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|---|---|---|---|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अल्जीरिया के विशेष बलों ने सहारा रेगिस्तान के बीच स्थित प्राकृतिक गैस संयंत्र परिसर में शनिवार को आखिरी धावा बोलते हुए चार दिनों से चल रहे बंधक संकट को समाप्त कर दिया। सरकारी संवाद एजेंसी और दो विदेशी सरकारों ने यह जानकारी दी है।
इस पूरे संकट के दौरान 19 बंधकों और 29 इस्लामी आतंकवादियों की जान गई। अल्जीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी।
अल्जीरियाई अधिकारियों ने पूर्व में अनुमान लगाया था कि ऐन अमेनास स्थित इस परिसर पर बुधवार को करीब 30 आतंकवादियों ने कब्जा कर लिया था और इनमें से 19 के मारे जाने की खबर है। ऐसा लगता है कि बंधक संकट आखिरकार खत्म हो गया है।
बहरहाल, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि इस परिसर में छिपे आतंकवादियों के आखिरी दल के पास कितने बंधक हैं लेकिन आतंकवादियों ने खुद से बताया कि उन्होंने बेल्जियम के तीन, अमेरिका के दो, जापान के एक और ब्रिटेन के एक नागरिक को अभी भी बंधक बना रखा है।
यह संयंत्र संयुक्त रूप से बीपी, नार्वे की स्तातोइल और अल्जीरिया की सरकारी तेल कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा है। आतंकवादियों ने बुधवार सुबह संयंत्र पर हमला किया था।
इस गतिरोध ने इस क्षेत्र के आतंकवाद के प्रभाव में आने और अलकायदा से जुड़े समूहों के माली से लेकर लीबिया तक दूर दराज के इलाकों में मुक्त रूप से घूमने को उजागर किया है।टिप्पणियां
लीबिया की सीमा के पास चलाये जा रहे अभियान को खत्म करने में अल्जीरिया को इतना वक्त क्यों लग रहा है, इस बारे में बहुत कम आधिकारिक सूचना मिल पा रही है लेकिन वहां से बच निकले एक बंधक ने वहां से निकलने की भयावह कहानी बयां की। रूबेन अंदरादा (49) नाम के सिविल इंजीनियर ने बताया कि अल्जीरियाई हेलीकॉटरों ने बंधकों को ले जा रहे वाहन पर गोलीबारी की।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 36 बंधकों को सात एसयूवी में सवार किया गया। उनके साथ 15 आतंकवादी भी थे। आतंकवादियों ने उनके गले में विस्फोटक बांध दिये थे और इन लोगों से कहा गया था कि यदि उन्होंने भागने की कोशिश की तो इनमें विस्फोट कर दिया जाएगा।
इस पूरे संकट के दौरान 19 बंधकों और 29 इस्लामी आतंकवादियों की जान गई। अल्जीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी।
अल्जीरियाई अधिकारियों ने पूर्व में अनुमान लगाया था कि ऐन अमेनास स्थित इस परिसर पर बुधवार को करीब 30 आतंकवादियों ने कब्जा कर लिया था और इनमें से 19 के मारे जाने की खबर है। ऐसा लगता है कि बंधक संकट आखिरकार खत्म हो गया है।
बहरहाल, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि इस परिसर में छिपे आतंकवादियों के आखिरी दल के पास कितने बंधक हैं लेकिन आतंकवादियों ने खुद से बताया कि उन्होंने बेल्जियम के तीन, अमेरिका के दो, जापान के एक और ब्रिटेन के एक नागरिक को अभी भी बंधक बना रखा है।
यह संयंत्र संयुक्त रूप से बीपी, नार्वे की स्तातोइल और अल्जीरिया की सरकारी तेल कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा है। आतंकवादियों ने बुधवार सुबह संयंत्र पर हमला किया था।
इस गतिरोध ने इस क्षेत्र के आतंकवाद के प्रभाव में आने और अलकायदा से जुड़े समूहों के माली से लेकर लीबिया तक दूर दराज के इलाकों में मुक्त रूप से घूमने को उजागर किया है।टिप्पणियां
लीबिया की सीमा के पास चलाये जा रहे अभियान को खत्म करने में अल्जीरिया को इतना वक्त क्यों लग रहा है, इस बारे में बहुत कम आधिकारिक सूचना मिल पा रही है लेकिन वहां से बच निकले एक बंधक ने वहां से निकलने की भयावह कहानी बयां की। रूबेन अंदरादा (49) नाम के सिविल इंजीनियर ने बताया कि अल्जीरियाई हेलीकॉटरों ने बंधकों को ले जा रहे वाहन पर गोलीबारी की।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 36 बंधकों को सात एसयूवी में सवार किया गया। उनके साथ 15 आतंकवादी भी थे। आतंकवादियों ने उनके गले में विस्फोटक बांध दिये थे और इन लोगों से कहा गया था कि यदि उन्होंने भागने की कोशिश की तो इनमें विस्फोट कर दिया जाएगा।
अल्जीरियाई अधिकारियों ने पूर्व में अनुमान लगाया था कि ऐन अमेनास स्थित इस परिसर पर बुधवार को करीब 30 आतंकवादियों ने कब्जा कर लिया था और इनमें से 19 के मारे जाने की खबर है। ऐसा लगता है कि बंधक संकट आखिरकार खत्म हो गया है।
बहरहाल, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि इस परिसर में छिपे आतंकवादियों के आखिरी दल के पास कितने बंधक हैं लेकिन आतंकवादियों ने खुद से बताया कि उन्होंने बेल्जियम के तीन, अमेरिका के दो, जापान के एक और ब्रिटेन के एक नागरिक को अभी भी बंधक बना रखा है।
यह संयंत्र संयुक्त रूप से बीपी, नार्वे की स्तातोइल और अल्जीरिया की सरकारी तेल कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा है। आतंकवादियों ने बुधवार सुबह संयंत्र पर हमला किया था।
इस गतिरोध ने इस क्षेत्र के आतंकवाद के प्रभाव में आने और अलकायदा से जुड़े समूहों के माली से लेकर लीबिया तक दूर दराज के इलाकों में मुक्त रूप से घूमने को उजागर किया है।टिप्पणियां
लीबिया की सीमा के पास चलाये जा रहे अभियान को खत्म करने में अल्जीरिया को इतना वक्त क्यों लग रहा है, इस बारे में बहुत कम आधिकारिक सूचना मिल पा रही है लेकिन वहां से बच निकले एक बंधक ने वहां से निकलने की भयावह कहानी बयां की। रूबेन अंदरादा (49) नाम के सिविल इंजीनियर ने बताया कि अल्जीरियाई हेलीकॉटरों ने बंधकों को ले जा रहे वाहन पर गोलीबारी की।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 36 बंधकों को सात एसयूवी में सवार किया गया। उनके साथ 15 आतंकवादी भी थे। आतंकवादियों ने उनके गले में विस्फोटक बांध दिये थे और इन लोगों से कहा गया था कि यदि उन्होंने भागने की कोशिश की तो इनमें विस्फोट कर दिया जाएगा।
बहरहाल, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि इस परिसर में छिपे आतंकवादियों के आखिरी दल के पास कितने बंधक हैं लेकिन आतंकवादियों ने खुद से बताया कि उन्होंने बेल्जियम के तीन, अमेरिका के दो, जापान के एक और ब्रिटेन के एक नागरिक को अभी भी बंधक बना रखा है।
यह संयंत्र संयुक्त रूप से बीपी, नार्वे की स्तातोइल और अल्जीरिया की सरकारी तेल कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा है। आतंकवादियों ने बुधवार सुबह संयंत्र पर हमला किया था।
इस गतिरोध ने इस क्षेत्र के आतंकवाद के प्रभाव में आने और अलकायदा से जुड़े समूहों के माली से लेकर लीबिया तक दूर दराज के इलाकों में मुक्त रूप से घूमने को उजागर किया है।टिप्पणियां
लीबिया की सीमा के पास चलाये जा रहे अभियान को खत्म करने में अल्जीरिया को इतना वक्त क्यों लग रहा है, इस बारे में बहुत कम आधिकारिक सूचना मिल पा रही है लेकिन वहां से बच निकले एक बंधक ने वहां से निकलने की भयावह कहानी बयां की। रूबेन अंदरादा (49) नाम के सिविल इंजीनियर ने बताया कि अल्जीरियाई हेलीकॉटरों ने बंधकों को ले जा रहे वाहन पर गोलीबारी की।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 36 बंधकों को सात एसयूवी में सवार किया गया। उनके साथ 15 आतंकवादी भी थे। आतंकवादियों ने उनके गले में विस्फोटक बांध दिये थे और इन लोगों से कहा गया था कि यदि उन्होंने भागने की कोशिश की तो इनमें विस्फोट कर दिया जाएगा।
यह संयंत्र संयुक्त रूप से बीपी, नार्वे की स्तातोइल और अल्जीरिया की सरकारी तेल कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा है। आतंकवादियों ने बुधवार सुबह संयंत्र पर हमला किया था।
इस गतिरोध ने इस क्षेत्र के आतंकवाद के प्रभाव में आने और अलकायदा से जुड़े समूहों के माली से लेकर लीबिया तक दूर दराज के इलाकों में मुक्त रूप से घूमने को उजागर किया है।टिप्पणियां
लीबिया की सीमा के पास चलाये जा रहे अभियान को खत्म करने में अल्जीरिया को इतना वक्त क्यों लग रहा है, इस बारे में बहुत कम आधिकारिक सूचना मिल पा रही है लेकिन वहां से बच निकले एक बंधक ने वहां से निकलने की भयावह कहानी बयां की। रूबेन अंदरादा (49) नाम के सिविल इंजीनियर ने बताया कि अल्जीरियाई हेलीकॉटरों ने बंधकों को ले जा रहे वाहन पर गोलीबारी की।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 36 बंधकों को सात एसयूवी में सवार किया गया। उनके साथ 15 आतंकवादी भी थे। आतंकवादियों ने उनके गले में विस्फोटक बांध दिये थे और इन लोगों से कहा गया था कि यदि उन्होंने भागने की कोशिश की तो इनमें विस्फोट कर दिया जाएगा।
इस गतिरोध ने इस क्षेत्र के आतंकवाद के प्रभाव में आने और अलकायदा से जुड़े समूहों के माली से लेकर लीबिया तक दूर दराज के इलाकों में मुक्त रूप से घूमने को उजागर किया है।टिप्पणियां
लीबिया की सीमा के पास चलाये जा रहे अभियान को खत्म करने में अल्जीरिया को इतना वक्त क्यों लग रहा है, इस बारे में बहुत कम आधिकारिक सूचना मिल पा रही है लेकिन वहां से बच निकले एक बंधक ने वहां से निकलने की भयावह कहानी बयां की। रूबेन अंदरादा (49) नाम के सिविल इंजीनियर ने बताया कि अल्जीरियाई हेलीकॉटरों ने बंधकों को ले जा रहे वाहन पर गोलीबारी की।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 36 बंधकों को सात एसयूवी में सवार किया गया। उनके साथ 15 आतंकवादी भी थे। आतंकवादियों ने उनके गले में विस्फोटक बांध दिये थे और इन लोगों से कहा गया था कि यदि उन्होंने भागने की कोशिश की तो इनमें विस्फोट कर दिया जाएगा।
लीबिया की सीमा के पास चलाये जा रहे अभियान को खत्म करने में अल्जीरिया को इतना वक्त क्यों लग रहा है, इस बारे में बहुत कम आधिकारिक सूचना मिल पा रही है लेकिन वहां से बच निकले एक बंधक ने वहां से निकलने की भयावह कहानी बयां की। रूबेन अंदरादा (49) नाम के सिविल इंजीनियर ने बताया कि अल्जीरियाई हेलीकॉटरों ने बंधकों को ले जा रहे वाहन पर गोलीबारी की।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 36 बंधकों को सात एसयूवी में सवार किया गया। उनके साथ 15 आतंकवादी भी थे। आतंकवादियों ने उनके गले में विस्फोटक बांध दिये थे और इन लोगों से कहा गया था कि यदि उन्होंने भागने की कोशिश की तो इनमें विस्फोट कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 36 बंधकों को सात एसयूवी में सवार किया गया। उनके साथ 15 आतंकवादी भी थे। आतंकवादियों ने उनके गले में विस्फोटक बांध दिये थे और इन लोगों से कहा गया था कि यदि उन्होंने भागने की कोशिश की तो इनमें विस्फोट कर दिया जाएगा। | अल्जीरिया के विशेष बलों ने सहारा रेगिस्तान के बीच स्थित प्राकृतिक गैस संयंत्र परिसर में शनिवार को आखिरी धावा बोलते हुए चार दिनों से चल रहे बंधक संकट को समाप्त कर दिया। सरकारी संवाद एजेंसी और दो विदेशी सरकारों ने यह जानकारी दी है। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बारे में अमर्यादित टिप्पणी करने वाले राजस्थान के पंचायतीराज एवं वक्फ राज्य मंत्री अमीन खां ने बृहस्पतिवार को अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेज दिया। जानकार सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने अमीन खां का इस्तीफा मंजूरी के लिए राजस्थान के राज्यपाल शिवराज पाटिल को भेज दिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बारे में टिप्पणी करने वाले राजस्थान के पंचायतीराज राज्य मंत्री अमीन खां से कल देर रात इस्तीफा मांग लिया था। सूत्रों ने बताया कि गहलोत ने खां की टिप्पणी मीडिया में आने के बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा और उसके बाद राजस्थान के राज्यपाल शिव राज पाटिल से जयपुर में मुलाकात कर इस बारे में जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कल ही राष्टपति प्रतिभा पाटिल से फोन पर बात कर अमीन खां की टिप्पणी के बारे में खेद जताने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। गहलोत ने कल देर रात राजस्थान प्रभारी मुकुल वासनिक से मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल से भी बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अमीन खां से इस्तीफा मांगा था। गौरतलब है कि अमीन खां ने सोमवार को पाली में एक कार्यकर्ता सम्मेलन में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बारे में कथित अमर्यादित टिप्पणी की थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जानकार सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने अमीन खां का इस्तीफा मंजूरी के लिए राजस्थान के राज्यपाल शिवराज पाटिल को भेज दिया। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा में पारित तीन तलाक बिल को राज्यसभा में पारित कराना आसान नहीं है. राज्यसभा में एनडीए को बहुमत हासिल नहीं है और इसके अलावा उसका सहयोगी दल जेडीयू भी इस बिल पर उसके साथ नहीं है. लोकसभा में भी इस बिल पर मतदान के दौरान जेडीयू के सांसदों ने वॉक आउट किया था. फिलहाल बीजेपी ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है.
लोकसभा में गुरुवार 25 जुलाई को विपक्ष के भारी विरोध के बीच तीन तलाक बिल (Triple Talaq Bill) पास हो गया था. वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 303 वोट, जबकि विरोध में 82 मत डाले गए थे. बिल पर वोटिंग से पहले लोकसभा से जेडीयू, टीआरएस, YSR कांग्रेस और TMC ने वॉकआउट कर दिया था. जेडीयू, टीएमसी वोट से अलग रहीं, वहीं, बीजेडी ने बिल के पक्ष में वोट किया था. टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस बिल के खिलाफ हैं.
बिल पारित होने से पहले बिल पर चर्चा के दौरान लैंगिक न्याय को नरेंद्र मोदी सरकार का मूल तत्व बताते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक पर रोक लगाने संबंधी विधेयक सियासत, धर्म, सम्प्रदाय का प्रश्न नहीं है बल्कि यह 'नारी के सम्मान और नारी-न्याय' का सवाल है और हिन्दुस्तान की बेटियों के अधिकारों की सुरक्षा संबंधी इस पहल का सभी को समर्थन करना चाहिए.
AIMIM के नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि बिल में आप कह रहे हैं कि अगर किसी पति ने पत्नी को तीन बार तलाक कह दिया तो शादी नहीं टूटती, सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी यही कहता है फिर आप ये क्यों कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं के खिलाफ है. जब तीन साल की सजा हो जाए, पति जेल में रहे तो औरत तीन साल तक इंतजार करे. और जब तीन साल के बाद वो वापस आए तो क्या कहे कि बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है. ओवैसी ने कहा कि आप एक प्रावधान लाइए कि अगर कोई ट्रिपल तलाक देता है तो मेहर की रकम का 5 गुना उसे भरना पड़े.
कांग्रेस ने तीन तलाक को निषेध करने वाले विधेयक को स्थायी समिति को भेजने की मांग करते हुए कहा था कि तीन तलाक को फौजदारी का मामला बनाना उचित नहीं है. लोकसभा में 'मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019' पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि भाजपा की तरफ से यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि हमारी पार्टी का रुख स्पष्ट नहीं है. हम साफ करना चाहते हैं कि हमारा रुख स्पष्ट है. तीन तलाक के खिलाफ उच्चतम न्यायालय के फैसले का सबसे पहले कांग्रेस ने स्वागत किया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध सिर्फ तीन तलाक को इसे फौजदारी मामला बनाने से है, जबकि यह दीवानी मामला है. गोगोई ने इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजने की मांग की. उन्होंने कहा कि लाखों हिंदू महिलाओं को उनके पतियों ने छोड़ दिया है, उनकी चिंता क्यों नहीं की जा रही है? | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तीन तलाक बिल पर जेडीयू एनडीए के साथ नहीं
राज्यसभा में एनडीए को बहुमत हासिल नहीं
मोदी सरकार को बीजेडी के समर्थन की उम्मीद | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के महासचिव ने मुलाकात की है। सूत्रों के अनुसार रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी से आरएसएस नेता भैया जी जोशी ने मुलाकात की है।
सूत्र बता रहे हैं कि इस बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज भी मौजूद थीं।टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी नेता नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर बात हुई है। कहा जा रहा है कि इस बैठक में आरएसएस की ओर से यह साफ किया गया है कि वह चाहता है कि मोदी के नाम का ऐलान जल्द किया जाए।
वहीं, सूत्र यह भी बता रहे हैं कि अभी नरेंद्र मोदी के नाम के ऐलान पर लालकृष्ण आडवाणी को ऐतराज है।
सूत्र बता रहे हैं कि इस बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज भी मौजूद थीं।टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी नेता नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर बात हुई है। कहा जा रहा है कि इस बैठक में आरएसएस की ओर से यह साफ किया गया है कि वह चाहता है कि मोदी के नाम का ऐलान जल्द किया जाए।
वहीं, सूत्र यह भी बता रहे हैं कि अभी नरेंद्र मोदी के नाम के ऐलान पर लालकृष्ण आडवाणी को ऐतराज है।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी नेता नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर बात हुई है। कहा जा रहा है कि इस बैठक में आरएसएस की ओर से यह साफ किया गया है कि वह चाहता है कि मोदी के नाम का ऐलान जल्द किया जाए।
वहीं, सूत्र यह भी बता रहे हैं कि अभी नरेंद्र मोदी के नाम के ऐलान पर लालकृष्ण आडवाणी को ऐतराज है।
वहीं, सूत्र यह भी बता रहे हैं कि अभी नरेंद्र मोदी के नाम के ऐलान पर लालकृष्ण आडवाणी को ऐतराज है। | संक्षिप्त सारांश: बताया जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी नेता नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर बात हुई है। कहा जा रहा है कि इस बैठक में आरएसएस की ओर से यह साफ किया गया है कि वह चाहता है कि मोदी के नाम का ऐलान जल्द किया जाए। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जर्मनी और इटली यूरोप के दो दिग्गज फुटबॉल देश हैं और इसीलिए जब यूरो 2016 में दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में भिड़ीं तो फैंस को उम्मीद थी कि उन्हें बेहद रोमांचक मैच देखने को मिलेगा।
शुरुआत दोनों टीमों ने बड़ी धीमी और संभलकर की। दोनों टीमें अपनी रक्षापंक्ति के लिए जानी जाती हैं और कल मैदान पर ये नज़र भी आया। मैच के 65वें मिनट में मेसुत ओजिल ने जर्मनी को आगे कर दिया।
लेकिन, फिर इटली को मैच में पेनल्टी मिला और स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ गया। इसके बाद मैच पेनल्टी शूट में गया। पेनल्टी शूटआउट में वो हुआ जो बहुत कम फुटबॉल के मैदान पर देखने को मिलता है।
दोनों टीमों ने पेनल्टी शूटआउट के दौरान कई मौके गंवाए। आम तौर पर पेनल्टी शूटआउट के नतीजा 5-5 शॉट के बाद आ ही जाता है। लेकिन, इस मैच में दोनों टीमों का नतीजा 9-9 पेनल्टी शॉट यानी कुल 18 पेनल्टी शॉट्स के बाद ही आ पाया।टिप्पणियां
जर्मनी ने 6-5 से आखिरकार इटली को मात दे दी। पिछले 40 सालों में जर्मनी की टीम कभी भी पेनल्टी शूटआउट में किसी बड़े टूर्नामेंट में नहीं हारी है।
इतना ही नहीं, इटली पर किसी भी बड़े टूर्नामेंट में ये जर्मनी की पहली जीत है। विश्व कप हो या यूरो मुकाबले, इससे पहले जर्मनी कभी भी इटली को नहीं हरा पाया था मगर यूरो 2016 में इस बार ये रिकॉर्ड टूट गया।
शुरुआत दोनों टीमों ने बड़ी धीमी और संभलकर की। दोनों टीमें अपनी रक्षापंक्ति के लिए जानी जाती हैं और कल मैदान पर ये नज़र भी आया। मैच के 65वें मिनट में मेसुत ओजिल ने जर्मनी को आगे कर दिया।
लेकिन, फिर इटली को मैच में पेनल्टी मिला और स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ गया। इसके बाद मैच पेनल्टी शूट में गया। पेनल्टी शूटआउट में वो हुआ जो बहुत कम फुटबॉल के मैदान पर देखने को मिलता है।
दोनों टीमों ने पेनल्टी शूटआउट के दौरान कई मौके गंवाए। आम तौर पर पेनल्टी शूटआउट के नतीजा 5-5 शॉट के बाद आ ही जाता है। लेकिन, इस मैच में दोनों टीमों का नतीजा 9-9 पेनल्टी शॉट यानी कुल 18 पेनल्टी शॉट्स के बाद ही आ पाया।टिप्पणियां
जर्मनी ने 6-5 से आखिरकार इटली को मात दे दी। पिछले 40 सालों में जर्मनी की टीम कभी भी पेनल्टी शूटआउट में किसी बड़े टूर्नामेंट में नहीं हारी है।
इतना ही नहीं, इटली पर किसी भी बड़े टूर्नामेंट में ये जर्मनी की पहली जीत है। विश्व कप हो या यूरो मुकाबले, इससे पहले जर्मनी कभी भी इटली को नहीं हरा पाया था मगर यूरो 2016 में इस बार ये रिकॉर्ड टूट गया।
लेकिन, फिर इटली को मैच में पेनल्टी मिला और स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ गया। इसके बाद मैच पेनल्टी शूट में गया। पेनल्टी शूटआउट में वो हुआ जो बहुत कम फुटबॉल के मैदान पर देखने को मिलता है।
दोनों टीमों ने पेनल्टी शूटआउट के दौरान कई मौके गंवाए। आम तौर पर पेनल्टी शूटआउट के नतीजा 5-5 शॉट के बाद आ ही जाता है। लेकिन, इस मैच में दोनों टीमों का नतीजा 9-9 पेनल्टी शॉट यानी कुल 18 पेनल्टी शॉट्स के बाद ही आ पाया।टिप्पणियां
जर्मनी ने 6-5 से आखिरकार इटली को मात दे दी। पिछले 40 सालों में जर्मनी की टीम कभी भी पेनल्टी शूटआउट में किसी बड़े टूर्नामेंट में नहीं हारी है।
इतना ही नहीं, इटली पर किसी भी बड़े टूर्नामेंट में ये जर्मनी की पहली जीत है। विश्व कप हो या यूरो मुकाबले, इससे पहले जर्मनी कभी भी इटली को नहीं हरा पाया था मगर यूरो 2016 में इस बार ये रिकॉर्ड टूट गया।
दोनों टीमों ने पेनल्टी शूटआउट के दौरान कई मौके गंवाए। आम तौर पर पेनल्टी शूटआउट के नतीजा 5-5 शॉट के बाद आ ही जाता है। लेकिन, इस मैच में दोनों टीमों का नतीजा 9-9 पेनल्टी शॉट यानी कुल 18 पेनल्टी शॉट्स के बाद ही आ पाया।टिप्पणियां
जर्मनी ने 6-5 से आखिरकार इटली को मात दे दी। पिछले 40 सालों में जर्मनी की टीम कभी भी पेनल्टी शूटआउट में किसी बड़े टूर्नामेंट में नहीं हारी है।
इतना ही नहीं, इटली पर किसी भी बड़े टूर्नामेंट में ये जर्मनी की पहली जीत है। विश्व कप हो या यूरो मुकाबले, इससे पहले जर्मनी कभी भी इटली को नहीं हरा पाया था मगर यूरो 2016 में इस बार ये रिकॉर्ड टूट गया।
जर्मनी ने 6-5 से आखिरकार इटली को मात दे दी। पिछले 40 सालों में जर्मनी की टीम कभी भी पेनल्टी शूटआउट में किसी बड़े टूर्नामेंट में नहीं हारी है।
इतना ही नहीं, इटली पर किसी भी बड़े टूर्नामेंट में ये जर्मनी की पहली जीत है। विश्व कप हो या यूरो मुकाबले, इससे पहले जर्मनी कभी भी इटली को नहीं हरा पाया था मगर यूरो 2016 में इस बार ये रिकॉर्ड टूट गया।
इतना ही नहीं, इटली पर किसी भी बड़े टूर्नामेंट में ये जर्मनी की पहली जीत है। विश्व कप हो या यूरो मुकाबले, इससे पहले जर्मनी कभी भी इटली को नहीं हरा पाया था मगर यूरो 2016 में इस बार ये रिकॉर्ड टूट गया। | सारांश: इटली पर किसी भी बड़े टूर्नामेंट में ये जर्मनी की पहली जीत है
दोनों टीमों ने पेनल्टी शूटआउट के दौरान कई मौके गंवाए
दोनों टीमें अपनी रक्षापंक्ति के लिए जानी जाती हैं | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि ‘‘भूकंप’ संबंधी कांग्रेस उपाध्यक्ष की टिप्पणी लोगों को ‘‘भयभीत’’ करने के लिए थी. उन्होंने लोगों से नोटबंदी के फैसले के खिलाफ विपक्षी पार्टी द्वारा फैलाए जा रहे सभी ‘‘दुष्प्रचारों’’ से बचाव करने का आग्रह किया.
नकवी ने कहा कि राहुल गांधी ने नौ दिसंबर को दावा किया था कि अगर उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति दी गई तो ‘‘भूकंप’’ आ जाएगा, लेकिन कांग्रेस नेता ने अभी तक अपने बयान पर स्पष्टीकरण नहीं दिया है.
भाजपा नेता ने यहां कहा, ‘‘अगर राहुल विभिन्न सार्वजनिक मंचों से उन्हीं मुद्दों पर बोलते हैं तो भूकंप नहीं होगा.’’ उन्होंने कहा कि न तो राहुल गांधी और न ही उनके सहयोगियों ने सदन में उनके गुप्त एजेंडे के बारे में एक शब्द कहा तथा शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में सिर्फ हो-हल्ला किया.
नकवी ने कहा, ‘‘भूकंप की बात कर राहुल सांसदों, सत्ता पक्ष और लोगों को भयभीत करना चाहते थे ताकि सरकार अपनी लोकोन्मुखी योजनाओं को रेखांकित नहीं करे.’’ उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने नौ दिसंबर को कहा था कि अगर उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति दी गई तो भूकंप आ जाएगा. टिप्पणियां
संसदीय कार्य राज्यमंत्री नकवी ने कहा कि 2014 के चुनावों में हार के बाद फिर से मजबूती हासिल करने के लिए कांग्रेस को कुछ ‘‘सकारात्मक और ठोस’’ योजना बनानी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह देश को बताए कि वह उच्च मूल्य वाले नोटों को अमान्य किए जाने के खिलाफ क्यों है तथा उसने 28 दिनों तक क्यों लोकसभा को बाधित किया. उन्होंने लोगों से कहा कि वे पार्टी द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचारों से सतर्क रहें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नकवी ने कहा कि राहुल गांधी ने नौ दिसंबर को दावा किया था कि अगर उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति दी गई तो ‘‘भूकंप’’ आ जाएगा, लेकिन कांग्रेस नेता ने अभी तक अपने बयान पर स्पष्टीकरण नहीं दिया है.
भाजपा नेता ने यहां कहा, ‘‘अगर राहुल विभिन्न सार्वजनिक मंचों से उन्हीं मुद्दों पर बोलते हैं तो भूकंप नहीं होगा.’’ उन्होंने कहा कि न तो राहुल गांधी और न ही उनके सहयोगियों ने सदन में उनके गुप्त एजेंडे के बारे में एक शब्द कहा तथा शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में सिर्फ हो-हल्ला किया.
नकवी ने कहा, ‘‘भूकंप की बात कर राहुल सांसदों, सत्ता पक्ष और लोगों को भयभीत करना चाहते थे ताकि सरकार अपनी लोकोन्मुखी योजनाओं को रेखांकित नहीं करे.’’ उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने नौ दिसंबर को कहा था कि अगर उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति दी गई तो भूकंप आ जाएगा. टिप्पणियां
संसदीय कार्य राज्यमंत्री नकवी ने कहा कि 2014 के चुनावों में हार के बाद फिर से मजबूती हासिल करने के लिए कांग्रेस को कुछ ‘‘सकारात्मक और ठोस’’ योजना बनानी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह देश को बताए कि वह उच्च मूल्य वाले नोटों को अमान्य किए जाने के खिलाफ क्यों है तथा उसने 28 दिनों तक क्यों लोकसभा को बाधित किया. उन्होंने लोगों से कहा कि वे पार्टी द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचारों से सतर्क रहें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा नेता ने यहां कहा, ‘‘अगर राहुल विभिन्न सार्वजनिक मंचों से उन्हीं मुद्दों पर बोलते हैं तो भूकंप नहीं होगा.’’ उन्होंने कहा कि न तो राहुल गांधी और न ही उनके सहयोगियों ने सदन में उनके गुप्त एजेंडे के बारे में एक शब्द कहा तथा शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में सिर्फ हो-हल्ला किया.
नकवी ने कहा, ‘‘भूकंप की बात कर राहुल सांसदों, सत्ता पक्ष और लोगों को भयभीत करना चाहते थे ताकि सरकार अपनी लोकोन्मुखी योजनाओं को रेखांकित नहीं करे.’’ उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने नौ दिसंबर को कहा था कि अगर उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति दी गई तो भूकंप आ जाएगा. टिप्पणियां
संसदीय कार्य राज्यमंत्री नकवी ने कहा कि 2014 के चुनावों में हार के बाद फिर से मजबूती हासिल करने के लिए कांग्रेस को कुछ ‘‘सकारात्मक और ठोस’’ योजना बनानी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह देश को बताए कि वह उच्च मूल्य वाले नोटों को अमान्य किए जाने के खिलाफ क्यों है तथा उसने 28 दिनों तक क्यों लोकसभा को बाधित किया. उन्होंने लोगों से कहा कि वे पार्टी द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचारों से सतर्क रहें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नकवी ने कहा, ‘‘भूकंप की बात कर राहुल सांसदों, सत्ता पक्ष और लोगों को भयभीत करना चाहते थे ताकि सरकार अपनी लोकोन्मुखी योजनाओं को रेखांकित नहीं करे.’’ उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने नौ दिसंबर को कहा था कि अगर उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति दी गई तो भूकंप आ जाएगा. टिप्पणियां
संसदीय कार्य राज्यमंत्री नकवी ने कहा कि 2014 के चुनावों में हार के बाद फिर से मजबूती हासिल करने के लिए कांग्रेस को कुछ ‘‘सकारात्मक और ठोस’’ योजना बनानी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह देश को बताए कि वह उच्च मूल्य वाले नोटों को अमान्य किए जाने के खिलाफ क्यों है तथा उसने 28 दिनों तक क्यों लोकसभा को बाधित किया. उन्होंने लोगों से कहा कि वे पार्टी द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचारों से सतर्क रहें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संसदीय कार्य राज्यमंत्री नकवी ने कहा कि 2014 के चुनावों में हार के बाद फिर से मजबूती हासिल करने के लिए कांग्रेस को कुछ ‘‘सकारात्मक और ठोस’’ योजना बनानी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह देश को बताए कि वह उच्च मूल्य वाले नोटों को अमान्य किए जाने के खिलाफ क्यों है तथा उसने 28 दिनों तक क्यों लोकसभा को बाधित किया. उन्होंने लोगों से कहा कि वे पार्टी द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचारों से सतर्क रहें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: कहा, राहुल मंचों से उन्हीं मुद्दों पर बोलते हैं तो भूकंप नहीं होगा
राहुल गांधी ने सदन में गुप्त एजेंडे के बारे में एक शब्द नहीं कहा
मजबूती हासिल करने के लिए कांग्रेस को कुछ ठोस योजना बनानी चाहिए | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के हाथों हार झेलने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं हिलेरी क्लिंटन ने भावुक होते हुए अपने समर्थकों से आज कहा कि वे दिल छोटा नहीं करें और गहरे ‘‘मतभेदों’’ के बावजूद देश को बेहतर बनाने के लिए काम करना जारी रखें.
69 वर्षीय हिलेरी ने वाशिंगटन डीसी में कहा, ‘‘मैं यह स्वीकार करूंगी कि यहां आना मेरे लिए आसान नहीं था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बीते सप्ताह में ऐसा कई बार हुआ जब मेरा मन किया कि मैं केवल एक अच्छी किताब पढ़ते हुए या अपने कुत्तों के साथ समय बिताऊं और कभी घर से बाहर नहीं निकलूं.’’ पूर्व विदेश मंत्री ने अपने समर्थकों से ‘‘हार नहीं मानने’’ और राजनीति से ‘‘जुड़े रहने’’ को कहा.
हिलेरी ने कहा, ‘‘मैं जानती हूं कि चुनाव के परिणाम से आप में से कई लोग बहुत निराश हैं. मैं भी बहुत निराश हूं. मैं इतनी निराश हूं कि मैं इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अपने देश पर भरोसा रखिए. अपने मूल्यों के लिए लड़िए और कभी भी हार नहीं मानिए.’’ हिलेरी ने कहा कि वह अतीत में वापस जाकर अपनी मां डोरोथी को अपनी उपलब्धियों के बारे में बताना चाहती हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे असीम प्यार एवं समर्थन दिया जो उन्हें स्वयं कभी नहीं मिला.’’ हिलेरी ने कहा, ‘‘मैं सपना देखती हूं कि मैं उनके पास जा रही हूं और उनके पास बैठी हूं और उन्हें गले लगाते हुए कह रही हूं, ‘देखो, मेरी ओर देखो और सुनो. आप जीवित रहेंगी. आपका अपना परिवार होगा, तीन बच्चे. यह कल्पना करना बहुत मुश्किल होगा, आपकी बेटी बड़ी होकर अमेरिकी सीनेटर बनेगी, विदेश मंत्री के तौर पर आपके देश का प्रतिनिधित्व करेगी और अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में छह करोड़ 20 लाख से अधिक वोट जीतेगी’.’’ हिलेरी ने सेवा की महत्ता पर बल दिया.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हम जीने के लिए किराए के रूप में सेवा का भुगतान करते हैं. आप केवल इस आधार पर भुगतान करना बंद नहीं कर सकते कि चीजें आपके अनुसार नहीं जा रहीं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
69 वर्षीय हिलेरी ने वाशिंगटन डीसी में कहा, ‘‘मैं यह स्वीकार करूंगी कि यहां आना मेरे लिए आसान नहीं था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बीते सप्ताह में ऐसा कई बार हुआ जब मेरा मन किया कि मैं केवल एक अच्छी किताब पढ़ते हुए या अपने कुत्तों के साथ समय बिताऊं और कभी घर से बाहर नहीं निकलूं.’’ पूर्व विदेश मंत्री ने अपने समर्थकों से ‘‘हार नहीं मानने’’ और राजनीति से ‘‘जुड़े रहने’’ को कहा.
हिलेरी ने कहा, ‘‘मैं जानती हूं कि चुनाव के परिणाम से आप में से कई लोग बहुत निराश हैं. मैं भी बहुत निराश हूं. मैं इतनी निराश हूं कि मैं इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अपने देश पर भरोसा रखिए. अपने मूल्यों के लिए लड़िए और कभी भी हार नहीं मानिए.’’ हिलेरी ने कहा कि वह अतीत में वापस जाकर अपनी मां डोरोथी को अपनी उपलब्धियों के बारे में बताना चाहती हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे असीम प्यार एवं समर्थन दिया जो उन्हें स्वयं कभी नहीं मिला.’’ हिलेरी ने कहा, ‘‘मैं सपना देखती हूं कि मैं उनके पास जा रही हूं और उनके पास बैठी हूं और उन्हें गले लगाते हुए कह रही हूं, ‘देखो, मेरी ओर देखो और सुनो. आप जीवित रहेंगी. आपका अपना परिवार होगा, तीन बच्चे. यह कल्पना करना बहुत मुश्किल होगा, आपकी बेटी बड़ी होकर अमेरिकी सीनेटर बनेगी, विदेश मंत्री के तौर पर आपके देश का प्रतिनिधित्व करेगी और अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में छह करोड़ 20 लाख से अधिक वोट जीतेगी’.’’ हिलेरी ने सेवा की महत्ता पर बल दिया.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हम जीने के लिए किराए के रूप में सेवा का भुगतान करते हैं. आप केवल इस आधार पर भुगतान करना बंद नहीं कर सकते कि चीजें आपके अनुसार नहीं जा रहीं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हिलेरी ने कहा, ‘‘मैं जानती हूं कि चुनाव के परिणाम से आप में से कई लोग बहुत निराश हैं. मैं भी बहुत निराश हूं. मैं इतनी निराश हूं कि मैं इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अपने देश पर भरोसा रखिए. अपने मूल्यों के लिए लड़िए और कभी भी हार नहीं मानिए.’’ हिलेरी ने कहा कि वह अतीत में वापस जाकर अपनी मां डोरोथी को अपनी उपलब्धियों के बारे में बताना चाहती हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे असीम प्यार एवं समर्थन दिया जो उन्हें स्वयं कभी नहीं मिला.’’ हिलेरी ने कहा, ‘‘मैं सपना देखती हूं कि मैं उनके पास जा रही हूं और उनके पास बैठी हूं और उन्हें गले लगाते हुए कह रही हूं, ‘देखो, मेरी ओर देखो और सुनो. आप जीवित रहेंगी. आपका अपना परिवार होगा, तीन बच्चे. यह कल्पना करना बहुत मुश्किल होगा, आपकी बेटी बड़ी होकर अमेरिकी सीनेटर बनेगी, विदेश मंत्री के तौर पर आपके देश का प्रतिनिधित्व करेगी और अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में छह करोड़ 20 लाख से अधिक वोट जीतेगी’.’’ हिलेरी ने सेवा की महत्ता पर बल दिया.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हम जीने के लिए किराए के रूप में सेवा का भुगतान करते हैं. आप केवल इस आधार पर भुगतान करना बंद नहीं कर सकते कि चीजें आपके अनुसार नहीं जा रहीं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे असीम प्यार एवं समर्थन दिया जो उन्हें स्वयं कभी नहीं मिला.’’ हिलेरी ने कहा, ‘‘मैं सपना देखती हूं कि मैं उनके पास जा रही हूं और उनके पास बैठी हूं और उन्हें गले लगाते हुए कह रही हूं, ‘देखो, मेरी ओर देखो और सुनो. आप जीवित रहेंगी. आपका अपना परिवार होगा, तीन बच्चे. यह कल्पना करना बहुत मुश्किल होगा, आपकी बेटी बड़ी होकर अमेरिकी सीनेटर बनेगी, विदेश मंत्री के तौर पर आपके देश का प्रतिनिधित्व करेगी और अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में छह करोड़ 20 लाख से अधिक वोट जीतेगी’.’’ हिलेरी ने सेवा की महत्ता पर बल दिया.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हम जीने के लिए किराए के रूप में सेवा का भुगतान करते हैं. आप केवल इस आधार पर भुगतान करना बंद नहीं कर सकते कि चीजें आपके अनुसार नहीं जा रहीं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘हम जीने के लिए किराए के रूप में सेवा का भुगतान करते हैं. आप केवल इस आधार पर भुगतान करना बंद नहीं कर सकते कि चीजें आपके अनुसार नहीं जा रहीं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | चुनाव के परिणाम से कई लोग बहुत निराश
कहा, अपने मूल्यों के लिए लड़िए और कभी भी हार मत मानिए
हिलेरी ने सेवा की महत्ता पर बल दिया | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने रविवार को कहा कि यदि सशक्त लोकपाल विधेयक नहीं लाया जाता है तो वह लोकसभा चुनावों की घोषणा होते ही दिल्ली में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार भ्रष्टाचार मुक्त भारत नहीं बनाना चाहती है। .. लोकसभा में आठ बार पेश किए जाने के बावजूद लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो सका है। अगर विधेयक पहले पारित हो गया होता तो आधे मंत्री सलाखों के पीछे होते।’’ लोकायुक्त विधेयक पर अपने राज्यव्यापी दौरे के दौरान एक रैली में उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2014 ‘अब या कभी नहीं’ के समान होगा। यदि तब तक मजबूत लोकपाल नहीं आता है तो मैं देश भर का दौरा करूंगा और लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही रामलीला मैदान (दिल्ली में) रहूंगा।’’
सामाजिक कार्यकर्ता ने पिछले साल अपने लोकपाल आंदोलन को नाकाम करने के लिए गृह मंत्री पी चिदंबरम पर आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार भ्रष्टाचार मुक्त भारत नहीं बनाना चाहती है। .. लोकसभा में आठ बार पेश किए जाने के बावजूद लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो सका है। अगर विधेयक पहले पारित हो गया होता तो आधे मंत्री सलाखों के पीछे होते।’’ लोकायुक्त विधेयक पर अपने राज्यव्यापी दौरे के दौरान एक रैली में उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2014 ‘अब या कभी नहीं’ के समान होगा। यदि तब तक मजबूत लोकपाल नहीं आता है तो मैं देश भर का दौरा करूंगा और लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही रामलीला मैदान (दिल्ली में) रहूंगा।’’
सामाजिक कार्यकर्ता ने पिछले साल अपने लोकपाल आंदोलन को नाकाम करने के लिए गृह मंत्री पी चिदंबरम पर आरोप लगाया।
सामाजिक कार्यकर्ता ने पिछले साल अपने लोकपाल आंदोलन को नाकाम करने के लिए गृह मंत्री पी चिदंबरम पर आरोप लगाया। | संक्षिप्त सारांश: अन्ना हजारे ने कहा कि यदि सशक्त लोकपाल विधेयक नहीं लाया जाता है तो वह लोकसभा चुनावों की घोषणा होते ही दिल्ली में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका की एक अधिकारी ने कहा है कि गुजरात में 2002 में हुए दंगों में वहां के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को लेकर बहुत संदेह है और उनको अमेरिका का वीजा नहीं दिया जाना चाहिए।
मोदी के विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार के तौर पर उभरने पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की उपाध्यक्ष कैटरीना लैंटोस स्वेट ने न्यूयार्क टाइम्स से कहा, "देश के बाहर या किसी व्यक्ति की इसमें कोई भूमिका नहीं है कि भारत का अगला नेता कौन होना चाहिए। लेकिन मेरा यह मानना है कि भारत के लोगों को इस पर बहुत ध्यान से सोचना होगा कौन अगला प्रधानमंत्री बनना चाहता है।"टिप्पणियां
यह सरकारी आयोग पूरी दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लघंन की निगरानी करता है और अमेरिकी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कांग्रेस के लिए गैर बाध्यकारी नीतियां बनाता है।
जब उनसे कहा गया कि भारतीय न्यायालय में मोदी के खिलाफ 2002 के दंगों में भूमिका का कोई साक्ष्य नहीं मिला है, तो उन्होंने कहा, "निश्चित ही हमारी न्याय व्यवस्था में आप दोषी नहीं पाए जा सकते, लेकिन यह निर्दोष होने की स्थिति नहीं है। इन घटनाओं के संदर्भ में हमें अपने कानून का पालन करना चाहिए जिसके मुताबिक हमें वीजा नहीं देना चाहिए।"
मोदी के विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार के तौर पर उभरने पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की उपाध्यक्ष कैटरीना लैंटोस स्वेट ने न्यूयार्क टाइम्स से कहा, "देश के बाहर या किसी व्यक्ति की इसमें कोई भूमिका नहीं है कि भारत का अगला नेता कौन होना चाहिए। लेकिन मेरा यह मानना है कि भारत के लोगों को इस पर बहुत ध्यान से सोचना होगा कौन अगला प्रधानमंत्री बनना चाहता है।"टिप्पणियां
यह सरकारी आयोग पूरी दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लघंन की निगरानी करता है और अमेरिकी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कांग्रेस के लिए गैर बाध्यकारी नीतियां बनाता है।
जब उनसे कहा गया कि भारतीय न्यायालय में मोदी के खिलाफ 2002 के दंगों में भूमिका का कोई साक्ष्य नहीं मिला है, तो उन्होंने कहा, "निश्चित ही हमारी न्याय व्यवस्था में आप दोषी नहीं पाए जा सकते, लेकिन यह निर्दोष होने की स्थिति नहीं है। इन घटनाओं के संदर्भ में हमें अपने कानून का पालन करना चाहिए जिसके मुताबिक हमें वीजा नहीं देना चाहिए।"
यह सरकारी आयोग पूरी दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लघंन की निगरानी करता है और अमेरिकी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कांग्रेस के लिए गैर बाध्यकारी नीतियां बनाता है।
जब उनसे कहा गया कि भारतीय न्यायालय में मोदी के खिलाफ 2002 के दंगों में भूमिका का कोई साक्ष्य नहीं मिला है, तो उन्होंने कहा, "निश्चित ही हमारी न्याय व्यवस्था में आप दोषी नहीं पाए जा सकते, लेकिन यह निर्दोष होने की स्थिति नहीं है। इन घटनाओं के संदर्भ में हमें अपने कानून का पालन करना चाहिए जिसके मुताबिक हमें वीजा नहीं देना चाहिए।"
जब उनसे कहा गया कि भारतीय न्यायालय में मोदी के खिलाफ 2002 के दंगों में भूमिका का कोई साक्ष्य नहीं मिला है, तो उन्होंने कहा, "निश्चित ही हमारी न्याय व्यवस्था में आप दोषी नहीं पाए जा सकते, लेकिन यह निर्दोष होने की स्थिति नहीं है। इन घटनाओं के संदर्भ में हमें अपने कानून का पालन करना चाहिए जिसके मुताबिक हमें वीजा नहीं देना चाहिए।" | अमेरिका की एक अधिकारी ने कहा है कि गुजरात में 2002 में हुए दंगों में वहां के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को लेकर बहुत संदेह है और उनको अमेरिका का वीजा नहीं दिया जाना चाहिए। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर एक विवादास्पद होर्डिंग लगाया गया है, जिसमें पीएम मोदी को अर्जुन और अमित शाह को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में दिखाया गया है. हालांकि, भाजपा की आगरा इकाई ने होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है.
आगरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अर्जुन और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को कृष्ण के रूप में दशार्ते हुए होर्डिंग लगा दिए. इसकी चर्चा फैली तो संगठन में खलबली मच गई और अब इससे जुड़े नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है.
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पास लगी होर्डिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्जुन के अवतार में धनुष से तीर चलाते हुए रथ पर सवार दिखाए गए हैं, जबकि अमित शाह भगवान कृष्ण के रूप में भाजपा का झंडा लगे रथ को हांक रहे हैं.
होर्डिंग में नरेंद्र मोदी के तीर के निशाने पर भ्रष्टाचार, आतंकवाद और कालेधन को दर्शाया गया है. होर्डिंग पर 'परिवर्तन के पुरोधा' शीर्षक भी लिखा गया है. नीचे पार्टी नेता पार्षद प्रमोद उपाध्याय, गोविंद चाहर, डीपी राठौर, विमल वर्मा आदि के फोटो भी लगे हैं. टिप्पणियां
इधर, आगरा में भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे ने कहा कि यह पार्टी की परंपरा नहीं है. मामले में दोषी पाए जाने पर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आगरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अर्जुन और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को कृष्ण के रूप में दशार्ते हुए होर्डिंग लगा दिए. इसकी चर्चा फैली तो संगठन में खलबली मच गई और अब इससे जुड़े नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है.
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पास लगी होर्डिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्जुन के अवतार में धनुष से तीर चलाते हुए रथ पर सवार दिखाए गए हैं, जबकि अमित शाह भगवान कृष्ण के रूप में भाजपा का झंडा लगे रथ को हांक रहे हैं.
होर्डिंग में नरेंद्र मोदी के तीर के निशाने पर भ्रष्टाचार, आतंकवाद और कालेधन को दर्शाया गया है. होर्डिंग पर 'परिवर्तन के पुरोधा' शीर्षक भी लिखा गया है. नीचे पार्टी नेता पार्षद प्रमोद उपाध्याय, गोविंद चाहर, डीपी राठौर, विमल वर्मा आदि के फोटो भी लगे हैं. टिप्पणियां
इधर, आगरा में भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे ने कहा कि यह पार्टी की परंपरा नहीं है. मामले में दोषी पाए जाने पर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पास लगी होर्डिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्जुन के अवतार में धनुष से तीर चलाते हुए रथ पर सवार दिखाए गए हैं, जबकि अमित शाह भगवान कृष्ण के रूप में भाजपा का झंडा लगे रथ को हांक रहे हैं.
होर्डिंग में नरेंद्र मोदी के तीर के निशाने पर भ्रष्टाचार, आतंकवाद और कालेधन को दर्शाया गया है. होर्डिंग पर 'परिवर्तन के पुरोधा' शीर्षक भी लिखा गया है. नीचे पार्टी नेता पार्षद प्रमोद उपाध्याय, गोविंद चाहर, डीपी राठौर, विमल वर्मा आदि के फोटो भी लगे हैं. टिप्पणियां
इधर, आगरा में भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे ने कहा कि यह पार्टी की परंपरा नहीं है. मामले में दोषी पाए जाने पर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
होर्डिंग में नरेंद्र मोदी के तीर के निशाने पर भ्रष्टाचार, आतंकवाद और कालेधन को दर्शाया गया है. होर्डिंग पर 'परिवर्तन के पुरोधा' शीर्षक भी लिखा गया है. नीचे पार्टी नेता पार्षद प्रमोद उपाध्याय, गोविंद चाहर, डीपी राठौर, विमल वर्मा आदि के फोटो भी लगे हैं. टिप्पणियां
इधर, आगरा में भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे ने कहा कि यह पार्टी की परंपरा नहीं है. मामले में दोषी पाए जाने पर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इधर, आगरा में भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे ने कहा कि यह पार्टी की परंपरा नहीं है. मामले में दोषी पाए जाने पर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: पीएम मोदी को अर्जुन और अमित शाह को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में दिखाया गया
आगरा इकाई ने होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही
चर्चा फैली तो संगठन में खलबली मच गई | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एडीलेड से मेलबर्न जा रहे कंतास एयरलाइन के एक विमान को सोमवार सुबह अचानक केबिन में हवा का दबाव कम हो जाने के कारण 26 हजार फुट तक नीचे आने पर मजबूर होना पड़ा। विमान में 99 लोग सवार थे। मीडिया की खबरों के अनुसार, क्यूएफ-670 विमान के पायलट ने घोषणा की कि उन्हें 36 हजार फुट की उंचाई से तेजी से नीचे आ कर महज दस हजार फुट की उड़ान भरना होगा। इस घोषणा के बाद बोइंग 737-400 विमान से विमान क्यूएफ-670 के कन्सोल पैनलों पर ऑक्सीजन के मास्क गिराए गए। विमान के मेलबर्न पहुंचने के 30 मिनट पहले यह घटना घटी। क्यूएफ-670 विमान के पायलटों को हवाई यातायात नियंत्रक की ओर से विमान को मेलबर्न तक की शेष दूरी को दस हजार फुट की उंचाई पर उड़ान भरते हुए तय करने की अनुमति मिल गई। क्यूएफ 670 विमान 21 साल पुराना है। उसने एडीलेड से सुबह करीब छह बज कर 13 मिनट पर उड़ान भरी और विक्टोरिया से आगे पहुंचते ही उसके केबिन में अचानक हवा का दबाव कम हो गया। बहरहाल, विमान सुबह करीब सात बज कर 53 मिनट पर मेलबर्न पहुंचा और सुरक्षित उतर गया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मेलबर्न जा रहे कंतास एयरलाइन के एक विमान को अचानक केबिन में हवा का दबाव कम हो जाने के कारण 26 हजार फुट तक नीचे आने पर मजबूर होना पड़ा। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिक नेता और लोकनायक (Loknayak) के नाम से पुकारे गए जयप्रकाश नारायण (Jayaprakash Narayan) का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सिताबदियारा में हुआ था. जेपी (JP Narayan) को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के विरोध के लिए जाना जाता था. कहा जाता है कि उनके आंदोलन की वजह से इंदिरा गांधी के हाथ से सत्ता तक छिन गई थी. वह इंदिरा गांधी की प्रशासनिक नीतियों के विरुद्ध थे. 1975 में इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की जिसके अन्तर्गत जेपी सहित 600 से भी अधिक विरोधी नेताओं को बन्दी बनाया गया और प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गई. 1977 जेपी के प्रयासों से एकजुट विरोध पक्ष ने इंदिरा गांधी को चुनाव में हरा दिया. जयप्रकाश नारायण का निधन उनके निवास स्थान पटना में 8 अक्टूबर 1979 को हृदय की बीमारी और मधुमेह के कारण हुआ.
कोई एंग्री यंगमैन कहता है, कोई सदी का महानायक, कोई बिग बी तो कोई शहंशाह, उनके जितने प्रशंसक उतने ही नाम. वैसे वह 'रिश्ते में सबके बाप होते हैं.' हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के सर्वकालिक लोकप्रिय अदाकार अमिताभ बच्चन की. भारत के सिनेमा के इतिहास में युग पुरुष का दर्जा रखने वाले हरदिल अजीज कलाकार अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर को ही हुआ था. इलाहाबाद में 11 अक्टूबर 1942 को जन्मे अमिताभ ने 1969 में फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, लेकिन 1973 में आई फिल्म 'जंजीर' में पुलिस इंस्पैक्टर की उनकी भूमिका ने उन्हें 'एंग्री यंगमैन' का तमगा दिलाया. उसके बाद 'दीवार' और 'शोले' जैसी फिल्मों ने उन्हें एक महान अभिनेता के तौर पर गढ़ दिया. इसके बाद की कहानी अपने आप में किसी परीकथा से कम नहीं.
1737: तब के कलकत्ता और आज के कोलकाता में उस वक्त भीषण समुद्री तूफान से छोटे-बड़े सैकड़ों जहाज और छोटी नौकाएं तबाह हो गईं. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने आधिकारिक तौर पर तूफान में तीन हजार लोगों के मारे जाने की बात कही. हालांकि अपुष्ट सूत्रों ने मरने वालों की तादाद कहीं ज्यादा बताई. तूफान की तारीख को लेकर भी विवाद रहा.
1902: प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिक नेता और लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को हुआ था.
1923: विश्व प्रसिद्ध गणितज्ञ हरीश चंद्र का जन्म. उन्होंने आधुनिक गणित की एक छोटी शाखा पर काम किया और उसे इस हद तक विकसित कर दिया कि दुनियाभर के गणितज्ञ उस शाखा की ओर आकर्षित हुए.
1942: हिन्दी सिनेमा के युग पुरुष अमिताभ बच्चन का जन्मदिन.
1987: भारतीय शांति सेना ने श्रीलंका में ऑपरेशन पवन शुरू किया. इसका उद्देश्य जाफना को लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम के कब्जे से मुक्त कराना था.
2000 : इंटरनेशनल वुमन आफ द ईयर एसोसिएशन ने अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला रूस की वालेंतिना वी तेरेशकोवा को ग्रेटेस्ट वुमन एचीवर ऑफ द सेंचुरी अवार्ड देकर सम्मानित किया.
2002 : अमेरिकी कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित कर तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश को इराक के खिलाफ बलप्रयोग के लिए व्यापक अधिकार दिए.
(इनपुट: भाषा) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 11 अक्टूबर को इतिहास में कई चीजें घटित हुईं
इसी दिन जेपी नारायण का जन्म बिहार में हुआ था
11 अक्टूबर को ही महानायक अमिताभ बच्चन जन्मे. | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के कारणों की समीक्षा के लिए रविवार को बुलाई गई बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की बैठक में पार्टी प्रमुख मायावती ने सभी कमेटियों को भंग करने की घोषणा की और कहा कि प्रदेश में 'गुंडाराज' की वापसी हो गई है, इसे देखते हुए पार्टी आगामी निकाय चुनाव नहीं लड़ेगी।
माल एवेन्यू स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित अखिल भारतीय कार्यकर्ता सम्मेलन में मायावती ने सभी मंडल कमेटियों, जिला कमेटियों, विधानसभा कमेटियों और भाईचारा कमेटियों को भंग करने की घोषणा करते हुए नए सिरे से प्रमुख नेताओं की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की।
बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सभी मंडलों के समन्वयकों तथा निर्वाचित एवं पराजित विधायकों को बुलाया गया था।
मायावती ने कहा, "चुनाव के दौरान कई नेताओं और मंडलीय समन्वयकों ने जमीनी हकीकत से मुझे दूर रखा।" गलत रिपोर्ट देने वाले पार्टी नेताओं को उन्होंने जमकर लताड़ लगाई।
समाजवादी पार्टी (सपा) पर प्रहार करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा सरकार के लौटते ही प्रदेश में गुंडाराज की वापसी हो गई है। इसके मद्देनजर बसपा ने आगामी स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, "बसपा अपने लोगों के जान-माल की हिफाजत और उन्हें खून-खराबे से बचाने के लिए स्थानीय निकाय चुनाव में भाग नहीं लेगी। जो पार्टी नेता या कार्यकर्ता निकाय चुनाव लड़ेगा, पार्टी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई करेगी।"टिप्पणियां
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी पार्टी के पदाधिकारी और नेता शामिल हुए।
2014 से पहले लोकसभा का मध्यावधि चुनाव होने का अंदेशा जताते हुए मायावती ने कहा, "आप लोग कमर कसकर लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहें। लोकसभा चुनाव तय समय से पहले भी हो सकता है।"
माल एवेन्यू स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित अखिल भारतीय कार्यकर्ता सम्मेलन में मायावती ने सभी मंडल कमेटियों, जिला कमेटियों, विधानसभा कमेटियों और भाईचारा कमेटियों को भंग करने की घोषणा करते हुए नए सिरे से प्रमुख नेताओं की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की।
बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सभी मंडलों के समन्वयकों तथा निर्वाचित एवं पराजित विधायकों को बुलाया गया था।
मायावती ने कहा, "चुनाव के दौरान कई नेताओं और मंडलीय समन्वयकों ने जमीनी हकीकत से मुझे दूर रखा।" गलत रिपोर्ट देने वाले पार्टी नेताओं को उन्होंने जमकर लताड़ लगाई।
समाजवादी पार्टी (सपा) पर प्रहार करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा सरकार के लौटते ही प्रदेश में गुंडाराज की वापसी हो गई है। इसके मद्देनजर बसपा ने आगामी स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, "बसपा अपने लोगों के जान-माल की हिफाजत और उन्हें खून-खराबे से बचाने के लिए स्थानीय निकाय चुनाव में भाग नहीं लेगी। जो पार्टी नेता या कार्यकर्ता निकाय चुनाव लड़ेगा, पार्टी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई करेगी।"टिप्पणियां
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी पार्टी के पदाधिकारी और नेता शामिल हुए।
2014 से पहले लोकसभा का मध्यावधि चुनाव होने का अंदेशा जताते हुए मायावती ने कहा, "आप लोग कमर कसकर लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहें। लोकसभा चुनाव तय समय से पहले भी हो सकता है।"
बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सभी मंडलों के समन्वयकों तथा निर्वाचित एवं पराजित विधायकों को बुलाया गया था।
मायावती ने कहा, "चुनाव के दौरान कई नेताओं और मंडलीय समन्वयकों ने जमीनी हकीकत से मुझे दूर रखा।" गलत रिपोर्ट देने वाले पार्टी नेताओं को उन्होंने जमकर लताड़ लगाई।
समाजवादी पार्टी (सपा) पर प्रहार करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा सरकार के लौटते ही प्रदेश में गुंडाराज की वापसी हो गई है। इसके मद्देनजर बसपा ने आगामी स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, "बसपा अपने लोगों के जान-माल की हिफाजत और उन्हें खून-खराबे से बचाने के लिए स्थानीय निकाय चुनाव में भाग नहीं लेगी। जो पार्टी नेता या कार्यकर्ता निकाय चुनाव लड़ेगा, पार्टी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई करेगी।"टिप्पणियां
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी पार्टी के पदाधिकारी और नेता शामिल हुए।
2014 से पहले लोकसभा का मध्यावधि चुनाव होने का अंदेशा जताते हुए मायावती ने कहा, "आप लोग कमर कसकर लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहें। लोकसभा चुनाव तय समय से पहले भी हो सकता है।"
मायावती ने कहा, "चुनाव के दौरान कई नेताओं और मंडलीय समन्वयकों ने जमीनी हकीकत से मुझे दूर रखा।" गलत रिपोर्ट देने वाले पार्टी नेताओं को उन्होंने जमकर लताड़ लगाई।
समाजवादी पार्टी (सपा) पर प्रहार करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा सरकार के लौटते ही प्रदेश में गुंडाराज की वापसी हो गई है। इसके मद्देनजर बसपा ने आगामी स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, "बसपा अपने लोगों के जान-माल की हिफाजत और उन्हें खून-खराबे से बचाने के लिए स्थानीय निकाय चुनाव में भाग नहीं लेगी। जो पार्टी नेता या कार्यकर्ता निकाय चुनाव लड़ेगा, पार्टी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई करेगी।"टिप्पणियां
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी पार्टी के पदाधिकारी और नेता शामिल हुए।
2014 से पहले लोकसभा का मध्यावधि चुनाव होने का अंदेशा जताते हुए मायावती ने कहा, "आप लोग कमर कसकर लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहें। लोकसभा चुनाव तय समय से पहले भी हो सकता है।"
समाजवादी पार्टी (सपा) पर प्रहार करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा सरकार के लौटते ही प्रदेश में गुंडाराज की वापसी हो गई है। इसके मद्देनजर बसपा ने आगामी स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, "बसपा अपने लोगों के जान-माल की हिफाजत और उन्हें खून-खराबे से बचाने के लिए स्थानीय निकाय चुनाव में भाग नहीं लेगी। जो पार्टी नेता या कार्यकर्ता निकाय चुनाव लड़ेगा, पार्टी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई करेगी।"टिप्पणियां
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी पार्टी के पदाधिकारी और नेता शामिल हुए।
2014 से पहले लोकसभा का मध्यावधि चुनाव होने का अंदेशा जताते हुए मायावती ने कहा, "आप लोग कमर कसकर लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहें। लोकसभा चुनाव तय समय से पहले भी हो सकता है।"
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी पार्टी के पदाधिकारी और नेता शामिल हुए।
2014 से पहले लोकसभा का मध्यावधि चुनाव होने का अंदेशा जताते हुए मायावती ने कहा, "आप लोग कमर कसकर लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहें। लोकसभा चुनाव तय समय से पहले भी हो सकता है।"
2014 से पहले लोकसभा का मध्यावधि चुनाव होने का अंदेशा जताते हुए मायावती ने कहा, "आप लोग कमर कसकर लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहें। लोकसभा चुनाव तय समय से पहले भी हो सकता है।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के कारणों की समीक्षा के लिए रविवार को बुलाई गई बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की बैठक में पार्टी प्रमुख मायावती ने सभी कमेटियों को भंग करने की घोषणा की। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अन्ना हजारे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख के करीब रहे थे। 'नई दुनिया' अखबार में छपी एक खबर में इसका दावा किया गया है। अखबार में यह भी बताया गया है कि नानाजी देशमुख के ग्रामोदय प्रयोग स्थल गोंडा और चित्रकूट में भी अन्ना हजारे ने नानाजी के साथ कई दिन गुजारे थे। इसके अलावा अखबार में बताया गया है कि 28 साल पहले 1983 में ग्राम विकास के क्षेत्र में तमाम स्वैच्छिक संगठनों ने मिलकर ग्राम विश्व संस्था बनाई थी, जिसके अध्यक्ष नाना देशमुख और मंत्री अन्ना हजारे थे। अखबार में नानाजी के सहयोगी राम प्रकाश गुप्ता का बयान भी छपा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उस समय लगातार बैठकों का दौर चला था और अन्ना हजारे यहां तीन दिन रुके थे। अखबार में इस खबर के छपने के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि अब अन्ना को सच्चाई स्वीकार कर लेना चाहिए। वहीं केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि अन्ना आरएसएस के एजेंट हैं। | यहाँ एक सारांश है:अन्ना हजारे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख के करीब रहे थे। 'नई दुनिया' अखबार में छपी एक खबर में इसका दावा किया गया है। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव राम आसरे कुशवाहा ने कहा कि विवादास्पद फिल्म ‘विश्वरूपम’ अगर किसी धर्म, जाति या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है तो राज्य में उसका प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा।टिप्पणियां
कुशवाहा ने बताया, तमिलनाडु में कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। मुझे लगा कि इस फिल्म में ऐसा कुछ जरूर है, जो किसी धर्म, जाति या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश में चूंकि सपा सरकार है और कानून व्यवस्था ठीक बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है, लिहाजा हमारे अधिकारी पहले उस फिल्म को देखेंगे। यदि यह महसूस किया गया कि उस फिल्म से किसी की भावनाओं को ठेस नहीं लगेगी तो उसके प्रदर्शन की इजाजत दी जाएगी। अगर नहीं, तो कानून व्यवस्था ठीक रखने के लिए फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई जाएगी।
गौरतलब है कि अभिनेता और निर्माता-निर्देशक की आतंकवाद के विषय पर आधारित फिल्म ‘विश्वरूपम’ के कुछ दृश्यों पर कई मुस्लिम संगठनों ने एतराज जताया है, जिसके बाद तमिलनाडु सरकार ने उसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।
कुशवाहा ने बताया, तमिलनाडु में कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। मुझे लगा कि इस फिल्म में ऐसा कुछ जरूर है, जो किसी धर्म, जाति या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश में चूंकि सपा सरकार है और कानून व्यवस्था ठीक बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है, लिहाजा हमारे अधिकारी पहले उस फिल्म को देखेंगे। यदि यह महसूस किया गया कि उस फिल्म से किसी की भावनाओं को ठेस नहीं लगेगी तो उसके प्रदर्शन की इजाजत दी जाएगी। अगर नहीं, तो कानून व्यवस्था ठीक रखने के लिए फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई जाएगी।
गौरतलब है कि अभिनेता और निर्माता-निर्देशक की आतंकवाद के विषय पर आधारित फिल्म ‘विश्वरूपम’ के कुछ दृश्यों पर कई मुस्लिम संगठनों ने एतराज जताया है, जिसके बाद तमिलनाडु सरकार ने उसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।
गौरतलब है कि अभिनेता और निर्माता-निर्देशक की आतंकवाद के विषय पर आधारित फिल्म ‘विश्वरूपम’ के कुछ दृश्यों पर कई मुस्लिम संगठनों ने एतराज जताया है, जिसके बाद तमिलनाडु सरकार ने उसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। | यहाँ एक सारांश है:सपा के राष्ट्रीय महासचिव राम आसरे कुशवाहा ने कहा कि विवादास्पद फिल्म ‘विश्वरूपम’ अगर किसी धर्म, जाति या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है तो राज्य में उसका प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के बोटाद जिले में रविवार को झाड़-फूंक करने वाले ओझाओं के कार्यक्रम में गुजरात के शिक्षा और राजस्व मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री आत्माराम परमार ने शिरकत की. इस कार्यक्रम का आयोजन सत्ताधारी भाजपा की स्थानीय इकाई ने किया था. अब इस कार्यक्रम में मंत्रियों की मौजूदगी का वीडियो वायरल होने से विवाद शुरू हो गया है.
हालांकि मंत्रियों को इसमें कुछ गलत नहीं लग रहा है. शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा का कहना है कि इसमें कुछ गलत नहीं है. जैसे हम समाज का हिस्सा हैं, वे भी समाज का हिस्सा हैं. वे शक्ति के उपासक हैं तो मिलने में कुछ गलत नहीं है.
लेकिन विपक्ष और तर्कवादी वैज्ञानिक विचारधारा के पक्षधर लोग इससे आहत हैं. उनका कहना है कि दुनिया 21वीं सदी में पहुंच चुकी है. तब भी राजनैतिक तबकों में पुरानी अंधविश्वास के कार्यक्रमों में मौजूदगी समाज के विकास के लिए घातक साबित हो सकती है.
कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढवाडिया का कहना है कि हमारे संविधान में प्रावधान किया गया है कि हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देंगे और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देंगे. ऐसे में भाजपा के दोनों नेताओं ने संविधान की भावना के खिलाफ, जो लोगों को परेशान करते हैं, ऐसे लोगों का सम्मेलन किया और यह सिर्फ वोटों के लिए किया गया.
यह भी पढ़ें - तांत्रिकों के कार्यक्रम में पहुंचे गुजरात के 2 मंत्री, वीडियो हुआ वायरलटिप्पणियां
गुजरात-मुंबई रेशनलिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मनीषी जानी कहते हैं कि एक तरफ महाराष्ट्र में कई लोग जान की आहुति देकर कानून लाने में सफल रहे कि अंधविश्वास को रोकना चाहिए, ऐसे में गुजरात के मंत्री ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. यह शर्मनाक बात है. एक तरफ राज्य के स्कूलों में बच्चों का प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में शिक्षामंत्री अंधविश्वास से जुड़े लोगों के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं. यह संविधान के खिलाफ भी है. मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए.
पड़ोसी राज्य और भाजपा शासित महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा के खिलाफ कानून बना है. ऐसे में चुनावी साल में गुजरात में यह मुद्दा एक बड़े राजनैतिक विवाद का सबब बन रहा है.
हालांकि मंत्रियों को इसमें कुछ गलत नहीं लग रहा है. शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा का कहना है कि इसमें कुछ गलत नहीं है. जैसे हम समाज का हिस्सा हैं, वे भी समाज का हिस्सा हैं. वे शक्ति के उपासक हैं तो मिलने में कुछ गलत नहीं है.
लेकिन विपक्ष और तर्कवादी वैज्ञानिक विचारधारा के पक्षधर लोग इससे आहत हैं. उनका कहना है कि दुनिया 21वीं सदी में पहुंच चुकी है. तब भी राजनैतिक तबकों में पुरानी अंधविश्वास के कार्यक्रमों में मौजूदगी समाज के विकास के लिए घातक साबित हो सकती है.
कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढवाडिया का कहना है कि हमारे संविधान में प्रावधान किया गया है कि हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देंगे और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देंगे. ऐसे में भाजपा के दोनों नेताओं ने संविधान की भावना के खिलाफ, जो लोगों को परेशान करते हैं, ऐसे लोगों का सम्मेलन किया और यह सिर्फ वोटों के लिए किया गया.
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गुजरात-मुंबई रेशनलिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मनीषी जानी कहते हैं कि एक तरफ महाराष्ट्र में कई लोग जान की आहुति देकर कानून लाने में सफल रहे कि अंधविश्वास को रोकना चाहिए, ऐसे में गुजरात के मंत्री ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. यह शर्मनाक बात है. एक तरफ राज्य के स्कूलों में बच्चों का प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में शिक्षामंत्री अंधविश्वास से जुड़े लोगों के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं. यह संविधान के खिलाफ भी है. मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए.
पड़ोसी राज्य और भाजपा शासित महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा के खिलाफ कानून बना है. ऐसे में चुनावी साल में गुजरात में यह मुद्दा एक बड़े राजनैतिक विवाद का सबब बन रहा है.
लेकिन विपक्ष और तर्कवादी वैज्ञानिक विचारधारा के पक्षधर लोग इससे आहत हैं. उनका कहना है कि दुनिया 21वीं सदी में पहुंच चुकी है. तब भी राजनैतिक तबकों में पुरानी अंधविश्वास के कार्यक्रमों में मौजूदगी समाज के विकास के लिए घातक साबित हो सकती है.
कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढवाडिया का कहना है कि हमारे संविधान में प्रावधान किया गया है कि हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देंगे और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देंगे. ऐसे में भाजपा के दोनों नेताओं ने संविधान की भावना के खिलाफ, जो लोगों को परेशान करते हैं, ऐसे लोगों का सम्मेलन किया और यह सिर्फ वोटों के लिए किया गया.
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गुजरात-मुंबई रेशनलिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मनीषी जानी कहते हैं कि एक तरफ महाराष्ट्र में कई लोग जान की आहुति देकर कानून लाने में सफल रहे कि अंधविश्वास को रोकना चाहिए, ऐसे में गुजरात के मंत्री ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. यह शर्मनाक बात है. एक तरफ राज्य के स्कूलों में बच्चों का प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में शिक्षामंत्री अंधविश्वास से जुड़े लोगों के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं. यह संविधान के खिलाफ भी है. मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए.
पड़ोसी राज्य और भाजपा शासित महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा के खिलाफ कानून बना है. ऐसे में चुनावी साल में गुजरात में यह मुद्दा एक बड़े राजनैतिक विवाद का सबब बन रहा है.
कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढवाडिया का कहना है कि हमारे संविधान में प्रावधान किया गया है कि हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देंगे और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देंगे. ऐसे में भाजपा के दोनों नेताओं ने संविधान की भावना के खिलाफ, जो लोगों को परेशान करते हैं, ऐसे लोगों का सम्मेलन किया और यह सिर्फ वोटों के लिए किया गया.
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गुजरात-मुंबई रेशनलिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मनीषी जानी कहते हैं कि एक तरफ महाराष्ट्र में कई लोग जान की आहुति देकर कानून लाने में सफल रहे कि अंधविश्वास को रोकना चाहिए, ऐसे में गुजरात के मंत्री ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. यह शर्मनाक बात है. एक तरफ राज्य के स्कूलों में बच्चों का प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में शिक्षामंत्री अंधविश्वास से जुड़े लोगों के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं. यह संविधान के खिलाफ भी है. मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए.
पड़ोसी राज्य और भाजपा शासित महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा के खिलाफ कानून बना है. ऐसे में चुनावी साल में गुजरात में यह मुद्दा एक बड़े राजनैतिक विवाद का सबब बन रहा है.
यह भी पढ़ें - तांत्रिकों के कार्यक्रम में पहुंचे गुजरात के 2 मंत्री, वीडियो हुआ वायरलटिप्पणियां
गुजरात-मुंबई रेशनलिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मनीषी जानी कहते हैं कि एक तरफ महाराष्ट्र में कई लोग जान की आहुति देकर कानून लाने में सफल रहे कि अंधविश्वास को रोकना चाहिए, ऐसे में गुजरात के मंत्री ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. यह शर्मनाक बात है. एक तरफ राज्य के स्कूलों में बच्चों का प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में शिक्षामंत्री अंधविश्वास से जुड़े लोगों के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं. यह संविधान के खिलाफ भी है. मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए.
पड़ोसी राज्य और भाजपा शासित महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा के खिलाफ कानून बना है. ऐसे में चुनावी साल में गुजरात में यह मुद्दा एक बड़े राजनैतिक विवाद का सबब बन रहा है.
गुजरात-मुंबई रेशनलिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मनीषी जानी कहते हैं कि एक तरफ महाराष्ट्र में कई लोग जान की आहुति देकर कानून लाने में सफल रहे कि अंधविश्वास को रोकना चाहिए, ऐसे में गुजरात के मंत्री ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. यह शर्मनाक बात है. एक तरफ राज्य के स्कूलों में बच्चों का प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में शिक्षामंत्री अंधविश्वास से जुड़े लोगों के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं. यह संविधान के खिलाफ भी है. मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए.
पड़ोसी राज्य और भाजपा शासित महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा के खिलाफ कानून बना है. ऐसे में चुनावी साल में गुजरात में यह मुद्दा एक बड़े राजनैतिक विवाद का सबब बन रहा है.
पड़ोसी राज्य और भाजपा शासित महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा के खिलाफ कानून बना है. ऐसे में चुनावी साल में गुजरात में यह मुद्दा एक बड़े राजनैतिक विवाद का सबब बन रहा है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मंत्रियों के कदम से विपक्ष और तर्कवादी वैज्ञानिक विचारधारा के पक्षधर आहत
कांग्रेस का आरोप, भाजपा नेताओं ने संविधान की भावना के खिलाफ काम किया
कहा, वोटों के लिए किया गया झाड़-फूंक करने वालों का सम्मेलन | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कैटरीना कैफ और सलमान खान के बीच दूरियां आएं लंबा समय बीत चुका है. यही नहीं रणबीर और कैटरीना का कथित ब्रेकअप हुए भी अब काफी समय हो गया. दोनों इससे उबर कर आगे बढ़ने की कोशिशें करते दिख रहे हैं. लेकिन यह क्या कपिल शर्मा के शो में कैटरीना सलमान खान को कुछ यूं याद करती दिखीं.
दरअसल, इस शो में हरियाणा के पानीपत से आए वीरेंद्र कौशिक ने कैटरीना कैफ से सवाल किया कि मैडम आपने एक इंटरव्यू में कहा था कि आप लड़कों के बालों से बहुत इंप्रेस होती हैं, मैं पूछना चाहता हूं कि जिनके बाल नहीं हैं उनका क्या? तो कैटरीना ने इस पर कहा कि आपने 'तेरे नाम' देखी है, उस फिल्म में सलमान खान इज लुकिंग वैरी गुड...टिप्पणियां
इस शो में वह अपनी फिल्म 'बार-बार देखो' का प्रचार करने आई थीं. इस फिल्म वह सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ दिखाई दे रही हैं.
रणबीर-कैटरीना के बीच कथित दोस्ती का खुलासा तब हुआ था जब दोनों की तस्वीरें स्पेन में इबिजा बीच पर कैमरे में कैद हुई थीं. हाल ही में रणबीर कपूर ने अपने और कैटरीना कैफ के रिश्ते और ब्रेकअप की बात भी स्वीकार की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणबीर ने कहा था कि उन दोनों का रिश्ता टूटने की कई वजहें थीं, इनमें आधारहीन अफवाहें और खबरें भी शामिल हैं. ब्रेकअप का दर्द होता है. कैटरीना मेरी जिंदगी की सबसे प्रभावशाली महिला थीं. वहीं कैटरीना कैफ ने कहा कि वह खऱाब वक्त को एक चैलेंज की तरह लेती हैं.
इस शो में वह अपनी फिल्म 'बार-बार देखो' का प्रचार करने आई थीं. इस फिल्म वह सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ दिखाई दे रही हैं.
रणबीर-कैटरीना के बीच कथित दोस्ती का खुलासा तब हुआ था जब दोनों की तस्वीरें स्पेन में इबिजा बीच पर कैमरे में कैद हुई थीं. हाल ही में रणबीर कपूर ने अपने और कैटरीना कैफ के रिश्ते और ब्रेकअप की बात भी स्वीकार की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणबीर ने कहा था कि उन दोनों का रिश्ता टूटने की कई वजहें थीं, इनमें आधारहीन अफवाहें और खबरें भी शामिल हैं. ब्रेकअप का दर्द होता है. कैटरीना मेरी जिंदगी की सबसे प्रभावशाली महिला थीं. वहीं कैटरीना कैफ ने कहा कि वह खऱाब वक्त को एक चैलेंज की तरह लेती हैं.
रणबीर-कैटरीना के बीच कथित दोस्ती का खुलासा तब हुआ था जब दोनों की तस्वीरें स्पेन में इबिजा बीच पर कैमरे में कैद हुई थीं. हाल ही में रणबीर कपूर ने अपने और कैटरीना कैफ के रिश्ते और ब्रेकअप की बात भी स्वीकार की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणबीर ने कहा था कि उन दोनों का रिश्ता टूटने की कई वजहें थीं, इनमें आधारहीन अफवाहें और खबरें भी शामिल हैं. ब्रेकअप का दर्द होता है. कैटरीना मेरी जिंदगी की सबसे प्रभावशाली महिला थीं. वहीं कैटरीना कैफ ने कहा कि वह खऱाब वक्त को एक चैलेंज की तरह लेती हैं. | सारांश: कपिल शर्मा के शो में कैटरीना ने की सलमान के लुक की तारीफ
बॉलीवुड में कैटरीना को जमाने का श्रेय सलमान को जाता है.
कैटरीना और रणबीर के ब्रेकअप को भी लंबा समय हो गया. | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: श्रेयस तलपदे पोस्टर बॉयज के साथ बतौर डायरेक्टर डेब्यू करने जा रहे हैं, और वह ट्रेलर को मिले रिस्पॉन्स से काफी उत्साहित भी हैं. ये इसी नाम से 2014 में बनी मराठी फिल्म का रीमेक है. हालांकि डायरेक्शन करना आसान काम नहीं है लेकिन श्रेयस तलपदे ने सनी पाजी की प्रेरणा से सबकुछ आसानी से कर डाला.
पोस्टर बॉयज के बारे में श्रेयस कहते हैं, “हमें इसके लिए डायरेक्टर नहीं मिल सका, तो मुझे डायरेक्ट करनी पड़ी. यह तो हुआ मजाक. हुआ यूं कि हर कोई और खासकर सनी पाजी ने मुझे इसे फिल्म को डायरेक्ट करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि तुम्हारे पास विजन है और तुमने फिल्म देख रखी है, तो तुम अपने डायरेक्शन के जरिये हमें फिल्म क्यों नहीं दिखाते.”टिप्पणियां
सनी देओल के साथ काम करने के बारे में उन्होंने कहा, “वे बहुत ही रिजर्व और शर्मीले इनसान हैं, इसी वजह से आप उनके बारे में अनुमान नहीं लगा सकते. वे मुझे छोटे भाई की तरह देखते हैं और वे सेट पर मेरा बहुत साथ देते थे. उन्होंने डायरेक्शन में भी मेरी काफी मदद की. उन्होंने एक डायरेक्टर के तौर पर मेरी संभावनाओं पर कभी संदेह नहीं किया. उन्होंने मेरे भरोसा जताया और मेरी मदद की.”
श्रेयस बताते हैं, “मैं हृषिकेश मुखर्जी दा का बहुत बड़ा फैन हूं. मैंने हमेशा उनकी फिल्मों और काम को देखा है. मैंने नागेश कुकनूर से लेकर फराह खान और श्याम बेनेगल जैसे डायरेक्टरों के साथ काम किया है. मैंने उनसे जो भी सीखा, इसमें पिरोने की कोशिश की है. जैसे नागेश की बारिकीयां, फराह का 70एमएम का विजन, रोहित की फैमिली एंटरटेनर बनाने की काबिलियत.” श्रेयस तलपदे, सनी देओल और बॉबी देओल की नसबंदी पर बनी ये फिल्म 8 सितंबर को रिलीज हो रही है.
पोस्टर बॉयज के बारे में श्रेयस कहते हैं, “हमें इसके लिए डायरेक्टर नहीं मिल सका, तो मुझे डायरेक्ट करनी पड़ी. यह तो हुआ मजाक. हुआ यूं कि हर कोई और खासकर सनी पाजी ने मुझे इसे फिल्म को डायरेक्ट करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि तुम्हारे पास विजन है और तुमने फिल्म देख रखी है, तो तुम अपने डायरेक्शन के जरिये हमें फिल्म क्यों नहीं दिखाते.”टिप्पणियां
सनी देओल के साथ काम करने के बारे में उन्होंने कहा, “वे बहुत ही रिजर्व और शर्मीले इनसान हैं, इसी वजह से आप उनके बारे में अनुमान नहीं लगा सकते. वे मुझे छोटे भाई की तरह देखते हैं और वे सेट पर मेरा बहुत साथ देते थे. उन्होंने डायरेक्शन में भी मेरी काफी मदद की. उन्होंने एक डायरेक्टर के तौर पर मेरी संभावनाओं पर कभी संदेह नहीं किया. उन्होंने मेरे भरोसा जताया और मेरी मदद की.”
श्रेयस बताते हैं, “मैं हृषिकेश मुखर्जी दा का बहुत बड़ा फैन हूं. मैंने हमेशा उनकी फिल्मों और काम को देखा है. मैंने नागेश कुकनूर से लेकर फराह खान और श्याम बेनेगल जैसे डायरेक्टरों के साथ काम किया है. मैंने उनसे जो भी सीखा, इसमें पिरोने की कोशिश की है. जैसे नागेश की बारिकीयां, फराह का 70एमएम का विजन, रोहित की फैमिली एंटरटेनर बनाने की काबिलियत.” श्रेयस तलपदे, सनी देओल और बॉबी देओल की नसबंदी पर बनी ये फिल्म 8 सितंबर को रिलीज हो रही है.
सनी देओल के साथ काम करने के बारे में उन्होंने कहा, “वे बहुत ही रिजर्व और शर्मीले इनसान हैं, इसी वजह से आप उनके बारे में अनुमान नहीं लगा सकते. वे मुझे छोटे भाई की तरह देखते हैं और वे सेट पर मेरा बहुत साथ देते थे. उन्होंने डायरेक्शन में भी मेरी काफी मदद की. उन्होंने एक डायरेक्टर के तौर पर मेरी संभावनाओं पर कभी संदेह नहीं किया. उन्होंने मेरे भरोसा जताया और मेरी मदद की.”
श्रेयस बताते हैं, “मैं हृषिकेश मुखर्जी दा का बहुत बड़ा फैन हूं. मैंने हमेशा उनकी फिल्मों और काम को देखा है. मैंने नागेश कुकनूर से लेकर फराह खान और श्याम बेनेगल जैसे डायरेक्टरों के साथ काम किया है. मैंने उनसे जो भी सीखा, इसमें पिरोने की कोशिश की है. जैसे नागेश की बारिकीयां, फराह का 70एमएम का विजन, रोहित की फैमिली एंटरटेनर बनाने की काबिलियत.” श्रेयस तलपदे, सनी देओल और बॉबी देओल की नसबंदी पर बनी ये फिल्म 8 सितंबर को रिलीज हो रही है.
श्रेयस बताते हैं, “मैं हृषिकेश मुखर्जी दा का बहुत बड़ा फैन हूं. मैंने हमेशा उनकी फिल्मों और काम को देखा है. मैंने नागेश कुकनूर से लेकर फराह खान और श्याम बेनेगल जैसे डायरेक्टरों के साथ काम किया है. मैंने उनसे जो भी सीखा, इसमें पिरोने की कोशिश की है. जैसे नागेश की बारिकीयां, फराह का 70एमएम का विजन, रोहित की फैमिली एंटरटेनर बनाने की काबिलियत.” श्रेयस तलपदे, सनी देओल और बॉबी देओल की नसबंदी पर बनी ये फिल्म 8 सितंबर को रिलीज हो रही है. | सारांश: मराठी फिल्म का रीमेक है पोस्टर बॉयज
श्रेयस की बतौर डायरेक्टर डेब्यू फिल्म है
कॉमेडी फिल्म है पोस्टर बॉयज | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दुष्कर्म की एक और जघन्य वारदात में गुड़गांव की छह साल की एक बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया गया और उसे दक्षिण दिल्ली के एक इलाके में सड़क किनारे छोड़ दिया गया। लड़की का दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बुधवार की रात को राहगीरों ने लड़की को खून से लथपथ सड़क पर पड़ा देखा और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने लड़की को पास के अस्पताल पहुंचाया जहां से लड़की को सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की कापसहेड़ा इलाके में मिली। उसे रविवार को अगवा किया गया था।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार लड़की के शरीर पर चोट के निशान हैं।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने लड़की का ऑपरेशन किया है और अब उसकी हालत स्थिर है।
बुधवार की रात को राहगीरों ने लड़की को खून से लथपथ सड़क पर पड़ा देखा और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने लड़की को पास के अस्पताल पहुंचाया जहां से लड़की को सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की कापसहेड़ा इलाके में मिली। उसे रविवार को अगवा किया गया था।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार लड़की के शरीर पर चोट के निशान हैं।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने लड़की का ऑपरेशन किया है और अब उसकी हालत स्थिर है।
पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की कापसहेड़ा इलाके में मिली। उसे रविवार को अगवा किया गया था।टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार लड़की के शरीर पर चोट के निशान हैं।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने लड़की का ऑपरेशन किया है और अब उसकी हालत स्थिर है।
पुलिस के अनुसार लड़की के शरीर पर चोट के निशान हैं।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने लड़की का ऑपरेशन किया है और अब उसकी हालत स्थिर है।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने लड़की का ऑपरेशन किया है और अब उसकी हालत स्थिर है। | यह एक सारांश है: दुष्कर्म की एक और जघन्य वारदात में गुड़गांव की छह साल की एक बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया गया और उसे दक्षिण दिल्ली के एक इलाके में सड़क किनारे छोड़ दिया गया। लड़की का दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम ने कहा कि 7 दशक पहले भारत विभाजन के समय हमें उस पवित्र स्थान से दूर कर दिया गया था. सिर्फ 3-4 किलोमीटर की बात थी. उस समय की सरकार भी आस्था के इस पवित्र तीर्थ को भारत के साथ नहीं रख पाई. देश की भावना को देखते हुए करोड़ों सिख भाई-बहनों की मांग को देखते हुए केंद्र की NDA सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर बनाने का काम किया.
पीएम न कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन लोगों से पंजाब समेत पूरे देश को सतर्क रहने की जरूरत है. पूरा देश गवाह है कि कांग्रेस के नेताओं ने यहां के मुख्यमंत्री की भी राय अनसुनी कर दी. जिनका इतिहास राज्य की सुरक्षा से खिलवाड़ रहा हो और जिनका इतिहास हजारों सिख भाई बहनों को हत्या का हो और जो आज भी दंगों के आरोपियों को मुख्यमंत्री पद का पुरस्कार दे रहा हो, उन लोगों से पंजाब समेत पूरे देश को सचेत रहने की जरूरत है. करीब साढ़े तीन दशक से पूरा देश न्याय के इंतजार में था. पीएम ने कहा कि एक परिवार के इशारे पर जिन आरोपियों को सज्जन बताकर उनकी फाइलें दबा दी गई थी, उनको एनडीए की सरकार ने बाहर निकालकर दोषियों को सजा दिलवाई.
- पंजाब के गुरदासपुर में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 1984 के सिख-विरोधी दंगों के आरोपी कांग्रेस नेता कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने को लेकर कहा "जो दंगों के आरोपियों को मुख्यमंत्री बनाने का काम करते हैं, देश को उनसे सतर्क रहने की ज़रूरत है..."
- क्या हम अपने देश में कम बारिश वाले इलाकों में काम कर सकते हैं, क्या मौसम से संबंधित आकाशवाणी में और सुधार कर सकते हैं.
- क्या हम अपने बच्चों को चिकन गुनिया या इनसिफेलाइटिस जैसी बीमारियों से बचा सकते हैं? क्या हम पीने के पानी की समस्या से निपटने के लिए रिसाइक्लिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं? क्या हम सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए ऐसे समाधान इस्तेमाल कर सकते हैं, जो लोगों तक पहले से ज्यादा सहज हो. ऐसे तमाम सवालों का जवाब ढूंढ सकते हैं. वक्त आ गया है कि हमें लीडरशिप करनी है और देश का नाम आगे ले जाना है.
- क्या हम अपने देश में कम बारिश वाले इलाकों में काम कर सकते हैं, क्या मौसम से संबंधित आकाशवाणी में और सुधार कर सकते हैं.
- न्यू इंडिया की जरूरत को पूरा करने के लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है. कम्यूनिकेशन से जुड़ी तमाम तकनीक का इस्तेमाल, कम कीमत में कैसे होता है, ये हमारा प्रयास है.- पीएम मोदी
- पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था. अब वो नारा बदलकर जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान हो गया है. मैं इस नारे को आगे ले जाते हुए आपसे कहना चाहूंगा, 'जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान'. - पीएम मोदी
- हमारे देश के वैज्ञानिकों ने दैनिक जीवन की आधारभूत चीजों के लिए काम करते हुए देश की सेवा की. हमारे सामने सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां हैं. नेशनल लेब सुगम और सस्ते समाधान तैयार करने की कोशिश कर रहा है. - पीएम मोदी
- भारत की महानता हमारे ज्ञान-विज्ञान में ही में है- पीएम मोदी
- पीएम मोदी ने कहा- मुझे इस बात की खुशी है कि इस साल एक सटीक विषय चुना है, ‘भविष्य का भारत - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी'.
- पीएम मोदी ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में भारतीय विज्ञान कांग्रेस (Bhartiya Vigyan Congress) के 106वें सत्र का उद्घाटन किया.
- इस वार्षिक समारोह में देश भर से आए शीर्ष वैज्ञानिक चर्चा करते हैं.
- एक बयान में कहा गया है कि भारतीय विज्ञान कांग्रेस का थीम ‘भविष्य का भारत -- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी' है.
- भारतीय विज्ञान कांग्रेस तीन से सात जनवरी तक चलेगा.
बयान में कहा गया है कि पांच दिन तक चलने वाले इस कांग्रेस में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े 100 से अधिक सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे जहां डीआरडीओ, इसरो, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, एम्स, यूजीसी, एआईसीटीई के अधिकारी हिस्सा लेंगे. इसमें ब्रिटेन, अमेरिका और भारत के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धन एवं स्मृति ईरानी भी इसमें हिस्सा लेंगी. हर्षवर्द्धन ने अपने संदेश में कहा है, ‘सरकार का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. वैज्ञानिकों को एक धुरी के रूप में देश के सामने आने वाली समस्याओं के नए समाधान खोजने के लिए अपने मन और आत्मा से काम करना चाहिए और आम आदमी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना चाहिए.' | यह एक सारांश है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मिशन 2019
'कांग्रेस ने हिंसा के आरोपी को सीएम बना दिया'
पीएम ने कहा-किसानों को धोखा देती है कांग्रेस | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देशभर में महिलाओं पर अत्याचार के लंबित मामलों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक नई पहल की है, और दो विशेष अदालतों का गठन किया है, जो सिर्फ महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी, जिनमें आपराधिक और दीवानी मुकदमे शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इस बेंच ने अपने पहले ही मामले की पहली ही सुनवाई में पीड़ित महिला के पक्ष में फैसला सुना भी दिया है।
हाईकोर्ट की बेंच के पास पीड़ित मीता सिंह अपने तलाक के मुआवजे की राशि का मामला लेकर आई थीं। दरअसल, मीता सिंह का यह मामला तलाक के बाद पूर्व पति से सहायता राशि नहीं मिलने से जुड़ा था। मामले में अंधेरी कोर्ट और सेशन्स कोर्ट से फैसला मीता के पक्ष में होने के बावजूद उनके पूर्व पति ने उन्हें तय की गई आठ हजार रुपये माहवार की सहायता राशि नहीं दी थी।
मीता ने इस मामले को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जहां उनके मामले को विशेष अदालत के सामने सुनवाई के लिए लाया गया, और पहली ही सुनवाई में अदालत ने मीता को तलाक की सहायता राशि तुरंत दिए जाने का आदेश दे दिया। टिप्पणियां
हाईकोर्ट की इस विशेष अदालत के फैसले के बाद मीता ने कहा, "मैं कई सालों से अदालतों के चक्कर लगा रही थी, लेकिन इंसाफ नहीं मिल रहा था। लेकिन हाईकोर्ट में पहली ही सुनवाई के बाद फैसला आ गया, इसलिए ऐसी अदालतों से महिलाओं को फायदा होगा और लोगों में आत्मविश्वास बढ़ेगा।"
दरअसल महाराष्ट्र राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से राज्य भर में 35 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की दरख्वास्त की थी, जिन्हें महिलाओं के खिलाफ किए गए अपराधों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए बनाया जाना था।
हाईकोर्ट की बेंच के पास पीड़ित मीता सिंह अपने तलाक के मुआवजे की राशि का मामला लेकर आई थीं। दरअसल, मीता सिंह का यह मामला तलाक के बाद पूर्व पति से सहायता राशि नहीं मिलने से जुड़ा था। मामले में अंधेरी कोर्ट और सेशन्स कोर्ट से फैसला मीता के पक्ष में होने के बावजूद उनके पूर्व पति ने उन्हें तय की गई आठ हजार रुपये माहवार की सहायता राशि नहीं दी थी।
मीता ने इस मामले को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जहां उनके मामले को विशेष अदालत के सामने सुनवाई के लिए लाया गया, और पहली ही सुनवाई में अदालत ने मीता को तलाक की सहायता राशि तुरंत दिए जाने का आदेश दे दिया। टिप्पणियां
हाईकोर्ट की इस विशेष अदालत के फैसले के बाद मीता ने कहा, "मैं कई सालों से अदालतों के चक्कर लगा रही थी, लेकिन इंसाफ नहीं मिल रहा था। लेकिन हाईकोर्ट में पहली ही सुनवाई के बाद फैसला आ गया, इसलिए ऐसी अदालतों से महिलाओं को फायदा होगा और लोगों में आत्मविश्वास बढ़ेगा।"
दरअसल महाराष्ट्र राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से राज्य भर में 35 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की दरख्वास्त की थी, जिन्हें महिलाओं के खिलाफ किए गए अपराधों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए बनाया जाना था।
मीता ने इस मामले को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जहां उनके मामले को विशेष अदालत के सामने सुनवाई के लिए लाया गया, और पहली ही सुनवाई में अदालत ने मीता को तलाक की सहायता राशि तुरंत दिए जाने का आदेश दे दिया। टिप्पणियां
हाईकोर्ट की इस विशेष अदालत के फैसले के बाद मीता ने कहा, "मैं कई सालों से अदालतों के चक्कर लगा रही थी, लेकिन इंसाफ नहीं मिल रहा था। लेकिन हाईकोर्ट में पहली ही सुनवाई के बाद फैसला आ गया, इसलिए ऐसी अदालतों से महिलाओं को फायदा होगा और लोगों में आत्मविश्वास बढ़ेगा।"
दरअसल महाराष्ट्र राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से राज्य भर में 35 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की दरख्वास्त की थी, जिन्हें महिलाओं के खिलाफ किए गए अपराधों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए बनाया जाना था।
हाईकोर्ट की इस विशेष अदालत के फैसले के बाद मीता ने कहा, "मैं कई सालों से अदालतों के चक्कर लगा रही थी, लेकिन इंसाफ नहीं मिल रहा था। लेकिन हाईकोर्ट में पहली ही सुनवाई के बाद फैसला आ गया, इसलिए ऐसी अदालतों से महिलाओं को फायदा होगा और लोगों में आत्मविश्वास बढ़ेगा।"
दरअसल महाराष्ट्र राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से राज्य भर में 35 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की दरख्वास्त की थी, जिन्हें महिलाओं के खिलाफ किए गए अपराधों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए बनाया जाना था।
दरअसल महाराष्ट्र राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से राज्य भर में 35 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की दरख्वास्त की थी, जिन्हें महिलाओं के खिलाफ किए गए अपराधों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए बनाया जाना था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इस विशेष अदालत ने अपने पहले ही मामले की पहली ही सुनवाई में पीड़ित महिला के पक्ष में फैसला सुना दिया है। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर विवादों में घिरते दिखाई दे रहे हैं और इस बार वजह अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कुपोषण की वजह उन लड़कियों को बताना है, जिन्हें कथित तौर पर सेहत से ज्यादा अपनी सुंदरता की चिंता सताती है। उनके इस बयान पर कांग्रेसी नेताओं ने आपत्ति जताई है और उनसे माफी मांगने को कहा है।
इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी से गुजरात में कुपोषण के बारे में पूछा गया, तो नरेंद्र मोदी ने इसे मिडिल क्लास की तरफ मोड़ दिया। मोदी ने कहा कि गुजरात मूलत: शाकाहारी राज्य है और मिडिल क्लास भी। नरेंद्र मोदी ने कहा कि मध्यवर्ग को सेहत की कम, सुंदरता की ज्यादा फिक्र है और यह एक बड़ी चुनौती है। अगर मां अपनी बेटी को दूध पीने के लिए बोले, तो उनमें झगड़ा हो जाएगा। बेटी, मां से कहती है, दूध नहीं पियूंगी, वरना मोटी हो जाऊंगी।टिप्पणियां
यह सवाल उन ताजा आंकड़ों की पृष्ठभूमि में पूछा गया था, जिनके मुताबिक गुजरात में पांच साल की उम्र के करीब आधे बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। मोदी के जवाब ने कई लोगों को नाराज कर दिया है और वे सवाल खड़े कर रहे हैं कि भला पांच साल की बच्चियां अपनी सुंदरता के लिए कैसे फिक्रमंद हो सकती हैं।
गुजरात कांग्रेस के नेता अर्जुन मोडवाडिया ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह सिर्फ एक मजाक नहीं है, बल्कि मोदी ने सभी महिलाओं का अपमान किया है। मोदी के बयान पर सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर भी आलोचनाओं की झड़ी लगी हुई है।
इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी से गुजरात में कुपोषण के बारे में पूछा गया, तो नरेंद्र मोदी ने इसे मिडिल क्लास की तरफ मोड़ दिया। मोदी ने कहा कि गुजरात मूलत: शाकाहारी राज्य है और मिडिल क्लास भी। नरेंद्र मोदी ने कहा कि मध्यवर्ग को सेहत की कम, सुंदरता की ज्यादा फिक्र है और यह एक बड़ी चुनौती है। अगर मां अपनी बेटी को दूध पीने के लिए बोले, तो उनमें झगड़ा हो जाएगा। बेटी, मां से कहती है, दूध नहीं पियूंगी, वरना मोटी हो जाऊंगी।टिप्पणियां
यह सवाल उन ताजा आंकड़ों की पृष्ठभूमि में पूछा गया था, जिनके मुताबिक गुजरात में पांच साल की उम्र के करीब आधे बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। मोदी के जवाब ने कई लोगों को नाराज कर दिया है और वे सवाल खड़े कर रहे हैं कि भला पांच साल की बच्चियां अपनी सुंदरता के लिए कैसे फिक्रमंद हो सकती हैं।
गुजरात कांग्रेस के नेता अर्जुन मोडवाडिया ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह सिर्फ एक मजाक नहीं है, बल्कि मोदी ने सभी महिलाओं का अपमान किया है। मोदी के बयान पर सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर भी आलोचनाओं की झड़ी लगी हुई है।
यह सवाल उन ताजा आंकड़ों की पृष्ठभूमि में पूछा गया था, जिनके मुताबिक गुजरात में पांच साल की उम्र के करीब आधे बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। मोदी के जवाब ने कई लोगों को नाराज कर दिया है और वे सवाल खड़े कर रहे हैं कि भला पांच साल की बच्चियां अपनी सुंदरता के लिए कैसे फिक्रमंद हो सकती हैं।
गुजरात कांग्रेस के नेता अर्जुन मोडवाडिया ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह सिर्फ एक मजाक नहीं है, बल्कि मोदी ने सभी महिलाओं का अपमान किया है। मोदी के बयान पर सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर भी आलोचनाओं की झड़ी लगी हुई है।
गुजरात कांग्रेस के नेता अर्जुन मोडवाडिया ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह सिर्फ एक मजाक नहीं है, बल्कि मोदी ने सभी महिलाओं का अपमान किया है। मोदी के बयान पर सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर भी आलोचनाओं की झड़ी लगी हुई है। | यहाँ एक सारांश है:एक विदेशी अखबार को दिए इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर मां अपनी बेटी को दूध पीने के लिए बोले, तो उनमें झगड़ा हो जाएगा। बेटी, मां से कहती है, दूध नहीं पियूंगी, वरना मोटी हो जाऊंगी। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल 16 दिसंबर को हुए सामूहिक बलात्कार मामले की रोजाना सुनवाई कवर करने की आज मीडिया को मंजूरी दे दी। अभी तक इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में की जा रही थी।
त्वरित अदालत की अध्यक्षता कर रहे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 22 जनवरी को मीडिया को सुनवाई की कवरेज़ करने से रोकने का आदेश दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने दरकिनार कर दिया।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने कहा, अदालत मान्यता प्राप्त प्रत्येक राष्ट्रीय दैनिक समाचारपत्र के एक प्रतिनिधि पत्रकार को मामले की सुनवाई के दौरान मौजूद रहने की अनुमति देगी। हाईकोर्ट से मान्यता प्राप्त पत्रकारों के एक समूह की याचिका स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने कहा, पीटीआई और यूएनआई तथा अन्य राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों के रिपोर्टर अपनी खबर को अन्य समाचारपत्रों के प्रतिनिधियों और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के सदस्यों से साझा करेंगे।
हालांकि अदालत ने मीडिया को पीड़िता और परिवार के किसी भी सदस्य का नाम उजागर नहीं करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा, खबर में पीड़िता या उसके परिवार के किसी सदस्य या शिकायतकर्ता या कार्यवाही में शामिल गवाहों के नाम उजागर नहीं किए जाएंगे। अदालत ने कहा, सत्र न्यायालय कार्यवाही के जिस हिस्से को खबर में शामिल न करने का निर्देश दे, उस हिस्से को खबर में शामिल नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई कि मीडिया अपनी रिपोर्टिंग को केवल समाचार तक ही सीमित रखेगा और सत्र न्यायालय के कार्यक्षेत्र में किसी प्रकार का दखल नहीं देगा। अदालत ने कहा, यह उम्मीद की जाती है कि रिपोर्टिंग केवल समाचारों तक ही सीमित रहेगी। मीडिया अदालत के कार्यक्षेत्र में दखल नहीं देगा। यह बहुत पतली लेकिन स्पष्ट एवं सुनिश्चित रेखा है, जिसका यदि सम्मान किया गया तो यह संस्थागत अखंडता के लिए शुभ संकेत होंगे। 23 वर्षीय एक लड़की का गत 16 दिसंबर को दक्षिण दिल्ली की एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था। उसका 29 दिसंबर को सिंगापुर में निधन हो गया था।
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा 5 जनवरी को जारी परामर्श को भी दरकिनार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि निचली अदालत ने पहले ही आरोप पत्र का संज्ञान ले लिया है इसलिए मामले की कार्यवाही की रिपोर्टिंग नहीं की जा सकती।
दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों की याचिका का विरोध करते हुए हाईकोर्ट से कहा था कि बलात्कार के प्रत्येक मामले की जांच और सुनवाई कैमरे के सामने होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने दलील दी थी ‘‘ मीडिया का खबर देने का अधिकार निरंकुश नहीं है। मीडिया इस मामले में एक वादी होने का दावा नहीं कर सकता और कानूनी प्रावधान केवल आरोपी या पीड़िता पर ही लागू होंगे क्योंकि वे मामले के आवश्यक पक्ष हैं।
पत्रकारों ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि सभी मामलों को कवर करना मीडिया का कर्तव्य है। यह लोकतांत्रिक प्रणाली का हिस्सा है और स्वतंत्र समाज में मीडिया को सुनवाई कवर करने से रोकना सही नहीं है। पत्रकारों ने मामले की सार्वजनिक सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सामूहिक बलात्कार मामले की रिपोर्टिंग ने समाज की मदद की है और इस मामले की अच्छी कवरेजज मिलने से देश की दो बड़ी अदालतों ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था।टिप्पणियां
पत्रकारों के वकील ने कुछ दस्तावेज़ों और पीड़िता के मित्र एवं हादसे के एकमात्र गवाह के टेलीविज़न पर दिए साक्षात्कार का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि पीड़िता के परिजनों ने उसका नाम एवं अन्य जानकारी का खुलासा किया था, लेकिन मीडिया ने पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया।
एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने 7 जनवरी को मामले की बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया था, जिसे त्वरित अदालत ने भी बरकरार रखा था।
त्वरित अदालत की अध्यक्षता कर रहे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 22 जनवरी को मीडिया को सुनवाई की कवरेज़ करने से रोकने का आदेश दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने दरकिनार कर दिया।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने कहा, अदालत मान्यता प्राप्त प्रत्येक राष्ट्रीय दैनिक समाचारपत्र के एक प्रतिनिधि पत्रकार को मामले की सुनवाई के दौरान मौजूद रहने की अनुमति देगी। हाईकोर्ट से मान्यता प्राप्त पत्रकारों के एक समूह की याचिका स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने कहा, पीटीआई और यूएनआई तथा अन्य राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों के रिपोर्टर अपनी खबर को अन्य समाचारपत्रों के प्रतिनिधियों और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के सदस्यों से साझा करेंगे।
हालांकि अदालत ने मीडिया को पीड़िता और परिवार के किसी भी सदस्य का नाम उजागर नहीं करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा, खबर में पीड़िता या उसके परिवार के किसी सदस्य या शिकायतकर्ता या कार्यवाही में शामिल गवाहों के नाम उजागर नहीं किए जाएंगे। अदालत ने कहा, सत्र न्यायालय कार्यवाही के जिस हिस्से को खबर में शामिल न करने का निर्देश दे, उस हिस्से को खबर में शामिल नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई कि मीडिया अपनी रिपोर्टिंग को केवल समाचार तक ही सीमित रखेगा और सत्र न्यायालय के कार्यक्षेत्र में किसी प्रकार का दखल नहीं देगा। अदालत ने कहा, यह उम्मीद की जाती है कि रिपोर्टिंग केवल समाचारों तक ही सीमित रहेगी। मीडिया अदालत के कार्यक्षेत्र में दखल नहीं देगा। यह बहुत पतली लेकिन स्पष्ट एवं सुनिश्चित रेखा है, जिसका यदि सम्मान किया गया तो यह संस्थागत अखंडता के लिए शुभ संकेत होंगे। 23 वर्षीय एक लड़की का गत 16 दिसंबर को दक्षिण दिल्ली की एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था। उसका 29 दिसंबर को सिंगापुर में निधन हो गया था।
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा 5 जनवरी को जारी परामर्श को भी दरकिनार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि निचली अदालत ने पहले ही आरोप पत्र का संज्ञान ले लिया है इसलिए मामले की कार्यवाही की रिपोर्टिंग नहीं की जा सकती।
दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों की याचिका का विरोध करते हुए हाईकोर्ट से कहा था कि बलात्कार के प्रत्येक मामले की जांच और सुनवाई कैमरे के सामने होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने दलील दी थी ‘‘ मीडिया का खबर देने का अधिकार निरंकुश नहीं है। मीडिया इस मामले में एक वादी होने का दावा नहीं कर सकता और कानूनी प्रावधान केवल आरोपी या पीड़िता पर ही लागू होंगे क्योंकि वे मामले के आवश्यक पक्ष हैं।
पत्रकारों ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि सभी मामलों को कवर करना मीडिया का कर्तव्य है। यह लोकतांत्रिक प्रणाली का हिस्सा है और स्वतंत्र समाज में मीडिया को सुनवाई कवर करने से रोकना सही नहीं है। पत्रकारों ने मामले की सार्वजनिक सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सामूहिक बलात्कार मामले की रिपोर्टिंग ने समाज की मदद की है और इस मामले की अच्छी कवरेजज मिलने से देश की दो बड़ी अदालतों ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था।टिप्पणियां
पत्रकारों के वकील ने कुछ दस्तावेज़ों और पीड़िता के मित्र एवं हादसे के एकमात्र गवाह के टेलीविज़न पर दिए साक्षात्कार का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि पीड़िता के परिजनों ने उसका नाम एवं अन्य जानकारी का खुलासा किया था, लेकिन मीडिया ने पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया।
एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने 7 जनवरी को मामले की बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया था, जिसे त्वरित अदालत ने भी बरकरार रखा था।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने कहा, अदालत मान्यता प्राप्त प्रत्येक राष्ट्रीय दैनिक समाचारपत्र के एक प्रतिनिधि पत्रकार को मामले की सुनवाई के दौरान मौजूद रहने की अनुमति देगी। हाईकोर्ट से मान्यता प्राप्त पत्रकारों के एक समूह की याचिका स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने कहा, पीटीआई और यूएनआई तथा अन्य राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों के रिपोर्टर अपनी खबर को अन्य समाचारपत्रों के प्रतिनिधियों और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के सदस्यों से साझा करेंगे।
हालांकि अदालत ने मीडिया को पीड़िता और परिवार के किसी भी सदस्य का नाम उजागर नहीं करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा, खबर में पीड़िता या उसके परिवार के किसी सदस्य या शिकायतकर्ता या कार्यवाही में शामिल गवाहों के नाम उजागर नहीं किए जाएंगे। अदालत ने कहा, सत्र न्यायालय कार्यवाही के जिस हिस्से को खबर में शामिल न करने का निर्देश दे, उस हिस्से को खबर में शामिल नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई कि मीडिया अपनी रिपोर्टिंग को केवल समाचार तक ही सीमित रखेगा और सत्र न्यायालय के कार्यक्षेत्र में किसी प्रकार का दखल नहीं देगा। अदालत ने कहा, यह उम्मीद की जाती है कि रिपोर्टिंग केवल समाचारों तक ही सीमित रहेगी। मीडिया अदालत के कार्यक्षेत्र में दखल नहीं देगा। यह बहुत पतली लेकिन स्पष्ट एवं सुनिश्चित रेखा है, जिसका यदि सम्मान किया गया तो यह संस्थागत अखंडता के लिए शुभ संकेत होंगे। 23 वर्षीय एक लड़की का गत 16 दिसंबर को दक्षिण दिल्ली की एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था। उसका 29 दिसंबर को सिंगापुर में निधन हो गया था।
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा 5 जनवरी को जारी परामर्श को भी दरकिनार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि निचली अदालत ने पहले ही आरोप पत्र का संज्ञान ले लिया है इसलिए मामले की कार्यवाही की रिपोर्टिंग नहीं की जा सकती।
दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों की याचिका का विरोध करते हुए हाईकोर्ट से कहा था कि बलात्कार के प्रत्येक मामले की जांच और सुनवाई कैमरे के सामने होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने दलील दी थी ‘‘ मीडिया का खबर देने का अधिकार निरंकुश नहीं है। मीडिया इस मामले में एक वादी होने का दावा नहीं कर सकता और कानूनी प्रावधान केवल आरोपी या पीड़िता पर ही लागू होंगे क्योंकि वे मामले के आवश्यक पक्ष हैं।
पत्रकारों ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि सभी मामलों को कवर करना मीडिया का कर्तव्य है। यह लोकतांत्रिक प्रणाली का हिस्सा है और स्वतंत्र समाज में मीडिया को सुनवाई कवर करने से रोकना सही नहीं है। पत्रकारों ने मामले की सार्वजनिक सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सामूहिक बलात्कार मामले की रिपोर्टिंग ने समाज की मदद की है और इस मामले की अच्छी कवरेजज मिलने से देश की दो बड़ी अदालतों ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था।टिप्पणियां
पत्रकारों के वकील ने कुछ दस्तावेज़ों और पीड़िता के मित्र एवं हादसे के एकमात्र गवाह के टेलीविज़न पर दिए साक्षात्कार का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि पीड़िता के परिजनों ने उसका नाम एवं अन्य जानकारी का खुलासा किया था, लेकिन मीडिया ने पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया।
एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने 7 जनवरी को मामले की बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया था, जिसे त्वरित अदालत ने भी बरकरार रखा था।
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा 5 जनवरी को जारी परामर्श को भी दरकिनार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि निचली अदालत ने पहले ही आरोप पत्र का संज्ञान ले लिया है इसलिए मामले की कार्यवाही की रिपोर्टिंग नहीं की जा सकती।
दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों की याचिका का विरोध करते हुए हाईकोर्ट से कहा था कि बलात्कार के प्रत्येक मामले की जांच और सुनवाई कैमरे के सामने होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने दलील दी थी ‘‘ मीडिया का खबर देने का अधिकार निरंकुश नहीं है। मीडिया इस मामले में एक वादी होने का दावा नहीं कर सकता और कानूनी प्रावधान केवल आरोपी या पीड़िता पर ही लागू होंगे क्योंकि वे मामले के आवश्यक पक्ष हैं।
पत्रकारों ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि सभी मामलों को कवर करना मीडिया का कर्तव्य है। यह लोकतांत्रिक प्रणाली का हिस्सा है और स्वतंत्र समाज में मीडिया को सुनवाई कवर करने से रोकना सही नहीं है। पत्रकारों ने मामले की सार्वजनिक सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सामूहिक बलात्कार मामले की रिपोर्टिंग ने समाज की मदद की है और इस मामले की अच्छी कवरेजज मिलने से देश की दो बड़ी अदालतों ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था।टिप्पणियां
पत्रकारों के वकील ने कुछ दस्तावेज़ों और पीड़िता के मित्र एवं हादसे के एकमात्र गवाह के टेलीविज़न पर दिए साक्षात्कार का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि पीड़िता के परिजनों ने उसका नाम एवं अन्य जानकारी का खुलासा किया था, लेकिन मीडिया ने पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया।
एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने 7 जनवरी को मामले की बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया था, जिसे त्वरित अदालत ने भी बरकरार रखा था।
दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों की याचिका का विरोध करते हुए हाईकोर्ट से कहा था कि बलात्कार के प्रत्येक मामले की जांच और सुनवाई कैमरे के सामने होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने दलील दी थी ‘‘ मीडिया का खबर देने का अधिकार निरंकुश नहीं है। मीडिया इस मामले में एक वादी होने का दावा नहीं कर सकता और कानूनी प्रावधान केवल आरोपी या पीड़िता पर ही लागू होंगे क्योंकि वे मामले के आवश्यक पक्ष हैं।
पत्रकारों ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि सभी मामलों को कवर करना मीडिया का कर्तव्य है। यह लोकतांत्रिक प्रणाली का हिस्सा है और स्वतंत्र समाज में मीडिया को सुनवाई कवर करने से रोकना सही नहीं है। पत्रकारों ने मामले की सार्वजनिक सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सामूहिक बलात्कार मामले की रिपोर्टिंग ने समाज की मदद की है और इस मामले की अच्छी कवरेजज मिलने से देश की दो बड़ी अदालतों ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था।टिप्पणियां
पत्रकारों के वकील ने कुछ दस्तावेज़ों और पीड़िता के मित्र एवं हादसे के एकमात्र गवाह के टेलीविज़न पर दिए साक्षात्कार का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि पीड़िता के परिजनों ने उसका नाम एवं अन्य जानकारी का खुलासा किया था, लेकिन मीडिया ने पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया।
एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने 7 जनवरी को मामले की बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया था, जिसे त्वरित अदालत ने भी बरकरार रखा था।
पत्रकारों ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि सभी मामलों को कवर करना मीडिया का कर्तव्य है। यह लोकतांत्रिक प्रणाली का हिस्सा है और स्वतंत्र समाज में मीडिया को सुनवाई कवर करने से रोकना सही नहीं है। पत्रकारों ने मामले की सार्वजनिक सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सामूहिक बलात्कार मामले की रिपोर्टिंग ने समाज की मदद की है और इस मामले की अच्छी कवरेजज मिलने से देश की दो बड़ी अदालतों ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था।टिप्पणियां
पत्रकारों के वकील ने कुछ दस्तावेज़ों और पीड़िता के मित्र एवं हादसे के एकमात्र गवाह के टेलीविज़न पर दिए साक्षात्कार का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि पीड़िता के परिजनों ने उसका नाम एवं अन्य जानकारी का खुलासा किया था, लेकिन मीडिया ने पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया।
एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने 7 जनवरी को मामले की बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया था, जिसे त्वरित अदालत ने भी बरकरार रखा था।
पत्रकारों के वकील ने कुछ दस्तावेज़ों और पीड़िता के मित्र एवं हादसे के एकमात्र गवाह के टेलीविज़न पर दिए साक्षात्कार का जिक्र करते हुए कहा कि हालांकि पीड़िता के परिजनों ने उसका नाम एवं अन्य जानकारी का खुलासा किया था, लेकिन मीडिया ने पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया।
एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने 7 जनवरी को मामले की बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया था, जिसे त्वरित अदालत ने भी बरकरार रखा था।
एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने 7 जनवरी को मामले की बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया था, जिसे त्वरित अदालत ने भी बरकरार रखा था। | यह एक सारांश है: दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल 16 दिसंबर को हुए सामूहिक बलात्कार मामले की रोजाना सुनवाई कवर करने की आज मीडिया को मंजूरी दे दी। अभी तक इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में की जा रही थी। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत लंदन ओलिंपिक में पदकों की संख्या के हिसाब से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके लौटेगा, जिससे खेलमंत्री अजय माकन ने एथलीटों के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि देश 2020 के ओलिंपिक खेलों में 25 पदक जीत सकता है।
भारत ने बीजिंग ओलिंपिक में तीन पदक जीते थे, जिसमें एक स्वर्ण भी शामिल था। लंदन में भारत ने अब तक पांच पदक जीत लिए हैं, जो पदकों की संख्या के हिसाब से अब तक का उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसके लिए माकन ने एथलीटों के प्रदर्शन की तारीफ की।
माकन ने एक टीवी शो में कहा, अगर आप भारत के बीते प्रदर्शन से तुलना करें, तो मुझे लगता है कि यह भारत का अब तक ओलिंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। हमने पदकों की संख्या के हिसाब से सुधार किया है। उन्होंने कहा, आप तुलना कर सकते हैं, जब से ओलिंपिक शुरू हुए हैं, तब से हॉकी को छोड़कर भारत कितने पदक जीत सकता था। इसमें केवल सात पदक थे, लेकिन इस बार हमें अब तक चार पदक मिल गए हैं (साक्षात्कार के समय चार पदक मिले थे)।
माकन ने कहा, 2020 तक हम 25 पदक जीत सकते हैं, यह हासिल करने योग्य लक्ष्य है। इनमें से पांच या 10 स्वर्ण हो सकते हैं। हम स्वर्ण पदकों की संख्या बिल्कुल सटीक नहीं बता सकते। माकन को लगता है कि जब तक देश का मानव विकास सूचक लचर और प्रति व्यक्ति आय कम रहेगी, तब भारत और अधिक पदक जीतने की उम्मीद नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, जहां तक मानव विकास सूचक का सवाल है, भारत दुनिया में 134वें स्थान पर है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में भारत 129वें नंबर पर है। लेकिन अब तक (साक्षात्कार के समय) हम ओलिंपिक में 46वें स्थान पर हैं। खेल लोगों की संख्या के बारे में नहीं है।टिप्पणियां
माकन ने कहा, यह खिलाड़ियों और देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। केवल दो ही देश ऐसे हैं, जिनका मानव विकास सूचक कम है, लेकिन वे ओलिंपिक में भारत से ऊपर हैं। लेकिन पदक तालिका में शीर्ष पर काबिज सभी देशों का मानव विकास सूचक और प्रति व्यक्ति आय काफी अधिक है। ये सारी चीजें एक दूसरे से जुड़ी हैं। हालांकि भारत ने काफी पदक नहीं जीते हैं, लेकिन खेलमंत्री को लगता है कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय था।
उन्होंने कहा, एक बात बताऊं, हमने काफी सुधार किया है। इस बार हमारे 81 खिलाड़ियों ने ओलिंपिक में हिस्सा लिया, जिनकी संख्या पिछली बार केवल 56 थी। क्या यह बड़ा सुधार नहीं है? एथलीटों की संख्या करीब 25 प्रतिशत बढ़ी है और कुल पदकों की संख्या में भी 25 प्रतिशत ही बढ़ोतरी हुई है। स्वर्ण पदक अभी तक नहीं आया है। हम पिछले पदकों की संख्या दोगुनी भी कर सकते हैं। माकन ने कहा, 56 से 81 खिलाड़ी होना कम सुधार नहीं है। जयदीप करमाकर काफी करीब से पदक से चूक गए। पिस्टल निशानेबाजी में एक अंक से स्वर्ण से चूकना क्या बड़ी उपलब्धि नहीं है। हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
भारत ने बीजिंग ओलिंपिक में तीन पदक जीते थे, जिसमें एक स्वर्ण भी शामिल था। लंदन में भारत ने अब तक पांच पदक जीत लिए हैं, जो पदकों की संख्या के हिसाब से अब तक का उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसके लिए माकन ने एथलीटों के प्रदर्शन की तारीफ की।
माकन ने एक टीवी शो में कहा, अगर आप भारत के बीते प्रदर्शन से तुलना करें, तो मुझे लगता है कि यह भारत का अब तक ओलिंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। हमने पदकों की संख्या के हिसाब से सुधार किया है। उन्होंने कहा, आप तुलना कर सकते हैं, जब से ओलिंपिक शुरू हुए हैं, तब से हॉकी को छोड़कर भारत कितने पदक जीत सकता था। इसमें केवल सात पदक थे, लेकिन इस बार हमें अब तक चार पदक मिल गए हैं (साक्षात्कार के समय चार पदक मिले थे)।
माकन ने कहा, 2020 तक हम 25 पदक जीत सकते हैं, यह हासिल करने योग्य लक्ष्य है। इनमें से पांच या 10 स्वर्ण हो सकते हैं। हम स्वर्ण पदकों की संख्या बिल्कुल सटीक नहीं बता सकते। माकन को लगता है कि जब तक देश का मानव विकास सूचक लचर और प्रति व्यक्ति आय कम रहेगी, तब भारत और अधिक पदक जीतने की उम्मीद नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, जहां तक मानव विकास सूचक का सवाल है, भारत दुनिया में 134वें स्थान पर है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में भारत 129वें नंबर पर है। लेकिन अब तक (साक्षात्कार के समय) हम ओलिंपिक में 46वें स्थान पर हैं। खेल लोगों की संख्या के बारे में नहीं है।टिप्पणियां
माकन ने कहा, यह खिलाड़ियों और देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। केवल दो ही देश ऐसे हैं, जिनका मानव विकास सूचक कम है, लेकिन वे ओलिंपिक में भारत से ऊपर हैं। लेकिन पदक तालिका में शीर्ष पर काबिज सभी देशों का मानव विकास सूचक और प्रति व्यक्ति आय काफी अधिक है। ये सारी चीजें एक दूसरे से जुड़ी हैं। हालांकि भारत ने काफी पदक नहीं जीते हैं, लेकिन खेलमंत्री को लगता है कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय था।
उन्होंने कहा, एक बात बताऊं, हमने काफी सुधार किया है। इस बार हमारे 81 खिलाड़ियों ने ओलिंपिक में हिस्सा लिया, जिनकी संख्या पिछली बार केवल 56 थी। क्या यह बड़ा सुधार नहीं है? एथलीटों की संख्या करीब 25 प्रतिशत बढ़ी है और कुल पदकों की संख्या में भी 25 प्रतिशत ही बढ़ोतरी हुई है। स्वर्ण पदक अभी तक नहीं आया है। हम पिछले पदकों की संख्या दोगुनी भी कर सकते हैं। माकन ने कहा, 56 से 81 खिलाड़ी होना कम सुधार नहीं है। जयदीप करमाकर काफी करीब से पदक से चूक गए। पिस्टल निशानेबाजी में एक अंक से स्वर्ण से चूकना क्या बड़ी उपलब्धि नहीं है। हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
माकन ने एक टीवी शो में कहा, अगर आप भारत के बीते प्रदर्शन से तुलना करें, तो मुझे लगता है कि यह भारत का अब तक ओलिंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। हमने पदकों की संख्या के हिसाब से सुधार किया है। उन्होंने कहा, आप तुलना कर सकते हैं, जब से ओलिंपिक शुरू हुए हैं, तब से हॉकी को छोड़कर भारत कितने पदक जीत सकता था। इसमें केवल सात पदक थे, लेकिन इस बार हमें अब तक चार पदक मिल गए हैं (साक्षात्कार के समय चार पदक मिले थे)।
माकन ने कहा, 2020 तक हम 25 पदक जीत सकते हैं, यह हासिल करने योग्य लक्ष्य है। इनमें से पांच या 10 स्वर्ण हो सकते हैं। हम स्वर्ण पदकों की संख्या बिल्कुल सटीक नहीं बता सकते। माकन को लगता है कि जब तक देश का मानव विकास सूचक लचर और प्रति व्यक्ति आय कम रहेगी, तब भारत और अधिक पदक जीतने की उम्मीद नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, जहां तक मानव विकास सूचक का सवाल है, भारत दुनिया में 134वें स्थान पर है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में भारत 129वें नंबर पर है। लेकिन अब तक (साक्षात्कार के समय) हम ओलिंपिक में 46वें स्थान पर हैं। खेल लोगों की संख्या के बारे में नहीं है।टिप्पणियां
माकन ने कहा, यह खिलाड़ियों और देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। केवल दो ही देश ऐसे हैं, जिनका मानव विकास सूचक कम है, लेकिन वे ओलिंपिक में भारत से ऊपर हैं। लेकिन पदक तालिका में शीर्ष पर काबिज सभी देशों का मानव विकास सूचक और प्रति व्यक्ति आय काफी अधिक है। ये सारी चीजें एक दूसरे से जुड़ी हैं। हालांकि भारत ने काफी पदक नहीं जीते हैं, लेकिन खेलमंत्री को लगता है कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय था।
उन्होंने कहा, एक बात बताऊं, हमने काफी सुधार किया है। इस बार हमारे 81 खिलाड़ियों ने ओलिंपिक में हिस्सा लिया, जिनकी संख्या पिछली बार केवल 56 थी। क्या यह बड़ा सुधार नहीं है? एथलीटों की संख्या करीब 25 प्रतिशत बढ़ी है और कुल पदकों की संख्या में भी 25 प्रतिशत ही बढ़ोतरी हुई है। स्वर्ण पदक अभी तक नहीं आया है। हम पिछले पदकों की संख्या दोगुनी भी कर सकते हैं। माकन ने कहा, 56 से 81 खिलाड़ी होना कम सुधार नहीं है। जयदीप करमाकर काफी करीब से पदक से चूक गए। पिस्टल निशानेबाजी में एक अंक से स्वर्ण से चूकना क्या बड़ी उपलब्धि नहीं है। हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
माकन ने कहा, 2020 तक हम 25 पदक जीत सकते हैं, यह हासिल करने योग्य लक्ष्य है। इनमें से पांच या 10 स्वर्ण हो सकते हैं। हम स्वर्ण पदकों की संख्या बिल्कुल सटीक नहीं बता सकते। माकन को लगता है कि जब तक देश का मानव विकास सूचक लचर और प्रति व्यक्ति आय कम रहेगी, तब भारत और अधिक पदक जीतने की उम्मीद नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, जहां तक मानव विकास सूचक का सवाल है, भारत दुनिया में 134वें स्थान पर है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में भारत 129वें नंबर पर है। लेकिन अब तक (साक्षात्कार के समय) हम ओलिंपिक में 46वें स्थान पर हैं। खेल लोगों की संख्या के बारे में नहीं है।टिप्पणियां
माकन ने कहा, यह खिलाड़ियों और देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। केवल दो ही देश ऐसे हैं, जिनका मानव विकास सूचक कम है, लेकिन वे ओलिंपिक में भारत से ऊपर हैं। लेकिन पदक तालिका में शीर्ष पर काबिज सभी देशों का मानव विकास सूचक और प्रति व्यक्ति आय काफी अधिक है। ये सारी चीजें एक दूसरे से जुड़ी हैं। हालांकि भारत ने काफी पदक नहीं जीते हैं, लेकिन खेलमंत्री को लगता है कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय था।
उन्होंने कहा, एक बात बताऊं, हमने काफी सुधार किया है। इस बार हमारे 81 खिलाड़ियों ने ओलिंपिक में हिस्सा लिया, जिनकी संख्या पिछली बार केवल 56 थी। क्या यह बड़ा सुधार नहीं है? एथलीटों की संख्या करीब 25 प्रतिशत बढ़ी है और कुल पदकों की संख्या में भी 25 प्रतिशत ही बढ़ोतरी हुई है। स्वर्ण पदक अभी तक नहीं आया है। हम पिछले पदकों की संख्या दोगुनी भी कर सकते हैं। माकन ने कहा, 56 से 81 खिलाड़ी होना कम सुधार नहीं है। जयदीप करमाकर काफी करीब से पदक से चूक गए। पिस्टल निशानेबाजी में एक अंक से स्वर्ण से चूकना क्या बड़ी उपलब्धि नहीं है। हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा, जहां तक मानव विकास सूचक का सवाल है, भारत दुनिया में 134वें स्थान पर है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में भारत 129वें नंबर पर है। लेकिन अब तक (साक्षात्कार के समय) हम ओलिंपिक में 46वें स्थान पर हैं। खेल लोगों की संख्या के बारे में नहीं है।टिप्पणियां
माकन ने कहा, यह खिलाड़ियों और देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। केवल दो ही देश ऐसे हैं, जिनका मानव विकास सूचक कम है, लेकिन वे ओलिंपिक में भारत से ऊपर हैं। लेकिन पदक तालिका में शीर्ष पर काबिज सभी देशों का मानव विकास सूचक और प्रति व्यक्ति आय काफी अधिक है। ये सारी चीजें एक दूसरे से जुड़ी हैं। हालांकि भारत ने काफी पदक नहीं जीते हैं, लेकिन खेलमंत्री को लगता है कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय था।
उन्होंने कहा, एक बात बताऊं, हमने काफी सुधार किया है। इस बार हमारे 81 खिलाड़ियों ने ओलिंपिक में हिस्सा लिया, जिनकी संख्या पिछली बार केवल 56 थी। क्या यह बड़ा सुधार नहीं है? एथलीटों की संख्या करीब 25 प्रतिशत बढ़ी है और कुल पदकों की संख्या में भी 25 प्रतिशत ही बढ़ोतरी हुई है। स्वर्ण पदक अभी तक नहीं आया है। हम पिछले पदकों की संख्या दोगुनी भी कर सकते हैं। माकन ने कहा, 56 से 81 खिलाड़ी होना कम सुधार नहीं है। जयदीप करमाकर काफी करीब से पदक से चूक गए। पिस्टल निशानेबाजी में एक अंक से स्वर्ण से चूकना क्या बड़ी उपलब्धि नहीं है। हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
माकन ने कहा, यह खिलाड़ियों और देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। केवल दो ही देश ऐसे हैं, जिनका मानव विकास सूचक कम है, लेकिन वे ओलिंपिक में भारत से ऊपर हैं। लेकिन पदक तालिका में शीर्ष पर काबिज सभी देशों का मानव विकास सूचक और प्रति व्यक्ति आय काफी अधिक है। ये सारी चीजें एक दूसरे से जुड़ी हैं। हालांकि भारत ने काफी पदक नहीं जीते हैं, लेकिन खेलमंत्री को लगता है कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय था।
उन्होंने कहा, एक बात बताऊं, हमने काफी सुधार किया है। इस बार हमारे 81 खिलाड़ियों ने ओलिंपिक में हिस्सा लिया, जिनकी संख्या पिछली बार केवल 56 थी। क्या यह बड़ा सुधार नहीं है? एथलीटों की संख्या करीब 25 प्रतिशत बढ़ी है और कुल पदकों की संख्या में भी 25 प्रतिशत ही बढ़ोतरी हुई है। स्वर्ण पदक अभी तक नहीं आया है। हम पिछले पदकों की संख्या दोगुनी भी कर सकते हैं। माकन ने कहा, 56 से 81 खिलाड़ी होना कम सुधार नहीं है। जयदीप करमाकर काफी करीब से पदक से चूक गए। पिस्टल निशानेबाजी में एक अंक से स्वर्ण से चूकना क्या बड़ी उपलब्धि नहीं है। हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा, एक बात बताऊं, हमने काफी सुधार किया है। इस बार हमारे 81 खिलाड़ियों ने ओलिंपिक में हिस्सा लिया, जिनकी संख्या पिछली बार केवल 56 थी। क्या यह बड़ा सुधार नहीं है? एथलीटों की संख्या करीब 25 प्रतिशत बढ़ी है और कुल पदकों की संख्या में भी 25 प्रतिशत ही बढ़ोतरी हुई है। स्वर्ण पदक अभी तक नहीं आया है। हम पिछले पदकों की संख्या दोगुनी भी कर सकते हैं। माकन ने कहा, 56 से 81 खिलाड़ी होना कम सुधार नहीं है। जयदीप करमाकर काफी करीब से पदक से चूक गए। पिस्टल निशानेबाजी में एक अंक से स्वर्ण से चूकना क्या बड़ी उपलब्धि नहीं है। हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। | भारत लंदन ओलिंपिक में पदकों की संख्या के हिसाब से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके लौटेगा, जिससे बेहद उत्साहित खेलमंत्री अजय माकन ने उम्मीद जताई कि देश 2020 के ओलिंपिक खेलों में 25 पदक जीत सकता है। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूएस ओपन चैंपियन गोल्फर डस्टिन जॉनसन ने ज़ीका के डर से रियो ओलिंपिक से नाम वापस ले लिया है। वर्ल्ड नंबर एक खिलाड़ी जेसन डे और रोरी मैक्लरॉय पहले ही जीका के डर से रियो से नाम वापस ले चुके हैं। ओलिंपिक में 112 साल बाहर रहने के बाद गोल्फ की रियो ओलिंपिक से वापसी हो रही है लेकिन कोई भी बड़ा खिलाड़ी रियो में नहीं दिखेगा।
32 साल के जॉनसन ने कहा कि वो परिवार की वजह से नाम वापस ले रहे हैं। 'मैं परिवार के प्रति गैर-जिम्मेदार नहीं हो सकता। मैं अपने बच्चे को बीमारी के साथ पैदा होते नहीं देख सकता।' जॉनसन को मिलाकर रियो से कुल 13 गोल्फरों ने नाम वापस ले लिया है। इससे पहले फिजी के विजय सिंह और ऑस्ट्रेलिया के मार्क लिसमैन ज़ीका के डर से रियो ओलिंपिक से नाम वापस ले चुके हैं।टिप्पणियां
पारिवारिक वजहों से एडम स्कॉट और लुइस वूस्तुइजेन जैसे खिलाड़ी भी नाम वापस ले चुके हैं। हालांकि आयोजकों का दावा है कि इससे खेल की सफलता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
28 साल के जेसन ने भी नाम वापस लेते वक़्त कहा था कि उनके लिए गोल्फ़ परिवार से ऊपर नहीं है। आयरलैंड के गोल्फ़ खिलाड़ी रोरी मैक्लरॉय ने भी ज़ीका वायरस की डर से रियो ओलिंपिक से नाम वापस लिया है।
32 साल के जॉनसन ने कहा कि वो परिवार की वजह से नाम वापस ले रहे हैं। 'मैं परिवार के प्रति गैर-जिम्मेदार नहीं हो सकता। मैं अपने बच्चे को बीमारी के साथ पैदा होते नहीं देख सकता।' जॉनसन को मिलाकर रियो से कुल 13 गोल्फरों ने नाम वापस ले लिया है। इससे पहले फिजी के विजय सिंह और ऑस्ट्रेलिया के मार्क लिसमैन ज़ीका के डर से रियो ओलिंपिक से नाम वापस ले चुके हैं।टिप्पणियां
पारिवारिक वजहों से एडम स्कॉट और लुइस वूस्तुइजेन जैसे खिलाड़ी भी नाम वापस ले चुके हैं। हालांकि आयोजकों का दावा है कि इससे खेल की सफलता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
28 साल के जेसन ने भी नाम वापस लेते वक़्त कहा था कि उनके लिए गोल्फ़ परिवार से ऊपर नहीं है। आयरलैंड के गोल्फ़ खिलाड़ी रोरी मैक्लरॉय ने भी ज़ीका वायरस की डर से रियो ओलिंपिक से नाम वापस लिया है।
पारिवारिक वजहों से एडम स्कॉट और लुइस वूस्तुइजेन जैसे खिलाड़ी भी नाम वापस ले चुके हैं। हालांकि आयोजकों का दावा है कि इससे खेल की सफलता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
28 साल के जेसन ने भी नाम वापस लेते वक़्त कहा था कि उनके लिए गोल्फ़ परिवार से ऊपर नहीं है। आयरलैंड के गोल्फ़ खिलाड़ी रोरी मैक्लरॉय ने भी ज़ीका वायरस की डर से रियो ओलिंपिक से नाम वापस लिया है।
28 साल के जेसन ने भी नाम वापस लेते वक़्त कहा था कि उनके लिए गोल्फ़ परिवार से ऊपर नहीं है। आयरलैंड के गोल्फ़ खिलाड़ी रोरी मैक्लरॉय ने भी ज़ीका वायरस की डर से रियो ओलिंपिक से नाम वापस लिया है। | संक्षिप्त सारांश: वर्ल्ड नंबर एक जेसन डे और रोरी मैक्लरॉय पहले ही नाम वापस ले चुके है
इस बार 112 साल के बाद गोल्फ की रियो ओलिंपिक से वापसी हो रही है
कोई भी बड़ा गोल्फ खिलाड़ी रियो में नहीं दिखेगा | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान को करारा झटका लगा है. भारतीय सेना ने लगातार दूसरी साल स्वदेशी असॉल्ट राइफल एक्स-कैलिबर को रिजेक्ट कर दिया है. इस राइफल का इस्तेमाल एके-47 और इंसास की जगह किया जाना था जो कि फिलहाल भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्य हथियार हैं. NDTV को मिली जानकारी के मुताबिक सरकार के ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड द्वारा निर्मित राइफल का पिछले सप्ताह परीक्षण किया गया था लेकिन यह परीक्षण में फेल रही. इसमें कई खामियां मिलीं.
सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एक्स-कैलिबर फायरिंग के बाद ज्यादा तेजी से झटका देती है. इतना ही नहीं, अत्यधिक चमक और तेज ध्वनि की भी समस्या है जिससे उसे लड़ाई में इस्तेमाल के लिए मुफीद नहीं पाया गया है.
सूत्रों के मुताबिक, राइफल की लोडिंग को आसान बनाने के लिए मैगजीन को फिर से डिजाइन किए जाने की जरूरत है. राइफल में कई सुरक्षा खामियां हैं. कई खामियों और फायरिंग में रुकावट (परीक्षण के दौरान) 20 से भी अधिक बार देखी गई जो कि मानक है.
पिछले साल भी सेना ने एक्स-कैलिबर नाम की इस स्वदेशी राइफल को रिजेक्ट कर दिया था. सूत्रों के मुताबिक, 5.56 एमएम की एक्स-कैलिबर सेना के फायरपावर आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती. सूत्रों का यह भी कहना है कि "एक्स-कैलिबर को फिलहाल इस्तेमाल की जा रही 5.56 एमएम की इंसास राइफल का संभावित विकल्प माना जा रहा है लेकिन परीक्षण के दौरान कई खमियां मिलने से इंतजार और बढ़ गया है."
स्वदेशी राइफल के फेल हो जाने की स्थिति में भारतीय सेना को अब अंतरराष्ट्रीय हथियार निर्माता कंपनियों की ओर रुख करना होगा. बोली के निविदा बुलाई जाएगी. निविदा जीतने वाली कंपनी को बड़ी संख्या में असॉल्ट राइफल के निर्माण के लिए भारतीय कंपनियों से संपर्क करना होगा. हालांकि यह बहुत लंबी प्रक्रिया है जिसमें कई वर्षों का समय लग सकता है.टिप्पणियां
भारतीय सेना फिलहाल एके 47 और इंसास राइफल का इस्तेमाल कर रही है जिसे 1988 में सेना में शामिल किया गया था. बॉर्डर पर दुश्मनों से निपटने के उच्च मारक क्षमता वाली एक्स कैलिबर को इस साल सेना में शामिल किया जाना था. वैसे भारतीय सेना 70 फीसदी हथियार आयात करती है. हालांकि मोदी सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण पर अगले एक दशक में लगभग 250 अरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य तय किया है.
सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एक्स-कैलिबर फायरिंग के बाद ज्यादा तेजी से झटका देती है. इतना ही नहीं, अत्यधिक चमक और तेज ध्वनि की भी समस्या है जिससे उसे लड़ाई में इस्तेमाल के लिए मुफीद नहीं पाया गया है.
सूत्रों के मुताबिक, राइफल की लोडिंग को आसान बनाने के लिए मैगजीन को फिर से डिजाइन किए जाने की जरूरत है. राइफल में कई सुरक्षा खामियां हैं. कई खामियों और फायरिंग में रुकावट (परीक्षण के दौरान) 20 से भी अधिक बार देखी गई जो कि मानक है.
पिछले साल भी सेना ने एक्स-कैलिबर नाम की इस स्वदेशी राइफल को रिजेक्ट कर दिया था. सूत्रों के मुताबिक, 5.56 एमएम की एक्स-कैलिबर सेना के फायरपावर आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती. सूत्रों का यह भी कहना है कि "एक्स-कैलिबर को फिलहाल इस्तेमाल की जा रही 5.56 एमएम की इंसास राइफल का संभावित विकल्प माना जा रहा है लेकिन परीक्षण के दौरान कई खमियां मिलने से इंतजार और बढ़ गया है."
स्वदेशी राइफल के फेल हो जाने की स्थिति में भारतीय सेना को अब अंतरराष्ट्रीय हथियार निर्माता कंपनियों की ओर रुख करना होगा. बोली के निविदा बुलाई जाएगी. निविदा जीतने वाली कंपनी को बड़ी संख्या में असॉल्ट राइफल के निर्माण के लिए भारतीय कंपनियों से संपर्क करना होगा. हालांकि यह बहुत लंबी प्रक्रिया है जिसमें कई वर्षों का समय लग सकता है.टिप्पणियां
भारतीय सेना फिलहाल एके 47 और इंसास राइफल का इस्तेमाल कर रही है जिसे 1988 में सेना में शामिल किया गया था. बॉर्डर पर दुश्मनों से निपटने के उच्च मारक क्षमता वाली एक्स कैलिबर को इस साल सेना में शामिल किया जाना था. वैसे भारतीय सेना 70 फीसदी हथियार आयात करती है. हालांकि मोदी सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण पर अगले एक दशक में लगभग 250 अरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य तय किया है.
सूत्रों के मुताबिक, राइफल की लोडिंग को आसान बनाने के लिए मैगजीन को फिर से डिजाइन किए जाने की जरूरत है. राइफल में कई सुरक्षा खामियां हैं. कई खामियों और फायरिंग में रुकावट (परीक्षण के दौरान) 20 से भी अधिक बार देखी गई जो कि मानक है.
पिछले साल भी सेना ने एक्स-कैलिबर नाम की इस स्वदेशी राइफल को रिजेक्ट कर दिया था. सूत्रों के मुताबिक, 5.56 एमएम की एक्स-कैलिबर सेना के फायरपावर आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती. सूत्रों का यह भी कहना है कि "एक्स-कैलिबर को फिलहाल इस्तेमाल की जा रही 5.56 एमएम की इंसास राइफल का संभावित विकल्प माना जा रहा है लेकिन परीक्षण के दौरान कई खमियां मिलने से इंतजार और बढ़ गया है."
स्वदेशी राइफल के फेल हो जाने की स्थिति में भारतीय सेना को अब अंतरराष्ट्रीय हथियार निर्माता कंपनियों की ओर रुख करना होगा. बोली के निविदा बुलाई जाएगी. निविदा जीतने वाली कंपनी को बड़ी संख्या में असॉल्ट राइफल के निर्माण के लिए भारतीय कंपनियों से संपर्क करना होगा. हालांकि यह बहुत लंबी प्रक्रिया है जिसमें कई वर्षों का समय लग सकता है.टिप्पणियां
भारतीय सेना फिलहाल एके 47 और इंसास राइफल का इस्तेमाल कर रही है जिसे 1988 में सेना में शामिल किया गया था. बॉर्डर पर दुश्मनों से निपटने के उच्च मारक क्षमता वाली एक्स कैलिबर को इस साल सेना में शामिल किया जाना था. वैसे भारतीय सेना 70 फीसदी हथियार आयात करती है. हालांकि मोदी सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण पर अगले एक दशक में लगभग 250 अरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य तय किया है.
पिछले साल भी सेना ने एक्स-कैलिबर नाम की इस स्वदेशी राइफल को रिजेक्ट कर दिया था. सूत्रों के मुताबिक, 5.56 एमएम की एक्स-कैलिबर सेना के फायरपावर आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती. सूत्रों का यह भी कहना है कि "एक्स-कैलिबर को फिलहाल इस्तेमाल की जा रही 5.56 एमएम की इंसास राइफल का संभावित विकल्प माना जा रहा है लेकिन परीक्षण के दौरान कई खमियां मिलने से इंतजार और बढ़ गया है."
स्वदेशी राइफल के फेल हो जाने की स्थिति में भारतीय सेना को अब अंतरराष्ट्रीय हथियार निर्माता कंपनियों की ओर रुख करना होगा. बोली के निविदा बुलाई जाएगी. निविदा जीतने वाली कंपनी को बड़ी संख्या में असॉल्ट राइफल के निर्माण के लिए भारतीय कंपनियों से संपर्क करना होगा. हालांकि यह बहुत लंबी प्रक्रिया है जिसमें कई वर्षों का समय लग सकता है.टिप्पणियां
भारतीय सेना फिलहाल एके 47 और इंसास राइफल का इस्तेमाल कर रही है जिसे 1988 में सेना में शामिल किया गया था. बॉर्डर पर दुश्मनों से निपटने के उच्च मारक क्षमता वाली एक्स कैलिबर को इस साल सेना में शामिल किया जाना था. वैसे भारतीय सेना 70 फीसदी हथियार आयात करती है. हालांकि मोदी सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण पर अगले एक दशक में लगभग 250 अरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य तय किया है.
स्वदेशी राइफल के फेल हो जाने की स्थिति में भारतीय सेना को अब अंतरराष्ट्रीय हथियार निर्माता कंपनियों की ओर रुख करना होगा. बोली के निविदा बुलाई जाएगी. निविदा जीतने वाली कंपनी को बड़ी संख्या में असॉल्ट राइफल के निर्माण के लिए भारतीय कंपनियों से संपर्क करना होगा. हालांकि यह बहुत लंबी प्रक्रिया है जिसमें कई वर्षों का समय लग सकता है.टिप्पणियां
भारतीय सेना फिलहाल एके 47 और इंसास राइफल का इस्तेमाल कर रही है जिसे 1988 में सेना में शामिल किया गया था. बॉर्डर पर दुश्मनों से निपटने के उच्च मारक क्षमता वाली एक्स कैलिबर को इस साल सेना में शामिल किया जाना था. वैसे भारतीय सेना 70 फीसदी हथियार आयात करती है. हालांकि मोदी सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण पर अगले एक दशक में लगभग 250 अरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य तय किया है.
भारतीय सेना फिलहाल एके 47 और इंसास राइफल का इस्तेमाल कर रही है जिसे 1988 में सेना में शामिल किया गया था. बॉर्डर पर दुश्मनों से निपटने के उच्च मारक क्षमता वाली एक्स कैलिबर को इस साल सेना में शामिल किया जाना था. वैसे भारतीय सेना 70 फीसदी हथियार आयात करती है. हालांकि मोदी सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण पर अगले एक दशक में लगभग 250 अरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य तय किया है. | सारांश: पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' अभियान को लगा करारा झटका
एक्स-कैलिबर का होना है एके-47 और आईएनएसएएस की जगह इस्तेमाल
एक्स-कैलिबर का पिछले सप्ताह हुआ परीक्षण असफल रहा | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विस्कोन्सिन में एक अमेरिकी अदालत ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
जिला अदालत ने न्यूयार्क स्थित अधिकार समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’ की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बादल ने भारत में समुदाय के लोगों के खिलाफ मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन किया है।
बादल की ओर से पेश हुए वकीलों ने तर्क दिया कि बादल को अदालत से कभी कोई सम्मन नहीं मिला। जबकि ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने दावा किया कि उसके अधिकृत व्यक्ति ने अदालत के सम्मन पंजाब के मुख्यमंत्री को दिए।टिप्पणियां
अधिकारी समूह ने एक बयान में कहा है कि वह हाल ही में गठित ‘अमेरिकन सिख कांग्रेसनल कॉकस’ से संपर्क कर उनकी मदद मांगेगा ताकि विदेश विभाग से बादल को दिया जा रहा सहयोग वापस लेने के लिए कहा जा सके। साथ ही समूह कांग्रेस की एक बहस की मांग भी करेगा जिसमें शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने पर चर्चा की जा सके।
गौरतलब है कि हाल ही में गठित कॉकस ने कहा है कि वह सिखों से जुड़े घरेलू मुद्दे ही उठाएगा, विदेशी मुद्दे नहीं। पिछले माह वॉशिंगटन में कॉकस की घोषणा के मौके पर ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सदस्य भी मौजूद थे।
जिला अदालत ने न्यूयार्क स्थित अधिकार समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’ की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बादल ने भारत में समुदाय के लोगों के खिलाफ मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन किया है।
बादल की ओर से पेश हुए वकीलों ने तर्क दिया कि बादल को अदालत से कभी कोई सम्मन नहीं मिला। जबकि ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने दावा किया कि उसके अधिकृत व्यक्ति ने अदालत के सम्मन पंजाब के मुख्यमंत्री को दिए।टिप्पणियां
अधिकारी समूह ने एक बयान में कहा है कि वह हाल ही में गठित ‘अमेरिकन सिख कांग्रेसनल कॉकस’ से संपर्क कर उनकी मदद मांगेगा ताकि विदेश विभाग से बादल को दिया जा रहा सहयोग वापस लेने के लिए कहा जा सके। साथ ही समूह कांग्रेस की एक बहस की मांग भी करेगा जिसमें शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने पर चर्चा की जा सके।
गौरतलब है कि हाल ही में गठित कॉकस ने कहा है कि वह सिखों से जुड़े घरेलू मुद्दे ही उठाएगा, विदेशी मुद्दे नहीं। पिछले माह वॉशिंगटन में कॉकस की घोषणा के मौके पर ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सदस्य भी मौजूद थे।
बादल की ओर से पेश हुए वकीलों ने तर्क दिया कि बादल को अदालत से कभी कोई सम्मन नहीं मिला। जबकि ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने दावा किया कि उसके अधिकृत व्यक्ति ने अदालत के सम्मन पंजाब के मुख्यमंत्री को दिए।टिप्पणियां
अधिकारी समूह ने एक बयान में कहा है कि वह हाल ही में गठित ‘अमेरिकन सिख कांग्रेसनल कॉकस’ से संपर्क कर उनकी मदद मांगेगा ताकि विदेश विभाग से बादल को दिया जा रहा सहयोग वापस लेने के लिए कहा जा सके। साथ ही समूह कांग्रेस की एक बहस की मांग भी करेगा जिसमें शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने पर चर्चा की जा सके।
गौरतलब है कि हाल ही में गठित कॉकस ने कहा है कि वह सिखों से जुड़े घरेलू मुद्दे ही उठाएगा, विदेशी मुद्दे नहीं। पिछले माह वॉशिंगटन में कॉकस की घोषणा के मौके पर ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सदस्य भी मौजूद थे।
अधिकारी समूह ने एक बयान में कहा है कि वह हाल ही में गठित ‘अमेरिकन सिख कांग्रेसनल कॉकस’ से संपर्क कर उनकी मदद मांगेगा ताकि विदेश विभाग से बादल को दिया जा रहा सहयोग वापस लेने के लिए कहा जा सके। साथ ही समूह कांग्रेस की एक बहस की मांग भी करेगा जिसमें शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने पर चर्चा की जा सके।
गौरतलब है कि हाल ही में गठित कॉकस ने कहा है कि वह सिखों से जुड़े घरेलू मुद्दे ही उठाएगा, विदेशी मुद्दे नहीं। पिछले माह वॉशिंगटन में कॉकस की घोषणा के मौके पर ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सदस्य भी मौजूद थे।
गौरतलब है कि हाल ही में गठित कॉकस ने कहा है कि वह सिखों से जुड़े घरेलू मुद्दे ही उठाएगा, विदेशी मुद्दे नहीं। पिछले माह वॉशिंगटन में कॉकस की घोषणा के मौके पर ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सदस्य भी मौजूद थे। | यहाँ एक सारांश है:विस्कोन्सिन में एक अमेरिकी अदालत ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभी तक जो बात सुनी-सुनाई लगती थी, अब वैज्ञानिकों ने उसकी पुष्टि कर दी है। उनका कहना है कि विभिन्न प्रकार के सूखे मेवों में अखरोट सबसे ज्यादा स्वास्थ्यकर होता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंटस होते हैं और दिन में कम से कम सात अखरोट खाना बीमारियों को दूर भगाता है और कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है।टिप्पणियां
उन्होंने पाया कि अखरोट में पोलीफेनोल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। पोलीफेनोल एक एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो उत्तकों को नुकसान पहुंचाने वाले अणुओं से शरीर की रक्षा करता है। पेनसिलवानिया स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ स्क्रान्टोन के अनुसंधानकर्ताओं ने यह शोध सामान्य तौर पर भोजन में प्रयुक्त नौ प्रकार के सूखे मेवों पर किया था।
'डेली मेल' की खबर के मुताबिक, शोध का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर जो विंसन का कहना है कि ब्राजील नट्स और पिस्ते में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा अखरोट से थोड़ी ही कम होती है, जबकि काजू और हेजल नट्स में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा थोड़ी ज्यादा कम होती है।
उन्होंने पाया कि अखरोट में पोलीफेनोल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। पोलीफेनोल एक एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो उत्तकों को नुकसान पहुंचाने वाले अणुओं से शरीर की रक्षा करता है। पेनसिलवानिया स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ स्क्रान्टोन के अनुसंधानकर्ताओं ने यह शोध सामान्य तौर पर भोजन में प्रयुक्त नौ प्रकार के सूखे मेवों पर किया था।
'डेली मेल' की खबर के मुताबिक, शोध का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर जो विंसन का कहना है कि ब्राजील नट्स और पिस्ते में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा अखरोट से थोड़ी ही कम होती है, जबकि काजू और हेजल नट्स में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा थोड़ी ज्यादा कम होती है।
'डेली मेल' की खबर के मुताबिक, शोध का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर जो विंसन का कहना है कि ब्राजील नट्स और पिस्ते में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा अखरोट से थोड़ी ही कम होती है, जबकि काजू और हेजल नट्स में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा थोड़ी ज्यादा कम होती है। | यह एक सारांश है: अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंटस होते हैं और दिन में कम से कम सात अखरोट खाना बीमारियों को दूर भगाता है और कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'अमूल' ब्रांड के तहत डेयरी उत्पादों का विपणन करने वाले गुजरात सहकारिता दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) ने कहा है कि वह अगले 6-8 महीनों में अमेरिका में अपने कुछ डेयरी उत्पादों का निर्माण शुरू करेगी।
इस पहल को भारत के सहकारिता क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी के अमेरिका में बाद में खुद की निर्माण संयंत्र की स्थापना करने के शुरुआती प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।टिप्पणियां
जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी ने कहा कि अमूल (कैरा) जिला सहकारिता दुग्ध उत्पादक संघ (एडीसीएमपीयू) अमेरिका के न्यूजर्सी के निकट मौजूदा निर्माण संयंत्र के मालिक के साथ 'थर्ड पार्टी एग्रीमेंट' के जरिये वहां कुछ डेयरी उत्पादों का उत्पादन शुरू करेगी।
उन्होंने कहा, उत्पादन के अगले छह से आठ महीने में शुरू होने की उम्मीद है और उसके बाद फेडरेशन वहां डेयरी उत्पादों का विपणन शुरू करेगा। एडीसीएमपीयू, फेडरेशन के निदेशक मंडल के 16 दुग्ध उत्पादक संघ में शामिल हैं। जीसीएमएमएफ का मौजूदा समय में अमेरिका को होने वाला डेयरी उत्पादों का वार्षिक निर्यात करीब 35 करोड़ रुपये का है। फेडरेशन इस प्रमुख बाजार में अपनी बिक्री को चार गुना करना चाहता है।
इस पहल को भारत के सहकारिता क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी के अमेरिका में बाद में खुद की निर्माण संयंत्र की स्थापना करने के शुरुआती प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।टिप्पणियां
जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी ने कहा कि अमूल (कैरा) जिला सहकारिता दुग्ध उत्पादक संघ (एडीसीएमपीयू) अमेरिका के न्यूजर्सी के निकट मौजूदा निर्माण संयंत्र के मालिक के साथ 'थर्ड पार्टी एग्रीमेंट' के जरिये वहां कुछ डेयरी उत्पादों का उत्पादन शुरू करेगी।
उन्होंने कहा, उत्पादन के अगले छह से आठ महीने में शुरू होने की उम्मीद है और उसके बाद फेडरेशन वहां डेयरी उत्पादों का विपणन शुरू करेगा। एडीसीएमपीयू, फेडरेशन के निदेशक मंडल के 16 दुग्ध उत्पादक संघ में शामिल हैं। जीसीएमएमएफ का मौजूदा समय में अमेरिका को होने वाला डेयरी उत्पादों का वार्षिक निर्यात करीब 35 करोड़ रुपये का है। फेडरेशन इस प्रमुख बाजार में अपनी बिक्री को चार गुना करना चाहता है।
जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी ने कहा कि अमूल (कैरा) जिला सहकारिता दुग्ध उत्पादक संघ (एडीसीएमपीयू) अमेरिका के न्यूजर्सी के निकट मौजूदा निर्माण संयंत्र के मालिक के साथ 'थर्ड पार्टी एग्रीमेंट' के जरिये वहां कुछ डेयरी उत्पादों का उत्पादन शुरू करेगी।
उन्होंने कहा, उत्पादन के अगले छह से आठ महीने में शुरू होने की उम्मीद है और उसके बाद फेडरेशन वहां डेयरी उत्पादों का विपणन शुरू करेगा। एडीसीएमपीयू, फेडरेशन के निदेशक मंडल के 16 दुग्ध उत्पादक संघ में शामिल हैं। जीसीएमएमएफ का मौजूदा समय में अमेरिका को होने वाला डेयरी उत्पादों का वार्षिक निर्यात करीब 35 करोड़ रुपये का है। फेडरेशन इस प्रमुख बाजार में अपनी बिक्री को चार गुना करना चाहता है।
उन्होंने कहा, उत्पादन के अगले छह से आठ महीने में शुरू होने की उम्मीद है और उसके बाद फेडरेशन वहां डेयरी उत्पादों का विपणन शुरू करेगा। एडीसीएमपीयू, फेडरेशन के निदेशक मंडल के 16 दुग्ध उत्पादक संघ में शामिल हैं। जीसीएमएमएफ का मौजूदा समय में अमेरिका को होने वाला डेयरी उत्पादों का वार्षिक निर्यात करीब 35 करोड़ रुपये का है। फेडरेशन इस प्रमुख बाजार में अपनी बिक्री को चार गुना करना चाहता है। | यहाँ एक सारांश है:'अमूल' ब्रांड के तहत डेयरी उत्पादों का विपणन करने वाले गुजरात सहकारिता दुग्ध विपणन महासंघ ने कहा है कि वह अगले 6-8 महीनों में अमेरिका में अपने कुछ डेयरी उत्पादों का निर्माण शुरू करेगी। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अपनी पहली ही फिल्म ‘काई पो चे’ से बॉलीवुड में सफलता का स्वाद चखने वाले अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का कहना है कि वे कभी भी व्यावसायिक कारणों से काम नहीं लेते और न ही उनके मन में स्टार बनने की ख्वाहिश है।
चर्चित टीवी धारावाहिक ‘पवित्र रिश्ता’ में मानव के किरदार ने सुशांत को घर घर में लोकप्रियता दिलाई। लेकिन उन्होंने छोटे पर्दे को अलविदा कह अभिषेक कपूर की फिल्म से बॉलीवुड में पदार्पण किया, इस फिल्म से सुशांत ने खूब वाहवाही बटोरी।
सुशांत ने कहा, फिल्मों में आने की मेरी पहले से कोई योजना नहीं थी और न ही मैं यहां पैसा या फिर लोकप्रियता के लिए आया हूं। मुझे स्टारडम समझ नहीं आता और न ही मैं स्टार बनना चाहता हूं। हां, मैं नंबर एक अभिनेता जरूर बनना चाहता हूं। मेरा मकसद हमेशा खुद को एक अभिनेता के तौर पर उभारना है।टिप्पणियां
27 वर्षीय अभिनेता की कई सारी फिल्में रिलीज होने वाली हैं जिनमें ‘शुद्ध देसी रोमांस’, 'पीके', ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी’ और अभिषेक कपूर की एक अन्य फिल्म शामिल है।
उन्होंने कहा, मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इतने प्रतिभाशाली निर्देशक के साथ काम करने का मौका मिला। मेरे जीवन का ये बहुत ही रोमांचक दौर है।
चर्चित टीवी धारावाहिक ‘पवित्र रिश्ता’ में मानव के किरदार ने सुशांत को घर घर में लोकप्रियता दिलाई। लेकिन उन्होंने छोटे पर्दे को अलविदा कह अभिषेक कपूर की फिल्म से बॉलीवुड में पदार्पण किया, इस फिल्म से सुशांत ने खूब वाहवाही बटोरी।
सुशांत ने कहा, फिल्मों में आने की मेरी पहले से कोई योजना नहीं थी और न ही मैं यहां पैसा या फिर लोकप्रियता के लिए आया हूं। मुझे स्टारडम समझ नहीं आता और न ही मैं स्टार बनना चाहता हूं। हां, मैं नंबर एक अभिनेता जरूर बनना चाहता हूं। मेरा मकसद हमेशा खुद को एक अभिनेता के तौर पर उभारना है।टिप्पणियां
27 वर्षीय अभिनेता की कई सारी फिल्में रिलीज होने वाली हैं जिनमें ‘शुद्ध देसी रोमांस’, 'पीके', ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी’ और अभिषेक कपूर की एक अन्य फिल्म शामिल है।
उन्होंने कहा, मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इतने प्रतिभाशाली निर्देशक के साथ काम करने का मौका मिला। मेरे जीवन का ये बहुत ही रोमांचक दौर है।
सुशांत ने कहा, फिल्मों में आने की मेरी पहले से कोई योजना नहीं थी और न ही मैं यहां पैसा या फिर लोकप्रियता के लिए आया हूं। मुझे स्टारडम समझ नहीं आता और न ही मैं स्टार बनना चाहता हूं। हां, मैं नंबर एक अभिनेता जरूर बनना चाहता हूं। मेरा मकसद हमेशा खुद को एक अभिनेता के तौर पर उभारना है।टिप्पणियां
27 वर्षीय अभिनेता की कई सारी फिल्में रिलीज होने वाली हैं जिनमें ‘शुद्ध देसी रोमांस’, 'पीके', ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी’ और अभिषेक कपूर की एक अन्य फिल्म शामिल है।
उन्होंने कहा, मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इतने प्रतिभाशाली निर्देशक के साथ काम करने का मौका मिला। मेरे जीवन का ये बहुत ही रोमांचक दौर है।
27 वर्षीय अभिनेता की कई सारी फिल्में रिलीज होने वाली हैं जिनमें ‘शुद्ध देसी रोमांस’, 'पीके', ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी’ और अभिषेक कपूर की एक अन्य फिल्म शामिल है।
उन्होंने कहा, मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इतने प्रतिभाशाली निर्देशक के साथ काम करने का मौका मिला। मेरे जीवन का ये बहुत ही रोमांचक दौर है।
उन्होंने कहा, मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इतने प्रतिभाशाली निर्देशक के साथ काम करने का मौका मिला। मेरे जीवन का ये बहुत ही रोमांचक दौर है। | सारांश: सुशांत ने कहा, फिल्मों में आने की मेरी पहले से कोई योजना नहीं थी और न ही मैं यहां पैसा या फिर लोकप्रियता के लिए आया हूं। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 269.69 अंकों की तेजी के साथ 19,683.23 पर और निफ्टी 82.40 अंकों की तेजी के साथ 5,945.70 पर बंद हुआ।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 65.13 अंकों की तेजी के साथ 19,478.67 पर खुला और 269.69 अंकों यानी 1.39 फीसदी की तेजी के साथ 19,683.23 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,706.03 के ऊपरी 19,477.61 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.35 अंकों की तेजी के साथ 5,883.65 पर खुला और 82.40 यानी 1.41 फीसदी की तेजी के साथ 5,945.70 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,952.85 के ऊपरी और 5,883.00 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 46.55 अंकों की तेजी के साथ 6,487.36 पर और स्मॉलकैप 42.93 अंकों की तेजी के साथ 6,333.69 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। तेल एवं गैस (2.00 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.93 फीसदी), धातु (1.77 फीसदी), बैंकिंग (1.72 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.57 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 65.13 अंकों की तेजी के साथ 19,478.67 पर खुला और 269.69 अंकों यानी 1.39 फीसदी की तेजी के साथ 19,683.23 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,706.03 के ऊपरी 19,477.61 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.35 अंकों की तेजी के साथ 5,883.65 पर खुला और 82.40 यानी 1.41 फीसदी की तेजी के साथ 5,945.70 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,952.85 के ऊपरी और 5,883.00 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 46.55 अंकों की तेजी के साथ 6,487.36 पर और स्मॉलकैप 42.93 अंकों की तेजी के साथ 6,333.69 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। तेल एवं गैस (2.00 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.93 फीसदी), धातु (1.77 फीसदी), बैंकिंग (1.72 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.57 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.35 अंकों की तेजी के साथ 5,883.65 पर खुला और 82.40 यानी 1.41 फीसदी की तेजी के साथ 5,945.70 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,952.85 के ऊपरी और 5,883.00 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 46.55 अंकों की तेजी के साथ 6,487.36 पर और स्मॉलकैप 42.93 अंकों की तेजी के साथ 6,333.69 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। तेल एवं गैस (2.00 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.93 फीसदी), धातु (1.77 फीसदी), बैंकिंग (1.72 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.57 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 46.55 अंकों की तेजी के साथ 6,487.36 पर और स्मॉलकैप 42.93 अंकों की तेजी के साथ 6,333.69 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। तेल एवं गैस (2.00 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.93 फीसदी), धातु (1.77 फीसदी), बैंकिंग (1.72 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.57 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। तेल एवं गैस (2.00 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (1.93 फीसदी), धातु (1.77 फीसदी), बैंकिंग (1.72 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.57 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 269.69 अंकों की तेजी के साथ 19,683.23 पर और निफ्टी 82.40 अंकों की तेजी के साथ 5,945.70 पर बंद हुआ। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को हुए कई धमाकों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है. यह धमाके एक अफगानी शख्स के अंतिम संस्कार के दौरान हुए. इस शख्स की काबुल में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई थी. प्रत्यदर्शियों ने यह बात कही.
चश्मदीद अब्दुल वुदूद ने एएफपी को बताया कि अफगानिस्तान के एक प्रमुख नेता के बेटे सलीम एजादियार के अंतिम संस्कार में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं.
इस अंतिम संस्कार में अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए... हालांकि अब्दुल्ला के कार्यालय ने एएफपी को बताया कि वे सुरक्षित हैं.टिप्पणियां
शुक्रवार को एजादियार समेत चार लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे. प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी और मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के इस्तीफे की भी मांग कर रहे थे और तालिबान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे.
प्रदर्शनकारी बुधवार को ट्रक बम हमले में 90 लोगों के मारे जाने और सैकड़ों अन्य के घायल होने के बाद देश की राजधानी में बेहतर सुरक्षा की मांग कर रहे थे. बुधवार को हुआ हमला साल 2014 में विदेशी बलों की वापसी के बाद से यह सबसे भीषण आतंकी हमला था. इससे आतंकवादियों के साथ करीब 16 साल के संघर्ष से अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने की सरकार की क्षमता पर संदेह पैदा हुआ है.
चश्मदीद अब्दुल वुदूद ने एएफपी को बताया कि अफगानिस्तान के एक प्रमुख नेता के बेटे सलीम एजादियार के अंतिम संस्कार में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं.
इस अंतिम संस्कार में अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए... हालांकि अब्दुल्ला के कार्यालय ने एएफपी को बताया कि वे सुरक्षित हैं.टिप्पणियां
शुक्रवार को एजादियार समेत चार लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे. प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी और मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के इस्तीफे की भी मांग कर रहे थे और तालिबान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे.
प्रदर्शनकारी बुधवार को ट्रक बम हमले में 90 लोगों के मारे जाने और सैकड़ों अन्य के घायल होने के बाद देश की राजधानी में बेहतर सुरक्षा की मांग कर रहे थे. बुधवार को हुआ हमला साल 2014 में विदेशी बलों की वापसी के बाद से यह सबसे भीषण आतंकी हमला था. इससे आतंकवादियों के साथ करीब 16 साल के संघर्ष से अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने की सरकार की क्षमता पर संदेह पैदा हुआ है.
इस अंतिम संस्कार में अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए... हालांकि अब्दुल्ला के कार्यालय ने एएफपी को बताया कि वे सुरक्षित हैं.टिप्पणियां
शुक्रवार को एजादियार समेत चार लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे. प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी और मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के इस्तीफे की भी मांग कर रहे थे और तालिबान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे.
प्रदर्शनकारी बुधवार को ट्रक बम हमले में 90 लोगों के मारे जाने और सैकड़ों अन्य के घायल होने के बाद देश की राजधानी में बेहतर सुरक्षा की मांग कर रहे थे. बुधवार को हुआ हमला साल 2014 में विदेशी बलों की वापसी के बाद से यह सबसे भीषण आतंकी हमला था. इससे आतंकवादियों के साथ करीब 16 साल के संघर्ष से अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने की सरकार की क्षमता पर संदेह पैदा हुआ है.
शुक्रवार को एजादियार समेत चार लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे. प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी और मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के इस्तीफे की भी मांग कर रहे थे और तालिबान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे.
प्रदर्शनकारी बुधवार को ट्रक बम हमले में 90 लोगों के मारे जाने और सैकड़ों अन्य के घायल होने के बाद देश की राजधानी में बेहतर सुरक्षा की मांग कर रहे थे. बुधवार को हुआ हमला साल 2014 में विदेशी बलों की वापसी के बाद से यह सबसे भीषण आतंकी हमला था. इससे आतंकवादियों के साथ करीब 16 साल के संघर्ष से अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने की सरकार की क्षमता पर संदेह पैदा हुआ है.
प्रदर्शनकारी बुधवार को ट्रक बम हमले में 90 लोगों के मारे जाने और सैकड़ों अन्य के घायल होने के बाद देश की राजधानी में बेहतर सुरक्षा की मांग कर रहे थे. बुधवार को हुआ हमला साल 2014 में विदेशी बलों की वापसी के बाद से यह सबसे भीषण आतंकी हमला था. इससे आतंकवादियों के साथ करीब 16 साल के संघर्ष से अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने की सरकार की क्षमता पर संदेह पैदा हुआ है. | यह एक सारांश है: एक प्रमुख नेता के बेटे सलीम एजादियार के अंतिम संस्कार के दौरान हुए धमाके.
शुक्रवार को एजादियार समेत चार लोग विरोध-प्रदर्शन के दौरान मारे गए थे.
धमाकों में कई लोग घायल भी हुए हैं. | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बॉर्डर वाले इलाके में पुलिस बल और माओवादियों के बीच हुए एनकाउंटर में 24 माओवादियों को ढेर कर दिया गया है. इस एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
यह एनकाउंटर मल्कानगिरी से 10 किलोमीटर की दूरी पर हुआ है. मौके से पुलिस ने काफी अत्याधुनिक हथियार और अन्य सामग्री बरामद की है. सूत्रों का कहना है कि अभी तक तीन एके 47 राइफलें और एसएलआर बंदूकों सुरक्षा कर्मियों के हाथ लगी हैं. पुलिस का कहना है कि माओवादियों की एक बड़ी बैठक इस इलाके में होने की सूचना थी.टिप्पणियां
जिस प्रकार के हथियार मौके पुलिस बल को मिले हैं उससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि काफी बड़े स्तर के माओवादी नेता इस बैठक में शामिल हुए होंगे.
यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 50-60 माओवादी इस बैठक में शामिल हुए होंगे. जांच के बाद पुलिस सूत्रों का कहना कि पांच बड़े माओवदी नेता इस बैठक के लिए मौके पर आए थे. फिलहाल पुलिस मारे गए माओवादियों की पहचान के लिए जांच कर रही है.
यह एनकाउंटर मल्कानगिरी से 10 किलोमीटर की दूरी पर हुआ है. मौके से पुलिस ने काफी अत्याधुनिक हथियार और अन्य सामग्री बरामद की है. सूत्रों का कहना है कि अभी तक तीन एके 47 राइफलें और एसएलआर बंदूकों सुरक्षा कर्मियों के हाथ लगी हैं. पुलिस का कहना है कि माओवादियों की एक बड़ी बैठक इस इलाके में होने की सूचना थी.टिप्पणियां
जिस प्रकार के हथियार मौके पुलिस बल को मिले हैं उससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि काफी बड़े स्तर के माओवादी नेता इस बैठक में शामिल हुए होंगे.
यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 50-60 माओवादी इस बैठक में शामिल हुए होंगे. जांच के बाद पुलिस सूत्रों का कहना कि पांच बड़े माओवदी नेता इस बैठक के लिए मौके पर आए थे. फिलहाल पुलिस मारे गए माओवादियों की पहचान के लिए जांच कर रही है.
जिस प्रकार के हथियार मौके पुलिस बल को मिले हैं उससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि काफी बड़े स्तर के माओवादी नेता इस बैठक में शामिल हुए होंगे.
यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 50-60 माओवादी इस बैठक में शामिल हुए होंगे. जांच के बाद पुलिस सूत्रों का कहना कि पांच बड़े माओवदी नेता इस बैठक के लिए मौके पर आए थे. फिलहाल पुलिस मारे गए माओवादियों की पहचान के लिए जांच कर रही है.
यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 50-60 माओवादी इस बैठक में शामिल हुए होंगे. जांच के बाद पुलिस सूत्रों का कहना कि पांच बड़े माओवदी नेता इस बैठक के लिए मौके पर आए थे. फिलहाल पुलिस मारे गए माओवादियों की पहचान के लिए जांच कर रही है. | सारांश: इस एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
यह एनकाउंटर मल्कानगिरी से 10 किलोमीटर की दूरी पर हुआ है.
अभी तक तीन एके 47 राइफलें, एसएलआर बंदूकों मिली हैं. | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कांग्रेस नेताओं द्वारा उनके खिलाफ लगातार की जा रही बयानबाजी पर मंगलवार को पलटवार किया और लगे हाथ उसे आगाह भी किया जनता देश की मालिक है और आज के सेवकों (सरकार) को जनता की ताकत का एहसास नहीं है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने सोमवार को सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को 'गैर निर्वाचित तानाशाह' करार दिया था। इसके जवाब में अन्ना हजारे ने कहा कि जनता देश की मालिक है और उसे अपने सेवकों से उनके कामकाज को लेकर सवाल करने का अधिकार है। अन्ना हजारे ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि संसद के महत्व को नकारा नहीं जा सकता लेकिन वहां निर्णय लेने से पहले लोगों से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "संसद बहुत बड़ी चीज है लेकिन केंद्र की संसद से ज्यादा बड़ी राज्य विधानसभाएं हैं और उनसे भी बड़ी गांवों की पंचायतें हैं। उन्हें इस बात का एहसास नहीं है।" केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को कोलकाता में कहा था कि सामाजिक संगठनों के सदस्यों को संसद को यह बताने का अधिकार नहीं है कि वह भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल विधेयक कब पारित करें। अन्ना हजारे मुखर्जी की इसी टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। इससे पहले उन्होंने लोकपाल विधेयक पारित न होने की स्थिति में 16 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, "26 जनवरी 1950 को जनता देश की मालिक बन गई थी.. यदि सेवक कुछ गलत करते हैं तो मालिक को उनसे सवाल करने का अधिकार है। वे राष्ट्र की भलाई के लिए जो भी निर्णय लें उससे पहले उन्हें जनता के विचार भी जानने चाहिए।" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुखौटा होने के आरोपों के सम्बंध में पूछे जाने पर अन्ना हजारे ने किसी भी पार्टी का पक्ष लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, "मैंने कभी भी किसी पक्षपातपूर्ण पार्टी का समर्थन नहीं किया है। इनमें से कुछ पार्टियां भ्रष्टाचार में स्नातक हैं तो कुछ ने उसमें पीएचडी किया है। उनमें बस यही फर्क है।" कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने सोमवार को सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं पर हमला करते हुए कहा था, "यदि लोकतंत्र को किसी से खतरा है तो ऐसे गैर निर्वाचित तानाशाहों से है।" | यहाँ एक सारांश है:गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कांग्रेस नेताओं द्वारा उनके खिलाफ लगातार की जा रही बयानबाजी पर मंगलवार को पलटवार किया। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Housefull 4 Box Office Collection Day 6: अक्षय कुमार की फिल्म 'हाउसफुल 4' ने बॉक्स ऑफिस पर तूफान मचा रखा है. फिल्म ने अपने दमदार प्रदर्शन से मेड इन चाइना और सांड की आंख को कड़ी टक्कर देने के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर भी धमाकेदार कमाई की है. बॉक्स ऑफिस इंडिया की वेबसाइट के मुताबिक बीते दिन 'हाउसफुल 4' (Housefull 4 Box Office Collection Day 6) ने कुल 15 से 16 करोड़ रुपये की कमाई की. इस लिहाज से फिल्म ने छह दिनों में कुल 125 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सकती है. 'हाउसफुल 4' के इस शानदार कलेक्शन को देखकर लगता है कि यह पहले हफ्ते में 135 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी.
बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार 'हाउसफुल 4' (Housefull 4 Box Office Collection Day 6) को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में खूब पसंद किया जा रहा है. वहीं, मुंबई, पूणे और बैंगलोर जैसे शहरों में फिल्म का प्रदर्शन इन राज्यों के मुकाबले थोड़ा फीका रहा. धनतेरस के मौके पर रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म पहले दिन 19.08 करोड़, दूसरे दिन 18.81, तीसरे दिन 15.33 करोड़, चौथे दिन 34.56 और पांचवे दिन 24 करोड़ रुपये की कमाई की. लेकिन कमाई से इतर फिल्म दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीतने में कामयाब नहीं हो पाई है.
'हाउसफुल 4' (Housefull 4 Box Office Collection Day 6) की कहानी 1419 के सितमगढ़ की है, जहां अक्षय (Akshay Kumar), बॉबी (Bobby Deol), रितेश, कृति, पूजा और कृति (Kriti Sanon) एक दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन कुछ वजहों से ये जुदा हो जाते हैं. छह सौ साल बाद तीनों जोड़े पुनर्जन्म लेते हैं, और इसके बाद फिर शुरू होती है हाउसफुल टाइप कन्फ्यूजन. कपल्स का मिस मैच और एक के बाद एक ढेर सारे कैमियो. कुल मिलाकर हाउसफुल 4 को पहले तीन पार्ट की तर्ज पर ही गढ़ने की कोशिश की गई है. कहानी बेहद कमजोर है. जबरदस्ती के जोक्स ठूंसे गए हैं, और कई जगह तो हंसी भी नहीं आती है. डायलॉग्स बहुत ही फीके हैं. | यह एक सारांश है: अक्षय कुमार की फिल्म ने मचाया धमाल
बॉक्स ऑफिस पर जारी है फिल्म की तूफानी कमाई
समीक्षकों की उम्मीदों पर नहीं खरी उतर पाई फिल्म | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिकी भगोड़े एडवर्ड स्नोडेन द्वारा जासूसी मामले का खुलासा करने के बाद उठे विवाद की तुलना में मॉस्को के वॉशिंगटन के साथ रिश्ते कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
स्नोडेन ने रूस में शरण के लिए आवेदन दिया है।टिप्पणियां
रियो नोवोस्ती समाचार एजेंसी ने पुतिन को यह कहते हुए उद्धृत किया है ‘सुरक्षा सेवा के काम को लेकर उठे विवाद की तुलना में देशों के रिश्ते अधिक मायने रखते हैं।’ पुतिन की इन टिप्पणियों से पहले ही व्हाइट हाउस ने रूस में शरण मांगने के स्नोडेन के अनुरोध पर विरोध जाहिर किया था।
अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के पूर्व अनुबंधकर्ता स्नोडेन 23 जून से ही मॉस्को के शेरेमेतयेवो हवाईअड्डे पर रह रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अमेरिका के जासूसी कार्यक्रम के ब्यौरे लीक किए थे, जिससे वाशिंगटन के अपने सहयोगियों के साथ रिश्तों में तनाव उत्पन्न हो गया।
स्नोडेन ने रूस में शरण के लिए आवेदन दिया है।टिप्पणियां
रियो नोवोस्ती समाचार एजेंसी ने पुतिन को यह कहते हुए उद्धृत किया है ‘सुरक्षा सेवा के काम को लेकर उठे विवाद की तुलना में देशों के रिश्ते अधिक मायने रखते हैं।’ पुतिन की इन टिप्पणियों से पहले ही व्हाइट हाउस ने रूस में शरण मांगने के स्नोडेन के अनुरोध पर विरोध जाहिर किया था।
अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के पूर्व अनुबंधकर्ता स्नोडेन 23 जून से ही मॉस्को के शेरेमेतयेवो हवाईअड्डे पर रह रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अमेरिका के जासूसी कार्यक्रम के ब्यौरे लीक किए थे, जिससे वाशिंगटन के अपने सहयोगियों के साथ रिश्तों में तनाव उत्पन्न हो गया।
रियो नोवोस्ती समाचार एजेंसी ने पुतिन को यह कहते हुए उद्धृत किया है ‘सुरक्षा सेवा के काम को लेकर उठे विवाद की तुलना में देशों के रिश्ते अधिक मायने रखते हैं।’ पुतिन की इन टिप्पणियों से पहले ही व्हाइट हाउस ने रूस में शरण मांगने के स्नोडेन के अनुरोध पर विरोध जाहिर किया था।
अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के पूर्व अनुबंधकर्ता स्नोडेन 23 जून से ही मॉस्को के शेरेमेतयेवो हवाईअड्डे पर रह रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अमेरिका के जासूसी कार्यक्रम के ब्यौरे लीक किए थे, जिससे वाशिंगटन के अपने सहयोगियों के साथ रिश्तों में तनाव उत्पन्न हो गया।
अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के पूर्व अनुबंधकर्ता स्नोडेन 23 जून से ही मॉस्को के शेरेमेतयेवो हवाईअड्डे पर रह रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अमेरिका के जासूसी कार्यक्रम के ब्यौरे लीक किए थे, जिससे वाशिंगटन के अपने सहयोगियों के साथ रिश्तों में तनाव उत्पन्न हो गया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिकी भगोड़े एडवर्ड स्नोडेन द्वारा जासूसी मामले का खुलासा करने के बाद उठे विवाद की तुलना में मॉस्को के वॉशिंगटन के साथ रिश्ते कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: घाटी में हिंसा ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है. अब केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी रणनीति घाटी को लेकर बदली है. सुरक्षा बलों को अब ऑपरेशन तेज़ करने की हिदायत दी गई है. वैसे बुधवार को बारामूला में सेना के काफ़िले पर हमला हुआ.
केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है की इस साल घाटी में सुरक्षा बलों पर हमले भी बढ़े हैं और सीमा पार से घुसपैठ भी. सेना बेशक इस बात से इंकार कर रही हो लेकिन इस साल क़रीब 90 आतंकवादी सीमा से इस पार आ चुके हैं. उन्होंने घाटी के अलग-अलग इलाक़ों में अड्डा बना लिया है और एक-एक कर हमले कर रहे हैं.
एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक़ नौहट्टा और पंपोर में हुए हमलों की जांच में ये बात सामने आई है कि हमलावर हाल के घुसपैठिए थे. ऊरी में भी 5 आतंकवादी मारे गए. यानी पाकिस्तान की ओर से ज़्यादा से ज़्यादा घुसपैठिए भारत में धकेलने की कोशिश जारी है.टिप्पणियां
पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "ये हिंसा पाकिस्तान की ओर से भारत में धकेली जा रही है सरकार चाहती है कि ये हिंसा का दौर ख़त्म हो, इसके लिए स्ट्रैटेजी के तहत काम हो रहा है." उधर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को आतंकवादियों का डट कर सामना करने की हिदायत दी है.
नए दिशानिर्देशों के तहत अमरनाथ यात्रा के ख़त्म होने के बाद सुरक्षा बलों से कहा गया है कि वो अब आतंकवाद विरोधी अभियान तेज़ करें. यात्रा के चलते घाटी में सुरक्षा बल सुरक्षात्मक थे. गृह मंत्रालय के मुताबिक बीते दिनों पुलिस बल भी क़ानून व्यवस्था में लगा हुआ था. अब उन्हें भी नई नीति के तहत आतंकवाद विरोधी अभियान को ज़िंदा करने को कहा गया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है की इस साल घाटी में सुरक्षा बलों पर हमले भी बढ़े हैं और सीमा पार से घुसपैठ भी. सेना बेशक इस बात से इंकार कर रही हो लेकिन इस साल क़रीब 90 आतंकवादी सीमा से इस पार आ चुके हैं. उन्होंने घाटी के अलग-अलग इलाक़ों में अड्डा बना लिया है और एक-एक कर हमले कर रहे हैं.
एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक़ नौहट्टा और पंपोर में हुए हमलों की जांच में ये बात सामने आई है कि हमलावर हाल के घुसपैठिए थे. ऊरी में भी 5 आतंकवादी मारे गए. यानी पाकिस्तान की ओर से ज़्यादा से ज़्यादा घुसपैठिए भारत में धकेलने की कोशिश जारी है.टिप्पणियां
पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "ये हिंसा पाकिस्तान की ओर से भारत में धकेली जा रही है सरकार चाहती है कि ये हिंसा का दौर ख़त्म हो, इसके लिए स्ट्रैटेजी के तहत काम हो रहा है." उधर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को आतंकवादियों का डट कर सामना करने की हिदायत दी है.
नए दिशानिर्देशों के तहत अमरनाथ यात्रा के ख़त्म होने के बाद सुरक्षा बलों से कहा गया है कि वो अब आतंकवाद विरोधी अभियान तेज़ करें. यात्रा के चलते घाटी में सुरक्षा बल सुरक्षात्मक थे. गृह मंत्रालय के मुताबिक बीते दिनों पुलिस बल भी क़ानून व्यवस्था में लगा हुआ था. अब उन्हें भी नई नीति के तहत आतंकवाद विरोधी अभियान को ज़िंदा करने को कहा गया है.
एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक़ नौहट्टा और पंपोर में हुए हमलों की जांच में ये बात सामने आई है कि हमलावर हाल के घुसपैठिए थे. ऊरी में भी 5 आतंकवादी मारे गए. यानी पाकिस्तान की ओर से ज़्यादा से ज़्यादा घुसपैठिए भारत में धकेलने की कोशिश जारी है.टिप्पणियां
पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "ये हिंसा पाकिस्तान की ओर से भारत में धकेली जा रही है सरकार चाहती है कि ये हिंसा का दौर ख़त्म हो, इसके लिए स्ट्रैटेजी के तहत काम हो रहा है." उधर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को आतंकवादियों का डट कर सामना करने की हिदायत दी है.
नए दिशानिर्देशों के तहत अमरनाथ यात्रा के ख़त्म होने के बाद सुरक्षा बलों से कहा गया है कि वो अब आतंकवाद विरोधी अभियान तेज़ करें. यात्रा के चलते घाटी में सुरक्षा बल सुरक्षात्मक थे. गृह मंत्रालय के मुताबिक बीते दिनों पुलिस बल भी क़ानून व्यवस्था में लगा हुआ था. अब उन्हें भी नई नीति के तहत आतंकवाद विरोधी अभियान को ज़िंदा करने को कहा गया है.
पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "ये हिंसा पाकिस्तान की ओर से भारत में धकेली जा रही है सरकार चाहती है कि ये हिंसा का दौर ख़त्म हो, इसके लिए स्ट्रैटेजी के तहत काम हो रहा है." उधर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को आतंकवादियों का डट कर सामना करने की हिदायत दी है.
नए दिशानिर्देशों के तहत अमरनाथ यात्रा के ख़त्म होने के बाद सुरक्षा बलों से कहा गया है कि वो अब आतंकवाद विरोधी अभियान तेज़ करें. यात्रा के चलते घाटी में सुरक्षा बल सुरक्षात्मक थे. गृह मंत्रालय के मुताबिक बीते दिनों पुलिस बल भी क़ानून व्यवस्था में लगा हुआ था. अब उन्हें भी नई नीति के तहत आतंकवाद विरोधी अभियान को ज़िंदा करने को कहा गया है.
नए दिशानिर्देशों के तहत अमरनाथ यात्रा के ख़त्म होने के बाद सुरक्षा बलों से कहा गया है कि वो अब आतंकवाद विरोधी अभियान तेज़ करें. यात्रा के चलते घाटी में सुरक्षा बल सुरक्षात्मक थे. गृह मंत्रालय के मुताबिक बीते दिनों पुलिस बल भी क़ानून व्यवस्था में लगा हुआ था. अब उन्हें भी नई नीति के तहत आतंकवाद विरोधी अभियान को ज़िंदा करने को कहा गया है. | यहाँ एक सारांश है:केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी रणनीति घाटी को लेकर बदली है
घाटी में सुरक्षा बलों पर हमले भी बढ़े हैं और सीमा पार से घुसपैठ भी
पाकिस्तान की ओर से घुसपैठिए भारत में धकेलने की कोशिश जारी है | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एएफसी एशियन कप फुटबाल टूर्नामेंट में भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान बाइचुंग भूटिया का खेलना संदिग्ध है। टीम प्रबंधन ने कहा है कि भूटिया की पिंडली की मांसपेशी का दर्द अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। भूटिया ने कहा है कि उनके पास अब भी दो-तीन दिन का समय है और इस कारण उन्होंने अपने खेलने की उम्मीद नहीं छोड़ी है। भारतीय टीम 26 वर्ष के बाद एशियन कप में हिस्सा ले रही है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में भारत तीसरी बार दावेदारी पेश करेगा। इस लिहाज से भूटिया खुद के खेलने को लेकर आशान्वित हैं और वह खुद को सोमवार तक का वक्त देना चाहते हैं। भारत को अपना पहला मैच सोमवार को ऑस्ट्रेलिया से खेलना है। भूटिया ने कहा, "मेरे पास अब भी दो-तीन दिन हैं। हम मैच से छह घंटे पहले भी टीम में बदलाव कर सकते हैं। आईलीग में चर्चिल ब्रदर्स के लिए खेलने वाले स्ट्राइकर मोहम्मद रफी हमारे साथ हैं। मेरे नहीं खेलने की स्थिति में रफी सुनील चेतरी के साथ आक्रमण पंक्ति की कमान संभालेंगे।" भूटिया ने हालांकि कहा कि पिंडली की चोट के सोमवार तक ठीक नहीं होने की स्थिति में उन्हें करारा झटका लगेगा। भूटिया ने कहा, "एशियन कप में नहीं खेल पाना मेरे लिए किसी आपदा से कम नहीं होगा।" भारतीय दल प्रमुख सुब्रत दत्त ने कहा कि भूटिया के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने या नहीं खेलने के बारे में अंतिम फैसले का हक कोच बॉब हॉटन के पास है। अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) के उपाध्यक्ष दत्त ने कहा, "भूटिया को टीम में रखने या फिर बाहर रखने के सम्बंध में हॉटन अंतिम फैसला करेंगे।" ग्रुप-सी में भारत को ऑस्ट्रेलिया के अलावा द. कोरिया और बहरीन से भिड़ना है। भारत ने 2008 में आयोजित आठ देशों के एएफसी चैलेंज कप को जीतकर एशियन कप में खेलने का अधिकार हासिल किया है। भारत ने इससे पहले 1984 में एशियन कप में हिस्सा लिया था लेकिन वह ग्रुप स्तर में पहुंचने में नाकाम रहा था। उससे 20 वर्ष पहले 1964 में भारत ने चुन्नी गोस्वामी के नेतृत्व में उपविजेता होने का गौरव हासिल किया था। भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत मिलनी मुश्किल लग रही है लेकिन उसे अपने स्वर्णिम इतिहास के बूते ऑस्ट्रेलिया को हराने का प्रयास करना होगा। 20वीं शताब्दी के मध्य में भारत ने 1956 में खेले गए दोनों अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। उस समय समर बनर्जी भारत के कप्तान थे। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के अलावा कोरिया को भी हराया है। उसने 1962 के एशियाई खेलों के फाइनल में कोरिया को 2-1 से हराकर दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता था। उस टीम के कप्तान गोस्वामी थे। | एएफसी एशियन कप फुटबाल टूर्नामेंट में भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान बाइचुंग भूटिया का खेलना संदिग्ध है। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि उसका इरादा डेंगू से होने वाली अनावश्यक मौतों को रोकने के लिए उसका टीका विकसित करने और उसका क्लीनिकल परीक्षण शुरू करने का है. गौरतलब है कि इस साल भारत में 15 हजार से अधिक डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं.
भारत यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि उनके देश का इरादा डेंगू और टीबी का टीका विकसित करने का है. इन दोनों बीमारियों को केरी ने बड़ी जन स्वास्थ्य चुनौती करार दिया.
उन्होंने कहा, ''जान के नुकसान पर रोक लगाने और बीमारियों को रोकने के लिए हम डेंगू और टीबी के खिलाफ टीके विकसित करने और उनका क्लीनिकल प्रयोग करने की मंशा रखते हैं.'' वह द्वितीय भारत-अमेरिका रणनीतिक एवं वाणिज्यिक वार्ता के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.टिप्पणियां
स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के आंकड़े के अनुसार इस साल 28 जुलाई तक विभिन्न राज्यों से डेंगू के 15,099 मामले सामने आए. इस रोग से छब्बीस मरीजों ने अपनी जान गंवाई. पिछले साल देश भर में डेंगू के 99,913 मामलों की खबर थी, जिसमें से 220 लोगों की जान गई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारत यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि उनके देश का इरादा डेंगू और टीबी का टीका विकसित करने का है. इन दोनों बीमारियों को केरी ने बड़ी जन स्वास्थ्य चुनौती करार दिया.
उन्होंने कहा, ''जान के नुकसान पर रोक लगाने और बीमारियों को रोकने के लिए हम डेंगू और टीबी के खिलाफ टीके विकसित करने और उनका क्लीनिकल प्रयोग करने की मंशा रखते हैं.'' वह द्वितीय भारत-अमेरिका रणनीतिक एवं वाणिज्यिक वार्ता के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.टिप्पणियां
स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के आंकड़े के अनुसार इस साल 28 जुलाई तक विभिन्न राज्यों से डेंगू के 15,099 मामले सामने आए. इस रोग से छब्बीस मरीजों ने अपनी जान गंवाई. पिछले साल देश भर में डेंगू के 99,913 मामलों की खबर थी, जिसमें से 220 लोगों की जान गई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ''जान के नुकसान पर रोक लगाने और बीमारियों को रोकने के लिए हम डेंगू और टीबी के खिलाफ टीके विकसित करने और उनका क्लीनिकल प्रयोग करने की मंशा रखते हैं.'' वह द्वितीय भारत-अमेरिका रणनीतिक एवं वाणिज्यिक वार्ता के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.टिप्पणियां
स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के आंकड़े के अनुसार इस साल 28 जुलाई तक विभिन्न राज्यों से डेंगू के 15,099 मामले सामने आए. इस रोग से छब्बीस मरीजों ने अपनी जान गंवाई. पिछले साल देश भर में डेंगू के 99,913 मामलों की खबर थी, जिसमें से 220 लोगों की जान गई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के आंकड़े के अनुसार इस साल 28 जुलाई तक विभिन्न राज्यों से डेंगू के 15,099 मामले सामने आए. इस रोग से छब्बीस मरीजों ने अपनी जान गंवाई. पिछले साल देश भर में डेंगू के 99,913 मामलों की खबर थी, जिसमें से 220 लोगों की जान गई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस साल देश में डेंगू के 15 हजार से अधिक मामले
26 मरीजों की इसके चलते जान गई
पिछले साल 220 लोगों की जान गई | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात दंगों से जुड़े 2002 के कई अहम रिकॉर्ड्स नष्ट किए जा चुके हैं। नानावटी आयोग की सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार ने यह बात मानी है। यह बात उस वक्त सामने आई जब आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट गुजारत दंगों की जांच कर रहे नानावती आयोग के सामने पेश हुए। सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार ने खुद यह माना कि पुलिस के फोन कॉल और लॉग बुक गायब हैं। गुजरात सरकार के वकील एसबी वकील का कहना है कि 2007 में वह सब रिकॉर्ड्स नष्ट हो चुक हैं। लेकिन केस से जुड़े लोगों का कहना है कि अभी तो 2002 के दंगों की जांच चल रही है और इससे जांच पर काफी बुरा असर पड़ेगा। इससे सुप्रीम कोर्ट भी दंगों की तह तक नहीं पहुंच पाएगी। कहा जा रहा है कि वही रिकॉर्ड्स केस में अहम सबूत बन सकते थे। जनसंघर्ष मंच के वकील मुकुल सिन्हा का कहना है कि जब तमाम कानूनी कार्रवाई जारी है और ऐसे में रिकॉर्ड्स को नष्ट करना गैरकानूनी है। अब चारों ओर यह प्रश्न है कि क्या यह रिकॉर्ड्स जानबूझकर नष्ट करवाए गए या प्रक्रिया का हिस्सा मात्र था। | संक्षिप्त सारांश: सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार ने खुद यह माना कि पुलिस के फोन कॉल और लॉग बुक गायब हैं। | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दयानिधि मारन पर लगाए आरोपों से अप्रभावित द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने गुरुवार को कहा कि पार्टी उनके साथ खड़ी है और इस घटनाक्रम के लिए उन्होंने मीडिया पर हमला बोला। गौरतलब है कि 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में नाम सामने आने के बाद दयानिधि को कपड़ा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इससे पहले पार्टी के एक अन्य नेता ए राजा को इस मामले में इस्तीफा देना पड़ा था। मारन को समर्थन दिए जाने के मुद्दे पर संवाददाताओं के सवालों के जवाब में करुणानिधि ने कहा, हां। मारन पर आरोप है कि उन्होंने टेलीकॉम प्रमोटर सी शिवशंकरण को अपनी कंपनी एयरसेल को मलेशिया की एक फर्म को बेचने पर मजबूर किया था जब वह 2006 में दूरसंचार मंत्री थे। करुणानिधि ने इससे पहले कहा था कि मारन अपना ध्यान खुद रख सकते हैं। मीडिया की कड़ी आलोचना करते हुए करुणानिधि ने कहा, पूरी दुनिया में खासतौर पर भारत जैसे देश में मीडिया शासन कर रहा है और यह किसी की भी अवमानना कर सकता है। दयानिधि मारन भी कोई अपवाद नहीं हैं। | यहाँ एक सारांश है:दयानिधि मारन पर लगाए आरोपों से अप्रभावित द्रमुक प्रमुख करुणानिधि ने कहा कि पार्टी उनके साथ खड़ी है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी सोनी एरिक्सन ओपन टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर गई है।टिप्पणियां
टूर्नामेंट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सोमवार को खेले गए पुरुषों की युगल स्पर्धा के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भूपति और बोपन्ना ने स्पेन के मार्सेल ग्रानोलर्स और राफेल नडाल की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी को 6-4, 6-3 से पराजित किया।
क्वार्टर फाइनल में भूपति और बोपन्ना माइकल लोड्रा और नेनाद जिमोनजिक की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी से भिड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि भूपति और बोपन्ना की जोड़ी ने हाल में दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैम्पियनशिप का युगल खिताब अपने नाम किया था।
टूर्नामेंट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सोमवार को खेले गए पुरुषों की युगल स्पर्धा के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भूपति और बोपन्ना ने स्पेन के मार्सेल ग्रानोलर्स और राफेल नडाल की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी को 6-4, 6-3 से पराजित किया।
क्वार्टर फाइनल में भूपति और बोपन्ना माइकल लोड्रा और नेनाद जिमोनजिक की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी से भिड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि भूपति और बोपन्ना की जोड़ी ने हाल में दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैम्पियनशिप का युगल खिताब अपने नाम किया था।
क्वार्टर फाइनल में भूपति और बोपन्ना माइकल लोड्रा और नेनाद जिमोनजिक की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी से भिड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि भूपति और बोपन्ना की जोड़ी ने हाल में दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैम्पियनशिप का युगल खिताब अपने नाम किया था। | संक्षिप्त पाठ: भारत के महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी सोनी एरिक्सन ओपन टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर गई है। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सॉफ्टवेयर सर्विस ग्रुप इंफोसिस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीन प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक- आव्रजन-विरोधी नीतियों- के असर से कंपनी के यूएस कारोबार को बचाने के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है. ट्रंप की तीन मुख्य प्राथमिकताओं में से एक आव्रजन को लेकर कठोर नीति अपनाना जिसका असर इंफोसिस पर भी पड़ सकता है.
इंफोसिस के सीईओ विशाल सिक्का ने कहा, 'कंपनी के मुनाफे पर निकट भविष्य में असर पड़ सकता है.' उन्होंने कहा कि कंपनी ने इस बाबत कोई अनुमान अभी लगाया नहीं है कि यह असर कितना होगा. उन्होंने कहा कि इंफोसिस की यह योजना हो सकती है कि अपेक्षाकृत सस्ते डेवेलपर्स को अस्थायी वीजा पर बड़े तकनीकी प्रोजेक्ट्स के लिए काम करने के लिए अमेरिका में नहीं भेजा जाएगा बल्कि स्थानीय स्तर पर भर्तियां की जा सकती हैं.टिप्पणियां
सिक्का ने कहा कि अमेरिका से ही कर्मियों की भर्ती करना महंगा पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि भर्तियों के लिए लोगों की कमी नहीं पड़ने वाली है. सिक्का ने कहा कि कई विश्वविद्यालय हैं, कई काबिल लोग हैं जिन्हें हायर किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका मार्केट में उनका मार्केट शेयर कम होगा, इसकी संभावना उन्हें नहीं दिखती.
बता दें कि इंफोसिस ने तीन महीनों में दूसरी बार पिछले ही माह सालाना रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य में कटौती की थी. ऐसा इसलिए भी किया गया क्योंकि समूह को लगता है कि उनके प्रमुख पश्चिमी क्लाइंट खर्च करने से फिलहाल बच रहे हैं.
इंफोसिस के सीईओ विशाल सिक्का ने कहा, 'कंपनी के मुनाफे पर निकट भविष्य में असर पड़ सकता है.' उन्होंने कहा कि कंपनी ने इस बाबत कोई अनुमान अभी लगाया नहीं है कि यह असर कितना होगा. उन्होंने कहा कि इंफोसिस की यह योजना हो सकती है कि अपेक्षाकृत सस्ते डेवेलपर्स को अस्थायी वीजा पर बड़े तकनीकी प्रोजेक्ट्स के लिए काम करने के लिए अमेरिका में नहीं भेजा जाएगा बल्कि स्थानीय स्तर पर भर्तियां की जा सकती हैं.टिप्पणियां
सिक्का ने कहा कि अमेरिका से ही कर्मियों की भर्ती करना महंगा पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि भर्तियों के लिए लोगों की कमी नहीं पड़ने वाली है. सिक्का ने कहा कि कई विश्वविद्यालय हैं, कई काबिल लोग हैं जिन्हें हायर किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका मार्केट में उनका मार्केट शेयर कम होगा, इसकी संभावना उन्हें नहीं दिखती.
बता दें कि इंफोसिस ने तीन महीनों में दूसरी बार पिछले ही माह सालाना रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य में कटौती की थी. ऐसा इसलिए भी किया गया क्योंकि समूह को लगता है कि उनके प्रमुख पश्चिमी क्लाइंट खर्च करने से फिलहाल बच रहे हैं.
सिक्का ने कहा कि अमेरिका से ही कर्मियों की भर्ती करना महंगा पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि भर्तियों के लिए लोगों की कमी नहीं पड़ने वाली है. सिक्का ने कहा कि कई विश्वविद्यालय हैं, कई काबिल लोग हैं जिन्हें हायर किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका मार्केट में उनका मार्केट शेयर कम होगा, इसकी संभावना उन्हें नहीं दिखती.
बता दें कि इंफोसिस ने तीन महीनों में दूसरी बार पिछले ही माह सालाना रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य में कटौती की थी. ऐसा इसलिए भी किया गया क्योंकि समूह को लगता है कि उनके प्रमुख पश्चिमी क्लाइंट खर्च करने से फिलहाल बच रहे हैं.
बता दें कि इंफोसिस ने तीन महीनों में दूसरी बार पिछले ही माह सालाना रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य में कटौती की थी. ऐसा इसलिए भी किया गया क्योंकि समूह को लगता है कि उनके प्रमुख पश्चिमी क्लाइंट खर्च करने से फिलहाल बच रहे हैं. | यहाँ एक सारांश है:निकट भविष्य में इंफोसिस के मार्जिन पर असर पड़ सकता है- बोले सिक्का
ट्रंप की आव्रजन विरोधी नीतियों के चलते कंपनी कमर कस रही
भारतीयों को अस्थायी वीजा पर न भेजकर लोकल टैलेंट हायर कर सकती है | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इनकम टैक्स के छापे में मिले दस्तावेज के आधार पर एक एनजीओ ने आदित्य बिरला और सहारा समूह की कंपनियों पर रिश्वत देने का आरोप लगाया है. एनजीओ के मुताबिक गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य नेताओं को करोड़ों की घूस दी गई थी. एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि अगर वह इस मामले में जांच का आदेश नहीं देता है तो कोई अन्य जांच न्यायसंगत नहीं होगी.
याचिकाकर्ता संगठन सीपीआईएल ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि आयकर विभाग की अप्रैजल रिपोर्ट, डायरी और ई-मेल साफ-साफ इशारे करते हैं कि राजनेताओं को रिश्वत दी गई थी, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट को जांच का आदेश देना चाहिए. हलफनामे में यह भी कहा गया है कि यह कम ही होता है जब अदालत या जांच एजेंसी के समक्ष ऐसे पुख्ता दस्तावेज पेश किए गए हों.
हलफनामे में कहा गया है कि बिरला समूह पर सीबीआई के छापे और सहारा समूह की कंपनियों पर आयकर विभाग के छापे में अघोषित रकम, डायरी, नोटबुक, ई-मेल समेत कई अन्य दस्तावेज मिले थे. इन दस्तावेजों से साफ है कि इन कंपनियों द्वारा राजनेताओं और नौकरशाहों को रिश्वत दी गई थी.
हलफनामे में कहा गया है कि ललिता कुमारी के मामले में संविधान पीठ ने कहा था कि अगर जांच एजेंसी के संज्ञान में अगर किसी तरह का गंभीर अपराध आता है तो एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. लिहाजा इस मामले में उपलब्ध कराए गए दस्तावेज जांच कराने के लिए पर्याप्त हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी अथॉरिटी ने इन दस्तावेजों की विश्वसनीयता को नकारा नहीं है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का निर्देश देना चाहिए.टिप्पणियां
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इन दस्तावेजों को शून्य बताते हुए याचिकाकर्ता संगठन को पुख्ता प्रमाण पेश करने के लिए कहा था. गत 16 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया था कि जस्टिस जेएस खेहर को इस मामले पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि चीफ जस्टिस नियुक्त करने संबंधी उनकी फाइल सरकार के पास लंबित है. भूषण की इस दलील को जस्टिस खेहर और अटॉर्नी जनरल ने अनुचित और गलत बताया था.
याचिका में कहा गया है कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्हें कॉरपोरेट घराने ने रिश्वत दी थी. याचिका में मोदी के अलावा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है.
याचिकाकर्ता संगठन सीपीआईएल ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि आयकर विभाग की अप्रैजल रिपोर्ट, डायरी और ई-मेल साफ-साफ इशारे करते हैं कि राजनेताओं को रिश्वत दी गई थी, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट को जांच का आदेश देना चाहिए. हलफनामे में यह भी कहा गया है कि यह कम ही होता है जब अदालत या जांच एजेंसी के समक्ष ऐसे पुख्ता दस्तावेज पेश किए गए हों.
हलफनामे में कहा गया है कि बिरला समूह पर सीबीआई के छापे और सहारा समूह की कंपनियों पर आयकर विभाग के छापे में अघोषित रकम, डायरी, नोटबुक, ई-मेल समेत कई अन्य दस्तावेज मिले थे. इन दस्तावेजों से साफ है कि इन कंपनियों द्वारा राजनेताओं और नौकरशाहों को रिश्वत दी गई थी.
हलफनामे में कहा गया है कि ललिता कुमारी के मामले में संविधान पीठ ने कहा था कि अगर जांच एजेंसी के संज्ञान में अगर किसी तरह का गंभीर अपराध आता है तो एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. लिहाजा इस मामले में उपलब्ध कराए गए दस्तावेज जांच कराने के लिए पर्याप्त हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी अथॉरिटी ने इन दस्तावेजों की विश्वसनीयता को नकारा नहीं है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का निर्देश देना चाहिए.टिप्पणियां
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इन दस्तावेजों को शून्य बताते हुए याचिकाकर्ता संगठन को पुख्ता प्रमाण पेश करने के लिए कहा था. गत 16 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया था कि जस्टिस जेएस खेहर को इस मामले पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि चीफ जस्टिस नियुक्त करने संबंधी उनकी फाइल सरकार के पास लंबित है. भूषण की इस दलील को जस्टिस खेहर और अटॉर्नी जनरल ने अनुचित और गलत बताया था.
याचिका में कहा गया है कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्हें कॉरपोरेट घराने ने रिश्वत दी थी. याचिका में मोदी के अलावा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है.
हलफनामे में कहा गया है कि बिरला समूह पर सीबीआई के छापे और सहारा समूह की कंपनियों पर आयकर विभाग के छापे में अघोषित रकम, डायरी, नोटबुक, ई-मेल समेत कई अन्य दस्तावेज मिले थे. इन दस्तावेजों से साफ है कि इन कंपनियों द्वारा राजनेताओं और नौकरशाहों को रिश्वत दी गई थी.
हलफनामे में कहा गया है कि ललिता कुमारी के मामले में संविधान पीठ ने कहा था कि अगर जांच एजेंसी के संज्ञान में अगर किसी तरह का गंभीर अपराध आता है तो एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. लिहाजा इस मामले में उपलब्ध कराए गए दस्तावेज जांच कराने के लिए पर्याप्त हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी अथॉरिटी ने इन दस्तावेजों की विश्वसनीयता को नकारा नहीं है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का निर्देश देना चाहिए.टिप्पणियां
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इन दस्तावेजों को शून्य बताते हुए याचिकाकर्ता संगठन को पुख्ता प्रमाण पेश करने के लिए कहा था. गत 16 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया था कि जस्टिस जेएस खेहर को इस मामले पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि चीफ जस्टिस नियुक्त करने संबंधी उनकी फाइल सरकार के पास लंबित है. भूषण की इस दलील को जस्टिस खेहर और अटॉर्नी जनरल ने अनुचित और गलत बताया था.
याचिका में कहा गया है कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्हें कॉरपोरेट घराने ने रिश्वत दी थी. याचिका में मोदी के अलावा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है.
हलफनामे में कहा गया है कि ललिता कुमारी के मामले में संविधान पीठ ने कहा था कि अगर जांच एजेंसी के संज्ञान में अगर किसी तरह का गंभीर अपराध आता है तो एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. लिहाजा इस मामले में उपलब्ध कराए गए दस्तावेज जांच कराने के लिए पर्याप्त हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी अथॉरिटी ने इन दस्तावेजों की विश्वसनीयता को नकारा नहीं है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का निर्देश देना चाहिए.टिप्पणियां
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इन दस्तावेजों को शून्य बताते हुए याचिकाकर्ता संगठन को पुख्ता प्रमाण पेश करने के लिए कहा था. गत 16 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया था कि जस्टिस जेएस खेहर को इस मामले पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि चीफ जस्टिस नियुक्त करने संबंधी उनकी फाइल सरकार के पास लंबित है. भूषण की इस दलील को जस्टिस खेहर और अटॉर्नी जनरल ने अनुचित और गलत बताया था.
याचिका में कहा गया है कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्हें कॉरपोरेट घराने ने रिश्वत दी थी. याचिका में मोदी के अलावा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इन दस्तावेजों को शून्य बताते हुए याचिकाकर्ता संगठन को पुख्ता प्रमाण पेश करने के लिए कहा था. गत 16 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया था कि जस्टिस जेएस खेहर को इस मामले पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि चीफ जस्टिस नियुक्त करने संबंधी उनकी फाइल सरकार के पास लंबित है. भूषण की इस दलील को जस्टिस खेहर और अटॉर्नी जनरल ने अनुचित और गलत बताया था.
याचिका में कहा गया है कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्हें कॉरपोरेट घराने ने रिश्वत दी थी. याचिका में मोदी के अलावा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है.
याचिका में कहा गया है कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्हें कॉरपोरेट घराने ने रिश्वत दी थी. याचिका में मोदी के अलावा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है. | यहाँ एक सारांश है:आदित्य बिरला और सहारा समूह की कंपनियों पर रिश्वत देने का आरोप
पीएम मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यकाल का मामला
अदालत की निगरानी में एसआईटी से जांच कराने की मांग | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) में पीएचडी एडमिशन (Lucknow University PhD Admission) की प्रक्रिया की शुरुआत 20 दिसंबर से होने जा रही है. विश्वविद्यालय ने 2019-20 सत्र (Lucknow University Session 2019-20) के लिए प्रत्येक विषय में पीएचडी सीटों की संख्या जारी कर दी है. छात्र यूनिवर्सिटी के सभी विभागों की 478 पीएचडी सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि फैकेल्टी ऑफ आर्ट्स में पीएचडी सीटों की संख्या 243 है जो कि सबसे ज्यादा है. साइंस फैकेल्टी में 144 सीट, कॉमर्स में 41 सीट, लॉ में 38 सीट, एजुकेशन फैकेल्टी में 5 सीट और फाइन आर्ट्स में 7 सीटे हैं.
उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट lkouniv.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. सामान्य केटेगरी और ओबीसी केटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए आवेदन शुल्क 2000 रुपये है तो वहीं अन्य आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए फीस 1000 रुपये तय की गई है.
यह भी पढ़ें- जामिया और AMU के बाद अब लखनऊ की यूनिवर्सिटी में भी पुलिस-छात्रों में भिड़ंत, दोनों तरफ से फेंके गए पत्थर, यूपी के कई जिलों में इंटरनेट बंद
योग्यता की बात की जाए तो स्टूडेंट पीएचडी करने के लिए संंबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएट होना चाहिए. साथ ही उसके पोस्ट ग्रेजुएशन में 55 फीसदी से अधिक अंक होने चाहिए. आरक्षित श्रेणी के स्टूडेंट्स को 5 फीसदी की राहत दी गई है.
एडमिशम के लिए यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगी. NET और JRF उम्मीदवारों के लिए यूनिवर्सिटी एडमिशन के लिए अलग पैमाना तय कर सकती है. बता दें कि इस बार पीएचडी की परीक्षा में 70 अंक लिखित परीक्षा के तो वहीं 30 अंक साक्षात्कार के दिए जाएंगे.
यूनिवर्सिटी के पोस्ट ग्रेजुएट कोर पेपर के आधार पर ही प्रवेश परीक्षा में सवाल पूछे जाएंगे. एक अन्य पेपर में उम्मीदवार का रिसर्च एप्टीट्यूड जांचा जाएगा. रिसर्च एप्टीट्यूड की परीक्षा सभी उम्मीदवारों के लिए एक सी होगी. जिसमें पांच भागों में सामान्य जागरुकता, डाटा इंटरप्रिटेशन, मेंटल एप्टीट्यूड, न्यूमैरिकल एप्टीट्यूड, लॉजिकल रीजनिंग, सूचना-संचार तकनीक और पर्यावरण से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. | यह एक सारांश है: PhD admission की प्रक्रिया की शुरुआत 20 दिसंबर से होने जा रही है
2019-20 सत्र के लिए प्रत्येक विषय में पीएचडी सीटों की संख्या जारी
सभी विभागों की 478 पीएचडी सीटों पर किया जाना है आवेदन | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राजनीतिक रूप से मुखर बिहार (Bihar) में इस बार लोकसभा चुनाव (General Election 2019) का मुकाबला दिलचस्प हो गया है. एक तरफ महागठबंधन मजबूती से ताल ठोंक रहा है. तो दूसरी तरफ बीजेपी की अगुवाई में एनडीए प्रतिद्वंदियों को मात देने के लिए हर दांव-पेंच चल रहा है. बीजेपी का दावा है कि इस बार सहयोगियों को मिलाकर एनडीए (Bihar NDA) के खाते में बिहार की 40 में से 30 से ज्यादा सीटें आएंगी, लेकिन राजनीतिक सुधारों पर नजर रखने वाली संस्था एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) का एक सर्वे भाजपा की मुश्किलें बढ़ाने वाला है.
एडीआर के सर्वे के मुताबिक बिहार के वोटर रोजगार, सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं समेत तमाम मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार के कामकाज से नाख़ुश हैं. बिहार के मतदाताओं (Bihar) की पहली प्राथमिकता रोजगार है और सर्वे में 49.95 फीसद वोटर इसके पक्ष में खड़े नजर आए, लेकिन उन्होंने रोजगार सृजन के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर नाराजगी जताई. 5 में सिर्फ 2.05 अंक ही दिये. यानी औसत से भी कम. | सारांश: एडीआर का सर्वे बीजेपी के लिए खतरे की घंटी
रोजगार के मुद्दे पर बिहार के वोटर नाखुश
शहरी और ग्रामीण, दोनों मतदाताओं ने जाहिर की नाराजगी | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय महिला टीम करीब चार वर्षों के अंतराल में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेल रही थी. शुरुआती क्षणों में मलेशियाई टीम ने कुछ तीखे हमले किए लेकिन भारतीय टीम बचाव करने में सफल रही. हाफटाइम तक टीम मलेशिया टीम को गोल बनाने से रोके रखा और फिर दूसरे हाफ में दो गोल दागते हुए मैच जीत लिया.टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारतीय महिला टीम करीब चार वर्षों के अंतराल में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेल रही थी. शुरुआती क्षणों में मलेशियाई टीम ने कुछ तीखे हमले किए लेकिन भारतीय टीम बचाव करने में सफल रही. हाफटाइम तक टीम मलेशिया टीम को गोल बनाने से रोके रखा और फिर दूसरे हाफ में दो गोल दागते हुए मैच जीत लिया.टिप्पणियां
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:मैच में भारतीय महिला टीम ने 2-0 से जीत दर्ज की
साशा ने 79वें और 86वें मिनट में दागे गोल
दूसरे हाफ में साशा को मैदान में उतारा गया था | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीसंत ने एक दिन में मुंबई में 1.95 लाख रुपये के डिजाइनर कपड़े खरीदे और अपनी गर्लफ्रेंड को महंगा स्मार्टफोन उपहार में दिया था। उसने आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग से मिले रुपयों का इसमें कथित रूप से उपयोग किया। यह दावा दिल्ली पुलिस ने किया।
पुलिस ने तेज गेंदबाज के खिलाफ आपराधिक विश्वास भंजन का मामला भी दर्ज किया है।
हरियाणा के पलवल में रिश्तेदार के घर से चंदीला के क्रिकेट कीट से 20 लाख रुपये बरामद करने के एक दिन बाद पुलिस ने दावा किया कि इसने मुंबई में श्रीसंत द्वारा खरीदे कपड़ों एवं ब्लैकबेरी जेड 10 मॉडल का मोबाइल जब्त किया है जो उसने महिला मित्र को उपहार में दिया था। मोबाइल की कीमत करीब 42 हजार रुपये है।
एक वरीय पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘उसने इन कपड़ों का नकद भुगतान किया।’ पुलिस ने कहा कि उसने 18 आरोपियों में से नौ के आवाज के नमूने ले लिए हैं जिसमें श्रीसंत, अंकित चव्हाण और चंदीला के आवाज के नमूने भी शामिल हैं। वे तीन खिलाड़ियों के हाथ से लिखावट के नमूने भी लेने की प्रक्रिया में हैं। टिप्पणियां
जांचकर्ताओं ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स की तरफ से दिल्ली पुलिस में शिकायत देने के बाद मामले में गिरफ्तार 18 खिलाड़ियों एवं सट्टेबाजों के खिलाफ धारा 409 (आपराधिक विश्वासभंजन) भी जोड़ा गया है।
अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता सोमवार शाम को श्रीसंत को जयपुर ले गए और मंगलवार सुबह उसे यहां लेकर आए क्योंकि मंगलवार को रिमांड खत्म होने के बाद उसे अदालत में पेश करना था।
पुलिस ने तेज गेंदबाज के खिलाफ आपराधिक विश्वास भंजन का मामला भी दर्ज किया है।
हरियाणा के पलवल में रिश्तेदार के घर से चंदीला के क्रिकेट कीट से 20 लाख रुपये बरामद करने के एक दिन बाद पुलिस ने दावा किया कि इसने मुंबई में श्रीसंत द्वारा खरीदे कपड़ों एवं ब्लैकबेरी जेड 10 मॉडल का मोबाइल जब्त किया है जो उसने महिला मित्र को उपहार में दिया था। मोबाइल की कीमत करीब 42 हजार रुपये है।
एक वरीय पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘उसने इन कपड़ों का नकद भुगतान किया।’ पुलिस ने कहा कि उसने 18 आरोपियों में से नौ के आवाज के नमूने ले लिए हैं जिसमें श्रीसंत, अंकित चव्हाण और चंदीला के आवाज के नमूने भी शामिल हैं। वे तीन खिलाड़ियों के हाथ से लिखावट के नमूने भी लेने की प्रक्रिया में हैं। टिप्पणियां
जांचकर्ताओं ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स की तरफ से दिल्ली पुलिस में शिकायत देने के बाद मामले में गिरफ्तार 18 खिलाड़ियों एवं सट्टेबाजों के खिलाफ धारा 409 (आपराधिक विश्वासभंजन) भी जोड़ा गया है।
अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता सोमवार शाम को श्रीसंत को जयपुर ले गए और मंगलवार सुबह उसे यहां लेकर आए क्योंकि मंगलवार को रिमांड खत्म होने के बाद उसे अदालत में पेश करना था।
हरियाणा के पलवल में रिश्तेदार के घर से चंदीला के क्रिकेट कीट से 20 लाख रुपये बरामद करने के एक दिन बाद पुलिस ने दावा किया कि इसने मुंबई में श्रीसंत द्वारा खरीदे कपड़ों एवं ब्लैकबेरी जेड 10 मॉडल का मोबाइल जब्त किया है जो उसने महिला मित्र को उपहार में दिया था। मोबाइल की कीमत करीब 42 हजार रुपये है।
एक वरीय पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘उसने इन कपड़ों का नकद भुगतान किया।’ पुलिस ने कहा कि उसने 18 आरोपियों में से नौ के आवाज के नमूने ले लिए हैं जिसमें श्रीसंत, अंकित चव्हाण और चंदीला के आवाज के नमूने भी शामिल हैं। वे तीन खिलाड़ियों के हाथ से लिखावट के नमूने भी लेने की प्रक्रिया में हैं। टिप्पणियां
जांचकर्ताओं ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स की तरफ से दिल्ली पुलिस में शिकायत देने के बाद मामले में गिरफ्तार 18 खिलाड़ियों एवं सट्टेबाजों के खिलाफ धारा 409 (आपराधिक विश्वासभंजन) भी जोड़ा गया है।
अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता सोमवार शाम को श्रीसंत को जयपुर ले गए और मंगलवार सुबह उसे यहां लेकर आए क्योंकि मंगलवार को रिमांड खत्म होने के बाद उसे अदालत में पेश करना था।
एक वरीय पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘उसने इन कपड़ों का नकद भुगतान किया।’ पुलिस ने कहा कि उसने 18 आरोपियों में से नौ के आवाज के नमूने ले लिए हैं जिसमें श्रीसंत, अंकित चव्हाण और चंदीला के आवाज के नमूने भी शामिल हैं। वे तीन खिलाड़ियों के हाथ से लिखावट के नमूने भी लेने की प्रक्रिया में हैं। टिप्पणियां
जांचकर्ताओं ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स की तरफ से दिल्ली पुलिस में शिकायत देने के बाद मामले में गिरफ्तार 18 खिलाड़ियों एवं सट्टेबाजों के खिलाफ धारा 409 (आपराधिक विश्वासभंजन) भी जोड़ा गया है।
अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता सोमवार शाम को श्रीसंत को जयपुर ले गए और मंगलवार सुबह उसे यहां लेकर आए क्योंकि मंगलवार को रिमांड खत्म होने के बाद उसे अदालत में पेश करना था।
जांचकर्ताओं ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स की तरफ से दिल्ली पुलिस में शिकायत देने के बाद मामले में गिरफ्तार 18 खिलाड़ियों एवं सट्टेबाजों के खिलाफ धारा 409 (आपराधिक विश्वासभंजन) भी जोड़ा गया है।
अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता सोमवार शाम को श्रीसंत को जयपुर ले गए और मंगलवार सुबह उसे यहां लेकर आए क्योंकि मंगलवार को रिमांड खत्म होने के बाद उसे अदालत में पेश करना था।
अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता सोमवार शाम को श्रीसंत को जयपुर ले गए और मंगलवार सुबह उसे यहां लेकर आए क्योंकि मंगलवार को रिमांड खत्म होने के बाद उसे अदालत में पेश करना था। | श्रीसंत ने एक दिन में मुंबई में 1.95 लाख रुपये के डिजाइनर कपड़े खरीदे और अपनी गर्लफ्रेंड को महंगा स्मार्टफोन उपहार में दिया था। उसने आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग से मिले रुपयों का इसमें कथित रूप से उपयोग किया। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई में एक रेस्तरां में मारपीट में एक एनआरआई की नाक तोड़ने के मामले में अभिनेता सैफ अली खान ने भले ही अपनी ओर से भी शिकायत दर्ज करा दी हो लेकिन पुलिस के सूत्रों का कहना है कि सैफ की शिकायत में दम नहीं है। सूत्र बता रहे हैं यदि सैफ पर हमला हुआ था तो उसने पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया। पुलिस का कहना है कि सैफ की शिकायत एक योजना के तहत है।
पुलिस का यहां तक कहना है कि यदि सैफ या उनके किसी साथी पर हमला हुआ था ऐसा भी प्रतीत नहीं हो रहा है जबकि इकबाल की नाक टूट गई है।
मुंबई के एक रेस्तरां में एक शख्स से मारपीट के मामले में जमानत मिलने के बाद अभिनेता सैफ अली खान ने अपनी सफाई में कहा कि घटना के दौरान मुझे भी मारा गया और इसके जवाब में मैंने अपना बचाव किया। मैं पुलिस स्टेशन गया, क्योंकि मैं कानून का पालन करने वाला शख्स हूं और मैंने भी मंगलवार रात जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में शिकायत दर्ज कराई है।टिप्पणियां
सैफ ने कहा कि उम्मीद है कि मुझे इंसाफ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ गई महिलाओं के साथ भी गाली−गलौज की गई। उल्लेखनीय है कि इस मामले में सैफ अली खान को कोलाबा पुलिस ने गिरफ्तार तो किया, मगर डेढ़ घंटे के अंदर उन्हें जमानत मिल गई। सैफ के साथ ही उनके दो दोस्तों को भी इस मामले में जमानत दे दी गई।
घटना मंगलवार रात ताज कोलाबा के जापानी वसाबी रेस्टोरेंट का है। आरोपों के मुताबिक सैफ अली खान, करीना कपूर और उनके कुछ दोस्त डिनर पर बातें कर रहे थे। इसी दौरान बगल में परिवार के साथ डिनर कर रहे इकबाल नवीन शर्मा नाम के शख्स ने सैफ से धीरे बात करने को कहा। बताया जाता है कि सैफ इससे भड़क गए और उन्होंने गुस्से में उस शख्स पर मुक्का जड़ दिया, जिससे उसकी नाक टूट गई।
पुलिस का यहां तक कहना है कि यदि सैफ या उनके किसी साथी पर हमला हुआ था ऐसा भी प्रतीत नहीं हो रहा है जबकि इकबाल की नाक टूट गई है।
मुंबई के एक रेस्तरां में एक शख्स से मारपीट के मामले में जमानत मिलने के बाद अभिनेता सैफ अली खान ने अपनी सफाई में कहा कि घटना के दौरान मुझे भी मारा गया और इसके जवाब में मैंने अपना बचाव किया। मैं पुलिस स्टेशन गया, क्योंकि मैं कानून का पालन करने वाला शख्स हूं और मैंने भी मंगलवार रात जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में शिकायत दर्ज कराई है।टिप्पणियां
सैफ ने कहा कि उम्मीद है कि मुझे इंसाफ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ गई महिलाओं के साथ भी गाली−गलौज की गई। उल्लेखनीय है कि इस मामले में सैफ अली खान को कोलाबा पुलिस ने गिरफ्तार तो किया, मगर डेढ़ घंटे के अंदर उन्हें जमानत मिल गई। सैफ के साथ ही उनके दो दोस्तों को भी इस मामले में जमानत दे दी गई।
घटना मंगलवार रात ताज कोलाबा के जापानी वसाबी रेस्टोरेंट का है। आरोपों के मुताबिक सैफ अली खान, करीना कपूर और उनके कुछ दोस्त डिनर पर बातें कर रहे थे। इसी दौरान बगल में परिवार के साथ डिनर कर रहे इकबाल नवीन शर्मा नाम के शख्स ने सैफ से धीरे बात करने को कहा। बताया जाता है कि सैफ इससे भड़क गए और उन्होंने गुस्से में उस शख्स पर मुक्का जड़ दिया, जिससे उसकी नाक टूट गई।
मुंबई के एक रेस्तरां में एक शख्स से मारपीट के मामले में जमानत मिलने के बाद अभिनेता सैफ अली खान ने अपनी सफाई में कहा कि घटना के दौरान मुझे भी मारा गया और इसके जवाब में मैंने अपना बचाव किया। मैं पुलिस स्टेशन गया, क्योंकि मैं कानून का पालन करने वाला शख्स हूं और मैंने भी मंगलवार रात जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में शिकायत दर्ज कराई है।टिप्पणियां
सैफ ने कहा कि उम्मीद है कि मुझे इंसाफ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ गई महिलाओं के साथ भी गाली−गलौज की गई। उल्लेखनीय है कि इस मामले में सैफ अली खान को कोलाबा पुलिस ने गिरफ्तार तो किया, मगर डेढ़ घंटे के अंदर उन्हें जमानत मिल गई। सैफ के साथ ही उनके दो दोस्तों को भी इस मामले में जमानत दे दी गई।
घटना मंगलवार रात ताज कोलाबा के जापानी वसाबी रेस्टोरेंट का है। आरोपों के मुताबिक सैफ अली खान, करीना कपूर और उनके कुछ दोस्त डिनर पर बातें कर रहे थे। इसी दौरान बगल में परिवार के साथ डिनर कर रहे इकबाल नवीन शर्मा नाम के शख्स ने सैफ से धीरे बात करने को कहा। बताया जाता है कि सैफ इससे भड़क गए और उन्होंने गुस्से में उस शख्स पर मुक्का जड़ दिया, जिससे उसकी नाक टूट गई।
सैफ ने कहा कि उम्मीद है कि मुझे इंसाफ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ गई महिलाओं के साथ भी गाली−गलौज की गई। उल्लेखनीय है कि इस मामले में सैफ अली खान को कोलाबा पुलिस ने गिरफ्तार तो किया, मगर डेढ़ घंटे के अंदर उन्हें जमानत मिल गई। सैफ के साथ ही उनके दो दोस्तों को भी इस मामले में जमानत दे दी गई।
घटना मंगलवार रात ताज कोलाबा के जापानी वसाबी रेस्टोरेंट का है। आरोपों के मुताबिक सैफ अली खान, करीना कपूर और उनके कुछ दोस्त डिनर पर बातें कर रहे थे। इसी दौरान बगल में परिवार के साथ डिनर कर रहे इकबाल नवीन शर्मा नाम के शख्स ने सैफ से धीरे बात करने को कहा। बताया जाता है कि सैफ इससे भड़क गए और उन्होंने गुस्से में उस शख्स पर मुक्का जड़ दिया, जिससे उसकी नाक टूट गई।
घटना मंगलवार रात ताज कोलाबा के जापानी वसाबी रेस्टोरेंट का है। आरोपों के मुताबिक सैफ अली खान, करीना कपूर और उनके कुछ दोस्त डिनर पर बातें कर रहे थे। इसी दौरान बगल में परिवार के साथ डिनर कर रहे इकबाल नवीन शर्मा नाम के शख्स ने सैफ से धीरे बात करने को कहा। बताया जाता है कि सैफ इससे भड़क गए और उन्होंने गुस्से में उस शख्स पर मुक्का जड़ दिया, जिससे उसकी नाक टूट गई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुलिस के सूत्रों का कहना है कि सैफ की शिकायत में दम नहीं है। सूत्र बता रहे हैं यदि सैफ पर हमला हुआ था तो उसने पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया। | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकपाल बिल पर गतिरोध को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को संसद में बयान देकर टीम अन्ना को सुलह का फार्मूला दे सकते हैं। सोमवार रात प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार संसद में पेश किए गए लोकपाल में संशोधन या उसमें कुछ नए प्रावधान जोड़ने का प्रस्ताव ला सकती है। सूत्रों के मुताबिक सरकार प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में ला सकती है। बीजेपी और लेफ्ट भी यही चाहते हैं। साथ ही सरकार आम आदमी को भ्रष्टाचार से राहत दिलाने के लिए एक बिल पर दिन रात काम कर रही है। इस बिल का ड्राफ्ट इस हफ्ते के अंत तक सामने आ सकता है। इसके अलावा सरकार अन्ना को ज्यूडिसरी एकाउंटबिलिटी बिल जल्द लाने का भरोसा दिला सकती है क्योंकि सरकार जानती है कि न्यायपालिका और सांसदों को लोकपाल के दायरे से बाहर रखने के सवाल पर विपक्ष साथ देगा। | यहाँ एक सारांश है:लोकपाल पर गतिरोध को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को संसद में बयान देकर टीम अन्ना को सुलह का फार्मूला दे सकते हैं। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन की अधिकांश दवाओं में गधे की चमड़ी से तैयार जिलेटिन का इस्तेमाल होता है. चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) पर बीजिंग करीब 50 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रहा है. इतने बड़े निवेश के लिए पाकिस्तान हर हाल में कुछ भी करने को तैयार है. इसलिए उसने अपने यहां गधा प्रजनन की तैयारी शुरू कर दी है. एक अरब डॉलर की खैबर-पख्तूनख्वा चीन स्थायी गधा विकास परियोजना को पाकिस्तान लाभकारी मान रहा है. उसे इससे बड़े राजस्व प्राप्ति की उम्मीद है. टिप्पणियां
गधा निर्यात योजना से संबंधित दस्तावेज के मुताबिक, परियोजना में नई तकनीक का इस्तेमाल होगा. गधा पालकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी. इससे प्रांत में गधा पालकों की सामाजिक और आर्थिक दशा में सुधार आएगा.
चीन में पशुओं के सालाना आंकड़े में दर्शाया गया है कि 1990 के दशक में देश में एक करोड़ 10 लाख गधे थे. यह आबादी घटकर 60 लाख रह गई है. आंकड़ों के मुताबिक, चीन में सालाना तीन लाख गधे कम होते जा रहे हैं.
गधा निर्यात योजना से संबंधित दस्तावेज के मुताबिक, परियोजना में नई तकनीक का इस्तेमाल होगा. गधा पालकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी. इससे प्रांत में गधा पालकों की सामाजिक और आर्थिक दशा में सुधार आएगा.
चीन में पशुओं के सालाना आंकड़े में दर्शाया गया है कि 1990 के दशक में देश में एक करोड़ 10 लाख गधे थे. यह आबादी घटकर 60 लाख रह गई है. आंकड़ों के मुताबिक, चीन में सालाना तीन लाख गधे कम होते जा रहे हैं.
चीन में पशुओं के सालाना आंकड़े में दर्शाया गया है कि 1990 के दशक में देश में एक करोड़ 10 लाख गधे थे. यह आबादी घटकर 60 लाख रह गई है. आंकड़ों के मुताबिक, चीन में सालाना तीन लाख गधे कम होते जा रहे हैं. | सारांश: चीन के लिए गधों की फौज तैयार करेगा पाकिस्तान
गधों की चमड़ी को गलाकर जिलेटिन तैयार किया जाता है
चीन की अधिकांश दवाओं में जिलेटिन काम आता है | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बदलाव के आसार बताए जा रहे हैं. पार्टी के संगठन में कई पद खाली हो गए हैं और मंत्रिमंडल में भी 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर बदलाव किए जाने की बात कही जा रही है. रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के गोवा के सीएम बनने के बाद इस पद का अतिरिक्त कार्यभार वित्तमंत्री अरुण जेटली संभाल रहे हैं. वैसे भी रक्षामंत्री के तौर पर पर्रिकर कई बार कह चुके थे कि उनका मन दिल्ली से ज्यादा गोवा में लगता है और वह वहां पर ज्यादा मुफीद महसूस करते रहे हैं. चुनाव में बहुमत से दूर होने के बाद पर्रिकर गोवा में सरकार बनाने में कामयाब हुए. रक्षा मंत्री के लिए किसी का नाम अभी सामने नहीं आया.
बीजेपी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि संसद का सत्र खत्म होते ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. 12 अप्रैल को संसद का यह सत्र समाप्त हो रहा है. कहा यह भी जा रहा है कि बीजेपी के संगठन में भी काफी बदलाव होने जा रहा है. राज्यपालों के कई पद खाली हैं. इसके अलावा कई संवैधानिक संस्थाओं में भी पद खाली हैं. जैसे मानवाधिकार आयोग आदि.
इस संभावित (क्योंकि अभी तक अटकलें ही हैं) फेरबदल में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र की छुट्टी हो सकती है क्योंकि वह 75 वर्ष की उम्र पार कर गए. नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि 75 पार के कोई मंत्री मंत्रिमंडल में नहीं रहेंगे. लेकिन कलराज मिश्र को यूपी चुनाव तक के लिए मंत्रिमंडल में बरकरार रखने की बात कही गई थी. अब माना जा रहा है कि कलराज मिश्र को मंत्रीपद छोड़ना पड़ सकता है.
अटकलें यह भी हैं कि केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का प्रमोशन हो सकता है. उन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है. इसके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चुनावों में मिली भारी जीत के बाद मनोज सिन्हा राज्य के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे थे. लेकिन अंत में पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को सीएम और दो डिप्टी सीएम बनाकर सत्ता की शुरुआत की.टिप्पणियां
खबरें यह भी हैं कि उत्तराखंड में भाजपा को मिली भारी जीत के बाद इस राज्य से किसी नेता को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. उत्तराखंड से रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोशियारी दौड़ में हैं. वहीं, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छ्त्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ चेहरे मोदी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के तीन साल सत्ता में पूरे होने वाले हैं. पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट हर साल की तरह फिर ली है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस साल जुलाई में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के भी चुनाव होने हैं. इनसे पहले ही होने वाला यह मंत्रिंमडल विस्तार कई बातें साफ कर देगा. शिवसेना के कोटे से एक केंद्रीय मंत्रीपद खाली है. यह एक सहयोगी दल है और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी नाराज शिवसेना को मनाने के लिए एक मंत्रीपद उन्हें दे सकती है. गौरतलब है कि पिछली बार हुए मंत्रीमंडल फेरबदल में किसी सहयोगी दल को जगह नहीं दी गई थी. रामदास अठावले को केवल बाहर की पार्टी से लिया गया था.
बीजेपी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि संसद का सत्र खत्म होते ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. 12 अप्रैल को संसद का यह सत्र समाप्त हो रहा है. कहा यह भी जा रहा है कि बीजेपी के संगठन में भी काफी बदलाव होने जा रहा है. राज्यपालों के कई पद खाली हैं. इसके अलावा कई संवैधानिक संस्थाओं में भी पद खाली हैं. जैसे मानवाधिकार आयोग आदि.
इस संभावित (क्योंकि अभी तक अटकलें ही हैं) फेरबदल में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र की छुट्टी हो सकती है क्योंकि वह 75 वर्ष की उम्र पार कर गए. नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि 75 पार के कोई मंत्री मंत्रिमंडल में नहीं रहेंगे. लेकिन कलराज मिश्र को यूपी चुनाव तक के लिए मंत्रिमंडल में बरकरार रखने की बात कही गई थी. अब माना जा रहा है कि कलराज मिश्र को मंत्रीपद छोड़ना पड़ सकता है.
अटकलें यह भी हैं कि केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का प्रमोशन हो सकता है. उन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है. इसके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चुनावों में मिली भारी जीत के बाद मनोज सिन्हा राज्य के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे थे. लेकिन अंत में पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को सीएम और दो डिप्टी सीएम बनाकर सत्ता की शुरुआत की.टिप्पणियां
खबरें यह भी हैं कि उत्तराखंड में भाजपा को मिली भारी जीत के बाद इस राज्य से किसी नेता को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. उत्तराखंड से रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोशियारी दौड़ में हैं. वहीं, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छ्त्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ चेहरे मोदी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के तीन साल सत्ता में पूरे होने वाले हैं. पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट हर साल की तरह फिर ली है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस साल जुलाई में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के भी चुनाव होने हैं. इनसे पहले ही होने वाला यह मंत्रिंमडल विस्तार कई बातें साफ कर देगा. शिवसेना के कोटे से एक केंद्रीय मंत्रीपद खाली है. यह एक सहयोगी दल है और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी नाराज शिवसेना को मनाने के लिए एक मंत्रीपद उन्हें दे सकती है. गौरतलब है कि पिछली बार हुए मंत्रीमंडल फेरबदल में किसी सहयोगी दल को जगह नहीं दी गई थी. रामदास अठावले को केवल बाहर की पार्टी से लिया गया था.
इस संभावित (क्योंकि अभी तक अटकलें ही हैं) फेरबदल में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र की छुट्टी हो सकती है क्योंकि वह 75 वर्ष की उम्र पार कर गए. नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि 75 पार के कोई मंत्री मंत्रिमंडल में नहीं रहेंगे. लेकिन कलराज मिश्र को यूपी चुनाव तक के लिए मंत्रिमंडल में बरकरार रखने की बात कही गई थी. अब माना जा रहा है कि कलराज मिश्र को मंत्रीपद छोड़ना पड़ सकता है.
अटकलें यह भी हैं कि केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का प्रमोशन हो सकता है. उन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है. इसके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चुनावों में मिली भारी जीत के बाद मनोज सिन्हा राज्य के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे थे. लेकिन अंत में पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को सीएम और दो डिप्टी सीएम बनाकर सत्ता की शुरुआत की.टिप्पणियां
खबरें यह भी हैं कि उत्तराखंड में भाजपा को मिली भारी जीत के बाद इस राज्य से किसी नेता को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. उत्तराखंड से रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोशियारी दौड़ में हैं. वहीं, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छ्त्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ चेहरे मोदी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के तीन साल सत्ता में पूरे होने वाले हैं. पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट हर साल की तरह फिर ली है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस साल जुलाई में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के भी चुनाव होने हैं. इनसे पहले ही होने वाला यह मंत्रिंमडल विस्तार कई बातें साफ कर देगा. शिवसेना के कोटे से एक केंद्रीय मंत्रीपद खाली है. यह एक सहयोगी दल है और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी नाराज शिवसेना को मनाने के लिए एक मंत्रीपद उन्हें दे सकती है. गौरतलब है कि पिछली बार हुए मंत्रीमंडल फेरबदल में किसी सहयोगी दल को जगह नहीं दी गई थी. रामदास अठावले को केवल बाहर की पार्टी से लिया गया था.
अटकलें यह भी हैं कि केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का प्रमोशन हो सकता है. उन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है. इसके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चुनावों में मिली भारी जीत के बाद मनोज सिन्हा राज्य के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे थे. लेकिन अंत में पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को सीएम और दो डिप्टी सीएम बनाकर सत्ता की शुरुआत की.टिप्पणियां
खबरें यह भी हैं कि उत्तराखंड में भाजपा को मिली भारी जीत के बाद इस राज्य से किसी नेता को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. उत्तराखंड से रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोशियारी दौड़ में हैं. वहीं, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छ्त्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ चेहरे मोदी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के तीन साल सत्ता में पूरे होने वाले हैं. पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट हर साल की तरह फिर ली है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस साल जुलाई में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के भी चुनाव होने हैं. इनसे पहले ही होने वाला यह मंत्रिंमडल विस्तार कई बातें साफ कर देगा. शिवसेना के कोटे से एक केंद्रीय मंत्रीपद खाली है. यह एक सहयोगी दल है और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी नाराज शिवसेना को मनाने के लिए एक मंत्रीपद उन्हें दे सकती है. गौरतलब है कि पिछली बार हुए मंत्रीमंडल फेरबदल में किसी सहयोगी दल को जगह नहीं दी गई थी. रामदास अठावले को केवल बाहर की पार्टी से लिया गया था.
खबरें यह भी हैं कि उत्तराखंड में भाजपा को मिली भारी जीत के बाद इस राज्य से किसी नेता को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. उत्तराखंड से रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोशियारी दौड़ में हैं. वहीं, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छ्त्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ चेहरे मोदी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के तीन साल सत्ता में पूरे होने वाले हैं. पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट हर साल की तरह फिर ली है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस साल जुलाई में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के भी चुनाव होने हैं. इनसे पहले ही होने वाला यह मंत्रिंमडल विस्तार कई बातें साफ कर देगा. शिवसेना के कोटे से एक केंद्रीय मंत्रीपद खाली है. यह एक सहयोगी दल है और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी नाराज शिवसेना को मनाने के लिए एक मंत्रीपद उन्हें दे सकती है. गौरतलब है कि पिछली बार हुए मंत्रीमंडल फेरबदल में किसी सहयोगी दल को जगह नहीं दी गई थी. रामदास अठावले को केवल बाहर की पार्टी से लिया गया था.
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के तीन साल सत्ता में पूरे होने वाले हैं. पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट हर साल की तरह फिर ली है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस साल जुलाई में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के भी चुनाव होने हैं. इनसे पहले ही होने वाला यह मंत्रिंमडल विस्तार कई बातें साफ कर देगा. शिवसेना के कोटे से एक केंद्रीय मंत्रीपद खाली है. यह एक सहयोगी दल है और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी नाराज शिवसेना को मनाने के लिए एक मंत्रीपद उन्हें दे सकती है. गौरतलब है कि पिछली बार हुए मंत्रीमंडल फेरबदल में किसी सहयोगी दल को जगह नहीं दी गई थी. रामदास अठावले को केवल बाहर की पार्टी से लिया गया था. | संक्षिप्त सारांश: 2019 को ध्यान में रखकर बदलाव किए जाने की बात कही जा रही है
रक्षामंत्री अतिरिक्त कार्यभार वित्तमंत्री अरुण जेटली संभाल रहे हैं
रक्षा मंत्री के लिए किसी का नाम अभी सामने नहीं आया. | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रणब मुखर्जी के लिए आज का दिन वित्त मंत्री के तौर पर आखरी दिन होगा और वह कह चुके हैं कि सोमवार को कुछ अहम घोषणाएं की जाएंगी, लेकिन सवाल यह है कि महीनों से टल रहे नीतिगत फैसले और रुपये की बुरी हालत क्या एक दिन में पलट सकती है।
राष्ट्रपति चुनाव का पर्चा भरने से पहले प्रणब अपने पद से इस्तीफा देंगे। सोमवार को प्रणब मुखर्जी ऐसा क्या कर सकते हैं जो भारत की अथर्व्यवस्था की बिगड़ती हालत को संभाल सके। कुछ ऐसा ही करने का दावा प्रणब ने कोलकाता जाकर किया।
दरअसल अपनी ज़्यादातर दिक्कतों के लिए प्रणब किसी ना किसी बाहरी ताकत को दोष देते रहे हैं।
उनके कार्यकाल में डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत पिछले एक साल के दौरान 20 फ़ीसदी गिर चुकी है। कारखानों में विकास धीमा पड़ गया है। शेयर बाज़ार पिछले हफ़्तों से कई गोते खा चुका है और महंगाई अब भी 10 फ़ीसदी से ऊपर है।टिप्पणियां
इसके लिए अधिकतर जानकार प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की जोड़ी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं।
...तो क्या आज कोई चमत्कार होगा... क्या एक दिन में सब कुछ ठीक हो जाएगा... बिल्कुल नहीं, लेकिन अगर सरकार ने कड़े कदम उठाने का फ़ैसला कर लिया है तो यह एक अच्छी ख़बर है।
राष्ट्रपति चुनाव का पर्चा भरने से पहले प्रणब अपने पद से इस्तीफा देंगे। सोमवार को प्रणब मुखर्जी ऐसा क्या कर सकते हैं जो भारत की अथर्व्यवस्था की बिगड़ती हालत को संभाल सके। कुछ ऐसा ही करने का दावा प्रणब ने कोलकाता जाकर किया।
दरअसल अपनी ज़्यादातर दिक्कतों के लिए प्रणब किसी ना किसी बाहरी ताकत को दोष देते रहे हैं।
उनके कार्यकाल में डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत पिछले एक साल के दौरान 20 फ़ीसदी गिर चुकी है। कारखानों में विकास धीमा पड़ गया है। शेयर बाज़ार पिछले हफ़्तों से कई गोते खा चुका है और महंगाई अब भी 10 फ़ीसदी से ऊपर है।टिप्पणियां
इसके लिए अधिकतर जानकार प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की जोड़ी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं।
...तो क्या आज कोई चमत्कार होगा... क्या एक दिन में सब कुछ ठीक हो जाएगा... बिल्कुल नहीं, लेकिन अगर सरकार ने कड़े कदम उठाने का फ़ैसला कर लिया है तो यह एक अच्छी ख़बर है।
दरअसल अपनी ज़्यादातर दिक्कतों के लिए प्रणब किसी ना किसी बाहरी ताकत को दोष देते रहे हैं।
उनके कार्यकाल में डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत पिछले एक साल के दौरान 20 फ़ीसदी गिर चुकी है। कारखानों में विकास धीमा पड़ गया है। शेयर बाज़ार पिछले हफ़्तों से कई गोते खा चुका है और महंगाई अब भी 10 फ़ीसदी से ऊपर है।टिप्पणियां
इसके लिए अधिकतर जानकार प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की जोड़ी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं।
...तो क्या आज कोई चमत्कार होगा... क्या एक दिन में सब कुछ ठीक हो जाएगा... बिल्कुल नहीं, लेकिन अगर सरकार ने कड़े कदम उठाने का फ़ैसला कर लिया है तो यह एक अच्छी ख़बर है।
उनके कार्यकाल में डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत पिछले एक साल के दौरान 20 फ़ीसदी गिर चुकी है। कारखानों में विकास धीमा पड़ गया है। शेयर बाज़ार पिछले हफ़्तों से कई गोते खा चुका है और महंगाई अब भी 10 फ़ीसदी से ऊपर है।टिप्पणियां
इसके लिए अधिकतर जानकार प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की जोड़ी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं।
...तो क्या आज कोई चमत्कार होगा... क्या एक दिन में सब कुछ ठीक हो जाएगा... बिल्कुल नहीं, लेकिन अगर सरकार ने कड़े कदम उठाने का फ़ैसला कर लिया है तो यह एक अच्छी ख़बर है।
इसके लिए अधिकतर जानकार प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की जोड़ी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं।
...तो क्या आज कोई चमत्कार होगा... क्या एक दिन में सब कुछ ठीक हो जाएगा... बिल्कुल नहीं, लेकिन अगर सरकार ने कड़े कदम उठाने का फ़ैसला कर लिया है तो यह एक अच्छी ख़बर है।
...तो क्या आज कोई चमत्कार होगा... क्या एक दिन में सब कुछ ठीक हो जाएगा... बिल्कुल नहीं, लेकिन अगर सरकार ने कड़े कदम उठाने का फ़ैसला कर लिया है तो यह एक अच्छी ख़बर है। | संक्षिप्त सारांश: प्रणब मुखर्जी के लिए आज का दिन वित्त मंत्री के तौर पर आखरी दिन होगा और वह कह चुके हैं कि सोमवार को कुछ अहम घोषणाएं की जाएंगी, लेकिन सवाल यह है कि महीनों से टल रहे नीतिगत फ़ैसले और रुपये की बुरी हालत क्या एक दिन में पलट सकती है। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रीयल एस्टेट कंपनियों का मानना है कि नोएडा एक्सटेंशन में घरों की कीमतों में कम से कम 25 प्रतिशत का इजाफा होगा। सरकार ने ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है, जिससे वहां निर्माण का रास्ता खुल गया है।
पिछले एक साल से इस क्षेत्र में निर्माण बंद था। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) ने मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है। अदालत के अक्टूबर, 2011 के आदेश के तहत यह जरूरी था। एनसीआर के नए प्रस्तावित आवासीय हब नोएडा एक्सटेंशन में किसी निर्माण के लिए अदालत ने इसे अनिवार्य कर दिया था। वहां करीब ढाई लाख फ्लैटों का निर्माण शुरू हो गया था। इनमें से डेढ़ लाख फ्लैट एक साल पहले किसानों के विरोध के बाद निर्माण कार्य रुकने से पहले ही बिक चुके थे।
आम्रपाली के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने कहा, एनसीआरपीबी की मंजूरी के बाद नोएडा एक्सटेंशन में घरों की मांग काफी तेज रहेगी, जबकि आपूर्ति कमजोर है। कई वजहों मसलन किसानों को अधिक मुआवजे के भुगतान तथा उत्पादन लागत में बढ़ोतरी से दाम बढ़ेंगे। शर्मा ने कहा कि नोएडा एक्सटेंशन में मकानों की कीमतों में 25 फीसदी तक इजाफे की उम्मीद है। फिलहाल यहां दाम 2,100 से 2,220 रुपये प्रति वर्ग फुट हैं, जो बढ़कर 2,600 रुपये प्रति वर्ग फुट तक हो सकते हैं। टिप्पणियां
इस क्षेत्र में कार्यरत एक अन्य कंपनी सुपरटेक का मानना है कि पिछले साल की तुलना में फ्लैट की कीमतों में 35 से 40 फीसदी का इजाफा होगा। सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा ने कहा कि यहां निर्माण 15 सितंबर से शुरू होगा। अरोड़ा ने कहा कि पिछले साल मई में किसानों का विरोध शुरू होने से पहले हम 2,300 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से घरों की बिक्री कर रहे थे। अब हम नोएडा एक्सटेंशन में 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट की परियोजनाएं शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में निर्माण सामग्री की कीमतों तथा ब्याज दरों में काफी इजाफा हुआ है।
प्रॉपर्टी सलाहकार जोंस लांग लासाले इंडिया (जेएलएल) का भी मानना है कि नोएडा एक्सटेंशन में कीमतों में इजाफा होगा। हालांकि यहां दाम नोएडा और ग्रेटर नोएडा से कम ही रहेंगे। जेएलएल इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (परिचालन) संतोष कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र को सस्ते घरों का इलाका कहा जाता है। लागत वृद्धि का काफी बोझ डेवलपर्स उठा रहे हैं, ऐसे में कीमतों में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी होगी।
पिछले एक साल से इस क्षेत्र में निर्माण बंद था। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) ने मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है। अदालत के अक्टूबर, 2011 के आदेश के तहत यह जरूरी था। एनसीआर के नए प्रस्तावित आवासीय हब नोएडा एक्सटेंशन में किसी निर्माण के लिए अदालत ने इसे अनिवार्य कर दिया था। वहां करीब ढाई लाख फ्लैटों का निर्माण शुरू हो गया था। इनमें से डेढ़ लाख फ्लैट एक साल पहले किसानों के विरोध के बाद निर्माण कार्य रुकने से पहले ही बिक चुके थे।
आम्रपाली के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने कहा, एनसीआरपीबी की मंजूरी के बाद नोएडा एक्सटेंशन में घरों की मांग काफी तेज रहेगी, जबकि आपूर्ति कमजोर है। कई वजहों मसलन किसानों को अधिक मुआवजे के भुगतान तथा उत्पादन लागत में बढ़ोतरी से दाम बढ़ेंगे। शर्मा ने कहा कि नोएडा एक्सटेंशन में मकानों की कीमतों में 25 फीसदी तक इजाफे की उम्मीद है। फिलहाल यहां दाम 2,100 से 2,220 रुपये प्रति वर्ग फुट हैं, जो बढ़कर 2,600 रुपये प्रति वर्ग फुट तक हो सकते हैं। टिप्पणियां
इस क्षेत्र में कार्यरत एक अन्य कंपनी सुपरटेक का मानना है कि पिछले साल की तुलना में फ्लैट की कीमतों में 35 से 40 फीसदी का इजाफा होगा। सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा ने कहा कि यहां निर्माण 15 सितंबर से शुरू होगा। अरोड़ा ने कहा कि पिछले साल मई में किसानों का विरोध शुरू होने से पहले हम 2,300 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से घरों की बिक्री कर रहे थे। अब हम नोएडा एक्सटेंशन में 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट की परियोजनाएं शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में निर्माण सामग्री की कीमतों तथा ब्याज दरों में काफी इजाफा हुआ है।
प्रॉपर्टी सलाहकार जोंस लांग लासाले इंडिया (जेएलएल) का भी मानना है कि नोएडा एक्सटेंशन में कीमतों में इजाफा होगा। हालांकि यहां दाम नोएडा और ग्रेटर नोएडा से कम ही रहेंगे। जेएलएल इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (परिचालन) संतोष कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र को सस्ते घरों का इलाका कहा जाता है। लागत वृद्धि का काफी बोझ डेवलपर्स उठा रहे हैं, ऐसे में कीमतों में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी होगी।
आम्रपाली के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने कहा, एनसीआरपीबी की मंजूरी के बाद नोएडा एक्सटेंशन में घरों की मांग काफी तेज रहेगी, जबकि आपूर्ति कमजोर है। कई वजहों मसलन किसानों को अधिक मुआवजे के भुगतान तथा उत्पादन लागत में बढ़ोतरी से दाम बढ़ेंगे। शर्मा ने कहा कि नोएडा एक्सटेंशन में मकानों की कीमतों में 25 फीसदी तक इजाफे की उम्मीद है। फिलहाल यहां दाम 2,100 से 2,220 रुपये प्रति वर्ग फुट हैं, जो बढ़कर 2,600 रुपये प्रति वर्ग फुट तक हो सकते हैं। टिप्पणियां
इस क्षेत्र में कार्यरत एक अन्य कंपनी सुपरटेक का मानना है कि पिछले साल की तुलना में फ्लैट की कीमतों में 35 से 40 फीसदी का इजाफा होगा। सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा ने कहा कि यहां निर्माण 15 सितंबर से शुरू होगा। अरोड़ा ने कहा कि पिछले साल मई में किसानों का विरोध शुरू होने से पहले हम 2,300 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से घरों की बिक्री कर रहे थे। अब हम नोएडा एक्सटेंशन में 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट की परियोजनाएं शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में निर्माण सामग्री की कीमतों तथा ब्याज दरों में काफी इजाफा हुआ है।
प्रॉपर्टी सलाहकार जोंस लांग लासाले इंडिया (जेएलएल) का भी मानना है कि नोएडा एक्सटेंशन में कीमतों में इजाफा होगा। हालांकि यहां दाम नोएडा और ग्रेटर नोएडा से कम ही रहेंगे। जेएलएल इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (परिचालन) संतोष कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र को सस्ते घरों का इलाका कहा जाता है। लागत वृद्धि का काफी बोझ डेवलपर्स उठा रहे हैं, ऐसे में कीमतों में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी होगी।
इस क्षेत्र में कार्यरत एक अन्य कंपनी सुपरटेक का मानना है कि पिछले साल की तुलना में फ्लैट की कीमतों में 35 से 40 फीसदी का इजाफा होगा। सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा ने कहा कि यहां निर्माण 15 सितंबर से शुरू होगा। अरोड़ा ने कहा कि पिछले साल मई में किसानों का विरोध शुरू होने से पहले हम 2,300 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से घरों की बिक्री कर रहे थे। अब हम नोएडा एक्सटेंशन में 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट की परियोजनाएं शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में निर्माण सामग्री की कीमतों तथा ब्याज दरों में काफी इजाफा हुआ है।
प्रॉपर्टी सलाहकार जोंस लांग लासाले इंडिया (जेएलएल) का भी मानना है कि नोएडा एक्सटेंशन में कीमतों में इजाफा होगा। हालांकि यहां दाम नोएडा और ग्रेटर नोएडा से कम ही रहेंगे। जेएलएल इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (परिचालन) संतोष कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र को सस्ते घरों का इलाका कहा जाता है। लागत वृद्धि का काफी बोझ डेवलपर्स उठा रहे हैं, ऐसे में कीमतों में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी होगी।
प्रॉपर्टी सलाहकार जोंस लांग लासाले इंडिया (जेएलएल) का भी मानना है कि नोएडा एक्सटेंशन में कीमतों में इजाफा होगा। हालांकि यहां दाम नोएडा और ग्रेटर नोएडा से कम ही रहेंगे। जेएलएल इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (परिचालन) संतोष कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र को सस्ते घरों का इलाका कहा जाता है। लागत वृद्धि का काफी बोझ डेवलपर्स उठा रहे हैं, ऐसे में कीमतों में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी होगी। | संक्षिप्त पाठ: आम्रपाली के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने कहा, एनसीआरपीबी की मंजूरी के बाद नोएडा एक्सटेंशन में घरों की मांग काफी तेज रहेगी, जबकि आपूर्ति कमजोर है। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मार्च में आई तेजी के बाद अब शेयर बाजारों में कुछ मुनाफावसूली का दौर देखने को मिल सकता है। मार्च में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 973.89 अंक मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं। शेयर बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की आक्रामक लिवाली के साथ-साथ मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच कारोबारियों की भारी सौदों की कमी को पूरा करने के लिए की गई लिवाली से बीते सप्ताह सेंसेक्स 604.75 अंक या 3.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,420.39 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स में तेजी की मुख्य वजह एफआईआई द्वारा किया गया दो अरब डॉलर का निवेश था। मार्च में सेंसेक्स में कुल 973.89 अंक या 5.27 फीसदी की तेजी आई। 2 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान रीयल्टी, टिकाऊ उपभोक्ता सामान और वाहन कंपनियों के शेयरों में जोरदार लिवाली हुई। लिवाली समर्थन से स्मॉल कैप, मिडकैप शेयरों में भी तेजी आई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मार्च में मजबूती के बाद अब शेयर बाजार में आगामी सप्ताहों में कुछ मुनाफावसूली का दौर देखने को मिल सकता है। पद्माक्षी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के उपाध्यक्ष (अनुसंधान) आनंद कुशेलन ने कहा कि आगे चलकर बाजार में एकीकरण का दौर देखने को मिलेगा। हालांकि जिस तरह से बाजार पिछले सप्ताह आगे बढ़ा है, उसे देखते हुए आगे चलकर इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई, कच्चे तेल के दाम और ब्याज दर अभी भी बाजार के लिए चिंता का कारण है। आईआईएफएल के अनुसंधान प्रमुख (भारतीय निजी ग्राहक) अमर अंबानी ने कहा कि आगे चलकर बाजार का रुख इस बात पर निर्भर करेगा कि एफआईआई का प्रवाह सकारात्मक बना रहता है या नहीं। विश्लेषकों का कहना है शेयर बाजारों में तेजी का मुख्य कारण एफआईआई की जोरदार सतत लिवाली है, जिन्होंने 22 मार्च से 31 मार्च के बीच 8,548.14 करोड़ रुपये का निवेश किया है। एफआईआई के भारी निवेश को देखते हुए कारोबारियों और खुदरा निवेशक भी अपने सौदों की कमी को पूरा करने लिवाली के मैदान में उतर आए। शेयर बाजार के सभी सूचकांकों में बीते सप्ताह 1.54 प्रतिशत से 7.15 प्रतिशत तक की तेजी आई। मार्च में डेरिवेटिव अनुबंध की समयसीमा 31 मार्च को समाप्त होने के बाद कारोबारियों की शार्ट कवरिंग से बाजार धारणा में मजबूती आई। कच्चे तेल के भाव हाल में ढाई वर्ष के उच्च स्तर से नीचे आने के कारण भी टिकाऊ उपभोक्ता माल, रीयल्टी, बैंकिंग और ऑटो खंड में ब्याज दर के प्रति संवेदनशील शेयरों को लिवाली का बेहतर समर्थन प्राप्त हुआ। सरकार द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में ढील देने के फैसले के कारण भी बाजार में तेजी आई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 171.80 अंकों की तेजी के साथ 5,826.05 अंक पर बंद हुआ। अब कंपनियों के नतीजों का सीजन भी शुरू होने वाला है। विश्लेषकों का कहना है कि प्रौद्योगिकी, बैंकिंग और वाहन क्षेत्र की कंपनियों के परिणाम अच्छे रहेंगे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मार्च में आई तेजी के बाद अब शेयर बाजारों में कुछ मुनाफावसूली का दौर देखने को मिल सकता है। मार्च में सेंसेक्स 973.89 अंक मजबूत हुआ। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Haryana Board जल्द ही 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का रिजल्ट (BSEH Result) जारी कर देगा. BSEH ने रिजल्ट जारी करने की संभावित तारीख घोषित कर दी है. हरियाण बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट (Haryana Board Result) 20 मई को जारी कर देगा. हालांकि ये संभावित तारीख है, ऐसे में रिजल्ट (BSEB Result 2019) इससे पहले भी जारी किया जा सकता है. 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट (BSEH 10th & 12th Result 2019) हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट bseh.org.in पर जारी किया जाएगा. स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट bseh.org.in और haryana.indiaresults.com पर चेक कर पाएंगे. स्टूडेंट्स को अपना रिजल्ट चेक करने के लिए रोल नंबर की जरूरत होगी. बता दें कि हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं में कुल 7,65,549 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. 10वीं के लिए 3,85,227 और 12वीं के लिए 2,15,484 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था. | संक्षिप्त पाठ: हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं का रिजल्ट 20 मई को आएगा.
रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट bseh.org.in पर जारी होगा.
परीक्षाओं में कुल 7,65,549 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वैज्ञानिकों ने काल्पनिक बुद्धि तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने इस बार किसी रोबोट या सिलिकन चिप के रूप में नहीं, बल्कि एक टेस्ट ट्यूब में बुद्धि सृजित की है। 'कैलीफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (कैलटेक) के शोधकर्ताओं ने आपस में वार्तालाप करने वाले अणुओं का एक ऐसा सर्किट तैयार किया है, जो मानव मस्तिष्क की तरह अधूरे डीएनए पैटर्न पर आधारित यादों को याद रख सकते हैं। 'नेचर' पत्रिका के मुताबिक कैल्टेक के शोधकर्ता लुलु क्विन का कहना है, मस्तिष्क अविश्वसनीय है। यह हमें घटनाओं के प्रकारों की पहचान करने, यादें संजोने, निर्णय लेने और कार्य करने की अनुमति देता है। अध्ययकर्ता क्विन ने कहा, इसलिए हमें लगा कि क्या भौतिक रूप से जुड़ी हुई तंत्रिका कोशिकाओं के नेटवर्क की बजाए आपस में क्रिया या वार्तालाप करने वाले अणुओं युक्त द्रव्य में मस्तिष्क जैसे लक्षण हो सकते हैं। शोधकर्ताओं का डीएनए के 112 अलग-अलग टुकड़ों से बनी चार कृत्रिम तंत्रिकाओं का तंत्रिका नेटवर्क दिमाग को पढ़ सकता है। यह एक प्रकार का गेम है जिसमें एक रहस्यमी वैज्ञानिक को पहचानने की कोशिश की जाती है। शोधकर्ताओं ने इस तंत्रिका नेटवर्क को चार वैज्ञानिकों को पहचानने के लिए प्रशिक्षित किया है। इन वैज्ञानिकों में से प्रत्येक की पहचान चार प्रश्नों से की जाती है। काल्पनिक बौद्धिकता वाले जैवरासायनिक तंत्रों का दवाओं, रसायनशास्त्र और जीववैज्ञानिक शोध में महत्वपूर्ण इस्तेमाल हो सकता है। | वैज्ञानिकों ने काल्पनिक बुद्धि तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने इस बार एक टेस्ट ट्यूब में बुद्धि सृजित की है। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल शनिवार को बैठक में इसे मंजूरी दी गई. अब राष्ट्रपति ने अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. भगोड़े आर्थिक अपराधी विधेयक को 12 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था लेकिन संसद में विभिन्न मुद्दों को लेकर गतिरोध के चलते इसे पारित नहीं किया जा सका.
इसके तहत नीरव मोदी जैसे उन लोगों की संपत्तियां जब्त करने का प्रावधान है जो आपराधिक कार्रवाई बचने के लिए देश से भाग गए हैं. इस अध्यादेश के प्रावधान ऐसे आर्थिक अपराधियों पर लागू होंगे जो देश वापस आने से इनकार कर देते हैं, जिन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं और जिनपर 100 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है और उन्हें जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाला घोषित किया जा चुका है.
इस तरह के आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके तहत अभियोजन से बचने के लिए विदेश भाग जाने वाले या मामले का सामना करने के लिए वापस लौटने से इनकार करने वाले को भगोड़ा अपराधी माना जाएगा.
इस अध्यादेश के तहत ऐसे भगोड़े अपराधी भी आएंगे जिनपर जाली सरकारी स्टाम्प और मुद्रा छापने, धन की कमी से चेक वापस होने, मनी लांडरिंग (अपराध की कमाई को वैध धन दिखाने का प्रसास) और कर्जदराता के साथ धोखाधड़ी करने के सौंदे में लिप्त होनेक के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी हैं. टिप्पणियां
पीएमएलए 2002 के तहत नियुक्त निदेशक या उपनिदेशक किसी व्यक्ति विशेष को भगोड़ा घोषित करने के लिए विशेष अदालत में आवेदन कर सकता है. उसे संबंधित व्यक्ति के ठिकाने, उसकी जब्त की जाने वाली सम्पत्तियों, जब्त की जाने वाली बेनामी और विदेशी सम्पत्तियों की सूची और ऐसे व्यक्तियों की सूची देनी होगी जिनका इन सम्पत्तियों से हित जुड़ा है.
अदालत इस अर्जी के बाद भगोड़े व्यक्ति को हाजिर होने के लिए छह सप्ताह का समय देगा. यदि इस दौरान वह व्यक्ति हाजिर हो जाता है तो अदालत इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत शुरू की गयी कार्रवाई रोक देगा. विशेष अदालत के के आदेश के खिलाफ अपील उच्च न्यायालय में दाखिल की जा सकती है.
इसके तहत नीरव मोदी जैसे उन लोगों की संपत्तियां जब्त करने का प्रावधान है जो आपराधिक कार्रवाई बचने के लिए देश से भाग गए हैं. इस अध्यादेश के प्रावधान ऐसे आर्थिक अपराधियों पर लागू होंगे जो देश वापस आने से इनकार कर देते हैं, जिन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं और जिनपर 100 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है और उन्हें जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाला घोषित किया जा चुका है.
इस तरह के आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके तहत अभियोजन से बचने के लिए विदेश भाग जाने वाले या मामले का सामना करने के लिए वापस लौटने से इनकार करने वाले को भगोड़ा अपराधी माना जाएगा.
इस अध्यादेश के तहत ऐसे भगोड़े अपराधी भी आएंगे जिनपर जाली सरकारी स्टाम्प और मुद्रा छापने, धन की कमी से चेक वापस होने, मनी लांडरिंग (अपराध की कमाई को वैध धन दिखाने का प्रसास) और कर्जदराता के साथ धोखाधड़ी करने के सौंदे में लिप्त होनेक के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी हैं. टिप्पणियां
पीएमएलए 2002 के तहत नियुक्त निदेशक या उपनिदेशक किसी व्यक्ति विशेष को भगोड़ा घोषित करने के लिए विशेष अदालत में आवेदन कर सकता है. उसे संबंधित व्यक्ति के ठिकाने, उसकी जब्त की जाने वाली सम्पत्तियों, जब्त की जाने वाली बेनामी और विदेशी सम्पत्तियों की सूची और ऐसे व्यक्तियों की सूची देनी होगी जिनका इन सम्पत्तियों से हित जुड़ा है.
अदालत इस अर्जी के बाद भगोड़े व्यक्ति को हाजिर होने के लिए छह सप्ताह का समय देगा. यदि इस दौरान वह व्यक्ति हाजिर हो जाता है तो अदालत इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत शुरू की गयी कार्रवाई रोक देगा. विशेष अदालत के के आदेश के खिलाफ अपील उच्च न्यायालय में दाखिल की जा सकती है.
इस तरह के आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके तहत अभियोजन से बचने के लिए विदेश भाग जाने वाले या मामले का सामना करने के लिए वापस लौटने से इनकार करने वाले को भगोड़ा अपराधी माना जाएगा.
इस अध्यादेश के तहत ऐसे भगोड़े अपराधी भी आएंगे जिनपर जाली सरकारी स्टाम्प और मुद्रा छापने, धन की कमी से चेक वापस होने, मनी लांडरिंग (अपराध की कमाई को वैध धन दिखाने का प्रसास) और कर्जदराता के साथ धोखाधड़ी करने के सौंदे में लिप्त होनेक के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी हैं. टिप्पणियां
पीएमएलए 2002 के तहत नियुक्त निदेशक या उपनिदेशक किसी व्यक्ति विशेष को भगोड़ा घोषित करने के लिए विशेष अदालत में आवेदन कर सकता है. उसे संबंधित व्यक्ति के ठिकाने, उसकी जब्त की जाने वाली सम्पत्तियों, जब्त की जाने वाली बेनामी और विदेशी सम्पत्तियों की सूची और ऐसे व्यक्तियों की सूची देनी होगी जिनका इन सम्पत्तियों से हित जुड़ा है.
अदालत इस अर्जी के बाद भगोड़े व्यक्ति को हाजिर होने के लिए छह सप्ताह का समय देगा. यदि इस दौरान वह व्यक्ति हाजिर हो जाता है तो अदालत इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत शुरू की गयी कार्रवाई रोक देगा. विशेष अदालत के के आदेश के खिलाफ अपील उच्च न्यायालय में दाखिल की जा सकती है.
इस अध्यादेश के तहत ऐसे भगोड़े अपराधी भी आएंगे जिनपर जाली सरकारी स्टाम्प और मुद्रा छापने, धन की कमी से चेक वापस होने, मनी लांडरिंग (अपराध की कमाई को वैध धन दिखाने का प्रसास) और कर्जदराता के साथ धोखाधड़ी करने के सौंदे में लिप्त होनेक के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी हैं. टिप्पणियां
पीएमएलए 2002 के तहत नियुक्त निदेशक या उपनिदेशक किसी व्यक्ति विशेष को भगोड़ा घोषित करने के लिए विशेष अदालत में आवेदन कर सकता है. उसे संबंधित व्यक्ति के ठिकाने, उसकी जब्त की जाने वाली सम्पत्तियों, जब्त की जाने वाली बेनामी और विदेशी सम्पत्तियों की सूची और ऐसे व्यक्तियों की सूची देनी होगी जिनका इन सम्पत्तियों से हित जुड़ा है.
अदालत इस अर्जी के बाद भगोड़े व्यक्ति को हाजिर होने के लिए छह सप्ताह का समय देगा. यदि इस दौरान वह व्यक्ति हाजिर हो जाता है तो अदालत इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत शुरू की गयी कार्रवाई रोक देगा. विशेष अदालत के के आदेश के खिलाफ अपील उच्च न्यायालय में दाखिल की जा सकती है.
पीएमएलए 2002 के तहत नियुक्त निदेशक या उपनिदेशक किसी व्यक्ति विशेष को भगोड़ा घोषित करने के लिए विशेष अदालत में आवेदन कर सकता है. उसे संबंधित व्यक्ति के ठिकाने, उसकी जब्त की जाने वाली सम्पत्तियों, जब्त की जाने वाली बेनामी और विदेशी सम्पत्तियों की सूची और ऐसे व्यक्तियों की सूची देनी होगी जिनका इन सम्पत्तियों से हित जुड़ा है.
अदालत इस अर्जी के बाद भगोड़े व्यक्ति को हाजिर होने के लिए छह सप्ताह का समय देगा. यदि इस दौरान वह व्यक्ति हाजिर हो जाता है तो अदालत इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत शुरू की गयी कार्रवाई रोक देगा. विशेष अदालत के के आदेश के खिलाफ अपील उच्च न्यायालय में दाखिल की जा सकती है.
अदालत इस अर्जी के बाद भगोड़े व्यक्ति को हाजिर होने के लिए छह सप्ताह का समय देगा. यदि इस दौरान वह व्यक्ति हाजिर हो जाता है तो अदालत इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत शुरू की गयी कार्रवाई रोक देगा. विशेष अदालत के के आदेश के खिलाफ अपील उच्च न्यायालय में दाखिल की जा सकती है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे भगोड़ों पर नकेल कसेगी
विधेयक को 12 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था
वापस लौटने से इनकार करने वाले को भी भगोड़ा अपराधी माना जाएगा | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनता को भाजपा और बसपा से होशियार रहने की सलाह दी है. अखिलेश ने कहा है कि जहां बसपा ने कीमती जमीनों पर कब्जा करके मूर्तियां लगवायी, वहीं भाजपा अब चुनाव को सांप्रदायिक एजेंडे की तरफ ले जा रही है. मुख्यमंत्री ने धनतेरस के मौके पर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के बच्चों को एक थाली और गिलास के वितरण अवसर पर कहा ‘भाजपा के लोग चुनाव प्रचार के दौरान क्या कह देंगे, कुछ नहीं पता इसलिये भाजपाइयों से बचकर रहना.’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दशहरे के दिन लखनऊ में और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा इटावा में अपने भाषण के दौरान ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाये जाने की तरफ इशारा करते हुए अखिलेश ने कहा ‘याद रखना, ये वही लोग हैं जो पहले दूसरा नारा देते थे. पहले उनका भाषण भारत माता की जय पर खत्म होता था, अब किस बात पर खत्म हो रहा है... इसलिये होशियार रहिये.’
भाजपा को विकास के मामले में केन्द्र की अपनी सरकार और उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार के बीच तुलना करने की चुनौती देते हुए उन्होंने कहा ‘हम भाजपा के लोगों से पूछना चाहते हैं कि आपने लखनऊ में कौन सा बड़ा काम किया है. अगर आप काम में तुलना करेंगे तो समाजवादियों की तुलना नहीं की जा सकती.’ टिप्पणियां
मुख्मयंत्री ने कहा कि भाजपा के लोग ऐसे शब्द ढूंढकर लाते हैं जो आसानी से समझ नहीं आते. खुद उन्होंने गूगल पर देखा तो पता लगा कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है.‘अखबारों में देखा तो पाया कि हमने भी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है. तब ठीक से जाना कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दशहरे के दिन लखनऊ में और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा इटावा में अपने भाषण के दौरान ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाये जाने की तरफ इशारा करते हुए अखिलेश ने कहा ‘याद रखना, ये वही लोग हैं जो पहले दूसरा नारा देते थे. पहले उनका भाषण भारत माता की जय पर खत्म होता था, अब किस बात पर खत्म हो रहा है... इसलिये होशियार रहिये.’
भाजपा को विकास के मामले में केन्द्र की अपनी सरकार और उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार के बीच तुलना करने की चुनौती देते हुए उन्होंने कहा ‘हम भाजपा के लोगों से पूछना चाहते हैं कि आपने लखनऊ में कौन सा बड़ा काम किया है. अगर आप काम में तुलना करेंगे तो समाजवादियों की तुलना नहीं की जा सकती.’ टिप्पणियां
मुख्मयंत्री ने कहा कि भाजपा के लोग ऐसे शब्द ढूंढकर लाते हैं जो आसानी से समझ नहीं आते. खुद उन्होंने गूगल पर देखा तो पता लगा कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है.‘अखबारों में देखा तो पाया कि हमने भी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है. तब ठीक से जाना कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा को विकास के मामले में केन्द्र की अपनी सरकार और उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार के बीच तुलना करने की चुनौती देते हुए उन्होंने कहा ‘हम भाजपा के लोगों से पूछना चाहते हैं कि आपने लखनऊ में कौन सा बड़ा काम किया है. अगर आप काम में तुलना करेंगे तो समाजवादियों की तुलना नहीं की जा सकती.’ टिप्पणियां
मुख्मयंत्री ने कहा कि भाजपा के लोग ऐसे शब्द ढूंढकर लाते हैं जो आसानी से समझ नहीं आते. खुद उन्होंने गूगल पर देखा तो पता लगा कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है.‘अखबारों में देखा तो पाया कि हमने भी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है. तब ठीक से जाना कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुख्मयंत्री ने कहा कि भाजपा के लोग ऐसे शब्द ढूंढकर लाते हैं जो आसानी से समझ नहीं आते. खुद उन्होंने गूगल पर देखा तो पता लगा कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है.‘अखबारों में देखा तो पाया कि हमने भी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है. तब ठीक से जाना कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या है.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: अखिलेश यादव ने जनता को बीजेपी और बीएसपी से होशियार रहने के लिए कहा
उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव को सांप्रदायिक एजेंडे की तरफ ले जा रही है
सीएम ने कहा कि बीजेपी ने लखनऊ में कौन सा बड़ा काम किया | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेता रणदीप हुड्डा ने ‘मर्डर-3’ में उनकी सह-कलाकार अदिति राव हैदरी के साथ डेटिंग की खबरों को नकारते हुए कहा है कि उनके किसी के साथ प्रेम संबंध नहीं हैं।टिप्पणियां
इससे पहले रणदीप (37) के सुष्मिता सेन और इसके बाद नीतू चंद्रा के साथ प्रेम संबंध रह चुके हैं। रणदीप के नीतू से अलग होने के बाद उनके अदिति के साथ संबंधों की अफवाहें उड़ने लगी थीं।
रणदीप ने इन अफवाहों को झूठा बताते हुए कहा, यह सच नहीं है। मैं अकेला हूं। मैं यह नहीं जानता कि लोगों को मेरे निजी जीवन में इतनी रुचि क्यों है। रणदीप की आने वाली फिल्में ‘जॉन डे’, ‘अंगुली’, ‘हाइवे’ , ‘किक’ और ‘बैड’ हैं।
इससे पहले रणदीप (37) के सुष्मिता सेन और इसके बाद नीतू चंद्रा के साथ प्रेम संबंध रह चुके हैं। रणदीप के नीतू से अलग होने के बाद उनके अदिति के साथ संबंधों की अफवाहें उड़ने लगी थीं।
रणदीप ने इन अफवाहों को झूठा बताते हुए कहा, यह सच नहीं है। मैं अकेला हूं। मैं यह नहीं जानता कि लोगों को मेरे निजी जीवन में इतनी रुचि क्यों है। रणदीप की आने वाली फिल्में ‘जॉन डे’, ‘अंगुली’, ‘हाइवे’ , ‘किक’ और ‘बैड’ हैं।
रणदीप ने इन अफवाहों को झूठा बताते हुए कहा, यह सच नहीं है। मैं अकेला हूं। मैं यह नहीं जानता कि लोगों को मेरे निजी जीवन में इतनी रुचि क्यों है। रणदीप की आने वाली फिल्में ‘जॉन डे’, ‘अंगुली’, ‘हाइवे’ , ‘किक’ और ‘बैड’ हैं। | यह एक सारांश है: अभिनेता रणदीप हुड्डा ने ‘मर्डर-3’ में उनकी सह-कलाकार अदिति राव हैदरी के साथ डेटिंग की खबरों को नकारते हुए कहा है कि उनके किसी के साथ प्रेम संबंध नहीं हैं। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने विमान ईंधन एटीएफ के दाम दो प्रतिशत बढ़ा दिए हैं। यह इस माह एटीएफ कीमतों में दूसरी वृद्धि है।टिप्पणियां
दिल्ली में जेट ईंधन का दाम 1,298.88 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़कर 65,949.34 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है। इंडियन आयल कारपोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि नई दरें गुरुवार मध्यरात्रि से लागू होंगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण पहली मार्च को भी एटीएफ कीमतों में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। मुंबई में कल से एटीएफ की कीमत बढ़कर 66,989.74 रुपये प्रति किलोलीटर हो जाएगी। फिलहाल यह 65,636.74 रुपये प्रति किलोलीटर है। किसी एयरलाइन की परिचालन लागत में एटीएफ की हिस्सेदारी 40 फीसद बैठती है।
दिल्ली में जेट ईंधन का दाम 1,298.88 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़कर 65,949.34 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है। इंडियन आयल कारपोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि नई दरें गुरुवार मध्यरात्रि से लागू होंगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण पहली मार्च को भी एटीएफ कीमतों में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। मुंबई में कल से एटीएफ की कीमत बढ़कर 66,989.74 रुपये प्रति किलोलीटर हो जाएगी। फिलहाल यह 65,636.74 रुपये प्रति किलोलीटर है। किसी एयरलाइन की परिचालन लागत में एटीएफ की हिस्सेदारी 40 फीसद बैठती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण पहली मार्च को भी एटीएफ कीमतों में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। मुंबई में कल से एटीएफ की कीमत बढ़कर 66,989.74 रुपये प्रति किलोलीटर हो जाएगी। फिलहाल यह 65,636.74 रुपये प्रति किलोलीटर है। किसी एयरलाइन की परिचालन लागत में एटीएफ की हिस्सेदारी 40 फीसद बैठती है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने विमान ईंधन एटीएफ के दाम दो प्रतिशत बढ़ा दिए हैं। यह इस माह एटीएफ कीमतों में दूसरी वृद्धि है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पुणे की साइबर बैंक डकैती में उत्तर कोरिया के साइबर चोरों का हाथ है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. पिछले साल 11 अगस्त को कॉसमॉस बैंक से साइबर डकैतों ने 94 करोड़ रुपये लूट लिए थे.
पुणे के कॉसमॉस कॉपरेटिव बैंक में 11 अगस्त 2018 को दोपहर 3 बजे बैंक के सर्वर में मालवेयर अटैक हुआ था. स्विचिंग सिस्टम को हैक कर लिया गया था और उसके बाद अगले सात घंटों में 28 देशों में तकरीबन 12 हजार बार ट्रांजैक्शन कर करीब 78 करोड़ और देश में 2849 बार ट्रांजेक्शन कर ढाई करोड़ रुपये निकाल लिए गए थे.
खास बात यह है कि उसके एक दिन बाद यानी 13 अगस्त को भी जब तक बैंक कुछ समझ पाता, साइबर डकैतों ने करीब 14 करोड़ रुपये और उड़ा लिए थे.पता चला था कि भारत सहित 29 देशों में निकाले गए रुपये.
महाराष्ट्र के पुणे में देश की अब तक की सबसे बड़ी इस साइबर बैंक डकैती में साइबर डकैतों ने पुणे की कॉसमॉस कोआपरेटिव बैंक का सर्वर हैक कर 94 करोड़ 42 लाख रुपये लूट लिए थे.
शुरुआती जांच के बाद मामले में हांगकांग की एएलएम ट्रेडिंग लिमिटेड कंपनी को आरोपी भी बनाया गया था.
इस बीच पुणे साइबर सेल इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुका है और आठ लाख के करीब रुपये भी रिकवर किए जा चुके हैं. | सारांश: पुणे के कॉसमॉस कॉपरेटिव बैंक के सर्वर पर मालवेयर अटैक हुआ था
स्विचिंग सिस्टम को हैक करके सात घंटों में 28 देशों में पैसा निकाला
बैंक के समझने से पहले ही करीब 14 करोड़ रुपये उड़ा लिए थे | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और कोच के लिए बनाई गई चयन समिति के प्रमुख सदस्य सचिन तेंदुलकर ने पहली बार टीम के कोच अनिल कुंबले और पूर्व टीम निदेशक रवि शास्त्री पर बयान दिया है। लंदन में मीडिया से बात करते हुए सचिन ने रवि शास्त्री की तारीफ की है।
उन्होंने कहा कि शास्त्री शानदार खिलाड़ी रहे हैं, क्रिकेट में उनका अहम योगदान है, उन्होंने काफी अच्छा काम किया। मैं इनके साथ खेल चुका हूं और जानता हूं कि वह कैसे सोचते हैं और क्रिकेट के प्रति उनका क्या नजरिया है। लेकिन सचिन ने कोच के इंटरव्यू के दौरान जो कुछ चर्चा हुई, उसके बारे में बोलने से मना कर दिया और बोले कि यह गोपनीय है।
तेंदुलकर ने अनिल कुंबले की भी खूब तारीफ की। सचिन ने कहा कि कुंबले एक बड़े मैच विजेता खिलाड़ी रहे हैं और खिलाड़ियों को अनिल कुंबले से बहुत कुछ सीखना है। उन्होंने कहा कि कुंबले के पास लंबा अनुभव है और उनको बहुत कुछ शेयर करना है। सचिन ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे कुंबले से जितना सीख सकें, सीखें, क्रिकेट को एन्जॉय करें और सही भावना से खेलें।
सचिन ने कहा कि हर मैच में कुछ न कुछ मुश्किल का सामना करना पड़ता है और उस मुश्किल का कैसे सामना किया जाए, यह महत्वपूर्ण है। हमने बहुत कुछ प्लान किया है, लेकिन इस पर कैसे अमल होता है, यह देखना है। सचिन ने खिलाड़ियों को नसीहत दी कि हर दिन नया है, नई शुरुआत है, जो कुछ हो गया, उसे पीछे छोड़ना है और नई शुरुआत करनी है। सचिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अनिल कुंबले खिलाड़ियों को ये सारी चीजें बखूबी सिखाएंगे। टिप्पणियां
गौरतलब है कि टीम इंडिया के कोच के रूप में अनिल कुंबले को चुने जाने के बाद रवि शास्त्री खुश नहीं थे। शास्त्री ने खुद कोच के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन चयन समिति के सदस्य सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्षण और सौरव गांगुली ने कुंबले के नाम पर मुहर लगाई। टीम इंडिया के डायरेक्टर के रूप में सफल रहे रवि शास्त्री इस निर्णय से नाराज थे।
शास्त्री ने गांगुली पर आरोप लगाया था कि उनके इंटरव्यू के दौरान गांगुली मौजूद नहीं थे और ऐसा करके गांगुली ने उनका अपमान किया। गांगुली का भी कहना था कि अगर शास्त्री यह सोचते हैं कि उनकी वजह से वह कोच नहीं बन पाए तो वह मूर्खों की दुनिया में जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शास्त्री शानदार खिलाड़ी रहे हैं, क्रिकेट में उनका अहम योगदान है, उन्होंने काफी अच्छा काम किया। मैं इनके साथ खेल चुका हूं और जानता हूं कि वह कैसे सोचते हैं और क्रिकेट के प्रति उनका क्या नजरिया है। लेकिन सचिन ने कोच के इंटरव्यू के दौरान जो कुछ चर्चा हुई, उसके बारे में बोलने से मना कर दिया और बोले कि यह गोपनीय है।
तेंदुलकर ने अनिल कुंबले की भी खूब तारीफ की। सचिन ने कहा कि कुंबले एक बड़े मैच विजेता खिलाड़ी रहे हैं और खिलाड़ियों को अनिल कुंबले से बहुत कुछ सीखना है। उन्होंने कहा कि कुंबले के पास लंबा अनुभव है और उनको बहुत कुछ शेयर करना है। सचिन ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे कुंबले से जितना सीख सकें, सीखें, क्रिकेट को एन्जॉय करें और सही भावना से खेलें।
सचिन ने कहा कि हर मैच में कुछ न कुछ मुश्किल का सामना करना पड़ता है और उस मुश्किल का कैसे सामना किया जाए, यह महत्वपूर्ण है। हमने बहुत कुछ प्लान किया है, लेकिन इस पर कैसे अमल होता है, यह देखना है। सचिन ने खिलाड़ियों को नसीहत दी कि हर दिन नया है, नई शुरुआत है, जो कुछ हो गया, उसे पीछे छोड़ना है और नई शुरुआत करनी है। सचिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अनिल कुंबले खिलाड़ियों को ये सारी चीजें बखूबी सिखाएंगे। टिप्पणियां
गौरतलब है कि टीम इंडिया के कोच के रूप में अनिल कुंबले को चुने जाने के बाद रवि शास्त्री खुश नहीं थे। शास्त्री ने खुद कोच के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन चयन समिति के सदस्य सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्षण और सौरव गांगुली ने कुंबले के नाम पर मुहर लगाई। टीम इंडिया के डायरेक्टर के रूप में सफल रहे रवि शास्त्री इस निर्णय से नाराज थे।
शास्त्री ने गांगुली पर आरोप लगाया था कि उनके इंटरव्यू के दौरान गांगुली मौजूद नहीं थे और ऐसा करके गांगुली ने उनका अपमान किया। गांगुली का भी कहना था कि अगर शास्त्री यह सोचते हैं कि उनकी वजह से वह कोच नहीं बन पाए तो वह मूर्खों की दुनिया में जी रहे हैं।
तेंदुलकर ने अनिल कुंबले की भी खूब तारीफ की। सचिन ने कहा कि कुंबले एक बड़े मैच विजेता खिलाड़ी रहे हैं और खिलाड़ियों को अनिल कुंबले से बहुत कुछ सीखना है। उन्होंने कहा कि कुंबले के पास लंबा अनुभव है और उनको बहुत कुछ शेयर करना है। सचिन ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे कुंबले से जितना सीख सकें, सीखें, क्रिकेट को एन्जॉय करें और सही भावना से खेलें।
सचिन ने कहा कि हर मैच में कुछ न कुछ मुश्किल का सामना करना पड़ता है और उस मुश्किल का कैसे सामना किया जाए, यह महत्वपूर्ण है। हमने बहुत कुछ प्लान किया है, लेकिन इस पर कैसे अमल होता है, यह देखना है। सचिन ने खिलाड़ियों को नसीहत दी कि हर दिन नया है, नई शुरुआत है, जो कुछ हो गया, उसे पीछे छोड़ना है और नई शुरुआत करनी है। सचिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अनिल कुंबले खिलाड़ियों को ये सारी चीजें बखूबी सिखाएंगे। टिप्पणियां
गौरतलब है कि टीम इंडिया के कोच के रूप में अनिल कुंबले को चुने जाने के बाद रवि शास्त्री खुश नहीं थे। शास्त्री ने खुद कोच के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन चयन समिति के सदस्य सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्षण और सौरव गांगुली ने कुंबले के नाम पर मुहर लगाई। टीम इंडिया के डायरेक्टर के रूप में सफल रहे रवि शास्त्री इस निर्णय से नाराज थे।
शास्त्री ने गांगुली पर आरोप लगाया था कि उनके इंटरव्यू के दौरान गांगुली मौजूद नहीं थे और ऐसा करके गांगुली ने उनका अपमान किया। गांगुली का भी कहना था कि अगर शास्त्री यह सोचते हैं कि उनकी वजह से वह कोच नहीं बन पाए तो वह मूर्खों की दुनिया में जी रहे हैं।
सचिन ने कहा कि हर मैच में कुछ न कुछ मुश्किल का सामना करना पड़ता है और उस मुश्किल का कैसे सामना किया जाए, यह महत्वपूर्ण है। हमने बहुत कुछ प्लान किया है, लेकिन इस पर कैसे अमल होता है, यह देखना है। सचिन ने खिलाड़ियों को नसीहत दी कि हर दिन नया है, नई शुरुआत है, जो कुछ हो गया, उसे पीछे छोड़ना है और नई शुरुआत करनी है। सचिन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अनिल कुंबले खिलाड़ियों को ये सारी चीजें बखूबी सिखाएंगे। टिप्पणियां
गौरतलब है कि टीम इंडिया के कोच के रूप में अनिल कुंबले को चुने जाने के बाद रवि शास्त्री खुश नहीं थे। शास्त्री ने खुद कोच के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन चयन समिति के सदस्य सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्षण और सौरव गांगुली ने कुंबले के नाम पर मुहर लगाई। टीम इंडिया के डायरेक्टर के रूप में सफल रहे रवि शास्त्री इस निर्णय से नाराज थे।
शास्त्री ने गांगुली पर आरोप लगाया था कि उनके इंटरव्यू के दौरान गांगुली मौजूद नहीं थे और ऐसा करके गांगुली ने उनका अपमान किया। गांगुली का भी कहना था कि अगर शास्त्री यह सोचते हैं कि उनकी वजह से वह कोच नहीं बन पाए तो वह मूर्खों की दुनिया में जी रहे हैं।
गौरतलब है कि टीम इंडिया के कोच के रूप में अनिल कुंबले को चुने जाने के बाद रवि शास्त्री खुश नहीं थे। शास्त्री ने खुद कोच के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन चयन समिति के सदस्य सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्षण और सौरव गांगुली ने कुंबले के नाम पर मुहर लगाई। टीम इंडिया के डायरेक्टर के रूप में सफल रहे रवि शास्त्री इस निर्णय से नाराज थे।
शास्त्री ने गांगुली पर आरोप लगाया था कि उनके इंटरव्यू के दौरान गांगुली मौजूद नहीं थे और ऐसा करके गांगुली ने उनका अपमान किया। गांगुली का भी कहना था कि अगर शास्त्री यह सोचते हैं कि उनकी वजह से वह कोच नहीं बन पाए तो वह मूर्खों की दुनिया में जी रहे हैं।
शास्त्री ने गांगुली पर आरोप लगाया था कि उनके इंटरव्यू के दौरान गांगुली मौजूद नहीं थे और ऐसा करके गांगुली ने उनका अपमान किया। गांगुली का भी कहना था कि अगर शास्त्री यह सोचते हैं कि उनकी वजह से वह कोच नहीं बन पाए तो वह मूर्खों की दुनिया में जी रहे हैं। | हर दिन नया है, जो कुछ हो गया, उसे पीछे छोड़ना है और नई शुरुआत करनी है
सचिन ने कहा कि कुंबले एक बड़े मैच विजेता खिलाड़ी रहे हैं
सचिन ने कहा, शास्त्री शानदार खिलाड़ी रहे हैं, उनका अहम योगदान है | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इससे पहले तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर सृजन घोटाले के जरिए निशाना साधा था. तेजस्वी ने कहा था कि सृजन घोटाला से खुद को बचाने के लिए वह भाजपा और सीबीआई से डरकर पलंग के नीचे दुबके हुए हैं. इसके साथ ही उन्होंने सीबीआई को भारतीय जनता पार्टी का सहयोगी भी बताया है. सोमवार को ट्वीट करते हुए तेजस्वी ने कहा था, 'नीतीश कुमार जी सृजन घोटाले में अपनी गर्दन बचाने के लिए भाजपा और उसके सहयोगी सीबीआई के डर से चादर ओढ़कर पलंग के नीचे दुबके हुए है और ऊपर से पलंग को कंबल से ढकवा दिया है. हमारे चाचा जी इतने अधिक डरे हुए है कि अपनी पार्टी में पदाधिकारी भी अमित शाह की हरी झंडी मिलने के बाद ही बना रहे है.'
मेरे चाचा नीतीश कुमार जी गांधी, लोहिया और जेपी को छोड़ अब मोहन भागवत, नरेंद्र मोदी और अमित शाह के चेले बन गए हैं।
कुर्सी के लालच में संविधान और समाजवाद को भूल फ़ासीवाद और सम्प्रदायवाद को अपना लिया है। संवैधानिक संस्थाओं को ख़त्म करने में वो निरंतर BJP का सहयोग कर रहे है।
तेजस्वी यादव समय-समय पर नीतीश कुमार पर टि्वटर और भाषणों के जरिए निशाने साधते रहे हैं. हालही बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव ने सीएम को पत्र लिखा है और इस पर कुछ कदम उठाने की अपील की है. तेजस्वी यादव ने लेटर ट्वीट किया और लिखा- बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मेरा पत्र. 'क्राइम प्रिवेंशन 'के बजाय बिहार के सीएम आपराधिक संरक्षण में हैं. सीएम की भूमिका जनता की सुरक्षा की रक्षा करने की है, मगर दुर्भाग्य से, वह इस मुख्य कार्य को भूलते जा रहे हैं.' | सारांश: तेजस्वी यादव ने साधा नीतीश कुमार पर निशाना
कहा- जेपी, गांधी और लोहिया को भूल गए चाचा
'कुर्सी के लालच में PM, शाह और भागवत के बने चेले' | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिम हिस्से में स्थित क्वेटा शहर में गुरुवार को एक आत्मघाती हमले में कई शीर्ष पुलिस अधिकारी सहित 25 लोग मारे गए। यह हमला एक दिवंगत पुलिस अधिकारी के जनाजे को निशाना बना कर किया गया।
बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के पुलिस लाइंस में यह हमला उस वक्त हुआ, जब प्रांत के शीर्ष पुलिस अधिकारी सहित सैकड़ों लोग पुलिस थाना अध्यक्ष मोहीब उल्ला के जनाजे में शरीक हो रहे थे। मोहीब की आज सुबह गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस उपाधीक्षक वाहिद बख्श ने बताया कि हमले में 25 लोग मारे गए हैं और 40 अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में ज्यादातर लोग पुलिसकर्मी हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में पुलिस उप-महानिरीक्षक (ऑपरेशन) फय्याज सुम्बल, एक पुलिस अधीक्षक और एक पुलिस उपाधीक्षक शामिल हैं।
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि हमले में मारे गए सभी लोग पुलिसकर्मी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रांतीय पुलिस प्रमुख और नगर पुलिस प्रमुख बाल बाल बच गए। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में कई बच्चे और पुलिसकर्मी शामिल हैं। टिप्पणियां
पुलिस लाइंस इलाके में भारी सुरक्षा बंदोबस्त होने के बावजूद यह हमला हुआ। घायलों को एक सैन्य अस्पताल में ले जाया गया है। पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और बचाव एवं तलाशी अभियान शुरू किया है।
बम निरोधक दस्ता के अधिकारियों ने बताया कि हमलावर के पास करीब आठ किलोग्राम विस्फोटक था। बहरहाल, किसी भी आतंकवादी संगठन ने इन दोनों हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के पुलिस लाइंस में यह हमला उस वक्त हुआ, जब प्रांत के शीर्ष पुलिस अधिकारी सहित सैकड़ों लोग पुलिस थाना अध्यक्ष मोहीब उल्ला के जनाजे में शरीक हो रहे थे। मोहीब की आज सुबह गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस उपाधीक्षक वाहिद बख्श ने बताया कि हमले में 25 लोग मारे गए हैं और 40 अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में ज्यादातर लोग पुलिसकर्मी हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में पुलिस उप-महानिरीक्षक (ऑपरेशन) फय्याज सुम्बल, एक पुलिस अधीक्षक और एक पुलिस उपाधीक्षक शामिल हैं।
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि हमले में मारे गए सभी लोग पुलिसकर्मी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रांतीय पुलिस प्रमुख और नगर पुलिस प्रमुख बाल बाल बच गए। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में कई बच्चे और पुलिसकर्मी शामिल हैं। टिप्पणियां
पुलिस लाइंस इलाके में भारी सुरक्षा बंदोबस्त होने के बावजूद यह हमला हुआ। घायलों को एक सैन्य अस्पताल में ले जाया गया है। पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और बचाव एवं तलाशी अभियान शुरू किया है।
बम निरोधक दस्ता के अधिकारियों ने बताया कि हमलावर के पास करीब आठ किलोग्राम विस्फोटक था। बहरहाल, किसी भी आतंकवादी संगठन ने इन दोनों हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पुलिस उपाधीक्षक वाहिद बख्श ने बताया कि हमले में 25 लोग मारे गए हैं और 40 अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में ज्यादातर लोग पुलिसकर्मी हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में पुलिस उप-महानिरीक्षक (ऑपरेशन) फय्याज सुम्बल, एक पुलिस अधीक्षक और एक पुलिस उपाधीक्षक शामिल हैं।
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि हमले में मारे गए सभी लोग पुलिसकर्मी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रांतीय पुलिस प्रमुख और नगर पुलिस प्रमुख बाल बाल बच गए। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में कई बच्चे और पुलिसकर्मी शामिल हैं। टिप्पणियां
पुलिस लाइंस इलाके में भारी सुरक्षा बंदोबस्त होने के बावजूद यह हमला हुआ। घायलों को एक सैन्य अस्पताल में ले जाया गया है। पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और बचाव एवं तलाशी अभियान शुरू किया है।
बम निरोधक दस्ता के अधिकारियों ने बताया कि हमलावर के पास करीब आठ किलोग्राम विस्फोटक था। बहरहाल, किसी भी आतंकवादी संगठन ने इन दोनों हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि हमले में मारे गए सभी लोग पुलिसकर्मी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रांतीय पुलिस प्रमुख और नगर पुलिस प्रमुख बाल बाल बच गए। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में कई बच्चे और पुलिसकर्मी शामिल हैं। टिप्पणियां
पुलिस लाइंस इलाके में भारी सुरक्षा बंदोबस्त होने के बावजूद यह हमला हुआ। घायलों को एक सैन्य अस्पताल में ले जाया गया है। पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और बचाव एवं तलाशी अभियान शुरू किया है।
बम निरोधक दस्ता के अधिकारियों ने बताया कि हमलावर के पास करीब आठ किलोग्राम विस्फोटक था। बहरहाल, किसी भी आतंकवादी संगठन ने इन दोनों हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पुलिस लाइंस इलाके में भारी सुरक्षा बंदोबस्त होने के बावजूद यह हमला हुआ। घायलों को एक सैन्य अस्पताल में ले जाया गया है। पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और बचाव एवं तलाशी अभियान शुरू किया है।
बम निरोधक दस्ता के अधिकारियों ने बताया कि हमलावर के पास करीब आठ किलोग्राम विस्फोटक था। बहरहाल, किसी भी आतंकवादी संगठन ने इन दोनों हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
बम निरोधक दस्ता के अधिकारियों ने बताया कि हमलावर के पास करीब आठ किलोग्राम विस्फोटक था। बहरहाल, किसी भी आतंकवादी संगठन ने इन दोनों हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिम हिस्से में स्थित क्वेटा शहर में गुरुवार को एक आत्मघाती हमले में कई शीर्ष पुलिस अधिकारी सहित 25 लोग मारे गए। यह हमला एक दिवंगत पुलिस अधिकारी के जनाजे को निशाना बना कर किया गया। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज विधानसभा में रिटेल में विदेशी निवेश के फैसले के खिलाफ एक प्रस्ताव लेकर आएंगी। ममता ने केंद्र सरकार से इसी मुद्दे पर नाराज होकर समर्थन वापस लिया है।
गौरतलब है कि ममता शुरुआत से ही रिटेल में विदेशी निवेश के खिलाफ रही हैं, लेकिन इस मामले में सबसे दिलचस्प रहेगा लेफ्ट का रुख क्योंकि पिछली बार लेफ्ट ने ममता बनर्जी के इस प्रस्ताव का विरोध किया था। अब लेफ्ट की मुश्किल ये है कि वह केंद्र सरकार के फैसले के साथ जाए या अपनी धुर विरोधी ममता बनर्जी के साथ।
गौरतलब है कि ममता शुरुआत से ही रिटेल में विदेशी निवेश के खिलाफ रही हैं, लेकिन इस मामले में सबसे दिलचस्प रहेगा लेफ्ट का रुख क्योंकि पिछली बार लेफ्ट ने ममता बनर्जी के इस प्रस्ताव का विरोध किया था। अब लेफ्ट की मुश्किल ये है कि वह केंद्र सरकार के फैसले के साथ जाए या अपनी धुर विरोधी ममता बनर्जी के साथ। | संक्षिप्त पाठ: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज विधानसभा में रिटेल में विदेशी निवेश के फैसले के खिलाफ एक प्रस्ताव लेकर आएंगी। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि कूटनीति काम करती है जिसका नतीजा इतालवी सरकार के मछुआरों की हत्या के आरोपी मरीनों को वापस भेजने के फैसले में हुआ है।
खुर्शीद ने हालांकि इतालवी मीडिया में प्रकाशित उन रिपोर्टों से जुड़े सवालों से परहेज किया जिनमें कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इतालवी सरकार के फैसले को प्रभावित किया।
मरीनों को भारत वापस भेजने के इतालवी सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए विदेशमंत्री ने कहा कि फैसले के बारे में उचित प्रक्रिया के माध्यम से इस संबंध में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया जाएगा और वह खुद संसद को इसकी जानकारी देंगे।
उन्होंने कहा, मैं चाहूंगा और जैसा कि मैंने कहा है कि जो भी घटनाक्रम हुआ है उसे मैं संसद के साथ साझा करूंगा, लेकिन मैं निश्चित तौर पर कहूंगा कि हम लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, मैंने बार-बार कहा है कि आपको कूटनीतिक (प्रयासों) को इतनी जल्दी खारिज नहीं करना चाहिए... और अंत में मैं कह सकता हूं कि कूटनीति उस समय काम कर रही होती है जब सब सोच रहे होते हैं कि सब कुछ खत्म हो गया। कृपया कूटनीति को उन चीजों को करने का थोड़ा ज्यादा मौका दीजिए जो हमारे देश के लिए जरूरी हैं।
खुर्शीद ने यह भी कहा कि कानून जैसा है वैसा ही रहेगा। जहां तक कानून की बात है, कुछ भी नहीं बदलेगा और मेरी समझ कानून को नहीं बदल सकती। इटली ने गुरुवार रात कहा था कि भारत सरकार से यह आश्वासन मिलने के बाद कि मरीनों के बुनियादी अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा, वह दो मछुआरों की हत्या के आरोपी दोनों मरीनों को मामले में सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजेगा।
इटली के मीडिया में आई इस आशय की खबरों कि सोनिया गांधी ने मरीनों के संबंध में फैसले पर असर डाला, खुर्शीद ने कहा कि इस सरकार के अंतर्गत जो कूटनीति होती है, इस सरकार के तहत किसी नीति को लागू करने के लिए जो कूटनीति होती है वह निश्चित रूप से प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश और उनकी प्रेरणा से होती है।
उन्होंने कहा, यह वह सरकार है, जिसका नेतृत्व वे कर रहे हैं और इसलिए जो कुछ हुआ है, उसका श्रेय हमसे से कोई भी अन्य ले तो यह अनुचित होगा। वे आगे बढ़कर इसका नेतृत्व करते हैं। हम इसके बारे में और कुछ भी साझा नहीं करते। हम आपके साथ वह सब कुछ साझा नहीं कर सकते जो हमसे सरकार की ओर से निजी रूप से कहा गया है लेकिन मुझे लगता है कि मूल बात यह है कि हमसे जो उम्मीद की गई है वह लोगों के बीच स्पष्ट हो गई है।
मरीनों की वापसी पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया होगी, यह पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा, मुझे नहीं मालूम कि यह मुद्दा है या नहीं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे इसे सही परिप्रेक्ष्य में लेंगे। मुझे उम्मीद है कि अगर कुछ राष्ट्रहित में हुआ है और जिससे राष्ट्रहित मजबूत होता है, उसका सभी को स्वागत करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को मामले के बारे में सूचित किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, नहीं , मुझे नहीं लगता कि शीर्ष न्यायालय को इस तरह जानकारी दी जा सकती है और मामले पर 2 अप्रैल को सुनवाई होनी है। विदेश मंत्री ने कहा, इसलिए, उन्हें (संबंधित पक्ष) फैसला करना होगा और अगर वे आदेश में कोई सुधार चाहते हैं तो उसके लिए प्रक्रियाएं हैं। वकीलों को उन प्रक्रियाओं का रास्ता अपनाना होगा। आज शुक्रवार है और आपको मालूम है कि न्यायालय शनिवार और रविवार को नहीं बैठेगा।’ उन्होंने कहा, इसलिए सोमवार को, अगर किसी पक्ष को उचित लगता है तो वे इसे न्यायालय के संज्ञान में ला सकते हैं और उसे उचित तरीके से करना होगा।
खुर्शीद ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, हम संसद को साथ लेकर चलेंगे। हम इसे संसद के साथ साझा करेंगे क्योंकि यह संसद का सत्र के दौरान एक बहुत बड़ा मुद्दा बना रहा है। इटली ने इससे पहले अपने मरीनों मासिमिलियानो लतोरे और सल्वातोरे गिरोने को अदालती सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजने से इनकार किया था, जिससे राजनयिक संकट पैदा हो गया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
खुर्शीद ने हालांकि इतालवी मीडिया में प्रकाशित उन रिपोर्टों से जुड़े सवालों से परहेज किया जिनमें कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इतालवी सरकार के फैसले को प्रभावित किया।
मरीनों को भारत वापस भेजने के इतालवी सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए विदेशमंत्री ने कहा कि फैसले के बारे में उचित प्रक्रिया के माध्यम से इस संबंध में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया जाएगा और वह खुद संसद को इसकी जानकारी देंगे।
उन्होंने कहा, मैं चाहूंगा और जैसा कि मैंने कहा है कि जो भी घटनाक्रम हुआ है उसे मैं संसद के साथ साझा करूंगा, लेकिन मैं निश्चित तौर पर कहूंगा कि हम लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, मैंने बार-बार कहा है कि आपको कूटनीतिक (प्रयासों) को इतनी जल्दी खारिज नहीं करना चाहिए... और अंत में मैं कह सकता हूं कि कूटनीति उस समय काम कर रही होती है जब सब सोच रहे होते हैं कि सब कुछ खत्म हो गया। कृपया कूटनीति को उन चीजों को करने का थोड़ा ज्यादा मौका दीजिए जो हमारे देश के लिए जरूरी हैं।
खुर्शीद ने यह भी कहा कि कानून जैसा है वैसा ही रहेगा। जहां तक कानून की बात है, कुछ भी नहीं बदलेगा और मेरी समझ कानून को नहीं बदल सकती। इटली ने गुरुवार रात कहा था कि भारत सरकार से यह आश्वासन मिलने के बाद कि मरीनों के बुनियादी अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा, वह दो मछुआरों की हत्या के आरोपी दोनों मरीनों को मामले में सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजेगा।
इटली के मीडिया में आई इस आशय की खबरों कि सोनिया गांधी ने मरीनों के संबंध में फैसले पर असर डाला, खुर्शीद ने कहा कि इस सरकार के अंतर्गत जो कूटनीति होती है, इस सरकार के तहत किसी नीति को लागू करने के लिए जो कूटनीति होती है वह निश्चित रूप से प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश और उनकी प्रेरणा से होती है।
उन्होंने कहा, यह वह सरकार है, जिसका नेतृत्व वे कर रहे हैं और इसलिए जो कुछ हुआ है, उसका श्रेय हमसे से कोई भी अन्य ले तो यह अनुचित होगा। वे आगे बढ़कर इसका नेतृत्व करते हैं। हम इसके बारे में और कुछ भी साझा नहीं करते। हम आपके साथ वह सब कुछ साझा नहीं कर सकते जो हमसे सरकार की ओर से निजी रूप से कहा गया है लेकिन मुझे लगता है कि मूल बात यह है कि हमसे जो उम्मीद की गई है वह लोगों के बीच स्पष्ट हो गई है।
मरीनों की वापसी पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया होगी, यह पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा, मुझे नहीं मालूम कि यह मुद्दा है या नहीं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे इसे सही परिप्रेक्ष्य में लेंगे। मुझे उम्मीद है कि अगर कुछ राष्ट्रहित में हुआ है और जिससे राष्ट्रहित मजबूत होता है, उसका सभी को स्वागत करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को मामले के बारे में सूचित किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, नहीं , मुझे नहीं लगता कि शीर्ष न्यायालय को इस तरह जानकारी दी जा सकती है और मामले पर 2 अप्रैल को सुनवाई होनी है। विदेश मंत्री ने कहा, इसलिए, उन्हें (संबंधित पक्ष) फैसला करना होगा और अगर वे आदेश में कोई सुधार चाहते हैं तो उसके लिए प्रक्रियाएं हैं। वकीलों को उन प्रक्रियाओं का रास्ता अपनाना होगा। आज शुक्रवार है और आपको मालूम है कि न्यायालय शनिवार और रविवार को नहीं बैठेगा।’ उन्होंने कहा, इसलिए सोमवार को, अगर किसी पक्ष को उचित लगता है तो वे इसे न्यायालय के संज्ञान में ला सकते हैं और उसे उचित तरीके से करना होगा।
खुर्शीद ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, हम संसद को साथ लेकर चलेंगे। हम इसे संसद के साथ साझा करेंगे क्योंकि यह संसद का सत्र के दौरान एक बहुत बड़ा मुद्दा बना रहा है। इटली ने इससे पहले अपने मरीनों मासिमिलियानो लतोरे और सल्वातोरे गिरोने को अदालती सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजने से इनकार किया था, जिससे राजनयिक संकट पैदा हो गया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
मरीनों को भारत वापस भेजने के इतालवी सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए विदेशमंत्री ने कहा कि फैसले के बारे में उचित प्रक्रिया के माध्यम से इस संबंध में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया जाएगा और वह खुद संसद को इसकी जानकारी देंगे।
उन्होंने कहा, मैं चाहूंगा और जैसा कि मैंने कहा है कि जो भी घटनाक्रम हुआ है उसे मैं संसद के साथ साझा करूंगा, लेकिन मैं निश्चित तौर पर कहूंगा कि हम लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, मैंने बार-बार कहा है कि आपको कूटनीतिक (प्रयासों) को इतनी जल्दी खारिज नहीं करना चाहिए... और अंत में मैं कह सकता हूं कि कूटनीति उस समय काम कर रही होती है जब सब सोच रहे होते हैं कि सब कुछ खत्म हो गया। कृपया कूटनीति को उन चीजों को करने का थोड़ा ज्यादा मौका दीजिए जो हमारे देश के लिए जरूरी हैं।
खुर्शीद ने यह भी कहा कि कानून जैसा है वैसा ही रहेगा। जहां तक कानून की बात है, कुछ भी नहीं बदलेगा और मेरी समझ कानून को नहीं बदल सकती। इटली ने गुरुवार रात कहा था कि भारत सरकार से यह आश्वासन मिलने के बाद कि मरीनों के बुनियादी अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा, वह दो मछुआरों की हत्या के आरोपी दोनों मरीनों को मामले में सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजेगा।
इटली के मीडिया में आई इस आशय की खबरों कि सोनिया गांधी ने मरीनों के संबंध में फैसले पर असर डाला, खुर्शीद ने कहा कि इस सरकार के अंतर्गत जो कूटनीति होती है, इस सरकार के तहत किसी नीति को लागू करने के लिए जो कूटनीति होती है वह निश्चित रूप से प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश और उनकी प्रेरणा से होती है।
उन्होंने कहा, यह वह सरकार है, जिसका नेतृत्व वे कर रहे हैं और इसलिए जो कुछ हुआ है, उसका श्रेय हमसे से कोई भी अन्य ले तो यह अनुचित होगा। वे आगे बढ़कर इसका नेतृत्व करते हैं। हम इसके बारे में और कुछ भी साझा नहीं करते। हम आपके साथ वह सब कुछ साझा नहीं कर सकते जो हमसे सरकार की ओर से निजी रूप से कहा गया है लेकिन मुझे लगता है कि मूल बात यह है कि हमसे जो उम्मीद की गई है वह लोगों के बीच स्पष्ट हो गई है।
मरीनों की वापसी पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया होगी, यह पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा, मुझे नहीं मालूम कि यह मुद्दा है या नहीं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे इसे सही परिप्रेक्ष्य में लेंगे। मुझे उम्मीद है कि अगर कुछ राष्ट्रहित में हुआ है और जिससे राष्ट्रहित मजबूत होता है, उसका सभी को स्वागत करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को मामले के बारे में सूचित किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, नहीं , मुझे नहीं लगता कि शीर्ष न्यायालय को इस तरह जानकारी दी जा सकती है और मामले पर 2 अप्रैल को सुनवाई होनी है। विदेश मंत्री ने कहा, इसलिए, उन्हें (संबंधित पक्ष) फैसला करना होगा और अगर वे आदेश में कोई सुधार चाहते हैं तो उसके लिए प्रक्रियाएं हैं। वकीलों को उन प्रक्रियाओं का रास्ता अपनाना होगा। आज शुक्रवार है और आपको मालूम है कि न्यायालय शनिवार और रविवार को नहीं बैठेगा।’ उन्होंने कहा, इसलिए सोमवार को, अगर किसी पक्ष को उचित लगता है तो वे इसे न्यायालय के संज्ञान में ला सकते हैं और उसे उचित तरीके से करना होगा।
खुर्शीद ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, हम संसद को साथ लेकर चलेंगे। हम इसे संसद के साथ साझा करेंगे क्योंकि यह संसद का सत्र के दौरान एक बहुत बड़ा मुद्दा बना रहा है। इटली ने इससे पहले अपने मरीनों मासिमिलियानो लतोरे और सल्वातोरे गिरोने को अदालती सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजने से इनकार किया था, जिससे राजनयिक संकट पैदा हो गया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
उन्होंने कहा, मैं चाहूंगा और जैसा कि मैंने कहा है कि जो भी घटनाक्रम हुआ है उसे मैं संसद के साथ साझा करूंगा, लेकिन मैं निश्चित तौर पर कहूंगा कि हम लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, मैंने बार-बार कहा है कि आपको कूटनीतिक (प्रयासों) को इतनी जल्दी खारिज नहीं करना चाहिए... और अंत में मैं कह सकता हूं कि कूटनीति उस समय काम कर रही होती है जब सब सोच रहे होते हैं कि सब कुछ खत्म हो गया। कृपया कूटनीति को उन चीजों को करने का थोड़ा ज्यादा मौका दीजिए जो हमारे देश के लिए जरूरी हैं।
खुर्शीद ने यह भी कहा कि कानून जैसा है वैसा ही रहेगा। जहां तक कानून की बात है, कुछ भी नहीं बदलेगा और मेरी समझ कानून को नहीं बदल सकती। इटली ने गुरुवार रात कहा था कि भारत सरकार से यह आश्वासन मिलने के बाद कि मरीनों के बुनियादी अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा, वह दो मछुआरों की हत्या के आरोपी दोनों मरीनों को मामले में सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजेगा।
इटली के मीडिया में आई इस आशय की खबरों कि सोनिया गांधी ने मरीनों के संबंध में फैसले पर असर डाला, खुर्शीद ने कहा कि इस सरकार के अंतर्गत जो कूटनीति होती है, इस सरकार के तहत किसी नीति को लागू करने के लिए जो कूटनीति होती है वह निश्चित रूप से प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश और उनकी प्रेरणा से होती है।
उन्होंने कहा, यह वह सरकार है, जिसका नेतृत्व वे कर रहे हैं और इसलिए जो कुछ हुआ है, उसका श्रेय हमसे से कोई भी अन्य ले तो यह अनुचित होगा। वे आगे बढ़कर इसका नेतृत्व करते हैं। हम इसके बारे में और कुछ भी साझा नहीं करते। हम आपके साथ वह सब कुछ साझा नहीं कर सकते जो हमसे सरकार की ओर से निजी रूप से कहा गया है लेकिन मुझे लगता है कि मूल बात यह है कि हमसे जो उम्मीद की गई है वह लोगों के बीच स्पष्ट हो गई है।
मरीनों की वापसी पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया होगी, यह पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा, मुझे नहीं मालूम कि यह मुद्दा है या नहीं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे इसे सही परिप्रेक्ष्य में लेंगे। मुझे उम्मीद है कि अगर कुछ राष्ट्रहित में हुआ है और जिससे राष्ट्रहित मजबूत होता है, उसका सभी को स्वागत करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को मामले के बारे में सूचित किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, नहीं , मुझे नहीं लगता कि शीर्ष न्यायालय को इस तरह जानकारी दी जा सकती है और मामले पर 2 अप्रैल को सुनवाई होनी है। विदेश मंत्री ने कहा, इसलिए, उन्हें (संबंधित पक्ष) फैसला करना होगा और अगर वे आदेश में कोई सुधार चाहते हैं तो उसके लिए प्रक्रियाएं हैं। वकीलों को उन प्रक्रियाओं का रास्ता अपनाना होगा। आज शुक्रवार है और आपको मालूम है कि न्यायालय शनिवार और रविवार को नहीं बैठेगा।’ उन्होंने कहा, इसलिए सोमवार को, अगर किसी पक्ष को उचित लगता है तो वे इसे न्यायालय के संज्ञान में ला सकते हैं और उसे उचित तरीके से करना होगा।
खुर्शीद ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, हम संसद को साथ लेकर चलेंगे। हम इसे संसद के साथ साझा करेंगे क्योंकि यह संसद का सत्र के दौरान एक बहुत बड़ा मुद्दा बना रहा है। इटली ने इससे पहले अपने मरीनों मासिमिलियानो लतोरे और सल्वातोरे गिरोने को अदालती सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजने से इनकार किया था, जिससे राजनयिक संकट पैदा हो गया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
खुर्शीद ने यह भी कहा कि कानून जैसा है वैसा ही रहेगा। जहां तक कानून की बात है, कुछ भी नहीं बदलेगा और मेरी समझ कानून को नहीं बदल सकती। इटली ने गुरुवार रात कहा था कि भारत सरकार से यह आश्वासन मिलने के बाद कि मरीनों के बुनियादी अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा, वह दो मछुआरों की हत्या के आरोपी दोनों मरीनों को मामले में सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजेगा।
इटली के मीडिया में आई इस आशय की खबरों कि सोनिया गांधी ने मरीनों के संबंध में फैसले पर असर डाला, खुर्शीद ने कहा कि इस सरकार के अंतर्गत जो कूटनीति होती है, इस सरकार के तहत किसी नीति को लागू करने के लिए जो कूटनीति होती है वह निश्चित रूप से प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश और उनकी प्रेरणा से होती है।
उन्होंने कहा, यह वह सरकार है, जिसका नेतृत्व वे कर रहे हैं और इसलिए जो कुछ हुआ है, उसका श्रेय हमसे से कोई भी अन्य ले तो यह अनुचित होगा। वे आगे बढ़कर इसका नेतृत्व करते हैं। हम इसके बारे में और कुछ भी साझा नहीं करते। हम आपके साथ वह सब कुछ साझा नहीं कर सकते जो हमसे सरकार की ओर से निजी रूप से कहा गया है लेकिन मुझे लगता है कि मूल बात यह है कि हमसे जो उम्मीद की गई है वह लोगों के बीच स्पष्ट हो गई है।
मरीनों की वापसी पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया होगी, यह पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा, मुझे नहीं मालूम कि यह मुद्दा है या नहीं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे इसे सही परिप्रेक्ष्य में लेंगे। मुझे उम्मीद है कि अगर कुछ राष्ट्रहित में हुआ है और जिससे राष्ट्रहित मजबूत होता है, उसका सभी को स्वागत करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को मामले के बारे में सूचित किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, नहीं , मुझे नहीं लगता कि शीर्ष न्यायालय को इस तरह जानकारी दी जा सकती है और मामले पर 2 अप्रैल को सुनवाई होनी है। विदेश मंत्री ने कहा, इसलिए, उन्हें (संबंधित पक्ष) फैसला करना होगा और अगर वे आदेश में कोई सुधार चाहते हैं तो उसके लिए प्रक्रियाएं हैं। वकीलों को उन प्रक्रियाओं का रास्ता अपनाना होगा। आज शुक्रवार है और आपको मालूम है कि न्यायालय शनिवार और रविवार को नहीं बैठेगा।’ उन्होंने कहा, इसलिए सोमवार को, अगर किसी पक्ष को उचित लगता है तो वे इसे न्यायालय के संज्ञान में ला सकते हैं और उसे उचित तरीके से करना होगा।
खुर्शीद ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, हम संसद को साथ लेकर चलेंगे। हम इसे संसद के साथ साझा करेंगे क्योंकि यह संसद का सत्र के दौरान एक बहुत बड़ा मुद्दा बना रहा है। इटली ने इससे पहले अपने मरीनों मासिमिलियानो लतोरे और सल्वातोरे गिरोने को अदालती सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजने से इनकार किया था, जिससे राजनयिक संकट पैदा हो गया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
इटली के मीडिया में आई इस आशय की खबरों कि सोनिया गांधी ने मरीनों के संबंध में फैसले पर असर डाला, खुर्शीद ने कहा कि इस सरकार के अंतर्गत जो कूटनीति होती है, इस सरकार के तहत किसी नीति को लागू करने के लिए जो कूटनीति होती है वह निश्चित रूप से प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश और उनकी प्रेरणा से होती है।
उन्होंने कहा, यह वह सरकार है, जिसका नेतृत्व वे कर रहे हैं और इसलिए जो कुछ हुआ है, उसका श्रेय हमसे से कोई भी अन्य ले तो यह अनुचित होगा। वे आगे बढ़कर इसका नेतृत्व करते हैं। हम इसके बारे में और कुछ भी साझा नहीं करते। हम आपके साथ वह सब कुछ साझा नहीं कर सकते जो हमसे सरकार की ओर से निजी रूप से कहा गया है लेकिन मुझे लगता है कि मूल बात यह है कि हमसे जो उम्मीद की गई है वह लोगों के बीच स्पष्ट हो गई है।
मरीनों की वापसी पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया होगी, यह पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा, मुझे नहीं मालूम कि यह मुद्दा है या नहीं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे इसे सही परिप्रेक्ष्य में लेंगे। मुझे उम्मीद है कि अगर कुछ राष्ट्रहित में हुआ है और जिससे राष्ट्रहित मजबूत होता है, उसका सभी को स्वागत करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को मामले के बारे में सूचित किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, नहीं , मुझे नहीं लगता कि शीर्ष न्यायालय को इस तरह जानकारी दी जा सकती है और मामले पर 2 अप्रैल को सुनवाई होनी है। विदेश मंत्री ने कहा, इसलिए, उन्हें (संबंधित पक्ष) फैसला करना होगा और अगर वे आदेश में कोई सुधार चाहते हैं तो उसके लिए प्रक्रियाएं हैं। वकीलों को उन प्रक्रियाओं का रास्ता अपनाना होगा। आज शुक्रवार है और आपको मालूम है कि न्यायालय शनिवार और रविवार को नहीं बैठेगा।’ उन्होंने कहा, इसलिए सोमवार को, अगर किसी पक्ष को उचित लगता है तो वे इसे न्यायालय के संज्ञान में ला सकते हैं और उसे उचित तरीके से करना होगा।
खुर्शीद ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, हम संसद को साथ लेकर चलेंगे। हम इसे संसद के साथ साझा करेंगे क्योंकि यह संसद का सत्र के दौरान एक बहुत बड़ा मुद्दा बना रहा है। इटली ने इससे पहले अपने मरीनों मासिमिलियानो लतोरे और सल्वातोरे गिरोने को अदालती सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजने से इनकार किया था, जिससे राजनयिक संकट पैदा हो गया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
उन्होंने कहा, यह वह सरकार है, जिसका नेतृत्व वे कर रहे हैं और इसलिए जो कुछ हुआ है, उसका श्रेय हमसे से कोई भी अन्य ले तो यह अनुचित होगा। वे आगे बढ़कर इसका नेतृत्व करते हैं। हम इसके बारे में और कुछ भी साझा नहीं करते। हम आपके साथ वह सब कुछ साझा नहीं कर सकते जो हमसे सरकार की ओर से निजी रूप से कहा गया है लेकिन मुझे लगता है कि मूल बात यह है कि हमसे जो उम्मीद की गई है वह लोगों के बीच स्पष्ट हो गई है।
मरीनों की वापसी पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया होगी, यह पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा, मुझे नहीं मालूम कि यह मुद्दा है या नहीं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे इसे सही परिप्रेक्ष्य में लेंगे। मुझे उम्मीद है कि अगर कुछ राष्ट्रहित में हुआ है और जिससे राष्ट्रहित मजबूत होता है, उसका सभी को स्वागत करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को मामले के बारे में सूचित किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, नहीं , मुझे नहीं लगता कि शीर्ष न्यायालय को इस तरह जानकारी दी जा सकती है और मामले पर 2 अप्रैल को सुनवाई होनी है। विदेश मंत्री ने कहा, इसलिए, उन्हें (संबंधित पक्ष) फैसला करना होगा और अगर वे आदेश में कोई सुधार चाहते हैं तो उसके लिए प्रक्रियाएं हैं। वकीलों को उन प्रक्रियाओं का रास्ता अपनाना होगा। आज शुक्रवार है और आपको मालूम है कि न्यायालय शनिवार और रविवार को नहीं बैठेगा।’ उन्होंने कहा, इसलिए सोमवार को, अगर किसी पक्ष को उचित लगता है तो वे इसे न्यायालय के संज्ञान में ला सकते हैं और उसे उचित तरीके से करना होगा।
खुर्शीद ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, हम संसद को साथ लेकर चलेंगे। हम इसे संसद के साथ साझा करेंगे क्योंकि यह संसद का सत्र के दौरान एक बहुत बड़ा मुद्दा बना रहा है। इटली ने इससे पहले अपने मरीनों मासिमिलियानो लतोरे और सल्वातोरे गिरोने को अदालती सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजने से इनकार किया था, जिससे राजनयिक संकट पैदा हो गया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
सुप्रीम कोर्ट को मामले के बारे में सूचित किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा, नहीं , मुझे नहीं लगता कि शीर्ष न्यायालय को इस तरह जानकारी दी जा सकती है और मामले पर 2 अप्रैल को सुनवाई होनी है। विदेश मंत्री ने कहा, इसलिए, उन्हें (संबंधित पक्ष) फैसला करना होगा और अगर वे आदेश में कोई सुधार चाहते हैं तो उसके लिए प्रक्रियाएं हैं। वकीलों को उन प्रक्रियाओं का रास्ता अपनाना होगा। आज शुक्रवार है और आपको मालूम है कि न्यायालय शनिवार और रविवार को नहीं बैठेगा।’ उन्होंने कहा, इसलिए सोमवार को, अगर किसी पक्ष को उचित लगता है तो वे इसे न्यायालय के संज्ञान में ला सकते हैं और उसे उचित तरीके से करना होगा।
खुर्शीद ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, हम संसद को साथ लेकर चलेंगे। हम इसे संसद के साथ साझा करेंगे क्योंकि यह संसद का सत्र के दौरान एक बहुत बड़ा मुद्दा बना रहा है। इटली ने इससे पहले अपने मरीनों मासिमिलियानो लतोरे और सल्वातोरे गिरोने को अदालती सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजने से इनकार किया था, जिससे राजनयिक संकट पैदा हो गया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
खुर्शीद ने कहा कि जहां तक हमारी बात है, हम संसद को साथ लेकर चलेंगे। हम इसे संसद के साथ साझा करेंगे क्योंकि यह संसद का सत्र के दौरान एक बहुत बड़ा मुद्दा बना रहा है। इटली ने इससे पहले अपने मरीनों मासिमिलियानो लतोरे और सल्वातोरे गिरोने को अदालती सुनवाई का सामना करने के लिए भारत भेजने से इनकार किया था, जिससे राजनयिक संकट पैदा हो गया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह इटली के दो मरीनों को भारत भेजने से इनकार करने को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था और कहा था कि इटली के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं।
इटली सरकार ने एक बयान में कहा था कि भारत से आश्वासन मिलने पर मरीनों को वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है, जिससे खुद मरीन भी सहमत हैं। | सारांश: विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि कूटनीति काम करती है जिसका नतीजा इतालवी सरकार के मछुआरों की हत्या के आरोपी मरीनों को वापस भेजने के फैसले में हुआ है। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यह घटना उस समय हुई जब वे भारतीय टीम की बल्लेबाजी के दौरान नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर थे. बल्लेबाजी कर रहे भुवनेश्वर कुमार का तेज शॉट सीधे नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर खड़े हार्दिक के हेलमेट के ग्रिल से टकराया. शॉट इतना जोरदार था कि हार्दिक मैदान पर ही दोहरे हो गए. उन्हें गिरा देखकर भुवनेश्वर कुमार और ऑस्ट्रेलिया टीम के फील्डर्स उनकी मदद के लिए पहुंचे.
ऑस्ट्रेलिया टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ ने फौरन फिजियो भेजने के लिए ड्रेसिंग रूम की ओर इशारा किया. सौभाग्य से हार्दिक की यह चोट ज्यादा गंभीर नहीं थी. हल्के प्राथमिक उपचार के बाद वे क्रीज पर लौट आए. हार्दिक जब बल्लेबाजी के लिए लौटे तो ईडन गार्डंस पर मौजूद क्रिकेटप्रेमियों ने तेज आवाज के साथ उनका स्वागत किया. भारतीय क्रिकेट में भी क्रिकेट मैदान पर खिलाड़ियों के घायल होने की कुछ घटनाएं हुई थीं. इसी वर्ष अप्रैल में बंगाल के क्रिकेटर अंकित केशरी को स्थानीय मैच के दौरान सिर में चोट लग गई थी. बाद में एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी. टीम इंडिया की ओर से खेल चुके रमन लांबा भी सिर में चोट लगने के कारण वर्ष 1998 में जान गंवा चुके हैं. लांबा को बांग्लादेश लीग क्रिकेट मैच के दौरान फील्डिंग करते हुए सिर में यह चोट लगी थी.
ऑस्ट्रेलिया टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ ने फौरन फिजियो भेजने के लिए ड्रेसिंग रूम की ओर इशारा किया. सौभाग्य से हार्दिक की यह चोट ज्यादा गंभीर नहीं थी. हल्के प्राथमिक उपचार के बाद वे क्रीज पर लौट आए. हार्दिक जब बल्लेबाजी के लिए लौटे तो ईडन गार्डंस पर मौजूद क्रिकेटप्रेमियों ने तेज आवाज के साथ उनका स्वागत किया. भारतीय क्रिकेट में भी क्रिकेट मैदान पर खिलाड़ियों के घायल होने की कुछ घटनाएं हुई थीं. इसी वर्ष अप्रैल में बंगाल के क्रिकेटर अंकित केशरी को स्थानीय मैच के दौरान सिर में चोट लग गई थी. बाद में एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी. टीम इंडिया की ओर से खेल चुके रमन लांबा भी सिर में चोट लगने के कारण वर्ष 1998 में जान गंवा चुके हैं. लांबा को बांग्लादेश लीग क्रिकेट मैच के दौरान फील्डिंग करते हुए सिर में यह चोट लगी थी. | यह एक सारांश है: भुवी के शॉट पर बुरी तरह घायल होने से बच गए पंड्या
हार्दिक के क्रीज पर लौटते ही सबने राहत की सांस ली
मैदान पर ऐसी घटनाओं में कई खिलाड़ी हो चुके चोटग्रस्त | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब विधानसभा की 117 सीटों और उत्तराखण्ड विधानसभा की 70 सीटों के लिए सोमवार को मतदान होगा। दोनों राज्यों में मतदान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार शाम को चुनाव प्रचार खत्म हो गया। अब उम्मीदवारों के पास घर-घर जनसम्पर्क अभियान चलाने का विकल्प बचा है।
पंजाब में कुल 117 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए 1078 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 93 महिला उम्मीदवार हैं। मतदान के लिए 19724 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिसके लिए 19841 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया जाएगा।
कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जहां सभी 117 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं वहीं शिरोमणि अकाली दल ने 94 और पंजाब पीपुल्स पार्टी ने 92 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 23, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने 14 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने नौ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा निर्दलीय और अन्य 612 हैं।टिप्पणियां
उत्तराखण्ड में राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए कुल 788 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए कुल 9744 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें से 1794 को संवेदनशील और 1252 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। राज्य में निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल की 75 कम्पनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य पुलिस के सशस्त्र बल की 25 कम्पनियों की तैनाती की गई है।
राज्य में तीन प्रमुख दलों कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार शाम को चुनाव प्रचार खत्म हो गया। अब उम्मीदवारों के पास घर-घर जनसम्पर्क अभियान चलाने का विकल्प बचा है।
पंजाब में कुल 117 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए 1078 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 93 महिला उम्मीदवार हैं। मतदान के लिए 19724 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिसके लिए 19841 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया जाएगा।
कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जहां सभी 117 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं वहीं शिरोमणि अकाली दल ने 94 और पंजाब पीपुल्स पार्टी ने 92 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 23, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने 14 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने नौ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा निर्दलीय और अन्य 612 हैं।टिप्पणियां
उत्तराखण्ड में राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए कुल 788 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए कुल 9744 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें से 1794 को संवेदनशील और 1252 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। राज्य में निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल की 75 कम्पनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य पुलिस के सशस्त्र बल की 25 कम्पनियों की तैनाती की गई है।
राज्य में तीन प्रमुख दलों कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
पंजाब में कुल 117 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए 1078 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 93 महिला उम्मीदवार हैं। मतदान के लिए 19724 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिसके लिए 19841 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया जाएगा।
कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जहां सभी 117 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं वहीं शिरोमणि अकाली दल ने 94 और पंजाब पीपुल्स पार्टी ने 92 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 23, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने 14 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने नौ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा निर्दलीय और अन्य 612 हैं।टिप्पणियां
उत्तराखण्ड में राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए कुल 788 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए कुल 9744 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें से 1794 को संवेदनशील और 1252 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। राज्य में निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल की 75 कम्पनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य पुलिस के सशस्त्र बल की 25 कम्पनियों की तैनाती की गई है।
राज्य में तीन प्रमुख दलों कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जहां सभी 117 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं वहीं शिरोमणि अकाली दल ने 94 और पंजाब पीपुल्स पार्टी ने 92 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 23, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने 14 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने नौ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा निर्दलीय और अन्य 612 हैं।टिप्पणियां
उत्तराखण्ड में राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए कुल 788 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए कुल 9744 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें से 1794 को संवेदनशील और 1252 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। राज्य में निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल की 75 कम्पनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य पुलिस के सशस्त्र बल की 25 कम्पनियों की तैनाती की गई है।
राज्य में तीन प्रमुख दलों कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
उत्तराखण्ड में राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए कुल 788 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए कुल 9744 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें से 1794 को संवेदनशील और 1252 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। राज्य में निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल की 75 कम्पनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य पुलिस के सशस्त्र बल की 25 कम्पनियों की तैनाती की गई है।
राज्य में तीन प्रमुख दलों कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
राज्य में तीन प्रमुख दलों कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पंजाब विधानसभा की 117 सीटों और उत्तराखण्ड विधानसभा की 70 सीटों के लिए सोमवार को मतदान होगा। दोनों राज्यों में मतदान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीरिया की राजधानी दमिश्क में 48 ईरानी जायरीन का एक बस से अपहरण कर लिया गया। दमिश्क में ईरानी दूतावास के महा वाणिज्य दूत ने ईरान के सरकारी टेलीविजन को यह जानकारी दी है।टिप्पणियां
माजिद कामजाउ ने आईआरआईबी नेटवर्क को बताया, सशस्त्र आतंकवादी समूहों ने 48 ईरानी जायरीन को उस समय अपहरण कर लिया, जब वे हवाई अड्डे जा रहे थे। उन्होंने कहा कि जायरीन के बारे में कुछ भी नहीं पता चला है।
दूतावास और सीरियाई अधिकारी अपहरणकर्ताओं का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। हर साल सैकड़ों ईरानी जायरीन दमिश्क में शियाओं के पवित्र स्थल जैनब के मकबरे जाते हैं।
माजिद कामजाउ ने आईआरआईबी नेटवर्क को बताया, सशस्त्र आतंकवादी समूहों ने 48 ईरानी जायरीन को उस समय अपहरण कर लिया, जब वे हवाई अड्डे जा रहे थे। उन्होंने कहा कि जायरीन के बारे में कुछ भी नहीं पता चला है।
दूतावास और सीरियाई अधिकारी अपहरणकर्ताओं का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। हर साल सैकड़ों ईरानी जायरीन दमिश्क में शियाओं के पवित्र स्थल जैनब के मकबरे जाते हैं।
दूतावास और सीरियाई अधिकारी अपहरणकर्ताओं का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। हर साल सैकड़ों ईरानी जायरीन दमिश्क में शियाओं के पवित्र स्थल जैनब के मकबरे जाते हैं। | संक्षिप्त पाठ: सीरिया की राजधानी दमिश्क में 48 ईरानी जायरीन का एक बस से अपहरण कर लिया गया। दमिश्क में ईरानी दूतावास के महा वाणिज्य दूत ने ईरान के सरकारी टेलीविजन को यह जानकारी दी। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा पर भारत में छह चीनी नागरिक हमला कर सकते है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह चेतावनी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक तिब्बती मूल का चीनी नागरिक ताशी फुनशोक नाम का एक शख्स तिब्बती प्रशासन के बारे में सूचनाएं इकट्ठा करने और दलाई लामा को नुकसान करने के लिए भारत आया था।
रिपोर्ट के मुताबिक दलाई लामा मुंबई और दूसरे शहरों में आते रहते हैं, इसलिए ऐसी चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। दलाई लामा के विरोध करने वाले गुट शुगदिन पर भी नजर रखने की बात कही गई है। ऐसी आशंका है कि जिन छह लोगों पर शक है, वे चीन की खुफिया एजेंसी के सदस्य हो सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दलाई लामा मुंबई और दूसरे शहरों में आते रहते हैं, इसलिए ऐसी चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। दलाई लामा के विरोध करने वाले गुट शुगदिन पर भी नजर रखने की बात कही गई है। ऐसी आशंका है कि जिन छह लोगों पर शक है, वे चीन की खुफिया एजेंसी के सदस्य हो सकते हैं। | सारांश: तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा पर भारत में छह चीनी नागरिक हमला कर सकते है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह चेतावनी दी गई है। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने आईपीएल फ्रेंचाइजी का मामला अदालत में होने के कारण उस पर बात करने से इन्कार कर दिया लेकिन इतना जरूर कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग में नई टीम जोड़ने के लिए बीसीसीआई विज्ञापन दे सकता है।
श्रीनिवासन ने बोर्ड की 83वीं आम सभा के बाद कहा, ‘मैं इस मसले (डेक्कन चार्जर्स) पर टिप्प्णी नहीं कर सकता क्योंकि अभी यह अदालत के अधीन है। मुझे सूचित किया गया है कि अदालत जल्द ही अपना फैसला दे सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन जहां तक बोर्ड का सवाल है तो वह अन्य फ्रेंचाइजी के लिए विज्ञापन दे सकता है। लेकिन यह फैसला अभी किया जाना है। यदि हम नौ टीमों के साथ चलते हैं तो ऐसा भी हो सकता है।’टिप्पणियां
मुंबई उच्च न्यायालय ने बीसीसीआई और डेक्कन क्रोनिकल्स होल्डिंग्स लिमिटेड (डीसीएचएल) के बीच आईपीएल फ्रेंचाइजी डेक्कन चार्जर्स को बर्खास्त करने को लेकर चल विवाद को तीन महीने के अंदर सुलझाने के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत जज सी के ठक्कर को बुधवार को पंचाट नियुक्त किया था।
न्यायमूर्ति एसजे काठवाला ने न्यायमूर्ति ठक्कर को इस मामले में मध्यस्थता करने की जिम्मेदारी सौंपी क्योंकि दोनों पक्ष किसी एक मध्यस्थ के नाम पर सहमत नहीं थे। अदालत ने हालांकि पिछले सप्ताह चेन्नई में आईपीएल संचालन परिषद की आपात बैठक में डेक्कन चार्जर्स का अनुबंध खत्म करने के बीसीसीआई के फैसले पर रोक लगाने की डीसीएचएल की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। अदालत ने डीसीएचएल को 10 दिन के अंदर बीसीसीआई को 100 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का भी आदेश दिया था।
श्रीनिवासन ने बोर्ड की 83वीं आम सभा के बाद कहा, ‘मैं इस मसले (डेक्कन चार्जर्स) पर टिप्प्णी नहीं कर सकता क्योंकि अभी यह अदालत के अधीन है। मुझे सूचित किया गया है कि अदालत जल्द ही अपना फैसला दे सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन जहां तक बोर्ड का सवाल है तो वह अन्य फ्रेंचाइजी के लिए विज्ञापन दे सकता है। लेकिन यह फैसला अभी किया जाना है। यदि हम नौ टीमों के साथ चलते हैं तो ऐसा भी हो सकता है।’टिप्पणियां
मुंबई उच्च न्यायालय ने बीसीसीआई और डेक्कन क्रोनिकल्स होल्डिंग्स लिमिटेड (डीसीएचएल) के बीच आईपीएल फ्रेंचाइजी डेक्कन चार्जर्स को बर्खास्त करने को लेकर चल विवाद को तीन महीने के अंदर सुलझाने के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत जज सी के ठक्कर को बुधवार को पंचाट नियुक्त किया था।
न्यायमूर्ति एसजे काठवाला ने न्यायमूर्ति ठक्कर को इस मामले में मध्यस्थता करने की जिम्मेदारी सौंपी क्योंकि दोनों पक्ष किसी एक मध्यस्थ के नाम पर सहमत नहीं थे। अदालत ने हालांकि पिछले सप्ताह चेन्नई में आईपीएल संचालन परिषद की आपात बैठक में डेक्कन चार्जर्स का अनुबंध खत्म करने के बीसीसीआई के फैसले पर रोक लगाने की डीसीएचएल की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। अदालत ने डीसीएचएल को 10 दिन के अंदर बीसीसीआई को 100 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का भी आदेश दिया था।
मुंबई उच्च न्यायालय ने बीसीसीआई और डेक्कन क्रोनिकल्स होल्डिंग्स लिमिटेड (डीसीएचएल) के बीच आईपीएल फ्रेंचाइजी डेक्कन चार्जर्स को बर्खास्त करने को लेकर चल विवाद को तीन महीने के अंदर सुलझाने के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत जज सी के ठक्कर को बुधवार को पंचाट नियुक्त किया था।
न्यायमूर्ति एसजे काठवाला ने न्यायमूर्ति ठक्कर को इस मामले में मध्यस्थता करने की जिम्मेदारी सौंपी क्योंकि दोनों पक्ष किसी एक मध्यस्थ के नाम पर सहमत नहीं थे। अदालत ने हालांकि पिछले सप्ताह चेन्नई में आईपीएल संचालन परिषद की आपात बैठक में डेक्कन चार्जर्स का अनुबंध खत्म करने के बीसीसीआई के फैसले पर रोक लगाने की डीसीएचएल की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। अदालत ने डीसीएचएल को 10 दिन के अंदर बीसीसीआई को 100 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का भी आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति एसजे काठवाला ने न्यायमूर्ति ठक्कर को इस मामले में मध्यस्थता करने की जिम्मेदारी सौंपी क्योंकि दोनों पक्ष किसी एक मध्यस्थ के नाम पर सहमत नहीं थे। अदालत ने हालांकि पिछले सप्ताह चेन्नई में आईपीएल संचालन परिषद की आपात बैठक में डेक्कन चार्जर्स का अनुबंध खत्म करने के बीसीसीआई के फैसले पर रोक लगाने की डीसीएचएल की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। अदालत ने डीसीएचएल को 10 दिन के अंदर बीसीसीआई को 100 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का भी आदेश दिया था। | यहाँ एक सारांश है:श्रीनिवासन ने आईपीएल फ्रेंचाइजी का मामला अदालत में होने के कारण उस पर बात करने से इनकार कर दिया लेकिन इतना जरूर कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग में नई टीम जोड़ने के लिए बीसीसीआई विज्ञापन दे सकता है। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मद्रास हाईकोर्ट द्वारा बैन हटाए जाने के बावजूद विश्वरूपम की मुश्किलें बरकरार है। बैन हटाए जाने के फैसले खिलाफ तमिलनाडु सरकार की अपील पर आज मद्रास हाईकोर्ट सुनवाई करेगी।
इससे पूर्व प्रख्यात अभिनेता कमल हासन को बड़ी राहत देते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने उनकी फिल्म ‘विश्वरूपम’ पर लगे प्रतिबंध को हटाने का आदेश दिया था।
‘विश्वरूपम’ पर यह प्रतिबंध तमिलनाडु सरकार ने लगाया था। फिल्म में कथित तौर पर मुस्लिम-विरोधी सामग्री होने के कारण इसे प्रतिबंधित किया गया था। इस फिल्म के निर्माण पर कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।टिप्पणियां
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने इस फिल्म को दिए गए ‘यू..ए’ प्रमाण-पत्र पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि फिल्मों का प्रमाणन अपने आप में बहुत बड़ा घोटाला है। राज्य सरकार ने इसकी जांच कराए जाने की मांग की। महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि ‘विश्वरूपम’ का ‘यू..ए’ प्रमाण-पत्र सेंसर बोर्ड की ओर से जारी नहीं किया गया था, बल्कि महज एक परीक्षण समिति की ओर से जारी किया गया, जिसे संविधान के प्रावधानों के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है।
इस आरोप को खारिज करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विल्सन ने कहा कि उचित प्रक्रिया के तहत ही प्रमाणन किया गया। प्रमाणन के लिए आवेदन सेंसर बोर्ड के पास 4 अक्तूबर 2012 को आया। 8 अक्तूबर को फिल्म देखी गई और 10 अक्तूबर को फिल्म से कुछ दृश्य काटने के लिए नोटिस भेजे गए, जिन दृश्यों को काटने के लिए कहा गया, उन्हें काट दिया गया और अंतिम तौर पर फिल्म को प्रमाण-पत्र जारी किया गया।
इससे पूर्व प्रख्यात अभिनेता कमल हासन को बड़ी राहत देते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने उनकी फिल्म ‘विश्वरूपम’ पर लगे प्रतिबंध को हटाने का आदेश दिया था।
‘विश्वरूपम’ पर यह प्रतिबंध तमिलनाडु सरकार ने लगाया था। फिल्म में कथित तौर पर मुस्लिम-विरोधी सामग्री होने के कारण इसे प्रतिबंधित किया गया था। इस फिल्म के निर्माण पर कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।टिप्पणियां
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने इस फिल्म को दिए गए ‘यू..ए’ प्रमाण-पत्र पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि फिल्मों का प्रमाणन अपने आप में बहुत बड़ा घोटाला है। राज्य सरकार ने इसकी जांच कराए जाने की मांग की। महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि ‘विश्वरूपम’ का ‘यू..ए’ प्रमाण-पत्र सेंसर बोर्ड की ओर से जारी नहीं किया गया था, बल्कि महज एक परीक्षण समिति की ओर से जारी किया गया, जिसे संविधान के प्रावधानों के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है।
इस आरोप को खारिज करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विल्सन ने कहा कि उचित प्रक्रिया के तहत ही प्रमाणन किया गया। प्रमाणन के लिए आवेदन सेंसर बोर्ड के पास 4 अक्तूबर 2012 को आया। 8 अक्तूबर को फिल्म देखी गई और 10 अक्तूबर को फिल्म से कुछ दृश्य काटने के लिए नोटिस भेजे गए, जिन दृश्यों को काटने के लिए कहा गया, उन्हें काट दिया गया और अंतिम तौर पर फिल्म को प्रमाण-पत्र जारी किया गया।
‘विश्वरूपम’ पर यह प्रतिबंध तमिलनाडु सरकार ने लगाया था। फिल्म में कथित तौर पर मुस्लिम-विरोधी सामग्री होने के कारण इसे प्रतिबंधित किया गया था। इस फिल्म के निर्माण पर कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।टिप्पणियां
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने इस फिल्म को दिए गए ‘यू..ए’ प्रमाण-पत्र पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि फिल्मों का प्रमाणन अपने आप में बहुत बड़ा घोटाला है। राज्य सरकार ने इसकी जांच कराए जाने की मांग की। महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि ‘विश्वरूपम’ का ‘यू..ए’ प्रमाण-पत्र सेंसर बोर्ड की ओर से जारी नहीं किया गया था, बल्कि महज एक परीक्षण समिति की ओर से जारी किया गया, जिसे संविधान के प्रावधानों के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है।
इस आरोप को खारिज करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विल्सन ने कहा कि उचित प्रक्रिया के तहत ही प्रमाणन किया गया। प्रमाणन के लिए आवेदन सेंसर बोर्ड के पास 4 अक्तूबर 2012 को आया। 8 अक्तूबर को फिल्म देखी गई और 10 अक्तूबर को फिल्म से कुछ दृश्य काटने के लिए नोटिस भेजे गए, जिन दृश्यों को काटने के लिए कहा गया, उन्हें काट दिया गया और अंतिम तौर पर फिल्म को प्रमाण-पत्र जारी किया गया।
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने इस फिल्म को दिए गए ‘यू..ए’ प्रमाण-पत्र पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि फिल्मों का प्रमाणन अपने आप में बहुत बड़ा घोटाला है। राज्य सरकार ने इसकी जांच कराए जाने की मांग की। महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि ‘विश्वरूपम’ का ‘यू..ए’ प्रमाण-पत्र सेंसर बोर्ड की ओर से जारी नहीं किया गया था, बल्कि महज एक परीक्षण समिति की ओर से जारी किया गया, जिसे संविधान के प्रावधानों के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है।
इस आरोप को खारिज करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विल्सन ने कहा कि उचित प्रक्रिया के तहत ही प्रमाणन किया गया। प्रमाणन के लिए आवेदन सेंसर बोर्ड के पास 4 अक्तूबर 2012 को आया। 8 अक्तूबर को फिल्म देखी गई और 10 अक्तूबर को फिल्म से कुछ दृश्य काटने के लिए नोटिस भेजे गए, जिन दृश्यों को काटने के लिए कहा गया, उन्हें काट दिया गया और अंतिम तौर पर फिल्म को प्रमाण-पत्र जारी किया गया।
इस आरोप को खारिज करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विल्सन ने कहा कि उचित प्रक्रिया के तहत ही प्रमाणन किया गया। प्रमाणन के लिए आवेदन सेंसर बोर्ड के पास 4 अक्तूबर 2012 को आया। 8 अक्तूबर को फिल्म देखी गई और 10 अक्तूबर को फिल्म से कुछ दृश्य काटने के लिए नोटिस भेजे गए, जिन दृश्यों को काटने के लिए कहा गया, उन्हें काट दिया गया और अंतिम तौर पर फिल्म को प्रमाण-पत्र जारी किया गया। | यह एक सारांश है: मद्रास हाईकोर्ट द्वारा बैन हटाए जाने के बावजूद विश्वरूपम की मुश्किलें बरकरार है। बैन हटाए जाने के फैसले खिलाफ तमिलनाडु सरकार की अपील पर आज मद्रास हाईकोर्ट सुनवाई करेगी। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पीवी नरसिम्हा राव के पोते ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि 1984 के सिख विरोधी दंगों को रोका जा सकता था यदि राव ने सेना को बुला लिया होता. राव के पोते एन वी सुभाष ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को यह ज्ञात होना चाहिए कि ऐसे निर्णय कैबिनेट लेती है. भाजपा नेता सुभाष ने कहा, ‘डॉ मनमोहन सिंह को यह पता होना चाहिए कि गृह मंत्री अकेले निर्णय नहीं ले सकते. सेना को लाने का निर्णय पूरी कैबिनेट मिलकर लेती है.' उन्होंने कहा कि सिंह को यह भी पता होना चाहिए कि तत्कालीन गृह मंत्री को व्यक्तिगत तौर पर कोई निर्देश नहीं देने के लिए कहा गया था क्योंकि पीएमओ खुद मामले को देख रहा था.
उन्होंने कहा कि इन परिस्थियों में राव केवल इतना कर सकते थे कि पीएमओ को जमीनी हकीकत की जानकारी देते और उचित कार्रवाई की अपील करते, जो उन्होंने किया. आपको बता दें कि एक दिन पहले ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर बड़ा बयान दिया था. एक कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था कि अगर तत्कालीन गृह मंत्री नरसिम्हा राव ने इंद्र कुमार गुजराल की सलाह मानी होती और तत्परता दिखाई होती तो नरसंहार को रोका जा सकता था. | यहाँ एक सारांश है:कहा, गृह मंत्री अकेले निर्णय नहीं ले सकते
सेना को लाने का निर्णय पूरी कैबिनेट मिलकर लेती है
उस वक्त पीएमओ खुद मामले को देख रहा था | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: War Box Office Collection Day 18: बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की फिल्म 'वॉर (War)' ने तीसरे शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया. ऋतिक और टाइगर की इस फिल्म के एक्शन सीक्वेन्स फैन्स को बेहद पसंद आ रहै हैं, इसलिए फिल्म 'वॉर' ने तीनों हफ्तों में धुंआधार कमाई की है. फिल्म की लगातार बढ़ती कमाई ने बॉक्स ऑफिस पर दमदार रिकॉर्ड बनाए हैं. रिलीज से पहले ही प्री-बुकिंग के जरिए 32 करोड़ रुपये कमाने वाली 'वॉर' को फैन्स का खूब प्यार मिल रहा है. फिल्म की लगातार कमाई को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा कि 'वॉर' (हिंदी वर्जन) ने शनिवार को 3 करोड़ रुपये की कमाई की होगी. इस लिहाज से फिल्म ने 18वें दिन 281 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया होगा.
बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक ऋतिक और टाइगर की फिल्म 'वॉर (War)' ने अपने तीसरे शुक्रवार को 2.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. वहीं, फिल्म समीक्षक तरण आदर्श के ट्वीट के मुताबिक ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Hrithik Roshan) की 'वॉर' जल्द ही आमिर खान की 'धूम 3' को भी पछाड़ सकती है. गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुई 'वॉर (War)' ने देश के साथ-साथ विदेशों में भी सबका खूब दिल जीता. कमाई से इतर फिल्म दर्शकों और समीक्षकों के दिन में जगह बनाने में भी कामयाब रही. 'वॉर' के जरिए ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की जोड़ी को पहली बार पर्दे पर देखा जाना था, जिसे लेकर दर्शकों में काफी क्रेज था.
बता दें कि फिल्म 'वॉर (War)' की कहानी 'कबीर' ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और 'खालिद' टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की है. फिल्म में हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि गुरु और शिष्य एक दूसरे से टकराने को मजबूर हो जाते हैं. बेकाबू गुरु पर नकेल कसने के लिए शिष्य खालिद का इस्तेमाल किया जाता है, और फिर शुरू होते हैं जबरदस्त एक्शन. बाइक, कार, हेलीकॉप्टर, बर्फ पहाड़ हर जगह एक्शन देखने को मिलता है. कहानी में कई जबरदस्त ट्विस्ट भी डाले गए हैं और फिल्म का अंत भी थोड़ा सरप्राइजिंग रखा गया है. इन सबसे इतर दर्शकों को वॉर (War) में भरपूर मात्रा में ऐक्शन और स्टंट्स देखने को मिलेगा. | यह एक सारांश है: ऋतिक रोशन की फिल्म 'वॉर' ने बनाया ये रिकॉर्ड
'वॉर' ने तीसरे हफ्ते में रखा कदम
जानिए फिल्म का कलेक्शन | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नेताओं पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान के खिलाफ बोलना नेताओं की राजनैतिक मजबूरी है. जम्मू में आतंकवादियों की हत्या की जांच की मांग से जुड़े एक सवाल के जवाब में सत्यपाल मलिक ने कहा कि, 'जब एक आतंकवादी गोलीबारी शुरू करता है या कोई विस्फोट फेंकता है तो हम उसे फूल या गुलदस्ता नहीं देंगे. उन्होंने कहा, हमारी तरफ से हमने कोई 'ऑपरेशन ऑल आउट' नहीं चलाया है. आतंकियों को यह रास्ता छोड़ देना चाहिए, क्योंकि इससे कुछ हासिल नहीं होगा. नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान से जुड़े एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि वह एक वरिष्ठ राजनेता हैं, इसलिए उन पर टिप्पणी करना सही नहीं है. मुख्यधारा के राजनेताओं की राजनीतिक मजबूरी होती है और हमारे देश में वोट के लिए कोई किसी भी हद तक जा सकता है.
सत्यपाल मलिक ने कहा, "वे सभी राजनीतिक लोग हैं और उनकी राजनीतिक मजबूरियां होती हैं. इस देश में लोग वोट के लिए किसी हद तक जा सकते हैं. मैं हर किसी की मजबूरी को समझता हूं और उनका सम्मान करता हूं". आपको बता दें कि पिछले दिनों फारूक ने अपने बयान में कहा था कि अगर नेशनल कांफ्रेंस को सत्ता में लाने के लिए वोट करते हैं तो आतंकवादियों के खिलाफ 'ऑपरेशन ऑल आउट' रोक दिया जाएगा. आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पिछले दिनों राष्ट्रीय मीडिया द्वारा कश्मीर की ‘‘नकारात्मक छवि'' बनाए जाने पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा था कि चौथे स्तंभ द्वारा घाटी में हासिल की गई उपलब्धियों को रेखांकित नहीं किया जाता. | यहाँ एक सारांश है:सत्यपाल मलिक ने साधा नेताओं पर निशाना
बोले, वोट के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं
आतंकरोधी अभियान का विरोध करना उनकी मजबूरी | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चैम्पियंस लीग के ग्रुप चरण में ग्रुप-ए के ब्रिस्बेन हीट और सनराजर्स हैदराबाद के बीच सोमवार को मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में होने वाला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी।
मैच रद्द होने के कारण दोनों टीमों के दो-दो अंक बांटने पड़े। हीट के लिए यह मैच टूर्नामेंट में आगे के सफर के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं था, लेकिन सनराइजर्स के लिए जीत के बाद टूर्नामेंट के अगले दौर में पहुंचने की संभावना जरूर बनी रहती। लेकिन बारिश ने सनराइजर्स की इस संभावना को समाप्त करते हुए टूर्नामेंट में उसका सफर भी रोक दिया।
ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान पर मौजूद चेन्नई सुपर किंग्स पहले ही सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुकी है। सेमीफाइनल के लिए अब ग्रुप-ए में त्रिनिदाद एवं टोबैगो तथा टाइटंस के बीच प्रतिस्पर्धा है।टिप्पणियां
टाइटंस अपने सभी चार मैच खेल चुकी है तथा उसके त्रिनिदाद के बराबर ही आठ अंक है, इसलिए टाइटंस का सेमीफाइनल में पहुंचना अब त्रिनिदाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर निर्भर करेगा।
त्रिनिदाद यदि ग्रुप चरण का अपना आखिरी मैच जीत जाती है, तो वह सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश कर जाएगी। वहीं हारने की स्थिति में भी त्रिनिदाद पूरी कोशिश करेगी कि वह बड़े अंतर से न हारे, ताकि बेहतर नेट रन रेट के आधार पर सेमीफाइनल में प्रवेश कर सके।
मैच रद्द होने के कारण दोनों टीमों के दो-दो अंक बांटने पड़े। हीट के लिए यह मैच टूर्नामेंट में आगे के सफर के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं था, लेकिन सनराइजर्स के लिए जीत के बाद टूर्नामेंट के अगले दौर में पहुंचने की संभावना जरूर बनी रहती। लेकिन बारिश ने सनराइजर्स की इस संभावना को समाप्त करते हुए टूर्नामेंट में उसका सफर भी रोक दिया।
ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान पर मौजूद चेन्नई सुपर किंग्स पहले ही सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुकी है। सेमीफाइनल के लिए अब ग्रुप-ए में त्रिनिदाद एवं टोबैगो तथा टाइटंस के बीच प्रतिस्पर्धा है।टिप्पणियां
टाइटंस अपने सभी चार मैच खेल चुकी है तथा उसके त्रिनिदाद के बराबर ही आठ अंक है, इसलिए टाइटंस का सेमीफाइनल में पहुंचना अब त्रिनिदाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर निर्भर करेगा।
त्रिनिदाद यदि ग्रुप चरण का अपना आखिरी मैच जीत जाती है, तो वह सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश कर जाएगी। वहीं हारने की स्थिति में भी त्रिनिदाद पूरी कोशिश करेगी कि वह बड़े अंतर से न हारे, ताकि बेहतर नेट रन रेट के आधार पर सेमीफाइनल में प्रवेश कर सके।
ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान पर मौजूद चेन्नई सुपर किंग्स पहले ही सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुकी है। सेमीफाइनल के लिए अब ग्रुप-ए में त्रिनिदाद एवं टोबैगो तथा टाइटंस के बीच प्रतिस्पर्धा है।टिप्पणियां
टाइटंस अपने सभी चार मैच खेल चुकी है तथा उसके त्रिनिदाद के बराबर ही आठ अंक है, इसलिए टाइटंस का सेमीफाइनल में पहुंचना अब त्रिनिदाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर निर्भर करेगा।
त्रिनिदाद यदि ग्रुप चरण का अपना आखिरी मैच जीत जाती है, तो वह सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश कर जाएगी। वहीं हारने की स्थिति में भी त्रिनिदाद पूरी कोशिश करेगी कि वह बड़े अंतर से न हारे, ताकि बेहतर नेट रन रेट के आधार पर सेमीफाइनल में प्रवेश कर सके।
टाइटंस अपने सभी चार मैच खेल चुकी है तथा उसके त्रिनिदाद के बराबर ही आठ अंक है, इसलिए टाइटंस का सेमीफाइनल में पहुंचना अब त्रिनिदाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर निर्भर करेगा।
त्रिनिदाद यदि ग्रुप चरण का अपना आखिरी मैच जीत जाती है, तो वह सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश कर जाएगी। वहीं हारने की स्थिति में भी त्रिनिदाद पूरी कोशिश करेगी कि वह बड़े अंतर से न हारे, ताकि बेहतर नेट रन रेट के आधार पर सेमीफाइनल में प्रवेश कर सके।
त्रिनिदाद यदि ग्रुप चरण का अपना आखिरी मैच जीत जाती है, तो वह सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश कर जाएगी। वहीं हारने की स्थिति में भी त्रिनिदाद पूरी कोशिश करेगी कि वह बड़े अंतर से न हारे, ताकि बेहतर नेट रन रेट के आधार पर सेमीफाइनल में प्रवेश कर सके। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चैम्पियंस लीग के ग्रुप चरण में ग्रुप-ए के ब्रिस्बेन हीट और सनराजर्स हैदराबाद के बीच सोमवार को मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में होने वाला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बाजार नियामक सेबी ने साख निर्धारक एजेंसियों की भूमिका तथा उनके कारण बाजार को जोखिम से जुड़े पहलुओं पर 'कड़ी निगाह' रखने का फैसला किया है। नियामक इन कंपनियों के नियमों में आवश्यक बदलाव भी करेगा। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने यह फैसला रेटिंग एजेंसी एसएंडपी द्वारा रेटिंग घटाए जाने के बाद अमेरिका के आर्थिक मोर्चे पर मची हायतौबा तथा दुनिया भर के शेयर बाजारों पर उसके असर को देखते हुए किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नियामक इस बारे में घरेलू तथा वैश्विक घटना्रकम पर निगाह रखतमे हुए क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए बनी नियमों की पुनर्समीक्षा करेगा। सेबी बोर्ड की पिछली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और नियामक आवश्यक बदलावों का प्रस्ताव करेगा। उल्लेखनीय है कि किसी कंपनी विशेष को दी गई रेटिंग से अमुक कंपनी की ऋण के लिहाज से साख तथा जुड़े जोखिम को दर्शाती है। भारत में इस तरह की एजेंसियों पर निगरानी नियमन का काम सेबी करता है। स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एसएंडपी) ने बीते शुक्रवार को अमेरिका की सरकारी ऋण साख रेटिंग को ट्रिपल ए से घटाकर डबल ए प्लस कर दिया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बाजार नियामक सेबी ने साख निर्धारक एजेंसियों की भूमिका तथा उनके कारण बाजार को जोखिम से जुड़े पहलुओं पर 'कड़ी निगाह' रखने का फैसला किया है। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में जय श्री राम को लेकर और राजनीतिक मतभेद के चलते बीजेपी और टीएमसी के बीच विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है. सूबे से आए दिन किसी न किसी पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्या का मामला सामने आ रहा है. बीजेपी ने सोमवार को दावा किया कि हावड़ा जिले में पार्टी के एक समर्थक को ‘जय श्री राम' बोलने पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मार डाला. पुलिस ने 43 साल के समतुल डोलोई की मौत की पुष्टि की है जिसका शव अमता थाना क्षेत्र के सरपोता गांव में खेत में मिला. हालांकि मौत के कारणों पर अधिकारियों ने कुछ भी नहीं कहा.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार डोलोई रविवार रात एक समारोह में गया था लेकिन घर नहीं लौटा. उसका शव सोमवार को मिला जिसके गले में फंदा था. भाजपा की हावड़ा ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष अनुपम मलिक ने दावा किया कि डोलोई उनकी पार्टी का समर्थक था और ‘जय श्री राम' बोलने पर तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने उसकी हत्या कर दी. वहीं तृणमूल कांग्रेस के विधायक समीर पांजा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच के बाद ही सच सामने आएगा.
बता दें रविवार शाम को भी बशीरहाट के हथगछिया इलाके में हुई हिंसा में बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं की मौत हुई है. गांव वालों का कहना है कि मारे गए लोग बीजेपी से जुड़े थे. वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके लोगों को तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने मारा है. इस झड़प में एक तृणमूल से जुड़े एक व्यक्ति की भी मौत हुई. | संक्षिप्त पाठ: पश्चिम बंगाल में थम नहीं रहा हिंसा का दौर
बीजेपी का आरोप सोमवार को भी हुई कार्यकर्ता की हत्या
जय श्री राम का नारा लगा रहा था समर्थक | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारी उद्योग और लोक उपक्रम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन को सुधारने की जरूरत है क्योंकि इनमें बड़े पैमाने पर जनता का पैसा लगा है। यहां जारी विज्ञप्ति के मुताबिक मंत्रालय ने लाभ कमाने वाली कंपनियों को ज्यादा अधिकार देने तथा बीमार इकाइयों के पुनरुद्धार के लिए बोर्ड फार रिकंस्ट्रक्शन आफ पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज :बीआरपीएसई: का गठन किया है। पटेल ने भारी उद्योग और लोक उपक्रम मामलों की संसदीय सलाहकार समिति के समक्ष कहा कि सरकार ने 40 इकाइयों के पुनरूद्धार और दो कंपनियों को बंद करने को मंजूरी दी है। भारी उद्योग विभाग के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की 32 कंपनियों ने 2010-11 में अप्रैल-जनवरी के दौरान संयुक्त रूप से 33,308.15 करोड़ रुपये उत्पादन किया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 20 फीसद अधिक है। चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीने में इन कंपनियों का सकल लाभ :कर पूर्व: 3,450.40 करोड़ रुपये रहा। सदस्यों ने सार्वजनिक कंपनियों में विनिवेश, सेवानिवृत्ति उम्र, वेतन समीक्षा समेत अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की। | संक्षिप्त पाठ: पटेल ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन को सुधारने की जरूरत है क्योंकि इनमें बड़े पैमाने पर जनता का पैसा लगा है। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'दंगल' फिल्म की अदाकारा जायरा वसीम की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हालांकि जायरा इस घटना में सुरक्षित बच गई हैं और उन्हें ज्यादा चोट नहीं आई है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार पुलिस ने बताया कि 16 वर्षीय जायरा वसीम शुक्रवार देर रात अपनी दोस्त के साथ जा रही थी तभी डल झील के किनारे बुलेवार्ड रोड पर यह हादसा हुआ. चश्मदीदों के मताबिक, गाड़ी तेज रफ्तार से जा रही थी और चालक कार पर से अपना नियंत्रण खो बैठा. कार फुटपाथ पार करते हुए झील से लगी रेलिंग से टकरा गई. जानकारी के अनुसार इस घटना में जायदा को कोई चोट नहीं आई लेकिन उनके साथ में यात्रा कर रहे व्यक्ति को चोट आई है. पुलिस ने कहा कि जानकारी के मुताबिक, कार एक स्थानीय सियासतदान की थी. पुलिस ने कहा कि किसी के जख्मी होने या सार्वजनिक संपत्ति के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट नहीं होने की वजह से इस बाबत कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.मुंबई मिरर ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि जायरा इस कार में अपने दोस्त आरिफ असलम के साथ थीं. जायरा सफेद रंग की स्कॉर्पियो (JK01A 0819) में यात्रा कर रही थीं. कश्मीर की रहने वाली जायरा वसीम आमिर खान और डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म 'दंगल' में पहलवान गीता फोगाट के बचपन का किरदार निभा चुकी हैं. जायरा को इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए काफी तारीफें मिली थीं. इस साल हुए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में जायरा को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है. टिप्पणियां
यह पुरस्कार जीतने के बाद जायरा ने कहा था, ' मेरी पहली ही फिल्म के लिए इतना सम्मानित पुरस्कार पाना मेरे लिए काफी उत्साहजनक है. यह सराहना मुझे और भी मेहनत करने की प्रेरणा देती है. एक इंटरव्यू के दौरान जायरा यह भी कह चुकी हैं कि उन्हें खुद को स्क्रीन पर देखने से नफरत है. आईएएनएस को दिए अपने एक बयान में जायरा ने कहा, 'मुझे अपने आप को स्क्रीन पर देखने से नफरत है. इसमें मुझे शर्म आती है. मैं अपने खुद के इंटरव्यू कभी नहीं देखती.'
बता दें कि जनवरी में जायरा वसीम जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती के साथ पोस्ट किए गए अपने एक फोटो के लिए ट्रोल की गई थीं. जायरा को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए ट्रोल किया गया. जायरा ने पहले फेसबुक पर लोगों से इसके लिए माफी मांगी और फिर इसे डिलीट कर दिया था. आमिर खान और बॉलीवुड के कई कलाकारों ने जायरा के समर्थन में ट्वीट किए थे.
(इनपुट भाषा से भी)
मुंबई मिरर ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि जायरा इस कार में अपने दोस्त आरिफ असलम के साथ थीं. जायरा सफेद रंग की स्कॉर्पियो (JK01A 0819) में यात्रा कर रही थीं. कश्मीर की रहने वाली जायरा वसीम आमिर खान और डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म 'दंगल' में पहलवान गीता फोगाट के बचपन का किरदार निभा चुकी हैं. जायरा को इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए काफी तारीफें मिली थीं. इस साल हुए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में जायरा को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है. टिप्पणियां
यह पुरस्कार जीतने के बाद जायरा ने कहा था, ' मेरी पहली ही फिल्म के लिए इतना सम्मानित पुरस्कार पाना मेरे लिए काफी उत्साहजनक है. यह सराहना मुझे और भी मेहनत करने की प्रेरणा देती है. एक इंटरव्यू के दौरान जायरा यह भी कह चुकी हैं कि उन्हें खुद को स्क्रीन पर देखने से नफरत है. आईएएनएस को दिए अपने एक बयान में जायरा ने कहा, 'मुझे अपने आप को स्क्रीन पर देखने से नफरत है. इसमें मुझे शर्म आती है. मैं अपने खुद के इंटरव्यू कभी नहीं देखती.'
बता दें कि जनवरी में जायरा वसीम जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती के साथ पोस्ट किए गए अपने एक फोटो के लिए ट्रोल की गई थीं. जायरा को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए ट्रोल किया गया. जायरा ने पहले फेसबुक पर लोगों से इसके लिए माफी मांगी और फिर इसे डिलीट कर दिया था. आमिर खान और बॉलीवुड के कई कलाकारों ने जायरा के समर्थन में ट्वीट किए थे.
(इनपुट भाषा से भी)
यह पुरस्कार जीतने के बाद जायरा ने कहा था, ' मेरी पहली ही फिल्म के लिए इतना सम्मानित पुरस्कार पाना मेरे लिए काफी उत्साहजनक है. यह सराहना मुझे और भी मेहनत करने की प्रेरणा देती है. एक इंटरव्यू के दौरान जायरा यह भी कह चुकी हैं कि उन्हें खुद को स्क्रीन पर देखने से नफरत है. आईएएनएस को दिए अपने एक बयान में जायरा ने कहा, 'मुझे अपने आप को स्क्रीन पर देखने से नफरत है. इसमें मुझे शर्म आती है. मैं अपने खुद के इंटरव्यू कभी नहीं देखती.'
बता दें कि जनवरी में जायरा वसीम जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती के साथ पोस्ट किए गए अपने एक फोटो के लिए ट्रोल की गई थीं. जायरा को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए ट्रोल किया गया. जायरा ने पहले फेसबुक पर लोगों से इसके लिए माफी मांगी और फिर इसे डिलीट कर दिया था. आमिर खान और बॉलीवुड के कई कलाकारों ने जायरा के समर्थन में ट्वीट किए थे.
(इनपुट भाषा से भी)
(इनपुट भाषा से भी) | श्रीनगर में डल झील के किनारे बुलेवार्ड रोड पर यह हादसा हुआ
जायरा की कार डल झील में गिरी, जायरा को नहीं आई चोट
'दंगल' में गीता फोगाट के बचपन का किरदार निभा चुकी हैं जायरा | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तानी टीम से बाहर विकेटकीपर बल्लेबाज जुल्करनैन हैदर पर भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता के तहत कड़ा दंड लगाया जाएगा। उसने विकेटकीपर कामरान अकमल समेत कई खिलाड़ियों पर आरोप लगाने के बाद पीसीबी के नोटिस का जवाब नहीं दिया।टिप्पणियां
हैदर ने हाल ही में अपने फेसबुक अकाउंट पर अकमल और अन्य खिलाड़ियों के खिलाफ आरोप लगाए थे। पीसीबी ने उसे सबूत पेश करने के लिए कहा था, लेकिन वह 30 अगस्त की समय सीमा तक कोई सबूत पेश नहीं कर सका।
पीसीबी अधिकारी ने कहा, हमने भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता के तहत उसे नोटिस भेजा था। बोर्ड अब इस मामले में कानूनी कदम उठाएगा, जिसमें कड़े दंड का प्रावधान है।
हैदर ने हाल ही में अपने फेसबुक अकाउंट पर अकमल और अन्य खिलाड़ियों के खिलाफ आरोप लगाए थे। पीसीबी ने उसे सबूत पेश करने के लिए कहा था, लेकिन वह 30 अगस्त की समय सीमा तक कोई सबूत पेश नहीं कर सका।
पीसीबी अधिकारी ने कहा, हमने भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता के तहत उसे नोटिस भेजा था। बोर्ड अब इस मामले में कानूनी कदम उठाएगा, जिसमें कड़े दंड का प्रावधान है।
पीसीबी अधिकारी ने कहा, हमने भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता के तहत उसे नोटिस भेजा था। बोर्ड अब इस मामले में कानूनी कदम उठाएगा, जिसमें कड़े दंड का प्रावधान है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तानी टीम से बाहर विकेटकीपर बल्लेबाज जुल्करनैन हैदर पर भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता के तहत कड़ा दंड लगाया जाएगा। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: करीब 30 करोड़ पैन धारकों में से करीब 25 फीसदी के पैन को आधार नंबर के साथ जोड़ दिया गया है. इनमें से एक करोड़ पैन पिछले महीने ही आधार से जोड़े गए हैं.टिप्पणियां
पैन को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया में सरकार की इस घोषणा के बाद तेजी आई है कि एक जुलाई से आयकर रिटर्न दाखिल करने और नया स्थायी खाता संख्या (पैन) हासिल करने के लिए पैन-आधार को जोड़ना अनिवार्य होगा.
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयकर विभाग की वेबसाइट पर दर्ज 6.44 करोड़ ई-रिटर्न दाखिल करने वालों में से 3.06 करोड़ के मामलों में आधार-पैन को जोड़ दिया गया है. अधिकारी ने बताया कि आज की तारीख तक कुल 7.36 करोड़ पैन-आधार को जोड़ा गया है.
पैन को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया में सरकार की इस घोषणा के बाद तेजी आई है कि एक जुलाई से आयकर रिटर्न दाखिल करने और नया स्थायी खाता संख्या (पैन) हासिल करने के लिए पैन-आधार को जोड़ना अनिवार्य होगा.
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयकर विभाग की वेबसाइट पर दर्ज 6.44 करोड़ ई-रिटर्न दाखिल करने वालों में से 3.06 करोड़ के मामलों में आधार-पैन को जोड़ दिया गया है. अधिकारी ने बताया कि आज की तारीख तक कुल 7.36 करोड़ पैन-आधार को जोड़ा गया है.
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयकर विभाग की वेबसाइट पर दर्ज 6.44 करोड़ ई-रिटर्न दाखिल करने वालों में से 3.06 करोड़ के मामलों में आधार-पैन को जोड़ दिया गया है. अधिकारी ने बताया कि आज की तारीख तक कुल 7.36 करोड़ पैन-आधार को जोड़ा गया है. | करीब 30 करोड़ पैन धारकों में से करीब 25% के पैन को आधार से जोड़ा गया
इनमें से एक करोड़ पैन पिछले महीने ही आधार से जोड़े गए हैं
आज की तारीख तक कुल 7.36 करोड़ पैन-आधार को जोड़ा गया है | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनके 7 रेस कोर्स रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने सुरक्षा, रक्षा, नागरिक परमाणु सहयोग और आतंकवाद सहित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
सूत्रों के मुताबिक तकरीबन आधे घंटे की इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने चीन, ईरान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।टिप्पणियां
हिलेरी सोमवार दोपहर कोलकाता से यहां पहुंचीं। मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
हिलेरी मंगलवार को विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात करेंगी। उनके बीच अफगानिस्तान एवं ईरान सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और द्विपक्षीय नागरिक परमाणु समझौते की प्रगति पर भी बातचीत की सम्भावना है।
सूत्रों के मुताबिक तकरीबन आधे घंटे की इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने चीन, ईरान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।टिप्पणियां
हिलेरी सोमवार दोपहर कोलकाता से यहां पहुंचीं। मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
हिलेरी मंगलवार को विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात करेंगी। उनके बीच अफगानिस्तान एवं ईरान सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और द्विपक्षीय नागरिक परमाणु समझौते की प्रगति पर भी बातचीत की सम्भावना है।
हिलेरी सोमवार दोपहर कोलकाता से यहां पहुंचीं। मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
हिलेरी मंगलवार को विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात करेंगी। उनके बीच अफगानिस्तान एवं ईरान सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और द्विपक्षीय नागरिक परमाणु समझौते की प्रगति पर भी बातचीत की सम्भावना है।
हिलेरी मंगलवार को विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात करेंगी। उनके बीच अफगानिस्तान एवं ईरान सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और द्विपक्षीय नागरिक परमाणु समझौते की प्रगति पर भी बातचीत की सम्भावना है। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनके 7 रेस कोर्स रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने सुरक्षा, रक्षा, नागरिक परमाणु सहयोग और आतंकवाद सहित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश सरकार की और दो प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद खंडवा के ओंकारेश्वर बांध में 17 दिन से चला आ रहा जल सत्याग्रह सोमवार को खत्म हो गया। सरकार ने अपने वादे के मुताबिक बांध का जलस्तर कम कर दिया है।
नर्मदा नदी पर बने ओंकारेश्वर बांध की ऊंचाई 189 मीटर से बढ़ाकर 190.5 मीटर किए जाने से कई गांव डूबने के कगार पर हैं।
जलभराव के खिलाफ घोघल गांव में प्रभावित परिवार के सदस्य 17 दिन से नदी में बैठकर सत्याग्रह कर रहे थे। राज्य सरकार ने दो दिन पहले इन आंदोलनकारियों को मनाने के लिए दो मंत्रियों को भेजा था, मगर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रभावितों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
प्रभावितों व मुख्यमंत्री के बीच हुई चर्चा में तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है। चौहान ने बताया कि बांध की ऊंचाई पूर्ववत यानी 189 मीटर रखी जाएगी। पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने पर 90 दिन के भीतर जमीन के बदले जमीन दी जाएगी। साथ ही तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, विजय शाह तथा केएल अग्रवाल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है जो हालात का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी।
चौहान ने बताया कि इन मांगों को मानने से 20 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई नहीं हो पाएगी। साथ ही 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी प्रभावित होगा। चौहान ने प्रभावितों से साफ कहा कि वे सीधे उनसे बात करें, बिचौलियों का सहारा न लें। चौहान ने बगैर किसी का नाम लिए नर्मदा बचाओ आंदोलन पर भी जमकर प्रहार किया।टिप्पणियां
प्रभावितों के साथ सरकार की बातचीत के बाद ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर कम कर दिया गया है। जलस्तर कम होते ही आंदोलनकारियों ने अपना जल सत्याग्रह खत्म कर दिया है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की चितरुपा पालित ने कहा कि सरकार ने प्रभावितों की मांगें मान ली हैं, यह उनकी जीत है। सरकार ने पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने की बात कही है, इसके लिए प्रभावित लोग पूरी तरह तैयार हैं।
नर्मदा नदी पर बने ओंकारेश्वर बांध की ऊंचाई 189 मीटर से बढ़ाकर 190.5 मीटर किए जाने से कई गांव डूबने के कगार पर हैं।
जलभराव के खिलाफ घोघल गांव में प्रभावित परिवार के सदस्य 17 दिन से नदी में बैठकर सत्याग्रह कर रहे थे। राज्य सरकार ने दो दिन पहले इन आंदोलनकारियों को मनाने के लिए दो मंत्रियों को भेजा था, मगर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रभावितों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
प्रभावितों व मुख्यमंत्री के बीच हुई चर्चा में तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है। चौहान ने बताया कि बांध की ऊंचाई पूर्ववत यानी 189 मीटर रखी जाएगी। पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने पर 90 दिन के भीतर जमीन के बदले जमीन दी जाएगी। साथ ही तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, विजय शाह तथा केएल अग्रवाल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है जो हालात का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी।
चौहान ने बताया कि इन मांगों को मानने से 20 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई नहीं हो पाएगी। साथ ही 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी प्रभावित होगा। चौहान ने प्रभावितों से साफ कहा कि वे सीधे उनसे बात करें, बिचौलियों का सहारा न लें। चौहान ने बगैर किसी का नाम लिए नर्मदा बचाओ आंदोलन पर भी जमकर प्रहार किया।टिप्पणियां
प्रभावितों के साथ सरकार की बातचीत के बाद ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर कम कर दिया गया है। जलस्तर कम होते ही आंदोलनकारियों ने अपना जल सत्याग्रह खत्म कर दिया है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की चितरुपा पालित ने कहा कि सरकार ने प्रभावितों की मांगें मान ली हैं, यह उनकी जीत है। सरकार ने पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने की बात कही है, इसके लिए प्रभावित लोग पूरी तरह तैयार हैं।
जलभराव के खिलाफ घोघल गांव में प्रभावित परिवार के सदस्य 17 दिन से नदी में बैठकर सत्याग्रह कर रहे थे। राज्य सरकार ने दो दिन पहले इन आंदोलनकारियों को मनाने के लिए दो मंत्रियों को भेजा था, मगर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रभावितों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
प्रभावितों व मुख्यमंत्री के बीच हुई चर्चा में तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है। चौहान ने बताया कि बांध की ऊंचाई पूर्ववत यानी 189 मीटर रखी जाएगी। पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने पर 90 दिन के भीतर जमीन के बदले जमीन दी जाएगी। साथ ही तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, विजय शाह तथा केएल अग्रवाल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है जो हालात का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी।
चौहान ने बताया कि इन मांगों को मानने से 20 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई नहीं हो पाएगी। साथ ही 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी प्रभावित होगा। चौहान ने प्रभावितों से साफ कहा कि वे सीधे उनसे बात करें, बिचौलियों का सहारा न लें। चौहान ने बगैर किसी का नाम लिए नर्मदा बचाओ आंदोलन पर भी जमकर प्रहार किया।टिप्पणियां
प्रभावितों के साथ सरकार की बातचीत के बाद ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर कम कर दिया गया है। जलस्तर कम होते ही आंदोलनकारियों ने अपना जल सत्याग्रह खत्म कर दिया है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की चितरुपा पालित ने कहा कि सरकार ने प्रभावितों की मांगें मान ली हैं, यह उनकी जीत है। सरकार ने पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने की बात कही है, इसके लिए प्रभावित लोग पूरी तरह तैयार हैं।
प्रभावितों व मुख्यमंत्री के बीच हुई चर्चा में तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है। चौहान ने बताया कि बांध की ऊंचाई पूर्ववत यानी 189 मीटर रखी जाएगी। पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने पर 90 दिन के भीतर जमीन के बदले जमीन दी जाएगी। साथ ही तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, विजय शाह तथा केएल अग्रवाल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है जो हालात का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी।
चौहान ने बताया कि इन मांगों को मानने से 20 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई नहीं हो पाएगी। साथ ही 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी प्रभावित होगा। चौहान ने प्रभावितों से साफ कहा कि वे सीधे उनसे बात करें, बिचौलियों का सहारा न लें। चौहान ने बगैर किसी का नाम लिए नर्मदा बचाओ आंदोलन पर भी जमकर प्रहार किया।टिप्पणियां
प्रभावितों के साथ सरकार की बातचीत के बाद ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर कम कर दिया गया है। जलस्तर कम होते ही आंदोलनकारियों ने अपना जल सत्याग्रह खत्म कर दिया है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की चितरुपा पालित ने कहा कि सरकार ने प्रभावितों की मांगें मान ली हैं, यह उनकी जीत है। सरकार ने पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने की बात कही है, इसके लिए प्रभावित लोग पूरी तरह तैयार हैं।
चौहान ने बताया कि इन मांगों को मानने से 20 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई नहीं हो पाएगी। साथ ही 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी प्रभावित होगा। चौहान ने प्रभावितों से साफ कहा कि वे सीधे उनसे बात करें, बिचौलियों का सहारा न लें। चौहान ने बगैर किसी का नाम लिए नर्मदा बचाओ आंदोलन पर भी जमकर प्रहार किया।टिप्पणियां
प्रभावितों के साथ सरकार की बातचीत के बाद ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर कम कर दिया गया है। जलस्तर कम होते ही आंदोलनकारियों ने अपना जल सत्याग्रह खत्म कर दिया है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की चितरुपा पालित ने कहा कि सरकार ने प्रभावितों की मांगें मान ली हैं, यह उनकी जीत है। सरकार ने पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने की बात कही है, इसके लिए प्रभावित लोग पूरी तरह तैयार हैं।
प्रभावितों के साथ सरकार की बातचीत के बाद ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर कम कर दिया गया है। जलस्तर कम होते ही आंदोलनकारियों ने अपना जल सत्याग्रह खत्म कर दिया है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की चितरुपा पालित ने कहा कि सरकार ने प्रभावितों की मांगें मान ली हैं, यह उनकी जीत है। सरकार ने पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने की बात कही है, इसके लिए प्रभावित लोग पूरी तरह तैयार हैं।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की चितरुपा पालित ने कहा कि सरकार ने प्रभावितों की मांगें मान ली हैं, यह उनकी जीत है। सरकार ने पूर्व में दिए गए मुआवजे को वापस करने की बात कही है, इसके लिए प्रभावित लोग पूरी तरह तैयार हैं। | सारांश: मध्य प्रदेश सरकार की और दो प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद खंडवा के ओंकारेश्वर बांध में 17 दिन से चला आ रहा जल सत्याग्रह सोमवार को खत्म हो गया। सरकार ने अपने वादे के मुताबिक बांध का जलस्तर कम कर दिया है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की आय पिछले पांच वर्षो में घट गई है. जबकि उनकी पत्नी की आमदनी में इजाफा हुआ है. यह बात उनके चुनावी हलफनामे से सामने आई है. आपको बता दें कि जयंत सिन्हा (Jayant Sinha) ने हजारीबाग लोकसभा सीट से नामांकन किया है. जयंत सिन्हा (Jayant Sinha) द्वारा शपथपत्र में की गई घोषणा के अनुसार, वर्ष 2013-14 में उनकी आमदनी 5,74,20,270 रुपये थी, जो वर्ष 2014-15 में घटकर 91,01,220 रुपये हो गई. इसके बाद 2017-18 में उनकी आमदनी 35,91,290 रुपये हो गई. दूसरी तरफ उनकी पत्नी पुनीता कुमार की आमदनी 2014-15 में 1,14,27,790 रुपये से बढ़कर 2017-18 में 5,36,21,990 रुपये हो गई. पुनीता के ऊपर कोई ऋण नहीं है, जबकि जयंत सिन्हा पर 14,68,40,898 रुपये का कर्ज है. मंत्री ने 4,18,40,400 रुपये की अचल संपत्ति खरीदी, जबकि उनकी पत्नी ने 8,54,79,717 रुपये की संपत्ति खरीदी.
जयंत सिन्हा वर्ष 2014 में हजारीबाग सीट से लोकसभा चुनाव जीते थे. इससे पहले इस सीट से उनके पिता यशवंत सिन्हा सांसद थे. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के लिए आज पहले चरण का मतदान हो रहा है. आज पहले चरण में 20 राज्यों की 91 सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. 91 लोकसभा सीटों (91 Constituencies) पर कुल 1279 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. पहले चरण के मतदान में जिन प्रमुख नेताओं की किस्मत EVM में कैद हो जाएगी उनमें केंद्रीय मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह, नितिन गडकरी, हंसराज अहीर, किरण रिजीजू, कांग्रेस की रेणुका चौधरी, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी शामिल हैं. (इनपुट- IANS) | यहाँ एक सारांश है:शपथपत्र के मुताबिक जयंत सिन्हा की संपत्ति घटी है
जबकि, उनकी पत्नी की संपत्ति में इजाफा हुआ है
जयंत सिन्हा ने हजारीबाग से किया है नामांकन | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चुनाव आयोग ने जनता दल (यूनाइटेड) को अपने चुनाव चिह्न ‘तीर' का इस्तेमाल झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव में करने से रोक लगा दी है क्योंकि यह चिह्न झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और शिव सेना के चुनाव चिह्न ‘धनुष और तीर' से मिलता-जुलता है. चुनाव आयोग ने इससे पहले जदयू को एक नियम के तहत दो राज्यों में अपने चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करके चुनाव लड़ने की छूट दी थी. अब यह छूट वापस ले ली गई है क्योंकि झामुमो ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाते हुए कहा था कि चुनाव चिह्नों की समानता से मतदाता भ्रमित हो सकते हैं.
जदयू, झामुमो और शिवसेना क्रमश: बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टियां हैं. चुनाव आयोग ने 16 अगस्त को जारी अपने आदेश में कहा था, 'इस मामले में सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आयोग ने जदयू को निर्देश दिया है उसे चुनाव चिह्न आदेश के पैरा 10 के तहत झारखंड और महाराष्ट्र में अब से चुनाव लड़ने की छूट नहीं दी जाएगी.'
इस साल मार्च में आयोग ने आदेश दिया था कि झामुमो और शिवसेना बिहार में अपने चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. आठ मार्च, 2019 के आदेश में जो कहा गया था वह अब भी लागू होगा. और यही चीज महाराष्ट्र में भी लागू होगी. | संक्षिप्त पाठ: झारखंड और महाराष्ट्र में JDU की मुश्किलें बढ़ीं
अपने चुनाव चिन्ह 'तीर' का प्रयोग नहीं कर पाएगी JDU
चुनाव आयोग ने लगाई जेडीयू के चुनाव चिन्ह के प्रयोग पर रोक | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी की टीम पाकिस्तान जाएगी। दरअसल, भारत ने मुंबई पर हमले के मामले में हाफिज सईद, जरार शाह और जकीउर-रहमान-लख्वी की आवाज के नमूने मांगे हैं, लेकिन पाकिस्तान ने अब तक अनसुनी की है। एनआईए की टीम इसके लिए दोबारा मांग करेगी।टिप्पणियां
गौरतलब है कि भारत लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर-रहमान-लखवी और छह अन्य समेत 26/11 के आतंकवादी हमले के गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ इकट्ठे किए गए सबूतों की जांच के लिए जा रहा है। इन सभी के खिलाफ रावलपिंडी की अदालत में मुकदमा चल रहा है।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत यह भी जानना चाहता है कि पाकिस्तानी अदालत दोनों संप्रभु देशों के बीच द्विपक्षीय संधि स्वीकार करने के अंतरराष्ट्रीय समझौते को मानने के लिए तैयार क्यों नहीं है।
गौरतलब है कि भारत लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर-रहमान-लखवी और छह अन्य समेत 26/11 के आतंकवादी हमले के गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ इकट्ठे किए गए सबूतों की जांच के लिए जा रहा है। इन सभी के खिलाफ रावलपिंडी की अदालत में मुकदमा चल रहा है।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत यह भी जानना चाहता है कि पाकिस्तानी अदालत दोनों संप्रभु देशों के बीच द्विपक्षीय संधि स्वीकार करने के अंतरराष्ट्रीय समझौते को मानने के लिए तैयार क्यों नहीं है।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत यह भी जानना चाहता है कि पाकिस्तानी अदालत दोनों संप्रभु देशों के बीच द्विपक्षीय संधि स्वीकार करने के अंतरराष्ट्रीय समझौते को मानने के लिए तैयार क्यों नहीं है। | संक्षिप्त पाठ: अगले महीने एनआईए की टीम पाकिस्तान जाएगी। वह पाकिस्तान के सामने मुंबई पर हमले के दोषियों की आवाज के नमूनों की मांग एक बार फिर सामने रखेगी। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश में नव वर्ष के स्वागत के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर जहरीली शराब पीने के कारण शनिवार से अबतक 17 लोगों की मौत हो चुकी है।
अधिकारियों के अनुसार जहरीली शराब पीने से कृष्णा जिले में रविवार तक 16 और नलगोंडा जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
नए साल की सुबह होने से कुछ घंटे पहले कृष्णा जिले के पोरत्नानगर में ये मौते हुईं।
तीन जनजातीय बस्तियों में रहने वाले लोगों ने शनिवार को देसी शराब पी थी। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया। मरने वालों में तीन महिलाएं भी हैं।
मिलावरम और विजयवाड़ा के अस्पतालों में आठ लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। 10 लोगों की मौत शनिवार रात को हो गई थी, जबकि पांच की मौत रविवार सुबह हुई।
चिकित्सकों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि देसी शराब में मिथाइल अल्कोहल मिली हुई थी। शराब के नमूने को रासायनिक जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया है।
अस्पताल का दौरा करने वाले एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी ने कहा कि सम्भव है कि शराब में जहरीला पदार्थ मिला हो।
उप आबकारी आयुक्त हरविंदर सिंह के पहुंचने के कारण विजयवाड़ा अस्पताल में तनाव फैल गया।
मरने वालों के परिजनों ने आबकारी विभाग के कार्यालय के सामने धरना दिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ितों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठे तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) नेता डी. उमामहेश्वर राव को पुलिस ने रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।
आबकारी मंत्री एम. वेंकटरमन ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मिलावरम के आबकारी विभाग के सर्किल इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के भी निलम्बन का आदेश दिया है।
दूसरी घटना नलगोंडा जिले के चोटूप्पल मंडल के रेड्डीबवी इलाके में घटी। यहां पर नव वर्ष के स्वागत में जहरीली शराब पीने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आबकारी अधिकारियों ने इस मामले में एक शराब व्यवसायी को गिरफ्तार किया है।
विपक्ष के नेता एवं तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने इन घटनाओं के लिए सरकार की अक्षमता को दोषी ठहराया। हैदराबाद में संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए नायडू ने कहा कि सरकार शराब व्यवसायियों के गठजोड़ के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है जिसमें कांग्रेस के कई मंत्री और विधायक लिप्त हैं। उन्होंने शराब व्यवसायियों के गठजोड़ पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। | यह एक सारांश है: आंध्र प्रदेश में नव वर्ष के स्वागत के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर जहरीली शराब पीने के कारण शनिवार से अबतक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के बर्खास्त कप्तान शाहिद आफरीदी ने पीसीबी की आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामले में माफी मांगने से इनकार कर दिया लेकिन कहा कि वह अनुशासन समिति का कोई भी फैसला स्वीकार करेंगे। पीसीबी की अनुशासन समिति के सामने गुरुवार को पेश हुए आफरीदी ने स्वीकार किया कि उन्होंने गलतियां की है लेकिन उन्होंने कहा कि हालात ने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर किया। उन्होंने सुनवाई के बाद पत्रकारों से कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने गलतियां की लेकिन हालात ने मुझे ऐसा करने के लिए मजबूर किया। लेकिन मैंने समिति से माफी नहीं मांगी। आफरीदी ने कहा, समिति जो भी फैसला लेगी, मुझे मंजूर होगा। मैंने उन्हें बता दिया है कि बोर्ड से मतभेद और टीम प्रबंधन से तनावपूर्ण संबंधों की क्या वजहें रहीं। आफरीदी को इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए एनओसी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने इस सप्ताह पीसीबी अध्यक्ष एजाज बट से भी मुलाकात की थी। आफरीदी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के खिलाफ सिंध उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका वापिस ले ली थी। | यह एक सारांश है: आफरीदी ने स्वीकार किया कि उन्होंने गलतियां की है लेकिन उन्होंने कहा कि हालात ने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर किया। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार रात अज्ञात लोगों ने एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी। पुलिस अभी तक हत्यारों के बारे में कोई सुराग हासिल नहीं कर पाई है। यह सनसनीखेज घटना जिले के सादाबाद कस्बे की है, जहां बुधवार सुबह रमेश जाटव (47), उनकी पत्नी ममता (42), बेटा गोपाल (19), बेटी दीप्ति (17) और भांजा मोनू (18) मृत पाए गए। जिले के अपर पुलिस अधीक्षक एसएन भारद्वाज ने संवाददाताओं को बताया कि घर के मुखिया रमेश की गोली मारकर और बाकी परिजनों की गला रेतकर हत्या की गई। वारदात को तड़के अंजाम दिया गया। भारद्वाज ने कहा कि फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि किन लोगों ने और किस मकसद से इस वारदात को अंजाम दिया। भारद्वाज ने बताया कि घर का मुख्य दरवाजा खुला पाया गया है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वारदात में किसी परिचित का हाथ है, जिसने देर रात दरवाजा खुलवाया। पुलिस ने घटना के पीछे लूट की मंशा से साफ इनकार किया है। | सारांश: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में अज्ञात लोगों ने एक ही परिवार के 5 सदस्यों की हत्या कर दी। पुलिस अभी तक हत्यारों के बारे में सुराग हासिल नहीं कर पाई है। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को चीन के साथ होने जा रहे क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP) समझौते का विरोध करने का सला करते हुए कहा कि यह समझौता देश के लिए ‘आत्मघाती' साबित होगा. पार्टी ने कहा कि इस समझौते के लिए यह सही वक्त नहीं है और यह चीन से आयात को बढ़ावा देगा. बता दें, RCEP समझौते पर अगले महीने बैंकाक में भारत के हस्ताक्षर करने की संभावना है. महत्वपूर्ण मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं के 18 सदस्यीय समूह की एक बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी, के सी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ देश भर में एक आंदोलन छेड़ेगी और इस मुद्दे पर एक साझा मंच बनाएगी.
बता दें, इससे पहले इस मुद्दे पर और अर्थव्यवस्था की स्थिति तथा कृषि क्षेत्र में संकट पर पार्टी के शीर्ष नेताओं ने चर्चा की. पार्टी ने महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के नतीजों पर भी चर्चा की तथा संसद के आगामी सत्र के लिए अपनी रणनीति और सरकार को घेरने के तरीकों पर चर्चा की. बैठक में नागरिकता संशोधन विधेयक का भी विरोध करने का फैसला किया गया. दरअसल सरकार यह विधेयक लाने का प्रस्ताव कर सकती है. एंटनी ने कहा कि आर्थिक मंदी का विषय एक ज्वलंत मुद्दा है, जिसने पूरे देश को और समाज के सभी तबके को चिंतित कर रखा है. उन्होंने कहा, ‘लोगों की चिंताओं को लेकर हमेशा संवेदनशील रही पार्टी होने के नाते कांग्रेस RCEP वार्ताओं और समझौते का पूरा विरोध करती है.'उन्होंने कहा, ‘हमारा देश एक गंभीर आर्थिक संकट और मंदी की ओर बढ़ रहा है. इसने भारतीय अर्थव्यवस्था के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित किया है. कृषि, रोजगार, उद्योग और व्यापार तथा भारतीय अर्थव्यवस्था के अन्य सभी क्षेत्र दिन-ब-दिन संकट की ओर बढ़ रहे हैं. सरकार के लिए यह वक्त जिम्मेदार बनने का है.'
पूर्व रक्षा मंत्री एंटनी ने कहा कि यह सरकार का कर्तव्य है कि वह अर्थव्यवस्था में शीघ्रता से नई जान फूंकने के लिए अपने सभी संसाधनों को झोंक दे. हालांकि उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं गलत हैं और वह आम आदमी की मुश्किलों को दूर करने तथा भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि जब लोग अपने रोजमर्रा के जीवन के लिये संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में त्वरित समाधान करने और एक पैकेज तैयार करने तथा अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के बजाय वे (सरकार) RCEP समझौते पर चर्चा करने में वक्त बर्बाद कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल ने कहा कि RCEP समझौते के खतरों पर बैठक में चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि किसान संकट में हैं और यह (समझौता) उनकी तथा मछुआरों की जिंगदी बदतर करने जा रहा है.
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने देश भर में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है. हम प्रदेश कांग्रेस इकाइयों को व्यापक आंदोलन कार्यक्रम के लिए और RCEP के बारे में जागरूकता अभियान के लिए पहले ही निर्देश दे चुके हैं.' उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर हम RCEP के खिलाफ एक साझा आंदोलन मंच बनाने के लिए समान विचारधारा वाली पार्टियों, विपक्षी दलों का सहयोग मांगेंगे. कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस समितियों को पांच नवंबर से 15 नवंबर के बीच आर्थिक मंदी और बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रदर्शन करने का निर्देश पहले ही दे चुकी है.'
वहीं पार्टी के नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि RCEP के मौजूदा मसौदे से ‘राष्ट्रीय हित' को हटा दिया गया है. उन्होंने कहा, ‘जब हमारी अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है, आयात को उदार बनाया जा रहा है, ऐसे वक्त में RCEP पर हस्ताक्षर आत्महत्या करने जैसा है.' उन्होंने इस बात से इनकार किया कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पलटी मार ली है. सुरजेवाला ने कहा कि RCEP का भारतीय अर्थव्यवस्था पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ेगा. यदि इस पर आगे बढ़ा गया तो देश का व्यापार घाटा और बढ़ जाएगा. उन्होंने कहा कि इस समझौते पर हस्ताक्षर के बाद चीन भारत में बड़ी संख्या एवं मात्रा में अपने सस्ते माल सीधे भेजेगा और इससे हमारे स्थानीय उद्योगों को नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगता है कि यह समझौता राष्ट्र हित में नहीं है. इसके रमेश ने ‘अमूल' के प्रबंध निदेशक द्वारा लिखा एक पत्र भी साझा किया. | यहाँ एक सारांश है:पार्टी ने कहा कि इस समझौते के लिए यह सही वक्त नहीं है
RCEP समझौते पर अगले महीने बैंकाक में भारत के हस्ताक्षर करने की संभावना
पार्टी देश भर में आंदोलन छेड़ेगी और इस मुद्दे पर एक साझा मंच बनाएगी | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र सरकार ने झुग्गी बस्तियों की 500 एकड़ ज़मीन निजी बिल्डरों को सौगात में दे दी है। नेता बिल्डर और सरकारी बाबुओं की मिलीभगत अब मुंबई को बेचने की तैयारी में है। स्लम एक्ट सेक्शन 3k के तहत महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई की 500 एकड़ ज़मीन 6 बिल्डरों को रीडेवलपमेंट के लिए सौंप दी है। मालवणी, वर्ली, एंटॉप हिल, चेंबूर, कांदिवली और सांताक्रूज़ की इस ज़मीन पर 50 हजार करोड़ तक का प्रोजेक्ट तैयार हो सकता है। 3K एक ऐसा कानून है जिसके तहत 25 एकड़ या इससे ज्यादा की ज़मीन सरकार एक मुश्त विकास के लिए विल्डरों को दे सकती है। इसके लिए झुग्गियों में रहने वालों की मंजूरी यानि 70 फीसदी कंसेंट की बिल्डरों को ज़रूरत नहीं। जानकार मानते हैं कि ऐसे प्रोजेक्ट में पारदर्शिता की कमी लाज़मी है क्योंकि ये ज़मीन फस्र्ट कम फस्र्ट सर्व बेसिस पर दी जा रही है। वो इसे बड़े बिल्डरों को फ़ायदा पहुंचाने वाला कदम मान रहे हैं। | संक्षिप्त सारांश: स्लम एक्ट सेक्शन 3k के तहत महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई की 500 एकड़ ज़मीन 6 बिल्डरों को रीडेवलपमेंट के लिए सौंप दी है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आइपीएल में सट्टेबाजी के मामले में गिरफ्तार विंदू दारा सिंह ने माना है कि उसने सटोरियों की मदद की है। विंदू के घर तीन मोबाइल फोन मिले हैं जो एक सटोरिए पवन जयपुर के नाम पर हैं। यही नहीं विंदू ने माना कि उसने दो सटोरियों पवन जयपुर और संजय जयपुर को विदेश भागने में मदद की थी।
दोनों फिक्सिंग विवाद सामने आने के बाद 17 मई को फरार हुए थे। विंदू ने दोनों को अपनी कार से एयरपोर्ट तक छोड़ा था। यही नहीं उसने दोनों को होटल में भी ठहराया था। विंदू ने और भी जानकारियां दी हैं।
पुलिस का कहना है कि वह संजय पवन और जुपिटर के जरिये सट्टा लगाता था। आनंद नाम के शख्स ने उसे संजय जयपुर से मिलाया था। सूत्रों के मुताबिक इस आइपीएल में उसने 17 लाख रुपये जीते हैं। हालांकि अभी तक उसे पैसे मिले नहीं हैं।टिप्पणियां
पुलिस के मुताबिक विंदू बॉलीवुड के दूसरे लोगों का भी पैसा लगाता था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक बुकीज से मिल गया था। पैसा क्रिकेटरों तक अजित चांडिला ही पहुंचाता था। बदले में चांडिला कुछ कमीशन रख लेता था। टिंकू मंडी से 25 लाख, दीपक से 15 लाख और चंद्रेश से नौ लाख रुपये चांडिला को मिले थे।
दोनों फिक्सिंग विवाद सामने आने के बाद 17 मई को फरार हुए थे। विंदू ने दोनों को अपनी कार से एयरपोर्ट तक छोड़ा था। यही नहीं उसने दोनों को होटल में भी ठहराया था। विंदू ने और भी जानकारियां दी हैं।
पुलिस का कहना है कि वह संजय पवन और जुपिटर के जरिये सट्टा लगाता था। आनंद नाम के शख्स ने उसे संजय जयपुर से मिलाया था। सूत्रों के मुताबिक इस आइपीएल में उसने 17 लाख रुपये जीते हैं। हालांकि अभी तक उसे पैसे मिले नहीं हैं।टिप्पणियां
पुलिस के मुताबिक विंदू बॉलीवुड के दूसरे लोगों का भी पैसा लगाता था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक बुकीज से मिल गया था। पैसा क्रिकेटरों तक अजित चांडिला ही पहुंचाता था। बदले में चांडिला कुछ कमीशन रख लेता था। टिंकू मंडी से 25 लाख, दीपक से 15 लाख और चंद्रेश से नौ लाख रुपये चांडिला को मिले थे।
पुलिस का कहना है कि वह संजय पवन और जुपिटर के जरिये सट्टा लगाता था। आनंद नाम के शख्स ने उसे संजय जयपुर से मिलाया था। सूत्रों के मुताबिक इस आइपीएल में उसने 17 लाख रुपये जीते हैं। हालांकि अभी तक उसे पैसे मिले नहीं हैं।टिप्पणियां
पुलिस के मुताबिक विंदू बॉलीवुड के दूसरे लोगों का भी पैसा लगाता था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक बुकीज से मिल गया था। पैसा क्रिकेटरों तक अजित चांडिला ही पहुंचाता था। बदले में चांडिला कुछ कमीशन रख लेता था। टिंकू मंडी से 25 लाख, दीपक से 15 लाख और चंद्रेश से नौ लाख रुपये चांडिला को मिले थे।
पुलिस के मुताबिक विंदू बॉलीवुड के दूसरे लोगों का भी पैसा लगाता था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक बुकीज से मिल गया था। पैसा क्रिकेटरों तक अजित चांडिला ही पहुंचाता था। बदले में चांडिला कुछ कमीशन रख लेता था। टिंकू मंडी से 25 लाख, दीपक से 15 लाख और चंद्रेश से नौ लाख रुपये चांडिला को मिले थे।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक बुकीज से मिल गया था। पैसा क्रिकेटरों तक अजित चांडिला ही पहुंचाता था। बदले में चांडिला कुछ कमीशन रख लेता था। टिंकू मंडी से 25 लाख, दीपक से 15 लाख और चंद्रेश से नौ लाख रुपये चांडिला को मिले थे। | संक्षिप्त सारांश: विंदू के घर तीन मोबाइल फोन मिले हैं जो एक सटोरिए पवन जयपुर के नाम पर हैं। यही नहीं विंदू ने माना कि उसने दो सटोरियों पवन जयपुर और संजय जयपुर को विदेश भागने में मदद की थी। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आठ अक्टूबर वायुसेना के लिए खास दिन है. इस दिन वायुसेना दिवस है और दशहरा भी है और इसी दिन भारत अपना सबसे घातक हथियार लेगा. अंबाला एयरबेस पर पहले से जगुआर और मिग 21 बाइसन तैनात हैं. जगुआर अंदर तक घुसकर मार करने वाला फाइटर विमान है. करगिल जंग के दौरान पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार भगाने वाले मिग 21 का स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन में राफेल को शामिल किया जाएगा.
वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा राफेल का बनने जा रहा 17 स्क्वाड्रन अपनी पुरानी गौरवशाली पंरपरा को कायम रखेगा . 2011 में गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन को खत्म कर दिया गया था क्योंकि मिग 21 फाइटर विमान रिटायर हो गए थे. अब गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन को राफेल के जरिए फिर से बहाल करने का फैसला लिया गया. अंबाला से राफेल के जरिए पाकिस्तान पर नजर रखी जाएगी तो बंगाल के हाशिमारा बेस से चीन की हरकतों पर राफेल नजर रखेगा.
मल्टी रोल लड़ाकू विमान राफेल आसमान में मुकाबला करने के साथ दुश्मन के घर में घुसकर वार करने का माद्दा रखता है. भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस से 36 राफेल विमान करीब 58000 करोड़ में खरीदने का फैसला किया था. राफेल की कीमत को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक गया लेकिन सरकार को क्लीन चिट मिल गई. चरणों मे 2022 तक फ्रांस 36 राफेल विमान भारत को सौंप देगा.
राफेल के अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर तैनाती से साफ है भारत दो मोर्चों पर दुश्मन की किसी भी हिमाकत का जवाब देने की तैयारी में जुटा है ताकि जब ऐसा समय आए तो दुश्मन को करारा जवाब दिया जा सके. | सारांश: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहला राफेल विमान लेने के लिए फ्रांस जाएंगे
गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन को राफेल के जरिए फिर से बहाल किया जाएगा
आठ अक्टूबर को वायुसेना दिवस है और दशहरा भी | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर ने इन खबरों का खंडन किया है कि वह नृत्य-निर्देशक प्रभु देवा के निर्देशन में बनने जा रही फिल्म 'वान्टेड' के सीक्वल में काम कर रहे हैं।टिप्पणियां
शाहिद ने कहा, "मैं नहीं समझता कि कोई भी सलमान की जगह ले सकता है। मुझे लगता है कि चूंकि मैं और प्रभु सर एक फिल्म के सिलसिले में कई बार मिल चुके हैं और वह आइफा अवार्ड (इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी) के लिए नृत्य निर्देशन कर रहे हैं, इसलिए लोगों ने अपने तरह से अनुमान लगा लिए।"
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शो एक्ट्रा इनिंग्स में 31 वर्षीय अभिनेता ने कहा, "हमने अभी कुछ तय नहीं किया है कि हम कब और क्या करेंगे। लेकिन हां, हम साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।" प्रभु देवा के निर्देशन में बनने वाली 'वांटेड' पुरी जगन्नाथ की तेलुगू फिल्म 'पोकिरी' की रीमेक है।
शाहिद ने कहा, "मैं नहीं समझता कि कोई भी सलमान की जगह ले सकता है। मुझे लगता है कि चूंकि मैं और प्रभु सर एक फिल्म के सिलसिले में कई बार मिल चुके हैं और वह आइफा अवार्ड (इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी) के लिए नृत्य निर्देशन कर रहे हैं, इसलिए लोगों ने अपने तरह से अनुमान लगा लिए।"
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शो एक्ट्रा इनिंग्स में 31 वर्षीय अभिनेता ने कहा, "हमने अभी कुछ तय नहीं किया है कि हम कब और क्या करेंगे। लेकिन हां, हम साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।" प्रभु देवा के निर्देशन में बनने वाली 'वांटेड' पुरी जगन्नाथ की तेलुगू फिल्म 'पोकिरी' की रीमेक है।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शो एक्ट्रा इनिंग्स में 31 वर्षीय अभिनेता ने कहा, "हमने अभी कुछ तय नहीं किया है कि हम कब और क्या करेंगे। लेकिन हां, हम साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।" प्रभु देवा के निर्देशन में बनने वाली 'वांटेड' पुरी जगन्नाथ की तेलुगू फिल्म 'पोकिरी' की रीमेक है। | सारांश: फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर ने इन खबरों का खंडन किया है कि वह नृत्य-निर्देशक प्रभु देवा के निर्देशन में बनने जा रही फिल्म 'वान्टेड' के सीक्वल में काम कर रहे हैं। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पुर्तगाल की टीम यूरो कप 2016 के फाइनल में पहुंच गई है। पुर्तगाल ने देर रात वेल्स के खिलाफ सेमीफाइनल में 2-0 से जीत हासिल की। पुर्तगाल की तरफ से क्रिस्टियानो रोनाल्डो और नानी ने गोल किए।
पहले हाफ में कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन स्टार खिलाड़ी और पुर्तगाल के कप्तान रोनाल्डो ने खेल के 50वें मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। जबकि 3 मिनट बाद ही 53वें मिनट में नानी ने वेल्स के गोलकीपर को मात दे दी।टिप्पणियां
इस हार के साथ ही वेल्स का 50 सालों में किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। हालांकि रोनाल्डो के पास मौका है अपनी टीम को चैंपियन बनाने का।
इस मैच में गोलकर रोनाल्डो ने मिशेन प्लाटिनि के यूरो कप में 9 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। पुर्तगाल की फाइनल में टक्कर फ्रांस या जर्मनी से होगी।
पहले हाफ में कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन स्टार खिलाड़ी और पुर्तगाल के कप्तान रोनाल्डो ने खेल के 50वें मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। जबकि 3 मिनट बाद ही 53वें मिनट में नानी ने वेल्स के गोलकीपर को मात दे दी।टिप्पणियां
इस हार के साथ ही वेल्स का 50 सालों में किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। हालांकि रोनाल्डो के पास मौका है अपनी टीम को चैंपियन बनाने का।
इस मैच में गोलकर रोनाल्डो ने मिशेन प्लाटिनि के यूरो कप में 9 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। पुर्तगाल की फाइनल में टक्कर फ्रांस या जर्मनी से होगी।
इस हार के साथ ही वेल्स का 50 सालों में किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। हालांकि रोनाल्डो के पास मौका है अपनी टीम को चैंपियन बनाने का।
इस मैच में गोलकर रोनाल्डो ने मिशेन प्लाटिनि के यूरो कप में 9 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। पुर्तगाल की फाइनल में टक्कर फ्रांस या जर्मनी से होगी।
इस मैच में गोलकर रोनाल्डो ने मिशेन प्लाटिनि के यूरो कप में 9 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। पुर्तगाल की फाइनल में टक्कर फ्रांस या जर्मनी से होगी। | वेल्स के खिलाफ सेमीफाइनल में 2-0 से जीत
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और नानी ने किए गोल
वेल्स का फाइनल में पहुंचने का सपना टूटा | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चतरा जिले के एक गांव के निकट भाकपा (माओवादी) से अलग हुए एक समूह तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के साथ हुई मुठभेड़ में दस माओवादी मारे गए हैं।
पुलिस ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया टीपीसी के साथ बीती रात हुई एक मुठभेड़ में ये माओवादी मारे गए हैं।
चतरा के उप-आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि लक्रामंदा गांव के पास से दस माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। ये सभी टीपीसी के साथ बीती रात हुई एक मुठभेड़ में मारे गए हैं। पुलिस अधीक्षक अनुप बरथरे घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं।
रांची से सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव चतरा जिले के कुंडा पुलिस थाने के अधीन आता है।
बरथरे ने बताया कि माओवादियों और टीपीसी काडरों के बीच शाम शुरू हुई यह मुठभेड़ देर रात तक चलती रही। उन्होंने कहा, कोबरा बटालियन और जिला पुलिस के जवानों के मौके पर पहुंचने के कारण विद्रोही ये शव अपने साथ नहीं ले जा सके। पुलिस ने घटनास्थल से छह हथियार भी बरामद किए हैं। टीपीसी ने समाचार चैलनों को फोन कर 15 अन्य माओवादियों का अपहरण करने का दावा किया है।
जब इस बारे में बरथरे से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। टिप्पणियां
झारखंड में भाकपा (माओवादी) की विभिन्न नीतियों पर उभरे मतभेद के कारण संगठन के कई काडरों वर्ष 2002 में इससे अलग हो गए थे और टीपीसी का गठन किया था। इस गुट ने पुलिस की बजाए माओवादियों को ही अपना प्रमुख दुश्मन घोषित कर रखा है।
पिछले कुछ समय से माओवादियों के साथ रस्साकशी कर रहे इस संगठन टीपीसी की झारखंड के लातेहार, चतरा और पलामू जिलों में मजबूत पकड़ है।
पुलिस ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया टीपीसी के साथ बीती रात हुई एक मुठभेड़ में ये माओवादी मारे गए हैं।
चतरा के उप-आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि लक्रामंदा गांव के पास से दस माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। ये सभी टीपीसी के साथ बीती रात हुई एक मुठभेड़ में मारे गए हैं। पुलिस अधीक्षक अनुप बरथरे घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं।
रांची से सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव चतरा जिले के कुंडा पुलिस थाने के अधीन आता है।
बरथरे ने बताया कि माओवादियों और टीपीसी काडरों के बीच शाम शुरू हुई यह मुठभेड़ देर रात तक चलती रही। उन्होंने कहा, कोबरा बटालियन और जिला पुलिस के जवानों के मौके पर पहुंचने के कारण विद्रोही ये शव अपने साथ नहीं ले जा सके। पुलिस ने घटनास्थल से छह हथियार भी बरामद किए हैं। टीपीसी ने समाचार चैलनों को फोन कर 15 अन्य माओवादियों का अपहरण करने का दावा किया है।
जब इस बारे में बरथरे से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। टिप्पणियां
झारखंड में भाकपा (माओवादी) की विभिन्न नीतियों पर उभरे मतभेद के कारण संगठन के कई काडरों वर्ष 2002 में इससे अलग हो गए थे और टीपीसी का गठन किया था। इस गुट ने पुलिस की बजाए माओवादियों को ही अपना प्रमुख दुश्मन घोषित कर रखा है।
पिछले कुछ समय से माओवादियों के साथ रस्साकशी कर रहे इस संगठन टीपीसी की झारखंड के लातेहार, चतरा और पलामू जिलों में मजबूत पकड़ है।
चतरा के उप-आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि लक्रामंदा गांव के पास से दस माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। ये सभी टीपीसी के साथ बीती रात हुई एक मुठभेड़ में मारे गए हैं। पुलिस अधीक्षक अनुप बरथरे घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं।
रांची से सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव चतरा जिले के कुंडा पुलिस थाने के अधीन आता है।
बरथरे ने बताया कि माओवादियों और टीपीसी काडरों के बीच शाम शुरू हुई यह मुठभेड़ देर रात तक चलती रही। उन्होंने कहा, कोबरा बटालियन और जिला पुलिस के जवानों के मौके पर पहुंचने के कारण विद्रोही ये शव अपने साथ नहीं ले जा सके। पुलिस ने घटनास्थल से छह हथियार भी बरामद किए हैं। टीपीसी ने समाचार चैलनों को फोन कर 15 अन्य माओवादियों का अपहरण करने का दावा किया है।
जब इस बारे में बरथरे से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। टिप्पणियां
झारखंड में भाकपा (माओवादी) की विभिन्न नीतियों पर उभरे मतभेद के कारण संगठन के कई काडरों वर्ष 2002 में इससे अलग हो गए थे और टीपीसी का गठन किया था। इस गुट ने पुलिस की बजाए माओवादियों को ही अपना प्रमुख दुश्मन घोषित कर रखा है।
पिछले कुछ समय से माओवादियों के साथ रस्साकशी कर रहे इस संगठन टीपीसी की झारखंड के लातेहार, चतरा और पलामू जिलों में मजबूत पकड़ है।
रांची से सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव चतरा जिले के कुंडा पुलिस थाने के अधीन आता है।
बरथरे ने बताया कि माओवादियों और टीपीसी काडरों के बीच शाम शुरू हुई यह मुठभेड़ देर रात तक चलती रही। उन्होंने कहा, कोबरा बटालियन और जिला पुलिस के जवानों के मौके पर पहुंचने के कारण विद्रोही ये शव अपने साथ नहीं ले जा सके। पुलिस ने घटनास्थल से छह हथियार भी बरामद किए हैं। टीपीसी ने समाचार चैलनों को फोन कर 15 अन्य माओवादियों का अपहरण करने का दावा किया है।
जब इस बारे में बरथरे से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। टिप्पणियां
झारखंड में भाकपा (माओवादी) की विभिन्न नीतियों पर उभरे मतभेद के कारण संगठन के कई काडरों वर्ष 2002 में इससे अलग हो गए थे और टीपीसी का गठन किया था। इस गुट ने पुलिस की बजाए माओवादियों को ही अपना प्रमुख दुश्मन घोषित कर रखा है।
पिछले कुछ समय से माओवादियों के साथ रस्साकशी कर रहे इस संगठन टीपीसी की झारखंड के लातेहार, चतरा और पलामू जिलों में मजबूत पकड़ है।
बरथरे ने बताया कि माओवादियों और टीपीसी काडरों के बीच शाम शुरू हुई यह मुठभेड़ देर रात तक चलती रही। उन्होंने कहा, कोबरा बटालियन और जिला पुलिस के जवानों के मौके पर पहुंचने के कारण विद्रोही ये शव अपने साथ नहीं ले जा सके। पुलिस ने घटनास्थल से छह हथियार भी बरामद किए हैं। टीपीसी ने समाचार चैलनों को फोन कर 15 अन्य माओवादियों का अपहरण करने का दावा किया है।
जब इस बारे में बरथरे से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। टिप्पणियां
झारखंड में भाकपा (माओवादी) की विभिन्न नीतियों पर उभरे मतभेद के कारण संगठन के कई काडरों वर्ष 2002 में इससे अलग हो गए थे और टीपीसी का गठन किया था। इस गुट ने पुलिस की बजाए माओवादियों को ही अपना प्रमुख दुश्मन घोषित कर रखा है।
पिछले कुछ समय से माओवादियों के साथ रस्साकशी कर रहे इस संगठन टीपीसी की झारखंड के लातेहार, चतरा और पलामू जिलों में मजबूत पकड़ है।
जब इस बारे में बरथरे से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। टिप्पणियां
झारखंड में भाकपा (माओवादी) की विभिन्न नीतियों पर उभरे मतभेद के कारण संगठन के कई काडरों वर्ष 2002 में इससे अलग हो गए थे और टीपीसी का गठन किया था। इस गुट ने पुलिस की बजाए माओवादियों को ही अपना प्रमुख दुश्मन घोषित कर रखा है।
पिछले कुछ समय से माओवादियों के साथ रस्साकशी कर रहे इस संगठन टीपीसी की झारखंड के लातेहार, चतरा और पलामू जिलों में मजबूत पकड़ है।
झारखंड में भाकपा (माओवादी) की विभिन्न नीतियों पर उभरे मतभेद के कारण संगठन के कई काडरों वर्ष 2002 में इससे अलग हो गए थे और टीपीसी का गठन किया था। इस गुट ने पुलिस की बजाए माओवादियों को ही अपना प्रमुख दुश्मन घोषित कर रखा है।
पिछले कुछ समय से माओवादियों के साथ रस्साकशी कर रहे इस संगठन टीपीसी की झारखंड के लातेहार, चतरा और पलामू जिलों में मजबूत पकड़ है।
पिछले कुछ समय से माओवादियों के साथ रस्साकशी कर रहे इस संगठन टीपीसी की झारखंड के लातेहार, चतरा और पलामू जिलों में मजबूत पकड़ है। | यह एक सारांश है: चतरा जिले के एक गांव के निकट भाकपा (माओवादी) से अलग हुए एक समूह तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के साथ हुई मुठभेड़ में दस माओवादी मारे गए हैं। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आयकर विभाग ने कर नहीं चुकाने वालों को शर्मिंदा करने की अपनी रणनीति के तहत गुरूवार दिल्ली की ऐसी पांच कंपनियों और लोगों के नाम प्रकाशित किये हैं जिनके उपर 10 करोड़ रपये से अधिक का कर बकाया है. प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर आयकर विभाग ने आयकर और कंपनी कर का भुगतान नहीं करने वालों के नाम प्रकाशित किये हैं. विज्ञापन में इन इकाइयों को ‘बकाया कर जल्द’ चुकाने को कहा गया है. आयकर विभाग ने पिछले कुछ सालों के दौरान इस रणनीति को अपनाया है जिसके तहत वह आयकर नहीं चुकाने वालों को शर्मिंदा करने के लिये उनके नाम समाचार प्रत्रों में प्रकाशित करवाता है. अब तक विभाग ऐसी 96 कंपनियों और लोगों के नाम प्रकाशित करवा चुका है जिनके उपर भारी कर देनदारी है. इन कंपनियों का या तो अता पता नहीं लग पा रहा है या फिर उनके पास वसूली के लिये कोई संपत्ति ही नहीं है.
विभाग ने जो ताजा सूची जारी की है उसमें दिल्ली की पांच इकाइयां हैं जिन्होंने कथित रूप से कर का भुगतान नहीं किया है. विभाग का इस सूची को जारी करने का मकसद आम जनता में भी जागरकता पैदा करना है ताकि किसी को उन कंपनियों अथवा लोगों के बारे में जानकारी हो तो वह विभाग को सूचित कर सकें. समाचार पत्र में यह विज्ञापन नई दिल्ली के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने जारी किया है. दिल्ली स्थित इन पांच इकाइयों पर कुल मिलाकर 10.27 करोड़ रपये का कर बकाया है.
विभाग ने जो ताजा सूची जारी की है उसमें दिल्ली की पांच इकाइयां हैं जिन्होंने कथित रूप से कर का भुगतान नहीं किया है. विभाग का इस सूची को जारी करने का मकसद आम जनता में भी जागरकता पैदा करना है ताकि किसी को उन कंपनियों अथवा लोगों के बारे में जानकारी हो तो वह विभाग को सूचित कर सकें. समाचार पत्र में यह विज्ञापन नई दिल्ली के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने जारी किया है. दिल्ली स्थित इन पांच इकाइयों पर कुल मिलाकर 10.27 करोड़ रपये का कर बकाया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उनके पास वसूली के लिये कोई संपत्ति ही नहीं है
ऐसी 96 कंपनियों और लोगों के नाम प्रकाशित करवा चुका है
दिल्ली स्थित इन पांच इकाइयों पर कुल मिलाकर 10.27 करोड़ रपये का कर बकाया | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्वीकार किया कि राजनीतिक प्रक्रिया से लोगों का मोहभंग हो रहा है। उन्होंने इस मोहभंग के कारणों को समझने और संवेदनशीलता से उन्हें दूर करने का पार्टीजनों से आग्रह किया।
दिल्ली में हाल ही में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना की चर्चा करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि इस घटना के खिलाफ पूरे देश में रोष उत्पन्न हुआ है और महिलाओं की सुरक्षा की बात जोरदार ढंग से उठी है। उन्होंने कहा कि लोग इस घटना का जवाब और कार्रवाई मांग रहे हैं, जो सही है।
उन्होंने कहा कि बहादुर लड़की ने एक तरह से अपना बलिदान देकर लोगों के मन में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया है। सोनिया ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उसका बलिदान व्यर्थ न जाए, क्योंकि वह हजारों महिलाओं और बच्चों का प्रतीक है, जो ऐसी घटनाओं से दो-चार हुए हैं और जिनका जीवन बर्बाद हुआ और जिन्हें न्याय नहीं मिला।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दो दिवसीय चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस महासमिति की बैठक के अपने भाषण में राजनीतिक प्रक्रिया से मोहभंग को दूर करने और लोगों का भरोसा लौटाने के लिए चुनाव सुधारों और खासतौर पर पॉलिटिकल फंडिंग पर विचार की भी आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधारों को अमली जामा पहनाने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध कार्यक्रम बनाए जाने की जरूरत है। इस संदर्भ में उन्होंने पार्टी में एक समूह का गठन करने का ऐलान किया, जो इस संबंध में सभी सुझावों पर विचार करेगा और जल्द ही अपनी सिफारिशें देगा।
पार्टीजनों को उन्होंने आगाह किया कि लोकसभा के चुनाव में सिर्फ 15 महीने रह गए हैं और उसमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती खुद की एकजुटता और अनुशासन बनाए रखने की है। उन्होंने कहा कि अगले 15 महीनों में लोकसभा के अलावा कई राज्यों में भी चुनाव होने हैं और मुझे विश्वास है कि यदि हम सही तरीके से तथा एकता के साथ काम करेंगे, तो कोई वजह नहीं कि हमें फिर से जनादेश न मिले।टिप्पणियां
सोनिया गांधी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं की अपने नेताओं से सिर्फ एक ही अपेक्षा है और वह है एकता और अनुशासन। उन्होंने कहा कि हमें उनके इस विश्वास पर खरा उतरना होगा, क्योंकि पार्टी की विजय ही हम सब की विजय है। पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा अपने चहेतों को आगे बढ़ाने की प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा, यह पार्टी ही है, जिसने उन्हें यह पद प्रदान किए हैं और अब यह उनका दायित्व है कि वे अपना दायरा विकसित करें और अपना सहयोग केवल अपने चहेतों तक ही सीमित न रखें, बल्कि सभी कार्यकर्ताओं को दें।
बीजेपी का नाम लिए बिना सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन सभी विचारधाराओं और ताकतों का हमेशा मुकाबला करेंगे, जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं, जो हमारे समाज का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं और जो हमें विभाजित करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेली कांग्रेस पार्टी भारत की एकता और अखंडता का मुख्य प्रतीक है। हम न सिर्फ भारत, बल्कि हम भारत के भावनात्मक एकता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ये सभी स्तरों पर गहरे तक पैठ बना चुका है और इससे सभी वर्ग और आम समाज प्रभावित हो रहा है। एक पार्टी के रूप में हमें इसके खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़नी है।
दिल्ली में हाल ही में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना की चर्चा करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि इस घटना के खिलाफ पूरे देश में रोष उत्पन्न हुआ है और महिलाओं की सुरक्षा की बात जोरदार ढंग से उठी है। उन्होंने कहा कि लोग इस घटना का जवाब और कार्रवाई मांग रहे हैं, जो सही है।
उन्होंने कहा कि बहादुर लड़की ने एक तरह से अपना बलिदान देकर लोगों के मन में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया है। सोनिया ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उसका बलिदान व्यर्थ न जाए, क्योंकि वह हजारों महिलाओं और बच्चों का प्रतीक है, जो ऐसी घटनाओं से दो-चार हुए हैं और जिनका जीवन बर्बाद हुआ और जिन्हें न्याय नहीं मिला।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दो दिवसीय चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस महासमिति की बैठक के अपने भाषण में राजनीतिक प्रक्रिया से मोहभंग को दूर करने और लोगों का भरोसा लौटाने के लिए चुनाव सुधारों और खासतौर पर पॉलिटिकल फंडिंग पर विचार की भी आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधारों को अमली जामा पहनाने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध कार्यक्रम बनाए जाने की जरूरत है। इस संदर्भ में उन्होंने पार्टी में एक समूह का गठन करने का ऐलान किया, जो इस संबंध में सभी सुझावों पर विचार करेगा और जल्द ही अपनी सिफारिशें देगा।
पार्टीजनों को उन्होंने आगाह किया कि लोकसभा के चुनाव में सिर्फ 15 महीने रह गए हैं और उसमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती खुद की एकजुटता और अनुशासन बनाए रखने की है। उन्होंने कहा कि अगले 15 महीनों में लोकसभा के अलावा कई राज्यों में भी चुनाव होने हैं और मुझे विश्वास है कि यदि हम सही तरीके से तथा एकता के साथ काम करेंगे, तो कोई वजह नहीं कि हमें फिर से जनादेश न मिले।टिप्पणियां
सोनिया गांधी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं की अपने नेताओं से सिर्फ एक ही अपेक्षा है और वह है एकता और अनुशासन। उन्होंने कहा कि हमें उनके इस विश्वास पर खरा उतरना होगा, क्योंकि पार्टी की विजय ही हम सब की विजय है। पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा अपने चहेतों को आगे बढ़ाने की प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा, यह पार्टी ही है, जिसने उन्हें यह पद प्रदान किए हैं और अब यह उनका दायित्व है कि वे अपना दायरा विकसित करें और अपना सहयोग केवल अपने चहेतों तक ही सीमित न रखें, बल्कि सभी कार्यकर्ताओं को दें।
बीजेपी का नाम लिए बिना सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन सभी विचारधाराओं और ताकतों का हमेशा मुकाबला करेंगे, जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं, जो हमारे समाज का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं और जो हमें विभाजित करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेली कांग्रेस पार्टी भारत की एकता और अखंडता का मुख्य प्रतीक है। हम न सिर्फ भारत, बल्कि हम भारत के भावनात्मक एकता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ये सभी स्तरों पर गहरे तक पैठ बना चुका है और इससे सभी वर्ग और आम समाज प्रभावित हो रहा है। एक पार्टी के रूप में हमें इसके खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़नी है।
उन्होंने कहा कि बहादुर लड़की ने एक तरह से अपना बलिदान देकर लोगों के मन में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया है। सोनिया ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उसका बलिदान व्यर्थ न जाए, क्योंकि वह हजारों महिलाओं और बच्चों का प्रतीक है, जो ऐसी घटनाओं से दो-चार हुए हैं और जिनका जीवन बर्बाद हुआ और जिन्हें न्याय नहीं मिला।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दो दिवसीय चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस महासमिति की बैठक के अपने भाषण में राजनीतिक प्रक्रिया से मोहभंग को दूर करने और लोगों का भरोसा लौटाने के लिए चुनाव सुधारों और खासतौर पर पॉलिटिकल फंडिंग पर विचार की भी आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधारों को अमली जामा पहनाने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध कार्यक्रम बनाए जाने की जरूरत है। इस संदर्भ में उन्होंने पार्टी में एक समूह का गठन करने का ऐलान किया, जो इस संबंध में सभी सुझावों पर विचार करेगा और जल्द ही अपनी सिफारिशें देगा।
पार्टीजनों को उन्होंने आगाह किया कि लोकसभा के चुनाव में सिर्फ 15 महीने रह गए हैं और उसमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती खुद की एकजुटता और अनुशासन बनाए रखने की है। उन्होंने कहा कि अगले 15 महीनों में लोकसभा के अलावा कई राज्यों में भी चुनाव होने हैं और मुझे विश्वास है कि यदि हम सही तरीके से तथा एकता के साथ काम करेंगे, तो कोई वजह नहीं कि हमें फिर से जनादेश न मिले।टिप्पणियां
सोनिया गांधी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं की अपने नेताओं से सिर्फ एक ही अपेक्षा है और वह है एकता और अनुशासन। उन्होंने कहा कि हमें उनके इस विश्वास पर खरा उतरना होगा, क्योंकि पार्टी की विजय ही हम सब की विजय है। पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा अपने चहेतों को आगे बढ़ाने की प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा, यह पार्टी ही है, जिसने उन्हें यह पद प्रदान किए हैं और अब यह उनका दायित्व है कि वे अपना दायरा विकसित करें और अपना सहयोग केवल अपने चहेतों तक ही सीमित न रखें, बल्कि सभी कार्यकर्ताओं को दें।
बीजेपी का नाम लिए बिना सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन सभी विचारधाराओं और ताकतों का हमेशा मुकाबला करेंगे, जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं, जो हमारे समाज का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं और जो हमें विभाजित करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेली कांग्रेस पार्टी भारत की एकता और अखंडता का मुख्य प्रतीक है। हम न सिर्फ भारत, बल्कि हम भारत के भावनात्मक एकता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ये सभी स्तरों पर गहरे तक पैठ बना चुका है और इससे सभी वर्ग और आम समाज प्रभावित हो रहा है। एक पार्टी के रूप में हमें इसके खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़नी है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दो दिवसीय चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस महासमिति की बैठक के अपने भाषण में राजनीतिक प्रक्रिया से मोहभंग को दूर करने और लोगों का भरोसा लौटाने के लिए चुनाव सुधारों और खासतौर पर पॉलिटिकल फंडिंग पर विचार की भी आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधारों को अमली जामा पहनाने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध कार्यक्रम बनाए जाने की जरूरत है। इस संदर्भ में उन्होंने पार्टी में एक समूह का गठन करने का ऐलान किया, जो इस संबंध में सभी सुझावों पर विचार करेगा और जल्द ही अपनी सिफारिशें देगा।
पार्टीजनों को उन्होंने आगाह किया कि लोकसभा के चुनाव में सिर्फ 15 महीने रह गए हैं और उसमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती खुद की एकजुटता और अनुशासन बनाए रखने की है। उन्होंने कहा कि अगले 15 महीनों में लोकसभा के अलावा कई राज्यों में भी चुनाव होने हैं और मुझे विश्वास है कि यदि हम सही तरीके से तथा एकता के साथ काम करेंगे, तो कोई वजह नहीं कि हमें फिर से जनादेश न मिले।टिप्पणियां
सोनिया गांधी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं की अपने नेताओं से सिर्फ एक ही अपेक्षा है और वह है एकता और अनुशासन। उन्होंने कहा कि हमें उनके इस विश्वास पर खरा उतरना होगा, क्योंकि पार्टी की विजय ही हम सब की विजय है। पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा अपने चहेतों को आगे बढ़ाने की प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा, यह पार्टी ही है, जिसने उन्हें यह पद प्रदान किए हैं और अब यह उनका दायित्व है कि वे अपना दायरा विकसित करें और अपना सहयोग केवल अपने चहेतों तक ही सीमित न रखें, बल्कि सभी कार्यकर्ताओं को दें।
बीजेपी का नाम लिए बिना सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन सभी विचारधाराओं और ताकतों का हमेशा मुकाबला करेंगे, जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं, जो हमारे समाज का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं और जो हमें विभाजित करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेली कांग्रेस पार्टी भारत की एकता और अखंडता का मुख्य प्रतीक है। हम न सिर्फ भारत, बल्कि हम भारत के भावनात्मक एकता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ये सभी स्तरों पर गहरे तक पैठ बना चुका है और इससे सभी वर्ग और आम समाज प्रभावित हो रहा है। एक पार्टी के रूप में हमें इसके खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़नी है।
पार्टीजनों को उन्होंने आगाह किया कि लोकसभा के चुनाव में सिर्फ 15 महीने रह गए हैं और उसमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती खुद की एकजुटता और अनुशासन बनाए रखने की है। उन्होंने कहा कि अगले 15 महीनों में लोकसभा के अलावा कई राज्यों में भी चुनाव होने हैं और मुझे विश्वास है कि यदि हम सही तरीके से तथा एकता के साथ काम करेंगे, तो कोई वजह नहीं कि हमें फिर से जनादेश न मिले।टिप्पणियां
सोनिया गांधी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं की अपने नेताओं से सिर्फ एक ही अपेक्षा है और वह है एकता और अनुशासन। उन्होंने कहा कि हमें उनके इस विश्वास पर खरा उतरना होगा, क्योंकि पार्टी की विजय ही हम सब की विजय है। पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा अपने चहेतों को आगे बढ़ाने की प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा, यह पार्टी ही है, जिसने उन्हें यह पद प्रदान किए हैं और अब यह उनका दायित्व है कि वे अपना दायरा विकसित करें और अपना सहयोग केवल अपने चहेतों तक ही सीमित न रखें, बल्कि सभी कार्यकर्ताओं को दें।
बीजेपी का नाम लिए बिना सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन सभी विचारधाराओं और ताकतों का हमेशा मुकाबला करेंगे, जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं, जो हमारे समाज का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं और जो हमें विभाजित करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेली कांग्रेस पार्टी भारत की एकता और अखंडता का मुख्य प्रतीक है। हम न सिर्फ भारत, बल्कि हम भारत के भावनात्मक एकता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ये सभी स्तरों पर गहरे तक पैठ बना चुका है और इससे सभी वर्ग और आम समाज प्रभावित हो रहा है। एक पार्टी के रूप में हमें इसके खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़नी है।
सोनिया गांधी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं की अपने नेताओं से सिर्फ एक ही अपेक्षा है और वह है एकता और अनुशासन। उन्होंने कहा कि हमें उनके इस विश्वास पर खरा उतरना होगा, क्योंकि पार्टी की विजय ही हम सब की विजय है। पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा अपने चहेतों को आगे बढ़ाने की प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा, यह पार्टी ही है, जिसने उन्हें यह पद प्रदान किए हैं और अब यह उनका दायित्व है कि वे अपना दायरा विकसित करें और अपना सहयोग केवल अपने चहेतों तक ही सीमित न रखें, बल्कि सभी कार्यकर्ताओं को दें।
बीजेपी का नाम लिए बिना सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन सभी विचारधाराओं और ताकतों का हमेशा मुकाबला करेंगे, जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं, जो हमारे समाज का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं और जो हमें विभाजित करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेली कांग्रेस पार्टी भारत की एकता और अखंडता का मुख्य प्रतीक है। हम न सिर्फ भारत, बल्कि हम भारत के भावनात्मक एकता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ये सभी स्तरों पर गहरे तक पैठ बना चुका है और इससे सभी वर्ग और आम समाज प्रभावित हो रहा है। एक पार्टी के रूप में हमें इसके खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़नी है।
बीजेपी का नाम लिए बिना सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन सभी विचारधाराओं और ताकतों का हमेशा मुकाबला करेंगे, जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं, जो हमारे समाज का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं और जो हमें विभाजित करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेली कांग्रेस पार्टी भारत की एकता और अखंडता का मुख्य प्रतीक है। हम न सिर्फ भारत, बल्कि हम भारत के भावनात्मक एकता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ये सभी स्तरों पर गहरे तक पैठ बना चुका है और इससे सभी वर्ग और आम समाज प्रभावित हो रहा है। एक पार्टी के रूप में हमें इसके खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़नी है। | सारांश: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्वीकार किया कि राजनीतिक प्रक्रिया से लोगों का मोहभंग हो रहा है। उन्होंने इस मोहभंग के कारणों को समझने और संवेदनशीलता से उन्हें दूर करने का पार्टीजनों से आग्रह किया। | 20 | ['hin'] |
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