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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऐसे में जबकि कप्तान सचिन तेंदुलकर सहित मुम्बई इंडियंस के आठ प्रमुख खिलाड़ी चोट या फिर किसी अन्य कारण से चैम्पियंस लीग में नहीं खेल पा रहे हैं, प्रतियोगिता के आयोजकों ने इस टीम को गुरुवार को चार की जगह पांच विदेशी खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरने की अनुमति दे दी है। चैम्पियंस लीग की शुरुआत शुक्रवार से हो रही है। मुम्बई इंडियंस के लिए इंडियन प्रीमियर लीग के चौथे संस्करण में खेल चुके तेंदुलकर, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, अली मुर्तजा, मुनाफ पटेल और धवल कुलकर्णी, आदित्य तारे और पवन सुयाल इस वर्ष चैम्पियंस लीग में नहीं खेल रहे हैं। ऐसे में मुम्बई इंडियंस को एंड्रयू सायमंड्स, दिलहारा फर्नांडो, राजगोपाल सतीश, सरुल कंवर और अबू नचीम अहमद के साथ चैम्पियंस लीग में खेलने की अनुमति दी गई है। मुम्बई इंडियंस को ग्रुप-ए के पहले मुकाबले में शनिवार को मौजूदा चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स के साथ भिड़ना है।
यहाँ एक सारांश है:चैम्पियंस लीग में के आयोजकों ने मुंबई इंडियंस टीम को चार की जगह पांच विदेशी खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरने की अनुमति दे दी है।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केट चाहती हैं कि प्रिंस विलियम के साथ उनकी शादी में सब कुछ बहुत अच्छा हो। यह सुनिश्चित करने के लिए केट मिडलेटॉन ने अपनी शादी के बेस्ट मैन प्रिंस हैरी के साथ वेस्टमिनिस्टर एबे में रिहर्सल किया। केट और प्रिंस विलियम की शादी इसी महीने की 29 तारीख को होनी है। इस रिहर्सल में केट के साथ उनके मंगेतर प्रिंस विलियम के छोटे भाई प्रिंस हैरी, केट की छोटी बहन पीपा के अलावा उन ब्राइडसमेट और पेज ब्वॉयज ने भाग लिया, जो शाही शादी में शामिल होंगे। रिहर्सल के दौरान उन्होंने सीखा कि उस दिन उन्हें कब, क्या और कैसे करना है। विलियम इस रिहर्सल में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वे एंजलेस में रॉयल एयरफोर्स में बतौर खोजी और सहायता पहुंचाने वाले पायलट के रूप में काम कर रहे थे। एबे को शादी की रिहर्सल के कारण पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। केट की सबसे छोटी उम्र की ब्राइडसमेट महज तीन साल की हैं और वह वहां की भव्यता देखकर आश्चर्यचकित रह गई। महल के अधिकारियों ने शुक्रवार को शादी की विस्तृत समय-सारणी जारी की। उसमें बताया गया कि केट शादी से पहले अंतिम रात अपने परिवार के साथ गोरिंग होटल में बिताएंगी।
संक्षिप्त सारांश: विलियम रिहर्सल में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वे एंजलेस में रॉयल एयरफोर्स में बतौर खोजी और सहायता पहुंचाने वाले पायलट के रूप में काम कर रहे थे।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पदुकोण का कहना है कि उनके दोस्त और आने वाली फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के सह-कलाकार रणबीर कपूर मकड़ी और कॉकरोच से भी डर जाते हैं। दीपिका और रणबीर के बीच प्रेम प्रसंग मार्च 2008 में 'बचना ऐ हसीनों' में साथ काम करने के बाद से शुरू हुआ था, हालांकि नवंबर 2009 में दोनों अलग हो गए थे।टिप्पणियां दीपिका ने 'ये जवानी है दिवानी' फिल्म के प्रचार कार्यक्रम में कहा, अगर आप एक कमरे में हैं और वहां मकड़ी या कॉकरोच दिख जाए तो पक्का है कि बाकी लोग तो उसे भगाने में लग जाएंगे, लेकिन रणबीर पलंग के नीचे छुप जाएंगे। ये बात मैं अनुभव से बोल रही हूं। रणबीर और दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' में साथ नजर आएंगे। फिल्म 31 मई को प्रदर्शित हो रही है। दीपिका और रणबीर के बीच प्रेम प्रसंग मार्च 2008 में 'बचना ऐ हसीनों' में साथ काम करने के बाद से शुरू हुआ था, हालांकि नवंबर 2009 में दोनों अलग हो गए थे।टिप्पणियां दीपिका ने 'ये जवानी है दिवानी' फिल्म के प्रचार कार्यक्रम में कहा, अगर आप एक कमरे में हैं और वहां मकड़ी या कॉकरोच दिख जाए तो पक्का है कि बाकी लोग तो उसे भगाने में लग जाएंगे, लेकिन रणबीर पलंग के नीचे छुप जाएंगे। ये बात मैं अनुभव से बोल रही हूं। रणबीर और दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' में साथ नजर आएंगे। फिल्म 31 मई को प्रदर्शित हो रही है। दीपिका ने 'ये जवानी है दिवानी' फिल्म के प्रचार कार्यक्रम में कहा, अगर आप एक कमरे में हैं और वहां मकड़ी या कॉकरोच दिख जाए तो पक्का है कि बाकी लोग तो उसे भगाने में लग जाएंगे, लेकिन रणबीर पलंग के नीचे छुप जाएंगे। ये बात मैं अनुभव से बोल रही हूं। रणबीर और दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' में साथ नजर आएंगे। फिल्म 31 मई को प्रदर्शित हो रही है। रणबीर और दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' में साथ नजर आएंगे। फिल्म 31 मई को प्रदर्शित हो रही है।
दीपिका और रणबीर के बीच प्रेम प्रसंग मार्च 2008 में 'बचना ऐ हसीनों' में साथ काम करने के बाद से शुरू हुआ था, हालांकि नवंबर 2009 में दोनों अलग हो गए थे।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड की धमाकेदार जोड़ी टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) और ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) की फिल्म 'वॉर' (War) ने पहले दिन से ही बॉक्स ऑफिस पर कब्जा जमा लिया है. फिल्म के रिलीज होने से पहले ही 'वॉर' (War) ने प्री-बुकिंग के जरिए करीब 31-32 करोड़ रुपये की कमाई की थी. ऋतिक और टाइगर की 'वॉर' को लेकर दर्शकों में भी काफी क्रेज देखने को मिल रहा है. इतना ही नहीं, दोनों की 'वॉर' के लिए सिनेमाहॉल के बार लंबी लंबी कतारें लगी हैं. लेकिन हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी (Disha Patani) ने टाइगर श्रॉफ और ऋतिक रोशन की फिल्म पर अपना रिएक्शन दिया है, जिसने सबका खूब ध्यान खींचा है.  बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी (Disha Patani) ने टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) और ऋतिक रोशन  (Hrithik Roshan) की 'वॉर' (War) को दमदार बताया है. उन्होंने फिल्म पर रिएक्शन देते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी भी साझा की है. दिशा पटानी ने अपनी स्टोरी में लिखा, "यह तो कहना पड़ेगा कि यह सबसे जबरदस्त जोड़ी थी. ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ, आप दोनों ही काफी शानदार थे." बता दें कि दिशा पटानी और टाइगर श्रॉफ काफी अच्छे दोस्त हैं, दोनों एक-दूसरे की फोटो पर अक्सर कमेंट भी करते रहते हैं.  बता दें कि ऋतिक रोशन  (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ  (Tiger Shroff) की फिल्म  'वॉर' (War) को समीक्षकों से भी काफी अच्छे रिव्यू मिले हैं. इस फिल्म में दमदार एक्शन दिखाया गया है. हालांकि, फिल्म की जान ऋतिक रोशन ही माने जा रहे हैं, लेकिन टाइगर श्रॉफ भी अपनी भूमिका में खूब जमे हैं. वहीं, दिशा पटानी (Disha Patani) की बात करें तो एक्ट्रेस इन दिनों फिल्म 'मलंग' की तैयारी में लगी हुई हैं. हाल ही में इस फिल्म की शूटिंग पूरी हुई है, जिसकी खुशी एक्ट्रेस ने फोटो शेयर कर जताई थी. दिशा पटानी के साथ इस फिल्म में आदित्य रॉय कपूर और अनिल कपूर भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे.
संक्षिप्त सारांश: टाइगर श्रॉफ की फिल्म पर आया दिशा पटानी का रिएक्शन एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर की अपनी राय फिल्म 'वॉर' ने रिलीज के दिन से ही किया बॉक्स ऑफिस पर कब्जा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 30 साल की भारतीय श्रुति बसप्पा बेंगलुरू से आइसलैंड हवाई यात्रा कर रही थी जब फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान उन्हें कपड़े उतारने के लिए कहा. हालांकि श्रुति के पति जो आइसलैंड से ही हैं, जब पत्नी के जोर देने पर कमरे में आए तो सुरक्षाकर्मियों ने उन दोनों को जाने दिया. इस घटना के बाद श्रुति ने आक्रोश में आकर एक फेसबुक पोस्ट लिखा जिसमें उन्होंने 29 मार्च को हुई इस वारदात का खुलासा करते हुए लिखा 'अगर हमारे साथ कोई यूरोपीय साथी हो तभी हम ब्राउन शक के घेरे से बाहर होते हैं?' श्रुति ने बताया कि उनका पूरा बॉडी स्कैन किया गया लेकिन उसके बावजूद सुरक्षाकर्मी नहीं रुके. श्रुति ने जांचकर्ताओं से कहा कि वह थपथपाकर उनकी जांच कर सकते हैं और निवेदन किया कि ऐसा करते हुए वह सावधानी बरतें क्योंकि उनकी हाल ही में पेट की सर्जरी हुई है. उनके साथ मेडिकल रिकॉर्ड भी मौजूद थे लेकिन सुरक्षाकर्मी नहीं माने. बसप्पा पिछले छह साल से युरोप में रह रही हैं और उन्होंने इस वारदात को पूरी तरह रंगभेद का मामला बताया जिसकी उन्हें आदत सी पड़ गई थी. लंबी सी लाइन में किसी भी एक को चुनकर बाहर निकालना और उसकी जांच करना उनके लिए नई बात नहीं रही लेकिन श्रुति ने साथ ही यह भी कहा कि इस बार जो हुआ उसने सारी हदें पार कर दी. पेशे से आर्किटेक्ट श्रुति ने फेसबुक पर लिखा 'मुझसे मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा गया. क्या ये कोई नया नियम है? क्या इतना काफी नहीं था कि एक लाइन में से आप अपनी मर्जी से किसी भी व्यक्ति को बाहर निकाल लेते हैं कि अब मैं हाथ ऊपर करके अपने कपड़े उतारे जाने का भी इंतजार करूं? क्या मुझे पैरों को वैक्स करना होगा? क्या मुझे सोच समझकर यात्रा के लिए अंतरवस्त्र खरीदने होंगे जो कि मेरे पति को रिझाने के लिए नहीं, बल्कि एयरपोर्ट पर होने वाले इस तरह के शर्मनाक और घृणा से भरे कृत्य को छुपाने के लिए होंगे जिसे अब नकारा नहीं जा सकता?' एयरपोर्ट पर श्रुति बसप्पा ने सुरक्षा जांच के लिए अपने कपड़े उतारने से इंकार किया और वह अपने पति को अंदर बुलाए जाने की मांग करती रही. उन्होंने बताया कि अधिकारियों के बात करने का लहज़ा तब बदल गया जब उन्होंने श्रुति के पति को देखा जो कि एक आइसलैंडिक हैं. श्रुति लिखती हैं कि इसके तुरंत बाद पूरी कार्यवाही मामूली जांच में बदलकर रह गई लेकिन सुरक्षा कर्मी के इस रवैये ने 'मुझे और 'परेशान' कर दिया.'टिप्पणियां उन्होंने लिखा 'इसके बाद मैं खतरा नहीं रही. मैं सोचने पर मजबूर हो गई कि अगर मैं अकेली होती या मेरे पति यूरोपीय नहीं होते तो क्या होता?' फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में लिखे NDTV के मेल का जवाब नहीं दिया है. लेकिन बसप्पा के फेसबुक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से प्रतिक्रिया में दिया गया जवाब था कि 'यह सुनकर स्तब्ध हैं. जाहिर है यह कोई स्टैंडर्ड प्रोटोकोल नहीं है. हमें आपसे विस्तृत जानकारी चाहिए होगी. असल में क्या क्या हुआ था? यह कहां और कब हुआ था?' श्रुति ने NDTV से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस मामले में एयरपोर्ट पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी थी लेकिन अभी तक उनके पास कोई जवाब नहीं आया है. इससे पहले जनवरी में 33 साल की भारतीय मूल की सिंगापोरियन महिला ने भी शिकायत दर्ज की थी कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर जर्मन पुलिस ने उन्हें अपने स्तनों को दबाने के लिए कहा था ताकि पता चल सके कि वह बच्चे को दूध पिलाती हैं. दरअसल इस महिला के साथ ब्रेस्ट पंप था लेकिन वह अपने बच्चे के साथ यात्रा नहीं कर रही थी. इस पर जर्मन पुलिस ने महिला से यह साबित करने के लिए कहा कि वह बच्चे को स्तन पान करवाती हैं. श्रुति ने बताया कि उनका पूरा बॉडी स्कैन किया गया लेकिन उसके बावजूद सुरक्षाकर्मी नहीं रुके. श्रुति ने जांचकर्ताओं से कहा कि वह थपथपाकर उनकी जांच कर सकते हैं और निवेदन किया कि ऐसा करते हुए वह सावधानी बरतें क्योंकि उनकी हाल ही में पेट की सर्जरी हुई है. उनके साथ मेडिकल रिकॉर्ड भी मौजूद थे लेकिन सुरक्षाकर्मी नहीं माने. बसप्पा पिछले छह साल से युरोप में रह रही हैं और उन्होंने इस वारदात को पूरी तरह रंगभेद का मामला बताया जिसकी उन्हें आदत सी पड़ गई थी. लंबी सी लाइन में किसी भी एक को चुनकर बाहर निकालना और उसकी जांच करना उनके लिए नई बात नहीं रही लेकिन श्रुति ने साथ ही यह भी कहा कि इस बार जो हुआ उसने सारी हदें पार कर दी. पेशे से आर्किटेक्ट श्रुति ने फेसबुक पर लिखा 'मुझसे मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा गया. क्या ये कोई नया नियम है? क्या इतना काफी नहीं था कि एक लाइन में से आप अपनी मर्जी से किसी भी व्यक्ति को बाहर निकाल लेते हैं कि अब मैं हाथ ऊपर करके अपने कपड़े उतारे जाने का भी इंतजार करूं? क्या मुझे पैरों को वैक्स करना होगा? क्या मुझे सोच समझकर यात्रा के लिए अंतरवस्त्र खरीदने होंगे जो कि मेरे पति को रिझाने के लिए नहीं, बल्कि एयरपोर्ट पर होने वाले इस तरह के शर्मनाक और घृणा से भरे कृत्य को छुपाने के लिए होंगे जिसे अब नकारा नहीं जा सकता?' एयरपोर्ट पर श्रुति बसप्पा ने सुरक्षा जांच के लिए अपने कपड़े उतारने से इंकार किया और वह अपने पति को अंदर बुलाए जाने की मांग करती रही. उन्होंने बताया कि अधिकारियों के बात करने का लहज़ा तब बदल गया जब उन्होंने श्रुति के पति को देखा जो कि एक आइसलैंडिक हैं. श्रुति लिखती हैं कि इसके तुरंत बाद पूरी कार्यवाही मामूली जांच में बदलकर रह गई लेकिन सुरक्षा कर्मी के इस रवैये ने 'मुझे और 'परेशान' कर दिया.'टिप्पणियां उन्होंने लिखा 'इसके बाद मैं खतरा नहीं रही. मैं सोचने पर मजबूर हो गई कि अगर मैं अकेली होती या मेरे पति यूरोपीय नहीं होते तो क्या होता?' फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में लिखे NDTV के मेल का जवाब नहीं दिया है. लेकिन बसप्पा के फेसबुक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से प्रतिक्रिया में दिया गया जवाब था कि 'यह सुनकर स्तब्ध हैं. जाहिर है यह कोई स्टैंडर्ड प्रोटोकोल नहीं है. हमें आपसे विस्तृत जानकारी चाहिए होगी. असल में क्या क्या हुआ था? यह कहां और कब हुआ था?' श्रुति ने NDTV से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस मामले में एयरपोर्ट पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी थी लेकिन अभी तक उनके पास कोई जवाब नहीं आया है. इससे पहले जनवरी में 33 साल की भारतीय मूल की सिंगापोरियन महिला ने भी शिकायत दर्ज की थी कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर जर्मन पुलिस ने उन्हें अपने स्तनों को दबाने के लिए कहा था ताकि पता चल सके कि वह बच्चे को दूध पिलाती हैं. दरअसल इस महिला के साथ ब्रेस्ट पंप था लेकिन वह अपने बच्चे के साथ यात्रा नहीं कर रही थी. इस पर जर्मन पुलिस ने महिला से यह साबित करने के लिए कहा कि वह बच्चे को स्तन पान करवाती हैं. बसप्पा पिछले छह साल से युरोप में रह रही हैं और उन्होंने इस वारदात को पूरी तरह रंगभेद का मामला बताया जिसकी उन्हें आदत सी पड़ गई थी. लंबी सी लाइन में किसी भी एक को चुनकर बाहर निकालना और उसकी जांच करना उनके लिए नई बात नहीं रही लेकिन श्रुति ने साथ ही यह भी कहा कि इस बार जो हुआ उसने सारी हदें पार कर दी. पेशे से आर्किटेक्ट श्रुति ने फेसबुक पर लिखा 'मुझसे मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा गया. क्या ये कोई नया नियम है? क्या इतना काफी नहीं था कि एक लाइन में से आप अपनी मर्जी से किसी भी व्यक्ति को बाहर निकाल लेते हैं कि अब मैं हाथ ऊपर करके अपने कपड़े उतारे जाने का भी इंतजार करूं? क्या मुझे पैरों को वैक्स करना होगा? क्या मुझे सोच समझकर यात्रा के लिए अंतरवस्त्र खरीदने होंगे जो कि मेरे पति को रिझाने के लिए नहीं, बल्कि एयरपोर्ट पर होने वाले इस तरह के शर्मनाक और घृणा से भरे कृत्य को छुपाने के लिए होंगे जिसे अब नकारा नहीं जा सकता?' एयरपोर्ट पर श्रुति बसप्पा ने सुरक्षा जांच के लिए अपने कपड़े उतारने से इंकार किया और वह अपने पति को अंदर बुलाए जाने की मांग करती रही. उन्होंने बताया कि अधिकारियों के बात करने का लहज़ा तब बदल गया जब उन्होंने श्रुति के पति को देखा जो कि एक आइसलैंडिक हैं. श्रुति लिखती हैं कि इसके तुरंत बाद पूरी कार्यवाही मामूली जांच में बदलकर रह गई लेकिन सुरक्षा कर्मी के इस रवैये ने 'मुझे और 'परेशान' कर दिया.'टिप्पणियां उन्होंने लिखा 'इसके बाद मैं खतरा नहीं रही. मैं सोचने पर मजबूर हो गई कि अगर मैं अकेली होती या मेरे पति यूरोपीय नहीं होते तो क्या होता?' फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में लिखे NDTV के मेल का जवाब नहीं दिया है. लेकिन बसप्पा के फेसबुक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से प्रतिक्रिया में दिया गया जवाब था कि 'यह सुनकर स्तब्ध हैं. जाहिर है यह कोई स्टैंडर्ड प्रोटोकोल नहीं है. हमें आपसे विस्तृत जानकारी चाहिए होगी. असल में क्या क्या हुआ था? यह कहां और कब हुआ था?' श्रुति ने NDTV से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस मामले में एयरपोर्ट पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी थी लेकिन अभी तक उनके पास कोई जवाब नहीं आया है. इससे पहले जनवरी में 33 साल की भारतीय मूल की सिंगापोरियन महिला ने भी शिकायत दर्ज की थी कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर जर्मन पुलिस ने उन्हें अपने स्तनों को दबाने के लिए कहा था ताकि पता चल सके कि वह बच्चे को दूध पिलाती हैं. दरअसल इस महिला के साथ ब्रेस्ट पंप था लेकिन वह अपने बच्चे के साथ यात्रा नहीं कर रही थी. इस पर जर्मन पुलिस ने महिला से यह साबित करने के लिए कहा कि वह बच्चे को स्तन पान करवाती हैं. पेशे से आर्किटेक्ट श्रुति ने फेसबुक पर लिखा 'मुझसे मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा गया. क्या ये कोई नया नियम है? क्या इतना काफी नहीं था कि एक लाइन में से आप अपनी मर्जी से किसी भी व्यक्ति को बाहर निकाल लेते हैं कि अब मैं हाथ ऊपर करके अपने कपड़े उतारे जाने का भी इंतजार करूं? क्या मुझे पैरों को वैक्स करना होगा? क्या मुझे सोच समझकर यात्रा के लिए अंतरवस्त्र खरीदने होंगे जो कि मेरे पति को रिझाने के लिए नहीं, बल्कि एयरपोर्ट पर होने वाले इस तरह के शर्मनाक और घृणा से भरे कृत्य को छुपाने के लिए होंगे जिसे अब नकारा नहीं जा सकता?' एयरपोर्ट पर श्रुति बसप्पा ने सुरक्षा जांच के लिए अपने कपड़े उतारने से इंकार किया और वह अपने पति को अंदर बुलाए जाने की मांग करती रही. उन्होंने बताया कि अधिकारियों के बात करने का लहज़ा तब बदल गया जब उन्होंने श्रुति के पति को देखा जो कि एक आइसलैंडिक हैं. श्रुति लिखती हैं कि इसके तुरंत बाद पूरी कार्यवाही मामूली जांच में बदलकर रह गई लेकिन सुरक्षा कर्मी के इस रवैये ने 'मुझे और 'परेशान' कर दिया.'टिप्पणियां उन्होंने लिखा 'इसके बाद मैं खतरा नहीं रही. मैं सोचने पर मजबूर हो गई कि अगर मैं अकेली होती या मेरे पति यूरोपीय नहीं होते तो क्या होता?' फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में लिखे NDTV के मेल का जवाब नहीं दिया है. लेकिन बसप्पा के फेसबुक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से प्रतिक्रिया में दिया गया जवाब था कि 'यह सुनकर स्तब्ध हैं. जाहिर है यह कोई स्टैंडर्ड प्रोटोकोल नहीं है. हमें आपसे विस्तृत जानकारी चाहिए होगी. असल में क्या क्या हुआ था? यह कहां और कब हुआ था?' श्रुति ने NDTV से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस मामले में एयरपोर्ट पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी थी लेकिन अभी तक उनके पास कोई जवाब नहीं आया है. इससे पहले जनवरी में 33 साल की भारतीय मूल की सिंगापोरियन महिला ने भी शिकायत दर्ज की थी कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर जर्मन पुलिस ने उन्हें अपने स्तनों को दबाने के लिए कहा था ताकि पता चल सके कि वह बच्चे को दूध पिलाती हैं. दरअसल इस महिला के साथ ब्रेस्ट पंप था लेकिन वह अपने बच्चे के साथ यात्रा नहीं कर रही थी. इस पर जर्मन पुलिस ने महिला से यह साबित करने के लिए कहा कि वह बच्चे को स्तन पान करवाती हैं. एयरपोर्ट पर श्रुति बसप्पा ने सुरक्षा जांच के लिए अपने कपड़े उतारने से इंकार किया और वह अपने पति को अंदर बुलाए जाने की मांग करती रही. उन्होंने बताया कि अधिकारियों के बात करने का लहज़ा तब बदल गया जब उन्होंने श्रुति के पति को देखा जो कि एक आइसलैंडिक हैं. श्रुति लिखती हैं कि इसके तुरंत बाद पूरी कार्यवाही मामूली जांच में बदलकर रह गई लेकिन सुरक्षा कर्मी के इस रवैये ने 'मुझे और 'परेशान' कर दिया.'टिप्पणियां उन्होंने लिखा 'इसके बाद मैं खतरा नहीं रही. मैं सोचने पर मजबूर हो गई कि अगर मैं अकेली होती या मेरे पति यूरोपीय नहीं होते तो क्या होता?' फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में लिखे NDTV के मेल का जवाब नहीं दिया है. लेकिन बसप्पा के फेसबुक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से प्रतिक्रिया में दिया गया जवाब था कि 'यह सुनकर स्तब्ध हैं. जाहिर है यह कोई स्टैंडर्ड प्रोटोकोल नहीं है. हमें आपसे विस्तृत जानकारी चाहिए होगी. असल में क्या क्या हुआ था? यह कहां और कब हुआ था?' श्रुति ने NDTV से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस मामले में एयरपोर्ट पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी थी लेकिन अभी तक उनके पास कोई जवाब नहीं आया है. इससे पहले जनवरी में 33 साल की भारतीय मूल की सिंगापोरियन महिला ने भी शिकायत दर्ज की थी कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर जर्मन पुलिस ने उन्हें अपने स्तनों को दबाने के लिए कहा था ताकि पता चल सके कि वह बच्चे को दूध पिलाती हैं. दरअसल इस महिला के साथ ब्रेस्ट पंप था लेकिन वह अपने बच्चे के साथ यात्रा नहीं कर रही थी. इस पर जर्मन पुलिस ने महिला से यह साबित करने के लिए कहा कि वह बच्चे को स्तन पान करवाती हैं. उन्होंने लिखा 'इसके बाद मैं खतरा नहीं रही. मैं सोचने पर मजबूर हो गई कि अगर मैं अकेली होती या मेरे पति यूरोपीय नहीं होते तो क्या होता?' फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में लिखे NDTV के मेल का जवाब नहीं दिया है. लेकिन बसप्पा के फेसबुक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से प्रतिक्रिया में दिया गया जवाब था कि 'यह सुनकर स्तब्ध हैं. जाहिर है यह कोई स्टैंडर्ड प्रोटोकोल नहीं है. हमें आपसे विस्तृत जानकारी चाहिए होगी. असल में क्या क्या हुआ था? यह कहां और कब हुआ था?' श्रुति ने NDTV से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस मामले में एयरपोर्ट पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी थी लेकिन अभी तक उनके पास कोई जवाब नहीं आया है. इससे पहले जनवरी में 33 साल की भारतीय मूल की सिंगापोरियन महिला ने भी शिकायत दर्ज की थी कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर जर्मन पुलिस ने उन्हें अपने स्तनों को दबाने के लिए कहा था ताकि पता चल सके कि वह बच्चे को दूध पिलाती हैं. दरअसल इस महिला के साथ ब्रेस्ट पंप था लेकिन वह अपने बच्चे के साथ यात्रा नहीं कर रही थी. इस पर जर्मन पुलिस ने महिला से यह साबित करने के लिए कहा कि वह बच्चे को स्तन पान करवाती हैं. श्रुति ने NDTV से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस मामले में एयरपोर्ट पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दी थी लेकिन अभी तक उनके पास कोई जवाब नहीं आया है. इससे पहले जनवरी में 33 साल की भारतीय मूल की सिंगापोरियन महिला ने भी शिकायत दर्ज की थी कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर जर्मन पुलिस ने उन्हें अपने स्तनों को दबाने के लिए कहा था ताकि पता चल सके कि वह बच्चे को दूध पिलाती हैं. दरअसल इस महिला के साथ ब्रेस्ट पंप था लेकिन वह अपने बच्चे के साथ यात्रा नहीं कर रही थी. इस पर जर्मन पुलिस ने महिला से यह साबित करने के लिए कहा कि वह बच्चे को स्तन पान करवाती हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: श्रुति बसप्पा पेशे से आर्किटेक्ट हैं और यूरोप में रहती हैं फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर सुरक्षा के लिए उन्हें कपड़े उतारने को कहा गया श्रुति ने इंकार किया और अपने पति को अंदर बुलाने पर जोर दिया
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली उच्च न्यायालय के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी को दिल्ली निवासी युवक रोहित शेखर का पिता घोषित किए जाने पर टीम अन्ना ने चुटकी लेते हुए उन्हें 'बधाई' दी।टिप्पणियां जंतर-मंतर पर अनशन कर रही टीम अन्ना के सदस्य कुमार विश्वास ने योग गुरु बाबा रामदेव का भाषण खत्म होने पर मंच से यह खबर वहां उपस्थित समर्थकों को सुनाई और कहा, ‘हम एनडी तिवारी को पिता बनने की बधाई देते हैं।’ गौरतलब है कि हैदराबाद की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में तिवारी की डीएनए जांच के नतीजे की अदालत ने घोषणा करते हुए तिवारी को शेखर का पिता घोषित किया है। जंतर-मंतर पर अनशन कर रही टीम अन्ना के सदस्य कुमार विश्वास ने योग गुरु बाबा रामदेव का भाषण खत्म होने पर मंच से यह खबर वहां उपस्थित समर्थकों को सुनाई और कहा, ‘हम एनडी तिवारी को पिता बनने की बधाई देते हैं।’ गौरतलब है कि हैदराबाद की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में तिवारी की डीएनए जांच के नतीजे की अदालत ने घोषणा करते हुए तिवारी को शेखर का पिता घोषित किया है। गौरतलब है कि हैदराबाद की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में तिवारी की डीएनए जांच के नतीजे की अदालत ने घोषणा करते हुए तिवारी को शेखर का पिता घोषित किया है।
यह एक सारांश है: दिल्ली उच्च न्यायालय के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी को दिल्ली निवासी युवक रोहित शेखर का पिता घोषित किए जाने पर टीम अन्ना ने चुटकी लेते हुए उन्हें 'बधाई' दी।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पायलट रहित दो विमानों की निगरानी में कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान जगन्नाथ की 136 वीं रथयात्रा आज सुबह शुरू हो गई। परंपरा के अनुसार, हाथियों ने सबसे पहले भगवान जगन्नाथ की झलक देखी और जुलूस की अगुवाई करते हुए आगे बढ़े। यह रथ यात्रा 400 साल से भी पुराने जगन्नाथ मंदिर से निकली, जो जमालपुर इलाके में है। बड़ी संख्या में पर्यटक इस रथयात्रा को देखने के लिए आते हैं। इनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रथ यात्रा के लिए ‘पहिन्द विधि’ संपन्न की, जिसका मतलब भगवान जगन्नाथ के रथ के लिए रास्ते की प्रतीकात्मक सफाई करना होता है। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलदेव और उनकी बहन सुभद्रा का जुलूस शुरू हुआ। मोदी ने बताया कि अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर की रथयात्रा दुनिया भर में प्रख्यात है। पिछले 136 साल से यह परंपरा जारी है और एक बार फिर भगवान जगन्नाथ श्रद्धालुओं को दर्शन देने के लिए अपने (नगर चर्या) शहर के दौरे पर हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें भगवान जगन्नाथ के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद मांगने का मौका बार-बार मिलता है। टिप्पणियां उधर, ओडिशा के पुरी में आज भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा शुरू हो चुकी है। यह यात्रा तीन किलोमीटर लंबी है, लेकिन इसे पूरा होने में कई घंटे लग जाते हैं। भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्रा के साथ रथ में सवार होकर गुंडीचा मंदिर जाते हैं। यात्रा में शामिल होने न केवल देश बल्कि विदेशों से भी भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे हैं। नौ दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पुख्ता व्यवस्था की है। पुरी में आने जाने वाले हर यात्री पर निगाह रखी जा रही है। हाल ही में बोधगया में हुए आतंकी हमले के बाद सभी महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। यह रथ यात्रा 400 साल से भी पुराने जगन्नाथ मंदिर से निकली, जो जमालपुर इलाके में है। बड़ी संख्या में पर्यटक इस रथयात्रा को देखने के लिए आते हैं। इनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रथ यात्रा के लिए ‘पहिन्द विधि’ संपन्न की, जिसका मतलब भगवान जगन्नाथ के रथ के लिए रास्ते की प्रतीकात्मक सफाई करना होता है। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलदेव और उनकी बहन सुभद्रा का जुलूस शुरू हुआ। मोदी ने बताया कि अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर की रथयात्रा दुनिया भर में प्रख्यात है। पिछले 136 साल से यह परंपरा जारी है और एक बार फिर भगवान जगन्नाथ श्रद्धालुओं को दर्शन देने के लिए अपने (नगर चर्या) शहर के दौरे पर हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें भगवान जगन्नाथ के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद मांगने का मौका बार-बार मिलता है। टिप्पणियां उधर, ओडिशा के पुरी में आज भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा शुरू हो चुकी है। यह यात्रा तीन किलोमीटर लंबी है, लेकिन इसे पूरा होने में कई घंटे लग जाते हैं। भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्रा के साथ रथ में सवार होकर गुंडीचा मंदिर जाते हैं। यात्रा में शामिल होने न केवल देश बल्कि विदेशों से भी भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे हैं। नौ दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पुख्ता व्यवस्था की है। पुरी में आने जाने वाले हर यात्री पर निगाह रखी जा रही है। हाल ही में बोधगया में हुए आतंकी हमले के बाद सभी महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रथ यात्रा के लिए ‘पहिन्द विधि’ संपन्न की, जिसका मतलब भगवान जगन्नाथ के रथ के लिए रास्ते की प्रतीकात्मक सफाई करना होता है। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलदेव और उनकी बहन सुभद्रा का जुलूस शुरू हुआ। मोदी ने बताया कि अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर की रथयात्रा दुनिया भर में प्रख्यात है। पिछले 136 साल से यह परंपरा जारी है और एक बार फिर भगवान जगन्नाथ श्रद्धालुओं को दर्शन देने के लिए अपने (नगर चर्या) शहर के दौरे पर हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें भगवान जगन्नाथ के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद मांगने का मौका बार-बार मिलता है। टिप्पणियां उधर, ओडिशा के पुरी में आज भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा शुरू हो चुकी है। यह यात्रा तीन किलोमीटर लंबी है, लेकिन इसे पूरा होने में कई घंटे लग जाते हैं। भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्रा के साथ रथ में सवार होकर गुंडीचा मंदिर जाते हैं। यात्रा में शामिल होने न केवल देश बल्कि विदेशों से भी भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे हैं। नौ दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पुख्ता व्यवस्था की है। पुरी में आने जाने वाले हर यात्री पर निगाह रखी जा रही है। हाल ही में बोधगया में हुए आतंकी हमले के बाद सभी महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। मोदी ने बताया कि अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर की रथयात्रा दुनिया भर में प्रख्यात है। पिछले 136 साल से यह परंपरा जारी है और एक बार फिर भगवान जगन्नाथ श्रद्धालुओं को दर्शन देने के लिए अपने (नगर चर्या) शहर के दौरे पर हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें भगवान जगन्नाथ के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद मांगने का मौका बार-बार मिलता है। टिप्पणियां उधर, ओडिशा के पुरी में आज भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा शुरू हो चुकी है। यह यात्रा तीन किलोमीटर लंबी है, लेकिन इसे पूरा होने में कई घंटे लग जाते हैं। भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्रा के साथ रथ में सवार होकर गुंडीचा मंदिर जाते हैं। यात्रा में शामिल होने न केवल देश बल्कि विदेशों से भी भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे हैं। नौ दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पुख्ता व्यवस्था की है। पुरी में आने जाने वाले हर यात्री पर निगाह रखी जा रही है। हाल ही में बोधगया में हुए आतंकी हमले के बाद सभी महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। उधर, ओडिशा के पुरी में आज भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा शुरू हो चुकी है। यह यात्रा तीन किलोमीटर लंबी है, लेकिन इसे पूरा होने में कई घंटे लग जाते हैं। भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्रा के साथ रथ में सवार होकर गुंडीचा मंदिर जाते हैं। यात्रा में शामिल होने न केवल देश बल्कि विदेशों से भी भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे हैं। नौ दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पुख्ता व्यवस्था की है। पुरी में आने जाने वाले हर यात्री पर निगाह रखी जा रही है। हाल ही में बोधगया में हुए आतंकी हमले के बाद सभी महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। यात्रा में शामिल होने न केवल देश बल्कि विदेशों से भी भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे हैं। नौ दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पुख्ता व्यवस्था की है। पुरी में आने जाने वाले हर यात्री पर निगाह रखी जा रही है। हाल ही में बोधगया में हुए आतंकी हमले के बाद सभी महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रथ यात्रा के लिए ‘पहिन्द विधि’ संपन्न की, जिसका मतलब भगवान जगन्नाथ के रथ के लिए रास्ते की प्रतीकात्मक सफाई करना होता है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रेल घूस कांड मामले में पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल से सीबीआई आज पूछताछ कर रही है। इस मामले में नाम आने के बाद पवन बंसल को पद से इस्तीफा देना पड़ा था। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई के पास इस बात के सबूत हैं कि घूसकांड के मुख्य आरोपी विजय सिंगला का नियमित तौर पर रेल मंत्रालय आना−जाना था और उसके रेल मंत्रालय के बड़े अफसरों से करीबी संबंध बन गए थे। विजय सिंगला ने सीबीआई से कथित तौर पर उनके और महेश कुमार के बीच हुई मुलाकातों के बारे में भी बताया है। सिंगला ने बताया कि ये मुलाकातें बंसल के आवास पर हुई। महेश कुमार ने अपने बयान में भी रेल मंत्री पवन कुमार बंसल का नाम लिया है। सीबीआई ने पवन बंसल के निजी सचिव से पूछताछ की है और दूसरे अफ़सरों से भी पूछताछ कर सकती है।टिप्पणियां सिंगला के फोन कॉल डिटेल्स बताते हैं कि उसकी अफसरों और रेलमंत्री से लगातार बात होती थी। सीबीआई यह जानने की कोशिश करेगी कि क्या पवन बंसल को महेश कुमार के तबादले की जानकारी थी और क्या उन्हें इस लेनदेन के बारे में कोई जानकारी थी। सीबीआई इस कांड के आरोपियों विजय सिंगला, महेश कुमार और संदीप गोयल की बातचीत के रेकॉर्ड से और भी सबूत खंगालने में लगी हुई है। सूत्रों के मुताबिक विजय सिंगला ने संदीप गोयल को भरोसा दिलाया था कि वह अपने मामा पवन बंसल से कहकर महेश कुमार को रेलवे बोर्ड में मेंबर इलेक्ट्रिकल बनवा देगा और उसने यहां तक कहा कि मामा ने महेश कुमार की पोस्टिंग के बारे में कह दिया है। सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रेलमंत्री ने महेश कुमार को अतिरिक्त प्रभार देने के लिए किसी दस्तावेज पर दस्तखत किए थे। सीबीआई महेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर सकती है। यही नहीं विजय सिंगला और उसकी पत्नी के खिलाफ सबूत मिटाने का मामला भी दर्ज होगा। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई के पास इस बात के सबूत हैं कि घूसकांड के मुख्य आरोपी विजय सिंगला का नियमित तौर पर रेल मंत्रालय आना−जाना था और उसके रेल मंत्रालय के बड़े अफसरों से करीबी संबंध बन गए थे। विजय सिंगला ने सीबीआई से कथित तौर पर उनके और महेश कुमार के बीच हुई मुलाकातों के बारे में भी बताया है। सिंगला ने बताया कि ये मुलाकातें बंसल के आवास पर हुई। महेश कुमार ने अपने बयान में भी रेल मंत्री पवन कुमार बंसल का नाम लिया है। सीबीआई ने पवन बंसल के निजी सचिव से पूछताछ की है और दूसरे अफ़सरों से भी पूछताछ कर सकती है।टिप्पणियां सिंगला के फोन कॉल डिटेल्स बताते हैं कि उसकी अफसरों और रेलमंत्री से लगातार बात होती थी। सीबीआई यह जानने की कोशिश करेगी कि क्या पवन बंसल को महेश कुमार के तबादले की जानकारी थी और क्या उन्हें इस लेनदेन के बारे में कोई जानकारी थी। सीबीआई इस कांड के आरोपियों विजय सिंगला, महेश कुमार और संदीप गोयल की बातचीत के रेकॉर्ड से और भी सबूत खंगालने में लगी हुई है। सूत्रों के मुताबिक विजय सिंगला ने संदीप गोयल को भरोसा दिलाया था कि वह अपने मामा पवन बंसल से कहकर महेश कुमार को रेलवे बोर्ड में मेंबर इलेक्ट्रिकल बनवा देगा और उसने यहां तक कहा कि मामा ने महेश कुमार की पोस्टिंग के बारे में कह दिया है। सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रेलमंत्री ने महेश कुमार को अतिरिक्त प्रभार देने के लिए किसी दस्तावेज पर दस्तखत किए थे। सीबीआई महेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर सकती है। यही नहीं विजय सिंगला और उसकी पत्नी के खिलाफ सबूत मिटाने का मामला भी दर्ज होगा। सिंगला के फोन कॉल डिटेल्स बताते हैं कि उसकी अफसरों और रेलमंत्री से लगातार बात होती थी। सीबीआई यह जानने की कोशिश करेगी कि क्या पवन बंसल को महेश कुमार के तबादले की जानकारी थी और क्या उन्हें इस लेनदेन के बारे में कोई जानकारी थी। सीबीआई इस कांड के आरोपियों विजय सिंगला, महेश कुमार और संदीप गोयल की बातचीत के रेकॉर्ड से और भी सबूत खंगालने में लगी हुई है। सूत्रों के मुताबिक विजय सिंगला ने संदीप गोयल को भरोसा दिलाया था कि वह अपने मामा पवन बंसल से कहकर महेश कुमार को रेलवे बोर्ड में मेंबर इलेक्ट्रिकल बनवा देगा और उसने यहां तक कहा कि मामा ने महेश कुमार की पोस्टिंग के बारे में कह दिया है। सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रेलमंत्री ने महेश कुमार को अतिरिक्त प्रभार देने के लिए किसी दस्तावेज पर दस्तखत किए थे। सीबीआई महेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर सकती है। यही नहीं विजय सिंगला और उसकी पत्नी के खिलाफ सबूत मिटाने का मामला भी दर्ज होगा। सूत्रों के मुताबिक विजय सिंगला ने संदीप गोयल को भरोसा दिलाया था कि वह अपने मामा पवन बंसल से कहकर महेश कुमार को रेलवे बोर्ड में मेंबर इलेक्ट्रिकल बनवा देगा और उसने यहां तक कहा कि मामा ने महेश कुमार की पोस्टिंग के बारे में कह दिया है। सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रेलमंत्री ने महेश कुमार को अतिरिक्त प्रभार देने के लिए किसी दस्तावेज पर दस्तखत किए थे। सीबीआई महेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर सकती है। यही नहीं विजय सिंगला और उसकी पत्नी के खिलाफ सबूत मिटाने का मामला भी दर्ज होगा।
रेल घूस कांड मामले में पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल से सीबीआई आज पूछताछ कर रही है। इस मामले में नाम आने के बाद पवन बंसल को पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में सोमवार की रात दो अलग-अलग इलाकों में स्पेशल सेल की टीमों और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई. इसमें दो बदमाशों को गोली लगी. दोनों घायल हैं. एक पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी.पहली मुठभेड़ राजघाट के पास बस डिपो के बाहर हुई. वहां शास्त्री पार्क इलाके के घोषित बदमाश इमरान के स्कूटी से आने की सूचना थी. स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर सुनील ने जब इमरान को आते हुए देकरख रुकने के लिए कहा तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाब में पुलिस ने फायरिंग की जिसमें इमरान के पैर में गोली लग गई. पुलिस के मुताबिक इमरान पर सात केस दर्ज हैं. इसी बीच दिल्ली के भलस्वा डेरी इलाके में स्पेशल सेल की दूसरी टीम की एक मुठभेड़ हुई. पार्थम आनंद नाम के बदमाश को घेरा टीम ने घेरा. इस टीम की अगुवाई इंस्पेक्टर शिवकुमार कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक स्पलेंडर बाइक में सवार पार्थम को जब रोका तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की जिसमें पार्थम को एक गोली लगी, जबकि एक पुलिसकर्मी को भी गोली लगी लेकिन वो बुलेटप्रूफ जैकेट होने से बच गया. दोनों तरफ से करीब सात राउंड फायरिंग हुई. पुलिस के मुताबिक हाल ही में पार्थम ने महेंद्रा पार्क इलाके में  नरेश नाम के शख्स के घर घुसकर कई राउंड फायरिंग की और नरेश को गोली मारकर घायल कर दिया. पार्थम पर हत्या और लूट के 25 केस दर्ज हैं.
यहाँ एक सारांश है:बदमाश इमरान और पार्थम आनंद घायल हो गए एक पुलिस कर्मी की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी इमरान पर सात, पार्थम पर 25 केस दर्ज
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने सोमवार को भारत से 2007 में समझौता ट्रेन विस्फोट मामले में हुई जांच के बारे में यशाशीघ्र जानकारी मुहैया कराए जाने को कहा है। गौरतलब है कि इस विस्फोट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ :आरएसएस: नेता स्वामी असीमानंद ने संघ का हाथ होना कबूल किया है। विदेश मंत्रालय में महानिदेशक :दक्षिण एशिया: आफरासियाब मेहदी हाशमी ने पाक स्थित भारत के कार्यकारी उप उच्चायुक्त जी वी श्रीनिवास से यह जानकारी मुहैया कराने को कहा है। उन्होंने श्रीनिवास से कहा कि जांच में तरक्की को लेकर जानकारी यथाशीघ्र मुहैया करायी जानी चाहिए। नई दिल्ली स्थित एक अदालत में स्वामी असीमानंद के इकबालिया बयान का जाहिरा तौर पर हवाला देते हुए विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, भारतीय राजनयिक का ध्यान फरवरी 2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले की जांच को लेकर मीडिया में आयी खबरों की ओर दिलाया गया। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, उनसे इस बात को दोहराया गया कि पाकिस्तान सरकार समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में जांच को लेकर भारत सरकार द्वारा की गयी प्रगति का इंतजार कर रही है। इसमें कहा गया है, श्री श्रीनिवास को यह भी रेखांकित किया गया कि भारत सरकार की ओर से यह प्रतिक्रिया यथाशीघ्र दी जानी चाहिए। असीमानंद :59: ने हाल में समझौता एक्सप्रेस सहित अनेक आतंकवादी हमलों में संघ का शामिल होना कबूल किया था। इस विस्फोट में 42 पाकिस्तानियों सहित 68 लोगों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान सरकार के सूत्रों ने कहा कि विदेश मंत्रालय को उम्मीद है कि भारत भूटान में 6-7 फरवरी को दक्षेस सम्मेलन के इतर होने वाली दोनों देशों के विदेश सचिवों की वार्ता से पहले समझौता एक्सप्रेस विस्फोट की जांच के बारे में जानकारी मुहैया कराएगा। पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह भारत से कहा था कि समझौता एक्सप्रेस विस्फोट की साजिश रचने वालों को सजा दी जाए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा था, इस मोड़ तक पहुंचने में समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले को चार साल लग गये। हम सिर्फ इस बात की उम्मीद ही कर सकते हैं कि अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने में अब और समय नहीं लगाया जाएगा। पाकिस्तान ने भारत से पिछले दो सालों के दौरान कई बार जांच में हुई प्रगति से वाकिफ कराने को कहा है। इस मुद्दे को पाकिस्तानी अधिकारियों और नेताओं ने गृहमंत्री पी चिदंबरम और विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की पिछले साल इस्लामाबाद यात्रा के दौरान उठाया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विदेश मंत्रालय में महानिदेशक हाशमी ने पाक स्थित भारत के कार्यकारी उप-उच्चायुक्त जीवी श्रीनिवास से यह जानकारी मुहैया कराने को कहा है।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एयर इंडिया के करीब 600 पायलटों की हड़ताल रविवार को लगातार पांचवें दिन जारी रही। इसकी वजह से विमानन कम्पनी की 90 फीसदी घरेलू उड़ानें बाधित हुईं। रविवार दोपहर तक मुम्बई, नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद और अन्य हवाईअड्डों से घरेलू मार्गों पर कुल 19 उड़ानें संचालित की गईं, 13 उड़ानें अपने पूर्व निर्धारित समय पर थी, जबकि छह उड़ानों के समय में देरी हुईं। पायलटों की कमी के कारण एयर इंडिया की उड़ानें अगले सप्ताह भी बाधित रहेंगी। कम्पनी ने अपने वेबसाइट पर छह मई तक के लिए उड़ानों के कार्यक्रम लगा दिए हैं। अगले सप्ताह कम्पनी बड़े आकार वाले बी-747 और बी-777 श्रेणी के विमान घरेलू मार्गों पर लगाएगी। इस बीच एयर इंडिया की अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें और उसकी सहायक कम्पनियों एयर इंडिया एक्सप्रेस और एलायंस एयर की उड़ानें सामान्य रहीं। इसके साथ ही एयर इंडिया रद्द की गई उड़ानों के यात्रियों को दूसरी विमानन कम्पनियों के विमानों से भेजने की भी व्यवस्था कर रही है। भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ के पायलट मंगलवार मध्यरात्रि से हड़ताल पर हैं। वह अपने अन्य साथियों के समान वेतन की मांग कर रहे हैं। पायलटों की हड़ताल रविवार को पांचवें दिन जारी रहने से एयर इंडिया ने कोलकाता में अपनी 11 उड़ानें रद्द की हैं और कुछ उड़ानों को नई समय-सारणी के अनुरूप संचालित किया है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा, "आज हमने 10 उड़ानों के संचालन की नई समय-सारणी जारी की है। इनमें से पांच उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं और पांच अन्य का दिन के अंत तक संचालन किया जाएगा।"
यहाँ एक सारांश है:एयर इंडिया के करीब 600 पायलटों की हड़ताल लगातार पांचवें दिन जारी रही। इसकी वजह से विमानन कम्पनी की 90 फीसदी घरेलू उड़ानें बाधित हुईं।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के करीब 80 करोड़ लोगों को रियायती दरों पर खाद्यान्न मुहैया कराने के लक्ष्य वाले केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर शुक्रवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हस्ताक्षर कर दिए। केंद्र सरकार जहां इसे एक बड़ी कामयाबी के रूप में देख रही है, वहीं विपक्ष ने विधेयक संसद में पारित कराने के बजाय इस पर अध्यादेश लाने के केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए इसे आगामी चुनावों से पहले एक 'राजनीतिक कदम' करार दिया। विपक्ष का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार अपने कार्यकाल के शुरुआती चार साल तक सोती रही और अब जबकि इस साल के आखिर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव तथा अगले साल आम चुनाव होने हैं, तो सरकार ने चुनाव में इसका फायदा उठाने के लिए आनन-फानन में अध्यादेश लागू किया। लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस का कहना है कि इसमें कोई देरी नहीं हुई और न ही यह चुनावी हथकंडा है। विपक्ष की आलोचनाओं और समाजवादी पार्टी (सपा) की आशंका का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता अजय माकन ने संवाददाताओं से कहा, "देरी कहां हुई? हमें मई 2014 तक के लिए जनादेश मिला है। हमारे पास अब भी खाद्य सुरक्षा विधेयक को लागू करने के लिए एक साल का समय है। यह चुनावों के लिए नहीं किया गया है।" माकन ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की इन आशंकाओं को भी खारिज किया कि इससे किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा होगा। साथ ही कुपोषण तथा भुखमरी जैसी समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। माकन ने विपक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि संसद में अल्पमत में होने के कारण सरकार ने इस पर अध्यादेश लागू किया। उन्होंने कहा, "हम अगले छह माह के भीतर संसद के दोनों सदनों में अध्यादेश लागू करने के लिए आवश्यक बहुमत जुटा लेंगे।" उन्होंने इससे भी इनकार किया कि इस अध्यादेश के लागू होने से सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। केंद्रीय खाद्य मंत्री के.वी. थॉमस के साथ संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा कि इस योजना के लिए 5,55,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन इसके लागू होने से सरकारी खजाने पर केवल 23,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पूरी योजना के लिए निर्धारित बजट की तुलना में काफी कम है और इससे राजस्व पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। विपक्ष पर बजट सत्र में विधेयक पारित नहीं करने का आरोप लगाते हुए माकन ने कहा कि अध्यादेश लाने का निर्णय विपक्ष द्वारा कोई अन्य विकल्प नहीं छोड़े जाने के बाद लिया गया। इसे 'सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी का सपना' करार देते हुए माकन ने कहा कि इससे देश की करीब 80 करोड़ आबादी को रियायती दरों पर खाद्यान्न मिल सकेंगे। अध्यादेश लागू करने के संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री थॉमस ने कहा कि सरकार पिछले चार साल में पहले ही करीब 6.02 करोड़ टन खाद्यान्न की खरीद कर चुकी है। इसलिए इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 6.12 करोड़ टन का प्रबंध करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।टिप्पणियां इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" विपक्ष का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार अपने कार्यकाल के शुरुआती चार साल तक सोती रही और अब जबकि इस साल के आखिर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव तथा अगले साल आम चुनाव होने हैं, तो सरकार ने चुनाव में इसका फायदा उठाने के लिए आनन-फानन में अध्यादेश लागू किया। लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस का कहना है कि इसमें कोई देरी नहीं हुई और न ही यह चुनावी हथकंडा है। विपक्ष की आलोचनाओं और समाजवादी पार्टी (सपा) की आशंका का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता अजय माकन ने संवाददाताओं से कहा, "देरी कहां हुई? हमें मई 2014 तक के लिए जनादेश मिला है। हमारे पास अब भी खाद्य सुरक्षा विधेयक को लागू करने के लिए एक साल का समय है। यह चुनावों के लिए नहीं किया गया है।" माकन ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की इन आशंकाओं को भी खारिज किया कि इससे किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा होगा। साथ ही कुपोषण तथा भुखमरी जैसी समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। माकन ने विपक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि संसद में अल्पमत में होने के कारण सरकार ने इस पर अध्यादेश लागू किया। उन्होंने कहा, "हम अगले छह माह के भीतर संसद के दोनों सदनों में अध्यादेश लागू करने के लिए आवश्यक बहुमत जुटा लेंगे।" उन्होंने इससे भी इनकार किया कि इस अध्यादेश के लागू होने से सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। केंद्रीय खाद्य मंत्री के.वी. थॉमस के साथ संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा कि इस योजना के लिए 5,55,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन इसके लागू होने से सरकारी खजाने पर केवल 23,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पूरी योजना के लिए निर्धारित बजट की तुलना में काफी कम है और इससे राजस्व पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। विपक्ष पर बजट सत्र में विधेयक पारित नहीं करने का आरोप लगाते हुए माकन ने कहा कि अध्यादेश लाने का निर्णय विपक्ष द्वारा कोई अन्य विकल्प नहीं छोड़े जाने के बाद लिया गया। इसे 'सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी का सपना' करार देते हुए माकन ने कहा कि इससे देश की करीब 80 करोड़ आबादी को रियायती दरों पर खाद्यान्न मिल सकेंगे। अध्यादेश लागू करने के संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री थॉमस ने कहा कि सरकार पिछले चार साल में पहले ही करीब 6.02 करोड़ टन खाद्यान्न की खरीद कर चुकी है। इसलिए इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 6.12 करोड़ टन का प्रबंध करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।टिप्पणियां इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" विपक्ष की आलोचनाओं और समाजवादी पार्टी (सपा) की आशंका का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता अजय माकन ने संवाददाताओं से कहा, "देरी कहां हुई? हमें मई 2014 तक के लिए जनादेश मिला है। हमारे पास अब भी खाद्य सुरक्षा विधेयक को लागू करने के लिए एक साल का समय है। यह चुनावों के लिए नहीं किया गया है।" माकन ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की इन आशंकाओं को भी खारिज किया कि इससे किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा होगा। साथ ही कुपोषण तथा भुखमरी जैसी समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। माकन ने विपक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि संसद में अल्पमत में होने के कारण सरकार ने इस पर अध्यादेश लागू किया। उन्होंने कहा, "हम अगले छह माह के भीतर संसद के दोनों सदनों में अध्यादेश लागू करने के लिए आवश्यक बहुमत जुटा लेंगे।" उन्होंने इससे भी इनकार किया कि इस अध्यादेश के लागू होने से सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। केंद्रीय खाद्य मंत्री के.वी. थॉमस के साथ संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा कि इस योजना के लिए 5,55,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन इसके लागू होने से सरकारी खजाने पर केवल 23,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पूरी योजना के लिए निर्धारित बजट की तुलना में काफी कम है और इससे राजस्व पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। विपक्ष पर बजट सत्र में विधेयक पारित नहीं करने का आरोप लगाते हुए माकन ने कहा कि अध्यादेश लाने का निर्णय विपक्ष द्वारा कोई अन्य विकल्प नहीं छोड़े जाने के बाद लिया गया। इसे 'सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी का सपना' करार देते हुए माकन ने कहा कि इससे देश की करीब 80 करोड़ आबादी को रियायती दरों पर खाद्यान्न मिल सकेंगे। अध्यादेश लागू करने के संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री थॉमस ने कहा कि सरकार पिछले चार साल में पहले ही करीब 6.02 करोड़ टन खाद्यान्न की खरीद कर चुकी है। इसलिए इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 6.12 करोड़ टन का प्रबंध करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।टिप्पणियां इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" हमारे पास अब भी खाद्य सुरक्षा विधेयक को लागू करने के लिए एक साल का समय है। यह चुनावों के लिए नहीं किया गया है।" माकन ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की इन आशंकाओं को भी खारिज किया कि इससे किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा होगा। साथ ही कुपोषण तथा भुखमरी जैसी समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। माकन ने विपक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि संसद में अल्पमत में होने के कारण सरकार ने इस पर अध्यादेश लागू किया। उन्होंने कहा, "हम अगले छह माह के भीतर संसद के दोनों सदनों में अध्यादेश लागू करने के लिए आवश्यक बहुमत जुटा लेंगे।" उन्होंने इससे भी इनकार किया कि इस अध्यादेश के लागू होने से सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। केंद्रीय खाद्य मंत्री के.वी. थॉमस के साथ संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा कि इस योजना के लिए 5,55,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन इसके लागू होने से सरकारी खजाने पर केवल 23,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पूरी योजना के लिए निर्धारित बजट की तुलना में काफी कम है और इससे राजस्व पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। विपक्ष पर बजट सत्र में विधेयक पारित नहीं करने का आरोप लगाते हुए माकन ने कहा कि अध्यादेश लाने का निर्णय विपक्ष द्वारा कोई अन्य विकल्प नहीं छोड़े जाने के बाद लिया गया। इसे 'सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी का सपना' करार देते हुए माकन ने कहा कि इससे देश की करीब 80 करोड़ आबादी को रियायती दरों पर खाद्यान्न मिल सकेंगे। अध्यादेश लागू करने के संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री थॉमस ने कहा कि सरकार पिछले चार साल में पहले ही करीब 6.02 करोड़ टन खाद्यान्न की खरीद कर चुकी है। इसलिए इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 6.12 करोड़ टन का प्रबंध करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।टिप्पणियां इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" माकन ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की इन आशंकाओं को भी खारिज किया कि इससे किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा होगा। साथ ही कुपोषण तथा भुखमरी जैसी समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। माकन ने विपक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि संसद में अल्पमत में होने के कारण सरकार ने इस पर अध्यादेश लागू किया। उन्होंने कहा, "हम अगले छह माह के भीतर संसद के दोनों सदनों में अध्यादेश लागू करने के लिए आवश्यक बहुमत जुटा लेंगे।" उन्होंने इससे भी इनकार किया कि इस अध्यादेश के लागू होने से सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। केंद्रीय खाद्य मंत्री के.वी. थॉमस के साथ संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा कि इस योजना के लिए 5,55,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन इसके लागू होने से सरकारी खजाने पर केवल 23,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पूरी योजना के लिए निर्धारित बजट की तुलना में काफी कम है और इससे राजस्व पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। विपक्ष पर बजट सत्र में विधेयक पारित नहीं करने का आरोप लगाते हुए माकन ने कहा कि अध्यादेश लाने का निर्णय विपक्ष द्वारा कोई अन्य विकल्प नहीं छोड़े जाने के बाद लिया गया। इसे 'सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी का सपना' करार देते हुए माकन ने कहा कि इससे देश की करीब 80 करोड़ आबादी को रियायती दरों पर खाद्यान्न मिल सकेंगे। अध्यादेश लागू करने के संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री थॉमस ने कहा कि सरकार पिछले चार साल में पहले ही करीब 6.02 करोड़ टन खाद्यान्न की खरीद कर चुकी है। इसलिए इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 6.12 करोड़ टन का प्रबंध करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।टिप्पणियां इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" माकन ने विपक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि संसद में अल्पमत में होने के कारण सरकार ने इस पर अध्यादेश लागू किया। उन्होंने कहा, "हम अगले छह माह के भीतर संसद के दोनों सदनों में अध्यादेश लागू करने के लिए आवश्यक बहुमत जुटा लेंगे।" उन्होंने इससे भी इनकार किया कि इस अध्यादेश के लागू होने से सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। केंद्रीय खाद्य मंत्री के.वी. थॉमस के साथ संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा कि इस योजना के लिए 5,55,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन इसके लागू होने से सरकारी खजाने पर केवल 23,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पूरी योजना के लिए निर्धारित बजट की तुलना में काफी कम है और इससे राजस्व पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। विपक्ष पर बजट सत्र में विधेयक पारित नहीं करने का आरोप लगाते हुए माकन ने कहा कि अध्यादेश लाने का निर्णय विपक्ष द्वारा कोई अन्य विकल्प नहीं छोड़े जाने के बाद लिया गया। इसे 'सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी का सपना' करार देते हुए माकन ने कहा कि इससे देश की करीब 80 करोड़ आबादी को रियायती दरों पर खाद्यान्न मिल सकेंगे। अध्यादेश लागू करने के संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री थॉमस ने कहा कि सरकार पिछले चार साल में पहले ही करीब 6.02 करोड़ टन खाद्यान्न की खरीद कर चुकी है। इसलिए इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 6.12 करोड़ टन का प्रबंध करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।टिप्पणियां इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" विपक्ष पर बजट सत्र में विधेयक पारित नहीं करने का आरोप लगाते हुए माकन ने कहा कि अध्यादेश लाने का निर्णय विपक्ष द्वारा कोई अन्य विकल्प नहीं छोड़े जाने के बाद लिया गया। इसे 'सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी का सपना' करार देते हुए माकन ने कहा कि इससे देश की करीब 80 करोड़ आबादी को रियायती दरों पर खाद्यान्न मिल सकेंगे। अध्यादेश लागू करने के संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री थॉमस ने कहा कि सरकार पिछले चार साल में पहले ही करीब 6.02 करोड़ टन खाद्यान्न की खरीद कर चुकी है। इसलिए इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 6.12 करोड़ टन का प्रबंध करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।टिप्पणियां इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" इसे 'सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी का सपना' करार देते हुए माकन ने कहा कि इससे देश की करीब 80 करोड़ आबादी को रियायती दरों पर खाद्यान्न मिल सकेंगे। अध्यादेश लागू करने के संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री थॉमस ने कहा कि सरकार पिछले चार साल में पहले ही करीब 6.02 करोड़ टन खाद्यान्न की खरीद कर चुकी है। इसलिए इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 6.12 करोड़ टन का प्रबंध करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।टिप्पणियां इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" अध्यादेश लागू करने के संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री थॉमस ने कहा कि सरकार पिछले चार साल में पहले ही करीब 6.02 करोड़ टन खाद्यान्न की खरीद कर चुकी है। इसलिए इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक 6.12 करोड़ टन का प्रबंध करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।टिप्पणियां इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यादेश लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले को राजनीतिक कदम करार दिया था। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आखिर अध्यादेश लाने की जल्दबाजी क्या थी?" भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संसद की कार्यवाही में बाधा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?" वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा, "सरकार कुपोषण की समस्या से निपटने में अक्षम रही। अब वे अध्यादेश लागू कर रहे हैं। आखिर वे चार साल से क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के करीब 80 करोड़ लोगों को रियायती दरों पर खाद्यान्न मुहैया कराने के लक्ष्य वाले केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर शुक्रवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हस्ताक्षर कर दिए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सपा नेताओं द्वारा जमीनों पर अवैध कब्जों से व्यथित होकर हाल में इस्तीफे की बात कहने वाले उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने गुरुवार को कहा कि अवैध कब्जे करने वाले और गलत कामों को लेकर अधिकारियो पर धौंस जमाने वाले पार्टी नेताओं पर अब सबसे पहले कार्रवाई होगी. यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा कि वह एक माह का अभियान चला रहे हैं जिसमें प्रदेश में कब्जा करने तथा अवैध काम करने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी. अगर सपा का कोई नेता या कार्यकर्ता इन गड़बड़ियों में शामिल पाया गया तो सबसे पहले उस पर कार्रवाई होगी. मालूम हो कि यादव ने हाल में मैनपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि सपा के ही लोग जगह-जगह जमीनों पर अवैध कब्जे कर रहे हैं. इन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिये. अगर ऐसा नहीं हो पा रहा है तो वह खुद भी इसके लिये जिम्मेदार हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिये. सपा के राज्यसभा सदस्य अमर सिंह की नाराजगी के सवाल पर यादव ने कोई टिप्पणी नहीं की. टिप्पणियां लोक निर्माण मंत्री ने बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा कि वह एक माह का अभियान चला रहे हैं जिसमें प्रदेश में कब्जा करने तथा अवैध काम करने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी. अगर सपा का कोई नेता या कार्यकर्ता इन गड़बड़ियों में शामिल पाया गया तो सबसे पहले उस पर कार्रवाई होगी. मालूम हो कि यादव ने हाल में मैनपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि सपा के ही लोग जगह-जगह जमीनों पर अवैध कब्जे कर रहे हैं. इन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिये. अगर ऐसा नहीं हो पा रहा है तो वह खुद भी इसके लिये जिम्मेदार हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिये. सपा के राज्यसभा सदस्य अमर सिंह की नाराजगी के सवाल पर यादव ने कोई टिप्पणी नहीं की. टिप्पणियां लोक निर्माण मंत्री ने बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मालूम हो कि यादव ने हाल में मैनपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि सपा के ही लोग जगह-जगह जमीनों पर अवैध कब्जे कर रहे हैं. इन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिये. अगर ऐसा नहीं हो पा रहा है तो वह खुद भी इसके लिये जिम्मेदार हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिये. सपा के राज्यसभा सदस्य अमर सिंह की नाराजगी के सवाल पर यादव ने कोई टिप्पणी नहीं की. टिप्पणियां लोक निर्माण मंत्री ने बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सपा के राज्यसभा सदस्य अमर सिंह की नाराजगी के सवाल पर यादव ने कोई टिप्पणी नहीं की. टिप्पणियां लोक निर्माण मंत्री ने बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोक निर्माण मंत्री ने बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: इस संबंध में चला रहे एक माह का अभियान गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई होगी अमर सिंह की नाराजगी पर कुछ नहीं बोले
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने शनिवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र तरीका बातचीत है क्योंकि दोनों देश युद्ध को वहन नहीं कर सकते। गिलानी ने यह टिप्पणी प्राइम मिनिस्टर ऑनलाइन लाइव शो की पहली कड़ी के दौरान की। इस लाइव शो में उन्होंने जनता के सवालों के जवाब दिये और उनकी शिकायतों का निराकरण करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, जनता और विपक्ष की ओर से :भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर: काफी ज्यादा दबाव है लेकिन मेरा मानना है कि बातचीत ही एकमात्र जवाब है। यही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है क्योंकि हम युद्ध को वहन नहीं कर सकते। हमें बातचीत करनी चाहिये और भविष्य में ऐसा होगा। गिलानी इस सवाल पर जवाब दे रहे थे कि वर्ष 2008 में मुंबई में हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध किस तरह के हैं। गिलानी ने कहा कि उन्होंने सिंह से शर्म अल शेख सहित कई मौकों पर मुलाकात की। शर्म अल शेख में यह प्रतिबद्धता की गयी कि दोनों देश मुंबई हमलों के बाद की स्थिति से बंधे नहीं रह सकते। उन्होंने कहा, बहरहाल, जब मनमोहन सिंह भारत लौटे तो संसद में तथा जनता की ओर से उन पर दबाव था, लिहाजा कोई प्रगति नहीं हो सकी। गिलानी पाकिस्तान के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गये हैं जो टेलीविजन पर आकर लाइव शो में जनता के सवालों का जवाब दे रहे हैं। इस नये शो का प्रसारण हर महीने की पहली तारीख को होगा। पचास मिनट के इस शो के दौरान गिलानी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद छेड़ने की सरकार की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि जवाबदेही कानून बनाने सहित कई विधायी उपाय कर ऐसा किया जायेगा। उन्होंने कहा, यह नववर्ष के लिये हमारा संकल्प है कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद शुरू करेंगे। मैंने :मुख्य विपक्षी दल पीएमएल-एन के प्रमुख: नवाज शरीफ से बात की है ताकि हम आम सहमति से जवाबदेही विधेयक को पारित करा सकें। और ऐसा इस तरीके से किया जायेगा कि कोई भी हम पर सवाल खड़े नहीं करें।
संक्षिप्त सारांश: यूसुफ रजा गिलानी ने शनिवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र तरीका बातचीत है।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जिंदगी पर बनी फिल्म 'धोनी-द अनटोल्ड स्टोरी' में उनकी जिंदगी के ढेरों पहलुओं के साथ-साथ उनकी पुरानी महबूबा का भी ज़िक्र होगा. फिल्म में धोनी के कुछ रोमांटिक पहलुओं के साथ-साथ दर्शक उनकी खास दोस्त प्रियंका झा के बारे में भी जान सकेंगे.   इस बात से शायद बहुत ही कम लोग वाकिफ होंगे कि धोनी की खास दोस्त का नाम प्रियंका झा था. जब धोनी विदेश दौरे पर क्रिकेट खेलने गए थे तब प्रियंका की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी. बताया जा रहा है कि प्रियंका के साथ अपनी प्रेम कहानी को धोनी ने खुद निर्देशक नीरज पांडे के साथ शेयर किया था और यही वजह है कि धोनी की ज़िन्दगी के उस पहलू को भी इस फिल्म में डाला गया है.टिप्पणियां इतना ही नहीं, फिल्म में उस किरदार के साथ एक रोमांटिक गाना भी डाला गया है, जो फिल्म के प्रचार के लिए रिलीज़ हो चुका है. बताया जा रहा है कि धोनी की उस महबूबा प्रियंका झा की भूमिका निभाई है दिशा पटानी ने और वह रोमांटिक गाना सुशांत सिंह राजपूत और दिशा पर फिल्माया गया है. फिल्म में धोनी की भूमिका सुशांत सिंह राजपूत निभा रहे हैं. इतना ही नहीं, फिल्म में उस किरदार के साथ एक रोमांटिक गाना भी डाला गया है, जो फिल्म के प्रचार के लिए रिलीज़ हो चुका है. बताया जा रहा है कि धोनी की उस महबूबा प्रियंका झा की भूमिका निभाई है दिशा पटानी ने और वह रोमांटिक गाना सुशांत सिंह राजपूत और दिशा पर फिल्माया गया है. फिल्म में धोनी की भूमिका सुशांत सिंह राजपूत निभा रहे हैं. बताया जा रहा है कि धोनी की उस महबूबा प्रियंका झा की भूमिका निभाई है दिशा पटानी ने और वह रोमांटिक गाना सुशांत सिंह राजपूत और दिशा पर फिल्माया गया है. फिल्म में धोनी की भूमिका सुशांत सिंह राजपूत निभा रहे हैं.
सारांश: एक एक्सीडेंट में हो गई थी प्रियंका झा की मौत धोनी ने खुद नीरज से इस बात को शेयर किया फिल्म में प्रियंका की भूमिका दिशा पटानी निभाएंगी
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ओबुलापुरम खनन कंपनी घोटाले में आरोपी कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी को रिश्वत लेकर जमानत देने के आरोपी सीबीआई के निलंबित न्यायाधीश डी पट्टाभिराम राव से मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने पूछताछ की। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों का दल मंगलवार को सुबह यहां राव के घर पहुंचा और उन्हें एसीबी दफ्तर ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ चल रही है। एसीबी के महानिदेशक बी प्रसाद राव ने पीटीआई को बताया, ‘‘उनसे (राव से) एसीबी के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।’’ एसीबी ‘जमानत के लिए रिश्वत देने’ के मामले में सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीवी चलपति और पट्टाभिराम राव के बेटे टी रवि चंद्रा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पट्टाभिराम राव के खिलाफ अवैध रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उन्हें 31 मई को निलंबित कर दिया था और मामले की जांच एसीबी को सौंप दी। एसीबी ने पट्टाभिराम के साथ चलपति राव तथा जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई एवं बेल्लारी शहर से विधायक जी सोमशेखर रेड्डी समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जनार्दन रेड्डी और न्यायाधीश समेत अन्य लोगों के बीच कथित तौर पर सौदेबाजी होने की भनक लगने के बाद सीबीआई ने यहां पांच लॉकरों से करीब 1.60 करोड़ रुपये जब्त किये थे और इन लॉकरों की चाबियां कथित तौर पर पट्टाभिराम के बेटे रवि के पास मिली थीं। सीबीआई ने चलपति राव के भाई टी बालाजी राव के पास से भी 1.14 करोड़ रुपये जब्त किये थे।टिप्पणियां सीबीआई ने पहले एसीबी को बताया था कि जी जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई जी सोमशेखर रेड्डी, जी दशरथ राम रेड्डी, वकील टी आदित्य, चलपति राव और पट्टाभिराम तथा अन्य लोगों ने जर्नादन रेड्डी को जमानत दिलाने के लिए मिलकर साजिश रची थी। सीबीआई ने मामले से जुड़ी सामग्री एसीबी के सुपुर्द कर दी थी, जिनमें कथित सौदे को अंतिम रूप देते समय इस्तेमाल में लाए मोबाइल और लैंडलाइन फोन नंबर भी शामिल हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों का दल मंगलवार को सुबह यहां राव के घर पहुंचा और उन्हें एसीबी दफ्तर ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ चल रही है। एसीबी के महानिदेशक बी प्रसाद राव ने पीटीआई को बताया, ‘‘उनसे (राव से) एसीबी के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।’’ एसीबी ‘जमानत के लिए रिश्वत देने’ के मामले में सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीवी चलपति और पट्टाभिराम राव के बेटे टी रवि चंद्रा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पट्टाभिराम राव के खिलाफ अवैध रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उन्हें 31 मई को निलंबित कर दिया था और मामले की जांच एसीबी को सौंप दी। एसीबी ने पट्टाभिराम के साथ चलपति राव तथा जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई एवं बेल्लारी शहर से विधायक जी सोमशेखर रेड्डी समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जनार्दन रेड्डी और न्यायाधीश समेत अन्य लोगों के बीच कथित तौर पर सौदेबाजी होने की भनक लगने के बाद सीबीआई ने यहां पांच लॉकरों से करीब 1.60 करोड़ रुपये जब्त किये थे और इन लॉकरों की चाबियां कथित तौर पर पट्टाभिराम के बेटे रवि के पास मिली थीं। सीबीआई ने चलपति राव के भाई टी बालाजी राव के पास से भी 1.14 करोड़ रुपये जब्त किये थे।टिप्पणियां सीबीआई ने पहले एसीबी को बताया था कि जी जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई जी सोमशेखर रेड्डी, जी दशरथ राम रेड्डी, वकील टी आदित्य, चलपति राव और पट्टाभिराम तथा अन्य लोगों ने जर्नादन रेड्डी को जमानत दिलाने के लिए मिलकर साजिश रची थी। सीबीआई ने मामले से जुड़ी सामग्री एसीबी के सुपुर्द कर दी थी, जिनमें कथित सौदे को अंतिम रूप देते समय इस्तेमाल में लाए मोबाइल और लैंडलाइन फोन नंबर भी शामिल हैं। एसीबी के महानिदेशक बी प्रसाद राव ने पीटीआई को बताया, ‘‘उनसे (राव से) एसीबी के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।’’ एसीबी ‘जमानत के लिए रिश्वत देने’ के मामले में सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीवी चलपति और पट्टाभिराम राव के बेटे टी रवि चंद्रा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पट्टाभिराम राव के खिलाफ अवैध रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उन्हें 31 मई को निलंबित कर दिया था और मामले की जांच एसीबी को सौंप दी। एसीबी ने पट्टाभिराम के साथ चलपति राव तथा जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई एवं बेल्लारी शहर से विधायक जी सोमशेखर रेड्डी समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जनार्दन रेड्डी और न्यायाधीश समेत अन्य लोगों के बीच कथित तौर पर सौदेबाजी होने की भनक लगने के बाद सीबीआई ने यहां पांच लॉकरों से करीब 1.60 करोड़ रुपये जब्त किये थे और इन लॉकरों की चाबियां कथित तौर पर पट्टाभिराम के बेटे रवि के पास मिली थीं। सीबीआई ने चलपति राव के भाई टी बालाजी राव के पास से भी 1.14 करोड़ रुपये जब्त किये थे।टिप्पणियां सीबीआई ने पहले एसीबी को बताया था कि जी जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई जी सोमशेखर रेड्डी, जी दशरथ राम रेड्डी, वकील टी आदित्य, चलपति राव और पट्टाभिराम तथा अन्य लोगों ने जर्नादन रेड्डी को जमानत दिलाने के लिए मिलकर साजिश रची थी। सीबीआई ने मामले से जुड़ी सामग्री एसीबी के सुपुर्द कर दी थी, जिनमें कथित सौदे को अंतिम रूप देते समय इस्तेमाल में लाए मोबाइल और लैंडलाइन फोन नंबर भी शामिल हैं। पट्टाभिराम राव के खिलाफ अवैध रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उन्हें 31 मई को निलंबित कर दिया था और मामले की जांच एसीबी को सौंप दी। एसीबी ने पट्टाभिराम के साथ चलपति राव तथा जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई एवं बेल्लारी शहर से विधायक जी सोमशेखर रेड्डी समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जनार्दन रेड्डी और न्यायाधीश समेत अन्य लोगों के बीच कथित तौर पर सौदेबाजी होने की भनक लगने के बाद सीबीआई ने यहां पांच लॉकरों से करीब 1.60 करोड़ रुपये जब्त किये थे और इन लॉकरों की चाबियां कथित तौर पर पट्टाभिराम के बेटे रवि के पास मिली थीं। सीबीआई ने चलपति राव के भाई टी बालाजी राव के पास से भी 1.14 करोड़ रुपये जब्त किये थे।टिप्पणियां सीबीआई ने पहले एसीबी को बताया था कि जी जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई जी सोमशेखर रेड्डी, जी दशरथ राम रेड्डी, वकील टी आदित्य, चलपति राव और पट्टाभिराम तथा अन्य लोगों ने जर्नादन रेड्डी को जमानत दिलाने के लिए मिलकर साजिश रची थी। सीबीआई ने मामले से जुड़ी सामग्री एसीबी के सुपुर्द कर दी थी, जिनमें कथित सौदे को अंतिम रूप देते समय इस्तेमाल में लाए मोबाइल और लैंडलाइन फोन नंबर भी शामिल हैं। एसीबी ने पट्टाभिराम के साथ चलपति राव तथा जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई एवं बेल्लारी शहर से विधायक जी सोमशेखर रेड्डी समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जनार्दन रेड्डी और न्यायाधीश समेत अन्य लोगों के बीच कथित तौर पर सौदेबाजी होने की भनक लगने के बाद सीबीआई ने यहां पांच लॉकरों से करीब 1.60 करोड़ रुपये जब्त किये थे और इन लॉकरों की चाबियां कथित तौर पर पट्टाभिराम के बेटे रवि के पास मिली थीं। सीबीआई ने चलपति राव के भाई टी बालाजी राव के पास से भी 1.14 करोड़ रुपये जब्त किये थे।टिप्पणियां सीबीआई ने पहले एसीबी को बताया था कि जी जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई जी सोमशेखर रेड्डी, जी दशरथ राम रेड्डी, वकील टी आदित्य, चलपति राव और पट्टाभिराम तथा अन्य लोगों ने जर्नादन रेड्डी को जमानत दिलाने के लिए मिलकर साजिश रची थी। सीबीआई ने मामले से जुड़ी सामग्री एसीबी के सुपुर्द कर दी थी, जिनमें कथित सौदे को अंतिम रूप देते समय इस्तेमाल में लाए मोबाइल और लैंडलाइन फोन नंबर भी शामिल हैं। जनार्दन रेड्डी और न्यायाधीश समेत अन्य लोगों के बीच कथित तौर पर सौदेबाजी होने की भनक लगने के बाद सीबीआई ने यहां पांच लॉकरों से करीब 1.60 करोड़ रुपये जब्त किये थे और इन लॉकरों की चाबियां कथित तौर पर पट्टाभिराम के बेटे रवि के पास मिली थीं। सीबीआई ने चलपति राव के भाई टी बालाजी राव के पास से भी 1.14 करोड़ रुपये जब्त किये थे।टिप्पणियां सीबीआई ने पहले एसीबी को बताया था कि जी जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई जी सोमशेखर रेड्डी, जी दशरथ राम रेड्डी, वकील टी आदित्य, चलपति राव और पट्टाभिराम तथा अन्य लोगों ने जर्नादन रेड्डी को जमानत दिलाने के लिए मिलकर साजिश रची थी। सीबीआई ने मामले से जुड़ी सामग्री एसीबी के सुपुर्द कर दी थी, जिनमें कथित सौदे को अंतिम रूप देते समय इस्तेमाल में लाए मोबाइल और लैंडलाइन फोन नंबर भी शामिल हैं। सीबीआई ने पहले एसीबी को बताया था कि जी जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई जी सोमशेखर रेड्डी, जी दशरथ राम रेड्डी, वकील टी आदित्य, चलपति राव और पट्टाभिराम तथा अन्य लोगों ने जर्नादन रेड्डी को जमानत दिलाने के लिए मिलकर साजिश रची थी। सीबीआई ने मामले से जुड़ी सामग्री एसीबी के सुपुर्द कर दी थी, जिनमें कथित सौदे को अंतिम रूप देते समय इस्तेमाल में लाए मोबाइल और लैंडलाइन फोन नंबर भी शामिल हैं। सीबीआई ने मामले से जुड़ी सामग्री एसीबी के सुपुर्द कर दी थी, जिनमें कथित सौदे को अंतिम रूप देते समय इस्तेमाल में लाए मोबाइल और लैंडलाइन फोन नंबर भी शामिल हैं।
ओबुलापुरम खनन कंपनी घोटाले में आरोपी कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी को रिश्वत लेकर जमानत देने के आरोपी सीबीआई के निलंबित न्यायाधीश डी पट्टाभिराम राव से आज भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने पूछताछ की।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अन्ना हजारे और उनकी टीम ने अपने को निष्पक्ष जताने की कोशिश करते हुए आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, भाजपा प्रमुख नितिन गडकरी सहित कई नेताओं को पत्र लिखकर पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले उनसे लोकपाल मुद्दे पर कई सवाल किए। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को भी पत्र लिखे गए हैं। इन पत्रों पर हजारे के अलावा उनकी टीम के सदस्यों शांति भूषण, प्रशांत भूषण, अरविन्द केजरीवाल और किरण बेदी के हस्ताक्षर हैं। प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में सिर्फ हजारे का हस्ताक्षर है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि वह कुछ साहस दिखाते हुए ‘कमजोर’ लोकपाल विधेयक को वापस ले लें ओर एक मजबूत विधेयक लाएं। राहुल गांधी को लिखे पत्र में सवाल किया गया है कि क्या उनकी पार्टी उत्तराखंड में सख्त लोकायुक्त कानून की तर्ज पर ऐसा विधेयक लाने की हिम्मत करेगी। गडकरी से सवाल किया गया है कि भाजपा ने उत्तराखंड में पार्टी की सरकार द्वारा पारित सख्त विधेयक जैसे कानून के लिए बिहार में नीतीश कुमार सरकार पर क्यों नहीं जोर दिया। उनसे यह सवाल भी किया गया कि लोकपाल विधेयक के जरिए लोकायुक्त के मुद्दे पर उनकी पार्टी का रुख क्यों बदलता रहा है। टीम अन्ना ने स्थायी समिति में विरोध नहीं करने और लोकसभा में वाकआउट करने के लिए बसपा को भी निशाने पर लिया। स्थायी समिति में जोरदार विरोध करने वाली सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव से टीम अन्ना ने सवाल किया कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के साथ रहेंगे या भाजपा के साथ जाएंगे। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में अन्ना ने कहा, ‘आपकी उम्र 80 वर्ष हो गयी है। इस देश ने आपको सब कुछ दिया। अब यह देश आपसे कुछ मांग रहा है। हिम्मत दिखाइए। आपने न्यूक्लियर डील पर तो अपनी सरकार को दांव पर लगा दिया। थोड़ी हिम्मत भ्रष्टाचार दूर करने के लिए लोकपाल बिल पर भी दिखाइए। पता नहीं कांग्रेस आपको इसके बाद प्रधानमंत्री बनने का मौका दे या न दे, पर देश आपका नाम हमेशा याद रखेगा।’ हजारे ने कहा, ‘सीबीआई को सरकारी शिकंजे से मुक्त कराए जाने से आप क्यों डरते हैं। क्या सीबीआई में कुछ ऐसी फाइलें हैं जिनके बाहर आने से सरकार डरती है? या सीबीआई का दुरूपयोग भ्रष्ट नेताओं को बचाने के लिए करते रहना चाहते हैं? या सीबीआई का दुरूपयोग मुलायम सिंह और मायावती का समर्थन लेकर सरकार बनाए रखने के लिए करना चाहते हैं।?’टिप्पणियां राहुल को भेजे पत्र में टीम अन्ना ने कहा कि सरकार ने संसद की नहीं सुनी लेकिन आपने कहा कि लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दो तो सरकार ने तुरंत आपकी बात सुन ली। ‘ऐसा लगत है कि सरकार केवल आपकी बात सुनती है। आपके कहने पर सरकार ने आपकी बात मान ली। लेकिन लोकपाल को न आप स्वतंत्र करना चाहते है और न ही उसे कोई शक्ति देना चाहते हैं।’ टीम अन्ना ने इसी प्रकार अन्य नेताओं से भी कई मुद्दों पर सवाल किए हैं। टीम अन्ना द्वारा कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों को अलग अलग पत्र लिखे जाने को निष्पक्ष छवि बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि उन पर कांग्रेस विरोधी होने का आरोप लगता रहा है। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को भी पत्र लिखे गए हैं। इन पत्रों पर हजारे के अलावा उनकी टीम के सदस्यों शांति भूषण, प्रशांत भूषण, अरविन्द केजरीवाल और किरण बेदी के हस्ताक्षर हैं। प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में सिर्फ हजारे का हस्ताक्षर है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि वह कुछ साहस दिखाते हुए ‘कमजोर’ लोकपाल विधेयक को वापस ले लें ओर एक मजबूत विधेयक लाएं। राहुल गांधी को लिखे पत्र में सवाल किया गया है कि क्या उनकी पार्टी उत्तराखंड में सख्त लोकायुक्त कानून की तर्ज पर ऐसा विधेयक लाने की हिम्मत करेगी। गडकरी से सवाल किया गया है कि भाजपा ने उत्तराखंड में पार्टी की सरकार द्वारा पारित सख्त विधेयक जैसे कानून के लिए बिहार में नीतीश कुमार सरकार पर क्यों नहीं जोर दिया। उनसे यह सवाल भी किया गया कि लोकपाल विधेयक के जरिए लोकायुक्त के मुद्दे पर उनकी पार्टी का रुख क्यों बदलता रहा है। टीम अन्ना ने स्थायी समिति में विरोध नहीं करने और लोकसभा में वाकआउट करने के लिए बसपा को भी निशाने पर लिया। स्थायी समिति में जोरदार विरोध करने वाली सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव से टीम अन्ना ने सवाल किया कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के साथ रहेंगे या भाजपा के साथ जाएंगे। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में अन्ना ने कहा, ‘आपकी उम्र 80 वर्ष हो गयी है। इस देश ने आपको सब कुछ दिया। अब यह देश आपसे कुछ मांग रहा है। हिम्मत दिखाइए। आपने न्यूक्लियर डील पर तो अपनी सरकार को दांव पर लगा दिया। थोड़ी हिम्मत भ्रष्टाचार दूर करने के लिए लोकपाल बिल पर भी दिखाइए। पता नहीं कांग्रेस आपको इसके बाद प्रधानमंत्री बनने का मौका दे या न दे, पर देश आपका नाम हमेशा याद रखेगा।’ हजारे ने कहा, ‘सीबीआई को सरकारी शिकंजे से मुक्त कराए जाने से आप क्यों डरते हैं। क्या सीबीआई में कुछ ऐसी फाइलें हैं जिनके बाहर आने से सरकार डरती है? या सीबीआई का दुरूपयोग भ्रष्ट नेताओं को बचाने के लिए करते रहना चाहते हैं? या सीबीआई का दुरूपयोग मुलायम सिंह और मायावती का समर्थन लेकर सरकार बनाए रखने के लिए करना चाहते हैं।?’टिप्पणियां राहुल को भेजे पत्र में टीम अन्ना ने कहा कि सरकार ने संसद की नहीं सुनी लेकिन आपने कहा कि लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दो तो सरकार ने तुरंत आपकी बात सुन ली। ‘ऐसा लगत है कि सरकार केवल आपकी बात सुनती है। आपके कहने पर सरकार ने आपकी बात मान ली। लेकिन लोकपाल को न आप स्वतंत्र करना चाहते है और न ही उसे कोई शक्ति देना चाहते हैं।’ टीम अन्ना ने इसी प्रकार अन्य नेताओं से भी कई मुद्दों पर सवाल किए हैं। टीम अन्ना द्वारा कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों को अलग अलग पत्र लिखे जाने को निष्पक्ष छवि बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि उन पर कांग्रेस विरोधी होने का आरोप लगता रहा है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि वह कुछ साहस दिखाते हुए ‘कमजोर’ लोकपाल विधेयक को वापस ले लें ओर एक मजबूत विधेयक लाएं। राहुल गांधी को लिखे पत्र में सवाल किया गया है कि क्या उनकी पार्टी उत्तराखंड में सख्त लोकायुक्त कानून की तर्ज पर ऐसा विधेयक लाने की हिम्मत करेगी। गडकरी से सवाल किया गया है कि भाजपा ने उत्तराखंड में पार्टी की सरकार द्वारा पारित सख्त विधेयक जैसे कानून के लिए बिहार में नीतीश कुमार सरकार पर क्यों नहीं जोर दिया। उनसे यह सवाल भी किया गया कि लोकपाल विधेयक के जरिए लोकायुक्त के मुद्दे पर उनकी पार्टी का रुख क्यों बदलता रहा है। टीम अन्ना ने स्थायी समिति में विरोध नहीं करने और लोकसभा में वाकआउट करने के लिए बसपा को भी निशाने पर लिया। स्थायी समिति में जोरदार विरोध करने वाली सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव से टीम अन्ना ने सवाल किया कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के साथ रहेंगे या भाजपा के साथ जाएंगे। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में अन्ना ने कहा, ‘आपकी उम्र 80 वर्ष हो गयी है। इस देश ने आपको सब कुछ दिया। अब यह देश आपसे कुछ मांग रहा है। हिम्मत दिखाइए। आपने न्यूक्लियर डील पर तो अपनी सरकार को दांव पर लगा दिया। थोड़ी हिम्मत भ्रष्टाचार दूर करने के लिए लोकपाल बिल पर भी दिखाइए। पता नहीं कांग्रेस आपको इसके बाद प्रधानमंत्री बनने का मौका दे या न दे, पर देश आपका नाम हमेशा याद रखेगा।’ हजारे ने कहा, ‘सीबीआई को सरकारी शिकंजे से मुक्त कराए जाने से आप क्यों डरते हैं। क्या सीबीआई में कुछ ऐसी फाइलें हैं जिनके बाहर आने से सरकार डरती है? या सीबीआई का दुरूपयोग भ्रष्ट नेताओं को बचाने के लिए करते रहना चाहते हैं? या सीबीआई का दुरूपयोग मुलायम सिंह और मायावती का समर्थन लेकर सरकार बनाए रखने के लिए करना चाहते हैं।?’टिप्पणियां राहुल को भेजे पत्र में टीम अन्ना ने कहा कि सरकार ने संसद की नहीं सुनी लेकिन आपने कहा कि लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दो तो सरकार ने तुरंत आपकी बात सुन ली। ‘ऐसा लगत है कि सरकार केवल आपकी बात सुनती है। आपके कहने पर सरकार ने आपकी बात मान ली। लेकिन लोकपाल को न आप स्वतंत्र करना चाहते है और न ही उसे कोई शक्ति देना चाहते हैं।’ टीम अन्ना ने इसी प्रकार अन्य नेताओं से भी कई मुद्दों पर सवाल किए हैं। टीम अन्ना द्वारा कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों को अलग अलग पत्र लिखे जाने को निष्पक्ष छवि बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि उन पर कांग्रेस विरोधी होने का आरोप लगता रहा है। गडकरी से सवाल किया गया है कि भाजपा ने उत्तराखंड में पार्टी की सरकार द्वारा पारित सख्त विधेयक जैसे कानून के लिए बिहार में नीतीश कुमार सरकार पर क्यों नहीं जोर दिया। उनसे यह सवाल भी किया गया कि लोकपाल विधेयक के जरिए लोकायुक्त के मुद्दे पर उनकी पार्टी का रुख क्यों बदलता रहा है। टीम अन्ना ने स्थायी समिति में विरोध नहीं करने और लोकसभा में वाकआउट करने के लिए बसपा को भी निशाने पर लिया। स्थायी समिति में जोरदार विरोध करने वाली सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव से टीम अन्ना ने सवाल किया कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के साथ रहेंगे या भाजपा के साथ जाएंगे। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में अन्ना ने कहा, ‘आपकी उम्र 80 वर्ष हो गयी है। इस देश ने आपको सब कुछ दिया। अब यह देश आपसे कुछ मांग रहा है। हिम्मत दिखाइए। आपने न्यूक्लियर डील पर तो अपनी सरकार को दांव पर लगा दिया। थोड़ी हिम्मत भ्रष्टाचार दूर करने के लिए लोकपाल बिल पर भी दिखाइए। पता नहीं कांग्रेस आपको इसके बाद प्रधानमंत्री बनने का मौका दे या न दे, पर देश आपका नाम हमेशा याद रखेगा।’ हजारे ने कहा, ‘सीबीआई को सरकारी शिकंजे से मुक्त कराए जाने से आप क्यों डरते हैं। क्या सीबीआई में कुछ ऐसी फाइलें हैं जिनके बाहर आने से सरकार डरती है? या सीबीआई का दुरूपयोग भ्रष्ट नेताओं को बचाने के लिए करते रहना चाहते हैं? या सीबीआई का दुरूपयोग मुलायम सिंह और मायावती का समर्थन लेकर सरकार बनाए रखने के लिए करना चाहते हैं।?’टिप्पणियां राहुल को भेजे पत्र में टीम अन्ना ने कहा कि सरकार ने संसद की नहीं सुनी लेकिन आपने कहा कि लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दो तो सरकार ने तुरंत आपकी बात सुन ली। ‘ऐसा लगत है कि सरकार केवल आपकी बात सुनती है। आपके कहने पर सरकार ने आपकी बात मान ली। लेकिन लोकपाल को न आप स्वतंत्र करना चाहते है और न ही उसे कोई शक्ति देना चाहते हैं।’ टीम अन्ना ने इसी प्रकार अन्य नेताओं से भी कई मुद्दों पर सवाल किए हैं। टीम अन्ना द्वारा कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों को अलग अलग पत्र लिखे जाने को निष्पक्ष छवि बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि उन पर कांग्रेस विरोधी होने का आरोप लगता रहा है। टीम अन्ना ने स्थायी समिति में विरोध नहीं करने और लोकसभा में वाकआउट करने के लिए बसपा को भी निशाने पर लिया। स्थायी समिति में जोरदार विरोध करने वाली सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव से टीम अन्ना ने सवाल किया कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के साथ रहेंगे या भाजपा के साथ जाएंगे। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में अन्ना ने कहा, ‘आपकी उम्र 80 वर्ष हो गयी है। इस देश ने आपको सब कुछ दिया। अब यह देश आपसे कुछ मांग रहा है। हिम्मत दिखाइए। आपने न्यूक्लियर डील पर तो अपनी सरकार को दांव पर लगा दिया। थोड़ी हिम्मत भ्रष्टाचार दूर करने के लिए लोकपाल बिल पर भी दिखाइए। पता नहीं कांग्रेस आपको इसके बाद प्रधानमंत्री बनने का मौका दे या न दे, पर देश आपका नाम हमेशा याद रखेगा।’ हजारे ने कहा, ‘सीबीआई को सरकारी शिकंजे से मुक्त कराए जाने से आप क्यों डरते हैं। क्या सीबीआई में कुछ ऐसी फाइलें हैं जिनके बाहर आने से सरकार डरती है? या सीबीआई का दुरूपयोग भ्रष्ट नेताओं को बचाने के लिए करते रहना चाहते हैं? या सीबीआई का दुरूपयोग मुलायम सिंह और मायावती का समर्थन लेकर सरकार बनाए रखने के लिए करना चाहते हैं।?’टिप्पणियां राहुल को भेजे पत्र में टीम अन्ना ने कहा कि सरकार ने संसद की नहीं सुनी लेकिन आपने कहा कि लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दो तो सरकार ने तुरंत आपकी बात सुन ली। ‘ऐसा लगत है कि सरकार केवल आपकी बात सुनती है। आपके कहने पर सरकार ने आपकी बात मान ली। लेकिन लोकपाल को न आप स्वतंत्र करना चाहते है और न ही उसे कोई शक्ति देना चाहते हैं।’ टीम अन्ना ने इसी प्रकार अन्य नेताओं से भी कई मुद्दों पर सवाल किए हैं। टीम अन्ना द्वारा कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों को अलग अलग पत्र लिखे जाने को निष्पक्ष छवि बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि उन पर कांग्रेस विरोधी होने का आरोप लगता रहा है। हजारे ने कहा, ‘सीबीआई को सरकारी शिकंजे से मुक्त कराए जाने से आप क्यों डरते हैं। क्या सीबीआई में कुछ ऐसी फाइलें हैं जिनके बाहर आने से सरकार डरती है? या सीबीआई का दुरूपयोग भ्रष्ट नेताओं को बचाने के लिए करते रहना चाहते हैं? या सीबीआई का दुरूपयोग मुलायम सिंह और मायावती का समर्थन लेकर सरकार बनाए रखने के लिए करना चाहते हैं।?’टिप्पणियां राहुल को भेजे पत्र में टीम अन्ना ने कहा कि सरकार ने संसद की नहीं सुनी लेकिन आपने कहा कि लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दो तो सरकार ने तुरंत आपकी बात सुन ली। ‘ऐसा लगत है कि सरकार केवल आपकी बात सुनती है। आपके कहने पर सरकार ने आपकी बात मान ली। लेकिन लोकपाल को न आप स्वतंत्र करना चाहते है और न ही उसे कोई शक्ति देना चाहते हैं।’ टीम अन्ना ने इसी प्रकार अन्य नेताओं से भी कई मुद्दों पर सवाल किए हैं। टीम अन्ना द्वारा कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों को अलग अलग पत्र लिखे जाने को निष्पक्ष छवि बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि उन पर कांग्रेस विरोधी होने का आरोप लगता रहा है। राहुल को भेजे पत्र में टीम अन्ना ने कहा कि सरकार ने संसद की नहीं सुनी लेकिन आपने कहा कि लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दो तो सरकार ने तुरंत आपकी बात सुन ली। ‘ऐसा लगत है कि सरकार केवल आपकी बात सुनती है। आपके कहने पर सरकार ने आपकी बात मान ली। लेकिन लोकपाल को न आप स्वतंत्र करना चाहते है और न ही उसे कोई शक्ति देना चाहते हैं।’ टीम अन्ना ने इसी प्रकार अन्य नेताओं से भी कई मुद्दों पर सवाल किए हैं। टीम अन्ना द्वारा कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों को अलग अलग पत्र लिखे जाने को निष्पक्ष छवि बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि उन पर कांग्रेस विरोधी होने का आरोप लगता रहा है। टीम अन्ना द्वारा कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों को अलग अलग पत्र लिखे जाने को निष्पक्ष छवि बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि उन पर कांग्रेस विरोधी होने का आरोप लगता रहा है।
संक्षिप्त सारांश: अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जहां दूसरी चिट्ठी लिखी है वहीं इस बार राहुल गांधी को भी चिट्ठी लिखकर भ्रष्टाचार और लोकपाल के मुद्दे पर तमाम सवाल पूछे हैं।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई की खाली पड़ी शक्ति मिल में एक महिला फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने चार सप्ताह से भी कम समय में गुरुवार को सभी पांचों संदिग्धों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ यह 600 पृष्ठों वाला आरोपपत्र एक दंडाधिकारी न्यायालय में दाखिल किया गया, जबकि एक नाबालिग आरोपी के खिलाफ अरोपपत्र अलग से किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल किया गया। आरोपपत्र में सलीम अंसारी, मोहम्मद कासिम, हाफिज शेख उर्फ कासिम बंगाली, सिराज रहमान खान और विजय जाधव को आरोपित किया गया है, जबकि कानूनी बाध्यता के कारण नाबालिग आरोपी का नाम नहीं दिया जा सकता।टिप्पणियां पुलिस ने आरोपपत्र में बताया है कि 22 अगस्त को दक्षिणी मुंबई के महालक्ष्मी में खाली पड़े शक्ति मिल परिसर में पांच लोगों के समूह ने 22 वर्षीय महिला फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने आगे बताया है कि पीड़िता अपने एक पुरुष साथी के साथ कार्यालय द्वारा सौंपे गए काम से वहां गई थी। महिला के साथ दुष्कर्म करने से पहले पांचों आरोपियों ने युवती के पुरुष साथी को बुरी तरह पीटा और बांध दिया था। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ यह 600 पृष्ठों वाला आरोपपत्र एक दंडाधिकारी न्यायालय में दाखिल किया गया, जबकि एक नाबालिग आरोपी के खिलाफ अरोपपत्र अलग से किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल किया गया। आरोपपत्र में सलीम अंसारी, मोहम्मद कासिम, हाफिज शेख उर्फ कासिम बंगाली, सिराज रहमान खान और विजय जाधव को आरोपित किया गया है, जबकि कानूनी बाध्यता के कारण नाबालिग आरोपी का नाम नहीं दिया जा सकता।टिप्पणियां पुलिस ने आरोपपत्र में बताया है कि 22 अगस्त को दक्षिणी मुंबई के महालक्ष्मी में खाली पड़े शक्ति मिल परिसर में पांच लोगों के समूह ने 22 वर्षीय महिला फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने आगे बताया है कि पीड़िता अपने एक पुरुष साथी के साथ कार्यालय द्वारा सौंपे गए काम से वहां गई थी। महिला के साथ दुष्कर्म करने से पहले पांचों आरोपियों ने युवती के पुरुष साथी को बुरी तरह पीटा और बांध दिया था। आरोपपत्र में सलीम अंसारी, मोहम्मद कासिम, हाफिज शेख उर्फ कासिम बंगाली, सिराज रहमान खान और विजय जाधव को आरोपित किया गया है, जबकि कानूनी बाध्यता के कारण नाबालिग आरोपी का नाम नहीं दिया जा सकता।टिप्पणियां पुलिस ने आरोपपत्र में बताया है कि 22 अगस्त को दक्षिणी मुंबई के महालक्ष्मी में खाली पड़े शक्ति मिल परिसर में पांच लोगों के समूह ने 22 वर्षीय महिला फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने आगे बताया है कि पीड़िता अपने एक पुरुष साथी के साथ कार्यालय द्वारा सौंपे गए काम से वहां गई थी। महिला के साथ दुष्कर्म करने से पहले पांचों आरोपियों ने युवती के पुरुष साथी को बुरी तरह पीटा और बांध दिया था। पुलिस ने आरोपपत्र में बताया है कि 22 अगस्त को दक्षिणी मुंबई के महालक्ष्मी में खाली पड़े शक्ति मिल परिसर में पांच लोगों के समूह ने 22 वर्षीय महिला फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने आगे बताया है कि पीड़िता अपने एक पुरुष साथी के साथ कार्यालय द्वारा सौंपे गए काम से वहां गई थी। महिला के साथ दुष्कर्म करने से पहले पांचों आरोपियों ने युवती के पुरुष साथी को बुरी तरह पीटा और बांध दिया था। पुलिस ने आगे बताया है कि पीड़िता अपने एक पुरुष साथी के साथ कार्यालय द्वारा सौंपे गए काम से वहां गई थी। महिला के साथ दुष्कर्म करने से पहले पांचों आरोपियों ने युवती के पुरुष साथी को बुरी तरह पीटा और बांध दिया था।
सारांश: मुंबई की खाली पड़ी शक्ति मिल में एक महिला फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने चार सप्ताह से भी कम समय में गुरुवार को सभी पांचों संदिग्धों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चार बम धमाकों में आरोपी असीमानंद ने भारत−पाक के राष्ट्रपति को लिखा ख़त अपना गुनाह कबूल किया। असीमानंद ने मुल्ला उमर और हाफ़िज़ सईद से मिलकर उनका दिल बदलने की इच्छा जताई है। यह दावा तहलका पत्रिका ने किया है। असीमानंद पर कम से कम चार बम धमाकों का आरोप है। मालेगांव, हैदराबाद, अजमेर और समझौता धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार स्वामी असीमानंद ने भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रपति को ख़त लिखकर हैरानी भरी मांगें की हैं। साप्ताहिक मैगज़ीन तहलका के पास स्वामी असीमानंद के लिखे ये ख़त मौजूद हैं। तहलका के मुताबिक असीमानंद ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को लिखे ख़त में अपने गुनाह स्वीकार किए हैं। असीमानंद ने माना है कि जेल में एक मुस्लिम लड़के से मुलाक़ात के बाद उनका हृदय परिवर्तन हुआ। असीमानंद अपने गुनाहों का प्रायश्चित करना चाहता है। असीमानंद ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना गुनाह कबूल करने के दो दिन बाद ये ख़त लिखे हैं।इस बीच 2007 के समझौता बम धमाकों के सिलसिले में आरोपी असीमानंद की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। पंचकुला की कोर्ट ने असीमानंद की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। असीमानंद को मामले की जांच कर रही नेशनल इनवेस्टिगेशन टीम यानी NIA 23 दिसंबर को हैदराबाद से पंचकुला लाई थी। असीमानंद हैदराबाद के मक्का मस्जिद धमाकों में भी आरोपी है। असीमानंद को 19 नवंबर को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। उधर अजमेर की एक अदालत ने असीमानंद की पेशी के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया है। असीमानंद को 18 जनवरी को अजमेरी की अदालत में पेश होना होगा। 2006 के मालेगांव धमाकों की जांच सीबीआई की एक विशेष टीम करेगी। मुंबई की स्पेशल मकोका अदालत ने सीबीआई को इसकी इजाज़त दे दी है। तहक़ीक़त के सिलसिले में ये टीम आरोपी स्वामी असीमानंद से भी पूछताछ करेगी। सीबीआई उन नौ लोगों की गिरफ्तारी की भी जांच करेगी जिन्हें धमाकों के बाद महाराष्ट्र एटीएस ने गिरफ्तार किया था।
संक्षिप्त सारांश: असीमानंद ने मुल्ला उमर और हाफ़िज़ सईद से मिलकर उनका दिल बदलने की इच्छा जताई है। यह दावा तहलका पत्रिका ने किया है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंसटन चर्चिल की आखिरी पेंटिंग के एक नीलामी में 80,000 पाउंड में बिकने की संभावना है. चर्चिल की आखिरी पेंटिंग का शीर्षक 'द गोल्डफिश पूल एट चार्टवेल' है, जिसे उन्होंने 1965 में बनाया था.टिप्पणियां यह भी पढ़ें : लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर पर लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा उन्होंने अपने जीवन की सबसे खूबसूरत जगह को पेंटिंग में उतारा है. इसमें ब्रिटेन स्थित उनके चार्टवेल घर में गोल्डफिश का तालाब नजर आता है. 'सोदबीज ऑक्शन हाउस' की फ्रांसिस क्रिस्टी ने 'द टेलीग्राफ' से कहा, 'यह उनकी आखिरी पेंटिंग है. लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दुनिया में उनके सबसे खास स्थान केंट स्थित घर की है.'  ऑक्शन हाउस ने कहा कि नीलामी 21 नवंबर को होगी. इसमें पेंटिंग के 80,000 पाउंड में बिकने की संभावना है.  यह भी पढ़ें : लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर पर लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा उन्होंने अपने जीवन की सबसे खूबसूरत जगह को पेंटिंग में उतारा है. इसमें ब्रिटेन स्थित उनके चार्टवेल घर में गोल्डफिश का तालाब नजर आता है. 'सोदबीज ऑक्शन हाउस' की फ्रांसिस क्रिस्टी ने 'द टेलीग्राफ' से कहा, 'यह उनकी आखिरी पेंटिंग है. लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दुनिया में उनके सबसे खास स्थान केंट स्थित घर की है.'  ऑक्शन हाउस ने कहा कि नीलामी 21 नवंबर को होगी. इसमें पेंटिंग के 80,000 पाउंड में बिकने की संभावना है.  उन्होंने अपने जीवन की सबसे खूबसूरत जगह को पेंटिंग में उतारा है. इसमें ब्रिटेन स्थित उनके चार्टवेल घर में गोल्डफिश का तालाब नजर आता है. 'सोदबीज ऑक्शन हाउस' की फ्रांसिस क्रिस्टी ने 'द टेलीग्राफ' से कहा, 'यह उनकी आखिरी पेंटिंग है. लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दुनिया में उनके सबसे खास स्थान केंट स्थित घर की है.'  ऑक्शन हाउस ने कहा कि नीलामी 21 नवंबर को होगी. इसमें पेंटिंग के 80,000 पाउंड में बिकने की संभावना है.
यह एक सारांश है: पेंटिंग का शीर्षक 'द गोल्डफिश पूल एट चार्टवेल' है इस पेंटिंग को चर्चिल ने 1965 में बनाया था ऑक्शन हाउस ने कहा कि नीलामी 21 नवंबर को होगी
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रवर्तन निदेशालय (ED) का कहना है कि वह हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) के अध्यक्ष राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग वधावन के मुंबई स्थित दो स्थानों पर छापेमारी कर रही है. इस दौरान ED को HDIL प्रमोटर्स के नाम पर पंजीकृत एक विमान और एक नौका का भी पता चला है. ED ने सोमवार को पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (PMC) धोखाधड़ी मामले में यह खुलासा किया है. ED के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'सोमवार को छापेमारी के दौरान हमने अलीबाग में 22 कमरों के एक विशाल बंगले की पहचान की है. इसे जल्द ही संलग्न किया जाएगा.' अधिकारी ने बताया कि HDIL प्रमोटर्स के नाम पर एक विमान और एक नौका भी पंजीकृत है. अधिकारी ने यह भी कहा कि एजेंसी ने अपनी छानबीन के दौरान यह भी पाया है कि HDIL के मालिकों ने शीर्ष राजनेताओं को महाराष्ट्र के पॉश स्थानों में कई घर उपहार के तौर पर दिए हैं. एजेंसी ने हालांकि इन राजनेताओं के नामों के बारे में अभी तक खुलासा नहीं किया है. एजेंसी ने शनिवार को HDIL के चेयरमैन राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग वधावन के 60 करोड़ रुपये के निजी जेट और ज्वैलरी को संलग्न किया था. एजेंसी ने कहा कि वह मालदीव में अधिकारियों के साथ संपर्क में है, ताकि वधावन की नौका को वहां अटैच किया जा सके. वहीं ED ने PMC बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह के बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए हैं. एजेंसी द्वारा उनकी 10 करोड़ रुपये की जमा पूंजी और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी फ्रीज कर दी गई है. इससे पहले एजेंसी ने शुक्रवार को 12 लग्जरी कारों को भी जब्त किया था. ED ने मुंबई में छह स्थानों पर छापेमारी के दौरान HDIL अध्यक्ष की दो रोल्स रॉयस, दो रेंज रोवर्स और एक बेंटले कार जब्त की थी. वित्तीय जांच एजेंसी ने वरयाम सिंह और PMC बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस के ठिकानों पर भी छापा मारा. एजेंसी ने 4,355 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में HDIL प्रमोटर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. ED ने कहा है कि वे राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग वधावन सहित HDIL के सात निदेशकों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं. जांच में सहयोग नहीं करने के कारण इन्हें गुरुवार को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. एजेंसी HDIL से जुड़ी अन्य 18 कंपनियों से संबंधित जानकारी भी जुटा रही है.
सारांश: प्रमोटर्स के नाम पर पंजीकृत एक विमान और एक नौका का भी पता चला छापेमारी के दौरान अलीबाग में 22 कमरों के एक विशाल बंगले की पहचान की एजेंसी ने कहा कि वह मालदीव में अधिकारियों के साथ संपर्क में है
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने अपने आंदोलन के नए चरण से हिन्दी फिल्मों के मशहूर अभिनेता आमिर खान को जोड़ने की इच्छा जताई है। हजारे जनवरी से नए सिरे से अपनी भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम छेड़ सकते हैं। हजारे के करीबी सूत्रों ने कहा कि वह आमिर के हज यात्रा से लौटने के बाद उनसे इस बाबत बातचीत करेंगे।टिप्पणियां आमिर ने अपने टीवी शो 'सत्यमेव जयते' के माध्यम से अनेक सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता पैदा की थी और वह पिछले साल दिल्ली के रामलीला मैदान में हजारे के आंदोलन को समर्थन जता चुके हैं। सूत्रों के अनुसार संभवत: इन्हीं चीजों के चलते अन्ना हजारे ने आमिर को अपने साथ जोड़ने की योजना बनाई होगी। गौरतलब है कि आमिर ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी प्रणाली लाने की मांग भी की थी। टीम अन्ना के भंग होने के बाद से हजारे अपने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के लिए नई टीम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं और उन्होंने इसके लिए अनेक पूर्व सरकारी कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों आदि से बात की है। आमिर ने अपने टीवी शो 'सत्यमेव जयते' के माध्यम से अनेक सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता पैदा की थी और वह पिछले साल दिल्ली के रामलीला मैदान में हजारे के आंदोलन को समर्थन जता चुके हैं। सूत्रों के अनुसार संभवत: इन्हीं चीजों के चलते अन्ना हजारे ने आमिर को अपने साथ जोड़ने की योजना बनाई होगी। गौरतलब है कि आमिर ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी प्रणाली लाने की मांग भी की थी। टीम अन्ना के भंग होने के बाद से हजारे अपने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के लिए नई टीम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं और उन्होंने इसके लिए अनेक पूर्व सरकारी कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों आदि से बात की है। गौरतलब है कि आमिर ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी प्रणाली लाने की मांग भी की थी। टीम अन्ना के भंग होने के बाद से हजारे अपने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के लिए नई टीम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं और उन्होंने इसके लिए अनेक पूर्व सरकारी कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों आदि से बात की है।
अन्ना हजारे ने अपने आंदोलन से हिन्दी फिल्मों के मशहूर अभिनेता आमिर खान को जोड़ने की इच्छा जताई है। हजारे जनवरी से नए सिरे से अपनी भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम छेड़ सकते हैं।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कुछ लोगों ने एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को अगवा कर महिला के साथ चलती कार में कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया गया. घटना के संबंध में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में लिया है. हालांकि प्रारंभिक छानबीन के आधार पर पुलिस घटना को पूरी तरह संदिग्ध बता रही है. पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिरोही ने शनिवार को पीड़ित महिला की शिकायत के हवाले से बताया कि थाना नौचंन्दी क्षेत्र निवासी 45 वषीय एक महिला अपनी 13 साल की बेटी के साथ शुक्रवार को तेजगढ़ी स्थित एक डॉक्टर के क्लीनिक पर जा रही थी. रास्ते में एक लग्जरी कार में सवार पांच लोगों ने उनसे किसी जगह का रास्ता पूछा और कार के अंदर खींच लिया. सिरोही के अनुसार, आरोप है कि कार में सवार तीन लोगों ने महिला से सामूहिक बलात्कार कर उसे कचहरी के पास फेंका और फरार हो गए. महिला अपनी बेटी को तलाश कर ही रही थी कि उसे कचहरी में कार सवार लोगों में से एक व्यक्ति आस मोहम्मद निवासी किठौर दिख गया. महिला ने शोर मचाते हुए उसे लोगों की मदद से पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. कुछ ही देर बाद महिला की बेटी भी जेल चुंगी के पास से बरामद हो गई. बेटी का कहना था कि वह आरोपी आस मोहम्मद के कब्जे से छूटकर मां को तलाशती हुई जेल चुंगी पहुंची थी. पुलिस क्षेत्राधिकारी के अनुसार पीड़ित महिला की शिकायत पर आस मौहम्मद, आसिफ, नईमुद्दीन तथा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ नौचन्दी थाने में मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है. घटना की प्रांरभिक छानबीन के आधार पर पुलिस अधीक्षक नगर ओमप्रकाश ने बताया कि घटना पूरी तरह संदिग्ध है. बहरहाल, पुलिस घटना की जांच कर रही है.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) घटना के संबंध में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में लिया है. हालांकि प्रारंभिक छानबीन के आधार पर पुलिस घटना को पूरी तरह संदिग्ध बता रही है. पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिरोही ने शनिवार को पीड़ित महिला की शिकायत के हवाले से बताया कि थाना नौचंन्दी क्षेत्र निवासी 45 वषीय एक महिला अपनी 13 साल की बेटी के साथ शुक्रवार को तेजगढ़ी स्थित एक डॉक्टर के क्लीनिक पर जा रही थी. रास्ते में एक लग्जरी कार में सवार पांच लोगों ने उनसे किसी जगह का रास्ता पूछा और कार के अंदर खींच लिया. सिरोही के अनुसार, आरोप है कि कार में सवार तीन लोगों ने महिला से सामूहिक बलात्कार कर उसे कचहरी के पास फेंका और फरार हो गए. महिला अपनी बेटी को तलाश कर ही रही थी कि उसे कचहरी में कार सवार लोगों में से एक व्यक्ति आस मोहम्मद निवासी किठौर दिख गया. महिला ने शोर मचाते हुए उसे लोगों की मदद से पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. कुछ ही देर बाद महिला की बेटी भी जेल चुंगी के पास से बरामद हो गई. बेटी का कहना था कि वह आरोपी आस मोहम्मद के कब्जे से छूटकर मां को तलाशती हुई जेल चुंगी पहुंची थी. पुलिस क्षेत्राधिकारी के अनुसार पीड़ित महिला की शिकायत पर आस मौहम्मद, आसिफ, नईमुद्दीन तथा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ नौचन्दी थाने में मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है. घटना की प्रांरभिक छानबीन के आधार पर पुलिस अधीक्षक नगर ओमप्रकाश ने बताया कि घटना पूरी तरह संदिग्ध है. बहरहाल, पुलिस घटना की जांच कर रही है.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिरोही ने शनिवार को पीड़ित महिला की शिकायत के हवाले से बताया कि थाना नौचंन्दी क्षेत्र निवासी 45 वषीय एक महिला अपनी 13 साल की बेटी के साथ शुक्रवार को तेजगढ़ी स्थित एक डॉक्टर के क्लीनिक पर जा रही थी. रास्ते में एक लग्जरी कार में सवार पांच लोगों ने उनसे किसी जगह का रास्ता पूछा और कार के अंदर खींच लिया. सिरोही के अनुसार, आरोप है कि कार में सवार तीन लोगों ने महिला से सामूहिक बलात्कार कर उसे कचहरी के पास फेंका और फरार हो गए. महिला अपनी बेटी को तलाश कर ही रही थी कि उसे कचहरी में कार सवार लोगों में से एक व्यक्ति आस मोहम्मद निवासी किठौर दिख गया. महिला ने शोर मचाते हुए उसे लोगों की मदद से पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. कुछ ही देर बाद महिला की बेटी भी जेल चुंगी के पास से बरामद हो गई. बेटी का कहना था कि वह आरोपी आस मोहम्मद के कब्जे से छूटकर मां को तलाशती हुई जेल चुंगी पहुंची थी. पुलिस क्षेत्राधिकारी के अनुसार पीड़ित महिला की शिकायत पर आस मौहम्मद, आसिफ, नईमुद्दीन तथा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ नौचन्दी थाने में मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है. घटना की प्रांरभिक छानबीन के आधार पर पुलिस अधीक्षक नगर ओमप्रकाश ने बताया कि घटना पूरी तरह संदिग्ध है. बहरहाल, पुलिस घटना की जांच कर रही है.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिरोही के अनुसार, आरोप है कि कार में सवार तीन लोगों ने महिला से सामूहिक बलात्कार कर उसे कचहरी के पास फेंका और फरार हो गए. महिला अपनी बेटी को तलाश कर ही रही थी कि उसे कचहरी में कार सवार लोगों में से एक व्यक्ति आस मोहम्मद निवासी किठौर दिख गया. महिला ने शोर मचाते हुए उसे लोगों की मदद से पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. कुछ ही देर बाद महिला की बेटी भी जेल चुंगी के पास से बरामद हो गई. बेटी का कहना था कि वह आरोपी आस मोहम्मद के कब्जे से छूटकर मां को तलाशती हुई जेल चुंगी पहुंची थी. पुलिस क्षेत्राधिकारी के अनुसार पीड़ित महिला की शिकायत पर आस मौहम्मद, आसिफ, नईमुद्दीन तथा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ नौचन्दी थाने में मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है. घटना की प्रांरभिक छानबीन के आधार पर पुलिस अधीक्षक नगर ओमप्रकाश ने बताया कि घटना पूरी तरह संदिग्ध है. बहरहाल, पुलिस घटना की जांच कर रही है.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस क्षेत्राधिकारी के अनुसार पीड़ित महिला की शिकायत पर आस मौहम्मद, आसिफ, नईमुद्दीन तथा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ नौचन्दी थाने में मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है. घटना की प्रांरभिक छानबीन के आधार पर पुलिस अधीक्षक नगर ओमप्रकाश ने बताया कि घटना पूरी तरह संदिग्ध है. बहरहाल, पुलिस घटना की जांच कर रही है.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: प्रारंभिक छानबीन के आधार पर पुलिस घटना को पूरी तरह संदिग्ध बता रही है पीड़ित महिला ने ही एक आरोपी को लोगों की मदद से पुलिस के हवाले किया हाल में बुलंदशहर मां-बेटी रेप कांड ने कानून व्यस्था की पोल खोली थी
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: भ्रष्टाचार हटाने के लिए भारतीयों को ज्यादा ध्यान देने की सलाह देते हुए तिब्बत के धार्मिक नेता दलाई लामा ने कहा कि वह अन्ना हजारे के आंदोलन का पूरी तरह समर्थन करते हैं। हालांकि उन्होंने आंदोलन के तरीके पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। तिब्बतियों को चेला और भारत को गुरु बताते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से चेला को शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। दलाई लामा ने कहा कि भारत में लोग मानने लगे हैं कि भ्रष्टाचार जीवन का हिस्सा बन गया है और वह छात्रों और व्यापारियों से बात करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, कई लोगों को अन्ना के तरीकों को लेकर थोड़ी बहुत आपत्तियां हैं लेकिन प्रेरणा बहुत जरूरी है। लोगों ने सोचना शुरू कर दिया है कि भ्रष्टाचार जीवन का हिस्सा है। यह आंदोलन राष्ट्र और राजनेताओं को सही मायनों में याद दिलाता है कि भ्रष्टाचार पूरी तरह गलत चीज है। कला, संस्कृति और शिक्षा के लिए दयावती मोदी पुरस्कार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा, मैं आंदोलन का पूरी तरह समर्थन करता हूं लेकिन उसके तरीके के बारे में मैं नहीं जानता।
तिब्बत के धार्मिक नेता दलाई लामा ने कहा कि वह अन्ना हजारे के आंदोलन का पूरी तरह समर्थन करते हैं।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: अक्सर अपने बयानों की वजह से विवादों में घिरे रहने वाले हरियाणा के स्वास्थ्य तथा खेल मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजपी) नेता अनिल विज ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचाव में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आलोचना कर डाली, लेकिन चौतरफा आलोचना और कड़ी निंदा के बाद उन्हें अपने बयान को वापस लेना पड़ा. दरअसल, खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर पर चरखा कातते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छापे जाने के बाद हुए विवाद पर टिप्पणी करते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि महात्मा गांधी के नाम से खादी का कोई पेटेंट नहीं है. अनिल विज ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम खादी के साथ जुड़ने से खादी डूब गई थी. विज के मुताबिक, राष्ट्रपिता के मुकाबले पीएम नरेंद्र मोदी बेहतर 'ब्रांड नेम' हैं.टिप्पणियां अंबाला से विधायक अनिल विज ने यह भी कहा था कि जिस दिन से भारतीय रुपये के नोटों पर महात्मा गांधी की फोटो लगाई जा रही है, उस दिन से ही रुपये की कीमत कम हो गई है, और धीरे-धीरे भारतीय रुपये के नोटों पर से भी बापू की तस्वीर हटा दी जाएगी इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राज्य सरकार के मुखिया मनोहर लाल खट्टर तथा पार्टी नेता शाइना एनसी ने अनिल विज के बयान की कड़ी निंदा की. खट्टर ने विज के बयान से किनारा करते हुए कहा था, यह उनका व्यक्तिगत हैसियत में दिया गया बयान है, और इस बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी देशभर के आदर्श हैं, और उनके कारण देश की मुद्रा का अवमूल्यन नहीं हुआ. खट्टर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने चरखा सिर्फ खादी के प्रचार के लिए चलाया था, और इस प्रतीक का अर्थ बापू को रीप्लेस करना नहीं कहा जा सकता. दरअसल, खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर पर चरखा कातते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छापे जाने के बाद हुए विवाद पर टिप्पणी करते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि महात्मा गांधी के नाम से खादी का कोई पेटेंट नहीं है. अनिल विज ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम खादी के साथ जुड़ने से खादी डूब गई थी. विज के मुताबिक, राष्ट्रपिता के मुकाबले पीएम नरेंद्र मोदी बेहतर 'ब्रांड नेम' हैं.टिप्पणियां अंबाला से विधायक अनिल विज ने यह भी कहा था कि जिस दिन से भारतीय रुपये के नोटों पर महात्मा गांधी की फोटो लगाई जा रही है, उस दिन से ही रुपये की कीमत कम हो गई है, और धीरे-धीरे भारतीय रुपये के नोटों पर से भी बापू की तस्वीर हटा दी जाएगी इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राज्य सरकार के मुखिया मनोहर लाल खट्टर तथा पार्टी नेता शाइना एनसी ने अनिल विज के बयान की कड़ी निंदा की. खट्टर ने विज के बयान से किनारा करते हुए कहा था, यह उनका व्यक्तिगत हैसियत में दिया गया बयान है, और इस बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी देशभर के आदर्श हैं, और उनके कारण देश की मुद्रा का अवमूल्यन नहीं हुआ. खट्टर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने चरखा सिर्फ खादी के प्रचार के लिए चलाया था, और इस प्रतीक का अर्थ बापू को रीप्लेस करना नहीं कहा जा सकता. अंबाला से विधायक अनिल विज ने यह भी कहा था कि जिस दिन से भारतीय रुपये के नोटों पर महात्मा गांधी की फोटो लगाई जा रही है, उस दिन से ही रुपये की कीमत कम हो गई है, और धीरे-धीरे भारतीय रुपये के नोटों पर से भी बापू की तस्वीर हटा दी जाएगी इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राज्य सरकार के मुखिया मनोहर लाल खट्टर तथा पार्टी नेता शाइना एनसी ने अनिल विज के बयान की कड़ी निंदा की. खट्टर ने विज के बयान से किनारा करते हुए कहा था, यह उनका व्यक्तिगत हैसियत में दिया गया बयान है, और इस बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी देशभर के आदर्श हैं, और उनके कारण देश की मुद्रा का अवमूल्यन नहीं हुआ. खट्टर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने चरखा सिर्फ खादी के प्रचार के लिए चलाया था, और इस प्रतीक का अर्थ बापू को रीप्लेस करना नहीं कहा जा सकता. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राज्य सरकार के मुखिया मनोहर लाल खट्टर तथा पार्टी नेता शाइना एनसी ने अनिल विज के बयान की कड़ी निंदा की. खट्टर ने विज के बयान से किनारा करते हुए कहा था, यह उनका व्यक्तिगत हैसियत में दिया गया बयान है, और इस बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी देशभर के आदर्श हैं, और उनके कारण देश की मुद्रा का अवमूल्यन नहीं हुआ. खट्टर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने चरखा सिर्फ खादी के प्रचार के लिए चलाया था, और इस प्रतीक का अर्थ बापू को रीप्लेस करना नहीं कहा जा सकता.
संक्षिप्त पाठ: अनिल विज ने कहा था, बापू से बेहतर ब्रांड नेम हैं पीएम नरेंद्र मोदी हरियाणा के मंत्री ने कहा था, रुपये के नोटों से भी हटाए जाएंगे राष्ट्रपिता मनोहर लाल खट्टर और बीजेपी ने अनिल विज के बयान की कड़ी निंदा की थी
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा फंडेड विश्वविद्यालयों में SC, ST और OBC की  नियुक्तियां घट सकती हैं.  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोटे के लाभ के लिए विश्वविद्यालय नहीं बल्कि विभाग को एक इकाई के रूप में लिया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC की अपील खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला तर्कसंगत है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद  रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू होगी. लगभग 6000 पदों पर भर्तियां रुकी हुई थीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों, प्रोफेसरों की भर्ती के लिए विश्वविद्यालय-स्तर पर नौकरियों को एक साथ जोड़कर नहीं देख सकते. एक विभाग के प्रोफेसर की दूसरे विभाग के प्रोफेसर से तुलना कैसे की जा सकती है? दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अप्रैल 2017 में 200 प्वाइंट वाले रोस्टर, जिसमें कॉलेज/यूनिवर्सिटी को एक यूनिट माना जाता था, रद्द कर दिया था और कहा था कि विवि नहीं बल्कि विभाग को एक इकाई माना जाना चाहिए. इससे पहले UGC का रोस्टर लागू था जिसमें विवि को एक इकाई माना जाता था और SC, ST व ओबीसी को प्रोफेसर आदि से पद पर आरक्षण दिया जाता था. हाईकोर्ट के फैसले के बाद  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने घोषणा की थी कि एक विभाग को अपने आप में ही बेस यूनिट माना जाएगा जिससे कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए सुरक्षित शिक्षकों के पदों की गणना की जा सके. SC-ST वर्ग से आने वाले शिक्षकों के लिए ये नुकसान की स्थिति हो गई. गतिरोध इतना बढ़ा कि कालेज/विश्वविद्यालयों को कक्षाएं तदर्थ (ad hoc) शिक्षकों की मदद लेकर चलानी पड़ीं. दरअसल हाईकोर्ट के फैसले के बाद यूजीसी ने देश के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों को आदेश दिया था कि प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदों को भरने के लिए विश्वविद्यालय को इकाई न मानकर, विभाग को इकाई मानते हुए रोस्टर प्रक्रिया लगाई जाए. इसका विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि इस नई व्यवस्था से एससी-एसटी और ओबीसी को मिलने वाला प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा. हंगामा बढ़ते देखकर UGC और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाई केंद्र सरकार और UGC की अपील खारिज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला तर्कसंगत
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार दूरसंचार क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने की इच्छा रखती है. इस क्षेत्र में समायोजित सकल आय (एजीआर) पर उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के हाल के निर्णय के बाद कंपनियों पर पुराने सांविधिक बकाये के भुगतान का दबाव पैदा हो गया है. सीतारमण ने कहा, ‘‘हम नहीं चाहते कोई कंपनी अपना परिचालन बंद करे. हम चाहते हैं कि कोई भी कंपनी हो, वह आगे बढ़े.'' उन्होंने कहा, ‘‘ सिर्फ दूरसंचार क्षेत्र ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में सभी कंपनियां कारोबार करने में सक्षम हों. अपने बाजार में ग्राहकों को सेवाएं दें और कारोबार में बनी रहें. इसी धारणा के साथ वित्त मंत्रालय हमेशा बातचीत करता रहता है और दूरसंचार उद्योग के लिए भी हमारा यही दृष्टिकोण है.'' बृहस्पतिवार को दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों वोडाफोन आइडिया और एयरटेल ने अपने दूसरी तिमाही के परिणामों में भारी घाटा दिखाया है. पिछले महीने न्यायालय ने एजीआर की सरकार द्वारा तय परिभाषा को सही माना था. इसके तहत कंपनियों की दूरसंचार सेवाओं के इतर कारोबार से प्राप्त आय को भी उनकी समायोजित सकल आय का हिस्सा मान लिया गया है. एजीआर पर न्यायालय के फैसले के बाद वोडाफोन-आइडिया, एयरटेल और अन्य दूरसंचार सेवा प्रदाताओं पर सरकार की कुल 1.4 लाख करोड़ रुपये की पुरानी सांविधिक देनदारी बनती है. न्यायालय का निर्णय आने के कुछ दिन के भीतर ही सरकार ने कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक सचिवों की समिति गठित कर दी. इसे दूरसंचार उद्योग पर वित्तीय दबाव से निपटने के उपाय सुझाने के लिए कहा गया है. सीतारमण ने कहा कि सरकार का इरादा उन सभी लोगों की चिंताओं का समाधान करने का है जो न्यायालय के निर्णय के बाद भारी संकट से गुजर रहे हैं और जिन्होंने सरकार से संपर्क किया है. उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात को लेकर भी सचेत हैं कि उच्चतम न्यायालय ने हमारे पक्ष में आदेश दिया है और ऐसे में दूरसंचार विभाग की चिंताओं पर भी विचार किया जाना है. इसलिए इस संबंध में सरकार की वित्तीय स्थिति और फैसले के दूरसंचार उद्योग के लिए निहितार्थों को समझकर निर्णय लेना होगा.'' सचिवों की समिति के बारे में सीतारमण ने कहा, ‘‘अभी उसका फैसला लेना बाकी है.'' उन्होंने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र पर बकाया को लेकर किसी भी बैंक ने वित्त मंत्रालय को अपनी चिंता जाहिर नहीं की है. उल्लेखनीय है कि वोडाफोन ने जहां दूसरी तिमाही में 50 हजार करोड़ रुपये से कारपोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा दिखाया है, वहीं एयरटेल ने इस दौरान 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक का तिमाही घाटा बताया है. दोनों कंपनियों को कुल मिलाकर दूसरी तिमाही में 74,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है.
सारांश: टेलीकॉम संकट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया बयान कहा- हम नहीं चाहते कि कोई कंपनी अपने ऑपरेशन बंद करे हम चाहते हैं कि कोई भी कंपनी हो, वह आगे बढ़े: सीतारमण
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) और काजल राघवानी (Kajal Raghwani) के सॉन्ग 'सज के संवर के' की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक इस भोजपुरी सॉन्ग (Bhojpuri Song) वीडियो करीब 11 करोड़ बार देखा जा चुका है और इसे देखने का सिलसिला अभी जारी है. इस गाने को खेसारी लाल यादव और प्रियंका सिंह ने मिलकर गाया है, जबकि इसमें एक्ट खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी ने किया है.   भोजपुरी सॉन्ग  (Bhojpuri Song) 'सज के संवर के'  में खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) और काजल राघवानी (Kajal Raghwani) का मॉर्डन लुक देखने को मिल रहा है. इस गाने का लोकेशन भी जबरदस्त है. इस गाने में खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी की बॉन्डिंग शानदार लग रही है. यह दोनों भोजपुरी स्टार फिल्मों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं. दोनों अपने फैंस के लिए अपने इवेंट्स के वीडियो आए दिन शेयर करते रहते हैं.   खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) को वैसे भी यूट्यूब (YouTube) का किंग कहा जाता है और इस गाने के लोकप्रियता ने फिर से इस बात को साबित भी कर दिया. यह भोजपुरी सॉन्ग  (Bhojpuri Song) साल 2018 का है, लेकिन होली के मौके पर जबरदस्त तरीके से यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहा है.
सारांश: खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी ने मचाया धमाल 'सज के संवर के' भोजपुरी सॉन्ग से उड़ाया गदर यूट्यूब पर 10 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया वीडियो
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2010 के सम्मान की खातिर एक युवा जोड़े की हत्या के मामले में शुक्रवार को एक ही परिवार के पांच सदस्यों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।टिप्पणियां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार सिंघल ने लड़की के माता-पिता माया व सूरज, भाई संजीव व करीबी रिश्तेदारों ओम प्रकाश और खुशबू को मृत्युदंड की सजा सुनाई। 19-वर्षीय आशा के साथ मारपीट किए जाने के बाद उसे उसके पुरुष साथी 20-वर्षीय योगेश के साथ बिजली का करंट देकर मार डाला गया था। आशा का परिवार लड़के के निम्न जाति का होने की वजह से उनके विवाह के खिलाफ था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार सिंघल ने लड़की के माता-पिता माया व सूरज, भाई संजीव व करीबी रिश्तेदारों ओम प्रकाश और खुशबू को मृत्युदंड की सजा सुनाई। 19-वर्षीय आशा के साथ मारपीट किए जाने के बाद उसे उसके पुरुष साथी 20-वर्षीय योगेश के साथ बिजली का करंट देकर मार डाला गया था। आशा का परिवार लड़के के निम्न जाति का होने की वजह से उनके विवाह के खिलाफ था। 19-वर्षीय आशा के साथ मारपीट किए जाने के बाद उसे उसके पुरुष साथी 20-वर्षीय योगेश के साथ बिजली का करंट देकर मार डाला गया था। आशा का परिवार लड़के के निम्न जाति का होने की वजह से उनके विवाह के खिलाफ था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2010 के सम्मान की खातिर एक युवा जोड़े की हत्या के मामले में शुक्रवार को एक ही परिवार के पांच सदस्यों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकार पुराने नोटों के एक्सचेंज पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार नहीं कर रही है. सरकारी अधिकारियों की ओर से यह सफाई तब आई है जब शुक्रवार को ही कुछ सरकारी सूत्रों ने कहा था कि सरकार को लगता है कि नोट बदलने के प्रस्ताव का गलत फायदा उठाया जा सकता है और यह 'बैंकिंग सिस्टम में बाधा' पैदा कर सकता है. सरकार की ओर से कहा गया है कि 'ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे जनता के बीच खलबली मच जाए.'टिप्पणियां बता दें कि जब से नोटबंदी का फैसला लिया गया है उसके बाद से कुछ संबंधित खबरों में दिखाया गया है कि किस तरह 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने के लिए एक ही व्यक्ति बार बार आ रहा है. इस वजह से जो जरूरतमंद हैं उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है. पांच सौ और हज़ार रुपये के नोटों पर बैन लगने के बाद सरकार ने कहा था कि इन पुराने नोटों को साल के अंत तक बैंक में जमा करवा दिया जाए. उसके बाद घोषणा की गई कि फिलहाल के लिए चार हज़ार रुपये तक के पुराने नोटों को पांच सौ और 2 हज़ार रुपये के नए नोटों से बदला जा सकता है. इसी हफ्ते इस सीमा को बढ़ाकर 4500 रुपये कर दिया गया था जिसे गुरुवार को 2000 रुपये कर दिया गया. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने माना है कि इसके सबूत देखने को मिले हैं कि नए नोट लेने के लिए किसी और के लिए कोई और लग रहा है या फिर एक ही व्यक्ति बार बार लाइन में लग रहा है. ज्यादातर आर्थिक जानकारों ने सरकार के इस फैसले लेने के पीछे की नीयत का समर्थन किया है लेकिन साथ ही यह भी माना है कि ज्यादातर हालात यह दिखा रहे हैं कि सरकार इस फैसले के क्रियान्वयन को लेकर तैयार नहीं थी और उसे अंदाज़ा नहीं था कि लोगों को किस हद तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. बता दें कि जब से नोटबंदी का फैसला लिया गया है उसके बाद से कुछ संबंधित खबरों में दिखाया गया है कि किस तरह 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने के लिए एक ही व्यक्ति बार बार आ रहा है. इस वजह से जो जरूरतमंद हैं उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है. पांच सौ और हज़ार रुपये के नोटों पर बैन लगने के बाद सरकार ने कहा था कि इन पुराने नोटों को साल के अंत तक बैंक में जमा करवा दिया जाए. उसके बाद घोषणा की गई कि फिलहाल के लिए चार हज़ार रुपये तक के पुराने नोटों को पांच सौ और 2 हज़ार रुपये के नए नोटों से बदला जा सकता है. इसी हफ्ते इस सीमा को बढ़ाकर 4500 रुपये कर दिया गया था जिसे गुरुवार को 2000 रुपये कर दिया गया. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने माना है कि इसके सबूत देखने को मिले हैं कि नए नोट लेने के लिए किसी और के लिए कोई और लग रहा है या फिर एक ही व्यक्ति बार बार लाइन में लग रहा है. ज्यादातर आर्थिक जानकारों ने सरकार के इस फैसले लेने के पीछे की नीयत का समर्थन किया है लेकिन साथ ही यह भी माना है कि ज्यादातर हालात यह दिखा रहे हैं कि सरकार इस फैसले के क्रियान्वयन को लेकर तैयार नहीं थी और उसे अंदाज़ा नहीं था कि लोगों को किस हद तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने माना है कि इसके सबूत देखने को मिले हैं कि नए नोट लेने के लिए किसी और के लिए कोई और लग रहा है या फिर एक ही व्यक्ति बार बार लाइन में लग रहा है. ज्यादातर आर्थिक जानकारों ने सरकार के इस फैसले लेने के पीछे की नीयत का समर्थन किया है लेकिन साथ ही यह भी माना है कि ज्यादातर हालात यह दिखा रहे हैं कि सरकार इस फैसले के क्रियान्वयन को लेकर तैयार नहीं थी और उसे अंदाज़ा नहीं था कि लोगों को किस हद तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
हालात दिखा रहे हैं कि सरकार फैसले के क्रियान्वयन को लेकर तैयार नहीं थी सरकार को अंदाज़ा नहीं था कि लोगों को इस हद तक परेशानी होगी नए नोट लेने के लिए किसी और के लिए कोई और लग रहा है
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल पूर्व वित्त मंत्री प्रणब दा अभी भी ममता बनर्जी से समर्थन की अपील कर रहे हैं। एनडीटीवी की ग्रुप एडिटर बरखा दत्त के साथ इंटरव्यू में प्रणब ने कहा कि ममता से उनका कोई झगड़ा नहीं है। अपने साक्षात्कार के दौरान मुखर्जी ने कहा, 'मेरा ममता के साथ कोई झगड़ा नहीं है कभी−कभी मैं उनके तरीके से सहमत नहीं होता वह एक पार्टी चलाती है और उनकी कुछ मज़बूरियां हैं। आज तक उन्होंने तय नहीं किया कि वह राष्ट्रपति चुनाव में किसे समर्थन देंगी। अब मैं आधाकारिक तौर पर उम्मीदवार हूं इसलिए ऐसी सभी पार्टियों से समर्थन की अपील करूंगा जिन्होंने अभी तक तय नहीं किया है कि वे किसे समर्थन देंगी। अपने साक्षात्कार के दौरान मुखर्जी ने कहा, 'मेरा ममता के साथ कोई झगड़ा नहीं है कभी−कभी मैं उनके तरीके से सहमत नहीं होता वह एक पार्टी चलाती है और उनकी कुछ मज़बूरियां हैं। आज तक उन्होंने तय नहीं किया कि वह राष्ट्रपति चुनाव में किसे समर्थन देंगी। अब मैं आधाकारिक तौर पर उम्मीदवार हूं इसलिए ऐसी सभी पार्टियों से समर्थन की अपील करूंगा जिन्होंने अभी तक तय नहीं किया है कि वे किसे समर्थन देंगी।
यह एक सारांश है: राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल पूर्व वित्त मंत्री प्रणब दा अभी भी ममता बनर्जी से समर्थन की अपील कर रहे हैं। एनडीटीवी की ग्रुप एडिटर बरखा दत्त के साथ इंटरव्यू में प्रणब ने कहा कि ममता से उनका कोई झगड़ा नहीं है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के जरिए 46 अरब डॉलर की लागत से बनाए जा रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के मामले पर भारत के विरोध के बाद भी चीन के पीछे हटने की ‘संभावना नहीं’ है, लेकिन इसके बावजूद वह भारत एवं पाकिस्तान के साथ निकट आर्थिक संबंधों के मद्देनजर कश्मीर मुद्दे पर किसी का पक्ष लेने में संभवत: रुचि नहीं लेगा. चीन के सरकारी मीडिया ने आज यह बात कही. ‘ग्लोबल टाइम्स’ के एक लेख में कहा गया है, 'यह खेदपूर्ण है कि भारत-चीन के संबंधों में सीपीईसी एक अन्य ऐसा कारक है, जिस पर दोनों के बीच मतभेद हैं, लेकिन भारत के विरोध के कारण चीन द्वारा सीपीईसी का विचार छोड़ देने की संभावना नहीं है. इसमें कहा गया है, दरअसल, पश्चिमोत्तर चीन के शिनजियांग उईघुर स्वायत्त क्षेत्र को दक्षिण पश्चिम पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने वाला आर्थिक गलियारा भारत समेत किसी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाता है. चीन ने हालिया वर्षों में भारत एवं चीन दोनों के साथ निकट आर्थिक संबंध विकसित किए हैं, इसके मद्देनजर इस बात की संभावना नहीं है कि उसकी दोनों देशों में से किसी का पक्ष लेने में रुचि होगी.टिप्पणियां गौरतलब है कि लेख में दो बार ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर’ (पीओके) शब्द का प्रयोग किया गया है, हालांकि एक स्थान पर भारतीय मीडिया रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए इसका जिक्र किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ‘ग्लोबल टाइम्स’ के एक लेख में कहा गया है, 'यह खेदपूर्ण है कि भारत-चीन के संबंधों में सीपीईसी एक अन्य ऐसा कारक है, जिस पर दोनों के बीच मतभेद हैं, लेकिन भारत के विरोध के कारण चीन द्वारा सीपीईसी का विचार छोड़ देने की संभावना नहीं है. इसमें कहा गया है, दरअसल, पश्चिमोत्तर चीन के शिनजियांग उईघुर स्वायत्त क्षेत्र को दक्षिण पश्चिम पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने वाला आर्थिक गलियारा भारत समेत किसी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाता है. चीन ने हालिया वर्षों में भारत एवं चीन दोनों के साथ निकट आर्थिक संबंध विकसित किए हैं, इसके मद्देनजर इस बात की संभावना नहीं है कि उसकी दोनों देशों में से किसी का पक्ष लेने में रुचि होगी.टिप्पणियां गौरतलब है कि लेख में दो बार ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर’ (पीओके) शब्द का प्रयोग किया गया है, हालांकि एक स्थान पर भारतीय मीडिया रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए इसका जिक्र किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि लेख में दो बार ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर’ (पीओके) शब्द का प्रयोग किया गया है, हालांकि एक स्थान पर भारतीय मीडिया रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए इसका जिक्र किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:सीपीईसी पर चीन के पीछे हटने की संभावना नहीं दोनों देशों में से किसी का पक्ष लेने में रुचि नहीं 46 अरब डॉलर का चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जाने माने वकील और टीएंडटी लॉ फर्म के मालिक रोहित टंडन के घर से आयकर विभाग के अधिकारी जब कैश लेकर निकले तो पूरा सीन कुछ इस तरह रहा : तीन इनोवा गाड़ियों में बक्से और सूटकेस. सभी में ठसाठस कैश. हर गाड़ी में हथियारबंद गॉर्ड.टिप्पणियां आखिरकार दो दिनों तक नोटों की गिनती जारी रखने के बाद सोमवार को आयकर और दिल्ली पुलिस के अधिकारी जब्त 14 करोड़ की नकदी को ले जाने में कामयाब हो सके.   गौरतलब है कि ग्रेटर कैलाश पार्ट 1 में रहने वाले रोहित टंडन के घर पर शनिवार को आयकर अधिकारियों ने छापा मारा था जिसमें 2.5 करोड़ के नए नोट बरामद हुए थे. पुलिस का कहना है कि फर्म के ऑफिस की अलमारियों और सूटकेस में कैश को छुपाकर रखा गया था. शनिवार से नोटों की गिनती का काम जारी था. अब इस नकदी को आयकर विभाग में साक्ष्य के तौर पर रखा जाएगा.    2 माह पहले आयकर विभाग ने रोहित टंडन के परिसर की तलाशी ली थी जो कि टीएंडटी लॉ फर्म के प्रमोटर हैं. उस समय 19 करोड़ रुपये अघोषित धन के रूप में मिले थे जिसे बैंक में फिक्स डिपॉजिट के रूप में रखा गया था. छापेमारी के समय रोहित टंडन घर पर नहीं थे. वह शनिवार शाम को घर पहुंचे जिसके बाद आयकर अधिकारी सोमवार की देर शाम तक उनसे पूछताछ करते रहे. बरामद नकदी के ले जाने के लिए 3 एसयूवी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया जिसमें करीब 14 करोड़ रुपये थे.   एक आयकर अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया, "टंडन ने जब्त कैश की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि कुछ पैसा उसके क्लाइंटों का है." सूत्रों के मुताबिक फिरोजशाह रोड और टंडन के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई. माना जाता है कि टंडन के यहां पर भी ऑफिस हैं. आखिरकार दो दिनों तक नोटों की गिनती जारी रखने के बाद सोमवार को आयकर और दिल्ली पुलिस के अधिकारी जब्त 14 करोड़ की नकदी को ले जाने में कामयाब हो सके.   गौरतलब है कि ग्रेटर कैलाश पार्ट 1 में रहने वाले रोहित टंडन के घर पर शनिवार को आयकर अधिकारियों ने छापा मारा था जिसमें 2.5 करोड़ के नए नोट बरामद हुए थे. पुलिस का कहना है कि फर्म के ऑफिस की अलमारियों और सूटकेस में कैश को छुपाकर रखा गया था. शनिवार से नोटों की गिनती का काम जारी था. अब इस नकदी को आयकर विभाग में साक्ष्य के तौर पर रखा जाएगा.    2 माह पहले आयकर विभाग ने रोहित टंडन के परिसर की तलाशी ली थी जो कि टीएंडटी लॉ फर्म के प्रमोटर हैं. उस समय 19 करोड़ रुपये अघोषित धन के रूप में मिले थे जिसे बैंक में फिक्स डिपॉजिट के रूप में रखा गया था. छापेमारी के समय रोहित टंडन घर पर नहीं थे. वह शनिवार शाम को घर पहुंचे जिसके बाद आयकर अधिकारी सोमवार की देर शाम तक उनसे पूछताछ करते रहे. बरामद नकदी के ले जाने के लिए 3 एसयूवी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया जिसमें करीब 14 करोड़ रुपये थे.   एक आयकर अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया, "टंडन ने जब्त कैश की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि कुछ पैसा उसके क्लाइंटों का है." सूत्रों के मुताबिक फिरोजशाह रोड और टंडन के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई. माना जाता है कि टंडन के यहां पर भी ऑफिस हैं. एक आयकर अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया, "टंडन ने जब्त कैश की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि कुछ पैसा उसके क्लाइंटों का है." सूत्रों के मुताबिक फिरोजशाह रोड और टंडन के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई. माना जाता है कि टंडन के यहां पर भी ऑफिस हैं.
यहाँ एक सारांश है:रोहित टंडन के घर पर शनिवार को आयकर अधिकारियों ने छापा मारा था छापे में 2.5 करोड़ के नए नोट बरामद हुए थे 2 माह पहले भी आयकर विभाग ने टंडन के परिसर की तलाशी ली थी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दीवाली तक सोने का भाव क्या होगा? सर्राफा बाजार में इस सवाल पर अटकलें लगने लगी हैं क्योंकि चौतरफा लिवाली समर्थन के चलते बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में यह 26,000 रु प्रति दस ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को लांघ गया। यह नया रिकार्ड है। सोने में पांच कारोबारी सत्रों से तेजी जारी है। आज यह 215 रुपये और तेजी के साथ 26,055 रु प्रति दस ग्राम हो गया। बाजार सूत्रों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में सोने में जारी उछाल का असर स्थानीय बाजार धारणा पर भी पड़ा। न्यूयार्क में सोना 1,782.50 डालर प्रति औंस की नयी उंचाई को छू गया है। फेडरल रिजर्व बैंक ने ब्याज दर को अगले साल मध्य तक निचले स्तर पर बनाये रखने की घोषणा की है जिसने सोने की चमक बढा दी। शादी ब्याह के सीजन से पहले की लिवाली ने भी सोने को बल दिया। वायदा बाजार में भी सोना मजबूत हो रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि एसएंडपी द्वारा अमेरिका की साख रेटिंग घटाये जाने का असर सर्राफा बाजारों, निवेशकों की राय पर है। घरेलू बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव 215 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 26,055 रु और 25,935 रु प्रति दस ग्राम बंद हुए। हालांकि गिन्नी के भाव में 100 टूटकर 20,900 रु प्रति आठ ग्राम बंद हुए। वहीं मौजूदा उच्च स्तर पर मांग कमजोर पड़ने से चांदी में गिरावट आई। चांदी तैयार के भाव 800 रु टूटकर 58,100 रु और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 12,00 रु की गिरावट के साथ 57,400 रु प्रति किलो बंद हुए। वहीं त्योहारी मांग बढ़ने से चांदी सिक्का के भाव 2,000 रु चढ़कर 66,000:67,000 रु प्रति सैंकड़ा बंद हुए।
संक्षिप्त पाठ: लिवाली समर्थन के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में यह 26,000 रु प्रति दस ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को लांघ गया। यह नया रिकार्ड है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: स्टार पहलवान सुशील कुमार ने रविवार को लंदन ओलिंपिक में इतिहास रच दिया। वह स्वर्ण तो नहीं जीत सके लेकिन रजत जीत भारत की झोली में लंदन ओलिंपिक का छठा पदक डाल दिया। लंदन ओलिंपिक की कुश्ती प्रतियोगिता के पुरुषों के 66 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में हारकर रजत पदक जीतने वाले सुशील ने ओलिंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में लगातार दूसरी बार पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले भारतीय एथलीट हैं। उन्होंने बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता था। फाइनल मुकाबले में सुशील को जापान के तासुहीरो योनेमित्सु से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। सुशील ने रजत पदक जीतने के बाद कहा कि वह स्वर्ण पदक जीतना चाहते थे एवं देश का राष्ट्रगान सुनना चाहते थे। उन्होंने योगेश्वर दत्त का उल्लेख करते हुए एनडीटीवी से कहा, "चोट इस खेल का हिस्सा है। लेकिन मैं यहां राष्ट्रगान सुनना चाहता हूं। कुश्ती का सुनहरा दिन वापस आ गया।" योगेश्वर ने शनिवार को कुश्ती के 60 किग्रा वर्ग में कांस्य जीता था। ओलिंपिक सहित बड़े खेल आयोजनों में सिर्फ स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए राष्ट्रगान बजाया जाता है। भले ही सुशील स्वर्ण पदक से चूक गए पर उनकी जीत से ही सारे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। एक तरफ उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं वहीं दूसरी तरफ उन पर लगातार इनामों की बौछार हो रही है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुशील कुमार को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि उनकी इस उपलब्धि से देश में नई पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, "बीजिंग ओलिंपिक के मुकाबले लंदन ओलिंपिक में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सुशील ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।" दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। लंदन ओलिंपिक की कुश्ती प्रतियोगिता के पुरुषों के 66 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में हारकर रजत पदक जीतने वाले सुशील ने ओलिंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में लगातार दूसरी बार पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले भारतीय एथलीट हैं। उन्होंने बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता था। फाइनल मुकाबले में सुशील को जापान के तासुहीरो योनेमित्सु से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। सुशील ने रजत पदक जीतने के बाद कहा कि वह स्वर्ण पदक जीतना चाहते थे एवं देश का राष्ट्रगान सुनना चाहते थे। उन्होंने योगेश्वर दत्त का उल्लेख करते हुए एनडीटीवी से कहा, "चोट इस खेल का हिस्सा है। लेकिन मैं यहां राष्ट्रगान सुनना चाहता हूं। कुश्ती का सुनहरा दिन वापस आ गया।" योगेश्वर ने शनिवार को कुश्ती के 60 किग्रा वर्ग में कांस्य जीता था। ओलिंपिक सहित बड़े खेल आयोजनों में सिर्फ स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए राष्ट्रगान बजाया जाता है। भले ही सुशील स्वर्ण पदक से चूक गए पर उनकी जीत से ही सारे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। एक तरफ उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं वहीं दूसरी तरफ उन पर लगातार इनामों की बौछार हो रही है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुशील कुमार को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि उनकी इस उपलब्धि से देश में नई पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, "बीजिंग ओलिंपिक के मुकाबले लंदन ओलिंपिक में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सुशील ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।" दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। फाइनल मुकाबले में सुशील को जापान के तासुहीरो योनेमित्सु से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। सुशील ने रजत पदक जीतने के बाद कहा कि वह स्वर्ण पदक जीतना चाहते थे एवं देश का राष्ट्रगान सुनना चाहते थे। उन्होंने योगेश्वर दत्त का उल्लेख करते हुए एनडीटीवी से कहा, "चोट इस खेल का हिस्सा है। लेकिन मैं यहां राष्ट्रगान सुनना चाहता हूं। कुश्ती का सुनहरा दिन वापस आ गया।" योगेश्वर ने शनिवार को कुश्ती के 60 किग्रा वर्ग में कांस्य जीता था। ओलिंपिक सहित बड़े खेल आयोजनों में सिर्फ स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए राष्ट्रगान बजाया जाता है। भले ही सुशील स्वर्ण पदक से चूक गए पर उनकी जीत से ही सारे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। एक तरफ उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं वहीं दूसरी तरफ उन पर लगातार इनामों की बौछार हो रही है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुशील कुमार को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि उनकी इस उपलब्धि से देश में नई पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, "बीजिंग ओलिंपिक के मुकाबले लंदन ओलिंपिक में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सुशील ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।" दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। सुशील ने रजत पदक जीतने के बाद कहा कि वह स्वर्ण पदक जीतना चाहते थे एवं देश का राष्ट्रगान सुनना चाहते थे। उन्होंने योगेश्वर दत्त का उल्लेख करते हुए एनडीटीवी से कहा, "चोट इस खेल का हिस्सा है। लेकिन मैं यहां राष्ट्रगान सुनना चाहता हूं। कुश्ती का सुनहरा दिन वापस आ गया।" योगेश्वर ने शनिवार को कुश्ती के 60 किग्रा वर्ग में कांस्य जीता था। ओलिंपिक सहित बड़े खेल आयोजनों में सिर्फ स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए राष्ट्रगान बजाया जाता है। भले ही सुशील स्वर्ण पदक से चूक गए पर उनकी जीत से ही सारे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। एक तरफ उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं वहीं दूसरी तरफ उन पर लगातार इनामों की बौछार हो रही है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुशील कुमार को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि उनकी इस उपलब्धि से देश में नई पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, "बीजिंग ओलिंपिक के मुकाबले लंदन ओलिंपिक में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सुशील ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।" दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। ओलिंपिक सहित बड़े खेल आयोजनों में सिर्फ स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए राष्ट्रगान बजाया जाता है। भले ही सुशील स्वर्ण पदक से चूक गए पर उनकी जीत से ही सारे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। एक तरफ उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं वहीं दूसरी तरफ उन पर लगातार इनामों की बौछार हो रही है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुशील कुमार को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि उनकी इस उपलब्धि से देश में नई पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, "बीजिंग ओलिंपिक के मुकाबले लंदन ओलिंपिक में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सुशील ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।" दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। भले ही सुशील स्वर्ण पदक से चूक गए पर उनकी जीत से ही सारे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। एक तरफ उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं वहीं दूसरी तरफ उन पर लगातार इनामों की बौछार हो रही है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुशील कुमार को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि उनकी इस उपलब्धि से देश में नई पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, "बीजिंग ओलिंपिक के मुकाबले लंदन ओलिंपिक में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सुशील ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।" दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुशील कुमार को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि उनकी इस उपलब्धि से देश में नई पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, "बीजिंग ओलिंपिक के मुकाबले लंदन ओलिंपिक में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सुशील ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।" दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, "बीजिंग ओलिंपिक के मुकाबले लंदन ओलिंपिक में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सुशील ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।" दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।" हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।" सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी। सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।टिप्पणियां वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया। उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया।
सारांश: स्टार पहलवान सुशील कुमार ने रविवार को लंदन ओलिंपिक में इतिहास रच दिया। वह स्वर्ण तो नहीं जीत सके लेकिन रजत जीत भारत की झोली में लंदन ओलिंपिक का छठा पदक डाल दिया।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चुनाव आयोग इलेक्ट्रिॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के मुद्दे को लेकर सभी राजनीतिक दलों के साथ 12 मई को बैठक करेगा. देश के 16 विपक्षी दलों ने इस संबंध में सवाल खड़े किए हैं. ईवीएम को लेकर सवाल उठाने वाले राजनीतिक दलों को अपनी बात साबित करने के लिए मई के मई के आखिरी हफ्ते में मौका मिल सकता है क्‍योंकि चुनाव आयोग ने तभी EVM हैकाथॉन आयोजित करने का निर्णय किया है. इस सिलसिले में आयोग 12 मई को सर्वदलीय बैठक बुलाएगा जिसमें राजनीतिक पार्टियों से हैकाथॉन के लिये लोगों को नामित करने को कहा जायेगा. साथ ही चुनौती के नियम भी बताए जाएंगे.टिप्पणियां आयोग का कहना है कि इस बैठक में वह सभी दलों को यह समझाने की कोशिश करेगा कि ईवीएम पूरी तरह विश्वसनीय है और इसके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने 29 अप्रैल को चंडीगढ़ में संवाददाताओं से कहा था, ‘‘हम जल्द ही सभी दलों के साथ एक बैठक करेंगे, जिसमें दलों को बताया जाएगा कि हमारी प्रशासनिक और तकनीकी सुरक्षा प्रणाली के चलते ईवीएम छेड़छाड़ रोधी और सुरक्षित है. वह कई विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों के बारे में उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे. हाल ही में 16 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से चुनाव में पुन: मतपत्र प्रणाली के उपयोग की ओर लौटने का आग्रह किया था. विपक्षी दलों का कहना था कि लोगों का ईवीएम में विश्वास घटा है. इस बैठक के लिए सात राष्ट्रीय दलों और 49 राज्यस्तरीय दलों को बुलाया जाएगा. आयोग का कहना है कि इस बैठक में वह सभी दलों को यह समझाने की कोशिश करेगा कि ईवीएम पूरी तरह विश्वसनीय है और इसके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने 29 अप्रैल को चंडीगढ़ में संवाददाताओं से कहा था, ‘‘हम जल्द ही सभी दलों के साथ एक बैठक करेंगे, जिसमें दलों को बताया जाएगा कि हमारी प्रशासनिक और तकनीकी सुरक्षा प्रणाली के चलते ईवीएम छेड़छाड़ रोधी और सुरक्षित है. वह कई विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों के बारे में उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे. हाल ही में 16 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से चुनाव में पुन: मतपत्र प्रणाली के उपयोग की ओर लौटने का आग्रह किया था. विपक्षी दलों का कहना था कि लोगों का ईवीएम में विश्वास घटा है. इस बैठक के लिए सात राष्ट्रीय दलों और 49 राज्यस्तरीय दलों को बुलाया जाएगा. वह कई विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों के बारे में उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे. हाल ही में 16 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से चुनाव में पुन: मतपत्र प्रणाली के उपयोग की ओर लौटने का आग्रह किया था. विपक्षी दलों का कहना था कि लोगों का ईवीएम में विश्वास घटा है. इस बैठक के लिए सात राष्ट्रीय दलों और 49 राज्यस्तरीय दलों को बुलाया जाएगा.
संक्षिप्त सारांश: विश्वसनीयता पर उठे सवालों के मुद्दे को लेकर बैठक में वह सभी दलों को यह समझाने की कोशिश ईवीएम पूरी तरह विश्वसनीय है
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद संभालने के बाद भले ही ज्यादातर अमेरिकी नेताओं के बाल पकने लगते हों और माथे पर झुर्रियां दिखने लगती हों, लेकिन एक शोध रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश अमेरिकी राष्ट्रपतियों की जीवन आयु औसत इंसान की आयु से ज्यादा है। शिकागो के इलिनॉइस विश्वविद्यालय के जनसांख्यिक एसजे ओलशनस्की के एक अध्ययन में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों की जीवन आयु ज्यादा होने का कारण उनके पास सृमद्धि होना और उन्हें मिलने वाली चिकित्सा सेवा है। अमेरिकन मेडिकल एसोसियेशन की पत्रिका के 7 दिसंबर के अंक में छपी रिपोर्ट में अब्राहम लिंकन, जॉन कैनेडी, जेम्स गारफील्ड और विलियम मैकिन्ले को शामिल नहीं किया गया है। इन अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या कर दी गई थी। स्वाभाविक मौत मरने वाले 34 अमेरिकी राष्ट्रपति में से 23 औसत आयु से ज्यादा दिन जीवित रहे। इनके मृत्यु की औसत आयु 78.0 रही। अध्ययन के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति के शासनकाल की चार वर्षों की अवधि के अनुपात में उनका जीवन आठ वर्षों के लिए बढ़ गया। ओलशनस्की ने कहा, वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा की उन्हीं के बराबर उम्र वाले किसी दूसरे अमेरिकी व्यक्ति या किसी भी देश के व्यक्ति से तुलना करें, तो ओबामा की जीवन आयु वृद्धि असंगत नहीं नजर आती है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्वाभाविक मौत मरने वाले 34 अमेरिकी राष्ट्रपति में से 23 औसत आयु से ज्यादा दिन जीवित रहे। इनके मृत्यु की औसत आयु 78.0 रही।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मलेशिया ओपन सुपर सीरीज में भारत को बड़ा झटका लगा है. कैरोलिन मॉरिन को हराकर हाल ही में इंडिया ओपन चैंपियन बनीं पीवी सिंधु और इस टूर्नामेंट के क्‍वार्टर फाइनल तक पहुंचीं साइना नेहवाल को मलेशिया में पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है. रियो ओलिंपिक की सिल्‍वर मेडलिस्‍ट सिंधु को चीन की गैरवरीय चेन यूफेई ने कड़े मुकाबले में 18-21, 21-19, 21-17 से शिकस्त दी जबकि लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट साइना को जापान की चौथी वरीय अकाने यामागुची ने 56 मिनट में 19-21 21-13 21-15 से हराया.टिप्पणियां चेन  और सिंधु का मैच एक घंटे आठ मिनट तक चला लेकिन आखिरकार जीत चीनी खिलाड़ी को मिली. ऐसी उम्‍मीद की जा रही थी कि सिंधु इंडिया ओपन के प्रदर्शन को मलेशिया में भी दोहराएंगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका. रविवार को दिल्‍ली के सिरी फोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में खेले गए फाइनल मैच में सिंधु ने मॉरिन को सीधे गेमों में 21-19, 21-16 से मात दी थी. सिंधु इंडिया ओपन के फाइनल में पहली बार पहुंची थी और पहली बार में ही चैंपियन बनने में सफल रहीं. विश्व की दो दिग्गज खिलाड़ियों के बीच मुकाबला रोचक रहा लेकिन सिंधु घरेलू दर्शकों के सामने यह मुकाबला जीतने में कामयाब रहीं. सिंधु ने इस जीत के जरिये रियो ओलिंपिक के फाइनल में स्‍पेन की खिलाड़ी मॉरिन के हाथों मिली हार का बदला भी चुकाया था. मलेशिया में महिला एकल वर्ग में मिली इस इस निराशा के बीच पुरुष वर्ग में अजय जयराम जीत हासिल करने में कामयाब रहे. अजय जयराम ने पुरुष एकल वर्ग के शुरुआती दौर में में 31 मिनट तक चले मुकाबले में  चीन के कियाओ बिन को 21-11 21-8 से हराकर अगले दौर में स्‍थान बनाया. पुरुष युगल वर्ग में भी भारत के लिए दिन निराशाजनक रहा.  मनु अत्री और सुमित रेड्डी की जोड़ी को भी पहले दौर में लियाओ कुआन हाओ और ल्यू चिया पिन की चीन की जोड़ी के खिलाफ 18-21 21-18 21-17 से शिकस्त का सामना करना पड़ा. चेन  और सिंधु का मैच एक घंटे आठ मिनट तक चला लेकिन आखिरकार जीत चीनी खिलाड़ी को मिली. ऐसी उम्‍मीद की जा रही थी कि सिंधु इंडिया ओपन के प्रदर्शन को मलेशिया में भी दोहराएंगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका. रविवार को दिल्‍ली के सिरी फोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में खेले गए फाइनल मैच में सिंधु ने मॉरिन को सीधे गेमों में 21-19, 21-16 से मात दी थी. सिंधु इंडिया ओपन के फाइनल में पहली बार पहुंची थी और पहली बार में ही चैंपियन बनने में सफल रहीं. विश्व की दो दिग्गज खिलाड़ियों के बीच मुकाबला रोचक रहा लेकिन सिंधु घरेलू दर्शकों के सामने यह मुकाबला जीतने में कामयाब रहीं. सिंधु ने इस जीत के जरिये रियो ओलिंपिक के फाइनल में स्‍पेन की खिलाड़ी मॉरिन के हाथों मिली हार का बदला भी चुकाया था. मलेशिया में महिला एकल वर्ग में मिली इस इस निराशा के बीच पुरुष वर्ग में अजय जयराम जीत हासिल करने में कामयाब रहे. अजय जयराम ने पुरुष एकल वर्ग के शुरुआती दौर में में 31 मिनट तक चले मुकाबले में  चीन के कियाओ बिन को 21-11 21-8 से हराकर अगले दौर में स्‍थान बनाया. पुरुष युगल वर्ग में भी भारत के लिए दिन निराशाजनक रहा.  मनु अत्री और सुमित रेड्डी की जोड़ी को भी पहले दौर में लियाओ कुआन हाओ और ल्यू चिया पिन की चीन की जोड़ी के खिलाफ 18-21 21-18 21-17 से शिकस्त का सामना करना पड़ा. मलेशिया में महिला एकल वर्ग में मिली इस इस निराशा के बीच पुरुष वर्ग में अजय जयराम जीत हासिल करने में कामयाब रहे. अजय जयराम ने पुरुष एकल वर्ग के शुरुआती दौर में में 31 मिनट तक चले मुकाबले में  चीन के कियाओ बिन को 21-11 21-8 से हराकर अगले दौर में स्‍थान बनाया. पुरुष युगल वर्ग में भी भारत के लिए दिन निराशाजनक रहा.  मनु अत्री और सुमित रेड्डी की जोड़ी को भी पहले दौर में लियाओ कुआन हाओ और ल्यू चिया पिन की चीन की जोड़ी के खिलाफ 18-21 21-18 21-17 से शिकस्त का सामना करना पड़ा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सिंधु को गैर वरीयता प्राप्‍त चीन की चेन यूफेई ने हराया साइना को जापान की अकाने यामागुची ने शिकस्‍त दी पुरुष एकल वर्ग में अजय जयराम दूसरे दौर में पहुंचे
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: चोटी के आठ एथलीटों के प्रतिबंधित दवा सेवन का दोषी पाए जाने से हरकत में आए खेल मंत्रालय ने डोपिंग के प्रसार और इससे संबंधित अन्य पहुलुओं का पता लगाने के लिए गुरुवार को पंजाब व हरियाणा के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुकुल मुदगल की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति गठित की। यह समिति डोपिंग के कारणों का पता लगाने के अलावा इसमें एजेंसियों की भूमिका की जांच भी करेगी और भविष्य में इससे बचने के उपाय भी सुझाएगी। खेल मंत्रालय के बयान के अनुसार यह समिति उन तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगायेगी जिसके कारण एथलेटिक्स में हाल में कई खिलाड़ी डोपिंग के दोषी पाए गए। इसके अलावा समिति को डोपिंग के व्यापक स्तर पर फैलने और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने के लिये भी कहा गया है। इनमें अभ्यास शिविरों या प्रतियोगिता स्थलों के इर्द गिर्द प्रतिबंधित पदाथरें की उपलब्धता भी शामिल है। समिति छह सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। समिति को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी : नाडा : के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक वी जयरमन भी सहयोग देंगे। एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली अश्विनी अंकुजी सहित आठ एथलीटों को हाल में डोपिंग का दोषी पाया गया जिससे भारतीय खेल जगत में हंगामा मच गया।
यह एक सारांश है: यह समिति डोपिंग के कारणों का पता लगाने के अलावा इसमें एजेंसियों की भूमिका की जांच भी करेगी और भविष्य में इससे बचने के उपाय भी सुझाएगी।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: Redmi ब्रांड जल्द ही चीनी मार्केट में Redmi K20 स्मार्टफोन को लॉन्च करेगा। अब जानकारी मिली है कि यह फ्लैगशिप हैंडसेट भारत में भी लॉन्च होगा। Xiaomi India के मैनेजिंग डायरेक्टर मनु कुमार जैन ने इशारों में बताया कि रेडमी के20 हैंडसेट जल्द भी भारत में लॉन्च होगा। इसके बाद Redmi India के आधिकारिक अकाउंट से भी ऐसा ही ट्वीट किया गया। उन्होंने इस फोन के बारे में कुछ खास नहीं बताया। सिर्फ स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर होने की एक बार फिर पुष्टि हुई। मनु कुमार जैन ने ट्वीट किया, “OnePlus की टीम को बधाई! शहर में नया फ्लैगशिप आ गया है। फ्लैगशिप किलर 2.0: जल्द आ रहा है।,” पिछले कुछ दिनों से शाओमी इंडिया और मनु कुमार जैन नए हैंडसेट को लेकर टीज़र ज़ारी करते रहे हैं। कई बार तो ऐसा प्रतीत हुआ है कि कंपनी एक से ज़्यादा स्मार्टफोन लाने वाली है। लेकिन यह पहला मौका है जब मनु कुमार जैन से किसी डिवाइस का नाम लेकर शाओमी की योजना का खुलासा किया है। संभव है कि आने वाले दिनों में Xiaomi द्वारा भारत में दो स्मार्टफोन पेश किए जाए। इनमें से एक स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर वाला Redmi K20 होगा और दूसरा स्नैपड्रैगन 700 सीरीज़ प्रोसेसर वाला एक मिड-रेंज डिवाइस। जैसा कि हमने आपको पहले बताया, Redmi K20 में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर होगा। इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और सुपर वाइड एंगल कैमरा होने की पुष्टि हो चुकी है। अन्य स्पेसिफिकेशन की बात करें तो Redmi K20 में 6.39 इंच की फुल-एचडी+ स्क्रीन, ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और 48 मेगापिक्सल का कैमरा होगा। इस फोन में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा हो सकता है। यह एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलेगा। यह 8 जीबी रैम और 128 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज के साथ आएगा। फिलहाल, रेडमी के20 को भारत में लॉन्च किए जाने की तारीख का खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन इसे पहले चीन में पेश किए जाने की संभावना है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: Redmi K20 में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर होगा Redmi K20 पहले चीनी मार्केट में हो सकता है लॉन्च वनप्लस 7 को चुनौती देगा शओमी का यह फोन
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सर्बिया के राष्ट्रपति बोरिस टाडिक ने स्टार टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गोल्ड स्टार ऑफ काराडजरेडे' से सम्माति किया है। यह पदक विशेष उपलब्धि प्राप्त करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। राष्ट्रपति की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जोकोविक सर्बिया के सर्वश्रेष्ठ ब्रांड एम्बेस्डर हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहला मौका है जबकि किसी को इस पदक से सम्मानित किया गया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद युगोस्लावियाई नेतृत्व से निरस्त कर दिया था।टिप्पणियां इस पदक को पीटर किंग द्वारा वर्ष 1904 में पहली बार स्थापित किया गया था और उसके बाद 2010 में इसकी पुन: शुरुआत की गई। काराडजरेडे ने आधुनिक सर्बियाई राज्य की स्थापना की थी और 1804 में अट्टोमन साम्राज्य के खिलाफ पहली और सफल लड़ाई लड़ी थी। वह सर्बियाई राजघराने के संस्थापक रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जोकोविक ने पिछले वर्ष तीन ग्रैंड स्लैम और पांच मास्टर्स खिताब अपने नाम किए थे। इसके अलावा उन्होंने मौजूदा वर्ष में जनवरी में आस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। राष्ट्रपति की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जोकोविक सर्बिया के सर्वश्रेष्ठ ब्रांड एम्बेस्डर हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहला मौका है जबकि किसी को इस पदक से सम्मानित किया गया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद युगोस्लावियाई नेतृत्व से निरस्त कर दिया था।टिप्पणियां इस पदक को पीटर किंग द्वारा वर्ष 1904 में पहली बार स्थापित किया गया था और उसके बाद 2010 में इसकी पुन: शुरुआत की गई। काराडजरेडे ने आधुनिक सर्बियाई राज्य की स्थापना की थी और 1804 में अट्टोमन साम्राज्य के खिलाफ पहली और सफल लड़ाई लड़ी थी। वह सर्बियाई राजघराने के संस्थापक रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जोकोविक ने पिछले वर्ष तीन ग्रैंड स्लैम और पांच मास्टर्स खिताब अपने नाम किए थे। इसके अलावा उन्होंने मौजूदा वर्ष में जनवरी में आस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। इस पदक को पीटर किंग द्वारा वर्ष 1904 में पहली बार स्थापित किया गया था और उसके बाद 2010 में इसकी पुन: शुरुआत की गई। काराडजरेडे ने आधुनिक सर्बियाई राज्य की स्थापना की थी और 1804 में अट्टोमन साम्राज्य के खिलाफ पहली और सफल लड़ाई लड़ी थी। वह सर्बियाई राजघराने के संस्थापक रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जोकोविक ने पिछले वर्ष तीन ग्रैंड स्लैम और पांच मास्टर्स खिताब अपने नाम किए थे। इसके अलावा उन्होंने मौजूदा वर्ष में जनवरी में आस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था। उल्लेखनीय है कि जोकोविक ने पिछले वर्ष तीन ग्रैंड स्लैम और पांच मास्टर्स खिताब अपने नाम किए थे। इसके अलावा उन्होंने मौजूदा वर्ष में जनवरी में आस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा किया था।
यहाँ एक सारांश है:सर्बिया के राष्ट्रपति बोरिस टाडिक ने स्टार टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गोल्ड स्टार ऑफ काराडजरेडे' से सम्माति किया है।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच गुरुवार को हुई दो घंटे लंबी बैठक में भारत एवं चीन ने देपसांग घाटी में चीनी सैनिकों की हालिया घुसपैठ पर चर्चा की। वांग ने खुर्शीद का स्वागत करते हुए कहा कि मौजूदा समय में चीन-भारत संबंध में अच्छी गति देखी गई है और दोनों पक्ष इस साल एक दूसरे के यहां होने वाले नेताओं के दौरे की तैयारियां कर रहे हैं। वह इस महीने के आखिर में होने वाले चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग के भारत दौरे और साल के आखिर में होने वाले भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के चीन दौरे का हवाला दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इन दो दौरों से हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों में विकास का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। खुर्शीद के चीन दौरे को महत्वपूर्ण करार देते हुए वांग ने कहा, ‘‘मौजूदा समय में दोनों देशों को ली के भारत दौरे की अच्छी तैयारियां करने तथा रणनीतिक एवं सहयोगात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाने के समान लक्ष्य के लिए काम करना होगा।’’ दोनों नेताओं ने बाद में रात्रिभोज पर बातचीत को जारी रखा। वांग के साथ बातचीत के अलावा खुर्शीद चीन के नए प्रधानमंत्री ली से भी मुलाकात कर सकते हैं जो इस महीने भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। पद संभालने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा होगा। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने खुर्शीद के बीजिंग दौरे के संदर्भ में कहा, ‘‘दोनों पक्ष चीन-भारत संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई है कि चर्चा को जारी रखा जाए और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से कायम रखा जाए।टिप्पणियां दौलत बेग ओल्डी की घटना का हवाला देते हुए हुआ ने कहा, ‘‘हाल ही में चीन और भारत के बीच सीमा पर कुछ गतिरोध था तथा दोनों पक्षों ने इसका उचित ढंग से निपटारा किया जिससे दोनों के हितों की रक्षा होती है।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन और भारत ने सीमा मुद्दों पर कई तरह की व्यवस्थाएं बनाई हैं। इनमें विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक और विचार-विमर्श एवं सहयोग संबंधी बैठक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इन व्यवस्थाओं के जरिये भारतीय पक्ष के साथ तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकेगा।’’ वांग ने खुर्शीद का स्वागत करते हुए कहा कि मौजूदा समय में चीन-भारत संबंध में अच्छी गति देखी गई है और दोनों पक्ष इस साल एक दूसरे के यहां होने वाले नेताओं के दौरे की तैयारियां कर रहे हैं। वह इस महीने के आखिर में होने वाले चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग के भारत दौरे और साल के आखिर में होने वाले भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के चीन दौरे का हवाला दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इन दो दौरों से हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों में विकास का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। खुर्शीद के चीन दौरे को महत्वपूर्ण करार देते हुए वांग ने कहा, ‘‘मौजूदा समय में दोनों देशों को ली के भारत दौरे की अच्छी तैयारियां करने तथा रणनीतिक एवं सहयोगात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाने के समान लक्ष्य के लिए काम करना होगा।’’ दोनों नेताओं ने बाद में रात्रिभोज पर बातचीत को जारी रखा। वांग के साथ बातचीत के अलावा खुर्शीद चीन के नए प्रधानमंत्री ली से भी मुलाकात कर सकते हैं जो इस महीने भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। पद संभालने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा होगा। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने खुर्शीद के बीजिंग दौरे के संदर्भ में कहा, ‘‘दोनों पक्ष चीन-भारत संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई है कि चर्चा को जारी रखा जाए और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से कायम रखा जाए।टिप्पणियां दौलत बेग ओल्डी की घटना का हवाला देते हुए हुआ ने कहा, ‘‘हाल ही में चीन और भारत के बीच सीमा पर कुछ गतिरोध था तथा दोनों पक्षों ने इसका उचित ढंग से निपटारा किया जिससे दोनों के हितों की रक्षा होती है।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन और भारत ने सीमा मुद्दों पर कई तरह की व्यवस्थाएं बनाई हैं। इनमें विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक और विचार-विमर्श एवं सहयोग संबंधी बैठक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इन व्यवस्थाओं के जरिये भारतीय पक्ष के साथ तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकेगा।’’ वह इस महीने के आखिर में होने वाले चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग के भारत दौरे और साल के आखिर में होने वाले भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के चीन दौरे का हवाला दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इन दो दौरों से हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों में विकास का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। खुर्शीद के चीन दौरे को महत्वपूर्ण करार देते हुए वांग ने कहा, ‘‘मौजूदा समय में दोनों देशों को ली के भारत दौरे की अच्छी तैयारियां करने तथा रणनीतिक एवं सहयोगात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाने के समान लक्ष्य के लिए काम करना होगा।’’ दोनों नेताओं ने बाद में रात्रिभोज पर बातचीत को जारी रखा। वांग के साथ बातचीत के अलावा खुर्शीद चीन के नए प्रधानमंत्री ली से भी मुलाकात कर सकते हैं जो इस महीने भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। पद संभालने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा होगा। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने खुर्शीद के बीजिंग दौरे के संदर्भ में कहा, ‘‘दोनों पक्ष चीन-भारत संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई है कि चर्चा को जारी रखा जाए और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से कायम रखा जाए।टिप्पणियां दौलत बेग ओल्डी की घटना का हवाला देते हुए हुआ ने कहा, ‘‘हाल ही में चीन और भारत के बीच सीमा पर कुछ गतिरोध था तथा दोनों पक्षों ने इसका उचित ढंग से निपटारा किया जिससे दोनों के हितों की रक्षा होती है।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन और भारत ने सीमा मुद्दों पर कई तरह की व्यवस्थाएं बनाई हैं। इनमें विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक और विचार-विमर्श एवं सहयोग संबंधी बैठक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इन व्यवस्थाओं के जरिये भारतीय पक्ष के साथ तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकेगा।’’ उन्होंने कहा कि इन दो दौरों से हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों में विकास का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। खुर्शीद के चीन दौरे को महत्वपूर्ण करार देते हुए वांग ने कहा, ‘‘मौजूदा समय में दोनों देशों को ली के भारत दौरे की अच्छी तैयारियां करने तथा रणनीतिक एवं सहयोगात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाने के समान लक्ष्य के लिए काम करना होगा।’’ दोनों नेताओं ने बाद में रात्रिभोज पर बातचीत को जारी रखा। वांग के साथ बातचीत के अलावा खुर्शीद चीन के नए प्रधानमंत्री ली से भी मुलाकात कर सकते हैं जो इस महीने भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। पद संभालने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा होगा। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने खुर्शीद के बीजिंग दौरे के संदर्भ में कहा, ‘‘दोनों पक्ष चीन-भारत संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई है कि चर्चा को जारी रखा जाए और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से कायम रखा जाए।टिप्पणियां दौलत बेग ओल्डी की घटना का हवाला देते हुए हुआ ने कहा, ‘‘हाल ही में चीन और भारत के बीच सीमा पर कुछ गतिरोध था तथा दोनों पक्षों ने इसका उचित ढंग से निपटारा किया जिससे दोनों के हितों की रक्षा होती है।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन और भारत ने सीमा मुद्दों पर कई तरह की व्यवस्थाएं बनाई हैं। इनमें विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक और विचार-विमर्श एवं सहयोग संबंधी बैठक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इन व्यवस्थाओं के जरिये भारतीय पक्ष के साथ तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकेगा।’’ खुर्शीद के चीन दौरे को महत्वपूर्ण करार देते हुए वांग ने कहा, ‘‘मौजूदा समय में दोनों देशों को ली के भारत दौरे की अच्छी तैयारियां करने तथा रणनीतिक एवं सहयोगात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाने के समान लक्ष्य के लिए काम करना होगा।’’ दोनों नेताओं ने बाद में रात्रिभोज पर बातचीत को जारी रखा। वांग के साथ बातचीत के अलावा खुर्शीद चीन के नए प्रधानमंत्री ली से भी मुलाकात कर सकते हैं जो इस महीने भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। पद संभालने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा होगा। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने खुर्शीद के बीजिंग दौरे के संदर्भ में कहा, ‘‘दोनों पक्ष चीन-भारत संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई है कि चर्चा को जारी रखा जाए और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से कायम रखा जाए।टिप्पणियां दौलत बेग ओल्डी की घटना का हवाला देते हुए हुआ ने कहा, ‘‘हाल ही में चीन और भारत के बीच सीमा पर कुछ गतिरोध था तथा दोनों पक्षों ने इसका उचित ढंग से निपटारा किया जिससे दोनों के हितों की रक्षा होती है।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन और भारत ने सीमा मुद्दों पर कई तरह की व्यवस्थाएं बनाई हैं। इनमें विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक और विचार-विमर्श एवं सहयोग संबंधी बैठक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इन व्यवस्थाओं के जरिये भारतीय पक्ष के साथ तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकेगा।’’ वांग के साथ बातचीत के अलावा खुर्शीद चीन के नए प्रधानमंत्री ली से भी मुलाकात कर सकते हैं जो इस महीने भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। पद संभालने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा होगा। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने खुर्शीद के बीजिंग दौरे के संदर्भ में कहा, ‘‘दोनों पक्ष चीन-भारत संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई है कि चर्चा को जारी रखा जाए और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से कायम रखा जाए।टिप्पणियां दौलत बेग ओल्डी की घटना का हवाला देते हुए हुआ ने कहा, ‘‘हाल ही में चीन और भारत के बीच सीमा पर कुछ गतिरोध था तथा दोनों पक्षों ने इसका उचित ढंग से निपटारा किया जिससे दोनों के हितों की रक्षा होती है।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन और भारत ने सीमा मुद्दों पर कई तरह की व्यवस्थाएं बनाई हैं। इनमें विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक और विचार-विमर्श एवं सहयोग संबंधी बैठक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इन व्यवस्थाओं के जरिये भारतीय पक्ष के साथ तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकेगा।’’ उधर, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने खुर्शीद के बीजिंग दौरे के संदर्भ में कहा, ‘‘दोनों पक्ष चीन-भारत संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई है कि चर्चा को जारी रखा जाए और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से कायम रखा जाए।टिप्पणियां दौलत बेग ओल्डी की घटना का हवाला देते हुए हुआ ने कहा, ‘‘हाल ही में चीन और भारत के बीच सीमा पर कुछ गतिरोध था तथा दोनों पक्षों ने इसका उचित ढंग से निपटारा किया जिससे दोनों के हितों की रक्षा होती है।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन और भारत ने सीमा मुद्दों पर कई तरह की व्यवस्थाएं बनाई हैं। इनमें विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक और विचार-विमर्श एवं सहयोग संबंधी बैठक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इन व्यवस्थाओं के जरिये भारतीय पक्ष के साथ तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकेगा।’’ दौलत बेग ओल्डी की घटना का हवाला देते हुए हुआ ने कहा, ‘‘हाल ही में चीन और भारत के बीच सीमा पर कुछ गतिरोध था तथा दोनों पक्षों ने इसका उचित ढंग से निपटारा किया जिससे दोनों के हितों की रक्षा होती है।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन और भारत ने सीमा मुद्दों पर कई तरह की व्यवस्थाएं बनाई हैं। इनमें विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक और विचार-विमर्श एवं सहयोग संबंधी बैठक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इन व्यवस्थाओं के जरिये भारतीय पक्ष के साथ तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकेगा।’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीन और भारत ने सीमा मुद्दों पर कई तरह की व्यवस्थाएं बनाई हैं। इनमें विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक और विचार-विमर्श एवं सहयोग संबंधी बैठक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इन व्यवस्थाओं के जरिये भारतीय पक्ष के साथ तार्किक और परस्पर स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकेगा।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच गुरुवार को हुई दो घंटे लंबी बैठक में भारत एवं चीन ने देपसांग घाटी में चीनी सैनिकों की हालिया घुसपैठ पर चर्चा की।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की परीक्षा के तीन प्रश्नपत्रों लीक होने के मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक कॉलेज के दो प्रोफेसर, मुंबई विश्वविद्यालय के चतुर्थ वर्ग के चार कर्मचारी और पांच छात्र शामिल हैं। कुछ आरोपी सोमवार को गिरफ्तार किए गए जबकि अन्य को मंगलवार को पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें 8 जून तक की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।टिप्पणियां प्रश्नपत्रों के लीक होने की खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद मुंबई विश्वविद्यालय के उप रजिस्ट्रार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होने के बाद अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू की। बीईईई प्रश्नपत्र लीक का ब्यौरा देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) हिमांशु रॉय ने कहा कि निजी कोचिंग चलाने वाले प्रोफेसर मिलिंद लाद और श्रीकंद मोरे ने यादवराव तासगांवकर कॉलेज के लैब सहायक विवेक गायकवाड से पूछा कि क्या वह प्रश्नपत्र लीक कर सकता है। गायकवाड़ इसके बाद सचिन लाड का रुख किया जो प्रोफेसरों के कॉलेज में लैब ऑपरेटर का काम करता है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक कॉलेज के दो प्रोफेसर, मुंबई विश्वविद्यालय के चतुर्थ वर्ग के चार कर्मचारी और पांच छात्र शामिल हैं। कुछ आरोपी सोमवार को गिरफ्तार किए गए जबकि अन्य को मंगलवार को पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें 8 जून तक की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।टिप्पणियां प्रश्नपत्रों के लीक होने की खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद मुंबई विश्वविद्यालय के उप रजिस्ट्रार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होने के बाद अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू की। बीईईई प्रश्नपत्र लीक का ब्यौरा देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) हिमांशु रॉय ने कहा कि निजी कोचिंग चलाने वाले प्रोफेसर मिलिंद लाद और श्रीकंद मोरे ने यादवराव तासगांवकर कॉलेज के लैब सहायक विवेक गायकवाड से पूछा कि क्या वह प्रश्नपत्र लीक कर सकता है। गायकवाड़ इसके बाद सचिन लाड का रुख किया जो प्रोफेसरों के कॉलेज में लैब ऑपरेटर का काम करता है। कुछ आरोपी सोमवार को गिरफ्तार किए गए जबकि अन्य को मंगलवार को पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें 8 जून तक की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।टिप्पणियां प्रश्नपत्रों के लीक होने की खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद मुंबई विश्वविद्यालय के उप रजिस्ट्रार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होने के बाद अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू की। बीईईई प्रश्नपत्र लीक का ब्यौरा देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) हिमांशु रॉय ने कहा कि निजी कोचिंग चलाने वाले प्रोफेसर मिलिंद लाद और श्रीकंद मोरे ने यादवराव तासगांवकर कॉलेज के लैब सहायक विवेक गायकवाड से पूछा कि क्या वह प्रश्नपत्र लीक कर सकता है। गायकवाड़ इसके बाद सचिन लाड का रुख किया जो प्रोफेसरों के कॉलेज में लैब ऑपरेटर का काम करता है। प्रश्नपत्रों के लीक होने की खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद मुंबई विश्वविद्यालय के उप रजिस्ट्रार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होने के बाद अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू की। बीईईई प्रश्नपत्र लीक का ब्यौरा देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) हिमांशु रॉय ने कहा कि निजी कोचिंग चलाने वाले प्रोफेसर मिलिंद लाद और श्रीकंद मोरे ने यादवराव तासगांवकर कॉलेज के लैब सहायक विवेक गायकवाड से पूछा कि क्या वह प्रश्नपत्र लीक कर सकता है। गायकवाड़ इसके बाद सचिन लाड का रुख किया जो प्रोफेसरों के कॉलेज में लैब ऑपरेटर का काम करता है। बीईईई प्रश्नपत्र लीक का ब्यौरा देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) हिमांशु रॉय ने कहा कि निजी कोचिंग चलाने वाले प्रोफेसर मिलिंद लाद और श्रीकंद मोरे ने यादवराव तासगांवकर कॉलेज के लैब सहायक विवेक गायकवाड से पूछा कि क्या वह प्रश्नपत्र लीक कर सकता है। गायकवाड़ इसके बाद सचिन लाड का रुख किया जो प्रोफेसरों के कॉलेज में लैब ऑपरेटर का काम करता है।
संक्षिप्त सारांश: मुंबई विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की परीक्षा के तीन प्रश्नपत्रों लीक होने के मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार गया है।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उन्होंने कहा, 'आज के बदलते हुए समय में इलनेस से बचाव के साथ-साथ वेलनेस पर हमारा फोकस होना जरूरी है. यही शक्ति हमें योग से मिलती है, यही भावना योग की है, पुरातन भारतीय दर्शन की है. योग सिर्फ तभी नहीं होता जब हम आधा घंटा जमीन या मैट पर होते हैं.' पीएम ने कहा, 'अब मुझे आधुनिक योग की यात्रा शहरों से गांवों की तरफ ले जानी है, गरीब और आदिवासी के घर तक ले जानी है. मुझे योग को गरीब और आदिवासी के जीवन का भी अभिन्न हिस्सा बनाना है. क्योंकि ये गरीब ही है जो बीमारी की वजह से सबसे ज्यादा कष्ट पाता है.' योग दिवस पर देश के सभी स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए. इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘हृदय के लिए योग' निर्धारित है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के मुख्य कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गुरुवार की रात विशेष विमान से रांची पहुंचे थे. झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री रघुवर दास और वरिष्ठ मंत्री सीपी सिंह ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया था. प्रधानमंत्री ने रांची के राजभवन में रात्रि प्रवास किया था.  आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) नई दिल्ली से विशेष विमान से रात्रि 10 बजकर 20 मिनट पर रांची पहुंचे थे. रांची में आज सुबह धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में पीएम मोदी ने चालीस हजार आम लोगों के साथ योग किया. इससे पूर्व गुरुवार की शाम को मुख्यमंत्री दास ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के सफल आयोजन को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. लोगों की सुविधाओं के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की गई हैं. इस वर्ष के कार्यक्रम के लिए मुख्य विषय 'हृदय के लिए योग' रखा गया है. लोगों को हृदय को मजबूत बनाए रखने और इसकी बीमारियों को दूर रखने के लिए योग के महत्व को बताया जा रहा है.योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री सुबह आठ बजे नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे.
सारांश: दुनियाभर में मनाया जा रहा पांचवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पीएम मोदी ने कहा- योग सबका है और सब योग के हैं योग धर्म और जाति से ऊपर है: पीएम मोदी
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: हरियाणा के हिसार में एक दलित लड़की के साथ गांव के ही आठ लड़कों के सामूहिक बलात्कार किया। बदनामी के डर से बलात्कार की शिकार लड़की के पिता ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। लड़की का बलात्कार करने वाले सभी लड़के ऊंची जाति के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने लड़की के घरवालों की शिकायत पर सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।टिप्पणियां बताया जा रहा है कि 12वीं में पढ़ने वाली यह लड़की जब स्कूल से घर लौट रही थी, तभी गांव के आठ लड़कों ने उस पकड़ लिया और उसके साथ बलात्कार किया। घर पहुंचकर लड़की ने यह बात अपने परिवारवालों को बताई। ऊंची जाति के लड़कों के खिलाफ उसका परिवार खुद को बेबस महसूस कर रहा था। रात में जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे, तो लड़की के पिता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। लड़की का बलात्कार करने वाले सभी लड़के ऊंची जाति के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने लड़की के घरवालों की शिकायत पर सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।टिप्पणियां बताया जा रहा है कि 12वीं में पढ़ने वाली यह लड़की जब स्कूल से घर लौट रही थी, तभी गांव के आठ लड़कों ने उस पकड़ लिया और उसके साथ बलात्कार किया। घर पहुंचकर लड़की ने यह बात अपने परिवारवालों को बताई। ऊंची जाति के लड़कों के खिलाफ उसका परिवार खुद को बेबस महसूस कर रहा था। रात में जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे, तो लड़की के पिता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि 12वीं में पढ़ने वाली यह लड़की जब स्कूल से घर लौट रही थी, तभी गांव के आठ लड़कों ने उस पकड़ लिया और उसके साथ बलात्कार किया। घर पहुंचकर लड़की ने यह बात अपने परिवारवालों को बताई। ऊंची जाति के लड़कों के खिलाफ उसका परिवार खुद को बेबस महसूस कर रहा था। रात में जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे, तो लड़की के पिता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। ऊंची जाति के लड़कों के खिलाफ उसका परिवार खुद को बेबस महसूस कर रहा था। रात में जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे, तो लड़की के पिता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
यहाँ एक सारांश है:हरियाणा के हिसार में एक दलित लड़की के साथ गांव के ही आठ लड़कों के सामूहिक बलात्कार किया। बदनामी के डर से बलात्कार की शिकार लड़की के पिता ने जहर खाकर अपनी जान दे दी।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका से एक ऐसी खबर आई है, जो आगे चलकर एचआईवी एड्स की बीमारी के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी साबित हो सकती है। अमेरिकी शोधकर्ताओं के मुताबिक, अमेरिका में जन्म से ही एचआईवी से पीड़ित एक बच्ची के इलाज में शुरुआती सफलता मिली है। अब यह बच्ची ढाई साल की हो चुकी है और पिछले 1 साल से वह दवाइयां ले रही है और अभी तक उसके शरीर में कोई और इंफेक्शन नहीं देखा गया है।टिप्पणियां जो ट्रीटमेंट इस बच्ची को दिया गया है उसे और बच्चों को भी देकर देखा जाएगा कि क्या उन पर भी यह असर करता है। जिस बच्ची का इलाज किया गया है, अगर वह आगे चलकर भी स्वस्थ रहती है तो यह एचआईवी से ठीक होने का अब तक का दूसरा मामला होगा। एचआईवी से ठीक होने वाले शख्स के तौर पर अब तक सिर्फ टिमोथी रे ब्राऊन नाम को जाना जाता रहा है, जिन्होंने साल 2007 में इस बीमारी को मात दी थी। जो ट्रीटमेंट इस बच्ची को दिया गया है उसे और बच्चों को भी देकर देखा जाएगा कि क्या उन पर भी यह असर करता है। जिस बच्ची का इलाज किया गया है, अगर वह आगे चलकर भी स्वस्थ रहती है तो यह एचआईवी से ठीक होने का अब तक का दूसरा मामला होगा। एचआईवी से ठीक होने वाले शख्स के तौर पर अब तक सिर्फ टिमोथी रे ब्राऊन नाम को जाना जाता रहा है, जिन्होंने साल 2007 में इस बीमारी को मात दी थी। एचआईवी से ठीक होने वाले शख्स के तौर पर अब तक सिर्फ टिमोथी रे ब्राऊन नाम को जाना जाता रहा है, जिन्होंने साल 2007 में इस बीमारी को मात दी थी।
यहाँ एक सारांश है:अमेरिकी शोधकर्ताओं के मुताबिक, अमेरिका में जन्म से ही एचआईवी से पीड़ित एक बच्ची के इलाज में शुरुआती सफलता मिली है। अब यह बच्ची ढाई साल की हो चुकी है।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे हरियाणा से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. फरीदाबाद के एक प्राइवेट स्कूल में आग लगने की वजह से शनिवार को 3 लोगों की मौत हो गई है. मारे गए लोगों में 2 बच्चे हैं. बीते महीने गुजरात के सूरत से भी इसी तरह की घटना सामने आई थी. सूरत में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 22 छात्रों की मौत हो गई थी. फरीदाबाद में आग लगने की शुरुआत आज सुबह कपड़े के गोदाम से हुई. यह गोदाम स्कूल के नीचे ही खुला हुआ था जिसमें लगी आग ने पूरे स्कूल को अपनी चपेट में ले लिया. घटना फरीदाबाद के दुबुआ कॉलोनी की है. अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सूरत की तरह यहां भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां देर से पहुंची.  मारे गए लोगों में एक महिला और 2 बच्चे हैं. महिला स्कूल में ही पढ़ाती थी. इसके अलावा 2 लोग घायल हैं जिन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है. फरीदाबाद के शिक्षण संस्थानों ने सूरत अग्निकांड से भी कोई सबक नहीं लिया है और इस स्कूल में आग पर काबू पाने के लिए कोई भी यंत्र मौजूद नहीं थे. घटनास्थल के बिल्कुल सामने रहने वाले पटेल नामक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने आग को सबसे पहले लगते हुए देखा था और फिर अपने घर की मोटर चला कर आग को बुझाने की कोशिश भी की. लेकिन आग तेज हो गई. हालांकि कुछ ही देर में मौके पर पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंच गईं जिन्होंने आग पर काबू पा लिया लेकिन इतनी देर में स्कूल परिसर में सोए हुए दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें बाहर निकल कर अस्पताल ले जाया गया. जहां उनकी मौत हो गई. फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने बताया, 'आज 8 जून 2019 को सुबह डबुआ थाना एरिया में मस्जिद के नजदीक घर में बनी कपड़ों की एक दुकान मे आग लगने के कारण एक ही परिवार के 2 बच्चे सहित एक औरत की मौत हो गई. मृतक महिला नीता अपने पति विशाल और अपने दो बच्चों के साथ इस मकान में रहते थे. मकान में नीचे मृतक महिला के पति विशाल ने कपड़ों की दुकान कर रखी थी और ऊपर के 2 फ्लोर में एक फ्लोर पर परिवार खुद रहता था और दूसरे फ्लोर पर मृतक महिला नीता ने प्ले स्कूल खोल रखा था. आग लगने पर जब तक महिला अपने बच्चों को लेकर नीचे आने की कोशिश करती तब तक वह दम घुटने के कारण बेहोश हो गए थे.'
यहाँ एक सारांश है:फरीदाबाद के एक प्राइवेट स्कूल में लगी भीषण आग एक महिला समेत 2 बच्चों की मौत, 2 लोग घायल आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गृहमंत्री सुशील शिंदे ने अफजल गुरु की फांसी को कानून के मुताबिक लिया गया फैसला बताया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंदे ने कहा कि फांसी दिए जाने का फैसला राजनीतिक नहीं है। अफजल गुरु के परिवार को जानकारी न दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर शिंदे ने कहा कि चिट्ठी जेल की तरफ से 7 फरवरी को ही भेजी गई थी और गृह मंत्री सारे काम नहीं कर सकते।   वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को उन्होंने खुद फोन करके 8 फरवरी को सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि अजमल आमिर कसाब और अफजल गुरु का मामला काफी संवेदनशील था, इसलिए सरकार ने गोपनीयता और सावधानी बरती।टिप्पणियां अफजल गुरु के परिवार की तिहाड़ जेल जाकर नमाज अदा करने की अर्जी पर शिंदे ने कहा कि वह उनकी अर्जी पर गौर करेंगे। उधर, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री के हत्यारों को फांसी की सजा पर उठे सवालों का जवाब देते हुए शिंदे ने कहा है कि ये दोनों मामले अलग हैं। अफजल गुरु के परिवार को जानकारी न दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर शिंदे ने कहा कि चिट्ठी जेल की तरफ से 7 फरवरी को ही भेजी गई थी और गृह मंत्री सारे काम नहीं कर सकते।   वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को उन्होंने खुद फोन करके 8 फरवरी को सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि अजमल आमिर कसाब और अफजल गुरु का मामला काफी संवेदनशील था, इसलिए सरकार ने गोपनीयता और सावधानी बरती।टिप्पणियां अफजल गुरु के परिवार की तिहाड़ जेल जाकर नमाज अदा करने की अर्जी पर शिंदे ने कहा कि वह उनकी अर्जी पर गौर करेंगे। उधर, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री के हत्यारों को फांसी की सजा पर उठे सवालों का जवाब देते हुए शिंदे ने कहा है कि ये दोनों मामले अलग हैं। वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को उन्होंने खुद फोन करके 8 फरवरी को सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि अजमल आमिर कसाब और अफजल गुरु का मामला काफी संवेदनशील था, इसलिए सरकार ने गोपनीयता और सावधानी बरती।टिप्पणियां अफजल गुरु के परिवार की तिहाड़ जेल जाकर नमाज अदा करने की अर्जी पर शिंदे ने कहा कि वह उनकी अर्जी पर गौर करेंगे। उधर, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री के हत्यारों को फांसी की सजा पर उठे सवालों का जवाब देते हुए शिंदे ने कहा है कि ये दोनों मामले अलग हैं। अफजल गुरु के परिवार की तिहाड़ जेल जाकर नमाज अदा करने की अर्जी पर शिंदे ने कहा कि वह उनकी अर्जी पर गौर करेंगे। उधर, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री के हत्यारों को फांसी की सजा पर उठे सवालों का जवाब देते हुए शिंदे ने कहा है कि ये दोनों मामले अलग हैं। उधर, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री के हत्यारों को फांसी की सजा पर उठे सवालों का जवाब देते हुए शिंदे ने कहा है कि ये दोनों मामले अलग हैं।
गृहमंत्री सुशील शिंदे ने अफजल गुरु की फांसी को कानून के मुताबिक लिया गया फैसला बताया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंदे ने कहा कि फांसी दिए जाने का फैसला राजनीतिक नहीं है।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तेजस्वी ने कहा कि केंद्र सरकार, मोदी जी और नीतीश जी सब मिलकर नागपुरिया कानून को लागू करना चाहते हैं. ये सभी बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान की जगह आरएसएस का एजेंडा लागू करना चाहते हैं. तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी के सहयोगी दल धीरे-धीरे NDA से अलग हो रहे हैं. देश भर में हर जगहों से उनके सहयोगी दल उन्हें छोड़ने का काम कर रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण बीजेपी का तानाशाही रवैया है. तेजस्वी ने कहा कि अब देश की जनता संघ मुक्त भारत बनाने का काम करेगी, जो मेरे चाचा कहा करते थे, लेकिन चाचा तो अब उल्टा काम कर रहे हैं. तेजस्वी ने बिहार में सीटों के बंटवारे पर कहा, नीतीश कुमार जिन्होंने 2 सीटें जीती थी, उन्हें 17 सीटें मिलीं और जिसके पास 22 सीटें मिलीं थी उन्हें भी 17 सीटें मिली हैं. यानि बीजेपी अपनी हैसियत समझ चुकी है कि बिहार में उसके क्या हालात हैं. नीतीश जी को जितनी सीटें दी गईं हैं वह महागठबंधन को गिफ्ट के रूप में मिल गई है. नीतीश कुमार का खाता नहीं खुलने जा रहा है. नीतीश जी नालांदा का सीट भी हारेंगे.  तेजस्वी ने कहा कि लालू जी को जबरदस्ती फंसाया गया है, जिसका भांडा सीबीआई के आलोक वर्मा जी ने फोड़ दिया है. तेजस्वी ने कहा कि लालू जी एक व्यक्ति नहीं एक विचारधारा का नाम है. हम उसी पर चल रहे हैं. बिहार की जनता मानती है कि जो गरीबों का नेता है. जो पिछड़ों का नेता है, अल्पसंख्यकों का नेता उसे फंसाया गया है. जनता आने वाले चुनाव में इसका फैसला करेगी. उन्होंने कहा कि हम भी अगर बीजेपी में चले जाते तो हम भी हरिशचंद्र बन जाते. अगर सच बोलियेगा तो आप भ्रष्टाचारी बन जाओगे.
संक्षिप्त सारांश: तेजस्वी यादव बोले-देश का संविधान खतरे में 'RSS का एजेंडा लागू करवाना चाहती है बीजेपी' कहा- हम लालू यादव की राह पर चल रहे हैं
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के सिनजियांग उईगुर क्षेत्र में जुलाई में हुए घातक आतंकवादी हमले में शामिल चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई। मीडिया ने यह जानकारी गुरुवार को दी। इसी मामले में दो अन्य को मंगलवार को 19 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई थी। जुलाई में हुए इस आतंकवादी हमला में करीब 20 लोग मारे गए थे जबकि अन्य 40 घायल हो गए थे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक चीन में होटान और कशगर की अदालतों ने मंगलवार को उन लोगों को हमले की साजिश रचने, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने, अवैध तरीके से बम बनाने, हत्या तथा आगजनी जैसे मामलों में दोषी पाया। दंगाइयों ने 18 जुलाई को होटान शहर में एक पुलिस चौकी पर हमला किया था जिसमें चार व्यक्तियों की मौत हो गई और अन्य चार घायल हो गए थे। इस घटना के बाद दो व्यक्तियों ने 30 जुलाई को एक ट्रक को अगवाकर उसके चालक की बाद में हत्या कर दी और ट्रक को सिनजियांग शहर के भीड़-भाड़ वाली गली में घुसा दिया। ट्रक से बाहर कूदने के बाद वे छुरा चलाने लगे और वहां खड़े होकर इस घटना को आश्चर्य से देखने वाले लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी। एक दिन बाद 31 जुलाई को कशगर शहर में लोगों के एक समूह ने एक रेस्त्रां मे आग लगा दिया और नागरिकों पर बेतरतीब ढंग से चाकुओं से हमला करने लगे। उसके बाद पुलिस ने पांच संदिग्धों को मार गिराया। चीनी सरकार ने पाकिस्तान में प्रशिक्षित धार्मिक कट्टरपंथी संगठन 'ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट' (ईटीआईएम) पर आतंकवादी हमले का आरोप लगाया था।
यह एक सारांश है: चीन के सिनजियांग उईगुर क्षेत्र में जुलाई में हुए घातक आतंकवादी हमले में शामिल चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में शनिवार को नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। इस दौरान तीन नक्सलियों को भी मार गिराया गया। नक्सलनिरोधी अभियान के प्रमुख राहुल सेठ ने बताया कि नक्सलियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिलने पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कम्पनी शनिवार सुबह मकाडचुहा गांव में गई। सेठ ने कहा, "सीआरपीएफ की कम्पनी ने जब गांव को घेर लिया तब नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें कमांडो इकाई के प्रमुख विट्ठल पवार सहित हमारे कई लोग घायल हो गए।" उन्होंने बताया कि घायलों में से तीन ने बाद में दम तोड़ दिया। इन सबकी पहचान कश्मीर के कुपवाड़ा इलाके के यासर अहमद तथा महाराष्ट्र के परदेसी सुका देवगन और चंद्रशेखर एस. कोरे के रूप में हुई है। पवार के अलावा सीआरपीएफ का एक अन्य जवान असम का चंदन नाथ भी घायल हो गया। दोनों को हेलीकॉप्टर से नागपुर के एक अस्पताल में ले जाया गया। सेठ ने कहा कि पुलिस ने एक नक्सली का शव .303 बोर की एक बंदूक के साथ बरामद किया, लेकिन दो नक्सलियों के शव उनके साथी ले गए। सेठ ने कहा कि शुक्रवार को पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में 11 सुरक्षाकर्मियों के शहीद हो जाने की घटना के मद्देनजर गढचिरोली में हाईअलर्ट कर दिया गया, जिसके तहत सीआरपीएफ ने अभियान चलाया।
यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। इस दौरान तीन नक्सलियों को भी मार गिराया गया।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यायमूर्ति एस पी गर्ग ने कार्ति को 10 लाख रुपये का एक जमानतदार देने का निर्देश दिया और उन पर देश से बाहर जाने की स्थिति में सीबीआई से पहले से अनुमति मांगने सहित अतिरिक्त शर्तें लगाईं हैं. कार्ति के वकील ने अदालत को बताया था कि उनका पासपोर्ट पहले से ही अधिकारियों के पास जमा है. अदालत ने कहा कि जमानत पर रहते हुए कार्ति इस मामले के किसी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करें. सीबीआई ने इस आधार पर उनकी जमानत याचिका का विरोध किया था कि वह इस मामले में ‘‘पहले ही सबूत नष्ट’’ कर चुके हैं और वह एक ‘‘प्रभावशाली’’ व्यक्ति हैं. कार्ति के वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि सीबीआई ने न तो किसी लोक सेवक से पूछताछ की और ना ही इस मामले में उन्हें आरोपी बनाया. कार्ति के वकील ने सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने उन्हें हिरासत में लेकर और पूछताछ का अनुरोध नहीं है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. उन्हें पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था. इन पर उनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते हुए 2007 में विदेश से करीब 305 करेाड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरेाप है. सीबीआई ने शुरुआत में आरोप लगाया था कि कार्ति को आईएनएक्स मीडिया को बोर्ड की मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत के रूप में दस लाख रुपये मिले थे.  भ्रष्टाचार मामले से पैदा धन शोधन के एक अन्य मामले में उच्च न्यायालय ने नौ मार्च को प्रवर्तन निदेशालय को कार्ति को न तो गिरफ्तार करने और ना ही कोई दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट का यह संरक्षण बाद में 22 मार्च तक बढा दिया गया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईडी का मामला अपने पास स्थानान्तरित कर लिया था. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम और सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद 16 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रखने वाले न्यायमूर्ति एस पी गर्ग द्वारा आदेश सुनाने की संभावना है. सीबीआई ने कार्ति को राहत दिये जाने का विरोध किया था.टिप्पणियां एजेंसी ने कहा था कि उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वह इस मामले में पहले ही सबूत नष्ट कर चुके हैं और वह एक‘‘ प्रभावशाली’’ व्यक्ति हैं. कार्ति के वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि सीबीआई ने न तो किसी लोक सेवक से पूछताछ की और ना ही उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया है. कार्ति के वकीलों ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने हिरासत में लेकर उनसे और पूछताछ की मांग नहीं की है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. कार्ति को पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में ब्रिटेन से लौटने पर सीबीआई द्वारा 28 फरवरी को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया था. उन परउनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते 2007 में विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरोप है.   अदालत ने कहा कि जमानत पर रहते हुए कार्ति इस मामले के किसी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करें. सीबीआई ने इस आधार पर उनकी जमानत याचिका का विरोध किया था कि वह इस मामले में ‘‘पहले ही सबूत नष्ट’’ कर चुके हैं और वह एक ‘‘प्रभावशाली’’ व्यक्ति हैं. कार्ति के वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि सीबीआई ने न तो किसी लोक सेवक से पूछताछ की और ना ही इस मामले में उन्हें आरोपी बनाया. कार्ति के वकील ने सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने उन्हें हिरासत में लेकर और पूछताछ का अनुरोध नहीं है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. उन्हें पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था. इन पर उनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते हुए 2007 में विदेश से करीब 305 करेाड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरेाप है. सीबीआई ने शुरुआत में आरोप लगाया था कि कार्ति को आईएनएक्स मीडिया को बोर्ड की मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत के रूप में दस लाख रुपये मिले थे.  भ्रष्टाचार मामले से पैदा धन शोधन के एक अन्य मामले में उच्च न्यायालय ने नौ मार्च को प्रवर्तन निदेशालय को कार्ति को न तो गिरफ्तार करने और ना ही कोई दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट का यह संरक्षण बाद में 22 मार्च तक बढा दिया गया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईडी का मामला अपने पास स्थानान्तरित कर लिया था. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम और सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद 16 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रखने वाले न्यायमूर्ति एस पी गर्ग द्वारा आदेश सुनाने की संभावना है. सीबीआई ने कार्ति को राहत दिये जाने का विरोध किया था.टिप्पणियां एजेंसी ने कहा था कि उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वह इस मामले में पहले ही सबूत नष्ट कर चुके हैं और वह एक‘‘ प्रभावशाली’’ व्यक्ति हैं. कार्ति के वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि सीबीआई ने न तो किसी लोक सेवक से पूछताछ की और ना ही उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया है. कार्ति के वकीलों ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने हिरासत में लेकर उनसे और पूछताछ की मांग नहीं की है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. कार्ति को पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में ब्रिटेन से लौटने पर सीबीआई द्वारा 28 फरवरी को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया था. उन परउनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते 2007 में विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरोप है.   कार्ति के वकील ने सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने उन्हें हिरासत में लेकर और पूछताछ का अनुरोध नहीं है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. उन्हें पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था. इन पर उनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते हुए 2007 में विदेश से करीब 305 करेाड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरेाप है. सीबीआई ने शुरुआत में आरोप लगाया था कि कार्ति को आईएनएक्स मीडिया को बोर्ड की मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत के रूप में दस लाख रुपये मिले थे.  भ्रष्टाचार मामले से पैदा धन शोधन के एक अन्य मामले में उच्च न्यायालय ने नौ मार्च को प्रवर्तन निदेशालय को कार्ति को न तो गिरफ्तार करने और ना ही कोई दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट का यह संरक्षण बाद में 22 मार्च तक बढा दिया गया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईडी का मामला अपने पास स्थानान्तरित कर लिया था. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम और सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद 16 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रखने वाले न्यायमूर्ति एस पी गर्ग द्वारा आदेश सुनाने की संभावना है. सीबीआई ने कार्ति को राहत दिये जाने का विरोध किया था.टिप्पणियां एजेंसी ने कहा था कि उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वह इस मामले में पहले ही सबूत नष्ट कर चुके हैं और वह एक‘‘ प्रभावशाली’’ व्यक्ति हैं. कार्ति के वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि सीबीआई ने न तो किसी लोक सेवक से पूछताछ की और ना ही उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया है. कार्ति के वकीलों ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने हिरासत में लेकर उनसे और पूछताछ की मांग नहीं की है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. कार्ति को पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में ब्रिटेन से लौटने पर सीबीआई द्वारा 28 फरवरी को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया था. उन परउनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते 2007 में विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरोप है.   उन्हें पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था. इन पर उनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते हुए 2007 में विदेश से करीब 305 करेाड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरेाप है. सीबीआई ने शुरुआत में आरोप लगाया था कि कार्ति को आईएनएक्स मीडिया को बोर्ड की मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत के रूप में दस लाख रुपये मिले थे.  भ्रष्टाचार मामले से पैदा धन शोधन के एक अन्य मामले में उच्च न्यायालय ने नौ मार्च को प्रवर्तन निदेशालय को कार्ति को न तो गिरफ्तार करने और ना ही कोई दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट का यह संरक्षण बाद में 22 मार्च तक बढा दिया गया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईडी का मामला अपने पास स्थानान्तरित कर लिया था. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम और सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद 16 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रखने वाले न्यायमूर्ति एस पी गर्ग द्वारा आदेश सुनाने की संभावना है. सीबीआई ने कार्ति को राहत दिये जाने का विरोध किया था.टिप्पणियां एजेंसी ने कहा था कि उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वह इस मामले में पहले ही सबूत नष्ट कर चुके हैं और वह एक‘‘ प्रभावशाली’’ व्यक्ति हैं. कार्ति के वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि सीबीआई ने न तो किसी लोक सेवक से पूछताछ की और ना ही उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया है. कार्ति के वकीलों ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने हिरासत में लेकर उनसे और पूछताछ की मांग नहीं की है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. कार्ति को पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में ब्रिटेन से लौटने पर सीबीआई द्वारा 28 फरवरी को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया था. उन परउनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते 2007 में विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरोप है.   भ्रष्टाचार मामले से पैदा धन शोधन के एक अन्य मामले में उच्च न्यायालय ने नौ मार्च को प्रवर्तन निदेशालय को कार्ति को न तो गिरफ्तार करने और ना ही कोई दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट का यह संरक्षण बाद में 22 मार्च तक बढा दिया गया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईडी का मामला अपने पास स्थानान्तरित कर लिया था. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम और सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद 16 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रखने वाले न्यायमूर्ति एस पी गर्ग द्वारा आदेश सुनाने की संभावना है. सीबीआई ने कार्ति को राहत दिये जाने का विरोध किया था.टिप्पणियां एजेंसी ने कहा था कि उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वह इस मामले में पहले ही सबूत नष्ट कर चुके हैं और वह एक‘‘ प्रभावशाली’’ व्यक्ति हैं. कार्ति के वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि सीबीआई ने न तो किसी लोक सेवक से पूछताछ की और ना ही उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया है. कार्ति के वकीलों ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने हिरासत में लेकर उनसे और पूछताछ की मांग नहीं की है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. कार्ति को पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में ब्रिटेन से लौटने पर सीबीआई द्वारा 28 फरवरी को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया था. उन परउनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते 2007 में विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरोप है.   इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईडी का मामला अपने पास स्थानान्तरित कर लिया था. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम और सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद 16 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रखने वाले न्यायमूर्ति एस पी गर्ग द्वारा आदेश सुनाने की संभावना है. सीबीआई ने कार्ति को राहत दिये जाने का विरोध किया था.टिप्पणियां एजेंसी ने कहा था कि उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वह इस मामले में पहले ही सबूत नष्ट कर चुके हैं और वह एक‘‘ प्रभावशाली’’ व्यक्ति हैं. कार्ति के वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि सीबीआई ने न तो किसी लोक सेवक से पूछताछ की और ना ही उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया है. कार्ति के वकीलों ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने हिरासत में लेकर उनसे और पूछताछ की मांग नहीं की है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. कार्ति को पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में ब्रिटेन से लौटने पर सीबीआई द्वारा 28 फरवरी को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया था. उन परउनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते 2007 में विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरोप है.   एजेंसी ने कहा था कि उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वह इस मामले में पहले ही सबूत नष्ट कर चुके हैं और वह एक‘‘ प्रभावशाली’’ व्यक्ति हैं. कार्ति के वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि सीबीआई ने न तो किसी लोक सेवक से पूछताछ की और ना ही उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया है. कार्ति के वकीलों ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने हिरासत में लेकर उनसे और पूछताछ की मांग नहीं की है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. कार्ति को पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में ब्रिटेन से लौटने पर सीबीआई द्वारा 28 फरवरी को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया था. उन परउनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते 2007 में विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरोप है.   कार्ति के वकीलों ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि जब सीबीआई ने हिरासत में लेकर उनसे और पूछताछ की मांग नहीं की है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए. कार्ति को पिछले साल 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के संबंध में ब्रिटेन से लौटने पर सीबीआई द्वारा 28 फरवरी को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया था. उन परउनके पिता के केन्द्रीय वित्त मंत्री रहते 2007 में विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपये का कोष प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं का आरोप है.
सारांश: कार्ति चिदंबरम को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था कार्ति के वकील ने सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोपों से इनकार किया था सीबीआई ने कार्ति को राहत दिये जाने का विरोध किया था
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर कोरिया ने शनिवार को कहा कि वह औपचारिक रूप से दक्षिण कोरिया के साथ 'युद्ध की स्थिति' में प्रवेश कर गया है और आगाह किया कि कोई उकसावेबाजी इसे परमाणु संघर्ष में बदल सकती है। उत्तर कोरिया ने एक बयान में कहा, अभी, अंतर-कोरिया (उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच के) रिश्ते युद्ध की स्थिति में प्रवेश कर गए हैं और दो कोरियाओं के बीच के सभी मामले युद्धकालीन नियमों के तहत निबटाए जाएंगे। यह उत्तर कोरिया की तरफ से धमकियों की कड़ी में नवीनतम है। इसी तरह की चेतावनियां दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने भी दी है। इससे दुनिया में चिंता हो गई है कि हालात काबू से बाहर निकल सकते हैं। सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) की आर से जारी बयान में कहा गया है, कोरियाई प्रायद्वीप की 'न तो युद्ध और न ही शांति' वाली दीर्घकालीन स्थिति अंतत: समाप्त हो गई है। दक्षिण और उत्तर कोरिया दोनों हमेशा तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में बने रहे हैं, क्योंकि 1950-53 के कोरियाई युद्ध का समापत किसी शांति समझौते की बजाय युद्ध-विराम में हुआ था। इससे पहले, इसी माह उत्तर कोरिया ने ऐलान किया था कि वह दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में दक्षिण के साथ किए गए युद्ध-विराम और अन्य द्विपक्षीय शांति समझौतों को खत्म कर रहा है। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह वास्तव में कोई नई धमकी नहीं है... बस उकसावेपूर्ण धमकियों की शृंखला का एक हिस्सा है। टिप्पणियां दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीमा से लगे इलाकों में कोई खास सैन्य आवाजाही नहीं देखी गई। युद्ध-विराम को निरस्त करना सैद्धांतिक रूप से युद्ध आरंभ करने का रास्ता खोलता है। बहरहाल, विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब उत्तर कोरिया ने युद्ध-विराम के खत्म होने की घोषणा की हो। शनिवार के बयान में चेतावनी दी गई है कि उत्तर-दक्षिण के बीच जमीनी या समुद्री सरहद के निकट किसी भी सैन्य उकसावे से 'कोई पूर्ण संघर्ष या परमाणु युद्ध' छिड़ सकता है। ज्यादातर पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह सिर्फ फिकरेबाजी तक ही सीमित रहेगा, किसी युद्ध में नहीं बदलेगा। उत्तर कोरिया ने एक बयान में कहा, अभी, अंतर-कोरिया (उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच के) रिश्ते युद्ध की स्थिति में प्रवेश कर गए हैं और दो कोरियाओं के बीच के सभी मामले युद्धकालीन नियमों के तहत निबटाए जाएंगे। यह उत्तर कोरिया की तरफ से धमकियों की कड़ी में नवीनतम है। इसी तरह की चेतावनियां दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने भी दी है। इससे दुनिया में चिंता हो गई है कि हालात काबू से बाहर निकल सकते हैं। सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) की आर से जारी बयान में कहा गया है, कोरियाई प्रायद्वीप की 'न तो युद्ध और न ही शांति' वाली दीर्घकालीन स्थिति अंतत: समाप्त हो गई है। दक्षिण और उत्तर कोरिया दोनों हमेशा तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में बने रहे हैं, क्योंकि 1950-53 के कोरियाई युद्ध का समापत किसी शांति समझौते की बजाय युद्ध-विराम में हुआ था। इससे पहले, इसी माह उत्तर कोरिया ने ऐलान किया था कि वह दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में दक्षिण के साथ किए गए युद्ध-विराम और अन्य द्विपक्षीय शांति समझौतों को खत्म कर रहा है। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह वास्तव में कोई नई धमकी नहीं है... बस उकसावेपूर्ण धमकियों की शृंखला का एक हिस्सा है। टिप्पणियां दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीमा से लगे इलाकों में कोई खास सैन्य आवाजाही नहीं देखी गई। युद्ध-विराम को निरस्त करना सैद्धांतिक रूप से युद्ध आरंभ करने का रास्ता खोलता है। बहरहाल, विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब उत्तर कोरिया ने युद्ध-विराम के खत्म होने की घोषणा की हो। शनिवार के बयान में चेतावनी दी गई है कि उत्तर-दक्षिण के बीच जमीनी या समुद्री सरहद के निकट किसी भी सैन्य उकसावे से 'कोई पूर्ण संघर्ष या परमाणु युद्ध' छिड़ सकता है। ज्यादातर पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह सिर्फ फिकरेबाजी तक ही सीमित रहेगा, किसी युद्ध में नहीं बदलेगा। सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) की आर से जारी बयान में कहा गया है, कोरियाई प्रायद्वीप की 'न तो युद्ध और न ही शांति' वाली दीर्घकालीन स्थिति अंतत: समाप्त हो गई है। दक्षिण और उत्तर कोरिया दोनों हमेशा तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में बने रहे हैं, क्योंकि 1950-53 के कोरियाई युद्ध का समापत किसी शांति समझौते की बजाय युद्ध-विराम में हुआ था। इससे पहले, इसी माह उत्तर कोरिया ने ऐलान किया था कि वह दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में दक्षिण के साथ किए गए युद्ध-विराम और अन्य द्विपक्षीय शांति समझौतों को खत्म कर रहा है। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह वास्तव में कोई नई धमकी नहीं है... बस उकसावेपूर्ण धमकियों की शृंखला का एक हिस्सा है। टिप्पणियां दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीमा से लगे इलाकों में कोई खास सैन्य आवाजाही नहीं देखी गई। युद्ध-विराम को निरस्त करना सैद्धांतिक रूप से युद्ध आरंभ करने का रास्ता खोलता है। बहरहाल, विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब उत्तर कोरिया ने युद्ध-विराम के खत्म होने की घोषणा की हो। शनिवार के बयान में चेतावनी दी गई है कि उत्तर-दक्षिण के बीच जमीनी या समुद्री सरहद के निकट किसी भी सैन्य उकसावे से 'कोई पूर्ण संघर्ष या परमाणु युद्ध' छिड़ सकता है। ज्यादातर पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह सिर्फ फिकरेबाजी तक ही सीमित रहेगा, किसी युद्ध में नहीं बदलेगा। इससे पहले, इसी माह उत्तर कोरिया ने ऐलान किया था कि वह दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में दक्षिण के साथ किए गए युद्ध-विराम और अन्य द्विपक्षीय शांति समझौतों को खत्म कर रहा है। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह वास्तव में कोई नई धमकी नहीं है... बस उकसावेपूर्ण धमकियों की शृंखला का एक हिस्सा है। टिप्पणियां दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीमा से लगे इलाकों में कोई खास सैन्य आवाजाही नहीं देखी गई। युद्ध-विराम को निरस्त करना सैद्धांतिक रूप से युद्ध आरंभ करने का रास्ता खोलता है। बहरहाल, विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब उत्तर कोरिया ने युद्ध-विराम के खत्म होने की घोषणा की हो। शनिवार के बयान में चेतावनी दी गई है कि उत्तर-दक्षिण के बीच जमीनी या समुद्री सरहद के निकट किसी भी सैन्य उकसावे से 'कोई पूर्ण संघर्ष या परमाणु युद्ध' छिड़ सकता है। ज्यादातर पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह सिर्फ फिकरेबाजी तक ही सीमित रहेगा, किसी युद्ध में नहीं बदलेगा। दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीमा से लगे इलाकों में कोई खास सैन्य आवाजाही नहीं देखी गई। युद्ध-विराम को निरस्त करना सैद्धांतिक रूप से युद्ध आरंभ करने का रास्ता खोलता है। बहरहाल, विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब उत्तर कोरिया ने युद्ध-विराम के खत्म होने की घोषणा की हो। शनिवार के बयान में चेतावनी दी गई है कि उत्तर-दक्षिण के बीच जमीनी या समुद्री सरहद के निकट किसी भी सैन्य उकसावे से 'कोई पूर्ण संघर्ष या परमाणु युद्ध' छिड़ सकता है। ज्यादातर पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह सिर्फ फिकरेबाजी तक ही सीमित रहेगा, किसी युद्ध में नहीं बदलेगा। शनिवार के बयान में चेतावनी दी गई है कि उत्तर-दक्षिण के बीच जमीनी या समुद्री सरहद के निकट किसी भी सैन्य उकसावे से 'कोई पूर्ण संघर्ष या परमाणु युद्ध' छिड़ सकता है। ज्यादातर पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह सिर्फ फिकरेबाजी तक ही सीमित रहेगा, किसी युद्ध में नहीं बदलेगा।
सारांश: उत्तर कोरिया ने शनिवार को कहा कि वह औपचारिक रूप से दक्षिण कोरिया के साथ 'युद्ध की स्थिति' में प्रवेश कर गया है और आगाह किया कि कोई उकसावेबाजी इसे परमाणु संघर्ष में बदल सकती है।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुस्लिम बहुल किशनगंज जिले की एक पंचायत ने लड़कियों को मोबाइल फोन नहीं रखने तथा विवाहिता महिलाओं को घर के अंदर ही मोबाइल से बात करने का फरमान सुनाया है। पंचायत ने फरमान नहीं मानने पर आर्थिक जुर्माना लगाने का भी निर्णय लिया है। कोचाधामन प्रखंड की सुंदरबाड़ी पंचायत के कुछ ग्रामीणों ने रविवार को बैठक कर सामाजिक सलाह समिति का गठन किया और उसे फैसले पर अमल कराने का दायित्व सौंपा। समिति के एक सदस्य ने बताया कि बैठक में लड़कियों को मोबाइल नहीं रखने के लिए कहा गया है। यदि किसी लड़की को मोबाइल फोन से बात करते पाया जाता है तो उसे 10,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा। उन्होंने बताया कि विवाहित महिलाओं को भी घर से बाहर मोबाइल से बात करने पर पाबंदी लगाई गई है, जबकि उन्हें घर के अंदर मोबाइल से बात करने की अनुमति दी गई है। यदि विवाहित महिलाएं फरमान नहीं मानती हैं तो उन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। किसी लड़की के पास मोबाइल रखने की भी मनाही है।टिप्पणियां बैठक की अध्यक्षता करने वाले ग्रामीण मंजूर आलम ने बताया कि मोबाइल के कारण लड़कियों में स्वच्छंदता की भावना आती है। खासकर विद्यालय और कॉलेज की लड़कियां मोबाइल से काफी प्रभावित होती हैं। इसके कारण प्रेम-प्रसंग के भी मामलों में भी वृद्धि हुई है। मोबाइल फोन के कारण समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। कोचाधामन प्रखंड के प्रखंड विकास अधिकारी संजय कुमार और थाना प्रभारी चितरंजन कुमार ने हालांकि ऐसी किसी भी पाबंदी से इनकार किया है। दोनों अधिकारियों ने कहा कि यदि ऐसी कोई पाबंदी लगाई गई है तो यह कानून के खिलाफ है। पूरे मामले की छानबीन की जाएगी और यदि इसमें कोई संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोचाधामन प्रखंड की सुंदरबाड़ी पंचायत के कुछ ग्रामीणों ने रविवार को बैठक कर सामाजिक सलाह समिति का गठन किया और उसे फैसले पर अमल कराने का दायित्व सौंपा। समिति के एक सदस्य ने बताया कि बैठक में लड़कियों को मोबाइल नहीं रखने के लिए कहा गया है। यदि किसी लड़की को मोबाइल फोन से बात करते पाया जाता है तो उसे 10,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा। उन्होंने बताया कि विवाहित महिलाओं को भी घर से बाहर मोबाइल से बात करने पर पाबंदी लगाई गई है, जबकि उन्हें घर के अंदर मोबाइल से बात करने की अनुमति दी गई है। यदि विवाहित महिलाएं फरमान नहीं मानती हैं तो उन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। किसी लड़की के पास मोबाइल रखने की भी मनाही है।टिप्पणियां बैठक की अध्यक्षता करने वाले ग्रामीण मंजूर आलम ने बताया कि मोबाइल के कारण लड़कियों में स्वच्छंदता की भावना आती है। खासकर विद्यालय और कॉलेज की लड़कियां मोबाइल से काफी प्रभावित होती हैं। इसके कारण प्रेम-प्रसंग के भी मामलों में भी वृद्धि हुई है। मोबाइल फोन के कारण समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। कोचाधामन प्रखंड के प्रखंड विकास अधिकारी संजय कुमार और थाना प्रभारी चितरंजन कुमार ने हालांकि ऐसी किसी भी पाबंदी से इनकार किया है। दोनों अधिकारियों ने कहा कि यदि ऐसी कोई पाबंदी लगाई गई है तो यह कानून के खिलाफ है। पूरे मामले की छानबीन की जाएगी और यदि इसमें कोई संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विवाहित महिलाओं को भी घर से बाहर मोबाइल से बात करने पर पाबंदी लगाई गई है, जबकि उन्हें घर के अंदर मोबाइल से बात करने की अनुमति दी गई है। यदि विवाहित महिलाएं फरमान नहीं मानती हैं तो उन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। किसी लड़की के पास मोबाइल रखने की भी मनाही है।टिप्पणियां बैठक की अध्यक्षता करने वाले ग्रामीण मंजूर आलम ने बताया कि मोबाइल के कारण लड़कियों में स्वच्छंदता की भावना आती है। खासकर विद्यालय और कॉलेज की लड़कियां मोबाइल से काफी प्रभावित होती हैं। इसके कारण प्रेम-प्रसंग के भी मामलों में भी वृद्धि हुई है। मोबाइल फोन के कारण समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। कोचाधामन प्रखंड के प्रखंड विकास अधिकारी संजय कुमार और थाना प्रभारी चितरंजन कुमार ने हालांकि ऐसी किसी भी पाबंदी से इनकार किया है। दोनों अधिकारियों ने कहा कि यदि ऐसी कोई पाबंदी लगाई गई है तो यह कानून के खिलाफ है। पूरे मामले की छानबीन की जाएगी और यदि इसमें कोई संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता करने वाले ग्रामीण मंजूर आलम ने बताया कि मोबाइल के कारण लड़कियों में स्वच्छंदता की भावना आती है। खासकर विद्यालय और कॉलेज की लड़कियां मोबाइल से काफी प्रभावित होती हैं। इसके कारण प्रेम-प्रसंग के भी मामलों में भी वृद्धि हुई है। मोबाइल फोन के कारण समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। कोचाधामन प्रखंड के प्रखंड विकास अधिकारी संजय कुमार और थाना प्रभारी चितरंजन कुमार ने हालांकि ऐसी किसी भी पाबंदी से इनकार किया है। दोनों अधिकारियों ने कहा कि यदि ऐसी कोई पाबंदी लगाई गई है तो यह कानून के खिलाफ है। पूरे मामले की छानबीन की जाएगी और यदि इसमें कोई संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोचाधामन प्रखंड के प्रखंड विकास अधिकारी संजय कुमार और थाना प्रभारी चितरंजन कुमार ने हालांकि ऐसी किसी भी पाबंदी से इनकार किया है। दोनों अधिकारियों ने कहा कि यदि ऐसी कोई पाबंदी लगाई गई है तो यह कानून के खिलाफ है। पूरे मामले की छानबीन की जाएगी और यदि इसमें कोई संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यहाँ एक सारांश है:बिहार के मुस्लिम बहुल किशनगंज जिले की एक पंचायत ने लड़कियों को मोबाइल फोन नहीं रखने तथा विवाहिता महिलाओं को घर के अंदर ही मोबाइल से बात करने का फरमान सुनाया है।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रमुख कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी की कुल बिक्री दिसम्बर महीने में पिछले साल के इसी माह के मुकाबले 17 प्रतिशत बढ़कर 99,225 कारें हो गई। कम्पनी के निर्यात में हालांकि पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 29.3 प्रतिशत की गिरावट हुई है। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को दी गई जानकारी के मुताबिक दिसम्बर महीने में घरेलू बाजार में कम्पनी की बिक्री 26 प्रतिशत बढ़कर 89,469 कारें हो गई। पिछले साल के दिसम्बर महीने में कम्पनी ने घरेलू बाजार में 71,000 कारें बेची थीं। कम्पनी की ए वन श्रेणी की कारों (मारुति 800) की बिक्री 30.1 प्रतिशत घटकर 1,798 हो गई जबकि पिछले साल के दिसम्बर महीने में कम्पनी ने इस श्रेणी की 2,574 गाड़ियां बेची थीं। वहीं ए टू सेगमेंट की कारों की बिक्री 23.5 प्रतिशत बढ़कर 64,492 हो गई। ए थ्री श्रेणी की कारों की बिक्री में कम्पनी ने 19.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। कम्पनी की वेन श्रेणी (ओमनी, वेरसा, ईको) कारों की बिक्री इस महीने 67.5 प्रतिशत बढ़कर 13,547 कारें हो गई।
सारांश: कम्पनी के निर्यात में हालांकि पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 29.3 प्रतिशत की गिरावट हुई है।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने स्वीकार किया कि आर्थिक सुधारों की रफ्तार धीमी पड़ी है और 2014 के आम चुनाव से पहले प्रमुख सुधारों को आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। बसु ने दावा किया कि अगले आम चुनाव के बाद वर्ष 2015 से भारत विश्व की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा। उन्होंने कहा कि यदि आम चुनाव के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता में आई तो सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाएगी। बसु ने कहा कि फिलहाल कम महत्वपूर्ण विधेयक ही संसद में पेश हो सकते हैं लेकिन प्रमुख आर्थिक सुधार से जुड़े विधेयकों के सामने अड़चनें आ सकती हैं। अगले संसदीय चुनाव से पहले इन्हें आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे सुधार हैं जिन्हें तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खुदरा ऐसा क्षेत्र है जो विदेशी निवेश की मंजूरी के लिए इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में सब्सिडी के दुरुपयोग और कमजोर बुनियादी ढांचे के मामले पर ध्यान देने की जरूरत है। बसु ने वाशिंगटन की एक संस्था ‘कार्नेगी एंडाओमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ की एक बैठक में कहा कि चुनाव के बाद सत्ता में आने वाली सरकार सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाएगी और विभिन्न मोर्चों पर सुधार होंगे। बसु अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की बैठक में भी भाग लेंगे। अमेरिकी कंपनियों के प्रमुखों ने भारत सरकार के हाल के फैसलों पर चिंता जताई। उन्होंने सुधारों की दिशा में आगे कदम बढ़ाने में रुकावटों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। बसु ने माना कि निर्णय लेने की गति धीमी पड़ी है। एक के बाद एक भ्रष्टाचार के कई मामले फूटने से अफसरशाही की सोच प्रभावित हुई है कोई नया फैसला लेने में उन्हें जोखिम लगता है। बसु ने आर्थिक सुधारों की धीमी गति के लिए गठबंधन सरकार के स्वरूप को भी जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा ऊंची मुद्रास्फीति और कृषि उत्पादन में गिरावट को भी उनहोंने धीमे सुधारों की एक वजह बताया।टिप्पणियां बसु ने कहा भारत ने वित्तीय और मौद्रिक दोनों ही मोर्चों पर कदम उठाये हैं लेकिन आखिरकार वैश्विक आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा है। अमेरिकी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम एक कठिन वर्ष से गुजर रहे हैं। बसु वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ यहां पहुंचे हैं। मुखर्जी के साथ वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। बसु ने दावा किया कि अगले आम चुनाव के बाद वर्ष 2015 से भारत विश्व की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा। उन्होंने कहा कि यदि आम चुनाव के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता में आई तो सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाएगी। बसु ने कहा कि फिलहाल कम महत्वपूर्ण विधेयक ही संसद में पेश हो सकते हैं लेकिन प्रमुख आर्थिक सुधार से जुड़े विधेयकों के सामने अड़चनें आ सकती हैं। अगले संसदीय चुनाव से पहले इन्हें आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे सुधार हैं जिन्हें तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खुदरा ऐसा क्षेत्र है जो विदेशी निवेश की मंजूरी के लिए इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में सब्सिडी के दुरुपयोग और कमजोर बुनियादी ढांचे के मामले पर ध्यान देने की जरूरत है। बसु ने वाशिंगटन की एक संस्था ‘कार्नेगी एंडाओमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ की एक बैठक में कहा कि चुनाव के बाद सत्ता में आने वाली सरकार सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाएगी और विभिन्न मोर्चों पर सुधार होंगे। बसु अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की बैठक में भी भाग लेंगे। अमेरिकी कंपनियों के प्रमुखों ने भारत सरकार के हाल के फैसलों पर चिंता जताई। उन्होंने सुधारों की दिशा में आगे कदम बढ़ाने में रुकावटों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। बसु ने माना कि निर्णय लेने की गति धीमी पड़ी है। एक के बाद एक भ्रष्टाचार के कई मामले फूटने से अफसरशाही की सोच प्रभावित हुई है कोई नया फैसला लेने में उन्हें जोखिम लगता है। बसु ने आर्थिक सुधारों की धीमी गति के लिए गठबंधन सरकार के स्वरूप को भी जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा ऊंची मुद्रास्फीति और कृषि उत्पादन में गिरावट को भी उनहोंने धीमे सुधारों की एक वजह बताया।टिप्पणियां बसु ने कहा भारत ने वित्तीय और मौद्रिक दोनों ही मोर्चों पर कदम उठाये हैं लेकिन आखिरकार वैश्विक आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा है। अमेरिकी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम एक कठिन वर्ष से गुजर रहे हैं। बसु वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ यहां पहुंचे हैं। मुखर्जी के साथ वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। बसु ने कहा कि फिलहाल कम महत्वपूर्ण विधेयक ही संसद में पेश हो सकते हैं लेकिन प्रमुख आर्थिक सुधार से जुड़े विधेयकों के सामने अड़चनें आ सकती हैं। अगले संसदीय चुनाव से पहले इन्हें आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे सुधार हैं जिन्हें तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खुदरा ऐसा क्षेत्र है जो विदेशी निवेश की मंजूरी के लिए इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में सब्सिडी के दुरुपयोग और कमजोर बुनियादी ढांचे के मामले पर ध्यान देने की जरूरत है। बसु ने वाशिंगटन की एक संस्था ‘कार्नेगी एंडाओमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ की एक बैठक में कहा कि चुनाव के बाद सत्ता में आने वाली सरकार सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाएगी और विभिन्न मोर्चों पर सुधार होंगे। बसु अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की बैठक में भी भाग लेंगे। अमेरिकी कंपनियों के प्रमुखों ने भारत सरकार के हाल के फैसलों पर चिंता जताई। उन्होंने सुधारों की दिशा में आगे कदम बढ़ाने में रुकावटों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। बसु ने माना कि निर्णय लेने की गति धीमी पड़ी है। एक के बाद एक भ्रष्टाचार के कई मामले फूटने से अफसरशाही की सोच प्रभावित हुई है कोई नया फैसला लेने में उन्हें जोखिम लगता है। बसु ने आर्थिक सुधारों की धीमी गति के लिए गठबंधन सरकार के स्वरूप को भी जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा ऊंची मुद्रास्फीति और कृषि उत्पादन में गिरावट को भी उनहोंने धीमे सुधारों की एक वजह बताया।टिप्पणियां बसु ने कहा भारत ने वित्तीय और मौद्रिक दोनों ही मोर्चों पर कदम उठाये हैं लेकिन आखिरकार वैश्विक आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा है। अमेरिकी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम एक कठिन वर्ष से गुजर रहे हैं। बसु वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ यहां पहुंचे हैं। मुखर्जी के साथ वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे सुधार हैं जिन्हें तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खुदरा ऐसा क्षेत्र है जो विदेशी निवेश की मंजूरी के लिए इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में सब्सिडी के दुरुपयोग और कमजोर बुनियादी ढांचे के मामले पर ध्यान देने की जरूरत है। बसु ने वाशिंगटन की एक संस्था ‘कार्नेगी एंडाओमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ की एक बैठक में कहा कि चुनाव के बाद सत्ता में आने वाली सरकार सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाएगी और विभिन्न मोर्चों पर सुधार होंगे। बसु अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की बैठक में भी भाग लेंगे। अमेरिकी कंपनियों के प्रमुखों ने भारत सरकार के हाल के फैसलों पर चिंता जताई। उन्होंने सुधारों की दिशा में आगे कदम बढ़ाने में रुकावटों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। बसु ने माना कि निर्णय लेने की गति धीमी पड़ी है। एक के बाद एक भ्रष्टाचार के कई मामले फूटने से अफसरशाही की सोच प्रभावित हुई है कोई नया फैसला लेने में उन्हें जोखिम लगता है। बसु ने आर्थिक सुधारों की धीमी गति के लिए गठबंधन सरकार के स्वरूप को भी जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा ऊंची मुद्रास्फीति और कृषि उत्पादन में गिरावट को भी उनहोंने धीमे सुधारों की एक वजह बताया।टिप्पणियां बसु ने कहा भारत ने वित्तीय और मौद्रिक दोनों ही मोर्चों पर कदम उठाये हैं लेकिन आखिरकार वैश्विक आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा है। अमेरिकी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम एक कठिन वर्ष से गुजर रहे हैं। बसु वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ यहां पहुंचे हैं। मुखर्जी के साथ वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सब्सिडी के दुरुपयोग और कमजोर बुनियादी ढांचे के मामले पर ध्यान देने की जरूरत है। बसु ने वाशिंगटन की एक संस्था ‘कार्नेगी एंडाओमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ की एक बैठक में कहा कि चुनाव के बाद सत्ता में आने वाली सरकार सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाएगी और विभिन्न मोर्चों पर सुधार होंगे। बसु अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की बैठक में भी भाग लेंगे। अमेरिकी कंपनियों के प्रमुखों ने भारत सरकार के हाल के फैसलों पर चिंता जताई। उन्होंने सुधारों की दिशा में आगे कदम बढ़ाने में रुकावटों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। बसु ने माना कि निर्णय लेने की गति धीमी पड़ी है। एक के बाद एक भ्रष्टाचार के कई मामले फूटने से अफसरशाही की सोच प्रभावित हुई है कोई नया फैसला लेने में उन्हें जोखिम लगता है। बसु ने आर्थिक सुधारों की धीमी गति के लिए गठबंधन सरकार के स्वरूप को भी जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा ऊंची मुद्रास्फीति और कृषि उत्पादन में गिरावट को भी उनहोंने धीमे सुधारों की एक वजह बताया।टिप्पणियां बसु ने कहा भारत ने वित्तीय और मौद्रिक दोनों ही मोर्चों पर कदम उठाये हैं लेकिन आखिरकार वैश्विक आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा है। अमेरिकी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम एक कठिन वर्ष से गुजर रहे हैं। बसु वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ यहां पहुंचे हैं। मुखर्जी के साथ वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। अमेरिकी कंपनियों के प्रमुखों ने भारत सरकार के हाल के फैसलों पर चिंता जताई। उन्होंने सुधारों की दिशा में आगे कदम बढ़ाने में रुकावटों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। बसु ने माना कि निर्णय लेने की गति धीमी पड़ी है। एक के बाद एक भ्रष्टाचार के कई मामले फूटने से अफसरशाही की सोच प्रभावित हुई है कोई नया फैसला लेने में उन्हें जोखिम लगता है। बसु ने आर्थिक सुधारों की धीमी गति के लिए गठबंधन सरकार के स्वरूप को भी जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा ऊंची मुद्रास्फीति और कृषि उत्पादन में गिरावट को भी उनहोंने धीमे सुधारों की एक वजह बताया।टिप्पणियां बसु ने कहा भारत ने वित्तीय और मौद्रिक दोनों ही मोर्चों पर कदम उठाये हैं लेकिन आखिरकार वैश्विक आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा है। अमेरिकी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम एक कठिन वर्ष से गुजर रहे हैं। बसु वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ यहां पहुंचे हैं। मुखर्जी के साथ वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। बसु ने आर्थिक सुधारों की धीमी गति के लिए गठबंधन सरकार के स्वरूप को भी जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा ऊंची मुद्रास्फीति और कृषि उत्पादन में गिरावट को भी उनहोंने धीमे सुधारों की एक वजह बताया।टिप्पणियां बसु ने कहा भारत ने वित्तीय और मौद्रिक दोनों ही मोर्चों पर कदम उठाये हैं लेकिन आखिरकार वैश्विक आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा है। अमेरिकी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम एक कठिन वर्ष से गुजर रहे हैं। बसु वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ यहां पहुंचे हैं। मुखर्जी के साथ वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। बसु ने कहा भारत ने वित्तीय और मौद्रिक दोनों ही मोर्चों पर कदम उठाये हैं लेकिन आखिरकार वैश्विक आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा है। अमेरिकी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम एक कठिन वर्ष से गुजर रहे हैं। बसु वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ यहां पहुंचे हैं। मुखर्जी के साथ वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं। अमेरिकी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम एक कठिन वर्ष से गुजर रहे हैं। बसु वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ यहां पहुंचे हैं। मुखर्जी के साथ वह आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने पहुंचे हैं।
संक्षिप्त पाठ: मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने स्वीकार किया कि आर्थिक सुधारों की रफ्तार धीमी पड़ी है और 2014 के आम चुनाव से पहले प्रमुख सुधारों को आगे बढ़ाना मुश्किल होगा।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की घोषणा की जिसके पहले चरण का आयोजन इंग्लैंड में 2017 में जून और जुलाई के महीने में किया जाएगा जबकि दूसरा चरण भारत में 2021 में आयोजित होगा। भारत को वर्ष 2016 के ट्वेंटी20 विश्वकप और वर्ष 2021 में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के साथ-साथ वर्ष 2023 में होने वाले 50 ओवर के विश्वकप की मेजबानी मिली। टी-20 विश्वकप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की भारत पहली बार मेजबानी करेगा जबकि 50 ओवरों के विश्वकप की उसे चौथी बार मेजबानी मिली है।टिप्पणियां आईसीसी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘आईडीआई बोर्ड ने पुष्टि की कि आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2017 में शुरू होगी और इसके पहले चरण की मेजबानी इंग्लैंड एवं वेल्ड क्रिकेट बोर्ड 2107 में जून-जुलाई में करेगा जबकि दूसरा चरण भारत में फरवरी-मार्च 2021 में किया जाएगा।’’ आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने उन अटकलों पर भी विराम लगा दिया कि आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन जारी रहेगा। आईसीसी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘आईडीआई बोर्ड ने पुष्टि की कि आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2017 में शुरू होगी और इसके पहले चरण की मेजबानी इंग्लैंड एवं वेल्ड क्रिकेट बोर्ड 2107 में जून-जुलाई में करेगा जबकि दूसरा चरण भारत में फरवरी-मार्च 2021 में किया जाएगा।’’ आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने उन अटकलों पर भी विराम लगा दिया कि आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन जारी रहेगा। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने उन अटकलों पर भी विराम लगा दिया कि आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन जारी रहेगा।
यह एक सारांश है: भारत को वर्ष 2016 के ट्वेंटी20 विश्वकप और वर्ष 2021 में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के साथ-साथ वर्ष 2023 में होने वाले 50 ओवर के विश्वकप की मेजबानी मिली। टी-20 विश्वकप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की भारत पहली बार मेजबानी करेगा जबकि 50 ओवरों के विश्वकप
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एनडीटीवी समूह ने देश में यूनिवर्सिटी स्तर के क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। एनडीटीवी समूह ने टोयोटा के साथ मिलकर यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप (यूसीसी) शुरू की है, जिसमें चार क्षेत्रों की आठ टीमें भाग लेंगी। टूर्नामेंट टी-20 फॉरमैट में खेला जाएगा और इसका उद्देश्य न सिर्फ सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट यूनिवर्सिटी चुनना है, बल्कि देश के लिए भावी क्रिकेटर चुनना भी है। 1960 और 70 के दशकों में यूनिवर्सिटी स्तर के क्रिकेट मुकाबलों में खूब भीड़ जुटती थी, लेकिन पिछले दो दशकों में इसमें धीरे-धीरे गिरावट आती चली गई। अब एनडीटीवी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ मिलकर वही जोश, उत्साह और प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए विश्वस्तरीय प्रयास किया है। इस टूर्नामेंट के लिए बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को ब्रांड एम्बैसेडर के तौर पर जोड़ा गया है और इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देना है। उद्घाटन के दौरान एनडीटीवी के कार्यकारी सह-अध्यक्ष डॉक्टर प्रणय रॉय ने कहा कि यह टूर्नामेंट विश्वस्तरीय होगा। शानदार कैमरा वर्क, बेहतरीन ग्राफिक्स और बाकी सभी चीजें मिलकर इस टूर्नामेंट को सचमुच विश्वस्तरीय बना देंगी। शाहरुख खान ने भी कहा कि वह इस पहल से बेहद खुश हैं और इसके साथ जुड़कर अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने स्कूल और यूनिवर्सिटी स्तर पर जो कुछ भी सीखा था, उसी वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया हूं। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है और यह भी 'मार्क्स फॉर स्पोर्ट्स' के अलावा एनडीटीवी की सबसे शानदार पहल है।टिप्पणियां ताज लैंड्स एंड में आयोजित समारोह के दौरान इस पहल को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मिल रहे महत्वपूर्ण समर्थन का भी जिक्र किया गया। बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने एनडीटीवी के इस प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि बीसीसीआई हमेशा यूनिवर्सिटी क्रिकेट को प्रोत्साहित करता रहा है और मुझे बहुत खुशी है कि एनडीटीवी इस पहल को समर्थन भी दे रहा है और प्रायोजित भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी क्रिकेट को देखा जाना, जो अब लोग नहीं करते हैं, बहुत महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू तथा राज्यमंत्री शशि थरूर ने भी ऐसे टूर्नामेंटों को बहुत अहम बताया। थरूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसे ही टूर्नामेंट बाकी खेलों में भी शुरू हो पाएंगे। अगले महीने शुरू होने जा रहा यूसीसी 77 साल पुराने रोहिंटन बारिया टूर्नामेंट का नया रूप होगा। सभी मैच एक खेल चैनल पर लाइव दिखाए जाएंगे और एनडीटीवी भी इस पर अपने चैनलों में कई कार्यक्रम प्रसारित करेगा। टूर्नामेंट टी-20 फॉरमैट में खेला जाएगा और इसका उद्देश्य न सिर्फ सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट यूनिवर्सिटी चुनना है, बल्कि देश के लिए भावी क्रिकेटर चुनना भी है। 1960 और 70 के दशकों में यूनिवर्सिटी स्तर के क्रिकेट मुकाबलों में खूब भीड़ जुटती थी, लेकिन पिछले दो दशकों में इसमें धीरे-धीरे गिरावट आती चली गई। अब एनडीटीवी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ मिलकर वही जोश, उत्साह और प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए विश्वस्तरीय प्रयास किया है। इस टूर्नामेंट के लिए बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को ब्रांड एम्बैसेडर के तौर पर जोड़ा गया है और इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देना है। उद्घाटन के दौरान एनडीटीवी के कार्यकारी सह-अध्यक्ष डॉक्टर प्रणय रॉय ने कहा कि यह टूर्नामेंट विश्वस्तरीय होगा। शानदार कैमरा वर्क, बेहतरीन ग्राफिक्स और बाकी सभी चीजें मिलकर इस टूर्नामेंट को सचमुच विश्वस्तरीय बना देंगी। शाहरुख खान ने भी कहा कि वह इस पहल से बेहद खुश हैं और इसके साथ जुड़कर अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने स्कूल और यूनिवर्सिटी स्तर पर जो कुछ भी सीखा था, उसी वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया हूं। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है और यह भी 'मार्क्स फॉर स्पोर्ट्स' के अलावा एनडीटीवी की सबसे शानदार पहल है।टिप्पणियां ताज लैंड्स एंड में आयोजित समारोह के दौरान इस पहल को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मिल रहे महत्वपूर्ण समर्थन का भी जिक्र किया गया। बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने एनडीटीवी के इस प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि बीसीसीआई हमेशा यूनिवर्सिटी क्रिकेट को प्रोत्साहित करता रहा है और मुझे बहुत खुशी है कि एनडीटीवी इस पहल को समर्थन भी दे रहा है और प्रायोजित भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी क्रिकेट को देखा जाना, जो अब लोग नहीं करते हैं, बहुत महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू तथा राज्यमंत्री शशि थरूर ने भी ऐसे टूर्नामेंटों को बहुत अहम बताया। थरूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसे ही टूर्नामेंट बाकी खेलों में भी शुरू हो पाएंगे। अगले महीने शुरू होने जा रहा यूसीसी 77 साल पुराने रोहिंटन बारिया टूर्नामेंट का नया रूप होगा। सभी मैच एक खेल चैनल पर लाइव दिखाए जाएंगे और एनडीटीवी भी इस पर अपने चैनलों में कई कार्यक्रम प्रसारित करेगा। 1960 और 70 के दशकों में यूनिवर्सिटी स्तर के क्रिकेट मुकाबलों में खूब भीड़ जुटती थी, लेकिन पिछले दो दशकों में इसमें धीरे-धीरे गिरावट आती चली गई। अब एनडीटीवी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ मिलकर वही जोश, उत्साह और प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए विश्वस्तरीय प्रयास किया है। इस टूर्नामेंट के लिए बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को ब्रांड एम्बैसेडर के तौर पर जोड़ा गया है और इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देना है। उद्घाटन के दौरान एनडीटीवी के कार्यकारी सह-अध्यक्ष डॉक्टर प्रणय रॉय ने कहा कि यह टूर्नामेंट विश्वस्तरीय होगा। शानदार कैमरा वर्क, बेहतरीन ग्राफिक्स और बाकी सभी चीजें मिलकर इस टूर्नामेंट को सचमुच विश्वस्तरीय बना देंगी। शाहरुख खान ने भी कहा कि वह इस पहल से बेहद खुश हैं और इसके साथ जुड़कर अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने स्कूल और यूनिवर्सिटी स्तर पर जो कुछ भी सीखा था, उसी वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया हूं। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है और यह भी 'मार्क्स फॉर स्पोर्ट्स' के अलावा एनडीटीवी की सबसे शानदार पहल है।टिप्पणियां ताज लैंड्स एंड में आयोजित समारोह के दौरान इस पहल को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मिल रहे महत्वपूर्ण समर्थन का भी जिक्र किया गया। बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने एनडीटीवी के इस प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि बीसीसीआई हमेशा यूनिवर्सिटी क्रिकेट को प्रोत्साहित करता रहा है और मुझे बहुत खुशी है कि एनडीटीवी इस पहल को समर्थन भी दे रहा है और प्रायोजित भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी क्रिकेट को देखा जाना, जो अब लोग नहीं करते हैं, बहुत महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू तथा राज्यमंत्री शशि थरूर ने भी ऐसे टूर्नामेंटों को बहुत अहम बताया। थरूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसे ही टूर्नामेंट बाकी खेलों में भी शुरू हो पाएंगे। अगले महीने शुरू होने जा रहा यूसीसी 77 साल पुराने रोहिंटन बारिया टूर्नामेंट का नया रूप होगा। सभी मैच एक खेल चैनल पर लाइव दिखाए जाएंगे और एनडीटीवी भी इस पर अपने चैनलों में कई कार्यक्रम प्रसारित करेगा। इस टूर्नामेंट के लिए बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को ब्रांड एम्बैसेडर के तौर पर जोड़ा गया है और इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देना है। उद्घाटन के दौरान एनडीटीवी के कार्यकारी सह-अध्यक्ष डॉक्टर प्रणय रॉय ने कहा कि यह टूर्नामेंट विश्वस्तरीय होगा। शानदार कैमरा वर्क, बेहतरीन ग्राफिक्स और बाकी सभी चीजें मिलकर इस टूर्नामेंट को सचमुच विश्वस्तरीय बना देंगी। शाहरुख खान ने भी कहा कि वह इस पहल से बेहद खुश हैं और इसके साथ जुड़कर अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने स्कूल और यूनिवर्सिटी स्तर पर जो कुछ भी सीखा था, उसी वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया हूं। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है और यह भी 'मार्क्स फॉर स्पोर्ट्स' के अलावा एनडीटीवी की सबसे शानदार पहल है।टिप्पणियां ताज लैंड्स एंड में आयोजित समारोह के दौरान इस पहल को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मिल रहे महत्वपूर्ण समर्थन का भी जिक्र किया गया। बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने एनडीटीवी के इस प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि बीसीसीआई हमेशा यूनिवर्सिटी क्रिकेट को प्रोत्साहित करता रहा है और मुझे बहुत खुशी है कि एनडीटीवी इस पहल को समर्थन भी दे रहा है और प्रायोजित भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी क्रिकेट को देखा जाना, जो अब लोग नहीं करते हैं, बहुत महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू तथा राज्यमंत्री शशि थरूर ने भी ऐसे टूर्नामेंटों को बहुत अहम बताया। थरूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसे ही टूर्नामेंट बाकी खेलों में भी शुरू हो पाएंगे। अगले महीने शुरू होने जा रहा यूसीसी 77 साल पुराने रोहिंटन बारिया टूर्नामेंट का नया रूप होगा। सभी मैच एक खेल चैनल पर लाइव दिखाए जाएंगे और एनडीटीवी भी इस पर अपने चैनलों में कई कार्यक्रम प्रसारित करेगा। शाहरुख खान ने भी कहा कि वह इस पहल से बेहद खुश हैं और इसके साथ जुड़कर अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने स्कूल और यूनिवर्सिटी स्तर पर जो कुछ भी सीखा था, उसी वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया हूं। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है और यह भी 'मार्क्स फॉर स्पोर्ट्स' के अलावा एनडीटीवी की सबसे शानदार पहल है।टिप्पणियां ताज लैंड्स एंड में आयोजित समारोह के दौरान इस पहल को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मिल रहे महत्वपूर्ण समर्थन का भी जिक्र किया गया। बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने एनडीटीवी के इस प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि बीसीसीआई हमेशा यूनिवर्सिटी क्रिकेट को प्रोत्साहित करता रहा है और मुझे बहुत खुशी है कि एनडीटीवी इस पहल को समर्थन भी दे रहा है और प्रायोजित भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी क्रिकेट को देखा जाना, जो अब लोग नहीं करते हैं, बहुत महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू तथा राज्यमंत्री शशि थरूर ने भी ऐसे टूर्नामेंटों को बहुत अहम बताया। थरूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसे ही टूर्नामेंट बाकी खेलों में भी शुरू हो पाएंगे। अगले महीने शुरू होने जा रहा यूसीसी 77 साल पुराने रोहिंटन बारिया टूर्नामेंट का नया रूप होगा। सभी मैच एक खेल चैनल पर लाइव दिखाए जाएंगे और एनडीटीवी भी इस पर अपने चैनलों में कई कार्यक्रम प्रसारित करेगा। ताज लैंड्स एंड में आयोजित समारोह के दौरान इस पहल को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मिल रहे महत्वपूर्ण समर्थन का भी जिक्र किया गया। बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने एनडीटीवी के इस प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि बीसीसीआई हमेशा यूनिवर्सिटी क्रिकेट को प्रोत्साहित करता रहा है और मुझे बहुत खुशी है कि एनडीटीवी इस पहल को समर्थन भी दे रहा है और प्रायोजित भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी क्रिकेट को देखा जाना, जो अब लोग नहीं करते हैं, बहुत महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू तथा राज्यमंत्री शशि थरूर ने भी ऐसे टूर्नामेंटों को बहुत अहम बताया। थरूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसे ही टूर्नामेंट बाकी खेलों में भी शुरू हो पाएंगे। अगले महीने शुरू होने जा रहा यूसीसी 77 साल पुराने रोहिंटन बारिया टूर्नामेंट का नया रूप होगा। सभी मैच एक खेल चैनल पर लाइव दिखाए जाएंगे और एनडीटीवी भी इस पर अपने चैनलों में कई कार्यक्रम प्रसारित करेगा। मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू तथा राज्यमंत्री शशि थरूर ने भी ऐसे टूर्नामेंटों को बहुत अहम बताया। थरूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसे ही टूर्नामेंट बाकी खेलों में भी शुरू हो पाएंगे। अगले महीने शुरू होने जा रहा यूसीसी 77 साल पुराने रोहिंटन बारिया टूर्नामेंट का नया रूप होगा। सभी मैच एक खेल चैनल पर लाइव दिखाए जाएंगे और एनडीटीवी भी इस पर अपने चैनलों में कई कार्यक्रम प्रसारित करेगा।
सारांश: एनडीटीवी समूह ने टोयोटा के साथ मिलकर यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप (यूसीसी) शुरू की है, जिसमें चार क्षेत्रों की आठ टीमें भाग लेंगी। टूर्नामेंट टी-20 फॉरमैट में खेला जाएगा और इसका उद्देश्य न सिर्फ सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट यूनिवर्सिटी चुनना है, बल्कि देश के लिए
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को साफ किया कि टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाज जहीर खान फिट और विश्व कप में खेलने के लिए तैयार हैं। धोनी ने कहा कि मांसपेशियों में हल्के खिंचाव के कारण जहीर पहले अभ्यास मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नहीं खेल सके थे। धोनी ने चेपक स्टेडियम में अभ्यास सत्र के बाद पत्रकारों से कहा, "जहीर की जांघ की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव था। इसी कारण उन्होंने एनसीए में अंतिम दिन अभ्यास नहीं किया था। हमने एहतियात के तौर पर उन्हें रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नहीं खिलाया था। अब वह फिट हैं।" कप्तान ने हालांकि यह नहीं कहा कि जहीर बुधवार को न्यूजीलैंड के साथ होने वाले अभ्यास मैच में खेलेंगे या नहीं लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि कीवी टीम के खिलाफ सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग के साथ पारी की शुरुआत करेंगे। धोनी ने कहा, "जैसा कि मैंने पहले भी कहा है जहीर की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव है। चिंता की कोई बात नहीं है। हम उन्हें आराम देने के बारे में विचार कर रहे हैं। जहां तक तेंदुलकर की बात है तो वह न्यूजीलैंड के खिलाफ पारी की शुरुआत करेंगे।" भारतीय टीम को बुधवार को कीवी टीम के खिलाफ अपना दूसरा अभ्यास मैच खेलना है। इसके बाद उसे 19 फरवरी को ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला ग्रुप मैच खेलना है। यह मैच शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेला जाएगा।
सारांश: धोनी ने मंगलवार को साफ किया कि टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाज जहीर खान फिट और विश्व कप में खेलने के लिए तैयार हैं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय हॉकी रिश्तों की दोबारा शुरुआत होना लगभग तय है और दोनों देशों में तीन तीन मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी। पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने यह जानकारी दी। मलिक ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, हॉकी प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। हॉकी के संरक्षक के तौर पर हम सैद्धांतिक रूप से भारत और पाकिस्तान में तीन तीन मैच कराने पर सहमत हो गए हैं जो इसी साल होंगे। उन्होंने कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हॉकी मैचों की खेलों के लिहाज से काफी अहमियत है। भारत और पाकिस्तान इसी साल तीन मैचों की श्रृंखला के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध दोबारा शुरू करने की दिशा में पहले ही काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बोर्ड द्विपक्षीय शांति प्रक्रिया शुरू होने के बाद व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच इस श्रृंखला के लिए समय निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले दोनों देशों के बीच विश्व कप फाइनल देखने के लिए मोहाली गये पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी भी कह चुके हैं कि दोनों देशों के बोर्ड क्रिकेट संबंध दोबारा शुरू करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
यह एक सारांश है: भारत और पाक के बीच द्विपक्षीय हॉकी रिश्तों की दोबारा शुरुआत होना लगभग तय है और दोनों देशों में तीन-तीन मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से सीधे मुकाबले की बिसात बिछाते हुए उस विधानसभा क्षेत्र से किस्मत आजमाने का ऐलान किया, जहां से मुख्यमंत्री नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। केजरीवाल ने बीजेपी पर भी हमला बोला और कहा कि पिछले चुनावों में पार्टी ने दीक्षित के खिलाफ कमजोर उम्मीदवार खड़े किए। 'आप' नेता ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विजय गोयल को अपने तथा शीला के खिलाफ लड़ने की चुनौती दी। नवंबर में होने वाले चुनाव में केजरीवाल की दावेदारी वाली विधानसभा सीट के बारे में फैसला करने के लिए आयोजित 'आप' पार्टी के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वह नई दिल्ली विधानसभा से किस्मत आजमाना चाहते हैं और शीला दीक्षित से सीधे मुकाबले में उतारना चाहते हैं। कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री के सामने खड़ा होने की सलाह दिए जाने के बाद उन्होंने कहा, अगर वह नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में इस तरह के मुकाबले से डर की वजह से बचकर कहीं और जाती हैं, तो मैं भी वहीं से चुनाव लड़ूंगा, जहां से वह खड़ी होंगी। हालांकि केजरीवाल की दावेदारी पर अंतिम मुहर एक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लगेगी, जिसमें विधानसभा से 100 लोगों के दस्तखत एकत्रित करना और 'आप' की स्क्रीनिंग कमेटी तथा राजनीतिक मामलों की समिति से साक्षात्कार शामिल हैं। वर्ष 1998 के चुनाव में शीला ने गोल मार्केट क्षेत्र से बीजेपी के कीर्ति आजाद को 5,667 वोटों से हराया था। पांच साल बाद मुख्यमंत्री ने कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद को 12,935 मतों से पराजित किया। परिसीमन के बाद गोल मार्केट सीट समाप्त हो गई और शीला दीक्षित ने नई दिल्ली से चुनाव लड़ा। उन्होंने यहां बीजेपी के विजय गोयल को 13,982 वोटों से हराया। केजरीवाल ने कहा, हमने दीक्षित से मुकाबला करने का फैसला क्यों किया है? दिल्ली शीला दीक्षित से निजात पाना चाहती है, जो भ्रष्टाचार की प्रतीक बन गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग बीजेपी को भी ऐसी पार्टी के तौर पर नहीं देखते, जो कांग्रेस को हरा सकती है।टिप्पणियां बीजेपी पर दिल्ली में कांग्रेस के साथ पहले से ही फिक्स मैच खेलने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, लोगों को पता चल गया है कि बीजेपी जानबूझकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कमजोर उम्मीदवारों को खड़ा करती है। इस बार उनके नेताओं में इस बात को लेकर संघर्ष है कि उनका मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। केजरीवाल ने दावा किया, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 'आप' ही हरा सकती है। बीजेपी और कांग्रेस पिछले 15 साल से मैच फिक्सिंग में लगे हैं। जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूछा कि केजरीवाल चुनाव में गोयल के खिलाफ क्यों नहीं खड़े हो रहे, पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, मच्छरों को मारने के लिए बोफोर्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। कुमार ने कहा, बीजेपी पिछले 15 साल से विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य से उसका नाम पहले ही गायब है। 'आप' नई दावेदार है। केजरीवाल के फैसले का समर्थन करते हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा, अगर हम देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, तो हम केजरीवाल को ऐसी शख्सियत के खिलाफ खड़ा करेंगे, जो मौजूदा राजनीतिक तंत्र की प्रतीक हैं। केजरीवाल ने बीजेपी पर भी हमला बोला और कहा कि पिछले चुनावों में पार्टी ने दीक्षित के खिलाफ कमजोर उम्मीदवार खड़े किए। 'आप' नेता ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विजय गोयल को अपने तथा शीला के खिलाफ लड़ने की चुनौती दी। नवंबर में होने वाले चुनाव में केजरीवाल की दावेदारी वाली विधानसभा सीट के बारे में फैसला करने के लिए आयोजित 'आप' पार्टी के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वह नई दिल्ली विधानसभा से किस्मत आजमाना चाहते हैं और शीला दीक्षित से सीधे मुकाबले में उतारना चाहते हैं। कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री के सामने खड़ा होने की सलाह दिए जाने के बाद उन्होंने कहा, अगर वह नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में इस तरह के मुकाबले से डर की वजह से बचकर कहीं और जाती हैं, तो मैं भी वहीं से चुनाव लड़ूंगा, जहां से वह खड़ी होंगी। हालांकि केजरीवाल की दावेदारी पर अंतिम मुहर एक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लगेगी, जिसमें विधानसभा से 100 लोगों के दस्तखत एकत्रित करना और 'आप' की स्क्रीनिंग कमेटी तथा राजनीतिक मामलों की समिति से साक्षात्कार शामिल हैं। वर्ष 1998 के चुनाव में शीला ने गोल मार्केट क्षेत्र से बीजेपी के कीर्ति आजाद को 5,667 वोटों से हराया था। पांच साल बाद मुख्यमंत्री ने कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद को 12,935 मतों से पराजित किया। परिसीमन के बाद गोल मार्केट सीट समाप्त हो गई और शीला दीक्षित ने नई दिल्ली से चुनाव लड़ा। उन्होंने यहां बीजेपी के विजय गोयल को 13,982 वोटों से हराया। केजरीवाल ने कहा, हमने दीक्षित से मुकाबला करने का फैसला क्यों किया है? दिल्ली शीला दीक्षित से निजात पाना चाहती है, जो भ्रष्टाचार की प्रतीक बन गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग बीजेपी को भी ऐसी पार्टी के तौर पर नहीं देखते, जो कांग्रेस को हरा सकती है।टिप्पणियां बीजेपी पर दिल्ली में कांग्रेस के साथ पहले से ही फिक्स मैच खेलने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, लोगों को पता चल गया है कि बीजेपी जानबूझकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कमजोर उम्मीदवारों को खड़ा करती है। इस बार उनके नेताओं में इस बात को लेकर संघर्ष है कि उनका मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। केजरीवाल ने दावा किया, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 'आप' ही हरा सकती है। बीजेपी और कांग्रेस पिछले 15 साल से मैच फिक्सिंग में लगे हैं। जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूछा कि केजरीवाल चुनाव में गोयल के खिलाफ क्यों नहीं खड़े हो रहे, पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, मच्छरों को मारने के लिए बोफोर्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। कुमार ने कहा, बीजेपी पिछले 15 साल से विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य से उसका नाम पहले ही गायब है। 'आप' नई दावेदार है। केजरीवाल के फैसले का समर्थन करते हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा, अगर हम देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, तो हम केजरीवाल को ऐसी शख्सियत के खिलाफ खड़ा करेंगे, जो मौजूदा राजनीतिक तंत्र की प्रतीक हैं। नवंबर में होने वाले चुनाव में केजरीवाल की दावेदारी वाली विधानसभा सीट के बारे में फैसला करने के लिए आयोजित 'आप' पार्टी के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वह नई दिल्ली विधानसभा से किस्मत आजमाना चाहते हैं और शीला दीक्षित से सीधे मुकाबले में उतारना चाहते हैं। कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री के सामने खड़ा होने की सलाह दिए जाने के बाद उन्होंने कहा, अगर वह नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में इस तरह के मुकाबले से डर की वजह से बचकर कहीं और जाती हैं, तो मैं भी वहीं से चुनाव लड़ूंगा, जहां से वह खड़ी होंगी। हालांकि केजरीवाल की दावेदारी पर अंतिम मुहर एक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लगेगी, जिसमें विधानसभा से 100 लोगों के दस्तखत एकत्रित करना और 'आप' की स्क्रीनिंग कमेटी तथा राजनीतिक मामलों की समिति से साक्षात्कार शामिल हैं। वर्ष 1998 के चुनाव में शीला ने गोल मार्केट क्षेत्र से बीजेपी के कीर्ति आजाद को 5,667 वोटों से हराया था। पांच साल बाद मुख्यमंत्री ने कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद को 12,935 मतों से पराजित किया। परिसीमन के बाद गोल मार्केट सीट समाप्त हो गई और शीला दीक्षित ने नई दिल्ली से चुनाव लड़ा। उन्होंने यहां बीजेपी के विजय गोयल को 13,982 वोटों से हराया। केजरीवाल ने कहा, हमने दीक्षित से मुकाबला करने का फैसला क्यों किया है? दिल्ली शीला दीक्षित से निजात पाना चाहती है, जो भ्रष्टाचार की प्रतीक बन गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग बीजेपी को भी ऐसी पार्टी के तौर पर नहीं देखते, जो कांग्रेस को हरा सकती है।टिप्पणियां बीजेपी पर दिल्ली में कांग्रेस के साथ पहले से ही फिक्स मैच खेलने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, लोगों को पता चल गया है कि बीजेपी जानबूझकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कमजोर उम्मीदवारों को खड़ा करती है। इस बार उनके नेताओं में इस बात को लेकर संघर्ष है कि उनका मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। केजरीवाल ने दावा किया, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 'आप' ही हरा सकती है। बीजेपी और कांग्रेस पिछले 15 साल से मैच फिक्सिंग में लगे हैं। जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूछा कि केजरीवाल चुनाव में गोयल के खिलाफ क्यों नहीं खड़े हो रहे, पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, मच्छरों को मारने के लिए बोफोर्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। कुमार ने कहा, बीजेपी पिछले 15 साल से विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य से उसका नाम पहले ही गायब है। 'आप' नई दावेदार है। केजरीवाल के फैसले का समर्थन करते हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा, अगर हम देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, तो हम केजरीवाल को ऐसी शख्सियत के खिलाफ खड़ा करेंगे, जो मौजूदा राजनीतिक तंत्र की प्रतीक हैं। कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री के सामने खड़ा होने की सलाह दिए जाने के बाद उन्होंने कहा, अगर वह नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में इस तरह के मुकाबले से डर की वजह से बचकर कहीं और जाती हैं, तो मैं भी वहीं से चुनाव लड़ूंगा, जहां से वह खड़ी होंगी। हालांकि केजरीवाल की दावेदारी पर अंतिम मुहर एक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लगेगी, जिसमें विधानसभा से 100 लोगों के दस्तखत एकत्रित करना और 'आप' की स्क्रीनिंग कमेटी तथा राजनीतिक मामलों की समिति से साक्षात्कार शामिल हैं। वर्ष 1998 के चुनाव में शीला ने गोल मार्केट क्षेत्र से बीजेपी के कीर्ति आजाद को 5,667 वोटों से हराया था। पांच साल बाद मुख्यमंत्री ने कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद को 12,935 मतों से पराजित किया। परिसीमन के बाद गोल मार्केट सीट समाप्त हो गई और शीला दीक्षित ने नई दिल्ली से चुनाव लड़ा। उन्होंने यहां बीजेपी के विजय गोयल को 13,982 वोटों से हराया। केजरीवाल ने कहा, हमने दीक्षित से मुकाबला करने का फैसला क्यों किया है? दिल्ली शीला दीक्षित से निजात पाना चाहती है, जो भ्रष्टाचार की प्रतीक बन गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग बीजेपी को भी ऐसी पार्टी के तौर पर नहीं देखते, जो कांग्रेस को हरा सकती है।टिप्पणियां बीजेपी पर दिल्ली में कांग्रेस के साथ पहले से ही फिक्स मैच खेलने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, लोगों को पता चल गया है कि बीजेपी जानबूझकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कमजोर उम्मीदवारों को खड़ा करती है। इस बार उनके नेताओं में इस बात को लेकर संघर्ष है कि उनका मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। केजरीवाल ने दावा किया, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 'आप' ही हरा सकती है। बीजेपी और कांग्रेस पिछले 15 साल से मैच फिक्सिंग में लगे हैं। जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूछा कि केजरीवाल चुनाव में गोयल के खिलाफ क्यों नहीं खड़े हो रहे, पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, मच्छरों को मारने के लिए बोफोर्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। कुमार ने कहा, बीजेपी पिछले 15 साल से विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य से उसका नाम पहले ही गायब है। 'आप' नई दावेदार है। केजरीवाल के फैसले का समर्थन करते हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा, अगर हम देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, तो हम केजरीवाल को ऐसी शख्सियत के खिलाफ खड़ा करेंगे, जो मौजूदा राजनीतिक तंत्र की प्रतीक हैं। वर्ष 1998 के चुनाव में शीला ने गोल मार्केट क्षेत्र से बीजेपी के कीर्ति आजाद को 5,667 वोटों से हराया था। पांच साल बाद मुख्यमंत्री ने कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद को 12,935 मतों से पराजित किया। परिसीमन के बाद गोल मार्केट सीट समाप्त हो गई और शीला दीक्षित ने नई दिल्ली से चुनाव लड़ा। उन्होंने यहां बीजेपी के विजय गोयल को 13,982 वोटों से हराया। केजरीवाल ने कहा, हमने दीक्षित से मुकाबला करने का फैसला क्यों किया है? दिल्ली शीला दीक्षित से निजात पाना चाहती है, जो भ्रष्टाचार की प्रतीक बन गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग बीजेपी को भी ऐसी पार्टी के तौर पर नहीं देखते, जो कांग्रेस को हरा सकती है।टिप्पणियां बीजेपी पर दिल्ली में कांग्रेस के साथ पहले से ही फिक्स मैच खेलने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, लोगों को पता चल गया है कि बीजेपी जानबूझकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कमजोर उम्मीदवारों को खड़ा करती है। इस बार उनके नेताओं में इस बात को लेकर संघर्ष है कि उनका मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। केजरीवाल ने दावा किया, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 'आप' ही हरा सकती है। बीजेपी और कांग्रेस पिछले 15 साल से मैच फिक्सिंग में लगे हैं। जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूछा कि केजरीवाल चुनाव में गोयल के खिलाफ क्यों नहीं खड़े हो रहे, पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, मच्छरों को मारने के लिए बोफोर्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। कुमार ने कहा, बीजेपी पिछले 15 साल से विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य से उसका नाम पहले ही गायब है। 'आप' नई दावेदार है। केजरीवाल के फैसले का समर्थन करते हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा, अगर हम देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, तो हम केजरीवाल को ऐसी शख्सियत के खिलाफ खड़ा करेंगे, जो मौजूदा राजनीतिक तंत्र की प्रतीक हैं। केजरीवाल ने कहा, हमने दीक्षित से मुकाबला करने का फैसला क्यों किया है? दिल्ली शीला दीक्षित से निजात पाना चाहती है, जो भ्रष्टाचार की प्रतीक बन गई हैं। उन्होंने कहा कि लोग बीजेपी को भी ऐसी पार्टी के तौर पर नहीं देखते, जो कांग्रेस को हरा सकती है।टिप्पणियां बीजेपी पर दिल्ली में कांग्रेस के साथ पहले से ही फिक्स मैच खेलने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, लोगों को पता चल गया है कि बीजेपी जानबूझकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कमजोर उम्मीदवारों को खड़ा करती है। इस बार उनके नेताओं में इस बात को लेकर संघर्ष है कि उनका मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। केजरीवाल ने दावा किया, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 'आप' ही हरा सकती है। बीजेपी और कांग्रेस पिछले 15 साल से मैच फिक्सिंग में लगे हैं। जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूछा कि केजरीवाल चुनाव में गोयल के खिलाफ क्यों नहीं खड़े हो रहे, पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, मच्छरों को मारने के लिए बोफोर्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। कुमार ने कहा, बीजेपी पिछले 15 साल से विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य से उसका नाम पहले ही गायब है। 'आप' नई दावेदार है। केजरीवाल के फैसले का समर्थन करते हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा, अगर हम देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, तो हम केजरीवाल को ऐसी शख्सियत के खिलाफ खड़ा करेंगे, जो मौजूदा राजनीतिक तंत्र की प्रतीक हैं। बीजेपी पर दिल्ली में कांग्रेस के साथ पहले से ही फिक्स मैच खेलने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, लोगों को पता चल गया है कि बीजेपी जानबूझकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कमजोर उम्मीदवारों को खड़ा करती है। इस बार उनके नेताओं में इस बात को लेकर संघर्ष है कि उनका मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। केजरीवाल ने दावा किया, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 'आप' ही हरा सकती है। बीजेपी और कांग्रेस पिछले 15 साल से मैच फिक्सिंग में लगे हैं। जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूछा कि केजरीवाल चुनाव में गोयल के खिलाफ क्यों नहीं खड़े हो रहे, पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, मच्छरों को मारने के लिए बोफोर्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। कुमार ने कहा, बीजेपी पिछले 15 साल से विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य से उसका नाम पहले ही गायब है। 'आप' नई दावेदार है। केजरीवाल के फैसले का समर्थन करते हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा, अगर हम देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, तो हम केजरीवाल को ऐसी शख्सियत के खिलाफ खड़ा करेंगे, जो मौजूदा राजनीतिक तंत्र की प्रतीक हैं। जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूछा कि केजरीवाल चुनाव में गोयल के खिलाफ क्यों नहीं खड़े हो रहे, पार्टी नेता कुमार विश्वास ने अपने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, मच्छरों को मारने के लिए बोफोर्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। कुमार ने कहा, बीजेपी पिछले 15 साल से विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य से उसका नाम पहले ही गायब है। 'आप' नई दावेदार है। केजरीवाल के फैसले का समर्थन करते हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा, अगर हम देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, तो हम केजरीवाल को ऐसी शख्सियत के खिलाफ खड़ा करेंगे, जो मौजूदा राजनीतिक तंत्र की प्रतीक हैं।
सारांश: आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से सीधे मुकाबले की बिसात बिछाते हुए उस विधानसभा क्षेत्र से किस्मत आजमाने का ऐलान किया, जहां से मुख्यमंत्री नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पटना की रैली में तमाम घोषणाएं की, लेकिन उनकी एक घोषणा पर अब चर्चा शुरू हो गई है. लोग कयास लगा रहे हैं कि आखिर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल हालत की चर्चा करते हुए ऐसा क्यों कहा कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी तो पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया जाएगा. यह एक ऐसी घोषणा है जिसका कोई विरोध नहीं कर सकता है, लेकिन यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की उपस्थिति में बिहार के मुख्यमंत्री और अब NDA के सहयोगी नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कई बार पीएम से पटना विवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग की थी. लेकिन पीएम मोदी ने नीतीश कुमार की इस मांग को खारिज कर दिया था.  हालांकि पीएम ने आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार का जोर विश्वस्तरीय विवि निर्माण पर है और इस पर हजारों करोड़ की राशि खर्च की जाएगी. इसमें पटना विश्वविद्यालय को भी ध्यान में रखा जाएगा. इसके बाद नीतीश कुमार को मायूसी हाथ लगी थी. अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर पटना विवि को केंद्रीय विवि का दर्ज देने की घोषणा कर एक तरह से नीतीश कुमार की दुखती रग पर हाथ रख दिया है. यानी नीतीश कुमार की जिस बात को प्रधानमंत्री ने नजरंदाज किया, अब उसी मुद्दे को विपक्ष ने लपक लिया. बकायदे सरकार बनने पर पूरा करने का ऐलान भी किया है. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर भी ख़ूब तंज कसा और कहा कि यहां वर्षों तक परीक्षाएं लंबित रहती हैं. छात्रों के पास पलायन करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है. शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है.
यहाँ एक सारांश है:राहुल गांधी ने उठाया पटना विवि का मुद्दा कहा, सत्ता में आए को दिलाएंगे केंद्रीय विवि का दर्जा नीतीश कुमार पहले से ही यह मांग करते रहे हैं
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में जल्द ही सीआईएसएफ की तर्ज पर औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान उद्योग और उद्योगपतियों की सुरक्षा करते हुए दिखाई देंगे. इसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को की. नीतीश कुमार ने कई महीनों बाद उद्यमी पंचायत को संबोधित किया. उन्होंने हाल के दिनों एक के बाद एक कई उद्योगपतियों और व्यापारियों की हत्या के मामलों को लेकर कहा कि इन हत्याओं से उन्हें भी दुख पहुंचा है. जो उद्योगपति सुरक्षा चाहते हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. इसके लिए राज्य के आईजी सुरक्षा को आवेदन देना होगा. वे इस संबंध में जल्द निर्णय लेकिन कार्रवाई करेंगे. नीतीश कुमार ने हाल ही में हुई व्यावसायी गुंजन खेमका की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना की मॉनिटरिंग खुद राज्य के पुलिस महानिदेशक कर रहे हैं और एक एसआईटी जांच कर रही है. हालांकि उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं था कि गुंजन खेमका की हत्या के इतने दिनों के बाद भी अभी तक किसी हत्यारे की गिरफ्तारी क्यों नहीं  हो पाई? उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में यह एक नया ट्रेंड आया है, अधिकांश हत्याओं के पीछे नए-नए ऐसे अपराधी होते हैं जिनके बारे में कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं होता. नीतीश ने इस बैठक में सबको भरोसा दिलाया कि आपके सहयोग से राज्य का विकास होगा और आपका भी फ़ायदा होगा. इस बैठक में उपस्थित कई लोगों का कहना था कि नीतीश कुमार के भाषण से साफ था कि उन्हें इस बात का अंदाजा है कि हाल में जो भी घटनाएं हुई हैं उसके बाद एक असुरक्षा का माहौल है. लेकिन कई उद्योगपतियों का कहना था कि जिस प्रकार नीतीश कुमार से अपेक्षा थी कि वे सार्वजनिक रूप से इन मुद्दों पर बोलेंगे, वैसा नहीं हुआ. उनके इस रुख से लोगों को निराशा हुई है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नीतीश कुमार ने कई महीनों बाद उद्यमी पंचायत को संबोधित किया बिहार में हाल ही में कई उद्योगपतियों और व्यापारियों की हत्याएं हुईं हत्याओं के पीछे ऐसे अपराधी जिनके बारे में कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: फिल्म 'जिस्म 2' से बॉलीवुड में कदम रखने के बाद भारतीय मूल की कनाडियाई अभिनेत्री सनी लियोन 'रागिनी एमएमएस 2' की शूटिंग शुरू करने वाली हैं। फिल्म की शूटिंग की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और सनी इसको लेकर काफी उत्साहित हैं।टिप्पणियां सनी ने ट्विटर पर लिखा, 'रागिनी एमएमएस 2' की शूटिंग शुरू होने वाली है और मैं बहुत उत्साहित हूं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं एक बेहतरीन फिल्म निर्माण कम्पनी के साथ एक और फिल्म की शूटिंग करने जा रही हूं। रियलिटी कार्यक्रम 'बिग बॉस 5' में भाग ले चुकीं सनी इस साल लॉस एंजेलिस से मुम्बई आकर बसी हैं। 'रागिनी एमएमएस 2', 2011 में आई 'रागिनी एमएमएस' का अगला संस्करण है, जिसमें अभिनेता राज कुमार यादव और अभिनेत्री केनाज मोतीवाला ने काम किया था। सनी ने ट्विटर पर लिखा, 'रागिनी एमएमएस 2' की शूटिंग शुरू होने वाली है और मैं बहुत उत्साहित हूं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं एक बेहतरीन फिल्म निर्माण कम्पनी के साथ एक और फिल्म की शूटिंग करने जा रही हूं। रियलिटी कार्यक्रम 'बिग बॉस 5' में भाग ले चुकीं सनी इस साल लॉस एंजेलिस से मुम्बई आकर बसी हैं। 'रागिनी एमएमएस 2', 2011 में आई 'रागिनी एमएमएस' का अगला संस्करण है, जिसमें अभिनेता राज कुमार यादव और अभिनेत्री केनाज मोतीवाला ने काम किया था। रियलिटी कार्यक्रम 'बिग बॉस 5' में भाग ले चुकीं सनी इस साल लॉस एंजेलिस से मुम्बई आकर बसी हैं। 'रागिनी एमएमएस 2', 2011 में आई 'रागिनी एमएमएस' का अगला संस्करण है, जिसमें अभिनेता राज कुमार यादव और अभिनेत्री केनाज मोतीवाला ने काम किया था।
सारांश: फिल्म 'जिस्म 2' से बॉलीवुड में कदम रखने के बाद भारतीय मूल की कनाडियाई अभिनेत्री सनी लियोन 'रागिनी एमएमएस 2' की शूटिंग शुरू करने वाली हैं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देशभर के करीब ढाई करोड़ वेतनभोगी करदाताओं को उनकी तिमाही टीडीएस कटौती के बारे में आयकर विभाग से एसएमएस भेजकर जानकारी दी जाएगी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वेतनभोगी तबके के लिए उनकी स्रोत पर कर कटौती यानी टीडीएस के बारे में एसएमएस अलर्ट सेवा की सोमवार को शुरुआत की. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) जल्द ही इस सुविधा को मासिक आधार पर भी चलाएगी. जेटली ने संवाददाताओं को इस सुविधा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वेतनभोगी तबका अपनी आय पर दो बार टैक्स नहीं दे सकता है और न ही वह टैक्स भुगतान को लेकर विवाद में पड़ना चाहता है, इसलिए उन्हें उनकी टीडीएस कटौती के बारे में लगातार अपडेट रखने की जरूरत है.टिप्पणियां जेटली ने कहा, 'इससे करदाताओं को फायदा होगा, उन्हें प्रौद्योगिकी के इस तरह इस्तेमाल से सूचना उपलब्ध होगी और वह अपनी वेतन पर्ची के साथ एसएमएस पर मिली जानकारी का मिलान कर सकेंगे. साल के आखिर में वह किसी भी संभावित कर देनदारी के बारे में अवगत होंगे.' जेटली ने सीबीडीटी से कहा कि टीडीएस जानकारी के मेल नहीं खाने से संबंधित शिकायतों के निपटारे की प्रणाली को ऑनलाइन करें, ताकि करदाता को कर विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ें. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जेटली ने संवाददाताओं को इस सुविधा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वेतनभोगी तबका अपनी आय पर दो बार टैक्स नहीं दे सकता है और न ही वह टैक्स भुगतान को लेकर विवाद में पड़ना चाहता है, इसलिए उन्हें उनकी टीडीएस कटौती के बारे में लगातार अपडेट रखने की जरूरत है.टिप्पणियां जेटली ने कहा, 'इससे करदाताओं को फायदा होगा, उन्हें प्रौद्योगिकी के इस तरह इस्तेमाल से सूचना उपलब्ध होगी और वह अपनी वेतन पर्ची के साथ एसएमएस पर मिली जानकारी का मिलान कर सकेंगे. साल के आखिर में वह किसी भी संभावित कर देनदारी के बारे में अवगत होंगे.' जेटली ने सीबीडीटी से कहा कि टीडीएस जानकारी के मेल नहीं खाने से संबंधित शिकायतों के निपटारे की प्रणाली को ऑनलाइन करें, ताकि करदाता को कर विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ें. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जेटली ने कहा, 'इससे करदाताओं को फायदा होगा, उन्हें प्रौद्योगिकी के इस तरह इस्तेमाल से सूचना उपलब्ध होगी और वह अपनी वेतन पर्ची के साथ एसएमएस पर मिली जानकारी का मिलान कर सकेंगे. साल के आखिर में वह किसी भी संभावित कर देनदारी के बारे में अवगत होंगे.' जेटली ने सीबीडीटी से कहा कि टीडीएस जानकारी के मेल नहीं खाने से संबंधित शिकायतों के निपटारे की प्रणाली को ऑनलाइन करें, ताकि करदाता को कर विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ें. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: अरुण जेटली ने टीडीएस के बारे में SMS अलर्ट सेवा की शुरुआत की तिमाही टीडीएस कटौती के बारे में एसएमएस भेजकर जानकारी दी जाएगी सीबीडीटी जल्द ही इस सुविधा को मासिक आधार पर भी चलाएगी
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राहुल ने राजम्मा के रिश्तेदारों और कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ फोटो भी खिंचवाई. इन लोगों को राहुल से मिलने के लिए बड़ी देर तक इंतजार करना पड़ा. 19 जून 1970 को जब दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल में राहुल गांधी का जन्म हुआ था तो तब राजम्मा ने एक प्रशिक्षु नर्स के तौर पर वहां राहुल की देखभाल की थी.    जब राजम्मा ने बताया कि उनके सामने राहुल का जन्म हुआ और नवजात राहुल को उन्होंने ही अपने हाथों में उठाया था तब मुस्कराते हुए राहुल उनकी बात ध्यान से सुनते रहे. जाने से पहले राजम्मा ने राहुल को कटहल के चिप्स और मिठाई भेंट की जो उन्होंने खुद अपने हाथ से बनाई थी. राहुल ने राजम्मा से दोबारा मिलने का वादा किया. रोमांचित राजम्मा ने बाद में कहा कि इतने साल बाद राहुल से मिलकर उन्हें बहुत खुशी हुई. उन्होंने कहा, 'मैं सचमुच बहुत खुश और रोमांचित हूं. मैं उन लोगों में से एक थी जिन्होंने नवजात राहुल को अपने हाथों में उठाया था. जब मैं उनसे मिली तब उन दिनों की यादें ताजा हो गईं.' राजम्मा ने कहा, 'मुझे लगा कि मैं उन्हें कुछ भेंट करूं. इसलिए मैंने अपने हाथ से बनाए चिप्स और मिठाइयां उन्हें भेंट कीं.' लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जब राहुल की नागरिकता को लेकर विवाद उठा था तब राजम्मा ने कहा था कि 19 जून 1970 को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल के जन्म के दौरान होली फैमिली हॉस्पिटल में जो लोग ड्यूटी पर थे, उनमें वह भी शामिल थीं. उन्होंने यह भी कहा था कि वह उन लोगों में से हैं जिन्होंने नवजात राहुल को अपने हाथों में उठाया था. राजम्मा ने कहा था, 'मैं बहुत भाग्यशाली हूं क्योंकि मैं उन लोगों में से एक थी जिन्होंने नवजात राहुल को अपने हाथों में लिया था. वह बहुत ही प्यारे थे. मैं उनके जन्म की गवाह हूं. मैं रोमांचित थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोते को देखकर हम सभी रोमांचित थे.' उन्होंने बताया था कि राहुल की मां सोनिया गांधी को प्रसव के लिए अस्पताल के प्रसूति कक्ष में ले जाया गया और उनके पिता राजीव गांधी और चाचा संजय गांधी प्रसूति कक्ष के बाहर इंतजार कर रहे थे. होली फैमिली अस्पताल से नर्सिंग का कोर्स करने वाली राजम्मा बाद में बतौर नर्स सेना में शामिल हो गई थीं. बाद में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजम्मा 1987 में केरल चली गईं और वायनाड में सुल्तान बठेरी के पास कल्लूर में रहने लगीं. (इनपुट:भाषा)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 49 साल पहले जिस नर्स ने गोद में लिया था, उससे मिले राहुल गांधी नर्स राजम्मा ववाथिल ने अपने परिवार के साथ की राहुल से मुलाकात राहुल गांधी ने राजम्मा से दोबारा मिलने का वादा किया
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मजबूत लोकपाल विधेयक के लिए बड़ा आंदोलन छेड़ने की धमकी देते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि अगर सरकार भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून नहीं बनाती, तो उसे जाना होगा। अन्ना ने कहा कि वह 2014 में होने वाले अगले लोकसभा चुनावों तक मजबूत लोकपाल विधेयक के लिए आंदोलन करेंगे और अगर तब तक कानून नहीं बनाया जाता, तो वह चुनावों की घोषणा के तत्काल बाद रामलीला मैदान में धरने पर बैठ जाएंगे।टिप्पणियां उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘उन्हें (सरकार को) यह कानून लाना होगा या फिर उन्हें जाना होगा। हम बड़ा आंदोलन आयोजित करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि अगर लोकपाल विधेयक संसद में पारित हो गया होता, तो यूपीए सरकार के आधे से अधिक मंत्री जेल में होते। अन्ना ने कहा कि वर्तमान कानून इतना मजबूत नहीं है कि भ्रष्टाचार करने वाले को जेल भेजा जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसलिए कानून नहीं ला रही है, क्योंकि उसे लगता है कि वर्तमान परिदृश्य में यह काम नहीं कर सकता। 74 वर्षीय गांधीवादी ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत विभिन्न मुद्दों पर सूचना मिलती है, लेकिन इसके पास लोगों को जेल भेजने का अधिकार नहीं है, जिसकी वजह से भ्रष्टाचार विरोधी एक कारगर कानून की जरूरत को बल मिलता है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘उन्हें (सरकार को) यह कानून लाना होगा या फिर उन्हें जाना होगा। हम बड़ा आंदोलन आयोजित करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि अगर लोकपाल विधेयक संसद में पारित हो गया होता, तो यूपीए सरकार के आधे से अधिक मंत्री जेल में होते। अन्ना ने कहा कि वर्तमान कानून इतना मजबूत नहीं है कि भ्रष्टाचार करने वाले को जेल भेजा जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसलिए कानून नहीं ला रही है, क्योंकि उसे लगता है कि वर्तमान परिदृश्य में यह काम नहीं कर सकता। 74 वर्षीय गांधीवादी ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत विभिन्न मुद्दों पर सूचना मिलती है, लेकिन इसके पास लोगों को जेल भेजने का अधिकार नहीं है, जिसकी वजह से भ्रष्टाचार विरोधी एक कारगर कानून की जरूरत को बल मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसलिए कानून नहीं ला रही है, क्योंकि उसे लगता है कि वर्तमान परिदृश्य में यह काम नहीं कर सकता। 74 वर्षीय गांधीवादी ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत विभिन्न मुद्दों पर सूचना मिलती है, लेकिन इसके पास लोगों को जेल भेजने का अधिकार नहीं है, जिसकी वजह से भ्रष्टाचार विरोधी एक कारगर कानून की जरूरत को बल मिलता है।
संक्षिप्त पाठ: मजबूत लोकपाल बिल के लिए बड़ा आंदोलन छेड़ने की धमकी देते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि अगर सरकार भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून नहीं बनाती, तो उसे जाना होगा।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: UPSC सीएपीएफ के तहत असिस्टेंट कमांडेंट (UPSC CAPS Assistant Commandant) के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी हो गया है. UPSC CAPs Notification संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जारी किया गया है. सीएपीएफ परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया आज से ही शुरू हो गई है. आवेदन करने की आखिरी तारीख 20 मई 2019 है. इन पदों पर भर्ती परीक्षा 18 अगस्त को होगी. CAPS परीक्षा के माध्यम से BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB में भर्तियां की जाएगी. अगर आप इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं तो नीचे दी गई जानकारी को ध्यान से पढ़ने के बाद ही अप्लाई करें. रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तारीख-  24 अप्रैल 2019  रजिस्ट्रेशन करने की आखिरी तारीख- 20 मई 2019 होगा. ऑनलाइन फीस जमा करने की आखिरी तारीख- 21 मई 2019 एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की तारीख- 31 जुलाई 2019 परीक्षा की तारीख- 18 अगस्त 2019 सीएपीएफ परीक्षा का रिजल्ट जारी होने की तारीख-18 सितम्बर 2019 UPSC CAPS Notification चेक करने के लिए यहां क्लिक करें.
सारांश: UPSC सीएपीएफ नोटिफिकेशन जारी. असिस्टेंट कमांडेंट के 323 पदों पर भर्ती होगी. आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तेलंगाना ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने सोमवार को हैदराबाद में 48 घंटों के बंद का ऐलान किया है। यह बंद रविवार को हैदराबाद में अलग तेलंगाना की मांग को लेकर हुई रैली के दौरान हुए हंगामे के बाद बुलाया गया है। बंद के दौरान शहर के सभी स्कूल बंद हैं। साथ ही हैदराबाद से चलने वाली छह लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। रविवार को पुलिस और उस्मानिया यूनिवर्सिटी के छात्रों को बीच हुई झड़प में जितने छात्र हिरासत में लिए गए थे। सभी को छोड़ दिया गया है।टिप्पणियां साथ ही तेलंगाना ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों को कहना है कि अलग राज्य तेलंगाना की मांग पूरी करवाना तेलंगाना के मंत्रियों की ज़िम्मेदारी है। साथ ही उनका कहना है कि अगर तेलंगाना की मांग पूरी नहीं होती है तो ये सभी मंत्री इस्तीफ़ा दें। रविवार को उस्मानिया यूनिवर्सिटी में पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया था। साथ ही पुलिस ने इन्हें काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे। बंद के दौरान शहर के सभी स्कूल बंद हैं। साथ ही हैदराबाद से चलने वाली छह लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। रविवार को पुलिस और उस्मानिया यूनिवर्सिटी के छात्रों को बीच हुई झड़प में जितने छात्र हिरासत में लिए गए थे। सभी को छोड़ दिया गया है।टिप्पणियां साथ ही तेलंगाना ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों को कहना है कि अलग राज्य तेलंगाना की मांग पूरी करवाना तेलंगाना के मंत्रियों की ज़िम्मेदारी है। साथ ही उनका कहना है कि अगर तेलंगाना की मांग पूरी नहीं होती है तो ये सभी मंत्री इस्तीफ़ा दें। रविवार को उस्मानिया यूनिवर्सिटी में पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया था। साथ ही पुलिस ने इन्हें काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे। साथ ही तेलंगाना ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों को कहना है कि अलग राज्य तेलंगाना की मांग पूरी करवाना तेलंगाना के मंत्रियों की ज़िम्मेदारी है। साथ ही उनका कहना है कि अगर तेलंगाना की मांग पूरी नहीं होती है तो ये सभी मंत्री इस्तीफ़ा दें। रविवार को उस्मानिया यूनिवर्सिटी में पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया था। साथ ही पुलिस ने इन्हें काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे। रविवार को उस्मानिया यूनिवर्सिटी में पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया था। साथ ही पुलिस ने इन्हें काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे।
सारांश: तेलंगाना ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने सोमवार को हैदराबाद में 48 घंटों के बंद का ऐलान किया है। यह बंद रविवार को हैदराबाद में अलग तेलंगाना की मांग को लेकर हुई रैली के दौरान हुए हंगामे के बाद बुलाया गया है।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: एक साल की ऊंचाई पर पहुंची खाद्य मुद्रास्फीति से ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका के चलते गत सप्ताह शेयर बाजार बुरी तरह टूट गया। कारोबारियों को अब इस सप्ताह जारी होने वाले इंफोसिस टेक्नोलॉजीज के परिणामों का आसरा है। इससे बाजार के आगे की दिशा तय होगी। बाजार विशेषज्ञों ने यह राय व्यक्त की है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि शेयर बाजार में प्रोत्साहन की कमी दिखाई देती है और अब उसकी निगाह प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस टेक्नोलॉजीज के अक्टूबर-दिसंबर के तिमाही कार्यपरिणामों पर है, जिससे 13 जनवरी को कंपनियों के कार्यपरिणामों की शुरुआत होगी। एसएमसी कैपिटल के रणनीतिकार और शोध प्रमुख जगन्नाथन थुनुगुंटला ने कहा, खाद्य वस्तुओं की बढ़ती मुद्रास्फीति और बढ़ते चालू खाते के घाटे के मद्देनजर ब्याज दरों में वृद्धि किए जाने सहित कई सारे नकारात्मक संकेत मौजूद हैं और शेयर बाजारों में कुल मिलाकर हताशा का रुख है। लेकिन इंफोसिस के कार्यपरिणाम लड़खड़ाते शेयर बाजार को गति प्रदान करने वाले साबित हो सकते हैं। शेयर बाजार के लिए साल का पहला सप्ताह निराशाजनक रहा, क्योंकि इस दौरान प्रमुख इंडेक्स में 817 अंक अथवा 3.98 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जो पिछले सप्ताह 14.44 प्रतिशत पर थी, वह 25 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में 3.88 प्रतिशत बढ़कर 18.32 प्रतिशत हो गई, जिसकी मुख्य वजह थोक बाजार में सब्जियों की आसमान छूती कीमतें रही हैं। यह शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण बनी। इसके अलावा देश का चालू खाते के घाटे में जुलाई-सितंबर अवधि में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 72 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज हुई। बाजार पर्यवेक्षकों का मानना है कि शेयर बाजार में आने वाले सप्ताह में गिरावट जारी रहेगी, जहां विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार से धन निकाल रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसल सर्विसेज के सह-संस्थापक एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक रामदेव अग्रवाल ने कहा, मुद्रास्फीति और घोटालों ने अल्पावधि परिदृश्य को काफी अनिश्चित बना दिया है। विदेशी हर दिन बिकवाली कर रहे हैं। बाजार सरकार से गैर-मुद्रास्फीतिकारी कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है। अग्रवाल के इस दृष्टिकोण से समर्थन जताते हुए अशिका स्टाक ब्रोकर्स के शोध प्रमुख पारस बोथरा ने कहा कि अनिश्चित बाजार को इंफोसिस के तिमाही कार्यपरिणाम से कोई दिशा मिलने की उम्मीद है। हालांकि बाजार पर्यवेक्षकों का मानना है कि इंफोसिस के तिमाही कार्यपरिणाम बाजार को हैरत में डालने वाले नहीं हो सकते, क्योंकि आईटी क्षेत्र डॉलर और पौंड के मुकाबले रुपये के मजबूत होने के कारण पहले ही दबाव में है। बंबई शेयर बाजार का सूचकांक 8 जनवरी को समाप्त सप्ताह में 817.28 अंक अथवा 3.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,691.81 अंक पर बंद हुआ, जो पिछले सप्ताहांत 20,509.09 अंक पर बंद हुआ था। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 229.90 अंक अथवा 3.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,904.60 अंक पर बंद हुआ।
यह एक सारांश है: कारोबारियों को अब इस सप्ताह जारी होने वाले इंफोसिस टेक्नोलॉजीज के परिणामों का आसरा है। इससे बाजार के आगे की दिशा तय होगी।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुखर्जी नगर में कैब ड्राइवर और उसके नाबालिग बेटे की पिटाई के मामले में दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस मामले में तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया है. दस पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच चल रही है.   जिन दस पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच चल रही है उनका मुखर्जी नगर से ट्रांसफर किया जा चुका है. पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि वीडियो फुटेज के आधार पर ये बात सामने आई है कि छह पुलिस कर्मियों नें पीड़ित को पकड़ रखा था और तीन पुलिस कर्मियों ने पिटाई की. पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि घटना के समय वीडियो बनाने वाले कई लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट दो जुलाई को इस मामले की सुनवाई करेगा. दअरसल दिल्ली के मुखर्जी नगर में ऑटो ड्राइवर और उसके बच्चे से मारपीट की जांच सीबीआई से कराने को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था.
सारांश: तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया दस पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच चल रही दिल्ली हाई कोर्ट दो जुलाई को सुनवाई करेगा
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के द्वारका से रिश्तों को शर्मशार करने वाली एक घटना सामने आई है. यहां एक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड से अपने ही भतीजे की बढ़ती नजदीकियों से तंग आकर पहले उसकी हत्या की और बाद में उसे घर की बालकनी में दफना दिया. इतना ही नहीं किसी को उसपर शक न हो इसके लिए उसने दफन शव के ऊपर ही पौधे भी लगा दिए. घटना के तीन साल के बाद पुलिस (Delhi Police) ने आरोपी को अब हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस (Delhi Police) ने आरोपी युवक की पहचान बिजय कुमार महाराणा के रूप में की है. वह एक आईटी कंपनी में नौकरी करता है. वहीं मृतक की पहचान जय प्रकाश के रूप में की गई है. मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी (Delhi Police) के अनुसार 2012 में अपनी गर्लफ्रेंड के दिल्ली (Delhi Police) आ जाने के बाद बिजय भी दिल्ली आ गया था. जबकि उसका भतीजा 2015 में काम के सिलसिले में दिल्ली आ गया. बाद में बिजय और जय प्रकाश साथ ही रहने लगे. इसी दौरान बिजय ने अपनी गर्लफ्रेंड से जय प्रकाश को मिलवाया. पुलिस अधिकारी के अनुसार उस समय बिजय नोएडा की एक आईटी कंपनी में नौकरी करता था जबकि जय प्रकाश गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में काम करता था. कुछ समय के बाद बिजय को लगा कि जय प्रकाश और उसकी गर्लफ्रेंड के बीच नजदीकियां कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी हैं. इसके बाद ही बिजय ने जय प्रकाश को मारने की योजना बनाई. एक दिन जब जय प्रकाश उसके फ्लैट में सो रहा था उसी दौरान उसने पंखे के मोटर से उसके सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद  उसने अपने फ्लैट की बॉलकोनी में ही उसे दफना दिया. इसके लिए उसने पहले से ही मिट्टी का इंतजाम किया हुआ था. इसके बाद उसने दफन शव के ऊपर ही फूल और पौधे लगा दिए ताकि किसी को उसपर शक न हो. आरोपी बिजय ने खुदको पुलिस से बचाने के लिए जय प्रकाश के लापता होने की झूठी रिपोर्ट भी लिखवाई. घटना के कुछ समय बाद उसने द्वारका के उस घर को छोड़ दिया और नांगलोई में रहने लगा. पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब द्वारका के फ्लैट में दफनाए गए शव का कंकाल मिट्टी से बाहर निकलने लगा. इसके बाद फ्लैट के मालिक ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. मौके पर पहुंची टीम ने बिजय के बाद इस फ्लैट में रह चुके दो अन्य किरायदारों से पूछताछ की. इसके बाद उन्हें शक बिजय पर हुआ. लेकिन नांगलोई में कुछ समय तक रहने के बाद बिजय दिल्ली छोड़ चुका था. उसने अपना फोन नंबर भी बदल लिया और अपने बैंक खातों से पैसे निकाल कर उसे बंद करवा दिया था. वह अपने दोस्तों और परिवार के लोगों से भी संपर्क में नहीं था. बाद में पुलिस ने तकनीक सर्विलांस की मदद से आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया.
संक्षिप्त पाठ: पुलिस से बचने के लिए भतीजे की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था पुलिस ने हैदराबाद से किया आरोपी को गिरफ्तार 2012 में दिल्ली आया था आरोपी
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वित्त मंत्रालय ने कहा है कि एसबीआई सहित सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू) के बैंकों में पूंजी डालने को अगले महीने के मध्य तक मंजूरी मिलने की संभावना है। वित्तीय सेवा सचिव डीके मित्तल ने कहा कि उम्मीद है कि बैंकों के लिए पूंजी लगाने पर फैसला मंगलवार तक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति का फैसला होने के बाद यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के पास जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री की मंजूरी के बाद प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा। उन्होंने कहा कि एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडीकेट बैंक तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित लगभग 5-6 बैंकों को मौजूदा वित्तवर्ष में पूंजी की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तवर्ष में अलग-अलग परिदृश्य में सभी सार्वजनिक बैंकों के लिए धन की जरूरत 10,000 करोड़ से 20,000 करोड़ रुपये के बीच रहेगी।
संक्षिप्त सारांश: वित्त मंत्रालय ने कहा है कि एसबीआई सहित सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू) के बैंकों में पूंजी डालने को अगले महीने के मध्य तक मंजूरी मिलने की संभावना है।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन से मुलाकात के दौरान भारत के साथ वास्तविक रणनीतिक साझेदारी की प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है। ओबामा मेनन और उनके अमेरिकी समकक्ष टॉम डॉनिलन के बीच शुक्रवार को व्हाइट हाउस में चल रही बैठक में पहुंचे और भारत-अमेरिका संबंधों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने के लिए करीब 15 मिनट तक रुके। शनिवार को व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में कहा गया, "राष्ट्रपति बैठक में शामिल हुए और उन्होंने भारत के साथ वास्तविक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई।" बयान में कहा गया, "राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय आर्थिक सम्बंधों की मजबूती और परमाणु सुरक्षा के प्रयासों में प्रगति सहित अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।" डॉनिलन और मेनन ने शिखर बैठक के दौरान शुरू किए गए कामों की प्रगति सहित विभिन्न मुद्दों पर द्विपक्षीय सम्बंधों में वृद्धि के प्रयासों पर चर्चा की। दोनों अधिकारियों ने सामूहिक चिंताओं से जुडे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी शुक्रवार को मेनन को भोज पर आमंत्रित किया। मेनन ओबामा की भारत यात्रा के दौरान तय किए गए लक्ष्यों के सम्बंध में हुई प्रगति की समीक्षा और अप्रैल में नई दिल्ली में शरू होने जा रही रणनीतिक वार्ता की तैयारी के लिए वाशिंगटन पहुंचे हैं।
ओबामा ने शिवशंकर मेनन से मुलाकात के दौरान भारत के साथ वास्तविक रणनीतिक साझेदारी की प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: काजोल का मानना है कि उनके समय की तुलना में आज बॉलीवुड में कदम रखना कहीं ज्यादा मुश्किल है क्योंकि आज के दर्शक के पास आलोचनात्मक दृष्टि है। काजोल ने 1992 में 'बेखुदी' से अपना फिल्मी जीवन शुरू किया था। 38 वर्षीय काजोल ने गुरुवार को फिक्की फ्रेम्स 2013 में कहा, "हमारे जमाने में फिल्में करना आसान था क्योंकि तब के दर्शक फिल्म में नुक्ताचीनी कम निकालते थे। तब सभी को आगे बढ़ने का मौका मिलता था। कम से कम मुझे तो आगे बढ़ने का मौका मिला।"टिप्पणियां काजोल के अनुसार आज के युवा कलाकारों के लिए या तो हां है या फिर ना। मुझे लगता है कि आज की पीढ़ी के लिए करो या मरो की स्थिति होती है। आपकी पहली फिल्म से आपके बारे में फैसला हो जाता है। इसलिए मुझे लगता है कि आज की स्तिथि ज्यादा भयावह है। काजोल आखिरी बार 2010 में 'माय नेम इज खान' 'वी आर फैमिली' और 'टूनपुर का सुपरहीरो' में नजर आईं थी। 38 वर्षीय काजोल ने गुरुवार को फिक्की फ्रेम्स 2013 में कहा, "हमारे जमाने में फिल्में करना आसान था क्योंकि तब के दर्शक फिल्म में नुक्ताचीनी कम निकालते थे। तब सभी को आगे बढ़ने का मौका मिलता था। कम से कम मुझे तो आगे बढ़ने का मौका मिला।"टिप्पणियां काजोल के अनुसार आज के युवा कलाकारों के लिए या तो हां है या फिर ना। मुझे लगता है कि आज की पीढ़ी के लिए करो या मरो की स्थिति होती है। आपकी पहली फिल्म से आपके बारे में फैसला हो जाता है। इसलिए मुझे लगता है कि आज की स्तिथि ज्यादा भयावह है। काजोल आखिरी बार 2010 में 'माय नेम इज खान' 'वी आर फैमिली' और 'टूनपुर का सुपरहीरो' में नजर आईं थी। काजोल के अनुसार आज के युवा कलाकारों के लिए या तो हां है या फिर ना। मुझे लगता है कि आज की पीढ़ी के लिए करो या मरो की स्थिति होती है। आपकी पहली फिल्म से आपके बारे में फैसला हो जाता है। इसलिए मुझे लगता है कि आज की स्तिथि ज्यादा भयावह है। काजोल आखिरी बार 2010 में 'माय नेम इज खान' 'वी आर फैमिली' और 'टूनपुर का सुपरहीरो' में नजर आईं थी। काजोल आखिरी बार 2010 में 'माय नेम इज खान' 'वी आर फैमिली' और 'टूनपुर का सुपरहीरो' में नजर आईं थी।
सारांश: काजोल का मानना है कि उनके समय की तुलना में आज बॉलीवुड में कदम रखना कहीं ज्यादा मुश्किल है क्योंकि आज के दर्शक के पास आलोचनात्मक दृष्टि है। काजोल ने 1992 में 'बेखुदी' से अपना फिल्मी जीवन शुरू किया था।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकार ने कैंसर, एचआईवी, मलेरिया व जीवाणु संक्रमण सहित विभिन्न रोगों के इलाज में काम आने वाली 22 जरूरी दवाओं की अधिकतम कीमत तय कर दी है जिससे इनकी लागत में 10-45 प्रतिशत तक की गिरावट आई है. दवा कीमत नियामक एनपीपीए ने 13 योगों (फार्मूलेशन) के लिए भी खुदरा कीमत तय की है. राष्ट्रीय दवा कीमत प्राधिकार (एनपीपीए) ने एक बयान में यह जानकारी दी है. इसके अनुसार, "एनपीपीए ने दवा (कीमत नियंत्रण) संशोधन आदेश 2016 के तहत अनसूची-1 की 22 अनसूचित फार्मूलेशन के लिए अधिकतम कीमत तय (संशोधित) की है."टिप्पणियां एनपीपीए के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने कहा, "कीमतों में 10 से 45 प्रतिशत की कटौती की गई है. कुछ दवाओं की कीमत 10 प्रतिशत कम की गई है तो कुछ दवाओं की कीमत 45 प्रतिशत तक घटेगी." दवा (कीमत नियंत्रण) आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत एनपीपीए अनुसूची एक की जरूरी दवाओं की अधिकतम कीमत तय करता है.   राष्ट्रीय दवा कीमत प्राधिकार (एनपीपीए) ने एक बयान में यह जानकारी दी है. इसके अनुसार, "एनपीपीए ने दवा (कीमत नियंत्रण) संशोधन आदेश 2016 के तहत अनसूची-1 की 22 अनसूचित फार्मूलेशन के लिए अधिकतम कीमत तय (संशोधित) की है."टिप्पणियां एनपीपीए के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने कहा, "कीमतों में 10 से 45 प्रतिशत की कटौती की गई है. कुछ दवाओं की कीमत 10 प्रतिशत कम की गई है तो कुछ दवाओं की कीमत 45 प्रतिशत तक घटेगी." दवा (कीमत नियंत्रण) आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत एनपीपीए अनुसूची एक की जरूरी दवाओं की अधिकतम कीमत तय करता है.   एनपीपीए के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने कहा, "कीमतों में 10 से 45 प्रतिशत की कटौती की गई है. कुछ दवाओं की कीमत 10 प्रतिशत कम की गई है तो कुछ दवाओं की कीमत 45 प्रतिशत तक घटेगी." दवा (कीमत नियंत्रण) आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत एनपीपीए अनुसूची एक की जरूरी दवाओं की अधिकतम कीमत तय करता है.
सारांश: एनपीपीए ने 22 जरूरी दवाओं की अधिकतम कीमत तय की आम लोगों को मिलेगा सरकार के इस कदम का लाभ दवाओं की लागत में आई 10-45 प्रतिशत तक की गिरावट
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: Dream Girl Box Office Collection Day 10: आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) और एक्ट्रेस नुसरत भरूचा (Nushrat Bharucha) की फिल्म 'ड्रीम गर्ल' (Dream Girl) बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है. इस फिल्म में कॉमेडी के साथ-साथ ड्रामा भी भरपूर मात्रा में है. दर्शकों को फिल्म में आयुष्मान और नुसरत की जोड़ी काफी लुभा रही है. 'ड्रीम गर्ल' के बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म ने रविवार यानी दसवें दिन 10 करोड़ रुपये का बिजनेस किया है. इस हिसाब से आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) और नुसरत भरूचा की फिल्म 'ड्रीम गर्ल (Dream Girl)' ने इन दस दिनों में 93.75 करोड़ रुपये की अच्छी-खासी कमाई कर डाली है. बता दें हाल ही में करण देओल की डेब्यू फिल्म 'पल पल दिल के पास (Pal Pal Dil Ke Paas)', सोनम कपूर की 'द जोया फैक्टर' और संजय दत्त की 'प्रस्थानम' रिलीज हुई है, हालांकि इन फिल्मों के बाद भी आयुष्मान की 'ड्रीम गर्ल' की कमाई में कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई है. 30 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म 'ड्रीम गर्ल' अब जल्द ही 100 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होने को तैयार है. बता दें आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) और नुसरत भरूचा (Nushrat Bharucha) की फिल्म 'ड्रीम गर्ल' को राज शांडिल्य ने डायरेक्ट किया है. इस फिल्म को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है.
यह एक सारांश है: आयुष्मान खुराना की फिल्म की धांसू कमाई आयुष्मान संग नुसरत भरूचा की जोड़ी लोगों को खूब आ रही है पसंद फिल्म ने दसवें दिन किया इतना कलेक्शन
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी में मंदी की आशंका के बीच, वैश्विक बाज़ारों में जारी गिरावट और रुपये के अवमूल्यन का असर बृहस्पतिवार को भारतीय शेयर बाजारों पर छाया रहा, और बॉम्बे सेन्सेक्स 704 अंक नीचे औंधे मुंह गिरकर 16,361.15 पर पहुंच गया, जबकि राष्ट्रीय शेयर बाज़ार के निफ्टी सूचकांक में भी 209.6 अंकों की जोरदार गिरावट आई, और वह 4,923.65 पर बंद हुआ। बंबई शेयर बाजार में तीस शेयरों पर आधारित बीएससी-30 में कल 34.13 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स आज के शुरुआती कारोबार में 299.62 अंक अथवा 1.75 फीसद की गिरावट के साथ 16,765.53 अंक पर आ गया था। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी शुरुआती कारोबार में 93.25 अंक अथवा 1.81 फीसद की गिरावट के साथ 5,040.00 अंक पर आ गया था। बाजार सूत्रों ने बताया कि वैश्विक बाजार में कमजोरी की आशंका से कारोबारियों द्वारा बिकवाली बढ़ाये जाने के कारण बंबई शेयर बाजार में गिरावट आई।
संक्षिप्त सारांश: कारोबारियों द्वारा बिकवाली बढ़ाए जाने से बंबई शेयर बाजार का सूचकांक बृहस्पतिवार को 704 अंक की भारी गिरावट के बाद बंद हुआ।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत में परमाणु रिएक्टर बेचने को इच्छुक अमेरिकी कंपनी जेनरल इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि परमाणु ऊर्जा दूसरे संसाधनों के मुकाबले इतनी अधिक महंगी है कि इसे ‘न्यायोचित ठहराना मुश्किल’ है। अखबार फिनांशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कंपनी के मुख्य अधिकारी जेफ इम्मेल्ट ने कहा कि अधिकांश देश ऊर्जा के प्रमुख स्रोत गैस और पवन ऊर्जा की ओर रुख कर रहे हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘सही रूप से देखा जाए तो आज की दुनिया गैस और पवन ऊर्जा की है। हम जब भी तेल कंपनियों से जुड़े लोगों से बातचीत करते हैं तो वे कहते हैं देखो हम अधिक से अधिक गैसों की खोज कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा को न्यायोचित ठहराना मुश्किल है। गैस इतनी सस्ती है कि कहीं न कहीं यह आर्थिक रूप से फायदेमंद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि गैस और पवन ऊर्जा अथवा सौर ऊर्जा को लेकर दुनिया के अधिकांश देश आगे बढ़ रहे हैं।’’ अखबार ने लिखा है कि इम्मेल्ट का बयान अमेरिका में शेल गैस उत्पादन में हुई प्रगति, जापान में 2011 में हुए फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना और नवीनीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के घटते लागत और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य पर उनके प्रभावों को बताता है। अखबार फिनांशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कंपनी के मुख्य अधिकारी जेफ इम्मेल्ट ने कहा कि अधिकांश देश ऊर्जा के प्रमुख स्रोत गैस और पवन ऊर्जा की ओर रुख कर रहे हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘सही रूप से देखा जाए तो आज की दुनिया गैस और पवन ऊर्जा की है। हम जब भी तेल कंपनियों से जुड़े लोगों से बातचीत करते हैं तो वे कहते हैं देखो हम अधिक से अधिक गैसों की खोज कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा को न्यायोचित ठहराना मुश्किल है। गैस इतनी सस्ती है कि कहीं न कहीं यह आर्थिक रूप से फायदेमंद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि गैस और पवन ऊर्जा अथवा सौर ऊर्जा को लेकर दुनिया के अधिकांश देश आगे बढ़ रहे हैं।’’ अखबार ने लिखा है कि इम्मेल्ट का बयान अमेरिका में शेल गैस उत्पादन में हुई प्रगति, जापान में 2011 में हुए फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना और नवीनीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के घटते लागत और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य पर उनके प्रभावों को बताता है। उन्होंने कहा, ‘‘सही रूप से देखा जाए तो आज की दुनिया गैस और पवन ऊर्जा की है। हम जब भी तेल कंपनियों से जुड़े लोगों से बातचीत करते हैं तो वे कहते हैं देखो हम अधिक से अधिक गैसों की खोज कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा को न्यायोचित ठहराना मुश्किल है। गैस इतनी सस्ती है कि कहीं न कहीं यह आर्थिक रूप से फायदेमंद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि गैस और पवन ऊर्जा अथवा सौर ऊर्जा को लेकर दुनिया के अधिकांश देश आगे बढ़ रहे हैं।’’ अखबार ने लिखा है कि इम्मेल्ट का बयान अमेरिका में शेल गैस उत्पादन में हुई प्रगति, जापान में 2011 में हुए फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना और नवीनीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के घटते लागत और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य पर उनके प्रभावों को बताता है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि गैस और पवन ऊर्जा अथवा सौर ऊर्जा को लेकर दुनिया के अधिकांश देश आगे बढ़ रहे हैं।’’ अखबार ने लिखा है कि इम्मेल्ट का बयान अमेरिका में शेल गैस उत्पादन में हुई प्रगति, जापान में 2011 में हुए फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना और नवीनीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के घटते लागत और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य पर उनके प्रभावों को बताता है।
संक्षिप्त सारांश: भारत में परमाणु रिएक्टर बेचने को इच्छुक अमेरिकी कंपनी जेनरल इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि परमाणु ऊर्जा दूसरे संसाधनों के मुकाबले इतनी अधिक महंगी है कि इसे ‘न्यायोचित ठहराना मुश्किल’ है।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस वर्ष के सबसे शक्तिशाली तूफान 'उसागी' के कारण फिलीपींस और ताइवान में मूसलाधार बारिश हुई और तेज हवा चलने से पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। यह भयंकर तूफान हांगकांग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे इस तूफान के कारण फिलीपींस के उत्तर की ओर बेटेंस द्वीपसमूह में संचार व्यवस्था चरमरा गई और फसलें तबाह हो गईं।टिप्पणियां बेटेंस के गवर्नर विसेंटे गाटो ने मनीला में डीजेडबीबी रेडियो से कहा, तूफान बहुत भयंकर है। मैं इस समय बाहर भी नहीं निकल सकता। कई पेड़ टूट गए हैं और बिजली भी नहीं है। किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों ने बताया कि ताइवान में कुछ उड़ानें रद्द कर दी गईं और नौका सेवाएं बाधित हो गई हैं। खासकर दक्षिण और पूर्व में स्कूल, होटल और कार्यालय बंद हैं। 'उसागी' तूफान दक्षिणी चीन की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हांगकांग में अधिकारियों ने बताया कि तूफान के कारण शहर को गंभीर खतरा है और लोगों को इस बारे में सतर्क कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे इस तूफान के कारण फिलीपींस के उत्तर की ओर बेटेंस द्वीपसमूह में संचार व्यवस्था चरमरा गई और फसलें तबाह हो गईं।टिप्पणियां बेटेंस के गवर्नर विसेंटे गाटो ने मनीला में डीजेडबीबी रेडियो से कहा, तूफान बहुत भयंकर है। मैं इस समय बाहर भी नहीं निकल सकता। कई पेड़ टूट गए हैं और बिजली भी नहीं है। किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों ने बताया कि ताइवान में कुछ उड़ानें रद्द कर दी गईं और नौका सेवाएं बाधित हो गई हैं। खासकर दक्षिण और पूर्व में स्कूल, होटल और कार्यालय बंद हैं। 'उसागी' तूफान दक्षिणी चीन की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हांगकांग में अधिकारियों ने बताया कि तूफान के कारण शहर को गंभीर खतरा है और लोगों को इस बारे में सतर्क कर दिया गया है। बेटेंस के गवर्नर विसेंटे गाटो ने मनीला में डीजेडबीबी रेडियो से कहा, तूफान बहुत भयंकर है। मैं इस समय बाहर भी नहीं निकल सकता। कई पेड़ टूट गए हैं और बिजली भी नहीं है। किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों ने बताया कि ताइवान में कुछ उड़ानें रद्द कर दी गईं और नौका सेवाएं बाधित हो गई हैं। खासकर दक्षिण और पूर्व में स्कूल, होटल और कार्यालय बंद हैं। 'उसागी' तूफान दक्षिणी चीन की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हांगकांग में अधिकारियों ने बताया कि तूफान के कारण शहर को गंभीर खतरा है और लोगों को इस बारे में सतर्क कर दिया गया है। 'उसागी' तूफान दक्षिणी चीन की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हांगकांग में अधिकारियों ने बताया कि तूफान के कारण शहर को गंभीर खतरा है और लोगों को इस बारे में सतर्क कर दिया गया है।
इस वर्ष के सबसे शक्तिशाली तूफान 'उसागी' के कारण फिलीपींस और ताइवान में मूसलाधार बारिश हुई और तेज हवा चलने से पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। यह भयंकर तूफान हांगकांग की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नॉर्वे से भारतीय बच्चों अविज्ञान और ऐश्वर्य की भारत वापसी की राह मुश्किल हो गई है। बच्चों की घर वापसी की कोशिश कर रहे उनके माता−पिता और भारत सरकार को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब नॉर्वे की अदालत ने फिलहाल इस केस को बंद करने का फैसला ले लिया हैटिप्पणियां 23 तारीख को केस में सुनवाई थी और उम्मीद थी कि इस सुनवाई के दौरान बच्चों को उनके चाचा को सौंप दिया जाएगा। नॉर्वे के चाइल्ड वेलफेयर विभाग के मुताबिक परिवार में विवाद की वजह से बच्चों को उन्हें सौंपने के मामले की सुनवाई नहीं हो सकती। जाहिर है दोनों बच्चे के माता−पिता अनुरूप और सागरिका के आपसी झगड़े की खबर ने बच्चों की भारत वापसी में अब नई मुश्किलें खड़ी कर दी है। इसके अलावा बच्चों के चाचा के कस्टडी लेने से इनकार की खबरें भी आ रही हैं। बच्चों की वापसी के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही भारत सरकार अविज्ञान और ऐश्वर्य के परिवार के व्यवहार से काफी नाराज है। सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्री एसएम कृष्णा खुद बच्चों की भारत वापसी की कोशिशों पर नजर रखे हुए थे। 23 तारीख को केस में सुनवाई थी और उम्मीद थी कि इस सुनवाई के दौरान बच्चों को उनके चाचा को सौंप दिया जाएगा। नॉर्वे के चाइल्ड वेलफेयर विभाग के मुताबिक परिवार में विवाद की वजह से बच्चों को उन्हें सौंपने के मामले की सुनवाई नहीं हो सकती। जाहिर है दोनों बच्चे के माता−पिता अनुरूप और सागरिका के आपसी झगड़े की खबर ने बच्चों की भारत वापसी में अब नई मुश्किलें खड़ी कर दी है। इसके अलावा बच्चों के चाचा के कस्टडी लेने से इनकार की खबरें भी आ रही हैं। बच्चों की वापसी के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही भारत सरकार अविज्ञान और ऐश्वर्य के परिवार के व्यवहार से काफी नाराज है। सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्री एसएम कृष्णा खुद बच्चों की भारत वापसी की कोशिशों पर नजर रखे हुए थे। बच्चों की वापसी के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही भारत सरकार अविज्ञान और ऐश्वर्य के परिवार के व्यवहार से काफी नाराज है। सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्री एसएम कृष्णा खुद बच्चों की भारत वापसी की कोशिशों पर नजर रखे हुए थे।
सारांश: नॉर्वे के चाइल्ड वेलफेयर विभाग के मुताबिक परिवार में विवाद की वजह से बच्चों को उन्हें सौंपने के मामले की सुनवाई नहीं हो सकती।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की जमानत याचिका खारिज कर दी। राज्य में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले में चौटाला और उनके बेटे निचली अदालत से दोषी करार दिए जा चुके हैं। न्यायमूर्ति एचएल दत्तु और न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की पीठ ने बीमारी के बहाने जेल से बाहर आने देने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। न्यायाधीशों ने कहा कि जिन बीमारियों का चौटाला ने उल्लेख किया है उनमें से अधिकांश बुढ़ापे से संबंधित हैं। न्यायमूर्ति दत्तु ने कहा, "हमारे दिमाग में यह बात आई है कि यदि याची को सत्ता में आने का अवसर मिला तो क्या वे हमारे सामने जिन बीमारियों का हवाला दे रहे हैं उसका उल्लेख कर सत्ता छोड़ देंगे।"टिप्पणियां जमानत के आधार का मजाक उड़ते हुए न्यायमूर्ति मुखोपाध्याय ने कहा यदि इस आधार को स्वीकार कर लिया गया तो जेलें सिर्फ स्वस्थ लोगों के लिए रह जाएंगी। शीर्ष अदालत ने हालांकि चौटाला को थोड़ी सी राहत देते हुए उन्हें जेल अधिकारियों के समक्ष 23 सितंबर तक समर्पण करने का अवसर दे दिया। अदालत ने जेल अधिकारियों को मांग करने पर 'उचित प्रभावी और विशेषज्ञ चिकित्सा' मुहैया कराने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एचएल दत्तु और न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की पीठ ने बीमारी के बहाने जेल से बाहर आने देने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। न्यायाधीशों ने कहा कि जिन बीमारियों का चौटाला ने उल्लेख किया है उनमें से अधिकांश बुढ़ापे से संबंधित हैं। न्यायमूर्ति दत्तु ने कहा, "हमारे दिमाग में यह बात आई है कि यदि याची को सत्ता में आने का अवसर मिला तो क्या वे हमारे सामने जिन बीमारियों का हवाला दे रहे हैं उसका उल्लेख कर सत्ता छोड़ देंगे।"टिप्पणियां जमानत के आधार का मजाक उड़ते हुए न्यायमूर्ति मुखोपाध्याय ने कहा यदि इस आधार को स्वीकार कर लिया गया तो जेलें सिर्फ स्वस्थ लोगों के लिए रह जाएंगी। शीर्ष अदालत ने हालांकि चौटाला को थोड़ी सी राहत देते हुए उन्हें जेल अधिकारियों के समक्ष 23 सितंबर तक समर्पण करने का अवसर दे दिया। अदालत ने जेल अधिकारियों को मांग करने पर 'उचित प्रभावी और विशेषज्ञ चिकित्सा' मुहैया कराने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति दत्तु ने कहा, "हमारे दिमाग में यह बात आई है कि यदि याची को सत्ता में आने का अवसर मिला तो क्या वे हमारे सामने जिन बीमारियों का हवाला दे रहे हैं उसका उल्लेख कर सत्ता छोड़ देंगे।"टिप्पणियां जमानत के आधार का मजाक उड़ते हुए न्यायमूर्ति मुखोपाध्याय ने कहा यदि इस आधार को स्वीकार कर लिया गया तो जेलें सिर्फ स्वस्थ लोगों के लिए रह जाएंगी। शीर्ष अदालत ने हालांकि चौटाला को थोड़ी सी राहत देते हुए उन्हें जेल अधिकारियों के समक्ष 23 सितंबर तक समर्पण करने का अवसर दे दिया। अदालत ने जेल अधिकारियों को मांग करने पर 'उचित प्रभावी और विशेषज्ञ चिकित्सा' मुहैया कराने का निर्देश दिया। जमानत के आधार का मजाक उड़ते हुए न्यायमूर्ति मुखोपाध्याय ने कहा यदि इस आधार को स्वीकार कर लिया गया तो जेलें सिर्फ स्वस्थ लोगों के लिए रह जाएंगी। शीर्ष अदालत ने हालांकि चौटाला को थोड़ी सी राहत देते हुए उन्हें जेल अधिकारियों के समक्ष 23 सितंबर तक समर्पण करने का अवसर दे दिया। अदालत ने जेल अधिकारियों को मांग करने पर 'उचित प्रभावी और विशेषज्ञ चिकित्सा' मुहैया कराने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने हालांकि चौटाला को थोड़ी सी राहत देते हुए उन्हें जेल अधिकारियों के समक्ष 23 सितंबर तक समर्पण करने का अवसर दे दिया। अदालत ने जेल अधिकारियों को मांग करने पर 'उचित प्रभावी और विशेषज्ञ चिकित्सा' मुहैया कराने का निर्देश दिया।
यहाँ एक सारांश है:न्यायमूर्ति दत्तु ने कहा, "हमारे दिमाग में यह बात आई है कि यदि याची को सत्ता में आने का अवसर मिला तो क्या वे हमारे सामने जिन बीमारियों का हवाला दे रहे हैं उसका उल्लेख कर सत्ता छोड़ देंगे।"
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा है कि सत्ता और संपत्ति उनके लिए मायने नहीं रखते। साथ ही उन्होंने 2012 में सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में आने की संभावना से भी इनकार किया। टाटा ने पत्रिका 'फॉर्चून इंडिया' को दिए साक्षात्कार में कहा, मैं निश्चित रूप से राजनीति में नहीं आऊंगा। मैं यह चाहूंगा कि लोग मुझे स्वच्छ उद्योगपति के रूप में याद करें, जिसने वास्तविकताओं को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश नहीं की और कोई भी बात नहीं छिपाई तथा काफी हद तक सफल रहा है। कुल 72,000 अरब डॉलर के समूह के प्रमुख टाटा ने कहा, सत्ता और संपत्ति मेरे लिए अहमियत नहीं रखते। कंपनियों के लिए जनसंपर्क करने वाली नीरा राडिया के साथ बातचीत के टेप जारी होने के बारे में टाटा ने कहा, यह मेरे लिए कठिन स्थिति थी, लेकिन उससे भी बढ़कर यह दुखद था। उन्होंने कहा कि अमेरिका में एफबीआई और एनएसए भी बातचीत टैप करते हैं, लेकिन निजी बातचीत पर आधारित टेप सार्वजनिक नहीं करते। यह ठीक वैसा ही है जैसा आप किसी छोटे गणतंत्र में उम्मीद करते हैं। उल्लेखनीय है कि नीरा राडिया मामले में टाटा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सरकार को टैप सार्वजनिक किए जाने की जांच कराने और आगे इस प्रकार के टेप जारी नहीं होने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।
रतन टाटा ने कहा कि सत्ता और संपत्ति उनके लिए मायने नहीं रखते। उन्होंने 2012 में सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में आने की संभावना से भी इनकार किया।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) में खाली चल रहे चार पदों पर नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की है. अभी तक आयोग महज तीन सूचना आयुक्तों के साथ काम कर रहा था, जबकि उसमें मुख्य सूचना आयुक्त समेत 11 ऐसे अधिकारी होने चाहिए. सरकारी आदेश के अनुसार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व आईएफएस अधिकारी यशवर्द्धन कुमार सिन्हा, पूर्व आईआरएस अधिकारी वनजा एन सरना, पूर्व आईएएस अधिकारी नीरज कुमार गुप्ता और पूर्व विधि सचिव सुरेश चंद्र की सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी.सिन्हा 1981 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं जो ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त थे. पटना के सेंट माइकल हाई स्कूल और दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र सिन्हा अहम पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान संभाग के अगुवा समेत विदेश मंत्रालय में कई अहम पदों पर रह चुके हैं. उन्होंने अतिरिक्त सचिव के इस संभाग की अगुवाई की थी.सीआईसी में एकमात्र महिला 1980 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (सीमाशुल्क एवं उत्पाद शुल्क) की अधिकारी सरना होंगी. वह केंद्रीय सीमाशुल्क एवं उत्पाद शुल्क बोर्ड की प्रमुख थीं.    वर्ष 1982 बैच के आईएएस अधिकारी नीरज कुमार गुप्ता निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग में सचिव थे. भारतीय विधि सेवा के अधिकारी चंद्रा इसी साल केंद्रीय कानून सचिव के रुप में सेवानिवृत हुए थे और वह 2002-04 तक तत्कालीन कानून मंत्री अरुण जेटली के निजी सचिव भी रहे थे.    सरकार द्वारा नियुक्त किये गये सभी चारों इसी साल सेवानिवृत हुए थे.मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर और सूचना आयुक्तों- यशोवर्द्धन आजाद, श्रीधर आचार्यलु और अमिताव भट्टाचार्य के हाल ही में सेवानिवृत हो जाने के बाद आरटीआई मामलों के शीर्षतम न्यायिक प्राधिकरण में तीन सूचना आयुक्त ही बच गये थे. इस रिक्तता पर कई सामाजिक कार्यकर्ता उच्चतम न्यायालय चले गये थे. उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और राज्यों से मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्तियों में पारदर्शिता बरतने और सर्च समितियों एवं आवेदकों का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा था.नियुक्ति प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए एक याचिकाकर्ता-- कोमोडोर लोकेश बत्रा ने कहा कि सरकार वेबसाइट पर ब्योरा डालने संबंधी उच्चतम न्यायालय के निर्देश का पालन करने में विफल रही.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मोदी सरकार ने चार नए सूचना आयुक्त नियुक्त किए काफी समय से खाली चल रहे थे पद,कोर्ट तक पहुंचा था मामला रिटायर्ड अफसरों को मिली सूचना आयोग में जगह
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ष 2004 में हुए इशरत जहां मुठभेड़ मामले में आरोपी पुलिस अधिकारी एनके आमीन को गुजरात सरकार द्वारा बुधवार को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया. आमीन इस समय माहीसागर जिले में पुलिस अधीक्षक के तौर पर सेवारत हैं. कुछ दिनों पहले सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी मुठभेड़ मामले में मुंबई की सीबीआई अदालत द्वारा आमीन को आरोपमुक्त किया गया था.टिप्पणियां राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, आमीन को एक सितंबर से एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है. वह 31 अगस्‍त को सेवानिवृत्त होने वाले थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कुछ दिनों पहले सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी मुठभेड़ मामले में मुंबई की सीबीआई अदालत द्वारा आमीन को आरोपमुक्त किया गया था.टिप्पणियां राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, आमीन को एक सितंबर से एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है. वह 31 अगस्‍त को सेवानिवृत्त होने वाले थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, आमीन को एक सितंबर से एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है. वह 31 अगस्‍त को सेवानिवृत्त होने वाले थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 31 अगस्‍त को होने वाले थे रिटायर सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति मामलों में मिली क्‍लीन चिट इस वक्‍त एसपी के रूप में माहीसागर जिले में हैं तैनात
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बाल ठाकरे की सेहत को लेकर चल रही चर्चाओं को विराम देने के लिए शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे सामने आए और अपनी पार्टी के सांसदों और विधायकों की बैठक के बाद उद्धव ने कहा कि बाला साहब की सेहत खराब जरूर है, लेकिन चिंता वाली कोई बात नहीं। फिलहाल उनकी सेहत पहले से बेहतर है। उद्धव ने आज जब शिवसेना के सांसदों और विधायकों की अचानक बैठक बुलाई, तो बाल ठाकरे की सेहत को लेकर चर्चाएं होने लगीं, लेकिन बैठक के बाद उद्धव ने कहा कि मीटिंग पहले से तय थी और बाला साहब की हालत ठीक है।टिप्पणियां गौरतलब है कि गुरुवार को बाला साहब से मिलने के लिए उनके भतीजे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे भी मातोश्री पहुंचे थे। इसके अलावा एनसीपी नेता छगन भुजबल भी ठाकरे से उनका हालचाल पूछने उनके घर पहुंचे थे। उल्लेखनीय है कि भुजबल पहले शिवसेना के ही नेता थे, बाद में वह कांग्रेस और फिर एनसीपी में शामिल हो गए थे। उद्धव ने आज जब शिवसेना के सांसदों और विधायकों की अचानक बैठक बुलाई, तो बाल ठाकरे की सेहत को लेकर चर्चाएं होने लगीं, लेकिन बैठक के बाद उद्धव ने कहा कि मीटिंग पहले से तय थी और बाला साहब की हालत ठीक है।टिप्पणियां गौरतलब है कि गुरुवार को बाला साहब से मिलने के लिए उनके भतीजे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे भी मातोश्री पहुंचे थे। इसके अलावा एनसीपी नेता छगन भुजबल भी ठाकरे से उनका हालचाल पूछने उनके घर पहुंचे थे। उल्लेखनीय है कि भुजबल पहले शिवसेना के ही नेता थे, बाद में वह कांग्रेस और फिर एनसीपी में शामिल हो गए थे। गौरतलब है कि गुरुवार को बाला साहब से मिलने के लिए उनके भतीजे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे भी मातोश्री पहुंचे थे। इसके अलावा एनसीपी नेता छगन भुजबल भी ठाकरे से उनका हालचाल पूछने उनके घर पहुंचे थे। उल्लेखनीय है कि भुजबल पहले शिवसेना के ही नेता थे, बाद में वह कांग्रेस और फिर एनसीपी में शामिल हो गए थे। उल्लेखनीय है कि भुजबल पहले शिवसेना के ही नेता थे, बाद में वह कांग्रेस और फिर एनसीपी में शामिल हो गए थे।
यह एक सारांश है: अपनी पार्टी के सांसदों और विधायकों की बैठक के बाद शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि बाला साहब की सेहत खराब जरूर है, लेकिन चिंता वाली कोई बात नहीं।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: कन्नथानम, जो कि एक पूर्व आईएएस अधिकारी हैं, ने इशारा करते हुए कहा कि ‘‘एक स्क्रबर ला दो. ’’ इस पर किसी ने उन्हें प्लास्टिक के एक लंबे डंडे में लगा स्क्रबर दे दिया. लेकिन मंत्री ने इसे लेने से इनकार कर दिया और हाथ से पकड़कर साफ करने लायक कोई चीज मांगी. अधिकारी उनके मनमाफिक ‘स्क्रबर’ लाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. इस दौरान मंत्री ने अपने हाथों में डिटरजेंट लिया और उसे दीवार पर रगड़ने लगे. थोड़ी देर बाद किसी ने उन्हें हाथ में पकड़कर इस्तेमाल किया जाने वाला ‘स्क्रबर’ दिया, जिसका उन्होंने दीवार पर इस्तेमाल किया. बाद में कन्नथानम ने वहां मौजूद लोगों से पूछा, ‘‘साफ हुआ नहीं ? ’’टिप्पणियां पर्यटन मंत्री नीली टी शर्ट और जींस पहने हुए जनपथ मार्केट में सफाई करते रहे. हालांकि वहां सफाईकर्मी दस्ताने और मास्क पहने सड़कों पर कतार में खड़े थे. मंत्री ने सड़क पर सूखे पत्ते, खाली डिब्बे और प्लास्टिक का कूड़ा जमा किया और फिर उन्हें एक कूड़ेदान में डाल दिया, जिसकी व्यवस्था उनके कर्मचारियों ने की थी. कन्नथानम ने कहा, ‘‘भारत को स्वच्छ रखिए. हर नागरिक सड़क पर उतरिए, आस पड़ोस में जाइए और भारत को स्वच्छ बनाइए. मुझे लगता है कि यह प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा मिशन है. ’’ कन्नथानम ने जनपथ मार्केट में की गई सफाई का वीडियो फेसबुक पर साझा किया है. (इनपुट भाषा से) अधिकारी उनके मनमाफिक ‘स्क्रबर’ लाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. इस दौरान मंत्री ने अपने हाथों में डिटरजेंट लिया और उसे दीवार पर रगड़ने लगे. थोड़ी देर बाद किसी ने उन्हें हाथ में पकड़कर इस्तेमाल किया जाने वाला ‘स्क्रबर’ दिया, जिसका उन्होंने दीवार पर इस्तेमाल किया. बाद में कन्नथानम ने वहां मौजूद लोगों से पूछा, ‘‘साफ हुआ नहीं ? ’’टिप्पणियां पर्यटन मंत्री नीली टी शर्ट और जींस पहने हुए जनपथ मार्केट में सफाई करते रहे. हालांकि वहां सफाईकर्मी दस्ताने और मास्क पहने सड़कों पर कतार में खड़े थे. मंत्री ने सड़क पर सूखे पत्ते, खाली डिब्बे और प्लास्टिक का कूड़ा जमा किया और फिर उन्हें एक कूड़ेदान में डाल दिया, जिसकी व्यवस्था उनके कर्मचारियों ने की थी. कन्नथानम ने कहा, ‘‘भारत को स्वच्छ रखिए. हर नागरिक सड़क पर उतरिए, आस पड़ोस में जाइए और भारत को स्वच्छ बनाइए. मुझे लगता है कि यह प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा मिशन है. ’’ कन्नथानम ने जनपथ मार्केट में की गई सफाई का वीडियो फेसबुक पर साझा किया है. (इनपुट भाषा से) पर्यटन मंत्री नीली टी शर्ट और जींस पहने हुए जनपथ मार्केट में सफाई करते रहे. हालांकि वहां सफाईकर्मी दस्ताने और मास्क पहने सड़कों पर कतार में खड़े थे. मंत्री ने सड़क पर सूखे पत्ते, खाली डिब्बे और प्लास्टिक का कूड़ा जमा किया और फिर उन्हें एक कूड़ेदान में डाल दिया, जिसकी व्यवस्था उनके कर्मचारियों ने की थी. कन्नथानम ने कहा, ‘‘भारत को स्वच्छ रखिए. हर नागरिक सड़क पर उतरिए, आस पड़ोस में जाइए और भारत को स्वच्छ बनाइए. मुझे लगता है कि यह प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा मिशन है. ’’ कन्नथानम ने जनपथ मार्केट में की गई सफाई का वीडियो फेसबुक पर साझा किया है. (इनपुट भाषा से) कन्नथानम ने कहा, ‘‘भारत को स्वच्छ रखिए. हर नागरिक सड़क पर उतरिए, आस पड़ोस में जाइए और भारत को स्वच्छ बनाइए. मुझे लगता है कि यह प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा मिशन है. ’’ कन्नथानम ने जनपथ मार्केट में की गई सफाई का वीडियो फेसबुक पर साझा किया है. (इनपुट भाषा से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्क्रबर न मिलने पर दीवारों पर हाथ से घिसा डिटरजेंट सूखे पत्ते, खाली डिब्बे और प्लास्टिक का कूड़ा जमा किया कहा- भारत को स्वच्छ रखिए, हर नागरिक सड़क पर उतरिए
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['hin']
एक सारांश बनाओ: Causes Of Diabetes: इन 6 चीजों का रखें ध्यान नहीं होगी डायबिटीज! पूरे दिन भूखा रहना आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करता है. इससे आपका शुगर लेवल कम हो सकता है. जिन लोगों को डायबिटीज और शुगर की बीमारी है उनको कैसे रखना है अपना ख्याल. अगर आप डायबिटीज की मरीज हैं और उपवास रखने की प्लानिंग बना रही हैं, तो हम आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिनके जरिए आप एक हेल्दी तरीके से इस उपवास रख सकती हैं. Diabetes Diet: 5 आसान तरीकों से डायबिटीज को कर सकते हैं कंट्रोल 1. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो कार्बोहाइड्रेट का सेवन करें. यह आपके इंसुलिन का स्तर नियंत्रण में रखेगा. दिन में आपका ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है, इसलिए यह जरूरी है कि आप अच्छी तरह से खाएं.  2. ब्लड शुगर को मैंटेन रखने के लिए फायबर युक्त पदार्थ खाए जा सकते हैं. सरगी में खीर भी खा सकते हैं. इससे आपका शरीर दिनभर के उपवास के लिए तैयार हो सकेगा. 3. आपको दूध और ड्राई फ्रूट्स खाने चाहिए. पूरे दिन आपका ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव हो सकता है. कार्बोहाइड्रेट के अलावा आपको फाइबर भी खाना चाहिए. इससे ब्लड शुगर को बनाए रखने में मदद मिलती है.  Diabetes: ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकती है हल्दी, डायबिटीज में भी फायदेमंद! जानें इस्तेमाल करने का तरीका 4. दिन के दौरान आपको क्या करना चाहिए यह जरूरी है कि आप अपने स्वास्थ्य की देखभाल करें. अगर आपको बेचैनी महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत अपने इंसुलिन लेवल की जांच करें.  5. अपना व्रत कुछ मीठा खाकर तोड़ सकते हैं. यह आपके ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखेगा. इसके बाद आप मीठी मठरी खा सकती हैं. आप फलों का जूस पी सकती हैं. ध्यान रहे कि रात को हल्का खाना खाएं.  Weight Loss: वजन कम करने से टाइप 2 डाइबिटीज में मिल सकती है मदद, जानें वजन घटाने के सबसे असरदार तरीके हर कोई अलग-अलग तरीके से व्रत तोड़ता है. कोई बिल्कुल पारंपरिक तरीके से छलनी में से अपने पति को देखता है और व्रत तोड़ने के लिए अपने पति के हाथों से पानी की एक घूंट पीती है. आज के समय में, पति अपनी पत्नियों के लिए भी व्रत रखते हैं. इसके बाद एक साथ खाना एंजॉय करते हैं. आंवला के फायदे, जानें कैसे करें इसका इस्तेमाल? 1. व्रत खोलने की शुरूआत एक ग्लास पानी से करें और इसके बाद थोड़े से नट्स खाएं. दो बादाम, एक या दो अखरोट और थोड़े सूरजमुखी के बीज खाएं. 2. पेट में असिडिटी का स्तर उच्च होता है, इसलिए चाय और कॉफी से परहेज करें. 3. मुंह मीठा करने के लिए दो-तीन खजूर खाए जा सकते हैं, डार्क चॉकलेट का एक छोटा पीस और घर में बनी कुल्फी के साथ अपने मील को खत्म किया जा सकता है. 4.. ऑयली, तीखा और तले हुए खाने से परहेज करें. हल्का और आसानी से पच जाने वाला खाना खाएं, जैसे- इडली, डोसा, सांभर के साथ उत्तपम, सब्जियां, 5. दलिया, ओट्स मील, सब्जी या पनीर भूर्जी के साथ चपाती, दाल के साथ उबले हुए चावल या पुलाव आदि.डायबिटीज से हैं परेशान, कंट्रोल करना चाहते हैं ब्लड शुगर लेवल, अपनाएं ये तरीके और खबरों के लिए क्लिक करें इन्हें भी पढ़ें ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करेगा बादाम, जानिए कैसे Pomegranates: वजन होगा कम, टाइप-2 डायबिटीज नहीं करेगी परेशान, जमकर खाएं अनार यह अमेजिंग स्‍पाइस कम करेगी वजन, कंट्रोल होगा डायबिटीज, पीसीओडी की समस्‍या करेगी दूर जानें कैसे आपकी आंखें बता सकती हैं आपको डायबिटीज है कि नहीं क्‍या आपको भी जल्‍दी शुरू हुए थे पीरियड्स, तो आप हो सकते हैं टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित Blood Sugar Levels: ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के 4 आसान तरीके! Sleeping Disorder: नींद पूरी न होने की वजह से हो सकती हैं ये 5 बीमारियां
संक्षिप्त पाठ: करवा चौथ में डायबिटीज के मरीजों को क्या खाना चाहिए? शुगर के मरीजों को सेहत का रखना होगा खास ध्यान. डायबिटीज के मरीज कैसे खोलें करवा चौथ का व्रत?
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार ने लोकायुक्त को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर कर दिया है। सरकार ने यह जानकारी पिछले दिनों एक आरटीआई अर्जी पर राज्य सूचना आयोग के समक्ष दी है। लोकायुक्त के जनसूचना अधिकारी अरविन्द कुमार सिंघल ने गत शुक्रवार को मुरादाबाद के आरटीआई कार्यकर्ता सलीम बेग की अर्जी पर राज्य सूचना आयोग में पेशी के दौरान दी गई लिखित जानकारी में बताया, ‘‘आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियां आच्छादित नहीं हैं तथा लोक आयुक्त प्रशासन एक अन्वेषण एजेंसी है। इसी आधार पर शासन द्वारा 3 अगस्त 2012 को इस सिलसिले में अधिसूचना जारी कर लोकायुक्त कार्यालय को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे से बाहर कर दिया है।’’ बेग ने 10 मई 2012 को आरटीआई अर्जी देकर लोकायुक्त कार्यालय से 13 मई 2007 से आठ मई 2012 तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से मुख्तलिफ विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत करने वाले लोगों के नाम-पतों की सूची तथा उन शिकायतों पर की गयी कार्यवाही एवं निस्तारित तथा दोषसिद्ध शिकायतों की जिलेवार और वर्षवार सूची मांगी थी। साथ ही उन्होंने लोकायुक्त में दर्ज शिकायत के निस्तारण की समयसीमा एवं शुल्क की जानकारी भी मांगी थी। इस पर 22 मई 2012 को लोकायुक्त कार्यालय द्वारा दिये गये जवाब में कहा गया था कि उत्तर प्रदेश लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त आयुक्त अधिनियम 1975 के प्रावधानों के मद्देनजर अभिलेखों की प्रतियां दिया जाना सम्भव नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण की कोई समयसीमा तय नहीं है। लोकायुक्त कार्यालय के जवाब से असंतुष्ट होकर बेग ने राज्य सूचना आयोग में 12 जुलाई 2012 को शिकायत की थी जिस पर इस साल 3 अप्रैल को हुई सुनवाई में आयोग ने लोकायुक्त को नोटिस जारी करके पूछा था कि वह बताएं कि आखिर किन कारणों से वांछित जानकारी नहीं दी जा रही है। इस पर 10 मई को आयोग के समक्ष पेश हुए लोकायुक्त के जन सूचना अधिकारी सिंघल ने 3 अगस्त 2012 को जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए बताया कि लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया गया है। बेग ने लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर किए जाने को मनमाना कदम करार देते हुए कहा है कि यह आरटीआई कार्यकर्ताओं को हताश करने के लिए उठाया गया कदम है। वह इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय ने आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियों के सूचना का अधिकार कानून के तहत आच्छादित नहीं होने की बात कही है जो सरासर गलत है। आरटीआई की धारा 24 (4) में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सूचना देने पर रोक नहीं लगा सकता। बेग ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य की तत्कालीन मायावती सरकार ने एक शासनादेश जारी कर सतर्कता विभाग को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया था। उन्होंने इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी थी।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। लोकायुक्त के जनसूचना अधिकारी अरविन्द कुमार सिंघल ने गत शुक्रवार को मुरादाबाद के आरटीआई कार्यकर्ता सलीम बेग की अर्जी पर राज्य सूचना आयोग में पेशी के दौरान दी गई लिखित जानकारी में बताया, ‘‘आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियां आच्छादित नहीं हैं तथा लोक आयुक्त प्रशासन एक अन्वेषण एजेंसी है। इसी आधार पर शासन द्वारा 3 अगस्त 2012 को इस सिलसिले में अधिसूचना जारी कर लोकायुक्त कार्यालय को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे से बाहर कर दिया है।’’ बेग ने 10 मई 2012 को आरटीआई अर्जी देकर लोकायुक्त कार्यालय से 13 मई 2007 से आठ मई 2012 तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से मुख्तलिफ विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत करने वाले लोगों के नाम-पतों की सूची तथा उन शिकायतों पर की गयी कार्यवाही एवं निस्तारित तथा दोषसिद्ध शिकायतों की जिलेवार और वर्षवार सूची मांगी थी। साथ ही उन्होंने लोकायुक्त में दर्ज शिकायत के निस्तारण की समयसीमा एवं शुल्क की जानकारी भी मांगी थी। इस पर 22 मई 2012 को लोकायुक्त कार्यालय द्वारा दिये गये जवाब में कहा गया था कि उत्तर प्रदेश लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त आयुक्त अधिनियम 1975 के प्रावधानों के मद्देनजर अभिलेखों की प्रतियां दिया जाना सम्भव नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण की कोई समयसीमा तय नहीं है। लोकायुक्त कार्यालय के जवाब से असंतुष्ट होकर बेग ने राज्य सूचना आयोग में 12 जुलाई 2012 को शिकायत की थी जिस पर इस साल 3 अप्रैल को हुई सुनवाई में आयोग ने लोकायुक्त को नोटिस जारी करके पूछा था कि वह बताएं कि आखिर किन कारणों से वांछित जानकारी नहीं दी जा रही है। इस पर 10 मई को आयोग के समक्ष पेश हुए लोकायुक्त के जन सूचना अधिकारी सिंघल ने 3 अगस्त 2012 को जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए बताया कि लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया गया है। बेग ने लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर किए जाने को मनमाना कदम करार देते हुए कहा है कि यह आरटीआई कार्यकर्ताओं को हताश करने के लिए उठाया गया कदम है। वह इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय ने आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियों के सूचना का अधिकार कानून के तहत आच्छादित नहीं होने की बात कही है जो सरासर गलत है। आरटीआई की धारा 24 (4) में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सूचना देने पर रोक नहीं लगा सकता। बेग ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य की तत्कालीन मायावती सरकार ने एक शासनादेश जारी कर सतर्कता विभाग को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया था। उन्होंने इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी थी।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। बेग ने 10 मई 2012 को आरटीआई अर्जी देकर लोकायुक्त कार्यालय से 13 मई 2007 से आठ मई 2012 तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से मुख्तलिफ विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत करने वाले लोगों के नाम-पतों की सूची तथा उन शिकायतों पर की गयी कार्यवाही एवं निस्तारित तथा दोषसिद्ध शिकायतों की जिलेवार और वर्षवार सूची मांगी थी। साथ ही उन्होंने लोकायुक्त में दर्ज शिकायत के निस्तारण की समयसीमा एवं शुल्क की जानकारी भी मांगी थी। इस पर 22 मई 2012 को लोकायुक्त कार्यालय द्वारा दिये गये जवाब में कहा गया था कि उत्तर प्रदेश लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त आयुक्त अधिनियम 1975 के प्रावधानों के मद्देनजर अभिलेखों की प्रतियां दिया जाना सम्भव नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण की कोई समयसीमा तय नहीं है। लोकायुक्त कार्यालय के जवाब से असंतुष्ट होकर बेग ने राज्य सूचना आयोग में 12 जुलाई 2012 को शिकायत की थी जिस पर इस साल 3 अप्रैल को हुई सुनवाई में आयोग ने लोकायुक्त को नोटिस जारी करके पूछा था कि वह बताएं कि आखिर किन कारणों से वांछित जानकारी नहीं दी जा रही है। इस पर 10 मई को आयोग के समक्ष पेश हुए लोकायुक्त के जन सूचना अधिकारी सिंघल ने 3 अगस्त 2012 को जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए बताया कि लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया गया है। बेग ने लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर किए जाने को मनमाना कदम करार देते हुए कहा है कि यह आरटीआई कार्यकर्ताओं को हताश करने के लिए उठाया गया कदम है। वह इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय ने आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियों के सूचना का अधिकार कानून के तहत आच्छादित नहीं होने की बात कही है जो सरासर गलत है। आरटीआई की धारा 24 (4) में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सूचना देने पर रोक नहीं लगा सकता। बेग ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य की तत्कालीन मायावती सरकार ने एक शासनादेश जारी कर सतर्कता विभाग को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया था। उन्होंने इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी थी।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। साथ ही उन्होंने लोकायुक्त में दर्ज शिकायत के निस्तारण की समयसीमा एवं शुल्क की जानकारी भी मांगी थी। इस पर 22 मई 2012 को लोकायुक्त कार्यालय द्वारा दिये गये जवाब में कहा गया था कि उत्तर प्रदेश लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त आयुक्त अधिनियम 1975 के प्रावधानों के मद्देनजर अभिलेखों की प्रतियां दिया जाना सम्भव नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण की कोई समयसीमा तय नहीं है। लोकायुक्त कार्यालय के जवाब से असंतुष्ट होकर बेग ने राज्य सूचना आयोग में 12 जुलाई 2012 को शिकायत की थी जिस पर इस साल 3 अप्रैल को हुई सुनवाई में आयोग ने लोकायुक्त को नोटिस जारी करके पूछा था कि वह बताएं कि आखिर किन कारणों से वांछित जानकारी नहीं दी जा रही है। इस पर 10 मई को आयोग के समक्ष पेश हुए लोकायुक्त के जन सूचना अधिकारी सिंघल ने 3 अगस्त 2012 को जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए बताया कि लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया गया है। बेग ने लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर किए जाने को मनमाना कदम करार देते हुए कहा है कि यह आरटीआई कार्यकर्ताओं को हताश करने के लिए उठाया गया कदम है। वह इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय ने आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियों के सूचना का अधिकार कानून के तहत आच्छादित नहीं होने की बात कही है जो सरासर गलत है। आरटीआई की धारा 24 (4) में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सूचना देने पर रोक नहीं लगा सकता। बेग ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य की तत्कालीन मायावती सरकार ने एक शासनादेश जारी कर सतर्कता विभाग को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया था। उन्होंने इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी थी।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। इस पर 22 मई 2012 को लोकायुक्त कार्यालय द्वारा दिये गये जवाब में कहा गया था कि उत्तर प्रदेश लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त आयुक्त अधिनियम 1975 के प्रावधानों के मद्देनजर अभिलेखों की प्रतियां दिया जाना सम्भव नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण की कोई समयसीमा तय नहीं है। लोकायुक्त कार्यालय के जवाब से असंतुष्ट होकर बेग ने राज्य सूचना आयोग में 12 जुलाई 2012 को शिकायत की थी जिस पर इस साल 3 अप्रैल को हुई सुनवाई में आयोग ने लोकायुक्त को नोटिस जारी करके पूछा था कि वह बताएं कि आखिर किन कारणों से वांछित जानकारी नहीं दी जा रही है। इस पर 10 मई को आयोग के समक्ष पेश हुए लोकायुक्त के जन सूचना अधिकारी सिंघल ने 3 अगस्त 2012 को जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए बताया कि लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया गया है। बेग ने लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर किए जाने को मनमाना कदम करार देते हुए कहा है कि यह आरटीआई कार्यकर्ताओं को हताश करने के लिए उठाया गया कदम है। वह इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय ने आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियों के सूचना का अधिकार कानून के तहत आच्छादित नहीं होने की बात कही है जो सरासर गलत है। आरटीआई की धारा 24 (4) में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सूचना देने पर रोक नहीं लगा सकता। बेग ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य की तत्कालीन मायावती सरकार ने एक शासनादेश जारी कर सतर्कता विभाग को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया था। उन्होंने इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी थी।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। लोकायुक्त कार्यालय के जवाब से असंतुष्ट होकर बेग ने राज्य सूचना आयोग में 12 जुलाई 2012 को शिकायत की थी जिस पर इस साल 3 अप्रैल को हुई सुनवाई में आयोग ने लोकायुक्त को नोटिस जारी करके पूछा था कि वह बताएं कि आखिर किन कारणों से वांछित जानकारी नहीं दी जा रही है। इस पर 10 मई को आयोग के समक्ष पेश हुए लोकायुक्त के जन सूचना अधिकारी सिंघल ने 3 अगस्त 2012 को जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए बताया कि लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया गया है। बेग ने लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर किए जाने को मनमाना कदम करार देते हुए कहा है कि यह आरटीआई कार्यकर्ताओं को हताश करने के लिए उठाया गया कदम है। वह इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय ने आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियों के सूचना का अधिकार कानून के तहत आच्छादित नहीं होने की बात कही है जो सरासर गलत है। आरटीआई की धारा 24 (4) में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सूचना देने पर रोक नहीं लगा सकता। बेग ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य की तत्कालीन मायावती सरकार ने एक शासनादेश जारी कर सतर्कता विभाग को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया था। उन्होंने इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी थी।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। बेग ने लोकायुक्त कार्यालय को आरटीआई के दायरे से बाहर किए जाने को मनमाना कदम करार देते हुए कहा है कि यह आरटीआई कार्यकर्ताओं को हताश करने के लिए उठाया गया कदम है। वह इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय ने आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियों के सूचना का अधिकार कानून के तहत आच्छादित नहीं होने की बात कही है जो सरासर गलत है। आरटीआई की धारा 24 (4) में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सूचना देने पर रोक नहीं लगा सकता। बेग ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य की तत्कालीन मायावती सरकार ने एक शासनादेश जारी कर सतर्कता विभाग को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया था। उन्होंने इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी थी।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय ने आरटीआई की धारा आठ के तहत अन्वेषण एजेंसियों के सूचना का अधिकार कानून के तहत आच्छादित नहीं होने की बात कही है जो सरासर गलत है। आरटीआई की धारा 24 (4) में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सूचना देने पर रोक नहीं लगा सकता। बेग ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य की तत्कालीन मायावती सरकार ने एक शासनादेश जारी कर सतर्कता विभाग को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया था। उन्होंने इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी थी।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। बेग ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य की तत्कालीन मायावती सरकार ने एक शासनादेश जारी कर सतर्कता विभाग को आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया था। उन्होंने इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिये चुनौती दी थी।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि अदालत ने 25 अक्तूबर 2010 को पारित आदेश में कहा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 24 (4) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी राज्य मानवाधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर आरटीआई के जरिये मांगी गयी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था। बेग ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद सतर्कता विभाग को दोबारा आरटीआई के दायरे में बहाल कर दिया गया था।
संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार ने लोकायुक्त को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर कर दिया है। सरकार ने यह जानकारी पिछले दिनों एक आरटीआई अर्जी पर राज्य सूचना आयोग के समक्ष दी है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फैसला किया है कि उनका प्रशासन सिर्फ पुरुष और महिला के बीच विवाह की इजाजत देने वाले कानून का बचाव नहीं करेगा। ओबामा के इस कदम को समलैंगिक अधिकारों की हिमायत करने वाले लोगों की एक जीत के रूप में देखा जा रहा है। अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने एक बयान में बताया कि डिफेंस ऑफ मैरिज एक्ट (डोमा) को दो याचिकाओं के जरिए चुनौती दिए जाने के मद्देनजर ओबामा ने कहा कि यह कानून असंवैधानिक हैं। गौरतलब है कि यह कानून पिछले 15 वर्षों से प्रभावी है। होल्डर ने रिपब्लिकन हाउस के अध्यक्ष जॉन बोहनर को लिखे एक पत्र में कहा है कि ओबामा ने पाया कि कुछ समलैंगिक जोड़ी को वैध शादी से बाहर रखने से पांचवें संशोधन में प्रदत्त समान सुरक्षा के प्रावधान का उल्लंघन होता है। ओबामा ने कहा कि न्याय विभाग 1996 के अधिनियम के मुख्य भाग का अधिक समय तक बचाव नहीं कर सकता, जो समलैंगिक शादी को संघीय स्तर पर मान्यता से वंचित करता है। इस बीच, रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य एवं सदन की न्यायिक समिति के प्रमुख ने इस फैसले की यह कहते हुए आलोचना की कि यह न्याय विभाग का राजनीतिकरण है तथा एक गैर-जिम्मेदाराना कदम है।
यह एक सारांश है: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फैसला किया है कि उनका प्रशासन सिर्फ पुरुष और महिला के बीच विवाह की इजाजत देने वाले कानून का बचाव नहीं करेगा।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को मजबूत बनाने पर बल देते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एक बार फिर कहा कि कांग्रेस विरोधी दलों को जोड़ना आज की राजनीति की आवश्यकता है। शुक्रवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 61वें बलिदान दिवस पर आयोजित एक समारोह के दौरान आडवाणी ने कहा, आजादी के बाद जब देश की राजनीति में कांग्रेस का वर्चस्व था, ऐसे समय में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना के बाद विभिन्न दलों को अपने से जोड़ने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस के एकाधिकार को तोड़ना है, तो अन्य कांग्रेस विरोधी दलों को जोड़ना होगा। आडवाणी ने कहा, मुखर्जी के इस बयान का महत्व आज की राजनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि बीजेपी में नरेंद्र मोदी का कद बढ़ाए जाने तथा जेडीयू के एनडीए से नाता तोड़ लेने पर आडवाणी नाराज बताए जाते हैं। बीजेपी के गोवा अधिवेशन में मोदी को पार्टी की चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के कथित विरोध में आडवाणी ने 10 जून को बीजेपी के तीन पदों से इस्तीफा दे दिया था। इस समारोह में बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का उल्लेख करते हुए आडवाणी को उत्कृष्ट कोटि का चिंतक और पार्टी का सर्वोपरि मार्गदर्शक बताया। पार्टी नेताओं को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए रास्ते पर चलने की नसीहत देते हुए आडवाणी ने कहा कि आजादी के बाद पहले चुनाव में जनसंघ के देश के विभिन्न राज्यों में विधानसभा में 35 विधायक विजयी हुए थे, इसमें पश्चिम बंगाल से नौ विधायक और राजस्थान से आठ विधायक थे। इसी समय कांग्रेस नीत सरकार ने राजस्थान में जागीरदारी उन्मूलन विधेयक पेश करने का निर्णय किया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस विधेयक का समर्थन किया, हालांकि राजस्थान में आठ में से हमारे छह विधायक इसके पक्ष में नहीं थे और उन्होंने इसका विरोध करने का निर्णय किया था। आडवाणी ने कहा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि कोई भी पार्टी चुनावी घोषणापत्र में जो बात कहती है, उसे पूरा करना होता है, क्योंकि वह जनता को दिया गया वचन होता है। अगर पार्टी के विधायक जनता से किए गए इस वादे को पूरा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में भी हिचक नहीं होनी चाहिए।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा कि उस समय जब पार्टी (जनसंघ) शैशवावस्था में थी, तब इस विधेयक का विरोध करने वाले छह विधायकों को पार्टी से निष्काषित किया गया। आज भला कोई ऐसा सोच सकता है। आडवाणी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रेरक और आदर्श इतिहास रहा है, जो आज भी पार्टी के लिए प्रसांगिक है। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत की कोई जांच नहीं की गई। आडवाणी ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में पहली सरकार में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ अंबेडकर को मंत्री बनाया गया था। कांग्रेस के आलोचक दोनों नेताओं को महात्मा गांधी की सलाह पर नेहरू ने मंत्रिमंडल में शामिल किया था। शुक्रवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 61वें बलिदान दिवस पर आयोजित एक समारोह के दौरान आडवाणी ने कहा, आजादी के बाद जब देश की राजनीति में कांग्रेस का वर्चस्व था, ऐसे समय में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना के बाद विभिन्न दलों को अपने से जोड़ने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस के एकाधिकार को तोड़ना है, तो अन्य कांग्रेस विरोधी दलों को जोड़ना होगा। आडवाणी ने कहा, मुखर्जी के इस बयान का महत्व आज की राजनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि बीजेपी में नरेंद्र मोदी का कद बढ़ाए जाने तथा जेडीयू के एनडीए से नाता तोड़ लेने पर आडवाणी नाराज बताए जाते हैं। बीजेपी के गोवा अधिवेशन में मोदी को पार्टी की चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के कथित विरोध में आडवाणी ने 10 जून को बीजेपी के तीन पदों से इस्तीफा दे दिया था। इस समारोह में बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का उल्लेख करते हुए आडवाणी को उत्कृष्ट कोटि का चिंतक और पार्टी का सर्वोपरि मार्गदर्शक बताया। पार्टी नेताओं को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए रास्ते पर चलने की नसीहत देते हुए आडवाणी ने कहा कि आजादी के बाद पहले चुनाव में जनसंघ के देश के विभिन्न राज्यों में विधानसभा में 35 विधायक विजयी हुए थे, इसमें पश्चिम बंगाल से नौ विधायक और राजस्थान से आठ विधायक थे। इसी समय कांग्रेस नीत सरकार ने राजस्थान में जागीरदारी उन्मूलन विधेयक पेश करने का निर्णय किया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस विधेयक का समर्थन किया, हालांकि राजस्थान में आठ में से हमारे छह विधायक इसके पक्ष में नहीं थे और उन्होंने इसका विरोध करने का निर्णय किया था। आडवाणी ने कहा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि कोई भी पार्टी चुनावी घोषणापत्र में जो बात कहती है, उसे पूरा करना होता है, क्योंकि वह जनता को दिया गया वचन होता है। अगर पार्टी के विधायक जनता से किए गए इस वादे को पूरा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में भी हिचक नहीं होनी चाहिए।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा कि उस समय जब पार्टी (जनसंघ) शैशवावस्था में थी, तब इस विधेयक का विरोध करने वाले छह विधायकों को पार्टी से निष्काषित किया गया। आज भला कोई ऐसा सोच सकता है। आडवाणी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रेरक और आदर्श इतिहास रहा है, जो आज भी पार्टी के लिए प्रसांगिक है। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत की कोई जांच नहीं की गई। आडवाणी ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में पहली सरकार में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ अंबेडकर को मंत्री बनाया गया था। कांग्रेस के आलोचक दोनों नेताओं को महात्मा गांधी की सलाह पर नेहरू ने मंत्रिमंडल में शामिल किया था। आडवाणी ने कहा, मुखर्जी के इस बयान का महत्व आज की राजनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि बीजेपी में नरेंद्र मोदी का कद बढ़ाए जाने तथा जेडीयू के एनडीए से नाता तोड़ लेने पर आडवाणी नाराज बताए जाते हैं। बीजेपी के गोवा अधिवेशन में मोदी को पार्टी की चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के कथित विरोध में आडवाणी ने 10 जून को बीजेपी के तीन पदों से इस्तीफा दे दिया था। इस समारोह में बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का उल्लेख करते हुए आडवाणी को उत्कृष्ट कोटि का चिंतक और पार्टी का सर्वोपरि मार्गदर्शक बताया। पार्टी नेताओं को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए रास्ते पर चलने की नसीहत देते हुए आडवाणी ने कहा कि आजादी के बाद पहले चुनाव में जनसंघ के देश के विभिन्न राज्यों में विधानसभा में 35 विधायक विजयी हुए थे, इसमें पश्चिम बंगाल से नौ विधायक और राजस्थान से आठ विधायक थे। इसी समय कांग्रेस नीत सरकार ने राजस्थान में जागीरदारी उन्मूलन विधेयक पेश करने का निर्णय किया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस विधेयक का समर्थन किया, हालांकि राजस्थान में आठ में से हमारे छह विधायक इसके पक्ष में नहीं थे और उन्होंने इसका विरोध करने का निर्णय किया था। आडवाणी ने कहा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि कोई भी पार्टी चुनावी घोषणापत्र में जो बात कहती है, उसे पूरा करना होता है, क्योंकि वह जनता को दिया गया वचन होता है। अगर पार्टी के विधायक जनता से किए गए इस वादे को पूरा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में भी हिचक नहीं होनी चाहिए।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा कि उस समय जब पार्टी (जनसंघ) शैशवावस्था में थी, तब इस विधेयक का विरोध करने वाले छह विधायकों को पार्टी से निष्काषित किया गया। आज भला कोई ऐसा सोच सकता है। आडवाणी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रेरक और आदर्श इतिहास रहा है, जो आज भी पार्टी के लिए प्रसांगिक है। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत की कोई जांच नहीं की गई। आडवाणी ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में पहली सरकार में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ अंबेडकर को मंत्री बनाया गया था। कांग्रेस के आलोचक दोनों नेताओं को महात्मा गांधी की सलाह पर नेहरू ने मंत्रिमंडल में शामिल किया था। पार्टी नेताओं को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए रास्ते पर चलने की नसीहत देते हुए आडवाणी ने कहा कि आजादी के बाद पहले चुनाव में जनसंघ के देश के विभिन्न राज्यों में विधानसभा में 35 विधायक विजयी हुए थे, इसमें पश्चिम बंगाल से नौ विधायक और राजस्थान से आठ विधायक थे। इसी समय कांग्रेस नीत सरकार ने राजस्थान में जागीरदारी उन्मूलन विधेयक पेश करने का निर्णय किया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस विधेयक का समर्थन किया, हालांकि राजस्थान में आठ में से हमारे छह विधायक इसके पक्ष में नहीं थे और उन्होंने इसका विरोध करने का निर्णय किया था। आडवाणी ने कहा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि कोई भी पार्टी चुनावी घोषणापत्र में जो बात कहती है, उसे पूरा करना होता है, क्योंकि वह जनता को दिया गया वचन होता है। अगर पार्टी के विधायक जनता से किए गए इस वादे को पूरा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में भी हिचक नहीं होनी चाहिए।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा कि उस समय जब पार्टी (जनसंघ) शैशवावस्था में थी, तब इस विधेयक का विरोध करने वाले छह विधायकों को पार्टी से निष्काषित किया गया। आज भला कोई ऐसा सोच सकता है। आडवाणी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रेरक और आदर्श इतिहास रहा है, जो आज भी पार्टी के लिए प्रसांगिक है। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत की कोई जांच नहीं की गई। आडवाणी ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में पहली सरकार में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ अंबेडकर को मंत्री बनाया गया था। कांग्रेस के आलोचक दोनों नेताओं को महात्मा गांधी की सलाह पर नेहरू ने मंत्रिमंडल में शामिल किया था। आडवाणी ने कहा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि कोई भी पार्टी चुनावी घोषणापत्र में जो बात कहती है, उसे पूरा करना होता है, क्योंकि वह जनता को दिया गया वचन होता है। अगर पार्टी के विधायक जनता से किए गए इस वादे को पूरा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में भी हिचक नहीं होनी चाहिए।टिप्पणियां बीजेपी नेता ने कहा कि उस समय जब पार्टी (जनसंघ) शैशवावस्था में थी, तब इस विधेयक का विरोध करने वाले छह विधायकों को पार्टी से निष्काषित किया गया। आज भला कोई ऐसा सोच सकता है। आडवाणी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रेरक और आदर्श इतिहास रहा है, जो आज भी पार्टी के लिए प्रसांगिक है। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत की कोई जांच नहीं की गई। आडवाणी ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में पहली सरकार में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ अंबेडकर को मंत्री बनाया गया था। कांग्रेस के आलोचक दोनों नेताओं को महात्मा गांधी की सलाह पर नेहरू ने मंत्रिमंडल में शामिल किया था। बीजेपी नेता ने कहा कि उस समय जब पार्टी (जनसंघ) शैशवावस्था में थी, तब इस विधेयक का विरोध करने वाले छह विधायकों को पार्टी से निष्काषित किया गया। आज भला कोई ऐसा सोच सकता है। आडवाणी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रेरक और आदर्श इतिहास रहा है, जो आज भी पार्टी के लिए प्रसांगिक है। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत की कोई जांच नहीं की गई। आडवाणी ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में पहली सरकार में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ अंबेडकर को मंत्री बनाया गया था। कांग्रेस के आलोचक दोनों नेताओं को महात्मा गांधी की सलाह पर नेहरू ने मंत्रिमंडल में शामिल किया था। आडवाणी ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में पहली सरकार में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ अंबेडकर को मंत्री बनाया गया था। कांग्रेस के आलोचक दोनों नेताओं को महात्मा गांधी की सलाह पर नेहरू ने मंत्रिमंडल में शामिल किया था।
संक्षिप्त पाठ: एनडीए को मजबूत बनाने पर बल देते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एक बार फिर कहा कि कांग्रेस विरोधी दलों को जोड़ना आज की राजनीति की आवश्यकता है।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गोलीबारी का शिकार बने विस्कॉन्सिन गुरुद्वारा को एक बार फिर से लोगों के लिए खोल दिया गया है। पांच दिन पहले गुरुद्वारा में हुई गोलीबारी में छह लोग मारे गए थे जिससे ओक क्रीक में सिख समुदाय स्तब्ध रह गया था।टिप्पणियां स्थानीय पुलिस ने ओक क्रीक गुरुद्वारा को इसका प्रबंधन सौंप दिया है जिसने पूरे परिसर की साफ-सफाई तुरंत शुरू कर दी थी। गुरुद्वारा समिति के सदस्य जगजीत सिंह संधू ने कहा, अब इसे लोगों के लिए खोल दिया गया है। सिंह ने कहा, हमें उम्मीद है कि सफाई जल्द पूरी हो जाएगी लेकिन अब यह लोगों के लिए खुला हुआ है। स्थानीय सिख समुदाय के लोगों के लिए 1997 में बने इस गुरुद्वारे में रविवार को एक पूर्व अमेरिकी सैनिक ने गोलीबारी की थी जिसमें छह लोग मारे गए थे। उसे गोरा होने का अभिमान था और गोरों को वह सर्वश्रेष्ठ समझता था। स्थानीय पुलिस ने ओक क्रीक गुरुद्वारा को इसका प्रबंधन सौंप दिया है जिसने पूरे परिसर की साफ-सफाई तुरंत शुरू कर दी थी। गुरुद्वारा समिति के सदस्य जगजीत सिंह संधू ने कहा, अब इसे लोगों के लिए खोल दिया गया है। सिंह ने कहा, हमें उम्मीद है कि सफाई जल्द पूरी हो जाएगी लेकिन अब यह लोगों के लिए खुला हुआ है। स्थानीय सिख समुदाय के लोगों के लिए 1997 में बने इस गुरुद्वारे में रविवार को एक पूर्व अमेरिकी सैनिक ने गोलीबारी की थी जिसमें छह लोग मारे गए थे। उसे गोरा होने का अभिमान था और गोरों को वह सर्वश्रेष्ठ समझता था। गुरुद्वारा समिति के सदस्य जगजीत सिंह संधू ने कहा, अब इसे लोगों के लिए खोल दिया गया है। सिंह ने कहा, हमें उम्मीद है कि सफाई जल्द पूरी हो जाएगी लेकिन अब यह लोगों के लिए खुला हुआ है। स्थानीय सिख समुदाय के लोगों के लिए 1997 में बने इस गुरुद्वारे में रविवार को एक पूर्व अमेरिकी सैनिक ने गोलीबारी की थी जिसमें छह लोग मारे गए थे। उसे गोरा होने का अभिमान था और गोरों को वह सर्वश्रेष्ठ समझता था।
सारांश: गोलीबारी का शिकार बने विस्कॉन्सिन गुरुद्वारे को एक बार फिर से लोगों के लिए खोल दिया गया है। इसमें छह लोग मारे गए थे।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका के महान स्पिन गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन ने कहा है कि वह 19 फरवरी से उपमहाद्वीप में आयोजित होने वाले क्रिकेट विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। 38 वर्षीय इस ऑफ स्पिन गेंदबाज ने कहा कि इस दौरान वह घरेलू ट्वेंटी-20 प्रतियोगिता खेलते रहेंगे। मुरलीधरन ने पिछले वर्ष जुलाई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। मुरलीधरन ने कहा, "विश्व कप मेरा आखिरी दौरा होगा। मेरा समय अब पूरा हो चुका है। मैंने आईपीएल में कोच्चि फ्रेंचाइजी के साथ दो वर्ष के लिए करार किए हैं।" मुरलीधरन ने 133 टेस्ट मैचों में 800 विकेट झटके हैं। ऐसा करने वाले वह विश्व के इकलौते गेंदबाज हैं। इसके अलावा उन्होंने 339 एकदिवसीय मैचों में अब तक 517 विकेट चटकाए हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के लिए हाल में बेंगलुरू में संपन्न नीलामी में कोच्चि फ्रेंचाइजी ने मुरलीधरन को 5.1 करोड़ रुपये में खरीदा था। मुरलीधरन ने कहा, "यह मेरा चौथा विश्व कप है। हम 1996 में विश्व विजेता बने थे इसके बाद हम 2007 के फाइनल में पहुंचे थे। यह मेरे और श्रीलंकाई प्रशंसकों के लिए यादगार होगा।" विश्व कप की तैयारियों के बारे में मुरलीधरन ने कहा, "हमारी तैयारी अच्छी है और हमारे लिए विश्व कप जीतने का यह अच्छा मौका है क्योंकि हम अपने देश में खेलेंगे हालांकि हमें इसका ज्यादा फायदा नहीं होगा लेकिन हम अच्छा प्रभाव छोड़ने में जरूर कामयाब होंगे।" मुरलीधरन ने कहा कि फिलहाल उनका कोच बनने का कोई इरादा नहीं है।
यहाँ एक सारांश है:मुथैया मुरलीधरन ने कहा है कि वह 19 फरवरी से उपमहाद्वीप में आयोजित होने वाले क्रिकेट विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एशियाई बाजारों में मजबूत रुख के बीच संस्थागत निवेशकों की लिवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुक्रवार को करीब 132 अंक की तेजी के साथ खुला।टिप्पणियां तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 131.48 अंक या 0.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,168.99 अंक पर खुला। सेंसेक्स कल 138.35 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 30.30 अंक या 0.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,861.55 अंक पर खुला। कारोबारियों के अनुसार वैश्विक बाजार में मजबूत रुख के बीच संस्थागत निवेशकों की लिवाली से बाजार में तेजी आई। यूरोपीय केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के निर्णय से वैश्विक बाजार में तेजी आई। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 131.48 अंक या 0.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,168.99 अंक पर खुला। सेंसेक्स कल 138.35 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 30.30 अंक या 0.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,861.55 अंक पर खुला। कारोबारियों के अनुसार वैश्विक बाजार में मजबूत रुख के बीच संस्थागत निवेशकों की लिवाली से बाजार में तेजी आई। यूरोपीय केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के निर्णय से वैश्विक बाजार में तेजी आई। कारोबारियों के अनुसार वैश्विक बाजार में मजबूत रुख के बीच संस्थागत निवेशकों की लिवाली से बाजार में तेजी आई। यूरोपीय केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के निर्णय से वैश्विक बाजार में तेजी आई।
यह एक सारांश है: एशियाई बाजारों में मजबूत रुख के बीच संस्थागत निवेशकों की लिवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुक्रवार को करीब 132 अंक की तेजी के साथ खुला।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति के फैसले पर बने संसदीय गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है लेकिन इससे पहले ही विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि इस फैसले को निलम्बित रखने या रोके रखने से काम नहीं चलने वाला है, सरकार को इस फैसले को निरस्त करना होगा। सरकार की ओर से संकेत है कि वह एफडीआई के विवादास्पद फैसले को फिलहाल रोके रखना चाहती है और इस सम्बंध में वह संसद में बयान दे सकती है। सर्वदीलय बैठक इन संकेतों के बीच होने वाली है। चार दिनों के अंतराल के बाद बुधवार को संसद की कार्यवाही भी होनी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं की बैठक संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले बुधवार सुबह 9.30 बजे होगी। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने मांग की कि केंद्र सरकार खुदरा कारोबार में एफडीआई के फैसले को निरस्त करे। करात ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, "सरकार की मंशा संसद के शीतकालीन सत्र के खत्म होने तक एफडीआई पर लिए गए फैसले को रोके रखने की है। लेकिन हम चाहते हैं कि सरकार इस फैसले को निरस्त करे।" करात ने आरोप लगाया कि सरकार ने खुदरा कारोबार में एफडीआई को इसलिए मंजूरी दी क्योंकि उसने अमेरिका से इसका वादा किया था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी। "हम इस मसले को लोगों तक ले जाएंगे।" भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एफडीआई के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस फैसले को वापस लेना चाहिए। दासगुप्ता ने कहा, "संसद में गतिरोध के लिए जो लोग विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, उन्हें मैं कहना चाहूंगा कि इस गतिरोध के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिम्मेदार हैं।" उन्होंने कहा, "यह सच है कि हम एफडीआई का विरोध कर रहे हैं लेकिन साथ ही हम यह भी चाहते हैं कि संसद चले। संसद चले तो हम महंगाई और काले धन का मुद्दा उठा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि इस मसले पर भाजपा की नेता सुषमा स्वराज से उनकी बात हुई है। दासगुप्ता ने कहा, "आज हमें सर्वदलीय बैठक की जानकारी मिली। मैंने सुषमा स्वराज से बात की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने उन्हें कहा है कि जब तक सभी हितधारकों से चर्चा में इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन जाती तब तक इस फैसले को सरकार स्थगित रखेगी।" उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें (सुषमा) कहा कि न सिर्फ हितधारकों बल्कि सभी राजनीतिक दलों को भी इसमें शमिल किया जाना चाहिए। और फैसला सर्वसम्मति से लिया जाना चाहिए।" दासगुप्ता ने कहा, "हमारी स्थिति स्पष्ट है। हम चाहते हैं कि सरकार इस फैसले को पूरी तरह वापस ले।" उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह जिस प्रकार भारत-अमेरिका परमाणु करार के लिए जिम्मेदार थे, उसी प्रकार खुदरा कारोबार में एफडीआई के फैसले के लिए भी निजी तौर पर जिम्मेदार हैं। क्योंकि अर्थव्यवस्था के उदारीकरण में उनकी भूमिका अहम रही है। एफडीआई रोके जाने सम्बंधी फैसले की जानकारी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी की ओर से सार्वजनिक किए जाने को 'अनैतिक' करार देते हुए दासगुप्ता ने इसके लिए सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, "केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच हुई निजी बातचीत सार्वजनिक होती है और कोई यह साबित करने की कोशिश करे कि फलां राजनीतिक पार्टी के दबाव के आगे सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा, तो यह पूरी तरह 'अनैतिक' है।" इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सवाल उठाया कि एफडीआई के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव राहुल गांधी चुप क्यों हैं। भाजपा नेता अरुण जेटली ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, "सरकार ने 25 नवम्बर को खुदरा कारोबार में एफडीआई की अनुमति देने का फैसला लिया, तब से लेकर अब तक मुझे इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष (सोनिया गांधी) और उनके महासचिव (राहुल गांधी) के विचार जानने का मौका नहीं मिला, जबकि राहुल को भविष्य का नेता माना जाता है।" उन्होंने कहा, "वे (सोनिया और राहुल) सरकार की नीति से खुश हैं या नहीं, यह बात अभी तक लोगों को पता नहीं चला है।" राज्यसभा में विपक्ष के नेता जेटली ने यह भी कहा कि सरकार बिना सोचे-समझे फैसला लेती है जिससे आर्थिक सुधारों को नुकसान पहुंचता रहा है। उन्होंने कहा, "सरकार में शामिल लोग सोचते हैं कि वे एक झटके में ही कुछ हासिल कर लेंगे।" उल्लेखनीय है कि इस सिलसिले में मुखर्जी ने सोमवार को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी एवं सुषमा स्वराज और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी से बात की थी। माना जाता है कि मुखर्जी ने एफडीआई पर हुए फैसले को रोकने के सरकार के निर्णय से उन्हें अवगत कराया और संसदीय कार्यवाही सुचारु ढंग से चलाने में उनसे सहयोग की मांग की। वहीं, विपक्ष के नेताओं ने सुझाव दिया था कि सरकार को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। मुखर्जी ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सूचित किया था कि सरकार आम सहमति बनने तक एफडीआई पर हुए फैसले को रोके रखेगी। उल्लेखनीय है कि कालाधन, महंगाई और एफडीआई सहित अन्य मुद्दों पर विरोध और हंगामे के चलते संसद के शीतकालीन सत्र का करीब आधा समय नष्ट हो चुका है।
बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार में एफडीआई की अनुमति के फैसले पर बने संसदीय गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 100.78 अंकों की तेजी के साथ 19,387.50 पर और निफ्टी 32.65 अंकों की तेजी के साथ 5,904.10 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 19.95 अंकों की तेजी के साथ 19,306.67 पर खुला और 100.78 अंकों यानी 0.52 फीसदी की तेजी के साथ 19,387.50 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,428.94 के ऊपरी और 19,284.40 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिन्दुस्तान यूनिलीवर (6.98 फीसदी), विप्रो (3.57 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (3.24 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.29 फीसदी) और आईटीसी (1.69 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (4.24 फीसदी), कोल इंडिया (1.74 फीसदी), सन फार्मा  (1.50 फीसदी), एचडीएफसी (0.99 फीसदी) और टाटा स्टील (0.80 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 6.15 अंकों की तेजी के साथ 5,877.60 पर खुला और 32.65 अंकों यानी 0.56 फीसदी की तेजी के साथ 5,904.10 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,918.65 के ऊपरी और 5,868.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 42.47 अंकों की तेजी के साथ 6,317.59 पर और स्मॉलकैप 16.32 अंकों की तेजी के साथ 6,040.18 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.43 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.30 फीसदी), रियल्टी (1.53 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.04 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों धातु (0.79 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.08 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1289 शेयरों में तेजी और 1070 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 131 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 19.95 अंकों की तेजी के साथ 19,306.67 पर खुला और 100.78 अंकों यानी 0.52 फीसदी की तेजी के साथ 19,387.50 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,428.94 के ऊपरी और 19,284.40 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिन्दुस्तान यूनिलीवर (6.98 फीसदी), विप्रो (3.57 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (3.24 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.29 फीसदी) और आईटीसी (1.69 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (4.24 फीसदी), कोल इंडिया (1.74 फीसदी), सन फार्मा  (1.50 फीसदी), एचडीएफसी (0.99 फीसदी) और टाटा स्टील (0.80 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 6.15 अंकों की तेजी के साथ 5,877.60 पर खुला और 32.65 अंकों यानी 0.56 फीसदी की तेजी के साथ 5,904.10 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,918.65 के ऊपरी और 5,868.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 42.47 अंकों की तेजी के साथ 6,317.59 पर और स्मॉलकैप 16.32 अंकों की तेजी के साथ 6,040.18 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.43 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.30 फीसदी), रियल्टी (1.53 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.04 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों धातु (0.79 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.08 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1289 शेयरों में तेजी और 1070 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 131 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिन्दुस्तान यूनिलीवर (6.98 फीसदी), विप्रो (3.57 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (3.24 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.29 फीसदी) और आईटीसी (1.69 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (4.24 फीसदी), कोल इंडिया (1.74 फीसदी), सन फार्मा  (1.50 फीसदी), एचडीएफसी (0.99 फीसदी) और टाटा स्टील (0.80 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 6.15 अंकों की तेजी के साथ 5,877.60 पर खुला और 32.65 अंकों यानी 0.56 फीसदी की तेजी के साथ 5,904.10 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,918.65 के ऊपरी और 5,868.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 42.47 अंकों की तेजी के साथ 6,317.59 पर और स्मॉलकैप 16.32 अंकों की तेजी के साथ 6,040.18 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.43 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.30 फीसदी), रियल्टी (1.53 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.04 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों धातु (0.79 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.08 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1289 शेयरों में तेजी और 1070 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 131 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (4.24 फीसदी), कोल इंडिया (1.74 फीसदी), सन फार्मा  (1.50 फीसदी), एचडीएफसी (0.99 फीसदी) और टाटा स्टील (0.80 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 6.15 अंकों की तेजी के साथ 5,877.60 पर खुला और 32.65 अंकों यानी 0.56 फीसदी की तेजी के साथ 5,904.10 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,918.65 के ऊपरी और 5,868.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 42.47 अंकों की तेजी के साथ 6,317.59 पर और स्मॉलकैप 16.32 अंकों की तेजी के साथ 6,040.18 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.43 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.30 फीसदी), रियल्टी (1.53 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.04 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों धातु (0.79 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.08 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1289 शेयरों में तेजी और 1070 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 131 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 42.47 अंकों की तेजी के साथ 6,317.59 पर और स्मॉलकैप 16.32 अंकों की तेजी के साथ 6,040.18 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.43 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.30 फीसदी), रियल्टी (1.53 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.04 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों धातु (0.79 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.08 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1289 शेयरों में तेजी और 1070 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 131 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.43 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.30 फीसदी), रियल्टी (1.53 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.04 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो सेक्टरों धातु (0.79 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.08 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1289 शेयरों में तेजी और 1070 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 131 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1289 शेयरों में तेजी और 1070 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 131 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सारांश: देश के शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 100.78 अंकों की तेजी के साथ 19,387.50 पर और निफ्टी 32.65 अंकों की तेजी के साथ 5,904.10 पर बंद हुआ।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के दो समुद्री जहाजों को रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में बंधक बना लिया गया है। दोनों जहाज मछली पकड़ने के लिए समुद्र में उतरे थे। व्लादिवोस्तोक शहर में स्थित चीन वाणिज्य दूतावास के अनुसार, एक जहाज पर 17 मछुआरे थे, जबकि दूसरे पर 19 लोग थे।टिप्पणियां समाचार पत्र 'चाइना डेली' के अनुसार, दोनों जहाज शानदांग के पूर्वी प्रांत में वीहाई शहर के थे। उन्हें नाखोदका बंदरगाह पर बंधक बनाया गया। प्रीमोर्सकी क्षेत्र में रूस की तटीय सेवा के अनुसार, जहाजों को इसलिए बंधक बनाया गया, क्योंकि उन्होंने रूस के आर्थिक क्षेत्र में प्रवेश किया। व्लादिवोस्तोक शहर में स्थित चीन वाणिज्य दूतावास के अनुसार, एक जहाज पर 17 मछुआरे थे, जबकि दूसरे पर 19 लोग थे।टिप्पणियां समाचार पत्र 'चाइना डेली' के अनुसार, दोनों जहाज शानदांग के पूर्वी प्रांत में वीहाई शहर के थे। उन्हें नाखोदका बंदरगाह पर बंधक बनाया गया। प्रीमोर्सकी क्षेत्र में रूस की तटीय सेवा के अनुसार, जहाजों को इसलिए बंधक बनाया गया, क्योंकि उन्होंने रूस के आर्थिक क्षेत्र में प्रवेश किया। समाचार पत्र 'चाइना डेली' के अनुसार, दोनों जहाज शानदांग के पूर्वी प्रांत में वीहाई शहर के थे। उन्हें नाखोदका बंदरगाह पर बंधक बनाया गया। प्रीमोर्सकी क्षेत्र में रूस की तटीय सेवा के अनुसार, जहाजों को इसलिए बंधक बनाया गया, क्योंकि उन्होंने रूस के आर्थिक क्षेत्र में प्रवेश किया। प्रीमोर्सकी क्षेत्र में रूस की तटीय सेवा के अनुसार, जहाजों को इसलिए बंधक बनाया गया, क्योंकि उन्होंने रूस के आर्थिक क्षेत्र में प्रवेश किया।
चीन के दो समुद्री जहाजों को रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में बंधक बना लिया गया है। दोनों जहाज मछली पकड़ने के लिए समुद्र में उतरे थे।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 22.42 अंकों की तेजी के साथ 19,245.70 पर और निफ्टी 8.65 अंकों की तेजी के साथ 5,822.25 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.81 अंकों की तेजी के साथ 19,224.09 पर खुला और 22.42 अंकों या 0.12 फीसदी की तेजी के साथ 19,245.70 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,274.26 के ऊपरी और 19,100.13 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भारतीय एयरटेल (2.83 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.66 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.65 फीसदी), जिंदल स्टील (2.52 फीसदी) और टाटा स्टील (2.05 फीसदी) में प्रमुख रूप से तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (1.80 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (1.55 फीसदी), एनटीपीसी (1.39 फीसदी), टीसीएस (1.33 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (1.26 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.85 अंकों की गिरावट के साथ 5,805.75 पर खुला और 8.65 अंकों या 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 5,822.25 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,828.40 के ऊपरी और 5,777.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 32.70 अंकों की तेजी के साथ 6,235.79 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 29.24 अंकों की तेजी के साथ 5,838.77 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.96 फीसदी), धातु (1.28 फीसदी), रियल्टी (0.58 फीसदी), तेल एवं गैस (0.56 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में वाहन (0.67 फीसदी), बिजली (0.59 फीसदी), सार्वजनिक क्षेत्र (0.35 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.29 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.27 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,261 शेयरों में तेजी और 1,113 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.81 अंकों की तेजी के साथ 19,224.09 पर खुला और 22.42 अंकों या 0.12 फीसदी की तेजी के साथ 19,245.70 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,274.26 के ऊपरी और 19,100.13 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भारतीय एयरटेल (2.83 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.66 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.65 फीसदी), जिंदल स्टील (2.52 फीसदी) और टाटा स्टील (2.05 फीसदी) में प्रमुख रूप से तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (1.80 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (1.55 फीसदी), एनटीपीसी (1.39 फीसदी), टीसीएस (1.33 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (1.26 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.85 अंकों की गिरावट के साथ 5,805.75 पर खुला और 8.65 अंकों या 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 5,822.25 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,828.40 के ऊपरी और 5,777.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 32.70 अंकों की तेजी के साथ 6,235.79 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 29.24 अंकों की तेजी के साथ 5,838.77 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.96 फीसदी), धातु (1.28 फीसदी), रियल्टी (0.58 फीसदी), तेल एवं गैस (0.56 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में वाहन (0.67 फीसदी), बिजली (0.59 फीसदी), सार्वजनिक क्षेत्र (0.35 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.29 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.27 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,261 शेयरों में तेजी और 1,113 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भारतीय एयरटेल (2.83 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.66 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.65 फीसदी), जिंदल स्टील (2.52 फीसदी) और टाटा स्टील (2.05 फीसदी) में प्रमुख रूप से तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (1.80 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (1.55 फीसदी), एनटीपीसी (1.39 फीसदी), टीसीएस (1.33 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (1.26 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.85 अंकों की गिरावट के साथ 5,805.75 पर खुला और 8.65 अंकों या 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 5,822.25 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,828.40 के ऊपरी और 5,777.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 32.70 अंकों की तेजी के साथ 6,235.79 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 29.24 अंकों की तेजी के साथ 5,838.77 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.96 फीसदी), धातु (1.28 फीसदी), रियल्टी (0.58 फीसदी), तेल एवं गैस (0.56 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में वाहन (0.67 फीसदी), बिजली (0.59 फीसदी), सार्वजनिक क्षेत्र (0.35 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.29 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.27 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,261 शेयरों में तेजी और 1,113 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (1.80 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (1.55 फीसदी), एनटीपीसी (1.39 फीसदी), टीसीएस (1.33 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (1.26 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.85 अंकों की गिरावट के साथ 5,805.75 पर खुला और 8.65 अंकों या 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 5,822.25 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,828.40 के ऊपरी और 5,777.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 32.70 अंकों की तेजी के साथ 6,235.79 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 29.24 अंकों की तेजी के साथ 5,838.77 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.96 फीसदी), धातु (1.28 फीसदी), रियल्टी (0.58 फीसदी), तेल एवं गैस (0.56 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में वाहन (0.67 फीसदी), बिजली (0.59 फीसदी), सार्वजनिक क्षेत्र (0.35 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.29 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.27 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,261 शेयरों में तेजी और 1,113 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.85 अंकों की गिरावट के साथ 5,805.75 पर खुला और 8.65 अंकों या 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 5,822.25 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,828.40 के ऊपरी और 5,777.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 32.70 अंकों की तेजी के साथ 6,235.79 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 29.24 अंकों की तेजी के साथ 5,838.77 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.96 फीसदी), धातु (1.28 फीसदी), रियल्टी (0.58 फीसदी), तेल एवं गैस (0.56 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में वाहन (0.67 फीसदी), बिजली (0.59 फीसदी), सार्वजनिक क्षेत्र (0.35 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.29 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.27 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,261 शेयरों में तेजी और 1,113 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 32.70 अंकों की तेजी के साथ 6,235.79 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 29.24 अंकों की तेजी के साथ 5,838.77 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.96 फीसदी), धातु (1.28 फीसदी), रियल्टी (0.58 फीसदी), तेल एवं गैस (0.56 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में वाहन (0.67 फीसदी), बिजली (0.59 फीसदी), सार्वजनिक क्षेत्र (0.35 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.29 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.27 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,261 शेयरों में तेजी और 1,113 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.96 फीसदी), धातु (1.28 फीसदी), रियल्टी (0.58 फीसदी), तेल एवं गैस (0.56 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में वाहन (0.67 फीसदी), बिजली (0.59 फीसदी), सार्वजनिक क्षेत्र (0.35 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.29 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.27 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,261 शेयरों में तेजी और 1,113 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में वाहन (0.67 फीसदी), बिजली (0.59 फीसदी), सार्वजनिक क्षेत्र (0.35 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.29 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.27 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,261 शेयरों में तेजी और 1,113 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,261 शेयरों में तेजी और 1,113 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 145 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
यह एक सारांश है: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 22.42 अंकों की तेजी के साथ 19,245.70 पर और निफ्टी 8.65 अंकों की तेजी के साथ 5,822.25 पर बंद हुआ।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि नवमी के संयोग से 9 फैसले लिए गए हैं. इस फ़ैसले से प्रदेश के राजकोष पर करीब छत्तीस हज़ार करोड़ रुपए का बोझ आएगा. सात लाख किसान ऐसे हैं, जिन्होंने कर्ज़ लिया था, लेकिन उसका भुगतान नहीं कर सके. इससे वह ऋण एनपीए (ग़ैर निष्पादित अस्तियां) बन गया और उन्हें कर्ज़ मिलना बंद हो गया. ऐसे किसानों को भी मुख्य धारा में लाने के उनके कर्ज़ का 5,630 करोड़ रुपये भी माफ़ किया गया है. इस तरह कुल मिला कर किसानों का 36,359 करोड़ रुपये का कर्ज़ माफ़ किया गया है. इससे पूर्व कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार के किसान ऋण माफी के फैसले को ‘अधूरा वादा’ बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों से किये वादे पूरी तरह से पूरे करने चाहिए. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि किसान आधे सच के साथ नहीं बल्कि पूरी ऋण माफी से अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश के किसानों पर 92241 करोड़ रुपये का कुल ऋण है और सरकार ने केवल 36 हजार करोड़ रुपये का फसल ऋण माफ किया है, जिससे वे हताश हैं. (इनपुट्स भाषा से भी) इससे पूर्व कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार के किसान ऋण माफी के फैसले को ‘अधूरा वादा’ बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों से किये वादे पूरी तरह से पूरे करने चाहिए. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि किसान आधे सच के साथ नहीं बल्कि पूरी ऋण माफी से अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश के किसानों पर 92241 करोड़ रुपये का कुल ऋण है और सरकार ने केवल 36 हजार करोड़ रुपये का फसल ऋण माफ किया है, जिससे वे हताश हैं. (इनपुट्स भाषा से भी)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राहुल गांधी ने इसे किसानों के लिए आंशिक राहत बताया किसानों के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए राज्यों के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयरों में बुधवार को संकटग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज देने पर सहमत होने की खबर के बीच लगभग आठ फीसदी गिरावट देखी गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में बैंक के शेयर 7.91 फीसदी गिरावट के साथ 2,257.80 रुपये पर बंद हुए। कारोबारी सत्र में शेयरों ने 2,242.00 रुपये का निचला स्तर छुआ। मंगलवार को बैंक के शेयर 2451.75 रुपये पर बंद हुए थे। समाचार माध्यमों में बुधवार को इस बाबत खबरें आईं कि एसबीआई की अगुआई में कई बैंकों का एक समूह विजय माल्या की संकटग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस को 1650 करोड़ रुपये का कर्ज देने पर सहमत हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक इस कर्ज में एसबीआई का योगदान 1,200 करोड़ रुपये का होगा। बैंक के अधिकारियों ने हालांकि गोपनीयता का हवाला देते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।टिप्पणियां आयकर विभाग द्वारा विमानन कम्पनी के खाते जब्त कर लेने के कारण किंगफिशर को उड़ानों का संचालन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विमानन कम्पनी ने 18 फरवरी से अब तक 180 से 200 उड़ानें रद्द की हैं। किंगफिशर एयरलाइंस के भी शेयर बुधवार को बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में 6.53 फीसदी गिरावट के साथ 25.05 रुपये पर बंद हुए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में बैंक के शेयर 7.91 फीसदी गिरावट के साथ 2,257.80 रुपये पर बंद हुए। कारोबारी सत्र में शेयरों ने 2,242.00 रुपये का निचला स्तर छुआ। मंगलवार को बैंक के शेयर 2451.75 रुपये पर बंद हुए थे। समाचार माध्यमों में बुधवार को इस बाबत खबरें आईं कि एसबीआई की अगुआई में कई बैंकों का एक समूह विजय माल्या की संकटग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस को 1650 करोड़ रुपये का कर्ज देने पर सहमत हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक इस कर्ज में एसबीआई का योगदान 1,200 करोड़ रुपये का होगा। बैंक के अधिकारियों ने हालांकि गोपनीयता का हवाला देते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।टिप्पणियां आयकर विभाग द्वारा विमानन कम्पनी के खाते जब्त कर लेने के कारण किंगफिशर को उड़ानों का संचालन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विमानन कम्पनी ने 18 फरवरी से अब तक 180 से 200 उड़ानें रद्द की हैं। किंगफिशर एयरलाइंस के भी शेयर बुधवार को बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में 6.53 फीसदी गिरावट के साथ 25.05 रुपये पर बंद हुए। समाचार माध्यमों में बुधवार को इस बाबत खबरें आईं कि एसबीआई की अगुआई में कई बैंकों का एक समूह विजय माल्या की संकटग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस को 1650 करोड़ रुपये का कर्ज देने पर सहमत हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक इस कर्ज में एसबीआई का योगदान 1,200 करोड़ रुपये का होगा। बैंक के अधिकारियों ने हालांकि गोपनीयता का हवाला देते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।टिप्पणियां आयकर विभाग द्वारा विमानन कम्पनी के खाते जब्त कर लेने के कारण किंगफिशर को उड़ानों का संचालन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विमानन कम्पनी ने 18 फरवरी से अब तक 180 से 200 उड़ानें रद्द की हैं। किंगफिशर एयरलाइंस के भी शेयर बुधवार को बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में 6.53 फीसदी गिरावट के साथ 25.05 रुपये पर बंद हुए। रिपोर्टों के मुताबिक इस कर्ज में एसबीआई का योगदान 1,200 करोड़ रुपये का होगा। बैंक के अधिकारियों ने हालांकि गोपनीयता का हवाला देते हुए प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।टिप्पणियां आयकर विभाग द्वारा विमानन कम्पनी के खाते जब्त कर लेने के कारण किंगफिशर को उड़ानों का संचालन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विमानन कम्पनी ने 18 फरवरी से अब तक 180 से 200 उड़ानें रद्द की हैं। किंगफिशर एयरलाइंस के भी शेयर बुधवार को बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में 6.53 फीसदी गिरावट के साथ 25.05 रुपये पर बंद हुए। आयकर विभाग द्वारा विमानन कम्पनी के खाते जब्त कर लेने के कारण किंगफिशर को उड़ानों का संचालन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विमानन कम्पनी ने 18 फरवरी से अब तक 180 से 200 उड़ानें रद्द की हैं। किंगफिशर एयरलाइंस के भी शेयर बुधवार को बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में 6.53 फीसदी गिरावट के साथ 25.05 रुपये पर बंद हुए। किंगफिशर एयरलाइंस के भी शेयर बुधवार को बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में 6.53 फीसदी गिरावट के साथ 25.05 रुपये पर बंद हुए।
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के शेयरों में संकटग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज देने पर सहमत होने की खबर के बीच लगभग 8 फीसदी गिरावट देखी गई।
26
['hin']