inputs stringlengths 800 163k | targets stringlengths 20 291 | template_id int64 0 34 | template_lang stringclasses 1 value |
|---|---|---|---|
इस पाठ का सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत समांथा पावर ने कहा है कि सुरक्षा परिषद जल्दी ही उत्तर कोरिया के हालिया बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों की निंदा करेगा.
सुरक्षा परिषद की कल बंद कमरे में हुई आपात बैठक के बाद समांथा ने संवाददाताओं को बताया कि परिषद के सभी 15 सदस्यों की ओर से इसकी कड़ी निंदा की गई है. समांथा ने कहा कि इस प्रतिक्रिया को वह उत्साहजनक मानती हैं.
समांथा के आकलन को दोहराते हुए संयुक्त राष्ट्र में जापान के राजदूत कोरो बेशो ने कहा कि वह 'एकजुटता के संदेशों' से अभिभूत हैं. उन्होंने परिषद से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा था कि वह दुनिया को, खासकर उत्तर कोरिया को यह कड़ा संदेश दे कि उसकी गतिविधियां 'पूरी तरह अस्वीकार्य' हैं.
परिषद के सदस्यों या विशेषज्ञों की अगली बैठक की तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बेशो ने कहा कि उन्हें परिषद की ओर से जल्द से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है.
दक्षिण कोरियाई और जापानी अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी, जो लगभग 1,000 किलोमीटर दूर तक गई और जापान के जलक्षेत्र में गिरी. यह उत्तर कोरिया की किसी मिसाइल द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी थी. यह पहली बार था, जब एक मिसाइल जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में जाकर गिरी.टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत लियु जिएई ने पत्रकारों को बताया कि 'स्थिति तनावपूर्ण है और इसे बिगड़ने से बचाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सुरक्षा परिषद की कल बंद कमरे में हुई आपात बैठक के बाद समांथा ने संवाददाताओं को बताया कि परिषद के सभी 15 सदस्यों की ओर से इसकी कड़ी निंदा की गई है. समांथा ने कहा कि इस प्रतिक्रिया को वह उत्साहजनक मानती हैं.
समांथा के आकलन को दोहराते हुए संयुक्त राष्ट्र में जापान के राजदूत कोरो बेशो ने कहा कि वह 'एकजुटता के संदेशों' से अभिभूत हैं. उन्होंने परिषद से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा था कि वह दुनिया को, खासकर उत्तर कोरिया को यह कड़ा संदेश दे कि उसकी गतिविधियां 'पूरी तरह अस्वीकार्य' हैं.
परिषद के सदस्यों या विशेषज्ञों की अगली बैठक की तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बेशो ने कहा कि उन्हें परिषद की ओर से जल्द से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है.
दक्षिण कोरियाई और जापानी अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी, जो लगभग 1,000 किलोमीटर दूर तक गई और जापान के जलक्षेत्र में गिरी. यह उत्तर कोरिया की किसी मिसाइल द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी थी. यह पहली बार था, जब एक मिसाइल जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में जाकर गिरी.टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत लियु जिएई ने पत्रकारों को बताया कि 'स्थिति तनावपूर्ण है और इसे बिगड़ने से बचाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
समांथा के आकलन को दोहराते हुए संयुक्त राष्ट्र में जापान के राजदूत कोरो बेशो ने कहा कि वह 'एकजुटता के संदेशों' से अभिभूत हैं. उन्होंने परिषद से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा था कि वह दुनिया को, खासकर उत्तर कोरिया को यह कड़ा संदेश दे कि उसकी गतिविधियां 'पूरी तरह अस्वीकार्य' हैं.
परिषद के सदस्यों या विशेषज्ञों की अगली बैठक की तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बेशो ने कहा कि उन्हें परिषद की ओर से जल्द से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है.
दक्षिण कोरियाई और जापानी अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी, जो लगभग 1,000 किलोमीटर दूर तक गई और जापान के जलक्षेत्र में गिरी. यह उत्तर कोरिया की किसी मिसाइल द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी थी. यह पहली बार था, जब एक मिसाइल जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में जाकर गिरी.टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत लियु जिएई ने पत्रकारों को बताया कि 'स्थिति तनावपूर्ण है और इसे बिगड़ने से बचाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
परिषद के सदस्यों या विशेषज्ञों की अगली बैठक की तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बेशो ने कहा कि उन्हें परिषद की ओर से जल्द से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है.
दक्षिण कोरियाई और जापानी अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी, जो लगभग 1,000 किलोमीटर दूर तक गई और जापान के जलक्षेत्र में गिरी. यह उत्तर कोरिया की किसी मिसाइल द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी थी. यह पहली बार था, जब एक मिसाइल जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में जाकर गिरी.टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत लियु जिएई ने पत्रकारों को बताया कि 'स्थिति तनावपूर्ण है और इसे बिगड़ने से बचाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दक्षिण कोरियाई और जापानी अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी, जो लगभग 1,000 किलोमीटर दूर तक गई और जापान के जलक्षेत्र में गिरी. यह उत्तर कोरिया की किसी मिसाइल द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी थी. यह पहली बार था, जब एक मिसाइल जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में जाकर गिरी.टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत लियु जिएई ने पत्रकारों को बताया कि 'स्थिति तनावपूर्ण है और इसे बिगड़ने से बचाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत लियु जिएई ने पत्रकारों को बताया कि 'स्थिति तनावपूर्ण है और इसे बिगड़ने से बचाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: यूएन जल्द ही उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों की निंदा करेगा.
उत्तर कोरिया को कड़ा संदेश दें कि उसकी गतिविधियां अस्वीकार्य : अमेरिका
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत ने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण है. | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कारोबारी विजय माल्या को 9000 करोड़ रुपए का लोन दिलाने में पूर्व प्रधानमंत्री सिंह ने मदद की थी. पार्टी ने विजय माल्या के साथ इन दोनों के कथित पत्राचार की जानकारी दी और सभी चिट्ठियां भी मीडिया के सामने पेश कीं. गौरतलब है कि बैंकों से 9000 करोड़ रुपये के लोन डिफाल्ट के मामले में किंग फिशर के मालिक देश छोड़कर पिछले वर्ष ब्रिटेन भाग गए हैं.
बीजेपी ने उस रिपोर्ट का दावा किया जिसमें कहा गया है कि बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या ने लोन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को 2011 और 2013 में पत्र लिखा था. पत्रों में कथित रूप से विजय माल्या ने किंग फिशर के लिए बैकों के कंसोर्टियम से लोन दिलाने के मामले में तेजी लाने का अनुरोध किया था.टिप्पणियां
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने सवालिया लहजे में पूछा, "माल्या को इतनी बड़ा फंड कहां से मिला? क्या डूबते जहाज (कांग्रेस) ने डूबती एयरलाइंस (किंगफिशर) की मदद की." पात्रा ने यह भी कहा कि हालांकि पिछला लोन माल्या ने नहीं चुकाया था फिर भी उन्हें बार-बार क्यों लोन दिया गया.
तब से भारतीय एजेंसियों ने उन्हें भारत वापस लाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन असफल रहे हैं. भारत की अदालतों में माल्या के खिलाफ वारंट जारी किए हैं. उधर, माल्या का कहना है कि वह 'निर्वासित जीवन' जीने के लिए विवश हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री चिदंबर ने आज मीडिया को देर शाम संबोधित कर सकते हैं लेकिन फिलहाल यह साफ नहीं है कि वह बीजेपी के आरोपों का जवाब देंगे या नहीं.
बीजेपी ने उस रिपोर्ट का दावा किया जिसमें कहा गया है कि बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या ने लोन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को 2011 और 2013 में पत्र लिखा था. पत्रों में कथित रूप से विजय माल्या ने किंग फिशर के लिए बैकों के कंसोर्टियम से लोन दिलाने के मामले में तेजी लाने का अनुरोध किया था.टिप्पणियां
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने सवालिया लहजे में पूछा, "माल्या को इतनी बड़ा फंड कहां से मिला? क्या डूबते जहाज (कांग्रेस) ने डूबती एयरलाइंस (किंगफिशर) की मदद की." पात्रा ने यह भी कहा कि हालांकि पिछला लोन माल्या ने नहीं चुकाया था फिर भी उन्हें बार-बार क्यों लोन दिया गया.
तब से भारतीय एजेंसियों ने उन्हें भारत वापस लाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन असफल रहे हैं. भारत की अदालतों में माल्या के खिलाफ वारंट जारी किए हैं. उधर, माल्या का कहना है कि वह 'निर्वासित जीवन' जीने के लिए विवश हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री चिदंबर ने आज मीडिया को देर शाम संबोधित कर सकते हैं लेकिन फिलहाल यह साफ नहीं है कि वह बीजेपी के आरोपों का जवाब देंगे या नहीं.
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने सवालिया लहजे में पूछा, "माल्या को इतनी बड़ा फंड कहां से मिला? क्या डूबते जहाज (कांग्रेस) ने डूबती एयरलाइंस (किंगफिशर) की मदद की." पात्रा ने यह भी कहा कि हालांकि पिछला लोन माल्या ने नहीं चुकाया था फिर भी उन्हें बार-बार क्यों लोन दिया गया.
तब से भारतीय एजेंसियों ने उन्हें भारत वापस लाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन असफल रहे हैं. भारत की अदालतों में माल्या के खिलाफ वारंट जारी किए हैं. उधर, माल्या का कहना है कि वह 'निर्वासित जीवन' जीने के लिए विवश हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री चिदंबर ने आज मीडिया को देर शाम संबोधित कर सकते हैं लेकिन फिलहाल यह साफ नहीं है कि वह बीजेपी के आरोपों का जवाब देंगे या नहीं.
तब से भारतीय एजेंसियों ने उन्हें भारत वापस लाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन असफल रहे हैं. भारत की अदालतों में माल्या के खिलाफ वारंट जारी किए हैं. उधर, माल्या का कहना है कि वह 'निर्वासित जीवन' जीने के लिए विवश हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री चिदंबर ने आज मीडिया को देर शाम संबोधित कर सकते हैं लेकिन फिलहाल यह साफ नहीं है कि वह बीजेपी के आरोपों का जवाब देंगे या नहीं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दोनों के बीच हुए कथित पत्राचार की जानकारी दी मीडिया के सामने पेश कीं
विजय माल्या पर बकाया है बैंकों का 9000 करोड़ रुपये
लोन डिफाल्ट के मामले में माल्या देश छोड़कर पिछले वर्ष ब्रिटेन भाग गए हैं | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका सहरावत के खिलाफ 'अश्लील' और 'उत्तेजक' नृत्य करने के कारण दायर शिकायत पर वडोदरा की अदालत के समन पर रोक लगा दी है। यह शिकायत करीब सात साल पहले एक होटल में हुए कार्यक्रम को लेकर दायर की गई थी, जिसका प्रसारण कई टीवी चैनलों ने किया था।टिप्पणियां
न्यायमूर्ति बीएच चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सहरावत की याचिका पर सुनवाई के दौरान समन पर रोक लगाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने 2 मार्च को मल्लिका को किसी प्रकार की राहत देने से इनकार करते हुए समन निरस्त करने के लिए उसकी याचिका खारिज कर दी थी। यह समन 2007 में वडोदरा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी की आपराधिक शिकायत पर जारी किया गया था।
इस बीच, वडोदरा की अदालत ने 8 जुलाई को मल्लिका सहरावत के नाम जमानती वारंट जारी करते हुए उसे 19 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया था। तिवारी ने मुंबई के एक पांच सितारा होटल में 31 दिसंबर, 2006 की रात मल्लिका सहरावत के नृत्य कार्यक्रम के बाद यह शिकायत दायर की थी। शिकायत में कहा गया था कि मल्लिका का नृत्य अश्लील ही नहीं, बल्कि उत्तेजक भी था। शिकायत में दावा किया गया था कि जब एक दर्शक ने मंच पर चढ़कर इस नाच को रोकने का प्रयास किया, तो आयोजकों ने कथित रूप से उसका उपहास उड़ाया।
न्यायमूर्ति बीएच चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सहरावत की याचिका पर सुनवाई के दौरान समन पर रोक लगाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने 2 मार्च को मल्लिका को किसी प्रकार की राहत देने से इनकार करते हुए समन निरस्त करने के लिए उसकी याचिका खारिज कर दी थी। यह समन 2007 में वडोदरा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी की आपराधिक शिकायत पर जारी किया गया था।
इस बीच, वडोदरा की अदालत ने 8 जुलाई को मल्लिका सहरावत के नाम जमानती वारंट जारी करते हुए उसे 19 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया था। तिवारी ने मुंबई के एक पांच सितारा होटल में 31 दिसंबर, 2006 की रात मल्लिका सहरावत के नृत्य कार्यक्रम के बाद यह शिकायत दायर की थी। शिकायत में कहा गया था कि मल्लिका का नृत्य अश्लील ही नहीं, बल्कि उत्तेजक भी था। शिकायत में दावा किया गया था कि जब एक दर्शक ने मंच पर चढ़कर इस नाच को रोकने का प्रयास किया, तो आयोजकों ने कथित रूप से उसका उपहास उड़ाया।
इस बीच, वडोदरा की अदालत ने 8 जुलाई को मल्लिका सहरावत के नाम जमानती वारंट जारी करते हुए उसे 19 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया था। तिवारी ने मुंबई के एक पांच सितारा होटल में 31 दिसंबर, 2006 की रात मल्लिका सहरावत के नृत्य कार्यक्रम के बाद यह शिकायत दायर की थी। शिकायत में कहा गया था कि मल्लिका का नृत्य अश्लील ही नहीं, बल्कि उत्तेजक भी था। शिकायत में दावा किया गया था कि जब एक दर्शक ने मंच पर चढ़कर इस नाच को रोकने का प्रयास किया, तो आयोजकों ने कथित रूप से उसका उपहास उड़ाया। | संक्षिप्त पाठ: उच्चतम न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका सहरावत के खिलाफ 'अश्लील' और 'उत्तेजक' नृत्य करने के कारण दायर शिकायत पर वडोदरा की अदालत के समन पर रोक लगा दी है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नाबालिग से बलात्कार के मामले में जोधपुर पुलिस ने आसाराम बापू को समन जारी किया है। वहीं, पुलिस ने आसाराम पर लगे बलात्कार की धाराओं को हटा लिया है। बताया जा रहा है कि लड़की मेडिकल रिपोर्ट में भी बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई थी।
कहा यह भी जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की दी गई शिकायत में भी पीड़ित नाबालिग लड़की ने बलात्कार की बात नहीं कही थी।
इधर, आसाराम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली लड़की ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसे इस स्यवंभू बाबा ने घटना के बारे में मुंह नहीं खोलने की धमकी दी थी।
पुलिस के अनुसार इस लड़की ने कहा कि बीते 15 अगस्त की रात उसे मनाई आश्रम में आसाराम के कमरे में एक कथित रस्म को निभाने के लिए ले जाया गया। कमरे में आसाराम और लड़की के अलावा कोई नहीं था।
डीसीपी अजय पाल लांबा ने लड़की के बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘आसाराम की धमकी से डरी होने के कारण लड़की ने यौन उत्पीड़न की घटना के तत्काल बाद जुबान नहीं खोली। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित अपने घर पहुंचने के बाद उसने इस मामले का खुलासा किया।’ उन्होंने कहा, ‘इसके बाद लड़की के मां-बाप ने 19 अगस्त को दिल्ली में आसाराम से मुलाकात करनी चाही, लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। फिर लड़की के मां-बाप ने दिल्ली पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई।’ पुलिस ने कहा कि मनाई आश्रम में घटना वाली रात आसराम और लड़की मौजूद थे।
लांबा ने कहा, ‘अब तब की जांच से पर हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आरोपों में दम है। अब हमने आसाराम को जोधपुर पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के लिए सम्मन किया है।’
आसाराम को यह समन अहमदाबाद के आश्रम में भेजा गया है। आसाराम पर एक लड़की ने बलात्कार के आरोप लगाए थे। ये मामला दिल्ली में दर्ज हुआ था जिसके बाद उसे जोधपुर भेज दिया गया था। आसाराम ने खुद को निर्दोष बताया है।
आसाराम शनिवार को ‘एकांतवास’ के लिए इंदौर पहुंचे। जोधपुर के आश्रम में यौन उत्पीड़न किए जाने का 16 वर्षीय द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद आसाराम के खिलाफ इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था। उनके प्रवक्ता ने इस आरोप का खंडन किया है।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान उन्होंने पाया कि लड़की जोधपुर के मनाई आश्रम में एक धार्मिक कृत्य के लिए आसाराम से मिलने की इच्छुक नहीं थी लेकिन उसके माता-पिता ने उसके वहां जाने पर जोर दिया था। उसके माता-पिता भी आसाराम के भक्त हैं।
डीसीपी (पश्चिम) अजय पाल लांबा ने कहा, ‘उसने छिंदवाड़ा में अपने गुरुकूल में उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी। उसके बाद उसके माता-पिता को सूचित किया गया था और गुरुकुल के सेवादारों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और उसे किसी बुरी आत्मा ने अपने कब्जे में ले लिया है।’
इधर, आसाराम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली लड़की ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसे इस स्यवंभू बाबा ने घटना के बारे में मुंह नहीं खोलने की धमकी दी थी।
पुलिस के अनुसार इस लड़की ने कहा कि बीते 15 अगस्त की रात उसे मनाई आश्रम में आसाराम के कमरे में एक कथित रस्म को निभाने के लिए ले जाया गया। कमरे में आसाराम और लड़की के अलावा कोई नहीं था।
डीसीपी अजय पाल लांबा ने लड़की के बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘आसाराम की धमकी से डरी होने के कारण लड़की ने यौन उत्पीड़न की घटना के तत्काल बाद जुबान नहीं खोली। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित अपने घर पहुंचने के बाद उसने इस मामले का खुलासा किया।’ उन्होंने कहा, ‘इसके बाद लड़की के मां-बाप ने 19 अगस्त को दिल्ली में आसाराम से मुलाकात करनी चाही, लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। फिर लड़की के मां-बाप ने दिल्ली पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई।’ पुलिस ने कहा कि मनाई आश्रम में घटना वाली रात आसराम और लड़की मौजूद थे।
लांबा ने कहा, ‘अब तब की जांच से पर हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आरोपों में दम है। अब हमने आसाराम को जोधपुर पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के लिए सम्मन किया है।’
आसाराम को यह समन अहमदाबाद के आश्रम में भेजा गया है। आसाराम पर एक लड़की ने बलात्कार के आरोप लगाए थे। ये मामला दिल्ली में दर्ज हुआ था जिसके बाद उसे जोधपुर भेज दिया गया था। आसाराम ने खुद को निर्दोष बताया है।
आसाराम शनिवार को ‘एकांतवास’ के लिए इंदौर पहुंचे। जोधपुर के आश्रम में यौन उत्पीड़न किए जाने का 16 वर्षीय द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद आसाराम के खिलाफ इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था। उनके प्रवक्ता ने इस आरोप का खंडन किया है।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान उन्होंने पाया कि लड़की जोधपुर के मनाई आश्रम में एक धार्मिक कृत्य के लिए आसाराम से मिलने की इच्छुक नहीं थी लेकिन उसके माता-पिता ने उसके वहां जाने पर जोर दिया था। उसके माता-पिता भी आसाराम के भक्त हैं।
डीसीपी (पश्चिम) अजय पाल लांबा ने कहा, ‘उसने छिंदवाड़ा में अपने गुरुकूल में उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी। उसके बाद उसके माता-पिता को सूचित किया गया था और गुरुकुल के सेवादारों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और उसे किसी बुरी आत्मा ने अपने कब्जे में ले लिया है।’
पुलिस के अनुसार इस लड़की ने कहा कि बीते 15 अगस्त की रात उसे मनाई आश्रम में आसाराम के कमरे में एक कथित रस्म को निभाने के लिए ले जाया गया। कमरे में आसाराम और लड़की के अलावा कोई नहीं था।
डीसीपी अजय पाल लांबा ने लड़की के बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘आसाराम की धमकी से डरी होने के कारण लड़की ने यौन उत्पीड़न की घटना के तत्काल बाद जुबान नहीं खोली। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित अपने घर पहुंचने के बाद उसने इस मामले का खुलासा किया।’ उन्होंने कहा, ‘इसके बाद लड़की के मां-बाप ने 19 अगस्त को दिल्ली में आसाराम से मुलाकात करनी चाही, लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। फिर लड़की के मां-बाप ने दिल्ली पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई।’ पुलिस ने कहा कि मनाई आश्रम में घटना वाली रात आसराम और लड़की मौजूद थे।
लांबा ने कहा, ‘अब तब की जांच से पर हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आरोपों में दम है। अब हमने आसाराम को जोधपुर पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के लिए सम्मन किया है।’
आसाराम को यह समन अहमदाबाद के आश्रम में भेजा गया है। आसाराम पर एक लड़की ने बलात्कार के आरोप लगाए थे। ये मामला दिल्ली में दर्ज हुआ था जिसके बाद उसे जोधपुर भेज दिया गया था। आसाराम ने खुद को निर्दोष बताया है।
आसाराम शनिवार को ‘एकांतवास’ के लिए इंदौर पहुंचे। जोधपुर के आश्रम में यौन उत्पीड़न किए जाने का 16 वर्षीय द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद आसाराम के खिलाफ इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था। उनके प्रवक्ता ने इस आरोप का खंडन किया है।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान उन्होंने पाया कि लड़की जोधपुर के मनाई आश्रम में एक धार्मिक कृत्य के लिए आसाराम से मिलने की इच्छुक नहीं थी लेकिन उसके माता-पिता ने उसके वहां जाने पर जोर दिया था। उसके माता-पिता भी आसाराम के भक्त हैं।
डीसीपी (पश्चिम) अजय पाल लांबा ने कहा, ‘उसने छिंदवाड़ा में अपने गुरुकूल में उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी। उसके बाद उसके माता-पिता को सूचित किया गया था और गुरुकुल के सेवादारों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और उसे किसी बुरी आत्मा ने अपने कब्जे में ले लिया है।’
डीसीपी अजय पाल लांबा ने लड़की के बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘आसाराम की धमकी से डरी होने के कारण लड़की ने यौन उत्पीड़न की घटना के तत्काल बाद जुबान नहीं खोली। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित अपने घर पहुंचने के बाद उसने इस मामले का खुलासा किया।’ उन्होंने कहा, ‘इसके बाद लड़की के मां-बाप ने 19 अगस्त को दिल्ली में आसाराम से मुलाकात करनी चाही, लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। फिर लड़की के मां-बाप ने दिल्ली पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई।’ पुलिस ने कहा कि मनाई आश्रम में घटना वाली रात आसराम और लड़की मौजूद थे।
लांबा ने कहा, ‘अब तब की जांच से पर हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आरोपों में दम है। अब हमने आसाराम को जोधपुर पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के लिए सम्मन किया है।’
आसाराम को यह समन अहमदाबाद के आश्रम में भेजा गया है। आसाराम पर एक लड़की ने बलात्कार के आरोप लगाए थे। ये मामला दिल्ली में दर्ज हुआ था जिसके बाद उसे जोधपुर भेज दिया गया था। आसाराम ने खुद को निर्दोष बताया है।
आसाराम शनिवार को ‘एकांतवास’ के लिए इंदौर पहुंचे। जोधपुर के आश्रम में यौन उत्पीड़न किए जाने का 16 वर्षीय द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद आसाराम के खिलाफ इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था। उनके प्रवक्ता ने इस आरोप का खंडन किया है।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान उन्होंने पाया कि लड़की जोधपुर के मनाई आश्रम में एक धार्मिक कृत्य के लिए आसाराम से मिलने की इच्छुक नहीं थी लेकिन उसके माता-पिता ने उसके वहां जाने पर जोर दिया था। उसके माता-पिता भी आसाराम के भक्त हैं।
डीसीपी (पश्चिम) अजय पाल लांबा ने कहा, ‘उसने छिंदवाड़ा में अपने गुरुकूल में उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी। उसके बाद उसके माता-पिता को सूचित किया गया था और गुरुकुल के सेवादारों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और उसे किसी बुरी आत्मा ने अपने कब्जे में ले लिया है।’
लांबा ने कहा, ‘अब तब की जांच से पर हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आरोपों में दम है। अब हमने आसाराम को जोधपुर पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के लिए सम्मन किया है।’
आसाराम को यह समन अहमदाबाद के आश्रम में भेजा गया है। आसाराम पर एक लड़की ने बलात्कार के आरोप लगाए थे। ये मामला दिल्ली में दर्ज हुआ था जिसके बाद उसे जोधपुर भेज दिया गया था। आसाराम ने खुद को निर्दोष बताया है।
आसाराम शनिवार को ‘एकांतवास’ के लिए इंदौर पहुंचे। जोधपुर के आश्रम में यौन उत्पीड़न किए जाने का 16 वर्षीय द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद आसाराम के खिलाफ इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था। उनके प्रवक्ता ने इस आरोप का खंडन किया है।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान उन्होंने पाया कि लड़की जोधपुर के मनाई आश्रम में एक धार्मिक कृत्य के लिए आसाराम से मिलने की इच्छुक नहीं थी लेकिन उसके माता-पिता ने उसके वहां जाने पर जोर दिया था। उसके माता-पिता भी आसाराम के भक्त हैं।
डीसीपी (पश्चिम) अजय पाल लांबा ने कहा, ‘उसने छिंदवाड़ा में अपने गुरुकूल में उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी। उसके बाद उसके माता-पिता को सूचित किया गया था और गुरुकुल के सेवादारों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और उसे किसी बुरी आत्मा ने अपने कब्जे में ले लिया है।’
आसाराम को यह समन अहमदाबाद के आश्रम में भेजा गया है। आसाराम पर एक लड़की ने बलात्कार के आरोप लगाए थे। ये मामला दिल्ली में दर्ज हुआ था जिसके बाद उसे जोधपुर भेज दिया गया था। आसाराम ने खुद को निर्दोष बताया है।
आसाराम शनिवार को ‘एकांतवास’ के लिए इंदौर पहुंचे। जोधपुर के आश्रम में यौन उत्पीड़न किए जाने का 16 वर्षीय द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद आसाराम के खिलाफ इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था। उनके प्रवक्ता ने इस आरोप का खंडन किया है।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान उन्होंने पाया कि लड़की जोधपुर के मनाई आश्रम में एक धार्मिक कृत्य के लिए आसाराम से मिलने की इच्छुक नहीं थी लेकिन उसके माता-पिता ने उसके वहां जाने पर जोर दिया था। उसके माता-पिता भी आसाराम के भक्त हैं।
डीसीपी (पश्चिम) अजय पाल लांबा ने कहा, ‘उसने छिंदवाड़ा में अपने गुरुकूल में उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी। उसके बाद उसके माता-पिता को सूचित किया गया था और गुरुकुल के सेवादारों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और उसे किसी बुरी आत्मा ने अपने कब्जे में ले लिया है।’
आसाराम शनिवार को ‘एकांतवास’ के लिए इंदौर पहुंचे। जोधपुर के आश्रम में यौन उत्पीड़न किए जाने का 16 वर्षीय द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद आसाराम के खिलाफ इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था। उनके प्रवक्ता ने इस आरोप का खंडन किया है।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान उन्होंने पाया कि लड़की जोधपुर के मनाई आश्रम में एक धार्मिक कृत्य के लिए आसाराम से मिलने की इच्छुक नहीं थी लेकिन उसके माता-पिता ने उसके वहां जाने पर जोर दिया था। उसके माता-पिता भी आसाराम के भक्त हैं।
डीसीपी (पश्चिम) अजय पाल लांबा ने कहा, ‘उसने छिंदवाड़ा में अपने गुरुकूल में उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी। उसके बाद उसके माता-पिता को सूचित किया गया था और गुरुकुल के सेवादारों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और उसे किसी बुरी आत्मा ने अपने कब्जे में ले लिया है।’
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान उन्होंने पाया कि लड़की जोधपुर के मनाई आश्रम में एक धार्मिक कृत्य के लिए आसाराम से मिलने की इच्छुक नहीं थी लेकिन उसके माता-पिता ने उसके वहां जाने पर जोर दिया था। उसके माता-पिता भी आसाराम के भक्त हैं।
डीसीपी (पश्चिम) अजय पाल लांबा ने कहा, ‘उसने छिंदवाड़ा में अपने गुरुकूल में उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी। उसके बाद उसके माता-पिता को सूचित किया गया था और गुरुकुल के सेवादारों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और उसे किसी बुरी आत्मा ने अपने कब्जे में ले लिया है।’
डीसीपी (पश्चिम) अजय पाल लांबा ने कहा, ‘उसने छिंदवाड़ा में अपने गुरुकूल में उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी। उसके बाद उसके माता-पिता को सूचित किया गया था और गुरुकुल के सेवादारों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और उसे किसी बुरी आत्मा ने अपने कब्जे में ले लिया है।’ | सारांश: पुलिस ने आसाराम पर लगे बलात्कार की धाराओं को हटा लिया है। बताया जा रहा है कि लड़की मेडिकल रिपोर्ट में भी बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई थी। इधर, पीड़ित नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया है कि आसाराम ने उसे धमकी भी दी। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय हॉकी के युवराज की जिंदगी एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले इतनी आसान नहीं थी जिसे अभावों में रहकर खेल के लिए अपने जुनून को बनाए रखने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मरीन लाइंस की चाल में बिजली के बिना गुजारा करने वाले युवराज वाल्मीकि की कहानी मर्म को छूने वाली है। निरंजन हाउसिंग सोसायटी में इस 21 वर्षीय हॉकी खिलाड़ी के घर में जश्न का माहौल है। रिश्तेदारों, दोस्तों, पत्रकारों और शुभचिंतकों की भीड़ लगी है। यहां सुबह पहुंचने पर उसका नायकों की तरह स्वागत किया गया। ठाकरे परिवार ने उसका अभिनंदन किया तो महाराष्ट्र सरकार ने दस लाख रुपये इनाम की घोषणा की । युवराज ने पत्रकारों से कहा, हर किसी को समस्याएं होती हैं लेकिन इस पर निर्भर करता है कि आप उनसे कैसे निपटते हैं। मैंने कभी समस्याओं को हावी नहीं होने दिया। लोगों ने कदम कदम पर मेरी मदद भी की। वह अपने दोस्त बून डिसूजा और भारत के पूर्व कप्तान धनराज पिल्लै को इसका श्रेय देते हैं जिन्होंने एयर इंडिया में 2007 में उसकी प्रतिभा को पहचाना। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हॉकी खिलाड़ी ने कहा, हर किसी को समस्याएं होती हैं लेकिन इस पर निर्भर करता है कि आप उनसे कैसे निपटते हैं। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के सुपरस्टारों में से एक ‘हवा-हवाई’ यानी श्रीदेवी को फिल्म उद्योग में 50 साल पूरे होने वाले हैं. उनके चाहने वालों की लिस्ट भी बहुत लंबी है. उनके प्रशंसक उत्सुकता से उनकी आगामी 300वीं फिल्म 'मॉम' का इंतजार कर रहे हैं. खास तौर पर दक्षिण के वितरक भी उनकी फिल्मों का समर्थन कर रहे हैं. बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्री श्रीदेवी अभिनीत फिल्म 'मॉम' हिंदी के अलावा, तमिल, तेलुगू और मलयालम चार भाषाओं में रिलीज होगी. फिल्म के निर्माता और श्रीदेवी के पति बोनी कपूर ने कहा कि "जब से फिल्म का टीजर जारी हुआ है, तब से ऑनलाइन वितरक इसकी मांग कर रहे हैं और दक्षिण की भाषाओं में डब होने वाली फिल्म की मांग करने वाले निर्माताओं ने कई अनुरोध भेजे हैं."
बयान के मुताबिक, 'मॉम' श्रीदेवी की 300वीं फिल्म है और इस साल श्रीदेवी फिल्म करियर के 50 साल भी पूरे कर रही हैं. इस मौके पर श्रीदेवी के निर्माता-पति ने उसी दिन यानी सात जुलाई को फिल्म जारी करने का फैसला किया है. इस दिन 1967 में उनकी 'कंदन करुनई' रिलीज हुई थी.
जी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत और रवि उदयवार द्वारा निर्देशित 'मॉम' में अक्षय खन्ना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे सितारे प्रमुख भूमिकाओं में हैं.टिप्पणियां
इनपुट आईएएनएस से
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इनपुट आईएएनएस से
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: श्रीदेवी को फिल्म उद्योग में 50 साल पूरे होने वाले हैं.
'मॉम' हिंदी के अलावा, तमिल, तेलुगू और मलयालम चार भाषाओं में रिलीज होगी.
सात जुलाई को फिल्म जारी करने का फैसला किया है. | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आगामी विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर लड़ने का आह्वान करते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वर्ष 1991 के बाद पार्टी पहली बार राज्य में इतनी मजबूती से चुनाव लड़ रही है। राहुल ने यहां कांग्रेस कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि बीते सालों में प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक हालत बुरी रही। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 से लेकर 2009 तक कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में चुनाव नहीं लड़ा। वर्ष 2009 के लोकसभा में हमने शुरुआत की और अब 20 साल बाद हम पहली बार इतनी ताकत और मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल ने पार्टी उम्मीदवारों से कहा, "आप में केवल चुनाव जीतने की ही क्षमता नहीं है बल्कि आप में सरकार बनाने की क्षमता है। मुझे भरोसा है कि अगर आपने मेहनत की तो लखनऊ में कांग्रेस की सरकार बनेगी। आपको बूथ कमेटियों को मजबूत करना है। चुनाव बूथ कमेटियों पर लड़ा जाता है।" राहुल ने कहा, "राज्य में बिना कांग्रेस के सहयोग से किसी भी पार्टी की सरकार नहीं बन सकती लेकिन हमें इतनी मजबूती से लड़ना है कि हम खुद बहुमत की सरकार बनाएं। उन्होंने कहा कि जहां पर आपको मेरी जरूरत होगी, वहां मैं आऊंगा।" कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्ष 2009 के आम चुनाव के दौरान तमाम सर्वेक्षण हमें उत्तर प्रदेश में केवल पांच सीटें दे रहे थे। समझौते के तहत समाजवादी पार्टी (सपा) हमें बगैर जनाधार वाली पार्टी बताकर केवल पांच-सात सीटें दे रही थी। हमने सपा से समझ्झौता नहीं किया और चुनाव के बाद जो नतीजा आया उसे आप सभी ने देखा। यही आगामी विधानसभा चुनाव में होगा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और सपा की सरकारों को भ्रष्ट करार देते हुए राहुल ने कहा, "हमारे पास मुद्दों की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री मायावती और मुलायम सिंह यादव की सरकारों ने भ्रष्टाचार में रिकॉर्ड तोड़े हैं। मायावती सरकार के कई मंत्री जेल में हैं। राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। इन मुद्दों को आपको उठाना है। जनता कांग्रेस की सरकार बनाना चाहती है।" राहुल ने चेतावनी वाले लहजे में कहा, "उम्मीदवारों को समर्थन नहीं करने वाले पार्टी के नेताओं के खिलाफ चुनाव बाद मैं सख्त कार्रवाई करूंगा, चाहे पार्टी को इससे नुकसान ही क्यों न उठाना पड़े।" उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी संगठन को एकजुट करने और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने दो दिवसीय लखनऊ दौरे पर आए राहुल ने दौरे के पहले दिन प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और अब तक घोषित उम्मीदवारों के साथ बैठक की। | यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वर्ष 1991 के बाद पार्टी पहली बार राज्य में इतनी मजबूती से चुनाव लड़ रही है। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में पहली बार थ्रीडी स्पीड ब्रेकर बनाया गया है। अगर ये प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में आपको इस तरह के कई स्पीड ब्रेकर देखने को मिल सकते हैं। इस थ्रीडी स्पीड ब्रेकर को दिल्ली आर्ट स्ट्रीट संस्था ने बनाया है।टिप्पणियां
तेज रफ्तार गाड़ियों को धीमा करने के लिए लुटियन जोन में इस तरह के स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। गाड़ी में बैठकर जब आप इसे दूर से देखेंगे तो लगेगा कि जैसे सड़क पर दो से तीन मीटर का कोई ब्लॉक रखा है। लेकिन जब आप नजदीक पहुंचेंगे तो पता चलेगा कि ये थ्रीडी स्पीड ब्रेकर है। सामान्य स्पीड ब्रेकर से अलग ये थ्रीडी स्पीड ब्रेकर काफी दूर से आपको दिखेगी। लेकिन थ्रीडी स्पीड ब्रेकर का असर इक्का दुक्का गाड़ियों पर ही पड़ रहा था। बाकियों की रफ्तार आमतौर पर सामान्य ही थी।
फिलहाल ये थ्री डी स्पीड ब्रेकर राजाजी मार्ग पर बनाया गया है। एनडीएमसी ने ट्रैफिक पुलिस को इस थ्री डी स्पीड ब्रेकर को मॉनिटर कर एक रिपोर्ट देने को कहा है ताकि अगर इसमें कोई गड़बड़ी हो तो उसे दूर किया जा सके। इससे पहले अहमदाबाद में भी इस तरह के स्पीड ब्रेकर बने थे, लेकिन वहां यह ज्यादा सफल नहीं रहा था।
तेज रफ्तार गाड़ियों को धीमा करने के लिए लुटियन जोन में इस तरह के स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। गाड़ी में बैठकर जब आप इसे दूर से देखेंगे तो लगेगा कि जैसे सड़क पर दो से तीन मीटर का कोई ब्लॉक रखा है। लेकिन जब आप नजदीक पहुंचेंगे तो पता चलेगा कि ये थ्रीडी स्पीड ब्रेकर है। सामान्य स्पीड ब्रेकर से अलग ये थ्रीडी स्पीड ब्रेकर काफी दूर से आपको दिखेगी। लेकिन थ्रीडी स्पीड ब्रेकर का असर इक्का दुक्का गाड़ियों पर ही पड़ रहा था। बाकियों की रफ्तार आमतौर पर सामान्य ही थी।
फिलहाल ये थ्री डी स्पीड ब्रेकर राजाजी मार्ग पर बनाया गया है। एनडीएमसी ने ट्रैफिक पुलिस को इस थ्री डी स्पीड ब्रेकर को मॉनिटर कर एक रिपोर्ट देने को कहा है ताकि अगर इसमें कोई गड़बड़ी हो तो उसे दूर किया जा सके। इससे पहले अहमदाबाद में भी इस तरह के स्पीड ब्रेकर बने थे, लेकिन वहां यह ज्यादा सफल नहीं रहा था।
फिलहाल ये थ्री डी स्पीड ब्रेकर राजाजी मार्ग पर बनाया गया है। एनडीएमसी ने ट्रैफिक पुलिस को इस थ्री डी स्पीड ब्रेकर को मॉनिटर कर एक रिपोर्ट देने को कहा है ताकि अगर इसमें कोई गड़बड़ी हो तो उसे दूर किया जा सके। इससे पहले अहमदाबाद में भी इस तरह के स्पीड ब्रेकर बने थे, लेकिन वहां यह ज्यादा सफल नहीं रहा था। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली आर्ट स्ट्रीट संस्था ने बनाया इस थ्री डी स्पीड ब्रेकर को
ये थ्रीडी स्पीड ब्रेकर काफी दूर से दिख जाता है
अहमदाबाद में भी ऐसे स्पीड ब्रेकर बने थे, लेकिन ज्यादा सफल नहीं रहा | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इराक की राजधानी बगदाद में शनिवार को कई कार बम विस्फोटों में 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां
विस्फोट बगदाद के शिया बहुल इलाकों में हुए। हालांकि विस्फोटों की अभी तक किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शियाओं के खिलाफ ऐसे हमले करना अलकायदा की इराक शाखा का खास तरीका है।
पुलिस ने बताया कि सभी विस्फोट कार बम से किए गए। विस्फोटों का समय इस तरह से रखा गया था ताकि ये रोजा समाप्त होने के बाद हों क्योंकि उस समय लोग बाजार में खरीदारी कर रहे होते हैं या कॉफी की दुकानों में होते हैं।
विस्फोट बगदाद के शिया बहुल इलाकों में हुए। हालांकि विस्फोटों की अभी तक किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शियाओं के खिलाफ ऐसे हमले करना अलकायदा की इराक शाखा का खास तरीका है।
पुलिस ने बताया कि सभी विस्फोट कार बम से किए गए। विस्फोटों का समय इस तरह से रखा गया था ताकि ये रोजा समाप्त होने के बाद हों क्योंकि उस समय लोग बाजार में खरीदारी कर रहे होते हैं या कॉफी की दुकानों में होते हैं।
पुलिस ने बताया कि सभी विस्फोट कार बम से किए गए। विस्फोटों का समय इस तरह से रखा गया था ताकि ये रोजा समाप्त होने के बाद हों क्योंकि उस समय लोग बाजार में खरीदारी कर रहे होते हैं या कॉफी की दुकानों में होते हैं। | सारांश: इराक की राजधानी बगदाद में शनिवार को कई कार बम विस्फोटों में 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: घुटने के ऑपरेशन के कारण कोर्ट से दूर भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा को आज डब्ल्यूटीए रैंकिंग के महिला एकल वर्ग में दो स्थान का फायदा हुआ है लेकिन युगल वर्ग में उन्हें एक स्थान का नुकसान उठाना पड़ा है। सानिया एकल में 86वें जबकि युगल में 12वें स्थान पर हैं। आज जारी एटीपी रैंकिंग में सोमदेव देववर्मन पुरुष एकल में 84वें स्थान पर बरकरार हैं। एटीपी युगल रैंकिंग में महेश भूपति एक स्थान के नुकसान के साथ सातवें स्थान पर खिसक गए जबकि उनके साथी लिएंडर पेस आठवें स्थान पर बरकरार हैं। रोहन बोपन्ना 16वें स्थान पर कायम हैं। सत्रांत होने वाले वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर चुके पेस और भूपति टीम रैंकिंग में चौथे स्थान पर हैं। बोपन्ना और ऐसाम उल हक कुरैशी की भारत और पाकिस्तान की जोड़ी सातवें स्थान पर है। डब्ल्यूटीए टीम सूची में सानिया और रूस की उनकी जोड़ीदार एलेना वेसनीना छठे स्थान पर है। | यहाँ एक सारांश है:घुटने के ऑपरेशन के कारण कोर्ट से दूर खिलाड़ी सानिया मिर्जा को डब्ल्यूटीए रैंकिंग के महिला एकल वर्ग में दो स्थान का फायदा हुआ है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इसके बाद सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बंदिशें लगाईं थीं, जिसमें जम्मू और कश्मीर में सैकड़ों राजनेताओं की गिरफ्तारी या हिरासत शामिल थी. इसके तहत फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) के अलावा राज्य के दो और पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को हिरासत में रखना शामिल है.
श्रीनगर के लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला पर कानून की उस धारा के तहत आरोप लगाया गया है, जो सार्वजनिक अव्यवस्था से संबंधित है. इसका अर्थ है बिना किसी मुकदमे के तीन महीने से एक वर्ष तक हिरासत में रहना. श्रीनगर में उनके आवास को ही 'जेल' घोषित कर दिया गया है. बता दें कि सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) को लकड़ी की तस्करी को रोकने के लिए एक सख्त कानून के रूप में लाया गया था. यह सरकार को 16 साल से ऊपर के किसी भी व्यक्ति को दो साल तक बिना मुकदमा चलाए रखने की अनुमति देता है. 2011 में, न्यूनतम आयु 16 से बढ़ाकर 18 कर दी गई थी.
हालिया दशकों से दौरान इसका इस्तेमाल आतंकवादियों, अलगाववादियों और पत्थरबाजों के खिलाफ किया जाता था. 2016 में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की हत्या के बाद कश्मीर घाटी में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पीएसए के तहत 550 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था. पिछले महीने अनुच्छेद 370 के फैसले के बाद जारी सुरक्षा बंदिशों के बीच यह पहला मौका है जब एक मुख्यधारा के राजनीतिज्ञ, सांसद और तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके किसी व्यक्ति को PSA के तहत नजरबंद किया गया है. पीएसए के तहत किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने का आदेश जिला मजिस्ट्रेट या संभागीय आयुक्त द्वारा जारी किया जा सकता है. | यह एक सारांश है: पीएसए के तहत हिरासत में हैं फारूक अब्दुल्ला
उनके पिता शेख अब्दुल्ला ने ही बनाया था यह कानून
5 अगस्त से नजरबंद हैं फारूक अब्दुल्ला | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन मानते हैं कि पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को फांसी दिया जाना 26/11 के पीड़ितों के लिए राहत है।
70 वर्षीय अमिताभ ने कहा, उन्होंने कहा कि देश का कानून अभी जिंदा है। और दुख की बात यह है कि इस घटना में कई लोगों को जान गंवानी पड़ी और कहीं न कहीं यह उनके लिए एक राहत है, खासकर पुलिस अधिकारियों के लिए।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के ओजेड महोत्सव के दौरान उन्होंने कहा, उन्होंने देश के लिए बड़ी कुर्बानी दी और मुझे लगता है कि यह हम सबके लिए बड़ी राहत की बात है।
कसाब को पुणे के यरवदा जेल में मुम्बई हमले की चौथी सालगिरह के पांच दिन पहले बुधवार को फांसी दे दी गई थी । इस घटना में 166 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
70 वर्षीय अमिताभ ने कहा, उन्होंने कहा कि देश का कानून अभी जिंदा है। और दुख की बात यह है कि इस घटना में कई लोगों को जान गंवानी पड़ी और कहीं न कहीं यह उनके लिए एक राहत है, खासकर पुलिस अधिकारियों के लिए।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया के ओजेड महोत्सव के दौरान उन्होंने कहा, उन्होंने देश के लिए बड़ी कुर्बानी दी और मुझे लगता है कि यह हम सबके लिए बड़ी राहत की बात है।
कसाब को पुणे के यरवदा जेल में मुम्बई हमले की चौथी सालगिरह के पांच दिन पहले बुधवार को फांसी दे दी गई थी । इस घटना में 166 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
ऑस्ट्रेलिया के ओजेड महोत्सव के दौरान उन्होंने कहा, उन्होंने देश के लिए बड़ी कुर्बानी दी और मुझे लगता है कि यह हम सबके लिए बड़ी राहत की बात है।
कसाब को पुणे के यरवदा जेल में मुम्बई हमले की चौथी सालगिरह के पांच दिन पहले बुधवार को फांसी दे दी गई थी । इस घटना में 166 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
कसाब को पुणे के यरवदा जेल में मुम्बई हमले की चौथी सालगिरह के पांच दिन पहले बुधवार को फांसी दे दी गई थी । इस घटना में 166 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। | संक्षिप्त पाठ: बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन मानते हैं कि पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को फांसी दिया जाना 26/11 के पीड़ितों के लिए राहत है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: फर्रुखाबाद जिला जेल में रविवार सुबह बंदियों ने अपने बीमार साथी को बेहतर इलाज न मिल पाने पर जमकर बवाल काटा.कुछ कैदी ईंट-पत्थर लेकर जेल की छत पर चढ़ गए. उन्होंने जेल के अंदर कुछ जगहों पर आग भी लगा दी. बताया जा रहा है कि इस दौरान पत्थरबाज़ी में कार्रवाहक डीएम एनपी पांडे और जेल सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार को सिर में चोटें आई हैं. कैदियों का आरोप है कि जेल में उनके साथ कैदी का इलाज नहीं किया गया, वहीं जेल में खराब खाने को लेकर भी कैदी नाराज़ हैं. इस घटना के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, फर्रुखाबाद जेलर डीके सिंह को निलंबित कर दिया गया है. छह अन्य सुरक्षा गार्ड को हटा दिया गया है. डॉक्टर नीरज कुमार का तबादला कर दिया गया है. डीआईजी जेल 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट दाखिल करेंगे.
फर्रूखाबाद की जिला जेल मे सुवह से बंदियों व जेल प्रशासन के बीज बिबाद चल रहा है. दो सौ अधिक बंदी जिला जेल में छतों पर ईट पत्थर लेकर चढ़े. और यह बराबर रुक-रुककर पथराव कर रहे हैं. इन लोगों ने जेल के अन्दर कुछ जगहों पर आग लगा दी थी. पथराव में जेलर के सिर पर पत्थर लगा जिससे यह गंभीर रूप से घायल हो गए. इनको इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया एक कैदी के भी सिर मे चोट लगी हुई है. पटटी बांधे हुए जेल से बाहर लाया गया. उसको भी एंबूलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया है. जब मामला नियंत्रण से बाहर हो गया तो जिला प्रशासन कई थानों की फोर्स के साथ अंदर पहुंचा.
सीडीओ एन के पांडेय मौके पर पहुंचे. जब इन्होंने बंदियां से वार्ता करनी चाही तो बंदियों ने फिर से पथराव कर दिया और सीडीओ भी घायल हो गए. इनके पैर में पत्थर लगा. बाहर निकल आए जेल प्रशासन की बात करें तो उनके पास सिर पर लगाने को हैलमेट थे, न बॉडी प्रोटेक्टर. वह अपने आप को बचाने के लिए दीवारों के पास छिपे दिखाइ दिए. टिप्पणियां
खबरों के मुताबिक, एक बीमार बंदी को लोहिया अस्पताल रेफर करने के बजाय अस्पताल जेल ले जाने पर कैदियों में गुस्सा फैल गया. गुस्साए कैदियों ने विरोध शुरू कर दिया और छतों पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी. करीब साढ़े नौ बजे पुलिस पहुंची तो बंदी और भड़क गए, उन्होंने पथराव करके पुलिस को जेल में घुसने से रोक कर दिया. बवाल बढ़ने पर एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी जेल पहुंच गए.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, राजेपुर क्षेत्र का कैदी अतुल के चलते ये पूरा विवाद हुआ है. अतुल धारा 302 और 376 का मुल्जिम है. काफी दिनों से जेल के अस्पताल में भर्ती था. जेल के डॉक्टर नीरज कुमार ने शनिवार को तबियत सही होने के कारण उसे डिस्चार्ज कर दिया. वहीं, अतुल ने डिस्चार्ज किए जाने का विरोध किया. विवाद इतना बढ़ा कि कैदी अतुल ने सिपाही से मारपीट कर दी. इसके बाद जब जेल प्रशासन ने सख्ती की तो कैदी एकजुट हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. कैदिया ने जेल के गेट नंबर 2 पर आग लगा दी. जब जेल प्रशासन जैसे-तैसे अंदर घुसा तो कैदियों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. जेल अधीक्षक आर के शर्मा सहित कई अधिकारी पत्थर लगने से घायल हो गए. इनको राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया.
फर्रूखाबाद की जिला जेल मे सुवह से बंदियों व जेल प्रशासन के बीज बिबाद चल रहा है. दो सौ अधिक बंदी जिला जेल में छतों पर ईट पत्थर लेकर चढ़े. और यह बराबर रुक-रुककर पथराव कर रहे हैं. इन लोगों ने जेल के अन्दर कुछ जगहों पर आग लगा दी थी. पथराव में जेलर के सिर पर पत्थर लगा जिससे यह गंभीर रूप से घायल हो गए. इनको इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया एक कैदी के भी सिर मे चोट लगी हुई है. पटटी बांधे हुए जेल से बाहर लाया गया. उसको भी एंबूलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया है. जब मामला नियंत्रण से बाहर हो गया तो जिला प्रशासन कई थानों की फोर्स के साथ अंदर पहुंचा.
सीडीओ एन के पांडेय मौके पर पहुंचे. जब इन्होंने बंदियां से वार्ता करनी चाही तो बंदियों ने फिर से पथराव कर दिया और सीडीओ भी घायल हो गए. इनके पैर में पत्थर लगा. बाहर निकल आए जेल प्रशासन की बात करें तो उनके पास सिर पर लगाने को हैलमेट थे, न बॉडी प्रोटेक्टर. वह अपने आप को बचाने के लिए दीवारों के पास छिपे दिखाइ दिए. टिप्पणियां
खबरों के मुताबिक, एक बीमार बंदी को लोहिया अस्पताल रेफर करने के बजाय अस्पताल जेल ले जाने पर कैदियों में गुस्सा फैल गया. गुस्साए कैदियों ने विरोध शुरू कर दिया और छतों पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी. करीब साढ़े नौ बजे पुलिस पहुंची तो बंदी और भड़क गए, उन्होंने पथराव करके पुलिस को जेल में घुसने से रोक कर दिया. बवाल बढ़ने पर एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी जेल पहुंच गए.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, राजेपुर क्षेत्र का कैदी अतुल के चलते ये पूरा विवाद हुआ है. अतुल धारा 302 और 376 का मुल्जिम है. काफी दिनों से जेल के अस्पताल में भर्ती था. जेल के डॉक्टर नीरज कुमार ने शनिवार को तबियत सही होने के कारण उसे डिस्चार्ज कर दिया. वहीं, अतुल ने डिस्चार्ज किए जाने का विरोध किया. विवाद इतना बढ़ा कि कैदी अतुल ने सिपाही से मारपीट कर दी. इसके बाद जब जेल प्रशासन ने सख्ती की तो कैदी एकजुट हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. कैदिया ने जेल के गेट नंबर 2 पर आग लगा दी. जब जेल प्रशासन जैसे-तैसे अंदर घुसा तो कैदियों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. जेल अधीक्षक आर के शर्मा सहित कई अधिकारी पत्थर लगने से घायल हो गए. इनको राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया.
सीडीओ एन के पांडेय मौके पर पहुंचे. जब इन्होंने बंदियां से वार्ता करनी चाही तो बंदियों ने फिर से पथराव कर दिया और सीडीओ भी घायल हो गए. इनके पैर में पत्थर लगा. बाहर निकल आए जेल प्रशासन की बात करें तो उनके पास सिर पर लगाने को हैलमेट थे, न बॉडी प्रोटेक्टर. वह अपने आप को बचाने के लिए दीवारों के पास छिपे दिखाइ दिए. टिप्पणियां
खबरों के मुताबिक, एक बीमार बंदी को लोहिया अस्पताल रेफर करने के बजाय अस्पताल जेल ले जाने पर कैदियों में गुस्सा फैल गया. गुस्साए कैदियों ने विरोध शुरू कर दिया और छतों पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी. करीब साढ़े नौ बजे पुलिस पहुंची तो बंदी और भड़क गए, उन्होंने पथराव करके पुलिस को जेल में घुसने से रोक कर दिया. बवाल बढ़ने पर एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी जेल पहुंच गए.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, राजेपुर क्षेत्र का कैदी अतुल के चलते ये पूरा विवाद हुआ है. अतुल धारा 302 और 376 का मुल्जिम है. काफी दिनों से जेल के अस्पताल में भर्ती था. जेल के डॉक्टर नीरज कुमार ने शनिवार को तबियत सही होने के कारण उसे डिस्चार्ज कर दिया. वहीं, अतुल ने डिस्चार्ज किए जाने का विरोध किया. विवाद इतना बढ़ा कि कैदी अतुल ने सिपाही से मारपीट कर दी. इसके बाद जब जेल प्रशासन ने सख्ती की तो कैदी एकजुट हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. कैदिया ने जेल के गेट नंबर 2 पर आग लगा दी. जब जेल प्रशासन जैसे-तैसे अंदर घुसा तो कैदियों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. जेल अधीक्षक आर के शर्मा सहित कई अधिकारी पत्थर लगने से घायल हो गए. इनको राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया.
खबरों के मुताबिक, एक बीमार बंदी को लोहिया अस्पताल रेफर करने के बजाय अस्पताल जेल ले जाने पर कैदियों में गुस्सा फैल गया. गुस्साए कैदियों ने विरोध शुरू कर दिया और छतों पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी. करीब साढ़े नौ बजे पुलिस पहुंची तो बंदी और भड़क गए, उन्होंने पथराव करके पुलिस को जेल में घुसने से रोक कर दिया. बवाल बढ़ने पर एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी जेल पहुंच गए.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, राजेपुर क्षेत्र का कैदी अतुल के चलते ये पूरा विवाद हुआ है. अतुल धारा 302 और 376 का मुल्जिम है. काफी दिनों से जेल के अस्पताल में भर्ती था. जेल के डॉक्टर नीरज कुमार ने शनिवार को तबियत सही होने के कारण उसे डिस्चार्ज कर दिया. वहीं, अतुल ने डिस्चार्ज किए जाने का विरोध किया. विवाद इतना बढ़ा कि कैदी अतुल ने सिपाही से मारपीट कर दी. इसके बाद जब जेल प्रशासन ने सख्ती की तो कैदी एकजुट हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. कैदिया ने जेल के गेट नंबर 2 पर आग लगा दी. जब जेल प्रशासन जैसे-तैसे अंदर घुसा तो कैदियों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. जेल अधीक्षक आर के शर्मा सहित कई अधिकारी पत्थर लगने से घायल हो गए. इनको राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, राजेपुर क्षेत्र का कैदी अतुल के चलते ये पूरा विवाद हुआ है. अतुल धारा 302 और 376 का मुल्जिम है. काफी दिनों से जेल के अस्पताल में भर्ती था. जेल के डॉक्टर नीरज कुमार ने शनिवार को तबियत सही होने के कारण उसे डिस्चार्ज कर दिया. वहीं, अतुल ने डिस्चार्ज किए जाने का विरोध किया. विवाद इतना बढ़ा कि कैदी अतुल ने सिपाही से मारपीट कर दी. इसके बाद जब जेल प्रशासन ने सख्ती की तो कैदी एकजुट हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. कैदिया ने जेल के गेट नंबर 2 पर आग लगा दी. जब जेल प्रशासन जैसे-तैसे अंदर घुसा तो कैदियों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. जेल अधीक्षक आर के शर्मा सहित कई अधिकारी पत्थर लगने से घायल हो गए. इनको राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया. | यह एक सारांश है: ज़िला जेल में कैदियों ने रविवार को जमकर हंगामा किया
जेल के अंदर कुछ जगहों पर आग लगा दी, जमकर पत्थरबाज़ी की
कैदियों का आरोप है कि जेल में उनके साथ कैदी का इलाज नहीं किया गया | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महान ऑफ स्पिनर मुरलीधरन के संन्यास लेने के बाद श्रीलंका का अगला स्टार बॉलर कौन होगा...पिछले कुछ समय से चल रहे इस सवाल का जवाब रंगना हेराथ के रूप में मिल गया है. बाएं हाथ के इस स्पिनर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाले में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में न सिर्फ हैट्रिक दर्ज की बल्कि उनकी शानदार गेंदबाजी की बदौलत श्रीलंका, मेहमान ऑस्ट्रेलिया टीम को 106 रन के स्कोर पर ढेर करने में कामयाब हो गया. श्रीलंका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का यह न्यूनतम स्कोर है. हेराथ काफी समय से टेस्ट में श्रीलंका के लिए प्रमुख गेंदबाज और विकेट टेकर की भूमिका निभा रहे हैं.टिप्पणियां
गाले टेस्ट में पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका ने 281 का स्कोर बनाया था. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया एक समय सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ता नजर आ रहा था. वार्नर और ख्वाजा क्रीज पर थे और 13 ओवर के बाद मेहमान टीम का स्कोर एक विकेट पर 54 रन था. इसी स्कोर पर परेरा की गेंद पर वार्नर के आउट होते ही विकेट की झड़ी लग गई. परेरा और हेराथ ने मिलकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और देखते ही देखते पूरी टीम 33.2 ओवर में पैवेलियन में जा बैठी. दोनों ही गेंदबाजों ने चार-चार विकेट लिए.
हेराथ ने हैट्रिक के रूप में वोग्स, नेविल और स्टार्क के विकेट झटके. उनके इन तीन विकेट के कारण ऑस्ट्रेलिया का स्कोर देखते ही देखते चार विकेट पर 80 रन से सात विकेट पर 80 रन तक पहुंच गया. इससे पहले हेराथ ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ को भी आउट किया था. हेराथ अब तक 71 टेस्ट मैचों में (गाल टेस्ट से पहले) 29.64 के औसत से 313 विकेट ले चुके हैं. 24 बार वे पारी में पांच और पांच बार मैच में दस या अधिक विकेट ले चुके हैं.
गाले टेस्ट में पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका ने 281 का स्कोर बनाया था. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया एक समय सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ता नजर आ रहा था. वार्नर और ख्वाजा क्रीज पर थे और 13 ओवर के बाद मेहमान टीम का स्कोर एक विकेट पर 54 रन था. इसी स्कोर पर परेरा की गेंद पर वार्नर के आउट होते ही विकेट की झड़ी लग गई. परेरा और हेराथ ने मिलकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और देखते ही देखते पूरी टीम 33.2 ओवर में पैवेलियन में जा बैठी. दोनों ही गेंदबाजों ने चार-चार विकेट लिए.
हेराथ ने हैट्रिक के रूप में वोग्स, नेविल और स्टार्क के विकेट झटके. उनके इन तीन विकेट के कारण ऑस्ट्रेलिया का स्कोर देखते ही देखते चार विकेट पर 80 रन से सात विकेट पर 80 रन तक पहुंच गया. इससे पहले हेराथ ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ को भी आउट किया था. हेराथ अब तक 71 टेस्ट मैचों में (गाल टेस्ट से पहले) 29.64 के औसत से 313 विकेट ले चुके हैं. 24 बार वे पारी में पांच और पांच बार मैच में दस या अधिक विकेट ले चुके हैं.
हेराथ ने हैट्रिक के रूप में वोग्स, नेविल और स्टार्क के विकेट झटके. उनके इन तीन विकेट के कारण ऑस्ट्रेलिया का स्कोर देखते ही देखते चार विकेट पर 80 रन से सात विकेट पर 80 रन तक पहुंच गया. इससे पहले हेराथ ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ को भी आउट किया था. हेराथ अब तक 71 टेस्ट मैचों में (गाल टेस्ट से पहले) 29.64 के औसत से 313 विकेट ले चुके हैं. 24 बार वे पारी में पांच और पांच बार मैच में दस या अधिक विकेट ले चुके हैं. | संक्षिप्त पाठ: वोग्स, नेविल, स्टार्क को लगातार गेंदों पर शिकार बनाया
ऑस्ट्रेलिया का श्रीलंका के खिलाफ न्यूनतम स्कोर है 106 रन
परेरा और हेराथ, दोनों ने चार-चार विकेट हासिल किए | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नरमपंथी मौलवी हसन रोहानी को ईरान का नया राष्ट्रपति घोषित किया गया और इस प्रकार कट्टरपंथियों का शीर्ष पद पर आठ साल का कब्जा समाप्त हुआ।
पूर्व शीर्ष परमाणु वार्ताकार रोहानी ने वैध मतों के 50.68 प्रतिशत या 1.86 करोड़ मत हासिल किए।
रोहानी की जीत की घोषणा करते हुए गृह मंत्री मोहम्मद मुस्तफा नज्जर ने कहा कि 3.67 करोड़ लोगों या 72.7 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
महमूद अहमदीनेजाद का उत्तराधिकार चुनने के लिए देश में 5.05 करोड़ से अधिक ईरानी मतदान के योग्य थे। अहमदीनेजाद इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हैं क्योंकि वह लगातार दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं।
रोहानी को मिले मतों से यह तय हो गया कि उन्हें उपविजेता के खिलाफ निर्णायक चुनाव नहीं लड़ना पड़ेगा।
चुनावों में दूसरे स्थान पर रहे तेहरान के मेयर मोहम्मद बाकर कलीबाफ को 60.7 लाख मत मिले। टिप्पणियां
वर्तमान परमाणु वार्ताकार सईद जलीली 31.7 लाख मत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एकमात्र सुधारवादी के दौड़ से हट जाने से रोहानी के लिए जीत आसान हो गई क्योंकि सुधारवादी और नरमपंथी दोनों धड़ों के मत उन्हें मिले।
पूर्व शीर्ष परमाणु वार्ताकार रोहानी ने वैध मतों के 50.68 प्रतिशत या 1.86 करोड़ मत हासिल किए।
रोहानी की जीत की घोषणा करते हुए गृह मंत्री मोहम्मद मुस्तफा नज्जर ने कहा कि 3.67 करोड़ लोगों या 72.7 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
महमूद अहमदीनेजाद का उत्तराधिकार चुनने के लिए देश में 5.05 करोड़ से अधिक ईरानी मतदान के योग्य थे। अहमदीनेजाद इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हैं क्योंकि वह लगातार दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं।
रोहानी को मिले मतों से यह तय हो गया कि उन्हें उपविजेता के खिलाफ निर्णायक चुनाव नहीं लड़ना पड़ेगा।
चुनावों में दूसरे स्थान पर रहे तेहरान के मेयर मोहम्मद बाकर कलीबाफ को 60.7 लाख मत मिले। टिप्पणियां
वर्तमान परमाणु वार्ताकार सईद जलीली 31.7 लाख मत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एकमात्र सुधारवादी के दौड़ से हट जाने से रोहानी के लिए जीत आसान हो गई क्योंकि सुधारवादी और नरमपंथी दोनों धड़ों के मत उन्हें मिले।
रोहानी की जीत की घोषणा करते हुए गृह मंत्री मोहम्मद मुस्तफा नज्जर ने कहा कि 3.67 करोड़ लोगों या 72.7 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
महमूद अहमदीनेजाद का उत्तराधिकार चुनने के लिए देश में 5.05 करोड़ से अधिक ईरानी मतदान के योग्य थे। अहमदीनेजाद इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हैं क्योंकि वह लगातार दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं।
रोहानी को मिले मतों से यह तय हो गया कि उन्हें उपविजेता के खिलाफ निर्णायक चुनाव नहीं लड़ना पड़ेगा।
चुनावों में दूसरे स्थान पर रहे तेहरान के मेयर मोहम्मद बाकर कलीबाफ को 60.7 लाख मत मिले। टिप्पणियां
वर्तमान परमाणु वार्ताकार सईद जलीली 31.7 लाख मत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एकमात्र सुधारवादी के दौड़ से हट जाने से रोहानी के लिए जीत आसान हो गई क्योंकि सुधारवादी और नरमपंथी दोनों धड़ों के मत उन्हें मिले।
महमूद अहमदीनेजाद का उत्तराधिकार चुनने के लिए देश में 5.05 करोड़ से अधिक ईरानी मतदान के योग्य थे। अहमदीनेजाद इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हैं क्योंकि वह लगातार दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं।
रोहानी को मिले मतों से यह तय हो गया कि उन्हें उपविजेता के खिलाफ निर्णायक चुनाव नहीं लड़ना पड़ेगा।
चुनावों में दूसरे स्थान पर रहे तेहरान के मेयर मोहम्मद बाकर कलीबाफ को 60.7 लाख मत मिले। टिप्पणियां
वर्तमान परमाणु वार्ताकार सईद जलीली 31.7 लाख मत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एकमात्र सुधारवादी के दौड़ से हट जाने से रोहानी के लिए जीत आसान हो गई क्योंकि सुधारवादी और नरमपंथी दोनों धड़ों के मत उन्हें मिले।
रोहानी को मिले मतों से यह तय हो गया कि उन्हें उपविजेता के खिलाफ निर्णायक चुनाव नहीं लड़ना पड़ेगा।
चुनावों में दूसरे स्थान पर रहे तेहरान के मेयर मोहम्मद बाकर कलीबाफ को 60.7 लाख मत मिले। टिप्पणियां
वर्तमान परमाणु वार्ताकार सईद जलीली 31.7 लाख मत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एकमात्र सुधारवादी के दौड़ से हट जाने से रोहानी के लिए जीत आसान हो गई क्योंकि सुधारवादी और नरमपंथी दोनों धड़ों के मत उन्हें मिले।
चुनावों में दूसरे स्थान पर रहे तेहरान के मेयर मोहम्मद बाकर कलीबाफ को 60.7 लाख मत मिले। टिप्पणियां
वर्तमान परमाणु वार्ताकार सईद जलीली 31.7 लाख मत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एकमात्र सुधारवादी के दौड़ से हट जाने से रोहानी के लिए जीत आसान हो गई क्योंकि सुधारवादी और नरमपंथी दोनों धड़ों के मत उन्हें मिले।
वर्तमान परमाणु वार्ताकार सईद जलीली 31.7 लाख मत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एकमात्र सुधारवादी के दौड़ से हट जाने से रोहानी के लिए जीत आसान हो गई क्योंकि सुधारवादी और नरमपंथी दोनों धड़ों के मत उन्हें मिले।
एकमात्र सुधारवादी के दौड़ से हट जाने से रोहानी के लिए जीत आसान हो गई क्योंकि सुधारवादी और नरमपंथी दोनों धड़ों के मत उन्हें मिले। | नरमपंथी मौलवी हसन रोहानी को ईरान का नया राष्ट्रपति घोषित किया गया और इस प्रकार कट्टरपंथियों का शीर्ष पद पर आठ साल का कब्जा समाप्त हुआ। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कानपुर में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में हार के बाद कप्तान विराट कोहली ने माना कि मैच में उनकी टीम के लिहाज से कुछ भी अच्छा नहीं रहा और सीरीज में 0-1 से पिछड़ने के बाद खिलाड़ियों को अगले दो मैच में शानदार प्रदर्शन करना होगा. मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में विराट ने कहा कि टी20 ऐसा फॉर्मेट है जिसमें विपक्षी टीम आपको कभी भी हैरान करते हुए उलटफेर का शिकार बना सकती है. यही इसका रोमांच है और हमें इसका आनंद लेना चाहिए.टिप्पणियां
विराट ने कहा कि इंग्लैंड ने आज हमसे बेहतर क्रिकेट खेला और वे जीत के हकदार थे. इसका श्रेय मेहमान टीम के गेंदबाजों को देना चाहिए जिन्होंने अच्छी लाइन-लेंग्थ पर गेंदें डालीं. उन्होंने कहा कि इस विकेट पर हमें अपने सेट टारगेट से 30 से 35 रन पीछे रह गए. लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल के बारे में पूछे गए सवाल पर कोहली ने कहा कि रॉयल चैलेंजर्स टीम की ओर से ही खेलता है और मैं उसकी क्षमताओं से वाकिफ हूं. वह चुनौतियों का सामना करने से पीछे नहीं हटता.
दूसरी ओर, इंग्लैंड के कप्तान मोर्गन ने इस जीत का श्रेय अपने खिलाड़ियों के समग्र प्रदर्शन को दिया. उन्होंने कहा कि हमारे गेंदबाजों ने असाधारण प्रदर्शन किया. इस मामले में उन्होंने ऑफ स्पिनर मोईन अली का खासतौर पर जिक्र किया जिन्होंने चार ओवर के कोटे में 21 रन देकर दो विकेट लिए. मोर्गन ने कहा कि मोईन ने गेंदबाजी में अपने अनुभव का बखूबी इस्तेमाल किया और न केवल रन गति पर अंकुश लगाया बल्कि विकेट भी झटके. तेज गेंदबाज टाइमल मिल्स और क्रिस जॉर्डन ने भी अपने भूमिका को निभाने की पूरी कोशिश की. ग्रीन पार्क का मैदान छोटा है लेकिन उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों के लिए रन बनाना काफी मुश्किल बना दिया. बल्लेबाजी में सैम बिलिंग्स और जेसन रॉय की जोड़ी ने अपने काम को अच्छी तरह करते हुए हमें तेज शुरुआत दी. आश्चर्यजनक रूप में मैच में 21 रन देकर दो विकेट लेने वाले मोईन अली सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किए गए.
विराट ने कहा कि इंग्लैंड ने आज हमसे बेहतर क्रिकेट खेला और वे जीत के हकदार थे. इसका श्रेय मेहमान टीम के गेंदबाजों को देना चाहिए जिन्होंने अच्छी लाइन-लेंग्थ पर गेंदें डालीं. उन्होंने कहा कि इस विकेट पर हमें अपने सेट टारगेट से 30 से 35 रन पीछे रह गए. लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल के बारे में पूछे गए सवाल पर कोहली ने कहा कि रॉयल चैलेंजर्स टीम की ओर से ही खेलता है और मैं उसकी क्षमताओं से वाकिफ हूं. वह चुनौतियों का सामना करने से पीछे नहीं हटता.
दूसरी ओर, इंग्लैंड के कप्तान मोर्गन ने इस जीत का श्रेय अपने खिलाड़ियों के समग्र प्रदर्शन को दिया. उन्होंने कहा कि हमारे गेंदबाजों ने असाधारण प्रदर्शन किया. इस मामले में उन्होंने ऑफ स्पिनर मोईन अली का खासतौर पर जिक्र किया जिन्होंने चार ओवर के कोटे में 21 रन देकर दो विकेट लिए. मोर्गन ने कहा कि मोईन ने गेंदबाजी में अपने अनुभव का बखूबी इस्तेमाल किया और न केवल रन गति पर अंकुश लगाया बल्कि विकेट भी झटके. तेज गेंदबाज टाइमल मिल्स और क्रिस जॉर्डन ने भी अपने भूमिका को निभाने की पूरी कोशिश की. ग्रीन पार्क का मैदान छोटा है लेकिन उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों के लिए रन बनाना काफी मुश्किल बना दिया. बल्लेबाजी में सैम बिलिंग्स और जेसन रॉय की जोड़ी ने अपने काम को अच्छी तरह करते हुए हमें तेज शुरुआत दी. आश्चर्यजनक रूप में मैच में 21 रन देकर दो विकेट लेने वाले मोईन अली सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किए गए.
दूसरी ओर, इंग्लैंड के कप्तान मोर्गन ने इस जीत का श्रेय अपने खिलाड़ियों के समग्र प्रदर्शन को दिया. उन्होंने कहा कि हमारे गेंदबाजों ने असाधारण प्रदर्शन किया. इस मामले में उन्होंने ऑफ स्पिनर मोईन अली का खासतौर पर जिक्र किया जिन्होंने चार ओवर के कोटे में 21 रन देकर दो विकेट लिए. मोर्गन ने कहा कि मोईन ने गेंदबाजी में अपने अनुभव का बखूबी इस्तेमाल किया और न केवल रन गति पर अंकुश लगाया बल्कि विकेट भी झटके. तेज गेंदबाज टाइमल मिल्स और क्रिस जॉर्डन ने भी अपने भूमिका को निभाने की पूरी कोशिश की. ग्रीन पार्क का मैदान छोटा है लेकिन उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों के लिए रन बनाना काफी मुश्किल बना दिया. बल्लेबाजी में सैम बिलिंग्स और जेसन रॉय की जोड़ी ने अपने काम को अच्छी तरह करते हुए हमें तेज शुरुआत दी. आश्चर्यजनक रूप में मैच में 21 रन देकर दो विकेट लेने वाले मोईन अली सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किए गए. | सारांश: कोहली बोले-इंग्लैंड टीम ने बेहतर क्रिकेट खेला, जीत की हकदार थी
विपक्षी गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन कर हाथ खोलने के मौके नहीं दिए
इयोन मोर्गन ने भी अपने गेंदबाजों खासकर मोईन अली की प्रशंसा की | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सेना ने हिंसाग्रस्त कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड में हुई गोलीबारी की घटना की जांच का आदेश दे दिया। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य घायल हुए थे।
रक्षा प्रवक्ता ने बताया, 'घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।' उन्होंने कहा कि सोमवार को हुई 'दुर्भाग्यपूर्ण' घटना में मारे गए लोगों के शोकाकुल परिवारों और घायलों को सेना हर संभव मदद देगी।
प्रवक्ता ने कहा, 'कल काजीगुंड के चुरहट में जब भारी भीड़ हिंसक हो उठी, पथराव करने लगी और सैनिकों से उनके हथियार छीनने के प्रयास करने लगी तो जवानों को मजबूरन गोलीबारी करनी पड़ी। इस घटना में लोगों के मारे जाने पर सेना को बहुत अफसोस है।' सेना ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों या उनके वाहनों पर हमला नहीं करने की अपील की।
प्रवक्ता ने आगे कहा, 'आज सेना ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों, उनके वाहनों या संस्थानों पर हमला नहीं करने और ऐसी कोई भी परिस्थिति पैदा नहीं करने की अपील की है, जिसके कारण सुरक्षा बलों के पास आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचता है।' उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों का एक दस्ता चुरहट काजीगुंड में सड़क से अवरोध हटा ही रहा था कि दोनों ओर से अराजक तत्वों ने भारी पत्थरबाजी शुरू कर दी। टिप्पणियां
प्रवक्ता ने बताया, 'कुछ अराजक तत्वों ने जवानों से उनके हथियार छीनने और उनके वाहनों को आग के हवाले करने की कोशिश की। कई बार चेतावनी देने के बावजूद भीड़ नही हटी और सैनिकों को उस जगह से निकलने के लिए आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।' उन्होंने बताया कि इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रक्षा प्रवक्ता ने बताया, 'घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।' उन्होंने कहा कि सोमवार को हुई 'दुर्भाग्यपूर्ण' घटना में मारे गए लोगों के शोकाकुल परिवारों और घायलों को सेना हर संभव मदद देगी।
प्रवक्ता ने कहा, 'कल काजीगुंड के चुरहट में जब भारी भीड़ हिंसक हो उठी, पथराव करने लगी और सैनिकों से उनके हथियार छीनने के प्रयास करने लगी तो जवानों को मजबूरन गोलीबारी करनी पड़ी। इस घटना में लोगों के मारे जाने पर सेना को बहुत अफसोस है।' सेना ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों या उनके वाहनों पर हमला नहीं करने की अपील की।
प्रवक्ता ने आगे कहा, 'आज सेना ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों, उनके वाहनों या संस्थानों पर हमला नहीं करने और ऐसी कोई भी परिस्थिति पैदा नहीं करने की अपील की है, जिसके कारण सुरक्षा बलों के पास आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचता है।' उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों का एक दस्ता चुरहट काजीगुंड में सड़क से अवरोध हटा ही रहा था कि दोनों ओर से अराजक तत्वों ने भारी पत्थरबाजी शुरू कर दी। टिप्पणियां
प्रवक्ता ने बताया, 'कुछ अराजक तत्वों ने जवानों से उनके हथियार छीनने और उनके वाहनों को आग के हवाले करने की कोशिश की। कई बार चेतावनी देने के बावजूद भीड़ नही हटी और सैनिकों को उस जगह से निकलने के लिए आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।' उन्होंने बताया कि इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रवक्ता ने कहा, 'कल काजीगुंड के चुरहट में जब भारी भीड़ हिंसक हो उठी, पथराव करने लगी और सैनिकों से उनके हथियार छीनने के प्रयास करने लगी तो जवानों को मजबूरन गोलीबारी करनी पड़ी। इस घटना में लोगों के मारे जाने पर सेना को बहुत अफसोस है।' सेना ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों या उनके वाहनों पर हमला नहीं करने की अपील की।
प्रवक्ता ने आगे कहा, 'आज सेना ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों, उनके वाहनों या संस्थानों पर हमला नहीं करने और ऐसी कोई भी परिस्थिति पैदा नहीं करने की अपील की है, जिसके कारण सुरक्षा बलों के पास आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचता है।' उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों का एक दस्ता चुरहट काजीगुंड में सड़क से अवरोध हटा ही रहा था कि दोनों ओर से अराजक तत्वों ने भारी पत्थरबाजी शुरू कर दी। टिप्पणियां
प्रवक्ता ने बताया, 'कुछ अराजक तत्वों ने जवानों से उनके हथियार छीनने और उनके वाहनों को आग के हवाले करने की कोशिश की। कई बार चेतावनी देने के बावजूद भीड़ नही हटी और सैनिकों को उस जगह से निकलने के लिए आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।' उन्होंने बताया कि इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रवक्ता ने आगे कहा, 'आज सेना ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों, उनके वाहनों या संस्थानों पर हमला नहीं करने और ऐसी कोई भी परिस्थिति पैदा नहीं करने की अपील की है, जिसके कारण सुरक्षा बलों के पास आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचता है।' उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों का एक दस्ता चुरहट काजीगुंड में सड़क से अवरोध हटा ही रहा था कि दोनों ओर से अराजक तत्वों ने भारी पत्थरबाजी शुरू कर दी। टिप्पणियां
प्रवक्ता ने बताया, 'कुछ अराजक तत्वों ने जवानों से उनके हथियार छीनने और उनके वाहनों को आग के हवाले करने की कोशिश की। कई बार चेतावनी देने के बावजूद भीड़ नही हटी और सैनिकों को उस जगह से निकलने के लिए आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।' उन्होंने बताया कि इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रवक्ता ने बताया, 'कुछ अराजक तत्वों ने जवानों से उनके हथियार छीनने और उनके वाहनों को आग के हवाले करने की कोशिश की। कई बार चेतावनी देने के बावजूद भीड़ नही हटी और सैनिकों को उस जगह से निकलने के लिए आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।' उन्होंने बताया कि इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: आतंकी बुरहान की मौत के बाद से घाटी में तनाव और विरोध प्रदर्शन जारी है
ऐसे ही एक प्रदर्शन के दौरान सेना को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी थी
इस गोलीबारी में हुई तीन लोगों की मौत को सेना ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बल्लेबाज मार्लन सैमुअल्स वेस्टइंडीज क्रिकेट के गौरवपूर्ण दिनों का लुत्फ उठाना चाहते हैं जब टीम अन्य टीमों पर एतरफा जीत दर्ज करे। सैमुअल्स ने कहा कि मौजूदा टीम का प्रदर्शन इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सही दिशा में जा रहा है।
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने जमैका आब्जर्वर से कहा, फिलहाल हमें दुनिया से काफी अधिक सम्मान की उम्मीद है, क्योंकि हमारा क्रिकेट दोबारा शीर्ष पर जा रहा है। वेस्टइंडीज क्रिकेट के बारे में अच्छी चीज यह है कि हम प्रतिस्पर्धा पेश कर रहे हैं और जीत रहे हैं। पहले जैसा नहीं है, जब हम हार रहे थे। सैमुअल्स ने पिछले साल श्रीलंका के कोलंबो में वेस्टइंडीज को टी20 विश्व कप के फाइनल में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने जमैका आब्जर्वर से कहा, फिलहाल हमें दुनिया से काफी अधिक सम्मान की उम्मीद है, क्योंकि हमारा क्रिकेट दोबारा शीर्ष पर जा रहा है। वेस्टइंडीज क्रिकेट के बारे में अच्छी चीज यह है कि हम प्रतिस्पर्धा पेश कर रहे हैं और जीत रहे हैं। पहले जैसा नहीं है, जब हम हार रहे थे। सैमुअल्स ने पिछले साल श्रीलंका के कोलंबो में वेस्टइंडीज को टी20 विश्व कप के फाइनल में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। | यह एक सारांश है: बल्लेबाज मार्लन सैमुअल्स वेस्टइंडीज क्रिकेट के गौरवपूर्ण दिनों का लुत्फ उठाना चाहते हैं जब टीम अन्य टीमों पर एतरफा जीत दर्ज करे। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद ने कहा है कि वह अब लोकपाल विधेयक पर काम नहीं करेगी, क्योंकि इसके लिए सरकार और समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली संयुक्त समिति का गठन हो चुका है। एनएसी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि सरकार द्वारा समयाबद्ध तरीके से लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए मंत्रिसमूह और समाज के प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति के गठन के मद्देनजर एनएसी का पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा कार्यसमूह दोहराव से बचने के लिए फिलहाल इस विषय पर काम नहीं करेगा। हालांकि परिषद ने कहा है कि वह शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के लिए विचार विमर्श करती रहेगी। इससे पहले गत 26 फरवरी को एनएसी की बैठक में केंद्र सरकार के प्रस्तावित लोकपाल विधेयक पर काम करने की सहमति बनी थी। एनएसी ने पहली बार इस बाबत फैसला किया था और तय हुआ था कि परिषद का पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा कार्यसमूह सरकार के महत्वाकांक्षी लोकपाल विधेयक पर भी काम करेगा। कार्यसमूह की संयोजक अरुणा रॉय हैं।सोनिया ने हजारे को याद दिलाया कि उनका आंदोलन शुरू होने से पहले तक एनएसी भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने का प्रभावी तंत्र बनाने की प्रक्रिया से गुजर रही थी। सोनिया ने कहा, इन घटनाक्रमों (हजारे के आंदोलन) से पहले तक एनएसी इस प्रक्रिया में सक्रिय थी। उन्होंने लोकपाल की संस्था के प्रति मजबूत समर्थन जताते हुए कहा कि वह बदनाम करने की राजनीति का समर्थन नहीं करती हैं और लोकपाल के संस्थान के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। इससे पहले गत 26 फरवरी को एनएसी की बैठक में केंद्र सरकार के प्रस्तावित लोकपाल विधेयक पर काम करने की सहमति बनी थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: परिषद ने कहा है कि अब इसके लिए सरकार और समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली संयुक्त समिति का गठन हो चुका है। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Motichoor Chaknachoor Trailer: बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) और आथिया शेट्टी (Athiya Shetty) की आगामी फिल्म 'मोतीचूर चकनाचूर' (Motichoor Chaknachoor) का ट्रेलर रिलीज हो गया है. इस फिल्म के ट्रेलर में नवाजुद्दीन सिद्दीकी का अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है. इस फिल्म में ट्रेलर को कुछ ही मिनट में हजारों व्यूज मिल चुके हैं. 'मोतीचूर चकनाचूर' के ट्रेलर को लोग खूब पसंद कर रहs है. ट्रेलर में नवाजुद्दीन सिद्दीकी और आथिया शेट्टी की एक्टिंग काफी शानदार लग रही है.
नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) वैसे भी अपनी एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. इस फिल्म के ट्रेलर को देख कर अंदाजा लगाया जा रहा है कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरेंगे. वहीं बॉलीवुड में सुनील शेट्टी के बेटी आथिया शेट्टी (Athiya Shetty) की यह तीसरी फिल्म होगी. इस फिल्म में किरदार काफी मजेदार नजर आ रहा है. फिल्म के ट्रेलर में देखा जा सकता है कि आथिया शेट्टी को विदेश जाने का बहुत शौक रहता है और इसी चक्कर में वो नवाजुद्दीन सिद्दीकी से शादी कर लेती है, लेकिन बाद में पता चलता है कि उनकी नौकरी तो शादी के बाद ही लगी है.
आथिया शेट्टी (Athiya Shetty) को यह बात पता चलते ही हंगामा मच जाता है. 'मोतीचूर चकनाचूर' (Motichoor Chaknachoor) के ट्रेलर को लोग खूब प्यार दे रहे हैं. नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) की यह फिल्म 15 नवंबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी. इस फिल्म को देबामित्रा बिश्वाल डायरेक्ट कर रहे हैं और इसे राजेश भाटिया और किरण भाटिया ने मिलकर प्रोड्यूस किया है. | 'मोतीचूर चकनाचूर' का ट्रेलर रिलीज
नवाजुद्दीन सिद्दीकी का शानदार अंदाज
आथिया शेट्टी संग नए अंदाज में आए नजर | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन ओलिंपिक में बैडमिंटन का कांस्य पदक जीतने वाली सायना नेहवाल और मुक्केबाजी का कांस्य जीतने वाली एमसी मैरी कोम को चुनाव आयोग ने अपना राष्ट्रीय यूथ आयकन चुना है।
चुनाव आयोग ने इसकी जानकारी मंगलवार को दी। सायना और मैरी कोम के अलावा पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को राष्ट्रीय आयकन चुना जा चुका है। ये सब मतदान के लिए युवाओं को आकर्षित करने के अभियान में शामिल हैं।
चुनाव आयोग में महानिदेशक अक्षय राउत ने कहा, "सायना और मैरी कोम को नया राष्ट्रीय आयकन बनाया गया है। ये इस सूची में कलाम और धोनी के साथ जुड़ेंगी।"टिप्पणियां
राउत ने कहा कि चुनाव आयोग ने महसूस किया है कि बीते दो साल में युवा मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है और यह काफी उत्साहवर्धक है। इसी को देखते हुए सायना और मैरी कोम को इस अभियान से जोड़ा गया है।
युवा मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक अधिक से अधिक संख्या में आकर्षित करने के लिए आयोग 25 जनवरी को लगातार तीसरे साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाएगा। इस दिन पहली बार मतदान के लिए योग्य लोगों को फोटो पहचान पत्र दिए जाएंगे।
चुनाव आयोग ने इसकी जानकारी मंगलवार को दी। सायना और मैरी कोम के अलावा पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को राष्ट्रीय आयकन चुना जा चुका है। ये सब मतदान के लिए युवाओं को आकर्षित करने के अभियान में शामिल हैं।
चुनाव आयोग में महानिदेशक अक्षय राउत ने कहा, "सायना और मैरी कोम को नया राष्ट्रीय आयकन बनाया गया है। ये इस सूची में कलाम और धोनी के साथ जुड़ेंगी।"टिप्पणियां
राउत ने कहा कि चुनाव आयोग ने महसूस किया है कि बीते दो साल में युवा मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है और यह काफी उत्साहवर्धक है। इसी को देखते हुए सायना और मैरी कोम को इस अभियान से जोड़ा गया है।
युवा मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक अधिक से अधिक संख्या में आकर्षित करने के लिए आयोग 25 जनवरी को लगातार तीसरे साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाएगा। इस दिन पहली बार मतदान के लिए योग्य लोगों को फोटो पहचान पत्र दिए जाएंगे।
चुनाव आयोग में महानिदेशक अक्षय राउत ने कहा, "सायना और मैरी कोम को नया राष्ट्रीय आयकन बनाया गया है। ये इस सूची में कलाम और धोनी के साथ जुड़ेंगी।"टिप्पणियां
राउत ने कहा कि चुनाव आयोग ने महसूस किया है कि बीते दो साल में युवा मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है और यह काफी उत्साहवर्धक है। इसी को देखते हुए सायना और मैरी कोम को इस अभियान से जोड़ा गया है।
युवा मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक अधिक से अधिक संख्या में आकर्षित करने के लिए आयोग 25 जनवरी को लगातार तीसरे साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाएगा। इस दिन पहली बार मतदान के लिए योग्य लोगों को फोटो पहचान पत्र दिए जाएंगे।
राउत ने कहा कि चुनाव आयोग ने महसूस किया है कि बीते दो साल में युवा मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है और यह काफी उत्साहवर्धक है। इसी को देखते हुए सायना और मैरी कोम को इस अभियान से जोड़ा गया है।
युवा मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक अधिक से अधिक संख्या में आकर्षित करने के लिए आयोग 25 जनवरी को लगातार तीसरे साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाएगा। इस दिन पहली बार मतदान के लिए योग्य लोगों को फोटो पहचान पत्र दिए जाएंगे।
युवा मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक अधिक से अधिक संख्या में आकर्षित करने के लिए आयोग 25 जनवरी को लगातार तीसरे साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाएगा। इस दिन पहली बार मतदान के लिए योग्य लोगों को फोटो पहचान पत्र दिए जाएंगे। | यह एक सारांश है: लंदन ओलिंपिक में बैडमिंटन का कांस्य पदक जीतने वाली सायना नेहवाल और मुक्केबाजी का कांस्य जीतने वाली एमसी मैरी कोम को चुनाव आयोग ने अपना राष्ट्रीय यूथ आयकन चुना है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान में दक्षिणी और उत्तरी वजीरिस्तान के कबायली क्षेत्र में गुरुवार तड़के हुए कई ड्रोन हमलों में शीर्ष तालिबान आतंकवादी मुल्ला नजीर और नौ अन्य की मौत हो गई।
समाचार पत्र 'डॉन' ने अपनी रपट में बताया कि तालिबान और खुफिया सूत्रों ने दक्षिणी वजीरिस्तान के वाना शहर में अमेरिका विरोधी आतंकवादी मुल्ला नजीर के उसके पांच साथियों के साथ मारे जाने की पुष्टि की है। ये सभी उस वक्त मारे गए जब एक मानवरहित विमान ने इनके ठिकाने पर दो मिसाइलें दागीं।
एक अन्य घटना में उत्तरी वजीरिस्तान के मीर अली उप जिले के मुबारक शाही गांव में हुए ड्रोन हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
रपटों के अनुसार अमेरिकी ड्रोन ने एक वाहन पर दो मिसाइलें दागी और उसके बाद फिर से उस वक्त दो मिसाइलें दागी, जब बचावकर्मी घटनास्थल से शव और घायलों को लेकर जा रहे थे।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी वजीरिस्तान में हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। 'बीबीसी' ने मीडिया रपटों का हवाले देते हुए बताया कि मुल्ला नजीर का सहायक रत्ता खान भी हमले में मारा गया है।टिप्पणियां
शुरुआत में आई मीडिया रपटों में नजीर का नाम नहीं था, लेकिन हमले में चार से पांच लोगों के मरने की बात कही गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बीते वर्ष पाकिस्तान में कुल 39 ड्रोन हमले हुए, जिनमें से अधिकांश उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के पश्चिमोत्तर कबायली क्षेत्र में हुए थे। इन हमलों में 274 लोगों की मौत हो गई थी।
समाचार पत्र 'डॉन' ने अपनी रपट में बताया कि तालिबान और खुफिया सूत्रों ने दक्षिणी वजीरिस्तान के वाना शहर में अमेरिका विरोधी आतंकवादी मुल्ला नजीर के उसके पांच साथियों के साथ मारे जाने की पुष्टि की है। ये सभी उस वक्त मारे गए जब एक मानवरहित विमान ने इनके ठिकाने पर दो मिसाइलें दागीं।
एक अन्य घटना में उत्तरी वजीरिस्तान के मीर अली उप जिले के मुबारक शाही गांव में हुए ड्रोन हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
रपटों के अनुसार अमेरिकी ड्रोन ने एक वाहन पर दो मिसाइलें दागी और उसके बाद फिर से उस वक्त दो मिसाइलें दागी, जब बचावकर्मी घटनास्थल से शव और घायलों को लेकर जा रहे थे।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी वजीरिस्तान में हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। 'बीबीसी' ने मीडिया रपटों का हवाले देते हुए बताया कि मुल्ला नजीर का सहायक रत्ता खान भी हमले में मारा गया है।टिप्पणियां
शुरुआत में आई मीडिया रपटों में नजीर का नाम नहीं था, लेकिन हमले में चार से पांच लोगों के मरने की बात कही गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बीते वर्ष पाकिस्तान में कुल 39 ड्रोन हमले हुए, जिनमें से अधिकांश उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के पश्चिमोत्तर कबायली क्षेत्र में हुए थे। इन हमलों में 274 लोगों की मौत हो गई थी।
एक अन्य घटना में उत्तरी वजीरिस्तान के मीर अली उप जिले के मुबारक शाही गांव में हुए ड्रोन हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
रपटों के अनुसार अमेरिकी ड्रोन ने एक वाहन पर दो मिसाइलें दागी और उसके बाद फिर से उस वक्त दो मिसाइलें दागी, जब बचावकर्मी घटनास्थल से शव और घायलों को लेकर जा रहे थे।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी वजीरिस्तान में हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। 'बीबीसी' ने मीडिया रपटों का हवाले देते हुए बताया कि मुल्ला नजीर का सहायक रत्ता खान भी हमले में मारा गया है।टिप्पणियां
शुरुआत में आई मीडिया रपटों में नजीर का नाम नहीं था, लेकिन हमले में चार से पांच लोगों के मरने की बात कही गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बीते वर्ष पाकिस्तान में कुल 39 ड्रोन हमले हुए, जिनमें से अधिकांश उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के पश्चिमोत्तर कबायली क्षेत्र में हुए थे। इन हमलों में 274 लोगों की मौत हो गई थी।
रपटों के अनुसार अमेरिकी ड्रोन ने एक वाहन पर दो मिसाइलें दागी और उसके बाद फिर से उस वक्त दो मिसाइलें दागी, जब बचावकर्मी घटनास्थल से शव और घायलों को लेकर जा रहे थे।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी वजीरिस्तान में हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। 'बीबीसी' ने मीडिया रपटों का हवाले देते हुए बताया कि मुल्ला नजीर का सहायक रत्ता खान भी हमले में मारा गया है।टिप्पणियां
शुरुआत में आई मीडिया रपटों में नजीर का नाम नहीं था, लेकिन हमले में चार से पांच लोगों के मरने की बात कही गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बीते वर्ष पाकिस्तान में कुल 39 ड्रोन हमले हुए, जिनमें से अधिकांश उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के पश्चिमोत्तर कबायली क्षेत्र में हुए थे। इन हमलों में 274 लोगों की मौत हो गई थी।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी वजीरिस्तान में हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। 'बीबीसी' ने मीडिया रपटों का हवाले देते हुए बताया कि मुल्ला नजीर का सहायक रत्ता खान भी हमले में मारा गया है।टिप्पणियां
शुरुआत में आई मीडिया रपटों में नजीर का नाम नहीं था, लेकिन हमले में चार से पांच लोगों के मरने की बात कही गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बीते वर्ष पाकिस्तान में कुल 39 ड्रोन हमले हुए, जिनमें से अधिकांश उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के पश्चिमोत्तर कबायली क्षेत्र में हुए थे। इन हमलों में 274 लोगों की मौत हो गई थी।
शुरुआत में आई मीडिया रपटों में नजीर का नाम नहीं था, लेकिन हमले में चार से पांच लोगों के मरने की बात कही गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बीते वर्ष पाकिस्तान में कुल 39 ड्रोन हमले हुए, जिनमें से अधिकांश उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के पश्चिमोत्तर कबायली क्षेत्र में हुए थे। इन हमलों में 274 लोगों की मौत हो गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बीते वर्ष पाकिस्तान में कुल 39 ड्रोन हमले हुए, जिनमें से अधिकांश उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के पश्चिमोत्तर कबायली क्षेत्र में हुए थे। इन हमलों में 274 लोगों की मौत हो गई थी। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान में दक्षिणी और उत्तरी वजीरिस्तान के कबायली क्षेत्र में गुरुवार तड़के हुए कई ड्रोन हमलों में शीर्ष तालिबान आतंकवादी मुल्ला नजीर और नौ अन्य की मौत हो गई। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में शुक्रवार को मतदान के दौरान हुई हिंसा में एक किशोर सहित तीन लोगों की मौत हो गई। इस चरण में 70 से 74 फीसदी तक मतदान हुआ।
दक्षिण 24 परगना जिले में हुई हिंसा में दो लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि उत्तरी 24 परगना में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि शाम पांच बजे तक उत्तरी 24 परगना में 74.45 प्रतिशत, हावड़ा में 70.25 प्रतिशत तथा दक्षिणी 24 परगना में 70 प्रतिशत मतदान हुआ।
उत्तरी 24 परगना के अमडांगा ब्लॉक के बोडाई में मतदान के लिए कतार में खड़े लोगों पर बम फेंका गया, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक समर्थक मदरबक्श मलिक की मौत हो गई।
दक्षिणी 24 परगना के उष्ठी थानांतर्गत लक्ष्मीकांतपुर गांव में हुई हिंसा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता सनत रॉय की मौत हो गई। इसी जिले के घुटारी शरीफ में एक किशोर का शव बरामद हुआ।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 'पूरी तरह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष' मतदान होने का दावा किया और हिंसा के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
तृणमूल महासचिव मुकुल रॉय ने कहा, "2003 और 2008 में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में लोग हिंसा के शिकार हुए थे।"
उधर, विपक्षी दलों ने तृणमूल पर चुनाव में धांधली और बूथों पर कब्जा करने के आरोप लगाए। कथित धांधली के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने उत्तरी 24 परगना में कई जगह रेल रोकी और सड़क जाम कर दी। उन्हें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की सशस्त्र पुलिस ने खदेड़ दिया।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के जवान कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने लोकतंत्र के विरुद्ध युद्ध घोषित किया था। लगता है, उसका युद्ध शुरू हो चुका है, उसके आतंक के बावजूद लोगों ने मतदान किया।"
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
दक्षिण 24 परगना जिले में हुई हिंसा में दो लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि उत्तरी 24 परगना में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि शाम पांच बजे तक उत्तरी 24 परगना में 74.45 प्रतिशत, हावड़ा में 70.25 प्रतिशत तथा दक्षिणी 24 परगना में 70 प्रतिशत मतदान हुआ।
उत्तरी 24 परगना के अमडांगा ब्लॉक के बोडाई में मतदान के लिए कतार में खड़े लोगों पर बम फेंका गया, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक समर्थक मदरबक्श मलिक की मौत हो गई।
दक्षिणी 24 परगना के उष्ठी थानांतर्गत लक्ष्मीकांतपुर गांव में हुई हिंसा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता सनत रॉय की मौत हो गई। इसी जिले के घुटारी शरीफ में एक किशोर का शव बरामद हुआ।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 'पूरी तरह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष' मतदान होने का दावा किया और हिंसा के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
तृणमूल महासचिव मुकुल रॉय ने कहा, "2003 और 2008 में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में लोग हिंसा के शिकार हुए थे।"
उधर, विपक्षी दलों ने तृणमूल पर चुनाव में धांधली और बूथों पर कब्जा करने के आरोप लगाए। कथित धांधली के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने उत्तरी 24 परगना में कई जगह रेल रोकी और सड़क जाम कर दी। उन्हें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की सशस्त्र पुलिस ने खदेड़ दिया।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के जवान कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने लोकतंत्र के विरुद्ध युद्ध घोषित किया था। लगता है, उसका युद्ध शुरू हो चुका है, उसके आतंक के बावजूद लोगों ने मतदान किया।"
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि शाम पांच बजे तक उत्तरी 24 परगना में 74.45 प्रतिशत, हावड़ा में 70.25 प्रतिशत तथा दक्षिणी 24 परगना में 70 प्रतिशत मतदान हुआ।
उत्तरी 24 परगना के अमडांगा ब्लॉक के बोडाई में मतदान के लिए कतार में खड़े लोगों पर बम फेंका गया, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक समर्थक मदरबक्श मलिक की मौत हो गई।
दक्षिणी 24 परगना के उष्ठी थानांतर्गत लक्ष्मीकांतपुर गांव में हुई हिंसा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता सनत रॉय की मौत हो गई। इसी जिले के घुटारी शरीफ में एक किशोर का शव बरामद हुआ।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 'पूरी तरह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष' मतदान होने का दावा किया और हिंसा के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
तृणमूल महासचिव मुकुल रॉय ने कहा, "2003 और 2008 में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में लोग हिंसा के शिकार हुए थे।"
उधर, विपक्षी दलों ने तृणमूल पर चुनाव में धांधली और बूथों पर कब्जा करने के आरोप लगाए। कथित धांधली के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने उत्तरी 24 परगना में कई जगह रेल रोकी और सड़क जाम कर दी। उन्हें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की सशस्त्र पुलिस ने खदेड़ दिया।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के जवान कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने लोकतंत्र के विरुद्ध युद्ध घोषित किया था। लगता है, उसका युद्ध शुरू हो चुका है, उसके आतंक के बावजूद लोगों ने मतदान किया।"
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
उत्तरी 24 परगना के अमडांगा ब्लॉक के बोडाई में मतदान के लिए कतार में खड़े लोगों पर बम फेंका गया, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक समर्थक मदरबक्श मलिक की मौत हो गई।
दक्षिणी 24 परगना के उष्ठी थानांतर्गत लक्ष्मीकांतपुर गांव में हुई हिंसा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता सनत रॉय की मौत हो गई। इसी जिले के घुटारी शरीफ में एक किशोर का शव बरामद हुआ।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 'पूरी तरह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष' मतदान होने का दावा किया और हिंसा के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
तृणमूल महासचिव मुकुल रॉय ने कहा, "2003 और 2008 में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में लोग हिंसा के शिकार हुए थे।"
उधर, विपक्षी दलों ने तृणमूल पर चुनाव में धांधली और बूथों पर कब्जा करने के आरोप लगाए। कथित धांधली के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने उत्तरी 24 परगना में कई जगह रेल रोकी और सड़क जाम कर दी। उन्हें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की सशस्त्र पुलिस ने खदेड़ दिया।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के जवान कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने लोकतंत्र के विरुद्ध युद्ध घोषित किया था। लगता है, उसका युद्ध शुरू हो चुका है, उसके आतंक के बावजूद लोगों ने मतदान किया।"
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
दक्षिणी 24 परगना के उष्ठी थानांतर्गत लक्ष्मीकांतपुर गांव में हुई हिंसा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता सनत रॉय की मौत हो गई। इसी जिले के घुटारी शरीफ में एक किशोर का शव बरामद हुआ।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 'पूरी तरह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष' मतदान होने का दावा किया और हिंसा के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
तृणमूल महासचिव मुकुल रॉय ने कहा, "2003 और 2008 में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में लोग हिंसा के शिकार हुए थे।"
उधर, विपक्षी दलों ने तृणमूल पर चुनाव में धांधली और बूथों पर कब्जा करने के आरोप लगाए। कथित धांधली के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने उत्तरी 24 परगना में कई जगह रेल रोकी और सड़क जाम कर दी। उन्हें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की सशस्त्र पुलिस ने खदेड़ दिया।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के जवान कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने लोकतंत्र के विरुद्ध युद्ध घोषित किया था। लगता है, उसका युद्ध शुरू हो चुका है, उसके आतंक के बावजूद लोगों ने मतदान किया।"
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 'पूरी तरह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष' मतदान होने का दावा किया और हिंसा के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
तृणमूल महासचिव मुकुल रॉय ने कहा, "2003 और 2008 में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में लोग हिंसा के शिकार हुए थे।"
उधर, विपक्षी दलों ने तृणमूल पर चुनाव में धांधली और बूथों पर कब्जा करने के आरोप लगाए। कथित धांधली के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने उत्तरी 24 परगना में कई जगह रेल रोकी और सड़क जाम कर दी। उन्हें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की सशस्त्र पुलिस ने खदेड़ दिया।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के जवान कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने लोकतंत्र के विरुद्ध युद्ध घोषित किया था। लगता है, उसका युद्ध शुरू हो चुका है, उसके आतंक के बावजूद लोगों ने मतदान किया।"
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
तृणमूल महासचिव मुकुल रॉय ने कहा, "2003 और 2008 में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में लोग हिंसा के शिकार हुए थे।"
उधर, विपक्षी दलों ने तृणमूल पर चुनाव में धांधली और बूथों पर कब्जा करने के आरोप लगाए। कथित धांधली के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने उत्तरी 24 परगना में कई जगह रेल रोकी और सड़क जाम कर दी। उन्हें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की सशस्त्र पुलिस ने खदेड़ दिया।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के जवान कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने लोकतंत्र के विरुद्ध युद्ध घोषित किया था। लगता है, उसका युद्ध शुरू हो चुका है, उसके आतंक के बावजूद लोगों ने मतदान किया।"
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
उधर, विपक्षी दलों ने तृणमूल पर चुनाव में धांधली और बूथों पर कब्जा करने के आरोप लगाए। कथित धांधली के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने उत्तरी 24 परगना में कई जगह रेल रोकी और सड़क जाम कर दी। उन्हें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की सशस्त्र पुलिस ने खदेड़ दिया।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के जवान कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने लोकतंत्र के विरुद्ध युद्ध घोषित किया था। लगता है, उसका युद्ध शुरू हो चुका है, उसके आतंक के बावजूद लोगों ने मतदान किया।"
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि मतदान के दौरान केंद्रीय बलों के जवान कहीं दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने लोकतंत्र के विरुद्ध युद्ध घोषित किया था। लगता है, उसका युद्ध शुरू हो चुका है, उसके आतंक के बावजूद लोगों ने मतदान किया।"
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने हालांकि हिंसा के लिए पूरी तरह राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
तीसरे चरण के तहत उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और हावड़ा जिलों में ग्राम परिषदों के करीब 13,000 प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
हावड़ा जिले में उदयनारायणपुर के एक मतदान केंद्र पर बम फेंका गया। उत्तरी 24 परगना जिले के बिलकांडा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक चुनाव एजेंट को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
पुलिस का दावा है कि हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनी ब्रत बसु ने कहा, "छोटी घटनाएं हुई हैं।"
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उत्तरी 24 परगना जिले में डनलप एवं नैहटी में सड़क जाम कर दिया और श्यामनगर रेलवे स्टेशन बंद कर दिया। तृणमूल ने हालांकि माकपा के आरोपों से इंकार किया है।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
तीसरे चरण के मतदान के लिए करीब एक करोड़ मतदाताओं ने 12,656 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
चुनाव मैदान में 37,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी वाम मोर्चे के बीच है।टिप्पणियां
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 50,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें राज्य पुलिस के जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बल भी हैं।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी।
पहले दो चरण के तहत 11 जुलाई और 15 जुलाई को मतदान हुए थे। अगले चरण का मतदान 22 जुलाई और 25 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 29 जुलाई को होगी। | यह एक सारांश है: पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में शुक्रवार को मतदान के दौरान हुई हिंसा में एक किशोर सहित तीन लोगों की मौत हो गई। इस चरण में 70 से 74 फीसदी तक मतदान हुआ। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ से ऐतिहासिक लाल किले तक निकलने वाली पंरपरागत परेड के जरिए देश-दुनिया ने आज हर क्षेत्र में मजबूती से उभरते भारत की तस्वीर के साथ विश्व के सबसे अधिक विविधतापूर्ण संस्कृतियों वाले इस देश की झलक भी देखी।
अपनी आजादी, गणतंत्र, विकास और बहु-संस्कृति से गौरन्वित लोगों का हुजूम देश की साल दर साल की दर्शाई जाने वाली प्रगति को देखने के लिए सूरज की पौ फटने से पहले से ही सुबह की सर्दी को धता बताते हुए राजपथ से लालकिल तक आठ किलोमीटर के इस रास्ते में अपनी जगह लेने के लिए निकल पड़ा। इनमें औरतें, बच्चे, बूढ़े और समाज के हर वर्ग के लोग मौजूद थे। हर किसी के चेहरे पर गज़ब का उत्साह था।
तिरसठवें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के जनरल अफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार पिल्लै ने परेड की अगुवाई की । उनके साथ दिल्ली के चीफ आफ स्टाफ मेजर जनरल राजबीर सिंह थे। राष्ट्रपति सैन्य बलों की सर्वोच्च कमांडर प्रतिभा पाटिल ने राजपथ पर बनाए गए विशेष सलामी मंच से परेड की सलामी ली। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि थाइलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा हैं।
परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री ए के एंटनी और तीनों सेना के प्रमुखों ने इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राष्ट्रपति के सलामी मंच पर तिरंगा फहराते ही राष्ट्रीय गान की धुन ने सबको रोमांचित कर दिया। तिरंगा फहराने के पश्चात पाटिल ने जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी आतंकवादियों के घुसपैठ के प्रयास को विफल बनाने के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह को शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह मैडल सिंह के पिता ने ग्रहण किया। जारी परेड के दौरान देश के रक्षा विकास एवं अनुसंधशन संगठन द्वारा विकसित 3000 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-4 मिसाइल, 150 किलोमीटर तक मार करने वाली ‘प्रहार’ मिसाइल और मानवरहित विमान ‘रूस्तम-1’ को दर्शाया गया। ध्वजारोहण के तुरंत बाद 21 तोपों की सलामी के बीच गजराज की तरह आसमान से मंडराते एमआई 17 हेलीकाप्टरों ने गुलाब की पंखुरियां बिखेरी तो राजपथ पर बैठे सैकड़ों दर्शक मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह सके।
भारतीय सेना टी-72 टैंक, बहुप्रक्षेपण राकेट प्रणाली, पिनाका मल्टी बैरल राकेट प्रणाली और जैमर स्टेशन वीएचएफ (यूएचएफ) का भी प्रदर्शन किया गया। सेना के उन्नत हल्के हेलीकाप्टर ‘ध्रुव’ ने आकाश में स्वदेशी तकनीकी क्षमता की पताका फहराई। भारतीय वायुसेना ने पहली बार सी-130-जे सुपर हकरुलिस विमान का प्रदर्शन किया। परेड के दौरान परमाणु जैविक रासायनिक शुद्धिकरण प्रणाली के अलावा जैमर स्टेशन का भी प्रदर्शन किया गया। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस बार की परेड का एक महत्वपूर्ण आकर्षण खोजी कुत्ते थे जिन पर दिल्ली पुलिस का बम निरोधक दस्ता और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड आतंकवादी घटनाओं और अन्य वारदात की जांच में बहुत भरोसा करते हैं। खोजी कुत्तों ने कई तरह की दक्षता का प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए और किसी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए अर्ध सैनिक बलों, दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा एनएसजी को तैनात किया गया। ऊंची इमारतों पर अचूक निशानेबाज़ तैनात थे तो हेलीकाप्टरों से वायु निगरानी की व्यवस्था करने के साथ क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए। परेड जिस रास्ते से गुजर रही थी उसके आस पास की हर इमारत पर सुरक्षा बल चौकसी बरत रहे थे।
इस बार की परेड में 23 राज्यों और केन्द्रीय मंत्रालयों एवं विभागों की झाकियों के जरिए देश के विकास और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पहलुओं का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार 2009 के लिए चुने गए 24 बच्चों में से 19 परेड में हिस्सा लिया। दिल्ली के दो स्कूलों के 1200 छात्र-छात्राओं और विभिन्न सांस्कृतिक केन्द्रों के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी जबकि बीएसएफ के 154 जवान 30 मोटरसाइकिलों पर हैरतअंगेज करतब दिखाए।
वायुसेना के सी-130-जे सुपर हरक्यूलिस विमान पहली बार परेड में शामिल हुए। परेड के समापन पर फ्लाईपास्ट का नेतृत्व तीन एमआई-35 हेलीकॉप्टरों ने किया। उनके पीछे एक आईएल-78, दो एएन-32 और दो ड्रोनियर ने आकाश में भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया।टिप्पणियां
इसके बाद, पांच जगुआर और पांच मिग-29 लड़ाकू विमानों ने आकाश के सीने को चीरते हुए गणतंत्र का जयघोष किया। एसयू-30 एमकेआई विमान भी फ्लाईपास्ट का हिस्सा बने। गणतंत्र दिवस समारोह का समापन राष्ट्रगान और आकाश में गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ। परेड में सेना की 61वीं कैवेलरी, पैराशूट रेजीमेंट, बंगाल इंजीनियर ग्रुप, ब्रिगेड आफ गार्डस, कुमाउं रेजीमेंट, असम रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, गोरखा राइफल्स रेजीमेंट और कोर आफ मिल्रिटी पुलिस के जवान शामिल थे। नौसेना के दस्ते में लेफ्टिनेंट मणिकंदन के. के नेतृत्व में 148 जवानों और वायुसेना के दस्ते में फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावटे के नेतृत्व में 144 अन्य जवानों ने राष्ट्रपति को सलामी दी।
अर्धसैनिक बलों और अन्य असैन्य बलों मसलन सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के दस्तों ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया।
अपनी आजादी, गणतंत्र, विकास और बहु-संस्कृति से गौरन्वित लोगों का हुजूम देश की साल दर साल की दर्शाई जाने वाली प्रगति को देखने के लिए सूरज की पौ फटने से पहले से ही सुबह की सर्दी को धता बताते हुए राजपथ से लालकिल तक आठ किलोमीटर के इस रास्ते में अपनी जगह लेने के लिए निकल पड़ा। इनमें औरतें, बच्चे, बूढ़े और समाज के हर वर्ग के लोग मौजूद थे। हर किसी के चेहरे पर गज़ब का उत्साह था।
तिरसठवें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के जनरल अफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार पिल्लै ने परेड की अगुवाई की । उनके साथ दिल्ली के चीफ आफ स्टाफ मेजर जनरल राजबीर सिंह थे। राष्ट्रपति सैन्य बलों की सर्वोच्च कमांडर प्रतिभा पाटिल ने राजपथ पर बनाए गए विशेष सलामी मंच से परेड की सलामी ली। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि थाइलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा हैं।
परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री ए के एंटनी और तीनों सेना के प्रमुखों ने इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राष्ट्रपति के सलामी मंच पर तिरंगा फहराते ही राष्ट्रीय गान की धुन ने सबको रोमांचित कर दिया। तिरंगा फहराने के पश्चात पाटिल ने जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी आतंकवादियों के घुसपैठ के प्रयास को विफल बनाने के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह को शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह मैडल सिंह के पिता ने ग्रहण किया। जारी परेड के दौरान देश के रक्षा विकास एवं अनुसंधशन संगठन द्वारा विकसित 3000 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-4 मिसाइल, 150 किलोमीटर तक मार करने वाली ‘प्रहार’ मिसाइल और मानवरहित विमान ‘रूस्तम-1’ को दर्शाया गया। ध्वजारोहण के तुरंत बाद 21 तोपों की सलामी के बीच गजराज की तरह आसमान से मंडराते एमआई 17 हेलीकाप्टरों ने गुलाब की पंखुरियां बिखेरी तो राजपथ पर बैठे सैकड़ों दर्शक मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह सके।
भारतीय सेना टी-72 टैंक, बहुप्रक्षेपण राकेट प्रणाली, पिनाका मल्टी बैरल राकेट प्रणाली और जैमर स्टेशन वीएचएफ (यूएचएफ) का भी प्रदर्शन किया गया। सेना के उन्नत हल्के हेलीकाप्टर ‘ध्रुव’ ने आकाश में स्वदेशी तकनीकी क्षमता की पताका फहराई। भारतीय वायुसेना ने पहली बार सी-130-जे सुपर हकरुलिस विमान का प्रदर्शन किया। परेड के दौरान परमाणु जैविक रासायनिक शुद्धिकरण प्रणाली के अलावा जैमर स्टेशन का भी प्रदर्शन किया गया। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस बार की परेड का एक महत्वपूर्ण आकर्षण खोजी कुत्ते थे जिन पर दिल्ली पुलिस का बम निरोधक दस्ता और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड आतंकवादी घटनाओं और अन्य वारदात की जांच में बहुत भरोसा करते हैं। खोजी कुत्तों ने कई तरह की दक्षता का प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए और किसी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए अर्ध सैनिक बलों, दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा एनएसजी को तैनात किया गया। ऊंची इमारतों पर अचूक निशानेबाज़ तैनात थे तो हेलीकाप्टरों से वायु निगरानी की व्यवस्था करने के साथ क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए। परेड जिस रास्ते से गुजर रही थी उसके आस पास की हर इमारत पर सुरक्षा बल चौकसी बरत रहे थे।
इस बार की परेड में 23 राज्यों और केन्द्रीय मंत्रालयों एवं विभागों की झाकियों के जरिए देश के विकास और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पहलुओं का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार 2009 के लिए चुने गए 24 बच्चों में से 19 परेड में हिस्सा लिया। दिल्ली के दो स्कूलों के 1200 छात्र-छात्राओं और विभिन्न सांस्कृतिक केन्द्रों के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी जबकि बीएसएफ के 154 जवान 30 मोटरसाइकिलों पर हैरतअंगेज करतब दिखाए।
वायुसेना के सी-130-जे सुपर हरक्यूलिस विमान पहली बार परेड में शामिल हुए। परेड के समापन पर फ्लाईपास्ट का नेतृत्व तीन एमआई-35 हेलीकॉप्टरों ने किया। उनके पीछे एक आईएल-78, दो एएन-32 और दो ड्रोनियर ने आकाश में भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया।टिप्पणियां
इसके बाद, पांच जगुआर और पांच मिग-29 लड़ाकू विमानों ने आकाश के सीने को चीरते हुए गणतंत्र का जयघोष किया। एसयू-30 एमकेआई विमान भी फ्लाईपास्ट का हिस्सा बने। गणतंत्र दिवस समारोह का समापन राष्ट्रगान और आकाश में गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ। परेड में सेना की 61वीं कैवेलरी, पैराशूट रेजीमेंट, बंगाल इंजीनियर ग्रुप, ब्रिगेड आफ गार्डस, कुमाउं रेजीमेंट, असम रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, गोरखा राइफल्स रेजीमेंट और कोर आफ मिल्रिटी पुलिस के जवान शामिल थे। नौसेना के दस्ते में लेफ्टिनेंट मणिकंदन के. के नेतृत्व में 148 जवानों और वायुसेना के दस्ते में फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावटे के नेतृत्व में 144 अन्य जवानों ने राष्ट्रपति को सलामी दी।
अर्धसैनिक बलों और अन्य असैन्य बलों मसलन सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के दस्तों ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया।
तिरसठवें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के जनरल अफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार पिल्लै ने परेड की अगुवाई की । उनके साथ दिल्ली के चीफ आफ स्टाफ मेजर जनरल राजबीर सिंह थे। राष्ट्रपति सैन्य बलों की सर्वोच्च कमांडर प्रतिभा पाटिल ने राजपथ पर बनाए गए विशेष सलामी मंच से परेड की सलामी ली। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि थाइलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा हैं।
परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री ए के एंटनी और तीनों सेना के प्रमुखों ने इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राष्ट्रपति के सलामी मंच पर तिरंगा फहराते ही राष्ट्रीय गान की धुन ने सबको रोमांचित कर दिया। तिरंगा फहराने के पश्चात पाटिल ने जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी आतंकवादियों के घुसपैठ के प्रयास को विफल बनाने के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह को शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह मैडल सिंह के पिता ने ग्रहण किया। जारी परेड के दौरान देश के रक्षा विकास एवं अनुसंधशन संगठन द्वारा विकसित 3000 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-4 मिसाइल, 150 किलोमीटर तक मार करने वाली ‘प्रहार’ मिसाइल और मानवरहित विमान ‘रूस्तम-1’ को दर्शाया गया। ध्वजारोहण के तुरंत बाद 21 तोपों की सलामी के बीच गजराज की तरह आसमान से मंडराते एमआई 17 हेलीकाप्टरों ने गुलाब की पंखुरियां बिखेरी तो राजपथ पर बैठे सैकड़ों दर्शक मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह सके।
भारतीय सेना टी-72 टैंक, बहुप्रक्षेपण राकेट प्रणाली, पिनाका मल्टी बैरल राकेट प्रणाली और जैमर स्टेशन वीएचएफ (यूएचएफ) का भी प्रदर्शन किया गया। सेना के उन्नत हल्के हेलीकाप्टर ‘ध्रुव’ ने आकाश में स्वदेशी तकनीकी क्षमता की पताका फहराई। भारतीय वायुसेना ने पहली बार सी-130-जे सुपर हकरुलिस विमान का प्रदर्शन किया। परेड के दौरान परमाणु जैविक रासायनिक शुद्धिकरण प्रणाली के अलावा जैमर स्टेशन का भी प्रदर्शन किया गया। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस बार की परेड का एक महत्वपूर्ण आकर्षण खोजी कुत्ते थे जिन पर दिल्ली पुलिस का बम निरोधक दस्ता और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड आतंकवादी घटनाओं और अन्य वारदात की जांच में बहुत भरोसा करते हैं। खोजी कुत्तों ने कई तरह की दक्षता का प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए और किसी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए अर्ध सैनिक बलों, दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा एनएसजी को तैनात किया गया। ऊंची इमारतों पर अचूक निशानेबाज़ तैनात थे तो हेलीकाप्टरों से वायु निगरानी की व्यवस्था करने के साथ क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए। परेड जिस रास्ते से गुजर रही थी उसके आस पास की हर इमारत पर सुरक्षा बल चौकसी बरत रहे थे।
इस बार की परेड में 23 राज्यों और केन्द्रीय मंत्रालयों एवं विभागों की झाकियों के जरिए देश के विकास और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पहलुओं का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार 2009 के लिए चुने गए 24 बच्चों में से 19 परेड में हिस्सा लिया। दिल्ली के दो स्कूलों के 1200 छात्र-छात्राओं और विभिन्न सांस्कृतिक केन्द्रों के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी जबकि बीएसएफ के 154 जवान 30 मोटरसाइकिलों पर हैरतअंगेज करतब दिखाए।
वायुसेना के सी-130-जे सुपर हरक्यूलिस विमान पहली बार परेड में शामिल हुए। परेड के समापन पर फ्लाईपास्ट का नेतृत्व तीन एमआई-35 हेलीकॉप्टरों ने किया। उनके पीछे एक आईएल-78, दो एएन-32 और दो ड्रोनियर ने आकाश में भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया।टिप्पणियां
इसके बाद, पांच जगुआर और पांच मिग-29 लड़ाकू विमानों ने आकाश के सीने को चीरते हुए गणतंत्र का जयघोष किया। एसयू-30 एमकेआई विमान भी फ्लाईपास्ट का हिस्सा बने। गणतंत्र दिवस समारोह का समापन राष्ट्रगान और आकाश में गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ। परेड में सेना की 61वीं कैवेलरी, पैराशूट रेजीमेंट, बंगाल इंजीनियर ग्रुप, ब्रिगेड आफ गार्डस, कुमाउं रेजीमेंट, असम रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, गोरखा राइफल्स रेजीमेंट और कोर आफ मिल्रिटी पुलिस के जवान शामिल थे। नौसेना के दस्ते में लेफ्टिनेंट मणिकंदन के. के नेतृत्व में 148 जवानों और वायुसेना के दस्ते में फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावटे के नेतृत्व में 144 अन्य जवानों ने राष्ट्रपति को सलामी दी।
अर्धसैनिक बलों और अन्य असैन्य बलों मसलन सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के दस्तों ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया।
परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री ए के एंटनी और तीनों सेना के प्रमुखों ने इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राष्ट्रपति के सलामी मंच पर तिरंगा फहराते ही राष्ट्रीय गान की धुन ने सबको रोमांचित कर दिया। तिरंगा फहराने के पश्चात पाटिल ने जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी आतंकवादियों के घुसपैठ के प्रयास को विफल बनाने के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह को शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह मैडल सिंह के पिता ने ग्रहण किया। जारी परेड के दौरान देश के रक्षा विकास एवं अनुसंधशन संगठन द्वारा विकसित 3000 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-4 मिसाइल, 150 किलोमीटर तक मार करने वाली ‘प्रहार’ मिसाइल और मानवरहित विमान ‘रूस्तम-1’ को दर्शाया गया। ध्वजारोहण के तुरंत बाद 21 तोपों की सलामी के बीच गजराज की तरह आसमान से मंडराते एमआई 17 हेलीकाप्टरों ने गुलाब की पंखुरियां बिखेरी तो राजपथ पर बैठे सैकड़ों दर्शक मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह सके।
भारतीय सेना टी-72 टैंक, बहुप्रक्षेपण राकेट प्रणाली, पिनाका मल्टी बैरल राकेट प्रणाली और जैमर स्टेशन वीएचएफ (यूएचएफ) का भी प्रदर्शन किया गया। सेना के उन्नत हल्के हेलीकाप्टर ‘ध्रुव’ ने आकाश में स्वदेशी तकनीकी क्षमता की पताका फहराई। भारतीय वायुसेना ने पहली बार सी-130-जे सुपर हकरुलिस विमान का प्रदर्शन किया। परेड के दौरान परमाणु जैविक रासायनिक शुद्धिकरण प्रणाली के अलावा जैमर स्टेशन का भी प्रदर्शन किया गया। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस बार की परेड का एक महत्वपूर्ण आकर्षण खोजी कुत्ते थे जिन पर दिल्ली पुलिस का बम निरोधक दस्ता और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड आतंकवादी घटनाओं और अन्य वारदात की जांच में बहुत भरोसा करते हैं। खोजी कुत्तों ने कई तरह की दक्षता का प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए और किसी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए अर्ध सैनिक बलों, दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा एनएसजी को तैनात किया गया। ऊंची इमारतों पर अचूक निशानेबाज़ तैनात थे तो हेलीकाप्टरों से वायु निगरानी की व्यवस्था करने के साथ क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए। परेड जिस रास्ते से गुजर रही थी उसके आस पास की हर इमारत पर सुरक्षा बल चौकसी बरत रहे थे।
इस बार की परेड में 23 राज्यों और केन्द्रीय मंत्रालयों एवं विभागों की झाकियों के जरिए देश के विकास और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पहलुओं का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार 2009 के लिए चुने गए 24 बच्चों में से 19 परेड में हिस्सा लिया। दिल्ली के दो स्कूलों के 1200 छात्र-छात्राओं और विभिन्न सांस्कृतिक केन्द्रों के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी जबकि बीएसएफ के 154 जवान 30 मोटरसाइकिलों पर हैरतअंगेज करतब दिखाए।
वायुसेना के सी-130-जे सुपर हरक्यूलिस विमान पहली बार परेड में शामिल हुए। परेड के समापन पर फ्लाईपास्ट का नेतृत्व तीन एमआई-35 हेलीकॉप्टरों ने किया। उनके पीछे एक आईएल-78, दो एएन-32 और दो ड्रोनियर ने आकाश में भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया।टिप्पणियां
इसके बाद, पांच जगुआर और पांच मिग-29 लड़ाकू विमानों ने आकाश के सीने को चीरते हुए गणतंत्र का जयघोष किया। एसयू-30 एमकेआई विमान भी फ्लाईपास्ट का हिस्सा बने। गणतंत्र दिवस समारोह का समापन राष्ट्रगान और आकाश में गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ। परेड में सेना की 61वीं कैवेलरी, पैराशूट रेजीमेंट, बंगाल इंजीनियर ग्रुप, ब्रिगेड आफ गार्डस, कुमाउं रेजीमेंट, असम रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, गोरखा राइफल्स रेजीमेंट और कोर आफ मिल्रिटी पुलिस के जवान शामिल थे। नौसेना के दस्ते में लेफ्टिनेंट मणिकंदन के. के नेतृत्व में 148 जवानों और वायुसेना के दस्ते में फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावटे के नेतृत्व में 144 अन्य जवानों ने राष्ट्रपति को सलामी दी।
अर्धसैनिक बलों और अन्य असैन्य बलों मसलन सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के दस्तों ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया।
भारतीय सेना टी-72 टैंक, बहुप्रक्षेपण राकेट प्रणाली, पिनाका मल्टी बैरल राकेट प्रणाली और जैमर स्टेशन वीएचएफ (यूएचएफ) का भी प्रदर्शन किया गया। सेना के उन्नत हल्के हेलीकाप्टर ‘ध्रुव’ ने आकाश में स्वदेशी तकनीकी क्षमता की पताका फहराई। भारतीय वायुसेना ने पहली बार सी-130-जे सुपर हकरुलिस विमान का प्रदर्शन किया। परेड के दौरान परमाणु जैविक रासायनिक शुद्धिकरण प्रणाली के अलावा जैमर स्टेशन का भी प्रदर्शन किया गया। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस बार की परेड का एक महत्वपूर्ण आकर्षण खोजी कुत्ते थे जिन पर दिल्ली पुलिस का बम निरोधक दस्ता और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड आतंकवादी घटनाओं और अन्य वारदात की जांच में बहुत भरोसा करते हैं। खोजी कुत्तों ने कई तरह की दक्षता का प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए और किसी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए अर्ध सैनिक बलों, दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा एनएसजी को तैनात किया गया। ऊंची इमारतों पर अचूक निशानेबाज़ तैनात थे तो हेलीकाप्टरों से वायु निगरानी की व्यवस्था करने के साथ क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए। परेड जिस रास्ते से गुजर रही थी उसके आस पास की हर इमारत पर सुरक्षा बल चौकसी बरत रहे थे।
इस बार की परेड में 23 राज्यों और केन्द्रीय मंत्रालयों एवं विभागों की झाकियों के जरिए देश के विकास और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पहलुओं का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार 2009 के लिए चुने गए 24 बच्चों में से 19 परेड में हिस्सा लिया। दिल्ली के दो स्कूलों के 1200 छात्र-छात्राओं और विभिन्न सांस्कृतिक केन्द्रों के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी जबकि बीएसएफ के 154 जवान 30 मोटरसाइकिलों पर हैरतअंगेज करतब दिखाए।
वायुसेना के सी-130-जे सुपर हरक्यूलिस विमान पहली बार परेड में शामिल हुए। परेड के समापन पर फ्लाईपास्ट का नेतृत्व तीन एमआई-35 हेलीकॉप्टरों ने किया। उनके पीछे एक आईएल-78, दो एएन-32 और दो ड्रोनियर ने आकाश में भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया।टिप्पणियां
इसके बाद, पांच जगुआर और पांच मिग-29 लड़ाकू विमानों ने आकाश के सीने को चीरते हुए गणतंत्र का जयघोष किया। एसयू-30 एमकेआई विमान भी फ्लाईपास्ट का हिस्सा बने। गणतंत्र दिवस समारोह का समापन राष्ट्रगान और आकाश में गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ। परेड में सेना की 61वीं कैवेलरी, पैराशूट रेजीमेंट, बंगाल इंजीनियर ग्रुप, ब्रिगेड आफ गार्डस, कुमाउं रेजीमेंट, असम रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, गोरखा राइफल्स रेजीमेंट और कोर आफ मिल्रिटी पुलिस के जवान शामिल थे। नौसेना के दस्ते में लेफ्टिनेंट मणिकंदन के. के नेतृत्व में 148 जवानों और वायुसेना के दस्ते में फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावटे के नेतृत्व में 144 अन्य जवानों ने राष्ट्रपति को सलामी दी।
अर्धसैनिक बलों और अन्य असैन्य बलों मसलन सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के दस्तों ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया।
इस बार की परेड में 23 राज्यों और केन्द्रीय मंत्रालयों एवं विभागों की झाकियों के जरिए देश के विकास और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पहलुओं का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार 2009 के लिए चुने गए 24 बच्चों में से 19 परेड में हिस्सा लिया। दिल्ली के दो स्कूलों के 1200 छात्र-छात्राओं और विभिन्न सांस्कृतिक केन्द्रों के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी जबकि बीएसएफ के 154 जवान 30 मोटरसाइकिलों पर हैरतअंगेज करतब दिखाए।
वायुसेना के सी-130-जे सुपर हरक्यूलिस विमान पहली बार परेड में शामिल हुए। परेड के समापन पर फ्लाईपास्ट का नेतृत्व तीन एमआई-35 हेलीकॉप्टरों ने किया। उनके पीछे एक आईएल-78, दो एएन-32 और दो ड्रोनियर ने आकाश में भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया।टिप्पणियां
इसके बाद, पांच जगुआर और पांच मिग-29 लड़ाकू विमानों ने आकाश के सीने को चीरते हुए गणतंत्र का जयघोष किया। एसयू-30 एमकेआई विमान भी फ्लाईपास्ट का हिस्सा बने। गणतंत्र दिवस समारोह का समापन राष्ट्रगान और आकाश में गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ। परेड में सेना की 61वीं कैवेलरी, पैराशूट रेजीमेंट, बंगाल इंजीनियर ग्रुप, ब्रिगेड आफ गार्डस, कुमाउं रेजीमेंट, असम रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, गोरखा राइफल्स रेजीमेंट और कोर आफ मिल्रिटी पुलिस के जवान शामिल थे। नौसेना के दस्ते में लेफ्टिनेंट मणिकंदन के. के नेतृत्व में 148 जवानों और वायुसेना के दस्ते में फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावटे के नेतृत्व में 144 अन्य जवानों ने राष्ट्रपति को सलामी दी।
अर्धसैनिक बलों और अन्य असैन्य बलों मसलन सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के दस्तों ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया।
वायुसेना के सी-130-जे सुपर हरक्यूलिस विमान पहली बार परेड में शामिल हुए। परेड के समापन पर फ्लाईपास्ट का नेतृत्व तीन एमआई-35 हेलीकॉप्टरों ने किया। उनके पीछे एक आईएल-78, दो एएन-32 और दो ड्रोनियर ने आकाश में भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया।टिप्पणियां
इसके बाद, पांच जगुआर और पांच मिग-29 लड़ाकू विमानों ने आकाश के सीने को चीरते हुए गणतंत्र का जयघोष किया। एसयू-30 एमकेआई विमान भी फ्लाईपास्ट का हिस्सा बने। गणतंत्र दिवस समारोह का समापन राष्ट्रगान और आकाश में गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ। परेड में सेना की 61वीं कैवेलरी, पैराशूट रेजीमेंट, बंगाल इंजीनियर ग्रुप, ब्रिगेड आफ गार्डस, कुमाउं रेजीमेंट, असम रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, गोरखा राइफल्स रेजीमेंट और कोर आफ मिल्रिटी पुलिस के जवान शामिल थे। नौसेना के दस्ते में लेफ्टिनेंट मणिकंदन के. के नेतृत्व में 148 जवानों और वायुसेना के दस्ते में फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावटे के नेतृत्व में 144 अन्य जवानों ने राष्ट्रपति को सलामी दी।
अर्धसैनिक बलों और अन्य असैन्य बलों मसलन सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के दस्तों ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया।
इसके बाद, पांच जगुआर और पांच मिग-29 लड़ाकू विमानों ने आकाश के सीने को चीरते हुए गणतंत्र का जयघोष किया। एसयू-30 एमकेआई विमान भी फ्लाईपास्ट का हिस्सा बने। गणतंत्र दिवस समारोह का समापन राष्ट्रगान और आकाश में गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ। परेड में सेना की 61वीं कैवेलरी, पैराशूट रेजीमेंट, बंगाल इंजीनियर ग्रुप, ब्रिगेड आफ गार्डस, कुमाउं रेजीमेंट, असम रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, गोरखा राइफल्स रेजीमेंट और कोर आफ मिल्रिटी पुलिस के जवान शामिल थे। नौसेना के दस्ते में लेफ्टिनेंट मणिकंदन के. के नेतृत्व में 148 जवानों और वायुसेना के दस्ते में फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्नेहा शेखावटे के नेतृत्व में 144 अन्य जवानों ने राष्ट्रपति को सलामी दी।
अर्धसैनिक बलों और अन्य असैन्य बलों मसलन सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के दस्तों ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया।
अर्धसैनिक बलों और अन्य असैन्य बलों मसलन सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के दस्तों ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 63वें गणतंत्र दिवस के मौके पर गुरुवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने राजपथ पर तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रपति ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के राज्यपाल के शंकरनारायणन ने बालीवुड अभिनेता संजय दत्त को माफी देने की मांग करने वाले समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह के पत्र को 28 मार्च को राज्य के गृह विभाग के पास भेजा है। राजभवन के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
प्रवक्ता ने कहा कि 1993 मुंबई विस्फोट मामले में पांच साल की सजा पाने वाले दत्त के लिए माफी की मांग को लेकर सिंह और जयाप्रदा ने 26 मार्च को राज्यपाल से मुलाकात की थी। दत्त 18 महीने की जेल की सजा पहले ही काट चुके हैं।टिप्पणियां
अभिनेत्री से नेता बनीं जयाप्रदा ने कहा था कि वह निर्दोष है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उसकी किस्मत में यह लिखा था कि उसे इस तरह से संघर्ष करना पड़ेगा। अगर आप उसके परिवार की पृष्ठभूमि देखिए, उनके पिता सुनील दत्त राजनीति में थे और उनका बहुत अच्छा नाम था। शायद उसने मासूमी में कुछ किया हो।
सिंह और जयाप्रदा ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात से पहले दत्त से उनके बांद्रा स्थित आवास पर मुलाकात की थी।
प्रवक्ता ने कहा कि 1993 मुंबई विस्फोट मामले में पांच साल की सजा पाने वाले दत्त के लिए माफी की मांग को लेकर सिंह और जयाप्रदा ने 26 मार्च को राज्यपाल से मुलाकात की थी। दत्त 18 महीने की जेल की सजा पहले ही काट चुके हैं।टिप्पणियां
अभिनेत्री से नेता बनीं जयाप्रदा ने कहा था कि वह निर्दोष है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उसकी किस्मत में यह लिखा था कि उसे इस तरह से संघर्ष करना पड़ेगा। अगर आप उसके परिवार की पृष्ठभूमि देखिए, उनके पिता सुनील दत्त राजनीति में थे और उनका बहुत अच्छा नाम था। शायद उसने मासूमी में कुछ किया हो।
सिंह और जयाप्रदा ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात से पहले दत्त से उनके बांद्रा स्थित आवास पर मुलाकात की थी।
अभिनेत्री से नेता बनीं जयाप्रदा ने कहा था कि वह निर्दोष है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उसकी किस्मत में यह लिखा था कि उसे इस तरह से संघर्ष करना पड़ेगा। अगर आप उसके परिवार की पृष्ठभूमि देखिए, उनके पिता सुनील दत्त राजनीति में थे और उनका बहुत अच्छा नाम था। शायद उसने मासूमी में कुछ किया हो।
सिंह और जयाप्रदा ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात से पहले दत्त से उनके बांद्रा स्थित आवास पर मुलाकात की थी।
सिंह और जयाप्रदा ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात से पहले दत्त से उनके बांद्रा स्थित आवास पर मुलाकात की थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महाराष्ट्र के राज्यपाल के शंकरनारायणन ने बालीवुड अभिनेता संजय दत्त को माफी देने की मांग करने वाले समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह के पत्र को 28 मार्च को राज्य के गृह विभाग के पास भेजा है। राजभवन के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: टिप्पणियां
शबाना की डेयरिंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके कुछ सीक्रेट ऑपरेशंस के बाद फिल्म में सीक्रेट एजेंसी के सीनियर अधिकारी की भूमिका निभा रहे अनुपम खेर शबाना से कहते हैं, "पक्का मरेगी." फिल्म में अपने किरदार की तैयारी के लिए तापसी ने हॉलीवुड की हिटमैन, द इन्क्रेडिबल हंक, द ट्रांसपोर्टर जैसी फिल्मों के स्टंट डायरेक्टर सीरिल रफेली से मिक्स्ड मार्शियल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली है.नाम शबाना को शिवम नायर ने निर्देशित किया है. नीरज पांडे के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म 31 मार्च को रिलीज हो रही है.
शबाना की डेयरिंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके कुछ सीक्रेट ऑपरेशंस के बाद फिल्म में सीक्रेट एजेंसी के सीनियर अधिकारी की भूमिका निभा रहे अनुपम खेर शबाना से कहते हैं, "पक्का मरेगी." फिल्म में अपने किरदार की तैयारी के लिए तापसी ने हॉलीवुड की हिटमैन, द इन्क्रेडिबल हंक, द ट्रांसपोर्टर जैसी फिल्मों के स्टंट डायरेक्टर सीरिल रफेली से मिक्स्ड मार्शियल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली है.नाम शबाना को शिवम नायर ने निर्देशित किया है. नीरज पांडे के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म 31 मार्च को रिलीज हो रही है.
नाम शबाना को शिवम नायर ने निर्देशित किया है. नीरज पांडे के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म 31 मार्च को रिलीज हो रही है. | सारांश: शुक्रवार को जारी किया गया नाम शबाना का दूसरा ट्रेलर.
फिल्म बेबी में शबाना के शामिल होने और उससे पहले की कहानी है.
फिल्म में तापसी पन्नू निभा रही हैं मुख्य भूमिका. | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नानौता थाना क्षेत्र में घुड़चढ़ी कार्यक्रम के दौरान डीजे की धुन पर गले में सांप डाल कर नागिन डांस कर रहे युवक को सांप ने डस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई.
नानौता थाना क्षेत्र के गांव खुड़ाना में सोमवार रात एक बजे सुधीर की बारात रवाना होने से पहले घुड़चढ़ी कार्यक्रम हो रहा था. डीजे पर नागिन की धुन बज रही थी. इसी बीच खेत से निकल कर एक सांप लोगों के बीच आ गया. दुल्हे के दोस्त संजीव (20) ने सांप को उठाकर अपने गले में डाल लिया और नागिन धुन पर डांस करने लगा. इस बीच, सांप संजीव के गले से गिरा भी, लेकिन संजीव ने उसे फिर गले में डाल कर नाचना शुरू कर दिया. सांप से उसे डस लिया और गले से उतर कर चला गया.
उधर, सांप के काटने से संजीव के मुंह से झाग आने लगा, जिसे उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि सोमवार रात ग्राम खुड़ाना में घुड़चढ़ी कार्यक्रम के दौरान सांप को गले में डाल कर नाच रहे युवक की सांप के काटने से मौत हो गई, जिसके बाद लोगों ने सांप को खेत में जाने दिया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नानौता थाना क्षेत्र के गांव खुड़ाना में सोमवार रात एक बजे सुधीर की बारात रवाना होने से पहले घुड़चढ़ी कार्यक्रम हो रहा था. डीजे पर नागिन की धुन बज रही थी. इसी बीच खेत से निकल कर एक सांप लोगों के बीच आ गया. दुल्हे के दोस्त संजीव (20) ने सांप को उठाकर अपने गले में डाल लिया और नागिन धुन पर डांस करने लगा. इस बीच, सांप संजीव के गले से गिरा भी, लेकिन संजीव ने उसे फिर गले में डाल कर नाचना शुरू कर दिया. सांप से उसे डस लिया और गले से उतर कर चला गया.
उधर, सांप के काटने से संजीव के मुंह से झाग आने लगा, जिसे उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि सोमवार रात ग्राम खुड़ाना में घुड़चढ़ी कार्यक्रम के दौरान सांप को गले में डाल कर नाच रहे युवक की सांप के काटने से मौत हो गई, जिसके बाद लोगों ने सांप को खेत में जाने दिया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उधर, सांप के काटने से संजीव के मुंह से झाग आने लगा, जिसे उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि सोमवार रात ग्राम खुड़ाना में घुड़चढ़ी कार्यक्रम के दौरान सांप को गले में डाल कर नाच रहे युवक की सांप के काटने से मौत हो गई, जिसके बाद लोगों ने सांप को खेत में जाने दिया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने बताया कि सोमवार रात ग्राम खुड़ाना में घुड़चढ़ी कार्यक्रम के दौरान सांप को गले में डाल कर नाच रहे युवक की सांप के काटने से मौत हो गई, जिसके बाद लोगों ने सांप को खेत में जाने दिया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: सहारनपुर जिले के नानौता थाना क्षेत्र में हुई घटना
खेत से निकला सांप बारात के बीच आ गया
दुल्हे के दोस्त ने सांप उठाकर गले में डाल लिया | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर फिर से निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता केशुभाई पटेल ने आरोप लगाया कि इस सरकार में पूरा राज्य ‘डर के साये में’ जी रहा है।
मोदी के धुर आलोचक रहे पटेल चार साल बाद फिर सक्रिय हुए हैं और दिसम्बर में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न आम सभाओं में हिस्सा ले रहे हैं।टिप्पणियां
भाजपा ने पटेल को पद से हटाकर 2001 में मोदी को वहां का मुख्यमंत्री बनाया था।
पटेल ने रोहित समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘पाटीदार (पटेल) समुदाय के एक समारोह में मैंने पहले कहा था कि मेरा समुदाय डर के साये में जी रहा है लेकिन अखबारों को पढ़ने के बाद मुझे अहसास हुआ कि पूरा गुजरात डर के साये में है।’
मोदी के धुर आलोचक रहे पटेल चार साल बाद फिर सक्रिय हुए हैं और दिसम्बर में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न आम सभाओं में हिस्सा ले रहे हैं।टिप्पणियां
भाजपा ने पटेल को पद से हटाकर 2001 में मोदी को वहां का मुख्यमंत्री बनाया था।
पटेल ने रोहित समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘पाटीदार (पटेल) समुदाय के एक समारोह में मैंने पहले कहा था कि मेरा समुदाय डर के साये में जी रहा है लेकिन अखबारों को पढ़ने के बाद मुझे अहसास हुआ कि पूरा गुजरात डर के साये में है।’
भाजपा ने पटेल को पद से हटाकर 2001 में मोदी को वहां का मुख्यमंत्री बनाया था।
पटेल ने रोहित समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘पाटीदार (पटेल) समुदाय के एक समारोह में मैंने पहले कहा था कि मेरा समुदाय डर के साये में जी रहा है लेकिन अखबारों को पढ़ने के बाद मुझे अहसास हुआ कि पूरा गुजरात डर के साये में है।’
पटेल ने रोहित समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘पाटीदार (पटेल) समुदाय के एक समारोह में मैंने पहले कहा था कि मेरा समुदाय डर के साये में जी रहा है लेकिन अखबारों को पढ़ने के बाद मुझे अहसास हुआ कि पूरा गुजरात डर के साये में है।’ | गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर फिर से निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता केशुभाई पटेल ने आरोप लगाया कि इस सरकार में पूरा राज्य ‘डर के साये में’ जी रहा है। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के बनासकांठा में एक गर्भवती दलित महिला और उसके परिजनों की कथित तौर पर इसलिए बुरी तरह पिटाई की गई, क्योंकि उन्होंने एक गाय का कंकाल कहीं दूर फेंक आने से मना कर दिया था. पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर और छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
यह घटना अहमदाबाद से करीब 180 किलोमीटर दूर मोटा-करजा गांव की है. पीड़ित परिवार का कहना है कि ठाकुर समुदाय के लोग उनके घर आए और एक मृत गाय का कंकाल उठाकर फेंकने को कहा.
उना में करीब दो महीने पहले दलित समुदाय के चार लोगों की सार्वजनिक पिटाई के बाद समुदाय ने मृत जानवरों के शवों को हटाने के काम के बहिष्कार की घोषणा की थी और इसी आह्वान पर परिवार ने भी यह काम छोड़ रखा था. उनके इनकार से गुस्साए ये लोग वापस गए और 20 लोगों को अपने साथ लेकर लौटे.
पड़ोस के पालनपुर के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती संगीता रनवासिया ने एनडीटीवी से कहा, 'जब तक हम समझ पाते कि क्या हो रहा है, उन्होंने हमें गालियां देनी शुरू कर दी और फिर लकड़ी के डंडों से हम पर हमला कर दिया. उन्होंने मेरे पेट में लात मारी.' इस हमले की वजह से पांच माह की गर्भवती संगीता को रक्तस्राव होने लगा.
आधे घंटे तक इस दलित परिवार से मारपीट और गालियों की बौछार करने के बाद वे लोग घटनास्थल से भाग गए. इस हमले में महिला में पति नीलेश सहित परिवार के छह अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं.
नीलेश बताते हैं, 'हम उन्हें बार-बार बताते रहे कि हमें लाश उठाने का काम छोड़ दिया है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं सुना. वह हमसे यह ही कहते रहे कि हमें ये ही काम करना है.'टिप्पणियां
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
गौरतलब है कि इस साल जुलाई में दक्षिणी गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों द्वारा चार दलितों की पिटाई के बाद से गुजरात में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इस घटना के बाद दलित समुदाय ने मृत पशुओं की खाल उतारने का काम छोड़ने का प्रण लिया है.
यह घटना अहमदाबाद से करीब 180 किलोमीटर दूर मोटा-करजा गांव की है. पीड़ित परिवार का कहना है कि ठाकुर समुदाय के लोग उनके घर आए और एक मृत गाय का कंकाल उठाकर फेंकने को कहा.
उना में करीब दो महीने पहले दलित समुदाय के चार लोगों की सार्वजनिक पिटाई के बाद समुदाय ने मृत जानवरों के शवों को हटाने के काम के बहिष्कार की घोषणा की थी और इसी आह्वान पर परिवार ने भी यह काम छोड़ रखा था. उनके इनकार से गुस्साए ये लोग वापस गए और 20 लोगों को अपने साथ लेकर लौटे.
पड़ोस के पालनपुर के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती संगीता रनवासिया ने एनडीटीवी से कहा, 'जब तक हम समझ पाते कि क्या हो रहा है, उन्होंने हमें गालियां देनी शुरू कर दी और फिर लकड़ी के डंडों से हम पर हमला कर दिया. उन्होंने मेरे पेट में लात मारी.' इस हमले की वजह से पांच माह की गर्भवती संगीता को रक्तस्राव होने लगा.
आधे घंटे तक इस दलित परिवार से मारपीट और गालियों की बौछार करने के बाद वे लोग घटनास्थल से भाग गए. इस हमले में महिला में पति नीलेश सहित परिवार के छह अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं.
नीलेश बताते हैं, 'हम उन्हें बार-बार बताते रहे कि हमें लाश उठाने का काम छोड़ दिया है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं सुना. वह हमसे यह ही कहते रहे कि हमें ये ही काम करना है.'टिप्पणियां
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
गौरतलब है कि इस साल जुलाई में दक्षिणी गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों द्वारा चार दलितों की पिटाई के बाद से गुजरात में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इस घटना के बाद दलित समुदाय ने मृत पशुओं की खाल उतारने का काम छोड़ने का प्रण लिया है.
उना में करीब दो महीने पहले दलित समुदाय के चार लोगों की सार्वजनिक पिटाई के बाद समुदाय ने मृत जानवरों के शवों को हटाने के काम के बहिष्कार की घोषणा की थी और इसी आह्वान पर परिवार ने भी यह काम छोड़ रखा था. उनके इनकार से गुस्साए ये लोग वापस गए और 20 लोगों को अपने साथ लेकर लौटे.
पड़ोस के पालनपुर के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती संगीता रनवासिया ने एनडीटीवी से कहा, 'जब तक हम समझ पाते कि क्या हो रहा है, उन्होंने हमें गालियां देनी शुरू कर दी और फिर लकड़ी के डंडों से हम पर हमला कर दिया. उन्होंने मेरे पेट में लात मारी.' इस हमले की वजह से पांच माह की गर्भवती संगीता को रक्तस्राव होने लगा.
आधे घंटे तक इस दलित परिवार से मारपीट और गालियों की बौछार करने के बाद वे लोग घटनास्थल से भाग गए. इस हमले में महिला में पति नीलेश सहित परिवार के छह अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं.
नीलेश बताते हैं, 'हम उन्हें बार-बार बताते रहे कि हमें लाश उठाने का काम छोड़ दिया है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं सुना. वह हमसे यह ही कहते रहे कि हमें ये ही काम करना है.'टिप्पणियां
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
गौरतलब है कि इस साल जुलाई में दक्षिणी गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों द्वारा चार दलितों की पिटाई के बाद से गुजरात में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इस घटना के बाद दलित समुदाय ने मृत पशुओं की खाल उतारने का काम छोड़ने का प्रण लिया है.
पड़ोस के पालनपुर के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती संगीता रनवासिया ने एनडीटीवी से कहा, 'जब तक हम समझ पाते कि क्या हो रहा है, उन्होंने हमें गालियां देनी शुरू कर दी और फिर लकड़ी के डंडों से हम पर हमला कर दिया. उन्होंने मेरे पेट में लात मारी.' इस हमले की वजह से पांच माह की गर्भवती संगीता को रक्तस्राव होने लगा.
आधे घंटे तक इस दलित परिवार से मारपीट और गालियों की बौछार करने के बाद वे लोग घटनास्थल से भाग गए. इस हमले में महिला में पति नीलेश सहित परिवार के छह अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं.
नीलेश बताते हैं, 'हम उन्हें बार-बार बताते रहे कि हमें लाश उठाने का काम छोड़ दिया है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं सुना. वह हमसे यह ही कहते रहे कि हमें ये ही काम करना है.'टिप्पणियां
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
गौरतलब है कि इस साल जुलाई में दक्षिणी गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों द्वारा चार दलितों की पिटाई के बाद से गुजरात में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इस घटना के बाद दलित समुदाय ने मृत पशुओं की खाल उतारने का काम छोड़ने का प्रण लिया है.
आधे घंटे तक इस दलित परिवार से मारपीट और गालियों की बौछार करने के बाद वे लोग घटनास्थल से भाग गए. इस हमले में महिला में पति नीलेश सहित परिवार के छह अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं.
नीलेश बताते हैं, 'हम उन्हें बार-बार बताते रहे कि हमें लाश उठाने का काम छोड़ दिया है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं सुना. वह हमसे यह ही कहते रहे कि हमें ये ही काम करना है.'टिप्पणियां
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
गौरतलब है कि इस साल जुलाई में दक्षिणी गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों द्वारा चार दलितों की पिटाई के बाद से गुजरात में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इस घटना के बाद दलित समुदाय ने मृत पशुओं की खाल उतारने का काम छोड़ने का प्रण लिया है.
नीलेश बताते हैं, 'हम उन्हें बार-बार बताते रहे कि हमें लाश उठाने का काम छोड़ दिया है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं सुना. वह हमसे यह ही कहते रहे कि हमें ये ही काम करना है.'टिप्पणियां
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
गौरतलब है कि इस साल जुलाई में दक्षिणी गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों द्वारा चार दलितों की पिटाई के बाद से गुजरात में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इस घटना के बाद दलित समुदाय ने मृत पशुओं की खाल उतारने का काम छोड़ने का प्रण लिया है.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
गौरतलब है कि इस साल जुलाई में दक्षिणी गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों द्वारा चार दलितों की पिटाई के बाद से गुजरात में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इस घटना के बाद दलित समुदाय ने मृत पशुओं की खाल उतारने का काम छोड़ने का प्रण लिया है.
गौरतलब है कि इस साल जुलाई में दक्षिणी गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों द्वारा चार दलितों की पिटाई के बाद से गुजरात में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. इस घटना के बाद दलित समुदाय ने मृत पशुओं की खाल उतारने का काम छोड़ने का प्रण लिया है. | यहाँ एक सारांश है:गुजरात के बनासकांठा में कंकाल फेंकने से इनकार पर दलित परिवार की पिटाई
इस हमले में घायल पांच माह की गर्भवती दलित महिला को रक्तस्राव होने लगा
पुलिस ने इस संबंध में ठाकुर समुदाय के छह लोगों को गिरफ्तार किया है | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने एमिकस क्यूरी (न्यायमित्र) राजू रामचंद्रन से पूछा कि मंदिर प्रशासन का कहना है कि भगवान कुंवारे हैं इसलिए ऐसी महिलाओं का प्रवेश वर्जित है. क्या इसे छुआछात का मामला समझा जाए. सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी.
बता दें कि इस मामले में 7 नवंबर 2016 को केरल सरकार ने न्यायालय को सूचित किया था कि वह ऐतिहासिक सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के पक्ष में है. शुरुआत में राज्य की एलडीएफ सरकार ने 2007 में प्रगतिशील रुख अपनाते हुए मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की हिमायत की थी, जिसे कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने बदल दिया था. यूडीएफ सरकार का कहना था कि वह 10 से 50 आयु वर्ग की महिलाओं का प्रवेश वर्जित करने के पक्ष में है क्योंकि यह परपंरा अति प्राचीन काल से चली आ रही है.
बता दें कि इस मामले में 7 नवंबर 2016 को केरल सरकार ने न्यायालय को सूचित किया था कि वह ऐतिहासिक सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के पक्ष में है. शुरुआत में राज्य की एलडीएफ सरकार ने 2007 में प्रगतिशील रुख अपनाते हुए मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की हिमायत की थी, जिसे कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने बदल दिया था. यूडीएफ सरकार का कहना था कि वह 10 से 50 आयु वर्ग की महिलाओं का प्रवेश वर्जित करने के पक्ष में है क्योंकि यह परपंरा अति प्राचीन काल से चली आ रही है. | यह एक सारांश है: सबरीमाला मंदिर मामले में SC की टिप्पणी
हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश मिले: सुप्रीम कोर्ट
'देश में निजी मंदिर का कोई सिद्धांत नहीं' | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन के फोन हैकिंग कांड की जांच के दायरे के विस्तार होने के साथ ही जांचकर्ताओं को और संसाधन दिए जा रहे हैं तथा उस पिछली जांच की फाइलें भी खंगाली जा रही हैं, जिसकी वजह से रूपर्ट मर्डोक के अखबार और कई अन्य अखबारों को अपने शीर्षक बदलने पड़े थे। मौजूदा जांच कर रही पुलिस ने वर्ष 2003 में सूचना आयुक्त द्वारा की गई 'ऑपरेशन मोटरमैन' नामक जांच की फाइलें मंगवाई हैं। समाचार संकलन गलत तरीके से करने की बात पिछली जांच से भी स्पष्ट हो गई थी, जिसमें खुलासा किया गया था कि 300 पत्रकारों और 21 प्रकाशनों ने गोपनीय सूचनाएं हासिल करने के लिए निजी जांचकर्ता को 4000 बार अनुरोध किए थे। बीबीसी की खबर के मुताबिक कई मामले में अवैध तरीके के प्रयोग के संकेत मिले। जांच में पता चला था कि 'डेली मेल' ने सर्वाधिक अनुरोध किए था और 'संडे पीपुल' एवं 'डेली मिरर' क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे थे। हालांकि 'डेली मेल' ने कहा कि सूचनाएं जुटाने का कारण संभवत: जनहित था, जबकि 'ट्रिनिटी मिरर' का कहना है कि उसके पत्रकारों ने कानून के दायरे में काम किया। स्काटलैंड यार्ड ने कहा है कि 'ऑपरेशन वीटिंग' नामक मौजूदा जांच में तेजी लाने और जांच कार्य को सुगम बनाने के लिए अधिकारियों की संख्या 45 से बढ़ाकर 60 कर दी गई है। मेट्रोपोलिटन पुलिस की उप सहायक आयुक्त स्यू अकर्स ने कहा कि पिछले 15 दिन में काम का दबाव बहुत बढ़ गया है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। उन्होंने गृहमंत्रालय की प्रवर समिति के समक्ष सुनवाई के दौरान सघन जांच की गारंटी दी। जांच में अधिकारियों की संख्या बढ़ाए जाने पर गृहमंत्रालय की प्रवर समिति के अध्यक्ष कीथ वाज ने कहा, यह अच्छी खबर है। ज्यादा संसाधन से चीजें जल्द सामने आएंगी। | यह एक सारांश है: स्काटलैंड यार्ड ने कहा है कि जांच में तेजी लाने और जांच कार्य को सुगम बनाने के लिए अधिकारियों की संख्या 45 से बढ़ाकर 60 कर दी गई है। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में ख़राब ग्लूकोज़ दिए जाने के बाद से अब तक 17 महिलाओं की मौत हो गई है। जिनमें सोलह गभर्वती थीं। रविवार को एक और ऐसी ही महिला की मौत हो गई जिन्हें ख़राब ग्लूकोज़ चढ़ाने के बाद दूसरे अस्पताल में इलाज के लिये भेजा गया था। प्रेम कंवर 31 जनवरी को इस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हुई थी। 24 साल की प्रेम कंवर की ये अंतिम यात्रा है। प्रेम कंवर अपने गांव से जोधपुर जनवरी में इस उम्मीद के साथ आई थी कि जब वो वापस जाएगी तो उसकी गोद में उसका अपना बच्चा होगा। 31 जनवरी को उसका बच्चा उसके पेट में ही ख़त्म हो गया। ग्लूकोज चढ़ाने के बाद प्रेम की हालत भी बिगड़ गई। प्रेम के पति प्रकाश ने कहा, 'हम तो गांव से आए थे। मेरी पत्नी ठीक ही थी। यहां आके गड़बड़ हुई।' प्रेम को एक महीने से ज्यादा आईसीयू में रखने के बावजूद डॉक्टर उसे नहीं बचा पाए। इस पर अस्पताल के डॉ अरविंद माथुर का कहना है कि प्रेम को मल्टीऑर्गन फेलियर था। एख और मरीज़ सागर कंवर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। उसे भी संक्रमित ग्लूकोज़ चढ़ाया गया और उसकी हालत भी नाज़ुक है। जोधपुर के उमेद सिंह अस्पताल में 16 मरीज़ों की मौत से पूरे शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है। | जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में ख़राब ग्लूकोज़ दिए जाने के बाद से अब तक 17 महिलाओं की मौत हो गई है। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फिजी के सेंट्रल बैंक ने 2013 से नोट एवं सिक्कों से ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की तस्वीर हटाने का फैसला किया है। महारानी की जगह स्थानीय जीव एवं पौधे की तस्वीर लगाई जाएगी।
रिजर्व बैंक के गवर्नर बैरी ह्वाइटसाइड ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन के शाही परिवार की तस्वीर 1934 से देश की मुद्रा पर अंकित हो रहे थे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार अगले वर्ष जनवरी से नई शृंखला के सिक्के एवं नोट जारी किए जाएंगे।टिप्पणियां
ह्वाइटसाइड ने कहा कि यह परिवर्तन देखना दुखद है लेकिन अब समय आ गया है कि फिजी अपनी विशिष्ट राष्ट्रीय सम्पदा एवं जैव विविधता को प्रदर्शित करे।
इस वर्ष की शुरुआत में ही फिजी सरकार ने महारानी एलिजाबेथ के जन्मदिन को मनाने के लिए घोषित राष्ट्रीय अवकाश को खत्म कर दिया था। फिजी 1970 में ब्रिटेन से आजाद हुआ था।
रिजर्व बैंक के गवर्नर बैरी ह्वाइटसाइड ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन के शाही परिवार की तस्वीर 1934 से देश की मुद्रा पर अंकित हो रहे थे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार अगले वर्ष जनवरी से नई शृंखला के सिक्के एवं नोट जारी किए जाएंगे।टिप्पणियां
ह्वाइटसाइड ने कहा कि यह परिवर्तन देखना दुखद है लेकिन अब समय आ गया है कि फिजी अपनी विशिष्ट राष्ट्रीय सम्पदा एवं जैव विविधता को प्रदर्शित करे।
इस वर्ष की शुरुआत में ही फिजी सरकार ने महारानी एलिजाबेथ के जन्मदिन को मनाने के लिए घोषित राष्ट्रीय अवकाश को खत्म कर दिया था। फिजी 1970 में ब्रिटेन से आजाद हुआ था।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार अगले वर्ष जनवरी से नई शृंखला के सिक्के एवं नोट जारी किए जाएंगे।टिप्पणियां
ह्वाइटसाइड ने कहा कि यह परिवर्तन देखना दुखद है लेकिन अब समय आ गया है कि फिजी अपनी विशिष्ट राष्ट्रीय सम्पदा एवं जैव विविधता को प्रदर्शित करे।
इस वर्ष की शुरुआत में ही फिजी सरकार ने महारानी एलिजाबेथ के जन्मदिन को मनाने के लिए घोषित राष्ट्रीय अवकाश को खत्म कर दिया था। फिजी 1970 में ब्रिटेन से आजाद हुआ था।
ह्वाइटसाइड ने कहा कि यह परिवर्तन देखना दुखद है लेकिन अब समय आ गया है कि फिजी अपनी विशिष्ट राष्ट्रीय सम्पदा एवं जैव विविधता को प्रदर्शित करे।
इस वर्ष की शुरुआत में ही फिजी सरकार ने महारानी एलिजाबेथ के जन्मदिन को मनाने के लिए घोषित राष्ट्रीय अवकाश को खत्म कर दिया था। फिजी 1970 में ब्रिटेन से आजाद हुआ था।
इस वर्ष की शुरुआत में ही फिजी सरकार ने महारानी एलिजाबेथ के जन्मदिन को मनाने के लिए घोषित राष्ट्रीय अवकाश को खत्म कर दिया था। फिजी 1970 में ब्रिटेन से आजाद हुआ था। | संक्षिप्त पाठ: फिजी के सेंट्रल बैंक ने 2013 से नोट एवं सिक्कों से ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की तस्वीर हटाने का फैसला किया है। महारानी की जगह स्थानीय जीव एवं पौधे की तस्वीर लगाई जाएगी। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत और पाकिस्तान के बीच नए उदार वीजा नियमों से दोनों देशों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। सार्क चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा कि नए वीजा नियमों से एक साल में द्विपक्षीय व्यापार मौजूदा 2.5 अरब डॉलर से दोगुना हो जाएगा।टिप्पणियां
चैंबर के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा, ‘उदार वीजा नियमों के लागू होने के एक साल के बीच व्यापार दोगुना हो जाएगा।’ उन्होंने एक बयान में कहा कि उदार वीजा नियमों से आपसी भरोसा बढ़ेगा, लोगों का आपसी संपर्क बढ़ेगा और साथ ही व्यापार की बाधा भी दूर हो सकेगी।
भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को बहुप्रतीक्षित उदार वीजा करार पर दस्तखत किए। पहली बार समूह पर्यटक तथा तीर्थ यात्रा वीजा शुरू करने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही कारोबारियों के लिए अलग वीजा तथा 65 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए आगमन पर वीजा सुविधा शुरू की जाएंगी।
चैंबर के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा, ‘उदार वीजा नियमों के लागू होने के एक साल के बीच व्यापार दोगुना हो जाएगा।’ उन्होंने एक बयान में कहा कि उदार वीजा नियमों से आपसी भरोसा बढ़ेगा, लोगों का आपसी संपर्क बढ़ेगा और साथ ही व्यापार की बाधा भी दूर हो सकेगी।
भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को बहुप्रतीक्षित उदार वीजा करार पर दस्तखत किए। पहली बार समूह पर्यटक तथा तीर्थ यात्रा वीजा शुरू करने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही कारोबारियों के लिए अलग वीजा तथा 65 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए आगमन पर वीजा सुविधा शुरू की जाएंगी।
भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को बहुप्रतीक्षित उदार वीजा करार पर दस्तखत किए। पहली बार समूह पर्यटक तथा तीर्थ यात्रा वीजा शुरू करने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही कारोबारियों के लिए अलग वीजा तथा 65 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए आगमन पर वीजा सुविधा शुरू की जाएंगी। | संक्षिप्त पाठ: भारत और पाकिस्तान के बीच नए उदार वीजा नियमों से दोनों देशों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। सार्क चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा कि नए वीजा नियमों से एक साल में द्विपक्षीय व्यापार मौजूदा 2.5 अरब डॉलर से दोगुना हो जाएगा। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका के साथ बुधवार को खेले जाने वाले एकदिवसीय मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम रहने वाली है। धोनी का कहना है कि कृत्रिम रोशनी में बल्लेबाजी करने से बढ़िया दिन में बल्लेबाजी करना है। बुधवार को आरम्भ हो रही श्रृंखला के पहले मैच की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से बातचीत में धोनी ने कहा, "इस मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम रहने वाली है। सफेद कुकाबुरा गेंद का सामना करना बहुत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि गेंद जब पुरानी होगी तो वह बल्ले पर सही ढंग से आएगी और उसे सही प्रकार से खेला जा सकता है। धोनी का कहना है कि भले ही भारतीय टीम को यहां अंतिम बार 2006 में दक्षिण अफ्रीका के साथ खेले गए एकदिवसीय मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन वर्तमान टीम पहले के मुकाबले बिल्कुल अलग है। धोनी ने कहा, "भले ही हम इस मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के साथ खेले सभी एकदिवसीय मैच हारे हों लेकिन मैं बताना चाहूंगा कि पहले की अपेक्षा टीम बिल्कुल अलग है और हमारे पास युवा खिलाड़ियों का जोश है जो शानदार प्रदर्शन करने को बेताब हैं। इस प्रकार से हम कह सकते हैं कि भारतीय क्रिकेट के लिए यह बहुत ही बढ़िया है।" भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के साथ पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला खेलेगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: धोनी का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका के साथ खेले जाने वाले एकदिवसीय मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम रहने वाली है। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हाथी वैसे तो बड़ा ही शांत जानवर है लेकिन वो भड़क जाए तो किसी को नहीं छोड़ता, जो सामने आ जाए उसकी शामत नहीं. ऐसा ही देखने को मिला चीन के शहर यूनान में. जहां अचानक बस के सामने हाथी आ गया. जिसके बाद जो हुआ वो हैरान करने वाला था. हाथी आया और बस के विंडशील्ड पर जोर से धक्का मारा. जिसके बाद कांच टूट गया. हाथी यही नहीं रुका उसने पार्किंग में खड़े ट्रक को टकनाचूर कर दिया. बता दें, बस में कोई पैसेंजर नहीं बैठा था पर ड्राइवर मौजूद था. वहीं ट्रक में भी कोई नहीं था. बस और ट्रक को हाथी ने चकनाचूर कर दिया. किसी को भी कुछ नहीं हुआ है.
यूट्यूब पर ये वीडियो CGTN ने अपलोड किया है. जो काफी वायरल हो रहा है. अंदर बैठे ड्राइवर ने भी शूट किया है. जिसमें दिखाया गया है कि हाथी काफी पास है और वार कर रहा है. वन अधिकारियों ने भी ड्रोन की मदद से वीडियो बनाया है. वीडियो के कुछ शॉट्स काफी खतरनाक हैं, जिसमें हाथी बस के विंडशील्ड को जोर से सिर मार रहा है. जिसके बाद अचानक कांच टूट जाता है. वहीं दूसरी तरफ वो ट्रक को गिराने की कोशिश कर रहा है. कई लोग दूर खड़े हुए थे और शूट कर रहे थे. टिप्पणियां
वीडियो में देखा जा सकता है कि हाथी बस से खुद को खुजा रहा है. जंगली हाथी के जाने के बाद ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. CGTN कि रिपोर्ट के मुताबिक चीन के जंगलों में हाथी काफी एक्टिव रहते हैं. जो कई बार लोगों को परेशान कर चुका है.
यूट्यूब पर ये वीडियो CGTN ने अपलोड किया है. जो काफी वायरल हो रहा है. अंदर बैठे ड्राइवर ने भी शूट किया है. जिसमें दिखाया गया है कि हाथी काफी पास है और वार कर रहा है. वन अधिकारियों ने भी ड्रोन की मदद से वीडियो बनाया है. वीडियो के कुछ शॉट्स काफी खतरनाक हैं, जिसमें हाथी बस के विंडशील्ड को जोर से सिर मार रहा है. जिसके बाद अचानक कांच टूट जाता है. वहीं दूसरी तरफ वो ट्रक को गिराने की कोशिश कर रहा है. कई लोग दूर खड़े हुए थे और शूट कर रहे थे. टिप्पणियां
वीडियो में देखा जा सकता है कि हाथी बस से खुद को खुजा रहा है. जंगली हाथी के जाने के बाद ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. CGTN कि रिपोर्ट के मुताबिक चीन के जंगलों में हाथी काफी एक्टिव रहते हैं. जो कई बार लोगों को परेशान कर चुका है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि हाथी बस से खुद को खुजा रहा है. जंगली हाथी के जाने के बाद ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. CGTN कि रिपोर्ट के मुताबिक चीन के जंगलों में हाथी काफी एक्टिव रहते हैं. जो कई बार लोगों को परेशान कर चुका है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि हाथी बस से खुद को खुजा रहा है. जंगली हाथी के जाने के बाद ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. CGTN कि रिपोर्ट के मुताबिक चीन के जंगलों में हाथी काफी एक्टिव रहते हैं. जो कई बार लोगों को परेशान कर चुका है. | यह एक सारांश है: चीन में अचानक बस और ट्रक के सामने आया जंगली हाथी.
यूट्यूब पर ये वीडियो CGTN ने अपलोड किया है. जो काफी वायरल हो रहा है.
बस के अंदर बैठा था ड्राइवर जिसे सुरक्षित बचा लिया गया है. | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लखनऊ में एक युवक को एक निजी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया. उसे जब दफनाया जा रहा था तब पता चला कि वह तो जिंदा है. यदि थोड़ी देर तक और उसके शरीर में हरकत न दिखाई देती तो उसे जीवित ही दफन कर दिया जाता.
युवक को कब्रगाह से सरकारी अस्पताल में ले जाने पर उसे डॉक्टरों ने जीवित बताया और भर्ती कर लिया. युवक के भाई के मुताबिक निजी अस्पताल में उसे तब मृत घोषित किया गया था जब अस्पताल प्रशासन से उन्होंने कहा था कि अब उनके पास पैसे नहीं हैं. इलाज के लिए अस्पताल को सात लाख रुपये का भुगतान किया गया. चिकित्सा विभाग अब इस मामले की जांच करेगा.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मृत घोषित किया जा चुका एक व्यक्ति दफनाए जाने से ठीक पहले जिंदा हो उठा. उसकी कब्र खोद ली गई थी और जब उसे दफनाया जाने वाला था तभी परिवार के कुछ सदस्यों ने उसके शरीर में हरकत देखी. रोना-धोना बंद हो गया और हैरान परिजन मोहम्मद फुरकान को अस्पताल ले गए जहां उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है.
बीस वर्षीय फुरकान को एक दुर्घटना के बाद 21 जून को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सोमवार को उसे मृत घोषित कर दिया गया और उसके शव को एम्बुलेंस से उसके घर पहुंचा दिया गया.
फुरकान के बड़े भाई मोहम्मद इरफान ने कहा, "फुरकान की मौत से बेहद दुखी हम लोग उसे दफनाने की तैयारी कर रहे थे, तभी किसी ने उसके शरीर में हरकत देखी. हम फौरन फुरकान को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने कहा कि वह जिंदा है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया."
इरफान ने कहा, "इससे पहले हम निजी अस्पताल को सात लाख रुपये का भुगतान कर चुके थे और जब हमने उन्हें बताया कि अब हमारे पास पैसे नहीं हैं तो उन्होंने सोमवार को फुरकान को मृत घोषित कर दिया."
लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नरेंद्र अग्रवाल ने कहा, "हमने मामले का संज्ञान लिया है और इसकी पूरी जांच की जाएगी." फुरकान का इलाज कर रहे डॉक्टर ने कहा, "मरीज की हालत गंभीर है लेकिन वह निश्चित रूप से ब्रेन डेड नहीं है. उसकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर और दिमाग काम कर रहा है. उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है."
(इनपुट आईएएनएस से) | दफनाने से पहले किसी ने उसके शरीर में हरकत देखी
युवक को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया
डॉक्टरों ने कहा कि वह जिंदा है, वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddh Nagar) में इस बार लोकसभा चुनाव (General Election 2019) का मुकाबला दिलचस्प हो गया है. पिछले चुनाव में ढाई लाख से ज्यादा मतों से जीत दर्ज करने वाले भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा (Dr Mahesh Sharma) के लिए इस बार राह आसान नहीं नजर आ रही है. खासकर, सपा-बसपा गठबंधन के बाद तस्वीर बदल गई है. गठबंधन के तहत यह सीट बसपा के खाते में गई है और पार्टी ने यहां से सतबीर नागर (Satbeer Nagar) को प्रत्याशी बनाया है. तो वहीं, कांग्रेस की तरफ से अरविंद कुमार सिंह (Arvind Kumar Singh) मैदान में हैं. 2014 में 50 फीसद वोट हासिल कर लोकसभा में पहुंचने वाले डॉ. महेश शर्मा (Mahesh Sharma) के लिए इस बार सबसे बड़ा खतरा बसपा उम्मीदवार सतबीर नागर हैं. क्योंकि सपा-बसपा और राष्ट्रीय लोकदल के संयुक्त उम्मीदवार तो हैं ही. साथ ही उन्हें आम आदमी पार्टी का भी समर्थन हासिल है.
हालांकि दूसरी तरफ, कांग्रेस के अरविंद सिंह (Arvind Kumar Singh) मुकाबले में तो हैं लेकिन उन पर बाहरी होने का ठप्पा लगा है. यही वजह है कि कांग्रेस की जिला इकाई के तमाम नेताओं ने अरविंद सिंह को टिकट मिलने के बाद नाराजगी जाहिर की थी और अब प्रचार-प्रसार से भी दूरी बनाए हुए हैं. जातीय समीकरणों की बात करें तो 2014 में डॉ. महेश शर्मा (Mahesh Sharma) को लगभग सभी वर्गों का साथ मिला था, लेकिन इस बार सियासी परिस्थिति बदली हुई है. बसपा प्रत्याशी सतबीर नागर जहां गुर्जर मतदाताओं को लुभाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. तो सपा की कोशिश है कि उसके परंपरागत वोटर ज्यादा से ज्यादा संख्या में गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में गोलबंद हों. वहीं, कांग्रेस के अरविंद कुमार सिंह भी राजपूत मतदाताओं के समर्थन के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पिछली बार महेश शर्मा को मिले थे 50 फीसद से ज्यादा वोट
लेकिन इस बार गठबंधन प्रत्याशी ने खड़ी कर दी हैं मुश्किलें
गठबंधन की तरफ से सतबीर नागर हैं चुनाव मैदान में | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय कानूनमंत्री अश्विनी कुमार ने शनिवार को कहा कि हालिया अध्यादेश में वैवाहिक बलात्कार को अपराध नहीं बनाने के कारणों में से एक यह है कि भारत में विवाह को अनुबंध नहीं समझा जाता है, जैसा अन्य लोकतांत्रिक देशों में होता है।
इंडियन मर्चेंट्स चैंबर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि कानून को हमेशा समसामयिक हकीकतों को परिलक्षित करना चाहिए।
कुमार ने कहा, ‘‘सिर्फ एक मामले को ध्यान में रखकर कानून न तो बनाया जा सकता है न उसमें संशोधन किया जा सकता है। कानून को इस तरीके से बनाया जाना चाहिए कि यह दशकों के लिए हर मामले में टिका रह सके। कानून को समाज की समसामयिक हकीकतों को अवश्य परिलक्षित करना चाहिए और देश की प्रगति में मदद करनी चाहिए।’’
यौन अपराधों से जुड़े कानूनों में संशोधन के लिए हाल में जारी अपराध कानून (संशोधन) अध्यादेश के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘हमने विभिन्न कारणों से अध्यादेश में वैवाहिक बलात्कार को शामिल नहीं किया। उनमें से एक यह है कि हमारे देश में विवाह को अन्य लोकतांत्रिक देशों की तरह अनुबंध नहीं माना जाता है। जब पत्नी अपने पति से अलग होती है और तब उसका यौन उत्पीड़न किया जाता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।’’ टिप्पणियां
अध्यादेश को अगले हफ्ते मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘दिसंबर 2012 (दिल्ली) सामूहिक बलात्कार मामले के बाद सरकार ने रिकार्ड समय में विधेयक को तैयार किया। उस मामले ने समाज के सामूहिक अंत:करण को झकझोर दिया था।’’ कुमार ने कहा, ‘‘इस बात का आत्ममंथन किए जाने की जरूरत है और इस बात को सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है कि कानून दुरुपयोग किए जाने में सक्षम न हों। अगर कानून में कमी रही तो यह गंभीर उल्लंघन की ओर ले जा सकता है।’’
भारतीय दंड संहिता की धारा 498 (ए) का उदाहरण देते हुए कुमार ने कहा, ‘‘इस धारा का काफी दुरुपयोग किया जा रहा है। लेकिन मैं इस बारे में कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं कुछ करूंगा तो कई महिला संगठन इसके खिलाफ खड़े होंगे। लेकिन जो देखने की आवश्यकता है वह यह है कि महिलाओं को 498 (ए) के तहत आरोपी बनाया जा रहा है।’’
इंडियन मर्चेंट्स चैंबर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि कानून को हमेशा समसामयिक हकीकतों को परिलक्षित करना चाहिए।
कुमार ने कहा, ‘‘सिर्फ एक मामले को ध्यान में रखकर कानून न तो बनाया जा सकता है न उसमें संशोधन किया जा सकता है। कानून को इस तरीके से बनाया जाना चाहिए कि यह दशकों के लिए हर मामले में टिका रह सके। कानून को समाज की समसामयिक हकीकतों को अवश्य परिलक्षित करना चाहिए और देश की प्रगति में मदद करनी चाहिए।’’
यौन अपराधों से जुड़े कानूनों में संशोधन के लिए हाल में जारी अपराध कानून (संशोधन) अध्यादेश के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘हमने विभिन्न कारणों से अध्यादेश में वैवाहिक बलात्कार को शामिल नहीं किया। उनमें से एक यह है कि हमारे देश में विवाह को अन्य लोकतांत्रिक देशों की तरह अनुबंध नहीं माना जाता है। जब पत्नी अपने पति से अलग होती है और तब उसका यौन उत्पीड़न किया जाता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।’’ टिप्पणियां
अध्यादेश को अगले हफ्ते मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘दिसंबर 2012 (दिल्ली) सामूहिक बलात्कार मामले के बाद सरकार ने रिकार्ड समय में विधेयक को तैयार किया। उस मामले ने समाज के सामूहिक अंत:करण को झकझोर दिया था।’’ कुमार ने कहा, ‘‘इस बात का आत्ममंथन किए जाने की जरूरत है और इस बात को सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है कि कानून दुरुपयोग किए जाने में सक्षम न हों। अगर कानून में कमी रही तो यह गंभीर उल्लंघन की ओर ले जा सकता है।’’
भारतीय दंड संहिता की धारा 498 (ए) का उदाहरण देते हुए कुमार ने कहा, ‘‘इस धारा का काफी दुरुपयोग किया जा रहा है। लेकिन मैं इस बारे में कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं कुछ करूंगा तो कई महिला संगठन इसके खिलाफ खड़े होंगे। लेकिन जो देखने की आवश्यकता है वह यह है कि महिलाओं को 498 (ए) के तहत आरोपी बनाया जा रहा है।’’
कुमार ने कहा, ‘‘सिर्फ एक मामले को ध्यान में रखकर कानून न तो बनाया जा सकता है न उसमें संशोधन किया जा सकता है। कानून को इस तरीके से बनाया जाना चाहिए कि यह दशकों के लिए हर मामले में टिका रह सके। कानून को समाज की समसामयिक हकीकतों को अवश्य परिलक्षित करना चाहिए और देश की प्रगति में मदद करनी चाहिए।’’
यौन अपराधों से जुड़े कानूनों में संशोधन के लिए हाल में जारी अपराध कानून (संशोधन) अध्यादेश के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘हमने विभिन्न कारणों से अध्यादेश में वैवाहिक बलात्कार को शामिल नहीं किया। उनमें से एक यह है कि हमारे देश में विवाह को अन्य लोकतांत्रिक देशों की तरह अनुबंध नहीं माना जाता है। जब पत्नी अपने पति से अलग होती है और तब उसका यौन उत्पीड़न किया जाता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।’’ टिप्पणियां
अध्यादेश को अगले हफ्ते मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘दिसंबर 2012 (दिल्ली) सामूहिक बलात्कार मामले के बाद सरकार ने रिकार्ड समय में विधेयक को तैयार किया। उस मामले ने समाज के सामूहिक अंत:करण को झकझोर दिया था।’’ कुमार ने कहा, ‘‘इस बात का आत्ममंथन किए जाने की जरूरत है और इस बात को सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है कि कानून दुरुपयोग किए जाने में सक्षम न हों। अगर कानून में कमी रही तो यह गंभीर उल्लंघन की ओर ले जा सकता है।’’
भारतीय दंड संहिता की धारा 498 (ए) का उदाहरण देते हुए कुमार ने कहा, ‘‘इस धारा का काफी दुरुपयोग किया जा रहा है। लेकिन मैं इस बारे में कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं कुछ करूंगा तो कई महिला संगठन इसके खिलाफ खड़े होंगे। लेकिन जो देखने की आवश्यकता है वह यह है कि महिलाओं को 498 (ए) के तहत आरोपी बनाया जा रहा है।’’
यौन अपराधों से जुड़े कानूनों में संशोधन के लिए हाल में जारी अपराध कानून (संशोधन) अध्यादेश के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘हमने विभिन्न कारणों से अध्यादेश में वैवाहिक बलात्कार को शामिल नहीं किया। उनमें से एक यह है कि हमारे देश में विवाह को अन्य लोकतांत्रिक देशों की तरह अनुबंध नहीं माना जाता है। जब पत्नी अपने पति से अलग होती है और तब उसका यौन उत्पीड़न किया जाता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।’’ टिप्पणियां
अध्यादेश को अगले हफ्ते मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘दिसंबर 2012 (दिल्ली) सामूहिक बलात्कार मामले के बाद सरकार ने रिकार्ड समय में विधेयक को तैयार किया। उस मामले ने समाज के सामूहिक अंत:करण को झकझोर दिया था।’’ कुमार ने कहा, ‘‘इस बात का आत्ममंथन किए जाने की जरूरत है और इस बात को सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है कि कानून दुरुपयोग किए जाने में सक्षम न हों। अगर कानून में कमी रही तो यह गंभीर उल्लंघन की ओर ले जा सकता है।’’
भारतीय दंड संहिता की धारा 498 (ए) का उदाहरण देते हुए कुमार ने कहा, ‘‘इस धारा का काफी दुरुपयोग किया जा रहा है। लेकिन मैं इस बारे में कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं कुछ करूंगा तो कई महिला संगठन इसके खिलाफ खड़े होंगे। लेकिन जो देखने की आवश्यकता है वह यह है कि महिलाओं को 498 (ए) के तहत आरोपी बनाया जा रहा है।’’
अध्यादेश को अगले हफ्ते मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘दिसंबर 2012 (दिल्ली) सामूहिक बलात्कार मामले के बाद सरकार ने रिकार्ड समय में विधेयक को तैयार किया। उस मामले ने समाज के सामूहिक अंत:करण को झकझोर दिया था।’’ कुमार ने कहा, ‘‘इस बात का आत्ममंथन किए जाने की जरूरत है और इस बात को सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है कि कानून दुरुपयोग किए जाने में सक्षम न हों। अगर कानून में कमी रही तो यह गंभीर उल्लंघन की ओर ले जा सकता है।’’
भारतीय दंड संहिता की धारा 498 (ए) का उदाहरण देते हुए कुमार ने कहा, ‘‘इस धारा का काफी दुरुपयोग किया जा रहा है। लेकिन मैं इस बारे में कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं कुछ करूंगा तो कई महिला संगठन इसके खिलाफ खड़े होंगे। लेकिन जो देखने की आवश्यकता है वह यह है कि महिलाओं को 498 (ए) के तहत आरोपी बनाया जा रहा है।’’
भारतीय दंड संहिता की धारा 498 (ए) का उदाहरण देते हुए कुमार ने कहा, ‘‘इस धारा का काफी दुरुपयोग किया जा रहा है। लेकिन मैं इस बारे में कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं कुछ करूंगा तो कई महिला संगठन इसके खिलाफ खड़े होंगे। लेकिन जो देखने की आवश्यकता है वह यह है कि महिलाओं को 498 (ए) के तहत आरोपी बनाया जा रहा है।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय कानूनमंत्री अश्विनी कुमार ने शनिवार को कहा कि हालिया अध्यादेश में वैवाहिक बलात्कार को अपराध नहीं बनाने के कारणों में से एक यह है कि भारत में विवाह को अनुबंध नहीं समझा जाता है, जैसा अन्य लोकतांत्रिक देशों में होता है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फ्रेंच ओपन में पहले दौर से बाहर होने के बाद ओलिंपिक में उसकी भागीदारी भले ही खटाई में पड़ गई हो लेकिन भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने बुधवार को कहा कि वह लंदन ओलिंपिक में वाइल्ड कार्ड पाने की हकदार है।
सानिया इस सत्र में चार डब्ल्यूटीए फाइनल में पहुंची और दो में खिताब जीता। वह रूस की एलेना वेसनीना के साथ 2011 में सबसे सफल जोड़ियों में से थी। फ्रेंच ओपन में पहले ही दौर से बाहर होने के कारण वह 11 जून की कट आफ तारीख तक डब्ल्यूटीए रैंकिंग में शीर्ष 10 में नहीं रह पायेगी।टिप्पणियां
महिला युगल वर्ग में शीर्ष 10 खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश मिलता है और उसे अपना जोड़ीदार चुनने का हक रहता है। सानिया फिलहाल 10वीं रैंकिंग पर है और मिश्रित युगल में पदक की दावेदार है। उसे मिश्रित युगल में खेलने के लिये एकल या युगल के मुख्य ड्रा में खेलना होगा।
सानिया ने पेरिस से कहा, ‘‘मैं आशावादी हूं और मुझे लगता है कि मैने इतना प्रदर्शन तो किया है कि मुझे वाइल्ड कार्ड मिले। वाइल्ड कार्ड देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को दिये जाते हैं जो प्रतिस्पर्धा में भाग नहीं ले पा रहे हों।’’
सानिया इस सत्र में चार डब्ल्यूटीए फाइनल में पहुंची और दो में खिताब जीता। वह रूस की एलेना वेसनीना के साथ 2011 में सबसे सफल जोड़ियों में से थी। फ्रेंच ओपन में पहले ही दौर से बाहर होने के कारण वह 11 जून की कट आफ तारीख तक डब्ल्यूटीए रैंकिंग में शीर्ष 10 में नहीं रह पायेगी।टिप्पणियां
महिला युगल वर्ग में शीर्ष 10 खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश मिलता है और उसे अपना जोड़ीदार चुनने का हक रहता है। सानिया फिलहाल 10वीं रैंकिंग पर है और मिश्रित युगल में पदक की दावेदार है। उसे मिश्रित युगल में खेलने के लिये एकल या युगल के मुख्य ड्रा में खेलना होगा।
सानिया ने पेरिस से कहा, ‘‘मैं आशावादी हूं और मुझे लगता है कि मैने इतना प्रदर्शन तो किया है कि मुझे वाइल्ड कार्ड मिले। वाइल्ड कार्ड देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को दिये जाते हैं जो प्रतिस्पर्धा में भाग नहीं ले पा रहे हों।’’
महिला युगल वर्ग में शीर्ष 10 खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश मिलता है और उसे अपना जोड़ीदार चुनने का हक रहता है। सानिया फिलहाल 10वीं रैंकिंग पर है और मिश्रित युगल में पदक की दावेदार है। उसे मिश्रित युगल में खेलने के लिये एकल या युगल के मुख्य ड्रा में खेलना होगा।
सानिया ने पेरिस से कहा, ‘‘मैं आशावादी हूं और मुझे लगता है कि मैने इतना प्रदर्शन तो किया है कि मुझे वाइल्ड कार्ड मिले। वाइल्ड कार्ड देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को दिये जाते हैं जो प्रतिस्पर्धा में भाग नहीं ले पा रहे हों।’’
सानिया ने पेरिस से कहा, ‘‘मैं आशावादी हूं और मुझे लगता है कि मैने इतना प्रदर्शन तो किया है कि मुझे वाइल्ड कार्ड मिले। वाइल्ड कार्ड देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को दिये जाते हैं जो प्रतिस्पर्धा में भाग नहीं ले पा रहे हों।’’ | संक्षिप्त पाठ: फ्रेंच ओपन में पहले दौर से बाहर होने के बाद ओलिंपिक में उसकी भागीदारी भले ही खटाई में पड़ गई हो लेकिन भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने बुधवार को कहा कि वह लंदन ओलिंपिक में वाइल्ड कार्ड पाने की हकदार है। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई कोच डेरेन लीमैन ने ट्रेंट ब्रिज में पहले टेस्ट में युवा स्पिनर एशटन एगर के आगाज के बाद कहा कि वह एशेज शृंखला में अहम भूमिका निभाएगा।
पश्चिम ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के स्पिनर को इंग्लैंड में पहले दो एशेज टेस्ट के लिए मूलत: 'डेवलपमेंट' खिलाड़ी के तौर पर लाया गया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता जॉन इनवरारिटी और महान विकेटकीपर रॉड मार्श तथा लीमैन ने हैरानी भरा फैसला करते हुए 22 टेस्ट के अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन ल्योन की बजाय एगर को टीम में चुना। एगर ने केवल 10 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं।टिप्पणियां
महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने जब ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के आगाज पर होने वाले पारंपरिक समारोह में एगर को 'बैगी ग्रीन' कैप सौंपी, तो ही मेजबान खेमे को इसकी खबर मिली। लीमैन को दक्षिण अफ्रीका के मिकी आर्थर को बर्खास्त करने के बाद कोच बनाया गया है।
उन्होंने कहा, लड़कों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वे दो दिन पहले जानते थे, इसलिए हमें देखना था कि वे चुप रह सकते हैं या नहीं और वे चुप रहे। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा, 19-वर्षीय युवा खिलाड़ी के लिए यह शानदार है। उन्होंने कहा, जब ग्लेन मैकग्रा ने उसे कैप सौंपी, तो वह कितना रोमांचित था। उसकी आंख में आंसू थे और यह उसके लिए बड़ा क्षण था। उन्होंने कहा, मैंने उसे गेंदबाजी करते हुए देखा है। वह शानदार है और इस एशेज सीरीज में भी अहम भूमिका निभाएगा, इसमें कोई शक नहीं है।
पश्चिम ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के स्पिनर को इंग्लैंड में पहले दो एशेज टेस्ट के लिए मूलत: 'डेवलपमेंट' खिलाड़ी के तौर पर लाया गया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता जॉन इनवरारिटी और महान विकेटकीपर रॉड मार्श तथा लीमैन ने हैरानी भरा फैसला करते हुए 22 टेस्ट के अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन ल्योन की बजाय एगर को टीम में चुना। एगर ने केवल 10 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं।टिप्पणियां
महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने जब ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के आगाज पर होने वाले पारंपरिक समारोह में एगर को 'बैगी ग्रीन' कैप सौंपी, तो ही मेजबान खेमे को इसकी खबर मिली। लीमैन को दक्षिण अफ्रीका के मिकी आर्थर को बर्खास्त करने के बाद कोच बनाया गया है।
उन्होंने कहा, लड़कों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वे दो दिन पहले जानते थे, इसलिए हमें देखना था कि वे चुप रह सकते हैं या नहीं और वे चुप रहे। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा, 19-वर्षीय युवा खिलाड़ी के लिए यह शानदार है। उन्होंने कहा, जब ग्लेन मैकग्रा ने उसे कैप सौंपी, तो वह कितना रोमांचित था। उसकी आंख में आंसू थे और यह उसके लिए बड़ा क्षण था। उन्होंने कहा, मैंने उसे गेंदबाजी करते हुए देखा है। वह शानदार है और इस एशेज सीरीज में भी अहम भूमिका निभाएगा, इसमें कोई शक नहीं है।
महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने जब ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के आगाज पर होने वाले पारंपरिक समारोह में एगर को 'बैगी ग्रीन' कैप सौंपी, तो ही मेजबान खेमे को इसकी खबर मिली। लीमैन को दक्षिण अफ्रीका के मिकी आर्थर को बर्खास्त करने के बाद कोच बनाया गया है।
उन्होंने कहा, लड़कों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वे दो दिन पहले जानते थे, इसलिए हमें देखना था कि वे चुप रह सकते हैं या नहीं और वे चुप रहे। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा, 19-वर्षीय युवा खिलाड़ी के लिए यह शानदार है। उन्होंने कहा, जब ग्लेन मैकग्रा ने उसे कैप सौंपी, तो वह कितना रोमांचित था। उसकी आंख में आंसू थे और यह उसके लिए बड़ा क्षण था। उन्होंने कहा, मैंने उसे गेंदबाजी करते हुए देखा है। वह शानदार है और इस एशेज सीरीज में भी अहम भूमिका निभाएगा, इसमें कोई शक नहीं है।
उन्होंने कहा, लड़कों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वे दो दिन पहले जानते थे, इसलिए हमें देखना था कि वे चुप रह सकते हैं या नहीं और वे चुप रहे। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा, 19-वर्षीय युवा खिलाड़ी के लिए यह शानदार है। उन्होंने कहा, जब ग्लेन मैकग्रा ने उसे कैप सौंपी, तो वह कितना रोमांचित था। उसकी आंख में आंसू थे और यह उसके लिए बड़ा क्षण था। उन्होंने कहा, मैंने उसे गेंदबाजी करते हुए देखा है। वह शानदार है और इस एशेज सीरीज में भी अहम भूमिका निभाएगा, इसमें कोई शक नहीं है। | यह एक सारांश है: ऑस्ट्रेलियाई कोच डेरेन लीमैन ने ट्रेंट ब्रिज में पहले टेस्ट में युवा स्पिनर एशटन एगर के आगाज के बाद कहा कि वह एशेज शृंखला में अहम भूमिका निभाएगा। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल 14 मार्च को पांचवीं बार पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। खबर है कि इस शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रकाश सिंह बादल ने केंद्र की यूपीए सरकार में शामिल पार्टियों के कई नेताओं को न्योते भेजे हैं।टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्र में मंत्री उनके पिता फारुख अब्दुल्ला और केंद्रीय मंत्री शरद पवार को न्योता गया है। बादल के शपथ ग्रहण में यूपीए सहयोगी पार्टी के नेताओं को मिले न्योते से केंद्र में सत्ता के नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। ममता बनर्जी पिछले कई महीनों से तेल के दाम, महंगाई जैसे कई मुद्दों पर कांग्रेस से नाराज चल रही हैं।
उधर, पंजाब में कांग्रेस की हार के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली में हैं और वह पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। इस बातचीत में पंजाब में पार्टी की हार पर चर्चा होगी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्र में मंत्री उनके पिता फारुख अब्दुल्ला और केंद्रीय मंत्री शरद पवार को न्योता गया है। बादल के शपथ ग्रहण में यूपीए सहयोगी पार्टी के नेताओं को मिले न्योते से केंद्र में सत्ता के नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। ममता बनर्जी पिछले कई महीनों से तेल के दाम, महंगाई जैसे कई मुद्दों पर कांग्रेस से नाराज चल रही हैं।
उधर, पंजाब में कांग्रेस की हार के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली में हैं और वह पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। इस बातचीत में पंजाब में पार्टी की हार पर चर्चा होगी।
उधर, पंजाब में कांग्रेस की हार के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली में हैं और वह पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। इस बातचीत में पंजाब में पार्टी की हार पर चर्चा होगी। | संक्षिप्त सारांश: प्रकाश सिंह बादल 14 मार्च को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और शपथ ग्रहण समारोह के लिए उन्होंने यूपीए के घटक दलों के कई नेताओं को न्योते भेजे हैं। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली से सटे नोएडा में पांच लोगों ने सेक्टर 12 में बस स्टैंड के समीप खड़ी 17 साल की एक लड़की को कथित रूप से अपनी कार में खींच लिया और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
पुलिस ने बताया कि शनिवार रात आठ बजे कक्षा दसवीं की एक छात्रा बस स्टैंड पर अपने पिता का इंतजार कर रही थी, उसी दौरान पांच लोग कार से आए और उन्होंने उसे जबर्दस्ती कार में बिठा लिया। उन्होंने उसे नशीले पदार्थ मिला हुआ एक पेय पदार्थ पिला दिया और फिर उसका बलात्कार किया।टिप्पणियां
पांचों व्यक्तियों ने लड़की को सेक्टर 51 में गिझोड़ में छोड़ दिया। लड़की किसी तरह घर पहुंची और उसने अपने माता पिता से आपबीती बताई। उसके अभिभावक ने सेक्टर 24 के थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिनकी पहचान हिमांशु शर्मा, राहुल आर्य और सुनील के रूप में हुई है। दो अन्य आरोपी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने तलाशी अभियान छेड़ दिया है। पीड़िता की मेडिकल जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि शनिवार रात आठ बजे कक्षा दसवीं की एक छात्रा बस स्टैंड पर अपने पिता का इंतजार कर रही थी, उसी दौरान पांच लोग कार से आए और उन्होंने उसे जबर्दस्ती कार में बिठा लिया। उन्होंने उसे नशीले पदार्थ मिला हुआ एक पेय पदार्थ पिला दिया और फिर उसका बलात्कार किया।टिप्पणियां
पांचों व्यक्तियों ने लड़की को सेक्टर 51 में गिझोड़ में छोड़ दिया। लड़की किसी तरह घर पहुंची और उसने अपने माता पिता से आपबीती बताई। उसके अभिभावक ने सेक्टर 24 के थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिनकी पहचान हिमांशु शर्मा, राहुल आर्य और सुनील के रूप में हुई है। दो अन्य आरोपी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने तलाशी अभियान छेड़ दिया है। पीड़िता की मेडिकल जांच की जा रही है।
पांचों व्यक्तियों ने लड़की को सेक्टर 51 में गिझोड़ में छोड़ दिया। लड़की किसी तरह घर पहुंची और उसने अपने माता पिता से आपबीती बताई। उसके अभिभावक ने सेक्टर 24 के थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिनकी पहचान हिमांशु शर्मा, राहुल आर्य और सुनील के रूप में हुई है। दो अन्य आरोपी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने तलाशी अभियान छेड़ दिया है। पीड़िता की मेडिकल जांच की जा रही है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिनकी पहचान हिमांशु शर्मा, राहुल आर्य और सुनील के रूप में हुई है। दो अन्य आरोपी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने तलाशी अभियान छेड़ दिया है। पीड़िता की मेडिकल जांच की जा रही है। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली से सटे नोएडा में पांच लोगों ने सेक्टर 12 में बस स्टैंड के समीप खड़ी 17 साल की एक लड़की को कथित रूप से अपनी कार में खींच लिया और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली को मंगलवार को यहां की एक अदालत ने 13 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। सूरज को अभिनेत्री जिया खान आत्महत्या मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी एक वकील ने दी।
सूरज पंचोली के वकील जमीर खान ने कहा, "हम शुरू से ही पुलिस को जांच में सहयोग दे रहे हैं। हम उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं और हमने सूरज का लैपटाप, फोन और आईपैड पुलिस को सौंप दिया है।"
सूरज को दंडाधिकारी के सामने पेश किए जाने के तुरंत बाद उनके अधिवक्ता ने कहा, "वह 13 जून तक हिरासत में रहेंगे। अभी तक आरोप पत्र दायर नहीं किया गया है।"टिप्पणियां
जिया को कथित रूप से आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के लिए विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
जिया खान के परिवार के लोगों द्वारा मृतका के हाथ का लिखा एक नोट पुलिस को सौंपे जाने के महज दो दिन बाद ही गिरफ्तारी की गई। जिया के 3 जून को आत्महत्या कर लेने के तीन दिन बाद उसके परिजनों ने उसका हस्तलिखित नोट खोज निकाला।
सूरज पंचोली के वकील जमीर खान ने कहा, "हम शुरू से ही पुलिस को जांच में सहयोग दे रहे हैं। हम उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं और हमने सूरज का लैपटाप, फोन और आईपैड पुलिस को सौंप दिया है।"
सूरज को दंडाधिकारी के सामने पेश किए जाने के तुरंत बाद उनके अधिवक्ता ने कहा, "वह 13 जून तक हिरासत में रहेंगे। अभी तक आरोप पत्र दायर नहीं किया गया है।"टिप्पणियां
जिया को कथित रूप से आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के लिए विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
जिया खान के परिवार के लोगों द्वारा मृतका के हाथ का लिखा एक नोट पुलिस को सौंपे जाने के महज दो दिन बाद ही गिरफ्तारी की गई। जिया के 3 जून को आत्महत्या कर लेने के तीन दिन बाद उसके परिजनों ने उसका हस्तलिखित नोट खोज निकाला।
सूरज को दंडाधिकारी के सामने पेश किए जाने के तुरंत बाद उनके अधिवक्ता ने कहा, "वह 13 जून तक हिरासत में रहेंगे। अभी तक आरोप पत्र दायर नहीं किया गया है।"टिप्पणियां
जिया को कथित रूप से आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के लिए विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
जिया खान के परिवार के लोगों द्वारा मृतका के हाथ का लिखा एक नोट पुलिस को सौंपे जाने के महज दो दिन बाद ही गिरफ्तारी की गई। जिया के 3 जून को आत्महत्या कर लेने के तीन दिन बाद उसके परिजनों ने उसका हस्तलिखित नोट खोज निकाला।
जिया को कथित रूप से आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के लिए विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
जिया खान के परिवार के लोगों द्वारा मृतका के हाथ का लिखा एक नोट पुलिस को सौंपे जाने के महज दो दिन बाद ही गिरफ्तारी की गई। जिया के 3 जून को आत्महत्या कर लेने के तीन दिन बाद उसके परिजनों ने उसका हस्तलिखित नोट खोज निकाला।
जिया खान के परिवार के लोगों द्वारा मृतका के हाथ का लिखा एक नोट पुलिस को सौंपे जाने के महज दो दिन बाद ही गिरफ्तारी की गई। जिया के 3 जून को आत्महत्या कर लेने के तीन दिन बाद उसके परिजनों ने उसका हस्तलिखित नोट खोज निकाला। | यहाँ एक सारांश है:अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली को मंगलवार को यहां की एक अदालत ने 13 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। सूरज को अभिनेत्री जिया खान आत्महत्या मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी एक वकील ने दी। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) के बारे में कहा जाता है कि चुनाव के वक्त वह सियासी माहौल को बीजेपी(BJP) के पक्ष में किसी भी तरह से मोड़ने के लिए ऐसे कूटनीतिक बयानों का सहारा लेते हैं, जिनके निहितार्थ बड़े गहरे होते हैं और प्रभाव दूरगामी. किस वक्त पर कौन सा बयान देकर विपक्ष का आत्मविश्वास डाउन किया जाए, इस सियासी कौशल में विरोधी भी उन्हें माहिर मानते हैं. एक बार फिर यह दिखा पश्चिम बंगाल में. जब पीएम मोदी ने ममता बनर्जी की पार्टी के 40 विधायकों के कांग्रेस में होने का दावा कर न केवल पश्चिम बंगाल(West Bengal) में सियासी तूफान पैदा कर दिया, बल्कि तृणमूल कांग्रेस(Trinamool Congress) में भी हलचल पैदा कर दी. आननफान में तृणमूल कांग्रेस को भी बयान जारी करना पड़ गया कि विधायक तो छोडिए पार्षद तक बीजेपी के संपर्क में नहीं हैं. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(Mamata Banerjee) को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनके विधायक लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उन्हें छोड़ देंगे और उनमें से 40 पहले से ही उनके संपर्क में हैं.
पीएम मोदी के बयान पर तृणमूल कांग्रेस ने गहरी नाराजगी जाहिर की. बीजेपी पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया, मगर बीजेपी के नेताओं ने मोदी के बयान का समर्थन किया और कहा कि सात चरण के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य सरकार गिर जाएगी. मोदी ने हुगली जिले में एक चुनावी रैली में कहा, "जब 23 मई के बाद बंगाल में हर जगह कमल खिल जाएगा, तो दीदी (बनर्जी) आप देखेंगी कि आपके विधायक भी आपको छोड़ देंगे और भाग जाएंगे। आपके विधायकों में से 40 आज भी मेरे संपर्क में हैं."उन्होंने कहा, "अपने आप को बचाना आपके लिए कठिन होगा. आपने बंगाल के लोगों को धोखा दिया है."
तृणमूल प्रवक्ता और राज्यसभा के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उनकी पार्टी मोदी को खरीद-फरोख्त के आरोप में चुनाव आयोग में खींचेगी.हालांकि, उन्होंने मोदी के बयान को भी गलत बताया, और दावा किया कि कोई भी उनके साथ नहीं जाएगा.उन्होने ट्वीट कर कहा, "एक्सपायरी बाबू पीएम, सीधे हो जाओ. कोई भी तुम्हारे साथ नहीं जाएगा. एक पार्षद भी नहीं. क्या आप चुनाव प्रचार या हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे हैं? आपकी एक्सपायरी डेट नजदीक है. आज हम चुनाव आयोग से शिकायत कर रहे हैं। आप पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप है." लेकिन भाजपा सचिव राहुल सिन्हा ने मोदी की टिप्पणियों का समर्थन किया और कहा कि तृणमूल के कई नेताओं के साथ-साथ राज्य के वरिष्ठ और पुलिस अधिकारी भी उनकी पार्टी के संपर्क में हैं.
सिन्हा ने बताया, "हमने पहले कहा है कि तृणमूल के कई नेता हमारे संपर्क में हैं। आप देखेंगे कि 23 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद तृणमूल कांग्रेस में दरारें आएंगी। उनमें से कई हमारी पार्टी में चले जाएंगे."उन्होंने कहा, "इसके अलावा कई वरिष्ठ राज्य अधिकारी और पुलिस अधिकारी जो अब राज्य के सत्तारूढ़ शासन के लिए काम करने के लिए मजबूर हैं, वे भी हमें बुला रहे हैं और कह रहे हैं कि वे अपनी नौकरियों की रक्षा के लिए ऐसा करने के लिए मजबूर हैं. मतदान के परिणाम के बाद चीजें बदल जाएंगी."
भाजपा के प्रदेश सचिव रितेश तिवारी ने सिन्हा का समर्थन किया.तिवारी ने बताया, "भाजपा 42 सीटों पर बहुमत हासिल करेगी. और तृणमूल सरकार गिर जाएगी, क्योंकि पार्टी ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी. तृणमूल में कुछ अच्छे लोग हैं. वे हमारे साथ जुड़ेंगे. उनके विधायकों के बीच कुछ अच्छे व्यक्ति भी हैं, जो हमारे पक्ष में होंगे."तृणमूल विधायक अर्जुन सिंह, जो भाजपा में शामिल हो गए और अब बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र से भगवा पार्टी के उम्मीदवार हैं, ने एक महीने पहले कहा था कि सत्तारूढ़ दल के 100 विधायक भाजपा में 'जल्द' शामिल होंगे.भाटपार के चार बार के विधायक ने 27 मार्च को मीडियाकर्मियों को बताया कि कुछ विधायक आने वाले आम चुनावों से पहले भगवा पार्टी के पाले में आ जाएंगे, जबकि चुनाव के बाद और भी कई साथ आएंगे. उन्होंने कहा कि विधायक भाजपा नेताओं के साथ नियमित संपर्क में हैं. | संक्षिप्त सारांश: पीएम मोदी ने कहा- तृणमूल के 40 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं
पीएम मोदी के इस बयान से पश्चिम बंगाल की सियासत गरमाई
हरकत में आई ममता बनर्जी की पार्टी ने बयान जारी कर साधा निशाना | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग के चौथे सत्र के लिये आठ और नौ जनवरी को होने वाली खिलाड़ियों की बहुप्रतीक्षित नीलामी में भारतीयों के बजाय आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और इंग्लैंड के क्रिकेटरों को लेकर अधिक दांवपेंच चलने की संभावना है, क्योंकि भारत के केवल 49 खिलाड़ी ही दांव पर लगे हैं जिनका इन दो दिन के अंदर किसी फ्रेंचाइजी टीम से जुड़ना तय माना जा रहा है। पिछले तीन आईपीएल की तरह इस बार भी नीलामी में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहने की संभावना है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड और आईपीएल संचालन परिषद ने जिन 350 क्रिकेटरों को नीलामी की सूची में रखा है उनमें सर्वाधिक 74 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं। इनमें आईपीएल के पिछले सत्रों में शानदार प्रदर्शन करने वाले एडम गिलक्रिस्ट, एंड्रयू साइमंड्स, ब्रेट ली, शान मार्श और डर्क नानेस जैसे खिलाड़ी हैं, लेकिन आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग और उप कप्तान माइकल क्लार्क को सूची में नहीं रखा गया है। ऑस्ट्रेलिया के दो खिलाड़ियों महान लेग स्पिनर शेन वार्न और आलराउंडर शेन वाटसन को राजस्थान रायल्स ने पहले ही अपनी टीम में बरकरार रखा है। भारत के सात खिलाड़ियों महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना, मुरली विजय (तीनों चेन्नई सुपरकिंग्स), सचिन तेंदुलकर, हरभजन सिंह (दोनों मुंबई इंडियन्स), वीरेंद्र सहवाग (दिल्ली डेयरडेविल्स) और विराट कोहली (रायल चैलेंजर्स बेंगलूर) को ही उनकी टीमों ने बरकरार रखा, जबकि नीलामी के दिन 49 भारतीय खिलाड़ियों की बोली लगेगी। ऑस्ट्रेलिया के तीन खिलाड़ियों गिलक्रिस्ट, ली और मार्श की कीमत चार लाख डालर आंकी गई है, लेकिन इस मामले में इंग्लैंड सबसे आगे हैं जिसके छह खिलाड़ियों की इतनी मूल कीमत है। इंग्लैंड के कुल 39 खिलाड़ी दांव पर लगे होंगे, जिनमें जेम्स एंडरसन, केविन पीटरसन, स्टुअर्ट ब्राड, ग्रीम स्वान, ल्यूक राइट और माइकल यार्डी का आधार मूल्य चार लाख डालर है। न्यूजीलैंड के तीन जबकि दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और वेस्टइंडीज के दो-दो खिलाड़ियों को इस मूल्य वर्ग में रखा गया है। इनमें वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा भी शामिल हैं जो पहली बार आईपीएल में भाग लेंगे। ऑस्ट्रेलिया के बाद दक्षिण अफ्रीका के सर्वाधिक 53 खिलाड़ियों की बोली लगायी जाएगी, लेकिन इनमें केवल ग्रीम स्मिथ और ए बी डिविलियर्स ही चार लाख डालर के ब्रैकेट में हैं। श्रीलंका के 49 खिलाड़ियों की नीलामी होगी, जबकि न्यूजीलैंड के 30, वेस्टइंडीज के 28, बांग्लादेश के 18, जिम्बाब्वे के आठ तथा आयरलैंड और हालैंड के भी एक-एक खिलाड़ी की बोली लगाई जाएगी। श्रीलंका के महेला जयवर्धने और तिलकरत्ने दिलशान, वेस्टइंडीज के लारा और क्रिस गेल तथा न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी, ब्रैंडन मैकुलम और रोस टेलर का आधार मूल्य चार लाख डालर है। | सारांश: भारत के केवल 49 खिलाड़ी ही दांव पर लगे हैं जिनका इन दो दिन के अंदर किसी फ्रेंचाइजी टीम से जुड़ना तय माना जा रहा है। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: तमिल फिल्मों की अदाकारा रहीं केरोलीन मारिया असान को विमान नगर के एक पांच सितारा होटल से देर शाम जिस्मफरोशी के मामले में गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (अपराध शाखा) भानुप्रताप बार्गे ने बताया, ‘हमने एक जाल बिछाया और एक छद्म ग्राहक को भेजा। केरोलीन चेन्नई में काफी मशहूर हैं। उन्होंने ‘रेन’, ‘वडाचलम’ और अन्य फिल्मों में अदाकारा की भूमिका निभाई है।’
बार्गे के मुताबिक अदकारा ने चेन्नई और बेंगलुरू में हीरा एवं वस्त्र कंपनियों के लिए मॉडलिंग का कार्य भी किया है। उन्होंने बताया कि अदाकारा के खिलाफ विमान नगर पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है और उसके प्रबंधक एवं फिल्म स्टूडियो के मालिक एम राजकुमार (32) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (अपराध शाखा) भानुप्रताप बार्गे ने बताया, ‘हमने एक जाल बिछाया और एक छद्म ग्राहक को भेजा। केरोलीन चेन्नई में काफी मशहूर हैं। उन्होंने ‘रेन’, ‘वडाचलम’ और अन्य फिल्मों में अदाकारा की भूमिका निभाई है।’
बार्गे के मुताबिक अदकारा ने चेन्नई और बेंगलुरू में हीरा एवं वस्त्र कंपनियों के लिए मॉडलिंग का कार्य भी किया है। उन्होंने बताया कि अदाकारा के खिलाफ विमान नगर पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है और उसके प्रबंधक एवं फिल्म स्टूडियो के मालिक एम राजकुमार (32) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
बार्गे के मुताबिक अदकारा ने चेन्नई और बेंगलुरू में हीरा एवं वस्त्र कंपनियों के लिए मॉडलिंग का कार्य भी किया है। उन्होंने बताया कि अदाकारा के खिलाफ विमान नगर पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है और उसके प्रबंधक एवं फिल्म स्टूडियो के मालिक एम राजकुमार (32) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। | तमिल फिल्मों की अदाकारा रहीं केरोलीन मारिया असान को विमान नगर के एक पांच सितारा होटल से देर शाम जिस्मफरोशी के मामले में गिरफ्तार किया गया। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बुलंदशहर में बलात्कार की शिकायत लेकर थाने पहुंची एक 10 साल की दलित बच्ची को हवालात में बंद करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी।टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस बेंच ने इस मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। आज उत्तर प्रदेश सरकार को इस मामले से जुड़ी सारी जानकारी कोर्ट को सौंपनी है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने थाना प्रभारी समेत दो महिला कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया था। इस थाने की प्रमुख एक महिला सब−इंस्पेक्टर थीं। मामला मीडिया में आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की। बच्ची की शिकायत पर बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है और आरोपी की तलाश जारी है।
सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस बेंच ने इस मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। आज उत्तर प्रदेश सरकार को इस मामले से जुड़ी सारी जानकारी कोर्ट को सौंपनी है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने थाना प्रभारी समेत दो महिला कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया था। इस थाने की प्रमुख एक महिला सब−इंस्पेक्टर थीं। मामला मीडिया में आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की। बच्ची की शिकायत पर बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है और आरोपी की तलाश जारी है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने थाना प्रभारी समेत दो महिला कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया था। इस थाने की प्रमुख एक महिला सब−इंस्पेक्टर थीं। मामला मीडिया में आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की। बच्ची की शिकायत पर बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है और आरोपी की तलाश जारी है। | संक्षिप्त पाठ: बुलंदशहर में बलात्कार की शिकायत लेकर थाने पहुंची एक 10 साल की दलित बच्ची को हवालात में बंद करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लालू ने कहा कि बुधवार को भागलपुर में उजागर हुए जमीन घोटाला के लिए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि इस घोटाले में नीतीश कुमार भी शामिल रहे हैं. जब मामला लीक होने को था, तब जांच का नाटक किया गया. राजद नेता केदार राय की आज दानापुर में हुई हत्या पर अपनी प्रतिक्रिया में लालू ने कहा कि बिहार में चुन-चुनकर राजद के लोगों की हत्या की जा रही है.
लालू ने आरोप लगाया कि नीतीश राज में बड़े घोटाले हो रहे हैं. भागलपुर में हुआ जमीन घोटाला कई हजार करोड़ रुपये का है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका है. जब मामला लीक हो रहा था तो जांच का नाटक किया जा रहा है. लालू ने कहा, इस घोटाले के लिए सुशील मोदी जिम्मेदार हैं. वित्त मंत्री रहते सुशील मोदी ने 'सृजन' संस्था के माध्यम से घोटाला कराया. इसमें नीतीश कुमार की भी संलिप्तता है. कई अधिकारी भी शामिल रहे हैं.
लालू ने आरोप लगाया कि नीतीश राज में बड़े घोटाले हो रहे हैं. भागलपुर में हुआ जमीन घोटाला कई हजार करोड़ रुपये का है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका है. जब मामला लीक हो रहा था तो जांच का नाटक किया जा रहा है. लालू ने कहा, इस घोटाले के लिए सुशील मोदी जिम्मेदार हैं. वित्त मंत्री रहते सुशील मोदी ने 'सृजन' संस्था के माध्यम से घोटाला कराया. इसमें नीतीश कुमार की भी संलिप्तता है. कई अधिकारी भी शामिल रहे हैं. | लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार पर किया हमला
लालच पर नीतीश कुमार के लिए दिया बयान
लगाया घोटाले का आरोप | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बिहार में एनडीए के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग के मुद्दे पर जारी खींचतान खत्म हो गई. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को जदयू और लोजपा नेताओं के साथ बैठक की. इस बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे का ऐलान किया गया. सूत्रों के मुताबिक इस खींचतान को खत्म करने में केंद्रीय वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 2013 के बाद वे पहली बार पार्टी के लिए अपनी पुरानी 'संकटमोचक' की भूमिका में नजर आए. सूत्रों के अनुसार, 'बिहार के नेताओं से भलीभांति परिचित' अरुण जेटली ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को रामविलास पासवान की पार्टी को 6 लोकसभा सीटों के अलावा 1 राज्यसभा सीट देने के लिए तैयार किया. इससे पहले पिछले हफ्ते भी सीट शेयरिंग के मुद्दे पर अरुण जेटली और रामविलास पासवान के बीच करीब घंटे भर लंबी मीटिंग चली थी.
आपको बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सीट बंटवारे की घोषणा करते हुए कहा कि बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 17 पर भाजपा, 17 पर जदयू और छह पर लोक जनशक्ति पार्टी चुनाव लड़ेगी. हालांकि, किस पार्टी को कौन सी सीट दी जाएगी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है. शाह ने कहा कि इस मुद्दे पर तीनों दलों के नेता एक बार फिर साथ बैठकर चर्चा करेंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीतीश कुमार ने कहा, 'अब तय हो गया है कि हम सब मिलकर काम करेंगे और किसी भी मुद्दे पर बैठकर बात करेंगे. राम विलास पासवान राज्यसभा जाएंगे. जहां भी पहले चुनाव होगा, वहीं से उन्हें राज्य सभा भेजा जाएगा. बीजेपी का धन्यवाद कि उन्होंने पासवान की इच्छा का ध्यान रखेगा. 2009 में बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन था, तब पूरे देश में सिर्फ बिहार में ही एनडीए को 40 में से 32 सीटें मिली थी. इस बार उम्मीद है कि 2014 से ही नहीं बल्कि 2009 से भी बेहतर नतीजे आएंगे.' वहीं रामविलास पासवान ने कहा कि अमित शाह, नीतीश कुमार और अरुण जेटली का धन्यवाद. हमें समझौता सम्मानजनक होने की उम्मीद थी. | संक्षिप्त पाठ: बिहार एनडीए में जारी खींचतान खत्म
अरुण जेटली ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
सीट बंटवारे के मुद्दे पर बनाई सहमति | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टेनिस दिग्गज लिएंडर पेस और साकेत मायनेनी की जोड़ी शनिवार को दिल्ली लॉन टेनिस संघ (डीएलटीए) के आरके खन्ना स्टेडियम में हुए डेविस कप विश्व ग्रुप प्लेऑफ मुकाबले में राफेल नडाल और मार्क लोपेज की स्पेनिश जोड़ी ने हरा दिया. इस जीत के साथ स्पेन ने भारत के खिलाफ मुकाबला सीधे-सीधे 3-0 से जीत लिया, जिसके बाद रिवर्स एकल मुकाबले खेलने की जरूरत नहीं रह गई.
कलाई में चोट के चलते शुक्रवार को निर्धारित पहले एकल वर्ग के मैच में नहीं उतर सके स्टार खिलाड़ी नडाल युगल मुकाबले में उतरे, जिसका भारतीय दर्शकों ने जमकर लुत्फ उठाया. घरेलू दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में पेस-मायनेनी ने पहला सेट जीतकर मैच की शानदार शुरुआत की.
उन्होंने पहला सेट आसानी से 6-4 से अपने नाम कर लिया. लेकिन नडाल-लोपेज ने दूसरे सेट में जबरदस्त संघर्ष किया और टाईब्रेकर में 7-6 से जीत हासिल कर 1-1 से बराबरी कर ली. हालांकि भारतीय जोड़ी तीसरा सेट जल्द ही 4-6 से हार गई और स्पेनिश जोड़ी को 2-1 की बढ़त मिल गई. टिप्पणियां
चौथे सेट में फिर से भारतीय जोड़ी ने दमदार संघर्ष किया और एक समय 3-0 की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन यहां से नडाल ने कमान संभाला और भारतीय जोड़ी को एकमात्र गेम जीतने का मौका देते हुए पांच गेम अपने नाम किए. नेट पर आगे आकर खेल रही भारतीय जोड़ी यहां मात खा गई और स्पेन की ओर से नडाल और लोपेज ने दोनों ने ही कुछ अच्छे शॉट लगाकर मैच अपने नाम कर लिया. भारतीय जोड़ी यह मुकाबला 6-4, 7-6, 4-6, 4-6 से हारी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कलाई में चोट के चलते शुक्रवार को निर्धारित पहले एकल वर्ग के मैच में नहीं उतर सके स्टार खिलाड़ी नडाल युगल मुकाबले में उतरे, जिसका भारतीय दर्शकों ने जमकर लुत्फ उठाया. घरेलू दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में पेस-मायनेनी ने पहला सेट जीतकर मैच की शानदार शुरुआत की.
उन्होंने पहला सेट आसानी से 6-4 से अपने नाम कर लिया. लेकिन नडाल-लोपेज ने दूसरे सेट में जबरदस्त संघर्ष किया और टाईब्रेकर में 7-6 से जीत हासिल कर 1-1 से बराबरी कर ली. हालांकि भारतीय जोड़ी तीसरा सेट जल्द ही 4-6 से हार गई और स्पेनिश जोड़ी को 2-1 की बढ़त मिल गई. टिप्पणियां
चौथे सेट में फिर से भारतीय जोड़ी ने दमदार संघर्ष किया और एक समय 3-0 की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन यहां से नडाल ने कमान संभाला और भारतीय जोड़ी को एकमात्र गेम जीतने का मौका देते हुए पांच गेम अपने नाम किए. नेट पर आगे आकर खेल रही भारतीय जोड़ी यहां मात खा गई और स्पेन की ओर से नडाल और लोपेज ने दोनों ने ही कुछ अच्छे शॉट लगाकर मैच अपने नाम कर लिया. भारतीय जोड़ी यह मुकाबला 6-4, 7-6, 4-6, 4-6 से हारी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने पहला सेट आसानी से 6-4 से अपने नाम कर लिया. लेकिन नडाल-लोपेज ने दूसरे सेट में जबरदस्त संघर्ष किया और टाईब्रेकर में 7-6 से जीत हासिल कर 1-1 से बराबरी कर ली. हालांकि भारतीय जोड़ी तीसरा सेट जल्द ही 4-6 से हार गई और स्पेनिश जोड़ी को 2-1 की बढ़त मिल गई. टिप्पणियां
चौथे सेट में फिर से भारतीय जोड़ी ने दमदार संघर्ष किया और एक समय 3-0 की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन यहां से नडाल ने कमान संभाला और भारतीय जोड़ी को एकमात्र गेम जीतने का मौका देते हुए पांच गेम अपने नाम किए. नेट पर आगे आकर खेल रही भारतीय जोड़ी यहां मात खा गई और स्पेन की ओर से नडाल और लोपेज ने दोनों ने ही कुछ अच्छे शॉट लगाकर मैच अपने नाम कर लिया. भारतीय जोड़ी यह मुकाबला 6-4, 7-6, 4-6, 4-6 से हारी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चौथे सेट में फिर से भारतीय जोड़ी ने दमदार संघर्ष किया और एक समय 3-0 की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन यहां से नडाल ने कमान संभाला और भारतीय जोड़ी को एकमात्र गेम जीतने का मौका देते हुए पांच गेम अपने नाम किए. नेट पर आगे आकर खेल रही भारतीय जोड़ी यहां मात खा गई और स्पेन की ओर से नडाल और लोपेज ने दोनों ने ही कुछ अच्छे शॉट लगाकर मैच अपने नाम कर लिया. भारतीय जोड़ी यह मुकाबला 6-4, 7-6, 4-6, 4-6 से हारी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: पेस-मायनेनी ने पहला सेट जीतकर मैच की शानदार शुरुआत की
नडाल-लोपेज ने दूसरे सेट में जबरदस्त संघर्ष किया
भारतीय जोड़ी तीसरा सेट जल्द ही 4-6 से हार गई | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दरभंगा में 'मोदी चौक' को लेकर हुई हत्या का मामला भले ही जमीन विवाद में बदलता दिखाई दे रहा हो लेकिन कुछ सवाल अब भी पुलिस के सामने खड़े हैं. मसलन घायल कमलदेव यादव उर्फ भोला यादव के बयान पर प्राथमिकी दर्ज़ न कर पुलिस ने घर की महिला के बयान पर प्राथमिकी दर्ज़ क्यों की? जबकि पीड़ित कमलदेव बोलने की स्थिति में हैं और घटना के समय भी पुलिस को अपना बयान दर्ज़ कराया था. दूसरा सवाल जब घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है तो पुरानी जमीन की रंजिश पर पुलिस का ध्यान केंद्रित क्यों हैं? तीसरा सवाल क्या जमीन विवाद रहते उस शख्स की किसी दूसरी वजहों से हत्या नहीं हो सकती? चौथा सवाल, अगर जमीन को लेकक विवाद पुराना था तो हत्या अब क्यों की गई? आखिर हत्या के दिन हुआ क्या था? पांचवा सवाल, घर की महिला के बयान पर प्राथमिकी दर्ज़ क्यों गई जबकि घटना में घायल एक शख्स जिंदा है और बोलने की स्थिति में है.
पुलिस के अनुसार, बिहार के दरभंगा जिले के सदर थाना क्षेत्र में दरभंगा के भदवा गांव निवासी व भाजपा कार्यकर्ता कमलदेव यादव उर्फ भोला यादव ने दो वर्ष पूर्व अपने घर के समीप स्थित एक चौक का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रख दिया और वहां 'मोदी चौक' का एक बोर्ड लगा दिया. इससे गांव के ही कुछ लोग नाराज थे. बता दें कि कमलदेव यादव के एक और भाई हैं तेजनारायण यादव हैं, जो अभी पंचायत स्तर के नेता हैं. टिप्पणियां
आरोप ये लगाया गया कि 'मोदी चौक' नाम रखने से नाराज से लाठी-डंडे व तलवार से लैस करीब दो दर्जन लोगों ने गुरुवार की रात कमलेश के घर पर हमला बोल दिया. इस हमले में कमलदेव के पिता रामचंद्र यादव (61) की तलवार से काटकर हत्या कर दी गई, जबकि कमलेश गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को बताया कि घायल अवस्था में कमलदेव यादव और रामचंद्र यादव को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में भर्ती कराया गया, जहां रामचंद्र यादव मृत करार दिये गये और कमलदेव उर्फ भोला यादव का इलाज चल रहा है.
पुलिस के अनुसार, बिहार के दरभंगा जिले के सदर थाना क्षेत्र में दरभंगा के भदवा गांव निवासी व भाजपा कार्यकर्ता कमलदेव यादव उर्फ भोला यादव ने दो वर्ष पूर्व अपने घर के समीप स्थित एक चौक का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रख दिया और वहां 'मोदी चौक' का एक बोर्ड लगा दिया. इससे गांव के ही कुछ लोग नाराज थे. बता दें कि कमलदेव यादव के एक और भाई हैं तेजनारायण यादव हैं, जो अभी पंचायत स्तर के नेता हैं. टिप्पणियां
आरोप ये लगाया गया कि 'मोदी चौक' नाम रखने से नाराज से लाठी-डंडे व तलवार से लैस करीब दो दर्जन लोगों ने गुरुवार की रात कमलेश के घर पर हमला बोल दिया. इस हमले में कमलदेव के पिता रामचंद्र यादव (61) की तलवार से काटकर हत्या कर दी गई, जबकि कमलेश गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को बताया कि घायल अवस्था में कमलदेव यादव और रामचंद्र यादव को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में भर्ती कराया गया, जहां रामचंद्र यादव मृत करार दिये गये और कमलदेव उर्फ भोला यादव का इलाज चल रहा है.
आरोप ये लगाया गया कि 'मोदी चौक' नाम रखने से नाराज से लाठी-डंडे व तलवार से लैस करीब दो दर्जन लोगों ने गुरुवार की रात कमलेश के घर पर हमला बोल दिया. इस हमले में कमलदेव के पिता रामचंद्र यादव (61) की तलवार से काटकर हत्या कर दी गई, जबकि कमलेश गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को बताया कि घायल अवस्था में कमलदेव यादव और रामचंद्र यादव को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में भर्ती कराया गया, जहां रामचंद्र यादव मृत करार दिये गये और कमलदेव उर्फ भोला यादव का इलाज चल रहा है. | संक्षिप्त पाठ: जमीन विवाद में की गई हत्या
सुशील मोदी ने भी किया था ट्वीट
पहले 'मोदी चौक' के नाम पर हत्या की आई थी बात सामने | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: युवा बल्लेबाज विराट कोहली ने जोरदार अर्धशतकीय पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए अपना दावा मजबूत किया तथा क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अध्यक्ष एकादश के खिलाफ बारिश से प्रभावित अभ्यास मैच में भारत को शुरुआती झटकों से उबारा। बारिश के कारण इस तीन दिवसीय मैच के पहले दिन केवल 50 ओवर का खेल ही हो पाया। भारत ने दिन का खेल समाप्त होने पर चार विकेट पर 162 रन बनाए। कोहली अब भी 55 रन बनाकर खेल रहे हैं, जबकि भारतीय बल्लेबाजी लाइनअप में उनके साथ छठे स्थान के दूसरे दावेदार रोहित शर्मा 38 रन बनाकर क्रीज पर हैं। भारत का स्कोर एक समय चार विकेट 84 रन था, जिसके बाद इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए अब तक 78 रन जोड़े हैं। भारत के अनुभवी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (12), गौतम गंभीर (24) और वीवीएस लक्ष्मण (15) ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए, जबकि अजिंक्या रहाणे (15) भी चयनकर्ताओं को प्रभावित करने में नाकाम रहे। ऑस्ट्रेलिया के बायें हाथ के युवा तेज गेंदबाज जैसन बेरनडोर्फ भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने अब तक नौ ओवर में आठ रन देकर एक विकेट लिया है। रविवार रात बारिश के कारण लंच के बाद ही खेल शुरू हो पाया। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सहवाग का विकेट जल्द ही गंवा दिया। उन्होंने पीटर जॉर्ज की गेंद को गली की तरफ खेला, जहां एलेक्स डूलान ने जमीन से थोड़ा ऊपर उसे खूबसूरत कैच में बदला। इसके बाद जब खेल शुरू हुआ, तो जोस लालोर ने पहले ओवर में ही रहाणे को उस्मान ख्वाजा के हाथों कैच करा दिया। बारिश के कारण खेल रुकने के समय उनके साथ नाबाद रहे गंभीर भी रहाणे की तरह अपने पिछले स्कोर में कोई इजाफा नहीं कर पाए तथा बेरनडोर्फ की गेंद पर बोल्ड होकर पैवेलियन लौटे। बेरनडोर्फ की गेंद इससे पहले गंभीर की अंगुलियों पर भी लगी थी, जिससे वह दर्द से कराह उठे थे। उन्हें इसके लिए तुरंत ही चिकित्सकीय मदद लेनी पड़ी। उन्हें इसके अलावा डग बोलिंजर और जार्ज ने भी कुछ अवसरों पर परेशान किया। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर हमेशा हावी रहने वाले लक्ष्मण ने शुरू में संभलकर बल्लेबाजी की और इस बीच 12 ओवर तक विकेट नहीं गिरा। यह कलात्मक बल्लेबाज हालांकि बायें हाथ के स्पिनर जॉन हालैंड के जाल में फंस गया, जिन्होंने उनकी गिल्लियां बिखेरी। तब तक पिच से नमी कम हो चुकी थी और कोहली ने इसका पूरा फायदा उठाकर कुछ आकर्षक शॉट लगाए। उन्होंने अब तक अपनी पारी में 10 चौके लगाए हैं, जबकि रोहित ने पांच चौके और एक छक्का जमाया है। इस बीच, सबकी निगाहें भारतीय तेज गेंदबाजी के अगुआ जहीर खान पर टिकी हैं, जो चोटिल होने के कारण पांच महीने तक बाहर रहने के बाद वापसी कर रहे हैं। भारतीय टीम ने इस मैच के लिए जिन 13 खिलाड़ियों को चुना है, उनमें सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ तथा तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और विनय कुमार शामिल नहीं हैं। यह प्रथम श्रेणी मैच नहीं है और इसमें दोनों टीमें 13-13 खिलाड़ियों का उपयोग कर सकती हैं, लेकिन केवल 11 खिलाड़ी ही बल्लेबाजी कर पाएंगे। अध्यक्ष एकादश की टीम में डेविड वार्नर, उस्मान ख्वाजा, फिलिप ह्यूज और बोलिंजर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। | सारांश: बारिश के कारण तीन दिवसीय मैच के पहले दिन 50 ओवर का खेल ही हो पाया। भारत ने दिन का खेल समाप्त होने पर चार विकेट पर 162 रन बनाए। | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई की हाजी अली दरगाह के ट्रस्टियों ने दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
अपने इस नियम के पीछे उनका तर्क है कि इस्लाम में महिलाओं का प्रवेश अस्वीकार्य है। इसी के साथ ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि उनका यह फैसला अंतिम है।
ट्रस्ट ने कहा है महिलाएं दरगाह परिसर में आ सकती हैं, लेकिन जिस स्थान पर पवित्र कब्र है वहां उनके जाने पर प्रतिबंध रहेगा। यह कब्र 15 वीं सदी के सूफी संत पीर हाजी अली शाह बुखारी की है।टिप्पणियां
जाने-माने वकील और दरगाह के एक ट्रस्टी रिजवान मर्चेंट ने कहा कि हमने अपनी बहनों से आग्रह किया है कि वे कब्र के करीब न जाएं। वे पूर्व के भांति अपनी प्रार्थना, नमाज और शाल तथा फूल अर्पित कर सकती हैं।
गौरतलब है कि मुंबई तट से करीब 500 मीटर पानी के भीतर अरब सागर में यह दरगाह स्थित है।
अपने इस नियम के पीछे उनका तर्क है कि इस्लाम में महिलाओं का प्रवेश अस्वीकार्य है। इसी के साथ ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि उनका यह फैसला अंतिम है।
ट्रस्ट ने कहा है महिलाएं दरगाह परिसर में आ सकती हैं, लेकिन जिस स्थान पर पवित्र कब्र है वहां उनके जाने पर प्रतिबंध रहेगा। यह कब्र 15 वीं सदी के सूफी संत पीर हाजी अली शाह बुखारी की है।टिप्पणियां
जाने-माने वकील और दरगाह के एक ट्रस्टी रिजवान मर्चेंट ने कहा कि हमने अपनी बहनों से आग्रह किया है कि वे कब्र के करीब न जाएं। वे पूर्व के भांति अपनी प्रार्थना, नमाज और शाल तथा फूल अर्पित कर सकती हैं।
गौरतलब है कि मुंबई तट से करीब 500 मीटर पानी के भीतर अरब सागर में यह दरगाह स्थित है।
ट्रस्ट ने कहा है महिलाएं दरगाह परिसर में आ सकती हैं, लेकिन जिस स्थान पर पवित्र कब्र है वहां उनके जाने पर प्रतिबंध रहेगा। यह कब्र 15 वीं सदी के सूफी संत पीर हाजी अली शाह बुखारी की है।टिप्पणियां
जाने-माने वकील और दरगाह के एक ट्रस्टी रिजवान मर्चेंट ने कहा कि हमने अपनी बहनों से आग्रह किया है कि वे कब्र के करीब न जाएं। वे पूर्व के भांति अपनी प्रार्थना, नमाज और शाल तथा फूल अर्पित कर सकती हैं।
गौरतलब है कि मुंबई तट से करीब 500 मीटर पानी के भीतर अरब सागर में यह दरगाह स्थित है।
जाने-माने वकील और दरगाह के एक ट्रस्टी रिजवान मर्चेंट ने कहा कि हमने अपनी बहनों से आग्रह किया है कि वे कब्र के करीब न जाएं। वे पूर्व के भांति अपनी प्रार्थना, नमाज और शाल तथा फूल अर्पित कर सकती हैं।
गौरतलब है कि मुंबई तट से करीब 500 मीटर पानी के भीतर अरब सागर में यह दरगाह स्थित है।
गौरतलब है कि मुंबई तट से करीब 500 मीटर पानी के भीतर अरब सागर में यह दरगाह स्थित है। | संक्षिप्त सारांश: अपने इस नियम के पीछे उनका तर्क है कि इस्लाम में महिलाओं का प्रवेश अस्वीकार्य है। इसी के साथ ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि उनका यह फैसला अंतिम है। | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अर्थव्यवस्था में सुस्ती के दौर के बीच शनिवार को कहा कि उद्योगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि मुश्किल समय गुजर जायेगा. गडकरी ने विदर्भ उद्योग संघ के 65वें स्थापना दिवस पर यहां कहा, 'मुझे पता है कि उद्योग काफी कठिन दौर से गुजर रहे है. हम वृद्धि दर बढ़ाना चाहते हैं.' उन्होंने कहा कि हाल ही में वह ऑटोमोबाइल निर्माताओं से मिले थे और वे कुछ चिंतित थे. उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे कहा, कभी खुशी होती है, कभी गम होता है. कभी आप सफल होते हैं और कभी आप असफल होते हैं. यही जीवन चक्र है.' वहीं दूसरी ओर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिये शनिवार को बाजार प्रोत्साहन के उपायों की तीसरी किस्त की घोषणा की. इसमें रीयल एस्टेट तथा निर्यात क्षेत्रों को कुल मिला कर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय मदद देने की योजनाएं शामिल हैं.
इनमें अधूरी आवास परियोजनाओं को पूरा करने के लिये वित्तपोषण मुहैया कराने हेतु एक कोष की स्थापना जैसी योजनाओं के लिये 30 हजार करोड़ रुपये के खर्च की योजनाएं भी शामिल हैं. सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार कम होकर छह साल के निचले स्तर पर आ गयी है. वित्तमंत्री की इस घोषणा का देश के उद्योग संगठनों, रीयल एस्टेट कंपनियों और निर्यातकों ने स्वागत किया है. सीतारमण ने राजधानी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्माण के आखिरी चरण में पहुंच चुकी साफ-सुथरी आवासीय परियोजनाओं को पूरा कराने में वित्तीय मदद के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का कोष बनाया जाएगा. इसमें करीब 10 हजार करोड़ रुपये सरकार मुहैया कराएगी तथा इतनी ही राशि अन्य स्रोतों से जुटायी जाएगी. इस योजना का लाभ उन्हीं परियोजनाओं को मिलेगा जो एनपीए घोषित नहीं हैं और न ही उनको ऋण समाधान के लिए एनसीएलटी के सुपुर्द किया गया है.
सरकार ने इससे पहले वाहन क्षेत्र की मदद, पूंजीगत लाभ कर में कमी और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए अतिरिक्त नकदी की सहायता जैसे उपायों की घोषणा की थी. अर्थव्यवस्था में निवेश को गति देने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों को अधिक उदार बनाने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के आपस में विलय के जरिए बड़े बैंक स्थापित करने के भी फैसले किए गए हैं. सरकार राजकोषीय स्थिति का नये सिरे से आकलन कर रही है, यह पूछे जाने पर सीतारमण ने कहा, 'यह (पांच प्रतिशत की वृद्धि दर) एक तिमाही की बात है लेकिन इसके बाद निश्चित ही हम इसपर गौर करने वाले हैं जो मैंने बजट में कहा उसके साथ इसका मिलान करने वाले हैं..और हम यह तय करेंगे कि हम किस जगह और किस स्तर पर हैं.' वित्त मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि वह वृद्धि दर के गिरकर पांच प्रतिशत पर आने की बात की कोई उपेक्षा नहीं कर रही हैं. | यह एक सारांश है: नितिन गडकरी को भरोसा
'बुरा वक्त निकल जाएगा'
'कभी खुशी होती है, कभी गम होता है' | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम दिए गए संबोधन के बाद विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ गई है. विपक्षी दलों ने नोटबंदी से परेशान लोगों के प्रति 'संवेदनशीलता' दिखाने में असफल रहने के लिए पीएम मोदी पर शनिवार को फिर हमला बोला, वहीं भाजपा ने कमजोर वर्गों के लिए श्रृंखलाबद्ध कल्याणकारी कदम घोषित करने के लिए उनकी प्रशंसा की.
कांग्रेस ने मोदी को उनके 'फीके' संबोधन के लिए आड़े हाथ लिया और उन्हें 'झूठे वादों' का सौदागर बताया. कांग्रेस ने इस बात पर हैरानी जताई कि उन्होंने यह क्यों नहीं उल्लेख किया कि सरकार ने नोटबंदी के जरिये गत 50 दिनों में कितने 'लाख करोड़ रुपये' का कालाधन और जाली नोट समाप्त करने में सफलता पाई.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री लोगों के कष्टों के प्रति कोई भी संवेदनशीलता दिखाने में पूरी तरह से असफल रहे क्योंकि व्यापक उम्मीदों के बावजूद वित्तीय पाबंदियों से कोई राहत की घोषणा नहीं की गई.
वाम दलों ने मोदी पर नोटबंदी से गरीबों और किसानों को उत्पन्न समस्याओं का समाधान करने में 'असफल' रहने के लिए हमला किया और उन पर उत्तर प्रदेश तथा कुछ अन्य राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए 'बजट भाषण' देने का आरोप लगाया. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, "करीब 45 मिनट के भाषण के दौरान अधिकतर समय वह एक प्रचारक की तरह बोले..यह एक बजट भाषण की तरह था."टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यद्यपि कल्याणकारी उपायों के लिए मोदी की प्रशंसा की और उन्हें देश के कमजोर वर्गों के लिए रास्ते खोलने की दिशा में एक 'बड़ा कदम' बताया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कांग्रेस ने मोदी को उनके 'फीके' संबोधन के लिए आड़े हाथ लिया और उन्हें 'झूठे वादों' का सौदागर बताया. कांग्रेस ने इस बात पर हैरानी जताई कि उन्होंने यह क्यों नहीं उल्लेख किया कि सरकार ने नोटबंदी के जरिये गत 50 दिनों में कितने 'लाख करोड़ रुपये' का कालाधन और जाली नोट समाप्त करने में सफलता पाई.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री लोगों के कष्टों के प्रति कोई भी संवेदनशीलता दिखाने में पूरी तरह से असफल रहे क्योंकि व्यापक उम्मीदों के बावजूद वित्तीय पाबंदियों से कोई राहत की घोषणा नहीं की गई.
वाम दलों ने मोदी पर नोटबंदी से गरीबों और किसानों को उत्पन्न समस्याओं का समाधान करने में 'असफल' रहने के लिए हमला किया और उन पर उत्तर प्रदेश तथा कुछ अन्य राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए 'बजट भाषण' देने का आरोप लगाया. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, "करीब 45 मिनट के भाषण के दौरान अधिकतर समय वह एक प्रचारक की तरह बोले..यह एक बजट भाषण की तरह था."टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यद्यपि कल्याणकारी उपायों के लिए मोदी की प्रशंसा की और उन्हें देश के कमजोर वर्गों के लिए रास्ते खोलने की दिशा में एक 'बड़ा कदम' बताया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री लोगों के कष्टों के प्रति कोई भी संवेदनशीलता दिखाने में पूरी तरह से असफल रहे क्योंकि व्यापक उम्मीदों के बावजूद वित्तीय पाबंदियों से कोई राहत की घोषणा नहीं की गई.
वाम दलों ने मोदी पर नोटबंदी से गरीबों और किसानों को उत्पन्न समस्याओं का समाधान करने में 'असफल' रहने के लिए हमला किया और उन पर उत्तर प्रदेश तथा कुछ अन्य राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए 'बजट भाषण' देने का आरोप लगाया. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, "करीब 45 मिनट के भाषण के दौरान अधिकतर समय वह एक प्रचारक की तरह बोले..यह एक बजट भाषण की तरह था."टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यद्यपि कल्याणकारी उपायों के लिए मोदी की प्रशंसा की और उन्हें देश के कमजोर वर्गों के लिए रास्ते खोलने की दिशा में एक 'बड़ा कदम' बताया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वाम दलों ने मोदी पर नोटबंदी से गरीबों और किसानों को उत्पन्न समस्याओं का समाधान करने में 'असफल' रहने के लिए हमला किया और उन पर उत्तर प्रदेश तथा कुछ अन्य राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए 'बजट भाषण' देने का आरोप लगाया. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, "करीब 45 मिनट के भाषण के दौरान अधिकतर समय वह एक प्रचारक की तरह बोले..यह एक बजट भाषण की तरह था."टिप्पणियां
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यद्यपि कल्याणकारी उपायों के लिए मोदी की प्रशंसा की और उन्हें देश के कमजोर वर्गों के लिए रास्ते खोलने की दिशा में एक 'बड़ा कदम' बताया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यद्यपि कल्याणकारी उपायों के लिए मोदी की प्रशंसा की और उन्हें देश के कमजोर वर्गों के लिए रास्ते खोलने की दिशा में एक 'बड़ा कदम' बताया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस का आरोप, पीएम पर लोगों के कष्टों के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई
व्यापक उम्मीदों के बावजूद वित्तीय पाबंदियों से कोई राहत नहीं दी
वाम दलों ने चुनावों को ध्यान में रखते हुए 'बजट भाषण' देने का आरोप लगाया | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अलकायदा सरगना आयमान-अल-जवाहिरी ने अरब प्रायद्वीप में अपने दूसरे नंबर के आतंकी साथी को अमेरिकी हितों पर बड़े हमले का हुक्म दिया था, जिसकी खुफिया जानकारी मिलने पर अमेरिका के कई दूतावासों एवं वाणिज्य दूतावासों को बंद किया गया।
पिछले सप्ताह जवाहिरी और यमन स्थित अलकायदा की इकाई के सरगना नासिर अल वुहायशी के बीच हुई बातचीत अमेरिकी खुफिया एजेंसी की पकड़ में आई। इससे खुलासा हुआ कि अलकायदा अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों पर 11 सितंबर, 2001 के हमले के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमले करने की तैयारी में हैं।टिप्पणियां
समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, जवाहिरी ने अलकायदा की यमनी इकाई के सरगना को आदेश दिया था कि पिछले रविवार से पहले तक हमला किया जाए। अखबार का कहना है कि दोनों आतंकियों की बातचीत में किसी स्थान विशेष का उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन हमले की प्रबल आशंका थी।
हमले की आशंका के मद्देनजर अमेरिका ने रविवार को पश्चिम एशिया में अपने 22 दूतावासों एवं वाणिज्य दूतावासों को बंद किया तथा बाद में इनमे से 19 दूतावासों को बंद करने की समयसीमा 10 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी।
पिछले सप्ताह जवाहिरी और यमन स्थित अलकायदा की इकाई के सरगना नासिर अल वुहायशी के बीच हुई बातचीत अमेरिकी खुफिया एजेंसी की पकड़ में आई। इससे खुलासा हुआ कि अलकायदा अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों पर 11 सितंबर, 2001 के हमले के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमले करने की तैयारी में हैं।टिप्पणियां
समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, जवाहिरी ने अलकायदा की यमनी इकाई के सरगना को आदेश दिया था कि पिछले रविवार से पहले तक हमला किया जाए। अखबार का कहना है कि दोनों आतंकियों की बातचीत में किसी स्थान विशेष का उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन हमले की प्रबल आशंका थी।
हमले की आशंका के मद्देनजर अमेरिका ने रविवार को पश्चिम एशिया में अपने 22 दूतावासों एवं वाणिज्य दूतावासों को बंद किया तथा बाद में इनमे से 19 दूतावासों को बंद करने की समयसीमा 10 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी।
समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, जवाहिरी ने अलकायदा की यमनी इकाई के सरगना को आदेश दिया था कि पिछले रविवार से पहले तक हमला किया जाए। अखबार का कहना है कि दोनों आतंकियों की बातचीत में किसी स्थान विशेष का उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन हमले की प्रबल आशंका थी।
हमले की आशंका के मद्देनजर अमेरिका ने रविवार को पश्चिम एशिया में अपने 22 दूतावासों एवं वाणिज्य दूतावासों को बंद किया तथा बाद में इनमे से 19 दूतावासों को बंद करने की समयसीमा 10 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी।
हमले की आशंका के मद्देनजर अमेरिका ने रविवार को पश्चिम एशिया में अपने 22 दूतावासों एवं वाणिज्य दूतावासों को बंद किया तथा बाद में इनमे से 19 दूतावासों को बंद करने की समयसीमा 10 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी। | यह एक सारांश है: समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, जवाहिरी ने अलकायदा की यमनी इकाई के सरगना को आदेश दिया था कि पिछले रविवार से पहले तक हमला किया जाए। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर (Tej Bahadur Yadav) का पीएम मोदी (PM Modi) के खिलाफ चुनाव लड़ने का मंसूबा ध्वस्त हो गया. चुनाव आयोग ने उनका नामांकन खारिज कर दिया है. बुधवार को नामंकन खारिज होने पर तेज बहादुर (Tej Bahadur Yadav) जहां एक तरफ ये कह रहे थे कि उनके खिलाफ साज़िश की गई है वहीं वो दूसरी तरफ ये भी कह रहे हैं कि नामांकन खारिज होने से वो चुनाव भले न लड़ पाए लेकिन उनकी आवाज़ कोई नहीं दबा सकता. अब वो बनारस रह कर ही मोदी को हारने के लिये सपा का प्रचार करेंगे. बनारस के जिला कचहरी में नामांकन भले ही ख़त्म हो गया हो लेकिन बुधवार के दिन यहां वैसी ही गहमा गहमी बानी रही इस गहमा गहमी की बड़ी वजह पहले निर्दलीय और बाद में सपा के प्रत्याशी रहे तेज बहादुर (Tej Bahadur Yadav) के नामांकन की वैधता को लेकर रही. तेज बहादुर (Tej Bahadur Yadav) भी अपने वकील के साथ तय समय पर जिला निर्वाचन अधिकारी के पास जवाब देने के लिये पहुंच गये थे. उन्होंने जवाब भी लगाया लेकिन शाम होते होते साफ़ हो गया कि उनका जवाब पर्याप्त नहीं था लिहाजा पर्चा खारिज हो गया. तेज बहादुर इसे अपने खिलाफ साज़िश बताते हैं " सुबह हमने 11 बजे जैसे ही जवाब दाखिल किया उसी के जस्ट थोड़ी देर बाद चुनाव आयोग से भी क्लियरेंस आ गया . उसके बाद भी हमें साढ़े तीन बजे तक बिठा कररखा गया सात से आठ बार पेपर को फाड़ा गया दिल्ली से आदेश आ रहा था की किसी भी तरह इस जवान का नामांकन रद्द किया जाए. अब हमें लास्ट में कहा कि जब आप दोनों ने नामांकन किया था तब चुनाव आयोग से परमिशन का लेटर नहीं दिया.
बीएसफ के बर्खास्त जवान को टिकट देकर समाजवादी पार्टी ने एक तीर से कई निशाने लगाए थे. उसमे से तीर का निशाना ये थी कि अगर तेज बहादुर का नामांकन वैलिड हो जाता और वो चुनाव मैदान में मोदी से दो दो हाथ करते तो उन्हें सेना के मुद्दे पर उन्ही के घर में घेरते और कहते कि ये लड़ाई असली चौकीदार बनाम नकली चौकीदार की है और जब अब नामांकन कैंसिल हो गया है. तो तेज बहादुर को दुसरे तीर की तरह इस्तेमाल कर अपने हर मंच से एक सिपाही के मुंह से जहां ये कहलवायेंगे कि उनका नामांकन साज़िशन खारिज कराया गया है तो दूसरी तरफ सेना के नाम पर वोट मांग रहे पीएम मोदी को एक जवान से जवाब दिला कर उनके इस मुहीम को हवा निकालने की कोशिश करेंगे. यानि तेज बहादुर को लेकर समाजवादी पार्टी के दोनों हांथों में लड्डू था.
गौरतलब है कि तेज बहादुर ने पहले निर्दलीय पर्चा भरा था उसमे उन्होंने सेना से अपने निकाले जाने के कारण को 'हां' के जवाब में भरा था और बाद में जब सपा से नामांकन किया तो उसमे उसी कालम में 'न' लिख दिया. फ़ार्म के स्क्रूटनी के दौरान इसी बात का स्पष्टीकरण मांगा गया साथ ही नियम का हवाला देते हुवे चुनाव आयोग से एक सर्टिफिकेट लाने को कहा गया जो तेज बहादुर नहीं दे पाए. जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि एक जो अभ्यर्थी थे तेज बहादुर उन्होंने दो नामांकन किया था. उनकी स्क्रूटनी को डेफर किया गया था, कोई भी व्यक्ति सेन्ट्रल गवर्मेंट या स्टेट गवर्मेंट में नौकरी कर रहा था उससे डिसमिस हुआ हो और उस डिसमिसिल की तारीख पांच साल के अंदर की हो ऐसे सभी केसेज में सेक्शन 9 के तहत कम्पलसरी है कि वो इलेक्शन कमीशन से एक लेटर लाएगा. जनप्रतिनिधित्व कानून के मुताबिक तो चुनाव आयोग से सर्टिफिकेट की जरूरत थी और इस प्रक्रिया को यहाँ पर पूरा नहीं किया गया हमने मौक़ा भी दिया 11 बजे तक का वो नहीं लाये तो सुनवाई के बाद उनका नामांकन निरस्त किया गया.
जिला निर्वाचन आयोग के इस दलील को तेज बहादुर और उनके वकील इस बात से खारिज करते है कि जब निर्दलीय पर्चा भरा गया था तब उसके बाद ऐसी कोई चीज क्यों नहीं मांगी गई समाजवादी पार्टी से भरने के बाड़ी ही क्यों. इसी वजह से इन्हे लग रहा है की कि राजनितिक षड्यंत्र हुआ है बहरहाल उनका पर्चा खारिज होने के बाद सामाजवादी पार्टी अब प्लान बी काम करेंगी उनकी दूसरी प्रत्याशी शालिनी यादव मोदी जो को टक्कर देंगी. जिनका नामांकन भी उसी दिन हुवा था . सपा के प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी इसे और स्पष्ट करते हैं " पहले से हमको अंदाज़ा था कि जो 56 इंच का सीना था उसको सिर्फ मुंह से बोलना है, बयानबीर है बीजेपी के लोग तो हम लोगों को लगा था कि अगर किसी और सहायक को नहीं रखा गया तो निश्चित रूप से खारिज कर देंगे ,तो हम लोगों ने एक और सहायक शालिनी यादव को अब पर्चे खारिज हो गये ( पैच ) तो सब्स्टीच्यूट उम्मीदवार के तौर पर शालिनी यादव का नाम पहले से था. | सारांश: पहले निर्दलीय मैदान में उतरे थे तेज बहादुर
बाद में समाजवादी पार्टी ने बनाया था उम्मीदवार
चुनाव आयोग ने खारिज किया नामांकन | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Healthy Liver: लीवर को हेल्दी रखने के लिए खाएं ये फूड्स, बीमारियों से रहेंगे दूर!
- मछली के तेल का सेवन हड्डियों को स्वस्थ रख सकता है. यह हड्डी संबंधी रोग ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) यानी कमजोर हड्डियों को ठीक करने में मदद कर सकता है. इसका सेवन आपकी हड्डियों के घनत्व यानी डेंसिटी को बढ़ाता है और हड्डियों के कम होते घनत्व को रोकने में मदद करता है. ओमेगा-3 फैटी एसिड मछली के तेल में मौजूद होता है.
- मछली के तेल के सेवन से वजन घटाया जा सकता है. एक शोध के मुताबिक, 6 ग्राम रोजाना मछली का तेल शरीर से अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद कर सकता है.
- फिश ऑयल सप्लीमेंट इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाकर टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. फिलहाल, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है.
- मछली के तेल के कैप्सूल त्वचा को बेहतर बनाकर आपकी सुंदरता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. इसमें मौजूद ओमेगा-3 पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) का उपयोग त्वचा के कई रोगों के इलाज और रोकथाम के लिए किया जा सकता है.
ओमेगा-3 के ज्यादा सेवन से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है और ब्लड के पतले हो जाने की समस्या भी हो सकती है.
Anti Ageing Diet: चेहरे के दाग-धब्बों, झुर्रियों को इन 5 सुपरफूड्स से करें दूर! हमेशा दिखें जवां
ओमेगा-3 का ज्यादा सेवन करने से आंतों से सम्बंधित समस्याएं भी हो सकती हैं. इसे सप्लीमेंट्स के रूप में लेने पर एसिडिटी, डकार आना, दस्त, पेट फूलना और सीने में जलन जैसी तकलीफें हो सकती हैं.
जानें इबोला वायरस क्या होता है, क्या हैं Ebola Virus के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स का सेवन बीपी को लो भी कर सकता है इसलिए ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोगों को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चीहिए.
ओमेगा-3 से भरपूर मछली के तेल से बनी दवाओं का सेवन करने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. डायबिटीज पेशेंट्स को ओमेगा-3 लेने में सावधानी बरतनी चाहिए.
वो जो 'नजरें चुराने लगे हैं', कहीं ''किसी और गली जाने लगे हैं...' 10 संकेत कि आपका साथी आपको चीट कर रहा है...
Remedies For Diabetes: सर्दियों में खाएं ये बस 4 चीजें, ड़ायबीटिज होगी कंट्रोल
पर्याप्त मात्रा में सेवन के बावजूद कई बार पाचन तंत्र में गड़बड़ी से चयापचय या अवशोषण में कमी होने के कारण ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी का जोखिम बढ़ जाता है. इसकी कमी से उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), हृदय रोग (Heart Disease), उच्च कॉलेस्ट्रॉल (High Cholesterol), डायबिटीज (Diabetes), अल्जाइमर जैसे रोग हो सकते हैं.
अस्वीकरण : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता. ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें. एनडीटीवी इस जानकारी की प्रमाणिकता की जिम्मेदारी नहीं लेता.
और खबरों के लिए क्लिक करें
Chakrasana Benefits: क्या हैं चक्रासन के फायदे, करने का तरीका और सावधानियां...
Back Pain Exercise: कमर दर्द से राहत दिलाएंगी ये 5 एक्सरसाइज! जानें और क्या हैं फायदे
Cancer: कैसे पहचानें कैंसर के लक्षण, जानें क्यों होता है कैंसर और क्या हैं इसके उपाय
Diabetes Diet: डायबिटीज के मरीज इन 5 फलों का जरूर करें सेवन!
Cold And Cough: बदलते मौसम की मार से बचना है तो अपनाएं ये 5 घरेलू नुस्खे, ये होंगे फायदे
Relationship Tips: ये 5 बातें बताती हैं कि आपका पार्टनर आपके अलावा किसी और के बारे में नहीं सोचता
Weight Loss: डाइटिंग के बिना भी घट सकता है वजन, करें बस ये काम | सारांश: ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने से क्या होते हैं नुकसान?
डिप्रेशन और एंग्जाइटी में फायदेमंद नहीं?
ओमेगा -3 सप्लीमेंट के तौर पर फिश ऑयल लिया जाता है. | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 54.95 अंकों की तेजी के साथ 18,774.24 पर तथा निफ्टी 11.75 अंकों की तेजी के साथ 5,667.65 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 23.49 अंकों की गिरावट के साथ सुबह 18,695.80 पर खुला और 54.95 अंकों यानी 0.29 फीसदी की तेजी के साथ 18,774.24 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,820.81 के ऊपरी और 18,615.14 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। ओएनजीसी (2.56 फीसदी), इंफोसिस (2.21 फीसदी), एनटीपीसी (2.11 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (2.05 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.91 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (8.06 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (4.20 फीसदी), सन फार्मा (1.85 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (0.80 फीसदी) और आरआईएल (0.66 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई ) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.00 अंकों की गिरावट के साथ 5,639.90 पर खुला और 11.75 अंकों यानी 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 5,667.65 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,686.15 के ऊपरी और 5,616.85 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,037.60 पर और स्मॉलकैप 20.77 अंकों की गिरावट के साथ 5,717.30 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों -सूचना प्रौद्योगिकी (1.43 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.11 फीसदी), वाहन (0.34 फीसदी), बिजली (0.27 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.17 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.45 फीसदी), रियल्टी (1.02 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.41 फीसदी), बैंकिंग (0.37 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.32 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 982 शेयरों में तेजी और 1342 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 138 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 23.49 अंकों की गिरावट के साथ सुबह 18,695.80 पर खुला और 54.95 अंकों यानी 0.29 फीसदी की तेजी के साथ 18,774.24 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,820.81 के ऊपरी और 18,615.14 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। ओएनजीसी (2.56 फीसदी), इंफोसिस (2.21 फीसदी), एनटीपीसी (2.11 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (2.05 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.91 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (8.06 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (4.20 फीसदी), सन फार्मा (1.85 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (0.80 फीसदी) और आरआईएल (0.66 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई ) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.00 अंकों की गिरावट के साथ 5,639.90 पर खुला और 11.75 अंकों यानी 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 5,667.65 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,686.15 के ऊपरी और 5,616.85 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,037.60 पर और स्मॉलकैप 20.77 अंकों की गिरावट के साथ 5,717.30 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों -सूचना प्रौद्योगिकी (1.43 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.11 फीसदी), वाहन (0.34 फीसदी), बिजली (0.27 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.17 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.45 फीसदी), रियल्टी (1.02 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.41 फीसदी), बैंकिंग (0.37 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.32 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 982 शेयरों में तेजी और 1342 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 138 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। ओएनजीसी (2.56 फीसदी), इंफोसिस (2.21 फीसदी), एनटीपीसी (2.11 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (2.05 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.91 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (8.06 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (4.20 फीसदी), सन फार्मा (1.85 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (0.80 फीसदी) और आरआईएल (0.66 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई ) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.00 अंकों की गिरावट के साथ 5,639.90 पर खुला और 11.75 अंकों यानी 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 5,667.65 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,686.15 के ऊपरी और 5,616.85 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,037.60 पर और स्मॉलकैप 20.77 अंकों की गिरावट के साथ 5,717.30 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों -सूचना प्रौद्योगिकी (1.43 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.11 फीसदी), वाहन (0.34 फीसदी), बिजली (0.27 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.17 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.45 फीसदी), रियल्टी (1.02 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.41 फीसदी), बैंकिंग (0.37 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.32 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 982 शेयरों में तेजी और 1342 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 138 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (8.06 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (4.20 फीसदी), सन फार्मा (1.85 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (0.80 फीसदी) और आरआईएल (0.66 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई ) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.00 अंकों की गिरावट के साथ 5,639.90 पर खुला और 11.75 अंकों यानी 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 5,667.65 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,686.15 के ऊपरी और 5,616.85 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,037.60 पर और स्मॉलकैप 20.77 अंकों की गिरावट के साथ 5,717.30 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों -सूचना प्रौद्योगिकी (1.43 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.11 फीसदी), वाहन (0.34 फीसदी), बिजली (0.27 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.17 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.45 फीसदी), रियल्टी (1.02 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.41 फीसदी), बैंकिंग (0.37 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.32 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 982 शेयरों में तेजी और 1342 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 138 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई ) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.00 अंकों की गिरावट के साथ 5,639.90 पर खुला और 11.75 अंकों यानी 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 5,667.65 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,686.15 के ऊपरी और 5,616.85 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,037.60 पर और स्मॉलकैप 20.77 अंकों की गिरावट के साथ 5,717.30 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों -सूचना प्रौद्योगिकी (1.43 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.11 फीसदी), वाहन (0.34 फीसदी), बिजली (0.27 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.17 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.45 फीसदी), रियल्टी (1.02 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.41 फीसदी), बैंकिंग (0.37 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.32 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 982 शेयरों में तेजी और 1342 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 138 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.06 अंकों की गिरावट के साथ 6,037.60 पर और स्मॉलकैप 20.77 अंकों की गिरावट के साथ 5,717.30 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों -सूचना प्रौद्योगिकी (1.43 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.11 फीसदी), वाहन (0.34 फीसदी), बिजली (0.27 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.17 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.45 फीसदी), रियल्टी (1.02 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.41 फीसदी), बैंकिंग (0.37 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.32 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 982 शेयरों में तेजी और 1342 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 138 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों -सूचना प्रौद्योगिकी (1.43 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.11 फीसदी), वाहन (0.34 फीसदी), बिजली (0.27 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.17 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.45 फीसदी), रियल्टी (1.02 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.41 फीसदी), बैंकिंग (0.37 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.32 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 982 शेयरों में तेजी और 1342 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 138 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.45 फीसदी), रियल्टी (1.02 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.41 फीसदी), बैंकिंग (0.37 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.32 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 982 शेयरों में तेजी और 1342 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 138 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 982 शेयरों में तेजी और 1342 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 138 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। | सारांश: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 54.95 अंकों की तेजी के साथ 18,774.24 पर तथा निफ्टी 11.75 अंकों की तेजी के साथ 5,667.65 पर बंद हुआ। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुनसान से दिख रहे डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के दफ्तर के भीतर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर एक बवंडर मचा है. काउंसिल के प्रेसिडेंट डॉ. दिब्येन्दु मजूमदार समेत 26 सदस्यों की मेंबरशिप पर विवाद है. काउंसिल के ही एक सदस्य और केरल डेंटल काउंसिल के प्रेसिडेंट शाज़ी जोसफ मजूमदार अपने कई साथियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की सोच रहे हैं.
वह कहते हैं, ''काउंसिल प्रेसिडेंट का रवैया तानाशाही भरा है. काउंसिल की मीटिंग साल में 2-3 बार ही होती है. प्रेसिडेंट (मजूमदार) एक्ज़िक्यूटिव कमेटी जो कि कुछ ही सदस्यों की है, उनके साथ मीटिंग कर सारे फैसले कर लेते हैं.'
डेंटल काउंसिल में भ्रष्टाचार और अमियमितताओं की ख़बरें पिछले कुछ वक्त में आती रही हैं. शाजी के वकील प्रशांत भूषण ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ये मामला बिल्कुल एमसीआई में पिछले कुछ सालों में हुए भ्रष्टाचार की तरह ही है. इस बारे में केंद्र सरकार ने भी अलग-अलग राज्य सरकारों और डेंटल काउंसिल को लिखा, लेकिन कुछ खास नहीं हुआ है.
डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. दिब्येन्दु मजूमदार
केंद्र सरकार की ओर से एक चिट्ठी झारखंड सरकार को इसी साल 29 जुलाई को लिखी गई. इस चिट्ठी में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र को बताया है कि डॉ डी मजूमदार कोलकाता यूनिवर्सिटीं में प्रोफेसर हैं और वहां से वेतन ले रहे हैं, लेकिन उन्होंने झारखंड में एक मानद टीचिंग पद ग्रहण किया है, जिसके लिए बंगाल सरकार से अनुमति नहीं ली गई है. चिट्ठी में लिखा है कि बंगाल सरकार डॉ मजूमदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात सोच रही है. केंद्र सरकार ने इस बारे में झारखंड सरकार से जवाब मांगा है, लेकिन प्रेसिडेंट समेत काउंसिल के जिन सदस्यों की मेंबरशिप को लेकर सवाल है, वह कहते हैं कि उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है.
29 जून को केंद्र सरकार द्वारा झारखंड सरकार को लिखी गई चिट्ठी
काउंसिल के सदस्य और एक्ज़िक्यूटिव कमेटी के मेंबर देवाशीष बनर्जी कहते हैं, "किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है. डॉ. मजूमदार झारखंड में जिस डेंटल कॉलेज में टीचिंग पद पर हैं, वह मानद पद है. वह कोई वेतन नहीं लेते. डॉ मजूमदार कई दूसरे विश्वविद्यालयों में इसी तरह मानद पदों पर है. मानद पद के लिए बंगाल सरकार को पहले बताने की जरूरत नहीं है जो कि डेंटल काउंसिल एक्ट को पढ़ने से साफ हो जाएगा. फिर भी डॉ मजूमदार ने इस पद को ग्रहण करने के बाद झारखंड सरकार को सूचित किया. मेरी और कई दूसरे सदस्यों की मेंबरशिप पर सवाल उठाया गया, लेकिन मेरी सदस्यता को कोर्ट में बरकरार रखा है. ये सब अपने हितों को साधने की कोशिश में लगे लोगों का काम है, जो हमें बदनाम कर रहे हैं."
लेकिन डेंटल काउंसिल पर सदस्यता में धांधली के अलावा भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. केरल, दिल्ली औऱ हैदराबाद उच्च न्यायलयों में इससे जुड़े मामले चल रहे हैं. 2012 में काउंसिल ने डेंटल कॉलेजों में एमडीएस की 1200 सीटें बढ़ाईं. आरोप हैं कि कई कॉलेज जहां पर्याप्त सुविधाएं और फैकल्टी नहीं है, वहां पैसा लेकर कोर्स चलाने की इजाजत दी गई. इस मामले में एक डेंटल कॉलेज ने डॉ मजूमदार के खिलाफ मुकदमा भी किया है.टिप्पणियां
काउंसिल के ही एक सदस्य और केरल डेंटल काउंसिल के डॉ. शाजी जोजफ कहते हैं, "इस भ्रष्टाचार से सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को है, जिनका इलाज इन कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टर करेंगे. अगर कॉलेजों में फैकल्टी नहीं है और मूलभूत ढांचा नहीं है तो आप समझ सकते हैं कि कैसे डॉक्टर वहां से निकलेंगे और अगर रिश्वत लेकर ऐसे कॉलेजों को चलने दिया जा रहा है, तो कॉलेज चलाने वाले छात्रों से ही वह पैसा वसूल करेंगे."
इस विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाइकोर्ट में होनी है. इस बीच शाजी जोसफ तमाम हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहे हैं. वह कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण उनकी मदद करेंगे. डेंटल काउंसिल के तहत देश भर में कुल 306 कॉलेज हैं, जिनमें सरकारी कॉलेजों की संख्या 50 से भी कम है. ऐसे में सवाल ये भी है कि प्राइवेट कॉलेजों का बढ़ता कारोबार भ्रष्टाचार के लिए जमीन तैयार करता है या यह कथित भ्रष्टाचार प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ा रहा है.
वह कहते हैं, ''काउंसिल प्रेसिडेंट का रवैया तानाशाही भरा है. काउंसिल की मीटिंग साल में 2-3 बार ही होती है. प्रेसिडेंट (मजूमदार) एक्ज़िक्यूटिव कमेटी जो कि कुछ ही सदस्यों की है, उनके साथ मीटिंग कर सारे फैसले कर लेते हैं.'
डेंटल काउंसिल में भ्रष्टाचार और अमियमितताओं की ख़बरें पिछले कुछ वक्त में आती रही हैं. शाजी के वकील प्रशांत भूषण ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ये मामला बिल्कुल एमसीआई में पिछले कुछ सालों में हुए भ्रष्टाचार की तरह ही है. इस बारे में केंद्र सरकार ने भी अलग-अलग राज्य सरकारों और डेंटल काउंसिल को लिखा, लेकिन कुछ खास नहीं हुआ है.
डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. दिब्येन्दु मजूमदार
केंद्र सरकार की ओर से एक चिट्ठी झारखंड सरकार को इसी साल 29 जुलाई को लिखी गई. इस चिट्ठी में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र को बताया है कि डॉ डी मजूमदार कोलकाता यूनिवर्सिटीं में प्रोफेसर हैं और वहां से वेतन ले रहे हैं, लेकिन उन्होंने झारखंड में एक मानद टीचिंग पद ग्रहण किया है, जिसके लिए बंगाल सरकार से अनुमति नहीं ली गई है. चिट्ठी में लिखा है कि बंगाल सरकार डॉ मजूमदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात सोच रही है. केंद्र सरकार ने इस बारे में झारखंड सरकार से जवाब मांगा है, लेकिन प्रेसिडेंट समेत काउंसिल के जिन सदस्यों की मेंबरशिप को लेकर सवाल है, वह कहते हैं कि उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है.
29 जून को केंद्र सरकार द्वारा झारखंड सरकार को लिखी गई चिट्ठी
काउंसिल के सदस्य और एक्ज़िक्यूटिव कमेटी के मेंबर देवाशीष बनर्जी कहते हैं, "किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है. डॉ. मजूमदार झारखंड में जिस डेंटल कॉलेज में टीचिंग पद पर हैं, वह मानद पद है. वह कोई वेतन नहीं लेते. डॉ मजूमदार कई दूसरे विश्वविद्यालयों में इसी तरह मानद पदों पर है. मानद पद के लिए बंगाल सरकार को पहले बताने की जरूरत नहीं है जो कि डेंटल काउंसिल एक्ट को पढ़ने से साफ हो जाएगा. फिर भी डॉ मजूमदार ने इस पद को ग्रहण करने के बाद झारखंड सरकार को सूचित किया. मेरी और कई दूसरे सदस्यों की मेंबरशिप पर सवाल उठाया गया, लेकिन मेरी सदस्यता को कोर्ट में बरकरार रखा है. ये सब अपने हितों को साधने की कोशिश में लगे लोगों का काम है, जो हमें बदनाम कर रहे हैं."
लेकिन डेंटल काउंसिल पर सदस्यता में धांधली के अलावा भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. केरल, दिल्ली औऱ हैदराबाद उच्च न्यायलयों में इससे जुड़े मामले चल रहे हैं. 2012 में काउंसिल ने डेंटल कॉलेजों में एमडीएस की 1200 सीटें बढ़ाईं. आरोप हैं कि कई कॉलेज जहां पर्याप्त सुविधाएं और फैकल्टी नहीं है, वहां पैसा लेकर कोर्स चलाने की इजाजत दी गई. इस मामले में एक डेंटल कॉलेज ने डॉ मजूमदार के खिलाफ मुकदमा भी किया है.टिप्पणियां
काउंसिल के ही एक सदस्य और केरल डेंटल काउंसिल के डॉ. शाजी जोजफ कहते हैं, "इस भ्रष्टाचार से सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को है, जिनका इलाज इन कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टर करेंगे. अगर कॉलेजों में फैकल्टी नहीं है और मूलभूत ढांचा नहीं है तो आप समझ सकते हैं कि कैसे डॉक्टर वहां से निकलेंगे और अगर रिश्वत लेकर ऐसे कॉलेजों को चलने दिया जा रहा है, तो कॉलेज चलाने वाले छात्रों से ही वह पैसा वसूल करेंगे."
इस विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाइकोर्ट में होनी है. इस बीच शाजी जोसफ तमाम हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहे हैं. वह कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण उनकी मदद करेंगे. डेंटल काउंसिल के तहत देश भर में कुल 306 कॉलेज हैं, जिनमें सरकारी कॉलेजों की संख्या 50 से भी कम है. ऐसे में सवाल ये भी है कि प्राइवेट कॉलेजों का बढ़ता कारोबार भ्रष्टाचार के लिए जमीन तैयार करता है या यह कथित भ्रष्टाचार प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ा रहा है.
डेंटल काउंसिल में भ्रष्टाचार और अमियमितताओं की ख़बरें पिछले कुछ वक्त में आती रही हैं. शाजी के वकील प्रशांत भूषण ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ये मामला बिल्कुल एमसीआई में पिछले कुछ सालों में हुए भ्रष्टाचार की तरह ही है. इस बारे में केंद्र सरकार ने भी अलग-अलग राज्य सरकारों और डेंटल काउंसिल को लिखा, लेकिन कुछ खास नहीं हुआ है.
डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. दिब्येन्दु मजूमदार
केंद्र सरकार की ओर से एक चिट्ठी झारखंड सरकार को इसी साल 29 जुलाई को लिखी गई. इस चिट्ठी में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र को बताया है कि डॉ डी मजूमदार कोलकाता यूनिवर्सिटीं में प्रोफेसर हैं और वहां से वेतन ले रहे हैं, लेकिन उन्होंने झारखंड में एक मानद टीचिंग पद ग्रहण किया है, जिसके लिए बंगाल सरकार से अनुमति नहीं ली गई है. चिट्ठी में लिखा है कि बंगाल सरकार डॉ मजूमदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात सोच रही है. केंद्र सरकार ने इस बारे में झारखंड सरकार से जवाब मांगा है, लेकिन प्रेसिडेंट समेत काउंसिल के जिन सदस्यों की मेंबरशिप को लेकर सवाल है, वह कहते हैं कि उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है.
29 जून को केंद्र सरकार द्वारा झारखंड सरकार को लिखी गई चिट्ठी
काउंसिल के सदस्य और एक्ज़िक्यूटिव कमेटी के मेंबर देवाशीष बनर्जी कहते हैं, "किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है. डॉ. मजूमदार झारखंड में जिस डेंटल कॉलेज में टीचिंग पद पर हैं, वह मानद पद है. वह कोई वेतन नहीं लेते. डॉ मजूमदार कई दूसरे विश्वविद्यालयों में इसी तरह मानद पदों पर है. मानद पद के लिए बंगाल सरकार को पहले बताने की जरूरत नहीं है जो कि डेंटल काउंसिल एक्ट को पढ़ने से साफ हो जाएगा. फिर भी डॉ मजूमदार ने इस पद को ग्रहण करने के बाद झारखंड सरकार को सूचित किया. मेरी और कई दूसरे सदस्यों की मेंबरशिप पर सवाल उठाया गया, लेकिन मेरी सदस्यता को कोर्ट में बरकरार रखा है. ये सब अपने हितों को साधने की कोशिश में लगे लोगों का काम है, जो हमें बदनाम कर रहे हैं."
लेकिन डेंटल काउंसिल पर सदस्यता में धांधली के अलावा भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. केरल, दिल्ली औऱ हैदराबाद उच्च न्यायलयों में इससे जुड़े मामले चल रहे हैं. 2012 में काउंसिल ने डेंटल कॉलेजों में एमडीएस की 1200 सीटें बढ़ाईं. आरोप हैं कि कई कॉलेज जहां पर्याप्त सुविधाएं और फैकल्टी नहीं है, वहां पैसा लेकर कोर्स चलाने की इजाजत दी गई. इस मामले में एक डेंटल कॉलेज ने डॉ मजूमदार के खिलाफ मुकदमा भी किया है.टिप्पणियां
काउंसिल के ही एक सदस्य और केरल डेंटल काउंसिल के डॉ. शाजी जोजफ कहते हैं, "इस भ्रष्टाचार से सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को है, जिनका इलाज इन कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टर करेंगे. अगर कॉलेजों में फैकल्टी नहीं है और मूलभूत ढांचा नहीं है तो आप समझ सकते हैं कि कैसे डॉक्टर वहां से निकलेंगे और अगर रिश्वत लेकर ऐसे कॉलेजों को चलने दिया जा रहा है, तो कॉलेज चलाने वाले छात्रों से ही वह पैसा वसूल करेंगे."
इस विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाइकोर्ट में होनी है. इस बीच शाजी जोसफ तमाम हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहे हैं. वह कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण उनकी मदद करेंगे. डेंटल काउंसिल के तहत देश भर में कुल 306 कॉलेज हैं, जिनमें सरकारी कॉलेजों की संख्या 50 से भी कम है. ऐसे में सवाल ये भी है कि प्राइवेट कॉलेजों का बढ़ता कारोबार भ्रष्टाचार के लिए जमीन तैयार करता है या यह कथित भ्रष्टाचार प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ा रहा है.
केंद्र सरकार की ओर से एक चिट्ठी झारखंड सरकार को इसी साल 29 जुलाई को लिखी गई. इस चिट्ठी में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र को बताया है कि डॉ डी मजूमदार कोलकाता यूनिवर्सिटीं में प्रोफेसर हैं और वहां से वेतन ले रहे हैं, लेकिन उन्होंने झारखंड में एक मानद टीचिंग पद ग्रहण किया है, जिसके लिए बंगाल सरकार से अनुमति नहीं ली गई है. चिट्ठी में लिखा है कि बंगाल सरकार डॉ मजूमदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात सोच रही है. केंद्र सरकार ने इस बारे में झारखंड सरकार से जवाब मांगा है, लेकिन प्रेसिडेंट समेत काउंसिल के जिन सदस्यों की मेंबरशिप को लेकर सवाल है, वह कहते हैं कि उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है.
29 जून को केंद्र सरकार द्वारा झारखंड सरकार को लिखी गई चिट्ठी
काउंसिल के सदस्य और एक्ज़िक्यूटिव कमेटी के मेंबर देवाशीष बनर्जी कहते हैं, "किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है. डॉ. मजूमदार झारखंड में जिस डेंटल कॉलेज में टीचिंग पद पर हैं, वह मानद पद है. वह कोई वेतन नहीं लेते. डॉ मजूमदार कई दूसरे विश्वविद्यालयों में इसी तरह मानद पदों पर है. मानद पद के लिए बंगाल सरकार को पहले बताने की जरूरत नहीं है जो कि डेंटल काउंसिल एक्ट को पढ़ने से साफ हो जाएगा. फिर भी डॉ मजूमदार ने इस पद को ग्रहण करने के बाद झारखंड सरकार को सूचित किया. मेरी और कई दूसरे सदस्यों की मेंबरशिप पर सवाल उठाया गया, लेकिन मेरी सदस्यता को कोर्ट में बरकरार रखा है. ये सब अपने हितों को साधने की कोशिश में लगे लोगों का काम है, जो हमें बदनाम कर रहे हैं."
लेकिन डेंटल काउंसिल पर सदस्यता में धांधली के अलावा भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. केरल, दिल्ली औऱ हैदराबाद उच्च न्यायलयों में इससे जुड़े मामले चल रहे हैं. 2012 में काउंसिल ने डेंटल कॉलेजों में एमडीएस की 1200 सीटें बढ़ाईं. आरोप हैं कि कई कॉलेज जहां पर्याप्त सुविधाएं और फैकल्टी नहीं है, वहां पैसा लेकर कोर्स चलाने की इजाजत दी गई. इस मामले में एक डेंटल कॉलेज ने डॉ मजूमदार के खिलाफ मुकदमा भी किया है.टिप्पणियां
काउंसिल के ही एक सदस्य और केरल डेंटल काउंसिल के डॉ. शाजी जोजफ कहते हैं, "इस भ्रष्टाचार से सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को है, जिनका इलाज इन कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टर करेंगे. अगर कॉलेजों में फैकल्टी नहीं है और मूलभूत ढांचा नहीं है तो आप समझ सकते हैं कि कैसे डॉक्टर वहां से निकलेंगे और अगर रिश्वत लेकर ऐसे कॉलेजों को चलने दिया जा रहा है, तो कॉलेज चलाने वाले छात्रों से ही वह पैसा वसूल करेंगे."
इस विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाइकोर्ट में होनी है. इस बीच शाजी जोसफ तमाम हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहे हैं. वह कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण उनकी मदद करेंगे. डेंटल काउंसिल के तहत देश भर में कुल 306 कॉलेज हैं, जिनमें सरकारी कॉलेजों की संख्या 50 से भी कम है. ऐसे में सवाल ये भी है कि प्राइवेट कॉलेजों का बढ़ता कारोबार भ्रष्टाचार के लिए जमीन तैयार करता है या यह कथित भ्रष्टाचार प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ा रहा है.
काउंसिल के सदस्य और एक्ज़िक्यूटिव कमेटी के मेंबर देवाशीष बनर्जी कहते हैं, "किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है. डॉ. मजूमदार झारखंड में जिस डेंटल कॉलेज में टीचिंग पद पर हैं, वह मानद पद है. वह कोई वेतन नहीं लेते. डॉ मजूमदार कई दूसरे विश्वविद्यालयों में इसी तरह मानद पदों पर है. मानद पद के लिए बंगाल सरकार को पहले बताने की जरूरत नहीं है जो कि डेंटल काउंसिल एक्ट को पढ़ने से साफ हो जाएगा. फिर भी डॉ मजूमदार ने इस पद को ग्रहण करने के बाद झारखंड सरकार को सूचित किया. मेरी और कई दूसरे सदस्यों की मेंबरशिप पर सवाल उठाया गया, लेकिन मेरी सदस्यता को कोर्ट में बरकरार रखा है. ये सब अपने हितों को साधने की कोशिश में लगे लोगों का काम है, जो हमें बदनाम कर रहे हैं."
लेकिन डेंटल काउंसिल पर सदस्यता में धांधली के अलावा भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. केरल, दिल्ली औऱ हैदराबाद उच्च न्यायलयों में इससे जुड़े मामले चल रहे हैं. 2012 में काउंसिल ने डेंटल कॉलेजों में एमडीएस की 1200 सीटें बढ़ाईं. आरोप हैं कि कई कॉलेज जहां पर्याप्त सुविधाएं और फैकल्टी नहीं है, वहां पैसा लेकर कोर्स चलाने की इजाजत दी गई. इस मामले में एक डेंटल कॉलेज ने डॉ मजूमदार के खिलाफ मुकदमा भी किया है.टिप्पणियां
काउंसिल के ही एक सदस्य और केरल डेंटल काउंसिल के डॉ. शाजी जोजफ कहते हैं, "इस भ्रष्टाचार से सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को है, जिनका इलाज इन कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टर करेंगे. अगर कॉलेजों में फैकल्टी नहीं है और मूलभूत ढांचा नहीं है तो आप समझ सकते हैं कि कैसे डॉक्टर वहां से निकलेंगे और अगर रिश्वत लेकर ऐसे कॉलेजों को चलने दिया जा रहा है, तो कॉलेज चलाने वाले छात्रों से ही वह पैसा वसूल करेंगे."
इस विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाइकोर्ट में होनी है. इस बीच शाजी जोसफ तमाम हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहे हैं. वह कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण उनकी मदद करेंगे. डेंटल काउंसिल के तहत देश भर में कुल 306 कॉलेज हैं, जिनमें सरकारी कॉलेजों की संख्या 50 से भी कम है. ऐसे में सवाल ये भी है कि प्राइवेट कॉलेजों का बढ़ता कारोबार भ्रष्टाचार के लिए जमीन तैयार करता है या यह कथित भ्रष्टाचार प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ा रहा है.
लेकिन डेंटल काउंसिल पर सदस्यता में धांधली के अलावा भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. केरल, दिल्ली औऱ हैदराबाद उच्च न्यायलयों में इससे जुड़े मामले चल रहे हैं. 2012 में काउंसिल ने डेंटल कॉलेजों में एमडीएस की 1200 सीटें बढ़ाईं. आरोप हैं कि कई कॉलेज जहां पर्याप्त सुविधाएं और फैकल्टी नहीं है, वहां पैसा लेकर कोर्स चलाने की इजाजत दी गई. इस मामले में एक डेंटल कॉलेज ने डॉ मजूमदार के खिलाफ मुकदमा भी किया है.टिप्पणियां
काउंसिल के ही एक सदस्य और केरल डेंटल काउंसिल के डॉ. शाजी जोजफ कहते हैं, "इस भ्रष्टाचार से सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को है, जिनका इलाज इन कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टर करेंगे. अगर कॉलेजों में फैकल्टी नहीं है और मूलभूत ढांचा नहीं है तो आप समझ सकते हैं कि कैसे डॉक्टर वहां से निकलेंगे और अगर रिश्वत लेकर ऐसे कॉलेजों को चलने दिया जा रहा है, तो कॉलेज चलाने वाले छात्रों से ही वह पैसा वसूल करेंगे."
इस विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाइकोर्ट में होनी है. इस बीच शाजी जोसफ तमाम हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहे हैं. वह कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण उनकी मदद करेंगे. डेंटल काउंसिल के तहत देश भर में कुल 306 कॉलेज हैं, जिनमें सरकारी कॉलेजों की संख्या 50 से भी कम है. ऐसे में सवाल ये भी है कि प्राइवेट कॉलेजों का बढ़ता कारोबार भ्रष्टाचार के लिए जमीन तैयार करता है या यह कथित भ्रष्टाचार प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ा रहा है.
काउंसिल के ही एक सदस्य और केरल डेंटल काउंसिल के डॉ. शाजी जोजफ कहते हैं, "इस भ्रष्टाचार से सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को है, जिनका इलाज इन कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टर करेंगे. अगर कॉलेजों में फैकल्टी नहीं है और मूलभूत ढांचा नहीं है तो आप समझ सकते हैं कि कैसे डॉक्टर वहां से निकलेंगे और अगर रिश्वत लेकर ऐसे कॉलेजों को चलने दिया जा रहा है, तो कॉलेज चलाने वाले छात्रों से ही वह पैसा वसूल करेंगे."
इस विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाइकोर्ट में होनी है. इस बीच शाजी जोसफ तमाम हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहे हैं. वह कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण उनकी मदद करेंगे. डेंटल काउंसिल के तहत देश भर में कुल 306 कॉलेज हैं, जिनमें सरकारी कॉलेजों की संख्या 50 से भी कम है. ऐसे में सवाल ये भी है कि प्राइवेट कॉलेजों का बढ़ता कारोबार भ्रष्टाचार के लिए जमीन तैयार करता है या यह कथित भ्रष्टाचार प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ा रहा है.
इस विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाइकोर्ट में होनी है. इस बीच शाजी जोसफ तमाम हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहे हैं. वह कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण उनकी मदद करेंगे. डेंटल काउंसिल के तहत देश भर में कुल 306 कॉलेज हैं, जिनमें सरकारी कॉलेजों की संख्या 50 से भी कम है. ऐसे में सवाल ये भी है कि प्राइवेट कॉलेजों का बढ़ता कारोबार भ्रष्टाचार के लिए जमीन तैयार करता है या यह कथित भ्रष्टाचार प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ा रहा है. | संक्षिप्त सारांश: अध्यक्ष और कई सदस्यों के चयन पर सवाल
पैसे लेकर कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का आरोप
विवाद से जुड़े एक मामले की सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस केहर ने शनिवार को भारतीय विधि व्यवस्था में विदेशी वकीलों के प्रवेश का समर्थन किया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 'विनिमय' प्रणाली के तहत ऐसा किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विदेशी विशेषज्ञों के लिए भारतीय विधि क्षेत्र को खोलने से देश की कानून व्यवस्था में सुधार आएगा और भारतीय वकीलों को इस बात की आशंका नहीं होनी चाहिए, कि वे (विदेशी वकील) उनकी नौकरियां ले लेंगे.
अंतर्राष्ट्रीय कानून संघ के अखिल भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा, "मुझे लगता है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वकीलों के विनिमय से विधि व्यवस्था में सुधार आएगा. अगर कोई सोचता है कि विदेशी वकील भारत में आकर उनकी नौकरियां छीन लेंगे और उनकी जगह ले लेंगे तो यह सही नहीं है. भारतीय वकील दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की अपेक्षा कमतर नहीं हैं." उन्होंने कहा, "लेकिन विनिमय पर जोर दिया जाना चाहिए."
न्यायमूर्ति केहर ने कहा कि भारतीय कानून व्यवस्था ने 70 वर्ष जैसी छोटी सी अवधि में शानदार विकास किया है और प्रशासनिक आधार पर संभवत: दुनिया का सबसे बड़ा और सर्वाधिक प्रभावी कानून व्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "वैश्विकरण के आगमन के साथ पिछले दो दशकों के दौरान भारतीय विधि व्यवस्था में काफी बदलाव आया है. आर्थिक उदारीकरण ने विदेशी विधि कंपनियों से सतत लेन-देन और अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों के लिए काम करना संभव बनाया. परिणामस्वरूप भारतीय विधि कंपनियों को ज्ञान, प्रणाली और कार्यकुशलता के स्थानांतरण का फायदा मिला और वे अंतर्राष्ट्रीय विधि कारोबार की महती भूमिका अदा करने में सक्षम हो सकीं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अंतर्राष्ट्रीय कानून संघ के अखिल भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा, "मुझे लगता है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वकीलों के विनिमय से विधि व्यवस्था में सुधार आएगा. अगर कोई सोचता है कि विदेशी वकील भारत में आकर उनकी नौकरियां छीन लेंगे और उनकी जगह ले लेंगे तो यह सही नहीं है. भारतीय वकील दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की अपेक्षा कमतर नहीं हैं." उन्होंने कहा, "लेकिन विनिमय पर जोर दिया जाना चाहिए."
न्यायमूर्ति केहर ने कहा कि भारतीय कानून व्यवस्था ने 70 वर्ष जैसी छोटी सी अवधि में शानदार विकास किया है और प्रशासनिक आधार पर संभवत: दुनिया का सबसे बड़ा और सर्वाधिक प्रभावी कानून व्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "वैश्विकरण के आगमन के साथ पिछले दो दशकों के दौरान भारतीय विधि व्यवस्था में काफी बदलाव आया है. आर्थिक उदारीकरण ने विदेशी विधि कंपनियों से सतत लेन-देन और अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों के लिए काम करना संभव बनाया. परिणामस्वरूप भारतीय विधि कंपनियों को ज्ञान, प्रणाली और कार्यकुशलता के स्थानांतरण का फायदा मिला और वे अंतर्राष्ट्रीय विधि कारोबार की महती भूमिका अदा करने में सक्षम हो सकीं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायमूर्ति केहर ने कहा कि भारतीय कानून व्यवस्था ने 70 वर्ष जैसी छोटी सी अवधि में शानदार विकास किया है और प्रशासनिक आधार पर संभवत: दुनिया का सबसे बड़ा और सर्वाधिक प्रभावी कानून व्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "वैश्विकरण के आगमन के साथ पिछले दो दशकों के दौरान भारतीय विधि व्यवस्था में काफी बदलाव आया है. आर्थिक उदारीकरण ने विदेशी विधि कंपनियों से सतत लेन-देन और अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों के लिए काम करना संभव बनाया. परिणामस्वरूप भारतीय विधि कंपनियों को ज्ञान, प्रणाली और कार्यकुशलता के स्थानांतरण का फायदा मिला और वे अंतर्राष्ट्रीय विधि कारोबार की महती भूमिका अदा करने में सक्षम हो सकीं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "वैश्विकरण के आगमन के साथ पिछले दो दशकों के दौरान भारतीय विधि व्यवस्था में काफी बदलाव आया है. आर्थिक उदारीकरण ने विदेशी विधि कंपनियों से सतत लेन-देन और अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों के लिए काम करना संभव बनाया. परिणामस्वरूप भारतीय विधि कंपनियों को ज्ञान, प्रणाली और कार्यकुशलता के स्थानांतरण का फायदा मिला और वे अंतर्राष्ट्रीय विधि कारोबार की महती भूमिका अदा करने में सक्षम हो सकीं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस केहर बोले-
विदेशी वकीलों के भारत में प्रैक्टिस करने से होगा फायदा
कानून व्यवस्था में सुधार आएगा, नहीं जाएंगी किसी वकील की नौकरी | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन ने आज जापान को चेतावनी दी कि पूर्वी चीन सागर में विवादास्पद द्वीप खरीदने के उसके फैसले से दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार को नुकसान पहुंचेगा।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि जापान का इन द्वीपों के खरीद का फैसला दोनों देशों के आर्थिक और व्यापार संबंधों के विकास को निश्चित तौर पर प्रभावित करेगा और नुकसान पहुंचाएगा। इन द्वीपों को चीन में दिओयू द्वीप जबकि जापान में सेनकाकू के नाम से जाना जाता है।टिप्पणियां
मंत्रालय के प्रवक्ता शेन दानयांग ने कहा, हम ऐसी स्थिति नहीं चाहते। इसके लिए जापान को पूरी जिम्मदारी लेनी चाहिए। यूरोपीय संघ और अमेरिका के बाद जापान, चीन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है। दोनों देशों के बीच व्यापार इस समय 340 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का है।
प्रवक्ता ने कहा, जापान के दिओयू द्वीपों को खरीदने के फैसले से चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का गंभीर उल्लघंन हुआ है और चीनी जनता की भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है। लोगों ने देशभर में कड़ा विरोध किया और नाराजगी जाहिर की है। पिछले कुछ दिनों में चीन में जापान के खिलाफ कड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं। छिटपुट हमलों के बाद कई जापानी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि जापान का इन द्वीपों के खरीद का फैसला दोनों देशों के आर्थिक और व्यापार संबंधों के विकास को निश्चित तौर पर प्रभावित करेगा और नुकसान पहुंचाएगा। इन द्वीपों को चीन में दिओयू द्वीप जबकि जापान में सेनकाकू के नाम से जाना जाता है।टिप्पणियां
मंत्रालय के प्रवक्ता शेन दानयांग ने कहा, हम ऐसी स्थिति नहीं चाहते। इसके लिए जापान को पूरी जिम्मदारी लेनी चाहिए। यूरोपीय संघ और अमेरिका के बाद जापान, चीन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है। दोनों देशों के बीच व्यापार इस समय 340 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का है।
प्रवक्ता ने कहा, जापान के दिओयू द्वीपों को खरीदने के फैसले से चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का गंभीर उल्लघंन हुआ है और चीनी जनता की भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है। लोगों ने देशभर में कड़ा विरोध किया और नाराजगी जाहिर की है। पिछले कुछ दिनों में चीन में जापान के खिलाफ कड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं। छिटपुट हमलों के बाद कई जापानी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है।
मंत्रालय के प्रवक्ता शेन दानयांग ने कहा, हम ऐसी स्थिति नहीं चाहते। इसके लिए जापान को पूरी जिम्मदारी लेनी चाहिए। यूरोपीय संघ और अमेरिका के बाद जापान, चीन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है। दोनों देशों के बीच व्यापार इस समय 340 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का है।
प्रवक्ता ने कहा, जापान के दिओयू द्वीपों को खरीदने के फैसले से चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का गंभीर उल्लघंन हुआ है और चीनी जनता की भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है। लोगों ने देशभर में कड़ा विरोध किया और नाराजगी जाहिर की है। पिछले कुछ दिनों में चीन में जापान के खिलाफ कड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं। छिटपुट हमलों के बाद कई जापानी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है।
प्रवक्ता ने कहा, जापान के दिओयू द्वीपों को खरीदने के फैसले से चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का गंभीर उल्लघंन हुआ है और चीनी जनता की भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है। लोगों ने देशभर में कड़ा विरोध किया और नाराजगी जाहिर की है। पिछले कुछ दिनों में चीन में जापान के खिलाफ कड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं। छिटपुट हमलों के बाद कई जापानी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है। | यहाँ एक सारांश है:चीन ने आज जापान को चेतावनी दी कि पूर्वी चीन सागर में विवादास्पद द्वीप खरीदने के उसके फैसले से दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार को नुकसान पहुंचेगा। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा सरकार ने मंगलवार को स्वीकार किया कि एक राज्यस्तरीय अभियान के तहत आयरन की गोलियां खाने के लिए दिए जाने के बाद 879 बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों में गोलियों के दुष्प्रभाव के रूप में पेट में दर्द और मिचली आने की शिकायतें पाई गईं।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान के हरियाणा के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के 21 जिलों में फिर से शुरू किए गए साप्ताहिक अनुपूरक आयरन-फोलिक अभियान के तहत 16 लाख बच्चों को यह गोलियां खिलाई गईं।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने आगे बताया, "उनमें से सिर्फ 879 बच्चों में दवा का मामूली दुष्प्रभाव देखा गया, जैसे पेद में दर्द और मिचली आना। राज्य में डब्ल्यूआईएफएस की नीली गोलियां खाने वाले कुल बच्चों का यह सिर्फ 0.054 फीसदी ही है। बड़ी संख्या में बच्चों में डायरिया और उल्टी आने जैसे सामान्य दुष्प्रभाव भी नहीं देखे गए।" उन्होंने बताया कि गोलियों से प्रभावित हुए बच्चों को फौरन निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया तथा प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कुछ बच्चों को दवा पची नहीं, लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान के हरियाणा के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के 21 जिलों में फिर से शुरू किए गए साप्ताहिक अनुपूरक आयरन-फोलिक अभियान के तहत 16 लाख बच्चों को यह गोलियां खिलाई गईं।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने आगे बताया, "उनमें से सिर्फ 879 बच्चों में दवा का मामूली दुष्प्रभाव देखा गया, जैसे पेद में दर्द और मिचली आना। राज्य में डब्ल्यूआईएफएस की नीली गोलियां खाने वाले कुल बच्चों का यह सिर्फ 0.054 फीसदी ही है। बड़ी संख्या में बच्चों में डायरिया और उल्टी आने जैसे सामान्य दुष्प्रभाव भी नहीं देखे गए।" उन्होंने बताया कि गोलियों से प्रभावित हुए बच्चों को फौरन निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया तथा प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कुछ बच्चों को दवा पची नहीं, लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
प्रवक्ता ने आगे बताया, "उनमें से सिर्फ 879 बच्चों में दवा का मामूली दुष्प्रभाव देखा गया, जैसे पेद में दर्द और मिचली आना। राज्य में डब्ल्यूआईएफएस की नीली गोलियां खाने वाले कुल बच्चों का यह सिर्फ 0.054 फीसदी ही है। बड़ी संख्या में बच्चों में डायरिया और उल्टी आने जैसे सामान्य दुष्प्रभाव भी नहीं देखे गए।" उन्होंने बताया कि गोलियों से प्रभावित हुए बच्चों को फौरन निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया तथा प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कुछ बच्चों को दवा पची नहीं, लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कुछ बच्चों को दवा पची नहीं, लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है। | यहाँ एक सारांश है:हरियाणा सरकार ने मंगलवार को स्वीकार किया कि एक राज्यस्तरीय अभियान के तहत आयरन की गोलियां खाने के लिए दिए जाने के बाद 879 बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों में गोलियों के दुष्प्रभाव के रूप में पेट में दर्द और मिचली आने की शिकायतें पाई गईं। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सबसे छोटी बेटी केतकी की शादी अमेरिका में फेसबुक में काम करने वाले आदित्य से हुई. इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, प्रकाश जावड़ेकर, वैकेंया नायडू और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस सहित कई दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री भी पहुंचे.नोटबंदी के बाद शादी की तैयारियों पर कई नजरें थी. कुछ खबरों में दावा किया गया कि शादी के लिये 50 चार्टर्ड विमान बुक किये गये हैं.टिप्पणियां
गडकरी के दफ्तर ने इसको नकारते हुए बयान जारी किया जिसमें कहा गया, "एटीसी नागपुर एयरपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में नागपुर में सिर्फ दस नॉन-शेड्यूल्ड विमान उतरे हैं जिसमें तीन केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के हैं. बाकी बाबा रामदेव, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, रामोजी राव, सुभाष चंद्रा के हैं. मीडिया के कुछ धड़ों में छपी ख़बर की 50 चार्टर्ड विमान नितिन गडकरी की बेटी की शादी में वीआईपी मेहमानों को लाने के लिए इस्तेमाल हुए हैं शरारती, भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से ग़लत हैं.
नोटबंदी के दौर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बेटी की शादी शाही नहीं थी. लगभग 2000 मेहमानों का पारंपरिक तरीके से ही स्वागत हुआ. आठ दिसंबर को दिल्ली में दावत है. हालांकि सवाल एक ही है कि आम आदमी को शादी के लिये ढाई लाख खर्च की सीमा बताने वाली सरकार के मंत्री के लिए क्या इतने में शादी कर पाना मुमकिन था.
गडकरी के दफ्तर ने इसको नकारते हुए बयान जारी किया जिसमें कहा गया, "एटीसी नागपुर एयरपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में नागपुर में सिर्फ दस नॉन-शेड्यूल्ड विमान उतरे हैं जिसमें तीन केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के हैं. बाकी बाबा रामदेव, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, रामोजी राव, सुभाष चंद्रा के हैं. मीडिया के कुछ धड़ों में छपी ख़बर की 50 चार्टर्ड विमान नितिन गडकरी की बेटी की शादी में वीआईपी मेहमानों को लाने के लिए इस्तेमाल हुए हैं शरारती, भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से ग़लत हैं.
नोटबंदी के दौर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बेटी की शादी शाही नहीं थी. लगभग 2000 मेहमानों का पारंपरिक तरीके से ही स्वागत हुआ. आठ दिसंबर को दिल्ली में दावत है. हालांकि सवाल एक ही है कि आम आदमी को शादी के लिये ढाई लाख खर्च की सीमा बताने वाली सरकार के मंत्री के लिए क्या इतने में शादी कर पाना मुमकिन था.
नोटबंदी के दौर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बेटी की शादी शाही नहीं थी. लगभग 2000 मेहमानों का पारंपरिक तरीके से ही स्वागत हुआ. आठ दिसंबर को दिल्ली में दावत है. हालांकि सवाल एक ही है कि आम आदमी को शादी के लिये ढाई लाख खर्च की सीमा बताने वाली सरकार के मंत्री के लिए क्या इतने में शादी कर पाना मुमकिन था. | यहाँ एक सारांश है:बेटी केतकी की शादी फेसबुक में कार्यरत आदित्य से हुई
नोटबंदी के बाद शादी की तैयारियों पर कई नजरें थीं
2000 मेहमानों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपने साथ रहने वाले समलैंगिक साथी पर जासूसी करने के लिए दोषी ठहराये गये रटगर्स यूनिवर्सिटी के एक भारतीय मूल के छात्र को न्यूजर्सी की एक जेल से छोड़ने के बाद भारत निर्वासित नहीं किया जाएगा। वह जेल की सजा काट रहा है।
20 साल के धरूण रवि को 30 दिन कैद की सजा सुनाई गयी थी लेकिन उसे 20 दिन की सजा काटने के बाद मंगलवार को मिडलसेक्स कंट्री जेल से रिहा किया जा सकता है। न्यू जर्सी राज्य के नियमों के मुताबिक रवि के अच्छे व्यवहार और जेल में काम करने के लिए उसकी सजा पांच-पांच दिन यानी कुल 10 दिन कम किये जाने की संभावना है।
भारतीय मूल के छात्र को अपने रूममेट टाइलर क्लीमेंटी को एक अन्य व्यक्ति से समलैंगिक संबंध बनाते हुए वेबकैम से तस्वीर उतारकर उसकी निजता का हनन करने समेत 15 मामलों में इस साल मार्च में दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद उसे भारत के निर्वासन का सामना करना पड़ा था। क्लीमेंटी को जब रवि की इस करतूत का पता चला तो उसने कुछ दिन बाद जार्ज वाशिंगटन ब्रिज से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली।टिप्पणियां
रवि पांच साल की उम्र में अपने माता.पिता के साथ अमेरिका आया था। वह अमेरिका का स्थायी निवासी है लेकिन नागरिक नहीं है। अमेरिकी आव्रजन और सीमाशुल्क प्रवर्तन विभाग ने कहा कि रवि के रिकार्ड को ध्यान में रखते हुए उसे भारत निर्वासित नहीं किया जाएगा।
एक बयान में कहा गया, ‘‘रवि के आपराधिक रिकार्ड की समीक्षा के आधार पर आईसीई इस समय उसे देश से निकालने की प्रक्रिया नहीं शुरू करेगी।’’ एजेंसी का कहना है कि घरेलू हिंसा अपराध, नशीले पदार्थ या हथियारों से जुड़े अपराध आदि करने वाले लोगों को अमेरिका से बाहर निकाले जाने की संभावना रहती है।
20 साल के धरूण रवि को 30 दिन कैद की सजा सुनाई गयी थी लेकिन उसे 20 दिन की सजा काटने के बाद मंगलवार को मिडलसेक्स कंट्री जेल से रिहा किया जा सकता है। न्यू जर्सी राज्य के नियमों के मुताबिक रवि के अच्छे व्यवहार और जेल में काम करने के लिए उसकी सजा पांच-पांच दिन यानी कुल 10 दिन कम किये जाने की संभावना है।
भारतीय मूल के छात्र को अपने रूममेट टाइलर क्लीमेंटी को एक अन्य व्यक्ति से समलैंगिक संबंध बनाते हुए वेबकैम से तस्वीर उतारकर उसकी निजता का हनन करने समेत 15 मामलों में इस साल मार्च में दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद उसे भारत के निर्वासन का सामना करना पड़ा था। क्लीमेंटी को जब रवि की इस करतूत का पता चला तो उसने कुछ दिन बाद जार्ज वाशिंगटन ब्रिज से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली।टिप्पणियां
रवि पांच साल की उम्र में अपने माता.पिता के साथ अमेरिका आया था। वह अमेरिका का स्थायी निवासी है लेकिन नागरिक नहीं है। अमेरिकी आव्रजन और सीमाशुल्क प्रवर्तन विभाग ने कहा कि रवि के रिकार्ड को ध्यान में रखते हुए उसे भारत निर्वासित नहीं किया जाएगा।
एक बयान में कहा गया, ‘‘रवि के आपराधिक रिकार्ड की समीक्षा के आधार पर आईसीई इस समय उसे देश से निकालने की प्रक्रिया नहीं शुरू करेगी।’’ एजेंसी का कहना है कि घरेलू हिंसा अपराध, नशीले पदार्थ या हथियारों से जुड़े अपराध आदि करने वाले लोगों को अमेरिका से बाहर निकाले जाने की संभावना रहती है।
भारतीय मूल के छात्र को अपने रूममेट टाइलर क्लीमेंटी को एक अन्य व्यक्ति से समलैंगिक संबंध बनाते हुए वेबकैम से तस्वीर उतारकर उसकी निजता का हनन करने समेत 15 मामलों में इस साल मार्च में दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद उसे भारत के निर्वासन का सामना करना पड़ा था। क्लीमेंटी को जब रवि की इस करतूत का पता चला तो उसने कुछ दिन बाद जार्ज वाशिंगटन ब्रिज से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली।टिप्पणियां
रवि पांच साल की उम्र में अपने माता.पिता के साथ अमेरिका आया था। वह अमेरिका का स्थायी निवासी है लेकिन नागरिक नहीं है। अमेरिकी आव्रजन और सीमाशुल्क प्रवर्तन विभाग ने कहा कि रवि के रिकार्ड को ध्यान में रखते हुए उसे भारत निर्वासित नहीं किया जाएगा।
एक बयान में कहा गया, ‘‘रवि के आपराधिक रिकार्ड की समीक्षा के आधार पर आईसीई इस समय उसे देश से निकालने की प्रक्रिया नहीं शुरू करेगी।’’ एजेंसी का कहना है कि घरेलू हिंसा अपराध, नशीले पदार्थ या हथियारों से जुड़े अपराध आदि करने वाले लोगों को अमेरिका से बाहर निकाले जाने की संभावना रहती है।
रवि पांच साल की उम्र में अपने माता.पिता के साथ अमेरिका आया था। वह अमेरिका का स्थायी निवासी है लेकिन नागरिक नहीं है। अमेरिकी आव्रजन और सीमाशुल्क प्रवर्तन विभाग ने कहा कि रवि के रिकार्ड को ध्यान में रखते हुए उसे भारत निर्वासित नहीं किया जाएगा।
एक बयान में कहा गया, ‘‘रवि के आपराधिक रिकार्ड की समीक्षा के आधार पर आईसीई इस समय उसे देश से निकालने की प्रक्रिया नहीं शुरू करेगी।’’ एजेंसी का कहना है कि घरेलू हिंसा अपराध, नशीले पदार्थ या हथियारों से जुड़े अपराध आदि करने वाले लोगों को अमेरिका से बाहर निकाले जाने की संभावना रहती है।
एक बयान में कहा गया, ‘‘रवि के आपराधिक रिकार्ड की समीक्षा के आधार पर आईसीई इस समय उसे देश से निकालने की प्रक्रिया नहीं शुरू करेगी।’’ एजेंसी का कहना है कि घरेलू हिंसा अपराध, नशीले पदार्थ या हथियारों से जुड़े अपराध आदि करने वाले लोगों को अमेरिका से बाहर निकाले जाने की संभावना रहती है। | संक्षिप्त सारांश: अपने साथ रहने वाले समलैंगिक साथी पर जासूसी करने के लिए दोषी ठहराये गये रटगर्स यूनिवर्सिटी के एक भारतीय मूल के छात्र को न्यूजर्सी की एक जेल से छोड़ने के बाद भारत निर्वासित नहीं किया जाएगा। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा इंजेक्शन और टांके लगाए जाने की घटनाओं के बाद मेरठ के मेडिकल अस्पताल परिसर स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बरामदा परिसर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने की घटना प्रकाश में आई है। सीएमओ ने घटना की जांच कराए जाने की बात कही है।टिप्पणियां
मेरठ मेडिकल अस्पताल परिसर स्थित पोस्टमार्टम हाउस की घटना पर मेरठ के मुख्य चिकित्साधिकारी सुबोध कुमार तिवारी ने कहा कि उनके संज्ञान में यह मामला मीडिया के माध्यम से आया है कि फलावदा पुलिस द्वारा बरामद शव का पोस्टमार्टम कमरे से बाहर बरामदे में किया गया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी इस तरह की स्थिति आ जाती है कि जब दिन की रोशनी में पोस्टमार्टम करना पड़ता है। ऐसा कई दिन पुराने सड़े हुए शव के मामले में होता है।
मुख्य चिकित्साधिकारी के अनुसार, उनके संज्ञान के अनुसार पोस्टमार्टम के समय संबंधित चिकित्सक उपस्थित था... फिर भी मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए विभागीय जांच कराई जाएगी।
मेरठ मेडिकल अस्पताल परिसर स्थित पोस्टमार्टम हाउस की घटना पर मेरठ के मुख्य चिकित्साधिकारी सुबोध कुमार तिवारी ने कहा कि उनके संज्ञान में यह मामला मीडिया के माध्यम से आया है कि फलावदा पुलिस द्वारा बरामद शव का पोस्टमार्टम कमरे से बाहर बरामदे में किया गया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी इस तरह की स्थिति आ जाती है कि जब दिन की रोशनी में पोस्टमार्टम करना पड़ता है। ऐसा कई दिन पुराने सड़े हुए शव के मामले में होता है।
मुख्य चिकित्साधिकारी के अनुसार, उनके संज्ञान के अनुसार पोस्टमार्टम के समय संबंधित चिकित्सक उपस्थित था... फिर भी मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए विभागीय जांच कराई जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी के अनुसार, उनके संज्ञान के अनुसार पोस्टमार्टम के समय संबंधित चिकित्सक उपस्थित था... फिर भी मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए विभागीय जांच कराई जाएगी। | सारांश: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा इंजेक्शन और टांके लगाए जाने की घटनाओं के बाद मेरठ के मेडिकल अस्पताल परिसर स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बरामदा परिसर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने की घटना प्रकाश | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली मेट्रो ने राष्ट्रीय राजधानी की पुरानी दिल्ली में प्रवेश कर लिया है, क्योंकि आईटीओ-कश्मीरी गेट 'हेरिटेज लाइन’ को रविवार को आम लोगों के लिए खोल दिया गया. इसमें तीन स्टेशन - दिल्ली गेट, जामा मस्जिद और लाल किला हैं. नई लाइन वायलेट लाइन का विस्तार है जो फिलहाल फरीदाबाद और आईटीओ के बीच चलती है. यह येलो लाइन के चांदनी चौक और चावड़ी बाजार स्टेशन का बोझ कम करेगी.
मेट्रो भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नई लाइन को हरी झंडी दिखाई. लाइन शुरू करने पर दिल्ली मेट्रो की सराहना करते हुए नायडू ने कहा कि पुरानी दिल्ली, शहर का पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र है, जहां ऐतिहासिक महत्व के कई स्मारक हैं. यह कई लोगों को इन स्मारकों में लेकर आएगी, क्योंकि अब उन्हें यातायात जाम और पार्किंग की बाधाओं के बारे में चिंता नहीं करनी पड़ेगी.
नायडू ने कहा, 'हम सबको याद है कि शहर के इस हिस्से में मेट्रो के पहले संपर्क ने एक दशक पहले चांदनी चौक और चावड़ी बाजर के कारोबारी इलाकों को कैसे पुनजीर्वित कर दिया. यह संपर्क दिल्ली के इस हिस्से की अर्थव्यवस्था को और आगे बढ़ाने में मदद करेगा.' उन्होंने कहा कि इस लाइन का निर्माण चुनौतियों से भरा हुआ था क्योंकि दिल्ली मेट्रो के इंजीनियरों को गली-कूचों वाले इलाकों में निर्माण करना पड़ा. उन्हें ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों के नजदीक के इलाकों में भी निर्माण कार्य करना पड़ा. लाइन के तीनों स्टेशन भूमिगत हैं और इन्हें क्षेत्र की विरासत के मुताबिक डिजाइन किया गया, ताकि यह उसके समृद्ध इतिहास और शानदार वर्तमान की झलक दे सके.
इस लाइन के शुरू होने से दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो का कुल संचालन नेटवर्क 217 किलोमीटर हो गया है, जिसमें 162 स्टेशन हैं. भारत में फिलहाल 346 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल का संचालन नेटवर्क है. नायडू ने कहा कि विभिन्न शहरों में करीब 530 किलोमीटर निर्माणधीन है और 800 किलोमीटर से अधिक पर विभिन्न राज्य सरकारें विचार कर रही हैं.
उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल शहर में सार्वजनिक परिवहन में बढ़ोतरी करने की जरूरत पर ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जो पहले और आखिरी मील के बीच संपर्क मुहैया कराए. उन्होंने कहा कि दिल्ली में फोकस ज्यादा साइकिल ट्रैक तथा बेहतर सार्वजनिक परिवहन पर होना चाहिए.टिप्पणियां
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली मेट्रो आज न सिर्फ शहर के लिए बल्कि समूचे भारत के लिए गर्व की बात है. अब कई देश दिल्ली मेट्रो की प्रशंसा कर रहे हैं और डीएमआरसी कई शहरों को परामर्श दे रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मेट्रो भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नई लाइन को हरी झंडी दिखाई. लाइन शुरू करने पर दिल्ली मेट्रो की सराहना करते हुए नायडू ने कहा कि पुरानी दिल्ली, शहर का पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र है, जहां ऐतिहासिक महत्व के कई स्मारक हैं. यह कई लोगों को इन स्मारकों में लेकर आएगी, क्योंकि अब उन्हें यातायात जाम और पार्किंग की बाधाओं के बारे में चिंता नहीं करनी पड़ेगी.
नायडू ने कहा, 'हम सबको याद है कि शहर के इस हिस्से में मेट्रो के पहले संपर्क ने एक दशक पहले चांदनी चौक और चावड़ी बाजर के कारोबारी इलाकों को कैसे पुनजीर्वित कर दिया. यह संपर्क दिल्ली के इस हिस्से की अर्थव्यवस्था को और आगे बढ़ाने में मदद करेगा.' उन्होंने कहा कि इस लाइन का निर्माण चुनौतियों से भरा हुआ था क्योंकि दिल्ली मेट्रो के इंजीनियरों को गली-कूचों वाले इलाकों में निर्माण करना पड़ा. उन्हें ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों के नजदीक के इलाकों में भी निर्माण कार्य करना पड़ा. लाइन के तीनों स्टेशन भूमिगत हैं और इन्हें क्षेत्र की विरासत के मुताबिक डिजाइन किया गया, ताकि यह उसके समृद्ध इतिहास और शानदार वर्तमान की झलक दे सके.
इस लाइन के शुरू होने से दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो का कुल संचालन नेटवर्क 217 किलोमीटर हो गया है, जिसमें 162 स्टेशन हैं. भारत में फिलहाल 346 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल का संचालन नेटवर्क है. नायडू ने कहा कि विभिन्न शहरों में करीब 530 किलोमीटर निर्माणधीन है और 800 किलोमीटर से अधिक पर विभिन्न राज्य सरकारें विचार कर रही हैं.
उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल शहर में सार्वजनिक परिवहन में बढ़ोतरी करने की जरूरत पर ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जो पहले और आखिरी मील के बीच संपर्क मुहैया कराए. उन्होंने कहा कि दिल्ली में फोकस ज्यादा साइकिल ट्रैक तथा बेहतर सार्वजनिक परिवहन पर होना चाहिए.टिप्पणियां
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली मेट्रो आज न सिर्फ शहर के लिए बल्कि समूचे भारत के लिए गर्व की बात है. अब कई देश दिल्ली मेट्रो की प्रशंसा कर रहे हैं और डीएमआरसी कई शहरों को परामर्श दे रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नायडू ने कहा, 'हम सबको याद है कि शहर के इस हिस्से में मेट्रो के पहले संपर्क ने एक दशक पहले चांदनी चौक और चावड़ी बाजर के कारोबारी इलाकों को कैसे पुनजीर्वित कर दिया. यह संपर्क दिल्ली के इस हिस्से की अर्थव्यवस्था को और आगे बढ़ाने में मदद करेगा.' उन्होंने कहा कि इस लाइन का निर्माण चुनौतियों से भरा हुआ था क्योंकि दिल्ली मेट्रो के इंजीनियरों को गली-कूचों वाले इलाकों में निर्माण करना पड़ा. उन्हें ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों के नजदीक के इलाकों में भी निर्माण कार्य करना पड़ा. लाइन के तीनों स्टेशन भूमिगत हैं और इन्हें क्षेत्र की विरासत के मुताबिक डिजाइन किया गया, ताकि यह उसके समृद्ध इतिहास और शानदार वर्तमान की झलक दे सके.
इस लाइन के शुरू होने से दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो का कुल संचालन नेटवर्क 217 किलोमीटर हो गया है, जिसमें 162 स्टेशन हैं. भारत में फिलहाल 346 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल का संचालन नेटवर्क है. नायडू ने कहा कि विभिन्न शहरों में करीब 530 किलोमीटर निर्माणधीन है और 800 किलोमीटर से अधिक पर विभिन्न राज्य सरकारें विचार कर रही हैं.
उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल शहर में सार्वजनिक परिवहन में बढ़ोतरी करने की जरूरत पर ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जो पहले और आखिरी मील के बीच संपर्क मुहैया कराए. उन्होंने कहा कि दिल्ली में फोकस ज्यादा साइकिल ट्रैक तथा बेहतर सार्वजनिक परिवहन पर होना चाहिए.टिप्पणियां
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली मेट्रो आज न सिर्फ शहर के लिए बल्कि समूचे भारत के लिए गर्व की बात है. अब कई देश दिल्ली मेट्रो की प्रशंसा कर रहे हैं और डीएमआरसी कई शहरों को परामर्श दे रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल शहर में सार्वजनिक परिवहन में बढ़ोतरी करने की जरूरत पर ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जो पहले और आखिरी मील के बीच संपर्क मुहैया कराए. उन्होंने कहा कि दिल्ली में फोकस ज्यादा साइकिल ट्रैक तथा बेहतर सार्वजनिक परिवहन पर होना चाहिए.टिप्पणियां
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली मेट्रो आज न सिर्फ शहर के लिए बल्कि समूचे भारत के लिए गर्व की बात है. अब कई देश दिल्ली मेट्रो की प्रशंसा कर रहे हैं और डीएमआरसी कई शहरों को परामर्श दे रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली मेट्रो आज न सिर्फ शहर के लिए बल्कि समूचे भारत के लिए गर्व की बात है. अब कई देश दिल्ली मेट्रो की प्रशंसा कर रहे हैं और डीएमआरसी कई शहरों को परामर्श दे रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: हेरिटेज लाइन में तीन स्टेशन - दिल्ली गेट, जामा मस्जिद और लाल किला हैं
यह येलो लाइन के चांदनी चौक और चावड़ी बाजार स्टेशन का बोझ कम करेगी
दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो का कुल संचालन नेटवर्क अब 217 किलोमीटर हो गया है | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कम उपस्थिति की वजह से अपने भाग्य को लेकर चिंतिंत ‘लाइफ ऑफ पाई’ के कलाकार सूरज शर्मा को सेंट स्टीफन कॉलेज ने परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी।
19 वर्षीय शर्मा ने अपनी कम उपस्थिति की भरपाई के लिए लिखित एसाइनमेंट सौंप दिया है और शुक्रवार से वह परीक्षा दे पाएगा। हालांकि बुधवार को वह पहला पेपर नहीं दे सका।
सेंट स्टीफन कॉलेज के कोषाध्यक्ष केएम मैथ्यू से जब पूछा गया कि क्या चर्चा में छाई आंग ली की फिल्म के किशोर स्टार को परीक्षा कार्ड दे दिया गया है, उन्होंने कहा, ‘हां, वह परीक्षा देगा।’
इस फिल्म के प्रचार प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय टूर की वजह से प्रथम वर्ष के इस छात्र को अपने कॉलेज की कक्षाओं से दूर रहना पड़ा। कम उपस्थिति और अपना एसाइनमेंट नहीं सौंप पाने का मतलब था कि उसे यह साल गंवाना पड़ता।
इस कॉलेज का नियम है कि परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र की 66.6 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। टिप्पणियां
इस बात को लेकर भी भ्रम था कि शर्मा ने एसाइनमेंट सौंपा है या नहीं, क्योंकि कुछ कह रहे थे कि उसने एसाइनेंट सौंप दिया है जबकि कुछ कह रहे थे कि वह नहीं सौंप पाया है।
मैथ्यू ने कहा कि उसने एसाइनमेंट सौंप दिया है और उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जा रही है।
19 वर्षीय शर्मा ने अपनी कम उपस्थिति की भरपाई के लिए लिखित एसाइनमेंट सौंप दिया है और शुक्रवार से वह परीक्षा दे पाएगा। हालांकि बुधवार को वह पहला पेपर नहीं दे सका।
सेंट स्टीफन कॉलेज के कोषाध्यक्ष केएम मैथ्यू से जब पूछा गया कि क्या चर्चा में छाई आंग ली की फिल्म के किशोर स्टार को परीक्षा कार्ड दे दिया गया है, उन्होंने कहा, ‘हां, वह परीक्षा देगा।’
इस फिल्म के प्रचार प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय टूर की वजह से प्रथम वर्ष के इस छात्र को अपने कॉलेज की कक्षाओं से दूर रहना पड़ा। कम उपस्थिति और अपना एसाइनमेंट नहीं सौंप पाने का मतलब था कि उसे यह साल गंवाना पड़ता।
इस कॉलेज का नियम है कि परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र की 66.6 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। टिप्पणियां
इस बात को लेकर भी भ्रम था कि शर्मा ने एसाइनमेंट सौंपा है या नहीं, क्योंकि कुछ कह रहे थे कि उसने एसाइनेंट सौंप दिया है जबकि कुछ कह रहे थे कि वह नहीं सौंप पाया है।
मैथ्यू ने कहा कि उसने एसाइनमेंट सौंप दिया है और उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जा रही है।
सेंट स्टीफन कॉलेज के कोषाध्यक्ष केएम मैथ्यू से जब पूछा गया कि क्या चर्चा में छाई आंग ली की फिल्म के किशोर स्टार को परीक्षा कार्ड दे दिया गया है, उन्होंने कहा, ‘हां, वह परीक्षा देगा।’
इस फिल्म के प्रचार प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय टूर की वजह से प्रथम वर्ष के इस छात्र को अपने कॉलेज की कक्षाओं से दूर रहना पड़ा। कम उपस्थिति और अपना एसाइनमेंट नहीं सौंप पाने का मतलब था कि उसे यह साल गंवाना पड़ता।
इस कॉलेज का नियम है कि परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र की 66.6 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। टिप्पणियां
इस बात को लेकर भी भ्रम था कि शर्मा ने एसाइनमेंट सौंपा है या नहीं, क्योंकि कुछ कह रहे थे कि उसने एसाइनेंट सौंप दिया है जबकि कुछ कह रहे थे कि वह नहीं सौंप पाया है।
मैथ्यू ने कहा कि उसने एसाइनमेंट सौंप दिया है और उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जा रही है।
इस फिल्म के प्रचार प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय टूर की वजह से प्रथम वर्ष के इस छात्र को अपने कॉलेज की कक्षाओं से दूर रहना पड़ा। कम उपस्थिति और अपना एसाइनमेंट नहीं सौंप पाने का मतलब था कि उसे यह साल गंवाना पड़ता।
इस कॉलेज का नियम है कि परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र की 66.6 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। टिप्पणियां
इस बात को लेकर भी भ्रम था कि शर्मा ने एसाइनमेंट सौंपा है या नहीं, क्योंकि कुछ कह रहे थे कि उसने एसाइनेंट सौंप दिया है जबकि कुछ कह रहे थे कि वह नहीं सौंप पाया है।
मैथ्यू ने कहा कि उसने एसाइनमेंट सौंप दिया है और उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जा रही है।
इस कॉलेज का नियम है कि परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र की 66.6 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। टिप्पणियां
इस बात को लेकर भी भ्रम था कि शर्मा ने एसाइनमेंट सौंपा है या नहीं, क्योंकि कुछ कह रहे थे कि उसने एसाइनेंट सौंप दिया है जबकि कुछ कह रहे थे कि वह नहीं सौंप पाया है।
मैथ्यू ने कहा कि उसने एसाइनमेंट सौंप दिया है और उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जा रही है।
इस बात को लेकर भी भ्रम था कि शर्मा ने एसाइनमेंट सौंपा है या नहीं, क्योंकि कुछ कह रहे थे कि उसने एसाइनेंट सौंप दिया है जबकि कुछ कह रहे थे कि वह नहीं सौंप पाया है।
मैथ्यू ने कहा कि उसने एसाइनमेंट सौंप दिया है और उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जा रही है।
मैथ्यू ने कहा कि उसने एसाइनमेंट सौंप दिया है और उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जा रही है। | यह एक सारांश है: कम उपस्थिति की वजह से अपने भाग्य को लेकर चिंतिंत ‘लाइफ ऑफ पाई’ के कलाकार सूरज शर्मा को सेंट स्टीफन कॉलेज ने परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने मंगलवार को संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ से कहा कि यदि सदन को चलाना चाहते हैं तो आपको शिष्ट होना पड़ेगा और अपना रवैया बदलना होगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मुरली मनोहर जोशी एवं मंत्री के बीच नोंकझोंक होने के बाद स्वराज ने कमलनाथ से कहा, "आप में शिष्टाचार की कमी है। आप क्या कह रहे हैं उससे ज्यादा अहम आप कैसे कह रहे हैं यह है। यदि आप इस एक मुद्दे का समाधान कर रहे हैं तो अन्य बातों का भी ध्यान रखना होगा।"
लोकसभा में नाराज जोशी ने सवाल किया, "आप इस तरह मुझसे कैसे बात कर रहे हैं? पिछले 40 वर्षों में किसी ने भी मुझसे इस तरह बात नहीं की है?"
मंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने गुस्से में बात कही है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वरिष्ठ सांसद का अनादर का उनका कोई इरादा नहीं था।
कमलनाथ ने कहा, "मैं जोशीजी का सम्मान करता हूं। वह वरिष्ठ नेता हैं। मैंने उनसे गुस्से में बात की कि यह सदन सिर्फ मेरा नहीं उनका भी है। लेकिन यदि मेरे यह कहने से वह आहत हुए हैं तो मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूं।"टिप्पणियां
दोनों नेताओं के बीच नोंकझोंक तब हुई जब जोशी खाद्य सुरक्षा विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए तेलंगाना मुद्दे पर विरोध कर रहे कांग्रेस के सदस्यों को शांत करने के लिए कहा।
जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव ने कहा कि राजनीतिक दल सदन को चलाना चाहते हैं और कांग्रेस को अपने सदस्यों को काबू में रखने की जरूरत है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मुरली मनोहर जोशी एवं मंत्री के बीच नोंकझोंक होने के बाद स्वराज ने कमलनाथ से कहा, "आप में शिष्टाचार की कमी है। आप क्या कह रहे हैं उससे ज्यादा अहम आप कैसे कह रहे हैं यह है। यदि आप इस एक मुद्दे का समाधान कर रहे हैं तो अन्य बातों का भी ध्यान रखना होगा।"
लोकसभा में नाराज जोशी ने सवाल किया, "आप इस तरह मुझसे कैसे बात कर रहे हैं? पिछले 40 वर्षों में किसी ने भी मुझसे इस तरह बात नहीं की है?"
मंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने गुस्से में बात कही है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वरिष्ठ सांसद का अनादर का उनका कोई इरादा नहीं था।
कमलनाथ ने कहा, "मैं जोशीजी का सम्मान करता हूं। वह वरिष्ठ नेता हैं। मैंने उनसे गुस्से में बात की कि यह सदन सिर्फ मेरा नहीं उनका भी है। लेकिन यदि मेरे यह कहने से वह आहत हुए हैं तो मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूं।"टिप्पणियां
दोनों नेताओं के बीच नोंकझोंक तब हुई जब जोशी खाद्य सुरक्षा विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए तेलंगाना मुद्दे पर विरोध कर रहे कांग्रेस के सदस्यों को शांत करने के लिए कहा।
जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव ने कहा कि राजनीतिक दल सदन को चलाना चाहते हैं और कांग्रेस को अपने सदस्यों को काबू में रखने की जरूरत है।
लोकसभा में नाराज जोशी ने सवाल किया, "आप इस तरह मुझसे कैसे बात कर रहे हैं? पिछले 40 वर्षों में किसी ने भी मुझसे इस तरह बात नहीं की है?"
मंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने गुस्से में बात कही है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वरिष्ठ सांसद का अनादर का उनका कोई इरादा नहीं था।
कमलनाथ ने कहा, "मैं जोशीजी का सम्मान करता हूं। वह वरिष्ठ नेता हैं। मैंने उनसे गुस्से में बात की कि यह सदन सिर्फ मेरा नहीं उनका भी है। लेकिन यदि मेरे यह कहने से वह आहत हुए हैं तो मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूं।"टिप्पणियां
दोनों नेताओं के बीच नोंकझोंक तब हुई जब जोशी खाद्य सुरक्षा विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए तेलंगाना मुद्दे पर विरोध कर रहे कांग्रेस के सदस्यों को शांत करने के लिए कहा।
जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव ने कहा कि राजनीतिक दल सदन को चलाना चाहते हैं और कांग्रेस को अपने सदस्यों को काबू में रखने की जरूरत है।
मंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने गुस्से में बात कही है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वरिष्ठ सांसद का अनादर का उनका कोई इरादा नहीं था।
कमलनाथ ने कहा, "मैं जोशीजी का सम्मान करता हूं। वह वरिष्ठ नेता हैं। मैंने उनसे गुस्से में बात की कि यह सदन सिर्फ मेरा नहीं उनका भी है। लेकिन यदि मेरे यह कहने से वह आहत हुए हैं तो मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूं।"टिप्पणियां
दोनों नेताओं के बीच नोंकझोंक तब हुई जब जोशी खाद्य सुरक्षा विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए तेलंगाना मुद्दे पर विरोध कर रहे कांग्रेस के सदस्यों को शांत करने के लिए कहा।
जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव ने कहा कि राजनीतिक दल सदन को चलाना चाहते हैं और कांग्रेस को अपने सदस्यों को काबू में रखने की जरूरत है।
कमलनाथ ने कहा, "मैं जोशीजी का सम्मान करता हूं। वह वरिष्ठ नेता हैं। मैंने उनसे गुस्से में बात की कि यह सदन सिर्फ मेरा नहीं उनका भी है। लेकिन यदि मेरे यह कहने से वह आहत हुए हैं तो मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूं।"टिप्पणियां
दोनों नेताओं के बीच नोंकझोंक तब हुई जब जोशी खाद्य सुरक्षा विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए तेलंगाना मुद्दे पर विरोध कर रहे कांग्रेस के सदस्यों को शांत करने के लिए कहा।
जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव ने कहा कि राजनीतिक दल सदन को चलाना चाहते हैं और कांग्रेस को अपने सदस्यों को काबू में रखने की जरूरत है।
दोनों नेताओं के बीच नोंकझोंक तब हुई जब जोशी खाद्य सुरक्षा विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए तेलंगाना मुद्दे पर विरोध कर रहे कांग्रेस के सदस्यों को शांत करने के लिए कहा।
जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव ने कहा कि राजनीतिक दल सदन को चलाना चाहते हैं और कांग्रेस को अपने सदस्यों को काबू में रखने की जरूरत है।
जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव ने कहा कि राजनीतिक दल सदन को चलाना चाहते हैं और कांग्रेस को अपने सदस्यों को काबू में रखने की जरूरत है। | संक्षिप्त सारांश: लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने मंगलवार को संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ से कहा कि यदि सदन को चलाना चाहते हैं तो आपको शिष्ट होना पड़ेगा और अपना रवैया बदलना होगा। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने दावा किया कि 2002 के गुजरात दंगों के चलते ही आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का गठन हुआ।टिप्पणियां
अहमद ने ट्विटर पर लिखा, ‘एनआईए ने अपने आरोपपत्र में कहा है कि गुजरात दंगों के बाद इंडियन मुजाहिदीन का गठन हुआ। भाजपा और आरएसएस अब भी अपनी सांप्रदायिक राजनीति से नहीं रुकेंगे।’ कांग्रेस महासचिव से जब इस बाबत संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया के लिए भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, ‘इंडियन मुजाहिदीन की स्थापना के पीछे 2002 के दंगे वजह है। अगर वे अपनी सांप्रदायिक राजनीति छोड़ दें तो आईएम जैसे संगठन बनना बंद हो जाएंगे।’
अहमद ने आरोप लगाया, ‘देश में सांप्रदायिकता का मुख्य स्रोत आरएसएस और भाजपा हैं। जो लोग सांप्रदायिक राजनीति रोकना चाहते हैं, उन्हें भाजपा और संघ पर दबाव बनाना चाहिए।’
अहमद ने ट्विटर पर लिखा, ‘एनआईए ने अपने आरोपपत्र में कहा है कि गुजरात दंगों के बाद इंडियन मुजाहिदीन का गठन हुआ। भाजपा और आरएसएस अब भी अपनी सांप्रदायिक राजनीति से नहीं रुकेंगे।’ कांग्रेस महासचिव से जब इस बाबत संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया के लिए भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, ‘इंडियन मुजाहिदीन की स्थापना के पीछे 2002 के दंगे वजह है। अगर वे अपनी सांप्रदायिक राजनीति छोड़ दें तो आईएम जैसे संगठन बनना बंद हो जाएंगे।’
अहमद ने आरोप लगाया, ‘देश में सांप्रदायिकता का मुख्य स्रोत आरएसएस और भाजपा हैं। जो लोग सांप्रदायिक राजनीति रोकना चाहते हैं, उन्हें भाजपा और संघ पर दबाव बनाना चाहिए।’
अहमद ने आरोप लगाया, ‘देश में सांप्रदायिकता का मुख्य स्रोत आरएसएस और भाजपा हैं। जो लोग सांप्रदायिक राजनीति रोकना चाहते हैं, उन्हें भाजपा और संघ पर दबाव बनाना चाहिए।’ | संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने दावा किया कि 2002 के गुजरात दंगों के चलते ही आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का गठन हुआ। | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट एसोसिएशन (वाका) मैदान पर खेले गए तीन मैचों की शृंखला के अंतिम टेस्ट मैच में द. अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 309 रनों के भारी अंतर से पराजित कर दिया। इसके साथ ही द. अफ्रीका ने तीन मैचों की टेस्ट शृंखला 1-0 से अपने नाम कर ली। शृंखला के शुरुआती दो मुकाबले ड्रॉ रहे थे।
दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम ने इस जीत से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) टेस्ट चैम्पियनशिप रैंकिंग में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। दक्षिण अफ्रीकी टीम 123 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष पर है जबकि 117 रेटिंग अंकों के साथ इंग्लैंड दूसरे और 114 रेटिंग अंकों के साथ ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से रखे गए रिकॉर्ड 632 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 322 रनों पर ढेर हो गई। उसकी ओर से मिशेल स्टार्क ने सबसे अधिक नाबाद 68 रन बनाए। स्टार्क ने अपनी इस पारी के दौरान 43 गेंदों पर नौ चौके और दो छक्के लगाए।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक बिना कोई विकेट गंवाए 40 रन बना लिए थे। कल के नाबाद लौटे बल्लेबाज एड कोवान (9) और डेविड वॉर्नर (29) ने चौथे दिन के खेल की शुरुआत की।
वॉर्नर अपने कल की निजी रन संख्या में बिना कोई इजाफा किए वर्नेन फिलेंडर की गेंद पर कप्तान ग्रीम स्मिथ को कैच थमाकर चलते बने।
शेन वॉटसन के रूप में ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका लगा जब 29 रन के निजी योग पर उन्हें मोर्ने मोर्कल ने स्मिथ के हाथों कैच कराया। अपना अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग आठ रन बनाकर आउट हुए। उन्हें रॉबिन पीटरसन ने जैक्स कैलिस के हाथों कैच कराया।
पोंटिंग के अंतरराष्ट्रीय करियर का यह अंतिम मैच था। उनके आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों और मैदान में उपस्थित दर्शकों ने तालियां बजाकर पोंटिंग को विदाई दी। पोंटिंग इस अवसर पर भावुक भी हुए। उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में बल्ला व हेलमेट उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया।
कोवान 53, कप्तान माइकल क्लार्क 44, माइकल हसी 26, मैथ्यू वेड 10, मिशेल जॉन्सन तीन, जॉन हेस्टिंग्स 20 और नेथन लियोन ने 31 रन बनाए।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन और पीटरसन ने तीन-तीन जबकि फिलेंडर और मोर्कल ने दो-दो विकेट झटके।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे।
दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम ने इस जीत से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) टेस्ट चैम्पियनशिप रैंकिंग में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। दक्षिण अफ्रीकी टीम 123 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष पर है जबकि 117 रेटिंग अंकों के साथ इंग्लैंड दूसरे और 114 रेटिंग अंकों के साथ ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से रखे गए रिकॉर्ड 632 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 322 रनों पर ढेर हो गई। उसकी ओर से मिशेल स्टार्क ने सबसे अधिक नाबाद 68 रन बनाए। स्टार्क ने अपनी इस पारी के दौरान 43 गेंदों पर नौ चौके और दो छक्के लगाए।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक बिना कोई विकेट गंवाए 40 रन बना लिए थे। कल के नाबाद लौटे बल्लेबाज एड कोवान (9) और डेविड वॉर्नर (29) ने चौथे दिन के खेल की शुरुआत की।
वॉर्नर अपने कल की निजी रन संख्या में बिना कोई इजाफा किए वर्नेन फिलेंडर की गेंद पर कप्तान ग्रीम स्मिथ को कैच थमाकर चलते बने।
शेन वॉटसन के रूप में ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका लगा जब 29 रन के निजी योग पर उन्हें मोर्ने मोर्कल ने स्मिथ के हाथों कैच कराया। अपना अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग आठ रन बनाकर आउट हुए। उन्हें रॉबिन पीटरसन ने जैक्स कैलिस के हाथों कैच कराया।
पोंटिंग के अंतरराष्ट्रीय करियर का यह अंतिम मैच था। उनके आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों और मैदान में उपस्थित दर्शकों ने तालियां बजाकर पोंटिंग को विदाई दी। पोंटिंग इस अवसर पर भावुक भी हुए। उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में बल्ला व हेलमेट उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया।
कोवान 53, कप्तान माइकल क्लार्क 44, माइकल हसी 26, मैथ्यू वेड 10, मिशेल जॉन्सन तीन, जॉन हेस्टिंग्स 20 और नेथन लियोन ने 31 रन बनाए।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन और पीटरसन ने तीन-तीन जबकि फिलेंडर और मोर्कल ने दो-दो विकेट झटके।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से रखे गए रिकॉर्ड 632 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 322 रनों पर ढेर हो गई। उसकी ओर से मिशेल स्टार्क ने सबसे अधिक नाबाद 68 रन बनाए। स्टार्क ने अपनी इस पारी के दौरान 43 गेंदों पर नौ चौके और दो छक्के लगाए।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक बिना कोई विकेट गंवाए 40 रन बना लिए थे। कल के नाबाद लौटे बल्लेबाज एड कोवान (9) और डेविड वॉर्नर (29) ने चौथे दिन के खेल की शुरुआत की।
वॉर्नर अपने कल की निजी रन संख्या में बिना कोई इजाफा किए वर्नेन फिलेंडर की गेंद पर कप्तान ग्रीम स्मिथ को कैच थमाकर चलते बने।
शेन वॉटसन के रूप में ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका लगा जब 29 रन के निजी योग पर उन्हें मोर्ने मोर्कल ने स्मिथ के हाथों कैच कराया। अपना अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग आठ रन बनाकर आउट हुए। उन्हें रॉबिन पीटरसन ने जैक्स कैलिस के हाथों कैच कराया।
पोंटिंग के अंतरराष्ट्रीय करियर का यह अंतिम मैच था। उनके आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों और मैदान में उपस्थित दर्शकों ने तालियां बजाकर पोंटिंग को विदाई दी। पोंटिंग इस अवसर पर भावुक भी हुए। उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में बल्ला व हेलमेट उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया।
कोवान 53, कप्तान माइकल क्लार्क 44, माइकल हसी 26, मैथ्यू वेड 10, मिशेल जॉन्सन तीन, जॉन हेस्टिंग्स 20 और नेथन लियोन ने 31 रन बनाए।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन और पीटरसन ने तीन-तीन जबकि फिलेंडर और मोर्कल ने दो-दो विकेट झटके।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक बिना कोई विकेट गंवाए 40 रन बना लिए थे। कल के नाबाद लौटे बल्लेबाज एड कोवान (9) और डेविड वॉर्नर (29) ने चौथे दिन के खेल की शुरुआत की।
वॉर्नर अपने कल की निजी रन संख्या में बिना कोई इजाफा किए वर्नेन फिलेंडर की गेंद पर कप्तान ग्रीम स्मिथ को कैच थमाकर चलते बने।
शेन वॉटसन के रूप में ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका लगा जब 29 रन के निजी योग पर उन्हें मोर्ने मोर्कल ने स्मिथ के हाथों कैच कराया। अपना अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग आठ रन बनाकर आउट हुए। उन्हें रॉबिन पीटरसन ने जैक्स कैलिस के हाथों कैच कराया।
पोंटिंग के अंतरराष्ट्रीय करियर का यह अंतिम मैच था। उनके आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों और मैदान में उपस्थित दर्शकों ने तालियां बजाकर पोंटिंग को विदाई दी। पोंटिंग इस अवसर पर भावुक भी हुए। उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में बल्ला व हेलमेट उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया।
कोवान 53, कप्तान माइकल क्लार्क 44, माइकल हसी 26, मैथ्यू वेड 10, मिशेल जॉन्सन तीन, जॉन हेस्टिंग्स 20 और नेथन लियोन ने 31 रन बनाए।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन और पीटरसन ने तीन-तीन जबकि फिलेंडर और मोर्कल ने दो-दो विकेट झटके।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे।
वॉर्नर अपने कल की निजी रन संख्या में बिना कोई इजाफा किए वर्नेन फिलेंडर की गेंद पर कप्तान ग्रीम स्मिथ को कैच थमाकर चलते बने।
शेन वॉटसन के रूप में ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका लगा जब 29 रन के निजी योग पर उन्हें मोर्ने मोर्कल ने स्मिथ के हाथों कैच कराया। अपना अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग आठ रन बनाकर आउट हुए। उन्हें रॉबिन पीटरसन ने जैक्स कैलिस के हाथों कैच कराया।
पोंटिंग के अंतरराष्ट्रीय करियर का यह अंतिम मैच था। उनके आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों और मैदान में उपस्थित दर्शकों ने तालियां बजाकर पोंटिंग को विदाई दी। पोंटिंग इस अवसर पर भावुक भी हुए। उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में बल्ला व हेलमेट उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया।
कोवान 53, कप्तान माइकल क्लार्क 44, माइकल हसी 26, मैथ्यू वेड 10, मिशेल जॉन्सन तीन, जॉन हेस्टिंग्स 20 और नेथन लियोन ने 31 रन बनाए।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन और पीटरसन ने तीन-तीन जबकि फिलेंडर और मोर्कल ने दो-दो विकेट झटके।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे।
शेन वॉटसन के रूप में ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका लगा जब 29 रन के निजी योग पर उन्हें मोर्ने मोर्कल ने स्मिथ के हाथों कैच कराया। अपना अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग आठ रन बनाकर आउट हुए। उन्हें रॉबिन पीटरसन ने जैक्स कैलिस के हाथों कैच कराया।
पोंटिंग के अंतरराष्ट्रीय करियर का यह अंतिम मैच था। उनके आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों और मैदान में उपस्थित दर्शकों ने तालियां बजाकर पोंटिंग को विदाई दी। पोंटिंग इस अवसर पर भावुक भी हुए। उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में बल्ला व हेलमेट उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया।
कोवान 53, कप्तान माइकल क्लार्क 44, माइकल हसी 26, मैथ्यू वेड 10, मिशेल जॉन्सन तीन, जॉन हेस्टिंग्स 20 और नेथन लियोन ने 31 रन बनाए।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन और पीटरसन ने तीन-तीन जबकि फिलेंडर और मोर्कल ने दो-दो विकेट झटके।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे।
पोंटिंग के अंतरराष्ट्रीय करियर का यह अंतिम मैच था। उनके आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों और मैदान में उपस्थित दर्शकों ने तालियां बजाकर पोंटिंग को विदाई दी। पोंटिंग इस अवसर पर भावुक भी हुए। उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में बल्ला व हेलमेट उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया।
कोवान 53, कप्तान माइकल क्लार्क 44, माइकल हसी 26, मैथ्यू वेड 10, मिशेल जॉन्सन तीन, जॉन हेस्टिंग्स 20 और नेथन लियोन ने 31 रन बनाए।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन और पीटरसन ने तीन-तीन जबकि फिलेंडर और मोर्कल ने दो-दो विकेट झटके।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे।
कोवान 53, कप्तान माइकल क्लार्क 44, माइकल हसी 26, मैथ्यू वेड 10, मिशेल जॉन्सन तीन, जॉन हेस्टिंग्स 20 और नेथन लियोन ने 31 रन बनाए।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन और पीटरसन ने तीन-तीन जबकि फिलेंडर और मोर्कल ने दो-दो विकेट झटके।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन और पीटरसन ने तीन-तीन जबकि फिलेंडर और मोर्कल ने दो-दो विकेट झटके।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 163 रनों पर सिमट गई थी। इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 62 रनों की बढ़त प्राप्त थी। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 569 रन बनाए थे। | संक्षिप्त सारांश: वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट एसोसिएशन (वाका) मैदान पर खेले गए तीन मैचों की शृंखला के अंतिम टेस्ट मैच में द. अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 309 रनों के भारी अंतर से पराजित कर दिया। इसके साथ ही द. अफ्रीका ने तीन मैचों की टेस्ट शृंखला 1-0 से अपने नाम कर ली। शृंखल | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: धार्मिक संस्थानों द्वारा श्रद्धालुओं को खिलाए जानेवाले मुफ्त भोजन पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) नहीं वसूला जाएगा, लेकिन इसमें लगने वाली सामग्रियों जैसे चीनी, तेल, घी आदि पर जीएसटी लगेगा. सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी. वित्त मंत्रालय ने यहां एक बयान में कहा, 'मीडिया में इस आशय की खबरें चलाई जा रही हैं कि धार्मिक संस्थानों द्वारा संचालित अन्न क्षेत्रों में दिए जाने वाले मुफ्त भोजन पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगेगा. यह बात पूरी तरह से गलत है. इस तरह दिए जाने वाले मुफ्त भोजन पर कुछ भी जीएसटी नहीं देना होगा. इसके अलावा धार्मिक स्थलों जैसे मंदिरों, मस्जिदों, चर्च, गुरुद्वारों, दरगाह में दिए जाने वाले प्रसादम पर सीजीएसटी और एसजीएसटी अथवा आईजीएसटी, जो भी लागू हो, शून्य है.'टिप्पणियां
इसमें आगे कहा गया, 'लेकिन, प्रसादम बनाने में काम आने वाले कुछ कच्चे माल एवं उनसे जुड़ी सेवाओं पर जीएसटी लगेगा. इनमें चीनी, वनस्पति खाद्य तेल, घी, मक्खन, इन वस्तुओं की ढुलाई से जुड़ी सेवा इत्यादि शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर कच्चे माल और इनसे जुड़ी सेवाओं के अनगिनत उपयोग हैं. जीएसटी व्यवस्था के तहत जब किसी विशेष उद्देश्य के लिए आपूर्ति की जाती है तो वैसी स्थिति में चीनी इत्यादि के लिए अलग टैक्स दर तय करना अत्यंत मुश्किल है'
मंत्रालय ने कहा कि चूंकि जीएसटी एक बहुस्तरीय कर है, इसलिए अंतिम उपयोग पर आधारित रियायतों का समुचित प्रबंधन मुश्किल है' यही कारण है कि जीएसटी में अंतिम उपयोग पर आधारित छूट नहीं दी गई हैं. अत: ऐसे में धार्मिक संस्थानों द्वारा मुफ्त वितरण के लिए तैयार किए जाने वाले प्रसादम अथवा भोजन में उपयोग होने वाले कच्चे माल अथवा इससे जुड़ी सेवाओं के लिए अंतिम उपयोग पर आधारित रियायत देना वांछनीय नहीं है'.
इसमें आगे कहा गया, 'लेकिन, प्रसादम बनाने में काम आने वाले कुछ कच्चे माल एवं उनसे जुड़ी सेवाओं पर जीएसटी लगेगा. इनमें चीनी, वनस्पति खाद्य तेल, घी, मक्खन, इन वस्तुओं की ढुलाई से जुड़ी सेवा इत्यादि शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर कच्चे माल और इनसे जुड़ी सेवाओं के अनगिनत उपयोग हैं. जीएसटी व्यवस्था के तहत जब किसी विशेष उद्देश्य के लिए आपूर्ति की जाती है तो वैसी स्थिति में चीनी इत्यादि के लिए अलग टैक्स दर तय करना अत्यंत मुश्किल है'
मंत्रालय ने कहा कि चूंकि जीएसटी एक बहुस्तरीय कर है, इसलिए अंतिम उपयोग पर आधारित रियायतों का समुचित प्रबंधन मुश्किल है' यही कारण है कि जीएसटी में अंतिम उपयोग पर आधारित छूट नहीं दी गई हैं. अत: ऐसे में धार्मिक संस्थानों द्वारा मुफ्त वितरण के लिए तैयार किए जाने वाले प्रसादम अथवा भोजन में उपयोग होने वाले कच्चे माल अथवा इससे जुड़ी सेवाओं के लिए अंतिम उपयोग पर आधारित रियायत देना वांछनीय नहीं है'.
मंत्रालय ने कहा कि चूंकि जीएसटी एक बहुस्तरीय कर है, इसलिए अंतिम उपयोग पर आधारित रियायतों का समुचित प्रबंधन मुश्किल है' यही कारण है कि जीएसटी में अंतिम उपयोग पर आधारित छूट नहीं दी गई हैं. अत: ऐसे में धार्मिक संस्थानों द्वारा मुफ्त वितरण के लिए तैयार किए जाने वाले प्रसादम अथवा भोजन में उपयोग होने वाले कच्चे माल अथवा इससे जुड़ी सेवाओं के लिए अंतिम उपयोग पर आधारित रियायत देना वांछनीय नहीं है'. | श्रद्धालुओं को खिलाए जानेवाले मुफ्त भोजन पर नहीं लगेगा जीएसटी
लेकिन प्रसादम बनाने में काम आने वाले कुछ कच्चे माल पर लगेगा GST
धार्मिक स्थलों पर CGST और SGST अथवा IGST, जो भी लागू हो, शून्य है | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना में दो दिन शेष हैं और सर्वेक्षणों में सत्ता परिवर्तन के संकेत के बाद परिणामों के लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है। शुक्रवार को सुबह आठ बजे अनेक मतगणना केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीने (ईवीएम) खुलेंगी और मतगणना शुरू होगी तथा इसके साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस-कांग्रेस गठजोड़ द्वारा सत्ता परिवर्तन होने या फिर वाम मोर्चा द्वारा लगातार आठवीं बार सत्ता में वापसी की संभावना को लेकर चल रही बहस खत्म हो जाएगी। एक तरफ वाम मोर्चा के अध्यक्ष विमान बोस ने वामपंथी सरकार की वापसी का दावा किया है वहीं तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने एक्जिट पोल के नतीजों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। बदला नोई, बदल चाई (बदला नहीं, बदलाव चाहिए) का नारा देने वाली ममता ने कहा कि उनके जीतने की स्थिति में कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा क्योंकि इससे तनाव व्याप्त हो सकता है। राज्य चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार 13 मई को सारे नतीजे अपराह्न दो बजे तक आ सकते हैं। चुनाव परिणाम के बाद किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल में पहली बार ऐसा देखने को मिला है जब तीन सप्ताह तक छह चरणों में हुए मतदान में कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। चुनाव लड़ने वाली लगभग सभी पार्टियों ने इसके लिए चुनाव आयोग के पुख्ता इंतजामों को श्रेय दिया। चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि पूर्ववर्ती चुनावों के विपरीत इस बार कुछ ही मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया और शिकायतें भी अपेक्षाकृत काफी कम आईं। आयोग ने भी राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी राजनीतिक दलों को धन्यवाद दिया है। इस बीच राजधानी कोलकाता में प्रदेश सचिवालय राइटर्स बिल्डिंग को संवारा जा रहा है और मंत्रियों के कक्षों को नया रूप दिया जा रहा है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शुक्रवार को सुबह आठ बजे अनेक मतगणना केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीने (ईवीएम) खुलेंगी और मतगणना शुरू होगी। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: फरीदाबाद जिले के रायपुरकलां गांव में आपसी रंजिश के कारण हथियारबंद लोगों ने एक महिला को निर्वस्त्र कर गांव के चौराहे पर घुमाया।
फरीदाबाद के डीसीपी राजकुमार ने बताया कि गांव के ईश्वर सिंह ने 11 मार्च को अपनी नाबालिग बेटी की शादी तय की थी लेकिन इस बारे में किसी ने अदालत में शिकायत कर दी। अदालत के निर्देश पर प्रशासन ने यह शादी रुकवा दी। उन्होंने बताया कि इसी रंजिश के कारण होली वाले दिन ईश्वर सिंह ने अपने पड़ोसी बलिहार सिंह के घर पर अपने दर्जनों हथियारबंद साथियों के साथ हमला कर दिया और बलिहार की मां के वस्त्र फाड़कर उसे निर्वस्त्र कर गांव के चौराहे पर घुमाया।टिप्पणियां
आरोप है कि हमलावरों ने महिला की बेटी के साथ भी छेड़छाड़ की।
पुलिस ने इस सिलसिले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 323, 427, 148, 149, 452, 356, 506 और 500 के तहत मामला
दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
फरीदाबाद के डीसीपी राजकुमार ने बताया कि गांव के ईश्वर सिंह ने 11 मार्च को अपनी नाबालिग बेटी की शादी तय की थी लेकिन इस बारे में किसी ने अदालत में शिकायत कर दी। अदालत के निर्देश पर प्रशासन ने यह शादी रुकवा दी। उन्होंने बताया कि इसी रंजिश के कारण होली वाले दिन ईश्वर सिंह ने अपने पड़ोसी बलिहार सिंह के घर पर अपने दर्जनों हथियारबंद साथियों के साथ हमला कर दिया और बलिहार की मां के वस्त्र फाड़कर उसे निर्वस्त्र कर गांव के चौराहे पर घुमाया।टिप्पणियां
आरोप है कि हमलावरों ने महिला की बेटी के साथ भी छेड़छाड़ की।
पुलिस ने इस सिलसिले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 323, 427, 148, 149, 452, 356, 506 और 500 के तहत मामला
दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
आरोप है कि हमलावरों ने महिला की बेटी के साथ भी छेड़छाड़ की।
पुलिस ने इस सिलसिले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 323, 427, 148, 149, 452, 356, 506 और 500 के तहत मामला
दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस ने इस सिलसिले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 323, 427, 148, 149, 452, 356, 506 और 500 के तहत मामला
दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। | यह एक सारांश है: फरीदाबाद जिले के रायपुरकलां गांव में आपसी रंजिश के कारण हथियारबंद लोगों ने एक महिला को निर्वस्त्र कर गांव के चौराहे पर घुमाया। | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जर्मनी के मोनशेनग्लैडबाख़ से जीतकर लौटी पीली जर्सी पहने भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की सभी खिलाड़ियों के चेहरे खिले हुए थे। दिल्ली के ’द ललित’ नाम के पांच सितारा होटल में इन खिलाड़ियों को एक−एककर स्टेज पर बुलाया गया तो उनके सम्मान में भारतीय पुरुष टीम के खिलाड़ी भी तालियां बजाने को मौजूद थे।
जूनियर वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत के बाद हॉकी खिलाड़ियों को एक−एक लाख रुपये की इनामी रक़म दी गई जबकि सभी सपोर्ट स्टाफ़ के सदस्यों को पचास−पचास हज़ार रुपये की रक़म दी गई।
वैसे तो यह रक़म बड़ी नहीं है लेकिन खिलाड़ियों को इसका मलाल भी नहीं। लेकिन फ़िक्र इस बात की है कि इस टीम के आने वाले कल की तस्वीर बहुत साफ़ नहीं। ज़्यादातर खिलाड़ियों के लिए स्पॉन्सर और नौकरी की तलाश जारी है।
इन जूनियर खिलाड़ियों ने हॉकी के मैदान पर इतिहास कायम कर अपनी ज़िम्मेदारी निभा दी है। हॉकी इंडिया इन सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ के कारनामे से प्रभावित तो है मगर इससे ज़्यादा पैसे दे पाना उनके बस में नहीं।
कॉरपोरेट जगत फ़िलहाल इस जीत की गूंज नहीं सुन पा रहा और बेख़बर होने का स्वांग रच रहा है। अगर खिलाड़ियों की हालत और ज़रूरत को सुनें तो और बुरा लग सकता है।
रांची की सुपर हीरो गोलकीपर बिगन सोय कहती हैं 'जो भी पैसा मिला है उसे घर बनाने में खर्च करूंगी। इससे पूरा घर तो नहीं बन पाएगा, लेकिन चलेगा। मैं बहुत खुश हूं।'
रेलवे में काम करने वाली वंदना कटारिया की हालत बिगन सोय से बेहतर है। उनके पिता के पास पब्लिक सेक्टर में नौकरी है। वंदना कहती हैं, 'ये पैसे में घरवालों को दे दूंगी। उन्हें ज़रूरत है। उनके काम आएगी... लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस जीत से कॉरपोरेट जगत और स्पांसर उनकी मदद के लिए ज़रूर आगे आएंगे।
पहले भी अपने लिए अलग प्रेरणा तलाशकर मैदान पर कारनामा करने वाली इन लड़कियों का हौसला टूटा नहीं है। ये सब इसी उम्मीद से खेलती हैं कि हॉकी की तस्वीर एक दिन ज़रूर बदलेगी।
वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनीं रानी रामपाल कहती हैं... 'मुझे लगता है कि ये तस्वीर ज़रूर बदलेगी। ये तस्वीर बदलनी चाहिए।'
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
जूनियर वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत के बाद हॉकी खिलाड़ियों को एक−एक लाख रुपये की इनामी रक़म दी गई जबकि सभी सपोर्ट स्टाफ़ के सदस्यों को पचास−पचास हज़ार रुपये की रक़म दी गई।
वैसे तो यह रक़म बड़ी नहीं है लेकिन खिलाड़ियों को इसका मलाल भी नहीं। लेकिन फ़िक्र इस बात की है कि इस टीम के आने वाले कल की तस्वीर बहुत साफ़ नहीं। ज़्यादातर खिलाड़ियों के लिए स्पॉन्सर और नौकरी की तलाश जारी है।
इन जूनियर खिलाड़ियों ने हॉकी के मैदान पर इतिहास कायम कर अपनी ज़िम्मेदारी निभा दी है। हॉकी इंडिया इन सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ के कारनामे से प्रभावित तो है मगर इससे ज़्यादा पैसे दे पाना उनके बस में नहीं।
कॉरपोरेट जगत फ़िलहाल इस जीत की गूंज नहीं सुन पा रहा और बेख़बर होने का स्वांग रच रहा है। अगर खिलाड़ियों की हालत और ज़रूरत को सुनें तो और बुरा लग सकता है।
रांची की सुपर हीरो गोलकीपर बिगन सोय कहती हैं 'जो भी पैसा मिला है उसे घर बनाने में खर्च करूंगी। इससे पूरा घर तो नहीं बन पाएगा, लेकिन चलेगा। मैं बहुत खुश हूं।'
रेलवे में काम करने वाली वंदना कटारिया की हालत बिगन सोय से बेहतर है। उनके पिता के पास पब्लिक सेक्टर में नौकरी है। वंदना कहती हैं, 'ये पैसे में घरवालों को दे दूंगी। उन्हें ज़रूरत है। उनके काम आएगी... लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस जीत से कॉरपोरेट जगत और स्पांसर उनकी मदद के लिए ज़रूर आगे आएंगे।
पहले भी अपने लिए अलग प्रेरणा तलाशकर मैदान पर कारनामा करने वाली इन लड़कियों का हौसला टूटा नहीं है। ये सब इसी उम्मीद से खेलती हैं कि हॉकी की तस्वीर एक दिन ज़रूर बदलेगी।
वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनीं रानी रामपाल कहती हैं... 'मुझे लगता है कि ये तस्वीर ज़रूर बदलेगी। ये तस्वीर बदलनी चाहिए।'
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
वैसे तो यह रक़म बड़ी नहीं है लेकिन खिलाड़ियों को इसका मलाल भी नहीं। लेकिन फ़िक्र इस बात की है कि इस टीम के आने वाले कल की तस्वीर बहुत साफ़ नहीं। ज़्यादातर खिलाड़ियों के लिए स्पॉन्सर और नौकरी की तलाश जारी है।
इन जूनियर खिलाड़ियों ने हॉकी के मैदान पर इतिहास कायम कर अपनी ज़िम्मेदारी निभा दी है। हॉकी इंडिया इन सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ के कारनामे से प्रभावित तो है मगर इससे ज़्यादा पैसे दे पाना उनके बस में नहीं।
कॉरपोरेट जगत फ़िलहाल इस जीत की गूंज नहीं सुन पा रहा और बेख़बर होने का स्वांग रच रहा है। अगर खिलाड़ियों की हालत और ज़रूरत को सुनें तो और बुरा लग सकता है।
रांची की सुपर हीरो गोलकीपर बिगन सोय कहती हैं 'जो भी पैसा मिला है उसे घर बनाने में खर्च करूंगी। इससे पूरा घर तो नहीं बन पाएगा, लेकिन चलेगा। मैं बहुत खुश हूं।'
रेलवे में काम करने वाली वंदना कटारिया की हालत बिगन सोय से बेहतर है। उनके पिता के पास पब्लिक सेक्टर में नौकरी है। वंदना कहती हैं, 'ये पैसे में घरवालों को दे दूंगी। उन्हें ज़रूरत है। उनके काम आएगी... लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस जीत से कॉरपोरेट जगत और स्पांसर उनकी मदद के लिए ज़रूर आगे आएंगे।
पहले भी अपने लिए अलग प्रेरणा तलाशकर मैदान पर कारनामा करने वाली इन लड़कियों का हौसला टूटा नहीं है। ये सब इसी उम्मीद से खेलती हैं कि हॉकी की तस्वीर एक दिन ज़रूर बदलेगी।
वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनीं रानी रामपाल कहती हैं... 'मुझे लगता है कि ये तस्वीर ज़रूर बदलेगी। ये तस्वीर बदलनी चाहिए।'
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
इन जूनियर खिलाड़ियों ने हॉकी के मैदान पर इतिहास कायम कर अपनी ज़िम्मेदारी निभा दी है। हॉकी इंडिया इन सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ के कारनामे से प्रभावित तो है मगर इससे ज़्यादा पैसे दे पाना उनके बस में नहीं।
कॉरपोरेट जगत फ़िलहाल इस जीत की गूंज नहीं सुन पा रहा और बेख़बर होने का स्वांग रच रहा है। अगर खिलाड़ियों की हालत और ज़रूरत को सुनें तो और बुरा लग सकता है।
रांची की सुपर हीरो गोलकीपर बिगन सोय कहती हैं 'जो भी पैसा मिला है उसे घर बनाने में खर्च करूंगी। इससे पूरा घर तो नहीं बन पाएगा, लेकिन चलेगा। मैं बहुत खुश हूं।'
रेलवे में काम करने वाली वंदना कटारिया की हालत बिगन सोय से बेहतर है। उनके पिता के पास पब्लिक सेक्टर में नौकरी है। वंदना कहती हैं, 'ये पैसे में घरवालों को दे दूंगी। उन्हें ज़रूरत है। उनके काम आएगी... लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस जीत से कॉरपोरेट जगत और स्पांसर उनकी मदद के लिए ज़रूर आगे आएंगे।
पहले भी अपने लिए अलग प्रेरणा तलाशकर मैदान पर कारनामा करने वाली इन लड़कियों का हौसला टूटा नहीं है। ये सब इसी उम्मीद से खेलती हैं कि हॉकी की तस्वीर एक दिन ज़रूर बदलेगी।
वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनीं रानी रामपाल कहती हैं... 'मुझे लगता है कि ये तस्वीर ज़रूर बदलेगी। ये तस्वीर बदलनी चाहिए।'
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
कॉरपोरेट जगत फ़िलहाल इस जीत की गूंज नहीं सुन पा रहा और बेख़बर होने का स्वांग रच रहा है। अगर खिलाड़ियों की हालत और ज़रूरत को सुनें तो और बुरा लग सकता है।
रांची की सुपर हीरो गोलकीपर बिगन सोय कहती हैं 'जो भी पैसा मिला है उसे घर बनाने में खर्च करूंगी। इससे पूरा घर तो नहीं बन पाएगा, लेकिन चलेगा। मैं बहुत खुश हूं।'
रेलवे में काम करने वाली वंदना कटारिया की हालत बिगन सोय से बेहतर है। उनके पिता के पास पब्लिक सेक्टर में नौकरी है। वंदना कहती हैं, 'ये पैसे में घरवालों को दे दूंगी। उन्हें ज़रूरत है। उनके काम आएगी... लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस जीत से कॉरपोरेट जगत और स्पांसर उनकी मदद के लिए ज़रूर आगे आएंगे।
पहले भी अपने लिए अलग प्रेरणा तलाशकर मैदान पर कारनामा करने वाली इन लड़कियों का हौसला टूटा नहीं है। ये सब इसी उम्मीद से खेलती हैं कि हॉकी की तस्वीर एक दिन ज़रूर बदलेगी।
वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनीं रानी रामपाल कहती हैं... 'मुझे लगता है कि ये तस्वीर ज़रूर बदलेगी। ये तस्वीर बदलनी चाहिए।'
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
रांची की सुपर हीरो गोलकीपर बिगन सोय कहती हैं 'जो भी पैसा मिला है उसे घर बनाने में खर्च करूंगी। इससे पूरा घर तो नहीं बन पाएगा, लेकिन चलेगा। मैं बहुत खुश हूं।'
रेलवे में काम करने वाली वंदना कटारिया की हालत बिगन सोय से बेहतर है। उनके पिता के पास पब्लिक सेक्टर में नौकरी है। वंदना कहती हैं, 'ये पैसे में घरवालों को दे दूंगी। उन्हें ज़रूरत है। उनके काम आएगी... लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस जीत से कॉरपोरेट जगत और स्पांसर उनकी मदद के लिए ज़रूर आगे आएंगे।
पहले भी अपने लिए अलग प्रेरणा तलाशकर मैदान पर कारनामा करने वाली इन लड़कियों का हौसला टूटा नहीं है। ये सब इसी उम्मीद से खेलती हैं कि हॉकी की तस्वीर एक दिन ज़रूर बदलेगी।
वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनीं रानी रामपाल कहती हैं... 'मुझे लगता है कि ये तस्वीर ज़रूर बदलेगी। ये तस्वीर बदलनी चाहिए।'
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
रेलवे में काम करने वाली वंदना कटारिया की हालत बिगन सोय से बेहतर है। उनके पिता के पास पब्लिक सेक्टर में नौकरी है। वंदना कहती हैं, 'ये पैसे में घरवालों को दे दूंगी। उन्हें ज़रूरत है। उनके काम आएगी... लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस जीत से कॉरपोरेट जगत और स्पांसर उनकी मदद के लिए ज़रूर आगे आएंगे।
पहले भी अपने लिए अलग प्रेरणा तलाशकर मैदान पर कारनामा करने वाली इन लड़कियों का हौसला टूटा नहीं है। ये सब इसी उम्मीद से खेलती हैं कि हॉकी की तस्वीर एक दिन ज़रूर बदलेगी।
वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनीं रानी रामपाल कहती हैं... 'मुझे लगता है कि ये तस्वीर ज़रूर बदलेगी। ये तस्वीर बदलनी चाहिए।'
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
पहले भी अपने लिए अलग प्रेरणा तलाशकर मैदान पर कारनामा करने वाली इन लड़कियों का हौसला टूटा नहीं है। ये सब इसी उम्मीद से खेलती हैं कि हॉकी की तस्वीर एक दिन ज़रूर बदलेगी।
वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनीं रानी रामपाल कहती हैं... 'मुझे लगता है कि ये तस्वीर ज़रूर बदलेगी। ये तस्वीर बदलनी चाहिए।'
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनीं रानी रामपाल कहती हैं... 'मुझे लगता है कि ये तस्वीर ज़रूर बदलेगी। ये तस्वीर बदलनी चाहिए।'
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
कर्नाटक की एमएन पूनम्मा के पास कोई नौकरी नहीं है लेकिन वह हॉकी की दशा और उसकी वजह को समझती हैं। वह कहती हैं, 'यह तो पहला कदम है। अभी आने वाले टूर्नामेंट में हम और मेहनत करेंगी। लोगों को हमसे उम्मीद बंधी है और हम उन्हें करके दिखाएंगे।'
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
वंदना कटारिया कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपील करती हैं कि उनकी बात से नहीं उनके खेल को देखकर कॉरपोरेट वर्ल्ड को आगे आना चाहिए। टीम में कई खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है। सबको नौकरी की ज़रूरत है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेन्द्र बत्रा कहते हैं कि कॉरपोरेट हाउस दावा तो करते हैं मगर मदद के वक्त हाथ पीछे खींच लेते हैं।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
नरेन्द्र बत्रा का कहना है कि कुछ कॉरपोरेट हाउसेज़ को छोड़ दें तो बाकी लिप सर्विस करते हैं। इन गेम्स के लिए ज़्यादा कॉरपोरेट आगे नहीं आते। राज्य सरकार और कॉरपोरेट जगत को आगे आना चाहिए।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
जबकि हॉकी पत्रकार के आरमुगम इन सबसे लिए हॉकी तंत्र को ज़िम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि अगर आप साल में एक या दो टूर्नामेंट करोगे तो कॉरपोरेट आपकी कैसे मदद करेगा। आपको इंडियन बैडमिंटन लीग की तरह कुछ अलग कुछ नया करना होगा। आप कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सोचेंगे तभी वे आपकी मदद कर पाएंगे।टिप्पणियां
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
इन सबके बीच कोच नरेन्द्र सिंह सैनी या महिला टीम के कोच रहे एमके कौशिक इतना ज़रूर कहते हैं कि टीम के पास अच्छे जूनियर खिलाड़ी हैं और इनके आधार पर अगर इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए तो हॉकी की बुलंद इमारत खड़ी की जा सकती है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है।
हॉकी की जीत और उनके स्वागत समारोह के लिए चार दिन की चांदनी वाली कहावत का इस्तेमाल करना शायद ज़्यादती हो लेकिन हॉकी तंत्र और कॉरपोरेट जगत ने इसका इस्तामाल सही तरीके से नहीं किया तो इस जीत की अहमियत भी सिर्फ़ इतिहास बन सकती है। ऐसा लगातार होता रहा है। | जर्मनी के मोनशेनग्लैडबाख़ से जीतकर लौटी पीली जर्सी पहने भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की सभी खिलाड़ियों के चेहरे खिले हुए थे। | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा की मशहूर परफ्यूमर मोनिका घुर्डे की हत्या के मामले में गोवा पुलिस ने फरार आरोपी को पकड़ने के लिए कुछ सुरागों के आधार पर पड़ोसी राज्यों में अपनी टीमें भेजी हैं.
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) विमल गुप्ता ने कहा, ‘‘हम जल्द ही मामला सुलझा लेंगे. हम अलग अलग थ्योरी पर काम कर रहे हैं. कल हमने पड़ोसी राज्यों सहित विभिन्न जगहों पर अपनी टीमें भेजीं.’’ गत छह अक्तूबर को सानगोल्डा गांव में किराये के एक घर में 39 साल की फोटोग्राफर-परफ्यूम विशेषज्ञ का शव पाया गया था.
पुलिस को संदेह है कि पांच अक्तूबर की दोपहर से रात के बीच किसी समय मोनिका के साथ बलात्कार किया गया और उनकी हत्या की गयी क्योंकि वह उस समय से किसी के संपर्क में नहीं थी. पुलिस डकैती के पहलू को खारिज कर रही है क्योंकि मोनिका के फ्लैट से कुछ भी गायब नहीं है जिससे यह लग रहा है कि हत्यारा मोनिका का जानने वाला हो सकता है.
गुप्ता ने कहा कि मोनिका मूल रूप से नागपुर की रहने वाली थी और उसने तमिलनाडु के फोटोग्राफर भरत राममरूतम से शादी की थी लेकिन पति से अलग होने से पहले पणजी के पास पोरवोरिम इलाके में रहती थी और बाद में सानगोल्डा में रहने लगी.
डीआईजी ने कहा, ‘‘पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि वह जुलाई में सानगोल्डा आ गयी थी और तब से अकेले रह रही थी.’’ उन्होंने कहा कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसे मौत की सही वजह का पता चलेगा.टिप्पणियां
गुप्ता ने कहा कि हत्या का पता तब चला जब छह अक्तूबर को मोनिका की घरेलू सहायिका वहां आयी और घर का दरवाजा बंद देखा. बार बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब मोनिका ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने मुंबई में रहने वाले मोनिका के भाई आनंद को फोन किया. आनंद ने फिर भरत को और मोनिका की पड़ोसी एक अमेरिकी महिला को फोन किया जिसके पास घर की दूसरी चाबी थी. उस चाबी से घर का दरवाजा खोलने के बाद अंदर शव पाया गया.
घटना को लेकर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मोनिका ने अपनी परफ्यूम बनाने वाली कंपनी मो लैब स्थापित की थी। वह गोवा के सोशल सर्कल का हिस्सा थीं.
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) विमल गुप्ता ने कहा, ‘‘हम जल्द ही मामला सुलझा लेंगे. हम अलग अलग थ्योरी पर काम कर रहे हैं. कल हमने पड़ोसी राज्यों सहित विभिन्न जगहों पर अपनी टीमें भेजीं.’’ गत छह अक्तूबर को सानगोल्डा गांव में किराये के एक घर में 39 साल की फोटोग्राफर-परफ्यूम विशेषज्ञ का शव पाया गया था.
पुलिस को संदेह है कि पांच अक्तूबर की दोपहर से रात के बीच किसी समय मोनिका के साथ बलात्कार किया गया और उनकी हत्या की गयी क्योंकि वह उस समय से किसी के संपर्क में नहीं थी. पुलिस डकैती के पहलू को खारिज कर रही है क्योंकि मोनिका के फ्लैट से कुछ भी गायब नहीं है जिससे यह लग रहा है कि हत्यारा मोनिका का जानने वाला हो सकता है.
गुप्ता ने कहा कि मोनिका मूल रूप से नागपुर की रहने वाली थी और उसने तमिलनाडु के फोटोग्राफर भरत राममरूतम से शादी की थी लेकिन पति से अलग होने से पहले पणजी के पास पोरवोरिम इलाके में रहती थी और बाद में सानगोल्डा में रहने लगी.
डीआईजी ने कहा, ‘‘पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि वह जुलाई में सानगोल्डा आ गयी थी और तब से अकेले रह रही थी.’’ उन्होंने कहा कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसे मौत की सही वजह का पता चलेगा.टिप्पणियां
गुप्ता ने कहा कि हत्या का पता तब चला जब छह अक्तूबर को मोनिका की घरेलू सहायिका वहां आयी और घर का दरवाजा बंद देखा. बार बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब मोनिका ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने मुंबई में रहने वाले मोनिका के भाई आनंद को फोन किया. आनंद ने फिर भरत को और मोनिका की पड़ोसी एक अमेरिकी महिला को फोन किया जिसके पास घर की दूसरी चाबी थी. उस चाबी से घर का दरवाजा खोलने के बाद अंदर शव पाया गया.
घटना को लेकर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मोनिका ने अपनी परफ्यूम बनाने वाली कंपनी मो लैब स्थापित की थी। वह गोवा के सोशल सर्कल का हिस्सा थीं.
पुलिस को संदेह है कि पांच अक्तूबर की दोपहर से रात के बीच किसी समय मोनिका के साथ बलात्कार किया गया और उनकी हत्या की गयी क्योंकि वह उस समय से किसी के संपर्क में नहीं थी. पुलिस डकैती के पहलू को खारिज कर रही है क्योंकि मोनिका के फ्लैट से कुछ भी गायब नहीं है जिससे यह लग रहा है कि हत्यारा मोनिका का जानने वाला हो सकता है.
गुप्ता ने कहा कि मोनिका मूल रूप से नागपुर की रहने वाली थी और उसने तमिलनाडु के फोटोग्राफर भरत राममरूतम से शादी की थी लेकिन पति से अलग होने से पहले पणजी के पास पोरवोरिम इलाके में रहती थी और बाद में सानगोल्डा में रहने लगी.
डीआईजी ने कहा, ‘‘पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि वह जुलाई में सानगोल्डा आ गयी थी और तब से अकेले रह रही थी.’’ उन्होंने कहा कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसे मौत की सही वजह का पता चलेगा.टिप्पणियां
गुप्ता ने कहा कि हत्या का पता तब चला जब छह अक्तूबर को मोनिका की घरेलू सहायिका वहां आयी और घर का दरवाजा बंद देखा. बार बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब मोनिका ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने मुंबई में रहने वाले मोनिका के भाई आनंद को फोन किया. आनंद ने फिर भरत को और मोनिका की पड़ोसी एक अमेरिकी महिला को फोन किया जिसके पास घर की दूसरी चाबी थी. उस चाबी से घर का दरवाजा खोलने के बाद अंदर शव पाया गया.
घटना को लेकर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मोनिका ने अपनी परफ्यूम बनाने वाली कंपनी मो लैब स्थापित की थी। वह गोवा के सोशल सर्कल का हिस्सा थीं.
गुप्ता ने कहा कि मोनिका मूल रूप से नागपुर की रहने वाली थी और उसने तमिलनाडु के फोटोग्राफर भरत राममरूतम से शादी की थी लेकिन पति से अलग होने से पहले पणजी के पास पोरवोरिम इलाके में रहती थी और बाद में सानगोल्डा में रहने लगी.
डीआईजी ने कहा, ‘‘पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि वह जुलाई में सानगोल्डा आ गयी थी और तब से अकेले रह रही थी.’’ उन्होंने कहा कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसे मौत की सही वजह का पता चलेगा.टिप्पणियां
गुप्ता ने कहा कि हत्या का पता तब चला जब छह अक्तूबर को मोनिका की घरेलू सहायिका वहां आयी और घर का दरवाजा बंद देखा. बार बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब मोनिका ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने मुंबई में रहने वाले मोनिका के भाई आनंद को फोन किया. आनंद ने फिर भरत को और मोनिका की पड़ोसी एक अमेरिकी महिला को फोन किया जिसके पास घर की दूसरी चाबी थी. उस चाबी से घर का दरवाजा खोलने के बाद अंदर शव पाया गया.
घटना को लेकर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मोनिका ने अपनी परफ्यूम बनाने वाली कंपनी मो लैब स्थापित की थी। वह गोवा के सोशल सर्कल का हिस्सा थीं.
डीआईजी ने कहा, ‘‘पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि वह जुलाई में सानगोल्डा आ गयी थी और तब से अकेले रह रही थी.’’ उन्होंने कहा कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसे मौत की सही वजह का पता चलेगा.टिप्पणियां
गुप्ता ने कहा कि हत्या का पता तब चला जब छह अक्तूबर को मोनिका की घरेलू सहायिका वहां आयी और घर का दरवाजा बंद देखा. बार बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब मोनिका ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने मुंबई में रहने वाले मोनिका के भाई आनंद को फोन किया. आनंद ने फिर भरत को और मोनिका की पड़ोसी एक अमेरिकी महिला को फोन किया जिसके पास घर की दूसरी चाबी थी. उस चाबी से घर का दरवाजा खोलने के बाद अंदर शव पाया गया.
घटना को लेकर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मोनिका ने अपनी परफ्यूम बनाने वाली कंपनी मो लैब स्थापित की थी। वह गोवा के सोशल सर्कल का हिस्सा थीं.
गुप्ता ने कहा कि हत्या का पता तब चला जब छह अक्तूबर को मोनिका की घरेलू सहायिका वहां आयी और घर का दरवाजा बंद देखा. बार बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब मोनिका ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने मुंबई में रहने वाले मोनिका के भाई आनंद को फोन किया. आनंद ने फिर भरत को और मोनिका की पड़ोसी एक अमेरिकी महिला को फोन किया जिसके पास घर की दूसरी चाबी थी. उस चाबी से घर का दरवाजा खोलने के बाद अंदर शव पाया गया.
घटना को लेकर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मोनिका ने अपनी परफ्यूम बनाने वाली कंपनी मो लैब स्थापित की थी। वह गोवा के सोशल सर्कल का हिस्सा थीं.
घटना को लेकर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मोनिका ने अपनी परफ्यूम बनाने वाली कंपनी मो लैब स्थापित की थी। वह गोवा के सोशल सर्कल का हिस्सा थीं. | संक्षिप्त पाठ: मशहूर परफ्यूमर मोनिका घुर्डे गोवा में अपने घर पर मृत मिली थीं
गोवा पुलिस ने कुछ सुरागों के आधार पर पड़ोसी राज्यों में टीमें भेजी हैं
डीआईजी विमल गुप्ता ने कहा, ‘‘हम जल्द ही मामला सुलझा लेंगे'' | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 127.75 अंकों की तेजी के साथ 18,542.20 पर और निफ्टी 35.30 अंकों की तेजी के साथ 5,594.00 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 163.07 अंकों की तेजी के साथ 18,577.52 पर खुला और 127.75 अंकों या 0.69 फीसदी की तेजी के साथ 18,542.20 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,599.14 के ऊपरी और 18,397.94 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 42.95 अंकों की तेजी के साथ 5,601.65 पर खुला और 35.30 अंकों यानी 0.64 फीसदी की तेजी के साथ 5,594.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,610.65 के ऊपरी और 5,542.85 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 3.79 अंकोंकी तेजी के साथ 6,107.92 पर और स्मॉलकैप 37.21 अंकों की तेजी के साथ 5,894.84 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (2.21 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.04 फीसदी), बैंकिंग (1.53 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 163.07 अंकों की तेजी के साथ 18,577.52 पर खुला और 127.75 अंकों या 0.69 फीसदी की तेजी के साथ 18,542.20 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,599.14 के ऊपरी और 18,397.94 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 42.95 अंकों की तेजी के साथ 5,601.65 पर खुला और 35.30 अंकों यानी 0.64 फीसदी की तेजी के साथ 5,594.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,610.65 के ऊपरी और 5,542.85 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 3.79 अंकोंकी तेजी के साथ 6,107.92 पर और स्मॉलकैप 37.21 अंकों की तेजी के साथ 5,894.84 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (2.21 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.04 फीसदी), बैंकिंग (1.53 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 42.95 अंकों की तेजी के साथ 5,601.65 पर खुला और 35.30 अंकों यानी 0.64 फीसदी की तेजी के साथ 5,594.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,610.65 के ऊपरी और 5,542.85 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 3.79 अंकोंकी तेजी के साथ 6,107.92 पर और स्मॉलकैप 37.21 अंकों की तेजी के साथ 5,894.84 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (2.21 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.04 फीसदी), बैंकिंग (1.53 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 3.79 अंकोंकी तेजी के साथ 6,107.92 पर और स्मॉलकैप 37.21 अंकों की तेजी के साथ 5,894.84 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (2.21 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.04 फीसदी), बैंकिंग (1.53 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (2.21 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.04 फीसदी), बैंकिंग (1.53 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। | देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 127.75 अंकों की तेजी के साथ 18,542.20 पर और निफ्टी 35.30 अंकों की तेजी के साथ 5,594.00 पर बंद हुआ। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फर्जी IPS अधिकारी बनकर महिलाओं को फोन करके सरकारी नौकरी का प्रलोभन देकर परेशान करने वाले उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति को छेड़छाड़ के मामले में रविवार को गुड़गांव के एक गांव से गिरफ्तार किया गया. दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले गौरी शंकर (38) के रूप में हुई है. उसे हरियाणा के मुल्लाहेड़ा गांव से गिरफ्तार कर लिया गया. उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 354 अ के तहत (महिलाओं से छेड़छाड़) का मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक गौरीशंकर महिलाओं को मोबाइल पर अश्लील संदेश और वीडियो भेजकर परेशान करता था.
पुलिस ने बताया कि आरोपी महिलाओं को फोन कर खुद को IPS अधिकारी बताता था और उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का प्रलोभन देता था. परिचय होने के बाद वह महिलाओं को व्हाट्सएप पर अश्लील वीडियो और संदेश भेजता था. पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि यह मामला पहली बार 25 नवंबर को दक्षिणी दिल्ली के कोटला मुबारकपुर इलाके की एक महिला के शिकायत दर्ज कराने के बाद सामने आया था. महिला ने पुलिस को सूचना दी थी कि एक व्यक्ति करीब महीने भर से उसे अश्लील संदेश और अश्लील वीडियो भेजकर परेशान कर रहा है. वह उसे अक्सर फोन कर के गालियां देता था. उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने फोन नंबर पर संपर्क किया तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को IPS अधिकारी बताया.
उपायुक्त ने कहा जांच के दौरान यह पाया गया कि उस व्यक्ति ने एक फर्जी आईडी पर नंबर खरीदा था या किसी और के नंबर का इस्तेमाल कर रहा था. नंबर गुजरात के आनंद जिले के पते पर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक गौरीशंकर से पीड़ित अधिकांश महिलाएं उत्तर प्रदेश और हरियाणा से हैं. गिरफ्तार होने के बाद आरोपी ने पुलिस को बताया कि कुशीनगर में उसकी सिम कार्ड बेचने की दुकान थी जिसकी वजह से उसके पास कई अनजान लोगों के फोन नंबर थे. चार साल पहले एक दुर्घटना के बाद उसे अपनी दुकान बंद करनी पड़ी. उसके बाद वह दिल्ली में एक सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने लगा. वह खुद को उत्तर प्रदेश का वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बता महिलाओं को फोन करने लगा. गौरीशंकर 2010 में कुशीनगर में हुए दंगों में संलिप्त था. वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं. पुलिस का कहना है कि वे आरोपी से पीड़ित दूसरी महिलाओं से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. | संक्षिप्त पाठ: सरकारी नौकरी का प्रलोभन देकर महिलाओं को करता था परेशान
रविवार को गुड़गांव के एक गांव से किया गया गिरफ्तार
महिलाओं को मोबाइल पर अश्लील संदेश और वीडियो भेजकर करता था परेशान | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2018 से 2030 तक रेलवे आधारभूत ढांचे को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता है. उन्होंने तीव्र विकास एवं यात्री माल ढुलाई सेवा के लिए सरकारी निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल का उपयोग करने का प्रस्ताव रखा जिससे कनेक्टिविटी बढ़ाई जा सके. उन्होंने कहा, 'रेलवे को विशेष उद्देश्य कंपनियों (एसपीवी) के जरिए उपनगरीय रेलवे में निवेश करने और पीपीपी के जरिए मेट्रो रेल नेटवर्क बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.'
सीतारमण ने कहा कि सरकार माल वहन के लिए नदी मार्ग का उपयोग करने की परिकल्पना भी कर रही है जिससे सड़क एवं रेल मार्ग पर भीड़भाड़ के कारण रूकावटें कम हो सकें. उन्होंने कहा कि इस साल रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी आरंभ किया जाएगा. ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया है. इस मद पर 3,422.57 करोड़ रुपए का नियोजित खर्च निर्धारित किया गया है जो रेल यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 1000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रेलवे को आवंटित हुए 65,837 करोड़ रुपए
इसी साल शुरू होगा स्टेशनों को मॉडर्न बनाने का काम
बजट में नई पटरियों के निर्माण के लिए 7,255 करोड़ रुपए | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राजस्थान के बीकानेर में दो गुटों की आपसी रंजिश में एक व्यक्ति की हत्या होने के आठ साल पुराने मामले में अदालत ने सात व्यक्तियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। त्वरित अदालत संख्या-एक के सत्र न्यायाधीश शशिकांत शर्मा ने शनिवार को अपने फैसले में नोखा के जेगला गांव के निवासी श्रवण राम बिश्नोई, मदनलाल बिश्नोई, मांगीलाल बिश्नोई, हेतराम बिश्नोई, गोपी राम बिश्नोई, हनुमान राम बिश्नोई व बनवारी लाल को इसी गांव के निवासी गोपीराम की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले के अनुसार उरमूल सर्किल के पास डीआरडीए कार्यालय के सामने जेगला गांव के दो गुटों में हुए संघर्ष में गोपीराम की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हो गए थे। निचली अदालत से यह मामला पहले जिला एवं सत्र न्यायालय में गया और फिर त्वरित अदालत में आया। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 22 व बचाव पक्ष ने चार गवाह पेश किए। | बीकानेर में दो गुटों की आपसी रंजिश में एक की हत्या होने के आठ साल पुराने मामले में अदालत ने सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वहीं 5 अप्रैल को यूपी के रॉबर्ट्सगंज से बीजेपी के दलित सांसद छोटेलाल ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे और बीजेपी नेता सुनील बंसल की भी शिकायत की थी. चिट्ठी में सांसद छोटेलाल ने लिखा है कि जिले के आला अधिकारी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं.
सांसद छोटेलाल ने चिट्ठी में कहा है कि शिकायत लेकर वो सीएम योगी से दो बार मिले लेकिन उन्होंने डांट कर भगा दिया. पीएम मोदी ने सांसद छोटेलाल को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है. ये पहला मौका नहीं है जब यूपी के किसी नेता ने सीएम योगी से नाराजगी जताई है. इससे पहले बीजेपी की दलित सांसद सावित्री बाई फुले ने भी सरकार से नाराजगी जताई थी. उससे पहले सहयोगी ओम प्रकाश राजभर भी सीएम योगी से ख़फ़ा थे.
सांसद छोटेलाल ने चिट्ठी में कहा है कि शिकायत लेकर वो सीएम योगी से दो बार मिले लेकिन उन्होंने डांट कर भगा दिया. पीएम मोदी ने सांसद छोटेलाल को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है. ये पहला मौका नहीं है जब यूपी के किसी नेता ने सीएम योगी से नाराजगी जताई है. इससे पहले बीजेपी की दलित सांसद सावित्री बाई फुले ने भी सरकार से नाराजगी जताई थी. उससे पहले सहयोगी ओम प्रकाश राजभर भी सीएम योगी से ख़फ़ा थे. | यहाँ एक सारांश है:2019 के चुनाव से पहले यूपी में बीजेपी के लिए चुनौती बढ़ती जा रही है
बीजेपी के एक और दलित सांसद का सरकार पर हमला बोला है
यूपी के नगीना से सांसद डॉ यशवंत सिंह ने पीएम को पत्र लिख कर जताई नाराजगी | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी शनिवार सुबह महाराष्ट्र के सतारा जिले के सूखाग्रस्त इलाकों के दौरे पर पहुंचे। राहुल राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण व अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ मुंबई से एक हेलीकॉप्टर से सतारा पहुंचे। सतारा मुंबई से दक्षिण-पूर्व में करीब 250 किलोमीटर की दूरी पर है। हेलीकॉप्टर से पहुंचने के तुरंत बाद राहुल जलशी तालाब पहुंचे। यह तालाब जिले के जल स्रोतों में से है।टिप्पणियां
पिछले महीने चव्हाण ने सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा किया था और सतारा की गंभीर स्थिति का जायजा लिया था। सतारा चव्हाण का गृह जिला है। राहुल समीप ही स्थित बिजवाड़ी भी जाएंगे। बिजवाड़ी में सतारा के सूखा प्रभावित लोगों के लिए राज्य सरकार प्रायोजित रोजगार गारंटी योजनाएं लागू की गई हैं। इसके बाद वह पांगारी चारा डिपो जाएंगे। यह राज्य का एक महत्पूर्ण चारा डिपो है, जहां से पशुओं के लिए चारे की आपूर्ति की जाती है।
विडंबना यह है कि सतारा में ही महाराष्ट्र की सबसे बड़ी जल आपूर्ति योजना कोयना बांध है। लेकिन इससे मुश्किल से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर साल में आठ महीना पानी की भारी कमी रहती है। राहुल शुक्रवार सुबह दो दिवसीय यात्रा पर महाराष्ट्र पहुंचे। उन्होंने पहला दिन पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात व राज्य में कांग्रेस की ताकत व कमजोरियों को समझने में बिताया।
पिछले महीने चव्हाण ने सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा किया था और सतारा की गंभीर स्थिति का जायजा लिया था। सतारा चव्हाण का गृह जिला है। राहुल समीप ही स्थित बिजवाड़ी भी जाएंगे। बिजवाड़ी में सतारा के सूखा प्रभावित लोगों के लिए राज्य सरकार प्रायोजित रोजगार गारंटी योजनाएं लागू की गई हैं। इसके बाद वह पांगारी चारा डिपो जाएंगे। यह राज्य का एक महत्पूर्ण चारा डिपो है, जहां से पशुओं के लिए चारे की आपूर्ति की जाती है।
विडंबना यह है कि सतारा में ही महाराष्ट्र की सबसे बड़ी जल आपूर्ति योजना कोयना बांध है। लेकिन इससे मुश्किल से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर साल में आठ महीना पानी की भारी कमी रहती है। राहुल शुक्रवार सुबह दो दिवसीय यात्रा पर महाराष्ट्र पहुंचे। उन्होंने पहला दिन पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात व राज्य में कांग्रेस की ताकत व कमजोरियों को समझने में बिताया।
विडंबना यह है कि सतारा में ही महाराष्ट्र की सबसे बड़ी जल आपूर्ति योजना कोयना बांध है। लेकिन इससे मुश्किल से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर साल में आठ महीना पानी की भारी कमी रहती है। राहुल शुक्रवार सुबह दो दिवसीय यात्रा पर महाराष्ट्र पहुंचे। उन्होंने पहला दिन पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात व राज्य में कांग्रेस की ताकत व कमजोरियों को समझने में बिताया। | संक्षिप्त पाठ: राहुल शुक्रवार सुबह दो दिवसीय यात्रा पर महाराष्ट्र पहुंचे थे। उन्होंने पहला दिन पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात व राज्य में कांग्रेस की ताकत व कमजोरियों को समझने में बिताया। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में भयावह स्तर पर बढ़े प्रदूषण के बीच सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में ‘सम-विषम योजना' (Odd-Even scheme) लागू की गई और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में तीसरी बार लागू की गई इस योजना का पहला दिन ‘सफल' रहा और सड़कों पर 15 लाख कारें कम नजर आईं. इस योजना के तहत भाजपा नेता विजय गोयल समेत करीब 200 लोगों के चालान काटे गए. गोयल ने विषम नंबर वाली एसयूवी चलाते हुए सोमवार को सम-विषम नियमों का उल्लंघन किया और इस योजना को केजरीवाल सरकार का ‘चुनावी हथकंडा' बताया. हालांकि उन्होंने सम-विषय योजना के खिलाफ इसे ‘प्रतीकात्मक विरोध' प्रदर्शन बताया. इसके साथ ही भाजपा ने कहा कि ‘आप' इस योजना के जरिए लोगों को परेशान कर रही है.
बता दें, सम-विषम परिवहन व्यवस्था को लागू कराने के लिए 2000 असैन्य सुरक्षा स्वयं सेवकों, दिल्ली यातायात पुलिस, राजस्व एवं परिवहन विभागों की 465 टीमों को सोमवार को तैनात किया गया है. इस दौरान 650 निजी बसों समेत 6000 बसों को सेवा में लगाया गया, ताकि यात्रियों को परेशानी नहीं हो. सम-विषम योजना के चलते सड़कों पर गाड़ियों की संख्या अपेक्षाकृत कम नजर आई. सोमवार को सिर्फ सम संख्या वाली गाड़ियां ही चलीं. कई लोगों ने कहा कि वे अपने गंतव्यों पर समय से पूर्व पहुंचे. विषम संख्या वाले वाहन रखने वाले लोगों ने यात्रा के लिए कारपूलिंग, कैब, ऑटो और सार्वजनिक परिवहन का सहारा लिया. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अनुरोध किया कि वह अपने परिवार और बच्चों की खातिर इस योजना का पालन करें. केजरीवाल ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन और श्रम मंत्री गोपाल राय के साथ कार पूल की और दिल्ली सचिवालय पहुंचे.
वहीं परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत अपने ओएसडी की कार से सचिवालय पहुंचे, जबकि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अपने घर से साइकिल चलाकर दफ्तर आए. केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय के लिए रवाना होते हुए संवाददाताओं से कहा कि वाहनों से उत्सर्जन कम करने के लिए यह योजना लागू की गई है. उन्होंने कहा, ‘दिल्ली की सड़कों पर कुल 30 लाख में से केवल 15 लाख कारें चलेंगी. मुझे दिल्ली में विभिन्न स्थानों से रिपोर्ट मिली है और योजना के तहत नियमों का शत-प्रतिशत पालन किया जा रहा है.' उन्होंने बाद में ट्वीट किया कि इस योजना और अन्य कारणों से रविवार की तुलना में वायु गुणवत्ता काफी बेहतर रही. सिसोदिया और गहलोत ने एक संवाददाता सम्मलेन में कहा कि योजना का पालन किया गया और पहले दिन यह सफल रही. सिसोदिया ने कहा कि सम-विषम योजना लागू होने के पहले दिन सोमवार को नियम के उल्लंघनों को लेकर कुल 192 चालान काटे गए. हालांकि इस आंकड़े के बढ़ने की संभावना है.
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा, 'मैं करीब दो घंटे तक दिल्ली की सड़कों पर रहा और मैं खुश हूं कि योजना का अनुपालन किया जा रहा है. अधिकतर वाहन सम संख्या वाले थे. मैं सभी दिल्ली वालों का, सहयोग के लिए शुक्रिया अदा करता हूं.' वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 416 रहा, जो अब भी ‘गंभीर' श्रेणी में है. एक्यूआई 0-50 के बीच ‘अच्छा', 51-100 के बीच ‘संतोषजनक', 101-200 के बीच ‘मध्यम', 201-300 के बीच ‘खराब', 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब', 401-500 के बीच ‘गंभीर' और 500 के पार ‘बेहद गंभीर' माना जाता है. इस बीच दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए शहर की केजरीवाल सरकार जिम्मेदार है. वह राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तनिक भी प्रयत्न नहीं कर रही है, उल्टे पराली जलाने का बहाना बनाकर अपने ऊपर लगने वाले आरोपों से बचने का प्रयास कर रही है. उन्होंने ‘सम-विषम योजना' को दिल्लीवासियों के जी का जंजाल बताते हुए कहा, ‘यह तभी सफल और संभव होगा जब शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था दुरुस्त हो. इस प्रकार तो यह कमी को छिपाने की कोशिश भर है.'
वहीं दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने भी सम-विषम योजना को केजरीवाल सरकार का ‘नाटक' बताया. राज्यसभा सदस्य गोयल सम-विषम योजना का विरोध करने के लिए सम दिन पर विषम नंबर की गाड़ी लेकर दिल्ली की सड़क पर निकल गए. भाजपा उपाध्यक्ष श्याम जाजू और पार्टी के अन्य नेता भी उस एसयूवी में सवार थे, जिसे गोयल अशोक रोड पर अपने आवास से लेकर निकले थे. यातायात पुलिस कर्मियों ने जनपथ के पास उनकी गाड़ी को रोक दिया और चालान काटा. वहीं आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा, ‘भाजपा सांसद विजय गोयल से लेकर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने प्रदूषण कम करने के दिल्ली सरकार के प्रयासों का पूरी तरह से विरोध किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर कूड़ा जलाने की तस्वीरें साझा कर लोगों को गुमराह किया.'
इसके अलावा दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन ने भी गोयल के इस कदम की आलोचना की. गोयल ने अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, ‘मैं केजरीवाल सरकार की नाकामी के खिलाफ ऐसा कर रहा हूं, क्योंकि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली में पांच साल में कुछ नहीं हुआ. अब वह आगामी विधानसभा चुनाव के कारण सम-विषम योजना के जरिए नौटंकी कर रही है.' इस योजना के तहत जिन श्रेणियों के वाहनों को छूट प्राप्त है उन्हें छोड़कर आज सिर्फ वही चार पहिया गाड़ियां सड़कों पर चलेंगी, जिनकी पंजीकरण संख्या का आखिरी अंक सम है. केजरीवाल ने सुबह एक ट्वीट कर कहा, 'नमस्ते दिल्ली! प्रदूषण कम करने के लिए आज से सम-विषम शुरु हो रहा है. अपने लिए, अपने बच्चों की सेहत के लिए और अपने परिवार की सांसों के लिए सम-विषम का ज़रूर पालन करें. कार शेयर करें. इस से दोस्ती बढ़ेगी, रिश्ते बनेंगे, पेट्रोल बचेगा और प्रदूषण भी कम होगा.' उन्होंने ऑटो और टैक्सी चालकों से भी अपील की कि वे यात्रियों से ज्यादा किराया न वसूलें. मुख्यमंत्री ने उनसे योजना में भागीदारी का अनुरोध किया. सम-विषम नियम के उल्लंघन पर 4000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.
दिल्ली यातायात पुलिस, परिवहन व राजस्व विभाग की 600 टीमों को शहर में योजना के सख्ती से अनुपालन के लिये तैनात किया गया है. गुड़गांव में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले सीनियर क्रिएटिव डिजाइनर रोहित राय (27) ने कहा कि उन्हें मेट्रो से अपने दफ्तर जाना पड़ा, क्योंकि उनकी गाड़ी का आखिरी अंक विषम संख्या है. उन्होंने कहा, 'क्योंकि मैं गाजियाबाद में रहता हूं, मेरे लिये कार से दफ्तर जाना ज्यादा आसान है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण की वजह से यह हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम इस शहर को स्वच्छ बनाएं.'
यह योजना 15 नवंबर तक सोमवार से शनिवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक चार पहिया वाहनों पर लागू होगी. इसके तहत जिन गाड़ियों की पंजीकरण संख्या का आखिरी अंक विषम (1,3,5,7,9) है उन्हें चार, छह, आठ, 12 और 14 नवंबर को सड़कों पर चलने की इजाजत नहीं होगी. इसी तरह जिन वाहनों की पंजीकरण संख्या का आखिरी अंक सम (0,2,4,6,8) होगा उन्हें पांच, सात, नौ, 11,13 और 15 नवंबर को सड़कों पर चलने की इजाजत नहीं होगी. दो पहिया और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को इस योजना में छूट दी गई है, लेकिन इस बार सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों के लिए ये छूट नहीं है. हालांकि जिन गाड़ियों में सिर्फ महिलाएं और उनके साथ 12 वर्ष तक की उम्र के बच्चे होंगे, उन्हें भी छूट होगी. दिव्यांगजन के वाहनों को भी सम-विषम में छूट है. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, आपातकालीन, प्रवर्तन सेवाओं के वाहनों समेत 29 श्रेणियों के वाहनों को इससे छूट दी गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहनों को हालांकि इससे छूट नहीं दी गई है. | यह एक सारांश है: तीसरी बार लागू की गई इस योजना का पहला दिन ‘सफल’ रहा
सड़कों पर 15 लाख कारें कम नजर आईं
बीजेपी ने इस योजना को केजरीवाल सरकार का ‘चुनावी हथकंडा’ बताया | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी अदाकारा वीना मलिक का कहना है कि वह बहुत सनकी हैं और उन्हें एक ऐसे साथी की जरूरत है, जो उनके दैनिक कामकाजों की देखभाल कर सके।
वीना ने बताया, मैं इतनी सनकी हूं कि मुझे अपना मेकअप उतारने, जूते पहनने में मदद करने और भोजन खिलाने के लिए भी एक साथी की जरूरत है। यहां तक की मुझे सुबह उठाने के लिए भी एक साथी की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि उनके भीतर एक जाहिदा नाम की लड़की है, जो रिएलिटी शो 'वीना का स्वयंवर' शुरू नहीं होने से दुखी है।टिप्पणियां
वीना बहुत खुश है क्योंकि 'वीना का विवाह' शुरू में नहीं हुआ लेकिन जाहिदा बहुत दुखी है क्योंकि वह हमेशा से शादी करना चाहती थी।
मैं उस वक्त से प्रेम सम्बंधों में हूं, जब मैं 14 वर्ष की थी। वे छह महीने जिनमें मैं प्रेम सम्बंधों में नहीं थी, वे तब थे, जब मैं 'वीना का विवाह' कर रही थी।
वीना ने बताया, मैं इतनी सनकी हूं कि मुझे अपना मेकअप उतारने, जूते पहनने में मदद करने और भोजन खिलाने के लिए भी एक साथी की जरूरत है। यहां तक की मुझे सुबह उठाने के लिए भी एक साथी की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि उनके भीतर एक जाहिदा नाम की लड़की है, जो रिएलिटी शो 'वीना का स्वयंवर' शुरू नहीं होने से दुखी है।टिप्पणियां
वीना बहुत खुश है क्योंकि 'वीना का विवाह' शुरू में नहीं हुआ लेकिन जाहिदा बहुत दुखी है क्योंकि वह हमेशा से शादी करना चाहती थी।
मैं उस वक्त से प्रेम सम्बंधों में हूं, जब मैं 14 वर्ष की थी। वे छह महीने जिनमें मैं प्रेम सम्बंधों में नहीं थी, वे तब थे, जब मैं 'वीना का विवाह' कर रही थी।
उन्होंने कहा कि उनके भीतर एक जाहिदा नाम की लड़की है, जो रिएलिटी शो 'वीना का स्वयंवर' शुरू नहीं होने से दुखी है।टिप्पणियां
वीना बहुत खुश है क्योंकि 'वीना का विवाह' शुरू में नहीं हुआ लेकिन जाहिदा बहुत दुखी है क्योंकि वह हमेशा से शादी करना चाहती थी।
मैं उस वक्त से प्रेम सम्बंधों में हूं, जब मैं 14 वर्ष की थी। वे छह महीने जिनमें मैं प्रेम सम्बंधों में नहीं थी, वे तब थे, जब मैं 'वीना का विवाह' कर रही थी।
वीना बहुत खुश है क्योंकि 'वीना का विवाह' शुरू में नहीं हुआ लेकिन जाहिदा बहुत दुखी है क्योंकि वह हमेशा से शादी करना चाहती थी।
मैं उस वक्त से प्रेम सम्बंधों में हूं, जब मैं 14 वर्ष की थी। वे छह महीने जिनमें मैं प्रेम सम्बंधों में नहीं थी, वे तब थे, जब मैं 'वीना का विवाह' कर रही थी।
मैं उस वक्त से प्रेम सम्बंधों में हूं, जब मैं 14 वर्ष की थी। वे छह महीने जिनमें मैं प्रेम सम्बंधों में नहीं थी, वे तब थे, जब मैं 'वीना का विवाह' कर रही थी। | संक्षिप्त पाठ: वीना ने बताया, मैं इतनी सनकी हूं कि मुझे अपना मेकअप उतारने, जूते पहनने में मदद करने और भोजन खिलाने के लिए भी एक साथी की जरूरत है। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर उनके सहयोगी रहे कपिल मिश्रा ने एक जमीन सौदे में 2 करोड़ रुपये 'अवैध नकद' लेने का आरोप लगाया और पार्टी तथा दिल्ली सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि इस पर कोई यकीन नहीं करेगा. पार्टी ने न तो जांच की बात कही. न ही किसी के इस्तीफे की बात कही.
अब दिल्ली के एलजी ने अब इस मामले में एसीबी को जांच के आदेश दे दिए हैं. रविवार को कपिल मिश्रा ने एलजी से मुलाकात की थी. उन्होंने मुलाकात के बाद कहा था कि एलजी को उन्होंने पूरे मामले पर बयान दिया है साथ ही सबूत भी दिए हैं. उन्होंने एलजी से इस मामले में जांच कराए जाने की मांग की थी.टिप्पणियां
बता दें कि कई लोगों को यह बात हज्म नहीं हुई कि जो पार्टी आरोपों की राजनीति से ही सत्ता के शिखर पर पहुंच गई वही पार्टी अब अपने शीर्ष नेता पर लग रहे 'घूस' और भ्रष्टाचार के आरोपों पर केवल आरोप को नकारने का काम कर रही है. ईमानदारी के डंके पर राजनीति करने की बात करने वाली आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने तक नहीं आए. मनीष सिसोदिया में भी इतना दम नहीं दिखा कि वे सवालों का सामना करते.
बता दें कि रविवार को ही बीजेपी नेताओं के एक दल ने एलजी से मुलाकात की थी और जांच की मांग की थी.
अब दिल्ली के एलजी ने अब इस मामले में एसीबी को जांच के आदेश दे दिए हैं. रविवार को कपिल मिश्रा ने एलजी से मुलाकात की थी. उन्होंने मुलाकात के बाद कहा था कि एलजी को उन्होंने पूरे मामले पर बयान दिया है साथ ही सबूत भी दिए हैं. उन्होंने एलजी से इस मामले में जांच कराए जाने की मांग की थी.टिप्पणियां
बता दें कि कई लोगों को यह बात हज्म नहीं हुई कि जो पार्टी आरोपों की राजनीति से ही सत्ता के शिखर पर पहुंच गई वही पार्टी अब अपने शीर्ष नेता पर लग रहे 'घूस' और भ्रष्टाचार के आरोपों पर केवल आरोप को नकारने का काम कर रही है. ईमानदारी के डंके पर राजनीति करने की बात करने वाली आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने तक नहीं आए. मनीष सिसोदिया में भी इतना दम नहीं दिखा कि वे सवालों का सामना करते.
बता दें कि रविवार को ही बीजेपी नेताओं के एक दल ने एलजी से मुलाकात की थी और जांच की मांग की थी.
बता दें कि कई लोगों को यह बात हज्म नहीं हुई कि जो पार्टी आरोपों की राजनीति से ही सत्ता के शिखर पर पहुंच गई वही पार्टी अब अपने शीर्ष नेता पर लग रहे 'घूस' और भ्रष्टाचार के आरोपों पर केवल आरोप को नकारने का काम कर रही है. ईमानदारी के डंके पर राजनीति करने की बात करने वाली आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने तक नहीं आए. मनीष सिसोदिया में भी इतना दम नहीं दिखा कि वे सवालों का सामना करते.
बता दें कि रविवार को ही बीजेपी नेताओं के एक दल ने एलजी से मुलाकात की थी और जांच की मांग की थी.
बता दें कि रविवार को ही बीजेपी नेताओं के एक दल ने एलजी से मुलाकात की थी और जांच की मांग की थी. | संक्षिप्त सारांश: कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल को कैश लेते देखने का आरोप लगाया
कपिल मिश्रा ने कल एलजी से की थी मुलाकात
एलजी से जांच करवाने की की थी मांग, दिए थे सबूत | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भंवरी देवी केस की गुत्थी परत दर परत खुलती जा रही है। आज सीबीआई ने गोताखोरों की मदद से राजीव गांधी नहर से एक महिला की घड़ी, दांत, जली हुई हड्डी, टूटा हुआ चेन और पैर में पहना जाने वाला बिछिया बरामद किया है।टिप्पणियां
अब सीबीआई इन चीजों की पहचान के लिए मामले के एक और आरोपी बिश्नाराम को लेकर आई है। इससे पहले दो आरोपी कैलाश जाखड़ और ओमप्रकाश पहले से ही यहां मौजूद हैं।
जोधपुर से करीब सौ किलोमीटर दूर जालोड़ा गांव में अब भी तलाश जारी है। कल गोताखोरों ने नहर से एक बैट बरामद किया था। आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने बताया था कि भंवरी की पहचाना खत्म करने के लिए उन्होंने उसके सिर पर बैट से वार किया था।
अब सीबीआई इन चीजों की पहचान के लिए मामले के एक और आरोपी बिश्नाराम को लेकर आई है। इससे पहले दो आरोपी कैलाश जाखड़ और ओमप्रकाश पहले से ही यहां मौजूद हैं।
जोधपुर से करीब सौ किलोमीटर दूर जालोड़ा गांव में अब भी तलाश जारी है। कल गोताखोरों ने नहर से एक बैट बरामद किया था। आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने बताया था कि भंवरी की पहचाना खत्म करने के लिए उन्होंने उसके सिर पर बैट से वार किया था।
जोधपुर से करीब सौ किलोमीटर दूर जालोड़ा गांव में अब भी तलाश जारी है। कल गोताखोरों ने नहर से एक बैट बरामद किया था। आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने बताया था कि भंवरी की पहचाना खत्म करने के लिए उन्होंने उसके सिर पर बैट से वार किया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई ने गोताखोरों की मदद से राजीव गांधी नहर से घड़ी, दांत, जली हुई हड्डी, टूटा हुआ चेन और बिछिया बरामद किया है। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गुजरात के बारे में अपने बयानों को लेकर विवादों में आए दारूल उलूम के कुलपति के समर्थन में और विरोध में लगातार हो रही बैठकों और जुलूसों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी, लेकिन विभिन्न वर्ग की ओर से अब भी बयानबाजी जारी है। उधर, दारुल उलूम के कुलपति (मोहतमिम) मौलाना गुलाम वस्तानवी को देवबंद के गुर्जर समुदाय ने पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। इस समुदाय के चौधरी नूर हसन और चौधरी वसीम ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि देवबंद के 80 फीसदी गुर्जर मौलाना वस्तानवी का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि मजलिस-ए-शूरा दारूल उलूम का सर्वोच्च अधिकार निकाय है। लिहाजा, इस निकाय द्वारा वस्तावनी का चयन करने का निर्णय एकदम सही है। गुर्जर समुदाय ने शूरा के फैसले का सम्मान करने की सभी से अपील की है। प्रशासन ने मौलाना वस्तानवी के समर्थन में और विरोध में बैठकें करने तथा जुलूस निकालने पर रोक लगाने के लिए धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी, लेकिन इसके बाद भी लोग सक्रिय हैं और प्रेस के जरिये अपनी बात आवाम तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। | दारूल उलूम के कुलपति के समर्थन में और विरोध में बैठकों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी, लेकिन विभिन्न वर्ग की ओर से अब भी बयानबाजी जारी है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख के निर्माण में बनी पहली फिल्म 'बालक पालक' को 24 से 30 अक्टूबर तक न्यूयार्क में आयोजित होने जा रहे दक्षिण एशियाई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (सैफ) में प्रदर्शित किया जाएगा।
मराठी भाषा में बनी यह फिल्म बच्चों को यौन शिक्षा देने और उसके तरीकों पर आधारित है। रितेश ने एक बयान में कहा, "मुझे इस फिल्म से जुड़े होने पर गर्व है। मैं हमेशा से मानता हूं कि हम क्षेत्रीय सिनेमा में बहुत कुछ कर सकते हैं, जिसमें बीते कुछ वर्षो से बहुत शानदार काम हो रहा है।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मेरी फिल्म 'बालक पालक' की पटकथा में जबरदस्त सम्भावना है और असलियत यह है कि फिल्म का सैफ समारोह के लिए चुना जाना इस बात को साबित करता है कि यह एक ऐसी पटकथा है, जो विदेशों में रहने वाले लोगों और हर आयुवर्ग के व्यक्ति को आकर्षित करती है।"
'बालक पालक' का निर्माण रितेश देशमुख और उतुंग ठाकुर ने संयुक्त रूप से किया है। यह फिल्म यौन शिक्षा को बड़े ही मज़ाकिया अंदाज़ में पेश करती है, और अभिभावकों को इस बारे में बताएगी कि वे इस विषय पर अपने बच्चों से किस तरह बात करें।
मराठी भाषा में बनी यह फिल्म बच्चों को यौन शिक्षा देने और उसके तरीकों पर आधारित है। रितेश ने एक बयान में कहा, "मुझे इस फिल्म से जुड़े होने पर गर्व है। मैं हमेशा से मानता हूं कि हम क्षेत्रीय सिनेमा में बहुत कुछ कर सकते हैं, जिसमें बीते कुछ वर्षो से बहुत शानदार काम हो रहा है।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मेरी फिल्म 'बालक पालक' की पटकथा में जबरदस्त सम्भावना है और असलियत यह है कि फिल्म का सैफ समारोह के लिए चुना जाना इस बात को साबित करता है कि यह एक ऐसी पटकथा है, जो विदेशों में रहने वाले लोगों और हर आयुवर्ग के व्यक्ति को आकर्षित करती है।"
'बालक पालक' का निर्माण रितेश देशमुख और उतुंग ठाकुर ने संयुक्त रूप से किया है। यह फिल्म यौन शिक्षा को बड़े ही मज़ाकिया अंदाज़ में पेश करती है, और अभिभावकों को इस बारे में बताएगी कि वे इस विषय पर अपने बच्चों से किस तरह बात करें।
उन्होंने कहा, "मेरी फिल्म 'बालक पालक' की पटकथा में जबरदस्त सम्भावना है और असलियत यह है कि फिल्म का सैफ समारोह के लिए चुना जाना इस बात को साबित करता है कि यह एक ऐसी पटकथा है, जो विदेशों में रहने वाले लोगों और हर आयुवर्ग के व्यक्ति को आकर्षित करती है।"
'बालक पालक' का निर्माण रितेश देशमुख और उतुंग ठाकुर ने संयुक्त रूप से किया है। यह फिल्म यौन शिक्षा को बड़े ही मज़ाकिया अंदाज़ में पेश करती है, और अभिभावकों को इस बारे में बताएगी कि वे इस विषय पर अपने बच्चों से किस तरह बात करें।
'बालक पालक' का निर्माण रितेश देशमुख और उतुंग ठाकुर ने संयुक्त रूप से किया है। यह फिल्म यौन शिक्षा को बड़े ही मज़ाकिया अंदाज़ में पेश करती है, और अभिभावकों को इस बारे में बताएगी कि वे इस विषय पर अपने बच्चों से किस तरह बात करें। | सारांश: बॉलीवुड अभिनेता के निर्माण में बनी पहली फिल्म 'बालक पालक' को अक्टूबर में न्यूयार्क में आयोजित होने वाले दक्षिण एशियाई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी दिखाया जाएगा। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने माओवादी सेंट्रल कमेटी के एक बड़े नेता रामदास उर्फ नंदू जी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि नक्सली कमांडर बिहार के बांका जिले का रहने वाला है। रामदास ने 2003 में जमुई में एक पुलिस अधिकारी की गोली मार कर हत्या कर दी थी। साथ ही 2007 में एक सिंचाई भवन को विस्फोट कर उड़ा दिया था।
पुलिस के मुताबिक रामदास ने झारखंड के अलावा बिहार और छत्तीसगढ़ में भी कई बड़ी नक्सली वारदातों को अंजाम दिया है। माओवादी नेता सब्यसाची पांडा ने एक ऑडियो मैसेज जारी कर ओडिशा सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
सब्यसाची ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के माओवादियों के बारे में झूठी खबरें उड़ा रही है। सब्यसाची ने चेतावनी दी कि अगर सरकार हमारे लोगों को निशाना बनाएगी तो हमें मजबूरन हिंसा का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
सब्यसाची ने यह भी कहा कि हम युद्धविराम का पालन कर रहे हैं लेकिन सरकार हमें जानबूझकर हिंसा में शामिल करना चाहती है।
पुलिस के मुताबिक रामदास ने झारखंड के अलावा बिहार और छत्तीसगढ़ में भी कई बड़ी नक्सली वारदातों को अंजाम दिया है। माओवादी नेता सब्यसाची पांडा ने एक ऑडियो मैसेज जारी कर ओडिशा सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
सब्यसाची ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के माओवादियों के बारे में झूठी खबरें उड़ा रही है। सब्यसाची ने चेतावनी दी कि अगर सरकार हमारे लोगों को निशाना बनाएगी तो हमें मजबूरन हिंसा का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
सब्यसाची ने यह भी कहा कि हम युद्धविराम का पालन कर रहे हैं लेकिन सरकार हमें जानबूझकर हिंसा में शामिल करना चाहती है।
सब्यसाची ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के माओवादियों के बारे में झूठी खबरें उड़ा रही है। सब्यसाची ने चेतावनी दी कि अगर सरकार हमारे लोगों को निशाना बनाएगी तो हमें मजबूरन हिंसा का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
सब्यसाची ने यह भी कहा कि हम युद्धविराम का पालन कर रहे हैं लेकिन सरकार हमें जानबूझकर हिंसा में शामिल करना चाहती है।
सब्यसाची ने यह भी कहा कि हम युद्धविराम का पालन कर रहे हैं लेकिन सरकार हमें जानबूझकर हिंसा में शामिल करना चाहती है। | संक्षिप्त सारांश: झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने माओवादी सेंट्रल कमेटी के एक बड़े नेता रामदास उर्फ नंदू जी को गिरफ्तार कर लिया है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस्राइली दूतावास की कार में धमाके के बाद सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट करते हुए सभी दूतावासों और उच्चायोगों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। खासतौर से अमेरिका, इस्राइल और दूसरे पश्चिमी देशों के दूतावासों पर खास चौकसी बरती जा रही है।
इसके अलावा मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु में भी राजनयिक मिशन कम्पाउंड्स की सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुंबई में रातभर शहर की सडकों पर पुलिस के जवान नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी लेते रहे। खास नजर चेक−नाकों पर मुबंई में घुसने वाले वाहनों पर रही। इस काम के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा क्विक रिस्पांस टीम और बम स्क्वैड का भी इस्तेमाल किया गया।
इसके अलावा मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु में भी राजनयिक मिशन कम्पाउंड्स की सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुंबई में रातभर शहर की सडकों पर पुलिस के जवान नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी लेते रहे। खास नजर चेक−नाकों पर मुबंई में घुसने वाले वाहनों पर रही। इस काम के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा क्विक रिस्पांस टीम और बम स्क्वैड का भी इस्तेमाल किया गया। | यह एक सारांश है: इस्राइली दूतावास की कार में धमाके के बाद सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट करते हुए सभी दूतावासों और उच्चायोगों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: BJP के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि ‘‘मैं भी चौकीदार हूं” आंदोलन एक बड़ा जन आंदोलन बन गया है. जब यह सोशल मीडिया पर चला तो पूरे दिन ग्लोबल ट्रेंड बना था. 20 लाख लोगों ने इसका ट्वीट किया. इसे सोशल मीडिया और नमो ऐप पर एक करोड़ लोगों ने प्ले किया.
BJP नेता ने कहा कि 31 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘मैं भी चौकीदार' अभियान से जुड़ने वाले लोगों से संवाद करेंगे. इस कार्यक्रम के तहत वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये 500 स्थानों पर लोगों से जुड़ेंगे.
गौरतलब है कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी की मर्जी है कि वह अपने नाम के आगे क्या लगाते हैं. उन्होंने एक किसान का हवाला देते हुए हुए मोदी को ''अमीरों का चौकीदार'' बताया है. इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी प्रयास करते रहें लेकिन इससे सच्चाई को नहीं दबाया जा सकता है. हर कोई यह कह रहा है कि चौकीदार चोर है.
मोदी समर्थक नारे लगाने पर बेंगलूरू में कुछ इंजीनियरों को कथित तौर पर गिरफ्तार करने के संदर्भ में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कल बेंगलुरु में स्टार्ट-अप से जुड़े एक कार्यक्रम में जब कुछ लोगों ने राहुल गांधी जी से कुछ सवाल किए और नरेन्द्र मोदी के समर्थन में बातें कहीं, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी बोलने की आजादी पर हमें नसीहत देने के बजाए खुद सीखें. राहुल गांधी अभी पूर्वोत्तर के दौरे पर हैं जबकि प्रियंका गांधी प्रयागराज से वाराणसी की यात्रा पर. | संक्षिप्त सारांश: भाजपा ने साधा कांग्रेस पर निशाना
‘मैं भी चौकीदार हूं’ कैम्पेन को लेकर निशाना
प्रियंका और राहुल ने उड़ाया था कैम्पेन का मजाक | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि फिलहाल एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा है कि परिवार संग समय बिताने के लिए उन्होंने खुद को श्रीलंका दौरे से अलग रखा है।टिप्पणियां
सचिन ने कहा, "एक्सवाईजेड क्या सोचते हैं, इससे मैं इत्तेफाक नहीं रखता। जब तक मैं एकदिवसीय मैचों का आनंद लेने और टीम का हिस्सा बने रहने की स्थिति में रहूंगा, तब तक खेलना जारी रखूंगा। मुझे लगा कि 2007 में मुझे ट्वेंटी-20 टीम का हिस्सा नहीं होना चाहिए और मुझसे पूछा भी गया लेकिन मैं उसका हिस्सा नहीं रहा। ऐसी भावना जब एकदिवसीय क्रिकेट को लेकर मन में आएगी तब मैं उचित निर्णय लूंगा।"
श्रीलंका दौरे पर न जाने के बारे में पूछे जाने पर सचिन ने कहा, "मैं परिवार संग कुछ समय बिताना चाहता हूं। इसलिए मैंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से इसका आग्रह किया। बच्चों संग समय बिताना भी जरूरी है। वहां से लौटने के बाद वे स्कूल में व्यस्त हो जाएंगे।"
सचिन ने कहा, "एक्सवाईजेड क्या सोचते हैं, इससे मैं इत्तेफाक नहीं रखता। जब तक मैं एकदिवसीय मैचों का आनंद लेने और टीम का हिस्सा बने रहने की स्थिति में रहूंगा, तब तक खेलना जारी रखूंगा। मुझे लगा कि 2007 में मुझे ट्वेंटी-20 टीम का हिस्सा नहीं होना चाहिए और मुझसे पूछा भी गया लेकिन मैं उसका हिस्सा नहीं रहा। ऐसी भावना जब एकदिवसीय क्रिकेट को लेकर मन में आएगी तब मैं उचित निर्णय लूंगा।"
श्रीलंका दौरे पर न जाने के बारे में पूछे जाने पर सचिन ने कहा, "मैं परिवार संग कुछ समय बिताना चाहता हूं। इसलिए मैंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से इसका आग्रह किया। बच्चों संग समय बिताना भी जरूरी है। वहां से लौटने के बाद वे स्कूल में व्यस्त हो जाएंगे।"
श्रीलंका दौरे पर न जाने के बारे में पूछे जाने पर सचिन ने कहा, "मैं परिवार संग कुछ समय बिताना चाहता हूं। इसलिए मैंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से इसका आग्रह किया। बच्चों संग समय बिताना भी जरूरी है। वहां से लौटने के बाद वे स्कूल में व्यस्त हो जाएंगे।" | सारांश: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि फिलहाल एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा है कि परिवार संग समय बिताने के लिए उन्होंने खुद को श्रीलंका दौरे से अलग रखा है। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अपनी कंपनियों को लेकर लगाए गए आरोपों पर करारा जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है और वह अपने खिलाफ हर जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके साथ ही रॉबर्ड वाड्रा के खिलाफ भी जांच की जाए।
मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे गडकरी का उनके सैकड़ों समर्थकों ने भव्य स्वागत किया और इसके बाद उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों की सफाई में ढेर सारी बातें कहीं।
गडकरी ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है कि महाराष्ट्र में लोक-निर्माण मंत्री के पद पर रहते हुए मैं भ्रष्टाचार में लिप्त था। उन्होंने कहा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार और राज्यसभा सदस्य अजय संचेती के साथ उनके कोई कारोबारी संबंध या साझेदारी नहीं है।
गडकरी ने कहा, मुझ पर जिस भूमि को हड़पने का आरोप लगा है, वह भूमि अब भी महाराष्ट्र सरकार के पास है। गडकरी ने कहा, मैं ईंट का जवाब पत्थर से दूंगा। बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मुंह घोटाले में काला हुआ है और वह मीडिया की मदद से हमारा मुंह काला करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सरकार यह जवाब दे कि 'कांग्रेस के दामाद' जांच के लिए क्यों नहीं तैयार हैं?
गडकरी ने कहा, मैं अगर बिल्डर और डेवलपर होता तो मुंबई, पुणे में बिजनेस करता। मैं जहां घाटा है, उस इलाके में सामाजिक दायित्व से काम करता हूं। गडकरी ने कहा, मैं महाराष्ट्र में किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता आ रहा हू, खासतौर से विदर्भ में सिंचाई के लिए। अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि अपने चीनी कारखाने में मैंने बांध का पूरा पानी इस्तेमाल किया, जबकि कारखाने में एक प्रतिशत से भी कम बांध का पानी इस्तेमाल हुआ है।टिप्पणियां
गडकरी ने 2009 में नागपुर स्थित अपने घर पर खड़ी एक कार में मृत पाई गई एक लड़की के मामले में संलिप्तता से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया गया, लेकिन मीडिया लगातार उनका पीछा किए हुए है। बीजेपी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप के खिलाफ अरोप झूठे हैं।
उल्लेखनीय है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ महाराष्ट्र में भूमि सौदों से जुड़े आरोप लगाए थे। गडकरी के खिलाफ ताजे आरोप पूर्ति ग्रुप के चेयरमैन के रूप में अनुचित कारोबार से जुड़े हुए हैं। आयकर विभाग और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने गडकरी की कम्पनी और उसके द्वारा 26 निवेशक कंपनियों के साथ किए गए वित्तीय लेनदेन की अलग-अलग जांच शुरू की है।
मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे गडकरी का उनके सैकड़ों समर्थकों ने भव्य स्वागत किया और इसके बाद उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों की सफाई में ढेर सारी बातें कहीं।
गडकरी ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है कि महाराष्ट्र में लोक-निर्माण मंत्री के पद पर रहते हुए मैं भ्रष्टाचार में लिप्त था। उन्होंने कहा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार और राज्यसभा सदस्य अजय संचेती के साथ उनके कोई कारोबारी संबंध या साझेदारी नहीं है।
गडकरी ने कहा, मुझ पर जिस भूमि को हड़पने का आरोप लगा है, वह भूमि अब भी महाराष्ट्र सरकार के पास है। गडकरी ने कहा, मैं ईंट का जवाब पत्थर से दूंगा। बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मुंह घोटाले में काला हुआ है और वह मीडिया की मदद से हमारा मुंह काला करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सरकार यह जवाब दे कि 'कांग्रेस के दामाद' जांच के लिए क्यों नहीं तैयार हैं?
गडकरी ने कहा, मैं अगर बिल्डर और डेवलपर होता तो मुंबई, पुणे में बिजनेस करता। मैं जहां घाटा है, उस इलाके में सामाजिक दायित्व से काम करता हूं। गडकरी ने कहा, मैं महाराष्ट्र में किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता आ रहा हू, खासतौर से विदर्भ में सिंचाई के लिए। अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि अपने चीनी कारखाने में मैंने बांध का पूरा पानी इस्तेमाल किया, जबकि कारखाने में एक प्रतिशत से भी कम बांध का पानी इस्तेमाल हुआ है।टिप्पणियां
गडकरी ने 2009 में नागपुर स्थित अपने घर पर खड़ी एक कार में मृत पाई गई एक लड़की के मामले में संलिप्तता से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया गया, लेकिन मीडिया लगातार उनका पीछा किए हुए है। बीजेपी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप के खिलाफ अरोप झूठे हैं।
उल्लेखनीय है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ महाराष्ट्र में भूमि सौदों से जुड़े आरोप लगाए थे। गडकरी के खिलाफ ताजे आरोप पूर्ति ग्रुप के चेयरमैन के रूप में अनुचित कारोबार से जुड़े हुए हैं। आयकर विभाग और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने गडकरी की कम्पनी और उसके द्वारा 26 निवेशक कंपनियों के साथ किए गए वित्तीय लेनदेन की अलग-अलग जांच शुरू की है।
गडकरी ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है कि महाराष्ट्र में लोक-निर्माण मंत्री के पद पर रहते हुए मैं भ्रष्टाचार में लिप्त था। उन्होंने कहा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार और राज्यसभा सदस्य अजय संचेती के साथ उनके कोई कारोबारी संबंध या साझेदारी नहीं है।
गडकरी ने कहा, मुझ पर जिस भूमि को हड़पने का आरोप लगा है, वह भूमि अब भी महाराष्ट्र सरकार के पास है। गडकरी ने कहा, मैं ईंट का जवाब पत्थर से दूंगा। बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मुंह घोटाले में काला हुआ है और वह मीडिया की मदद से हमारा मुंह काला करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सरकार यह जवाब दे कि 'कांग्रेस के दामाद' जांच के लिए क्यों नहीं तैयार हैं?
गडकरी ने कहा, मैं अगर बिल्डर और डेवलपर होता तो मुंबई, पुणे में बिजनेस करता। मैं जहां घाटा है, उस इलाके में सामाजिक दायित्व से काम करता हूं। गडकरी ने कहा, मैं महाराष्ट्र में किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता आ रहा हू, खासतौर से विदर्भ में सिंचाई के लिए। अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि अपने चीनी कारखाने में मैंने बांध का पूरा पानी इस्तेमाल किया, जबकि कारखाने में एक प्रतिशत से भी कम बांध का पानी इस्तेमाल हुआ है।टिप्पणियां
गडकरी ने 2009 में नागपुर स्थित अपने घर पर खड़ी एक कार में मृत पाई गई एक लड़की के मामले में संलिप्तता से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया गया, लेकिन मीडिया लगातार उनका पीछा किए हुए है। बीजेपी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप के खिलाफ अरोप झूठे हैं।
उल्लेखनीय है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ महाराष्ट्र में भूमि सौदों से जुड़े आरोप लगाए थे। गडकरी के खिलाफ ताजे आरोप पूर्ति ग्रुप के चेयरमैन के रूप में अनुचित कारोबार से जुड़े हुए हैं। आयकर विभाग और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने गडकरी की कम्पनी और उसके द्वारा 26 निवेशक कंपनियों के साथ किए गए वित्तीय लेनदेन की अलग-अलग जांच शुरू की है।
गडकरी ने कहा, मुझ पर जिस भूमि को हड़पने का आरोप लगा है, वह भूमि अब भी महाराष्ट्र सरकार के पास है। गडकरी ने कहा, मैं ईंट का जवाब पत्थर से दूंगा। बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मुंह घोटाले में काला हुआ है और वह मीडिया की मदद से हमारा मुंह काला करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सरकार यह जवाब दे कि 'कांग्रेस के दामाद' जांच के लिए क्यों नहीं तैयार हैं?
गडकरी ने कहा, मैं अगर बिल्डर और डेवलपर होता तो मुंबई, पुणे में बिजनेस करता। मैं जहां घाटा है, उस इलाके में सामाजिक दायित्व से काम करता हूं। गडकरी ने कहा, मैं महाराष्ट्र में किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता आ रहा हू, खासतौर से विदर्भ में सिंचाई के लिए। अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि अपने चीनी कारखाने में मैंने बांध का पूरा पानी इस्तेमाल किया, जबकि कारखाने में एक प्रतिशत से भी कम बांध का पानी इस्तेमाल हुआ है।टिप्पणियां
गडकरी ने 2009 में नागपुर स्थित अपने घर पर खड़ी एक कार में मृत पाई गई एक लड़की के मामले में संलिप्तता से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया गया, लेकिन मीडिया लगातार उनका पीछा किए हुए है। बीजेपी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप के खिलाफ अरोप झूठे हैं।
उल्लेखनीय है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ महाराष्ट्र में भूमि सौदों से जुड़े आरोप लगाए थे। गडकरी के खिलाफ ताजे आरोप पूर्ति ग्रुप के चेयरमैन के रूप में अनुचित कारोबार से जुड़े हुए हैं। आयकर विभाग और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने गडकरी की कम्पनी और उसके द्वारा 26 निवेशक कंपनियों के साथ किए गए वित्तीय लेनदेन की अलग-अलग जांच शुरू की है।
गडकरी ने कहा, मैं अगर बिल्डर और डेवलपर होता तो मुंबई, पुणे में बिजनेस करता। मैं जहां घाटा है, उस इलाके में सामाजिक दायित्व से काम करता हूं। गडकरी ने कहा, मैं महाराष्ट्र में किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता आ रहा हू, खासतौर से विदर्भ में सिंचाई के लिए। अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि अपने चीनी कारखाने में मैंने बांध का पूरा पानी इस्तेमाल किया, जबकि कारखाने में एक प्रतिशत से भी कम बांध का पानी इस्तेमाल हुआ है।टिप्पणियां
गडकरी ने 2009 में नागपुर स्थित अपने घर पर खड़ी एक कार में मृत पाई गई एक लड़की के मामले में संलिप्तता से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया गया, लेकिन मीडिया लगातार उनका पीछा किए हुए है। बीजेपी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप के खिलाफ अरोप झूठे हैं।
उल्लेखनीय है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ महाराष्ट्र में भूमि सौदों से जुड़े आरोप लगाए थे। गडकरी के खिलाफ ताजे आरोप पूर्ति ग्रुप के चेयरमैन के रूप में अनुचित कारोबार से जुड़े हुए हैं। आयकर विभाग और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने गडकरी की कम्पनी और उसके द्वारा 26 निवेशक कंपनियों के साथ किए गए वित्तीय लेनदेन की अलग-अलग जांच शुरू की है।
गडकरी ने 2009 में नागपुर स्थित अपने घर पर खड़ी एक कार में मृत पाई गई एक लड़की के मामले में संलिप्तता से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया गया, लेकिन मीडिया लगातार उनका पीछा किए हुए है। बीजेपी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप के खिलाफ अरोप झूठे हैं।
उल्लेखनीय है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ महाराष्ट्र में भूमि सौदों से जुड़े आरोप लगाए थे। गडकरी के खिलाफ ताजे आरोप पूर्ति ग्रुप के चेयरमैन के रूप में अनुचित कारोबार से जुड़े हुए हैं। आयकर विभाग और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने गडकरी की कम्पनी और उसके द्वारा 26 निवेशक कंपनियों के साथ किए गए वित्तीय लेनदेन की अलग-अलग जांच शुरू की है।
उल्लेखनीय है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ महाराष्ट्र में भूमि सौदों से जुड़े आरोप लगाए थे। गडकरी के खिलाफ ताजे आरोप पूर्ति ग्रुप के चेयरमैन के रूप में अनुचित कारोबार से जुड़े हुए हैं। आयकर विभाग और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने गडकरी की कम्पनी और उसके द्वारा 26 निवेशक कंपनियों के साथ किए गए वित्तीय लेनदेन की अलग-अलग जांच शुरू की है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, कांग्रेस का मुंह घोटाले में काला हुआ है और वह मीडिया की मदद से हमारा मुंह काला करने की कोशिश कर रही है, लेकिन मैं ईंट का जवाब पत्थर से दूंगा। | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) ने शनिवार को मलाड में स्थित एक डांस बार में छापा मारकर 14 ग्राहकों सहित 22 लोगों को गिरफ्तार किया. एक पुलिस अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मलाड पूर्व के पोद्दार रोड स्थित काका बार एवं रेस्तरां में छापा मारा गया. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बार में सुबह-सुबह छापा मारा, उस वक्त डांस फ्लोर पर 10 बार गर्ल डांस कर रही थीं.
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि यह बार 'खबरी अड्डा' के तौर पर जाना जाता था. बार के मालिकों का मानना था कि इस पर पुलिस का छापा नहीं पड़ेगा. साथ ही अधिकारी ने बताया कि हमें जानकारी मिली थी कि बार में नियमों का उल्लंघन हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने वहां पर छापा मारा था. इस दौरान 14 ग्राहकों सहित 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं 10 पीड़ितों को बचाया गया है. वेटर, सुपरवाइजर, कैशियर और मैनेजर को भी गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा वहां से 93,930 रुपये कैश बरामद किए गए हैं.
अधिकारी ने बताया, आईपीसी की धारा 294, 114, 34 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. | डांस बार पर छापा मारकर 14 ग्राहकों सहित 22 लोगों को गिरफ्तार किया
काका बार एवं रेस्तरां में अकसर पुलिस के 'मुखबिर' जाते थे
कहा, ‘हमें वहां नियमों की अवहेलना की सूचना मिली थी | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के पांथा चौक (Pantha chowk) इलाके में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में छुपे आतंकवादी सीआरपीएफ कैंप को निशाना बना रहे हैं. पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार-रविवार की रात 3.40 बजे से आतंकी स्कूल के अंदर से गोलीबारी कर रहे हैं. ये आतंकी शनिवार को 5.50 बजे स्कूल के अंदर घुसे थे और वहीं से सीआरपीएफ के 29वीं बटालियन को निशाना बना रहे हैं. इस हमले में एक सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई है और दो जवान घायल हो गए हैं. इस इलाके में बाजार है, जिसके चलते व्यस्त भी है. आतंकी इसी का फायदा उठाकर निशाना बना रहे हैं. श्रीनगर के इस डीपीएस (Delhi Public School) में करीब 400 कमरे हैं और यह कई मकानों से घिरा हुआ है, जिसके चलते आतंकियों को छुपकर गोलीबारी करने के मौके मिल रहे हैं. आतंकी रुक-रुक कर गोलीबारी कर रहे हैं.टिप्पणियां
सुरक्षा बलों ने पूर स्कूल को घेर लिया है और स्कूल में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि आतंकियों की तलाश के लिए ड्रोन सहित अन्य तकनीक का सहारा लिया जा रहा है.
गनीमत है कि जिस वक्त आतंकी स्कूल में दाखिल हुए उस समय वहां कोई छात्र या स्टॉफ नहीं थे. पिछले एक साल में कैंट इलाके में तीसरी बार आतंकियों ने हमला किया है. इससे पहले दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में मुठभेड़ में सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया था. सीआरपीएफ के आईजी रविदीप साही ने बताया कि हमारी गाड़ी पर फायरिंग की गई. एक सब इंस्पेक्टर शहीद और दो जवान घायल हो गए. हमने इलाके को घेर लिया है.
सुरक्षा बलों ने पूर स्कूल को घेर लिया है और स्कूल में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि आतंकियों की तलाश के लिए ड्रोन सहित अन्य तकनीक का सहारा लिया जा रहा है.
गनीमत है कि जिस वक्त आतंकी स्कूल में दाखिल हुए उस समय वहां कोई छात्र या स्टॉफ नहीं थे. पिछले एक साल में कैंट इलाके में तीसरी बार आतंकियों ने हमला किया है. इससे पहले दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में मुठभेड़ में सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया था. सीआरपीएफ के आईजी रविदीप साही ने बताया कि हमारी गाड़ी पर फायरिंग की गई. एक सब इंस्पेक्टर शहीद और दो जवान घायल हो गए. हमने इलाके को घेर लिया है.
गनीमत है कि जिस वक्त आतंकी स्कूल में दाखिल हुए उस समय वहां कोई छात्र या स्टॉफ नहीं थे. पिछले एक साल में कैंट इलाके में तीसरी बार आतंकियों ने हमला किया है. इससे पहले दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में मुठभेड़ में सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया था. सीआरपीएफ के आईजी रविदीप साही ने बताया कि हमारी गाड़ी पर फायरिंग की गई. एक सब इंस्पेक्टर शहीद और दो जवान घायल हो गए. हमने इलाके को घेर लिया है. | संक्षिप्त पाठ: श्रीनगर के डीपीएस स्कूल में छुपे आतंकी
नजदीक के सीआरपीएफ कैंप पर कर रहे गोलीबारी
सुरक्षा बल स्कूल को घेरकर चला रहे सर्च ऑपरेशन | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गावस्कर ने 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उसकी सरजमीं पर अपनी पदार्पण सीरीज में 774 रन बनाये थे. इसके बाद केवल एक बार कोई भारतीय बल्लेबाज एक सीरीज में 700 से अधिक रन बना पाया और वह स्वयं गावस्कर थे. उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही 1978-79 में घरेलू धरती पर छह मैचों में 732 रन बनाये थे. कोहली हालांकि 2014-15 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे में इस जादुई आंकड़े के करीब पहुंचे थे. उन्होंने तब चार मैचों की आठ पारियों में चार शतकों की मदद से 692 रन बनाये थे. अब भारत के टेस्ट कप्तान के पास एक सीरीज में 700 से अधिक रन बनाने वाला दूसरा भारतीय और दुनिया का 24वां बल्लेबाज बनने और साथ ही गावस्कर के 45 साल पुराने रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा अवसर है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: तूफान ‘वरदा’ से पिच और आउटफील्ड को हालांकि नुकसान नहीं पहुंचा है
बीसीसीआई के दक्षिण क्षेत्र के क्यूरेटर पिच की मौजूदा स्थिति से संतुष्ट है
कोहली के पास गावस्कर के 45 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने का अवसर है | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी के बाद नकदी की समस्या से परेशान लोगों ने सोमवार को गुजरात के दो जिलों में बैंक की शाखाओं पर हमला कर दिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
अमरेली जिले के समढियाला गांव में भारतीय स्टेट बैंक और देना बैंक की शाखाओं के बाहर सैकड़ों की संख्या में लाइन लगाए लोगों में तब गुस्सा फूट पड़ा जब उन्हें बताया गया कि बैंक में नकदी खत्म हो गई है. भीड़ ने गुस्से में बैंक की शाखाओं पर ताला जड़ दिया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ में अधिकांश व्यक्ति पेशे से किसान थे. सुरेंद्रनगर जिले में भीड़ ने कुछ बैंकों की शाखाओं में तोड़फोड़ की और दरवाजे तथा खिड़कियां तोड़ डाले. भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की वजह शनिवार से लगातार तीन दिन तक बैंक का बंद रहना रहा.
बैंक अधिकारियों ने कहा कि बैंक खोलने का कोई मतलब नहीं था, क्योंकि सोमवार को भी बैंकों को नकदी की आपूर्ति ही नहीं की गई. केंद्र शासित क्षेत्र दादरा नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में एक राष्ट्रीयकृत बैंक के प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की की गई, क्योंकि बैंक के पास लोगों को देने के लिए नकदी ही नहीं थी. बैंक कर्मचारियों को बचाने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमरेली जिले के समढियाला गांव में भारतीय स्टेट बैंक और देना बैंक की शाखाओं के बाहर सैकड़ों की संख्या में लाइन लगाए लोगों में तब गुस्सा फूट पड़ा जब उन्हें बताया गया कि बैंक में नकदी खत्म हो गई है. भीड़ ने गुस्से में बैंक की शाखाओं पर ताला जड़ दिया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ में अधिकांश व्यक्ति पेशे से किसान थे. सुरेंद्रनगर जिले में भीड़ ने कुछ बैंकों की शाखाओं में तोड़फोड़ की और दरवाजे तथा खिड़कियां तोड़ डाले. भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की वजह शनिवार से लगातार तीन दिन तक बैंक का बंद रहना रहा.
बैंक अधिकारियों ने कहा कि बैंक खोलने का कोई मतलब नहीं था, क्योंकि सोमवार को भी बैंकों को नकदी की आपूर्ति ही नहीं की गई. केंद्र शासित क्षेत्र दादरा नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में एक राष्ट्रीयकृत बैंक के प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की की गई, क्योंकि बैंक के पास लोगों को देने के लिए नकदी ही नहीं थी. बैंक कर्मचारियों को बचाने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ में अधिकांश व्यक्ति पेशे से किसान थे. सुरेंद्रनगर जिले में भीड़ ने कुछ बैंकों की शाखाओं में तोड़फोड़ की और दरवाजे तथा खिड़कियां तोड़ डाले. भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की वजह शनिवार से लगातार तीन दिन तक बैंक का बंद रहना रहा.
बैंक अधिकारियों ने कहा कि बैंक खोलने का कोई मतलब नहीं था, क्योंकि सोमवार को भी बैंकों को नकदी की आपूर्ति ही नहीं की गई. केंद्र शासित क्षेत्र दादरा नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में एक राष्ट्रीयकृत बैंक के प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की की गई, क्योंकि बैंक के पास लोगों को देने के लिए नकदी ही नहीं थी. बैंक कर्मचारियों को बचाने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैंक अधिकारियों ने कहा कि बैंक खोलने का कोई मतलब नहीं था, क्योंकि सोमवार को भी बैंकों को नकदी की आपूर्ति ही नहीं की गई. केंद्र शासित क्षेत्र दादरा नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में एक राष्ट्रीयकृत बैंक के प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की की गई, क्योंकि बैंक के पास लोगों को देने के लिए नकदी ही नहीं थी. बैंक कर्मचारियों को बचाने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. टिप्पणियां
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: अमरेली जिले के समढियाला गांव में एसबीआई और देना बैंक की घटना
बैंक में नकदी खत्म होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा
सुरेंद्रनगर जिले में भीड़ ने कुछ बैंकों की शाखाओं में तोड़फोड़ की | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल के सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद राज्य में पार्टी कार्यकर्ता नाराज हैं. आज सुबह कोलकाता में पार्टी कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ बीजेपी नेता के घर पर हमला किया. बता दें बीती शाम को भी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी के कोलकाता स्थित कार्यालय पर भी हमला किया.
बीजेपी नेता सिद्धार्थनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि जब तृणमूल कार्यकर्ता बीजेपी कार्यालय पर हमला कर रहे थे तब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. वह मुंह फेरकर खड़े रहे. इस घटना के बाद बीजेपी दफ्तर के बाहर केंद्रीय पुलिस बलों के तैनाती कर दी गई है.
उल्लेखनीय है कि सुदीप बंदोपाध्याय को रोजवैली चिटफंड घोटले में आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया है. इस घोटाले में बंगाल के लाखों लोगों का पैसा मारा गया है.
टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद पार्टी प्रमुख तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'नोटबंदी के बाद तृणमूल-बंदी' का आरोप लगाया, और कहा कि उनकी पार्टी पर ये अत्याचार इसीलिए किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पीएम के नोटबंदी के कदम का खुलकर विरोध किया था.
पिछले सप्ताह सीबीआई ने अभिनेता से राजनेता बने तृणमूल कांग्रेस नेता तापस पाल को गिरफ्तार किया था. पिछले साल मई में लगातार दूसरी बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं ममता बनर्जी ने कहा कि ये गिरफ्तारियां प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर की जा रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री पर 'बदले की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा, "मैं (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को चुनौती देती हूं कि अगर आप समझते हैं कि आप हमारे नेताओं को गिरफ्तार करेंगे, और हम चुप बैठेंगे, तो ऐसा नहीं होगा..."
रीयल एस्टेट तथा मनोरंजन के क्षेत्र में दखल रखने वाले बंगाल के रोज़ वैली ग्रुप द्वारा चलाई जा रही अनियमित वित्तीय निवेश योजनाओं की जांच सीबीआई कर रही है. इस मामले में दो साल पहले केस दर्ज किया गया था, जिसमें रोज़ वैली पर लगभग निवेशकों के लगभग 17,000 करोड़ रुपये चुराने का आरोप लगाया गया था.टिप्पणियां
रोज़ वैली के स्वामित्व वाली दो कंपनियों में तापस पाल निदेशक थे. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने उन सवालों से बचने की कोशिश की, जिनमें रोज़ वाली से उनके ताल्लुकात की प्रकृति के बारे में पूछा गया था. सुदीप बंद्योपाध्याय का कहना था कि उनके खिलाफ लगे आरोप अस्पष्ट हैं.
प्रधानमंत्री द्वारा अचानक लागू की गई नोटबंदी के खिलाफ संसद के भीतर और लखनऊ व पटना जैसे शहरों में सड़कों पर किए गए विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों का ममता बनर्जी ने नेतृत्व किया. ममता बनर्जी का कहना है कि नोटबंदी की वजह से करोड़ों गरीब लोग अपने ही पैसों तक पहुंच से वंचित हो गए.
बीजेपी नेता सिद्धार्थनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि जब तृणमूल कार्यकर्ता बीजेपी कार्यालय पर हमला कर रहे थे तब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. वह मुंह फेरकर खड़े रहे. इस घटना के बाद बीजेपी दफ्तर के बाहर केंद्रीय पुलिस बलों के तैनाती कर दी गई है.
उल्लेखनीय है कि सुदीप बंदोपाध्याय को रोजवैली चिटफंड घोटले में आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया है. इस घोटाले में बंगाल के लाखों लोगों का पैसा मारा गया है.
टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद पार्टी प्रमुख तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'नोटबंदी के बाद तृणमूल-बंदी' का आरोप लगाया, और कहा कि उनकी पार्टी पर ये अत्याचार इसीलिए किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पीएम के नोटबंदी के कदम का खुलकर विरोध किया था.
पिछले सप्ताह सीबीआई ने अभिनेता से राजनेता बने तृणमूल कांग्रेस नेता तापस पाल को गिरफ्तार किया था. पिछले साल मई में लगातार दूसरी बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं ममता बनर्जी ने कहा कि ये गिरफ्तारियां प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर की जा रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री पर 'बदले की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा, "मैं (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को चुनौती देती हूं कि अगर आप समझते हैं कि आप हमारे नेताओं को गिरफ्तार करेंगे, और हम चुप बैठेंगे, तो ऐसा नहीं होगा..."
रीयल एस्टेट तथा मनोरंजन के क्षेत्र में दखल रखने वाले बंगाल के रोज़ वैली ग्रुप द्वारा चलाई जा रही अनियमित वित्तीय निवेश योजनाओं की जांच सीबीआई कर रही है. इस मामले में दो साल पहले केस दर्ज किया गया था, जिसमें रोज़ वैली पर लगभग निवेशकों के लगभग 17,000 करोड़ रुपये चुराने का आरोप लगाया गया था.टिप्पणियां
रोज़ वैली के स्वामित्व वाली दो कंपनियों में तापस पाल निदेशक थे. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने उन सवालों से बचने की कोशिश की, जिनमें रोज़ वाली से उनके ताल्लुकात की प्रकृति के बारे में पूछा गया था. सुदीप बंद्योपाध्याय का कहना था कि उनके खिलाफ लगे आरोप अस्पष्ट हैं.
प्रधानमंत्री द्वारा अचानक लागू की गई नोटबंदी के खिलाफ संसद के भीतर और लखनऊ व पटना जैसे शहरों में सड़कों पर किए गए विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों का ममता बनर्जी ने नेतृत्व किया. ममता बनर्जी का कहना है कि नोटबंदी की वजह से करोड़ों गरीब लोग अपने ही पैसों तक पहुंच से वंचित हो गए.
उल्लेखनीय है कि सुदीप बंदोपाध्याय को रोजवैली चिटफंड घोटले में आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया है. इस घोटाले में बंगाल के लाखों लोगों का पैसा मारा गया है.
टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद पार्टी प्रमुख तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'नोटबंदी के बाद तृणमूल-बंदी' का आरोप लगाया, और कहा कि उनकी पार्टी पर ये अत्याचार इसीलिए किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पीएम के नोटबंदी के कदम का खुलकर विरोध किया था.
पिछले सप्ताह सीबीआई ने अभिनेता से राजनेता बने तृणमूल कांग्रेस नेता तापस पाल को गिरफ्तार किया था. पिछले साल मई में लगातार दूसरी बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं ममता बनर्जी ने कहा कि ये गिरफ्तारियां प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर की जा रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री पर 'बदले की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा, "मैं (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को चुनौती देती हूं कि अगर आप समझते हैं कि आप हमारे नेताओं को गिरफ्तार करेंगे, और हम चुप बैठेंगे, तो ऐसा नहीं होगा..."
रीयल एस्टेट तथा मनोरंजन के क्षेत्र में दखल रखने वाले बंगाल के रोज़ वैली ग्रुप द्वारा चलाई जा रही अनियमित वित्तीय निवेश योजनाओं की जांच सीबीआई कर रही है. इस मामले में दो साल पहले केस दर्ज किया गया था, जिसमें रोज़ वैली पर लगभग निवेशकों के लगभग 17,000 करोड़ रुपये चुराने का आरोप लगाया गया था.टिप्पणियां
रोज़ वैली के स्वामित्व वाली दो कंपनियों में तापस पाल निदेशक थे. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने उन सवालों से बचने की कोशिश की, जिनमें रोज़ वाली से उनके ताल्लुकात की प्रकृति के बारे में पूछा गया था. सुदीप बंद्योपाध्याय का कहना था कि उनके खिलाफ लगे आरोप अस्पष्ट हैं.
प्रधानमंत्री द्वारा अचानक लागू की गई नोटबंदी के खिलाफ संसद के भीतर और लखनऊ व पटना जैसे शहरों में सड़कों पर किए गए विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों का ममता बनर्जी ने नेतृत्व किया. ममता बनर्जी का कहना है कि नोटबंदी की वजह से करोड़ों गरीब लोग अपने ही पैसों तक पहुंच से वंचित हो गए.
टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद पार्टी प्रमुख तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'नोटबंदी के बाद तृणमूल-बंदी' का आरोप लगाया, और कहा कि उनकी पार्टी पर ये अत्याचार इसीलिए किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पीएम के नोटबंदी के कदम का खुलकर विरोध किया था.
पिछले सप्ताह सीबीआई ने अभिनेता से राजनेता बने तृणमूल कांग्रेस नेता तापस पाल को गिरफ्तार किया था. पिछले साल मई में लगातार दूसरी बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं ममता बनर्जी ने कहा कि ये गिरफ्तारियां प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर की जा रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री पर 'बदले की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा, "मैं (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को चुनौती देती हूं कि अगर आप समझते हैं कि आप हमारे नेताओं को गिरफ्तार करेंगे, और हम चुप बैठेंगे, तो ऐसा नहीं होगा..."
रीयल एस्टेट तथा मनोरंजन के क्षेत्र में दखल रखने वाले बंगाल के रोज़ वैली ग्रुप द्वारा चलाई जा रही अनियमित वित्तीय निवेश योजनाओं की जांच सीबीआई कर रही है. इस मामले में दो साल पहले केस दर्ज किया गया था, जिसमें रोज़ वैली पर लगभग निवेशकों के लगभग 17,000 करोड़ रुपये चुराने का आरोप लगाया गया था.टिप्पणियां
रोज़ वैली के स्वामित्व वाली दो कंपनियों में तापस पाल निदेशक थे. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने उन सवालों से बचने की कोशिश की, जिनमें रोज़ वाली से उनके ताल्लुकात की प्रकृति के बारे में पूछा गया था. सुदीप बंद्योपाध्याय का कहना था कि उनके खिलाफ लगे आरोप अस्पष्ट हैं.
प्रधानमंत्री द्वारा अचानक लागू की गई नोटबंदी के खिलाफ संसद के भीतर और लखनऊ व पटना जैसे शहरों में सड़कों पर किए गए विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों का ममता बनर्जी ने नेतृत्व किया. ममता बनर्जी का कहना है कि नोटबंदी की वजह से करोड़ों गरीब लोग अपने ही पैसों तक पहुंच से वंचित हो गए.
पिछले सप्ताह सीबीआई ने अभिनेता से राजनेता बने तृणमूल कांग्रेस नेता तापस पाल को गिरफ्तार किया था. पिछले साल मई में लगातार दूसरी बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं ममता बनर्जी ने कहा कि ये गिरफ्तारियां प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर की जा रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री पर 'बदले की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा, "मैं (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को चुनौती देती हूं कि अगर आप समझते हैं कि आप हमारे नेताओं को गिरफ्तार करेंगे, और हम चुप बैठेंगे, तो ऐसा नहीं होगा..."
रीयल एस्टेट तथा मनोरंजन के क्षेत्र में दखल रखने वाले बंगाल के रोज़ वैली ग्रुप द्वारा चलाई जा रही अनियमित वित्तीय निवेश योजनाओं की जांच सीबीआई कर रही है. इस मामले में दो साल पहले केस दर्ज किया गया था, जिसमें रोज़ वैली पर लगभग निवेशकों के लगभग 17,000 करोड़ रुपये चुराने का आरोप लगाया गया था.टिप्पणियां
रोज़ वैली के स्वामित्व वाली दो कंपनियों में तापस पाल निदेशक थे. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने उन सवालों से बचने की कोशिश की, जिनमें रोज़ वाली से उनके ताल्लुकात की प्रकृति के बारे में पूछा गया था. सुदीप बंद्योपाध्याय का कहना था कि उनके खिलाफ लगे आरोप अस्पष्ट हैं.
प्रधानमंत्री द्वारा अचानक लागू की गई नोटबंदी के खिलाफ संसद के भीतर और लखनऊ व पटना जैसे शहरों में सड़कों पर किए गए विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों का ममता बनर्जी ने नेतृत्व किया. ममता बनर्जी का कहना है कि नोटबंदी की वजह से करोड़ों गरीब लोग अपने ही पैसों तक पहुंच से वंचित हो गए.
रीयल एस्टेट तथा मनोरंजन के क्षेत्र में दखल रखने वाले बंगाल के रोज़ वैली ग्रुप द्वारा चलाई जा रही अनियमित वित्तीय निवेश योजनाओं की जांच सीबीआई कर रही है. इस मामले में दो साल पहले केस दर्ज किया गया था, जिसमें रोज़ वैली पर लगभग निवेशकों के लगभग 17,000 करोड़ रुपये चुराने का आरोप लगाया गया था.टिप्पणियां
रोज़ वैली के स्वामित्व वाली दो कंपनियों में तापस पाल निदेशक थे. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने उन सवालों से बचने की कोशिश की, जिनमें रोज़ वाली से उनके ताल्लुकात की प्रकृति के बारे में पूछा गया था. सुदीप बंद्योपाध्याय का कहना था कि उनके खिलाफ लगे आरोप अस्पष्ट हैं.
प्रधानमंत्री द्वारा अचानक लागू की गई नोटबंदी के खिलाफ संसद के भीतर और लखनऊ व पटना जैसे शहरों में सड़कों पर किए गए विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों का ममता बनर्जी ने नेतृत्व किया. ममता बनर्जी का कहना है कि नोटबंदी की वजह से करोड़ों गरीब लोग अपने ही पैसों तक पहुंच से वंचित हो गए.
रोज़ वैली के स्वामित्व वाली दो कंपनियों में तापस पाल निदेशक थे. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने उन सवालों से बचने की कोशिश की, जिनमें रोज़ वाली से उनके ताल्लुकात की प्रकृति के बारे में पूछा गया था. सुदीप बंद्योपाध्याय का कहना था कि उनके खिलाफ लगे आरोप अस्पष्ट हैं.
प्रधानमंत्री द्वारा अचानक लागू की गई नोटबंदी के खिलाफ संसद के भीतर और लखनऊ व पटना जैसे शहरों में सड़कों पर किए गए विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों का ममता बनर्जी ने नेतृत्व किया. ममता बनर्जी का कहना है कि नोटबंदी की वजह से करोड़ों गरीब लोग अपने ही पैसों तक पहुंच से वंचित हो गए.
प्रधानमंत्री द्वारा अचानक लागू की गई नोटबंदी के खिलाफ संसद के भीतर और लखनऊ व पटना जैसे शहरों में सड़कों पर किए गए विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों का ममता बनर्जी ने नेतृत्व किया. ममता बनर्जी का कहना है कि नोटबंदी की वजह से करोड़ों गरीब लोग अपने ही पैसों तक पहुंच से वंचित हो गए. | संक्षिप्त पाठ: तृणमूल कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के कोलकाता स्थित कार्यालय पर हमला किया था.
कार्यालय पर हमला कर रहे थे तब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की : बीजेपी
बीजेपी दफ्तर के बाहर केंद्रीय पुलिस बलों के तैनाती कर दी गई है. | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: किम क्लाइस्टर्स ने बुधवार को चौथी वरीय अग्निएज्का रदवांस्का को कड़े मुकाबले में 6-3, 7-6 से हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस के महिला एकल सेमीफाइनल में जगह बनाई जहां उनका सामना दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी वेरा ज्वोनारेवा से होगा। ज्वोनारेवा ने इससे पहले रोड लेवर एरेना में पेत्रा क्विटोवा के खिलाफ 6-2, 6-4 से जीत दर्ज की। इस मैच के दौरान तोपों की गरज भी सुनाई दी जो आस्ट्रेलिया दिवस के जश्न का हिस्सा था। ज्वोनारेवा और क्लाइस्टर्स इससे पहले पिछले साल अमेरिकी ओपन के फाइनल में भी भिड़ी थी जहां क्लाइस्टर्स ने अपना तीसरा ग्रैंडस्लैम खिताब जीता था। क्लाइस्टर्स आस्ट्रेलियन ओपन के महिला एकल सेमीफाइनल का सफर तय करने वाली एकमात्र ग्रैंडस्लैम चैम्पियन हैं। एक अन्य सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी कैरोलीन वोजनियाकी का सामना चीन की ली ना से होगा। क्लाइस्टर्स ने कहा, उम्मीद करती हूं कि मुझे अनुभवी होने से थोड़ी मदद मिलेगी। लेकिन अब भी कुछ मजबूत खिलाड़ी मौजूद हैं। दुनिया की नंबर एक, दो, तीन खिलाड़ी मौजूद हैं जबकि ली ना काफी अच्छा खेल रही है। यह काफी मुश्किल होगा। | सारांश: ज्वोनारेवा और क्लाइस्टर्स इससे पहले पिछले साल अमेरिकी ओपन के फाइनल में भी भिड़ी थी जहां क्लाइस्टर्स ने अपना तीसरा ग्रैंडस्लैम खिताब जीता था। | 31 | ['hin'] |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.