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इस के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा के नरवाना स्थित भाखड़ा नहर से 12 शव बरामद हुए हैं. ये शव भाखड़ा मेन लाइन की सफाई के दौरान मिले. इतने सारे शव एक साथ मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस ने आशंका जताई है कि नहर में और भी शव हो सकते हैं. शनिवार को नरवाना में भाखड़ा नहर को बंद कर उसकी सफाई की जा रही थी. सफाई अभियान के दौरान नहर में सड़ी-गड़ी लाशें मिलने से वहां सनसनी फैल गई. गोताखोरों के एक ग्रुप ने यह सारी लाशें बरामद कीं. गोताखोर ग्रुप के लीडर आशु मलिक ने बताया कि सभी शव एक से 10 महीने पुरानी लगती हैं. जैसे ही आसपास के इलाकों में लाशें मिलने की बात फैली तो लापता लोगों के संबंधी पहचान के लिए वहां पहुंचने लगे. एक लाश की शिनाख्त समाना निवासी सतनाम सिंह के रूप में की गई.
लाशें इतनी गली सड़ी हैं कि इनकी शिनाख्त नहीं की जा सकती. गोताखोर के अनुसार कुछ लाशों के हाथों में कड़े हैं, जिनसे अंदाज लगाया जा रहा है कि ये लाशें सिख लोगों की हैं. टिप्पणियां
फिलहाल सभी डेड बॉडीज को नरवाना के नागरिक अस्पताल में रखवा दिया गया है और पुलिस नहर में सर्च ऑपरेशन के साथ-साथ मामले की जांच की कड़ी आगे बढ़ाने में लगी है.
आशु मलिक ने बताया कि अक्सर हिमाचल और पंजाब से बहे शव इस नहर में मिलते हैं. ये नहर नंगल, ऊना, तलवाड़ा, नालागढ़, बद्दी, आनंदपुर साहिब, कीरतपुर, भरतगढ़, रोपड़, मोरिंडा, फतेहगढ़ साहिब, सरहिंद, पटियाला, समाना, घग्गा, पातड़ां, खनौरी से नरवाना होते हुए हिसार में जाती हैं. फिलहाल गोताखोरों की एक टीम नहर की तलाशी ले रही है.
लाशें इतनी गली सड़ी हैं कि इनकी शिनाख्त नहीं की जा सकती. गोताखोर के अनुसार कुछ लाशों के हाथों में कड़े हैं, जिनसे अंदाज लगाया जा रहा है कि ये लाशें सिख लोगों की हैं. टिप्पणियां
फिलहाल सभी डेड बॉडीज को नरवाना के नागरिक अस्पताल में रखवा दिया गया है और पुलिस नहर में सर्च ऑपरेशन के साथ-साथ मामले की जांच की कड़ी आगे बढ़ाने में लगी है.
आशु मलिक ने बताया कि अक्सर हिमाचल और पंजाब से बहे शव इस नहर में मिलते हैं. ये नहर नंगल, ऊना, तलवाड़ा, नालागढ़, बद्दी, आनंदपुर साहिब, कीरतपुर, भरतगढ़, रोपड़, मोरिंडा, फतेहगढ़ साहिब, सरहिंद, पटियाला, समाना, घग्गा, पातड़ां, खनौरी से नरवाना होते हुए हिसार में जाती हैं. फिलहाल गोताखोरों की एक टीम नहर की तलाशी ले रही है.
फिलहाल सभी डेड बॉडीज को नरवाना के नागरिक अस्पताल में रखवा दिया गया है और पुलिस नहर में सर्च ऑपरेशन के साथ-साथ मामले की जांच की कड़ी आगे बढ़ाने में लगी है.
आशु मलिक ने बताया कि अक्सर हिमाचल और पंजाब से बहे शव इस नहर में मिलते हैं. ये नहर नंगल, ऊना, तलवाड़ा, नालागढ़, बद्दी, आनंदपुर साहिब, कीरतपुर, भरतगढ़, रोपड़, मोरिंडा, फतेहगढ़ साहिब, सरहिंद, पटियाला, समाना, घग्गा, पातड़ां, खनौरी से नरवाना होते हुए हिसार में जाती हैं. फिलहाल गोताखोरों की एक टीम नहर की तलाशी ले रही है.
आशु मलिक ने बताया कि अक्सर हिमाचल और पंजाब से बहे शव इस नहर में मिलते हैं. ये नहर नंगल, ऊना, तलवाड़ा, नालागढ़, बद्दी, आनंदपुर साहिब, कीरतपुर, भरतगढ़, रोपड़, मोरिंडा, फतेहगढ़ साहिब, सरहिंद, पटियाला, समाना, घग्गा, पातड़ां, खनौरी से नरवाना होते हुए हिसार में जाती हैं. फिलहाल गोताखोरों की एक टीम नहर की तलाशी ले रही है. | यह एक सारांश है: नरवाना में भाखड़ा नहर को बंद कर की जा रही उसकी सफाई
सफाइकर्मियों को मिलने लगे एक-एक कर इंसानों शव
इलाके के लोग शिनाख्त के लिए पहुंचे, पर शवों की हालत बेहद खराब | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक में कानून की एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद अब रामनगर जिले के मरियाप्पनपालया में आठ-नौ व्यक्तियों ने बार में काम करने वाली तीन लड़कियों के साथ कथित रूप से बलात्कार किया।
पुलिस अधीक्षक अनुपम अग्रवाल ने बताया, गुरुवार आधी रात के बाद तकरीबन साढ़े 12 बजे 20 से 25 वर्ष के आठ-नौ लोग मारुति ओमनी वैन और होंडा एक्टिवा से मरियाप्पनपालया के एक मकान पर पहुंचे, जहां बेंगलुरु के गांधीनगर में कैसिनो बार में काम करने वाली सात लड़कियां पिछले डेढ़ महीने से रह रही थीं।
उन्होंने बताया कि बिदादी थाना क्षेत्र में ज्ञानज्योति एक्सटेंशन इलाके में स्थित इस मकान के बाहर तैनात दो सुरक्षाकर्मियों को इन लोगों ने काबू में कर लिया और जबरन मकान में घुस गए। उन्होंने लड़कियों को धमकाया कि उनके पास जो कुछ है, उनके हवाले कर दें और उनसे एक सोने की चेन, छह सोने की अंगूठियां, एक टीवी सेट, एक डीवीडी प्लेयर, पांच मोबाइल और करीब 15 हजार रुपये लूट लिए।टिप्पणियां
इसके बाद ये लोग सात में से तीन लड़कियों को अगवा कर ले गए। उन्होंने इनकी आंखों पर पट्टी बांधकर इन्हें वाहन में बिठा लिया और पास के एक मकान में ले जाकर इनके साथ बलात्कार किया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद ये लोग लड़कियों को तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक पुल के पास छोड़ गए। वहां से लड़कियों ने बिदादी थाने को फोन किया और उन्हें घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस दल को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि थाने में लड़कियों के बयान दर्ज किए गए और उन्हें मेडिकल टेस्ट के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। अग्रवाल ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक अनुपम अग्रवाल ने बताया, गुरुवार आधी रात के बाद तकरीबन साढ़े 12 बजे 20 से 25 वर्ष के आठ-नौ लोग मारुति ओमनी वैन और होंडा एक्टिवा से मरियाप्पनपालया के एक मकान पर पहुंचे, जहां बेंगलुरु के गांधीनगर में कैसिनो बार में काम करने वाली सात लड़कियां पिछले डेढ़ महीने से रह रही थीं।
उन्होंने बताया कि बिदादी थाना क्षेत्र में ज्ञानज्योति एक्सटेंशन इलाके में स्थित इस मकान के बाहर तैनात दो सुरक्षाकर्मियों को इन लोगों ने काबू में कर लिया और जबरन मकान में घुस गए। उन्होंने लड़कियों को धमकाया कि उनके पास जो कुछ है, उनके हवाले कर दें और उनसे एक सोने की चेन, छह सोने की अंगूठियां, एक टीवी सेट, एक डीवीडी प्लेयर, पांच मोबाइल और करीब 15 हजार रुपये लूट लिए।टिप्पणियां
इसके बाद ये लोग सात में से तीन लड़कियों को अगवा कर ले गए। उन्होंने इनकी आंखों पर पट्टी बांधकर इन्हें वाहन में बिठा लिया और पास के एक मकान में ले जाकर इनके साथ बलात्कार किया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद ये लोग लड़कियों को तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक पुल के पास छोड़ गए। वहां से लड़कियों ने बिदादी थाने को फोन किया और उन्हें घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस दल को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि थाने में लड़कियों के बयान दर्ज किए गए और उन्हें मेडिकल टेस्ट के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। अग्रवाल ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बिदादी थाना क्षेत्र में ज्ञानज्योति एक्सटेंशन इलाके में स्थित इस मकान के बाहर तैनात दो सुरक्षाकर्मियों को इन लोगों ने काबू में कर लिया और जबरन मकान में घुस गए। उन्होंने लड़कियों को धमकाया कि उनके पास जो कुछ है, उनके हवाले कर दें और उनसे एक सोने की चेन, छह सोने की अंगूठियां, एक टीवी सेट, एक डीवीडी प्लेयर, पांच मोबाइल और करीब 15 हजार रुपये लूट लिए।टिप्पणियां
इसके बाद ये लोग सात में से तीन लड़कियों को अगवा कर ले गए। उन्होंने इनकी आंखों पर पट्टी बांधकर इन्हें वाहन में बिठा लिया और पास के एक मकान में ले जाकर इनके साथ बलात्कार किया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद ये लोग लड़कियों को तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक पुल के पास छोड़ गए। वहां से लड़कियों ने बिदादी थाने को फोन किया और उन्हें घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस दल को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि थाने में लड़कियों के बयान दर्ज किए गए और उन्हें मेडिकल टेस्ट के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। अग्रवाल ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इसके बाद ये लोग सात में से तीन लड़कियों को अगवा कर ले गए। उन्होंने इनकी आंखों पर पट्टी बांधकर इन्हें वाहन में बिठा लिया और पास के एक मकान में ले जाकर इनके साथ बलात्कार किया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद ये लोग लड़कियों को तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक पुल के पास छोड़ गए। वहां से लड़कियों ने बिदादी थाने को फोन किया और उन्हें घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस दल को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि थाने में लड़कियों के बयान दर्ज किए गए और उन्हें मेडिकल टेस्ट के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। अग्रवाल ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद ये लोग लड़कियों को तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक पुल के पास छोड़ गए। वहां से लड़कियों ने बिदादी थाने को फोन किया और उन्हें घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस दल को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि थाने में लड़कियों के बयान दर्ज किए गए और उन्हें मेडिकल टेस्ट के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। अग्रवाल ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। | यह एक सारांश है: कर्नाटक में रामनगर जिले के मरियाप्पनपालया में आठ-नौ व्यक्तियों ने बार में काम करने वाली तीन लड़कियों को अगवा कर उनके साथ बलात्कार किया। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में आई तेज गिरावट के बाद दोपहर में थोड़ा सुधार देखा गया। शाम के समय प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 132.27 अंकों की गिरावट के साथ 16857.51 पर जबकि निफ्टी 45.65 अंक गिरकर 50725.85 पर बंद हुआ। सुबह नौ बजे सेंसेक्स 472.31 अंक गिरकर 16517.87 पर जबकि निफ्टी 170.60 अंक गिरकर 4947.90 पर खुला था। यूरोपीय बाजार के खुलने के साथ मिले कुछ सकारात्मक संकेतों के कारण बाजार में जबरदस्त सुधार हुआ। दोपहर में 12.30 से एक बजे के बीच सूचकांकों में आए उछाल को देखकर ऐसा लगा कि मंगलवार को बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद होगा, लेकिन कुछ ही समय बाद इसमें फिर गिरावट आ गई। करीब 12.50 बजे बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 144.86 अंकों की बढ़त के साथ 17135.04 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) निफ्टी भी 48.50 अंकों की बढ़त के साथ 5167.00 के स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट का रुख था। मिडकैप 83.53 अंक गिरकर 6406.07 पर जबकि स्मॉलकैप 156.51 अंक गिरकर 7484.57 पर बंद हुआ। | सेंसेक्स 132.27 अंकों की गिरावट के साथ 16857.51 पर जबकि निफ्टी 45.65 अंक गिरकर 50725.85 पर बंद हुआ। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने मंगलवार को अदालत से 49 नामचीन हस्तियों के खिलाफ बिहार में दायर किया गया देशद्रोह का मुकदमा खत्म करने की अपील की. मुकदमे को खत्म करने के संबंध में ट्विटर पर कमल हासन ने लिखा, 'एक नागरिक होने के नाते मैंने अनुरोध किया कि हमारे ऊंची अदालतें लोकतंत्र के साथ न्याय करने की दिशा में कदम उठाएं और बिहार में दायर मुकदमे को खत्म करें.' कमल हासन ने आगे लिखा, 'प्रधानमंत्री चाहते हैं सद्भावपूर्ण भारत. संसद में दिया उनका बयान इसकी पुष्टि करता है. राज्य और उसके कानून को क्या पत्र और भावना में इसका अनुसरण नहीं करना चाहिए? मेरे 49 समकक्ष देशद्रोह के आरोपी बनाए गए हैं, यह प्रधानमंत्री की आकांक्षाओं के विपरीत है.'
बता दें कि कमल हासन का इशारा देश में पीट-पीटकर हत्या की घटनाओं पर प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखने वाले फिल्मकार मणिरत्नम, अभिनेत्री रेवती और इतिहासकार रामचंद्र गुहा सहित 49 लोगों के खिलाफ बिहार के एक थाने में एफआईआर दर्ज किए जाने की ओर था. इससे पहले, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने भी हैरानी जताते हुए कहा, 'धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता बनाए रखने को कहना देशद्रोह कैसे हो सकता है?' DMK प्रमुख ने कहा कि गुहा, रेवती और मणिरत्नम जैसे लोगों को देशद्रोही के रूप में प्रचारित किया जाना स्वीकार्य नहीं है. स्टालिन ने एफआईआर दर्ज किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि यह लोगों के मन में संदेह और डर पैदा करता है कि वे लोकतांत्रिक देश में रहते हैं या नहीं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 49 नामचीन हस्तियों के खिलाफ बिहार में दायर किया गया देशद्रोह का मुकदमा
राज्य और उसके कानून को क्या पत्र और भावना में इसका अनुसरण नहीं करना चाहिए
DMKअध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने भी हैरानी जताई थी | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: क्या जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता 5 नवंबर को समाजवादी पार्टी के स्थापना दिवस में भाग लेने के मुलायम सिंह के न्यौते को स्वीकार करेंगे? इस अहम सवाल पर पार्टी असमंजस में फंस गई है. सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव और प्रधान महासचिव केसी त्यागी से लंबी मुलाकात की, लेकिन कोई फैसला नहीं ले सके.
बैठक के बाद जब एनडीटीवी ने जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव से पूछा कि क्या 5 नवंबर को मुलायम सिंह के कार्यक्रम में वो भाग लेंगे? तो उन्होंने कहा, "मैं इस बारे में कुछ भी नहीं बोलूंगा".
शिवपाल यादव से मुलाकात के दौरान केसी त्यागी ने कार्यक्रम में भाग लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब पार्टी में इस पर फिर से विचार शुरू हो गया है. जेडीयू के वरिष्ठ नेता ये मानते हैं कि 5 नवंबर के कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शिवपाल हैं. अखिलेश यादव की इसमें कोई भूमिका नहीं है.
दूसरे दलों के नेताओं को बुलाने के फैसले में अखिलेश की सहमति नहीं ली गई. अखिलेश चुनावों के दौरान किसी के साथ गठबंधन करना चाहते या नहीं, इस पर भी तस्वीर अभी साफ नहीं है. टिप्पणियां
एनडीटीवी ने जब इस बारे में पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी से पूछा तो उन्होंने कहा, "इस बारे में पार्टी को ही अंतिम फैसला लेना है. हमने अजित सिंह के आरएलडी के साथ यूपी चुनावों के लिए एक मोर्चा बनाया है. इस बारे में कोई भी फैसला हम संयुक्त रूप से लेंगे."
सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू नेताओं को डर है कि मुलायम परिवार में मचे घमासान का असर चुनावी गठबंधन बनाने के प्रस्ताव पर पड़ सकता है और वो मुलायम परिवार की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते. बिहार चुनावों से पहले जिस तरह मुलायम ने साथ छोड़ा, उसके बाद मुलायम पर नीतीश का विश्वास भी कमज़ोर हुआ है.
बैठक के बाद जब एनडीटीवी ने जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव से पूछा कि क्या 5 नवंबर को मुलायम सिंह के कार्यक्रम में वो भाग लेंगे? तो उन्होंने कहा, "मैं इस बारे में कुछ भी नहीं बोलूंगा".
शिवपाल यादव से मुलाकात के दौरान केसी त्यागी ने कार्यक्रम में भाग लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब पार्टी में इस पर फिर से विचार शुरू हो गया है. जेडीयू के वरिष्ठ नेता ये मानते हैं कि 5 नवंबर के कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शिवपाल हैं. अखिलेश यादव की इसमें कोई भूमिका नहीं है.
दूसरे दलों के नेताओं को बुलाने के फैसले में अखिलेश की सहमति नहीं ली गई. अखिलेश चुनावों के दौरान किसी के साथ गठबंधन करना चाहते या नहीं, इस पर भी तस्वीर अभी साफ नहीं है. टिप्पणियां
एनडीटीवी ने जब इस बारे में पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी से पूछा तो उन्होंने कहा, "इस बारे में पार्टी को ही अंतिम फैसला लेना है. हमने अजित सिंह के आरएलडी के साथ यूपी चुनावों के लिए एक मोर्चा बनाया है. इस बारे में कोई भी फैसला हम संयुक्त रूप से लेंगे."
सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू नेताओं को डर है कि मुलायम परिवार में मचे घमासान का असर चुनावी गठबंधन बनाने के प्रस्ताव पर पड़ सकता है और वो मुलायम परिवार की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते. बिहार चुनावों से पहले जिस तरह मुलायम ने साथ छोड़ा, उसके बाद मुलायम पर नीतीश का विश्वास भी कमज़ोर हुआ है.
शिवपाल यादव से मुलाकात के दौरान केसी त्यागी ने कार्यक्रम में भाग लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब पार्टी में इस पर फिर से विचार शुरू हो गया है. जेडीयू के वरिष्ठ नेता ये मानते हैं कि 5 नवंबर के कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शिवपाल हैं. अखिलेश यादव की इसमें कोई भूमिका नहीं है.
दूसरे दलों के नेताओं को बुलाने के फैसले में अखिलेश की सहमति नहीं ली गई. अखिलेश चुनावों के दौरान किसी के साथ गठबंधन करना चाहते या नहीं, इस पर भी तस्वीर अभी साफ नहीं है. टिप्पणियां
एनडीटीवी ने जब इस बारे में पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी से पूछा तो उन्होंने कहा, "इस बारे में पार्टी को ही अंतिम फैसला लेना है. हमने अजित सिंह के आरएलडी के साथ यूपी चुनावों के लिए एक मोर्चा बनाया है. इस बारे में कोई भी फैसला हम संयुक्त रूप से लेंगे."
सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू नेताओं को डर है कि मुलायम परिवार में मचे घमासान का असर चुनावी गठबंधन बनाने के प्रस्ताव पर पड़ सकता है और वो मुलायम परिवार की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते. बिहार चुनावों से पहले जिस तरह मुलायम ने साथ छोड़ा, उसके बाद मुलायम पर नीतीश का विश्वास भी कमज़ोर हुआ है.
दूसरे दलों के नेताओं को बुलाने के फैसले में अखिलेश की सहमति नहीं ली गई. अखिलेश चुनावों के दौरान किसी के साथ गठबंधन करना चाहते या नहीं, इस पर भी तस्वीर अभी साफ नहीं है. टिप्पणियां
एनडीटीवी ने जब इस बारे में पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी से पूछा तो उन्होंने कहा, "इस बारे में पार्टी को ही अंतिम फैसला लेना है. हमने अजित सिंह के आरएलडी के साथ यूपी चुनावों के लिए एक मोर्चा बनाया है. इस बारे में कोई भी फैसला हम संयुक्त रूप से लेंगे."
सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू नेताओं को डर है कि मुलायम परिवार में मचे घमासान का असर चुनावी गठबंधन बनाने के प्रस्ताव पर पड़ सकता है और वो मुलायम परिवार की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते. बिहार चुनावों से पहले जिस तरह मुलायम ने साथ छोड़ा, उसके बाद मुलायम पर नीतीश का विश्वास भी कमज़ोर हुआ है.
एनडीटीवी ने जब इस बारे में पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी से पूछा तो उन्होंने कहा, "इस बारे में पार्टी को ही अंतिम फैसला लेना है. हमने अजित सिंह के आरएलडी के साथ यूपी चुनावों के लिए एक मोर्चा बनाया है. इस बारे में कोई भी फैसला हम संयुक्त रूप से लेंगे."
सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू नेताओं को डर है कि मुलायम परिवार में मचे घमासान का असर चुनावी गठबंधन बनाने के प्रस्ताव पर पड़ सकता है और वो मुलायम परिवार की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते. बिहार चुनावों से पहले जिस तरह मुलायम ने साथ छोड़ा, उसके बाद मुलायम पर नीतीश का विश्वास भी कमज़ोर हुआ है.
सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू नेताओं को डर है कि मुलायम परिवार में मचे घमासान का असर चुनावी गठबंधन बनाने के प्रस्ताव पर पड़ सकता है और वो मुलायम परिवार की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते. बिहार चुनावों से पहले जिस तरह मुलायम ने साथ छोड़ा, उसके बाद मुलायम पर नीतीश का विश्वास भी कमज़ोर हुआ है. | संक्षिप्त पाठ: इस अहम सवाल पर पार्टी असमंजस में फंस गई है.
नीतीश ने इस मसले पर शरद यादव और केसी त्यागी से मुलाकात की.
शरद यादव ने कहा, "मैं इस बारे में कुछ भी नहीं बोलूंगा". | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड की चुलबुली एक्ट्रेस काजोल अपनी फिल्मों में हमेशा अपने दर्शकों को हंसाती रही हैं. फिलहाल उनकी फिल्म तो नहीं आ रही, लेकिन उन्होंने कुछ ऐसा किया जिससे दर्शक तो हंस पड़ेंगे, लेकिन अजय देवगन का दिमाग 'सटक' गया.
दरअसल, काजोल ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें वह अपने पति अजय देवगन को मराठी सिखाने की कोशिश करती दिख रही हैं. इसमें अजय का मराठी बोलने का अंदाज भी देखने लायक है.
काजोल इस वीडियो में दर्शकों से कहती हैं कि दोस्तों हम मराठी शो ‘चला हवा येऊ द्या’ की शूटिंग के लिए जा रहे हैं, और मैं अजय को थोड़ी-सी मराठी सिखाने जा रही हूं और अजय को इस बारे में मालूम नहीं है.टिप्पणियां
काजोल अजय देवगन को बुलाती हैं और उनसे पूछती हैं, पता है ना कि क्या बोलना है? अजय पूछते हैं क्या? इस पर काजोल उन्हें शो का मराठी नाम लेकर बताती है. काजोल कई बार इस नाम को दोहराती है, लेकिन अजय एक ही बार बोल पाते हैं. इसके बाद अपनी फिल्म 'सिंघम' का डायलॉग 'अता माझी सटकली' बोलकर चले जाते हैं.
काजोल और अजय देवगन की शादी को 18 साल हो चुके हैं. दोनों के दो बच्चे हैं. दिवाली पर अजय देवगन की फिल्म 'शिवाय' रिलीज होने वाली है.
दरअसल, काजोल ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें वह अपने पति अजय देवगन को मराठी सिखाने की कोशिश करती दिख रही हैं. इसमें अजय का मराठी बोलने का अंदाज भी देखने लायक है.
काजोल इस वीडियो में दर्शकों से कहती हैं कि दोस्तों हम मराठी शो ‘चला हवा येऊ द्या’ की शूटिंग के लिए जा रहे हैं, और मैं अजय को थोड़ी-सी मराठी सिखाने जा रही हूं और अजय को इस बारे में मालूम नहीं है.टिप्पणियां
काजोल अजय देवगन को बुलाती हैं और उनसे पूछती हैं, पता है ना कि क्या बोलना है? अजय पूछते हैं क्या? इस पर काजोल उन्हें शो का मराठी नाम लेकर बताती है. काजोल कई बार इस नाम को दोहराती है, लेकिन अजय एक ही बार बोल पाते हैं. इसके बाद अपनी फिल्म 'सिंघम' का डायलॉग 'अता माझी सटकली' बोलकर चले जाते हैं.
काजोल और अजय देवगन की शादी को 18 साल हो चुके हैं. दोनों के दो बच्चे हैं. दिवाली पर अजय देवगन की फिल्म 'शिवाय' रिलीज होने वाली है.
काजोल इस वीडियो में दर्शकों से कहती हैं कि दोस्तों हम मराठी शो ‘चला हवा येऊ द्या’ की शूटिंग के लिए जा रहे हैं, और मैं अजय को थोड़ी-सी मराठी सिखाने जा रही हूं और अजय को इस बारे में मालूम नहीं है.टिप्पणियां
काजोल अजय देवगन को बुलाती हैं और उनसे पूछती हैं, पता है ना कि क्या बोलना है? अजय पूछते हैं क्या? इस पर काजोल उन्हें शो का मराठी नाम लेकर बताती है. काजोल कई बार इस नाम को दोहराती है, लेकिन अजय एक ही बार बोल पाते हैं. इसके बाद अपनी फिल्म 'सिंघम' का डायलॉग 'अता माझी सटकली' बोलकर चले जाते हैं.
काजोल और अजय देवगन की शादी को 18 साल हो चुके हैं. दोनों के दो बच्चे हैं. दिवाली पर अजय देवगन की फिल्म 'शिवाय' रिलीज होने वाली है.
काजोल अजय देवगन को बुलाती हैं और उनसे पूछती हैं, पता है ना कि क्या बोलना है? अजय पूछते हैं क्या? इस पर काजोल उन्हें शो का मराठी नाम लेकर बताती है. काजोल कई बार इस नाम को दोहराती है, लेकिन अजय एक ही बार बोल पाते हैं. इसके बाद अपनी फिल्म 'सिंघम' का डायलॉग 'अता माझी सटकली' बोलकर चले जाते हैं.
काजोल और अजय देवगन की शादी को 18 साल हो चुके हैं. दोनों के दो बच्चे हैं. दिवाली पर अजय देवगन की फिल्म 'शिवाय' रिलीज होने वाली है.
काजोल और अजय देवगन की शादी को 18 साल हो चुके हैं. दोनों के दो बच्चे हैं. दिवाली पर अजय देवगन की फिल्म 'शिवाय' रिलीज होने वाली है. | यहाँ एक सारांश है:काजोल और अजय देवगन की शादी को 18 साल हो गए हैं
अजय और काजोल के दो बच्चे हैं
दिवाली पर अजय देवगन की 'शिवाय' रिलीज होगी | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अक्तूबर 2007 और 2008 में 2-जी स्पेक्ट्रम के आवंटन के दौरान कुछ दूरसंचार कंपनियों का पक्ष लेने के मामले में सीबीआई ने पूर्व संचार मंत्री ए राजा को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ निजी सचिव रहे आरके चंदोलिया और सिद्धार्त बेहुरिया भी गिरफ्तार किए गए हैं। इससे पहले राजा से चौथी बार सीबीआई ने पूछताछ की थी तथा 24, 25 दिसंबर और 31 जनवरी को भी पूछताछ की गई थी। उन्हें बुधवार सुबह सीबीआई कार्यालय बुलाया गया और पूछताछ की गई। द्रमुक सांसद से उनके परिसरों पर सीबीआई द्वारा मारे गए छापे के दौरान जब्त किए गए कंप्यूटरों से मिले दस्तावेजों के बारे में जवाब मांगा गया।इससे पहले राजा से स्पेक्ट्रम आवंटनों से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में काफी देर तक पूछताछ की गई थी जिसकी केंद्रीय सतर्कता आयोग और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने आलोचना की थी। राजा के साथ कारपोरेट लाबियिस्ट नीरा राडिया के साथ उनकी बातचीत और वर्ष 2007 में स्पेक्ट्रम आवंटन की तिथि कम कर दिए जाने पर पूछताछ की गई थी।गौरतलब है कि राजा को कैग की रिपोर्ट के बाद गत वर्ष 14 नवंबर को पद छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा था। कैग ने स्पेक्ट्रम आवंटन के कम दाम में आवंटन किए जाने से सरकारी खजाने को 1.76 लाख करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया था। | गिरफ्तारी से पहले सीबीआई ने ए राजा से चौथी बार पूछताछ भी की थी। उनके साथ निजी सचिव रहे चंदोलिया को भी गिरफ्तार किया गया। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे द्वारा फांसी दिए जाने पर रोक के आह्वान के बावजूद सउदी अरब ने वर्ष 2005 में एक बच्चे की हत्या करने वाली श्रीलंकाई नौकरानी का सिर कलम कर दिया। नौकरानी इस बच्चे की देख रेख करती थी। राजधानी रियाद के पास दवादमी प्रांत में रिजाना नफीफ का सिर कलम कर दिया गया।
वर्ष 2007 में नफीक को हत्या का दोषी करार दिया गया था। हालांकि नफीक ने इन आरोपों का खंडन किया था।टिप्पणियां
श्रीलंका के अखबार डेली मिरर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि श्रीलंकाई राजदूत को पिछले सप्ताह रिहा करने का आश्वासन दिये जाने के बावजूद सउदी अरब ने उन्हें (नफीक को) फांसी दे दी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद के सदस्यों ने नफीक की याद में एक मिनट मौन रखा।
वर्ष 2007 में नफीक को हत्या का दोषी करार दिया गया था। हालांकि नफीक ने इन आरोपों का खंडन किया था।टिप्पणियां
श्रीलंका के अखबार डेली मिरर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि श्रीलंकाई राजदूत को पिछले सप्ताह रिहा करने का आश्वासन दिये जाने के बावजूद सउदी अरब ने उन्हें (नफीक को) फांसी दे दी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद के सदस्यों ने नफीक की याद में एक मिनट मौन रखा।
श्रीलंका के अखबार डेली मिरर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि श्रीलंकाई राजदूत को पिछले सप्ताह रिहा करने का आश्वासन दिये जाने के बावजूद सउदी अरब ने उन्हें (नफीक को) फांसी दे दी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद के सदस्यों ने नफीक की याद में एक मिनट मौन रखा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद के सदस्यों ने नफीक की याद में एक मिनट मौन रखा। | श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे द्वारा फांसी दिए जाने पर रोक के आह्वान के बावजूद सउदी अरब ने वर्ष 2005 में एक बच्चे की हत्या करने वाली श्रीलंकाई नौकरानी का सिर कलम कर दिया। नौकरानी इस बच्चे की देख रेख करती थी। राजधानी रियाद के पास दवादमी प्रांत म | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत में पिछले पांच साल में प्रति व्यक्ति दालों की उपलब्धता 52 प्रतिशत घटकर 31.6 ग्राम प्रति दिन पर आ गई है। पिछले एक दशक में आबादी बढ़ने और उत्पादन स्थिर रहने की वजह से दालों की उपलब्धता घटी है। कृषि राज्यमंत्री हरीश रावत ने पिछले सप्ताह राज्यसभा को बताया कि वर्ष 1960 में प्रति व्यक्ति दालों की उपलब्धता 65.5 ग्राम प्रतिदिन थी। रावत ने कहा, प्रति व्यक्ति उपलब्धता में उतार.चढ़ाव की मुख्य वजह मौसम में बदलाव, प्रतिस्पर्धी फसलों पर अच्छा रिटर्न, बढ़ती आबादी आदि के चलते उत्पादन में घटबढ़ होना है।' कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक दशक में 2002-03 को छोड़ दें तो दालों का उत्पादन 1.3 से 1.5 करोड़ टन के स्तर पर लगभग स्थिर रहा। 2002-03 में दालों का उत्पादन घटकर 1.11 करोड़ टन पर आ गया था। हालांकि, 2010-11 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में दालों का उत्पादन 23 प्रतिशत तक बढ़कर 1.80 करोड़ टन के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। | संक्षिप्त पाठ: भारत में पिछले पांच साल में प्रति व्यक्ति दालों की उपलब्धता 52 प्रतिशत घटकर 31.6 ग्राम प्रति दिन पर आ गई है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिलायंस जियो को टक्कर देने की लगातार कोशिशों के तहत टेलिकॉम कंपनियां नित नए ऑफर ला रही हैं. हालिया ऑपर एयरटेल का है. एयरटेल मॉनसून सरप्राइज (Monsoon Surprise) ऑफर लेकर आई है. इसके तहत कंपनी अपने ग्राहकों को तीन महीने तक 30जीबी मोबाइल डाटा फ्री दे रही है. इस ऑफर के तहत कंपनी अपने पोस्टपेड ग्राहकों को 1 जुलाई से तीन महीने तक 30जीबी 4जी डाटा फ्री में देगी.टिप्पणियां
वैसे ऐसा लगता है कि कंपनी का यह ऑफर रिलायंस जियो के धन धना धन प्लान को टक्कर देने के लिए पेश किया गया है. जो भी हो, ग्राहकों का इसमें नफा ही नफा है. मॉनसून ऑफर के तहत पोस्टपेड ग्राहकों को प्रति महीने के हिसाब से 10 जीबी डाटा तीन महीने तक मिलेगा यानी कुल मिलाकर तीन महीने तक 30जीबी मोबाइल डाटा इस्तेमाल कर पाएंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरेटल ने अपने ग्राहकों को ईमेल कर इस ऑफर की जानकारी दी है.
यदि आप भी इस ऑफर को लेना चाहते हैं तो 1 जुलाई के बाद 'माई एयरटेल ऐप' पर जाकर क्लेम करें. कहा गया है कि एयरटेल ने पोस्टपेड ग्राहकों के लिए अपने ‘हॉलिडे सरप्राइज’ ऑफर को तीन और महीने के लिए बढ़ा दिया है और इसे मॉनसून ऑफर का नाम दिया है.
वैसे ऐसा लगता है कि कंपनी का यह ऑफर रिलायंस जियो के धन धना धन प्लान को टक्कर देने के लिए पेश किया गया है. जो भी हो, ग्राहकों का इसमें नफा ही नफा है. मॉनसून ऑफर के तहत पोस्टपेड ग्राहकों को प्रति महीने के हिसाब से 10 जीबी डाटा तीन महीने तक मिलेगा यानी कुल मिलाकर तीन महीने तक 30जीबी मोबाइल डाटा इस्तेमाल कर पाएंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरेटल ने अपने ग्राहकों को ईमेल कर इस ऑफर की जानकारी दी है.
यदि आप भी इस ऑफर को लेना चाहते हैं तो 1 जुलाई के बाद 'माई एयरटेल ऐप' पर जाकर क्लेम करें. कहा गया है कि एयरटेल ने पोस्टपेड ग्राहकों के लिए अपने ‘हॉलिडे सरप्राइज’ ऑफर को तीन और महीने के लिए बढ़ा दिया है और इसे मॉनसून ऑफर का नाम दिया है.
यदि आप भी इस ऑफर को लेना चाहते हैं तो 1 जुलाई के बाद 'माई एयरटेल ऐप' पर जाकर क्लेम करें. कहा गया है कि एयरटेल ने पोस्टपेड ग्राहकों के लिए अपने ‘हॉलिडे सरप्राइज’ ऑफर को तीन और महीने के लिए बढ़ा दिया है और इसे मॉनसून ऑफर का नाम दिया है. | पोस्टपेड ग्राहकों को 1 जुलाई से तीन महीने तक 30जीबी 4जी डाटा फ्री
एयरटेल Monsoon Surprise ऑफर लेकर आई है
प्रति महीने के हिसाब से 10 जीबी डाटा तीन महीने तक मिलेगा | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कोषों एवं निवेशकों की ओर से शेयरों की बिकवाली बढ़ाये जाने और अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये की गिरावट से बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक आज 500 अंक तक फिसल गया था, हालांकि बाद में गिरावट थोड़ी कम हुई। बैंकिंग, रिफाइनरी, सार्वजनिक उपक्रम, रीयल्टी, कैपिटल गुड्स, एफएमसीजी, बिजली, ऑटो और मेटलों के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज हुई।
इससे पूर्व शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 229 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान इसमें 590.05 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी।टिप्पणियां
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी बुधवार के शुरुआती कारोबार में 69.65 अंक अथवा 1.32 फीसदी की गिरावट के साथ 5,217.80 अंक पर खुला।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के बीच कोषों एवं निवेशकों द्वारा रीयल्टी, उपभोक्ता सामान, बैंकिंग, तेल एवं गैस एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की बिकवाली बढ़ाए जाने के कारण सूचकांक में गिरावट आई।
इससे पूर्व शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 229 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान इसमें 590.05 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी।टिप्पणियां
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी बुधवार के शुरुआती कारोबार में 69.65 अंक अथवा 1.32 फीसदी की गिरावट के साथ 5,217.80 अंक पर खुला।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के बीच कोषों एवं निवेशकों द्वारा रीयल्टी, उपभोक्ता सामान, बैंकिंग, तेल एवं गैस एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की बिकवाली बढ़ाए जाने के कारण सूचकांक में गिरावट आई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी बुधवार के शुरुआती कारोबार में 69.65 अंक अथवा 1.32 फीसदी की गिरावट के साथ 5,217.80 अंक पर खुला।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के बीच कोषों एवं निवेशकों द्वारा रीयल्टी, उपभोक्ता सामान, बैंकिंग, तेल एवं गैस एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की बिकवाली बढ़ाए जाने के कारण सूचकांक में गिरावट आई।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के बीच कोषों एवं निवेशकों द्वारा रीयल्टी, उपभोक्ता सामान, बैंकिंग, तेल एवं गैस एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की बिकवाली बढ़ाए जाने के कारण सूचकांक में गिरावट आई। | संक्षिप्त सारांश: कोषों एवं निवेशकों की ओर से शेयरों की बिकवाली बढ़ाए जाने और अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये की गिरावट से बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक आज 500 अंक तक फिसल गया था, हालांकि बाद में गिरावट थोड़ी कम हुई। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अरुण जेटली (Arun Jaitley) को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया, जिनके पास एक गहन विश्लेषणात्मक दिमाग था और जिनके ऊपर पार्टी जटिल मुद्दों का समाधान खोजने के लिए निर्भर रहती थी. आडवाणी ने बयान जारी कर कहा, ‘दशकों तक पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रह चुके वह (जेटली) एक ऐसे नेता थे जिन्हें मैंने अध्यक्ष रहते हुए भाजपा के कोर समूह में शामिल किया था और जल्दी ही वह पार्टी के एक अति महत्वपूर्ण नेता बन गए थे.' आडवाणी ने अपने बयान में लिखा, ' मैं अपने एक और करीबी सहयोगी अरुण जेटली के निधन पर बेहद दुखी हूं. अरुण जी कानून के जानकार तो थे ही, साथ ही वे एक उत्कृष्ट सांसद और प्रशासक भी थे.'
लालकृष्ण आडवाणी ने आगे लिखा, 'अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने हमेशा राजनीतिक गलियारों में दोस्ती को महत्व दिया. एक व्यक्ति के तौर पर वे हमेशा अपने नरम स्वभाव और जिंदादिली के लिए जाने जाएंगे. वे खाने-पीने के शौकीन थे और हमेशा अच्छे रेस्टोरेंट के बारे में जानकारी देते रहते थे. साथ ही वे हर दिवाली अपने परिवार के साथ मेरे घर पर आते थे.' आपको बता दें कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) का शनिवार को एम्स (AIIMS) में निधन हो गया. वह 66 वर्ष के थे. जेटली का कई सप्ताह से एम्स में इलाज चल रहा था. एम्स ने इसकी घोषणा करते हुए एक संक्षिप्त बयान में कहा कि हम बड़े दुख के साथ अरुण जेटली के निधन की जानकारी दे रहे हैं. जेटली को सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी की शिकायत के बाद नौ अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था. | यह एक सारांश है: आडवाणी ने कहा, जेटली पार्टी के एक अति महत्वपूर्ण नेता थे
कानून के जानकार के साथ-साथ वे एक उत्कृष्ट सांसद और प्रशासक भी थे
वे हमेशा अपने नरम स्वभाव और जिंदादिली के लिए जाने जाएंगे | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को देश के लोगों को यह भरोसा दिलाया कि जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ की बस पर पाकिस्तान प्रायोजित जैश ए मोहम्मद द्वारा किए गए आतंकवादी हमले का बदला लिया जाएगा.
सिंह ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित और पनाह दिए गए लोगों के जरिए कराए गए इस आतंकवादी हमले के माध्यम से शांति में जो बाधा उत्पन्न करना चाहते हैं केन्द्र सरकार उनकी साजिशों को विफल करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है. उन्होंने कहा, ‘‘जैश ए मोहम्मद ने इस आतंकवादी हमले को अंजाम दिया है. हम राष्ट्र को आश्वस्त करते हैं कि इसका बदला लेने के लिए जो भी करना पड़े, हम करेंगे.''
सिंह ने हमले के बाद जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से बातचीत की और सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादियों के घातक हमले के बाद की राज्य की स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
आज पाकिस्तान स्थित और उनके द्वारा संरक्षित आतंकवादी संगठन जैश-ए -मोहम्मद ने कश्मीर में एक हृदय विदारक आतंकवादी हमला किया जिसकी मैं और सारा देश भर्त्सना करता है। इस आतंकी हमले का समुचित जबाब देने के लिए सारा देश एकजुट है।
उन्होंने बिहार में शुक्रवार का अपना कार्यक्रम भी रद्द कर दिया. वह शुक्रवार को श्रीनगर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे. सिंह वरिष्ठ सुरक्षा एवं पुलिस अधिकारियों के साथ जमीनी स्तर पर समीक्षा कर अभियानगत कार्रवाई का आकलन कर सकते हैं.
सीआरपीएफ @crpfindia, देश का एक बहादुर और अग्रणी सुरक्षा बल है। देश की सुरक्षा और सम्प्रभुता की रक्षा के लिए इस बल ने समय-समय पर बहुत कुर्बानियाँ दी हैं । जम्मू और कश्मीर में शान्ति और व्यवस्था कायम रखने में इस बल का अहम योगदान है ।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृहमंत्री ने राज्यपाल से बातचीत की जिन्होंने उन्हें राज्य की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया. सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गाबा, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक राजीव जैन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक आर आर भटनागर से भी बातचीत की और उन्हें जरूरी निर्देश दिये. गृह मंत्रालय स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की कल सुबह बैठक होगी जिसमें जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति के बारे में विचार किया जाएगा. इस समिति में गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं.
आज कृतज्ञ भारत उन सभी वीर जवानों को जिन्होंने अपने प्राणों का बलिदान किया है, उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा इस कठिन घड़ी में उनके परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ा है।शान्ति और अमन को भंग करने वाले सभी तत्वों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए हम दृढ़संकल्पित हैं
सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘(जम्मू कश्मीर के) पुलवामा में सीआरपीएफ पर आज का कायराना हमला बहुत ही पीड़ाजनक और विचलित कर देने वाला है. मैं सीआरपीएफ के हर उस जवान को नमन करता हूं जिसने देश की सेवा में अपनी जान कुर्बान की है.''
पुलवामा जिले में जैश ए मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीआरपीएफ की एक बस से टकरा दिया. इस विस्फोट में सीआरपीएफ के कम से कम 40 कर्मी शहीद हुए हैं. ये जवान इस बस से जा रहे थे. यह हमला 2016 में हुए उरी हमले के बाद से राज्य में सबसे भीषण आतंकी हमलों में एक है.
(इनपुट भाषा से) | संक्षिप्त सारांश: शुक्रवार को श्रीनगर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे सिंह
गृहमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से बातचीत की
मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की आज बैठक | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शाहबाज भट्टी के हत्यारों को पाकिस्तान का दुश्मन करार दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और सहिष्णुता के सिद्धांत को नीचा दिखाने के लिए उन्होंने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। पाकिस्तानी समाचार-चैनल 'जियो न्यूज' ने प्रधानमंत्री गिलानी के हवाले से कहा है कि इस्लाम में किसी की भी हत्या निंदनीय है। भट्टी की हत्या के पीछे वास्तव में मानवता और राज्य के शत्रुओं का हाथ है। पाकिस्तानी तालिबानियों ने मंगलवार सुबह गिलानी सरकार में शामिल एकमात्र ईसाई मंत्री भट्टी की मंगलवार सुबह इस्लामाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी थी। विवादास्पद ईशनिंदा कानून को लेकर पिछले दो महीने में पाकिस्तान में यह दूसरी हत्या है। पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर की उनके अपने ही सुरक्षा गार्ड ने गत चार जनवरी को गोली मारकर हत्या कर दी थी। कट्टरपंथियों का शिकार बने उक्त दोनों नेताओं ने ईश निंदा कानून में सुधार और 45 वर्षीया आसिया बीबी के लिए राष्ट्रपति से क्षमादान की मांग थी, जिसे पैगम्बर का अपमान करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है। गिलानी ने कहा कि पिछले साल क्रिसमस के मौके पर उन्होंने भी चर्च में प्रार्थना की थी। उन्होंने भट्टी की ओर से आयोजित समारोह में हिस्सा लिया था। | यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शाहबाज भट्टी के हत्यारों को पाकिस्तान का दुश्मन करार दिया है। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: छेड़खानी से तंग आकर खुद को आग लगाने वाली मुरादाबाद की लड़की की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई है। लड़की की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी, हालांकि बीती रात इस मामले में कार्रवाई की गई, जिसके तहत मुरादाबाद की हरथला चौकी के इंचार्ज को हटा दिया गया है। साथ ही मामले की जांच मुरादाबाद के सिविल लाइंस इलाके की सीओ अल्का सिंह को सौंप दी गई है।
नौंवी क्लास में पढ़ने वाली इस छात्रा के साथ एक लड़के ने छेड़खानी की थी, जिसके बाद पीड़ित लड़की ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उसने परेशान होकर खुद को आग लगा ली थी।टिप्पणियां
आग की वजह से पीड़ित लड़की 90 फीसदी तक जल चुकी थी और उसे इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लाया गया था। इस घटना के बाद ही पुलिस की नींद खुली थी और फिर उसने आरोपी दानिश को गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि पिछले सोमवार को स्कूल से लौटते वक्त आरोपी दानिश ने पीड़ित लड़की को जब अपने साथ चलने को कहा था तो पीड़ित लड़की ने मना कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ हाथापाई की और पीड़िता के कपड़े तक फाड़ दिए थे। सबसे बड़ा सवाल पुलिस के रवैये पर भी खड़ा होता है, क्योंकि अगर पुलिस पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करती तो उसे खुद को आग नहीं लगानी पड़ती।
नौंवी क्लास में पढ़ने वाली इस छात्रा के साथ एक लड़के ने छेड़खानी की थी, जिसके बाद पीड़ित लड़की ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उसने परेशान होकर खुद को आग लगा ली थी।टिप्पणियां
आग की वजह से पीड़ित लड़की 90 फीसदी तक जल चुकी थी और उसे इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लाया गया था। इस घटना के बाद ही पुलिस की नींद खुली थी और फिर उसने आरोपी दानिश को गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि पिछले सोमवार को स्कूल से लौटते वक्त आरोपी दानिश ने पीड़ित लड़की को जब अपने साथ चलने को कहा था तो पीड़ित लड़की ने मना कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ हाथापाई की और पीड़िता के कपड़े तक फाड़ दिए थे। सबसे बड़ा सवाल पुलिस के रवैये पर भी खड़ा होता है, क्योंकि अगर पुलिस पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करती तो उसे खुद को आग नहीं लगानी पड़ती।
आग की वजह से पीड़ित लड़की 90 फीसदी तक जल चुकी थी और उसे इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लाया गया था। इस घटना के बाद ही पुलिस की नींद खुली थी और फिर उसने आरोपी दानिश को गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि पिछले सोमवार को स्कूल से लौटते वक्त आरोपी दानिश ने पीड़ित लड़की को जब अपने साथ चलने को कहा था तो पीड़ित लड़की ने मना कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ हाथापाई की और पीड़िता के कपड़े तक फाड़ दिए थे। सबसे बड़ा सवाल पुलिस के रवैये पर भी खड़ा होता है, क्योंकि अगर पुलिस पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करती तो उसे खुद को आग नहीं लगानी पड़ती।
गौरतलब है कि पिछले सोमवार को स्कूल से लौटते वक्त आरोपी दानिश ने पीड़ित लड़की को जब अपने साथ चलने को कहा था तो पीड़ित लड़की ने मना कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ हाथापाई की और पीड़िता के कपड़े तक फाड़ दिए थे। सबसे बड़ा सवाल पुलिस के रवैये पर भी खड़ा होता है, क्योंकि अगर पुलिस पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करती तो उसे खुद को आग नहीं लगानी पड़ती। | संक्षिप्त सारांश: नौंवी क्लास में पढ़ने वाली इस छात्रा के साथ एक लड़के ने छेड़खानी की थी, जिसके बाद पीड़ित लड़की ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उसने परेशान होकर खुद को आग लगा ली थी। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के पहले नेवीगेशन सेटेलाइट आईआरएनएसएस-1ए का प्रक्षेपण आज इसरो पीएसएलवी. सी 22 के जरिये श्रीहरिकोटा के समीप सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से करेगा। इस मिशन के लिए उलटी गिनती सुचारू रूप से चल रही है।
इसरो के प्रक्षेपण यान पीएसएलवी के चेन्नई से 80 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रात 11 बजकर 41 मिनट पर प्रक्षेपण निर्धारित है।
इसरो के प्रवक्ता देवीप्रसाद कार्णिक ने कहा, साढ़े 64 घंटे की उलटी गिनती कल शुरू हुई थी जो कि सुचारू रूप से चल रही है। इसरो ने कहा कि 1425 किलोग्राम वजनी आईआरएनएसएस-1ए इंडियन रीजनल नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम (आईआरएनएसएस) का पहला उपग्रह है। इस उपग्रह का जीवन दस साल का होगा। यह उपग्रह संबंधित पक्षों को सटीक सूचनाएं उपलब्ध कराएगा तथा अपनी सीमा से 1500 किलोमीटर की दूरी तक के क्षेत्र संबंधी आंकड़ें देगा।
आईआरएनएसएस-1ए दो तरह के पेलोड्स लेकर जाएगा। नेवीगेशन और रेंजिंग पेलोड्स को प्रक्षेपण के 20 मिनट बाद अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा। श्रीहरिकोटा से असामान्य तौर पर मध्यरात्रि में होने वाले इस प्रक्षेपण के बारे में इसरो सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक प्रक्षेपण का समय कक्षीय मापदंड और झुकाव को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। आईआरएनएसएस-1ए की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसका प्रक्षेपण रात के 11 बजकर 41 मिनट पर करना तय किया गया है।
इस उपग्रह के दो सौर पैनल होंगे। परमाणु घड़ी सहित नाजुक तत्वों के लिए विशेष तापीय नियंत्रण व्यवस्था डिजाइन और क्रियांवित की गई हैं।टिप्पणियां
इसरो सूत्रों ने कहा कि आईआरएनएसएस सिस्टम में अंतत: सात उपग्रह होंगे जिसे वर्ष 2015 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर कुल 1420 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूर्ण तैनाती होने पर आईआरएनएसएस सिस्टम में तीन उपग्रह जियोस्टेशनरी कक्षा में तथा चार पृथ्वी से करीब 36000 किलोमीटर उपर जियोसिंक्रोनस कक्षा में होंगे।
आईआरएनएसएस-1ए को पहले ही प्रक्षेपण वाहन के ‘एक्सएल’ प्रारूप पर लगाया जा चुका है। यह इसरो के पीएसएलवी का 24वां मिशन होगा।
इसरो के प्रक्षेपण यान पीएसएलवी के चेन्नई से 80 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रात 11 बजकर 41 मिनट पर प्रक्षेपण निर्धारित है।
इसरो के प्रवक्ता देवीप्रसाद कार्णिक ने कहा, साढ़े 64 घंटे की उलटी गिनती कल शुरू हुई थी जो कि सुचारू रूप से चल रही है। इसरो ने कहा कि 1425 किलोग्राम वजनी आईआरएनएसएस-1ए इंडियन रीजनल नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम (आईआरएनएसएस) का पहला उपग्रह है। इस उपग्रह का जीवन दस साल का होगा। यह उपग्रह संबंधित पक्षों को सटीक सूचनाएं उपलब्ध कराएगा तथा अपनी सीमा से 1500 किलोमीटर की दूरी तक के क्षेत्र संबंधी आंकड़ें देगा।
आईआरएनएसएस-1ए दो तरह के पेलोड्स लेकर जाएगा। नेवीगेशन और रेंजिंग पेलोड्स को प्रक्षेपण के 20 मिनट बाद अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा। श्रीहरिकोटा से असामान्य तौर पर मध्यरात्रि में होने वाले इस प्रक्षेपण के बारे में इसरो सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक प्रक्षेपण का समय कक्षीय मापदंड और झुकाव को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। आईआरएनएसएस-1ए की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसका प्रक्षेपण रात के 11 बजकर 41 मिनट पर करना तय किया गया है।
इस उपग्रह के दो सौर पैनल होंगे। परमाणु घड़ी सहित नाजुक तत्वों के लिए विशेष तापीय नियंत्रण व्यवस्था डिजाइन और क्रियांवित की गई हैं।टिप्पणियां
इसरो सूत्रों ने कहा कि आईआरएनएसएस सिस्टम में अंतत: सात उपग्रह होंगे जिसे वर्ष 2015 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर कुल 1420 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूर्ण तैनाती होने पर आईआरएनएसएस सिस्टम में तीन उपग्रह जियोस्टेशनरी कक्षा में तथा चार पृथ्वी से करीब 36000 किलोमीटर उपर जियोसिंक्रोनस कक्षा में होंगे।
आईआरएनएसएस-1ए को पहले ही प्रक्षेपण वाहन के ‘एक्सएल’ प्रारूप पर लगाया जा चुका है। यह इसरो के पीएसएलवी का 24वां मिशन होगा।
इसरो के प्रवक्ता देवीप्रसाद कार्णिक ने कहा, साढ़े 64 घंटे की उलटी गिनती कल शुरू हुई थी जो कि सुचारू रूप से चल रही है। इसरो ने कहा कि 1425 किलोग्राम वजनी आईआरएनएसएस-1ए इंडियन रीजनल नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम (आईआरएनएसएस) का पहला उपग्रह है। इस उपग्रह का जीवन दस साल का होगा। यह उपग्रह संबंधित पक्षों को सटीक सूचनाएं उपलब्ध कराएगा तथा अपनी सीमा से 1500 किलोमीटर की दूरी तक के क्षेत्र संबंधी आंकड़ें देगा।
आईआरएनएसएस-1ए दो तरह के पेलोड्स लेकर जाएगा। नेवीगेशन और रेंजिंग पेलोड्स को प्रक्षेपण के 20 मिनट बाद अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा। श्रीहरिकोटा से असामान्य तौर पर मध्यरात्रि में होने वाले इस प्रक्षेपण के बारे में इसरो सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक प्रक्षेपण का समय कक्षीय मापदंड और झुकाव को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। आईआरएनएसएस-1ए की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसका प्रक्षेपण रात के 11 बजकर 41 मिनट पर करना तय किया गया है।
इस उपग्रह के दो सौर पैनल होंगे। परमाणु घड़ी सहित नाजुक तत्वों के लिए विशेष तापीय नियंत्रण व्यवस्था डिजाइन और क्रियांवित की गई हैं।टिप्पणियां
इसरो सूत्रों ने कहा कि आईआरएनएसएस सिस्टम में अंतत: सात उपग्रह होंगे जिसे वर्ष 2015 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर कुल 1420 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूर्ण तैनाती होने पर आईआरएनएसएस सिस्टम में तीन उपग्रह जियोस्टेशनरी कक्षा में तथा चार पृथ्वी से करीब 36000 किलोमीटर उपर जियोसिंक्रोनस कक्षा में होंगे।
आईआरएनएसएस-1ए को पहले ही प्रक्षेपण वाहन के ‘एक्सएल’ प्रारूप पर लगाया जा चुका है। यह इसरो के पीएसएलवी का 24वां मिशन होगा।
आईआरएनएसएस-1ए दो तरह के पेलोड्स लेकर जाएगा। नेवीगेशन और रेंजिंग पेलोड्स को प्रक्षेपण के 20 मिनट बाद अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा। श्रीहरिकोटा से असामान्य तौर पर मध्यरात्रि में होने वाले इस प्रक्षेपण के बारे में इसरो सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक प्रक्षेपण का समय कक्षीय मापदंड और झुकाव को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। आईआरएनएसएस-1ए की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसका प्रक्षेपण रात के 11 बजकर 41 मिनट पर करना तय किया गया है।
इस उपग्रह के दो सौर पैनल होंगे। परमाणु घड़ी सहित नाजुक तत्वों के लिए विशेष तापीय नियंत्रण व्यवस्था डिजाइन और क्रियांवित की गई हैं।टिप्पणियां
इसरो सूत्रों ने कहा कि आईआरएनएसएस सिस्टम में अंतत: सात उपग्रह होंगे जिसे वर्ष 2015 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर कुल 1420 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूर्ण तैनाती होने पर आईआरएनएसएस सिस्टम में तीन उपग्रह जियोस्टेशनरी कक्षा में तथा चार पृथ्वी से करीब 36000 किलोमीटर उपर जियोसिंक्रोनस कक्षा में होंगे।
आईआरएनएसएस-1ए को पहले ही प्रक्षेपण वाहन के ‘एक्सएल’ प्रारूप पर लगाया जा चुका है। यह इसरो के पीएसएलवी का 24वां मिशन होगा।
इस उपग्रह के दो सौर पैनल होंगे। परमाणु घड़ी सहित नाजुक तत्वों के लिए विशेष तापीय नियंत्रण व्यवस्था डिजाइन और क्रियांवित की गई हैं।टिप्पणियां
इसरो सूत्रों ने कहा कि आईआरएनएसएस सिस्टम में अंतत: सात उपग्रह होंगे जिसे वर्ष 2015 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर कुल 1420 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूर्ण तैनाती होने पर आईआरएनएसएस सिस्टम में तीन उपग्रह जियोस्टेशनरी कक्षा में तथा चार पृथ्वी से करीब 36000 किलोमीटर उपर जियोसिंक्रोनस कक्षा में होंगे।
आईआरएनएसएस-1ए को पहले ही प्रक्षेपण वाहन के ‘एक्सएल’ प्रारूप पर लगाया जा चुका है। यह इसरो के पीएसएलवी का 24वां मिशन होगा।
इसरो सूत्रों ने कहा कि आईआरएनएसएस सिस्टम में अंतत: सात उपग्रह होंगे जिसे वर्ष 2015 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर कुल 1420 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूर्ण तैनाती होने पर आईआरएनएसएस सिस्टम में तीन उपग्रह जियोस्टेशनरी कक्षा में तथा चार पृथ्वी से करीब 36000 किलोमीटर उपर जियोसिंक्रोनस कक्षा में होंगे।
आईआरएनएसएस-1ए को पहले ही प्रक्षेपण वाहन के ‘एक्सएल’ प्रारूप पर लगाया जा चुका है। यह इसरो के पीएसएलवी का 24वां मिशन होगा।
आईआरएनएसएस-1ए को पहले ही प्रक्षेपण वाहन के ‘एक्सएल’ प्रारूप पर लगाया जा चुका है। यह इसरो के पीएसएलवी का 24वां मिशन होगा। | संक्षिप्त सारांश: यह उपग्रह संबंधित पक्षों को सटीक सूचनाएं उपलब्ध कराएगा तथा अपनी सीमा से 1500 किलोमीटर की दूरी तक के क्षेत्र संबंधी आंकड़ें देगा। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भाजपा ने दावा किया कि देश और दुनिया दोनों मान चुके हैं कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नौ साल के शासन में देश की छवि, अर्थव्यवस्था, विकास और साख सबको 'बट्टा' लगा है इसलिए उन्हें अब अपने पद से हट जाना चाहिए।
पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने अमेरिका की टाइम पत्रिका में सिंह के बारे में छपे आलोचनात्मक लेख के संदर्भ में कहा, जो देश बोल रहा था, आज वही दुनिया भी बोल रही है कि प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह के चलते देश को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं की प्रंशसाएं करके और बदले में उनसे अपने लिए ‘प्रमाण पत्र’ पाने की अच्छी मार्केटिंग से ‘मनमोहन सिंह अपना असली मोल नहीं छिपा सकते हैं।’ सोनिया गांधी को भी आड़े हाथ लेते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश को कथित कमजोर प्रधानमंत्री देने के लिए संप्रग अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही ने बच नहीं सकती हैं, क्योंकि ये कांग्रेस प्रमुख ही हैं जिन्होंने मनमोहन सिंह को राजनीतिक मजबूती और शक्ति दी है।
यह पूछे जाने पर कि सिंह को क्या प्रधानमंत्री पद से हट जाना चाहिए, उन्होंने कहा, हम तो बहुत पहले से यह मांग करते आ रहे हैं। सिंह को अब खुद आत्मावलोकन करना चाहिए। टाइम पत्रिका के एशिया अंक के कवर पेज पर प्रकाशित 79 वर्षीय मनमोहन की तस्वीर के ऊपर शीर्षक छपा है उम्मीद से कम सफल, भारत को चाहिए नई शुरुआत। अगले सप्ताह बाजार में आने वाले इस अंक में कहा गया है कि सुधारों पर सख्ती से आगे बढ़ने के अनिच्छुक लगते हैं मनमोहन सिंह।
प्रसाद ने कहा, दिलचस्प बात यह है कि यह वही टाइम पत्रिका है जिसने तीन साल पहले दुनिया के 100 सबसे ताकतवर लोगों में मनमोहन सिंह को 19 वें स्थान पर रखा था। उन्होंने दावा किया कि सिंह की ‘अच्छी मार्केटिंग’ के चलते पूर्व में इस पत्रिका ने उनकी प्रशंसा की थी।
मनमोहन सिंह के नौ साल के शासन को देश के लिए नुकसानदेह बताते हुए उन्होंने कहा, इस दौरान देश ने विकास, रोजगार और राजस्व तो गंवाया ही, साथ ही दुनिया में भारत की छवि को भी गहरा बट्टा लगा है।’ भ्रष्टाचार के लिए भी मनमोहन शासन को जिम्मेदार बताते हुए उन्होंने कहा, यह आजादी के बाद की सबसे भ्रष्ट सरकार है। यह बहुत ही स्तब्धकारी बात है कि आज भारत को दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में गिना जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सिंह के नौ साल के शासन में भारत असहाय, असुरक्षित और अशक्त बना है।
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। जनता दरबार से इतर संवाददाताओं से नीतीश कुमार ने ‘टाइम’ पत्रिका के आलेख में मनमोहन सिंह को उम्मीद से कम उपलब्धि हासिल नहीं करने वाले प्रधानमंत्री की संज्ञा देने के बारे में कहा, यह उस पत्रिका के लिए महत्व का विषय है, लेकिन एक बात साफ है कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। उनका समावेशी विकास का दावा खोखला है। वे लंबे समय तक निर्णय नहीं ले पाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वदलीय शिष्टमंडल ने बरौनी ताप विद्युत संयंत्र के 500 मेगावाट के विस्तारीकरण के लिए कोल लिंकेज मांगा था, लेकिन उस पर फैसला नहीं हो पाया है। बिहार जैसे राज्य की उपेक्षा होती है। यह प्रदर्शन करने की निशानी नहीं है।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, जिसे वह लंबे अरसे से महसूस कर रहे हैं।
पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने अमेरिका की टाइम पत्रिका में सिंह के बारे में छपे आलोचनात्मक लेख के संदर्भ में कहा, जो देश बोल रहा था, आज वही दुनिया भी बोल रही है कि प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह के चलते देश को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं की प्रंशसाएं करके और बदले में उनसे अपने लिए ‘प्रमाण पत्र’ पाने की अच्छी मार्केटिंग से ‘मनमोहन सिंह अपना असली मोल नहीं छिपा सकते हैं।’ सोनिया गांधी को भी आड़े हाथ लेते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश को कथित कमजोर प्रधानमंत्री देने के लिए संप्रग अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही ने बच नहीं सकती हैं, क्योंकि ये कांग्रेस प्रमुख ही हैं जिन्होंने मनमोहन सिंह को राजनीतिक मजबूती और शक्ति दी है।
यह पूछे जाने पर कि सिंह को क्या प्रधानमंत्री पद से हट जाना चाहिए, उन्होंने कहा, हम तो बहुत पहले से यह मांग करते आ रहे हैं। सिंह को अब खुद आत्मावलोकन करना चाहिए। टाइम पत्रिका के एशिया अंक के कवर पेज पर प्रकाशित 79 वर्षीय मनमोहन की तस्वीर के ऊपर शीर्षक छपा है उम्मीद से कम सफल, भारत को चाहिए नई शुरुआत। अगले सप्ताह बाजार में आने वाले इस अंक में कहा गया है कि सुधारों पर सख्ती से आगे बढ़ने के अनिच्छुक लगते हैं मनमोहन सिंह।
प्रसाद ने कहा, दिलचस्प बात यह है कि यह वही टाइम पत्रिका है जिसने तीन साल पहले दुनिया के 100 सबसे ताकतवर लोगों में मनमोहन सिंह को 19 वें स्थान पर रखा था। उन्होंने दावा किया कि सिंह की ‘अच्छी मार्केटिंग’ के चलते पूर्व में इस पत्रिका ने उनकी प्रशंसा की थी।
मनमोहन सिंह के नौ साल के शासन को देश के लिए नुकसानदेह बताते हुए उन्होंने कहा, इस दौरान देश ने विकास, रोजगार और राजस्व तो गंवाया ही, साथ ही दुनिया में भारत की छवि को भी गहरा बट्टा लगा है।’ भ्रष्टाचार के लिए भी मनमोहन शासन को जिम्मेदार बताते हुए उन्होंने कहा, यह आजादी के बाद की सबसे भ्रष्ट सरकार है। यह बहुत ही स्तब्धकारी बात है कि आज भारत को दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में गिना जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सिंह के नौ साल के शासन में भारत असहाय, असुरक्षित और अशक्त बना है।
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। जनता दरबार से इतर संवाददाताओं से नीतीश कुमार ने ‘टाइम’ पत्रिका के आलेख में मनमोहन सिंह को उम्मीद से कम उपलब्धि हासिल नहीं करने वाले प्रधानमंत्री की संज्ञा देने के बारे में कहा, यह उस पत्रिका के लिए महत्व का विषय है, लेकिन एक बात साफ है कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। उनका समावेशी विकास का दावा खोखला है। वे लंबे समय तक निर्णय नहीं ले पाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वदलीय शिष्टमंडल ने बरौनी ताप विद्युत संयंत्र के 500 मेगावाट के विस्तारीकरण के लिए कोल लिंकेज मांगा था, लेकिन उस पर फैसला नहीं हो पाया है। बिहार जैसे राज्य की उपेक्षा होती है। यह प्रदर्शन करने की निशानी नहीं है।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, जिसे वह लंबे अरसे से महसूस कर रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि सिंह को क्या प्रधानमंत्री पद से हट जाना चाहिए, उन्होंने कहा, हम तो बहुत पहले से यह मांग करते आ रहे हैं। सिंह को अब खुद आत्मावलोकन करना चाहिए। टाइम पत्रिका के एशिया अंक के कवर पेज पर प्रकाशित 79 वर्षीय मनमोहन की तस्वीर के ऊपर शीर्षक छपा है उम्मीद से कम सफल, भारत को चाहिए नई शुरुआत। अगले सप्ताह बाजार में आने वाले इस अंक में कहा गया है कि सुधारों पर सख्ती से आगे बढ़ने के अनिच्छुक लगते हैं मनमोहन सिंह।
प्रसाद ने कहा, दिलचस्प बात यह है कि यह वही टाइम पत्रिका है जिसने तीन साल पहले दुनिया के 100 सबसे ताकतवर लोगों में मनमोहन सिंह को 19 वें स्थान पर रखा था। उन्होंने दावा किया कि सिंह की ‘अच्छी मार्केटिंग’ के चलते पूर्व में इस पत्रिका ने उनकी प्रशंसा की थी।
मनमोहन सिंह के नौ साल के शासन को देश के लिए नुकसानदेह बताते हुए उन्होंने कहा, इस दौरान देश ने विकास, रोजगार और राजस्व तो गंवाया ही, साथ ही दुनिया में भारत की छवि को भी गहरा बट्टा लगा है।’ भ्रष्टाचार के लिए भी मनमोहन शासन को जिम्मेदार बताते हुए उन्होंने कहा, यह आजादी के बाद की सबसे भ्रष्ट सरकार है। यह बहुत ही स्तब्धकारी बात है कि आज भारत को दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में गिना जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सिंह के नौ साल के शासन में भारत असहाय, असुरक्षित और अशक्त बना है।
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। जनता दरबार से इतर संवाददाताओं से नीतीश कुमार ने ‘टाइम’ पत्रिका के आलेख में मनमोहन सिंह को उम्मीद से कम उपलब्धि हासिल नहीं करने वाले प्रधानमंत्री की संज्ञा देने के बारे में कहा, यह उस पत्रिका के लिए महत्व का विषय है, लेकिन एक बात साफ है कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। उनका समावेशी विकास का दावा खोखला है। वे लंबे समय तक निर्णय नहीं ले पाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वदलीय शिष्टमंडल ने बरौनी ताप विद्युत संयंत्र के 500 मेगावाट के विस्तारीकरण के लिए कोल लिंकेज मांगा था, लेकिन उस पर फैसला नहीं हो पाया है। बिहार जैसे राज्य की उपेक्षा होती है। यह प्रदर्शन करने की निशानी नहीं है।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, जिसे वह लंबे अरसे से महसूस कर रहे हैं।
प्रसाद ने कहा, दिलचस्प बात यह है कि यह वही टाइम पत्रिका है जिसने तीन साल पहले दुनिया के 100 सबसे ताकतवर लोगों में मनमोहन सिंह को 19 वें स्थान पर रखा था। उन्होंने दावा किया कि सिंह की ‘अच्छी मार्केटिंग’ के चलते पूर्व में इस पत्रिका ने उनकी प्रशंसा की थी।
मनमोहन सिंह के नौ साल के शासन को देश के लिए नुकसानदेह बताते हुए उन्होंने कहा, इस दौरान देश ने विकास, रोजगार और राजस्व तो गंवाया ही, साथ ही दुनिया में भारत की छवि को भी गहरा बट्टा लगा है।’ भ्रष्टाचार के लिए भी मनमोहन शासन को जिम्मेदार बताते हुए उन्होंने कहा, यह आजादी के बाद की सबसे भ्रष्ट सरकार है। यह बहुत ही स्तब्धकारी बात है कि आज भारत को दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में गिना जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सिंह के नौ साल के शासन में भारत असहाय, असुरक्षित और अशक्त बना है।
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। जनता दरबार से इतर संवाददाताओं से नीतीश कुमार ने ‘टाइम’ पत्रिका के आलेख में मनमोहन सिंह को उम्मीद से कम उपलब्धि हासिल नहीं करने वाले प्रधानमंत्री की संज्ञा देने के बारे में कहा, यह उस पत्रिका के लिए महत्व का विषय है, लेकिन एक बात साफ है कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। उनका समावेशी विकास का दावा खोखला है। वे लंबे समय तक निर्णय नहीं ले पाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वदलीय शिष्टमंडल ने बरौनी ताप विद्युत संयंत्र के 500 मेगावाट के विस्तारीकरण के लिए कोल लिंकेज मांगा था, लेकिन उस पर फैसला नहीं हो पाया है। बिहार जैसे राज्य की उपेक्षा होती है। यह प्रदर्शन करने की निशानी नहीं है।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, जिसे वह लंबे अरसे से महसूस कर रहे हैं।
मनमोहन सिंह के नौ साल के शासन को देश के लिए नुकसानदेह बताते हुए उन्होंने कहा, इस दौरान देश ने विकास, रोजगार और राजस्व तो गंवाया ही, साथ ही दुनिया में भारत की छवि को भी गहरा बट्टा लगा है।’ भ्रष्टाचार के लिए भी मनमोहन शासन को जिम्मेदार बताते हुए उन्होंने कहा, यह आजादी के बाद की सबसे भ्रष्ट सरकार है। यह बहुत ही स्तब्धकारी बात है कि आज भारत को दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में गिना जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सिंह के नौ साल के शासन में भारत असहाय, असुरक्षित और अशक्त बना है।
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। जनता दरबार से इतर संवाददाताओं से नीतीश कुमार ने ‘टाइम’ पत्रिका के आलेख में मनमोहन सिंह को उम्मीद से कम उपलब्धि हासिल नहीं करने वाले प्रधानमंत्री की संज्ञा देने के बारे में कहा, यह उस पत्रिका के लिए महत्व का विषय है, लेकिन एक बात साफ है कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। उनका समावेशी विकास का दावा खोखला है। वे लंबे समय तक निर्णय नहीं ले पाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वदलीय शिष्टमंडल ने बरौनी ताप विद्युत संयंत्र के 500 मेगावाट के विस्तारीकरण के लिए कोल लिंकेज मांगा था, लेकिन उस पर फैसला नहीं हो पाया है। बिहार जैसे राज्य की उपेक्षा होती है। यह प्रदर्शन करने की निशानी नहीं है।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, जिसे वह लंबे अरसे से महसूस कर रहे हैं।
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। जनता दरबार से इतर संवाददाताओं से नीतीश कुमार ने ‘टाइम’ पत्रिका के आलेख में मनमोहन सिंह को उम्मीद से कम उपलब्धि हासिल नहीं करने वाले प्रधानमंत्री की संज्ञा देने के बारे में कहा, यह उस पत्रिका के लिए महत्व का विषय है, लेकिन एक बात साफ है कि केंद्र की सरकार काम नहीं कर पा रही है। उनका समावेशी विकास का दावा खोखला है। वे लंबे समय तक निर्णय नहीं ले पाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वदलीय शिष्टमंडल ने बरौनी ताप विद्युत संयंत्र के 500 मेगावाट के विस्तारीकरण के लिए कोल लिंकेज मांगा था, लेकिन उस पर फैसला नहीं हो पाया है। बिहार जैसे राज्य की उपेक्षा होती है। यह प्रदर्शन करने की निशानी नहीं है।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, जिसे वह लंबे अरसे से महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वदलीय शिष्टमंडल ने बरौनी ताप विद्युत संयंत्र के 500 मेगावाट के विस्तारीकरण के लिए कोल लिंकेज मांगा था, लेकिन उस पर फैसला नहीं हो पाया है। बिहार जैसे राज्य की उपेक्षा होती है। यह प्रदर्शन करने की निशानी नहीं है।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, जिसे वह लंबे अरसे से महसूस कर रहे हैं।
नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, जिसे वह लंबे अरसे से महसूस कर रहे हैं। | यहाँ एक सारांश है:'टाइम' पत्रिका द्वारा मनमोहन को उम्मीद से कम प्रदर्शन करने वाला करार देने का हवाला देते हुए भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने मनमोहन सिंह से प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा तक मांग लिया। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी दिल्ली से सटे गुडगाँव में अब नए निर्माण नहीं हो सकेंगे। यह आदेश पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने दिया है। कोर्ट ने यह आदेश एक जनहित याचिका की सुनवाई के चलते दिया है। गुडगाँव की क़ुतुब रेसिडेंसियल वेलफेयर एसोसिएसन ने चार साल पहले जनहित याचिका डाल यह मांग की थी कि गुडगाँव शहर में पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है जिससे जमीनी पानी का स्तर भी तेजी से गिर रहा है। इसकी वजह लगातार हो रहे बड़े-बड़े निर्माण का जमीनी पानी इस्तेमाल करना है।
क़ुतुब रेसिडेंसियल वेलफेयर एसोसिएसन का कहना है की सरकार ने नए मास्टर प्लान के तहत शहर में हुडा के सेक्टर 58 से बढ़ा कर 115 कर दिए हैं जबकि सरकार हाल फिलहाल की आबादी को तो पर्याप्त पानी ही मुहैया नहीं करा पा रही है।
याचिका कर्ता आर एस राठी ने कहा कि हाई कोर्ट ने सभी सम्बंधित विभाग जिनमें जिला प्रसाशन, हुडा विभाग और नगर निगम के आला अधिकारियों को 31 जुलाई तक अपना जबाब कोर्ट के समक्ष रखने की बात कही है। कोर्ट ने कहा है की सभी विभाग नए निर्माण को अब अनुमति देने से पहले कोर्ट के सामने यह साफ़ करे कि पानी के स्त्रोत क्या हैं जिससे निर्माण और हाल की आबादी की पानी की जरूरत एक साथ पूरी की जा सके। टिप्पणियां
गुडगाँव शहर की पानी की जरूरत की बात की जाये तो प्रतिदिन 135 मिलियन गैलन है जबकि मिल 80 मिलियन गैलन ही पाता है। लगभग 70 प्रतिशत शहर की पानी की जरूरत जमीनी पानी से पूरी हो रही है जिसकी वजह से हर साल एक से 2 मीटर जमीनी पानी का स्तर गिर रहा है।
सहयाचिकाकर्ता अभय ने कहा कि हाई कोर्ट के इस रूख के बाद नए निर्माण पर तो पाबन्दी लग गई है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हरियाणा सरकार और जिला प्रसाशन का पानी की बढ़ती भयानक समस्या से निपटाने का मास्टर प्लान क्या होगा ताकि भविष्य के मास्टर प्लान पर लटकी तलवार हट सके।
क़ुतुब रेसिडेंसियल वेलफेयर एसोसिएसन का कहना है की सरकार ने नए मास्टर प्लान के तहत शहर में हुडा के सेक्टर 58 से बढ़ा कर 115 कर दिए हैं जबकि सरकार हाल फिलहाल की आबादी को तो पर्याप्त पानी ही मुहैया नहीं करा पा रही है।
याचिका कर्ता आर एस राठी ने कहा कि हाई कोर्ट ने सभी सम्बंधित विभाग जिनमें जिला प्रसाशन, हुडा विभाग और नगर निगम के आला अधिकारियों को 31 जुलाई तक अपना जबाब कोर्ट के समक्ष रखने की बात कही है। कोर्ट ने कहा है की सभी विभाग नए निर्माण को अब अनुमति देने से पहले कोर्ट के सामने यह साफ़ करे कि पानी के स्त्रोत क्या हैं जिससे निर्माण और हाल की आबादी की पानी की जरूरत एक साथ पूरी की जा सके। टिप्पणियां
गुडगाँव शहर की पानी की जरूरत की बात की जाये तो प्रतिदिन 135 मिलियन गैलन है जबकि मिल 80 मिलियन गैलन ही पाता है। लगभग 70 प्रतिशत शहर की पानी की जरूरत जमीनी पानी से पूरी हो रही है जिसकी वजह से हर साल एक से 2 मीटर जमीनी पानी का स्तर गिर रहा है।
सहयाचिकाकर्ता अभय ने कहा कि हाई कोर्ट के इस रूख के बाद नए निर्माण पर तो पाबन्दी लग गई है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हरियाणा सरकार और जिला प्रसाशन का पानी की बढ़ती भयानक समस्या से निपटाने का मास्टर प्लान क्या होगा ताकि भविष्य के मास्टर प्लान पर लटकी तलवार हट सके।
याचिका कर्ता आर एस राठी ने कहा कि हाई कोर्ट ने सभी सम्बंधित विभाग जिनमें जिला प्रसाशन, हुडा विभाग और नगर निगम के आला अधिकारियों को 31 जुलाई तक अपना जबाब कोर्ट के समक्ष रखने की बात कही है। कोर्ट ने कहा है की सभी विभाग नए निर्माण को अब अनुमति देने से पहले कोर्ट के सामने यह साफ़ करे कि पानी के स्त्रोत क्या हैं जिससे निर्माण और हाल की आबादी की पानी की जरूरत एक साथ पूरी की जा सके। टिप्पणियां
गुडगाँव शहर की पानी की जरूरत की बात की जाये तो प्रतिदिन 135 मिलियन गैलन है जबकि मिल 80 मिलियन गैलन ही पाता है। लगभग 70 प्रतिशत शहर की पानी की जरूरत जमीनी पानी से पूरी हो रही है जिसकी वजह से हर साल एक से 2 मीटर जमीनी पानी का स्तर गिर रहा है।
सहयाचिकाकर्ता अभय ने कहा कि हाई कोर्ट के इस रूख के बाद नए निर्माण पर तो पाबन्दी लग गई है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हरियाणा सरकार और जिला प्रसाशन का पानी की बढ़ती भयानक समस्या से निपटाने का मास्टर प्लान क्या होगा ताकि भविष्य के मास्टर प्लान पर लटकी तलवार हट सके।
गुडगाँव शहर की पानी की जरूरत की बात की जाये तो प्रतिदिन 135 मिलियन गैलन है जबकि मिल 80 मिलियन गैलन ही पाता है। लगभग 70 प्रतिशत शहर की पानी की जरूरत जमीनी पानी से पूरी हो रही है जिसकी वजह से हर साल एक से 2 मीटर जमीनी पानी का स्तर गिर रहा है।
सहयाचिकाकर्ता अभय ने कहा कि हाई कोर्ट के इस रूख के बाद नए निर्माण पर तो पाबन्दी लग गई है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हरियाणा सरकार और जिला प्रसाशन का पानी की बढ़ती भयानक समस्या से निपटाने का मास्टर प्लान क्या होगा ताकि भविष्य के मास्टर प्लान पर लटकी तलवार हट सके।
सहयाचिकाकर्ता अभय ने कहा कि हाई कोर्ट के इस रूख के बाद नए निर्माण पर तो पाबन्दी लग गई है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हरियाणा सरकार और जिला प्रसाशन का पानी की बढ़ती भयानक समस्या से निपटाने का मास्टर प्लान क्या होगा ताकि भविष्य के मास्टर प्लान पर लटकी तलवार हट सके। | संक्षिप्त पाठ: राजधानी दिल्ली से सटे गुडगाँव में अब नए निर्माण नहीं हो सकेंगे। यह आदेश पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने दिया है। कोर्ट ने यह आदेश एक जनहित याचिका की सुनवाई के चलते दिया है। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने आज यहां से कुछ दूरी पर स्थित चांदीपुर में एक प्रक्षेपण केंद्र से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेशी मिसाइल का प्रायोगिक परीक्षण किया। इसकी मारक क्षमता 350 किलोमीटर है।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि जमीन से जमीन में मार करने में सक्षम इस मिसाइल को आज यहां एकीकृत प्रक्षेपण केंद्र से सुबह करीब 9:21 बजे प्रक्षेपित किया गया।
उन्होंने कहा कि रक्षा सेवा के रणनीतिक बल कमान (एसएफसी) के अभ्यास के तहत इस अत्याधुनिक मिसाइल का परीक्षण किया गया है।टिप्पणियां
सूत्रों ने कहा, इस मिसाइल को निर्माण भंडार से चुना गया था और परीक्षण से जुड़ी संपूर्ण गतिविधियों को एसएफसी की ओर किया गया और इनकी निगरानी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन :डीआरडीओर :द्वारा की गई।’’ पृथ्वी-2 को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इसे पहले ही भारतीय सशस्त्र बल में शामिल किया जा चुका है।
पृथ्वी पहली मिसाइल है, जिसका विकास एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत किया गया है। यह मिसाइल 500 से 1000 किलोग्राम भार के वारहैड ले जाने में सक्षम है और यह तरल ईधन वाले दो इंजन से संचालित है। उसे सही पथ पर ले जाने के लिए एक उन्नत निर्देशित प्रणाली इसमें लगी है। पृथ्वी-2 का पिछला परीक्षण चार अक्तूबर, 2012 को इसी प्रक्षेपण केंद्र से किया गया था।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि जमीन से जमीन में मार करने में सक्षम इस मिसाइल को आज यहां एकीकृत प्रक्षेपण केंद्र से सुबह करीब 9:21 बजे प्रक्षेपित किया गया।
उन्होंने कहा कि रक्षा सेवा के रणनीतिक बल कमान (एसएफसी) के अभ्यास के तहत इस अत्याधुनिक मिसाइल का परीक्षण किया गया है।टिप्पणियां
सूत्रों ने कहा, इस मिसाइल को निर्माण भंडार से चुना गया था और परीक्षण से जुड़ी संपूर्ण गतिविधियों को एसएफसी की ओर किया गया और इनकी निगरानी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन :डीआरडीओर :द्वारा की गई।’’ पृथ्वी-2 को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इसे पहले ही भारतीय सशस्त्र बल में शामिल किया जा चुका है।
पृथ्वी पहली मिसाइल है, जिसका विकास एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत किया गया है। यह मिसाइल 500 से 1000 किलोग्राम भार के वारहैड ले जाने में सक्षम है और यह तरल ईधन वाले दो इंजन से संचालित है। उसे सही पथ पर ले जाने के लिए एक उन्नत निर्देशित प्रणाली इसमें लगी है। पृथ्वी-2 का पिछला परीक्षण चार अक्तूबर, 2012 को इसी प्रक्षेपण केंद्र से किया गया था।
उन्होंने कहा कि रक्षा सेवा के रणनीतिक बल कमान (एसएफसी) के अभ्यास के तहत इस अत्याधुनिक मिसाइल का परीक्षण किया गया है।टिप्पणियां
सूत्रों ने कहा, इस मिसाइल को निर्माण भंडार से चुना गया था और परीक्षण से जुड़ी संपूर्ण गतिविधियों को एसएफसी की ओर किया गया और इनकी निगरानी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन :डीआरडीओर :द्वारा की गई।’’ पृथ्वी-2 को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इसे पहले ही भारतीय सशस्त्र बल में शामिल किया जा चुका है।
पृथ्वी पहली मिसाइल है, जिसका विकास एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत किया गया है। यह मिसाइल 500 से 1000 किलोग्राम भार के वारहैड ले जाने में सक्षम है और यह तरल ईधन वाले दो इंजन से संचालित है। उसे सही पथ पर ले जाने के लिए एक उन्नत निर्देशित प्रणाली इसमें लगी है। पृथ्वी-2 का पिछला परीक्षण चार अक्तूबर, 2012 को इसी प्रक्षेपण केंद्र से किया गया था।
सूत्रों ने कहा, इस मिसाइल को निर्माण भंडार से चुना गया था और परीक्षण से जुड़ी संपूर्ण गतिविधियों को एसएफसी की ओर किया गया और इनकी निगरानी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन :डीआरडीओर :द्वारा की गई।’’ पृथ्वी-2 को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इसे पहले ही भारतीय सशस्त्र बल में शामिल किया जा चुका है।
पृथ्वी पहली मिसाइल है, जिसका विकास एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत किया गया है। यह मिसाइल 500 से 1000 किलोग्राम भार के वारहैड ले जाने में सक्षम है और यह तरल ईधन वाले दो इंजन से संचालित है। उसे सही पथ पर ले जाने के लिए एक उन्नत निर्देशित प्रणाली इसमें लगी है। पृथ्वी-2 का पिछला परीक्षण चार अक्तूबर, 2012 को इसी प्रक्षेपण केंद्र से किया गया था।
पृथ्वी पहली मिसाइल है, जिसका विकास एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत किया गया है। यह मिसाइल 500 से 1000 किलोग्राम भार के वारहैड ले जाने में सक्षम है और यह तरल ईधन वाले दो इंजन से संचालित है। उसे सही पथ पर ले जाने के लिए एक उन्नत निर्देशित प्रणाली इसमें लगी है। पृथ्वी-2 का पिछला परीक्षण चार अक्तूबर, 2012 को इसी प्रक्षेपण केंद्र से किया गया था। | सारांश: भारत ने आज यहां से कुछ दूरी पर स्थित चांदीपुर में एक प्रक्षेपण केंद्र से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेशी मिसाइल का प्रायोगिक परीक्षण किया। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: संसद में लोकपाल विधेयक पारित नहीं होने पर उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करने का इरादा जाहिर करने वाले गांधीवादी अन्ना हजारे की टीम अगले महीने के शुरू में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में जनसम्पर्क करेगी।टिप्पणियां
इंडिया अगेंस्ट करप्शन की कोर समिति के सदस्य संजय सिंह ने बताया कि ‘टीम अन्ना’ अगले महीने के शुरू में फैजाबाद जाकर वहां जनसभा और जनसम्पर्क के माध्यम से लोगों को साफ-सुथरी छवि के उम्मीदवारों को ही चुनने के प्रति जागरूक करेगी। उन्होंने बताया कि इस जनसम्पर्क कार्यक्रम के आगामी तीन फरवरी को होने की सम्भावना है। इसमें अरविंद केजरीवाल, किरन बेदी, मनीष सिसोदिया और कुमार विश्वास समेत टीम अन्ना के सभी प्रमुख सदस्य शामिल होंगे।
सिंह ने बताया कि फिलहाल फैजाबाद में टीम अन्ना के दौरे का निर्णय लिया गया है और विस्तृत कार्यक्रम बाद में तय किया जाएगा।
इंडिया अगेंस्ट करप्शन की कोर समिति के सदस्य संजय सिंह ने बताया कि ‘टीम अन्ना’ अगले महीने के शुरू में फैजाबाद जाकर वहां जनसभा और जनसम्पर्क के माध्यम से लोगों को साफ-सुथरी छवि के उम्मीदवारों को ही चुनने के प्रति जागरूक करेगी। उन्होंने बताया कि इस जनसम्पर्क कार्यक्रम के आगामी तीन फरवरी को होने की सम्भावना है। इसमें अरविंद केजरीवाल, किरन बेदी, मनीष सिसोदिया और कुमार विश्वास समेत टीम अन्ना के सभी प्रमुख सदस्य शामिल होंगे।
सिंह ने बताया कि फिलहाल फैजाबाद में टीम अन्ना के दौरे का निर्णय लिया गया है और विस्तृत कार्यक्रम बाद में तय किया जाएगा।
सिंह ने बताया कि फिलहाल फैजाबाद में टीम अन्ना के दौरे का निर्णय लिया गया है और विस्तृत कार्यक्रम बाद में तय किया जाएगा। | यहाँ एक सारांश है:पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करने का इरादा जाहिर करने वाले अन्ना हजारे की टीम अगले महीने के शुरू में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में जनसम्पर्क करेगी। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गुजरे जमाने के सुपरस्टार राजेश खन्ना अस्वस्थ हैं और पिछले तीन चार-दिनों से उन्होंने खाना बंद कर दिया है। राजेश खन्ना के मैनेजर अश्विन ने बताया कि वह बीमार हैं और घर पर हैं। पिछले तीन-चार दिन से वह कुछ नहीं खा रहे हैं। डिंपलजी लगातार उनके साथ हैं और बेटी रिंकी भी बुधवार को उन्हें देखने आईं।टिप्पणियां
69 वर्षीय राजेश खन्ना 1982 में डिंपल कपाड़िया से अलग हो गए थे और उनकी दो बेटियां ट्विंकल और रिंकी हैं। इससे पूर्व अप्रैल में राजेश खन्ना को बेचैनी और कमजोरी की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हिन्दी सिने जगत के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने 150 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और एक समय उनका फिल्म में होना सफलता की गारंटी माना जाता था। अपने प्रशंसकों के बीच 'काका' के नाम से मशहूर राजेश खन्ना ने 1960 और 1970 के दशक में 'आराधना', 'आनंद', 'अमर प्रेम', 'सफर' और 'बावर्ची' जैसी दर्जनों फिल्मों के जरिए फिल्म उद्योग पर राज किया।
69 वर्षीय राजेश खन्ना 1982 में डिंपल कपाड़िया से अलग हो गए थे और उनकी दो बेटियां ट्विंकल और रिंकी हैं। इससे पूर्व अप्रैल में राजेश खन्ना को बेचैनी और कमजोरी की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हिन्दी सिने जगत के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने 150 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और एक समय उनका फिल्म में होना सफलता की गारंटी माना जाता था। अपने प्रशंसकों के बीच 'काका' के नाम से मशहूर राजेश खन्ना ने 1960 और 1970 के दशक में 'आराधना', 'आनंद', 'अमर प्रेम', 'सफर' और 'बावर्ची' जैसी दर्जनों फिल्मों के जरिए फिल्म उद्योग पर राज किया।
हिन्दी सिने जगत के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने 150 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और एक समय उनका फिल्म में होना सफलता की गारंटी माना जाता था। अपने प्रशंसकों के बीच 'काका' के नाम से मशहूर राजेश खन्ना ने 1960 और 1970 के दशक में 'आराधना', 'आनंद', 'अमर प्रेम', 'सफर' और 'बावर्ची' जैसी दर्जनों फिल्मों के जरिए फिल्म उद्योग पर राज किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गुजरे जमाने के सुपरस्टार राजेश खन्ना बीमार हैं और पिछले तीन चार-दिनों से उन्होंने खाना बंद कर दिया है। डिंपल कपाड़िया घर पर लगातार उनकी देखरेख कर रही हैं। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने स्विस टाइमिंग से कहा है कि वह राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान टाइमिंग, स्कोरिंग और परिणाम बताने वाली प्रणाली (टीएसआर) को लगाने के लिए दिए गए ठेके में हुई कथित अनियमिता पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। इसी मामले में आयोजन समिति के बर्खास्त अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी को गिरफ्तार किया गया है। स्विटजरलैंड की कंपनी स्विट टाइम से कहा गया है कि वह एक अन्य जांच के सिलसिले में वहां गए एजेंसी के दल के समक्ष इस संबंध में एक बयान दाखिल करे। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने कंपनी से कहा है कि वह उसके अधिकारियों द्वारा उठाये गये सवालों का जवाब और अपना बयान दाखिल करे। सीबीआई ने स्विस टाइमिंग को दिये गये 141 करोड़ के ठेके में कथित अनियमितता पर प्राथमिकी दर्ज की है। राष्ट्रमंडल आयोजन समिति के बख्रास्त अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी और कई अन्य अधिकारियों को सीबीआई ने स्विस टाइमिंग को 141 करोड़ रपये के बढ़े हुए दाम में ठेका देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई ने स्विस टाइमिंग से कहा है कि वह राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान टीएसआर को लगाने के लिए दिए गए ठेके में हुई कथित अनियमिता पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता व पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन के दिल्ली और चेन्नई स्थित घरों व कार्यालयों पर सोमवार सुबह एक साथ छापा मारकर तलाशी शुरू कर दी। इस मामले पर डीएमके चुप्पी साधे है। मारन बंधु डीएमके सुप्रीमो एम. करुणानिधि के पौत्र हैं। इस समय करुणानिधि राज्य के दौरे पर हैं। छापे की खबर सुनकर करुणानिधि के पुत्र एमके तमिलसारु दयानिधि मारन के आवास पर पहुंचे लेकिन उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली। मारन बंधुओं के अलावा अपोलो अस्पताल की कार्यकारी निदेशक सुनीता रेड्डी और सन टीवी के दफ्तरों पर भी छापेमारी की गई। मारन बंधुओं के खिलाफ रविवार को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उद्योगपति सी. शिवशंकरन की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने दयानिधि मारन के खिलाफ यह कार्रवाई की है। शिवशंकरन ने अपनी शिकायत में कहा है कि तत्कालीन दूरसंचार मंत्री मारन ने उन्हें टेलीकॉम कम्पनी एयरसेल को बेचने के लिए मजबूर किया था। शिवशंकरन ने आरोप लगाया है कि एयरसेल कम्पनी को टेलीकाम लाइसेंस नहीं दिए गए और उन्हें अपने शेयर मलेशियाई कम्पनी मैक्सिस समूह को बेचने के लिए मजबूर किया गया। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दयानिधि मारन और कलानिधि मारन के खिलाफ रविवार को मामला दर्ज किया गया। मारन बंधुओं के अलावा अस्ट्रा टीवी के सीईओ रॉल्फ मार्शल और व्यावसायी टी. आनंदकृष्णन के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन्होंने सन टीवी में निवेश किया है। चेन्नई में सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में भी मारन के आवास पर छापेमारी कर तलाशी ली गई। दयानिधि मारन के चेन्नई और दिल्ली स्थित घरों और दफ्तरों पर छापेमारी की गई। उधर, सुनीता रेड्डी के चेन्नई और हैदराबाद स्थित घरों पर छापेमारी की गई। सुनीता अपोलो अस्पातल समूह के संस्थापक प्रताप रेड्डी की बेटी हैं। सीबीआई ने पिछले महीने सुनीता से पूछताछ की थी क्योंकि वह वर्ष 2005 में एयरसेल की अध्यक्ष थीं। सिंध्या सिक्योरिटिज एंड इनवेस्टमेंट्स में उनकी हिस्सेदारी थी। इस कम्पनी की एयरसेल में 26 फीसदी हिस्सेदारी थी। अपोलो अस्पताल ने हालांकि स्पष्ट किया है कि एयरसेल में सिंध्या सिक्योरिटीज और इनवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड का निवेश कानूनों के तहत ही किया गया था। इसके अलावा सीबीआई दयानिधि मारन के आवास मिनी टेलीफोन एक्सचेंज के मामले की भी जांच कर रही है। आरोप लगाया गया है कि सन टीवी के कार्यालय में इन लाइनों का प्रयोग डाटा ट्रांसफर के लिए किया जा रहा था। | यहाँ एक सारांश है:सीबीआई ने 2जी घोटाले में दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन के दिल्ली और चेन्नई स्थित घरों व कार्यालयों पर एक साथ छापा मारा। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वर्ष 2013 से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), एनआईटी और आईआईआईटी जैसे शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को एक नई प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस प्रक्रिया में कक्षा बारहवीं की परीक्षा के परिणामों को भी शामिल किया जाएगा।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने सोमवार को तीनों संस्थानों के संयुक्त परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यह घोषणा की।टिप्पणियां
नई परीक्षा मौजूदा आईआईटी-जेईई और एआईईईई जैसी परीक्षाओं को हटा देगी।
नई पद्धति के तहत परीक्षार्थी एक मुख्य परीक्षा देंगे और उसी दिन एक एडवांस परीक्षा देंगे। केंद्रीय सहायता पर चलने वाले सभी संस्थानों में दाखिले के लिए 40 फीसदी महत्व 12वीं परीक्षा परिणाम को दिया जाएगा। शेष 60 फीसदी अंक में से आधा-आधा महत्व मुख्य परीक्षा और एडवांस परीक्षा को दिया जाएगा।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने सोमवार को तीनों संस्थानों के संयुक्त परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यह घोषणा की।टिप्पणियां
नई परीक्षा मौजूदा आईआईटी-जेईई और एआईईईई जैसी परीक्षाओं को हटा देगी।
नई पद्धति के तहत परीक्षार्थी एक मुख्य परीक्षा देंगे और उसी दिन एक एडवांस परीक्षा देंगे। केंद्रीय सहायता पर चलने वाले सभी संस्थानों में दाखिले के लिए 40 फीसदी महत्व 12वीं परीक्षा परिणाम को दिया जाएगा। शेष 60 फीसदी अंक में से आधा-आधा महत्व मुख्य परीक्षा और एडवांस परीक्षा को दिया जाएगा।
नई परीक्षा मौजूदा आईआईटी-जेईई और एआईईईई जैसी परीक्षाओं को हटा देगी।
नई पद्धति के तहत परीक्षार्थी एक मुख्य परीक्षा देंगे और उसी दिन एक एडवांस परीक्षा देंगे। केंद्रीय सहायता पर चलने वाले सभी संस्थानों में दाखिले के लिए 40 फीसदी महत्व 12वीं परीक्षा परिणाम को दिया जाएगा। शेष 60 फीसदी अंक में से आधा-आधा महत्व मुख्य परीक्षा और एडवांस परीक्षा को दिया जाएगा।
नई पद्धति के तहत परीक्षार्थी एक मुख्य परीक्षा देंगे और उसी दिन एक एडवांस परीक्षा देंगे। केंद्रीय सहायता पर चलने वाले सभी संस्थानों में दाखिले के लिए 40 फीसदी महत्व 12वीं परीक्षा परिणाम को दिया जाएगा। शेष 60 फीसदी अंक में से आधा-आधा महत्व मुख्य परीक्षा और एडवांस परीक्षा को दिया जाएगा। | वर्ष 2013 से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), एनआईटी और आईआईआईटी जैसे शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को एक नई प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सोशल मीडिया पर कब क्या वायरल हो जाए कोई नहीं बता सकता. इन दिनों सोशल प्लेटफॉर्म पर मगरमच्छ के एक मछली को लपकने का वीडियो काफी देखा जा रहा है. इस वीडियो में एक लड़का मछली पकड़ना सीख रहा है. वह कांटा पानी में फेंकता है तो एक बड़ी मछली फंस जाती है. लड़का मछली को ऊपर लाने के लिए रील को समेटना शुरू करता है तभी एक मगरमच्छ वहां आता है और वह मछली को अपने कंटीले मुंह में दबाकर चला जाता है. Bass Masters And Fish Experts फेसबुक पेज से 24 फरवरी को शेयर किए गए इस वीडियो को अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं. इतना ही नहीं इसे 230,950 लोग शेयर भी कर चुके हैं.टिप्पणियां
वीडियो में सुनाई पड़ रहा है कि किनारे पर मौजूद एक आदमी उस लड़के को आगाह कर रहा है कि किनारे पर मत जाओ, वहां मगरमच्छ होते हैं. वह जब तक संभल पाता उससे पहले ही मगरमच्छ मछली को लपककर भाग जाता है. मगरमच्छ ऐसे मछली को लेकर वहां से भागता है जैसे उसने चोरी की है. इस वीडियो पर भारी संख्या में कमेंट भी आ रहे हैं. कई लोग अपने पुराने अनुभव बता रहे हैं तो कोई इस वीडियो की बारीकी से व्याख्या करते दिखे.
कुछ लोगों ने ये भी लिखा कि लड़के को मछली पकड़ने के दौरान इस घटना से अच्छी ट्रेनिंग मिल गई. आप भी इस वीडियो को देखिए और अंदाजा लगाइए आखिर इसमें ऐसा क्या है कि जिसे लोग इतना ज्यादा देख रहे हैं.
वीडियो में सुनाई पड़ रहा है कि किनारे पर मौजूद एक आदमी उस लड़के को आगाह कर रहा है कि किनारे पर मत जाओ, वहां मगरमच्छ होते हैं. वह जब तक संभल पाता उससे पहले ही मगरमच्छ मछली को लपककर भाग जाता है. मगरमच्छ ऐसे मछली को लेकर वहां से भागता है जैसे उसने चोरी की है. इस वीडियो पर भारी संख्या में कमेंट भी आ रहे हैं. कई लोग अपने पुराने अनुभव बता रहे हैं तो कोई इस वीडियो की बारीकी से व्याख्या करते दिखे.
कुछ लोगों ने ये भी लिखा कि लड़के को मछली पकड़ने के दौरान इस घटना से अच्छी ट्रेनिंग मिल गई. आप भी इस वीडियो को देखिए और अंदाजा लगाइए आखिर इसमें ऐसा क्या है कि जिसे लोग इतना ज्यादा देख रहे हैं.
कुछ लोगों ने ये भी लिखा कि लड़के को मछली पकड़ने के दौरान इस घटना से अच्छी ट्रेनिंग मिल गई. आप भी इस वीडियो को देखिए और अंदाजा लगाइए आखिर इसमें ऐसा क्या है कि जिसे लोग इतना ज्यादा देख रहे हैं. | सारांश: मछली पकड़ना सीख रहा था लड़का, तभी का यह वीडियो.
लड़का मछली को ऊपर लाने की कर रहा था कोशिश, तभी आ जाता है मगरमच्छ.
तीन दिनों में 230,950 शेयर हो चुका है यह वीडियो. | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन में हुई झूठी शान के लिए अपनी बेटी की हत्या के दोषी पाकिस्तानी मूल की एक दंपति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। किशोरी ने कथित तौर पर पश्चिमी सभ्यता के कपड़े पहनकर परिवार को शर्मिंदा किया था।
शफिलिया अहमद (17) चेशायर के वारिंगटन स्थित अपने घर से 2003 में लापता हो गई थी। उसका शव छह माह बाद कुम्ब्रिया की केंट नदी की तट पर मिला था। उसके पिता इफ्तिखार अहमद (52) और माता फरजाना अहमद (49) ने अपनी बेटी की हत्या के आरोपों को खारिज किया है, लेकिन चेस्टर क्राउन कोर्ट ने तीन महीने तक चली सुनवाई के बाद अपने फैसले में दोनों को दोषी करार दिया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पैरोल के लिए अपील करने से पहले दोनो को कम से कम 25 वर्ष जेल में बिताने होंगे। न्यायाधीश रॉड्रिक एवान ने दंपति से कहा, समाज में शर्मिंदगी को लेकर आपकी चिंता आपके लिए अपने बच्चे के प्यार से बढ़कर थी...मेरे लिए यह झूठी शान के लिए हत्या का मामला नहीं है..यह साफ-साफ हत्या का मामला है।
सुनवाई के बाद पुलिस ने हत्या को एक ऐसे व्यक्ति के प्रति शर्मिंदगी वाला घटना करार दिया, जिस पर उन्हें गर्व करना चाहिए था। टैक्सी चालक इफ्तिखार ने पहले दावा किया था कि शफिलिया मध्य रात्रि को घर से भाग गई थी और फिर उसे किसी ने नहीं देखा। दोनों ने (माता-पिता ने) प्लास्टिक के बैग से दम घोंटकर परिवार की झूठी शान के लिए शफिलिया की हत्या कर दी थी।
शफिलिया की बहन आलिशा ने ज्यूरी को बताया कि उसके माता-पिता ने घर में उसे (शेफिलिया को) सेट्टी पर धक्का दिया,और उसने अपनी मां को कहते हुए सुना कि इसे यहीं खत्म कर देते हैं। माता-पिता का शफिलिया के पश्चिमी तरीके के कपड़े पहनने को लेकर अक्सर झड़प हुआ करती थी। उन्होंने शेफिलिया को हमेशा अपनी गोरी दोस्तों की तरह कपड़े पहनने से रोका था। वे चाहते थे कि शेफिलिया हमेशा पारंपरिक पाकिस्तानी कपड़े पहने।टिप्पणियां
2003 में कथित तौर पर उसे जबरन पाकिस्तान भेजा गया, जहां उसे खुद से 10 वर्ष से भी ज्यादा बड़े व्यक्ति से निकाह करना था। शफिलिया ने विरोध करते हुए ब्लीच पी लिया, जिससे उसका गला जल गया और उस व्यक्ति ने उससे निकाह तोड़ लिया। वह ब्रिटेन अपने घर वापस आ गई, लेकिन सितंबर 2003 में वहां से भी लापता हो गई।
उसके माता-पिता को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस उन्हें दोषी ठहराने के लिए ज्यादा सबूत नहीं जुटा सकी। लेकिन इस मामले में 2010 में पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सुराग लगा, जब उन्होंने शेफिलिया की दूसरी बहन अलेशा को अपने ही घर में डकैती करते हुए गिरफ्तार किया। अलेशा ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने अपने माता-पिता को शफिलिया पर हमला करते हुए देखा है।
शफिलिया अहमद (17) चेशायर के वारिंगटन स्थित अपने घर से 2003 में लापता हो गई थी। उसका शव छह माह बाद कुम्ब्रिया की केंट नदी की तट पर मिला था। उसके पिता इफ्तिखार अहमद (52) और माता फरजाना अहमद (49) ने अपनी बेटी की हत्या के आरोपों को खारिज किया है, लेकिन चेस्टर क्राउन कोर्ट ने तीन महीने तक चली सुनवाई के बाद अपने फैसले में दोनों को दोषी करार दिया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पैरोल के लिए अपील करने से पहले दोनो को कम से कम 25 वर्ष जेल में बिताने होंगे। न्यायाधीश रॉड्रिक एवान ने दंपति से कहा, समाज में शर्मिंदगी को लेकर आपकी चिंता आपके लिए अपने बच्चे के प्यार से बढ़कर थी...मेरे लिए यह झूठी शान के लिए हत्या का मामला नहीं है..यह साफ-साफ हत्या का मामला है।
सुनवाई के बाद पुलिस ने हत्या को एक ऐसे व्यक्ति के प्रति शर्मिंदगी वाला घटना करार दिया, जिस पर उन्हें गर्व करना चाहिए था। टैक्सी चालक इफ्तिखार ने पहले दावा किया था कि शफिलिया मध्य रात्रि को घर से भाग गई थी और फिर उसे किसी ने नहीं देखा। दोनों ने (माता-पिता ने) प्लास्टिक के बैग से दम घोंटकर परिवार की झूठी शान के लिए शफिलिया की हत्या कर दी थी।
शफिलिया की बहन आलिशा ने ज्यूरी को बताया कि उसके माता-पिता ने घर में उसे (शेफिलिया को) सेट्टी पर धक्का दिया,और उसने अपनी मां को कहते हुए सुना कि इसे यहीं खत्म कर देते हैं। माता-पिता का शफिलिया के पश्चिमी तरीके के कपड़े पहनने को लेकर अक्सर झड़प हुआ करती थी। उन्होंने शेफिलिया को हमेशा अपनी गोरी दोस्तों की तरह कपड़े पहनने से रोका था। वे चाहते थे कि शेफिलिया हमेशा पारंपरिक पाकिस्तानी कपड़े पहने।टिप्पणियां
2003 में कथित तौर पर उसे जबरन पाकिस्तान भेजा गया, जहां उसे खुद से 10 वर्ष से भी ज्यादा बड़े व्यक्ति से निकाह करना था। शफिलिया ने विरोध करते हुए ब्लीच पी लिया, जिससे उसका गला जल गया और उस व्यक्ति ने उससे निकाह तोड़ लिया। वह ब्रिटेन अपने घर वापस आ गई, लेकिन सितंबर 2003 में वहां से भी लापता हो गई।
उसके माता-पिता को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस उन्हें दोषी ठहराने के लिए ज्यादा सबूत नहीं जुटा सकी। लेकिन इस मामले में 2010 में पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सुराग लगा, जब उन्होंने शेफिलिया की दूसरी बहन अलेशा को अपने ही घर में डकैती करते हुए गिरफ्तार किया। अलेशा ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने अपने माता-पिता को शफिलिया पर हमला करते हुए देखा है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पैरोल के लिए अपील करने से पहले दोनो को कम से कम 25 वर्ष जेल में बिताने होंगे। न्यायाधीश रॉड्रिक एवान ने दंपति से कहा, समाज में शर्मिंदगी को लेकर आपकी चिंता आपके लिए अपने बच्चे के प्यार से बढ़कर थी...मेरे लिए यह झूठी शान के लिए हत्या का मामला नहीं है..यह साफ-साफ हत्या का मामला है।
सुनवाई के बाद पुलिस ने हत्या को एक ऐसे व्यक्ति के प्रति शर्मिंदगी वाला घटना करार दिया, जिस पर उन्हें गर्व करना चाहिए था। टैक्सी चालक इफ्तिखार ने पहले दावा किया था कि शफिलिया मध्य रात्रि को घर से भाग गई थी और फिर उसे किसी ने नहीं देखा। दोनों ने (माता-पिता ने) प्लास्टिक के बैग से दम घोंटकर परिवार की झूठी शान के लिए शफिलिया की हत्या कर दी थी।
शफिलिया की बहन आलिशा ने ज्यूरी को बताया कि उसके माता-पिता ने घर में उसे (शेफिलिया को) सेट्टी पर धक्का दिया,और उसने अपनी मां को कहते हुए सुना कि इसे यहीं खत्म कर देते हैं। माता-पिता का शफिलिया के पश्चिमी तरीके के कपड़े पहनने को लेकर अक्सर झड़प हुआ करती थी। उन्होंने शेफिलिया को हमेशा अपनी गोरी दोस्तों की तरह कपड़े पहनने से रोका था। वे चाहते थे कि शेफिलिया हमेशा पारंपरिक पाकिस्तानी कपड़े पहने।टिप्पणियां
2003 में कथित तौर पर उसे जबरन पाकिस्तान भेजा गया, जहां उसे खुद से 10 वर्ष से भी ज्यादा बड़े व्यक्ति से निकाह करना था। शफिलिया ने विरोध करते हुए ब्लीच पी लिया, जिससे उसका गला जल गया और उस व्यक्ति ने उससे निकाह तोड़ लिया। वह ब्रिटेन अपने घर वापस आ गई, लेकिन सितंबर 2003 में वहां से भी लापता हो गई।
उसके माता-पिता को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस उन्हें दोषी ठहराने के लिए ज्यादा सबूत नहीं जुटा सकी। लेकिन इस मामले में 2010 में पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सुराग लगा, जब उन्होंने शेफिलिया की दूसरी बहन अलेशा को अपने ही घर में डकैती करते हुए गिरफ्तार किया। अलेशा ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने अपने माता-पिता को शफिलिया पर हमला करते हुए देखा है।
सुनवाई के बाद पुलिस ने हत्या को एक ऐसे व्यक्ति के प्रति शर्मिंदगी वाला घटना करार दिया, जिस पर उन्हें गर्व करना चाहिए था। टैक्सी चालक इफ्तिखार ने पहले दावा किया था कि शफिलिया मध्य रात्रि को घर से भाग गई थी और फिर उसे किसी ने नहीं देखा। दोनों ने (माता-पिता ने) प्लास्टिक के बैग से दम घोंटकर परिवार की झूठी शान के लिए शफिलिया की हत्या कर दी थी।
शफिलिया की बहन आलिशा ने ज्यूरी को बताया कि उसके माता-पिता ने घर में उसे (शेफिलिया को) सेट्टी पर धक्का दिया,और उसने अपनी मां को कहते हुए सुना कि इसे यहीं खत्म कर देते हैं। माता-पिता का शफिलिया के पश्चिमी तरीके के कपड़े पहनने को लेकर अक्सर झड़प हुआ करती थी। उन्होंने शेफिलिया को हमेशा अपनी गोरी दोस्तों की तरह कपड़े पहनने से रोका था। वे चाहते थे कि शेफिलिया हमेशा पारंपरिक पाकिस्तानी कपड़े पहने।टिप्पणियां
2003 में कथित तौर पर उसे जबरन पाकिस्तान भेजा गया, जहां उसे खुद से 10 वर्ष से भी ज्यादा बड़े व्यक्ति से निकाह करना था। शफिलिया ने विरोध करते हुए ब्लीच पी लिया, जिससे उसका गला जल गया और उस व्यक्ति ने उससे निकाह तोड़ लिया। वह ब्रिटेन अपने घर वापस आ गई, लेकिन सितंबर 2003 में वहां से भी लापता हो गई।
उसके माता-पिता को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस उन्हें दोषी ठहराने के लिए ज्यादा सबूत नहीं जुटा सकी। लेकिन इस मामले में 2010 में पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सुराग लगा, जब उन्होंने शेफिलिया की दूसरी बहन अलेशा को अपने ही घर में डकैती करते हुए गिरफ्तार किया। अलेशा ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने अपने माता-पिता को शफिलिया पर हमला करते हुए देखा है।
शफिलिया की बहन आलिशा ने ज्यूरी को बताया कि उसके माता-पिता ने घर में उसे (शेफिलिया को) सेट्टी पर धक्का दिया,और उसने अपनी मां को कहते हुए सुना कि इसे यहीं खत्म कर देते हैं। माता-पिता का शफिलिया के पश्चिमी तरीके के कपड़े पहनने को लेकर अक्सर झड़प हुआ करती थी। उन्होंने शेफिलिया को हमेशा अपनी गोरी दोस्तों की तरह कपड़े पहनने से रोका था। वे चाहते थे कि शेफिलिया हमेशा पारंपरिक पाकिस्तानी कपड़े पहने।टिप्पणियां
2003 में कथित तौर पर उसे जबरन पाकिस्तान भेजा गया, जहां उसे खुद से 10 वर्ष से भी ज्यादा बड़े व्यक्ति से निकाह करना था। शफिलिया ने विरोध करते हुए ब्लीच पी लिया, जिससे उसका गला जल गया और उस व्यक्ति ने उससे निकाह तोड़ लिया। वह ब्रिटेन अपने घर वापस आ गई, लेकिन सितंबर 2003 में वहां से भी लापता हो गई।
उसके माता-पिता को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस उन्हें दोषी ठहराने के लिए ज्यादा सबूत नहीं जुटा सकी। लेकिन इस मामले में 2010 में पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सुराग लगा, जब उन्होंने शेफिलिया की दूसरी बहन अलेशा को अपने ही घर में डकैती करते हुए गिरफ्तार किया। अलेशा ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने अपने माता-पिता को शफिलिया पर हमला करते हुए देखा है।
2003 में कथित तौर पर उसे जबरन पाकिस्तान भेजा गया, जहां उसे खुद से 10 वर्ष से भी ज्यादा बड़े व्यक्ति से निकाह करना था। शफिलिया ने विरोध करते हुए ब्लीच पी लिया, जिससे उसका गला जल गया और उस व्यक्ति ने उससे निकाह तोड़ लिया। वह ब्रिटेन अपने घर वापस आ गई, लेकिन सितंबर 2003 में वहां से भी लापता हो गई।
उसके माता-पिता को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस उन्हें दोषी ठहराने के लिए ज्यादा सबूत नहीं जुटा सकी। लेकिन इस मामले में 2010 में पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सुराग लगा, जब उन्होंने शेफिलिया की दूसरी बहन अलेशा को अपने ही घर में डकैती करते हुए गिरफ्तार किया। अलेशा ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने अपने माता-पिता को शफिलिया पर हमला करते हुए देखा है।
उसके माता-पिता को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस उन्हें दोषी ठहराने के लिए ज्यादा सबूत नहीं जुटा सकी। लेकिन इस मामले में 2010 में पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सुराग लगा, जब उन्होंने शेफिलिया की दूसरी बहन अलेशा को अपने ही घर में डकैती करते हुए गिरफ्तार किया। अलेशा ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने अपने माता-पिता को शफिलिया पर हमला करते हुए देखा है। | ब्रिटेन में झूठी शान के लिए अपनी बेटी की हत्या के दोषी पाकिस्तानी मूल की एक दंपति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। किशोरी ने कथित तौर पर पश्चिमी सभ्यता के कपड़े पहनकर परिवार को शर्मिंदा किया था। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को पिछले साल अगस्त में शीर्ष स्तरीय खुफिया जानकारी मिली थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव जीतने में डोनाल्ड ट्रंप की मदद करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने व्यक्तिगत रूप से एक अभियान शुरू करने का आदेश दिया था. समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट की खबर में यह खुलासा किया गया है जिसके बाद व्हाइट हाउस में खलबली मच गयी और अमेरिकी खुफिया विभाग के लिए भी यह बड़ा संकट पैदा हो गया कि अब वह कैसे प्रतिक्रिया दे. वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित खबर में कहा गया है कि चुनाव डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के पक्ष में होने के भरोसे और राष्ट्रपति बराक ओबामा को कई बार चुनाव में कथित तिकड़म का इस्तेमाल करते देखे जाने की चिंता के बीच प्रशासन ने मास्को को चेतावनी जारी की लेकिन कार्वाई को मतदान होने तक टाल दिया.
ट्रंप की चौंका देने वाली जीत के बाद प्रशासन के अधिकारियों में इस बात का पछतावा था कि उन्होंने कड़ी कार्रवाई नहीं की.
एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी ने समाचार पत्र से कहा, 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लोगों से लेकर आगे तक तत्काल यह आत्मावलोकन करने की भावना थी कि क्या हमने कोई कदम उठाया.'टिप्पणियां
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक जैसे ही पुतिन के बारे में खुफिया सूचना आई, व्हाइट हाउस ने इसे गहरे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे के तौर पर देखा. इसके बाद एक खुफिया टास्क फोर्स गठन किया गया, जो इससे संबंधित सभी जानकारियां जुटाकर संभावित प्रतिक्रिया बताए.
बहरहाल, वह हिलेरी क्लिंटन के ईमेल हैक होने के बाद विकीलीक्स द्वारा किए गए शर्मिन्दगी भरे खुलासे को लेकर कुछ नहीं कर सके. फिर उनका ध्यान इस बात पर केन्द्रित हो गया कि कहीं आठ नवंबर के मतदान में मास्को मतदाता पंजीकरण सूची अथवा वोटिंग मशीनों को हैक कर गड़बड़ी ना कर दे.
इनपुट: भाषा
ट्रंप की चौंका देने वाली जीत के बाद प्रशासन के अधिकारियों में इस बात का पछतावा था कि उन्होंने कड़ी कार्रवाई नहीं की.
एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी ने समाचार पत्र से कहा, 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लोगों से लेकर आगे तक तत्काल यह आत्मावलोकन करने की भावना थी कि क्या हमने कोई कदम उठाया.'टिप्पणियां
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक जैसे ही पुतिन के बारे में खुफिया सूचना आई, व्हाइट हाउस ने इसे गहरे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे के तौर पर देखा. इसके बाद एक खुफिया टास्क फोर्स गठन किया गया, जो इससे संबंधित सभी जानकारियां जुटाकर संभावित प्रतिक्रिया बताए.
बहरहाल, वह हिलेरी क्लिंटन के ईमेल हैक होने के बाद विकीलीक्स द्वारा किए गए शर्मिन्दगी भरे खुलासे को लेकर कुछ नहीं कर सके. फिर उनका ध्यान इस बात पर केन्द्रित हो गया कि कहीं आठ नवंबर के मतदान में मास्को मतदाता पंजीकरण सूची अथवा वोटिंग मशीनों को हैक कर गड़बड़ी ना कर दे.
इनपुट: भाषा
एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी ने समाचार पत्र से कहा, 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लोगों से लेकर आगे तक तत्काल यह आत्मावलोकन करने की भावना थी कि क्या हमने कोई कदम उठाया.'टिप्पणियां
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक जैसे ही पुतिन के बारे में खुफिया सूचना आई, व्हाइट हाउस ने इसे गहरे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे के तौर पर देखा. इसके बाद एक खुफिया टास्क फोर्स गठन किया गया, जो इससे संबंधित सभी जानकारियां जुटाकर संभावित प्रतिक्रिया बताए.
बहरहाल, वह हिलेरी क्लिंटन के ईमेल हैक होने के बाद विकीलीक्स द्वारा किए गए शर्मिन्दगी भरे खुलासे को लेकर कुछ नहीं कर सके. फिर उनका ध्यान इस बात पर केन्द्रित हो गया कि कहीं आठ नवंबर के मतदान में मास्को मतदाता पंजीकरण सूची अथवा वोटिंग मशीनों को हैक कर गड़बड़ी ना कर दे.
इनपुट: भाषा
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक जैसे ही पुतिन के बारे में खुफिया सूचना आई, व्हाइट हाउस ने इसे गहरे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे के तौर पर देखा. इसके बाद एक खुफिया टास्क फोर्स गठन किया गया, जो इससे संबंधित सभी जानकारियां जुटाकर संभावित प्रतिक्रिया बताए.
बहरहाल, वह हिलेरी क्लिंटन के ईमेल हैक होने के बाद विकीलीक्स द्वारा किए गए शर्मिन्दगी भरे खुलासे को लेकर कुछ नहीं कर सके. फिर उनका ध्यान इस बात पर केन्द्रित हो गया कि कहीं आठ नवंबर के मतदान में मास्को मतदाता पंजीकरण सूची अथवा वोटिंग मशीनों को हैक कर गड़बड़ी ना कर दे.
इनपुट: भाषा
बहरहाल, वह हिलेरी क्लिंटन के ईमेल हैक होने के बाद विकीलीक्स द्वारा किए गए शर्मिन्दगी भरे खुलासे को लेकर कुछ नहीं कर सके. फिर उनका ध्यान इस बात पर केन्द्रित हो गया कि कहीं आठ नवंबर के मतदान में मास्को मतदाता पंजीकरण सूची अथवा वोटिंग मशीनों को हैक कर गड़बड़ी ना कर दे.
इनपुट: भाषा | यहाँ एक सारांश है:वाशिंगटन पोस्ट ने CIA की रिपोर्ट के हवाले से किया खुलासा
डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बनाना चाहते थे व्लादिमीर पुतिन
पुतिन ने ट्रंप के लिए व्यक्तिगत रूप से अभियान शुरू कराया था | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर फिर से हमला बोला है. उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा सत्ता का घोर दुरुपयोग करके विधायकों को तोड़ने का काम कर रही है, वह देश के लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है. मायावती (Mayawati) ने ट्विटर पर कहा, "भाजपा एक बार फिर कर्नाटक व गोवा में जिस प्रकार से अपने धनबल व सत्ता का घोर दुरुपयोग करके विधायकों को तोड़ने का काम कर रही है वह देश के लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है. वैसे अब समय आ गया है जब देश में दल-बदल करने वालों की सदस्यता समाप्त करने वाला सख्त कानून बने."
बीजेपी एक बार फिर कर्नाटक व गोवा आदि में जिस प्रकार से अपने धनबल व सत्ता का घोर दुरुपयोग करके विधायकों को तोड़ने आदि का काम कर रही है वह देश के लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है। वैसे अब समय आ गया है जब दलबदल करने वालों की सदस्यता समाप्त हो जाने वाला सख्त कानून देश में बने।
उन्होंने आगे लिखा, "भाजपा ईवीएम में गड़बड़ी व धनबल आदि से केंद्र की सत्ता में दोबारा आ गई लेकिन सन 2018 व 2019 में देश में अब तक हुए सभी विधानसभा चुनावों में अपनी हार की खीज अब वह किसी भी प्रकार से गैर-भाजपाई सरकारों को गिराने के अभियान में लग गई है बसपा जिसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है."
बीजेपी ईवीएम में गड़बड़ी व धनबल आदि से केन्द्र की सत्ता में दोबारा आ गई लेकिन सन् 2018 व 2019 में देश में अबतक हुए सभी विधानसभा आमचुनाव में अपनी हार की खीज अब वह किसी भी प्रकार से गैर-बीजेपी सरकारों को गिराने के अभियान में लग गई है जिसकी बीएसपी कड़े शब्दों में निन्दा करती है।
इससे पहले बसपा की मुखिया मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'साइज ऑफ द केक मैटर्स' वाली टिप्पणी पर तंज करते हुए रविवार को कहा था कि जब देश की एक विशाल आबादी बेरोजगारी और दूसरे संकटों से जूझ रही है तो ऐसे में केक की बात करना प्रधानमंत्री की 'निरंकुशता' को जाहिर करता है. मायावती ने ट्वीट कर कहा था कि जब देश की अधिसंख्य आबादी जबरदस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, बीमारी और अशिक्षा की समस्या से घिरकर रोजी-रोटी के लिए तरस रही है तो ऐसे में प्रधानमंत्री उनके लिए केक की बात कर रहे हैं. यह उनकी 'निरंकुशता' को जाहिर करता है. | यहाँ एक सारांश है:मायावती ने बीजेपी पर फिर साधा निशाना
कहा-सत्ता का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को कलंकित कर रही BJP
मायावती ने ट्वीट कर बोला हमला | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आज बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे. इस बैठक में सरकार की ग़रीब विरोधी बनती छवि को दूर करने पर चर्चा होगी.टिप्पणियां
साथ ही संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की कोशिशों पर भी ज़ोर रहेगा. बैठक में सभी मुख्यमंत्री अपनी सरकार के कार्यक्रमों के बारे में बताएंगे. यह बैठक राज्यों में पार्टी की कोर कमेटी नेताओं की हुई एक दिवसीय कार्यशाला के बाद होने जा रही है.
कार्यशाला में पीएम मोदी ने समाज के सभी तबकों, खास तौर से गरीबों तक पहुंचाने की वकालत की थी. वहीं अमित शाह ने संगठन और समन्वय का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया था. पीएम ने कहा था कि जब पार्टी सत्ता में है तो लक्ष्य सरकार के काम से जन साधारण का भरोसा जीतना होना चाहिए. उन्होंने पार्टी नेताओं को ऐसे तत्वों से सचेत रहने की सलाह दी जो विकास के एजेंडे से ध्यान भटकाने की कोशिश में जुटे हैं.
साथ ही संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की कोशिशों पर भी ज़ोर रहेगा. बैठक में सभी मुख्यमंत्री अपनी सरकार के कार्यक्रमों के बारे में बताएंगे. यह बैठक राज्यों में पार्टी की कोर कमेटी नेताओं की हुई एक दिवसीय कार्यशाला के बाद होने जा रही है.
कार्यशाला में पीएम मोदी ने समाज के सभी तबकों, खास तौर से गरीबों तक पहुंचाने की वकालत की थी. वहीं अमित शाह ने संगठन और समन्वय का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया था. पीएम ने कहा था कि जब पार्टी सत्ता में है तो लक्ष्य सरकार के काम से जन साधारण का भरोसा जीतना होना चाहिए. उन्होंने पार्टी नेताओं को ऐसे तत्वों से सचेत रहने की सलाह दी जो विकास के एजेंडे से ध्यान भटकाने की कोशिश में जुटे हैं.
कार्यशाला में पीएम मोदी ने समाज के सभी तबकों, खास तौर से गरीबों तक पहुंचाने की वकालत की थी. वहीं अमित शाह ने संगठन और समन्वय का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया था. पीएम ने कहा था कि जब पार्टी सत्ता में है तो लक्ष्य सरकार के काम से जन साधारण का भरोसा जीतना होना चाहिए. उन्होंने पार्टी नेताओं को ऐसे तत्वों से सचेत रहने की सलाह दी जो विकास के एजेंडे से ध्यान भटकाने की कोशिश में जुटे हैं. | संक्षिप्त सारांश: पीएम आज करेंगे बीजेपी शासित राज्यों के सीएम आदि से बैठक
ग़रीब विरोधी बनती छवि को दूर करने पर चर्चा होगी
संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की कोशिश पर बात होगी | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स गुरुवार को 74 अंक की गिरावट के साथ 16,884 अंक पर आ गया। हालांकि बाजार की शुरुआत काफी अच्छी रही और यह एक समय तीन सप्ताह में पहली बार 17,000 अंक के स्तर को पार कर गया, पर बाद में यूरोपीय बाजारों के कमजोर रुख तथा निवेशकों की मुनाफावसूली से सेंसेक्स फिसल गया। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 74.47 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट के बाद 16,883.92 अंक पर आ गया। एक समय यह 17,084.07 अंक के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। 21 सितंबर के बाद यह सेंसेक्स का शीर्ष स्तर है। कल सेंसेक्स 422 अंक चढ़ा था। इसी के अनुरूप नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 21.55 अंक या 0.42 फीसद घटकर 5,077.85 अंक रह गया। कारोबार के दौरान इसने 5,136.95 अंक के स्तर को भी छुआ। वाहन, पूंजीगत सामान, फार्मा, रिफाइनरी और धातु कंपनियों के शेयरों पर मुनाफावसूली का दबाव था, जबकि बैंकिंग, आईटी और रीयल्टी कंपनियों के शेयर मांग में थे। इस बीच, सरकार द्वारा आज जारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य मुद्रास्फीति एक अक्तूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 9.32 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बनी हुई है। ब्रोकरों ने कहा कि इससे यह चिंता पैदा हुई है कि भारतीय रिजर्व बैंक महंगाई पर अंकुश के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है ब्रोकरों ने कहा कि शुरुआत में बाजार में तेजी एशिया के मजबूत रुख से आई, पर यूरोपीय बाजार की कमजोरी से यहां भी धारणा प्रभावित हुई। बोनान्जा पोर्टफोलिया की वरिष्ठ शोध विश्लेषक शानू गोयल ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक आधारित मासिक मुद्रास्फीति के आंकड़े कल जारी होंगे जिससे बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। | यहाँ एक सारांश है:सेंसेक्स 74.47 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट के बाद 16,883.92 अंक पर आ गया। एक समय यह 17,084.07 अंक के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सरकार को चेतावनी देते हुये कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गयी तो 24 फरवरी के बाद वह प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर देंगे. राजभर ने रविवार को यहां कहा कि सुभासपा पिछले 22 महीने से सरकार में शामिल है. शिक्षा के सवाल पर, पिछड़ों में आरक्षण के बंटवारे के सवाल पर लगातार इस सरकार को जगाने का प्रयास कर रही है. उत्तर प्रदेश सरकार ने अति पिछड़ा सामाजिक न्याय कमेटी बनाई थी उस कमेटी ने अक्टूबर में रिपोर्ट दी थी कि आरक्षण को तीन श्रेणी-पिछड़ा,अति पिछड़ा,सर्वाधिक पिछड़ा में बांट दिया जाए.
अक्टूबर महीने में रिपोर्ट देने के बाद भी सरकार अब उसे लागू नहीं कर रही है. उन्होंने गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने का स्वागत किया ,लेकिन पिछड़े दलितों में भी गरीब हैं उन्हें भी अलग आरक्षण की मांग की. सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि यह उनकी नाराजगी नहीं है यह उनका अधिकार है और 24 फरवरी तक सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ेंगे. | यह एक सारांश है: ओम प्रकाश राजभर ने बीजेपी को फिर दी चेतावनी
24 फरवरी तक का दिया समय
ति पिछड़ा सामाजिक न्याय कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने की मांग | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नोएडा एक्सटेंशन जमीन अधिग्रहण विवाद में इलाहाबाद हाइकोर्ट ने किसानों, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और बिल्डरों को मौका दिया है कि वो 12 अगस्त तक जमीन की कीमतों पर नए सिरे से बातचीत कर लें। इसके बाद 17 अगस्त को हाइकोर्ट की बड़ी बेंच इस मामले पर आगे सुनवाई करेगी। क़रीब एक दर्जन गांवों के किसानों की याचिका पर आज की सुनवाई पूरी हो गई है। उधर, पटवारी गांव को लेकर इलाहाबाद हाइकोर्ट ने कहा कि बिल्डर, किसान और अथॉरिटी ज़मीन की कीमत को लेकर 12 अगस्त तक आपस में बातचीत कर लें।कोर्ट आज एक दर्जन के करीब गांवों की दो हज़ार हेक्टेयर ज़मीन से जुड़ी 200 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। नोएडा एक्सटेंशन के बिसरख, जलालपुर, हैबतपुर, इटेड़ा, रोज़ा याकूबपुर, देवला, घोड़ी बछेड़ा, घघोला और पतवाड़ी गांव के किसानों की याचिका पर सुनवाई हो रही थी। बिसरख गांव में 24 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं हैबतपुर में 4 रोजा याकूबपुर में 11 और इटेड़ा गांव की छह ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं और 10 आईटी कंपनियों के प्रोजेक्ट दांव पर है। आने वाले फैसले से आम्रपाली, सुपरटेक, निराला डेवलपर्स, पंचशील बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और अरिहंत बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड की परियोजनाओं पर असर पड़ सकता है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नोएडा भूमि अधिग्रहण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई है। अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेता विंदू दारासिंह, चेन्नई सुपरकिंग्स के टीम प्रिंसिपल गुरुनाथ मय्यप्पन और छह अन्य को आईपीएल सट्टेबाजी मामले में जमानत देते हुए स्थानीय अदालत ने कहा कि पुलिस के पास जालसाजी और धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं हैं। पुलिस ने मामले में जो आरोप लगाये थे उनमें केवल जालसाजी और धोखाखड़ी ही गैर ज़मानती थे।
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एमएन सलीम ने कल 11 पेज के जमानत के आदेश में कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष को पूछताछ और सामग्री जुटाने के लिये पर्याप्त मौके मिले लेकिन वह यह साबित करने की स्थिति में नहीं है कि किसने जाली दस्तावेजों के आधार पर धोखाखड़ी की। यह जालसाज़ी का आधार नहीं लगता है।’’
मय्यप्पन के मामले में अदालत ने कहा कि अभियोजन ने स्वीकार किया कि वह मैच फिक्सिंग या स्पॉट फिक्सिंग में शामिल नहीं था। ‘‘वह और किसी को नहीं बल्कि विंदू को जानता था जिसके ज़रिये जो कथित तौर पर सट्टा लगाता था। अभियोजन ने कहीं भी यह दावा नही किया है कि उसके किसी क्रिकेटर या अन्य खिलाड़ी से संपर्क था।’’
पाकिस्तानी अंपायर असद रउफ के सटोरियों के साथ कथित संपर्क के बारे में अदालत ने कहा कि उन्होंने अंपायर को टी शर्ट और जूते जैसे उपहार भेजे थे और कुछ भी मूल्यवान वस्तु नहीं भेजी थी। ‘‘लेकिन इस अंपायर की मदद से मैच फिक्सिंग को लेकर आगे की कड़ी पूरी तरह से नदारद है।’’ मुंबई पुलिस ने इस मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। | यह एक सारांश है: अभिनेता विंदू दारासिंह, चेन्नई सुपरकिंग्स के टीम प्रिंसिपल गुरुनाथ मय्यप्पन और छह अन्य को आईपीएल सट्टेबाजी मामले में जमानत देते हुए स्थानीय अदालत ने कहा कि पुलिस के पास जालसाजी और धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं हैं। | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के कमिश्नर राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि वह इस हाईप्रोफाइल लीग में कोई पद नहीं चाहते। शुक्ला ने कहा कि उन्होंने बेशक शुक्रवार को गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की लेकिन वह इस पद पर नहीं बने रहना चाहते।
शुक्ला ने आईपीएल में सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग को लेकर दो महीने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। शुक्ला ने कहा, "बीसीसीआई ने मुझसे आज बैठक की अध्यक्षता करने को कहा था और मैंने किया। यह कोई मुद्दा नहीं था लेकिन मैंने बोर्ड से कह दिया है कि मैं आईपीएल प्रमुख नहीं बने रहना चाहता।"टिप्पणियां
संसदीय कार्यमंत्री शुक्ला ने हालांकि काफी पहले इस्तीफा दे दिया था लेकिन बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने अब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।
शुक्ला ने कहा कि उन्होंने बोर्ड से कह दिया है कि वह सितम्बर में होने वाली बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक से पहले नए आईपीएल कमिश्नर की खोज कर ले।
शुक्ला ने आईपीएल में सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग को लेकर दो महीने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। शुक्ला ने कहा, "बीसीसीआई ने मुझसे आज बैठक की अध्यक्षता करने को कहा था और मैंने किया। यह कोई मुद्दा नहीं था लेकिन मैंने बोर्ड से कह दिया है कि मैं आईपीएल प्रमुख नहीं बने रहना चाहता।"टिप्पणियां
संसदीय कार्यमंत्री शुक्ला ने हालांकि काफी पहले इस्तीफा दे दिया था लेकिन बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने अब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।
शुक्ला ने कहा कि उन्होंने बोर्ड से कह दिया है कि वह सितम्बर में होने वाली बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक से पहले नए आईपीएल कमिश्नर की खोज कर ले।
संसदीय कार्यमंत्री शुक्ला ने हालांकि काफी पहले इस्तीफा दे दिया था लेकिन बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने अब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।
शुक्ला ने कहा कि उन्होंने बोर्ड से कह दिया है कि वह सितम्बर में होने वाली बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक से पहले नए आईपीएल कमिश्नर की खोज कर ले।
शुक्ला ने कहा कि उन्होंने बोर्ड से कह दिया है कि वह सितम्बर में होने वाली बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक से पहले नए आईपीएल कमिश्नर की खोज कर ले। | संक्षिप्त पाठ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के कमिश्नर राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि वह इस हाईप्रोफाइल लीग में कोई पद नहीं चाहते। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पुर्तगाल के सर्वोच्च न्यायालय ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम का प्रत्यर्पण रद्द करने के आदेश को चुनौती देने के भारत के अधिकार पर सवाल उठाते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी है।
वर्ष 1993 मुंबई हमलों के आरोपी अबू सलेम को 11 नवंबर 2005 को उसकी प्रेमिका मोनिका बेदी के साथ पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था। मुंबई हमले में 250 लोग मारे गए थे। पुर्तगाल में सलेम को 2002 में गिरफ्तार किया गया था।
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि वे इस स्थिति से निबटने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे लेकिन फिलहाल तो सलेम को वापस भेजे जाने की संभावनाएं बेहद कम हैं।टिप्पणियां
अपने हालिया आदेश में पुर्तगाल के ‘संवैधानिक न्यायालय’ ने कहा है कि भारत इस वर्ष के आरंभ में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्वत: संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत में नहीं जा सकता है।
पुर्तगाल के सुप्रीम कोर्ट ने सलेम के प्रत्यर्पण को रद्द करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। निचली अदालत ने भारतीय प्राधिकरण द्वारा प्रत्यर्पण के नियमों का उल्लंघन करने के आधार पर यह आदेश दिया था। उसके अनुसार भारत ने सलेम पर नए आरोप लगाए हैं जिससे उसे मौत की सजा हो सकती है।
वर्ष 1993 मुंबई हमलों के आरोपी अबू सलेम को 11 नवंबर 2005 को उसकी प्रेमिका मोनिका बेदी के साथ पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था। मुंबई हमले में 250 लोग मारे गए थे। पुर्तगाल में सलेम को 2002 में गिरफ्तार किया गया था।
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि वे इस स्थिति से निबटने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे लेकिन फिलहाल तो सलेम को वापस भेजे जाने की संभावनाएं बेहद कम हैं।टिप्पणियां
अपने हालिया आदेश में पुर्तगाल के ‘संवैधानिक न्यायालय’ ने कहा है कि भारत इस वर्ष के आरंभ में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्वत: संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत में नहीं जा सकता है।
पुर्तगाल के सुप्रीम कोर्ट ने सलेम के प्रत्यर्पण को रद्द करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। निचली अदालत ने भारतीय प्राधिकरण द्वारा प्रत्यर्पण के नियमों का उल्लंघन करने के आधार पर यह आदेश दिया था। उसके अनुसार भारत ने सलेम पर नए आरोप लगाए हैं जिससे उसे मौत की सजा हो सकती है।
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि वे इस स्थिति से निबटने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे लेकिन फिलहाल तो सलेम को वापस भेजे जाने की संभावनाएं बेहद कम हैं।टिप्पणियां
अपने हालिया आदेश में पुर्तगाल के ‘संवैधानिक न्यायालय’ ने कहा है कि भारत इस वर्ष के आरंभ में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्वत: संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत में नहीं जा सकता है।
पुर्तगाल के सुप्रीम कोर्ट ने सलेम के प्रत्यर्पण को रद्द करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। निचली अदालत ने भारतीय प्राधिकरण द्वारा प्रत्यर्पण के नियमों का उल्लंघन करने के आधार पर यह आदेश दिया था। उसके अनुसार भारत ने सलेम पर नए आरोप लगाए हैं जिससे उसे मौत की सजा हो सकती है।
अपने हालिया आदेश में पुर्तगाल के ‘संवैधानिक न्यायालय’ ने कहा है कि भारत इस वर्ष के आरंभ में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्वत: संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत में नहीं जा सकता है।
पुर्तगाल के सुप्रीम कोर्ट ने सलेम के प्रत्यर्पण को रद्द करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। निचली अदालत ने भारतीय प्राधिकरण द्वारा प्रत्यर्पण के नियमों का उल्लंघन करने के आधार पर यह आदेश दिया था। उसके अनुसार भारत ने सलेम पर नए आरोप लगाए हैं जिससे उसे मौत की सजा हो सकती है।
पुर्तगाल के सुप्रीम कोर्ट ने सलेम के प्रत्यर्पण को रद्द करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। निचली अदालत ने भारतीय प्राधिकरण द्वारा प्रत्यर्पण के नियमों का उल्लंघन करने के आधार पर यह आदेश दिया था। उसके अनुसार भारत ने सलेम पर नए आरोप लगाए हैं जिससे उसे मौत की सजा हो सकती है। | संक्षिप्त पाठ: पुर्तगाल के सर्वोच्च न्यायालय ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम का प्रत्यर्पण रद्द करने के आदेश को चुनौती देने के भारत के अधिकार पर सवाल उठाते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली मेट्रो अपने तीसरे चरण की योजना को अंतिम रूप देने में लगी हुई है और इसमें पहले तय किए गए स्थानों के अलावा कुछ और रिहायशी, कारोबारी और शैक्षणिक स्थानों को भी जोड़कर इसका थोड़ा और विस्तार किया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तीसरे चरण में मेट्रो लाइन में 30 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा। इसमें नए जोड़े जा रहे स्टेशनों में सबसे बड़ा विस्तार जामिया मिल्लिया इस्लामिया का होगा, नेहरू प्लेस से जामिया मिल्लिया इस्लामिया के इस विस्तार में बाहरी मुद्रिका और कालकाजी भी आ जाएंगे। इसके अलावा इसमें कालिंदी कुंज से नोएडा के बॉटनिकल गार्डन तक भी लाइन का विस्तार किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक ई. श्रीधरन ने कहा कि तीसरे चरण के विस्तार पर 27,500 करोड़ रुपये खर्च होने की सम्भावना है। और यह मार्च 2016 तक पूरी हो सकती है। इस विस्तार के साथ ही दिल्ली मेट्रो राजधानी की 70 फीसदी आबादी तक पहुंच जाएगी और आसपास के क्षेत्र फरीदाबाद तथा नोएडा, आदि को भी जोड़ लेगी। श्रीधरन ने कहा कि पूर्व में तीसरे चरण में 70 किलोमीटर रेल लाइन की योजना प्रस्तावित थी, जिसे दिल्ली सरकार के आग्रह पर बढ़ाकर 104 किलोमीटर का किया गया है। तीसरे चरण पर अप्रैल में काम शुरू होगा। श्रीधरन ने बताया कि अभी दिल्ली मेट्रो से 15 लाख यात्री सवारी कर रहे हैं जिससे मेट्रो को रोजाना 2.75 करोड़ रुपये का राजस्व आ रहा है। तीसरे चरण का काम पूरा हो जाने के बाद मेट्रो से 30 लाख लोग यात्रा करने लगेंगे, जिससे मेट्रो को रोजाना पांच करोड़ रुपये का राजस्व हासिल होने लगेगा। उन्होंने कहा कि तीसरे चरण का काम पूरा होने के बाद चौथे चरण पर काम शुरू किया जाएगा। | यह एक सारांश है: दिल्ली मेट्रो रेल निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तीसरे चरण में मेट्रो लाइन में 30 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश के लिए और अधिक समय तक इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक बहुत हल्की वर्षा का पूर्वानुमान जताया है. बुधवार की सुबह दिल्ली में 28.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया और नमी का स्तर 80 प्रतिशत रहा था. उधर, भारी बारिश के बाद असम में ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियां उफान पर है. राज्य आपदा प्रबधंन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बताया कि धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ, दरांग, बारपेटा, नलबाड़ी, चिरांग, गोलाघाट, माजुली, जोरहाट और डिब्रूगढ़ जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इलाके में 2,07,100 लोग बाढ़ का सामना कर रहे हैं. गोलाघाट, धेमाजी और कामरूप जिले में वर्षा और बाढ़ जनित घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गयी. चार जिले में प्रशासन 13 राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहा है और इन शिविरों में 249 लोगों ने शरण ली है. पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और झारखंड के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हुई . उत्तरप्रदेश में भी बारिश हुई। प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई. पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्से में बारिश होने से तापमान में कमी दर्ज की गयी. चंडीगढ़ में 9.6 मिलीमीटर बारिश हुई. हालांकि, जम्मू कश्मीर के अधिकतर हिस्से में तापमान में बढोतरी दर्ज की गयी. श्रीनगर में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा. हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्से में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से लेकर मध्यम स्तर की बारिश हुई. बृहस्पतिवार से अगले चार दिनों तक राज्य में भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है. दक्षिण गुजरात के ऊपर चक्रवाती प्रवाह और पछवा हवाओं से आ रही नमी के कारण मुंबई क्षेत्र में बारिश की रफ्तार बढ़ गयी है. | यह एक सारांश है: दिल्ली एनसीआर में बारिश का इंतजार बढ़ा
अगले दो तीन दिनों में बारिश का अनुमान
असम में बाढ़ की स्थिति बिगड़ी, 3 लोगों की मौत | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिवेसना के कार्यकर्ताओं पर कपल्स को परेशान करने का आरोप लगा है. केरल के कोच्ची स्थित मरीन ड्राइव पर कपल्स बैठे थे, तभी शिवसेना के कुछ कार्यकर्ता आए और उन्हें खदेड़ दिया. बताया जा रहा है कि शिवसेना के कार्यकर्ता जब ये सब कर रहे थे तब वहां पुलिस और कुछ मीडियाकर्मी भी मौजूद थे. मामले के तूल पकड़ने पर इलाके सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही आठ कांस्टेबलों का तबादला भी कर दिया गया है.इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक शिवसेना के कार्यकर्ता बुधवार को जुलूस निकाला रहे थे. उनके बैनर पर लिखा था, 'stop love under umbrella (छाते की आड़ में प्यार बंद करो)'.
बताया जा रहा है कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पहले मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को बोलकर प्रताड़ित किया, फिर उन्हें वहां से भगा दिया. आरोप है कि उन्होंने कपल्स को धमकी दी कि वे यहां दोबारा नहीं आएं. मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद वहां के हालात को नियंत्रित किया जा सका.
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शिवसेना के छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है. इन कार्यकर्ताओं पर सार्वजनिक जगहों पर उत्पात करने और बिना इजाजत जुलूस निकालने का आरोप लगाया गया है. हालांकि पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी ने शिकायत नहीं की है. आरोप है कि कुछ दिन पहले भी शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने युवक-युवतियों को मरीन ड्राइव पर नहीं बैठने की चेतावनी दी थी. टिप्पणियां
मालूम हो कि वैलेंटाइन डे पर कोल्लम के अजहीक्कल बीच पर कुछ कपल्स को परेशान किया गया था. इसके बाद उनमें से एक जोड़े ने खुदकुशी कर ली थी.
हालिया घटना की सत्ताधारी माकपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने निंदा की है। मलयालम न्यूज चैनलों पर प्रसारित वीडियो में दिखाया गया है कि मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को शिवसेना के कार्यकर्ता लाठियों से पीट रहे हैं. कोच्चि की मेयर सौमिनी जैन ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर मुकदमा करने की मांग की है.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक शिवसेना के कार्यकर्ता बुधवार को जुलूस निकाला रहे थे. उनके बैनर पर लिखा था, 'stop love under umbrella (छाते की आड़ में प्यार बंद करो)'.
बताया जा रहा है कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पहले मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को बोलकर प्रताड़ित किया, फिर उन्हें वहां से भगा दिया. आरोप है कि उन्होंने कपल्स को धमकी दी कि वे यहां दोबारा नहीं आएं. मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद वहां के हालात को नियंत्रित किया जा सका.
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शिवसेना के छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है. इन कार्यकर्ताओं पर सार्वजनिक जगहों पर उत्पात करने और बिना इजाजत जुलूस निकालने का आरोप लगाया गया है. हालांकि पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी ने शिकायत नहीं की है. आरोप है कि कुछ दिन पहले भी शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने युवक-युवतियों को मरीन ड्राइव पर नहीं बैठने की चेतावनी दी थी. टिप्पणियां
मालूम हो कि वैलेंटाइन डे पर कोल्लम के अजहीक्कल बीच पर कुछ कपल्स को परेशान किया गया था. इसके बाद उनमें से एक जोड़े ने खुदकुशी कर ली थी.
हालिया घटना की सत्ताधारी माकपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने निंदा की है। मलयालम न्यूज चैनलों पर प्रसारित वीडियो में दिखाया गया है कि मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को शिवसेना के कार्यकर्ता लाठियों से पीट रहे हैं. कोच्चि की मेयर सौमिनी जैन ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर मुकदमा करने की मांग की है.
बताया जा रहा है कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पहले मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को बोलकर प्रताड़ित किया, फिर उन्हें वहां से भगा दिया. आरोप है कि उन्होंने कपल्स को धमकी दी कि वे यहां दोबारा नहीं आएं. मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद वहां के हालात को नियंत्रित किया जा सका.
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शिवसेना के छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है. इन कार्यकर्ताओं पर सार्वजनिक जगहों पर उत्पात करने और बिना इजाजत जुलूस निकालने का आरोप लगाया गया है. हालांकि पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी ने शिकायत नहीं की है. आरोप है कि कुछ दिन पहले भी शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने युवक-युवतियों को मरीन ड्राइव पर नहीं बैठने की चेतावनी दी थी. टिप्पणियां
मालूम हो कि वैलेंटाइन डे पर कोल्लम के अजहीक्कल बीच पर कुछ कपल्स को परेशान किया गया था. इसके बाद उनमें से एक जोड़े ने खुदकुशी कर ली थी.
हालिया घटना की सत्ताधारी माकपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने निंदा की है। मलयालम न्यूज चैनलों पर प्रसारित वीडियो में दिखाया गया है कि मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को शिवसेना के कार्यकर्ता लाठियों से पीट रहे हैं. कोच्चि की मेयर सौमिनी जैन ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर मुकदमा करने की मांग की है.
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शिवसेना के छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है. इन कार्यकर्ताओं पर सार्वजनिक जगहों पर उत्पात करने और बिना इजाजत जुलूस निकालने का आरोप लगाया गया है. हालांकि पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी ने शिकायत नहीं की है. आरोप है कि कुछ दिन पहले भी शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने युवक-युवतियों को मरीन ड्राइव पर नहीं बैठने की चेतावनी दी थी. टिप्पणियां
मालूम हो कि वैलेंटाइन डे पर कोल्लम के अजहीक्कल बीच पर कुछ कपल्स को परेशान किया गया था. इसके बाद उनमें से एक जोड़े ने खुदकुशी कर ली थी.
हालिया घटना की सत्ताधारी माकपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने निंदा की है। मलयालम न्यूज चैनलों पर प्रसारित वीडियो में दिखाया गया है कि मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को शिवसेना के कार्यकर्ता लाठियों से पीट रहे हैं. कोच्चि की मेयर सौमिनी जैन ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर मुकदमा करने की मांग की है.
मालूम हो कि वैलेंटाइन डे पर कोल्लम के अजहीक्कल बीच पर कुछ कपल्स को परेशान किया गया था. इसके बाद उनमें से एक जोड़े ने खुदकुशी कर ली थी.
हालिया घटना की सत्ताधारी माकपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने निंदा की है। मलयालम न्यूज चैनलों पर प्रसारित वीडियो में दिखाया गया है कि मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को शिवसेना के कार्यकर्ता लाठियों से पीट रहे हैं. कोच्चि की मेयर सौमिनी जैन ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर मुकदमा करने की मांग की है.
हालिया घटना की सत्ताधारी माकपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने निंदा की है। मलयालम न्यूज चैनलों पर प्रसारित वीडियो में दिखाया गया है कि मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को शिवसेना के कार्यकर्ता लाठियों से पीट रहे हैं. कोच्चि की मेयर सौमिनी जैन ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर मुकदमा करने की मांग की है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मामले में एक सब इंस्पेक्टर और आठ कांस्टेबल निलंबित.
शिवसेना के छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए गए.
शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने कपल्स के साथ अभद्रता भी की. | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दार्जिलिंग में फिर हिंसा छिड़ने के बाद राज्य सरकार ने सेना को वापस बुला लिया. गोरखालैंड समर्थकों ने एक पुलिस चौकी, एक टॉय ट्रेन स्टेशन में आग लगा दी और दो जगहों पर पुलिस के साथ झड़प हुई. पश्चिम बंगाल से अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन का प्रसार करने वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने दावा किया कि पुलिस गोलीबारी में दो युवकों की मौत हो गयी और वार्ता के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पेशकश को ठुकरा दिया.
हालांकि पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की उन्हें खबर नहीं है. जीजेएम ने आज रात एक बयान में कहा बनर्जी और राज्य सरकार के साथ बातचीत का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो चुका है. सोनादा में हिंसा की ताजा घटना होने के बाद आज दार्जीलिंग हिल्स में फिर से सेना तैनात की गई. बीती रात कथित पुलिस गोलीबारी में एक युवक के मारे जाने के बाद वहां गोरखालैंड समर्थकों ने एक पुलिस चौकी और एक ट्वॉय ट्रेन स्टेशन फूंक दिया.
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) कार्यकर्ताओं और गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) की भी दार्जीलिंग के सोनादा और चौकबाजार में झड़प हुई. वहीं, इस पर्वतीय क्षेत्र में अनिश्चिचतकालीन बंद 24 वें दिन भी जारी रहा.
रक्षा सूत्रों ने बताया कि हिंसा की ताजा घटना के मद्देनजर सोनादा और दार्जीलिंग में करीब सौ- सौ कर्मियों की सेना की दो टुकड़ियां तैनात की गई है. जीएनएलएफ प्रवक्ता नीरज जिम्बा ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने बीती रात युवक ताशी भुटिया की गोली मार कर हत्या कर दी, जब वह सोनादा में दवा खरीदने गया था.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, फिलहाल हमारे पास गोलीबारी की कोई खबर नहीं है. हम घटना का पता लगा रहे हैं. हम बाद में आपको ब्योरा देंगे. गोलीबारी के बारे में पूछे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक जावेद शमीम ने कहा, जांच के बाद इस बारे में पता चल पाएगा. जीजेएम और पर्वतीय क्षेत्र की अन्य पाटर्यिों ने पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज करा कर पुलिस पर युवक की हत्या करने का आरोप लगाया है.
जीजेएम नेता बिनय तमांग ने बताया, पुलिस ने बगैर किसी कारण के युवक की हत्या कर दी. उसके शरीर पर गोलियों के निशान हैं. हमने इसमें संलिप्त पुलिसकर्मियों को दंडित करने की मांग की है. युवक की मौत की खबर फैलते ही गोरखालैंड के सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस ज्यादती के खिलाफ नारेबाजी की.टिप्पणियां
उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई और सोनादा में एक पुलिस चौकी और दार्जिलिंग- हिमालयन रेलवे के एक ट्वाय ट्रेन स्टेशन को आग के हवाले कर दिया. यह स्टेशन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. जीजेएम ने कहा कि वह चौकबाजार इलाका और दार्जीलिंग में शव के साथ रैली निकालेगा.
केंद्र ने कल कहा कि यह आंदोलन खत्म करने के लिए जीजेएम और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने को इच्छुक है. अनिश्चितकालीन बंद से रसद आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन बांटा है. दवा दुकानों को छोड़कर सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहें. इंटरनेट सेवाएं 21 वें दिन भी बंद रही. पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़कों पर गश्त किया और प्रवेश एवं निकास द्वारों पर निगरानी रखे हुए है.
हालांकि पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की उन्हें खबर नहीं है. जीजेएम ने आज रात एक बयान में कहा बनर्जी और राज्य सरकार के साथ बातचीत का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो चुका है. सोनादा में हिंसा की ताजा घटना होने के बाद आज दार्जीलिंग हिल्स में फिर से सेना तैनात की गई. बीती रात कथित पुलिस गोलीबारी में एक युवक के मारे जाने के बाद वहां गोरखालैंड समर्थकों ने एक पुलिस चौकी और एक ट्वॉय ट्रेन स्टेशन फूंक दिया.
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) कार्यकर्ताओं और गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) की भी दार्जीलिंग के सोनादा और चौकबाजार में झड़प हुई. वहीं, इस पर्वतीय क्षेत्र में अनिश्चिचतकालीन बंद 24 वें दिन भी जारी रहा.
रक्षा सूत्रों ने बताया कि हिंसा की ताजा घटना के मद्देनजर सोनादा और दार्जीलिंग में करीब सौ- सौ कर्मियों की सेना की दो टुकड़ियां तैनात की गई है. जीएनएलएफ प्रवक्ता नीरज जिम्बा ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने बीती रात युवक ताशी भुटिया की गोली मार कर हत्या कर दी, जब वह सोनादा में दवा खरीदने गया था.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, फिलहाल हमारे पास गोलीबारी की कोई खबर नहीं है. हम घटना का पता लगा रहे हैं. हम बाद में आपको ब्योरा देंगे. गोलीबारी के बारे में पूछे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक जावेद शमीम ने कहा, जांच के बाद इस बारे में पता चल पाएगा. जीजेएम और पर्वतीय क्षेत्र की अन्य पाटर्यिों ने पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज करा कर पुलिस पर युवक की हत्या करने का आरोप लगाया है.
जीजेएम नेता बिनय तमांग ने बताया, पुलिस ने बगैर किसी कारण के युवक की हत्या कर दी. उसके शरीर पर गोलियों के निशान हैं. हमने इसमें संलिप्त पुलिसकर्मियों को दंडित करने की मांग की है. युवक की मौत की खबर फैलते ही गोरखालैंड के सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस ज्यादती के खिलाफ नारेबाजी की.टिप्पणियां
उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई और सोनादा में एक पुलिस चौकी और दार्जिलिंग- हिमालयन रेलवे के एक ट्वाय ट्रेन स्टेशन को आग के हवाले कर दिया. यह स्टेशन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. जीजेएम ने कहा कि वह चौकबाजार इलाका और दार्जीलिंग में शव के साथ रैली निकालेगा.
केंद्र ने कल कहा कि यह आंदोलन खत्म करने के लिए जीजेएम और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने को इच्छुक है. अनिश्चितकालीन बंद से रसद आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन बांटा है. दवा दुकानों को छोड़कर सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहें. इंटरनेट सेवाएं 21 वें दिन भी बंद रही. पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़कों पर गश्त किया और प्रवेश एवं निकास द्वारों पर निगरानी रखे हुए है.
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) कार्यकर्ताओं और गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) की भी दार्जीलिंग के सोनादा और चौकबाजार में झड़प हुई. वहीं, इस पर्वतीय क्षेत्र में अनिश्चिचतकालीन बंद 24 वें दिन भी जारी रहा.
रक्षा सूत्रों ने बताया कि हिंसा की ताजा घटना के मद्देनजर सोनादा और दार्जीलिंग में करीब सौ- सौ कर्मियों की सेना की दो टुकड़ियां तैनात की गई है. जीएनएलएफ प्रवक्ता नीरज जिम्बा ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने बीती रात युवक ताशी भुटिया की गोली मार कर हत्या कर दी, जब वह सोनादा में दवा खरीदने गया था.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, फिलहाल हमारे पास गोलीबारी की कोई खबर नहीं है. हम घटना का पता लगा रहे हैं. हम बाद में आपको ब्योरा देंगे. गोलीबारी के बारे में पूछे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक जावेद शमीम ने कहा, जांच के बाद इस बारे में पता चल पाएगा. जीजेएम और पर्वतीय क्षेत्र की अन्य पाटर्यिों ने पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज करा कर पुलिस पर युवक की हत्या करने का आरोप लगाया है.
जीजेएम नेता बिनय तमांग ने बताया, पुलिस ने बगैर किसी कारण के युवक की हत्या कर दी. उसके शरीर पर गोलियों के निशान हैं. हमने इसमें संलिप्त पुलिसकर्मियों को दंडित करने की मांग की है. युवक की मौत की खबर फैलते ही गोरखालैंड के सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस ज्यादती के खिलाफ नारेबाजी की.टिप्पणियां
उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई और सोनादा में एक पुलिस चौकी और दार्जिलिंग- हिमालयन रेलवे के एक ट्वाय ट्रेन स्टेशन को आग के हवाले कर दिया. यह स्टेशन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. जीजेएम ने कहा कि वह चौकबाजार इलाका और दार्जीलिंग में शव के साथ रैली निकालेगा.
केंद्र ने कल कहा कि यह आंदोलन खत्म करने के लिए जीजेएम और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने को इच्छुक है. अनिश्चितकालीन बंद से रसद आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन बांटा है. दवा दुकानों को छोड़कर सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहें. इंटरनेट सेवाएं 21 वें दिन भी बंद रही. पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़कों पर गश्त किया और प्रवेश एवं निकास द्वारों पर निगरानी रखे हुए है.
रक्षा सूत्रों ने बताया कि हिंसा की ताजा घटना के मद्देनजर सोनादा और दार्जीलिंग में करीब सौ- सौ कर्मियों की सेना की दो टुकड़ियां तैनात की गई है. जीएनएलएफ प्रवक्ता नीरज जिम्बा ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने बीती रात युवक ताशी भुटिया की गोली मार कर हत्या कर दी, जब वह सोनादा में दवा खरीदने गया था.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, फिलहाल हमारे पास गोलीबारी की कोई खबर नहीं है. हम घटना का पता लगा रहे हैं. हम बाद में आपको ब्योरा देंगे. गोलीबारी के बारे में पूछे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक जावेद शमीम ने कहा, जांच के बाद इस बारे में पता चल पाएगा. जीजेएम और पर्वतीय क्षेत्र की अन्य पाटर्यिों ने पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज करा कर पुलिस पर युवक की हत्या करने का आरोप लगाया है.
जीजेएम नेता बिनय तमांग ने बताया, पुलिस ने बगैर किसी कारण के युवक की हत्या कर दी. उसके शरीर पर गोलियों के निशान हैं. हमने इसमें संलिप्त पुलिसकर्मियों को दंडित करने की मांग की है. युवक की मौत की खबर फैलते ही गोरखालैंड के सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस ज्यादती के खिलाफ नारेबाजी की.टिप्पणियां
उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई और सोनादा में एक पुलिस चौकी और दार्जिलिंग- हिमालयन रेलवे के एक ट्वाय ट्रेन स्टेशन को आग के हवाले कर दिया. यह स्टेशन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. जीजेएम ने कहा कि वह चौकबाजार इलाका और दार्जीलिंग में शव के साथ रैली निकालेगा.
केंद्र ने कल कहा कि यह आंदोलन खत्म करने के लिए जीजेएम और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने को इच्छुक है. अनिश्चितकालीन बंद से रसद आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन बांटा है. दवा दुकानों को छोड़कर सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहें. इंटरनेट सेवाएं 21 वें दिन भी बंद रही. पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़कों पर गश्त किया और प्रवेश एवं निकास द्वारों पर निगरानी रखे हुए है.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, फिलहाल हमारे पास गोलीबारी की कोई खबर नहीं है. हम घटना का पता लगा रहे हैं. हम बाद में आपको ब्योरा देंगे. गोलीबारी के बारे में पूछे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक जावेद शमीम ने कहा, जांच के बाद इस बारे में पता चल पाएगा. जीजेएम और पर्वतीय क्षेत्र की अन्य पाटर्यिों ने पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज करा कर पुलिस पर युवक की हत्या करने का आरोप लगाया है.
जीजेएम नेता बिनय तमांग ने बताया, पुलिस ने बगैर किसी कारण के युवक की हत्या कर दी. उसके शरीर पर गोलियों के निशान हैं. हमने इसमें संलिप्त पुलिसकर्मियों को दंडित करने की मांग की है. युवक की मौत की खबर फैलते ही गोरखालैंड के सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस ज्यादती के खिलाफ नारेबाजी की.टिप्पणियां
उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई और सोनादा में एक पुलिस चौकी और दार्जिलिंग- हिमालयन रेलवे के एक ट्वाय ट्रेन स्टेशन को आग के हवाले कर दिया. यह स्टेशन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. जीजेएम ने कहा कि वह चौकबाजार इलाका और दार्जीलिंग में शव के साथ रैली निकालेगा.
केंद्र ने कल कहा कि यह आंदोलन खत्म करने के लिए जीजेएम और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने को इच्छुक है. अनिश्चितकालीन बंद से रसद आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन बांटा है. दवा दुकानों को छोड़कर सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहें. इंटरनेट सेवाएं 21 वें दिन भी बंद रही. पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़कों पर गश्त किया और प्रवेश एवं निकास द्वारों पर निगरानी रखे हुए है.
जीजेएम नेता बिनय तमांग ने बताया, पुलिस ने बगैर किसी कारण के युवक की हत्या कर दी. उसके शरीर पर गोलियों के निशान हैं. हमने इसमें संलिप्त पुलिसकर्मियों को दंडित करने की मांग की है. युवक की मौत की खबर फैलते ही गोरखालैंड के सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस ज्यादती के खिलाफ नारेबाजी की.टिप्पणियां
उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई और सोनादा में एक पुलिस चौकी और दार्जिलिंग- हिमालयन रेलवे के एक ट्वाय ट्रेन स्टेशन को आग के हवाले कर दिया. यह स्टेशन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. जीजेएम ने कहा कि वह चौकबाजार इलाका और दार्जीलिंग में शव के साथ रैली निकालेगा.
केंद्र ने कल कहा कि यह आंदोलन खत्म करने के लिए जीजेएम और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने को इच्छुक है. अनिश्चितकालीन बंद से रसद आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन बांटा है. दवा दुकानों को छोड़कर सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहें. इंटरनेट सेवाएं 21 वें दिन भी बंद रही. पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़कों पर गश्त किया और प्रवेश एवं निकास द्वारों पर निगरानी रखे हुए है.
उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई और सोनादा में एक पुलिस चौकी और दार्जिलिंग- हिमालयन रेलवे के एक ट्वाय ट्रेन स्टेशन को आग के हवाले कर दिया. यह स्टेशन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. जीजेएम ने कहा कि वह चौकबाजार इलाका और दार्जीलिंग में शव के साथ रैली निकालेगा.
केंद्र ने कल कहा कि यह आंदोलन खत्म करने के लिए जीजेएम और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने को इच्छुक है. अनिश्चितकालीन बंद से रसद आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन बांटा है. दवा दुकानों को छोड़कर सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहें. इंटरनेट सेवाएं 21 वें दिन भी बंद रही. पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़कों पर गश्त किया और प्रवेश एवं निकास द्वारों पर निगरानी रखे हुए है.
केंद्र ने कल कहा कि यह आंदोलन खत्म करने के लिए जीजेएम और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने को इच्छुक है. अनिश्चितकालीन बंद से रसद आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन बांटा है. दवा दुकानों को छोड़कर सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहें. इंटरनेट सेवाएं 21 वें दिन भी बंद रही. पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़कों पर गश्त किया और प्रवेश एवं निकास द्वारों पर निगरानी रखे हुए है. | गोरखालैंड समर्थकों ने एक पुलिस चौकी, एक टॉय ट्रेन स्टेशन में आग लगा दी
दो जगहों पर पुलिस के साथ झड़प हुई
जीजेएम ने दावा किया कि पुलिस गोलीबारी में दो युवकों की मौत हो गई | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीबीआई ने राष्ट्रमंडल खेलों में खिलाड़ियों की पोशाकों की खरीद-फरोख्त और वितरण के लिए आधिकारिक मास्टर लाइसेंसधारी की नियुक्ति में अनावश्यक पक्ष लेने के मामले में आयोजन समिति के छह अधिकारियों और दो प्रतिष्ठानों पर नए सिरे से मामला दर्ज किया है। सूत्रों ने कहा कि मामला दर्ज होने के तत्काल बाद सीबीआई अधिकारियों ने दिल्ली, मुंबई, गुड़गांव, चंडीगढ़ और पंचकुला में 10 जगहों पर तलाशी ली। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एजेंसी ने आयोजन समिति के छह सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें तत्कालीन महानिदेशक वीके वर्मा, संयुक्त महानिदेशक (वित्त) केयूके रेड्डी, उप महानिदेशक (कानून) राम मोहन, उप महानिदेशक (प्राप्ति) सुरजीत लाल, एम जयचंद्रन और तत्कालीन एडीजी (इमेज एंड लुक) संगीता वेंलिगकर के नाम हैं। सूत्रों ने कहा कि सीबीआई ने दो कंपनियों, कांपेक्ट डिस्क इंडिया लिमिटेड (सीडीआईएल) और इसके समूह की एक शाखा प्रीमियर ब्रांच प्राइवेट लिमिटेड (पीबीपीएल) के खिलाफ मामला दर्ज किया। सीबीआई का आरोप है कि इन अधिकारियों ने कंपनियों के अधिकारियों के साथ साजिश रची और अपने पदों का दुरुपयोग किया तथा पीबीपीएल को राष्ट्रमंडल 2010 के खिलाड़ियों की पोशाक, बच्चों के परिधानों के लिए ऑनलाइन तथा खुदरा वितरण और खरीद फरोख्त का आधिकारिक मास्टर लाइसेंस देने में कंपनी का अनावश्यक पक्ष लिया। एजेंसी ने अब तक राष्ट्रमंडल खेलों के मामले में नौ प्राथमिकी दर्ज की हैं और नया मामला दर्ज होने के साथ कुल मामले 10 हो गये हैं। | सारांश: मामला दर्ज होने के तत्काल बाद सीबीआई अधिकारियों ने दिल्ली, मुंबई, गुड़गांव, चंडीगढ़ और पंचकुला में 10 जगहों पर तलाशी ली। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता के बीच मजबूत संकेत के अभाव में संस्थागत और खुदरा निवेशकों की बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 73 अंक गिरावट के साथ खुला। यह लगातार तीसरा सत्र है जब सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई है। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 73.15 अंक या 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,068.52 अंक पर खुला। पिछले दो सत्रों में इसमें करीब 700 अंक की गिरावट दर्ज की गई है। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 23.35 अंक या 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,822.30 अंक पर खुला। आईटी, पूंजीगत सामान, धातु, बैंक तथा वाहन क्षेत्र में बिकवाली दबाव देखा गया, जिसके कारण सेंसेक्स नीचे आया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर जारी चिंता के बीच मजबूत संकेत के अभाव में संस्थागत और खुदरा निवेशकों ने बिकवाली की जिसका असर बाजार पर पड़ा। | यह एक सारांश है: खुदरा निवेशकों की बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 73 अंक गिरावट के साथ खुला। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान द्वारा APG को इस दिशा में प्रगति दिखाने की अंतिम तारीख अक्टूबर 2018 है और पाकिस्तानी अधिकारियों ने जोर देकर कहा था कि उन्होंने पिछले साल इस दिशा में काफी प्रगति की है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट में बने रहने की संभावनाएं प्रबल हैं. एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की खबर में कहा गया है कि रिपोर्ट के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर लगाम लगाने से संबंधित एफएटीएफ की 40 अनुशंसाओं में से पाकिस्तान ने पूरी तरह से सिर्फ एक का अनुपालन किया है. रिपोर्ट में कहा गया कि नौ पर उसने काफी हद तक काम किया जबकि 26 अनुशंसाओं पर आंशिक रूप से काम हुआ और चार सिफारिशों पर कोई काम नहीं किया गया.
रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान में धन शोधन और आतंक के वित्तपोषण का काफी जोखिम है और उसे इन जोखिमों को लेकर अपनी समझ में सुधार करना होगा. ये जोखिम देश में संचालित विभिन्न आतंकी संगठनों से भी है. एपीजी रिपोर्ट के मुताबिक, 'एपीजी रिपोर्ट के बाद इस बात की काफी संभावना है कि पेरिस में 13 से 18 अक्टूबर के बीच होने वाली एफएटीएफ की पूर्ण बैठक के दौरान पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही बरकरार रखा जाए.'
रिपोर्ट के अनुसार, 'इन विरोधी बातों के सामने आने के बाद एपीजी ने पहले ही पाकिस्तान को अपनी 'एक्स्पिडाइट इन्हैंस फॉलो-अप रिपोर्टिंग' लिस्ट में रखने का फैसला किया है.” रिपोर्ट पाकिस्तान के इस आकलन से भी संतुष्ट नहीं है कि वहां धन शोधन और आतंक के वित्तपोषण का 'मध्यम' जोखिम है. | संक्षिप्त सारांश: FATF के मुताबिक पाकिस्तान 40 में से 36 शर्ते ही पूरी कर रहा
जून 2018 में FATF ने पाक को आतंकी टेरर फंडिंग रोकने की हिदायत दी थी
पाकिस्तान को पहले ही 'ग्रे लिस्ट' में रखा गया है | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पतंजलि समूह के बड़े पैमाने पर वस्त्र निर्माण क्षेत्र में उतरने की घोषणा करते हुए इसके प्रवर्तक योग गुरु रामदेव ने भरोसा जताया है कि अगले वित्तीय वर्ष में इस समूह के कारोबार में 200 प्रतिशत की भारी वृद्धि होगी.
रामदेव ने यहां मध्य प्रदेश सरकार के वैश्विक निवेशक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा, 'पतंजलि समूह आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में उतरेगा और कुर्ता-पायजामा जैसे भारतीय परिधान के साथ जींस सरीखे विदेशी कपड़े भी बनाएगा. अभी हमारे कारोबार की वृद्धि दर 100 प्रतिशत के स्तर पर है, जो अगले वित्तीय साल में दोगुनी बढ़कर 200 प्रतिशत हो जाएगी.' उन्होंने कहा कि पतंजलि समूह अगले दो-तीन सालों में खेती, दूध उत्पादन और अन्य क्षेत्रों में किसानों को 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय के अवसर मुहैया कराना चाहता है.
रामदेव ने जोर देकर कहा कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है और देश में निर्माण क्षेत्र का बड़ा वैश्विक केंद्र बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में उपस्थित उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए कहा, 'दुनिया के अलग-अलग देशों से हम 24.25 लाख करोड़ रुपये का सामान आयात करते हैं. इसमें चीन से चार लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का आयात शामिल है. हम ठान लें, तो भारत को निर्माण क्षेत्र का बड़ा वैश्विक केंद्र बना सकते हैं.' टिप्पणियां
योग गुरु ने मध्य प्रदेश में उद्योग मित्र नीतियां बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा कि सूबे में जड़ी-बूटियों की खेती और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में खासी संभावनाएं हैं. प्रदेश सरकार ने सितंबर में पतंजलि आयुर्वेद को नजदीकी पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र लगाने के लिए 40 एकड़ जमीन 25 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर पर आवंटित की थी. इस संयंत्र में करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रामदेव ने यहां मध्य प्रदेश सरकार के वैश्विक निवेशक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा, 'पतंजलि समूह आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में उतरेगा और कुर्ता-पायजामा जैसे भारतीय परिधान के साथ जींस सरीखे विदेशी कपड़े भी बनाएगा. अभी हमारे कारोबार की वृद्धि दर 100 प्रतिशत के स्तर पर है, जो अगले वित्तीय साल में दोगुनी बढ़कर 200 प्रतिशत हो जाएगी.' उन्होंने कहा कि पतंजलि समूह अगले दो-तीन सालों में खेती, दूध उत्पादन और अन्य क्षेत्रों में किसानों को 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय के अवसर मुहैया कराना चाहता है.
रामदेव ने जोर देकर कहा कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है और देश में निर्माण क्षेत्र का बड़ा वैश्विक केंद्र बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में उपस्थित उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए कहा, 'दुनिया के अलग-अलग देशों से हम 24.25 लाख करोड़ रुपये का सामान आयात करते हैं. इसमें चीन से चार लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का आयात शामिल है. हम ठान लें, तो भारत को निर्माण क्षेत्र का बड़ा वैश्विक केंद्र बना सकते हैं.' टिप्पणियां
योग गुरु ने मध्य प्रदेश में उद्योग मित्र नीतियां बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा कि सूबे में जड़ी-बूटियों की खेती और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में खासी संभावनाएं हैं. प्रदेश सरकार ने सितंबर में पतंजलि आयुर्वेद को नजदीकी पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र लगाने के लिए 40 एकड़ जमीन 25 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर पर आवंटित की थी. इस संयंत्र में करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रामदेव ने जोर देकर कहा कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है और देश में निर्माण क्षेत्र का बड़ा वैश्विक केंद्र बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में उपस्थित उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए कहा, 'दुनिया के अलग-अलग देशों से हम 24.25 लाख करोड़ रुपये का सामान आयात करते हैं. इसमें चीन से चार लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का आयात शामिल है. हम ठान लें, तो भारत को निर्माण क्षेत्र का बड़ा वैश्विक केंद्र बना सकते हैं.' टिप्पणियां
योग गुरु ने मध्य प्रदेश में उद्योग मित्र नीतियां बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा कि सूबे में जड़ी-बूटियों की खेती और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में खासी संभावनाएं हैं. प्रदेश सरकार ने सितंबर में पतंजलि आयुर्वेद को नजदीकी पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र लगाने के लिए 40 एकड़ जमीन 25 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर पर आवंटित की थी. इस संयंत्र में करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
योग गुरु ने मध्य प्रदेश में उद्योग मित्र नीतियां बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा कि सूबे में जड़ी-बूटियों की खेती और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में खासी संभावनाएं हैं. प्रदेश सरकार ने सितंबर में पतंजलि आयुर्वेद को नजदीकी पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र लगाने के लिए 40 एकड़ जमीन 25 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर पर आवंटित की थी. इस संयंत्र में करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: आने वाले दिनों में वस्त्र निर्माण क्षेत्र में उतरेगा पतंजलि समूह
'अभी पतंजलि के कारोबार की वृद्धि दर 100% के स्तर पर है'
'किसानों के लिए आय के व्यापक अवसर मुहैया कराने का लक्ष्य' | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बाजार नियामक सेबी ने सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कारपोरेशन लि. (एसआईआरईसीएल) और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कारपोरेशन (एसएचआईसीएल) को पूर्णत: शेयरों में परिवर्तनीय विकल्प वाले डिबेंचरों (ओएफसीडी) के तहत जुटाए गए धन को निवेशकों को 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का बृहस्पतिवार को निर्देश दिया। नियामकीय नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए सेबी ने यह कदम उठाया है। एसआईआरईसीएल का नाम बदलकर सहारा कमोडिटी सर्विसेज कारपोरेशन कर दिया गया है। इन कंपनियों के खिलाफ यह कार्रवाई सेबी के नियमों की अवहेलना कर ओएफसीडी के जरिये धन जुटाने के मामले में की गई है। सेबी के पूर्ण कालिक सदस्य द्वारा आज जारी यह आदेश इस मामले में उच्चतम न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद प्रभावी होगा। सेबी ने इन कंपनियों के प्रवर्तक सुब्रत राय सहारा और तीन निदेशकों पर धन वापसी की प्रक्रिया संतोषजनक रूप से पूरी होने तक किसी सूचीबद्ध कंपनी से संबद्ध रखने और जनता से धन जुटाने पर पाबंदी लगाने की भी घोषणा की है। सेबी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि उसके इस आदेश की एक प्रति उच्चतम न्यायालय के गत 12 मई के आदेश के मद्देनजर न्यायालय के रजिस्टार कार्यालय में तत्काल जमा कर दी जाएगी। विज्ञप्ति के अनुसार, एसआईआरईसीएल और एसएचआईसीएल तथा इसके प्रवर्तक सुब्रत राय सहारा व इन कंपनियों के निदेशकों वंदना भार्गव, रविशंकर दूबे तथा अशोक राय चौधरी इस आदेश के तहत संयुक्त रूप से और अलग अलग भी निवेशकों से जुटायी गई राशि लौटाने को जिम्मेदार होंगे। सेबी का यह आदेश सहारा समूह की कंपनियों द्वारा डिबेंचर निर्गम के लिए 13 मार्च 2008 और 6 अक्तूबर 2009 को जारी विवरण पुस्तिका के मसौदे (आरएफपी) के तहत जुटायी गये धन के संबंध में लागू होगा। सेबी के आदेश में कंपनी के प्र्वतकों और निदेशकों का धन डिमांड ड्राफ्ट या पे आर्डर के जरिये लौटाने के लिए कहा गया है। दोनों कंपनियों को यह भी निर्देश है कि वे धन वापसी का ब्यौरा संबंधित व्यक्तियों के नाम और पते समेत हिंदी और अग्रेजी के एक एक राष्ट्रीय दैनिक में सार्वजनिक नोटिस के रूप में प्रकाशित करवाएंगी। उन्हें आदेश के 15 दिन के भीतर ऐसा करना होगा। उल्लेखनीय है कि सेबी ने पिछले वर्ष 24 नवंबर को निवेशकों और शेयर बाजार के हित के मद्देनजर एक अंतरिम आदेश में इन दोनों कंपनियों पर ओएफसीडी के जरिये धन जुटाने पर रोक लगा दी थी। बाद में यह मामला उच्चतम न्यायालय तक पहुंच गया। उच्चतम न्यायालय ने 12 मई 2011 को सेबी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में सहारा समूह की कंपनियों के अर्जी पर सुनवाई कर अपना फैसला शीघ्र करे ताकि गर्मियों के अवकाश के बाद इस मामले पर न्यायालय उपयुक्त आदेश पारित कर सके। न्यायालय ने यह भी कहा था कि उसका निर्णय आने तक सेबी का फैसला प्रभावी नहीं होगा। | यह एक सारांश है: नियामकीय नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए सेबी ने यह कदम उठाया है। एसआईआरईसीएल का नाम बदलकर सहारा कमोडिटी सर्विसेज कारपोरेशन कर दिया गया है। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों को शहादत देनी पड़ी जबकि 7 जवान घायल हो गए. ये जवान सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के थे. घटना सोमवार दोपहर 12 बजे की है जब जवानों की टीम रोड ओपनिंग के लिए निकली थी. सड़क निर्माण की सुरक्षा में लगे ये जवान खाना खाने की तैयारी कर रहे थे उसी दौरान घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी. खास बात यह है कि 2010 में इसी जगह हुए नक्सली हमले में 76 जवान शहीद हो गए थे. फिलहाल घटनास्थल पर सीआरपीएफ की कोबरा टीम तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. इस घटना के बाद दूसरे इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इसी दौरान दंतेवाड़ा में भी सुरक्षा बलों ने IED को डिफ़्यूज कर दिया. नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के रास्ते में ये IED लगाई थी.
डीजी डीएम अवस्थी (नक्सल ऑपरेशन) ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि जवानों ने एसओपी का उल्लंघन नहीं किया. 70 से ज्यादा जवान सुरक्षित लौटे हैं. सीआरपीएफ ने जमकर मुकाबला किया था. किसी विस्फोटक का इस्तेमाल नहीं हुआ. सिर्फ गोलियां चलीं. लड़ाई लंबी चली थी. यही नहीं जो लोग रोड कंस्ट्रक्शन के काम में लगे थे उनकी जान भी जवानों ने बचाई. करीब 40 लोगों की जान बचाई गई. इससे जवानों का हौंसला कम नहीं होगा. सड़क निर्माण का काम नहीं रुकेगा. काम चलता रहेगा. 10 से ज्यादा नक्सलियों के मरने की भी सूचना है. उनकी संख्या पुख्ता नहीं बताई जा सकती क्योंकि नक्सली शव खींचकर ले जाते हैं. इससे पूर्व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी थी.
डीजी डीएम अवस्थी (नक्सल ऑपरेशन) ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि जवानों ने एसओपी का उल्लंघन नहीं किया. 70 से ज्यादा जवान सुरक्षित लौटे हैं. सीआरपीएफ ने जमकर मुकाबला किया था. किसी विस्फोटक का इस्तेमाल नहीं हुआ. सिर्फ गोलियां चलीं. लड़ाई लंबी चली थी. यही नहीं जो लोग रोड कंस्ट्रक्शन के काम में लगे थे उनकी जान भी जवानों ने बचाई. करीब 40 लोगों की जान बचाई गई. इससे जवानों का हौंसला कम नहीं होगा. सड़क निर्माण का काम नहीं रुकेगा. काम चलता रहेगा. 10 से ज्यादा नक्सलियों के मरने की भी सूचना है. उनकी संख्या पुख्ता नहीं बताई जा सकती क्योंकि नक्सली शव खींचकर ले जाते हैं. इससे पूर्व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी थी. | सारांश: जवानों ने एसओपी का उल्लंघन नहीं किया
70 से ज्यादा जवान सुरक्षित लौटे हैं
सड़क निर्माण में लगे 40 लोगों की जान बची | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ अपने मतभेदों की खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि हम सब उनके साथ खड़े हैं।
संप्रग-2 सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह के दौरान सोनिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और मेरे बीच कोई मतभेद नहीं हैं। सामूहिक नेतृत्व है।’’
सोनिया ने प्रधानमंत्री के प्रति अपना पूरा समर्थन जताते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री के लगातार विरोध के बीच वह अपनी जिम्मेदारियां पूरी मर्यादा के साथ निभा रहे हैं।
सोनिया ने कहा, ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं और हम सब उनके साथ खड़े हैं।’’ संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगी दल इन वर्षों के दौरान मिलकर काम करते रहे हैं।
सोनिया ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पर फिर से भरोसा जताने की जरूरत नहीं है। वह हमेशा से भरोसा जताती रहीं हैं। टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोनिया उनके लिए प्रेरणा की बड़ी स्रोत हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘पार्टी और सरकार के बीच कोई मतभेद नहीं है। सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है। यह विपक्ष की उपज है।’’
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष ने सिंह और सोनिया गांधी को नीति के मुद्दों पर एकमत नहीं होने का आरोप लगाया है।
संप्रग-2 सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह के दौरान सोनिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और मेरे बीच कोई मतभेद नहीं हैं। सामूहिक नेतृत्व है।’’
सोनिया ने प्रधानमंत्री के प्रति अपना पूरा समर्थन जताते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री के लगातार विरोध के बीच वह अपनी जिम्मेदारियां पूरी मर्यादा के साथ निभा रहे हैं।
सोनिया ने कहा, ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं और हम सब उनके साथ खड़े हैं।’’ संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगी दल इन वर्षों के दौरान मिलकर काम करते रहे हैं।
सोनिया ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पर फिर से भरोसा जताने की जरूरत नहीं है। वह हमेशा से भरोसा जताती रहीं हैं। टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोनिया उनके लिए प्रेरणा की बड़ी स्रोत हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘पार्टी और सरकार के बीच कोई मतभेद नहीं है। सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है। यह विपक्ष की उपज है।’’
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष ने सिंह और सोनिया गांधी को नीति के मुद्दों पर एकमत नहीं होने का आरोप लगाया है।
सोनिया ने प्रधानमंत्री के प्रति अपना पूरा समर्थन जताते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री के लगातार विरोध के बीच वह अपनी जिम्मेदारियां पूरी मर्यादा के साथ निभा रहे हैं।
सोनिया ने कहा, ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं और हम सब उनके साथ खड़े हैं।’’ संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगी दल इन वर्षों के दौरान मिलकर काम करते रहे हैं।
सोनिया ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पर फिर से भरोसा जताने की जरूरत नहीं है। वह हमेशा से भरोसा जताती रहीं हैं। टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोनिया उनके लिए प्रेरणा की बड़ी स्रोत हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘पार्टी और सरकार के बीच कोई मतभेद नहीं है। सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है। यह विपक्ष की उपज है।’’
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष ने सिंह और सोनिया गांधी को नीति के मुद्दों पर एकमत नहीं होने का आरोप लगाया है।
सोनिया ने कहा, ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं और हम सब उनके साथ खड़े हैं।’’ संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगी दल इन वर्षों के दौरान मिलकर काम करते रहे हैं।
सोनिया ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पर फिर से भरोसा जताने की जरूरत नहीं है। वह हमेशा से भरोसा जताती रहीं हैं। टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोनिया उनके लिए प्रेरणा की बड़ी स्रोत हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘पार्टी और सरकार के बीच कोई मतभेद नहीं है। सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है। यह विपक्ष की उपज है।’’
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष ने सिंह और सोनिया गांधी को नीति के मुद्दों पर एकमत नहीं होने का आरोप लगाया है।
सोनिया ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पर फिर से भरोसा जताने की जरूरत नहीं है। वह हमेशा से भरोसा जताती रहीं हैं। टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोनिया उनके लिए प्रेरणा की बड़ी स्रोत हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘पार्टी और सरकार के बीच कोई मतभेद नहीं है। सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है। यह विपक्ष की उपज है।’’
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष ने सिंह और सोनिया गांधी को नीति के मुद्दों पर एकमत नहीं होने का आरोप लगाया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोनिया उनके लिए प्रेरणा की बड़ी स्रोत हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘पार्टी और सरकार के बीच कोई मतभेद नहीं है। सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है। यह विपक्ष की उपज है।’’
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष ने सिंह और सोनिया गांधी को नीति के मुद्दों पर एकमत नहीं होने का आरोप लगाया है।
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष ने सिंह और सोनिया गांधी को नीति के मुद्दों पर एकमत नहीं होने का आरोप लगाया है। | संक्षिप्त सारांश: सोनिया ने प्रधानमंत्री के प्रति अपना पूरा समर्थन जताते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री के लगातार विरोध के बीच वह अपनी जिम्मेदारियां पूरी मर्यादा के साथ निभा रहे हैं। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक की 20 वर्षीय महिला को दिल्ली लाया गया और यहां उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया।टिप्पणियां
पुलिस ने सोमवार को बताया कि पीड़िता को मानव तस्करी के जरिये एक व्यक्ति नौकरी का झांसा देकर कर्नाटक से दिल्ली लाया था। आरोपी कथित तौर पर एक लाख रुपये देकर लड़की को अपने साथ ले गया।
पुलिस के अनुसार पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में 9 जनवरी को यह मामला सामने आया। उस दिन पीड़िता आरोपी के चंगुल से बचकर भाग गई और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि पीड़िता को मानव तस्करी के जरिये एक व्यक्ति नौकरी का झांसा देकर कर्नाटक से दिल्ली लाया था। आरोपी कथित तौर पर एक लाख रुपये देकर लड़की को अपने साथ ले गया।
पुलिस के अनुसार पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में 9 जनवरी को यह मामला सामने आया। उस दिन पीड़िता आरोपी के चंगुल से बचकर भाग गई और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में 9 जनवरी को यह मामला सामने आया। उस दिन पीड़िता आरोपी के चंगुल से बचकर भाग गई और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। | पुलिस ने बताया कि पीड़िता को मानव तस्करी के जरिये एक व्यक्ति नौकरी का झांसा देकर कर्नाटक से दिल्ली लाया था। आरोपी कथित तौर पर एक लाख रुपये देकर लड़की को अपने साथ ले गया। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कपिल शर्मा के शो 'द कपिल शर्मा शो (The Kapil Sharma Show)' में होली की धूम रहने वाली है. होली (Holi 2019) के रंग कपिल शर्मा के शो में भी नजर आएंगे. कॉमेडियन कपिल शर्मा (Kapil Sharma) का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें वे सलमान खान की फिल्म 'नोटबुक' की एक्ट्रेस प्रनूतन के साथ फ्लर्ट करते नजर आ रहे हैं. लेकिन प्रनूतन कपिल शर्मा को मजेदार जवाब देती हैं और जिसके बाद कपिल शर्मा (Kapil Sharma) उन्हें बच्चा कहने लगते हैं. इस वीडियो में 'नोटबुक (Notebook)' के हीरो जहीर इकबाल (Zaheer Iqbal) हैं. ये उनकी डेब्यू फिल्म है. लेकिन कपिल शर्मा के शो वीडियो खूब देखा जा रहा है.
कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो 'द कपिल शर्मा शो (The Kapil Sharma Show)' में नोटबुक की टीम आएगी. प्रनूतन और जहीर इकबाल शो में आएंगे. जहीर इकबाल भी कपिल शर्मा का मजाक उड़ाने से पीछे नहीं हटते हैं. जहीर इकबाल कहते हैं कि जब पांच साल पहले मैंने फिल्म साइन की थी, तो तब लोगों ने मुझसे कहा था कि अरे अब तो तुम कपिल शर्मा के शो में आओगे. इस तरह जहीर ने कपिल शर्मा पर जोरदार चुटकी ली और सब ठहाके लगाकर हंसते हैं.
कपिल शर्मा (Kapil Sharma) इसके बाद प्रनूतन से बात करते हैं और पूछते हैं कि प्रनूतन आपको मुझे लाइव देखकर कैसा लग रहा है. इस पर प्रनूतन कहती हैं कि आपको डर नहीं लगता क्योंकि अब आप शादीशुदा हैं न. यू आर वेरी ब्रेव. इस पर कपिल शर्मा कहते हैं, नहीं बेटा मैं तो ऐसे ही पूछ रहा हूं कि आपको शो में आकर कैसा लग रहा है. इस तरह शो में जमकर ठहाके गूंजे. कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो 'द कपिल शर्मा शो (The Kapil Sharma Show)'में वैसे भी मस्ती होना तो तय ही रहती है. | संक्षिप्त सारांश: कपिल शर्मा का वीडियो हुआ वायरल
सलमान की एक्ट्रेस से की फ्लर्ट की कोशिश
एक्ट्रेस ने इस तरह दिया जवाब | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम’ से जुड़े नाटकीय घटनाक्रम में बुधवार को प्रसिद्ध अभिनेता को उस समय झटका लगा जब मद्रास उच्च न्यायालय ने इस फिल्म पर लगी रोक हटाने के एकल न्यायाधीश के फैसले को दरकिनार कर दिया जिससे तमिलनाडु में इसका प्रदर्शन एक बार फिर टल गया। एकल न्यायाधीश ने फिल्म के प्रदर्शन को हरी झंडी प्रदान कर दी थी।
इधर, मुस्लिम भावनाओं को देखते हुए अभिनेता ने फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति व्यक्त जताते हुए राज्य छोड़ने की धमकी दी।
पिछली रात न्यायमूर्ति के वेंकटरामण के आदेश से अभिनेता को मिली राहत जल्द ही समाप्त हो गई जब कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एलिपे धर्मा राव और न्यायमूर्ति अरूणा जगदीशन की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले को खारिज कर दिया जिससे आज इस फिल्म का प्रदर्शन रुक गया।
दो सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख बुधवार को निर्धारित कर दी। वहीं, अभिनेता ने अब उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करने की योजना बनाई है।
अभिनेता के भाई चंद्रा हासन ने कहा कि वह अगले कदम के लिए बुधवार तक का इंतजार करेंगे।
बहरहाल, इस मुद्दे ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया है जब द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि ने कहा कि क्या उनके एक समारोह में धोती पहनने वाले तमिल के प्रधानमंत्री बनने (संभवत: पी चिदंबरम के संदर्भ में) की मांग इस समस्या का मुख्य कारण है।
करूणानिधि ने एक टीवी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक इस फिल्म का अधिकारी खरीदना चाहती थी लेकिन निर्माताओं ने कहा कि उन्होंने इस पर 100 करोड़ रुपया खर्च किया है।
गौरतलब है कि एकल न्यायाधीश ने मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के इस फिल्म के प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी थी। मुस्लिम संगठनों का दावा है कि इसमें उन्हें नकारात्मक रूप में पेश किया गया है।
अदालत का आदेश एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर आया। अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए बुधवार को कहा कि कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस विषय को आमसहमति से सुलझा लिया गया था जब उन्होंने पवित्र कुरान से जुड़े इस फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
इधर, मुस्लिम भावनाओं को देखते हुए अभिनेता ने फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति व्यक्त जताते हुए राज्य छोड़ने की धमकी दी।
पिछली रात न्यायमूर्ति के वेंकटरामण के आदेश से अभिनेता को मिली राहत जल्द ही समाप्त हो गई जब कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एलिपे धर्मा राव और न्यायमूर्ति अरूणा जगदीशन की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले को खारिज कर दिया जिससे आज इस फिल्म का प्रदर्शन रुक गया।
दो सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख बुधवार को निर्धारित कर दी। वहीं, अभिनेता ने अब उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करने की योजना बनाई है।
अभिनेता के भाई चंद्रा हासन ने कहा कि वह अगले कदम के लिए बुधवार तक का इंतजार करेंगे।
बहरहाल, इस मुद्दे ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया है जब द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि ने कहा कि क्या उनके एक समारोह में धोती पहनने वाले तमिल के प्रधानमंत्री बनने (संभवत: पी चिदंबरम के संदर्भ में) की मांग इस समस्या का मुख्य कारण है।
करूणानिधि ने एक टीवी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक इस फिल्म का अधिकारी खरीदना चाहती थी लेकिन निर्माताओं ने कहा कि उन्होंने इस पर 100 करोड़ रुपया खर्च किया है।
गौरतलब है कि एकल न्यायाधीश ने मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के इस फिल्म के प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी थी। मुस्लिम संगठनों का दावा है कि इसमें उन्हें नकारात्मक रूप में पेश किया गया है।
अदालत का आदेश एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर आया। अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए बुधवार को कहा कि कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस विषय को आमसहमति से सुलझा लिया गया था जब उन्होंने पवित्र कुरान से जुड़े इस फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
पिछली रात न्यायमूर्ति के वेंकटरामण के आदेश से अभिनेता को मिली राहत जल्द ही समाप्त हो गई जब कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एलिपे धर्मा राव और न्यायमूर्ति अरूणा जगदीशन की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले को खारिज कर दिया जिससे आज इस फिल्म का प्रदर्शन रुक गया।
दो सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख बुधवार को निर्धारित कर दी। वहीं, अभिनेता ने अब उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करने की योजना बनाई है।
अभिनेता के भाई चंद्रा हासन ने कहा कि वह अगले कदम के लिए बुधवार तक का इंतजार करेंगे।
बहरहाल, इस मुद्दे ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया है जब द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि ने कहा कि क्या उनके एक समारोह में धोती पहनने वाले तमिल के प्रधानमंत्री बनने (संभवत: पी चिदंबरम के संदर्भ में) की मांग इस समस्या का मुख्य कारण है।
करूणानिधि ने एक टीवी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक इस फिल्म का अधिकारी खरीदना चाहती थी लेकिन निर्माताओं ने कहा कि उन्होंने इस पर 100 करोड़ रुपया खर्च किया है।
गौरतलब है कि एकल न्यायाधीश ने मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के इस फिल्म के प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी थी। मुस्लिम संगठनों का दावा है कि इसमें उन्हें नकारात्मक रूप में पेश किया गया है।
अदालत का आदेश एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर आया। अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए बुधवार को कहा कि कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस विषय को आमसहमति से सुलझा लिया गया था जब उन्होंने पवित्र कुरान से जुड़े इस फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
दो सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख बुधवार को निर्धारित कर दी। वहीं, अभिनेता ने अब उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करने की योजना बनाई है।
अभिनेता के भाई चंद्रा हासन ने कहा कि वह अगले कदम के लिए बुधवार तक का इंतजार करेंगे।
बहरहाल, इस मुद्दे ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया है जब द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि ने कहा कि क्या उनके एक समारोह में धोती पहनने वाले तमिल के प्रधानमंत्री बनने (संभवत: पी चिदंबरम के संदर्भ में) की मांग इस समस्या का मुख्य कारण है।
करूणानिधि ने एक टीवी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक इस फिल्म का अधिकारी खरीदना चाहती थी लेकिन निर्माताओं ने कहा कि उन्होंने इस पर 100 करोड़ रुपया खर्च किया है।
गौरतलब है कि एकल न्यायाधीश ने मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के इस फिल्म के प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी थी। मुस्लिम संगठनों का दावा है कि इसमें उन्हें नकारात्मक रूप में पेश किया गया है।
अदालत का आदेश एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर आया। अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए बुधवार को कहा कि कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस विषय को आमसहमति से सुलझा लिया गया था जब उन्होंने पवित्र कुरान से जुड़े इस फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
अभिनेता के भाई चंद्रा हासन ने कहा कि वह अगले कदम के लिए बुधवार तक का इंतजार करेंगे।
बहरहाल, इस मुद्दे ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया है जब द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि ने कहा कि क्या उनके एक समारोह में धोती पहनने वाले तमिल के प्रधानमंत्री बनने (संभवत: पी चिदंबरम के संदर्भ में) की मांग इस समस्या का मुख्य कारण है।
करूणानिधि ने एक टीवी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक इस फिल्म का अधिकारी खरीदना चाहती थी लेकिन निर्माताओं ने कहा कि उन्होंने इस पर 100 करोड़ रुपया खर्च किया है।
गौरतलब है कि एकल न्यायाधीश ने मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के इस फिल्म के प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी थी। मुस्लिम संगठनों का दावा है कि इसमें उन्हें नकारात्मक रूप में पेश किया गया है।
अदालत का आदेश एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर आया। अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए बुधवार को कहा कि कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस विषय को आमसहमति से सुलझा लिया गया था जब उन्होंने पवित्र कुरान से जुड़े इस फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
बहरहाल, इस मुद्दे ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया है जब द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि ने कहा कि क्या उनके एक समारोह में धोती पहनने वाले तमिल के प्रधानमंत्री बनने (संभवत: पी चिदंबरम के संदर्भ में) की मांग इस समस्या का मुख्य कारण है।
करूणानिधि ने एक टीवी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक इस फिल्म का अधिकारी खरीदना चाहती थी लेकिन निर्माताओं ने कहा कि उन्होंने इस पर 100 करोड़ रुपया खर्च किया है।
गौरतलब है कि एकल न्यायाधीश ने मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के इस फिल्म के प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी थी। मुस्लिम संगठनों का दावा है कि इसमें उन्हें नकारात्मक रूप में पेश किया गया है।
अदालत का आदेश एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर आया। अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए बुधवार को कहा कि कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस विषय को आमसहमति से सुलझा लिया गया था जब उन्होंने पवित्र कुरान से जुड़े इस फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
करूणानिधि ने एक टीवी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक इस फिल्म का अधिकारी खरीदना चाहती थी लेकिन निर्माताओं ने कहा कि उन्होंने इस पर 100 करोड़ रुपया खर्च किया है।
गौरतलब है कि एकल न्यायाधीश ने मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के इस फिल्म के प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी थी। मुस्लिम संगठनों का दावा है कि इसमें उन्हें नकारात्मक रूप में पेश किया गया है।
अदालत का आदेश एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर आया। अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए बुधवार को कहा कि कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस विषय को आमसहमति से सुलझा लिया गया था जब उन्होंने पवित्र कुरान से जुड़े इस फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
गौरतलब है कि एकल न्यायाधीश ने मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के इस फिल्म के प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी थी। मुस्लिम संगठनों का दावा है कि इसमें उन्हें नकारात्मक रूप में पेश किया गया है।
अदालत का आदेश एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर आया। अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए बुधवार को कहा कि कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस विषय को आमसहमति से सुलझा लिया गया था जब उन्होंने पवित्र कुरान से जुड़े इस फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
अदालत का आदेश एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ सरकार की अपील पर आया। अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए बुधवार को कहा कि कुछ मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत के दौरान इस विषय को आमसहमति से सुलझा लिया गया था जब उन्होंने पवित्र कुरान से जुड़े इस फिल्म के कुछ दृश्यों को हटाने पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह मुस्लिम विरोधी फिल्म नहीं है, यह मुस्लिम समर्थक फिल्म है। मुझमें और मुसलमान भाइयों में कोई अंतर नहीं है।’’ फिल्म के भविष्य को लेकर अदालत में मामला लंबित है, इसे देखते हुए रूंधे गले से हासन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
बताया जा रहा है कि 100 करोड़ की अनुमानित राशि से बनी इस फिल्म के लिए अभिनेता ने अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में देरी की वजह से हुए नुकसान की वजह से वह अपना घर खो सकते हैं।
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
आज सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ए नवनीतकृष्णन ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने याचिका (कमल हासन की) पर आदेश इस बात पर विचार किए बिना दिया कि यह कानून के तहत स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार नहीं किया कि इस संबंध में धारा 144 के तहत दिया गया आदेश कानून व्यवस्था, शांति और सम्प्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
थियेटर मालिकों के साथ हासन के विवाद के कारण प्रारंभ में फिल्म के प्रदर्शन पर संकट छा गए थे। इस फिल्म का प्रदर्शन 25 जनवरी को होना निर्धारित था।
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
रामनाथपुरम से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश गिरोह ने दो थियेटरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके और सीसे और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया जबकि हासन के समर्थकों ने इरोड और थेनी में थियेटर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुममि देने की मांग की। दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मामले पर समग्रता सें विचार करना चाहिए।टिप्पणियां
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
इस मामले में महाविधवक्ता ने अदालत में कहा कि एकल न्यायाधीश ने सार्वजनिक शांति, सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन नहीं किया।
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’
इससे पहले हासन ने कहा, ‘‘जब एमएफ हुसैन ऐसा कर सकते हैं, तब कमल हासन भी ऐसा कर सकता है। मैं थक गया हूं। इसके बाद मुझे रहने के लिए किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।’’ | करूणानिधि ने एक टीवी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक इस फिल्म का अधिकारी खरीदना चाहती थी लेकिन निर्माताओं ने कहा कि उन्होंने इस पर 100 करोड़ रुपया खर्च किया है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात (Gujarat) के सूरत जिले में एक महिला ने आरोप लगया है कि उसके पिता ने ई-रिक्शा खरीदने के लिए 40 हजार रुपये नहीं दिए तो पति ने उसे तीन तलाक दे दिया है. महिला ने पुलिस से कहा है कि उसके पति को सजा और उसे न्याय मिले. फिलहाल एसीपी स्पेशल ब्रांच ने कहा है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है. गौरतलब है कि तीन तलाक से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. वहीं विपक्ष के भारी विरोध के बीच तीन तलाक बिल (Triple Talaq Bill) लोकसभा से पास हो गया है. वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 303 वोट, जबकि विरोध में 82 मत डाले गए. बता दें कि वोटिंग से पहले संसद से जेडीयू, टीआरएस, YSR कांग्रेस और TMC का वॉकआउट कर दिया. जेडीयू, टीएमसी वोट से अलग रहीं, वहीं, बीजेडी ने बिल के पक्ष में वोट किया. टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस बिल के खिलाफ रही. इससे पहले बिल पर चर्चा के दौरान लैंगिक न्याय को नरेंद्र मोदी सरकार का मूल तत्व बताते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक पर रोक लगाने संबंधी विधेयक सियासत, धर्म, सम्प्रदाय का प्रश्न नहीं है बल्कि यह 'नारी के सम्मान और नारी-न्याय' का सवाल है और हिन्दुस्तान की बेटियों के अधिकारों की सुरक्षा संबंधी इस पहल का सभी को समर्थन करना चाहिए.
वहीं, AIMIM नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बिल में आप कह रहे हैं कि अगर किसी पति ने पत्नी को तीन बार तलाक कह दिया तो शादी नहीं टूटती, सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी यही कहता है फिर आप ये क्यों कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये महिलाओं के खिलाफ है. जब 3 साल की सजा हो जाए, पति जेल में रहे तो औरत 3 साल तक इंतजार करें. और जब 3 साल के बाद वो वापस आए तो क्या कहे कि बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है. ओवैसी ने कहा कि आप एक प्रावधान लाइये कि अगर कोई ट्रिपल तलाक देता है तो मेहर की रकम का 5 गुना उसे भरना पड़े. | संक्षिप्त पाठ: गुजरात में 40 हजार रुपये के लिए तलाक
पुलिस कर रही है जांच
महिला ने कहा- न्याय मिले | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने अर्जित आय से अधिक संपत्ति इकट्ठा करने के मामले में सीबीआई जांच संबंधी आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ पूर्व कांग्रेसी नेता वाई एस जगनमोहन रेड्डी की याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, उच्च न्यायालय के आदेश में किसी प्रकार के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के पुत्र जगन ने इससे पहले उच्च न्यायालय के दस अगस्त को दिये आदेश के खिलाफ न्यायालय की शरण लेते हुए कहा था कि यह वाजिब फैसला नहीं है। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए इसकी जांच करे। उच्चतम न्यायालय का यह निर्देश राज्य के हथकरघा और कपड़ा मंत्री पी शंकर राव की याचिका पर दिया गया जिन्होंने आरोप लगाया था कि जगन की आय 2004 में 11 लाख थी जो उनके पिता की मृत्यु के समय 2009 में बढ़कर 43,000 करोड़ रूपये हो गई। | संक्षिप्त सारांश: न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, उच्च न्यायालय के आदेश में किसी प्रकार के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले दो हफ्ते से अस्पताल में भर्ती तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता की हालत स्थिर हैं और अब वह ठीक हो रही हैं. NDTV से यह बात सूत्रों ने कही. सूत्रों ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के तीन डॉक्टरों की एक टीम, जिसमें दिल और फेफड़ों के विशेषज्ञ भी हैं, उपचार के साथ सहायता के लिए चेन्नई में है. लंदन से एक विशेषज्ञ को भी बुलाया गया है.
68 वर्षीय जयललिता को बुखार और निर्जलीकरण के चलते बीते 22 सितंबर को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
कल अस्तपाल की तरफ से कहा गया था कि जयललिता की हालत में लगातार सुधार हो रहा है और एंटीबायोटिक दवाओं व अन्य चिकित्सीय उपायों सहित एक ही दिशा में उनका उपचार जारी रखा जा रहा है.
तमिलनाडु सरकार पर मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य की नियमित जानकारी साझा करने को लेकर लगातार दबाव बनता चला जा रहा है. कल यानि मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा था कि जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में लगातार अपडेट देने से 'लोगों की चिंता में कमी आएगी'.
गौरतलब है कि अस्पताल की तरफ से नियमित स्वास्थ्य बुलेटिन जारी नहीं करने के कारण मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के संबंध में कयास लगाए जाने लगे थे और सामाजिक कार्यकर्ता टी रामास्वामी ने उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करते हुए अंतरिम मुख्यमंत्री नियुक्ति करने संबंधी याचिका दायर की थी.टिप्पणियां
विपक्षी नेताओं मसलन डीएमके नेता एम करुणानिधि ने जयललिता की पार्टी से मांग की थी कि यदि वह गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं तो इस बात का प्रमाण देने के लिए उनका फोटोग्राफ जारी किया जाना चाहिए. सत्ताधारी अन्नाद्रमुक ने इन रिपोर्टों को नकारते हुए फोटोग्राफ से संबंधित मांग को खारिज कर दिया था. पार्टी ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी. उन पर पार्टी ने आरोप लगाया था कि वे ''सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने'' का काम कर रहे हैं.
शुक्रवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव ने अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हुई. बाद में उनके ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा, ''गवर्नर इस बात से संतुष्ट हैं कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और डॉक्टरों द्वारा बेहतर मेडिकल केयर और इलाज की सराहना की.''
68 वर्षीय जयललिता को बुखार और निर्जलीकरण के चलते बीते 22 सितंबर को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
कल अस्तपाल की तरफ से कहा गया था कि जयललिता की हालत में लगातार सुधार हो रहा है और एंटीबायोटिक दवाओं व अन्य चिकित्सीय उपायों सहित एक ही दिशा में उनका उपचार जारी रखा जा रहा है.
तमिलनाडु सरकार पर मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य की नियमित जानकारी साझा करने को लेकर लगातार दबाव बनता चला जा रहा है. कल यानि मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा था कि जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में लगातार अपडेट देने से 'लोगों की चिंता में कमी आएगी'.
गौरतलब है कि अस्पताल की तरफ से नियमित स्वास्थ्य बुलेटिन जारी नहीं करने के कारण मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के संबंध में कयास लगाए जाने लगे थे और सामाजिक कार्यकर्ता टी रामास्वामी ने उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करते हुए अंतरिम मुख्यमंत्री नियुक्ति करने संबंधी याचिका दायर की थी.टिप्पणियां
विपक्षी नेताओं मसलन डीएमके नेता एम करुणानिधि ने जयललिता की पार्टी से मांग की थी कि यदि वह गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं तो इस बात का प्रमाण देने के लिए उनका फोटोग्राफ जारी किया जाना चाहिए. सत्ताधारी अन्नाद्रमुक ने इन रिपोर्टों को नकारते हुए फोटोग्राफ से संबंधित मांग को खारिज कर दिया था. पार्टी ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी. उन पर पार्टी ने आरोप लगाया था कि वे ''सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने'' का काम कर रहे हैं.
शुक्रवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव ने अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हुई. बाद में उनके ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा, ''गवर्नर इस बात से संतुष्ट हैं कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और डॉक्टरों द्वारा बेहतर मेडिकल केयर और इलाज की सराहना की.''
कल अस्तपाल की तरफ से कहा गया था कि जयललिता की हालत में लगातार सुधार हो रहा है और एंटीबायोटिक दवाओं व अन्य चिकित्सीय उपायों सहित एक ही दिशा में उनका उपचार जारी रखा जा रहा है.
तमिलनाडु सरकार पर मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य की नियमित जानकारी साझा करने को लेकर लगातार दबाव बनता चला जा रहा है. कल यानि मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा था कि जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में लगातार अपडेट देने से 'लोगों की चिंता में कमी आएगी'.
गौरतलब है कि अस्पताल की तरफ से नियमित स्वास्थ्य बुलेटिन जारी नहीं करने के कारण मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के संबंध में कयास लगाए जाने लगे थे और सामाजिक कार्यकर्ता टी रामास्वामी ने उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करते हुए अंतरिम मुख्यमंत्री नियुक्ति करने संबंधी याचिका दायर की थी.टिप्पणियां
विपक्षी नेताओं मसलन डीएमके नेता एम करुणानिधि ने जयललिता की पार्टी से मांग की थी कि यदि वह गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं तो इस बात का प्रमाण देने के लिए उनका फोटोग्राफ जारी किया जाना चाहिए. सत्ताधारी अन्नाद्रमुक ने इन रिपोर्टों को नकारते हुए फोटोग्राफ से संबंधित मांग को खारिज कर दिया था. पार्टी ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी. उन पर पार्टी ने आरोप लगाया था कि वे ''सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने'' का काम कर रहे हैं.
शुक्रवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव ने अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हुई. बाद में उनके ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा, ''गवर्नर इस बात से संतुष्ट हैं कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और डॉक्टरों द्वारा बेहतर मेडिकल केयर और इलाज की सराहना की.''
तमिलनाडु सरकार पर मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य की नियमित जानकारी साझा करने को लेकर लगातार दबाव बनता चला जा रहा है. कल यानि मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा था कि जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में लगातार अपडेट देने से 'लोगों की चिंता में कमी आएगी'.
गौरतलब है कि अस्पताल की तरफ से नियमित स्वास्थ्य बुलेटिन जारी नहीं करने के कारण मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के संबंध में कयास लगाए जाने लगे थे और सामाजिक कार्यकर्ता टी रामास्वामी ने उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करते हुए अंतरिम मुख्यमंत्री नियुक्ति करने संबंधी याचिका दायर की थी.टिप्पणियां
विपक्षी नेताओं मसलन डीएमके नेता एम करुणानिधि ने जयललिता की पार्टी से मांग की थी कि यदि वह गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं तो इस बात का प्रमाण देने के लिए उनका फोटोग्राफ जारी किया जाना चाहिए. सत्ताधारी अन्नाद्रमुक ने इन रिपोर्टों को नकारते हुए फोटोग्राफ से संबंधित मांग को खारिज कर दिया था. पार्टी ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी. उन पर पार्टी ने आरोप लगाया था कि वे ''सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने'' का काम कर रहे हैं.
शुक्रवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव ने अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हुई. बाद में उनके ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा, ''गवर्नर इस बात से संतुष्ट हैं कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और डॉक्टरों द्वारा बेहतर मेडिकल केयर और इलाज की सराहना की.''
गौरतलब है कि अस्पताल की तरफ से नियमित स्वास्थ्य बुलेटिन जारी नहीं करने के कारण मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के संबंध में कयास लगाए जाने लगे थे और सामाजिक कार्यकर्ता टी रामास्वामी ने उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करते हुए अंतरिम मुख्यमंत्री नियुक्ति करने संबंधी याचिका दायर की थी.टिप्पणियां
विपक्षी नेताओं मसलन डीएमके नेता एम करुणानिधि ने जयललिता की पार्टी से मांग की थी कि यदि वह गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं तो इस बात का प्रमाण देने के लिए उनका फोटोग्राफ जारी किया जाना चाहिए. सत्ताधारी अन्नाद्रमुक ने इन रिपोर्टों को नकारते हुए फोटोग्राफ से संबंधित मांग को खारिज कर दिया था. पार्टी ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी. उन पर पार्टी ने आरोप लगाया था कि वे ''सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने'' का काम कर रहे हैं.
शुक्रवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव ने अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हुई. बाद में उनके ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा, ''गवर्नर इस बात से संतुष्ट हैं कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और डॉक्टरों द्वारा बेहतर मेडिकल केयर और इलाज की सराहना की.''
विपक्षी नेताओं मसलन डीएमके नेता एम करुणानिधि ने जयललिता की पार्टी से मांग की थी कि यदि वह गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं तो इस बात का प्रमाण देने के लिए उनका फोटोग्राफ जारी किया जाना चाहिए. सत्ताधारी अन्नाद्रमुक ने इन रिपोर्टों को नकारते हुए फोटोग्राफ से संबंधित मांग को खारिज कर दिया था. पार्टी ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी. उन पर पार्टी ने आरोप लगाया था कि वे ''सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने'' का काम कर रहे हैं.
शुक्रवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव ने अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हुई. बाद में उनके ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा, ''गवर्नर इस बात से संतुष्ट हैं कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और डॉक्टरों द्वारा बेहतर मेडिकल केयर और इलाज की सराहना की.''
शुक्रवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव ने अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हुई. बाद में उनके ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा, ''गवर्नर इस बात से संतुष्ट हैं कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और डॉक्टरों द्वारा बेहतर मेडिकल केयर और इलाज की सराहना की.'' | यहाँ एक सारांश है:लंदन से एक विशेषज्ञ को भी बुलाया गया है.
22 सितंबर को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
एम्स के डॉक्टरों की टीम में दिल और फेफड़ों के विशेषज्ञ भी हैं. | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रवचन करने वाले आसाराम पर मध्यप्रदेश में 700 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पर कब्जा करने का आरोप है। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की मांग की है।
मामला रतलाम में 200 एकड़ जमीन से संबंधित है और एसएफआईओ चाहता है कि आसाराम और उनके बेटों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और कम्पनी एक्ट 1956 के तहत मामला चले और हाल में उसने इस सिलसिले में अपनी अनुशंसा कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को भेज दी है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘आसाराम, उनके बेटे नारायण साई और कुछ अन्य लोगों पर मामला चलाने के लिए हमें एसएफआईओ से अनुशंसा प्राप्त हुई है और यह विचाराधीन है।’’ सूत्रों ने कहा कि दिल्ली-पुणे फ्राइट कॉरीडोर पर स्थित यह जमीन जयंत विटामिन्स लिमिटेड (जेवीएल) की है और इस पर वर्ष 2000 में कथित रूप से कब्जा किया गया और तब से वे इसका उपयोग कर रहे हैं।टिप्पणियां
जेवीएल एक पब्लिक लिमिटेड कम्पनी है जिसकी सूचीबद्धता 2004 में बंबई स्टॉक एक्सचेंज से समाप्त कर दी गई। कम्पनी दूसरी फार्मा कम्पनियों को ग्लूकोज और विटामिन की आपूर्ति करने वाली अग्रणी कम्पनी मानी जाती है।
जेवीएल ने मामले में शिकायत नहीं की जबकि कम्पनी के एक शेयरधारक ने मंत्रालय से संपर्क किया जिसने शिकायत की जांच 2010 में एसएफआईओ को करने को कहा। एसएफआईओ ने दो वर्षों तक मामले की जांच के बाद मंत्रालय को अनुशंसा भेजी है।
मामला रतलाम में 200 एकड़ जमीन से संबंधित है और एसएफआईओ चाहता है कि आसाराम और उनके बेटों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और कम्पनी एक्ट 1956 के तहत मामला चले और हाल में उसने इस सिलसिले में अपनी अनुशंसा कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को भेज दी है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘आसाराम, उनके बेटे नारायण साई और कुछ अन्य लोगों पर मामला चलाने के लिए हमें एसएफआईओ से अनुशंसा प्राप्त हुई है और यह विचाराधीन है।’’ सूत्रों ने कहा कि दिल्ली-पुणे फ्राइट कॉरीडोर पर स्थित यह जमीन जयंत विटामिन्स लिमिटेड (जेवीएल) की है और इस पर वर्ष 2000 में कथित रूप से कब्जा किया गया और तब से वे इसका उपयोग कर रहे हैं।टिप्पणियां
जेवीएल एक पब्लिक लिमिटेड कम्पनी है जिसकी सूचीबद्धता 2004 में बंबई स्टॉक एक्सचेंज से समाप्त कर दी गई। कम्पनी दूसरी फार्मा कम्पनियों को ग्लूकोज और विटामिन की आपूर्ति करने वाली अग्रणी कम्पनी मानी जाती है।
जेवीएल ने मामले में शिकायत नहीं की जबकि कम्पनी के एक शेयरधारक ने मंत्रालय से संपर्क किया जिसने शिकायत की जांच 2010 में एसएफआईओ को करने को कहा। एसएफआईओ ने दो वर्षों तक मामले की जांच के बाद मंत्रालय को अनुशंसा भेजी है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘आसाराम, उनके बेटे नारायण साई और कुछ अन्य लोगों पर मामला चलाने के लिए हमें एसएफआईओ से अनुशंसा प्राप्त हुई है और यह विचाराधीन है।’’ सूत्रों ने कहा कि दिल्ली-पुणे फ्राइट कॉरीडोर पर स्थित यह जमीन जयंत विटामिन्स लिमिटेड (जेवीएल) की है और इस पर वर्ष 2000 में कथित रूप से कब्जा किया गया और तब से वे इसका उपयोग कर रहे हैं।टिप्पणियां
जेवीएल एक पब्लिक लिमिटेड कम्पनी है जिसकी सूचीबद्धता 2004 में बंबई स्टॉक एक्सचेंज से समाप्त कर दी गई। कम्पनी दूसरी फार्मा कम्पनियों को ग्लूकोज और विटामिन की आपूर्ति करने वाली अग्रणी कम्पनी मानी जाती है।
जेवीएल ने मामले में शिकायत नहीं की जबकि कम्पनी के एक शेयरधारक ने मंत्रालय से संपर्क किया जिसने शिकायत की जांच 2010 में एसएफआईओ को करने को कहा। एसएफआईओ ने दो वर्षों तक मामले की जांच के बाद मंत्रालय को अनुशंसा भेजी है।
जेवीएल एक पब्लिक लिमिटेड कम्पनी है जिसकी सूचीबद्धता 2004 में बंबई स्टॉक एक्सचेंज से समाप्त कर दी गई। कम्पनी दूसरी फार्मा कम्पनियों को ग्लूकोज और विटामिन की आपूर्ति करने वाली अग्रणी कम्पनी मानी जाती है।
जेवीएल ने मामले में शिकायत नहीं की जबकि कम्पनी के एक शेयरधारक ने मंत्रालय से संपर्क किया जिसने शिकायत की जांच 2010 में एसएफआईओ को करने को कहा। एसएफआईओ ने दो वर्षों तक मामले की जांच के बाद मंत्रालय को अनुशंसा भेजी है।
जेवीएल ने मामले में शिकायत नहीं की जबकि कम्पनी के एक शेयरधारक ने मंत्रालय से संपर्क किया जिसने शिकायत की जांच 2010 में एसएफआईओ को करने को कहा। एसएफआईओ ने दो वर्षों तक मामले की जांच के बाद मंत्रालय को अनुशंसा भेजी है। | संक्षिप्त पाठ: प्रवचन करने वाले आसाराम पर मध्यप्रदेश में 700 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पर कब्जा करने का आरोप है। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की मांग की है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर रविवार को जंतर-मंतर पर एक दिवसीय सांकेतिक उपवास पर बैठे प्रमुख समाजसेवी अन्ना हजारे को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का जबर्दस्त समर्थन तो मिला लेकिन साथ ही यह हिदायत भी मिली कि उन्हें भी अपने रुख में लचीलापन लाना चाहिए। उन्होंने अन्ना हजारे को संसद में प्रभावी लोकपाल बनवाने का भरोसा भी दिलाया। वहीं, अन्ना हजारे ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के यहां आने से उनके आंदोलन को ताकत मिली है। प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर उपवास शुरू करने से पहले अन्ना हजारे ने 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' व 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाए। इससे पहले वह राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस बीच उनके सैकड़ों समर्थक जंतर-मंतर पर पहुंच चुके थे। अन्ना हजारे ने इस मौके पर अपने सम्बोधन में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं लेकिन इसके लिए एक दिन झोपड़ी में बैठने से नहीं होगा, उन्हें बहुत त्याग करना होगा। अन्ना हजारे ने कहा, "एक दिन झोपड़ी में बैठने से कुछ नहीं होता। राहुल प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। इसके लिए उन्हें बहुत कुछ करना होगा।" उन्होंने कहा कि राहुल का नाम लिए बगैर कहा कि उनके ही दबाव में संसद की स्थायी समिति ने अपनी सिफारिशें सौंपी है। प्रधानमंत्री पर निशना साधते हुए उन्होंने कहा, "वह फैसले करने में सक्षम नहीं हैं और कोई उनकी सुनता भी नहीं है। वह खुद प्रधानमंत्री हैं लेकिन उनके सहयोगी भी खुद को प्रधानमंत्री ही समझते हैं।" अन्ना हजारे ने गत अगस्त महीने में अनशन से पहले हुई अपनी गिरफ्तारी के लिए केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को जिम्मेदार ठहराया। "मेरी गिरफ्तारी के पीछे कौन था। चिदम्बरम इसके पीछे थे। देश का गृह मंत्री यदि ऐसा हो तो फिर देश का क्या होगा।" उन्होंने कहा कि चिदम्बरम ने ही 4-5 जून की रात बाबा रामदेव व उनके समर्थकों पर रामलीला मैदान में हमला करने का आदेश दिया था। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी मंच पर पहुंचे और उन्होंने प्रभावी लोकपाल के पक्ष में विचार व्यक्त किए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अरुण जेटली और बीजू जनता दल (बीजद) के पिनाकी मिश्रा ने प्रधानमंत्री को भी लोकपाल के दायरे में लाने की मांग की। वहीं, जनता दल (युनाटेड) के शरद यादव ने कहा, "संसद से पारित प्रस्ताव में कोई अल्पविराम या पूर्ण विराम भी नहीं बदलना चाहिए।" उनके सम्बोधन के बाद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत व धन्यवाद किया। भाजपा नेता जेटली ने संसद की स्थायी समिति की ओर से सौंपी गई लोकपाल रिपोर्ट पर संसद की भावना को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "अन्ना हजारे ने जब अपना पिछला अनशन तोड़ा था तो उस समय संसद के दोनों सदनों ने अपनी भावना प्रदर्शित की थी, जिसमें राज्यों के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति, सिटिजन चार्टर, निचले स्तर की अफसरशाही को लोकपाल के दायरे में लाने की बात कही गई थी। लेकिन स्थायी समिति की रिपोर्ट संसद की भावना के अनुरूप नहीं है।" उन्होंने कहा, "स्थायी समिति में हमारे दल के जो सदस्य थे, उन्होंने असहमति के नोट के साथ अपने विचार रखे हैं। हमारी राय स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री लोकपाल के दायरे में होने चाहिए और केवल ग्रुप 'ए' और 'बी' के अधिकारी इसके दायरे में हों और 'सी' और 'डी' ग्रपु के अधिकारियों को इससे बाहर रखा जाएगा, इसे हम स्वीकार करने वाले नहीं हैं।" समाजवादी पार्टी (सपा) के राम गोपाल यादव ने आरोप लगाया कि अगस्त में अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाने के लिए सरकार ने जो प्रस्ताव पारित करवाया था कि उससे पीछे हटकर वह संसद के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि अन्ना हजारे को अपने जनलोकपाल विधेयक के 'प्रत्येक शब्द' को स्वीकार करने के लिए जिद नहीं करनी चाहिए। वहीं, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के के. येरन नायडू ने कहा कि सभी दलों को टीम अन्ना का जनलोकपाल विधेयक स्वीकार करना चाहिए। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मां-बेटे भ्रष्टाचार से लड़ने को लेकर गम्भीर नहीं हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वृंदा करात ने कहा कि उनकी पार्टी न केवल सरकार के भीतर, बल्कि निजी क्षेत्र में भी भ्रष्टाचार से मुकाबले के लिए प्रभावी लोकपाल पक्ष में है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भ्रष्टाचार से लड़ना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे स्वतंत्रतापूर्वक राष्ट्रीय सम्पदा 'लूट' रहे हैं। हमें कॉरपोरेट जगत में भ्रष्टाचार पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव ए.बी. बर्धन ने कहा कि वह हालांकि कई मुद्दों पर अन्ना पक्ष के साथ हैं, लेकिन जनलोकपाल विधेयक को पूरी तरह स्वीकार किए जाने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा दिखाई जा रही सख्ती के खिलाफ हैं। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं से लचीला रुख अपनाने को कहा। उधर, प्रभावी लोकपाल के लिए अन्ना के अनशन को खारिज करते हुए कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने धर्य नहीं रखा। विधेयक पर संसद को अभी निर्णय लेना है, इसलिए उनका यह कदम 'संसद का अपमान' है। कांग्रेस नेताओं ने जंतर मंतर पर चली बहस में शामिल होने पर अन्य राजनीतिक दलों की भी आलोचना की। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि अन्ना संसद का अपमान कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "लोकपाल विधेयक पर रिपोर्ट पेश कर दी गई है। उस पर बहस होनी है और फैसला लिया जाना है। कानून जंतर मंतर पर नहीं बनाया जा सकता।" इस बीच, सरकार के प्रवक्ता अश्विनी कुमार ने कहा कि यह अनशन 'उचित समय से पूर्व' किया गया। कुमार ने कहा, "मेरी समझ से अन्ना को विधेयक पर संसद में बहस होने तक प्रतीक्षा करनी चाहिए थी। इससे पूर्व आंदोलन और अनशन पूरी तरह गलत है।" अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने भी राहुल पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चाहा तो संसदीय समिति ने लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की सिफारिश कर डाली और हम अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं लेकिन समिति ने हमारी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि प्रधानमंत्री के वादे और संसद के प्रस्ताव तक को कूड़ेदान में डाल दिया गया। सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर प्रतिबंध लगाने की केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "फेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट से हमें अपने आंदोलन को मजबूत करने में काफी मदद मिली, इसलिए उन्होंने इस पर भी प्रतिबंध लगाने की कोशिश की। लेकिन इसके बावजूद देखिए..यहां कितने लोग एकत्र हुए हैं।" अन्ना हजारे की अन्य सहयोगी किरण बेदी ने संसद से अनुरोध किया कि वह लोकपाल विधेयक पर स्थायी समिति की सिफारिशों को नामंजूर कर दे और जनता की आवाज सुने। | यह एक सारांश है: अन्ना को राजनीतिक दलों का जबर्दस्त समर्थन तो मिला लेकिन साथ ही यह हिदायत भी मिली कि उन्हें भी अपने रुख में लचीलापन लाना चाहिए। | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद आसाराम की स्वास्थ्य आधार पर दायर अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया. वह बलात्कार के एक मामले के संबंध में जेल में बंद हैं.टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फिलहाल अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए एम्स के बोर्ड से दस दिन में मेडिकल जांच कर रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने कहा कि मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट दाखिल करे और फिर आगे सुनवाई होगी.
गौरतलब है कि नाबालिग से रेप के मामले में जेल में बंद आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत की मांग की है. आसाराम पिछले तीन साल से जेल में बंद हैं और पहले भी मेडिकल आधार पर जमानत की मांग कर चुके हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फिलहाल अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए एम्स के बोर्ड से दस दिन में मेडिकल जांच कर रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने कहा कि मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट दाखिल करे और फिर आगे सुनवाई होगी.
गौरतलब है कि नाबालिग से रेप के मामले में जेल में बंद आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत की मांग की है. आसाराम पिछले तीन साल से जेल में बंद हैं और पहले भी मेडिकल आधार पर जमानत की मांग कर चुके हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई थी.
गौरतलब है कि नाबालिग से रेप के मामले में जेल में बंद आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत की मांग की है. आसाराम पिछले तीन साल से जेल में बंद हैं और पहले भी मेडिकल आधार पर जमानत की मांग कर चुके हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई थी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत याचिका खारिज
नाबालिग से रेप के मामले जेल में बंद हैं
पहले भी जमानत की मांग कर चुके हैं | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में भविष्य की राजनीति के कुछ पत्ते खोलते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी और इसके लिए केन्द्र की तरह यदि सपा या बसपा बिना शर्त कांग्रेस का समर्थन करना चाहेंगी तो उनकी पार्टी उनका समर्थन ले सकती है।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस को इस बार उत्तर प्रदेश में अपने बल पर स्पष्ट बहुमत मिलेगा और वह अपने दम पर वहां सरकार बनाएगी।
यह पूछे जाने पर कि राज्य में सरकार गठन के लिए कुछ सीटों की कमी होने की स्थिति में क्या कांग्रेस समाजवादी पार्टी (सपा) अथवा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का समर्थन लेगी सिंह ने कहा कि हमें न तो किसी का समर्थन चाहिए और न ही लेंगे लेकिन केन्द्र की संप्रग सरकार की तरह यदि सपा या बसपा बिना शर्त कांग्रेस की सरकार को उत्तर प्रदेश में समर्थन देगी तो ऐसा समर्थन लेने में कांग्रेस को कोई गुरेज नहीं होगा।टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि केन्द्र में वर्ष 2009 में लोकसभा चुनावों के बाद आखिर कांग्रेस क्या सपा या बसपा से अपनी सरकार के लिए समर्थन मांगने गयी थी नहीं लेकिन उन्होंने खुद ब खुद बिना शर्त कांग्रेस के नेतृत्व में बनी संप्रग सरकार को समर्थन दिया और अभी भी दे रहे हैं। सिंह ने कहा कि इसी ढंग से यदि ये पार्टियां उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार का समर्थन करेंगी तो इसमें कांग्रेस को कोई परहेज नहीं होगा।
सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणाम इस बार सभी राजनीतिक पंडितों के लिए आश्चर्यजनक होंगे क्योंकि युवा नेता राहुल गांधी की मेहनत रंग लायेगी और यहां कांग्रेस की सरकार हर कीमत पर बनेगी।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस को इस बार उत्तर प्रदेश में अपने बल पर स्पष्ट बहुमत मिलेगा और वह अपने दम पर वहां सरकार बनाएगी।
यह पूछे जाने पर कि राज्य में सरकार गठन के लिए कुछ सीटों की कमी होने की स्थिति में क्या कांग्रेस समाजवादी पार्टी (सपा) अथवा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का समर्थन लेगी सिंह ने कहा कि हमें न तो किसी का समर्थन चाहिए और न ही लेंगे लेकिन केन्द्र की संप्रग सरकार की तरह यदि सपा या बसपा बिना शर्त कांग्रेस की सरकार को उत्तर प्रदेश में समर्थन देगी तो ऐसा समर्थन लेने में कांग्रेस को कोई गुरेज नहीं होगा।टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि केन्द्र में वर्ष 2009 में लोकसभा चुनावों के बाद आखिर कांग्रेस क्या सपा या बसपा से अपनी सरकार के लिए समर्थन मांगने गयी थी नहीं लेकिन उन्होंने खुद ब खुद बिना शर्त कांग्रेस के नेतृत्व में बनी संप्रग सरकार को समर्थन दिया और अभी भी दे रहे हैं। सिंह ने कहा कि इसी ढंग से यदि ये पार्टियां उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार का समर्थन करेंगी तो इसमें कांग्रेस को कोई परहेज नहीं होगा।
सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणाम इस बार सभी राजनीतिक पंडितों के लिए आश्चर्यजनक होंगे क्योंकि युवा नेता राहुल गांधी की मेहनत रंग लायेगी और यहां कांग्रेस की सरकार हर कीमत पर बनेगी।
यह पूछे जाने पर कि राज्य में सरकार गठन के लिए कुछ सीटों की कमी होने की स्थिति में क्या कांग्रेस समाजवादी पार्टी (सपा) अथवा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का समर्थन लेगी सिंह ने कहा कि हमें न तो किसी का समर्थन चाहिए और न ही लेंगे लेकिन केन्द्र की संप्रग सरकार की तरह यदि सपा या बसपा बिना शर्त कांग्रेस की सरकार को उत्तर प्रदेश में समर्थन देगी तो ऐसा समर्थन लेने में कांग्रेस को कोई गुरेज नहीं होगा।टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि केन्द्र में वर्ष 2009 में लोकसभा चुनावों के बाद आखिर कांग्रेस क्या सपा या बसपा से अपनी सरकार के लिए समर्थन मांगने गयी थी नहीं लेकिन उन्होंने खुद ब खुद बिना शर्त कांग्रेस के नेतृत्व में बनी संप्रग सरकार को समर्थन दिया और अभी भी दे रहे हैं। सिंह ने कहा कि इसी ढंग से यदि ये पार्टियां उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार का समर्थन करेंगी तो इसमें कांग्रेस को कोई परहेज नहीं होगा।
सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणाम इस बार सभी राजनीतिक पंडितों के लिए आश्चर्यजनक होंगे क्योंकि युवा नेता राहुल गांधी की मेहनत रंग लायेगी और यहां कांग्रेस की सरकार हर कीमत पर बनेगी।
सिंह ने कहा कि केन्द्र में वर्ष 2009 में लोकसभा चुनावों के बाद आखिर कांग्रेस क्या सपा या बसपा से अपनी सरकार के लिए समर्थन मांगने गयी थी नहीं लेकिन उन्होंने खुद ब खुद बिना शर्त कांग्रेस के नेतृत्व में बनी संप्रग सरकार को समर्थन दिया और अभी भी दे रहे हैं। सिंह ने कहा कि इसी ढंग से यदि ये पार्टियां उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार का समर्थन करेंगी तो इसमें कांग्रेस को कोई परहेज नहीं होगा।
सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणाम इस बार सभी राजनीतिक पंडितों के लिए आश्चर्यजनक होंगे क्योंकि युवा नेता राहुल गांधी की मेहनत रंग लायेगी और यहां कांग्रेस की सरकार हर कीमत पर बनेगी।
सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणाम इस बार सभी राजनीतिक पंडितों के लिए आश्चर्यजनक होंगे क्योंकि युवा नेता राहुल गांधी की मेहनत रंग लायेगी और यहां कांग्रेस की सरकार हर कीमत पर बनेगी। | यह एक सारांश है: दिग्विजय सिंह ने कहा कि संप्रग सरकार की तरह यदि सपा या बसपा बिना शर्त कांग्रेस की सरकार को उत्तर प्रदेश में समर्थन देगी तो ऐसा समर्थन लेने में कांग्रेस को कोई गुरेज नहीं होगा। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है. शुक्रवार को सिडनी में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन का खेल खत्म होने तक पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से रखे गए 465 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट पर 55 रन बना लिए. अभी वह ऑस्ट्रेलिया से 410 रन पीछे है और कल का खेल बाकी है, लेकिन सीरीज में उसके प्रदर्शन को देखते हुए पांचवें और अंतिम दिन का खेल आसान नहीं रहने वाला. सीरीज में ऑस्ट्रेलिया 2-0 की अजेय बढ़त पहले ही ले चुका है.
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी दो विकेट पर 241 रन बनाकर घोषित कर दी, जिसमें पहली पारी के शतकवीर ओपनर डेविड वॉर्नर के तूफानी 55 रन के साथ ही उस्मान ख्वाजा और स्टीव स्मिथ की फिफ्टी का भी अहम योगदान रहा. ऑस्ट्रेलिया को कुल 464 रन की बढ़त हासिल हुई. गौरतलब है कि उसे पहली पारी में 223 रनों की बढ़त मिली थी, क्योंकि पाकिस्तान की टीम पहली पारी में 315 रन पर ही सिमट गई थी. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 538 रन बनाने के बाद घोषित की थी. टिप्पणियां
पाकिस्तान ने चौथे दिन अपनी पारी को 8 विकेट पर 271 रन से आगे बढ़ाया. शतकवीर यूनुस खान ने तीसरे दिन की तरह ही जमकर बल्लेबाजी की और पाक टीम को संकट से उबारने की भरपूर कोशिश की. यासिर शाह ने उनका साथ दिया और 51 रनों की साझेदारी की. यासिर ने 10 रन ही बनाए थे कि उन्हें जॉश हेजलवुड ने स्टीव स्मिथ के हाथों कैच करा दिया. पाकिस्तान का नौवां विकेट 315 रन पर गिरा. इसके बाद आए इमरान खान भी इसी स्कोर पर चलते बने और पाक टीम 315 रनों पर ही सिमट गई. यूनुस खान 175 रनों पर नाबाद लौटे. यूनुस ने 314 गेंदों का सामना किया और 17 चौके व तीन छक्के लगाए. पाकिस्तान की टीम पहली पारी के आधार पर 223 रन से पीछे रह गई.
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने विशाल बढ़त के साथ आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. उनका उद्देश्य एकदम साफ था. वह पाकिस्तान को जल्दी से जल्दी बड़ा लक्ष्य देने चाहते थे, ताकि मैच का परिणाम निकल सके. हुआ भी कुछ ऐसा ही और डेविड वॉर्नर ने महज 27 गेंदों में 55 रनों की तूफानी पारी खेतली हुए ऑस्ट्रेलिया का वांछित शुरुआत दिला दी. वॉर्नर ने आठ चौके और तीन छक्के जड़े. उनके साथी ओपनर उस्मान ख्वाजा भी पीछे नहीं रहे और 98 गेंदों में 79 रनों की नाबाद पारी खेली. वॉर्नर के आउट होने पर आए कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी वनडे जैसी पारी खेली और 43 गेंदों में 59 रन (8 चौके, 1 छक्का) ठोक दिए, जबकि पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 25 गेंदों में 40 रन जड़े. फिर दो विकेट पर 241 के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया ने पारी घोषित कर दी. पाकिस्तान की ओर से वहाब रियाज और यासिर शाह ने एक-एक विकेट लिया.
जवाब में पाकिस्तान ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन ओपनर शर्जील खान ने आक्रामक बैटिंग के चक्कर में विकेट फेंक दिया. उन्होंने 38 गेंदों में 40 रन बनाए. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक पाकिस्तान ने एक विकेट पर 55 रन बना लिए. अजहर अली (11) और यासिर शाह (3) नाबाद लौटे. अब पाकिस्तान को मैच बचाने के लिए शनिवार को पूरे दिन बल्लेबाजी करनी होगी.
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी दो विकेट पर 241 रन बनाकर घोषित कर दी, जिसमें पहली पारी के शतकवीर ओपनर डेविड वॉर्नर के तूफानी 55 रन के साथ ही उस्मान ख्वाजा और स्टीव स्मिथ की फिफ्टी का भी अहम योगदान रहा. ऑस्ट्रेलिया को कुल 464 रन की बढ़त हासिल हुई. गौरतलब है कि उसे पहली पारी में 223 रनों की बढ़त मिली थी, क्योंकि पाकिस्तान की टीम पहली पारी में 315 रन पर ही सिमट गई थी. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 538 रन बनाने के बाद घोषित की थी. टिप्पणियां
पाकिस्तान ने चौथे दिन अपनी पारी को 8 विकेट पर 271 रन से आगे बढ़ाया. शतकवीर यूनुस खान ने तीसरे दिन की तरह ही जमकर बल्लेबाजी की और पाक टीम को संकट से उबारने की भरपूर कोशिश की. यासिर शाह ने उनका साथ दिया और 51 रनों की साझेदारी की. यासिर ने 10 रन ही बनाए थे कि उन्हें जॉश हेजलवुड ने स्टीव स्मिथ के हाथों कैच करा दिया. पाकिस्तान का नौवां विकेट 315 रन पर गिरा. इसके बाद आए इमरान खान भी इसी स्कोर पर चलते बने और पाक टीम 315 रनों पर ही सिमट गई. यूनुस खान 175 रनों पर नाबाद लौटे. यूनुस ने 314 गेंदों का सामना किया और 17 चौके व तीन छक्के लगाए. पाकिस्तान की टीम पहली पारी के आधार पर 223 रन से पीछे रह गई.
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने विशाल बढ़त के साथ आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. उनका उद्देश्य एकदम साफ था. वह पाकिस्तान को जल्दी से जल्दी बड़ा लक्ष्य देने चाहते थे, ताकि मैच का परिणाम निकल सके. हुआ भी कुछ ऐसा ही और डेविड वॉर्नर ने महज 27 गेंदों में 55 रनों की तूफानी पारी खेतली हुए ऑस्ट्रेलिया का वांछित शुरुआत दिला दी. वॉर्नर ने आठ चौके और तीन छक्के जड़े. उनके साथी ओपनर उस्मान ख्वाजा भी पीछे नहीं रहे और 98 गेंदों में 79 रनों की नाबाद पारी खेली. वॉर्नर के आउट होने पर आए कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी वनडे जैसी पारी खेली और 43 गेंदों में 59 रन (8 चौके, 1 छक्का) ठोक दिए, जबकि पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 25 गेंदों में 40 रन जड़े. फिर दो विकेट पर 241 के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया ने पारी घोषित कर दी. पाकिस्तान की ओर से वहाब रियाज और यासिर शाह ने एक-एक विकेट लिया.
जवाब में पाकिस्तान ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन ओपनर शर्जील खान ने आक्रामक बैटिंग के चक्कर में विकेट फेंक दिया. उन्होंने 38 गेंदों में 40 रन बनाए. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक पाकिस्तान ने एक विकेट पर 55 रन बना लिए. अजहर अली (11) और यासिर शाह (3) नाबाद लौटे. अब पाकिस्तान को मैच बचाने के लिए शनिवार को पूरे दिन बल्लेबाजी करनी होगी.
पाकिस्तान ने चौथे दिन अपनी पारी को 8 विकेट पर 271 रन से आगे बढ़ाया. शतकवीर यूनुस खान ने तीसरे दिन की तरह ही जमकर बल्लेबाजी की और पाक टीम को संकट से उबारने की भरपूर कोशिश की. यासिर शाह ने उनका साथ दिया और 51 रनों की साझेदारी की. यासिर ने 10 रन ही बनाए थे कि उन्हें जॉश हेजलवुड ने स्टीव स्मिथ के हाथों कैच करा दिया. पाकिस्तान का नौवां विकेट 315 रन पर गिरा. इसके बाद आए इमरान खान भी इसी स्कोर पर चलते बने और पाक टीम 315 रनों पर ही सिमट गई. यूनुस खान 175 रनों पर नाबाद लौटे. यूनुस ने 314 गेंदों का सामना किया और 17 चौके व तीन छक्के लगाए. पाकिस्तान की टीम पहली पारी के आधार पर 223 रन से पीछे रह गई.
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने विशाल बढ़त के साथ आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. उनका उद्देश्य एकदम साफ था. वह पाकिस्तान को जल्दी से जल्दी बड़ा लक्ष्य देने चाहते थे, ताकि मैच का परिणाम निकल सके. हुआ भी कुछ ऐसा ही और डेविड वॉर्नर ने महज 27 गेंदों में 55 रनों की तूफानी पारी खेतली हुए ऑस्ट्रेलिया का वांछित शुरुआत दिला दी. वॉर्नर ने आठ चौके और तीन छक्के जड़े. उनके साथी ओपनर उस्मान ख्वाजा भी पीछे नहीं रहे और 98 गेंदों में 79 रनों की नाबाद पारी खेली. वॉर्नर के आउट होने पर आए कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी वनडे जैसी पारी खेली और 43 गेंदों में 59 रन (8 चौके, 1 छक्का) ठोक दिए, जबकि पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 25 गेंदों में 40 रन जड़े. फिर दो विकेट पर 241 के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया ने पारी घोषित कर दी. पाकिस्तान की ओर से वहाब रियाज और यासिर शाह ने एक-एक विकेट लिया.
जवाब में पाकिस्तान ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन ओपनर शर्जील खान ने आक्रामक बैटिंग के चक्कर में विकेट फेंक दिया. उन्होंने 38 गेंदों में 40 रन बनाए. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक पाकिस्तान ने एक विकेट पर 55 रन बना लिए. अजहर अली (11) और यासिर शाह (3) नाबाद लौटे. अब पाकिस्तान को मैच बचाने के लिए शनिवार को पूरे दिन बल्लेबाजी करनी होगी.
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने विशाल बढ़त के साथ आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. उनका उद्देश्य एकदम साफ था. वह पाकिस्तान को जल्दी से जल्दी बड़ा लक्ष्य देने चाहते थे, ताकि मैच का परिणाम निकल सके. हुआ भी कुछ ऐसा ही और डेविड वॉर्नर ने महज 27 गेंदों में 55 रनों की तूफानी पारी खेतली हुए ऑस्ट्रेलिया का वांछित शुरुआत दिला दी. वॉर्नर ने आठ चौके और तीन छक्के जड़े. उनके साथी ओपनर उस्मान ख्वाजा भी पीछे नहीं रहे और 98 गेंदों में 79 रनों की नाबाद पारी खेली. वॉर्नर के आउट होने पर आए कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी वनडे जैसी पारी खेली और 43 गेंदों में 59 रन (8 चौके, 1 छक्का) ठोक दिए, जबकि पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 25 गेंदों में 40 रन जड़े. फिर दो विकेट पर 241 के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया ने पारी घोषित कर दी. पाकिस्तान की ओर से वहाब रियाज और यासिर शाह ने एक-एक विकेट लिया.
जवाब में पाकिस्तान ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन ओपनर शर्जील खान ने आक्रामक बैटिंग के चक्कर में विकेट फेंक दिया. उन्होंने 38 गेंदों में 40 रन बनाए. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक पाकिस्तान ने एक विकेट पर 55 रन बना लिए. अजहर अली (11) और यासिर शाह (3) नाबाद लौटे. अब पाकिस्तान को मैच बचाने के लिए शनिवार को पूरे दिन बल्लेबाजी करनी होगी. | सारांश: ऑस्ट्रेलिया ने पाक के सामने रखा है 466 रनों का लक्ष्य
डेविड वॉर्नर ने खेली है 27 गेंदों में 55 रनों की पारी
ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में हासिल की है 2-0 की अजेय बढ़त | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कई ऐसी जानकारियां दीं जिससे की बैठक में मौजूद कई नेताओं को आश्चर्य हुआ. राहुल गांधी ने कुछ नेताओं पर इशारा करते हुए कहा कि कुछ नेता अपने बेटों को ही टिकट दिलाने के दबाव डालते रहे. राहुल ने बताया कि एक नेता ने यहां तक कह दिया कि अगर उनके बेटे को टिकट नहीं मिला तो वह पार्टी छोड़ने पर विचार कर सकते हैं. राहुल गांधी ने कार्यसमिति की बैठक में कहा कि गांधी परिवार के अलावा भी यदि कोई पार्टी की अध्यक्षता कर सकता है उन्हें इसमें कोई दिक़्क़त नहीं है. लेकिन कई वरिष्ठ नेता जैसे डॉ. मनमोहन सिंह, अहमद पटेल, एके एंटनी और ग़ुलाम नबी आज़ाद ने उन्हें ऐसा करने से रोका. लेकिन राहुल गांधी अपने इस्तीफ़े को लेकर के अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि पार्टी पर उन्होंने सोच विचारकर अपनी राय रखी है और पार्टी भी खुले मन से इस पर विचार कर फैसला ले. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल की टीम के ख़िलाफ़ भी कुछ बातें कहीं गई. कुछ सदस्यों ने इस ओर इशारा किया कि राहुल की टीम में ऑक्सफोर्ड और हावर्ड के पढ़े लोग हैं भले ही वह बेहद क़ाबिल हों लेकिन वो और राजनीतिक लोग नहीं है.. लोगों का इशारा जाहिर है सैम पित्रोदा की तरफ था. लोगों का मानना है कि 1984 के सिख दंगों पर दिए गए बयान 'हुआ तो हुआ' से कांग्रेस को काफी नुकसान हुआ है.राहुल गांधी को यह भी सलाह दी गई कि वह अपनी टीम में राजनीति की समझ रखने वाले लोगों को भी शामिल करें जिससे टीम बैलेंस लगे और राजनीतिक फ़ैसले लेने में उन्हें आसानी हो.
जब राहुल गांधी अपने इस्तीफ़े की बात कह रहे थे तब सबकी नज़रें सोनिया गांधी पर गई जो उस बैठक में मौजूद थीं मगर सोनिया गांधी ने कोई जवाब नहीं दिया किसी भी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखाई. लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि राहुल गांधी इस्तीफ़ा देते हैं तो यह एकतरह से BJP के जाल में फंसने जैसा होगा क्योंकि बीजेपी यही चाहती है.
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राहुल गांधी कांग्रेस में बड़ा बदलाव कर सकते हैं. हार की ज़िम्मेदारी उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दी जा सकती है जहां कांग्रेस का खाता नहीं खुला या फिर उन्हें एक या दो सीटें आई हैं. इन राज्यों में दिसंबर में ही कांग्रेस ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया था और अपनी सरकार बनाई. 4 महीनों में यहां ऐसा क्या बदल गया जिससे लोकसभा के चुनाव में पार्टी का या तो खाता नहीं खुला या फिर 1 या दो सीटें आई हैं. सवाल इस बात का है कि क्या मुख्यमंत्री इसकी ज़िम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं या फिर उनके पास इसका कोई जवाब है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री तो कार्य समिति की बैठक में आए तक नहीं उन्होंने यह बहाना कर दिया कि वहां पर विधायक दल की बैठक उन्होंने बुलायी है इसलिए उनका भोपाल में रहना आवश्यक है क्योंकि BJP उनके सरकार को और स्थिर करने में लगी हुई है.
कार्य समिति की बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी को यह समझाने की कोशिश की कि यह पार्टी की पहली हार नहीं है इससे पहले भी इंदिरा गांधी से लेकर के बाक़ी कांग्रेस अध्यक्षों के ज़माने में भी पार्टी को ऐसी ही हार का सामना करना पड़ा था. मगर इसका मुक़ाबला नई रणनीति के साथ करने की ज़रूरत है क्योंकि अब वक़्त काफ़ी बदल गया है और पार्टी को उसी वक़्त के साथ बदलने की ज़रूरत है.
सुझाव यह भी आया कि पार्टी में कॉडर कैसे बनाया जाए सेवा दल का क्या रोल हो, युवाओं में कांग्रेस की नीतियों को लेकर कैसे भरोसा पैदा किया जाए. यह भी कहा गया कि कांग्रेस की न्याय योजना जिनके लिए थी उन्हीं तक पार्टी अपनी बात पहुंचाने में विफल रही है. अब इन सब चीजों के बीच राहुल गांधी के लिए की ज़िम्मेदारी काफ़ी बढ़ जाती है कि वह क्या नए बदलाव करते हैं. पार्टी में युवाओं और बुजुर्गों के बीच समन्वय होगा और अनुभव के साथ युवा को जोड़ कर किस तरह से आम लोगों को स्थान दिया जाएगा.
क्या केरल के नेताओं और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अनुभवों का भी लाभ लिया जाएगा. क्या राहुल गांधी उनसे मिलकर कुछ टिप्स लेने की कोशिश करेंगे कि आख़िर जो मुद्दा बीजेपी के लिए पूरे देश भर में चला वह पंजाब में क्यों नहीं चल पाया. क्या राहुल स्टालिन के पास जाएंगे कि DMK ने किस तरह से तमिलनाडु में AIADMKऔर BJP गठबंधन को ख़त्म कर दिया. मगर सबकी निगाहें इस पर होंगी कि राहुल आने वाले दिनों में किस तरह का फेरबदल पार्टी में करते हैं और प्रियंका गांधी की भूमिका बढ़ती है या उत्तर प्रदेश तक ही सीमित रहती है. यही नहीं कांग्रेस की नीतियां क्या होगीं साथ ही पार्टी को सही मौके और मुद्दे का इंतजार करना होगा जैसे कि इंदिरा गांधी ने बेलछी कांड का किया था. साथ ही राहुल को अपने सहयोगी दलों को भी भरोसा और दिलासा देना होगा खासकर आरजेडी के तेजस्वी यादव को और कनार्टक में कुमारस्वामी से भी बात करनी होगी कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है. राहुल को ऐसी टीम बनानी होगी जो नए जोश से काम कर सके. | टीम राहुल पर भी उठे सवाल
गैर राजनीतिक लोग टीम में शामिल
इशारा सैम पित्रोदा जैसे लोगों पर | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कच्छ के नलिया वायु ठिकाने के पास नियमित उड़ान के दौरान भारतीय वायु सेना का एक मिग-21 विमान शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया, लेकिन पायलट सुरक्षित उससे बाहर निकल आया।टिप्पणियां
वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि लड़ाकू विमान एक खुले वन क्षेत्र में बने वायु ठिकाने से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। पायलट को मामूली चोट आई है और उसे भुज सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वायुसेना ने दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शी रेंज वन अधिकारी अतुल दवे के अनुसार विमान में आग नहीं लगी। 30 अगस्त को जिले के जामनगर शहर के पास एक वायु ठिकाने से उडान भरने के कुछ समय बाद बीच आसमान में एमआई-17 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उसमें सवार पांच अधिकारियों सहित नौ वायुसेनाकर्मियों की मौत हो गई थी।
वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि लड़ाकू विमान एक खुले वन क्षेत्र में बने वायु ठिकाने से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। पायलट को मामूली चोट आई है और उसे भुज सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वायुसेना ने दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शी रेंज वन अधिकारी अतुल दवे के अनुसार विमान में आग नहीं लगी। 30 अगस्त को जिले के जामनगर शहर के पास एक वायु ठिकाने से उडान भरने के कुछ समय बाद बीच आसमान में एमआई-17 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उसमें सवार पांच अधिकारियों सहित नौ वायुसेनाकर्मियों की मौत हो गई थी।
प्रत्यक्षदर्शी रेंज वन अधिकारी अतुल दवे के अनुसार विमान में आग नहीं लगी। 30 अगस्त को जिले के जामनगर शहर के पास एक वायु ठिकाने से उडान भरने के कुछ समय बाद बीच आसमान में एमआई-17 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उसमें सवार पांच अधिकारियों सहित नौ वायुसेनाकर्मियों की मौत हो गई थी। | संक्षिप्त सारांश: कच्छ के नलिया वायु ठिकाने के पास नियमित उड़ान के दौरान भारतीय वायु सेना का एक मिग-21 विमान शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया, लेकिन पायलट सुरक्षित उससे बाहर निकल आया। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ओबुलापुरम खनन कंपनी को खानों के पट्टों के आवंटन में अनियमितताओं व अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआई को पता लगा है कि खनन उद्यमी जी जनार्दन रेड्डी और उनके सहयोगियों ने यहां एक निजी बैंक में कथित तौर पर 200 लॉकर बुक कराये थे। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि निजी बैंक में मौजूद 350 लॉकरों में से करीब 200 को रेड्डी तथा उनके सहयोगियों ने बुक कराया था। सभी लॉकरों की हाल ही में जांच की गयी थी। सूत्रों के मुताबिक रेड्डी के कथित तौर पर दस लॉकर थे और इनमें उन्होंने सोने, हीरे व प्लेटिनम के आभूषण तथा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज रख रखे थे। हाल ही में सीबीआई के अधिकारियों ने जनार्दन रेड्डी के रिश्तेदार तथा ओएमसी के प्रबंध निदेशक श्रीनिवास रेड्डी के कुछ लॉकर खोले थे जिनमें से 14 किलोग्राम से अधिक सोने के जेवर जब्त किये गये। सीबीआई के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या रेड्डी और उनके सहयोगियों ने शहर में या अन्य कहीं और भी बैंकों में लॉकर ले रखे थे। सूत्रों ने यह भी कहा कि सीबीआई और आयकर विभाग को जनार्दन रेड्डी के विदेशी प्रतिष्ठानों द्वारा छह देशों कंबोडिया, दुबई, सिंगापुर, वियतनाम, चीन और इंडोनेशिया में धन के हस्तांतरण की जानकारी मिली थी। ओएमसी ने कर्नाटक की खदानों से निकाला गया उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क आंध्र प्रदेश के परमिटों का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर विदेशों में अपनी बेनामी कंपनी को बेचा। जनार्दन और श्रीनिवास रेड्डी को पांच सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। | यह एक सारांश है: सीबीआई को पता लगा है कि खनन उद्यमी जी जनार्दन रेड्डी और उनके सहयोगियों ने एक निजी बैंक में कथित तौर पर 200 लॉकर बुक कराए थे। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने आज पहली बार देशव्यापी खुदरा मूल्य सूचकांक के आधार पर मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक मुद्रास्फीति जनवरी 2012 में 7.65 प्रतिशत रही।
जनवरी में जहां खाद्य एवं पेय पदार्थों की औसत कीमत पिछले वर्ष जनवरी की तुलना में 4.11 प्रतिशत बढ़ी वहीं ईंधन और लाइट एवं कपड़ा तथा जूता-चप्पल खंड में मुद्रास्फीति दोहरे अंक में रही। कुल मिलाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मुद्रास्फीति क्रमश: 7.38 प्रतिशत तथा 8.25 प्रतिशत रही।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीकांत जेना ने कहा, ‘‘मंत्रालयों तथा विभिन्न तबकों की व्यापक उपभोक्ता मुद्रास्फीति की दर जारी करने की लम्बे समय से मांग थी। इस मांग को पूरा करने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के तहत सालाना आधार पर जनवरी 2012 का मुद्रास्फीति आंकड़ा जारी किया गया है।’’ अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रम मंत्रालय द्वारा तैयार तीन सूचकांकों..कृषि श्रमिकों, ग्रामीण श्रमिकों तथा औद्योगिक कर्मचारियों.. के अतिरिक्त होगा। नया सीपीआई सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) तैयार किया जा रहा है और अंतत: यह मानक मुद्रास्फीति के रूप में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) का स्थान लेगा।
सब्जियों की कीमत जनवरी महीने में पिछले वर्ष के इसी माह के मुकाबले 24 प्रतिशत कम रही। हालांकि अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमत में तेजी दर्ज की गई। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इस वर्ग की मुद्रास्फीति क्रमश: 4.18 प्रतिशत तथा 3.98 प्रतिशत रही। आलोच्य महीने में दूध एवं दूध उत्पादों के दाम सालाना आधार पर 16.53 प्रतिशत महंगे हुए जबकि तेल एवं वसा की कीमतें 13.47 प्रतिशत ऊंची रहीं। इसी दौरान मसाले एवं फल की कीमत में जनवरी महीने के दौरान 10.62 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। अंडा, मांस तथा मछली जनवरी महीने में 10.45 प्रतिशत महंगी हुई जबकि अनाज तथा दाल के भाव में क्रमश: 2.69 प्रतिशत तथा 5.66 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। आलोच्य महीने में चीनी सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत महंगी हुई। ईंधन एवं लाइट खंड में मुद्रास्फीति जनवरी 2012 में 13.13 प्रतिशत रही। अखिल भारतीय स्तर पर कपड़ा, बेडिंग तथा जूता-चप्पल क्षेत्र में महंगाई दर आलोच्य महीने में 14.25 प्रतिशत दर्ज की गयी। बहरहाल, सरकार ने आवास और विविध जिंसों की खुदरा मुद्रास्फीति जारी नहीं की है। टिप्पणियां
मंत्रालय ने जनवरी 2011 से देशव्यापी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया। उस समय मुद्रास्फीति के आंकड़े नहीं दिए गए थे। यह पहला मौका है जब सरकार ने ग्रामीण, शहरी तथा अखिल भारतीय स्तर पर खुदरा मूल्यों की मुद्रास्फीति जारी की है।
सूचकांक के लिये आंकड़े 310 शहरों तथा 1,180 ग्रामीण केंद्रों से एकत्रित किये जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मौद्रिक नीति के बारे में निर्णय करने में सीपीआई मानक होगा। इसके अलावा सरकार भी इसका उपयोग करेगी लेकिन इसके थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का स्थान लेने में थोड़ा वक्त लगेगा। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष जनवरी में 6.55 प्रतिशत थी।
जनवरी में जहां खाद्य एवं पेय पदार्थों की औसत कीमत पिछले वर्ष जनवरी की तुलना में 4.11 प्रतिशत बढ़ी वहीं ईंधन और लाइट एवं कपड़ा तथा जूता-चप्पल खंड में मुद्रास्फीति दोहरे अंक में रही। कुल मिलाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मुद्रास्फीति क्रमश: 7.38 प्रतिशत तथा 8.25 प्रतिशत रही।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीकांत जेना ने कहा, ‘‘मंत्रालयों तथा विभिन्न तबकों की व्यापक उपभोक्ता मुद्रास्फीति की दर जारी करने की लम्बे समय से मांग थी। इस मांग को पूरा करने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के तहत सालाना आधार पर जनवरी 2012 का मुद्रास्फीति आंकड़ा जारी किया गया है।’’ अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रम मंत्रालय द्वारा तैयार तीन सूचकांकों..कृषि श्रमिकों, ग्रामीण श्रमिकों तथा औद्योगिक कर्मचारियों.. के अतिरिक्त होगा। नया सीपीआई सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) तैयार किया जा रहा है और अंतत: यह मानक मुद्रास्फीति के रूप में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) का स्थान लेगा।
सब्जियों की कीमत जनवरी महीने में पिछले वर्ष के इसी माह के मुकाबले 24 प्रतिशत कम रही। हालांकि अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमत में तेजी दर्ज की गई। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इस वर्ग की मुद्रास्फीति क्रमश: 4.18 प्रतिशत तथा 3.98 प्रतिशत रही। आलोच्य महीने में दूध एवं दूध उत्पादों के दाम सालाना आधार पर 16.53 प्रतिशत महंगे हुए जबकि तेल एवं वसा की कीमतें 13.47 प्रतिशत ऊंची रहीं। इसी दौरान मसाले एवं फल की कीमत में जनवरी महीने के दौरान 10.62 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। अंडा, मांस तथा मछली जनवरी महीने में 10.45 प्रतिशत महंगी हुई जबकि अनाज तथा दाल के भाव में क्रमश: 2.69 प्रतिशत तथा 5.66 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। आलोच्य महीने में चीनी सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत महंगी हुई। ईंधन एवं लाइट खंड में मुद्रास्फीति जनवरी 2012 में 13.13 प्रतिशत रही। अखिल भारतीय स्तर पर कपड़ा, बेडिंग तथा जूता-चप्पल क्षेत्र में महंगाई दर आलोच्य महीने में 14.25 प्रतिशत दर्ज की गयी। बहरहाल, सरकार ने आवास और विविध जिंसों की खुदरा मुद्रास्फीति जारी नहीं की है। टिप्पणियां
मंत्रालय ने जनवरी 2011 से देशव्यापी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया। उस समय मुद्रास्फीति के आंकड़े नहीं दिए गए थे। यह पहला मौका है जब सरकार ने ग्रामीण, शहरी तथा अखिल भारतीय स्तर पर खुदरा मूल्यों की मुद्रास्फीति जारी की है।
सूचकांक के लिये आंकड़े 310 शहरों तथा 1,180 ग्रामीण केंद्रों से एकत्रित किये जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मौद्रिक नीति के बारे में निर्णय करने में सीपीआई मानक होगा। इसके अलावा सरकार भी इसका उपयोग करेगी लेकिन इसके थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का स्थान लेने में थोड़ा वक्त लगेगा। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष जनवरी में 6.55 प्रतिशत थी।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीकांत जेना ने कहा, ‘‘मंत्रालयों तथा विभिन्न तबकों की व्यापक उपभोक्ता मुद्रास्फीति की दर जारी करने की लम्बे समय से मांग थी। इस मांग को पूरा करने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के तहत सालाना आधार पर जनवरी 2012 का मुद्रास्फीति आंकड़ा जारी किया गया है।’’ अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रम मंत्रालय द्वारा तैयार तीन सूचकांकों..कृषि श्रमिकों, ग्रामीण श्रमिकों तथा औद्योगिक कर्मचारियों.. के अतिरिक्त होगा। नया सीपीआई सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) तैयार किया जा रहा है और अंतत: यह मानक मुद्रास्फीति के रूप में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) का स्थान लेगा।
सब्जियों की कीमत जनवरी महीने में पिछले वर्ष के इसी माह के मुकाबले 24 प्रतिशत कम रही। हालांकि अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमत में तेजी दर्ज की गई। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इस वर्ग की मुद्रास्फीति क्रमश: 4.18 प्रतिशत तथा 3.98 प्रतिशत रही। आलोच्य महीने में दूध एवं दूध उत्पादों के दाम सालाना आधार पर 16.53 प्रतिशत महंगे हुए जबकि तेल एवं वसा की कीमतें 13.47 प्रतिशत ऊंची रहीं। इसी दौरान मसाले एवं फल की कीमत में जनवरी महीने के दौरान 10.62 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। अंडा, मांस तथा मछली जनवरी महीने में 10.45 प्रतिशत महंगी हुई जबकि अनाज तथा दाल के भाव में क्रमश: 2.69 प्रतिशत तथा 5.66 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। आलोच्य महीने में चीनी सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत महंगी हुई। ईंधन एवं लाइट खंड में मुद्रास्फीति जनवरी 2012 में 13.13 प्रतिशत रही। अखिल भारतीय स्तर पर कपड़ा, बेडिंग तथा जूता-चप्पल क्षेत्र में महंगाई दर आलोच्य महीने में 14.25 प्रतिशत दर्ज की गयी। बहरहाल, सरकार ने आवास और विविध जिंसों की खुदरा मुद्रास्फीति जारी नहीं की है। टिप्पणियां
मंत्रालय ने जनवरी 2011 से देशव्यापी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया। उस समय मुद्रास्फीति के आंकड़े नहीं दिए गए थे। यह पहला मौका है जब सरकार ने ग्रामीण, शहरी तथा अखिल भारतीय स्तर पर खुदरा मूल्यों की मुद्रास्फीति जारी की है।
सूचकांक के लिये आंकड़े 310 शहरों तथा 1,180 ग्रामीण केंद्रों से एकत्रित किये जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मौद्रिक नीति के बारे में निर्णय करने में सीपीआई मानक होगा। इसके अलावा सरकार भी इसका उपयोग करेगी लेकिन इसके थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का स्थान लेने में थोड़ा वक्त लगेगा। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष जनवरी में 6.55 प्रतिशत थी।
सब्जियों की कीमत जनवरी महीने में पिछले वर्ष के इसी माह के मुकाबले 24 प्रतिशत कम रही। हालांकि अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमत में तेजी दर्ज की गई। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इस वर्ग की मुद्रास्फीति क्रमश: 4.18 प्रतिशत तथा 3.98 प्रतिशत रही। आलोच्य महीने में दूध एवं दूध उत्पादों के दाम सालाना आधार पर 16.53 प्रतिशत महंगे हुए जबकि तेल एवं वसा की कीमतें 13.47 प्रतिशत ऊंची रहीं। इसी दौरान मसाले एवं फल की कीमत में जनवरी महीने के दौरान 10.62 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। अंडा, मांस तथा मछली जनवरी महीने में 10.45 प्रतिशत महंगी हुई जबकि अनाज तथा दाल के भाव में क्रमश: 2.69 प्रतिशत तथा 5.66 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। आलोच्य महीने में चीनी सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत महंगी हुई। ईंधन एवं लाइट खंड में मुद्रास्फीति जनवरी 2012 में 13.13 प्रतिशत रही। अखिल भारतीय स्तर पर कपड़ा, बेडिंग तथा जूता-चप्पल क्षेत्र में महंगाई दर आलोच्य महीने में 14.25 प्रतिशत दर्ज की गयी। बहरहाल, सरकार ने आवास और विविध जिंसों की खुदरा मुद्रास्फीति जारी नहीं की है। टिप्पणियां
मंत्रालय ने जनवरी 2011 से देशव्यापी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया। उस समय मुद्रास्फीति के आंकड़े नहीं दिए गए थे। यह पहला मौका है जब सरकार ने ग्रामीण, शहरी तथा अखिल भारतीय स्तर पर खुदरा मूल्यों की मुद्रास्फीति जारी की है।
सूचकांक के लिये आंकड़े 310 शहरों तथा 1,180 ग्रामीण केंद्रों से एकत्रित किये जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मौद्रिक नीति के बारे में निर्णय करने में सीपीआई मानक होगा। इसके अलावा सरकार भी इसका उपयोग करेगी लेकिन इसके थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का स्थान लेने में थोड़ा वक्त लगेगा। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष जनवरी में 6.55 प्रतिशत थी।
मंत्रालय ने जनवरी 2011 से देशव्यापी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया। उस समय मुद्रास्फीति के आंकड़े नहीं दिए गए थे। यह पहला मौका है जब सरकार ने ग्रामीण, शहरी तथा अखिल भारतीय स्तर पर खुदरा मूल्यों की मुद्रास्फीति जारी की है।
सूचकांक के लिये आंकड़े 310 शहरों तथा 1,180 ग्रामीण केंद्रों से एकत्रित किये जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मौद्रिक नीति के बारे में निर्णय करने में सीपीआई मानक होगा। इसके अलावा सरकार भी इसका उपयोग करेगी लेकिन इसके थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का स्थान लेने में थोड़ा वक्त लगेगा। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष जनवरी में 6.55 प्रतिशत थी।
सूचकांक के लिये आंकड़े 310 शहरों तथा 1,180 ग्रामीण केंद्रों से एकत्रित किये जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मौद्रिक नीति के बारे में निर्णय करने में सीपीआई मानक होगा। इसके अलावा सरकार भी इसका उपयोग करेगी लेकिन इसके थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का स्थान लेने में थोड़ा वक्त लगेगा। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष जनवरी में 6.55 प्रतिशत थी। | सरकार ने आज पहली बार देशव्यापी खुदरा मूल्य सूचकांक के आधार पर मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक मुद्रास्फीति जनवरी 2012 में 7.65 प्रतिशत रही। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ऋण तले दबे एक व्यक्ति ने सरकार से पांच लाख रुपए का मुआवजा पाने के लिए अपनी 4 साल की बेटी को नहर में कथित रूप से डुबो दिया और उसके अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि सात लाख रुपए के कर्ज तले दबे शाहबाज अहमद ने पंजाब सरकार से मुआवजा हासिल करने के लिए शाहिबा की हत्या कर देने की साजिश रच डाली.
यहां से करीब 150 किलोमीटर दूर कोटला के समीप जाखर गांव के शाहबाज ने बेटी को नहर में डुबो देने के बाद मंगलवार को पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी का स्कूल जाते समय अपहरण कर लिया गया.टिप्पणियां
पुलिस को रणधीर गांव के समीप नहर में लड़की का शव तैरता मिला. शव निकालने के बाद पुलिस ने कड़ाई से शाहबाज से पूछताछ की. उसने इस आस में उसकी हत्या करने की बात कबूली कि उसे मुआवजा मिल जाएगा जो पंजाब सरकार अपहृत बच्चों के परिवारों को दे रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि सात लाख रुपए के कर्ज तले दबे शाहबाज अहमद ने पंजाब सरकार से मुआवजा हासिल करने के लिए शाहिबा की हत्या कर देने की साजिश रच डाली.
यहां से करीब 150 किलोमीटर दूर कोटला के समीप जाखर गांव के शाहबाज ने बेटी को नहर में डुबो देने के बाद मंगलवार को पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी का स्कूल जाते समय अपहरण कर लिया गया.टिप्पणियां
पुलिस को रणधीर गांव के समीप नहर में लड़की का शव तैरता मिला. शव निकालने के बाद पुलिस ने कड़ाई से शाहबाज से पूछताछ की. उसने इस आस में उसकी हत्या करने की बात कबूली कि उसे मुआवजा मिल जाएगा जो पंजाब सरकार अपहृत बच्चों के परिवारों को दे रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहां से करीब 150 किलोमीटर दूर कोटला के समीप जाखर गांव के शाहबाज ने बेटी को नहर में डुबो देने के बाद मंगलवार को पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी का स्कूल जाते समय अपहरण कर लिया गया.टिप्पणियां
पुलिस को रणधीर गांव के समीप नहर में लड़की का शव तैरता मिला. शव निकालने के बाद पुलिस ने कड़ाई से शाहबाज से पूछताछ की. उसने इस आस में उसकी हत्या करने की बात कबूली कि उसे मुआवजा मिल जाएगा जो पंजाब सरकार अपहृत बच्चों के परिवारों को दे रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस को रणधीर गांव के समीप नहर में लड़की का शव तैरता मिला. शव निकालने के बाद पुलिस ने कड़ाई से शाहबाज से पूछताछ की. उसने इस आस में उसकी हत्या करने की बात कबूली कि उसे मुआवजा मिल जाएगा जो पंजाब सरकार अपहृत बच्चों के परिवारों को दे रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: 4 साल की बेटी को नहर में डुबो दिया
बेटी के अपहरण की झूठी खबर दर्ज करवाई
अपहृत बच्चों के माता-पिता को मिलता है मुआवजा | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली की पत्नी ने 26 नवंबर के मुंबई आतंकवादी हमले की सफलता के बाद उसे 'बधाई' दी थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक हेडली की पत्नी ने कहा कि उसने टीवी पूरे दिन ‘शो’ (आतंकवादी हमले) को देखा था।टिप्पणियां
हेडली (51) और आठ अन्य के खिलाफ संज्ञान लेने पर दलील को आगे बढ़ाते हुए अभियोजक ने विशेष एनआईए न्यायाधीश एचएस शर्मा से कहा कि आरोपी की पत्नी ने उसे ईमेल कर कहा था, ‘उसने स्नातक कर लिया है और उसे उस पर गर्व है।’ एनआईए के वकील ध्यान कृष्णन ने कहा कि हेडली और अन्य यहां पर कई आतंकवादी हमले के आरोपी हैं।
कृष्णन ने कहा, ‘मुंबई हमले के बाद हेडली की पहली पत्नी शाजिया ने उसे एक ईमेल किया कि उसने पूरे दिन शो को देखा। उसने कूट भाषा का इस्तेमाल किया जैसे वह कार्टून देख रही थी और कहा कि उसने (हेडली) स्नातक कर लिया है जो 26/11 के हमले की सफलता की बधाई थी।’ उन्होंने कहा कि हेडली ने यात्रा की थी और 26/11 मुंबई हमले के पहले देश के विभिन्न स्थानों का सर्वे किया था और वह कई बार पाकिस्तान गया था।
जांच एजेंसी के मुताबिक हेडली की पत्नी ने कहा कि उसने टीवी पूरे दिन ‘शो’ (आतंकवादी हमले) को देखा था।टिप्पणियां
हेडली (51) और आठ अन्य के खिलाफ संज्ञान लेने पर दलील को आगे बढ़ाते हुए अभियोजक ने विशेष एनआईए न्यायाधीश एचएस शर्मा से कहा कि आरोपी की पत्नी ने उसे ईमेल कर कहा था, ‘उसने स्नातक कर लिया है और उसे उस पर गर्व है।’ एनआईए के वकील ध्यान कृष्णन ने कहा कि हेडली और अन्य यहां पर कई आतंकवादी हमले के आरोपी हैं।
कृष्णन ने कहा, ‘मुंबई हमले के बाद हेडली की पहली पत्नी शाजिया ने उसे एक ईमेल किया कि उसने पूरे दिन शो को देखा। उसने कूट भाषा का इस्तेमाल किया जैसे वह कार्टून देख रही थी और कहा कि उसने (हेडली) स्नातक कर लिया है जो 26/11 के हमले की सफलता की बधाई थी।’ उन्होंने कहा कि हेडली ने यात्रा की थी और 26/11 मुंबई हमले के पहले देश के विभिन्न स्थानों का सर्वे किया था और वह कई बार पाकिस्तान गया था।
हेडली (51) और आठ अन्य के खिलाफ संज्ञान लेने पर दलील को आगे बढ़ाते हुए अभियोजक ने विशेष एनआईए न्यायाधीश एचएस शर्मा से कहा कि आरोपी की पत्नी ने उसे ईमेल कर कहा था, ‘उसने स्नातक कर लिया है और उसे उस पर गर्व है।’ एनआईए के वकील ध्यान कृष्णन ने कहा कि हेडली और अन्य यहां पर कई आतंकवादी हमले के आरोपी हैं।
कृष्णन ने कहा, ‘मुंबई हमले के बाद हेडली की पहली पत्नी शाजिया ने उसे एक ईमेल किया कि उसने पूरे दिन शो को देखा। उसने कूट भाषा का इस्तेमाल किया जैसे वह कार्टून देख रही थी और कहा कि उसने (हेडली) स्नातक कर लिया है जो 26/11 के हमले की सफलता की बधाई थी।’ उन्होंने कहा कि हेडली ने यात्रा की थी और 26/11 मुंबई हमले के पहले देश के विभिन्न स्थानों का सर्वे किया था और वह कई बार पाकिस्तान गया था।
कृष्णन ने कहा, ‘मुंबई हमले के बाद हेडली की पहली पत्नी शाजिया ने उसे एक ईमेल किया कि उसने पूरे दिन शो को देखा। उसने कूट भाषा का इस्तेमाल किया जैसे वह कार्टून देख रही थी और कहा कि उसने (हेडली) स्नातक कर लिया है जो 26/11 के हमले की सफलता की बधाई थी।’ उन्होंने कहा कि हेडली ने यात्रा की थी और 26/11 मुंबई हमले के पहले देश के विभिन्न स्थानों का सर्वे किया था और वह कई बार पाकिस्तान गया था। | यहाँ एक सारांश है:राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली की पत्नी ने 26 नवंबर के मुंबई आतंकवादी हमले की सफलता के बाद उसे 'बधाई' दी थी। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केनरा बैंक अपने सभी बचत बैंक ग्राहकों के लिए ‘केनरा फ्रीडम सुरक्षा’ नाम से एक लाख रुपये का जीवन बीमा कवर शुरू करने की तैयारी की है। यह एक मूल्यवर्धित सेवा है जो बहुत मामूली प्रीमियम पर उपलब्ध होगी।टिप्पणियां
केनरा बैंक के कार्यकारी निदेशक एके गुप्ता ने कहा कि यह सुविधा उसकी संयुक्त उद्यम कंपनी केनरा एचएसबीसी ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सहयोग से मंगलवार को शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह सुविधा बगैर चिकित्सा जांच के उपलब्ध कराई जाएगी और ग्राहक को केवल यह घोषणा करनी होगी कि उसका स्वास्थ्य अच्छा है। इसमें प्राकृतिक एवं दुर्घटना मृत्यु दोनों के लिए जोखिम कवर उपलब्ध होगा।
बयान में कहा गया है कि 18 से 35 वर्ष की आयु के लोगों के लिए यह सुविधा सालाना 177 रुपये की प्रीमियम पर जबकि 36 से 50 वर्ष की आयु के लोगों के लिए यह सालाना 366 रुपये की प्रीमियम पर उपलब्ध होगी। वहीं 51 से 59 वर्ष की आयु के लोगों को 988 रुपये प्रीमियम का भुगतान करना होगा।
केनरा बैंक के कार्यकारी निदेशक एके गुप्ता ने कहा कि यह सुविधा उसकी संयुक्त उद्यम कंपनी केनरा एचएसबीसी ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सहयोग से मंगलवार को शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह सुविधा बगैर चिकित्सा जांच के उपलब्ध कराई जाएगी और ग्राहक को केवल यह घोषणा करनी होगी कि उसका स्वास्थ्य अच्छा है। इसमें प्राकृतिक एवं दुर्घटना मृत्यु दोनों के लिए जोखिम कवर उपलब्ध होगा।
बयान में कहा गया है कि 18 से 35 वर्ष की आयु के लोगों के लिए यह सुविधा सालाना 177 रुपये की प्रीमियम पर जबकि 36 से 50 वर्ष की आयु के लोगों के लिए यह सालाना 366 रुपये की प्रीमियम पर उपलब्ध होगी। वहीं 51 से 59 वर्ष की आयु के लोगों को 988 रुपये प्रीमियम का भुगतान करना होगा।
बयान में कहा गया है कि 18 से 35 वर्ष की आयु के लोगों के लिए यह सुविधा सालाना 177 रुपये की प्रीमियम पर जबकि 36 से 50 वर्ष की आयु के लोगों के लिए यह सालाना 366 रुपये की प्रीमियम पर उपलब्ध होगी। वहीं 51 से 59 वर्ष की आयु के लोगों को 988 रुपये प्रीमियम का भुगतान करना होगा। | यहाँ एक सारांश है:केनरा बैंक अपने सभी बचत बैंक ग्राहकों के लिए ‘केनरा फ्रीडम सुरक्षा’ नाम से एक लाख रुपये का जीवन बीमा कवर शुरू करने की तैयारी की है। यह एक मूल्यवर्धित सेवा है जो बहुत मामूली प्रीमियम पर उपलब्ध होगी। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान ने बिहार में शराबबंदी का तो समर्थन किया है, लेकिन इसके प्रावधानों की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में कहीं शराब बरामद होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए.
पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी बिहार में शराब बंदी के खिलाफ नहीं, बल्कि दंडात्मक प्रावधानों के खिलाफ है, जो मौलिक अधिकार और नागरिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन करते हैं.
एलजेपी प्रमुख ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, 'नीतीश महात्मा गांधी बनने के लिए शराब कानून का प्रचार कर रहे हैं और किसी घर में शराब की बोतल पाए जाने पर जुर्माना लगाने के अलावा परिवार के सभी वयस्क सदस्यों को जेल भेजने की कोशिश कर रहे हैं.' उन्होंने कहा, 'अगर शराब की बोतल पाए जाने पर किसी परिवार के सभी वयस्क सदस्यों को जेल भेजा जा सकता है तो राज्य में शराब की बोतल बरामद होने पर मुख्यमंत्री को भी जेल जाना चाहिए.'टिप्पणियां
बिहार में मद्यनिषेध कानून को रद्द करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी का शुरू से रुख है कि हम शराबबंदी के पक्ष में हैं और उसके खिलाफ नहीं. लेकिन हम नए शराब कानून के तहत कड़े दंडात्मक प्रावधानों को नामंजूर करते हैं, जो नागरिकों के मौलिक अधिकार और निजता का उल्लंघन करते हैं.' उन्होंने कहा कि पार्टी का मानना है कि उपअधीक्षक से नीचे रैंक के पुलिस अधिकारी को बिना वारंट के किसी भी परिसर की तलाशी/जांच करने की मंजूरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह 'नैसर्गिक न्याय' के खिलाफ है.
पासवान ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर कहा, 'उच्चतम न्यायालय के रोक लगाने का मतलब यह नहीं है कि मामले पर फैसला हो गया. न्यायालय मामले की जांच कर रहा है और मामले की सुनवाई शुरू होनी बाकी है.'
पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी बिहार में शराब बंदी के खिलाफ नहीं, बल्कि दंडात्मक प्रावधानों के खिलाफ है, जो मौलिक अधिकार और नागरिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन करते हैं.
एलजेपी प्रमुख ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, 'नीतीश महात्मा गांधी बनने के लिए शराब कानून का प्रचार कर रहे हैं और किसी घर में शराब की बोतल पाए जाने पर जुर्माना लगाने के अलावा परिवार के सभी वयस्क सदस्यों को जेल भेजने की कोशिश कर रहे हैं.' उन्होंने कहा, 'अगर शराब की बोतल पाए जाने पर किसी परिवार के सभी वयस्क सदस्यों को जेल भेजा जा सकता है तो राज्य में शराब की बोतल बरामद होने पर मुख्यमंत्री को भी जेल जाना चाहिए.'टिप्पणियां
बिहार में मद्यनिषेध कानून को रद्द करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी का शुरू से रुख है कि हम शराबबंदी के पक्ष में हैं और उसके खिलाफ नहीं. लेकिन हम नए शराब कानून के तहत कड़े दंडात्मक प्रावधानों को नामंजूर करते हैं, जो नागरिकों के मौलिक अधिकार और निजता का उल्लंघन करते हैं.' उन्होंने कहा कि पार्टी का मानना है कि उपअधीक्षक से नीचे रैंक के पुलिस अधिकारी को बिना वारंट के किसी भी परिसर की तलाशी/जांच करने की मंजूरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह 'नैसर्गिक न्याय' के खिलाफ है.
पासवान ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर कहा, 'उच्चतम न्यायालय के रोक लगाने का मतलब यह नहीं है कि मामले पर फैसला हो गया. न्यायालय मामले की जांच कर रहा है और मामले की सुनवाई शुरू होनी बाकी है.'
एलजेपी प्रमुख ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, 'नीतीश महात्मा गांधी बनने के लिए शराब कानून का प्रचार कर रहे हैं और किसी घर में शराब की बोतल पाए जाने पर जुर्माना लगाने के अलावा परिवार के सभी वयस्क सदस्यों को जेल भेजने की कोशिश कर रहे हैं.' उन्होंने कहा, 'अगर शराब की बोतल पाए जाने पर किसी परिवार के सभी वयस्क सदस्यों को जेल भेजा जा सकता है तो राज्य में शराब की बोतल बरामद होने पर मुख्यमंत्री को भी जेल जाना चाहिए.'टिप्पणियां
बिहार में मद्यनिषेध कानून को रद्द करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी का शुरू से रुख है कि हम शराबबंदी के पक्ष में हैं और उसके खिलाफ नहीं. लेकिन हम नए शराब कानून के तहत कड़े दंडात्मक प्रावधानों को नामंजूर करते हैं, जो नागरिकों के मौलिक अधिकार और निजता का उल्लंघन करते हैं.' उन्होंने कहा कि पार्टी का मानना है कि उपअधीक्षक से नीचे रैंक के पुलिस अधिकारी को बिना वारंट के किसी भी परिसर की तलाशी/जांच करने की मंजूरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह 'नैसर्गिक न्याय' के खिलाफ है.
पासवान ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर कहा, 'उच्चतम न्यायालय के रोक लगाने का मतलब यह नहीं है कि मामले पर फैसला हो गया. न्यायालय मामले की जांच कर रहा है और मामले की सुनवाई शुरू होनी बाकी है.'
बिहार में मद्यनिषेध कानून को रद्द करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी का शुरू से रुख है कि हम शराबबंदी के पक्ष में हैं और उसके खिलाफ नहीं. लेकिन हम नए शराब कानून के तहत कड़े दंडात्मक प्रावधानों को नामंजूर करते हैं, जो नागरिकों के मौलिक अधिकार और निजता का उल्लंघन करते हैं.' उन्होंने कहा कि पार्टी का मानना है कि उपअधीक्षक से नीचे रैंक के पुलिस अधिकारी को बिना वारंट के किसी भी परिसर की तलाशी/जांच करने की मंजूरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह 'नैसर्गिक न्याय' के खिलाफ है.
पासवान ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर कहा, 'उच्चतम न्यायालय के रोक लगाने का मतलब यह नहीं है कि मामले पर फैसला हो गया. न्यायालय मामले की जांच कर रहा है और मामले की सुनवाई शुरू होनी बाकी है.'
पासवान ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर कहा, 'उच्चतम न्यायालय के रोक लगाने का मतलब यह नहीं है कि मामले पर फैसला हो गया. न्यायालय मामले की जांच कर रहा है और मामले की सुनवाई शुरू होनी बाकी है.' | संक्षिप्त पाठ: रामविलास पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी बिहार में शराबबंदी के खिलाफ नहीं
उन्होंने कहा कि वह इस कानून के दंडात्मक प्रावधानों के खिलाफ है
पासवान ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की है फैसले नहीं दिया | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दो बाइक सवार आतंकियों ने पुराने शहर के खानयर इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर बुधवार को ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिससे सात जवान घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर है।टिप्पणियां
श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशिक बुखारी ने बताया कि सुबह तकरीबन 7:15 बजे शिराज सिनेमा के पास स्थित अपने मुख्यालय से सीआरपीएफ की 82वीं बटालियन के जवान ड्यूटी के लिए निकल रहे थे, जब मोटरसाइकिल सवार आतंकियों ने उन पर गोलियां चलाईं।
बुखारी ने कहा कि विक्टोरिया क्रॉसिंग के पास खानयर में हमले में सात जवान घायल हो गए। एक जवान के सीने में गोलियां लगी हैं, जबकि बाकियों के कमर के नीचे गोलियां लगी हैं।
श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशिक बुखारी ने बताया कि सुबह तकरीबन 7:15 बजे शिराज सिनेमा के पास स्थित अपने मुख्यालय से सीआरपीएफ की 82वीं बटालियन के जवान ड्यूटी के लिए निकल रहे थे, जब मोटरसाइकिल सवार आतंकियों ने उन पर गोलियां चलाईं।
बुखारी ने कहा कि विक्टोरिया क्रॉसिंग के पास खानयर में हमले में सात जवान घायल हो गए। एक जवान के सीने में गोलियां लगी हैं, जबकि बाकियों के कमर के नीचे गोलियां लगी हैं।
बुखारी ने कहा कि विक्टोरिया क्रॉसिंग के पास खानयर में हमले में सात जवान घायल हो गए। एक जवान के सीने में गोलियां लगी हैं, जबकि बाकियों के कमर के नीचे गोलियां लगी हैं। | यहाँ एक सारांश है:दो बाइक सवार आतंकियों ने पुराने शहर के खानयर इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर बुधवार को ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिससे सात जवान घायल हो गए। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जून महीने की शुरुआत हो गई, लेकिन अभी तक बिहार के सात जिलों में किसानों से छटांक भर गेहूं की भी अधिप्राप्ति (सरकारी खरीद) नहीं हुई है. गेहूं की खरीद नहीं होने के कारण बिचौलिए औने-पौने भाव में गेहूं खरीद ले जा रहे हैं. राज्य में 30 जून तक गेहूं खरीदा जाना है. वैसे जहां खरीद हुई है या हो रही है, वहां भी रफ्तार काफी धीमी है. सहकारिता विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में अब तक करीब 2700 टन गेहूं की खरीद हो पाई है, जबकि लक्ष्य दो लाख टन का रखा गया है. औरंगाबाद जिले के अंबा के किसान श्याम जी पांडेय कहते हैं कि गेहूं की खेती तो इस साल बड़े उत्साह से की थी और इस खेती के भरोसे ही कई सपने भी संजोए थे. लेकिन अभी तक खरीद शुरू नहीं हो पाने के कारण अगली खेती करने, महाजनों का कर्ज चुकाने और अपनी अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए औने-पौने दाम में गेहूं बेच रहे हैं. यही हाल कई किसानों के भी हैं.
सहकारिता विभाग के एक अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि बिहार के 38 जिलों में से सात जिलों- वैशाली, सारण, शेखपुरा, कटिहार, मधुबनी, औरंगाबाद और जमुई में अब तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की जानी थी, मगर लोकसभा चुनाव के कारण शुरू नहीं हो सकी थी, पिछले एक पखवाड़े से खरीद शुरू की गई है.
सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद भी मानते हैं कि चुनाव के कारण गेहूं खरीद में देरी हुई है, लेकिन अब इसमें तेजी आई है. उन्होंने दावा किया कि सरकार निश्चित लक्ष्य की प्राप्ति कर लेगा. सूत्रों का कहना है कि इन जिलों में गेहूं की खरीद शुरू नहीं करने का मुख्य कारण गोदाम में स्थान नहीं होना है. सूत्रों का दावा है कि पैक्स और व्यापार मंडल गेहूं खरीदने से इसीलिए बच रहे हैं. उल्लेखनीय है कि पहले व्यापार मंडल द्वारा ही यहां गेहूं की खरीद की जाती थी, लेकिन पहली बार सहकारिता विभाग प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से भी इस वर्ष गेहूं की खरीद कर रहा है. हालांकि ऐसे पैक्सों को इसमें शामिल नहीं किया गया है, जो पहले से डिफॉल्टर हों या वे जनवितरण प्रणाली की दुकान संचालित कर रहे हैं.
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 1500 से ज्यादा समितियों का चयन गेहूं खरीद के लिए किया गया है. सबसे ज्यादा समितियों का चयन मधुबनी जिले में हुआ है, जबकि पटना में गेहूं की खरीद में 135 से ज्यादा समितियां जुटी हुई हैं.
सहकारिता का विभाग का दावा है कि सुपौल में अब तक सबसे अधिक गेहूं की खरीद की गई है. बिहार के सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह ने फोन पर बताया कि कुछ ही दिन पूर्व सभी अधिकारियों की बैठक कर गेहूं खरीद में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन गेहूं खरीद की मॉनिटरिंग की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि इस महीने तक लक्ष्य के मुताबिक, गेहूं की खरीद कर ली जाएगी. | लोकसभा चुनाव के कारण लेट हुई गेहूं की खरीद
सुपौल में हुई सबसे ज्यादा खरीद
गेहूं खरीद के लिए 1500 से ज्यादा समितियां चयनित | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बेहतर अभिनय को लेकर अन्य अभिनेत्रियों के साथ हमेशा प्रतिस्पार्धा करने वालीं बॉलीवुड की दिलकश अदाकारा जूही चावला का कहना है कि अब वह असुरक्षा के दौर से बाहर निकल चुकी हैं और किसी तरह की दौड़ में शामिल नहीं हैं। जूही अपनी नई फिल्म 'आई एम' में मनीषा कोईराला के साथ काम कर रही हैं। बॉलीवुड में इतने समय तक करने के बाद दोनों अभिनेत्रियां पहली बार एक साथ नजर आएंगी। जूही ने मनीषा के बारे में कहा, मनीषा बहुत सुंदर और शांत स्वभाव वाली महिला हैं और उनके साथ काम करना काफी अच्छा है। अब हम किसी तरह के चूहे की दौड़ में शामिल नहीं हैं। हम उस दौर को पार कर चुके हैं, जब थोड़ी असुरक्षा की भावना होती थी, क्योंकि एक ही भूमिका के लिए दूसरी अभिनेत्री के साथ तुलना होती थी। जूही कहती हैं कि उस समय यह तुलना होती थी कि बेहतर गीत किसने दिए हैं या अच्छी और सफल फिल्में किसके पास अधिक हैं, लेकिन अब हमने उस दौर को पार कर लिया है। उस वक्त मनीषा को नहीं जानती थी, क्योंकि उनसे थोड़ा ही मिली थी, लेकिन एक-दूसरे के साथ काम करने के बाद अब हम काफी सहज महसूस करते हैं। व्यवसायिक सिनेमा में 15 साल गुजारने वाली जूही 'कयामत से कयामत तक', 'डर' और 'इश्क' जैसी सफल फिल्में दे चुकी हैं। जूही की नई फिल्म 'आई एम' शुक्रवार को प्रदर्शित होने वाली है। इसमें संजय सूरी, प्रणब कोहली, राहुल बोस, नंदिता दास ने अभिनस किया है। फिल्म के बारे में जूही ने बताया कि इस फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है जो आतंकवाद की वजह से श्रीनगर से पलायन कर जाने के कई वर्षों बाद अपने परिवार के साथ श्रीनगर वापस आती है। इस फिल्म में जूही एक कश्मीरी पंडित और मनीषा एक मुस्लिम लड़की की भूमिका निभा रही हैं। | यहाँ एक सारांश है:जूही चावला का कहना है कि अब वह असुरक्षा के दौर से बाहर निकल चुकी हैं और किसी तरह की दौड़ में शामिल नहीं हैं। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: किसी व्यक्ति द्वारा जारी चेक यदि इस आधार पर खारिज हो जाता है कि उसके दस्तखत बैंक के पास उपलब्ध उसके हस्ताक्षर से नहीं मिलते हैं, तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला चलाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह व्यवस्था दी है।टिप्पणियां
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर तथा न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि चेक के डिसऑनर होने के मामले में आपराधिक मामला तभी चलाया जा सकता है, जबकि चेक जारी करने वाले के खाते में उतनी राशि न हो। हस्ताक्षर न मिलने के मामले में आपराधिक मामला नहीं चलाया जा सकता।
शीर्ष अदालत ने हालांकि कहा कि इस तरह के मामलों में बैंक द्वारा चेक लौटाने पर खाताधारक को नोटिस दिया जाना चाहिए और उसके खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया शुरू करने से पहले उसे राशि का प्रबंध करने का मौका दिया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर तथा न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि चेक के डिसऑनर होने के मामले में आपराधिक मामला तभी चलाया जा सकता है, जबकि चेक जारी करने वाले के खाते में उतनी राशि न हो। हस्ताक्षर न मिलने के मामले में आपराधिक मामला नहीं चलाया जा सकता।
शीर्ष अदालत ने हालांकि कहा कि इस तरह के मामलों में बैंक द्वारा चेक लौटाने पर खाताधारक को नोटिस दिया जाना चाहिए और उसके खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया शुरू करने से पहले उसे राशि का प्रबंध करने का मौका दिया जाना चाहिए।
शीर्ष अदालत ने हालांकि कहा कि इस तरह के मामलों में बैंक द्वारा चेक लौटाने पर खाताधारक को नोटिस दिया जाना चाहिए और उसके खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया शुरू करने से पहले उसे राशि का प्रबंध करने का मौका दिया जाना चाहिए। | किसी व्यक्ति द्वारा जारी चेक यदि इस आधार पर खारिज हो जाता है कि उसके दस्तखत बैंक के पास उपलब्ध उसके हस्ताक्षर से नहीं मिलते हैं, तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला चलाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह व्यवस्था दी है। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हाल ही में तमाम बयानों से विवाद में आए गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी की प्रचार समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी की आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में होने वाली रैली में शामिल होने के लिए लोगों को पांच रुपये का टिकट खरीदना पड़ेगा।
आंध्र प्रदेश बीजेपी के सदस्यों का कहना है कि लोग नरेंद्र मोदी को सुनना चाहते हैं। मोदी का करिश्मा लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। इसलिए पार्टी ने मोदी की रैली में शामिल होने वाले लोगों से पांच रुपये प्रति टिकट वसूलने का मन बनाया है।टिप्पणियां
बता दें कि 11 अगस्त को हैदराबाद में नरेंद्र मोदी को एक सभा को संबोधित करना है।
कुछ दिन पूर्व ही मोदी ने गुजरात दंगों में मारे गए लोगों पर दुख व्यक्त करते हुए कहा था कि गाड़ी के सामने 'पिल्ला' भी आ जाए तो दुख होता है।
आंध्र प्रदेश बीजेपी के सदस्यों का कहना है कि लोग नरेंद्र मोदी को सुनना चाहते हैं। मोदी का करिश्मा लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। इसलिए पार्टी ने मोदी की रैली में शामिल होने वाले लोगों से पांच रुपये प्रति टिकट वसूलने का मन बनाया है।टिप्पणियां
बता दें कि 11 अगस्त को हैदराबाद में नरेंद्र मोदी को एक सभा को संबोधित करना है।
कुछ दिन पूर्व ही मोदी ने गुजरात दंगों में मारे गए लोगों पर दुख व्यक्त करते हुए कहा था कि गाड़ी के सामने 'पिल्ला' भी आ जाए तो दुख होता है।
बता दें कि 11 अगस्त को हैदराबाद में नरेंद्र मोदी को एक सभा को संबोधित करना है।
कुछ दिन पूर्व ही मोदी ने गुजरात दंगों में मारे गए लोगों पर दुख व्यक्त करते हुए कहा था कि गाड़ी के सामने 'पिल्ला' भी आ जाए तो दुख होता है।
कुछ दिन पूर्व ही मोदी ने गुजरात दंगों में मारे गए लोगों पर दुख व्यक्त करते हुए कहा था कि गाड़ी के सामने 'पिल्ला' भी आ जाए तो दुख होता है। | सारांश: हाल ही में तमाम बयानों से विवाद में आए गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी की प्रचार समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी की आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में होने वाली रैली में शामिल होने के लिए लोगों को पांच रुपये का टिकट खरीदना पड़ेगा। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकपाल के मुद्दे पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की मध्यस्थता में सरकार और अन्ना हजारे पक्ष के बीच बातचीत हुई जिसमें सरकार ने हजारे पक्ष का रुख जाना और उनसे बुधवार सुबह तक का समय मांगा। नॉर्थ ब्लॉक में हुई बैठक की समाप्ति के बाद हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, बैठक खुशगवार माहौल में हुई और सरकार ने इस विषय पर कल तक का समय मांगा है ताकि प्रधानमंत्री समेत अन्य लोगों से चर्चा के बाद इस पर ठोस बात कह सकें। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान हमें बताया गया कि इस विषय पर अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए एक-दो बार और मिलना पड़ सकता है। हजारे पक्ष के प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार ने हमसे अन्ना हजारे को अनशन समाप्त करने के लिए मनाने को कहा लेकिन हमने बताया कि अन्ना को मनाना तब तक कठिन है जब तक कोई लिखित में कोई ठोस बात सामने नहीं आती। हालांकि हजारे पक्ष ने कहा कि अगर हजारे का स्वास्थ्य अधिक बिगड़ता है तो उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया जा सकता है। बैठक में शामिल होने वाले विधि मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि इस मामले में बुधवार को फिर बैठक होगी। | संक्षिप्त पाठ: लोकपाल के मुद्दे पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की मध्यस्थता में सरकार और अन्ना हजारे पक्ष के बीच बातचीत हुई। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड से भिड़े सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल ने बोर्ड से पूछा कि वह किस बात के लिए बोर्ड से माफी मांगे। बोर्ड ने कहा है कि गेल का टीम में चयन तभी किया जाएगा, जब वह बोर्ड और उसके अधिकारियों के खिलाफ अपने बयान वापस ले लेंगे। गेल ने कहा, बोर्ड को स्पष्ट करना होगा कि क्रिस गेल किस बात की माफी मांगे और कौन सा बयान वापस ले। उन्होंने कहा, बोर्ड को इसका खुलासा करना होगा, ताकि अटकलों का बाजार बंद हो। मैं इससे थक चुका हूं। अब मैं यह मसला खत्म करना चाहता हूं। गेल का मानना है कि वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड माइंड गेम खेल रहा है। उन्होंने कहा, जमैका को जब लीवर्ड्स आईलैंड के खिलाफ रीजनल सुपर-50 मैच खेलना था, उसके एक दिन पहले ही मुझे बोर्ड का संदेश मिला कि मुझे माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वे मेरे साथ माइंड गेम खेल रहे हैं। मैंने कहा कि मेरा ध्यान जमैका के लिए टूर्नामेंट जीतने पर है और माफी के मसले पर टूर्नामेंट के बाद बात करूंगा। गेल ने कहा, मुझे नहीं लगता कि बोर्ड यह मसला खत्म करना चाहता है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बोर्ड ने कहा है कि गेल का टीम में चयन तभी किया जाएगा, जब वह बोर्ड और उसके अधिकारियों के खिलाफ अपने बयान वापस ले लेंगे। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सरकार 500 रुपये और इससे छोटे मूल्य के नोटों की छपाई और आपूर्ति पर ज्यादा जोर दे रही है, ताकि लोग बड़ी राशि वाले नोटों को दबाकर न रख सकें. आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल 500 रुपये या इससे छोटे नोटों को बाजार में ज्यादा से ज्यादा पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि लोगों के पास छोटे नोट अधिक हों. उन्होंने कहा कि ऐसी आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं कि 2000 रुपये के नोटों को फिर से दबाकर रखा जा सकता है, (लेकिन) यह नहीं होना चाहिए. नोटबंदी के फौरन बाद 2000 रुपये मूल्य का नोट लाने के सरकार के कदम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके पीछे शुरुआती मकसद नई मुद्रा को जल्द से जल्द बाजार में लाना सुनिश्चित करना था.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गत शुक्रवार को कहा था कि सरकार के सामने 2,000 रुपये के नोट को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. जेटली ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तिजोरी में 10 दिसम्बर तक पुराने 500 और 1000 रुपये के बंद किए गए 12.44 लाख करोड़ नोट वापस लौटे. टिप्पणियां
वित्त मंत्री ने कहा कि इस संबंध में प्राप्त आंकड़ों में लेखा की गलतियों और दोबारा गिनने जैसी त्रुटियां संभव हैं, इसलिए अंतिम आंकड़े जमा हुए एक-एक नोट को गिनने के बाद ही जारी किए जाएंगे. जेटली ने कहा कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था स्वच्छ हुई है और बैंकों में जमा में बढ़ोतरी हुई है. इससे ब्याज दरों को घटाने तथा और अधिक कर्ज मुहैया कराने में बैंकों को मदद मिलेगी.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की, जिसके तहत 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया. इससे एक तरह से लगभग 86 प्रतिशत मुद्रा चलन से बाहर हो गई. सरकार ने इसके साथ ही नोटों का आकार भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा निर्देशों के अनुरूप छोटा किया है. इसके परिणामस्वरूप नोटों की छपाई 20 प्रतिशत बढ़ी है.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गत शुक्रवार को कहा था कि सरकार के सामने 2,000 रुपये के नोट को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. जेटली ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तिजोरी में 10 दिसम्बर तक पुराने 500 और 1000 रुपये के बंद किए गए 12.44 लाख करोड़ नोट वापस लौटे. टिप्पणियां
वित्त मंत्री ने कहा कि इस संबंध में प्राप्त आंकड़ों में लेखा की गलतियों और दोबारा गिनने जैसी त्रुटियां संभव हैं, इसलिए अंतिम आंकड़े जमा हुए एक-एक नोट को गिनने के बाद ही जारी किए जाएंगे. जेटली ने कहा कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था स्वच्छ हुई है और बैंकों में जमा में बढ़ोतरी हुई है. इससे ब्याज दरों को घटाने तथा और अधिक कर्ज मुहैया कराने में बैंकों को मदद मिलेगी.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की, जिसके तहत 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया. इससे एक तरह से लगभग 86 प्रतिशत मुद्रा चलन से बाहर हो गई. सरकार ने इसके साथ ही नोटों का आकार भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा निर्देशों के अनुरूप छोटा किया है. इसके परिणामस्वरूप नोटों की छपाई 20 प्रतिशत बढ़ी है.
वित्त मंत्री ने कहा कि इस संबंध में प्राप्त आंकड़ों में लेखा की गलतियों और दोबारा गिनने जैसी त्रुटियां संभव हैं, इसलिए अंतिम आंकड़े जमा हुए एक-एक नोट को गिनने के बाद ही जारी किए जाएंगे. जेटली ने कहा कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था स्वच्छ हुई है और बैंकों में जमा में बढ़ोतरी हुई है. इससे ब्याज दरों को घटाने तथा और अधिक कर्ज मुहैया कराने में बैंकों को मदद मिलेगी.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की, जिसके तहत 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया. इससे एक तरह से लगभग 86 प्रतिशत मुद्रा चलन से बाहर हो गई. सरकार ने इसके साथ ही नोटों का आकार भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा निर्देशों के अनुरूप छोटा किया है. इसके परिणामस्वरूप नोटों की छपाई 20 प्रतिशत बढ़ी है.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की, जिसके तहत 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया. इससे एक तरह से लगभग 86 प्रतिशत मुद्रा चलन से बाहर हो गई. सरकार ने इसके साथ ही नोटों का आकार भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा निर्देशों के अनुरूप छोटा किया है. इसके परिणामस्वरूप नोटों की छपाई 20 प्रतिशत बढ़ी है. | 2000 रुपये के नोटों को लोगों द्वारा दबाकर रखे जाने की आशंका
500 रुपये और छोटे मूल्य के नोटों की छपाई पर सरकार का ज्यादा जोर
वित्तमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि 2000 के नोट बंद करने का प्रस्ताव नहीं | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मामूली गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 12.45 अंकों की गिरावट के साथ 18,437.78 पर और निफ्टी 10.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,542.95 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 5.57 अंकों की तेजी के साथ 18,455.80 पर खुला और 12.45 अंकों यानी 0.07 फीसदी की गिरावट के साथ 18,437.78 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,504.48 के ऊपरी और 18,402.93 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भारती एयरटेल (3.90 फीसदी), भेल (2.62 फीसदी), सिप्ला (2.19 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (1.51 फीसदी) और डॉ रेड्डीज लैब (1.44 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.85 फीसदी), एलएंडटी (1.78 फीसदी), एचडीएफसी (1.62 फीसदी), विप्रो (1.39 फीसदी) और जिंदल स्टील (1.30 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.75 अंकों की तेजी के साथ 5,550.50 पर खुला और 10.30 अंकों यानी 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 5,542.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,569.20 के ऊपरी और 5,537.05 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 11.19 अंकों की गिरावट के साथ 6,133.17 पर और स्मॉलकैप 7.65 अंकों की गिरावट के साथ 5,906.74 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु, (1.18 फीसदी) तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.77 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.71 फीसदी), बिजली (0.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.55 फीसदी)में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (0.98 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.87 फीसदी), बैंकिंग (0.79 फीसदी), धातु(0.61 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी)।
बीएसई में कुल मिलाकर रुझान गिरावट का रहा। 906 कंपनियों में गिरावट और 799 में तेजी दर्ज की गई। 626 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.85 फीसदी), एलएंडटी (1.78 फीसदी), एचडीएफसी (1.62 फीसदी), विप्रो (1.39 फीसदी) और जिंदल स्टील (1.30 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.75 अंकों की तेजी के साथ 5,550.50 पर खुला और 10.30 अंकों यानी 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 5,542.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,569.20 के ऊपरी और 5,537.05 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 11.19 अंकों की गिरावट के साथ 6,133.17 पर और स्मॉलकैप 7.65 अंकों की गिरावट के साथ 5,906.74 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु, (1.18 फीसदी) तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.77 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.71 फीसदी), बिजली (0.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.55 फीसदी)में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (0.98 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.87 फीसदी), बैंकिंग (0.79 फीसदी), धातु(0.61 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी)।
बीएसई में कुल मिलाकर रुझान गिरावट का रहा। 906 कंपनियों में गिरावट और 799 में तेजी दर्ज की गई। 626 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.75 अंकों की तेजी के साथ 5,550.50 पर खुला और 10.30 अंकों यानी 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 5,542.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,569.20 के ऊपरी और 5,537.05 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 11.19 अंकों की गिरावट के साथ 6,133.17 पर और स्मॉलकैप 7.65 अंकों की गिरावट के साथ 5,906.74 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु, (1.18 फीसदी) तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.77 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.71 फीसदी), बिजली (0.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.55 फीसदी)में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (0.98 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.87 फीसदी), बैंकिंग (0.79 फीसदी), धातु(0.61 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.36 फीसदी)।
बीएसई में कुल मिलाकर रुझान गिरावट का रहा। 906 कंपनियों में गिरावट और 799 में तेजी दर्ज की गई। 626 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। | संक्षिप्त पाठ: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मामूली गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 12.45 अंकों की गिरावट के साथ 18,437.78 पर और निफ्टी 10.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,542.95 पर बंद हुआ। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक छोटे शहर से लेकर महेंद्र सिंह धोनी के वर्ल्ड चैंपियन बनने तक की शानदार सफर की कहानी उनके फैन्स के लिए नई नहीं रही। क्रिकेट के सुपर स्टार बन चुके धोनी अब बाजार की पिच पर भी लंबे समय तक टिके रहने के नए रास्ते तलाश रहे हैं। बेशक ब्रैंड धोनी काफी दमदार है और उसकी चमक भी सबसे अलग है, लिहाजा बाजार उनकी शर्तों को मानता रहा है।
मार्केट के लिए धोनी एक तरह से पारस पत्थर हैं, जिसके छूते ही हर चीज सोना हो जाती है। माही कंपनियों के लिए एक शानदार ब्रैंड हैं और एक अरबपति क्रिकेटर, जो फिलहाल 25 से ज्यादा बैंड को प्रमोट करते हैं। टीम इंडिया के कप्तान मौजूदा दौर में पेप्सी, सोनी, रीबॉक, एक्साइड, टीवीएस मोटर्स, मैसूर सैन्डल सोप, भारत पेट्रोलियम, टाइटन सोनाटा, डाबर, आम्रपाली ग्रुप, मैक्स मोबाइल, किंगफिशर और एयरसेल जैसी कंपनियों से जुड़े हुए हैं।
धोनी ने बाजार में टिकने के नए रास्ते भी ढूंढ़ निकाले हैं। हाल ही में कप्तान से कारोबारी बने धोनी ने जिम की पूरी चेन खोलने का फ़ैसला किया और इसका पहला ब्रांच दिल्ली से सटे गुड़गांव में खोला गया। धोनी हमेशा से ही अलग सोच रखते हैं और इसकी झलक उनकी कप्तानी में भी दिखती है। जब बात कारोबार की आई, तो यहां भी धोनी दूसरों से अलग राय रखते हैं। सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली समेत ज्यादातर क्रिकेटर रेस्टोरेंट के बिजनेस में हैं, लेकिन धोनी ने एक ऐसे बिजनेस में हाथ डाला, जिससे खिलाड़ी का वास्ता हर दिन पड़ता है। जाहिर है अगर एक क्रिकेटर फिटनेस की बात करेगा, तो लोग उससे ज्यादा प्रभावित होंगे।
धोनी के लिए काम करने वाली कंपनी कहती है कि धोनी की ब्रैंड वेल्यू 100 करोड़ रुपये यानी एक अरब से ज्यादा की है और इतनी बड़ी रकम की मांग करने के बावजूद धोनी को हासिल करने की होड़ कंपनियों में लगी रहती है। जानकारों के मुताबिक मौजूदा दौर में दो दर्जन से ज्यादा कंपनियां धोनी के नाम पर करोड़ों रुपये का बिजनेस करती है।
मैदान में वर्ल्ड चैंपियन टीम के कप्तान का लोहा सभी मानते हैं, लेकिन अब 'फोर्ब्स' की लिस्ट ने बाजार में भी माही के नाम का असर साबित कर दिया। 'फोर्ब्स' मैगजीन ने दुनिया के सौ अमीर खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की है, जिसमें धोनी 31वें नंबर पर हैं।टिप्पणियां
गौर करने वाली बात यह है कि धोनी ने यहां रफ्तार के सौदागर यूसेन बोल्ट और नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक जैसे बड़े नामों को भी पीछे छोड़ दिया है। और तो और भारत में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर भी उनसे कहीं पीछे हैं। सचिन 78वें नंबर पर हैं, जबकि जोकोविक 62वें और बोल्ट 63वें स्थान पर हैं।
'फोर्ब्स' की लिस्ट के मुताबिक साल 2011−12 में धोनी ने करीब 148 करोड़ रुपये की कमाई की, तो 115 करोड़ रुपये जोकोविक ने कमाए, जबकि यूसेन बोल्ट ने 113 करोड़ रुपये की कमाई की। बीते 22 साल से क्रिकेट की दुनिया में राज कर रहे भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी हस्ती सचिन तेंदुलकर की कमाई 104 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मार्केट के लिए धोनी एक तरह से पारस पत्थर हैं, जिसके छूते ही हर चीज सोना हो जाती है। माही कंपनियों के लिए एक शानदार ब्रैंड हैं और एक अरबपति क्रिकेटर, जो फिलहाल 25 से ज्यादा बैंड को प्रमोट करते हैं। टीम इंडिया के कप्तान मौजूदा दौर में पेप्सी, सोनी, रीबॉक, एक्साइड, टीवीएस मोटर्स, मैसूर सैन्डल सोप, भारत पेट्रोलियम, टाइटन सोनाटा, डाबर, आम्रपाली ग्रुप, मैक्स मोबाइल, किंगफिशर और एयरसेल जैसी कंपनियों से जुड़े हुए हैं।
धोनी ने बाजार में टिकने के नए रास्ते भी ढूंढ़ निकाले हैं। हाल ही में कप्तान से कारोबारी बने धोनी ने जिम की पूरी चेन खोलने का फ़ैसला किया और इसका पहला ब्रांच दिल्ली से सटे गुड़गांव में खोला गया। धोनी हमेशा से ही अलग सोच रखते हैं और इसकी झलक उनकी कप्तानी में भी दिखती है। जब बात कारोबार की आई, तो यहां भी धोनी दूसरों से अलग राय रखते हैं। सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली समेत ज्यादातर क्रिकेटर रेस्टोरेंट के बिजनेस में हैं, लेकिन धोनी ने एक ऐसे बिजनेस में हाथ डाला, जिससे खिलाड़ी का वास्ता हर दिन पड़ता है। जाहिर है अगर एक क्रिकेटर फिटनेस की बात करेगा, तो लोग उससे ज्यादा प्रभावित होंगे।
धोनी के लिए काम करने वाली कंपनी कहती है कि धोनी की ब्रैंड वेल्यू 100 करोड़ रुपये यानी एक अरब से ज्यादा की है और इतनी बड़ी रकम की मांग करने के बावजूद धोनी को हासिल करने की होड़ कंपनियों में लगी रहती है। जानकारों के मुताबिक मौजूदा दौर में दो दर्जन से ज्यादा कंपनियां धोनी के नाम पर करोड़ों रुपये का बिजनेस करती है।
मैदान में वर्ल्ड चैंपियन टीम के कप्तान का लोहा सभी मानते हैं, लेकिन अब 'फोर्ब्स' की लिस्ट ने बाजार में भी माही के नाम का असर साबित कर दिया। 'फोर्ब्स' मैगजीन ने दुनिया के सौ अमीर खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की है, जिसमें धोनी 31वें नंबर पर हैं।टिप्पणियां
गौर करने वाली बात यह है कि धोनी ने यहां रफ्तार के सौदागर यूसेन बोल्ट और नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक जैसे बड़े नामों को भी पीछे छोड़ दिया है। और तो और भारत में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर भी उनसे कहीं पीछे हैं। सचिन 78वें नंबर पर हैं, जबकि जोकोविक 62वें और बोल्ट 63वें स्थान पर हैं।
'फोर्ब्स' की लिस्ट के मुताबिक साल 2011−12 में धोनी ने करीब 148 करोड़ रुपये की कमाई की, तो 115 करोड़ रुपये जोकोविक ने कमाए, जबकि यूसेन बोल्ट ने 113 करोड़ रुपये की कमाई की। बीते 22 साल से क्रिकेट की दुनिया में राज कर रहे भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी हस्ती सचिन तेंदुलकर की कमाई 104 करोड़ रुपये आंकी गई है।
धोनी ने बाजार में टिकने के नए रास्ते भी ढूंढ़ निकाले हैं। हाल ही में कप्तान से कारोबारी बने धोनी ने जिम की पूरी चेन खोलने का फ़ैसला किया और इसका पहला ब्रांच दिल्ली से सटे गुड़गांव में खोला गया। धोनी हमेशा से ही अलग सोच रखते हैं और इसकी झलक उनकी कप्तानी में भी दिखती है। जब बात कारोबार की आई, तो यहां भी धोनी दूसरों से अलग राय रखते हैं। सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली समेत ज्यादातर क्रिकेटर रेस्टोरेंट के बिजनेस में हैं, लेकिन धोनी ने एक ऐसे बिजनेस में हाथ डाला, जिससे खिलाड़ी का वास्ता हर दिन पड़ता है। जाहिर है अगर एक क्रिकेटर फिटनेस की बात करेगा, तो लोग उससे ज्यादा प्रभावित होंगे।
धोनी के लिए काम करने वाली कंपनी कहती है कि धोनी की ब्रैंड वेल्यू 100 करोड़ रुपये यानी एक अरब से ज्यादा की है और इतनी बड़ी रकम की मांग करने के बावजूद धोनी को हासिल करने की होड़ कंपनियों में लगी रहती है। जानकारों के मुताबिक मौजूदा दौर में दो दर्जन से ज्यादा कंपनियां धोनी के नाम पर करोड़ों रुपये का बिजनेस करती है।
मैदान में वर्ल्ड चैंपियन टीम के कप्तान का लोहा सभी मानते हैं, लेकिन अब 'फोर्ब्स' की लिस्ट ने बाजार में भी माही के नाम का असर साबित कर दिया। 'फोर्ब्स' मैगजीन ने दुनिया के सौ अमीर खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की है, जिसमें धोनी 31वें नंबर पर हैं।टिप्पणियां
गौर करने वाली बात यह है कि धोनी ने यहां रफ्तार के सौदागर यूसेन बोल्ट और नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक जैसे बड़े नामों को भी पीछे छोड़ दिया है। और तो और भारत में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर भी उनसे कहीं पीछे हैं। सचिन 78वें नंबर पर हैं, जबकि जोकोविक 62वें और बोल्ट 63वें स्थान पर हैं।
'फोर्ब्स' की लिस्ट के मुताबिक साल 2011−12 में धोनी ने करीब 148 करोड़ रुपये की कमाई की, तो 115 करोड़ रुपये जोकोविक ने कमाए, जबकि यूसेन बोल्ट ने 113 करोड़ रुपये की कमाई की। बीते 22 साल से क्रिकेट की दुनिया में राज कर रहे भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी हस्ती सचिन तेंदुलकर की कमाई 104 करोड़ रुपये आंकी गई है।
धोनी के लिए काम करने वाली कंपनी कहती है कि धोनी की ब्रैंड वेल्यू 100 करोड़ रुपये यानी एक अरब से ज्यादा की है और इतनी बड़ी रकम की मांग करने के बावजूद धोनी को हासिल करने की होड़ कंपनियों में लगी रहती है। जानकारों के मुताबिक मौजूदा दौर में दो दर्जन से ज्यादा कंपनियां धोनी के नाम पर करोड़ों रुपये का बिजनेस करती है।
मैदान में वर्ल्ड चैंपियन टीम के कप्तान का लोहा सभी मानते हैं, लेकिन अब 'फोर्ब्स' की लिस्ट ने बाजार में भी माही के नाम का असर साबित कर दिया। 'फोर्ब्स' मैगजीन ने दुनिया के सौ अमीर खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की है, जिसमें धोनी 31वें नंबर पर हैं।टिप्पणियां
गौर करने वाली बात यह है कि धोनी ने यहां रफ्तार के सौदागर यूसेन बोल्ट और नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक जैसे बड़े नामों को भी पीछे छोड़ दिया है। और तो और भारत में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर भी उनसे कहीं पीछे हैं। सचिन 78वें नंबर पर हैं, जबकि जोकोविक 62वें और बोल्ट 63वें स्थान पर हैं।
'फोर्ब्स' की लिस्ट के मुताबिक साल 2011−12 में धोनी ने करीब 148 करोड़ रुपये की कमाई की, तो 115 करोड़ रुपये जोकोविक ने कमाए, जबकि यूसेन बोल्ट ने 113 करोड़ रुपये की कमाई की। बीते 22 साल से क्रिकेट की दुनिया में राज कर रहे भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी हस्ती सचिन तेंदुलकर की कमाई 104 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मैदान में वर्ल्ड चैंपियन टीम के कप्तान का लोहा सभी मानते हैं, लेकिन अब 'फोर्ब्स' की लिस्ट ने बाजार में भी माही के नाम का असर साबित कर दिया। 'फोर्ब्स' मैगजीन ने दुनिया के सौ अमीर खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की है, जिसमें धोनी 31वें नंबर पर हैं।टिप्पणियां
गौर करने वाली बात यह है कि धोनी ने यहां रफ्तार के सौदागर यूसेन बोल्ट और नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक जैसे बड़े नामों को भी पीछे छोड़ दिया है। और तो और भारत में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर भी उनसे कहीं पीछे हैं। सचिन 78वें नंबर पर हैं, जबकि जोकोविक 62वें और बोल्ट 63वें स्थान पर हैं।
'फोर्ब्स' की लिस्ट के मुताबिक साल 2011−12 में धोनी ने करीब 148 करोड़ रुपये की कमाई की, तो 115 करोड़ रुपये जोकोविक ने कमाए, जबकि यूसेन बोल्ट ने 113 करोड़ रुपये की कमाई की। बीते 22 साल से क्रिकेट की दुनिया में राज कर रहे भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी हस्ती सचिन तेंदुलकर की कमाई 104 करोड़ रुपये आंकी गई है।
गौर करने वाली बात यह है कि धोनी ने यहां रफ्तार के सौदागर यूसेन बोल्ट और नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक जैसे बड़े नामों को भी पीछे छोड़ दिया है। और तो और भारत में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर भी उनसे कहीं पीछे हैं। सचिन 78वें नंबर पर हैं, जबकि जोकोविक 62वें और बोल्ट 63वें स्थान पर हैं।
'फोर्ब्स' की लिस्ट के मुताबिक साल 2011−12 में धोनी ने करीब 148 करोड़ रुपये की कमाई की, तो 115 करोड़ रुपये जोकोविक ने कमाए, जबकि यूसेन बोल्ट ने 113 करोड़ रुपये की कमाई की। बीते 22 साल से क्रिकेट की दुनिया में राज कर रहे भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी हस्ती सचिन तेंदुलकर की कमाई 104 करोड़ रुपये आंकी गई है।
'फोर्ब्स' की लिस्ट के मुताबिक साल 2011−12 में धोनी ने करीब 148 करोड़ रुपये की कमाई की, तो 115 करोड़ रुपये जोकोविक ने कमाए, जबकि यूसेन बोल्ट ने 113 करोड़ रुपये की कमाई की। बीते 22 साल से क्रिकेट की दुनिया में राज कर रहे भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी हस्ती सचिन तेंदुलकर की कमाई 104 करोड़ रुपये आंकी गई है। | संक्षिप्त सारांश: ब्रैंड धोनी काफी दमदार है और उसकी चमक भी सबसे अलग है, लिहाजा बाजार उनकी शर्तों को मानता रहा है। माही कंपनियों के लिए एक शानदार ब्रैंड हैं और एक अरबपति क्रिकेटर, जो फिलहाल 25 से ज्यादा बैंड को प्रमोट करते हैं। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 27 जून को होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दाखिल सारी अर्जियों पर एक ही बार सुनवाई होनी चाहिए क्योंकि सबमें एक जैसी ही मांग की गई है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने सुनवाई का जमकर विरोध किया. AG मुकुल रोहतगी ने कहा कि पहले ही मामले की सुनवाई संविधान पीठ कर रही है इसलिए दो जजों की बेंच को सुनवाई नहीं करनी चाहिए. वैसे भी 125 करोड़ में से 110 करोड़ लोगों का आधार कार्ड बन चुका है.
जबकि याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सरकारी योजनाओं में 30 जून की डेडलाइन है इसलिए इसकी पहले ही सुनवाई होनी चाहिए. वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा कि ये गंभीर मामला है और इस पर जल्द सुनवाई होनी चाहिए.
सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन राइट यानी NCPCR की पूर्व कमिश्नर शांता सिंहा की याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार मिड डे मील, ठेका मजदूरों के लिए और राइट टू एजूकेशन और स्कॉलरशिप आदि कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया है. ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत है इसलिए इन नोटिफिकेशन पर अंतरिम रोक लगनी चाहिए.
अधिसूचना के तहत सभी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूलों में मध्याह्न् भोजन तथा दिव्यांग पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार आवश्यक हो गया है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने याचिका पर सुनवाई का विरोध किया था. SG रंजीत कुमार ने कहा था कि इस मामले में पहले की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि दो जजों की बेंच सिर्फ अंतरिम रोक पर सुनवाई करेगी.
याचिकाकर्ता के वकील श्याम दीवान ने चीफ जस्टिस की बेंच में कहा था कि 9 मई को सुप्रीम कोर्ट की ही दो जजों की बेंच ने कहा था कि इस मामले में याचिकाकर्ता चीफ जस्टिस के सामने मेंशन कर सकते हैं ताकि मामले में अंतरिम रोक पर सुनवाई के लिए बेंच बनाने की मांग कर सकते हैं.टिप्पणियां
जबकि याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सरकारी योजनाओं में 30 जून की डेडलाइन है इसलिए इसकी पहले ही सुनवाई होनी चाहिए. वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा कि ये गंभीर मामला है और इस पर जल्द सुनवाई होनी चाहिए.
सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन राइट यानी NCPCR की पूर्व कमिश्नर शांता सिंहा की याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार मिड डे मील, ठेका मजदूरों के लिए और राइट टू एजूकेशन और स्कॉलरशिप आदि कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया है. ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत है इसलिए इन नोटिफिकेशन पर अंतरिम रोक लगनी चाहिए.
अधिसूचना के तहत सभी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूलों में मध्याह्न् भोजन तथा दिव्यांग पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार आवश्यक हो गया है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने याचिका पर सुनवाई का विरोध किया था. SG रंजीत कुमार ने कहा था कि इस मामले में पहले की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि दो जजों की बेंच सिर्फ अंतरिम रोक पर सुनवाई करेगी.
याचिकाकर्ता के वकील श्याम दीवान ने चीफ जस्टिस की बेंच में कहा था कि 9 मई को सुप्रीम कोर्ट की ही दो जजों की बेंच ने कहा था कि इस मामले में याचिकाकर्ता चीफ जस्टिस के सामने मेंशन कर सकते हैं ताकि मामले में अंतरिम रोक पर सुनवाई के लिए बेंच बनाने की मांग कर सकते हैं.टिप्पणियां
सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन राइट यानी NCPCR की पूर्व कमिश्नर शांता सिंहा की याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार मिड डे मील, ठेका मजदूरों के लिए और राइट टू एजूकेशन और स्कॉलरशिप आदि कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया है. ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत है इसलिए इन नोटिफिकेशन पर अंतरिम रोक लगनी चाहिए.
अधिसूचना के तहत सभी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूलों में मध्याह्न् भोजन तथा दिव्यांग पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार आवश्यक हो गया है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने याचिका पर सुनवाई का विरोध किया था. SG रंजीत कुमार ने कहा था कि इस मामले में पहले की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि दो जजों की बेंच सिर्फ अंतरिम रोक पर सुनवाई करेगी.
याचिकाकर्ता के वकील श्याम दीवान ने चीफ जस्टिस की बेंच में कहा था कि 9 मई को सुप्रीम कोर्ट की ही दो जजों की बेंच ने कहा था कि इस मामले में याचिकाकर्ता चीफ जस्टिस के सामने मेंशन कर सकते हैं ताकि मामले में अंतरिम रोक पर सुनवाई के लिए बेंच बनाने की मांग कर सकते हैं.टिप्पणियां
अधिसूचना के तहत सभी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूलों में मध्याह्न् भोजन तथा दिव्यांग पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार आवश्यक हो गया है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने याचिका पर सुनवाई का विरोध किया था. SG रंजीत कुमार ने कहा था कि इस मामले में पहले की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि दो जजों की बेंच सिर्फ अंतरिम रोक पर सुनवाई करेगी.
याचिकाकर्ता के वकील श्याम दीवान ने चीफ जस्टिस की बेंच में कहा था कि 9 मई को सुप्रीम कोर्ट की ही दो जजों की बेंच ने कहा था कि इस मामले में याचिकाकर्ता चीफ जस्टिस के सामने मेंशन कर सकते हैं ताकि मामले में अंतरिम रोक पर सुनवाई के लिए बेंच बनाने की मांग कर सकते हैं.टिप्पणियां
याचिकाकर्ता के वकील श्याम दीवान ने चीफ जस्टिस की बेंच में कहा था कि 9 मई को सुप्रीम कोर्ट की ही दो जजों की बेंच ने कहा था कि इस मामले में याचिकाकर्ता चीफ जस्टिस के सामने मेंशन कर सकते हैं ताकि मामले में अंतरिम रोक पर सुनवाई के लिए बेंच बनाने की मांग कर सकते हैं.टिप्पणियां | सारांश: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी अर्जियों पर एक बार सुनवाई
केंद्र सरकार ने याचिका का किया विरोध
125 करोड़ में से 110 करोड़ लोगों का आधार कार्ड बन चुका है | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 2700 KM पूर्वी गोदावरी जिले के तुनी के पास (11 अगस्त, 2018)
2600 KM पूर्वी गोदावरी जिले के जग्गमपेट निर्वाचन (शहर) के पास (28 जुलाई, 2018)
2500 KM पूर्वी गोदावरी जिलेके रामचंद्रपुरम निर्वाचन क्षेत्र के पुलसापुड़ीपुल (पुलस्की स्काई वे) के पास (8 जुलाई,2018)
2400 KM पूर्वी गोदावरी जिले के राजोलु निर्वाचन क्षेत्र के लक्कवरम के पास (21 जून, 2018)
2300 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के कोव्वूरु निर्वाचन क्षेत्र के नंदमूरु क्रास रोड के पास (11 जून, 2018)
2200 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुरम निर्वाचन क्षेत्र के रेलवे गेट के पास (30 मई, 2018)
2200 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुरम निर्वाचन क्षेत्र के रेलवे गेट के पास (30 मई, 2018)
2100 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम निर्वाचन क्षेत्र के पिप्पारा के पास (22 मई, 2018)
2000 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के एलुरु निर्वाचन क्षेत्र में वेंकटपुरम के पास (14 मई, 2018)
1900 KM कृष्णा जिल के पामर्रू निर्वाचन क्षेत्र के ताडंकी के पास (29 अप्रैल, 2018)
1800 KM कृष्णा जिले के मैलवरम निर्वाचन क्षेत्र के गणपवरम के पास (18 अप्रैल, 2018)
1700 KM गुंटूर जिले के तेनाली निर्वाचन क्षेत्र के सुल्तानबाद के पास (7 अप्रैल, 2018)
1600 KM गुंटूर जिले के सत्तेनप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र के पलुदेवर्लपाडू के पास (27 मार्च, 2018)
1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
2600 KM पूर्वी गोदावरी जिले के जग्गमपेट निर्वाचन (शहर) के पास (28 जुलाई, 2018)
2500 KM पूर्वी गोदावरी जिलेके रामचंद्रपुरम निर्वाचन क्षेत्र के पुलसापुड़ीपुल (पुलस्की स्काई वे) के पास (8 जुलाई,2018)
2400 KM पूर्वी गोदावरी जिले के राजोलु निर्वाचन क्षेत्र के लक्कवरम के पास (21 जून, 2018)
2300 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के कोव्वूरु निर्वाचन क्षेत्र के नंदमूरु क्रास रोड के पास (11 जून, 2018)
2200 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुरम निर्वाचन क्षेत्र के रेलवे गेट के पास (30 मई, 2018)
2200 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुरम निर्वाचन क्षेत्र के रेलवे गेट के पास (30 मई, 2018)
2100 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम निर्वाचन क्षेत्र के पिप्पारा के पास (22 मई, 2018)
2000 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के एलुरु निर्वाचन क्षेत्र में वेंकटपुरम के पास (14 मई, 2018)
1900 KM कृष्णा जिल के पामर्रू निर्वाचन क्षेत्र के ताडंकी के पास (29 अप्रैल, 2018)
1800 KM कृष्णा जिले के मैलवरम निर्वाचन क्षेत्र के गणपवरम के पास (18 अप्रैल, 2018)
1700 KM गुंटूर जिले के तेनाली निर्वाचन क्षेत्र के सुल्तानबाद के पास (7 अप्रैल, 2018)
1600 KM गुंटूर जिले के सत्तेनप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र के पलुदेवर्लपाडू के पास (27 मार्च, 2018)
1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
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0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
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0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
2500 KM पूर्वी गोदावरी जिलेके रामचंद्रपुरम निर्वाचन क्षेत्र के पुलसापुड़ीपुल (पुलस्की स्काई वे) के पास (8 जुलाई,2018)
2400 KM पूर्वी गोदावरी जिले के राजोलु निर्वाचन क्षेत्र के लक्कवरम के पास (21 जून, 2018)
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2200 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुरम निर्वाचन क्षेत्र के रेलवे गेट के पास (30 मई, 2018)
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2100 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम निर्वाचन क्षेत्र के पिप्पारा के पास (22 मई, 2018)
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1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
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0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
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0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
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2300 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के कोव्वूरु निर्वाचन क्षेत्र के नंदमूरु क्रास रोड के पास (11 जून, 2018)
2200 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुरम निर्वाचन क्षेत्र के रेलवे गेट के पास (30 मई, 2018)
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2100 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम निर्वाचन क्षेत्र के पिप्पारा के पास (22 मई, 2018)
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1900 KM कृष्णा जिल के पामर्रू निर्वाचन क्षेत्र के ताडंकी के पास (29 अप्रैल, 2018)
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1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
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1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
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0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
2200 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुरम निर्वाचन क्षेत्र के रेलवे गेट के पास (30 मई, 2018)
2200 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुरम निर्वाचन क्षेत्र के रेलवे गेट के पास (30 मई, 2018)
2100 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम निर्वाचन क्षेत्र के पिप्पारा के पास (22 मई, 2018)
2000 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के एलुरु निर्वाचन क्षेत्र में वेंकटपुरम के पास (14 मई, 2018)
1900 KM कृष्णा जिल के पामर्रू निर्वाचन क्षेत्र के ताडंकी के पास (29 अप्रैल, 2018)
1800 KM कृष्णा जिले के मैलवरम निर्वाचन क्षेत्र के गणपवरम के पास (18 अप्रैल, 2018)
1700 KM गुंटूर जिले के तेनाली निर्वाचन क्षेत्र के सुल्तानबाद के पास (7 अप्रैल, 2018)
1600 KM गुंटूर जिले के सत्तेनप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र के पलुदेवर्लपाडू के पास (27 मार्च, 2018)
1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
2200 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के नरसापुरम निर्वाचन क्षेत्र के रेलवे गेट के पास (30 मई, 2018)
2100 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम निर्वाचन क्षेत्र के पिप्पारा के पास (22 मई, 2018)
2000 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के एलुरु निर्वाचन क्षेत्र में वेंकटपुरम के पास (14 मई, 2018)
1900 KM कृष्णा जिल के पामर्रू निर्वाचन क्षेत्र के ताडंकी के पास (29 अप्रैल, 2018)
1800 KM कृष्णा जिले के मैलवरम निर्वाचन क्षेत्र के गणपवरम के पास (18 अप्रैल, 2018)
1700 KM गुंटूर जिले के तेनाली निर्वाचन क्षेत्र के सुल्तानबाद के पास (7 अप्रैल, 2018)
1600 KM गुंटूर जिले के सत्तेनप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र के पलुदेवर्लपाडू के पास (27 मार्च, 2018)
1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
2100 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम निर्वाचन क्षेत्र के पिप्पारा के पास (22 मई, 2018)
2000 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के एलुरु निर्वाचन क्षेत्र में वेंकटपुरम के पास (14 मई, 2018)
1900 KM कृष्णा जिल के पामर्रू निर्वाचन क्षेत्र के ताडंकी के पास (29 अप्रैल, 2018)
1800 KM कृष्णा जिले के मैलवरम निर्वाचन क्षेत्र के गणपवरम के पास (18 अप्रैल, 2018)
1700 KM गुंटूर जिले के तेनाली निर्वाचन क्षेत्र के सुल्तानबाद के पास (7 अप्रैल, 2018)
1600 KM गुंटूर जिले के सत्तेनप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र के पलुदेवर्लपाडू के पास (27 मार्च, 2018)
1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
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0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
2000 KM पश्चिमी गोदावरी जिले के एलुरु निर्वाचन क्षेत्र में वेंकटपुरम के पास (14 मई, 2018)
1900 KM कृष्णा जिल के पामर्रू निर्वाचन क्षेत्र के ताडंकी के पास (29 अप्रैल, 2018)
1800 KM कृष्णा जिले के मैलवरम निर्वाचन क्षेत्र के गणपवरम के पास (18 अप्रैल, 2018)
1700 KM गुंटूर जिले के तेनाली निर्वाचन क्षेत्र के सुल्तानबाद के पास (7 अप्रैल, 2018)
1600 KM गुंटूर जिले के सत्तेनप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र के पलुदेवर्लपाडू के पास (27 मार्च, 2018)
1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
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0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
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0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
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1800 KM कृष्णा जिले के मैलवरम निर्वाचन क्षेत्र के गणपवरम के पास (18 अप्रैल, 2018)
1700 KM गुंटूर जिले के तेनाली निर्वाचन क्षेत्र के सुल्तानबाद के पास (7 अप्रैल, 2018)
1600 KM गुंटूर जिले के सत्तेनप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र के पलुदेवर्लपाडू के पास (27 मार्च, 2018)
1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
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0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
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0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
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1700 KM गुंटूर जिले के तेनाली निर्वाचन क्षेत्र के सुल्तानबाद के पास (7 अप्रैल, 2018)
1600 KM गुंटूर जिले के सत्तेनप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र के पलुदेवर्लपाडू के पास (27 मार्च, 2018)
1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
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0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
1500 KM गुंटूर जिले के पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के मुलुकुदुरु के पास (14 मार्च, 2018)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
1400 KM प्रकाशम जिले के अद्दंकी निर्वाचन क्षेत्र के नागुलपाडू के पास (5 मार्च, 2018)
1300 KM प्रकाशम जिले के कनिगीरी मंडलम के नंदनमारेल्लु के पास (25 फरवरी, 2018)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
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0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
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1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
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0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
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0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
1200 KM प्रकाशम जिल के कंदुकुरु निर्वाचन क्षेत्र के रामकृष्णपुरम के पास (16 फरवरी, 2018)
1100 KM नेल्लोर जिले के आत्मकुरु निर्वाचन क्षेत्र के कलिगिरी के पास (7 फरवरी, 2018)
1000 KM नेल्लोर जिले के वेंकटगिरी निर्वाचन क्षेत्र के मैदापुरम के पास (29 जनवरी, 2018)
0900 KM चित्तूर जिले के श्रीकालहस्ती निर्वाचन क्षेत्र के चेर्लोपल्ली हरिजनवाड़ा के पास (21 जनवरी, 2018)
0800 KM चित्तूर जिले के गंगाधर नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र के नल्लावेंगणगप्पाली के पास (11 जनवरी, 2018)
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0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
0600 KM अनंतपुर जिले के कदिरी निर्वाचन क्षेत्र के कटरुपल्ली क्रॉस रोड के पास (24 दिसंबर, 2017)
0500 KM अनंतपुर जिले के धर्मवरम निर्वाचन क्षेत्र के गोट्लुरु के पास (16 दिसंबर, 2017)
0400 KM अनंतपुर जिला के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0300 KM कर्नूल जिले के एम्मिगुनुरू निर्वाचन क्षेत्र के कारुमंची के पास (29 नवंबर, 2017)
0200 KM कुर्नूल जिले के डोन निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दवरम के पास (22 नवंबर, 2017)
0100 KM कुर्नूल जिले के आल्लगड्डा निर्वाचन क्षेत्र के चागलमर्रि के पास (14 नवंबर, 2017)टिप्पणियां
0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017)
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0400 KM अनंतपुर जिले के शिंगनमला निर्वाचन क्षेत्र के गुमेपल्ली के पास (7 दिसंबर, 2012)
0700 KM चित्तूर जिले के पिलेरु निर्वाचन क्षेत्र के चिंतपर्थी उपनगरी के पास (2 जनवरी, 2018)
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0000 KM वाईएसआर कड़पा जिले के पुलिवेन्दुला निर्वाचन क्षेत्र के इडुपुलपाया के पास (6 नवंबर, 2017) | संक्षिप्त पाठ: जगनमोहन रेड्डी की सभा में उमड़ रहा है जनसैलाब
विशाखापट्टनम में उन्हें सुनने लाखों की तादाद में लोग आए
जगनमोहन अपनी 258वें दिन की पदयात्रा के पश्चात विशाखापट्टनम पहुंचे थे | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलेसिलेवार विस्फोट हुए, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद बोधगया तथा राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है, वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, जबकि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हमले को 'मूर्खतापूर्ण हिंसा' करार दिया।
विस्फोटों के कारण आसपास के होटल थर्रा गए। महाबोधि मंदिर के नजदीक रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि विस्फोट के कारण आसपास के कई होटलों में कंपन महसूस किया गया। होटल में ठहरे हुए विदेशी तथा पर्यटक बाहर निकल आए। वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हुआ।
विस्फोटों के बाद नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि महाबोधि मंदिर परिसर में नौ बम विस्फोट हुए। चार बम मंदिर परिसर में, तीन पास के ही एक मठ में, एक भगवान बुद्ध की प्रतिमा के नजदीक और एक अन्य बम पर्यटक बस के नजदीक फटा। दो जिंदा बम भी बरामद किए गए, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया।
बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने कहा कि विस्फोट 'बहुत अधिक तीव्रता' के नहीं थे, इसलिए मंदिर के गर्भगृह को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा, "भिक्षुओं को प्रार्थना की अनुमति दी गई है, लेकिन आम लोगों को फिलहाल मंदिर परिसर में जाने की अनुमति नहीं है।"
केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने भी इसकी पुष्टि की कि मंदिर परिसर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। नई दिल्ली में संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "मंदिर तथा भगवान बुद्ध की प्रतिमा सुरक्षित है।"
बिहार पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक एसके भारद्वाज ने कहा, "महाबोधि मंदिर परिसर में हुए विस्फोटों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए, जिनमें से एक तिब्बत के और एक म्यांमार के हैं। घायल तिब्बती बौद्ध भिक्षु की पहचान 50 वर्षीय तेंजिंग दोरजी और म्यांमार के बौद्ध भिक्षु की पहचान 30 वर्षीय विलास गा के रूप में की गई है।"
विस्फोटों को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। विपक्ष ने जहां सरकार पर सुरक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने आरोपों से इनकार किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्य सरकार को बताया गया था कि आतंकवादी तत्वों ने मंदिर परिसर की रेकी की है, फिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।"
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है, वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, जबकि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हमले को 'मूर्खतापूर्ण हिंसा' करार दिया।
विस्फोटों के कारण आसपास के होटल थर्रा गए। महाबोधि मंदिर के नजदीक रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि विस्फोट के कारण आसपास के कई होटलों में कंपन महसूस किया गया। होटल में ठहरे हुए विदेशी तथा पर्यटक बाहर निकल आए। वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हुआ।
विस्फोटों के बाद नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि महाबोधि मंदिर परिसर में नौ बम विस्फोट हुए। चार बम मंदिर परिसर में, तीन पास के ही एक मठ में, एक भगवान बुद्ध की प्रतिमा के नजदीक और एक अन्य बम पर्यटक बस के नजदीक फटा। दो जिंदा बम भी बरामद किए गए, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया।
बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने कहा कि विस्फोट 'बहुत अधिक तीव्रता' के नहीं थे, इसलिए मंदिर के गर्भगृह को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा, "भिक्षुओं को प्रार्थना की अनुमति दी गई है, लेकिन आम लोगों को फिलहाल मंदिर परिसर में जाने की अनुमति नहीं है।"
केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने भी इसकी पुष्टि की कि मंदिर परिसर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। नई दिल्ली में संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "मंदिर तथा भगवान बुद्ध की प्रतिमा सुरक्षित है।"
बिहार पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक एसके भारद्वाज ने कहा, "महाबोधि मंदिर परिसर में हुए विस्फोटों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए, जिनमें से एक तिब्बत के और एक म्यांमार के हैं। घायल तिब्बती बौद्ध भिक्षु की पहचान 50 वर्षीय तेंजिंग दोरजी और म्यांमार के बौद्ध भिक्षु की पहचान 30 वर्षीय विलास गा के रूप में की गई है।"
विस्फोटों को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। विपक्ष ने जहां सरकार पर सुरक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने आरोपों से इनकार किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्य सरकार को बताया गया था कि आतंकवादी तत्वों ने मंदिर परिसर की रेकी की है, फिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।"
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
विस्फोटों के कारण आसपास के होटल थर्रा गए। महाबोधि मंदिर के नजदीक रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि विस्फोट के कारण आसपास के कई होटलों में कंपन महसूस किया गया। होटल में ठहरे हुए विदेशी तथा पर्यटक बाहर निकल आए। वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हुआ।
विस्फोटों के बाद नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि महाबोधि मंदिर परिसर में नौ बम विस्फोट हुए। चार बम मंदिर परिसर में, तीन पास के ही एक मठ में, एक भगवान बुद्ध की प्रतिमा के नजदीक और एक अन्य बम पर्यटक बस के नजदीक फटा। दो जिंदा बम भी बरामद किए गए, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया।
बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने कहा कि विस्फोट 'बहुत अधिक तीव्रता' के नहीं थे, इसलिए मंदिर के गर्भगृह को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा, "भिक्षुओं को प्रार्थना की अनुमति दी गई है, लेकिन आम लोगों को फिलहाल मंदिर परिसर में जाने की अनुमति नहीं है।"
केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने भी इसकी पुष्टि की कि मंदिर परिसर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। नई दिल्ली में संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "मंदिर तथा भगवान बुद्ध की प्रतिमा सुरक्षित है।"
बिहार पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक एसके भारद्वाज ने कहा, "महाबोधि मंदिर परिसर में हुए विस्फोटों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए, जिनमें से एक तिब्बत के और एक म्यांमार के हैं। घायल तिब्बती बौद्ध भिक्षु की पहचान 50 वर्षीय तेंजिंग दोरजी और म्यांमार के बौद्ध भिक्षु की पहचान 30 वर्षीय विलास गा के रूप में की गई है।"
विस्फोटों को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। विपक्ष ने जहां सरकार पर सुरक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने आरोपों से इनकार किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्य सरकार को बताया गया था कि आतंकवादी तत्वों ने मंदिर परिसर की रेकी की है, फिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।"
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
विस्फोटों के बाद नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि महाबोधि मंदिर परिसर में नौ बम विस्फोट हुए। चार बम मंदिर परिसर में, तीन पास के ही एक मठ में, एक भगवान बुद्ध की प्रतिमा के नजदीक और एक अन्य बम पर्यटक बस के नजदीक फटा। दो जिंदा बम भी बरामद किए गए, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया।
बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने कहा कि विस्फोट 'बहुत अधिक तीव्रता' के नहीं थे, इसलिए मंदिर के गर्भगृह को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा, "भिक्षुओं को प्रार्थना की अनुमति दी गई है, लेकिन आम लोगों को फिलहाल मंदिर परिसर में जाने की अनुमति नहीं है।"
केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने भी इसकी पुष्टि की कि मंदिर परिसर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। नई दिल्ली में संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "मंदिर तथा भगवान बुद्ध की प्रतिमा सुरक्षित है।"
बिहार पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक एसके भारद्वाज ने कहा, "महाबोधि मंदिर परिसर में हुए विस्फोटों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए, जिनमें से एक तिब्बत के और एक म्यांमार के हैं। घायल तिब्बती बौद्ध भिक्षु की पहचान 50 वर्षीय तेंजिंग दोरजी और म्यांमार के बौद्ध भिक्षु की पहचान 30 वर्षीय विलास गा के रूप में की गई है।"
विस्फोटों को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। विपक्ष ने जहां सरकार पर सुरक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने आरोपों से इनकार किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्य सरकार को बताया गया था कि आतंकवादी तत्वों ने मंदिर परिसर की रेकी की है, फिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।"
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने कहा कि विस्फोट 'बहुत अधिक तीव्रता' के नहीं थे, इसलिए मंदिर के गर्भगृह को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा, "भिक्षुओं को प्रार्थना की अनुमति दी गई है, लेकिन आम लोगों को फिलहाल मंदिर परिसर में जाने की अनुमति नहीं है।"
केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने भी इसकी पुष्टि की कि मंदिर परिसर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। नई दिल्ली में संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "मंदिर तथा भगवान बुद्ध की प्रतिमा सुरक्षित है।"
बिहार पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक एसके भारद्वाज ने कहा, "महाबोधि मंदिर परिसर में हुए विस्फोटों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए, जिनमें से एक तिब्बत के और एक म्यांमार के हैं। घायल तिब्बती बौद्ध भिक्षु की पहचान 50 वर्षीय तेंजिंग दोरजी और म्यांमार के बौद्ध भिक्षु की पहचान 30 वर्षीय विलास गा के रूप में की गई है।"
विस्फोटों को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। विपक्ष ने जहां सरकार पर सुरक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने आरोपों से इनकार किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्य सरकार को बताया गया था कि आतंकवादी तत्वों ने मंदिर परिसर की रेकी की है, फिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।"
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने भी इसकी पुष्टि की कि मंदिर परिसर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। नई दिल्ली में संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "मंदिर तथा भगवान बुद्ध की प्रतिमा सुरक्षित है।"
बिहार पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक एसके भारद्वाज ने कहा, "महाबोधि मंदिर परिसर में हुए विस्फोटों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए, जिनमें से एक तिब्बत के और एक म्यांमार के हैं। घायल तिब्बती बौद्ध भिक्षु की पहचान 50 वर्षीय तेंजिंग दोरजी और म्यांमार के बौद्ध भिक्षु की पहचान 30 वर्षीय विलास गा के रूप में की गई है।"
विस्फोटों को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। विपक्ष ने जहां सरकार पर सुरक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने आरोपों से इनकार किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्य सरकार को बताया गया था कि आतंकवादी तत्वों ने मंदिर परिसर की रेकी की है, फिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।"
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
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उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
बिहार पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक एसके भारद्वाज ने कहा, "महाबोधि मंदिर परिसर में हुए विस्फोटों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए, जिनमें से एक तिब्बत के और एक म्यांमार के हैं। घायल तिब्बती बौद्ध भिक्षु की पहचान 50 वर्षीय तेंजिंग दोरजी और म्यांमार के बौद्ध भिक्षु की पहचान 30 वर्षीय विलास गा के रूप में की गई है।"
विस्फोटों को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। विपक्ष ने जहां सरकार पर सुरक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने आरोपों से इनकार किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्य सरकार को बताया गया था कि आतंकवादी तत्वों ने मंदिर परिसर की रेकी की है, फिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।"
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
विस्फोटों को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। विपक्ष ने जहां सरकार पर सुरक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने आरोपों से इनकार किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्य सरकार को बताया गया था कि आतंकवादी तत्वों ने मंदिर परिसर की रेकी की है, फिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।"
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
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उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्य सरकार को बताया गया था कि आतंकवादी तत्वों ने मंदिर परिसर की रेकी की है, फिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।"
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए बोधगया में घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "महाबोधि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मंदिर की सुरक्षा पर हम पहले से ही नजर बनाए हुए थे, लेकिन जिस तरह से हमलावर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने बम भी जगह-जगह रखा, हमें देखना होगा कि वे किस परिधान में थे। हमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की भी जांच करनी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
खुफिया एजेंसियों ने पिछले महीने ही जिला प्रशासन को मंदिर को सुरक्षा खतरे को लेकर आगाह किया था। दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि उसने बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बारे में बताया था। उसे इस बारे में जानकारी इंडियन मुजाहिदीन के एक गिरफ्तार आतंकवादी मकबूल से मिली थी, जिसने अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर परिसर की रेकी करने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी से मिली सूचना साझा करने के लिए अपनी टीम बिहार भेजने की बात कही है।टिप्पणियां
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
विस्फोटों के समय को लेकर हालांकि दो तरह की खबरें मिल रही हैं। जहां बिहार पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट सुबह 5.15 बजे हुआ और इसके बाद करीब आधे घंटे तक कई अन्य विस्फोट हुए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि सुबह 5.30 बजे से छह बजे के बीच विस्फोट हुए।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
उल्लेखनीय है कि महाबोधि मंदिर का निर्माण बोधगया में उस स्थान पर किया गया है, जहां भगवान बुद्ध को करीब 2,500 साल पहले ज्ञान प्राप्त हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 2002 में इसे विश्व धरोहर घोषित किया था। | यह एक सारांश है: बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलेसिलेवार विस्फोट हुए, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: यह मुठभेड़ ठीक उसी दिन हुई है, जब बीएसएफ ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्षविराम की घटनाओं के जवाब में की गई फायरिंग में 15 पाकिस्तानी जवान मारे गए. इससे हफ्ते भर पहले बीएसएफ ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे. हालांकि पाकिस्तान ने इसका खंडन किया था.टिप्पणियां
अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने गुरुवार और शुक्रवार को लगातार राजौरी, सांबा, आरएस पुरा और सुचेतगढ़ में संघर्षविराम का उल्लंघन किया. गुरुवार को आरएसपुरा सेक्टर में पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा दागे गए मोर्टार शेल से बीएसएफ के एक जवान जितेंद्र सिंह शहीद हो गए थे. पिछले पांच दिनों में पाकिस्तानी गोलाबारी में बीएसएफ के तीन जवान शहीद हो चुके हैं.
इससे पहले 2013 में भी सेना के जवान के शव के साथ आतंकियों ने पुंछ में ऐसी ही हरकत की थी जिसके बाद सेना ने मुहतोड़ जबाब दिया था. उसके बाद पाक सेना और आतंकियों को कभी ऐसी हरकत दोबारा करने की हिम्मत नही पड़ी थी. लेकिन एलओसी पार आतंकियों के लॉन्चिंग पैड पर सेना के सर्जिकल स्ट्राइक से बौखलाया पाकिस्तान ऐसी हताशा वाली कार्रवाई कर रहा है. सेना का कहना है कि इस बार न केवल पाक सेना को बल्कि आतंकियों को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने गुरुवार और शुक्रवार को लगातार राजौरी, सांबा, आरएस पुरा और सुचेतगढ़ में संघर्षविराम का उल्लंघन किया. गुरुवार को आरएसपुरा सेक्टर में पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा दागे गए मोर्टार शेल से बीएसएफ के एक जवान जितेंद्र सिंह शहीद हो गए थे. पिछले पांच दिनों में पाकिस्तानी गोलाबारी में बीएसएफ के तीन जवान शहीद हो चुके हैं.
इससे पहले 2013 में भी सेना के जवान के शव के साथ आतंकियों ने पुंछ में ऐसी ही हरकत की थी जिसके बाद सेना ने मुहतोड़ जबाब दिया था. उसके बाद पाक सेना और आतंकियों को कभी ऐसी हरकत दोबारा करने की हिम्मत नही पड़ी थी. लेकिन एलओसी पार आतंकियों के लॉन्चिंग पैड पर सेना के सर्जिकल स्ट्राइक से बौखलाया पाकिस्तान ऐसी हताशा वाली कार्रवाई कर रहा है. सेना का कहना है कि इस बार न केवल पाक सेना को बल्कि आतंकियों को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
इससे पहले 2013 में भी सेना के जवान के शव के साथ आतंकियों ने पुंछ में ऐसी ही हरकत की थी जिसके बाद सेना ने मुहतोड़ जबाब दिया था. उसके बाद पाक सेना और आतंकियों को कभी ऐसी हरकत दोबारा करने की हिम्मत नही पड़ी थी. लेकिन एलओसी पार आतंकियों के लॉन्चिंग पैड पर सेना के सर्जिकल स्ट्राइक से बौखलाया पाकिस्तान ऐसी हताशा वाली कार्रवाई कर रहा है. सेना का कहना है कि इस बार न केवल पाक सेना को बल्कि आतंकियों को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. | संक्षिप्त पाठ: मुठभेड़ में एक आतंकी भी मारा गया
पाक सेना की फायरिंग की आड़ में पीओके भागे आतंकी
सेना ने कहा- इस बर्बर घटना का समुचित जवाब दिया जाएगा | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूरोपियन लीग के सेमीफाइनल में पहले चरण के मुकाबले में फुटबॉल क्लब चेल्सी ने फुटबॉल क्लब बासेल को 2-1 से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही चेल्सी ने फाइनल मुकाबले में पहुंचने की ओर एक कदम और बढ़ा दिया है।
मौजूदा चैंपियन चेल्सी के पास चैंपियंस लीग और यूरोपियन लीग जीतने वाली पहली टीम बनने का मौका है। पिछले साल चेल्सी ने चैंपियंस लीग के फाइनल मुकाबले में बायर्न म्यूनिख को हराकर खिताब पर कब्जा किया था।टिप्पणियां
बासेल के खिलाफ इस मुकाबले में विक्टर मोसिस ने अपनी टीम को मैच के 12वें मिनट में गोल कर बढ़त दिला दी, लेकिन 87वें मिनट में बासेल के फैब्यिन सचार ने गोल कर मैच को बराबरी पर ला दिया।
मैच के 94वें मिनट में लुईस की फ्री क्रिक ने बासेल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और चेल्सी 2-1 से यह मुकाबला जीत गया। वहीं, इस्तानबुल में सेमीफाइनल के पहले चरण में फेनरबासी ने पुर्तगाली क्लब बेनफिका को 1-0 से हराया।
मौजूदा चैंपियन चेल्सी के पास चैंपियंस लीग और यूरोपियन लीग जीतने वाली पहली टीम बनने का मौका है। पिछले साल चेल्सी ने चैंपियंस लीग के फाइनल मुकाबले में बायर्न म्यूनिख को हराकर खिताब पर कब्जा किया था।टिप्पणियां
बासेल के खिलाफ इस मुकाबले में विक्टर मोसिस ने अपनी टीम को मैच के 12वें मिनट में गोल कर बढ़त दिला दी, लेकिन 87वें मिनट में बासेल के फैब्यिन सचार ने गोल कर मैच को बराबरी पर ला दिया।
मैच के 94वें मिनट में लुईस की फ्री क्रिक ने बासेल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और चेल्सी 2-1 से यह मुकाबला जीत गया। वहीं, इस्तानबुल में सेमीफाइनल के पहले चरण में फेनरबासी ने पुर्तगाली क्लब बेनफिका को 1-0 से हराया।
बासेल के खिलाफ इस मुकाबले में विक्टर मोसिस ने अपनी टीम को मैच के 12वें मिनट में गोल कर बढ़त दिला दी, लेकिन 87वें मिनट में बासेल के फैब्यिन सचार ने गोल कर मैच को बराबरी पर ला दिया।
मैच के 94वें मिनट में लुईस की फ्री क्रिक ने बासेल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और चेल्सी 2-1 से यह मुकाबला जीत गया। वहीं, इस्तानबुल में सेमीफाइनल के पहले चरण में फेनरबासी ने पुर्तगाली क्लब बेनफिका को 1-0 से हराया।
मैच के 94वें मिनट में लुईस की फ्री क्रिक ने बासेल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और चेल्सी 2-1 से यह मुकाबला जीत गया। वहीं, इस्तानबुल में सेमीफाइनल के पहले चरण में फेनरबासी ने पुर्तगाली क्लब बेनफिका को 1-0 से हराया। | मौजूदा चैंपियन चेल्सी के पास चैंपियंस लीग और यूरोपियन लीग जीतने वाली पहली टीम बनने का मौका है। पिछले साल चेल्सी ने चैंपियंस लीग के फाइनल मुकाबले में बायर्न म्यूनिख को हराकर खिताब पर कब्जा किया था। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच सुलह की कोशिश करते हुए पाकिस्तान ने आज कहा कि वह भारत के साथ ‘स्थायी शत्रुता’ के साथ नहीं रहना चाहता है. उसने कहा कि दोनों पड़ोसियों के लिए समय आ गया है कि वे इस बात पर फैसला करें कि वे यथास्थिति के साथ रहना चाहते हैं या नई शुरुआत करना चाहते हैं.
‘निर्बाध और निरंतर’ द्विपक्षीय संबंध का आह्वान करते हुए पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा कि दोनों देशों को अपने मतभेदों को दूर करना चाहिए ताकि सहयोगपूर्ण संबंधों के अचल राह पर बढ़ सकें. भारत के साथ व्यापक वार्ता के लिए पाकिस्तान के तैयार होने की बात करते हुए बासित ने हालांकि कहा कि भारत की तरफ से संवाद की इच्छा नदारद है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के पास धर्य है और वह वार्ता बहाल करने के लिए इंतजार करने को तैयार है.
बासित ने कहा, ‘मेरा मानना है कि हमने अपने अस्तित्व के 70 साल बर्बाद किए हैं. समय आ गया है कि हम अपना मन बना लें कि हम क्या करना चाहते हैं. क्या हम यथास्थिति को बरकरार रखना चाहेंगे या हम अपने संबंधों में नयी शुरुआत करना चाहते हैं.’ भारत-पाक संबंधों पर बासित की टिप्पणी दोनों देशों के बीच संबंधों में सीमा पार से उड़ी और नगरोटा में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले समेत कई आतंकवादी हमलों और भारत के नियंत्रण रेखा के पार लक्षित हमले करने के मद्देनजर बढ़ते तनाव के बीच आई है.
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान भारत के साथ स्थायी शत्रुता के साथ नहीं रहना चाहता है. हम सकारात्मक और रचनात्मक रहे, लेकिन ताली बजाने के लिए दो हाथों की जरूरत होती है. दोनों देशों के बीच गंभीर समस्याएं हैं. हम उनसे बच नहीं सकते लेकिन हम पारस्परिक संतुष्टि के लिए नतीजों को साकार कर सकते हैं और एक अच्छी शुरुआत कर सकते हैं.’ साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए जम्मू-कश्मीर दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा है और इसका समाधान ढूंढना उनके बीच विश्वास की खाई को पाट सकता है.
बासित ने कहा, ‘हमें संघर्ष प्रबंधन से संघर्ष के समाधान की ओर बढ़ना है और साफ तौर पर ऐसा तब तक नहीं हो सकता जब तक कि हम इस उद्देश्य के लिए एक-दूसरे के साथ ईमानदारी और गंभीरता के साथ बातचीत नहीं करें.’ बातचीत से तनाव कम होने की बात करते हुए बासित ने कहा कि इस्लामाबाद अपने रुख में ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ रहा है. उन्होंने कहा कि संवाद सार्थक होनी चाहिए और जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘जब भी नई दिल्ली में हमसे बातचीत करने की कोई इच्छा हो पाकिस्तान सकारात्मक और रचनात्मक प्रतिक्रिया देगा, बशर्ते संवाद सार्थक हो और यह जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करे.’ उन्होंने कहा कि कूटनीति को अपना काम करने का अच्छा मौका दिया जाना चाहिए.
साथ ही उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, दुर्भाग्य से हम नई दिल्ली में हमसे व्यापक तरीके से संवाद करने की बहुत इच्छा नहीं देखते. हम प्रतीक्षा करने को तैयार हैं, हमारे अंदर धैर्य है. हम प्रतीक्षा करेंगे और देखेंगे कि कैसे चीजें आने वाले महीनों और वर्षों में शक्ल लेती हैं.’ पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के लिए मतभेदों से पार पाना आवश्यक है ताकि सहयोगी संबंध के अचल पथ पर बढ़ सके. इस्लामाबाद में दक्षेस शिखर सम्मेलन भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के कारण नहीं हो सकने पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच अच्छे संबंध और शांति से समूचे क्षेत्र को फायदा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में जुलाई के बाद से घटनाक्रम एकबार फिर से साफ तौर पर दर्शाते हैं कि जम्मू कश्मीर मुख्य मुद्दा है. इस्लामाबाद की भावना है कि जब तक हम इस समस्या के उचित समाधान को ढूंढने की दिशा में नहीं बढ़ते हैं, दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई को पाटना बेहद मुश्किल होगा.’ उन्होंने कहा, ‘शांति हमारे पारस्परिक हित के साथ-साथ क्षेत्र के हित में भी है. हमने देखा है कि दक्षेस शिखर सम्मेलन का क्या हुआ. यह दोनों देशों के बीच मतभेद की वजह से मुख्य रूप से नहीं हो सका.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
‘निर्बाध और निरंतर’ द्विपक्षीय संबंध का आह्वान करते हुए पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा कि दोनों देशों को अपने मतभेदों को दूर करना चाहिए ताकि सहयोगपूर्ण संबंधों के अचल राह पर बढ़ सकें. भारत के साथ व्यापक वार्ता के लिए पाकिस्तान के तैयार होने की बात करते हुए बासित ने हालांकि कहा कि भारत की तरफ से संवाद की इच्छा नदारद है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के पास धर्य है और वह वार्ता बहाल करने के लिए इंतजार करने को तैयार है.
बासित ने कहा, ‘मेरा मानना है कि हमने अपने अस्तित्व के 70 साल बर्बाद किए हैं. समय आ गया है कि हम अपना मन बना लें कि हम क्या करना चाहते हैं. क्या हम यथास्थिति को बरकरार रखना चाहेंगे या हम अपने संबंधों में नयी शुरुआत करना चाहते हैं.’ भारत-पाक संबंधों पर बासित की टिप्पणी दोनों देशों के बीच संबंधों में सीमा पार से उड़ी और नगरोटा में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले समेत कई आतंकवादी हमलों और भारत के नियंत्रण रेखा के पार लक्षित हमले करने के मद्देनजर बढ़ते तनाव के बीच आई है.
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान भारत के साथ स्थायी शत्रुता के साथ नहीं रहना चाहता है. हम सकारात्मक और रचनात्मक रहे, लेकिन ताली बजाने के लिए दो हाथों की जरूरत होती है. दोनों देशों के बीच गंभीर समस्याएं हैं. हम उनसे बच नहीं सकते लेकिन हम पारस्परिक संतुष्टि के लिए नतीजों को साकार कर सकते हैं और एक अच्छी शुरुआत कर सकते हैं.’ साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए जम्मू-कश्मीर दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा है और इसका समाधान ढूंढना उनके बीच विश्वास की खाई को पाट सकता है.
बासित ने कहा, ‘हमें संघर्ष प्रबंधन से संघर्ष के समाधान की ओर बढ़ना है और साफ तौर पर ऐसा तब तक नहीं हो सकता जब तक कि हम इस उद्देश्य के लिए एक-दूसरे के साथ ईमानदारी और गंभीरता के साथ बातचीत नहीं करें.’ बातचीत से तनाव कम होने की बात करते हुए बासित ने कहा कि इस्लामाबाद अपने रुख में ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ रहा है. उन्होंने कहा कि संवाद सार्थक होनी चाहिए और जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘जब भी नई दिल्ली में हमसे बातचीत करने की कोई इच्छा हो पाकिस्तान सकारात्मक और रचनात्मक प्रतिक्रिया देगा, बशर्ते संवाद सार्थक हो और यह जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करे.’ उन्होंने कहा कि कूटनीति को अपना काम करने का अच्छा मौका दिया जाना चाहिए.
साथ ही उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, दुर्भाग्य से हम नई दिल्ली में हमसे व्यापक तरीके से संवाद करने की बहुत इच्छा नहीं देखते. हम प्रतीक्षा करने को तैयार हैं, हमारे अंदर धैर्य है. हम प्रतीक्षा करेंगे और देखेंगे कि कैसे चीजें आने वाले महीनों और वर्षों में शक्ल लेती हैं.’ पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के लिए मतभेदों से पार पाना आवश्यक है ताकि सहयोगी संबंध के अचल पथ पर बढ़ सके. इस्लामाबाद में दक्षेस शिखर सम्मेलन भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के कारण नहीं हो सकने पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच अच्छे संबंध और शांति से समूचे क्षेत्र को फायदा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में जुलाई के बाद से घटनाक्रम एकबार फिर से साफ तौर पर दर्शाते हैं कि जम्मू कश्मीर मुख्य मुद्दा है. इस्लामाबाद की भावना है कि जब तक हम इस समस्या के उचित समाधान को ढूंढने की दिशा में नहीं बढ़ते हैं, दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई को पाटना बेहद मुश्किल होगा.’ उन्होंने कहा, ‘शांति हमारे पारस्परिक हित के साथ-साथ क्षेत्र के हित में भी है. हमने देखा है कि दक्षेस शिखर सम्मेलन का क्या हुआ. यह दोनों देशों के बीच मतभेद की वजह से मुख्य रूप से नहीं हो सका.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बासित ने कहा, ‘मेरा मानना है कि हमने अपने अस्तित्व के 70 साल बर्बाद किए हैं. समय आ गया है कि हम अपना मन बना लें कि हम क्या करना चाहते हैं. क्या हम यथास्थिति को बरकरार रखना चाहेंगे या हम अपने संबंधों में नयी शुरुआत करना चाहते हैं.’ भारत-पाक संबंधों पर बासित की टिप्पणी दोनों देशों के बीच संबंधों में सीमा पार से उड़ी और नगरोटा में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले समेत कई आतंकवादी हमलों और भारत के नियंत्रण रेखा के पार लक्षित हमले करने के मद्देनजर बढ़ते तनाव के बीच आई है.
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान भारत के साथ स्थायी शत्रुता के साथ नहीं रहना चाहता है. हम सकारात्मक और रचनात्मक रहे, लेकिन ताली बजाने के लिए दो हाथों की जरूरत होती है. दोनों देशों के बीच गंभीर समस्याएं हैं. हम उनसे बच नहीं सकते लेकिन हम पारस्परिक संतुष्टि के लिए नतीजों को साकार कर सकते हैं और एक अच्छी शुरुआत कर सकते हैं.’ साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए जम्मू-कश्मीर दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा है और इसका समाधान ढूंढना उनके बीच विश्वास की खाई को पाट सकता है.
बासित ने कहा, ‘हमें संघर्ष प्रबंधन से संघर्ष के समाधान की ओर बढ़ना है और साफ तौर पर ऐसा तब तक नहीं हो सकता जब तक कि हम इस उद्देश्य के लिए एक-दूसरे के साथ ईमानदारी और गंभीरता के साथ बातचीत नहीं करें.’ बातचीत से तनाव कम होने की बात करते हुए बासित ने कहा कि इस्लामाबाद अपने रुख में ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ रहा है. उन्होंने कहा कि संवाद सार्थक होनी चाहिए और जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘जब भी नई दिल्ली में हमसे बातचीत करने की कोई इच्छा हो पाकिस्तान सकारात्मक और रचनात्मक प्रतिक्रिया देगा, बशर्ते संवाद सार्थक हो और यह जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करे.’ उन्होंने कहा कि कूटनीति को अपना काम करने का अच्छा मौका दिया जाना चाहिए.
साथ ही उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, दुर्भाग्य से हम नई दिल्ली में हमसे व्यापक तरीके से संवाद करने की बहुत इच्छा नहीं देखते. हम प्रतीक्षा करने को तैयार हैं, हमारे अंदर धैर्य है. हम प्रतीक्षा करेंगे और देखेंगे कि कैसे चीजें आने वाले महीनों और वर्षों में शक्ल लेती हैं.’ पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के लिए मतभेदों से पार पाना आवश्यक है ताकि सहयोगी संबंध के अचल पथ पर बढ़ सके. इस्लामाबाद में दक्षेस शिखर सम्मेलन भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के कारण नहीं हो सकने पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच अच्छे संबंध और शांति से समूचे क्षेत्र को फायदा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में जुलाई के बाद से घटनाक्रम एकबार फिर से साफ तौर पर दर्शाते हैं कि जम्मू कश्मीर मुख्य मुद्दा है. इस्लामाबाद की भावना है कि जब तक हम इस समस्या के उचित समाधान को ढूंढने की दिशा में नहीं बढ़ते हैं, दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई को पाटना बेहद मुश्किल होगा.’ उन्होंने कहा, ‘शांति हमारे पारस्परिक हित के साथ-साथ क्षेत्र के हित में भी है. हमने देखा है कि दक्षेस शिखर सम्मेलन का क्या हुआ. यह दोनों देशों के बीच मतभेद की वजह से मुख्य रूप से नहीं हो सका.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान भारत के साथ स्थायी शत्रुता के साथ नहीं रहना चाहता है. हम सकारात्मक और रचनात्मक रहे, लेकिन ताली बजाने के लिए दो हाथों की जरूरत होती है. दोनों देशों के बीच गंभीर समस्याएं हैं. हम उनसे बच नहीं सकते लेकिन हम पारस्परिक संतुष्टि के लिए नतीजों को साकार कर सकते हैं और एक अच्छी शुरुआत कर सकते हैं.’ साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए जम्मू-कश्मीर दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा है और इसका समाधान ढूंढना उनके बीच विश्वास की खाई को पाट सकता है.
बासित ने कहा, ‘हमें संघर्ष प्रबंधन से संघर्ष के समाधान की ओर बढ़ना है और साफ तौर पर ऐसा तब तक नहीं हो सकता जब तक कि हम इस उद्देश्य के लिए एक-दूसरे के साथ ईमानदारी और गंभीरता के साथ बातचीत नहीं करें.’ बातचीत से तनाव कम होने की बात करते हुए बासित ने कहा कि इस्लामाबाद अपने रुख में ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ रहा है. उन्होंने कहा कि संवाद सार्थक होनी चाहिए और जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘जब भी नई दिल्ली में हमसे बातचीत करने की कोई इच्छा हो पाकिस्तान सकारात्मक और रचनात्मक प्रतिक्रिया देगा, बशर्ते संवाद सार्थक हो और यह जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करे.’ उन्होंने कहा कि कूटनीति को अपना काम करने का अच्छा मौका दिया जाना चाहिए.
साथ ही उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, दुर्भाग्य से हम नई दिल्ली में हमसे व्यापक तरीके से संवाद करने की बहुत इच्छा नहीं देखते. हम प्रतीक्षा करने को तैयार हैं, हमारे अंदर धैर्य है. हम प्रतीक्षा करेंगे और देखेंगे कि कैसे चीजें आने वाले महीनों और वर्षों में शक्ल लेती हैं.’ पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के लिए मतभेदों से पार पाना आवश्यक है ताकि सहयोगी संबंध के अचल पथ पर बढ़ सके. इस्लामाबाद में दक्षेस शिखर सम्मेलन भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के कारण नहीं हो सकने पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच अच्छे संबंध और शांति से समूचे क्षेत्र को फायदा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में जुलाई के बाद से घटनाक्रम एकबार फिर से साफ तौर पर दर्शाते हैं कि जम्मू कश्मीर मुख्य मुद्दा है. इस्लामाबाद की भावना है कि जब तक हम इस समस्या के उचित समाधान को ढूंढने की दिशा में नहीं बढ़ते हैं, दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई को पाटना बेहद मुश्किल होगा.’ उन्होंने कहा, ‘शांति हमारे पारस्परिक हित के साथ-साथ क्षेत्र के हित में भी है. हमने देखा है कि दक्षेस शिखर सम्मेलन का क्या हुआ. यह दोनों देशों के बीच मतभेद की वजह से मुख्य रूप से नहीं हो सका.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बासित ने कहा, ‘हमें संघर्ष प्रबंधन से संघर्ष के समाधान की ओर बढ़ना है और साफ तौर पर ऐसा तब तक नहीं हो सकता जब तक कि हम इस उद्देश्य के लिए एक-दूसरे के साथ ईमानदारी और गंभीरता के साथ बातचीत नहीं करें.’ बातचीत से तनाव कम होने की बात करते हुए बासित ने कहा कि इस्लामाबाद अपने रुख में ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ रहा है. उन्होंने कहा कि संवाद सार्थक होनी चाहिए और जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘जब भी नई दिल्ली में हमसे बातचीत करने की कोई इच्छा हो पाकिस्तान सकारात्मक और रचनात्मक प्रतिक्रिया देगा, बशर्ते संवाद सार्थक हो और यह जम्मू कश्मीर के मुख्य मुद्दे का निराकरण करे.’ उन्होंने कहा कि कूटनीति को अपना काम करने का अच्छा मौका दिया जाना चाहिए.
साथ ही उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, दुर्भाग्य से हम नई दिल्ली में हमसे व्यापक तरीके से संवाद करने की बहुत इच्छा नहीं देखते. हम प्रतीक्षा करने को तैयार हैं, हमारे अंदर धैर्य है. हम प्रतीक्षा करेंगे और देखेंगे कि कैसे चीजें आने वाले महीनों और वर्षों में शक्ल लेती हैं.’ पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के लिए मतभेदों से पार पाना आवश्यक है ताकि सहयोगी संबंध के अचल पथ पर बढ़ सके. इस्लामाबाद में दक्षेस शिखर सम्मेलन भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के कारण नहीं हो सकने पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच अच्छे संबंध और शांति से समूचे क्षेत्र को फायदा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में जुलाई के बाद से घटनाक्रम एकबार फिर से साफ तौर पर दर्शाते हैं कि जम्मू कश्मीर मुख्य मुद्दा है. इस्लामाबाद की भावना है कि जब तक हम इस समस्या के उचित समाधान को ढूंढने की दिशा में नहीं बढ़ते हैं, दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई को पाटना बेहद मुश्किल होगा.’ उन्होंने कहा, ‘शांति हमारे पारस्परिक हित के साथ-साथ क्षेत्र के हित में भी है. हमने देखा है कि दक्षेस शिखर सम्मेलन का क्या हुआ. यह दोनों देशों के बीच मतभेद की वजह से मुख्य रूप से नहीं हो सका.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
साथ ही उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, दुर्भाग्य से हम नई दिल्ली में हमसे व्यापक तरीके से संवाद करने की बहुत इच्छा नहीं देखते. हम प्रतीक्षा करने को तैयार हैं, हमारे अंदर धैर्य है. हम प्रतीक्षा करेंगे और देखेंगे कि कैसे चीजें आने वाले महीनों और वर्षों में शक्ल लेती हैं.’ पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के लिए मतभेदों से पार पाना आवश्यक है ताकि सहयोगी संबंध के अचल पथ पर बढ़ सके. इस्लामाबाद में दक्षेस शिखर सम्मेलन भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों के कारण नहीं हो सकने पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच अच्छे संबंध और शांति से समूचे क्षेत्र को फायदा होगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में जुलाई के बाद से घटनाक्रम एकबार फिर से साफ तौर पर दर्शाते हैं कि जम्मू कश्मीर मुख्य मुद्दा है. इस्लामाबाद की भावना है कि जब तक हम इस समस्या के उचित समाधान को ढूंढने की दिशा में नहीं बढ़ते हैं, दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई को पाटना बेहद मुश्किल होगा.’ उन्होंने कहा, ‘शांति हमारे पारस्परिक हित के साथ-साथ क्षेत्र के हित में भी है. हमने देखा है कि दक्षेस शिखर सम्मेलन का क्या हुआ. यह दोनों देशों के बीच मतभेद की वजह से मुख्य रूप से नहीं हो सका.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में जुलाई के बाद से घटनाक्रम एकबार फिर से साफ तौर पर दर्शाते हैं कि जम्मू कश्मीर मुख्य मुद्दा है. इस्लामाबाद की भावना है कि जब तक हम इस समस्या के उचित समाधान को ढूंढने की दिशा में नहीं बढ़ते हैं, दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई को पाटना बेहद मुश्किल होगा.’ उन्होंने कहा, ‘शांति हमारे पारस्परिक हित के साथ-साथ क्षेत्र के हित में भी है. हमने देखा है कि दक्षेस शिखर सम्मेलन का क्या हुआ. यह दोनों देशों के बीच मतभेद की वजह से मुख्य रूप से नहीं हो सका.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | कहा-दोनों देशों को मतभेदों को दूर करना चाहिए
हम वार्ता बहाल करने के लिए इंतजार करने को तैयार
दोनों देशों के बीच गंभीर समस्याएं, हम उनसे बच नहीं सकते | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन के समर्थन में आ गए हैं। 35 छात्रों का एक समूह रविवार को भारत की राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपने के लिए वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास पहुंचा। छात्रों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में कहा गया है, प्रवासी भारतीय नागरिक होने के नाते हम भारत सरकार के रवैये की साफ तौर पर निंदा करते हैं और इस मामले में आपसे हस्तक्षेप की मांग करते हैं। ज्ञापन में कहा गया है, हमारा मानना है कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में विफल इस सरकार ने अपने नागरिकों को संवैधानिक अधिकार से वंचित कर शासन का नैतिक अधिकार खो दिया है। इसी तरह के ज्ञापन अमेरिका में विभिन्न भारतीय वाणिज्य दूतावास में भी सौंपे जा रहे हैं। अमेरिका के मेरीलैंड विश्वविद्यालय में पीएचडी के छात्र आशुतोष गुप्ता हजारे के समर्थन में विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइटों के जरिए इंटरनेट पर अभियान छेड़ने के लिए भारतीय छात्रों को एकजुट करने पर ज्यादा वक्त बिता रहे हैं। आशुतोष ने विश्वविद्यालय परिसर में सपोर्ट अन्ना अभियान के लिए छात्रों को एकत्र करने के बाद कहा, समूचा देश इससे (भ्रष्टाचार) शर्मिंदा हैं। यद्यपि हम अपनी मातृभूमि से काफी दूर हैं लेकिन एक भारतीय होने के नाते भ्रष्टाचार के खिलाफ इस आंदोलन का समर्थन करना हमारी जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे एक अन्य छात्र उमंग अग्रवाल ने कहा, छात्र होने के नाते हम यहां धन नहीं जुटा सकते और भारत में चल रहे आंदोलन में शामिल नहीं हो सकते लेकिन कम से कम हम अन्ना हजारे के साथ एकजुटता तो प्रदर्शित कर सकते हैं। आशुतोष ने बताया कि भारतीय छात्रों ने आज से वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास के सामने मौन विरोध प्रदर्शित करने के लिए धरना देने की योजना बनाई है। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन के समर्थन में आ गए हैं। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे अधिक शतक तथा सबसे अधिक रन बनाने वाले महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर सोमवार को आधिकारिक तौर पर संसद के सदस्य बन गए। सचिन ने संसद के उच्च सदन राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण करने के बाद सचिन ने कहा कि क्रिकेट करियर उनके लिए प्राथमिक बना रहेगा। क्रिकेट में अनेकों कीर्तिमान स्थापित कर चुके सचिन को 27 अप्रैल को संसद के उच्च सदन के लिए मनोनीत किया गया था।
इसके साथ ही सचिन पहले ऐसे सक्रिय खिलाड़ी बने, जिन्हें संसद की सदस्यता प्राप्त हुई। सचिन ने राज्यसभा अध्यक्ष हामिद अंसारी के कक्ष में शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण समारोह में सचिन के साथ उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर भी थीं। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री राजीव शुक्ला, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणस्वामी व कुछ अन्य नेता भी मौजूद थे।
शपथ ग्रहण करने के बाद सचिन ने कहा कि क्रिकेट करियर उनके लिए प्राथमिक बना रहेगा। सचिन ने कहा, "मैं यहां अपने खेल की बदौलत पहुंचा हूं। मैं इस खेल पर से फिलहाल ध्यान नहीं हटा सकता। जब भी समय मिलेगा मैं राज्य सभा के सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करूंगा।" टिप्पणियां
सचिन ने कहा कि सांसद के तौर पर वह क्रिकेट ही नहीं बल्कि दूसरे खेलों की बेहतरी के लिए भी काम करते रहेंगे। सचिन बोले, "मैं खेलों की दिशा में सुधार को लेकर बेहतर स्थिति में हूं। हमारे देश में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों का स्तर सुधारना जरूरी है। यह मेरे लिए काफी मायने रखता है।"
"मुझे उस समय खुशी होगी, जब लोग मुझे मेरे आंकड़ों के लिए नहीं बल्कि इस देश में खेलों का स्तर सुधारने वाले व्यक्ति के तौर पर याद करेंगे। मेरे लिए यह शानदार उपलब्धि होगी।"
शपथ ग्रहण करने के बाद सचिन ने कहा कि क्रिकेट करियर उनके लिए प्राथमिक बना रहेगा। क्रिकेट में अनेकों कीर्तिमान स्थापित कर चुके सचिन को 27 अप्रैल को संसद के उच्च सदन के लिए मनोनीत किया गया था।
इसके साथ ही सचिन पहले ऐसे सक्रिय खिलाड़ी बने, जिन्हें संसद की सदस्यता प्राप्त हुई। सचिन ने राज्यसभा अध्यक्ष हामिद अंसारी के कक्ष में शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण समारोह में सचिन के साथ उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर भी थीं। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री राजीव शुक्ला, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणस्वामी व कुछ अन्य नेता भी मौजूद थे।
शपथ ग्रहण करने के बाद सचिन ने कहा कि क्रिकेट करियर उनके लिए प्राथमिक बना रहेगा। सचिन ने कहा, "मैं यहां अपने खेल की बदौलत पहुंचा हूं। मैं इस खेल पर से फिलहाल ध्यान नहीं हटा सकता। जब भी समय मिलेगा मैं राज्य सभा के सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करूंगा।" टिप्पणियां
सचिन ने कहा कि सांसद के तौर पर वह क्रिकेट ही नहीं बल्कि दूसरे खेलों की बेहतरी के लिए भी काम करते रहेंगे। सचिन बोले, "मैं खेलों की दिशा में सुधार को लेकर बेहतर स्थिति में हूं। हमारे देश में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों का स्तर सुधारना जरूरी है। यह मेरे लिए काफी मायने रखता है।"
"मुझे उस समय खुशी होगी, जब लोग मुझे मेरे आंकड़ों के लिए नहीं बल्कि इस देश में खेलों का स्तर सुधारने वाले व्यक्ति के तौर पर याद करेंगे। मेरे लिए यह शानदार उपलब्धि होगी।"
इसके साथ ही सचिन पहले ऐसे सक्रिय खिलाड़ी बने, जिन्हें संसद की सदस्यता प्राप्त हुई। सचिन ने राज्यसभा अध्यक्ष हामिद अंसारी के कक्ष में शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण समारोह में सचिन के साथ उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर भी थीं। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री राजीव शुक्ला, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणस्वामी व कुछ अन्य नेता भी मौजूद थे।
शपथ ग्रहण करने के बाद सचिन ने कहा कि क्रिकेट करियर उनके लिए प्राथमिक बना रहेगा। सचिन ने कहा, "मैं यहां अपने खेल की बदौलत पहुंचा हूं। मैं इस खेल पर से फिलहाल ध्यान नहीं हटा सकता। जब भी समय मिलेगा मैं राज्य सभा के सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करूंगा।" टिप्पणियां
सचिन ने कहा कि सांसद के तौर पर वह क्रिकेट ही नहीं बल्कि दूसरे खेलों की बेहतरी के लिए भी काम करते रहेंगे। सचिन बोले, "मैं खेलों की दिशा में सुधार को लेकर बेहतर स्थिति में हूं। हमारे देश में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों का स्तर सुधारना जरूरी है। यह मेरे लिए काफी मायने रखता है।"
"मुझे उस समय खुशी होगी, जब लोग मुझे मेरे आंकड़ों के लिए नहीं बल्कि इस देश में खेलों का स्तर सुधारने वाले व्यक्ति के तौर पर याद करेंगे। मेरे लिए यह शानदार उपलब्धि होगी।"
शपथ ग्रहण समारोह में सचिन के साथ उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर भी थीं। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री राजीव शुक्ला, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणस्वामी व कुछ अन्य नेता भी मौजूद थे।
शपथ ग्रहण करने के बाद सचिन ने कहा कि क्रिकेट करियर उनके लिए प्राथमिक बना रहेगा। सचिन ने कहा, "मैं यहां अपने खेल की बदौलत पहुंचा हूं। मैं इस खेल पर से फिलहाल ध्यान नहीं हटा सकता। जब भी समय मिलेगा मैं राज्य सभा के सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करूंगा।" टिप्पणियां
सचिन ने कहा कि सांसद के तौर पर वह क्रिकेट ही नहीं बल्कि दूसरे खेलों की बेहतरी के लिए भी काम करते रहेंगे। सचिन बोले, "मैं खेलों की दिशा में सुधार को लेकर बेहतर स्थिति में हूं। हमारे देश में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों का स्तर सुधारना जरूरी है। यह मेरे लिए काफी मायने रखता है।"
"मुझे उस समय खुशी होगी, जब लोग मुझे मेरे आंकड़ों के लिए नहीं बल्कि इस देश में खेलों का स्तर सुधारने वाले व्यक्ति के तौर पर याद करेंगे। मेरे लिए यह शानदार उपलब्धि होगी।"
शपथ ग्रहण करने के बाद सचिन ने कहा कि क्रिकेट करियर उनके लिए प्राथमिक बना रहेगा। सचिन ने कहा, "मैं यहां अपने खेल की बदौलत पहुंचा हूं। मैं इस खेल पर से फिलहाल ध्यान नहीं हटा सकता। जब भी समय मिलेगा मैं राज्य सभा के सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करूंगा।" टिप्पणियां
सचिन ने कहा कि सांसद के तौर पर वह क्रिकेट ही नहीं बल्कि दूसरे खेलों की बेहतरी के लिए भी काम करते रहेंगे। सचिन बोले, "मैं खेलों की दिशा में सुधार को लेकर बेहतर स्थिति में हूं। हमारे देश में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों का स्तर सुधारना जरूरी है। यह मेरे लिए काफी मायने रखता है।"
"मुझे उस समय खुशी होगी, जब लोग मुझे मेरे आंकड़ों के लिए नहीं बल्कि इस देश में खेलों का स्तर सुधारने वाले व्यक्ति के तौर पर याद करेंगे। मेरे लिए यह शानदार उपलब्धि होगी।"
सचिन ने कहा कि सांसद के तौर पर वह क्रिकेट ही नहीं बल्कि दूसरे खेलों की बेहतरी के लिए भी काम करते रहेंगे। सचिन बोले, "मैं खेलों की दिशा में सुधार को लेकर बेहतर स्थिति में हूं। हमारे देश में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों का स्तर सुधारना जरूरी है। यह मेरे लिए काफी मायने रखता है।"
"मुझे उस समय खुशी होगी, जब लोग मुझे मेरे आंकड़ों के लिए नहीं बल्कि इस देश में खेलों का स्तर सुधारने वाले व्यक्ति के तौर पर याद करेंगे। मेरे लिए यह शानदार उपलब्धि होगी।"
"मुझे उस समय खुशी होगी, जब लोग मुझे मेरे आंकड़ों के लिए नहीं बल्कि इस देश में खेलों का स्तर सुधारने वाले व्यक्ति के तौर पर याद करेंगे। मेरे लिए यह शानदार उपलब्धि होगी।" | संक्षिप्त पाठ: मास्टर ब्लास्टर के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद माना जा रहा है कि सांसद के तौर पर वह खेलकूद की स्थिति सुधारने के लिए कोशिश करेंगे। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) आज से दो दिनों के भारत दौरे पर हैं. चेन्नई पहुंचने पर उनका परंपरागत तरीक़े से शानदार स्वागत किया गया. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और चिनफिंग महाबलीपुरम पहुंचे. प्रधानमंत्री मोदी इस मौक़े पर ख़ास तौर पर दक्षिण के परिधान लुंगी में नज़र आए. पीएम मोदी ने शी चिनफिंग को अर्जुन की तपस्या स्थली, पंच रथ, शोर टेंपल समेत अन्य स्थानों को दिखाया और इसके बारे में जानकारी दी. बता दें कि चिनफिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए करीब 24 घंटे की भारत यात्रा पर आये हैं. तमिलनाडु से करीब 50 किलोमीटर दूर पुरातनकालीन तटीय शहर मामल्लापुरम में यह शिखर वार्ता होगी जो चीन के फुजियान प्रांत के साथ मजबूत व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों के कारण अहम है.
चिनफिंग के साथ विदेश मंत्री वांग यी और चीन के स्टेट काउंसिलर यांग जियेची भी आए हैं. दोनों ही भारत में अपने समकक्षों विदेश मंत्री एस जयशंकर तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अलग-अलग बातचीत कर सकते हैं. दोनों पक्षों के अधिकारियों ने कहा कि मोदी-शी शिखर वार्ता में मुख्य रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच द्विपक्षीय कारोबार तथा विकास सहयोग को कश्मीर मुद्दे पर मतभेदों तथा सीमा संबंधी जटिल विषय से अलग ले जाने पर ध्यान होगा. संबंधों में असहज स्थिति के बावजूद चिनफिंग के भव्य स्वागत के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दो दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं चिनफिंग
पीएम मोदी ने दिखाए ऐतिहासिक स्थल
लुंगी में नजर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल कठिन जीत के साथ मलेशिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के एकल मुकाबलों के दूसरे दौर में पहुंच गई हैं।
विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सायना को बुधवार को विश्व की 20वीं वरीयता प्राप्त सिंगापुर की खिलाड़ी गुयान गू को हराने के लिए 56 मिनट तक पसीना बहाना पड़ा। सायना ने टूर्नामेंट की गैरवरीय खिलाड़ी गुयान के खिलाफ यह मैच 19-21, 21-14, 21-15 से जीता।
गुयान और सायना के बीच यह तीसरी भिड़ंत थी। सायना तीनों ही बार विजेता रही हैं। इससे पहले सायना ने 2011 के जापान ओपन और 2008 के सिंगापुर सुपर सीरीज में गुयान को पराजित किया था।
अगले दौर में सायना का सामना विश्व की 11वीं वरीयता प्राप्त चीनी ताइपे की खिलाड़ी चेंग साओ चेह के साथ होगा। चेह ने पहले दौर में हांगकांग की तेस का चान को 21-19, 21-16 से हराया। सायना और चेह के बीच यह चौथी भिड़ंत होगी। इससे पहले दो मौकों पर सायना की जीत हुई है जबकि एक बार चेह ने बाजी मारी है।
सायना के अलावा भारत की ज्वाला गुट्टा और वी.दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी भी दूसरे दौर में प्रवेश कर गई है लेकिन रुपेश कुमार और सानावे थामस की पुरुष युगल जोड़ी तथा पुरुष एकल वर्ग में अजय जयराम को हार मिली है।
मिश्रित युगल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने सिंगापुर के चायुत त्रियाचार्ट और लेई याओ को 21-13, 19-21, 21-16 से हराया।
गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 39 मिनट में अपने नाम किया। हाल में सम्पन्न कोरिया ओपन सुपर सीरीज में ज्वाला और दीजू की मिश्रित जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।टिप्पणियां
रुपेश और सानावे की जोड़ी को मलेशिया के कीन कीत कू और बूंग हियोन तांग की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 21-14, 21-13 से हराया। यह मैच 27 मिनट चला।
अजय जयराम ने हालांकि सातवें वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी साइमन सांतोसो के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया और सांतोसो को जीत के लिए 56 मिनट तक इंतजार कराया। सांतोसो ने यह मैच 9-21, 21-18, 21-16 से जीता।
विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सायना को बुधवार को विश्व की 20वीं वरीयता प्राप्त सिंगापुर की खिलाड़ी गुयान गू को हराने के लिए 56 मिनट तक पसीना बहाना पड़ा। सायना ने टूर्नामेंट की गैरवरीय खिलाड़ी गुयान के खिलाफ यह मैच 19-21, 21-14, 21-15 से जीता।
गुयान और सायना के बीच यह तीसरी भिड़ंत थी। सायना तीनों ही बार विजेता रही हैं। इससे पहले सायना ने 2011 के जापान ओपन और 2008 के सिंगापुर सुपर सीरीज में गुयान को पराजित किया था।
अगले दौर में सायना का सामना विश्व की 11वीं वरीयता प्राप्त चीनी ताइपे की खिलाड़ी चेंग साओ चेह के साथ होगा। चेह ने पहले दौर में हांगकांग की तेस का चान को 21-19, 21-16 से हराया। सायना और चेह के बीच यह चौथी भिड़ंत होगी। इससे पहले दो मौकों पर सायना की जीत हुई है जबकि एक बार चेह ने बाजी मारी है।
सायना के अलावा भारत की ज्वाला गुट्टा और वी.दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी भी दूसरे दौर में प्रवेश कर गई है लेकिन रुपेश कुमार और सानावे थामस की पुरुष युगल जोड़ी तथा पुरुष एकल वर्ग में अजय जयराम को हार मिली है।
मिश्रित युगल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने सिंगापुर के चायुत त्रियाचार्ट और लेई याओ को 21-13, 19-21, 21-16 से हराया।
गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 39 मिनट में अपने नाम किया। हाल में सम्पन्न कोरिया ओपन सुपर सीरीज में ज्वाला और दीजू की मिश्रित जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।टिप्पणियां
रुपेश और सानावे की जोड़ी को मलेशिया के कीन कीत कू और बूंग हियोन तांग की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 21-14, 21-13 से हराया। यह मैच 27 मिनट चला।
अजय जयराम ने हालांकि सातवें वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी साइमन सांतोसो के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया और सांतोसो को जीत के लिए 56 मिनट तक इंतजार कराया। सांतोसो ने यह मैच 9-21, 21-18, 21-16 से जीता।
गुयान और सायना के बीच यह तीसरी भिड़ंत थी। सायना तीनों ही बार विजेता रही हैं। इससे पहले सायना ने 2011 के जापान ओपन और 2008 के सिंगापुर सुपर सीरीज में गुयान को पराजित किया था।
अगले दौर में सायना का सामना विश्व की 11वीं वरीयता प्राप्त चीनी ताइपे की खिलाड़ी चेंग साओ चेह के साथ होगा। चेह ने पहले दौर में हांगकांग की तेस का चान को 21-19, 21-16 से हराया। सायना और चेह के बीच यह चौथी भिड़ंत होगी। इससे पहले दो मौकों पर सायना की जीत हुई है जबकि एक बार चेह ने बाजी मारी है।
सायना के अलावा भारत की ज्वाला गुट्टा और वी.दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी भी दूसरे दौर में प्रवेश कर गई है लेकिन रुपेश कुमार और सानावे थामस की पुरुष युगल जोड़ी तथा पुरुष एकल वर्ग में अजय जयराम को हार मिली है।
मिश्रित युगल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने सिंगापुर के चायुत त्रियाचार्ट और लेई याओ को 21-13, 19-21, 21-16 से हराया।
गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 39 मिनट में अपने नाम किया। हाल में सम्पन्न कोरिया ओपन सुपर सीरीज में ज्वाला और दीजू की मिश्रित जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।टिप्पणियां
रुपेश और सानावे की जोड़ी को मलेशिया के कीन कीत कू और बूंग हियोन तांग की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 21-14, 21-13 से हराया। यह मैच 27 मिनट चला।
अजय जयराम ने हालांकि सातवें वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी साइमन सांतोसो के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया और सांतोसो को जीत के लिए 56 मिनट तक इंतजार कराया। सांतोसो ने यह मैच 9-21, 21-18, 21-16 से जीता।
अगले दौर में सायना का सामना विश्व की 11वीं वरीयता प्राप्त चीनी ताइपे की खिलाड़ी चेंग साओ चेह के साथ होगा। चेह ने पहले दौर में हांगकांग की तेस का चान को 21-19, 21-16 से हराया। सायना और चेह के बीच यह चौथी भिड़ंत होगी। इससे पहले दो मौकों पर सायना की जीत हुई है जबकि एक बार चेह ने बाजी मारी है।
सायना के अलावा भारत की ज्वाला गुट्टा और वी.दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी भी दूसरे दौर में प्रवेश कर गई है लेकिन रुपेश कुमार और सानावे थामस की पुरुष युगल जोड़ी तथा पुरुष एकल वर्ग में अजय जयराम को हार मिली है।
मिश्रित युगल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने सिंगापुर के चायुत त्रियाचार्ट और लेई याओ को 21-13, 19-21, 21-16 से हराया।
गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 39 मिनट में अपने नाम किया। हाल में सम्पन्न कोरिया ओपन सुपर सीरीज में ज्वाला और दीजू की मिश्रित जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।टिप्पणियां
रुपेश और सानावे की जोड़ी को मलेशिया के कीन कीत कू और बूंग हियोन तांग की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 21-14, 21-13 से हराया। यह मैच 27 मिनट चला।
अजय जयराम ने हालांकि सातवें वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी साइमन सांतोसो के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया और सांतोसो को जीत के लिए 56 मिनट तक इंतजार कराया। सांतोसो ने यह मैच 9-21, 21-18, 21-16 से जीता।
सायना के अलावा भारत की ज्वाला गुट्टा और वी.दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी भी दूसरे दौर में प्रवेश कर गई है लेकिन रुपेश कुमार और सानावे थामस की पुरुष युगल जोड़ी तथा पुरुष एकल वर्ग में अजय जयराम को हार मिली है।
मिश्रित युगल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने सिंगापुर के चायुत त्रियाचार्ट और लेई याओ को 21-13, 19-21, 21-16 से हराया।
गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 39 मिनट में अपने नाम किया। हाल में सम्पन्न कोरिया ओपन सुपर सीरीज में ज्वाला और दीजू की मिश्रित जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।टिप्पणियां
रुपेश और सानावे की जोड़ी को मलेशिया के कीन कीत कू और बूंग हियोन तांग की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 21-14, 21-13 से हराया। यह मैच 27 मिनट चला।
अजय जयराम ने हालांकि सातवें वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी साइमन सांतोसो के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया और सांतोसो को जीत के लिए 56 मिनट तक इंतजार कराया। सांतोसो ने यह मैच 9-21, 21-18, 21-16 से जीता।
मिश्रित युगल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने सिंगापुर के चायुत त्रियाचार्ट और लेई याओ को 21-13, 19-21, 21-16 से हराया।
गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 39 मिनट में अपने नाम किया। हाल में सम्पन्न कोरिया ओपन सुपर सीरीज में ज्वाला और दीजू की मिश्रित जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।टिप्पणियां
रुपेश और सानावे की जोड़ी को मलेशिया के कीन कीत कू और बूंग हियोन तांग की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 21-14, 21-13 से हराया। यह मैच 27 मिनट चला।
अजय जयराम ने हालांकि सातवें वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी साइमन सांतोसो के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया और सांतोसो को जीत के लिए 56 मिनट तक इंतजार कराया। सांतोसो ने यह मैच 9-21, 21-18, 21-16 से जीता।
गुट्टा और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 39 मिनट में अपने नाम किया। हाल में सम्पन्न कोरिया ओपन सुपर सीरीज में ज्वाला और दीजू की मिश्रित जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।टिप्पणियां
रुपेश और सानावे की जोड़ी को मलेशिया के कीन कीत कू और बूंग हियोन तांग की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 21-14, 21-13 से हराया। यह मैच 27 मिनट चला।
अजय जयराम ने हालांकि सातवें वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी साइमन सांतोसो के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया और सांतोसो को जीत के लिए 56 मिनट तक इंतजार कराया। सांतोसो ने यह मैच 9-21, 21-18, 21-16 से जीता।
रुपेश और सानावे की जोड़ी को मलेशिया के कीन कीत कू और बूंग हियोन तांग की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने 21-14, 21-13 से हराया। यह मैच 27 मिनट चला।
अजय जयराम ने हालांकि सातवें वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी साइमन सांतोसो के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया और सांतोसो को जीत के लिए 56 मिनट तक इंतजार कराया। सांतोसो ने यह मैच 9-21, 21-18, 21-16 से जीता।
अजय जयराम ने हालांकि सातवें वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी साइमन सांतोसो के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया और सांतोसो को जीत के लिए 56 मिनट तक इंतजार कराया। सांतोसो ने यह मैच 9-21, 21-18, 21-16 से जीता। | संक्षिप्त सारांश: भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल कठिन जीत के साथ मलेशिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के एकल मुकाबलों के दूसरे दौर में पहुंच गई हैं। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सम्राट अकिहोतो ने पिछले साल अपना पद छोड़ा है. राष्ट्रपति कोविंद अपनी पांच दिन की फिलीपीन की राजकीय यात्रा के बाद सोमवार को सुबह टोक्यो पहुंचे. राष्ट्रपति भवन की तरफ से किए गए ट्वीट के मुताबिक वे मंगलवार को सम्राट नारुहितो के राज्याभिषेक समारोह में शामिल होंगे. कोविंद सोमवार को त्सुकिजी होंगवांजी बौद्ध मंदिर गए जो एक लोकप्रिय तीर्थस्थल है.
राष्ट्रपति ने अंग्रेजी और जापानी भाषा में किए गए ट्वीट में कहा, “टोक्यो के त्सुकिजी होंगवांजी बौद्ध मंदिर का जाकर प्रसन्न हूं. मंदिर में बोधि वृक्ष का पौधा लगाया जो मैं अपने साथ भारत से लेकर आया था. यह पौधा अब अपने नए पावन माहौल में पनपेगा तथा भारत-जापान सभ्यता संबंधों और हमारी साझा विरासत का प्रतीक होगा.”
कोविंद टोक्यो में शिंटो मीजी समाधि भी गए. यह समाधि महाराज मीजी और उनकी पत्नी सम्राज्ञी शोकेन की है. इस बीच नारुहितो अपने राज्याभिषेक समारोह के बाद खुद को जापान का 126वां सम्राट घोषित कर सकेंगे. राज्याभिषेक की रस्में सातवीं शताब्दी के समय की हैं. | यहाँ एक सारांश है:जापान में 19 वर्ष बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति का दौरा
फिलीपीन की राजकीय यात्रा के बाद टोक्यो पहुंचे कोविंद
राज्याभिषेक में सातवीं शताब्दी से जारी रस्में पूरी की जाएंगी | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेता सुनील शेट्टी सवाल उठाते हैं कि अभिनेता विंदु दारा सिंह की इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) स्पॉट फिक्सिंग मामले में कथित संलिप्तता के बाद पूरा हिंदी सिनेमा जगत जांच के घेरे में कैसे आ सकता है। सुनील ने दृढ़तापूर्वक कहा कि अकेले विंदु फिल्मोद्योग का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
शेट्टी ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2013 कप के अनावरण के मौके पर कहा, "इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा बॉलीवुड ऐसा है। वह (विंदु) बॉलीवुड का प्रतिनिधित्व नहीं करते। एक अकेला व्यक्ति एक पूरे उद्योग का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मेरे लिए बॉलीवुड का मतलब मैं हूं, बॉलीवुड का मतलब अजय देवगन हैं, आमिर खान बॉलीवुड हैं। यह कोई एक अकेला व्यक्ति नहीं है। यदि वह गलत हैं, तो उन्हें फांसी दे दें लेकिन तब तक नहीं जब तक वे दोषी साबित नहीं हो जाते।"
विंदु की पुलिस हिरासत सोमवार तक के लिए बढ़ा दी गई है। वह अंतिम बार अजय देवगन अभिनीत 'सन ऑफ सरदार' में नजर आए थे।
शेट्टी ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2013 कप के अनावरण के मौके पर कहा, "इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा बॉलीवुड ऐसा है। वह (विंदु) बॉलीवुड का प्रतिनिधित्व नहीं करते। एक अकेला व्यक्ति एक पूरे उद्योग का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मेरे लिए बॉलीवुड का मतलब मैं हूं, बॉलीवुड का मतलब अजय देवगन हैं, आमिर खान बॉलीवुड हैं। यह कोई एक अकेला व्यक्ति नहीं है। यदि वह गलत हैं, तो उन्हें फांसी दे दें लेकिन तब तक नहीं जब तक वे दोषी साबित नहीं हो जाते।"
विंदु की पुलिस हिरासत सोमवार तक के लिए बढ़ा दी गई है। वह अंतिम बार अजय देवगन अभिनीत 'सन ऑफ सरदार' में नजर आए थे।
उन्होंने कहा, "मेरे लिए बॉलीवुड का मतलब मैं हूं, बॉलीवुड का मतलब अजय देवगन हैं, आमिर खान बॉलीवुड हैं। यह कोई एक अकेला व्यक्ति नहीं है। यदि वह गलत हैं, तो उन्हें फांसी दे दें लेकिन तब तक नहीं जब तक वे दोषी साबित नहीं हो जाते।"
विंदु की पुलिस हिरासत सोमवार तक के लिए बढ़ा दी गई है। वह अंतिम बार अजय देवगन अभिनीत 'सन ऑफ सरदार' में नजर आए थे।
विंदु की पुलिस हिरासत सोमवार तक के लिए बढ़ा दी गई है। वह अंतिम बार अजय देवगन अभिनीत 'सन ऑफ सरदार' में नजर आए थे। | सारांश: अभिनेता सुनील शेट्टी सवाल उठाते हैं कि अभिनेता विंदु दारा सिंह की इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) स्पॉट फिक्सिंग मामले में कथित संलिप्तता के बाद पूरा हिंदी सिनेमा जगत जांच के घेरे में कैसे आ सकता है। सुनील ने दृढ़तापूर्वक कहा कि अकेले विंदु फिल्मोद्योग का प् | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हरियाणा में अवैध तरीके से 3,206 शिक्षकों की भर्ती करने के दोषी ठहराए गए पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत से अपने खराब स्वास्थ्य और वृद्धावस्था का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने का आग्रह किया लेकिन सीबीआई ने मामले के सभी 55 दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की।
चौटाला और उनके पुत्र अजय चौटाला को भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(1) (डी) और धारा 13(2) (लोकसेवकों द्वारा आर्थिक कदाचार) के तहत दोषी ठहराया गया है। इन धाराओं में अधिकतम सात साल और न्यूनतम एक साल की जेल की सजा का प्रावधान है।
अन्य दोषियों में जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष और सदस्य हैं जिन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 467 के तहत दोषी ठहराया गया है। इस धारा में उम्र कैद की सजा का प्रावधान है।
सीबीआई के अभियोजकों आईपी वैद और एपी सिंह ने हालांकि सभी दोषियों के लिए विशेष सीबीआई न्यायाधीश विनोद कुमार से अधिकतम सजा की मांग की। उनका तर्क था कि यह आर्थिक अपराध का मामला है और व्यवस्था के खिलाफ है।
अदालत सजा का ऐलान 22 जनवरी को करेगी। इनेलोद के 78 वर्षीय अध्यक्ष चौटाला ने कहा कि वह मधुमेह के मरीज हैं, उनके दाहिने पैर में 70 फीसदी विकलांगता है और वह अन्य बीमारियों से भी पीड़ित हैं। चौटाला के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल का साफ सुथरा रिकॉर्ड है और वह पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हैं तथा उन्होंने अगर कुछ भी गलत किया है तो जनता उन्हें वोट नहीं देगी।
वकील ने कहा ‘चौटाला और अजय चौटाला सार्वजनिक हस्ती हैं और दोषी ठहराए जाने तथा तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद उनका राजनीतिक करियर पहले ही धूमिल हो चुका है। इसलिए उन्हें सजा सुनाए जाते समय नरमी बरतनी चाहिए।’टिप्पणियां
अभियोजकों ने कहा कि दोषियों ने जो अपराध किया वह देश के हितों के खिलाफ है और चूंकि वह सार्वजनिक हस्ती हैं इसलिए समाज को कड़ा संदेश जाना चाहिए।
चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला तथा दो आईएएस अधिकारियों विद्याधर और संजीव कुमार सहित 53 लोगों को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने 12 साल पहले 3,206 कनिष्ठ शिक्षकों की अवैध भरती के लिए भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों का दोषी ठहराया तथा तिहाड़ जेल भेज दिया।
चौटाला और उनके पुत्र अजय चौटाला को भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(1) (डी) और धारा 13(2) (लोकसेवकों द्वारा आर्थिक कदाचार) के तहत दोषी ठहराया गया है। इन धाराओं में अधिकतम सात साल और न्यूनतम एक साल की जेल की सजा का प्रावधान है।
अन्य दोषियों में जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष और सदस्य हैं जिन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 467 के तहत दोषी ठहराया गया है। इस धारा में उम्र कैद की सजा का प्रावधान है।
सीबीआई के अभियोजकों आईपी वैद और एपी सिंह ने हालांकि सभी दोषियों के लिए विशेष सीबीआई न्यायाधीश विनोद कुमार से अधिकतम सजा की मांग की। उनका तर्क था कि यह आर्थिक अपराध का मामला है और व्यवस्था के खिलाफ है।
अदालत सजा का ऐलान 22 जनवरी को करेगी। इनेलोद के 78 वर्षीय अध्यक्ष चौटाला ने कहा कि वह मधुमेह के मरीज हैं, उनके दाहिने पैर में 70 फीसदी विकलांगता है और वह अन्य बीमारियों से भी पीड़ित हैं। चौटाला के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल का साफ सुथरा रिकॉर्ड है और वह पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हैं तथा उन्होंने अगर कुछ भी गलत किया है तो जनता उन्हें वोट नहीं देगी।
वकील ने कहा ‘चौटाला और अजय चौटाला सार्वजनिक हस्ती हैं और दोषी ठहराए जाने तथा तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद उनका राजनीतिक करियर पहले ही धूमिल हो चुका है। इसलिए उन्हें सजा सुनाए जाते समय नरमी बरतनी चाहिए।’टिप्पणियां
अभियोजकों ने कहा कि दोषियों ने जो अपराध किया वह देश के हितों के खिलाफ है और चूंकि वह सार्वजनिक हस्ती हैं इसलिए समाज को कड़ा संदेश जाना चाहिए।
चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला तथा दो आईएएस अधिकारियों विद्याधर और संजीव कुमार सहित 53 लोगों को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने 12 साल पहले 3,206 कनिष्ठ शिक्षकों की अवैध भरती के लिए भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों का दोषी ठहराया तथा तिहाड़ जेल भेज दिया।
अन्य दोषियों में जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष और सदस्य हैं जिन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 467 के तहत दोषी ठहराया गया है। इस धारा में उम्र कैद की सजा का प्रावधान है।
सीबीआई के अभियोजकों आईपी वैद और एपी सिंह ने हालांकि सभी दोषियों के लिए विशेष सीबीआई न्यायाधीश विनोद कुमार से अधिकतम सजा की मांग की। उनका तर्क था कि यह आर्थिक अपराध का मामला है और व्यवस्था के खिलाफ है।
अदालत सजा का ऐलान 22 जनवरी को करेगी। इनेलोद के 78 वर्षीय अध्यक्ष चौटाला ने कहा कि वह मधुमेह के मरीज हैं, उनके दाहिने पैर में 70 फीसदी विकलांगता है और वह अन्य बीमारियों से भी पीड़ित हैं। चौटाला के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल का साफ सुथरा रिकॉर्ड है और वह पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हैं तथा उन्होंने अगर कुछ भी गलत किया है तो जनता उन्हें वोट नहीं देगी।
वकील ने कहा ‘चौटाला और अजय चौटाला सार्वजनिक हस्ती हैं और दोषी ठहराए जाने तथा तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद उनका राजनीतिक करियर पहले ही धूमिल हो चुका है। इसलिए उन्हें सजा सुनाए जाते समय नरमी बरतनी चाहिए।’टिप्पणियां
अभियोजकों ने कहा कि दोषियों ने जो अपराध किया वह देश के हितों के खिलाफ है और चूंकि वह सार्वजनिक हस्ती हैं इसलिए समाज को कड़ा संदेश जाना चाहिए।
चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला तथा दो आईएएस अधिकारियों विद्याधर और संजीव कुमार सहित 53 लोगों को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने 12 साल पहले 3,206 कनिष्ठ शिक्षकों की अवैध भरती के लिए भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों का दोषी ठहराया तथा तिहाड़ जेल भेज दिया।
सीबीआई के अभियोजकों आईपी वैद और एपी सिंह ने हालांकि सभी दोषियों के लिए विशेष सीबीआई न्यायाधीश विनोद कुमार से अधिकतम सजा की मांग की। उनका तर्क था कि यह आर्थिक अपराध का मामला है और व्यवस्था के खिलाफ है।
अदालत सजा का ऐलान 22 जनवरी को करेगी। इनेलोद के 78 वर्षीय अध्यक्ष चौटाला ने कहा कि वह मधुमेह के मरीज हैं, उनके दाहिने पैर में 70 फीसदी विकलांगता है और वह अन्य बीमारियों से भी पीड़ित हैं। चौटाला के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल का साफ सुथरा रिकॉर्ड है और वह पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हैं तथा उन्होंने अगर कुछ भी गलत किया है तो जनता उन्हें वोट नहीं देगी।
वकील ने कहा ‘चौटाला और अजय चौटाला सार्वजनिक हस्ती हैं और दोषी ठहराए जाने तथा तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद उनका राजनीतिक करियर पहले ही धूमिल हो चुका है। इसलिए उन्हें सजा सुनाए जाते समय नरमी बरतनी चाहिए।’टिप्पणियां
अभियोजकों ने कहा कि दोषियों ने जो अपराध किया वह देश के हितों के खिलाफ है और चूंकि वह सार्वजनिक हस्ती हैं इसलिए समाज को कड़ा संदेश जाना चाहिए।
चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला तथा दो आईएएस अधिकारियों विद्याधर और संजीव कुमार सहित 53 लोगों को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने 12 साल पहले 3,206 कनिष्ठ शिक्षकों की अवैध भरती के लिए भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों का दोषी ठहराया तथा तिहाड़ जेल भेज दिया।
अदालत सजा का ऐलान 22 जनवरी को करेगी। इनेलोद के 78 वर्षीय अध्यक्ष चौटाला ने कहा कि वह मधुमेह के मरीज हैं, उनके दाहिने पैर में 70 फीसदी विकलांगता है और वह अन्य बीमारियों से भी पीड़ित हैं। चौटाला के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल का साफ सुथरा रिकॉर्ड है और वह पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हैं तथा उन्होंने अगर कुछ भी गलत किया है तो जनता उन्हें वोट नहीं देगी।
वकील ने कहा ‘चौटाला और अजय चौटाला सार्वजनिक हस्ती हैं और दोषी ठहराए जाने तथा तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद उनका राजनीतिक करियर पहले ही धूमिल हो चुका है। इसलिए उन्हें सजा सुनाए जाते समय नरमी बरतनी चाहिए।’टिप्पणियां
अभियोजकों ने कहा कि दोषियों ने जो अपराध किया वह देश के हितों के खिलाफ है और चूंकि वह सार्वजनिक हस्ती हैं इसलिए समाज को कड़ा संदेश जाना चाहिए।
चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला तथा दो आईएएस अधिकारियों विद्याधर और संजीव कुमार सहित 53 लोगों को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने 12 साल पहले 3,206 कनिष्ठ शिक्षकों की अवैध भरती के लिए भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों का दोषी ठहराया तथा तिहाड़ जेल भेज दिया।
वकील ने कहा ‘चौटाला और अजय चौटाला सार्वजनिक हस्ती हैं और दोषी ठहराए जाने तथा तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद उनका राजनीतिक करियर पहले ही धूमिल हो चुका है। इसलिए उन्हें सजा सुनाए जाते समय नरमी बरतनी चाहिए।’टिप्पणियां
अभियोजकों ने कहा कि दोषियों ने जो अपराध किया वह देश के हितों के खिलाफ है और चूंकि वह सार्वजनिक हस्ती हैं इसलिए समाज को कड़ा संदेश जाना चाहिए।
चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला तथा दो आईएएस अधिकारियों विद्याधर और संजीव कुमार सहित 53 लोगों को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने 12 साल पहले 3,206 कनिष्ठ शिक्षकों की अवैध भरती के लिए भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों का दोषी ठहराया तथा तिहाड़ जेल भेज दिया।
अभियोजकों ने कहा कि दोषियों ने जो अपराध किया वह देश के हितों के खिलाफ है और चूंकि वह सार्वजनिक हस्ती हैं इसलिए समाज को कड़ा संदेश जाना चाहिए।
चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला तथा दो आईएएस अधिकारियों विद्याधर और संजीव कुमार सहित 53 लोगों को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने 12 साल पहले 3,206 कनिष्ठ शिक्षकों की अवैध भरती के लिए भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों का दोषी ठहराया तथा तिहाड़ जेल भेज दिया।
चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला तथा दो आईएएस अधिकारियों विद्याधर और संजीव कुमार सहित 53 लोगों को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने 12 साल पहले 3,206 कनिष्ठ शिक्षकों की अवैध भरती के लिए भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों का दोषी ठहराया तथा तिहाड़ जेल भेज दिया। | संक्षिप्त सारांश: ओम प्रकाश चौटाला ने दिल्ली की एक अदालत से अपने खराब स्वास्थ्य और वृद्धावस्था का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने का आग्रह किया लेकिन सीबीआई ने मामले के सभी 55 दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर युद्धविराम का उल्लंघन हुआ है। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कानाचक सेक्टर में बीएसएफ के एक पोस्ट पर फायरिंग की, जिसमें बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया है।टिप्पणियां
एक हफ्ते के दौरान पाकिस्तान की तरफ से युद्धविराम उल्लंघन का यह तीसरा मामला है। इससे पहले, शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के तक पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले के दुर्गा बटालियन इलाके में नियंत्रण रेखा पर स्थित कई भारतीय चौकियों पर अकारण गोलीबारी की। पाकिस्तानी सेना ने तड़के करीब साढ़े चार बजे तक कई भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर 7,000 गोलियां दागीं, ताकि भारी क्षति पहुंचाई जा सके। इसके जवाब में भारतीय जवानों ने भी फायरिंग की। गोलीबारी में किसी प्रकार के जानमाल की हानि नहीं हुई।
इससे पहले पाकिस्तानी सेना के नेतृत्व में 20 हथियारबंद लोगों के समूह ने 6 अगस्त को पुंछ सेक्टर में भारत की सीमा में 450 मीटर तक प्रवेश करके घात लगाकर हमला किया था, जिसमें भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। रक्षामंत्री एके एंटनी ने इस जघन्य कृत्य के लिए पाकिस्तानी सेना को दोषी ठहराया था और चेतावनी भी दी थी कि गत मंगलवार को हुई घटना का असर नियंत्रण रेखा पर भारत के व्यवहार और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा था, अब यह स्पष्ट है कि पाकिस्तानी सेना के विशेष सैन्य दल इस हमले में शामिल थे।
एक हफ्ते के दौरान पाकिस्तान की तरफ से युद्धविराम उल्लंघन का यह तीसरा मामला है। इससे पहले, शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के तक पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले के दुर्गा बटालियन इलाके में नियंत्रण रेखा पर स्थित कई भारतीय चौकियों पर अकारण गोलीबारी की। पाकिस्तानी सेना ने तड़के करीब साढ़े चार बजे तक कई भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर 7,000 गोलियां दागीं, ताकि भारी क्षति पहुंचाई जा सके। इसके जवाब में भारतीय जवानों ने भी फायरिंग की। गोलीबारी में किसी प्रकार के जानमाल की हानि नहीं हुई।
इससे पहले पाकिस्तानी सेना के नेतृत्व में 20 हथियारबंद लोगों के समूह ने 6 अगस्त को पुंछ सेक्टर में भारत की सीमा में 450 मीटर तक प्रवेश करके घात लगाकर हमला किया था, जिसमें भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। रक्षामंत्री एके एंटनी ने इस जघन्य कृत्य के लिए पाकिस्तानी सेना को दोषी ठहराया था और चेतावनी भी दी थी कि गत मंगलवार को हुई घटना का असर नियंत्रण रेखा पर भारत के व्यवहार और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा था, अब यह स्पष्ट है कि पाकिस्तानी सेना के विशेष सैन्य दल इस हमले में शामिल थे।
इससे पहले पाकिस्तानी सेना के नेतृत्व में 20 हथियारबंद लोगों के समूह ने 6 अगस्त को पुंछ सेक्टर में भारत की सीमा में 450 मीटर तक प्रवेश करके घात लगाकर हमला किया था, जिसमें भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। रक्षामंत्री एके एंटनी ने इस जघन्य कृत्य के लिए पाकिस्तानी सेना को दोषी ठहराया था और चेतावनी भी दी थी कि गत मंगलवार को हुई घटना का असर नियंत्रण रेखा पर भारत के व्यवहार और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा था, अब यह स्पष्ट है कि पाकिस्तानी सेना के विशेष सैन्य दल इस हमले में शामिल थे। | संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कानाचक सेक्टर में बीएसएफ के एक पोस्ट पर फायरिंग की, जिसमें बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया है। एक हफ्ते के दौरान पाकिस्तान की तरफ से युद्धविराम उल्लंघन का यह तीसरा मामला है। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उड़ानों में सीट भरने के मामले में इस समय देश में सस्ती दर पर सेवाएं देने वाली तथाकथित बजट एयरलाइनें सामान्य विमानन कंपनियों से आगे चल रही हैं। नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर, 2010 में सीट भरने में इंडिगो सबसे आगे रही और उसकी उड़ानों में आसतन 93.3 प्रतिशत सीटें भरी रहीं। इसी दौरान, औसतन 87 प्रतिशत सीट बुकिंग करके गोएयर दूसरे और स्पाइसजेट (87.8 प्रतिशत सीट बुकिंग) तीसरे पायदान पर रहीं। जेट एयरवेज का नाम चौथे स्थान पर रहा। इसकी उड़ानें 84.8 प्रतिशत भरकर चलीं। दिसंबर, 2010 में नियमित सेवा देने वाली विमानन कंपनियों के विमानों से 52.13 लाख यात्रियों ने यात्रा की। इस दौरान जेट एयरवेज और जेट लाइट ने मिलकर सबसे अधिक 13.23 लाख यात्रियों को विमान यात्रा कराई, जबकि किंगफिशर के विमानों से 9.72 लाख यात्रियों ने विमान यात्रा की। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की एयर इंडिया के विमानों से 8.90 लाख यात्रियों ने यात्रा की। इस अवधि में 9.71 लाख लोगों ने इंडिगो, 7.21 लाख लोगों ने स्पाइसजेट और 3.36 लाख लोगों ने गोएयर की सेवाएं ली। इस तरह से समीक्षाधीन माह में बाजार हिस्सेदारी में जेट एयरवेज 25.4 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अव्वल रही, जिसमें जेट लाइट की बाजार हिस्सेदारी 7.7 प्रतिशत रही। वहीं किंगफिशर की 18.6 प्रतिशत, इंडिगो की 18.6 प्रतिशत, एयर इंडिया की 17.1 प्रतिशत, स्पाइसजेट की 13.8 प्रतिशत और गोएयर की 6.4 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रही। | सारांश: उड़ानों में सीट भरने के मामले में इस समय देश में सस्ती दर पर सेवाएं देने वाली बजट एयरलाइनें सामान्य विमानन कंपनियों से आगे चल रही हैं। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ पत्रकार नजम सेठी को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का कार्यवाहक मुख्यमंत्री चुना गया। सेठी को पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले और राजनीतिक दृष्टि अति महत्वपूर्ण प्रांत का मुख्यमंत्री चुना गया है जहां 11 मई को चुनाव होने हैं।
पंजाब में मुख्य विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और उसके सहयोगियों ने सेठी को इस पर के लिए मनोनीत किया।
पंजाब में हाल तक शासन करने वाली पीएमएल-एन ने कहा कि उसे सेठी की उम्मीदवार पर कोई एतराज नहीं है।टिप्पणियां
पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता राणा सनाउल्ला ने संवाददाताओं के समक्ष पार्टी के निर्णय की घोषणा की।
हालांकि, इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ विपक्ष की पसंद से सहमत नहीं थे। इसके बाद इस मामले को समिति के समक्ष भेजा गया और तीन दिन तक चर्चा के बाद आम सहमति बनी।
पंजाब में मुख्य विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और उसके सहयोगियों ने सेठी को इस पर के लिए मनोनीत किया।
पंजाब में हाल तक शासन करने वाली पीएमएल-एन ने कहा कि उसे सेठी की उम्मीदवार पर कोई एतराज नहीं है।टिप्पणियां
पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता राणा सनाउल्ला ने संवाददाताओं के समक्ष पार्टी के निर्णय की घोषणा की।
हालांकि, इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ विपक्ष की पसंद से सहमत नहीं थे। इसके बाद इस मामले को समिति के समक्ष भेजा गया और तीन दिन तक चर्चा के बाद आम सहमति बनी।
पंजाब में हाल तक शासन करने वाली पीएमएल-एन ने कहा कि उसे सेठी की उम्मीदवार पर कोई एतराज नहीं है।टिप्पणियां
पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता राणा सनाउल्ला ने संवाददाताओं के समक्ष पार्टी के निर्णय की घोषणा की।
हालांकि, इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ विपक्ष की पसंद से सहमत नहीं थे। इसके बाद इस मामले को समिति के समक्ष भेजा गया और तीन दिन तक चर्चा के बाद आम सहमति बनी।
पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता राणा सनाउल्ला ने संवाददाताओं के समक्ष पार्टी के निर्णय की घोषणा की।
हालांकि, इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ विपक्ष की पसंद से सहमत नहीं थे। इसके बाद इस मामले को समिति के समक्ष भेजा गया और तीन दिन तक चर्चा के बाद आम सहमति बनी।
हालांकि, इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ विपक्ष की पसंद से सहमत नहीं थे। इसके बाद इस मामले को समिति के समक्ष भेजा गया और तीन दिन तक चर्चा के बाद आम सहमति बनी। | संक्षिप्त सारांश: वरिष्ठ पत्रकार नजम सेठी को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का कार्यवाहक मुख्यमंत्री चुना गया। सेठी को पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले और राजनीतिक दृष्टि अति महत्वपूर्ण प्रांत का मुख्यमंत्री चुना गया है जहां 11 मई को चुनाव होने हैं। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक युवक को छुरा भोकने के बाद दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष के बाद मुर्शिदाबाद थाना क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि एक समुदाय के सदस्यों द्वारा दूसरे समुदाय के एक युवक को छुरा भोकने की घटना के बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने बुधवार देर रात मुर्शिदाबाद क्षेत्र में पथराव शुरू कर दिया। एक घंटे के भीतर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।टिप्पणियां
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, अपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत मुर्शिदाबाद थाना क्षेत्र में सुबह छह बजे से 24 घंटे के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अब स्थिति नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।
पुलिस के मुताबिक बुधवार रात एक समुदाय का बैल भाग गया था। दूसरे समुदाय के लोगों ने जब उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति की और बैल छोड़ने की गुजारिश की। इसके बाद एक युवक पर तेज धारदार हथियार से हमला किया गया । इससे दूसरे समुदाय के लोग भड़क गए और पथराव करने लगे। अशांति फैलाने वालों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, अपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत मुर्शिदाबाद थाना क्षेत्र में सुबह छह बजे से 24 घंटे के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अब स्थिति नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।
पुलिस के मुताबिक बुधवार रात एक समुदाय का बैल भाग गया था। दूसरे समुदाय के लोगों ने जब उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति की और बैल छोड़ने की गुजारिश की। इसके बाद एक युवक पर तेज धारदार हथियार से हमला किया गया । इससे दूसरे समुदाय के लोग भड़क गए और पथराव करने लगे। अशांति फैलाने वालों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक बुधवार रात एक समुदाय का बैल भाग गया था। दूसरे समुदाय के लोगों ने जब उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति की और बैल छोड़ने की गुजारिश की। इसके बाद एक युवक पर तेज धारदार हथियार से हमला किया गया । इससे दूसरे समुदाय के लोग भड़क गए और पथराव करने लगे। अशांति फैलाने वालों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक समुदाय के सदस्यों द्वारा दूसरे समुदाय के एक युवक को छुरा भोकने की घटना के बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने बुधवार देर रात मुर्शिदाबाद क्षेत्र में पथराव शुरू कर दिया। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपने बल्लेबाजों और फिर हरभजन सिंह (32/4) के नेतृत्व में अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत मुम्बई इंडियंस टीम ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर रविवार को खेले गए चैम्पियंस लीग के पांचवें संस्करण के फाइनल मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 33 रनों से हरा दिया। मुम्बई इंडियंस ने 2011 के बाद दूसरी बार यह खिताब जीता है।
एक समय लग रहा था कि रॉयल्स यह मुकाबला बड़ी आसानी से जीत लेंगे लेकिन संजू सैमसन (60) और अजिंक्य रहाणे (65) का विकेट गिरने के बाद मुम्बई ने जोरदार वापसी की और 203 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही राजस्थान रॉयल्स को 18.5 ओवरों में 169 रनों पर सीमित कर दिया। हरभजन के अलावा केरोन पोलार्ड ने तीन विकेट लिए।
रॉयल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रहाणे के साथ पारी की शुरुआत करने आए कुशल परेरा (8) ने आते ही दो चौके लगाए लेकिन वह पारी की चौथी ही गेंद पर रन आउट कर दिए गए। रॉयल्स के लिए यह बड़ा झटका था। रहाणे इससे स्तब्ध थे।
अब रहाणे का साथ देने सैमसन आए। इन दोनों ने इसके बाद कोटला में चौकों और छक्कों की जो बरसात शुरू की, उससे दर्शकों ने दिल खोलकर अपना मनोरंजन किया और साथ ही रॉयल्स बेहद मजबूत स्थिति में दिखाई देने लगे।
सैमसन ने 23 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और रहाणे के साथ स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। इस मुकाम पर लग रहा ता कि रॉयल्स यह मैच कुछ गेंदें शेष रहते ही जीत लेंगे लेकिन 117 के कुल योग पर वह प्रज्ञान ओझा की गेंद पर हरभजन द्वारा लपके गए। सैमसन ने रहाणे के साथ 109 रन जोड़े। उनकी 33 गेंदों की पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल हैं।
सैमसन के आउट होने के बाद रहाणे ने एक छोर पर आक्रामक रुख जारी रखा और 37 गेंदों पर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। यह चैम्पियंस लीग में उनका चौथा लगातार अर्द्धशतक है। वह इस लीग में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं।
रहाणे के साथ बल्लेबाजी कर रहे शेन वॉटसन (8) ने केरोन पोलार्ड के ओवर में छक्का लगाकर अच्छा आगाज किया लेकिन वह हरभजन की गेंद पर पोलार्ड द्वारा लपके गए। यह विकेट 137 के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद 155 के कुल योग पर रहाणे भी अपना संयम खो बैठे और हरभजन की गेंद पर ड्वेन स्मिथ द्वारा लपके गए। रहाणे ने 47 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। इसी योग पर हरभजन ने स्टुअर्ट बिन्नी (10) को भी चलता किया। लगातार विकेट गिरने से अब दबाव रॉयल्स पर आ चुका था।
इसी का नतीजा था कि केवोन कूपर (4) का विकेट 159, कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट 163 और दिशांत याज्ञनिक (6) का विकेट 169 के कुल योग पर गिर गया। जेम्स फॉल्कनर (नाबाद 2) विकेट पर बने रहे लेकिन 169 के कुल योग पर राहुल शुक्ला (0) भी चलते बने। इसी योग पर प्रवीण ताम्बे (0) को भी पोलार्ड ने चलता किया। पोलार्ड ने इस ओवर में तीन विकेट लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
एक समय लग रहा था कि रॉयल्स यह मुकाबला बड़ी आसानी से जीत लेंगे लेकिन संजू सैमसन (60) और अजिंक्य रहाणे (65) का विकेट गिरने के बाद मुम्बई ने जोरदार वापसी की और 203 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही राजस्थान रॉयल्स को 18.5 ओवरों में 169 रनों पर सीमित कर दिया। हरभजन के अलावा केरोन पोलार्ड ने तीन विकेट लिए।
रॉयल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रहाणे के साथ पारी की शुरुआत करने आए कुशल परेरा (8) ने आते ही दो चौके लगाए लेकिन वह पारी की चौथी ही गेंद पर रन आउट कर दिए गए। रॉयल्स के लिए यह बड़ा झटका था। रहाणे इससे स्तब्ध थे।
अब रहाणे का साथ देने सैमसन आए। इन दोनों ने इसके बाद कोटला में चौकों और छक्कों की जो बरसात शुरू की, उससे दर्शकों ने दिल खोलकर अपना मनोरंजन किया और साथ ही रॉयल्स बेहद मजबूत स्थिति में दिखाई देने लगे।
सैमसन ने 23 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और रहाणे के साथ स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। इस मुकाम पर लग रहा ता कि रॉयल्स यह मैच कुछ गेंदें शेष रहते ही जीत लेंगे लेकिन 117 के कुल योग पर वह प्रज्ञान ओझा की गेंद पर हरभजन द्वारा लपके गए। सैमसन ने रहाणे के साथ 109 रन जोड़े। उनकी 33 गेंदों की पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल हैं।
सैमसन के आउट होने के बाद रहाणे ने एक छोर पर आक्रामक रुख जारी रखा और 37 गेंदों पर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। यह चैम्पियंस लीग में उनका चौथा लगातार अर्द्धशतक है। वह इस लीग में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं।
रहाणे के साथ बल्लेबाजी कर रहे शेन वॉटसन (8) ने केरोन पोलार्ड के ओवर में छक्का लगाकर अच्छा आगाज किया लेकिन वह हरभजन की गेंद पर पोलार्ड द्वारा लपके गए। यह विकेट 137 के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद 155 के कुल योग पर रहाणे भी अपना संयम खो बैठे और हरभजन की गेंद पर ड्वेन स्मिथ द्वारा लपके गए। रहाणे ने 47 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। इसी योग पर हरभजन ने स्टुअर्ट बिन्नी (10) को भी चलता किया। लगातार विकेट गिरने से अब दबाव रॉयल्स पर आ चुका था।
इसी का नतीजा था कि केवोन कूपर (4) का विकेट 159, कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट 163 और दिशांत याज्ञनिक (6) का विकेट 169 के कुल योग पर गिर गया। जेम्स फॉल्कनर (नाबाद 2) विकेट पर बने रहे लेकिन 169 के कुल योग पर राहुल शुक्ला (0) भी चलते बने। इसी योग पर प्रवीण ताम्बे (0) को भी पोलार्ड ने चलता किया। पोलार्ड ने इस ओवर में तीन विकेट लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
रॉयल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रहाणे के साथ पारी की शुरुआत करने आए कुशल परेरा (8) ने आते ही दो चौके लगाए लेकिन वह पारी की चौथी ही गेंद पर रन आउट कर दिए गए। रॉयल्स के लिए यह बड़ा झटका था। रहाणे इससे स्तब्ध थे।
अब रहाणे का साथ देने सैमसन आए। इन दोनों ने इसके बाद कोटला में चौकों और छक्कों की जो बरसात शुरू की, उससे दर्शकों ने दिल खोलकर अपना मनोरंजन किया और साथ ही रॉयल्स बेहद मजबूत स्थिति में दिखाई देने लगे।
सैमसन ने 23 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और रहाणे के साथ स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। इस मुकाम पर लग रहा ता कि रॉयल्स यह मैच कुछ गेंदें शेष रहते ही जीत लेंगे लेकिन 117 के कुल योग पर वह प्रज्ञान ओझा की गेंद पर हरभजन द्वारा लपके गए। सैमसन ने रहाणे के साथ 109 रन जोड़े। उनकी 33 गेंदों की पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल हैं।
सैमसन के आउट होने के बाद रहाणे ने एक छोर पर आक्रामक रुख जारी रखा और 37 गेंदों पर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। यह चैम्पियंस लीग में उनका चौथा लगातार अर्द्धशतक है। वह इस लीग में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं।
रहाणे के साथ बल्लेबाजी कर रहे शेन वॉटसन (8) ने केरोन पोलार्ड के ओवर में छक्का लगाकर अच्छा आगाज किया लेकिन वह हरभजन की गेंद पर पोलार्ड द्वारा लपके गए। यह विकेट 137 के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद 155 के कुल योग पर रहाणे भी अपना संयम खो बैठे और हरभजन की गेंद पर ड्वेन स्मिथ द्वारा लपके गए। रहाणे ने 47 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। इसी योग पर हरभजन ने स्टुअर्ट बिन्नी (10) को भी चलता किया। लगातार विकेट गिरने से अब दबाव रॉयल्स पर आ चुका था।
इसी का नतीजा था कि केवोन कूपर (4) का विकेट 159, कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट 163 और दिशांत याज्ञनिक (6) का विकेट 169 के कुल योग पर गिर गया। जेम्स फॉल्कनर (नाबाद 2) विकेट पर बने रहे लेकिन 169 के कुल योग पर राहुल शुक्ला (0) भी चलते बने। इसी योग पर प्रवीण ताम्बे (0) को भी पोलार्ड ने चलता किया। पोलार्ड ने इस ओवर में तीन विकेट लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
अब रहाणे का साथ देने सैमसन आए। इन दोनों ने इसके बाद कोटला में चौकों और छक्कों की जो बरसात शुरू की, उससे दर्शकों ने दिल खोलकर अपना मनोरंजन किया और साथ ही रॉयल्स बेहद मजबूत स्थिति में दिखाई देने लगे।
सैमसन ने 23 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और रहाणे के साथ स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। इस मुकाम पर लग रहा ता कि रॉयल्स यह मैच कुछ गेंदें शेष रहते ही जीत लेंगे लेकिन 117 के कुल योग पर वह प्रज्ञान ओझा की गेंद पर हरभजन द्वारा लपके गए। सैमसन ने रहाणे के साथ 109 रन जोड़े। उनकी 33 गेंदों की पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल हैं।
सैमसन के आउट होने के बाद रहाणे ने एक छोर पर आक्रामक रुख जारी रखा और 37 गेंदों पर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। यह चैम्पियंस लीग में उनका चौथा लगातार अर्द्धशतक है। वह इस लीग में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं।
रहाणे के साथ बल्लेबाजी कर रहे शेन वॉटसन (8) ने केरोन पोलार्ड के ओवर में छक्का लगाकर अच्छा आगाज किया लेकिन वह हरभजन की गेंद पर पोलार्ड द्वारा लपके गए। यह विकेट 137 के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद 155 के कुल योग पर रहाणे भी अपना संयम खो बैठे और हरभजन की गेंद पर ड्वेन स्मिथ द्वारा लपके गए। रहाणे ने 47 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। इसी योग पर हरभजन ने स्टुअर्ट बिन्नी (10) को भी चलता किया। लगातार विकेट गिरने से अब दबाव रॉयल्स पर आ चुका था।
इसी का नतीजा था कि केवोन कूपर (4) का विकेट 159, कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट 163 और दिशांत याज्ञनिक (6) का विकेट 169 के कुल योग पर गिर गया। जेम्स फॉल्कनर (नाबाद 2) विकेट पर बने रहे लेकिन 169 के कुल योग पर राहुल शुक्ला (0) भी चलते बने। इसी योग पर प्रवीण ताम्बे (0) को भी पोलार्ड ने चलता किया। पोलार्ड ने इस ओवर में तीन विकेट लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
सैमसन ने 23 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और रहाणे के साथ स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। इस मुकाम पर लग रहा ता कि रॉयल्स यह मैच कुछ गेंदें शेष रहते ही जीत लेंगे लेकिन 117 के कुल योग पर वह प्रज्ञान ओझा की गेंद पर हरभजन द्वारा लपके गए। सैमसन ने रहाणे के साथ 109 रन जोड़े। उनकी 33 गेंदों की पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल हैं।
सैमसन के आउट होने के बाद रहाणे ने एक छोर पर आक्रामक रुख जारी रखा और 37 गेंदों पर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। यह चैम्पियंस लीग में उनका चौथा लगातार अर्द्धशतक है। वह इस लीग में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं।
रहाणे के साथ बल्लेबाजी कर रहे शेन वॉटसन (8) ने केरोन पोलार्ड के ओवर में छक्का लगाकर अच्छा आगाज किया लेकिन वह हरभजन की गेंद पर पोलार्ड द्वारा लपके गए। यह विकेट 137 के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद 155 के कुल योग पर रहाणे भी अपना संयम खो बैठे और हरभजन की गेंद पर ड्वेन स्मिथ द्वारा लपके गए। रहाणे ने 47 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। इसी योग पर हरभजन ने स्टुअर्ट बिन्नी (10) को भी चलता किया। लगातार विकेट गिरने से अब दबाव रॉयल्स पर आ चुका था।
इसी का नतीजा था कि केवोन कूपर (4) का विकेट 159, कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट 163 और दिशांत याज्ञनिक (6) का विकेट 169 के कुल योग पर गिर गया। जेम्स फॉल्कनर (नाबाद 2) विकेट पर बने रहे लेकिन 169 के कुल योग पर राहुल शुक्ला (0) भी चलते बने। इसी योग पर प्रवीण ताम्बे (0) को भी पोलार्ड ने चलता किया। पोलार्ड ने इस ओवर में तीन विकेट लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
सैमसन के आउट होने के बाद रहाणे ने एक छोर पर आक्रामक रुख जारी रखा और 37 गेंदों पर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। यह चैम्पियंस लीग में उनका चौथा लगातार अर्द्धशतक है। वह इस लीग में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं।
रहाणे के साथ बल्लेबाजी कर रहे शेन वॉटसन (8) ने केरोन पोलार्ड के ओवर में छक्का लगाकर अच्छा आगाज किया लेकिन वह हरभजन की गेंद पर पोलार्ड द्वारा लपके गए। यह विकेट 137 के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद 155 के कुल योग पर रहाणे भी अपना संयम खो बैठे और हरभजन की गेंद पर ड्वेन स्मिथ द्वारा लपके गए। रहाणे ने 47 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। इसी योग पर हरभजन ने स्टुअर्ट बिन्नी (10) को भी चलता किया। लगातार विकेट गिरने से अब दबाव रॉयल्स पर आ चुका था।
इसी का नतीजा था कि केवोन कूपर (4) का विकेट 159, कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट 163 और दिशांत याज्ञनिक (6) का विकेट 169 के कुल योग पर गिर गया। जेम्स फॉल्कनर (नाबाद 2) विकेट पर बने रहे लेकिन 169 के कुल योग पर राहुल शुक्ला (0) भी चलते बने। इसी योग पर प्रवीण ताम्बे (0) को भी पोलार्ड ने चलता किया। पोलार्ड ने इस ओवर में तीन विकेट लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
रहाणे के साथ बल्लेबाजी कर रहे शेन वॉटसन (8) ने केरोन पोलार्ड के ओवर में छक्का लगाकर अच्छा आगाज किया लेकिन वह हरभजन की गेंद पर पोलार्ड द्वारा लपके गए। यह विकेट 137 के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद 155 के कुल योग पर रहाणे भी अपना संयम खो बैठे और हरभजन की गेंद पर ड्वेन स्मिथ द्वारा लपके गए। रहाणे ने 47 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। इसी योग पर हरभजन ने स्टुअर्ट बिन्नी (10) को भी चलता किया। लगातार विकेट गिरने से अब दबाव रॉयल्स पर आ चुका था।
इसी का नतीजा था कि केवोन कूपर (4) का विकेट 159, कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट 163 और दिशांत याज्ञनिक (6) का विकेट 169 के कुल योग पर गिर गया। जेम्स फॉल्कनर (नाबाद 2) विकेट पर बने रहे लेकिन 169 के कुल योग पर राहुल शुक्ला (0) भी चलते बने। इसी योग पर प्रवीण ताम्बे (0) को भी पोलार्ड ने चलता किया। पोलार्ड ने इस ओवर में तीन विकेट लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
इसके बाद 155 के कुल योग पर रहाणे भी अपना संयम खो बैठे और हरभजन की गेंद पर ड्वेन स्मिथ द्वारा लपके गए। रहाणे ने 47 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। इसी योग पर हरभजन ने स्टुअर्ट बिन्नी (10) को भी चलता किया। लगातार विकेट गिरने से अब दबाव रॉयल्स पर आ चुका था।
इसी का नतीजा था कि केवोन कूपर (4) का विकेट 159, कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट 163 और दिशांत याज्ञनिक (6) का विकेट 169 के कुल योग पर गिर गया। जेम्स फॉल्कनर (नाबाद 2) विकेट पर बने रहे लेकिन 169 के कुल योग पर राहुल शुक्ला (0) भी चलते बने। इसी योग पर प्रवीण ताम्बे (0) को भी पोलार्ड ने चलता किया। पोलार्ड ने इस ओवर में तीन विकेट लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
इसी का नतीजा था कि केवोन कूपर (4) का विकेट 159, कप्तान राहुल द्रविड़ (1) का विकेट 163 और दिशांत याज्ञनिक (6) का विकेट 169 के कुल योग पर गिर गया। जेम्स फॉल्कनर (नाबाद 2) विकेट पर बने रहे लेकिन 169 के कुल योग पर राहुल शुक्ला (0) भी चलते बने। इसी योग पर प्रवीण ताम्बे (0) को भी पोलार्ड ने चलता किया। पोलार्ड ने इस ओवर में तीन विकेट लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 202 रन बनाए। इसमें ड्वेन स्मिथ के 44, कप्तान रोहित शर्मा के 33, अंबाती रायडू के 29 और ग्लेन मैक्सवेल के तेज 37 रन शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर प्रवीण ताम्बे ने दो विकेट लिए।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
सचिन तेंदुलकर (15) अपनी अंतिम ट्वेंटी-20 पारी में सिर्फ 15 रन बना सके लेकिन उन्होंने 39 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने वाले स्मिथ के साथ पहले विकेट के लिए 27 गेंदों पर 35 रन जोड़े।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
मुम्बई ने एक लिहाज से अच्छी शुरुआत की लेकिन सचिन को बड़ी पारी खेलते देखने की हसरत लेकर मैदान में पहुंचे दर्शकों को निराशा हाथ लगी। सचिन ने 13 गेंदों पर तीन चौके लगाए और शेन वॉटसन की गेंद पर बोल्ड हुए।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
इसके बाद स्मिथ और रायडू ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 42 रन जोड़े। स्मिथ का विकेट 77 के कुल योग पर गिरा। स्मिथ के आउट होने के बाद रायडू और कप्तान ने तीसरे विकेट के लिए 27 रन जोड़े। रायडू 24 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद 104 रनों के कुल योग पर आउट हुए।
रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
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रोहित की पारी जारी रही। उन्होंने पोलार्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 16 गेंदों पर 36 रन जोड़े। पोलार्ड का विकेट 140 और रोहित का विकेट 152 के कुल योग पर गिरा। रोहित की 14 गेंदों की तूफानी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं।टिप्पणियां
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
पोलार्ड ने 10 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। पोलार्ड का विकेट गिरने के बाद मैक्सवेल विकेट पर आए और दिनेश कार्तिक (नाबाद 15) के साथ तूफानी अंदाज में खेलने लगे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे।
इन दोनों ने एक के बाद एक कई अच्छे शॉट्स लगाए और छठे विकेट के लिए 14 गेंदों पर 41 रन जोड़ते हुए अपनी टीम को 193 रनों तक ले गए। कार्तिक ने अपनी पांच गेंदों की नाबाद पारी में दो छक्के लगाए। हरभजन दो गेंदों पर एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर नाबाद रहे। | अपने बल्लेबाजों और फिर हरभजन सिंह (32/4) के नेतृत्व में अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत मुम्बई इंडियंस टीम ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर रविवार को खेले गए चैम्पियंस लीग के पांचवें संस्करण के फाइनल मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 33 रनों से हरा दिया | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharastra Election) के लिए 20 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची बृहस्पतिवार को जारी की. दूसरी सूची में राकांपा (NCP) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के बेटे पंकज और राज्य के पूर्व मंत्री धरमराव बाबा अतराम का नाम शामिल किया गया है. पंकज भुजबल नासिक जिले के नंदगांव सीट से चुनाव लड़ेंगे. वहीं अतराम गढ़चिरौली जिले के अहेरी से मैदान में उतरेंगे. इस सूची में तीन महिला उम्मीदवारों - दीपिका चव्हाण (बगलान सीट), सरोज आहिरे (देवलाली) और सुलक्षणा शिलवंत (पिंपरी) के नाम भी शामिल हैं.
बता दें कि शरद पवार नीत पार्टी चुनाव के लिए अब तक 97 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर चुकी है. बुधवार को जारी 77 उम्मीदवारों की पहली समेकित सूची में अजित पवार, जयंत पाटिल और छगन भुजबल जैसे वरिष्ठ नेताओं का नाम था. राकांपा, कांग्रेस एवं अन्य छोटे दलों के साथ गठबंधन में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ रही है. राज्य में विधानसभा की 288 सीट हैं. गठबंधन में शामिल राकांपा और कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे 125-125 सीटों पर लड़ेंगे और शेष सीटें गठबंधन के अन्य सहयोगियों के लिए है. | संक्षिप्त सारांश: विधानसभा चुनाव के लिए 20 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की
इस सूची में छगन भुजबल के बेटे पंकज और पूर्व मंत्री अतराम का नाम शामिल
इस सूची में तीन महिला उम्मीदवारों को भी दिया गया टिकट | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका में भेदभाव के कथित मामले में एक 40 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति को अमेरिकी एयरलाइंस के प्लेन से नीचे उतार दिया गया। विमान की महिला कर्मी बार-बार व्यक्ति का नाम और सीट नंबर अनाउंस कर रही थी और कह रही थी कि उसकी नजर उन पर है।
मामला बुधवार को तब सामने आया जब अमेरिकी-इस्लामिक संबंध परिषद (सीएआईआर) ने परिवहन अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की। शिकायत के मुताबिक मोहम्मद अहमद रदवान को पिछले साल दिसंबर में अमेरिकन एयरलाइन की फ्लाइट से उनके मुस्लिम नाम की वजह से उतार दिया गया था।
संघीय कानून के मुताबिक एयरलाइन कंपनियां यात्रियों के बीच उनके धर्म, वंशावली, राष्ट्रीयता आदि के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती हैं। सीएआईआर ने परिवहन विभाग को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के लिए कहा है। इसके साथ ही सीएआईआर ने कहा कि परिवहन विभाग को इस संबंध में भी नीति तैयार करनी चाहिए कि किन परिस्थितियों में किसी यात्री को प्लेन से उतारा जा सकता है।
रदवान पेशे से केमिकल इंजीनियर हैं जो 6 दिसंबर 2015 को अमेरिकी एयरलाइन की फ्लाइट नंबर 1821 में शार्लोट से डिट्रॉइट जा रहे थे। जैसे ही वे अपनी तय सीट पर बैठे, विमान की महिला कर्मी ने अनाउंस किया, 'मोहम्मद अहमद, सीट 25-ए, मेरी नजर आप पर है।'
एक मिनट बाद उसने दोबारा घोषणा की, 'मोहम्मद अहमद, यह काफी लंबा नाम है, सीट 25-ए, मेरी नजर आप पर है।' रदवान के मुताबिक इसके बाद तीसरी बार महिला कर्मी ने अनाउंस किया, '25- ए : आप पर हमारी नजर है।' उन्होंने कहा, "मेरा नाम बार-बार अनाउंस किए जाने के कारण मैं सदमें में था, मैं तीस साल से हवाई जहाजों में सफर रहा हूं ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ था।"
महिला कर्मी ने किसी अन्य यात्री के संबंध में ऐसी घोषणा नहीं की। जब रदवान ने उससे इस बारे में पूछा तो उनसे कहा गया कि वह सभी पर नजर रख रही है। जब उन्होंने केवल अपना नाम एनाउंस किए जाने के बारे में पूछा तो उन पर जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होने का आरोप लगाया गया।
इसके बाद अमेरिकन एयरलाइन के कुछ कर्मियों ने उनसे बात की और उन्हें बताया गया कि महिला कर्मी उनकी वजह से असहज महसूस कर रही थी। इसके बाद उन्हें फ्लाइट से नीचे उतार दिया गया। "अमेरिकन एयरलाइन में दोबारा सफर करने में मुझे अब सुरक्षित महसूस नहीं होता।'
इसके बाद रदवान ने काफी देर बाद की एक फ्लाइट बुक की जिसके लिए उन्हें 15 सौ यूएस डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा, इसके अलावा उन्हें अपने ट्रैवल प्लान में भी परिवर्तन करना पड़ा। रदवान बताते हैं, इस परेशानी से ज्यादा तकलीफदेह आतंकवादी की तरह बर्ताव किया जाना था।'
उन्होंने कहा, "मैं पिछले 13 सालों से अमेरिकी नागरिक हूं लेकिन उस एक पल में मुझे लगा जैसे मुझसे अमेरिकी होने का अधिकार छीन लिया गया हो।"
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मामला बुधवार को तब सामने आया जब अमेरिकी-इस्लामिक संबंध परिषद (सीएआईआर) ने परिवहन अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की। शिकायत के मुताबिक मोहम्मद अहमद रदवान को पिछले साल दिसंबर में अमेरिकन एयरलाइन की फ्लाइट से उनके मुस्लिम नाम की वजह से उतार दिया गया था।
संघीय कानून के मुताबिक एयरलाइन कंपनियां यात्रियों के बीच उनके धर्म, वंशावली, राष्ट्रीयता आदि के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती हैं। सीएआईआर ने परिवहन विभाग को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के लिए कहा है। इसके साथ ही सीएआईआर ने कहा कि परिवहन विभाग को इस संबंध में भी नीति तैयार करनी चाहिए कि किन परिस्थितियों में किसी यात्री को प्लेन से उतारा जा सकता है।
रदवान पेशे से केमिकल इंजीनियर हैं जो 6 दिसंबर 2015 को अमेरिकी एयरलाइन की फ्लाइट नंबर 1821 में शार्लोट से डिट्रॉइट जा रहे थे। जैसे ही वे अपनी तय सीट पर बैठे, विमान की महिला कर्मी ने अनाउंस किया, 'मोहम्मद अहमद, सीट 25-ए, मेरी नजर आप पर है।'
एक मिनट बाद उसने दोबारा घोषणा की, 'मोहम्मद अहमद, यह काफी लंबा नाम है, सीट 25-ए, मेरी नजर आप पर है।' रदवान के मुताबिक इसके बाद तीसरी बार महिला कर्मी ने अनाउंस किया, '25- ए : आप पर हमारी नजर है।' उन्होंने कहा, "मेरा नाम बार-बार अनाउंस किए जाने के कारण मैं सदमें में था, मैं तीस साल से हवाई जहाजों में सफर रहा हूं ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ था।"
महिला कर्मी ने किसी अन्य यात्री के संबंध में ऐसी घोषणा नहीं की। जब रदवान ने उससे इस बारे में पूछा तो उनसे कहा गया कि वह सभी पर नजर रख रही है। जब उन्होंने केवल अपना नाम एनाउंस किए जाने के बारे में पूछा तो उन पर जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होने का आरोप लगाया गया।
इसके बाद अमेरिकन एयरलाइन के कुछ कर्मियों ने उनसे बात की और उन्हें बताया गया कि महिला कर्मी उनकी वजह से असहज महसूस कर रही थी। इसके बाद उन्हें फ्लाइट से नीचे उतार दिया गया। "अमेरिकन एयरलाइन में दोबारा सफर करने में मुझे अब सुरक्षित महसूस नहीं होता।'
इसके बाद रदवान ने काफी देर बाद की एक फ्लाइट बुक की जिसके लिए उन्हें 15 सौ यूएस डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा, इसके अलावा उन्हें अपने ट्रैवल प्लान में भी परिवर्तन करना पड़ा। रदवान बताते हैं, इस परेशानी से ज्यादा तकलीफदेह आतंकवादी की तरह बर्ताव किया जाना था।'
उन्होंने कहा, "मैं पिछले 13 सालों से अमेरिकी नागरिक हूं लेकिन उस एक पल में मुझे लगा जैसे मुझसे अमेरिकी होने का अधिकार छीन लिया गया हो।"
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संघीय कानून के मुताबिक एयरलाइन कंपनियां यात्रियों के बीच उनके धर्म, वंशावली, राष्ट्रीयता आदि के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती हैं। सीएआईआर ने परिवहन विभाग को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के लिए कहा है। इसके साथ ही सीएआईआर ने कहा कि परिवहन विभाग को इस संबंध में भी नीति तैयार करनी चाहिए कि किन परिस्थितियों में किसी यात्री को प्लेन से उतारा जा सकता है।
रदवान पेशे से केमिकल इंजीनियर हैं जो 6 दिसंबर 2015 को अमेरिकी एयरलाइन की फ्लाइट नंबर 1821 में शार्लोट से डिट्रॉइट जा रहे थे। जैसे ही वे अपनी तय सीट पर बैठे, विमान की महिला कर्मी ने अनाउंस किया, 'मोहम्मद अहमद, सीट 25-ए, मेरी नजर आप पर है।'
एक मिनट बाद उसने दोबारा घोषणा की, 'मोहम्मद अहमद, यह काफी लंबा नाम है, सीट 25-ए, मेरी नजर आप पर है।' रदवान के मुताबिक इसके बाद तीसरी बार महिला कर्मी ने अनाउंस किया, '25- ए : आप पर हमारी नजर है।' उन्होंने कहा, "मेरा नाम बार-बार अनाउंस किए जाने के कारण मैं सदमें में था, मैं तीस साल से हवाई जहाजों में सफर रहा हूं ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ था।"
महिला कर्मी ने किसी अन्य यात्री के संबंध में ऐसी घोषणा नहीं की। जब रदवान ने उससे इस बारे में पूछा तो उनसे कहा गया कि वह सभी पर नजर रख रही है। जब उन्होंने केवल अपना नाम एनाउंस किए जाने के बारे में पूछा तो उन पर जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होने का आरोप लगाया गया।
इसके बाद अमेरिकन एयरलाइन के कुछ कर्मियों ने उनसे बात की और उन्हें बताया गया कि महिला कर्मी उनकी वजह से असहज महसूस कर रही थी। इसके बाद उन्हें फ्लाइट से नीचे उतार दिया गया। "अमेरिकन एयरलाइन में दोबारा सफर करने में मुझे अब सुरक्षित महसूस नहीं होता।'
इसके बाद रदवान ने काफी देर बाद की एक फ्लाइट बुक की जिसके लिए उन्हें 15 सौ यूएस डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा, इसके अलावा उन्हें अपने ट्रैवल प्लान में भी परिवर्तन करना पड़ा। रदवान बताते हैं, इस परेशानी से ज्यादा तकलीफदेह आतंकवादी की तरह बर्ताव किया जाना था।'
उन्होंने कहा, "मैं पिछले 13 सालों से अमेरिकी नागरिक हूं लेकिन उस एक पल में मुझे लगा जैसे मुझसे अमेरिकी होने का अधिकार छीन लिया गया हो।"
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रदवान पेशे से केमिकल इंजीनियर हैं जो 6 दिसंबर 2015 को अमेरिकी एयरलाइन की फ्लाइट नंबर 1821 में शार्लोट से डिट्रॉइट जा रहे थे। जैसे ही वे अपनी तय सीट पर बैठे, विमान की महिला कर्मी ने अनाउंस किया, 'मोहम्मद अहमद, सीट 25-ए, मेरी नजर आप पर है।'
एक मिनट बाद उसने दोबारा घोषणा की, 'मोहम्मद अहमद, यह काफी लंबा नाम है, सीट 25-ए, मेरी नजर आप पर है।' रदवान के मुताबिक इसके बाद तीसरी बार महिला कर्मी ने अनाउंस किया, '25- ए : आप पर हमारी नजर है।' उन्होंने कहा, "मेरा नाम बार-बार अनाउंस किए जाने के कारण मैं सदमें में था, मैं तीस साल से हवाई जहाजों में सफर रहा हूं ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ था।"
महिला कर्मी ने किसी अन्य यात्री के संबंध में ऐसी घोषणा नहीं की। जब रदवान ने उससे इस बारे में पूछा तो उनसे कहा गया कि वह सभी पर नजर रख रही है। जब उन्होंने केवल अपना नाम एनाउंस किए जाने के बारे में पूछा तो उन पर जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होने का आरोप लगाया गया।
इसके बाद अमेरिकन एयरलाइन के कुछ कर्मियों ने उनसे बात की और उन्हें बताया गया कि महिला कर्मी उनकी वजह से असहज महसूस कर रही थी। इसके बाद उन्हें फ्लाइट से नीचे उतार दिया गया। "अमेरिकन एयरलाइन में दोबारा सफर करने में मुझे अब सुरक्षित महसूस नहीं होता।'
इसके बाद रदवान ने काफी देर बाद की एक फ्लाइट बुक की जिसके लिए उन्हें 15 सौ यूएस डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा, इसके अलावा उन्हें अपने ट्रैवल प्लान में भी परिवर्तन करना पड़ा। रदवान बताते हैं, इस परेशानी से ज्यादा तकलीफदेह आतंकवादी की तरह बर्ताव किया जाना था।'
उन्होंने कहा, "मैं पिछले 13 सालों से अमेरिकी नागरिक हूं लेकिन उस एक पल में मुझे लगा जैसे मुझसे अमेरिकी होने का अधिकार छीन लिया गया हो।"
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक मिनट बाद उसने दोबारा घोषणा की, 'मोहम्मद अहमद, यह काफी लंबा नाम है, सीट 25-ए, मेरी नजर आप पर है।' रदवान के मुताबिक इसके बाद तीसरी बार महिला कर्मी ने अनाउंस किया, '25- ए : आप पर हमारी नजर है।' उन्होंने कहा, "मेरा नाम बार-बार अनाउंस किए जाने के कारण मैं सदमें में था, मैं तीस साल से हवाई जहाजों में सफर रहा हूं ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ था।"
महिला कर्मी ने किसी अन्य यात्री के संबंध में ऐसी घोषणा नहीं की। जब रदवान ने उससे इस बारे में पूछा तो उनसे कहा गया कि वह सभी पर नजर रख रही है। जब उन्होंने केवल अपना नाम एनाउंस किए जाने के बारे में पूछा तो उन पर जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होने का आरोप लगाया गया।
इसके बाद अमेरिकन एयरलाइन के कुछ कर्मियों ने उनसे बात की और उन्हें बताया गया कि महिला कर्मी उनकी वजह से असहज महसूस कर रही थी। इसके बाद उन्हें फ्लाइट से नीचे उतार दिया गया। "अमेरिकन एयरलाइन में दोबारा सफर करने में मुझे अब सुरक्षित महसूस नहीं होता।'
इसके बाद रदवान ने काफी देर बाद की एक फ्लाइट बुक की जिसके लिए उन्हें 15 सौ यूएस डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा, इसके अलावा उन्हें अपने ट्रैवल प्लान में भी परिवर्तन करना पड़ा। रदवान बताते हैं, इस परेशानी से ज्यादा तकलीफदेह आतंकवादी की तरह बर्ताव किया जाना था।'
उन्होंने कहा, "मैं पिछले 13 सालों से अमेरिकी नागरिक हूं लेकिन उस एक पल में मुझे लगा जैसे मुझसे अमेरिकी होने का अधिकार छीन लिया गया हो।"
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
महिला कर्मी ने किसी अन्य यात्री के संबंध में ऐसी घोषणा नहीं की। जब रदवान ने उससे इस बारे में पूछा तो उनसे कहा गया कि वह सभी पर नजर रख रही है। जब उन्होंने केवल अपना नाम एनाउंस किए जाने के बारे में पूछा तो उन पर जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होने का आरोप लगाया गया।
इसके बाद अमेरिकन एयरलाइन के कुछ कर्मियों ने उनसे बात की और उन्हें बताया गया कि महिला कर्मी उनकी वजह से असहज महसूस कर रही थी। इसके बाद उन्हें फ्लाइट से नीचे उतार दिया गया। "अमेरिकन एयरलाइन में दोबारा सफर करने में मुझे अब सुरक्षित महसूस नहीं होता।'
इसके बाद रदवान ने काफी देर बाद की एक फ्लाइट बुक की जिसके लिए उन्हें 15 सौ यूएस डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा, इसके अलावा उन्हें अपने ट्रैवल प्लान में भी परिवर्तन करना पड़ा। रदवान बताते हैं, इस परेशानी से ज्यादा तकलीफदेह आतंकवादी की तरह बर्ताव किया जाना था।'
उन्होंने कहा, "मैं पिछले 13 सालों से अमेरिकी नागरिक हूं लेकिन उस एक पल में मुझे लगा जैसे मुझसे अमेरिकी होने का अधिकार छीन लिया गया हो।"
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके बाद अमेरिकन एयरलाइन के कुछ कर्मियों ने उनसे बात की और उन्हें बताया गया कि महिला कर्मी उनकी वजह से असहज महसूस कर रही थी। इसके बाद उन्हें फ्लाइट से नीचे उतार दिया गया। "अमेरिकन एयरलाइन में दोबारा सफर करने में मुझे अब सुरक्षित महसूस नहीं होता।'
इसके बाद रदवान ने काफी देर बाद की एक फ्लाइट बुक की जिसके लिए उन्हें 15 सौ यूएस डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा, इसके अलावा उन्हें अपने ट्रैवल प्लान में भी परिवर्तन करना पड़ा। रदवान बताते हैं, इस परेशानी से ज्यादा तकलीफदेह आतंकवादी की तरह बर्ताव किया जाना था।'
उन्होंने कहा, "मैं पिछले 13 सालों से अमेरिकी नागरिक हूं लेकिन उस एक पल में मुझे लगा जैसे मुझसे अमेरिकी होने का अधिकार छीन लिया गया हो।"
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके बाद रदवान ने काफी देर बाद की एक फ्लाइट बुक की जिसके लिए उन्हें 15 सौ यूएस डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा, इसके अलावा उन्हें अपने ट्रैवल प्लान में भी परिवर्तन करना पड़ा। रदवान बताते हैं, इस परेशानी से ज्यादा तकलीफदेह आतंकवादी की तरह बर्ताव किया जाना था।'
उन्होंने कहा, "मैं पिछले 13 सालों से अमेरिकी नागरिक हूं लेकिन उस एक पल में मुझे लगा जैसे मुझसे अमेरिकी होने का अधिकार छीन लिया गया हो।"
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "मैं पिछले 13 सालों से अमेरिकी नागरिक हूं लेकिन उस एक पल में मुझे लगा जैसे मुझसे अमेरिकी होने का अधिकार छीन लिया गया हो।"
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस साल अप्रैल में शिकागो एयरपोर्ट पर एक महिला को प्लेन से उतार दिया गया था क्योंकि उसने अपनी सीट बदलने का आग्रह किया था। महिला से कहा गया कि उसकी वजह से विमान कर्मी असहज महसूस करने लगी थी।टिप्पणियां
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसी तरह इस साल मार्च में एक मुस्लिम परिवार को युनाइटेड एयरलाइन के विमान से उनके पहनावे की वजह से उतार दिया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महिला विमान कर्मी ने तीन बार मुस्लिम यात्री का नाम अनाउंस किया।
पूछने पर महिलाकर्मी ने यात्री पर अतिसंवेदनशील होने का आरोप लगाया।
यात्री को दूसरी फ्लाइट के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि यूपीए सरकार गठबंधन की राजनीति से खुद को अलग नहीं रख सकती है और यह ऐसी सच्चाई है, जिसे यूपीए सरकार को स्वीकार करना ही होगा। एनडीटीवी से खास बातचीत में प्रणब ने कहा कि सहयोगियों को साथ लेकर चल पाने में ही सरकार की कामयाबी निर्भर है।
वित्तमंत्री अमेरिका की राजधानी में वाशिंगटन में वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ की सालाना बैठक में शामिल होने गए हैं। सरकार के भीतर और बाहर से आलोचनाओं व आर्थिक सुधारों की गति थमने को लेकर मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु की विवादास्पद टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए मुखर्जी ने अर्थव्यवस्था में अपनी प्राथमिकताओं पर भरोसा जताया।टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में नीतिगत अपंगता का कोई सवाल ही नहीं उठता। निर्णयों की कमी के बारे में आलोचनाओं का जवाब देते हुए मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने हाल के महीनों में कई नीतिगत निर्णय किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक नई विनिर्माण नीति बनाई है। इससे पहले हमने घोषणा की कि हम ढांचागत ऋण कोष का गठन करेंगे। हमने ढांचागत ऋण कोष का गठन किया।’’
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हमने घोषणा की कि हम वाणिज्यिक ऋण तक पहुंच आसान करेंगे। इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। इसलिए मैं तथाकथित नीतिगत अपंगता के उनके नजरिए से सहमत नहीं हूं। सरकार में कोई नीतिगत अपंगता नहीं है।’’
वित्तमंत्री अमेरिका की राजधानी में वाशिंगटन में वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ की सालाना बैठक में शामिल होने गए हैं। सरकार के भीतर और बाहर से आलोचनाओं व आर्थिक सुधारों की गति थमने को लेकर मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु की विवादास्पद टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए मुखर्जी ने अर्थव्यवस्था में अपनी प्राथमिकताओं पर भरोसा जताया।टिप्पणियां
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में नीतिगत अपंगता का कोई सवाल ही नहीं उठता। निर्णयों की कमी के बारे में आलोचनाओं का जवाब देते हुए मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने हाल के महीनों में कई नीतिगत निर्णय किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक नई विनिर्माण नीति बनाई है। इससे पहले हमने घोषणा की कि हम ढांचागत ऋण कोष का गठन करेंगे। हमने ढांचागत ऋण कोष का गठन किया।’’
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हमने घोषणा की कि हम वाणिज्यिक ऋण तक पहुंच आसान करेंगे। इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। इसलिए मैं तथाकथित नीतिगत अपंगता के उनके नजरिए से सहमत नहीं हूं। सरकार में कोई नीतिगत अपंगता नहीं है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में नीतिगत अपंगता का कोई सवाल ही नहीं उठता। निर्णयों की कमी के बारे में आलोचनाओं का जवाब देते हुए मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने हाल के महीनों में कई नीतिगत निर्णय किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक नई विनिर्माण नीति बनाई है। इससे पहले हमने घोषणा की कि हम ढांचागत ऋण कोष का गठन करेंगे। हमने ढांचागत ऋण कोष का गठन किया।’’
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हमने घोषणा की कि हम वाणिज्यिक ऋण तक पहुंच आसान करेंगे। इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। इसलिए मैं तथाकथित नीतिगत अपंगता के उनके नजरिए से सहमत नहीं हूं। सरकार में कोई नीतिगत अपंगता नहीं है।’’
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हमने घोषणा की कि हम वाणिज्यिक ऋण तक पहुंच आसान करेंगे। इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। इसलिए मैं तथाकथित नीतिगत अपंगता के उनके नजरिए से सहमत नहीं हूं। सरकार में कोई नीतिगत अपंगता नहीं है।’’ | वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि यूपीए सरकार गठबंधन की राजनीति से खुद को अलग नहीं रख सकती है और यह ऐसी सच्चाई है, जिसे यूपीए सरकार को स्वीकार करना ही होगा। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मेट्रो के पहिये महानगर मुंबई में दौड़ने के लिए तैयार हैं। तैयारी का जायजा लेने के लिए वर्सोवा और घाटकोपर के बीच बने ट्रैक पर आज मेट्रो के पहले दौर का ट्रायल रन हुआ। इस दौरान मेट्रो ने वर्सोवा बस डिपो से आजाद नगर के 3 किलोमीटर का सफर तय किया। इस ट्रायल रन को मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने हरी झंडी दिखाई।
11.4 किलोमीटर लंबाई वाला यह एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक इसी साल अक्टूबर में जनता के लिए शुरू हो जाएगा और यह वर्सोवा से अंधेरी होते हुए घाटकोपर तक जाएगा। इस रास्ते में 12 स्टेशन होंगे और आम तौर पर जिस दूरी को सड़क के रास्ते तय करने में डेढ़ घंटा तक लग जाता है, उसे मेट्रो के जरिये सिर्फ 21 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
11.4 किलोमीटर लंबाई वाला यह एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक इसी साल अक्टूबर में जनता के लिए शुरू हो जाएगा और यह वर्सोवा से अंधेरी होते हुए घाटकोपर तक जाएगा। इस रास्ते में 12 स्टेशन होंगे और आम तौर पर जिस दूरी को सड़क के रास्ते तय करने में डेढ़ घंटा तक लग जाता है, उसे मेट्रो के जरिये सिर्फ 21 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। | संक्षिप्त पाठ: वर्सोवा और घाटकोपर के बीच बने ट्रैक पर मेट्रो के पहले दौर का ट्रायल रन हुआ, जिसे मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने हरी झंडी दिखाई। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में एक बार फिर रुपया कमजोर हुआ है और मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज की गई। आज रुपया एक डॉलर की तुलना में 60.55 के स्तर तक पहुंच गया। बाद में कुछ सुधार के साथ 60.07 पर आ गया। सोमवार को रुपये 59.42 पर कारोबार कर रहा था।टिप्पणियां
आज रुपये में गिरावट और फिर 60 रुपये प्रति डॉलर के मनोवैज्ञनिक स्तर के पार चले जाने से बाजार और अर्थव्यवस्था के विश्लेषक कुछ परेशान हो गए।
आज की गिरावट के पीछे जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की मांग और दाम बढ़ने से रुपये में गिरावट दर्ज की जा रही है।
आज रुपये में गिरावट और फिर 60 रुपये प्रति डॉलर के मनोवैज्ञनिक स्तर के पार चले जाने से बाजार और अर्थव्यवस्था के विश्लेषक कुछ परेशान हो गए।
आज की गिरावट के पीछे जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की मांग और दाम बढ़ने से रुपये में गिरावट दर्ज की जा रही है।
आज की गिरावट के पीछे जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की मांग और दाम बढ़ने से रुपये में गिरावट दर्ज की जा रही है। | अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में एक बार फिर रुपया कमजोर हुआ है और मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज की गई। आज रुपया एक डॉलर की तुलना में 60.55 के स्तर तक पहुंच गया। बाद में कुछ सुधार के साथ 60.07 पर आ गया। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने जो भी जांच का आदेश दिया है, उसका स्वागत है और मुझे इसको लेकर कोई पछतावा नहीं है. वह सही हैं और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. मैं सहयोग करूंगी और सच्चाई सामने आनी चाहिए'. रूपा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जेल में कृत्रिम हड़ताल आयोजित की गई.
उन्होंने कहा, 'उनसे (अधिकारियों से) अपेक्षा की जाती है कि वे इस तरह के प्रदर्शन को रोकेंगे और अगर वे इसका आयोजन करते हैं और मीडिया को हड़ताल का फुटेज जारी करते हैं तो उसकी भी जांच की जानी चाहिए'. अपने वरिष्ठ अधिकारी एचएन सत्यनारायण राव को सौंपी गई रिपोर्ट में रूपा ने आरोप लगाया कि इस बात की चर्चा है कि शशिकला के साथ तरजीही सलूक करने के लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई और यह भी कहा कि उनके (राव के) खिलाफ भी आरोप हैं.
राव ने रूपा द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए इसे 'एकदम गलत और निराधार' बताया. उन्होंने कहा कि वह अपने कनिष्ठ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि शशिकला के साथ कोई विशेष बर्ताव नहीं किया जा रहा है.
गत 10 जुलाई को केंद्रीय कारागार का दौरा करने के बाद अपनी चार पन्ने की रिपोर्ट में रूपा ने कहा था कि नियमों का
उल्लंघन करके यहां कारागार में शशिकला के लिए विशेष रसोईघर की व्यवस्था है. शशिकला आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराई गई हैं.
शशिकला को फरवरी में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से प्रपन्न अग्रहार केंद्रीय कारागार में रखा गया है. उनके साथ उनके दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरन और इलावरासी को भी दोषी ठहराया गया है. सभी चार साल के कारावास की सजा काट रहे हैं.टिप्पणियां
केंद्रीय कारागार में अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सिद्धारमैया ने गुरुवार को जांच का आदेश दिया और चेतावनी दी कि गडबड़ी में अगर कोई शामिल पाया गया तो जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
(इनपुट भाषा से)
उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने जो भी जांच का आदेश दिया है, उसका स्वागत है और मुझे इसको लेकर कोई पछतावा नहीं है. वह सही हैं और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. मैं सहयोग करूंगी और सच्चाई सामने आनी चाहिए'. रूपा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जेल में कृत्रिम हड़ताल आयोजित की गई.
उन्होंने कहा, 'उनसे (अधिकारियों से) अपेक्षा की जाती है कि वे इस तरह के प्रदर्शन को रोकेंगे और अगर वे इसका आयोजन करते हैं और मीडिया को हड़ताल का फुटेज जारी करते हैं तो उसकी भी जांच की जानी चाहिए'. अपने वरिष्ठ अधिकारी एचएन सत्यनारायण राव को सौंपी गई रिपोर्ट में रूपा ने आरोप लगाया कि इस बात की चर्चा है कि शशिकला के साथ तरजीही सलूक करने के लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई और यह भी कहा कि उनके (राव के) खिलाफ भी आरोप हैं.
राव ने रूपा द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए इसे 'एकदम गलत और निराधार' बताया. उन्होंने कहा कि वह अपने कनिष्ठ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि शशिकला के साथ कोई विशेष बर्ताव नहीं किया जा रहा है.
गत 10 जुलाई को केंद्रीय कारागार का दौरा करने के बाद अपनी चार पन्ने की रिपोर्ट में रूपा ने कहा था कि नियमों का
उल्लंघन करके यहां कारागार में शशिकला के लिए विशेष रसोईघर की व्यवस्था है. शशिकला आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराई गई हैं.
शशिकला को फरवरी में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से प्रपन्न अग्रहार केंद्रीय कारागार में रखा गया है. उनके साथ उनके दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरन और इलावरासी को भी दोषी ठहराया गया है. सभी चार साल के कारावास की सजा काट रहे हैं.टिप्पणियां
केंद्रीय कारागार में अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सिद्धारमैया ने गुरुवार को जांच का आदेश दिया और चेतावनी दी कि गडबड़ी में अगर कोई शामिल पाया गया तो जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
(इनपुट भाषा से)
उन्होंने कहा, 'उनसे (अधिकारियों से) अपेक्षा की जाती है कि वे इस तरह के प्रदर्शन को रोकेंगे और अगर वे इसका आयोजन करते हैं और मीडिया को हड़ताल का फुटेज जारी करते हैं तो उसकी भी जांच की जानी चाहिए'. अपने वरिष्ठ अधिकारी एचएन सत्यनारायण राव को सौंपी गई रिपोर्ट में रूपा ने आरोप लगाया कि इस बात की चर्चा है कि शशिकला के साथ तरजीही सलूक करने के लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई और यह भी कहा कि उनके (राव के) खिलाफ भी आरोप हैं.
राव ने रूपा द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए इसे 'एकदम गलत और निराधार' बताया. उन्होंने कहा कि वह अपने कनिष्ठ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि शशिकला के साथ कोई विशेष बर्ताव नहीं किया जा रहा है.
गत 10 जुलाई को केंद्रीय कारागार का दौरा करने के बाद अपनी चार पन्ने की रिपोर्ट में रूपा ने कहा था कि नियमों का
उल्लंघन करके यहां कारागार में शशिकला के लिए विशेष रसोईघर की व्यवस्था है. शशिकला आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराई गई हैं.
शशिकला को फरवरी में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से प्रपन्न अग्रहार केंद्रीय कारागार में रखा गया है. उनके साथ उनके दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरन और इलावरासी को भी दोषी ठहराया गया है. सभी चार साल के कारावास की सजा काट रहे हैं.टिप्पणियां
केंद्रीय कारागार में अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सिद्धारमैया ने गुरुवार को जांच का आदेश दिया और चेतावनी दी कि गडबड़ी में अगर कोई शामिल पाया गया तो जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
(इनपुट भाषा से)
राव ने रूपा द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए इसे 'एकदम गलत और निराधार' बताया. उन्होंने कहा कि वह अपने कनिष्ठ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि शशिकला के साथ कोई विशेष बर्ताव नहीं किया जा रहा है.
गत 10 जुलाई को केंद्रीय कारागार का दौरा करने के बाद अपनी चार पन्ने की रिपोर्ट में रूपा ने कहा था कि नियमों का
उल्लंघन करके यहां कारागार में शशिकला के लिए विशेष रसोईघर की व्यवस्था है. शशिकला आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराई गई हैं.
शशिकला को फरवरी में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से प्रपन्न अग्रहार केंद्रीय कारागार में रखा गया है. उनके साथ उनके दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरन और इलावरासी को भी दोषी ठहराया गया है. सभी चार साल के कारावास की सजा काट रहे हैं.टिप्पणियां
केंद्रीय कारागार में अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सिद्धारमैया ने गुरुवार को जांच का आदेश दिया और चेतावनी दी कि गडबड़ी में अगर कोई शामिल पाया गया तो जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
(इनपुट भाषा से)
गत 10 जुलाई को केंद्रीय कारागार का दौरा करने के बाद अपनी चार पन्ने की रिपोर्ट में रूपा ने कहा था कि नियमों का
उल्लंघन करके यहां कारागार में शशिकला के लिए विशेष रसोईघर की व्यवस्था है. शशिकला आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराई गई हैं.
शशिकला को फरवरी में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से प्रपन्न अग्रहार केंद्रीय कारागार में रखा गया है. उनके साथ उनके दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरन और इलावरासी को भी दोषी ठहराया गया है. सभी चार साल के कारावास की सजा काट रहे हैं.टिप्पणियां
केंद्रीय कारागार में अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सिद्धारमैया ने गुरुवार को जांच का आदेश दिया और चेतावनी दी कि गडबड़ी में अगर कोई शामिल पाया गया तो जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
(इनपुट भाषा से)
शशिकला को फरवरी में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से प्रपन्न अग्रहार केंद्रीय कारागार में रखा गया है. उनके साथ उनके दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरन और इलावरासी को भी दोषी ठहराया गया है. सभी चार साल के कारावास की सजा काट रहे हैं.टिप्पणियां
केंद्रीय कारागार में अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सिद्धारमैया ने गुरुवार को जांच का आदेश दिया और चेतावनी दी कि गडबड़ी में अगर कोई शामिल पाया गया तो जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
(इनपुट भाषा से)
केंद्रीय कारागार में अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सिद्धारमैया ने गुरुवार को जांच का आदेश दिया और चेतावनी दी कि गडबड़ी में अगर कोई शामिल पाया गया तो जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | सारांश: अधिकारी डी रूपा ने रिपोर्ट की जानकारी मीडिया को क्यों दी- राज्य सरकार
डीआईजी (कारागार) डी रूपा अब भी अपनी बातों पर कायम हैं.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'यह एकदम नियमों के खिलाफ है'. | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक संन्यासी से ज्यादा व्यापारी हैं। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, योग सिखाने के लिए भी वह आगे की पंक्तियों में बैठने वालों से 50,000 रुपये, उससे पिछली सीटों पर बैठने वालों से 30,000 रुपये और अंतिम सीट पर बैठने वालों से एक हजार रुपये लेते हैं। यह क्या है। गौरतलब है कि बाबा रामदेव ने चार जून से दिल्ली में काले धन के मुद्दे पर अनशन की चेतावनी दी है और सरकार उन्हें अनशन नहीं करने के लिए मनाने की कोशिश में लगी हुई है। इसी संदर्भ में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पार्टी रामदेव से डरी नहीं है और उनके साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा, यदि कांग्रेस डरी होती तो रामदेव सलाखों के पीछे होते। कोई डर की बात नहीं है इसलिए वह खुले में बाहर हैं और उनके साथ बातचीत हो रही है। पार्टी ने कल दिल्ली में हवाईअड्डे पर रामदेव की अगवानी के लिए चार मंत्रियों को भेजे जाने के सरकार के कदम को अनावश्यक बताया है। कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि रामदेव से बातचीत करना अच्छी बात है लेकिन उनकी अगवानी के लिए मंत्रियों को हवाईअड्डे पर भेजने की जरूरत नहीं थी। दिग्विजय सिंह ने कल कहा था, हम भी भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर चिंतित हैं लेकिन भूख हड़ताल से भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा और कालेधन को वापस लाने में मदद नहीं मिलेगी। उन्हें प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों के अनुरोध को मान लेना चाहिए। | यह एक सारांश है: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक संन्यासी से ज्यादा व्यापारी हैं। | 2 | ['hin'] |
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