे उन्हें पता लगा कि कई वॉर्डों में जिन लोगों ने हलफनामे पर सहमति दी उससे कम वोट उन्हें मिले. नीलोत्पल ने कहा ''अगर मुझे हर बूथ से 50-60 वोट मिलते तो शायद पता करने में दिक्कत होती लेकिन 4-5 वोट मिले जहां से दुगुने से ज्यादा लोगों ने मुझे शपथपत्र देकर कहा कि उन्होंने मुझे वोट दिया था. मतदाता जानना चाहते हैं कि मामला ईवीएम में खराबी का है या उसके साथ छेड़छाड़ का.'' याचिकाकर्ताओं के वकील श्रवण गिरी ने ''कहा याचिका दाखिल हो गई है. किसी भी दिन सुनवाई की तारीख आ सकती है. हम चाहते हैं कि अदालत जांच करवाए कि लोगों के वोट कहां गए?''
उम्मीदवार का दावा है कि भले ही 600 लोगों ने हलफनामा दिया हो लेकिन उन्हें वोट करने वालों की तादाद इससे कहीं ज्यादा है. वैसे फैसला हक में आने पर भी वे दुबारा चुनाव नहीं लड़ना चाहते. उधर लोगों की शिकायत है कि उन्हें अपनी पसंद का पार्षद नहीं मिल पाया. जनता की अर्जी है, फैसला अदालत को करना है.
चुनाव हारने के बाद नीलोत्पल मृणाल का दावा है कि उन्होंने बीएमसी से आधिकारिक जानकारी मांगी जिससे उन्हें पता लगा कि कई वॉर्डों में जिन लोगों ने हलफनामे पर सहमति दी उससे कम वोट उन्हें मिले. नीलोत्पल ने कहा ''अगर मुझे हर बूथ से 50-60 वोट मिलते तो शायद पता करने में दिक्कत होती लेकिन 4-5 वोट मिले जहां से दुगुने से ज्यादा लोगों ने मुझे शपथपत्र देकर कहा कि उन्होंने मुझे वोट दिया था. मतदाता जानना चाहते हैं कि मामला ईवीएम में खराबी का है या उसके साथ छेड़छाड़ का.'' याचिकाकर्ताओं के वकील श्रवण गिरी ने ''कहा याचिका दाखिल हो गई है. किसी भी दिन सुनवाई की तारीख आ सकती है. हम चाहते हैं कि अदालत जांच करवाए कि लोगों के वोट कहां गए?''
उम्मीदवार का दावा है कि भले ही 600 लोगों ने हलफनामा दिया हो लेकिन उन्हें वोट करने वालों की तादाद इससे कहीं ज्यादा है. वैसे फैसला हक में आने पर भी वे दुबारा चुनाव नहीं लड़ना चाहते. उधर लोगों की शिकायत है कि उन्हें अपनी पसंद का पार्षद नहीं मिल पाया. जनता की अर्जी है, फैसला अदालत को करना है.
उम्मीदवार का दावा है कि भले ही 600 लोगों ने हलफनामा दिया हो लेकिन उन्हें वोट करने वालों की तादाद इससे कहीं ज्यादा है. वैसे फैसला हक में आने पर भी वे दुबारा चुनाव नहीं लड़ना चाहते. उधर लोगों की शिकायत है कि उन्हें अपनी पसंद का पार्षद नहीं मिल पाया. जनता की अर्जी है, फैसला अदालत को करना है. | यहाँ एक सारांश है:मतदाता जानना चाहते हैं कि ईवीएम में खराबी थी या उससे हुई छेड़छाड़
मुंबई के वकोला इलाके में वार्ड नंबर 88 का मामला
निर्दलीय नीलोत्पल मृणाल को मिले महज 375 वोट | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दक्षिण की अन्य अभिनेत्रियों की तरह इलियाना डिक्रूज अपनी पहली हिन्दी फिल्म 'बर्फी' की सफलता के बाद बॉलीवुड में अपने करियर को विस्तार देने के लिए मुंबई में बसना चाहती हैं।
इलियाना ने कहा, मैं बहुत जल्द मुंबई में बसने की योजना बना रही हूं, संभवत: अगले दो महीने में। इलियाना का कहना है कि इस वजह से वह दक्षिण की किसी भी फिल्म में काम नहीं कर रहीं और वह मुंबई में एक घर खरीदने की योजना बना रही हैं।
इलियाना अपनी हिन्दी ठीक करने की भी कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं हिन्दी सीख रही हूं। मैंने 'बर्फी' में अपने संवाद की डबिंग खुद की थी, लेकिन मैं हिन्दी में बात नहीं कर सकती। मुझे इसके लिए अपना आत्मविश्वास बढ़ाना है।टिप्पणियां
हालांकि, इस सफलता के बावजूद इलियाना का कहना है कि वह दक्षिण की फिल्मों में काम करना बंद नहीं करेंगी। दक्षिण की सबसे महंगी अभिनेत्री इलियाना ने कहा, दक्षिण में बहुत से लोगों को आश्चर्य होगा अगर मैं कहूं कि मैं तेलूगु फिल्में नहीं करूंगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह संभव है। मुझे तेलूगु फिल्म का हिस्सा बनने और अब हिन्दी फिल्में करने पर गर्व है।
इलियाना को 'बर्फी' के उनके पारम्परिक बंगाली महिला के किरदार से काफी वाह-वाही मिल रही है, जो फिल्म के मुख्य पात्र 'बर्फी' के लिए अपने प्यार का बलिदान दे देती है। इलियाना का कहना है कि उनके लिए बंगाली महिला का किरदार तेलूगु फिल्मों में उनकी छवि से अलग था और वह इस किरदार को करने के लिए आश्वस्त नहीं थीं।
इलियाना ने कहा, मैं बहुत जल्द मुंबई में बसने की योजना बना रही हूं, संभवत: अगले दो महीने में। इलियाना का कहना है कि इस वजह से वह दक्षिण की किसी भी फिल्म में काम नहीं कर रहीं और वह मुंबई में एक घर खरीदने की योजना बना रही हैं।
इलियाना अपनी हिन्दी ठीक करने की भी कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं हिन्दी सीख रही हूं। मैंने 'बर्फी' में अपने संवाद की डबिंग खुद की थी, लेकिन मैं हिन्दी में बात नहीं कर सकती। मुझे इसके लिए अपना आत्मविश्वास बढ़ाना है।टिप्पणियां
हालांकि, इस सफलता के बावजूद इलियाना का कहना है कि वह दक्षिण की फिल्मों में काम करना बंद नहीं करेंगी। दक्षिण की सबसे महंगी अभिनेत्री इलियाना ने कहा, दक्षिण में बहुत से लोगों को आश्चर्य होगा अगर मैं कहूं कि मैं तेलूगु फिल्में नहीं करूंगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह संभव है। मुझे तेलूगु फिल्म का हिस्सा बनने और अब हिन्दी फिल्में करने पर गर्व है।
इलियाना को 'बर्फी' के उनके पारम्परिक बंगाली महिला के किरदार से काफी वाह-वाही मिल रही है, जो फिल्म के मुख्य पात्र 'बर्फी' के लिए अपने प्यार का बलिदान दे देती है। इलियाना का कहना है कि उनके लिए बंगाली महिला का किरदार तेलूगु फिल्मों में उनकी छवि से अलग था और वह इस किरदार को करने के लिए आश्वस्त नहीं थीं।
इलियाना अपनी हिन्दी ठीक करने की भी कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं हिन्दी सीख रही हूं। मैंने 'बर्फी' में अपने संवाद की डबिंग खुद की थी, लेकिन मैं हिन्दी में बात नहीं कर सकती। मुझे इसके लिए अपना आत्मविश्वास बढ़ाना है।टिप्पणियां
हालांकि, इस सफलता के बावजूद इलियाना का कहना है कि वह दक्षिण की फिल्मों में काम करना बंद नहीं करेंगी। दक्षिण की सबसे महंगी अभिनेत्री इलियाना ने कहा, दक्षिण में बहुत से लोगों को आश्चर्य होगा अगर मैं कहूं कि मैं तेलूगु फिल्में नहीं करूंगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह संभव है। मुझे तेलूगु फिल्म का हिस्सा बनने और अब हिन्दी फिल्में करने पर गर्व है।
इलियाना को 'बर्फी' के उनके पारम्परिक बंगाली महिला के किरदार से काफी वाह-वाही मिल रही है, जो फिल्म के मुख्य पात्र 'बर्फी' के लिए अपने प्यार का बलिदान दे देती है। इलियाना का कहना है कि उनके लिए बंगाली महिला का किरदार तेलूगु फिल्मों में उनकी छवि से अलग था और वह इस किरदार को करने के लिए आश्वस्त नहीं थीं।
हालांकि, इस सफलता के बावजूद इलियाना का कहना है कि वह दक्षिण की फिल्मों में काम करना बंद नहीं करेंगी। दक्षिण की सबसे महंगी अभिनेत्री इलियाना ने कहा, दक्षिण में बहुत से लोगों को आश्चर्य होगा अगर मैं कहूं कि मैं तेलूगु फिल्में नहीं करूंगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह संभव है। मुझे तेलूगु फिल्म का हिस्सा बनने और अब हिन्दी फिल्में करने पर गर्व है।
इलियाना को 'बर्फी' के उनके पारम्परिक बंगाली महिला के किरदार से काफी वाह-वाही मिल रही है, जो फिल्म के मुख्य पात्र 'बर्फी' के लिए अपने प्यार का बलिदान दे देती है। इलियाना का कहना है कि उनके लिए बंगाली महिला का किरदार तेलूगु फिल्मों में उनकी छवि से अलग था और वह इस किरदार को करने के लिए आश्वस्त नहीं थीं।
इलियाना को 'बर्फी' के उनके पारम्परिक बंगाली महिला के किरदार से काफी वाह-वाही मिल रही है, जो फिल्म के मुख्य पात्र 'बर्फी' के लिए अपने प्यार का बलिदान दे देती है। इलियाना का कहना है कि उनके लिए बंगाली महिला का किरदार तेलूगु फिल्मों में उनकी छवि से अलग था और वह इस किरदार को करने के लिए आश्वस्त नहीं थीं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दक्षिण की अन्य अभिनेत्रियों की तरह इलियाना डिक्रूज अपनी पहली हिन्दी फिल्म 'बर्फी' की सफलता के बाद बॉलीवुड में अपने करियर को विस्तार देने के लिए मुंबई में बसना चाहती हैं। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान में अब भी जारी आतंकवाद को लेकर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वहां के नेतृत्व से अब जाग जाने का आह्वान किया और कहा है कि इस्लामाबाद अपनी भूमि से भारत के खिलाफ सक्रिय जेहादी समूहों पर रोक लगाए। कराची हमले के संदर्भ में पाकिस्तान को भेजे गए एक संदेश में सिंह ने कहा है कि उसके नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि आतंकवाद ने पड़ोसी देश को भी उतना ही आहत किया है, जितना भारत को किया है और उन्हें आतंकी गुटों के खिलाफ ज्यादा प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने इथियोपिया और तंजानिया की छह दिवसीय यात्रा से वापसी के दौरान शनिवार रात संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान की विदेश नीति के एक अहम हिस्से के तौर पर आतंकवाद सभ्य दुनिया के लोगों के लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि भारत इसके बारे में पाकिस्तान को विश्वास दिलाने के लिए हरसंभव मौके का उपयोग करेगा।प्रधानमंत्री ने कहा, पाकिस्तान के पड़ोसी होने के नाते हम वहां अब तक कायम आतंकवाद को लेकर बहुत चिंतित हैं। हम चाहेंगे कि पाकिस्तान उन जेहादी समूहों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए और प्रभावी कार्रवाई करे, जो खास तौर पर भारत जैसे देश को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कराची स्थित पाकिस्तानी नौसेना के एयरबेस पर हाल ही में हुए आतंकी हमले के संदर्भ में कहा, पाकिस्तान में जो हो रहा है, मैंने देखा है और मैं मानता हूं कि पाकिस्तान के नेतृत्व को अब जाग जाना चाहिए तथा यह समझना चाहिए कि वहां आतंकवाद है या कुछ आतंकी तत्वों को संरक्षण मिल रहा है और ये तत्व किसी के फायदे के लिए काम नहीं कर रहे हैं। मुंबई हमलों की पाकिस्तान में चल रही जांच के बारे में सिंह ने कहा, हमें पाकिस्तान को यह भरोसा दिलाना होगा कि हमारे क्षेत्र में आतंक की समस्या के निपटारे में उन्हें हमारी मदद करना चाहिए और ऐसा करना उनके ही हित में है। सिंह ने कहा, अपने आतंक के लिए गंतव्य के तौर पर भारत को निशाना बनाने वाले जेहादी समूहों पर कारगर तरीके से अंकुश लगाना चाहिए और उनसे निपटना चाहिए। यह एक जारी प्रक्रिया है और हमें जब भी अवसर मिले, पाकिस्तान पर इसके लिए लगातार दबाव बनाते रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान आतंकवाद के दैत्य को पहचानेगा, जिसने उन्हें भी उतना ही आहत किया है, जितना उससे हमारा देश आहत है। मुंबई हमलों में आईएसआई की संलिप्तता के बारे में डेविड हेडली द्वारा किए गए खुलासे के संदर्भ में पूछने पर सिंह ने कहा, इससे कोई नई बात तो सामने नहीं आई है। नई दिल्ली लंबे समय से कहती रही है कि मुंबई हमलों में आईएसआई की प्रत्यक्ष भूमिका है, लेकिन पाकिस्तान इस आरोप को नकारता रहा है। अमेरिकी अदालत में हेडली की जारी गवाही पर अपनी पहली टिप्पणी में प्रधानमंत्री ने कहा, डेविड हेडली की गवाही में ऐसा कुछ नया सामने नहीं आया है, जो हम न जानते हों। सुनवाई जारी है। उन्होंने कहा, सुनवाई पूरी होने के बाद हम इसका अध्ययन करेंगे। इसमें ऐसा कुछ नया नहीं है, जो हम न जानते हों। सिंह ने कहा कि आतंकवाद को लेकर वैश्विक चिंता है और दुनिया ने देखा है कि आतंक का केंद्र भारत के पड़ोस में है। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान में अब भी जारी आतंकवाद को लेकर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वहां के नेतृत्व से अब जाग जाने का आह्वान किया। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Dabangg 3 Review: सलमान खान (Salman Khan) की फिल्म 'दबंग 3' 20 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है. सलमान खान फिल्म को लेकर जबरदस्त ढंग से प्रचार कर रहे हैं और फिल्म को लेकर उन्हें खूब उम्मीदें भी हैं. लेकिन बॉलीवुड एक्टर और फिल्म समीक्षा करने वाले कमाल आर खान (Kamaal R Khan) ने फिल्म को सिरे से रिजेक्ट कर दिया है. कमाल आर खान ने सलमान खान की फिल्म 'दबंग 3 (Dabangg 3)' को खराब फिल्म बताया है और कहा है कि अगर यह फिल्म 1990 के दशक में रिलीज होती तो जरूर ब्लॉकबस्टर हो सकती थी. 'दबंग 3' में सलमान खान एक बार फिर चुलबुल पांडे के किरदार में नजर आ रहे हैं और इस बार तो फिल्म की कहानी भी उन्होंने ही लिखी है.
एक्टर और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट रह चुके कमाल आर खान (Kamaal R Khan) ने 'दबंग 3' को लेकर ट्वीट किया हैः 'फिल्म 'दबंग 3 (Dabangg 3)' बिल्कुल बेकार और वाहियात फिल्म 'मरजावां' की तरह सुपर्ब और ब्रिलियंट है. 30 फीसदी फिल्म स्लो मोशन में है. तो भाई के कुछ फैन इस पर सिंगल स्क्रीन थिएटर में जरूर हल्ला मचा सकते हैं. हां अगर यह फिल्म 1990 के दशक में रिलीज हुई होती तो ब्लॉकबस्टर हो सकती थी.' इस तरह कमाल आर खान ने सलमान खान की फिल्म का पूरी तरह से मजाक बनाया है. (ट्वीट पढ़ने के लिए क्लिक करें)
सलमान खान (Salman Khan) की 'दबंग 3 (Dabangg 3)' को प्रभुदेवा ने डायरेक्ट किया है. प्रभुदेवा ने इससे पहले सलमान खान की फिल्म 'वॉन्टेड' का डायरेक्ट किया था, और यह फिल्म सुपरहिट रही थी. 'दबंग 3' से बॉलीवुड एक्टर संजय मांजरेकर की बेटी सई मांजरेकर डेब्यू करने जा रही हैं. हालांकि अगले हफ्ते अक्षय कुमार की 'गुड न्यूज' रिलीज हो रही है, इसे देखते हुए सलमान खान और अक्षय कुमार की जोरदार टक्कर मानी जा रही है. ऐसे में देखना यह दिलचस्प होगा कि बॉक्स ऑफिस पर बाजी सुल्तान के हाथ रहती है या खिलाड़ी के. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सलमान खान की फिल्म को लेकर बॉलीवुड एक्टर का ट्वीट
फिल्म की यूं कर डाली समीक्षा
20 दिसंबर को रिलीज हो रही है 'दबंग 3' | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत-पाकिस्तान वार्ता से पहले सकारात्मकताभरा रुख दर्शाते हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर ने कहा कि उनका देश आतंकवाद के मसले पर भारत को सभी तरह का जरूरी सहयोग देगा और इससे जुड़ी जानकारी साझा करेगा। अटारी-वाघा सीमा पार कर भारत आए बशीर दिल्ली में विदेश सचिव निरुपमा राव से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों ओर से आपसी समझ को मजबूत करने की कोशिशें हो रही हैं। दोनों विदेश सचिवों के बीच आपसी भरोसे में इजाफा करने के उपायों, आतंकवाद से जुड़ी चिंताओं और दोनों ओर के लोगों के बीच पारस्परिक संपर्क बढ़ाने के बारे में चर्चा होने की संभावना है। बशीर और निरुपमा, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और उनकी पाकिस्तानी समकक्ष हीना रब्बानी खार के बीच बुधवार को होने वाली वार्ता का एजेंडा तैयार करेंगे। बशीर ने अमृतसर से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचने पर कहा, निजी तौर पर मुझे और मेरी टीम को दिल्ली लौटकर अच्छा लग रहा है। हम विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली बैठक से पहले की तैयारी करने यहां आए हैं। भारत की विदेश सचिव इस्लामाबाद आई थीं और हमने कुछ मुद्दों पर चर्चा की। | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर ने कहा कि उनका देश आतंकवाद के मसले पर भारत को सभी तरह का जरूरी सहयोग देगा। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गृहमंत्रालय इशरत जहां मामले से जुड़े सभी दस्तावेज संभवत: केन्द्रीय जांच ब्यूरो को नहीं सौंपेगा।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय मामले से जुड़े दस्तावेजों को लेकर अदालत से विशेष अधिकार मांग सकता है।
केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सभी दस्तावेज मुहैया कराने का आग्रह गृह मंत्रालय से किया था, जिसे गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय के विचारार्थ भेजा और राय पूछी कि क्या मांगी गई गोपनीय सूचना मामले की जांच के लिए प्रासंगिक है। गृह मंत्रालय इस संबंध में सीबीआई को जवाब भेजेगा।
सीबीआई ने गृह मंत्रालय से आग्रह किया था कि 2009 में उपसचिव आरवीएस मणि द्वारा उच्च न्यायालय में दो महीने के अंतराल पर इशरत को लेकर विरोधाभासी बयान वाले जो हलफनामे दाखिल किए गए, उनसे जुड़ी फाइलें मुहैया कराई जाएं।टिप्पणियां
आवश्यकता पड़ी तो गृह मंत्रालय गोपनीय दस्तावेजों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और कह सकता है कि इस जानकारी का खुलासा करना या साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना देश के सुरक्षा हितों के साथ समझौता हो सकता है इसलिए उसे दस्तावेजों को लेकर विशेष अधिकार मिलने चाहिए। इस मुद्दे पर हालांकि कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है।
6 अगस्त 2009 को दाखिल हलफनामे में इशरत और तीन अन्य को आतंकवादी बताया गया, जबकि 30 सितंबर 2009 को दाखिल हलफनामे में दावा किया गया कि इस बात के पक्के साक्ष्य नहीं हैं कि इशरत आतंकवादी थी।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय मामले से जुड़े दस्तावेजों को लेकर अदालत से विशेष अधिकार मांग सकता है।
केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सभी दस्तावेज मुहैया कराने का आग्रह गृह मंत्रालय से किया था, जिसे गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय के विचारार्थ भेजा और राय पूछी कि क्या मांगी गई गोपनीय सूचना मामले की जांच के लिए प्रासंगिक है। गृह मंत्रालय इस संबंध में सीबीआई को जवाब भेजेगा।
सीबीआई ने गृह मंत्रालय से आग्रह किया था कि 2009 में उपसचिव आरवीएस मणि द्वारा उच्च न्यायालय में दो महीने के अंतराल पर इशरत को लेकर विरोधाभासी बयान वाले जो हलफनामे दाखिल किए गए, उनसे जुड़ी फाइलें मुहैया कराई जाएं।टिप्पणियां
आवश्यकता पड़ी तो गृह मंत्रालय गोपनीय दस्तावेजों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और कह सकता है कि इस जानकारी का खुलासा करना या साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना देश के सुरक्षा हितों के साथ समझौता हो सकता है इसलिए उसे दस्तावेजों को लेकर विशेष अधिकार मिलने चाहिए। इस मुद्दे पर हालांकि कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है।
6 अगस्त 2009 को दाखिल हलफनामे में इशरत और तीन अन्य को आतंकवादी बताया गया, जबकि 30 सितंबर 2009 को दाखिल हलफनामे में दावा किया गया कि इस बात के पक्के साक्ष्य नहीं हैं कि इशरत आतंकवादी थी।
केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सभी दस्तावेज मुहैया कराने का आग्रह गृह मंत्रालय से किया था, जिसे गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय के विचारार्थ भेजा और राय पूछी कि क्या मांगी गई गोपनीय सूचना मामले की जांच के लिए प्रासंगिक है। गृह मंत्रालय इस संबंध में सीबीआई को जवाब भेजेगा।
सीबीआई ने गृह मंत्रालय से आग्रह किया था कि 2009 में उपसचिव आरवीएस मणि द्वारा उच्च न्यायालय में दो महीने के अंतराल पर इशरत को लेकर विरोधाभासी बयान वाले जो हलफनामे दाखिल किए गए, उनसे जुड़ी फाइलें मुहैया कराई जाएं।टिप्पणियां
आवश्यकता पड़ी तो गृह मंत्रालय गोपनीय दस्तावेजों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और कह सकता है कि इस जानकारी का खुलासा करना या साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना देश के सुरक्षा हितों के साथ समझौता हो सकता है इसलिए उसे दस्तावेजों को लेकर विशेष अधिकार मिलने चाहिए। इस मुद्दे पर हालांकि कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है।
6 अगस्त 2009 को दाखिल हलफनामे में इशरत और तीन अन्य को आतंकवादी बताया गया, जबकि 30 सितंबर 2009 को दाखिल हलफनामे में दावा किया गया कि इस बात के पक्के साक्ष्य नहीं हैं कि इशरत आतंकवादी थी।
सीबीआई ने गृह मंत्रालय से आग्रह किया था कि 2009 में उपसचिव आरवीएस मणि द्वारा उच्च न्यायालय में दो महीने के अंतराल पर इशरत को लेकर विरोधाभासी बयान वाले जो हलफनामे दाखिल किए गए, उनसे जुड़ी फाइलें मुहैया कराई जाएं।टिप्पणियां
आवश्यकता पड़ी तो गृह मंत्रालय गोपनीय दस्तावेजों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और कह सकता है कि इस जानकारी का खुलासा करना या साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना देश के सुरक्षा हितों के साथ समझौता हो सकता है इसलिए उसे दस्तावेजों को लेकर विशेष अधिकार मिलने चाहिए। इस मुद्दे पर हालांकि कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है।
6 अगस्त 2009 को दाखिल हलफनामे में इशरत और तीन अन्य को आतंकवादी बताया गया, जबकि 30 सितंबर 2009 को दाखिल हलफनामे में दावा किया गया कि इस बात के पक्के साक्ष्य नहीं हैं कि इशरत आतंकवादी थी।
आवश्यकता पड़ी तो गृह मंत्रालय गोपनीय दस्तावेजों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और कह सकता है कि इस जानकारी का खुलासा करना या साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना देश के सुरक्षा हितों के साथ समझौता हो सकता है इसलिए उसे दस्तावेजों को लेकर विशेष अधिकार मिलने चाहिए। इस मुद्दे पर हालांकि कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है।
6 अगस्त 2009 को दाखिल हलफनामे में इशरत और तीन अन्य को आतंकवादी बताया गया, जबकि 30 सितंबर 2009 को दाखिल हलफनामे में दावा किया गया कि इस बात के पक्के साक्ष्य नहीं हैं कि इशरत आतंकवादी थी।
6 अगस्त 2009 को दाखिल हलफनामे में इशरत और तीन अन्य को आतंकवादी बताया गया, जबकि 30 सितंबर 2009 को दाखिल हलफनामे में दावा किया गया कि इस बात के पक्के साक्ष्य नहीं हैं कि इशरत आतंकवादी थी। | संक्षिप्त पाठ: गृहमंत्रालय इशरत जहां मामले से जुड़े सभी दस्तावेज संभवत: केन्द्रीय जांच ब्यूरो को नहीं सौंपेगा। सरकारी सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय मामले से जुड़े दस्तावेजों को लेकर अदालत से विशेष अधिकार मांग सकता है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओसामा बिन लादेन तक पहुंच बनाने में सीआईए की मदद करने वाले पाकिस्तानी चिकित्सक शकील अफरीदी को 33 साल की सजा सुनाई गई है।
अफरीदी पर आरोप था कि उसने ऐबटाबाद में सीआईए की ओर से फर्जी टीकाकरण अभियान चलाया। ऐबटाबाद के मकान में ओसामा छिपा हुआ था और बीते साल दो मई को अमेरिकी सुरक्षा बलों ने एक अभियान में उसे मार गिराया।
इस चिकित्सक ने टीकाकरण अभियान चलाया ताकि ओसामा के किसी परिजन का डीएनए नमूना लिया जा सके। ऐबटाबाद कार्रवाई को लेकर जांच करने वाले आयोग ने अफरीदी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए कहा था।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अफरीदी को पाकिस्तान में अब भी मौजूद कबायली कानून ‘फ्रंटियर क्राइम्स रेगुलेशन’ (एफसीआर) के तहत जेल की सजा दी गई। ब्रिटिश काल के दौरान पाकिस्तान के कबायली इलाकों में एफसीआर लागू था, जो आज भी कायम है।
सूत्रों का कहना है कि अफरीदी को पेशावर की मुख्य जेल में भेजा गया है। सरकार पहले ही उसे सेवा से बख्रास्त कर चुकी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने इसी साल जनवरी में माना था कि अफरीदी ने डीएनए नमूने का संग्रह करने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी की मदद की थी। टिप्पणियां
अमेरिका कहता रहा है कि अफरीदी को मुक्त करना चाहिए और उसे अमेरिका में रहने की इजाजत दी जानी चाहिए। अमेरिकी सांसदों ने एक समूह ने ओबामा प्रशासन से मांग की थी कि अफरीदी को अमेरिका की मदद करने के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।
इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ओसामा के ऐबटाबाद वाले ठिकाने से उसके परिवार के किसी सदस्य का डीएनए नमूना लिया गया था।
अफरीदी पर आरोप था कि उसने ऐबटाबाद में सीआईए की ओर से फर्जी टीकाकरण अभियान चलाया। ऐबटाबाद के मकान में ओसामा छिपा हुआ था और बीते साल दो मई को अमेरिकी सुरक्षा बलों ने एक अभियान में उसे मार गिराया।
इस चिकित्सक ने टीकाकरण अभियान चलाया ताकि ओसामा के किसी परिजन का डीएनए नमूना लिया जा सके। ऐबटाबाद कार्रवाई को लेकर जांच करने वाले आयोग ने अफरीदी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए कहा था।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अफरीदी को पाकिस्तान में अब भी मौजूद कबायली कानून ‘फ्रंटियर क्राइम्स रेगुलेशन’ (एफसीआर) के तहत जेल की सजा दी गई। ब्रिटिश काल के दौरान पाकिस्तान के कबायली इलाकों में एफसीआर लागू था, जो आज भी कायम है।
सूत्रों का कहना है कि अफरीदी को पेशावर की मुख्य जेल में भेजा गया है। सरकार पहले ही उसे सेवा से बख्रास्त कर चुकी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने इसी साल जनवरी में माना था कि अफरीदी ने डीएनए नमूने का संग्रह करने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी की मदद की थी। टिप्पणियां
अमेरिका कहता रहा है कि अफरीदी को मुक्त करना चाहिए और उसे अमेरिका में रहने की इजाजत दी जानी चाहिए। अमेरिकी सांसदों ने एक समूह ने ओबामा प्रशासन से मांग की थी कि अफरीदी को अमेरिका की मदद करने के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।
इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ओसामा के ऐबटाबाद वाले ठिकाने से उसके परिवार के किसी सदस्य का डीएनए नमूना लिया गया था।
इस चिकित्सक ने टीकाकरण अभियान चलाया ताकि ओसामा के किसी परिजन का डीएनए नमूना लिया जा सके। ऐबटाबाद कार्रवाई को लेकर जांच करने वाले आयोग ने अफरीदी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए कहा था।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अफरीदी को पाकिस्तान में अब भी मौजूद कबायली कानून ‘फ्रंटियर क्राइम्स रेगुलेशन’ (एफसीआर) के तहत जेल की सजा दी गई। ब्रिटिश काल के दौरान पाकिस्तान के कबायली इलाकों में एफसीआर लागू था, जो आज भी कायम है।
सूत्रों का कहना है कि अफरीदी को पेशावर की मुख्य जेल में भेजा गया है। सरकार पहले ही उसे सेवा से बख्रास्त कर चुकी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने इसी साल जनवरी में माना था कि अफरीदी ने डीएनए नमूने का संग्रह करने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी की मदद की थी। टिप्पणियां
अमेरिका कहता रहा है कि अफरीदी को मुक्त करना चाहिए और उसे अमेरिका में रहने की इजाजत दी जानी चाहिए। अमेरिकी सांसदों ने एक समूह ने ओबामा प्रशासन से मांग की थी कि अफरीदी को अमेरिका की मदद करने के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।
इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ओसामा के ऐबटाबाद वाले ठिकाने से उसके परिवार के किसी सदस्य का डीएनए नमूना लिया गया था।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अफरीदी को पाकिस्तान में अब भी मौजूद कबायली कानून ‘फ्रंटियर क्राइम्स रेगुलेशन’ (एफसीआर) के तहत जेल की सजा दी गई। ब्रिटिश काल के दौरान पाकिस्तान के कबायली इलाकों में एफसीआर लागू था, जो आज भी कायम है।
सूत्रों का कहना है कि अफरीदी को पेशावर की मुख्य जेल में भेजा गया है। सरकार पहले ही उसे सेवा से बख्रास्त कर चुकी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने इसी साल जनवरी में माना था कि अफरीदी ने डीएनए नमूने का संग्रह करने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी की मदद की थी। टिप्पणियां
अमेरिका कहता रहा है कि अफरीदी को मुक्त करना चाहिए और उसे अमेरिका में रहने की इजाजत दी जानी चाहिए। अमेरिकी सांसदों ने एक समूह ने ओबामा प्रशासन से मांग की थी कि अफरीदी को अमेरिका की मदद करने के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।
इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ओसामा के ऐबटाबाद वाले ठिकाने से उसके परिवार के किसी सदस्य का डीएनए नमूना लिया गया था।
सूत्रों का कहना है कि अफरीदी को पेशावर की मुख्य जेल में भेजा गया है। सरकार पहले ही उसे सेवा से बख्रास्त कर चुकी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने इसी साल जनवरी में माना था कि अफरीदी ने डीएनए नमूने का संग्रह करने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी की मदद की थी। टिप्पणियां
अमेरिका कहता रहा है कि अफरीदी को मुक्त करना चाहिए और उसे अमेरिका में रहने की इजाजत दी जानी चाहिए। अमेरिकी सांसदों ने एक समूह ने ओबामा प्रशासन से मांग की थी कि अफरीदी को अमेरिका की मदद करने के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।
इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ओसामा के ऐबटाबाद वाले ठिकाने से उसके परिवार के किसी सदस्य का डीएनए नमूना लिया गया था।
अमेरिका कहता रहा है कि अफरीदी को मुक्त करना चाहिए और उसे अमेरिका में रहने की इजाजत दी जानी चाहिए। अमेरिकी सांसदों ने एक समूह ने ओबामा प्रशासन से मांग की थी कि अफरीदी को अमेरिका की मदद करने के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।
इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ओसामा के ऐबटाबाद वाले ठिकाने से उसके परिवार के किसी सदस्य का डीएनए नमूना लिया गया था।
इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ओसामा के ऐबटाबाद वाले ठिकाने से उसके परिवार के किसी सदस्य का डीएनए नमूना लिया गया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओसामा बिन लादेन तक पहुंच बनाने में सीआईए की मदद करने वाले पाकिस्तानी चिकित्सक शकील अफरीदी को 33 साल की सजा सुनाई गई है। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि दिल्ली जामा मस्जिद के इमाम मौलाना बुखारी का यह कहना कि भाजपा देश के मुसलमानो को दूसरे दर्जे का मानती है पूरी तरह बेबुनियाद है और भाजपा को बुखारी के प्रमाणपत्र की कोई जरूरत नहीं है।
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की चरखारी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामाकंन भरने के बाद संवाददाताओं के सवालों को जवाब देते हुए उमा ने कहा कि अब देश के मुसलमान जागरुक हैं और मौलाना बुखारी जैसे फिरंगी और मौकापरस्त फितरत को पहचान चुके हैं, अब उनकी अपील और दलील मुसलमानों में बेअसर हो चुकी है।टिप्पणियां
बुखारी द्वारा आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी के पक्ष में मुसलमानो का वोट मांगने और भाजपा की आलोचना के सवाल पर, उमा ने कहा, ‘‘अब देश बुखारी जैसे फिरंगी और मौकापरस्त से आजाद हो चुका है।’’ यह पूछे जाने पर कि जनक्रांति पार्टी के संरक्षक कल्याण सिंह को वह पिता तुल्य मानती हैं, जबकि वे उन्हें चुनावी शिकस्त देने के लिए चरखारी में दौरे की बात कर रहे हैं, उमा ने कहा, ‘‘यह मेरा और उनका व्यक्तिगत मामला है, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अगर चरखारी की जनता ने उन्हें मौका दिया, तो न केवल चरखारी, बल्कि समूचे बुंदेलखंड के लिए विधायक नहीं, चौकीदार के रूप में काम करुंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं मध्य प्रदेश की राजनीति कर रही थी, तब भी समूचे बुंदेलखंड की समस्याओं के लिए संघर्ष करती रही और अगर क्षेत्र की जनता ने मुझे चुनकर भेजा, तो बुंदेलखंड की गरीबी, भुखमरी और बदहाली को समूल रूप से मिटाने का पूरा प्रयास करुंगी।’’
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की चरखारी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामाकंन भरने के बाद संवाददाताओं के सवालों को जवाब देते हुए उमा ने कहा कि अब देश के मुसलमान जागरुक हैं और मौलाना बुखारी जैसे फिरंगी और मौकापरस्त फितरत को पहचान चुके हैं, अब उनकी अपील और दलील मुसलमानों में बेअसर हो चुकी है।टिप्पणियां
बुखारी द्वारा आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी के पक्ष में मुसलमानो का वोट मांगने और भाजपा की आलोचना के सवाल पर, उमा ने कहा, ‘‘अब देश बुखारी जैसे फिरंगी और मौकापरस्त से आजाद हो चुका है।’’ यह पूछे जाने पर कि जनक्रांति पार्टी के संरक्षक कल्याण सिंह को वह पिता तुल्य मानती हैं, जबकि वे उन्हें चुनावी शिकस्त देने के लिए चरखारी में दौरे की बात कर रहे हैं, उमा ने कहा, ‘‘यह मेरा और उनका व्यक्तिगत मामला है, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अगर चरखारी की जनता ने उन्हें मौका दिया, तो न केवल चरखारी, बल्कि समूचे बुंदेलखंड के लिए विधायक नहीं, चौकीदार के रूप में काम करुंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं मध्य प्रदेश की राजनीति कर रही थी, तब भी समूचे बुंदेलखंड की समस्याओं के लिए संघर्ष करती रही और अगर क्षेत्र की जनता ने मुझे चुनकर भेजा, तो बुंदेलखंड की गरीबी, भुखमरी और बदहाली को समूल रूप से मिटाने का पूरा प्रयास करुंगी।’’
बुखारी द्वारा आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी के पक्ष में मुसलमानो का वोट मांगने और भाजपा की आलोचना के सवाल पर, उमा ने कहा, ‘‘अब देश बुखारी जैसे फिरंगी और मौकापरस्त से आजाद हो चुका है।’’ यह पूछे जाने पर कि जनक्रांति पार्टी के संरक्षक कल्याण सिंह को वह पिता तुल्य मानती हैं, जबकि वे उन्हें चुनावी शिकस्त देने के लिए चरखारी में दौरे की बात कर रहे हैं, उमा ने कहा, ‘‘यह मेरा और उनका व्यक्तिगत मामला है, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अगर चरखारी की जनता ने उन्हें मौका दिया, तो न केवल चरखारी, बल्कि समूचे बुंदेलखंड के लिए विधायक नहीं, चौकीदार के रूप में काम करुंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं मध्य प्रदेश की राजनीति कर रही थी, तब भी समूचे बुंदेलखंड की समस्याओं के लिए संघर्ष करती रही और अगर क्षेत्र की जनता ने मुझे चुनकर भेजा, तो बुंदेलखंड की गरीबी, भुखमरी और बदहाली को समूल रूप से मिटाने का पूरा प्रयास करुंगी।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अगर चरखारी की जनता ने उन्हें मौका दिया, तो न केवल चरखारी, बल्कि समूचे बुंदेलखंड के लिए विधायक नहीं, चौकीदार के रूप में काम करुंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं मध्य प्रदेश की राजनीति कर रही थी, तब भी समूचे बुंदेलखंड की समस्याओं के लिए संघर्ष करती रही और अगर क्षेत्र की जनता ने मुझे चुनकर भेजा, तो बुंदेलखंड की गरीबी, भुखमरी और बदहाली को समूल रूप से मिटाने का पूरा प्रयास करुंगी।’’ | यहाँ एक सारांश है:चरखारी क्षेत्र से नामाकंन भरने के बाद उमा ने कहा कि देश के मुसलमान जागरुक हैं और मौलाना बुखारी जैसे फिरंगी और मौकापरस्त फितरत को पहचान चुके हैं। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय उद्योग जगत ने कहा कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति खाद्य वस्तुओं की बढ़ती महंगाई पर काबू पाने में एक निष्प्रभावी औजार बनकर रह गई है। उद्योग मंडल फिक्की के महासचिव अमित मित्रा ने कहा, खाद्य वस्तुओं की कीमतें एक बार फिर चढ़ गई हैं और इससे पता चलता है कि मौद्रिक नीति खाद्य वस्तुओं की महंगाई पर काबू पाने में एक निष्प्रभावी हथियार बन गई है। मित्रा ने कहा, फल, सब्जियों, दूध और मीट जैसी खाद्य, वस्तुओं की मांग बढ़ रही है और जब तक उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं की जाती और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं को दूर नहीं किया जाता, कीमतों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकेगा। इसी तरह, पीएचडी चैंबर ने कहा कि कीमतों में उतार-चढ़ाव पर अंकुश और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के जरिए बढ़ती कीमतों पर बेहतर ढंग से काबू पाया जा सकता है। एक अन्य उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा कि बढ़ती कीमतों के चलते रिजर्व बैंक के पास प्रमुख नीतिगत दरें बढ़ाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं रह जाएगा। उल्लेखनीय है कि 25 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़कर एक साल के उच्च स्तर 18.32 प्रतिशत पर पहुंच गई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय उद्योग जगत ने कहा कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति खाद्य वस्तुओं की बढ़ती महंगाई पर काबू पाने में एक निष्प्रभावी औजार बनकर रह गई है। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत में मैला ढोने की प्रथा के उन्मूलन के लिए एक प्रभावशाली मुहिम चलाने वाले एवं कर्नाटक में जन्मे बेजवाड़ा विल्सन और चेन्नई के गायक टी एम कृष्णा को वर्ष 2016 के लिए प्रतिष्ठित रेमन मैगसायसाय पुरस्कार के लिए आज चुना गया। इस पुरस्कार के लिए दो भारतीयों के अलावा चार अन्य को चुना गया है जिनमें फिलीपीन के कोंचिता कार्पियो-मोरैल्स, इंडोनेशिया के डोंपेट डुआफा, जापान ओवरसीज कोऑपरेशन वालंटियर एवं लाओस के ‘‘वियंतीएन रेसेक्यू’ शामिल हैं।
सफाई कर्मचारी आंदोलन (एसकेए) के राष्ट्रीय संयोजक विल्सन को ‘‘मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार की दृढतापूर्वक बात करने के कारण’’ पुरस्कार के लिए नामित किया गया है और कृष्णा को ‘‘संस्कृति में सामाजिक समावेशिता’’ लाने के लिए ‘‘एमरजेंट लीडरशिप’’ श्रेणी के तहत पुरस्कार के लिए चुना गया है।
विल्सन के उद्धरण में कहा गया है, ‘‘मैला ढोना भारत में मानवीयता पर कलंक है। मैला ढोना शुष्क शौचालयों से मानव के मलमूत्र को हाथ से उठाने और उस मलमूत्र की टोकरियों को सिर पर रखकर निर्धारित निपटान स्थलों पर ले जाने का काम है जो भारत के ‘‘अस्पृश्य’’, दलित उनके साथ होने वाली संरचनात्मक असमानता के मद्देनजर करते हैं।’
50 वर्षीय विल्सन के प्रशंसात्मक उल्लेख में कहा गया है, ‘‘मैला ढोना एक वंशानुगत पेशा है और 1,80,000 दलित घर भारत भर में 7,90,000 सार्वजनिक एवं व्यक्तिगत शुष्क शौचालयों को साफ करते हैं, मैला ढोने वालों में 98 प्रतिशत महिलाओं एवं लड़कियों को बहुत मामूली वेतन दिया जाता है। संविधान एवं अन्य कानून शुष्क शौचालयों और लोगों से मैला ढोने पर प्रतिबंध लगाते हैं लेकिन इन्हें लागू नहीं किया गया है क्योंकि सरकार ही इनकी सबसे बड़ी उल्लंघनकर्ता है।’’ विल्सन का जन्म एक ऐसे दलित परिवार में हुआ जो कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड्स कस्बे में मैला ढोने का काम करता था। वह उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य हैं।
विल्सन की प्रशंसा करते हुए उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘स्कूल में उनके साथ एक बहिष्कृत की तरह व्यवहार किया जाता था। अपने परिवार की स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ बेजवाड़ा के मन में बहुत गुस्सा था लेकिन उन्होंने बाद में अपने इस गुस्से का इस्तेमाल मैला ढोने के उन्मूलन की मुहिम चलाने में किया।’’ विल्सन ने अपने ‘‘इस आंदोलन के लिए 32 साल काम किया, उन्होंने केवल नैतिक आक्रोश की भावना का ही नेतृत्व नहीं किया बल्कि बड़े पैमाने पर आयोजन करने और भारत की जटिल कानूनी प्रणाली में काम करने की शानदार काबिलियत के साथ मुहिम का मार्गदर्शन किया।’
विल्सन के उल्लेख में कहा गया, ‘‘न्यासियों के बोर्ड ने 2016 रेमन मैगसायसाय पुरस्कार के लिए बेजवाड़ा विल्सन का चयन करके दलितों को मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने का जन्म सिद्ध अधिकार दिलाने और भारत में मैला ढोने की अपमानजनक दासता के उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर आंदोलन का नेतृत्व करने में विल्सन की असाधारण दक्षता एवं नैतिक उर्जा को सम्मानित किया है।’’ पुरस्कार के लिए चुने गए एक अन्य भारतीय 40 वर्षीय कृष्णा की प्रशंसा करते हुए कहा गया है कि उन्होंने ‘‘दिखाया कि संगीत निजी जीवन एवं समाज में गहरा परिवर्तनकारी बल हो सकता है।’’ चेन्नई के ब्राह्मण परिवार में जन्मे कृष्णा ने कर्नाटक संगीत के गुरूओं के सानिध्य में छह साल की आयु से ही इस विधा का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था।
उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘हालांकि कृष्णा ने अर्थशास्त्र में डिग्री प्राप्त की, उन्होंने कलाकार बनना चुना और जल्द ही कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के एक बेहतरीन कलाकार के रूप में ख्याति प्राप्त कर ली।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘प्राचीन गायन एवं वादन संगीत प्रणाली कर्नाटक संगीत का आरंभ सदियों पहले मंदिरों एवं दरबारों में हुआ था लेकिन बाद में यह मुख्य रूप से ब्राह्मण जाति के सांस्कृतिक संरक्षण वाली विधा बन गई जिसे केवल अभिजात्य वर्ग के वे लोग ही प्रदर्शित या आयोजित करते हैं या उसका आनंद लेते हैं जिनकी इस तक पहुंच है।’’टिप्पणियां
उल्लेख में कहा गया है, ‘‘कृष्णा इस बात के लिए आभारी हैं कि कर्नाटक संगीत ने उनकी कलात्मकता को आकार दिया लेकिन उन्होंने इस कला के सामाजिक आधार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देखा कि उनकी कला पर एक जाति विशेष का वर्चस्व है और यह कला भारत की सांस्कृतिक विरासत के एक अहम हिस्से में भागीदारी से निचले वर्गों को प्रभावशाली तरीके से बाहर करके अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देती है।’’ वह 1990 के दशक में शास्त्रीय संगीत युवा संघ के अध्यक्ष बने जिसने कर्नाटक संगीत को युवाओं एवं सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सफाई कर्मचारी आंदोलन (एसकेए) के राष्ट्रीय संयोजक विल्सन को ‘‘मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार की दृढतापूर्वक बात करने के कारण’’ पुरस्कार के लिए नामित किया गया है और कृष्णा को ‘‘संस्कृति में सामाजिक समावेशिता’’ लाने के लिए ‘‘एमरजेंट लीडरशिप’’ श्रेणी के तहत पुरस्कार के लिए चुना गया है।
विल्सन के उद्धरण में कहा गया है, ‘‘मैला ढोना भारत में मानवीयता पर कलंक है। मैला ढोना शुष्क शौचालयों से मानव के मलमूत्र को हाथ से उठाने और उस मलमूत्र की टोकरियों को सिर पर रखकर निर्धारित निपटान स्थलों पर ले जाने का काम है जो भारत के ‘‘अस्पृश्य’’, दलित उनके साथ होने वाली संरचनात्मक असमानता के मद्देनजर करते हैं।’
50 वर्षीय विल्सन के प्रशंसात्मक उल्लेख में कहा गया है, ‘‘मैला ढोना एक वंशानुगत पेशा है और 1,80,000 दलित घर भारत भर में 7,90,000 सार्वजनिक एवं व्यक्तिगत शुष्क शौचालयों को साफ करते हैं, मैला ढोने वालों में 98 प्रतिशत महिलाओं एवं लड़कियों को बहुत मामूली वेतन दिया जाता है। संविधान एवं अन्य कानून शुष्क शौचालयों और लोगों से मैला ढोने पर प्रतिबंध लगाते हैं लेकिन इन्हें लागू नहीं किया गया है क्योंकि सरकार ही इनकी सबसे बड़ी उल्लंघनकर्ता है।’’ विल्सन का जन्म एक ऐसे दलित परिवार में हुआ जो कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड्स कस्बे में मैला ढोने का काम करता था। वह उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य हैं।
विल्सन की प्रशंसा करते हुए उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘स्कूल में उनके साथ एक बहिष्कृत की तरह व्यवहार किया जाता था। अपने परिवार की स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ बेजवाड़ा के मन में बहुत गुस्सा था लेकिन उन्होंने बाद में अपने इस गुस्से का इस्तेमाल मैला ढोने के उन्मूलन की मुहिम चलाने में किया।’’ विल्सन ने अपने ‘‘इस आंदोलन के लिए 32 साल काम किया, उन्होंने केवल नैतिक आक्रोश की भावना का ही नेतृत्व नहीं किया बल्कि बड़े पैमाने पर आयोजन करने और भारत की जटिल कानूनी प्रणाली में काम करने की शानदार काबिलियत के साथ मुहिम का मार्गदर्शन किया।’
विल्सन के उल्लेख में कहा गया, ‘‘न्यासियों के बोर्ड ने 2016 रेमन मैगसायसाय पुरस्कार के लिए बेजवाड़ा विल्सन का चयन करके दलितों को मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने का जन्म सिद्ध अधिकार दिलाने और भारत में मैला ढोने की अपमानजनक दासता के उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर आंदोलन का नेतृत्व करने में विल्सन की असाधारण दक्षता एवं नैतिक उर्जा को सम्मानित किया है।’’ पुरस्कार के लिए चुने गए एक अन्य भारतीय 40 वर्षीय कृष्णा की प्रशंसा करते हुए कहा गया है कि उन्होंने ‘‘दिखाया कि संगीत निजी जीवन एवं समाज में गहरा परिवर्तनकारी बल हो सकता है।’’ चेन्नई के ब्राह्मण परिवार में जन्मे कृष्णा ने कर्नाटक संगीत के गुरूओं के सानिध्य में छह साल की आयु से ही इस विधा का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था।
उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘हालांकि कृष्णा ने अर्थशास्त्र में डिग्री प्राप्त की, उन्होंने कलाकार बनना चुना और जल्द ही कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के एक बेहतरीन कलाकार के रूप में ख्याति प्राप्त कर ली।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘प्राचीन गायन एवं वादन संगीत प्रणाली कर्नाटक संगीत का आरंभ सदियों पहले मंदिरों एवं दरबारों में हुआ था लेकिन बाद में यह मुख्य रूप से ब्राह्मण जाति के सांस्कृतिक संरक्षण वाली विधा बन गई जिसे केवल अभिजात्य वर्ग के वे लोग ही प्रदर्शित या आयोजित करते हैं या उसका आनंद लेते हैं जिनकी इस तक पहुंच है।’’टिप्पणियां
उल्लेख में कहा गया है, ‘‘कृष्णा इस बात के लिए आभारी हैं कि कर्नाटक संगीत ने उनकी कलात्मकता को आकार दिया लेकिन उन्होंने इस कला के सामाजिक आधार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देखा कि उनकी कला पर एक जाति विशेष का वर्चस्व है और यह कला भारत की सांस्कृतिक विरासत के एक अहम हिस्से में भागीदारी से निचले वर्गों को प्रभावशाली तरीके से बाहर करके अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देती है।’’ वह 1990 के दशक में शास्त्रीय संगीत युवा संघ के अध्यक्ष बने जिसने कर्नाटक संगीत को युवाओं एवं सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विल्सन के उद्धरण में कहा गया है, ‘‘मैला ढोना भारत में मानवीयता पर कलंक है। मैला ढोना शुष्क शौचालयों से मानव के मलमूत्र को हाथ से उठाने और उस मलमूत्र की टोकरियों को सिर पर रखकर निर्धारित निपटान स्थलों पर ले जाने का काम है जो भारत के ‘‘अस्पृश्य’’, दलित उनके साथ होने वाली संरचनात्मक असमानता के मद्देनजर करते हैं।’
50 वर्षीय विल्सन के प्रशंसात्मक उल्लेख में कहा गया है, ‘‘मैला ढोना एक वंशानुगत पेशा है और 1,80,000 दलित घर भारत भर में 7,90,000 सार्वजनिक एवं व्यक्तिगत शुष्क शौचालयों को साफ करते हैं, मैला ढोने वालों में 98 प्रतिशत महिलाओं एवं लड़कियों को बहुत मामूली वेतन दिया जाता है। संविधान एवं अन्य कानून शुष्क शौचालयों और लोगों से मैला ढोने पर प्रतिबंध लगाते हैं लेकिन इन्हें लागू नहीं किया गया है क्योंकि सरकार ही इनकी सबसे बड़ी उल्लंघनकर्ता है।’’ विल्सन का जन्म एक ऐसे दलित परिवार में हुआ जो कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड्स कस्बे में मैला ढोने का काम करता था। वह उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य हैं।
विल्सन की प्रशंसा करते हुए उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘स्कूल में उनके साथ एक बहिष्कृत की तरह व्यवहार किया जाता था। अपने परिवार की स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ बेजवाड़ा के मन में बहुत गुस्सा था लेकिन उन्होंने बाद में अपने इस गुस्से का इस्तेमाल मैला ढोने के उन्मूलन की मुहिम चलाने में किया।’’ विल्सन ने अपने ‘‘इस आंदोलन के लिए 32 साल काम किया, उन्होंने केवल नैतिक आक्रोश की भावना का ही नेतृत्व नहीं किया बल्कि बड़े पैमाने पर आयोजन करने और भारत की जटिल कानूनी प्रणाली में काम करने की शानदार काबिलियत के साथ मुहिम का मार्गदर्शन किया।’
विल्सन के उल्लेख में कहा गया, ‘‘न्यासियों के बोर्ड ने 2016 रेमन मैगसायसाय पुरस्कार के लिए बेजवाड़ा विल्सन का चयन करके दलितों को मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने का जन्म सिद्ध अधिकार दिलाने और भारत में मैला ढोने की अपमानजनक दासता के उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर आंदोलन का नेतृत्व करने में विल्सन की असाधारण दक्षता एवं नैतिक उर्जा को सम्मानित किया है।’’ पुरस्कार के लिए चुने गए एक अन्य भारतीय 40 वर्षीय कृष्णा की प्रशंसा करते हुए कहा गया है कि उन्होंने ‘‘दिखाया कि संगीत निजी जीवन एवं समाज में गहरा परिवर्तनकारी बल हो सकता है।’’ चेन्नई के ब्राह्मण परिवार में जन्मे कृष्णा ने कर्नाटक संगीत के गुरूओं के सानिध्य में छह साल की आयु से ही इस विधा का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था।
उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘हालांकि कृष्णा ने अर्थशास्त्र में डिग्री प्राप्त की, उन्होंने कलाकार बनना चुना और जल्द ही कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के एक बेहतरीन कलाकार के रूप में ख्याति प्राप्त कर ली।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘प्राचीन गायन एवं वादन संगीत प्रणाली कर्नाटक संगीत का आरंभ सदियों पहले मंदिरों एवं दरबारों में हुआ था लेकिन बाद में यह मुख्य रूप से ब्राह्मण जाति के सांस्कृतिक संरक्षण वाली विधा बन गई जिसे केवल अभिजात्य वर्ग के वे लोग ही प्रदर्शित या आयोजित करते हैं या उसका आनंद लेते हैं जिनकी इस तक पहुंच है।’’टिप्पणियां
उल्लेख में कहा गया है, ‘‘कृष्णा इस बात के लिए आभारी हैं कि कर्नाटक संगीत ने उनकी कलात्मकता को आकार दिया लेकिन उन्होंने इस कला के सामाजिक आधार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देखा कि उनकी कला पर एक जाति विशेष का वर्चस्व है और यह कला भारत की सांस्कृतिक विरासत के एक अहम हिस्से में भागीदारी से निचले वर्गों को प्रभावशाली तरीके से बाहर करके अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देती है।’’ वह 1990 के दशक में शास्त्रीय संगीत युवा संघ के अध्यक्ष बने जिसने कर्नाटक संगीत को युवाओं एवं सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
50 वर्षीय विल्सन के प्रशंसात्मक उल्लेख में कहा गया है, ‘‘मैला ढोना एक वंशानुगत पेशा है और 1,80,000 दलित घर भारत भर में 7,90,000 सार्वजनिक एवं व्यक्तिगत शुष्क शौचालयों को साफ करते हैं, मैला ढोने वालों में 98 प्रतिशत महिलाओं एवं लड़कियों को बहुत मामूली वेतन दिया जाता है। संविधान एवं अन्य कानून शुष्क शौचालयों और लोगों से मैला ढोने पर प्रतिबंध लगाते हैं लेकिन इन्हें लागू नहीं किया गया है क्योंकि सरकार ही इनकी सबसे बड़ी उल्लंघनकर्ता है।’’ विल्सन का जन्म एक ऐसे दलित परिवार में हुआ जो कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड्स कस्बे में मैला ढोने का काम करता था। वह उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य हैं।
विल्सन की प्रशंसा करते हुए उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘स्कूल में उनके साथ एक बहिष्कृत की तरह व्यवहार किया जाता था। अपने परिवार की स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ बेजवाड़ा के मन में बहुत गुस्सा था लेकिन उन्होंने बाद में अपने इस गुस्से का इस्तेमाल मैला ढोने के उन्मूलन की मुहिम चलाने में किया।’’ विल्सन ने अपने ‘‘इस आंदोलन के लिए 32 साल काम किया, उन्होंने केवल नैतिक आक्रोश की भावना का ही नेतृत्व नहीं किया बल्कि बड़े पैमाने पर आयोजन करने और भारत की जटिल कानूनी प्रणाली में काम करने की शानदार काबिलियत के साथ मुहिम का मार्गदर्शन किया।’
विल्सन के उल्लेख में कहा गया, ‘‘न्यासियों के बोर्ड ने 2016 रेमन मैगसायसाय पुरस्कार के लिए बेजवाड़ा विल्सन का चयन करके दलितों को मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने का जन्म सिद्ध अधिकार दिलाने और भारत में मैला ढोने की अपमानजनक दासता के उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर आंदोलन का नेतृत्व करने में विल्सन की असाधारण दक्षता एवं नैतिक उर्जा को सम्मानित किया है।’’ पुरस्कार के लिए चुने गए एक अन्य भारतीय 40 वर्षीय कृष्णा की प्रशंसा करते हुए कहा गया है कि उन्होंने ‘‘दिखाया कि संगीत निजी जीवन एवं समाज में गहरा परिवर्तनकारी बल हो सकता है।’’ चेन्नई के ब्राह्मण परिवार में जन्मे कृष्णा ने कर्नाटक संगीत के गुरूओं के सानिध्य में छह साल की आयु से ही इस विधा का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था।
उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘हालांकि कृष्णा ने अर्थशास्त्र में डिग्री प्राप्त की, उन्होंने कलाकार बनना चुना और जल्द ही कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के एक बेहतरीन कलाकार के रूप में ख्याति प्राप्त कर ली।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘प्राचीन गायन एवं वादन संगीत प्रणाली कर्नाटक संगीत का आरंभ सदियों पहले मंदिरों एवं दरबारों में हुआ था लेकिन बाद में यह मुख्य रूप से ब्राह्मण जाति के सांस्कृतिक संरक्षण वाली विधा बन गई जिसे केवल अभिजात्य वर्ग के वे लोग ही प्रदर्शित या आयोजित करते हैं या उसका आनंद लेते हैं जिनकी इस तक पहुंच है।’’टिप्पणियां
उल्लेख में कहा गया है, ‘‘कृष्णा इस बात के लिए आभारी हैं कि कर्नाटक संगीत ने उनकी कलात्मकता को आकार दिया लेकिन उन्होंने इस कला के सामाजिक आधार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देखा कि उनकी कला पर एक जाति विशेष का वर्चस्व है और यह कला भारत की सांस्कृतिक विरासत के एक अहम हिस्से में भागीदारी से निचले वर्गों को प्रभावशाली तरीके से बाहर करके अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देती है।’’ वह 1990 के दशक में शास्त्रीय संगीत युवा संघ के अध्यक्ष बने जिसने कर्नाटक संगीत को युवाओं एवं सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विल्सन की प्रशंसा करते हुए उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘स्कूल में उनके साथ एक बहिष्कृत की तरह व्यवहार किया जाता था। अपने परिवार की स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ बेजवाड़ा के मन में बहुत गुस्सा था लेकिन उन्होंने बाद में अपने इस गुस्से का इस्तेमाल मैला ढोने के उन्मूलन की मुहिम चलाने में किया।’’ विल्सन ने अपने ‘‘इस आंदोलन के लिए 32 साल काम किया, उन्होंने केवल नैतिक आक्रोश की भावना का ही नेतृत्व नहीं किया बल्कि बड़े पैमाने पर आयोजन करने और भारत की जटिल कानूनी प्रणाली में काम करने की शानदार काबिलियत के साथ मुहिम का मार्गदर्शन किया।’
विल्सन के उल्लेख में कहा गया, ‘‘न्यासियों के बोर्ड ने 2016 रेमन मैगसायसाय पुरस्कार के लिए बेजवाड़ा विल्सन का चयन करके दलितों को मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने का जन्म सिद्ध अधिकार दिलाने और भारत में मैला ढोने की अपमानजनक दासता के उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर आंदोलन का नेतृत्व करने में विल्सन की असाधारण दक्षता एवं नैतिक उर्जा को सम्मानित किया है।’’ पुरस्कार के लिए चुने गए एक अन्य भारतीय 40 वर्षीय कृष्णा की प्रशंसा करते हुए कहा गया है कि उन्होंने ‘‘दिखाया कि संगीत निजी जीवन एवं समाज में गहरा परिवर्तनकारी बल हो सकता है।’’ चेन्नई के ब्राह्मण परिवार में जन्मे कृष्णा ने कर्नाटक संगीत के गुरूओं के सानिध्य में छह साल की आयु से ही इस विधा का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था।
उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘हालांकि कृष्णा ने अर्थशास्त्र में डिग्री प्राप्त की, उन्होंने कलाकार बनना चुना और जल्द ही कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के एक बेहतरीन कलाकार के रूप में ख्याति प्राप्त कर ली।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘प्राचीन गायन एवं वादन संगीत प्रणाली कर्नाटक संगीत का आरंभ सदियों पहले मंदिरों एवं दरबारों में हुआ था लेकिन बाद में यह मुख्य रूप से ब्राह्मण जाति के सांस्कृतिक संरक्षण वाली विधा बन गई जिसे केवल अभिजात्य वर्ग के वे लोग ही प्रदर्शित या आयोजित करते हैं या उसका आनंद लेते हैं जिनकी इस तक पहुंच है।’’टिप्पणियां
उल्लेख में कहा गया है, ‘‘कृष्णा इस बात के लिए आभारी हैं कि कर्नाटक संगीत ने उनकी कलात्मकता को आकार दिया लेकिन उन्होंने इस कला के सामाजिक आधार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देखा कि उनकी कला पर एक जाति विशेष का वर्चस्व है और यह कला भारत की सांस्कृतिक विरासत के एक अहम हिस्से में भागीदारी से निचले वर्गों को प्रभावशाली तरीके से बाहर करके अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देती है।’’ वह 1990 के दशक में शास्त्रीय संगीत युवा संघ के अध्यक्ष बने जिसने कर्नाटक संगीत को युवाओं एवं सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विल्सन के उल्लेख में कहा गया, ‘‘न्यासियों के बोर्ड ने 2016 रेमन मैगसायसाय पुरस्कार के लिए बेजवाड़ा विल्सन का चयन करके दलितों को मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने का जन्म सिद्ध अधिकार दिलाने और भारत में मैला ढोने की अपमानजनक दासता के उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर आंदोलन का नेतृत्व करने में विल्सन की असाधारण दक्षता एवं नैतिक उर्जा को सम्मानित किया है।’’ पुरस्कार के लिए चुने गए एक अन्य भारतीय 40 वर्षीय कृष्णा की प्रशंसा करते हुए कहा गया है कि उन्होंने ‘‘दिखाया कि संगीत निजी जीवन एवं समाज में गहरा परिवर्तनकारी बल हो सकता है।’’ चेन्नई के ब्राह्मण परिवार में जन्मे कृष्णा ने कर्नाटक संगीत के गुरूओं के सानिध्य में छह साल की आयु से ही इस विधा का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था।
उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘हालांकि कृष्णा ने अर्थशास्त्र में डिग्री प्राप्त की, उन्होंने कलाकार बनना चुना और जल्द ही कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के एक बेहतरीन कलाकार के रूप में ख्याति प्राप्त कर ली।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘प्राचीन गायन एवं वादन संगीत प्रणाली कर्नाटक संगीत का आरंभ सदियों पहले मंदिरों एवं दरबारों में हुआ था लेकिन बाद में यह मुख्य रूप से ब्राह्मण जाति के सांस्कृतिक संरक्षण वाली विधा बन गई जिसे केवल अभिजात्य वर्ग के वे लोग ही प्रदर्शित या आयोजित करते हैं या उसका आनंद लेते हैं जिनकी इस तक पहुंच है।’’टिप्पणियां
उल्लेख में कहा गया है, ‘‘कृष्णा इस बात के लिए आभारी हैं कि कर्नाटक संगीत ने उनकी कलात्मकता को आकार दिया लेकिन उन्होंने इस कला के सामाजिक आधार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देखा कि उनकी कला पर एक जाति विशेष का वर्चस्व है और यह कला भारत की सांस्कृतिक विरासत के एक अहम हिस्से में भागीदारी से निचले वर्गों को प्रभावशाली तरीके से बाहर करके अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देती है।’’ वह 1990 के दशक में शास्त्रीय संगीत युवा संघ के अध्यक्ष बने जिसने कर्नाटक संगीत को युवाओं एवं सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उनके उल्लेख में कहा गया, ‘‘हालांकि कृष्णा ने अर्थशास्त्र में डिग्री प्राप्त की, उन्होंने कलाकार बनना चुना और जल्द ही कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के एक बेहतरीन कलाकार के रूप में ख्याति प्राप्त कर ली।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘प्राचीन गायन एवं वादन संगीत प्रणाली कर्नाटक संगीत का आरंभ सदियों पहले मंदिरों एवं दरबारों में हुआ था लेकिन बाद में यह मुख्य रूप से ब्राह्मण जाति के सांस्कृतिक संरक्षण वाली विधा बन गई जिसे केवल अभिजात्य वर्ग के वे लोग ही प्रदर्शित या आयोजित करते हैं या उसका आनंद लेते हैं जिनकी इस तक पहुंच है।’’टिप्पणियां
उल्लेख में कहा गया है, ‘‘कृष्णा इस बात के लिए आभारी हैं कि कर्नाटक संगीत ने उनकी कलात्मकता को आकार दिया लेकिन उन्होंने इस कला के सामाजिक आधार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देखा कि उनकी कला पर एक जाति विशेष का वर्चस्व है और यह कला भारत की सांस्कृतिक विरासत के एक अहम हिस्से में भागीदारी से निचले वर्गों को प्रभावशाली तरीके से बाहर करके अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देती है।’’ वह 1990 के दशक में शास्त्रीय संगीत युवा संघ के अध्यक्ष बने जिसने कर्नाटक संगीत को युवाओं एवं सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उल्लेख में कहा गया है, ‘‘कृष्णा इस बात के लिए आभारी हैं कि कर्नाटक संगीत ने उनकी कलात्मकता को आकार दिया लेकिन उन्होंने इस कला के सामाजिक आधार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देखा कि उनकी कला पर एक जाति विशेष का वर्चस्व है और यह कला भारत की सांस्कृतिक विरासत के एक अहम हिस्से में भागीदारी से निचले वर्गों को प्रभावशाली तरीके से बाहर करके अन्यायपूर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देती है।’’ वह 1990 के दशक में शास्त्रीय संगीत युवा संघ के अध्यक्ष बने जिसने कर्नाटक संगीत को युवाओं एवं सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: चेन्नई के गायक टी एम कृष्णा को वर्ष 2016 के लिए यह पुरस्कार दिया गया
मैला ढोने की प्रथा के उन्मूलन का प्रयास करने वाले बेजवाड़ा को पुरस्कार
मैला ढोने वालों को बहुत मामूली वेतन दिया जाता है | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: International Men's Day 2019: हर साल 19 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया जाता है. इंटरनेशनल मेन्स डे क्यों बनाते हैं. यह सवाल आपके मन में हिलोरे मार रहा होगा. तो हर साल 19 नवंबर को दुनिया भर के 60 देशों में अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस (International Men's Day) मनाया जाता है और यूनेस्को भी उनके इस प्रयास की सराहना कर चुकी है. भारत में 2007 में पुरुषों के अधिकार के लिए लड़ने वाली संस्था ‘सेव इंडियन फैमिली' ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया था. पुरुषों की सेहत की बात करें तो लगातार हर तरह की रोगों में ज्यादातर पुरुषों की ही संख्या हैं. इसका सबसे बड़ा कारण हमारा खानपान हो सकता है. अगर भी इस खास दिन पुरुषों की सेहत की दृष्टि से देखते हैं तो यहां हम आपके लिए एक ऐसी रेसिपी (Recipe) लेकर आए है आपको हेल्दी और फिट बॉडी (Healthy And Fit Body) पाने में मदद करेगी. इस लो फैट दही चिकन रेसिपी (Low Fat Dahi Chicken Recipe) से आप अपने दिन को और भी खास बना सकते हैं. इस चिकन रेसिपी को बनाना काफी आसान भी है और हेल्दी भी. तो देर किस बात की अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के दिन जरूर ट्राई करें ये रेसिपी...
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आपको बता दें कि यह दिवस पुरुषों को भेदभाव, शोषण, उत्पीड़न, हिंसा और असमानता से बचाने और उन्हें उनके अधिकार दिलाने के लिए मनाया जाता है. यह पढ़ने में आपको थोड़ा अटपटा जरूर लगेगा, लेकिन यह सच है. महिलाओं की तरह पुरुष भी असमानता के शिकार होते हैं. जिस तरह से हर साल महिला दिवस मनाया जाता है ठीक वैसे ही पुरुष दिवष भी मनाया जाता है.
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International Men's Day 2019: इल लो फैट दही चिकन रेसिपी से अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस को बनाएं खास
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- 1/2 kg चिकन
- 2 ½ कप दही
- 1 टी स्पून जीरा
- 1 टी स्पून लहसुन पेस्ट
- 1/2 टी स्पून लाल मिर्च
- ¼ छोटा चम्मच से भी कम हल्दी
- ¼ टी स्पून गरम मसाला
- कुछ कटी हुई हरी मिर्च
- 2 प्याज़ , टुकड़ों में कटा हुआ
- 1 टमाटर, टुकड़ों में कटा हुआ
- गार्निश करने के लिए धनिया पत्ती
- 2 टी स्पून तेल
- 1 टी स्पून नमक
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1.दही में जीरा पाउडर, लहसुन पेस्ट, गरम मसाला, हल्दी और लाल मिर्च पाउडर को अच्छे से हाथ से मिला लें.
2.इसमें चिकन पीस डालें और कटी हुई हरी मिर्च डालकर आधे घंटे के लिए अलग रख दें.
3.अब पैन में दो बड़े चम्मच तेल गर्म कर लें और उसमें प्याज को मुलायम और पारदर्शी होने तक भूनें.
4.अब इसमें टमाटर डालकर कुछ मिनट के लिए पकाएं और फिर इसमें मसाला लगाया हुआ चिकन डाल दें.
5.जैसी ग्रेवी आप चाहते हैं, उतनी होने तक पकाते रहें. अगर आपको ड्राई चिकन पसंद है, तो दही को चिकन पर अच्छे से चिपकने तक पकाएं. नमक के लिए एक बार टेस्ट कर लें. धनिया पत्ती से गार्निश करके गर्मा-गर्म सर्व करें.
6.अगर ग्रेवी ज़्यादा है तो आप इन्हें चावलों के साथ सर्व कर सकते हैं और अगर ग्रेवी कम है तो रोटी या नान के साथ खाया जा सकता है.
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Date Benefits: सर्दियों में खाएंगे खजूर तो स्किन से लेकर पाचन, कोलेस्ट्रोल, वजन घटाने तक होंगे कई फायदे! | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: क्यों मनाते हैं अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस.
अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस को इस लो फैट चिकन रेसिपी से बनाएं खास.
लो फैट चिकन रेसिपी से पुरुष रहे हेल्दी और पाएं फिट बॉडी. | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'फोर्ब्स' पत्रिका ने दुनिया की ताकतवर महिलाओं की सूची में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी को छठे स्थान पर रखा है। सोनिया इस सूची में अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ओबामा से एक पायदान ऊपर हैं। इस सूची में पहले स्थान पर जर्मनी की चांसलर एजेंला मार्केल हैं। यह लगातार दूसरा साल है, जब मार्केल इस सूची में पहले स्थान पर रही हैं।
पत्रिका की सूची में 65 वर्षीय सोनिया गांधी समेत पांच भारतीय महिलाओं को दुनिया की 100 ताकतवर महिलाओं की सूची में स्थान मिला है। सोनिया पिछले साल सातवें स्थान पर थीं। सूची में शामिल अन्य भारतीय महिलाओं में पेप्सी की चेयरमैन और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) इंदिरा नूयी (12वें), सिस्को सिस्टम की मुख्य प्रौद्योगिकी तथा रणनीति अधिकारी पद्मश्री वेरियर (58वें), आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक तथा सीईओ चंदा कोचर (59वें) तथा बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ (80वें) स्थान पर शामिल हैं।
'फोर्ब्स' ने सोनिया के बारे में लिखा है, नेहरू-गांधी परिवार की राजनीतिक विरासत संभालने वाली सोनिया की पिछले वर्ष सफल सर्जरी हुई और उसके बाद से वह जोश के साथ पार्टी की कमान संभाले हुई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष का राजनीतिक जज्बा उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने अपने साथी सांसद को संसद सत्र के दौरान फटकार लगाई। सांसद ने असम में हिंसा से निपटने के तौर-तरीकों को लेकर कांग्रेस की खिंचाई की थी। सोनिया को पिछले दिनों मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा, जब प्रमुख राज्यों के विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को शिकस्त मिली। टिप्पणियां
पत्रिका के अनुसार उच्च आर्थिक वृद्धि को लेकर जहां एक तरफ उनकी सराहना हुई, वहीं भ्रष्टाचार की अनदेखी को लेकर उनकी निंदा भी की गई। ताकतवर महिलाओं की सूची में एंजेला मार्केल पहले पायदान पर रहीं। मार्केल को 'आयरन लेडी' का नाम देते हुए पत्रिका ने कहा कि उन्होंने यूरो क्षेत्र में आर्थिक संकट से पार पाने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
'फोर्ब्स' की सूची में अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन दूसरे, ब्राजील की राष्ट्रपति डिलमा रोसेफ तीसरे, न्यूयार्क टाइम्स की कार्यकारी संपादक जिल एब्रमसन पांचवें तथा मिशेल ओबामा सातवें स्थान पर हैं। इसके अलावा फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी शेरील सैंडबर्ग 10वें, मीडिया से जुड़ी ओफरा विनफ्रे 11वें, गायिका लेडी गागा 14वें, म्यांमार की आंग सान सू ची 19वें, याहू की नव-नियुक्त सीईओ मारिसा मेयर 21वें तथा ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ 26वें स्थान पर हैं।
पत्रिका की सूची में 65 वर्षीय सोनिया गांधी समेत पांच भारतीय महिलाओं को दुनिया की 100 ताकतवर महिलाओं की सूची में स्थान मिला है। सोनिया पिछले साल सातवें स्थान पर थीं। सूची में शामिल अन्य भारतीय महिलाओं में पेप्सी की चेयरमैन और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) इंदिरा नूयी (12वें), सिस्को सिस्टम की मुख्य प्रौद्योगिकी तथा रणनीति अधिकारी पद्मश्री वेरियर (58वें), आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक तथा सीईओ चंदा कोचर (59वें) तथा बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ (80वें) स्थान पर शामिल हैं।
'फोर्ब्स' ने सोनिया के बारे में लिखा है, नेहरू-गांधी परिवार की राजनीतिक विरासत संभालने वाली सोनिया की पिछले वर्ष सफल सर्जरी हुई और उसके बाद से वह जोश के साथ पार्टी की कमान संभाले हुई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष का राजनीतिक जज्बा उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने अपने साथी सांसद को संसद सत्र के दौरान फटकार लगाई। सांसद ने असम में हिंसा से निपटने के तौर-तरीकों को लेकर कांग्रेस की खिंचाई की थी। सोनिया को पिछले दिनों मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा, जब प्रमुख राज्यों के विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को शिकस्त मिली। टिप्पणियां
पत्रिका के अनुसार उच्च आर्थिक वृद्धि को लेकर जहां एक तरफ उनकी सराहना हुई, वहीं भ्रष्टाचार की अनदेखी को लेकर उनकी निंदा भी की गई। ताकतवर महिलाओं की सूची में एंजेला मार्केल पहले पायदान पर रहीं। मार्केल को 'आयरन लेडी' का नाम देते हुए पत्रिका ने कहा कि उन्होंने यूरो क्षेत्र में आर्थिक संकट से पार पाने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
'फोर्ब्स' की सूची में अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन दूसरे, ब्राजील की राष्ट्रपति डिलमा रोसेफ तीसरे, न्यूयार्क टाइम्स की कार्यकारी संपादक जिल एब्रमसन पांचवें तथा मिशेल ओबामा सातवें स्थान पर हैं। इसके अलावा फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी शेरील सैंडबर्ग 10वें, मीडिया से जुड़ी ओफरा विनफ्रे 11वें, गायिका लेडी गागा 14वें, म्यांमार की आंग सान सू ची 19वें, याहू की नव-नियुक्त सीईओ मारिसा मेयर 21वें तथा ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ 26वें स्थान पर हैं।
'फोर्ब्स' ने सोनिया के बारे में लिखा है, नेहरू-गांधी परिवार की राजनीतिक विरासत संभालने वाली सोनिया की पिछले वर्ष सफल सर्जरी हुई और उसके बाद से वह जोश के साथ पार्टी की कमान संभाले हुई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष का राजनीतिक जज्बा उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने अपने साथी सांसद को संसद सत्र के दौरान फटकार लगाई। सांसद ने असम में हिंसा से निपटने के तौर-तरीकों को लेकर कांग्रेस की खिंचाई की थी। सोनिया को पिछले दिनों मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा, जब प्रमुख राज्यों के विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को शिकस्त मिली। टिप्पणियां
पत्रिका के अनुसार उच्च आर्थिक वृद्धि को लेकर जहां एक तरफ उनकी सराहना हुई, वहीं भ्रष्टाचार की अनदेखी को लेकर उनकी निंदा भी की गई। ताकतवर महिलाओं की सूची में एंजेला मार्केल पहले पायदान पर रहीं। मार्केल को 'आयरन लेडी' का नाम देते हुए पत्रिका ने कहा कि उन्होंने यूरो क्षेत्र में आर्थिक संकट से पार पाने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
'फोर्ब्स' की सूची में अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन दूसरे, ब्राजील की राष्ट्रपति डिलमा रोसेफ तीसरे, न्यूयार्क टाइम्स की कार्यकारी संपादक जिल एब्रमसन पांचवें तथा मिशेल ओबामा सातवें स्थान पर हैं। इसके अलावा फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी शेरील सैंडबर्ग 10वें, मीडिया से जुड़ी ओफरा विनफ्रे 11वें, गायिका लेडी गागा 14वें, म्यांमार की आंग सान सू ची 19वें, याहू की नव-नियुक्त सीईओ मारिसा मेयर 21वें तथा ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ 26वें स्थान पर हैं।
पत्रिका के अनुसार उच्च आर्थिक वृद्धि को लेकर जहां एक तरफ उनकी सराहना हुई, वहीं भ्रष्टाचार की अनदेखी को लेकर उनकी निंदा भी की गई। ताकतवर महिलाओं की सूची में एंजेला मार्केल पहले पायदान पर रहीं। मार्केल को 'आयरन लेडी' का नाम देते हुए पत्रिका ने कहा कि उन्होंने यूरो क्षेत्र में आर्थिक संकट से पार पाने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
'फोर्ब्स' की सूची में अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन दूसरे, ब्राजील की राष्ट्रपति डिलमा रोसेफ तीसरे, न्यूयार्क टाइम्स की कार्यकारी संपादक जिल एब्रमसन पांचवें तथा मिशेल ओबामा सातवें स्थान पर हैं। इसके अलावा फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी शेरील सैंडबर्ग 10वें, मीडिया से जुड़ी ओफरा विनफ्रे 11वें, गायिका लेडी गागा 14वें, म्यांमार की आंग सान सू ची 19वें, याहू की नव-नियुक्त सीईओ मारिसा मेयर 21वें तथा ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ 26वें स्थान पर हैं।
'फोर्ब्स' की सूची में अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन दूसरे, ब्राजील की राष्ट्रपति डिलमा रोसेफ तीसरे, न्यूयार्क टाइम्स की कार्यकारी संपादक जिल एब्रमसन पांचवें तथा मिशेल ओबामा सातवें स्थान पर हैं। इसके अलावा फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी शेरील सैंडबर्ग 10वें, मीडिया से जुड़ी ओफरा विनफ्रे 11वें, गायिका लेडी गागा 14वें, म्यांमार की आंग सान सू ची 19वें, याहू की नव-नियुक्त सीईओ मारिसा मेयर 21वें तथा ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ 26वें स्थान पर हैं। | संक्षिप्त सारांश: 'फोर्ब्स' पत्रिका ने दुनिया की ताकतवर महिलाओं की सूची में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी को छठे स्थान पर रखा है। सूची में पहले स्थान पर जर्मनी की चांसलर एजेंला मार्केल हैं। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि ईरान पर उसके विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम के कारण अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद भारत उससे तेल के आयात के बारे में फैसला करने के लिए स्वतंत्र है।
लोकसभा में रेड्डी ने कहा, "हम किसी भी देश के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध का सम्मान करते हैं।" साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अन्य देशों द्वारा लगाया गया प्रतिबंध भारत पर लागू नहीं होता।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता बासुदेव आयार्च ने जब यह पूछा कि क्या भारतीय तेल कम्पनियों ने वर्ष 2011 की तुलना में ईरान से तेल के आयात में कमी की है तो रेड्डी ने कहा, "हम ईरान से तेल का आयात कर रहे हैं। मांग के अनुरूप तेल आयात में कमी या बढ़ोत्तरी हो सकती है। यह तय करना कम्पनियों का काम है। इन चीजों पर सरकार नजर नहीं रखती।"
उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की मात्रा तय करती हैं। ईरान, भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश है, लेकिन अमेरिका भारत पर लगातार दबाव बना रहा है कि वह इस्लामी गणराज्य से तेल आयात की मात्र में कमी करे ताकि उस पर उसके विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाया जा सके।
मंत्री ने कहा कि भारत की सम्प्रभुता सर्वोच्च है और इसे किसी भी रूप में प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।टिप्पणियां
वैसे रेड्डी ने शुरुआत में आचार्य के सवाल पर सवाल उठाया और कहा, "वरिष्ठ सांसद का पूरा सम्मान करते हुए मैं कहना चाहता कि उनके पूरक प्रश्न का दायरा मूल प्रश्न रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों तक सीमित होना चाहिए।"
मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी कांग्रेस की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया है भारत ने ईरान से तेल आयात में महत्वपूर्ण रूप से कमी की है। वर्ष 2008 में वह कुल आयात 16 फीसदी तेल ईरान से खरीदता था लेकिन अब उसके आयात में ईरान की हिस्सादारी केवल 10 फीसदी है।
लोकसभा में रेड्डी ने कहा, "हम किसी भी देश के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध का सम्मान करते हैं।" साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अन्य देशों द्वारा लगाया गया प्रतिबंध भारत पर लागू नहीं होता।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता बासुदेव आयार्च ने जब यह पूछा कि क्या भारतीय तेल कम्पनियों ने वर्ष 2011 की तुलना में ईरान से तेल के आयात में कमी की है तो रेड्डी ने कहा, "हम ईरान से तेल का आयात कर रहे हैं। मांग के अनुरूप तेल आयात में कमी या बढ़ोत्तरी हो सकती है। यह तय करना कम्पनियों का काम है। इन चीजों पर सरकार नजर नहीं रखती।"
उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की मात्रा तय करती हैं। ईरान, भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश है, लेकिन अमेरिका भारत पर लगातार दबाव बना रहा है कि वह इस्लामी गणराज्य से तेल आयात की मात्र में कमी करे ताकि उस पर उसके विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाया जा सके।
मंत्री ने कहा कि भारत की सम्प्रभुता सर्वोच्च है और इसे किसी भी रूप में प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।टिप्पणियां
वैसे रेड्डी ने शुरुआत में आचार्य के सवाल पर सवाल उठाया और कहा, "वरिष्ठ सांसद का पूरा सम्मान करते हुए मैं कहना चाहता कि उनके पूरक प्रश्न का दायरा मूल प्रश्न रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों तक सीमित होना चाहिए।"
मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी कांग्रेस की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया है भारत ने ईरान से तेल आयात में महत्वपूर्ण रूप से कमी की है। वर्ष 2008 में वह कुल आयात 16 फीसदी तेल ईरान से खरीदता था लेकिन अब उसके आयात में ईरान की हिस्सादारी केवल 10 फीसदी है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता बासुदेव आयार्च ने जब यह पूछा कि क्या भारतीय तेल कम्पनियों ने वर्ष 2011 की तुलना में ईरान से तेल के आयात में कमी की है तो रेड्डी ने कहा, "हम ईरान से तेल का आयात कर रहे हैं। मांग के अनुरूप तेल आयात में कमी या बढ़ोत्तरी हो सकती है। यह तय करना कम्पनियों का काम है। इन चीजों पर सरकार नजर नहीं रखती।"
उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की मात्रा तय करती हैं। ईरान, भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश है, लेकिन अमेरिका भारत पर लगातार दबाव बना रहा है कि वह इस्लामी गणराज्य से तेल आयात की मात्र में कमी करे ताकि उस पर उसके विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाया जा सके।
मंत्री ने कहा कि भारत की सम्प्रभुता सर्वोच्च है और इसे किसी भी रूप में प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।टिप्पणियां
वैसे रेड्डी ने शुरुआत में आचार्य के सवाल पर सवाल उठाया और कहा, "वरिष्ठ सांसद का पूरा सम्मान करते हुए मैं कहना चाहता कि उनके पूरक प्रश्न का दायरा मूल प्रश्न रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों तक सीमित होना चाहिए।"
मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी कांग्रेस की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया है भारत ने ईरान से तेल आयात में महत्वपूर्ण रूप से कमी की है। वर्ष 2008 में वह कुल आयात 16 फीसदी तेल ईरान से खरीदता था लेकिन अब उसके आयात में ईरान की हिस्सादारी केवल 10 फीसदी है।
उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की मात्रा तय करती हैं। ईरान, भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश है, लेकिन अमेरिका भारत पर लगातार दबाव बना रहा है कि वह इस्लामी गणराज्य से तेल आयात की मात्र में कमी करे ताकि उस पर उसके विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाया जा सके।
मंत्री ने कहा कि भारत की सम्प्रभुता सर्वोच्च है और इसे किसी भी रूप में प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।टिप्पणियां
वैसे रेड्डी ने शुरुआत में आचार्य के सवाल पर सवाल उठाया और कहा, "वरिष्ठ सांसद का पूरा सम्मान करते हुए मैं कहना चाहता कि उनके पूरक प्रश्न का दायरा मूल प्रश्न रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों तक सीमित होना चाहिए।"
मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी कांग्रेस की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया है भारत ने ईरान से तेल आयात में महत्वपूर्ण रूप से कमी की है। वर्ष 2008 में वह कुल आयात 16 फीसदी तेल ईरान से खरीदता था लेकिन अब उसके आयात में ईरान की हिस्सादारी केवल 10 फीसदी है।
मंत्री ने कहा कि भारत की सम्प्रभुता सर्वोच्च है और इसे किसी भी रूप में प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।टिप्पणियां
वैसे रेड्डी ने शुरुआत में आचार्य के सवाल पर सवाल उठाया और कहा, "वरिष्ठ सांसद का पूरा सम्मान करते हुए मैं कहना चाहता कि उनके पूरक प्रश्न का दायरा मूल प्रश्न रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों तक सीमित होना चाहिए।"
मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी कांग्रेस की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया है भारत ने ईरान से तेल आयात में महत्वपूर्ण रूप से कमी की है। वर्ष 2008 में वह कुल आयात 16 फीसदी तेल ईरान से खरीदता था लेकिन अब उसके आयात में ईरान की हिस्सादारी केवल 10 फीसदी है।
वैसे रेड्डी ने शुरुआत में आचार्य के सवाल पर सवाल उठाया और कहा, "वरिष्ठ सांसद का पूरा सम्मान करते हुए मैं कहना चाहता कि उनके पूरक प्रश्न का दायरा मूल प्रश्न रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों तक सीमित होना चाहिए।"
मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी कांग्रेस की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया है भारत ने ईरान से तेल आयात में महत्वपूर्ण रूप से कमी की है। वर्ष 2008 में वह कुल आयात 16 फीसदी तेल ईरान से खरीदता था लेकिन अब उसके आयात में ईरान की हिस्सादारी केवल 10 फीसदी है।
मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी कांग्रेस की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया है भारत ने ईरान से तेल आयात में महत्वपूर्ण रूप से कमी की है। वर्ष 2008 में वह कुल आयात 16 फीसदी तेल ईरान से खरीदता था लेकिन अब उसके आयात में ईरान की हिस्सादारी केवल 10 फीसदी है। | यहाँ एक सारांश है:पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि ईरान पर उसके विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम के कारण अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद भारत उससे तेल के आयात के बारे में फैसला करने के लिए स्वतंत्र है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: विपक्ष की एकता दिखाने के लिए कोलकाता में आयोजित ममता बनर्जी की रैली में चुनाव सुधारों पर चार सदस्यीय समिति का शनिवार को गठन किया गया. इन दलों ने सत्तारूढ़ भाजपा पर ईवीएम से छेड़छाड़करने के आरोप लगाए हैं. तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा कि ईवीएम की कार्यप्रणाली के मूल्यांकन और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के उपाय ढूंढने के अलावा यह समिति लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग को चुनाव सुधारों के बारे में भी सुझाव देगी. तृणमूल कांग्रेस द्वारा यहां आयोजित संयुक्त विपक्ष की रैली में शामिल 14 राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं के लिये चाय पार्टी की मेजबानी करने के बाद उन्होंने यह घोषणा की.
उन्होंने कहा कि समिति में अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस), अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी), सतीश चंद्र मिश्रा (बहुजन समाज पार्टी) और अरविंद केजरीवाल (आम आदमी पार्टी) क्रियान्वयन के लिये अपनी अनुशंसा चुनाव आयोग को देंगे और वीवीपीएटी के व्यापक इस्तेमाल के लिये दबाव बनाएंगे. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने रैली को संबोधित करते हुए ईवीएम को ‘चोर मशीन' बताया. उन्होंने कहा, ‘‘ईवीएम चोर मशीन है. ईमानदारी से कहें तो ऐसा है. इसका इस्तेमाल खत्म किया जाना चाहिए. कहीं भी दुनिया में इस मशीन का इस्तेमाल नहीं हो रहा.''
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को निर्वाचन आयोग और राष्ट्रपति से संपर्क करना चाहिए जिससे ईवीएम का इस्तेमाल रोका जा सके और पारदर्शिता के लिये मत पत्रों के इस्तेमाल की पुरानी व्यवस्था को वापस लाया जा सके. | ईवीएम को लेकर हैकर ने किए चौंकाने वाले दावा, कहा-हो सकती है हैक
भारतीय निर्वाचन आयोग ने खारिज किए दावे
चुनाव आयोग ने ईवीएम को बताया टेंपर प्रूफ | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस और भाजपा के बीच नरेन्द्र मोदी के बारे में मार्कन्डेय काटजू की विवादास्पद टिप्पणी तथा बाद में भाजपा नेता अरुण जेटली द्वारा उन्हें भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष पद से बर्खास्त करने की मांग को लेकर सोमवार को वाकयुद्ध तेज हो गया।
भाजपा की मांग को खारिज करते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह काटजू के बचाव में सामने आए। सिंह ने कहा कि काटजू हमेशा निष्पक्ष रहे हैं। उन्होंने इस बात पर हैरत जताई कि जेटली इस अंदाज में इसलिए तो प्रतिक्रिया नहीं जता रहे हैं क्योंकि उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी के कारण राज्यसभा की सीट मिली है।
प्रेस परिषद प्रमुख के खिलाफ हमला तेज करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवन्त सिंह ने काटजू पर आरोप लगाया कि उन्होंने लक्ष्मण रेखा को कई बार पार किया और उनकी भाषा पूर्व न्यायाधीश के अनुरूप नहीं हैं।
सिन्हा ने कहा कि काटजू ने अपने प्रेस बयानों के जरिये कई बार लक्ष्मण रेखा पार की है। मैं नहीं जानता कि काटजू कैसे न्यायाधीश हैं। लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि वह भारतीय प्रेस परिषद जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष बनने के काबिल नहीं हैं।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘उन्हें फौरन बर्खास्त कर देना चाहिए। उनसे इस्तीफा मांगने का कोई तुक नहीं है। दूसरी बात, उन्हें राजनीति में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। प्रेस परिषद का अध्यक्ष नहीं तय करेगा कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन हो।’’
काटजू ने एक अखबार में लेख लिखकर मोदी की आलोचना की थी। इसे लेकर जेटली एवं काटजू में वाकयुद्ध छिड़ गया। सिन्हा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक आलेख लिखने का आखिर उनका मतलब क्या है। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनके अधिकारक्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने अपनी निजी राय को प्रेस परिषद के अध्यक्ष की राय से मिला दिया है लिहाजा वह पीसीआई अध्यक्ष पद पर बैठने के काबिल नहीं हैं।’’
बहरहाल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने काटजू की आलोचना करने वाले जेटली के बयान को खारिज करते हुए कहा, ‘‘यह इसलिए है क्योंकि उन्हें राज्यसभा सीट श्री नरेन्द्र मोदी के कारण मिली है। श्री अरुण जेटली को लगता है कि उन्हें श्री नरेन्द्र मोदी का बचाव करना चाहिए। मुझे लगता है कि श्री अरुण जेटली को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राज्यसभा के नेता के लिए यह उपयुक्त नहीं है।’’
प्रेस परिषद के अध्यक्ष पर ‘‘कटु’’ हमला करने के लिए जेटली को आड़े हाथ लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि काटजू हमेशा बेहद निष्पक्ष रहे हैं और साथ ही जनहित को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘श्री अरुण जेटली उस समय चुप क्यों रहे जब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ और इफ्तिखार गिलानी की गिरफ्तारी में गृह मंत्री के खिलाफ मुद्दा उठाया था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब उन्होंने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस को आड़े हाथ लिया था जेटली उन अवसरों पर चुप रहे।
दिग्विजय से पूछा गया था कि क्या इस घटना से पता चलता है कि भाजपा आलोचना पसंद नहीं करती। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि वे फासीवादी विचारधारा के पोषक हैं जो आलोचना सहन नहीं कर सकती, जो इस बात में विश्वास करती है कि मेरे रास्ते चलो वरना अपना रास्ता नापो।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
भाजपा की मांग को खारिज करते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह काटजू के बचाव में सामने आए। सिंह ने कहा कि काटजू हमेशा निष्पक्ष रहे हैं। उन्होंने इस बात पर हैरत जताई कि जेटली इस अंदाज में इसलिए तो प्रतिक्रिया नहीं जता रहे हैं क्योंकि उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी के कारण राज्यसभा की सीट मिली है।
प्रेस परिषद प्रमुख के खिलाफ हमला तेज करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवन्त सिंह ने काटजू पर आरोप लगाया कि उन्होंने लक्ष्मण रेखा को कई बार पार किया और उनकी भाषा पूर्व न्यायाधीश के अनुरूप नहीं हैं।
सिन्हा ने कहा कि काटजू ने अपने प्रेस बयानों के जरिये कई बार लक्ष्मण रेखा पार की है। मैं नहीं जानता कि काटजू कैसे न्यायाधीश हैं। लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि वह भारतीय प्रेस परिषद जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष बनने के काबिल नहीं हैं।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘उन्हें फौरन बर्खास्त कर देना चाहिए। उनसे इस्तीफा मांगने का कोई तुक नहीं है। दूसरी बात, उन्हें राजनीति में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। प्रेस परिषद का अध्यक्ष नहीं तय करेगा कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन हो।’’
काटजू ने एक अखबार में लेख लिखकर मोदी की आलोचना की थी। इसे लेकर जेटली एवं काटजू में वाकयुद्ध छिड़ गया। सिन्हा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक आलेख लिखने का आखिर उनका मतलब क्या है। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनके अधिकारक्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने अपनी निजी राय को प्रेस परिषद के अध्यक्ष की राय से मिला दिया है लिहाजा वह पीसीआई अध्यक्ष पद पर बैठने के काबिल नहीं हैं।’’
बहरहाल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने काटजू की आलोचना करने वाले जेटली के बयान को खारिज करते हुए कहा, ‘‘यह इसलिए है क्योंकि उन्हें राज्यसभा सीट श्री नरेन्द्र मोदी के कारण मिली है। श्री अरुण जेटली को लगता है कि उन्हें श्री नरेन्द्र मोदी का बचाव करना चाहिए। मुझे लगता है कि श्री अरुण जेटली को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राज्यसभा के नेता के लिए यह उपयुक्त नहीं है।’’
प्रेस परिषद के अध्यक्ष पर ‘‘कटु’’ हमला करने के लिए जेटली को आड़े हाथ लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि काटजू हमेशा बेहद निष्पक्ष रहे हैं और साथ ही जनहित को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘श्री अरुण जेटली उस समय चुप क्यों रहे जब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ और इफ्तिखार गिलानी की गिरफ्तारी में गृह मंत्री के खिलाफ मुद्दा उठाया था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब उन्होंने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस को आड़े हाथ लिया था जेटली उन अवसरों पर चुप रहे।
दिग्विजय से पूछा गया था कि क्या इस घटना से पता चलता है कि भाजपा आलोचना पसंद नहीं करती। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि वे फासीवादी विचारधारा के पोषक हैं जो आलोचना सहन नहीं कर सकती, जो इस बात में विश्वास करती है कि मेरे रास्ते चलो वरना अपना रास्ता नापो।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
प्रेस परिषद प्रमुख के खिलाफ हमला तेज करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवन्त सिंह ने काटजू पर आरोप लगाया कि उन्होंने लक्ष्मण रेखा को कई बार पार किया और उनकी भाषा पूर्व न्यायाधीश के अनुरूप नहीं हैं।
सिन्हा ने कहा कि काटजू ने अपने प्रेस बयानों के जरिये कई बार लक्ष्मण रेखा पार की है। मैं नहीं जानता कि काटजू कैसे न्यायाधीश हैं। लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि वह भारतीय प्रेस परिषद जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष बनने के काबिल नहीं हैं।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘उन्हें फौरन बर्खास्त कर देना चाहिए। उनसे इस्तीफा मांगने का कोई तुक नहीं है। दूसरी बात, उन्हें राजनीति में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। प्रेस परिषद का अध्यक्ष नहीं तय करेगा कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन हो।’’
काटजू ने एक अखबार में लेख लिखकर मोदी की आलोचना की थी। इसे लेकर जेटली एवं काटजू में वाकयुद्ध छिड़ गया। सिन्हा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक आलेख लिखने का आखिर उनका मतलब क्या है। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनके अधिकारक्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने अपनी निजी राय को प्रेस परिषद के अध्यक्ष की राय से मिला दिया है लिहाजा वह पीसीआई अध्यक्ष पद पर बैठने के काबिल नहीं हैं।’’
बहरहाल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने काटजू की आलोचना करने वाले जेटली के बयान को खारिज करते हुए कहा, ‘‘यह इसलिए है क्योंकि उन्हें राज्यसभा सीट श्री नरेन्द्र मोदी के कारण मिली है। श्री अरुण जेटली को लगता है कि उन्हें श्री नरेन्द्र मोदी का बचाव करना चाहिए। मुझे लगता है कि श्री अरुण जेटली को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राज्यसभा के नेता के लिए यह उपयुक्त नहीं है।’’
प्रेस परिषद के अध्यक्ष पर ‘‘कटु’’ हमला करने के लिए जेटली को आड़े हाथ लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि काटजू हमेशा बेहद निष्पक्ष रहे हैं और साथ ही जनहित को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘श्री अरुण जेटली उस समय चुप क्यों रहे जब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ और इफ्तिखार गिलानी की गिरफ्तारी में गृह मंत्री के खिलाफ मुद्दा उठाया था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब उन्होंने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस को आड़े हाथ लिया था जेटली उन अवसरों पर चुप रहे।
दिग्विजय से पूछा गया था कि क्या इस घटना से पता चलता है कि भाजपा आलोचना पसंद नहीं करती। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि वे फासीवादी विचारधारा के पोषक हैं जो आलोचना सहन नहीं कर सकती, जो इस बात में विश्वास करती है कि मेरे रास्ते चलो वरना अपना रास्ता नापो।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
सिन्हा ने कहा कि काटजू ने अपने प्रेस बयानों के जरिये कई बार लक्ष्मण रेखा पार की है। मैं नहीं जानता कि काटजू कैसे न्यायाधीश हैं। लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि वह भारतीय प्रेस परिषद जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष बनने के काबिल नहीं हैं।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘उन्हें फौरन बर्खास्त कर देना चाहिए। उनसे इस्तीफा मांगने का कोई तुक नहीं है। दूसरी बात, उन्हें राजनीति में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। प्रेस परिषद का अध्यक्ष नहीं तय करेगा कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन हो।’’
काटजू ने एक अखबार में लेख लिखकर मोदी की आलोचना की थी। इसे लेकर जेटली एवं काटजू में वाकयुद्ध छिड़ गया। सिन्हा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक आलेख लिखने का आखिर उनका मतलब क्या है। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनके अधिकारक्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने अपनी निजी राय को प्रेस परिषद के अध्यक्ष की राय से मिला दिया है लिहाजा वह पीसीआई अध्यक्ष पद पर बैठने के काबिल नहीं हैं।’’
बहरहाल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने काटजू की आलोचना करने वाले जेटली के बयान को खारिज करते हुए कहा, ‘‘यह इसलिए है क्योंकि उन्हें राज्यसभा सीट श्री नरेन्द्र मोदी के कारण मिली है। श्री अरुण जेटली को लगता है कि उन्हें श्री नरेन्द्र मोदी का बचाव करना चाहिए। मुझे लगता है कि श्री अरुण जेटली को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राज्यसभा के नेता के लिए यह उपयुक्त नहीं है।’’
प्रेस परिषद के अध्यक्ष पर ‘‘कटु’’ हमला करने के लिए जेटली को आड़े हाथ लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि काटजू हमेशा बेहद निष्पक्ष रहे हैं और साथ ही जनहित को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘श्री अरुण जेटली उस समय चुप क्यों रहे जब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ और इफ्तिखार गिलानी की गिरफ्तारी में गृह मंत्री के खिलाफ मुद्दा उठाया था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब उन्होंने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस को आड़े हाथ लिया था जेटली उन अवसरों पर चुप रहे।
दिग्विजय से पूछा गया था कि क्या इस घटना से पता चलता है कि भाजपा आलोचना पसंद नहीं करती। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि वे फासीवादी विचारधारा के पोषक हैं जो आलोचना सहन नहीं कर सकती, जो इस बात में विश्वास करती है कि मेरे रास्ते चलो वरना अपना रास्ता नापो।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘उन्हें फौरन बर्खास्त कर देना चाहिए। उनसे इस्तीफा मांगने का कोई तुक नहीं है। दूसरी बात, उन्हें राजनीति में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। प्रेस परिषद का अध्यक्ष नहीं तय करेगा कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन हो।’’
काटजू ने एक अखबार में लेख लिखकर मोदी की आलोचना की थी। इसे लेकर जेटली एवं काटजू में वाकयुद्ध छिड़ गया। सिन्हा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक आलेख लिखने का आखिर उनका मतलब क्या है। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनके अधिकारक्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने अपनी निजी राय को प्रेस परिषद के अध्यक्ष की राय से मिला दिया है लिहाजा वह पीसीआई अध्यक्ष पद पर बैठने के काबिल नहीं हैं।’’
बहरहाल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने काटजू की आलोचना करने वाले जेटली के बयान को खारिज करते हुए कहा, ‘‘यह इसलिए है क्योंकि उन्हें राज्यसभा सीट श्री नरेन्द्र मोदी के कारण मिली है। श्री अरुण जेटली को लगता है कि उन्हें श्री नरेन्द्र मोदी का बचाव करना चाहिए। मुझे लगता है कि श्री अरुण जेटली को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राज्यसभा के नेता के लिए यह उपयुक्त नहीं है।’’
प्रेस परिषद के अध्यक्ष पर ‘‘कटु’’ हमला करने के लिए जेटली को आड़े हाथ लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि काटजू हमेशा बेहद निष्पक्ष रहे हैं और साथ ही जनहित को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘श्री अरुण जेटली उस समय चुप क्यों रहे जब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ और इफ्तिखार गिलानी की गिरफ्तारी में गृह मंत्री के खिलाफ मुद्दा उठाया था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब उन्होंने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस को आड़े हाथ लिया था जेटली उन अवसरों पर चुप रहे।
दिग्विजय से पूछा गया था कि क्या इस घटना से पता चलता है कि भाजपा आलोचना पसंद नहीं करती। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि वे फासीवादी विचारधारा के पोषक हैं जो आलोचना सहन नहीं कर सकती, जो इस बात में विश्वास करती है कि मेरे रास्ते चलो वरना अपना रास्ता नापो।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
काटजू ने एक अखबार में लेख लिखकर मोदी की आलोचना की थी। इसे लेकर जेटली एवं काटजू में वाकयुद्ध छिड़ गया। सिन्हा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक आलेख लिखने का आखिर उनका मतलब क्या है। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनके अधिकारक्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने अपनी निजी राय को प्रेस परिषद के अध्यक्ष की राय से मिला दिया है लिहाजा वह पीसीआई अध्यक्ष पद पर बैठने के काबिल नहीं हैं।’’
बहरहाल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने काटजू की आलोचना करने वाले जेटली के बयान को खारिज करते हुए कहा, ‘‘यह इसलिए है क्योंकि उन्हें राज्यसभा सीट श्री नरेन्द्र मोदी के कारण मिली है। श्री अरुण जेटली को लगता है कि उन्हें श्री नरेन्द्र मोदी का बचाव करना चाहिए। मुझे लगता है कि श्री अरुण जेटली को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राज्यसभा के नेता के लिए यह उपयुक्त नहीं है।’’
प्रेस परिषद के अध्यक्ष पर ‘‘कटु’’ हमला करने के लिए जेटली को आड़े हाथ लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि काटजू हमेशा बेहद निष्पक्ष रहे हैं और साथ ही जनहित को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘श्री अरुण जेटली उस समय चुप क्यों रहे जब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ और इफ्तिखार गिलानी की गिरफ्तारी में गृह मंत्री के खिलाफ मुद्दा उठाया था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब उन्होंने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस को आड़े हाथ लिया था जेटली उन अवसरों पर चुप रहे।
दिग्विजय से पूछा गया था कि क्या इस घटना से पता चलता है कि भाजपा आलोचना पसंद नहीं करती। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि वे फासीवादी विचारधारा के पोषक हैं जो आलोचना सहन नहीं कर सकती, जो इस बात में विश्वास करती है कि मेरे रास्ते चलो वरना अपना रास्ता नापो।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
बहरहाल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने काटजू की आलोचना करने वाले जेटली के बयान को खारिज करते हुए कहा, ‘‘यह इसलिए है क्योंकि उन्हें राज्यसभा सीट श्री नरेन्द्र मोदी के कारण मिली है। श्री अरुण जेटली को लगता है कि उन्हें श्री नरेन्द्र मोदी का बचाव करना चाहिए। मुझे लगता है कि श्री अरुण जेटली को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राज्यसभा के नेता के लिए यह उपयुक्त नहीं है।’’
प्रेस परिषद के अध्यक्ष पर ‘‘कटु’’ हमला करने के लिए जेटली को आड़े हाथ लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि काटजू हमेशा बेहद निष्पक्ष रहे हैं और साथ ही जनहित को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘श्री अरुण जेटली उस समय चुप क्यों रहे जब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ और इफ्तिखार गिलानी की गिरफ्तारी में गृह मंत्री के खिलाफ मुद्दा उठाया था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब उन्होंने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस को आड़े हाथ लिया था जेटली उन अवसरों पर चुप रहे।
दिग्विजय से पूछा गया था कि क्या इस घटना से पता चलता है कि भाजपा आलोचना पसंद नहीं करती। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि वे फासीवादी विचारधारा के पोषक हैं जो आलोचना सहन नहीं कर सकती, जो इस बात में विश्वास करती है कि मेरे रास्ते चलो वरना अपना रास्ता नापो।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘श्री अरुण जेटली उस समय चुप क्यों रहे जब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ और इफ्तिखार गिलानी की गिरफ्तारी में गृह मंत्री के खिलाफ मुद्दा उठाया था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब उन्होंने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस को आड़े हाथ लिया था जेटली उन अवसरों पर चुप रहे।
दिग्विजय से पूछा गया था कि क्या इस घटना से पता चलता है कि भाजपा आलोचना पसंद नहीं करती। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि वे फासीवादी विचारधारा के पोषक हैं जो आलोचना सहन नहीं कर सकती, जो इस बात में विश्वास करती है कि मेरे रास्ते चलो वरना अपना रास्ता नापो।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
दिग्विजय से पूछा गया था कि क्या इस घटना से पता चलता है कि भाजपा आलोचना पसंद नहीं करती। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि वे फासीवादी विचारधारा के पोषक हैं जो आलोचना सहन नहीं कर सकती, जो इस बात में विश्वास करती है कि मेरे रास्ते चलो वरना अपना रास्ता नापो।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
बहरहाल, भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा ने कहा कि जेटली के खिलाफ ‘‘व्यर्थ’’ और ‘‘बकवास’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की किसी न्यायाधीश से उम्मीद नहीं की जा सकती। काटजू को कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा कांग्रेसी बताने की जेटली की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि क्या मोदी का विरोध करने वाला हर आदमी कांग्रेस की शह पर बोलता है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस प्रलाप (जेटली के) से चकित हूं। पिछले 11 सालों से सभी रंगों, पार्टियों और मतों के लोगों ने विभिन्न अवसरों पर मोदी की आलोचना और भर्त्सना तक की है। क्या इसका यह मतलब है कि वे सभी कांग्रेसीजन थे।’’ लोकजनशक्ति पार्टी ने भी काटजू का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार हो या गुजरात, राजग सरकारें विकास के नाम पर आंकड़ों एवं जोड़तोड़ का खेल खेल रही हैं। उन्होंने अनुचित रोष के लिए जेटली की आलोचना की।
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’
पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा, ‘‘जेटली को सोच समझकर बोलना चाहिए। काटजू तथ्यों के आधार पर बोले हैं। भाजपा पीसीआई अध्यक्ष पर अनावश्यक हमला बोल रही है। इसी तरह बिहार की राजग सरकार ने मीडिया पर लगाम लगा दी है। काटजू ने गुजरात की स्थिति के बारे में अभी और बिहार के बारे में पहले जो कुछ कहा था, हम उनका समर्थन करते हैं।’’ | संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस और भाजपा के बीच नरेन्द्र मोदी के बारे में मार्कन्डेय काटजू की विवादास्पद टिप्पणी तथा बाद में भाजपा नेता अरुण जेटली द्वारा उन्हें भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष पद से बर्खास्त करने की मांग को लेकर सोमवार को वाकयुद्ध तेज हो गया। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शिवराज सिंह चौहान यहां पर पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरूआत करने के लिए आये थे. उन्होंने कहा, "सरकार ने यह भी कहा है कि हम विधानसभा चुनाव के लिए तैयार हैं जब भी चुनाव आयोग इन्हें कराना चाहे और चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त बलों की जरुरत होती है." उन्होंने कहा, "इसमें और कुछ नहीं है. लेकिन उमर (अब्दुल्ला) और महबूबा (मुफ्ती) को कुछ मुद्दा चाहिए, इसलिए वे इसे उठा रहे हैं." यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र 35ए (Article 35A) निरस्त करने की योजना बना रहा है, चौहान ने कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष है. केंद्र ने बृहस्पतिवार को "आतंकवाद निरोधक अभियानों को मजबूती प्रदान करने और कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए."
जम्मू कश्मीर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 100 कंपनियां तैनात करने का आदेश दिया था. सीएपीएफ की एक कंपनी में करीब 100 कर्मी होते हैं. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि केंद्र को जम्मू कश्मीर में चीजों को सुलझाने की अपनी नीति पर पुनर्विचार करने की जरुरत है. महबूबा ने ट्विटर पर लिखा, "घाटी में अतिरिक्त 10,000 सैनिकों को तैनात करने के केंद्र के फैसले ने लोगों में भय उत्पन्न कर दिया है. कश्मीर में सुरक्षा बलों की कोई कमी नहीं है. जम्मू-कश्मीर एक राजनीतिक समस्या है जिसे सैन्य तरीकों से हल नहीं किया जा सकता. भारत सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार और उसे दुरूस्त करने की जरूरत है."
शिवराज सिंह चौहान ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने लोगों को आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने के खिलाफ आगाह किया था, क्योंकि इससे भाजपा को फायदा हो सकता है. भाजपा नेता ने कहा, "मैंने उनकी टिप्पणी सुनी है. वह लोगों को आगाह कर रहे थे लेकिन उदाहरण ऐसे लोगों का दिया जिन्होंने देश के खिलाफ काम किया और उनका नहीं जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. वह इसको लेकर चिंतित है जिस तरह से भाजपा घाटी में अपना प्रभाव बढ़ा रही है." अब्दुल्ला ने शुक्रवार को पार्टी के एक कार्यक्रम में कहा था कि संसदीय चुनाव का रुख यदि विधानसभा चुनाव में भी जारी रहा तो त्राल से भाजपा का विधायक होगा. उन्होंने कहा, "यदि (चुनाव का) बहिष्कार हुआ तो कल्पना करिये उसी त्राल से भाजपा का एक विधायक होगा जहां से बुरहान वानी और जाकिर मुसा था."
वानी और मुसा क्रमश: हिजबुल मुजाहिदीन और अंसार ग़ज़वत-उल हिंद के आतंकवादी थे और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे. चौहान ने आरोप लगाया कि अब्दुल्ला और महबूबा ने जम्मू कश्मीर का लूटा लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई शुरू की. यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा राज्य में सरकार बनाने के लिए फिर से किसी क्षेत्रीय पार्टी के साथ हाथ मिलाएगी, चौहान ने कहा कि भगवा पार्टी अपने बल पर सत्ता में आएगी. उन्होंने नियंत्रण रेखा के पार स्थित शारदा पीठ मंदिर भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए खोलने की मांग की. उन्होंने कहा, "विदेश मंत्रालय ने मंदिर को दर्शन के लिए खोलने की मांग पाकिस्तान के साथ उठायी है. सरकार मुद्दे को पाकिस्तान के साथ उठाएगी लेकिन समाज यह भी मांग करता है कि मंदिर को खोला जाए ताकि लोग वहां जाकर दर्शन कर सकें."
पूर्व मंत्री एवं पीपुल्स कान्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने कहा, "सैनिकों की तैनाती की खबरों ने लोगों में डर और दहशत पैदा कर दी है. किसी को भी इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि क्या होने वाला है. संकेत ठीक नहीं हैं और अफवाहों का बाजार गर्म है और उस पर विश्वास किया जाए कश्मीरी लोगों की विशेष पहचान खतरे में है." उन्होंने कहा, "यदि वर्तमान सरकार का वास्तव में ऐसा कोई इरादा है तो यह दुस्साहस को अस्वीकार्य सीमाओं तक विस्तारित करने के बराबर होगा." | संक्षिप्त पाठ: 'सैनिकों की तैनाती को लेकर अफवाह फैला रहे हैं कश्मीर के नेता'
'सेना की तैनाती को 35 ए से जोड़कर अफवाह फैला रहे हैं'
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही यह बात | 22 | ['hin'] |
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