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एक सारांश बनाओ: 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच में यह खुलासा हुआ है कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने जानबूझकर और बेइमानी की मंशा से न तो नीलामी का रास्ता अपनाया और न ही प्रवेश शुल्क दोबारा तय करने पर विचार किया। इसी के चलते उन्होंने रेडियो तरंगों के लाइसेंस वर्ष 2001 के दाम पर मिट्टी के मोल दे डाले, जिससे सरकार को राजस्व की भारी हानि उठानी पड़ी। केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विशेष न्यायालय में दाखिल आरोप पत्र में यह बात कही है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि राजा ने यूनीटेक लिमिटेड के संजय चंद्रा, स्वान टेलिकॉम के शाहिद उस्मान बलवा और मुंबई स्थित डीबी रीयल्टी के निदेशक विनोद गोयनका के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची, जिसके तहत ही 2001 के मूल्यों पर स्पेक्ट्रम आवंटन किया इस संबंध में सरकार के विभिन्न वर्गों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं को दरकिनार कर दिया गया। सीबीआई द्वारा विशेष अदालत में दायर आरोप पत्र में कहा है कि स्वान टेलिकॉम और यूनिटेक ही हैं जिनके साथ मिलकर राजा ने साजिश रची। यूनिफाइड एक्सेस सर्विस लाईसेंस की कोई अन्य आवेदक कंपनी इसमें शामिल थी इसके बारे में सीबीआई के हाथ कोई तथ्य नहीं लगा है। एजेंसी ने कहा है कि अब तक की जांच में यूएएसएल आवेदक कंपनियों के राजा तथा उनके सहयोगियों के साथ इस साजिश में शामिल होने के बारे में कोई सबूत नहीं मिला है। सीबीइआई ने आरोप पत्र में स्पष्ट कहा है कि सरकार के विभिन्न विभागों और कार्यक्षेत्रों से बार-बार सुझाव दिए जाने के बावजूद राजा ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए न तो उसकी नीलामी किए जाने और न ही प्रवेश शुल्क फिर से तय करने पर कोई विचार किया। बल्कि उसे वर्ष 2001 के दाम पर ही साजिश के साथ अंजाम दिया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'राजा ने जानबूझकर और बेइमानी की मंशा से न तो नीलामी का रास्ता अपनाया और न ही प्रवेश शुल्क दोबारा तय करने पर विचार किया।'
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: अगर आप रेल से सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए खास है. नयी कर प्रणाली वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के 1 जुलाई से लागू होने के बाद रेल की कुछ श्रेणियों में यात्रा करना महंगा हो जाएगा. जीएसटी के तहत लगने वाले कर के चलते एसी और प्रथम श्रेणी में यात्रा करना थोड़ा महंगा हो जाएगा.टिप्पणियां जीएसटी के कार्यान्वयन से टिकट शुल्क पर सेवा कर 4.5 प्रतिशत से बढ़कर 5.0 प्रतिशत हो जाएगा. रेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह सेवा कर रेल में केवल एसी और प्रथम श्रेणी में यात्रा करने पर लगता है. इस लिहाज से अगर किसी टिकट की लागत इस समय 2000 रुपए है तो अगले महीने से वह 2010 रुपए की पड़ेगी. इस बीच रेलवे ने जीएसटी के कार्यान्वयन की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए हर राज्य में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है जो कि सुनिश्चित करेगा कि नयी कर प्रणाली को सुगम तरीके से कार्यान्वित किया जा सके. अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे में जीएसटी के असर के आकलन के लिए भी एक परामर्शक की सेवाएं ली गई हैं. चूंकि जीएसटी का पंजीकरण पैन ब्यौरे पर आधारित है इसलिए रेलवे ने अपना पैन पहले ही हासिल कर लिया है. रेलवे ने प्रत्येक मंडल में महाप्रबंध को जीएसटी अनुपालन के लिए प्रधान अधिकारी नियुक्त किया है.   जीएसटी के कार्यान्वयन से टिकट शुल्क पर सेवा कर 4.5 प्रतिशत से बढ़कर 5.0 प्रतिशत हो जाएगा. रेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह सेवा कर रेल में केवल एसी और प्रथम श्रेणी में यात्रा करने पर लगता है. इस लिहाज से अगर किसी टिकट की लागत इस समय 2000 रुपए है तो अगले महीने से वह 2010 रुपए की पड़ेगी. इस बीच रेलवे ने जीएसटी के कार्यान्वयन की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए हर राज्य में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है जो कि सुनिश्चित करेगा कि नयी कर प्रणाली को सुगम तरीके से कार्यान्वित किया जा सके. अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे में जीएसटी के असर के आकलन के लिए भी एक परामर्शक की सेवाएं ली गई हैं. चूंकि जीएसटी का पंजीकरण पैन ब्यौरे पर आधारित है इसलिए रेलवे ने अपना पैन पहले ही हासिल कर लिया है. रेलवे ने प्रत्येक मंडल में महाप्रबंध को जीएसटी अनुपालन के लिए प्रधान अधिकारी नियुक्त किया है.   इस बीच रेलवे ने जीएसटी के कार्यान्वयन की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए हर राज्य में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है जो कि सुनिश्चित करेगा कि नयी कर प्रणाली को सुगम तरीके से कार्यान्वित किया जा सके. अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे में जीएसटी के असर के आकलन के लिए भी एक परामर्शक की सेवाएं ली गई हैं. चूंकि जीएसटी का पंजीकरण पैन ब्यौरे पर आधारित है इसलिए रेलवे ने अपना पैन पहले ही हासिल कर लिया है. रेलवे ने प्रत्येक मंडल में महाप्रबंध को जीएसटी अनुपालन के लिए प्रधान अधिकारी नियुक्त किया है.
यह एक सारांश है: 1 जुलाई से लागू होने के बाद रेल की कुछ श्रेणियों में यात्रा करना महंगा एसी और प्रथम श्रेणी में यात्रा करना थोड़ा महंगा होगा टिकट शुल्क पर सेवा कर 4.5 प्रतिशत से बढ़कर 5.0 प्रतिशत होगा
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) और काजल राघवानी (Kajal Raghwani) इस भोजपुरी गाने में पूरी तरह से मॉर्डन लुक में नजर आ रहे हैं. इस गाने में आवाज भी खेसारी लाल यादव ने ही दिया है. खेसारी लाल यादव वैसे भी अक्सर अपने गाने में आवाज खुद ही देते हैं.खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी के इस वीडियो की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वीडियो को अभी तक 3 करोड़ 89 लाख बार से अधिक देखा जा चुका है और इसे देखने का सिलसिला अभी जारी है. कुल मिलाकर इस वीडियो ने धमाल मचा दिया है. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) और काजल राघवानी (Kajal Raghwani) की केमिस्ट्री वैसे भी भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) में हमेशा ही कमाल करती आई है. खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी की केमिस्ट्री भोजपुरी सिनेमा में सुपरहिट मानी जाती है. खेसारी लाल यादव  और काजल राघवानी की 2018 में 'संघर्ष' फिल्म भी आई थी. इस फिल्म को पसंद किया गया था. इसके अलावा खेसारी लाल यादव 'दबंग सरकार' में भी नजर आए. इस फिल्म में खेसारी लाल यादव दबंग पुलिस अफसर के रोल में थे, और इस रोल को भी पसंद किया गया. आने वाले समय में खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी कई नए धमाके करने वाले हैं. खेसारी लाल यादव की फिल्मों के लिए वैसे भी लोग बेताब रहते हैं.
खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी ने मचाया धमाल यूट्यूब पर 3 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया वीडियो लोगों को खूब पसंद आ रहा है वीडियो
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन कानून पर मचे विवाद के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हैक कर ली गई है. हैकर ने वेबसाइट पर लिखा है कि वो जामिया के छात्रों का समर्थन करता है. आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) लोकसभा में 9 दिसंबर, 2019 को पास होने के बाद 11 दिसंबर, 2019 को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पेश किया जहां एक लंबी बहस के बाद यह बिल पास हो गया. इस बिल के पास होने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह नागरिकता संशोधन कानून बन गया. इस कानून के विरोध में असम, बंगाल समेत देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए. 15 दिसंबर को जामिया में इस कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई. इस प्रदर्शन में कई छात्रों समेत पुलिस के कुछ जवान भी घायल हो गए. जामिया की घटना के अगले दिन 16 दिसंबर, 2019 को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सीलमपुर में जमकर प्रदर्शन हुए. इस प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटना हुई. स्‍कूली बस पर भी पत्‍थर फेंके गए. इस प्रदर्शन में कुछ प्रदर्शनकारियों समेत पुलिस वाले भी घायल हुए. एक पुलिस चौकी को प्रदर्शनकारियों ने जला दिया. पुलिस ने हालात को काबू में किया और वहां चौकसी बढ़ा दी गई. 17 दिसंबर को देश के दूसरे हिस्‍सों में भी प्रदर्शन शुरू हो गए. जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के समर्थन में देश के कई यूनिवर्सिटी में भी प्रदर्शन हुए. कई यूनिवर्सिटी को 5 जनवरी, 2020 के लिए बंद कर दिया गया है और छात्रों से हॉस्‍टल खाली करा लिया गया. इस कानून के विरोध में दिल्‍ली के लाल किला पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. उधर जमा मस्जिद के इमाम ने कहा है कि इस कानून से देश के मुसलमानों को कोई लेना देना नहीं है. उन्‍हें नहीं डरना चाहिए. विरोध प्रदर्शन को देखते हुए 19 दिसंबर, 2019 को देश के कई हिस्‍सों में धारा 144 लागू कर दी गई है.  उधर गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि चाहे जितना भी विरोध हो इस कानून को वापस नहीं लिया जाएगा. उनका कहना है कि यह कानून देश की जनता के लिए नहीं है, यह कानून उन अल्‍पसंख्‍यक लोगों के लिए है जो अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान में धार्मिक रूप से प्रताडि़त होकर भारत में शणार्थी के रूप में आए हैं.
यहाँ एक सारांश है:जामिया मिलिया की वेबसाइट हैक हैकर ने लिखा, मैं छात्रों के साथ पिछले दिनों यूनिवर्सिटी में हुई थी हिंसा
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के यूनुस खान ने टेस्ट क्रिकेट में 10 हज़ार रन पूरे कर लिए हैं. वेस्टइंडीज़ के खिलाफ़ खेले जा रहे टेस्ट मैच में अपनी 58 रन की पारी के दौरान उन्होंने ये मुकाम हासिल किया. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 10 हज़ार रन का आंकड़ा छूने वाले वे दुनिया के 13वें बल्लेबाज़ हैं जबकि अपने देश पाकिस्तान की ओर से वे पहले ऐसे बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने ये कमाल किया. यूनुस के बाद पाकिस्‍तान के दिग्‍गज क्रिकेटर जावेद मियांदाद के 8832 रन और इंज़माम उल हक़ के 8830 रन हैं. यूनुस पहले ही कह चुके हैं कि वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ उनके करियर की आखिरी सीरीज़ होगी. फ़रवरी 2000 में टेस्ट डेब्यू करने वाले यूनुस ने रावलपिंडी टेस्ट में श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहली बार खेला. इस मैच की पहली पारी में वो 12 रन पर आउट हो गए लेकिन उन्होंने दूसरी पारी में 107 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन सचिन तेंदुलकर के नाम है. सचिन के नाम 200 टेस्ट में 15921 रन हैं. यूनुस ने सचिन के जन्मदिन के दिन ही टेस्ट में 10 हज़ार रन पूरे किए. वैसे टेस्ट में सबसे पहले 10 हज़ार का आंकड़ा भारत के सुनील गावस्कर ने पार किया. 'सनी' के नाम 125 टेस्ट में 10122 रन हैं.टिप्पणियां 39 साल 146 दिन की उम्र में 10 हज़ार रन बनाने वाले वे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बने. यूनुस से पहले वेस्टइंडीज़ के शिवनरायण चंद्रपाल ने 38 साल 37 दिन में टेस्ट क्रिकेट में 10 हज़ार रन पूरे किए थे. यही नहीं, यूनुस ने ये मुक़ाम हासिल करने के लिए 17 साल 56 दिन का समय लिया. वहीं चंद्रपाल ने 18 साल 37 दिन का समय लिया था. पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट न होने की वजह से यूनुस ने सबसे ज़्यादा टेस्ट विदेशी ज़मीन पर खेले. यूनुस ने अपने 116 टेस्ट लंबे करियर में 69 टेस्ट विदेशों में खेले. 19 मैच घरेलू मैदान पर और 28 मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेले हैं. सबसे मज़ेदार बात है कि इन सभी जगह यूनुस का औसत 50 से ऊपर का रहा है. यूनुस ने पाकिस्तान में 59.31 की औसत से 1898 रन बनाए हैं वहीं विदेशी ज़मीन पर 50.40 की औसत से 5544 रन बनाए. न्यूट्रल मैदान की बात करे तो यूनुस ने 55.17 की औसत से 2593 रन बटोरे हैं. वैसे यूनुस दुनिया के इकलौते टेस्ट बल्लेबाज़ हैं जिनके नाम टेस्ट की हर पारी में 50 से ज़्यादा का औसत है.  यूनुस ने अपने टेस्ट करियर में 34 शतक और 33 अर्द्धशतक की मदद से 10 हज़ार रन का आंकड़ा पार किया. इस दौरान उन्होंने सभी टेस्ट खेलने वाले 9 देशों के ख़िलाफ़ शतक बनाने का कारनामा भी कर चुके हैं.  वैसे टेस्ट के अलावा यूनुस का वनडे में भी शानदार प्रदर्शन रहा है. यूनुस ने 7 शतक और 48 अर्द्धशतकों के साथ 7249 रन बनाए हैं. 25 अंतर्राष्ट्रीय T20 मैच भी यूनुस के खाते में जुड़े हैं. फ़रवरी 2000 में टेस्ट डेब्यू करने वाले यूनुस ने रावलपिंडी टेस्ट में श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहली बार खेला. इस मैच की पहली पारी में वो 12 रन पर आउट हो गए लेकिन उन्होंने दूसरी पारी में 107 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन सचिन तेंदुलकर के नाम है. सचिन के नाम 200 टेस्ट में 15921 रन हैं. यूनुस ने सचिन के जन्मदिन के दिन ही टेस्ट में 10 हज़ार रन पूरे किए. वैसे टेस्ट में सबसे पहले 10 हज़ार का आंकड़ा भारत के सुनील गावस्कर ने पार किया. 'सनी' के नाम 125 टेस्ट में 10122 रन हैं.टिप्पणियां 39 साल 146 दिन की उम्र में 10 हज़ार रन बनाने वाले वे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बने. यूनुस से पहले वेस्टइंडीज़ के शिवनरायण चंद्रपाल ने 38 साल 37 दिन में टेस्ट क्रिकेट में 10 हज़ार रन पूरे किए थे. यही नहीं, यूनुस ने ये मुक़ाम हासिल करने के लिए 17 साल 56 दिन का समय लिया. वहीं चंद्रपाल ने 18 साल 37 दिन का समय लिया था. पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट न होने की वजह से यूनुस ने सबसे ज़्यादा टेस्ट विदेशी ज़मीन पर खेले. यूनुस ने अपने 116 टेस्ट लंबे करियर में 69 टेस्ट विदेशों में खेले. 19 मैच घरेलू मैदान पर और 28 मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेले हैं. सबसे मज़ेदार बात है कि इन सभी जगह यूनुस का औसत 50 से ऊपर का रहा है. यूनुस ने पाकिस्तान में 59.31 की औसत से 1898 रन बनाए हैं वहीं विदेशी ज़मीन पर 50.40 की औसत से 5544 रन बनाए. न्यूट्रल मैदान की बात करे तो यूनुस ने 55.17 की औसत से 2593 रन बटोरे हैं. वैसे यूनुस दुनिया के इकलौते टेस्ट बल्लेबाज़ हैं जिनके नाम टेस्ट की हर पारी में 50 से ज़्यादा का औसत है.  यूनुस ने अपने टेस्ट करियर में 34 शतक और 33 अर्द्धशतक की मदद से 10 हज़ार रन का आंकड़ा पार किया. इस दौरान उन्होंने सभी टेस्ट खेलने वाले 9 देशों के ख़िलाफ़ शतक बनाने का कारनामा भी कर चुके हैं.  वैसे टेस्ट के अलावा यूनुस का वनडे में भी शानदार प्रदर्शन रहा है. यूनुस ने 7 शतक और 48 अर्द्धशतकों के साथ 7249 रन बनाए हैं. 25 अंतर्राष्ट्रीय T20 मैच भी यूनुस के खाते में जुड़े हैं. 39 साल 146 दिन की उम्र में 10 हज़ार रन बनाने वाले वे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बने. यूनुस से पहले वेस्टइंडीज़ के शिवनरायण चंद्रपाल ने 38 साल 37 दिन में टेस्ट क्रिकेट में 10 हज़ार रन पूरे किए थे. यही नहीं, यूनुस ने ये मुक़ाम हासिल करने के लिए 17 साल 56 दिन का समय लिया. वहीं चंद्रपाल ने 18 साल 37 दिन का समय लिया था. पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट न होने की वजह से यूनुस ने सबसे ज़्यादा टेस्ट विदेशी ज़मीन पर खेले. यूनुस ने अपने 116 टेस्ट लंबे करियर में 69 टेस्ट विदेशों में खेले. 19 मैच घरेलू मैदान पर और 28 मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेले हैं. सबसे मज़ेदार बात है कि इन सभी जगह यूनुस का औसत 50 से ऊपर का रहा है. यूनुस ने पाकिस्तान में 59.31 की औसत से 1898 रन बनाए हैं वहीं विदेशी ज़मीन पर 50.40 की औसत से 5544 रन बनाए. न्यूट्रल मैदान की बात करे तो यूनुस ने 55.17 की औसत से 2593 रन बटोरे हैं. वैसे यूनुस दुनिया के इकलौते टेस्ट बल्लेबाज़ हैं जिनके नाम टेस्ट की हर पारी में 50 से ज़्यादा का औसत है.  यूनुस ने अपने टेस्ट करियर में 34 शतक और 33 अर्द्धशतक की मदद से 10 हज़ार रन का आंकड़ा पार किया. इस दौरान उन्होंने सभी टेस्ट खेलने वाले 9 देशों के ख़िलाफ़ शतक बनाने का कारनामा भी कर चुके हैं.  वैसे टेस्ट के अलावा यूनुस का वनडे में भी शानदार प्रदर्शन रहा है. यूनुस ने 7 शतक और 48 अर्द्धशतकों के साथ 7249 रन बनाए हैं. 25 अंतर्राष्ट्रीय T20 मैच भी यूनुस के खाते में जुड़े हैं. सबसे मज़ेदार बात है कि इन सभी जगह यूनुस का औसत 50 से ऊपर का रहा है. यूनुस ने पाकिस्तान में 59.31 की औसत से 1898 रन बनाए हैं वहीं विदेशी ज़मीन पर 50.40 की औसत से 5544 रन बनाए. न्यूट्रल मैदान की बात करे तो यूनुस ने 55.17 की औसत से 2593 रन बटोरे हैं. वैसे यूनुस दुनिया के इकलौते टेस्ट बल्लेबाज़ हैं जिनके नाम टेस्ट की हर पारी में 50 से ज़्यादा का औसत है.  यूनुस ने अपने टेस्ट करियर में 34 शतक और 33 अर्द्धशतक की मदद से 10 हज़ार रन का आंकड़ा पार किया. इस दौरान उन्होंने सभी टेस्ट खेलने वाले 9 देशों के ख़िलाफ़ शतक बनाने का कारनामा भी कर चुके हैं.  वैसे टेस्ट के अलावा यूनुस का वनडे में भी शानदार प्रदर्शन रहा है. यूनुस ने 7 शतक और 48 अर्द्धशतकों के साथ 7249 रन बनाए हैं. 25 अंतर्राष्ट्रीय T20 मैच भी यूनुस के खाते में जुड़े हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अब तक 13 क्रिकेटर बना चुके हैं 10 हजार या इससे ज्‍यादा रन इंडीज सीरीज के बाद क्रिकेट को अलविदा कहेंगे यूनुस खान फरवरी 2000 में श्रीलंका के खिलाफ किया था करियर का आगाज
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में तीसरी ताक़त बनकर उभरी है. कांग्रेस और अकाली-बीजेपी गठबंधन को टक्कर देने के लिए पार्टी ने दिल्ली का कामयाब फॉर्मूला यहां भी अपनाया है. उसके उम्मीदवारों में साइकिल पंक्‍चर बनाने वाले का बेटा भी है. लोकसभा चुनाव में चार सीटें जीत कर पंजाब की सियासत में धमाकेदार एंट्री करने वाली आप कारोबार से लेकर किसानों के हक़ की बात कर रही है. दिल्ली की तर्ज पर यहां भी फ़ोकस आम आदमी पर ही है. पांच दिन के पंजाब दौरे में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अपनी सभाओं में मतदाताओं के साथ भावनात्‍मक तार जोड़ने की कोशिश में हैं. वो कहते हैं,''हम तो बहुत छोटे लोग हैं. पूरा पंजाब इकट्ठा हो रहा है. कुछ क़ुदरती करिश्मा हो रहा है. हमारे पास चुनाव लड़ने के पैसे नहीं है. हमारे पास बड़ी रैली के पैसे नहीं है फिर भी लोग आ रहे हैं.'' नाभा सुरक्षित सीट से आप उम्मीदवार देव मान ने कनाडा में रेडियो जॉकी की नौकरी छोड़ माइक की जगह केजरीवाल की झाड़ू थाम लिया है. पिता पिछले चालीस साल से साइकिल पंक्चर की दुकान चला रहे हैं. देव कहते हैं कि पुरानी साइकिल की तरह पंजाब को भी दुरुस्त करना है. देव मान कहते हैं,''जैसे साइकल पंक्चर हो जाती है वैसे ही पंजाब की सियासत भी पंक्चर हो गई है. लोगों से सिर्फ़ वादे किए गए है किया कुछ भी नहीं गया. मुझे उम्मीद है कि केजरीवाल के साथ मिलकर हम पंजाब की सियासत को दुरुस्त कर देंगे.'' टिप्पणियां यूं तो सियासी पार्टियों ने बुज़ुर्गों के लिए ढाई हज़ार रुपये पेंशन, मुफ़्त तीर्थ दर्शन यात्रा जैसे कई वादे किए हैं लेकिन देव के पिता लाल सिंह को युवाओं की चिंता ज़्यादा है. वो कहते हैं,''नशा ख़त्म होना चाहिए. नशा ख़त्म होगा तो बच्‍चे तगड़े होंगे. रोटी कमा सकेंगे और मुझे उम्मीद है कि आने वाली सरकार बच्चों को रोज़गार देगी.'' टिकट बंटवारें को लेकर आरोप झेलने वाली आम आदमी पार्टी की ये सोशल इंजीनियरिंग क्‍या पंजाब में दिल्ली जैसा गुल खिला पाएगी. ये उम्मीद काफ़ी कुछ देव मान जैसे उम्मीदवारों पर टिकी है. पांच दिन के पंजाब दौरे में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अपनी सभाओं में मतदाताओं के साथ भावनात्‍मक तार जोड़ने की कोशिश में हैं. वो कहते हैं,''हम तो बहुत छोटे लोग हैं. पूरा पंजाब इकट्ठा हो रहा है. कुछ क़ुदरती करिश्मा हो रहा है. हमारे पास चुनाव लड़ने के पैसे नहीं है. हमारे पास बड़ी रैली के पैसे नहीं है फिर भी लोग आ रहे हैं.'' नाभा सुरक्षित सीट से आप उम्मीदवार देव मान ने कनाडा में रेडियो जॉकी की नौकरी छोड़ माइक की जगह केजरीवाल की झाड़ू थाम लिया है. पिता पिछले चालीस साल से साइकिल पंक्चर की दुकान चला रहे हैं. देव कहते हैं कि पुरानी साइकिल की तरह पंजाब को भी दुरुस्त करना है. देव मान कहते हैं,''जैसे साइकल पंक्चर हो जाती है वैसे ही पंजाब की सियासत भी पंक्चर हो गई है. लोगों से सिर्फ़ वादे किए गए है किया कुछ भी नहीं गया. मुझे उम्मीद है कि केजरीवाल के साथ मिलकर हम पंजाब की सियासत को दुरुस्त कर देंगे.'' टिप्पणियां यूं तो सियासी पार्टियों ने बुज़ुर्गों के लिए ढाई हज़ार रुपये पेंशन, मुफ़्त तीर्थ दर्शन यात्रा जैसे कई वादे किए हैं लेकिन देव के पिता लाल सिंह को युवाओं की चिंता ज़्यादा है. वो कहते हैं,''नशा ख़त्म होना चाहिए. नशा ख़त्म होगा तो बच्‍चे तगड़े होंगे. रोटी कमा सकेंगे और मुझे उम्मीद है कि आने वाली सरकार बच्चों को रोज़गार देगी.'' टिकट बंटवारें को लेकर आरोप झेलने वाली आम आदमी पार्टी की ये सोशल इंजीनियरिंग क्‍या पंजाब में दिल्ली जैसा गुल खिला पाएगी. ये उम्मीद काफ़ी कुछ देव मान जैसे उम्मीदवारों पर टिकी है. नाभा सुरक्षित सीट से आप उम्मीदवार देव मान ने कनाडा में रेडियो जॉकी की नौकरी छोड़ माइक की जगह केजरीवाल की झाड़ू थाम लिया है. पिता पिछले चालीस साल से साइकिल पंक्चर की दुकान चला रहे हैं. देव कहते हैं कि पुरानी साइकिल की तरह पंजाब को भी दुरुस्त करना है. देव मान कहते हैं,''जैसे साइकल पंक्चर हो जाती है वैसे ही पंजाब की सियासत भी पंक्चर हो गई है. लोगों से सिर्फ़ वादे किए गए है किया कुछ भी नहीं गया. मुझे उम्मीद है कि केजरीवाल के साथ मिलकर हम पंजाब की सियासत को दुरुस्त कर देंगे.'' टिप्पणियां यूं तो सियासी पार्टियों ने बुज़ुर्गों के लिए ढाई हज़ार रुपये पेंशन, मुफ़्त तीर्थ दर्शन यात्रा जैसे कई वादे किए हैं लेकिन देव के पिता लाल सिंह को युवाओं की चिंता ज़्यादा है. वो कहते हैं,''नशा ख़त्म होना चाहिए. नशा ख़त्म होगा तो बच्‍चे तगड़े होंगे. रोटी कमा सकेंगे और मुझे उम्मीद है कि आने वाली सरकार बच्चों को रोज़गार देगी.'' टिकट बंटवारें को लेकर आरोप झेलने वाली आम आदमी पार्टी की ये सोशल इंजीनियरिंग क्‍या पंजाब में दिल्ली जैसा गुल खिला पाएगी. ये उम्मीद काफ़ी कुछ देव मान जैसे उम्मीदवारों पर टिकी है. यूं तो सियासी पार्टियों ने बुज़ुर्गों के लिए ढाई हज़ार रुपये पेंशन, मुफ़्त तीर्थ दर्शन यात्रा जैसे कई वादे किए हैं लेकिन देव के पिता लाल सिंह को युवाओं की चिंता ज़्यादा है. वो कहते हैं,''नशा ख़त्म होना चाहिए. नशा ख़त्म होगा तो बच्‍चे तगड़े होंगे. रोटी कमा सकेंगे और मुझे उम्मीद है कि आने वाली सरकार बच्चों को रोज़गार देगी.'' टिकट बंटवारें को लेकर आरोप झेलने वाली आम आदमी पार्टी की ये सोशल इंजीनियरिंग क्‍या पंजाब में दिल्ली जैसा गुल खिला पाएगी. ये उम्मीद काफ़ी कुछ देव मान जैसे उम्मीदवारों पर टिकी है. टिकट बंटवारें को लेकर आरोप झेलने वाली आम आदमी पार्टी की ये सोशल इंजीनियरिंग क्‍या पंजाब में दिल्ली जैसा गुल खिला पाएगी. ये उम्मीद काफ़ी कुछ देव मान जैसे उम्मीदवारों पर टिकी है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में तीसरी ताक़त बनकर उभरी है. पार्टी ने दिल्ली का कामयाब फॉर्मूला यहां भी अपनाया है. पार्टी का दिल्ली की तर्ज पर यहां भी फ़ोकस आम आदमी पर ही है.
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आमिर खान स्टारर दंगल ने इन दिनों चीन में धूम मचाई हुई है. इस फिल्म की चर्चा इतनी है कि खुद चीनी राष्ट्रपति भी इस फिल्म को देखने का लालच नहीं रोक पाए. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि उन्होंने आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘दंगल’ देखी और उन्हें यह पसंद आई. चीन में पांच मई को दंगल लगी थी. उसने चीनी फिल्म उद्योग के सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. चीन में 7000 से अधिक सिनेमाघरों में यह फिल्म अब भी चल रही है. चीन में यह 33वीं ऐसी फिल्म बन गई है जिसने एक अरब युआन (14.7 करोड़ डॉलर) की कमाई को पार कर लिया है. शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वाषिर्क शिखर-सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं की बातचीत के बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने बताया कि शी चिनफिंग ने कहा कि दंगल चीन में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और उन्होंने भी यह फिल्म देखी है.टिप्पणियां शुक्रवार को ही भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य बने हैं. दंगल चीन में सर्वाधिक कमाई वाली पहली गैर-हॉलीवुड फिल्म बन गई है. आमिर खान ने हाल ही में कहा था कि उन्हें चीन में फिल्म पसंद किए जाने की उम्मीद थी लेकिन इतनी शानदार सफलता के बारे में उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था.   (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चीन में पांच मई को दंगल लगी थी. उसने चीनी फिल्म उद्योग के सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. चीन में 7000 से अधिक सिनेमाघरों में यह फिल्म अब भी चल रही है. चीन में यह 33वीं ऐसी फिल्म बन गई है जिसने एक अरब युआन (14.7 करोड़ डॉलर) की कमाई को पार कर लिया है. शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वाषिर्क शिखर-सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं की बातचीत के बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने बताया कि शी चिनफिंग ने कहा कि दंगल चीन में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और उन्होंने भी यह फिल्म देखी है.टिप्पणियां शुक्रवार को ही भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य बने हैं. दंगल चीन में सर्वाधिक कमाई वाली पहली गैर-हॉलीवुड फिल्म बन गई है. आमिर खान ने हाल ही में कहा था कि उन्हें चीन में फिल्म पसंद किए जाने की उम्मीद थी लेकिन इतनी शानदार सफलता के बारे में उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था.   (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वाषिर्क शिखर-सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं की बातचीत के बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने बताया कि शी चिनफिंग ने कहा कि दंगल चीन में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और उन्होंने भी यह फिल्म देखी है.टिप्पणियां शुक्रवार को ही भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य बने हैं. दंगल चीन में सर्वाधिक कमाई वाली पहली गैर-हॉलीवुड फिल्म बन गई है. आमिर खान ने हाल ही में कहा था कि उन्हें चीन में फिल्म पसंद किए जाने की उम्मीद थी लेकिन इतनी शानदार सफलता के बारे में उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था.   (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शुक्रवार को ही भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य बने हैं. दंगल चीन में सर्वाधिक कमाई वाली पहली गैर-हॉलीवुड फिल्म बन गई है. आमिर खान ने हाल ही में कहा था कि उन्हें चीन में फिल्म पसंद किए जाने की उम्मीद थी लेकिन इतनी शानदार सफलता के बारे में उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था.   (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: 7000 से अधिक सिनेमाघरों में चल रही है यह फिल्म 14.7 करोड़ डॉलर की कमाई को कर चुकी है पार चीन में पांच मई को दंगल फिल्म रिलीज की गई थी
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म 'फोर्स' नार्कोटिक कंट्रोल ब्यूरो के जांबाज ऑफिसर्स पर है। एसीपी यशवर्धन यानी जॉन अब्राहम लाइफ में कभी रोमांस में नहीं पड़े क्योंकि नशीली दवाओं के सौदागरों के सामने वो कोई कमजोरी छोड़ना नहीं चाहते। लेकिन जब माया यानी जेनेलिया डिसूजा की एंट्री होती है तो ये ऑफिसर खुद को रोक नहीं पाता। लेकिन हालात तब बदल जाते हैं जब ड्रग माफिया चुन-चुन कर नार्कोटिक ऑफिसर्स के परिवारों से दुश्मनी निकालने लगता है। इससे पहले 'मुंबई मेरी जान' जैसी फिल्म बना चुके डायरेक्टर निशिकांत कामत की 'फोर्स' तमिल फिल्म 'काका काका' की रीमेक है। फिल्म के कुछ एक्शन सीन्स हटकर जरूर हैं खासकर जहां जॉन बाइक उठाकर दुश्मन को दे मारते हैं। लेकिन कई एक्शन सीन्स जोश दिलाने में नाकाम हैं। ढेरों सीन्स डिम लाइट में शूट किए गए इसीलिए भी 'फोर्स' थोड़ी डल लगती है। मुझे संदेह है कि नार्कोटिक ऑफिसर्स के बीच फास्ट पेस कॉम्प्लेक्स डायलॉग्स कॉमन मैन समझ पाएगा जिसके लिए एक्शन फिल्म 'फोर्स' बनी है। सलमान और अजय देवगन की एक्शन फिल्में अपनी सिप्लीसिटी के कारण सिंगल स्क्रीन्स में चल जाती हैं। सबसे इंप्रेसिव हैं चुलबुली और बोल्ड माया के रोल में जेनेलिया डिसूजा। उनके डायलॉग्स चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर देंगे। जेनेलिया ने जॉन के साथ लव स्टोरी में केमिस्ट्री डालने की खासी कोशिश की। काश 'गजनी' की तरह यहां भी लव स्टोरी को बढ़ाया जाता। एवरेज फिल्म 'फोर्स' के लिए मेरी रेटिंग है ढाई स्टार।
संक्षिप्त पाठ: इससे पहले 'मुंबई मेरी जान' जैसी फिल्म बना चुके डायरेक्टर निशिकांत कामत की 'फोर्स' तमिल फिल्म 'काका काका' की रीमेक है।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (शुक्रवार) को एक कार्यक्रम कहा कि नोटबंदी से पहले भ्रष्टाचारियों को तैयारी का मौका नहीं मिला. अगर मौका मिलता तो वे भी इस कदम की तारीफ करते. संविधान के डिजिटल संस्करण के विमोचन के मौके पर संसद में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम ने ये बातें कहीं. पीएम ने कहा कि उन पर तैयारी नहीं करने का आरोप है जबकि मौका भ्रष्टाचारियों को नहीं मिला. उन्होंने यह भी कहा कि सबको अपने पैसों के इस्तेमाल का हक़ है लेकिन देश के लिए कड़े फ़ैसले लेने पड़ते हैं. इन दिनों भ्रष्टाचार और कालाधन के खिलाफ देश एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है. आम आदमी इसमें सिपाही बना है.टिप्पणियां पीएम मोदी ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि सरकार ने पूरी तैयारी नहीं की, पीड़ा यह है कि सरकार ने तैयारी करने का इन्हें समय नहीं दिया. 72 घंटे भी तैयारी को मिलते तो बोलते मोदी जैसा कोई नहीं. गौरतलब है कि नोटबंदी को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा हो रहा है. विपक्ष लगातार नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी के बयान की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि इस पर वित्तमंत्री ही जवाब देंगे. जबसे शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है नोटबंदी पर हंगामे के चलते एक भी दिन सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई है. पीएम ने कहा कि उन पर तैयारी नहीं करने का आरोप है जबकि मौका भ्रष्टाचारियों को नहीं मिला. उन्होंने यह भी कहा कि सबको अपने पैसों के इस्तेमाल का हक़ है लेकिन देश के लिए कड़े फ़ैसले लेने पड़ते हैं. इन दिनों भ्रष्टाचार और कालाधन के खिलाफ देश एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है. आम आदमी इसमें सिपाही बना है.टिप्पणियां पीएम मोदी ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि सरकार ने पूरी तैयारी नहीं की, पीड़ा यह है कि सरकार ने तैयारी करने का इन्हें समय नहीं दिया. 72 घंटे भी तैयारी को मिलते तो बोलते मोदी जैसा कोई नहीं. गौरतलब है कि नोटबंदी को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा हो रहा है. विपक्ष लगातार नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी के बयान की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि इस पर वित्तमंत्री ही जवाब देंगे. जबसे शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है नोटबंदी पर हंगामे के चलते एक भी दिन सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई है. पीएम मोदी ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि सरकार ने पूरी तैयारी नहीं की, पीड़ा यह है कि सरकार ने तैयारी करने का इन्हें समय नहीं दिया. 72 घंटे भी तैयारी को मिलते तो बोलते मोदी जैसा कोई नहीं. गौरतलब है कि नोटबंदी को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा हो रहा है. विपक्ष लगातार नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी के बयान की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि इस पर वित्तमंत्री ही जवाब देंगे. जबसे शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है नोटबंदी पर हंगामे के चलते एक भी दिन सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई है. गौरतलब है कि नोटबंदी को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा हो रहा है. विपक्ष लगातार नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी के बयान की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि इस पर वित्तमंत्री ही जवाब देंगे. जबसे शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है नोटबंदी पर हंगामे के चलते एक भी दिन सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई है.
यहाँ एक सारांश है:भ्रष्टाचारियों को मौका नहीं मिला देश लड़ रहा है काले धन के खिलाफ लड़ाई देश के लिए कड़े फैसले लेने पड़ते हैं
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व किक्रेटर और बीजेपी से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद ने नोटबंदी को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उनकी अक्षमता के कारण केंद्र सरकार की किरकिरी हो रही है, ऐसे में उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. कीर्ति ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'देश के प्रधानमंत्री कोई निर्णय ले रहे हैं और बैंकों में करोड़ों लोगों का कालाधन सफेद किया जा रहा है. ये बैंक किसके अंतर्गत हैं? ये वित्त मंत्रालय के अंतर्गत हैं. वित्त मंत्री अक्षम हैं और अर्थशास्त्री भी नहीं हैं. उनको इस्तीफा दे देनी चाहिए.' उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी से देश में अविश्वास का माहौल उत्पन्न हो गया है. विमुद्रीकरण उल्टा आफत पैदा कर गया है. कालेधन वाले सरकार से बहुत ज्यादा शातिर और पहुंच वाले हैं. कीर्ति ने आरोप लगाया कि यदि सरकार की मंशा स्पष्ट रहती तो नोटबंदी की पूर्व तैयारी अवश्य होती. उनके नीतिकारों को व्यवहारिकता का ज्ञान नहीं है. आम लोगों को 500 और 1,000 के बजाय 2,000 रुपये के नए नोट छापे जाने का औचित्य समझ में नहीं आ रहा है. सारे अनुमान अवास्तविकता पर आधारित हैं. आम लोगों का मानना है कि इस पूरे प्रकारण से कॉरपोरेट घराने को लाभ मिलने की संभावना है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि 8 नवंबर के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी शुरू की गई और जहां-तहां कालाधन पकड़ में आ रहा है. यही कार्य पहले व्यापक पैमाने पर न होना वित्त मंत्रालय की अक्षमता का परिचायक है. कीर्ति आजाद ने जेटली पर प्रहार करते हुए नोटबंदी के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के लिए उन्हें ही जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि इस दौरान रिजर्व बैंक ने 59 बार नोटबंदी से संबंधित आदेश जारी किए. वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के बीच तालमेल का घोर अभाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे और कुटीर उद्योग इस नोटबंदी से बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं. बड़ी संख्या में मजदूरों को काम के अभाव में घर लौटना पड़ रहा है. कीर्ति ने अपने संसदीय क्षेत्र दरभंगा की चर्चा करते हुए कहा कि उनके दर्जनों अनुशंसा पत्र के बावजूद भारी संख्या में लोग ऐसे हैं, जिनका अपना बैंक खाता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी का असर किसान, मजदूर, कामगार, छोटे व्यवसायियों, सर्राफा व्यवसायियों पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है. यह असर विकास को बाधित कर रहा है. सब्जी उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. कीर्ति ने कहा कि आम लोगों की नोट के अभाव में क्रय शक्ति घट गई है. इस नोटबंदी से गरीब मध्यवर्गीय लोगों के समक्ष आने वाले समय में मुसीबतें उत्पन्न हो सकती हैं. रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न सकती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कीर्ति ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'देश के प्रधानमंत्री कोई निर्णय ले रहे हैं और बैंकों में करोड़ों लोगों का कालाधन सफेद किया जा रहा है. ये बैंक किसके अंतर्गत हैं? ये वित्त मंत्रालय के अंतर्गत हैं. वित्त मंत्री अक्षम हैं और अर्थशास्त्री भी नहीं हैं. उनको इस्तीफा दे देनी चाहिए.' उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी से देश में अविश्वास का माहौल उत्पन्न हो गया है. विमुद्रीकरण उल्टा आफत पैदा कर गया है. कालेधन वाले सरकार से बहुत ज्यादा शातिर और पहुंच वाले हैं. कीर्ति ने आरोप लगाया कि यदि सरकार की मंशा स्पष्ट रहती तो नोटबंदी की पूर्व तैयारी अवश्य होती. उनके नीतिकारों को व्यवहारिकता का ज्ञान नहीं है. आम लोगों को 500 और 1,000 के बजाय 2,000 रुपये के नए नोट छापे जाने का औचित्य समझ में नहीं आ रहा है. सारे अनुमान अवास्तविकता पर आधारित हैं. आम लोगों का मानना है कि इस पूरे प्रकारण से कॉरपोरेट घराने को लाभ मिलने की संभावना है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि 8 नवंबर के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी शुरू की गई और जहां-तहां कालाधन पकड़ में आ रहा है. यही कार्य पहले व्यापक पैमाने पर न होना वित्त मंत्रालय की अक्षमता का परिचायक है. कीर्ति आजाद ने जेटली पर प्रहार करते हुए नोटबंदी के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के लिए उन्हें ही जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि इस दौरान रिजर्व बैंक ने 59 बार नोटबंदी से संबंधित आदेश जारी किए. वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के बीच तालमेल का घोर अभाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे और कुटीर उद्योग इस नोटबंदी से बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं. बड़ी संख्या में मजदूरों को काम के अभाव में घर लौटना पड़ रहा है. कीर्ति ने अपने संसदीय क्षेत्र दरभंगा की चर्चा करते हुए कहा कि उनके दर्जनों अनुशंसा पत्र के बावजूद भारी संख्या में लोग ऐसे हैं, जिनका अपना बैंक खाता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी का असर किसान, मजदूर, कामगार, छोटे व्यवसायियों, सर्राफा व्यवसायियों पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है. यह असर विकास को बाधित कर रहा है. सब्जी उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. कीर्ति ने कहा कि आम लोगों की नोट के अभाव में क्रय शक्ति घट गई है. इस नोटबंदी से गरीब मध्यवर्गीय लोगों के समक्ष आने वाले समय में मुसीबतें उत्पन्न हो सकती हैं. रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न सकती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी से देश में अविश्वास का माहौल उत्पन्न हो गया है. विमुद्रीकरण उल्टा आफत पैदा कर गया है. कालेधन वाले सरकार से बहुत ज्यादा शातिर और पहुंच वाले हैं. कीर्ति ने आरोप लगाया कि यदि सरकार की मंशा स्पष्ट रहती तो नोटबंदी की पूर्व तैयारी अवश्य होती. उनके नीतिकारों को व्यवहारिकता का ज्ञान नहीं है. आम लोगों को 500 और 1,000 के बजाय 2,000 रुपये के नए नोट छापे जाने का औचित्य समझ में नहीं आ रहा है. सारे अनुमान अवास्तविकता पर आधारित हैं. आम लोगों का मानना है कि इस पूरे प्रकारण से कॉरपोरेट घराने को लाभ मिलने की संभावना है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि 8 नवंबर के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी शुरू की गई और जहां-तहां कालाधन पकड़ में आ रहा है. यही कार्य पहले व्यापक पैमाने पर न होना वित्त मंत्रालय की अक्षमता का परिचायक है. कीर्ति आजाद ने जेटली पर प्रहार करते हुए नोटबंदी के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के लिए उन्हें ही जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि इस दौरान रिजर्व बैंक ने 59 बार नोटबंदी से संबंधित आदेश जारी किए. वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के बीच तालमेल का घोर अभाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे और कुटीर उद्योग इस नोटबंदी से बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं. बड़ी संख्या में मजदूरों को काम के अभाव में घर लौटना पड़ रहा है. कीर्ति ने अपने संसदीय क्षेत्र दरभंगा की चर्चा करते हुए कहा कि उनके दर्जनों अनुशंसा पत्र के बावजूद भारी संख्या में लोग ऐसे हैं, जिनका अपना बैंक खाता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी का असर किसान, मजदूर, कामगार, छोटे व्यवसायियों, सर्राफा व्यवसायियों पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है. यह असर विकास को बाधित कर रहा है. सब्जी उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. कीर्ति ने कहा कि आम लोगों की नोट के अभाव में क्रय शक्ति घट गई है. इस नोटबंदी से गरीब मध्यवर्गीय लोगों के समक्ष आने वाले समय में मुसीबतें उत्पन्न हो सकती हैं. रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न सकती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कीर्ति ने आरोप लगाया कि यदि सरकार की मंशा स्पष्ट रहती तो नोटबंदी की पूर्व तैयारी अवश्य होती. उनके नीतिकारों को व्यवहारिकता का ज्ञान नहीं है. आम लोगों को 500 और 1,000 के बजाय 2,000 रुपये के नए नोट छापे जाने का औचित्य समझ में नहीं आ रहा है. सारे अनुमान अवास्तविकता पर आधारित हैं. आम लोगों का मानना है कि इस पूरे प्रकारण से कॉरपोरेट घराने को लाभ मिलने की संभावना है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि 8 नवंबर के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी शुरू की गई और जहां-तहां कालाधन पकड़ में आ रहा है. यही कार्य पहले व्यापक पैमाने पर न होना वित्त मंत्रालय की अक्षमता का परिचायक है. कीर्ति आजाद ने जेटली पर प्रहार करते हुए नोटबंदी के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के लिए उन्हें ही जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि इस दौरान रिजर्व बैंक ने 59 बार नोटबंदी से संबंधित आदेश जारी किए. वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के बीच तालमेल का घोर अभाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे और कुटीर उद्योग इस नोटबंदी से बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं. बड़ी संख्या में मजदूरों को काम के अभाव में घर लौटना पड़ रहा है. कीर्ति ने अपने संसदीय क्षेत्र दरभंगा की चर्चा करते हुए कहा कि उनके दर्जनों अनुशंसा पत्र के बावजूद भारी संख्या में लोग ऐसे हैं, जिनका अपना बैंक खाता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी का असर किसान, मजदूर, कामगार, छोटे व्यवसायियों, सर्राफा व्यवसायियों पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है. यह असर विकास को बाधित कर रहा है. सब्जी उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. कीर्ति ने कहा कि आम लोगों की नोट के अभाव में क्रय शक्ति घट गई है. इस नोटबंदी से गरीब मध्यवर्गीय लोगों के समक्ष आने वाले समय में मुसीबतें उत्पन्न हो सकती हैं. रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न सकती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि 8 नवंबर के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी शुरू की गई और जहां-तहां कालाधन पकड़ में आ रहा है. यही कार्य पहले व्यापक पैमाने पर न होना वित्त मंत्रालय की अक्षमता का परिचायक है. कीर्ति आजाद ने जेटली पर प्रहार करते हुए नोटबंदी के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के लिए उन्हें ही जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि इस दौरान रिजर्व बैंक ने 59 बार नोटबंदी से संबंधित आदेश जारी किए. वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के बीच तालमेल का घोर अभाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे और कुटीर उद्योग इस नोटबंदी से बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं. बड़ी संख्या में मजदूरों को काम के अभाव में घर लौटना पड़ रहा है. कीर्ति ने अपने संसदीय क्षेत्र दरभंगा की चर्चा करते हुए कहा कि उनके दर्जनों अनुशंसा पत्र के बावजूद भारी संख्या में लोग ऐसे हैं, जिनका अपना बैंक खाता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी का असर किसान, मजदूर, कामगार, छोटे व्यवसायियों, सर्राफा व्यवसायियों पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है. यह असर विकास को बाधित कर रहा है. सब्जी उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. कीर्ति ने कहा कि आम लोगों की नोट के अभाव में क्रय शक्ति घट गई है. इस नोटबंदी से गरीब मध्यवर्गीय लोगों के समक्ष आने वाले समय में मुसीबतें उत्पन्न हो सकती हैं. रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न सकती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कीर्ति आजाद ने जेटली पर प्रहार करते हुए नोटबंदी के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के लिए उन्हें ही जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि इस दौरान रिजर्व बैंक ने 59 बार नोटबंदी से संबंधित आदेश जारी किए. वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के बीच तालमेल का घोर अभाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे और कुटीर उद्योग इस नोटबंदी से बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं. बड़ी संख्या में मजदूरों को काम के अभाव में घर लौटना पड़ रहा है. कीर्ति ने अपने संसदीय क्षेत्र दरभंगा की चर्चा करते हुए कहा कि उनके दर्जनों अनुशंसा पत्र के बावजूद भारी संख्या में लोग ऐसे हैं, जिनका अपना बैंक खाता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी का असर किसान, मजदूर, कामगार, छोटे व्यवसायियों, सर्राफा व्यवसायियों पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है. यह असर विकास को बाधित कर रहा है. सब्जी उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. कीर्ति ने कहा कि आम लोगों की नोट के अभाव में क्रय शक्ति घट गई है. इस नोटबंदी से गरीब मध्यवर्गीय लोगों के समक्ष आने वाले समय में मुसीबतें उत्पन्न हो सकती हैं. रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न सकती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कीर्ति ने अपने संसदीय क्षेत्र दरभंगा की चर्चा करते हुए कहा कि उनके दर्जनों अनुशंसा पत्र के बावजूद भारी संख्या में लोग ऐसे हैं, जिनका अपना बैंक खाता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी का असर किसान, मजदूर, कामगार, छोटे व्यवसायियों, सर्राफा व्यवसायियों पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है. यह असर विकास को बाधित कर रहा है. सब्जी उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. कीर्ति ने कहा कि आम लोगों की नोट के अभाव में क्रय शक्ति घट गई है. इस नोटबंदी से गरीब मध्यवर्गीय लोगों के समक्ष आने वाले समय में मुसीबतें उत्पन्न हो सकती हैं. रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न सकती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी का असर किसान, मजदूर, कामगार, छोटे व्यवसायियों, सर्राफा व्यवसायियों पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है. यह असर विकास को बाधित कर रहा है. सब्जी उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. कीर्ति ने कहा कि आम लोगों की नोट के अभाव में क्रय शक्ति घट गई है. इस नोटबंदी से गरीब मध्यवर्गीय लोगों के समक्ष आने वाले समय में मुसीबतें उत्पन्न हो सकती हैं. रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न सकती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कीर्ति ने कहा कि आम लोगों की नोट के अभाव में क्रय शक्ति घट गई है. इस नोटबंदी से गरीब मध्यवर्गीय लोगों के समक्ष आने वाले समय में मुसीबतें उत्पन्न हो सकती हैं. रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न सकती है. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में कैशलेस प्रणाली का सफल होना मुश्किल लगता है. उन्होंने कहा कि जिन देशों में कैशलेस प्रणाली प्रचलन में भी है वहां की सरकारों पर नोट छापने का भारी दबाव है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उल्लेखनीय है कि डीडीसीए के 13 सालों तक (2013 तक) अध्यक्ष रहे अरुण जेटली पर कीर्ति आजाद द्वारा उनके कार्यकाल के दौरान उक्त संगठन में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'नोटबंदी से देश में अविश्वास का माहौल उत्पन्न हो गया है' 'वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के बीच तालमेल का घोर अभाव है' 'जेटली की अक्षमता के कारण केंद्र सरकार की किरकिरी हो रही है'
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे 'विनाश काले विपरीत बुद्धि' करार दिया है।टिप्पणियां नीतीश ने शनिवार को पटना में एक कार्यक्रम में मोदी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित होने के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहा कि जनता दल (युनाइटेड) ने तीन महीने पूर्व ही भांप लिया था कि ऐसा कुछ होने वाला है। अब भाजपा वही कर रही है जो वह करने वाली थी। उन्होंने भाजपा से अलग होने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने उचित समय पर फैसला किया। नीतीश ने इस फैसले को 'विनाश काले विपरीत बुद्धि करार' देते हुए कहा कि ऐसे लोगों को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा। उल्लेखनीय है कि भाजपा द्वारा मोदी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जद (यू) ने भाजपा के साथ अपना 17 वर्ष पुराना गठबंधन तोड़ दिया था। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच मोदी को लेकर वाक्युद्ध चल रहा है। भाजपा ने मोदी को शुक्रवार को 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। नीतीश ने शनिवार को पटना में एक कार्यक्रम में मोदी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित होने के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहा कि जनता दल (युनाइटेड) ने तीन महीने पूर्व ही भांप लिया था कि ऐसा कुछ होने वाला है। अब भाजपा वही कर रही है जो वह करने वाली थी। उन्होंने भाजपा से अलग होने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने उचित समय पर फैसला किया। नीतीश ने इस फैसले को 'विनाश काले विपरीत बुद्धि करार' देते हुए कहा कि ऐसे लोगों को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा। उल्लेखनीय है कि भाजपा द्वारा मोदी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जद (यू) ने भाजपा के साथ अपना 17 वर्ष पुराना गठबंधन तोड़ दिया था। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच मोदी को लेकर वाक्युद्ध चल रहा है। भाजपा ने मोदी को शुक्रवार को 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। उल्लेखनीय है कि भाजपा द्वारा मोदी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जद (यू) ने भाजपा के साथ अपना 17 वर्ष पुराना गठबंधन तोड़ दिया था। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच मोदी को लेकर वाक्युद्ध चल रहा है। भाजपा ने मोदी को शुक्रवार को 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे 'विनाश काले विपरीत बुद्धि' करार दिया है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आपसी सम्बंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे भारत और पाकिस्तान इस दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए वीजा नियमों को असान बनाने वाले समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच 'उदार वीजा समझौते' पर अगले महीने दोनों देशों के गृह सचिवों की मुलाकात के दौरान हस्ताक्षर हो सकते हैं। कृष्णा लोकसभा में आठ अप्रैल को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की एक दिवसीय भारत यात्रा और इस दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनकी मुलाकात के बारे में बयान दे रहे थे। उन्होंने कहा, "दोनों नेताओं ने नागरिक सम्पर्क बढ़ाने के मुद्दे को प्राथमिकता देने की आवश्यकता जताई। इसी के मद्देनजर उन्होंने वीजा नियमों को आसान बनाने के लिए समझौते का निर्णय लिया। दोनों देशों के गृह सचिवों की अगले माह इस्लामाबाद में मुलाकात के दौरान समझौते पर हस्ताक्षर होने की सम्भावना है।" भारत और पाकिस्तान के बीच गृह सचिव स्तर की वार्ता पिछले साल दिसम्बर से ही लम्बित है। यह मई के आखिर में इस्लामाबाद में शुरू होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान से 22 मई के बाद का समय मांगा गया है, क्योंकि संसद का बजट सत्र इसी दिन समाप्त हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि आसान यात्रा एवं वीजा प्रक्रियाओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार सम्बंधों को आसान बनाना है, ताकि दोनों देशों के व्यापारी बिना किसी बाधा के यात्रा और व्यवसाय कर सकें।टिप्पणियां इसमें विभाजित परिवारों, खासकर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए और विवाह तथा अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए गैर-व्यावसायिक वीजा जारी करने का भी प्रस्ताव है। कृष्णा ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी की मुलाकात करीब 40 मिनट तक हुई, जिसमें भारत-पाकिस्तान सम्बंधों पर चर्चा के साथ-साथ समान हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच 'उदार वीजा समझौते' पर अगले महीने दोनों देशों के गृह सचिवों की मुलाकात के दौरान हस्ताक्षर हो सकते हैं। कृष्णा लोकसभा में आठ अप्रैल को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की एक दिवसीय भारत यात्रा और इस दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनकी मुलाकात के बारे में बयान दे रहे थे। उन्होंने कहा, "दोनों नेताओं ने नागरिक सम्पर्क बढ़ाने के मुद्दे को प्राथमिकता देने की आवश्यकता जताई। इसी के मद्देनजर उन्होंने वीजा नियमों को आसान बनाने के लिए समझौते का निर्णय लिया। दोनों देशों के गृह सचिवों की अगले माह इस्लामाबाद में मुलाकात के दौरान समझौते पर हस्ताक्षर होने की सम्भावना है।" भारत और पाकिस्तान के बीच गृह सचिव स्तर की वार्ता पिछले साल दिसम्बर से ही लम्बित है। यह मई के आखिर में इस्लामाबाद में शुरू होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान से 22 मई के बाद का समय मांगा गया है, क्योंकि संसद का बजट सत्र इसी दिन समाप्त हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि आसान यात्रा एवं वीजा प्रक्रियाओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार सम्बंधों को आसान बनाना है, ताकि दोनों देशों के व्यापारी बिना किसी बाधा के यात्रा और व्यवसाय कर सकें।टिप्पणियां इसमें विभाजित परिवारों, खासकर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए और विवाह तथा अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए गैर-व्यावसायिक वीजा जारी करने का भी प्रस्ताव है। कृष्णा ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी की मुलाकात करीब 40 मिनट तक हुई, जिसमें भारत-पाकिस्तान सम्बंधों पर चर्चा के साथ-साथ समान हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कृष्णा लोकसभा में आठ अप्रैल को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की एक दिवसीय भारत यात्रा और इस दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनकी मुलाकात के बारे में बयान दे रहे थे। उन्होंने कहा, "दोनों नेताओं ने नागरिक सम्पर्क बढ़ाने के मुद्दे को प्राथमिकता देने की आवश्यकता जताई। इसी के मद्देनजर उन्होंने वीजा नियमों को आसान बनाने के लिए समझौते का निर्णय लिया। दोनों देशों के गृह सचिवों की अगले माह इस्लामाबाद में मुलाकात के दौरान समझौते पर हस्ताक्षर होने की सम्भावना है।" भारत और पाकिस्तान के बीच गृह सचिव स्तर की वार्ता पिछले साल दिसम्बर से ही लम्बित है। यह मई के आखिर में इस्लामाबाद में शुरू होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान से 22 मई के बाद का समय मांगा गया है, क्योंकि संसद का बजट सत्र इसी दिन समाप्त हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि आसान यात्रा एवं वीजा प्रक्रियाओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार सम्बंधों को आसान बनाना है, ताकि दोनों देशों के व्यापारी बिना किसी बाधा के यात्रा और व्यवसाय कर सकें।टिप्पणियां इसमें विभाजित परिवारों, खासकर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए और विवाह तथा अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए गैर-व्यावसायिक वीजा जारी करने का भी प्रस्ताव है। कृष्णा ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी की मुलाकात करीब 40 मिनट तक हुई, जिसमें भारत-पाकिस्तान सम्बंधों पर चर्चा के साथ-साथ समान हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच गृह सचिव स्तर की वार्ता पिछले साल दिसम्बर से ही लम्बित है। यह मई के आखिर में इस्लामाबाद में शुरू होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान से 22 मई के बाद का समय मांगा गया है, क्योंकि संसद का बजट सत्र इसी दिन समाप्त हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि आसान यात्रा एवं वीजा प्रक्रियाओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार सम्बंधों को आसान बनाना है, ताकि दोनों देशों के व्यापारी बिना किसी बाधा के यात्रा और व्यवसाय कर सकें।टिप्पणियां इसमें विभाजित परिवारों, खासकर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए और विवाह तथा अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए गैर-व्यावसायिक वीजा जारी करने का भी प्रस्ताव है। कृष्णा ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी की मुलाकात करीब 40 मिनट तक हुई, जिसमें भारत-पाकिस्तान सम्बंधों पर चर्चा के साथ-साथ समान हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि आसान यात्रा एवं वीजा प्रक्रियाओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार सम्बंधों को आसान बनाना है, ताकि दोनों देशों के व्यापारी बिना किसी बाधा के यात्रा और व्यवसाय कर सकें।टिप्पणियां इसमें विभाजित परिवारों, खासकर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए और विवाह तथा अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए गैर-व्यावसायिक वीजा जारी करने का भी प्रस्ताव है। कृष्णा ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी की मुलाकात करीब 40 मिनट तक हुई, जिसमें भारत-पाकिस्तान सम्बंधों पर चर्चा के साथ-साथ समान हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसमें विभाजित परिवारों, खासकर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए और विवाह तथा अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए गैर-व्यावसायिक वीजा जारी करने का भी प्रस्ताव है। कृष्णा ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी की मुलाकात करीब 40 मिनट तक हुई, जिसमें भारत-पाकिस्तान सम्बंधों पर चर्चा के साथ-साथ समान हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कृष्णा ने कहा कि मनमोहन सिंह और जरदारी की मुलाकात करीब 40 मिनट तक हुई, जिसमें भारत-पाकिस्तान सम्बंधों पर चर्चा के साथ-साथ समान हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
आपसी सम्बंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे भारत और पाकिस्तान इस दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए वीजा नियमों को असान बनाने वाले समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: खरीदने से लेकर सभी तरह की अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. इसलिए हमने खातों पर रोक लगाने का फैसला लिया.’’ उन्होंने बताया कि तीनों खातों से करीब 26 लाख रुपये जब्त किए गए. यह पूछने पर कि कब तक खातों पर रोक रहेगी, इस पर अधिकारी ने कहा, ‘‘यह अभी स्पष्ट नहीं है. हमें लेनदेन का विवरण देखना है और जांच चल रही है.’’टिप्पणियां गिरि से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में नहीं पता कि गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के लिए वेतन खाते के रूप में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते पर रोक लगा दी गई है. गुरुंग और तमांग की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है. (इनपुट एजेंसी से) गिरि से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में नहीं पता कि गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के लिए वेतन खाते के रूप में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते पर रोक लगा दी गई है. गुरुंग और तमांग की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है. (इनपुट एजेंसी से) गुरुंग और तमांग की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है. (इनपुट एजेंसी से)
सारांश: पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है गोरखा जनमुक्ति मोर्चा जीजेएम के अध्यक्ष बिमल गुरुंग समेत शीर्ष नेताओं के बैंक खातों पर रोक लगी तीन नेताओं के खातों से करीब 26 लाख रुपये जब्त किए गए
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Kumkum Bhagya Written Update: जी टीवी के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में रोजाना कोई ना कोई ट्विस्ट आता रहता है. सीरियल के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि प्राची (Mugdha Chapekar) और रणवीर वापस घर आ जाएंगे. शहाना, प्राची से पूछती है कि कहीं उसे रणवीर से प्यार तो नहीं हो गया है. वहीं दूसरी ओर आर्यन, रणवीर को कहता है कि उसे प्राची से प्यार हो गया है. अभी, रिया के कहने पर सरिता को फोन करता है और कहता है कि आलिया की वेडिंग एनिवर्सरी के लिए खाना का इंतजाम उन्हीं को करना है.  सृति झा (Sriti Jha) और शब्बीर आहलुवालिया के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि अभी, सरिता से माफी मांगता है क्योंकि उन्हें उसने रेस्तरां में तो बुला लिया, लेकिन उनसे मिला नहीं. दूसरी ओर दिशा को पता चलता है कि सीएम अभी के घर उसे कोई अवार्ड देने जाएंगे. दिश वहां जाना नहीं चाहती लेकिन सीएम की टीम में होने की वजह से उसे वहां जाना पड़ेगा. सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के आज के एपिसोड में दिखाया जाएगा कि सरिता, प्रज्ञा को रिया की बूजी और फूजी की तस्वीर देगी. ये आलिया और पूरब की तस्वीर होगी. दूसरी ओर विक्रम, अभी को बताएगा कि सीएम उसे कोई अवार्ड देना चाहते हैं. विक्रम, अभी को कहेगा कि सीएम, आलिया की पार्टी में आकर अभी और अनुराधा दोनों को अवार्ड दे देंगे.
यह एक सारांश है: सीरियल 'कुमकुम भाग्य' में जानें आज क्या होगा! अभी और प्रज्ञा को सीएम देंगे अवार्ड आलिया की पार्टी में आएगी दिशा
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रस्तावित विलय से कर्मचारियों की नौकरी जाने के खतरे की चिंता को खारिज किया है. उन्होंने कहा है कि विलय के इन निर्णयों से किसी एक कर्मचारी की भी नौकरी नहीं जाएगी. सीतारमण ने नौकरी जाने के बारे में बैंक यूनियनों की चिंताओं के बारे में संवाददाताओं से कहा, 'यह बिल्कुल तथ्यहीन बात है. मैं इनमें से हर बैंक की सभी यूनियनों एवं लोगों को यह आश्वस्त करना चाहती हूं कि वे शुक्रवार को मेरी कही गयी बात को याद करें. जब हमने बैंकों के विलय की बात की तो मैंने स्पष्ट तौर पर कहा था कि किसी भी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा. किसी को भी नहीं.'   सीतारमण बैंकों के प्रस्तावित विलय का बैंक के कर्मचारी यूनियनों द्वारा विरोध किये जाने पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थीं. निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को दस सरकारी बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की थी. यह निर्णय देश में मजबूत और वैश्विक पैमाने के बड़े बैंक गठित करने के लक्ष्य से किया गया है. उम्मीद है कि विलय के बाद बनने वाले नए बैंक अर्थव्यवस्था की कर्ज की जरूरतों को पूरा करके मजबूती दूर करने तथा भारत को 5000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में अधिक मददगार हो सकेंगे.   सरकार ने शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के दस बड़े बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की. इसके मुताबिक पीएनबी में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का, केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का एवं इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का विलय किया जाना है. विलय के बाद कुल सरकारी बैंकों की संख्या 12 रह जाएगी.
सारांश: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तस्वीर साफ की कहा, विलय की वजह से नहीं जाएगी किसी की नौकरी पिछले दिनों बैंकों के विलय का किया था ऐलान
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हम से ज्यादातर लोग इन दिनों रोते हुए बच्चे को चुप कराने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ऐसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है. जी हां, हरियाणा जिले की एक ऐसी ही घटना पढ़कर आप अपने बच्चे को मोबाइल बिलकुल हाथ नहीं लगाने देंगे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले 9 साल के एक छात्र ने मोबाइल न मिलने पर चाकू से अपना हाथ काट लिया. इसके बाद उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.    खबरों के मुताबिक माता-पिता दोनों बच्चे को बहुत कम समय दे पाते थे. जब वह चार साल का था तभी उसे मनोरंजन के लिए मोबाइल दे दिया गया था. धीरे-धीरे उसकी यह आदत बन गई. वह खाना भी यूट्यूब पर वीडियो देखते हुए या गेम खेलते हुए खाता था. इसके बाद फोन के प्रति उसकी दीवानगी इतनी बढ़ गई कि जब उससे मोबाइल लिया गया तो वह बर्दाश्त नहीं कर सका. उसने किचन में जाकर चाकू से अपने हाथ को काट लिया.  बच्चे से जब बात की गई तो उसने बताया कि उसे आउटडोर खेल के मुकाबले मोबाइल पर गेम्स खेलना ज्यादा पसंद है. फिलहाल वह खतरे से बाहर है. माता-पिता ने स्वीकार किया कि बच्चे को उन्होंने कभी भी बाहर जाकर खेलने के लिए दबाव नहीं डाला. उन्हें एक साल पहले महसूस हुआ कि यह गलत है. उन्हें लगा कि जब बच्चे को मोबाइल से उसे दूर किया जाता है तो गुस्से और तनाव जैसे लक्षण दिखते हैं. उसे चश्मा लग गया. उसकी आंखों पर आगे और गलत असर न पड़े उसके लिए उसे मोबाइल और लैपटॉप, टीवी न देखने की सलाह दी गई. बच्चा अब ठीक है और उसमें काफी सुधार हो रहा है.    बच्चे से जब बात की गई तो उसने बताया कि उसे आउटडोर खेल के मुकाबले मोबाइल पर गेम्स खेलना ज्यादा पसंद है. फिलहाल वह खतरे से बाहर है. माता-पिता ने स्वीकार किया कि बच्चे को उन्होंने कभी भी बाहर जाकर खेलने के लिए दबाव नहीं डाला. उन्हें एक साल पहले महसूस हुआ कि यह गलत है. उन्हें लगा कि जब बच्चे को मोबाइल से उसे दूर किया जाता है तो गुस्से और तनाव जैसे लक्षण दिखते हैं. उसे चश्मा लग गया. उसकी आंखों पर आगे और गलत असर न पड़े उसके लिए उसे मोबाइल और लैपटॉप, टीवी न देखने की सलाह दी गई. बच्चा अब ठीक है और उसमें काफी सुधार हो रहा है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस खबर को पढ़ने के बाद आप अपने बच्चे को मोबाइल से रखेंगे दूर मोबाइल ले लेने से बच्चा ऐसा झुंझलाया कि उसने अपने हाथ काट लिए कामकाजी माता-पिता ने 4 साल की उम्र में ही थमा दिया था मोबाइल
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय मूल के सिख तनमनजीत सिंह ढेसी उर्फ टैन ढेसी और वीरेंद्र शर्मा ने इंग्लैंड में इतिहास रचा है. तनमनजीत सिंह ब्रिटेन की संसद हाऊस ऑफ कॉमन्स के पहले सिख यानी पगड़ीधारी सांसद चुने गए हैं. इससे पहले वह इंग्लैंड के ग्रेवशैम शहर में यूरोप के सबसे युवा सिख मेयर बनने का भी कारनामा कर चुके हैं. मूल रूप से जालंधर के रायपुर गांव के रहने वाले तनमनजी सिंह स्थानीय उम्मीदवार को हराकर सांसद चुने गए हैं. वीरेंद्र शर्मा साऊथ हाल के ईलिंग्स से लगातर चौथी बार सांसद का चुनाव जीते हैं. वीरेंद्र शर्मा इसलिए भी चर्चा में हैं, क्योंकि वे इंग्लैंड में ट्रक ड्राइवर की नौकरी करते थे. देश का नाम रोशन करने वाले वीरेंद्र सिंह ने इंग्लैंड में ट्रक ड्राइवर के रूप में अपना सफर शुरू किया था. इसी दौरान उनका रुझान यहां की राजनीति की ओर हुआ.   वीरेंद्र शर्मा का बचपन फगवाड़ा के साथ लगते गांव मंढाली में बीता है. फगवाड़ा में आज भी उनका मकान है, वे यहां आते भी रहते हैं. इस तरह फगवाड़ा उनका एक तरह से घर ही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वीरेंद्र सिंह को कबड्डी खेलना बेहद पसंद है. वे बचपन में गांव में खूब कबड्डी खेला करते थे. 5 अप्रैल 1947 को जन्मे वीरेंद्र शर्मा अपने विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. तनमनजीत सिंह ढेसी उर्फ टैन ढेसी ब्रिटेन की संसद में पहले पगड़ीधारी सांसद हैं.टिप्पणियां मालूम हो कि इंग्लैंड के मध्‍यावधि चुनावों में भारतीय मूल के 12 नेताओं ने जीत दर्ज की, वहीं चार पंजाबी मूल के हैं. भारतीय मूल की प्रीत कौर गिल बर्मिंघम से चुनाव जीत गई हैं. वह इस तरह चुनाव जीतने वाली पहली सिख महिला बन गई हैं. प्रीत कौर गिल लेबर पार्टी से ताल्‍लुक रखती हैं और बर्मिंघम एजबेस्‍टन सीट से उन्‍होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 6,917 वोटों से हराया. चुनाव जीतने के बाद उन्‍होंने कहा, ''मुझे इस बात की खुशी है कि एजबेस्‍टन से सांसद बनने का मौका मिला क्‍योंकि मेरा यहां जन्‍म और परवरिश हुई है...''. इसी तरह भारतीय मूल के सिख तनमनजीत सिंह धेसी स्‍लॉ से चुनाव जीत गए हैं. वह यहां से चुनाव जीतने वाले पहले पगड़ीधारी सिख सांसद बन गए हैं. तनमनजीत सिंह उर्फ टैन भी लेबर पार्टी से ही जुड़े हैं और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को उन्‍होंने तकरीबन 17 हजार मतों से हराया. भारतीय मूल के कीथ वाज ने लीसेस्‍टर ईस्‍ट से जीत हासिल की है. वीरेंद्र शर्मा का बचपन फगवाड़ा के साथ लगते गांव मंढाली में बीता है. फगवाड़ा में आज भी उनका मकान है, वे यहां आते भी रहते हैं. इस तरह फगवाड़ा उनका एक तरह से घर ही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वीरेंद्र सिंह को कबड्डी खेलना बेहद पसंद है. वे बचपन में गांव में खूब कबड्डी खेला करते थे. 5 अप्रैल 1947 को जन्मे वीरेंद्र शर्मा अपने विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. तनमनजीत सिंह ढेसी उर्फ टैन ढेसी ब्रिटेन की संसद में पहले पगड़ीधारी सांसद हैं.टिप्पणियां मालूम हो कि इंग्लैंड के मध्‍यावधि चुनावों में भारतीय मूल के 12 नेताओं ने जीत दर्ज की, वहीं चार पंजाबी मूल के हैं. भारतीय मूल की प्रीत कौर गिल बर्मिंघम से चुनाव जीत गई हैं. वह इस तरह चुनाव जीतने वाली पहली सिख महिला बन गई हैं. प्रीत कौर गिल लेबर पार्टी से ताल्‍लुक रखती हैं और बर्मिंघम एजबेस्‍टन सीट से उन्‍होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 6,917 वोटों से हराया. चुनाव जीतने के बाद उन्‍होंने कहा, ''मुझे इस बात की खुशी है कि एजबेस्‍टन से सांसद बनने का मौका मिला क्‍योंकि मेरा यहां जन्‍म और परवरिश हुई है...''. इसी तरह भारतीय मूल के सिख तनमनजीत सिंह धेसी स्‍लॉ से चुनाव जीत गए हैं. वह यहां से चुनाव जीतने वाले पहले पगड़ीधारी सिख सांसद बन गए हैं. तनमनजीत सिंह उर्फ टैन भी लेबर पार्टी से ही जुड़े हैं और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को उन्‍होंने तकरीबन 17 हजार मतों से हराया. भारतीय मूल के कीथ वाज ने लीसेस्‍टर ईस्‍ट से जीत हासिल की है. मालूम हो कि इंग्लैंड के मध्‍यावधि चुनावों में भारतीय मूल के 12 नेताओं ने जीत दर्ज की, वहीं चार पंजाबी मूल के हैं. भारतीय मूल की प्रीत कौर गिल बर्मिंघम से चुनाव जीत गई हैं. वह इस तरह चुनाव जीतने वाली पहली सिख महिला बन गई हैं. प्रीत कौर गिल लेबर पार्टी से ताल्‍लुक रखती हैं और बर्मिंघम एजबेस्‍टन सीट से उन्‍होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 6,917 वोटों से हराया. चुनाव जीतने के बाद उन्‍होंने कहा, ''मुझे इस बात की खुशी है कि एजबेस्‍टन से सांसद बनने का मौका मिला क्‍योंकि मेरा यहां जन्‍म और परवरिश हुई है...''. इसी तरह भारतीय मूल के सिख तनमनजीत सिंह धेसी स्‍लॉ से चुनाव जीत गए हैं. वह यहां से चुनाव जीतने वाले पहले पगड़ीधारी सिख सांसद बन गए हैं. तनमनजीत सिंह उर्फ टैन भी लेबर पार्टी से ही जुड़े हैं और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को उन्‍होंने तकरीबन 17 हजार मतों से हराया. भारतीय मूल के कीथ वाज ने लीसेस्‍टर ईस्‍ट से जीत हासिल की है. इसी तरह भारतीय मूल के सिख तनमनजीत सिंह धेसी स्‍लॉ से चुनाव जीत गए हैं. वह यहां से चुनाव जीतने वाले पहले पगड़ीधारी सिख सांसद बन गए हैं. तनमनजीत सिंह उर्फ टैन भी लेबर पार्टी से ही जुड़े हैं और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को उन्‍होंने तकरीबन 17 हजार मतों से हराया. भारतीय मूल के कीथ वाज ने लीसेस्‍टर ईस्‍ट से जीत हासिल की है.
यह एक सारांश है: वीरेंद्र शर्मा लगातार चौथी बार इंग्लैंड के सांसद बने हैं वीरेंद्र शर्मा इंग्लैंड में कभी ट्रक चलाते थे तनमनजीत सिंह ढेसी उर्फ टैन ढेसी इंग्लैंड के पहले पगड़ीधारी सांसद बने हैं
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बंबई शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा और सेंसेक्स 185 अंक चढ़कर 18,326.09 अंक पर पहुंच गया। महंगाई में कमी, जिंसों के दामों में गिरावट और वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ एलएंडटी के शेयरों में लिवाली से बाजार को मजबूती मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 18,429.47 और 18,161.38 अंक के दायरे में घूमने के बाद गुरुवार के बंद स्तर के मुकाबले 184.69 अंक या 1.02 प्रतिशत मजबूत होकर 18,326.09 अंक पर बंद हुआ। गुरुवार को सेंसेक्स 55 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 58.25 अंक या 1.07 प्रतिशत की मजबूती के साथ 5,486.35 अंक पर बंद हुआ। ब्रोकरों ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति में कमी से बाजार की धारणा मजबूत हुई है। सात मई को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 18 माह के निचले स्तर 7.47 प्रतिशत पर आ गई है। विश्लेषकों ने कहा कि तेल उत्पादक कंपनियों पर तेल सब्सिडी का बोझ बढाने के सरकार के निर्णय से बाजार की तेजी पर कुछ असर पड़ा। आईआईएफएल के शोध प्रमुख (भारतीय निजी ग्राहक) अमर अंबानी ने कहा, अपस्ट्रीम कंपनियों पर तेल सब्सिडी का बोझ बढ़ाने की घोषणा से बाजार का मूड कुछ प्रभावित हुआ। पर कुल मिलाकर एलएंडटी के नतीजों तथा खाद्य महंगाई घटने से बाजार उत्साहित था। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में तेजी के रुख से भी यहां बाजार धारणा को बल मिला।
संक्षिप्त सारांश: महंगाई में कमी, जिंसों के दामों में गिरावट और वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ एलएंडटी के शेयरों में लिवाली से बाजार को मजबूती मिली।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुसीबत मे फंसी महिलाओं के लिए मुंबई पुलिस ने 'आइस' नाम का सॉफ्टवेयर डेवलप किया है। इस सॉफ्टवेयर का मकसद मुसीबत मे फंसी महिलाओं को समय पर मदद पहुंचाने का है। फिलहाल यह सॉफ्टवेयर एन्ड्रॉइड फोन पर ही डाउनलोड होगा। इस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के लिए महिलाओं को अपने फोन में इंटरनेट की सुविधा रखनी होगी। मुंबई पुलिस की वेबसाइट से सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के बाद कुछ अहम जानकारियों को इसमे भरना होगा। इन जानकारियों के आधार पर सॉफ्टवेयर आपकी जानकारी डाटाबेस मे सेव कर देता है। जिससे मुसिबत के वक्त सिर्फ एक बटन दबाते ही एसएमएस आपके रिश्तेदार या दोस्त के पास चला जाएगा। जिससे रिश्तेदार पुलिस के साथ आपकी मदद के लिए पहुंच पाएंगे। इस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के लिए महिलाओं को अपने फोन में इंटरनेट की सुविधा रखनी होगी। मुंबई पुलिस की वेबसाइट से सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के बाद कुछ अहम जानकारियों को इसमे भरना होगा। इन जानकारियों के आधार पर सॉफ्टवेयर आपकी जानकारी डाटाबेस मे सेव कर देता है। जिससे मुसिबत के वक्त सिर्फ एक बटन दबाते ही एसएमएस आपके रिश्तेदार या दोस्त के पास चला जाएगा। जिससे रिश्तेदार पुलिस के साथ आपकी मदद के लिए पहुंच पाएंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुसीबत मे फंसी महिलाओं के लिए मुंबई पुलिस ने 'आइस' नाम का सॉफ्टवेयर डेवलप किया है। इस सॉफ्टवेयर का मकसद मुसीबत मे फंसी महिलाओं को समय पर मदद पहुंचाने का है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व की पूर्व शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका की अनुभवी खिलाड़ी वीनस विलियम्स, आस्ट्रेलिया की समांथा स्टोसुर और चीन की ली ना मेड्रिड ओपन मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में प्रवेश कर गई हैं।टिप्पणियां महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, शनिवार को खेले गए एकल स्पर्धा के पहले दौर के मुकाबले में वाइल्ड कार्ड के जरिए टूर्नामेंट में प्रवेश करने वाली वीनस ने रोमानिया की सिमोना हालेप को 6-1, 4-6, 7-6(6) से शिकस्त दी। पांचवीं वरीयता प्राप्त स्टोसुर ने क्रोएशिया की पेत्रा मार्टिक को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 7-5, 4-6, 7-6(5) से हराया जबकि आठवीं वरीयता प्राप्त ली ना ने वाइल्डकार्ड धारक स्पेन की ग्रार्बिने मुगुरुजा ब्लांको को 6-2, 6-4 से मात दी। महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, शनिवार को खेले गए एकल स्पर्धा के पहले दौर के मुकाबले में वाइल्ड कार्ड के जरिए टूर्नामेंट में प्रवेश करने वाली वीनस ने रोमानिया की सिमोना हालेप को 6-1, 4-6, 7-6(6) से शिकस्त दी। पांचवीं वरीयता प्राप्त स्टोसुर ने क्रोएशिया की पेत्रा मार्टिक को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 7-5, 4-6, 7-6(5) से हराया जबकि आठवीं वरीयता प्राप्त ली ना ने वाइल्डकार्ड धारक स्पेन की ग्रार्बिने मुगुरुजा ब्लांको को 6-2, 6-4 से मात दी। पांचवीं वरीयता प्राप्त स्टोसुर ने क्रोएशिया की पेत्रा मार्टिक को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 7-5, 4-6, 7-6(5) से हराया जबकि आठवीं वरीयता प्राप्त ली ना ने वाइल्डकार्ड धारक स्पेन की ग्रार्बिने मुगुरुजा ब्लांको को 6-2, 6-4 से मात दी।
संक्षिप्त सारांश: विश्व की पूर्व शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका की अनुभवी खिलाड़ी वीनस विलियम्स, आस्ट्रेलिया की समांथा स्टोसुर और चीन की ली ना मेड्रिड ओपन मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में प्रवेश कर गई हैं।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जापान के विदेश मंत्री कोइचिरो गेम्बा ने न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से अलग बुधवार को चीन के विदेश मंत्री यांग जेईजी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने पूर्व चीन सागर में स्थित विवादित द्वीपों पर अपने-अपने दावे किए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यांग ने दियाओयू द्वीप के मुद्दे पर चीन के गम्भीर रुख को दोहराया, जो "प्राचीन काल से ही चीन का पवित्र हिस्सा है।" इस द्वीप समूह को जापान में सेनकाकू कहा जाता है। जापानी समाचार एजेंसी क्योटो के अनुसार, कोइचिरो ने कहा कि सेनकाकू द्वीपों पर टोक्यो का अपना रुख है, और इसके साथ ही उन्होंने इस विवाद में संयम बरतने का आग्रह किया। इस विवाद के कारण एशिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सम्बंधों को खतरा पैदा हो गया है।  टिप्पणियां अलजजीरा के अनुसार न्यूयार्क में दोनों देशों के मंत्रियों की यह मुलाकात इस विवाद के पैदा होने के बाद दोनों देशों के बीच सर्वोच्च स्तर का पहला कूटनीतिक सम्पर्क है। यह विवाद जापान की केंद्रीय सरकार द्वारा इस महीने पूर्व चीन सागर के इन द्वीपों को उनके निजी मालिकों से खरीदने के बाद शुरू हुआ है। इस कदम के बाद पूरे चीन में जापान विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए। जापान ने कहा है कि द्वीपों को खरीदने के पीछे का मकसद टोक्यो के मेयर शिनतारो इशिहारा की अपनेक्षाकृत अधिक उकसावे वाली कोशिश को टालना था, जिन्होंने अपनी स्थानीय सरकार द्वारा इन द्वीपों को खरीदने की योजना बनाई थी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यांग ने दियाओयू द्वीप के मुद्दे पर चीन के गम्भीर रुख को दोहराया, जो "प्राचीन काल से ही चीन का पवित्र हिस्सा है।" इस द्वीप समूह को जापान में सेनकाकू कहा जाता है। जापानी समाचार एजेंसी क्योटो के अनुसार, कोइचिरो ने कहा कि सेनकाकू द्वीपों पर टोक्यो का अपना रुख है, और इसके साथ ही उन्होंने इस विवाद में संयम बरतने का आग्रह किया। इस विवाद के कारण एशिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सम्बंधों को खतरा पैदा हो गया है।  टिप्पणियां अलजजीरा के अनुसार न्यूयार्क में दोनों देशों के मंत्रियों की यह मुलाकात इस विवाद के पैदा होने के बाद दोनों देशों के बीच सर्वोच्च स्तर का पहला कूटनीतिक सम्पर्क है। यह विवाद जापान की केंद्रीय सरकार द्वारा इस महीने पूर्व चीन सागर के इन द्वीपों को उनके निजी मालिकों से खरीदने के बाद शुरू हुआ है। इस कदम के बाद पूरे चीन में जापान विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए। जापान ने कहा है कि द्वीपों को खरीदने के पीछे का मकसद टोक्यो के मेयर शिनतारो इशिहारा की अपनेक्षाकृत अधिक उकसावे वाली कोशिश को टालना था, जिन्होंने अपनी स्थानीय सरकार द्वारा इन द्वीपों को खरीदने की योजना बनाई थी। जापानी समाचार एजेंसी क्योटो के अनुसार, कोइचिरो ने कहा कि सेनकाकू द्वीपों पर टोक्यो का अपना रुख है, और इसके साथ ही उन्होंने इस विवाद में संयम बरतने का आग्रह किया। इस विवाद के कारण एशिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सम्बंधों को खतरा पैदा हो गया है।  टिप्पणियां अलजजीरा के अनुसार न्यूयार्क में दोनों देशों के मंत्रियों की यह मुलाकात इस विवाद के पैदा होने के बाद दोनों देशों के बीच सर्वोच्च स्तर का पहला कूटनीतिक सम्पर्क है। यह विवाद जापान की केंद्रीय सरकार द्वारा इस महीने पूर्व चीन सागर के इन द्वीपों को उनके निजी मालिकों से खरीदने के बाद शुरू हुआ है। इस कदम के बाद पूरे चीन में जापान विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए। जापान ने कहा है कि द्वीपों को खरीदने के पीछे का मकसद टोक्यो के मेयर शिनतारो इशिहारा की अपनेक्षाकृत अधिक उकसावे वाली कोशिश को टालना था, जिन्होंने अपनी स्थानीय सरकार द्वारा इन द्वीपों को खरीदने की योजना बनाई थी। अलजजीरा के अनुसार न्यूयार्क में दोनों देशों के मंत्रियों की यह मुलाकात इस विवाद के पैदा होने के बाद दोनों देशों के बीच सर्वोच्च स्तर का पहला कूटनीतिक सम्पर्क है। यह विवाद जापान की केंद्रीय सरकार द्वारा इस महीने पूर्व चीन सागर के इन द्वीपों को उनके निजी मालिकों से खरीदने के बाद शुरू हुआ है। इस कदम के बाद पूरे चीन में जापान विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए। जापान ने कहा है कि द्वीपों को खरीदने के पीछे का मकसद टोक्यो के मेयर शिनतारो इशिहारा की अपनेक्षाकृत अधिक उकसावे वाली कोशिश को टालना था, जिन्होंने अपनी स्थानीय सरकार द्वारा इन द्वीपों को खरीदने की योजना बनाई थी। जापान ने कहा है कि द्वीपों को खरीदने के पीछे का मकसद टोक्यो के मेयर शिनतारो इशिहारा की अपनेक्षाकृत अधिक उकसावे वाली कोशिश को टालना था, जिन्होंने अपनी स्थानीय सरकार द्वारा इन द्वीपों को खरीदने की योजना बनाई थी।
सारांश: जापान के विदेश मंत्री कोइचिरो गेम्बा ने न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से अलग बुधवार को चीन के विदेश मंत्री यांग जेईजी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने पूर्व चीन सागर में स्थित विवादित द्वीपों पर अपने-अपने दावे किए।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने आज विदर्भ एवं गोरखालैंड के गठन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को भी चार हिस्सों में बांटने की मांग दोहराई। मायावती ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमारी पार्टी तेलंगाना राज्य स्थापित करने की मांग का शुरू से ही समर्थन करती आ रही है। अब तेलंगाना राज्य बनने जा रहा है। ऐसी स्थिति में बसपा की मांग है कि केन्द्र देश के अन्य बड़े राज्यों का पुनर्गठन करने के साथ-साथ विदर्भ और गोरखालैंड को भी गठित करे। साथ ही उत्तर प्रदेश को भी चार राज्यों में बांटने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए ताकि विकास और सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश के जो लोग केन्द्र में मंत्री हैं, उन्हें राज्य पुनर्गठन के मामले में हवाई बयानबाजी करने के बजाय इस पर केन्द्र की मुहर लगवाने के लिए दबाव बनाना चाहिए। मायावती ने कहा कि बसपा डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मानवतावादी सोच के मुताबिक, देश में छोटे राज्यों और अन्य छोटी प्रशासनिक इकाइयों की प्रबल समर्थक रही है ताकि जनता को बेहतर और आसानी से सुविधा मिल सके। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि इसी अवधारणा को अमली जामा पहनाते हुए उनकी पिछली सरकारों ने न सिर्फ अनेक नई तहसीलें, जिले, मण्डल और पुलिस रेंज बनाए, बल्कि उत्तराखंड बनने के बावजूद उत्तर प्रदेश को चार अलग-अलग भागों पूर्वाचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी प्रदेश तथा अवध प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराकर 23 नवम्बर 2011 को केन्द्र को भेजा गया। मायावती ने कहा, लेकिन दुख की बात यह है कि अभी तक यह मामला केन्द्र के समक्ष लम्बित है। हालांकि संविधान की धारा तीन के तहत नए राज्यों का प्रावधान संसद के द्वारा केन्द्र में निहित है। मायावती ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमारी पार्टी तेलंगाना राज्य स्थापित करने की मांग का शुरू से ही समर्थन करती आ रही है। अब तेलंगाना राज्य बनने जा रहा है। ऐसी स्थिति में बसपा की मांग है कि केन्द्र देश के अन्य बड़े राज्यों का पुनर्गठन करने के साथ-साथ विदर्भ और गोरखालैंड को भी गठित करे। साथ ही उत्तर प्रदेश को भी चार राज्यों में बांटने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए ताकि विकास और सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश के जो लोग केन्द्र में मंत्री हैं, उन्हें राज्य पुनर्गठन के मामले में हवाई बयानबाजी करने के बजाय इस पर केन्द्र की मुहर लगवाने के लिए दबाव बनाना चाहिए। मायावती ने कहा कि बसपा डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मानवतावादी सोच के मुताबिक, देश में छोटे राज्यों और अन्य छोटी प्रशासनिक इकाइयों की प्रबल समर्थक रही है ताकि जनता को बेहतर और आसानी से सुविधा मिल सके। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि इसी अवधारणा को अमली जामा पहनाते हुए उनकी पिछली सरकारों ने न सिर्फ अनेक नई तहसीलें, जिले, मण्डल और पुलिस रेंज बनाए, बल्कि उत्तराखंड बनने के बावजूद उत्तर प्रदेश को चार अलग-अलग भागों पूर्वाचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी प्रदेश तथा अवध प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराकर 23 नवम्बर 2011 को केन्द्र को भेजा गया। मायावती ने कहा, लेकिन दुख की बात यह है कि अभी तक यह मामला केन्द्र के समक्ष लम्बित है। हालांकि संविधान की धारा तीन के तहत नए राज्यों का प्रावधान संसद के द्वारा केन्द्र में निहित है। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश के जो लोग केन्द्र में मंत्री हैं, उन्हें राज्य पुनर्गठन के मामले में हवाई बयानबाजी करने के बजाय इस पर केन्द्र की मुहर लगवाने के लिए दबाव बनाना चाहिए। मायावती ने कहा कि बसपा डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मानवतावादी सोच के मुताबिक, देश में छोटे राज्यों और अन्य छोटी प्रशासनिक इकाइयों की प्रबल समर्थक रही है ताकि जनता को बेहतर और आसानी से सुविधा मिल सके। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि इसी अवधारणा को अमली जामा पहनाते हुए उनकी पिछली सरकारों ने न सिर्फ अनेक नई तहसीलें, जिले, मण्डल और पुलिस रेंज बनाए, बल्कि उत्तराखंड बनने के बावजूद उत्तर प्रदेश को चार अलग-अलग भागों पूर्वाचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी प्रदेश तथा अवध प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराकर 23 नवम्बर 2011 को केन्द्र को भेजा गया। मायावती ने कहा, लेकिन दुख की बात यह है कि अभी तक यह मामला केन्द्र के समक्ष लम्बित है। हालांकि संविधान की धारा तीन के तहत नए राज्यों का प्रावधान संसद के द्वारा केन्द्र में निहित है। उन्होंने कहा कि इसी अवधारणा को अमली जामा पहनाते हुए उनकी पिछली सरकारों ने न सिर्फ अनेक नई तहसीलें, जिले, मण्डल और पुलिस रेंज बनाए, बल्कि उत्तराखंड बनने के बावजूद उत्तर प्रदेश को चार अलग-अलग भागों पूर्वाचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी प्रदेश तथा अवध प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराकर 23 नवम्बर 2011 को केन्द्र को भेजा गया। मायावती ने कहा, लेकिन दुख की बात यह है कि अभी तक यह मामला केन्द्र के समक्ष लम्बित है। हालांकि संविधान की धारा तीन के तहत नए राज्यों का प्रावधान संसद के द्वारा केन्द्र में निहित है। मायावती ने कहा, लेकिन दुख की बात यह है कि अभी तक यह मामला केन्द्र के समक्ष लम्बित है। हालांकि संविधान की धारा तीन के तहत नए राज्यों का प्रावधान संसद के द्वारा केन्द्र में निहित है।
यहाँ एक सारांश है:बीएसपी नेता मायावती ने तेलंगाना के गठन के फैसले का स्वागत करते हुए आज कहा कि यूपी को चार हिस्सों में बांटने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ योग गुरु बाबा रामदेव के गुरुवार से शुरू होने वाले आंदोलन के लिए रामलीला मैदान में बुधवार को तैयारी पूरी कर ली गई। उनके सहयोगियों को देशभर से हजारों लोगों के दिल्ली में जुटने की उम्मीद है। बाबा रामदेव ने ऐसा ही आंदोलन यहां सालभर पहले किया था जिसकी समाप्ति पुलिस के निर्देश पर हिंसा के साथ हुई थी और हिंसा की शिकार एक महिला की बाद में मौत हो गई थी। इससे पहले, दिन में रामदेव ने गुजरात में मीडिया से कहा कि वह गुरुवार सुबह की उड़ान से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। मुख्य आयोजक जयदीप आर्य ने कहा, "मैदान तैयार है। दोपहर बाद हुई बारिश से जमा पानी को हमने निकाल दिया है।" उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि देशभर से हजारों लोग आएंगे।" गुरुवार को 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 70वीं वर्षगांठ है। इस आयोजन के लिए रामदेव के समर्थक दिल्ली में जुटने लगे हैं। रामदेव के यह आंदोलन ऐसे वक्त में हो रहा है जब समाजसेवी अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले एक साल से चल रहे अपने आंदोलन को खत्म करने की घोषणा की। अन्ना हजारे ने हालांकि कहा है कि वह रामदेव के आंदोलन का समर्थन करेंगे लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह रामलीला मैदान पहुंचेंगे या नहीं। रामदेव के सहयोगी एसके तिजारावाला ने कहा, "हमारा आंदोलन नौ अगस्त से शुरू होगा लेकिन लोग अभी से ही जुटने शुरू हो गए हैं।" रामलीला मैदान में टेंट, शामियाना और शौचालय आदि लगाने का कार्य प्रगति पर है। प्रवेश और निकास द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं।  आयोजन स्थल पर रामदेव के रंगीन पोस्टर लगाए जा रहे हैं। तिजारावाला के मुताबिक करीब पांच हजार कार्यकर्ता किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आयोजन स्थल चौकसी करेंगे।  टिप्पणियां उन्होंने कहा कि करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे मैदान की निगरानी की जा सकेगी। सभी प्रवेश और निकास द्वारों मेटल डिटेक्टर और सामान को स्कैन करने वाले उपकरण लगाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को एक दिन में मैदान में 30 हजार लोगों के प्रवेश की अनुमति दी है। रामदेव ने इसी तरह का आंदोलन जून 2011 में किया था। यहां मध्य रात्रि में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई थी जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और योग गुरु को दिल्ली छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। रामदेव को इस मैदान पर 30 अगस्त तक कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई है। बाबा रामदेव ने ऐसा ही आंदोलन यहां सालभर पहले किया था जिसकी समाप्ति पुलिस के निर्देश पर हिंसा के साथ हुई थी और हिंसा की शिकार एक महिला की बाद में मौत हो गई थी। इससे पहले, दिन में रामदेव ने गुजरात में मीडिया से कहा कि वह गुरुवार सुबह की उड़ान से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। मुख्य आयोजक जयदीप आर्य ने कहा, "मैदान तैयार है। दोपहर बाद हुई बारिश से जमा पानी को हमने निकाल दिया है।" उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि देशभर से हजारों लोग आएंगे।" गुरुवार को 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 70वीं वर्षगांठ है। इस आयोजन के लिए रामदेव के समर्थक दिल्ली में जुटने लगे हैं। रामदेव के यह आंदोलन ऐसे वक्त में हो रहा है जब समाजसेवी अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले एक साल से चल रहे अपने आंदोलन को खत्म करने की घोषणा की। अन्ना हजारे ने हालांकि कहा है कि वह रामदेव के आंदोलन का समर्थन करेंगे लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह रामलीला मैदान पहुंचेंगे या नहीं। रामदेव के सहयोगी एसके तिजारावाला ने कहा, "हमारा आंदोलन नौ अगस्त से शुरू होगा लेकिन लोग अभी से ही जुटने शुरू हो गए हैं।" रामलीला मैदान में टेंट, शामियाना और शौचालय आदि लगाने का कार्य प्रगति पर है। प्रवेश और निकास द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं।  आयोजन स्थल पर रामदेव के रंगीन पोस्टर लगाए जा रहे हैं। तिजारावाला के मुताबिक करीब पांच हजार कार्यकर्ता किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आयोजन स्थल चौकसी करेंगे।  टिप्पणियां उन्होंने कहा कि करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे मैदान की निगरानी की जा सकेगी। सभी प्रवेश और निकास द्वारों मेटल डिटेक्टर और सामान को स्कैन करने वाले उपकरण लगाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को एक दिन में मैदान में 30 हजार लोगों के प्रवेश की अनुमति दी है। रामदेव ने इसी तरह का आंदोलन जून 2011 में किया था। यहां मध्य रात्रि में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई थी जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और योग गुरु को दिल्ली छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। रामदेव को इस मैदान पर 30 अगस्त तक कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई है। इससे पहले, दिन में रामदेव ने गुजरात में मीडिया से कहा कि वह गुरुवार सुबह की उड़ान से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। मुख्य आयोजक जयदीप आर्य ने कहा, "मैदान तैयार है। दोपहर बाद हुई बारिश से जमा पानी को हमने निकाल दिया है।" उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि देशभर से हजारों लोग आएंगे।" गुरुवार को 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 70वीं वर्षगांठ है। इस आयोजन के लिए रामदेव के समर्थक दिल्ली में जुटने लगे हैं। रामदेव के यह आंदोलन ऐसे वक्त में हो रहा है जब समाजसेवी अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले एक साल से चल रहे अपने आंदोलन को खत्म करने की घोषणा की। अन्ना हजारे ने हालांकि कहा है कि वह रामदेव के आंदोलन का समर्थन करेंगे लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह रामलीला मैदान पहुंचेंगे या नहीं। रामदेव के सहयोगी एसके तिजारावाला ने कहा, "हमारा आंदोलन नौ अगस्त से शुरू होगा लेकिन लोग अभी से ही जुटने शुरू हो गए हैं।" रामलीला मैदान में टेंट, शामियाना और शौचालय आदि लगाने का कार्य प्रगति पर है। प्रवेश और निकास द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं।  आयोजन स्थल पर रामदेव के रंगीन पोस्टर लगाए जा रहे हैं। तिजारावाला के मुताबिक करीब पांच हजार कार्यकर्ता किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आयोजन स्थल चौकसी करेंगे।  टिप्पणियां उन्होंने कहा कि करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे मैदान की निगरानी की जा सकेगी। सभी प्रवेश और निकास द्वारों मेटल डिटेक्टर और सामान को स्कैन करने वाले उपकरण लगाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को एक दिन में मैदान में 30 हजार लोगों के प्रवेश की अनुमति दी है। रामदेव ने इसी तरह का आंदोलन जून 2011 में किया था। यहां मध्य रात्रि में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई थी जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और योग गुरु को दिल्ली छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। रामदेव को इस मैदान पर 30 अगस्त तक कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई है। गुरुवार को 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 70वीं वर्षगांठ है। इस आयोजन के लिए रामदेव के समर्थक दिल्ली में जुटने लगे हैं। रामदेव के यह आंदोलन ऐसे वक्त में हो रहा है जब समाजसेवी अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले एक साल से चल रहे अपने आंदोलन को खत्म करने की घोषणा की। अन्ना हजारे ने हालांकि कहा है कि वह रामदेव के आंदोलन का समर्थन करेंगे लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह रामलीला मैदान पहुंचेंगे या नहीं। रामदेव के सहयोगी एसके तिजारावाला ने कहा, "हमारा आंदोलन नौ अगस्त से शुरू होगा लेकिन लोग अभी से ही जुटने शुरू हो गए हैं।" रामलीला मैदान में टेंट, शामियाना और शौचालय आदि लगाने का कार्य प्रगति पर है। प्रवेश और निकास द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं।  आयोजन स्थल पर रामदेव के रंगीन पोस्टर लगाए जा रहे हैं। तिजारावाला के मुताबिक करीब पांच हजार कार्यकर्ता किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आयोजन स्थल चौकसी करेंगे।  टिप्पणियां उन्होंने कहा कि करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे मैदान की निगरानी की जा सकेगी। सभी प्रवेश और निकास द्वारों मेटल डिटेक्टर और सामान को स्कैन करने वाले उपकरण लगाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को एक दिन में मैदान में 30 हजार लोगों के प्रवेश की अनुमति दी है। रामदेव ने इसी तरह का आंदोलन जून 2011 में किया था। यहां मध्य रात्रि में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई थी जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और योग गुरु को दिल्ली छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। रामदेव को इस मैदान पर 30 अगस्त तक कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई है। अन्ना हजारे ने हालांकि कहा है कि वह रामदेव के आंदोलन का समर्थन करेंगे लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह रामलीला मैदान पहुंचेंगे या नहीं। रामदेव के सहयोगी एसके तिजारावाला ने कहा, "हमारा आंदोलन नौ अगस्त से शुरू होगा लेकिन लोग अभी से ही जुटने शुरू हो गए हैं।" रामलीला मैदान में टेंट, शामियाना और शौचालय आदि लगाने का कार्य प्रगति पर है। प्रवेश और निकास द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं।  आयोजन स्थल पर रामदेव के रंगीन पोस्टर लगाए जा रहे हैं। तिजारावाला के मुताबिक करीब पांच हजार कार्यकर्ता किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आयोजन स्थल चौकसी करेंगे।  टिप्पणियां उन्होंने कहा कि करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे मैदान की निगरानी की जा सकेगी। सभी प्रवेश और निकास द्वारों मेटल डिटेक्टर और सामान को स्कैन करने वाले उपकरण लगाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को एक दिन में मैदान में 30 हजार लोगों के प्रवेश की अनुमति दी है। रामदेव ने इसी तरह का आंदोलन जून 2011 में किया था। यहां मध्य रात्रि में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई थी जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और योग गुरु को दिल्ली छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। रामदेव को इस मैदान पर 30 अगस्त तक कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई है। रामलीला मैदान में टेंट, शामियाना और शौचालय आदि लगाने का कार्य प्रगति पर है। प्रवेश और निकास द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं।  आयोजन स्थल पर रामदेव के रंगीन पोस्टर लगाए जा रहे हैं। तिजारावाला के मुताबिक करीब पांच हजार कार्यकर्ता किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आयोजन स्थल चौकसी करेंगे।  टिप्पणियां उन्होंने कहा कि करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे मैदान की निगरानी की जा सकेगी। सभी प्रवेश और निकास द्वारों मेटल डिटेक्टर और सामान को स्कैन करने वाले उपकरण लगाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को एक दिन में मैदान में 30 हजार लोगों के प्रवेश की अनुमति दी है। रामदेव ने इसी तरह का आंदोलन जून 2011 में किया था। यहां मध्य रात्रि में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई थी जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और योग गुरु को दिल्ली छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। रामदेव को इस मैदान पर 30 अगस्त तक कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई है। उन्होंने कहा कि करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे मैदान की निगरानी की जा सकेगी। सभी प्रवेश और निकास द्वारों मेटल डिटेक्टर और सामान को स्कैन करने वाले उपकरण लगाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को एक दिन में मैदान में 30 हजार लोगों के प्रवेश की अनुमति दी है। रामदेव ने इसी तरह का आंदोलन जून 2011 में किया था। यहां मध्य रात्रि में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई थी जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और योग गुरु को दिल्ली छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। रामदेव को इस मैदान पर 30 अगस्त तक कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई है। रामदेव ने इसी तरह का आंदोलन जून 2011 में किया था। यहां मध्य रात्रि में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई थी जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और योग गुरु को दिल्ली छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। रामदेव को इस मैदान पर 30 अगस्त तक कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ योग गुरु बाबा रामदेव के गुरुवार से शुरू होने वाले आंदोलन के लिए रामलीला मैदान में बुधवार को तैयारी पूरी कर ली गई। उनके सहयोगियों को देशभर से हजारों लोगों के दिल्ली में जुटने की उम्मीद है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूंजी बाजार नियामक सेबी म्यूचुअल फंड कंपनियों से उनकी ऐसी निवेश स्कीमों के बारे में जवाब तलब करेगा, जिनक प्रदर्शन ठीक नहीं है। सेबी यह जांच भी करेगा कि ऐसी स्कीमें निवेश के अपने घोषित उद्देश्यों के अनुसार क्यों नहीं चल सकी हैं। लंबी अवधि वाली कुछ योजनाओं के अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर चिंता जताते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन यूके सिन्हा ने कहा कि म्यूचुअल फंड कंपनियों को मामले पर गौर करने तथा कुछ योजनाओं के विलय करने की जरूरत है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) म्यूचुअल फंड उद्योग की एक बैठक में सिन्हा ने यह भी कहा कि कोष के लक्ष्यों के संदर्भ में नियमों का पालन नहीं करने को लेकर नियामक संपत्ति प्रबंधन कंपनियों की जांच करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक म्यूचुअल फंड योजनाओं का घोषित निवेश उद्देश्य है और उन्हें उनके अनुसार निवेश करना होता है। सिन्हा ने कहा कि सेबी लंबे समय से प्रदर्शन नहीं करने वाले म्यूचुअल फंड योजनाओं से जुड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों तथा कोष प्रबंधकों से पूछताछ करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, म्यूचुअल फंड प्रबंधन को प्रदर्शन नहीं करने वाले क्षेत्रों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रत्येक मामले के आधार पर योजनाओं के विलय के पक्ष में हैं। यूके सिन्हा ने यह भी कहा कि म्यूचुअल फंड कंपनियों के समक्ष पेंशन योजना शुरू करने को लेकर कोई बाधा नहीं है, लेकिन करारोपण के मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हम कर विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं और पेंशन उत्पादों के मामले में समान व्यवहार किए जाने की मांग की है। पी-नोट्स के जरिये पूंजी निवेश को लेकर हाल के विवाद के बारे में सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पी नोट्स में कमी आई है और सरकार तथा सेबी पात्र संस्थागत निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। पी- नोट्स यानी पार्टिसिपेटरी नोट्स विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारत में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के आधार पर विदेश में जारी की जाने वाली डेरिवेटिव प्रतिभूतियां है। इनके माध्यम से धनाढ़्य विदेशी निवेशकों को परोक्ष रूप से भारत में निवेश का अवसर मिलता है। लंबी अवधि वाली कुछ योजनाओं के अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर चिंता जताते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन यूके सिन्हा ने कहा कि म्यूचुअल फंड कंपनियों को मामले पर गौर करने तथा कुछ योजनाओं के विलय करने की जरूरत है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) म्यूचुअल फंड उद्योग की एक बैठक में सिन्हा ने यह भी कहा कि कोष के लक्ष्यों के संदर्भ में नियमों का पालन नहीं करने को लेकर नियामक संपत्ति प्रबंधन कंपनियों की जांच करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक म्यूचुअल फंड योजनाओं का घोषित निवेश उद्देश्य है और उन्हें उनके अनुसार निवेश करना होता है। सिन्हा ने कहा कि सेबी लंबे समय से प्रदर्शन नहीं करने वाले म्यूचुअल फंड योजनाओं से जुड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों तथा कोष प्रबंधकों से पूछताछ करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, म्यूचुअल फंड प्रबंधन को प्रदर्शन नहीं करने वाले क्षेत्रों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रत्येक मामले के आधार पर योजनाओं के विलय के पक्ष में हैं। यूके सिन्हा ने यह भी कहा कि म्यूचुअल फंड कंपनियों के समक्ष पेंशन योजना शुरू करने को लेकर कोई बाधा नहीं है, लेकिन करारोपण के मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हम कर विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं और पेंशन उत्पादों के मामले में समान व्यवहार किए जाने की मांग की है। पी-नोट्स के जरिये पूंजी निवेश को लेकर हाल के विवाद के बारे में सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पी नोट्स में कमी आई है और सरकार तथा सेबी पात्र संस्थागत निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। पी- नोट्स यानी पार्टिसिपेटरी नोट्स विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारत में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के आधार पर विदेश में जारी की जाने वाली डेरिवेटिव प्रतिभूतियां है। इनके माध्यम से धनाढ़्य विदेशी निवेशकों को परोक्ष रूप से भारत में निवेश का अवसर मिलता है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) म्यूचुअल फंड उद्योग की एक बैठक में सिन्हा ने यह भी कहा कि कोष के लक्ष्यों के संदर्भ में नियमों का पालन नहीं करने को लेकर नियामक संपत्ति प्रबंधन कंपनियों की जांच करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक म्यूचुअल फंड योजनाओं का घोषित निवेश उद्देश्य है और उन्हें उनके अनुसार निवेश करना होता है। सिन्हा ने कहा कि सेबी लंबे समय से प्रदर्शन नहीं करने वाले म्यूचुअल फंड योजनाओं से जुड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों तथा कोष प्रबंधकों से पूछताछ करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, म्यूचुअल फंड प्रबंधन को प्रदर्शन नहीं करने वाले क्षेत्रों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रत्येक मामले के आधार पर योजनाओं के विलय के पक्ष में हैं। यूके सिन्हा ने यह भी कहा कि म्यूचुअल फंड कंपनियों के समक्ष पेंशन योजना शुरू करने को लेकर कोई बाधा नहीं है, लेकिन करारोपण के मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हम कर विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं और पेंशन उत्पादों के मामले में समान व्यवहार किए जाने की मांग की है। पी-नोट्स के जरिये पूंजी निवेश को लेकर हाल के विवाद के बारे में सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पी नोट्स में कमी आई है और सरकार तथा सेबी पात्र संस्थागत निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। पी- नोट्स यानी पार्टिसिपेटरी नोट्स विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारत में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के आधार पर विदेश में जारी की जाने वाली डेरिवेटिव प्रतिभूतियां है। इनके माध्यम से धनाढ़्य विदेशी निवेशकों को परोक्ष रूप से भारत में निवेश का अवसर मिलता है। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक म्यूचुअल फंड योजनाओं का घोषित निवेश उद्देश्य है और उन्हें उनके अनुसार निवेश करना होता है। सिन्हा ने कहा कि सेबी लंबे समय से प्रदर्शन नहीं करने वाले म्यूचुअल फंड योजनाओं से जुड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों तथा कोष प्रबंधकों से पूछताछ करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, म्यूचुअल फंड प्रबंधन को प्रदर्शन नहीं करने वाले क्षेत्रों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रत्येक मामले के आधार पर योजनाओं के विलय के पक्ष में हैं। यूके सिन्हा ने यह भी कहा कि म्यूचुअल फंड कंपनियों के समक्ष पेंशन योजना शुरू करने को लेकर कोई बाधा नहीं है, लेकिन करारोपण के मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हम कर विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं और पेंशन उत्पादों के मामले में समान व्यवहार किए जाने की मांग की है। पी-नोट्स के जरिये पूंजी निवेश को लेकर हाल के विवाद के बारे में सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पी नोट्स में कमी आई है और सरकार तथा सेबी पात्र संस्थागत निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। पी- नोट्स यानी पार्टिसिपेटरी नोट्स विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारत में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के आधार पर विदेश में जारी की जाने वाली डेरिवेटिव प्रतिभूतियां है। इनके माध्यम से धनाढ़्य विदेशी निवेशकों को परोक्ष रूप से भारत में निवेश का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा, म्यूचुअल फंड प्रबंधन को प्रदर्शन नहीं करने वाले क्षेत्रों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रत्येक मामले के आधार पर योजनाओं के विलय के पक्ष में हैं। यूके सिन्हा ने यह भी कहा कि म्यूचुअल फंड कंपनियों के समक्ष पेंशन योजना शुरू करने को लेकर कोई बाधा नहीं है, लेकिन करारोपण के मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हम कर विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं और पेंशन उत्पादों के मामले में समान व्यवहार किए जाने की मांग की है। पी-नोट्स के जरिये पूंजी निवेश को लेकर हाल के विवाद के बारे में सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पी नोट्स में कमी आई है और सरकार तथा सेबी पात्र संस्थागत निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। पी- नोट्स यानी पार्टिसिपेटरी नोट्स विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारत में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के आधार पर विदेश में जारी की जाने वाली डेरिवेटिव प्रतिभूतियां है। इनके माध्यम से धनाढ़्य विदेशी निवेशकों को परोक्ष रूप से भारत में निवेश का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा, हम कर विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं और पेंशन उत्पादों के मामले में समान व्यवहार किए जाने की मांग की है। पी-नोट्स के जरिये पूंजी निवेश को लेकर हाल के विवाद के बारे में सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पी नोट्स में कमी आई है और सरकार तथा सेबी पात्र संस्थागत निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। पी- नोट्स यानी पार्टिसिपेटरी नोट्स विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारत में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के आधार पर विदेश में जारी की जाने वाली डेरिवेटिव प्रतिभूतियां है। इनके माध्यम से धनाढ़्य विदेशी निवेशकों को परोक्ष रूप से भारत में निवेश का अवसर मिलता है। पी- नोट्स यानी पार्टिसिपेटरी नोट्स विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारत में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के आधार पर विदेश में जारी की जाने वाली डेरिवेटिव प्रतिभूतियां है। इनके माध्यम से धनाढ़्य विदेशी निवेशकों को परोक्ष रूप से भारत में निवेश का अवसर मिलता है।
पूंजी बाजार नियामक सेबी म्यूचुअल फंड कंपनियों से उनकी ऐसी निवेश स्कीमों के बारे में जवाब तलब करेगा, जिनक प्रदर्शन ठीक नहीं है और यह जांच करेगा कि ऐसी स्कीमें निवेश के घोषित उद्देश्यों के अनुसार क्यों नहीं चल सकी हैं।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय हॉकी टीम के विंगर एसवी सुनील को मलेशिया के इपोह में जारी अजलान शाह कप हॉकी टूर्नामेंट के अंतर्गत एक मुकाबले के दौरान पाकिस्तानी दर्शकों की ओर अभद्र इशारा करने के लिए टूर्नामेंट के निदेशक सरिंदर ढिल्लन ने फटकार लगाई है।टिप्पणियां भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान गोल करने के बाद सुनील को वीडियो में पाकिस्तानी दर्शकों की ओर अभद्र इशारा करते हुए देखा गया था। सुनील ने इसके लिए माफी मांग ली है। उल्लेखनीय है कि भारत और ब्रिटेन के बीच तीसरे और चौथे स्थान के लिए रविवार को खेले जाने वाले मुकाबले में सुनील खेलेंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान गोल करने के बाद सुनील को वीडियो में पाकिस्तानी दर्शकों की ओर अभद्र इशारा करते हुए देखा गया था। सुनील ने इसके लिए माफी मांग ली है। उल्लेखनीय है कि भारत और ब्रिटेन के बीच तीसरे और चौथे स्थान के लिए रविवार को खेले जाने वाले मुकाबले में सुनील खेलेंगे। उल्लेखनीय है कि भारत और ब्रिटेन के बीच तीसरे और चौथे स्थान के लिए रविवार को खेले जाने वाले मुकाबले में सुनील खेलेंगे।
संक्षिप्त सारांश: भारतीय हॉकी टीम के विंगर एसवी सुनील को मलेशिया के इपोह में जारी अजलान शाह कप हॉकी टूर्नामेंट के अंतर्गत एक मुकाबले के दौरान पाकिस्तानी दर्शकों की ओर अभद्र इशारा करने के लिए टूर्नामेंट के निदेशक सरिंदर ढिल्लन ने फटकार लगाई है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम्स सदरलैंड ने कहा है कि देश में खेलों में डोपिंग का खुलासा करने वाली सरकारी रिपोर्ट में क्रिकेट का कहीं जिक्र नहीं है और वह रिपोर्ट से हैरान हैं। ऑस्ट्रेलियाई अपराध आयोजन की साल भर चली जांच में पाया गया कि ऑस्ट्रेलियाई खेलों में डोपिंग व्यापक स्तर पर फैली हुई है और उसके तार संगठित अपराध से जुड़े हैं। सदरलैंड ने कहा कि खेल संगठनों और सरकार को मिलकर डोपिंग को खेलों से दूर करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में डोपिंग के कोई साक्ष्य या तार नहीं मिले हैं।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि एक साल तक चली सरकारी जांच से पता चला है कि ऑस्ट्रेलियाई खेलों में डोपिंग का चलन व्यापक है, जिसके तार संगठित अपराध से जुड़े हैं, जिसमें मैच फिक्सिंग भी शामिल है। ऑस्ट्रेलियाई अपराध आयोग की जांच में पाया गया है कि प्रतिबंधित दवाओं और हार्मोन का सेवन पेशेवर खेलों में आम है। इसमें कहा गया कि प्रतिबंधित दवाओं के वितरण के आपराधिक नेटवर्क का भी पता चला है, जिसके तार मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी से भी जुड़े हो सकते हैं। जांच में बताया गया है कि खेल वैज्ञानिक, कोच, सहयोगी स्टाफ, डॉक्टर और फार्मासिस्ट भी इससे जुड़े हैं। गृहमंत्री जासन क्लेयर ने कहा, जांच के नतीजे हैरान करने वाले हैं। आस्ट्रेलियाई खेलप्रेमी इससे निराश होंगे। इसमें कहा गया, कई क्लबों के खिलाड़ी इन प्रतिबंधित दवाओं का सेवन कर रहे हैं। यह धोखेबाजी है और सबसे खराब बात यह है कि अपराधियों के साथ मिलकर यह धोखा किया जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई अपराध आयोजन की साल भर चली जांच में पाया गया कि ऑस्ट्रेलियाई खेलों में डोपिंग व्यापक स्तर पर फैली हुई है और उसके तार संगठित अपराध से जुड़े हैं। सदरलैंड ने कहा कि खेल संगठनों और सरकार को मिलकर डोपिंग को खेलों से दूर करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में डोपिंग के कोई साक्ष्य या तार नहीं मिले हैं।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि एक साल तक चली सरकारी जांच से पता चला है कि ऑस्ट्रेलियाई खेलों में डोपिंग का चलन व्यापक है, जिसके तार संगठित अपराध से जुड़े हैं, जिसमें मैच फिक्सिंग भी शामिल है। ऑस्ट्रेलियाई अपराध आयोग की जांच में पाया गया है कि प्रतिबंधित दवाओं और हार्मोन का सेवन पेशेवर खेलों में आम है। इसमें कहा गया कि प्रतिबंधित दवाओं के वितरण के आपराधिक नेटवर्क का भी पता चला है, जिसके तार मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी से भी जुड़े हो सकते हैं। जांच में बताया गया है कि खेल वैज्ञानिक, कोच, सहयोगी स्टाफ, डॉक्टर और फार्मासिस्ट भी इससे जुड़े हैं। गृहमंत्री जासन क्लेयर ने कहा, जांच के नतीजे हैरान करने वाले हैं। आस्ट्रेलियाई खेलप्रेमी इससे निराश होंगे। इसमें कहा गया, कई क्लबों के खिलाड़ी इन प्रतिबंधित दवाओं का सेवन कर रहे हैं। यह धोखेबाजी है और सबसे खराब बात यह है कि अपराधियों के साथ मिलकर यह धोखा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि एक साल तक चली सरकारी जांच से पता चला है कि ऑस्ट्रेलियाई खेलों में डोपिंग का चलन व्यापक है, जिसके तार संगठित अपराध से जुड़े हैं, जिसमें मैच फिक्सिंग भी शामिल है। ऑस्ट्रेलियाई अपराध आयोग की जांच में पाया गया है कि प्रतिबंधित दवाओं और हार्मोन का सेवन पेशेवर खेलों में आम है। इसमें कहा गया कि प्रतिबंधित दवाओं के वितरण के आपराधिक नेटवर्क का भी पता चला है, जिसके तार मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी से भी जुड़े हो सकते हैं। जांच में बताया गया है कि खेल वैज्ञानिक, कोच, सहयोगी स्टाफ, डॉक्टर और फार्मासिस्ट भी इससे जुड़े हैं। गृहमंत्री जासन क्लेयर ने कहा, जांच के नतीजे हैरान करने वाले हैं। आस्ट्रेलियाई खेलप्रेमी इससे निराश होंगे। इसमें कहा गया, कई क्लबों के खिलाड़ी इन प्रतिबंधित दवाओं का सेवन कर रहे हैं। यह धोखेबाजी है और सबसे खराब बात यह है कि अपराधियों के साथ मिलकर यह धोखा किया जा रहा है। इसमें कहा गया कि प्रतिबंधित दवाओं के वितरण के आपराधिक नेटवर्क का भी पता चला है, जिसके तार मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी से भी जुड़े हो सकते हैं। जांच में बताया गया है कि खेल वैज्ञानिक, कोच, सहयोगी स्टाफ, डॉक्टर और फार्मासिस्ट भी इससे जुड़े हैं। गृहमंत्री जासन क्लेयर ने कहा, जांच के नतीजे हैरान करने वाले हैं। आस्ट्रेलियाई खेलप्रेमी इससे निराश होंगे। इसमें कहा गया, कई क्लबों के खिलाड़ी इन प्रतिबंधित दवाओं का सेवन कर रहे हैं। यह धोखेबाजी है और सबसे खराब बात यह है कि अपराधियों के साथ मिलकर यह धोखा किया जा रहा है।
यह एक सारांश है: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम्स सदरलैंड ने कहा है कि देश में खेलों में डोपिंग का खुलासा करने वाली सरकारी रिपोर्ट में क्रिकेट का कहीं जिक्र नहीं है और वह रिपोर्ट से हैरान हैं।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले 24 घंटो में जम्मू इलाके में इंटरनेशनल बार्डर से लेकर लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्तान की ओर से कई इलाकों में गोलाबारी की जा रही है. पाक गोलाबारी में आरएसपुरा सेक्टर में एक जवान शहीद हो गया वहीं कश्मीर में एलओसी पर तंगघार में घुसपैठ की कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया. सेना की इस कार्रवाई में उसका एक जवान शहीद हो गया वहीं एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. इंटरनेशनल बार्डर यानी आईबी पर 2014 के बाद से फायरिंग लगभग बंद थी, लेकिन अचानक 19-20 की रात से पाक की ओर से गोलाबारी की शुरुआत होती है जो अब तक जारी है. इसके बाद से आईबी पर लगातार फायरिंग जारी है. एक हफ्ते के भीतर अब तक बीएसएफ के तीन जवान शहीद हो गए हैं, वहीं बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में आठ पाक रेंजर्स के  जवान मारे गए हैं और एक जवान घायल हुआ है. इंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.     बड़ी बात यह है कि यहां आईबी पर गांव बसे हुए हैं. लोग खेती बाड़ी करते हैं. फायरिंग के डर से लोग घर-बार छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं. एक हफ्ते के भीतर 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. वहीं, एलओसी पर जम्मू का पलांनवाला, सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी, बीजी, मेढ़र, कृष्णा घाटी और पूंछ तक में पाक की ओर से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन किया जा रहा है. लेकिन इधर एक हफ्ते से मेंढर से जम्मू तक एलओसी पर युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है खासकर ज्यादातर पलांनवाला, नौशेरा, राजौरी और मेंढर सेक्टर तक. यहां भी पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम  और 120 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है. राजौरी में पाक फायरिंग में 10 दिन पहले एक जवान की मौत भी हुई थी. वहीं, दो दिन पहले नौशेरा में सेना की फायरिंग में तीन पाक जवानों के मारे जाने की खबर भी है.टिप्पणियां सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक पाक की ओर से 50 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन किया जा चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे इलाके में यद्धविराम उल्लंघन के पीछे मकसद सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना मकसद है. वो सीधे तो कुछ कर नहीं सकते हैं, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन की आड़ में गोलाबारी कर नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. साथ ही उनकी कोशिश यह भी है कि गोलाबारी की आड़ में मौका मिले तो आतंकियों की घुसपैठ करा एं. बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं. इंटरनेशनल बार्डर यानी आईबी पर 2014 के बाद से फायरिंग लगभग बंद थी, लेकिन अचानक 19-20 की रात से पाक की ओर से गोलाबारी की शुरुआत होती है जो अब तक जारी है. इसके बाद से आईबी पर लगातार फायरिंग जारी है. एक हफ्ते के भीतर अब तक बीएसएफ के तीन जवान शहीद हो गए हैं, वहीं बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में आठ पाक रेंजर्स के  जवान मारे गए हैं और एक जवान घायल हुआ है. इंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.     बड़ी बात यह है कि यहां आईबी पर गांव बसे हुए हैं. लोग खेती बाड़ी करते हैं. फायरिंग के डर से लोग घर-बार छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं. एक हफ्ते के भीतर 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. वहीं, एलओसी पर जम्मू का पलांनवाला, सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी, बीजी, मेढ़र, कृष्णा घाटी और पूंछ तक में पाक की ओर से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन किया जा रहा है. लेकिन इधर एक हफ्ते से मेंढर से जम्मू तक एलओसी पर युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है खासकर ज्यादातर पलांनवाला, नौशेरा, राजौरी और मेंढर सेक्टर तक. यहां भी पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम  और 120 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है. राजौरी में पाक फायरिंग में 10 दिन पहले एक जवान की मौत भी हुई थी. वहीं, दो दिन पहले नौशेरा में सेना की फायरिंग में तीन पाक जवानों के मारे जाने की खबर भी है.टिप्पणियां सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक पाक की ओर से 50 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन किया जा चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे इलाके में यद्धविराम उल्लंघन के पीछे मकसद सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना मकसद है. वो सीधे तो कुछ कर नहीं सकते हैं, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन की आड़ में गोलाबारी कर नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. साथ ही उनकी कोशिश यह भी है कि गोलाबारी की आड़ में मौका मिले तो आतंकियों की घुसपैठ करा एं. बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं. एक हफ्ते के भीतर अब तक बीएसएफ के तीन जवान शहीद हो गए हैं, वहीं बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में आठ पाक रेंजर्स के  जवान मारे गए हैं और एक जवान घायल हुआ है. इंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.     बड़ी बात यह है कि यहां आईबी पर गांव बसे हुए हैं. लोग खेती बाड़ी करते हैं. फायरिंग के डर से लोग घर-बार छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं. एक हफ्ते के भीतर 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. वहीं, एलओसी पर जम्मू का पलांनवाला, सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी, बीजी, मेढ़र, कृष्णा घाटी और पूंछ तक में पाक की ओर से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन किया जा रहा है. लेकिन इधर एक हफ्ते से मेंढर से जम्मू तक एलओसी पर युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है खासकर ज्यादातर पलांनवाला, नौशेरा, राजौरी और मेंढर सेक्टर तक. यहां भी पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम  और 120 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है. राजौरी में पाक फायरिंग में 10 दिन पहले एक जवान की मौत भी हुई थी. वहीं, दो दिन पहले नौशेरा में सेना की फायरिंग में तीन पाक जवानों के मारे जाने की खबर भी है.टिप्पणियां सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक पाक की ओर से 50 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन किया जा चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे इलाके में यद्धविराम उल्लंघन के पीछे मकसद सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना मकसद है. वो सीधे तो कुछ कर नहीं सकते हैं, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन की आड़ में गोलाबारी कर नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. साथ ही उनकी कोशिश यह भी है कि गोलाबारी की आड़ में मौका मिले तो आतंकियों की घुसपैठ करा एं. बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं. इंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.     बड़ी बात यह है कि यहां आईबी पर गांव बसे हुए हैं. लोग खेती बाड़ी करते हैं. फायरिंग के डर से लोग घर-बार छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं. एक हफ्ते के भीतर 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. वहीं, एलओसी पर जम्मू का पलांनवाला, सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी, बीजी, मेढ़र, कृष्णा घाटी और पूंछ तक में पाक की ओर से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन किया जा रहा है. लेकिन इधर एक हफ्ते से मेंढर से जम्मू तक एलओसी पर युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है खासकर ज्यादातर पलांनवाला, नौशेरा, राजौरी और मेंढर सेक्टर तक. यहां भी पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम  और 120 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है. राजौरी में पाक फायरिंग में 10 दिन पहले एक जवान की मौत भी हुई थी. वहीं, दो दिन पहले नौशेरा में सेना की फायरिंग में तीन पाक जवानों के मारे जाने की खबर भी है.टिप्पणियां सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक पाक की ओर से 50 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन किया जा चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे इलाके में यद्धविराम उल्लंघन के पीछे मकसद सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना मकसद है. वो सीधे तो कुछ कर नहीं सकते हैं, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन की आड़ में गोलाबारी कर नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. साथ ही उनकी कोशिश यह भी है कि गोलाबारी की आड़ में मौका मिले तो आतंकियों की घुसपैठ करा एं. बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं. वहीं, एलओसी पर जम्मू का पलांनवाला, सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी, बीजी, मेढ़र, कृष्णा घाटी और पूंछ तक में पाक की ओर से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन किया जा रहा है. लेकिन इधर एक हफ्ते से मेंढर से जम्मू तक एलओसी पर युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है खासकर ज्यादातर पलांनवाला, नौशेरा, राजौरी और मेंढर सेक्टर तक. यहां भी पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम  और 120 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है. राजौरी में पाक फायरिंग में 10 दिन पहले एक जवान की मौत भी हुई थी. वहीं, दो दिन पहले नौशेरा में सेना की फायरिंग में तीन पाक जवानों के मारे जाने की खबर भी है.टिप्पणियां सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक पाक की ओर से 50 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन किया जा चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे इलाके में यद्धविराम उल्लंघन के पीछे मकसद सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना मकसद है. वो सीधे तो कुछ कर नहीं सकते हैं, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन की आड़ में गोलाबारी कर नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. साथ ही उनकी कोशिश यह भी है कि गोलाबारी की आड़ में मौका मिले तो आतंकियों की घुसपैठ करा एं. बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं. यहां भी पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम  और 120 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है. राजौरी में पाक फायरिंग में 10 दिन पहले एक जवान की मौत भी हुई थी. वहीं, दो दिन पहले नौशेरा में सेना की फायरिंग में तीन पाक जवानों के मारे जाने की खबर भी है.टिप्पणियां सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक पाक की ओर से 50 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन किया जा चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे इलाके में यद्धविराम उल्लंघन के पीछे मकसद सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना मकसद है. वो सीधे तो कुछ कर नहीं सकते हैं, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन की आड़ में गोलाबारी कर नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. साथ ही उनकी कोशिश यह भी है कि गोलाबारी की आड़ में मौका मिले तो आतंकियों की घुसपैठ करा एं. बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक पाक की ओर से 50 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन किया जा चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे इलाके में यद्धविराम उल्लंघन के पीछे मकसद सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना मकसद है. वो सीधे तो कुछ कर नहीं सकते हैं, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन की आड़ में गोलाबारी कर नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. साथ ही उनकी कोशिश यह भी है कि गोलाबारी की आड़ में मौका मिले तो आतंकियों की घुसपैठ करा एं. बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं. बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं.
यह एक सारांश है: बीते 24 घंटे में BSF के दो जवान शहीद हुए जबकि एक जख्मी राजनाथ BSF को माकूल जवाब देने का निर्देश दिया स्थानीय लोगों का लगातार पलायन जारी है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गोवा में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद वहां का सियासी घटनाक्रम 'सरपट' दौड़ रहा है. राज्‍य में बेशक कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी लेकिन किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला. इस स्थिति में वहां जोड़-तोड़ से सरकार बनाना हर किसी की मजबूरी है और इस दौड़ में बीजेपी ने प्रतिद्वंद्वी पार्टी कांग्रेस को पीछे छोड़ा है. महाराष्‍ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने साफ लहजे में कहा था कि वह बीजेपी के नेतृत्‍व में बनने वाली सरकार को तभी समर्थन देंगे जब मनोहर पर्रिकर को सीएम बनाया जाए. चूंकि मोदी सरकार बनने के बाद पर्रिकर गोवा छोड़कर केंद्र में रक्षा मंत्री का पद संभाल रहे थे, ऐसे में आननफानन इस्‍तीफा दिलाकर उन्‍हें गोवा रवाना किया गया ताकि राज्‍य में फिर बीजेपी सरकार के गठन की रास्‍ता साफ हो सके. दूसरे शब्‍दों में कहें तो गोवा में फिर से बीजेपी की सरकार के गठन में मनोहर पर्रिकर अपरिहार्य साबित हुए. अपनी साफसुथरी छवि के कारण यह आईआईटियन विपक्षी दलों के बीच भी लोकप्रिय है.टिप्पणियां मंगलवार को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेने वाले पर्रिकर ने चौथी बार गोवा की कमान संभाली है. सु्प्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्‍हें 16 मार्च को बहुमत साबित करना है. 13 दिसंबर 1955 को जन्‍मे मनोहर पर्रिकर ने आईआईटी मुंबई से स्‍नातक डिग्री हासिल की. देश के किसी राज्‍य का सीएम पद संभालने वाले वे पहले आईआईटियन थे, उनके बाद अरविंद केजरीवाल ने भी इस क्रम को दोहराया. गोवा में 'कमल' खिलाने का श्रेय पर्रिकर की हो जाता है. 62 साल के पर्रिकर सबसे पहले 24 अक्‍टूबर 2000 को गोवा के सीएम बने, लेकिन उनकी सरकार फ़रवरी 2002 तक ही चल पाई. बाद में वे जून 2002 में फिर राज्‍य के सीएम बने. वर्ष 2012 में पर्रिकर ने तीसरी बार गोवा के मुख्‍यमंत्री की शपथ ली. सीएम के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान सादगीपूर्ण जीवन के कारण उन्‍होंने लोगों के दिलों में खास छाप छोड़ी. पर्रिकर काम के धुनी हैं. कोई काम अंजाम तक पहुंचाने से पहले चैन से बैठना उन्‍हें पसंद नहीं है.  यही नहीं, सरकारी कामकाज के लिए वे चार्टर्ड फ्लाइट की बजाय नियमित फ्लाइट से ही जाना पसंद करते हैं. गोवा का मुख्‍यमंत्री रहते हुए उन्‍होंने आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं प्रारंभ कीं. प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए उन्‍होंने अपने कार्यकाल में काफी प्रयास किए. बीजेपी से राज्‍यसभा सांसद भी वे रहे हैं. वर्ष 2012 में तीसरी बार गोवा के सीएम का पद संभालने वाले पर्रिकर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए. 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्‍ता में आने के बाद उन्‍हें केंद्र की सियासत में बुलाकर रक्षा मंत्री पद सौंपा गया जबकि उनके स्‍थान पर लक्ष्‍मीकांत पारसेकर ने राज्‍य की कमान संभाली. हालांकि पारसेकर सीएम के तौर पर गोवा की जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए. न सिर्फ पारसेकर को 2017 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा बल्कि राज्‍य में कांग्रेस से पिछड़कर बीजेपी दूसरे नंबर पर आ गई.  देश का रक्षा मंत्री रहते हुए पर्रिकर को वन रैंक, वन पेंशन (OROP) को अमलीजामा पहनाने का श्रेय भी जाता है. उम्‍मीद की जानी चाहिए कि स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं होने के बावजूद पर्रिकर गोवा के सीएम के रूप में इस बार भी खास असर छोड़ने में सफल रहेंगे... मंगलवार को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेने वाले पर्रिकर ने चौथी बार गोवा की कमान संभाली है. सु्प्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्‍हें 16 मार्च को बहुमत साबित करना है. 13 दिसंबर 1955 को जन्‍मे मनोहर पर्रिकर ने आईआईटी मुंबई से स्‍नातक डिग्री हासिल की. देश के किसी राज्‍य का सीएम पद संभालने वाले वे पहले आईआईटियन थे, उनके बाद अरविंद केजरीवाल ने भी इस क्रम को दोहराया. गोवा में 'कमल' खिलाने का श्रेय पर्रिकर की हो जाता है. 62 साल के पर्रिकर सबसे पहले 24 अक्‍टूबर 2000 को गोवा के सीएम बने, लेकिन उनकी सरकार फ़रवरी 2002 तक ही चल पाई. बाद में वे जून 2002 में फिर राज्‍य के सीएम बने. वर्ष 2012 में पर्रिकर ने तीसरी बार गोवा के मुख्‍यमंत्री की शपथ ली. सीएम के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान सादगीपूर्ण जीवन के कारण उन्‍होंने लोगों के दिलों में खास छाप छोड़ी. पर्रिकर काम के धुनी हैं. कोई काम अंजाम तक पहुंचाने से पहले चैन से बैठना उन्‍हें पसंद नहीं है.  यही नहीं, सरकारी कामकाज के लिए वे चार्टर्ड फ्लाइट की बजाय नियमित फ्लाइट से ही जाना पसंद करते हैं. गोवा का मुख्‍यमंत्री रहते हुए उन्‍होंने आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं प्रारंभ कीं. प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए उन्‍होंने अपने कार्यकाल में काफी प्रयास किए. बीजेपी से राज्‍यसभा सांसद भी वे रहे हैं. वर्ष 2012 में तीसरी बार गोवा के सीएम का पद संभालने वाले पर्रिकर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए. 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्‍ता में आने के बाद उन्‍हें केंद्र की सियासत में बुलाकर रक्षा मंत्री पद सौंपा गया जबकि उनके स्‍थान पर लक्ष्‍मीकांत पारसेकर ने राज्‍य की कमान संभाली. हालांकि पारसेकर सीएम के तौर पर गोवा की जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए. न सिर्फ पारसेकर को 2017 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा बल्कि राज्‍य में कांग्रेस से पिछड़कर बीजेपी दूसरे नंबर पर आ गई.  देश का रक्षा मंत्री रहते हुए पर्रिकर को वन रैंक, वन पेंशन (OROP) को अमलीजामा पहनाने का श्रेय भी जाता है. उम्‍मीद की जानी चाहिए कि स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं होने के बावजूद पर्रिकर गोवा के सीएम के रूप में इस बार भी खास असर छोड़ने में सफल रहेंगे... वर्ष 2012 में तीसरी बार गोवा के सीएम का पद संभालने वाले पर्रिकर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए. 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्‍ता में आने के बाद उन्‍हें केंद्र की सियासत में बुलाकर रक्षा मंत्री पद सौंपा गया जबकि उनके स्‍थान पर लक्ष्‍मीकांत पारसेकर ने राज्‍य की कमान संभाली. हालांकि पारसेकर सीएम के तौर पर गोवा की जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए. न सिर्फ पारसेकर को 2017 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा बल्कि राज्‍य में कांग्रेस से पिछड़कर बीजेपी दूसरे नंबर पर आ गई.  देश का रक्षा मंत्री रहते हुए पर्रिकर को वन रैंक, वन पेंशन (OROP) को अमलीजामा पहनाने का श्रेय भी जाता है. उम्‍मीद की जानी चाहिए कि स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं होने के बावजूद पर्रिकर गोवा के सीएम के रूप में इस बार भी खास असर छोड़ने में सफल रहेंगे...
एमजीपी-गोवा फारवर्ड पार्टी ने रखी थी पर्रिकर को CM बनाने की शर्त राज्‍य में चौथी बार मनोहर पर्रिकर ने संभाली है गोवा की कमान अपनी बेदाग छवि के बाद विपक्षी दलों के बीच भी हैं लोकप्रिय
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गूगल कंपनी (Google) डाउनलोड किए बिना अटैचमेंट के रूप में ईमेल (Email) भेजने की सुविधा शुरू करने जा रही है. गूगल कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "हमने आपसे सुना है कि ऐसी स्थितियां हैं, जहां ईमेल संलग्न करना अलग-अलग ईमेल को भेजने की तुलना में अधिक सही है, जैसे जब आप किसी एक विषय से संबंधित कई संदेशों को भेजना चाहते हैं. इस नई प्रणाली में अब आप ठीक ऐसा ही कर सकते हैं." दरअसल अब यूजर्स को ईमेल फॉरवर्ड करने के लिए पहले उसे डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. गूगल अब जीमेल में ईमेल्स को अटैचमेंट के तौर पर फॉरवर्ड करने की सुविधा दे रहा है. अगर अभी की बात करें तो यूजर्स को अटैचमेंट वाले ईमेल को फॉरवर्ड करने के लिए पहले उसे डाउनलोड करना पड़ता है और फिर उन अटैचमेंट्स को एक-एक करके जोड़ना पड़ता है. नए फीचर में अगर आप कोई ई-मेल किसी को फॉरवर्ड करना चाहेंगे तो आपको अटैचमेंट डाउनलोड नहीं करना होगा, बल्कि आप इसे सीधे तौर पर भेज पाएंगे. जैसे ही यह सुविधा शुरू होगी तो थ्री-डॉट मेनू में एक नया 'फॉरवर्ड एज अटैचमेंट' विकल्प दिखाई देगा. यूजर किसी नए ईमेल को भेजते समय या तो अटैच बटन का उपयोग कर सकते हैं या एक-साथ कई ईमेल का चयन कर सकते हैं और तीन-डॉट मेनू में 'फॉरवर्ड एज अटैचमेंट' का विकल्प खोज सकते हैं. यह सुविधा अगले महीने शुरू होने की संभावना है.
संक्षिप्त पाठ: बिना अटैचमेंट डाउनलोड किए मिलेगी ईमेल पॉरव्रड करने की सुविधा अगले महीने से शुरू हो सकती है ये सुविधा बचेगा मोबाइल डाटा
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में लगी भीषण आग के मामले में अस्पताल के सुपरिटेंडेंट (अधीक्षक) समेत चार लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया. आग में 20 लोगों की जान चली गई थी. ओडिशा सरकार ने कर्तव्यपालन और सुरक्षा में लापरवाही को लेकर दो प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसके बाद ये कार्रवाई की गयी. पुलिस आयुक्त वाईबी खुरानिया ने बताया कि इस मामले में सम अस्पताल के अधीक्षक पुष्पराज सामंतसिंगार, विद्युत रखरखाव इंजीनियर अमूल्य साहू, फायर सेफ्टी ऑफिसर संतोष दास और कनिष्ठ विद्युत अभियंता मलय साहू को गिरफ्तार किया गया है. इस बीच अग्निशमन विभाग के महानिदेशक विनय बेहरा ने मंगलवार रात निजी अस्पताल में लगी आग की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए. एक अधिकारी ने बताया कि बेहरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अस्पताल के अधिकारियों द्वारा वर्ष 2013 के दिशा-निर्देशों के अनुसार आग संबंधी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था. टिप्पणियां एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में और अधिक लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस आयुक्त वाईबी खुरानिया ने बताया कि इस मामले में सम अस्पताल के अधीक्षक पुष्पराज सामंतसिंगार, विद्युत रखरखाव इंजीनियर अमूल्य साहू, फायर सेफ्टी ऑफिसर संतोष दास और कनिष्ठ विद्युत अभियंता मलय साहू को गिरफ्तार किया गया है. इस बीच अग्निशमन विभाग के महानिदेशक विनय बेहरा ने मंगलवार रात निजी अस्पताल में लगी आग की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए. एक अधिकारी ने बताया कि बेहरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अस्पताल के अधिकारियों द्वारा वर्ष 2013 के दिशा-निर्देशों के अनुसार आग संबंधी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था. टिप्पणियां एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में और अधिक लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच अग्निशमन विभाग के महानिदेशक विनय बेहरा ने मंगलवार रात निजी अस्पताल में लगी आग की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए. एक अधिकारी ने बताया कि बेहरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अस्पताल के अधिकारियों द्वारा वर्ष 2013 के दिशा-निर्देशों के अनुसार आग संबंधी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था. टिप्पणियां एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में और अधिक लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक अधिकारी ने बताया कि बेहरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अस्पताल के अधिकारियों द्वारा वर्ष 2013 के दिशा-निर्देशों के अनुसार आग संबंधी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था. टिप्पणियां एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में और अधिक लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में और अधिक लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आग की चपेट में आकर 20 लोगों की मौत हो गई ओडिशा सरकार ने दो एफआईआर दर्ज कराई अस्‍पताल पर आग संबंधी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने का आरोप
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कैटरीना कैफ और विद्या बालन के बाद अभिनेत्री रानी मुखर्जी एक गाने में लावणी नृत्य करती नजर आएंगी। उन्होंने यह फिल्म 'अईया' के एक गाने में किया है और इसका निर्देशन वैभवी मर्चेट ने किया है। फिल्म के निर्देशक सचिन कुंडालकर ने बताया, "रानी ने फिल्म 'अईया' में सपने में तीन आईटम नंबर किए हैं। इस फिल्म में उन्हें सपने देखने की आदत है। इन गानों में से एक में लावणी नृत्य है जो कि सपने में है।" उन्होंने कहा, "वह लावणी नृत्य में काफी अच्छी दिख रही थीं। उनका और वैभवी का समीकरण काफी अच्छा रहा। उन्होंने सेट पर ही अभ्यास किया। यह एक तेज, पारंपरिक, लावणी गाना है।"टिप्पणियां अनुराग कश्यप और 'वायाकॉम 18' निर्मित इस फिल्म में रानी ने एक मराठी लड़की का किरदार निभाया है जिसमें उनके साथ दक्षिण भारतीय फिल्म के अभिनेता पृथ्वीराज हैं। फिल्म 'अईया' के संपादन का आखिरी काम भी हो चुका है और कुंडालकर ने कहा, "इसके संपादन का आखिरी काम रविवार को अनुराग कश्यप द्वारा किया गया। उन्हें यह फिल्म काफी पसंद आई।" फिल्म के निर्देशक सचिन कुंडालकर ने बताया, "रानी ने फिल्म 'अईया' में सपने में तीन आईटम नंबर किए हैं। इस फिल्म में उन्हें सपने देखने की आदत है। इन गानों में से एक में लावणी नृत्य है जो कि सपने में है।" उन्होंने कहा, "वह लावणी नृत्य में काफी अच्छी दिख रही थीं। उनका और वैभवी का समीकरण काफी अच्छा रहा। उन्होंने सेट पर ही अभ्यास किया। यह एक तेज, पारंपरिक, लावणी गाना है।"टिप्पणियां अनुराग कश्यप और 'वायाकॉम 18' निर्मित इस फिल्म में रानी ने एक मराठी लड़की का किरदार निभाया है जिसमें उनके साथ दक्षिण भारतीय फिल्म के अभिनेता पृथ्वीराज हैं। फिल्म 'अईया' के संपादन का आखिरी काम भी हो चुका है और कुंडालकर ने कहा, "इसके संपादन का आखिरी काम रविवार को अनुराग कश्यप द्वारा किया गया। उन्हें यह फिल्म काफी पसंद आई।" उन्होंने कहा, "वह लावणी नृत्य में काफी अच्छी दिख रही थीं। उनका और वैभवी का समीकरण काफी अच्छा रहा। उन्होंने सेट पर ही अभ्यास किया। यह एक तेज, पारंपरिक, लावणी गाना है।"टिप्पणियां अनुराग कश्यप और 'वायाकॉम 18' निर्मित इस फिल्म में रानी ने एक मराठी लड़की का किरदार निभाया है जिसमें उनके साथ दक्षिण भारतीय फिल्म के अभिनेता पृथ्वीराज हैं। फिल्म 'अईया' के संपादन का आखिरी काम भी हो चुका है और कुंडालकर ने कहा, "इसके संपादन का आखिरी काम रविवार को अनुराग कश्यप द्वारा किया गया। उन्हें यह फिल्म काफी पसंद आई।" अनुराग कश्यप और 'वायाकॉम 18' निर्मित इस फिल्म में रानी ने एक मराठी लड़की का किरदार निभाया है जिसमें उनके साथ दक्षिण भारतीय फिल्म के अभिनेता पृथ्वीराज हैं। फिल्म 'अईया' के संपादन का आखिरी काम भी हो चुका है और कुंडालकर ने कहा, "इसके संपादन का आखिरी काम रविवार को अनुराग कश्यप द्वारा किया गया। उन्हें यह फिल्म काफी पसंद आई।" फिल्म 'अईया' के संपादन का आखिरी काम भी हो चुका है और कुंडालकर ने कहा, "इसके संपादन का आखिरी काम रविवार को अनुराग कश्यप द्वारा किया गया। उन्हें यह फिल्म काफी पसंद आई।"
सारांश: कैटरीना कैफ और विद्या बालन के बाद अभिनेत्री रानी मुखर्जी एक गाने में लावणी नृत्य करती नजर आएंगी। उन्होंने यह फिल्म 'अईया' के एक गाने में किया है और इसका निर्देशन वैभवी मर्चेंट ने किया है।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव द्वारा संसद में नरेंद्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने की कामना करने पर तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया जताई है. उन्होंने कहा है कि मुलायम सिंह अब बूढ़े हो गए हैं. समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि मोदी ने सबके साथ मिलकर काम किया है और वह उनके फिर से प्रधानमंत्री बनने की कामना करते हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि 'इस मामले को छोड़िए, मुलायम सिंह बूढ़े हो गए हैं और मैं उनकी उम्र की इज्जत करती हूं, उन्हें छोड़ दीजिए.'   मुलायम सिंह के पुत्र और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी से मुकाबला करने के लिए अपनी प्रतिद्वंदी मायावती की पार्टी बसपा से गठबंधन किया है. यूपी में बीजेपी के पास फिलहाल कुल 80 में से 71 सीटें हैं. ये सीटें उसने 2014 के चुनाव में जीती थीं.      मुलायम सिंह के बयान पर जहां समाजवादी पार्टी ही हैरत में पड़कर दुखी हो गई वहीं कांग्रेस ने कहा कि इस बयान से बीजेपी को नहीं कांग्रेस को फायदा मिलेगा. मुलायम सिंह के पुराने करीबी और समाजवादी पार्टी के चर्चित नेता आजम खान ने मुलायम सिंह के बयान पर दुख जताते हुए कहा कि यह बयान उनके मुंह में डाला गया है. यह नेता जी (मुलायम सिंह) का बयान नहीं है. यह बयान उनसे दिलवाया गया है.     यूपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने पीएम नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने संबंधी मुलायम सिंह यादव के बयान पर कहा कि इससे बीजेपी को नहीं, बल्कि कांग्रेस को फायदा होगा. तिवारी ने कहा कि मुलायम सिंह ने लोकसभा में मोदी के दोबारा पीएम बनने की कामना की. उन्होंने किन परिस्थितियों में यह किया, पता नहीं. लेकिन इतना तय है कि इससे कांग्रेस को ही फायदा होने वाला है. तिवारी ने कहा कि मुलायम के कहने से ही कोई बीजेपी को वोट नहीं देगा, इससे उलट समाजवादी पार्टी का अपना वोटर जरूर आशंकित होगा और सोचेगा कि पार्टी के संस्थापक तो मोदी की पैरवी कर रहे हैं, लिहाजा वह वोट कांग्रेस को देगा. समाजवादी पार्टी मुलायम सिंह के बयान पर कुछ भी कहने से बच रही है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सचिव राजेन्द्र चौधरी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है.   (इनपुट एजेंसियों से)
संक्षिप्त सारांश: मुलायम के बयान पर जहां समाजवादी पार्टी हैरत में पड़ गई कांग्रेस ने कहा कि बयान से कांग्रेस को फायदा मिलेगा समाजवादी पार्टी मुलायम के बयान पर कुछ भी कहने से बच रही
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस ने ममता बनर्जी पर विश्वासघात का आरोप लगाया है और लेफ्ट से समर्थन जुटाने की कोशिश में बिमान बोस और बुद्धदेब भट्टाचार्य से संपर्क साधा है। सूत्रों के मुताबिक वित्तमंत्री और राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल प्रणब मुखर्जी ने दोनों नेताओं से फोन पर बातचीत की है। गुरुवार की शाम सोनिया गांधी से मिलने वालों में एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी शामिल थे। मुलाकात के बाद पवार ने कहा कि वह यूपीए प्रत्याशी के समर्थन में ही मतदान करेंगे। अब यह स्पष्ट है कि राष्ट्रपति चुनाव में कौन सा प्रत्याशी मैदान में यूपीए उतारेगी अब यह शुक्रवार को यूपीए की होने वाली बैठक में तय किया जाएगा। आज शाम कांग्रेस पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक आहूत की गई है जिसमें ममता बनर्जी की नई चाल के बाद उत्पन्न परिस्थिति पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि लेफ्ट को अपने पाले में करने की कांग्रेस की कोशिश से ममता बनर्जी के साथ रिश्ते में और खटास पैदा हो सकती है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में ममता का सबसे बड़ा राजनीतिक दुश्मन लेफ्ट ही है। प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद प्रणब मुखर्जी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि कांग्रेस जल्द ही अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी। इससे पहले, राष्ट्रपति प्रत्याशी के बारे में ममता और मुलायम द्वारा सुझाए गए नामों को खारिज  करते हुए कांग्रेस ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 2014 तक का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और पार्टी ने अभी कोई एक नाम तय नहीं किया है। पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया कि तृणमूल प्रमुख और सपा प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाए जाने का सुझाव मान लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि पार्टी ने जनता से वादा किया था कि 2014 तक डॉ सिंह ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे। इसके साथ ही द्विवेदी की बातों से साफ हो गया कि कांग्रेस प्रणब और अंसारी में से ही किसी एक को प्रत्याशी बनाने के मूड में है और एपीजे अब्दुल कलाम तथा सोमनाथ चटर्जी उसकी पसंद में शामिल नहीं होंगे। कौन बनेगा राष्ट्रपति और कौन बनाएगा राष्ट्रपति? ये दोनों सवाल अब बेहद अहम हो गए हैं। बुधवार को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जो सियासी चाल चली है, उससे पूरी रणनीति ही बदल गई है। इस पूरे मसले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन, क्या कलाम, मनमोहन और सोमनाथ चटर्जी का नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश करने से पहले ममता−मुलायम ने इनसे बात करना भी ज़रूरी नहीं समझा? क्या कांग्रेस को यह जरूरी नहीं लगा कि वह अपने प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हो और कहे कि किसी के दबाव में वह मनमोहन सिंह को बदलने नहीं जा रही है? क्या मुलायम−ममता की पहल के साथ दूसरी पार्टियां भी जुड़ेंगी? क्या कांग्रेस अब नए सिरे से मुलायम−ममता से मोलतोल करेगी और क्या अब राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ नए नाम सामने आएंगे? सवालों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, लेकिन इस बीच गुरुवार सुबह प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी के साथ उनके आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक चली इस बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे और बाद में पी चिदंबरम भी 10, जनपथ पर पहुंचे। इसी मुद्दे पर शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की भी अहम बैठक होने वाली है। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। गुरुवार की शाम सोनिया गांधी से मिलने वालों में एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी शामिल थे। मुलाकात के बाद पवार ने कहा कि वह यूपीए प्रत्याशी के समर्थन में ही मतदान करेंगे। अब यह स्पष्ट है कि राष्ट्रपति चुनाव में कौन सा प्रत्याशी मैदान में यूपीए उतारेगी अब यह शुक्रवार को यूपीए की होने वाली बैठक में तय किया जाएगा। आज शाम कांग्रेस पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक आहूत की गई है जिसमें ममता बनर्जी की नई चाल के बाद उत्पन्न परिस्थिति पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि लेफ्ट को अपने पाले में करने की कांग्रेस की कोशिश से ममता बनर्जी के साथ रिश्ते में और खटास पैदा हो सकती है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में ममता का सबसे बड़ा राजनीतिक दुश्मन लेफ्ट ही है। प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद प्रणब मुखर्जी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि कांग्रेस जल्द ही अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी। इससे पहले, राष्ट्रपति प्रत्याशी के बारे में ममता और मुलायम द्वारा सुझाए गए नामों को खारिज  करते हुए कांग्रेस ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 2014 तक का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और पार्टी ने अभी कोई एक नाम तय नहीं किया है। पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया कि तृणमूल प्रमुख और सपा प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाए जाने का सुझाव मान लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि पार्टी ने जनता से वादा किया था कि 2014 तक डॉ सिंह ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे। इसके साथ ही द्विवेदी की बातों से साफ हो गया कि कांग्रेस प्रणब और अंसारी में से ही किसी एक को प्रत्याशी बनाने के मूड में है और एपीजे अब्दुल कलाम तथा सोमनाथ चटर्जी उसकी पसंद में शामिल नहीं होंगे। कौन बनेगा राष्ट्रपति और कौन बनाएगा राष्ट्रपति? ये दोनों सवाल अब बेहद अहम हो गए हैं। बुधवार को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जो सियासी चाल चली है, उससे पूरी रणनीति ही बदल गई है। इस पूरे मसले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन, क्या कलाम, मनमोहन और सोमनाथ चटर्जी का नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश करने से पहले ममता−मुलायम ने इनसे बात करना भी ज़रूरी नहीं समझा? क्या कांग्रेस को यह जरूरी नहीं लगा कि वह अपने प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हो और कहे कि किसी के दबाव में वह मनमोहन सिंह को बदलने नहीं जा रही है? क्या मुलायम−ममता की पहल के साथ दूसरी पार्टियां भी जुड़ेंगी? क्या कांग्रेस अब नए सिरे से मुलायम−ममता से मोलतोल करेगी और क्या अब राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ नए नाम सामने आएंगे? सवालों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, लेकिन इस बीच गुरुवार सुबह प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी के साथ उनके आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक चली इस बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे और बाद में पी चिदंबरम भी 10, जनपथ पर पहुंचे। इसी मुद्दे पर शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की भी अहम बैठक होने वाली है। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। आज शाम कांग्रेस पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक आहूत की गई है जिसमें ममता बनर्जी की नई चाल के बाद उत्पन्न परिस्थिति पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि लेफ्ट को अपने पाले में करने की कांग्रेस की कोशिश से ममता बनर्जी के साथ रिश्ते में और खटास पैदा हो सकती है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में ममता का सबसे बड़ा राजनीतिक दुश्मन लेफ्ट ही है। प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद प्रणब मुखर्जी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि कांग्रेस जल्द ही अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी। इससे पहले, राष्ट्रपति प्रत्याशी के बारे में ममता और मुलायम द्वारा सुझाए गए नामों को खारिज  करते हुए कांग्रेस ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 2014 तक का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और पार्टी ने अभी कोई एक नाम तय नहीं किया है। पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया कि तृणमूल प्रमुख और सपा प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाए जाने का सुझाव मान लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि पार्टी ने जनता से वादा किया था कि 2014 तक डॉ सिंह ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे। इसके साथ ही द्विवेदी की बातों से साफ हो गया कि कांग्रेस प्रणब और अंसारी में से ही किसी एक को प्रत्याशी बनाने के मूड में है और एपीजे अब्दुल कलाम तथा सोमनाथ चटर्जी उसकी पसंद में शामिल नहीं होंगे। कौन बनेगा राष्ट्रपति और कौन बनाएगा राष्ट्रपति? ये दोनों सवाल अब बेहद अहम हो गए हैं। बुधवार को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जो सियासी चाल चली है, उससे पूरी रणनीति ही बदल गई है। इस पूरे मसले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन, क्या कलाम, मनमोहन और सोमनाथ चटर्जी का नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश करने से पहले ममता−मुलायम ने इनसे बात करना भी ज़रूरी नहीं समझा? क्या कांग्रेस को यह जरूरी नहीं लगा कि वह अपने प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हो और कहे कि किसी के दबाव में वह मनमोहन सिंह को बदलने नहीं जा रही है? क्या मुलायम−ममता की पहल के साथ दूसरी पार्टियां भी जुड़ेंगी? क्या कांग्रेस अब नए सिरे से मुलायम−ममता से मोलतोल करेगी और क्या अब राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ नए नाम सामने आएंगे? सवालों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, लेकिन इस बीच गुरुवार सुबह प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी के साथ उनके आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक चली इस बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे और बाद में पी चिदंबरम भी 10, जनपथ पर पहुंचे। इसी मुद्दे पर शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की भी अहम बैठक होने वाली है। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। माना जा रहा है कि लेफ्ट को अपने पाले में करने की कांग्रेस की कोशिश से ममता बनर्जी के साथ रिश्ते में और खटास पैदा हो सकती है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में ममता का सबसे बड़ा राजनीतिक दुश्मन लेफ्ट ही है। प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद प्रणब मुखर्जी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि कांग्रेस जल्द ही अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी। इससे पहले, राष्ट्रपति प्रत्याशी के बारे में ममता और मुलायम द्वारा सुझाए गए नामों को खारिज  करते हुए कांग्रेस ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 2014 तक का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और पार्टी ने अभी कोई एक नाम तय नहीं किया है। पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया कि तृणमूल प्रमुख और सपा प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाए जाने का सुझाव मान लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि पार्टी ने जनता से वादा किया था कि 2014 तक डॉ सिंह ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे। इसके साथ ही द्विवेदी की बातों से साफ हो गया कि कांग्रेस प्रणब और अंसारी में से ही किसी एक को प्रत्याशी बनाने के मूड में है और एपीजे अब्दुल कलाम तथा सोमनाथ चटर्जी उसकी पसंद में शामिल नहीं होंगे। कौन बनेगा राष्ट्रपति और कौन बनाएगा राष्ट्रपति? ये दोनों सवाल अब बेहद अहम हो गए हैं। बुधवार को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जो सियासी चाल चली है, उससे पूरी रणनीति ही बदल गई है। इस पूरे मसले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन, क्या कलाम, मनमोहन और सोमनाथ चटर्जी का नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश करने से पहले ममता−मुलायम ने इनसे बात करना भी ज़रूरी नहीं समझा? क्या कांग्रेस को यह जरूरी नहीं लगा कि वह अपने प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हो और कहे कि किसी के दबाव में वह मनमोहन सिंह को बदलने नहीं जा रही है? क्या मुलायम−ममता की पहल के साथ दूसरी पार्टियां भी जुड़ेंगी? क्या कांग्रेस अब नए सिरे से मुलायम−ममता से मोलतोल करेगी और क्या अब राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ नए नाम सामने आएंगे? सवालों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, लेकिन इस बीच गुरुवार सुबह प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी के साथ उनके आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक चली इस बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे और बाद में पी चिदंबरम भी 10, जनपथ पर पहुंचे। इसी मुद्दे पर शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की भी अहम बैठक होने वाली है। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। इससे पहले, राष्ट्रपति प्रत्याशी के बारे में ममता और मुलायम द्वारा सुझाए गए नामों को खारिज  करते हुए कांग्रेस ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 2014 तक का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और पार्टी ने अभी कोई एक नाम तय नहीं किया है। पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया कि तृणमूल प्रमुख और सपा प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाए जाने का सुझाव मान लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि पार्टी ने जनता से वादा किया था कि 2014 तक डॉ सिंह ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे। इसके साथ ही द्विवेदी की बातों से साफ हो गया कि कांग्रेस प्रणब और अंसारी में से ही किसी एक को प्रत्याशी बनाने के मूड में है और एपीजे अब्दुल कलाम तथा सोमनाथ चटर्जी उसकी पसंद में शामिल नहीं होंगे। कौन बनेगा राष्ट्रपति और कौन बनाएगा राष्ट्रपति? ये दोनों सवाल अब बेहद अहम हो गए हैं। बुधवार को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जो सियासी चाल चली है, उससे पूरी रणनीति ही बदल गई है। इस पूरे मसले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन, क्या कलाम, मनमोहन और सोमनाथ चटर्जी का नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश करने से पहले ममता−मुलायम ने इनसे बात करना भी ज़रूरी नहीं समझा? क्या कांग्रेस को यह जरूरी नहीं लगा कि वह अपने प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हो और कहे कि किसी के दबाव में वह मनमोहन सिंह को बदलने नहीं जा रही है? क्या मुलायम−ममता की पहल के साथ दूसरी पार्टियां भी जुड़ेंगी? क्या कांग्रेस अब नए सिरे से मुलायम−ममता से मोलतोल करेगी और क्या अब राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ नए नाम सामने आएंगे? सवालों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, लेकिन इस बीच गुरुवार सुबह प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी के साथ उनके आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक चली इस बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे और बाद में पी चिदंबरम भी 10, जनपथ पर पहुंचे। इसी मुद्दे पर शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की भी अहम बैठक होने वाली है। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया कि तृणमूल प्रमुख और सपा प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाए जाने का सुझाव मान लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि पार्टी ने जनता से वादा किया था कि 2014 तक डॉ सिंह ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे। इसके साथ ही द्विवेदी की बातों से साफ हो गया कि कांग्रेस प्रणब और अंसारी में से ही किसी एक को प्रत्याशी बनाने के मूड में है और एपीजे अब्दुल कलाम तथा सोमनाथ चटर्जी उसकी पसंद में शामिल नहीं होंगे। कौन बनेगा राष्ट्रपति और कौन बनाएगा राष्ट्रपति? ये दोनों सवाल अब बेहद अहम हो गए हैं। बुधवार को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जो सियासी चाल चली है, उससे पूरी रणनीति ही बदल गई है। इस पूरे मसले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन, क्या कलाम, मनमोहन और सोमनाथ चटर्जी का नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश करने से पहले ममता−मुलायम ने इनसे बात करना भी ज़रूरी नहीं समझा? क्या कांग्रेस को यह जरूरी नहीं लगा कि वह अपने प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हो और कहे कि किसी के दबाव में वह मनमोहन सिंह को बदलने नहीं जा रही है? क्या मुलायम−ममता की पहल के साथ दूसरी पार्टियां भी जुड़ेंगी? क्या कांग्रेस अब नए सिरे से मुलायम−ममता से मोलतोल करेगी और क्या अब राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ नए नाम सामने आएंगे? सवालों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, लेकिन इस बीच गुरुवार सुबह प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी के साथ उनके आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक चली इस बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे और बाद में पी चिदंबरम भी 10, जनपथ पर पहुंचे। इसी मुद्दे पर शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की भी अहम बैठक होने वाली है। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। कौन बनेगा राष्ट्रपति और कौन बनाएगा राष्ट्रपति? ये दोनों सवाल अब बेहद अहम हो गए हैं। बुधवार को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जो सियासी चाल चली है, उससे पूरी रणनीति ही बदल गई है। इस पूरे मसले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन, क्या कलाम, मनमोहन और सोमनाथ चटर्जी का नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश करने से पहले ममता−मुलायम ने इनसे बात करना भी ज़रूरी नहीं समझा? क्या कांग्रेस को यह जरूरी नहीं लगा कि वह अपने प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हो और कहे कि किसी के दबाव में वह मनमोहन सिंह को बदलने नहीं जा रही है? क्या मुलायम−ममता की पहल के साथ दूसरी पार्टियां भी जुड़ेंगी? क्या कांग्रेस अब नए सिरे से मुलायम−ममता से मोलतोल करेगी और क्या अब राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ नए नाम सामने आएंगे? सवालों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, लेकिन इस बीच गुरुवार सुबह प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी के साथ उनके आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक चली इस बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे और बाद में पी चिदंबरम भी 10, जनपथ पर पहुंचे। इसी मुद्दे पर शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की भी अहम बैठक होने वाली है। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। इस पूरे मसले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन, क्या कलाम, मनमोहन और सोमनाथ चटर्जी का नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश करने से पहले ममता−मुलायम ने इनसे बात करना भी ज़रूरी नहीं समझा? क्या कांग्रेस को यह जरूरी नहीं लगा कि वह अपने प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हो और कहे कि किसी के दबाव में वह मनमोहन सिंह को बदलने नहीं जा रही है? क्या मुलायम−ममता की पहल के साथ दूसरी पार्टियां भी जुड़ेंगी? क्या कांग्रेस अब नए सिरे से मुलायम−ममता से मोलतोल करेगी और क्या अब राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ नए नाम सामने आएंगे? सवालों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, लेकिन इस बीच गुरुवार सुबह प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी के साथ उनके आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक चली इस बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे और बाद में पी चिदंबरम भी 10, जनपथ पर पहुंचे। इसी मुद्दे पर शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की भी अहम बैठक होने वाली है। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। सवालों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता, लेकिन इस बीच गुरुवार सुबह प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी के साथ उनके आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक चली इस बैठक में रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे और बाद में पी चिदंबरम भी 10, जनपथ पर पहुंचे। इसी मुद्दे पर शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की भी अहम बैठक होने वाली है। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। अब तक कैबिनेट से प्रणब दा राष्ट्रपति पद के इकलौते उम्मीदवार थे, लेकिन ममता-मुलायम ने एक झटके में उन्हें अपने ही प्रधानमंत्री के सामने ला खड़ा किया। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। अगर मनमोहन सिंह का नाम राष्ट्रपति पद के लिए जोर पकड़ लेता है, तो इसका मतलब है कि कांग्रेस को एक नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी में प्रणब से बेहतर इसका दावेदार और कौन हो सकता है...तो आज राष्ट्रपति पद और शायद प्रधानमंत्री पद के दो−दो दावेदार आमने-सामने होंगे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का माहौल तनाव भरा हो सकता है। कम से कम गैर−कांग्रेसी दल तो यही चाहते होंगे। वैसे अगर इन दोनों की मर्जी चले, तो प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन जाना चाहेंगे और प्रधानमंत्री सात रेस कोर्स रोड नहीं छोड़ना चाहेंगे।टिप्पणियां दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। दिलचस्प यह है कि मुलायम और ममता ने जो तीन नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किए उनसे पहले बात करने की जरूरत ही नहीं समझी। लोकसभा के अध्यक्ष रहे सोमनाथ चटर्जी ने एनडीटीवी से साफ कहा कि उनकी किसी भी राजनैतिक दल से बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी नहीं पता कि ममता और मुलायम ने किन वजहों से मेरे नाम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अपने नाम के प्रस्ताव से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा। उधर, मनमोहन सिंह ने भी कहा कि वह जहां हैं, खुश हैं। उधर, बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर यूपीए में ही मतभेद का आरोप लगाया है। एनसीपी नेता शरद पवार का कहना है कि सभी पार्टियों के बीच सहमति बनाने की जरूरत है। बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह पीए संगमा के नाम पर ही कायम हैं। लेफ्ट के नेता डी राजा ने कहा है कि अभी नामों को लेकर सिर्फ अटकलें हैं, जब तक कोई एक नाम सामने नहीं आता, लेफ्ट कोई फैसला नहीं लेगा।
संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस ने ममता बनर्जी पर विश्वासघात का आरोप लगाया है और लेफ्ट से समर्थन जुटाने की कोशिश में बिमान बोस और बुद्धदेब भट्टाचार्य से संपर्क साधा है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओवैसी ने NDTV से बात करते हुए कहा कि मॉब लिंचिंग की घटना वहां सबसे ज्यादा हो रही है, जहां बीजेपी की सरकार है. उन्होंने कहा कि आज भी यूपी से खबर आई कि 15 साल के लड़के ने नारा नहीं बोला तो उसे जला दिया. यह मॉब लिंचिंग से आगे चला गया. उन्होंने कहा कि मैं जब सांसद बनकर लोकसभा में शपथ लेने जा रहा था तो मुझे देखकर नारे लगाने लगे और मुझसे भी 'जय श्रीराम' बोलने को कहा. आप  क्या मिसाल पेश कर रहे हैं. क्या देश को बता रहे हैं कि मुसलमान जो दिखा उसे देखकर यह नारे लगाएं.  उन्होंने कहा कि कम से कम मर्यादा पुरुषोत्तम राम का नाम इतना बदनाम मत करो. उनकी तारीफ करो, लेकिन आप ऐसा भी नहीं कर रहे. उन्होंने कहा कि बात मॉब लिंचिग से काफी आगे बढ़ चुकी है. हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि झारखंड असेंबली में एक विधायक ऑन रिकॉर्ड कह रहा है कि आप बोलिए, क्यों बोले भाई? आप जरूर बोलिये, ये आपका अधिकार है, लेकिन आप क्यों फोर्स कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास सब बकवास है. ये चलता रहेगा. बीजेपी इसको खत्म नहीं करेगी. क्योंकि उनको यह सूट करता है कि हर 10 दिन में ऐसी घटना करवा दो कि माहौल गर्म रहे और वे अपनी सियासी रोटी सेंकते रहे.  बता दें कि 17वीं लोकसभा (17th Lok Sabha) के पहले सत्र के दौरान जब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) शपथ लेने जा रहे थे तब संसद में 'जय श्रीराम' के नारे लगे. जैसे ही असदुद्दीन ओवैसी अपनी सीट से उठकर शपथ के लिए वेल में आए, बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने 'जय श्रीराम', 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' के नारे लगाने शुरू कर दिए. इसके जवाब में असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने भी अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाते हुए जोर-जोर से नारे लगाने का इशारा किया. इसके बाद उन्होंने अपनी शपथ पूरी की और अंत में 'जय भीम', 'जय भीम', 'अल्लाह-हू-अकबर' और 'जय हिन्द' के नारे लगाए.
यहाँ एक सारांश है:असदुद्दीन ओवैसी का मोदी सरकार पर हमला कहा- मुसलमान और दलित निशाने पर बोले- जहां बीजेपी की सरकार, वहां लिंचिंग
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'भगवा आतंकवाद' से जुड़े केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान के खिलाफ बीजेपी विरोध प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली में जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के नेतृत्व में गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के आवास तक मार्च करने के लिए इकट्ठा हुए हैं। हालांकि यहां से थोड़ी ही दूर पर स्थित पार्लियामेंट स्ट्रीट पर दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए हैं। बीजेपी की रणनीति के मुताबिक, वह इस प्रदर्शन को तब तक जारी रखेगी जब तक कि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगते। इस प्रदर्शन का फैसला तब किया गया, जब बीजेपी संसदीय दल की बैठक में बजट सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति का फैसला किया जा रहा था। बीजेपी की रणनीति के मुताबिक, वह इस प्रदर्शन को तब तक जारी रखेगी जब तक कि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगते। इस प्रदर्शन का फैसला तब किया गया, जब बीजेपी संसदीय दल की बैठक में बजट सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति का फैसला किया जा रहा था।
सारांश: बीजेपी की रणनीति के मुताबिक, वह इस प्रदर्शन को तब तक जारी रखेगी, जब तक कि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगते।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटिश अधिकारियों ने नेवल वार रूम लीक के एक प्रमुख आरोपी रवि शंकरन को भारत में मुकदमे का सामना करने के लिहाज से यहां भेजने के लिए उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया। इस कदम से कई महीनों से लंबित अदालती कार्यवाही तेज हो सकती है। सीबीआई ने कहा कि ब्रिटेन की गृह मंत्री थेरसा मे ने पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश के करीबी रिश्तेदार शंकरन को भारत प्रत्यर्पण करने और मुकदमे का सामना करने के लिए आदेश जारी किए लेकिन उसे मामले में अपील दाखिल करने के लिए 14 दिन का वक्त भी दिया। इस आदेश से ठीक दो महीने पहले ब्रिटेन की एक अदालत ने शंकरन के प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी अपील को खारिज कर दिया था। सीबीआई ने उसके प्रत्यर्पण पर जोर देते हुए ब्रिटेन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत को आश्वासन दिया था कि जब उसे मुकदमे का सामना करने के लिए लाया जाएगा तो उसकी जमानत का विरोध नहीं किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि 49 वर्षीय शंकरन ने अपने भारत प्रत्यर्पण का विरोध करने के कारणों में भारत में जमानत से इनकार को गिनाया था। हालांकि अदालत को आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस इवान्स ने व्यवस्था दी थी कि ब्रिटिश गृह मंत्री प्रत्यर्पण आदेश जारी करने पर अंतिम फैसला कर सकती हैं।टिप्पणियां सीबीआई ब्रिटेन में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शंकरन को वापस लाने के लिए एक दल को वहां भेज सकती है। शंकरन ब्रिटिश गृह मंत्री के फैसले का वहां अदालत में विरोध कर सकता है। उसके खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। सीबीआई ने आश्वासन देने के साथ अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसका नाम आरोपपत्र में दर्ज किया गया था और उस पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। सीबीआई ने कहा कि ब्रिटेन की गृह मंत्री थेरसा मे ने पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश के करीबी रिश्तेदार शंकरन को भारत प्रत्यर्पण करने और मुकदमे का सामना करने के लिए आदेश जारी किए लेकिन उसे मामले में अपील दाखिल करने के लिए 14 दिन का वक्त भी दिया। इस आदेश से ठीक दो महीने पहले ब्रिटेन की एक अदालत ने शंकरन के प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी अपील को खारिज कर दिया था। सीबीआई ने उसके प्रत्यर्पण पर जोर देते हुए ब्रिटेन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत को आश्वासन दिया था कि जब उसे मुकदमे का सामना करने के लिए लाया जाएगा तो उसकी जमानत का विरोध नहीं किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि 49 वर्षीय शंकरन ने अपने भारत प्रत्यर्पण का विरोध करने के कारणों में भारत में जमानत से इनकार को गिनाया था। हालांकि अदालत को आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस इवान्स ने व्यवस्था दी थी कि ब्रिटिश गृह मंत्री प्रत्यर्पण आदेश जारी करने पर अंतिम फैसला कर सकती हैं।टिप्पणियां सीबीआई ब्रिटेन में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शंकरन को वापस लाने के लिए एक दल को वहां भेज सकती है। शंकरन ब्रिटिश गृह मंत्री के फैसले का वहां अदालत में विरोध कर सकता है। उसके खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। सीबीआई ने आश्वासन देने के साथ अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसका नाम आरोपपत्र में दर्ज किया गया था और उस पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। इस आदेश से ठीक दो महीने पहले ब्रिटेन की एक अदालत ने शंकरन के प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी अपील को खारिज कर दिया था। सीबीआई ने उसके प्रत्यर्पण पर जोर देते हुए ब्रिटेन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत को आश्वासन दिया था कि जब उसे मुकदमे का सामना करने के लिए लाया जाएगा तो उसकी जमानत का विरोध नहीं किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि 49 वर्षीय शंकरन ने अपने भारत प्रत्यर्पण का विरोध करने के कारणों में भारत में जमानत से इनकार को गिनाया था। हालांकि अदालत को आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस इवान्स ने व्यवस्था दी थी कि ब्रिटिश गृह मंत्री प्रत्यर्पण आदेश जारी करने पर अंतिम फैसला कर सकती हैं।टिप्पणियां सीबीआई ब्रिटेन में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शंकरन को वापस लाने के लिए एक दल को वहां भेज सकती है। शंकरन ब्रिटिश गृह मंत्री के फैसले का वहां अदालत में विरोध कर सकता है। उसके खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। सीबीआई ने आश्वासन देने के साथ अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसका नाम आरोपपत्र में दर्ज किया गया था और उस पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। सीबीआई ने उसके प्रत्यर्पण पर जोर देते हुए ब्रिटेन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत को आश्वासन दिया था कि जब उसे मुकदमे का सामना करने के लिए लाया जाएगा तो उसकी जमानत का विरोध नहीं किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि 49 वर्षीय शंकरन ने अपने भारत प्रत्यर्पण का विरोध करने के कारणों में भारत में जमानत से इनकार को गिनाया था। हालांकि अदालत को आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस इवान्स ने व्यवस्था दी थी कि ब्रिटिश गृह मंत्री प्रत्यर्पण आदेश जारी करने पर अंतिम फैसला कर सकती हैं।टिप्पणियां सीबीआई ब्रिटेन में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शंकरन को वापस लाने के लिए एक दल को वहां भेज सकती है। शंकरन ब्रिटिश गृह मंत्री के फैसले का वहां अदालत में विरोध कर सकता है। उसके खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। सीबीआई ने आश्वासन देने के साथ अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसका नाम आरोपपत्र में दर्ज किया गया था और उस पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। सूत्रों ने कहा कि 49 वर्षीय शंकरन ने अपने भारत प्रत्यर्पण का विरोध करने के कारणों में भारत में जमानत से इनकार को गिनाया था। हालांकि अदालत को आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस इवान्स ने व्यवस्था दी थी कि ब्रिटिश गृह मंत्री प्रत्यर्पण आदेश जारी करने पर अंतिम फैसला कर सकती हैं।टिप्पणियां सीबीआई ब्रिटेन में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शंकरन को वापस लाने के लिए एक दल को वहां भेज सकती है। शंकरन ब्रिटिश गृह मंत्री के फैसले का वहां अदालत में विरोध कर सकता है। उसके खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। सीबीआई ने आश्वासन देने के साथ अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसका नाम आरोपपत्र में दर्ज किया गया था और उस पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। हालांकि अदालत को आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस इवान्स ने व्यवस्था दी थी कि ब्रिटिश गृह मंत्री प्रत्यर्पण आदेश जारी करने पर अंतिम फैसला कर सकती हैं।टिप्पणियां सीबीआई ब्रिटेन में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शंकरन को वापस लाने के लिए एक दल को वहां भेज सकती है। शंकरन ब्रिटिश गृह मंत्री के फैसले का वहां अदालत में विरोध कर सकता है। उसके खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। सीबीआई ने आश्वासन देने के साथ अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसका नाम आरोपपत्र में दर्ज किया गया था और उस पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। सीबीआई ब्रिटेन में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शंकरन को वापस लाने के लिए एक दल को वहां भेज सकती है। शंकरन ब्रिटिश गृह मंत्री के फैसले का वहां अदालत में विरोध कर सकता है। उसके खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। सीबीआई ने आश्वासन देने के साथ अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसका नाम आरोपपत्र में दर्ज किया गया था और उस पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। सीबीआई ने आश्वासन देने के साथ अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसका नाम आरोपपत्र में दर्ज किया गया था और उस पर मुकदमा चलाने की जरूरत है।
यह एक सारांश है: ब्रिटिश अधिकारियों ने नेवल वार रूम लीक के एक प्रमुख आरोपी रवि शंकरन को भारत में मुकदमे का सामना करने के लिहाज से यहां भेजने के लिए उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया। इस कदम से कई महीनों से लंबित अदालती कार्यवाही तेज हो सकती है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने तंबाकू प्रयुक्त गुटखा और पान मसाला के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध पर अमल के बारे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों से रिपोर्ट तलब की है। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों को इस संबंध में चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इन राज्यों ने गुटखा पर प्रतिबंध लगाने के लिए नियम बनाए हैं। न्यायालय इस मामले में अब 3 मई को आगे सुनवाई करेगा।टिप्पणियां न्यायालय ने केंद्र सरकार के कथन के बाद यह आदेश दिया। केंद्र सरकार ने न्यायालय को सूचित किया कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित इन राज्यों में कानून और नियमों की अनदेखी करके गुटखा का उत्पादन और बिक्री हो रही है। इन राज्यों में अधिकारी नियमों को सही तरीके से लागू नहीं कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में गुटखा पर प्रतिबंध 1 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। गुटखा के उत्पादन और बिक्री पर महाराष्ट्र में जुलाई, 2012 से तथा दिल्ली में सितंबर, 2012 से पाबंदी लगी है। इससे पहले, शीर्ष अदालत ने गैर सरकारी संगइन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटीगेशंस की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान देश में गुटखा, पान मसाला और दूसरे तंबाकू उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सवाल पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया था। यह संगठन चाहता है कि गुटखा और पान मसाला पर प्रभावी तरीके से प्रतिबंध लगाया जाए। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों को इस संबंध में चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इन राज्यों ने गुटखा पर प्रतिबंध लगाने के लिए नियम बनाए हैं। न्यायालय इस मामले में अब 3 मई को आगे सुनवाई करेगा।टिप्पणियां न्यायालय ने केंद्र सरकार के कथन के बाद यह आदेश दिया। केंद्र सरकार ने न्यायालय को सूचित किया कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित इन राज्यों में कानून और नियमों की अनदेखी करके गुटखा का उत्पादन और बिक्री हो रही है। इन राज्यों में अधिकारी नियमों को सही तरीके से लागू नहीं कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में गुटखा पर प्रतिबंध 1 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। गुटखा के उत्पादन और बिक्री पर महाराष्ट्र में जुलाई, 2012 से तथा दिल्ली में सितंबर, 2012 से पाबंदी लगी है। इससे पहले, शीर्ष अदालत ने गैर सरकारी संगइन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटीगेशंस की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान देश में गुटखा, पान मसाला और दूसरे तंबाकू उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सवाल पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया था। यह संगठन चाहता है कि गुटखा और पान मसाला पर प्रभावी तरीके से प्रतिबंध लगाया जाए। न्यायालय ने केंद्र सरकार के कथन के बाद यह आदेश दिया। केंद्र सरकार ने न्यायालय को सूचित किया कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित इन राज्यों में कानून और नियमों की अनदेखी करके गुटखा का उत्पादन और बिक्री हो रही है। इन राज्यों में अधिकारी नियमों को सही तरीके से लागू नहीं कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में गुटखा पर प्रतिबंध 1 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। गुटखा के उत्पादन और बिक्री पर महाराष्ट्र में जुलाई, 2012 से तथा दिल्ली में सितंबर, 2012 से पाबंदी लगी है। इससे पहले, शीर्ष अदालत ने गैर सरकारी संगइन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटीगेशंस की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान देश में गुटखा, पान मसाला और दूसरे तंबाकू उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सवाल पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया था। यह संगठन चाहता है कि गुटखा और पान मसाला पर प्रभावी तरीके से प्रतिबंध लगाया जाए। उत्तर प्रदेश में गुटखा पर प्रतिबंध 1 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। गुटखा के उत्पादन और बिक्री पर महाराष्ट्र में जुलाई, 2012 से तथा दिल्ली में सितंबर, 2012 से पाबंदी लगी है। इससे पहले, शीर्ष अदालत ने गैर सरकारी संगइन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटीगेशंस की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान देश में गुटखा, पान मसाला और दूसरे तंबाकू उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सवाल पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया था। यह संगठन चाहता है कि गुटखा और पान मसाला पर प्रभावी तरीके से प्रतिबंध लगाया जाए।
संक्षिप्त पाठ: उच्चतम न्यायालय ने तंबाकू प्रयुक्त गुटखा और पान मसाला के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध पर अमल के बारे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों से रिपोर्ट तलब की है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सोशल मीडिया पर ईशनिंदा से जुड़ी सामग्री शेयर करने के आरोप में एक पाकिस्तानी छात्र की उसी की यूनिवर्सिटी के प्रांगण में पीट-पीटकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है. यूनिवर्सिटी तथा पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को लगभग 10 छात्रों के एक समूह ने मशाल खान नामक इस छात्र के कपड़े उतारकर उसे पीटते हुए 'अल्लाह हू अकबर' के नारे भी लगाए, और उसे तब तक मारते रहे, जब तक उसका सिर फट नहीं गया. समाचार एजेंसी रॉयटर के पास मौजूद एक वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जब मशाल खान की हत्या की जा रही थी, बहुत-से विद्यार्थी खड़े तमाशा देख रहे थे. मुस्लिम-बहुल पाकिस्तान में ईशनिंदा बेहद संवेदनशील मुद्दा है, जहां पैगम्बर मोहम्मद का अपमान किया जाना बेहद जघन्य अपराध माना जाता है, और इसी के चलते सैकड़ों लोग मौत की सज़ा दिए जाने का इंतज़ार करते जेलों में सड़ रहे हैं, तथा पाकिस्तान में ईशनिंदा का सिर्फ आरोप भर लगा दिया जाना व्यापक हिंसा का कारण बन सकता है. हालिया महीनों में इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार भी काफी कुछ बोलती रही है, और प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने भी पिछले माह ईशनिंदा करने वाली सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों से हटाने के लिए आदेश जारी कर कहा था कि इस तरह की कोई भी सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ 'कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी...' स्थानीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद आलम शिनवारी ने बताया है कि उत्तरी पाकिस्तान के मरदान शहर स्थित अब्दुल वली खान यूनिवर्सिटी के प्रांगण में गुरुवार को हुई इस हत्या के मामले में 10 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. शिनवारी ने यह भी जानकारी दी, "बेहद गंभीर रूप से उसकी पिटाई करने के चलते जब उसकी मौत हो गई, तो आरोपित विद्यार्थी उसके शव को जला डालना चाहते थे..." स्थानीय मीडिया तथा सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 1990 से अब तक ईशनिंदा के आरोपों में पाकिस्तान में कम से कम 65 लोगों की हत्या की जा चुकी है.टिप्पणियां हालांकि यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है कि पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे मशाल खान पर किस ऑनलाइन पोस्ट की वजह से ईशनिंदा का आरोप लगा था. उधर, मशाल खान के एक अध्यापक का कहना है कि वह पढ़ाई के प्रति उत्साही तथा होशियार विद्यार्थी था. अध्यापक ने कहा, "वह होशियार था, सवाल करता था, बात की तह तक जाया करता था... देश की राजनैतिक व्यवस्था से उसे शिकायतें थीं, लेकिन मैंने उसे धर्म के खिलाफ कभी भी कुछ भी विवादास्पद कहते नहीं सुना..." मुस्लिम-बहुल पाकिस्तान में ईशनिंदा बेहद संवेदनशील मुद्दा है, जहां पैगम्बर मोहम्मद का अपमान किया जाना बेहद जघन्य अपराध माना जाता है, और इसी के चलते सैकड़ों लोग मौत की सज़ा दिए जाने का इंतज़ार करते जेलों में सड़ रहे हैं, तथा पाकिस्तान में ईशनिंदा का सिर्फ आरोप भर लगा दिया जाना व्यापक हिंसा का कारण बन सकता है. हालिया महीनों में इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार भी काफी कुछ बोलती रही है, और प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने भी पिछले माह ईशनिंदा करने वाली सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों से हटाने के लिए आदेश जारी कर कहा था कि इस तरह की कोई भी सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ 'कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी...' स्थानीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद आलम शिनवारी ने बताया है कि उत्तरी पाकिस्तान के मरदान शहर स्थित अब्दुल वली खान यूनिवर्सिटी के प्रांगण में गुरुवार को हुई इस हत्या के मामले में 10 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. शिनवारी ने यह भी जानकारी दी, "बेहद गंभीर रूप से उसकी पिटाई करने के चलते जब उसकी मौत हो गई, तो आरोपित विद्यार्थी उसके शव को जला डालना चाहते थे..." स्थानीय मीडिया तथा सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 1990 से अब तक ईशनिंदा के आरोपों में पाकिस्तान में कम से कम 65 लोगों की हत्या की जा चुकी है.टिप्पणियां हालांकि यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है कि पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे मशाल खान पर किस ऑनलाइन पोस्ट की वजह से ईशनिंदा का आरोप लगा था. उधर, मशाल खान के एक अध्यापक का कहना है कि वह पढ़ाई के प्रति उत्साही तथा होशियार विद्यार्थी था. अध्यापक ने कहा, "वह होशियार था, सवाल करता था, बात की तह तक जाया करता था... देश की राजनैतिक व्यवस्था से उसे शिकायतें थीं, लेकिन मैंने उसे धर्म के खिलाफ कभी भी कुछ भी विवादास्पद कहते नहीं सुना..." हालिया महीनों में इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार भी काफी कुछ बोलती रही है, और प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने भी पिछले माह ईशनिंदा करने वाली सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों से हटाने के लिए आदेश जारी कर कहा था कि इस तरह की कोई भी सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ 'कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी...' स्थानीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद आलम शिनवारी ने बताया है कि उत्तरी पाकिस्तान के मरदान शहर स्थित अब्दुल वली खान यूनिवर्सिटी के प्रांगण में गुरुवार को हुई इस हत्या के मामले में 10 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. शिनवारी ने यह भी जानकारी दी, "बेहद गंभीर रूप से उसकी पिटाई करने के चलते जब उसकी मौत हो गई, तो आरोपित विद्यार्थी उसके शव को जला डालना चाहते थे..." स्थानीय मीडिया तथा सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 1990 से अब तक ईशनिंदा के आरोपों में पाकिस्तान में कम से कम 65 लोगों की हत्या की जा चुकी है.टिप्पणियां हालांकि यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है कि पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे मशाल खान पर किस ऑनलाइन पोस्ट की वजह से ईशनिंदा का आरोप लगा था. उधर, मशाल खान के एक अध्यापक का कहना है कि वह पढ़ाई के प्रति उत्साही तथा होशियार विद्यार्थी था. अध्यापक ने कहा, "वह होशियार था, सवाल करता था, बात की तह तक जाया करता था... देश की राजनैतिक व्यवस्था से उसे शिकायतें थीं, लेकिन मैंने उसे धर्म के खिलाफ कभी भी कुछ भी विवादास्पद कहते नहीं सुना..." स्थानीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद आलम शिनवारी ने बताया है कि उत्तरी पाकिस्तान के मरदान शहर स्थित अब्दुल वली खान यूनिवर्सिटी के प्रांगण में गुरुवार को हुई इस हत्या के मामले में 10 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. शिनवारी ने यह भी जानकारी दी, "बेहद गंभीर रूप से उसकी पिटाई करने के चलते जब उसकी मौत हो गई, तो आरोपित विद्यार्थी उसके शव को जला डालना चाहते थे..." स्थानीय मीडिया तथा सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 1990 से अब तक ईशनिंदा के आरोपों में पाकिस्तान में कम से कम 65 लोगों की हत्या की जा चुकी है.टिप्पणियां हालांकि यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है कि पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे मशाल खान पर किस ऑनलाइन पोस्ट की वजह से ईशनिंदा का आरोप लगा था. उधर, मशाल खान के एक अध्यापक का कहना है कि वह पढ़ाई के प्रति उत्साही तथा होशियार विद्यार्थी था. अध्यापक ने कहा, "वह होशियार था, सवाल करता था, बात की तह तक जाया करता था... देश की राजनैतिक व्यवस्था से उसे शिकायतें थीं, लेकिन मैंने उसे धर्म के खिलाफ कभी भी कुछ भी विवादास्पद कहते नहीं सुना..." स्थानीय मीडिया तथा सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 1990 से अब तक ईशनिंदा के आरोपों में पाकिस्तान में कम से कम 65 लोगों की हत्या की जा चुकी है.टिप्पणियां हालांकि यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है कि पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे मशाल खान पर किस ऑनलाइन पोस्ट की वजह से ईशनिंदा का आरोप लगा था. उधर, मशाल खान के एक अध्यापक का कहना है कि वह पढ़ाई के प्रति उत्साही तथा होशियार विद्यार्थी था. अध्यापक ने कहा, "वह होशियार था, सवाल करता था, बात की तह तक जाया करता था... देश की राजनैतिक व्यवस्था से उसे शिकायतें थीं, लेकिन मैंने उसे धर्म के खिलाफ कभी भी कुछ भी विवादास्पद कहते नहीं सुना..." हालांकि यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है कि पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे मशाल खान पर किस ऑनलाइन पोस्ट की वजह से ईशनिंदा का आरोप लगा था. उधर, मशाल खान के एक अध्यापक का कहना है कि वह पढ़ाई के प्रति उत्साही तथा होशियार विद्यार्थी था. अध्यापक ने कहा, "वह होशियार था, सवाल करता था, बात की तह तक जाया करता था... देश की राजनैतिक व्यवस्था से उसे शिकायतें थीं, लेकिन मैंने उसे धर्म के खिलाफ कभी भी कुछ भी विवादास्पद कहते नहीं सुना..." उधर, मशाल खान के एक अध्यापक का कहना है कि वह पढ़ाई के प्रति उत्साही तथा होशियार विद्यार्थी था. अध्यापक ने कहा, "वह होशियार था, सवाल करता था, बात की तह तक जाया करता था... देश की राजनैतिक व्यवस्था से उसे शिकायतें थीं, लेकिन मैंने उसे धर्म के खिलाफ कभी भी कुछ भी विवादास्पद कहते नहीं सुना..."
संक्षिप्त पाठ: मरदान की अब्दुल वली खान यूनिवर्सिटी के प्रांगण में गुरुवार को की गई हत्या मशाल खान पर आरोप था, ईशनिंदा से जुड़ी सामग्री ऑनलाइन पोस्ट की थी इस मामले में पुलिस ने 10 छात्रों को गिरफ्तार किया है
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के स्पिनर मोंटी पनेसर ने सचिन तेंदुलकर के साथ अपने नेट सेशन के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें इस स्टार बल्लेबाज से कुछ टिप्स हासिल करने का मौका मिला। पनेसर ने 12 दिन पहले लॉर्ड्स की नेट पर तेंदुलकर को गेंदबाजी की थी। उन्होंने अपनी काउंटी ससेक्स और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) को इसकी जानकारी नहीं दी थी। पनेसर ने कहा, ट्वेंटी-20 के दौरान मेरे पास कुछ समय था और मुझे लगा कि यह अपनी गेंदबाजी परखने का अच्छा मौका है। वह (सचिन) निश्चित तौर पर बेजोड़ और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं। वह बहुत अच्छे इंसान हैं। इसलिए मुझे लगा कि उनसे अपनी गेंदबाजी के बारे में कुछ टिप्स लेने का यह बहुत अच्छा मौका है। बायें हाथ के इस स्पिनर ने तेंदुलकर के रूप में ही अपना पहला टेस्ट विकेट लिया था और तब से ये दोनों अच्छे दोस्त हैं।
यह एक सारांश है: इंग्लैंड के स्पिनर मोंटी पनेसर ने सचिन के साथ नेट सेशन के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें टिप्स हासिल करने का मौका मिला।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने धरती के द्रव्यमान से मिलते-जुलते एक एक्जोप्लैनेट (सौरमंडल के बाहर का ग्रह) को खोजा है, जो अल्फा सेंटौरी तारामंडल में एक तारे का चक्कर लगा रहा है। सूर्य जैसे तारे का चक्कर लगाने वाला यह अभी तक मिला सबसे हल्का एक्जोप्लैनेट है। इसे चिली स्थित ईएसओ ला सिला वेधशाला से ढ़ूंढ़ा गया है। अल्फा सेंटौरी अंतरिक्ष के दक्षिणी भाग में स्थित सबसे चमकीले तारामंडलों में से एक है और हमारे सौरमंडल का सबसे नजदीकी (सिर्फ 4.3 प्रकाश वर्ष दूर) तारामंडल है। इस खोज की विस्तृत जानकारी 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित की गई है। इसे चिली स्थित ईएसओ ला सिला वेधशाला से ढ़ूंढ़ा गया है। अल्फा सेंटौरी अंतरिक्ष के दक्षिणी भाग में स्थित सबसे चमकीले तारामंडलों में से एक है और हमारे सौरमंडल का सबसे नजदीकी (सिर्फ 4.3 प्रकाश वर्ष दूर) तारामंडल है। इस खोज की विस्तृत जानकारी 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित की गई है।
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने धरती के द्रव्यमान से मिलते-जुलते एक एक्जोप्लैनेट (सौरमंडल के बाहर का ग्रह) को खोजा है, जो अल्फा सेंटौरी तारामंडल में एक तारे का चक्कर लगा रहा है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका स्थित वैश्विक निजी खुफिया एजेंसी ‘स्ट्रेटफोर' की एक ईमेल में दावा किया गया है कि पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ आला अधिकारियों को ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद में पनाह लेने की पूरी जानकारी थी। बहुचर्चित वेबसाइट विकीलीक्स की ओर से जारी दस्तावेजों में यह ईमेल सार्वजनिक हुई है। इसमें स्ट्रेटफोर के उपाध्यक्ष फ्रेड बर्टन ने अपने एक अधिकारी से कहा है, ‘आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के कुछ मंझोले और वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की जानकारी थी कि ओसामा बिन लादेन एक सुरक्षित मकान में रहता है।’टिप्पणियां बीते साल दो मई को ऐबटाबाद के एक परिसर में अमेरिकी सुरक्षा बलों ने ओसामा को मार गिराया था। सुरक्षा मामलों के मशहूर विशेषज्ञ बर्टन ने ईमेल में किए गए अपने इस दावे के स्रोत का उल्लेख नहीं किया था लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में मौजूद उनके सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली। बहुचर्चित वेबसाइट विकीलीक्स की ओर से जारी दस्तावेजों में यह ईमेल सार्वजनिक हुई है। इसमें स्ट्रेटफोर के उपाध्यक्ष फ्रेड बर्टन ने अपने एक अधिकारी से कहा है, ‘आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के कुछ मंझोले और वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की जानकारी थी कि ओसामा बिन लादेन एक सुरक्षित मकान में रहता है।’टिप्पणियां बीते साल दो मई को ऐबटाबाद के एक परिसर में अमेरिकी सुरक्षा बलों ने ओसामा को मार गिराया था। सुरक्षा मामलों के मशहूर विशेषज्ञ बर्टन ने ईमेल में किए गए अपने इस दावे के स्रोत का उल्लेख नहीं किया था लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में मौजूद उनके सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली। बीते साल दो मई को ऐबटाबाद के एक परिसर में अमेरिकी सुरक्षा बलों ने ओसामा को मार गिराया था। सुरक्षा मामलों के मशहूर विशेषज्ञ बर्टन ने ईमेल में किए गए अपने इस दावे के स्रोत का उल्लेख नहीं किया था लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में मौजूद उनके सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली। सुरक्षा मामलों के मशहूर विशेषज्ञ बर्टन ने ईमेल में किए गए अपने इस दावे के स्रोत का उल्लेख नहीं किया था लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में मौजूद उनके सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली।
‘स्ट्रेटफोर' की एक ईमेल में दावा किया गया है कि पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ आला अधिकारियों को ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद में पनाह लेने की पूरी जानकारी थी।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्राजील की सीनेट की एक समिति ने महाभियोग की सुनवाई को लेकर सदन से यह सिफारिश की है कि निलंबित राष्ट्रपति डिलमा रॉसेफ को हटाया जाए। समिति ने पांच के मुकाबले 14 वोट से जो फैसला किया वो बाध्यकारी नहीं है, लेकिन रियो डि जिनेरियो में ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह से ठीक पहले रॉसेफ के लिए यह एक और बड़ा झटका है। रॉसेफ पर कांग्रेस की अनुमति के बगैर धन खर्च करने और 2014 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय बजट को बेहतर बनाने के लिए सरकारी बैंकों से अनाधिकृत कर्ज लेने का आरोप है। विपक्षी पीएसडीपी पार्टी के सीनेटर कैसियो लीमा ने कहा, ''अत्यधिक गंभीर अपराध करने के लिए राष्ट्रपति को पद से हटाया जाएगा।टिप्पणियां देश के इतिहास में यह सबसे बड़ी वित्तीय जालसाजी थी।'' रॉसेफ ओलिंपिक समारोह में शामिल होने से इनकार कर रही हैं। उनका कहना है कि वह 'दूसरे स्थान की भूमिका' नहीं निभा सकतीं। उनके चिर प्रतिद्वंद्वी और अंतरिम राष्ट्रपति माइकल टेमर की अगुआई में यह समारोह होगा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रॉसेफ पर कांग्रेस की अनुमति के बगैर धन खर्च करने और 2014 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय बजट को बेहतर बनाने के लिए सरकारी बैंकों से अनाधिकृत कर्ज लेने का आरोप है। विपक्षी पीएसडीपी पार्टी के सीनेटर कैसियो लीमा ने कहा, ''अत्यधिक गंभीर अपराध करने के लिए राष्ट्रपति को पद से हटाया जाएगा।टिप्पणियां देश के इतिहास में यह सबसे बड़ी वित्तीय जालसाजी थी।'' रॉसेफ ओलिंपिक समारोह में शामिल होने से इनकार कर रही हैं। उनका कहना है कि वह 'दूसरे स्थान की भूमिका' नहीं निभा सकतीं। उनके चिर प्रतिद्वंद्वी और अंतरिम राष्ट्रपति माइकल टेमर की अगुआई में यह समारोह होगा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) देश के इतिहास में यह सबसे बड़ी वित्तीय जालसाजी थी।'' रॉसेफ ओलिंपिक समारोह में शामिल होने से इनकार कर रही हैं। उनका कहना है कि वह 'दूसरे स्थान की भूमिका' नहीं निभा सकतीं। उनके चिर प्रतिद्वंद्वी और अंतरिम राष्ट्रपति माइकल टेमर की अगुआई में यह समारोह होगा। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: सीनेट की समिति ने 5 के मुकाबले 14 मतों से सिफारिश की ओलिंपिक खेलों से तत्‍काल पहले राष्‍ट्रपति के लिए बड़ा झटका वित्‍तीय जालसाजी के लगे हैं आरोप
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी में यादव परिवार में युद्धविराम हो गया. शिवपाल यादव प्रदेश अध्‍यक्ष रहेंगे जबकि अखिलेश यादव संसदीय बोर्ड के अध्‍यक्ष बनाए गए. शिवपाल के विभाग भी लौटाए गए. अखिलेश यादव ने शिवपाल के घर पहुंच कर उन्‍हें बधाई दी और कहा कि वह अध्‍यक्ष के नहीं बल्कि चाचा के घर गए थे. लखनऊ की सुबह नारों के साथ हुई. 'ये जवानी है कुरबान, अखिलेश भैया तेरे नाम' तो पुराना पड़ा, नया नारा ईजाद हुआ है, 'विकास की चाभी डिंपल भाभी.' पार्टी से लेकर सीएम के बंगले तक नारे गूंजते रहे. लेकिन इस बीच अखिलेश ने शिवपाल के घर पहुंच कर उन्‍हें प्रदेश अध्‍यक्ष बनने के लिए बधाई दी और कहा, 'मैं चाचा के घर गया था, प्रदेश अध्‍यक्ष के घर नहीं.' अखिलेश यादव में इतने दिनों में आत्‍मविश्‍वास और हाजिरजवाबी दोनों बढ़ी है. ये पूछे जाने पर कि इस जंग से पार्टी को क्‍या नुकसान हुआ? उनका कहना था कि फायदा ये हुआ कि सबसे ज्‍यादा खबरों में रहे. किसी ने पूछा कि आपने जो किया ये सेल्‍फ गोल नहीं है? अखिलेश ने कहा, 'मैं फुटबॉल का प्‍लेयर रहाहूं, जिन्‍होंने मेरा गेम देखा है, वो जानते हैं कि हम वो प्‍लेयर हैं जो सेल्‍फ गोल कभी नहीं करते.' टिप्पणियां अखिलेश ने कुछ सियासी रिश्‍ते तोड़ने के भी ऐलान किये. बहनजी कहलाने वाली मायावती को वो 'बुआ जी' कहते हैं, उनसे मेरी तरफ से बता दीजिए कि आज से यह भी बंद. यही नहीं, अमर सिंह को अंकल कहने वाले अखिलेश सबसे ज्‍यादा उन्‍हीं से नाराज हैं. पहले उन्‍हें बाहरी आदमी बताया था और आज तो अंकल कहने से भी इनकार कर दिया. उन्‍होंने कहा, 'आज से यह भी बंद. लखनऊ की सुबह नारों के साथ हुई. 'ये जवानी है कुरबान, अखिलेश भैया तेरे नाम' तो पुराना पड़ा, नया नारा ईजाद हुआ है, 'विकास की चाभी डिंपल भाभी.' पार्टी से लेकर सीएम के बंगले तक नारे गूंजते रहे. लेकिन इस बीच अखिलेश ने शिवपाल के घर पहुंच कर उन्‍हें प्रदेश अध्‍यक्ष बनने के लिए बधाई दी और कहा, 'मैं चाचा के घर गया था, प्रदेश अध्‍यक्ष के घर नहीं.' अखिलेश यादव में इतने दिनों में आत्‍मविश्‍वास और हाजिरजवाबी दोनों बढ़ी है. ये पूछे जाने पर कि इस जंग से पार्टी को क्‍या नुकसान हुआ? उनका कहना था कि फायदा ये हुआ कि सबसे ज्‍यादा खबरों में रहे. किसी ने पूछा कि आपने जो किया ये सेल्‍फ गोल नहीं है? अखिलेश ने कहा, 'मैं फुटबॉल का प्‍लेयर रहाहूं, जिन्‍होंने मेरा गेम देखा है, वो जानते हैं कि हम वो प्‍लेयर हैं जो सेल्‍फ गोल कभी नहीं करते.' टिप्पणियां अखिलेश ने कुछ सियासी रिश्‍ते तोड़ने के भी ऐलान किये. बहनजी कहलाने वाली मायावती को वो 'बुआ जी' कहते हैं, उनसे मेरी तरफ से बता दीजिए कि आज से यह भी बंद. यही नहीं, अमर सिंह को अंकल कहने वाले अखिलेश सबसे ज्‍यादा उन्‍हीं से नाराज हैं. पहले उन्‍हें बाहरी आदमी बताया था और आज तो अंकल कहने से भी इनकार कर दिया. उन्‍होंने कहा, 'आज से यह भी बंद. अखिलेश यादव में इतने दिनों में आत्‍मविश्‍वास और हाजिरजवाबी दोनों बढ़ी है. ये पूछे जाने पर कि इस जंग से पार्टी को क्‍या नुकसान हुआ? उनका कहना था कि फायदा ये हुआ कि सबसे ज्‍यादा खबरों में रहे. किसी ने पूछा कि आपने जो किया ये सेल्‍फ गोल नहीं है? अखिलेश ने कहा, 'मैं फुटबॉल का प्‍लेयर रहाहूं, जिन्‍होंने मेरा गेम देखा है, वो जानते हैं कि हम वो प्‍लेयर हैं जो सेल्‍फ गोल कभी नहीं करते.' टिप्पणियां अखिलेश ने कुछ सियासी रिश्‍ते तोड़ने के भी ऐलान किये. बहनजी कहलाने वाली मायावती को वो 'बुआ जी' कहते हैं, उनसे मेरी तरफ से बता दीजिए कि आज से यह भी बंद. यही नहीं, अमर सिंह को अंकल कहने वाले अखिलेश सबसे ज्‍यादा उन्‍हीं से नाराज हैं. पहले उन्‍हें बाहरी आदमी बताया था और आज तो अंकल कहने से भी इनकार कर दिया. उन्‍होंने कहा, 'आज से यह भी बंद. अखिलेश ने कुछ सियासी रिश्‍ते तोड़ने के भी ऐलान किये. बहनजी कहलाने वाली मायावती को वो 'बुआ जी' कहते हैं, उनसे मेरी तरफ से बता दीजिए कि आज से यह भी बंद. यही नहीं, अमर सिंह को अंकल कहने वाले अखिलेश सबसे ज्‍यादा उन्‍हीं से नाराज हैं. पहले उन्‍हें बाहरी आदमी बताया था और आज तो अंकल कहने से भी इनकार कर दिया. उन्‍होंने कहा, 'आज से यह भी बंद. यही नहीं, अमर सिंह को अंकल कहने वाले अखिलेश सबसे ज्‍यादा उन्‍हीं से नाराज हैं. पहले उन्‍हें बाहरी आदमी बताया था और आज तो अंकल कहने से भी इनकार कर दिया. उन्‍होंने कहा, 'आज से यह भी बंद.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लखनऊ में नया नारा ईजाद हुआ है, 'विकास की चाभी डिंपल भाभी' अखिलेश ने कहा, 'मैं फुटबॉल का प्‍लेयर रहा हूं, कभी सेल्‍फ गोल नहीं करता' अमर सिंह को अंकल कहने वाले अखिलेश ने कहा, 'आज से यह बंद'
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र की राजधानी में दो मई को तेजाब हमले की शिकार हुई दिल्ली निवासी नर्स प्रीति राठी की शनिवार को यहां के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। यह जानकारी उसके परिवार ने दी है। प्रीति के पिता अमर सिंह राठी ने बताया, "चिकित्सकों ने अपराह्न लगभग चार बजे वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सकीय सपोर्ट हटा लिए, जिसके बल पर वह जिंदा थी।" प्रीति (25) पर उस समय अज्ञात लोगों ने तेजाब फेंक दिया था, जब वह नई दिल्ली-मुंबई गरीब रथ एक्सप्रेस से दो मई को सुबह बांद्रा टर्मिनस पर उतरी थी। वह यहां सेना के अस्पताल में नर्स की नौकरी शुरू करने आई थी। वह दो सप्ताह से वेंटिलेटर पर थी, क्योंकि उसका दाहिना फेफड़ा बिल्कुल नष्ट हो गया था और बाया आंशिक रूप से ही काम कर रहा था। राठी की देखरेख कर रहे चिकित्सकों के अनुसार, अंदरूनी चोट, प्रमुख अंगों के क्षतिग्रस्त होने और हमले के बाद हुए रक्तस्राव के कारण उसके बचने की संभावना पांच प्रतिशत ही रह गई थी। टिप्पणियां अमर सिंह ने पिछले पखवारे महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटील और राज्य के पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल से याचना की थी कि हमले की जांच राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) से वापस ले ली जाए। सिंह ने याचिका में कहा था, "हम चाहते हैं कि जांच की जिम्मेदारी या तो राज्य के अपराध जांच विभाग को सौंप दी जाए या फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को, क्योंकि जीआरपी इस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है।" उन्होंने आरोप लगाया था कि जीआरपी ने गलत तरीके से एक युवक को गिरफ्तार किया और असली दोषी को वह अभी तक नहीं पकड़ पाई है। प्रीति के पिता अमर सिंह राठी ने बताया, "चिकित्सकों ने अपराह्न लगभग चार बजे वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सकीय सपोर्ट हटा लिए, जिसके बल पर वह जिंदा थी।" प्रीति (25) पर उस समय अज्ञात लोगों ने तेजाब फेंक दिया था, जब वह नई दिल्ली-मुंबई गरीब रथ एक्सप्रेस से दो मई को सुबह बांद्रा टर्मिनस पर उतरी थी। वह यहां सेना के अस्पताल में नर्स की नौकरी शुरू करने आई थी। वह दो सप्ताह से वेंटिलेटर पर थी, क्योंकि उसका दाहिना फेफड़ा बिल्कुल नष्ट हो गया था और बाया आंशिक रूप से ही काम कर रहा था। राठी की देखरेख कर रहे चिकित्सकों के अनुसार, अंदरूनी चोट, प्रमुख अंगों के क्षतिग्रस्त होने और हमले के बाद हुए रक्तस्राव के कारण उसके बचने की संभावना पांच प्रतिशत ही रह गई थी। टिप्पणियां अमर सिंह ने पिछले पखवारे महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटील और राज्य के पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल से याचना की थी कि हमले की जांच राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) से वापस ले ली जाए। सिंह ने याचिका में कहा था, "हम चाहते हैं कि जांच की जिम्मेदारी या तो राज्य के अपराध जांच विभाग को सौंप दी जाए या फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को, क्योंकि जीआरपी इस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है।" उन्होंने आरोप लगाया था कि जीआरपी ने गलत तरीके से एक युवक को गिरफ्तार किया और असली दोषी को वह अभी तक नहीं पकड़ पाई है। प्रीति (25) पर उस समय अज्ञात लोगों ने तेजाब फेंक दिया था, जब वह नई दिल्ली-मुंबई गरीब रथ एक्सप्रेस से दो मई को सुबह बांद्रा टर्मिनस पर उतरी थी। वह यहां सेना के अस्पताल में नर्स की नौकरी शुरू करने आई थी। वह दो सप्ताह से वेंटिलेटर पर थी, क्योंकि उसका दाहिना फेफड़ा बिल्कुल नष्ट हो गया था और बाया आंशिक रूप से ही काम कर रहा था। राठी की देखरेख कर रहे चिकित्सकों के अनुसार, अंदरूनी चोट, प्रमुख अंगों के क्षतिग्रस्त होने और हमले के बाद हुए रक्तस्राव के कारण उसके बचने की संभावना पांच प्रतिशत ही रह गई थी। टिप्पणियां अमर सिंह ने पिछले पखवारे महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटील और राज्य के पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल से याचना की थी कि हमले की जांच राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) से वापस ले ली जाए। सिंह ने याचिका में कहा था, "हम चाहते हैं कि जांच की जिम्मेदारी या तो राज्य के अपराध जांच विभाग को सौंप दी जाए या फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को, क्योंकि जीआरपी इस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है।" उन्होंने आरोप लगाया था कि जीआरपी ने गलत तरीके से एक युवक को गिरफ्तार किया और असली दोषी को वह अभी तक नहीं पकड़ पाई है। वह दो सप्ताह से वेंटिलेटर पर थी, क्योंकि उसका दाहिना फेफड़ा बिल्कुल नष्ट हो गया था और बाया आंशिक रूप से ही काम कर रहा था। राठी की देखरेख कर रहे चिकित्सकों के अनुसार, अंदरूनी चोट, प्रमुख अंगों के क्षतिग्रस्त होने और हमले के बाद हुए रक्तस्राव के कारण उसके बचने की संभावना पांच प्रतिशत ही रह गई थी। टिप्पणियां अमर सिंह ने पिछले पखवारे महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटील और राज्य के पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल से याचना की थी कि हमले की जांच राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) से वापस ले ली जाए। सिंह ने याचिका में कहा था, "हम चाहते हैं कि जांच की जिम्मेदारी या तो राज्य के अपराध जांच विभाग को सौंप दी जाए या फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को, क्योंकि जीआरपी इस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है।" उन्होंने आरोप लगाया था कि जीआरपी ने गलत तरीके से एक युवक को गिरफ्तार किया और असली दोषी को वह अभी तक नहीं पकड़ पाई है। राठी की देखरेख कर रहे चिकित्सकों के अनुसार, अंदरूनी चोट, प्रमुख अंगों के क्षतिग्रस्त होने और हमले के बाद हुए रक्तस्राव के कारण उसके बचने की संभावना पांच प्रतिशत ही रह गई थी। टिप्पणियां अमर सिंह ने पिछले पखवारे महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटील और राज्य के पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल से याचना की थी कि हमले की जांच राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) से वापस ले ली जाए। सिंह ने याचिका में कहा था, "हम चाहते हैं कि जांच की जिम्मेदारी या तो राज्य के अपराध जांच विभाग को सौंप दी जाए या फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को, क्योंकि जीआरपी इस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है।" उन्होंने आरोप लगाया था कि जीआरपी ने गलत तरीके से एक युवक को गिरफ्तार किया और असली दोषी को वह अभी तक नहीं पकड़ पाई है। अमर सिंह ने पिछले पखवारे महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटील और राज्य के पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल से याचना की थी कि हमले की जांच राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) से वापस ले ली जाए। सिंह ने याचिका में कहा था, "हम चाहते हैं कि जांच की जिम्मेदारी या तो राज्य के अपराध जांच विभाग को सौंप दी जाए या फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को, क्योंकि जीआरपी इस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है।" उन्होंने आरोप लगाया था कि जीआरपी ने गलत तरीके से एक युवक को गिरफ्तार किया और असली दोषी को वह अभी तक नहीं पकड़ पाई है। सिंह ने याचिका में कहा था, "हम चाहते हैं कि जांच की जिम्मेदारी या तो राज्य के अपराध जांच विभाग को सौंप दी जाए या फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को, क्योंकि जीआरपी इस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है।" उन्होंने आरोप लगाया था कि जीआरपी ने गलत तरीके से एक युवक को गिरफ्तार किया और असली दोषी को वह अभी तक नहीं पकड़ पाई है।
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र की राजधानी में दो मई को तेजाब हमले की शिकार हुई दिल्ली निवासी नर्स प्रीति राठी की शनिवार को यहां के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। यह जानकारी उसके परिवार ने दी है।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: रेलवे कर्मचारी अक्तूबर महीने से चमकदार जैकेट और काली एवं पीली टीशर्ट की डिजाइनर वर्दी में नजर आएंगे. यात्रा के दौरान ट्रेन में मौजूद रेलकर्मी, टीटीई, स्टेशन मास्टर, गार्ड, ड्राइवर और केटरिंग कर्मचारी समेत करीब पांच लाख रेलवे कर्मचारी नई डिजाइनर वर्दी में दिखेंगे. मशहूर फैशन डिजाइनर रितु बेरी ने रेलवे कर्मचारियों के लिए यह वर्दी डिजाइन की है.  रेलवे कर्मचारियों के लिए भारतीय रेल के लोगो के साथ काली और पीली रंग की आधी एवं पूरी बाजू की टीशर्ट डिजाइन की गई हैं. वहीं, ट्रेनों में नियुक्त केटरिंग कर्मचारियों के लिए काली और सफेद बॉर्डर के साथ अन्य टीशर्ट डिजाइन की गई है. टीटीई, गार्ड और ड्राइवरों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए पीले और हरे रंग में दो तरह की आधी बाजू वाली चमकदार जैकेट डिजाइन की गई है.टिप्पणियां रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 2016-17 के बजट भाषण में कहा था, उपभोक्ताओं से सीधे सीधे वास्ता रखने वाले कर्मचारियों के लिए नई तरह की वर्दी होगी, जो हमारे नेटवर्क में उनके कार्य के अनुरूप उन्हें नया रूप प्रदान करेगी. फिलहाल टीटीई, स्टेशन मास्टर और गार्ड सहित रेलवे कर्मचारी काफी समय पहले डिजाइन की गई वर्दी पहनते हैं. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नई डिजाइन की वर्दी के साथ रेलवे की यह परिवर्तन यात्रा संगठन की विशिष्ट क्षमता इंगित करती है.   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रेलवे कर्मचारियों के लिए भारतीय रेल के लोगो के साथ काली और पीली रंग की आधी एवं पूरी बाजू की टीशर्ट डिजाइन की गई हैं. वहीं, ट्रेनों में नियुक्त केटरिंग कर्मचारियों के लिए काली और सफेद बॉर्डर के साथ अन्य टीशर्ट डिजाइन की गई है. टीटीई, गार्ड और ड्राइवरों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए पीले और हरे रंग में दो तरह की आधी बाजू वाली चमकदार जैकेट डिजाइन की गई है.टिप्पणियां रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 2016-17 के बजट भाषण में कहा था, उपभोक्ताओं से सीधे सीधे वास्ता रखने वाले कर्मचारियों के लिए नई तरह की वर्दी होगी, जो हमारे नेटवर्क में उनके कार्य के अनुरूप उन्हें नया रूप प्रदान करेगी. फिलहाल टीटीई, स्टेशन मास्टर और गार्ड सहित रेलवे कर्मचारी काफी समय पहले डिजाइन की गई वर्दी पहनते हैं. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नई डिजाइन की वर्दी के साथ रेलवे की यह परिवर्तन यात्रा संगठन की विशिष्ट क्षमता इंगित करती है.   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 2016-17 के बजट भाषण में कहा था, उपभोक्ताओं से सीधे सीधे वास्ता रखने वाले कर्मचारियों के लिए नई तरह की वर्दी होगी, जो हमारे नेटवर्क में उनके कार्य के अनुरूप उन्हें नया रूप प्रदान करेगी. फिलहाल टीटीई, स्टेशन मास्टर और गार्ड सहित रेलवे कर्मचारी काफी समय पहले डिजाइन की गई वर्दी पहनते हैं. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नई डिजाइन की वर्दी के साथ रेलवे की यह परिवर्तन यात्रा संगठन की विशिष्ट क्षमता इंगित करती है.   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: करीब पांच लाख रेलवे कर्मचारी नई डिजाइनर वर्दी में दिखेंगे मशहूर फैशन डिजाइनर रितु बेरी ने कर्मचारियों के लिए डिजाइन की नई ड्रेस टीटीई, स्टेशन मास्टर, गार्ड, ड्राइवर और केटरिंग स्टाफ का ड्रेस बदलेगा
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत तथा बांग्लादेश ने आपस की दो बिजली परियोजनाओं की शुरुआत के साथ उर्जा क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय शुरू किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस कदम को दोनों देशों की भागीदारी में एक 'ऐतिहासिक क्षण' करार दिया है। सिंह तथा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मिलकर पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश को 500 मेगावाट बिजली आपूर्ति के लिए बिजली पारेषण लाइन का उद्घाटन तथा बांग्लादेश में 1320 मेगावाट की तापीय बिजली परियोजना का शिलान्यास किया।टिप्पणियां मैत्री ताप बिजली परियोजना का विकास बांग्लादेश-इंडिया फ्रेंडशिप पावर कंपनी कर रही है जो एनटीपीसी तथा बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड का संयुक्त उप्रकम है। परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए सिंह ने कहा कि यह एक 'ऐतिहासिक क्षण' है जबकि हम हमारे दोनों देशों के बीच संपन्नता के लिए नई भागीदारी की ओर बढ रहे हैं। सिंह ने कहा कि भारत व बांग्लादेश के भाग्य ‘एक दूसरे से जुड़े हैं।’ उन्होंने कहा, आज उठाए जा रहे इस कदम से भारत व बांग्लादेश के बीच दोस्ती और मजबूत होगी और हमारे द्विपक्षीय संबंधों में नया आयाम जुड़ेगा। सिंह तथा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मिलकर पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश को 500 मेगावाट बिजली आपूर्ति के लिए बिजली पारेषण लाइन का उद्घाटन तथा बांग्लादेश में 1320 मेगावाट की तापीय बिजली परियोजना का शिलान्यास किया।टिप्पणियां मैत्री ताप बिजली परियोजना का विकास बांग्लादेश-इंडिया फ्रेंडशिप पावर कंपनी कर रही है जो एनटीपीसी तथा बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड का संयुक्त उप्रकम है। परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए सिंह ने कहा कि यह एक 'ऐतिहासिक क्षण' है जबकि हम हमारे दोनों देशों के बीच संपन्नता के लिए नई भागीदारी की ओर बढ रहे हैं। सिंह ने कहा कि भारत व बांग्लादेश के भाग्य ‘एक दूसरे से जुड़े हैं।’ उन्होंने कहा, आज उठाए जा रहे इस कदम से भारत व बांग्लादेश के बीच दोस्ती और मजबूत होगी और हमारे द्विपक्षीय संबंधों में नया आयाम जुड़ेगा। मैत्री ताप बिजली परियोजना का विकास बांग्लादेश-इंडिया फ्रेंडशिप पावर कंपनी कर रही है जो एनटीपीसी तथा बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड का संयुक्त उप्रकम है। परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए सिंह ने कहा कि यह एक 'ऐतिहासिक क्षण' है जबकि हम हमारे दोनों देशों के बीच संपन्नता के लिए नई भागीदारी की ओर बढ रहे हैं। सिंह ने कहा कि भारत व बांग्लादेश के भाग्य ‘एक दूसरे से जुड़े हैं।’ उन्होंने कहा, आज उठाए जा रहे इस कदम से भारत व बांग्लादेश के बीच दोस्ती और मजबूत होगी और हमारे द्विपक्षीय संबंधों में नया आयाम जुड़ेगा। परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए सिंह ने कहा कि यह एक 'ऐतिहासिक क्षण' है जबकि हम हमारे दोनों देशों के बीच संपन्नता के लिए नई भागीदारी की ओर बढ रहे हैं। सिंह ने कहा कि भारत व बांग्लादेश के भाग्य ‘एक दूसरे से जुड़े हैं।’ उन्होंने कहा, आज उठाए जा रहे इस कदम से भारत व बांग्लादेश के बीच दोस्ती और मजबूत होगी और हमारे द्विपक्षीय संबंधों में नया आयाम जुड़ेगा।
सारांश: भारत तथा बांग्लादेश ने आपस की दो बिजली परियोजनाओं की शुरुआत के साथ उर्जा क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय शुरू किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस कदम को दोनों देशों की भागीदारी में एक 'ऐतिहासिक क्षण' करार दिया है।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय हॉकी टीम ने भले ही पिछले दो दशक में कोई बड़ी सफलता हासिल नहीं की हो लेकिन टीम के विदेशी कोच माइकल नोब्स का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय टीमें अब भी आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन टीम से डरती हैं। अगले महीने यहां होने वाले ओलिंपिक क्वालीफायर के लिए पुरुष हाकी टीम के तैयारी शिविर के दूसरे चरण को देख रहे नोब्स ने कहा कि भारत को लंदन खेलों में जगह बना लेनी चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के इस कोच ने आज यहां मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में ट्रेनिंग सत्र के बाद कहा, ‘पिछले कई वर्षों में (1980 मास्को ओलिंपिक में स्वर्ण पदक के बाद से) भारत ने कुछ भी हासिल नहीं किया है लेकिन फिर भी अंतरराष्ट्रीय टीमें हमसे डरती हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह (ओलिंपिक क्वालीफायर) हम सबके लिए रोमांचक यात्रा है लेकिन बेशक हम पर दबाव भी है। हम सबका ध्यान क्वालीफायर करने पर है और मुझे 90 से 95 प्रतिशत भरोसा है कि हम क्वालीफाई कर जाएंगे।’ नोब्स ने कहा, ‘अगर कुछ बहुत ही गलत नहीं होता या हमारा कोई मैच बहुत ही खराब नहीं होता या हमारे खिलाफ अंपायर के खराब नतीजे नहीं जाते तो हमें क्वालीफाई कर लेना चाहिए।’ बीजिंग ओलिंपिक 2008 में जगह बनाने में नाकाम रहा भारत यहां मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में 18 से 26 फरवरी तक होने वाले क्वालीफायर में कनाडा, फ्रांस, पोलैंड, इटली और अमेरिका की चुनौती से निपटेगा। पिछले साल सितंबर में टीम के साथ जुड़ने के बाद से ही नोब्स का जोर भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस पर है और इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ‘एक्सरसाइज फिजियोलाजिस्ट’ डेविड जान को टीम के साथ बरकरार रखा है। लगभग साढ़े चार महीने टीम के साथ बिताने के बाद जब खिलाड़ियों की फिटनेस के बारे में पूछा गया तो नोब्स काफी संतुष्ट दिखे, उनका हालांकि अब भी मानना है कि इस संबंध में काफी कुछ किया जाना बाकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘टीम की फिटनेस में काफी सुधार हुआ है। चैम्पियन्स चैलेंज एक टूर्नामेंट में हमारी टीम सबसे फिट थी।’ नोब्स ने कहा, ‘हमें धीरे धीरे खेल विज्ञान का फायदा मिल रहा है। हम दिन प्रतिदिन मजबूत हो रहे हैं लेकिन गेंद को अपने कब्जे में रखने के लिए हमें और अधिक मजबूत होना होगा।’ कोच का मानना है कि उनके खिलाड़ी जब आक्रामक हाकी खेलते हैं तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं लेकिन उन्होंने साथ ही टीम की कमजोर बैकलाइन के बारे में भी चेताया जो दबाव में बिखर जाती है। क्वालीफायर की तैयारी के तहत भारतीय पुरुष हाकी टीम 16 से 22 जनवरी तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला जबकि महिला टीम अजरबेजान के खिलाफ 15 से 19 जनवरी तक चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी। अगले महीने यहां होने वाले ओलिंपिक क्वालीफायर के लिए पुरुष हाकी टीम के तैयारी शिविर के दूसरे चरण को देख रहे नोब्स ने कहा कि भारत को लंदन खेलों में जगह बना लेनी चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के इस कोच ने आज यहां मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में ट्रेनिंग सत्र के बाद कहा, ‘पिछले कई वर्षों में (1980 मास्को ओलिंपिक में स्वर्ण पदक के बाद से) भारत ने कुछ भी हासिल नहीं किया है लेकिन फिर भी अंतरराष्ट्रीय टीमें हमसे डरती हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह (ओलिंपिक क्वालीफायर) हम सबके लिए रोमांचक यात्रा है लेकिन बेशक हम पर दबाव भी है। हम सबका ध्यान क्वालीफायर करने पर है और मुझे 90 से 95 प्रतिशत भरोसा है कि हम क्वालीफाई कर जाएंगे।’ नोब्स ने कहा, ‘अगर कुछ बहुत ही गलत नहीं होता या हमारा कोई मैच बहुत ही खराब नहीं होता या हमारे खिलाफ अंपायर के खराब नतीजे नहीं जाते तो हमें क्वालीफाई कर लेना चाहिए।’ बीजिंग ओलिंपिक 2008 में जगह बनाने में नाकाम रहा भारत यहां मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में 18 से 26 फरवरी तक होने वाले क्वालीफायर में कनाडा, फ्रांस, पोलैंड, इटली और अमेरिका की चुनौती से निपटेगा। पिछले साल सितंबर में टीम के साथ जुड़ने के बाद से ही नोब्स का जोर भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस पर है और इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ‘एक्सरसाइज फिजियोलाजिस्ट’ डेविड जान को टीम के साथ बरकरार रखा है। लगभग साढ़े चार महीने टीम के साथ बिताने के बाद जब खिलाड़ियों की फिटनेस के बारे में पूछा गया तो नोब्स काफी संतुष्ट दिखे, उनका हालांकि अब भी मानना है कि इस संबंध में काफी कुछ किया जाना बाकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘टीम की फिटनेस में काफी सुधार हुआ है। चैम्पियन्स चैलेंज एक टूर्नामेंट में हमारी टीम सबसे फिट थी।’ नोब्स ने कहा, ‘हमें धीरे धीरे खेल विज्ञान का फायदा मिल रहा है। हम दिन प्रतिदिन मजबूत हो रहे हैं लेकिन गेंद को अपने कब्जे में रखने के लिए हमें और अधिक मजबूत होना होगा।’ कोच का मानना है कि उनके खिलाड़ी जब आक्रामक हाकी खेलते हैं तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं लेकिन उन्होंने साथ ही टीम की कमजोर बैकलाइन के बारे में भी चेताया जो दबाव में बिखर जाती है। क्वालीफायर की तैयारी के तहत भारतीय पुरुष हाकी टीम 16 से 22 जनवरी तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला जबकि महिला टीम अजरबेजान के खिलाफ 15 से 19 जनवरी तक चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी। ऑस्ट्रेलिया के इस कोच ने आज यहां मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में ट्रेनिंग सत्र के बाद कहा, ‘पिछले कई वर्षों में (1980 मास्को ओलिंपिक में स्वर्ण पदक के बाद से) भारत ने कुछ भी हासिल नहीं किया है लेकिन फिर भी अंतरराष्ट्रीय टीमें हमसे डरती हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह (ओलिंपिक क्वालीफायर) हम सबके लिए रोमांचक यात्रा है लेकिन बेशक हम पर दबाव भी है। हम सबका ध्यान क्वालीफायर करने पर है और मुझे 90 से 95 प्रतिशत भरोसा है कि हम क्वालीफाई कर जाएंगे।’ नोब्स ने कहा, ‘अगर कुछ बहुत ही गलत नहीं होता या हमारा कोई मैच बहुत ही खराब नहीं होता या हमारे खिलाफ अंपायर के खराब नतीजे नहीं जाते तो हमें क्वालीफाई कर लेना चाहिए।’ बीजिंग ओलिंपिक 2008 में जगह बनाने में नाकाम रहा भारत यहां मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में 18 से 26 फरवरी तक होने वाले क्वालीफायर में कनाडा, फ्रांस, पोलैंड, इटली और अमेरिका की चुनौती से निपटेगा। पिछले साल सितंबर में टीम के साथ जुड़ने के बाद से ही नोब्स का जोर भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस पर है और इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ‘एक्सरसाइज फिजियोलाजिस्ट’ डेविड जान को टीम के साथ बरकरार रखा है। लगभग साढ़े चार महीने टीम के साथ बिताने के बाद जब खिलाड़ियों की फिटनेस के बारे में पूछा गया तो नोब्स काफी संतुष्ट दिखे, उनका हालांकि अब भी मानना है कि इस संबंध में काफी कुछ किया जाना बाकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘टीम की फिटनेस में काफी सुधार हुआ है। चैम्पियन्स चैलेंज एक टूर्नामेंट में हमारी टीम सबसे फिट थी।’ नोब्स ने कहा, ‘हमें धीरे धीरे खेल विज्ञान का फायदा मिल रहा है। हम दिन प्रतिदिन मजबूत हो रहे हैं लेकिन गेंद को अपने कब्जे में रखने के लिए हमें और अधिक मजबूत होना होगा।’ कोच का मानना है कि उनके खिलाड़ी जब आक्रामक हाकी खेलते हैं तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं लेकिन उन्होंने साथ ही टीम की कमजोर बैकलाइन के बारे में भी चेताया जो दबाव में बिखर जाती है। क्वालीफायर की तैयारी के तहत भारतीय पुरुष हाकी टीम 16 से 22 जनवरी तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला जबकि महिला टीम अजरबेजान के खिलाफ 15 से 19 जनवरी तक चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी। बीजिंग ओलिंपिक 2008 में जगह बनाने में नाकाम रहा भारत यहां मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में 18 से 26 फरवरी तक होने वाले क्वालीफायर में कनाडा, फ्रांस, पोलैंड, इटली और अमेरिका की चुनौती से निपटेगा। पिछले साल सितंबर में टीम के साथ जुड़ने के बाद से ही नोब्स का जोर भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस पर है और इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ‘एक्सरसाइज फिजियोलाजिस्ट’ डेविड जान को टीम के साथ बरकरार रखा है। लगभग साढ़े चार महीने टीम के साथ बिताने के बाद जब खिलाड़ियों की फिटनेस के बारे में पूछा गया तो नोब्स काफी संतुष्ट दिखे, उनका हालांकि अब भी मानना है कि इस संबंध में काफी कुछ किया जाना बाकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘टीम की फिटनेस में काफी सुधार हुआ है। चैम्पियन्स चैलेंज एक टूर्नामेंट में हमारी टीम सबसे फिट थी।’ नोब्स ने कहा, ‘हमें धीरे धीरे खेल विज्ञान का फायदा मिल रहा है। हम दिन प्रतिदिन मजबूत हो रहे हैं लेकिन गेंद को अपने कब्जे में रखने के लिए हमें और अधिक मजबूत होना होगा।’ कोच का मानना है कि उनके खिलाड़ी जब आक्रामक हाकी खेलते हैं तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं लेकिन उन्होंने साथ ही टीम की कमजोर बैकलाइन के बारे में भी चेताया जो दबाव में बिखर जाती है। क्वालीफायर की तैयारी के तहत भारतीय पुरुष हाकी टीम 16 से 22 जनवरी तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला जबकि महिला टीम अजरबेजान के खिलाफ 15 से 19 जनवरी तक चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी। लगभग साढ़े चार महीने टीम के साथ बिताने के बाद जब खिलाड़ियों की फिटनेस के बारे में पूछा गया तो नोब्स काफी संतुष्ट दिखे, उनका हालांकि अब भी मानना है कि इस संबंध में काफी कुछ किया जाना बाकी है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘टीम की फिटनेस में काफी सुधार हुआ है। चैम्पियन्स चैलेंज एक टूर्नामेंट में हमारी टीम सबसे फिट थी।’ नोब्स ने कहा, ‘हमें धीरे धीरे खेल विज्ञान का फायदा मिल रहा है। हम दिन प्रतिदिन मजबूत हो रहे हैं लेकिन गेंद को अपने कब्जे में रखने के लिए हमें और अधिक मजबूत होना होगा।’ कोच का मानना है कि उनके खिलाड़ी जब आक्रामक हाकी खेलते हैं तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं लेकिन उन्होंने साथ ही टीम की कमजोर बैकलाइन के बारे में भी चेताया जो दबाव में बिखर जाती है। क्वालीफायर की तैयारी के तहत भारतीय पुरुष हाकी टीम 16 से 22 जनवरी तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला जबकि महिला टीम अजरबेजान के खिलाफ 15 से 19 जनवरी तक चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी। उन्होंने कहा, ‘टीम की फिटनेस में काफी सुधार हुआ है। चैम्पियन्स चैलेंज एक टूर्नामेंट में हमारी टीम सबसे फिट थी।’ नोब्स ने कहा, ‘हमें धीरे धीरे खेल विज्ञान का फायदा मिल रहा है। हम दिन प्रतिदिन मजबूत हो रहे हैं लेकिन गेंद को अपने कब्जे में रखने के लिए हमें और अधिक मजबूत होना होगा।’ कोच का मानना है कि उनके खिलाड़ी जब आक्रामक हाकी खेलते हैं तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं लेकिन उन्होंने साथ ही टीम की कमजोर बैकलाइन के बारे में भी चेताया जो दबाव में बिखर जाती है। क्वालीफायर की तैयारी के तहत भारतीय पुरुष हाकी टीम 16 से 22 जनवरी तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला जबकि महिला टीम अजरबेजान के खिलाफ 15 से 19 जनवरी तक चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी। क्वालीफायर की तैयारी के तहत भारतीय पुरुष हाकी टीम 16 से 22 जनवरी तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला जबकि महिला टीम अजरबेजान के खिलाफ 15 से 19 जनवरी तक चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी।
यहाँ एक सारांश है:भारतीय हॉकी टीम ने भले ही पिछले दो दशक में कोई बड़ी सफलता हासिल नहीं की हो लेकिन टीम के विदेशी कोच माइकल नोब्स का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय टीमें अब भी आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन टीम से डरती हैं।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: लोकसभा में रिटेल में एफडीआई पर विपक्ष का प्रस्ताव 218 के मुकाबले 253 मत से गिरा। सरकार को जीत के लिए 236 वोट चाहिए थे। कुल 471 मत डाले गए। 70 सांसद वोटिंग के दौरान उपस्थित नहीं रहे। इसी के साथ सरकार ने रिटेल में एफडीआई पर लोकसभा में जीत दर्ज की। माना यह भी जा रहा है कि सरकार कम से कम 40 सांसदों के गैरहाजिर होने की उम्मीद कर रहे वहीं आज करीब 70 सांसद बाहर रहे जिससे सरकार को काफी बल मिला। इस सरकार के बेहतरीन फ्लोर मैनेजमेंट के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले स्पीकर ने ध्वनिमत से भी प्रस्ताव के समर्थन और विरोध में राय मांगी थी जिसके बाद प्रस्ताव गिरने का ऐलान किया गया था। विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज का यह प्रस्ताव बुधवार को सदन में गिरा घोषित किया गया। वहीं, तृणमूल सांसद सौगत रॉय का भी फेमा में संशोधन के खिलाफ प्रस्ताव आज गिर गया। इसके समर्थन में 224 मत पड़े वहीं 254 मत इसके खिलाफ डाले गए। बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर लोकसभा में मतदान के परिणाम का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार के इस फैसले को सदन की भी मंजूरी मिल गई है। वहीं, सोनिया गांधी ने जीत पर खुशी जताते हुआ कहा कि अब राज्यसभा में जीत की चिंता नहीं है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सदन में अपने प्रस्ताव के गिरने के बाद कहा कि यह सरकार की नैतिक हार है। लोकसभा में जीत के बाद केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह रिफॉर्म की जीत है और आग्रह किया कि विपक्ष विचारात्मक चश्मे से यह सब देखना बंद करे। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि संसद में सरकार के निर्णय पर मुहर लग गई है। मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई पर बुधवार को होने वाली वोटिंग के लिए राजनीतिक लामबंदी तेज की गई थी। सरकार इस अग्निपरीक्षा में पास हो गई क्योंकि सपा और बसपा के सांसद वोटिंग से पहले वॉकआउट कर गए। लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था। बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने वॉकआउट करने के बाद मीडियाकर्मियों से  कहा कि रिटेल में एफडीआई किसानों और छोटे दुकानदारों का अपमान बताया। इसे ही वजह बताते हुए उन्होंने लोकसभा से अपनी पार्टी के समर्थकों के साथ वॉकआउट किया। सपा के लोकसभा में 22 सांसद और बसपा के 21 सांसद हैं। इससे बहुमत का आंकड़ा कम हो जाता है। लोकसभा में वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी ने एनडीटीवी से बातचीत में पहली बार साफ किया था कि वह सरकार के पक्ष में वोट नहीं देगी। इसलिए उन्होंने वोटिंग से पहले वॉकआउट कर सरकार का साथ दिया। बुधवार की सुबह एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर मनोरंजन भारती से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सदन में वोटिंग के वक्त या तो वे सरकार के खिलाफ वोट देंगे या फिर सदन में मौजूद नहीं होंगे। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। इससे पहले स्पीकर ने ध्वनिमत से भी प्रस्ताव के समर्थन और विरोध में राय मांगी थी जिसके बाद प्रस्ताव गिरने का ऐलान किया गया था। विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज का यह प्रस्ताव बुधवार को सदन में गिरा घोषित किया गया। वहीं, तृणमूल सांसद सौगत रॉय का भी फेमा में संशोधन के खिलाफ प्रस्ताव आज गिर गया। इसके समर्थन में 224 मत पड़े वहीं 254 मत इसके खिलाफ डाले गए। बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर लोकसभा में मतदान के परिणाम का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार के इस फैसले को सदन की भी मंजूरी मिल गई है। वहीं, सोनिया गांधी ने जीत पर खुशी जताते हुआ कहा कि अब राज्यसभा में जीत की चिंता नहीं है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सदन में अपने प्रस्ताव के गिरने के बाद कहा कि यह सरकार की नैतिक हार है। लोकसभा में जीत के बाद केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह रिफॉर्म की जीत है और आग्रह किया कि विपक्ष विचारात्मक चश्मे से यह सब देखना बंद करे। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि संसद में सरकार के निर्णय पर मुहर लग गई है। मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई पर बुधवार को होने वाली वोटिंग के लिए राजनीतिक लामबंदी तेज की गई थी। सरकार इस अग्निपरीक्षा में पास हो गई क्योंकि सपा और बसपा के सांसद वोटिंग से पहले वॉकआउट कर गए। लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था। बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने वॉकआउट करने के बाद मीडियाकर्मियों से  कहा कि रिटेल में एफडीआई किसानों और छोटे दुकानदारों का अपमान बताया। इसे ही वजह बताते हुए उन्होंने लोकसभा से अपनी पार्टी के समर्थकों के साथ वॉकआउट किया। सपा के लोकसभा में 22 सांसद और बसपा के 21 सांसद हैं। इससे बहुमत का आंकड़ा कम हो जाता है। लोकसभा में वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी ने एनडीटीवी से बातचीत में पहली बार साफ किया था कि वह सरकार के पक्ष में वोट नहीं देगी। इसलिए उन्होंने वोटिंग से पहले वॉकआउट कर सरकार का साथ दिया। बुधवार की सुबह एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर मनोरंजन भारती से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सदन में वोटिंग के वक्त या तो वे सरकार के खिलाफ वोट देंगे या फिर सदन में मौजूद नहीं होंगे। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। वहीं, तृणमूल सांसद सौगत रॉय का भी फेमा में संशोधन के खिलाफ प्रस्ताव आज गिर गया। इसके समर्थन में 224 मत पड़े वहीं 254 मत इसके खिलाफ डाले गए। बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर लोकसभा में मतदान के परिणाम का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार के इस फैसले को सदन की भी मंजूरी मिल गई है। वहीं, सोनिया गांधी ने जीत पर खुशी जताते हुआ कहा कि अब राज्यसभा में जीत की चिंता नहीं है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सदन में अपने प्रस्ताव के गिरने के बाद कहा कि यह सरकार की नैतिक हार है। लोकसभा में जीत के बाद केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह रिफॉर्म की जीत है और आग्रह किया कि विपक्ष विचारात्मक चश्मे से यह सब देखना बंद करे। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि संसद में सरकार के निर्णय पर मुहर लग गई है। मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई पर बुधवार को होने वाली वोटिंग के लिए राजनीतिक लामबंदी तेज की गई थी। सरकार इस अग्निपरीक्षा में पास हो गई क्योंकि सपा और बसपा के सांसद वोटिंग से पहले वॉकआउट कर गए। लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था। बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने वॉकआउट करने के बाद मीडियाकर्मियों से  कहा कि रिटेल में एफडीआई किसानों और छोटे दुकानदारों का अपमान बताया। इसे ही वजह बताते हुए उन्होंने लोकसभा से अपनी पार्टी के समर्थकों के साथ वॉकआउट किया। सपा के लोकसभा में 22 सांसद और बसपा के 21 सांसद हैं। इससे बहुमत का आंकड़ा कम हो जाता है। लोकसभा में वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी ने एनडीटीवी से बातचीत में पहली बार साफ किया था कि वह सरकार के पक्ष में वोट नहीं देगी। इसलिए उन्होंने वोटिंग से पहले वॉकआउट कर सरकार का साथ दिया। बुधवार की सुबह एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर मनोरंजन भारती से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सदन में वोटिंग के वक्त या तो वे सरकार के खिलाफ वोट देंगे या फिर सदन में मौजूद नहीं होंगे। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर लोकसभा में मतदान के परिणाम का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार के इस फैसले को सदन की भी मंजूरी मिल गई है। वहीं, सोनिया गांधी ने जीत पर खुशी जताते हुआ कहा कि अब राज्यसभा में जीत की चिंता नहीं है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सदन में अपने प्रस्ताव के गिरने के बाद कहा कि यह सरकार की नैतिक हार है। लोकसभा में जीत के बाद केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह रिफॉर्म की जीत है और आग्रह किया कि विपक्ष विचारात्मक चश्मे से यह सब देखना बंद करे। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि संसद में सरकार के निर्णय पर मुहर लग गई है। मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई पर बुधवार को होने वाली वोटिंग के लिए राजनीतिक लामबंदी तेज की गई थी। सरकार इस अग्निपरीक्षा में पास हो गई क्योंकि सपा और बसपा के सांसद वोटिंग से पहले वॉकआउट कर गए। लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था। बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने वॉकआउट करने के बाद मीडियाकर्मियों से  कहा कि रिटेल में एफडीआई किसानों और छोटे दुकानदारों का अपमान बताया। इसे ही वजह बताते हुए उन्होंने लोकसभा से अपनी पार्टी के समर्थकों के साथ वॉकआउट किया। सपा के लोकसभा में 22 सांसद और बसपा के 21 सांसद हैं। इससे बहुमत का आंकड़ा कम हो जाता है। लोकसभा में वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी ने एनडीटीवी से बातचीत में पहली बार साफ किया था कि वह सरकार के पक्ष में वोट नहीं देगी। इसलिए उन्होंने वोटिंग से पहले वॉकआउट कर सरकार का साथ दिया। बुधवार की सुबह एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर मनोरंजन भारती से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सदन में वोटिंग के वक्त या तो वे सरकार के खिलाफ वोट देंगे या फिर सदन में मौजूद नहीं होंगे। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। लोकसभा में जीत के बाद केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह रिफॉर्म की जीत है और आग्रह किया कि विपक्ष विचारात्मक चश्मे से यह सब देखना बंद करे। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि संसद में सरकार के निर्णय पर मुहर लग गई है। मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई पर बुधवार को होने वाली वोटिंग के लिए राजनीतिक लामबंदी तेज की गई थी। सरकार इस अग्निपरीक्षा में पास हो गई क्योंकि सपा और बसपा के सांसद वोटिंग से पहले वॉकआउट कर गए। लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था। बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने वॉकआउट करने के बाद मीडियाकर्मियों से  कहा कि रिटेल में एफडीआई किसानों और छोटे दुकानदारों का अपमान बताया। इसे ही वजह बताते हुए उन्होंने लोकसभा से अपनी पार्टी के समर्थकों के साथ वॉकआउट किया। सपा के लोकसभा में 22 सांसद और बसपा के 21 सांसद हैं। इससे बहुमत का आंकड़ा कम हो जाता है। लोकसभा में वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी ने एनडीटीवी से बातचीत में पहली बार साफ किया था कि वह सरकार के पक्ष में वोट नहीं देगी। इसलिए उन्होंने वोटिंग से पहले वॉकआउट कर सरकार का साथ दिया। बुधवार की सुबह एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर मनोरंजन भारती से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सदन में वोटिंग के वक्त या तो वे सरकार के खिलाफ वोट देंगे या फिर सदन में मौजूद नहीं होंगे। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई पर बुधवार को होने वाली वोटिंग के लिए राजनीतिक लामबंदी तेज की गई थी। सरकार इस अग्निपरीक्षा में पास हो गई क्योंकि सपा और बसपा के सांसद वोटिंग से पहले वॉकआउट कर गए। लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था। बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने वॉकआउट करने के बाद मीडियाकर्मियों से  कहा कि रिटेल में एफडीआई किसानों और छोटे दुकानदारों का अपमान बताया। इसे ही वजह बताते हुए उन्होंने लोकसभा से अपनी पार्टी के समर्थकों के साथ वॉकआउट किया। सपा के लोकसभा में 22 सांसद और बसपा के 21 सांसद हैं। इससे बहुमत का आंकड़ा कम हो जाता है। लोकसभा में वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी ने एनडीटीवी से बातचीत में पहली बार साफ किया था कि वह सरकार के पक्ष में वोट नहीं देगी। इसलिए उन्होंने वोटिंग से पहले वॉकआउट कर सरकार का साथ दिया। बुधवार की सुबह एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर मनोरंजन भारती से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सदन में वोटिंग के वक्त या तो वे सरकार के खिलाफ वोट देंगे या फिर सदन में मौजूद नहीं होंगे। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था। बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने वॉकआउट करने के बाद मीडियाकर्मियों से  कहा कि रिटेल में एफडीआई किसानों और छोटे दुकानदारों का अपमान बताया। इसे ही वजह बताते हुए उन्होंने लोकसभा से अपनी पार्टी के समर्थकों के साथ वॉकआउट किया। सपा के लोकसभा में 22 सांसद और बसपा के 21 सांसद हैं। इससे बहुमत का आंकड़ा कम हो जाता है। लोकसभा में वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी ने एनडीटीवी से बातचीत में पहली बार साफ किया था कि वह सरकार के पक्ष में वोट नहीं देगी। इसलिए उन्होंने वोटिंग से पहले वॉकआउट कर सरकार का साथ दिया। बुधवार की सुबह एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर मनोरंजन भारती से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सदन में वोटिंग के वक्त या तो वे सरकार के खिलाफ वोट देंगे या फिर सदन में मौजूद नहीं होंगे। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। लोकसभा में वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी ने एनडीटीवी से बातचीत में पहली बार साफ किया था कि वह सरकार के पक्ष में वोट नहीं देगी। इसलिए उन्होंने वोटिंग से पहले वॉकआउट कर सरकार का साथ दिया। बुधवार की सुबह एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर मनोरंजन भारती से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सदन में वोटिंग के वक्त या तो वे सरकार के खिलाफ वोट देंगे या फिर सदन में मौजूद नहीं होंगे। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। बुधवार की सुबह एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर मनोरंजन भारती से बातचीत में समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सदन में वोटिंग के वक्त या तो वे सरकार के खिलाफ वोट देंगे या फिर सदन में मौजूद नहीं होंगे। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। वहीं सरकार ने आज कहा कि वह समर्थन के लिए विभिन्न दलों से संपर्क बनाए हुए है। संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हम सभी (दलों) से संपर्क बनाए हुए हैं। हमने उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। एफडीआई से किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात नहीं होगा, बल्कि इससे उन्हें मदद ही मिलेगी। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि उसे रिटेल में एफडीआई के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यादव ने कहा कि यूपीए सरकार सदन में यह लड़ाई भले ही जीत सकती है, लेकिन इस नीति के दूरगामी परिणाम होंगे। शरद यादव ने कहा, आप लड़ाई जीत सकते हैं... लेकिन भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। यादव ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की ओर इशारा करते हुए कहा, आपको इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। शरद यादव ने कहा कि विपक्ष का इरादा सरकार को अस्थिर करने का नहीं है, बल्कि खुदरा में एफडीआई को वापस लेने का दबाव बनाने का है। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या 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यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। जेडीयू नेता ने कहा, यदि हम सरकार को अस्थिर करना चाहते, तो हम शीतकालीन सत्र के आरंभ में तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किए होते। अब उनके नेता हमसे बात नहीं कर रहे हैं। यादव ने कहा, हम देश को बचाने के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे हैं... वालमार्ट यहां मुनाफे के लिए है। यह देश के गरीबों के खिलाफ है और आप इसे थोप रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। इससे पहले, मंगलवार को मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे, तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और बीजेपी सत्ता में आ जाएगी।टिप्पणियां मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। मुलायम ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की। एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए। मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, चुनाव आ रहा है। ये (बीजेपी) चालाक लोग हैं। गांव-गांव में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) फैला हुआ है। आपको (कांग्रेस) चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। ये (बीजेपी) सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा, तो हम भी समर्थन कर देंगे, लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए।
संक्षिप्त पाठ: लोकसभा में रिटेल में एफडीआई पर विपक्ष का प्रस्ताव 218 के मुकाबले 253 मत से गिरा। कुल 471 मत डाले गए। 70 सांसद वोटिंग के दौरान उपस्थित नहीं रहे। इसी के साथ सरकार ने रिटेल में एफडीआई पर लोकसभा में जीत दर्ज की।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कोरियाई प्रायद्वीप में पैदा हुए तनाव की पृष्ठभूमि में अपने करीबी सहयोगी उ. कोरिया की आलोचना करते हुए चीन के नए राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आगाह किया है कि किसी को भी इस क्षेत्र को अराजकता में धकेलने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी देशों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है। उत्तर कोरिया की धमकियों के कारण क्षेत्र में उत्पन्न चिंताओं के मद्देनजर शी ने बोआओ में ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘किसी को भी क्षेत्र एवं पूरी दुनिया को स्वार्थी फायदों के लिए अराजता में धकेलने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।’ किसी भी देश का नाम लिए बगैर शी ने कहा, ‘अपने हितों को बढ़ावा देते वक्त एक देश को दूसरों के वैध हितों का भी ख्याल रखना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हवा और सूरज की रोशनी की तरह शांति से होने वाले लाभ को भी लोग यदा-कदा ही समझते हैं लेकिन हममें से कोई भी इनके बिना नहीं रह सकता।’टिप्पणियां शी ने कहा, ‘कोई देश बड़ा हो या छोटा, मजबूत हो या कमजोर, गरीब हो या अमीर, सभी को शांति कायम रखने तथा इसे बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहिए। एक दूसरे के प्रयासों को नुकसान पहुंचाने की बजाय सभी देशों को साझा प्रगति के लिए एक दूसरे का पूरक बनना चाहिए।’ ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन में शी के अलावा, ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड, नौ देशों के प्रमुख, कॉरपोरेट कार्य मंत्री सचिन पायलट और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स सहित 1,500 से ज्यादा उद्योगपतियों ने शिरकत की। उत्तर कोरिया की धमकियों के कारण क्षेत्र में उत्पन्न चिंताओं के मद्देनजर शी ने बोआओ में ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘किसी को भी क्षेत्र एवं पूरी दुनिया को स्वार्थी फायदों के लिए अराजता में धकेलने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।’ किसी भी देश का नाम लिए बगैर शी ने कहा, ‘अपने हितों को बढ़ावा देते वक्त एक देश को दूसरों के वैध हितों का भी ख्याल रखना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हवा और सूरज की रोशनी की तरह शांति से होने वाले लाभ को भी लोग यदा-कदा ही समझते हैं लेकिन हममें से कोई भी इनके बिना नहीं रह सकता।’टिप्पणियां शी ने कहा, ‘कोई देश बड़ा हो या छोटा, मजबूत हो या कमजोर, गरीब हो या अमीर, सभी को शांति कायम रखने तथा इसे बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहिए। एक दूसरे के प्रयासों को नुकसान पहुंचाने की बजाय सभी देशों को साझा प्रगति के लिए एक दूसरे का पूरक बनना चाहिए।’ ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन में शी के अलावा, ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड, नौ देशों के प्रमुख, कॉरपोरेट कार्य मंत्री सचिन पायलट और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स सहित 1,500 से ज्यादा उद्योगपतियों ने शिरकत की। किसी भी देश का नाम लिए बगैर शी ने कहा, ‘अपने हितों को बढ़ावा देते वक्त एक देश को दूसरों के वैध हितों का भी ख्याल रखना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हवा और सूरज की रोशनी की तरह शांति से होने वाले लाभ को भी लोग यदा-कदा ही समझते हैं लेकिन हममें से कोई भी इनके बिना नहीं रह सकता।’टिप्पणियां शी ने कहा, ‘कोई देश बड़ा हो या छोटा, मजबूत हो या कमजोर, गरीब हो या अमीर, सभी को शांति कायम रखने तथा इसे बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहिए। एक दूसरे के प्रयासों को नुकसान पहुंचाने की बजाय सभी देशों को साझा प्रगति के लिए एक दूसरे का पूरक बनना चाहिए।’ ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन में शी के अलावा, ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड, नौ देशों के प्रमुख, कॉरपोरेट कार्य मंत्री सचिन पायलट और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स सहित 1,500 से ज्यादा उद्योगपतियों ने शिरकत की। शी ने कहा, ‘कोई देश बड़ा हो या छोटा, मजबूत हो या कमजोर, गरीब हो या अमीर, सभी को शांति कायम रखने तथा इसे बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहिए। एक दूसरे के प्रयासों को नुकसान पहुंचाने की बजाय सभी देशों को साझा प्रगति के लिए एक दूसरे का पूरक बनना चाहिए।’ ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन में शी के अलावा, ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड, नौ देशों के प्रमुख, कॉरपोरेट कार्य मंत्री सचिन पायलट और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स सहित 1,500 से ज्यादा उद्योगपतियों ने शिरकत की। ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ सम्मेलन में शी के अलावा, ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड, नौ देशों के प्रमुख, कॉरपोरेट कार्य मंत्री सचिन पायलट और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स सहित 1,500 से ज्यादा उद्योगपतियों ने शिरकत की।
सारांश: कोरियाई प्रायद्वीप में पैदा हुए तनाव की पृष्ठभूमि में अपने करीबी सहयोगी उ. कोरिया की आलोचना करते हुए चीन के नए राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आगाह किया है कि किसी को भी इस क्षेत्र को अराजकता में धकेलने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली चुनाव आयोग ने पहले दिल्ली की आम आदमी पार्टी की उस मांग को खारिज कर दिया था कि दिल्ली में एमसीडी चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर पर कराए जाएं. हाल में हुए विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद बौखलाई आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मांग की थी कि दिल्ली के एमसीडी चुनाव बैलेट पेपर पर कराए जाएं. पार्टी हार के  बाद से लगातार यह आरोप लगाती आ रही है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है और यही वजह ही पार्टी को इन चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. अब चुनाव आयोग ने अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी को दूसरा बड़ा झटका दिया है. जहां पार्टी ने दिल्ली के कई इलाकों में पोस्टर लगाकर जनता से एमसीडी में अपने पक्ष में वोट करने की अपील की है. वहीं कई पोस्टरों में पार्टी ने बीजेपी नेता और दिल्ली के नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता की तस्वीर का बेजा इस्तेमाल किया है. दिल्ली बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को चिट्ठी लिखी है. चुनान आयोग ने अपनी चिट्ठी में आम आदमी पार्टी को कहा है कि 48 घंटे में आप कार्रवाई करें वरना चुनाव आयोग पार्टी नेताओं को सुने बिना कार्रवाई करेगा. चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि इस प्रकार के पोस्टर आचार संहिता का उल्लंघन हैं.टिप्पणियां बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनावों (MCD elections) को लेकर एक पोस्टर शहर में कई जगहों पर लगाया. इस पोस्टर में एक तरफ अरविंद केजरीवाल की तस्वीर लगाई गई और दूसरी तरफ बीजेपी नेता और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की तस्वीर लगाई. यहां पर खेल सारा इतना है कि आम आदमी पार्टी ने अपने नेता यानि पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेहतर लुक वाली तस्वीर लगाई है, वहीं बीजेपी नेता की तस्वीर का कुछ ऐसा अंदाज दिखाने की कोशिश है जैसे वह कोई विलेन हैं. विजेंद्र गुप्ता ने राज्य चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई. उन्होंने मांग की थी कि चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव नियमों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करे. साथ ही विजेंद्र गुप्ता की मांग है कि आयोग इस प्रकार के पोस्टरों को शहर से हटवाए. अब चुनाव आयोग ने अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी को दूसरा बड़ा झटका दिया है. जहां पार्टी ने दिल्ली के कई इलाकों में पोस्टर लगाकर जनता से एमसीडी में अपने पक्ष में वोट करने की अपील की है. वहीं कई पोस्टरों में पार्टी ने बीजेपी नेता और दिल्ली के नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता की तस्वीर का बेजा इस्तेमाल किया है. दिल्ली बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को चिट्ठी लिखी है. चुनान आयोग ने अपनी चिट्ठी में आम आदमी पार्टी को कहा है कि 48 घंटे में आप कार्रवाई करें वरना चुनाव आयोग पार्टी नेताओं को सुने बिना कार्रवाई करेगा. चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि इस प्रकार के पोस्टर आचार संहिता का उल्लंघन हैं.टिप्पणियां बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनावों (MCD elections) को लेकर एक पोस्टर शहर में कई जगहों पर लगाया. इस पोस्टर में एक तरफ अरविंद केजरीवाल की तस्वीर लगाई गई और दूसरी तरफ बीजेपी नेता और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की तस्वीर लगाई. यहां पर खेल सारा इतना है कि आम आदमी पार्टी ने अपने नेता यानि पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेहतर लुक वाली तस्वीर लगाई है, वहीं बीजेपी नेता की तस्वीर का कुछ ऐसा अंदाज दिखाने की कोशिश है जैसे वह कोई विलेन हैं. विजेंद्र गुप्ता ने राज्य चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई. उन्होंने मांग की थी कि चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव नियमों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करे. साथ ही विजेंद्र गुप्ता की मांग है कि आयोग इस प्रकार के पोस्टरों को शहर से हटवाए. दिल्ली बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को चिट्ठी लिखी है. चुनान आयोग ने अपनी चिट्ठी में आम आदमी पार्टी को कहा है कि 48 घंटे में आप कार्रवाई करें वरना चुनाव आयोग पार्टी नेताओं को सुने बिना कार्रवाई करेगा. चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि इस प्रकार के पोस्टर आचार संहिता का उल्लंघन हैं.टिप्पणियां बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनावों (MCD elections) को लेकर एक पोस्टर शहर में कई जगहों पर लगाया. इस पोस्टर में एक तरफ अरविंद केजरीवाल की तस्वीर लगाई गई और दूसरी तरफ बीजेपी नेता और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की तस्वीर लगाई. यहां पर खेल सारा इतना है कि आम आदमी पार्टी ने अपने नेता यानि पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेहतर लुक वाली तस्वीर लगाई है, वहीं बीजेपी नेता की तस्वीर का कुछ ऐसा अंदाज दिखाने की कोशिश है जैसे वह कोई विलेन हैं. विजेंद्र गुप्ता ने राज्य चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई. उन्होंने मांग की थी कि चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव नियमों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करे. साथ ही विजेंद्र गुप्ता की मांग है कि आयोग इस प्रकार के पोस्टरों को शहर से हटवाए. चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि इस प्रकार के पोस्टर आचार संहिता का उल्लंघन हैं.टिप्पणियां बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनावों (MCD elections) को लेकर एक पोस्टर शहर में कई जगहों पर लगाया. इस पोस्टर में एक तरफ अरविंद केजरीवाल की तस्वीर लगाई गई और दूसरी तरफ बीजेपी नेता और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की तस्वीर लगाई. यहां पर खेल सारा इतना है कि आम आदमी पार्टी ने अपने नेता यानि पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेहतर लुक वाली तस्वीर लगाई है, वहीं बीजेपी नेता की तस्वीर का कुछ ऐसा अंदाज दिखाने की कोशिश है जैसे वह कोई विलेन हैं. विजेंद्र गुप्ता ने राज्य चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई. उन्होंने मांग की थी कि चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव नियमों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करे. साथ ही विजेंद्र गुप्ता की मांग है कि आयोग इस प्रकार के पोस्टरों को शहर से हटवाए. बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनावों (MCD elections) को लेकर एक पोस्टर शहर में कई जगहों पर लगाया. इस पोस्टर में एक तरफ अरविंद केजरीवाल की तस्वीर लगाई गई और दूसरी तरफ बीजेपी नेता और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की तस्वीर लगाई. यहां पर खेल सारा इतना है कि आम आदमी पार्टी ने अपने नेता यानि पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेहतर लुक वाली तस्वीर लगाई है, वहीं बीजेपी नेता की तस्वीर का कुछ ऐसा अंदाज दिखाने की कोशिश है जैसे वह कोई विलेन हैं. विजेंद्र गुप्ता ने राज्य चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई. उन्होंने मांग की थी कि चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव नियमों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करे. साथ ही विजेंद्र गुप्ता की मांग है कि आयोग इस प्रकार के पोस्टरों को शहर से हटवाए. विजेंद्र गुप्ता ने राज्य चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई. उन्होंने मांग की थी कि चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव नियमों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करे. साथ ही विजेंद्र गुप्ता की मांग है कि आयोग इस प्रकार के पोस्टरों को शहर से हटवाए.
दिल्ली में एमसीडी चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर पर कराए जाएं. विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद बौखलाई आम आदमी पार्टी दिल्ली के कई इलाकों में पोस्टर लगाकर जनता से पार्टी को वोट की अपील
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र में सरकार के खिलाफ करीब एक सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शन खत्म करने के लिए शुक्रवार रात यहां कर्फ्यू लागू कर दिया गया। मिस्र में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए है और सुरक्षा बलों और सरकारी इमारतों पर हमला कर रहे हैं। शुरुआत में काहिरा, सुएज और अलेक्जेंड्रिया शहरों में कर्फ्यू लगाया गया था लेकिन बाद में इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया। काहिरा में कई इलाकों में सेना ने कमान संभाली है। हेलीकॉप्टर और टैंकों से निगरानी की जा रही है। वहीं पुलिस और सेना के बीच संघर्ष की घटनाओं की खबरों के चलते स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। समाचार चैनल अल जजीरा ने कुछ प्रदर्शनकारियों को सेना का स्वागत करते हुए दिखाया है। राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक जल्द ही राष्ट्रीय टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं। काहिरा में प्रदर्शनकारियों ने बड़ी संख्या में पुलिस के वाहन जला दिए हैं और विदेश एवं सूचना मंत्रालय के कार्यालयों में तोड़फोड की है।
यहाँ एक सारांश है:मिस्र में सरकार के खिलाफ करीब एक सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शन खत्म करने के लिए शुक्रवार रात यहां कर्फ्यू लागू कर दिया गया।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके मे रहने वाले सीए के छात्र को अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गयी. ये वारदात फिरौती के लिए की गई. आरोपी टैक्सी ड्राइवर का सुराग उसकी शर्ट से मिला, जिसे पहनकर वो पैसे निकालने गया था.पुलिस के मुताबिक, शकरपुर इलाके में 26 साल का चन्दन अपने परिवार के साथ रहता था. वो सीए का छात्र था इसके साथ ही वो एक शिफ्ट में उबर टैक्सी चलाता था और एक शिफ्ट में उसका ड्राइवर अंकित टैक्सी चलाता था, लेकिन कुछ दिन पहले अंकित ने चंदन के यहां ड्राइवर की नौकरी छोड़ दी. 15 मई को अंकित के लिए फेयरवेल पार्टी रखी गयी, जिसमें चंदन भी गया, उसके बाद चंदन को बंधक बना लिया गया.  बंधक बनाने वाले अंकित और उसके दोस्त श्याम ने चंदन के फोन से ही उसके घरवालों को फोन करवाये और 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी. चन्दन के घरवालों ने 18 मई को बैंक अकॉउंट में 2 लाख 62 हजार रुपए डाल भी दिए और दोनों आरोपियों ने एटीएम के जरिये सारे पैसे निकाल लिए. लेकिन उसी दिन कौशांबी में चंदन की गला दबाकर हत्या की दी, क्योंकि अंकित को लग रहा था कि चंदन बाद में पुलिसवालों को सब बता देगा. हत्या के बाद चंदन के शव को नोएडा में फेंक दिया और चंदन की कार को मुरादनगर में छोड़ दी. इधर, फिरौती देने के बाद भी चंदन जब घर नहीं पहुंचा तो उसके घरवालों ने शकरपुर थाने में शिकायत दी. पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की, तो पूछताछ के लिए अंकित को कई बात बुलाया. लेकिन अंकित कहता रहा कि पार्टी के बाद चंदन चला गया था. उसे चंदन की कोई जानकारी नहीं है. लेकिन जिस एटीएम से पैसे निकाले गए उस एटीएम की सीसीटीवी फुटेज को पुलिस ने देखा तो उसमें एक शख्स नकाब पहने दिखाई दिया. लेकिन पैसे निकालने वाले ने हाथ में अंगूठी, कड़ा और जो उस वक्त उसने शर्ट पहनी हुई थी, उसके जरिये अंकित की पहचान कर ली. अंकित के यहां वो शर्ट भी बरामद हुई , उसके बाद अंकित ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. अब पुलिस अंकित के दोस्त श्याम की तलाश कर रही है.
यहाँ एक सारांश है:सीए के छात्र की हत्या टैक्सी ड्राइवर ने की हत्या फिरौती के लिए की हत्या
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में गत सप्ताह ढाई फीसदी से अधिक गिरावट दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 2.65 फीसदी या 536.44 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 19,727.27 पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.98 फीसदी या 178.90 अंकों की गिरावट के साथ 5,833.20 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी रही। भेल (6.43 फीसदी), सन फार्मा (4.09 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (3.20 फीसदी), सेसा स्टरलाइट (2.55 फीसदी) और कोल इंडिया (1.96 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (9.20 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (7.48 फीसदी), मारुति सुजुकी (6.70 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.48 फीसदी) और एसबीआई (6.00 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप 0.98 फीसदी गिरावट के साथ 5,621.77 पर और स्मॉलकैप 0.21 फीसदी तेजी के साथ 5,496.88 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया। मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे। खबरों के मुताबिक, तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.98 फीसदी या 178.90 अंकों की गिरावट के साथ 5,833.20 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी रही। भेल (6.43 फीसदी), सन फार्मा (4.09 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (3.20 फीसदी), सेसा स्टरलाइट (2.55 फीसदी) और कोल इंडिया (1.96 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (9.20 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (7.48 फीसदी), मारुति सुजुकी (6.70 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.48 फीसदी) और एसबीआई (6.00 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप 0.98 फीसदी गिरावट के साथ 5,621.77 पर और स्मॉलकैप 0.21 फीसदी तेजी के साथ 5,496.88 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया। मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे। खबरों के मुताबिक, तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी। गत सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी रही। भेल (6.43 फीसदी), सन फार्मा (4.09 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (3.20 फीसदी), सेसा स्टरलाइट (2.55 फीसदी) और कोल इंडिया (1.96 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (9.20 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (7.48 फीसदी), मारुति सुजुकी (6.70 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.48 फीसदी) और एसबीआई (6.00 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप 0.98 फीसदी गिरावट के साथ 5,621.77 पर और स्मॉलकैप 0.21 फीसदी तेजी के साथ 5,496.88 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया। मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे। खबरों के मुताबिक, तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी। गत सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप 0.98 फीसदी गिरावट के साथ 5,621.77 पर और स्मॉलकैप 0.21 फीसदी तेजी के साथ 5,496.88 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया। मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे। खबरों के मुताबिक, तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया। मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे। खबरों के मुताबिक, तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया। मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे। खबरों के मुताबिक, तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी। मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे। खबरों के मुताबिक, तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी। गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे। खबरों के मुताबिक, तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी। खबरों के मुताबिक, तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
यह एक सारांश है: बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 2.65 फीसदी या 536.44 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 19,727.27 पर बंद हुआ।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने केयर्न-वेदांता के 8.5 अरब डॉलर के सौदे की वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। याचिका में इसके साथ ही इस बात की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की गई है कि क्यों ओएनजीसी और सरकार ने सौदे में अपने कानूनी अधिकार का इस्तेमाल करने पर जोर नहीं दिया। न्यायमूर्ति डीके जैन और न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में इस सौदे के विभिन्न पहलुओं का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से ऑडिट कराने की भी मांग की गई है। याचिका में अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता रिसोर्सेज द्वारा केयर्न इंडिया में बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने को सरकार की मंजूरी का भी ऑडिट कराने की मांग की गई है।टिप्पणियां याचिका में कहा गया है कि इस तरह की पेशकश पहले सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी को की जानी चाहिए थी। जनहित याचिका पर पीठ ने ओएनजीसी, केयर्न एनर्जी और वेदांता रिसोर्सेज को भी नोटिस जारी किया है। इससे पहले 2 मार्च को न्यायमूर्ति एचएल दत्तू और न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की पीठ ने याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। बेंगलुरु निवासी अरुण कुमार अग्रवाल द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि ओएनजसी के केयर्न समूह के साथ करार में यह प्रावधान है कि यदि केयर्न समूह केयर्न इंडिया में अपने शेयर बेचना चाहेगा, तो इसकी पेशकश पहले ओएनजीसी से की जाएगी। न्यायमूर्ति डीके जैन और न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में इस सौदे के विभिन्न पहलुओं का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से ऑडिट कराने की भी मांग की गई है। याचिका में अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता रिसोर्सेज द्वारा केयर्न इंडिया में बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने को सरकार की मंजूरी का भी ऑडिट कराने की मांग की गई है।टिप्पणियां याचिका में कहा गया है कि इस तरह की पेशकश पहले सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी को की जानी चाहिए थी। जनहित याचिका पर पीठ ने ओएनजीसी, केयर्न एनर्जी और वेदांता रिसोर्सेज को भी नोटिस जारी किया है। इससे पहले 2 मार्च को न्यायमूर्ति एचएल दत्तू और न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की पीठ ने याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। बेंगलुरु निवासी अरुण कुमार अग्रवाल द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि ओएनजसी के केयर्न समूह के साथ करार में यह प्रावधान है कि यदि केयर्न समूह केयर्न इंडिया में अपने शेयर बेचना चाहेगा, तो इसकी पेशकश पहले ओएनजीसी से की जाएगी। याचिका में कहा गया है कि इस तरह की पेशकश पहले सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी को की जानी चाहिए थी। जनहित याचिका पर पीठ ने ओएनजीसी, केयर्न एनर्जी और वेदांता रिसोर्सेज को भी नोटिस जारी किया है। इससे पहले 2 मार्च को न्यायमूर्ति एचएल दत्तू और न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की पीठ ने याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। बेंगलुरु निवासी अरुण कुमार अग्रवाल द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि ओएनजसी के केयर्न समूह के साथ करार में यह प्रावधान है कि यदि केयर्न समूह केयर्न इंडिया में अपने शेयर बेचना चाहेगा, तो इसकी पेशकश पहले ओएनजीसी से की जाएगी। बेंगलुरु निवासी अरुण कुमार अग्रवाल द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि ओएनजसी के केयर्न समूह के साथ करार में यह प्रावधान है कि यदि केयर्न समूह केयर्न इंडिया में अपने शेयर बेचना चाहेगा, तो इसकी पेशकश पहले ओएनजीसी से की जाएगी।
यहाँ एक सारांश है:उच्चतम न्यायालय ने केयर्न-वेदांता के 8.5 अरब डॉलर के सौदे की वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति के भाजपा सदस्य यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया कि वह इस समिति के समक्ष उपस्थित हों। सिन्हा ने सिंह को लिखे पत्र में टूजी स्पेट्रम घोटाले के अभियुक्त और पूर्व मंत्री ए राजा द्वारा प्रधानमंत्री पर लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि इन आरोपों पर अपनी सफाई के लिए वह समिति के समक्ष पेश हों। पत्र में उन्होंने कहा कि समिति के समक्ष पेश होने में उनके द्वारा दिखाई जाने वाली झिझक से यही लगेगा कि ‘कुछ छिपाया जा रहा है।’ भाजपा नेता ने कहा जब संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) 2जी घोटाले की कैग रिपोर्ट को देख रही थी तो प्रधानमंत्री ने स्वयं इसके समक्ष प्रस्तुत होने की पेशकश की थी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘आपने लेकिन जेपीसी के समक्ष पेश होने की पेशकश नहीं की जबकि इसके कई सदस्य सार्वजनिक रूप से आपसे इसके समक्ष पेश होने की मांग कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि राजा ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री पी चिदंबरम के विरुद्ध कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सिन्हा ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि यह आपके ही हित में है कि आप जेपीसी के सामने पेश होकर इन आरोपों को खारिज करें। आप वित्त मंत्री को ऐसा करने की सलाह दें।’ सिन्हा ने सिंह को लिखे पत्र में टूजी स्पेट्रम घोटाले के अभियुक्त और पूर्व मंत्री ए राजा द्वारा प्रधानमंत्री पर लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि इन आरोपों पर अपनी सफाई के लिए वह समिति के समक्ष पेश हों। पत्र में उन्होंने कहा कि समिति के समक्ष पेश होने में उनके द्वारा दिखाई जाने वाली झिझक से यही लगेगा कि ‘कुछ छिपाया जा रहा है।’ भाजपा नेता ने कहा जब संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) 2जी घोटाले की कैग रिपोर्ट को देख रही थी तो प्रधानमंत्री ने स्वयं इसके समक्ष प्रस्तुत होने की पेशकश की थी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘आपने लेकिन जेपीसी के समक्ष पेश होने की पेशकश नहीं की जबकि इसके कई सदस्य सार्वजनिक रूप से आपसे इसके समक्ष पेश होने की मांग कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि राजा ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री पी चिदंबरम के विरुद्ध कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सिन्हा ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि यह आपके ही हित में है कि आप जेपीसी के सामने पेश होकर इन आरोपों को खारिज करें। आप वित्त मंत्री को ऐसा करने की सलाह दें।’ पत्र में उन्होंने कहा कि समिति के समक्ष पेश होने में उनके द्वारा दिखाई जाने वाली झिझक से यही लगेगा कि ‘कुछ छिपाया जा रहा है।’ भाजपा नेता ने कहा जब संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) 2जी घोटाले की कैग रिपोर्ट को देख रही थी तो प्रधानमंत्री ने स्वयं इसके समक्ष प्रस्तुत होने की पेशकश की थी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘आपने लेकिन जेपीसी के समक्ष पेश होने की पेशकश नहीं की जबकि इसके कई सदस्य सार्वजनिक रूप से आपसे इसके समक्ष पेश होने की मांग कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि राजा ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री पी चिदंबरम के विरुद्ध कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सिन्हा ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि यह आपके ही हित में है कि आप जेपीसी के सामने पेश होकर इन आरोपों को खारिज करें। आप वित्त मंत्री को ऐसा करने की सलाह दें।’ भाजपा नेता ने कहा जब संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) 2जी घोटाले की कैग रिपोर्ट को देख रही थी तो प्रधानमंत्री ने स्वयं इसके समक्ष प्रस्तुत होने की पेशकश की थी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘आपने लेकिन जेपीसी के समक्ष पेश होने की पेशकश नहीं की जबकि इसके कई सदस्य सार्वजनिक रूप से आपसे इसके समक्ष पेश होने की मांग कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि राजा ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री पी चिदंबरम के विरुद्ध कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सिन्हा ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि यह आपके ही हित में है कि आप जेपीसी के सामने पेश होकर इन आरोपों को खारिज करें। आप वित्त मंत्री को ऐसा करने की सलाह दें।’ प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘आपने लेकिन जेपीसी के समक्ष पेश होने की पेशकश नहीं की जबकि इसके कई सदस्य सार्वजनिक रूप से आपसे इसके समक्ष पेश होने की मांग कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि राजा ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री पी चिदंबरम के विरुद्ध कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सिन्हा ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि यह आपके ही हित में है कि आप जेपीसी के सामने पेश होकर इन आरोपों को खारिज करें। आप वित्त मंत्री को ऐसा करने की सलाह दें।’ सिन्हा ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि यह आपके ही हित में है कि आप जेपीसी के सामने पेश होकर इन आरोपों को खारिज करें। आप वित्त मंत्री को ऐसा करने की सलाह दें।’
यहाँ एक सारांश है:टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति के भाजपा सदस्य यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया कि वह इस समिति के समक्ष उपस्थित हों।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय संस्थानों के पास यह सूचना पहले से थी कि पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई पर सीआईए का जासूस होने के आरोप लगाने वाले अमेरिकी पत्रकार सीमूर हर्श ने दरसअल अपनी किताब में इस तरह के गंभीर आरोप लगाने से पहले कुछ भारतीय अधिकारियों से संपर्क किया था। हाल ही में सामने आए विदेश मंत्रालय के दस्तावेजों के अनुसार तत्कालीन विदेश मंत्री पीवी नरसिंह राव ने 1983 में संसद में हालांकि यह जानकारी दी थी कि हर्श ने अपनी किताब द प्राइस ऑफ पावर : किसिंजर इन द निक्सन व्हाइट हाउस में देसाई के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने से पहले किसी भारतीय अधिकारी से संपर्क नहीं किया था। दस्तावेज यह भी बताते हैं कि भारतीय राजनयिकों ने हर्श को यह भी संकेत दिया था कि विदेशी पत्रकार ने देसाई को 1971 में इंदिरा गांधी सरकार के मंत्रिमंडल का सदस्य बताकर गलती की थी। पुलित्जर पुरस्कार विजेता पत्रकार ने अपनी किताब में आरोप लगाया था कि देसाई सीआईए के अति महत्वपूर्ण जासूस थे और एजेंसी ने उन्हें 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान जानकारी देने के लिए 20 हजार डॉलर वार्षिक दिए गए थे। विदेश मंत्रालय की फाइल में इस विवाद पर दर्ज एक नोट के अनुसार, हालांकि हर्श दूतावास से संपर्क में रहे क्योंकि अमेरिका में दूतावासों के जानेमाने पत्रकारों के साथ संपर्क में रहने का आम चलन है। इस तरह के अनौपचारिक संपर्कों में हमारे कुछ अधिकारियों को आरोपों के बारे में बताया गया था जिन्होंने संकेत दिया था कि उस अवधि (1971) के दौरान मोरारजी देसाई कैबिनेट में भी नहीं थे। यह नोट इस मुद्दे पर 18 अगस्त, 1983 को संसद में होने वाली चर्चा के लिए तैयारी का हिस्सा था। इस पैराग्राफ पर केवल विदेश मंत्री की जानकारी के लिए लिखा था। जिसे कथित तौर पर नरसिंह राव ने सदन को नहीं बताया। हर्श ने अपनी 450 पन्नों की किताब में दावा किया कि देसाई सीआईए के जासूस थे जिन्हें उसके लिए पैसा मिलता था और एजेंसी उन्हें अपनी बहुत महत्वपूर्ण पूंजी मानती थी। उन्होंने यह भी जिक्र किया था कि सीआईए के पूर्व अधिकारियों ने भारतीय नेता को स्टार परफार्मर कहा था, जिनकी जानकारी पर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के प्रशासन ने 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान भारत के प्रति अपने कठोर रुख को जायज ठहराया था। 1986 में 90 साल के रहे देसाई ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने इलिनाइस में अमेरिकी जिला अदालत में अपने वकील महेंद्र मेहता के जरिए पत्रकार के खिलाफ 10 करोड़ डालर का मानहानि का दावा किया था। मेहता को खुद 1975 में धोखाधड़ी का दोषी ठहराकर एक साल के लिए जेल भेजा गया था। पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर और तत्कालीन सीआईए निदेशक रिचर्ड हेल्म्स ने यह बयान तक दिया था कि देसाई ने कभी किसी रूप में सीआईए के लिए काम नहीं किया और किसी भी तरह का उन्हें भुगतान नहीं किया गया। हालांकि हर्श से पहले कई तरह के आरोप लगे थे। 1979 में भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत डेनियल मोयनिहान ने अपनी किताब ए डेंजरस प्लेस में आरोप लगाया था कि अमेरिका ने भारतीय राजनीति में दो बार हस्तक्षेप किया और कांग्रेस पार्टी को पैसा दिया। एक बार तो धन सीधे इंदिरा गांधी को दिये जाने का आरोप लगाया गया जो उस समय पार्टी की पदाधिकारी थीं। देसाई 1992 में मामला हार गये। 1979 में प्रकाशित एक और पुस्तक द मैन व्हू केप्ट सीक्रेट्स में लेखक थामस पावर्स ने भी आरोप लगाया था कि 1971 में भारतीय कैबिनेट के एक सूत्र ने अमेरिका को जानकारी दी थी। इस तरह के आरोप निक्सन और किसिंजर के स्मृति-वृतांत में भी लगे थे।
दस्तावेज यह भी बताते हैं कि भारतीय राजनयिकों ने हर्श को यह भी संकेत दिया था कि विदेशी पत्रकार ने देसाई को 1971 में इंदिरा गांधी सरकार के मंत्रिमंडल का सदस्य बताकर गलती की थी।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुरादनगर थाना क्षेत्र की वर्धमानपुरम पुलिस चौकी में बुलंदशहर से भागकर गाजियाबाद आए एक प्रेमी युगल ने सल्फास खाकर जान दे दी। यह घटना गुरुवार देर रात का है। पुलिस चौकी में दोनों के आत्महत्या किए जाने के बाद एसपी सिटी ने पूरी चौकी को सस्पेंड कर दिया। इस मामले की जाचं अधिकारियों द्वारा की जा रही है। एसपी सिटी शिवशंकर यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि बुलंदशहर के जहांगीराबाद की रहने वाली कांता 32 पत्नी रवि कुमार अपने ही क्षेत्र के रुक्कन सिंह 38 के साथ 6 मई को जहांगीराबाद से भागकर गाजियाबाद आ गई थी और दोनों मुरादनगर थाना क्षेत्र के मोरटा गांव में कमरा लेकर रहने लगे।टिप्पणियां गुरुवार को कांता के पति को इसकी खबर लगी तो उसने शाम को थानाक्षेत्र की वर्धमान पुलिस चौकी में आकर शिकायत की। इसके बाद चौकी पर तैनात सिपाही इकबाल हैदर जैदी, लोकेश कुमार और सुरेशचंद पंवार ने मोरटा पर छापा मारकर दोनों को हिरासत में ले लिया। तीनों सिपाही कांता और रुक्कन को चौकी पर ले आए। एसपी सिटी ने बताया कि देर रात चौकी में कांता और रुक्कन के मुंह से झाग निकलने लगे। जिसके बाद दोनों को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां दोनों ने दम तोड़ दिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि कांता अपने पास सल्फास लायी थी जिसे दोनों ने निगल लिया। एसपीसिटी शिवशंकर यादव ने बताया कि चौकी प्रभारी विनोद कुमार उपाध्याय सहित तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष द्वारा शिकायत किए जाने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। गुरुवार को कांता के पति को इसकी खबर लगी तो उसने शाम को थानाक्षेत्र की वर्धमान पुलिस चौकी में आकर शिकायत की। इसके बाद चौकी पर तैनात सिपाही इकबाल हैदर जैदी, लोकेश कुमार और सुरेशचंद पंवार ने मोरटा पर छापा मारकर दोनों को हिरासत में ले लिया। तीनों सिपाही कांता और रुक्कन को चौकी पर ले आए। एसपी सिटी ने बताया कि देर रात चौकी में कांता और रुक्कन के मुंह से झाग निकलने लगे। जिसके बाद दोनों को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां दोनों ने दम तोड़ दिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि कांता अपने पास सल्फास लायी थी जिसे दोनों ने निगल लिया। एसपीसिटी शिवशंकर यादव ने बताया कि चौकी प्रभारी विनोद कुमार उपाध्याय सहित तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष द्वारा शिकायत किए जाने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि कांता अपने पास सल्फास लायी थी जिसे दोनों ने निगल लिया। एसपीसिटी शिवशंकर यादव ने बताया कि चौकी प्रभारी विनोद कुमार उपाध्याय सहित तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष द्वारा शिकायत किए जाने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
मुरादनगर थाना क्षेत्र की वर्धमानपुरम पुलिस चौकी में बुलंदशहर से भागकर गाजियाबाद आए एक प्रेमी युगल ने सल्फास खाकर जान दे दी। एसपी ने पूरी चौकी के पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शशि थरूर ने मोदी और भाजपा के इस बयान को लेकर उनकी निंदा की कि राहुल गांधी ने बहुसंख्यक बहुल क्षेत्रों से 'भागने' के लिए वायनाड को चुना. उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी ने कट्टरता फैलाने की बार-बार कोशिश की है. यह निराशाजनक है कि यह प्रधानमंत्री कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'भारत के प्रधानमंत्री को सभी भारतीयों का प्रधानमंत्री होना चाहिए लेकिन, भाजपा की कट्टरता के पथप्रदर्शक के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत करके मोदी ने इस सिद्धांतवादी पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है.' थरूर ने दावा किया कि गांधी ने वायनाड से चुनाव लड़ने का फैसला ऐसे समय में किया है जब सहकारी संघवाद की भावना 'अभूतपूर्व तनाव' की स्थिति में है. इसी भावना ने 1947 में आजादी के बाद से देश को एकजुट बनाए रखा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार में दक्षिण की आर्थिक सुरक्षा और उसके राजनीतिक प्रतिनिधित्व के भविष्य को खतरे जैसे कई मामलों के कारण दक्षिणी राज्यों और संघीय सरकार के बीच संबंध 'लगातार बिगड़े' हैं. शशि थरूर ने कहा कि ऐसे में राहुल गांधी ने इस आशय का 'साहसिक संकेत' दिया है कि वह देश में उत्तर और दक्षिण के बीच बढ़ती खाई पाटने के लिए पुल का काम कर सकते हैं. यह इस बात का भी संकेत है कि कांग्रेस प्रमुख को उत्तर और दक्षिण दोनों में चुनाव में जीत मिलने का भरोसा है. उन्होंने कहा, 'क्या नरेंद्र मोदी ऐसा दावा कर सकते हैं? क्या उनमें केरल या तमिलनाडु की किसी सीट से चुनाव में खड़े होने का साहस है?' तिरुवनंतपुरम से लगातार तीसरी बार लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने का इरादा रखने वाले थरूर ने राहुल गांधी को वायनाड में मिली 'शानदार प्रतिक्रिया' का जिक्र किया और कहा कि यह दक्षिण में जश्न की असल भावना को दर्शाती है. यह पूछे जाने पर कि वायनाड से खड़े होकर राहुल गांधी दक्षिण भारत के लोगों के लिए समर्थन का जो संदेश देना चाहते हैं, क्या वह सही से लोगों तक पहुंचा है, थरूर ने कहा, 'मुझे लगता है कि निश्चित ही ऐसा हुआ है और इस निर्णय के कारण ही दक्षिणी राज्यों में इस बात को लेकर उत्साह साफ दिखाई दे रहा है कि अगला प्रधानमंत्री उनके क्षेत्र से निर्वाचित उम्मीदवार हो सकता है.'  यह पूछे जाने पर क्या इस कदम से दक्षिण में 'राहुल लहर' पैदा हो सकती है, थरूर ने कहा, 'इसने केरल में खासकर जमीनी स्तर पर काम करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा है और निकटवर्ती कर्नाटक एवं तमिलनाडु में भी यह लहर फैल रही है.'
संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पीएम मोदी को दी चुनौती पूछा-क्या तमिलनाडु या केरल की किसी सीट से लड़ेंगे पीएम? तिरुवनंतपुरम से चुनाव मैदान में हैं शशि थरूर
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने 431 पाकिस्तानी नागरिकों को दीर्घावधिक वीजा दिया है जिससे वे पैन और आधार कार्ड प्राप्त कर सकेंगे और उन्हें संपत्ति खरीदने की भी अनुमति होगी. इन नागरिकों में अधिकतर हिन्दू हैं. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच यह कदम पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में ऐसे अल्पसंख्यकों की मदद की नरेंद्र मोदी सरकार की नीति के अनुरूप है जो अपने मूल देश में कथित तौर पर उत्पीड़न का सामना करने के बाद भारत आए हैं. अधिकारी ने बताया, ‘‘गृह मंत्रालय ने पिछले महीने 431 पाकिस्तानी नागरिकों को दीर्घावधिक वीजा प्रदान की है. वे लोग उस देश के अल्पसंख्यक समुदायों से हैं.’’ केंद्र की नई नीति के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के ऐसे लोगों को जो दीर्घावधिक वीजा पर भारत में रह रहे हैं, उन्हें एक परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए और स्व-रोजगार करने के लिए रिहायशी इकाई खरीदने की अनुमति है. इन अल्पसंख्यक समुदायों में हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई प्रमुख हैं. उन्हें छावनी इलाकों सहित प्रतिबंधित या सुरक्षित क्षेत्रों के आसपास अचल संपत्ति खरीदने की अनुमति नहीं है. ऐसे समुदाय पैन कार्ड, आधार संख्या, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं, स्वरोजगार कर सकते हैं. इसके अलावा वे जहां रह रहे हैं, वहां मुक्त होकर घूम सकते हैं. साथ ही वे दीर्घावधिक वीजा दस्तावेज का स्थानांतरण एक राज्य से दूसरे राज्य में कर सकते हैं. दीर्घावधिक वीजा के साथ ये 431 पाकिस्तानी नागरिक भारतीय रिजर्व बैंक से पूर्वानुमति के बिना ही बैंकों में खाते खुलवा सकते हैं. गृह मंत्रालय ने अहमदिया समुदाय के 1800 पाकिस्तानी नागरिकों को भी सुरक्षा मंजूरी प्रदान की है ताकि वे 29 से 31 दिसंबर के बीच पंजाब के गुरदासपुर जिले के कादियान में आयोजित 123वां जलसा सालाना में भाग ले सकें. जलसा सालाना अहमदिया समुदाय का सालाना कार्यक्रम है. टिप्पणियां पिछले साल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को वीजा नहीं दिया गया था जबकि 2015 में पांच हजार पाकिस्तानी नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. दो जनवरी 2016 को पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे में आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गयी थी. उरी में सेना के स्टेशन पर आतंकवादी हमला, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना का सर्जिकल हमला, पाकिस्तानी बलों द्वारा अक्सर संघर्षविराम के उल्लंघन जैसे मुद्दों के कारण दोनों देशों के संबंधों पर और भी प्रभाव पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारी ने बताया, ‘‘गृह मंत्रालय ने पिछले महीने 431 पाकिस्तानी नागरिकों को दीर्घावधिक वीजा प्रदान की है. वे लोग उस देश के अल्पसंख्यक समुदायों से हैं.’’ केंद्र की नई नीति के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के ऐसे लोगों को जो दीर्घावधिक वीजा पर भारत में रह रहे हैं, उन्हें एक परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए और स्व-रोजगार करने के लिए रिहायशी इकाई खरीदने की अनुमति है. इन अल्पसंख्यक समुदायों में हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई प्रमुख हैं. उन्हें छावनी इलाकों सहित प्रतिबंधित या सुरक्षित क्षेत्रों के आसपास अचल संपत्ति खरीदने की अनुमति नहीं है. ऐसे समुदाय पैन कार्ड, आधार संख्या, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं, स्वरोजगार कर सकते हैं. इसके अलावा वे जहां रह रहे हैं, वहां मुक्त होकर घूम सकते हैं. साथ ही वे दीर्घावधिक वीजा दस्तावेज का स्थानांतरण एक राज्य से दूसरे राज्य में कर सकते हैं. दीर्घावधिक वीजा के साथ ये 431 पाकिस्तानी नागरिक भारतीय रिजर्व बैंक से पूर्वानुमति के बिना ही बैंकों में खाते खुलवा सकते हैं. गृह मंत्रालय ने अहमदिया समुदाय के 1800 पाकिस्तानी नागरिकों को भी सुरक्षा मंजूरी प्रदान की है ताकि वे 29 से 31 दिसंबर के बीच पंजाब के गुरदासपुर जिले के कादियान में आयोजित 123वां जलसा सालाना में भाग ले सकें. जलसा सालाना अहमदिया समुदाय का सालाना कार्यक्रम है. टिप्पणियां पिछले साल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को वीजा नहीं दिया गया था जबकि 2015 में पांच हजार पाकिस्तानी नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. दो जनवरी 2016 को पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे में आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गयी थी. उरी में सेना के स्टेशन पर आतंकवादी हमला, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना का सर्जिकल हमला, पाकिस्तानी बलों द्वारा अक्सर संघर्षविराम के उल्लंघन जैसे मुद्दों के कारण दोनों देशों के संबंधों पर और भी प्रभाव पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दीर्घावधिक वीजा के साथ ये 431 पाकिस्तानी नागरिक भारतीय रिजर्व बैंक से पूर्वानुमति के बिना ही बैंकों में खाते खुलवा सकते हैं. गृह मंत्रालय ने अहमदिया समुदाय के 1800 पाकिस्तानी नागरिकों को भी सुरक्षा मंजूरी प्रदान की है ताकि वे 29 से 31 दिसंबर के बीच पंजाब के गुरदासपुर जिले के कादियान में आयोजित 123वां जलसा सालाना में भाग ले सकें. जलसा सालाना अहमदिया समुदाय का सालाना कार्यक्रम है. टिप्पणियां पिछले साल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को वीजा नहीं दिया गया था जबकि 2015 में पांच हजार पाकिस्तानी नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. दो जनवरी 2016 को पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे में आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गयी थी. उरी में सेना के स्टेशन पर आतंकवादी हमला, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना का सर्जिकल हमला, पाकिस्तानी बलों द्वारा अक्सर संघर्षविराम के उल्लंघन जैसे मुद्दों के कारण दोनों देशों के संबंधों पर और भी प्रभाव पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पिछले साल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को वीजा नहीं दिया गया था जबकि 2015 में पांच हजार पाकिस्तानी नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. दो जनवरी 2016 को पठानकोट स्थित वायुसेना अड्डे में आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गयी थी. उरी में सेना के स्टेशन पर आतंकवादी हमला, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना का सर्जिकल हमला, पाकिस्तानी बलों द्वारा अक्सर संघर्षविराम के उल्लंघन जैसे मुद्दों के कारण दोनों देशों के संबंधों पर और भी प्रभाव पड़ा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: इन समुदायों में हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई प्रमुख हैं ऐसे समुदाय पैन कार्ड, आधार संख्या, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं अहमदिया समुदाय के 1800 पाकिस्तानी नागरिकों को भी सुरक्षा मंजूरी मिली
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कम्पनी एयर इंडिया के हड़ताल कर रहे पायलटों की एक याचिका पर केंद्र सरकार और एयर इंडिया प्रबंधन को नोटिस दिया। याचिका में मार्च माह के वेतन की मांग की गई हैं।   न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि उत्तरदाताओं (सरकार और एयर इंडिया) को नाटिस भेजी जाए। एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल की जाए। अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।   पायलटों की वकील पिंकी आनंद ने अदालत से कहा कि करीब 450 पायलटों का वेतन बकाया हैं। याचिका का वर्तमान हड़ताल से कोई सम्बंध नहीं हैं। अदालत ने पूछा था कि जब वे हड़ताल पर हैं, तो उनके मामले की सुनवाई कैसे हो सकती हैं।   एयर इंडिया के वकील ललित भसीन ने कहा कि जब तक वे अपनी हड़ताल बंद नहीं करते, उनकी याचिका नहीं सुनी जानी चाहिए। विमानन कम्पनी ने मई के आखिर में अपने कर्मचारियों के मार्च के मूल वेतन का भुगतान कर दिया और उत्पादन से सम्बंधित प्रोत्साहनों का भुगतान आठ जून को किया गया।   विमानन कम्पनी 300 और हड़ताली पायलटों को बर्खास्त करने पर विचार कर रही हैं। 101 पायलटों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका हैं। नए पायलटों की भर्ती के लिए भी विज्ञापन प्रकाशित किया गया हैं।   पायलटों की 37 दिन पुरानी हड़ताल से विमानन कम्पनी की अंतर्राष्ट्रीय सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और कम्पनी अपनी 45 में से 38 सेवाओं का ही संचालन कर पा रही हैं।  पायलट पुरानी विमानन कम्पनी इंडियन एयरलाइंस से सम्बंधित पायलटों को बोइंग 787 ड्रीमलाइनर पर प्रशिक्षण दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कम्पनी एयर इंडिया के हड़ताल कर रहे पायलटों की एक याचिका पर केंद्र सरकार और एयर इंडिया प्रबंधन को नोटिस दिया।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में पुलिस, सेना एवं नाटो के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं के संयुक्त तत्वाधान में 11 तालिबान आंतकवादी मारे गए। आंतरिक मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने आंतरिक मंत्रालय के हवाले से बताया, "नंगरहार, कुंदुज, सर-ए-पुल, लोगार, हेलमंड एवं निमरोज प्रांत में चलाए गए संयुक्त अभियान में कुल 20 तालिबन आंतकवादी घायल हुए और 21 अन्य को गिरफ्तार किए गए।" सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार एवं गोला बारुद बरामद किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने आंतरिक मंत्रालय के हवाले से बताया, "नंगरहार, कुंदुज, सर-ए-पुल, लोगार, हेलमंड एवं निमरोज प्रांत में चलाए गए संयुक्त अभियान में कुल 20 तालिबन आंतकवादी घायल हुए और 21 अन्य को गिरफ्तार किए गए।" सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार एवं गोला बारुद बरामद किया। सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार एवं गोला बारुद बरामद किया।
सारांश: अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में पुलिस, सेना एवं नाटो के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं के संयुक्त तत्वाधान में 11 तालिबान आंतकवादी मारे गए।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 317.39 अंकों की गिरावट के साथ 19,325.36 पर और निफ्टी 90.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,852.25 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 93.70 अंकों की गिरावट के साथ 19,549.05 पर खुला और 317.39 अंकों यानी 1.62 फीसदी की गिरावट के साथ 19,325.36 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,554.65 के ऊपरी और 19,289.70 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 33.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,909.65 पर खुला और 90.80 अंकों यानी 1.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5,852.25 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,921.15 के ऊपरी और 5,844.40 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 110.37 अंकों की गिरावट के साथ 6,607.44 पर और स्मॉलकैप 116.11 अंकों की गिरावट के साथ 6,557.61 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.04 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 93.70 अंकों की गिरावट के साथ 19,549.05 पर खुला और 317.39 अंकों यानी 1.62 फीसदी की गिरावट के साथ 19,325.36 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,554.65 के ऊपरी और 19,289.70 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 33.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,909.65 पर खुला और 90.80 अंकों यानी 1.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5,852.25 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,921.15 के ऊपरी और 5,844.40 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 110.37 अंकों की गिरावट के साथ 6,607.44 पर और स्मॉलकैप 116.11 अंकों की गिरावट के साथ 6,557.61 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.04 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 33.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,909.65 पर खुला और 90.80 अंकों यानी 1.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5,852.25 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,921.15 के ऊपरी और 5,844.40 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 110.37 अंकों की गिरावट के साथ 6,607.44 पर और स्मॉलकैप 116.11 अंकों की गिरावट के साथ 6,557.61 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.04 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 110.37 अंकों की गिरावट के साथ 6,607.44 पर और स्मॉलकैप 116.11 अंकों की गिरावट के साथ 6,557.61 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सिर्फ एक सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.04 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।
संक्षिप्त सारांश: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 317.39 अंकों की गिरावट के साथ 19,325.36 पर और निफ्टी 90.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,852.25 पर बंद हुआ।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संदिग्ध प्रतिभानंद की जानकारी देने पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने यह भी कहा है कि अरबपति कारोबारी और बीएसपी नेता दीपक भारद्वाज की हत्या की साजिश जनवरी में रची गई थी। पुलिस ने कहा कि भारद्वाज के छोटे बेटे नीतेश और उनके वकील बलजीत ने बताया है कि उन्होंने भारद्वाज की पत्नी रमेश कुमारी के साथ स्वयंभू स्वामी प्रतिभानंद से जनवरी में मुलाकात की थी, जिसने उन्हें कहा कि वह यह 'काम' (हत्या) कर सकता है। नीतेश और वकील बलजीत को फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। हालांकि पुलिस को हत्या की असली वजह का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका है कि उत्तराखंड की एक लड़की के साथ भारद्वाज के रिश्तों को लेकर नाराजगी के चलते ऐसा किया गया। भारद्वाज के परिवार को आशंका को थी कि वह उस लड़की से शादी कर सकते थे, जिससे वह उनके जायदाद की मालकिन हो जाती और उनकी पहली पत्नी तथा दो बेटों को भारद्वाज की संपत्ति से कुछ नहीं मिलता।टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि बलजीत, जो एक प्रॉपर्टी डीलर भी है, चुनाव लड़ना चाहता था और इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। नीतेश ने उसे कथित रूप से असीमित धन देने का ऑफर दिया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि बलजीत ने भारद्वाज की हत्या के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की। नीतेश ने बलजीत को 50 लाख रुपये दिए, जिसमें से उसने 10 लाख रुपये प्रतिभानंद को दिए। प्रतिभानंद ने दो भाड़े के दो हत्यारों का इंतजाम किया। अभी तक फरार चल रहे प्रतिभानंद ने हत्यारों को कार और हथियारों का इंतजाम करने के लिए चार लाख रुपये दिए। अब पुलिस का कहना है कि ये पैसे खुद भारद्वाज के थे, जो कथित तौर पर उनके रीयल इस्टेट सौदों से आए थे। भारद्वाज के मर्डर केस में गिरफ्तार किए गए पुरुषोत्तम राणा, सुनील मान और अमित को आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा है कि अरबपति कारोबारी और बीएसपी नेता दीपक भारद्वाज की हत्या की साजिश जनवरी में रची गई थी। पुलिस ने कहा कि भारद्वाज के छोटे बेटे नीतेश और उनके वकील बलजीत ने बताया है कि उन्होंने भारद्वाज की पत्नी रमेश कुमारी के साथ स्वयंभू स्वामी प्रतिभानंद से जनवरी में मुलाकात की थी, जिसने उन्हें कहा कि वह यह 'काम' (हत्या) कर सकता है। नीतेश और वकील बलजीत को फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। हालांकि पुलिस को हत्या की असली वजह का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका है कि उत्तराखंड की एक लड़की के साथ भारद्वाज के रिश्तों को लेकर नाराजगी के चलते ऐसा किया गया। भारद्वाज के परिवार को आशंका को थी कि वह उस लड़की से शादी कर सकते थे, जिससे वह उनके जायदाद की मालकिन हो जाती और उनकी पहली पत्नी तथा दो बेटों को भारद्वाज की संपत्ति से कुछ नहीं मिलता।टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि बलजीत, जो एक प्रॉपर्टी डीलर भी है, चुनाव लड़ना चाहता था और इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। नीतेश ने उसे कथित रूप से असीमित धन देने का ऑफर दिया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि बलजीत ने भारद्वाज की हत्या के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की। नीतेश ने बलजीत को 50 लाख रुपये दिए, जिसमें से उसने 10 लाख रुपये प्रतिभानंद को दिए। प्रतिभानंद ने दो भाड़े के दो हत्यारों का इंतजाम किया। अभी तक फरार चल रहे प्रतिभानंद ने हत्यारों को कार और हथियारों का इंतजाम करने के लिए चार लाख रुपये दिए। अब पुलिस का कहना है कि ये पैसे खुद भारद्वाज के थे, जो कथित तौर पर उनके रीयल इस्टेट सौदों से आए थे। भारद्वाज के मर्डर केस में गिरफ्तार किए गए पुरुषोत्तम राणा, सुनील मान और अमित को आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। नीतेश और वकील बलजीत को फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। हालांकि पुलिस को हत्या की असली वजह का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका है कि उत्तराखंड की एक लड़की के साथ भारद्वाज के रिश्तों को लेकर नाराजगी के चलते ऐसा किया गया। भारद्वाज के परिवार को आशंका को थी कि वह उस लड़की से शादी कर सकते थे, जिससे वह उनके जायदाद की मालकिन हो जाती और उनकी पहली पत्नी तथा दो बेटों को भारद्वाज की संपत्ति से कुछ नहीं मिलता।टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि बलजीत, जो एक प्रॉपर्टी डीलर भी है, चुनाव लड़ना चाहता था और इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। नीतेश ने उसे कथित रूप से असीमित धन देने का ऑफर दिया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि बलजीत ने भारद्वाज की हत्या के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की। नीतेश ने बलजीत को 50 लाख रुपये दिए, जिसमें से उसने 10 लाख रुपये प्रतिभानंद को दिए। प्रतिभानंद ने दो भाड़े के दो हत्यारों का इंतजाम किया। अभी तक फरार चल रहे प्रतिभानंद ने हत्यारों को कार और हथियारों का इंतजाम करने के लिए चार लाख रुपये दिए। अब पुलिस का कहना है कि ये पैसे खुद भारद्वाज के थे, जो कथित तौर पर उनके रीयल इस्टेट सौदों से आए थे। भारद्वाज के मर्डर केस में गिरफ्तार किए गए पुरुषोत्तम राणा, सुनील मान और अमित को आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि बलजीत, जो एक प्रॉपर्टी डीलर भी है, चुनाव लड़ना चाहता था और इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। नीतेश ने उसे कथित रूप से असीमित धन देने का ऑफर दिया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि बलजीत ने भारद्वाज की हत्या के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की। नीतेश ने बलजीत को 50 लाख रुपये दिए, जिसमें से उसने 10 लाख रुपये प्रतिभानंद को दिए। प्रतिभानंद ने दो भाड़े के दो हत्यारों का इंतजाम किया। अभी तक फरार चल रहे प्रतिभानंद ने हत्यारों को कार और हथियारों का इंतजाम करने के लिए चार लाख रुपये दिए। अब पुलिस का कहना है कि ये पैसे खुद भारद्वाज के थे, जो कथित तौर पर उनके रीयल इस्टेट सौदों से आए थे। भारद्वाज के मर्डर केस में गिरफ्तार किए गए पुरुषोत्तम राणा, सुनील मान और अमित को आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। अभी तक फरार चल रहे प्रतिभानंद ने हत्यारों को कार और हथियारों का इंतजाम करने के लिए चार लाख रुपये दिए। अब पुलिस का कहना है कि ये पैसे खुद भारद्वाज के थे, जो कथित तौर पर उनके रीयल इस्टेट सौदों से आए थे। भारद्वाज के मर्डर केस में गिरफ्तार किए गए पुरुषोत्तम राणा, सुनील मान और अमित को आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सारांश: संदिग्ध प्रतिभानंद की जानकारी देने पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने यह भी कहा है कि अरबपति कारोबारी और बीएसपी नेता दीपक भारद्वाज की हत्या की साजिश जनवरी में रची गई थी।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पांच बार के चैम्पियन भारत को अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट में ब्रिटेन के हाथों 2-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारत ने तेज खेल दिखाया लेकिन टीम कई बार मौकों को भुनाने में नाकाम रही। भारत ने दो गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्कोर बराकर कर दिया लेकिन इसके बाद उसे डिफेंस में गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा जब निक कैटलिन ने 62वें मिनट में तीन डिफेंडरों को छकाते हुए विजयी गोल दागा। इससे पहले, ब्रिटेन की ओर से ग्लेन किरखाम (28वें मिनट) और बेन हावेस (43वें मिनट) ने गोल दागे। भारत ने इसके बाद चार मिनट के भीतर पेनल्टी कार्नर पर वीआर रघुनाथ (55वें मिनट) और एसवी सुनील (59वें मिनट) के डिफलेक्शन पर किए गोल की मदद से जोरदार वापसी की। इस जीत के साथ ब्रिटेन की टीम दो मैचों में चार अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान को 3-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए नौ अंक के साथ शीर्ष पर है। टिप्पणियां पिछले साल फाइनल में हारने वाले पाकिस्तान के दो मैचों में तीन अंक हैं जबकि भारत तीन मैचों में तीन अंक के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया है। भारत को पहले मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 1-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था। भारत ने तेज खेल दिखाया लेकिन टीम कई बार मौकों को भुनाने में नाकाम रही। भारत ने दो गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्कोर बराकर कर दिया लेकिन इसके बाद उसे डिफेंस में गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा जब निक कैटलिन ने 62वें मिनट में तीन डिफेंडरों को छकाते हुए विजयी गोल दागा। इससे पहले, ब्रिटेन की ओर से ग्लेन किरखाम (28वें मिनट) और बेन हावेस (43वें मिनट) ने गोल दागे। भारत ने इसके बाद चार मिनट के भीतर पेनल्टी कार्नर पर वीआर रघुनाथ (55वें मिनट) और एसवी सुनील (59वें मिनट) के डिफलेक्शन पर किए गोल की मदद से जोरदार वापसी की। इस जीत के साथ ब्रिटेन की टीम दो मैचों में चार अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान को 3-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए नौ अंक के साथ शीर्ष पर है। टिप्पणियां पिछले साल फाइनल में हारने वाले पाकिस्तान के दो मैचों में तीन अंक हैं जबकि भारत तीन मैचों में तीन अंक के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया है। भारत को पहले मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 1-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था। भारत ने दो गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्कोर बराकर कर दिया लेकिन इसके बाद उसे डिफेंस में गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा जब निक कैटलिन ने 62वें मिनट में तीन डिफेंडरों को छकाते हुए विजयी गोल दागा। इससे पहले, ब्रिटेन की ओर से ग्लेन किरखाम (28वें मिनट) और बेन हावेस (43वें मिनट) ने गोल दागे। भारत ने इसके बाद चार मिनट के भीतर पेनल्टी कार्नर पर वीआर रघुनाथ (55वें मिनट) और एसवी सुनील (59वें मिनट) के डिफलेक्शन पर किए गोल की मदद से जोरदार वापसी की। इस जीत के साथ ब्रिटेन की टीम दो मैचों में चार अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान को 3-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए नौ अंक के साथ शीर्ष पर है। टिप्पणियां पिछले साल फाइनल में हारने वाले पाकिस्तान के दो मैचों में तीन अंक हैं जबकि भारत तीन मैचों में तीन अंक के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया है। भारत को पहले मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 1-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था। इससे पहले, ब्रिटेन की ओर से ग्लेन किरखाम (28वें मिनट) और बेन हावेस (43वें मिनट) ने गोल दागे। भारत ने इसके बाद चार मिनट के भीतर पेनल्टी कार्नर पर वीआर रघुनाथ (55वें मिनट) और एसवी सुनील (59वें मिनट) के डिफलेक्शन पर किए गोल की मदद से जोरदार वापसी की। इस जीत के साथ ब्रिटेन की टीम दो मैचों में चार अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान को 3-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए नौ अंक के साथ शीर्ष पर है। टिप्पणियां पिछले साल फाइनल में हारने वाले पाकिस्तान के दो मैचों में तीन अंक हैं जबकि भारत तीन मैचों में तीन अंक के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया है। भारत को पहले मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 1-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था। भारत ने इसके बाद चार मिनट के भीतर पेनल्टी कार्नर पर वीआर रघुनाथ (55वें मिनट) और एसवी सुनील (59वें मिनट) के डिफलेक्शन पर किए गोल की मदद से जोरदार वापसी की। इस जीत के साथ ब्रिटेन की टीम दो मैचों में चार अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान को 3-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए नौ अंक के साथ शीर्ष पर है। टिप्पणियां पिछले साल फाइनल में हारने वाले पाकिस्तान के दो मैचों में तीन अंक हैं जबकि भारत तीन मैचों में तीन अंक के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया है। भारत को पहले मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 1-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था। इस जीत के साथ ब्रिटेन की टीम दो मैचों में चार अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान को 3-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए नौ अंक के साथ शीर्ष पर है। टिप्पणियां पिछले साल फाइनल में हारने वाले पाकिस्तान के दो मैचों में तीन अंक हैं जबकि भारत तीन मैचों में तीन अंक के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया है। भारत को पहले मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 1-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था। पिछले साल फाइनल में हारने वाले पाकिस्तान के दो मैचों में तीन अंक हैं जबकि भारत तीन मैचों में तीन अंक के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया है। भारत को पहले मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 1-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था। भारत को पहले मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 1-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था।
यहाँ एक सारांश है:पांच बार के चैम्पियन भारत को अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट में ब्रिटेन के हाथों 2-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को 1990-91 में अयोग्य छात्रों को फर्जी तरीके से एमबीबीएस सीट दिलाने के मामले में दोषी ठहराए गए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रशीद मसूद को चार साल कारावास की सजा सुनाई है। इसी के साथ मसूद सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से अयोग्य ठहराए जाने वाले पहले जनप्रतिनिधि हो सकते हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के न्यायाधीश जेपीएस मलिक ने 19 सितंबर को मसूद (67) को भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में दोषी करार दिया था। उन्हें त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज को केंद्रीय कोटे से आवंटित सीटों पर अयोग्य छात्रों को फर्जी तरीके से नामित करने के मामले में दोषी पाया गया था। इस मामले में दो सरकारी नौकरों, पूर्व आईएएस अधिकारी गुरदयाल सिंह और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमल कुमार राय को भी चार वर्ष करावास की सजा सुनाई गई है। अमल कुमार राय त्रिपुरा के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुधीर रंजन मजुमदार के सचिव थे। अदालत ने मसूद को 60,000 रुपये और दोनों सरकारी सेवकों को एक-एक लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है। फर्जी तरीके से जिन नौ छात्रों को मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराया गया था, उन्हें भी धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया है। सभी छात्रों को एक वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। छात्रों ने अदालत के सामने जमानत की अर्जी दायर की है। मसूद, विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार के कार्यकाल में 11 महीने तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे थे। सजा की घोषणा के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और वह अगले 10 साल तक चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक, जेल से रिहा किए जाने के बाद से छह साल तक किसी भी दागी और सजायाफ्ता सांसद या विधायक को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने किसी सांसद एवं विधायक को दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा या अन्य मामले में दोषी साबित किए जाने पर अयोग्य घोषित किए जाने का फैसला सुनाया था और इसके तहत मसूद के सामने राज्यसभा सदस्य के रूप में तत्काल अयोग्य करार दिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायलय ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्वाचन कानून के उस प्रावधान को निष्प्रभावी करार दिया था, जिसमें सांसद और विधायक को दोषी ठहराए जाने के 90 दिनों के अंदर अपील करने पर उनकी सदस्यता बरकरार रहने की सुविधा थी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के न्यायाधीश जेपीएस मलिक ने 19 सितंबर को मसूद (67) को भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में दोषी करार दिया था। उन्हें त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज को केंद्रीय कोटे से आवंटित सीटों पर अयोग्य छात्रों को फर्जी तरीके से नामित करने के मामले में दोषी पाया गया था। इस मामले में दो सरकारी नौकरों, पूर्व आईएएस अधिकारी गुरदयाल सिंह और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमल कुमार राय को भी चार वर्ष करावास की सजा सुनाई गई है। अमल कुमार राय त्रिपुरा के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुधीर रंजन मजुमदार के सचिव थे। अदालत ने मसूद को 60,000 रुपये और दोनों सरकारी सेवकों को एक-एक लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है। फर्जी तरीके से जिन नौ छात्रों को मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराया गया था, उन्हें भी धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया है। सभी छात्रों को एक वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। छात्रों ने अदालत के सामने जमानत की अर्जी दायर की है। मसूद, विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार के कार्यकाल में 11 महीने तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे थे। सजा की घोषणा के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और वह अगले 10 साल तक चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक, जेल से रिहा किए जाने के बाद से छह साल तक किसी भी दागी और सजायाफ्ता सांसद या विधायक को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने किसी सांसद एवं विधायक को दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा या अन्य मामले में दोषी साबित किए जाने पर अयोग्य घोषित किए जाने का फैसला सुनाया था और इसके तहत मसूद के सामने राज्यसभा सदस्य के रूप में तत्काल अयोग्य करार दिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायलय ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्वाचन कानून के उस प्रावधान को निष्प्रभावी करार दिया था, जिसमें सांसद और विधायक को दोषी ठहराए जाने के 90 दिनों के अंदर अपील करने पर उनकी सदस्यता बरकरार रहने की सुविधा थी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया। इस मामले में दो सरकारी नौकरों, पूर्व आईएएस अधिकारी गुरदयाल सिंह और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमल कुमार राय को भी चार वर्ष करावास की सजा सुनाई गई है। अमल कुमार राय त्रिपुरा के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुधीर रंजन मजुमदार के सचिव थे। अदालत ने मसूद को 60,000 रुपये और दोनों सरकारी सेवकों को एक-एक लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है। फर्जी तरीके से जिन नौ छात्रों को मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराया गया था, उन्हें भी धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया है। सभी छात्रों को एक वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। छात्रों ने अदालत के सामने जमानत की अर्जी दायर की है। मसूद, विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार के कार्यकाल में 11 महीने तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे थे। सजा की घोषणा के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और वह अगले 10 साल तक चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक, जेल से रिहा किए जाने के बाद से छह साल तक किसी भी दागी और सजायाफ्ता सांसद या विधायक को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने किसी सांसद एवं विधायक को दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा या अन्य मामले में दोषी साबित किए जाने पर अयोग्य घोषित किए जाने का फैसला सुनाया था और इसके तहत मसूद के सामने राज्यसभा सदस्य के रूप में तत्काल अयोग्य करार दिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायलय ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्वाचन कानून के उस प्रावधान को निष्प्रभावी करार दिया था, जिसमें सांसद और विधायक को दोषी ठहराए जाने के 90 दिनों के अंदर अपील करने पर उनकी सदस्यता बरकरार रहने की सुविधा थी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया। अदालत ने मसूद को 60,000 रुपये और दोनों सरकारी सेवकों को एक-एक लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है। फर्जी तरीके से जिन नौ छात्रों को मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराया गया था, उन्हें भी धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया है। सभी छात्रों को एक वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। छात्रों ने अदालत के सामने जमानत की अर्जी दायर की है। मसूद, विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार के कार्यकाल में 11 महीने तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे थे। सजा की घोषणा के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और वह अगले 10 साल तक चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक, जेल से रिहा किए जाने के बाद से छह साल तक किसी भी दागी और सजायाफ्ता सांसद या विधायक को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने किसी सांसद एवं विधायक को दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा या अन्य मामले में दोषी साबित किए जाने पर अयोग्य घोषित किए जाने का फैसला सुनाया था और इसके तहत मसूद के सामने राज्यसभा सदस्य के रूप में तत्काल अयोग्य करार दिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायलय ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्वाचन कानून के उस प्रावधान को निष्प्रभावी करार दिया था, जिसमें सांसद और विधायक को दोषी ठहराए जाने के 90 दिनों के अंदर अपील करने पर उनकी सदस्यता बरकरार रहने की सुविधा थी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया। फर्जी तरीके से जिन नौ छात्रों को मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराया गया था, उन्हें भी धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया है। सभी छात्रों को एक वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। छात्रों ने अदालत के सामने जमानत की अर्जी दायर की है। मसूद, विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार के कार्यकाल में 11 महीने तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे थे। सजा की घोषणा के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और वह अगले 10 साल तक चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक, जेल से रिहा किए जाने के बाद से छह साल तक किसी भी दागी और सजायाफ्ता सांसद या विधायक को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने किसी सांसद एवं विधायक को दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा या अन्य मामले में दोषी साबित किए जाने पर अयोग्य घोषित किए जाने का फैसला सुनाया था और इसके तहत मसूद के सामने राज्यसभा सदस्य के रूप में तत्काल अयोग्य करार दिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायलय ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्वाचन कानून के उस प्रावधान को निष्प्रभावी करार दिया था, जिसमें सांसद और विधायक को दोषी ठहराए जाने के 90 दिनों के अंदर अपील करने पर उनकी सदस्यता बरकरार रहने की सुविधा थी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया। मसूद, विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार के कार्यकाल में 11 महीने तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे थे। सजा की घोषणा के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और वह अगले 10 साल तक चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक, जेल से रिहा किए जाने के बाद से छह साल तक किसी भी दागी और सजायाफ्ता सांसद या विधायक को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने किसी सांसद एवं विधायक को दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा या अन्य मामले में दोषी साबित किए जाने पर अयोग्य घोषित किए जाने का फैसला सुनाया था और इसके तहत मसूद के सामने राज्यसभा सदस्य के रूप में तत्काल अयोग्य करार दिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायलय ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्वाचन कानून के उस प्रावधान को निष्प्रभावी करार दिया था, जिसमें सांसद और विधायक को दोषी ठहराए जाने के 90 दिनों के अंदर अपील करने पर उनकी सदस्यता बरकरार रहने की सुविधा थी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया। सजा की घोषणा के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और वह अगले 10 साल तक चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक, जेल से रिहा किए जाने के बाद से छह साल तक किसी भी दागी और सजायाफ्ता सांसद या विधायक को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने किसी सांसद एवं विधायक को दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा या अन्य मामले में दोषी साबित किए जाने पर अयोग्य घोषित किए जाने का फैसला सुनाया था और इसके तहत मसूद के सामने राज्यसभा सदस्य के रूप में तत्काल अयोग्य करार दिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायलय ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्वाचन कानून के उस प्रावधान को निष्प्रभावी करार दिया था, जिसमें सांसद और विधायक को दोषी ठहराए जाने के 90 दिनों के अंदर अपील करने पर उनकी सदस्यता बरकरार रहने की सुविधा थी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने किसी सांसद एवं विधायक को दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा या अन्य मामले में दोषी साबित किए जाने पर अयोग्य घोषित किए जाने का फैसला सुनाया था और इसके तहत मसूद के सामने राज्यसभा सदस्य के रूप में तत्काल अयोग्य करार दिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायलय ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्वाचन कानून के उस प्रावधान को निष्प्रभावी करार दिया था, जिसमें सांसद और विधायक को दोषी ठहराए जाने के 90 दिनों के अंदर अपील करने पर उनकी सदस्यता बरकरार रहने की सुविधा थी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया। सर्वोच्च न्यायलय ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्वाचन कानून के उस प्रावधान को निष्प्रभावी करार दिया था, जिसमें सांसद और विधायक को दोषी ठहराए जाने के 90 दिनों के अंदर अपील करने पर उनकी सदस्यता बरकरार रहने की सुविधा थी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को भ्रष्टाचार निरोधी कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के आरोप में दोषी पाया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 471 के तहत जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप से मुक्त कर दिया गया।
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को 1990-91 में अयोग्य छात्रों को फर्जी तरीके से एमबीबीएस सीट दिलाने के मामले में दोषी ठहराए गए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रशीद मसूद को चार साल कारावास की सजा सुनाई है।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) द्वारा एक चुनौतीपूर्ण वर्ष बिताए जाने के बाद नए साल का आगाज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हरमंदर साहिब में अरदास के साथ करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री अपनी पत्नी गुरशरण कौर के साथ शनिवार शाम यहां पहुंच सकते हैं। रविवार सुबह वह हरमंदर साहिब में मत्था टेकेंगे। यह उनकी 'निजी यात्रा' होगी। अमृतसर के उपायुक्त रजत अग्रवाल ने प्रधानमंत्री के शनिवार को यहां पहुंचने और रविवार तड़के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने की पुष्टि की। रविवार दोपहर वह दिल्ली रवाना हो जाएंगे। इससे पहले वह अपनी बाईपास सर्जरी के बाद मार्च, 2009 में स्वर्ण मंदिर आए थे। अमृतसर में पिछले एक हफ्ते से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शुक्रवार सुबह का तापमान शून्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। विभाजन के बाद प्रधानमंत्री का परिवार पाकिस्तान के रावलपिंडी से अमृतसर ही आया था। उनकी शिक्षा-दीक्षा इसी शहर में हुई। उनके कुछ संबंधी इसी शहर में रहते हैं।
संप्रग द्वारा एक चुनौतीपूर्ण वर्ष बिताए जाने के बाद नए साल का आगाज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हरमंदर साहिब में अरदास के साथ करना चाहते हैं।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को संसद में पेश आम बजट में नाबार्ड सहित सरकारी क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के पूंजीकरण के लिए 15,888 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया।टिप्पणियां मुखर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार, सरकारी क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की वित्तीय दशा सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ऐसी वित्तीय कम्पनी भी बनाने की सम्भावना तलाश रही है, जो सरकारी क्षेत्र के बैंकों की पूंजीगत जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधन जुटाएगी। मुखर्जी ने कहा कि भुगतान ढाचे को वैश्विक मानकों के समकक्ष लाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसे 2012-13 में लागू किया जाएगा। मुखर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार, सरकारी क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की वित्तीय दशा सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ऐसी वित्तीय कम्पनी भी बनाने की सम्भावना तलाश रही है, जो सरकारी क्षेत्र के बैंकों की पूंजीगत जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधन जुटाएगी। मुखर्जी ने कहा कि भुगतान ढाचे को वैश्विक मानकों के समकक्ष लाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसे 2012-13 में लागू किया जाएगा। मुखर्जी ने कहा कि भुगतान ढाचे को वैश्विक मानकों के समकक्ष लाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसे 2012-13 में लागू किया जाएगा।
यह एक सारांश है: आम बजट में नाबार्ड सहित सरकारी क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के पूंजीकरण के लिए 15,888 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों, डीजल की कीमतों में वृद्घि, रसोई गैस की राशनिंग और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सूबे के कई शहरों में प्रदर्शन किया। दोनों पार्टियों के बंद में शामिल होने की वजह से उत्तर प्रदेश में इस भारत बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है। प्रदर्शन की वजह से रेल और बस सेवाओं पर खासा असर पड़ा है। बड़े शहरों में ऑटो, टैक्सी चालकों और व्यापारी संगठनों के बंद में शामिल होने की वजह से जनजवीन प्रभावित हुआ है। बीजेपी कार्यकर्ता सुबह से ही अलग-अलग हिस्से में सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के इन फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। बीजेपी के कई नेता अलग-अलग स्थानों पर बंद का नेतृत्व कर रहे हैं। वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर और मेरठ में गुरुवार सुबह ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर चक्का जाम कर दिया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर रेलगाड़ियों को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनियां गांधी का पुतला भी फूंका। वहीं बंद में शामिल सपा कार्यकर्ताओं ने सूबे के कई शहरों में सड़कों पर जाम लगाकर और रेलगाड़ियां रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। टिप्पणियां सपा के कार्यकर्ताओं ने कानपुर, इटावा, एटा, मैनपुरी, वाराणसी और इलाहाबाद में बाजारों को बंद कराने का प्रयास किया, जिससे कुछ जगहों पर दुकानदारों के साथ नोक-झोक की भी खबरें आई हैं। वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप गैस सिलेंडर को गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया। बलिया में सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उत्सर्ग एक्सप्रेस को कई घंटे तक रोके रखा। सपा की ओर से जहां कोई बड़ा नेता बंद के लिए अभी सड़क पर नहीं उतरा है, वहीं बीजेपी की ओर से पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कार्यकर्ताओं की अगुवाई की। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि बीजेपी और सपा के अलावा कई व्यापारी संगठन भी बंद को समर्थन दे रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने आपको इस बंद से अलग रखा है। उसने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अगले माह 9 अक्टूबर को महासंकल्प रैली का ऐलान किया है। दोनों पार्टियों के बंद में शामिल होने की वजह से उत्तर प्रदेश में इस भारत बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है। प्रदर्शन की वजह से रेल और बस सेवाओं पर खासा असर पड़ा है। बड़े शहरों में ऑटो, टैक्सी चालकों और व्यापारी संगठनों के बंद में शामिल होने की वजह से जनजवीन प्रभावित हुआ है। बीजेपी कार्यकर्ता सुबह से ही अलग-अलग हिस्से में सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के इन फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। बीजेपी के कई नेता अलग-अलग स्थानों पर बंद का नेतृत्व कर रहे हैं। वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर और मेरठ में गुरुवार सुबह ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर चक्का जाम कर दिया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर रेलगाड़ियों को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनियां गांधी का पुतला भी फूंका। वहीं बंद में शामिल सपा कार्यकर्ताओं ने सूबे के कई शहरों में सड़कों पर जाम लगाकर और रेलगाड़ियां रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। टिप्पणियां सपा के कार्यकर्ताओं ने कानपुर, इटावा, एटा, मैनपुरी, वाराणसी और इलाहाबाद में बाजारों को बंद कराने का प्रयास किया, जिससे कुछ जगहों पर दुकानदारों के साथ नोक-झोक की भी खबरें आई हैं। वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप गैस सिलेंडर को गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया। बलिया में सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उत्सर्ग एक्सप्रेस को कई घंटे तक रोके रखा। सपा की ओर से जहां कोई बड़ा नेता बंद के लिए अभी सड़क पर नहीं उतरा है, वहीं बीजेपी की ओर से पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कार्यकर्ताओं की अगुवाई की। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि बीजेपी और सपा के अलावा कई व्यापारी संगठन भी बंद को समर्थन दे रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने आपको इस बंद से अलग रखा है। उसने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अगले माह 9 अक्टूबर को महासंकल्प रैली का ऐलान किया है। बीजेपी कार्यकर्ता सुबह से ही अलग-अलग हिस्से में सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के इन फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। बीजेपी के कई नेता अलग-अलग स्थानों पर बंद का नेतृत्व कर रहे हैं। वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर और मेरठ में गुरुवार सुबह ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर चक्का जाम कर दिया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर रेलगाड़ियों को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनियां गांधी का पुतला भी फूंका। वहीं बंद में शामिल सपा कार्यकर्ताओं ने सूबे के कई शहरों में सड़कों पर जाम लगाकर और रेलगाड़ियां रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। टिप्पणियां सपा के कार्यकर्ताओं ने कानपुर, इटावा, एटा, मैनपुरी, वाराणसी और इलाहाबाद में बाजारों को बंद कराने का प्रयास किया, जिससे कुछ जगहों पर दुकानदारों के साथ नोक-झोक की भी खबरें आई हैं। वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप गैस सिलेंडर को गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया। बलिया में सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उत्सर्ग एक्सप्रेस को कई घंटे तक रोके रखा। सपा की ओर से जहां कोई बड़ा नेता बंद के लिए अभी सड़क पर नहीं उतरा है, वहीं बीजेपी की ओर से पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कार्यकर्ताओं की अगुवाई की। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि बीजेपी और सपा के अलावा कई व्यापारी संगठन भी बंद को समर्थन दे रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने आपको इस बंद से अलग रखा है। उसने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अगले माह 9 अक्टूबर को महासंकल्प रैली का ऐलान किया है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर रेलगाड़ियों को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनियां गांधी का पुतला भी फूंका। वहीं बंद में शामिल सपा कार्यकर्ताओं ने सूबे के कई शहरों में सड़कों पर जाम लगाकर और रेलगाड़ियां रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। टिप्पणियां सपा के कार्यकर्ताओं ने कानपुर, इटावा, एटा, मैनपुरी, वाराणसी और इलाहाबाद में बाजारों को बंद कराने का प्रयास किया, जिससे कुछ जगहों पर दुकानदारों के साथ नोक-झोक की भी खबरें आई हैं। वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप गैस सिलेंडर को गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया। बलिया में सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उत्सर्ग एक्सप्रेस को कई घंटे तक रोके रखा। सपा की ओर से जहां कोई बड़ा नेता बंद के लिए अभी सड़क पर नहीं उतरा है, वहीं बीजेपी की ओर से पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कार्यकर्ताओं की अगुवाई की। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि बीजेपी और सपा के अलावा कई व्यापारी संगठन भी बंद को समर्थन दे रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने आपको इस बंद से अलग रखा है। उसने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अगले माह 9 अक्टूबर को महासंकल्प रैली का ऐलान किया है। सपा के कार्यकर्ताओं ने कानपुर, इटावा, एटा, मैनपुरी, वाराणसी और इलाहाबाद में बाजारों को बंद कराने का प्रयास किया, जिससे कुछ जगहों पर दुकानदारों के साथ नोक-झोक की भी खबरें आई हैं। वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप गैस सिलेंडर को गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया। बलिया में सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उत्सर्ग एक्सप्रेस को कई घंटे तक रोके रखा। सपा की ओर से जहां कोई बड़ा नेता बंद के लिए अभी सड़क पर नहीं उतरा है, वहीं बीजेपी की ओर से पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कार्यकर्ताओं की अगुवाई की। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि बीजेपी और सपा के अलावा कई व्यापारी संगठन भी बंद को समर्थन दे रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने आपको इस बंद से अलग रखा है। उसने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अगले माह 9 अक्टूबर को महासंकल्प रैली का ऐलान किया है। सपा की ओर से जहां कोई बड़ा नेता बंद के लिए अभी सड़क पर नहीं उतरा है, वहीं बीजेपी की ओर से पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कार्यकर्ताओं की अगुवाई की। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि बीजेपी और सपा के अलावा कई व्यापारी संगठन भी बंद को समर्थन दे रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने आपको इस बंद से अलग रखा है। उसने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अगले माह 9 अक्टूबर को महासंकल्प रैली का ऐलान किया है।
सारांश: वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर और मेरठ में गुरुवार सुबह ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर चक्का जाम कर दिया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर ट्रेनें रोक दीं।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: नाइजीरिया में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने 60.02 प्रतिशत मतों के साथ जीत दर्ज की है। चुनाव परिणाम सोमवार को घोषित किए गए। देश के स्वतंत्र राष्ट्रीय चुनाव आयोग (आईएनईसी) ने बताया है कि 64 वर्षीय जोनाथन ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस फॉर प्रोग्रेसिव चेंज (सीपीसी) के मुहम्मद बुहारी को भारी मतों से पराजित किया। बुखारी के हिस्से में केवल 30 प्रतिशत मत आए। आईएनईसी ने बताया कि निवर्तमान राष्ट्रपति को दक्षिणी इलाके के 36 राज्यों में से 23 राज्यों में और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अबुजा और उत्तरी इलाके के कुछ राज्यों में भारी सफलता मिली है। दूसरी तरफ बुहारी (59) केवल 10 राज्यों में ही सफलता हासिल कर सके। ये सभी राज्य उत्तरी इलाके में हैं। तेल उत्पादक क्षेत्र नाइजर डेल्टा के रहने वाले ईसाई, जोनाथन कई प्रत्याशियों के बीच में साफ तौर पर आगे दिखाई दे रहे थे। उनका प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बुहारी एक पूर्व सैन्य शासक रहा है और उसका संबंध उत्तर से है और वह मुस्लिम हैं। कई सालों के सैन्य शासन के बाद तेल समृद्ध इस देश में 1999 में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल हुई थी। उसके बाद से देश में हर चार साल के बाद चुनाव होते हैं। सैन्य शासन की समाप्ति के बाद नाइजीरिया में ये तीसरे आम चुनाव हैं।
सारांश: नाइजीरिया में राष्ट्रपति चुनाव में निवर्तमान राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी मुहम्मद बुहारी को भारी मतों से पराजित किया।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के फतेहपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा में हुई अजीबोगरीब घटना के तहत स्ट्रांग रूम में रखे करीब एक करोड़ रुपये के नोट दीमक खा गई। जिला प्रशासन की ओर से कराई गई मामले की जांच में शाखा प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और एसबीआई की टीमों ने बृहस्पतिवार को बैंक शाखा पहुंचकर जांच की। जिलाधिकारी विकास गोठलवाल ने बताया कि गत मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की फतेहपुर स्थित शाखा के स्ट्रांग रूम में रखे 500-500 रुपये के करीब एक करोड़ के नोटों को दीमक के खा जाने के मामले की जांच के लिए गठित पुलिस क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्रा और फतेहपुर के उप जिलाधिकारी रामचंद्र सरोज की सदस्यता वाली समिति ने प्रकरण में बैंक शाखा प्रबंधन की लापरवाही पाई है। उन्होंने बताया कि नियम के मुताबिक स्ट्रांग रूम में रखे जाने वाले करेंसी नोटों की हालत का पता लगाने के लिये हर दो महीने में उनका जायजा लिया जाना चाहिए लेकिन शाखा पर इसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इससे शाखा प्रशासन की लापरवाही जाहिर होती है। जिलाधिकारी ने बताया कि जांच दल की रिपोर्ट एसबीआई प्रबंधन को सौंपी जाएगी और वह ही इस मामले में कोई कार्रवाई करेगा। इस बीच आरबीआई और एसबीआई की टीम ने फतेहपुर स्थित बैंक की शाखा पहुंचकर मामले की जांच की। मौके पर पहुंची एसबीआई की क्षेत्रीय प्रबंधक गीता त्रिपाठी ने जांच में उभरे तथ्यों के बारे में जानकारी देने से मना कर दिया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फतेहपुर स्थित एसबीआई की शाखा में हुई अजीबोगरीब घटना के तहत स्ट्रांग रूम में रखे करीब एक करोड़ रुपये के नोट दीमक खा गई।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने 2013 में पांच युगल खिताब जीतने के बाद मौजूदा वर्ष को अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ में से एक करार दिया और उम्मीद जताई कि आगामी वर्षों में वह और अधिक ग्रैंडस्लैम जीतेंगी और एक दिन दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनेंगी। शहर के बाहरी हिस्से में अपनी टेनिस अकादमी में सानिया ने संवाददाताओं से कहा, लोग एक टूर्नामेंट जीतते हैं और कहते हैं कि यह साल उनके लिए अच्छा रहा। इसलिए मैं काफी खुश हूं। मेरे मुख्य लक्ष्य में से एक ग्रैंडस्लैम जीतने का प्रयास करना है। मैं और अधिक ग्रैंडस्लैम जीतने की कोशिश करूंगी। साथ ही महिला ग्रैंडस्लैम जीतने की कोशिश भी करूंगी। उन्होंने कहा, हम इसी के लिए खेलते हैं। शायद यही एक लक्ष्य है, जो मैं अपने लिए तय कर सकती हूं। सानिया ने अपना हालिया खिताब चाइना ओपन के महिला युगल में जिंबाब्वे की कारा ब्लैक के साथ मिलकर जीता था। उन्होंने कहा, मैं हमेशा से कहती रही हूं कि जब मैं खेल रही होती हूं और अपने लिए लक्ष्य तय करती हूं तो मैं चोटिल हो जाती हूं। इसलिए मैंने अपने सामने लक्ष्य रखना बंद कर दिया।टिप्पणियां सानिया ने कहा, अगर कोई साल की शुरुआत में मुझे कहता कि मैं इस साल पांच टूर्नामेंट जीतने वाली हूं तो मैं इसे खुशी से स्वीकार कर लेती। सानिया ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों की तरह वह भी उम्मीद करती हैं कि निकट भविष्य में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनें। उन्होंने कहा, भगवान ने चाहा तो एक दिन ऐसा होगा। मेरा लक्ष्य है कि मैं दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनने के लिए कोशिश करूं। हम इसी के लिए खेलते हैं। उम्मीद करती हूं कि निकट भविष्य में मैं ऐसा करने में सफल रहूंगी। शहर के बाहरी हिस्से में अपनी टेनिस अकादमी में सानिया ने संवाददाताओं से कहा, लोग एक टूर्नामेंट जीतते हैं और कहते हैं कि यह साल उनके लिए अच्छा रहा। इसलिए मैं काफी खुश हूं। मेरे मुख्य लक्ष्य में से एक ग्रैंडस्लैम जीतने का प्रयास करना है। मैं और अधिक ग्रैंडस्लैम जीतने की कोशिश करूंगी। साथ ही महिला ग्रैंडस्लैम जीतने की कोशिश भी करूंगी। उन्होंने कहा, हम इसी के लिए खेलते हैं। शायद यही एक लक्ष्य है, जो मैं अपने लिए तय कर सकती हूं। सानिया ने अपना हालिया खिताब चाइना ओपन के महिला युगल में जिंबाब्वे की कारा ब्लैक के साथ मिलकर जीता था। उन्होंने कहा, मैं हमेशा से कहती रही हूं कि जब मैं खेल रही होती हूं और अपने लिए लक्ष्य तय करती हूं तो मैं चोटिल हो जाती हूं। इसलिए मैंने अपने सामने लक्ष्य रखना बंद कर दिया।टिप्पणियां सानिया ने कहा, अगर कोई साल की शुरुआत में मुझे कहता कि मैं इस साल पांच टूर्नामेंट जीतने वाली हूं तो मैं इसे खुशी से स्वीकार कर लेती। सानिया ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों की तरह वह भी उम्मीद करती हैं कि निकट भविष्य में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनें। उन्होंने कहा, भगवान ने चाहा तो एक दिन ऐसा होगा। मेरा लक्ष्य है कि मैं दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनने के लिए कोशिश करूं। हम इसी के लिए खेलते हैं। उम्मीद करती हूं कि निकट भविष्य में मैं ऐसा करने में सफल रहूंगी। उन्होंने कहा, हम इसी के लिए खेलते हैं। शायद यही एक लक्ष्य है, जो मैं अपने लिए तय कर सकती हूं। सानिया ने अपना हालिया खिताब चाइना ओपन के महिला युगल में जिंबाब्वे की कारा ब्लैक के साथ मिलकर जीता था। उन्होंने कहा, मैं हमेशा से कहती रही हूं कि जब मैं खेल रही होती हूं और अपने लिए लक्ष्य तय करती हूं तो मैं चोटिल हो जाती हूं। इसलिए मैंने अपने सामने लक्ष्य रखना बंद कर दिया।टिप्पणियां सानिया ने कहा, अगर कोई साल की शुरुआत में मुझे कहता कि मैं इस साल पांच टूर्नामेंट जीतने वाली हूं तो मैं इसे खुशी से स्वीकार कर लेती। सानिया ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों की तरह वह भी उम्मीद करती हैं कि निकट भविष्य में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनें। उन्होंने कहा, भगवान ने चाहा तो एक दिन ऐसा होगा। मेरा लक्ष्य है कि मैं दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनने के लिए कोशिश करूं। हम इसी के लिए खेलते हैं। उम्मीद करती हूं कि निकट भविष्य में मैं ऐसा करने में सफल रहूंगी। उन्होंने कहा, मैं हमेशा से कहती रही हूं कि जब मैं खेल रही होती हूं और अपने लिए लक्ष्य तय करती हूं तो मैं चोटिल हो जाती हूं। इसलिए मैंने अपने सामने लक्ष्य रखना बंद कर दिया।टिप्पणियां सानिया ने कहा, अगर कोई साल की शुरुआत में मुझे कहता कि मैं इस साल पांच टूर्नामेंट जीतने वाली हूं तो मैं इसे खुशी से स्वीकार कर लेती। सानिया ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों की तरह वह भी उम्मीद करती हैं कि निकट भविष्य में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनें। उन्होंने कहा, भगवान ने चाहा तो एक दिन ऐसा होगा। मेरा लक्ष्य है कि मैं दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनने के लिए कोशिश करूं। हम इसी के लिए खेलते हैं। उम्मीद करती हूं कि निकट भविष्य में मैं ऐसा करने में सफल रहूंगी। सानिया ने कहा, अगर कोई साल की शुरुआत में मुझे कहता कि मैं इस साल पांच टूर्नामेंट जीतने वाली हूं तो मैं इसे खुशी से स्वीकार कर लेती। सानिया ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों की तरह वह भी उम्मीद करती हैं कि निकट भविष्य में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनें। उन्होंने कहा, भगवान ने चाहा तो एक दिन ऐसा होगा। मेरा लक्ष्य है कि मैं दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनने के लिए कोशिश करूं। हम इसी के लिए खेलते हैं। उम्मीद करती हूं कि निकट भविष्य में मैं ऐसा करने में सफल रहूंगी। उन्होंने कहा, भगवान ने चाहा तो एक दिन ऐसा होगा। मेरा लक्ष्य है कि मैं दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनने के लिए कोशिश करूं। हम इसी के लिए खेलते हैं। उम्मीद करती हूं कि निकट भविष्य में मैं ऐसा करने में सफल रहूंगी।
संक्षिप्त पाठ: भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने 2013 में पांच युगल खिताब जीतने के बाद मौजूदा वर्ष को अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ में से एक करार दिया।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान की सेना ने धरपकड़ अभियान शुरू किया है और कई ऐसे लोगों को पकड़ा है जिनके बारे में माना जाता है कि वे अमेरिका की सीआईए के लिए काम कर रहे थे। यह कदम दोनों देशों के बीच गंभीर तनाव का संकेत है। दैनिक डॉन ने गुरुवार को खबर दी कि सेना ने बुधवार को इन खबरों की पुष्टि की कि उसने ओसामा बिन लादेन पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई तथा अन्य अज्ञात घटनाओं के सिलसिले में कई लोगों को हिरासत में लिया है लेकिन उसने किसी भी सैन्य अधिकारियों को हिरासत में लेने से इनकार किया है। डॉन के अनुसार इंटर सर्विसेज के प्रवक्ता ने कहा, ये गिरफ्तारियां मौजूदा अभियान का हिस्सा है और ये किसी एक घटना से जुड़ी नहीं है। इससे पहले न्यूयार्क टाईम्स ने खबर दी थी कि सेना के मेजर समेत पांच लोगों को इस संदेह में गिरफ्तार किया गया है कि उन्होंने सीआईए को बिन लादेन का पता लगाने में मदद की थी। हालांकि प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि इस अभियान से उनका क्या मतलब है और क्या यह पाकिस्तान में सीआईए के गोपनीय नेटवर्क के बारे में है। डॉन की खबर के मुताबिक सेना अधिकारियों से बातचीत से ऐसा लगता है कि पांच से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कहा है कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने कई लोगो को पकड़ा है जिनके बारे में माना जाता है कि वे अमेरिकी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहे थे। सैन्य अधिकारी ने अखबार को बताया कि पहली बार, अमेरिकी जासूस रेमंड डेविस की गिरफ्तारी के बाद इस साल प्रारंभ में संदिग्ध सीआईए जासूसों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया था। बिन लादेन की मौत के बाद इस अभियान को तेज कर दिया गया। उसने कहा, मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि हाल के महीनों में कई संदिग्ध हिरासत में लिये गए हैं। उनमें से कुछ प्रशासन से अनापत्ति मिलने के बाद रिहा कर दिए गए जबकि अन्य से पूछताछ जारी है। दैनिक के अनुसार हालांकि इस अधिकारी ने गिरफ्तारियों की सटीक संख्या नहीं बताई लेकिन सूत्रों के अनुसार यह 40 हो सकती है।
सेना ने इन खबरों की पुष्टि की कि उसने ओसामा बिन लादेन पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई तथा अन्य अज्ञात घटनाओं के सिलसिले में कई लोगों को हिरासत में लिया है।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: अपराजेय बढ़त हासिल करने और दुनिया की नंबर एक टीम बनने के बावजूद इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस हार से पस्त भारत पर किसी तरह के रहम दिखाने के मूड में नहीं है और वह चार मैचों की शृंखला का सकारात्मक अंत करना चाहते हैं। स्ट्रॉस ने चौथे और अंतिम टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर कहा, मुझे पक्का विश्वास है कि भारत शानदार जीत के साथ अंत करना चाहेगा, लेकिन हमारा काम उन्हें ऐसा करने से रोकना है। इंग्लैंड शृंखला में 3-0 से आगे है और स्ट्रॉस का मानना है कि अभी यात्रा पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा, अभी हमने खिलाड़ियों के एक समूह के रूप में अपनी यात्रा का एक हिस्सा ही पार किया है। हमें अब अपने प्रयासों को दोगुना करने, सुधार जारी रखने और हवा में नहीं उड़ने की जरूरत है। अब हमें हमारे उच्च मानदंडों से परखा जाएगा। स्ट्रॉस का मानना है कि आगे जो चुनौती है, वह उन्हें न केवल ओवल मैच, बल्कि भविष्य की शृंखलाओं के लिए भी प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा, आगे कई चुनौतियां हैं। हमें उपमहाद्वीप का दौरा करना है। अगली गर्मियों में दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर जाना है। इसके बाद सर्दियों में भारतीय दौरे पर जाना है। इसके बाद विश्व चैंपियनशिप और एशेज होगी। इसलिए चुनौतियां कम नहीं होंगी। आपको सुधार जारी रखने होंगे।
इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस हार से पस्त भारत पर रहम दिखाने के मूड में नहीं है और वह चार मैचों की शृंखला का सकारात्मक अंत करना चाहते हैं।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिकोहाबाद पुलिस स्टेशन में समाजवादी पार्टी के विधायक और उनके पुत्र की हिस्ट्रीशीट नष्ट किये जाने की खबरों पर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच के आदेश दिये हैं. पुलिस अधीक्षक (शहर) आर. के. सिंह ने बताया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मुझे समाजवादी पार्टी के विधायक हरिओम यादव और उनके पुत्र विजय प्रताप उर्फ छोटू की शिकोहाबाद पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर हिस्ट्रीशीट नष्ट किये जाने के मामले की जांच करने को कहा है. उन्होंने कहा कि मैं इस मामले की जांच कर रहा हूं जो इस मामले में दोषी मिलेगा उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जायेगा. सपा के सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक यादव और उनके पुत्र विजय की हिस्ट्रीशीट में सात आपराधिक मामले हैं. ऐसा आरोप है कि अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2013 में पुलिस ने हिस्ट्रीशीट नष्ट कर दिया था. सिपाही सोबरन सिंह द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत किये जाने के बाद मामला सामने आया है और जांच के आदेश दिये गये हैं. सूत्रों के अनुसार विधायक और उनके पुत्र की हिस्ट्रीशीट के रिकार्ड 2013 से गायब हैं. इस मामले में थाने में तैनात तत्कालीन पुलिसकर्मियों नोटिस देकर उनसे जवाब तलब किया गया है. विधायक द्वारा चुनाव में दिये गये शपथपत्र में कहा गया है कि उनके खिलाफ सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. विधायक हरिओम यादव का कहना है कि उन्हें नहीं मालूम है कि उनके रिकार्ड पुलिस विभाग से नष्ट कर दिये गये हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनपर लगाये गये सभी आरोप पूरी तरह से राजनीतिक हैं. टिप्पणियां विधायक पुत्र विजय प्रताप 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव 2016 में निवर्रिोध जीते थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सपा के सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक यादव और उनके पुत्र विजय की हिस्ट्रीशीट में सात आपराधिक मामले हैं. ऐसा आरोप है कि अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2013 में पुलिस ने हिस्ट्रीशीट नष्ट कर दिया था. सिपाही सोबरन सिंह द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत किये जाने के बाद मामला सामने आया है और जांच के आदेश दिये गये हैं. सूत्रों के अनुसार विधायक और उनके पुत्र की हिस्ट्रीशीट के रिकार्ड 2013 से गायब हैं. इस मामले में थाने में तैनात तत्कालीन पुलिसकर्मियों नोटिस देकर उनसे जवाब तलब किया गया है. विधायक द्वारा चुनाव में दिये गये शपथपत्र में कहा गया है कि उनके खिलाफ सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. विधायक हरिओम यादव का कहना है कि उन्हें नहीं मालूम है कि उनके रिकार्ड पुलिस विभाग से नष्ट कर दिये गये हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनपर लगाये गये सभी आरोप पूरी तरह से राजनीतिक हैं. टिप्पणियां विधायक पुत्र विजय प्रताप 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव 2016 में निवर्रिोध जीते थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों के अनुसार विधायक और उनके पुत्र की हिस्ट्रीशीट के रिकार्ड 2013 से गायब हैं. इस मामले में थाने में तैनात तत्कालीन पुलिसकर्मियों नोटिस देकर उनसे जवाब तलब किया गया है. विधायक द्वारा चुनाव में दिये गये शपथपत्र में कहा गया है कि उनके खिलाफ सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. विधायक हरिओम यादव का कहना है कि उन्हें नहीं मालूम है कि उनके रिकार्ड पुलिस विभाग से नष्ट कर दिये गये हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनपर लगाये गये सभी आरोप पूरी तरह से राजनीतिक हैं. टिप्पणियां विधायक पुत्र विजय प्रताप 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव 2016 में निवर्रिोध जीते थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विधायक पुत्र विजय प्रताप 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव 2016 में निवर्रिोध जीते थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: यूपी के शिकोहाबाद की घटना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत किये जाने के बाद मामला सामने आया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच के आदेश दिये हैं
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी शनिवार को 38 साल की हो गईं। उनके जन्मदिन पर पति राज कुंद्रा ने उनसे माफी मांगी, जिनसे पिछले दिनों इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सट्टेबाजी को लेकर पूछताछ की गई थी।टिप्पणियां कुंद्रा ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा है, "जन्मदिन मुबारक हो मेरी खूबसूरत पत्नी शिल्पा। मैं तुमसे उन सभी बेतुकी स्थितियों के लिए माफी मांगता हूं, जिसका सामना तुम्हें पिछले दिनों करना पड़ा। लेकिन सच्चाई कुछ ही दिनों में सामने आ जाएगी।" कुंद्रा ने शिल्पा को जन्मदिन पर बधाई देने वाले अमिताभ बच्चन को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, "धन्यवाद सर। शिल्पा के जन्मदिन पर आपका संदेश उसे किसी भी दूसरे संदेश की तुलना में सबसे अधिक खुशी देगा। उसके लिए हमेशा इसका खास महत्व रहा है।" कुंद्रा ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा है, "जन्मदिन मुबारक हो मेरी खूबसूरत पत्नी शिल्पा। मैं तुमसे उन सभी बेतुकी स्थितियों के लिए माफी मांगता हूं, जिसका सामना तुम्हें पिछले दिनों करना पड़ा। लेकिन सच्चाई कुछ ही दिनों में सामने आ जाएगी।" कुंद्रा ने शिल्पा को जन्मदिन पर बधाई देने वाले अमिताभ बच्चन को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, "धन्यवाद सर। शिल्पा के जन्मदिन पर आपका संदेश उसे किसी भी दूसरे संदेश की तुलना में सबसे अधिक खुशी देगा। उसके लिए हमेशा इसका खास महत्व रहा है।" कुंद्रा ने शिल्पा को जन्मदिन पर बधाई देने वाले अमिताभ बच्चन को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, "धन्यवाद सर। शिल्पा के जन्मदिन पर आपका संदेश उसे किसी भी दूसरे संदेश की तुलना में सबसे अधिक खुशी देगा। उसके लिए हमेशा इसका खास महत्व रहा है।"
संक्षिप्त पाठ: अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी शनिवार को 38 साल की हो गईं। उनके जन्मदिन पर पति राज कुंद्रा ने उनसे माफी मांगी, जिनसे पिछले दिनों इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सट्टेबाजी को लेकर पूछताछ की गई थी।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पंजाब के उनके पांच दिवसीय दौरे के समय सुरक्षा मुहैया कराने में असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि उसका "उस राज्य में अधिकार क्षेत्र नहीं है." पुलिस के सूत्रों ने बताया कि केजरीवाल की इस यात्रा के दौरान पंजाब पुलिस से उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का आग्रह किया गया है. दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने से इनकार नहीं किया है. वह पांच दिन के लिए दिल्ली से पंजाब जा रहे हैं. सुरक्षा नियमों के अनुसार यदि वह कार या ट्रेन से यात्रा करते हैं तो हमें उन्हें उस राज्य में पहले गंतव्य क्षेत्र पर छोड़ना है और इसके बाद राज्य की पुलिस जिम्मेदारी निभाती है."टिप्पणियां अधिकारी ने कहा, "उन्हें पूर्ववर्ती यात्राओं के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई गई क्योंकि हमारे पास संबंधित राज्य की पुलिस को पत्र लिखने का समय नहीं था और वे यात्राएं कम समय की थीं. यह दौरा लंबा है और हम इतने लंबे समय तक उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकते." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने से इनकार नहीं किया है. वह पांच दिन के लिए दिल्ली से पंजाब जा रहे हैं. सुरक्षा नियमों के अनुसार यदि वह कार या ट्रेन से यात्रा करते हैं तो हमें उन्हें उस राज्य में पहले गंतव्य क्षेत्र पर छोड़ना है और इसके बाद राज्य की पुलिस जिम्मेदारी निभाती है."टिप्पणियां अधिकारी ने कहा, "उन्हें पूर्ववर्ती यात्राओं के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई गई क्योंकि हमारे पास संबंधित राज्य की पुलिस को पत्र लिखने का समय नहीं था और वे यात्राएं कम समय की थीं. यह दौरा लंबा है और हम इतने लंबे समय तक उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकते." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारी ने कहा, "उन्हें पूर्ववर्ती यात्राओं के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई गई क्योंकि हमारे पास संबंधित राज्य की पुलिस को पत्र लिखने का समय नहीं था और वे यात्राएं कम समय की थीं. यह दौरा लंबा है और हम इतने लंबे समय तक उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकते." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: केजरीवाल ने मांगी पंजाब पुलिस से सुरक्षा पांच दिन के दौरे पर रहेंगे पंजाब में रहेंगे केजरीवाल लंबे दौरे के चलते सुरक्षा नहीं दे पाएगी दिल्ली पुलिस
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंटरनेट पर रात-रात भर की चैटिंग आईआईटी, कानपुर से स्नातक एक छात्र के गले का फंदा बन गई है। इस छात्र ने अपनी एक चैटिंग फ्रेंड पर आरोप लगाया है कि वह उसे कथित तौर पर इमोशनल ब्लैकमेल कर रही है। युवक ने अब युवती से छुटकारा पाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। गुड़गांव की एक अंतरराष्ट्रीय फर्म में काम करने वाले अमित (परिवर्तित नाम) की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजीव कैत ने इस महिला को आदेश दिया है कि वह सोमवार को अदालत के सामने पेश हो। हालांकि न्यायमूर्ति कैत ने अमित से कहा है कि वह इस महिला को मुंबई से दिल्ली तक का किराया और दिल्ली में रुकने का किराया दे, क्योंकि वह महिला अमित की याचिका पर जारी समन पर ही दिल्ली आ रही है। अपनी याचिका में अमित ने कहा है कि उसकी पिछले साल अगस्त में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भौतिक शास्त्र में पीएचडी इस युवती से इंटरनेट के माध्यम से जान-पहचान हुई थी। दोनों ने इसके बाद चैटिंग करनी शुरू कर दी थी। धीरे-धीरे चैटिंग बढ़ती गई और अक्सर दोनों देर रात तक बातचीत करने लगे। अमित (25) ने कहा है कि दोस्ती बढ़ने के साथ युवती उससे मिलने के लिए उस पर दबाव डालने लगी और पिछले नवंबर में दिल्ली आ पहुंची। याचिका में अमित ने कहा, मुझसे मिलने के बाद वह मुझ पर शादी करने का दबाव डालने लगी, जबकि वह मुझसे पांच-छह साल बड़ी थी। उसने बताया है कि शादी करने से इनकार करने के बाद युवती उसे ईमेल और एसएमएस भेज कर धमकी देने लगी कि अगर उसने उससे शादी नहीं की, तो वह आत्महत्या कर लेगी। अमित ने अदालत से अपील की है कि वह लड़की को उसे इमोशनल ब्लैकमेल नहीं करने का आदेश दे।
यहाँ एक सारांश है:इंटरनेट पर रात-रात भर की चैटिंग आईआईटी, कानपुर से स्नातक एक छात्र के गले का फंदा बन गई है। इस छात्र ने अपनी एक चैटिंग फ्रेंड पर आरोप लगाया है कि वह उसे कथित तौर पर इमोशनल ब्लैकमेल कर रही है।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग में सबसे कम उम्र के कप्तान बने विराट कोहली ने कहा कि वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर की अगुवाई करने को लेकर काफी उत्सुक थे और कप्तान के रूप में पहले मैच में ही जीत दर्ज करने से काफी खुश हैं। कोहली ने बैंगलौर की राजस्थान रॉयल्स पर नौ विकेट की एकतरफा जीत के बाद कहा, डेन (डेनियल विटोरी) फिट नहीं था, इसलिए शाम को ही मुझे बताया गया कि टीम की कप्तानी करनी है। मैं इसको लेकर काफी उत्सुक था और मैंने तुरंत हामी भर दी। यह कप्तान के रूप में मेरा पहला मैच था और मुझे खुशी है कि हम इसमें अच्छी जीत दर्ज करने में सफल रहे। उन्होंने कहा, मैं चाहता था कि सभी सीनियर खिलाड़ी अपना योगदान दें, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने का अनुभव है। जहीर, दिलशान, एबी डिविलियर्स सभी ने मेरी पूरी मदद की। कोहली ने विशेषकर रूप से क्रिस गेल की प्रशंसा की. लेकिन साथ ही स्वीकार किया कि इस कैरेबियाई बल्लेबाज के साथ बल्लेबाजी करना खतरे से कम नहीं है। उन्होंने कहा, क्रिस के साथ बल्लेबाजी करना सर्वश्रेष्ठ और सबसे अधिक खतरनाक काम है। क्रिस ऐसी बल्लेबाजी कर रहा है, मानो यह सपना हो। वह प्रत्येक मैच में हमें जीत दिला रहा है। उम्मीद है कि वह आगे भी ऐसा प्रदर्शन जारी रखेंगे। गेल जब से आरसीबी से जुड़ा है, तब टीम ने लगातार छह मैच जीते हैं, लेकिन कोहली ने कहा कि टीम अब भी मैच दर मैच आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, हम अभी बहुत आगे के बारे में नहीं सोच रहे हैं। केवल एक बार में एक मैच पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम प्रत्येक मैच के लिए रणनीति बनाएंगे और आशा है कि हम उस पर अमल करने में सफल रहेंगे।
सारांश: इंडियन प्रीमियर लीग में सबसे कम उम्र के कप्तान बने विराट कोहली ने कहा कि वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर की अगुवाई करने को लेकर काफी उत्सुक थे।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आईपीएल में मुंबई इंडियंस के खिलाफ किंग्‍स इलेवन पंजाब के मार्टिन गप्टिल के एक हाथ से लिए गए कैच की हर तरफ तारीफ हो रही है. इस कैच को आईपीएल10 का अब तक का सर्वश्रेष्‍ठ कैच माना जा रहा है. लेंडल सिमंस के गप्टिल द्वारा लपके गए इस कैच के बाद ही पंजाब टीम मैच में वापसी कर पाई और बाद में उसने इस संघर्षपूर्ण मुकाबले में सात रन से जीत दर्ज की.  गप्टिल के इस कैच की हर तरफ हो रही प्रशंसा के बावजूद किंग्‍स इलेवन पंजाब के कप्‍तान ग्‍लेन मैक्‍सवेल ने टीम की कल की जीत का श्रेय अपने दो गेंदबाज संदीप शर्मा और मोहित शर्मा को दिया है. मैक्‍सवेल के अनुसार, मैच के आखिर में इन दोनों गेंदबाजों के ओवरों ने ही खेल का रुख पंजाब के पक्ष में मोड़ा.टिप्पणियां किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान ग्लेन मैक्सवेल ने कहा कि जीत का श्रेय मोहित शर्मा और संदीप शर्मा को जाता है. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब ने अपने बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर मुंबई के सामने 231 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे रोहित की कप्तानी वाली टीम निर्धारित 20 ओवरों में हासिल नहीं कर पाई और 223 रन ही बना सकी. मैक्‍सवेल ने कहा, "मुझे लगा कि जो कैच मैंने छोड़ा उससे हमें नुकसान झेलना पड़ेगा. इसके बाद हमने दो और रन आउट करने वाले मौके छोड़े लेकिन मोहित और संदीप ने हमें जीत दिलाई. अंत के दो ओवरों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया." कप्तान मैक्सवेल ने कहा, "पिच पर ओस थी और ऐसी पिच पर गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल था. मुंबई इंडियंस के कीरोन पोलार्ड ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन हमने भी बिना किसी खौफ के मुश्किल क्षणों में बेहतरीन प्रदर्शन दिया. मैक्‍सवेल ने कहा कि ऋद्धिमान साहा को जो मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला, वह उसके लायक थे. हमें अब भी कुछ बाकी बचा काम पूरा करना है." किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान ग्लेन मैक्सवेल ने कहा कि जीत का श्रेय मोहित शर्मा और संदीप शर्मा को जाता है. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब ने अपने बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर मुंबई के सामने 231 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे रोहित की कप्तानी वाली टीम निर्धारित 20 ओवरों में हासिल नहीं कर पाई और 223 रन ही बना सकी. मैक्‍सवेल ने कहा, "मुझे लगा कि जो कैच मैंने छोड़ा उससे हमें नुकसान झेलना पड़ेगा. इसके बाद हमने दो और रन आउट करने वाले मौके छोड़े लेकिन मोहित और संदीप ने हमें जीत दिलाई. अंत के दो ओवरों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया." कप्तान मैक्सवेल ने कहा, "पिच पर ओस थी और ऐसी पिच पर गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल था. मुंबई इंडियंस के कीरोन पोलार्ड ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन हमने भी बिना किसी खौफ के मुश्किल क्षणों में बेहतरीन प्रदर्शन दिया. मैक्‍सवेल ने कहा कि ऋद्धिमान साहा को जो मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला, वह उसके लायक थे. हमें अब भी कुछ बाकी बचा काम पूरा करना है." मैक्‍सवेल ने कहा, "मुझे लगा कि जो कैच मैंने छोड़ा उससे हमें नुकसान झेलना पड़ेगा. इसके बाद हमने दो और रन आउट करने वाले मौके छोड़े लेकिन मोहित और संदीप ने हमें जीत दिलाई. अंत के दो ओवरों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया." कप्तान मैक्सवेल ने कहा, "पिच पर ओस थी और ऐसी पिच पर गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल था. मुंबई इंडियंस के कीरोन पोलार्ड ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन हमने भी बिना किसी खौफ के मुश्किल क्षणों में बेहतरीन प्रदर्शन दिया. मैक्‍सवेल ने कहा कि ऋद्धिमान साहा को जो मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला, वह उसके लायक थे. हमें अब भी कुछ बाकी बचा काम पूरा करना है."
कहा-मोहित और संदीप शर्मा ने हमें मैच में जीत दिलाई ओस के कारण गेंदबाजी करना बेहद मुश्किल हो रहा था मैक्‍सवेल बोले, जो कैच मैंने छोड़ा, उससे हमें नुकसान झेलना पड़ा
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 66वें जन्‍मदिन के मौके पर शुक्रवार को गुजरात के दाहोद जिले में स्थित लिमखेड़ा में करीब 3,800 करोड़ रुपये की योजनाओं का अनावरण किया. पीएम मोदी ने जमीन के मालिकाना हक से संबंधित कागजात आदिवासियों को सौंपे और जल प्रबंधन की कई योजनाओं का उद्घाटन भी किया. लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने गुजरात के निरंतर विकास की चर्चा की. उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार गरीबों और जो लोग हाशिए पर हैं, उनके कल्‍याण के लिए समर्पित है. पीएम मोदी ने कहा, 'मैं जानता हूं कि यहां का किसान बहुत ही कुशल है और मैंने यह भी देखा है कि किसान नवप्रवर्तनशील भी हैं और नई-नई चीजें सीखना भी चाहते हैं. मैं पहले दिन से ही कहता रहा हूं कि हमारी सरकार गरीबों के कल्‍याण के लिए समर्पित है. 'सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र हर तरफ गूंज रहा है.' उन्‍होंने कहा, 'जब गुजरात बना था तब लोगों ने सवाल उठाया था कि क्‍या गुजरात विकास करेगा, लेकिन आज हम देख सकते हैं राज्‍य कितना विकसित है. पानी की कमी अभी भी गुजरात में मुख्‍य मुद्दा है. कई बार हमें पर्याप्‍त बारिश मिली लेकिन हम उसे संरक्षित नहीं कर सके.' राज्‍य में वनक्षेत्र में पड़ने वाले जिलों में गुजरात वनबंधु कल्‍याण योजना के तहत कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. योजनाओं में छह पानी की सप्‍लाई और चार कृषि में सुधार को समर्पित हैं. पानी सप्‍लाई की योजनाएं 960 गांवों में रह रहे करीब 21 लाख से ज्‍यादा लोगों को पीने का पानी मुहैया कराएंगी, इनमें दाहोद, महिसागर, नर्मदा और छोटा उदयपुर जिलों की 23 बस्तियां भी शामिल हैं.टिप्पणियां कृषि उन्‍नयन की योजनाएं कदाना-करजन और काकरापार जलाशय पर स्थित हैं दाहोद, नर्मदा, महिसागर और सूरत जिलों में करीब एक लाख हेक्‍टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा प्रदान करेंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने गुजरात के निरंतर विकास की चर्चा की. उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार गरीबों और जो लोग हाशिए पर हैं, उनके कल्‍याण के लिए समर्पित है. पीएम मोदी ने कहा, 'मैं जानता हूं कि यहां का किसान बहुत ही कुशल है और मैंने यह भी देखा है कि किसान नवप्रवर्तनशील भी हैं और नई-नई चीजें सीखना भी चाहते हैं. मैं पहले दिन से ही कहता रहा हूं कि हमारी सरकार गरीबों के कल्‍याण के लिए समर्पित है. 'सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र हर तरफ गूंज रहा है.' उन्‍होंने कहा, 'जब गुजरात बना था तब लोगों ने सवाल उठाया था कि क्‍या गुजरात विकास करेगा, लेकिन आज हम देख सकते हैं राज्‍य कितना विकसित है. पानी की कमी अभी भी गुजरात में मुख्‍य मुद्दा है. कई बार हमें पर्याप्‍त बारिश मिली लेकिन हम उसे संरक्षित नहीं कर सके.' राज्‍य में वनक्षेत्र में पड़ने वाले जिलों में गुजरात वनबंधु कल्‍याण योजना के तहत कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. योजनाओं में छह पानी की सप्‍लाई और चार कृषि में सुधार को समर्पित हैं. पानी सप्‍लाई की योजनाएं 960 गांवों में रह रहे करीब 21 लाख से ज्‍यादा लोगों को पीने का पानी मुहैया कराएंगी, इनमें दाहोद, महिसागर, नर्मदा और छोटा उदयपुर जिलों की 23 बस्तियां भी शामिल हैं.टिप्पणियां कृषि उन्‍नयन की योजनाएं कदाना-करजन और काकरापार जलाशय पर स्थित हैं दाहोद, नर्मदा, महिसागर और सूरत जिलों में करीब एक लाख हेक्‍टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा प्रदान करेंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीएम मोदी ने कहा, 'मैं जानता हूं कि यहां का किसान बहुत ही कुशल है और मैंने यह भी देखा है कि किसान नवप्रवर्तनशील भी हैं और नई-नई चीजें सीखना भी चाहते हैं. मैं पहले दिन से ही कहता रहा हूं कि हमारी सरकार गरीबों के कल्‍याण के लिए समर्पित है. 'सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र हर तरफ गूंज रहा है.' उन्‍होंने कहा, 'जब गुजरात बना था तब लोगों ने सवाल उठाया था कि क्‍या गुजरात विकास करेगा, लेकिन आज हम देख सकते हैं राज्‍य कितना विकसित है. पानी की कमी अभी भी गुजरात में मुख्‍य मुद्दा है. कई बार हमें पर्याप्‍त बारिश मिली लेकिन हम उसे संरक्षित नहीं कर सके.' राज्‍य में वनक्षेत्र में पड़ने वाले जिलों में गुजरात वनबंधु कल्‍याण योजना के तहत कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. योजनाओं में छह पानी की सप्‍लाई और चार कृषि में सुधार को समर्पित हैं. पानी सप्‍लाई की योजनाएं 960 गांवों में रह रहे करीब 21 लाख से ज्‍यादा लोगों को पीने का पानी मुहैया कराएंगी, इनमें दाहोद, महिसागर, नर्मदा और छोटा उदयपुर जिलों की 23 बस्तियां भी शामिल हैं.टिप्पणियां कृषि उन्‍नयन की योजनाएं कदाना-करजन और काकरापार जलाशय पर स्थित हैं दाहोद, नर्मदा, महिसागर और सूरत जिलों में करीब एक लाख हेक्‍टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा प्रदान करेंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्‍होंने कहा, 'जब गुजरात बना था तब लोगों ने सवाल उठाया था कि क्‍या गुजरात विकास करेगा, लेकिन आज हम देख सकते हैं राज्‍य कितना विकसित है. पानी की कमी अभी भी गुजरात में मुख्‍य मुद्दा है. कई बार हमें पर्याप्‍त बारिश मिली लेकिन हम उसे संरक्षित नहीं कर सके.' राज्‍य में वनक्षेत्र में पड़ने वाले जिलों में गुजरात वनबंधु कल्‍याण योजना के तहत कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. योजनाओं में छह पानी की सप्‍लाई और चार कृषि में सुधार को समर्पित हैं. पानी सप्‍लाई की योजनाएं 960 गांवों में रह रहे करीब 21 लाख से ज्‍यादा लोगों को पीने का पानी मुहैया कराएंगी, इनमें दाहोद, महिसागर, नर्मदा और छोटा उदयपुर जिलों की 23 बस्तियां भी शामिल हैं.टिप्पणियां कृषि उन्‍नयन की योजनाएं कदाना-करजन और काकरापार जलाशय पर स्थित हैं दाहोद, नर्मदा, महिसागर और सूरत जिलों में करीब एक लाख हेक्‍टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा प्रदान करेंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्‍य में वनक्षेत्र में पड़ने वाले जिलों में गुजरात वनबंधु कल्‍याण योजना के तहत कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. योजनाओं में छह पानी की सप्‍लाई और चार कृषि में सुधार को समर्पित हैं. पानी सप्‍लाई की योजनाएं 960 गांवों में रह रहे करीब 21 लाख से ज्‍यादा लोगों को पीने का पानी मुहैया कराएंगी, इनमें दाहोद, महिसागर, नर्मदा और छोटा उदयपुर जिलों की 23 बस्तियां भी शामिल हैं.टिप्पणियां कृषि उन्‍नयन की योजनाएं कदाना-करजन और काकरापार जलाशय पर स्थित हैं दाहोद, नर्मदा, महिसागर और सूरत जिलों में करीब एक लाख हेक्‍टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा प्रदान करेंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पानी सप्‍लाई की योजनाएं 960 गांवों में रह रहे करीब 21 लाख से ज्‍यादा लोगों को पीने का पानी मुहैया कराएंगी, इनमें दाहोद, महिसागर, नर्मदा और छोटा उदयपुर जिलों की 23 बस्तियां भी शामिल हैं.टिप्पणियां कृषि उन्‍नयन की योजनाएं कदाना-करजन और काकरापार जलाशय पर स्थित हैं दाहोद, नर्मदा, महिसागर और सूरत जिलों में करीब एक लाख हेक्‍टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा प्रदान करेंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कृषि उन्‍नयन की योजनाएं कदाना-करजन और काकरापार जलाशय पर स्थित हैं दाहोद, नर्मदा, महिसागर और सूरत जिलों में करीब एक लाख हेक्‍टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा प्रदान करेंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:पीएम मोदी ने जमीन के मालिकाना हक से संबंधित कागजात आदिवासियों को सौंपे जल प्रबंधन की कई योजनाओं का उद्घाटन भी किया योजनाओं में छह पानी की सप्‍लाई और चार कृषि में सुधार को समर्पित
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त सर्बियाई टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक के सामने रविवार को 'लाल बजरी के बादशाह' स्पेन के राफेल नडाल होंगे। इस मुकाबले में इतिहास बनना तय है, क्योंकि एक ओर बेहतरीन फॉर्म में चल रहे जोकोविक हैं जो यदि इस टूर्नामेंट पर कब्जा करते हैं तो वह 43 वर्ष में ओपन एरा में लगातार चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। दूसरी ओर, सातवीं बार चैम्पियन बनने के इरादे से उतरे बजरी के बादशाह नडाल यदि इस टूर्नामेंट को अपने नाम करने में सफल रहते हैं तो वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिसके नाम सात बार फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड होगा। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है। जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है।टिप्पणियां जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। जोकोविक के लिए नडाल को हराना आसान नहीं होगा, हालांकि जोकोविक ने पिछले वर्ष विम्बलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा उन्होंने इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। जोकोविक ने उपरोक्त तीनों ग्रैंड स्लैम फाइनल में नडाल को हराया है। इस मुकाबले में इतिहास बनना तय है, क्योंकि एक ओर बेहतरीन फॉर्म में चल रहे जोकोविक हैं जो यदि इस टूर्नामेंट पर कब्जा करते हैं तो वह 43 वर्ष में ओपन एरा में लगातार चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। दूसरी ओर, सातवीं बार चैम्पियन बनने के इरादे से उतरे बजरी के बादशाह नडाल यदि इस टूर्नामेंट को अपने नाम करने में सफल रहते हैं तो वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिसके नाम सात बार फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड होगा। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है। जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है।टिप्पणियां जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। जोकोविक के लिए नडाल को हराना आसान नहीं होगा, हालांकि जोकोविक ने पिछले वर्ष विम्बलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा उन्होंने इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। जोकोविक ने उपरोक्त तीनों ग्रैंड स्लैम फाइनल में नडाल को हराया है। दूसरी ओर, सातवीं बार चैम्पियन बनने के इरादे से उतरे बजरी के बादशाह नडाल यदि इस टूर्नामेंट को अपने नाम करने में सफल रहते हैं तो वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिसके नाम सात बार फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड होगा। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है। जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है।टिप्पणियां जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। जोकोविक के लिए नडाल को हराना आसान नहीं होगा, हालांकि जोकोविक ने पिछले वर्ष विम्बलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा उन्होंने इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। जोकोविक ने उपरोक्त तीनों ग्रैंड स्लैम फाइनल में नडाल को हराया है। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है। जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है।टिप्पणियां जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। जोकोविक के लिए नडाल को हराना आसान नहीं होगा, हालांकि जोकोविक ने पिछले वर्ष विम्बलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा उन्होंने इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। जोकोविक ने उपरोक्त तीनों ग्रैंड स्लैम फाइनल में नडाल को हराया है। जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है।टिप्पणियां जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। जोकोविक के लिए नडाल को हराना आसान नहीं होगा, हालांकि जोकोविक ने पिछले वर्ष विम्बलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा उन्होंने इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। जोकोविक ने उपरोक्त तीनों ग्रैंड स्लैम फाइनल में नडाल को हराया है। जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। जोकोविक के लिए नडाल को हराना आसान नहीं होगा, हालांकि जोकोविक ने पिछले वर्ष विम्बलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा उन्होंने इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। जोकोविक ने उपरोक्त तीनों ग्रैंड स्लैम फाइनल में नडाल को हराया है। जोकोविक के लिए नडाल को हराना आसान नहीं होगा, हालांकि जोकोविक ने पिछले वर्ष विम्बलडन और अमेरिकी ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा उन्होंने इस वर्ष जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। जोकोविक ने उपरोक्त तीनों ग्रैंड स्लैम फाइनल में नडाल को हराया है।
संक्षिप्त पाठ: वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त सर्बियाई टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक के सामने रविवार को 'लाल बजरी के बादशाह' स्पेन के राफेल नडाल होंगे।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: एक सर्वेक्षण के मुताबिक फ्रांस के निवासी सबसे ज्यादा उदास रहते हैं और भारतीय सबसे आशावादी होते हैं। बीवीए-गैलप के 53 देशों के सर्वे के मुताबिक निराशावादियों की सूची में फ्रांसीसी पहले स्थान पर आते हैं। सर्वे के दौरान 61 प्रतिशत फ्रांसीसी लोगों ने कहा वर्ष 2011 वित्तीय परेशानियों से भरा साल होगा। 'डेली मेल' के रिपोर्ट अनुसार, 52 प्रतिशत मत के साथ ब्रिटेन दूसरे, 48 प्रतिशत मत के साथ स्पेन तीसरे और 41 प्रतिशत मत के साथ इटली के निवासी चौथे स्थान पर हैं, जो निराशावादी हैं। सर्वे में 67 प्रतिशत फ्रांसवासियों को लगता है कि अगले 12 महीनों में बेरोजगारी बढ़ेगी। ब्रिटेन में भी बेरोजगारी एक बड़ा कारण रहा। वहां 74 प्रतिशत लोगों को लगता है कि इस साल बेरोजगारी बढ़ेगी। यूरोप की निराशावादिता के विपरीत एशिया, दक्षिणी अमेरिका और अफ्रीका के उभरती अर्थव्यवस्था के लोग आशावादी हैं। इन देशों के लोग नए साल को लेकर आशावादी हैं। भारत, ब्राजील और चीन में 49 प्रतिशत लोगों को लगता है कि वर्ष 2011 आर्थिक दृष्टि से बेहतर होगा, जबकि 14 प्रतिशत को लगता है कि कुछ मुश्किलें आ सकती हैं। सर्वे के मुताबिक नाइजीरिया और वियतनाम के लोग सबसे आशावादी हैं। वियतनाम के 70 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वर्ष 2011 में आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। नाइजीरिया में 80 प्रतिशत लोगों को लगता है कि इस साल वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। सर्वे वर्ष 2010 में 11 अक्टूबर से 13 दिसंबर तक 53 देशों में किया गया। इसमें करीब 63,000 लोगों से विभिन्न माध्यमों से जानकारी ली गई।
एक सर्वेक्षण के मुताबिक फ्रांस के निवासी सबसे ज्यादा उदास रहते हैं और भारतीय सबसे आशावादी होते हैं। बीवीए-गैलप के 53 देशों के सर्वे के मुताबिक निराशावादियों की सूची में फ्रांसीसी पहले स्थान पर आते हैं।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विकीलीक्स के केबल से यह उजागर हुआ है कि विभिन्न देशों के राजदूतों की एक बैठक में भारत ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता और 26/11 को मुंबई पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच में सहायता देने में उसकी भूमिका पर सवाल खड़ा किया था। केबल में अमेरिका के राजदूत डेविड मलफोर्ड और 14 अन्य राजदूतों के साथ पांच जनवरी 2009 को तत्कालीन विदेश सचिव शिवशंकर मेनन की बैठक के बारे में जानकारी दी गई है। इस बैठक में मेनन ने मुंबई पर आतंकवादी हमलों का संबंध पाकिस्तान से जोड़े जाने संबंधी डोजियर पेश किया था। 26/11 के दो महीने बाद आयोजित इस बैठक में ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन आयुक्त ने पाकिस्तान द्वारा प्रस्तावित संयुक्त जांच व्यवस्था के बारे में सवाल किया था। मेनन ने इसके जवाब में कहा था, मूल समस्या यह है कि पाकिस्तान हमलों के साथ किसी भी संबंध से हमेशा इनकार करता रहा है। जब वह इस बात से इंकार ही करता रहेगा तो वहां जांच करने के लिए संयुक्त व्यवस्था का क्या लाभ होगा?
संक्षिप्त सारांश: केबल में मलफोर्ड और 14 अन्य राजदूतों के साथ 5 जनवरी 2009 को तत्कालीन विदेश सचिव मेनन की बैठक के बारे में जानकारी दी गई है।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेत्री शबाना आजमी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करते हुए कहा कि करन जौहर की फिल्म ''ऐ दिल है मुश्किल'' को लेकर चल रहे विवादों के बीच कानून-व्यवस्था लागू करने के बजाए उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ ''सौदा किया.'' जौहर के साथ प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष मुकेश भट्ट ने शनिवार को फडणवीस और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ मुलाकात की जिनकी पार्टी फिल्म के रिलीज होने का विरोध कर रही थी. फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान भी हैं. बैठक में निर्णय किया गया कि बॉलीवुड के फिल्म निर्माता भविष्य में पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करेंगे और जौहर को फिल्म की शुरुआत में उरी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने का जिक्र होगा. आजमी (66) ने ट्विटर पर पोस्ट किया, ''कितना दुखद मामला है. मुख्यमंत्री सौदा कराते हैं और पांच करोड़ में देशभक्ति खरीदते हैं. जबकि गृह मंत्री ने ऐ दिल है मुश्किल (ऐडीएचएम) को शांतिपूर्ण तरीके से रिलीज कराए जाने का भरोसा दिलाया था.''  उन्होंने कहा, ''संघ परिवार अलग भाषा में बोलता है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के बजाए सौदा कराते हैं.'' टिप्पणियां मनसे की आलोचना करते हुए आजमी ने कहा कि उनकी पार्टी लोगों की देशभक्ति तय करती है. उन्होंने कहा, ''क्या मनसे तय करेगा कि मैं देशभक्त हूं या नहीं? मैं भारतीय संविधान के समक्ष झुकती हूं राज ठाकरे के समक्ष नहीं. किसकी देशभक्ति पर सवाल करने की जरूरत है?''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जौहर के साथ प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष मुकेश भट्ट ने शनिवार को फडणवीस और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ मुलाकात की जिनकी पार्टी फिल्म के रिलीज होने का विरोध कर रही थी. फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान भी हैं. बैठक में निर्णय किया गया कि बॉलीवुड के फिल्म निर्माता भविष्य में पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करेंगे और जौहर को फिल्म की शुरुआत में उरी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने का जिक्र होगा. आजमी (66) ने ट्विटर पर पोस्ट किया, ''कितना दुखद मामला है. मुख्यमंत्री सौदा कराते हैं और पांच करोड़ में देशभक्ति खरीदते हैं. जबकि गृह मंत्री ने ऐ दिल है मुश्किल (ऐडीएचएम) को शांतिपूर्ण तरीके से रिलीज कराए जाने का भरोसा दिलाया था.''  उन्होंने कहा, ''संघ परिवार अलग भाषा में बोलता है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के बजाए सौदा कराते हैं.'' टिप्पणियां मनसे की आलोचना करते हुए आजमी ने कहा कि उनकी पार्टी लोगों की देशभक्ति तय करती है. उन्होंने कहा, ''क्या मनसे तय करेगा कि मैं देशभक्त हूं या नहीं? मैं भारतीय संविधान के समक्ष झुकती हूं राज ठाकरे के समक्ष नहीं. किसकी देशभक्ति पर सवाल करने की जरूरत है?''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बैठक में निर्णय किया गया कि बॉलीवुड के फिल्म निर्माता भविष्य में पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करेंगे और जौहर को फिल्म की शुरुआत में उरी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने का जिक्र होगा. आजमी (66) ने ट्विटर पर पोस्ट किया, ''कितना दुखद मामला है. मुख्यमंत्री सौदा कराते हैं और पांच करोड़ में देशभक्ति खरीदते हैं. जबकि गृह मंत्री ने ऐ दिल है मुश्किल (ऐडीएचएम) को शांतिपूर्ण तरीके से रिलीज कराए जाने का भरोसा दिलाया था.''  उन्होंने कहा, ''संघ परिवार अलग भाषा में बोलता है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के बजाए सौदा कराते हैं.'' टिप्पणियां मनसे की आलोचना करते हुए आजमी ने कहा कि उनकी पार्टी लोगों की देशभक्ति तय करती है. उन्होंने कहा, ''क्या मनसे तय करेगा कि मैं देशभक्त हूं या नहीं? मैं भारतीय संविधान के समक्ष झुकती हूं राज ठाकरे के समक्ष नहीं. किसकी देशभक्ति पर सवाल करने की जरूरत है?''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आजमी (66) ने ट्विटर पर पोस्ट किया, ''कितना दुखद मामला है. मुख्यमंत्री सौदा कराते हैं और पांच करोड़ में देशभक्ति खरीदते हैं. जबकि गृह मंत्री ने ऐ दिल है मुश्किल (ऐडीएचएम) को शांतिपूर्ण तरीके से रिलीज कराए जाने का भरोसा दिलाया था.''  उन्होंने कहा, ''संघ परिवार अलग भाषा में बोलता है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के बजाए सौदा कराते हैं.'' टिप्पणियां मनसे की आलोचना करते हुए आजमी ने कहा कि उनकी पार्टी लोगों की देशभक्ति तय करती है. उन्होंने कहा, ''क्या मनसे तय करेगा कि मैं देशभक्त हूं या नहीं? मैं भारतीय संविधान के समक्ष झुकती हूं राज ठाकरे के समक्ष नहीं. किसकी देशभक्ति पर सवाल करने की जरूरत है?''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मनसे की आलोचना करते हुए आजमी ने कहा कि उनकी पार्टी लोगों की देशभक्ति तय करती है. उन्होंने कहा, ''क्या मनसे तय करेगा कि मैं देशभक्त हूं या नहीं? मैं भारतीय संविधान के समक्ष झुकती हूं राज ठाकरे के समक्ष नहीं. किसकी देशभक्ति पर सवाल करने की जरूरत है?''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: मनसे के साथ सौदा करने का आरोप लगाया मुख्‍यमंत्री को कानून व्‍यवस्‍था लागू करानी चाहिए फिल्‍म रिलीज पर प्रोड्यूसर्स गिल्ड और मनसे के बीच समझौता हुआ
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एफआईएच ने भले ही भारत से चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी छीनने का कारण भारतीय हाकी में जारी सत्ता का संघर्ष बताया हो लेकिन इसकी वजह वे पांच लाख डॉलर भी हो सकते हैं जो उसके भारत पर बकाया हैं। एफआईएच 2010 पुरुष हॉकी विश्व कप भारत में पिछले साल फरवरी मार्च में खेला गया था। सूत्रों ने बताया कि एफआईएच अध्यक्ष लिएंड्रो नेग्रे ने चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी वापिस लेने के फैसले से अवगत कराने के लिए खेल मंत्रालय को लिखे पत्र में उन पांच लाख डॉलर (करीब सवा दो करोड़ रुपये) का भी जिक्र किया है जो भारत पर बकाया है। सूत्रों ने कहा, नेग्रे ने कहा है कि एफआईएच कार्यकारी बोर्ड ने दिल्ली में 2010 में हुए पुरुष हाकी विश्व कप के आयोजन के बकाया पांच लाख डॉलर के बारे में भी पूछा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने यह पैसा जारी करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा, एफआईएच अध्यक्ष ने खेल मंत्रालय से पूछा है कि यह रकम जारी क्यों नहीं की गई। यह एफआईएच की संपत्ति है और उसे आगे भुगतान करने के लिए इसकी जरूरत है। इस बारे में पूछने पर खेलमंत्री अजय माकन ने कहा, एफआईएच को भारतीय हॉकी से जुड़े प्रशासनिक मसलों पर हम स्पष्टीकरण दे सकते हैं लेकिन अगर कोई व्यावसायिक या आर्थिक मसला है तो वह मेरी जानकारी में नहीं है। यह उन्हें खुद देखना होगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत से चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी छीनने का कारण वे पांच लाख डॉलर भी हो सकते हैं जो उसके भारत पर बकाया हैं।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिणी दिल्‍ली के तुगलकाबाद के पुल प्रहलादपुर में गैस लीक होने से 300 से भी अधिक स्‍कूली छात्राओं को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. ये सभी छात्राएं रानी लक्ष्‍मी सर्वोदय कन्‍या विद्यालय की हैं. बेहोश हुए सभी बच्चियों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. पूरे स्‍कूल को खाली करा लिया गया है. 100 से अधिक बच्चियों को स्‍कूल से निकाला गया है. तीन अलग-अलग अस्‍पतालों में बच्चियों को भर्ती कराया गया है. एजेंसी एएनआई के मुताबिक नौ टीचरों को भी भर्ती कराया गया है. अस्‍पताल के मुताबिक सभी छात्राओं की हालत खतरे से बाहर है. इनका हाल जानने के लिए उपराज्‍यपाल अनिल बैजल अस्‍पताल पहुंचे. दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया भी बच्चियों का हाल जानने के लिए अस्‍पताल पहुंचे. केजरीवाल ने कहा,''स्थिति नियंत्रण में है. डॉक्‍टरों ने कहा है कि चिंता करने की कोई बात नहीं है.'' उन्‍होंने कहा कि मामले में पुलिस केस रजिस्‍टर किया गया है. दरअसल जब यह घटना हुई तब कक्षाएं चल रही थीं और बच्‍चों ने सांस लेने में दिक्‍कत की बात कही. स्‍कूल की वाइस प्रिंसिपल ने कहा कि गैस लीक होने की वजह से कुछ बच्‍चों ने आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की. स्‍कूल के पास स्थित कंटेनर डिपो से गैस के लीकेज होने की आशंका व्‍यक्‍त की जा रही है. मौके पर पुलिस और बचाव दल उपस्थित हैं. राहत कार्य पूरे जोर-शोर से चल रहे हैं. टिप्पणियां पुलिस के मुताबिक तुगलकाबाद के कस्‍टम इलाके में यह घटना घटी. कंटेनर डिपो से गैस लीक होने का अनुमान व्‍यक्‍त किया जा रहा है. दिल्‍ली फायर सर्विस के अधिकारियों को सबेरे करीब 7:35 मिनट पर घटना के बारे में सूचित किया गया. फायर विभाग का कहना है कि हालांकि गैस लीक होने की वजह का अभी तक कारण स्‍पष्‍ट नहीं है लेकिन इसको नियंत्रित करने के लिए सात टीमें वहां भेजी गई हैं.   दिल्ली के प्रहलादपुर में गैस लीक की घटना में घायल हुए बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वह अस्‍पताल जाएंगे और उन्‍होंने कुछ बच्‍चों से फोन पर बात की है. उन्‍होंने कहा, ''मैंने डीएम से मामले की जांच के लिए कहा है...डॉक्‍टरों ने भी बताया कि कोई समस्‍या नहीं है.'' दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया भी बच्चियों का हाल जानने के लिए अस्‍पताल पहुंचे. केजरीवाल ने कहा,''स्थिति नियंत्रण में है. डॉक्‍टरों ने कहा है कि चिंता करने की कोई बात नहीं है.'' उन्‍होंने कहा कि मामले में पुलिस केस रजिस्‍टर किया गया है. दरअसल जब यह घटना हुई तब कक्षाएं चल रही थीं और बच्‍चों ने सांस लेने में दिक्‍कत की बात कही. स्‍कूल की वाइस प्रिंसिपल ने कहा कि गैस लीक होने की वजह से कुछ बच्‍चों ने आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की. स्‍कूल के पास स्थित कंटेनर डिपो से गैस के लीकेज होने की आशंका व्‍यक्‍त की जा रही है. मौके पर पुलिस और बचाव दल उपस्थित हैं. राहत कार्य पूरे जोर-शोर से चल रहे हैं. टिप्पणियां पुलिस के मुताबिक तुगलकाबाद के कस्‍टम इलाके में यह घटना घटी. कंटेनर डिपो से गैस लीक होने का अनुमान व्‍यक्‍त किया जा रहा है. दिल्‍ली फायर सर्विस के अधिकारियों को सबेरे करीब 7:35 मिनट पर घटना के बारे में सूचित किया गया. फायर विभाग का कहना है कि हालांकि गैस लीक होने की वजह का अभी तक कारण स्‍पष्‍ट नहीं है लेकिन इसको नियंत्रित करने के लिए सात टीमें वहां भेजी गई हैं.   दिल्ली के प्रहलादपुर में गैस लीक की घटना में घायल हुए बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वह अस्‍पताल जाएंगे और उन्‍होंने कुछ बच्‍चों से फोन पर बात की है. उन्‍होंने कहा, ''मैंने डीएम से मामले की जांच के लिए कहा है...डॉक्‍टरों ने भी बताया कि कोई समस्‍या नहीं है.'' दरअसल जब यह घटना हुई तब कक्षाएं चल रही थीं और बच्‍चों ने सांस लेने में दिक्‍कत की बात कही. स्‍कूल की वाइस प्रिंसिपल ने कहा कि गैस लीक होने की वजह से कुछ बच्‍चों ने आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की. स्‍कूल के पास स्थित कंटेनर डिपो से गैस के लीकेज होने की आशंका व्‍यक्‍त की जा रही है. मौके पर पुलिस और बचाव दल उपस्थित हैं. राहत कार्य पूरे जोर-शोर से चल रहे हैं. टिप्पणियां पुलिस के मुताबिक तुगलकाबाद के कस्‍टम इलाके में यह घटना घटी. कंटेनर डिपो से गैस लीक होने का अनुमान व्‍यक्‍त किया जा रहा है. दिल्‍ली फायर सर्विस के अधिकारियों को सबेरे करीब 7:35 मिनट पर घटना के बारे में सूचित किया गया. फायर विभाग का कहना है कि हालांकि गैस लीक होने की वजह का अभी तक कारण स्‍पष्‍ट नहीं है लेकिन इसको नियंत्रित करने के लिए सात टीमें वहां भेजी गई हैं.   दिल्ली के प्रहलादपुर में गैस लीक की घटना में घायल हुए बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वह अस्‍पताल जाएंगे और उन्‍होंने कुछ बच्‍चों से फोन पर बात की है. उन्‍होंने कहा, ''मैंने डीएम से मामले की जांच के लिए कहा है...डॉक्‍टरों ने भी बताया कि कोई समस्‍या नहीं है.'' पुलिस के मुताबिक तुगलकाबाद के कस्‍टम इलाके में यह घटना घटी. कंटेनर डिपो से गैस लीक होने का अनुमान व्‍यक्‍त किया जा रहा है. दिल्‍ली फायर सर्विस के अधिकारियों को सबेरे करीब 7:35 मिनट पर घटना के बारे में सूचित किया गया. फायर विभाग का कहना है कि हालांकि गैस लीक होने की वजह का अभी तक कारण स्‍पष्‍ट नहीं है लेकिन इसको नियंत्रित करने के लिए सात टीमें वहां भेजी गई हैं.   दिल्ली के प्रहलादपुर में गैस लीक की घटना में घायल हुए बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वह अस्‍पताल जाएंगे और उन्‍होंने कुछ बच्‍चों से फोन पर बात की है. उन्‍होंने कहा, ''मैंने डीएम से मामले की जांच के लिए कहा है...डॉक्‍टरों ने भी बताया कि कोई समस्‍या नहीं है.'' दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वह अस्‍पताल जाएंगे और उन्‍होंने कुछ बच्‍चों से फोन पर बात की है. उन्‍होंने कहा, ''मैंने डीएम से मामले की जांच के लिए कहा है...डॉक्‍टरों ने भी बताया कि कोई समस्‍या नहीं है.''
संक्षिप्त पाठ: पास के कंटेनर डिपो से गैस लीक होने का अनुमान अस्‍पताल ने कहा-सभी बच्‍चे खतरे से बाहर स्‍कूल से 100 से भी अधिक बच्‍चों को निकाला गया
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुम्बई से हैदराबाद जा रहे स्पाइस जेट कम्पनी के विमान के केबिन में धुआं उठने के बाद शुक्रवार तड़के उसे आपात स्थिति में वापस मुम्बई हवाई अड्डे पर उतरना पड़ा। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह 5.29 बजे हुई। स्पाइस जेट के एसजी-401 विमान ने हैदराबाद के लिए उड़ान भरी थी। विमान में सवार एक यात्री अजीव पाटिल ने बताया कि विमान के उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही धुएं की वजह से यात्रियों की आंखों में जलन महसूस होने लगी। पाटिल ने बताया कि इससे यात्रियों में दहशत फैल गई। विमान के चालक ने घोषणा की कि विमान में तकनीकी खराबी की वजह से इसे वापस मुम्बई हवाई अड्डे पर उतारा जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि मुम्बई हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। विमान को सुबह 6.05 बजे सफलतापूर्वक उतार लिया गया। अधिकारी के मुताबिक विमान को एक अलग जगह पर ले जाया गया और 7.08 बजे आपात स्थित की चेतावनी वापस ले ली गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान विमानों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं हुई।
यह एक सारांश है: मुम्बई से हैदराबाद जा रहे स्पाइस जेट के विमान के केबिन में धुआं उठने के बाद उसे आपात स्थिति में वापस मुम्बई हवाई अड्डे पर उतरना पड़ा।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आईपीएल खिलाड़ी ल्यूक पॉमर्सबैच को शनिवार तक के लिए अंतरिम जमानत मिल गई है। उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है। ल्यूक को 20 हजार के निजी मुचलके पर जमानत मिली है। वहीं कोर्ट में कल सीसीटीवी फुटेज पेश किया जाएगा। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाड़ी ल्यूक पर अमेरिकी महिला से छेड़छाड़ का आरोप है। अब इस केस को महिला कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है। इससे पहले ल्यूक को गिरफ्तार किया गया था।  ल्यूक पॉमर्सबैच ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं। यह घटना चाणक्यपुरी के एक मशहूर होटल में पार्टी के दौरान घटी। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाड़ी ल्यूक पर अमेरिकी महिला से छेड़छाड़ का आरोप है। अब इस केस को महिला कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है। इससे पहले ल्यूक को गिरफ्तार किया गया था।  ल्यूक पॉमर्सबैच ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं। यह घटना चाणक्यपुरी के एक मशहूर होटल में पार्टी के दौरान घटी।
सारांश: एक अमेरिकी महिला ने ल्यूक पर आरोप लगाया है कि वह अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ आईपीएल मैच के बाद पार्टी से लौट रही थी, तभी क्रिकेटर ने उसके साथ छेड़छाड़ और मारपीट की।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिलीपींस में साओला तूफान से 41 लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने शनिवार को बताया कि साओला ने इसी हफ्ते की शुरुआत में फिलीपींस में प्रवेश किया था।टिप्पणियां 'नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट काउंसिल' के कार्यकारी निदेशक बेनितो रामोस ने कहा कि 35 लोग घायल हुए हैं और चार अन्य लापता हैं। तूफान के कारण कृषि एवं अवसंरचना क्षेत्र में लगभग 70 लाख डॉलर का नुकसान हुआ है। अधिकारी ने बताया कि 279968 लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने शनिवार को बताया कि साओला ने इसी हफ्ते की शुरुआत में फिलीपींस में प्रवेश किया था।टिप्पणियां 'नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट काउंसिल' के कार्यकारी निदेशक बेनितो रामोस ने कहा कि 35 लोग घायल हुए हैं और चार अन्य लापता हैं। तूफान के कारण कृषि एवं अवसंरचना क्षेत्र में लगभग 70 लाख डॉलर का नुकसान हुआ है। अधिकारी ने बताया कि 279968 लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। 'नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट काउंसिल' के कार्यकारी निदेशक बेनितो रामोस ने कहा कि 35 लोग घायल हुए हैं और चार अन्य लापता हैं। तूफान के कारण कृषि एवं अवसंरचना क्षेत्र में लगभग 70 लाख डॉलर का नुकसान हुआ है। अधिकारी ने बताया कि 279968 लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। तूफान के कारण कृषि एवं अवसंरचना क्षेत्र में लगभग 70 लाख डॉलर का नुकसान हुआ है। अधिकारी ने बताया कि 279968 लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं।
संक्षिप्त सारांश: समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने शनिवार को बताया कि साओला ने इसी हफ्ते की शुरुआत में फिलीपींस में प्रवेश किया था।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन और आसपास के इलाकों में दंगों के बावजूद भारत और इंग्लैंड के बीच बुधवार से तीसरा टेस्ट मैच तय कार्यक्रम के मुताबिक ही होगा। ये दंगे भले ही स्टेडियम से बहुत दूर नहीं हो रहे हों लेकिन अधिकारियों ने आज कहा कि मैच निर्धारित समय पर ही होगा। शहर के केन्द्र में कल रात दंगे हुये थे जिसकी वजह से भारत और इंग्लैंड की टीमें होटलों में ही रहीं। यहां दिक्कतें बढ़ने की आशंकाएं हैं। आयोजन स्थल एजबेस्टन शहर केन्द्र से केवल आठ किमी दूर है। अधिकारी पूरी घटना पर करीबी नजर रखे हुए हैं लेकिन उन्हें नहीं लगता कि मैच में कोई व्यवधान पड़ सकता है। दंगों के कारण लंदन और आसपास के इलाकों में सभी खेल आयोजन रद्द कर दिये गए हैं। इसमें इंग्लैंड और हालैंड के बीच दोस्ताना फुटबाल मैच शामिल है। वहीं एजबेस्टन में अधिकारियों ने कहा कि तीसरा टेस्ट निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप होगा। वार्विकशर काउंटी क्रिकेट क्लब की विज्ञप्ति में कहा गया कि इंग्लैंड और भारत के बीच तीसरा टेस्ट कल 11 बजे से शुरू होगा। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के संचार निदेशक स्टीव एलवर्थी ने कहा, हम कल मैच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हम पुलिस के संपर्क में हैं। डेली मेल ने वेस्ट मिडलैंड्स के पुलिस प्रवक्ता के हवाले से कहा कि इस समय टेस्ट रद्द करने का कोई कारण नजर नहीं आता। इंग्लैंड के क्रिकेटरों को कल से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट से पहले अपने अपने होटल में ही रूकने की सलाह दी गई है। अभी तक दंगों के सिलसिले में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा की शुरूआत तब हुई जब कथित रूप से पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। भारतीय टीम के मैनेजर अनिरूद्ध चौधरी ने बताया, हमें बोर्ड ने निर्देश दिये हैं कि कल रात जहां थे, वहीं रहें। हमें बाहर आने जाने से मना किया गया है। उन्होंने ईमेल से कहा, भारतीय टीम के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। टीम प्रबंधन हालात पर नजर रखे हुए है। भारतीय टीम शहर के बीचोंबीच होटल में ठहरी है जहां इंग्लैंड की टीम भी है। यह इलाका भी दंगाग्रस्त है। बीबीसी के अनुसार इंग्लैंड टीम के होटल से आधा मील दूरी पर स्थित बुल रिंग पर हेलिकाप्टर घूम रहे हैं और इंग्लैंड के खिलाड़ी महफूज हैं । इसने यह भी कहा कि इंग्लैंड की टीम आज अभ्यास करेगी।
संक्षिप्त पाठ: लंदन और आसपास के इलाकों में दंगों के बावजूद भारत और इंग्लैंड के बीच बुधवार से तीसरा टेस्ट मैच तय कार्यक्रम के मुताबिक ही होगा।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय द्वारा 122 2जी लाइसेंस रद्द करने के फैसले के बाद देश में निचली कॉल दरों का दौर खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि फोन की कॉल दरों में बढ़ोतरी इस फैसले के बाद लगभग तय है। इस समय देश में कॉल दरें दुनिया में सबसे कम दरों में से हैं। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद पुराने खिलाड़ियों को कॉल दरें बढ़ाकर अपना मार्जिन बढ़ाने का मौका मिलेगा। क्रिसिल रिसर्च के एक बयान में कहा गया है, ‘ऑपरेटरों की संख्या घटने से पुराने ऑपरेटर कॉल दरें बढ़ाने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे।’ बयान में कहा गया है कि लाइसेंस रद्द होने के कारण जो नए ऑपरेटर आएंगे उन्हें स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिये किया जाएगा। इससे उनकी लागत बढ़ जाएगी, जिससे निश्चित रूप से कॉल दरों में बढ़ोतरी होगी। गार्टनर ने कहा है कि लाइसेंस रद्द किए जाने से पुराने आपरेटरों के पास 3जी और अन्य ढांचे में अपने बढ़े निवेश की लागत निकालने का मौका है। टिप्पणियां गार्टनर के अनुसंधान निदेशक कमलेश भाटिया ने कहा, ‘सामान्य तौर पर हम दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। मार्जिन पर दबाव की वजह से पुराने आपरेटर दरों में बढ़ोतरी कर 3जी और बीडब्ल्यूए में किए गए अपने निवेश को निकालने का प्रयास करेंगे।’ विशेषज्ञों ने कहा कि इससे कॉल दरें तर्कसंगत हो सकेंगी। कॉल दरें प्रतिस्पर्धा की वजह से कृत्रिम हो गई थीं। नई दूरसंचार ऑपरेटर यूनिनॉर ने कहा कि दिल्ली में मोबाइल उपभोक्ता कुछ सेवा क्षेत्रों में मुंबई की तुलना में 60 फीसद ऊंची दर अदा कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के फैसले से यूनिनॉर का लाइसेंस भी रद्द हुआ है। यूनिनॉर दो पैसे प्रति मिनट की कॉल दर की पेशकश कर रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि फोन की कॉल दरों में बढ़ोतरी इस फैसले के बाद लगभग तय है। इस समय देश में कॉल दरें दुनिया में सबसे कम दरों में से हैं। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद पुराने खिलाड़ियों को कॉल दरें बढ़ाकर अपना मार्जिन बढ़ाने का मौका मिलेगा। क्रिसिल रिसर्च के एक बयान में कहा गया है, ‘ऑपरेटरों की संख्या घटने से पुराने ऑपरेटर कॉल दरें बढ़ाने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे।’ बयान में कहा गया है कि लाइसेंस रद्द होने के कारण जो नए ऑपरेटर आएंगे उन्हें स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिये किया जाएगा। इससे उनकी लागत बढ़ जाएगी, जिससे निश्चित रूप से कॉल दरों में बढ़ोतरी होगी। गार्टनर ने कहा है कि लाइसेंस रद्द किए जाने से पुराने आपरेटरों के पास 3जी और अन्य ढांचे में अपने बढ़े निवेश की लागत निकालने का मौका है। टिप्पणियां गार्टनर के अनुसंधान निदेशक कमलेश भाटिया ने कहा, ‘सामान्य तौर पर हम दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। मार्जिन पर दबाव की वजह से पुराने आपरेटर दरों में बढ़ोतरी कर 3जी और बीडब्ल्यूए में किए गए अपने निवेश को निकालने का प्रयास करेंगे।’ विशेषज्ञों ने कहा कि इससे कॉल दरें तर्कसंगत हो सकेंगी। कॉल दरें प्रतिस्पर्धा की वजह से कृत्रिम हो गई थीं। नई दूरसंचार ऑपरेटर यूनिनॉर ने कहा कि दिल्ली में मोबाइल उपभोक्ता कुछ सेवा क्षेत्रों में मुंबई की तुलना में 60 फीसद ऊंची दर अदा कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के फैसले से यूनिनॉर का लाइसेंस भी रद्द हुआ है। यूनिनॉर दो पैसे प्रति मिनट की कॉल दर की पेशकश कर रही थी। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद पुराने खिलाड़ियों को कॉल दरें बढ़ाकर अपना मार्जिन बढ़ाने का मौका मिलेगा। क्रिसिल रिसर्च के एक बयान में कहा गया है, ‘ऑपरेटरों की संख्या घटने से पुराने ऑपरेटर कॉल दरें बढ़ाने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे।’ बयान में कहा गया है कि लाइसेंस रद्द होने के कारण जो नए ऑपरेटर आएंगे उन्हें स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिये किया जाएगा। इससे उनकी लागत बढ़ जाएगी, जिससे निश्चित रूप से कॉल दरों में बढ़ोतरी होगी। गार्टनर ने कहा है कि लाइसेंस रद्द किए जाने से पुराने आपरेटरों के पास 3जी और अन्य ढांचे में अपने बढ़े निवेश की लागत निकालने का मौका है। टिप्पणियां गार्टनर के अनुसंधान निदेशक कमलेश भाटिया ने कहा, ‘सामान्य तौर पर हम दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। मार्जिन पर दबाव की वजह से पुराने आपरेटर दरों में बढ़ोतरी कर 3जी और बीडब्ल्यूए में किए गए अपने निवेश को निकालने का प्रयास करेंगे।’ विशेषज्ञों ने कहा कि इससे कॉल दरें तर्कसंगत हो सकेंगी। कॉल दरें प्रतिस्पर्धा की वजह से कृत्रिम हो गई थीं। नई दूरसंचार ऑपरेटर यूनिनॉर ने कहा कि दिल्ली में मोबाइल उपभोक्ता कुछ सेवा क्षेत्रों में मुंबई की तुलना में 60 फीसद ऊंची दर अदा कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के फैसले से यूनिनॉर का लाइसेंस भी रद्द हुआ है। यूनिनॉर दो पैसे प्रति मिनट की कॉल दर की पेशकश कर रही थी। बयान में कहा गया है कि लाइसेंस रद्द होने के कारण जो नए ऑपरेटर आएंगे उन्हें स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिये किया जाएगा। इससे उनकी लागत बढ़ जाएगी, जिससे निश्चित रूप से कॉल दरों में बढ़ोतरी होगी। गार्टनर ने कहा है कि लाइसेंस रद्द किए जाने से पुराने आपरेटरों के पास 3जी और अन्य ढांचे में अपने बढ़े निवेश की लागत निकालने का मौका है। टिप्पणियां गार्टनर के अनुसंधान निदेशक कमलेश भाटिया ने कहा, ‘सामान्य तौर पर हम दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। मार्जिन पर दबाव की वजह से पुराने आपरेटर दरों में बढ़ोतरी कर 3जी और बीडब्ल्यूए में किए गए अपने निवेश को निकालने का प्रयास करेंगे।’ विशेषज्ञों ने कहा कि इससे कॉल दरें तर्कसंगत हो सकेंगी। कॉल दरें प्रतिस्पर्धा की वजह से कृत्रिम हो गई थीं। नई दूरसंचार ऑपरेटर यूनिनॉर ने कहा कि दिल्ली में मोबाइल उपभोक्ता कुछ सेवा क्षेत्रों में मुंबई की तुलना में 60 फीसद ऊंची दर अदा कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के फैसले से यूनिनॉर का लाइसेंस भी रद्द हुआ है। यूनिनॉर दो पैसे प्रति मिनट की कॉल दर की पेशकश कर रही थी। गार्टनर ने कहा है कि लाइसेंस रद्द किए जाने से पुराने आपरेटरों के पास 3जी और अन्य ढांचे में अपने बढ़े निवेश की लागत निकालने का मौका है। टिप्पणियां गार्टनर के अनुसंधान निदेशक कमलेश भाटिया ने कहा, ‘सामान्य तौर पर हम दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। मार्जिन पर दबाव की वजह से पुराने आपरेटर दरों में बढ़ोतरी कर 3जी और बीडब्ल्यूए में किए गए अपने निवेश को निकालने का प्रयास करेंगे।’ विशेषज्ञों ने कहा कि इससे कॉल दरें तर्कसंगत हो सकेंगी। कॉल दरें प्रतिस्पर्धा की वजह से कृत्रिम हो गई थीं। नई दूरसंचार ऑपरेटर यूनिनॉर ने कहा कि दिल्ली में मोबाइल उपभोक्ता कुछ सेवा क्षेत्रों में मुंबई की तुलना में 60 फीसद ऊंची दर अदा कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के फैसले से यूनिनॉर का लाइसेंस भी रद्द हुआ है। यूनिनॉर दो पैसे प्रति मिनट की कॉल दर की पेशकश कर रही थी। गार्टनर के अनुसंधान निदेशक कमलेश भाटिया ने कहा, ‘सामान्य तौर पर हम दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। मार्जिन पर दबाव की वजह से पुराने आपरेटर दरों में बढ़ोतरी कर 3जी और बीडब्ल्यूए में किए गए अपने निवेश को निकालने का प्रयास करेंगे।’ विशेषज्ञों ने कहा कि इससे कॉल दरें तर्कसंगत हो सकेंगी। कॉल दरें प्रतिस्पर्धा की वजह से कृत्रिम हो गई थीं। नई दूरसंचार ऑपरेटर यूनिनॉर ने कहा कि दिल्ली में मोबाइल उपभोक्ता कुछ सेवा क्षेत्रों में मुंबई की तुलना में 60 फीसद ऊंची दर अदा कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के फैसले से यूनिनॉर का लाइसेंस भी रद्द हुआ है। यूनिनॉर दो पैसे प्रति मिनट की कॉल दर की पेशकश कर रही थी। विशेषज्ञों ने कहा कि इससे कॉल दरें तर्कसंगत हो सकेंगी। कॉल दरें प्रतिस्पर्धा की वजह से कृत्रिम हो गई थीं। नई दूरसंचार ऑपरेटर यूनिनॉर ने कहा कि दिल्ली में मोबाइल उपभोक्ता कुछ सेवा क्षेत्रों में मुंबई की तुलना में 60 फीसद ऊंची दर अदा कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के फैसले से यूनिनॉर का लाइसेंस भी रद्द हुआ है। यूनिनॉर दो पैसे प्रति मिनट की कॉल दर की पेशकश कर रही थी।
संक्षिप्त सारांश: उच्चतम न्यायालय द्वारा 122 2जी लाइसेंस रद्द करने के फैसले के बाद देश में निचली कॉल दरों का दौर खत्म हो जाएगा।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गृहमंत्री पी चिदंबरम ने चालू वित्तवर्ष में 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल होने की उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी के दौर में भारत और चीन ही दो बड़े राष्ट्र रहे, जो लगातार उच्च आर्थिक वृद्धि हासिल करते रहे। राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज द्वारा प्रायोजित और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित चार दिवसीय विकास सम्मेलन को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा, अमेरिका में पुराने बैंक ताश के पत्तों से बने घर की तरह गिर पड़े, यूरोप में भी कई बैंक ध्वस्त हो गए। कई देशों में आर्थिक वृद्धि नकारात्मक हो गई। लेकिन बड़े देशों में चीन और भारत ही ऐसे रहे, जिनमें इस दौरान आर्थिक वृद्धि शून्य से नीचे नहीं गई, बल्कि अच्छी वृद्धि का रुख बना रहा। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट के दौर में भी भारत की आर्थिक वृद्धि अच्छी बनी रही। 2004 से लेकर 2008 के बीच भारत की औसत वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रही। वैश्विक वित्तीय संकट के दौर में भी भारत की आर्थिक वृद्धि 6.7 प्रतिशत रही। जहां एक तरफ अमेरिका में इस दौरान 1,000 से अधिक बैंक ध्वस्त हो गए, भारत में एक भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान संकट में नहीं फंसा। 2009-10 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। मुझे इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा अगर इस साल यह 9 प्रतिशत की दर से बढ़ती है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने इस साल 8.6 प्रतिशत वृद्धि का अग्रिम अनुमान जारी किया है। रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार 8.5 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के अनुमान पर टिके हैं। पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम ने कहा कि दुनिया के कई विकसित देश इस दौरान आर्थिक मंदी के शिकार हो गए। आइसलैंड जैसे यूरोप के कई देश दिवालिया हो गए। स्पेन और आयरलैंड दिवालिया होने की कगार तक पहुंच गए। अमेरिका, फ्रांस, रूस और जापान जैसे विकसित देशों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। यहां तक कि सिंगापुर में भी एक साल नकारात्मक वृद्धि रही। चिदंबरम ने कहा कि देश के आर्थिक विकास में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। निजी क्षेत्र के गतिशील रहने से सार्वजनिक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। इनकी बदौलत देश में ढांचागत सुविधाओं, सॉफ्टवेयर, इस्पात, खनन और धातुओं के क्षेत्र में काफी वृद्धि देखने को मिली है। प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री वायलर रवि ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने प्रवासी केरलवासियों से कहा कि वह राज्य में निवेश बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की परियोजनाओं में राज्य के प्रवासियों को निवेश के ज्यादा अवसर दिए जाने चाहिए।
संक्षिप्त सारांश: चिदंबरम ने 9% वृद्धि दर हासिल होने की उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि मंदी में भारत और चीन ही दो बड़े राष्ट्र रहे, जो उच्च आर्थिक वृद्धि हासिल करते रहे।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तृणमूल कांग्रेस के भारी विरोध की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भरोसा जताया कि ‘अस्थायी समस्याओं’ पर पार पा लिया जाएगा। सिंह ने कहा, ‘हमारी अपनी समस्याएं हैं लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि यदि हमारे अंदर इच्छा और दृढ संकल्प है तो हम इन अस्थायी समस्याओं पर पार पा लेंगे।’टिप्पणियां त्रिनिदाद और टोबैगो के प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिस्सेर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जब सिंह से पूछा गया कि क्या संप्रग सरकार का विकास एजेंडा प्रभावित हो रहा है क्योंकि गठबंधन के सहयोगी समस्याएं खड़ी कर रहे हैं तब उन्होंने यह बात कही। दार्शनिक अंदाज में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जीवन सार्थक नहीं होता यदि उसमें एकाध समस्या नहीं होती। हम व्यापक जटिलताओं और विविधताओं वाला विशाल देश हैं।’ उनका यह बयान इस मायने से काफी अहम है कि तृणमूल कांग्रेस के कड़े विरोध के चलते सरकार को खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश के फैसले पर रोक लगानी पड़ी थी और राज्यसभा में लोकपाल विधेयक को पारित करने का प्रयास बीच में छोड़ना पड़ा था। सिंह ने कहा, ‘हमारी अपनी समस्याएं हैं लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि यदि हमारे अंदर इच्छा और दृढ संकल्प है तो हम इन अस्थायी समस्याओं पर पार पा लेंगे।’टिप्पणियां त्रिनिदाद और टोबैगो के प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिस्सेर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जब सिंह से पूछा गया कि क्या संप्रग सरकार का विकास एजेंडा प्रभावित हो रहा है क्योंकि गठबंधन के सहयोगी समस्याएं खड़ी कर रहे हैं तब उन्होंने यह बात कही। दार्शनिक अंदाज में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जीवन सार्थक नहीं होता यदि उसमें एकाध समस्या नहीं होती। हम व्यापक जटिलताओं और विविधताओं वाला विशाल देश हैं।’ उनका यह बयान इस मायने से काफी अहम है कि तृणमूल कांग्रेस के कड़े विरोध के चलते सरकार को खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश के फैसले पर रोक लगानी पड़ी थी और राज्यसभा में लोकपाल विधेयक को पारित करने का प्रयास बीच में छोड़ना पड़ा था। त्रिनिदाद और टोबैगो के प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिस्सेर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जब सिंह से पूछा गया कि क्या संप्रग सरकार का विकास एजेंडा प्रभावित हो रहा है क्योंकि गठबंधन के सहयोगी समस्याएं खड़ी कर रहे हैं तब उन्होंने यह बात कही। दार्शनिक अंदाज में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जीवन सार्थक नहीं होता यदि उसमें एकाध समस्या नहीं होती। हम व्यापक जटिलताओं और विविधताओं वाला विशाल देश हैं।’ उनका यह बयान इस मायने से काफी अहम है कि तृणमूल कांग्रेस के कड़े विरोध के चलते सरकार को खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश के फैसले पर रोक लगानी पड़ी थी और राज्यसभा में लोकपाल विधेयक को पारित करने का प्रयास बीच में छोड़ना पड़ा था। दार्शनिक अंदाज में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जीवन सार्थक नहीं होता यदि उसमें एकाध समस्या नहीं होती। हम व्यापक जटिलताओं और विविधताओं वाला विशाल देश हैं।’ उनका यह बयान इस मायने से काफी अहम है कि तृणमूल कांग्रेस के कड़े विरोध के चलते सरकार को खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश के फैसले पर रोक लगानी पड़ी थी और राज्यसभा में लोकपाल विधेयक को पारित करने का प्रयास बीच में छोड़ना पड़ा था।
कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तृणमूल कांग्रेस के भारी विरोध की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भरोसा जताया कि ‘अस्थायी समस्याओं’ पर पार पा लिया जाएगा।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ आज (गुरुवार) देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं. दिल्ली में लाल किला के पास धारा 144 लगा दी गई है. प्रदर्शन कर रहे दर्जनों लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. वहीं बेंगलुरु में मशहूर इतिहासकर व लेखक रामचंद्र गुहा (Ramachandra Guha) को पुलिस ने हिरासत में लिया है. यहां करीब 30 प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया है. नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने आज शहर में मार्च निकालने का फैसला किया था. बेंगलुरु पुलिस ने इस प्रदर्शन की मंजूरी नहीं दी थी. जिसके बाद सुबह से ही मुख्य सड़कों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी. रामचंद्र गुहा भी प्रदर्शनकारियों के साथ मार्च में शामिल हुए, जिसके बाद पुलिस ने गुहा सहित 30 लोगों को हिरासत में ले लिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. कर्नाटक के कलबुर्गी में भी वामपंथी नेताओं और मुस्लिम संगठन से जुड़े नेताओं ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध किया. यहां विरोध कर रहे करीब 20 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. दूसरी ओर राजधानी दिल्ली के लाल किला इलाके में धारा 144 लागू होने के बाद भी सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी इस नए कानून का विरोध करने के लिए पहुंचे. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) लोकसभा में 9 दिसंबर, 2019 को पास होने के बाद 11 दिसंबर, 2019 को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पेश किया जहां एक लंबी बहस के बाद यह बिल पास हो गया. इस बिल के पास होने के बाद यह नागरिकता संशोधन कानून बन गया. इस कानून के विरोध में असम, बंगाल समेत देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए. 15 दिसंबर को इस कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई. इस प्रदर्शन में कई छात्रों समेत पुलिस के कुछ जवान भी घायल हो गए. जामिया की घटना के अगले दिन 16 दिसंबर, 2019 को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सीलमपुर में जमकर प्रदर्शन हुए. इस प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटना हुई. स्‍कूली बस पर भी पत्‍थर फेंके गए. इस प्रदर्शन में कुछ प्रदर्शनकारियों समेत पुलिस वाले भी घायल हुए. एक पुलिस चौकी को प्रदर्शनकारियों ने जला दिया. पुलिस ने हालात को काबू में किया और वहां चौकसी बढ़ा दी गई. 17 दिसंबर को देश के दूसरे हिस्‍सों में भी प्रदर्शन शुरू हो गए. जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के समर्थन में देश के कई यूनिवर्सिटी में भी प्रदर्शन हुए. कई यूनिवर्सिटी को 5 जनवरी, 2020 के लिए बंद कर दिया गया है और छात्रों से हॉस्‍टल खाली करा लिया गया. इस कानून के विरोध में दिल्‍ली के लाल किला पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. उधर जमा मस्जिद के इमाम ने कहा है कि इस कानून से देश के मुसलमानों को कोई लेना देना नहीं है. उन्‍हें नहीं डरना चाहिए. विरोध प्रदर्शन को देखते हुए 19 दिसंबर, 2019 को देश के कई हिस्‍सों में धारा 144 लागू कर दी गई है.    उधर गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि चाहे जितना भी विरोध हो इस कानून को वापस नहीं लिया जाएगा. उनका कहना है कि यह कानून देश की जनता के लिए नहीं है, यह कानून उन अल्‍पसंख्‍यक लोगों के लिए है जो अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान में धार्मिक रूप से प्रताडि़त होकर भारत में शणार्थी के रूप में आए हैं.
सारांश: नागरिकता संशोधन कानून का देशभर में विरोध हिरासत में लिए गए मशहूर लेखक रामचंद्र गुहा दिल्ली में भी हिरासत में लिए गए दर्जनों प्रदर्शनकारी
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में कर वसूली के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार और रणनीतिक प्रयास करने होंगे। मुखर्जी ने उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क के केंदीय बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि 2011-12 में 3,92,908 करोड़ रुपये के अप्रत्यक्ष कर वसूली का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य हासिल करने के लिए वे पूरे साल लगातार और रणनीतिक कोशिश करें। मुखर्जी उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क के केंद्रीय बोर्ड के मुख्य आयुक्तों और महानिदेशकों के सलाना सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कर से सम्बंधित मुकदमों को कम-से-कम रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक समिति द्वारा विभिन्न न्यायाधिकरणों के समक्ष अपील करने के लिए अधिकतम राशि पर सीमा लगाए जाने का सुझाव स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि इससे कर सम्बंधी मुकदमों में एक चौथाई तक कमी आएगी। वित्तीय क्षेत्र में सुधार के बारे में उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक निजी क्षेत्र की अन्य कम्पनियों को बैंकिंग लाइसेंस देने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश की नीति को और उदार बनाने पर विचार किया जा रहा है।
मुखर्जी ने कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में कर वसूली के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार और रणनीतिक प्रयास करने होंगे।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले, पुंछ जिले के मनकोट इलाके में पाकिस्तानी बलों की गोलीबारी में नसीम अख्तर नाम की महिला घायल हो गई. सलोत्री और मनकोट के अलावा पुंछ जिले के कृष्णाघाटी और बालाकोट इलाकों में भी गोलाबारी हुई. यह लगातार आठवां दिन है जब पाकिस्तानी बलों ने राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम का उल्लंघन किया है. बृहस्पतिवार को जम्मू कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में नियंत्रण रेखा के पास छह सेक्टरों में आम नागरिकों के इलाकों और अग्रिम चौकियों को निशाना बनाकर की गई पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में एक महिला की मौत हो गई और एक जवान घायल हो गया था. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया था. पाकिस्तानी सेना ने पिछले एक सप्ताह में 60 से ज्यादा बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया. पाकिस्तानी सेना ने जम्मू कश्मीर में पुंछ, राजौरी, जम्मू और बारामुला जिलों में 70 असैन्य और सीमावर्ती इलाकों को निशाना बनाया जिसमें एक महिला की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए. मौजूदा स्थिति के मद्देनजर अधिकारियों ने राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा से पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले शैक्षिक संस्थानों को अस्थायी तौर पर बंद करने का आदेश दिया है. उन्होंने सीमा पर रहने वाले सभी निवासियों से अपने घरों के भीतर रहने के लिए कहा है.
नियंत्रण रेखा पर पाक सैनिकों की भारी गोलाबारी इस गोलाबारी में तीन ग्रामीणों की मौत, दो घायल एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले लोकसभा चुनाव में बीएसपी का वोट शेयर 4.19 प्रतिशत था वहीं साल 2009 के लोकसभा चुनाव में 6.17 प्रतिशत था. इस चुनाव में बीएसपी ने 500 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 21 सीटों पर जीत दर्ज की थी. जिसमें 20 उत्तर प्रदेश थीं जबकि एक सीट मध्य प्रदेश से थी. इससे पहले सिर्फ 1996 के लोकसभा चुनाव में ही बीएसपी को उत्तर प्रदेश से बाहर सीटें मिली थी. जिसमें पंजाब से तीन, मध्य प्रदेश से दो जबकि उत्तर प्रदेश से 6 सीटें मिली थीं. कभी पार्टी के लिए गढ़ रहे उत्तर प्रदेश में हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. साल 2009 के चुनाव में जहां 27.42 प्रतिशत वोटों के साथ बीएसपी को 20 सीटें मिली थीं वहीं साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उसे 19.82 वोट मिले और एक भी सीट नहीं जीत पाई. आपको जानकारी हैरानी होगी कि 17 आरक्षित सीटो में 6 पर बीएसपी तीसरे नंबर पर रही थी. वहीं साल 2017 के विधानसभा चुनाव में मात्र 19 ही सीट जीत पाई थी. उसके खाते में 22 फीसदी वोट आए थे. इस बार मायावती ने अखिलेश, आंध प्रदेश में पवन कल्याण की जन सेना और छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के साथ गठबंधन किया है. मायावती के प्रधानमंत्री बनने की इच्छा का सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सम्मान किया है. उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश ने कई प्रधानमंत्री दिए हैं मुझे खुशी होगी अगर राज्य से कोई प्रधानमंत्री बनता है.' गठबंधन के साथ ही भले ही उनका समर्थन करें, लेकिन मायावती को पहले अपनी ही पार्टी के वोटबैंक को सुधारना होगा.
लगातार गिर रहा है बीएसपी वोट प्रतिशत 2014 में नहीं मिली थी एक भी सीट विधानसभा चुनाव में भी लचर प्रदर्शन
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: थल सेना अध्यक्ष जनरल वी के सिंह की उम्र को लेकर पैदा हुए विवाद पर सरकार ने अपना रुख और सख्त कर लिया है। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने साफ किया कि सेना प्रमुख की उम्र से जुड़े विवाद के लिए रक्षा मंत्रालय जिम्मेदार नहीं है बल्कि इस गलती के लिए सेना मुख्यालय ही जिम्मेदार है। एंटनी के मुताबिक इस मामले में सेना के ही दो ब्रांच आर्मी मिलिट्री और एडजुटेंट जनरल के कामकाज पर सवाल खड़े होते हैं। इन दोनों विभागों ने ही जनकल वी के सिंह की जन्मतिथि के दो अलग−अलग रिकॉर्ड दर्ज कर रखे हैं। रक्षा मंत्रालय ने सेना की एडजुटेंट ब्रांच से अपना रिकॉर्ड को दुरुस्त करने को कहा है जिसमें जनरल वी के सिंह की जन्म तिथि 10 मई 1951 दर्ज है। सरकार ने इसे दुरुस्त करके 10 मई 1950 करने को कहा है क्योंकि मिलिट्री सेक्रेटरी ब्रांच में यही तारीख दर्ज है। एंटनी के मुताबिक इस मामले में सेना के ही दो ब्रांच आर्मी मिलिट्री और एडजुटेंट जनरल के कामकाज पर सवाल खड़े होते हैं। इन दोनों विभागों ने ही जनकल वी के सिंह की जन्मतिथि के दो अलग−अलग रिकॉर्ड दर्ज कर रखे हैं। रक्षा मंत्रालय ने सेना की एडजुटेंट ब्रांच से अपना रिकॉर्ड को दुरुस्त करने को कहा है जिसमें जनरल वी के सिंह की जन्म तिथि 10 मई 1951 दर्ज है। सरकार ने इसे दुरुस्त करके 10 मई 1950 करने को कहा है क्योंकि मिलिट्री सेक्रेटरी ब्रांच में यही तारीख दर्ज है।
सारांश: रक्षा मंत्री एके एंटनी ने साफ किया कि सेना प्रमुख की उम्र से जुड़े विवाद के लिए रक्षा मंत्रालय जिम्मेदार नहीं है बल्कि इस गलती के लिए सेना मुख्यालय ही जिम्मेदार है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विवादों से घिरी आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत को तीन माह के अंदर ढहाने के केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की सिफारिश का महाराष्ट्र के विपक्षी दलों ने स्वागत किया है। शिव सेना विधायक सुभाष देसाई ने कहा, "हम पर्यावरण मंत्रालय और जयराम रमेश के फैसले का स्वागत करते हैं। लेकिन हमें चिंता इस बात की है कि सिफारिश का वास्तव में पालन होगा या नहीं।" उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि सोसायटी की इमारत को ढहाने के साथ घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।" सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने कहा कि इसी कड़ी में भूमि कानून में बदलाव के लिए भी राज्य सरकार को प्रेरित किया जाना चाहिए। ज्ञात हो कि पाटकर की गैर सरकारी संस्था आदर्श सोसायटी की इमारत के खिलाफ आवेदन देने वालों में से एक है। पाटकर ने कहा, "आदर्श घोटाले का मामला उजागर होने से एक बार फिर साबित हो गया है कि मुम्बई में भ्रष्टाचारियों की जड़ कितनी गहरी है। अपेक्षा की जाती है कि अवैध निर्माण ढहाने के साथ भूमि आवंटन एवं निर्माण सम्बंधी नियमों में संशोधन कर इसे और सशक्त बनाया जाएगा।" भारतीय जनता पाटी (भाजपा) प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा कि कई और इमारतें भी हैं जो तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) कानून का उल्लंघन कर बनाई गई हैं। भंडारी ने कहा, "पर्यावरण मंत्रालय को मुम्बई में सीआरजेड के नियमों का उल्लंघन कर बनाई गईं अन्य इमारतों पर भी गौर करना चाहिए।" उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सीआरजेड के नियमों के उल्लंघन के कारण रविवार को आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत को तीन माह के अंदर ढहाने का आदेश दिया है। सोसायटी ने हालांकि कहा है कि वह इस आदेश को अदालत में चुनौती देगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत को तीन माह के अंदर ढहाने के केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की सिफारिश का महाराष्ट्र के विपक्षी दलों ने स्वागत किया है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: छात्र की सिर्फ इतनी गलती थी की वह स्कूल में एक दूसरे छात्र से बात कर रहा था, फिर क्या था शिक्षक का चोला ओढ़े तथाकथित गुरु ने बच्चों को पीटना शुरू कर दिया। अध्यापक ने इतनी बेरहमी से पिटाई की कि छात्र के पैर की हड्डी ही टूट गई।टिप्पणियां यह पूरा मामला धनबाद जिले के एक नामी स्कूल डी-नोबिली स्कूल का है। डी-नोबिली स्कूल में एक शिक्षक सलाउद्दीन ने कक्षा छह के चार छात्रों की जमकर पिटाई कर दी। पिटाई से एक छात्र हर्षवर्धन के पैर की हड्डी टूट गई। शाम को छात्रों के अभिभावक ने स्कूल प्रबंधक से मिलकर इसकी शिकायत की और उस शिक्षक को तुरंत स्कूल से निकालने को कहा जिसपर प्रबंधक ने सख्त कदम उठाते हुए उस शिक्षक को स्कूल से बाहर कर दिया। यह पूरा मामला धनबाद जिले के एक नामी स्कूल डी-नोबिली स्कूल का है। डी-नोबिली स्कूल में एक शिक्षक सलाउद्दीन ने कक्षा छह के चार छात्रों की जमकर पिटाई कर दी। पिटाई से एक छात्र हर्षवर्धन के पैर की हड्डी टूट गई। शाम को छात्रों के अभिभावक ने स्कूल प्रबंधक से मिलकर इसकी शिकायत की और उस शिक्षक को तुरंत स्कूल से निकालने को कहा जिसपर प्रबंधक ने सख्त कदम उठाते हुए उस शिक्षक को स्कूल से बाहर कर दिया। डी-नोबिली स्कूल में एक शिक्षक सलाउद्दीन ने कक्षा छह के चार छात्रों की जमकर पिटाई कर दी। पिटाई से एक छात्र हर्षवर्धन के पैर की हड्डी टूट गई। शाम को छात्रों के अभिभावक ने स्कूल प्रबंधक से मिलकर इसकी शिकायत की और उस शिक्षक को तुरंत स्कूल से निकालने को कहा जिसपर प्रबंधक ने सख्त कदम उठाते हुए उस शिक्षक को स्कूल से बाहर कर दिया।
छात्र की सिर्फ इतनी गलती थी की वह स्कूल में एक दूसरे छात्र से बात कर रहा था, फिर क्या था शिक्षक का चोला ओढ़े तथाकथित गुरु ने बच्चों को पीटना शुरू कर दिया।
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['hin']