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इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल से कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने में अमेरिका भारत के साथ खड़ा है. जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह बोल्टन ने एनएसए डोवाल से फोन पर बातचीत कर हमले में शहीद हुए जवानों के लिए दुख जाहिर किया और आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई भारत के साथ खड़े रहने  और दोषियों को इसकी सजा देने का आश्वासन दिया. उन्होंने बताया कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से शुक्रवार को 2 बार बातचीत हुई. बोल्टन के अनुसार आतंकवाद के मुद्दे पर हमारी राय बिल्कुल साफ है और हम पाकिस्तान के साथ भी संवाद कर रहे हैं. भारत के पास आत्मरक्षा का अधिकार पूरी तरीके से सुरक्षित है.  उनका कहना है कि पुलवामा हमले के अपराधियों और समर्थकों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. बता दें कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आतंकवादी हुआ. इस हमले में लगभग 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए और दर्जनों घायल हो गए हैं. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान से सभी आतंकी गुटों को मदद व पनाह देना तत्काल बंद करने को कहा था. ट्रंप की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने एक बयान में कहा, "अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है वह उसकी जमीन से संचालित सभी आतंकी गुटों को मदद व पनाह देना तुरंत बंद कर दे क्योंकि क्षेत्र में हिंसा और आतंक का बीज बोना ही उनका लक्ष्य है."
सारांश: अमेरिका के NSA जॉन बोल्टन ने अजीत डोभाल से की बातचीत आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत का साथ देने का दिया आश्वासन कहा- भारत के पास आत्मरक्षा का अधिकार सुरक्षित
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के दो जवानों की हत्या और उनके शवों को क्षत-विक्षत करने की घटना को बर्बरता बताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पूछा है कि क्या केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चूड़ियां भेजेंगी, क्योंकि साल 2013 में इसी तरह की घटना के बाद वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चूड़ियां भेजना चाहती थीं. 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान भारतीय जवानों पर हमले के बाद स्मृति ईरानी ने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चूड़ियां भेजने की पेशकश की थी. कांग्रेस प्रवक्ता ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'पाकिस्तान द्वारा बर्बर तरीके से हमला करने तथा हमारे दो जवानों के शवों को क्षत-विक्षत करने की घटना की हम कड़े से कड़े शब्दों में घोर निंदा करते हैं.' सिब्बल ने कहा, 'संप्रग के शासन में एक महिला सांसद (स्मृति ईरानी) थीं, जिन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को चूड़ियां भेंट करनी चाहिए. क्या अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चूड़ियां भेजेंगी?' उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए एक नीति होनी चाहिए और सरकार को इस पर विपक्ष के साथ चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को चुनाव प्रचार अभियान से फुरसत मिले, तब तो सीमा की सुरक्षा होगी. आखिर यह कौन सी सरकार है, जो जानती है कि पाकिस्तान अपना रास्ता कभी नहीं बदलेगा, इसके बावजूद उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को पठानकोट बुलाया.' साल 2016 में पठानकोट में वायुसेना अड्डे पर आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई को पठानकोट जाने की इजाजत दी गई थी. सिब्बल ने कहा, 'बीते 35 महीनों के दौरान, जम्मू एवं कश्मीर में 135 जवान शहीद हो गए. इसके लिए कौन जिम्मेदार है?'टिप्पणियां सिब्बल ने आश्चर्य जताते हुए कहा, 'उन्होंने (पीएम मोदी ने) कहा था कि नोटबंदी से आतंकवाद पर लगाम लगेगी, लेकिन उसके बाद तो आतंकवादी हमले और बढ़ गए. मुझे याद है, जब साल 2013 में हमारे जवान हेमराज का सिर कलम किया गया था, उस वक्त सुषमाजी (विदेश मंत्री सुषमा स्वराज) ने कहा था कि हमें एक के बदले 10 सिर चाहिए..दो सिर के बदले उन्हें कितने सिर चाहिए?'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान भारतीय जवानों पर हमले के बाद स्मृति ईरानी ने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चूड़ियां भेजने की पेशकश की थी. कांग्रेस प्रवक्ता ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'पाकिस्तान द्वारा बर्बर तरीके से हमला करने तथा हमारे दो जवानों के शवों को क्षत-विक्षत करने की घटना की हम कड़े से कड़े शब्दों में घोर निंदा करते हैं.' सिब्बल ने कहा, 'संप्रग के शासन में एक महिला सांसद (स्मृति ईरानी) थीं, जिन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को चूड़ियां भेंट करनी चाहिए. क्या अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चूड़ियां भेजेंगी?' उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए एक नीति होनी चाहिए और सरकार को इस पर विपक्ष के साथ चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को चुनाव प्रचार अभियान से फुरसत मिले, तब तो सीमा की सुरक्षा होगी. आखिर यह कौन सी सरकार है, जो जानती है कि पाकिस्तान अपना रास्ता कभी नहीं बदलेगा, इसके बावजूद उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को पठानकोट बुलाया.' साल 2016 में पठानकोट में वायुसेना अड्डे पर आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई को पठानकोट जाने की इजाजत दी गई थी. सिब्बल ने कहा, 'बीते 35 महीनों के दौरान, जम्मू एवं कश्मीर में 135 जवान शहीद हो गए. इसके लिए कौन जिम्मेदार है?'टिप्पणियां सिब्बल ने आश्चर्य जताते हुए कहा, 'उन्होंने (पीएम मोदी ने) कहा था कि नोटबंदी से आतंकवाद पर लगाम लगेगी, लेकिन उसके बाद तो आतंकवादी हमले और बढ़ गए. मुझे याद है, जब साल 2013 में हमारे जवान हेमराज का सिर कलम किया गया था, उस वक्त सुषमाजी (विदेश मंत्री सुषमा स्वराज) ने कहा था कि हमें एक के बदले 10 सिर चाहिए..दो सिर के बदले उन्हें कितने सिर चाहिए?'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कांग्रेस प्रवक्ता ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'पाकिस्तान द्वारा बर्बर तरीके से हमला करने तथा हमारे दो जवानों के शवों को क्षत-विक्षत करने की घटना की हम कड़े से कड़े शब्दों में घोर निंदा करते हैं.' सिब्बल ने कहा, 'संप्रग के शासन में एक महिला सांसद (स्मृति ईरानी) थीं, जिन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को चूड़ियां भेंट करनी चाहिए. क्या अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चूड़ियां भेजेंगी?' उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए एक नीति होनी चाहिए और सरकार को इस पर विपक्ष के साथ चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को चुनाव प्रचार अभियान से फुरसत मिले, तब तो सीमा की सुरक्षा होगी. आखिर यह कौन सी सरकार है, जो जानती है कि पाकिस्तान अपना रास्ता कभी नहीं बदलेगा, इसके बावजूद उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को पठानकोट बुलाया.' साल 2016 में पठानकोट में वायुसेना अड्डे पर आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई को पठानकोट जाने की इजाजत दी गई थी. सिब्बल ने कहा, 'बीते 35 महीनों के दौरान, जम्मू एवं कश्मीर में 135 जवान शहीद हो गए. इसके लिए कौन जिम्मेदार है?'टिप्पणियां सिब्बल ने आश्चर्य जताते हुए कहा, 'उन्होंने (पीएम मोदी ने) कहा था कि नोटबंदी से आतंकवाद पर लगाम लगेगी, लेकिन उसके बाद तो आतंकवादी हमले और बढ़ गए. मुझे याद है, जब साल 2013 में हमारे जवान हेमराज का सिर कलम किया गया था, उस वक्त सुषमाजी (विदेश मंत्री सुषमा स्वराज) ने कहा था कि हमें एक के बदले 10 सिर चाहिए..दो सिर के बदले उन्हें कितने सिर चाहिए?'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए एक नीति होनी चाहिए और सरकार को इस पर विपक्ष के साथ चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को चुनाव प्रचार अभियान से फुरसत मिले, तब तो सीमा की सुरक्षा होगी. आखिर यह कौन सी सरकार है, जो जानती है कि पाकिस्तान अपना रास्ता कभी नहीं बदलेगा, इसके बावजूद उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को पठानकोट बुलाया.' साल 2016 में पठानकोट में वायुसेना अड्डे पर आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई को पठानकोट जाने की इजाजत दी गई थी. सिब्बल ने कहा, 'बीते 35 महीनों के दौरान, जम्मू एवं कश्मीर में 135 जवान शहीद हो गए. इसके लिए कौन जिम्मेदार है?'टिप्पणियां सिब्बल ने आश्चर्य जताते हुए कहा, 'उन्होंने (पीएम मोदी ने) कहा था कि नोटबंदी से आतंकवाद पर लगाम लगेगी, लेकिन उसके बाद तो आतंकवादी हमले और बढ़ गए. मुझे याद है, जब साल 2013 में हमारे जवान हेमराज का सिर कलम किया गया था, उस वक्त सुषमाजी (विदेश मंत्री सुषमा स्वराज) ने कहा था कि हमें एक के बदले 10 सिर चाहिए..दो सिर के बदले उन्हें कितने सिर चाहिए?'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साल 2016 में पठानकोट में वायुसेना अड्डे पर आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई को पठानकोट जाने की इजाजत दी गई थी. सिब्बल ने कहा, 'बीते 35 महीनों के दौरान, जम्मू एवं कश्मीर में 135 जवान शहीद हो गए. इसके लिए कौन जिम्मेदार है?'टिप्पणियां सिब्बल ने आश्चर्य जताते हुए कहा, 'उन्होंने (पीएम मोदी ने) कहा था कि नोटबंदी से आतंकवाद पर लगाम लगेगी, लेकिन उसके बाद तो आतंकवादी हमले और बढ़ गए. मुझे याद है, जब साल 2013 में हमारे जवान हेमराज का सिर कलम किया गया था, उस वक्त सुषमाजी (विदेश मंत्री सुषमा स्वराज) ने कहा था कि हमें एक के बदले 10 सिर चाहिए..दो सिर के बदले उन्हें कितने सिर चाहिए?'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिब्बल ने आश्चर्य जताते हुए कहा, 'उन्होंने (पीएम मोदी ने) कहा था कि नोटबंदी से आतंकवाद पर लगाम लगेगी, लेकिन उसके बाद तो आतंकवादी हमले और बढ़ गए. मुझे याद है, जब साल 2013 में हमारे जवान हेमराज का सिर कलम किया गया था, उस वक्त सुषमाजी (विदेश मंत्री सुषमा स्वराज) ने कहा था कि हमें एक के बदले 10 सिर चाहिए..दो सिर के बदले उन्हें कितने सिर चाहिए?'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
'ऐसी ही एक घटना के बाद मनमोहन सिंह को चूड़ियां भेजना चाहती थीं स्मृति' 'एनडीए सरकार को चुनाव प्रचार अभियान से फुर्सत ही नहीं' 'पीएम ने कहा नोटबंदी से आतंकवाद पर लगाम लगेगी, लेकिन हो क्या रहा है'
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी सैनिक युद्धविराम का उल्लंघन कर मंगलवार को भारतीय सीमा में घुस आए और जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले स्थित नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट एक चौकी पर तैनात दो भारतीय जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा एक के शव को क्षत-विक्षत कर दिया। केंद्र सरकार ने इस कार्रवाई को भड़काने वाला करार देते हुए इसकी निंदा की है। इस हमले में 29 बलूच रेजीमेंट के शामिल होने का अंदेशा है। पाकिस्तानी सैनिक घने कोहरे का फायदा उठाते हुए सीमा पर लगे कंटीले तारों को काटकर समीवर्ती पुंछ जिले के सोना गली इलाके में बनी भारतीय चौकी पर पहुंच गए। इस कार्रवाई को भड़काने वाला करार देते हुए केंद्र सरकार ने इसकी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कर की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों देशों के सैन्य अभियान के महानिदेशक (डीजीएमओ) इसे लेकर बातचीत कर रहे हैं। कहा गया है कि सरकार इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के समक्ष रखेगी। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस्लामाबाद युद्धविराम समझौते का सम्मान करेगा। इससे पहले रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न् 11.30 बजे हुई। पाकिस्तानी सैनिकों ने दो भरतीय जवानों की हत्या कर दी और उनमें से एक के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। उन्होंने कहा, "जवान के शव के साथ की गई क्रूरता की हम कड़ा निंदा करते हैं।" पाकिस्तान ने दो भारतीय जवानों की हत्या की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इसे झूठ करार देते हुए उसके दावे को खारिज कर दिया। इस बीच, लेफ्टिनेंट जनरल केडी पटनायक ने घटनास्थल का दौरा किया और सेना को 'सतर्क तथा शांत' रहने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि उपयुक्त समय पर समुचित कदम उठाया जाएगा। पुंछ के उपायुक्त एके साहू ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने चौकी पर तैनात दो जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा तीसरे को घायल कर दिया। सेना के सूत्रों ने कहा कि छापेमारी करने आए पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए भारतीय जवानों के हथियार भी उठा ले गए। शहीद हुए सुधाकर सिंह और हेमराज 13वीं राजपुताना राइफल्स से संबद्ध थे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। इस हमले में 29 बलूच रेजीमेंट के शामिल होने का अंदेशा है। पाकिस्तानी सैनिक घने कोहरे का फायदा उठाते हुए सीमा पर लगे कंटीले तारों को काटकर समीवर्ती पुंछ जिले के सोना गली इलाके में बनी भारतीय चौकी पर पहुंच गए। इस कार्रवाई को भड़काने वाला करार देते हुए केंद्र सरकार ने इसकी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कर की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों देशों के सैन्य अभियान के महानिदेशक (डीजीएमओ) इसे लेकर बातचीत कर रहे हैं। कहा गया है कि सरकार इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के समक्ष रखेगी। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस्लामाबाद युद्धविराम समझौते का सम्मान करेगा। इससे पहले रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न् 11.30 बजे हुई। पाकिस्तानी सैनिकों ने दो भरतीय जवानों की हत्या कर दी और उनमें से एक के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। उन्होंने कहा, "जवान के शव के साथ की गई क्रूरता की हम कड़ा निंदा करते हैं।" पाकिस्तान ने दो भारतीय जवानों की हत्या की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इसे झूठ करार देते हुए उसके दावे को खारिज कर दिया। इस बीच, लेफ्टिनेंट जनरल केडी पटनायक ने घटनास्थल का दौरा किया और सेना को 'सतर्क तथा शांत' रहने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि उपयुक्त समय पर समुचित कदम उठाया जाएगा। पुंछ के उपायुक्त एके साहू ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने चौकी पर तैनात दो जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा तीसरे को घायल कर दिया। सेना के सूत्रों ने कहा कि छापेमारी करने आए पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए भारतीय जवानों के हथियार भी उठा ले गए। शहीद हुए सुधाकर सिंह और हेमराज 13वीं राजपुताना राइफल्स से संबद्ध थे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। इस कार्रवाई को भड़काने वाला करार देते हुए केंद्र सरकार ने इसकी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कर की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों देशों के सैन्य अभियान के महानिदेशक (डीजीएमओ) इसे लेकर बातचीत कर रहे हैं। कहा गया है कि सरकार इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के समक्ष रखेगी। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस्लामाबाद युद्धविराम समझौते का सम्मान करेगा। इससे पहले रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न् 11.30 बजे हुई। पाकिस्तानी सैनिकों ने दो भरतीय जवानों की हत्या कर दी और उनमें से एक के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। उन्होंने कहा, "जवान के शव के साथ की गई क्रूरता की हम कड़ा निंदा करते हैं।" पाकिस्तान ने दो भारतीय जवानों की हत्या की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इसे झूठ करार देते हुए उसके दावे को खारिज कर दिया। इस बीच, लेफ्टिनेंट जनरल केडी पटनायक ने घटनास्थल का दौरा किया और सेना को 'सतर्क तथा शांत' रहने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि उपयुक्त समय पर समुचित कदम उठाया जाएगा। पुंछ के उपायुक्त एके साहू ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने चौकी पर तैनात दो जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा तीसरे को घायल कर दिया। सेना के सूत्रों ने कहा कि छापेमारी करने आए पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए भारतीय जवानों के हथियार भी उठा ले गए। शहीद हुए सुधाकर सिंह और हेमराज 13वीं राजपुताना राइफल्स से संबद्ध थे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। कहा गया है कि सरकार इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के समक्ष रखेगी। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस्लामाबाद युद्धविराम समझौते का सम्मान करेगा। इससे पहले रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न् 11.30 बजे हुई। पाकिस्तानी सैनिकों ने दो भरतीय जवानों की हत्या कर दी और उनमें से एक के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। उन्होंने कहा, "जवान के शव के साथ की गई क्रूरता की हम कड़ा निंदा करते हैं।" पाकिस्तान ने दो भारतीय जवानों की हत्या की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इसे झूठ करार देते हुए उसके दावे को खारिज कर दिया। इस बीच, लेफ्टिनेंट जनरल केडी पटनायक ने घटनास्थल का दौरा किया और सेना को 'सतर्क तथा शांत' रहने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि उपयुक्त समय पर समुचित कदम उठाया जाएगा। पुंछ के उपायुक्त एके साहू ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने चौकी पर तैनात दो जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा तीसरे को घायल कर दिया। सेना के सूत्रों ने कहा कि छापेमारी करने आए पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए भारतीय जवानों के हथियार भी उठा ले गए। शहीद हुए सुधाकर सिंह और हेमराज 13वीं राजपुताना राइफल्स से संबद्ध थे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। इससे पहले रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न् 11.30 बजे हुई। पाकिस्तानी सैनिकों ने दो भरतीय जवानों की हत्या कर दी और उनमें से एक के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। उन्होंने कहा, "जवान के शव के साथ की गई क्रूरता की हम कड़ा निंदा करते हैं।" पाकिस्तान ने दो भारतीय जवानों की हत्या की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इसे झूठ करार देते हुए उसके दावे को खारिज कर दिया। इस बीच, लेफ्टिनेंट जनरल केडी पटनायक ने घटनास्थल का दौरा किया और सेना को 'सतर्क तथा शांत' रहने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि उपयुक्त समय पर समुचित कदम उठाया जाएगा। पुंछ के उपायुक्त एके साहू ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने चौकी पर तैनात दो जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा तीसरे को घायल कर दिया। सेना के सूत्रों ने कहा कि छापेमारी करने आए पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए भारतीय जवानों के हथियार भी उठा ले गए। शहीद हुए सुधाकर सिंह और हेमराज 13वीं राजपुताना राइफल्स से संबद्ध थे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। पाकिस्तान ने दो भारतीय जवानों की हत्या की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इसे झूठ करार देते हुए उसके दावे को खारिज कर दिया। इस बीच, लेफ्टिनेंट जनरल केडी पटनायक ने घटनास्थल का दौरा किया और सेना को 'सतर्क तथा शांत' रहने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि उपयुक्त समय पर समुचित कदम उठाया जाएगा। पुंछ के उपायुक्त एके साहू ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने चौकी पर तैनात दो जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा तीसरे को घायल कर दिया। सेना के सूत्रों ने कहा कि छापेमारी करने आए पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए भारतीय जवानों के हथियार भी उठा ले गए। शहीद हुए सुधाकर सिंह और हेमराज 13वीं राजपुताना राइफल्स से संबद्ध थे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। इस बीच, लेफ्टिनेंट जनरल केडी पटनायक ने घटनास्थल का दौरा किया और सेना को 'सतर्क तथा शांत' रहने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि उपयुक्त समय पर समुचित कदम उठाया जाएगा। पुंछ के उपायुक्त एके साहू ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने चौकी पर तैनात दो जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा तीसरे को घायल कर दिया। सेना के सूत्रों ने कहा कि छापेमारी करने आए पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए भारतीय जवानों के हथियार भी उठा ले गए। शहीद हुए सुधाकर सिंह और हेमराज 13वीं राजपुताना राइफल्स से संबद्ध थे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। पुंछ के उपायुक्त एके साहू ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने चौकी पर तैनात दो जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा तीसरे को घायल कर दिया। सेना के सूत्रों ने कहा कि छापेमारी करने आए पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए भारतीय जवानों के हथियार भी उठा ले गए। शहीद हुए सुधाकर सिंह और हेमराज 13वीं राजपुताना राइफल्स से संबद्ध थे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। सेना के सूत्रों ने कहा कि छापेमारी करने आए पाकिस्तानी सैनिक शहीद हुए भारतीय जवानों के हथियार भी उठा ले गए। शहीद हुए सुधाकर सिंह और हेमराज 13वीं राजपुताना राइफल्स से संबद्ध थे। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानियों को जब भारतीय चौकी कंटीले घेरे के बिल्कुल करीब दिखी तो वे वहां पहुंच गए। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा से लगते भारतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय बाड़बंदी कराई है। भारतीय क्षेत्र में दो किलोमीटर तक लगभग 500 मीटर चौड़ी बाड़बंदी कराई गई है। लेकिन घुसपैठियों ने घने कोहरे का फायदा उठाया। वे जंगली इलाके में लगे कंटीले बाड़ को काटकर भारत की सीमा में घुस आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों के इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की यह घटना भारत की इस अपील के तुरंत बाद सामने आई है कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि नियंत्रण रेखा की पवित्रता हमेशा बनी रहेगी। इस घटना के बाद भारत और पकिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सियालकोट का दौरा किया और सेना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, गुप्त या प्रकट रूप से आने वाली रह चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न 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सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इस आरोप का खंडन किया कि भारतीय सैनिकों ने रामपुर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण या 2003 से लागू युद्धविराम का उल्लंघन किया।   विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "भारत नियंत्रण रेखा की पवित्रता के प्रति बचनबद्ध है।" उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। प्रवक्ता ने कहा, "हम पाकिस्तान का आह्वान करते हैं कि वह नियंत्रण रेखा की पवित्रता सुनिश्चित करे.. और अकारण गोलीबारी की ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण गोलीबारी कर भारत के सीमावर्ती चुरुं डा गांव में एक घर की छत को ध्वस्त कर दिया था। जवाब में भारतीय सैनिकों ने भी गोलीबारी की थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तानी सैनिक युद्धविराम का उल्लंघन कर मंगलवार को भारतीय सीमा में घुस आए और जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले स्थित नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट एक चौकी पर तैनात दो भारतीय जवानों की गला रेतकर हत्या कर दी तथा एक के शव को क्षत-विक्षत कर दिया।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जेपी पंजाब वॉरियर्स और उत्तर प्रदेश विजार्ड्स टीमों के बीच मंगलवार को सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेला गया हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) का 10वां मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। विजार्ड्स ने अपने घर लखनऊ में वॉरियर्स को 2-1 से हराया था लेकिन उसके घर में वह जीत नहीं हासिल कर सका। विजार्ड्स का यह चौथा मैच था जबकि वॉरियर्स ने अपना पांचवां मैच खेला। विजार्ड्स को दो मैचों में जीत मिली है जबकि दो मैच बराबरी पर छूटे हैं। दूसरी ओर, वॉरियर्स को तीन मैचों में हार मिली है। एक मैच उसने जीता है और एक ड्रॉ रहा है। विजार्ड्स के लिए कप्तान वीआर रघुनाथ ने 24वें और 35वें मिनट में गोल किए जबकि वॉरियर्स की ओर से 12वें मिनट में शिवेंद्र सिंह ने और 28वें मिनट में मलाक सिंह ने गोल दागे। मैच का अगाज नाटकीय अंदाज में हुआ। आठवें मिनट में धर्मवीर सिंह ने जेपी पंजाब वॉरियर्स के लिए पेनाल्टी स्ट्रोक हासिल किया। यह पेनाल्टी स्ट्रोक वॉरियर्स को हरबीर सिंह द्वारा धर्मवीर को गलत तरीसे से रोके जाने के खिलाफ मिला। विजार्ड्स के खिलाड़ी मार्क नोल्स ने यह पेनाल्टी स्ट्रोक लिया लेकिन नोल्स यह गोल नहीं कर सके। 12वें मिनट में हालांकि वॉरियर्स ने इसकी भरपाई कर ली। शिवेंद्र सिंह ने गुरमेल सिंह और एसवी सुनील द्वारा बनाए गए मूव पर गोल करके टीम को 1-0 से आगे कर दिया। अगले 12 मिनट तक दोनों टीमों के बीच गोल करने की स्पर्धा चलती रही। 23वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला, जिस पर कप्तान वीआर रघुनाथ ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब वॉरियर्स ने अपना हमला और तेज कर दिया। इस बार हमले की अगुआई अनुभवी डिफेंडर इग्नेस टिर्की ने की। इग्नेस ने 28वें मिनट में मलाक को एक ओवरहेड पास दिया, जिस पर उन्होंने खूबसूरती से गोल कर दिया। वॉरियर्स 2-1 से आगे हो चुके थे। वॉरियर्स ने अपना हमला तेज रखा और विजार्ड्स ने बराबरी करने का भरपूर प्रयास किया। दर्शकों को उच्चकोटि की हॉकी देखने को मिली।टिप्पणियां 34वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला। इस बार कप्तान रघुनाथ के पास फिर से गोल करने और अपनी टीम को मैच में दूसरी बार बराबरी पर लाने का मौका था। रघुनाथ ने 35वें मिनट में एक बार यह कारनामा कर दिखाया। विजार्ड्स 2-2 से बराबरी पर आ चुके थे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे। विजार्ड्स का यह चौथा मैच था जबकि वॉरियर्स ने अपना पांचवां मैच खेला। विजार्ड्स को दो मैचों में जीत मिली है जबकि दो मैच बराबरी पर छूटे हैं। दूसरी ओर, वॉरियर्स को तीन मैचों में हार मिली है। एक मैच उसने जीता है और एक ड्रॉ रहा है। विजार्ड्स के लिए कप्तान वीआर रघुनाथ ने 24वें और 35वें मिनट में गोल किए जबकि वॉरियर्स की ओर से 12वें मिनट में शिवेंद्र सिंह ने और 28वें मिनट में मलाक सिंह ने गोल दागे। मैच का अगाज नाटकीय अंदाज में हुआ। आठवें मिनट में धर्मवीर सिंह ने जेपी पंजाब वॉरियर्स के लिए पेनाल्टी स्ट्रोक हासिल किया। यह पेनाल्टी स्ट्रोक वॉरियर्स को हरबीर सिंह द्वारा धर्मवीर को गलत तरीसे से रोके जाने के खिलाफ मिला। विजार्ड्स के खिलाड़ी मार्क नोल्स ने यह पेनाल्टी स्ट्रोक लिया लेकिन नोल्स यह गोल नहीं कर सके। 12वें मिनट में हालांकि वॉरियर्स ने इसकी भरपाई कर ली। शिवेंद्र सिंह ने गुरमेल सिंह और एसवी सुनील द्वारा बनाए गए मूव पर गोल करके टीम को 1-0 से आगे कर दिया। अगले 12 मिनट तक दोनों टीमों के बीच गोल करने की स्पर्धा चलती रही। 23वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला, जिस पर कप्तान वीआर रघुनाथ ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब वॉरियर्स ने अपना हमला और तेज कर दिया। इस बार हमले की अगुआई अनुभवी डिफेंडर इग्नेस टिर्की ने की। इग्नेस ने 28वें मिनट में मलाक को एक ओवरहेड पास दिया, जिस पर उन्होंने खूबसूरती से गोल कर दिया। वॉरियर्स 2-1 से आगे हो चुके थे। वॉरियर्स ने अपना हमला तेज रखा और विजार्ड्स ने बराबरी करने का भरपूर प्रयास किया। दर्शकों को उच्चकोटि की हॉकी देखने को मिली।टिप्पणियां 34वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला। इस बार कप्तान रघुनाथ के पास फिर से गोल करने और अपनी टीम को मैच में दूसरी बार बराबरी पर लाने का मौका था। रघुनाथ ने 35वें मिनट में एक बार यह कारनामा कर दिखाया। विजार्ड्स 2-2 से बराबरी पर आ चुके थे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे। विजार्ड्स के लिए कप्तान वीआर रघुनाथ ने 24वें और 35वें मिनट में गोल किए जबकि वॉरियर्स की ओर से 12वें मिनट में शिवेंद्र सिंह ने और 28वें मिनट में मलाक सिंह ने गोल दागे। मैच का अगाज नाटकीय अंदाज में हुआ। आठवें मिनट में धर्मवीर सिंह ने जेपी पंजाब वॉरियर्स के लिए पेनाल्टी स्ट्रोक हासिल किया। यह पेनाल्टी स्ट्रोक वॉरियर्स को हरबीर सिंह द्वारा धर्मवीर को गलत तरीसे से रोके जाने के खिलाफ मिला। विजार्ड्स के खिलाड़ी मार्क नोल्स ने यह पेनाल्टी स्ट्रोक लिया लेकिन नोल्स यह गोल नहीं कर सके। 12वें मिनट में हालांकि वॉरियर्स ने इसकी भरपाई कर ली। शिवेंद्र सिंह ने गुरमेल सिंह और एसवी सुनील द्वारा बनाए गए मूव पर गोल करके टीम को 1-0 से आगे कर दिया। अगले 12 मिनट तक दोनों टीमों के बीच गोल करने की स्पर्धा चलती रही। 23वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला, जिस पर कप्तान वीआर रघुनाथ ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब वॉरियर्स ने अपना हमला और तेज कर दिया। इस बार हमले की अगुआई अनुभवी डिफेंडर इग्नेस टिर्की ने की। इग्नेस ने 28वें मिनट में मलाक को एक ओवरहेड पास दिया, जिस पर उन्होंने खूबसूरती से गोल कर दिया। वॉरियर्स 2-1 से आगे हो चुके थे। वॉरियर्स ने अपना हमला तेज रखा और विजार्ड्स ने बराबरी करने का भरपूर प्रयास किया। दर्शकों को उच्चकोटि की हॉकी देखने को मिली।टिप्पणियां 34वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला। इस बार कप्तान रघुनाथ के पास फिर से गोल करने और अपनी टीम को मैच में दूसरी बार बराबरी पर लाने का मौका था। रघुनाथ ने 35वें मिनट में एक बार यह कारनामा कर दिखाया। विजार्ड्स 2-2 से बराबरी पर आ चुके थे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे। मैच का अगाज नाटकीय अंदाज में हुआ। आठवें मिनट में धर्मवीर सिंह ने जेपी पंजाब वॉरियर्स के लिए पेनाल्टी स्ट्रोक हासिल किया। यह पेनाल्टी स्ट्रोक वॉरियर्स को हरबीर सिंह द्वारा धर्मवीर को गलत तरीसे से रोके जाने के खिलाफ मिला। विजार्ड्स के खिलाड़ी मार्क नोल्स ने यह पेनाल्टी स्ट्रोक लिया लेकिन नोल्स यह गोल नहीं कर सके। 12वें मिनट में हालांकि वॉरियर्स ने इसकी भरपाई कर ली। शिवेंद्र सिंह ने गुरमेल सिंह और एसवी सुनील द्वारा बनाए गए मूव पर गोल करके टीम को 1-0 से आगे कर दिया। अगले 12 मिनट तक दोनों टीमों के बीच गोल करने की स्पर्धा चलती रही। 23वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला, जिस पर कप्तान वीआर रघुनाथ ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब वॉरियर्स ने अपना हमला और तेज कर दिया। इस बार हमले की अगुआई अनुभवी डिफेंडर इग्नेस टिर्की ने की। इग्नेस ने 28वें मिनट में मलाक को एक ओवरहेड पास दिया, जिस पर उन्होंने खूबसूरती से गोल कर दिया। वॉरियर्स 2-1 से आगे हो चुके थे। वॉरियर्स ने अपना हमला तेज रखा और विजार्ड्स ने बराबरी करने का भरपूर प्रयास किया। दर्शकों को उच्चकोटि की हॉकी देखने को मिली।टिप्पणियां 34वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला। इस बार कप्तान रघुनाथ के पास फिर से गोल करने और अपनी टीम को मैच में दूसरी बार बराबरी पर लाने का मौका था। रघुनाथ ने 35वें मिनट में एक बार यह कारनामा कर दिखाया। विजार्ड्स 2-2 से बराबरी पर आ चुके थे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे। 12वें मिनट में हालांकि वॉरियर्स ने इसकी भरपाई कर ली। शिवेंद्र सिंह ने गुरमेल सिंह और एसवी सुनील द्वारा बनाए गए मूव पर गोल करके टीम को 1-0 से आगे कर दिया। अगले 12 मिनट तक दोनों टीमों के बीच गोल करने की स्पर्धा चलती रही। 23वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला, जिस पर कप्तान वीआर रघुनाथ ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब वॉरियर्स ने अपना हमला और तेज कर दिया। इस बार हमले की अगुआई अनुभवी डिफेंडर इग्नेस टिर्की ने की। इग्नेस ने 28वें मिनट में मलाक को एक ओवरहेड पास दिया, जिस पर उन्होंने खूबसूरती से गोल कर दिया। वॉरियर्स 2-1 से आगे हो चुके थे। वॉरियर्स ने अपना हमला तेज रखा और विजार्ड्स ने बराबरी करने का भरपूर प्रयास किया। दर्शकों को उच्चकोटि की हॉकी देखने को मिली।टिप्पणियां 34वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला। इस बार कप्तान रघुनाथ के पास फिर से गोल करने और अपनी टीम को मैच में दूसरी बार बराबरी पर लाने का मौका था। रघुनाथ ने 35वें मिनट में एक बार यह कारनामा कर दिखाया। विजार्ड्स 2-2 से बराबरी पर आ चुके थे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे। अगले 12 मिनट तक दोनों टीमों के बीच गोल करने की स्पर्धा चलती रही। 23वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला, जिस पर कप्तान वीआर रघुनाथ ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब वॉरियर्स ने अपना हमला और तेज कर दिया। इस बार हमले की अगुआई अनुभवी डिफेंडर इग्नेस टिर्की ने की। इग्नेस ने 28वें मिनट में मलाक को एक ओवरहेड पास दिया, जिस पर उन्होंने खूबसूरती से गोल कर दिया। वॉरियर्स 2-1 से आगे हो चुके थे। वॉरियर्स ने अपना हमला तेज रखा और विजार्ड्स ने बराबरी करने का भरपूर प्रयास किया। दर्शकों को उच्चकोटि की हॉकी देखने को मिली।टिप्पणियां 34वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला। इस बार कप्तान रघुनाथ के पास फिर से गोल करने और अपनी टीम को मैच में दूसरी बार बराबरी पर लाने का मौका था। रघुनाथ ने 35वें मिनट में एक बार यह कारनामा कर दिखाया। विजार्ड्स 2-2 से बराबरी पर आ चुके थे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे। अब वॉरियर्स ने अपना हमला और तेज कर दिया। इस बार हमले की अगुआई अनुभवी डिफेंडर इग्नेस टिर्की ने की। इग्नेस ने 28वें मिनट में मलाक को एक ओवरहेड पास दिया, जिस पर उन्होंने खूबसूरती से गोल कर दिया। वॉरियर्स 2-1 से आगे हो चुके थे। वॉरियर्स ने अपना हमला तेज रखा और विजार्ड्स ने बराबरी करने का भरपूर प्रयास किया। दर्शकों को उच्चकोटि की हॉकी देखने को मिली।टिप्पणियां 34वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला। इस बार कप्तान रघुनाथ के पास फिर से गोल करने और अपनी टीम को मैच में दूसरी बार बराबरी पर लाने का मौका था। रघुनाथ ने 35वें मिनट में एक बार यह कारनामा कर दिखाया। विजार्ड्स 2-2 से बराबरी पर आ चुके थे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे। वॉरियर्स ने अपना हमला तेज रखा और विजार्ड्स ने बराबरी करने का भरपूर प्रयास किया। दर्शकों को उच्चकोटि की हॉकी देखने को मिली।टिप्पणियां 34वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला। इस बार कप्तान रघुनाथ के पास फिर से गोल करने और अपनी टीम को मैच में दूसरी बार बराबरी पर लाने का मौका था। रघुनाथ ने 35वें मिनट में एक बार यह कारनामा कर दिखाया। विजार्ड्स 2-2 से बराबरी पर आ चुके थे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे। 34वें मिनट में विजार्ड्स को पेनाल्टी कार्नर मिला। इस बार कप्तान रघुनाथ के पास फिर से गोल करने और अपनी टीम को मैच में दूसरी बार बराबरी पर लाने का मौका था। रघुनाथ ने 35वें मिनट में एक बार यह कारनामा कर दिखाया। विजार्ड्स 2-2 से बराबरी पर आ चुके थे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे। इसके बाद 52वें और 53वें मिनट में विजार्ड्स को दो पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन रघुनाथ इस सुनहरे मौके को भुनाते हुए अपनी टीम को आगे करने में नाकाम रहे।
यहाँ एक सारांश है:जेपी पंजाब वॉरियर्स और उत्तर प्रदेश विजार्ड्स टीमों के बीच मंगलवार को सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेला गया हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) का 10वां मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन में एक करी हाउस इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस भारतीय रेस्तरां ने अपने कुख्यात किस्मत किलर करी खाने का एक मुकाबला कराया था, लेकिन इसका अंत दो प्रतिभागियों के अस्पताल में भर्ती होने के साथ हुआ। कुछ प्रतिभागियों के अस्वस्थ होने की सूचना मिलने के बाद एडिनबर्ग स्थित किस्मत रेस्तरां पहुंचे आपातकालीन सेवा के लोग इस प्रतियोगिता के समीक्षा की मांग कर रहे हैं। इस प्रतियोगिता से प्राप्त धनराशि को स्कॉटलैंड में बच्चों के लिए काम करने वाले परमार्थ संगठन चास को सौपा जाना है। ब्रिटिश रेड क्रॉस के सदस्य मौके पर मौजूद थे, लेकिन कल दो लोगों की हालत बिगड़ने पर स्कॉटिश ऐम्बुलेंस सर्विस को बुलाना पड़ा। इस प्रतियोगिता में अमेरिका की 21 वर्षीय क्यूरी किम दूसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने बीबीसी ने कहा, यह अत्यंत पीड़ादायक था। उन्होंने कहा, इतना दर्द हो रहा था कि मुझे वहां की घटनाओं के बारे में कुछ भी नहीं पता चला। अस्पताल मे मुझे दवा दी गई। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि रेस्तरां को ऐसा करना चाहिए। धन जुटाने के अनेक कम पीड़ादायक रास्ते हैं। प्रायोजक अब्दुल अली ने स्वीकार किया कि वह इतना मसाला बर्दाश्त नहीं कर सकते। अली ने कहा कि सभी भागीदार ठीक हैं। इस मुकाबले 1,000 पाउंड (1,540 डॉलर) जुटाया गया।
संक्षिप्त सारांश: कुछ प्रतिभागियों के अस्वस्थ होने की सूचना मिलने के बाद एडिनबर्ग स्थित किस्मत रेस्तरां पहुंचे आपातकालीन सेवा के लोग इस प्रतियोगिता के समीक्षा की मांग कर रहे हैं।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रेलवे ग्रुप डी के रिजल्ट (RRB Group D Result) का इंतजार कब खत्म होगा इसको लेकर रेलवे की तरफ से कोई जानकारी जारी नहीं की गई है. रेलवे भर्ती बोर्ड के एक अधिकारी ने NDTV को बताया था कि ग्रुप डी का रिजल्ट 28 फरवरी को जारी किया जाएगा. अधिकारी ने कहा था कि 27 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है. लेकिन 27 फरवरी को रिजल्ट (RRB Group D Result 2019) से संबंधित कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया. ऐसे में आज रिजल्ट जारी होगा या नहीं इसको लेकर कुछ भी कहा नहीं जा सकता है. रेलवे भर्ती बोर्ड ने एनटीपीसी (RRB NTPC) के पदों पर आवेदन शुरू होने की तारीख आगे बढ़ा दी है. अब 1 मार्च से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी. रेलवे 1 लाख 30 हजार पदों पर भर्ती करेगा. बता दें कि रेलवे अभी तक ग्रुप सी और ग्रुप डी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया है. ग्रुप सी एएलपी, टेक्नीशियन के पदों पर पहले स्टेज की परीक्षा का रिजल्ट (RRB Result 2018-19) जारी होना है. जिसके बाद दूसरे स्टेज की परीक्षा होगी. इसी तरह ग्रुप डी का रिजल्ट जारी होने के बाद दूसरे स्टेज की परीक्षा होनी है. आपको बता दें कि रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) ने ग्रुप डी के 62 हजार 907 पदों पर भर्ती के लिए 9 फरवरी 2018 को नोटिफिकेशन जारी किया था. ग्रुप डी की परीक्षा 17 सितंबर से लेकर 17 दिसंबर 2018 तक हुई थी. 1 साल होने के बाद भी ग्रुप डी की पहले स्टेज की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है. उम्मीदवार डेस्कटॉप के अलावा मोबाइल पर भी अपना रिजल्ट (RRB Group D Result) चेक कर सकते हैं. रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवारों को नीचे दिए गए 3 स्टेप्स को फॉलों करना होगा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: परीक्षा का रिजल्ट जल्द जारी होगा. रिजल्ट से संबंधित नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं किया गया है. ग्रुप डी के रिजल्ट का उम्मीदवारों को लंबे समय से इंतजार है.
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अखिलेश यादव सरकार पर दबाव बनाते हुए उत्तर प्रदेश के आईएएस अधिकारी अपनी उस महिला सहयोगी के साथ एकजुट हो गए हैं जिसे खनन माफिया के खिलाफ अभियान चलाने के बाद निलंबित किया गया है। आईएसएस अधिकारियों ने उसके निलंबन आदेश को वापस लेने की मांग की है। इस मामले पर मुख्यमंत्री ने गौर करने का आश्वासन दिया है। इस मुद्दे के विवाद में तब्दील होने जाने के बीच कर्नाटक दौरे पर गए अखिलेश ने चित्रदुर्ग में कहा, ‘मैं जब वापस लौटूंगा तो इस मुद्दे पर गौर करूंगा। निलंबन पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।’ उन्होंने यह बात संवाददाताओं के इस सवाल के जवाब में कही कि क्या वह निलंबन आदेश को वापस लेंगे। पंजाब काडर की 2009 बैच की आईएएस अधिकारी एवं गौतमबुद्ध नगर में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) 28 वर्षीय दुर्गा शक्ति नागपाल को कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना एक मस्जिद की दीवार गिराने का आदेश देने के बाद निलंबित कर दिया गया था। टिप्पणियां दुर्गाशक्ति के निलम्बन के मुद्दे को लेकर आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लखनऊ में कार्यवाहक मुख्य सचिव आलोक रंजन से मुलाकात की और उनके निलंबन को फौरन वापस लेने की मांग की। इस दौरान उनके साथ दुर्गाशक्ति भी मौजूद थीं। रंजन ने मुलाकात के दौरान कहा कि वह मामले को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेंगलुरू से लौटने के बाद उनके समक्ष रखेंगे। अखिलेश इस वक्त कर्नाटक में हैं। इस मुद्दे के विवाद में तब्दील होने जाने के बीच कर्नाटक दौरे पर गए अखिलेश ने चित्रदुर्ग में कहा, ‘मैं जब वापस लौटूंगा तो इस मुद्दे पर गौर करूंगा। निलंबन पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।’ उन्होंने यह बात संवाददाताओं के इस सवाल के जवाब में कही कि क्या वह निलंबन आदेश को वापस लेंगे। पंजाब काडर की 2009 बैच की आईएएस अधिकारी एवं गौतमबुद्ध नगर में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) 28 वर्षीय दुर्गा शक्ति नागपाल को कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना एक मस्जिद की दीवार गिराने का आदेश देने के बाद निलंबित कर दिया गया था। टिप्पणियां दुर्गाशक्ति के निलम्बन के मुद्दे को लेकर आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लखनऊ में कार्यवाहक मुख्य सचिव आलोक रंजन से मुलाकात की और उनके निलंबन को फौरन वापस लेने की मांग की। इस दौरान उनके साथ दुर्गाशक्ति भी मौजूद थीं। रंजन ने मुलाकात के दौरान कहा कि वह मामले को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेंगलुरू से लौटने के बाद उनके समक्ष रखेंगे। अखिलेश इस वक्त कर्नाटक में हैं। पंजाब काडर की 2009 बैच की आईएएस अधिकारी एवं गौतमबुद्ध नगर में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) 28 वर्षीय दुर्गा शक्ति नागपाल को कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना एक मस्जिद की दीवार गिराने का आदेश देने के बाद निलंबित कर दिया गया था। टिप्पणियां दुर्गाशक्ति के निलम्बन के मुद्दे को लेकर आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लखनऊ में कार्यवाहक मुख्य सचिव आलोक रंजन से मुलाकात की और उनके निलंबन को फौरन वापस लेने की मांग की। इस दौरान उनके साथ दुर्गाशक्ति भी मौजूद थीं। रंजन ने मुलाकात के दौरान कहा कि वह मामले को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेंगलुरू से लौटने के बाद उनके समक्ष रखेंगे। अखिलेश इस वक्त कर्नाटक में हैं। दुर्गाशक्ति के निलम्बन के मुद्दे को लेकर आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लखनऊ में कार्यवाहक मुख्य सचिव आलोक रंजन से मुलाकात की और उनके निलंबन को फौरन वापस लेने की मांग की। इस दौरान उनके साथ दुर्गाशक्ति भी मौजूद थीं। रंजन ने मुलाकात के दौरान कहा कि वह मामले को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेंगलुरू से लौटने के बाद उनके समक्ष रखेंगे। अखिलेश इस वक्त कर्नाटक में हैं। रंजन ने मुलाकात के दौरान कहा कि वह मामले को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेंगलुरू से लौटने के बाद उनके समक्ष रखेंगे। अखिलेश इस वक्त कर्नाटक में हैं।
संक्षिप्त सारांश: अखिलेश यादव सरकार पर दबाव बनाते हुए उत्तर प्रदेश के आईएएस अधिकारी अपनी उस महिला सहयोगी के साथ एकजुट हो गए हैं जिसे खनन माफिया के खिलाफ अभियान चलाने के बाद निलंबित किया गया है।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुम्बई में 13 साल की रेप पीडित के गर्भपात के मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट नहीं आई है. महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि अभी तक मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट नहीं आ पाई है. अब सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को मामले की सुनवाई करेगा. पढ़ें-  हैदराबाद : गर्भपात में लापरवाही बरती, छात्रा की मौत, डॉक्टर और प्रेमी हिरासत में इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मुम्बई में बरसात के चलते बच्ची का मेडिकल परीक्षण तय दिन में नही हो पाया था. इसके बाद 2 सितम्बर को पीड़ित का मेडिकल परीक्षण हुआ था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई स्थित सर जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड को गर्भपात के लिए परीक्षण कर पांच सितंबर को रिपोर्ट देने को कहा था. 30 अगस्त  को जस्टिस एस ए बोबडे और एल नागेश्वर राय की बेंच ने कहा था कि ये परीक्षण दो सितंबर को किया जाएगा बच्ची की मां की ओर से 30 हफ्ते के गर्भ का गर्भपात कराने की अर्जी दाखिल की है. दरअसल 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने 13 वर्षीय रेप पीड़ित गर्भवती लड़की के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए सोमवार को एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया था. यह नाबालिग लड़की 30 सप्ताह की गर्भवती थी जो अब 31 वें सप्ताह में पहुंच चुका है. बेंच ने इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त के लिए तय करते हुए कहा था कि यह बोर्ड याचिकाकर्ता की बेटी की स्थिति और गर्भपात के बारे में सलाह देगा. टिप्पणियां इस बीच, कोर्ट ने बगैर खोपड़ी वाले 24 सप्ताह के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति के लिए दायर याचिका पर उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था.  साथ ही इसकी एक प्रति सॉलिसीटर जनरल के पास भेजने का भी निर्देश दिया. वहीं सुनवाई के दौरान SG रंजीत कुमार ने कोर्ट को बताया था कि केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र जारी कर कहा गया है कि वो ऐसे मामलों में फौरन फैसला लेने के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन करें जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल विशेषज्ञ के अलावा रेडियोलॉजी, सोनोग्राफी समेत सभी मुख्य विभागों के विशेषज्ञ हों. SG ने कोर्ट को इस एडवायजरी की प्रति भी दी और बताया कि चंडीगढ के एक ऐसे ही मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने केंद्र से सभी राज्यों में मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए कहा था.  पढ़ें-  हैदराबाद : गर्भपात में लापरवाही बरती, छात्रा की मौत, डॉक्टर और प्रेमी हिरासत में इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मुम्बई में बरसात के चलते बच्ची का मेडिकल परीक्षण तय दिन में नही हो पाया था. इसके बाद 2 सितम्बर को पीड़ित का मेडिकल परीक्षण हुआ था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई स्थित सर जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड को गर्भपात के लिए परीक्षण कर पांच सितंबर को रिपोर्ट देने को कहा था. 30 अगस्त  को जस्टिस एस ए बोबडे और एल नागेश्वर राय की बेंच ने कहा था कि ये परीक्षण दो सितंबर को किया जाएगा बच्ची की मां की ओर से 30 हफ्ते के गर्भ का गर्भपात कराने की अर्जी दाखिल की है. दरअसल 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने 13 वर्षीय रेप पीड़ित गर्भवती लड़की के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए सोमवार को एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया था. यह नाबालिग लड़की 30 सप्ताह की गर्भवती थी जो अब 31 वें सप्ताह में पहुंच चुका है. बेंच ने इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त के लिए तय करते हुए कहा था कि यह बोर्ड याचिकाकर्ता की बेटी की स्थिति और गर्भपात के बारे में सलाह देगा. टिप्पणियां इस बीच, कोर्ट ने बगैर खोपड़ी वाले 24 सप्ताह के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति के लिए दायर याचिका पर उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था.  साथ ही इसकी एक प्रति सॉलिसीटर जनरल के पास भेजने का भी निर्देश दिया. वहीं सुनवाई के दौरान SG रंजीत कुमार ने कोर्ट को बताया था कि केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र जारी कर कहा गया है कि वो ऐसे मामलों में फौरन फैसला लेने के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन करें जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल विशेषज्ञ के अलावा रेडियोलॉजी, सोनोग्राफी समेत सभी मुख्य विभागों के विशेषज्ञ हों. SG ने कोर्ट को इस एडवायजरी की प्रति भी दी और बताया कि चंडीगढ के एक ऐसे ही मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने केंद्र से सभी राज्यों में मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए कहा था.  इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मुम्बई में बरसात के चलते बच्ची का मेडिकल परीक्षण तय दिन में नही हो पाया था. इसके बाद 2 सितम्बर को पीड़ित का मेडिकल परीक्षण हुआ था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई स्थित सर जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड को गर्भपात के लिए परीक्षण कर पांच सितंबर को रिपोर्ट देने को कहा था. 30 अगस्त  को जस्टिस एस ए बोबडे और एल नागेश्वर राय की बेंच ने कहा था कि ये परीक्षण दो सितंबर को किया जाएगा बच्ची की मां की ओर से 30 हफ्ते के गर्भ का गर्भपात कराने की अर्जी दाखिल की है. दरअसल 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने 13 वर्षीय रेप पीड़ित गर्भवती लड़की के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए सोमवार को एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया था. यह नाबालिग लड़की 30 सप्ताह की गर्भवती थी जो अब 31 वें सप्ताह में पहुंच चुका है. बेंच ने इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त के लिए तय करते हुए कहा था कि यह बोर्ड याचिकाकर्ता की बेटी की स्थिति और गर्भपात के बारे में सलाह देगा. टिप्पणियां इस बीच, कोर्ट ने बगैर खोपड़ी वाले 24 सप्ताह के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति के लिए दायर याचिका पर उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था.  साथ ही इसकी एक प्रति सॉलिसीटर जनरल के पास भेजने का भी निर्देश दिया. वहीं सुनवाई के दौरान SG रंजीत कुमार ने कोर्ट को बताया था कि केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र जारी कर कहा गया है कि वो ऐसे मामलों में फौरन फैसला लेने के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन करें जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल विशेषज्ञ के अलावा रेडियोलॉजी, सोनोग्राफी समेत सभी मुख्य विभागों के विशेषज्ञ हों. SG ने कोर्ट को इस एडवायजरी की प्रति भी दी और बताया कि चंडीगढ के एक ऐसे ही मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने केंद्र से सभी राज्यों में मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए कहा था.  दरअसल 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने 13 वर्षीय रेप पीड़ित गर्भवती लड़की के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए सोमवार को एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया था. यह नाबालिग लड़की 30 सप्ताह की गर्भवती थी जो अब 31 वें सप्ताह में पहुंच चुका है. बेंच ने इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त के लिए तय करते हुए कहा था कि यह बोर्ड याचिकाकर्ता की बेटी की स्थिति और गर्भपात के बारे में सलाह देगा. टिप्पणियां इस बीच, कोर्ट ने बगैर खोपड़ी वाले 24 सप्ताह के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति के लिए दायर याचिका पर उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था.  साथ ही इसकी एक प्रति सॉलिसीटर जनरल के पास भेजने का भी निर्देश दिया. वहीं सुनवाई के दौरान SG रंजीत कुमार ने कोर्ट को बताया था कि केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र जारी कर कहा गया है कि वो ऐसे मामलों में फौरन फैसला लेने के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन करें जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल विशेषज्ञ के अलावा रेडियोलॉजी, सोनोग्राफी समेत सभी मुख्य विभागों के विशेषज्ञ हों. SG ने कोर्ट को इस एडवायजरी की प्रति भी दी और बताया कि चंडीगढ के एक ऐसे ही मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने केंद्र से सभी राज्यों में मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए कहा था.  इस बीच, कोर्ट ने बगैर खोपड़ी वाले 24 सप्ताह के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति के लिए दायर याचिका पर उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था.  साथ ही इसकी एक प्रति सॉलिसीटर जनरल के पास भेजने का भी निर्देश दिया. वहीं सुनवाई के दौरान SG रंजीत कुमार ने कोर्ट को बताया था कि केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र जारी कर कहा गया है कि वो ऐसे मामलों में फौरन फैसला लेने के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन करें जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल विशेषज्ञ के अलावा रेडियोलॉजी, सोनोग्राफी समेत सभी मुख्य विभागों के विशेषज्ञ हों. SG ने कोर्ट को इस एडवायजरी की प्रति भी दी और बताया कि चंडीगढ के एक ऐसे ही मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने केंद्र से सभी राज्यों में मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए कहा था.  SG ने कोर्ट को इस एडवायजरी की प्रति भी दी और बताया कि चंडीगढ के एक ऐसे ही मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने केंद्र से सभी राज्यों में मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए कहा था.
संक्षिप्त सारांश: 13 साल की रेप पीडित के गर्भपात के मामले में मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है इसलिए मामले की कोर्ट में सुनवाई टल गई है सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को मामले की सुनवाई करेगा.
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश भर में पांच करोड़ लोगों को अपने साथ जोड़ने के लक्ष्य के साथ सदस्यता अभियान शुरू करने वाली कांग्रेस ने इसके लिए एक विशेष ऐप तैयार किया है जिसके तहत वह अपने नए सदस्यों का विस्तृत डेटाबेस तैयार करेगी. यह डेटाबेस नए सदस्यों के वर्ग और पेशे के आधार पर तैयार किया जाएगा. सदस्यता अभियान से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की ओर से तैयार कराए गए इस ऐप का नाम ''ऑफीशियल आईएनसी मेम्बरशिप'' है जिसकी शुरुआत आगामी चार नवम्बर को हो सकती है. इस ऐप को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मंजूरी भी मिल गयी है. यह ऐप तैयार करने वाली टीम के एक पदाधिकारी ने कहा, ''कांग्रेस भाजपा की तरह मिस्ड कॉल के जरिये नहीं, बल्कि इस ऐप के माध्यम से वास्तविक सदस्य बनाना चाहती है.'' इस ऐप के जरिये सदस्यता अभियान की शुरुआत सबसे पहले छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और गोवा में होगी. फिर देश के दूसरे राज्यों में इसका विस्तार किया जाएगा. इस ऐप के माध्यम से कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले व्यक्ति का पहले फोन नम्बर डाला जाएगा और फिर उसकी तस्वीर ली जाएगी. बाद में वर्ग और पेशे के विकल्पों में से संबंधित विकल्प को भरने के बाद उसके सदस्यता फॉर्म को सबमिट कर दिया जाएगा. ऐप में 'सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और अन्य' के तहत नए सदस्यों को अपने वर्ग का उल्लेख करना होगा. कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ''पार्टी अपने सदस्यों का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार करना चाहती है. इसलिए इस ऐप के जरिये सदस्यों के वर्ग और पेशे की भी जानकारी ली जाएगी.'' पार्टी कार्यकर्ता डोर टू डोर संपर्क कर इस ऐप के माध्यम से लोगों को पार्टी से जोड़ेंगे. कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल की निगरानी में पार्टी व्यापक सदस्यता अभियान चला रही है, जिसके तहत नए पांच करोड़ सदस्यों को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इस अभियान में फर्जी सदस्यता से बचने के लिए ही डिजिटल प्रणाली का सहारा लिया जा रहा है. वेणुगोपाल ने हाल ही में पार्टी नेताओं को महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड को छोड़कर सभी राज्यों में सदस्यता के लिए डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने के लिए कहा है. इन तीनों राज्यों में चुनाव के मद्देनजर वेणुगोपाल ने यहां फिलहाल सदस्यता अभियान नहीं चलाने को कहा था. पिछले दिनों महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए. झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों मे चुनाव होना है. कांग्रेस ने इससे पहले सदस्यता अभियान लोकसभा चुनाव से पहले चलाया गया था. मौजूदा समय में कांग्रेस के करीब तीन करोड़ सदस्य हैं.
सदस्यता अभियान शुरू करने वाली है कांग्रेस पांच करोड़ लोगों को अपने साथ जोड़ने के लक्ष्य इसके लिए एक विशेष ऐप तैयार किया है
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को प्रख्यात अधिवक्ता एवं पार्टी के राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी को कारण बताओ नोटिस भेजा। इसमें उनसे पूछा गया है कि क्यों न उनको छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए। भाजपा नेता अनंत कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "संसदीय बोर्ड ने राम जेठमलानी की पार्टी विरोधी गतिविधियों पर चर्चा की। बैठक में अनुशासन भंग करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से जेठमलानी को निलंबित किए जाने के पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के फैसले को उचित पाया गया।" उन्होंने कहा, "हमने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी भेजा है जिसमें उनसे पूछा गया है कि क्यों न उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया जाए।" गौरतलब है कि भाजपा ने रविवार को अनुशासन भंग करने और पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ बोलने के कारण जेठमलानी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलम्बित कर दिया। टिप्पणियां जेठमलानी ने शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करने पर अपनी पार्टी के रवैये की आलोचना की थी। इससे पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता अरुण जेटली एवं सुषमा स्वराज ने सिन्हा की नियुक्त पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की थी। भाजपा नेताओं ने नियुक्ति रद्द कर लोकपाल पर संसद की प्रवर समिति की अनुशंसा के आधार पर करने की मांग की थी। भाजपा नेता अनंत कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "संसदीय बोर्ड ने राम जेठमलानी की पार्टी विरोधी गतिविधियों पर चर्चा की। बैठक में अनुशासन भंग करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से जेठमलानी को निलंबित किए जाने के पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के फैसले को उचित पाया गया।" उन्होंने कहा, "हमने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी भेजा है जिसमें उनसे पूछा गया है कि क्यों न उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया जाए।" गौरतलब है कि भाजपा ने रविवार को अनुशासन भंग करने और पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ बोलने के कारण जेठमलानी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलम्बित कर दिया। टिप्पणियां जेठमलानी ने शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करने पर अपनी पार्टी के रवैये की आलोचना की थी। इससे पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता अरुण जेटली एवं सुषमा स्वराज ने सिन्हा की नियुक्त पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की थी। भाजपा नेताओं ने नियुक्ति रद्द कर लोकपाल पर संसद की प्रवर समिति की अनुशंसा के आधार पर करने की मांग की थी। गौरतलब है कि भाजपा ने रविवार को अनुशासन भंग करने और पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ बोलने के कारण जेठमलानी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलम्बित कर दिया। टिप्पणियां जेठमलानी ने शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करने पर अपनी पार्टी के रवैये की आलोचना की थी। इससे पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता अरुण जेटली एवं सुषमा स्वराज ने सिन्हा की नियुक्त पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की थी। भाजपा नेताओं ने नियुक्ति रद्द कर लोकपाल पर संसद की प्रवर समिति की अनुशंसा के आधार पर करने की मांग की थी। जेठमलानी ने शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुख की नियुक्ति का विरोध करने पर अपनी पार्टी के रवैये की आलोचना की थी। इससे पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता अरुण जेटली एवं सुषमा स्वराज ने सिन्हा की नियुक्त पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की थी। भाजपा नेताओं ने नियुक्ति रद्द कर लोकपाल पर संसद की प्रवर समिति की अनुशंसा के आधार पर करने की मांग की थी। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता अरुण जेटली एवं सुषमा स्वराज ने सिन्हा की नियुक्त पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की थी। भाजपा नेताओं ने नियुक्ति रद्द कर लोकपाल पर संसद की प्रवर समिति की अनुशंसा के आधार पर करने की मांग की थी।
सारांश: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को प्रख्यात अधिवक्ता एवं पार्टी के राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी को कारण बताओ नोटिस भेजा। इसमें उनसे पूछा गया है कि क्यों न उनको छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: टोयोटा यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप में मुंबई का सामना जामिया से हुआ। इस मैच में मुंबई की स्टार टीम को हार झेलनी पड़ी। जामिया ने उन्हें पांच विकेट से हरा दिया। मुंबई यूनिवर्सिटी के जयदीप परदेसी ने टोयोटा यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप का पहला चौका लगाया। जामिया यूनिवर्सिटी के अभय नेगी ने चौथे ओवर में मुंबई को बड़ा झटका दिया। इस ओवर में मुंबई के दो विकेट गिर गए। इसके बाद मुंबई के कप्तान सिद्देश लाड ने 22 रनों का योगदान दिया। यहां से पंकज जायसवाल ने मुंबई की पारी संभाली। बाएं हाथ के इस युवा ने मैदान के चारों तरफ जोरदार शाट्स लगाए। पंकज जायसवाल और शशांक सिंह ने चौथे विकेट लिए 62 रन जोड़े। इसके बाद मुंबई के विकेट जल्दी जल्दी गिरे लेकिन पंकज जायसवाल 20वें ओवर तक टिके रहे। 43 गेंदों पर पंकज ने 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से नॉटआउट 75 बनाए। इसके चलते मुंबई यूनिवर्सिटी 20 ओवर में 172 रन बना सकी। 172 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत धीमी रही। अमित वर्मा और शिवेंद्र पाल ने पहले चार ओवरों में महज 19 रन जोड़े। इसके बाद दोनों बल्लेबाज़ों ने खुलकर हाथ दिखाए।टिप्पणियां नौवें ओवर में जब शिवेंद्र पाल आउट हुए तब तक जामिया ने 64 रन बना लिए थे। इसके बाद अमित वर्मा और टीम के कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ दिए। अमित वर्मा ने 43 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। लेकिन जामिया को इस मैच में जीत तक पहुंचाने का कारनामा टीम के कप्तान प्रवीण यादव के नाम ही रहा। उन्होंने पहले तो 23 गेंदों पर अपनी हॉफ सेंचुरी पूरी की और इसके बाद जामिया के लिए जीत बेहद मुश्किल नहीं रही। मुंबई यूनिवर्सिटी के जयदीप परदेसी ने टोयोटा यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप का पहला चौका लगाया। जामिया यूनिवर्सिटी के अभय नेगी ने चौथे ओवर में मुंबई को बड़ा झटका दिया। इस ओवर में मुंबई के दो विकेट गिर गए। इसके बाद मुंबई के कप्तान सिद्देश लाड ने 22 रनों का योगदान दिया। यहां से पंकज जायसवाल ने मुंबई की पारी संभाली। बाएं हाथ के इस युवा ने मैदान के चारों तरफ जोरदार शाट्स लगाए। पंकज जायसवाल और शशांक सिंह ने चौथे विकेट लिए 62 रन जोड़े। इसके बाद मुंबई के विकेट जल्दी जल्दी गिरे लेकिन पंकज जायसवाल 20वें ओवर तक टिके रहे। 43 गेंदों पर पंकज ने 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से नॉटआउट 75 बनाए। इसके चलते मुंबई यूनिवर्सिटी 20 ओवर में 172 रन बना सकी। 172 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत धीमी रही। अमित वर्मा और शिवेंद्र पाल ने पहले चार ओवरों में महज 19 रन जोड़े। इसके बाद दोनों बल्लेबाज़ों ने खुलकर हाथ दिखाए।टिप्पणियां नौवें ओवर में जब शिवेंद्र पाल आउट हुए तब तक जामिया ने 64 रन बना लिए थे। इसके बाद अमित वर्मा और टीम के कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ दिए। अमित वर्मा ने 43 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। लेकिन जामिया को इस मैच में जीत तक पहुंचाने का कारनामा टीम के कप्तान प्रवीण यादव के नाम ही रहा। उन्होंने पहले तो 23 गेंदों पर अपनी हॉफ सेंचुरी पूरी की और इसके बाद जामिया के लिए जीत बेहद मुश्किल नहीं रही। जामिया यूनिवर्सिटी के अभय नेगी ने चौथे ओवर में मुंबई को बड़ा झटका दिया। इस ओवर में मुंबई के दो विकेट गिर गए। इसके बाद मुंबई के कप्तान सिद्देश लाड ने 22 रनों का योगदान दिया। यहां से पंकज जायसवाल ने मुंबई की पारी संभाली। बाएं हाथ के इस युवा ने मैदान के चारों तरफ जोरदार शाट्स लगाए। पंकज जायसवाल और शशांक सिंह ने चौथे विकेट लिए 62 रन जोड़े। इसके बाद मुंबई के विकेट जल्दी जल्दी गिरे लेकिन पंकज जायसवाल 20वें ओवर तक टिके रहे। 43 गेंदों पर पंकज ने 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से नॉटआउट 75 बनाए। इसके चलते मुंबई यूनिवर्सिटी 20 ओवर में 172 रन बना सकी। 172 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत धीमी रही। अमित वर्मा और शिवेंद्र पाल ने पहले चार ओवरों में महज 19 रन जोड़े। इसके बाद दोनों बल्लेबाज़ों ने खुलकर हाथ दिखाए।टिप्पणियां नौवें ओवर में जब शिवेंद्र पाल आउट हुए तब तक जामिया ने 64 रन बना लिए थे। इसके बाद अमित वर्मा और टीम के कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ दिए। अमित वर्मा ने 43 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। लेकिन जामिया को इस मैच में जीत तक पहुंचाने का कारनामा टीम के कप्तान प्रवीण यादव के नाम ही रहा। उन्होंने पहले तो 23 गेंदों पर अपनी हॉफ सेंचुरी पूरी की और इसके बाद जामिया के लिए जीत बेहद मुश्किल नहीं रही। इसके बाद मुंबई के कप्तान सिद्देश लाड ने 22 रनों का योगदान दिया। यहां से पंकज जायसवाल ने मुंबई की पारी संभाली। बाएं हाथ के इस युवा ने मैदान के चारों तरफ जोरदार शाट्स लगाए। पंकज जायसवाल और शशांक सिंह ने चौथे विकेट लिए 62 रन जोड़े। इसके बाद मुंबई के विकेट जल्दी जल्दी गिरे लेकिन पंकज जायसवाल 20वें ओवर तक टिके रहे। 43 गेंदों पर पंकज ने 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से नॉटआउट 75 बनाए। इसके चलते मुंबई यूनिवर्सिटी 20 ओवर में 172 रन बना सकी। 172 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत धीमी रही। अमित वर्मा और शिवेंद्र पाल ने पहले चार ओवरों में महज 19 रन जोड़े। इसके बाद दोनों बल्लेबाज़ों ने खुलकर हाथ दिखाए।टिप्पणियां नौवें ओवर में जब शिवेंद्र पाल आउट हुए तब तक जामिया ने 64 रन बना लिए थे। इसके बाद अमित वर्मा और टीम के कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ दिए। अमित वर्मा ने 43 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। लेकिन जामिया को इस मैच में जीत तक पहुंचाने का कारनामा टीम के कप्तान प्रवीण यादव के नाम ही रहा। उन्होंने पहले तो 23 गेंदों पर अपनी हॉफ सेंचुरी पूरी की और इसके बाद जामिया के लिए जीत बेहद मुश्किल नहीं रही। पंकज जायसवाल और शशांक सिंह ने चौथे विकेट लिए 62 रन जोड़े। इसके बाद मुंबई के विकेट जल्दी जल्दी गिरे लेकिन पंकज जायसवाल 20वें ओवर तक टिके रहे। 43 गेंदों पर पंकज ने 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से नॉटआउट 75 बनाए। इसके चलते मुंबई यूनिवर्सिटी 20 ओवर में 172 रन बना सकी। 172 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत धीमी रही। अमित वर्मा और शिवेंद्र पाल ने पहले चार ओवरों में महज 19 रन जोड़े। इसके बाद दोनों बल्लेबाज़ों ने खुलकर हाथ दिखाए।टिप्पणियां नौवें ओवर में जब शिवेंद्र पाल आउट हुए तब तक जामिया ने 64 रन बना लिए थे। इसके बाद अमित वर्मा और टीम के कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ दिए। अमित वर्मा ने 43 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। लेकिन जामिया को इस मैच में जीत तक पहुंचाने का कारनामा टीम के कप्तान प्रवीण यादव के नाम ही रहा। उन्होंने पहले तो 23 गेंदों पर अपनी हॉफ सेंचुरी पूरी की और इसके बाद जामिया के लिए जीत बेहद मुश्किल नहीं रही। इसके बाद मुंबई के विकेट जल्दी जल्दी गिरे लेकिन पंकज जायसवाल 20वें ओवर तक टिके रहे। 43 गेंदों पर पंकज ने 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से नॉटआउट 75 बनाए। इसके चलते मुंबई यूनिवर्सिटी 20 ओवर में 172 रन बना सकी। 172 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत धीमी रही। अमित वर्मा और शिवेंद्र पाल ने पहले चार ओवरों में महज 19 रन जोड़े। इसके बाद दोनों बल्लेबाज़ों ने खुलकर हाथ दिखाए।टिप्पणियां नौवें ओवर में जब शिवेंद्र पाल आउट हुए तब तक जामिया ने 64 रन बना लिए थे। इसके बाद अमित वर्मा और टीम के कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ दिए। अमित वर्मा ने 43 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। लेकिन जामिया को इस मैच में जीत तक पहुंचाने का कारनामा टीम के कप्तान प्रवीण यादव के नाम ही रहा। उन्होंने पहले तो 23 गेंदों पर अपनी हॉफ सेंचुरी पूरी की और इसके बाद जामिया के लिए जीत बेहद मुश्किल नहीं रही। 172 रनों का पीछा करने उतरी जामिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत धीमी रही। अमित वर्मा और शिवेंद्र पाल ने पहले चार ओवरों में महज 19 रन जोड़े। इसके बाद दोनों बल्लेबाज़ों ने खुलकर हाथ दिखाए।टिप्पणियां नौवें ओवर में जब शिवेंद्र पाल आउट हुए तब तक जामिया ने 64 रन बना लिए थे। इसके बाद अमित वर्मा और टीम के कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ दिए। अमित वर्मा ने 43 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। लेकिन जामिया को इस मैच में जीत तक पहुंचाने का कारनामा टीम के कप्तान प्रवीण यादव के नाम ही रहा। उन्होंने पहले तो 23 गेंदों पर अपनी हॉफ सेंचुरी पूरी की और इसके बाद जामिया के लिए जीत बेहद मुश्किल नहीं रही। नौवें ओवर में जब शिवेंद्र पाल आउट हुए तब तक जामिया ने 64 रन बना लिए थे। इसके बाद अमित वर्मा और टीम के कप्तान प्रवीण सिंह यादव ने दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ दिए। अमित वर्मा ने 43 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। लेकिन जामिया को इस मैच में जीत तक पहुंचाने का कारनामा टीम के कप्तान प्रवीण यादव के नाम ही रहा। उन्होंने पहले तो 23 गेंदों पर अपनी हॉफ सेंचुरी पूरी की और इसके बाद जामिया के लिए जीत बेहद मुश्किल नहीं रही। अमित वर्मा ने 43 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। लेकिन जामिया को इस मैच में जीत तक पहुंचाने का कारनामा टीम के कप्तान प्रवीण यादव के नाम ही रहा। उन्होंने पहले तो 23 गेंदों पर अपनी हॉफ सेंचुरी पूरी की और इसके बाद जामिया के लिए जीत बेहद मुश्किल नहीं रही।
यह एक सारांश है: टोयोटा यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप में मुंबई का सामना जामिया से हुआ। इस मैच में मुंबई की स्टार टीम को हार झेलनी पड़ी। जामिया ने उन्हें पांच विकेट से हरा दिया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री की मंगलवार को भारतीय क्रिकेट के मुख्य पटल पर उस वक्त शानदार वापसी हुई जब उनको टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है. एक साल पहले उनको बड़े ही अप्रत्याशित ढंग से बाहर जाना पड़ा था. शास्त्री पूर्व स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले का स्थान लेंगे जिन्होंने कप्तान विराट कोहली के साथ मतभेदों के बाद पिछले दिनों कोच का पद छोड़ दिया था. कुंबले और कोहली के मतभेदों की खूब चर्चा हुई थी.  भारतीय टीम की गेंदबाजी खासकर पेस बैट्री को मजबूत बनाने के मकसद से पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को गेंदबाजी का कोच बनाया गया है. किसी समय टीम इंडिया की ‘दीवार’ रहे द्रविड़ को बल्लेबाजी सलाहकार बनाया गया है, हालांकि वह कुछ खास विदेशी दौरों पर ही वह इस भूमिका का निर्वहन करेंगे.  बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने इस नियुक्ति की पुष्टि करते हुए कहा, "क्रिकेट सलाहकर समिति की सिफारिश पर हमने रवि शास्त्री को मुख्य कोच नियुक्त करने का फैसला किया है जबकि जहीर खान को दो साल के लिए गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया है." शास्त्री तीसरी बार अधिकारी के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़े हैं. इससे पहले वह 2007 में बांग्लादेश दौरे के दौरान क्रिकेट मैनेजर थे और इसके बाद अगस्त 2014 से जून 2016 तक उन्हें टीम निदेशक बनाया गया जिस दौरान भारत ने श्रीलंका के खिलाफ उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती और 2015 विश्व कप तथा 2016 विश्व टी20 के सेमीफाइनल में जगह बनाई. टीम इंडिया के नए कोच के चयन को लेकर आज दिनभर गहमागहमी चलती रही. दिन में पहले रवि शास्त्री को टीम इंडिया का कोच बनाए जाने की खबर आई थी लेकिन देर शाम बीसीसीआई की ओर से इसका खंडन आ गया. बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने साफ किया कि नए कोच को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है. जैसे ही कोई फैसला लिया जाएगा, जानकारी दी जाएगी. हालांकि देर रात रवि शास्त्री को टीम इंडिया का हेड कोच और जहीर खान को बॉलिंग कोच नियुक्त किए जाने की बीसीआई ने पुष्टि कर दी. विदेशी दौरों के लिए राहुल द्रविड़ बैटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किए गए हैं.   गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर बाद रवि शास्‍त्री को टीम इंडिया का कोच चुने जाने की खबरें आईं. इन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद बीसीसीआई सचिव चौधरी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस बुलाकर बोर्ड का रुख स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि कोच नियुक्ति संबंधी खबरें सही नहीं हैं. क्रिकेट सलाहकार समिति के तीन दिग्‍गज सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्‍मण ही इस संबंध में कोई फैसला लेंगे और चयन हो जाने के बाद मीडिया को जानकारी दी जाएगी.टिप्पणियां भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के चयन में एक और मोड़ आ गया था, जब सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कामकाज देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बोर्ड से कहा था कि राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के नाम की घोषणा आज ही (मंगलवार को) की जाए. सूत्रों की मानें तो सीओए मानना था कि कोच के नाम की घोषणा के लिए किसी का इंतजार नहीं किया जाए और क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) अपना फैसला बोर्ड को बताए.   गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय सीएसी ने सोमवार को कोच चयन को नाटकीय मोड़ देते हुए अपना फैसला रोक लिया था और कहा था कि वह टीम के कप्तान विराट कोहली से बात करने के बाद कोच के नाम का ऐलान करेगी.   सीएसी ने सोमवार को पांच लोगों के इंटरव्यू लिए थे. इन पांच लोगों में रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत और टॉम मूडी शामिल रहे.   गांगुली ने सोमवार को कोच पद के लिए इंटरव्यू लेने के बाद कहा था, "हमने फैसला किया है कि हम कुछ समय के लिए कोच पद के नाम की घोषणा को रोकेंगे. हमें इसके लिए कुछ और दिनों की जरूरत है और साथ ही हम कुछ संबंधित लोगों से बात करना चाहते हैं. इसके बाद हम अंतिम फैसला लेते हुए कोच के नाम का ऐलान करेंगे. हम इस समय किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं."   दरअसल, सीओए के अध्यक्ष विनोद राय हैं और इसके सदस्यों में विक्रम लिमिए और डायना इडुल्जी शामिल हैं. कोच की दौड़ में शास्त्री का नाम सबसे आगे माना जा रहा था. इसकी वजह कप्तान कोहली और शास्त्री के संबंध थे. कोहली, शास्त्री के पक्ष में खड़े थे.   गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने कप्तान कोहली से मतभेद की बात स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 18 जून को संपन्न हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तक का था, बोर्ड ने विंडीज दौरे तक उनके कार्यकाल को विस्तार दिया था, लेकिन, कुंबले ने अचानक इस्तीफा दे दिया और विंडीज दौरे पर भारतीय टीम के साथ नहीं गए. (इनपुट एजेंसी से भी) भारतीय टीम की गेंदबाजी खासकर पेस बैट्री को मजबूत बनाने के मकसद से पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को गेंदबाजी का कोच बनाया गया है. किसी समय टीम इंडिया की ‘दीवार’ रहे द्रविड़ को बल्लेबाजी सलाहकार बनाया गया है, हालांकि वह कुछ खास विदेशी दौरों पर ही वह इस भूमिका का निर्वहन करेंगे.  बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने इस नियुक्ति की पुष्टि करते हुए कहा, "क्रिकेट सलाहकर समिति की सिफारिश पर हमने रवि शास्त्री को मुख्य कोच नियुक्त करने का फैसला किया है जबकि जहीर खान को दो साल के लिए गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया है." शास्त्री तीसरी बार अधिकारी के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़े हैं. इससे पहले वह 2007 में बांग्लादेश दौरे के दौरान क्रिकेट मैनेजर थे और इसके बाद अगस्त 2014 से जून 2016 तक उन्हें टीम निदेशक बनाया गया जिस दौरान भारत ने श्रीलंका के खिलाफ उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती और 2015 विश्व कप तथा 2016 विश्व टी20 के सेमीफाइनल में जगह बनाई. टीम इंडिया के नए कोच के चयन को लेकर आज दिनभर गहमागहमी चलती रही. दिन में पहले रवि शास्त्री को टीम इंडिया का कोच बनाए जाने की खबर आई थी लेकिन देर शाम बीसीसीआई की ओर से इसका खंडन आ गया. बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने साफ किया कि नए कोच को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है. जैसे ही कोई फैसला लिया जाएगा, जानकारी दी जाएगी. हालांकि देर रात रवि शास्त्री को टीम इंडिया का हेड कोच और जहीर खान को बॉलिंग कोच नियुक्त किए जाने की बीसीआई ने पुष्टि कर दी. विदेशी दौरों के लिए राहुल द्रविड़ बैटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किए गए हैं.   गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर बाद रवि शास्‍त्री को टीम इंडिया का कोच चुने जाने की खबरें आईं. इन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद बीसीसीआई सचिव चौधरी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस बुलाकर बोर्ड का रुख स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि कोच नियुक्ति संबंधी खबरें सही नहीं हैं. क्रिकेट सलाहकार समिति के तीन दिग्‍गज सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्‍मण ही इस संबंध में कोई फैसला लेंगे और चयन हो जाने के बाद मीडिया को जानकारी दी जाएगी.टिप्पणियां भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के चयन में एक और मोड़ आ गया था, जब सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कामकाज देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बोर्ड से कहा था कि राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के नाम की घोषणा आज ही (मंगलवार को) की जाए. सूत्रों की मानें तो सीओए मानना था कि कोच के नाम की घोषणा के लिए किसी का इंतजार नहीं किया जाए और क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) अपना फैसला बोर्ड को बताए.   गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय सीएसी ने सोमवार को कोच चयन को नाटकीय मोड़ देते हुए अपना फैसला रोक लिया था और कहा था कि वह टीम के कप्तान विराट कोहली से बात करने के बाद कोच के नाम का ऐलान करेगी.   सीएसी ने सोमवार को पांच लोगों के इंटरव्यू लिए थे. इन पांच लोगों में रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत और टॉम मूडी शामिल रहे.   गांगुली ने सोमवार को कोच पद के लिए इंटरव्यू लेने के बाद कहा था, "हमने फैसला किया है कि हम कुछ समय के लिए कोच पद के नाम की घोषणा को रोकेंगे. हमें इसके लिए कुछ और दिनों की जरूरत है और साथ ही हम कुछ संबंधित लोगों से बात करना चाहते हैं. इसके बाद हम अंतिम फैसला लेते हुए कोच के नाम का ऐलान करेंगे. हम इस समय किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं."   दरअसल, सीओए के अध्यक्ष विनोद राय हैं और इसके सदस्यों में विक्रम लिमिए और डायना इडुल्जी शामिल हैं. कोच की दौड़ में शास्त्री का नाम सबसे आगे माना जा रहा था. इसकी वजह कप्तान कोहली और शास्त्री के संबंध थे. कोहली, शास्त्री के पक्ष में खड़े थे.   गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने कप्तान कोहली से मतभेद की बात स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 18 जून को संपन्न हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तक का था, बोर्ड ने विंडीज दौरे तक उनके कार्यकाल को विस्तार दिया था, लेकिन, कुंबले ने अचानक इस्तीफा दे दिया और विंडीज दौरे पर भारतीय टीम के साथ नहीं गए. (इनपुट एजेंसी से भी) बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने इस नियुक्ति की पुष्टि करते हुए कहा, "क्रिकेट सलाहकर समिति की सिफारिश पर हमने रवि शास्त्री को मुख्य कोच नियुक्त करने का फैसला किया है जबकि जहीर खान को दो साल के लिए गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया है." शास्त्री तीसरी बार अधिकारी के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़े हैं. इससे पहले वह 2007 में बांग्लादेश दौरे के दौरान क्रिकेट मैनेजर थे और इसके बाद अगस्त 2014 से जून 2016 तक उन्हें टीम निदेशक बनाया गया जिस दौरान भारत ने श्रीलंका के खिलाफ उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती और 2015 विश्व कप तथा 2016 विश्व टी20 के सेमीफाइनल में जगह बनाई. टीम इंडिया के नए कोच के चयन को लेकर आज दिनभर गहमागहमी चलती रही. दिन में पहले रवि शास्त्री को टीम इंडिया का कोच बनाए जाने की खबर आई थी लेकिन देर शाम बीसीसीआई की ओर से इसका खंडन आ गया. बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने साफ किया कि नए कोच को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है. जैसे ही कोई फैसला लिया जाएगा, जानकारी दी जाएगी. हालांकि देर रात रवि शास्त्री को टीम इंडिया का हेड कोच और जहीर खान को बॉलिंग कोच नियुक्त किए जाने की बीसीआई ने पुष्टि कर दी. विदेशी दौरों के लिए राहुल द्रविड़ बैटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किए गए हैं.   गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर बाद रवि शास्‍त्री को टीम इंडिया का कोच चुने जाने की खबरें आईं. इन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद बीसीसीआई सचिव चौधरी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस बुलाकर बोर्ड का रुख स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि कोच नियुक्ति संबंधी खबरें सही नहीं हैं. क्रिकेट सलाहकार समिति के तीन दिग्‍गज सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्‍मण ही इस संबंध में कोई फैसला लेंगे और चयन हो जाने के बाद मीडिया को जानकारी दी जाएगी.टिप्पणियां भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के चयन में एक और मोड़ आ गया था, जब सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कामकाज देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बोर्ड से कहा था कि राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के नाम की घोषणा आज ही (मंगलवार को) की जाए. सूत्रों की मानें तो सीओए मानना था कि कोच के नाम की घोषणा के लिए किसी का इंतजार नहीं किया जाए और क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) अपना फैसला बोर्ड को बताए.   गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय सीएसी ने सोमवार को कोच चयन को नाटकीय मोड़ देते हुए अपना फैसला रोक लिया था और कहा था कि वह टीम के कप्तान विराट कोहली से बात करने के बाद कोच के नाम का ऐलान करेगी.   सीएसी ने सोमवार को पांच लोगों के इंटरव्यू लिए थे. इन पांच लोगों में रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत और टॉम मूडी शामिल रहे.   गांगुली ने सोमवार को कोच पद के लिए इंटरव्यू लेने के बाद कहा था, "हमने फैसला किया है कि हम कुछ समय के लिए कोच पद के नाम की घोषणा को रोकेंगे. हमें इसके लिए कुछ और दिनों की जरूरत है और साथ ही हम कुछ संबंधित लोगों से बात करना चाहते हैं. इसके बाद हम अंतिम फैसला लेते हुए कोच के नाम का ऐलान करेंगे. हम इस समय किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं."   दरअसल, सीओए के अध्यक्ष विनोद राय हैं और इसके सदस्यों में विक्रम लिमिए और डायना इडुल्जी शामिल हैं. कोच की दौड़ में शास्त्री का नाम सबसे आगे माना जा रहा था. इसकी वजह कप्तान कोहली और शास्त्री के संबंध थे. कोहली, शास्त्री के पक्ष में खड़े थे.   गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने कप्तान कोहली से मतभेद की बात स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 18 जून को संपन्न हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तक का था, बोर्ड ने विंडीज दौरे तक उनके कार्यकाल को विस्तार दिया था, लेकिन, कुंबले ने अचानक इस्तीफा दे दिया और विंडीज दौरे पर भारतीय टीम के साथ नहीं गए. (इनपुट एजेंसी से भी) टीम इंडिया के नए कोच के चयन को लेकर आज दिनभर गहमागहमी चलती रही. दिन में पहले रवि शास्त्री को टीम इंडिया का कोच बनाए जाने की खबर आई थी लेकिन देर शाम बीसीसीआई की ओर से इसका खंडन आ गया. बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने साफ किया कि नए कोच को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है. जैसे ही कोई फैसला लिया जाएगा, जानकारी दी जाएगी. हालांकि देर रात रवि शास्त्री को टीम इंडिया का हेड कोच और जहीर खान को बॉलिंग कोच नियुक्त किए जाने की बीसीआई ने पुष्टि कर दी. विदेशी दौरों के लिए राहुल द्रविड़ बैटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किए गए हैं.   गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर बाद रवि शास्‍त्री को टीम इंडिया का कोच चुने जाने की खबरें आईं. इन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद बीसीसीआई सचिव चौधरी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस बुलाकर बोर्ड का रुख स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि कोच नियुक्ति संबंधी खबरें सही नहीं हैं. क्रिकेट सलाहकार समिति के तीन दिग्‍गज सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्‍मण ही इस संबंध में कोई फैसला लेंगे और चयन हो जाने के बाद मीडिया को जानकारी दी जाएगी.टिप्पणियां भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के चयन में एक और मोड़ आ गया था, जब सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कामकाज देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बोर्ड से कहा था कि राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के नाम की घोषणा आज ही (मंगलवार को) की जाए. सूत्रों की मानें तो सीओए मानना था कि कोच के नाम की घोषणा के लिए किसी का इंतजार नहीं किया जाए और क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) अपना फैसला बोर्ड को बताए.   गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय सीएसी ने सोमवार को कोच चयन को नाटकीय मोड़ देते हुए अपना फैसला रोक लिया था और कहा था कि वह टीम के कप्तान विराट कोहली से बात करने के बाद कोच के नाम का ऐलान करेगी.   सीएसी ने सोमवार को पांच लोगों के इंटरव्यू लिए थे. इन पांच लोगों में रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत और टॉम मूडी शामिल रहे.   गांगुली ने सोमवार को कोच पद के लिए इंटरव्यू लेने के बाद कहा था, "हमने फैसला किया है कि हम कुछ समय के लिए कोच पद के नाम की घोषणा को रोकेंगे. हमें इसके लिए कुछ और दिनों की जरूरत है और साथ ही हम कुछ संबंधित लोगों से बात करना चाहते हैं. इसके बाद हम अंतिम फैसला लेते हुए कोच के नाम का ऐलान करेंगे. हम इस समय किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं."   दरअसल, सीओए के अध्यक्ष विनोद राय हैं और इसके सदस्यों में विक्रम लिमिए और डायना इडुल्जी शामिल हैं. कोच की दौड़ में शास्त्री का नाम सबसे आगे माना जा रहा था. इसकी वजह कप्तान कोहली और शास्त्री के संबंध थे. कोहली, शास्त्री के पक्ष में खड़े थे.   गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने कप्तान कोहली से मतभेद की बात स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 18 जून को संपन्न हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तक का था, बोर्ड ने विंडीज दौरे तक उनके कार्यकाल को विस्तार दिया था, लेकिन, कुंबले ने अचानक इस्तीफा दे दिया और विंडीज दौरे पर भारतीय टीम के साथ नहीं गए. (इनपुट एजेंसी से भी) गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर बाद रवि शास्‍त्री को टीम इंडिया का कोच चुने जाने की खबरें आईं. इन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद बीसीसीआई सचिव चौधरी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस बुलाकर बोर्ड का रुख स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि कोच नियुक्ति संबंधी खबरें सही नहीं हैं. क्रिकेट सलाहकार समिति के तीन दिग्‍गज सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्‍मण ही इस संबंध में कोई फैसला लेंगे और चयन हो जाने के बाद मीडिया को जानकारी दी जाएगी.टिप्पणियां भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के चयन में एक और मोड़ आ गया था, जब सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कामकाज देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बोर्ड से कहा था कि राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के नाम की घोषणा आज ही (मंगलवार को) की जाए. सूत्रों की मानें तो सीओए मानना था कि कोच के नाम की घोषणा के लिए किसी का इंतजार नहीं किया जाए और क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) अपना फैसला बोर्ड को बताए.   गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय सीएसी ने सोमवार को कोच चयन को नाटकीय मोड़ देते हुए अपना फैसला रोक लिया था और कहा था कि वह टीम के कप्तान विराट कोहली से बात करने के बाद कोच के नाम का ऐलान करेगी.   सीएसी ने सोमवार को पांच लोगों के इंटरव्यू लिए थे. इन पांच लोगों में रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत और टॉम मूडी शामिल रहे.   गांगुली ने सोमवार को कोच पद के लिए इंटरव्यू लेने के बाद कहा था, "हमने फैसला किया है कि हम कुछ समय के लिए कोच पद के नाम की घोषणा को रोकेंगे. हमें इसके लिए कुछ और दिनों की जरूरत है और साथ ही हम कुछ संबंधित लोगों से बात करना चाहते हैं. इसके बाद हम अंतिम फैसला लेते हुए कोच के नाम का ऐलान करेंगे. हम इस समय किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं."   दरअसल, सीओए के अध्यक्ष विनोद राय हैं और इसके सदस्यों में विक्रम लिमिए और डायना इडुल्जी शामिल हैं. कोच की दौड़ में शास्त्री का नाम सबसे आगे माना जा रहा था. इसकी वजह कप्तान कोहली और शास्त्री के संबंध थे. कोहली, शास्त्री के पक्ष में खड़े थे.   गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने कप्तान कोहली से मतभेद की बात स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 18 जून को संपन्न हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तक का था, बोर्ड ने विंडीज दौरे तक उनके कार्यकाल को विस्तार दिया था, लेकिन, कुंबले ने अचानक इस्तीफा दे दिया और विंडीज दौरे पर भारतीय टीम के साथ नहीं गए. (इनपुट एजेंसी से भी) भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के चयन में एक और मोड़ आ गया था, जब सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कामकाज देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बोर्ड से कहा था कि राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के नाम की घोषणा आज ही (मंगलवार को) की जाए. सूत्रों की मानें तो सीओए मानना था कि कोच के नाम की घोषणा के लिए किसी का इंतजार नहीं किया जाए और क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) अपना फैसला बोर्ड को बताए.   गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय सीएसी ने सोमवार को कोच चयन को नाटकीय मोड़ देते हुए अपना फैसला रोक लिया था और कहा था कि वह टीम के कप्तान विराट कोहली से बात करने के बाद कोच के नाम का ऐलान करेगी.   सीएसी ने सोमवार को पांच लोगों के इंटरव्यू लिए थे. इन पांच लोगों में रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत और टॉम मूडी शामिल रहे.   गांगुली ने सोमवार को कोच पद के लिए इंटरव्यू लेने के बाद कहा था, "हमने फैसला किया है कि हम कुछ समय के लिए कोच पद के नाम की घोषणा को रोकेंगे. हमें इसके लिए कुछ और दिनों की जरूरत है और साथ ही हम कुछ संबंधित लोगों से बात करना चाहते हैं. इसके बाद हम अंतिम फैसला लेते हुए कोच के नाम का ऐलान करेंगे. हम इस समय किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं."   दरअसल, सीओए के अध्यक्ष विनोद राय हैं और इसके सदस्यों में विक्रम लिमिए और डायना इडुल्जी शामिल हैं. कोच की दौड़ में शास्त्री का नाम सबसे आगे माना जा रहा था. इसकी वजह कप्तान कोहली और शास्त्री के संबंध थे. कोहली, शास्त्री के पक्ष में खड़े थे.   गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने कप्तान कोहली से मतभेद की बात स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 18 जून को संपन्न हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तक का था, बोर्ड ने विंडीज दौरे तक उनके कार्यकाल को विस्तार दिया था, लेकिन, कुंबले ने अचानक इस्तीफा दे दिया और विंडीज दौरे पर भारतीय टीम के साथ नहीं गए. (इनपुट एजेंसी से भी) (इनपुट एजेंसी से भी)
यह एक सारांश है: नए कोच के चयन को लेकर दिनभर गहमागहमी चलती रही देर शाम बीसीसीआई मे रवि शास्त्री को कोच बनाए जाने का खंडन किया देर रात रवि शास्त्री को हेड कोच, जहीर खान को बॉलिंग कोच बनाने की खबर आई
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि पार्टी के संगठनात्म्क चुनाव इस साल के अंत तक खत्म होने पर वह पार्टी के नए प्रमुख के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नए अध्यक्ष द्वारा पार्टी का प्रभार दिसंबर तक संभाल लिए जाने की उम्मीद है. उन्होंने ‘इंडिया टुडे' के साथ बातचीत में इस धारणा को खारिज किया कि वह परदे के पीछे से पार्टी को चलाने वाली ‘सर्वोच्च शक्ति' बने रहेंगे. शाह ने कहा कि इसी तरह के दावे तब किए गए थे जब वर्ष 2014 में वह भाजपा अध्यक्ष बने थे और एक बार किसी अन्य के संगठन संभाल लेने पर इस तरह की अटकल को विराम लग जाएगा. अमित शाह ने कहा, ‘यह (भाजपा) कोई कांग्रेस पार्टी नहीं है और कोई भी इसे परदे के पीछे से नहीं चला सकता.' शाह ने कहा कि पार्टी इसके संविधान के अनुरूप चलेगी. वहीं भाजपा के हलकों में व्यापक तौर पर यह माना जाता है कि शाह की जगह जे पी नड्डा लेंगे. बता दें कि भाजपा के आम तौर पर ‘एक व्यक्ति एक पद' का नियम मानने के चलते यह उम्मीद थी कि शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद पार्टी के नए मुखिया के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे. अमित शाह ने इस मामले में अपनी पहली टिप्पणी में कहा, ‘चुनाव (संगठनात्मक) चल रहे हैं. दिसंबर तक कोई नया अध्यक्ष पार्टी की जिम्मेदारी और प्रभार संभाल लेगा.' भाजपा की सहयोगी शिवसेना के इन दावों के बीच कि पार्टी चुनावी राज्य महाराष्ट्र में अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करेगी, शाह ने कहा कि भगवा गठबंधन देवेंद्र फड़णवीस के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है और वह फिर से राज्य सरकार के मुखिया होंगे. बता दें, महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होंगे. वहीं मतगणना 24 अक्टूबर को होगी.
यह एक सारांश है: पार्टी के संगठनात्म्क चुनाव इस साल के अंत तक खत्म होने पर होंगे चुनाव भाजपा कांग्रेस नहीं है और कोई भी इसे परदे के पीछे से नहीं चला सकता भाजपा में आम तौर पर ‘एक व्यक्ति एक पद’ का नियम है
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आरुषि हत्याकांड मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर सोमवार को नूपुर तलवार को नोटिस कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। सीबीआई ने याचिका दायर कर कहा कि गत 13 मार्च को नूपुर तलवार की अर्जी पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की तरफ से गाजियाबाद की सीबीआई की विशेष अदालत को आदेश दिए गए थे कि वह 30 दिनों में नूपुर की जमानत की सुनवाई पूरी करे। सीबीआई ने आरोप लगाया कि अपनी अर्जी में नूपुर ने गलत शपथपत्र देकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय को गुमराह किया था। सीबीआई की याचिका पर सोमवार को न्यायाधीश बाल कृष्ण नारायण ने गाजियाबाद की सीबीआई को विशेष अदालत को 30 दिनों में नूपुर की जमानत की सुनवाई पूरी करने के निर्णय को निरस्त करते हुए नूपुर तलवार को नोटिस जारी कर इस संबंध में दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि मई 2008 में आरुषि तलवार और उसके नौकर हेमराज की नोएडा स्थित उसके घर में हत्या कर दी गई थी। नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई आरुषि की माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार को हत्या का आरोपी बता रही है। सीबीआई ने याचिका दायर कर कहा कि गत 13 मार्च को नूपुर तलवार की अर्जी पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की तरफ से गाजियाबाद की सीबीआई की विशेष अदालत को आदेश दिए गए थे कि वह 30 दिनों में नूपुर की जमानत की सुनवाई पूरी करे। सीबीआई ने आरोप लगाया कि अपनी अर्जी में नूपुर ने गलत शपथपत्र देकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय को गुमराह किया था। सीबीआई की याचिका पर सोमवार को न्यायाधीश बाल कृष्ण नारायण ने गाजियाबाद की सीबीआई को विशेष अदालत को 30 दिनों में नूपुर की जमानत की सुनवाई पूरी करने के निर्णय को निरस्त करते हुए नूपुर तलवार को नोटिस जारी कर इस संबंध में दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि मई 2008 में आरुषि तलवार और उसके नौकर हेमराज की नोएडा स्थित उसके घर में हत्या कर दी गई थी। नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई आरुषि की माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार को हत्या का आरोपी बता रही है। सीबीआई ने आरोप लगाया कि अपनी अर्जी में नूपुर ने गलत शपथपत्र देकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय को गुमराह किया था। सीबीआई की याचिका पर सोमवार को न्यायाधीश बाल कृष्ण नारायण ने गाजियाबाद की सीबीआई को विशेष अदालत को 30 दिनों में नूपुर की जमानत की सुनवाई पूरी करने के निर्णय को निरस्त करते हुए नूपुर तलवार को नोटिस जारी कर इस संबंध में दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि मई 2008 में आरुषि तलवार और उसके नौकर हेमराज की नोएडा स्थित उसके घर में हत्या कर दी गई थी। नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई आरुषि की माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार को हत्या का आरोपी बता रही है। सीबीआई की याचिका पर सोमवार को न्यायाधीश बाल कृष्ण नारायण ने गाजियाबाद की सीबीआई को विशेष अदालत को 30 दिनों में नूपुर की जमानत की सुनवाई पूरी करने के निर्णय को निरस्त करते हुए नूपुर तलवार को नोटिस जारी कर इस संबंध में दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि मई 2008 में आरुषि तलवार और उसके नौकर हेमराज की नोएडा स्थित उसके घर में हत्या कर दी गई थी। नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई आरुषि की माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार को हत्या का आरोपी बता रही है। उल्लेखनीय है कि मई 2008 में आरुषि तलवार और उसके नौकर हेमराज की नोएडा स्थित उसके घर में हत्या कर दी गई थी। नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई आरुषि की माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार को हत्या का आरोपी बता रही है। नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई आरुषि की माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार को हत्या का आरोपी बता रही है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आरुषि हत्याकांड मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर सोमवार को नूपुर तलवार को नोटिस कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संजय राउत ने प्रोफेसर राम गोपाल यादव के कथन का हवाला देते हुए कहा कि हनुमान जी पर्वत लेकर आए और लक्ष्मण जी को संजीवनी मिली. उन्होंने कहा कि 'आयुर्वेद वहां से शुरू हुआ और कहां पहुंच गया है, यह मैं आपको बताता हूं. हमारे महाराष्ट्र में नन्दूरबार एक आदिवासी जिला है. मैं वहां गया था. जब काम खत्म हो गया, तो आदिवासी लोग हमारे पास खाना लेकर आए. मैंने उनसे पूछा कि यह क्या है? वे बोले यह मुर्गी है. मैंने उनसे कहा मैं मुर्गी नहीं खाऊंगा. उन्होंने कहा कि साहब यह आयुर्वेदिक मुर्गी है. आदिवासी ने कहा कि यह एक ऐसी मुर्गी है, जिसका हम इस तरह से पालन-पोषण करते हैं, कि आपके शरीर के सब रोग बाहर निकल जाएंगे. यह आयुष मंत्रालय के लिए रिसर्च का विषय है.' शिवसेना नेता ने कहा कि हरियाणा की चौधरी चरण सिंह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से कुछ दिन पहले उनके पास कुछ लोग आए. उन्होंने उनसे पूछा कि आप नया क्या कर रहे हैं? इस पर उन्होंने बताया कि वे आयुर्वेदिक अंडे पर रिसर्च कर रहे हैं. राउत ने कहा कि जब पूछा कि यह आयुर्वेदिक अंडा क्या है? तो उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में जो पोल्ट्री फार्म बनाया गया है, उसमें मुर्गी को सिर्फ आयुर्वेदिक भोजन खिलाया जाता है. उससे जो अंडा पैदा होता है, वह पूरी तरह से शाकाहारी होता है. वह आयुर्वेदिक अंडा है. जिन्हें प्रोटीन की जरूरत है, और जो मांसाहार नहीं करना चाहते, वे भी इसे खा सकते हैं. राउत ने कहा कि आयुष मंत्रालय की यह जिम्मेदारी है, कि आपको यह प्रमाणित करना होगा कि यह अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी. इस देश में शाकाहार और मांसाहार का बहुत बड़ा विवाद चल रहा है. संजय राउत ने कहा कि विश्व में प्रधानमंत्री मोदी जी हमारे आयुर्वेद और योग के सबसे बड़े एम्बेसडर हो गए हैं. पूरे विश्व में योग है, पूरे विश्व में आयुर्वेद है, तो आयुष मंत्रालय का 1500 करोड़ रुपये के बजाय कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये का बजट होना चाहिए. आयुर्वेद की तारीफ करते हुए राउत ने कहा कि आपको मालूम है कि हम आयुर्वेद का दरवाजा कब खटखटाते हैं? जब सब दरवाज़े बंद हो जाते हैं. जब ऐलोपैथी वाला कहता है कि अब हमसे कुछ नहीं होगा. राउत ने कहा कि आयुष मंत्रालय के जो प्रोडक्ट हैं, उनको बनाने में आपको बहुत मदद करनी पड़ेगी. महाराष्ट्र एक विकासशील राज्य है लेकिन आज भी ग्रामीण अस्पतालों में ऐसे आयुर्वेदिक डॉक्टर नहीं दिखते, जो एमएस और एमडी स्तर के हों. आयुर्वेदिक कालेजों में पंचकर्म के लिए कुछ अलग से प्रावधान नहीं किया गया है. वहां जो स्टूडेंस इंटर्नशिप करते हैं, उनको अब तक मानदेय भी नहीं मिल रहा है.
सारांश: राज्यसभा में आयुर्वेद पर चर्चा के दौरान राउत ने चौंकाया आयुर्वेदिक चीजें खाने वाली मुर्गी का अंडा आयुर्वेदिक कहा- आयुष मंत्रालय का बजट बढ़ाया जाना चाहिए
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूरो कप फुटबाल टूर्नामेंट में फ्रांस और इंग्लैंड के बीच खेला गया ग्रुप डी का अहम मुकाबला 1-1 के ड्रा पर छूटा। इस तरह अब फ्रांस पिछले 22 मैचों से अविजित रहा है। मुकाबले में इंग्लिश प्रीमियर लीग के चैंपियन मैंचेस्टर सिटी के तीन खिलाड़ियों ने शिरकत की। मुकाबले के 30 वें मिनट में ही इंग्लैंड ने गोल से शुरुआत की। इंग्लैंड के जेलियोन लेसकोट ने 30वें मिनट में हेडर से गोल किया। टीम के कप्तान स्टीवन गेर्राड की 40 गज की दूरी से ली गयी उम्दा फ्री किक को लेसकोट ने उछलकर हेडर से गोल में डाला। तब फ्रांसीसी गोलकीपर ह्यूगो लोरिस के पास उसे बचाने का कोई मौका नहीं था। फ्रांसीसी टीम 35 वें मिनट में बराबरी करने के करीब पहुंची थी। उसके मिडफील्डर अलोउ दियारा ने करारा हेडर जमाया लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर जो हार्ट ने उसे बचा लिया। इंग्लैंड की बढ़त सिर्फ 9 मिनट तक ही बनी रह पायी क्योंकि फ्रांस ने 39वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। समीर नासरी का दायां पांव से जमाया गया करारा शाट हार्ट को छकाने में सफल रहा। हार्ट ने डाइव भी मारी लेकिन वह ‘मैनचेस्टर सिटी’ के अपने साथी नासरी के शॉट को रोक नहीं पाये। टिप्पणियां बराबरी करने वाले इस गोल का जश्न नासरी ने रोचक अंदाज में मनाया। जश्न के अंदाज में अपने होठों पर अंगुली लगाये नासरी डगआउट तक पहुंच गये। इस मुकाबले के ड्रॉ हो जाने से फ्रांस पिछले 22 मैचों में नहीं हारा है वहीं प्वाइंट मिल जाने से इंग्लैंड भी खुश है। टीम के कप्तान स्टीवन गेर्राड ने कहा , ‘‘कुल मिलाकर हम प्वाइंट मिल जाने से संतुष्ट हैं।’’ स्टार खिलाड़ी फ्रैंरेंक लैंपार्ड और वैन रूनी की गैर मौजूदगी में खेले गये इस मुकाबले में इंग्लैंड के लिये यह अंक भी अहमियत रखता है। मुकाबले के दौरान 34 वें मिनट में ऐलेक्स ओक्सलेड शैंबरलेन को और 71वें मिनट में एश्ले यंग को यैलो कार्ड दिखाये गये। इस ग्रुप की अन्य दो टीमें उक्रेन और स्वीडन के बीच कीव में मुकाबला होना है। उक्रेन को अपने घर में ही प्रशंसकों के सामने स्वीडन से लोहा लेना होगा। मुकाबले के 30 वें मिनट में ही इंग्लैंड ने गोल से शुरुआत की। इंग्लैंड के जेलियोन लेसकोट ने 30वें मिनट में हेडर से गोल किया। टीम के कप्तान स्टीवन गेर्राड की 40 गज की दूरी से ली गयी उम्दा फ्री किक को लेसकोट ने उछलकर हेडर से गोल में डाला। तब फ्रांसीसी गोलकीपर ह्यूगो लोरिस के पास उसे बचाने का कोई मौका नहीं था। फ्रांसीसी टीम 35 वें मिनट में बराबरी करने के करीब पहुंची थी। उसके मिडफील्डर अलोउ दियारा ने करारा हेडर जमाया लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर जो हार्ट ने उसे बचा लिया। इंग्लैंड की बढ़त सिर्फ 9 मिनट तक ही बनी रह पायी क्योंकि फ्रांस ने 39वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। समीर नासरी का दायां पांव से जमाया गया करारा शाट हार्ट को छकाने में सफल रहा। हार्ट ने डाइव भी मारी लेकिन वह ‘मैनचेस्टर सिटी’ के अपने साथी नासरी के शॉट को रोक नहीं पाये। टिप्पणियां बराबरी करने वाले इस गोल का जश्न नासरी ने रोचक अंदाज में मनाया। जश्न के अंदाज में अपने होठों पर अंगुली लगाये नासरी डगआउट तक पहुंच गये। इस मुकाबले के ड्रॉ हो जाने से फ्रांस पिछले 22 मैचों में नहीं हारा है वहीं प्वाइंट मिल जाने से इंग्लैंड भी खुश है। टीम के कप्तान स्टीवन गेर्राड ने कहा , ‘‘कुल मिलाकर हम प्वाइंट मिल जाने से संतुष्ट हैं।’’ स्टार खिलाड़ी फ्रैंरेंक लैंपार्ड और वैन रूनी की गैर मौजूदगी में खेले गये इस मुकाबले में इंग्लैंड के लिये यह अंक भी अहमियत रखता है। मुकाबले के दौरान 34 वें मिनट में ऐलेक्स ओक्सलेड शैंबरलेन को और 71वें मिनट में एश्ले यंग को यैलो कार्ड दिखाये गये। इस ग्रुप की अन्य दो टीमें उक्रेन और स्वीडन के बीच कीव में मुकाबला होना है। उक्रेन को अपने घर में ही प्रशंसकों के सामने स्वीडन से लोहा लेना होगा। इंग्लैंड की बढ़त सिर्फ 9 मिनट तक ही बनी रह पायी क्योंकि फ्रांस ने 39वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। समीर नासरी का दायां पांव से जमाया गया करारा शाट हार्ट को छकाने में सफल रहा। हार्ट ने डाइव भी मारी लेकिन वह ‘मैनचेस्टर सिटी’ के अपने साथी नासरी के शॉट को रोक नहीं पाये। टिप्पणियां बराबरी करने वाले इस गोल का जश्न नासरी ने रोचक अंदाज में मनाया। जश्न के अंदाज में अपने होठों पर अंगुली लगाये नासरी डगआउट तक पहुंच गये। इस मुकाबले के ड्रॉ हो जाने से फ्रांस पिछले 22 मैचों में नहीं हारा है वहीं प्वाइंट मिल जाने से इंग्लैंड भी खुश है। टीम के कप्तान स्टीवन गेर्राड ने कहा , ‘‘कुल मिलाकर हम प्वाइंट मिल जाने से संतुष्ट हैं।’’ स्टार खिलाड़ी फ्रैंरेंक लैंपार्ड और वैन रूनी की गैर मौजूदगी में खेले गये इस मुकाबले में इंग्लैंड के लिये यह अंक भी अहमियत रखता है। मुकाबले के दौरान 34 वें मिनट में ऐलेक्स ओक्सलेड शैंबरलेन को और 71वें मिनट में एश्ले यंग को यैलो कार्ड दिखाये गये। इस ग्रुप की अन्य दो टीमें उक्रेन और स्वीडन के बीच कीव में मुकाबला होना है। उक्रेन को अपने घर में ही प्रशंसकों के सामने स्वीडन से लोहा लेना होगा। बराबरी करने वाले इस गोल का जश्न नासरी ने रोचक अंदाज में मनाया। जश्न के अंदाज में अपने होठों पर अंगुली लगाये नासरी डगआउट तक पहुंच गये। इस मुकाबले के ड्रॉ हो जाने से फ्रांस पिछले 22 मैचों में नहीं हारा है वहीं प्वाइंट मिल जाने से इंग्लैंड भी खुश है। टीम के कप्तान स्टीवन गेर्राड ने कहा , ‘‘कुल मिलाकर हम प्वाइंट मिल जाने से संतुष्ट हैं।’’ स्टार खिलाड़ी फ्रैंरेंक लैंपार्ड और वैन रूनी की गैर मौजूदगी में खेले गये इस मुकाबले में इंग्लैंड के लिये यह अंक भी अहमियत रखता है। मुकाबले के दौरान 34 वें मिनट में ऐलेक्स ओक्सलेड शैंबरलेन को और 71वें मिनट में एश्ले यंग को यैलो कार्ड दिखाये गये। इस ग्रुप की अन्य दो टीमें उक्रेन और स्वीडन के बीच कीव में मुकाबला होना है। उक्रेन को अपने घर में ही प्रशंसकों के सामने स्वीडन से लोहा लेना होगा। मुकाबले के दौरान 34 वें मिनट में ऐलेक्स ओक्सलेड शैंबरलेन को और 71वें मिनट में एश्ले यंग को यैलो कार्ड दिखाये गये। इस ग्रुप की अन्य दो टीमें उक्रेन और स्वीडन के बीच कीव में मुकाबला होना है। उक्रेन को अपने घर में ही प्रशंसकों के सामने स्वीडन से लोहा लेना होगा।
यूरो कप फुटबाल टूर्नामेंट में फ्रांस और इंग्लैंड के बीच खेला गया ग्रुप डी का अहम मुकाबला 1-1 के ड्रा पर छूटा।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने खराब फॉर्म में चल रहे अजिंक्य रहाणे का समर्थन करते हुए कहा कि मुंबई का यह युवा क्रिकेटर वापसी करेगा।टिप्पणियां इंग्लैंड के खिलाफ वन-डे शृंखला में रहाणे का प्रदर्शन खराब रहा। द्रविड़ से जब इस युवा बल्लेबाज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, उसने कुछ अच्छी पारियां खेली हैं। खेल में उतार-चढ़ाव चलता रहता है। यह मुश्किल होता है और इससे दबाव बढ़ता है। उसमें प्रतिभा है और वह वापसी करेगा। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती वन-डे में अच्छी शुरुआत के बाद रहाणे लगातार दो मैचों में सस्ते में आउट हो गए, जिससे उन पर दबाव बढ़ गया। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान द्रविड़ सवाई मानसिंह स्टेडियम में टीम के साथी खिलाड़ियों के साथ टीम के शिविर में भाग ले रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वन-डे शृंखला में रहाणे का प्रदर्शन खराब रहा। द्रविड़ से जब इस युवा बल्लेबाज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, उसने कुछ अच्छी पारियां खेली हैं। खेल में उतार-चढ़ाव चलता रहता है। यह मुश्किल होता है और इससे दबाव बढ़ता है। उसमें प्रतिभा है और वह वापसी करेगा। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती वन-डे में अच्छी शुरुआत के बाद रहाणे लगातार दो मैचों में सस्ते में आउट हो गए, जिससे उन पर दबाव बढ़ गया। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान द्रविड़ सवाई मानसिंह स्टेडियम में टीम के साथी खिलाड़ियों के साथ टीम के शिविर में भाग ले रहे हैं। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान द्रविड़ सवाई मानसिंह स्टेडियम में टीम के साथी खिलाड़ियों के साथ टीम के शिविर में भाग ले रहे हैं।
संक्षिप्त सारांश: पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने खराब फॉर्म में चल रहे अजिंक्य रहाणे का समर्थन करते हुए कहा कि मुंबई का यह युवा क्रिकेटर वापसी करेगा।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) महासचिव एंतोनियो गुतारेस (Antonio Guterres) ने बुधवार को कहा कि कश्मीर मुद्दा सुलझाने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता सबसे जरूरी चीज है. संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में गुतारेस ने कहा कि हमारी क्षमता मदद से संबंधित है और यह तभी लागू हो सकता है, जब संबंधित पक्ष इसे स्वीकार करें. उनसे जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में पूछा गया था और उनसे यह भी सवाल किया गया कि वह कश्मीर मुद्दे के हल के लिए क्या करेंगे. उन्होंने कहा, ‘मेरी स्पष्ट राय है कि क्षेत्र में मानवाधिकारों का पूरी तरह से सम्मान होना चाहिए और समस्या के समाधान के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत सबसे जरूरी चीज है.' भारत का हमेशा से मानना है कि कश्मीर एक आंतरिक मामला है और मध्यस्थता के लिए तीसरे पक्ष की कोई जरूरत नहीं है चाहे संयुक्त राष्ट्र हो या अमेरिका. गौरतलब है कि इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भारत और पाकिस्तान, दोनों से स्थितियों के बिगड़ने की आशंका को टालने के मकसद से वार्ता के जरिए कश्मीर मुद्दा सुलझाने की अपील की थी. जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में दोनों देशों का विवाद चल रहा है. जिनेवा में मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 42 वें सत्र में भारत ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के अपने 'संप्रभु निर्णय' का बचाव किया. हालांकि, पाकिस्तान ने इसे एक गैरकानूनी कृत्य करार देते हुए विश्व मानवाधिकार निकाय से इस मामले की अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग की है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि गुतारेस ने भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों के नेताओं से बात की थी. गुतारेस ने पिछले महीने फ्रांस के बिआरित्ज में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से भी उन्होंने बात की थी. सोमवार को गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी द्वारा कश्मीर मुद्दे पर किए गए आग्रह के कारण उनसे भी मुलाकात की थी. दुजारिक ने कहा, 'सार्वजनिक और निजी तौर पर सबके लिए उनका एक ही संदेश है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी स्थितियों के बिगड़ने की आशंका को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने दोनों देशों से वार्ता के जरिए मुद्दा सुलझाने की अपील की है.'
यहाँ एक सारांश है:कश्मीर को लेकर आया बड़ा बयान कश्मीर के सवाल पर कहा 'बातचीत जरूरी' पहले भी दे चुके हैं बयान
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में हुए विधानसभा चुनाव और सात राज्यों की नौ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के मतों की गणना आगामी 28 फरवरी को होगी। त्रिपुरा में गत 14 फरवरी को और मेघालय एवं नागालैंड में 23 फरवरी को मतदान हुआ था। त्रिपुरा में जहां देश में सर्वाधिक रिकॉर्ड 93 प्रतिशत मतदान हुआ था वहीं मेघालय में 88 प्रतिशत और नगालैंड में 83 प्रतिशत मतदान हुआ था।टिप्पणियां इसके अलावा मिजोरम में चालफिल्ह, पंजाब में मोगा और उत्तर प्रदेश की भाटपार रानी सीट तथा पश्चिम बंगाल की नलहटी, इंगलिश बाजार और रेजीनगर सीटों पर उपचुनाव भी उसी दिन हुए थे। असम में अलगापुर, बिहार में कल्याणपुर (सुरक्षित) और महाराष्ट्र में चांदगढ सीट के लिए उपचुनाव 24 फरवरी को हुए हैं। सभी जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिये मतदान हुआ। इन राज्यों में शंतिपूर्ण ढंग से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में सामान्य पर्यवेक्षक और व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। चुनाव संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस बलों को भी तैनात किया गया था। मेघालय विधानसभा का कार्यकाल 10 मार्च को समाप्त हो रहा है, जबकि नागालैंड विधानसभा का कार्यकाल 18 मार्च और त्रिपुरा विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च को समाप्त होगा। इन तीनों राज्यों ही में विधानसभा की 60-60 सीटें हैं। त्रिपुरा में गत 14 फरवरी को और मेघालय एवं नागालैंड में 23 फरवरी को मतदान हुआ था। त्रिपुरा में जहां देश में सर्वाधिक रिकॉर्ड 93 प्रतिशत मतदान हुआ था वहीं मेघालय में 88 प्रतिशत और नगालैंड में 83 प्रतिशत मतदान हुआ था।टिप्पणियां इसके अलावा मिजोरम में चालफिल्ह, पंजाब में मोगा और उत्तर प्रदेश की भाटपार रानी सीट तथा पश्चिम बंगाल की नलहटी, इंगलिश बाजार और रेजीनगर सीटों पर उपचुनाव भी उसी दिन हुए थे। असम में अलगापुर, बिहार में कल्याणपुर (सुरक्षित) और महाराष्ट्र में चांदगढ सीट के लिए उपचुनाव 24 फरवरी को हुए हैं। सभी जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिये मतदान हुआ। इन राज्यों में शंतिपूर्ण ढंग से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में सामान्य पर्यवेक्षक और व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। चुनाव संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस बलों को भी तैनात किया गया था। मेघालय विधानसभा का कार्यकाल 10 मार्च को समाप्त हो रहा है, जबकि नागालैंड विधानसभा का कार्यकाल 18 मार्च और त्रिपुरा विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च को समाप्त होगा। इन तीनों राज्यों ही में विधानसभा की 60-60 सीटें हैं। इसके अलावा मिजोरम में चालफिल्ह, पंजाब में मोगा और उत्तर प्रदेश की भाटपार रानी सीट तथा पश्चिम बंगाल की नलहटी, इंगलिश बाजार और रेजीनगर सीटों पर उपचुनाव भी उसी दिन हुए थे। असम में अलगापुर, बिहार में कल्याणपुर (सुरक्षित) और महाराष्ट्र में चांदगढ सीट के लिए उपचुनाव 24 फरवरी को हुए हैं। सभी जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिये मतदान हुआ। इन राज्यों में शंतिपूर्ण ढंग से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में सामान्य पर्यवेक्षक और व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। चुनाव संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस बलों को भी तैनात किया गया था। मेघालय विधानसभा का कार्यकाल 10 मार्च को समाप्त हो रहा है, जबकि नागालैंड विधानसभा का कार्यकाल 18 मार्च और त्रिपुरा विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च को समाप्त होगा। इन तीनों राज्यों ही में विधानसभा की 60-60 सीटें हैं। सभी जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिये मतदान हुआ। इन राज्यों में शंतिपूर्ण ढंग से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में सामान्य पर्यवेक्षक और व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। चुनाव संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस बलों को भी तैनात किया गया था। मेघालय विधानसभा का कार्यकाल 10 मार्च को समाप्त हो रहा है, जबकि नागालैंड विधानसभा का कार्यकाल 18 मार्च और त्रिपुरा विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च को समाप्त होगा। इन तीनों राज्यों ही में विधानसभा की 60-60 सीटें हैं।
सारांश: पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में हुए विधानसभा चुनाव और सात राज्यों की नौ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के मतों की गणना आगामी 28 फरवरी को होगी।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी ने कहा है कि आबादी में मोटापा और पोषण की कमी से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी क्षति हो रही है। इस एजेंसी ने विश्व की सरकारों से कहा है कि वे खाद्य-स्वास्थ्य पर निवेश् करें क्योंकि इससे उन्हें बड़े आर्थिक व सामाजिक लाभ मिलेंगे। संरा के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने कहा कि कुपोषण के चलते मनुष्यों की उत्पादकता के ह्रास और स्वास्थ्य की देखरेख संबंधी खर्च वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग पांच प्रतिशत के बराबर हो सकता है। यह मौद्रिक रूप से लगभग 3,500 अरब डॉलर (2600 अरब यूरो) के बराबर बैठता है। इसमें कहा गया है कि पोषण में सुधार से आय में वृद्धि होगी। इसमें लाभ और लागत का अनुपात लगभग 13:1 तक रहेगा। अपनी वार्षिक रिपोर्ट में रोम स्थित एफएओ ने कहा है कि विश्व आबादी का 12.5 प्रतिशत (लगभग 86.8 करोड़ लोग) कैलोरी के हिसाब से कुपोषित हैं, जबकि विश्वभर में 26 प्रतिशत बच्चों का अच्छी तरह विकास नहीं हो पाया है। इसमें कहा गया है कि करीब दो अरब लोग सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी का शिकार हैं और 1.4 अरब बच्चों का ज्यादा वजन है, जिसमें से 50 करोड़ बच्चे मोटापे का शिकार हैं। कम और मध्यम आय वाले देशों में मोटापे में जोरदार वृद्धि संबंधित लागतों को जबर्दस्त ढंग से प्रभावित कर रहा है। एफएओ का कहना है कि शहरीकरण, अधिक बैठने वाले काम और पैकेज्ड फूड की उपलब्धता को देखते हुए मोटापे की समस्या से निपटने के उपाय करना नीति नियामकों के लिए बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां विशेषज्ञों ने कहा कि विटामिन, आयरन और आयोडीन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी विशेष रूप से विकासशील देशों में आम है। एफएओ ने कहा कि कुपोषण की लागत वैश्विक जीडीपी का दो से तीन प्रतिशत है, जो प्रतिवर्ष 1400 से 2100 अरब डॉलर के बराबर है। संरा के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने कहा कि कुपोषण के चलते मनुष्यों की उत्पादकता के ह्रास और स्वास्थ्य की देखरेख संबंधी खर्च वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग पांच प्रतिशत के बराबर हो सकता है। यह मौद्रिक रूप से लगभग 3,500 अरब डॉलर (2600 अरब यूरो) के बराबर बैठता है। इसमें कहा गया है कि पोषण में सुधार से आय में वृद्धि होगी। इसमें लाभ और लागत का अनुपात लगभग 13:1 तक रहेगा। अपनी वार्षिक रिपोर्ट में रोम स्थित एफएओ ने कहा है कि विश्व आबादी का 12.5 प्रतिशत (लगभग 86.8 करोड़ लोग) कैलोरी के हिसाब से कुपोषित हैं, जबकि विश्वभर में 26 प्रतिशत बच्चों का अच्छी तरह विकास नहीं हो पाया है। इसमें कहा गया है कि करीब दो अरब लोग सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी का शिकार हैं और 1.4 अरब बच्चों का ज्यादा वजन है, जिसमें से 50 करोड़ बच्चे मोटापे का शिकार हैं। कम और मध्यम आय वाले देशों में मोटापे में जोरदार वृद्धि संबंधित लागतों को जबर्दस्त ढंग से प्रभावित कर रहा है। एफएओ का कहना है कि शहरीकरण, अधिक बैठने वाले काम और पैकेज्ड फूड की उपलब्धता को देखते हुए मोटापे की समस्या से निपटने के उपाय करना नीति नियामकों के लिए बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां विशेषज्ञों ने कहा कि विटामिन, आयरन और आयोडीन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी विशेष रूप से विकासशील देशों में आम है। एफएओ ने कहा कि कुपोषण की लागत वैश्विक जीडीपी का दो से तीन प्रतिशत है, जो प्रतिवर्ष 1400 से 2100 अरब डॉलर के बराबर है। इसमें कहा गया है कि पोषण में सुधार से आय में वृद्धि होगी। इसमें लाभ और लागत का अनुपात लगभग 13:1 तक रहेगा। अपनी वार्षिक रिपोर्ट में रोम स्थित एफएओ ने कहा है कि विश्व आबादी का 12.5 प्रतिशत (लगभग 86.8 करोड़ लोग) कैलोरी के हिसाब से कुपोषित हैं, जबकि विश्वभर में 26 प्रतिशत बच्चों का अच्छी तरह विकास नहीं हो पाया है। इसमें कहा गया है कि करीब दो अरब लोग सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी का शिकार हैं और 1.4 अरब बच्चों का ज्यादा वजन है, जिसमें से 50 करोड़ बच्चे मोटापे का शिकार हैं। कम और मध्यम आय वाले देशों में मोटापे में जोरदार वृद्धि संबंधित लागतों को जबर्दस्त ढंग से प्रभावित कर रहा है। एफएओ का कहना है कि शहरीकरण, अधिक बैठने वाले काम और पैकेज्ड फूड की उपलब्धता को देखते हुए मोटापे की समस्या से निपटने के उपाय करना नीति नियामकों के लिए बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां विशेषज्ञों ने कहा कि विटामिन, आयरन और आयोडीन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी विशेष रूप से विकासशील देशों में आम है। एफएओ ने कहा कि कुपोषण की लागत वैश्विक जीडीपी का दो से तीन प्रतिशत है, जो प्रतिवर्ष 1400 से 2100 अरब डॉलर के बराबर है। अपनी वार्षिक रिपोर्ट में रोम स्थित एफएओ ने कहा है कि विश्व आबादी का 12.5 प्रतिशत (लगभग 86.8 करोड़ लोग) कैलोरी के हिसाब से कुपोषित हैं, जबकि विश्वभर में 26 प्रतिशत बच्चों का अच्छी तरह विकास नहीं हो पाया है। इसमें कहा गया है कि करीब दो अरब लोग सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी का शिकार हैं और 1.4 अरब बच्चों का ज्यादा वजन है, जिसमें से 50 करोड़ बच्चे मोटापे का शिकार हैं। कम और मध्यम आय वाले देशों में मोटापे में जोरदार वृद्धि संबंधित लागतों को जबर्दस्त ढंग से प्रभावित कर रहा है। एफएओ का कहना है कि शहरीकरण, अधिक बैठने वाले काम और पैकेज्ड फूड की उपलब्धता को देखते हुए मोटापे की समस्या से निपटने के उपाय करना नीति नियामकों के लिए बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां विशेषज्ञों ने कहा कि विटामिन, आयरन और आयोडीन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी विशेष रूप से विकासशील देशों में आम है। एफएओ ने कहा कि कुपोषण की लागत वैश्विक जीडीपी का दो से तीन प्रतिशत है, जो प्रतिवर्ष 1400 से 2100 अरब डॉलर के बराबर है। इसमें कहा गया है कि करीब दो अरब लोग सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी का शिकार हैं और 1.4 अरब बच्चों का ज्यादा वजन है, जिसमें से 50 करोड़ बच्चे मोटापे का शिकार हैं। कम और मध्यम आय वाले देशों में मोटापे में जोरदार वृद्धि संबंधित लागतों को जबर्दस्त ढंग से प्रभावित कर रहा है। एफएओ का कहना है कि शहरीकरण, अधिक बैठने वाले काम और पैकेज्ड फूड की उपलब्धता को देखते हुए मोटापे की समस्या से निपटने के उपाय करना नीति नियामकों के लिए बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां विशेषज्ञों ने कहा कि विटामिन, आयरन और आयोडीन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी विशेष रूप से विकासशील देशों में आम है। एफएओ ने कहा कि कुपोषण की लागत वैश्विक जीडीपी का दो से तीन प्रतिशत है, जो प्रतिवर्ष 1400 से 2100 अरब डॉलर के बराबर है। एफएओ का कहना है कि शहरीकरण, अधिक बैठने वाले काम और पैकेज्ड फूड की उपलब्धता को देखते हुए मोटापे की समस्या से निपटने के उपाय करना नीति नियामकों के लिए बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां विशेषज्ञों ने कहा कि विटामिन, आयरन और आयोडीन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी विशेष रूप से विकासशील देशों में आम है। एफएओ ने कहा कि कुपोषण की लागत वैश्विक जीडीपी का दो से तीन प्रतिशत है, जो प्रतिवर्ष 1400 से 2100 अरब डॉलर के बराबर है। विशेषज्ञों ने कहा कि विटामिन, आयरन और आयोडीन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी विशेष रूप से विकासशील देशों में आम है। एफएओ ने कहा कि कुपोषण की लागत वैश्विक जीडीपी का दो से तीन प्रतिशत है, जो प्रतिवर्ष 1400 से 2100 अरब डॉलर के बराबर है। एफएओ ने कहा कि कुपोषण की लागत वैश्विक जीडीपी का दो से तीन प्रतिशत है, जो प्रतिवर्ष 1400 से 2100 अरब डॉलर के बराबर है।
सारांश: अपनी वार्षिक रिपोर्ट में रोम स्थित एफएओ ने कहा है कि विश्व आबादी का 12.5 प्रतिशत कैलोरी के हिसाब से कुपोषित हैं, जबकि विश्वभर में 26 प्रतिशत बच्चों का अच्छी तरह विकास नहीं हो पाया है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोलते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीटीवी से बातचीत में साफ कहा कि मोदी को तो गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी पद से हटाना चाहते थे, परन्तु उनकी चल नहीं पाई।टिप्पणियां दरअसल, नीतीश के मंगलवार को सामने आए प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के सेक्युलर होने संबंधी बयान के बाद आरएसएस ने गुस्साते हुए सवाल किया था कि देश का प्रधानमंत्री हिन्दुत्ववादी क्यों नहीं हो सकता। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सवाल किया कि क्या सारे पीएम सेक्युलर नहीं रहे हैं, और क्या अब नीतीश कुमार बताएंगे कि पीएम पद का उम्मीदवार कैसा होना चाहिए...? उधर, बीजेपी ने इस बयानबाजी में कूदते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी जैसे ही सेक्युलर हैं। बीजेपी नेता बलबीर पुंज ने पूछा कि सेक्युलर होने की परिभाषा क्या है, यह कौन तय करेगा... दरअसल, नीतीश के मंगलवार को सामने आए प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के सेक्युलर होने संबंधी बयान के बाद आरएसएस ने गुस्साते हुए सवाल किया था कि देश का प्रधानमंत्री हिन्दुत्ववादी क्यों नहीं हो सकता। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सवाल किया कि क्या सारे पीएम सेक्युलर नहीं रहे हैं, और क्या अब नीतीश कुमार बताएंगे कि पीएम पद का उम्मीदवार कैसा होना चाहिए...? उधर, बीजेपी ने इस बयानबाजी में कूदते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी जैसे ही सेक्युलर हैं। बीजेपी नेता बलबीर पुंज ने पूछा कि सेक्युलर होने की परिभाषा क्या है, यह कौन तय करेगा... उधर, बीजेपी ने इस बयानबाजी में कूदते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी जैसे ही सेक्युलर हैं। बीजेपी नेता बलबीर पुंज ने पूछा कि सेक्युलर होने की परिभाषा क्या है, यह कौन तय करेगा...
यहाँ एक सारांश है:बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीटीवी से बातचीत में साफ कहा कि नरेंद्र मोदी को गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पद से हटाना चाहते थे, परन्तु उनकी चल नहीं पाई।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रविचंद्रन अश्विन (12 विकेट) के नेतृत्व में अपने फिरकी गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम एमए चिदम्बरम स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के साथ जारी पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक जीत की दहलीज पर खड़ी दिखी। एक समय भारत को पारी की जीत मिलती दिख रही थी लेकिन मेहमान टीम के पुछल्ले बल्लेबाजों ने उसकी जीत को पांचवें दिन तक के लिए टाल दिया। ऑस्ट्रेलिया ने दिन की समाप्ति तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाकर 40 रनों की बढ़त हासिल कर ली। विकेट पर मेहमान टीम का अंतिम जोड़ा मौजूद है और उसे पांचवें दिन के पूरे 90 ओवर खेलने हैं। ऐसे में इस मैच में भारत की जीत पक्की नजर आ रही है। एक समय ऑस्ट्रेलिया ने 175 रनों के कुल योग पर अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट गंवा दिए थे। उसकी पारी की हार सामने दिख रही थी लेकिन नेथन लियोन (नाबाद 12) और अपना पहला टेस्ट खेल रहे मोएसिस हेनरिक्स (नाबाद 75) ने अंतिम विकेट के लिए न सिर्फ 57 रन जोड़े बल्कि भारत को पारी की जीत से महरूम किया। हेनरिक्स ने अपनी 124 गेंदों की साहसिक पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए हैं जबकि लियोन अब तक 47 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगा चुके हैं। भारत की ओर से अश्विन ने पांच विकेट लिए हैं जबकि हरभजन सिंह और रवींद्र जडेजा को दो-दो सफलता मिली है। अश्विन ने पहली पारी में भी सात विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 380 रनों पर समेटने के बाद भारत ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (224) और विराट कोहली (107) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसके बाद उसने पहली पारी के आधार पर 192 रनों की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले हेनरिक्स के अलावा कप्तान माइकल क्लार्क ने 31 रनों का योगदान दिया। एड कोवान ने 32 रन बनाए जबकि डेविड वार्नर ने 23 रनों की पारी खेली। इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसमें कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 224 रन शामिल हैं। भुवनेश्वर कुमार ने 38 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा चार रनों पर नाबाद लौटे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। कुमार और धोनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई। कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने दिन की समाप्ति तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाकर 40 रनों की बढ़त हासिल कर ली। विकेट पर मेहमान टीम का अंतिम जोड़ा मौजूद है और उसे पांचवें दिन के पूरे 90 ओवर खेलने हैं। ऐसे में इस मैच में भारत की जीत पक्की नजर आ रही है। एक समय ऑस्ट्रेलिया ने 175 रनों के कुल योग पर अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट गंवा दिए थे। उसकी पारी की हार सामने दिख रही थी लेकिन नेथन लियोन (नाबाद 12) और अपना पहला टेस्ट खेल रहे मोएसिस हेनरिक्स (नाबाद 75) ने अंतिम विकेट के लिए न सिर्फ 57 रन जोड़े बल्कि भारत को पारी की जीत से महरूम किया। हेनरिक्स ने अपनी 124 गेंदों की साहसिक पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए हैं जबकि लियोन अब तक 47 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगा चुके हैं। भारत की ओर से अश्विन ने पांच विकेट लिए हैं जबकि हरभजन सिंह और रवींद्र जडेजा को दो-दो सफलता मिली है। अश्विन ने पहली पारी में भी सात विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 380 रनों पर समेटने के बाद भारत ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (224) और विराट कोहली (107) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसके बाद उसने पहली पारी के आधार पर 192 रनों की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले हेनरिक्स के अलावा कप्तान माइकल क्लार्क ने 31 रनों का योगदान दिया। एड कोवान ने 32 रन बनाए जबकि डेविड वार्नर ने 23 रनों की पारी खेली। इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसमें कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 224 रन शामिल हैं। भुवनेश्वर कुमार ने 38 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा चार रनों पर नाबाद लौटे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। कुमार और धोनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई। कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। एक समय ऑस्ट्रेलिया ने 175 रनों के कुल योग पर अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट गंवा दिए थे। उसकी पारी की हार सामने दिख रही थी लेकिन नेथन लियोन (नाबाद 12) और अपना पहला टेस्ट खेल रहे मोएसिस हेनरिक्स (नाबाद 75) ने अंतिम विकेट के लिए न सिर्फ 57 रन जोड़े बल्कि भारत को पारी की जीत से महरूम किया। हेनरिक्स ने अपनी 124 गेंदों की साहसिक पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए हैं जबकि लियोन अब तक 47 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगा चुके हैं। भारत की ओर से अश्विन ने पांच विकेट लिए हैं जबकि हरभजन सिंह और रवींद्र जडेजा को दो-दो सफलता मिली है। अश्विन ने पहली पारी में भी सात विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 380 रनों पर समेटने के बाद भारत ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (224) और विराट कोहली (107) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसके बाद उसने पहली पारी के आधार पर 192 रनों की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले हेनरिक्स के अलावा कप्तान माइकल क्लार्क ने 31 रनों का योगदान दिया। एड कोवान ने 32 रन बनाए जबकि डेविड वार्नर ने 23 रनों की पारी खेली। इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसमें कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 224 रन शामिल हैं। भुवनेश्वर कुमार ने 38 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा चार रनों पर नाबाद लौटे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। कुमार और धोनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई। कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। हेनरिक्स ने अपनी 124 गेंदों की साहसिक पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए हैं जबकि लियोन अब तक 47 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगा चुके हैं। भारत की ओर से अश्विन ने पांच विकेट लिए हैं जबकि हरभजन सिंह और रवींद्र जडेजा को दो-दो सफलता मिली है। अश्विन ने पहली पारी में भी सात विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 380 रनों पर समेटने के बाद भारत ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (224) और विराट कोहली (107) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसके बाद उसने पहली पारी के आधार पर 192 रनों की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले हेनरिक्स के अलावा कप्तान माइकल क्लार्क ने 31 रनों का योगदान दिया। एड कोवान ने 32 रन बनाए जबकि डेविड वार्नर ने 23 रनों की पारी खेली। इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसमें कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 224 रन शामिल हैं। भुवनेश्वर कुमार ने 38 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा चार रनों पर नाबाद लौटे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। कुमार और धोनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई। कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 380 रनों पर समेटने के बाद भारत ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (224) और विराट कोहली (107) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसके बाद उसने पहली पारी के आधार पर 192 रनों की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले हेनरिक्स के अलावा कप्तान माइकल क्लार्क ने 31 रनों का योगदान दिया। एड कोवान ने 32 रन बनाए जबकि डेविड वार्नर ने 23 रनों की पारी खेली। इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसमें कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 224 रन शामिल हैं। भुवनेश्वर कुमार ने 38 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा चार रनों पर नाबाद लौटे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। कुमार और धोनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई। कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले हेनरिक्स के अलावा कप्तान माइकल क्लार्क ने 31 रनों का योगदान दिया। एड कोवान ने 32 रन बनाए जबकि डेविड वार्नर ने 23 रनों की पारी खेली। इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसमें कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 224 रन शामिल हैं। भुवनेश्वर कुमार ने 38 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा चार रनों पर नाबाद लौटे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। कुमार और धोनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई। कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। इससे पहले, भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इसमें कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 224 रन शामिल हैं। भुवनेश्वर कुमार ने 38 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा चार रनों पर नाबाद लौटे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। कुमार और धोनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई। कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। कुमार और धोनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई। कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। धोनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे।टिप्पणियां उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी। गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली। इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला। पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं।
संक्षिप्त पाठ: रविचंद्रन अश्विन (12 विकेट) के नेतृत्व में अपने फिरकी गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम एमए चिदम्बरम स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के साथ जारी पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक जीत की दहलीज पर खड़ी दिखी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसको देखकर आप हंस-हंसकर लोट-पोट हो जाएंगे. शादी में देखा जाता है कि दूल्हे के दोस्त या फिर रिश्तेदार नागिन डांस करता है और बारात को चार चांद लगाता है. ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स नागिन डांस कर रहा है. इस वीडियो को देखकर आप भी कह पड़ेंगे कि ये कैसा नए प्रकार का नागिन डांस है. फेसबुक, वाट्सऐप और ट्विटर पर इस वीडियो को काफी शेयर किया जा रहा है.  वीडियो में देखा जा सकता है कि डीजे पर नागिन की धुन बज रही है और एक शख्स सांप की तरह रेंगते हुए नागिन डांस कर रहा है. वहीं एक शख्स हाथ में रुमाल लेकर सपेरा बना है. नागिन डांस करते हुए शख्स टेंट के पाइप पर चढ़ जाता है और टेंट के ऊपर निकल जाता है. सभी उसका वीडियो रिकॉर्ड करने लगते हैं. वो दूसरी तरफ से निकलकर आते हैं और उलटा लटक जाता है. कई लोग जोर-जोर से हंस रहे हैं तो कोई मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं.
संक्षिप्त पाठ: नागिन डांस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. नागिन डांस करते हुए शख्स टेंट के पाइप पर चढ़ गया. फेसबुक, वाट्सऐप और ट्विटर पर इस वीडियो को काफी शेयर किया जा रहा है.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कारों के घरेलू बाजार में इस वर्ष अप्रैल की बिक्री 1,68,351 इकाई रही जो पिछले साल इसी माह की 1,62,813 इकाई से 3.4 प्रतिशत अधिक है। वाहन विनिर्माता कंपनियों के संघ सोसाइटी आफ इंडियन आटोमोबाइल मैन्यूफैक्चर्स :सीयाम: के आज जारी आंकड़ों के अनुसार आलोच्य माह में मोटरसाइकिलों की बिक्री 6.54 प्रतिशत वृद्धि के साथ 8,61,602 इकाई रही। इससे पिछले वर्ष इसी माह देश में 8,08,728 मोटरसाइकिलें बिकी थीं।टिप्पणियां अप्रैल में कुल दोपहिया वाहनों की बिक्री 10.94 प्रतिशत बढ कर 11,57,108 इकाई रही जबकि पिछले साल इसी माह बिक्री 10,43,010 इकाई थी। सियमा की मासिक रपट के अनुसार माह के दौरान वाणिज्यिक वाहनों का बाजार 4.37 प्रतिशत ऊंचा रहा। पिछले साल अप्रैल के 53,903 वाहन के मुकाबले इस बार 56,257 वाणिज्यिक वाहन बिके। इस बार अप्रैल माह के दौरान सभी प्रकार के वाहनों की बिक्री 14,72,385 इकाई रही जो अप्रैल 2011 के 13,38,430 इकाई के मुकाबले 10.01 प्रतिशत अधिक है। वाहन विनिर्माता कंपनियों के संघ सोसाइटी आफ इंडियन आटोमोबाइल मैन्यूफैक्चर्स :सीयाम: के आज जारी आंकड़ों के अनुसार आलोच्य माह में मोटरसाइकिलों की बिक्री 6.54 प्रतिशत वृद्धि के साथ 8,61,602 इकाई रही। इससे पिछले वर्ष इसी माह देश में 8,08,728 मोटरसाइकिलें बिकी थीं।टिप्पणियां अप्रैल में कुल दोपहिया वाहनों की बिक्री 10.94 प्रतिशत बढ कर 11,57,108 इकाई रही जबकि पिछले साल इसी माह बिक्री 10,43,010 इकाई थी। सियमा की मासिक रपट के अनुसार माह के दौरान वाणिज्यिक वाहनों का बाजार 4.37 प्रतिशत ऊंचा रहा। पिछले साल अप्रैल के 53,903 वाहन के मुकाबले इस बार 56,257 वाणिज्यिक वाहन बिके। इस बार अप्रैल माह के दौरान सभी प्रकार के वाहनों की बिक्री 14,72,385 इकाई रही जो अप्रैल 2011 के 13,38,430 इकाई के मुकाबले 10.01 प्रतिशत अधिक है। अप्रैल में कुल दोपहिया वाहनों की बिक्री 10.94 प्रतिशत बढ कर 11,57,108 इकाई रही जबकि पिछले साल इसी माह बिक्री 10,43,010 इकाई थी। सियमा की मासिक रपट के अनुसार माह के दौरान वाणिज्यिक वाहनों का बाजार 4.37 प्रतिशत ऊंचा रहा। पिछले साल अप्रैल के 53,903 वाहन के मुकाबले इस बार 56,257 वाणिज्यिक वाहन बिके। इस बार अप्रैल माह के दौरान सभी प्रकार के वाहनों की बिक्री 14,72,385 इकाई रही जो अप्रैल 2011 के 13,38,430 इकाई के मुकाबले 10.01 प्रतिशत अधिक है। सियमा की मासिक रपट के अनुसार माह के दौरान वाणिज्यिक वाहनों का बाजार 4.37 प्रतिशत ऊंचा रहा। पिछले साल अप्रैल के 53,903 वाहन के मुकाबले इस बार 56,257 वाणिज्यिक वाहन बिके। इस बार अप्रैल माह के दौरान सभी प्रकार के वाहनों की बिक्री 14,72,385 इकाई रही जो अप्रैल 2011 के 13,38,430 इकाई के मुकाबले 10.01 प्रतिशत अधिक है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कारों के घरेलू बाजार में इस वर्ष अप्रैल की बिक्री 1,68,351 इकाई रही जो पिछले साल इसी माह की 1,62,813 इकाई से 3.4 प्रतिशत अधिक है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू की एक जेल में पाकिस्तानी कैदी पर हुए हमले की जांच शुरू कर दी गई है। शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, "घटना सुबह आठ से 8.30 बजे के बीच हुई है। जम्मू जेल में पाकिस्तानी कैदी पर हमला हुआ है। इसकी जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।" उन्होंने हालांकि, इस हमले को पाकिस्तान में सरबजीत सिंह की मौत का प्रतिशोध माने जाने से इनकार कर दिया। जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री मंत्री फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि यह पाकिस्तान के मामले से बिल्कुल अलग है तथा कैदी की देखभाल की जाएगी।टिप्पणियां फारुक ने कहा, "पाकिस्तान के विपरीत यहां कम से कम जांच की जाएगी और हम इसकी वजह जान पाएंगे।" पाकिस्तान की जेल में 23 सालों से कैद रहे सरबजीत की बुधवार देर रात लाहौर अस्पताल में मौत हो गई थी। सरबजीत को आतंकवादी घटना में दोषी ठहराया गया था और मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, "घटना सुबह आठ से 8.30 बजे के बीच हुई है। जम्मू जेल में पाकिस्तानी कैदी पर हमला हुआ है। इसकी जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।" उन्होंने हालांकि, इस हमले को पाकिस्तान में सरबजीत सिंह की मौत का प्रतिशोध माने जाने से इनकार कर दिया। जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री मंत्री फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि यह पाकिस्तान के मामले से बिल्कुल अलग है तथा कैदी की देखभाल की जाएगी।टिप्पणियां फारुक ने कहा, "पाकिस्तान के विपरीत यहां कम से कम जांच की जाएगी और हम इसकी वजह जान पाएंगे।" पाकिस्तान की जेल में 23 सालों से कैद रहे सरबजीत की बुधवार देर रात लाहौर अस्पताल में मौत हो गई थी। सरबजीत को आतंकवादी घटना में दोषी ठहराया गया था और मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री मंत्री फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि यह पाकिस्तान के मामले से बिल्कुल अलग है तथा कैदी की देखभाल की जाएगी।टिप्पणियां फारुक ने कहा, "पाकिस्तान के विपरीत यहां कम से कम जांच की जाएगी और हम इसकी वजह जान पाएंगे।" पाकिस्तान की जेल में 23 सालों से कैद रहे सरबजीत की बुधवार देर रात लाहौर अस्पताल में मौत हो गई थी। सरबजीत को आतंकवादी घटना में दोषी ठहराया गया था और मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। फारुक ने कहा, "पाकिस्तान के विपरीत यहां कम से कम जांच की जाएगी और हम इसकी वजह जान पाएंगे।" पाकिस्तान की जेल में 23 सालों से कैद रहे सरबजीत की बुधवार देर रात लाहौर अस्पताल में मौत हो गई थी। सरबजीत को आतंकवादी घटना में दोषी ठहराया गया था और मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। पाकिस्तान की जेल में 23 सालों से कैद रहे सरबजीत की बुधवार देर रात लाहौर अस्पताल में मौत हो गई थी। सरबजीत को आतंकवादी घटना में दोषी ठहराया गया था और मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी।
यहाँ एक सारांश है:केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू की एक जेल में पाकिस्तानी कैदी पर हुए हमले की जांच शुरू कर दी गई है।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: स्पीकर के तौर पर 57 साल के ओम बिरला ने लोकसभा में कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव किया है. सबसे बड़ा बदलाव नए सांसदों को भरपूर मौका देना है. कोटा से दूसरी बार सांसद चुने गए ओम बिरला को स्पीकर के रूप में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. वे खुद जब चुनकर आए थे तब नए सांसद के रूप में उनके जो अनुभव रहे, वे उसे अब बतौर स्पीकर लागू कर रहे हैं. तब उन्हें करीब एक साल तक बोलने का मौका नहीं मिल सका था. अब वे नए सांसदों को खूब मौका दे रहे हैं. अब तक करीब सौ नए सांसदों को शून्यकाल में बोलने का मौका मिल चुका है. नए सांसद इससे बेहद खुश हैं. नए सांसदों को मौका देने के लिए ओम बिरला शून्यकाल का समय बढ़ाने से भी नहीं हिचकिचाए हैं. कुछ ऐसे मौके भी आए जब खुद बिरला आसन पर बैठे रहे ताकि नए सदस्यों को बोलने का मौका मिलता रहे. इसके लिए उन्होंने अपना दोपहर का भोजन भी टाल दिया. सदन की कार्यवाही में किसी तरह का व्यवधान न हो, यह भी ओम बिरला सुनिश्चित कर रहे हैं. वे विपक्ष के सांसदों को आश्वासन देते हैं कि उन्हें बोलने का पूरा मौका मिलेगा. डीएमके के नेता टीआर बालू के साथ ऐसा ही हुआ. स्पीकर ने उनको दिया अपना वादा निभाया और उन्हें बाद में बोलने का पूरा मौका दिया. इसी तरह प्रश्नकाल को भी ओम बिरला कस रहे हैं. सांसदों से प्रश्न और मंत्रियों से उत्तर को संक्षिप्त और सटीक रखने को कहा जाता है. इसका नतीजा है कि औसतन अब आठ प्रश्नों का जवाब मिल रहा है. जबकि इससे पहले यह औसत करीब साढ़े चार था. मंत्रियों को कई बार आसन से टोका भी गया है. सांसदों को नसीहत दी गई है कि वे आसन के सामने न आएं. इसी तरह यह भी कह दिया गया है कि वे मार्शल के जरिए आसन को कोई आवेदन या पर्चा न भेजें. सभी सांसदों से कहा गया है कि वे अधिकारियों के जरिए तय नियमों के तहत ही अपना आवेदन रखें. सूत्रों के अनुसार बिरला ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता हर तरह से मौजूदा सत्र में सदन को ठीक से चलाने की है. इसके लिए वे विपक्ष के सांसदों से लगातार मिल रहे हैं. आज तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों ने उनसे मुलाकात की. बाद में इन सांसदों ने बताया कि उन्होंने ओम बिरला को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक पत्र सौंपा है जिसमें ममता ने बिरला को बधाई दी है, साथ ही उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी हैं. ममता बनर्जी ने स्पीकर को प्रसिद्ध बंगाली मिठाई संदेश का एक डिब्बा भी इन सांसदों के हाथ से भिजवाया है.
संक्षिप्त सारांश: नए सांसदों को मौका देने के लिए शून्यकाल का समय बढ़ाने में नहीं हिचकिचाए अब तक करीब सौ नए सांसदों को शून्यकाल में बोलने का मौका मिला सांसदों से प्रश्न और मंत्रियों से उत्तर को संक्षिप्त और सटीक रखने को कहा
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और जहीर खान भारतीय टीम में अब भी वापसी कर सकते हैं। इन तीनों को इंग्लैंड में जून में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में नहीं चुना गया।टिप्पणियां इस बारे में गांगुली ने कहा, अभी से नतीजे नहीं निकालने चाहिए। चयन के मसले पर हमेशा बहस की जा सकती है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि उनका करियर खत्म हो गया है। पहले भी ऐसा हुआ है। उन्होंने वापसी करके खेला है। उन्हें लगातार अच्छा खेलना होगा और उम्मीद है कि वे टीम में वापसी करेंगे। बंगाल के चार खिलाड़ियों रिधिमान साहा, मनोज तिवारी, अशोक डिंडा और मोहम्मद शमी को संभावितों में जगह मिली है। गांगुली ने कहा, यह अच्छी खबर है। उन्होंने भारत के लिए खेला है और वे टीम में शामिल होने के हकदार हैं। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। इस बारे में गांगुली ने कहा, अभी से नतीजे नहीं निकालने चाहिए। चयन के मसले पर हमेशा बहस की जा सकती है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि उनका करियर खत्म हो गया है। पहले भी ऐसा हुआ है। उन्होंने वापसी करके खेला है। उन्हें लगातार अच्छा खेलना होगा और उम्मीद है कि वे टीम में वापसी करेंगे। बंगाल के चार खिलाड़ियों रिधिमान साहा, मनोज तिवारी, अशोक डिंडा और मोहम्मद शमी को संभावितों में जगह मिली है। गांगुली ने कहा, यह अच्छी खबर है। उन्होंने भारत के लिए खेला है और वे टीम में शामिल होने के हकदार हैं। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। बंगाल के चार खिलाड़ियों रिधिमान साहा, मनोज तिवारी, अशोक डिंडा और मोहम्मद शमी को संभावितों में जगह मिली है। गांगुली ने कहा, यह अच्छी खबर है। उन्होंने भारत के लिए खेला है और वे टीम में शामिल होने के हकदार हैं। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।
सारांश: पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और जहीर खान भारतीय टीम में अब भी वापसी कर सकते हैं। इन तीनों को इंग्लैंड में जून में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में नहीं चुना गया।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया. यह हमला बालाकोट में  किया गया. सूत्रों के मुताबिक बालाकोट वही जगह है जिसे कभी मुगलों और अफगानियों ने भारत पर हमलों के दोरान अपना बेस बनाया था.     सन 1971 के बाद यह पहली बार हुआ जब भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) को क्रॉस करके पाक पर हमला किया. वायुसेना ने सिर्फ डेढ़ मिनट में आतंकी गढ़ बालाकोट को तबाह कर दिया. इस हमले में करीब 300 आतंकी मारे गए. भारत पर कुछ सदियों पहले अफगानियों और मुगलों ने हमले किए थे. इन हमलों के दौरान इन दोनों हमलावरों ने अपना बेस बालाकोट को बनाया था. अब भारत ने इस स्थान पर हमला करके वहां मौजूद आतंकी कैंपों को नेस्तनाबूत कर दिया. वायुसेना ने पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर ही यह कार्रवाई की.   सूत्रों ने बताया कि बालाकोट इलाके में बीच में जंगल है और चारों ओर खड़े पत्थरों के पहाड़ हैं. यह खैबर पख्तून का इलाका है. इस स्थान की एलओसी से हवाई सीमा करीब 60 किलोमीटर है. हमले में 250 से 300 आतंकियों के मारे जाने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकी लॉन्चिंग पैड से पीछे आ गए थे. बालाकोट में जैश का मुख्य ट्रेनिंग सेंटर था जिसमें 6 बैरकों में आतंकी रहे रहे थे. यहां तीन तरह के कोर्स बेसिक, एडवांस और बैट चल रहे थे. हर कोर्स करीब तीन महीने का होता था. मसूद अजहर के बेटे की ट्रेनिंग यहीं पर हुई थी. 160 बैट कमांडो की ट्रेनिंग जुलाई 2017 में यहीं हुई थी. मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर इस कैम्प का प्रमुख था. पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड अब्दुल रशीद गाजी की ट्रेनिंग यहीं हुई थी. बालाकोट पर इंडियन एयर फोर्स मिराज का अटैकिंग समय महज डेढ़ मिनट था. यह पूरी कार्रवाई 20 मिनट में पूरी हो गई. इस समय में लड़ाकू विमानों का आना-जाना शामिल है. हमला लेजर गाइडेड बम से किया गया. सारे निशाने पूरी तरह सटीक बैठे.
यह एक सारांश है: बालाकोट में जैश का मुख्य ट्रेनिंग सेंटर था, 6 बैरकों में आतंकी रह रहे थे आतंकवादी सरगना मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर कैम्प का प्रमुख था सन 1971 के बाद पहली बार वायुसेना ने एलओसी क्रॉस करके हमला किया
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) बॉलीवु़ड के सबसे चहेते सुपरस्टार में से एक हैं. उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म 'कहो ना प्यार है' (Kaho Naa Pyaar Hai) से बॉलीवुड में धूम मचा दी थी. इस फिल्म की सफलता ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था. 'कहो ना प्यार है' की शानदार सफलता के बाद उनकी फीमेल फैन फॉलोइंग में खूब इजाफा देखने को मिला, जो अभी भी जारी है. ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) ने अब एक खुलासा किया है, जो काफी सुर्खियों में है. मुंबई मिरर में छपी खबर के अनुसार, ऋतिक रोशन ने कपिल शर्मा के शो 'द कपिल शर्मा शो' (The Kapil Sharma Show) में बताया कि 'कहो ना प्यार है' के रिलीज होने के बाद उन्हें 30,00 शादी के प्रस्ताव आए थे. हालांकि, बाद में उन्होंने सुजैन खान (Sussanne Khan) से शादी रचा ली. बता दें कि शादी के 13 साल बाद उनका साल 2014 में तलाक हो गया था. ऋतिक रोशन और सुजैन खान के दो बच्चे रेहान (Hrehaan 13) और रिधान (Hridhaan 11) हैं. ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) ने 'कहो ना प्यार है' (Kaho Naa Pyaar Hai) में डबल रोल निभाया था. इस फिल्म से अमीशा पटेल (Ameesha Patel) ने भी अपनी एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म से दोनों रातोंरात स्टार बन गए थे. इस फिल्म को आईफा अवॉर्ड (IIFA Award 2019) समारोह में स्पेशल अवॉर्ड भी मिला है. ऋतिक रोशन की इस फिल्म को उनके पिता राकेश रोशन ने निर्देशित किया था. फिल्म 'कहो ना प्यार है' ने अलग-अलग अवॉर्ड समारोह में कुल 90 अवॉर्ड अपने नाम किए थे, जो कि एक रिकॉर्ड है. ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की फिल्म  'वॉर (War)' गांधी जयंती यानी 2 अक्तूबर को रिलीज होगी. इस फिल्म में ऋतिक और टाइगर के अलावा वाणी कपूर, अनुप्रिया और दीपानिता शर्मा भी नजर आएंगी. इससे पहले फिल्म के ट्रेलर को खूब पसंद किया गया था. हाल ही में इस फिल्म का दूसरा गाना 'जय जय शिव शंकर' (Jai Jai Shivshankar) रिलीज हुआ था और इस गाने ने खूब धूम मचाई थी.  Sapna Choudhary मना रही हैं Birthday तो Amitabh Bachchan को मिलेगा Dadasaheb Phalke Award
यह एक सारांश है: ऋतिक रोशन का बड़ा खुलासा बोले- 'कहो ना प्यार है' के बाद 30,000 शादी के प्रस्ताव आए थे ऋतिक रोशन की फिल्म वॉर जल्द रिलीज होने वाली है
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: कर्नाटक में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई का नेतृत्व करने वाले सिद्धारमैया को सोमवार को राज्य के 22वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई जाएगी। प्रदेश के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज सोमवार को 64 वर्षीय सिद्धारमैया को श्री कांतिराव स्टेडियम में एक समारोह में शपथ दिलाएंगे। उसमें उनके गृह जिले मैसूर और आस-पास के इलाकों के 50 हजार लोगों के शरीक होने की उम्मीद है। भारद्वाज सिद्धारमैया को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। सिद्धारमैया को गत 10 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। गुप्त मतदान में उन्होंने इस पद के प्रबल दावेदार केंद्रीय श्रम मंत्री एम मल्लिकाजरुन खड़गे को पीछे छोड़ दिया था। यद्यपि सिद्धारमैया इस पद की दौड़ में सबसे आगे थे लेकिन उन्हें इस पद के लिए तभी चुना गया जब रक्षा मंत्री एके एंटनी के नेतृत्व वाले कांग्रेस पर्यवेक्षकों के दल ने पार्टी विधायकों से लिखित में अपनी पसंद का इजहार करने को कहा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रजामंदी लेने के बाद एंटनी ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिद्धारमैया के निर्वाचन की घोषणा की। सिद्धारमैया छह साल पहले जद एस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। वह एन धरम सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। एचडी देवगौड़ा के प्रधानमंत्री बन जान के बाद वर्ष 1996 में वकील से नेता बने सिद्धारमैया मुख्यमंत्री की ‘गद्दी’ पाते-पाते रह गए थे। सिद्धारमैया कुरूबा समुदाय के हैं। यह राज्य में तीसरी सबसे बड़ी जाति है। उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तब जे एच पटेल ने पीछे छोड़ दिया था। देवगौड़ा और पटेल दोनों के मुख्यमंत्री काल में सिद्धारमैया वित्त मंत्री रहे।टिप्पणियां सिद्धारमैया के अगले हफ्ते मंत्रिमंडल का गठन करने को तैयार होने के बीच मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीके शिवकुमार, आरवी देशपांडे, शमनूर शिवशंकरप्पा और टीबी जयचंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की उम्मीद है। प्रदेश के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज सोमवार को 64 वर्षीय सिद्धारमैया को श्री कांतिराव स्टेडियम में एक समारोह में शपथ दिलाएंगे। उसमें उनके गृह जिले मैसूर और आस-पास के इलाकों के 50 हजार लोगों के शरीक होने की उम्मीद है। भारद्वाज सिद्धारमैया को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। सिद्धारमैया को गत 10 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। गुप्त मतदान में उन्होंने इस पद के प्रबल दावेदार केंद्रीय श्रम मंत्री एम मल्लिकाजरुन खड़गे को पीछे छोड़ दिया था। यद्यपि सिद्धारमैया इस पद की दौड़ में सबसे आगे थे लेकिन उन्हें इस पद के लिए तभी चुना गया जब रक्षा मंत्री एके एंटनी के नेतृत्व वाले कांग्रेस पर्यवेक्षकों के दल ने पार्टी विधायकों से लिखित में अपनी पसंद का इजहार करने को कहा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रजामंदी लेने के बाद एंटनी ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिद्धारमैया के निर्वाचन की घोषणा की। सिद्धारमैया छह साल पहले जद एस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। वह एन धरम सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। एचडी देवगौड़ा के प्रधानमंत्री बन जान के बाद वर्ष 1996 में वकील से नेता बने सिद्धारमैया मुख्यमंत्री की ‘गद्दी’ पाते-पाते रह गए थे। सिद्धारमैया कुरूबा समुदाय के हैं। यह राज्य में तीसरी सबसे बड़ी जाति है। उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तब जे एच पटेल ने पीछे छोड़ दिया था। देवगौड़ा और पटेल दोनों के मुख्यमंत्री काल में सिद्धारमैया वित्त मंत्री रहे।टिप्पणियां सिद्धारमैया के अगले हफ्ते मंत्रिमंडल का गठन करने को तैयार होने के बीच मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीके शिवकुमार, आरवी देशपांडे, शमनूर शिवशंकरप्पा और टीबी जयचंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की उम्मीद है। भारद्वाज सिद्धारमैया को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। सिद्धारमैया को गत 10 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। गुप्त मतदान में उन्होंने इस पद के प्रबल दावेदार केंद्रीय श्रम मंत्री एम मल्लिकाजरुन खड़गे को पीछे छोड़ दिया था। यद्यपि सिद्धारमैया इस पद की दौड़ में सबसे आगे थे लेकिन उन्हें इस पद के लिए तभी चुना गया जब रक्षा मंत्री एके एंटनी के नेतृत्व वाले कांग्रेस पर्यवेक्षकों के दल ने पार्टी विधायकों से लिखित में अपनी पसंद का इजहार करने को कहा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रजामंदी लेने के बाद एंटनी ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिद्धारमैया के निर्वाचन की घोषणा की। सिद्धारमैया छह साल पहले जद एस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। वह एन धरम सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। एचडी देवगौड़ा के प्रधानमंत्री बन जान के बाद वर्ष 1996 में वकील से नेता बने सिद्धारमैया मुख्यमंत्री की ‘गद्दी’ पाते-पाते रह गए थे। सिद्धारमैया कुरूबा समुदाय के हैं। यह राज्य में तीसरी सबसे बड़ी जाति है। उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तब जे एच पटेल ने पीछे छोड़ दिया था। देवगौड़ा और पटेल दोनों के मुख्यमंत्री काल में सिद्धारमैया वित्त मंत्री रहे।टिप्पणियां सिद्धारमैया के अगले हफ्ते मंत्रिमंडल का गठन करने को तैयार होने के बीच मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीके शिवकुमार, आरवी देशपांडे, शमनूर शिवशंकरप्पा और टीबी जयचंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की उम्मीद है। यद्यपि सिद्धारमैया इस पद की दौड़ में सबसे आगे थे लेकिन उन्हें इस पद के लिए तभी चुना गया जब रक्षा मंत्री एके एंटनी के नेतृत्व वाले कांग्रेस पर्यवेक्षकों के दल ने पार्टी विधायकों से लिखित में अपनी पसंद का इजहार करने को कहा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रजामंदी लेने के बाद एंटनी ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिद्धारमैया के निर्वाचन की घोषणा की। सिद्धारमैया छह साल पहले जद एस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। वह एन धरम सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। एचडी देवगौड़ा के प्रधानमंत्री बन जान के बाद वर्ष 1996 में वकील से नेता बने सिद्धारमैया मुख्यमंत्री की ‘गद्दी’ पाते-पाते रह गए थे। सिद्धारमैया कुरूबा समुदाय के हैं। यह राज्य में तीसरी सबसे बड़ी जाति है। उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तब जे एच पटेल ने पीछे छोड़ दिया था। देवगौड़ा और पटेल दोनों के मुख्यमंत्री काल में सिद्धारमैया वित्त मंत्री रहे।टिप्पणियां सिद्धारमैया के अगले हफ्ते मंत्रिमंडल का गठन करने को तैयार होने के बीच मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीके शिवकुमार, आरवी देशपांडे, शमनूर शिवशंकरप्पा और टीबी जयचंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की उम्मीद है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रजामंदी लेने के बाद एंटनी ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिद्धारमैया के निर्वाचन की घोषणा की। सिद्धारमैया छह साल पहले जद एस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। वह एन धरम सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। एचडी देवगौड़ा के प्रधानमंत्री बन जान के बाद वर्ष 1996 में वकील से नेता बने सिद्धारमैया मुख्यमंत्री की ‘गद्दी’ पाते-पाते रह गए थे। सिद्धारमैया कुरूबा समुदाय के हैं। यह राज्य में तीसरी सबसे बड़ी जाति है। उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तब जे एच पटेल ने पीछे छोड़ दिया था। देवगौड़ा और पटेल दोनों के मुख्यमंत्री काल में सिद्धारमैया वित्त मंत्री रहे।टिप्पणियां सिद्धारमैया के अगले हफ्ते मंत्रिमंडल का गठन करने को तैयार होने के बीच मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीके शिवकुमार, आरवी देशपांडे, शमनूर शिवशंकरप्पा और टीबी जयचंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की उम्मीद है। एचडी देवगौड़ा के प्रधानमंत्री बन जान के बाद वर्ष 1996 में वकील से नेता बने सिद्धारमैया मुख्यमंत्री की ‘गद्दी’ पाते-पाते रह गए थे। सिद्धारमैया कुरूबा समुदाय के हैं। यह राज्य में तीसरी सबसे बड़ी जाति है। उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तब जे एच पटेल ने पीछे छोड़ दिया था। देवगौड़ा और पटेल दोनों के मुख्यमंत्री काल में सिद्धारमैया वित्त मंत्री रहे।टिप्पणियां सिद्धारमैया के अगले हफ्ते मंत्रिमंडल का गठन करने को तैयार होने के बीच मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीके शिवकुमार, आरवी देशपांडे, शमनूर शिवशंकरप्पा और टीबी जयचंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की उम्मीद है। सिद्धारमैया कुरूबा समुदाय के हैं। यह राज्य में तीसरी सबसे बड़ी जाति है। उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तब जे एच पटेल ने पीछे छोड़ दिया था। देवगौड़ा और पटेल दोनों के मुख्यमंत्री काल में सिद्धारमैया वित्त मंत्री रहे।टिप्पणियां सिद्धारमैया के अगले हफ्ते मंत्रिमंडल का गठन करने को तैयार होने के बीच मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीके शिवकुमार, आरवी देशपांडे, शमनूर शिवशंकरप्पा और टीबी जयचंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की उम्मीद है। सिद्धारमैया के अगले हफ्ते मंत्रिमंडल का गठन करने को तैयार होने के बीच मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीके शिवकुमार, आरवी देशपांडे, शमनूर शिवशंकरप्पा और टीबी जयचंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि डीके शिवकुमार, आरवी देशपांडे, शमनूर शिवशंकरप्पा और टीबी जयचंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की उम्मीद है।
सारांश: कर्नाटक में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई का नेतृत्व करने वाले सिद्धारमैया को सोमवार को राज्य के 22वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई जाएगी।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ बहुजन समाज पार्टी ने मुख्यमंत्री मायावती और पार्टी चुनाव चिन्ह हाथी की मूर्तियों को ढकने के लिए चुनाव आयोग के आदेश को एकतरफा बताते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 14 में प्रदत्त नैसर्गिक न्याय का खुला उल्लंघन करार दिया है। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने निर्वाचन आयोग को भेजे अपने पत्र में कहा है कि आयोग के एकतरफा और भेदभावपूर्ण आदेश से दलित समाज तथा पिछड़ा वर्ग के लोग ठगा सा महसूस कर रहे है। उन्होंने कहा कि आयोग के इस आदेश के विरोध में भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतरना चाहते हैं, लेकिन बसपा सुप्रीमो ने सख्त निर्देश दिये है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुचारु बनाये रखा जाये ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अवरोध न पैदा हो। मिश्र ने कहा है कि चुनाव आयोग ने विभिन्न पार्टियों खासतौर से कांग्रेस, भाजपा, सपा व राष्ट्रीय लोकदल द्वारा दिये गये ज्ञापन को स्वीकार करते हुए प्रतिमाओं और हाथी की मूर्तियों को ढकने के जो आदेश दिये है वह न्याय संगत नहीं है, क्योंकि यह आदेश एकतरफा है। मिश्र ने कहा कि उनकी पार्टी आयोग से यह अपेक्षा करती है कि वह विधानसभा चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष रुप से सम्पन्न करायेगी, लेकिन आयोग ने बहुजन समाज पार्टी की स्थापित मूर्तियों एवं हाथियों को ढके जाने के बारे जो निर्णय लिया है। इससे बसपा को हतोत्साहित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्कों, स्मारकों एवं सग्रहालयों आदि में जो हाथी की मूर्तियां स्थापित की गयी है वे स्वागत की मुद्रा में है, जबकि बसपा के चुनाव चिन्ह के हाथी की सूड नीचे है। इससे किसी भी दशा में चुनाव आचार संहिता का भी उल्लंघन नहीं होता है। राष्ट्रीय महासचिव ने स्पष्ट किया कि हाथी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है तथा पुराणों, धार्मिक परम्पराओं और इतिहास में भी हाथी की विशेष महत्ता है। हाथी की प्रतिमाएं सिर्फ स्मारकों में ही नहीं, बल्कि प्रदेश व देश के कोने कोने मे स्थित मंदिरों तथा सरकारी भवनों में भी स्थापित है। यहां तक कि हाथी की मूर्तियां राष्ट्रपति भवन, नार्थ ब्लाक, साउथ ब्लाक के साथ साथ लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के उपर भी लगी हुई है।टिप्पणियां मिश्र ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने बसपा के चुनाव चिन्ह पर आपत्ति स्वीकार की है तो सपा के चुनाव चिन्ह साइकिल, भारतीय जनता पार्टी के कमल, कांग्रेस के हाथ का पंजा तथा रालोद के हैण्डपम्प पर भी आपत्ति होनी चाहिए, क्योंकि हैण्डपम्प तो घर-घर, गांव-गांव में लगा है तथा सरकारी पैसे से भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेछ 14 में कानून के सामने समानता का अवसर देने का प्रावधान है। चुनाव आयोग द्वारा अगर बसपा के संबंध में इस प्रकार का आदेश दिया जाता है तो अन्य दलों द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर शासकीय व्यय पर चुनाव चिन्ह तथा निर्मित मूर्तियों को भी ढके जाने के आदेश तत्काल दिये जाने चाहिए। पार्टी महासचिव ने आरोप लगाया कि आयोग के आदेश न केवल एकपक्षीय है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता पर प्रश्न चिन्ह भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने आदेश पर पुर्नविचार करे, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा व उनके उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि आयोग के इस आदेश के विरोध में भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतरना चाहते हैं, लेकिन बसपा सुप्रीमो ने सख्त निर्देश दिये है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुचारु बनाये रखा जाये ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अवरोध न पैदा हो। मिश्र ने कहा है कि चुनाव आयोग ने विभिन्न पार्टियों खासतौर से कांग्रेस, भाजपा, सपा व राष्ट्रीय लोकदल द्वारा दिये गये ज्ञापन को स्वीकार करते हुए प्रतिमाओं और हाथी की मूर्तियों को ढकने के जो आदेश दिये है वह न्याय संगत नहीं है, क्योंकि यह आदेश एकतरफा है। मिश्र ने कहा कि उनकी पार्टी आयोग से यह अपेक्षा करती है कि वह विधानसभा चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष रुप से सम्पन्न करायेगी, लेकिन आयोग ने बहुजन समाज पार्टी की स्थापित मूर्तियों एवं हाथियों को ढके जाने के बारे जो निर्णय लिया है। इससे बसपा को हतोत्साहित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्कों, स्मारकों एवं सग्रहालयों आदि में जो हाथी की मूर्तियां स्थापित की गयी है वे स्वागत की मुद्रा में है, जबकि बसपा के चुनाव चिन्ह के हाथी की सूड नीचे है। इससे किसी भी दशा में चुनाव आचार संहिता का भी उल्लंघन नहीं होता है। राष्ट्रीय महासचिव ने स्पष्ट किया कि हाथी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है तथा पुराणों, धार्मिक परम्पराओं और इतिहास में भी हाथी की विशेष महत्ता है। हाथी की प्रतिमाएं सिर्फ स्मारकों में ही नहीं, बल्कि प्रदेश व देश के कोने कोने मे स्थित मंदिरों तथा सरकारी भवनों में भी स्थापित है। यहां तक कि हाथी की मूर्तियां राष्ट्रपति भवन, नार्थ ब्लाक, साउथ ब्लाक के साथ साथ लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के उपर भी लगी हुई है।टिप्पणियां मिश्र ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने बसपा के चुनाव चिन्ह पर आपत्ति स्वीकार की है तो सपा के चुनाव चिन्ह साइकिल, भारतीय जनता पार्टी के कमल, कांग्रेस के हाथ का पंजा तथा रालोद के हैण्डपम्प पर भी आपत्ति होनी चाहिए, क्योंकि हैण्डपम्प तो घर-घर, गांव-गांव में लगा है तथा सरकारी पैसे से भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेछ 14 में कानून के सामने समानता का अवसर देने का प्रावधान है। चुनाव आयोग द्वारा अगर बसपा के संबंध में इस प्रकार का आदेश दिया जाता है तो अन्य दलों द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर शासकीय व्यय पर चुनाव चिन्ह तथा निर्मित मूर्तियों को भी ढके जाने के आदेश तत्काल दिये जाने चाहिए। पार्टी महासचिव ने आरोप लगाया कि आयोग के आदेश न केवल एकपक्षीय है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता पर प्रश्न चिन्ह भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने आदेश पर पुर्नविचार करे, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा व उनके उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। मिश्र ने कहा है कि चुनाव आयोग ने विभिन्न पार्टियों खासतौर से कांग्रेस, भाजपा, सपा व राष्ट्रीय लोकदल द्वारा दिये गये ज्ञापन को स्वीकार करते हुए प्रतिमाओं और हाथी की मूर्तियों को ढकने के जो आदेश दिये है वह न्याय संगत नहीं है, क्योंकि यह आदेश एकतरफा है। मिश्र ने कहा कि उनकी पार्टी आयोग से यह अपेक्षा करती है कि वह विधानसभा चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष रुप से सम्पन्न करायेगी, लेकिन आयोग ने बहुजन समाज पार्टी की स्थापित मूर्तियों एवं हाथियों को ढके जाने के बारे जो निर्णय लिया है। इससे बसपा को हतोत्साहित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्कों, स्मारकों एवं सग्रहालयों आदि में जो हाथी की मूर्तियां स्थापित की गयी है वे स्वागत की मुद्रा में है, जबकि बसपा के चुनाव चिन्ह के हाथी की सूड नीचे है। इससे किसी भी दशा में चुनाव आचार संहिता का भी उल्लंघन नहीं होता है। राष्ट्रीय महासचिव ने स्पष्ट किया कि हाथी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है तथा पुराणों, धार्मिक परम्पराओं और इतिहास में भी हाथी की विशेष महत्ता है। हाथी की प्रतिमाएं सिर्फ स्मारकों में ही नहीं, बल्कि प्रदेश व देश के कोने कोने मे स्थित मंदिरों तथा सरकारी भवनों में भी स्थापित है। यहां तक कि हाथी की मूर्तियां राष्ट्रपति भवन, नार्थ ब्लाक, साउथ ब्लाक के साथ साथ लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के उपर भी लगी हुई है।टिप्पणियां मिश्र ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने बसपा के चुनाव चिन्ह पर आपत्ति स्वीकार की है तो सपा के चुनाव चिन्ह साइकिल, भारतीय जनता पार्टी के कमल, कांग्रेस के हाथ का पंजा तथा रालोद के हैण्डपम्प पर भी आपत्ति होनी चाहिए, क्योंकि हैण्डपम्प तो घर-घर, गांव-गांव में लगा है तथा सरकारी पैसे से भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेछ 14 में कानून के सामने समानता का अवसर देने का प्रावधान है। चुनाव आयोग द्वारा अगर बसपा के संबंध में इस प्रकार का आदेश दिया जाता है तो अन्य दलों द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर शासकीय व्यय पर चुनाव चिन्ह तथा निर्मित मूर्तियों को भी ढके जाने के आदेश तत्काल दिये जाने चाहिए। पार्टी महासचिव ने आरोप लगाया कि आयोग के आदेश न केवल एकपक्षीय है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता पर प्रश्न चिन्ह भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने आदेश पर पुर्नविचार करे, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा व उनके उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। मिश्र ने कहा कि उनकी पार्टी आयोग से यह अपेक्षा करती है कि वह विधानसभा चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष रुप से सम्पन्न करायेगी, लेकिन आयोग ने बहुजन समाज पार्टी की स्थापित मूर्तियों एवं हाथियों को ढके जाने के बारे जो निर्णय लिया है। इससे बसपा को हतोत्साहित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्कों, स्मारकों एवं सग्रहालयों आदि में जो हाथी की मूर्तियां स्थापित की गयी है वे स्वागत की मुद्रा में है, जबकि बसपा के चुनाव चिन्ह के हाथी की सूड नीचे है। इससे किसी भी दशा में चुनाव आचार संहिता का भी उल्लंघन नहीं होता है। राष्ट्रीय महासचिव ने स्पष्ट किया कि हाथी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है तथा पुराणों, धार्मिक परम्पराओं और इतिहास में भी हाथी की विशेष महत्ता है। हाथी की प्रतिमाएं सिर्फ स्मारकों में ही नहीं, बल्कि प्रदेश व देश के कोने कोने मे स्थित मंदिरों तथा सरकारी भवनों में भी स्थापित है। यहां तक कि हाथी की मूर्तियां राष्ट्रपति भवन, नार्थ ब्लाक, साउथ ब्लाक के साथ साथ लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के उपर भी लगी हुई है।टिप्पणियां मिश्र ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने बसपा के चुनाव चिन्ह पर आपत्ति स्वीकार की है तो सपा के चुनाव चिन्ह साइकिल, भारतीय जनता पार्टी के कमल, कांग्रेस के हाथ का पंजा तथा रालोद के हैण्डपम्प पर भी आपत्ति होनी चाहिए, क्योंकि हैण्डपम्प तो घर-घर, गांव-गांव में लगा है तथा सरकारी पैसे से भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेछ 14 में कानून के सामने समानता का अवसर देने का प्रावधान है। चुनाव आयोग द्वारा अगर बसपा के संबंध में इस प्रकार का आदेश दिया जाता है तो अन्य दलों द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर शासकीय व्यय पर चुनाव चिन्ह तथा निर्मित मूर्तियों को भी ढके जाने के आदेश तत्काल दिये जाने चाहिए। पार्टी महासचिव ने आरोप लगाया कि आयोग के आदेश न केवल एकपक्षीय है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता पर प्रश्न चिन्ह भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने आदेश पर पुर्नविचार करे, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा व उनके उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। राष्ट्रीय महासचिव ने स्पष्ट किया कि हाथी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है तथा पुराणों, धार्मिक परम्पराओं और इतिहास में भी हाथी की विशेष महत्ता है। हाथी की प्रतिमाएं सिर्फ स्मारकों में ही नहीं, बल्कि प्रदेश व देश के कोने कोने मे स्थित मंदिरों तथा सरकारी भवनों में भी स्थापित है। यहां तक कि हाथी की मूर्तियां राष्ट्रपति भवन, नार्थ ब्लाक, साउथ ब्लाक के साथ साथ लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के उपर भी लगी हुई है।टिप्पणियां मिश्र ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने बसपा के चुनाव चिन्ह पर आपत्ति स्वीकार की है तो सपा के चुनाव चिन्ह साइकिल, भारतीय जनता पार्टी के कमल, कांग्रेस के हाथ का पंजा तथा रालोद के हैण्डपम्प पर भी आपत्ति होनी चाहिए, क्योंकि हैण्डपम्प तो घर-घर, गांव-गांव में लगा है तथा सरकारी पैसे से भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेछ 14 में कानून के सामने समानता का अवसर देने का प्रावधान है। चुनाव आयोग द्वारा अगर बसपा के संबंध में इस प्रकार का आदेश दिया जाता है तो अन्य दलों द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर शासकीय व्यय पर चुनाव चिन्ह तथा निर्मित मूर्तियों को भी ढके जाने के आदेश तत्काल दिये जाने चाहिए। पार्टी महासचिव ने आरोप लगाया कि आयोग के आदेश न केवल एकपक्षीय है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता पर प्रश्न चिन्ह भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने आदेश पर पुर्नविचार करे, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा व उनके उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। मिश्र ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने बसपा के चुनाव चिन्ह पर आपत्ति स्वीकार की है तो सपा के चुनाव चिन्ह साइकिल, भारतीय जनता पार्टी के कमल, कांग्रेस के हाथ का पंजा तथा रालोद के हैण्डपम्प पर भी आपत्ति होनी चाहिए, क्योंकि हैण्डपम्प तो घर-घर, गांव-गांव में लगा है तथा सरकारी पैसे से भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेछ 14 में कानून के सामने समानता का अवसर देने का प्रावधान है। चुनाव आयोग द्वारा अगर बसपा के संबंध में इस प्रकार का आदेश दिया जाता है तो अन्य दलों द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर शासकीय व्यय पर चुनाव चिन्ह तथा निर्मित मूर्तियों को भी ढके जाने के आदेश तत्काल दिये जाने चाहिए। पार्टी महासचिव ने आरोप लगाया कि आयोग के आदेश न केवल एकपक्षीय है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता पर प्रश्न चिन्ह भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने आदेश पर पुर्नविचार करे, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा व उनके उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। पार्टी महासचिव ने आरोप लगाया कि आयोग के आदेश न केवल एकपक्षीय है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता पर प्रश्न चिन्ह भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने आदेश पर पुर्नविचार करे, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा व उनके उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।
यह एक सारांश है: सतीश चन्द्र मिश्र ने निर्वाचन आयोग को भेजे अपने पत्र में कहा है कि आयोग के एकतरफा और भेदभावपूर्ण आदेश से दलित समाज तथा पिछड़ा वर्ग के लोग ठगा सा महसूस कर रहे है।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने बुधवार को इससे इंकार किया कि संसद के बजट सत्र में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित नहीं होने से आर्थिक सुधार की गति सुस्त होगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा, "ऐसा न समझें कि आर्थिक सुधार के एजेंडे को कम करके देखा जाएगा। कानून के निर्माण में समय लगता है।" बंसल ने कहा, "कुछ काम किए जाने हैं।" उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि उक्त विधेयक अगस्त में होने वाले संसद के मानसून सत्र में पारित हो जाएंगे।टिप्पणियां जो विधेयक पारित होने हैं, उनमें बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक, बीमा कानून संशोधन विधेयक और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण विधेयक शामिल हैं। बंसल ने कहा कि बैंकिंग विधेयक पर विपक्षी दलों के साथ समझौता है, जो 22 मई को पारित होने वाला था। लेकिन अन्य विधेयकों पर कुछ आपत्ति है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा, "ऐसा न समझें कि आर्थिक सुधार के एजेंडे को कम करके देखा जाएगा। कानून के निर्माण में समय लगता है।" बंसल ने कहा, "कुछ काम किए जाने हैं।" उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि उक्त विधेयक अगस्त में होने वाले संसद के मानसून सत्र में पारित हो जाएंगे।टिप्पणियां जो विधेयक पारित होने हैं, उनमें बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक, बीमा कानून संशोधन विधेयक और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण विधेयक शामिल हैं। बंसल ने कहा कि बैंकिंग विधेयक पर विपक्षी दलों के साथ समझौता है, जो 22 मई को पारित होने वाला था। लेकिन अन्य विधेयकों पर कुछ आपत्ति है। बंसल ने कहा, "कुछ काम किए जाने हैं।" उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि उक्त विधेयक अगस्त में होने वाले संसद के मानसून सत्र में पारित हो जाएंगे।टिप्पणियां जो विधेयक पारित होने हैं, उनमें बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक, बीमा कानून संशोधन विधेयक और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण विधेयक शामिल हैं। बंसल ने कहा कि बैंकिंग विधेयक पर विपक्षी दलों के साथ समझौता है, जो 22 मई को पारित होने वाला था। लेकिन अन्य विधेयकों पर कुछ आपत्ति है। जो विधेयक पारित होने हैं, उनमें बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक, बीमा कानून संशोधन विधेयक और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण विधेयक शामिल हैं। बंसल ने कहा कि बैंकिंग विधेयक पर विपक्षी दलों के साथ समझौता है, जो 22 मई को पारित होने वाला था। लेकिन अन्य विधेयकों पर कुछ आपत्ति है। बंसल ने कहा कि बैंकिंग विधेयक पर विपक्षी दलों के साथ समझौता है, जो 22 मई को पारित होने वाला था। लेकिन अन्य विधेयकों पर कुछ आपत्ति है।
यह एक सारांश है: केंद्र सरकार ने बुधवार को इससे इंकार किया कि संसद के बजट सत्र में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित नहीं होने से आर्थिक सुधार की गति सुस्त होगी।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वीएस नायपाल की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के बाद लेखक और अभिनेता गिरीश कर्नाड ने एक और विवाद को जन्म देते हुए नोबल पुरस्कार से सम्मानित रवींद्रनाथ टैगोर को ‘दोयम दर्जे का नाटककार’ कहा है। बेंगलुरू के बाहरी हिस्से में नेलमंगलम के पास संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कर्नाड ने कहा, ‘टैगोर एक महान कवि थे हालांकि वह एक औसत और दोयम दर्जे के नाटककार थे। उनके समकालीन बंगाली थियेटर ने उनके नाटकों को कभी स्वीकार नहीं किया।’ ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कर्नाड ने कहा कि पिछले 50 साल में बादल सरकार, मोहन राकेश और विजय तेंदुलकर जैसे कई नाटककार हुए जो टैगोर से बेहतर हैं।टिप्पणियां पिछले महीने कर्नाड ने वीएस नायपाल की उनके भारतीय मुस्लिमों के प्रति राय को लेकर आलोचना की थी। ययाति, तुगलक, नागा मंडल जैसे कई नाटकों को लेकर चर्चित कर्नाड ने कहा कि टैगोर निर्धन चरित्रों को नहीं समझते थे क्योंकि वह कुलीन वर्ग से आते थे। बेंगलुरू के बाहरी हिस्से में नेलमंगलम के पास संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कर्नाड ने कहा, ‘टैगोर एक महान कवि थे हालांकि वह एक औसत और दोयम दर्जे के नाटककार थे। उनके समकालीन बंगाली थियेटर ने उनके नाटकों को कभी स्वीकार नहीं किया।’ ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कर्नाड ने कहा कि पिछले 50 साल में बादल सरकार, मोहन राकेश और विजय तेंदुलकर जैसे कई नाटककार हुए जो टैगोर से बेहतर हैं।टिप्पणियां पिछले महीने कर्नाड ने वीएस नायपाल की उनके भारतीय मुस्लिमों के प्रति राय को लेकर आलोचना की थी। ययाति, तुगलक, नागा मंडल जैसे कई नाटकों को लेकर चर्चित कर्नाड ने कहा कि टैगोर निर्धन चरित्रों को नहीं समझते थे क्योंकि वह कुलीन वर्ग से आते थे। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कर्नाड ने कहा कि पिछले 50 साल में बादल सरकार, मोहन राकेश और विजय तेंदुलकर जैसे कई नाटककार हुए जो टैगोर से बेहतर हैं।टिप्पणियां पिछले महीने कर्नाड ने वीएस नायपाल की उनके भारतीय मुस्लिमों के प्रति राय को लेकर आलोचना की थी। ययाति, तुगलक, नागा मंडल जैसे कई नाटकों को लेकर चर्चित कर्नाड ने कहा कि टैगोर निर्धन चरित्रों को नहीं समझते थे क्योंकि वह कुलीन वर्ग से आते थे। पिछले महीने कर्नाड ने वीएस नायपाल की उनके भारतीय मुस्लिमों के प्रति राय को लेकर आलोचना की थी। ययाति, तुगलक, नागा मंडल जैसे कई नाटकों को लेकर चर्चित कर्नाड ने कहा कि टैगोर निर्धन चरित्रों को नहीं समझते थे क्योंकि वह कुलीन वर्ग से आते थे। ययाति, तुगलक, नागा मंडल जैसे कई नाटकों को लेकर चर्चित कर्नाड ने कहा कि टैगोर निर्धन चरित्रों को नहीं समझते थे क्योंकि वह कुलीन वर्ग से आते थे।
संक्षिप्त सारांश: वीएस नायपॉल की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के बाद लेखक और अभिनेता गिरीश कर्नाड ने नोबल पुरस्कार से सम्मानित रवींद्रनाथ टैगोर को ‘दोयम दर्जे का नाटककार’ कहा है।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण दिल्ली के डिफेंस कालोनी इलाके में शुक्रवार को एक निजी बैंक की वैन से हुई सवा पांच करोड़ रुपये की लूट की घटना के मामले में चार और लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस ने सोमवार को लूट का करीब करीब पूरा धन बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने बताया कि इन चारों को राजधानी के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इस घटना के संबंध में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें धन छिपाने के मामले में एक आरोपी की मदद करने वाले उसके दो रिश्तेदार शामिल हैं। लूट के मुख्य साजिशकर्ता हरिकिशन, रंजीत, विजय डागर और योगेश को रविवार को मालवीय नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। लुटेरे दीपक शर्मा और डागर के दो रिश्तेदारों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका था।टिप्पणियां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने लूट की तकरीबन पूरी राशि बरामद कर ली है। पुलिस ने कल ही निजी बैंक की वैन से लूटे गए 2. 36 करोड़ रूपये बरामद करने का दावा किया था। इस घटना में लुटेरों ने एक गार्ड को गोली मार दी थी जिसकी बाद में मौत हो गई। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर और खिड़की गांव इलाकों के लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और इस घटना के शिकार लोगों ने इन लुटेरों के चेहरे मोहरे और चाल ढाल के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी जिसके आधार पर पुलिस ने अपने दस्तावेजों में से इनके रिकॉर्ड निकाले और फिर इन्हें घेरा गया। पुलिस ने छापों के दौरान नगदी ले जाने वाली गाड़ी की चाबी भी हरिकिशन के आवास से जब्त की। पुलिस ने बताया कि इन चारों को राजधानी के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इस घटना के संबंध में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें धन छिपाने के मामले में एक आरोपी की मदद करने वाले उसके दो रिश्तेदार शामिल हैं। लूट के मुख्य साजिशकर्ता हरिकिशन, रंजीत, विजय डागर और योगेश को रविवार को मालवीय नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। लुटेरे दीपक शर्मा और डागर के दो रिश्तेदारों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका था।टिप्पणियां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने लूट की तकरीबन पूरी राशि बरामद कर ली है। पुलिस ने कल ही निजी बैंक की वैन से लूटे गए 2. 36 करोड़ रूपये बरामद करने का दावा किया था। इस घटना में लुटेरों ने एक गार्ड को गोली मार दी थी जिसकी बाद में मौत हो गई। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर और खिड़की गांव इलाकों के लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और इस घटना के शिकार लोगों ने इन लुटेरों के चेहरे मोहरे और चाल ढाल के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी जिसके आधार पर पुलिस ने अपने दस्तावेजों में से इनके रिकॉर्ड निकाले और फिर इन्हें घेरा गया। पुलिस ने छापों के दौरान नगदी ले जाने वाली गाड़ी की चाबी भी हरिकिशन के आवास से जब्त की। लूट के मुख्य साजिशकर्ता हरिकिशन, रंजीत, विजय डागर और योगेश को रविवार को मालवीय नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। लुटेरे दीपक शर्मा और डागर के दो रिश्तेदारों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका था।टिप्पणियां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने लूट की तकरीबन पूरी राशि बरामद कर ली है। पुलिस ने कल ही निजी बैंक की वैन से लूटे गए 2. 36 करोड़ रूपये बरामद करने का दावा किया था। इस घटना में लुटेरों ने एक गार्ड को गोली मार दी थी जिसकी बाद में मौत हो गई। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर और खिड़की गांव इलाकों के लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और इस घटना के शिकार लोगों ने इन लुटेरों के चेहरे मोहरे और चाल ढाल के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी जिसके आधार पर पुलिस ने अपने दस्तावेजों में से इनके रिकॉर्ड निकाले और फिर इन्हें घेरा गया। पुलिस ने छापों के दौरान नगदी ले जाने वाली गाड़ी की चाबी भी हरिकिशन के आवास से जब्त की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने लूट की तकरीबन पूरी राशि बरामद कर ली है। पुलिस ने कल ही निजी बैंक की वैन से लूटे गए 2. 36 करोड़ रूपये बरामद करने का दावा किया था। इस घटना में लुटेरों ने एक गार्ड को गोली मार दी थी जिसकी बाद में मौत हो गई। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर और खिड़की गांव इलाकों के लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और इस घटना के शिकार लोगों ने इन लुटेरों के चेहरे मोहरे और चाल ढाल के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी जिसके आधार पर पुलिस ने अपने दस्तावेजों में से इनके रिकॉर्ड निकाले और फिर इन्हें घेरा गया। पुलिस ने छापों के दौरान नगदी ले जाने वाली गाड़ी की चाबी भी हरिकिशन के आवास से जब्त की। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर और खिड़की गांव इलाकों के लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और इस घटना के शिकार लोगों ने इन लुटेरों के चेहरे मोहरे और चाल ढाल के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी जिसके आधार पर पुलिस ने अपने दस्तावेजों में से इनके रिकॉर्ड निकाले और फिर इन्हें घेरा गया। पुलिस ने छापों के दौरान नगदी ले जाने वाली गाड़ी की चाबी भी हरिकिशन के आवास से जब्त की।
संक्षिप्त सारांश: दक्षिण दिल्ली के डिफेंस कालोनी इलाके में शुक्रवार को एक निजी बैंक की वैन से हुई सवा पांच करोड़ रुपये की लूट की घटना के मामले में चार और लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस ने सोमवार को लूट का करीब करीब पूरा धन बरामद करने का दावा किया है।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सड़क पर चलते हुए अक्सर लोग बड़ी गलतियां करते हैं जिसका खामियाजा भी भुगतना पड़ता है. कई बार लोग जल्दबाजी में अपनी जान भी गंवा देते हैं. भारत में सड़क पर होने वाले ज्यादातर हादसे लापरवाही और जल्दबाजी के चक्कर में ही होते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है कि ये सिर्फ भारत में ही होता है. चीन में भी एक ऐसा मामला सामने आया है. जहां एक शख्स सड़क पार करने के लिए बजाए सबवे के इस्तेमाल करने के वह सड़क के बीच में लगे डिवाइडर को पार करने की कोशिश करता है. लेकिन डिवाइडर में लगी सरिया का गैप काफी कम होता है जिसमें वह फंस जाता है. आप वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे तेज रफ्तार से गाड़ियां दौड़ रही हैं और उसका शरीर डिवाइडर के बीच में फंसा हुआ है. यह पूरा नजारा वहां लगाए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाता है. गनीमत यह रही है कि वहां ट्रैफिक पुलिस मौजूद थी जिससे उसको तुरंत बचा लिया गया.  अगर उसकी कोई मदद नहीं करता तो हो सकता था कि उसको कोई गाड़ी टक्कर मार देती. फिलहाल अब वह शख्स सुरक्षित है. पुलिस की ओर से उसको हिदायत दी गई है कि वह दोबारा ऐसा करने की गलती न करे. इस घटना से यह भी संदेश मिला है कि भले ही थोड़ी देर हो जाए या थोड़ा मेहनत करनी पड़ी सबको ट्रैफिक के नियमों का पालन करना चाहिए. वैसे एक सच्चाई यह भी है कि भारत में लोग ट्रैफिक के नियम तोड़ना शान भी समझते हैं. इस मानसिकता को भी बदलने की जरूरत है. पुलिस की ओर से उसको हिदायत दी गई है कि वह दोबारा ऐसा करने की गलती न करे. इस घटना से यह भी संदेश मिला है कि भले ही थोड़ी देर हो जाए या थोड़ा मेहनत करनी पड़ी सबको ट्रैफिक के नियमों का पालन करना चाहिए. वैसे एक सच्चाई यह भी है कि भारत में लोग ट्रैफिक के नियम तोड़ना शान भी समझते हैं. इस मानसिकता को भी बदलने की जरूरत है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीन में शख्स की लापरवाही से जान पर बन आई डिवाइडर की सरियों के बीच फंस गया शख्स ट्रैफिक पुलिस ने बचाया उसको
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओसामा बिन लादेन की सबसे कम्र उम्र की बीवी अमाल अहमद अब्दुल फतेह ने खुलासा किया है कि उसका शौहर अमेरिका पर हुए 9/11 हमले के बाद पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में स्थित पांच महफूज मकानों में नौ साल तक अपने परिवार के साथ रहा था। पिछले साल अमेरिकी विशेष बलों के एक अभियान में पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मारा गया ओसामा जब फरार चल रहा था उस वक्त की उसकी जिंदगी के बारे में यह अहम खुलासा फतेह ने उन पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने किया था जो शहर में अल-कायदा प्रमुख की मौजूदगी की जांच कर रहे हैं। फतेह का यह खुलासा 19 जनवरी की तारीख वाली पुलिस रिपोर्ट में शामिल है। रिपोर्ट की मानें तो फतेह ने साल 2000 में ओसामा बिन लादेन से शादी की रजामंदी दी थी क्योंकि ‘‘उसकी ख्वाहिश किसी मुजाहिद से ब्याही जाने की थी।’’ जुलाई 2000 में वह कराची आई और महीनों बाद अपने पति और उसकी दो और बीवियों के पास अफगानिस्तान चली गई जहां ओसामा कंधार प्रांत के बाहरी इलाके में रहता था। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘11 सितंबर के हमले की वजह से लादेन का परिवार बिखर गया।’’ फतेह अपनी नवजात बच्ची साफिया के साथ फिर कराची लौट आई और वहां तकरीबन नौ महीने रही। इस दौरान वह सात मकानों में रही जिसका इंतजाम किसी पाकिस्तानी परिवार और लादेन के बड़े बेटे साद ने किया था। साल 2002 के आखिरी छह महीने में उसने कराची छोड़ दिया। तब एक बार फिर फतेह को अपने शौहर के साथ रहने का मौका मिला। यह ऐसा वक्त था जब अमेरिका जोर-शोर से लादेन की तलाश में जुटा था क्योंकि अलकायदा के लड़ाकों ने केन्या में एक इस्राइली शख्स के होटल और इंडोनेशिया के नाइट क्लबों पर दहशतगर्दी हमले किए थे। इन दिनों पाकिस्तान-अफगानिस्तान के सीमाई इलाकों में सरगर्मी से ओसामा की तलाश की जा रही थी। फतेह ने अधिकारियों को बताया कि लादेन अपने परिवार को पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के कबायली नहीं बल्कि पहाड़ी इलाकों में लेकर चला आया था जबकि पश्चिमी देश कबायली इलाकों में लादेन को तलाश रहे थे। लादेन की बीवी ने बताया कि वह पहले इस्लामाबाद से 80 मील की दूरी पर स्थित स्वात के शांगला जिले में ठहरे। यहां उन्होंने आठ-नौ महीनों का अपना ठहराव दो मकानों में बिताया। फिर साल 2003 में वे हरिपुर चले गए जो इस्लामाबाद से सटा एक छोटा-सा शहर है। यहां उन्होंने किराए के एक मकान में दो साल बिताए। हरिपुर में ही फतेह ने साल 2003 में अपनी बेटी आसिया को जन्म दिया जबकि 2004 में वह इब्राहिम की मां बनी। दोनों बच्चे हरिपुर के एक सरकारी अस्पताल में ही पैदा हुए। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब-जब फतेह ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया वह करीब 2-3 घंटे ही वहां रुकी जबकि एक अलग दस्तावेज की मानें तो उसने अस्पताल के कर्मचारियों को फर्जी पहचान पत्र मुहैया कराया। आखिरकार साल 2005 के मध्य में लादेन अपने परिवार के साथ ऐबटाबाद चला गया। फतेह ने यहां जैनब को 2006 और हुसैन को 2008 में जन्म दिया। फतेह ने जांच अधिकारियों को बताया कि स्वात, हरिपुर और ऐबटाबाद के मकानों का इंतजाम पश्तून मेजबानों की ओर से किया गया था जिनकी पहचान इब्राहिम और अबरार नाम के दो भाइयों के तौर पर की गई। इब्राहिम और अबरार का खानदान पूरे वक्त लादेन के परिवार के साथ रहा।टिप्पणियां ऐसा माना जा रहा है कि इब्राहिम अबु अहमद अल-कुवैती नाम का वही शख्स है जो पाकिस्तानी मूल का पश्तून है और जिसकी परवरिश कुवैत में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की नजर में कुवैती वही शख्स है जो लादेन के ‘कूरियर’ यानी संदेश लाने-ले जाने का काम करता था। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं। पिछले साल अमेरिकी विशेष बलों के एक अभियान में पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मारा गया ओसामा जब फरार चल रहा था उस वक्त की उसकी जिंदगी के बारे में यह अहम खुलासा फतेह ने उन पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने किया था जो शहर में अल-कायदा प्रमुख की मौजूदगी की जांच कर रहे हैं। फतेह का यह खुलासा 19 जनवरी की तारीख वाली पुलिस रिपोर्ट में शामिल है। रिपोर्ट की मानें तो फतेह ने साल 2000 में ओसामा बिन लादेन से शादी की रजामंदी दी थी क्योंकि ‘‘उसकी ख्वाहिश किसी मुजाहिद से ब्याही जाने की थी।’’ जुलाई 2000 में वह कराची आई और महीनों बाद अपने पति और उसकी दो और बीवियों के पास अफगानिस्तान चली गई जहां ओसामा कंधार प्रांत के बाहरी इलाके में रहता था। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘11 सितंबर के हमले की वजह से लादेन का परिवार बिखर गया।’’ फतेह अपनी नवजात बच्ची साफिया के साथ फिर कराची लौट आई और वहां तकरीबन नौ महीने रही। इस दौरान वह सात मकानों में रही जिसका इंतजाम किसी पाकिस्तानी परिवार और लादेन के बड़े बेटे साद ने किया था। साल 2002 के आखिरी छह महीने में उसने कराची छोड़ दिया। तब एक बार फिर फतेह को अपने शौहर के साथ रहने का मौका मिला। यह ऐसा वक्त था जब अमेरिका जोर-शोर से लादेन की तलाश में जुटा था क्योंकि अलकायदा के लड़ाकों ने केन्या में एक इस्राइली शख्स के होटल और इंडोनेशिया के नाइट क्लबों पर दहशतगर्दी हमले किए थे। इन दिनों पाकिस्तान-अफगानिस्तान के सीमाई इलाकों में सरगर्मी से ओसामा की तलाश की जा रही थी। फतेह ने अधिकारियों को बताया कि लादेन अपने परिवार को पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के कबायली नहीं बल्कि पहाड़ी इलाकों में लेकर चला आया था जबकि पश्चिमी देश कबायली इलाकों में लादेन को तलाश रहे थे। लादेन की बीवी ने बताया कि वह पहले इस्लामाबाद से 80 मील की दूरी पर स्थित स्वात के शांगला जिले में ठहरे। यहां उन्होंने आठ-नौ महीनों का अपना ठहराव दो मकानों में बिताया। फिर साल 2003 में वे हरिपुर चले गए जो इस्लामाबाद से सटा एक छोटा-सा शहर है। यहां उन्होंने किराए के एक मकान में दो साल बिताए। हरिपुर में ही फतेह ने साल 2003 में अपनी बेटी आसिया को जन्म दिया जबकि 2004 में वह इब्राहिम की मां बनी। दोनों बच्चे हरिपुर के एक सरकारी अस्पताल में ही पैदा हुए। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब-जब फतेह ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया वह करीब 2-3 घंटे ही वहां रुकी जबकि एक अलग दस्तावेज की मानें तो उसने अस्पताल के कर्मचारियों को फर्जी पहचान पत्र मुहैया कराया। आखिरकार साल 2005 के मध्य में लादेन अपने परिवार के साथ ऐबटाबाद चला गया। फतेह ने यहां जैनब को 2006 और हुसैन को 2008 में जन्म दिया। फतेह ने जांच अधिकारियों को बताया कि स्वात, हरिपुर और ऐबटाबाद के मकानों का इंतजाम पश्तून मेजबानों की ओर से किया गया था जिनकी पहचान इब्राहिम और अबरार नाम के दो भाइयों के तौर पर की गई। इब्राहिम और अबरार का खानदान पूरे वक्त लादेन के परिवार के साथ रहा।टिप्पणियां ऐसा माना जा रहा है कि इब्राहिम अबु अहमद अल-कुवैती नाम का वही शख्स है जो पाकिस्तानी मूल का पश्तून है और जिसकी परवरिश कुवैत में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की नजर में कुवैती वही शख्स है जो लादेन के ‘कूरियर’ यानी संदेश लाने-ले जाने का काम करता था। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं। रिपोर्ट की मानें तो फतेह ने साल 2000 में ओसामा बिन लादेन से शादी की रजामंदी दी थी क्योंकि ‘‘उसकी ख्वाहिश किसी मुजाहिद से ब्याही जाने की थी।’’ जुलाई 2000 में वह कराची आई और महीनों बाद अपने पति और उसकी दो और बीवियों के पास अफगानिस्तान चली गई जहां ओसामा कंधार प्रांत के बाहरी इलाके में रहता था। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘11 सितंबर के हमले की वजह से लादेन का परिवार बिखर गया।’’ फतेह अपनी नवजात बच्ची साफिया के साथ फिर कराची लौट आई और वहां तकरीबन नौ महीने रही। इस दौरान वह सात मकानों में रही जिसका इंतजाम किसी पाकिस्तानी परिवार और लादेन के बड़े बेटे साद ने किया था। साल 2002 के आखिरी छह महीने में उसने कराची छोड़ दिया। तब एक बार फिर फतेह को अपने शौहर के साथ रहने का मौका मिला। यह ऐसा वक्त था जब अमेरिका जोर-शोर से लादेन की तलाश में जुटा था क्योंकि अलकायदा के लड़ाकों ने केन्या में एक इस्राइली शख्स के होटल और इंडोनेशिया के नाइट क्लबों पर दहशतगर्दी हमले किए थे। इन दिनों पाकिस्तान-अफगानिस्तान के सीमाई इलाकों में सरगर्मी से ओसामा की तलाश की जा रही थी। फतेह ने अधिकारियों को बताया कि लादेन अपने परिवार को पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के कबायली नहीं बल्कि पहाड़ी इलाकों में लेकर चला आया था जबकि पश्चिमी देश कबायली इलाकों में लादेन को तलाश रहे थे। लादेन की बीवी ने बताया कि वह पहले इस्लामाबाद से 80 मील की दूरी पर स्थित स्वात के शांगला जिले में ठहरे। यहां उन्होंने आठ-नौ महीनों का अपना ठहराव दो मकानों में बिताया। फिर साल 2003 में वे हरिपुर चले गए जो इस्लामाबाद से सटा एक छोटा-सा शहर है। यहां उन्होंने किराए के एक मकान में दो साल बिताए। हरिपुर में ही फतेह ने साल 2003 में अपनी बेटी आसिया को जन्म दिया जबकि 2004 में वह इब्राहिम की मां बनी। दोनों बच्चे हरिपुर के एक सरकारी अस्पताल में ही पैदा हुए। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब-जब फतेह ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया वह करीब 2-3 घंटे ही वहां रुकी जबकि एक अलग दस्तावेज की मानें तो उसने अस्पताल के कर्मचारियों को फर्जी पहचान पत्र मुहैया कराया। आखिरकार साल 2005 के मध्य में लादेन अपने परिवार के साथ ऐबटाबाद चला गया। फतेह ने यहां जैनब को 2006 और हुसैन को 2008 में जन्म दिया। फतेह ने जांच अधिकारियों को बताया कि स्वात, हरिपुर और ऐबटाबाद के मकानों का इंतजाम पश्तून मेजबानों की ओर से किया गया था जिनकी पहचान इब्राहिम और अबरार नाम के दो भाइयों के तौर पर की गई। इब्राहिम और अबरार का खानदान पूरे वक्त लादेन के परिवार के साथ रहा।टिप्पणियां ऐसा माना जा रहा है कि इब्राहिम अबु अहमद अल-कुवैती नाम का वही शख्स है जो पाकिस्तानी मूल का पश्तून है और जिसकी परवरिश कुवैत में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की नजर में कुवैती वही शख्स है जो लादेन के ‘कूरियर’ यानी संदेश लाने-ले जाने का काम करता था। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं। फतेह अपनी नवजात बच्ची साफिया के साथ फिर कराची लौट आई और वहां तकरीबन नौ महीने रही। इस दौरान वह सात मकानों में रही जिसका इंतजाम किसी पाकिस्तानी परिवार और लादेन के बड़े बेटे साद ने किया था। साल 2002 के आखिरी छह महीने में उसने कराची छोड़ दिया। तब एक बार फिर फतेह को अपने शौहर के साथ रहने का मौका मिला। यह ऐसा वक्त था जब अमेरिका जोर-शोर से लादेन की तलाश में जुटा था क्योंकि अलकायदा के लड़ाकों ने केन्या में एक इस्राइली शख्स के होटल और इंडोनेशिया के नाइट क्लबों पर दहशतगर्दी हमले किए थे। इन दिनों पाकिस्तान-अफगानिस्तान के सीमाई इलाकों में सरगर्मी से ओसामा की तलाश की जा रही थी। फतेह ने अधिकारियों को बताया कि लादेन अपने परिवार को पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के कबायली नहीं बल्कि पहाड़ी इलाकों में लेकर चला आया था जबकि पश्चिमी देश कबायली इलाकों में लादेन को तलाश रहे थे। लादेन की बीवी ने बताया कि वह पहले इस्लामाबाद से 80 मील की दूरी पर स्थित स्वात के शांगला जिले में ठहरे। यहां उन्होंने आठ-नौ महीनों का अपना ठहराव दो मकानों में बिताया। फिर साल 2003 में वे हरिपुर चले गए जो इस्लामाबाद से सटा एक छोटा-सा शहर है। यहां उन्होंने किराए के एक मकान में दो साल बिताए। हरिपुर में ही फतेह ने साल 2003 में अपनी बेटी आसिया को जन्म दिया जबकि 2004 में वह इब्राहिम की मां बनी। दोनों बच्चे हरिपुर के एक सरकारी अस्पताल में ही पैदा हुए। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब-जब फतेह ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया वह करीब 2-3 घंटे ही वहां रुकी जबकि एक अलग दस्तावेज की मानें तो उसने अस्पताल के कर्मचारियों को फर्जी पहचान पत्र मुहैया कराया। आखिरकार साल 2005 के मध्य में लादेन अपने परिवार के साथ ऐबटाबाद चला गया। फतेह ने यहां जैनब को 2006 और हुसैन को 2008 में जन्म दिया। फतेह ने जांच अधिकारियों को बताया कि स्वात, हरिपुर और ऐबटाबाद के मकानों का इंतजाम पश्तून मेजबानों की ओर से किया गया था जिनकी पहचान इब्राहिम और अबरार नाम के दो भाइयों के तौर पर की गई। इब्राहिम और अबरार का खानदान पूरे वक्त लादेन के परिवार के साथ रहा।टिप्पणियां ऐसा माना जा रहा है कि इब्राहिम अबु अहमद अल-कुवैती नाम का वही शख्स है जो पाकिस्तानी मूल का पश्तून है और जिसकी परवरिश कुवैत में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की नजर में कुवैती वही शख्स है जो लादेन के ‘कूरियर’ यानी संदेश लाने-ले जाने का काम करता था। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं। फतेह ने अधिकारियों को बताया कि लादेन अपने परिवार को पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के कबायली नहीं बल्कि पहाड़ी इलाकों में लेकर चला आया था जबकि पश्चिमी देश कबायली इलाकों में लादेन को तलाश रहे थे। लादेन की बीवी ने बताया कि वह पहले इस्लामाबाद से 80 मील की दूरी पर स्थित स्वात के शांगला जिले में ठहरे। यहां उन्होंने आठ-नौ महीनों का अपना ठहराव दो मकानों में बिताया। फिर साल 2003 में वे हरिपुर चले गए जो इस्लामाबाद से सटा एक छोटा-सा शहर है। यहां उन्होंने किराए के एक मकान में दो साल बिताए। हरिपुर में ही फतेह ने साल 2003 में अपनी बेटी आसिया को जन्म दिया जबकि 2004 में वह इब्राहिम की मां बनी। दोनों बच्चे हरिपुर के एक सरकारी अस्पताल में ही पैदा हुए। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब-जब फतेह ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया वह करीब 2-3 घंटे ही वहां रुकी जबकि एक अलग दस्तावेज की मानें तो उसने अस्पताल के कर्मचारियों को फर्जी पहचान पत्र मुहैया कराया। आखिरकार साल 2005 के मध्य में लादेन अपने परिवार के साथ ऐबटाबाद चला गया। फतेह ने यहां जैनब को 2006 और हुसैन को 2008 में जन्म दिया। फतेह ने जांच अधिकारियों को बताया कि स्वात, हरिपुर और ऐबटाबाद के मकानों का इंतजाम पश्तून मेजबानों की ओर से किया गया था जिनकी पहचान इब्राहिम और अबरार नाम के दो भाइयों के तौर पर की गई। इब्राहिम और अबरार का खानदान पूरे वक्त लादेन के परिवार के साथ रहा।टिप्पणियां ऐसा माना जा रहा है कि इब्राहिम अबु अहमद अल-कुवैती नाम का वही शख्स है जो पाकिस्तानी मूल का पश्तून है और जिसकी परवरिश कुवैत में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की नजर में कुवैती वही शख्स है जो लादेन के ‘कूरियर’ यानी संदेश लाने-ले जाने का काम करता था। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं। फिर साल 2003 में वे हरिपुर चले गए जो इस्लामाबाद से सटा एक छोटा-सा शहर है। यहां उन्होंने किराए के एक मकान में दो साल बिताए। हरिपुर में ही फतेह ने साल 2003 में अपनी बेटी आसिया को जन्म दिया जबकि 2004 में वह इब्राहिम की मां बनी। दोनों बच्चे हरिपुर के एक सरकारी अस्पताल में ही पैदा हुए। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब-जब फतेह ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया वह करीब 2-3 घंटे ही वहां रुकी जबकि एक अलग दस्तावेज की मानें तो उसने अस्पताल के कर्मचारियों को फर्जी पहचान पत्र मुहैया कराया। आखिरकार साल 2005 के मध्य में लादेन अपने परिवार के साथ ऐबटाबाद चला गया। फतेह ने यहां जैनब को 2006 और हुसैन को 2008 में जन्म दिया। फतेह ने जांच अधिकारियों को बताया कि स्वात, हरिपुर और ऐबटाबाद के मकानों का इंतजाम पश्तून मेजबानों की ओर से किया गया था जिनकी पहचान इब्राहिम और अबरार नाम के दो भाइयों के तौर पर की गई। इब्राहिम और अबरार का खानदान पूरे वक्त लादेन के परिवार के साथ रहा।टिप्पणियां ऐसा माना जा रहा है कि इब्राहिम अबु अहमद अल-कुवैती नाम का वही शख्स है जो पाकिस्तानी मूल का पश्तून है और जिसकी परवरिश कुवैत में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की नजर में कुवैती वही शख्स है जो लादेन के ‘कूरियर’ यानी संदेश लाने-ले जाने का काम करता था। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब-जब फतेह ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया वह करीब 2-3 घंटे ही वहां रुकी जबकि एक अलग दस्तावेज की मानें तो उसने अस्पताल के कर्मचारियों को फर्जी पहचान पत्र मुहैया कराया। आखिरकार साल 2005 के मध्य में लादेन अपने परिवार के साथ ऐबटाबाद चला गया। फतेह ने यहां जैनब को 2006 और हुसैन को 2008 में जन्म दिया। फतेह ने जांच अधिकारियों को बताया कि स्वात, हरिपुर और ऐबटाबाद के मकानों का इंतजाम पश्तून मेजबानों की ओर से किया गया था जिनकी पहचान इब्राहिम और अबरार नाम के दो भाइयों के तौर पर की गई। इब्राहिम और अबरार का खानदान पूरे वक्त लादेन के परिवार के साथ रहा।टिप्पणियां ऐसा माना जा रहा है कि इब्राहिम अबु अहमद अल-कुवैती नाम का वही शख्स है जो पाकिस्तानी मूल का पश्तून है और जिसकी परवरिश कुवैत में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की नजर में कुवैती वही शख्स है जो लादेन के ‘कूरियर’ यानी संदेश लाने-ले जाने का काम करता था। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं। फतेह ने जांच अधिकारियों को बताया कि स्वात, हरिपुर और ऐबटाबाद के मकानों का इंतजाम पश्तून मेजबानों की ओर से किया गया था जिनकी पहचान इब्राहिम और अबरार नाम के दो भाइयों के तौर पर की गई। इब्राहिम और अबरार का खानदान पूरे वक्त लादेन के परिवार के साथ रहा।टिप्पणियां ऐसा माना जा रहा है कि इब्राहिम अबु अहमद अल-कुवैती नाम का वही शख्स है जो पाकिस्तानी मूल का पश्तून है और जिसकी परवरिश कुवैत में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की नजर में कुवैती वही शख्स है जो लादेन के ‘कूरियर’ यानी संदेश लाने-ले जाने का काम करता था। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इब्राहिम अबु अहमद अल-कुवैती नाम का वही शख्स है जो पाकिस्तानी मूल का पश्तून है और जिसकी परवरिश कुवैत में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की नजर में कुवैती वही शख्स है जो लादेन के ‘कूरियर’ यानी संदेश लाने-ले जाने का काम करता था। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं। अमेरिकी नौसेना के ‘सील’ कमांडो की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान फतेह लादेन के साथ एक ही कमरे में मौजूद थी। छापेमारी के दौरान फतेह के पांव में गोली लगी थी। फतेह तो इस वारदात में जिंदा बच गई पर चार अन्य लोग इसमें मारे गए। मारे गए लोगों में कूरियर के अलावा ओसामा की एक और बीवी बशरा, उसका भाई अबरार और लादेन का 20 साल का बेटा खलील शामिल थे। लादेन की तीन विधवाएं फिलहाल इस्लामाबाद में नजरबंद हैं। वे अपने दो बच्चों के साथ मुकदमे का सामना कर रही हैं।
सारांश: लादेन की पत्नी ने खुलासा किया कि उसका शौहर अमेरिका पर हुए 9/11 हमले के बाद पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में स्थित पांच महफूज मकानों में नौ साल तक रहा था।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) में धोखाधड़ी कर पैसा बनाने वाले अस्पतालों के नाम 'नेम एंड शेम' की श्रेणी में डालकर पब्लिक किया जाएगा. ये अस्पताल सिर्फ आयुष्मान भारत स्कीम से ही हटाए नहीं जाएंगे बल्कि बाकी सरकारी योजनाओं और प्राइवेट इन्श्योरेंस के पैनलों से भी इन्हें बाहर किया जाएगा. ये घोषणा सरकार की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय स्वाथ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने की है. आयुष्मान स्कीम का लाभ तो लाखों तक पहुंचा, लेकिन धोखाधड़ी में अस्पताल भी पीछे नहीं और अस्पतालों ने करीब 2.5 करोड़ रुपये बनाए. धोखाधड़ी के 1200 मामले अब तक पकड़ में आए हैं और 376 अस्पताल जांच के दायरे में हैं. 97 अस्पतालों को अब तक पैनल से हटा दिया गया है और 6 अस्पतालों के खिलाफ तो FIR तक दर्ज हुई हैं. डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भ्रष्टाचार पर हमारा जीरो टॉलरेंस है. उन अस्पतालों का नाम 'नेम एंड शेम' की कैटेगरी में डालकर पब्लिक किया जाएगा जिन्होंने धोखाधड़ी की है. बाकायदा ये नाम वेबसाइट पर होंगे. आयुष्मान भारत स्कीम में सालभर के भीतर 7500 करोड़ रु. खर्च हुए हैं और 45 लाख लोगों का इलाज हुआ है. अब गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों को सिर्फ आयुष्यान भारत स्कीम से ही नहीं बल्कि तमाम पैनलों से बाहर करने की योजना है. नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ इंदु भूषण ने जानकारी दी कि अगर किसी अस्पताल ने फ्रॉड PMJAY में किया है तो इससे तो उनको De-empanel करें ही. साथ ही साथ जो बाकी योजनाएं हैं CGHS, ECHS, ESI है या प्राइवेट इंश्‍योरेंस से अगर उनका एमपैनलमेंट है तो प्रस्ताव है कि वो भी उनको De-empanel करें. सिस्टम में सेंधमारी हुई तो निगरानी भी है. साथ में गड़बड़ियों के बीच ये चुनौती भी है कि स्कीम सही से ज़रूरतमंद तक पहुंचे.
संक्षिप्त पाठ: 97 अस्पताओं को अब तक पैनल से हटाया गया 6 अस्पतालों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर आयुष्मान भारत योजना पर साल भर में खर्च हुए 7500 करोड़
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Diwali Health Tips In Hindi: दिवाली 27 अक्टूबर को है. इस हिंदू त्योहार को दुनियाभर में मनाया जाता है. 5 दिनों तक मनाया जाने वाला यह पर्व धनतेरस से शुरू होता है और नरक चतुर्थी या छोटी दिवाली, गोवर्धन पूजा (Govardhan Pooja) और फिर भाई दूज (Bhai Dooj) के साथ समाप्त होता है. लेकिन दिवाली के मौके पर अस्थमा (Asthma) से पीडि़त हैं. सांस से जुड़ी समस्याओं से परेशान लोगों के लिए दिवाली की शाम और उसके बाद के कुछ दिन बहुत ही मुश्किल हो सकते हैं. इसकी दो वजहें हैं एक तो दिवाली (Diwali) पर होने वाला प्रदूषण और दूसरा बदलता मौसम. दिवाली (Diwali and Health) जैसे ही और बड़े मौकों जैसे क्रिसमस, ईद और न्यू ईयर पर हर साल जमकर पटाखे चलाए जाते हैं. इनसे धुआं और प्रदूषण (Diwali Pollution) बढ़ जाता है, जो लोगों को खांसी, सांस लेने में दिक्कत या गले के संक्रमण (Throat Infection) जैसी समस्याएं पैदा कर देता है. अस्थमा से परेशान लोगों को तो दिवाली के दौरान बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है. तो हम लाएं हैं अस्थमा से परेशान लोगों (Asthma Patient) के लिए दिवाली को वाकई हेप्पी (Happy Diwali) बनाने वाले हेल्थ टिप्स. जानें कि अस्थमा के मरीज कैसे पटाखों और प्रदूषण से बच सकते हैं और दिवाली का लुत्फ उठा सकते हैं-   बच्चों में मोटापा बढ़ सकता है अस्थमा का खतरा Diwali 2019, Health Tips: दिवाली पर अस्थमा, दिल के रोगी और गर्भवती के लिए हेल्थ टिप्स - दिवाली वाले दिन की शुरुआत हल्के व्यायाम से करें.  - आप किसी को रोक तो नहीं सकते कि वह पटाखे न जलाए, लेकिन अगर आप अस्थमा से पीडित हैं, तो जिस समय पटाखे चलाए जा रहे हों आप घर में ही रहें. - घर में पटाखों का धूआं न आए इसके लिए आप अपने घर के पर्दे, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें. - दिवाली के मौके पर घरों में साफ-सफाई की जाती है. यह अस्थमा के मरीजों के लिए कई बार खतरनाक साबित होता है. इसलिए अगर आपके घर में भी सफाई का काम हो रहा है या आस-पास कहीं भी हो रहा हो तो खुद को डस्ट से बचाने के लिए मास्क का इस्तेमाल करें. वजन कम करना है तो डाइट में शामिल करें ये 5 प्रोटीन से भरपूर आहार... - इस बात का ध्यान रखें कि आप अच्छा और हेल्दी फूड लें. अपने आहार में फाइबर और पानी को जगह दें.  - ऐसी जगह जानें से बचें जो बहुत गर्म हो या जहां नमी हो. हवा में मौजूद नमी या खुश्की आपको परेशान कर सकती है.  - दिवाली या यूं कहें कि त्योहार के मौकों पर थकान होने की संभावना ज्यादा होती है. ऐसे में दिन की शुरुआत करते हुए या दिन में जब भी आपको समय लगे योग, मेडिटेशन जरूर करें.  - अगर आपको अस्थमा की शिकायत है और आप इन्हेलर का इस्तेमाल करते हैं, तो दिवाली के दिन इसे अपने साथ ही रखें.  इस बीमारी से जूझ रही हैं प्रियंका चोपड़ा, कहा छिपाने जैसी कोई बात नहीं... - सबसे जरूरी बात यह कि आप दिवाली से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह लें. क्योंकि आपके डॉक्टर आपकी स्थित को बेहतर जानते हैं. ऐसे में वे आपको बेहतर बता सकते हैं कि आपको किन-किन सावधानियों को अपनाना है. हो सके तो डॉक्टर से अपने आहार के बारे में भी जानकारी ले लें. और खबरों के लिए क्लिक करें. इस बीमारी से जूझ रही हैं प्रियंका चोपड़ा, कहा छिपाने जैसी कोई बात नहीं...
सारांश: दिवाली 27 अक्टूबर को है. अस्थमा से परेशान लोगों को तो दिवाली के दौरान बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है. अस्थमा के मरीज कैसे पटाखों और प्रदूषण से बच सकते हैं.
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्यप्रदेश में मीसा बंदियों की पेंशन को कमलनाथ सरकार प्रदेश ने फिलहाल अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है. सरकार कह रही है, जिन्हें पेंशन मिलती है उसकी जांच के बाद इसे फिर से शुरू किया जाएगा. हालांकि इस जांच में कितना वक्त लगेगा यह अभी साफ नहीं है.      सामान्य प्रशासन विभाग ने पेंशन पर अस्थाई रोक लगाते हुए इसकी वजह पेंशन पाने वालों का भौतिक सत्यापन और पेंशन वितरण की प्रकिया को अधिक पारदर्शी बनाना बताया. इसके लिए सीएजी की रिपोर्ट को आधार बनाया गया. मध्य प्रदेश में फिलहाल 2000 से ज्यादा मीसाबंदी 25 हजार रुपये मासिक पेंशन ले रहे हैं. साल 2008 में शिवराज सरकार ने मीसा बंदियों को 3000 और 6000 पेंशन देने का प्रावधान किया. बाद में पेंशन राशि बढ़ाकर 10000 रुपये की गई. साल 2017 में मीसा बंदियों की पेंशन राशि बढ़ाकर 25000 रुपये की गई. इस पर सालाना करीब 75 करोड़ का खर्च आता है. बीजेपी कह रही है कि वह कटौती सहन नहीं करेगी. कांग्रेस का मानना है कि बीजेपी ने अपनों पर सरकारी खजाना लुटा दिया. पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा मीसाबंदी लोकतंत्र की रक्षा करने वाले प्रहरी थे जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए त्याग किया. यदि सरकार ऐसी कार्रवाई करेगी तो पूरी तरह बदले की कार्रवाई होगी जिसे सहन नहीं किया जाएगा.     कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने कहा कि बीजेपी ने 25000 रुपये प्रतिमाह पेंशन के नाम पर मीसाबंदी के लोगों को पैसा बांटा है. स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन नहीं मिल रही थी.. लेकिन मीसाबंदियों को पेंशन दे डाली.   राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान, थावरचंद गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह जैसे लोगों को भी मीसा बंदी के तहत पेंशन मिलती है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मीसा बंदियों की जांच में कितना वक्त लगेगा, यह फिलहाल साफ नहीं सीएजी की रिपोर्ट को आधार बनाकर बंद की गई पेंशन बीजेपी ने कहा कि वह कांग्रेस की बदले की कार्रवाई सहन नहीं करेगी
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: नोट में लिखा है "मैं 6वीं कक्षा में पढ़ने वाली विद्यार्थी हूं. मेरा सपना है कि मैं एक शिक्षक बनूं. मुझे अपने पापा-मम्मी, चाचा-चाची, दीदी, भाई और छोटी बहन से बहुत प्यार है. मेरे पापा चाहते हैं कि मैं पढ़ लिखकर बड़ी बनूं. मैं जवाहर नवोदय विद्यालय में 6वीं कक्षा से अपनी टीसी कटवाना चाहती हूं. मुझे यहां अच्छा नहीं लग रहा. मुझे यहां आने के बाद ऐसा लगता है कि मैं नर्क में आ गई हूं." प्रशासन कह रहा है कि ये सुसाइड नोट बच्ची के कपड़ों से मिला है.         छात्रा के पिता तिनारी मरावी ने कहा है कि यह सुसाइड का मामला नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से रस्सी बंधी हुई थी और जिस हाइट पर बांधी गई थी वह संदेहास्पद है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही वह बेटी को विद्यालय छोड़कर गए थे, तब वह काफी खुश और उत्साहित थी. वह ऐसा नहीं कर सकती है. उन्होंने कहा कि मेरी बेटी के साथ एक ही हॉस्टल में रहने वाली 20 में से कोई भी लड़की कैसे नहीं गई, यहां तक ​​कि जिस कागज पर नोट लिखा गया था, वह मेरी बेटी के पास मौजूद किसी भी डायरी या नोट-बुक में से नहीं है. दूसरी तरफ नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल का कहना है कि मधु ने तनाव में आकर यह कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि परिवार से दूर होने की वजह से वह तनाव में थी. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. सुसाइड नोट से बच्ची की हैंडराइटिंग का भी मिलान किया जा रहा है.   छात्रा के कपड़ों में से मिला नोट जिसे सुसाइड नोट कहा जा रहा है. डिंडोरी जिले के पुलिस अधीक्षक एमएल सोलंकी ने कहा, "प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है. मामले में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत जांच की जा रही है. स्कूल प्रशासन, छात्रावास की अन्य लड़कियों के साथ-साथ मृत लड़की के परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं." (डिंडोरी से डेविड सूर्या का इनपुट)
यहाँ एक सारांश है:छात्रा के पास से मिले नोट में तनाव की बात सामने आ रही पीएम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी सुसाइड नोट से बच्ची की हैडराइटिंग का भी मिलान किया जा रहा
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर से लैस Redmi फ्लैगशिप फोन कई दिनों से सुर्खियों में है। हर किसी को इस फोन के आधिकारिक तौर पर लॉन्च किए जाने का इंतज़ार है। इस बीच Redmi के जनरल मैनेजर लू विबिंग ने Weibo पर इशारों में बताया है कि यह फोन सुपर वाइड एंगल लेंस के साथ आएगा। उन्होंने यह भी खुलासा किया है कि फोन एनएफसी को सपोर्ट करेगा और इसमें 3.5 एमएम ऑडियो जैक होगा। एक अलग रिपोर्ट में Raphael कोडनेम वाले Redmi flagship हैंडसेट में 256 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज और जीपीयू ओवरक्लोकिंग सपोर्ट होने का दावा किया गया है। लू विबिंग ने एक यूज़र के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस फ्लैगशिप फोन में सुपर वाइड एंगल लेंस होगा। विबिंग के कमेंट से यही इशारा मिलता है कि रेडमी फ्लैगशिप फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप होने की खबर सही थी। दावा किया गया था कि इस हैंडसेट के पिछले हिस्से पर 48 मेगापिक्सल का सेंसर, एक 13 मेगापिक्सल का सेंसर और एक  8 मेगापिक्सल का सेंसर होगा। Xiaomi Mi 9 SE की तरह इस हैंडसेट में भी 13 मेगापिक्सल का वाला सेंसर सुपर वाइड एंगल लेंस के साथ आ सकता है। MyDrivers ने रेडमी फ्लैगशिप फोन से जुड़ी जानकारियों के बारे में सबसे पहले बताया। रिपोर्ट में कहा गया है कि Redmi Flagship फोन में 3.5 एमएम ऑडियो जैक और एनएफसी होने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, टिप्सटर सुधांशु अंभोरे ने Raphael कोडनेम वाले रेडमी फोन के स्क्रीनशॉट साझा किए हैं। इससे पुष्टि हुई है कि यह फोन 256 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज के साथ आएगा और यह जीपीयू ओवरक्लोकिंग को सपोर्ट करेगा। यह कोडनेम मिशाल रहमान के ट्वीट में भी सामने आया था। दावा है कि Raphael स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर वाला रेडमी फोन है। पहले रेडमी फ्लैगशिप स्मार्टफोन को Redmi X के नाम से बुलाए जाने की चर्चा थी। लेकिन लू विबिंग ने बताया कि इस फोन को अलग नाम से जाना जाएगा। हाल ही में आई एक रिपोर्ट से पता चला कि रेडमी फ्लैगशिप फोन में पॉप-अप सेल्फी कैमरा नहीं होगा। यह ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और होल  पंच डिस्प्ले के साथ आएगा। इस स्मार्टफोन में 8 जीबी रैम, 6.39 इंच का फुल-एचडी+ डिस्प्ले और एंड्रॉयड पाई दिए जाने की उम्मीद है।
संक्षिप्त पाठ: 48 मेगापिक्सल के कैमरे के साथ आ सकता है रेडमी फ्लैगशिप फोन स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर से लैस होगा Redmi Flagship हैंडसेट रेडमी फ्लैगशिप फोन में होल पंच डिस्प्ले दिए जाने की है उम्मीद
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान (Saif Ali Khan) की वेब सीरीज 'सेक्रेड गेम्स (Sacred Games)' का दूसरा सीजन 15 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर दस्तक देने जा रहा है. 'सेक्रेड गेम्स (Sacred Games)' के पहले सीजन ने जमकर धूम मचाई थी, और सैफ अली खान के इंस्पेक्टर सरताज सिंह के किरदार को भी काफी पसंद किया गया था. हालांकि सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने ऐसा बयान दिया है जिसे सुनकर कोई भी चौंक सकता है. सैफ अली खान का कहना है कि उन्हें इस बात का शक है कि उनकी बीवी करीना कपूर खान और बेटी सारा अली खान ने अभी तक इस शो को देखा है या नहीं.  बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने कहा, 'मुझे इस बात का शक है कि उन्होंने शायद ही उस तरह शो को देखा हो जैसा दर्शकों ने देखा है.' इस बात का खुलासा सैफ अली खान ने मीडिया के साथ बातचीत के दौरान किया. सैफ अली खान ने बताया, 'मुझे उन दर्शकों से फीडबैक मिला जिन्होंने पूरे मन के साथ इस शो को देखा और कुछ ने तो बार-बार देखा. हालांकि मुझे नहीं लगता कि घर पर इसे किसी ने देखा होगा क्योंकि मुझे उनसे कोई फीडबैक नहीं मिला.' सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने कहा, 'ठीक है, हमने यह सीरीज सिर्फ उनके देखने के लिए तो बनाई नहीं थी, हमने दर्शकों के लिए बनाई थी. मुझे खुशी है कि पहले सीजन को जोरदार रिस्पॉन्स मिला. मुझे पता है कि दूसरा सीजन भी शानदार रहने वाला है.' नेटफ्लिक्स सीरीज 'सेक्रेड गेम्स' के दूसरे सीजन का प्रीमियर 15 अगस्त को होगा. 'सेक्रेड गेम्स (Sacred Games)' के अलावा सैफ अली खान 'लाल कप्तान' और 'जवानी जानेमन' फिल्मों में भी नजर आएंगे. (इनपुटः IANS)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सैफ अली खान ने करीना-सारा को लेकर कही ये बात 'सेक्रेड गेम्स' में आएंगे नजर 'सेक्रेड गेम्स' का है दूसरा सीजन
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण की बेटी और बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का कहना है कि उनके पिता के समय खेल की दुनिया साफ-सुथरी थी, और वह टी-20 क्रिकेट के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टूर्नामेंट के दौरान हुई स्पॉट फिक्सिंग की वजह से खेलों की हो रही बदनामी से दुखी हैं।टिप्पणियां आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में अभिनेता विंदू दारा सिंह की गिरफ्तारी पर दीपिका पादुकोण ने कहा कि यह बेहद दुख की बात है, क्योंकि कुछ लोगों की वजह से कई लोग शक के घेरे में आ जाते हैं। उन्होंने कहा, "इससे अंततः खेल बदनाम होता है। यह गलत है, क्योंकि कुछ लोगों के इसमें शामिल होने की वजह से आप दूसरों पर भी शक करने लगते हैं। एक देश के रूप में अगर आप चमकना चाहते हैं तथा आर्थिक या अन्य क्षेत्र में दूसरे देशों की बराबरी करना चाहते हैं तो मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए तथा स्पॉट फिक्सिंग जैसी चीजों से मदद नहीं मिल सकती।" आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में अभिनेता विंदू दारा सिंह की गिरफ्तारी पर दीपिका पादुकोण ने कहा कि यह बेहद दुख की बात है, क्योंकि कुछ लोगों की वजह से कई लोग शक के घेरे में आ जाते हैं। उन्होंने कहा, "इससे अंततः खेल बदनाम होता है। यह गलत है, क्योंकि कुछ लोगों के इसमें शामिल होने की वजह से आप दूसरों पर भी शक करने लगते हैं। एक देश के रूप में अगर आप चमकना चाहते हैं तथा आर्थिक या अन्य क्षेत्र में दूसरे देशों की बराबरी करना चाहते हैं तो मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए तथा स्पॉट फिक्सिंग जैसी चीजों से मदद नहीं मिल सकती।" उन्होंने कहा, "इससे अंततः खेल बदनाम होता है। यह गलत है, क्योंकि कुछ लोगों के इसमें शामिल होने की वजह से आप दूसरों पर भी शक करने लगते हैं। एक देश के रूप में अगर आप चमकना चाहते हैं तथा आर्थिक या अन्य क्षेत्र में दूसरे देशों की बराबरी करना चाहते हैं तो मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए तथा स्पॉट फिक्सिंग जैसी चीजों से मदद नहीं मिल सकती।"
संक्षिप्त सारांश: अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण की बेटी दीपिका ने कहा, स्पॉट फिक्सिंग जैसी हरकतों से खेल बदनाम होता है, और यह गलत है, क्योंकि कुछ लोगों के इसमें शामिल होने की वजह से आप दूसरों पर भी शक करने लगते हैं।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश में इन दिनों राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीति गर्म है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही राष्ट्रपति पद के लिए एक सर्वमान्य उम्मीदवार को खड़ा करने की बात कह रहे हैं. लेकिन यह भी सच्चाई है कि भारतीय राजनीति में आज के परिदृश्य को देखते हुए ऐसा संभव नहीं है. यानी यह साफ है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने उम्मीदवार खड़ा कर सकते हैं.  बीजेपी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अरुण जेटली और वेंकैया नायडू से मुलाकात की है. उनका कहना है कि इस मुलाकात में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा हुई . अमित शाह ने मंगलवार को ही राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक कमिटी बनाई थी जिसमे राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और वेंकैया नायडू को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं.टिप्पणियां बता दें कि राजनाथ सिंह अभी उत्तर पूर्व राज्यों के दौरे पर हैं. वापसी पर अमित शाह उनसे भी मुलाकात करेंगे. माना जा रहा है कि बीजेपी के सहयोगी दल पीएम नरेंद्र मोदी को उम्मीदवार चुनने के लिए अधिकृत करेंगे. समिति बीजेपी सहयोगी दलों के नेताओं के साथ ही विपक्षी पार्टियों से भी बात करेगी. संभावना है कि अगले सप्ताह तक बीजेपी अपने उम्मीदवार के नाम का एलान करेगी. जानकारी के लिए बता दें कि विपक्षी पार्टियों ने भी एनसीपी नेता शरद पवार की अध्यक्षता में समिति बनाई है जिसकी बैठक कल दिल्ली में होगी. ज्ञात हो कि 17 जुलाई को देश के अगले राष्ट्रपति के लिए चुनाव होना तय किया गया है. बीजेपी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अरुण जेटली और वेंकैया नायडू से मुलाकात की है. उनका कहना है कि इस मुलाकात में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा हुई . अमित शाह ने मंगलवार को ही राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक कमिटी बनाई थी जिसमे राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और वेंकैया नायडू को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं.टिप्पणियां बता दें कि राजनाथ सिंह अभी उत्तर पूर्व राज्यों के दौरे पर हैं. वापसी पर अमित शाह उनसे भी मुलाकात करेंगे. माना जा रहा है कि बीजेपी के सहयोगी दल पीएम नरेंद्र मोदी को उम्मीदवार चुनने के लिए अधिकृत करेंगे. समिति बीजेपी सहयोगी दलों के नेताओं के साथ ही विपक्षी पार्टियों से भी बात करेगी. संभावना है कि अगले सप्ताह तक बीजेपी अपने उम्मीदवार के नाम का एलान करेगी. जानकारी के लिए बता दें कि विपक्षी पार्टियों ने भी एनसीपी नेता शरद पवार की अध्यक्षता में समिति बनाई है जिसकी बैठक कल दिल्ली में होगी. ज्ञात हो कि 17 जुलाई को देश के अगले राष्ट्रपति के लिए चुनाव होना तय किया गया है. बता दें कि राजनाथ सिंह अभी उत्तर पूर्व राज्यों के दौरे पर हैं. वापसी पर अमित शाह उनसे भी मुलाकात करेंगे. माना जा रहा है कि बीजेपी के सहयोगी दल पीएम नरेंद्र मोदी को उम्मीदवार चुनने के लिए अधिकृत करेंगे. समिति बीजेपी सहयोगी दलों के नेताओं के साथ ही विपक्षी पार्टियों से भी बात करेगी. संभावना है कि अगले सप्ताह तक बीजेपी अपने उम्मीदवार के नाम का एलान करेगी. जानकारी के लिए बता दें कि विपक्षी पार्टियों ने भी एनसीपी नेता शरद पवार की अध्यक्षता में समिति बनाई है जिसकी बैठक कल दिल्ली में होगी. ज्ञात हो कि 17 जुलाई को देश के अगले राष्ट्रपति के लिए चुनाव होना तय किया गया है. जानकारी के लिए बता दें कि विपक्षी पार्टियों ने भी एनसीपी नेता शरद पवार की अध्यक्षता में समिति बनाई है जिसकी बैठक कल दिल्ली में होगी. ज्ञात हो कि 17 जुलाई को देश के अगले राष्ट्रपति के लिए चुनाव होना तय किया गया है.
राष्ट्पति पद के लिए 17 जुलाई को होने है वोटिंग एनडीए और यूपीए अपने अपने उम्मीदवार की तैयारी में सत्ता पक्ष और विपक्ष सर्वमान्य उम्मीदवार की बात कर रहे हैं.
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड :बीसीसीआई: द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक :आरबीआई: के विदेशी निवेश दिशानिर्देशों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, आरबीआई को बीसीसीआई द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, धन के स्थानांतरण तथा कुछ खातों को खोलने के संदर्भ में दिशानिर्देशों के उल्लंघन का पता चला है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के आधार पर बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों से बुधवार को संसद की स्थायी समिति ने पूछताछ की थी। बताया जाता है कि बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को बैंक गारंटी देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति नहीं ली थी। विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम :फेमा: के तहत यह जरूरी है। सूत्रों ने कहा कि बीसीसीआई को विदेशी नागरिकों से जमा लेने से पहले केंद्रीय बैंक की पूर्वानुमति लेनी चाहिए थी। बोर्ड ने विदेशी खिलाड़ियों को आधार शुल्क देने के लिए 1.3 करोड़ डालर की 72 गारंटियां दी थीं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के आधार पर बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों से बुधवार को संसद की स्थायी समिति ने पूछताछ की थी।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता मोहन सिंह को गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से हटा दिया गया। सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने एक बयान जारी कर कहा, "सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के निर्देशानुसार मोहन सिंह को राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से हटाया जाता है। उनके स्थान पर महासचिव राम गोपाल यादव को राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।"टिप्पणियां मोहन सिंह को राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से क्यों हटाया गया, इसका बयान में जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि बाहुबली नेता डीपी यादव को सपा में नहीं लिए जाने के पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के फैसले पर सवाल उठाए जाने के कारण पार्टी नेतृत्व की नाराजगी झेलनी पड़ी। अखिलेश यादव के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए मोहन सिंह ने कहा था कि इस बारे में अंतिम फैसला सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह लेंगे। उन्होंने डीपी यादव की तारीफ करते हुए उन्हें सम्मानजनक नेता भी बताया था। सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने एक बयान जारी कर कहा, "सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के निर्देशानुसार मोहन सिंह को राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से हटाया जाता है। उनके स्थान पर महासचिव राम गोपाल यादव को राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।"टिप्पणियां मोहन सिंह को राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से क्यों हटाया गया, इसका बयान में जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि बाहुबली नेता डीपी यादव को सपा में नहीं लिए जाने के पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के फैसले पर सवाल उठाए जाने के कारण पार्टी नेतृत्व की नाराजगी झेलनी पड़ी। अखिलेश यादव के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए मोहन सिंह ने कहा था कि इस बारे में अंतिम फैसला सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह लेंगे। उन्होंने डीपी यादव की तारीफ करते हुए उन्हें सम्मानजनक नेता भी बताया था। मोहन सिंह को राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से क्यों हटाया गया, इसका बयान में जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि बाहुबली नेता डीपी यादव को सपा में नहीं लिए जाने के पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के फैसले पर सवाल उठाए जाने के कारण पार्टी नेतृत्व की नाराजगी झेलनी पड़ी। अखिलेश यादव के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए मोहन सिंह ने कहा था कि इस बारे में अंतिम फैसला सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह लेंगे। उन्होंने डीपी यादव की तारीफ करते हुए उन्हें सम्मानजनक नेता भी बताया था। अखिलेश यादव के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए मोहन सिंह ने कहा था कि इस बारे में अंतिम फैसला सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह लेंगे। उन्होंने डीपी यादव की तारीफ करते हुए उन्हें सम्मानजनक नेता भी बताया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता मोहन सिंह को गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से हटा दिया गया।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लश्कर आतंकी को वीजा दिलवाने के मामले में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि लोग उनके पास वीजा के लिए आते हैं और वह सिर्फ पासपोर्ट देखकर वीजा की सिफारिश करते हैं। गिलानी का कहना है कि कौन क्या करता है कहां जाता है यह देखना उनका काम नहीं है। ये सब पासपोर्ट जारी करने वालों का काम है। उन्होंने कहा कि लोग सीमा के उस पार अपने रिश्तेदारों से मिलने या पढ़ाई के लिए वीजा लेने आते हैं और उनके कागजात देखकर ही वह उन्हें वीजा देते हैं। गौरतलब है कि गिरफ्तार किए गए लश्कर आतंकी एहतेशाम को पाकिस्तान का वीजा कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की सिफारिश पर मिला था। एहतेशाम कश्मीरी है, लेकिन उसके पास झारखंड का पासपोर्ट है, जिस पर पाक हाई कमीशन ने सवाल उठाए थे। एहतेशाम दिसंबर 2011 में पाकिस्तान गया और आतंक की ट्रेनिंग लेने के बाद जनवरी, 2012 में लौटा था। एहतेशाम ने इसी दौरान बम बनाने की ट्रेनिंग भी ली। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि गिलानी द्वारा दिए गए सिफारिशी पत्र की प्रति इस आतंकी से जब्त किए गए कागजों में मिली है। सूत्रों ने कहा कि एहतेशाम से जब्त चीजों में आईईडी बनाने का सामान जैसे तार, सल्फ्यूरिक एसिड आदि मिले हैं। उसने दिसंबर, 2011 में पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिया था। इनके निशाने पर भीड़भाड़ वाले बाजार थे। श्रीनगर में एसबीआई का मेन ब्रांच भी इनके निशाने पर था। उधर, झारखंड के हजारीबाग से तौफीक मोहम्मद नाम के एक आतंकी को दिल्ली और झारखंड पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक तौफीक कश्मीर का रहने वाला है और 6 महीने से हजारीबाग में बुनकर बनकर रह रहा था और लोग उसे पीर मामा कहकर बुलाते थे।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों के मुताबिक तौफीक अहमद ही इस पूरे मोड्यूल का मास्टरमाइंड है। उत्तरी भारत में लश्कर के इस मोड्यूल के तार जम्मू-कश्मीर से भी जुड़े हैं। पता चला है कि ये आतंकी कश्मीर में लश्कर के एक कमांडर के लगातार संपर्क में थे और वहां कई आतंकी गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। दिल्ली के चांदनी चौक का कपड़ा बाजार भी इन आतंकियों के निशाने पर था। (इनपुट भाषा से भी) गौरतलब है कि गिरफ्तार किए गए लश्कर आतंकी एहतेशाम को पाकिस्तान का वीजा कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की सिफारिश पर मिला था। एहतेशाम कश्मीरी है, लेकिन उसके पास झारखंड का पासपोर्ट है, जिस पर पाक हाई कमीशन ने सवाल उठाए थे। एहतेशाम दिसंबर 2011 में पाकिस्तान गया और आतंक की ट्रेनिंग लेने के बाद जनवरी, 2012 में लौटा था। एहतेशाम ने इसी दौरान बम बनाने की ट्रेनिंग भी ली। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि गिलानी द्वारा दिए गए सिफारिशी पत्र की प्रति इस आतंकी से जब्त किए गए कागजों में मिली है। सूत्रों ने कहा कि एहतेशाम से जब्त चीजों में आईईडी बनाने का सामान जैसे तार, सल्फ्यूरिक एसिड आदि मिले हैं। उसने दिसंबर, 2011 में पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिया था। इनके निशाने पर भीड़भाड़ वाले बाजार थे। श्रीनगर में एसबीआई का मेन ब्रांच भी इनके निशाने पर था। उधर, झारखंड के हजारीबाग से तौफीक मोहम्मद नाम के एक आतंकी को दिल्ली और झारखंड पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक तौफीक कश्मीर का रहने वाला है और 6 महीने से हजारीबाग में बुनकर बनकर रह रहा था और लोग उसे पीर मामा कहकर बुलाते थे।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों के मुताबिक तौफीक अहमद ही इस पूरे मोड्यूल का मास्टरमाइंड है। उत्तरी भारत में लश्कर के इस मोड्यूल के तार जम्मू-कश्मीर से भी जुड़े हैं। पता चला है कि ये आतंकी कश्मीर में लश्कर के एक कमांडर के लगातार संपर्क में थे और वहां कई आतंकी गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। दिल्ली के चांदनी चौक का कपड़ा बाजार भी इन आतंकियों के निशाने पर था। (इनपुट भाषा से भी) सूत्रों ने कहा कि एहतेशाम से जब्त चीजों में आईईडी बनाने का सामान जैसे तार, सल्फ्यूरिक एसिड आदि मिले हैं। उसने दिसंबर, 2011 में पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिया था। इनके निशाने पर भीड़भाड़ वाले बाजार थे। श्रीनगर में एसबीआई का मेन ब्रांच भी इनके निशाने पर था। उधर, झारखंड के हजारीबाग से तौफीक मोहम्मद नाम के एक आतंकी को दिल्ली और झारखंड पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक तौफीक कश्मीर का रहने वाला है और 6 महीने से हजारीबाग में बुनकर बनकर रह रहा था और लोग उसे पीर मामा कहकर बुलाते थे।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों के मुताबिक तौफीक अहमद ही इस पूरे मोड्यूल का मास्टरमाइंड है। उत्तरी भारत में लश्कर के इस मोड्यूल के तार जम्मू-कश्मीर से भी जुड़े हैं। पता चला है कि ये आतंकी कश्मीर में लश्कर के एक कमांडर के लगातार संपर्क में थे और वहां कई आतंकी गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। दिल्ली के चांदनी चौक का कपड़ा बाजार भी इन आतंकियों के निशाने पर था। (इनपुट भाषा से भी) उधर, झारखंड के हजारीबाग से तौफीक मोहम्मद नाम के एक आतंकी को दिल्ली और झारखंड पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक तौफीक कश्मीर का रहने वाला है और 6 महीने से हजारीबाग में बुनकर बनकर रह रहा था और लोग उसे पीर मामा कहकर बुलाते थे।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों के मुताबिक तौफीक अहमद ही इस पूरे मोड्यूल का मास्टरमाइंड है। उत्तरी भारत में लश्कर के इस मोड्यूल के तार जम्मू-कश्मीर से भी जुड़े हैं। पता चला है कि ये आतंकी कश्मीर में लश्कर के एक कमांडर के लगातार संपर्क में थे और वहां कई आतंकी गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। दिल्ली के चांदनी चौक का कपड़ा बाजार भी इन आतंकियों के निशाने पर था। (इनपुट भाषा से भी) पुलिस सूत्रों के मुताबिक तौफीक अहमद ही इस पूरे मोड्यूल का मास्टरमाइंड है। उत्तरी भारत में लश्कर के इस मोड्यूल के तार जम्मू-कश्मीर से भी जुड़े हैं। पता चला है कि ये आतंकी कश्मीर में लश्कर के एक कमांडर के लगातार संपर्क में थे और वहां कई आतंकी गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। दिल्ली के चांदनी चौक का कपड़ा बाजार भी इन आतंकियों के निशाने पर था। (इनपुट भाषा से भी) (इनपुट भाषा से भी)
यहाँ एक सारांश है:सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार लश्कर आतंकी एहतेशाम को पाकिस्तान का वीजा अलगाववादी कश्मीरी नेता सैयद अली शाह गिलानी की सिफारिश पर मिला था।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: आईआईटी की तैयारी कर रही 18 साल की छात्रा ने राजस्थान के कोटा शहर में हॉस्टल रूम में फांसी लगा ली. घटना के बाद मिली जानकारी के बाद पुलिस ने बताया कि मृतक लड़की उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी, जो कि आईआईटी इंट्रेंस एग्जाम के लिए कोटा आई थी. कथित सूचना प्राप्त होने पर मालूम पड़ा कि रविवार को अपने हॉस्टल के कमरे में लड़की ने सीलिंग फैन से लटक कर खुदकुशी कर ली.  पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, लड़की के माता-पिता ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो को फोन पर ब्लैकमेल करता था. पुलिस ने कहा कि उत्तर प्रदेश के व्यक्ति ने कथित तौर पर महिला को कोटा से वापस लौटने की चेतावनी दी थी, नहीं तो सोशल मीडिया पर उसके वीडियो पोस्ट कर देगा. इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी अनोख सिंह ने कहा कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि दोनों स्कूल में सहपाठी थे और रविवार को फोन पर बहस हुई थी, जिसके बाद लड़की ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. सोमवार की मृतक लड़की के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया.
लड़की ने कर लिया सुसाइड आईआईटी की तैयारी कर रही थी छात्रा कोटा में हुई ये वारदात
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 18 साल पुराने चर्चित उपहार सिनेमा अग्निकांड केस में सुप्रीम कोर्ट सीबीआई और पीड़ितों पुनर्विचार याचिका पर मंगलवार 6 दिसंबर को सुनवाई करेगा. सोमवार को पीड़ितों ने पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की मांग की और कहा उन्हें आशंका है कि अंसल बंधु देश छोड़ कर जा सकते है वही अंसल बंधुओं के तरफ से कहा गया कि जब तक सुनवाई चलेगी तब तक वो देश से बाहर नहीं जाएंगे. सीबीआई ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा है कि कोर्ट में उसे अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला. इसलिए न्‍याय नहीं हुआ. इस आधार पर सीबीआई ने मांग की है कि मामले पर दोबारा विचार किया जाए.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया था. उद्योगपति अंसल बंधुओं को उस समय बड़ी राहत मिली थी जब उच्चतम न्यायालय ने 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड मामले में उन्हें तीन महीने के भीतर 30-30 करोड़ रुपये का जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया था. हिन्दी फिल्म ‘बार्डर’ के प्रदर्शन के दौरान हुए इस अग्निकांड में 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी. सोमवार को पीड़ितों ने पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की मांग की और कहा उन्हें आशंका है कि अंसल बंधु देश छोड़ कर जा सकते है वही अंसल बंधुओं के तरफ से कहा गया कि जब तक सुनवाई चलेगी तब तक वो देश से बाहर नहीं जाएंगे. सीबीआई ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा है कि कोर्ट में उसे अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला. इसलिए न्‍याय नहीं हुआ. इस आधार पर सीबीआई ने मांग की है कि मामले पर दोबारा विचार किया जाए.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया था. उद्योगपति अंसल बंधुओं को उस समय बड़ी राहत मिली थी जब उच्चतम न्यायालय ने 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड मामले में उन्हें तीन महीने के भीतर 30-30 करोड़ रुपये का जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया था. हिन्दी फिल्म ‘बार्डर’ के प्रदर्शन के दौरान हुए इस अग्निकांड में 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी. सीबीआई ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा है कि कोर्ट में उसे अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला. इसलिए न्‍याय नहीं हुआ. इस आधार पर सीबीआई ने मांग की है कि मामले पर दोबारा विचार किया जाए.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया था. उद्योगपति अंसल बंधुओं को उस समय बड़ी राहत मिली थी जब उच्चतम न्यायालय ने 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड मामले में उन्हें तीन महीने के भीतर 30-30 करोड़ रुपये का जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया था. हिन्दी फिल्म ‘बार्डर’ के प्रदर्शन के दौरान हुए इस अग्निकांड में 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी. उल्लेखनीय है कि पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया था. उद्योगपति अंसल बंधुओं को उस समय बड़ी राहत मिली थी जब उच्चतम न्यायालय ने 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड मामले में उन्हें तीन महीने के भीतर 30-30 करोड़ रुपये का जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया था. हिन्दी फिल्म ‘बार्डर’ के प्रदर्शन के दौरान हुए इस अग्निकांड में 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी. हिन्दी फिल्म ‘बार्डर’ के प्रदर्शन के दौरान हुए इस अग्निकांड में 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उपहार सिनेमा अग्निकांड केस में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पीड़ितों ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी पीड़ितों ने कहा- आशंका है कि अंसल बंधु देश छोड़ कर जा सकते है
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के सातवें और अंतिम चरण का प्रचार-प्रसार शुक्रवार की शाम खत्म हो गया. जिसके तुरंत बाद दिल्ली के बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहें. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वागत किया. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''प्रधानंमंत्री का दिल से स्वागत करता हूं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी बातें आपसे साझा करूंगा. जनता का उत्साह सबसे आगे रहा है. बड़े बहुमत से फिर सरकार बनने जा रही है. नरेंद्र मोदी सरकार ने हर 15 दिन में एक योजना लाई और पूरे कार्यकाल में कुल 133 योजनाएं देश के हर वर्ग को जीनवस्तर को उठाने का प्रयास किया है.'' कोलकाता के रोडशो में हुए हिंसा के बारे में अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले, ''बंगाल में भाजपा के 80 कार्यकर्ता मारे गए हैं. हम तो पूरे देश में चुनाव लड़ रहे हैं, कहीं और हिंसा क्यों नहीं होती है. हमारे कारण हिंसा होती तो देश के हर हिस्से में होती. मीडिया को ममता जी से पूछना चाहिए कि वहीं ऐसा क्यों होता है.''  बीजेपी अध्यक्ष शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले, ''देश के गरीब, किसान, महिला, गांव, शहर समाज के हर वर्ग को हमारी सरकार की 133 योजनाएं ने छुआ है. 133 योजनाओं के आधार पर देश में नई चेतना की जागृति हुई है. भाजपा जनसंघ के समय से और भाजपा के बनने के बाद से संगठनात्मक तरीके से काम करने वाली पार्टी रही है. संगठन हमारे सभी कामों का प्रमुख अंग रहा है.ये पहला ऐसा चुनाव है जहां विपक्ष की ओर से महंगाई और भ्रष्टाचार चुनाव के मुद्दे नहीं थे. बहुत समय बाद देश की जनता ने ऐसा चुनाव देखा है जिसमें ये मुद्दे गायब थे. हमने 50 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है. उन्हें आधारभूत सुविधाएं देकर एहसास दिया है कि देश के विकास में उनकी भी हिस्सेदारी है. हमने बूथ और शक्ति केंद्रों की रचना के साथ जितने चुनाव आए लगभग सभी में हमने सफलता प्राप्त की. 2014 में हमारे पास 6 सरकारें थीं आज हमारे पास 16 सरकारें हैं.'' पांच साल में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेस कर रहे पीएम मोदी ने कहा, ''नमस्कार दोस्तों, मुझे अच्छा लगा आप लोगों से मिलकर, आपके पास आने में थोड़ा समय लगा, क्योंकि मैं मध्य प्रदेश में था. इसके बाद शायद मेरे लिए अध्यक्ष जी ने मेरे लिया कोई काम नहीं रखा है.'' उन्होंने मीडिया के सामने कहा, ''16 मई को पिछली बार रिजल्ट आया था और 17 मई को एक दुर्घटना हुई थी, 17 मई को सट्टाखोरों को मोदी की हाजिरी का बड़ा नुकसान हुआ था. सट्टा लगाने वाले तब सब डूब गये थे, यानी ईमानदारी की शुरुआत 17 मई को हो गई थी. नई सरकार बनना जनता ने तय कर लिया है. हमने संकल्प पत्र में देश को आगे ले जाने के लिए कई बातें कही हैं. जितना जल्दी होगा, उतना जल्दी नई सरकार अपना कार्यभार लेगी. एक के बाद एक करके निर्णय हम लेंगे.'' पीएम मोदी ने कहा, ''मैं मानता हूं कि कुछ बातें हम गर्व के साथ दुनिया से कह सकते हैं. ये दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, ये लोकत्रंत की ताकत दुनिया के सामने ले जाना हम सबका दायित्व है. हमें विश्व को प्रभावित करना चाहिए कि हमारा लोकतंत्र कितनी विविधताओं से भरा है. पिछली बार जब 2009 और 2014 में लोकसभा चुनाव हुआ था तो आईपीएल को बाहर ले जाना पड़ा था, आज जब चुनाव हुआ था तो रमजान भी चलता है, ईस्टर भी चलता है, स्कूल भी चलता है और सब आराम से होता है. चुनाव शानदार रहा, एक सकारात्मक भाव से चुनाव हुआ. पूर्ण बहुमत वाली सरकार पांच साल पूरे करके दोबारा जीतकर आए ये शायद देश में बहुत लंबे अर्से के बाद हो रहा है. ये अपने आप में बड़ी बात है. जब मैं चुनाव के लिए निकला और मन बनाकर निकला था और अपने को उसी धार पर रखा. मैंने देशवासियों को कहा था कि 5 साल मुझे देश ने जो आशीर्वाद दिया उसके लिए मैं धन्यवाद देने आया हूं. अनेक उतार चढ़ाव आए, लेकिन देश साथ रहा. मेरे लिए चुनाव जनता को धन्यवाद ज्ञापन था.'' अमित शाह ने आगे कहा, ''मैं बहुत गर्व के साथ कह रहा हूं कि देश की आजादी के बाद सबसे ज्यादा परिश्रमी और विस्तृत चुनाव अभियान हमारे नेता नरेन्द्र मोदी जी ने किया है. ये चुनाव आजादी के बाद के चुनाव में भाजपा की दृष्टि से सबसे ज्यादा मेहनत करने वाला, सबसे विस्तृत चुनाव अभियान रहा है. इस चुनाव में हमारा अनुभव के अनुसार जनता हमसे आगे आगे रही है. मोदी सरकार फिर से बनाने के लिए जनता का उत्साह भाजपा से आगे रहा है.'' बता दें, अब 19 मई को आखिरी चरण के चुनाव में 59 सीटों पर मतदान किया जाएगा. भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम राजनैतिक पार्टियां अपनी एड़ी चोटी का जोर लगा चुके हैं. उनकी किस्मत का फैसला 23 मई को मतगणना के बाद होगी.
5 साल में पहली बार मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस लोकसभा का चुनाव प्रचार खत्म अमित शाह भी रहे मौजूद
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['hin']
एक सारांश बनाओ: शाहिद कपूर के छोटे भाई ईशान खट्टर अपनी पहली फिल्‍म के लिए काफी ज्‍यादा मेहनत कर रहे हैं. मेहनत और लगन के मामले में ईशान ने कुछ ऐसा कर दिया है कि उन्‍होंने शाहिद को भी पीछे छोड़ दिया है. दरअसल, जहां हाल ही में शाहिद कपूर अपनी फिल्‍म 'रंगून' में कीचड़ में रोमांस करते नजर आए, वहीं ईशान खट्टर को भी अपनी आने वाली फिल्‍म 'बियोन्‍ड द क्‍लाउड्स' में भी कीचड़ में ही लेटकर सीन देना है. ईशान को अपनी इस फिल्‍म के लिए सिर्फ कीचड़ में गिरना ही नहीं है बल्कि उनका पूरा चेहरा कीचड़ में लथपथ होना है. लेकिन ऐसे में ईशान ने इस सीन को पूरी शिद्दत से किया और एक-दो बार नहीं बल्कि सीन की जरूरत के हिसाब से 60 से भी ज्‍यादा बार असली गंदगी में लथपथ हुए हैं. ईशान खट्टर को प्रसिद्ध ईरानी निर्देशक माजिद माजिद ने अपनी फिल्‍म 'बियोन्‍ड द क्‍लाउड्स' के लिए ऑडिशन के दौरान चुना है. भारत की पृष्‍ठभूमि पर बन  रही इस फिल्‍म के बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है. माजिद माजिद ईशान के काम और उसकी लगन से काफी प्रभावित नजर आ रहे हैं. इस फिल्‍म से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, 'फिल्‍म के एक अहम सीन के लिए ईशान को अपना चेहरा और पूरा शरीर गंदगी और कूढ़े-कर्कट में डालना था. ईशान को इस सीन के लिए यह लगभग 64 बार ऐसा करना था. यह सीन मुंबई के शिवड़ी घाट इलाके पर फिल्‍माया जा रहा था. ईशान को सिर्फ इस गंदगी में जाना ही नहीं था बल्कि अपना चेहरा इतनी बार इसमें रगड़ना था कि उसका चेहरा पहचान में ही न आए. ईशान डायरेक्‍टर की बात मानते हुए बिना किसी डर या झिझक के इस कीचड़ में कूद गए.'   फिल्‍म 'बियोन्‍ड द क्‍लाउड्स' के एक सीन में ईशान खट्टर. पिछले दिनों रिलीज हुई शाहिद कपूर की फिल्‍म 'रंगून' में शाहिद भी एक ऐसा ही सीन करते नजर आए. इस सीन में शाहिद और कंगना को न केवल कीचड़ में लेटना था बल्कि इसी कीचड़ में रोमांटिक सीन भी उन्‍हें करना था.   बता दें कि ईशान, शाहिद कपूर की फिल्‍म 'उड़ता पंजाब' में कैमियो करते हुए भी नजर आ चुके हैं. ईशान खट्टर को प्रसिद्ध ईरानी निर्देशक माजिद माजिद ने अपनी फिल्‍म 'बियोन्‍ड द क्‍लाउड्स' के लिए ऑडिशन के दौरान चुना है. भारत की पृष्‍ठभूमि पर बन  रही इस फिल्‍म के बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है. माजिद माजिद ईशान के काम और उसकी लगन से काफी प्रभावित नजर आ रहे हैं. इस फिल्‍म से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, 'फिल्‍म के एक अहम सीन के लिए ईशान को अपना चेहरा और पूरा शरीर गंदगी और कूढ़े-कर्कट में डालना था. ईशान को इस सीन के लिए यह लगभग 64 बार ऐसा करना था. यह सीन मुंबई के शिवड़ी घाट इलाके पर फिल्‍माया जा रहा था. ईशान को सिर्फ इस गंदगी में जाना ही नहीं था बल्कि अपना चेहरा इतनी बार इसमें रगड़ना था कि उसका चेहरा पहचान में ही न आए. ईशान डायरेक्‍टर की बात मानते हुए बिना किसी डर या झिझक के इस कीचड़ में कूद गए.'   फिल्‍म 'बियोन्‍ड द क्‍लाउड्स' के एक सीन में ईशान खट्टर. पिछले दिनों रिलीज हुई शाहिद कपूर की फिल्‍म 'रंगून' में शाहिद भी एक ऐसा ही सीन करते नजर आए. इस सीन में शाहिद और कंगना को न केवल कीचड़ में लेटना था बल्कि इसी कीचड़ में रोमांटिक सीन भी उन्‍हें करना था.   बता दें कि ईशान, शाहिद कपूर की फिल्‍म 'उड़ता पंजाब' में कैमियो करते हुए भी नजर आ चुके हैं. फिल्‍म 'बियोन्‍ड द क्‍लाउड्स' के एक सीन में ईशान खट्टर.
संक्षिप्त पाठ: ईरानी निर्देशक माजिद माजिद की फिल्‍म 'बियोन्‍ड द क्‍लाउड्स' में हैं ईशान ईशान की लगन और मेहनत से काफी खुश हैं निर्देशक माजिद माजिद शाहिद कपूर भी अपनी फिल्‍म 'रंगून' के लिए कर चुके हैं कीचड़ का सीन
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार ने जहां नई अधिसूचना जारी कर वध के लिए पशुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इसे 'राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन' करने वाला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस अधिसूचना को वापस लेने की मांग की है. केंद्र में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी पशु बिक्री के नियमों में लाई गई सख्ती का विरोध किया है और कहा है कि इसके पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) है और यह 'समाज को बांटने की कोशिश' के तहत लाया गया है. वहीं दूसरी ओर शनिवार को केरल के गोमांस विक्रेताओं के कारोबार पर इसका असर देखने को नहीं मिला और अपने पसंदीदा खाद्य (मांस) को खरीदने के लिए हमेशा की तरह लोगों की भारी भीड़ देखी गई. विजयन ने प्रधानमंत्री को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा है, "मैं आपसे इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करता हूं और नए प्रतिबंधों को हटाने की मांग करता हूं, ताकि देश के लाखों पशुपालकों, किसानों की आजीविका को सुरक्षित किया जा सके और संविधान के मूलभूत सिद्धांतों की रक्षा भी की जा सके." विजयन ने कहा कि केरल में आबादी का बड़ा हिस्सा मांसाहारी है और देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी यही स्थिति है. विजयन ने लिखा है, "यहां तक असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, जम्मू एवं कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी शाकाहारियों की अपेक्षा मांसाहारियों की संख्या अधिक है." विजयन ने कहा कि नए नियम लागू करने से पहले राज्यों के साथ चर्चा करनी चाहिए थी. उन्होंने अपनी चिट्ठी में आगे लिखा है, "इस तरह का दूरगामी प्रभाव वाला सख्त कदम उठाने से पहले राज्यों को विश्वास में लेने की कोशिश का अभाव हमारे लोकतंत्र के लिए घातक है. मुझे आशंका है कि हमारे देश की संघीय संरचना में यह फैसला राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाला है. जल्दबाजी में इस तरह का प्रतिबंध लगाना हमारे देश की मूल विशेषता विविधता को बनाए रखने में चुनौती साबित होगा. यह हमारे संविधान में स्थापित धर्मनिरपेक्षता एवं संघीय भावना के सिद्धांतों के खिलाफ जाएगा." कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए. के. एंटनी ने कहा है कि केरल में इस आदेश का हाल 'किसी कागज के टुकड़े' जैसा होगा और 'इसे यहां लागू करना खतरनाक' होगा. एंटनी ने कहा, "इस आदेश को फाड़कर रद्दी की टोकरी में फेंक देना चाहिए. इसके पीछे आरएसएस है, क्योंकि वे देश को बांटने की कोशिशों में लगे हुए हैं." वहीं, विपक्षी नेता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश चेन्निथला ने त्रिसूर में मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे से कानूनी और राजनीतिक दोनों तरीके से निपटेगी. चेन्निथला ने कहा कि पार्टी इस 'मूर्खतापूर्ण कानून' के खिलाफ सोमवार को 'काला दिवस' मनाएगी. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार लोगों के उस अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकती, जिसमें जनता के पास यह स्वतंत्रता है कि वह क्या खाएं और क्या नहीं खाएं. हम इस मुद्दे का कड़ाई से विरोध करेंगे." इस बीच शनिवार को पशु कारोबारियों के एक समूह ने कहा, "हमें चिंता इस बात की है कि अगर राज्य सरकार इन नियमों को लागू करती है तो यह अव्यावहारिक होगा. हम इंतजार कर रहे हैं."टिप्पणियां इस दौरान, सभी राजनीतिक दलों ने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के इस कदम को मूर्खतापूर्ण बताया है. वहीं, राज्य की भाजपा इकाई ने मुद्दे को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का मीडिया पर आरोप लगाया. केरल भाजपा के महासचिव एम. टी. रमेश ने कहा, "मीडिया और राजनीतिक दल जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहे हैं. अगर किसी को संदेह है तो वह कानूनी मदद ले सकता है. आदेश स्पष्ट है और राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है." नए आदेश के खिलाफ प्रतिरोध का आह्वान करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) की युवा इकाई ने समूचे केरल में बीफ समारोह मनाने का फैसला किया है, जहां गोमांस से बने व्यंजन परोसे जाएंगे. राज्य में गोमांस की कीमत 280-300 रुपये प्रति किलोग्राम है. इस बीच पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है कि नया कानून पशु बाजार में पशुओं के साथ क्रूरता पर रोकथाम के लिए लाया गया है, न कि बूचड़खानों के पशु कारोबार को नियमित करने के लिए. मंत्रालय ने कहा है कि पशु बाजार का उद्देश्य कृषि कार्यो के लिए पशुओं की खरीदारी होना चाहिए तथा वध के लिए पशुओं की खरीदारी सीधे पशुपालकों से होनी चाहिए. विजयन ने प्रधानमंत्री को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा है, "मैं आपसे इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करता हूं और नए प्रतिबंधों को हटाने की मांग करता हूं, ताकि देश के लाखों पशुपालकों, किसानों की आजीविका को सुरक्षित किया जा सके और संविधान के मूलभूत सिद्धांतों की रक्षा भी की जा सके." विजयन ने कहा कि केरल में आबादी का बड़ा हिस्सा मांसाहारी है और देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी यही स्थिति है. विजयन ने लिखा है, "यहां तक असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, जम्मू एवं कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी शाकाहारियों की अपेक्षा मांसाहारियों की संख्या अधिक है." विजयन ने कहा कि नए नियम लागू करने से पहले राज्यों के साथ चर्चा करनी चाहिए थी. उन्होंने अपनी चिट्ठी में आगे लिखा है, "इस तरह का दूरगामी प्रभाव वाला सख्त कदम उठाने से पहले राज्यों को विश्वास में लेने की कोशिश का अभाव हमारे लोकतंत्र के लिए घातक है. मुझे आशंका है कि हमारे देश की संघीय संरचना में यह फैसला राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाला है. जल्दबाजी में इस तरह का प्रतिबंध लगाना हमारे देश की मूल विशेषता विविधता को बनाए रखने में चुनौती साबित होगा. यह हमारे संविधान में स्थापित धर्मनिरपेक्षता एवं संघीय भावना के सिद्धांतों के खिलाफ जाएगा." कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए. के. एंटनी ने कहा है कि केरल में इस आदेश का हाल 'किसी कागज के टुकड़े' जैसा होगा और 'इसे यहां लागू करना खतरनाक' होगा. एंटनी ने कहा, "इस आदेश को फाड़कर रद्दी की टोकरी में फेंक देना चाहिए. इसके पीछे आरएसएस है, क्योंकि वे देश को बांटने की कोशिशों में लगे हुए हैं." वहीं, विपक्षी नेता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश चेन्निथला ने त्रिसूर में मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे से कानूनी और राजनीतिक दोनों तरीके से निपटेगी. चेन्निथला ने कहा कि पार्टी इस 'मूर्खतापूर्ण कानून' के खिलाफ सोमवार को 'काला दिवस' मनाएगी. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार लोगों के उस अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकती, जिसमें जनता के पास यह स्वतंत्रता है कि वह क्या खाएं और क्या नहीं खाएं. हम इस मुद्दे का कड़ाई से विरोध करेंगे." इस बीच शनिवार को पशु कारोबारियों के एक समूह ने कहा, "हमें चिंता इस बात की है कि अगर राज्य सरकार इन नियमों को लागू करती है तो यह अव्यावहारिक होगा. हम इंतजार कर रहे हैं."टिप्पणियां इस दौरान, सभी राजनीतिक दलों ने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के इस कदम को मूर्खतापूर्ण बताया है. वहीं, राज्य की भाजपा इकाई ने मुद्दे को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का मीडिया पर आरोप लगाया. केरल भाजपा के महासचिव एम. टी. रमेश ने कहा, "मीडिया और राजनीतिक दल जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहे हैं. अगर किसी को संदेह है तो वह कानूनी मदद ले सकता है. आदेश स्पष्ट है और राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है." नए आदेश के खिलाफ प्रतिरोध का आह्वान करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) की युवा इकाई ने समूचे केरल में बीफ समारोह मनाने का फैसला किया है, जहां गोमांस से बने व्यंजन परोसे जाएंगे. राज्य में गोमांस की कीमत 280-300 रुपये प्रति किलोग्राम है. इस बीच पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है कि नया कानून पशु बाजार में पशुओं के साथ क्रूरता पर रोकथाम के लिए लाया गया है, न कि बूचड़खानों के पशु कारोबार को नियमित करने के लिए. मंत्रालय ने कहा है कि पशु बाजार का उद्देश्य कृषि कार्यो के लिए पशुओं की खरीदारी होना चाहिए तथा वध के लिए पशुओं की खरीदारी सीधे पशुपालकों से होनी चाहिए. उन्होंने अपनी चिट्ठी में आगे लिखा है, "इस तरह का दूरगामी प्रभाव वाला सख्त कदम उठाने से पहले राज्यों को विश्वास में लेने की कोशिश का अभाव हमारे लोकतंत्र के लिए घातक है. मुझे आशंका है कि हमारे देश की संघीय संरचना में यह फैसला राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाला है. जल्दबाजी में इस तरह का प्रतिबंध लगाना हमारे देश की मूल विशेषता विविधता को बनाए रखने में चुनौती साबित होगा. यह हमारे संविधान में स्थापित धर्मनिरपेक्षता एवं संघीय भावना के सिद्धांतों के खिलाफ जाएगा." कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए. के. एंटनी ने कहा है कि केरल में इस आदेश का हाल 'किसी कागज के टुकड़े' जैसा होगा और 'इसे यहां लागू करना खतरनाक' होगा. एंटनी ने कहा, "इस आदेश को फाड़कर रद्दी की टोकरी में फेंक देना चाहिए. इसके पीछे आरएसएस है, क्योंकि वे देश को बांटने की कोशिशों में लगे हुए हैं." वहीं, विपक्षी नेता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश चेन्निथला ने त्रिसूर में मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे से कानूनी और राजनीतिक दोनों तरीके से निपटेगी. चेन्निथला ने कहा कि पार्टी इस 'मूर्खतापूर्ण कानून' के खिलाफ सोमवार को 'काला दिवस' मनाएगी. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार लोगों के उस अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकती, जिसमें जनता के पास यह स्वतंत्रता है कि वह क्या खाएं और क्या नहीं खाएं. हम इस मुद्दे का कड़ाई से विरोध करेंगे." इस बीच शनिवार को पशु कारोबारियों के एक समूह ने कहा, "हमें चिंता इस बात की है कि अगर राज्य सरकार इन नियमों को लागू करती है तो यह अव्यावहारिक होगा. हम इंतजार कर रहे हैं."टिप्पणियां इस दौरान, सभी राजनीतिक दलों ने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के इस कदम को मूर्खतापूर्ण बताया है. वहीं, राज्य की भाजपा इकाई ने मुद्दे को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का मीडिया पर आरोप लगाया. केरल भाजपा के महासचिव एम. टी. रमेश ने कहा, "मीडिया और राजनीतिक दल जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहे हैं. अगर किसी को संदेह है तो वह कानूनी मदद ले सकता है. आदेश स्पष्ट है और राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है." नए आदेश के खिलाफ प्रतिरोध का आह्वान करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) की युवा इकाई ने समूचे केरल में बीफ समारोह मनाने का फैसला किया है, जहां गोमांस से बने व्यंजन परोसे जाएंगे. राज्य में गोमांस की कीमत 280-300 रुपये प्रति किलोग्राम है. इस बीच पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है कि नया कानून पशु बाजार में पशुओं के साथ क्रूरता पर रोकथाम के लिए लाया गया है, न कि बूचड़खानों के पशु कारोबार को नियमित करने के लिए. मंत्रालय ने कहा है कि पशु बाजार का उद्देश्य कृषि कार्यो के लिए पशुओं की खरीदारी होना चाहिए तथा वध के लिए पशुओं की खरीदारी सीधे पशुपालकों से होनी चाहिए. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए. के. एंटनी ने कहा है कि केरल में इस आदेश का हाल 'किसी कागज के टुकड़े' जैसा होगा और 'इसे यहां लागू करना खतरनाक' होगा. एंटनी ने कहा, "इस आदेश को फाड़कर रद्दी की टोकरी में फेंक देना चाहिए. इसके पीछे आरएसएस है, क्योंकि वे देश को बांटने की कोशिशों में लगे हुए हैं." वहीं, विपक्षी नेता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश चेन्निथला ने त्रिसूर में मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे से कानूनी और राजनीतिक दोनों तरीके से निपटेगी. चेन्निथला ने कहा कि पार्टी इस 'मूर्खतापूर्ण कानून' के खिलाफ सोमवार को 'काला दिवस' मनाएगी. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार लोगों के उस अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकती, जिसमें जनता के पास यह स्वतंत्रता है कि वह क्या खाएं और क्या नहीं खाएं. हम इस मुद्दे का कड़ाई से विरोध करेंगे." इस बीच शनिवार को पशु कारोबारियों के एक समूह ने कहा, "हमें चिंता इस बात की है कि अगर राज्य सरकार इन नियमों को लागू करती है तो यह अव्यावहारिक होगा. हम इंतजार कर रहे हैं."टिप्पणियां इस दौरान, सभी राजनीतिक दलों ने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के इस कदम को मूर्खतापूर्ण बताया है. वहीं, राज्य की भाजपा इकाई ने मुद्दे को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का मीडिया पर आरोप लगाया. केरल भाजपा के महासचिव एम. टी. रमेश ने कहा, "मीडिया और राजनीतिक दल जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहे हैं. अगर किसी को संदेह है तो वह कानूनी मदद ले सकता है. आदेश स्पष्ट है और राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है." नए आदेश के खिलाफ प्रतिरोध का आह्वान करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) की युवा इकाई ने समूचे केरल में बीफ समारोह मनाने का फैसला किया है, जहां गोमांस से बने व्यंजन परोसे जाएंगे. राज्य में गोमांस की कीमत 280-300 रुपये प्रति किलोग्राम है. इस बीच पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है कि नया कानून पशु बाजार में पशुओं के साथ क्रूरता पर रोकथाम के लिए लाया गया है, न कि बूचड़खानों के पशु कारोबार को नियमित करने के लिए. मंत्रालय ने कहा है कि पशु बाजार का उद्देश्य कृषि कार्यो के लिए पशुओं की खरीदारी होना चाहिए तथा वध के लिए पशुओं की खरीदारी सीधे पशुपालकों से होनी चाहिए. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार लोगों के उस अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकती, जिसमें जनता के पास यह स्वतंत्रता है कि वह क्या खाएं और क्या नहीं खाएं. हम इस मुद्दे का कड़ाई से विरोध करेंगे." इस बीच शनिवार को पशु कारोबारियों के एक समूह ने कहा, "हमें चिंता इस बात की है कि अगर राज्य सरकार इन नियमों को लागू करती है तो यह अव्यावहारिक होगा. हम इंतजार कर रहे हैं."टिप्पणियां इस दौरान, सभी राजनीतिक दलों ने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के इस कदम को मूर्खतापूर्ण बताया है. वहीं, राज्य की भाजपा इकाई ने मुद्दे को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का मीडिया पर आरोप लगाया. केरल भाजपा के महासचिव एम. टी. रमेश ने कहा, "मीडिया और राजनीतिक दल जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहे हैं. अगर किसी को संदेह है तो वह कानूनी मदद ले सकता है. आदेश स्पष्ट है और राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है." नए आदेश के खिलाफ प्रतिरोध का आह्वान करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) की युवा इकाई ने समूचे केरल में बीफ समारोह मनाने का फैसला किया है, जहां गोमांस से बने व्यंजन परोसे जाएंगे. राज्य में गोमांस की कीमत 280-300 रुपये प्रति किलोग्राम है. इस बीच पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है कि नया कानून पशु बाजार में पशुओं के साथ क्रूरता पर रोकथाम के लिए लाया गया है, न कि बूचड़खानों के पशु कारोबार को नियमित करने के लिए. मंत्रालय ने कहा है कि पशु बाजार का उद्देश्य कृषि कार्यो के लिए पशुओं की खरीदारी होना चाहिए तथा वध के लिए पशुओं की खरीदारी सीधे पशुपालकों से होनी चाहिए. इस दौरान, सभी राजनीतिक दलों ने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के इस कदम को मूर्खतापूर्ण बताया है. वहीं, राज्य की भाजपा इकाई ने मुद्दे को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का मीडिया पर आरोप लगाया. केरल भाजपा के महासचिव एम. टी. रमेश ने कहा, "मीडिया और राजनीतिक दल जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहे हैं. अगर किसी को संदेह है तो वह कानूनी मदद ले सकता है. आदेश स्पष्ट है और राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है." नए आदेश के खिलाफ प्रतिरोध का आह्वान करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) की युवा इकाई ने समूचे केरल में बीफ समारोह मनाने का फैसला किया है, जहां गोमांस से बने व्यंजन परोसे जाएंगे. राज्य में गोमांस की कीमत 280-300 रुपये प्रति किलोग्राम है. इस बीच पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है कि नया कानून पशु बाजार में पशुओं के साथ क्रूरता पर रोकथाम के लिए लाया गया है, न कि बूचड़खानों के पशु कारोबार को नियमित करने के लिए. मंत्रालय ने कहा है कि पशु बाजार का उद्देश्य कृषि कार्यो के लिए पशुओं की खरीदारी होना चाहिए तथा वध के लिए पशुओं की खरीदारी सीधे पशुपालकों से होनी चाहिए. नए आदेश के खिलाफ प्रतिरोध का आह्वान करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) की युवा इकाई ने समूचे केरल में बीफ समारोह मनाने का फैसला किया है, जहां गोमांस से बने व्यंजन परोसे जाएंगे. राज्य में गोमांस की कीमत 280-300 रुपये प्रति किलोग्राम है. इस बीच पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है कि नया कानून पशु बाजार में पशुओं के साथ क्रूरता पर रोकथाम के लिए लाया गया है, न कि बूचड़खानों के पशु कारोबार को नियमित करने के लिए. मंत्रालय ने कहा है कि पशु बाजार का उद्देश्य कृषि कार्यो के लिए पशुओं की खरीदारी होना चाहिए तथा वध के लिए पशुओं की खरीदारी सीधे पशुपालकों से होनी चाहिए.
यह एक सारांश है: केंद्र ने अधिसूचना जारी कर वध के लिए पशुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया केरल ने इसे 'राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन' करने वाला नियम बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस अधिसूचना को वापस लेने की मांग की
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक तरफ जब एम करुणानिधि और उनकी डीएमके पार्टी ने श्रीलंका में तमिलों की हत्याएं और मानवाधिकार के मुद्दे पर केंद्र की यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया वहीं, उनके परिवार के कलानिधि मारन के ग्रुप ने अपनी आईपीएल टीम में दो श्रीलंकाई खिलाड़ियों को खरीद रखा है। मारन के सन ग्रुप ने पिछले साल सनराइजर्स हैदराबाद की टीम खरीदी थी और श्रीलंकाई क्रिकेटर कुमार संगकारा को टीम का कप्तान बनाया था तथा दूसरे श्रीलंकाई क्रिकेटर थिसारा परेरा को ऑल राउंडर के रूप में 675000 डॉलर में खरीदा था। तमिलनाडु की आम जनता इस बात से नाराज है। एक व्यक्ति ने कहा कि अगर कलानिधि को तमिलों का इतना ख्याल था तो उन्हें अपने दोनों श्रीलंकाई खिलाड़ियों को बाहर कर देना चाहिए। इस मुद्दे पर बातचीत के लिए सन ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। जबकि कलानिधि के छोटे भाई दयानिधि के करीबी सूत्रों का कहना है कि जब पिछले साल टीम के लिए श्रीलंकाई खिलाड़ियों को खरीदा गया था तब श्रीलंका के साथ संबंध इतने कटु नहीं थे। चेन्नई में एक दूसरे आम नागरिक ने कहा कि आईपीएल एक बिजनेस मॉडल है और टीम खरीदते समय जीत को ध्यान में रखा जाता है। इस तरह के मुद्दे खेल के आनंद को खत्म कर देंगे।टिप्पणियां डीएमके की सदस्य खुशबू का कहना है कि सन ग्रुप इस मुद्दे को संज्ञान में लेगा। मंगलवार को यह निर्णय लिया गया कि चेन्नई में होने वाले आईपीएल मैचों में श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। अगले हफ्ते आरंभ होने वाले इस टूर्नामेंट के 10 मैच चेन्नई में खेले जाने हैं। मारन के सन ग्रुप ने पिछले साल सनराइजर्स हैदराबाद की टीम खरीदी थी और श्रीलंकाई क्रिकेटर कुमार संगकारा को टीम का कप्तान बनाया था तथा दूसरे श्रीलंकाई क्रिकेटर थिसारा परेरा को ऑल राउंडर के रूप में 675000 डॉलर में खरीदा था। तमिलनाडु की आम जनता इस बात से नाराज है। एक व्यक्ति ने कहा कि अगर कलानिधि को तमिलों का इतना ख्याल था तो उन्हें अपने दोनों श्रीलंकाई खिलाड़ियों को बाहर कर देना चाहिए। इस मुद्दे पर बातचीत के लिए सन ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। जबकि कलानिधि के छोटे भाई दयानिधि के करीबी सूत्रों का कहना है कि जब पिछले साल टीम के लिए श्रीलंकाई खिलाड़ियों को खरीदा गया था तब श्रीलंका के साथ संबंध इतने कटु नहीं थे। चेन्नई में एक दूसरे आम नागरिक ने कहा कि आईपीएल एक बिजनेस मॉडल है और टीम खरीदते समय जीत को ध्यान में रखा जाता है। इस तरह के मुद्दे खेल के आनंद को खत्म कर देंगे।टिप्पणियां डीएमके की सदस्य खुशबू का कहना है कि सन ग्रुप इस मुद्दे को संज्ञान में लेगा। मंगलवार को यह निर्णय लिया गया कि चेन्नई में होने वाले आईपीएल मैचों में श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। अगले हफ्ते आरंभ होने वाले इस टूर्नामेंट के 10 मैच चेन्नई में खेले जाने हैं। तमिलनाडु की आम जनता इस बात से नाराज है। एक व्यक्ति ने कहा कि अगर कलानिधि को तमिलों का इतना ख्याल था तो उन्हें अपने दोनों श्रीलंकाई खिलाड़ियों को बाहर कर देना चाहिए। इस मुद्दे पर बातचीत के लिए सन ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। जबकि कलानिधि के छोटे भाई दयानिधि के करीबी सूत्रों का कहना है कि जब पिछले साल टीम के लिए श्रीलंकाई खिलाड़ियों को खरीदा गया था तब श्रीलंका के साथ संबंध इतने कटु नहीं थे। चेन्नई में एक दूसरे आम नागरिक ने कहा कि आईपीएल एक बिजनेस मॉडल है और टीम खरीदते समय जीत को ध्यान में रखा जाता है। इस तरह के मुद्दे खेल के आनंद को खत्म कर देंगे।टिप्पणियां डीएमके की सदस्य खुशबू का कहना है कि सन ग्रुप इस मुद्दे को संज्ञान में लेगा। मंगलवार को यह निर्णय लिया गया कि चेन्नई में होने वाले आईपीएल मैचों में श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। अगले हफ्ते आरंभ होने वाले इस टूर्नामेंट के 10 मैच चेन्नई में खेले जाने हैं। जबकि कलानिधि के छोटे भाई दयानिधि के करीबी सूत्रों का कहना है कि जब पिछले साल टीम के लिए श्रीलंकाई खिलाड़ियों को खरीदा गया था तब श्रीलंका के साथ संबंध इतने कटु नहीं थे। चेन्नई में एक दूसरे आम नागरिक ने कहा कि आईपीएल एक बिजनेस मॉडल है और टीम खरीदते समय जीत को ध्यान में रखा जाता है। इस तरह के मुद्दे खेल के आनंद को खत्म कर देंगे।टिप्पणियां डीएमके की सदस्य खुशबू का कहना है कि सन ग्रुप इस मुद्दे को संज्ञान में लेगा। मंगलवार को यह निर्णय लिया गया कि चेन्नई में होने वाले आईपीएल मैचों में श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। अगले हफ्ते आरंभ होने वाले इस टूर्नामेंट के 10 मैच चेन्नई में खेले जाने हैं। चेन्नई में एक दूसरे आम नागरिक ने कहा कि आईपीएल एक बिजनेस मॉडल है और टीम खरीदते समय जीत को ध्यान में रखा जाता है। इस तरह के मुद्दे खेल के आनंद को खत्म कर देंगे।टिप्पणियां डीएमके की सदस्य खुशबू का कहना है कि सन ग्रुप इस मुद्दे को संज्ञान में लेगा। मंगलवार को यह निर्णय लिया गया कि चेन्नई में होने वाले आईपीएल मैचों में श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। अगले हफ्ते आरंभ होने वाले इस टूर्नामेंट के 10 मैच चेन्नई में खेले जाने हैं। डीएमके की सदस्य खुशबू का कहना है कि सन ग्रुप इस मुद्दे को संज्ञान में लेगा। मंगलवार को यह निर्णय लिया गया कि चेन्नई में होने वाले आईपीएल मैचों में श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। अगले हफ्ते आरंभ होने वाले इस टूर्नामेंट के 10 मैच चेन्नई में खेले जाने हैं। मंगलवार को यह निर्णय लिया गया कि चेन्नई में होने वाले आईपीएल मैचों में श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। अगले हफ्ते आरंभ होने वाले इस टूर्नामेंट के 10 मैच चेन्नई में खेले जाने हैं।
यह एक सारांश है: एक तरफ जब एम करुणानिधि और उनकी डीएमके पार्टी ने श्रीलंका में तमिलों की हत्याएं और मानवाधिकार के मुद्दे पर केंद्र की यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया वहीं, उनके परिवार के कलानिधि मारन के ग्रुप ने अपनी आईपीएल टीम में दो श्रीलंकाई खिलाड़ियों को खरीद रखा है
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कपिल देव की अगुवाई वाली भारतीय टीम 1983 में जब विश्व चैंपियन बनी थी तो उसे केवल 20 हजार पौंड की इनामी राशि मिली थी लेकिन यदि 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की टीम विश्व कप विजेता बनती है तो उसे इससे लगभग 90 गुणा अधिक पुरस्कार राशि मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने 19 फरवरी से दो अप्रैल तक भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में चलने वाले क्रिकेट महाकुंभ के लिए पिछले विश्व कप की तुलना में लगभग दोगुनी पुरस्कार राशि रखी है। इस टूर्नामेंट में चैंपियन बनने वाली टीम को 30 लाख डालर (लगभग 18 लाख 74 हजार पौंड या 13 करोड़ 67 लाख रुपये) की इनामी राशि मिलेगी। आलम यह है कि इस बार पहले दौर में जीत दर्ज करने वाली टीम को भी 60 हजार डॉलर (लगभग 27 लाख रुपये) मिल जाएंगे जो 1987 में पहली बार चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलियाई टीम को मिली पुरस्कार राशि (30 हजार पौंड) से अधिक है। इस बार जो भी टीम क्वार्टरफाइनल में पहुंचेगी, उसको तीन लाख 70 हजार डालर (लगभग एक करोड़ 68 लाख रुपये) मिलने तय हैं। इसी तरह से सेमीफाइनल में हारने वाली टीम को 750,000 डालर यानी तीन करोड़ 41 लाख रुपये तथा फाइनल में पराजित होने वाली टीम को एक करोड़ 50 हजार डालर यानी छह करोड़ 83 लाख रुपये मिलेंगे जो कि पिछले सभी विश्व कप की तुलना में सबसे बड़ी पुरस्कार राशि है।
संक्षिप्त पाठ: आईसीसी ने भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में चलने वाले क्रिकेट महाकुंभ के लिए पिछले विश्व कप की तुलना में लगभग दोगुनी पुरस्कार राशि रखी है।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: हरियाणा के बहादुरगढ़ शहर के कश्मीरी कॉलोनी में अज्ञात हमलावरों ने दो भाइयों की उनके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को बताया कि यह घटना शुक्रवार रात नौ बजे रोहतक से करीब 45 किलोमीटर दूर बल्लूर रोड पर हुई।टिप्पणियां मृतकों की पहचान जय नारायण के पुत्र रोहित (20) और हिमांशु (14) के रूप में हुई है। जयनारायण सरकारी कर्मचारी हैं और झज्जर में पदस्थापित हैं। हत्या के पीछे संपत्ति विवाद को कारण माना जा रहा है। हमलावर घटना के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। बहादुरगढ़ के डीएसपी राजीव देसवाल ने कहा, ‘‘हम विभिन्न कोणों से अपराध की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद हत्याओं के पीछे के वास्तविक कारण का पता चलेगा।’’ रोहित एमडी यूनिवर्सिटी से बीबीए की पढ़ाई कर रहा था, जबकि हिमांशु बहादुरगढ़ में एक निजी स्कूल का छात्र था। मृतकों की पहचान जय नारायण के पुत्र रोहित (20) और हिमांशु (14) के रूप में हुई है। जयनारायण सरकारी कर्मचारी हैं और झज्जर में पदस्थापित हैं। हत्या के पीछे संपत्ति विवाद को कारण माना जा रहा है। हमलावर घटना के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। बहादुरगढ़ के डीएसपी राजीव देसवाल ने कहा, ‘‘हम विभिन्न कोणों से अपराध की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद हत्याओं के पीछे के वास्तविक कारण का पता चलेगा।’’ रोहित एमडी यूनिवर्सिटी से बीबीए की पढ़ाई कर रहा था, जबकि हिमांशु बहादुरगढ़ में एक निजी स्कूल का छात्र था। बहादुरगढ़ के डीएसपी राजीव देसवाल ने कहा, ‘‘हम विभिन्न कोणों से अपराध की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद हत्याओं के पीछे के वास्तविक कारण का पता चलेगा।’’ रोहित एमडी यूनिवर्सिटी से बीबीए की पढ़ाई कर रहा था, जबकि हिमांशु बहादुरगढ़ में एक निजी स्कूल का छात्र था।
संक्षिप्त सारांश: हरियाणा के बहादुरगढ़ शहर के कश्मीरी कॉलोनी में अज्ञात हमलावरों ने दो भाइयों की उनके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: बेंगलुरु के एक सरकारी अस्पताल वानी विलास में 3 महीने की बच्ची आफरीन वेंटिलेटर पर है जिसे उसके पिता द्वारा बेरहमी से पिटाई के बाद लाया गया। इससे पूर्व बच्ची गुरुवार से आईसीयू में भर्ती थी।टिप्पणियां डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के दिमाग में सूजन और रक्तस्राव हो रहा है। बच्ची के शरीर पर पिटाई के निशान हैं। गौरतलब है कि बच्ची के पिता उमर फारुख ने बच्ची की बेरहमी से पिटाई की थी। उसे दीवार पर पटक दिया था।  बच्ची की मां ने पुलिस में बयान दिया है कि बच्ची का पिता लड़की के जन्म से खुश नहीं था। वहीं बच्ची की नानी ने बताया कि फारुख शुरू से ही बच्ची की मां से लड़ाई-झगड़ा और दहेज की मांग करता था। फारुख को आज बेंगलुरु की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के दिमाग में सूजन और रक्तस्राव हो रहा है। बच्ची के शरीर पर पिटाई के निशान हैं। गौरतलब है कि बच्ची के पिता उमर फारुख ने बच्ची की बेरहमी से पिटाई की थी। उसे दीवार पर पटक दिया था।  बच्ची की मां ने पुलिस में बयान दिया है कि बच्ची का पिता लड़की के जन्म से खुश नहीं था। वहीं बच्ची की नानी ने बताया कि फारुख शुरू से ही बच्ची की मां से लड़ाई-झगड़ा और दहेज की मांग करता था। फारुख को आज बेंगलुरु की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि बच्ची के पिता उमर फारुख ने बच्ची की बेरहमी से पिटाई की थी। उसे दीवार पर पटक दिया था।  बच्ची की मां ने पुलिस में बयान दिया है कि बच्ची का पिता लड़की के जन्म से खुश नहीं था। वहीं बच्ची की नानी ने बताया कि फारुख शुरू से ही बच्ची की मां से लड़ाई-झगड़ा और दहेज की मांग करता था। फारुख को आज बेंगलुरु की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।
संक्षिप्त सारांश: बेंगलुरु के एक सरकारी अस्पताल वानी विलास में 3 महीने की बच्ची आफरीन वेंटिलेटर पर है जिसे उसके पिता द्वारा बेरहमी से पिटाई के बाद लाया गया है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के अगली पीढ़ी के क्रिकेटरों में टेस्ट क्रिकेट को लेकर उदासीनता पर बहस लंबे समय से चल रही है लेकिन सचिन तेंदुलकर का मानना है कि क्रिकेटरों को पांच दिनी प्रारूप पसंद करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।टिप्पणियां तेंदुलकर ने कहा,‘टेस्ट क्रिकेट के लिए प्यार अंदर से उमड़ना चाहिए। ऐसा कोई फार्मूला नहीं है कि उसे करने के बाद आप टेस्ट क्रिकेट को पसंद करने लगेंगे। मैं भारत के लिए खेलने का सपना देखकर बड़ा हुआ। मेरा वही सबसे बड़ा लक्ष्य था कि मैं भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलूं और अच्छा खेलूं।’ उन्होंने कहा,‘हर अभ्यास सत्र में मैं कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार था। कोच जो चाहते थे, मैं करता था। मैं सिर्फ भारत के लिए खेलना चाहता था। कई क्रिकेटरों को लगता होगा कि टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला तो कोई बात नहीं।’ अब तक 188 टेस्ट मैचों में 15470 रन बना चुके तेंदुलकर ने कहा,‘यदि कोई टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता है तो उसे कड़ी मेहनत करने को तत्पर रहना होगा। मुझे यह पसंद नहीं है कि किसी को टेस्ट क्रिकेट से प्यार करने के लिए मजबूर किया जाए।’ खिलाड़ियों के साथ बेहतरीन तालमेल बनाने में कैसे कामयाब रहे, यह पूछने पर उन्होंने कहा,‘एक दूसरे का स्वभाव, आदत और विभिन्न हालात में प्रतिक्रियाओं के बारे में जानना जरूरी है। मैंने इस टीम के साथ काफी समय खेल लिया है। एक समय ऐसा था जब मैं भारतीय टीम में छह साल से खेल रहा था जब राहुल और सौरव आए ही थे।’ तेंदुलकर ने कहा,‘टेस्ट क्रिकेट के लिए प्यार अंदर से उमड़ना चाहिए। ऐसा कोई फार्मूला नहीं है कि उसे करने के बाद आप टेस्ट क्रिकेट को पसंद करने लगेंगे। मैं भारत के लिए खेलने का सपना देखकर बड़ा हुआ। मेरा वही सबसे बड़ा लक्ष्य था कि मैं भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलूं और अच्छा खेलूं।’ उन्होंने कहा,‘हर अभ्यास सत्र में मैं कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार था। कोच जो चाहते थे, मैं करता था। मैं सिर्फ भारत के लिए खेलना चाहता था। कई क्रिकेटरों को लगता होगा कि टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला तो कोई बात नहीं।’ अब तक 188 टेस्ट मैचों में 15470 रन बना चुके तेंदुलकर ने कहा,‘यदि कोई टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता है तो उसे कड़ी मेहनत करने को तत्पर रहना होगा। मुझे यह पसंद नहीं है कि किसी को टेस्ट क्रिकेट से प्यार करने के लिए मजबूर किया जाए।’ खिलाड़ियों के साथ बेहतरीन तालमेल बनाने में कैसे कामयाब रहे, यह पूछने पर उन्होंने कहा,‘एक दूसरे का स्वभाव, आदत और विभिन्न हालात में प्रतिक्रियाओं के बारे में जानना जरूरी है। मैंने इस टीम के साथ काफी समय खेल लिया है। एक समय ऐसा था जब मैं भारतीय टीम में छह साल से खेल रहा था जब राहुल और सौरव आए ही थे।’ अब तक 188 टेस्ट मैचों में 15470 रन बना चुके तेंदुलकर ने कहा,‘यदि कोई टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता है तो उसे कड़ी मेहनत करने को तत्पर रहना होगा। मुझे यह पसंद नहीं है कि किसी को टेस्ट क्रिकेट से प्यार करने के लिए मजबूर किया जाए।’ खिलाड़ियों के साथ बेहतरीन तालमेल बनाने में कैसे कामयाब रहे, यह पूछने पर उन्होंने कहा,‘एक दूसरे का स्वभाव, आदत और विभिन्न हालात में प्रतिक्रियाओं के बारे में जानना जरूरी है। मैंने इस टीम के साथ काफी समय खेल लिया है। एक समय ऐसा था जब मैं भारतीय टीम में छह साल से खेल रहा था जब राहुल और सौरव आए ही थे।’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत के अगली पीढ़ी के क्रिकेटरों में टेस्ट क्रिकेट को लेकर उदासीनता पर बहस लंबे समय से चल रही है लेकिन सचिन तेंदुलकर का मानना है कि क्रिकेटरों को पांच दिनी प्रारूप पसंद करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व के दूसरी वरीयता प्राप्त स्पेन के राफेल नडाल, 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर, चेक गणराज्य के टॉमस बेरड्रिक और अमेरिका के मार्डी फिश ने वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में शानदार शुरुआत की है। दूसरी ओर, भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला खिलाड़ी सानिया मिर्जा को एकल के पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। उधर, महिला वर्ग के एकल मुकाबलों में विश्व की छठी वरीयता प्राप्त चीन की ली ना और पोलैंड की एगनेस्का रद्वांस्का भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर में प्रवेश कर गई हैं। टूर्नामेंट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सोमवार को खेले गए पुरुषों के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में नडाल ने अमेरिका के क्वालीफायर खिलाड़ी एलेक्स कुज्नेतसोव को सीधे सेटों में 6-4, 6-1, 6-1 से पराजित किया। विश्व के पूर्व शीर्ष वरीयता प्राप्त फेडरर ने रूस के क्वालीफायर खिलाड़ी एलेक्जेंद्र कुर्दयावतसेव को 7-5, 6-2, 6-2 से हराया। अगले दौर में फेडरर का सामना जर्मनी के टॉमी हास से होगा। हास ने पहले दौर के मुकाबले में अमेरिका के डेनिस कुडला को 7-6, 3-6, 6-0, 7-5 से शिकस्त दी। महिलाओं के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में बुल्गारिया की खिलाड़ी स्वेताना पिरोनकोवा ने सानिया को 6-4, 6-2 से पराजित किया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जारी ताजा महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की विश्व वरीयता एकल क्रम में सानिया को एक पायदान का नुकसान हुआ है। एकल क्रम में सानिया अब 106वें स्थान पर पहुंच गई हैं। विश्व के सातवीं वरीयता प्राप्त बेरड्रिक ने स्पेन के अल्बर्ट रामोस को 7-5, 4-6, 6-2, 6-3 से शिकस्त दी जबकि विश्व के आठवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका के मार्डी फिश ने लक्जमबर्ग के जाइल्स मूलर को 6-4, 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 10वीं वरीयता प्राप्त स्पेनिश खिलाड़ी निकोलस अल्माग्रो ने पोलैंड के लुकास कुबोत को 1-6, 7-5, 6-3, 7-5 से हराया जबकि अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोटरो ने फ्रांस के एड्रियान मनारिनो को 2-6, 6-1, 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। दूसरी ओर, भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला खिलाड़ी सानिया मिर्जा को एकल के पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। उधर, महिला वर्ग के एकल मुकाबलों में विश्व की छठी वरीयता प्राप्त चीन की ली ना और पोलैंड की एगनेस्का रद्वांस्का भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर में प्रवेश कर गई हैं। टूर्नामेंट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सोमवार को खेले गए पुरुषों के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में नडाल ने अमेरिका के क्वालीफायर खिलाड़ी एलेक्स कुज्नेतसोव को सीधे सेटों में 6-4, 6-1, 6-1 से पराजित किया। विश्व के पूर्व शीर्ष वरीयता प्राप्त फेडरर ने रूस के क्वालीफायर खिलाड़ी एलेक्जेंद्र कुर्दयावतसेव को 7-5, 6-2, 6-2 से हराया। अगले दौर में फेडरर का सामना जर्मनी के टॉमी हास से होगा। हास ने पहले दौर के मुकाबले में अमेरिका के डेनिस कुडला को 7-6, 3-6, 6-0, 7-5 से शिकस्त दी। महिलाओं के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में बुल्गारिया की खिलाड़ी स्वेताना पिरोनकोवा ने सानिया को 6-4, 6-2 से पराजित किया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जारी ताजा महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की विश्व वरीयता एकल क्रम में सानिया को एक पायदान का नुकसान हुआ है। एकल क्रम में सानिया अब 106वें स्थान पर पहुंच गई हैं। विश्व के सातवीं वरीयता प्राप्त बेरड्रिक ने स्पेन के अल्बर्ट रामोस को 7-5, 4-6, 6-2, 6-3 से शिकस्त दी जबकि विश्व के आठवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका के मार्डी फिश ने लक्जमबर्ग के जाइल्स मूलर को 6-4, 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 10वीं वरीयता प्राप्त स्पेनिश खिलाड़ी निकोलस अल्माग्रो ने पोलैंड के लुकास कुबोत को 1-6, 7-5, 6-3, 7-5 से हराया जबकि अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोटरो ने फ्रांस के एड्रियान मनारिनो को 2-6, 6-1, 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। उधर, महिला वर्ग के एकल मुकाबलों में विश्व की छठी वरीयता प्राप्त चीन की ली ना और पोलैंड की एगनेस्का रद्वांस्का भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर में प्रवेश कर गई हैं। टूर्नामेंट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सोमवार को खेले गए पुरुषों के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में नडाल ने अमेरिका के क्वालीफायर खिलाड़ी एलेक्स कुज्नेतसोव को सीधे सेटों में 6-4, 6-1, 6-1 से पराजित किया। विश्व के पूर्व शीर्ष वरीयता प्राप्त फेडरर ने रूस के क्वालीफायर खिलाड़ी एलेक्जेंद्र कुर्दयावतसेव को 7-5, 6-2, 6-2 से हराया। अगले दौर में फेडरर का सामना जर्मनी के टॉमी हास से होगा। हास ने पहले दौर के मुकाबले में अमेरिका के डेनिस कुडला को 7-6, 3-6, 6-0, 7-5 से शिकस्त दी। महिलाओं के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में बुल्गारिया की खिलाड़ी स्वेताना पिरोनकोवा ने सानिया को 6-4, 6-2 से पराजित किया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जारी ताजा महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की विश्व वरीयता एकल क्रम में सानिया को एक पायदान का नुकसान हुआ है। एकल क्रम में सानिया अब 106वें स्थान पर पहुंच गई हैं। विश्व के सातवीं वरीयता प्राप्त बेरड्रिक ने स्पेन के अल्बर्ट रामोस को 7-5, 4-6, 6-2, 6-3 से शिकस्त दी जबकि विश्व के आठवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका के मार्डी फिश ने लक्जमबर्ग के जाइल्स मूलर को 6-4, 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 10वीं वरीयता प्राप्त स्पेनिश खिलाड़ी निकोलस अल्माग्रो ने पोलैंड के लुकास कुबोत को 1-6, 7-5, 6-3, 7-5 से हराया जबकि अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोटरो ने फ्रांस के एड्रियान मनारिनो को 2-6, 6-1, 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। टूर्नामेंट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सोमवार को खेले गए पुरुषों के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में नडाल ने अमेरिका के क्वालीफायर खिलाड़ी एलेक्स कुज्नेतसोव को सीधे सेटों में 6-4, 6-1, 6-1 से पराजित किया। विश्व के पूर्व शीर्ष वरीयता प्राप्त फेडरर ने रूस के क्वालीफायर खिलाड़ी एलेक्जेंद्र कुर्दयावतसेव को 7-5, 6-2, 6-2 से हराया। अगले दौर में फेडरर का सामना जर्मनी के टॉमी हास से होगा। हास ने पहले दौर के मुकाबले में अमेरिका के डेनिस कुडला को 7-6, 3-6, 6-0, 7-5 से शिकस्त दी। महिलाओं के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में बुल्गारिया की खिलाड़ी स्वेताना पिरोनकोवा ने सानिया को 6-4, 6-2 से पराजित किया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जारी ताजा महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की विश्व वरीयता एकल क्रम में सानिया को एक पायदान का नुकसान हुआ है। एकल क्रम में सानिया अब 106वें स्थान पर पहुंच गई हैं। विश्व के सातवीं वरीयता प्राप्त बेरड्रिक ने स्पेन के अल्बर्ट रामोस को 7-5, 4-6, 6-2, 6-3 से शिकस्त दी जबकि विश्व के आठवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका के मार्डी फिश ने लक्जमबर्ग के जाइल्स मूलर को 6-4, 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 10वीं वरीयता प्राप्त स्पेनिश खिलाड़ी निकोलस अल्माग्रो ने पोलैंड के लुकास कुबोत को 1-6, 7-5, 6-3, 7-5 से हराया जबकि अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोटरो ने फ्रांस के एड्रियान मनारिनो को 2-6, 6-1, 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। विश्व के पूर्व शीर्ष वरीयता प्राप्त फेडरर ने रूस के क्वालीफायर खिलाड़ी एलेक्जेंद्र कुर्दयावतसेव को 7-5, 6-2, 6-2 से हराया। अगले दौर में फेडरर का सामना जर्मनी के टॉमी हास से होगा। हास ने पहले दौर के मुकाबले में अमेरिका के डेनिस कुडला को 7-6, 3-6, 6-0, 7-5 से शिकस्त दी। महिलाओं के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में बुल्गारिया की खिलाड़ी स्वेताना पिरोनकोवा ने सानिया को 6-4, 6-2 से पराजित किया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जारी ताजा महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की विश्व वरीयता एकल क्रम में सानिया को एक पायदान का नुकसान हुआ है। एकल क्रम में सानिया अब 106वें स्थान पर पहुंच गई हैं। विश्व के सातवीं वरीयता प्राप्त बेरड्रिक ने स्पेन के अल्बर्ट रामोस को 7-5, 4-6, 6-2, 6-3 से शिकस्त दी जबकि विश्व के आठवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका के मार्डी फिश ने लक्जमबर्ग के जाइल्स मूलर को 6-4, 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 10वीं वरीयता प्राप्त स्पेनिश खिलाड़ी निकोलस अल्माग्रो ने पोलैंड के लुकास कुबोत को 1-6, 7-5, 6-3, 7-5 से हराया जबकि अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोटरो ने फ्रांस के एड्रियान मनारिनो को 2-6, 6-1, 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। महिलाओं के एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में बुल्गारिया की खिलाड़ी स्वेताना पिरोनकोवा ने सानिया को 6-4, 6-2 से पराजित किया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जारी ताजा महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की विश्व वरीयता एकल क्रम में सानिया को एक पायदान का नुकसान हुआ है। एकल क्रम में सानिया अब 106वें स्थान पर पहुंच गई हैं। विश्व के सातवीं वरीयता प्राप्त बेरड्रिक ने स्पेन के अल्बर्ट रामोस को 7-5, 4-6, 6-2, 6-3 से शिकस्त दी जबकि विश्व के आठवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका के मार्डी फिश ने लक्जमबर्ग के जाइल्स मूलर को 6-4, 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 10वीं वरीयता प्राप्त स्पेनिश खिलाड़ी निकोलस अल्माग्रो ने पोलैंड के लुकास कुबोत को 1-6, 7-5, 6-3, 7-5 से हराया जबकि अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोटरो ने फ्रांस के एड्रियान मनारिनो को 2-6, 6-1, 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जारी ताजा महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की विश्व वरीयता एकल क्रम में सानिया को एक पायदान का नुकसान हुआ है। एकल क्रम में सानिया अब 106वें स्थान पर पहुंच गई हैं। विश्व के सातवीं वरीयता प्राप्त बेरड्रिक ने स्पेन के अल्बर्ट रामोस को 7-5, 4-6, 6-2, 6-3 से शिकस्त दी जबकि विश्व के आठवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका के मार्डी फिश ने लक्जमबर्ग के जाइल्स मूलर को 6-4, 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 10वीं वरीयता प्राप्त स्पेनिश खिलाड़ी निकोलस अल्माग्रो ने पोलैंड के लुकास कुबोत को 1-6, 7-5, 6-3, 7-5 से हराया जबकि अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोटरो ने फ्रांस के एड्रियान मनारिनो को 2-6, 6-1, 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। विश्व के सातवीं वरीयता प्राप्त बेरड्रिक ने स्पेन के अल्बर्ट रामोस को 7-5, 4-6, 6-2, 6-3 से शिकस्त दी जबकि विश्व के आठवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका के मार्डी फिश ने लक्जमबर्ग के जाइल्स मूलर को 6-4, 6-4, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 10वीं वरीयता प्राप्त स्पेनिश खिलाड़ी निकोलस अल्माग्रो ने पोलैंड के लुकास कुबोत को 1-6, 7-5, 6-3, 7-5 से हराया जबकि अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोटरो ने फ्रांस के एड्रियान मनारिनो को 2-6, 6-1, 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 10वीं वरीयता प्राप्त स्पेनिश खिलाड़ी निकोलस अल्माग्रो ने पोलैंड के लुकास कुबोत को 1-6, 7-5, 6-3, 7-5 से हराया जबकि अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोटरो ने फ्रांस के एड्रियान मनारिनो को 2-6, 6-1, 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। विश्व के 19वीं वरीयता प्राप्त फेलिसियानो लोपेज ने अर्जेटीना के लेओनाडरे मायेर को 7-6 (7-5), 6-3, 7-6 (7-2) से पराजित किया। स्विटजरलैंड के स्टानिसलास वावरिंका ने फ्रांस के बेनोइट पियरे को 6-1, 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। ली ना ने कजाकिस्तान की सेनिया पेरवक को 6-3, 6-1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया जबकि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका ने ब्रिटेन की हीथर वॉटसन को 6-1, 6-0 से शिकस्त दी। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। विश्व की आठवीं वरीयता प्राप्त रद्वांस्का ने अमेरिका की बेथानी माटेक-सेंड्स को 6-7 (10-12), 6-4, 6-2 से पराजित किया जबकि वर्ष 2010 की फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम चैम्पियन इटली की फ्रांसिस्का शियावोन ने स्पेन की लॉरा पोउस-टिओ को 6-1, 6-3 से पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया।टिप्पणियां चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। चार बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बेल्जियम की किम क्लाइस्टर्स ने पहले दौर के मुकाबले में पुर्तगाल की मारिया जोआओ कोएहलर को 7-5, 6-1 से शिकस्त दी। क्लाइस्र्ट्स आस्ट्रेलियन ओपन की मौजूदा चैम्पियन हैं। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया। दूसरी ओर, इटली की फ्लाविया पेनेटा को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। रूस की नीना ब्राचीकोवा ने पेनेटा को 6-3, 1-6, 6-2 से पराजित किया।
संक्षिप्त सारांश: स्पेन के राफेल नडाल, स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर, चेक गणराज्य के टॉमस बेरड्रिक और अमेरिका के मार्डी फिश ने वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में शानदार शुरुआत की।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम का पुराना साथी इकबाल अतरवाला अब नेता बन गया है और उसके साथ न सिर्फ उसकी पार्टी, बल्कि बॉलीवुड के कई सितारे भी खड़े दिख रहे हैं। सार्वजनिक मंचों पर देशभक्ति का गीत सुना रहा यह शख्स एक जमाने में देश के मोस्ट वांटेड भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहीम का गुर्गा और शार्प शूटर रह चुका है, लेकिन वक्त बदला तो, रंग भी बदल गया। इकबाल अतरवाला का दावा है कि अब वह कोई डॉन नहीं, बल्कि देशभक्त है।टिप्पणियां इस बदलाव के पीछे वजह यह है कि उसने एक राजनीतिक पार्टी ज्वाइन कर ली है, जिसका नाम है नेशनल ओसनिक पार्टी। दिलचस्प यह है कि पार्टी के अध्यक्ष सीपी व्यास का दावा है कि ऐसी कोई पार्टी ही नहीं है, जिसमें आतंकवादी न हो। बहरहाल, पब्लिक का तो पता नहीं, लेकिन बॉलीवुड के कई हीरो-हीरोइन भी उस इकबाल अतरवाला के साथ खड़े हैं, जिसे 2007 में दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। अभिनेता राहुल राय उसके साथ दिखे तो कहा जा रहा है कि महिमा चौधरी भी अतरवाला के समर्थन में दिल्ली आने वाली थीं, लेकिन किसी वजह से पहुंच नहीं सकीं। सार्वजनिक मंचों पर देशभक्ति का गीत सुना रहा यह शख्स एक जमाने में देश के मोस्ट वांटेड भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहीम का गुर्गा और शार्प शूटर रह चुका है, लेकिन वक्त बदला तो, रंग भी बदल गया। इकबाल अतरवाला का दावा है कि अब वह कोई डॉन नहीं, बल्कि देशभक्त है।टिप्पणियां इस बदलाव के पीछे वजह यह है कि उसने एक राजनीतिक पार्टी ज्वाइन कर ली है, जिसका नाम है नेशनल ओसनिक पार्टी। दिलचस्प यह है कि पार्टी के अध्यक्ष सीपी व्यास का दावा है कि ऐसी कोई पार्टी ही नहीं है, जिसमें आतंकवादी न हो। बहरहाल, पब्लिक का तो पता नहीं, लेकिन बॉलीवुड के कई हीरो-हीरोइन भी उस इकबाल अतरवाला के साथ खड़े हैं, जिसे 2007 में दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। अभिनेता राहुल राय उसके साथ दिखे तो कहा जा रहा है कि महिमा चौधरी भी अतरवाला के समर्थन में दिल्ली आने वाली थीं, लेकिन किसी वजह से पहुंच नहीं सकीं। इस बदलाव के पीछे वजह यह है कि उसने एक राजनीतिक पार्टी ज्वाइन कर ली है, जिसका नाम है नेशनल ओसनिक पार्टी। दिलचस्प यह है कि पार्टी के अध्यक्ष सीपी व्यास का दावा है कि ऐसी कोई पार्टी ही नहीं है, जिसमें आतंकवादी न हो। बहरहाल, पब्लिक का तो पता नहीं, लेकिन बॉलीवुड के कई हीरो-हीरोइन भी उस इकबाल अतरवाला के साथ खड़े हैं, जिसे 2007 में दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। अभिनेता राहुल राय उसके साथ दिखे तो कहा जा रहा है कि महिमा चौधरी भी अतरवाला के समर्थन में दिल्ली आने वाली थीं, लेकिन किसी वजह से पहुंच नहीं सकीं। बहरहाल, पब्लिक का तो पता नहीं, लेकिन बॉलीवुड के कई हीरो-हीरोइन भी उस इकबाल अतरवाला के साथ खड़े हैं, जिसे 2007 में दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। अभिनेता राहुल राय उसके साथ दिखे तो कहा जा रहा है कि महिमा चौधरी भी अतरवाला के समर्थन में दिल्ली आने वाली थीं, लेकिन किसी वजह से पहुंच नहीं सकीं।
सारांश: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम का पुराना साथी इकबाल अतरवाला अब नेता बन गया है और उसके साथ न सिर्फ उसकी पार्टी, बल्कि बॉलीवुड के कई सितारे भी खड़े दिख रहे हैं।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Diet for Depression: दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) ने सलमान खान (Salman Khan) को डिप्रेशन (Depression) से जुड़े उनके एक पुराने बयान पर आड़े हाथ लिया है. अपने इस बयान में सलमान खान ने कहा था कि उनके पास इतनी लग्जरी नहीं है कि वह डिप्रेसड हो सकें. अदाकारा जोकि डिप्रेशन (Depression) से अपनी जंग के बारे में खुलकर बात करती हैं का कहना है कि कोई भी अपनी मर्जी से डिप्रेशन को नहीं चुनता. हाल ही में दीपिका ने एक मैगजीन को दिए अपने इंटरव्यू में यह बात कही. दीपिका इससे पहले भी डिप्रेशन के लिए जागरुकता फैलाने का काम करती आई हैं. वे इस पर खुल कर बोलती हैं. बॉलीवुड अदाकारा ने अपने इंटरव्यू में कहा ''वह शब्द जो मेरे तनाव को सही तरह से बता पाएगा वह है स्ट्रगल यानी संघर्ष. मैंने हर पल संघर्ष किया था. मैं हर समय कमजोर महसूस करती थी.'' Raksha Bandhan 2019: इस रक्षा बंधन ये 5 तरह के गिफ्ट्स देकर अपनी फूडी बहन को करें खुश दीपिका पादुकोण ने कहा ''कुछ लोग जरा से दुखी होने पर खुद को डिप्रेस्ड समझ लेते हैं या कहने लगते हैं. एक पुरुष अभिनेता ने कहा था कि उनके पास इतनी लग्जरी नहीं है कि वह डिप्रेशन को ले सकें, जैसे कि यह कोई चॉइज है.'' दीपिका ने सलमान खान के कमेंट के संदर्भ में यह बात कही.  बीते साल सलमान खान ने एक इवेंट में कहा था कि ''मैं बहुत से लोगों को डिप्रेशन में जाते और इमोश्नल होते देखता हूं, लेकिन मैं इसे अफोर्ड नहीं करता.'' बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण एक बेहतरीन एक्ट्रेस हैं. दीपिका पादुकोण का करियर तो सफल रहा है, लेकिन एक दौर था जब वह डिप्रेशन का सामना कर रही थी. 2015 में अपने एक इंटरव्यू में दीपिका पादुकोण ने पहली बार अपने डिप्रेशन के बारे में बात की थी.  Broccoli Nutrition And Benefits: ब्रोकली के फायदे और 5 बेस्ट ब्रोकली रेसिपी 1. ओमेगा थ्री दिमाग के लिए अच्छा माना जाता है. दिमाग के न्यूरॉन सेल के लिए ओमेगा थ्री काफी अहम है. ओमेगा थ्री का अच्छा स्रोत मछली होती है. तो मछली को अपने आहार में शामिल कर आप ओमागा थ्री की कमी पूरी कर सकते हैं. अगर आप शाकाहारी हैं तो ड्राई फ्रूट, सरसों के बीज, सोयाबीन, फल और हरी सब्जियों से इसे पा सकते हैं. 2. जिंक भी आपके दिमाग की सेहत के लिए जरूरी है. यह शरीर की कोशिकाओं में होता है. जिंक के लिए आप आहार में लहसुन, मूंगफली, दालें बादाम, वगैरह शामिल कर सकते हैं.  3. आयोडीन की कमी होने पर दिमाग ही तरह से काम नहीं कर पाता. तो अपने आहार में आयोडिन की सही मात्रा को जगह दें.  High-Protein Diet: पनीर से बनने वाली इन चार रेसिपीज को अपने में लंच में शामिल करें 4. आपकी याददाश्त को तेज करने के लिए मैग्नीशियम लेना जरूरी है. मैग्नीशियम की कमी से डिप्रेशन की शिकायत हो सकती है. तो अपने आहार में ऐसी चीजें शामिल करें जो मैग्नीशियम से भरपूर हों. इसके लिए ड्राई फ्रूट, मूंगफली और अंजीर खा सकते हैं. और खबरों के लिए क्लिक करें. Diabetes: डायब‍िटीज से जुड़े 8 झूठ, जि‍न्हें सच मानते आए हैं आप Improve Sex Life: सेक्स पावर बढ़ाएंगे ये 10 फूड, आज ही करें ट्राई... कैसे वजन और पेट की चर्बी कम करने के लिए करें सेब के सिरके का इस्तेमाल... Weight Loss Tips: तेजी से वजन कम कैसे करें? कैसे पाएं सुडौल और टोन बॉडी Weight Loss Diet: घटाएं बैली फैट, कम करें वजन, पढ़ें हाई प्रोटीन व फाइबर से भरपूर रेसिपी Weight Loss: पेट की चर्बी कैसे कम करें? यहां पढ़ें डाइट ट‍िप्स और वजन घटाने के उपाय
यहाँ एक सारांश है:2015 में दीपिका पादुकोण ने पहली बार अपने डिप्रेशन के बारे में बात की थी. दीपिका ने सलमान खान के कमेंट के संदर्भ में यह बात कही. डिप्रेशन से बचने के लिए आहार में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं.
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: मिजोरम के राज्यपाल नियुक्त किए गए भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष पी एस श्रीधरन पिल्लै ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी ने उन्हें एक जिम्मेदारी सौंपी है और वह उसे स्वीकार करते हैं. पिल्लै ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिनों पहले नियुक्ति के बारे में उनसे बात की थी. पिल्लै ने कहा, ‘पार्टी ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी है और मैं उसे स्वीकार करुंगा. भाजपा अध्यक्ष के तौर पर मेरा कार्यकाल खत्म होने को है. प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों पहले नियुक्ति के बारे में मुझसे बात की थी.' राज्य में भाजपा के नए अध्यक्ष के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस पर पार्टी फैसला करेगी. उन्होंने कहा, ‘मिजोरम ऐसा स्थान है जहां केरल जैसी भौगोलिक परिस्थितियां हैं. मुझे पढ़ने और लिखने के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिल रहा था. मुझे लगता है कि अब शायद मुझे मौका मिले.' बता दें, पिछले साल सबरीमला मुद्दे को लेकर हिंसक प्रदर्शनों का गवाह बने केरल में भाजपा का नेतृत्व करने वाले पिल्लै ने कहा कि उनके कार्यकाल में वोट प्रतिशत और पार्टी की सदस्यता बढ़ी. उन्होंने कहा, ‘राज्य अध्यक्ष के तौर पर मैंने जो पहली चुनौती ली वह सबरीमला मुद्दा था. बाद में कुछ चुनावों में हमारा वोट प्रतिशत करीब 70 फीसदी तक बढ़ा. इसी तरह पार्टी की सदस्यता भी बढ़ी. मैं खुश हूं कि मुझे जो जिम्मेदारी मिली मैं उन्हें निभा पाया.' बता दें, अलप्पुझा जिले के रहने वाले पिल्लै वकील और लेखक हैं. उन्होंने सैकड़ों किताबें लिखी हैं. बंद
संक्षिप्त सारांश: पिल्लै ने कहा कि पार्टी द्वारा सौंपी जिम्मेदारी को वह स्वीकार करते हैं भाजपा अध्यक्ष के तौर पर उनका कार्यकाल खत्म होने को है कहा- प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों पहले नियुक्ति के बारे में मुझसे बात की थी
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सऊदी अरब से गिरफ्तार आतंकी ज़बीउद्दीन से दिल्ली पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां बेंगलुरू धमाके के आरोपी महमूद फसीह से इसके संबंधों की भी जांच कर रही हैं। दिल्ली पुलिस का स्पेशल सेल ज़बीउद्दीन उर्फ़ अबू हम्ज़ा को डेविड कोलमैन हेडली से उसके रिश्तों के बारे में पूछताछ कर रहा है। हेडली ने अबू हम्ज़ा को लश्करे तैय्यबा के लिए 'अनमोल' क़रार दिया था। दिल्ली पुलिस मानती है कि मुंबई हमलों की साज़िश रचने के दौरान अबू हम्ज़ा और हेडली पाकिस्तान में मिले होंगे। अमेरिका में अबू हम्ज़ा से हुई पूछताछ में यह भी पता चला कि हेडली ने पाकिस्तान में लश्करे तैय्यबा के एक मराठी लड़के के होने का ज़िक्र किया था जो पहले मुंबई हमलों में शरीक होने वाला था लेकिन उससे बाद में भी काम लिया जा सके इस मक़सद से उसे रोक लिया गया। कहा जा रहा है कि मुंबई हमलों के बाद पैसे जमा करने और नौजवानों को आतंकी बनाने के मक़सद से अबू हम्ज़ा सऊदी अरब भेजा गया। टिप्पणियां सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि शायद वहीं फ़सीह महमूद और अबू हम्ज़ा की मुलाक़ात हुई क्योंकि उनके मुताबिक़ फ़सीह भी यही काम कर रहा था। इस बीच, नई दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार लोधी कॉलोनी के स्पेशल सेल के दफ़्तर गए जहां अबू हम्ज़ा को 5 जुलाई तक रखा गया है। दिल्ली पुलिस का स्पेशल सेल ज़बीउद्दीन उर्फ़ अबू हम्ज़ा को डेविड कोलमैन हेडली से उसके रिश्तों के बारे में पूछताछ कर रहा है। हेडली ने अबू हम्ज़ा को लश्करे तैय्यबा के लिए 'अनमोल' क़रार दिया था। दिल्ली पुलिस मानती है कि मुंबई हमलों की साज़िश रचने के दौरान अबू हम्ज़ा और हेडली पाकिस्तान में मिले होंगे। अमेरिका में अबू हम्ज़ा से हुई पूछताछ में यह भी पता चला कि हेडली ने पाकिस्तान में लश्करे तैय्यबा के एक मराठी लड़के के होने का ज़िक्र किया था जो पहले मुंबई हमलों में शरीक होने वाला था लेकिन उससे बाद में भी काम लिया जा सके इस मक़सद से उसे रोक लिया गया। कहा जा रहा है कि मुंबई हमलों के बाद पैसे जमा करने और नौजवानों को आतंकी बनाने के मक़सद से अबू हम्ज़ा सऊदी अरब भेजा गया। टिप्पणियां सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि शायद वहीं फ़सीह महमूद और अबू हम्ज़ा की मुलाक़ात हुई क्योंकि उनके मुताबिक़ फ़सीह भी यही काम कर रहा था। इस बीच, नई दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार लोधी कॉलोनी के स्पेशल सेल के दफ़्तर गए जहां अबू हम्ज़ा को 5 जुलाई तक रखा गया है। हेडली ने अबू हम्ज़ा को लश्करे तैय्यबा के लिए 'अनमोल' क़रार दिया था। दिल्ली पुलिस मानती है कि मुंबई हमलों की साज़िश रचने के दौरान अबू हम्ज़ा और हेडली पाकिस्तान में मिले होंगे। अमेरिका में अबू हम्ज़ा से हुई पूछताछ में यह भी पता चला कि हेडली ने पाकिस्तान में लश्करे तैय्यबा के एक मराठी लड़के के होने का ज़िक्र किया था जो पहले मुंबई हमलों में शरीक होने वाला था लेकिन उससे बाद में भी काम लिया जा सके इस मक़सद से उसे रोक लिया गया। कहा जा रहा है कि मुंबई हमलों के बाद पैसे जमा करने और नौजवानों को आतंकी बनाने के मक़सद से अबू हम्ज़ा सऊदी अरब भेजा गया। टिप्पणियां सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि शायद वहीं फ़सीह महमूद और अबू हम्ज़ा की मुलाक़ात हुई क्योंकि उनके मुताबिक़ फ़सीह भी यही काम कर रहा था। इस बीच, नई दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार लोधी कॉलोनी के स्पेशल सेल के दफ़्तर गए जहां अबू हम्ज़ा को 5 जुलाई तक रखा गया है। अमेरिका में अबू हम्ज़ा से हुई पूछताछ में यह भी पता चला कि हेडली ने पाकिस्तान में लश्करे तैय्यबा के एक मराठी लड़के के होने का ज़िक्र किया था जो पहले मुंबई हमलों में शरीक होने वाला था लेकिन उससे बाद में भी काम लिया जा सके इस मक़सद से उसे रोक लिया गया। कहा जा रहा है कि मुंबई हमलों के बाद पैसे जमा करने और नौजवानों को आतंकी बनाने के मक़सद से अबू हम्ज़ा सऊदी अरब भेजा गया। टिप्पणियां सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि शायद वहीं फ़सीह महमूद और अबू हम्ज़ा की मुलाक़ात हुई क्योंकि उनके मुताबिक़ फ़सीह भी यही काम कर रहा था। इस बीच, नई दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार लोधी कॉलोनी के स्पेशल सेल के दफ़्तर गए जहां अबू हम्ज़ा को 5 जुलाई तक रखा गया है। कहा जा रहा है कि मुंबई हमलों के बाद पैसे जमा करने और नौजवानों को आतंकी बनाने के मक़सद से अबू हम्ज़ा सऊदी अरब भेजा गया। टिप्पणियां सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि शायद वहीं फ़सीह महमूद और अबू हम्ज़ा की मुलाक़ात हुई क्योंकि उनके मुताबिक़ फ़सीह भी यही काम कर रहा था। इस बीच, नई दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार लोधी कॉलोनी के स्पेशल सेल के दफ़्तर गए जहां अबू हम्ज़ा को 5 जुलाई तक रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि शायद वहीं फ़सीह महमूद और अबू हम्ज़ा की मुलाक़ात हुई क्योंकि उनके मुताबिक़ फ़सीह भी यही काम कर रहा था। इस बीच, नई दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार लोधी कॉलोनी के स्पेशल सेल के दफ़्तर गए जहां अबू हम्ज़ा को 5 जुलाई तक रखा गया है। इस बीच, नई दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार लोधी कॉलोनी के स्पेशल सेल के दफ़्तर गए जहां अबू हम्ज़ा को 5 जुलाई तक रखा गया है।
यहाँ एक सारांश है:सऊदी अरब से गिरफ्तार आतंकी ज़बीउद्दीन से दिल्ली पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां बेंगलुरू धमाके के आरोपी महमूद फसीह से इसके संबंधों की भी जांच कर रही हैं।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आठ साल बाद ओलिंपिक में वापसी करने वाली भारतीय हॉकी टीम सोमवार को 30वें लंदन खेलों में मजबूत हालैंड के खिलाफ अपने अभियान की अच्छी शुरूआत कर पुराना गौरव हासिल करने की कोशिश करेगी। आठ बार की ओलिंपिक स्वर्ण पदकधारी भारतीय टीम विश्व हॉकी में 10वीं रैंकिंग पर काबिज है और उनका सामना कल तीसरे नंबर की आक्रामक हालैंड टीम से होगा जिसकी यूरोपीय तकनीक परेशानी भरी हो सकती है। लंदन भारत की खुशनुमा यादों से जुड़ा है क्योंकि इसी शहर में स्वतंत्र भारत ने 1948 में ओलिंपिक हॉकी का खिताब जीतकर ओलिंपिक खेलों में अपनी पहली सफलता की इबारत लिखी थी।टिप्पणियां वर्ष 1996 और 2000 ओलिंपिक खिताब की विजेता हालैंड एकमात्र टीम है जिसने भारत के बाद लगातार ओलिंपिक स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले हैं। भारत ने 1928 से 1956 तक लगातार ओलिंपिक स्वर्ण जीते थे लेकिन अब वह पिछले 32 वषरें में पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिये जूझ रही है। भारत ने पिछला स्वर्ण बहिष्कार से प्रभावित 1980 मास्को ओलिंपिक में जीता था। विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया पुरुष हाकी में खिताब के प्रबल दावेदार हैं जिसमें मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन जर्मनी को दूसरी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। आठ बार की ओलिंपिक स्वर्ण पदकधारी भारतीय टीम विश्व हॉकी में 10वीं रैंकिंग पर काबिज है और उनका सामना कल तीसरे नंबर की आक्रामक हालैंड टीम से होगा जिसकी यूरोपीय तकनीक परेशानी भरी हो सकती है। लंदन भारत की खुशनुमा यादों से जुड़ा है क्योंकि इसी शहर में स्वतंत्र भारत ने 1948 में ओलिंपिक हॉकी का खिताब जीतकर ओलिंपिक खेलों में अपनी पहली सफलता की इबारत लिखी थी।टिप्पणियां वर्ष 1996 और 2000 ओलिंपिक खिताब की विजेता हालैंड एकमात्र टीम है जिसने भारत के बाद लगातार ओलिंपिक स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले हैं। भारत ने 1928 से 1956 तक लगातार ओलिंपिक स्वर्ण जीते थे लेकिन अब वह पिछले 32 वषरें में पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिये जूझ रही है। भारत ने पिछला स्वर्ण बहिष्कार से प्रभावित 1980 मास्को ओलिंपिक में जीता था। विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया पुरुष हाकी में खिताब के प्रबल दावेदार हैं जिसमें मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन जर्मनी को दूसरी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। लंदन भारत की खुशनुमा यादों से जुड़ा है क्योंकि इसी शहर में स्वतंत्र भारत ने 1948 में ओलिंपिक हॉकी का खिताब जीतकर ओलिंपिक खेलों में अपनी पहली सफलता की इबारत लिखी थी।टिप्पणियां वर्ष 1996 और 2000 ओलिंपिक खिताब की विजेता हालैंड एकमात्र टीम है जिसने भारत के बाद लगातार ओलिंपिक स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले हैं। भारत ने 1928 से 1956 तक लगातार ओलिंपिक स्वर्ण जीते थे लेकिन अब वह पिछले 32 वषरें में पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिये जूझ रही है। भारत ने पिछला स्वर्ण बहिष्कार से प्रभावित 1980 मास्को ओलिंपिक में जीता था। विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया पुरुष हाकी में खिताब के प्रबल दावेदार हैं जिसमें मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन जर्मनी को दूसरी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वर्ष 1996 और 2000 ओलिंपिक खिताब की विजेता हालैंड एकमात्र टीम है जिसने भारत के बाद लगातार ओलिंपिक स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले हैं। भारत ने 1928 से 1956 तक लगातार ओलिंपिक स्वर्ण जीते थे लेकिन अब वह पिछले 32 वषरें में पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिये जूझ रही है। भारत ने पिछला स्वर्ण बहिष्कार से प्रभावित 1980 मास्को ओलिंपिक में जीता था। विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया पुरुष हाकी में खिताब के प्रबल दावेदार हैं जिसमें मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन जर्मनी को दूसरी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। भारत ने 1928 से 1956 तक लगातार ओलिंपिक स्वर्ण जीते थे लेकिन अब वह पिछले 32 वषरें में पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिये जूझ रही है। भारत ने पिछला स्वर्ण बहिष्कार से प्रभावित 1980 मास्को ओलिंपिक में जीता था। विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया पुरुष हाकी में खिताब के प्रबल दावेदार हैं जिसमें मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन जर्मनी को दूसरी मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
यह एक सारांश है: आठ साल बाद ओलिंपिक में वापसी करने वाली भारतीय हॉकी टीम सोमवार को 30वें लंदन खेलों में मजबूत हालैंड के खिलाफ अपने अभियान की अच्छी शुरूआत कर पुराना गौरव हासिल करने की कोशिश करेगी।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: उन्होंने कहा, ''हम उस रास्ते पर हर कैमरे का अध्ययन कर रहे हैं. जब तकनीकी विश्लेषण पूरा हो जाएगा तो आपको जानकारी दी जाएगी.'' पुलिस ने उन दावों को खारिज कर दिया कि उस पर किसी तरह का दबाव है. चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि यदि कानूनी परामर्श मामले में गैर जमानती धाराएं लगाने के पक्ष में आता है तो वह ऐसा करने में हिचकेगी नहीं. सिंघल ने कहा कि वह ''खुले दिमाग'' से इस मामले की जांच कर रहे हैं और मामले से जुड़े कई मुद्दों पर कानूनी राय ले रहे हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कल कथित घटना की निंदा करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोपों को कमजोर करने का कोई प्रयास नहीं किया जाना चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हरियाणा बीजेपी अध्‍यक्ष का बेटा मामले में आरोपी वर्णिका ने कहा कि उसने गाड़ी का पीछा किया कांग्रेस ने सीसीटीवी फुटेज गायब होने का आरोप लगाया था
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और इससे निपटने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करने की जरूरत है। अन्ना हजारे को मिले अपार जन समर्थन के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। उन्होंने कहा, सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए और भ्रष्टाचार से निपटने के रास्ते तलाशने चाहिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने अपने बांग्लादेश दौरे को भावुक दौरा करार दिया। ढाका से स्वदेश लौटते समय विशेष विमान में सिंह ने संवाददाताओं से कहा, मेरे लिए बांग्लादेश जाना हमेशा भावुक कर देने वाला दौरा रहा है। 1971 में बांग्लादेश की स्वतंत्रता के बाद मैं तत्कालीन प्रधानमंत्री के कहने पर बांग्लादेश गया था। मुझे वहां आर्थिक प्रगति की दिशा में काम करने के लिए भेजा गया था। उन्होंने कहा, मैंने उस वक्त बांग्लादेश के योजना आयोग के प्रमुख नुरुल इस्लाम के साथ काम किया और उस दौरान आर्थिक कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया।
सारांश: प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और इससे निपटने के लिए सभी पार्टियां मिलकर काम करें।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को शुरू हुए 36वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला विमुद्रीकरण से परेशान लोगों के लिए राहत लेकर आया है. मेले में देशी व विदेशी कारोबारी बिना किसी झिझक के 500 व 1000 के नोट स्वीकार कर रहे हैं. तुर्की के पवेलियन में एक महिला कारोबारी ने कहा, "हम सभी नोट ले रहे हैं. 500, 1000, 2000 सभी नोट. लोग विमुद्रीकृत मुद्रा के पूरे मूल्य का (मतलब 500 की नोट देकर 500 का ही सामान लेना होगा) सामान खरीद सकते हैं. बस यही है कि हम खुला पैसा वापस नहीं दे सकते." म्यांमार के पवेलियन में कीमती पत्थर व आभूषण बेच रहे एक कारोबारी ने कहा, "आप किसी भी तरह भुगतान कर सकते हैं. हम ऑनलाइन भुगतान भी ले रहे हैं और नकदी में भी. नकदी... आप पुरानी वाली मुद्रा में भी भुगतान कर सकते हैं." यह पूछने पर कि इन नोटों को आप कैसे बदलवाएंगे, कारोबारी ने माथे पर शिकन लाए बगैर कहा कि उसके पास भारतीय खाते हैं और वह नकदी उसी में जमा करा देगा. लोग भी इस सुविधा को पाकर खुश दिखे. एक ग्राहक ने कहा, "मैं अपने साथ नई और पुरानी, दोनों मुद्राएं लाया था. और, मैंने दोनों से सामान खरीदे. कई भारतीय और विदेशी कारोबारी पुरानी वाली मुद्रा ले रहे हैं." टिप्पणियां चाय की पत्ती के एक भारतीय कारोबारी ने कहा कि 500 और 1000 के नोट से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई जरूरी नहीं है कि 1000 या 500 के नोट देकर इतने का ही सामान खरीदें. जितनी जरूरत हो, उतनी चाय की पत्ती लें, बाकी का खुला पैसा वह लौटाएंगे. यह पूछने पर कि क्या सरकार ने व्यापार मेले में विमुद्रीकृत मुद्रा में कारोबार की इजाजत दी है, एक सेल्स गर्ल ने कहा कि वह इस बारे में नहीं जानती लेकिन, उसकी कंपनी ने कहा है कि ग्राहक अगर 500, 1000 का नोट दे तो ले लो. तुर्की के पवेलियन में एक महिला कारोबारी ने कहा, "हम सभी नोट ले रहे हैं. 500, 1000, 2000 सभी नोट. लोग विमुद्रीकृत मुद्रा के पूरे मूल्य का (मतलब 500 की नोट देकर 500 का ही सामान लेना होगा) सामान खरीद सकते हैं. बस यही है कि हम खुला पैसा वापस नहीं दे सकते." म्यांमार के पवेलियन में कीमती पत्थर व आभूषण बेच रहे एक कारोबारी ने कहा, "आप किसी भी तरह भुगतान कर सकते हैं. हम ऑनलाइन भुगतान भी ले रहे हैं और नकदी में भी. नकदी... आप पुरानी वाली मुद्रा में भी भुगतान कर सकते हैं." यह पूछने पर कि इन नोटों को आप कैसे बदलवाएंगे, कारोबारी ने माथे पर शिकन लाए बगैर कहा कि उसके पास भारतीय खाते हैं और वह नकदी उसी में जमा करा देगा. लोग भी इस सुविधा को पाकर खुश दिखे. एक ग्राहक ने कहा, "मैं अपने साथ नई और पुरानी, दोनों मुद्राएं लाया था. और, मैंने दोनों से सामान खरीदे. कई भारतीय और विदेशी कारोबारी पुरानी वाली मुद्रा ले रहे हैं." टिप्पणियां चाय की पत्ती के एक भारतीय कारोबारी ने कहा कि 500 और 1000 के नोट से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई जरूरी नहीं है कि 1000 या 500 के नोट देकर इतने का ही सामान खरीदें. जितनी जरूरत हो, उतनी चाय की पत्ती लें, बाकी का खुला पैसा वह लौटाएंगे. यह पूछने पर कि क्या सरकार ने व्यापार मेले में विमुद्रीकृत मुद्रा में कारोबार की इजाजत दी है, एक सेल्स गर्ल ने कहा कि वह इस बारे में नहीं जानती लेकिन, उसकी कंपनी ने कहा है कि ग्राहक अगर 500, 1000 का नोट दे तो ले लो. म्यांमार के पवेलियन में कीमती पत्थर व आभूषण बेच रहे एक कारोबारी ने कहा, "आप किसी भी तरह भुगतान कर सकते हैं. हम ऑनलाइन भुगतान भी ले रहे हैं और नकदी में भी. नकदी... आप पुरानी वाली मुद्रा में भी भुगतान कर सकते हैं." यह पूछने पर कि इन नोटों को आप कैसे बदलवाएंगे, कारोबारी ने माथे पर शिकन लाए बगैर कहा कि उसके पास भारतीय खाते हैं और वह नकदी उसी में जमा करा देगा. लोग भी इस सुविधा को पाकर खुश दिखे. एक ग्राहक ने कहा, "मैं अपने साथ नई और पुरानी, दोनों मुद्राएं लाया था. और, मैंने दोनों से सामान खरीदे. कई भारतीय और विदेशी कारोबारी पुरानी वाली मुद्रा ले रहे हैं." टिप्पणियां चाय की पत्ती के एक भारतीय कारोबारी ने कहा कि 500 और 1000 के नोट से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई जरूरी नहीं है कि 1000 या 500 के नोट देकर इतने का ही सामान खरीदें. जितनी जरूरत हो, उतनी चाय की पत्ती लें, बाकी का खुला पैसा वह लौटाएंगे. यह पूछने पर कि क्या सरकार ने व्यापार मेले में विमुद्रीकृत मुद्रा में कारोबार की इजाजत दी है, एक सेल्स गर्ल ने कहा कि वह इस बारे में नहीं जानती लेकिन, उसकी कंपनी ने कहा है कि ग्राहक अगर 500, 1000 का नोट दे तो ले लो. यह पूछने पर कि इन नोटों को आप कैसे बदलवाएंगे, कारोबारी ने माथे पर शिकन लाए बगैर कहा कि उसके पास भारतीय खाते हैं और वह नकदी उसी में जमा करा देगा. लोग भी इस सुविधा को पाकर खुश दिखे. एक ग्राहक ने कहा, "मैं अपने साथ नई और पुरानी, दोनों मुद्राएं लाया था. और, मैंने दोनों से सामान खरीदे. कई भारतीय और विदेशी कारोबारी पुरानी वाली मुद्रा ले रहे हैं." टिप्पणियां चाय की पत्ती के एक भारतीय कारोबारी ने कहा कि 500 और 1000 के नोट से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई जरूरी नहीं है कि 1000 या 500 के नोट देकर इतने का ही सामान खरीदें. जितनी जरूरत हो, उतनी चाय की पत्ती लें, बाकी का खुला पैसा वह लौटाएंगे. यह पूछने पर कि क्या सरकार ने व्यापार मेले में विमुद्रीकृत मुद्रा में कारोबार की इजाजत दी है, एक सेल्स गर्ल ने कहा कि वह इस बारे में नहीं जानती लेकिन, उसकी कंपनी ने कहा है कि ग्राहक अगर 500, 1000 का नोट दे तो ले लो. चाय की पत्ती के एक भारतीय कारोबारी ने कहा कि 500 और 1000 के नोट से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई जरूरी नहीं है कि 1000 या 500 के नोट देकर इतने का ही सामान खरीदें. जितनी जरूरत हो, उतनी चाय की पत्ती लें, बाकी का खुला पैसा वह लौटाएंगे. यह पूछने पर कि क्या सरकार ने व्यापार मेले में विमुद्रीकृत मुद्रा में कारोबार की इजाजत दी है, एक सेल्स गर्ल ने कहा कि वह इस बारे में नहीं जानती लेकिन, उसकी कंपनी ने कहा है कि ग्राहक अगर 500, 1000 का नोट दे तो ले लो. यह पूछने पर कि क्या सरकार ने व्यापार मेले में विमुद्रीकृत मुद्रा में कारोबार की इजाजत दी है, एक सेल्स गर्ल ने कहा कि वह इस बारे में नहीं जानती लेकिन, उसकी कंपनी ने कहा है कि ग्राहक अगर 500, 1000 का नोट दे तो ले लो.
संक्षिप्त सारांश: लोगों के लिए यह प्रैक्टिस राहत भरी देशी व विदेशी कारोबारी 500 व 1000 के नोट स्वीकार रहे हैं सोमवार को शुरू हो चुका है 36वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने वाल्मिकी पर सीरियल बनाने वाले प्रोड्यूसर और चैनल को मुकदमा लड़ने का आदेश देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है. दोनों के खिलाफ वाल्मिकी समाज की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी.टिप्पणियां प्रोड्यूसर राजन सहाय ने वाल्मिकी पर बिदाई नामक टेली सीरियल बनाया था जिसे एक प्राइवेट चैनल ने अगस्त 2009 में प्रसारित किया था. इसके बाद वाल्मिकी समाज के लोगों ने इस पर वाल्मिकी और समाज के अपमान का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई.  इधर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया. प्रोडयूसर और चैनल ने इस एफआईआर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट मे चुनौती दी लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. फिर मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका को खारिज कर दिया. प्रोड्यूसर राजन सहाय ने वाल्मिकी पर बिदाई नामक टेली सीरियल बनाया था जिसे एक प्राइवेट चैनल ने अगस्त 2009 में प्रसारित किया था. इसके बाद वाल्मिकी समाज के लोगों ने इस पर वाल्मिकी और समाज के अपमान का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई.  इधर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया. प्रोडयूसर और चैनल ने इस एफआईआर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट मे चुनौती दी लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. फिर मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका को खारिज कर दिया. प्रोडयूसर और चैनल ने इस एफआईआर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट मे चुनौती दी लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. फिर मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका को खारिज कर दिया.
प्रोड्यूसर और चैनल को मुकदमा लड़ने का आदेश वाल्मिकी समाज की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई सीरियल में वाल्मिकी और समाज के अपमान का आरोप
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष रमणलाल वोरा के निजी वाहन को अस्पताल में एम्बुलेंस की पार्किंग से हटवाने का खामियाजा दो सिक्युरिटी गार्डों को उठाना पड़ा है. उन्हें नौकरी से हटा दिया गया है. इतना ही नहीं यह गार्ड जिस सिक्युरिटी एजेंसी के थे उसका कॉन्ट्रेक्ट भी अस्पताल प्रशासन ने रद्द कर दिया है. हालांकि वोरा और अस्पताल प्रशासन इसके पीछे कारण वाहन हटवाने की घटना को मानने से इनकार  कर रहे हैं. पिछले सप्ताह गुजरात विधानसभा के स्पीकर रमणलाल वोरा गांधीनगर सिविल अस्पताल में आंखों के डॉक्टर से मिलने अपने निजी वाहन में पहुंचे थे. उन्होंने वहां अपनी गाड़ी एम्बुलेंस के लिए तय जगह पर पार्क की. वहां का गार्ड स्पीकर को पहचान नहीं पाया और उसने उनसे अपनी गाड़ी एम्बुलेंस के लिए तय जगह से हटाकर रखने को कहा. इस पर बात बिगड़ गई और दो सिक्युरिटी गार्डों को इसके बाद नौकरी से हटा दिया गया. संबंधित सिक्युरिटी एजेंसी के सिक्युरिटी अफसर जैलसिंह राजपूत का कहना है कि गार्ड अपना काम कर रहे थे इसलिए उन्हें अपनी गाड़ी वहां से हटाने को कहा. स्पीकर ने अपनी पहचान भी नहीं बताई लेकिन गार्ड को बुरा भला कहने लगे. इस घटना के बाद गांधी नगर सिविल अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था देखने वाली एलीट सिक्युरिटी सर्विसेज को एक महीने का नोटिस देकर कॉन्ट्रेक्ट रद्द करने को कह दिया. हालांकि इस एजेंसी को अप्रैल 2019 तक के लिए कॉन्ट्रेक्ट मिला था. अस्पताल प्रशासन कहता है कि वजह स्पीकर नहीं हैं लेकिन इस एजेंसी के खिलाफ अन्य कई शिकायतें थीं इसलिए कॉन्ट्रेक्ट रद्द किया गया. हालांकि प्रशासन यह भी कहता है कि गार्ड ने स्पीकर के साथ जो किया वह भी ठीक नहीं था.टिप्पणियां विधानसभा अध्यक्ष रमणलाल वोरा का कहना है कि उनकी सिक्युरिटी एजेंसी का कॉन्ट्रेक्ट रद्द होने में कोई भूमिका नहीं है. हालांकि अस्पताल में जो व्यवस्था होनी चाहिए थी वह पूरी तरह लचर थी. उन्होंने पूरी घटना कुछ इन शब्दों में बयां कि -  ''मैं वहां आंखें दिखाने पहुंचा था. उन्होंने बोला पहले आपनी गाड़ी जो रखी है वो ठीक नहीं है. तो मैंने बोला वो आपकी बात सही है लेकिन कहीं लिखा नहीं है कहां पार्किंग करना है, तो गलती हो गई वो हटा लेंगे, लेकिन वो डॉक्टर कहां मिलेंगे. तो बोला मुझे मालूम नहीं है. मैंने कहा आप नौकरी करते हो और इतना मालूम नहीं है, तो बोला नहीं है तो नहीं है. दूसरे गार्ड को कहा तो दूसरे ने भी ऐसा ही जवाब दिया. बाद में मैं खुद डॉक्टर के पास चला गया और बात खत्म हो गई. लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं थी.'' बहरहाल इस पूरे मामले में दो सिक्युरिटी गार्डों की रोजीरोटी छिन गई है. पिछले सप्ताह गुजरात विधानसभा के स्पीकर रमणलाल वोरा गांधीनगर सिविल अस्पताल में आंखों के डॉक्टर से मिलने अपने निजी वाहन में पहुंचे थे. उन्होंने वहां अपनी गाड़ी एम्बुलेंस के लिए तय जगह पर पार्क की. वहां का गार्ड स्पीकर को पहचान नहीं पाया और उसने उनसे अपनी गाड़ी एम्बुलेंस के लिए तय जगह से हटाकर रखने को कहा. इस पर बात बिगड़ गई और दो सिक्युरिटी गार्डों को इसके बाद नौकरी से हटा दिया गया. संबंधित सिक्युरिटी एजेंसी के सिक्युरिटी अफसर जैलसिंह राजपूत का कहना है कि गार्ड अपना काम कर रहे थे इसलिए उन्हें अपनी गाड़ी वहां से हटाने को कहा. स्पीकर ने अपनी पहचान भी नहीं बताई लेकिन गार्ड को बुरा भला कहने लगे. इस घटना के बाद गांधी नगर सिविल अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था देखने वाली एलीट सिक्युरिटी सर्विसेज को एक महीने का नोटिस देकर कॉन्ट्रेक्ट रद्द करने को कह दिया. हालांकि इस एजेंसी को अप्रैल 2019 तक के लिए कॉन्ट्रेक्ट मिला था. अस्पताल प्रशासन कहता है कि वजह स्पीकर नहीं हैं लेकिन इस एजेंसी के खिलाफ अन्य कई शिकायतें थीं इसलिए कॉन्ट्रेक्ट रद्द किया गया. हालांकि प्रशासन यह भी कहता है कि गार्ड ने स्पीकर के साथ जो किया वह भी ठीक नहीं था.टिप्पणियां विधानसभा अध्यक्ष रमणलाल वोरा का कहना है कि उनकी सिक्युरिटी एजेंसी का कॉन्ट्रेक्ट रद्द होने में कोई भूमिका नहीं है. हालांकि अस्पताल में जो व्यवस्था होनी चाहिए थी वह पूरी तरह लचर थी. उन्होंने पूरी घटना कुछ इन शब्दों में बयां कि -  ''मैं वहां आंखें दिखाने पहुंचा था. उन्होंने बोला पहले आपनी गाड़ी जो रखी है वो ठीक नहीं है. तो मैंने बोला वो आपकी बात सही है लेकिन कहीं लिखा नहीं है कहां पार्किंग करना है, तो गलती हो गई वो हटा लेंगे, लेकिन वो डॉक्टर कहां मिलेंगे. तो बोला मुझे मालूम नहीं है. मैंने कहा आप नौकरी करते हो और इतना मालूम नहीं है, तो बोला नहीं है तो नहीं है. दूसरे गार्ड को कहा तो दूसरे ने भी ऐसा ही जवाब दिया. बाद में मैं खुद डॉक्टर के पास चला गया और बात खत्म हो गई. लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं थी.'' बहरहाल इस पूरे मामले में दो सिक्युरिटी गार्डों की रोजीरोटी छिन गई है. संबंधित सिक्युरिटी एजेंसी के सिक्युरिटी अफसर जैलसिंह राजपूत का कहना है कि गार्ड अपना काम कर रहे थे इसलिए उन्हें अपनी गाड़ी वहां से हटाने को कहा. स्पीकर ने अपनी पहचान भी नहीं बताई लेकिन गार्ड को बुरा भला कहने लगे. इस घटना के बाद गांधी नगर सिविल अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था देखने वाली एलीट सिक्युरिटी सर्विसेज को एक महीने का नोटिस देकर कॉन्ट्रेक्ट रद्द करने को कह दिया. हालांकि इस एजेंसी को अप्रैल 2019 तक के लिए कॉन्ट्रेक्ट मिला था. अस्पताल प्रशासन कहता है कि वजह स्पीकर नहीं हैं लेकिन इस एजेंसी के खिलाफ अन्य कई शिकायतें थीं इसलिए कॉन्ट्रेक्ट रद्द किया गया. हालांकि प्रशासन यह भी कहता है कि गार्ड ने स्पीकर के साथ जो किया वह भी ठीक नहीं था.टिप्पणियां विधानसभा अध्यक्ष रमणलाल वोरा का कहना है कि उनकी सिक्युरिटी एजेंसी का कॉन्ट्रेक्ट रद्द होने में कोई भूमिका नहीं है. हालांकि अस्पताल में जो व्यवस्था होनी चाहिए थी वह पूरी तरह लचर थी. उन्होंने पूरी घटना कुछ इन शब्दों में बयां कि -  ''मैं वहां आंखें दिखाने पहुंचा था. उन्होंने बोला पहले आपनी गाड़ी जो रखी है वो ठीक नहीं है. तो मैंने बोला वो आपकी बात सही है लेकिन कहीं लिखा नहीं है कहां पार्किंग करना है, तो गलती हो गई वो हटा लेंगे, लेकिन वो डॉक्टर कहां मिलेंगे. तो बोला मुझे मालूम नहीं है. मैंने कहा आप नौकरी करते हो और इतना मालूम नहीं है, तो बोला नहीं है तो नहीं है. दूसरे गार्ड को कहा तो दूसरे ने भी ऐसा ही जवाब दिया. बाद में मैं खुद डॉक्टर के पास चला गया और बात खत्म हो गई. लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं थी.'' बहरहाल इस पूरे मामले में दो सिक्युरिटी गार्डों की रोजीरोटी छिन गई है. इस घटना के बाद गांधी नगर सिविल अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था देखने वाली एलीट सिक्युरिटी सर्विसेज को एक महीने का नोटिस देकर कॉन्ट्रेक्ट रद्द करने को कह दिया. हालांकि इस एजेंसी को अप्रैल 2019 तक के लिए कॉन्ट्रेक्ट मिला था. अस्पताल प्रशासन कहता है कि वजह स्पीकर नहीं हैं लेकिन इस एजेंसी के खिलाफ अन्य कई शिकायतें थीं इसलिए कॉन्ट्रेक्ट रद्द किया गया. हालांकि प्रशासन यह भी कहता है कि गार्ड ने स्पीकर के साथ जो किया वह भी ठीक नहीं था.टिप्पणियां विधानसभा अध्यक्ष रमणलाल वोरा का कहना है कि उनकी सिक्युरिटी एजेंसी का कॉन्ट्रेक्ट रद्द होने में कोई भूमिका नहीं है. हालांकि अस्पताल में जो व्यवस्था होनी चाहिए थी वह पूरी तरह लचर थी. उन्होंने पूरी घटना कुछ इन शब्दों में बयां कि -  ''मैं वहां आंखें दिखाने पहुंचा था. उन्होंने बोला पहले आपनी गाड़ी जो रखी है वो ठीक नहीं है. तो मैंने बोला वो आपकी बात सही है लेकिन कहीं लिखा नहीं है कहां पार्किंग करना है, तो गलती हो गई वो हटा लेंगे, लेकिन वो डॉक्टर कहां मिलेंगे. तो बोला मुझे मालूम नहीं है. मैंने कहा आप नौकरी करते हो और इतना मालूम नहीं है, तो बोला नहीं है तो नहीं है. दूसरे गार्ड को कहा तो दूसरे ने भी ऐसा ही जवाब दिया. बाद में मैं खुद डॉक्टर के पास चला गया और बात खत्म हो गई. लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं थी.'' बहरहाल इस पूरे मामले में दो सिक्युरिटी गार्डों की रोजीरोटी छिन गई है. विधानसभा अध्यक्ष रमणलाल वोरा का कहना है कि उनकी सिक्युरिटी एजेंसी का कॉन्ट्रेक्ट रद्द होने में कोई भूमिका नहीं है. हालांकि अस्पताल में जो व्यवस्था होनी चाहिए थी वह पूरी तरह लचर थी. उन्होंने पूरी घटना कुछ इन शब्दों में बयां कि -  ''मैं वहां आंखें दिखाने पहुंचा था. उन्होंने बोला पहले आपनी गाड़ी जो रखी है वो ठीक नहीं है. तो मैंने बोला वो आपकी बात सही है लेकिन कहीं लिखा नहीं है कहां पार्किंग करना है, तो गलती हो गई वो हटा लेंगे, लेकिन वो डॉक्टर कहां मिलेंगे. तो बोला मुझे मालूम नहीं है. मैंने कहा आप नौकरी करते हो और इतना मालूम नहीं है, तो बोला नहीं है तो नहीं है. दूसरे गार्ड को कहा तो दूसरे ने भी ऐसा ही जवाब दिया. बाद में मैं खुद डॉक्टर के पास चला गया और बात खत्म हो गई. लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं थी.'' बहरहाल इस पूरे मामले में दो सिक्युरिटी गार्डों की रोजीरोटी छिन गई है. बहरहाल इस पूरे मामले में दो सिक्युरिटी गार्डों की रोजीरोटी छिन गई है.
यह एक सारांश है: सुरक्षा कर्मियों ने वाहन एम्बुलेंस पार्किंग से हटाने के लिए कहा था अस्पताल प्रशासन ने सिक्युरिटी एजेंसी का कॉन्ट्रेक्ट रद्द कर दिया वोरा ने कहा कि एजेंसी का कॉन्ट्रेक्ट रद्द होने में उनकी कोई भूमिका नहीं
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सेवानिवृत्ति कोष का प्रबंधन करने वाले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने भविष्य निधि की निकासी एवं इसका स्थानांतरण जैसे सभी दावों का निपटान तीन दिन के भीतर करने की योजना बनाई है। ईपीएफओ अगर इस योजना को सिरे चढ़ाने में सफल रहता है, तो इससे हर साल एक करोड़ से अधिक दावेदारों का भला होगा। दावों का तेजी से निपटान करने के प्रस्ताव को प्रभाव में लाने के लिए ईपीएफओ ने 5 जुलाई को सभी जोनल प्रमुखों की एक बैठक बुलाई है, जिसमें कार्ययोजना का खाका तैयार किया जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को चालू वित्तवर्ष में 1.2 करोड़ दावे किए जाने की संभावना है और यदि इनमें से करीब 70 प्रतिशत के दावों का तीन दिन में निपटान कर दिया जाता है, तो इससे करीब 84 लाख दावेदार लाभान्वित होंगे।टिप्पणियां दावों का त्वरित निपटान करने के संबंध में ईपीएफओ ने कहा है, संगठन की छवि सुधारने के लिए एक आधिकारिक आदेश आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि ईपीएफओ ने इस साल 15 जून तक प्राप्त सभी दावों का निपटान करने के लिए एक अभियान चलाया है। इस साल 11 जून तक 5,38,704 दावे लंबित थे। ईपीएफओ ने 2012-13 में 1.08 करोड़ दावों का निपटान किया है, जिसमें से 12.62 लाख दावेदार इस बात से असंतुष्ट थे कि उनके दावों का निपटान 30 दिनों के भीतर नहीं किया गया। यही नहीं, 1.41 लाख दावों का निपटान 90 दिन के बाद भी नहीं किए जा सके, जिससे ईपीएफओ की छवि को बट्टा लगा है। दावों का तेजी से निपटान करने के प्रस्ताव को प्रभाव में लाने के लिए ईपीएफओ ने 5 जुलाई को सभी जोनल प्रमुखों की एक बैठक बुलाई है, जिसमें कार्ययोजना का खाका तैयार किया जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को चालू वित्तवर्ष में 1.2 करोड़ दावे किए जाने की संभावना है और यदि इनमें से करीब 70 प्रतिशत के दावों का तीन दिन में निपटान कर दिया जाता है, तो इससे करीब 84 लाख दावेदार लाभान्वित होंगे।टिप्पणियां दावों का त्वरित निपटान करने के संबंध में ईपीएफओ ने कहा है, संगठन की छवि सुधारने के लिए एक आधिकारिक आदेश आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि ईपीएफओ ने इस साल 15 जून तक प्राप्त सभी दावों का निपटान करने के लिए एक अभियान चलाया है। इस साल 11 जून तक 5,38,704 दावे लंबित थे। ईपीएफओ ने 2012-13 में 1.08 करोड़ दावों का निपटान किया है, जिसमें से 12.62 लाख दावेदार इस बात से असंतुष्ट थे कि उनके दावों का निपटान 30 दिनों के भीतर नहीं किया गया। यही नहीं, 1.41 लाख दावों का निपटान 90 दिन के बाद भी नहीं किए जा सके, जिससे ईपीएफओ की छवि को बट्टा लगा है। दावों का त्वरित निपटान करने के संबंध में ईपीएफओ ने कहा है, संगठन की छवि सुधारने के लिए एक आधिकारिक आदेश आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि ईपीएफओ ने इस साल 15 जून तक प्राप्त सभी दावों का निपटान करने के लिए एक अभियान चलाया है। इस साल 11 जून तक 5,38,704 दावे लंबित थे। ईपीएफओ ने 2012-13 में 1.08 करोड़ दावों का निपटान किया है, जिसमें से 12.62 लाख दावेदार इस बात से असंतुष्ट थे कि उनके दावों का निपटान 30 दिनों के भीतर नहीं किया गया। यही नहीं, 1.41 लाख दावों का निपटान 90 दिन के बाद भी नहीं किए जा सके, जिससे ईपीएफओ की छवि को बट्टा लगा है। ईपीएफओ ने 2012-13 में 1.08 करोड़ दावों का निपटान किया है, जिसमें से 12.62 लाख दावेदार इस बात से असंतुष्ट थे कि उनके दावों का निपटान 30 दिनों के भीतर नहीं किया गया। यही नहीं, 1.41 लाख दावों का निपटान 90 दिन के बाद भी नहीं किए जा सके, जिससे ईपीएफओ की छवि को बट्टा लगा है।
सारांश: ईपीएफओ अगर इस योजना को सिरे चढ़ाने में सफल रहता है, तो इससे हर साल एक करोड़ से अधिक दावेदारों का भला होगा। इस प्रस्ताव को प्रभाव में लाने के लिए ईपीएफओ ने 5 जुलाई को सभी जोनल प्रमुखों की बैठक बुलाई है।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: कश्मीर घाटी में आज तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और समाचार पत्र स्टैंड तक नहीं पहुंच सके। गौरतलब है कि संसद पर हमला मामले के दोषी अफजल गुरु को 9 फरवरी को फांसी दिए जाने के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया था। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट की 29वीं बरसी मनाए जाने के लिए राज्य में व्यापक प्रदर्शन होने की आशंका के मद्देनजर आज सुबह से ही घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और लोगों की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। एक पुलिस अधिकारी की हत्या के जुर्म में भट को मौत की सजा सुनाई गई थी। 11 फरवरी 1984 को उसे तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी। अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में रविवार को घाटी में कई हिस्सों में प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी। केवल एम्बुलेन्स और आवश्यक सेवा विभाग के कर्मियों को ही कर्फ्यू पास जारी किए गए हैं, जिससे उनकी गतिविधियां चल रही हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच घाटी में हुई झड़पों में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और 23 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 50 लोग घायल हो गए। कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घाटी में आज स्थिति शांत है और कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर आज तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हैं। कर्फ्यू के कारण आज सुबह अखबार स्टैंड तक नहीं पहुंच सके। गौरतलब है कि संसद पर हमला मामले के दोषी अफजल गुरु को 9 फरवरी को फांसी दिए जाने के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया था। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट की 29वीं बरसी मनाए जाने के लिए राज्य में व्यापक प्रदर्शन होने की आशंका के मद्देनजर आज सुबह से ही घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और लोगों की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। एक पुलिस अधिकारी की हत्या के जुर्म में भट को मौत की सजा सुनाई गई थी। 11 फरवरी 1984 को उसे तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी। अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में रविवार को घाटी में कई हिस्सों में प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी। केवल एम्बुलेन्स और आवश्यक सेवा विभाग के कर्मियों को ही कर्फ्यू पास जारी किए गए हैं, जिससे उनकी गतिविधियां चल रही हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच घाटी में हुई झड़पों में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और 23 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 50 लोग घायल हो गए। कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घाटी में आज स्थिति शांत है और कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर आज तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हैं। कर्फ्यू के कारण आज सुबह अखबार स्टैंड तक नहीं पहुंच सके। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट की 29वीं बरसी मनाए जाने के लिए राज्य में व्यापक प्रदर्शन होने की आशंका के मद्देनजर आज सुबह से ही घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और लोगों की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। एक पुलिस अधिकारी की हत्या के जुर्म में भट को मौत की सजा सुनाई गई थी। 11 फरवरी 1984 को उसे तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी। अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में रविवार को घाटी में कई हिस्सों में प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी। केवल एम्बुलेन्स और आवश्यक सेवा विभाग के कर्मियों को ही कर्फ्यू पास जारी किए गए हैं, जिससे उनकी गतिविधियां चल रही हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच घाटी में हुई झड़पों में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और 23 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 50 लोग घायल हो गए। कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घाटी में आज स्थिति शांत है और कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर आज तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हैं। कर्फ्यू के कारण आज सुबह अखबार स्टैंड तक नहीं पहुंच सके। एक पुलिस अधिकारी की हत्या के जुर्म में भट को मौत की सजा सुनाई गई थी। 11 फरवरी 1984 को उसे तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी। अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में रविवार को घाटी में कई हिस्सों में प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी। केवल एम्बुलेन्स और आवश्यक सेवा विभाग के कर्मियों को ही कर्फ्यू पास जारी किए गए हैं, जिससे उनकी गतिविधियां चल रही हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच घाटी में हुई झड़पों में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और 23 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 50 लोग घायल हो गए। कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घाटी में आज स्थिति शांत है और कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर आज तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हैं। कर्फ्यू के कारण आज सुबह अखबार स्टैंड तक नहीं पहुंच सके। अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में रविवार को घाटी में कई हिस्सों में प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी। केवल एम्बुलेन्स और आवश्यक सेवा विभाग के कर्मियों को ही कर्फ्यू पास जारी किए गए हैं, जिससे उनकी गतिविधियां चल रही हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच घाटी में हुई झड़पों में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और 23 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 50 लोग घायल हो गए। कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घाटी में आज स्थिति शांत है और कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर आज तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हैं। कर्फ्यू के कारण आज सुबह अखबार स्टैंड तक नहीं पहुंच सके। केवल एम्बुलेन्स और आवश्यक सेवा विभाग के कर्मियों को ही कर्फ्यू पास जारी किए गए हैं, जिससे उनकी गतिविधियां चल रही हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच घाटी में हुई झड़पों में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और 23 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 50 लोग घायल हो गए। कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घाटी में आज स्थिति शांत है और कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर आज तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हैं। कर्फ्यू के कारण आज सुबह अखबार स्टैंड तक नहीं पहुंच सके। शनिवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच घाटी में हुई झड़पों में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और 23 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 50 लोग घायल हो गए। कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घाटी में आज स्थिति शांत है और कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर आज तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हैं। कर्फ्यू के कारण आज सुबह अखबार स्टैंड तक नहीं पहुंच सके। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घाटी में आज स्थिति शांत है और कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर आज तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हैं। कर्फ्यू के कारण आज सुबह अखबार स्टैंड तक नहीं पहुंच सके। एहतियात के तौर पर आज तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद पड़ी हैं। कर्फ्यू के कारण आज सुबह अखबार स्टैंड तक नहीं पहुंच सके।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कश्मीर घाटी में आज तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और समाचार पत्र स्टैंड तक नहीं पहुंच सके।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ष 1993 में मुंबई में हुए शृंखलाबद्ध धमाकों से जुड़े गैरकानूनी हथियार रखने के मामले में पांच साल की सजा पाने वाले बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति डॉ बलबीर सिंह चौहान की खंडपीठ ने छह अन्य मुजरिमों की पुनर्विचार याचिकाएं भी खारिज कर दी हैं। इसी खंडपीठ ने 21 मार्च को इन लोगों को दोषी करार दिया था। अदालती फैसले पर पुनर्विचार के लिए संजय दत्त के अलावा यूसुफ मोहसिन नलवाला, खलील अहमद सैयद अली नाजिर, मोहम्मद दाऊद यूसुफ खान, शेख आसिफ यूसुफ, मुजम्मिल उमर कादरी और मोहम्मद अहमद शेख ने भी याचिकाएं दायर की थीं। न्यायालय ने फैसला सुनाते वक्त संजय दत्त को चार सप्ताह के भीतर समर्पण करने का निर्देश दिया था, लेकिन यह अवधि पूरी होने से एक दिन पहले 17 अप्रैल को न्यायालय ने संजय दत्त को समर्पण करने के लिए चार सप्ताह का और वक्त दे दिया था। अब उन्हें 16 मई को सरेंडर करना होगा। संजय दत्त पहले ही 18 माह जेल में गुजार चुके हैं, इसलिए उन्हें अभी 42 महीने और जेल में गुजारने हैं। टिप्पणियां दरअसल, संजय दत्त को मुंबई की टाडा अदालत ने छह साल की सजा सुनाई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे घटाकर पांच साल कर दिया था। न्यायालय ने उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर रिहा करने से भी इनकार कर दिया था। संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके-56 राइफल रखने के जुर्म में टाडा अदालत ने दोषी ठहराया था। ये दोनों हथियार विस्फोटक सामग्री और हथियारों की उसी खेप का हिस्सा थे, जिनका इस्तेमाल मुंबई में हुए शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में किया गया था, जिनमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक जख्मी हो गए थे। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति डॉ बलबीर सिंह चौहान की खंडपीठ ने छह अन्य मुजरिमों की पुनर्विचार याचिकाएं भी खारिज कर दी हैं। इसी खंडपीठ ने 21 मार्च को इन लोगों को दोषी करार दिया था। अदालती फैसले पर पुनर्विचार के लिए संजय दत्त के अलावा यूसुफ मोहसिन नलवाला, खलील अहमद सैयद अली नाजिर, मोहम्मद दाऊद यूसुफ खान, शेख आसिफ यूसुफ, मुजम्मिल उमर कादरी और मोहम्मद अहमद शेख ने भी याचिकाएं दायर की थीं। न्यायालय ने फैसला सुनाते वक्त संजय दत्त को चार सप्ताह के भीतर समर्पण करने का निर्देश दिया था, लेकिन यह अवधि पूरी होने से एक दिन पहले 17 अप्रैल को न्यायालय ने संजय दत्त को समर्पण करने के लिए चार सप्ताह का और वक्त दे दिया था। अब उन्हें 16 मई को सरेंडर करना होगा। संजय दत्त पहले ही 18 माह जेल में गुजार चुके हैं, इसलिए उन्हें अभी 42 महीने और जेल में गुजारने हैं। टिप्पणियां दरअसल, संजय दत्त को मुंबई की टाडा अदालत ने छह साल की सजा सुनाई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे घटाकर पांच साल कर दिया था। न्यायालय ने उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर रिहा करने से भी इनकार कर दिया था। संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके-56 राइफल रखने के जुर्म में टाडा अदालत ने दोषी ठहराया था। ये दोनों हथियार विस्फोटक सामग्री और हथियारों की उसी खेप का हिस्सा थे, जिनका इस्तेमाल मुंबई में हुए शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में किया गया था, जिनमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक जख्मी हो गए थे। न्यायालय ने फैसला सुनाते वक्त संजय दत्त को चार सप्ताह के भीतर समर्पण करने का निर्देश दिया था, लेकिन यह अवधि पूरी होने से एक दिन पहले 17 अप्रैल को न्यायालय ने संजय दत्त को समर्पण करने के लिए चार सप्ताह का और वक्त दे दिया था। अब उन्हें 16 मई को सरेंडर करना होगा। संजय दत्त पहले ही 18 माह जेल में गुजार चुके हैं, इसलिए उन्हें अभी 42 महीने और जेल में गुजारने हैं। टिप्पणियां दरअसल, संजय दत्त को मुंबई की टाडा अदालत ने छह साल की सजा सुनाई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे घटाकर पांच साल कर दिया था। न्यायालय ने उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर रिहा करने से भी इनकार कर दिया था। संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके-56 राइफल रखने के जुर्म में टाडा अदालत ने दोषी ठहराया था। ये दोनों हथियार विस्फोटक सामग्री और हथियारों की उसी खेप का हिस्सा थे, जिनका इस्तेमाल मुंबई में हुए शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में किया गया था, जिनमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक जख्मी हो गए थे। दरअसल, संजय दत्त को मुंबई की टाडा अदालत ने छह साल की सजा सुनाई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे घटाकर पांच साल कर दिया था। न्यायालय ने उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर रिहा करने से भी इनकार कर दिया था। संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके-56 राइफल रखने के जुर्म में टाडा अदालत ने दोषी ठहराया था। ये दोनों हथियार विस्फोटक सामग्री और हथियारों की उसी खेप का हिस्सा थे, जिनका इस्तेमाल मुंबई में हुए शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में किया गया था, जिनमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक जख्मी हो गए थे। संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके-56 राइफल रखने के जुर्म में टाडा अदालत ने दोषी ठहराया था। ये दोनों हथियार विस्फोटक सामग्री और हथियारों की उसी खेप का हिस्सा थे, जिनका इस्तेमाल मुंबई में हुए शृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में किया गया था, जिनमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक जख्मी हो गए थे।
संक्षिप्त पाठ: 1993 के मुंबई धमाके से जुड़े मामले में संजय दत्त को पांच साल की सजा हुई है और शेष 42 महीने की सजा काटने के लिए उन्हें 16 मई को सरेंडर करना होगा।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा के हिसार में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला टीचर ने टेस्ट में कम नंबर लाने पर चौथी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के मुंह पर कालिख पोती और फिर उसे स्कूल परिसर में घुमाया. पीड़िता के परिवार ने स्कूल और आरोपी शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार, 6 दिसंबर को हुए टेस्ट में 9 वर्षीय पीड़िता के कम नंबर आए थे. आरोप है कि इससे गुस्सा होकर शिक्षिका ने छात्रा के मुंह पर कालिख पोत दी और फिर उसे स्कूल परिसर में घुमाया. पीड़िता के पिता ने कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, '6 दिसंबर को हुए टेस्ट में मेरी बेटी के कम अंक आए थे. एक महिला टीचर ने बेटी के चेहरे पर काला रंग पोत दिया और फिर उसे पूरे स्कूल में घुमाया. मैं प्रशासन से मांग करता हूं कि स्कूल को बंद किया जाए. मेरी बेटी चौथी कक्षा में है और उसे उत्तर नहीं पता थे. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था.' उसी स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र का आरोप है कि टीचर ने सजा के तौर पर कई और छात्राओं के चेहरे पर कालिख पोतकर उन्हें स्कूल में घुमाया था. पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है. सब्जी मंडी चौकी के इंचार्ज जगजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर शिकायत दर्ज की गई है. हम कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं. मामले की जांच की जा रही है.
सारांश: छात्रा के टेस्ट में आए थे कम नंबर टीचर पर अन्य छात्राओं के चेहरे पर भी कालिख पोतने का आरोप पीड़िता के पिता ने की स्कूल बंद करने की मांग
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वैश्विक मंदी की वजह से भारी बिकवाली के कारण पिछले सप्ताह सोने की कीमत सात महीनों में पहली बार 30,000 रुपये के स्तर से नीचे चला गया, जबकि सत्र के अंतिम दौर में निचले स्तर पर लिवाली के कारण हानि कुछ कम हो गई। गुरुवार को सोने की कीमत घटकर 29,720 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई थी, जो स्तर 21 जुलाई, 2012 के बाद देखने को नहीं मिला था। चांदी की कीमत भी 54,550 रुपये के निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद 1,330 रुपये की गिरावट के साथ 55,200 रुपये प्रति किग्रा रह गई।टिप्पणियां वैश्विक स्तर पर आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक संकेत ने वैकल्पिक निवेश के रूप में सोने की अपील को कम कर दिया, जिस कारण वहां सोना सात माह के निचले स्तर पर चला गया। इस स्थिति को देखते हुए स्टॉकिस्टों द्वारा अपने सौदों की कटान करने से कारोबारी धारणा मंद हो गई। इस सप्ताह सोने में 2.3 प्रतिशत की और चांदी में 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई। घरेलू मोर्चे पर सोना 99.9 और 99.5 शुद्धता की शुरुआत कमजोर यानी 30,400 रुपये और 30,200 रुपये पर हुई तथा वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट को देखते हुए स्टॉकिस्टों की भारी बिकवाली से क्रमश: 29,720 रुपये और 29,520 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर को छू गया। गुरुवार को सोने की कीमत घटकर 29,720 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई थी, जो स्तर 21 जुलाई, 2012 के बाद देखने को नहीं मिला था। चांदी की कीमत भी 54,550 रुपये के निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद 1,330 रुपये की गिरावट के साथ 55,200 रुपये प्रति किग्रा रह गई।टिप्पणियां वैश्विक स्तर पर आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक संकेत ने वैकल्पिक निवेश के रूप में सोने की अपील को कम कर दिया, जिस कारण वहां सोना सात माह के निचले स्तर पर चला गया। इस स्थिति को देखते हुए स्टॉकिस्टों द्वारा अपने सौदों की कटान करने से कारोबारी धारणा मंद हो गई। इस सप्ताह सोने में 2.3 प्रतिशत की और चांदी में 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई। घरेलू मोर्चे पर सोना 99.9 और 99.5 शुद्धता की शुरुआत कमजोर यानी 30,400 रुपये और 30,200 रुपये पर हुई तथा वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट को देखते हुए स्टॉकिस्टों की भारी बिकवाली से क्रमश: 29,720 रुपये और 29,520 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर को छू गया। वैश्विक स्तर पर आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक संकेत ने वैकल्पिक निवेश के रूप में सोने की अपील को कम कर दिया, जिस कारण वहां सोना सात माह के निचले स्तर पर चला गया। इस स्थिति को देखते हुए स्टॉकिस्टों द्वारा अपने सौदों की कटान करने से कारोबारी धारणा मंद हो गई। इस सप्ताह सोने में 2.3 प्रतिशत की और चांदी में 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई। घरेलू मोर्चे पर सोना 99.9 और 99.5 शुद्धता की शुरुआत कमजोर यानी 30,400 रुपये और 30,200 रुपये पर हुई तथा वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट को देखते हुए स्टॉकिस्टों की भारी बिकवाली से क्रमश: 29,720 रुपये और 29,520 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर को छू गया। इस सप्ताह सोने में 2.3 प्रतिशत की और चांदी में 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई। घरेलू मोर्चे पर सोना 99.9 और 99.5 शुद्धता की शुरुआत कमजोर यानी 30,400 रुपये और 30,200 रुपये पर हुई तथा वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट को देखते हुए स्टॉकिस्टों की भारी बिकवाली से क्रमश: 29,720 रुपये और 29,520 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर को छू गया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वैश्विक मंदी की वजह से भारी बिकवाली के कारण पिछले सप्ताह सोने की कीमत सात महीनों में पहली बार 30,000 रुपये के स्तर से नीचे चला गया।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: क्या दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार दिल्ली के सरकारी स्कूलों के जरिए अपना चुनाव प्रचार कर रही है और वोट मांग रही है? यह आरोप दिल्ली बीजेपी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता लगा रहे हैं. विजेंद्र गुप्ता का आरोप है कि एसएमसी यानी विद्यालय प्रबंध समिति दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता पिता और अभिभावकों की मीटिंग बुलाकर बताएगी कि 'अगर 2020 में दोबारा अरविंद केजरीवाल की सरकार नहीं बनी तो शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे काम रुक जाएंगे इसलिए भले ही लोकसभा चुनाव में लोगों से गलती हो गई और उन्होंने आम आदमी पार्टी को वोट नहीं दिया लेकिन आने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को वोट दें और दूसरे लोगों से भी आम आदमी पार्टी को वोट देने के लिए कहें.' विजेंद्र गुप्ता ने ट्वीट कर कहा 'दिल्ली सरकार के स्कूलों के प्रांगण मे सरकारी ख़र्च से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता अभिभावको को ज़बरन बुलाकर आने वाले विधानसभा चुनावों मे आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने का पाठ पढ़ाएंगे. भाजपा विधायक उप राज्यपाल से मिलकर हस्तक्षेप की माँग करेंगे.' बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने अपने आरोप के समर्थन में एक दस्तावेज डाला है. दावा है कि ये दस्तावेज एसएमसी को भेजा गया है जिसमें दिशानिर्देश दिए गए हैं कि किस तरह से एसएमसी अभिभावकों के साथ मीटिंग करे. इस दस्तावेज में यह भी लिखा गया है इस बैठक की कोई वीडियो रिकॉर्डिंग न हो यह भी सुनिश्चित किया जाए.
संक्षिप्त पाठ: बीजेपी नेता और दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने लगाया आरोप कहा- लोगों को आप के उम्मीदवारों को वोट देने का पाठ पढ़ाया जाएगा आप सरकार की ओर से दस्तावेज एसएमसी को भेजा गया
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के किसानों के मामले में बोलते हुए कहा कि यह केवल राज्य के किसानों का मसला नहीं है, यह मसला पूरे देश के किसानों का है. कांग्रेस पार्टी की ओर राहुल गांधी लंबे अर्से से किसानों के मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे हैं. एएनआई के दिए बयान में राहुल गांधी ने आज महाराष्ट्र के किसानों के आंदोलन पर अपनी बात कही है.  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुंबई में किसानों के मार्च को लोगों की सत्ता की आश्चर्य में डाल देने वाली मिसाल करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से उनकी जायज मांगों को मांग लेने की आज अपील की. राहुल ने आज ट्वीट कर कहा, ‘‘मुंबई के लिए निकाला गया किसानों का विशाल मार्च लोगों की सत्ता का आश्चर्य देने वाली मिसाल है. कांग्रेस पार्टी केन्द्र एवं राज्य सरकारों की बेरूखी के खिलाफ किसानों एवं आदिवासियों के मार्च के साथ है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री (फडणवीस) से अपील करता हूं कि वे अहंकार पर नहीं अड़े तथा किसानों की जायज मांगों को पूरा किया जाए.’’ हजारों की संख्या में किसान एवं आदिवासियों का मार्च मुंबई पहुंचा है. इन किसानों को कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया है. किसानों का रुख़ देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी ऐक्शन में आ गई है. किसानों की मांगों पर विचार के लिए फडणवीस सरकार ने एक कमेटी बनाई है, जिसमें छह मंत्री शामिल हैं. कमेटी में चंद्रकांत पाटिल, पांडुरंग फुडकर, गिरीश महाजन, विष्णु सवारा, सुभाष देशमुख और एकनाथ शिंदे शामिल हैं. इससे पहले किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने अपनी तरफ से कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को किसानों से बातचीत करने भेजा था जिन्होंने किसानों को अश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है.  टिप्पणियां आपको बता दें कि किसानों का मोर्चा आजाद मैदान पहुंच चुका है. इस महामोर्चा में 50 हजार किसान शामिल हैं. किसानों ने आज महाराष्ट्र विधानसभा का ऐलान किया है. इसके साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल मच गई है. मोर्चे के मुंबई पहुंचते ही कई राजनीतिक पार्टियों ने इस पदयात्रा का समर्थन भी किया. गौरतलब है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के किसान मोर्चे अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में यह विरोध मार्च मंगलवार को नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुआ था. हाथों में लाल झंडा थामे ये किसान ऑल इंडिया किसान सभा समेत तमाम संगठनों से जुड़े हैं. इस मार्च में किसानों के साथ खेतिहर मज़दूर और कई आदिवासी शामिल हैं. इनकी प्रमुख मांगों में कर्ज़माफी ले लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करना शामिल है. किसानों का कहना है कि फडणवीस सरकार ने पिछले साल किया 34000 करोड़ का कर्ज़ माफी का वादा अब तक पूरा नहीं किया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुंबई में किसानों के मार्च को लोगों की सत्ता की आश्चर्य में डाल देने वाली मिसाल करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से उनकी जायज मांगों को मांग लेने की आज अपील की. राहुल ने आज ट्वीट कर कहा, ‘‘मुंबई के लिए निकाला गया किसानों का विशाल मार्च लोगों की सत्ता का आश्चर्य देने वाली मिसाल है. कांग्रेस पार्टी केन्द्र एवं राज्य सरकारों की बेरूखी के खिलाफ किसानों एवं आदिवासियों के मार्च के साथ है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री (फडणवीस) से अपील करता हूं कि वे अहंकार पर नहीं अड़े तथा किसानों की जायज मांगों को पूरा किया जाए.’’ हजारों की संख्या में किसान एवं आदिवासियों का मार्च मुंबई पहुंचा है. इन किसानों को कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया है. किसानों का रुख़ देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी ऐक्शन में आ गई है. किसानों की मांगों पर विचार के लिए फडणवीस सरकार ने एक कमेटी बनाई है, जिसमें छह मंत्री शामिल हैं. कमेटी में चंद्रकांत पाटिल, पांडुरंग फुडकर, गिरीश महाजन, विष्णु सवारा, सुभाष देशमुख और एकनाथ शिंदे शामिल हैं. इससे पहले किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने अपनी तरफ से कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को किसानों से बातचीत करने भेजा था जिन्होंने किसानों को अश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है.  टिप्पणियां आपको बता दें कि किसानों का मोर्चा आजाद मैदान पहुंच चुका है. इस महामोर्चा में 50 हजार किसान शामिल हैं. किसानों ने आज महाराष्ट्र विधानसभा का ऐलान किया है. इसके साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल मच गई है. मोर्चे के मुंबई पहुंचते ही कई राजनीतिक पार्टियों ने इस पदयात्रा का समर्थन भी किया. गौरतलब है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के किसान मोर्चे अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में यह विरोध मार्च मंगलवार को नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुआ था. हाथों में लाल झंडा थामे ये किसान ऑल इंडिया किसान सभा समेत तमाम संगठनों से जुड़े हैं. इस मार्च में किसानों के साथ खेतिहर मज़दूर और कई आदिवासी शामिल हैं. इनकी प्रमुख मांगों में कर्ज़माफी ले लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करना शामिल है. किसानों का कहना है कि फडणवीस सरकार ने पिछले साल किया 34000 करोड़ का कर्ज़ माफी का वादा अब तक पूरा नहीं किया है. किसानों का रुख़ देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी ऐक्शन में आ गई है. किसानों की मांगों पर विचार के लिए फडणवीस सरकार ने एक कमेटी बनाई है, जिसमें छह मंत्री शामिल हैं. कमेटी में चंद्रकांत पाटिल, पांडुरंग फुडकर, गिरीश महाजन, विष्णु सवारा, सुभाष देशमुख और एकनाथ शिंदे शामिल हैं. इससे पहले किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने अपनी तरफ से कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को किसानों से बातचीत करने भेजा था जिन्होंने किसानों को अश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है.  टिप्पणियां आपको बता दें कि किसानों का मोर्चा आजाद मैदान पहुंच चुका है. इस महामोर्चा में 50 हजार किसान शामिल हैं. किसानों ने आज महाराष्ट्र विधानसभा का ऐलान किया है. इसके साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल मच गई है. मोर्चे के मुंबई पहुंचते ही कई राजनीतिक पार्टियों ने इस पदयात्रा का समर्थन भी किया. गौरतलब है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के किसान मोर्चे अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में यह विरोध मार्च मंगलवार को नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुआ था. हाथों में लाल झंडा थामे ये किसान ऑल इंडिया किसान सभा समेत तमाम संगठनों से जुड़े हैं. इस मार्च में किसानों के साथ खेतिहर मज़दूर और कई आदिवासी शामिल हैं. इनकी प्रमुख मांगों में कर्ज़माफी ले लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करना शामिल है. किसानों का कहना है कि फडणवीस सरकार ने पिछले साल किया 34000 करोड़ का कर्ज़ माफी का वादा अब तक पूरा नहीं किया है. आपको बता दें कि किसानों का मोर्चा आजाद मैदान पहुंच चुका है. इस महामोर्चा में 50 हजार किसान शामिल हैं. किसानों ने आज महाराष्ट्र विधानसभा का ऐलान किया है. इसके साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल मच गई है. मोर्चे के मुंबई पहुंचते ही कई राजनीतिक पार्टियों ने इस पदयात्रा का समर्थन भी किया. गौरतलब है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के किसान मोर्चे अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में यह विरोध मार्च मंगलवार को नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुआ था. हाथों में लाल झंडा थामे ये किसान ऑल इंडिया किसान सभा समेत तमाम संगठनों से जुड़े हैं. इस मार्च में किसानों के साथ खेतिहर मज़दूर और कई आदिवासी शामिल हैं. इनकी प्रमुख मांगों में कर्ज़माफी ले लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करना शामिल है. किसानों का कहना है कि फडणवीस सरकार ने पिछले साल किया 34000 करोड़ का कर्ज़ माफी का वादा अब तक पूरा नहीं किया है. गौरतलब है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के किसान मोर्चे अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में यह विरोध मार्च मंगलवार को नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुआ था. हाथों में लाल झंडा थामे ये किसान ऑल इंडिया किसान सभा समेत तमाम संगठनों से जुड़े हैं. इस मार्च में किसानों के साथ खेतिहर मज़दूर और कई आदिवासी शामिल हैं. इनकी प्रमुख मांगों में कर्ज़माफी ले लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करना शामिल है. किसानों का कहना है कि फडणवीस सरकार ने पिछले साल किया 34000 करोड़ का कर्ज़ माफी का वादा अब तक पूरा नहीं किया है.
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र के किसान आंदोलनरत हैं किसानों का मोर्चा मुंबई पहुंचा है मांग न माने जाने पर विधानसभा को घेरने की धमकी
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर गुरुवार को आए भूकम्प के झटके कश्मीर घाटी में भी महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर आंकी गई 5.6 की तीव्रता वाले इन झटकों से जान-माल के नुकसान की अभी कोई खबर नहीं है। मौसम विभाग के अधिकारी ने बचाया, कश्मीर घाटी में गुरुवार को दोपहर एक बजकर सात मिनट पर 5.6 की तीव्रता वाले भूकम्प के झटके महसूस किए गए हैं।   उन्होंने बताया कि इस भूकम्प का केंद्र पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा के बीच 36.1 डिग्री अक्षांश उत्तर में और 73.1 डिग्री देशांतर पूर्व में था।टिप्पणियां इन झटकों के बाद श्रीनगर और बाकी शहरों में रहने वाले लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कश्मीर घाटी भूकम्प की आशंका वाले इलाके में स्थित है और साल 2005 में यहां 7.9 की तीव्रता का भूकम्प आया था जिससे राज्य के दोनों हिस्सों में 40,000 लोगों की जान चली गई थी। मौसम विभाग के अधिकारी ने बचाया, कश्मीर घाटी में गुरुवार को दोपहर एक बजकर सात मिनट पर 5.6 की तीव्रता वाले भूकम्प के झटके महसूस किए गए हैं।   उन्होंने बताया कि इस भूकम्प का केंद्र पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा के बीच 36.1 डिग्री अक्षांश उत्तर में और 73.1 डिग्री देशांतर पूर्व में था।टिप्पणियां इन झटकों के बाद श्रीनगर और बाकी शहरों में रहने वाले लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कश्मीर घाटी भूकम्प की आशंका वाले इलाके में स्थित है और साल 2005 में यहां 7.9 की तीव्रता का भूकम्प आया था जिससे राज्य के दोनों हिस्सों में 40,000 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने बताया कि इस भूकम्प का केंद्र पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा के बीच 36.1 डिग्री अक्षांश उत्तर में और 73.1 डिग्री देशांतर पूर्व में था।टिप्पणियां इन झटकों के बाद श्रीनगर और बाकी शहरों में रहने वाले लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कश्मीर घाटी भूकम्प की आशंका वाले इलाके में स्थित है और साल 2005 में यहां 7.9 की तीव्रता का भूकम्प आया था जिससे राज्य के दोनों हिस्सों में 40,000 लोगों की जान चली गई थी। इन झटकों के बाद श्रीनगर और बाकी शहरों में रहने वाले लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कश्मीर घाटी भूकम्प की आशंका वाले इलाके में स्थित है और साल 2005 में यहां 7.9 की तीव्रता का भूकम्प आया था जिससे राज्य के दोनों हिस्सों में 40,000 लोगों की जान चली गई थी। कश्मीर घाटी भूकम्प की आशंका वाले इलाके में स्थित है और साल 2005 में यहां 7.9 की तीव्रता का भूकम्प आया था जिससे राज्य के दोनों हिस्सों में 40,000 लोगों की जान चली गई थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर गुरुवार को आए भूकम्प के झटके कश्मीर घाटी में भी महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर आंकी गई 5.6 की तीव्रता वाले इन झटकों से जान-माल के नुकसान की अभी कोई खबर नहीं है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वैश्विक वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाली क्रेडिट सुइस ने भारतीय शेयर बाजार की रेटिंग को ‘कमतर’ से ‘सामान्य’ कर दिया क्योंकि शेयरों का मूल्य आकर्षक स्तर पर आ गया है।टिप्पणियां क्रेडिट सुइस ने एशिया पैसिफिक इक्विटी रिसर्च इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजी रिपोर्ट में कहा कि भारत सबसे सस्ते चार क्लब में शामिल हो गया है। इसमें भारत के अलावा चीन, कोरिया और हांगकांग हैं। भारतीय शेयर बाजार को सितंबर, 2010 में काफी महंगा बाजार बताया गया था। हालांकि क्रेडिट सुइस ने कहा कि भारत के व्यापक चालू खाते के घाटे और राजकोषीय घाटे को लेकर चिंता बनी हुई है। क्रेडिट सुइस ने एशिया पैसिफिक इक्विटी रिसर्च इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजी रिपोर्ट में कहा कि भारत सबसे सस्ते चार क्लब में शामिल हो गया है। इसमें भारत के अलावा चीन, कोरिया और हांगकांग हैं। भारतीय शेयर बाजार को सितंबर, 2010 में काफी महंगा बाजार बताया गया था। हालांकि क्रेडिट सुइस ने कहा कि भारत के व्यापक चालू खाते के घाटे और राजकोषीय घाटे को लेकर चिंता बनी हुई है। भारतीय शेयर बाजार को सितंबर, 2010 में काफी महंगा बाजार बताया गया था। हालांकि क्रेडिट सुइस ने कहा कि भारत के व्यापक चालू खाते के घाटे और राजकोषीय घाटे को लेकर चिंता बनी हुई है।
यह एक सारांश है: वैश्विक वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाली क्रेडिट सुइस ने भारतीय शेयर बाजार की रेटिंग को ‘कमतर’ से ‘सामान्य’ कर दिया।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत को 1962 के युद्ध का 'ऐतिहासिक सबक याद रखने' की चीन की नसीहत पर करारा पलटवार करते हुए रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि '1962 और आज के हालात में फर्क है'. रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे जेटली ने भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों की सेना के बीच टकराव की स्थिति पर कहा कि भूटान ने साफ कर दिया है कि जहां चीन सड़क बना रहा है, वह जमीन भूटान की है और चूंकि भूटान एवं भारत के बीच सुरक्षा संबंध हैं, इसलिए भारतीय सेना वहां मौजूद है. चीन की ओर से 1962 के भारत-चीन युद्ध की याद दिलाने पर जेटली ने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा कि उस वक्त के हालात अलग थे, और आज के हालात अलग हैं. जेटली ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब कल ही चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की एक टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. पीएलए के एक प्रवक्ता ने 1962 के युद्ध का परोक्ष तौर पर जिक्र करते हुए कहा था कि रावत को युद्ध के लिए शोर मचाना बंद करना चाहिए और 'ऐतिहासिक सबक याद रखना चाहिए'. जनरल रावत ने कुछ दिनों पहले बयान दिया था कि भारत 'ढाई मार्चे पर युद्ध' के लिए तैयार है. पाकिस्तान और चीन से युद्ध के साथ आंतरिक सुरक्षा की स्थितियों से निपटने के संदर्भ में रावत ने यह बयान दिया था. इस बीच, भूटान ने चीन पर अपने सीमा क्षेत्र में सड़क का निर्माण कर दोनों देशों में हुए समझौते का सीधा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. भूटान ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि जोम्पेलरी स्थित भूटानी सेना के शिविर की तरफ डोकलाम इलाके में डोकोला से वाहनों की आवाजाही के योग्य सड़क का निर्माण रोकने के लिए भी चीन से कहा गया है. भूटान का कहना है कि इससे दोनों देशों के बीच सीमा तय करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.टिप्पणियां आज यह टिप्पणी भूटान ने ऐसे समय में की जब सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनातनी कायम है. भूटान ने कहा कि उसने सड़क निर्माण को लेकर चीन को 'डिमार्शे' भी जारी किया है और चीन से तत्काल निर्माण कार्य रोककर यथास्थिति बहाल करने के लिए कहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे जेटली ने भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों की सेना के बीच टकराव की स्थिति पर कहा कि भूटान ने साफ कर दिया है कि जहां चीन सड़क बना रहा है, वह जमीन भूटान की है और चूंकि भूटान एवं भारत के बीच सुरक्षा संबंध हैं, इसलिए भारतीय सेना वहां मौजूद है. चीन की ओर से 1962 के भारत-चीन युद्ध की याद दिलाने पर जेटली ने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा कि उस वक्त के हालात अलग थे, और आज के हालात अलग हैं. जेटली ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब कल ही चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की एक टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. पीएलए के एक प्रवक्ता ने 1962 के युद्ध का परोक्ष तौर पर जिक्र करते हुए कहा था कि रावत को युद्ध के लिए शोर मचाना बंद करना चाहिए और 'ऐतिहासिक सबक याद रखना चाहिए'. जनरल रावत ने कुछ दिनों पहले बयान दिया था कि भारत 'ढाई मार्चे पर युद्ध' के लिए तैयार है. पाकिस्तान और चीन से युद्ध के साथ आंतरिक सुरक्षा की स्थितियों से निपटने के संदर्भ में रावत ने यह बयान दिया था. इस बीच, भूटान ने चीन पर अपने सीमा क्षेत्र में सड़क का निर्माण कर दोनों देशों में हुए समझौते का सीधा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. भूटान ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि जोम्पेलरी स्थित भूटानी सेना के शिविर की तरफ डोकलाम इलाके में डोकोला से वाहनों की आवाजाही के योग्य सड़क का निर्माण रोकने के लिए भी चीन से कहा गया है. भूटान का कहना है कि इससे दोनों देशों के बीच सीमा तय करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.टिप्पणियां आज यह टिप्पणी भूटान ने ऐसे समय में की जब सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनातनी कायम है. भूटान ने कहा कि उसने सड़क निर्माण को लेकर चीन को 'डिमार्शे' भी जारी किया है और चीन से तत्काल निर्माण कार्य रोककर यथास्थिति बहाल करने के लिए कहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चीन की ओर से 1962 के भारत-चीन युद्ध की याद दिलाने पर जेटली ने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा कि उस वक्त के हालात अलग थे, और आज के हालात अलग हैं. जेटली ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब कल ही चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की एक टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. पीएलए के एक प्रवक्ता ने 1962 के युद्ध का परोक्ष तौर पर जिक्र करते हुए कहा था कि रावत को युद्ध के लिए शोर मचाना बंद करना चाहिए और 'ऐतिहासिक सबक याद रखना चाहिए'. जनरल रावत ने कुछ दिनों पहले बयान दिया था कि भारत 'ढाई मार्चे पर युद्ध' के लिए तैयार है. पाकिस्तान और चीन से युद्ध के साथ आंतरिक सुरक्षा की स्थितियों से निपटने के संदर्भ में रावत ने यह बयान दिया था. इस बीच, भूटान ने चीन पर अपने सीमा क्षेत्र में सड़क का निर्माण कर दोनों देशों में हुए समझौते का सीधा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. भूटान ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि जोम्पेलरी स्थित भूटानी सेना के शिविर की तरफ डोकलाम इलाके में डोकोला से वाहनों की आवाजाही के योग्य सड़क का निर्माण रोकने के लिए भी चीन से कहा गया है. भूटान का कहना है कि इससे दोनों देशों के बीच सीमा तय करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.टिप्पणियां आज यह टिप्पणी भूटान ने ऐसे समय में की जब सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनातनी कायम है. भूटान ने कहा कि उसने सड़क निर्माण को लेकर चीन को 'डिमार्शे' भी जारी किया है और चीन से तत्काल निर्माण कार्य रोककर यथास्थिति बहाल करने के लिए कहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जेटली ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब कल ही चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की एक टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. पीएलए के एक प्रवक्ता ने 1962 के युद्ध का परोक्ष तौर पर जिक्र करते हुए कहा था कि रावत को युद्ध के लिए शोर मचाना बंद करना चाहिए और 'ऐतिहासिक सबक याद रखना चाहिए'. जनरल रावत ने कुछ दिनों पहले बयान दिया था कि भारत 'ढाई मार्चे पर युद्ध' के लिए तैयार है. पाकिस्तान और चीन से युद्ध के साथ आंतरिक सुरक्षा की स्थितियों से निपटने के संदर्भ में रावत ने यह बयान दिया था. इस बीच, भूटान ने चीन पर अपने सीमा क्षेत्र में सड़क का निर्माण कर दोनों देशों में हुए समझौते का सीधा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. भूटान ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि जोम्पेलरी स्थित भूटानी सेना के शिविर की तरफ डोकलाम इलाके में डोकोला से वाहनों की आवाजाही के योग्य सड़क का निर्माण रोकने के लिए भी चीन से कहा गया है. भूटान का कहना है कि इससे दोनों देशों के बीच सीमा तय करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.टिप्पणियां आज यह टिप्पणी भूटान ने ऐसे समय में की जब सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनातनी कायम है. भूटान ने कहा कि उसने सड़क निर्माण को लेकर चीन को 'डिमार्शे' भी जारी किया है और चीन से तत्काल निर्माण कार्य रोककर यथास्थिति बहाल करने के लिए कहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच, भूटान ने चीन पर अपने सीमा क्षेत्र में सड़क का निर्माण कर दोनों देशों में हुए समझौते का सीधा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. भूटान ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि जोम्पेलरी स्थित भूटानी सेना के शिविर की तरफ डोकलाम इलाके में डोकोला से वाहनों की आवाजाही के योग्य सड़क का निर्माण रोकने के लिए भी चीन से कहा गया है. भूटान का कहना है कि इससे दोनों देशों के बीच सीमा तय करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.टिप्पणियां आज यह टिप्पणी भूटान ने ऐसे समय में की जब सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनातनी कायम है. भूटान ने कहा कि उसने सड़क निर्माण को लेकर चीन को 'डिमार्शे' भी जारी किया है और चीन से तत्काल निर्माण कार्य रोककर यथास्थिति बहाल करने के लिए कहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आज यह टिप्पणी भूटान ने ऐसे समय में की जब सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनातनी कायम है. भूटान ने कहा कि उसने सड़क निर्माण को लेकर चीन को 'डिमार्शे' भी जारी किया है और चीन से तत्काल निर्माण कार्य रोककर यथास्थिति बहाल करने के लिए कहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: अरुण्‍ा जेटली ने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में यह बात कही. जहां चीन सड़क बना रहा है, वह जमीन भूटान की है, यह भूटान बता चुका है-जेटली चीन ने कहा था, जनरल रावत को युद्ध के लिए शोर मचाना बंद करना चाहिए.
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि बहु प्रतीक्षित प्रत्यक्ष कर संहिता एक अप्रैल 2012 से लागू होगी। इसमें कर की दर घटाकर और अधिक लोगों तथा कम्पनियों को इसके दायरे में लाकर कर कानूनों को आसान बनाया गया है। मुखर्जी ने कहा, "प्रस्तावित प्रत्यक्ष कर संहिता में प्रत्यक्ष कर से सम्बंधित नीतिगत पहल को एक साथ लाया गया है और इसे अगले कारोबारी साल से लागू करना तय किया गया है।" मुखर्जी ने चौथे 'अंतर्राष्ट्रीय कर वार्ता वैश्विक सम्मेलन' को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित सुधार का उद्देश्य कर व्यववस्था को साधारण बनाना और इसे अधिक सुसंगत बनाकर इसका आधार बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि कर सुधार 1990 के दशक में शुरू हुए देश के आर्थिक सुधार और उदारीकरण प्रक्रिया के मूल में था। उल्लेखनीय है कि देश की कर व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार आयकर अधिनियम, 1961 को हटाकर उसकी जगह नई व्यवस्था 'प्रत्यक्ष कर संहिता' लागू करना चाहती है। अप्रत्यक्ष कर में देश भर में मौजूद असमानताओं को हटाने के लिए सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने का प्रस्ताव रखा है। मुखर्जी ने सम्मेलन में मौजूदा विकासशील व्यक्तिगत आय कर प्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश की प्रत्यक्ष कर वसूली 1996-97 से 2010-11 की अवधि में 8.62 अरब डॉलर से करीब 10 गुणा बढ़कर 87 अरब डॉलर हो गई है। इस प्रणाली में विभिन्न वर्गो के बीच असमानताओं को समाप्त करने की कोशिश की गई है। मुखर्जी ने कर चोरी और विदेशी बैंकों में पैसे जमा करने की अवैध प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई और कहा कि केंद्र सरकार ने इस पर लगाम कसने के लिए पांच सूत्री रणनीति अपनाई है। इस रणनीति में शामिल हैं काले धन के खिलाफ वैश्विक कदमों का साथ देना, उपयुक्त कानूनी ढांचा बनाना, अवैध धन पर नजर रखने के लिए संस्थान की स्थापना, कार्यान्वयन की पद्धति तय करना और प्रभावी कार्य के लिए मानव शक्ति को प्रशिक्षित करना।
यहाँ एक सारांश है:प्रणब ने कहा कि प्रत्यक्ष कर संहिता एक अप्रैल 2012 से लागू होगी। इसमें कर की दर घटाकर और अधिक लोगों तथा कम्पनियों को इसके दायरे में लाया गया है।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कॉमेडियन कपिल शर्मा के साथ जुड़े विवादों का सिलसिला खत्‍म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. अभी तक कपिल शर्मा और उनके शो में डॉक्‍टर मशहूर गुलाटी का किरदार निभाने वाले कॉमेडियन सुनील ग्रोवर के बीच का विवाद ठंडा भी नहीं पड़ा कि कपिल के सिर चढ़कर बोलती सफलता का एक और किस्‍सा सामने आ गया है. कपिल शर्मा ने ऑस्‍ट्रेलिया से लौटते वक्‍त अपनी टीम के सुनील ग्रोवर और चंदन प्रभाकर के साथ बदसलूकी की और नशे में उनके साथ हाथापाई की है. वहीं दूसरी तरफ मीडिया में खबरे हैं कि कपिल शर्मा से नाराज होने वाले लोगों में अब विद्या बालन का भी नाम शामिल हो गया है. मीडिया खबरों के अनुसार कपिल शर्मा ने अपनी फिल्‍म के प्रमोशन के लिए आई विद्या को 6 घंटे तक इंतजार कराया है.टिप्पणियां मीडिया में आई रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में विद्या बालन अपनी फिल्म 'बेगम जान' के प्रमोशन के लिए फिल्‍म की पूरी कास्‍ट के साथ कपिल शर्मा के शो पर पहुंचीं. विद्या बालन इस शो के सेट पर अपनी फिल्‍म में शामिल सभी महिला किरदारों के साथ तो शो के सेट पर आ गई लेकिन कपिल शार्मा यहां नहीं पहुंचे. विद्या बालन ने एक या दो नहीं बल्कि पूरे 6 घंटे कपिल शर्मा का सेट पर इंताजर किया लेकिन वो नहीं पहुंचे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुस्से में विद्या सेट से निकल गयी और अपनी गाड़ी में जा कर बैठी गईं. वो वापस लौटने ही वाली थी की कपिल ने विद्या को फोन कर उनसे देरी के लिए माफी मांगी.   विद्या वापस सेट पर लौट आई और कपिल भी वहां पहुंचे. मीडिया में आई खबरों के अनुसार दोनों ने एपिसोड़ शूट किया लेकिन विद्या ने काम के अलावा कपिल से ज्यादा बात नहीं की. हालांकि विद्या बालन और कपिल शर्मा के इस किस्‍से को पिंकविला ने अपने खबर में सिर्फ अफवाह बताया है. पिंकविला की रिपोर्ट के अनुसार, यह अफवाह विद्या बालन के एपिसोड के टेलिकास्‍ट होने के बाद सामने आई है. हालांकि कपिल के शो के एक सूत्र के अनुसार ऐसी खबरें झूठी हैं. यहां तक की विद्या बालन की टीम ने भी ऐसी किसी घटना से इंकार किया है. लेकिन ऐसा नहीं है कि कपिल सिर्फ अफवाहों का शिकार हो रहे हैं, वह इससे पहले भी अपने शो के सेट पर सितारों को इंतजार करा चुके हैं. मुंबई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले कपिल शर्मा फिल्‍म 'ओके जानू' के प्रमोशन के लिए अपने सेट पर पहुंचे श्रद्धा कपूर और विद्या बालन के ही देवर आदित्‍य रॉय कपूर को भी इंतजार करा चुके हैं. श्रद्धा और आदित्‍य को भी कपिल ने 5 घंटे इंतजार कराया था. मीडिया में आई रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में विद्या बालन अपनी फिल्म 'बेगम जान' के प्रमोशन के लिए फिल्‍म की पूरी कास्‍ट के साथ कपिल शर्मा के शो पर पहुंचीं. विद्या बालन इस शो के सेट पर अपनी फिल्‍म में शामिल सभी महिला किरदारों के साथ तो शो के सेट पर आ गई लेकिन कपिल शार्मा यहां नहीं पहुंचे. विद्या बालन ने एक या दो नहीं बल्कि पूरे 6 घंटे कपिल शर्मा का सेट पर इंताजर किया लेकिन वो नहीं पहुंचे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुस्से में विद्या सेट से निकल गयी और अपनी गाड़ी में जा कर बैठी गईं. वो वापस लौटने ही वाली थी की कपिल ने विद्या को फोन कर उनसे देरी के लिए माफी मांगी.   विद्या वापस सेट पर लौट आई और कपिल भी वहां पहुंचे. मीडिया में आई खबरों के अनुसार दोनों ने एपिसोड़ शूट किया लेकिन विद्या ने काम के अलावा कपिल से ज्यादा बात नहीं की. हालांकि विद्या बालन और कपिल शर्मा के इस किस्‍से को पिंकविला ने अपने खबर में सिर्फ अफवाह बताया है. पिंकविला की रिपोर्ट के अनुसार, यह अफवाह विद्या बालन के एपिसोड के टेलिकास्‍ट होने के बाद सामने आई है. हालांकि कपिल के शो के एक सूत्र के अनुसार ऐसी खबरें झूठी हैं. यहां तक की विद्या बालन की टीम ने भी ऐसी किसी घटना से इंकार किया है. लेकिन ऐसा नहीं है कि कपिल सिर्फ अफवाहों का शिकार हो रहे हैं, वह इससे पहले भी अपने शो के सेट पर सितारों को इंतजार करा चुके हैं. मुंबई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले कपिल शर्मा फिल्‍म 'ओके जानू' के प्रमोशन के लिए अपने सेट पर पहुंचे श्रद्धा कपूर और विद्या बालन के ही देवर आदित्‍य रॉय कपूर को भी इंतजार करा चुके हैं. श्रद्धा और आदित्‍य को भी कपिल ने 5 घंटे इंतजार कराया था. लेकिन ऐसा नहीं है कि कपिल सिर्फ अफवाहों का शिकार हो रहे हैं, वह इससे पहले भी अपने शो के सेट पर सितारों को इंतजार करा चुके हैं. मुंबई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले कपिल शर्मा फिल्‍म 'ओके जानू' के प्रमोशन के लिए अपने सेट पर पहुंचे श्रद्धा कपूर और विद्या बालन के ही देवर आदित्‍य रॉय कपूर को भी इंतजार करा चुके हैं. श्रद्धा और आदित्‍य को भी कपिल ने 5 घंटे इंतजार कराया था.
विद्या बालन अपनी फिल्‍म 'बेगम जान' के प्रमोशन के लिए पहुंची कपिल के शो कपिल के शो पर विद्या को करना पड़ा 6 घंटे इंतजार श्रद्धा कपूर और आदित्‍य रॉय कपूर को भी करा चुके हैं कपिल इंतजार
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: एक रिपोर्टर के साथ 'फ़ेस टाइम' करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान की जिस एक तस्वीर पर सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है, वह इसलिए हो रही है क्योंकि ख़ुद उन्होंने ही ट्विटर की तुलना 'हत्यारे के छुरे' से की थी, कहा था- वह ट्वीट-स्मीट नहीं करते और क़सम खाई थी कि देश से ट्विटर का नामोनिशान मिटा देंगे। उन्हें शक था कि 2013 में उनके ख़िलाफ़ विरोध में लोगों को एकजुट करने में सोशल मीडिया की अहम भूमिका थी। लेकिन वक्त पड़ने पर इसी सोशल मीडिया ने उनकी सरकार बचा ली। फेसबुक और ट्विटर पर मौजूद वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस ने आम लोगों के हाथ में वह ताकत दी है कि वे जहां खड़े हैं वहीं से लाइव प्रसारण कर सकते हैं। टर्की में यही हुआ। तुर्की में तख़्ता पलट की कोशिश नाकाम होने के बाद जिस चीज़ पर सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है, वह है इसमें सोशल मीडिया की भूमिका। सीएनएन टर्क चैनल के रिपोर्टर से फ़ेस टाइम के ज़रिए एरडोआन ने देश को संबोधित किया।  वक्त इतना नही था कि लाइव प्रसारण के लिए ओबी और कैमरे का इंतज़ार किया जाता। सरकारी टीवी स्टेशन टीआरटी पर क़ब्ज़ा कर कर देश भर में कर्फ़्यू का ऐलान और लोगों को घरों में रहने की चेतावनी जारी कर चुके थे। एक एक पल  क़ीमती था और संदेश जनता तक पहुंचाना था। तख़्ता पलट की कोशिश के शुरुआती 20 मिनट बाद ही आईफ़ोन पर फ़ेस टाइम के साथ साथ एर्दोगान ने ट्वीट भी किया कि आम लोग सड़कों पर निकलें और इस तख़्ता पलट को नाकाम करें। हुआ भी वही। लोग हज़ारों की संख्या में सड़कों पर निकले, टैंकों के आगे लेट गए, गोलियों का सामना किया और लोकतांत्रिक तरीक़े से चुनी सरकार बचा ली। टिप्पणियां फ़ेसबुक लाइव और ट्विटर के पेरिस्कोप टीवी के ज़रिए अंकारा और इस्तांबुल की सड़कों पर से आम लोग इस तख़्ता पलट की कोशिश और आम लोगों के इसके ख़िलाफ़ खडे होने को लगातार लाइव दिखाया। ना लाइव टीवी की ज़रूरत पड़ी और ना किसी और चीज़ की।   ट्विटर पर ही एर्दोगान के अलावा प्रधानमंत्री बिन अली यिलदरिम ने लोगों को बताया कि फ़ौज का सिर्फ एक हिस्सा इसमें शामिल है और सरकार कंट्रोल में है। विपक्ष ने भी सरकार के साथ खड़े होने का ऐलान इसी सोशल मीडिया पर किया।  लोगों के सड़क पर उतरने और टैंकों पर चढ़कर विद्रोही सैनिकों की पिटाई तक और फिर उनके हाथ खड़े कर टैंक छोड़ने के दृश्यों ने जता दिया कि तख़्ता पलट की कोशिश किस तरह नाकाम रही है। सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट हो रही इन तस्वीरों ने न सिर्फ टर्की बल्कि पूरी दुनिया को रियल टाइम बेसिस पर हर घटनाक्रम से रुबरु रखा। कहते हैं कि सूचना में ताक़त होती है। विद्रोही सैनिक गुट के तख़्ता पलट के दावों पर ये सूचनाएं भारी पड़ी। दुविधा का दौर लंबा नहीं चला और एर्दोगान सत्ता बचाने में कामयाब रहे। और बीसवीं सदी की इस सत्ता पलट की कोशिश को 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी ने मात दे दी। कुल मिला कर सोशल मीडिया की भूमिका सरकार के समर्थन में खड़े उन सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के कहीं ज़्यादा रही जिसने विद्रोहियों के पैर उखाड़ दिए। तुर्की में तख़्ता पलट की कोशिश नाकाम होने के बाद जिस चीज़ पर सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है, वह है इसमें सोशल मीडिया की भूमिका। सीएनएन टर्क चैनल के रिपोर्टर से फ़ेस टाइम के ज़रिए एरडोआन ने देश को संबोधित किया।  वक्त इतना नही था कि लाइव प्रसारण के लिए ओबी और कैमरे का इंतज़ार किया जाता। सरकारी टीवी स्टेशन टीआरटी पर क़ब्ज़ा कर कर देश भर में कर्फ़्यू का ऐलान और लोगों को घरों में रहने की चेतावनी जारी कर चुके थे। एक एक पल  क़ीमती था और संदेश जनता तक पहुंचाना था। तख़्ता पलट की कोशिश के शुरुआती 20 मिनट बाद ही आईफ़ोन पर फ़ेस टाइम के साथ साथ एर्दोगान ने ट्वीट भी किया कि आम लोग सड़कों पर निकलें और इस तख़्ता पलट को नाकाम करें। हुआ भी वही। लोग हज़ारों की संख्या में सड़कों पर निकले, टैंकों के आगे लेट गए, गोलियों का सामना किया और लोकतांत्रिक तरीक़े से चुनी सरकार बचा ली। टिप्पणियां फ़ेसबुक लाइव और ट्विटर के पेरिस्कोप टीवी के ज़रिए अंकारा और इस्तांबुल की सड़कों पर से आम लोग इस तख़्ता पलट की कोशिश और आम लोगों के इसके ख़िलाफ़ खडे होने को लगातार लाइव दिखाया। ना लाइव टीवी की ज़रूरत पड़ी और ना किसी और चीज़ की।   ट्विटर पर ही एर्दोगान के अलावा प्रधानमंत्री बिन अली यिलदरिम ने लोगों को बताया कि फ़ौज का सिर्फ एक हिस्सा इसमें शामिल है और सरकार कंट्रोल में है। विपक्ष ने भी सरकार के साथ खड़े होने का ऐलान इसी सोशल मीडिया पर किया।  लोगों के सड़क पर उतरने और टैंकों पर चढ़कर विद्रोही सैनिकों की पिटाई तक और फिर उनके हाथ खड़े कर टैंक छोड़ने के दृश्यों ने जता दिया कि तख़्ता पलट की कोशिश किस तरह नाकाम रही है। सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट हो रही इन तस्वीरों ने न सिर्फ टर्की बल्कि पूरी दुनिया को रियल टाइम बेसिस पर हर घटनाक्रम से रुबरु रखा। कहते हैं कि सूचना में ताक़त होती है। विद्रोही सैनिक गुट के तख़्ता पलट के दावों पर ये सूचनाएं भारी पड़ी। दुविधा का दौर लंबा नहीं चला और एर्दोगान सत्ता बचाने में कामयाब रहे। और बीसवीं सदी की इस सत्ता पलट की कोशिश को 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी ने मात दे दी। कुल मिला कर सोशल मीडिया की भूमिका सरकार के समर्थन में खड़े उन सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के कहीं ज़्यादा रही जिसने विद्रोहियों के पैर उखाड़ दिए। फ़ेसबुक लाइव और ट्विटर के पेरिस्कोप टीवी के ज़रिए अंकारा और इस्तांबुल की सड़कों पर से आम लोग इस तख़्ता पलट की कोशिश और आम लोगों के इसके ख़िलाफ़ खडे होने को लगातार लाइव दिखाया। ना लाइव टीवी की ज़रूरत पड़ी और ना किसी और चीज़ की।   ट्विटर पर ही एर्दोगान के अलावा प्रधानमंत्री बिन अली यिलदरिम ने लोगों को बताया कि फ़ौज का सिर्फ एक हिस्सा इसमें शामिल है और सरकार कंट्रोल में है। विपक्ष ने भी सरकार के साथ खड़े होने का ऐलान इसी सोशल मीडिया पर किया।  लोगों के सड़क पर उतरने और टैंकों पर चढ़कर विद्रोही सैनिकों की पिटाई तक और फिर उनके हाथ खड़े कर टैंक छोड़ने के दृश्यों ने जता दिया कि तख़्ता पलट की कोशिश किस तरह नाकाम रही है। सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट हो रही इन तस्वीरों ने न सिर्फ टर्की बल्कि पूरी दुनिया को रियल टाइम बेसिस पर हर घटनाक्रम से रुबरु रखा। कहते हैं कि सूचना में ताक़त होती है। विद्रोही सैनिक गुट के तख़्ता पलट के दावों पर ये सूचनाएं भारी पड़ी। दुविधा का दौर लंबा नहीं चला और एर्दोगान सत्ता बचाने में कामयाब रहे। और बीसवीं सदी की इस सत्ता पलट की कोशिश को 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी ने मात दे दी। कुल मिला कर सोशल मीडिया की भूमिका सरकार के समर्थन में खड़े उन सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के कहीं ज़्यादा रही जिसने विद्रोहियों के पैर उखाड़ दिए। और बीसवीं सदी की इस सत्ता पलट की कोशिश को 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी ने मात दे दी। कुल मिला कर सोशल मीडिया की भूमिका सरकार के समर्थन में खड़े उन सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के कहीं ज़्यादा रही जिसने विद्रोहियों के पैर उखाड़ दिए।
यह एक सारांश है: 'फ़ेस टाइम' करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान की तस्वीर चर्चा में है कभी देश से ट्विटर का नामोनिशान मिटा देना चाहते थे एर्दोगान फेस टाइम के जरिए ही वह तख्तापलट की कोशिशों के दौरान जनता के सामने आ पाए
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: योग गुरु बाबा रामदेव ने गुरुवार को कहा कि 3 जून को नई दिल्ली में होने वाले उनके आंदोलन में सेना प्रमुख वीके सिंह, को भी आमंत्रित करेंगे और समाजसेवी अन्ना हजारे भी साथ होंगे। पतंजलि के उत्पादों को बिहार में लांच करते हुए रामदेव ने कहा कि 3 जनू को नई दिल्ली में होने वाले उनके आंदोलन में सेना प्रमुख वीके सिंह को भी आमंत्रित करेंगे और समाजसेवी अन्ना हजारे भी साथ होंगे। योग गुरु ने कहा, जनरल सिंह सेना प्रमुख का पद संभालने से पहले अपने परिवार और मित्रों के साथ उनके योगपीठ में मिलने गए थे और तभी से वह हमसें बहुत गहरे से जुड़े हुए हैं और सेनाध्यक्ष से सेवानिवृत्त होने के बाद हम उन्हें भी अपने आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि उनके साथ-साथ देश में जन-आंदोलन चलाने वाले व्यक्ति और संगठन है उन्हें भी वे आमंत्रित करेंगे क्योंकि यह केवल उनका आंदोलन नहीं बल्कि यह देश का आंदोलन है, विदेशों में जमा कालाधन को देश में वापस लाने, भ्रष्टचार मुक्त भारत बनाने का और भ्रष्ट व्यवस्था बदलने का आंदोलन है। रामदेव ने कहा कि वे देश के सभी राजनीतिक दलों को भी आमंत्रित करेंगे और उनसे कहेंगे कि वे उनके इस आंदोलन का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि सभी जन-आंदोलनों चलाने वाले व्यक्तियों से और संगठनों से कहेंगे कि वे उनके आंदोलन का समर्थन करें, कोई पक्षपात भेदभाव नहीं। रामदेव ने कहा कि इसबार बहुत बड़ा इतिहास रचा जाएगा क्योंकि दुनिया के सभी महापुरूष समान रूप से इस बात पर सहमत हैं कि यह वर्ष परिवर्तन का वर्ष है। पतंजलि के उत्पादों को बिहार में लांच करते हुए रामदेव ने कहा कि 3 जनू को नई दिल्ली में होने वाले उनके आंदोलन में सेना प्रमुख वीके सिंह को भी आमंत्रित करेंगे और समाजसेवी अन्ना हजारे भी साथ होंगे। योग गुरु ने कहा, जनरल सिंह सेना प्रमुख का पद संभालने से पहले अपने परिवार और मित्रों के साथ उनके योगपीठ में मिलने गए थे और तभी से वह हमसें बहुत गहरे से जुड़े हुए हैं और सेनाध्यक्ष से सेवानिवृत्त होने के बाद हम उन्हें भी अपने आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि उनके साथ-साथ देश में जन-आंदोलन चलाने वाले व्यक्ति और संगठन है उन्हें भी वे आमंत्रित करेंगे क्योंकि यह केवल उनका आंदोलन नहीं बल्कि यह देश का आंदोलन है, विदेशों में जमा कालाधन को देश में वापस लाने, भ्रष्टचार मुक्त भारत बनाने का और भ्रष्ट व्यवस्था बदलने का आंदोलन है। रामदेव ने कहा कि वे देश के सभी राजनीतिक दलों को भी आमंत्रित करेंगे और उनसे कहेंगे कि वे उनके इस आंदोलन का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि सभी जन-आंदोलनों चलाने वाले व्यक्तियों से और संगठनों से कहेंगे कि वे उनके आंदोलन का समर्थन करें, कोई पक्षपात भेदभाव नहीं। रामदेव ने कहा कि इसबार बहुत बड़ा इतिहास रचा जाएगा क्योंकि दुनिया के सभी महापुरूष समान रूप से इस बात पर सहमत हैं कि यह वर्ष परिवर्तन का वर्ष है। योग गुरु ने कहा, जनरल सिंह सेना प्रमुख का पद संभालने से पहले अपने परिवार और मित्रों के साथ उनके योगपीठ में मिलने गए थे और तभी से वह हमसें बहुत गहरे से जुड़े हुए हैं और सेनाध्यक्ष से सेवानिवृत्त होने के बाद हम उन्हें भी अपने आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि उनके साथ-साथ देश में जन-आंदोलन चलाने वाले व्यक्ति और संगठन है उन्हें भी वे आमंत्रित करेंगे क्योंकि यह केवल उनका आंदोलन नहीं बल्कि यह देश का आंदोलन है, विदेशों में जमा कालाधन को देश में वापस लाने, भ्रष्टचार मुक्त भारत बनाने का और भ्रष्ट व्यवस्था बदलने का आंदोलन है। रामदेव ने कहा कि वे देश के सभी राजनीतिक दलों को भी आमंत्रित करेंगे और उनसे कहेंगे कि वे उनके इस आंदोलन का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि सभी जन-आंदोलनों चलाने वाले व्यक्तियों से और संगठनों से कहेंगे कि वे उनके आंदोलन का समर्थन करें, कोई पक्षपात भेदभाव नहीं। रामदेव ने कहा कि इसबार बहुत बड़ा इतिहास रचा जाएगा क्योंकि दुनिया के सभी महापुरूष समान रूप से इस बात पर सहमत हैं कि यह वर्ष परिवर्तन का वर्ष है। उन्होंने कहा कि उनके साथ-साथ देश में जन-आंदोलन चलाने वाले व्यक्ति और संगठन है उन्हें भी वे आमंत्रित करेंगे क्योंकि यह केवल उनका आंदोलन नहीं बल्कि यह देश का आंदोलन है, विदेशों में जमा कालाधन को देश में वापस लाने, भ्रष्टचार मुक्त भारत बनाने का और भ्रष्ट व्यवस्था बदलने का आंदोलन है। रामदेव ने कहा कि वे देश के सभी राजनीतिक दलों को भी आमंत्रित करेंगे और उनसे कहेंगे कि वे उनके इस आंदोलन का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि सभी जन-आंदोलनों चलाने वाले व्यक्तियों से और संगठनों से कहेंगे कि वे उनके आंदोलन का समर्थन करें, कोई पक्षपात भेदभाव नहीं। रामदेव ने कहा कि इसबार बहुत बड़ा इतिहास रचा जाएगा क्योंकि दुनिया के सभी महापुरूष समान रूप से इस बात पर सहमत हैं कि यह वर्ष परिवर्तन का वर्ष है। उन्होंने कहा कि सभी जन-आंदोलनों चलाने वाले व्यक्तियों से और संगठनों से कहेंगे कि वे उनके आंदोलन का समर्थन करें, कोई पक्षपात भेदभाव नहीं। रामदेव ने कहा कि इसबार बहुत बड़ा इतिहास रचा जाएगा क्योंकि दुनिया के सभी महापुरूष समान रूप से इस बात पर सहमत हैं कि यह वर्ष परिवर्तन का वर्ष है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने गुरुवार को कहा कि 3 जून को नई दिल्ली में होने वाले उनके आंदोलन में सेना प्रमुख वीके सिंह, को भी आमंत्रित करेंगे और समाजसेवी अन्ना हजारे भी साथ होंगे।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के मिलवॉकी उपनगर स्थित एक गुरुद्वारे में रविवार को हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत की घटना से भारतीय शोकसंतप्त हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी, संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटना पर गहरा शोक प्रकट किया। पुलिस कार्रवाई में मारे गए हमलावर के शरीर पर '9/11' लिखा टैटू पाया गया है। गोलीबारी की घटना के चंद घंटे बाद भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है। घटना की खबर प्रसारित होने के साथ ही सिख संगठनों और अन्य संगठनों तथा अमेरिकी राजनीतिज्ञों की ओर से इसकी निंदा और पीड़ितों से सहानुभूति से संबंधित बयानों की झड़ी लग गई। एफबीआई इस घटना की जांच घरेलू आतंकवाद मानकर कर रही है। इस घटना में एक हमलावार ने छह श्रद्धालुओं की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में जवाबी कार्रवाई में हमलावर भी मारा गया। एक स्थानीय चैनल के मुताबिक गोलीबारी का शिकार होने वालों में गुरुद्वारा के प्रमुख सतवंत सिंह कलेका शामिल हैं। इसके अलावा अन्य किसी नाम का खुलासा नहीं किया गया है। मिलवॉकी के जर्नल सेंटिनेल में जारी रपट के अनुसार, एफबीआई अधिकारियों ने रविवार रात इस बात की पुष्टि की थी कि वे घटना के संबंध में विस्कॉन्सिन के कुदाही स्थित एक घर की भी जांच कर रहे हैं। अमेरिकी अटॉर्नी जेम्स सैंटेल के हवाले से कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह घरेलू आतंकवाद है या नहीं। उन्होंने कहा, "मेरा ध्यान इस बात पर नहीं है कि यह किस श्रेणी का अपराध है, बल्कि ध्यान इस घटना पर और लोगों की मौत पर है।" शहर के पुलिस प्रमुख जॉन एडवर्ड्स ने कहा कि रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना को घरेलू आतंकवाद जैसी एक घटना मानी जा रही है। इस घटना में सर्वप्रथम प्रतिक्रिया देने वाला अधिकारी भी घायल हो गया। एडवर्ड्स ने कहा कि ओक क्रीक के जो पुलिस अधिकारी 911 की कॉल के जवाब में गए थे, वे एक पीड़ित की मदद कर रहे थे तभी हमलावर ने उनमें से एक अधिकारी पर हमला बोल दिया और उस पर कई गोलियां बरसाईं। जवाब में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने गोलीबारी कर हमलावर को मार डाला। जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटना पर गहरा शोक प्रकट किया। पुलिस कार्रवाई में मारे गए हमलावर के शरीर पर '9/11' लिखा टैटू पाया गया है। गोलीबारी की घटना के चंद घंटे बाद भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है। घटना की खबर प्रसारित होने के साथ ही सिख संगठनों और अन्य संगठनों तथा अमेरिकी राजनीतिज्ञों की ओर से इसकी निंदा और पीड़ितों से सहानुभूति से संबंधित बयानों की झड़ी लग गई। एफबीआई इस घटना की जांच घरेलू आतंकवाद मानकर कर रही है। इस घटना में एक हमलावार ने छह श्रद्धालुओं की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में जवाबी कार्रवाई में हमलावर भी मारा गया। एक स्थानीय चैनल के मुताबिक गोलीबारी का शिकार होने वालों में गुरुद्वारा के प्रमुख सतवंत सिंह कलेका शामिल हैं। इसके अलावा अन्य किसी नाम का खुलासा नहीं किया गया है। मिलवॉकी के जर्नल सेंटिनेल में जारी रपट के अनुसार, एफबीआई अधिकारियों ने रविवार रात इस बात की पुष्टि की थी कि वे घटना के संबंध में विस्कॉन्सिन के कुदाही स्थित एक घर की भी जांच कर रहे हैं। अमेरिकी अटॉर्नी जेम्स सैंटेल के हवाले से कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह घरेलू आतंकवाद है या नहीं। उन्होंने कहा, "मेरा ध्यान इस बात पर नहीं है कि यह किस श्रेणी का अपराध है, बल्कि ध्यान इस घटना पर और लोगों की मौत पर है।" शहर के पुलिस प्रमुख जॉन एडवर्ड्स ने कहा कि रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना को घरेलू आतंकवाद जैसी एक घटना मानी जा रही है। इस घटना में सर्वप्रथम प्रतिक्रिया देने वाला अधिकारी भी घायल हो गया। एडवर्ड्स ने कहा कि ओक क्रीक के जो पुलिस अधिकारी 911 की कॉल के जवाब में गए थे, वे एक पीड़ित की मदद कर रहे थे तभी हमलावर ने उनमें से एक अधिकारी पर हमला बोल दिया और उस पर कई गोलियां बरसाईं। जवाब में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने गोलीबारी कर हमलावर को मार डाला। जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" गोलीबारी की घटना के चंद घंटे बाद भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है। घटना की खबर प्रसारित होने के साथ ही सिख संगठनों और अन्य संगठनों तथा अमेरिकी राजनीतिज्ञों की ओर से इसकी निंदा और पीड़ितों से सहानुभूति से संबंधित बयानों की झड़ी लग गई। एफबीआई इस घटना की जांच घरेलू आतंकवाद मानकर कर रही है। इस घटना में एक हमलावार ने छह श्रद्धालुओं की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में जवाबी कार्रवाई में हमलावर भी मारा गया। एक स्थानीय चैनल के मुताबिक गोलीबारी का शिकार होने वालों में गुरुद्वारा के प्रमुख सतवंत सिंह कलेका शामिल हैं। इसके अलावा अन्य किसी नाम का खुलासा नहीं किया गया है। मिलवॉकी के जर्नल सेंटिनेल में जारी रपट के अनुसार, एफबीआई अधिकारियों ने रविवार रात इस बात की पुष्टि की थी कि वे घटना के संबंध में विस्कॉन्सिन के कुदाही स्थित एक घर की भी जांच कर रहे हैं। अमेरिकी अटॉर्नी जेम्स सैंटेल के हवाले से कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह घरेलू आतंकवाद है या नहीं। उन्होंने कहा, "मेरा ध्यान इस बात पर नहीं है कि यह किस श्रेणी का अपराध है, बल्कि ध्यान इस घटना पर और लोगों की मौत पर है।" शहर के पुलिस प्रमुख जॉन एडवर्ड्स ने कहा कि रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना को घरेलू आतंकवाद जैसी एक घटना मानी जा रही है। इस घटना में सर्वप्रथम प्रतिक्रिया देने वाला अधिकारी भी घायल हो गया। एडवर्ड्स ने कहा कि ओक क्रीक के जो पुलिस अधिकारी 911 की कॉल के जवाब में गए थे, वे एक पीड़ित की मदद कर रहे थे तभी हमलावर ने उनमें से एक अधिकारी पर हमला बोल दिया और उस पर कई गोलियां बरसाईं। जवाब में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने गोलीबारी कर हमलावर को मार डाला। जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" एफबीआई इस घटना की जांच घरेलू आतंकवाद मानकर कर रही है। इस घटना में एक हमलावार ने छह श्रद्धालुओं की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में जवाबी कार्रवाई में हमलावर भी मारा गया। एक स्थानीय चैनल के मुताबिक गोलीबारी का शिकार होने वालों में गुरुद्वारा के प्रमुख सतवंत सिंह कलेका शामिल हैं। इसके अलावा अन्य किसी नाम का खुलासा नहीं किया गया है। मिलवॉकी के जर्नल सेंटिनेल में जारी रपट के अनुसार, एफबीआई अधिकारियों ने रविवार रात इस बात की पुष्टि की थी कि वे घटना के संबंध में विस्कॉन्सिन के कुदाही स्थित एक घर की भी जांच कर रहे हैं। अमेरिकी अटॉर्नी जेम्स सैंटेल के हवाले से कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह घरेलू आतंकवाद है या नहीं। उन्होंने कहा, "मेरा ध्यान इस बात पर नहीं है कि यह किस श्रेणी का अपराध है, बल्कि ध्यान इस घटना पर और लोगों की मौत पर है।" शहर के पुलिस प्रमुख जॉन एडवर्ड्स ने कहा कि रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना को घरेलू आतंकवाद जैसी एक घटना मानी जा रही है। इस घटना में सर्वप्रथम प्रतिक्रिया देने वाला अधिकारी भी घायल हो गया। एडवर्ड्स ने कहा कि ओक क्रीक के जो पुलिस अधिकारी 911 की कॉल के जवाब में गए थे, वे एक पीड़ित की मदद कर रहे थे तभी हमलावर ने उनमें से एक अधिकारी पर हमला बोल दिया और उस पर कई गोलियां बरसाईं। जवाब में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने गोलीबारी कर हमलावर को मार डाला। जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" एक स्थानीय चैनल के मुताबिक गोलीबारी का शिकार होने वालों में गुरुद्वारा के प्रमुख सतवंत सिंह कलेका शामिल हैं। इसके अलावा अन्य किसी नाम का खुलासा नहीं किया गया है। मिलवॉकी के जर्नल सेंटिनेल में जारी रपट के अनुसार, एफबीआई अधिकारियों ने रविवार रात इस बात की पुष्टि की थी कि वे घटना के संबंध में विस्कॉन्सिन के कुदाही स्थित एक घर की भी जांच कर रहे हैं। अमेरिकी अटॉर्नी जेम्स सैंटेल के हवाले से कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह घरेलू आतंकवाद है या नहीं। उन्होंने कहा, "मेरा ध्यान इस बात पर नहीं है कि यह किस श्रेणी का अपराध है, बल्कि ध्यान इस घटना पर और लोगों की मौत पर है।" शहर के पुलिस प्रमुख जॉन एडवर्ड्स ने कहा कि रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना को घरेलू आतंकवाद जैसी एक घटना मानी जा रही है। इस घटना में सर्वप्रथम प्रतिक्रिया देने वाला अधिकारी भी घायल हो गया। एडवर्ड्स ने कहा कि ओक क्रीक के जो पुलिस अधिकारी 911 की कॉल के जवाब में गए थे, वे एक पीड़ित की मदद कर रहे थे तभी हमलावर ने उनमें से एक अधिकारी पर हमला बोल दिया और उस पर कई गोलियां बरसाईं। जवाब में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने गोलीबारी कर हमलावर को मार डाला। जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" मिलवॉकी के जर्नल सेंटिनेल में जारी रपट के अनुसार, एफबीआई अधिकारियों ने रविवार रात इस बात की पुष्टि की थी कि वे घटना के संबंध में विस्कॉन्सिन के कुदाही स्थित एक घर की भी जांच कर रहे हैं। अमेरिकी अटॉर्नी जेम्स सैंटेल के हवाले से कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह घरेलू आतंकवाद है या नहीं। उन्होंने कहा, "मेरा ध्यान इस बात पर नहीं है कि यह किस श्रेणी का अपराध है, बल्कि ध्यान इस घटना पर और लोगों की मौत पर है।" शहर के पुलिस प्रमुख जॉन एडवर्ड्स ने कहा कि रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना को घरेलू आतंकवाद जैसी एक घटना मानी जा रही है। इस घटना में सर्वप्रथम प्रतिक्रिया देने वाला अधिकारी भी घायल हो गया। एडवर्ड्स ने कहा कि ओक क्रीक के जो पुलिस अधिकारी 911 की कॉल के जवाब में गए थे, वे एक पीड़ित की मदद कर रहे थे तभी हमलावर ने उनमें से एक अधिकारी पर हमला बोल दिया और उस पर कई गोलियां बरसाईं। जवाब में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने गोलीबारी कर हमलावर को मार डाला। जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" अमेरिकी अटॉर्नी जेम्स सैंटेल के हवाले से कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह घरेलू आतंकवाद है या नहीं। उन्होंने कहा, "मेरा ध्यान इस बात पर नहीं है कि यह किस श्रेणी का अपराध है, बल्कि ध्यान इस घटना पर और लोगों की मौत पर है।" शहर के पुलिस प्रमुख जॉन एडवर्ड्स ने कहा कि रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना को घरेलू आतंकवाद जैसी एक घटना मानी जा रही है। इस घटना में सर्वप्रथम प्रतिक्रिया देने वाला अधिकारी भी घायल हो गया। एडवर्ड्स ने कहा कि ओक क्रीक के जो पुलिस अधिकारी 911 की कॉल के जवाब में गए थे, वे एक पीड़ित की मदद कर रहे थे तभी हमलावर ने उनमें से एक अधिकारी पर हमला बोल दिया और उस पर कई गोलियां बरसाईं। जवाब में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने गोलीबारी कर हमलावर को मार डाला। जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" शहर के पुलिस प्रमुख जॉन एडवर्ड्स ने कहा कि रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना को घरेलू आतंकवाद जैसी एक घटना मानी जा रही है। इस घटना में सर्वप्रथम प्रतिक्रिया देने वाला अधिकारी भी घायल हो गया। एडवर्ड्स ने कहा कि ओक क्रीक के जो पुलिस अधिकारी 911 की कॉल के जवाब में गए थे, वे एक पीड़ित की मदद कर रहे थे तभी हमलावर ने उनमें से एक अधिकारी पर हमला बोल दिया और उस पर कई गोलियां बरसाईं। जवाब में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने गोलीबारी कर हमलावर को मार डाला। जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" एडवर्ड्स ने कहा कि ओक क्रीक के जो पुलिस अधिकारी 911 की कॉल के जवाब में गए थे, वे एक पीड़ित की मदद कर रहे थे तभी हमलावर ने उनमें से एक अधिकारी पर हमला बोल दिया और उस पर कई गोलियां बरसाईं। जवाब में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने गोलीबारी कर हमलावर को मार डाला। जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" जर्नल सेंटिनेल ने जांच से संबंधित एक सूत्र के हवाले से कहा है कि हमलावर श्वेत पुरुष था, जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास रही होगी। वह सेना से सेवामुक्त हो गया था। सूत्र ने कहा कि घटनास्थल से एक आग्नेयास्त्र और कई मैगजीन बरामद हुए हैं। अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" अपराह्न 4.30 बजे अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ओबामा ने गवर्नर स्कॉट वाकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्केफिदी और गुरुद्वारे के न्यासी चरणजीत सिंह को फोन किया और मृतकों के प्रति शोक संवेदना तथा घायलों के प्रति चिंता जाहिर की। सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" सिखों को व्यापक अमेरिकी परिवार का एक हिस्सा बताते हुए ओबामा ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में वादा किया कि रविवार की घटना की जांच में उनका प्रशासन पूरी मदद करेगा। ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" ओबामा ने कहा है, "एक धार्मिक स्थल पर घटी इस घटना पर शोक मनाते हुए हमें याद है कि सिखों ने हमारे देश को कितना समृद्ध बनाया है, जो हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार के हिस्सा हैं।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" ओबामा ने कहा, "मेरा प्रशासन घटना की जांच से जुड़े अधिकारियों को सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगा।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" ओबामा ने कहा, "विस्कॉन्सिन में गोलीबारी की त्रासदपूर्ण घटना के बारे में सुनकर मिशेल और मुझे गहरा दुख हुआ।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम कार्रवाई' और एक त्रासदी करार दिया, जिसे किसी भी धार्मिक स्थल पर कभी नहीं घटना चाहिए। रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने बोस्टन में इसे 'हिंसा की निर्मम 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आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" रोमनी ने कहा कि वह और उनकी पत्नी ऐन हृदय से पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे ओक क्रीक के सिख समुदाय के साथ हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि अमेरिकी प्रशासन हमले की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की घटना भविष्य में न घटे। संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में मनमोहन ने कहा, "धार्मिक सभा में जमा हुए लोगों की निर्मम हत्या बहुत ही दुखद घटना है। " मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" मनमोहन ने कहा, "मुझे आशा है कि अमेरिकी प्रशासन श्रद्धालुओं पर हुए इस क्रूर हमले के पीछे के कारणों की जांच करेगा और यह सुनिश्चित कराएगा कि इस तरह की खौफनाक घटना भविष्य में न हो। मैं आशा करता हूं कि सक्षम अधिकारी घटना की जांच करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत मुहैया कराएंगे। घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका में एक गुरुद्वारे में रविवार को हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिख समुदाय ने अपने काम के प्रति खुद के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के जरिए वहां के प्रशासन व लोगों का सम्मान हासिल किया है। कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" कृष्णा ने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं।" कृष्णा ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने भारतीय राजदूत निरूपमा राव से बात की है। विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर ने कहा कि अमेरिका में स्थित गुरुद्वारों और समुदाय के अन्य धार्मिक स्थलों का ख्याल रखा जाना चाहिए। कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" कौर ने कहा, "यह एक बहुत ही स्तब्धकारी और त्रासदीपूर्ण घटना घटी है, जो निंदनीय है। हम अमेरिका सरकार से बराबर सम्पर्क में हैं और हमारी राजदूत निरूपमा राव ने वाशिंगटन से एक विशेष अधिकारी को विस्कॉन्सिन भेजा है तथा शिकागो में महावाणिज्यदूत भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" अमेरिकी दूतावास ने विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में हुए हमले में छह सिख श्रद्धालुओं के मारे जाने की घटना पर सोमवार को गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" दूतावास से जारी बयान में कहा गया है, "अमेरिकी दूतावास के सदस्य अमेरिका और भारत के सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति एवं शोक संवेदना जाहिर करने में राष्ट्रपति (बराक) ओबामा के साथ हैं।"टिप्पणियां बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" बयान में कहा गया है, "हमारा हृदय, हमारी आत्मा और प्रार्थना पीड़ितों व उनके परिजनों के साथ है। घटना की जांच शुरू हो गई है। इस तरह की कोई भी घटना त्रासदपूर्ण है, खासतौर से जब वह किसी धर्मस्थल पर घटे। अमेरिका सभी धर्म के लोगों के सम्मान और हिफाजत की जिम्मेदारी बहुत गम्भीरता से लेता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।" बयान में कहा गया है, "धार्मिक आजादी और धार्मिक सहिष्णुता अमेरिकी समाज के बुनियादी स्तम्भ हैं। अमेरिका में सिख समुदाय इस सिद्धांत में योगदान करता है और अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को अर्थपूर्ण मजबूती प्रदान करता है।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका के मिलवॉकी उपनगर स्थित एक गुरुद्वारे में रविवार को हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत की घटना से भारतीय शोकसंतप्त हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी, संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: म्यूनिख पुलिस ने आज कहा कि किशोर बंदूकधारी के इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े होने का कोई साक्ष्य नहीं है और हमले को एक विक्षिप्त व्यक्ति द्वारा किया गया कृत्य बताया। पुलिस के अनुसार, यहां एक शॉपिंग मॉल में गोलीबारी करने वाला बंदूकधारी 18 वर्षीय एक जर्मन-ईरानी था, जिस पर बड़े पैमाने में गोलीबारी का जुनून सवार था। इस हमले में नौ लोगों की मौत हुई, जबकि 16 अन्‍य घायल हो गए। म्यूनिख के पुलिस प्रमुख हुबर्ट्स आंद्रे ने बताया, 'हमलावर का इस्लामिक स्टेट से बिल्कुल कोई संबंध नहीं है।' उन्होंने साथ ही बताया कि संदिग्ध किशोर नरसंहार से जुड़ी किताबों और लेखों से प्रभावित था।' जांचकर्ताओं ने रात भर हमलवार के घर की तलाश ली, जिसमें उन्‍हें बड़ी संख्‍या में सामूहिक हत्याओं के बारे में साहित्य मिले। इनमें 'रेमपेज इन हेड : वाय स्टूडेंट्स किल' (Rampage in Head: Why Students Kill) नामक शीर्षक की पुस्‍तक भी मिली, लेकिन उसके आईएसआईएस की तरह आतंकी संगठनों के जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस प्रमुख ह्यूबर्ट्स एंड्री ने इस नरसंहार के बाद संवाददाताओं से कहा, 'अपराधी 18 वर्षीय जर्मन-ईरानी था जो म्यूनिख का रहने वाला था। उसका 'कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।' उन्होंने कहा, 'इस अपराध को अंजाम देने के पीछे की वजह के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है।' म्‍यूनिख के अभियोजक थॉम्‍स स्‍टेनक्रॉस-कोच ने कहा कि 'जांचकर्ताओं को यह भी सबूत मिले कि म्‍यूनिख में जन्‍मा संदिग्‍ध मनोवैज्ञानिक समस्याओं से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा था, लेकिन जानकारी की अभी पुष्टि की जा रही है।' बंदूक से लैस हमलावर ने शुक्रवार शाम मैकडॉनल्ड के रेस्तरां में गोलीबारी की और फिर उसने एक सड़क पर गोलीबारी की। बाद में वह ओलंपिया मॉल में घुस गया और वहां हमला किया। एंड्रे ने कहा, 'मारे गए लोगों में युवा भी शामिल हैं।' उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे भी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक पुलिस गश्ती दल ने हमलावर को गोली मारी और घायल कर दिया, लेकिन वह बच कर भागने में सफल रहा।टिप्पणियां पुलिस ने बाद में ट्वीट किया, 'हमें एक व्यक्ति मिला, जिसने आत्महत्या कर ली। हमारा मानना है कि वही एकमात्र बंदूकधारी था।' सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि काले रंग के कपड़े पहने एक बंदूकधारी मैकडॉनल्ड्स के एक रेस्तरां से बाहर आते हुए लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा है और लोग चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। बच गए लोगों ने भयावह परिदृश्य को बयां किया। दुकानदार वहां से भागने लगे । कुछ ने अपने बच्चों को पकड़ रखा था। म्यूनिख के पुलिस प्रमुख हुबर्ट्स आंद्रे ने बताया, 'हमलावर का इस्लामिक स्टेट से बिल्कुल कोई संबंध नहीं है।' उन्होंने साथ ही बताया कि संदिग्ध किशोर नरसंहार से जुड़ी किताबों और लेखों से प्रभावित था।' जांचकर्ताओं ने रात भर हमलवार के घर की तलाश ली, जिसमें उन्‍हें बड़ी संख्‍या में सामूहिक हत्याओं के बारे में साहित्य मिले। इनमें 'रेमपेज इन हेड : वाय स्टूडेंट्स किल' (Rampage in Head: Why Students Kill) नामक शीर्षक की पुस्‍तक भी मिली, लेकिन उसके आईएसआईएस की तरह आतंकी संगठनों के जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस प्रमुख ह्यूबर्ट्स एंड्री ने इस नरसंहार के बाद संवाददाताओं से कहा, 'अपराधी 18 वर्षीय जर्मन-ईरानी था जो म्यूनिख का रहने वाला था। उसका 'कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।' उन्होंने कहा, 'इस अपराध को अंजाम देने के पीछे की वजह के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है।' म्‍यूनिख के अभियोजक थॉम्‍स स्‍टेनक्रॉस-कोच ने कहा कि 'जांचकर्ताओं को यह भी सबूत मिले कि म्‍यूनिख में जन्‍मा संदिग्‍ध मनोवैज्ञानिक समस्याओं से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा था, लेकिन जानकारी की अभी पुष्टि की जा रही है।' बंदूक से लैस हमलावर ने शुक्रवार शाम मैकडॉनल्ड के रेस्तरां में गोलीबारी की और फिर उसने एक सड़क पर गोलीबारी की। बाद में वह ओलंपिया मॉल में घुस गया और वहां हमला किया। एंड्रे ने कहा, 'मारे गए लोगों में युवा भी शामिल हैं।' उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे भी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक पुलिस गश्ती दल ने हमलावर को गोली मारी और घायल कर दिया, लेकिन वह बच कर भागने में सफल रहा।टिप्पणियां पुलिस ने बाद में ट्वीट किया, 'हमें एक व्यक्ति मिला, जिसने आत्महत्या कर ली। हमारा मानना है कि वही एकमात्र बंदूकधारी था।' सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि काले रंग के कपड़े पहने एक बंदूकधारी मैकडॉनल्ड्स के एक रेस्तरां से बाहर आते हुए लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा है और लोग चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। बच गए लोगों ने भयावह परिदृश्य को बयां किया। दुकानदार वहां से भागने लगे । कुछ ने अपने बच्चों को पकड़ रखा था। पुलिस प्रमुख ह्यूबर्ट्स एंड्री ने इस नरसंहार के बाद संवाददाताओं से कहा, 'अपराधी 18 वर्षीय जर्मन-ईरानी था जो म्यूनिख का रहने वाला था। उसका 'कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।' उन्होंने कहा, 'इस अपराध को अंजाम देने के पीछे की वजह के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है।' म्‍यूनिख के अभियोजक थॉम्‍स स्‍टेनक्रॉस-कोच ने कहा कि 'जांचकर्ताओं को यह भी सबूत मिले कि म्‍यूनिख में जन्‍मा संदिग्‍ध मनोवैज्ञानिक समस्याओं से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा था, लेकिन जानकारी की अभी पुष्टि की जा रही है।' बंदूक से लैस हमलावर ने शुक्रवार शाम मैकडॉनल्ड के रेस्तरां में गोलीबारी की और फिर उसने एक सड़क पर गोलीबारी की। बाद में वह ओलंपिया मॉल में घुस गया और वहां हमला किया। एंड्रे ने कहा, 'मारे गए लोगों में युवा भी शामिल हैं।' उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे भी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक पुलिस गश्ती दल ने हमलावर को गोली मारी और घायल कर दिया, लेकिन वह बच कर भागने में सफल रहा।टिप्पणियां पुलिस ने बाद में ट्वीट किया, 'हमें एक व्यक्ति मिला, जिसने आत्महत्या कर ली। हमारा मानना है कि वही एकमात्र बंदूकधारी था।' सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि काले रंग के कपड़े पहने एक बंदूकधारी मैकडॉनल्ड्स के एक रेस्तरां से बाहर आते हुए लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा है और लोग चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। बच गए लोगों ने भयावह परिदृश्य को बयां किया। दुकानदार वहां से भागने लगे । कुछ ने अपने बच्चों को पकड़ रखा था। म्‍यूनिख के अभियोजक थॉम्‍स स्‍टेनक्रॉस-कोच ने कहा कि 'जांचकर्ताओं को यह भी सबूत मिले कि म्‍यूनिख में जन्‍मा संदिग्‍ध मनोवैज्ञानिक समस्याओं से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा था, लेकिन जानकारी की अभी पुष्टि की जा रही है।' बंदूक से लैस हमलावर ने शुक्रवार शाम मैकडॉनल्ड के रेस्तरां में गोलीबारी की और फिर उसने एक सड़क पर गोलीबारी की। बाद में वह ओलंपिया मॉल में घुस गया और वहां हमला किया। एंड्रे ने कहा, 'मारे गए लोगों में युवा भी शामिल हैं।' उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे भी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक पुलिस गश्ती दल ने हमलावर को गोली मारी और घायल कर दिया, लेकिन वह बच कर भागने में सफल रहा।टिप्पणियां पुलिस ने बाद में ट्वीट किया, 'हमें एक व्यक्ति मिला, जिसने आत्महत्या कर ली। हमारा मानना है कि वही एकमात्र बंदूकधारी था।' सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि काले रंग के कपड़े पहने एक बंदूकधारी मैकडॉनल्ड्स के एक रेस्तरां से बाहर आते हुए लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा है और लोग चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। बच गए लोगों ने भयावह परिदृश्य को बयां किया। दुकानदार वहां से भागने लगे । कुछ ने अपने बच्चों को पकड़ रखा था। बंदूक से लैस हमलावर ने शुक्रवार शाम मैकडॉनल्ड के रेस्तरां में गोलीबारी की और फिर उसने एक सड़क पर गोलीबारी की। बाद में वह ओलंपिया मॉल में घुस गया और वहां हमला किया। एंड्रे ने कहा, 'मारे गए लोगों में युवा भी शामिल हैं।' उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे भी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक पुलिस गश्ती दल ने हमलावर को गोली मारी और घायल कर दिया, लेकिन वह बच कर भागने में सफल रहा।टिप्पणियां पुलिस ने बाद में ट्वीट किया, 'हमें एक व्यक्ति मिला, जिसने आत्महत्या कर ली। हमारा मानना है कि वही एकमात्र बंदूकधारी था।' सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि काले रंग के कपड़े पहने एक बंदूकधारी मैकडॉनल्ड्स के एक रेस्तरां से बाहर आते हुए लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा है और लोग चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। बच गए लोगों ने भयावह परिदृश्य को बयां किया। दुकानदार वहां से भागने लगे । कुछ ने अपने बच्चों को पकड़ रखा था। पुलिस ने बाद में ट्वीट किया, 'हमें एक व्यक्ति मिला, जिसने आत्महत्या कर ली। हमारा मानना है कि वही एकमात्र बंदूकधारी था।' सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि काले रंग के कपड़े पहने एक बंदूकधारी मैकडॉनल्ड्स के एक रेस्तरां से बाहर आते हुए लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा है और लोग चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। बच गए लोगों ने भयावह परिदृश्य को बयां किया। दुकानदार वहां से भागने लगे । कुछ ने अपने बच्चों को पकड़ रखा था। बच गए लोगों ने भयावह परिदृश्य को बयां किया। दुकानदार वहां से भागने लगे । कुछ ने अपने बच्चों को पकड़ रखा था।
संक्षिप्त सारांश: हमले एक विक्षिप्त व्यक्ति द्वारा किया गया कृत्य : म्‍यूनिख पुलिस संदिग्ध किशोर नरसंहार से जुड़ी किताबों और लेखों से प्रभावित था: पुलिस जांचकर्ताओं का दावा, हमलवार पर बड़े पैमाने में गोलीबारी का जुनून सवार था।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू यादव (Lalu Yadav) ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आम लोगों से एक अपील की है. लालू यादव (Lalu Yadav) ने एक ट्वीट कर आम लोगों से कहा है कि देश की जनता से विनम्र अपील है कि चुनावों का समय आ गया है, जिनकी राजनीति नफरत पर टिकी है वो लोग विभिन्न प्रकार के भय दिखा कर अथवा भ्रम व अफ़वाह फैलाकर आपके बच्चों तथा युवाओं को उनके प्राण की आहुति देने के लिए शब्दाडम्बरों के द्वारा उकसायेंगे. वहीं, लोकसभा चुनाव (Loksabha Election)के लिए उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (BSP)औरसमाजवादी पार्टी (SP) के गठबंधन के बाद आरजेडी (RJD) नेतातेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) मायावती और अखिलेश से मुलाकात करने के लिए लखनऊ पहुंचे हैं. तेजस्वी ने रविवार को बसपा प्रमुख मायावती से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने मायावती के पैर छूकर 'आशीर्वाद' लिया. इसके अलावा तेजस्वी नेसपा-बसपा गठबंधन (SP-BSP Alliance) पर अपनी खुशी जताई और कहा कि यूपी में बीजेपी अब एक भी सीट नहीं जीत पाएगी. इसके बाद तेजस्वी आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)से लंच पर मुलाकात करेंगे. उधर, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर (OP Rajbhar) ने इस बार हिंदू-मुसलमान दंगों पर बयान दिया है. उन्होंने नेताओं पर दंगे भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज तक कोई भी नेता इनमें क्यों नहीं मरा. अगर कोई दंगा भड़काए तो उसे ही आग लगा दो. एक अन्य बड़ी खबर में, लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और बहुजन समाजपार्टी (Bahujan Samaj Party) के बीच हुए गठबंधन के बाद राजनीति तेज हो गई है. इस गठबंधन के सामने आने के बाद अब समाजवाजी पार्टी से अलग हुए वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव (Shivpal Yadav)  ने राज्य में कांग्रेस के साथ मिलकर एक नया गठबंधन बनाने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा है कि अगर कांग्रेस चाहे तो वह उनके साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं. वहीं, देश भर में कल मनाया जाएगा मकर संक्रांति का पर्व. देशभर में इसी दिन से खरमास (Kharmas) समाप्त हो जाएंगे और शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी. खरमास में मांगलिक कार्यों की मनाही होती है, लेकिन मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से शादी और पूजा-पाठ जैसे कामों का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाता है. इसी के साथ प्रयागराज में कुंभ भी मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर शुरू हो रहा है.  बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू यादव (Lalu Yadav) ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आम लोगों से एक अपील की है. लालू यादव (Lalu Yadav) ने एक ट्वीट कर आम लोगों से कहा है कि देश की जनता से विनम्र अपील है कि चुनावों का समय आ गया है, जिनकी राजनीति नफरत पर टिकी है वो लोग विभिन्न प्रकार के भय दिखा कर अथवा भ्रम व अफ़वाह फैलाकर आपके बच्चों तथा युवाओं को उनके प्राण की आहुति देने के लिए शब्दाडम्बरों के द्वारा उकसायेंगे. उन्होंने (Lalu Yadav) आगे कहा कि आपके बच्चे आपस में इंसानियत भूलकर गाय, गुड़-गोबर और पाखंड के नाम पर एक दूसरे को मर और मार जीवन बर्बाद कर रहे होंगे तथा उन ढोंगी जुमलेबाजों के बच्चे अच्छे स्कूल-कॉलेजों में पढ़ अपना भविष्य गढ़ रहे होंगे. उन्होंने (Lalu Yadav) कहा कि सभी माता-पिता से निवेदन है कि स्वयं तथा अपने बच्चों को ऐसे भ्रामक प्रचार और अफवाहबाज संघो से सतर्क और सावधान रखें. शुरुआत यूपी-बिहार से हो चुकी है.   लोकसभा चुनाव (Loksabha Election)के लिए उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (BSP)औरसमाजवादी पार्टी (SP) के गठबंधन के बाद आरजेडी (RJD) नेतातेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav)मायावती और अखिलेश से मुलाकात करने के लिए लखनऊ पहुंचे हैं. तेजस्वी ने रविवार को बसपा प्रमुख मायावती से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने मायावती के पैर छूकर 'आशीर्वाद' लिया. इसके अलावा तेजस्वी नेसपा-बसपा गठबंधन (SP-BSP Alliance)पर अपनी खुशी जताई और कहा कि यूपी में बीजेपी अब एक भी सीट नहीं जीत पाएगी. इसके बाद तेजस्वी आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)से लंच पर मुलाकात करेंगे. मायावती (Mayawati) से मुलाकात के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी ने कहा, 'अब यूपी और बिहार से बीजेपी का सफाया होगा. यूपी में बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत पाएगी. मायावती से हमें मार्गदर्शन मिले, हम यही चाहते हैं. इनसे हमें सीखने का मौका मिलता है. सपा-बसपा गठबंधन से लोगों में खुशी है. आज ऐसा माहौल है जहां वे बाबा साहेब के संविधान को मिटाना चाहते हैं और 'नागपुर के कानूनों' को लागू करना चाहते हैं. लोग मायावती जी और अखिलेश जी द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत करते हैं. यूपी और बिहार में बीजेपी का सफाया हो जाएगा. वे यूपी में 1 सीट भी नहीं जीत पाएंगे, सभी सीटें सपा-बसपा गठबंधन को मिलेंगी.'   उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्रीओपी राजभर (OP Rajbhar) ने इस बार हिंदू-मुसलमान दंगों पर बयान दिया है. उन्होंने नेताओं पर दंगे भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज तक कोई भी नेता इनमें क्यों नहीं मरा. अगर कोई दंगा भड़काए तो उसे ही आग लगा दो. राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (Suheldev Bharatiya Samaj Party)भाजपा (Bharatiya Janata Party)का सहयोगी दल है. हालांकि, राजभर अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा पर भी निशाना साधने से नहीं चूकते.ओपी राजभर ने कहा, 'हिंदू-मुसलमानों के दंगों में एक भी बड़ा नेता मरा क्या? नेता क्यों नहीं मरता? जो नेता तुम्हें हिंदू-मुसलमान के नाम पर लड़ाने जाता है, दंगा कराने जाता है, ऐसे नेता को भी आग लगा दो, ताकि वो समझ जाए कि हम दूसरे को नहीं जलाने देंगे.' इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'ये हिंदू-मुसलमान में बांटते हैं. अरे बांटने वाले लोगों जरा सोचो भारत का संविधान कहता है कि जो भारत का वोटर हो गया वो भारत का नागरिक हो गया, आप उसको नहीं निकाल सकते.'   लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और बहुजन समाजपार्टी (Bahujan Samaj Party) के बीच हुए गठबंधन के बाद राजनीति तेज हो गई है. इस गठबंधन के सामने आने के बाद अब समाजवाजी पार्टी से अलग हुए वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव (Shivpal Yadav)  ने राज्य में कांग्रेस के साथ मिलकर एक नया गठबंधन बनाने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा है कि अगर कांग्रेस चाहे तो वह उनके साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं. उन्होंने रविवार को कहा कि हम कांग्रेस को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं. बता दें कि शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने पिछले साल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से अलग अपनी एक अलग पार्टी बनाई थी. वहीं, सपा-बसपा गठबंधन के सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मैं मायावती जी (Mayawati) और अखिलेश जी (Akhilesh Yadav) का सम्मान करता हूं. गठबंधन को लेकर उन्होंने जो फैसला लिया है मैं उसपर कुछ नहीं बोलना चाहता लेकिन इतना जरूरी है कि हमारी पार्टी यूपी में पूरी ताकत के साथ लोकसभा चुनाव में उतरेगी.   मकर संक्रांति साल 2019 में 14 जनवरी नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाई जा रही है. (यहां जानिए क्यों इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को है) देशभर में इसी दिन से खरमास (Kharmas) समाप्त हो जाएंगे और शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी. खरमास में मांगलिक कार्यों की मनाही होती है, लेकिन मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से शादी और पूजा-पाठ जैसे कामों का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाता है. इसी के साथ प्रयागराज में कुंभ भी मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर शुरू हो रहा है. इसी संक्रांति के दिन ही कुंभ मेले में भक्त त्रिवेणी संगम में स्नान करते हैं. मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2019) को दक्षिण भारत में पोंगल (Pongal) के नाम से जाना जाता है. गुजरात और राजस्थान में इसे उत्तरायण (Uttarayan) कहा जाता है. गुजरात में मकर संक्रांति के दौरान खास पंतग कॉम्पिटिशन (2019 International Kite Festival) भी होता है. वहीं, हरियाण और पंजाब में मकर संक्रांति को माघी (Maghi) के नाम से पुकारा जाता है. इसी वजह से इसे साल की सबसे बड़ी संक्रांति (Sankranti) कहा गया है. क्योंकि यह पूरे भारत में मनाई जाती है. इसलिए यहां जानिए मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2019) से जुड़ी खास बातें.
संक्षिप्त पाठ: अखिलेश यादव से मिलेंगे तेजस्वी यादव ओपी राजभर ने दंगों को लेकर दिया बयान कल मनाई जाएगी मकर संक्रांति
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के मामले सामने आने पर भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि दर्शक अपना पैसा और पसीना बहाकर इन क्रिकेट मैचों को देखने जाते हैं, लेकिन खेल का सौदा कर उनके ईमान का सौदा किया गया है। बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, इन मैचों के लिए दर्शक अपना पैसा और पसीना बहाकर देखने जाते हैं और सट्टेबाजों की मिलीभगत से उनके ईमान का सौदा किया जाता है, जिन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।टिप्पणियां आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर पूछ गए सवालों पर उन्होंने कहा कि केवल पैसे की बात नहीं थी, स्पॉट फिक्सिंग के लिए खिलाड़ियों को खरीदने के लिए कई तरह के अन्य गलत तरीकों का इस्तेमाल तक किया गया, जो असहनीय है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को इसके खिलाफ सख्त से सख्त रवैया अपनाकर कठोर कदम उठाने चाहिए, जिससे आईपीएल जैसा खेल फॉर्मेट साफ रहे। उन्होंने कहा कि पहले ही आईपीएल को लेकर कई तरह के विवाद रहे हैं, जिनमें खिलाड़ियों की नीलामी और चियरलीडर्स से लेकर आयोजित होने वाली रात्रिकालीन पार्टियां तक शामिल हैं।  उन्होंने कहा, अब समय आ गया है, जब सरकार और बीसीसीआई को आईपीएल को खेल की तरह दिखाने के लिए जल्द सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है। बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, इन मैचों के लिए दर्शक अपना पैसा और पसीना बहाकर देखने जाते हैं और सट्टेबाजों की मिलीभगत से उनके ईमान का सौदा किया जाता है, जिन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।टिप्पणियां आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर पूछ गए सवालों पर उन्होंने कहा कि केवल पैसे की बात नहीं थी, स्पॉट फिक्सिंग के लिए खिलाड़ियों को खरीदने के लिए कई तरह के अन्य गलत तरीकों का इस्तेमाल तक किया गया, जो असहनीय है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को इसके खिलाफ सख्त से सख्त रवैया अपनाकर कठोर कदम उठाने चाहिए, जिससे आईपीएल जैसा खेल फॉर्मेट साफ रहे। उन्होंने कहा कि पहले ही आईपीएल को लेकर कई तरह के विवाद रहे हैं, जिनमें खिलाड़ियों की नीलामी और चियरलीडर्स से लेकर आयोजित होने वाली रात्रिकालीन पार्टियां तक शामिल हैं।  उन्होंने कहा, अब समय आ गया है, जब सरकार और बीसीसीआई को आईपीएल को खेल की तरह दिखाने के लिए जल्द सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है। आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर पूछ गए सवालों पर उन्होंने कहा कि केवल पैसे की बात नहीं थी, स्पॉट फिक्सिंग के लिए खिलाड़ियों को खरीदने के लिए कई तरह के अन्य गलत तरीकों का इस्तेमाल तक किया गया, जो असहनीय है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को इसके खिलाफ सख्त से सख्त रवैया अपनाकर कठोर कदम उठाने चाहिए, जिससे आईपीएल जैसा खेल फॉर्मेट साफ रहे। उन्होंने कहा कि पहले ही आईपीएल को लेकर कई तरह के विवाद रहे हैं, जिनमें खिलाड़ियों की नीलामी और चियरलीडर्स से लेकर आयोजित होने वाली रात्रिकालीन पार्टियां तक शामिल हैं।  उन्होंने कहा, अब समय आ गया है, जब सरकार और बीसीसीआई को आईपीएल को खेल की तरह दिखाने के लिए जल्द सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को इसके खिलाफ सख्त से सख्त रवैया अपनाकर कठोर कदम उठाने चाहिए, जिससे आईपीएल जैसा खेल फॉर्मेट साफ रहे। उन्होंने कहा कि पहले ही आईपीएल को लेकर कई तरह के विवाद रहे हैं, जिनमें खिलाड़ियों की नीलामी और चियरलीडर्स से लेकर आयोजित होने वाली रात्रिकालीन पार्टियां तक शामिल हैं।  उन्होंने कहा, अब समय आ गया है, जब सरकार और बीसीसीआई को आईपीएल को खेल की तरह दिखाने के लिए जल्द सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, इन मैचों के लिए दर्शक पैसा और पसीना बहाकर देखने जाते हैं और सट्टेबाजों की मिलीभगत से उनके ईमान का सौदा किया जाता है, जिन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे फरीदाबाद में एक बार फिर से बलात्कार का मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी लड़का 11वीं कक्षा का छात्र है, जबकि पीड़ित लड़की 8वीं क्लास की छात्रा है यानी दोनों नाबालिग हैं।टिप्पणियां पीड़ित लड़की की ओर से पुलिस में जो शिकायत दर्ज कराई गई है, उसके मुताबिक आरोपी लड़का पीड़ित के घर आया और उससे कहा कि उसकी बहन उसे बुला रही है। जब लड़की उस लड़के के घर पहुंची, तो घर में कोई नहीं था और इसी का फायदा उठाकर लड़के ने उसके साथ बलात्कार किया। लड़की की मानें तो पुलिसकर्मी उस पर समझौता करने का दवाब बना रहे है और लड़के से शादी कराने की बात कह रहे हैं। पीड़ित लड़की की ओर से पुलिस में जो शिकायत दर्ज कराई गई है, उसके मुताबिक आरोपी लड़का पीड़ित के घर आया और उससे कहा कि उसकी बहन उसे बुला रही है। जब लड़की उस लड़के के घर पहुंची, तो घर में कोई नहीं था और इसी का फायदा उठाकर लड़के ने उसके साथ बलात्कार किया। लड़की की मानें तो पुलिसकर्मी उस पर समझौता करने का दवाब बना रहे है और लड़के से शादी कराने की बात कह रहे हैं। जब लड़की उस लड़के के घर पहुंची, तो घर में कोई नहीं था और इसी का फायदा उठाकर लड़के ने उसके साथ बलात्कार किया। लड़की की मानें तो पुलिसकर्मी उस पर समझौता करने का दवाब बना रहे है और लड़के से शादी कराने की बात कह रहे हैं।
सारांश: दिल्ली से सटे फरीदाबाद में एक बार फिर से बलात्कार का मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी लड़का 11वीं कक्षा का छात्र है, जबकि पीड़ित लड़की 8वीं क्लास की छात्रा है यानी दोनों नाबालिग हैं।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हीरे की खदानों के लिये मशहूर मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की एक हीरा खदान से एक ठेकेदार को बुधवार को 3.39 लाख रुपये की कीमत का 3.39 कैरेट वजन का हीरा मिला है. इस हीरे को उसने जिला हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है. जिला हीरा अधिकारी आर के दीक्षित ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले देवी दयाल (43) को जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर देहलान चौकी की हीरा खदान से बुधवार दोपहर जैम क्‍वालिटी का एक हीरा मिला. इसे उसने हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है.टिप्पणियां उन्होंने बताया कि हीरे का वजन 3.39 कैरेट है तथा इसकी कीमत 3.39 लाख लाख रुपये है. हीरे की नीलामी के बाद प्राप्त धनराशि में से 11.5 फीसद रॉयल्‍टी की राशि काटकर शेष राशि ठेकेदार दयाल को दी जायेगी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जिला हीरा अधिकारी आर के दीक्षित ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले देवी दयाल (43) को जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर देहलान चौकी की हीरा खदान से बुधवार दोपहर जैम क्‍वालिटी का एक हीरा मिला. इसे उसने हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है.टिप्पणियां उन्होंने बताया कि हीरे का वजन 3.39 कैरेट है तथा इसकी कीमत 3.39 लाख लाख रुपये है. हीरे की नीलामी के बाद प्राप्त धनराशि में से 11.5 फीसद रॉयल्‍टी की राशि काटकर शेष राशि ठेकेदार दयाल को दी जायेगी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि हीरे का वजन 3.39 कैरेट है तथा इसकी कीमत 3.39 लाख लाख रुपये है. हीरे की नीलामी के बाद प्राप्त धनराशि में से 11.5 फीसद रॉयल्‍टी की राशि काटकर शेष राशि ठेकेदार दयाल को दी जायेगी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: हीरे का वजन 3.39 कैरेट बांदा के ठेकेदार को मिला इसकी नीलामी की जाएगी
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली की सार्वजनिक बसों में महिलाओं की तरह बुजुर्गों और तमाम छात्रों को भी नि:शुल्क यात्रा करने की सुविधा दी जा सकती है. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के लिए यह सुविधा भाईदूज के दिन मंगलवार से शुरू हो गई. मुख्यमंत्री ने अपने मोबाइल ऐप ‘एके ऐप' में कहा कि यह योजना समाज में लैंगिक भेदभाव को दूर कर महिला सशक्तिकरण में मदद पहुंचाएगी और यह भाईदूज पर उनके भाई की ओर से उन्हें एक सौगात है. सीएम केजरीवाल ने कहा, ‘आवागमन का साधन मंहगा होने कारण स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाली लड़कियों और महिलाओं को अब ऐसा करने की जरूरत नहीं है. अब वे अपने घरों से दूर स्कूल और कॉलेज आने-जाने के लिए बसों में (नि:शुल्क) सफर कर सकती हैं.' उन्होंने कहा, ‘इसी तरह से जिन महिलाओं के दफ्तर दूर हैं उन्हें परिवहन पर आने वाले खर्च की चिंता करने की जरूरत नहीं है.' दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर की बसों में सफर करने वाली महिलाओं को मंगलवार को इस योजना के तहत कंडक्टर द्वारा दस रुपए के टिकट दिए गए. सरकार ऐसे टिकटों के आधार पर ट्रांसपोर्टरों का खर्च उठाएगी. सीएम केजरीवाल ने ऐप पर कहा कि आने वाले दिनों में वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों के लिए भी नि:शुल्क बस सेवा योजना शुरू की जा सकती है. उन्होंने कहा, ‘सारे काम एक साथ पूरे नहीं किए जा सकते, लेकिन हम यकीनन यह करेंगे. हमने पहले महिलाओं के लिए इसे शुरू किया है और नतीजों के आधार पर हम आने वाले समय में छात्रों और बुजुर्गों के लिए भी नि:शुल्क बस यात्रा सेवा शुरू करेंगे.' इसके साथ ही आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने नागरिकों को इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजनाओं पर विपक्षी दलों द्वारा सवाल किए जाने की निंदा की और कहा कि कुछ चीजें राजनीति से परे होती हैं और इन दलों को यह समझने की जरूरत है.  बता दें, अगले साल दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं और विपक्षी दलों का आरोप है कि आप सरकार लोगों को लुभाने के लिए मुफ्त योजनाएं ला रही है. इस पर सीएम केजरीवाल ने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि लोगों के कल्याण पर खर्च किए जाने वाले 100 रुपए में से 85 रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते हैं और जनता तक केवल 15 रुपये ही पहुंचते हैं. हम उन 85 रुपयों को बचा रहे हैं और दिल्ली की जनता को सुविधाएं दे रहे हैं.' इसके साथ ही बसों में मार्शलों की तैनाती के बारे उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें सभी सार्वजनिक बसों में तैनात किया जाएगा. केजरीवाल ने जून में बसों और दिल्ली मेट्रो में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर योजना की घोषणा की थी, लेकिन मेट्रो में ऐसा नहीं किया जा सका, क्योंकि दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने उसके क्रियान्वयन की योजना तैयार करने के लिए वक्त मांगा है. दिल्ली में फिलहाल डीटीसी की 3700 और क्लस्टर योजना के तहत 1800 बसें हैं.
संक्षिप्त पाठ: यह भाईदूज पर उनके भाई की ओर से उन्हें एक सौगात है वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों के लिए भी फ्री बस सेवा हो सकती है शुरू कहा- हमने पहले महिलाओं के लिए इसे शुरू किया है
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कर्नाटक में चुनाव प्रचार का पहला दिन है. कर्नाटक के उडुपी में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुट्ठी भर लोगों को बैंकों को लूटने की इजाजत दी. उन्‍होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस के शासनकाल में राज्य की जनता के लिए आवाज उठाने पर यहां दो दर्जन से अधिक भाजपा कार्यकर्ता मारे गए. भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के संदर्भ में मोदी ने कहा, 'हम कारोबार करना सुगम बनाना चाहते हैं, कांग्रेस ने हत्या करना सुगम बनाने की संस्कृति शुरू की.' उडूपी की रैली में आई भीड़ को देखकर पीएम मोदी ने कहा कि आप लोगों के प्यार ने भाषा की बाधा को तोड़ दिया है.  इससे पहले हुई रैली में मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना लिखे 15 मिनट भी बोलते हैं तो यह बड़ी बात होगी. कर्नाटक के सांथेमरहल्ली में कन्नड़ भाषा में भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर भी निशाना साधा. मोदी ने कहा कि मनमोहन सिंह ने कहा था हर गांव में बिजली पहुंचाएंगें लेकिन आपकी माता जी सोनिया ने कहा एक कदम आगे जाकर 2009 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का वादा किया था लेकिन अपना वादा पूरा क्‍यों नहीं कर सके.   टिप्पणियां मोदी ने कहा कि अति उत्साह में राहुल मर्यादा तोड़ जाते हैं. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी 15 मिनट बोलते हैं तो यह बड़ी बात होगी. वंदे मातरम पर भी राहुल गांधी को ज्ञान नहीं है. पीएम मोदी ने उल्टा राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि  '..'...आप नामदार हैं हम तो कामदार हैं. हम तो आपके पास बैठ भी नहीं सकते लेकिन नामदार. आपकी बातों से हमें चोट नहीं पहुंची है क्‍योंकि हम तो सदियों से ऐसी बातें सहते आए हैं.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले हुई रैली में मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना लिखे 15 मिनट भी बोलते हैं तो यह बड़ी बात होगी. कर्नाटक के सांथेमरहल्ली में कन्नड़ भाषा में भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर भी निशाना साधा. मोदी ने कहा कि मनमोहन सिंह ने कहा था हर गांव में बिजली पहुंचाएंगें लेकिन आपकी माता जी सोनिया ने कहा एक कदम आगे जाकर 2009 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का वादा किया था लेकिन अपना वादा पूरा क्‍यों नहीं कर सके.   टिप्पणियां मोदी ने कहा कि अति उत्साह में राहुल मर्यादा तोड़ जाते हैं. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी 15 मिनट बोलते हैं तो यह बड़ी बात होगी. वंदे मातरम पर भी राहुल गांधी को ज्ञान नहीं है. पीएम मोदी ने उल्टा राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि  '..'...आप नामदार हैं हम तो कामदार हैं. हम तो आपके पास बैठ भी नहीं सकते लेकिन नामदार. आपकी बातों से हमें चोट नहीं पहुंची है क्‍योंकि हम तो सदियों से ऐसी बातें सहते आए हैं.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मोदी ने कहा कि अति उत्साह में राहुल मर्यादा तोड़ जाते हैं. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी 15 मिनट बोलते हैं तो यह बड़ी बात होगी. वंदे मातरम पर भी राहुल गांधी को ज्ञान नहीं है. पीएम मोदी ने उल्टा राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि  '..'...आप नामदार हैं हम तो कामदार हैं. हम तो आपके पास बैठ भी नहीं सकते लेकिन नामदार. आपकी बातों से हमें चोट नहीं पहुंची है क्‍योंकि हम तो सदियों से ऐसी बातें सहते आए हैं.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कर्नाटक में पीएम मोदी की दूसरी रैली उडूपी में दूसरी रैली कांग्रेस पर साधा निशाना
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: नोटबंदी के फैसले के बाद क्या देशभर के सहकारी बैंकों में कोई घोटाला, अनियमितता या धांधली हुई है, भारतीय रिज़र्व बैंक के पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. 'सूचना का अधिकार' यानी आरटीआई कानून के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में आरबीआई ने ये जानकारी दी है. आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने आरबीआई से पूछा था कि क्या रिज़र्व बैंक को 8 नवंबर से 10 दिसंबर तक किसी सहकारी बैंक के खिलाफ धांधली की शिकायत मिली है..? जवाब मिला, 'नहीं.' राज्य और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संदर्भ में मांगी गई जानकारी RBI के पास मौजूद नहीं है. बता दें कि देशभर से आई गड़बड़ियों की ख़बरों के बाद 14 नवंबर को आरबीआई ने अपने आदेश से सभी जिला सहकारी बैंकों में 1000-500 के पुराने नोट बदलने पर रोक लगा दी थी.  गलगली का कहना है, '14 नवंबर, 2016 में सहकारी बैंकों में आर्थिक व्यवहार पर आरबीआई ने पाबंदी लगाई, किन बैंकों में क्या गैरकानूनी काम हुआ, मैंने इस बारे में जानकारी मांगी थी.' टिप्पणियां देशभर में 370 सहकारी बैंक हैं और इन बैंकों के ग्राहक किसान ज्यादातर मध्यमवर्गी थे. इस फैसले से उन्हें बहुत नुकसान हुआ. जबकि आरबीआई के जवाब से पता लगता है ऐसा कोई भ्रष्टाचार बैंकों में नहीं था. नोटबंदी के तीसरे दिन 31 सहकारी बैकों में 5000 करोड़ रुपये जमा होने पर आरबीआई ने इन बैंकों को नए नोट नहीं दिए थे और पुराने नोट जमा करने पर भी पाबंदी लगा दी थी. आरबीआई के इस कदम से इन बैंकों का काम-काज लगभग ठप हो गया था. महाराष्ट्र में इन 31 सहकारी बैंकों के कर्जदार लाखों किसान हैं. छोटी क्रेडिट सोसायटी से सवा करोड़ किसान जुड़े हैं. नोटबंदी में सहकारी बैंकों में तालाबंदी जैसी स्थिति को अब सियासी दल स्थानीय चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं. आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने आरबीआई से पूछा था कि क्या रिज़र्व बैंक को 8 नवंबर से 10 दिसंबर तक किसी सहकारी बैंक के खिलाफ धांधली की शिकायत मिली है..? जवाब मिला, 'नहीं.' राज्य और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संदर्भ में मांगी गई जानकारी RBI के पास मौजूद नहीं है. बता दें कि देशभर से आई गड़बड़ियों की ख़बरों के बाद 14 नवंबर को आरबीआई ने अपने आदेश से सभी जिला सहकारी बैंकों में 1000-500 के पुराने नोट बदलने पर रोक लगा दी थी.  गलगली का कहना है, '14 नवंबर, 2016 में सहकारी बैंकों में आर्थिक व्यवहार पर आरबीआई ने पाबंदी लगाई, किन बैंकों में क्या गैरकानूनी काम हुआ, मैंने इस बारे में जानकारी मांगी थी.' टिप्पणियां देशभर में 370 सहकारी बैंक हैं और इन बैंकों के ग्राहक किसान ज्यादातर मध्यमवर्गी थे. इस फैसले से उन्हें बहुत नुकसान हुआ. जबकि आरबीआई के जवाब से पता लगता है ऐसा कोई भ्रष्टाचार बैंकों में नहीं था. नोटबंदी के तीसरे दिन 31 सहकारी बैकों में 5000 करोड़ रुपये जमा होने पर आरबीआई ने इन बैंकों को नए नोट नहीं दिए थे और पुराने नोट जमा करने पर भी पाबंदी लगा दी थी. आरबीआई के इस कदम से इन बैंकों का काम-काज लगभग ठप हो गया था. महाराष्ट्र में इन 31 सहकारी बैंकों के कर्जदार लाखों किसान हैं. छोटी क्रेडिट सोसायटी से सवा करोड़ किसान जुड़े हैं. नोटबंदी में सहकारी बैंकों में तालाबंदी जैसी स्थिति को अब सियासी दल स्थानीय चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं. बता दें कि देशभर से आई गड़बड़ियों की ख़बरों के बाद 14 नवंबर को आरबीआई ने अपने आदेश से सभी जिला सहकारी बैंकों में 1000-500 के पुराने नोट बदलने पर रोक लगा दी थी.  गलगली का कहना है, '14 नवंबर, 2016 में सहकारी बैंकों में आर्थिक व्यवहार पर आरबीआई ने पाबंदी लगाई, किन बैंकों में क्या गैरकानूनी काम हुआ, मैंने इस बारे में जानकारी मांगी थी.' टिप्पणियां देशभर में 370 सहकारी बैंक हैं और इन बैंकों के ग्राहक किसान ज्यादातर मध्यमवर्गी थे. इस फैसले से उन्हें बहुत नुकसान हुआ. जबकि आरबीआई के जवाब से पता लगता है ऐसा कोई भ्रष्टाचार बैंकों में नहीं था. नोटबंदी के तीसरे दिन 31 सहकारी बैकों में 5000 करोड़ रुपये जमा होने पर आरबीआई ने इन बैंकों को नए नोट नहीं दिए थे और पुराने नोट जमा करने पर भी पाबंदी लगा दी थी. आरबीआई के इस कदम से इन बैंकों का काम-काज लगभग ठप हो गया था. महाराष्ट्र में इन 31 सहकारी बैंकों के कर्जदार लाखों किसान हैं. छोटी क्रेडिट सोसायटी से सवा करोड़ किसान जुड़े हैं. नोटबंदी में सहकारी बैंकों में तालाबंदी जैसी स्थिति को अब सियासी दल स्थानीय चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं.  गलगली का कहना है, '14 नवंबर, 2016 में सहकारी बैंकों में आर्थिक व्यवहार पर आरबीआई ने पाबंदी लगाई, किन बैंकों में क्या गैरकानूनी काम हुआ, मैंने इस बारे में जानकारी मांगी थी.' टिप्पणियां देशभर में 370 सहकारी बैंक हैं और इन बैंकों के ग्राहक किसान ज्यादातर मध्यमवर्गी थे. इस फैसले से उन्हें बहुत नुकसान हुआ. जबकि आरबीआई के जवाब से पता लगता है ऐसा कोई भ्रष्टाचार बैंकों में नहीं था. नोटबंदी के तीसरे दिन 31 सहकारी बैकों में 5000 करोड़ रुपये जमा होने पर आरबीआई ने इन बैंकों को नए नोट नहीं दिए थे और पुराने नोट जमा करने पर भी पाबंदी लगा दी थी. आरबीआई के इस कदम से इन बैंकों का काम-काज लगभग ठप हो गया था. महाराष्ट्र में इन 31 सहकारी बैंकों के कर्जदार लाखों किसान हैं. छोटी क्रेडिट सोसायटी से सवा करोड़ किसान जुड़े हैं. नोटबंदी में सहकारी बैंकों में तालाबंदी जैसी स्थिति को अब सियासी दल स्थानीय चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं. देशभर में 370 सहकारी बैंक हैं और इन बैंकों के ग्राहक किसान ज्यादातर मध्यमवर्गी थे. इस फैसले से उन्हें बहुत नुकसान हुआ. जबकि आरबीआई के जवाब से पता लगता है ऐसा कोई भ्रष्टाचार बैंकों में नहीं था. नोटबंदी के तीसरे दिन 31 सहकारी बैकों में 5000 करोड़ रुपये जमा होने पर आरबीआई ने इन बैंकों को नए नोट नहीं दिए थे और पुराने नोट जमा करने पर भी पाबंदी लगा दी थी. आरबीआई के इस कदम से इन बैंकों का काम-काज लगभग ठप हो गया था. महाराष्ट्र में इन 31 सहकारी बैंकों के कर्जदार लाखों किसान हैं. छोटी क्रेडिट सोसायटी से सवा करोड़ किसान जुड़े हैं. नोटबंदी में सहकारी बैंकों में तालाबंदी जैसी स्थिति को अब सियासी दल स्थानीय चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं. नोटबंदी के तीसरे दिन 31 सहकारी बैकों में 5000 करोड़ रुपये जमा होने पर आरबीआई ने इन बैंकों को नए नोट नहीं दिए थे और पुराने नोट जमा करने पर भी पाबंदी लगा दी थी. आरबीआई के इस कदम से इन बैंकों का काम-काज लगभग ठप हो गया था. महाराष्ट्र में इन 31 सहकारी बैंकों के कर्जदार लाखों किसान हैं. छोटी क्रेडिट सोसायटी से सवा करोड़ किसान जुड़े हैं. नोटबंदी में सहकारी बैंकों में तालाबंदी जैसी स्थिति को अब सियासी दल स्थानीय चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं.
संक्षिप्त सारांश: नोटबंदी के तीसरे दिन 31 सहकारी बैकों में 5000 करोड़ रुपये जमा हुए काम न होने पर किसानों को काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ा देशभर में 370 सहकारी बैंक हैं और इनके ग्राहक किसान हैं
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश की राजधानी भेापाल के यादगार-ए- शाहजहांनी पार्क का हर शनिवार को नजारा ही निराला होता है, यहां सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग से लेकर नौजवान तक जमा होते हैं और अपने हक का नारा बुलंद करते हैं. बीते 29 वर्षों से यह सिलसिला अनवरत चल रहा है और यह तब तक चलने का दावा किया जाता है जब तक उन्हें अपना हक नहीं मिल जाता या सांस चलती रहेगी. यूनियन कार्बाइड संयंत्र से दो-तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात रिसी मिथाइल आइसो सायनाइड (मिक) गैस ने तीन हजार से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुला दिया था. इसके साथ ही हजारों लोगों को तिल-तिलकर मरने को छोड़ दिया. एक तरफ मरने वालों के परिजन हैं तो दूसरी ओर वे लोग जो मिक से मिली बीमारी से जूझ रहे हैं. गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार ने आईएएनएस को बताया, "अक्टूबर 1986 से गैस पीड़ित हर शनिवार को यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में इकट्ठा होते हैं और अपना हक पाने का नारा बुलंद करते हैं. यहां आने वाले गैस पीड़ित अपने दर्द भी एक-दूसरे के बीच साझा करते हैं." उन्होंने आगे बताया, "बीते 29 वर्षों से गैस पीड़ितों के हर शनिवार को इस पार्क में मिलने का सिलसिला जारी है. यहां पहुंचने वाले अपनी सभी समस्याओं का जिक्र करते हैं, साथ ही एक-दूसरे से राय भी लेते हैं कि क्या किया जाए. यहां आने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से ग्रसित होता है या तो वह स्वयं बीमार होता है या उसके परिजन. जिसे अस्पताल से सुविधा नहीं मिल रही है, उसे निजी अस्पताल के अलावा पैथालॉजी से जांच का परामर्श दिया जाता है." शाहजहांनी पार्क पहुंची यूनियन कार्बाइड से गैस रिसने की रात को याद कर रहीसा बी सहम जाती हैं, वह बताती हैं, "उनका पुतलीघर क्षेत्र में घर है, उनके परिवार में पति नसीर के अलावा एक बेटा और एक बेटी थी, गैस रिसने पर उनकी आंखों में मिर्ची जैसी लगी और सांस रुकने लगी. किसी तरह अपनी जान बचाई, मगर बीमारी ने पति को उनसे छीन लिया." रहीसा बताती हैं कि जब से शनिवार को शाहजहांनी पार्क में बैठक का सिलसिला शुरू हुआ है, तभी से वे लगातार हर शनिवार को इस बैठक में हिस्सा लेने आती हैं. बस अस्वस्थ होने पर बैठक में नहीं आ पातीं. यह बैठक उन्हें अपनी समस्याएं बताने का मौका देती है, इतना ही नहीं समस्या के समाधान के लिए सहयोग भी मिलता है. गैस पीड़ितों का कहना है कि उन्हें मुआवजे से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं जो कुछ भी मिला है, वह सब संघर्ष के चलते ही मिला. राज्य से लेकर केंद्र तक की सरकारें बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ खड़ी रही हैं, मगर न्यायालय के हस्तक्षेप ने उन्हें बहुत कुछ दिलाया, मगर वह नाकाफी है. यही कारण है कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.टिप्पणियां भोपाल गैस हादसे को भले ही 32 वर्ष का वक्त गुजर चुका हो, मगर अपना हक पाने की लड़ाई लड़ने वालों को अब भी आस है कि एक दिन उनकी जीत जरूर होगी. शाहजहांनी पार्क पहुंचने वालों की आंखों में हक की आस आसानी से पढ़ी जा सकती है, उनका जुनून बरकरार है. वे इस बात पर अडिग हैं कि जब तक उनकी सांस चल रही है, वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे और शाहजहांनी पार्क में मिलते रहेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यूनियन कार्बाइड संयंत्र से दो-तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात रिसी मिथाइल आइसो सायनाइड (मिक) गैस ने तीन हजार से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुला दिया था. इसके साथ ही हजारों लोगों को तिल-तिलकर मरने को छोड़ दिया. एक तरफ मरने वालों के परिजन हैं तो दूसरी ओर वे लोग जो मिक से मिली बीमारी से जूझ रहे हैं. गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार ने आईएएनएस को बताया, "अक्टूबर 1986 से गैस पीड़ित हर शनिवार को यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में इकट्ठा होते हैं और अपना हक पाने का नारा बुलंद करते हैं. यहां आने वाले गैस पीड़ित अपने दर्द भी एक-दूसरे के बीच साझा करते हैं." उन्होंने आगे बताया, "बीते 29 वर्षों से गैस पीड़ितों के हर शनिवार को इस पार्क में मिलने का सिलसिला जारी है. यहां पहुंचने वाले अपनी सभी समस्याओं का जिक्र करते हैं, साथ ही एक-दूसरे से राय भी लेते हैं कि क्या किया जाए. यहां आने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से ग्रसित होता है या तो वह स्वयं बीमार होता है या उसके परिजन. जिसे अस्पताल से सुविधा नहीं मिल रही है, उसे निजी अस्पताल के अलावा पैथालॉजी से जांच का परामर्श दिया जाता है." शाहजहांनी पार्क पहुंची यूनियन कार्बाइड से गैस रिसने की रात को याद कर रहीसा बी सहम जाती हैं, वह बताती हैं, "उनका पुतलीघर क्षेत्र में घर है, उनके परिवार में पति नसीर के अलावा एक बेटा और एक बेटी थी, गैस रिसने पर उनकी आंखों में मिर्ची जैसी लगी और सांस रुकने लगी. किसी तरह अपनी जान बचाई, मगर बीमारी ने पति को उनसे छीन लिया." रहीसा बताती हैं कि जब से शनिवार को शाहजहांनी पार्क में बैठक का सिलसिला शुरू हुआ है, तभी से वे लगातार हर शनिवार को इस बैठक में हिस्सा लेने आती हैं. बस अस्वस्थ होने पर बैठक में नहीं आ पातीं. यह बैठक उन्हें अपनी समस्याएं बताने का मौका देती है, इतना ही नहीं समस्या के समाधान के लिए सहयोग भी मिलता है. गैस पीड़ितों का कहना है कि उन्हें मुआवजे से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं जो कुछ भी मिला है, वह सब संघर्ष के चलते ही मिला. राज्य से लेकर केंद्र तक की सरकारें बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ खड़ी रही हैं, मगर न्यायालय के हस्तक्षेप ने उन्हें बहुत कुछ दिलाया, मगर वह नाकाफी है. यही कारण है कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.टिप्पणियां भोपाल गैस हादसे को भले ही 32 वर्ष का वक्त गुजर चुका हो, मगर अपना हक पाने की लड़ाई लड़ने वालों को अब भी आस है कि एक दिन उनकी जीत जरूर होगी. शाहजहांनी पार्क पहुंचने वालों की आंखों में हक की आस आसानी से पढ़ी जा सकती है, उनका जुनून बरकरार है. वे इस बात पर अडिग हैं कि जब तक उनकी सांस चल रही है, वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे और शाहजहांनी पार्क में मिलते रहेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार ने आईएएनएस को बताया, "अक्टूबर 1986 से गैस पीड़ित हर शनिवार को यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में इकट्ठा होते हैं और अपना हक पाने का नारा बुलंद करते हैं. यहां आने वाले गैस पीड़ित अपने दर्द भी एक-दूसरे के बीच साझा करते हैं." उन्होंने आगे बताया, "बीते 29 वर्षों से गैस पीड़ितों के हर शनिवार को इस पार्क में मिलने का सिलसिला जारी है. यहां पहुंचने वाले अपनी सभी समस्याओं का जिक्र करते हैं, साथ ही एक-दूसरे से राय भी लेते हैं कि क्या किया जाए. यहां आने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से ग्रसित होता है या तो वह स्वयं बीमार होता है या उसके परिजन. जिसे अस्पताल से सुविधा नहीं मिल रही है, उसे निजी अस्पताल के अलावा पैथालॉजी से जांच का परामर्श दिया जाता है." शाहजहांनी पार्क पहुंची यूनियन कार्बाइड से गैस रिसने की रात को याद कर रहीसा बी सहम जाती हैं, वह बताती हैं, "उनका पुतलीघर क्षेत्र में घर है, उनके परिवार में पति नसीर के अलावा एक बेटा और एक बेटी थी, गैस रिसने पर उनकी आंखों में मिर्ची जैसी लगी और सांस रुकने लगी. किसी तरह अपनी जान बचाई, मगर बीमारी ने पति को उनसे छीन लिया." रहीसा बताती हैं कि जब से शनिवार को शाहजहांनी पार्क में बैठक का सिलसिला शुरू हुआ है, तभी से वे लगातार हर शनिवार को इस बैठक में हिस्सा लेने आती हैं. बस अस्वस्थ होने पर बैठक में नहीं आ पातीं. यह बैठक उन्हें अपनी समस्याएं बताने का मौका देती है, इतना ही नहीं समस्या के समाधान के लिए सहयोग भी मिलता है. गैस पीड़ितों का कहना है कि उन्हें मुआवजे से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं जो कुछ भी मिला है, वह सब संघर्ष के चलते ही मिला. राज्य से लेकर केंद्र तक की सरकारें बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ खड़ी रही हैं, मगर न्यायालय के हस्तक्षेप ने उन्हें बहुत कुछ दिलाया, मगर वह नाकाफी है. यही कारण है कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.टिप्पणियां भोपाल गैस हादसे को भले ही 32 वर्ष का वक्त गुजर चुका हो, मगर अपना हक पाने की लड़ाई लड़ने वालों को अब भी आस है कि एक दिन उनकी जीत जरूर होगी. शाहजहांनी पार्क पहुंचने वालों की आंखों में हक की आस आसानी से पढ़ी जा सकती है, उनका जुनून बरकरार है. वे इस बात पर अडिग हैं कि जब तक उनकी सांस चल रही है, वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे और शाहजहांनी पार्क में मिलते रहेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने आगे बताया, "बीते 29 वर्षों से गैस पीड़ितों के हर शनिवार को इस पार्क में मिलने का सिलसिला जारी है. यहां पहुंचने वाले अपनी सभी समस्याओं का जिक्र करते हैं, साथ ही एक-दूसरे से राय भी लेते हैं कि क्या किया जाए. यहां आने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से ग्रसित होता है या तो वह स्वयं बीमार होता है या उसके परिजन. जिसे अस्पताल से सुविधा नहीं मिल रही है, उसे निजी अस्पताल के अलावा पैथालॉजी से जांच का परामर्श दिया जाता है." शाहजहांनी पार्क पहुंची यूनियन कार्बाइड से गैस रिसने की रात को याद कर रहीसा बी सहम जाती हैं, वह बताती हैं, "उनका पुतलीघर क्षेत्र में घर है, उनके परिवार में पति नसीर के अलावा एक बेटा और एक बेटी थी, गैस रिसने पर उनकी आंखों में मिर्ची जैसी लगी और सांस रुकने लगी. किसी तरह अपनी जान बचाई, मगर बीमारी ने पति को उनसे छीन लिया." रहीसा बताती हैं कि जब से शनिवार को शाहजहांनी पार्क में बैठक का सिलसिला शुरू हुआ है, तभी से वे लगातार हर शनिवार को इस बैठक में हिस्सा लेने आती हैं. बस अस्वस्थ होने पर बैठक में नहीं आ पातीं. यह बैठक उन्हें अपनी समस्याएं बताने का मौका देती है, इतना ही नहीं समस्या के समाधान के लिए सहयोग भी मिलता है. गैस पीड़ितों का कहना है कि उन्हें मुआवजे से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं जो कुछ भी मिला है, वह सब संघर्ष के चलते ही मिला. राज्य से लेकर केंद्र तक की सरकारें बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ खड़ी रही हैं, मगर न्यायालय के हस्तक्षेप ने उन्हें बहुत कुछ दिलाया, मगर वह नाकाफी है. यही कारण है कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.टिप्पणियां भोपाल गैस हादसे को भले ही 32 वर्ष का वक्त गुजर चुका हो, मगर अपना हक पाने की लड़ाई लड़ने वालों को अब भी आस है कि एक दिन उनकी जीत जरूर होगी. शाहजहांनी पार्क पहुंचने वालों की आंखों में हक की आस आसानी से पढ़ी जा सकती है, उनका जुनून बरकरार है. वे इस बात पर अडिग हैं कि जब तक उनकी सांस चल रही है, वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे और शाहजहांनी पार्क में मिलते रहेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शाहजहांनी पार्क पहुंची यूनियन कार्बाइड से गैस रिसने की रात को याद कर रहीसा बी सहम जाती हैं, वह बताती हैं, "उनका पुतलीघर क्षेत्र में घर है, उनके परिवार में पति नसीर के अलावा एक बेटा और एक बेटी थी, गैस रिसने पर उनकी आंखों में मिर्ची जैसी लगी और सांस रुकने लगी. किसी तरह अपनी जान बचाई, मगर बीमारी ने पति को उनसे छीन लिया." रहीसा बताती हैं कि जब से शनिवार को शाहजहांनी पार्क में बैठक का सिलसिला शुरू हुआ है, तभी से वे लगातार हर शनिवार को इस बैठक में हिस्सा लेने आती हैं. बस अस्वस्थ होने पर बैठक में नहीं आ पातीं. यह बैठक उन्हें अपनी समस्याएं बताने का मौका देती है, इतना ही नहीं समस्या के समाधान के लिए सहयोग भी मिलता है. गैस पीड़ितों का कहना है कि उन्हें मुआवजे से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं जो कुछ भी मिला है, वह सब संघर्ष के चलते ही मिला. राज्य से लेकर केंद्र तक की सरकारें बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ खड़ी रही हैं, मगर न्यायालय के हस्तक्षेप ने उन्हें बहुत कुछ दिलाया, मगर वह नाकाफी है. यही कारण है कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.टिप्पणियां भोपाल गैस हादसे को भले ही 32 वर्ष का वक्त गुजर चुका हो, मगर अपना हक पाने की लड़ाई लड़ने वालों को अब भी आस है कि एक दिन उनकी जीत जरूर होगी. शाहजहांनी पार्क पहुंचने वालों की आंखों में हक की आस आसानी से पढ़ी जा सकती है, उनका जुनून बरकरार है. वे इस बात पर अडिग हैं कि जब तक उनकी सांस चल रही है, वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे और शाहजहांनी पार्क में मिलते रहेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रहीसा बताती हैं कि जब से शनिवार को शाहजहांनी पार्क में बैठक का सिलसिला शुरू हुआ है, तभी से वे लगातार हर शनिवार को इस बैठक में हिस्सा लेने आती हैं. बस अस्वस्थ होने पर बैठक में नहीं आ पातीं. यह बैठक उन्हें अपनी समस्याएं बताने का मौका देती है, इतना ही नहीं समस्या के समाधान के लिए सहयोग भी मिलता है. गैस पीड़ितों का कहना है कि उन्हें मुआवजे से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं जो कुछ भी मिला है, वह सब संघर्ष के चलते ही मिला. राज्य से लेकर केंद्र तक की सरकारें बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ खड़ी रही हैं, मगर न्यायालय के हस्तक्षेप ने उन्हें बहुत कुछ दिलाया, मगर वह नाकाफी है. यही कारण है कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.टिप्पणियां भोपाल गैस हादसे को भले ही 32 वर्ष का वक्त गुजर चुका हो, मगर अपना हक पाने की लड़ाई लड़ने वालों को अब भी आस है कि एक दिन उनकी जीत जरूर होगी. शाहजहांनी पार्क पहुंचने वालों की आंखों में हक की आस आसानी से पढ़ी जा सकती है, उनका जुनून बरकरार है. वे इस बात पर अडिग हैं कि जब तक उनकी सांस चल रही है, वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे और शाहजहांनी पार्क में मिलते रहेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गैस पीड़ितों का कहना है कि उन्हें मुआवजे से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं जो कुछ भी मिला है, वह सब संघर्ष के चलते ही मिला. राज्य से लेकर केंद्र तक की सरकारें बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ खड़ी रही हैं, मगर न्यायालय के हस्तक्षेप ने उन्हें बहुत कुछ दिलाया, मगर वह नाकाफी है. यही कारण है कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.टिप्पणियां भोपाल गैस हादसे को भले ही 32 वर्ष का वक्त गुजर चुका हो, मगर अपना हक पाने की लड़ाई लड़ने वालों को अब भी आस है कि एक दिन उनकी जीत जरूर होगी. शाहजहांनी पार्क पहुंचने वालों की आंखों में हक की आस आसानी से पढ़ी जा सकती है, उनका जुनून बरकरार है. वे इस बात पर अडिग हैं कि जब तक उनकी सांस चल रही है, वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे और शाहजहांनी पार्क में मिलते रहेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भोपाल गैस हादसे को भले ही 32 वर्ष का वक्त गुजर चुका हो, मगर अपना हक पाने की लड़ाई लड़ने वालों को अब भी आस है कि एक दिन उनकी जीत जरूर होगी. शाहजहांनी पार्क पहुंचने वालों की आंखों में हक की आस आसानी से पढ़ी जा सकती है, उनका जुनून बरकरार है. वे इस बात पर अडिग हैं कि जब तक उनकी सांस चल रही है, वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे और शाहजहांनी पार्क में मिलते रहेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: 29 वर्षों से जारी है भोपाल गैस कांड के पीड़ितों का संघर्ष सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग से लेकर नौजवान तक एकत्रित होते हैं एक-दूसरे की समस्याएं सुनते हैं और मदद भी करते हैं
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['hin']
एक सारांश बनाओ: दो बार की चैम्पियन साइना नेहवाल ने जकार्ता में इंडोनेशियाई सुपर सीरीज प्रीमियर में तीन गेम में मिली चुनौती को पार करते हुए और पी कश्यप ने शीर्ष वरीय चीनी खिलाड़ी चेन लांग को हराकर उलटफेर करके क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया।   दुनिया के 26वें नंबर के खिलाड़ी कश्यप ने नई दिल्ली में इंडिया ओपन सुपर सीरीज के दौरान अंतिम क्षण में लंदन ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया था। उन्होंने तीसरी रैंकिंग के चेन को पुरूष एकल में 45 मिनट तक चले मुकाबले में 21-17, 21-14 से शिकस्त दी।   अब उनका सामना शुक्रवार को क्वार्टरफाइनल में डेनमार्क के हैंस क्रिस्टियन विटिंघस से होगा। कश्यप ने अपने स्मैश और बेहतरीन नेट गेम से चीनी खिलाड़ी को पस्त किया। उन्होंने 26 स्मैश विनर लगाये और नेट से 14 अंक हासिल किये जबकि चेन ने 21 स्मैश विनर लगाये और नेट से केवल सात अंक जुटाये।   इससे पहले पांचवीं वरीय साइना ने महिला एकल स्पर्धा में करीब एक घंटे तक चले मुकाबले में दुनिया की 46वीं नंबर की इंडोनेशिया की एप्रिला युस्वांदरी सेएप्रिला को 21-17, 14-21, 21-13 से शिकस्त दी। इस भारतीय ने 2009 और 2010 में लगातार दो खिताब अपने नाम किये हैं।   साइना पिछले सत्र में उप विजेता रही है। अब उनका सामना चीन की शिजियान वांग से होगा जिसने इंडानेशिया की जुआन जीयू को 21-12, 21-11 से शिकस्त दी।टिप्पणियां शिजियान के खिलाफ साइना का रिकार्ड 2-1 का है और इस भारतीय ने मार्च में स्विस ओपन ग्रां प्री गोल्ड में इस चीनी खिलाड़ी को हराकर सत्र का पहला खिताब जीता था। इंडोनेशिया की एप्रिला ने 3-0 से बढ़त बना ली और 14-14 की बराबरी तक विपक्षी खिलाड़ी को कड़ी चुनौती दी। इसके बाद साइना ने सीधे पांच अंक जुटाकर मैच में 1-0 की बढ़त बना ली।   एप्रिला ने दूसरे गेम में 10-10 की बराबरी के बाद साइना को पछाड़ते हुए वापसी की और यह सेट अपने नाम कर लिया।   निर्णायक सेट में साइना ने अधिक स्मैश जमाने शुरू कर दिये और नेट से अंक जुटाये। एप्रिला शुरू से ही इस सेट में पिछड़ गई और इस भारतीय ने आसानी से यह सेट हासिल किया। साइना ने पिछले हफ्ते बैंकाक में थाईलैंड ओपन ग्रां प्री गोल्ड टूर्नामेंट का खिताब जीता था।   पुरूष एकल में अजय जयराम 35 मिनट में इंडोनेशिया के डियोनीसियस हयोम रूम्बाका से 15-21, 14-21 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।   एक अन्य मैच में आठवीं वरीय जर्मनी की जुलियन श्चंके ने पीवी संधू को 33 मिनट में 21-14, 21-14 से शिकस्त देकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।   शिजियान के खिलाफ साइना का रिकार्ड 2-1 का है और इस भारतीय ने मार्च में स्विस ओपन ग्रां प्री गोल्ड में इस चीनी खिलाड़ी को हराकर सत्र का पहला खिताब जीता था। इंडोनेशिया की एप्रिला ने 3-0 से बढ़त बना ली और 14-14 की बराबरी तक विपक्षी खिलाड़ी को कड़ी चुनौती दी। इसके बाद साइना ने सीधे पांच अंक जुटाकर मैच में 1-0 की बढ़त बना ली।   एप्रिला ने दूसरे गेम में 10-10 की बराबरी के बाद साइना को पछाड़ते हुए वापसी की और यह सेट अपने नाम कर लिया।   निर्णायक सेट में साइना ने अधिक स्मैश जमाने शुरू कर दिये और नेट से अंक जुटाये। एप्रिला शुरू से ही इस सेट में पिछड़ गई और इस भारतीय ने आसानी से यह सेट हासिल किया। साइना ने पिछले हफ्ते बैंकाक में थाईलैंड ओपन ग्रां प्री गोल्ड टूर्नामेंट का खिताब जीता था।   पुरूष एकल में अजय जयराम 35 मिनट में इंडोनेशिया के डियोनीसियस हयोम रूम्बाका से 15-21, 14-21 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।   एक अन्य मैच में आठवीं वरीय जर्मनी की जुलियन श्चंके ने पीवी संधू को 33 मिनट में 21-14, 21-14 से शिकस्त देकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।   इंडोनेशिया की एप्रिला ने 3-0 से बढ़त बना ली और 14-14 की बराबरी तक विपक्षी खिलाड़ी को कड़ी चुनौती दी। इसके बाद साइना ने सीधे पांच अंक जुटाकर मैच में 1-0 की बढ़त बना ली।   एप्रिला ने दूसरे गेम में 10-10 की बराबरी के बाद साइना को पछाड़ते हुए वापसी की और यह सेट अपने नाम कर लिया।   निर्णायक सेट में साइना ने अधिक स्मैश जमाने शुरू कर दिये और नेट से अंक जुटाये। एप्रिला शुरू से ही इस सेट में पिछड़ गई और इस भारतीय ने आसानी से यह सेट हासिल किया। साइना ने पिछले हफ्ते बैंकाक में थाईलैंड ओपन ग्रां प्री गोल्ड टूर्नामेंट का खिताब जीता था।   पुरूष एकल में अजय जयराम 35 मिनट में इंडोनेशिया के डियोनीसियस हयोम रूम्बाका से 15-21, 14-21 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।   एक अन्य मैच में आठवीं वरीय जर्मनी की जुलियन श्चंके ने पीवी संधू को 33 मिनट में 21-14, 21-14 से शिकस्त देकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।
संक्षिप्त सारांश: दो बार की चैम्पियन साइना नेहवाल ने जकार्ता में इंडोनेशियाई सुपर सीरीज प्रीमियर में तीन गेम में मिली चुनौती को पार करते हुए और पी कश्यप ने शीर्ष वरीय चीनी खिलाड़ी चेन लांग को हराकर उलटफेर करके क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आज एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि आज की बैठक में रविवार को होने वाले कैबिनेट फेरबदल को अंतिम रूप दिया जाएगा।टिप्पणियां कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक रविवार को होने जा रहे कैबिनेट फेरबदल में राहुल गांधी मनमोहन कैबिनेट में शामिल नहीं होने जा रहे हैं, लेकिन चार बड़े मंत्रियों में से एक का पत्ता कटना भी तय माना जा रहा है। कैबिनेट में कई नए चेहरों को जगह दी जा सकती है। इशारा विदेशमंत्री एसएम कृष्णा की तरफ भी है, जिन्हें संगठन में भेजा जा सकता है, आरोपों के घेरे में आए सलमान खुर्शीद की कुर्सी नहीं जाएगी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक रविवार को होने जा रहे कैबिनेट फेरबदल में राहुल गांधी मनमोहन कैबिनेट में शामिल नहीं होने जा रहे हैं, लेकिन चार बड़े मंत्रियों में से एक का पत्ता कटना भी तय माना जा रहा है। कैबिनेट में कई नए चेहरों को जगह दी जा सकती है। इशारा विदेशमंत्री एसएम कृष्णा की तरफ भी है, जिन्हें संगठन में भेजा जा सकता है, आरोपों के घेरे में आए सलमान खुर्शीद की कुर्सी नहीं जाएगी। इशारा विदेशमंत्री एसएम कृष्णा की तरफ भी है, जिन्हें संगठन में भेजा जा सकता है, आरोपों के घेरे में आए सलमान खुर्शीद की कुर्सी नहीं जाएगी।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक रविवार को होने जा रहे कैबिनेट फेरबदल में राहुल गांधी मनमोहन कैबिनेट में शामिल नहीं होने जा रहे हैं, लेकिन चार बड़े मंत्रियों में से एक का पत्ता कटना तय है।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री वीएस आचार्य का मंगलवार को हृदयाघात के कारण निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे।टिप्पणियां मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने शहर के मध्य स्थित मालिगे अस्पताल में बताया, "आचार्य नहीं रहे। यह हमारे और हमारी पार्टी के लिए बड़ा सदमा है।" आचार्य अस्पताल के पास में ही आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बेहोश हो गए थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आचार्य अपने पीछे पत्नी, चार पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। आचार्य खुद चिकित्सक थे और उडुपी तटीय जिले से थे। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में बिताया था। मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने शहर के मध्य स्थित मालिगे अस्पताल में बताया, "आचार्य नहीं रहे। यह हमारे और हमारी पार्टी के लिए बड़ा सदमा है।" आचार्य अस्पताल के पास में ही आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बेहोश हो गए थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आचार्य अपने पीछे पत्नी, चार पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। आचार्य खुद चिकित्सक थे और उडुपी तटीय जिले से थे। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में बिताया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आचार्य अपने पीछे पत्नी, चार पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। आचार्य खुद चिकित्सक थे और उडुपी तटीय जिले से थे। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में बिताया था।
यह एक सारांश है: कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री वीएस आचार्य का मंगलवार को हृदयाघात के कारण निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपोलो 11 (Apollo 11) का मकसद था, इसमें बैठे तीनों एस्ट्रोनॉट्स (नील आर्मस्ट्रॉन्ग, एडविन 'बज़' एल्ड्रिन और माइकल कॉलिन्स) को सुरक्षित चांद पर ले जाकर पृथ्वी पर वापस लाना. माइकल कॉलिन्स (Michael Collins) बतौर पायलट अपोलो 11 में मौजूद रहे. वहीं, नील आर्मस्ट्रॉन्ग (Neil Armstrong) और एडविन 'बज़' एल्ड्रिन (Edwin "Buzz" Aldrin) ने चांद पर कदम रखा.  Apollo 11 Space Mission: चांद पर कदम रखने के बाद नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने मांगी थी इंदिरा गांधी से माफी, पढ़ें पूरा किस्सा नील आर्मस्ट्रॉन्ग (Neil Armstrong) और एडविन 'बज़' एल्ड्रिन (Edwin "Buzz" Aldrin) दोनों की चांद पर लैंडिंग को 50 साल 20 जुलाई 2019 को होंगे. बता दें, अपोलो 11 (Apollo 11) को 1969 में कैनेडी स्पेस सेंटर लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से सुबह 08:32 पर लॉन्च किया गया था. अपोलो 11 (Apollo 11) में माइकल कॉलिन्स (Michael Collins) ने मॉड्यूल पायलट की जिम्मेदारी संभाली थी, जिससे नील आर्मस्ट्रॉन्ग (Neil Armstrong) और एडविन 'बज़' एल्ड्रिन (Edwin "Buzz" Aldrin) चांद पर भ्रमण के लिए निकले. जिस लूनर मॉड्यूल से ये दोनों एस्ट्रोनॉट्स अपोलो 11 से निकल चांद तक पहुंचे उसे 'द ईगल' (the Eagle) नाम दिया गया था.  चांद पर दोनों एस्ट्रोनॉट्स ने 21 घंटे 31 मिनट तक समय बिताया. एडविन 'बज़' एल्ड्रिन ने नील आर्मस्ट्रॉन्ग के 19 मिनट बाद चांद पर कदम रखा. दोनों ने स्पेस क्राफ्ट पर 2 घंटे 15 मिनट बिताए. लेकिन नील आर्मस्ट्रॉन्ग (Neil Armstrong) और एडविन 'बज़' एल्ड्रिन (Edwin "Buzz" Aldrin) के लिए चांद तक पहुंचने का ये सफर आसान नहीं था. सबसे पहले दोनों एस्ट्रोनॉट्स का पृथ्वी से रेडियो कॉन्टेक्ट टूटा. इसके बाद ऑनबोर्ड कम्प्यूटर में कई एरर कोड्स आने लगे. इतना ही नहीं, 'द ईगल' (the Eagle) में ईंधन की कमी भी सामने आई. लेकिन नील आर्मस्ट्रॉन्ग और एडविन एल्ड्रिन दोनों ने मिलकर सफलतापूर्वक इन परेशानियों का सामना कर 20 जुलाई, 1969 को चांद पर लैंडिग की. अपोलो 11 के इस मिशन के साथ ही नील आर्मस्ट्रॉन्ग चांद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बने. नील आर्मस्ट्रॉन्ग के कुछ मिनट बाद एडविन 'बज़' एल्ड्रिन ने चांद पर कदम रखा. वहीं, माइकल कॉलिन्स ने ऑरबिट पायलट अपनी जिम्मेदारी संभाली.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: Apollo 11 मिशन को हुए 50 साल Google ने Apollo 11 का बनाया Doodle वीडियो में देखें अपोलो 11 का पूरा सफर
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बता दें कि पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से 26 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे. जिनमें रमेश कुमार शर्मा (Ramesh Kumar Sharma) चौथे स्थान पर रहे. वो कुल मतों का केवल 0.14 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त कर सके. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राम कृपाल यादव ने 5 लाख (47.28 प्रतिशत) मतों के साथ सीट जीती. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की बेटी राष्ट्रीय जनता दल की मीसा भारती 4.7 लाख (43.63 प्रतिशत) मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. रमेश कुमार शर्मा (Ramesh Kumar Sharma) ने  लोकसभा  चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) से पहले कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी (PM Narendra Modi) के झूठे वादों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. चार्टर्ड इंजीनियर डिग्री धारक रमेश कुमार शर्मा के पास नौ वाहन हैं. इनमें फॉक्सवैगन जेट्टा, होंडा सिटी और ओप्टा शेवरले शामिल हैं. यह जानकारी उन्होंने अपने हफलनामे में दी थी. शर्मा ने अपनी कुल संपत्ति 11,07,58,33,190 रुपये घोषित की है, जिसमें 7,08,33,190 चल संपत्ति है. रमेश कुमार शर्मा (Ramesh Kumar Sharma) ने आईएएनएस से कहा था, "नोटबंदी करके मोदी ने लोगों के पास से पैसे निकाल लिए. चारों तरफ अपराध हो रहे हैं और वे देश को लूट रहे हैं. मैं यह चुनाव जुमलेबाज मोदी के खिलाफ लड़ रहा हूं." शर्मा अपनी जीत के प्रति 100 फीसदी आश्वस्त थे. उनका कहना था कि अमित शाह भी चुनाव मैदान में आ जाएं तो भी वही जीतेंगे.
यहाँ एक सारांश है:लोकसभा चुनाव में सबसे अमीर कैंडिडेट थे रमेश कुमार शर्मा बिहार की पाटलीपुत्र सीट से लड़े थे चुनाव इस चुनाव में वो अपनी जमानत जब्त करा बैठे
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंदौर में पुलिस ने 40 साल के एक शख्स के खिलाफ उसकी नाबालिग बेटी की शिकायत पर बलात्कार का मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बाणगंगा क्षेत्र में शेव सिंह ने 16 अप्रैल को अपनी 13 वर्षीय बेटी से कथित तौर पर तब दुष्कर्म किया, जब उसके घर में कोई नहीं था। संदेह है कि वारदात के वक्त वह नशे में था। सूत्रों के मुताबिक बलात्कार की शिकार नाबालिग लड़की ने अपने पिता की घिनौनी हरकत को लेकर छह दिन तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन जब उसकी मां ने उसके रुआंसे रहने की वजह पूछी, तो उसने आपबीती सुना दी। दुष्कर्म की शिकार किशोरी की मेडिकल जांच करा ली गई है। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक बलात्कार की शिकार नाबालिग लड़की ने अपने पिता की घिनौनी हरकत को लेकर छह दिन तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन जब उसकी मां ने उसके रुआंसे रहने की वजह पूछी, तो उसने आपबीती सुना दी। दुष्कर्म की शिकार किशोरी की मेडिकल जांच करा ली गई है। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी है।
यहाँ एक सारांश है:बलात्कार की शिकार नाबालिग लड़की ने छह दिन तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन जब उसकी मां ने उसके रुआंसे रहने की वजह पूछी, तो उसने आपबीती सुना दी।
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: टाटा संस की बोर्ड की बैठकें प्राय: शांत और पूर्व निर्धारित मुद्दों पर होती हैं. लेकिन सोमवार को हुई बैठक सामान्‍य नहीं थी जिसके बाद साइरस मिस्‍त्री को समूह के चेयरमैन पद से हटाने की चौंकाने वाली खबर आई. NDTV को टाटा संस के बोर्ड के दो सूत्रों (इनमें से एक सोमवार की बैठक में मौजूद था) से मिली एक्‍सक्‍लूसिव जानकारी से पता चलता है कि मिस्‍त्री को हटाए जाने के फैसले से बोर्डरूम के अंदर उग्र और अप्रत्‍याशित माहौल देखने को मिला. मिस्‍त्री को बाहर किया जाना शायद जानबूझकर बोर्ड के एजेंडा में शामिल नहीं था. एक सूत्र ने NDTV को बताया कि बोर्ड की बैठक के लिए तय मुद्दों के किसी भी अन्‍य आइटम की श्रेणी के तहत इसे बैठक में लाया गया. जब बैठक में इसे लाया गया तो कहा जाता है कि मिस्‍त्री ने यह कहते हुए कि यह कानूनी रूप से गलत कदम है, इसका विरोध किया. बताया जाता है कि उन्‍होंने टाटा रूल बुक का हवाला देते हुए कहा कि बोर्ड के सामने ऐसे किसी मसले को लाए जाने से पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए, ताकि इतने समय में वह अपनी बात रखने के लिए तैयारी कर सकते थे. उसके बाद बोर्ड ने उनसे कहा कि उन्‍होंने इस फैसले के समर्थन में कानूनी सलाह ली है. मिस्‍त्री को वह कानूनी सलाह भी दिखाई गई. बोर्ड उनसे लगातार कहता रहा कि यह कोई अदालत की सुनवाई नहीं है. इस मसले पर साइरस मिस्‍त्री ने कहा कि वह इस निर्णय को चुनौती देंगे. रिपोर्टों के मुताबिक वह इस मसले पर मंगलवार को बॉम्‍बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं. इससे पहले नौ सदस्‍यीय बोर्ड में से छह सदस्‍यों ने उनको हटाए जाने के पक्ष में वोट दिया. दो सदस्‍य अनुपस्थित रहे. नवें सदस्‍य के रूप में मिस्‍त्री ने इस प्रक्रिया में हिस्‍सा लेने से इनकार कर दिया. हालांकि इस घटनाक्रम के बावजूद वह कंपनी के निदेशक होने के साथ-साथ टाटा बोर्ड के सदस्‍य बने हुए हैं.  टिप्पणियां बोर्ड के एक सूत्र ने NDTV को बताया कि मिस्‍त्री को हटाए जाने के मसले पर हफ्तों या संभवतया महीनों से विचार किया जा रहा था. यह निर्णय ''किसी विवाद की वजह से नहीं लिया गया'' जबकि सीईओ के रूप में उनके दयनीय प्रदर्शन के कारण लिया गया. उन्‍होंने कहा कि इस वक्‍त टाटा की अनेक कंपनियों में से केवल दो ही लाभ में हैं बाकी संघर्ष कर रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि मिस्‍त्री को टाटा ग्रुप की परंपरा के विपरीत इस तरह से क्‍यों हटाया गया तो अंदरूनी सूत्र ने वैश्विक हवाला देते हुए कहा कि जब इस तरह के शीर्ष पदस्‍थ लोगों को हटाया जाता है तो 'गिलोटिन' दृष्टिकोण अपनाया जाता है. NDTV को टाटा संस के बोर्ड के दो सूत्रों (इनमें से एक सोमवार की बैठक में मौजूद था) से मिली एक्‍सक्‍लूसिव जानकारी से पता चलता है कि मिस्‍त्री को हटाए जाने के फैसले से बोर्डरूम के अंदर उग्र और अप्रत्‍याशित माहौल देखने को मिला. मिस्‍त्री को बाहर किया जाना शायद जानबूझकर बोर्ड के एजेंडा में शामिल नहीं था. एक सूत्र ने NDTV को बताया कि बोर्ड की बैठक के लिए तय मुद्दों के किसी भी अन्‍य आइटम की श्रेणी के तहत इसे बैठक में लाया गया. जब बैठक में इसे लाया गया तो कहा जाता है कि मिस्‍त्री ने यह कहते हुए कि यह कानूनी रूप से गलत कदम है, इसका विरोध किया. बताया जाता है कि उन्‍होंने टाटा रूल बुक का हवाला देते हुए कहा कि बोर्ड के सामने ऐसे किसी मसले को लाए जाने से पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए, ताकि इतने समय में वह अपनी बात रखने के लिए तैयारी कर सकते थे. उसके बाद बोर्ड ने उनसे कहा कि उन्‍होंने इस फैसले के समर्थन में कानूनी सलाह ली है. मिस्‍त्री को वह कानूनी सलाह भी दिखाई गई. बोर्ड उनसे लगातार कहता रहा कि यह कोई अदालत की सुनवाई नहीं है. इस मसले पर साइरस मिस्‍त्री ने कहा कि वह इस निर्णय को चुनौती देंगे. रिपोर्टों के मुताबिक वह इस मसले पर मंगलवार को बॉम्‍बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं. इससे पहले नौ सदस्‍यीय बोर्ड में से छह सदस्‍यों ने उनको हटाए जाने के पक्ष में वोट दिया. दो सदस्‍य अनुपस्थित रहे. नवें सदस्‍य के रूप में मिस्‍त्री ने इस प्रक्रिया में हिस्‍सा लेने से इनकार कर दिया. हालांकि इस घटनाक्रम के बावजूद वह कंपनी के निदेशक होने के साथ-साथ टाटा बोर्ड के सदस्‍य बने हुए हैं.  टिप्पणियां बोर्ड के एक सूत्र ने NDTV को बताया कि मिस्‍त्री को हटाए जाने के मसले पर हफ्तों या संभवतया महीनों से विचार किया जा रहा था. यह निर्णय ''किसी विवाद की वजह से नहीं लिया गया'' जबकि सीईओ के रूप में उनके दयनीय प्रदर्शन के कारण लिया गया. उन्‍होंने कहा कि इस वक्‍त टाटा की अनेक कंपनियों में से केवल दो ही लाभ में हैं बाकी संघर्ष कर रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि मिस्‍त्री को टाटा ग्रुप की परंपरा के विपरीत इस तरह से क्‍यों हटाया गया तो अंदरूनी सूत्र ने वैश्विक हवाला देते हुए कहा कि जब इस तरह के शीर्ष पदस्‍थ लोगों को हटाया जाता है तो 'गिलोटिन' दृष्टिकोण अपनाया जाता है. एक सूत्र ने NDTV को बताया कि बोर्ड की बैठक के लिए तय मुद्दों के किसी भी अन्‍य आइटम की श्रेणी के तहत इसे बैठक में लाया गया. जब बैठक में इसे लाया गया तो कहा जाता है कि मिस्‍त्री ने यह कहते हुए कि यह कानूनी रूप से गलत कदम है, इसका विरोध किया. बताया जाता है कि उन्‍होंने टाटा रूल बुक का हवाला देते हुए कहा कि बोर्ड के सामने ऐसे किसी मसले को लाए जाने से पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए, ताकि इतने समय में वह अपनी बात रखने के लिए तैयारी कर सकते थे. उसके बाद बोर्ड ने उनसे कहा कि उन्‍होंने इस फैसले के समर्थन में कानूनी सलाह ली है. मिस्‍त्री को वह कानूनी सलाह भी दिखाई गई. बोर्ड उनसे लगातार कहता रहा कि यह कोई अदालत की सुनवाई नहीं है. इस मसले पर साइरस मिस्‍त्री ने कहा कि वह इस निर्णय को चुनौती देंगे. रिपोर्टों के मुताबिक वह इस मसले पर मंगलवार को बॉम्‍बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं. इससे पहले नौ सदस्‍यीय बोर्ड में से छह सदस्‍यों ने उनको हटाए जाने के पक्ष में वोट दिया. दो सदस्‍य अनुपस्थित रहे. नवें सदस्‍य के रूप में मिस्‍त्री ने इस प्रक्रिया में हिस्‍सा लेने से इनकार कर दिया. हालांकि इस घटनाक्रम के बावजूद वह कंपनी के निदेशक होने के साथ-साथ टाटा बोर्ड के सदस्‍य बने हुए हैं.  टिप्पणियां बोर्ड के एक सूत्र ने NDTV को बताया कि मिस्‍त्री को हटाए जाने के मसले पर हफ्तों या संभवतया महीनों से विचार किया जा रहा था. यह निर्णय ''किसी विवाद की वजह से नहीं लिया गया'' जबकि सीईओ के रूप में उनके दयनीय प्रदर्शन के कारण लिया गया. उन्‍होंने कहा कि इस वक्‍त टाटा की अनेक कंपनियों में से केवल दो ही लाभ में हैं बाकी संघर्ष कर रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि मिस्‍त्री को टाटा ग्रुप की परंपरा के विपरीत इस तरह से क्‍यों हटाया गया तो अंदरूनी सूत्र ने वैश्विक हवाला देते हुए कहा कि जब इस तरह के शीर्ष पदस्‍थ लोगों को हटाया जाता है तो 'गिलोटिन' दृष्टिकोण अपनाया जाता है. बताया जाता है कि उन्‍होंने टाटा रूल बुक का हवाला देते हुए कहा कि बोर्ड के सामने ऐसे किसी मसले को लाए जाने से पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए, ताकि इतने समय में वह अपनी बात रखने के लिए तैयारी कर सकते थे. उसके बाद बोर्ड ने उनसे कहा कि उन्‍होंने इस फैसले के समर्थन में कानूनी सलाह ली है. मिस्‍त्री को वह कानूनी सलाह भी दिखाई गई. बोर्ड उनसे लगातार कहता रहा कि यह कोई अदालत की सुनवाई नहीं है. इस मसले पर साइरस मिस्‍त्री ने कहा कि वह इस निर्णय को चुनौती देंगे. रिपोर्टों के मुताबिक वह इस मसले पर मंगलवार को बॉम्‍बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं. इससे पहले नौ सदस्‍यीय बोर्ड में से छह सदस्‍यों ने उनको हटाए जाने के पक्ष में वोट दिया. दो सदस्‍य अनुपस्थित रहे. नवें सदस्‍य के रूप में मिस्‍त्री ने इस प्रक्रिया में हिस्‍सा लेने से इनकार कर दिया. हालांकि इस घटनाक्रम के बावजूद वह कंपनी के निदेशक होने के साथ-साथ टाटा बोर्ड के सदस्‍य बने हुए हैं.  टिप्पणियां बोर्ड के एक सूत्र ने NDTV को बताया कि मिस्‍त्री को हटाए जाने के मसले पर हफ्तों या संभवतया महीनों से विचार किया जा रहा था. यह निर्णय ''किसी विवाद की वजह से नहीं लिया गया'' जबकि सीईओ के रूप में उनके दयनीय प्रदर्शन के कारण लिया गया. उन्‍होंने कहा कि इस वक्‍त टाटा की अनेक कंपनियों में से केवल दो ही लाभ में हैं बाकी संघर्ष कर रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि मिस्‍त्री को टाटा ग्रुप की परंपरा के विपरीत इस तरह से क्‍यों हटाया गया तो अंदरूनी सूत्र ने वैश्विक हवाला देते हुए कहा कि जब इस तरह के शीर्ष पदस्‍थ लोगों को हटाया जाता है तो 'गिलोटिन' दृष्टिकोण अपनाया जाता है. इस मसले पर साइरस मिस्‍त्री ने कहा कि वह इस निर्णय को चुनौती देंगे. रिपोर्टों के मुताबिक वह इस मसले पर मंगलवार को बॉम्‍बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं. इससे पहले नौ सदस्‍यीय बोर्ड में से छह सदस्‍यों ने उनको हटाए जाने के पक्ष में वोट दिया. दो सदस्‍य अनुपस्थित रहे. नवें सदस्‍य के रूप में मिस्‍त्री ने इस प्रक्रिया में हिस्‍सा लेने से इनकार कर दिया. हालांकि इस घटनाक्रम के बावजूद वह कंपनी के निदेशक होने के साथ-साथ टाटा बोर्ड के सदस्‍य बने हुए हैं.  टिप्पणियां बोर्ड के एक सूत्र ने NDTV को बताया कि मिस्‍त्री को हटाए जाने के मसले पर हफ्तों या संभवतया महीनों से विचार किया जा रहा था. यह निर्णय ''किसी विवाद की वजह से नहीं लिया गया'' जबकि सीईओ के रूप में उनके दयनीय प्रदर्शन के कारण लिया गया. उन्‍होंने कहा कि इस वक्‍त टाटा की अनेक कंपनियों में से केवल दो ही लाभ में हैं बाकी संघर्ष कर रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि मिस्‍त्री को टाटा ग्रुप की परंपरा के विपरीत इस तरह से क्‍यों हटाया गया तो अंदरूनी सूत्र ने वैश्विक हवाला देते हुए कहा कि जब इस तरह के शीर्ष पदस्‍थ लोगों को हटाया जाता है तो 'गिलोटिन' दृष्टिकोण अपनाया जाता है. इससे पहले नौ सदस्‍यीय बोर्ड में से छह सदस्‍यों ने उनको हटाए जाने के पक्ष में वोट दिया. दो सदस्‍य अनुपस्थित रहे. नवें सदस्‍य के रूप में मिस्‍त्री ने इस प्रक्रिया में हिस्‍सा लेने से इनकार कर दिया. हालांकि इस घटनाक्रम के बावजूद वह कंपनी के निदेशक होने के साथ-साथ टाटा बोर्ड के सदस्‍य बने हुए हैं.  टिप्पणियां बोर्ड के एक सूत्र ने NDTV को बताया कि मिस्‍त्री को हटाए जाने के मसले पर हफ्तों या संभवतया महीनों से विचार किया जा रहा था. यह निर्णय ''किसी विवाद की वजह से नहीं लिया गया'' जबकि सीईओ के रूप में उनके दयनीय प्रदर्शन के कारण लिया गया. उन्‍होंने कहा कि इस वक्‍त टाटा की अनेक कंपनियों में से केवल दो ही लाभ में हैं बाकी संघर्ष कर रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि मिस्‍त्री को टाटा ग्रुप की परंपरा के विपरीत इस तरह से क्‍यों हटाया गया तो अंदरूनी सूत्र ने वैश्विक हवाला देते हुए कहा कि जब इस तरह के शीर्ष पदस्‍थ लोगों को हटाया जाता है तो 'गिलोटिन' दृष्टिकोण अपनाया जाता है. बोर्ड के एक सूत्र ने NDTV को बताया कि मिस्‍त्री को हटाए जाने के मसले पर हफ्तों या संभवतया महीनों से विचार किया जा रहा था. यह निर्णय ''किसी विवाद की वजह से नहीं लिया गया'' जबकि सीईओ के रूप में उनके दयनीय प्रदर्शन के कारण लिया गया. उन्‍होंने कहा कि इस वक्‍त टाटा की अनेक कंपनियों में से केवल दो ही लाभ में हैं बाकी संघर्ष कर रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि मिस्‍त्री को टाटा ग्रुप की परंपरा के विपरीत इस तरह से क्‍यों हटाया गया तो अंदरूनी सूत्र ने वैश्विक हवाला देते हुए कहा कि जब इस तरह के शीर्ष पदस्‍थ लोगों को हटाया जाता है तो 'गिलोटिन' दृष्टिकोण अपनाया जाता है. जब उनसे पूछा गया कि मिस्‍त्री को टाटा ग्रुप की परंपरा के विपरीत इस तरह से क्‍यों हटाया गया तो अंदरूनी सूत्र ने वैश्विक हवाला देते हुए कहा कि जब इस तरह के शीर्ष पदस्‍थ लोगों को हटाया जाता है तो 'गिलोटिन' दृष्टिकोण अपनाया जाता है.
संक्षिप्त सारांश: मिस्‍त्री को बाहर किया जाना शायद जानबूझकर बोर्ड एजेंडा में शामिल नहीं था मिस्‍त्री ने कहा कि यह कानूनी रूप से गलत कदम है और इसका विरोध किया बोर्ड की इसी बैठक में मिस्‍त्री ने कहा कि वह इस निर्णय को चुनौती देंगे
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रस्तावित आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप में विलंब हो सकता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने स्वीकार किया कि 2013 में यह महत्वाकांक्षी टूर्नामेंट शुरू करने में कई व्यावसायिक चुनौतियां हैं। यहां अपनी चौथी और आखिरी कार्यकारी बोर्ड बैठक के बाद आईसीसी ने संकेत दिया कि टेस्ट चैम्पियनशिप 2017 तक टल सकती है क्योंकि उसे अंतिम तिथि तय करने से पहले सभी संबंधित पक्षों को साथ लाना होगा जिसमें प्रसारक और सदस्य बोर्ड शामिल हैं। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट ने एक बयान में कहा, आईसीसी कार्यकारी बोर्ड ने इसकी पुष्टि की कि उनकी प्राथमिकता 2013 में आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप का आयोजन है लेकिन चैम्पियंस ट्रॉफी की जगह लेने में कई व्यावसायिक चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा, आईसीसी के प्रसारण साझेदार ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स का सहयोग और सहमति, सदस्य देशों पर वित्तीय भार और खेल का विकास अहम होगा। यदि टेस्ट चैम्पियनशिप 2017 तक खिसकती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा लेकिन बोर्ड को कई मामलों में संतुलन बनाना होगा। आईसीसी कार्यकारी बोर्ड द्वारा लिए गए अन्य फैसलों में पाकिस्तान और बांग्लादेश को 2012-14 के लिए उपाध्यक्ष पद के नामांकन दाखिल करने के लिए कहा गया है। कार्यकारी बोर्ड ने 2015 विश्व कप के लिए नई एसोसिएट और एफिलिएट क्वालीफाइंग व्यवस्था को भी मंजूरी दे दी।
यहाँ एक सारांश है:प्रस्तावित टेस्ट चैम्पियनशिप में विलंब हो सकता है क्योंकि आईसीसी ने स्वीकार किया कि 2013 में यह महत्वाकांक्षी टूर्नामेंट शुरू करने में कई चुनौतियां हैं।
4
['hin']