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एक सारांश बनाओ: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की सुपरहिट जोड़ी दिनेश लाल यादव निरहुआ (Dinesh Lal Yadav Nirahua) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) ने यूट्यूब पर एक बार फिर कहर बरपा दिया है. निरहुआ और आम्रपाली दुबे की जोड़ी का यह रिकॉर्ड है कि जब भी दोनों एक साथ आते हैं सोशल मीडिया पर हड़कंप मच जाता है. आम्रपाली दुबे, निरहुआ और शुभी शर्मा की भोजपुरी फिल्म 'निरहुआ हिंदुस्तानी 3 (Nirahua Hindustani 3)' यूट्यूब पर रिलीज हो गई है और फिर भोजपुरी फिल्म (Bhojpuri Film) ने रिलीज होते ही यूट्यूब (YouTube) पर गरदा उड़ा दिया है.
भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की सुपरहिट जोड़ी दिनेश लाल यादव निरहुआ (Dinesh Lal Yadav Nirahua) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) की सुपरहिट फिल्म 'निरहुआ हिंदुस्तानी 3 (Nirahua Hindustani 3)' यूट्यूब पर रिलीज हो गई है. इस वीडियो को अभी तक 70 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है. 'निरहुआ हिंदुस्तानी 3' में दिनेश लाल यादव निरहुआ, आम्रपाली दुबे, शुभी शर्मा, संजय पांडेय, किरण यादव, समर्थ चतुर्वेदी और आशीष शेंद्रे मुख्य भूमिकाओं में हैं.
भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Film) 'निरहुआ हिंदुस्तानी 3 (Nirahua Hindustani 3)' को मंजुल ठाकुर ने डायरेक्ट किया है और इसका म्यूजिक रजनीश मिश्रा ने दिया है. दिनेश लाल यादव निरहुआ (Dinesh Lal Yadav Nirahua) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) की सुपरहिट फिल्म 'निरहुआ हिंदुस्तानी 3' का म्यूजिक रजनीश मिश्रा ने दिया है और इसके लिरिक्स प्यारे लाल यादव, आजाद सिंह और श्याम देहाती ने लिखे हैं. | सारांश: निरहुआ की फिल्म का यूट्यूब पर हंगामा
आम्रपाली दुबे हैं उनकी हीरोइन
'निरहुआ हिंदुस्तानी 3' है फिल्म | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (Uttar Pradesh Public Service Commission) प्रोविंशियल सिविल सर्विस (PCS) की प्रिलिम्स परीक्षा (UPPSC PCS Prelim Exam) रविवार, 15 दिसंबर को आयोजित करेगा. पीसीएस प्रलिम्स परीक्षा (PCS Prelim Exam) के अलावा आयोग असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट और रीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर पद के लिए प्रिलिम्स परीक्षा भी आयोजित करेगा.
यह भी पढ़ें- UPPSC PCS Admit Card: यूपी पीसीएस 2019 एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड
इस भर्ती के लिए आवेदकों के लिए आयोग ने पहले ही एडमिट कार्ड (UPPSC PCS prelim exam admit card) जारी कर दिए हैं. आवेदक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर अपना एप्लीकेशन स्टेटस जांच सकते हैं और एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.
बता दें कि प्रिलिम्स परीक्षा आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आज़मगढ़, बाराबंकी, बरेली, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, जौनपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, ,मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, सीतापुर और वाराणसी केंद्रों पर आयोजित की जाएगी.
यूपी सिविल सर्विस प्रिलिम्स परीक्षा में दो अनिवार्य पेपर होंगे जिसमें ऑब्जेक्टिव सवाल होंगे. दोनों ही पेपर में सामान्य अध्ययन आधारित प्रश्न होंगे. परीक्षा में सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के समसामयिक , इतिहास, राजनीति, अर्थशास्त्र, भूगोल, मानसिक क्षमता और सांख्यिकी विश्लेषण से संबंधी प्रश्न होंगे. उम्मीदवारों को इन सारे विषयों की जानकारी उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में होनी चाहिए.
प्रिलिम्स परीक्षा आयोजित किए जाने के बाद आयोग प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा जिस पर उम्मीदवार आपत्ति दर्ज करा सकेंगे. आपत्ति दर्ज किए जाने के बाद आयोग अंतिम आंसर की जारी करेगा. | संक्षिप्त पाठ: UPPSC PCS प्रिलिम्स परीक्षा 15 दिसंबर को होनी है
uppsc.up.nic.in से एडमिट कार्ड करें डाउनलोड
परीक्षा में दो अनिवार्य पेपर होंगे | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी पहली बार विदेशी सैनिकों की मौजूदगी से मुक्त राष्ट्र के नेता के रूप में रविवार को अमेरिका के लिए रवाना हो गए। अमेरिकी सैनिकों की वापसी अंतिम चरण में है। अपनी दो दिवसीय अमेरिका यात्रा के दौरान मलिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से व्यापक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। करीब आठ साल पहले अमेरिका की अगुवाई में अंतरराष्ट्रीय बलों द्वारा सद्दाम हुसैन को अपदस्थ करने के लिए किए गए हमले के बाद इराक से पूरी तरह अमेरिकी सैनिकों की वापसी हो रही है और यह प्रक्रिया संपन्न होने में एक माह से भी कम का समय बचा है। मलिकी के मीडिया सलाहकार अली मुसावी ने बताया कि यह पहली बार होगा कि मलिकी एक ऐसे इराकी राष्ट्र के मुखिया के रूप में जा रहे हैं, जब देश में अमेरिकी सैनिक नहीं होंगे। मलिकी के साथ विदेश मंत्री होशियार जेबारी, कार्यवाहक रक्षा मंत्री सादून अल दुलैमानी, परिवहन मंत्री खरूल्लाह हसन बाबाकीर, व्यापार मंत्री हादी अल अमेरी तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार फलह अल फयाद भी अमेरिका यात्रा पर गए हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी पहली बार विदेशी सैनिकों की मौजूदगी से मुक्त राष्ट्र के नेता के रूप में रविवार को अमेरिका के लिए रवाना हो गए। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा, और मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी पहली मुलाकात से ठीक पहले अमेरिका ने भारत को 22 गार्जियन मानवरहित ड्रोन की बिक्री को मंज़ूरी दे दी है, यह जानकारी गुरुवार को समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने दी.
रिपोर्ट के मुताबिक सौदे को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मंज़ूरी दे दी है, और इसके बारे में भारत सरकार तथा ड्रोन की कैलिफोर्निया स्थित निर्माता कंपनी जनरल एटॉमिक्स को अवगत करा दिया गया है.
बताया जाता है कि यह सौदा लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर का होगा, तथा भारत की दृष्टि से इस सौदे को मंज़ूरी मिल जाना द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की अहम परीक्षा में कामयाब होना है, क्योंकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में फल-फूल रहे रिश्ते में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद से गर्मजोशी की कमी आई थी, क्योंकि उन्होंने भारत के प्रतिद्वंद्वी चीन को अहमियत देना बेहतर समझा, ताकि उत्तरी कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को काबू में रखने के लिए उन्हें चीन से मदद हासिल हो सके.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दो दिन की यात्रा के लिए अमेरिका रवाना होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल अप्रैल महीने में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की थी, और जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद से वह जापान, ब्रिटेन तथा वियतनाम के नेताओं से भी मिल चुके हैं, जिससे भारत में इस बात की चिंता की जाने लगी थी कि अब अमेरिका के लिए भारत से संबंध अहम नहीं रहे हैं.
हिन्द महासागर पर निगरानी रखने की खातिर भारतीय नौसेना को यह मानवरहित सर्वेलेंस ड्रोन मिलने जा रहे हैं, और यह किसी ऐसे देश द्वारा पहला सौदा है, जो किसी नाटो गठबंधन का हिस्सा नहीं है.
रिपोर्ट के मुताबिक सौदे को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मंज़ूरी दे दी है, और इसके बारे में भारत सरकार तथा ड्रोन की कैलिफोर्निया स्थित निर्माता कंपनी जनरल एटॉमिक्स को अवगत करा दिया गया है.
बताया जाता है कि यह सौदा लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर का होगा, तथा भारत की दृष्टि से इस सौदे को मंज़ूरी मिल जाना द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की अहम परीक्षा में कामयाब होना है, क्योंकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में फल-फूल रहे रिश्ते में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद से गर्मजोशी की कमी आई थी, क्योंकि उन्होंने भारत के प्रतिद्वंद्वी चीन को अहमियत देना बेहतर समझा, ताकि उत्तरी कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को काबू में रखने के लिए उन्हें चीन से मदद हासिल हो सके.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दो दिन की यात्रा के लिए अमेरिका रवाना होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल अप्रैल महीने में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की थी, और जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद से वह जापान, ब्रिटेन तथा वियतनाम के नेताओं से भी मिल चुके हैं, जिससे भारत में इस बात की चिंता की जाने लगी थी कि अब अमेरिका के लिए भारत से संबंध अहम नहीं रहे हैं.
हिन्द महासागर पर निगरानी रखने की खातिर भारतीय नौसेना को यह मानवरहित सर्वेलेंस ड्रोन मिलने जा रहे हैं, और यह किसी ऐसे देश द्वारा पहला सौदा है, जो किसी नाटो गठबंधन का हिस्सा नहीं है.
बताया जाता है कि यह सौदा लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर का होगा, तथा भारत की दृष्टि से इस सौदे को मंज़ूरी मिल जाना द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की अहम परीक्षा में कामयाब होना है, क्योंकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में फल-फूल रहे रिश्ते में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद से गर्मजोशी की कमी आई थी, क्योंकि उन्होंने भारत के प्रतिद्वंद्वी चीन को अहमियत देना बेहतर समझा, ताकि उत्तरी कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को काबू में रखने के लिए उन्हें चीन से मदद हासिल हो सके.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दो दिन की यात्रा के लिए अमेरिका रवाना होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल अप्रैल महीने में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की थी, और जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद से वह जापान, ब्रिटेन तथा वियतनाम के नेताओं से भी मिल चुके हैं, जिससे भारत में इस बात की चिंता की जाने लगी थी कि अब अमेरिका के लिए भारत से संबंध अहम नहीं रहे हैं.
हिन्द महासागर पर निगरानी रखने की खातिर भारतीय नौसेना को यह मानवरहित सर्वेलेंस ड्रोन मिलने जा रहे हैं, और यह किसी ऐसे देश द्वारा पहला सौदा है, जो किसी नाटो गठबंधन का हिस्सा नहीं है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दो दिन की यात्रा के लिए अमेरिका रवाना होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल अप्रैल महीने में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की थी, और जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद से वह जापान, ब्रिटेन तथा वियतनाम के नेताओं से भी मिल चुके हैं, जिससे भारत में इस बात की चिंता की जाने लगी थी कि अब अमेरिका के लिए भारत से संबंध अहम नहीं रहे हैं.
हिन्द महासागर पर निगरानी रखने की खातिर भारतीय नौसेना को यह मानवरहित सर्वेलेंस ड्रोन मिलने जा रहे हैं, और यह किसी ऐसे देश द्वारा पहला सौदा है, जो किसी नाटो गठबंधन का हिस्सा नहीं है.
हिन्द महासागर पर निगरानी रखने की खातिर भारतीय नौसेना को यह मानवरहित सर्वेलेंस ड्रोन मिलने जा रहे हैं, और यह किसी ऐसे देश द्वारा पहला सौदा है, जो किसी नाटो गठबंधन का हिस्सा नहीं है. | यह एक सारांश है: 22 गार्जियन मानवरहित ड्रोन का सौदा लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर का होगा
भारतीय नौसेना को हिन्द महासागर पर निगरानी के लिए ये ड्रोन दिए जाएंगे
PM मोदी अमेरिका में पहली बार US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मेचका, खल्लारी और बोरई थानों की पुलिस ने पिछले चार दिनों से नक्सलियों के खिलाफ तलाशी अभियान तेज कर दिया है. पुलिस ने बुधवार रात गरियाबंद-धमतरी बॉर्डर के जंगलों में डेटोनेटर सहित नक्सली पाठ्य सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया. धमतरी पुलिस अधीक्षक मनीष शर्मा ने गुरुवार को बताया, 'बुधवार को गिरफ्तार नक्सली जीवन और सहयोगी चंद्रभान को लेकर सर्चिग के लिए निकली पुलिस की टीम गरियाबंद और धमतरी जिले के बॉर्डर पर पहुंची. मेचका से 15-20 किलोमीटर अंदर जंगल में एक स्थान पर मिट्टी का ढेर नजर आया. पुलिस ने मिट्टी हटाकर देखा, तो नीचे ड्रम के भीतर 71 नग डेटोनेटर बरामद हुए.'
उन्होंने कहा, 'इसी तरह भोरगांव के अंदर बीहड़ जंगल में दूसरा बॉक्स मिला, जिसमें नक्सली पाठ्य सामग्री व दैनिक उपयोग के सामान थे. जैसे ही इसकी खबर एसपी मनीष शर्मा को मिली, वे भी नगरी थाना पहुंच गए. वहीं से पल-पल की खबर लेते रहे.' शर्मा ने बताया कि सर्चिग अभियान लगातार जारी है. प्रभावित क्षेत्र के कुछ और जगहों में पुलिस टीम को रवाना किया गया है. तीन जुलाई को मुठभेड़ के दौरान एक लाख 10 हजार रुपये का इनामी नक्सली जीवन उर्फ रमेश को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी मिली थी. इसके एक दिन बाद ही चार जुलाई को उसके सहयोगी चंद्रभान को जोगीबिरदो से गिरफ्तार किया गया. इस कार्रवाई से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद पुलिस अधिकारी और जवानों का मनोबल बढ़ा है.
पूछताछ में जीवन ने पुलिस को बताया, 'ग्राम जोगीबिरदो के चंद्रभान नेताम द्वारा नक्सलियों को कपड़े और राशन सामान उपलब्ध कराया जाता है. उसके पास से हथियार भी मिल सकता है.' इस सूचना पर तत्काल थाना खल्लारी से एक टीम चार जुलाई को ग्राम जोगीबिरदो रवाना हुई. जोगीबिरदो निवासी चंद्रभान नेताम (26) से पूछताछ करने पर नक्सलियों को राशन सामान देना एवं कपड़े उपलब्ध कराना स्वीकार किया. टिप्पणियां
उसने स्वीकार किया कि नक्सलियों द्वारा तीन-चार साल पूर्व एक देशी कट्टा (रिवाल्वर नुमा) दिया गया था. इसके बाद उसके घर में बारीकी से चेक करने पर पैरावट में छिपाकर रखा हुआ एक देशी कट्टा मिला. पुलिस ने कट्टा जब्त कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'इसी तरह भोरगांव के अंदर बीहड़ जंगल में दूसरा बॉक्स मिला, जिसमें नक्सली पाठ्य सामग्री व दैनिक उपयोग के सामान थे. जैसे ही इसकी खबर एसपी मनीष शर्मा को मिली, वे भी नगरी थाना पहुंच गए. वहीं से पल-पल की खबर लेते रहे.' शर्मा ने बताया कि सर्चिग अभियान लगातार जारी है. प्रभावित क्षेत्र के कुछ और जगहों में पुलिस टीम को रवाना किया गया है. तीन जुलाई को मुठभेड़ के दौरान एक लाख 10 हजार रुपये का इनामी नक्सली जीवन उर्फ रमेश को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी मिली थी. इसके एक दिन बाद ही चार जुलाई को उसके सहयोगी चंद्रभान को जोगीबिरदो से गिरफ्तार किया गया. इस कार्रवाई से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद पुलिस अधिकारी और जवानों का मनोबल बढ़ा है.
पूछताछ में जीवन ने पुलिस को बताया, 'ग्राम जोगीबिरदो के चंद्रभान नेताम द्वारा नक्सलियों को कपड़े और राशन सामान उपलब्ध कराया जाता है. उसके पास से हथियार भी मिल सकता है.' इस सूचना पर तत्काल थाना खल्लारी से एक टीम चार जुलाई को ग्राम जोगीबिरदो रवाना हुई. जोगीबिरदो निवासी चंद्रभान नेताम (26) से पूछताछ करने पर नक्सलियों को राशन सामान देना एवं कपड़े उपलब्ध कराना स्वीकार किया. टिप्पणियां
उसने स्वीकार किया कि नक्सलियों द्वारा तीन-चार साल पूर्व एक देशी कट्टा (रिवाल्वर नुमा) दिया गया था. इसके बाद उसके घर में बारीकी से चेक करने पर पैरावट में छिपाकर रखा हुआ एक देशी कट्टा मिला. पुलिस ने कट्टा जब्त कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूछताछ में जीवन ने पुलिस को बताया, 'ग्राम जोगीबिरदो के चंद्रभान नेताम द्वारा नक्सलियों को कपड़े और राशन सामान उपलब्ध कराया जाता है. उसके पास से हथियार भी मिल सकता है.' इस सूचना पर तत्काल थाना खल्लारी से एक टीम चार जुलाई को ग्राम जोगीबिरदो रवाना हुई. जोगीबिरदो निवासी चंद्रभान नेताम (26) से पूछताछ करने पर नक्सलियों को राशन सामान देना एवं कपड़े उपलब्ध कराना स्वीकार किया. टिप्पणियां
उसने स्वीकार किया कि नक्सलियों द्वारा तीन-चार साल पूर्व एक देशी कट्टा (रिवाल्वर नुमा) दिया गया था. इसके बाद उसके घर में बारीकी से चेक करने पर पैरावट में छिपाकर रखा हुआ एक देशी कट्टा मिला. पुलिस ने कट्टा जब्त कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उसने स्वीकार किया कि नक्सलियों द्वारा तीन-चार साल पूर्व एक देशी कट्टा (रिवाल्वर नुमा) दिया गया था. इसके बाद उसके घर में बारीकी से चेक करने पर पैरावट में छिपाकर रखा हुआ एक देशी कट्टा मिला. पुलिस ने कट्टा जब्त कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की तलाश में पुलिस
जमीन में दबे पड़े हुए थे 73 डेटोनेटर
लगातार चल रहा है सर्च अभियान | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बंगाल में सिंगूर बिल को पास कर दिया गया है। इस बिल के पास होने के बाद अब टाटा मोटर्स के प्लांट के लिए ली गई 400 एकड़ जमीन को वापस किसानों को दे दिया जाएगा। सरकार ने कहा है कि कंपनी ने प्लांट नहीं लगाया और कंपनी के छोड़ने के बाद ही ये जमीन किसानों को वापस दी जा रही है। इसके साथ ही सरकार ने कहा कि इस जमीन पर लगने वाले प्लांट से आसपास के लोगों को कोई खास फायदा नहीं होना था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टाटा मोटर्स ने सरकार की रिपोर्ट को गलत बताया है। कंपनी ने कहा कि उन्होंने कभी जमीन को छोड़ने या वहां प्लांट ना लगाने की बात नहीं सोची थी। कंपनी ने कहा कि वो पास किए कानून को पूरी तरह से पढ़ने के बाद ही अब आगे कोई प्रतिक्रिया देंगे। कंपनी ने कहा कि इस प्लांट के चालू होने से इलाके के करीब दस हजार लोगों को रोजगार मिलता। इससे पूर्व पश्चिम बंगाल सरकार ने सिंगूर बिल को पास कर दिया। बिल उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी ने पेश किया। बहस के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वो land acquisition act 1894 को नहीं मानेंगी। इधर लेफ्ट ने विधानसभा का बहिष्कार किया। ममता का ये अहम चुनावी वादा था कि वो किसानों को उनकी 400 एकड़ ज़मीन वापस लौटा देंगी। | बंगाल में सिंगूर बिल को पास कर दिया गया है। बिल के पास होने के बाद अब टाटा प्लांट के लिए ली गई जमीन वापस किसानों को दी जाएगी। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर युद्ध विराम के उल्लंघन और दो भारतीय सैनिकों की हत्या को लेकर भारत की ओर से की गई कड़ी प्रतिक्रिया पर ‘गहरी चिंता’ जाहिर करते हुए कहा है कि संवाद प्रक्रिया को घरेलू राजनीति का बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए।
पाकिस्तानी विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार ने संवाददाताओं से कहा, किसी भी कदम के लिए हमें मददगार माहौल बनाने की जरूरत होती है। अगर आप उम्मीद करते हैं कि कश्मीर मसले का हल आज निकल जाएगा तो यह मुमकिन नहीं है। दोनों देशों के बीच अविश्वास के स्तर को कम करने की जरूरत है। वह बीते पांच साल के कार्यकाल के दौरान सरकार की विदेश नीति की उपलब्धियों के बारे में बात कर रही थीं। पीपीपी के नेतृत्व वाली सरकार का कार्यकाल आगामी 16 मार्च को पूरा हो रहा है।
हिना रब्बानी ने कहा कि इस सरकार ने भारत को लेकर बनी बीते छह दशक की शत्रुता को काफी हद तक खत्म किया और विश्वास बहाली की नीति की शुरुआत की ताकि सभी मुद्दों के समाधान के लिए माहौल बनाया जा सके।
हिना रब्बानी ने कहा, हमने फैसला किया कि इस समय माहौल और सोच को बदलने तथा मित्रता एवं विश्वास बहाली के निर्माण पर ध्यान देने करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में विकास के लिए दोनों देशों को एक-दूसरे की सफलता में भागीदार बनना चाहिए।टिप्पणियां
पाकिस्तानी विदेशमंत्री ने कहा कि भारत को लेकर रुख में बदलाव एक बड़ा संकेत यह है कि व्यापारिक संबंध को सामान्य बनाने के लिए बीते 40 साल से चली आ रही नीति को ही बदल दिया गया।
इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि लोगों को कश्मीर जैसे मुद्दों का समाधान निकट भविष्य में होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
पाकिस्तानी विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार ने संवाददाताओं से कहा, किसी भी कदम के लिए हमें मददगार माहौल बनाने की जरूरत होती है। अगर आप उम्मीद करते हैं कि कश्मीर मसले का हल आज निकल जाएगा तो यह मुमकिन नहीं है। दोनों देशों के बीच अविश्वास के स्तर को कम करने की जरूरत है। वह बीते पांच साल के कार्यकाल के दौरान सरकार की विदेश नीति की उपलब्धियों के बारे में बात कर रही थीं। पीपीपी के नेतृत्व वाली सरकार का कार्यकाल आगामी 16 मार्च को पूरा हो रहा है।
हिना रब्बानी ने कहा कि इस सरकार ने भारत को लेकर बनी बीते छह दशक की शत्रुता को काफी हद तक खत्म किया और विश्वास बहाली की नीति की शुरुआत की ताकि सभी मुद्दों के समाधान के लिए माहौल बनाया जा सके।
हिना रब्बानी ने कहा, हमने फैसला किया कि इस समय माहौल और सोच को बदलने तथा मित्रता एवं विश्वास बहाली के निर्माण पर ध्यान देने करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में विकास के लिए दोनों देशों को एक-दूसरे की सफलता में भागीदार बनना चाहिए।टिप्पणियां
पाकिस्तानी विदेशमंत्री ने कहा कि भारत को लेकर रुख में बदलाव एक बड़ा संकेत यह है कि व्यापारिक संबंध को सामान्य बनाने के लिए बीते 40 साल से चली आ रही नीति को ही बदल दिया गया।
इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि लोगों को कश्मीर जैसे मुद्दों का समाधान निकट भविष्य में होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
हिना रब्बानी ने कहा कि इस सरकार ने भारत को लेकर बनी बीते छह दशक की शत्रुता को काफी हद तक खत्म किया और विश्वास बहाली की नीति की शुरुआत की ताकि सभी मुद्दों के समाधान के लिए माहौल बनाया जा सके।
हिना रब्बानी ने कहा, हमने फैसला किया कि इस समय माहौल और सोच को बदलने तथा मित्रता एवं विश्वास बहाली के निर्माण पर ध्यान देने करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में विकास के लिए दोनों देशों को एक-दूसरे की सफलता में भागीदार बनना चाहिए।टिप्पणियां
पाकिस्तानी विदेशमंत्री ने कहा कि भारत को लेकर रुख में बदलाव एक बड़ा संकेत यह है कि व्यापारिक संबंध को सामान्य बनाने के लिए बीते 40 साल से चली आ रही नीति को ही बदल दिया गया।
इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि लोगों को कश्मीर जैसे मुद्दों का समाधान निकट भविष्य में होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
हिना रब्बानी ने कहा, हमने फैसला किया कि इस समय माहौल और सोच को बदलने तथा मित्रता एवं विश्वास बहाली के निर्माण पर ध्यान देने करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में विकास के लिए दोनों देशों को एक-दूसरे की सफलता में भागीदार बनना चाहिए।टिप्पणियां
पाकिस्तानी विदेशमंत्री ने कहा कि भारत को लेकर रुख में बदलाव एक बड़ा संकेत यह है कि व्यापारिक संबंध को सामान्य बनाने के लिए बीते 40 साल से चली आ रही नीति को ही बदल दिया गया।
इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि लोगों को कश्मीर जैसे मुद्दों का समाधान निकट भविष्य में होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
पाकिस्तानी विदेशमंत्री ने कहा कि भारत को लेकर रुख में बदलाव एक बड़ा संकेत यह है कि व्यापारिक संबंध को सामान्य बनाने के लिए बीते 40 साल से चली आ रही नीति को ही बदल दिया गया।
इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि लोगों को कश्मीर जैसे मुद्दों का समाधान निकट भविष्य में होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि लोगों को कश्मीर जैसे मुद्दों का समाधान निकट भविष्य में होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हिना ने कहा है कि अगर आप उम्मीद करते हैं कि कश्मीर मसले का हल आज निकल जाएगा तो यह मुमकिन नहीं है। दोनों देशों के बीच अविश्वास के स्तर को कम करने की जरूरत है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली चुनाव आयोग ने 2 दिन पहले दिल्ली में सभी होर्डिंग, बैनर, नेम प्लेट आदि से 'आम' शब्द ढकने/हटवाने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई न सिर्फ 'आम' बल्कि 'आदमी' और सीएम अरविंद केजरीवाल के फोटो तक ढक डाले. दिल्ली के कश्मीरी गेट के आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक की तस्वीरों में देखेंगे तो पता चलेगा कैसे अधिकारियों ने चुनाव आयोग के हुक्म की तामील उसके आदेश से आगे बढ़कर कर डाली. दरअसल- बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने आपत्ति जताई थी कि दिल्ली सरकार की योजना आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक, आम आदमी बायपास एक्सप्रेस सर्विस आदि से 'आम आदमी' शब्द हटाया जाए क्योंकि इससे आम आदमी पार्टी का प्रचार हो रहा है और दिल्ली में इस समय दिल्ली नगर निगम चुनाव के चलते 'आदर्श आचार संहिता' लागू है जिसका उल्लंघन हो रहा है इसलिये इन सभी से 'आम आदमी' को ठीक उसी तरह हटाया जाए जैसे 2012 में यूपी चुनाव में 'हाथी' ढंके गए थे क्योंकि वह बसपा का चुनाव चिन्ह था और 2017 में समाजवादी एम्बुलेंस सेवा से 'समाजवादी' शब्द हटाया गया क्योंकि इससे समाजवादी पार्टी का प्रचार होता था.
गौरतलब है कि दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव को आदेश दिया था कि दिल्ली में जितने भी होर्डिंग, डिस्प्ले, बैनर आदि पर 'आम' शब्द लिखा है उसको हटाएं या कवर करें. दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले ऐसे होर्डिंग/नेम प्लेट/बैनर आदि को हटाकर/ढंककर 48 घंटे के भीतर चुनाव आयोग को रिपोर्ट करें. दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली स्वास्थ्य सेवा के लिए आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक, आम आदमी पालीक्लिनिक जबकि परिवहन सेवा आम आदमी बायपास एक्सप्रेस सर्विस चलाई हुई हैं.
गौरतलब है कि दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव को आदेश दिया था कि दिल्ली में जितने भी होर्डिंग, डिस्प्ले, बैनर आदि पर 'आम' शब्द लिखा है उसको हटाएं या कवर करें. दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले ऐसे होर्डिंग/नेम प्लेट/बैनर आदि को हटाकर/ढंककर 48 घंटे के भीतर चुनाव आयोग को रिपोर्ट करें. दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली स्वास्थ्य सेवा के लिए आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक, आम आदमी पालीक्लिनिक जबकि परिवहन सेवा आम आदमी बायपास एक्सप्रेस सर्विस चलाई हुई हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आम शब्द ढकने का आदेश दिया था
अधिकारियों ने केजरीवाल की तस्वीर भी ढक दी
विजेंद्र गुप्ता ने जताई दी आपत्ति | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल में 34 साल से सत्तारूढ़ वाम मोर्चा शासन के इस बार परिवर्तन की लहर में शुक्रवार को बह जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि कम्युनिस्ट नेताओं को अभी भी कहीं ये आस है कि काफी क्षति के बाद भी उनका किला शायद पूरी तरह ढहने से बच जाए। 2006 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा की जबर्दस्त जीत के बाद 2009 में लोकसभा चुनाव के परिणाम और आंकड़े राज्य में परिवर्तन की बयार की विश्लेषकों की भविष्यवाणी को पुष्ट करते दिख रहे हैं। 2004 के लोकसभा चुनाव के नतीजों की तुलना में वामामोर्चा को 2009 में न केवल 20 सीटें गंवानी पड़ी थी, बल्कि उसके वोट प्रतिशत में करीब सात प्रतिशत की गिरावट भी दर्ज की गई। 2004 के लोकसभा चुनाव में वाममोर्चा ने राज्य की 42 में 35 सीटों पर जीत दर्ज की थी। राज्य में 2006 के विधानसभा चुनाव में वाममोर्चा के हाथों मामता बनर्जी नीत तृणमूल को करारी पराजय का सामना करना पड़ा था। 294 सीटों पर हुए मतदान में वाममोर्चा को 235 सीटें मिली थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस को महज 29 सीटों से संतोष करना पड़ा था। हालांकि इसके तीन साल बाद 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में राज्य की 42 सीटों में से माकपा को महज छह मिली, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 19 और उसकी सहयोगी कांग्रेस को छह सीट मिली। लोकसभा चुनाव के नतीजों के अनुरूप इन सीटों को विधानसभा सीट के रूप में बदलने पर वाममोर्चा के घटकर 101 और कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस गठबंधन के 190 से अधिक सीट जीतने का अनुमान है। 2006 के विधानसभा चुनाव में अकेले माकपा को सबसे अधिक 175 सीट मिली थी और 2001 के चुनाव की तुलना में उसे 32 सीटों का फायदा हुआ था। | यहाँ एक सारांश है:पश्चिम बंगाल में 34 साल से सत्तारूढ़ वाम मोर्चा शासन के इस बार परिवर्तन की लहर में शुक्रवार को बह जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: झारखंड के चुनाव में एक नई राजनीतिक घटना हुई है. जो भाजपा अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पाने का दावा कर रही थी उसने पहले चरण के मतदान के पूर्व से ही सार्वजनिक मंच से अब यह कहने से गुरेज नहीं कर रही है कि सरकार आजसू (All Jharkhand Students Union) के साथ ही बनाएगी. पार्टी की ओर से यह बात बार-बार बोला जा रहा है. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के कथन के बाद रविवार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सुदेश हमारे मित्र और भाई जैसे हैं और वह सरकार में शामिल होंगे. हालांकि आजसू नेता सुदेश महतो का कहना है कि फ़िलहाल चुनावी मैदान में बीजेपी से दोस्ती नहीं कुश्ती होगी. धर्मेंद्र प्रधान रविवार को झारखंड के कई विधानसभा इलाक़ों में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. उनके बयान का यह राजनीतिक अर्थ लगाया जा रहा है कि पार्टी को तमाम दावों के बावजूद ये फ़ीडबैक है कि विधानसभा चुनाव का परिणाम त्रिशंकु होने वाला है ऐसे में सुदेश महतो जैसे पुराने सहयोगी की उन्हें निश्चित रूप से ज़रूरत होगी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी इससे पूर्व एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में साफ़ किया था कि आजसू उनके भविष्य के सरकार में शामिल होगी.
आपको बता दें कि बीजेपी ने जब सुदेश महतो के मनमुताबिक़ 17 सीटें नहीं दी तब उनकी पार्टी ने बीस से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार दिए. शुरू में बीजेपी का आकलन था कि उनके अधिक प्रत्याशी चुनाव में रहने के कारण विरोधियों को नुक़सान होगा लेकिन कई सीटों से जब उनके पार्टी प्रत्याशियों ने शिकायत शुरू कर दी कि आजसू प्रत्याशी के कारण उनके वोट पर असर हो रहा है तब बीजेपी ने अपने सुर बदले.
वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि सुदेश बीजेपी के साथ फ़िक्स मैच खेल रहे हैं. पार्टी के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि बीजेपी नेताओं के बयान से हमारी बातों की पुष्टि हुई और जनता इसका बेहतर फ़ैसला करेगी. | संक्षिप्त सारांश: झारखंड विधानसभा चुनाव
AJSU बिगाड़ सकती है बीजेपी का खेल
बीजेपी ने अब आजसू के साथ सरकार बनाने की बात कही | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भाजपा ने गुरुवार को मांग की कि दिल्ली के लोकायुक्त द्वारा मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को कथित रूप से सरकारी कोष का दुरुपयोग करने के मामले में अभ्यारोपित किए जाने को देखते हुए उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने यहां कहा कि दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनावों से पूर्व राजनीतिक बढ़त हासिल करने के मकसद से विज्ञापन प्रचार कार्यक्रम चलाने के लिये सरकारी कोष का कथित दुरुपयोग करने के मामले में अभ्यारोपित किया है।
मल्होत्रा ने आरोप लगाया, ‘‘पिछले तीन वर्षों में भी मुख्यमंत्री ने प्रतिवर्ष सौ करोड़ रुपये प्रचार पर खर्च किए हैं और पिछले दो महीनों में वह अपनी और अपनी सरकार की धूमिल हो चुकी छवि को बचाने के लिए 2008 के चुनाव के इतिहास को फिर से दोहरा रही हैं। वह दिल्ली की जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपयों को विज्ञापनों और होर्डिंग्स में व्यय कर रही हैं।’’टिप्पणियां
उन्होंने मांग की कि दीक्षित को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और 2008 में कथित रूप से दुरुपयोग किए गए रुपयों को सरकारी खजाने में जमा कराना चाहिए।
दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री को 2008 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बढ़त हासिल करने के मकसद से विज्ञापन प्रचार कार्यक्रम चलाने के लिये कथित रूप से सरकारी कोष का दुरुपयोग करने के मामले में अभ्यारोपित किया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने यहां कहा कि दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनावों से पूर्व राजनीतिक बढ़त हासिल करने के मकसद से विज्ञापन प्रचार कार्यक्रम चलाने के लिये सरकारी कोष का कथित दुरुपयोग करने के मामले में अभ्यारोपित किया है।
मल्होत्रा ने आरोप लगाया, ‘‘पिछले तीन वर्षों में भी मुख्यमंत्री ने प्रतिवर्ष सौ करोड़ रुपये प्रचार पर खर्च किए हैं और पिछले दो महीनों में वह अपनी और अपनी सरकार की धूमिल हो चुकी छवि को बचाने के लिए 2008 के चुनाव के इतिहास को फिर से दोहरा रही हैं। वह दिल्ली की जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपयों को विज्ञापनों और होर्डिंग्स में व्यय कर रही हैं।’’टिप्पणियां
उन्होंने मांग की कि दीक्षित को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और 2008 में कथित रूप से दुरुपयोग किए गए रुपयों को सरकारी खजाने में जमा कराना चाहिए।
दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री को 2008 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बढ़त हासिल करने के मकसद से विज्ञापन प्रचार कार्यक्रम चलाने के लिये कथित रूप से सरकारी कोष का दुरुपयोग करने के मामले में अभ्यारोपित किया है।
मल्होत्रा ने आरोप लगाया, ‘‘पिछले तीन वर्षों में भी मुख्यमंत्री ने प्रतिवर्ष सौ करोड़ रुपये प्रचार पर खर्च किए हैं और पिछले दो महीनों में वह अपनी और अपनी सरकार की धूमिल हो चुकी छवि को बचाने के लिए 2008 के चुनाव के इतिहास को फिर से दोहरा रही हैं। वह दिल्ली की जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपयों को विज्ञापनों और होर्डिंग्स में व्यय कर रही हैं।’’टिप्पणियां
उन्होंने मांग की कि दीक्षित को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और 2008 में कथित रूप से दुरुपयोग किए गए रुपयों को सरकारी खजाने में जमा कराना चाहिए।
दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री को 2008 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बढ़त हासिल करने के मकसद से विज्ञापन प्रचार कार्यक्रम चलाने के लिये कथित रूप से सरकारी कोष का दुरुपयोग करने के मामले में अभ्यारोपित किया है।
उन्होंने मांग की कि दीक्षित को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और 2008 में कथित रूप से दुरुपयोग किए गए रुपयों को सरकारी खजाने में जमा कराना चाहिए।
दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री को 2008 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बढ़त हासिल करने के मकसद से विज्ञापन प्रचार कार्यक्रम चलाने के लिये कथित रूप से सरकारी कोष का दुरुपयोग करने के मामले में अभ्यारोपित किया है।
दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री को 2008 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बढ़त हासिल करने के मकसद से विज्ञापन प्रचार कार्यक्रम चलाने के लिये कथित रूप से सरकारी कोष का दुरुपयोग करने के मामले में अभ्यारोपित किया है। | भाजपा ने गुरुवार को मांग की कि दिल्ली के लोकायुक्त द्वारा मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को कथित रूप से सरकारी कोष का दुरुपयोग करने के मामले में अभ्यारोपित किए जाने को देखते हुए उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर में तनाव के लिए सीमा पार की ताकतों को जिम्मेदार ठहराते हुए रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि घाटी में ‘कुछ प्रतिशत लोगों’ ने अधिकतर लोगों को बंधक बना रखा है. उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में हिंसा से निपटने के लिए ‘‘काफी सक्रियता’’ से काम कर रही है.
पर्रिकर ने अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान पेंटागन के संवाददाताओं से कहा, ‘‘जहां तक कश्मीर की बात है, भारत सरकार सीमा पार से आने वाली हिंसा से निपटने के लिए बेहद सक्रिय रही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुछ प्रतिशत लोगों ने अधिकतर लोगों को बंधक बनाकर रखा हुआ है.’’ कश्मीर की मौजूदा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कर्फ्यू पहले ही हटा दिया गया है और एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी घाटी जा रहा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में कश्मीर में एक ऐसी सरकार है, जिसे लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया है और मुख्यमंत्री घाटी से ही हैं.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पर्रिकर ने अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान पेंटागन के संवाददाताओं से कहा, ‘‘जहां तक कश्मीर की बात है, भारत सरकार सीमा पार से आने वाली हिंसा से निपटने के लिए बेहद सक्रिय रही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुछ प्रतिशत लोगों ने अधिकतर लोगों को बंधक बनाकर रखा हुआ है.’’ कश्मीर की मौजूदा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कर्फ्यू पहले ही हटा दिया गया है और एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी घाटी जा रहा है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में कश्मीर में एक ऐसी सरकार है, जिसे लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया है और मुख्यमंत्री घाटी से ही हैं.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में कश्मीर में एक ऐसी सरकार है, जिसे लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया है और मुख्यमंत्री घाटी से ही हैं.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: राज्य में हिंसा से निपटने के लिए सरकार सक्रियता से काम कर रही है
एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी कश्मीर जाएगा
कश्मीर में लोकतांत्रिक सरकार है, जिसे लोगों ने चुना है | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अब 64 साल के हो चुके प्रताप चंद्र सारंगी (Pratap Chandra Sarangi) ने कभी साधु बनना चाहा था और वह एकांत जीवन बिताना चाहते थे लेकिन उनका समाज के प्रति समर्पण और जनसेवा का भाव उनको मोदी मंत्रिमंडल में ले आया. सारंगी लंबे समय तक आरएसएस से जुड़े रहे हैं और इस बार के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बालासोर संसदीय सीट से बीजद प्रत्याशी रबींद्र कुमार जेना को 12,956 मतों से हरा दिया. बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सारंगी को ओडिशा का मोदी भी कहा जाता है. वह दो बार ओडिशा विधानसभा के लिए चुने जा चुके हैं.
प्रताप चंद्र सारंगी (Pratap Chandra Sarangi) के विरोधी जहां कार से चलते हैं. वहीं, अधिकतर वो साइकिल का प्रयोग करते देखे जाते हैं. चुनाव प्रचार में जनता से जुड़ने के लिए उन्होंने एक ऑटो रिक्शा भी किराए पर लिया था. यह पहला मौका नहीं है जब प्रताप चंद्र सारंगी ने लोकसभा चुनाव लड़ा हो. उन्होंने साल 2014 में भी लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें रबींद्र कुमार जेना ने हरा दिया था. राष्ट्रीय चुनाव लड़ने से पहले सारंगी 2004 से 2014 तक ओडिशा विधानसभा के सदस्य रहे हैं. | सरलता की प्रतिमूर्ति है प्रताप सारंगी
मोदी सरकार में बने राज्यमंत्री
आने-जाने के लिए करते हैं साइकिल का प्रयोग | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार होने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। पहले वह जयदेव अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन वहां से छुट्टी मिलने के बाद, जब उन्हें जेल ले जाया जा रहा था, तो उन्होंने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की, जिसके चलते उन्हें विक्टोरिया अस्पतास ले जाया गया। बताया जा रहा है कि अब येदियुरप्पा ने खुद ही जेल जाने की इच्छा जताई, जिसके बाद उन्हें बेंगलुरु के सेंट्रल जेल ले जाया गया है। कर्नाटक हाईकोर्ट में येदियुरप्पा की जमानत पर गुरुवार को सुनवाई होनी है और खबरों के मुताबिक उन्होंने अपने वकील की सलाह पर ही जेल जाने का फैसला किया। येदियुरप्पा को विक्टोरिया अस्पताल तब ले जाया गया जब उनकी अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई 20 अक्टूबर तक के लिए स्थगित होने के बाद उन्होंने जेल लौटने से इनकार कर दिया। शनिवार शाम गिरफ्तारी के बाद येदियुरप्पा को परप्पना अग्रहारा उपनगर स्थित बेंगलुरु केंद्रीय कारागार ले जाया गया था। वहां उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी। कुछ ही घंटों के भीतर रविवार सुबह उन्हें जयदेव इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया था। | सारांश: भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार होने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए येदियुरप्पा को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और उन्हें जेल भेज दिया गया है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने कहा कि उनकी टीम का आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचना कोच एंडी फ्लावर और कप्तान एंड्रयू स्ट्रास की दीर्घकालिक रणनीति का नतीजा है। इन दोनों ने 2009 में टीम की बागडोर संभाली थी। इंग्लैंड ने भारत को तीसरे टेस्ट में पारी और 242 रन से रौंदकर चार टेस्ट की श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त बनाने के अलावा दुनिया की नंबर एक टीम का ताज भी सुनिश्चित कर लिया है। इंग्लैंड की ओर से सर्वाधिक विकेट चटकाने वालों की सूची में सातवें स्थान पर काबिज एंडरसन (237 विकेट) ने कहा, एंडी फ्लावर और एंड्रयू स्ट्रास ने जब कमान संभाली तो सबसे पहले उन्होंने जो काम किया उसमें दुनिया की नंबर एक टीम बनने का रोड मैप भी शामिल था। डेली मेल ने इस तेज गेंदबाज के हवाले से कहा, फ्लावर ने हमारे विशेषज्ञों के साथ बैठकर दुनिया की नंबर एक टीम बनने के लिए दो से तीन साल का दौरों का रोडमैप तैयार किया और दिखाया कि अगर हम प्रत्येक श्रृंखला निश्चित अंतर से जीतते हैं तो हम कहां पहुंचेंगे। भारत के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में गेंद से बेजोड़ प्रदर्शन करने वाले एंडरसन ने उम्मीद जताई कि टेस्ट रैंकिंग के शीर्ष पर पहुंचना इंग्लैंड के स्वर्णिम सफर की सिर्फ शुरूआत भर होगी। | संक्षिप्त पाठ: एंडरसन ने कहा कि उनकी टीम का आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचना कोच एंडी फ्लावर और कप्तान स्ट्रास की दीर्घकालिक रणनीति का नतीजा है। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सेक्शन 124-अ यानी देशद्रोह... आम तौर पर ऐसा आरोप किसी आतंकी के ऊपर ही लगाया जाता है लेकिन मुंबई पुलिस की नजर में यह काम किया है कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी ने।
पुलिस की एफआईआर कहती है कि असीम के बनाए गए कार्टून के चलते देश में सरकार के खिलाफ विद्रोह की भावना निर्माण हो सकती थी।
रविवार को असीम की हिरासत के लिए अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने काफी ऊंचे दावे किए। पुलिस ने अदालत को बताया कि असीम के अलावा उन्हें और भी लोगों की तलाश है जिन्होंने असीम को कार्टून बनाने और इन्हें इन्टरनेट पर अपलोड करने में मदद की।
कानूनी जानकार असीम की हिरासत पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व आईपीएस वाईपी सिंह का कहना है, "अगर पुलिस के पास मजिस्ट्रेट का आदेश भी आया है तो पुलिस मामला दर्ज कर जांच करती रहती लेकिन गिरफ्तारी करना सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश की अवहेलना की गई है।"
सिंह के अनुसार, "सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कहा है गिरफ्तारी उस वक़्त की जानी चाहिए जब जांच की दिशा न मिल पाए और आरोपी जांच में सहयोग न करे लेकिन असीम के मामले में ये दोनों ही सही नहीं बैठते हैं।"
कानूनी जानकर बताते हैं कि असीम को गिरफ्तार तो कर लिया गया है लेकिन अगर पुलिस चाहे भी तो यह मामला अदालत में सुनवाई के लिए नहीं ला सकती।
पुलिस को अदालत में बताना होगा कि क्या असीम के कार्टून से देश में विद्रोह की भावना बनी है... क्या असीम के कार्टून को किसी साजिश के तहत बनाकर लोगों को दिखाया गया है... क्या असीम के कार्टून को देखकर किसी ने सरकार के खिलाफ बगावत की है।
जानकार अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब पुलिस को असीम की हिरासत नहीं चाहिए थी तो तब रविवार को पेशी के दौरान असीम की हिरासत की मांग ही क्यों की गई।
कानूनी जानकार आशीष चव्हाण ने बताया, "मैंने अबतक के मेरे करियर में ऐसा मामला नहीं देखा जब पहले पुलिस हिरासत मांगती है और फिर अगले दिन ही उसे सरेंडर कर देती है। यह पुलिस की मंशा बताती है की वह केस को लेकर किस तरह काम कर रही है।"
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
पुलिस की एफआईआर कहती है कि असीम के बनाए गए कार्टून के चलते देश में सरकार के खिलाफ विद्रोह की भावना निर्माण हो सकती थी।
रविवार को असीम की हिरासत के लिए अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने काफी ऊंचे दावे किए। पुलिस ने अदालत को बताया कि असीम के अलावा उन्हें और भी लोगों की तलाश है जिन्होंने असीम को कार्टून बनाने और इन्हें इन्टरनेट पर अपलोड करने में मदद की।
कानूनी जानकार असीम की हिरासत पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व आईपीएस वाईपी सिंह का कहना है, "अगर पुलिस के पास मजिस्ट्रेट का आदेश भी आया है तो पुलिस मामला दर्ज कर जांच करती रहती लेकिन गिरफ्तारी करना सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश की अवहेलना की गई है।"
सिंह के अनुसार, "सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कहा है गिरफ्तारी उस वक़्त की जानी चाहिए जब जांच की दिशा न मिल पाए और आरोपी जांच में सहयोग न करे लेकिन असीम के मामले में ये दोनों ही सही नहीं बैठते हैं।"
कानूनी जानकर बताते हैं कि असीम को गिरफ्तार तो कर लिया गया है लेकिन अगर पुलिस चाहे भी तो यह मामला अदालत में सुनवाई के लिए नहीं ला सकती।
पुलिस को अदालत में बताना होगा कि क्या असीम के कार्टून से देश में विद्रोह की भावना बनी है... क्या असीम के कार्टून को किसी साजिश के तहत बनाकर लोगों को दिखाया गया है... क्या असीम के कार्टून को देखकर किसी ने सरकार के खिलाफ बगावत की है।
जानकार अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब पुलिस को असीम की हिरासत नहीं चाहिए थी तो तब रविवार को पेशी के दौरान असीम की हिरासत की मांग ही क्यों की गई।
कानूनी जानकार आशीष चव्हाण ने बताया, "मैंने अबतक के मेरे करियर में ऐसा मामला नहीं देखा जब पहले पुलिस हिरासत मांगती है और फिर अगले दिन ही उसे सरेंडर कर देती है। यह पुलिस की मंशा बताती है की वह केस को लेकर किस तरह काम कर रही है।"
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
रविवार को असीम की हिरासत के लिए अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने काफी ऊंचे दावे किए। पुलिस ने अदालत को बताया कि असीम के अलावा उन्हें और भी लोगों की तलाश है जिन्होंने असीम को कार्टून बनाने और इन्हें इन्टरनेट पर अपलोड करने में मदद की।
कानूनी जानकार असीम की हिरासत पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व आईपीएस वाईपी सिंह का कहना है, "अगर पुलिस के पास मजिस्ट्रेट का आदेश भी आया है तो पुलिस मामला दर्ज कर जांच करती रहती लेकिन गिरफ्तारी करना सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश की अवहेलना की गई है।"
सिंह के अनुसार, "सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कहा है गिरफ्तारी उस वक़्त की जानी चाहिए जब जांच की दिशा न मिल पाए और आरोपी जांच में सहयोग न करे लेकिन असीम के मामले में ये दोनों ही सही नहीं बैठते हैं।"
कानूनी जानकर बताते हैं कि असीम को गिरफ्तार तो कर लिया गया है लेकिन अगर पुलिस चाहे भी तो यह मामला अदालत में सुनवाई के लिए नहीं ला सकती।
पुलिस को अदालत में बताना होगा कि क्या असीम के कार्टून से देश में विद्रोह की भावना बनी है... क्या असीम के कार्टून को किसी साजिश के तहत बनाकर लोगों को दिखाया गया है... क्या असीम के कार्टून को देखकर किसी ने सरकार के खिलाफ बगावत की है।
जानकार अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब पुलिस को असीम की हिरासत नहीं चाहिए थी तो तब रविवार को पेशी के दौरान असीम की हिरासत की मांग ही क्यों की गई।
कानूनी जानकार आशीष चव्हाण ने बताया, "मैंने अबतक के मेरे करियर में ऐसा मामला नहीं देखा जब पहले पुलिस हिरासत मांगती है और फिर अगले दिन ही उसे सरेंडर कर देती है। यह पुलिस की मंशा बताती है की वह केस को लेकर किस तरह काम कर रही है।"
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
कानूनी जानकार असीम की हिरासत पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व आईपीएस वाईपी सिंह का कहना है, "अगर पुलिस के पास मजिस्ट्रेट का आदेश भी आया है तो पुलिस मामला दर्ज कर जांच करती रहती लेकिन गिरफ्तारी करना सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश की अवहेलना की गई है।"
सिंह के अनुसार, "सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कहा है गिरफ्तारी उस वक़्त की जानी चाहिए जब जांच की दिशा न मिल पाए और आरोपी जांच में सहयोग न करे लेकिन असीम के मामले में ये दोनों ही सही नहीं बैठते हैं।"
कानूनी जानकर बताते हैं कि असीम को गिरफ्तार तो कर लिया गया है लेकिन अगर पुलिस चाहे भी तो यह मामला अदालत में सुनवाई के लिए नहीं ला सकती।
पुलिस को अदालत में बताना होगा कि क्या असीम के कार्टून से देश में विद्रोह की भावना बनी है... क्या असीम के कार्टून को किसी साजिश के तहत बनाकर लोगों को दिखाया गया है... क्या असीम के कार्टून को देखकर किसी ने सरकार के खिलाफ बगावत की है।
जानकार अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब पुलिस को असीम की हिरासत नहीं चाहिए थी तो तब रविवार को पेशी के दौरान असीम की हिरासत की मांग ही क्यों की गई।
कानूनी जानकार आशीष चव्हाण ने बताया, "मैंने अबतक के मेरे करियर में ऐसा मामला नहीं देखा जब पहले पुलिस हिरासत मांगती है और फिर अगले दिन ही उसे सरेंडर कर देती है। यह पुलिस की मंशा बताती है की वह केस को लेकर किस तरह काम कर रही है।"
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
सिंह के अनुसार, "सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कहा है गिरफ्तारी उस वक़्त की जानी चाहिए जब जांच की दिशा न मिल पाए और आरोपी जांच में सहयोग न करे लेकिन असीम के मामले में ये दोनों ही सही नहीं बैठते हैं।"
कानूनी जानकर बताते हैं कि असीम को गिरफ्तार तो कर लिया गया है लेकिन अगर पुलिस चाहे भी तो यह मामला अदालत में सुनवाई के लिए नहीं ला सकती।
पुलिस को अदालत में बताना होगा कि क्या असीम के कार्टून से देश में विद्रोह की भावना बनी है... क्या असीम के कार्टून को किसी साजिश के तहत बनाकर लोगों को दिखाया गया है... क्या असीम के कार्टून को देखकर किसी ने सरकार के खिलाफ बगावत की है।
जानकार अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब पुलिस को असीम की हिरासत नहीं चाहिए थी तो तब रविवार को पेशी के दौरान असीम की हिरासत की मांग ही क्यों की गई।
कानूनी जानकार आशीष चव्हाण ने बताया, "मैंने अबतक के मेरे करियर में ऐसा मामला नहीं देखा जब पहले पुलिस हिरासत मांगती है और फिर अगले दिन ही उसे सरेंडर कर देती है। यह पुलिस की मंशा बताती है की वह केस को लेकर किस तरह काम कर रही है।"
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
कानूनी जानकर बताते हैं कि असीम को गिरफ्तार तो कर लिया गया है लेकिन अगर पुलिस चाहे भी तो यह मामला अदालत में सुनवाई के लिए नहीं ला सकती।
पुलिस को अदालत में बताना होगा कि क्या असीम के कार्टून से देश में विद्रोह की भावना बनी है... क्या असीम के कार्टून को किसी साजिश के तहत बनाकर लोगों को दिखाया गया है... क्या असीम के कार्टून को देखकर किसी ने सरकार के खिलाफ बगावत की है।
जानकार अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब पुलिस को असीम की हिरासत नहीं चाहिए थी तो तब रविवार को पेशी के दौरान असीम की हिरासत की मांग ही क्यों की गई।
कानूनी जानकार आशीष चव्हाण ने बताया, "मैंने अबतक के मेरे करियर में ऐसा मामला नहीं देखा जब पहले पुलिस हिरासत मांगती है और फिर अगले दिन ही उसे सरेंडर कर देती है। यह पुलिस की मंशा बताती है की वह केस को लेकर किस तरह काम कर रही है।"
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
पुलिस को अदालत में बताना होगा कि क्या असीम के कार्टून से देश में विद्रोह की भावना बनी है... क्या असीम के कार्टून को किसी साजिश के तहत बनाकर लोगों को दिखाया गया है... क्या असीम के कार्टून को देखकर किसी ने सरकार के खिलाफ बगावत की है।
जानकार अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब पुलिस को असीम की हिरासत नहीं चाहिए थी तो तब रविवार को पेशी के दौरान असीम की हिरासत की मांग ही क्यों की गई।
कानूनी जानकार आशीष चव्हाण ने बताया, "मैंने अबतक के मेरे करियर में ऐसा मामला नहीं देखा जब पहले पुलिस हिरासत मांगती है और फिर अगले दिन ही उसे सरेंडर कर देती है। यह पुलिस की मंशा बताती है की वह केस को लेकर किस तरह काम कर रही है।"
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
जानकार अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब पुलिस को असीम की हिरासत नहीं चाहिए थी तो तब रविवार को पेशी के दौरान असीम की हिरासत की मांग ही क्यों की गई।
कानूनी जानकार आशीष चव्हाण ने बताया, "मैंने अबतक के मेरे करियर में ऐसा मामला नहीं देखा जब पहले पुलिस हिरासत मांगती है और फिर अगले दिन ही उसे सरेंडर कर देती है। यह पुलिस की मंशा बताती है की वह केस को लेकर किस तरह काम कर रही है।"
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
कानूनी जानकार आशीष चव्हाण ने बताया, "मैंने अबतक के मेरे करियर में ऐसा मामला नहीं देखा जब पहले पुलिस हिरासत मांगती है और फिर अगले दिन ही उसे सरेंडर कर देती है। यह पुलिस की मंशा बताती है की वह केस को लेकर किस तरह काम कर रही है।"
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
अब जबकि असीम का कहना है कि वह मामले की सुनवाई के लिए न तो वकील की सेवा लेगा और न ही जमानत तो ऐसे में असीम के जेल से बहार आने के सिर्फ गिने-चुने विकल्प ही बचते हैं।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
चव्हाण के मुताबिक, "पुलिस चाहे तो सेक्शन 169 के तहत याचिका दायर कर असीम पर से मामला ख़ारिज करने की मांग कर सकती है और असीम की जमानत का विरोध न कर उसे जमानत देने में मदद भी कर सकती है लेकिन ऐसे में भी असीम को अदालत के कुछ नियमों का पालन करने का वायदा करना होगा।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
दूसरी ओर, असीम की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अगर सरकार चाहे तो भी मामले को ख़त्म नहीं कर सकती है, क्योंकि मामले के शिकायतकर्ता के पास पुलिस की जांच के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा हक होता है और वह मामले की फिर से जांच की मांग के साथ-साथ जांच किसी और एजेंसी से कराने की दरख्वास्त कर सकती है। लेकिन, असीम के खिलाफ सिर्फ मुंबई में ही नहीं, महाराष्ट्र के बीड जिले में भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है।
अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई पुलिस की असीम के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखकर क्या बीड पुलिस भी असीम को कार्टून विवाद में गिरफ्तार करती है। | संक्षिप्त पाठ: सेक्शन 124-अ यानी देशद्रोह... आम तौर पर ऐसा आरोप किसी आतंकी के ऊपर ही लगाया जाता है लेकिन मुंबई पुलिस की नजर में यह काम किया है कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी ने। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने वाली पैनासोनिक भारत को विनिर्माण केंद्र बनाएगी और इसके तहत यहां से निर्यात शुरू करेगी। कंपनी के अनुसार निर्यात 2014-15 से शुरू हो सकता है। कंपनी हरियाणा के झज्जर में 20 करोड़ डॉलर की लागत से कारखाना लगा रही है जिसके इस वर्ष दिसंबर तक चालू होने की संभावना है।
पैनासोनिक इंडिया के उपाध्यक्ष तथा निदेशक मंडल के सदस्य युताका सुजुकी ने कहा, ‘‘हम विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत पर ध्यान देंगे। हम यहां से निर्यात शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और फिलहाल दुनिया के विभिन्न देशों में अध्ययन कर यह पता लगा रहे हैं कि यहां के बने उत्पाद किन-किन देशों के लिए उपयुक्त हैं।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी का झज्जर कारखाना शुरू होने के साथ हम अपने उत्पाद दूसरे देशों को भेजने पर गौर करेंगे।’’ सुजुकी ने कहा, ‘‘हम अफ्रीका तथा पश्चिम एशियाई जैसे समान बाजारों को देख रहे हैं। हमने निर्यात के लिए वस्तुओं को अभी अंतिम रूप नहीं दिया है लेकिन इसकी शुरुआत एयर कंडीशनर तथा वॉशिंग मशीन से हो सकती है।’’
हालांकि उन्होंने भारत से निर्यात के लिए कोई समयसीमा बताने से इनकार कर दिया।
बहरहाल, मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि कंपनी भारतीय बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ समय लेगी और अन्य देशों को निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 के अंत से शुरू होगा।’’ टिप्पणियां
पिछले सप्ताह पैनासोनिक इंडिया के प्रबंध निदेशक (वैश्विक उपभोक्ता विपणन क्षेत्र) मनीष शर्मा ने कहा था कि कंपनी स्थानीय स्तर पर 2015 तक सभी घरेलू उपकरणों का विनिर्माण शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिनकी बिक्री भारत में की जाएगी। पैनासोनिक फिलहाल हरियाणा के झज्जर में 20 करोड़ डॉलर के निवेश से विनिर्माण संयंत्र लगा रही है। इस कारखाने के इस वर्ष दिसंबर तक चालू हो जाने की संभावना है। कंपनी इस कारखाने में एयर कंडीशनर तथा वाशिंग मशीन तैयार करेगी। एक साल के भीतर कंपनी की यहां से रेफ्रिजरेटर तथा माइक्रोवेव भी बनाने की योजना है।
इस कारखाने की एयर कंडीशनर तथा वाशिंग मशीन बनाने की क्षमता क्रमश: 10 लाख इकाई तथा तीन लाख इकाई सालाना होगी। कंपनी फिलहाल अपने नोएडा कारखाने में एलसीडी पैनल तथा चेन्नई संयंत्र में स्वत: चालित चावल कुकर बना रही है।
पैनासोनिक इंडिया के उपाध्यक्ष तथा निदेशक मंडल के सदस्य युताका सुजुकी ने कहा, ‘‘हम विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत पर ध्यान देंगे। हम यहां से निर्यात शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और फिलहाल दुनिया के विभिन्न देशों में अध्ययन कर यह पता लगा रहे हैं कि यहां के बने उत्पाद किन-किन देशों के लिए उपयुक्त हैं।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी का झज्जर कारखाना शुरू होने के साथ हम अपने उत्पाद दूसरे देशों को भेजने पर गौर करेंगे।’’ सुजुकी ने कहा, ‘‘हम अफ्रीका तथा पश्चिम एशियाई जैसे समान बाजारों को देख रहे हैं। हमने निर्यात के लिए वस्तुओं को अभी अंतिम रूप नहीं दिया है लेकिन इसकी शुरुआत एयर कंडीशनर तथा वॉशिंग मशीन से हो सकती है।’’
हालांकि उन्होंने भारत से निर्यात के लिए कोई समयसीमा बताने से इनकार कर दिया।
बहरहाल, मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि कंपनी भारतीय बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ समय लेगी और अन्य देशों को निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 के अंत से शुरू होगा।’’ टिप्पणियां
पिछले सप्ताह पैनासोनिक इंडिया के प्रबंध निदेशक (वैश्विक उपभोक्ता विपणन क्षेत्र) मनीष शर्मा ने कहा था कि कंपनी स्थानीय स्तर पर 2015 तक सभी घरेलू उपकरणों का विनिर्माण शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिनकी बिक्री भारत में की जाएगी। पैनासोनिक फिलहाल हरियाणा के झज्जर में 20 करोड़ डॉलर के निवेश से विनिर्माण संयंत्र लगा रही है। इस कारखाने के इस वर्ष दिसंबर तक चालू हो जाने की संभावना है। कंपनी इस कारखाने में एयर कंडीशनर तथा वाशिंग मशीन तैयार करेगी। एक साल के भीतर कंपनी की यहां से रेफ्रिजरेटर तथा माइक्रोवेव भी बनाने की योजना है।
इस कारखाने की एयर कंडीशनर तथा वाशिंग मशीन बनाने की क्षमता क्रमश: 10 लाख इकाई तथा तीन लाख इकाई सालाना होगी। कंपनी फिलहाल अपने नोएडा कारखाने में एलसीडी पैनल तथा चेन्नई संयंत्र में स्वत: चालित चावल कुकर बना रही है।
हालांकि उन्होंने भारत से निर्यात के लिए कोई समयसीमा बताने से इनकार कर दिया।
बहरहाल, मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि कंपनी भारतीय बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ समय लेगी और अन्य देशों को निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 के अंत से शुरू होगा।’’ टिप्पणियां
पिछले सप्ताह पैनासोनिक इंडिया के प्रबंध निदेशक (वैश्विक उपभोक्ता विपणन क्षेत्र) मनीष शर्मा ने कहा था कि कंपनी स्थानीय स्तर पर 2015 तक सभी घरेलू उपकरणों का विनिर्माण शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिनकी बिक्री भारत में की जाएगी। पैनासोनिक फिलहाल हरियाणा के झज्जर में 20 करोड़ डॉलर के निवेश से विनिर्माण संयंत्र लगा रही है। इस कारखाने के इस वर्ष दिसंबर तक चालू हो जाने की संभावना है। कंपनी इस कारखाने में एयर कंडीशनर तथा वाशिंग मशीन तैयार करेगी। एक साल के भीतर कंपनी की यहां से रेफ्रिजरेटर तथा माइक्रोवेव भी बनाने की योजना है।
इस कारखाने की एयर कंडीशनर तथा वाशिंग मशीन बनाने की क्षमता क्रमश: 10 लाख इकाई तथा तीन लाख इकाई सालाना होगी। कंपनी फिलहाल अपने नोएडा कारखाने में एलसीडी पैनल तथा चेन्नई संयंत्र में स्वत: चालित चावल कुकर बना रही है।
पिछले सप्ताह पैनासोनिक इंडिया के प्रबंध निदेशक (वैश्विक उपभोक्ता विपणन क्षेत्र) मनीष शर्मा ने कहा था कि कंपनी स्थानीय स्तर पर 2015 तक सभी घरेलू उपकरणों का विनिर्माण शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिनकी बिक्री भारत में की जाएगी। पैनासोनिक फिलहाल हरियाणा के झज्जर में 20 करोड़ डॉलर के निवेश से विनिर्माण संयंत्र लगा रही है। इस कारखाने के इस वर्ष दिसंबर तक चालू हो जाने की संभावना है। कंपनी इस कारखाने में एयर कंडीशनर तथा वाशिंग मशीन तैयार करेगी। एक साल के भीतर कंपनी की यहां से रेफ्रिजरेटर तथा माइक्रोवेव भी बनाने की योजना है।
इस कारखाने की एयर कंडीशनर तथा वाशिंग मशीन बनाने की क्षमता क्रमश: 10 लाख इकाई तथा तीन लाख इकाई सालाना होगी। कंपनी फिलहाल अपने नोएडा कारखाने में एलसीडी पैनल तथा चेन्नई संयंत्र में स्वत: चालित चावल कुकर बना रही है।
इस कारखाने की एयर कंडीशनर तथा वाशिंग मशीन बनाने की क्षमता क्रमश: 10 लाख इकाई तथा तीन लाख इकाई सालाना होगी। कंपनी फिलहाल अपने नोएडा कारखाने में एलसीडी पैनल तथा चेन्नई संयंत्र में स्वत: चालित चावल कुकर बना रही है। | संक्षिप्त पाठ: उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने वाली पैनासोनिक भारत को विनिर्माण केंद्र बनाएगी और इसके तहत यहां से निर्यात शुरू करेगी। कंपनी के अनुसार निर्यात 2014-15 से शुरू हो सकता है। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकपाल बिल के संदर्भ में बनी गैर सरकारी पांच सदस्यीय समिति को वंशवाद से ग्रस्त बताने के बाद बाबा रामदेव आलोचनाओं से घिर गए हैं। इस सबंध में अखाड़ा परिषद ने योगगुरू के बयान की निंदा की है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता बाबा हठयोगी सहित कई संतो ने एक संवाददाता सम्मेलन में बाबा रामदेव के बयान को हताशाभरा और पराजयजनित बताया है। उनको समिति में नहीं लिए जाने से वह बौखला गए हैं। बाबा हठयोगी ने आरोप लगाया, बाबा रामदेव स्वयं वंशवाद के सबसे बड़े पोषक हैं और ट्रस्ट के नाम पर बनी संस्थाओं में उनके नजदीकी रिश्तेदार अहम पदों पर बैठे हैं। अभी तक स्वदेशी का राग अलापने वाले योगगुरू ने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का अधिग्रहण करके स्वयं अपनी असलियत सामने ला दी है। गौरतलब है कि शनिवार देर शाम पतंजलि योगपीठ द्वारा जारी विज्ञप्ति में बाबा रामदेव के हवाले से कहा गया, जन लोकपाल बिल के लिए अनशन की पृष्ठभूमि मैंने तैयार की थी और अब इसमें वंशवाद घुस जाने से गड़बड़ी की गुंजाइश नजर आ रही है। केवल विधेयक बनाने से काम नहीं चलेगा बल्कि विदेशों में जमा 400 लाख करोड़ रुपये भी वापस लाना चाहिए। इसलिए मेरी जंग जारी रहेगी। | संक्षिप्त सारांश: लोकपाल बिल के संदर्भ में बनी गैर सरकारी पांच सदस्यीय समिति को वंशवाद से ग्रस्त बताने के बाद बाबा रामदेव आलोचाओं से घिर गए हैं। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सरकार में नीतिगत पक्षाघात होने के आरोपों का सामना कर रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नौकरशाहों से फैसले लेने में दृढ़ता दिखाने का आह्वान किया और उन्हें आश्वासन दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के नाम पर किसी को निशाना नहीं बनाया जाएगा।टिप्पणियां
लोकसेवक दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में सिंह ने नौकरशाहों से कहा कि उनके मन में जो डर बैठा है कि यदि चीजें गड़बड़ हो गईं, तो उन्हें उसके लिए सजा मिल सकती है और वे इस भय से कोई फैसला नहीं ले रहे हैं, उन्हें इस प्रवृति से लड़ने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह हमारा प्रयास हो कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के नाम पर किसी को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। यह हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि ऐसी व्यवस्था और माहौल तैयार किया जाए, जिसमें हमारे नौकरशाह निर्णायक बनने के लिए उत्साहित हों तथा किसी को भी फैसले लेने में बिना किसी दुर्भावना के भूल हो जाने पर उत्पीड़ित नहीं किया जाए।’’
लोकसेवक दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में सिंह ने नौकरशाहों से कहा कि उनके मन में जो डर बैठा है कि यदि चीजें गड़बड़ हो गईं, तो उन्हें उसके लिए सजा मिल सकती है और वे इस भय से कोई फैसला नहीं ले रहे हैं, उन्हें इस प्रवृति से लड़ने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह हमारा प्रयास हो कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के नाम पर किसी को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। यह हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि ऐसी व्यवस्था और माहौल तैयार किया जाए, जिसमें हमारे नौकरशाह निर्णायक बनने के लिए उत्साहित हों तथा किसी को भी फैसले लेने में बिना किसी दुर्भावना के भूल हो जाने पर उत्पीड़ित नहीं किया जाए।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह हमारा प्रयास हो कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के नाम पर किसी को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। यह हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि ऐसी व्यवस्था और माहौल तैयार किया जाए, जिसमें हमारे नौकरशाह निर्णायक बनने के लिए उत्साहित हों तथा किसी को भी फैसले लेने में बिना किसी दुर्भावना के भूल हो जाने पर उत्पीड़ित नहीं किया जाए।’’ | संक्षिप्त सारांश: प्रधानमंत्री ने नौकरशाहों से फैसले लेने में दृढ़ता दिखाने का आह्वान किया और उन्हें आश्वासन दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के नाम पर किसी को निशाना नहीं बनाया जाएगा। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: झारखंड के कोडरमा में कथित बलात्कार की शिकार 12-वर्षीय एक नाबालिग लड़की ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली। पीड़ित लड़की के साथ 9 सितंबर को बलात्कार किया गया था।टिप्पणियां
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन आरोपी के परिजन घटना के बाद से ही आठवीं में पढ़ने वाली इस छात्रा के परिवार को धमकियां दे रहे थे और समझौता करने का दबाव डाल रहे थे। आरोपी के परिजन पीड़िता की शादी आरोपी से कराने का भी दबाव डाल रहे थे, लेकिन पीड़िता ने इससे इनकार कर दिया था।
पुलिस के मुताबिक लड़की के साथ 9 सितंबर को उस वक्त रेप किया गया, जब वह अपने घर से ट्यूशन सेंटर जा रही थी। आरोपी लड़का भी उसी गांव का है। पीड़ित छात्रा ने जब इस वारदात की जानकारी अपने परिवार के लोगों को दी, तो स्थानीय लोगों ने कथित रूप से आरोपी की पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन आरोपी के परिजन घटना के बाद से ही आठवीं में पढ़ने वाली इस छात्रा के परिवार को धमकियां दे रहे थे और समझौता करने का दबाव डाल रहे थे। आरोपी के परिजन पीड़िता की शादी आरोपी से कराने का भी दबाव डाल रहे थे, लेकिन पीड़िता ने इससे इनकार कर दिया था।
पुलिस के मुताबिक लड़की के साथ 9 सितंबर को उस वक्त रेप किया गया, जब वह अपने घर से ट्यूशन सेंटर जा रही थी। आरोपी लड़का भी उसी गांव का है। पीड़ित छात्रा ने जब इस वारदात की जानकारी अपने परिवार के लोगों को दी, तो स्थानीय लोगों ने कथित रूप से आरोपी की पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस के मुताबिक लड़की के साथ 9 सितंबर को उस वक्त रेप किया गया, जब वह अपने घर से ट्यूशन सेंटर जा रही थी। आरोपी लड़का भी उसी गांव का है। पीड़ित छात्रा ने जब इस वारदात की जानकारी अपने परिवार के लोगों को दी, तो स्थानीय लोगों ने कथित रूप से आरोपी की पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आठवीं में पढ़ने वाली इस लड़की के साथ 9 सितंबर को बलात्कार किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन आरोपी के परिजन घटना के बाद से ही आठवीं में पढ़ने वाली इस छात्रा के परिवार को धमकियां दे रहे थे और समझौता करने का दबाव डाल रहे थे। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीबीआई ने इंदौर शहर में एक शॉपिंग मॉल के निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक मामला दर्ज कर लिया है। मध्य प्रदेश के तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की भूमिका की भी जांच की जानी है।
सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के आदेश पर जांच एजेंसी ने यह कदम उठाया है। पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वरिष्ठ अधिकारियों, तत्कालीन मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तथा पर्यावरण मंत्री समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाए।
मामला एक लाख वर्ग फुट के आवासीय भूखंड पर अवैध तरीके से मॉल के निर्माण से जुड़ा है जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जो वर्तमान में कांग्रेस महासचिव हैं, की सरकार द्वारा अनुचित रियायत देने के आरोप हैं।टिप्पणियां
न्यायमूर्ति पीके जायसवाल और न्यायमूर्ति मूलचंद गर्ग की खंडपीठ ने 19 अक्टूबर को अपने आदेश में सीबीआई को मामले की जांच करने का और छह महीने में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।
पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता महेश गर्ग की याचिका पर निर्देश दिया जिन्होंने 2009 में राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में शिकायत दर्ज कराई थी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने सिंह को क्लीनचिट दे दी थी।
सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के आदेश पर जांच एजेंसी ने यह कदम उठाया है। पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वरिष्ठ अधिकारियों, तत्कालीन मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तथा पर्यावरण मंत्री समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाए।
मामला एक लाख वर्ग फुट के आवासीय भूखंड पर अवैध तरीके से मॉल के निर्माण से जुड़ा है जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जो वर्तमान में कांग्रेस महासचिव हैं, की सरकार द्वारा अनुचित रियायत देने के आरोप हैं।टिप्पणियां
न्यायमूर्ति पीके जायसवाल और न्यायमूर्ति मूलचंद गर्ग की खंडपीठ ने 19 अक्टूबर को अपने आदेश में सीबीआई को मामले की जांच करने का और छह महीने में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।
पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता महेश गर्ग की याचिका पर निर्देश दिया जिन्होंने 2009 में राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में शिकायत दर्ज कराई थी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने सिंह को क्लीनचिट दे दी थी।
मामला एक लाख वर्ग फुट के आवासीय भूखंड पर अवैध तरीके से मॉल के निर्माण से जुड़ा है जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जो वर्तमान में कांग्रेस महासचिव हैं, की सरकार द्वारा अनुचित रियायत देने के आरोप हैं।टिप्पणियां
न्यायमूर्ति पीके जायसवाल और न्यायमूर्ति मूलचंद गर्ग की खंडपीठ ने 19 अक्टूबर को अपने आदेश में सीबीआई को मामले की जांच करने का और छह महीने में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।
पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता महेश गर्ग की याचिका पर निर्देश दिया जिन्होंने 2009 में राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में शिकायत दर्ज कराई थी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने सिंह को क्लीनचिट दे दी थी।
न्यायमूर्ति पीके जायसवाल और न्यायमूर्ति मूलचंद गर्ग की खंडपीठ ने 19 अक्टूबर को अपने आदेश में सीबीआई को मामले की जांच करने का और छह महीने में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।
पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता महेश गर्ग की याचिका पर निर्देश दिया जिन्होंने 2009 में राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में शिकायत दर्ज कराई थी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने सिंह को क्लीनचिट दे दी थी।
पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता महेश गर्ग की याचिका पर निर्देश दिया जिन्होंने 2009 में राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में शिकायत दर्ज कराई थी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने सिंह को क्लीनचिट दे दी थी। | पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वरिष्ठ अधिकारियों, तत्कालीन मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तथा पर्यावरण मंत्री समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाए। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: विश्व में तीसरे सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जक भारत ने आज ऐतिहासिक पेरिस जलवायु समझौते का अनुमोदन कर दिया, जिससे इसके वर्ष के अंत तक अमल में आ जाने की उम्मीद बढ़ गई है.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा हस्ताक्षरित समझौते के अनुमोदन के दस्तावेज यहां आयोजित एक विशेष समारोह में संयुक्त राष्ट्र में करार विभाग (ट्रीटीज डिविजन) के प्रमुख सैंटियागो विलालपांडो को सौंपा. अकबरूद्दीन ने यह दस्तावेज महात्मा गांधी की 147वीं जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में सौंपा, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी एवं वरिष्ठ राजनयिक मौजूद थे.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारत के जलवायु नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि 'सभी भारतीयों को धन्यवाद'. उन्होंने कहा कि भारत द्वारा पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते का अनुमोदन करने के कदम ने इस ऐतिहासिक समझौते को इस वर्ष लागू करने के लक्ष्य की दिशा में विश्व को और आगे बढ़ा दिया है.
गांधी जयंती को प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर मनाया जाता है. बान ने इस मौके पर जारी अपने संदेश में कहा कि लोगों और इस ग्रह के लिए गांधी और उनकी विरासत का स्मरण करने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता कि भारत ने पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते का अनुमोदन करने का दस्तावेज सौंप दिया.टिप्पणियां
उन्होंने सभी देशों का आह्वान किया कि वे अनुमोदन की अपनी घरेलू प्रक्रियाएं पूरी करें और अहिंसा के जरिये प्रगति हासिल करने के वास्ते सभी गतिविधियों में प्रयास करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा हस्ताक्षरित समझौते के अनुमोदन के दस्तावेज यहां आयोजित एक विशेष समारोह में संयुक्त राष्ट्र में करार विभाग (ट्रीटीज डिविजन) के प्रमुख सैंटियागो विलालपांडो को सौंपा. अकबरूद्दीन ने यह दस्तावेज महात्मा गांधी की 147वीं जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में सौंपा, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी एवं वरिष्ठ राजनयिक मौजूद थे.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारत के जलवायु नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि 'सभी भारतीयों को धन्यवाद'. उन्होंने कहा कि भारत द्वारा पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते का अनुमोदन करने के कदम ने इस ऐतिहासिक समझौते को इस वर्ष लागू करने के लक्ष्य की दिशा में विश्व को और आगे बढ़ा दिया है.
गांधी जयंती को प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर मनाया जाता है. बान ने इस मौके पर जारी अपने संदेश में कहा कि लोगों और इस ग्रह के लिए गांधी और उनकी विरासत का स्मरण करने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता कि भारत ने पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते का अनुमोदन करने का दस्तावेज सौंप दिया.टिप्पणियां
उन्होंने सभी देशों का आह्वान किया कि वे अनुमोदन की अपनी घरेलू प्रक्रियाएं पूरी करें और अहिंसा के जरिये प्रगति हासिल करने के वास्ते सभी गतिविधियों में प्रयास करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारत के जलवायु नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि 'सभी भारतीयों को धन्यवाद'. उन्होंने कहा कि भारत द्वारा पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते का अनुमोदन करने के कदम ने इस ऐतिहासिक समझौते को इस वर्ष लागू करने के लक्ष्य की दिशा में विश्व को और आगे बढ़ा दिया है.
गांधी जयंती को प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर मनाया जाता है. बान ने इस मौके पर जारी अपने संदेश में कहा कि लोगों और इस ग्रह के लिए गांधी और उनकी विरासत का स्मरण करने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता कि भारत ने पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते का अनुमोदन करने का दस्तावेज सौंप दिया.टिप्पणियां
उन्होंने सभी देशों का आह्वान किया कि वे अनुमोदन की अपनी घरेलू प्रक्रियाएं पूरी करें और अहिंसा के जरिये प्रगति हासिल करने के वास्ते सभी गतिविधियों में प्रयास करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गांधी जयंती को प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर मनाया जाता है. बान ने इस मौके पर जारी अपने संदेश में कहा कि लोगों और इस ग्रह के लिए गांधी और उनकी विरासत का स्मरण करने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता कि भारत ने पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते का अनुमोदन करने का दस्तावेज सौंप दिया.टिप्पणियां
उन्होंने सभी देशों का आह्वान किया कि वे अनुमोदन की अपनी घरेलू प्रक्रियाएं पूरी करें और अहिंसा के जरिये प्रगति हासिल करने के वास्ते सभी गतिविधियों में प्रयास करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने सभी देशों का आह्वान किया कि वे अनुमोदन की अपनी घरेलू प्रक्रियाएं पूरी करें और अहिंसा के जरिये प्रगति हासिल करने के वास्ते सभी गतिविधियों में प्रयास करें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित समझौते के अनुमोदन के दस्तावेज सौंपे गए
UN महासचिव बान की मून ने भारत के जलवायु नेतृत्व की प्रशंसा की
सभी देश अनुमोदन की अपनी घरेलू प्रक्रियाएं पूरी करें- मून | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सड़क हादसे के बाद उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है. हादसे के पांचवें दिन भी पीड़िता वेंटिलेटर के सहारे सांस ले रही है और उसकी हालत में कोई सुधार नहीं देखा जा रहा है. हालांकि उसके वकील महेंद्र सिंह की हालत में कुछ सुधार हो रहा है. केजीएमसी के प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी ने गुरुवार को बताया कि पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि दुर्घटना में पीड़िता की जैसी हालत हो गई, वैसी स्थिति में जल्दी सुधार नहीं आता है. उन्होंने बताया कि पीड़िता के वकील की सेहत में कुछ सुधार देखने को मिला है. 10 घंटे ऑक्सीजन के सहारे रखे जाने के बाद उन्हें कुछ देर के लिए वेंटिलेटर पर रखा गया. डॉ. तिवारी ने बताया कि पीड़िता की सीटी स्कैन रिपोर्ट लगभग सामान्य है. उसके खून के नमूने लेकर कई तरह की जांच कराई गई है. डॉक्टरों की टीम दोनों मरीजों की निगरानी कर रही है.
उन्होंने बताया कि ऐसी हालत में लिए किसी भी मरीज को ज्यादा देर के लिए वेंटिलेटर से नहीं हटाया जा सकता और लगातार भी नहींय मरीज को थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बार-बार वेंटिलेटर पर रखा जाता है, ताकि कमजोर अंगों को सहारा मिलता रहे. आपको बता दें कि बीते रविवार को दुष्कर्म पीड़िता अपनी चाची, मौसी और अधिवक्ता के साथ कार से रायबरेली जिला कारागार में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी, तभी रायबरेली में सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी थी. हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी. चाची दुष्कर्म मामले में सीबीआई की गवाह थीं, जबकि गंभीर रूप से घायल पीड़िता व अधिवक्ता का लखनऊ स्थित ट्रमा सेंटर में इलाज चल रहा है. | संक्षिप्त पाठ: रेप पीड़िता की हालत अब भी नाजुक
वेंटिलेटर के सहारे ले रही सांस
डॉक्टरों की टीम रख रही है हालत पर नजर | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सिक्किम के दूरदराज के इलाकों तक जैसे-जैसे बचाव टीमें पहुंच रही हैं, भूकंप से मची तबाही बड़ी होती नजर आ रही है। राजधानी गैंगटोक से करीब 65 किलोमीटर दूर मंगन का रास्ता खुलने के बाद वहां राहत और बचाव का काम शुरू हो चुका है। सेना और बचावकर्मी मलबा हटाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे हैं। इस ऑपरेशन में सेना के हेलीकॉप्टर भी जुटे हुए हैं। सिक्किम में भूकंप से मरने वालों का आंकड़ा 60 के करीब पहुंच गया है, जबकि अब भी बड़ी संख्या में लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सबसे ज्यादा प्रभावित चुंगथांग में आज 22 शव बरामद हुए हैं। प्रभावित इलाकों का दौरा करके आए वहां के विधायक टी डब्ल्यू लेपचा ने एनडीटीवी को बताया कि इनमें से ज्यादातर शव तीस्ता पनबिजली परियोजना के इलाके में मिले हैं। सेना और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें राहत और बचाव के काम में जुटी हैं, लेकिन जमीन खिसकने से कई अहम रास्ते अभी भी बंद हैं, जिससे राहत और बचाव अभियान में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हजारों लोग अभी भी फंसे हुए हैं और वे बचाव दल के पहुंचने का इंतज़ार कर रहे हैं। भूकंप प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों और घायलों को हेलीकॉप्टर से निकाला जा रहा है। सेना के हेलीकॉप्टर भूकंप प्रभावित इलाकों से घायलों को लेकर सिलीगुड़ी के पास बेंग−डुबी के बेस अस्पताल पहुंचा रहे हैं, ताकि घायलों का तुरंत इलाज शुरू हो सके। बेस अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग भर्ती हैं। भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में से एक लाचूंग गांव से सेना ने हेलीकॉप्टर के जरिए नार्वे के दो लोगों सहित 35 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया। सेना के सूत्रों ने बताया कि हेलीकॉप्टर के जरिए जिन लोगों को सुरक्षित निकाला गया, उनमें से 16 घायल थे। कुछ घायल पर्यटकों को यहां रिंगजिम से हेलीकॉप्टर के जरिए निकाला गया। बचाव कार्य का समन्वय देख रहे पालजोर लाचूंगपा ने बताया कि लाचेन इलाका अभी कटा हुआ है तथा आज चुंगथांग से और भी पर्यटकों को हेलीकॉप्टर से बाहर ले जाया जा सकता है। पर्यटक सदमे की स्थिति में हैं। | यहाँ एक सारांश है:मंगन का रास्ता खुलने के बाद वहां राहत और बचाव का काम शुरू गया है। बचावकर्मी मलबा हटाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे हैं। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को साफ़ कर दिया कि निर्भया मामले में किसी भी तरह की भावनात्मक बहस नहीं होगी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की तरफ से जब भावनात्मक बहस की शुरुआत की गई तब कोर्ट ने बचाव पक्ष के वकील को रोका और कहा इस मामले में किसी तरह की भावनात्मक बहस नहीं होगी अगर आपको करना है तो कानूनी करें।टिप्पणियां
वहीं सुनवाई के अंत में वकील हिमांशु शेखर झा ने खुद को इस मामले में पक्ष बनाने की मांग की। उन्होंने कोर्ट में मौखिक तौर पर कहा कि उनको इस मामले मामले में कुछ कानूनी पहलुओं पर बहस करने की इजाजत दी जाये। तब कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा, आप कौन हैं हम आपको क्यों सुनें। फिर कोर्ट ने कहा, हम यहां किसी का उपदेश सुनने के लिए नहीं बैठे हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने पक्ष बनाने की मांग ख़ारिज कर दी।
सुप्रीम कोर्ट गैंगरेप के चार दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने इन चारों को फांसी की सज़ा सुनाई है जिसपर कोर्ट ने फ़िलहाल रोक लगा रही है।
वहीं सुनवाई के अंत में वकील हिमांशु शेखर झा ने खुद को इस मामले में पक्ष बनाने की मांग की। उन्होंने कोर्ट में मौखिक तौर पर कहा कि उनको इस मामले मामले में कुछ कानूनी पहलुओं पर बहस करने की इजाजत दी जाये। तब कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा, आप कौन हैं हम आपको क्यों सुनें। फिर कोर्ट ने कहा, हम यहां किसी का उपदेश सुनने के लिए नहीं बैठे हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने पक्ष बनाने की मांग ख़ारिज कर दी।
सुप्रीम कोर्ट गैंगरेप के चार दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने इन चारों को फांसी की सज़ा सुनाई है जिसपर कोर्ट ने फ़िलहाल रोक लगा रही है।
सुप्रीम कोर्ट गैंगरेप के चार दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने इन चारों को फांसी की सज़ा सुनाई है जिसपर कोर्ट ने फ़िलहाल रोक लगा रही है। | यह एक सारांश है: आरोपियों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट ने चारो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है
बचाव पक्ष के वकील को कोर्ट ने लगाई फटकार | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) ने मध्य प्रदेश में वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी को शनिवार को निर्वाचन आयोग के समक्ष उठाया और मांग की कि आगामी चुनावों ईवीएम का प्रयोग रोक दिया जाए और मतपत्र के जरिये चुनाव करवाने की व्यवस्था बहाल की जाए. दोनों दलों के नेताओं ने शनिवार को मध्य प्रदेश में वीवीपीएटी मशीनों के ट्रायल को लेकर वायरल हुए वीडियो के हवाले से वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी के अपने दावे को पुख्ता बताया. वीवीपीएटी वे मशीन होती हैं जिससे निकलने वाली पर्ची से पता चलता है कि मतदाता ने किसे वोट दिया.
कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी को इस मामले की शिकायत कर वीडियो में दिख रहे अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है.
ज्ञात हो कि वायरल हुए हुए वीडियो में मध्य प्रदेश की अटेर विधानसभा क्षेत्र के लिये कल होने जा रहे उपचुनाव में ईवीएम के ट्रायल के दौरान मशीन में गड़बड़ी पाये जाने की बात उजागर हुई है. प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख के सी मित्तल, महासचिव मोहन प्रकाश और राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा शामिल थे.
कांग्रेस ने एक ज्ञापन में कहा, "ईवीएम में छेड़छाड़ के मद्देनजर पूरी प्रक्रिया की फिर से जांच आवश्यक है. आगामी चुनाव में ईवीएम के प्रयोग से पहले इन मशीनों के रखरखाव, परिचालन और डाटा फीड करने वाले लोगों और एजेंसियों की जांच की जानी चाहिए." पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगले चुनाव, भले ही गुजरात में हो या कहीं ओर, मतपत्र के साथ होने चाहिए तथा ईवीएम का प्रयोग बंद होना चाहिए. उन्होंने ईवीएम के इस्तेमाल की मजबूरी पर सवाल उठाया जिसके चिप आयात किये जाते हैं. उन्होंने दलील दी कि यदि बैंक आफ बांग्लादेश के खातों को हैक किया जा सकता है और आठ करोड़ डालर चुराये जा सकते हैं, रूसी बैंक से तीन करोड़ डालर निकाले जा सकते हैं तो ईवीएम के साथ छेड़छाड़ क्यों नहीं हो सकती.
दिग्विजय सिंह ने कहा, "आडवाणी से लेकर मायावती तथा केजरीवाल तक मैं उनके साथ हूं." उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने 2009 के चुनाव में ईवीएम को लेकर सवाल उठाए थे जब संप्रग लगातार दूसरी बार चुनाव जीती थी.
आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वायरल हुए वीडियो के हवाले से पंजाब विधानसभा चुनाव में भी ईवीएम में छेड़छाड़ करने की अपनी शिकायत को जायज बताया. केजरीवाल ने इस वीडियो को ईवीएम में गड़बड़ी का पुख्ता सबूत बताते हुये अप्रैल में होने जा रहे नगर निगम चुनाव में मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग को दोहराया.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब तक गड़बड़ पायी जाने वाली सिर्फ एक मशीन को बदलने की जहमत उठाता है जबकि हमारी दलील है कि एक मशीन के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की बात सामने आने पर आयोग उस चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनों की जांच क्यों नहीं करता है.टिप्पणियां
केजरीवाल ने खुद को आईआईटी का छात्र बताते हुये दावा किया कि ईवीएम के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ हो सकती है. इन घटनाओं के हवाले से उन्होंने ईवीएम की चिप में कोई छेड़छाड़ नहीं किये जा सकने के दावे को भी गलत बताया. केजरीवाल ने आयोग से इन घटनाओं की जांच की मांग करते हुये दिल्ली में प्रस्तावित निगम चुनाव में 12 हजार मशीनों में छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी को इस मामले की शिकायत कर वीडियो में दिख रहे अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है.
ज्ञात हो कि वायरल हुए हुए वीडियो में मध्य प्रदेश की अटेर विधानसभा क्षेत्र के लिये कल होने जा रहे उपचुनाव में ईवीएम के ट्रायल के दौरान मशीन में गड़बड़ी पाये जाने की बात उजागर हुई है. प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख के सी मित्तल, महासचिव मोहन प्रकाश और राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा शामिल थे.
कांग्रेस ने एक ज्ञापन में कहा, "ईवीएम में छेड़छाड़ के मद्देनजर पूरी प्रक्रिया की फिर से जांच आवश्यक है. आगामी चुनाव में ईवीएम के प्रयोग से पहले इन मशीनों के रखरखाव, परिचालन और डाटा फीड करने वाले लोगों और एजेंसियों की जांच की जानी चाहिए." पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगले चुनाव, भले ही गुजरात में हो या कहीं ओर, मतपत्र के साथ होने चाहिए तथा ईवीएम का प्रयोग बंद होना चाहिए. उन्होंने ईवीएम के इस्तेमाल की मजबूरी पर सवाल उठाया जिसके चिप आयात किये जाते हैं. उन्होंने दलील दी कि यदि बैंक आफ बांग्लादेश के खातों को हैक किया जा सकता है और आठ करोड़ डालर चुराये जा सकते हैं, रूसी बैंक से तीन करोड़ डालर निकाले जा सकते हैं तो ईवीएम के साथ छेड़छाड़ क्यों नहीं हो सकती.
दिग्विजय सिंह ने कहा, "आडवाणी से लेकर मायावती तथा केजरीवाल तक मैं उनके साथ हूं." उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने 2009 के चुनाव में ईवीएम को लेकर सवाल उठाए थे जब संप्रग लगातार दूसरी बार चुनाव जीती थी.
आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वायरल हुए वीडियो के हवाले से पंजाब विधानसभा चुनाव में भी ईवीएम में छेड़छाड़ करने की अपनी शिकायत को जायज बताया. केजरीवाल ने इस वीडियो को ईवीएम में गड़बड़ी का पुख्ता सबूत बताते हुये अप्रैल में होने जा रहे नगर निगम चुनाव में मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग को दोहराया.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब तक गड़बड़ पायी जाने वाली सिर्फ एक मशीन को बदलने की जहमत उठाता है जबकि हमारी दलील है कि एक मशीन के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की बात सामने आने पर आयोग उस चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनों की जांच क्यों नहीं करता है.टिप्पणियां
केजरीवाल ने खुद को आईआईटी का छात्र बताते हुये दावा किया कि ईवीएम के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ हो सकती है. इन घटनाओं के हवाले से उन्होंने ईवीएम की चिप में कोई छेड़छाड़ नहीं किये जा सकने के दावे को भी गलत बताया. केजरीवाल ने आयोग से इन घटनाओं की जांच की मांग करते हुये दिल्ली में प्रस्तावित निगम चुनाव में 12 हजार मशीनों में छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ज्ञात हो कि वायरल हुए हुए वीडियो में मध्य प्रदेश की अटेर विधानसभा क्षेत्र के लिये कल होने जा रहे उपचुनाव में ईवीएम के ट्रायल के दौरान मशीन में गड़बड़ी पाये जाने की बात उजागर हुई है. प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख के सी मित्तल, महासचिव मोहन प्रकाश और राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा शामिल थे.
कांग्रेस ने एक ज्ञापन में कहा, "ईवीएम में छेड़छाड़ के मद्देनजर पूरी प्रक्रिया की फिर से जांच आवश्यक है. आगामी चुनाव में ईवीएम के प्रयोग से पहले इन मशीनों के रखरखाव, परिचालन और डाटा फीड करने वाले लोगों और एजेंसियों की जांच की जानी चाहिए." पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगले चुनाव, भले ही गुजरात में हो या कहीं ओर, मतपत्र के साथ होने चाहिए तथा ईवीएम का प्रयोग बंद होना चाहिए. उन्होंने ईवीएम के इस्तेमाल की मजबूरी पर सवाल उठाया जिसके चिप आयात किये जाते हैं. उन्होंने दलील दी कि यदि बैंक आफ बांग्लादेश के खातों को हैक किया जा सकता है और आठ करोड़ डालर चुराये जा सकते हैं, रूसी बैंक से तीन करोड़ डालर निकाले जा सकते हैं तो ईवीएम के साथ छेड़छाड़ क्यों नहीं हो सकती.
दिग्विजय सिंह ने कहा, "आडवाणी से लेकर मायावती तथा केजरीवाल तक मैं उनके साथ हूं." उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने 2009 के चुनाव में ईवीएम को लेकर सवाल उठाए थे जब संप्रग लगातार दूसरी बार चुनाव जीती थी.
आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वायरल हुए वीडियो के हवाले से पंजाब विधानसभा चुनाव में भी ईवीएम में छेड़छाड़ करने की अपनी शिकायत को जायज बताया. केजरीवाल ने इस वीडियो को ईवीएम में गड़बड़ी का पुख्ता सबूत बताते हुये अप्रैल में होने जा रहे नगर निगम चुनाव में मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग को दोहराया.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब तक गड़बड़ पायी जाने वाली सिर्फ एक मशीन को बदलने की जहमत उठाता है जबकि हमारी दलील है कि एक मशीन के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की बात सामने आने पर आयोग उस चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनों की जांच क्यों नहीं करता है.टिप्पणियां
केजरीवाल ने खुद को आईआईटी का छात्र बताते हुये दावा किया कि ईवीएम के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ हो सकती है. इन घटनाओं के हवाले से उन्होंने ईवीएम की चिप में कोई छेड़छाड़ नहीं किये जा सकने के दावे को भी गलत बताया. केजरीवाल ने आयोग से इन घटनाओं की जांच की मांग करते हुये दिल्ली में प्रस्तावित निगम चुनाव में 12 हजार मशीनों में छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कांग्रेस ने एक ज्ञापन में कहा, "ईवीएम में छेड़छाड़ के मद्देनजर पूरी प्रक्रिया की फिर से जांच आवश्यक है. आगामी चुनाव में ईवीएम के प्रयोग से पहले इन मशीनों के रखरखाव, परिचालन और डाटा फीड करने वाले लोगों और एजेंसियों की जांच की जानी चाहिए." पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगले चुनाव, भले ही गुजरात में हो या कहीं ओर, मतपत्र के साथ होने चाहिए तथा ईवीएम का प्रयोग बंद होना चाहिए. उन्होंने ईवीएम के इस्तेमाल की मजबूरी पर सवाल उठाया जिसके चिप आयात किये जाते हैं. उन्होंने दलील दी कि यदि बैंक आफ बांग्लादेश के खातों को हैक किया जा सकता है और आठ करोड़ डालर चुराये जा सकते हैं, रूसी बैंक से तीन करोड़ डालर निकाले जा सकते हैं तो ईवीएम के साथ छेड़छाड़ क्यों नहीं हो सकती.
दिग्विजय सिंह ने कहा, "आडवाणी से लेकर मायावती तथा केजरीवाल तक मैं उनके साथ हूं." उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने 2009 के चुनाव में ईवीएम को लेकर सवाल उठाए थे जब संप्रग लगातार दूसरी बार चुनाव जीती थी.
आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वायरल हुए वीडियो के हवाले से पंजाब विधानसभा चुनाव में भी ईवीएम में छेड़छाड़ करने की अपनी शिकायत को जायज बताया. केजरीवाल ने इस वीडियो को ईवीएम में गड़बड़ी का पुख्ता सबूत बताते हुये अप्रैल में होने जा रहे नगर निगम चुनाव में मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग को दोहराया.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब तक गड़बड़ पायी जाने वाली सिर्फ एक मशीन को बदलने की जहमत उठाता है जबकि हमारी दलील है कि एक मशीन के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की बात सामने आने पर आयोग उस चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनों की जांच क्यों नहीं करता है.टिप्पणियां
केजरीवाल ने खुद को आईआईटी का छात्र बताते हुये दावा किया कि ईवीएम के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ हो सकती है. इन घटनाओं के हवाले से उन्होंने ईवीएम की चिप में कोई छेड़छाड़ नहीं किये जा सकने के दावे को भी गलत बताया. केजरीवाल ने आयोग से इन घटनाओं की जांच की मांग करते हुये दिल्ली में प्रस्तावित निगम चुनाव में 12 हजार मशीनों में छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिग्विजय सिंह ने कहा, "आडवाणी से लेकर मायावती तथा केजरीवाल तक मैं उनके साथ हूं." उल्लेखनीय है कि आडवाणी ने 2009 के चुनाव में ईवीएम को लेकर सवाल उठाए थे जब संप्रग लगातार दूसरी बार चुनाव जीती थी.
आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वायरल हुए वीडियो के हवाले से पंजाब विधानसभा चुनाव में भी ईवीएम में छेड़छाड़ करने की अपनी शिकायत को जायज बताया. केजरीवाल ने इस वीडियो को ईवीएम में गड़बड़ी का पुख्ता सबूत बताते हुये अप्रैल में होने जा रहे नगर निगम चुनाव में मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग को दोहराया.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब तक गड़बड़ पायी जाने वाली सिर्फ एक मशीन को बदलने की जहमत उठाता है जबकि हमारी दलील है कि एक मशीन के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की बात सामने आने पर आयोग उस चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनों की जांच क्यों नहीं करता है.टिप्पणियां
केजरीवाल ने खुद को आईआईटी का छात्र बताते हुये दावा किया कि ईवीएम के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ हो सकती है. इन घटनाओं के हवाले से उन्होंने ईवीएम की चिप में कोई छेड़छाड़ नहीं किये जा सकने के दावे को भी गलत बताया. केजरीवाल ने आयोग से इन घटनाओं की जांच की मांग करते हुये दिल्ली में प्रस्तावित निगम चुनाव में 12 हजार मशीनों में छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वायरल हुए वीडियो के हवाले से पंजाब विधानसभा चुनाव में भी ईवीएम में छेड़छाड़ करने की अपनी शिकायत को जायज बताया. केजरीवाल ने इस वीडियो को ईवीएम में गड़बड़ी का पुख्ता सबूत बताते हुये अप्रैल में होने जा रहे नगर निगम चुनाव में मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग को दोहराया.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब तक गड़बड़ पायी जाने वाली सिर्फ एक मशीन को बदलने की जहमत उठाता है जबकि हमारी दलील है कि एक मशीन के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की बात सामने आने पर आयोग उस चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनों की जांच क्यों नहीं करता है.टिप्पणियां
केजरीवाल ने खुद को आईआईटी का छात्र बताते हुये दावा किया कि ईवीएम के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ हो सकती है. इन घटनाओं के हवाले से उन्होंने ईवीएम की चिप में कोई छेड़छाड़ नहीं किये जा सकने के दावे को भी गलत बताया. केजरीवाल ने आयोग से इन घटनाओं की जांच की मांग करते हुये दिल्ली में प्रस्तावित निगम चुनाव में 12 हजार मशीनों में छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल ने खुद को आईआईटी का छात्र बताते हुये दावा किया कि ईवीएम के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ हो सकती है. इन घटनाओं के हवाले से उन्होंने ईवीएम की चिप में कोई छेड़छाड़ नहीं किये जा सकने के दावे को भी गलत बताया. केजरीवाल ने आयोग से इन घटनाओं की जांच की मांग करते हुये दिल्ली में प्रस्तावित निगम चुनाव में 12 हजार मशीनों में छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: अटेर विधानसभा उपचुनाव के मद्देनज़र VVPAT वोटिंग मशीन के ट्रायल का मामला
डेमो के दौरान दो अलग-अलग बटन दबाए गए लेकिन पर्ची BJP की निकली
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग का दरवाज़ा खटखटाया है | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी अधिकारियों ने नाटो रसद आपूर्ति के रास्ते में उग्रवादी हमले के बाद अफगानिस्तान जाने वाले नाटो ट्रकों की आवाजाही पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दिया है।
दूसरी ओर विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि रसद आपूर्ति को लेकर जल्दी ही एक समझौते पर हस्ताक्षर किया जाएगा।
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि नाटो के ट्रकों और टैंकरों की आवाजाही पर कल रात अस्थाई तौर पर रोक लगा दी गई थी ताकि अधिकारी वाहनों की सुरक्षा बढ़ा सकें।
उग्रवादियों ने मंगलवार को कबाइली इलाके खबर में नाटो वाहनों पर दो हमले किए जिसमें एक चालक की मौत हो गई और उसका सहायक घायल हो गया।
पाकिस्तान द्वारा सात महीने की अवधि के बाद अफगानिस्तान में नाटो की रसद आपूर्ति के लिए रास्तों को दोबारा खोलने के बाद यह पहला हमला है।
पिछले वर्ष नवंबर में पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर नाटो हमलों में 24 सैनिकों के मारे जाने के मामले में अमेरिका द्वारा माफी मांगने के बाद पाकिस्तान ने रास्तों दोबारा खोल दिए हैं। रास्ते खुलने से बाद से अभी तक तोर्खाम सीमा के रास्ते 100 से ज्यादा वहन अफगानिस्तान जा चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने के बाद नाटो के वाहनों को फिर से आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोआज्जम खान ने बताया कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के रास्ते नाटो की रसद आपूर्ति के मार्ग समेत अन्य मामलों में एक नए समझौते पर जल्दी ही हस्ताक्षर होंगे।टिप्पणियां
खान ने कहा कि इस समझौते के मसौदे को संसद द्वारा पाकिस्तान-अमेरिका के सम्बन्ध में की गयी सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्रिमंडल ने भी इसे मंगलवार को मंजूरी दे दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सामरिक वार्ता की शुरूआत करने के लिए अभी भी कार्यक्रम तय करना बाकी है।
अफगानिस्तान के उग्रवादियों द्वारा देश की सीमा में किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर लगातार अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन हमलों को लेकर काफी गंभीर हैं और आशा करते हैं कि इन्हें रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।’’
दूसरी ओर विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि रसद आपूर्ति को लेकर जल्दी ही एक समझौते पर हस्ताक्षर किया जाएगा।
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि नाटो के ट्रकों और टैंकरों की आवाजाही पर कल रात अस्थाई तौर पर रोक लगा दी गई थी ताकि अधिकारी वाहनों की सुरक्षा बढ़ा सकें।
उग्रवादियों ने मंगलवार को कबाइली इलाके खबर में नाटो वाहनों पर दो हमले किए जिसमें एक चालक की मौत हो गई और उसका सहायक घायल हो गया।
पाकिस्तान द्वारा सात महीने की अवधि के बाद अफगानिस्तान में नाटो की रसद आपूर्ति के लिए रास्तों को दोबारा खोलने के बाद यह पहला हमला है।
पिछले वर्ष नवंबर में पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर नाटो हमलों में 24 सैनिकों के मारे जाने के मामले में अमेरिका द्वारा माफी मांगने के बाद पाकिस्तान ने रास्तों दोबारा खोल दिए हैं। रास्ते खुलने से बाद से अभी तक तोर्खाम सीमा के रास्ते 100 से ज्यादा वहन अफगानिस्तान जा चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने के बाद नाटो के वाहनों को फिर से आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोआज्जम खान ने बताया कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के रास्ते नाटो की रसद आपूर्ति के मार्ग समेत अन्य मामलों में एक नए समझौते पर जल्दी ही हस्ताक्षर होंगे।टिप्पणियां
खान ने कहा कि इस समझौते के मसौदे को संसद द्वारा पाकिस्तान-अमेरिका के सम्बन्ध में की गयी सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्रिमंडल ने भी इसे मंगलवार को मंजूरी दे दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सामरिक वार्ता की शुरूआत करने के लिए अभी भी कार्यक्रम तय करना बाकी है।
अफगानिस्तान के उग्रवादियों द्वारा देश की सीमा में किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर लगातार अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन हमलों को लेकर काफी गंभीर हैं और आशा करते हैं कि इन्हें रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।’’
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि नाटो के ट्रकों और टैंकरों की आवाजाही पर कल रात अस्थाई तौर पर रोक लगा दी गई थी ताकि अधिकारी वाहनों की सुरक्षा बढ़ा सकें।
उग्रवादियों ने मंगलवार को कबाइली इलाके खबर में नाटो वाहनों पर दो हमले किए जिसमें एक चालक की मौत हो गई और उसका सहायक घायल हो गया।
पाकिस्तान द्वारा सात महीने की अवधि के बाद अफगानिस्तान में नाटो की रसद आपूर्ति के लिए रास्तों को दोबारा खोलने के बाद यह पहला हमला है।
पिछले वर्ष नवंबर में पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर नाटो हमलों में 24 सैनिकों के मारे जाने के मामले में अमेरिका द्वारा माफी मांगने के बाद पाकिस्तान ने रास्तों दोबारा खोल दिए हैं। रास्ते खुलने से बाद से अभी तक तोर्खाम सीमा के रास्ते 100 से ज्यादा वहन अफगानिस्तान जा चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने के बाद नाटो के वाहनों को फिर से आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोआज्जम खान ने बताया कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के रास्ते नाटो की रसद आपूर्ति के मार्ग समेत अन्य मामलों में एक नए समझौते पर जल्दी ही हस्ताक्षर होंगे।टिप्पणियां
खान ने कहा कि इस समझौते के मसौदे को संसद द्वारा पाकिस्तान-अमेरिका के सम्बन्ध में की गयी सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्रिमंडल ने भी इसे मंगलवार को मंजूरी दे दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सामरिक वार्ता की शुरूआत करने के लिए अभी भी कार्यक्रम तय करना बाकी है।
अफगानिस्तान के उग्रवादियों द्वारा देश की सीमा में किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर लगातार अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन हमलों को लेकर काफी गंभीर हैं और आशा करते हैं कि इन्हें रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।’’
उग्रवादियों ने मंगलवार को कबाइली इलाके खबर में नाटो वाहनों पर दो हमले किए जिसमें एक चालक की मौत हो गई और उसका सहायक घायल हो गया।
पाकिस्तान द्वारा सात महीने की अवधि के बाद अफगानिस्तान में नाटो की रसद आपूर्ति के लिए रास्तों को दोबारा खोलने के बाद यह पहला हमला है।
पिछले वर्ष नवंबर में पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर नाटो हमलों में 24 सैनिकों के मारे जाने के मामले में अमेरिका द्वारा माफी मांगने के बाद पाकिस्तान ने रास्तों दोबारा खोल दिए हैं। रास्ते खुलने से बाद से अभी तक तोर्खाम सीमा के रास्ते 100 से ज्यादा वहन अफगानिस्तान जा चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने के बाद नाटो के वाहनों को फिर से आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोआज्जम खान ने बताया कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के रास्ते नाटो की रसद आपूर्ति के मार्ग समेत अन्य मामलों में एक नए समझौते पर जल्दी ही हस्ताक्षर होंगे।टिप्पणियां
खान ने कहा कि इस समझौते के मसौदे को संसद द्वारा पाकिस्तान-अमेरिका के सम्बन्ध में की गयी सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्रिमंडल ने भी इसे मंगलवार को मंजूरी दे दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सामरिक वार्ता की शुरूआत करने के लिए अभी भी कार्यक्रम तय करना बाकी है।
अफगानिस्तान के उग्रवादियों द्वारा देश की सीमा में किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर लगातार अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन हमलों को लेकर काफी गंभीर हैं और आशा करते हैं कि इन्हें रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।’’
पाकिस्तान द्वारा सात महीने की अवधि के बाद अफगानिस्तान में नाटो की रसद आपूर्ति के लिए रास्तों को दोबारा खोलने के बाद यह पहला हमला है।
पिछले वर्ष नवंबर में पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर नाटो हमलों में 24 सैनिकों के मारे जाने के मामले में अमेरिका द्वारा माफी मांगने के बाद पाकिस्तान ने रास्तों दोबारा खोल दिए हैं। रास्ते खुलने से बाद से अभी तक तोर्खाम सीमा के रास्ते 100 से ज्यादा वहन अफगानिस्तान जा चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने के बाद नाटो के वाहनों को फिर से आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोआज्जम खान ने बताया कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के रास्ते नाटो की रसद आपूर्ति के मार्ग समेत अन्य मामलों में एक नए समझौते पर जल्दी ही हस्ताक्षर होंगे।टिप्पणियां
खान ने कहा कि इस समझौते के मसौदे को संसद द्वारा पाकिस्तान-अमेरिका के सम्बन्ध में की गयी सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्रिमंडल ने भी इसे मंगलवार को मंजूरी दे दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सामरिक वार्ता की शुरूआत करने के लिए अभी भी कार्यक्रम तय करना बाकी है।
अफगानिस्तान के उग्रवादियों द्वारा देश की सीमा में किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर लगातार अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन हमलों को लेकर काफी गंभीर हैं और आशा करते हैं कि इन्हें रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।’’
पिछले वर्ष नवंबर में पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर नाटो हमलों में 24 सैनिकों के मारे जाने के मामले में अमेरिका द्वारा माफी मांगने के बाद पाकिस्तान ने रास्तों दोबारा खोल दिए हैं। रास्ते खुलने से बाद से अभी तक तोर्खाम सीमा के रास्ते 100 से ज्यादा वहन अफगानिस्तान जा चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने के बाद नाटो के वाहनों को फिर से आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोआज्जम खान ने बताया कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के रास्ते नाटो की रसद आपूर्ति के मार्ग समेत अन्य मामलों में एक नए समझौते पर जल्दी ही हस्ताक्षर होंगे।टिप्पणियां
खान ने कहा कि इस समझौते के मसौदे को संसद द्वारा पाकिस्तान-अमेरिका के सम्बन्ध में की गयी सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्रिमंडल ने भी इसे मंगलवार को मंजूरी दे दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सामरिक वार्ता की शुरूआत करने के लिए अभी भी कार्यक्रम तय करना बाकी है।
अफगानिस्तान के उग्रवादियों द्वारा देश की सीमा में किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर लगातार अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन हमलों को लेकर काफी गंभीर हैं और आशा करते हैं कि इन्हें रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।’’
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने के बाद नाटो के वाहनों को फिर से आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोआज्जम खान ने बताया कि अमेरिका के साथ पाकिस्तान के रास्ते नाटो की रसद आपूर्ति के मार्ग समेत अन्य मामलों में एक नए समझौते पर जल्दी ही हस्ताक्षर होंगे।टिप्पणियां
खान ने कहा कि इस समझौते के मसौदे को संसद द्वारा पाकिस्तान-अमेरिका के सम्बन्ध में की गयी सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्रिमंडल ने भी इसे मंगलवार को मंजूरी दे दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सामरिक वार्ता की शुरूआत करने के लिए अभी भी कार्यक्रम तय करना बाकी है।
अफगानिस्तान के उग्रवादियों द्वारा देश की सीमा में किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर लगातार अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन हमलों को लेकर काफी गंभीर हैं और आशा करते हैं कि इन्हें रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।’’
खान ने कहा कि इस समझौते के मसौदे को संसद द्वारा पाकिस्तान-अमेरिका के सम्बन्ध में की गयी सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्रिमंडल ने भी इसे मंगलवार को मंजूरी दे दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सामरिक वार्ता की शुरूआत करने के लिए अभी भी कार्यक्रम तय करना बाकी है।
अफगानिस्तान के उग्रवादियों द्वारा देश की सीमा में किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर लगातार अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन हमलों को लेकर काफी गंभीर हैं और आशा करते हैं कि इन्हें रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।’’
अफगानिस्तान के उग्रवादियों द्वारा देश की सीमा में किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर लगातार अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन हमलों को लेकर काफी गंभीर हैं और आशा करते हैं कि इन्हें रोकने के लिए अफगानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तानी अधिकारियों ने नाटो रसद आपूर्ति के रास्ते में उग्रवादी हमले के बाद अफगानिस्तान जाने वाले नाटो ट्रकों की आवाजाही पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दिया है। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पत्तन शहर कराची में एक बस स्टैंड पर शनिवार को हुए एक विस्फोट में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 45 लोग घायल हो गए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विस्फोट अपराह्न् लगभग तीन बजे उस समय हुआ, जब एक यात्री बस कैंट स्टेशन इलाके से गुजर रही थी। लेकिन यह साफ नहीं हो पाया है कि विस्फोट किस कारण से हुआ।टिप्पणियां
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि पांच घायलों की हालत गम्भीर है। बस कराची से सरगोधा जा रही थी। अपराध जांच विभाग के अधीक्षक, चौधरी असलम ने कहा कि हो सकता है कि विस्फोट किसी सिलिंडर के फटने से हुआ हो।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि कहा कि सम्भवत: बस स्टैंड के पास खड़ी एक मोटरबाइक में विस्फोटक पदार्थ लगाया गया था। एक अन्य खबर में कहा गया है कि किसी यात्री के सामान में भी विस्फोटक पदार्थ रखा हुआ हो सकता है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विस्फोट अपराह्न् लगभग तीन बजे उस समय हुआ, जब एक यात्री बस कैंट स्टेशन इलाके से गुजर रही थी। लेकिन यह साफ नहीं हो पाया है कि विस्फोट किस कारण से हुआ।टिप्पणियां
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि पांच घायलों की हालत गम्भीर है। बस कराची से सरगोधा जा रही थी। अपराध जांच विभाग के अधीक्षक, चौधरी असलम ने कहा कि हो सकता है कि विस्फोट किसी सिलिंडर के फटने से हुआ हो।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि कहा कि सम्भवत: बस स्टैंड के पास खड़ी एक मोटरबाइक में विस्फोटक पदार्थ लगाया गया था। एक अन्य खबर में कहा गया है कि किसी यात्री के सामान में भी विस्फोटक पदार्थ रखा हुआ हो सकता है।
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि पांच घायलों की हालत गम्भीर है। बस कराची से सरगोधा जा रही थी। अपराध जांच विभाग के अधीक्षक, चौधरी असलम ने कहा कि हो सकता है कि विस्फोट किसी सिलिंडर के फटने से हुआ हो।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि कहा कि सम्भवत: बस स्टैंड के पास खड़ी एक मोटरबाइक में विस्फोटक पदार्थ लगाया गया था। एक अन्य खबर में कहा गया है कि किसी यात्री के सामान में भी विस्फोटक पदार्थ रखा हुआ हो सकता है।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि कहा कि सम्भवत: बस स्टैंड के पास खड़ी एक मोटरबाइक में विस्फोटक पदार्थ लगाया गया था। एक अन्य खबर में कहा गया है कि किसी यात्री के सामान में भी विस्फोटक पदार्थ रखा हुआ हो सकता है। | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान के पत्तन शहर कराची में एक बस स्टैंड पर शनिवार को हुए एक विस्फोट में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 45 लोग घायल हो गए। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुनिया का नंबर एक आतंकी रहा ओसामा बिन लादेन नहीं चाहता था मुस्लिम देशों में आतंकी हमलों में आम नागरिकों की हत्या हो। वह ऐसे हमलों में मुसलमानों के मारे जाने से दुखी था। ओसामा ने बकायदा अपने सूबेदारों को पत्र लिखकर इस मसले पर ध्यान देने के लिए कहा था और जरूरी हुआ तो हमलों पर रोक लगाने के लिए भी कहा था। मई 2010 में लिखे इस खत को अमेरिका ने गुरुवार को सार्वजनिक किया।
पिछले साल अमेरिकी कमांडो के एक दस्ते ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा को उसी के ठिकाने पर मार गिराया था।
ओसामा ने अपने पत्र में लिखा कि अलकायदा के प्रति मुसलमानों का लगाव कम हुआ क्योंकि तमाम हमलों में मुसलमानों की हत्या हुई। इसलिए उसने कहा कि ऐसी गलतियां न की जाएं और जब तक बहुत जरूरी न हो कोई मुसलमान किसी हमले में मरने नहीं देने की ताकीद ओसामा ने की थी।टिप्पणियां
उसका मानना था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तब वह तमाम युद्ध तो जीत सकते हैं लेकिन अंत में उनके हाथ हार ही लगेगी।
इस पत्र को अमेरिका के कॉम्बैटिंग टेररिज्म सेंटर ने जारी किया है। आज जारी कागज सितंबर 2006 से अप्रैल 2011 के बीच के हैं और कुल 175 पन्ने हैं जो अरबी भाषा में लिखे गए हैं।
पिछले साल अमेरिकी कमांडो के एक दस्ते ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा को उसी के ठिकाने पर मार गिराया था।
ओसामा ने अपने पत्र में लिखा कि अलकायदा के प्रति मुसलमानों का लगाव कम हुआ क्योंकि तमाम हमलों में मुसलमानों की हत्या हुई। इसलिए उसने कहा कि ऐसी गलतियां न की जाएं और जब तक बहुत जरूरी न हो कोई मुसलमान किसी हमले में मरने नहीं देने की ताकीद ओसामा ने की थी।टिप्पणियां
उसका मानना था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तब वह तमाम युद्ध तो जीत सकते हैं लेकिन अंत में उनके हाथ हार ही लगेगी।
इस पत्र को अमेरिका के कॉम्बैटिंग टेररिज्म सेंटर ने जारी किया है। आज जारी कागज सितंबर 2006 से अप्रैल 2011 के बीच के हैं और कुल 175 पन्ने हैं जो अरबी भाषा में लिखे गए हैं।
ओसामा ने अपने पत्र में लिखा कि अलकायदा के प्रति मुसलमानों का लगाव कम हुआ क्योंकि तमाम हमलों में मुसलमानों की हत्या हुई। इसलिए उसने कहा कि ऐसी गलतियां न की जाएं और जब तक बहुत जरूरी न हो कोई मुसलमान किसी हमले में मरने नहीं देने की ताकीद ओसामा ने की थी।टिप्पणियां
उसका मानना था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तब वह तमाम युद्ध तो जीत सकते हैं लेकिन अंत में उनके हाथ हार ही लगेगी।
इस पत्र को अमेरिका के कॉम्बैटिंग टेररिज्म सेंटर ने जारी किया है। आज जारी कागज सितंबर 2006 से अप्रैल 2011 के बीच के हैं और कुल 175 पन्ने हैं जो अरबी भाषा में लिखे गए हैं।
उसका मानना था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तब वह तमाम युद्ध तो जीत सकते हैं लेकिन अंत में उनके हाथ हार ही लगेगी।
इस पत्र को अमेरिका के कॉम्बैटिंग टेररिज्म सेंटर ने जारी किया है। आज जारी कागज सितंबर 2006 से अप्रैल 2011 के बीच के हैं और कुल 175 पन्ने हैं जो अरबी भाषा में लिखे गए हैं।
इस पत्र को अमेरिका के कॉम्बैटिंग टेररिज्म सेंटर ने जारी किया है। आज जारी कागज सितंबर 2006 से अप्रैल 2011 के बीच के हैं और कुल 175 पन्ने हैं जो अरबी भाषा में लिखे गए हैं। | यहाँ एक सारांश है:दुनिया का नंबर एक आतंकी रहा ओसामा बिन लादेन नहीं चाहता था मुस्लिम देशों में आतंकी हमलों में आम नागरिकों की हत्या हो। वह ऐसे हमलों में मुसलमानों के मारे जाने से दुखी था। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन के दक्षिण पश्चिमी इलाके में लगातार हुई बारिश के कारण आई बाढ़ में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई, जबकि भूस्खलन के चलते 93 अन्य लोग लापता हो गए. भूस्खलन के कारण साढ़े चार लाख से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा. अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत में 3,000 से अधिक बचाव कर्मी भूस्खलन के बाद लापता हुए 93 लोगों को तलाश रहे हैं. इन लोगों के चट्टानों और मिट्टी के नीचे दबे होने की आशंका है
उन्होंने बताया कि शनिवार को तिब्बती एवं कियांग प्रांत अबा की माओक्सियन काउंटी के जिनो गांव में कम से कम 62 घर तबाह हो गए. भूस्खलन से करीब दो किमी तक नदी अवरुद्ध हो गई और करीब 1600 मीटर तक सड़क धंस गई. अबा प्रांत के उप प्रमुख जू झिवेन ने बताया इसमें करीब 10 लोगों की मौत की मौत की पुष्टि हो गई है जबकि 15 लोगों का नाम लापता लोगों की सूची से हटा लिया गया है, क्योंकि वे लोग आपदा आने के समय गांव में नहीं थे.
बचावकर्मियों ने बताया कि भूस्खलन के बाद एक परिवार के केवल तीन लोगों को बचाया जा सका, जबकि लापता हुए लोगों के बचे होने की संभावना भी बहुत कम है. इसके अलावा जिआंग्सी प्रांत, गुईझेउ, हुनान, युन्नान और अन्हुई प्रांत में भूस्खलन से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग लापता हो गए. प्रांत के बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार से हो रही भारी बारिश के कारण यांग्शी प्रांत में करीब 18 लाख लोग प्रभावित हुए. प्रशासन ने 2.70 लाख लोगों को सुरक्षित निकालकर 47 काउंटी एवं जिलों में पहुंचाया. मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, आज बारिश कम हो सकती है लेकिन इस सप्ताह के अंत में यह फिर से जोर पकड़ सकती है.
गुईझोउ प्रांत में पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से नौ लोगों की मौत हो गयी, जबकि दो लोग लापता हो गये। मूसलाधार बारिश से 35,418 हेक्टेयर भूमि की फसल तबाह हो गई, जिससे करीब 61 करोड़ युआन (करीब 8.9 करोड़ डॉलर) का सीधा नुकसान हुआ.
हुनान प्रांत में इस साल की सबसे मूसलाधार बारिश के बाद 642 छोटे और मध्यम तालाब उफन आने से स्थिति बिगड़ गयी और करीब 1.51 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. शनिवार को भूस्खलन के कारण हुनान प्रांत के लुक्सी काउंटी में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई.टिप्पणियां
चांगजियांग जल संसाधन आयोग ने कल कहा, कि भयानक बारिश के कारण यांग्जी समेत करीब 14 नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जबकि अगले कुछ दिनों में भी बारिश जारी रहने से यांग्जी नदी के मध्यम और निचले इलाके का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि शनिवार को तिब्बती एवं कियांग प्रांत अबा की माओक्सियन काउंटी के जिनो गांव में कम से कम 62 घर तबाह हो गए. भूस्खलन से करीब दो किमी तक नदी अवरुद्ध हो गई और करीब 1600 मीटर तक सड़क धंस गई. अबा प्रांत के उप प्रमुख जू झिवेन ने बताया इसमें करीब 10 लोगों की मौत की मौत की पुष्टि हो गई है जबकि 15 लोगों का नाम लापता लोगों की सूची से हटा लिया गया है, क्योंकि वे लोग आपदा आने के समय गांव में नहीं थे.
बचावकर्मियों ने बताया कि भूस्खलन के बाद एक परिवार के केवल तीन लोगों को बचाया जा सका, जबकि लापता हुए लोगों के बचे होने की संभावना भी बहुत कम है. इसके अलावा जिआंग्सी प्रांत, गुईझेउ, हुनान, युन्नान और अन्हुई प्रांत में भूस्खलन से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग लापता हो गए. प्रांत के बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार से हो रही भारी बारिश के कारण यांग्शी प्रांत में करीब 18 लाख लोग प्रभावित हुए. प्रशासन ने 2.70 लाख लोगों को सुरक्षित निकालकर 47 काउंटी एवं जिलों में पहुंचाया. मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, आज बारिश कम हो सकती है लेकिन इस सप्ताह के अंत में यह फिर से जोर पकड़ सकती है.
गुईझोउ प्रांत में पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से नौ लोगों की मौत हो गयी, जबकि दो लोग लापता हो गये। मूसलाधार बारिश से 35,418 हेक्टेयर भूमि की फसल तबाह हो गई, जिससे करीब 61 करोड़ युआन (करीब 8.9 करोड़ डॉलर) का सीधा नुकसान हुआ.
हुनान प्रांत में इस साल की सबसे मूसलाधार बारिश के बाद 642 छोटे और मध्यम तालाब उफन आने से स्थिति बिगड़ गयी और करीब 1.51 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. शनिवार को भूस्खलन के कारण हुनान प्रांत के लुक्सी काउंटी में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई.टिप्पणियां
चांगजियांग जल संसाधन आयोग ने कल कहा, कि भयानक बारिश के कारण यांग्जी समेत करीब 14 नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जबकि अगले कुछ दिनों में भी बारिश जारी रहने से यांग्जी नदी के मध्यम और निचले इलाके का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बचावकर्मियों ने बताया कि भूस्खलन के बाद एक परिवार के केवल तीन लोगों को बचाया जा सका, जबकि लापता हुए लोगों के बचे होने की संभावना भी बहुत कम है. इसके अलावा जिआंग्सी प्रांत, गुईझेउ, हुनान, युन्नान और अन्हुई प्रांत में भूस्खलन से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग लापता हो गए. प्रांत के बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार से हो रही भारी बारिश के कारण यांग्शी प्रांत में करीब 18 लाख लोग प्रभावित हुए. प्रशासन ने 2.70 लाख लोगों को सुरक्षित निकालकर 47 काउंटी एवं जिलों में पहुंचाया. मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, आज बारिश कम हो सकती है लेकिन इस सप्ताह के अंत में यह फिर से जोर पकड़ सकती है.
गुईझोउ प्रांत में पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से नौ लोगों की मौत हो गयी, जबकि दो लोग लापता हो गये। मूसलाधार बारिश से 35,418 हेक्टेयर भूमि की फसल तबाह हो गई, जिससे करीब 61 करोड़ युआन (करीब 8.9 करोड़ डॉलर) का सीधा नुकसान हुआ.
हुनान प्रांत में इस साल की सबसे मूसलाधार बारिश के बाद 642 छोटे और मध्यम तालाब उफन आने से स्थिति बिगड़ गयी और करीब 1.51 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. शनिवार को भूस्खलन के कारण हुनान प्रांत के लुक्सी काउंटी में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई.टिप्पणियां
चांगजियांग जल संसाधन आयोग ने कल कहा, कि भयानक बारिश के कारण यांग्जी समेत करीब 14 नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जबकि अगले कुछ दिनों में भी बारिश जारी रहने से यांग्जी नदी के मध्यम और निचले इलाके का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गुईझोउ प्रांत में पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से नौ लोगों की मौत हो गयी, जबकि दो लोग लापता हो गये। मूसलाधार बारिश से 35,418 हेक्टेयर भूमि की फसल तबाह हो गई, जिससे करीब 61 करोड़ युआन (करीब 8.9 करोड़ डॉलर) का सीधा नुकसान हुआ.
हुनान प्रांत में इस साल की सबसे मूसलाधार बारिश के बाद 642 छोटे और मध्यम तालाब उफन आने से स्थिति बिगड़ गयी और करीब 1.51 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. शनिवार को भूस्खलन के कारण हुनान प्रांत के लुक्सी काउंटी में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई.टिप्पणियां
चांगजियांग जल संसाधन आयोग ने कल कहा, कि भयानक बारिश के कारण यांग्जी समेत करीब 14 नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जबकि अगले कुछ दिनों में भी बारिश जारी रहने से यांग्जी नदी के मध्यम और निचले इलाके का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हुनान प्रांत में इस साल की सबसे मूसलाधार बारिश के बाद 642 छोटे और मध्यम तालाब उफन आने से स्थिति बिगड़ गयी और करीब 1.51 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. शनिवार को भूस्खलन के कारण हुनान प्रांत के लुक्सी काउंटी में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई.टिप्पणियां
चांगजियांग जल संसाधन आयोग ने कल कहा, कि भयानक बारिश के कारण यांग्जी समेत करीब 14 नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जबकि अगले कुछ दिनों में भी बारिश जारी रहने से यांग्जी नदी के मध्यम और निचले इलाके का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चांगजियांग जल संसाधन आयोग ने कल कहा, कि भयानक बारिश के कारण यांग्जी समेत करीब 14 नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जबकि अगले कुछ दिनों में भी बारिश जारी रहने से यांग्जी नदी के मध्यम और निचले इलाके का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: साढ़े चार लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
भूस्खलन के कारण 93 लोग लापता, तलाश जारी
1600 मीटर की सड़क धंस गई | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नरसिंह यादव रियो जाएंगे या नहीं इस पर से सस्पेंस खत्म हो गया है. भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रिज भूषण सिंह ने इस बात का ऐलान करते हुए कहा कि भारतीय कुश्ती संघ ने UWW यानी United World Wrestling को दोबारा लिखा था कि प्रवीण राणा की जगह नरसिंह यादव रियो ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और UWW ने इसकी मंजूरी दे दी है.
नरसिंह यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंगलवार को मिले थे और उनका शुक्रिया अदा किया. ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार से ट्रायल की जंग जीतने और डोपिंग के कलंक से खुद को मुक्त कराने की लंबी लड़ाई के बाद नरसिंह का उत्साह लौटता नज़र आ रहा है.टिप्पणियां
United World Wrestling की मंजूरी के साथ-साथ भारतीय ओलिंपिक संघ को भी अपनी रजामंदी देनी थी. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के नियमों के अनुसार टीम में बदलाव का अधिकार देश की ओलिंपिक समिति को होता है. नरसिंह के लिए राहत की बात है. रियो ओलिंपिक में भारत के chef de mission राकेश गुप्ता ने कहा है कि इस संबंध में काम शुरू हो चुका है.
25 जून और 5 जुलाई को NADA ने नरसिंह यादव पर दो डोप टेस्ट किए. 23 जुलाई को यह ख़बर सार्वजनिक हो गई कि दोनों टेस्ट में नरसिंह यादव पॉजीटिव पाए गए हैं. रियो में पदक के दावेदार माने जाने वाले पहलवान नरसिंह यादव के लिए मानो दुनिया खत्म हो गई. नरसिंह यादव संभले तो उन्हें अहसास हुआ कि वे एक बड़े षड्यंत्र के शिकार हुए हैं. नरसिंह पर आरोप लगा उन्होने METHANDIENONE का सेवन किया है. लेकिन इस षड्यंत्र में खामी थी. दरअसल METHANDIENONE एक एनाबॉलिक स्ट्रायड है जो मसल्स बनाने में काम आता है. जबकि रियो के पहले नरसिंह को करीब 8 किलो वजन कम करना था. नरसिंह के वकील यही दलील देते रहे कि नरसिंह वजन बढ़ाने वाला ड्रग्स क्यों लेगा. उनके खाना में किसी ने जानबूझ कर यह मिलाया था. नाडा में दो दिनों तक सुनवाई के बाद एक बार फिर फैसला नरसिंह के पक्ष में आया.
नरसिंह यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंगलवार को मिले थे और उनका शुक्रिया अदा किया. ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार से ट्रायल की जंग जीतने और डोपिंग के कलंक से खुद को मुक्त कराने की लंबी लड़ाई के बाद नरसिंह का उत्साह लौटता नज़र आ रहा है.टिप्पणियां
United World Wrestling की मंजूरी के साथ-साथ भारतीय ओलिंपिक संघ को भी अपनी रजामंदी देनी थी. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के नियमों के अनुसार टीम में बदलाव का अधिकार देश की ओलिंपिक समिति को होता है. नरसिंह के लिए राहत की बात है. रियो ओलिंपिक में भारत के chef de mission राकेश गुप्ता ने कहा है कि इस संबंध में काम शुरू हो चुका है.
25 जून और 5 जुलाई को NADA ने नरसिंह यादव पर दो डोप टेस्ट किए. 23 जुलाई को यह ख़बर सार्वजनिक हो गई कि दोनों टेस्ट में नरसिंह यादव पॉजीटिव पाए गए हैं. रियो में पदक के दावेदार माने जाने वाले पहलवान नरसिंह यादव के लिए मानो दुनिया खत्म हो गई. नरसिंह यादव संभले तो उन्हें अहसास हुआ कि वे एक बड़े षड्यंत्र के शिकार हुए हैं. नरसिंह पर आरोप लगा उन्होने METHANDIENONE का सेवन किया है. लेकिन इस षड्यंत्र में खामी थी. दरअसल METHANDIENONE एक एनाबॉलिक स्ट्रायड है जो मसल्स बनाने में काम आता है. जबकि रियो के पहले नरसिंह को करीब 8 किलो वजन कम करना था. नरसिंह के वकील यही दलील देते रहे कि नरसिंह वजन बढ़ाने वाला ड्रग्स क्यों लेगा. उनके खाना में किसी ने जानबूझ कर यह मिलाया था. नाडा में दो दिनों तक सुनवाई के बाद एक बार फिर फैसला नरसिंह के पक्ष में आया.
United World Wrestling की मंजूरी के साथ-साथ भारतीय ओलिंपिक संघ को भी अपनी रजामंदी देनी थी. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के नियमों के अनुसार टीम में बदलाव का अधिकार देश की ओलिंपिक समिति को होता है. नरसिंह के लिए राहत की बात है. रियो ओलिंपिक में भारत के chef de mission राकेश गुप्ता ने कहा है कि इस संबंध में काम शुरू हो चुका है.
25 जून और 5 जुलाई को NADA ने नरसिंह यादव पर दो डोप टेस्ट किए. 23 जुलाई को यह ख़बर सार्वजनिक हो गई कि दोनों टेस्ट में नरसिंह यादव पॉजीटिव पाए गए हैं. रियो में पदक के दावेदार माने जाने वाले पहलवान नरसिंह यादव के लिए मानो दुनिया खत्म हो गई. नरसिंह यादव संभले तो उन्हें अहसास हुआ कि वे एक बड़े षड्यंत्र के शिकार हुए हैं. नरसिंह पर आरोप लगा उन्होने METHANDIENONE का सेवन किया है. लेकिन इस षड्यंत्र में खामी थी. दरअसल METHANDIENONE एक एनाबॉलिक स्ट्रायड है जो मसल्स बनाने में काम आता है. जबकि रियो के पहले नरसिंह को करीब 8 किलो वजन कम करना था. नरसिंह के वकील यही दलील देते रहे कि नरसिंह वजन बढ़ाने वाला ड्रग्स क्यों लेगा. उनके खाना में किसी ने जानबूझ कर यह मिलाया था. नाडा में दो दिनों तक सुनवाई के बाद एक बार फिर फैसला नरसिंह के पक्ष में आया.
25 जून और 5 जुलाई को NADA ने नरसिंह यादव पर दो डोप टेस्ट किए. 23 जुलाई को यह ख़बर सार्वजनिक हो गई कि दोनों टेस्ट में नरसिंह यादव पॉजीटिव पाए गए हैं. रियो में पदक के दावेदार माने जाने वाले पहलवान नरसिंह यादव के लिए मानो दुनिया खत्म हो गई. नरसिंह यादव संभले तो उन्हें अहसास हुआ कि वे एक बड़े षड्यंत्र के शिकार हुए हैं. नरसिंह पर आरोप लगा उन्होने METHANDIENONE का सेवन किया है. लेकिन इस षड्यंत्र में खामी थी. दरअसल METHANDIENONE एक एनाबॉलिक स्ट्रायड है जो मसल्स बनाने में काम आता है. जबकि रियो के पहले नरसिंह को करीब 8 किलो वजन कम करना था. नरसिंह के वकील यही दलील देते रहे कि नरसिंह वजन बढ़ाने वाला ड्रग्स क्यों लेगा. उनके खाना में किसी ने जानबूझ कर यह मिलाया था. नाडा में दो दिनों तक सुनवाई के बाद एक बार फिर फैसला नरसिंह के पक्ष में आया. | यहाँ एक सारांश है:रियो ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे नरसिंह यादव
पीएम मोदी से भी मिले थे नरसिंह यादव
डोपिंग के कलंक से खुद को मुक्त कराने के लिए लड़े | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रियो ओलिंपिक के आठवें दिन भारत की निगाहें टेनिस मिक्स्ड डबल्स में सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना की जोड़ी पर होंगी. यदि दोनों शनिवार को जीत जाते हैं, तो भारत का एक पदक पक्का हो जाएगा, वहीं हारने पर उन्हें कांस्य पदक के लिए खेलना होगा. भारतीय जोड़ी का मुकाबला कुछ ही देर में शुरू होने वाला है. उनके सामने अमेरिका की वीनस विलियम्स और राजीव राम की जोड़ी होगी.
रियो ओलिंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन का दौर जारी रहने के बीच भारतीय खेमे में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब सानिया-बोपन्ना ने सातवें दिन अपना क्वार्टर फाइनल मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया. दूसरी खुशी मुक्केबाज विकास कृष्णन ने दी, जो क्वार्टरफाइनल में पहुंचे गए.
सानिया-बोपन्ना ने ब्रिटेन के एंडी मरे और हीथर वॉटसन को 6-4, 6-4 से आसान शिकस्त देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई. यह मुकाबला 67 मिनट चला.
मुक्केबाजी में विकास कृष्ण यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को 75 किग्रा मिडिलवेट पुरुष मुक्केबाजी के प्री क्वार्टरफाइनल में तुर्की के सिपल ओंदर को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी.टिप्पणियां
एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता विकास अब एक कड़े मुकाबले में उज्बेकिस्तान के बेक्तिमीर मेलिकुजियेव से भिड़ेंगे, जो 2015 के एशियाई चैंपियनशिप में उन्हें मात दे चुके हैं. रविवार को होने वाला मुकाबला जीतने पर वह अपने लिए कांस्य पदक पक्का कर लेंगे.
इन खेलों के अलावा दूसरे खेलों में भारत को निराशा मिली. पहले हीं क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी भारत की पुरुष हॉकी टीम ने लचर प्रदर्शन करते हुए कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी पूल मैच 2-2 से ड्रॉ किया. भारत अब रविवार को क्वार्टर फाइनल में ग्रुप ए की विजेता टीम बेल्जियम से भिड़ेगा.
रियो ओलिंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन का दौर जारी रहने के बीच भारतीय खेमे में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब सानिया-बोपन्ना ने सातवें दिन अपना क्वार्टर फाइनल मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया. दूसरी खुशी मुक्केबाज विकास कृष्णन ने दी, जो क्वार्टरफाइनल में पहुंचे गए.
सानिया-बोपन्ना ने ब्रिटेन के एंडी मरे और हीथर वॉटसन को 6-4, 6-4 से आसान शिकस्त देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई. यह मुकाबला 67 मिनट चला.
मुक्केबाजी में विकास कृष्ण यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को 75 किग्रा मिडिलवेट पुरुष मुक्केबाजी के प्री क्वार्टरफाइनल में तुर्की के सिपल ओंदर को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी.टिप्पणियां
एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता विकास अब एक कड़े मुकाबले में उज्बेकिस्तान के बेक्तिमीर मेलिकुजियेव से भिड़ेंगे, जो 2015 के एशियाई चैंपियनशिप में उन्हें मात दे चुके हैं. रविवार को होने वाला मुकाबला जीतने पर वह अपने लिए कांस्य पदक पक्का कर लेंगे.
इन खेलों के अलावा दूसरे खेलों में भारत को निराशा मिली. पहले हीं क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी भारत की पुरुष हॉकी टीम ने लचर प्रदर्शन करते हुए कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी पूल मैच 2-2 से ड्रॉ किया. भारत अब रविवार को क्वार्टर फाइनल में ग्रुप ए की विजेता टीम बेल्जियम से भिड़ेगा.
सानिया-बोपन्ना ने ब्रिटेन के एंडी मरे और हीथर वॉटसन को 6-4, 6-4 से आसान शिकस्त देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई. यह मुकाबला 67 मिनट चला.
मुक्केबाजी में विकास कृष्ण यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को 75 किग्रा मिडिलवेट पुरुष मुक्केबाजी के प्री क्वार्टरफाइनल में तुर्की के सिपल ओंदर को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी.टिप्पणियां
एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता विकास अब एक कड़े मुकाबले में उज्बेकिस्तान के बेक्तिमीर मेलिकुजियेव से भिड़ेंगे, जो 2015 के एशियाई चैंपियनशिप में उन्हें मात दे चुके हैं. रविवार को होने वाला मुकाबला जीतने पर वह अपने लिए कांस्य पदक पक्का कर लेंगे.
इन खेलों के अलावा दूसरे खेलों में भारत को निराशा मिली. पहले हीं क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी भारत की पुरुष हॉकी टीम ने लचर प्रदर्शन करते हुए कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी पूल मैच 2-2 से ड्रॉ किया. भारत अब रविवार को क्वार्टर फाइनल में ग्रुप ए की विजेता टीम बेल्जियम से भिड़ेगा.
मुक्केबाजी में विकास कृष्ण यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को 75 किग्रा मिडिलवेट पुरुष मुक्केबाजी के प्री क्वार्टरफाइनल में तुर्की के सिपल ओंदर को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी.टिप्पणियां
एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता विकास अब एक कड़े मुकाबले में उज्बेकिस्तान के बेक्तिमीर मेलिकुजियेव से भिड़ेंगे, जो 2015 के एशियाई चैंपियनशिप में उन्हें मात दे चुके हैं. रविवार को होने वाला मुकाबला जीतने पर वह अपने लिए कांस्य पदक पक्का कर लेंगे.
इन खेलों के अलावा दूसरे खेलों में भारत को निराशा मिली. पहले हीं क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी भारत की पुरुष हॉकी टीम ने लचर प्रदर्शन करते हुए कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी पूल मैच 2-2 से ड्रॉ किया. भारत अब रविवार को क्वार्टर फाइनल में ग्रुप ए की विजेता टीम बेल्जियम से भिड़ेगा.
एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता विकास अब एक कड़े मुकाबले में उज्बेकिस्तान के बेक्तिमीर मेलिकुजियेव से भिड़ेंगे, जो 2015 के एशियाई चैंपियनशिप में उन्हें मात दे चुके हैं. रविवार को होने वाला मुकाबला जीतने पर वह अपने लिए कांस्य पदक पक्का कर लेंगे.
इन खेलों के अलावा दूसरे खेलों में भारत को निराशा मिली. पहले हीं क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी भारत की पुरुष हॉकी टीम ने लचर प्रदर्शन करते हुए कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी पूल मैच 2-2 से ड्रॉ किया. भारत अब रविवार को क्वार्टर फाइनल में ग्रुप ए की विजेता टीम बेल्जियम से भिड़ेगा.
इन खेलों के अलावा दूसरे खेलों में भारत को निराशा मिली. पहले हीं क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी भारत की पुरुष हॉकी टीम ने लचर प्रदर्शन करते हुए कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी पूल मैच 2-2 से ड्रॉ किया. भारत अब रविवार को क्वार्टर फाइनल में ग्रुप ए की विजेता टीम बेल्जियम से भिड़ेगा. | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका की वीनस विलियम्स और राजीव राम की जोड़ी से होगा मुकाबला
मिक्स्ड डबल्स टेनिस में खेल रही हैसानिया मिर्जा और बोपन्ना की जोड़ी
दोनों ने क्वार्टर फाइनल मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुब्रत राय की अगुवाई वाले सहारा समूह की रीयल एस्टेट कंपनी सहारा प्राइम सिटी का 3,450 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब नहीं आएगा। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सहारा प्राइम सिटी लि. के आईपीओ प्रस्ताव से जुड़ी फाइल को बंद कर दिया है।
सेबी द्वारा मांगी गए स्पष्टीकरण को जमा करने में कंपनी के विफल रहने पर नियामक ने यह कदम उठाया है। कंपनी ने आईपीओ के लिए लगभग साढ़े तीन साल पहले दस्तावेज का मसौदा बाजार नियामक के पास जमा किया था।
सेबी ने पिछले सप्ताह 3,450 करोड़ रुपये के आईपीओ की फाइल बंद कर दी। बाजार नियामक ने मर्चेन्ट बैंकरों से प्रस्तावित आईपीओ के बारे में कई स्पष्टीकरण मांगे थे जिसका जवाब अबतक लंबित है।
बाजार नियामक को मर्चेन्ट बैंकर इनाम सिक्योरिटीज प्राइवेट लि. से आईपीओ के लिए दस्तावेज का मसौदा 30 सितंबर, 2009 को मिला था।
आईपीओ प्रस्तावों पर साप्ताहिक रिपोर्ट में सेबी ने कहा, ‘सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ प्रस्ताव से जुड़ी फाइंल बंद कर दी गई है। पिछले सप्ताह की स्थिति के अनुसार सेबी स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा था।’टिप्पणियां
सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ के लिए विवरणी पुस्तिका प्राप्त करने के बाद सेबी को सहारा समूह के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं और उसके बाद की गई जांच से नियामक ने सेबी की दो कंपनियों के खिलाफ बहुचर्चित आदेश दिया था।
सहारा प्राइम सिटी ने 450 करोड़ रुपये के ग्रीन शू विकल्प के साथ आईपीओ के जरिये 3,450 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा था। इस राशि का उपयोग देश में कंपनी की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में किया जाना था।
सेबी द्वारा मांगी गए स्पष्टीकरण को जमा करने में कंपनी के विफल रहने पर नियामक ने यह कदम उठाया है। कंपनी ने आईपीओ के लिए लगभग साढ़े तीन साल पहले दस्तावेज का मसौदा बाजार नियामक के पास जमा किया था।
सेबी ने पिछले सप्ताह 3,450 करोड़ रुपये के आईपीओ की फाइल बंद कर दी। बाजार नियामक ने मर्चेन्ट बैंकरों से प्रस्तावित आईपीओ के बारे में कई स्पष्टीकरण मांगे थे जिसका जवाब अबतक लंबित है।
बाजार नियामक को मर्चेन्ट बैंकर इनाम सिक्योरिटीज प्राइवेट लि. से आईपीओ के लिए दस्तावेज का मसौदा 30 सितंबर, 2009 को मिला था।
आईपीओ प्रस्तावों पर साप्ताहिक रिपोर्ट में सेबी ने कहा, ‘सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ प्रस्ताव से जुड़ी फाइंल बंद कर दी गई है। पिछले सप्ताह की स्थिति के अनुसार सेबी स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा था।’टिप्पणियां
सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ के लिए विवरणी पुस्तिका प्राप्त करने के बाद सेबी को सहारा समूह के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं और उसके बाद की गई जांच से नियामक ने सेबी की दो कंपनियों के खिलाफ बहुचर्चित आदेश दिया था।
सहारा प्राइम सिटी ने 450 करोड़ रुपये के ग्रीन शू विकल्प के साथ आईपीओ के जरिये 3,450 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा था। इस राशि का उपयोग देश में कंपनी की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में किया जाना था।
सेबी ने पिछले सप्ताह 3,450 करोड़ रुपये के आईपीओ की फाइल बंद कर दी। बाजार नियामक ने मर्चेन्ट बैंकरों से प्रस्तावित आईपीओ के बारे में कई स्पष्टीकरण मांगे थे जिसका जवाब अबतक लंबित है।
बाजार नियामक को मर्चेन्ट बैंकर इनाम सिक्योरिटीज प्राइवेट लि. से आईपीओ के लिए दस्तावेज का मसौदा 30 सितंबर, 2009 को मिला था।
आईपीओ प्रस्तावों पर साप्ताहिक रिपोर्ट में सेबी ने कहा, ‘सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ प्रस्ताव से जुड़ी फाइंल बंद कर दी गई है। पिछले सप्ताह की स्थिति के अनुसार सेबी स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा था।’टिप्पणियां
सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ के लिए विवरणी पुस्तिका प्राप्त करने के बाद सेबी को सहारा समूह के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं और उसके बाद की गई जांच से नियामक ने सेबी की दो कंपनियों के खिलाफ बहुचर्चित आदेश दिया था।
सहारा प्राइम सिटी ने 450 करोड़ रुपये के ग्रीन शू विकल्प के साथ आईपीओ के जरिये 3,450 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा था। इस राशि का उपयोग देश में कंपनी की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में किया जाना था।
बाजार नियामक को मर्चेन्ट बैंकर इनाम सिक्योरिटीज प्राइवेट लि. से आईपीओ के लिए दस्तावेज का मसौदा 30 सितंबर, 2009 को मिला था।
आईपीओ प्रस्तावों पर साप्ताहिक रिपोर्ट में सेबी ने कहा, ‘सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ प्रस्ताव से जुड़ी फाइंल बंद कर दी गई है। पिछले सप्ताह की स्थिति के अनुसार सेबी स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा था।’टिप्पणियां
सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ के लिए विवरणी पुस्तिका प्राप्त करने के बाद सेबी को सहारा समूह के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं और उसके बाद की गई जांच से नियामक ने सेबी की दो कंपनियों के खिलाफ बहुचर्चित आदेश दिया था।
सहारा प्राइम सिटी ने 450 करोड़ रुपये के ग्रीन शू विकल्प के साथ आईपीओ के जरिये 3,450 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा था। इस राशि का उपयोग देश में कंपनी की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में किया जाना था।
आईपीओ प्रस्तावों पर साप्ताहिक रिपोर्ट में सेबी ने कहा, ‘सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ प्रस्ताव से जुड़ी फाइंल बंद कर दी गई है। पिछले सप्ताह की स्थिति के अनुसार सेबी स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा था।’टिप्पणियां
सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ के लिए विवरणी पुस्तिका प्राप्त करने के बाद सेबी को सहारा समूह के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं और उसके बाद की गई जांच से नियामक ने सेबी की दो कंपनियों के खिलाफ बहुचर्चित आदेश दिया था।
सहारा प्राइम सिटी ने 450 करोड़ रुपये के ग्रीन शू विकल्प के साथ आईपीओ के जरिये 3,450 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा था। इस राशि का उपयोग देश में कंपनी की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में किया जाना था।
सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ के लिए विवरणी पुस्तिका प्राप्त करने के बाद सेबी को सहारा समूह के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं और उसके बाद की गई जांच से नियामक ने सेबी की दो कंपनियों के खिलाफ बहुचर्चित आदेश दिया था।
सहारा प्राइम सिटी ने 450 करोड़ रुपये के ग्रीन शू विकल्प के साथ आईपीओ के जरिये 3,450 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा था। इस राशि का उपयोग देश में कंपनी की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में किया जाना था।
सहारा प्राइम सिटी ने 450 करोड़ रुपये के ग्रीन शू विकल्प के साथ आईपीओ के जरिये 3,450 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा था। इस राशि का उपयोग देश में कंपनी की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में किया जाना था। | संक्षिप्त पाठ: सुब्रत राय की अगुवाई वाले सहारा समूह की रीयल एस्टेट कंपनी सहारा प्राइम सिटी का 3,450 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब नहीं आएगा। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नोएडा एक्सटेंशन में कुछ परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण सुप्रीम कोर्ट द्वारा निलंबित किए जाने के चलते 500-600 करोड़ रुपये नुकसान होने का दावा कर रहे बिल्डरों ने गुरुवार को कहा कि मकान के खरीदारों को आवास ऋण पर ब्याज भुगतान की लागत समेत उनका पूरा पैसा वापस किया जाएगा। रीयल एस्टेट डेवलपरों की संस्था क्रेडाई ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नोएडा एक्सटेंशन की परियोजनाएं प्रभावित होने से उन्हें 500-600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में मकान खरीदने वाले ग्राहक नुकसान नहीं उठाएंगे और उन्हें अन्य परियोजनाओं में मकान खरीदने या उनके भुगतान का रिफंड का विकल्प दिया जा रहा है। आम्रपाली डेवलपर्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने कहा कि हम ग्राहकों को दूसरी परियोजनाओं में ले जाएंगे या ब्याज के साथ पैसा लौटाएंगे। हम कम से कम आवास ऋण पर ब्याज के भुगतान की रक्षा करेंगे। डेवलपरों को रिफंड के लिए अभी तक करीब 500 आवेदन मिले हैं। हालांकि, ज्यादातर खरीदार दूसरी जगह पर फ्लैट चाहते हैं, लेकिन आवंटन की पुरानी दरों पर। कई खरीदारों को डेवलपरों के पास उपलब्ध वैकल्पिक स्थानों पर मकान दिए जा रहे हैं। आम्रपाली और सुपरटेक उन कंपनियों में शामिल हैं, जिनकी परियोजनाएं सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित हुई हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बिल्डरों ने कहा है कि प्रभावित परियोजनाओं में फ्लैट खरीदने वालों को आवास ऋण पर ब्याज भुगतान की लागत समेत पूरा पैसा वापस किया जाएगा। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नौकरी, एडमिशन या फिर किसी भी एक्जाम के लिए उम्मीदवार कई बार मुन्नाभाई वाली तकनीक अपनाते हैं, मगर पकड़े भी जाते हैं. नासिक में पुलिस भर्ती के दौरान जो हुआ उस से शायद आपको हंसी आएगी, लेकिन सोचने के लिए भी मजबूर होंगे कि देश में नौकरी और उम्मीदवारों का अनुपात कैसे फर्जीवाड़े की दहलीज़ पर पहुंचाता है.
महाराष्ट्र पुलिस में 161 पदों के लिए 25 हज़ार की भीड़ में किशन पाटिल भी दौड़ा, गोला फेंका, सारे ड्रिल किए और पास भी हो गया, लेकिन 175 सेंमी की लंबाई छूने की कोशिश ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. किशन ने अपने सिर पर विग लगाया था. विग को अपने बालों में पिन के द्वारा फंसाया हुआ था. जांच करने वाले पुलिसकर्मी को शक हुआ तो त्र्यंबक का रहने वाला किशन पकड़ा गया.
किशन को रंगे हाथों पकड़ने के बाद डीसीपी श्रीकांत धिवडे ने कहा, 'हमारे एक कॉन्सटेबल को शक हुआ, जब जांच की तो ये विग मिला, उसके अंदर और बाल थे. हमने किशन को अयोग्य करार देकर मामला दर्ज़ कर लिया है.'
नासिक परेड ग्राउंड में भर्ती का तीसरा दिन था. किशन तीन बार लंबाई से मात खा गया तो उसने लंबाई को मात देने का ये तरीका ढूंढा, मगर उसका यह तरीका भी उसे पुलिस में भर्ती तो नहीं करा पाया, अलबत्ता उसे पुलिस स्टेशन ज़रूर पहुंचा दिया.टिप्पणियां
बता दें कि महाराष्ट्र में करीब साढ़े 5 हज़ार पोस्ट के लिए पुलिस में भर्ती चल रही है. 5756 पोस्ट के लिए राज्यभर से करीब 8.73 लाख लोगों ने आवेदन किया है.
महाराष्ट्र पुलिस में 161 पदों के लिए 25 हज़ार की भीड़ में किशन पाटिल भी दौड़ा, गोला फेंका, सारे ड्रिल किए और पास भी हो गया, लेकिन 175 सेंमी की लंबाई छूने की कोशिश ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. किशन ने अपने सिर पर विग लगाया था. विग को अपने बालों में पिन के द्वारा फंसाया हुआ था. जांच करने वाले पुलिसकर्मी को शक हुआ तो त्र्यंबक का रहने वाला किशन पकड़ा गया.
किशन को रंगे हाथों पकड़ने के बाद डीसीपी श्रीकांत धिवडे ने कहा, 'हमारे एक कॉन्सटेबल को शक हुआ, जब जांच की तो ये विग मिला, उसके अंदर और बाल थे. हमने किशन को अयोग्य करार देकर मामला दर्ज़ कर लिया है.'
नासिक परेड ग्राउंड में भर्ती का तीसरा दिन था. किशन तीन बार लंबाई से मात खा गया तो उसने लंबाई को मात देने का ये तरीका ढूंढा, मगर उसका यह तरीका भी उसे पुलिस में भर्ती तो नहीं करा पाया, अलबत्ता उसे पुलिस स्टेशन ज़रूर पहुंचा दिया.टिप्पणियां
बता दें कि महाराष्ट्र में करीब साढ़े 5 हज़ार पोस्ट के लिए पुलिस में भर्ती चल रही है. 5756 पोस्ट के लिए राज्यभर से करीब 8.73 लाख लोगों ने आवेदन किया है.
किशन को रंगे हाथों पकड़ने के बाद डीसीपी श्रीकांत धिवडे ने कहा, 'हमारे एक कॉन्सटेबल को शक हुआ, जब जांच की तो ये विग मिला, उसके अंदर और बाल थे. हमने किशन को अयोग्य करार देकर मामला दर्ज़ कर लिया है.'
नासिक परेड ग्राउंड में भर्ती का तीसरा दिन था. किशन तीन बार लंबाई से मात खा गया तो उसने लंबाई को मात देने का ये तरीका ढूंढा, मगर उसका यह तरीका भी उसे पुलिस में भर्ती तो नहीं करा पाया, अलबत्ता उसे पुलिस स्टेशन ज़रूर पहुंचा दिया.टिप्पणियां
बता दें कि महाराष्ट्र में करीब साढ़े 5 हज़ार पोस्ट के लिए पुलिस में भर्ती चल रही है. 5756 पोस्ट के लिए राज्यभर से करीब 8.73 लाख लोगों ने आवेदन किया है.
नासिक परेड ग्राउंड में भर्ती का तीसरा दिन था. किशन तीन बार लंबाई से मात खा गया तो उसने लंबाई को मात देने का ये तरीका ढूंढा, मगर उसका यह तरीका भी उसे पुलिस में भर्ती तो नहीं करा पाया, अलबत्ता उसे पुलिस स्टेशन ज़रूर पहुंचा दिया.टिप्पणियां
बता दें कि महाराष्ट्र में करीब साढ़े 5 हज़ार पोस्ट के लिए पुलिस में भर्ती चल रही है. 5756 पोस्ट के लिए राज्यभर से करीब 8.73 लाख लोगों ने आवेदन किया है.
बता दें कि महाराष्ट्र में करीब साढ़े 5 हज़ार पोस्ट के लिए पुलिस में भर्ती चल रही है. 5756 पोस्ट के लिए राज्यभर से करीब 8.73 लाख लोगों ने आवेदन किया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: किशन की लंबाई 165 सेंमी है जबकि भर्ती में 175 सेंमी चाहिए थी
पहले भी तीन बार कोशिश कर चुका था मगर नहीं मिली कामयाबी
पुलिस में 5756 पोस्ट के लिए प्रदेशभर से 8.73 लाख आवेदन आए | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगाने का फैसला किया है. बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ई-सिगरेट (E-Cigarette) समाज में एक नई समस्या को जन्म दे रहा है और बच्चे इसे अपना रहे हैं. निर्मला सीतारमण ने कहा कि ई-सिगरेट को बनाना, आयात/निर्यात, बिक्री, वितरण, स्टोर करना और विज्ञापन करना सब पर प्रतिबंध होगा. दरअसल, केंद्र सरकार ने यह अहम फैसला भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा ई-सिगरेट को लेकर जारी किये गए एक व्हाइट पेपर के बाद लिया है. ICMR ने मई में जो व्हाइट पेपर जारी किया था, उसमें ई-सिगरेट या इंड्स (Electronic Nicotine Delivery System) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी.
ICMR द्वारा जारी किये गए व्हाइट पेपर में ई-सिगरेट (Electronic Cigarette) के तमाम दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही गई है. साथ ही यह भी बताया गया है कि ई-सिगरेट को लेकर युवाओं में भ्रम है कि इसका दुष्प्रभाव नहीं होता है, जबकि ऐसा नहीं है. स्वास्थ्य के लिए ये उतना ही हानिकारक है जितना साधारण सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पाद. व्हाइट पेपर में कहा गया है, 'वर्तमान में मौजूद डाटा और तमाम अध्ययन के बाद काउंसिल इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि पब्लिक हेल्थ को ध्यान में रखते हुए ई-सिगरेट और दूसरे इंड्स प्रोडक्ट को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए.' इंडिया कैंसर रिसर्च कंसोर्टियम (ICMR-DHR) के सीईओ प्रो. रवि मेहरोत्रा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, 'ई-सिरगेट खासकर युवाओं में फेफड़ों से संबंधित बीमारियों की बड़ी वजह बन रहा है. यह भारत जैसे विकासशील देश के लिए एक टाइम बम की तरह है. सरकार ने इसको बैन कर सही दिशा में कदम बढ़ाया है.' | संक्षिप्त सारांश: केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट पर लगाया पूरी तरह प्रतिबंध
ICMR ने व्हाइट पेपर जारी कर प्रतिबंध की सिफारिश की थी
ई-सिगरेट को स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक बताया था | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक व्यक्ति को तलवार की नोक पर बंधक बनाकर आज तड़के उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
अन्नपूर्णा पुलिस थाने के प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि अहिल्या नगर में विनोद उर्फ संजू (25) और उसका नाबालिग साथी एक दम्पति के घर में बलपूर्वक घुस गए। आरोप है कि नाबालिग लड़के ने महिला के पति को तलवार की नोंक पर बंधक बना लिया। फिर विनोद ने विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि पुलिस ने विनोद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका नाबालिग साथी फरार हो गया। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
शर्मा ने बताया कि पीड़ित विवाहिता को अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में उसके साथ बलात्कार की पुष्टि हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 376 (बलात्कार) और धारा 450 (आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए किसी के घर में जबरन घुसना) के तहत मामला दर्ज किया है। वारदात में इस्तेमाल तलवार को मौके से बरामद कर लिया गया है।
अन्नपूर्णा पुलिस थाने के प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि अहिल्या नगर में विनोद उर्फ संजू (25) और उसका नाबालिग साथी एक दम्पति के घर में बलपूर्वक घुस गए। आरोप है कि नाबालिग लड़के ने महिला के पति को तलवार की नोंक पर बंधक बना लिया। फिर विनोद ने विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि पुलिस ने विनोद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका नाबालिग साथी फरार हो गया। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
शर्मा ने बताया कि पीड़ित विवाहिता को अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में उसके साथ बलात्कार की पुष्टि हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 376 (बलात्कार) और धारा 450 (आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए किसी के घर में जबरन घुसना) के तहत मामला दर्ज किया है। वारदात में इस्तेमाल तलवार को मौके से बरामद कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने विनोद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका नाबालिग साथी फरार हो गया। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
शर्मा ने बताया कि पीड़ित विवाहिता को अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में उसके साथ बलात्कार की पुष्टि हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 376 (बलात्कार) और धारा 450 (आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए किसी के घर में जबरन घुसना) के तहत मामला दर्ज किया है। वारदात में इस्तेमाल तलवार को मौके से बरामद कर लिया गया है।
शर्मा ने बताया कि पीड़ित विवाहिता को अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में उसके साथ बलात्कार की पुष्टि हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 376 (बलात्कार) और धारा 450 (आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए किसी के घर में जबरन घुसना) के तहत मामला दर्ज किया है। वारदात में इस्तेमाल तलवार को मौके से बरामद कर लिया गया है। | सारांश: एक व्यक्ति को तलवार की नोक पर बंधक बनाकर आज तड़के उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लंदन ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता और चौथी वरीयता प्राप्त भारत की साइना नेहवाल को बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज फाइनल्स टूर्नामेंट में लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है।
गुरुवार को खेले गए ग्रुप-बी के अपने दूसरे मुकाबले में सायना थाईलैंड की रतचानोक इंतानोन से सीधे गेमों में पराजित हो गईं।
इंतानोन ने साइना को 34 मिनट तक चले मुकाबले में 21-13, 21-16 से पराजित किया।टिप्पणियां
इस हार से साइना के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें धूमिल हो गई है। सायना पिछले वर्ष इस टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। सायना अपने अंतिम ग्रुप मैच में शुक्रवार को जर्मनी की जूलियन शेंक से भिड़ेंगी।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को खेले गए पहले मुकाबले में सायना को डेनमार्क की टिने बॉन ने हराया था।
गुरुवार को खेले गए ग्रुप-बी के अपने दूसरे मुकाबले में सायना थाईलैंड की रतचानोक इंतानोन से सीधे गेमों में पराजित हो गईं।
इंतानोन ने साइना को 34 मिनट तक चले मुकाबले में 21-13, 21-16 से पराजित किया।टिप्पणियां
इस हार से साइना के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें धूमिल हो गई है। सायना पिछले वर्ष इस टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। सायना अपने अंतिम ग्रुप मैच में शुक्रवार को जर्मनी की जूलियन शेंक से भिड़ेंगी।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को खेले गए पहले मुकाबले में सायना को डेनमार्क की टिने बॉन ने हराया था।
इंतानोन ने साइना को 34 मिनट तक चले मुकाबले में 21-13, 21-16 से पराजित किया।टिप्पणियां
इस हार से साइना के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें धूमिल हो गई है। सायना पिछले वर्ष इस टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। सायना अपने अंतिम ग्रुप मैच में शुक्रवार को जर्मनी की जूलियन शेंक से भिड़ेंगी।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को खेले गए पहले मुकाबले में सायना को डेनमार्क की टिने बॉन ने हराया था।
इस हार से साइना के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें धूमिल हो गई है। सायना पिछले वर्ष इस टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। सायना अपने अंतिम ग्रुप मैच में शुक्रवार को जर्मनी की जूलियन शेंक से भिड़ेंगी।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को खेले गए पहले मुकाबले में सायना को डेनमार्क की टिने बॉन ने हराया था।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को खेले गए पहले मुकाबले में सायना को डेनमार्क की टिने बॉन ने हराया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लंदन ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता और चौथी वरीयता प्राप्त भारत की साइना नेहवाल को बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज फाइनल्स टूर्नामेंट में लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने स्वीकार किया है कि कुछ भारतीय बल्लेबाज ढीले शॉट खेलने के दोषी रहे जिसके कारण वह न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के शुरुआती दिन अपनी पकड़ बनाए रखने में नाकाम रहा. भारत का स्कोर एक समय एक विकेट पर 154 रन था लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ाने के बाद वह पहले दिन का खेल समाप्त होने तक नौ विकेट पर 291 रन हो गया.
विजय ने भारत की तरफ से सर्वाधिक 65 रन बनाए लेकिन वह भी खराब शॉट खेलकर आउट हुए. उन्होंने लेग स्पिनर ईश सोढ़ी की गेंद पर कट करने के प्रयास में विकेटकीपर को कैच दिया. उनके अलावा कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी ढीले शॉट खेलकर अपने विकेट इनाम में दिए. विजय से पूछा गया कि क्या भारतीय बल्लेबाज कुशलता से नहीं खेल पाए या फिर पिच के मिजाज के कारण भारत पकड़ बनाए रखने में असफल रहा तो उन्होंने इसके लिये दोनों कारण बताए.
उन्होंने पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हमने ढीले शॉट खेलकर विकेट गंवाए और इस विकेट पर भी बल्लेबाजी करना आसान नहीं है. हमें इस विकेट पर संयमित होकर खेलना होगा. हमने यह सबक सीखा है और उम्मीद है कि दूसरी पारी में हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे.’ विजय ने अपने खुद के शाट के बारे में कहा, ‘यह अच्छा शॉट नहीं था और मुझे वास्तव में इस पर काम करना है और दूसरी पारी में अच्छा प्रदर्शन करना है.’ तमिलनाडु के इस सलामी बल्लेबाज ने कहा कि पहले दिन काफी विकेट गंवाने के बावजूद भारत अच्छी स्थिति में है. उन्होंने कहा, ‘हमने स्कोर बना लिया है अब हमें उन पर दबाव बनाना होगा। यह मैच के लिये अच्छा स्कोर है. ’
रोहित ने भी लांग ऑन पर आसान कैच देकर अपना विकेट इनाम में दिया लेकिन विजय ने उनका बचाव किया. उन्होंने साथ ही न्यूजीलैंड के स्पिन आक्रमण की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि उनका आक्रमण अच्छा था. हमें परिस्थिति के हिसाब से खेलना था. हम तीन स्पिनरों के साथ उतरने की उनकी रणनीति जानते थे हम इसके लिये पूरी तरह तैयार थे. चाय के विश्राम के बाद हम परिस्थिति का कुछ फायदा उठा सकते थे.’टिप्पणियां
विजय वेस्टइंडीज दौरे में केवल एक पारी में सात रन बना पाए. उनसे पूछा गया कि कैरेबियाई दौरे के बाद यहां अर्धशतक जड़कर वह कैसा महसूस कर रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘मैंने वहां केवल एक पारी खेली थी और उसके बाद लंबा इंतजार करना पड़ा. अब मैं फिर से क्रिकेट खेलकर खुश हूं. ’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विजय ने भारत की तरफ से सर्वाधिक 65 रन बनाए लेकिन वह भी खराब शॉट खेलकर आउट हुए. उन्होंने लेग स्पिनर ईश सोढ़ी की गेंद पर कट करने के प्रयास में विकेटकीपर को कैच दिया. उनके अलावा कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी ढीले शॉट खेलकर अपने विकेट इनाम में दिए. विजय से पूछा गया कि क्या भारतीय बल्लेबाज कुशलता से नहीं खेल पाए या फिर पिच के मिजाज के कारण भारत पकड़ बनाए रखने में असफल रहा तो उन्होंने इसके लिये दोनों कारण बताए.
उन्होंने पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हमने ढीले शॉट खेलकर विकेट गंवाए और इस विकेट पर भी बल्लेबाजी करना आसान नहीं है. हमें इस विकेट पर संयमित होकर खेलना होगा. हमने यह सबक सीखा है और उम्मीद है कि दूसरी पारी में हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे.’ विजय ने अपने खुद के शाट के बारे में कहा, ‘यह अच्छा शॉट नहीं था और मुझे वास्तव में इस पर काम करना है और दूसरी पारी में अच्छा प्रदर्शन करना है.’ तमिलनाडु के इस सलामी बल्लेबाज ने कहा कि पहले दिन काफी विकेट गंवाने के बावजूद भारत अच्छी स्थिति में है. उन्होंने कहा, ‘हमने स्कोर बना लिया है अब हमें उन पर दबाव बनाना होगा। यह मैच के लिये अच्छा स्कोर है. ’
रोहित ने भी लांग ऑन पर आसान कैच देकर अपना विकेट इनाम में दिया लेकिन विजय ने उनका बचाव किया. उन्होंने साथ ही न्यूजीलैंड के स्पिन आक्रमण की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि उनका आक्रमण अच्छा था. हमें परिस्थिति के हिसाब से खेलना था. हम तीन स्पिनरों के साथ उतरने की उनकी रणनीति जानते थे हम इसके लिये पूरी तरह तैयार थे. चाय के विश्राम के बाद हम परिस्थिति का कुछ फायदा उठा सकते थे.’टिप्पणियां
विजय वेस्टइंडीज दौरे में केवल एक पारी में सात रन बना पाए. उनसे पूछा गया कि कैरेबियाई दौरे के बाद यहां अर्धशतक जड़कर वह कैसा महसूस कर रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘मैंने वहां केवल एक पारी खेली थी और उसके बाद लंबा इंतजार करना पड़ा. अब मैं फिर से क्रिकेट खेलकर खुश हूं. ’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हमने ढीले शॉट खेलकर विकेट गंवाए और इस विकेट पर भी बल्लेबाजी करना आसान नहीं है. हमें इस विकेट पर संयमित होकर खेलना होगा. हमने यह सबक सीखा है और उम्मीद है कि दूसरी पारी में हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे.’ विजय ने अपने खुद के शाट के बारे में कहा, ‘यह अच्छा शॉट नहीं था और मुझे वास्तव में इस पर काम करना है और दूसरी पारी में अच्छा प्रदर्शन करना है.’ तमिलनाडु के इस सलामी बल्लेबाज ने कहा कि पहले दिन काफी विकेट गंवाने के बावजूद भारत अच्छी स्थिति में है. उन्होंने कहा, ‘हमने स्कोर बना लिया है अब हमें उन पर दबाव बनाना होगा। यह मैच के लिये अच्छा स्कोर है. ’
रोहित ने भी लांग ऑन पर आसान कैच देकर अपना विकेट इनाम में दिया लेकिन विजय ने उनका बचाव किया. उन्होंने साथ ही न्यूजीलैंड के स्पिन आक्रमण की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि उनका आक्रमण अच्छा था. हमें परिस्थिति के हिसाब से खेलना था. हम तीन स्पिनरों के साथ उतरने की उनकी रणनीति जानते थे हम इसके लिये पूरी तरह तैयार थे. चाय के विश्राम के बाद हम परिस्थिति का कुछ फायदा उठा सकते थे.’टिप्पणियां
विजय वेस्टइंडीज दौरे में केवल एक पारी में सात रन बना पाए. उनसे पूछा गया कि कैरेबियाई दौरे के बाद यहां अर्धशतक जड़कर वह कैसा महसूस कर रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘मैंने वहां केवल एक पारी खेली थी और उसके बाद लंबा इंतजार करना पड़ा. अब मैं फिर से क्रिकेट खेलकर खुश हूं. ’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रोहित ने भी लांग ऑन पर आसान कैच देकर अपना विकेट इनाम में दिया लेकिन विजय ने उनका बचाव किया. उन्होंने साथ ही न्यूजीलैंड के स्पिन आक्रमण की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि उनका आक्रमण अच्छा था. हमें परिस्थिति के हिसाब से खेलना था. हम तीन स्पिनरों के साथ उतरने की उनकी रणनीति जानते थे हम इसके लिये पूरी तरह तैयार थे. चाय के विश्राम के बाद हम परिस्थिति का कुछ फायदा उठा सकते थे.’टिप्पणियां
विजय वेस्टइंडीज दौरे में केवल एक पारी में सात रन बना पाए. उनसे पूछा गया कि कैरेबियाई दौरे के बाद यहां अर्धशतक जड़कर वह कैसा महसूस कर रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘मैंने वहां केवल एक पारी खेली थी और उसके बाद लंबा इंतजार करना पड़ा. अब मैं फिर से क्रिकेट खेलकर खुश हूं. ’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विजय वेस्टइंडीज दौरे में केवल एक पारी में सात रन बना पाए. उनसे पूछा गया कि कैरेबियाई दौरे के बाद यहां अर्धशतक जड़कर वह कैसा महसूस कर रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘मैंने वहां केवल एक पारी खेली थी और उसके बाद लंबा इंतजार करना पड़ा. अब मैं फिर से क्रिकेट खेलकर खुश हूं. ’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | विजय के अलावा कोहली और रोहित शर्मा ने भी खेले ढीले शॉट
कहा-ग्रीन पार्क के विकेट पर संयमित होकर खेलना होगा
न्यूजीलैंड के स्पिन गेंदबाजी अटैक की जमकर प्रशंसा की | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केरल में बंद के दौरान कथित तौर पर मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। माकपा ने हत्या के मामले में पार्टी नेता की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को राज्य में बंद का आयोजन किया था।
माकपा के लोकसभा सांसद पी करुणाकरन ने बताया कि कासरगोड जिले में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के कार्यकर्ताओं की पिटाई से पार्टी के युवा शाखा के पदाधिकारी मनोज कुमार (24 वर्ष) की मौत हो गई।
सांसद ने पत्रकारों से कहा, "पार्टी ने कन्नूर के जिला सचिव पी. जयराजन की गिरफ्तारी के विरोध में कासरगोड जिले में शांतिपूर्ण जूलुस का आयोजन किया था। जूलुस खत्म होने के बाद आईयूएमएल के कार्यकर्ताओं ने हमारे पार्टी नेताओं पर हमला कर दिया और कुमार उन्हें बचाने गया। उसकी पिटाई से मौत हो गई।"
पूर्व विधायक जयराजन को आईयूएमएल कार्यकर्ता अब्दुल शकूर की हत्या के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में कन्नूर जेल भेज दिया गया है।
बंद के दौरान सड़कों पर न तो सरकारी बसें चलीं और न ही निजी। दोपहिया वाहनों और कुछ निजी कारों को हालांकि कुछ स्थानों पर देखा गया। अधिकतर कार्यालय और दुकानें भी बंद रहीं।
कन्नूर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की दो यूनिट तैनात की गई हैं, जहां विरोध प्रदर्शन का असर सबसे अधिक है।टिप्पणियां
जयराजन की गिरफ्तारी के बाद माकपा के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर धरना दिया और कांग्रेस एवं आईयूएमएल के कार्यालयों पर हमला किया।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि बंद के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
माकपा के लोकसभा सांसद पी करुणाकरन ने बताया कि कासरगोड जिले में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के कार्यकर्ताओं की पिटाई से पार्टी के युवा शाखा के पदाधिकारी मनोज कुमार (24 वर्ष) की मौत हो गई।
सांसद ने पत्रकारों से कहा, "पार्टी ने कन्नूर के जिला सचिव पी. जयराजन की गिरफ्तारी के विरोध में कासरगोड जिले में शांतिपूर्ण जूलुस का आयोजन किया था। जूलुस खत्म होने के बाद आईयूएमएल के कार्यकर्ताओं ने हमारे पार्टी नेताओं पर हमला कर दिया और कुमार उन्हें बचाने गया। उसकी पिटाई से मौत हो गई।"
पूर्व विधायक जयराजन को आईयूएमएल कार्यकर्ता अब्दुल शकूर की हत्या के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में कन्नूर जेल भेज दिया गया है।
बंद के दौरान सड़कों पर न तो सरकारी बसें चलीं और न ही निजी। दोपहिया वाहनों और कुछ निजी कारों को हालांकि कुछ स्थानों पर देखा गया। अधिकतर कार्यालय और दुकानें भी बंद रहीं।
कन्नूर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की दो यूनिट तैनात की गई हैं, जहां विरोध प्रदर्शन का असर सबसे अधिक है।टिप्पणियां
जयराजन की गिरफ्तारी के बाद माकपा के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर धरना दिया और कांग्रेस एवं आईयूएमएल के कार्यालयों पर हमला किया।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि बंद के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सांसद ने पत्रकारों से कहा, "पार्टी ने कन्नूर के जिला सचिव पी. जयराजन की गिरफ्तारी के विरोध में कासरगोड जिले में शांतिपूर्ण जूलुस का आयोजन किया था। जूलुस खत्म होने के बाद आईयूएमएल के कार्यकर्ताओं ने हमारे पार्टी नेताओं पर हमला कर दिया और कुमार उन्हें बचाने गया। उसकी पिटाई से मौत हो गई।"
पूर्व विधायक जयराजन को आईयूएमएल कार्यकर्ता अब्दुल शकूर की हत्या के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में कन्नूर जेल भेज दिया गया है।
बंद के दौरान सड़कों पर न तो सरकारी बसें चलीं और न ही निजी। दोपहिया वाहनों और कुछ निजी कारों को हालांकि कुछ स्थानों पर देखा गया। अधिकतर कार्यालय और दुकानें भी बंद रहीं।
कन्नूर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की दो यूनिट तैनात की गई हैं, जहां विरोध प्रदर्शन का असर सबसे अधिक है।टिप्पणियां
जयराजन की गिरफ्तारी के बाद माकपा के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर धरना दिया और कांग्रेस एवं आईयूएमएल के कार्यालयों पर हमला किया।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि बंद के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व विधायक जयराजन को आईयूएमएल कार्यकर्ता अब्दुल शकूर की हत्या के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में कन्नूर जेल भेज दिया गया है।
बंद के दौरान सड़कों पर न तो सरकारी बसें चलीं और न ही निजी। दोपहिया वाहनों और कुछ निजी कारों को हालांकि कुछ स्थानों पर देखा गया। अधिकतर कार्यालय और दुकानें भी बंद रहीं।
कन्नूर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की दो यूनिट तैनात की गई हैं, जहां विरोध प्रदर्शन का असर सबसे अधिक है।टिप्पणियां
जयराजन की गिरफ्तारी के बाद माकपा के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर धरना दिया और कांग्रेस एवं आईयूएमएल के कार्यालयों पर हमला किया।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि बंद के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बंद के दौरान सड़कों पर न तो सरकारी बसें चलीं और न ही निजी। दोपहिया वाहनों और कुछ निजी कारों को हालांकि कुछ स्थानों पर देखा गया। अधिकतर कार्यालय और दुकानें भी बंद रहीं।
कन्नूर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की दो यूनिट तैनात की गई हैं, जहां विरोध प्रदर्शन का असर सबसे अधिक है।टिप्पणियां
जयराजन की गिरफ्तारी के बाद माकपा के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर धरना दिया और कांग्रेस एवं आईयूएमएल के कार्यालयों पर हमला किया।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि बंद के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कन्नूर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की दो यूनिट तैनात की गई हैं, जहां विरोध प्रदर्शन का असर सबसे अधिक है।टिप्पणियां
जयराजन की गिरफ्तारी के बाद माकपा के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर धरना दिया और कांग्रेस एवं आईयूएमएल के कार्यालयों पर हमला किया।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि बंद के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जयराजन की गिरफ्तारी के बाद माकपा के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर धरना दिया और कांग्रेस एवं आईयूएमएल के कार्यालयों पर हमला किया।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि बंद के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि बंद के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। | यह एक सारांश है: माकपा के लोकसभा सांसद पी करुणाकरन ने बताया कि कासरगोड जिले में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के कार्यकर्ताओं की पिटाई से पार्टी के युवा शाखा के पदाधिकारी मनोज कुमार (24 वर्ष) की मौत हो गई। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लीबिया के पूर्वी ब्रेगा में गद्दाफी सेना और विद्रोहियों के बीच तीसरे दिन रविवार को भी संघर्ष जारी रहा। गद्दाफी सेना को कमजोर करने के लिए गठबंधन देशों की सेना हवाई हमले कर रही है इसके बावजूद विद्रोही समारिक बढ़त बनाने में असफल हुए हैं। उधर, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना द्वारा भूलवश किए गए एक हवाई हमले में 13 विद्रोहियों की मौत हो गई। इस बीच, विद्रोहियों का कहना है कि शुक्रवार को उनके काफिले पर गठबंधन सेना के हमले के लिए उनके अपने लड़ाके जिम्मेदार हो सकते हैं। समाचार चैनल 'अल जजीरा' के मुताबिक सेना द्वारा तोपों से हमला किए जाने के बाद सैकड़ों विद्रोही ब्रेगा के पूर्वी इलाके से पीछे हट गए। इसके पहले उन्होंने सेना पर रॉकेटों से हमले किए। शहर के पश्चिमी इलाके से धुआं उठता दिखाई दिया। विद्रोहियों ने शहर के पश्चिमी सिरे पर स्थित एक विश्वद्यिालय के समीप पहुंचने में सफलता पाई है लेकिन गद्दाफी की सेना पर गठबंधन सेना द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों के बावजूद विद्रोही आगे बढ़ पाने में असमर्थ हैं। इस बीच पश्चिम इलाके में स्थित देश के तीसरे सबसे बड़े शहर मिसुराता पर सेना का हमला जारी है। इस क्षेत्र पर विद्रोहियों का नियंत्रण है। रविवार सुबह हुए एक मोर्टार हमले में कम से कम एक व्यक्ति मारा गया और कई लोग घायल हुए। डॉक्टरों का कहना है कि केवल मिसुराता में पिछले एक महीने में 240 से अधिक लोग मारे गए हैं और 1000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना द्वारा शुक्रवार को भूलवश किए गए एक हवाई हमले में 13 विद्रोहियों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक गठबंधन सेना द्वारा गलतफहमी में गिराए गए बमों के कारण कई विद्रोही घायल भी हो गए हैं। यह घटना उस घटी जब विद्रोही, शहर पर फिर से कब्जा करने के लिए सरकारी बलों से संघर्ष कर रहे थे। नाटो की तरफ से हालांकि अभी इस हमले की पुष्टि नहीं की गई है। नाटो के एक प्रवक्ता ने ब्रसेल्स में कहा कि गठबंधन सेना इन खबरों की जांच कर रही है। बीबीसी के मुताबिक इस बीच विद्रोहियों ने कहा है कि लगता है कि उनके सदस्यों के हवाई फायरिंग करने की वजह से ही नाटो की ओर से हवाई हमला हुआ। विद्रोहियों द्वारा बनाई गई अस्थायी राष्ट्रीय परिषद के प्रमुख मुस्तफा अब्दुल जलील ने कहा कि कुछ सदस्य नाटो के हमले वाले इलाके में घुस गए, जिसके लिए नाटो को जिम्मेदार ठहराना गलत होगा। विपक्षी दलों ने कहा है कि वे अपने सदस्यों को प्रशिक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर समाचार चैनल अल-जजीरा के मुताबिक अमेरिका और मिस्र के विशेष बल विद्रोहियों को हथियार मुहैया करा रहे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गद्दाफी सेना को कमजोर करने के लिए गठबंधन देशों की सेना हवाई हमले कर रही है इसके बावजूद विद्रोही समारिक बढ़त बनाने में असफल हुए हैं। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेना और महाराष्ट्र ने सोमवार को झारखण्ड में जारी 34वें राष्ट्रीय खेलों में पदकों का शतक पूरा कर लिया है। सेना के नाम 101 पदक हैं जबकि महाराष्ट्र ने अब तक 105 पदक अपने नाम किए हैं। निशानेबाजी, रोइंग और एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन के बूते सेना ने सबसे अधिक स्वर्ण जीतते हुए तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है। सेना के नाम कुल 42 स्वर्ण, 33 रजत और 26 कांस्य हैं। सेना ने निशानेबाजी में 12, रोइंग में आठ और एथलेटिक्स में सात स्वर्ण जीते हैं। निशानेबाजी में सेना ने अपना वर्चस्व कायम करते हुए 10 रजत और चार कांस्य भी जीते हैं जबकि एथलेटिक्स में उसे एक रजत और चार कांस्य मिला है। तैराकों, निशानेबाजों और जिम्नास्टों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत महाराष्ट्र ने तालिका में दूसरा स्थान बनाए रखा है। महाराष्ट्र के नाम कुल 33 स्वर्ण, 37 रजत और 35 कांस्य हैं। महाराष्ट्र ने तैराकी में 13 स्वर्ण जीते हैं जबकि उसे जिमनास्टिक में सात और निशानेबाजी में छह स्वर्ण मिले हैं। तालिका में मणिपुर तीसरे स्थान पर है। वुशू में अपनी श्रेष्ठता कायम करने वाले मणिपुर के नाम 29 स्वर्ण, 19 रजत और 18 कांस्य हैं। मणिपुर ने वुशू में 14 स्वर्ण जीते हैं। इसके अलावा उसे सापेक टाकरा में चार, साइकिलिंग में छह और रोइंग में दो स्वर्ण मिले हैं। दिल्ली ने इस तालिका में चौथा स्थान बनाए रखा है। दिल्ली ने तैराक ऋचा मिश्रा के 11 स्वर्ण पदकों की बदौलत तैराकी में 11 स्वर्ण जीते हैं जबकि वुशू में उसे 10 स्वर्ण मिले हैं। इसके अलावा उसने एथलेटिक्स में दो और कराटे में एक स्वर्ण जीता है। दिल्ली के नाम 24 स्वर्ण, 17 रजत और 18 कांस्य हैं। मध्य प्रदेश (21 स्वर्ण) तालिका में पांचवें, केरल (19 स्वर्ण) छठे, पंजाब (16 स्वर्ण) सातवें और हरियाणा (15 स्वर्ण) आठवें क्रम पर है। उत्तर प्रदेश ने भी 15 स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं। उसके खाते में 14 रजत और 16 कांस्य भी हैं। मेजबान झारखण्ड ने अब तक 14 स्वर्ण, 12 रजत और 22 कांस्य पदकों के साथ कुल 48 पदक अपने नाम किए हैं। अब तक सभी राज्यों के बीच कुल 933 पदक वितरित किए जा चुके हैं। इनमें 288 स्वर्ण, 290 रजत और 355 कांस्य हैं। | यहाँ एक सारांश है:सेना के नाम 101 पदक हैं जबकि महाराष्ट्र ने अब तक 105 पदक अपने नाम किए हैं। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री ने कहा कि अगली पंचवर्षीय योजना में नौ फीसदी की विकास दर हासिल करने के लिए बेहतर आधारभूत संरचना काफी जरूरी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि अगली पंचवर्षीय योजना (वर्ष 2012-13 से 2016-17) में नौ फीसदी की विकास दर हासिल करने के लिए बेहतर आधारभूत संरचना काफी जरूरी है और इसके लिए पर्याप्त निवेश किए जाएंगे। साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सम्बंध में निजी क्षेत्रों को ठेके आवंटित करते समय पारदर्शिता बरतने की जरूरत है ताकि सरकार पर पक्षपात करने का आरोप न लगे। 'राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास में निजी-सार्वजनिक भागीदार के सामने चुनौतियां' विषय पर एक सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "नौ फीसदी के विकास दर लक्ष्य को हासिल करने में आधारभूत संरचना क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हमारा लक्ष्य 11वीं पंचवर्षीय योजना के 500 अरब डॉलर के निवेश को 12वीं पंचवर्षीय योजना में दोगुना कर 1000 अरब डॉलर करने का है।" उन्होंने कहा, "साथ ही यह भी जरूरी है कि परियोजनाएं पारदर्शी तरीके से आवंटित की जाएं ताकि पक्षपात के आरोपों से बचा जा सके।" सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी के मुताबिक सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत इस वर्ष के अंत तक 7,800 किलोमीटर लम्बे राजमार्गो के निर्माण के लिए करीब 50 हजार करोड़ रुपये के ठेके आवंटित करेगी। उन्होंने कहा कि हर रोज 20 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की उम्मीद के साथ वर्ष के पहले चार माह में 21 हजार करोड़ रुपये के ठेके आवंटित किए जा चुके हैं। | यह एक सारांश है: प्रधानमंत्री ने कहा कि अगली पंचवर्षीय योजना में नौ फीसदी की विकास दर हासिल करने के लिए बेहतर आधारभूत संरचना काफी जरूरी है। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्राजील पुलिस ने मोरक्को के ओलिंपिक मुक्केबाज को रियो डि जिनेरियो में खेल गांव में दो महिला सफाईकर्मियों का कथित यौन शोषण करने के मामले में गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने ओलिंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले जारी विज्ञप्ति में कहा कि अधिकारियों ने 22 वर्षीय हसन सादा को कासाब्लांका से गिरफ्तार किया, जिस पर बुधवार को यौन शोषण करने का आरोप है.टिप्पणियां
इसमें कहा गया है, 'जांच से पता चला कि इस खिलाड़ी ने तीन अगस्त को खेल गांव में काम कर रही दो ब्राजीली सफाईकर्मियों का यौन शोषण किया.' पुलिस सूत्रों ने जी1 वेबसाइट से कहा कि 'हसन सादा पर सफाईकर्मियों को अपने कमरे में बुलाने और फिर उनके साथ छेड़खानी करने का आरोप है. महिलाएं वहां से बचकर भागने में सफल रही.' वेबसाइट ने कहा कि 'तब दो अन्य खिलाड़ी भी कमरे में उपस्थित थे, लेकिन उन्होंने इसका विरोध नहीं किया.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने ओलिंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले जारी विज्ञप्ति में कहा कि अधिकारियों ने 22 वर्षीय हसन सादा को कासाब्लांका से गिरफ्तार किया, जिस पर बुधवार को यौन शोषण करने का आरोप है.टिप्पणियां
इसमें कहा गया है, 'जांच से पता चला कि इस खिलाड़ी ने तीन अगस्त को खेल गांव में काम कर रही दो ब्राजीली सफाईकर्मियों का यौन शोषण किया.' पुलिस सूत्रों ने जी1 वेबसाइट से कहा कि 'हसन सादा पर सफाईकर्मियों को अपने कमरे में बुलाने और फिर उनके साथ छेड़खानी करने का आरोप है. महिलाएं वहां से बचकर भागने में सफल रही.' वेबसाइट ने कहा कि 'तब दो अन्य खिलाड़ी भी कमरे में उपस्थित थे, लेकिन उन्होंने इसका विरोध नहीं किया.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसमें कहा गया है, 'जांच से पता चला कि इस खिलाड़ी ने तीन अगस्त को खेल गांव में काम कर रही दो ब्राजीली सफाईकर्मियों का यौन शोषण किया.' पुलिस सूत्रों ने जी1 वेबसाइट से कहा कि 'हसन सादा पर सफाईकर्मियों को अपने कमरे में बुलाने और फिर उनके साथ छेड़खानी करने का आरोप है. महिलाएं वहां से बचकर भागने में सफल रही.' वेबसाइट ने कहा कि 'तब दो अन्य खिलाड़ी भी कमरे में उपस्थित थे, लेकिन उन्होंने इसका विरोध नहीं किया.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:रियो डि जिनेरियो में दो महिला सफाईकर्मियों का कथित यौन शोषण करने का आरोप.
पुलिस ने ओलिंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले अरेस्ट किया.
सफाईकर्मियों को अपने कमरे में बुलाने, उनके साथ छेड़खानी करने का आरोप. | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: करीब दो हफ्तों तक एक लड़की के साथ हुए गैंग रेप का एमएमएस तमाम मोबाइलों के बीच भेजा गया। इसके बावजूद पुलिस को न तो इसकी कोई खबर लगी और न ही उसने कोई कार्रवाई की।
मंगलवार को, बिहार के महिला आयोग ने इस मामले में केस दर्ज करने लिए कहा। आयोग ने उन चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया जो इस गैंग रेप के वीडियो में दिखाई दे रहे हैं।टिप्पणियां
पुलिस इन चारों में से किसी को भी गिरफ्तार करने में असफल रही। चार में तीन फिलहाल पुलिस की कस्टडी में हैं क्योंकि इन तीनों ने विभिन्न कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। चारों में से दो वांछितों ने राज्य के बाहर एक ने पंजाब में और दूसरे शिमला की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित लड़की का इन चारों में एक पुरुष मित्र है जो उसे एक नजदीक के घर में ले गया और गैंग रेप करवाने के दौरान फिल्म भी बनवाई। इस घटना के 45 दिनों बाद गुरुवार को पीड़ित का बयान दर्ज किया गया है।
मंगलवार को, बिहार के महिला आयोग ने इस मामले में केस दर्ज करने लिए कहा। आयोग ने उन चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया जो इस गैंग रेप के वीडियो में दिखाई दे रहे हैं।टिप्पणियां
पुलिस इन चारों में से किसी को भी गिरफ्तार करने में असफल रही। चार में तीन फिलहाल पुलिस की कस्टडी में हैं क्योंकि इन तीनों ने विभिन्न कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। चारों में से दो वांछितों ने राज्य के बाहर एक ने पंजाब में और दूसरे शिमला की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित लड़की का इन चारों में एक पुरुष मित्र है जो उसे एक नजदीक के घर में ले गया और गैंग रेप करवाने के दौरान फिल्म भी बनवाई। इस घटना के 45 दिनों बाद गुरुवार को पीड़ित का बयान दर्ज किया गया है।
पुलिस इन चारों में से किसी को भी गिरफ्तार करने में असफल रही। चार में तीन फिलहाल पुलिस की कस्टडी में हैं क्योंकि इन तीनों ने विभिन्न कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। चारों में से दो वांछितों ने राज्य के बाहर एक ने पंजाब में और दूसरे शिमला की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित लड़की का इन चारों में एक पुरुष मित्र है जो उसे एक नजदीक के घर में ले गया और गैंग रेप करवाने के दौरान फिल्म भी बनवाई। इस घटना के 45 दिनों बाद गुरुवार को पीड़ित का बयान दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित लड़की का इन चारों में एक पुरुष मित्र है जो उसे एक नजदीक के घर में ले गया और गैंग रेप करवाने के दौरान फिल्म भी बनवाई। इस घटना के 45 दिनों बाद गुरुवार को पीड़ित का बयान दर्ज किया गया है। | संक्षिप्त पाठ: करीब दो हफ्तों तक एक लड़की के साथ हुए गैंग रेप का एमएमएस तमाम मोबाइलों के बीच भेजा गया। इसके बावजूद पुलिस को न तो इसकी कोई खबर लगी और न ही उसने कोई कार्रवाई की। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman) की वतन वापसी की कामना करते हुए कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने भगवान बजरंगबली का वंदन किया. जब 'लंका-दहन' करके देश वापस लौट रहे भारतीय जांबाज भारतीय वायुसेना के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन (Abhinandan) की प्रतीक्षा पूरा देश उत्सुकता से कर रहा था तब चर्चित कवि डॉ कुमार विश्वास ने अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में उनकी सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना की.
कुमार विश्वास ने अयोध्या में भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन वर्धमान (IAF Pilot Abhinandan Varthaman) की सकुशल रिहाई के लिए बजरंग बली से विशेष प्रार्थना की. एक कवि-सम्मेलन के लिए अयोध्या पहुंचे कुमार विश्वास ने आस्था के केंद्र हनुमानगढ़ी (Hanuman Garhi) में स्थित मंदिर में हनुमान जी की वंदना की.
उल्लेखनीय है कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Wing commander abhinandan varthaman) की पाकिस्तान से वापसी का इंतजार शुक्रावार को सुबह से ही किया जा रहा था. उनकी वापसी पर देश-दुनिया की निगाहें टिकी थीं. पूरे देश में हर जाति-धर्म के लोग अपने-अपने तरीके से अभिनंदन की वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे.
कुमार विश्वास ने अपने तरीके से भगवान की वंदना की. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक कवि-सम्मेलन के लिए अयोध्या पहुंचे कुमार विश्वास
आस्था के केंद्र हनुमानगढ़ी में पहुंचकर किया पूजन
पूरा देश उत्सुकता से कर रहा था अभिनंदन की प्रतीक्षा | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जयपुर के आमेर में शुक्रवार को दो सगे भाइयों के बीच जमीन को लेकर हुए संघर्ष में एक भाई ने अपने पुत्र और अन्य लोगों के साथ मिलकर भाई और भतीजे पर चाकुओं से हमला कर दिया. इसमें दोनों की मौत हो गई. थानाधिकारी नरेन्द्र कुमार ने बताया कि चैनपुरा गांव के पास तिबारा की ढाणी में प्रभुदयाल सैनी और उसके भाई रूप नारायण सैनी के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. शुक्रवार को प्रभूदयाल, उसका पुत्र कृष्ण सैनी और एक अन्य साथी ने रूपनारायण सैनी और उसके परिजनों पर हमला कर दिया. इसमें रूपनारायण सैनी (50) और उसके पुत्र हनुमान सैनी (20) की मौत हो गई. वहीं, एक अन्य पुत्र लोकेश सैनी और बहू ममता घायल हो गए.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि इसमें प्रभुदयाल सैनी भी घायल हुआ है. तीनों घायलों को सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पोस्टमार्टम के लिए शवों को मोर्चरी में रखा गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि इसमें प्रभुदयाल सैनी भी घायल हुआ है. तीनों घायलों को सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पोस्टमार्टम के लिए शवों को मोर्चरी में रखा गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दोनों भाइयों में जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
पोस्टमार्टम के लिए शवों को मॉर्चरी में रखा गया है
पुलिस मामले की जांच कर रही है | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर 2008 की चैम्पियन राजस्थान रॉयल्स टीम ने रविवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 18वें मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब को छह विकेट से हरा दिया।
राहुल द्रविड़ की प्रेरणादायी कप्तानी में खेल रही राजस्थान की टीम की चार मैचों में यह तीसरी जीत है जबकि किंग्स इलेवन को तीन में से दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।
किंग्स इलेवन ने राजस्थान के सामने 125 रन के लक्ष्य रखा था, जिसे उसने 19.2 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। राजस्थान के लिए शेन वॉटसन ने 32 रनों का योगदान दिया जबकि अजिंक्य रहाणे ने नाबाद 34 रन बनाए। रहाणे ने 42 गेंदों पर तीन चौके लगाए।
संजू सैमसन के बल्ले से भी नाबाद 27 रन निकले। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 47 रन जोड़े। राजस्थान के बल्लेबाजों ने बेशक सराहनीय प्रदर्शन किया लेकिन मैच का श्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार गेंदबाज जेम्स फॉल्कनर को मिला।
बहरहाल, सलामी बल्लेबाज वॉटसन ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे के साथ मिलकर उन्होंने तेजी से रन बटोरे लेकिन 43 रनों के कुल योग पर वॉटसन पवेलियन लौट गए। वॉटसन ने 19 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। उन्हें परविंदर अवाना ने मंदीप सिंह के हाथों कैच कराया।
इसके बाद कप्तान राहुल द्रविड़ (9) ने विकेट पर आते ही कुछ झन्नाटेदार शॉट लगाए लेकिन 58 रनों के कुल योग पर प्रवीण कुमार ने उन्हें विकेट के पीछे अपने कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के हाथों कैच करा दिया। द्रविड़ ने 12 गेंदों पर दो चौके लगाए।
द्रविड़ का विकेट आठवें ओवर की पहली गेंद पर गिरा। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर प्रवीण ने स्टुअर्ट बिन्नी (0) को विकेट के पीछे कैच कराकर राजस्थान रॉयल्स को तीसरा झटका दिया।
बिन्नी के आउट होने के बाद रहाणे और ब्रैड हॉग (15) ने चौथे विकेट के लिए 21 रन जोड़े। हॉग 16 गेंदों पर दो चौके लगाकर पीयूष चावला की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। यह विकेट 79 रन के कुल योग पर गिरा।
किंग्स इलेवन की ओर से प्रवीण ने दो सफलता हासिल की जबकि अवाना और चावला को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
राहुल द्रविड़ की प्रेरणादायी कप्तानी में खेल रही राजस्थान की टीम की चार मैचों में यह तीसरी जीत है जबकि किंग्स इलेवन को तीन में से दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।
किंग्स इलेवन ने राजस्थान के सामने 125 रन के लक्ष्य रखा था, जिसे उसने 19.2 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। राजस्थान के लिए शेन वॉटसन ने 32 रनों का योगदान दिया जबकि अजिंक्य रहाणे ने नाबाद 34 रन बनाए। रहाणे ने 42 गेंदों पर तीन चौके लगाए।
संजू सैमसन के बल्ले से भी नाबाद 27 रन निकले। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 47 रन जोड़े। राजस्थान के बल्लेबाजों ने बेशक सराहनीय प्रदर्शन किया लेकिन मैच का श्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार गेंदबाज जेम्स फॉल्कनर को मिला।
बहरहाल, सलामी बल्लेबाज वॉटसन ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे के साथ मिलकर उन्होंने तेजी से रन बटोरे लेकिन 43 रनों के कुल योग पर वॉटसन पवेलियन लौट गए। वॉटसन ने 19 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। उन्हें परविंदर अवाना ने मंदीप सिंह के हाथों कैच कराया।
इसके बाद कप्तान राहुल द्रविड़ (9) ने विकेट पर आते ही कुछ झन्नाटेदार शॉट लगाए लेकिन 58 रनों के कुल योग पर प्रवीण कुमार ने उन्हें विकेट के पीछे अपने कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के हाथों कैच करा दिया। द्रविड़ ने 12 गेंदों पर दो चौके लगाए।
द्रविड़ का विकेट आठवें ओवर की पहली गेंद पर गिरा। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर प्रवीण ने स्टुअर्ट बिन्नी (0) को विकेट के पीछे कैच कराकर राजस्थान रॉयल्स को तीसरा झटका दिया।
बिन्नी के आउट होने के बाद रहाणे और ब्रैड हॉग (15) ने चौथे विकेट के लिए 21 रन जोड़े। हॉग 16 गेंदों पर दो चौके लगाकर पीयूष चावला की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। यह विकेट 79 रन के कुल योग पर गिरा।
किंग्स इलेवन की ओर से प्रवीण ने दो सफलता हासिल की जबकि अवाना और चावला को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
किंग्स इलेवन ने राजस्थान के सामने 125 रन के लक्ष्य रखा था, जिसे उसने 19.2 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। राजस्थान के लिए शेन वॉटसन ने 32 रनों का योगदान दिया जबकि अजिंक्य रहाणे ने नाबाद 34 रन बनाए। रहाणे ने 42 गेंदों पर तीन चौके लगाए।
संजू सैमसन के बल्ले से भी नाबाद 27 रन निकले। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 47 रन जोड़े। राजस्थान के बल्लेबाजों ने बेशक सराहनीय प्रदर्शन किया लेकिन मैच का श्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार गेंदबाज जेम्स फॉल्कनर को मिला।
बहरहाल, सलामी बल्लेबाज वॉटसन ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे के साथ मिलकर उन्होंने तेजी से रन बटोरे लेकिन 43 रनों के कुल योग पर वॉटसन पवेलियन लौट गए। वॉटसन ने 19 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। उन्हें परविंदर अवाना ने मंदीप सिंह के हाथों कैच कराया।
इसके बाद कप्तान राहुल द्रविड़ (9) ने विकेट पर आते ही कुछ झन्नाटेदार शॉट लगाए लेकिन 58 रनों के कुल योग पर प्रवीण कुमार ने उन्हें विकेट के पीछे अपने कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के हाथों कैच करा दिया। द्रविड़ ने 12 गेंदों पर दो चौके लगाए।
द्रविड़ का विकेट आठवें ओवर की पहली गेंद पर गिरा। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर प्रवीण ने स्टुअर्ट बिन्नी (0) को विकेट के पीछे कैच कराकर राजस्थान रॉयल्स को तीसरा झटका दिया।
बिन्नी के आउट होने के बाद रहाणे और ब्रैड हॉग (15) ने चौथे विकेट के लिए 21 रन जोड़े। हॉग 16 गेंदों पर दो चौके लगाकर पीयूष चावला की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। यह विकेट 79 रन के कुल योग पर गिरा।
किंग्स इलेवन की ओर से प्रवीण ने दो सफलता हासिल की जबकि अवाना और चावला को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
संजू सैमसन के बल्ले से भी नाबाद 27 रन निकले। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 47 रन जोड़े। राजस्थान के बल्लेबाजों ने बेशक सराहनीय प्रदर्शन किया लेकिन मैच का श्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार गेंदबाज जेम्स फॉल्कनर को मिला।
बहरहाल, सलामी बल्लेबाज वॉटसन ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे के साथ मिलकर उन्होंने तेजी से रन बटोरे लेकिन 43 रनों के कुल योग पर वॉटसन पवेलियन लौट गए। वॉटसन ने 19 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। उन्हें परविंदर अवाना ने मंदीप सिंह के हाथों कैच कराया।
इसके बाद कप्तान राहुल द्रविड़ (9) ने विकेट पर आते ही कुछ झन्नाटेदार शॉट लगाए लेकिन 58 रनों के कुल योग पर प्रवीण कुमार ने उन्हें विकेट के पीछे अपने कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के हाथों कैच करा दिया। द्रविड़ ने 12 गेंदों पर दो चौके लगाए।
द्रविड़ का विकेट आठवें ओवर की पहली गेंद पर गिरा। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर प्रवीण ने स्टुअर्ट बिन्नी (0) को विकेट के पीछे कैच कराकर राजस्थान रॉयल्स को तीसरा झटका दिया।
बिन्नी के आउट होने के बाद रहाणे और ब्रैड हॉग (15) ने चौथे विकेट के लिए 21 रन जोड़े। हॉग 16 गेंदों पर दो चौके लगाकर पीयूष चावला की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। यह विकेट 79 रन के कुल योग पर गिरा।
किंग्स इलेवन की ओर से प्रवीण ने दो सफलता हासिल की जबकि अवाना और चावला को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
बहरहाल, सलामी बल्लेबाज वॉटसन ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे के साथ मिलकर उन्होंने तेजी से रन बटोरे लेकिन 43 रनों के कुल योग पर वॉटसन पवेलियन लौट गए। वॉटसन ने 19 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। उन्हें परविंदर अवाना ने मंदीप सिंह के हाथों कैच कराया।
इसके बाद कप्तान राहुल द्रविड़ (9) ने विकेट पर आते ही कुछ झन्नाटेदार शॉट लगाए लेकिन 58 रनों के कुल योग पर प्रवीण कुमार ने उन्हें विकेट के पीछे अपने कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के हाथों कैच करा दिया। द्रविड़ ने 12 गेंदों पर दो चौके लगाए।
द्रविड़ का विकेट आठवें ओवर की पहली गेंद पर गिरा। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर प्रवीण ने स्टुअर्ट बिन्नी (0) को विकेट के पीछे कैच कराकर राजस्थान रॉयल्स को तीसरा झटका दिया।
बिन्नी के आउट होने के बाद रहाणे और ब्रैड हॉग (15) ने चौथे विकेट के लिए 21 रन जोड़े। हॉग 16 गेंदों पर दो चौके लगाकर पीयूष चावला की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। यह विकेट 79 रन के कुल योग पर गिरा।
किंग्स इलेवन की ओर से प्रवीण ने दो सफलता हासिल की जबकि अवाना और चावला को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
इसके बाद कप्तान राहुल द्रविड़ (9) ने विकेट पर आते ही कुछ झन्नाटेदार शॉट लगाए लेकिन 58 रनों के कुल योग पर प्रवीण कुमार ने उन्हें विकेट के पीछे अपने कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के हाथों कैच करा दिया। द्रविड़ ने 12 गेंदों पर दो चौके लगाए।
द्रविड़ का विकेट आठवें ओवर की पहली गेंद पर गिरा। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर प्रवीण ने स्टुअर्ट बिन्नी (0) को विकेट के पीछे कैच कराकर राजस्थान रॉयल्स को तीसरा झटका दिया।
बिन्नी के आउट होने के बाद रहाणे और ब्रैड हॉग (15) ने चौथे विकेट के लिए 21 रन जोड़े। हॉग 16 गेंदों पर दो चौके लगाकर पीयूष चावला की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। यह विकेट 79 रन के कुल योग पर गिरा।
किंग्स इलेवन की ओर से प्रवीण ने दो सफलता हासिल की जबकि अवाना और चावला को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
द्रविड़ का विकेट आठवें ओवर की पहली गेंद पर गिरा। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर प्रवीण ने स्टुअर्ट बिन्नी (0) को विकेट के पीछे कैच कराकर राजस्थान रॉयल्स को तीसरा झटका दिया।
बिन्नी के आउट होने के बाद रहाणे और ब्रैड हॉग (15) ने चौथे विकेट के लिए 21 रन जोड़े। हॉग 16 गेंदों पर दो चौके लगाकर पीयूष चावला की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। यह विकेट 79 रन के कुल योग पर गिरा।
किंग्स इलेवन की ओर से प्रवीण ने दो सफलता हासिल की जबकि अवाना और चावला को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
बिन्नी के आउट होने के बाद रहाणे और ब्रैड हॉग (15) ने चौथे विकेट के लिए 21 रन जोड़े। हॉग 16 गेंदों पर दो चौके लगाकर पीयूष चावला की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। यह विकेट 79 रन के कुल योग पर गिरा।
किंग्स इलेवन की ओर से प्रवीण ने दो सफलता हासिल की जबकि अवाना और चावला को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
किंग्स इलेवन की ओर से प्रवीण ने दो सफलता हासिल की जबकि अवाना और चावला को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
इससे पहले, कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी के कारण किंग्स इलेवन टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 124 रन ही बना सकी।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
मेहमान टीम के लिए डेविड हसी ने सबसे अधिक 41 रन बनाए। गिलक्रिस्ट, मंदीप सिंह (2), मनन वोहरा (3, गुरकीरत सिंह (10), आर सतीश (11), पीयूष चावला (7), परविंदर अवाना (0) नाकाम रहे।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
हसी ने अपनी 31 गेंदों की आकर्षक पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। आईपीएल में खेल रहे पाकिस्तानी मूल के एकमात्र खिलाड़ी अजहर महमूद (23) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन दूसरे छोर पर किसी का साथ नही मिलने के कारण वह अपनी टीम को सम्मानजनक योग तक नहीं पहुंचा सके।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
वर्ष 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स टीम के गेंदबाजों ने अपने कप्तान राहुल द्रविड़ के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को सही साबित किया। शांताकुमारन श्रीसंत ने अपने पहले और पारी के दूसरे ओवर में दो तगड़े झटके दिए।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और मंदीप इस ओवर में पवेलियन लौटे। उस समय तक किंग्स इलेवन के खाते में सिर्फ छह रन जुड़े थे। इसके बाद 10 रन के कुल योग पर जेम्स फॉल्कर ने मनन को रन आउट करके मेहमान टीम को तीसरा झटका दिया।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
मनन के आउट होने के बाद गुरकीरत और हसी ने चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। गुरकीरत 45 रन के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद सतीश और हसी ने स्कोर को 67 तक पहुंचाया लेकिन फॉल्कर ने सतीश को आउट करके किंग्स इलेवन को पांचवां झटका दिया।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
हसी 75 रन के कुल योग पर सिद्धार्थ त्रिवेदी की गेंद पर द्रविड़ के हाथों लपके गए। फिर 92 के कुल योग पर चावला को केवन कूपर ने अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
महमूद खतरनाक होते दिख रहे थे लेकिन कूपर ने 104 रनों के कुल योग पर उन्हें आउट करके अपनी टीम का काम आसान किया। महमूद ने 20 गेंदों पर तीन चौके लगाए। पारी के अंतिम क्षणों में प्रवीण कुमार (15) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए।टिप्पणियां
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
प्रवीण ने सात गेंदों का सामना करते हुए दो चौके और एक छक्का लगाया। प्रवीण 124 के कुल योग पर रन आउट हुए। इसके बाद अगली ही गेंद पर अवाना ने फॉल्कनर की गेंद पर कैच थमा दिया।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की।
किंग्स इलेवन की ओर से त्रिवेदी, श्रीसंत, कूपर और फॉल्कनर ने दो-दो सफलता हासिल की। | संक्षिप्त पाठ: अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर 2008 की चैम्पियन राजस्थान रॉयल्स टीम ने रविवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 18वें मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब को छह विकेट से हरा दिया। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल ने, सोमवार को शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र से पहले, शुक्रवार को कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में हुई अनियमितता की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने पर कोई निर्णय चंद दिनों के भीतर ले लिया जाएगा। बंसल ने सत्र पूर्व आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, जेपीसी पर कोई निर्णय अगले तीन-चार दिनों में ले लिया जाएगा। सरकार इस मुद्दे पर विपक्षी दलों से मशविरा कर रही है। उल्लेखनीय है कि 9 नवम्बर से 13 दिसम्बर तक का शीतकालीन सत्र, जेपीसी की मांग को लेकर विपक्ष के अड़ियल रुख और सरकार के अनवरत इनकार की भेट चढ़ गया था। शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में कोई कामकाज नहीं हो सका था। बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ होगी। राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगी। बजट पूर्व का आर्थिक सर्वेक्षण और रेल बजट 25 फरवरी को पेश होगा तथा आम बजट 28 फरवरी को। बजट सत्र दो चरणों में पूरा होगा। बीच में 16 मार्च से 4 अप्रैल तक अवकाश रहेगा और 21 अप्रैल को सत्रावसान हो जाएगा। बंसल ने कहा, इस सत्र के दौरान सदन की 29 बैंठकें होंगी। 17 बैठकें सत्र के पूर्वार्ध में और 12 उत्तरार्ध में। 66 विधेयकों सहित कुल 75 विषयों की पहचान की गई है, जिन्हें सत्र के दौरान सदन में पेश किया जाएगा। | संक्षिप्त सारांश: संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच के लिए जेपीसी गठित करने पर निर्णय चंद दिनों के भीतर ले लिया जाएगा। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सूर्यनेल्ली सामूहिक बलात्कार मामले में राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन के खिलाफ आरोपों की पुन: जांच की मांग करते पीड़िता की मां ने गुरुवार को कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है।
इससे पहले इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रही महिला विधायकों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती को लेकर माकपा नीत विपक्षी एलडीएफ के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार को दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने हालांकि घोषणा की कि सरकार माकपा विधायकों ईएस बिजिमोल और गीता गोपी के खिलाफ बुधवार को पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन ने 'मनमानी' करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किए जाने की मांग की।टिप्पणियां
चांडी ने एडीजीपी की रिपोर्ट और घटना के वीडियो दृश्यों को उद्धृत करते हुए कहा कि हालांकि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए कुछ नहीं पाया गया, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए सरकार न्यायिक जांच के लिए तैयार है।
शून्यकाल में तीखी बहस के बाद विपक्षी सदस्यों ने सरकार की बात को नारे लगाते हुए खारिज कर दिया और महिला विधायकों के साथ आसन के समक्ष आ गए। चार महिला विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंचकर 'हमें न्याय और सुरक्षा चाहिए' के नारे लगाने लगीं। विधानसभा अध्यक्ष जी कार्तिकेयन ने हंगामे की वजह से बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रही महिला विधायकों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती को लेकर माकपा नीत विपक्षी एलडीएफ के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार को दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने हालांकि घोषणा की कि सरकार माकपा विधायकों ईएस बिजिमोल और गीता गोपी के खिलाफ बुधवार को पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन ने 'मनमानी' करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किए जाने की मांग की।टिप्पणियां
चांडी ने एडीजीपी की रिपोर्ट और घटना के वीडियो दृश्यों को उद्धृत करते हुए कहा कि हालांकि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए कुछ नहीं पाया गया, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए सरकार न्यायिक जांच के लिए तैयार है।
शून्यकाल में तीखी बहस के बाद विपक्षी सदस्यों ने सरकार की बात को नारे लगाते हुए खारिज कर दिया और महिला विधायकों के साथ आसन के समक्ष आ गए। चार महिला विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंचकर 'हमें न्याय और सुरक्षा चाहिए' के नारे लगाने लगीं। विधानसभा अध्यक्ष जी कार्तिकेयन ने हंगामे की वजह से बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने हालांकि घोषणा की कि सरकार माकपा विधायकों ईएस बिजिमोल और गीता गोपी के खिलाफ बुधवार को पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन ने 'मनमानी' करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किए जाने की मांग की।टिप्पणियां
चांडी ने एडीजीपी की रिपोर्ट और घटना के वीडियो दृश्यों को उद्धृत करते हुए कहा कि हालांकि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए कुछ नहीं पाया गया, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए सरकार न्यायिक जांच के लिए तैयार है।
शून्यकाल में तीखी बहस के बाद विपक्षी सदस्यों ने सरकार की बात को नारे लगाते हुए खारिज कर दिया और महिला विधायकों के साथ आसन के समक्ष आ गए। चार महिला विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंचकर 'हमें न्याय और सुरक्षा चाहिए' के नारे लगाने लगीं। विधानसभा अध्यक्ष जी कार्तिकेयन ने हंगामे की वजह से बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
चांडी ने एडीजीपी की रिपोर्ट और घटना के वीडियो दृश्यों को उद्धृत करते हुए कहा कि हालांकि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए कुछ नहीं पाया गया, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए सरकार न्यायिक जांच के लिए तैयार है।
शून्यकाल में तीखी बहस के बाद विपक्षी सदस्यों ने सरकार की बात को नारे लगाते हुए खारिज कर दिया और महिला विधायकों के साथ आसन के समक्ष आ गए। चार महिला विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंचकर 'हमें न्याय और सुरक्षा चाहिए' के नारे लगाने लगीं। विधानसभा अध्यक्ष जी कार्तिकेयन ने हंगामे की वजह से बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
शून्यकाल में तीखी बहस के बाद विपक्षी सदस्यों ने सरकार की बात को नारे लगाते हुए खारिज कर दिया और महिला विधायकों के साथ आसन के समक्ष आ गए। चार महिला विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंचकर 'हमें न्याय और सुरक्षा चाहिए' के नारे लगाने लगीं। विधानसभा अध्यक्ष जी कार्तिकेयन ने हंगामे की वजह से बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। | संक्षिप्त सारांश: सूर्यनेल्ली सामूहिक बलात्कार मामले में राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन के खिलाफ आरोपों की पुन: जांच की मांग करते पीड़िता की मां ने गुरुवार को कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चंद्रयान-2 मंगलवार सुबह चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया और इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि हो गई. चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित प्रक्षेपण केंद्र से 22 जुलाई को प्रक्षेपित किया गया था. यदि यह अभियान सफल रहा तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चंद्रमा की सतह पर रोवर पहुंचाने वाला चौथा देश बन जाएगा. वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि उनके भांजे रतुल पुरी के बिजनेस से उनका कोई लेना देना नहीं है. पुरी को 354 करोड़ रुपये के एक बैंक घोटाले के मामले में ईडी ने मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया है. कमलनाथ ने मीडिया से कहा, 'मेरा उसके व्यवसाय से कोई संबंध नहीं है. उधर, पुराने पड़ चुके भारतीय वायुसेना के विमान मिग-21 पर तंज कसते हुए वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बीएस धनोवा ने कहा कि वायुसेना अभी भी 44 साल पुराने मिग-21 विमान उड़ा रही है, जबकि इतने साल बाद कोई अपनी कार तक नहीं चलाता. वायुसेना का मिग 21 विमान चार दशक से ज्यादा पुराना हो गया है.
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से कश्मीर मामले में क्षेत्र में तनाव कम करने की अपील की. साथ ही स्थिति को ‘गंभीर' बताया. ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से सोमवार को फोन पर बात की और उन्हें भारत के खिलाफ संभल कर बयानबाजी करने को कहा. उधर, पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली (Hasan Ali) आज भारत की सामिया (Samiya Khan) से शादी करने जा रहे हैं. दुबई में बसी शामिया (Samyah Khan) एमिरेट्स एयरलाइन्स में फ्लाइट इंजीनियर हैं जबकि उनके परिवार के सदस्य भारत में रहते हैं. उन्होंने मानव रचना विश्वविद्यालय से एयरोनाटिक्स की डिग्री ली है और उन्होंने इंग्लैंड में भी पढ़ाई की है.
चंद्रयान-2 मंगलवार सुबह चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया और इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि हो गई. चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित प्रक्षेपण केंद्र से 22 जुलाई को प्रक्षेपित किया गया था. यदि यह अभियान सफल रहा तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चंद्रमा की सतह पर रोवर पहुंचाने वाला चौथा देश बन जाएगा. लगभग 30 दिनों की यात्रा के बाद चंद्रयान 2 चांद की कक्षा में स्थापित हुआ है. चंद्रयान 2 को चांद की कक्षा में स्थापित करना इस मिशन के सबसे मुश्किल अभियानों में से एक था, क्योंकि अगर सेटेलाइट चंद्रमा पर उच्च गति वाले वेग से पहुंचता है, तो वह उसे उछाल देगा और ऐसे में वह गहरे अंतरिक्ष में खो जाएगा. लेकिन अगर वह धीमी गति से पहुंचता है तो चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षणचंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) को खींच लेगा और वह सतह पर गिर सकता है. वेग बिल्कुल ठीक होना चाहिए और योजना के अनुसार ऑपरेशन के लिए चंद्रमा के बजाय ऊंचाई पर ही गति सटीक होनी चाहिए. यहां तक कि एक छोटी सी गलती भी मिशन को नाकाम कर सकती है. लगभग एक पखवाड़े तक चंद्रमा की कक्षा में घूमने के बाद, चंद्रयान 2 की लैंडिंग 7 सितंबर को निर्धारित है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि उनके भांजे रतुल पुरी के बिजनेस से उनका कोई लेना देना नहीं है. पुरी को 354 करोड़ रुपये के एक बैंक घोटाले के मामले में ईडी ने मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया है. कमलनाथ ने मीडिया से कहा, 'मेरा उसके व्यवसाय से कोई संबंध नहीं है. मैं न तो शेयरधारक हूं, न ही डायरेक्टर. मेरे लिए यह विशुद्ध रूप से दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई प्रतीत होती है. मुझे पूरा भरोसा है कि कोर्ट सही फैसला लेगा.' इसमें सुधारात्मक कदम उठाएगा.बता दें, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 354 करोड़ रुपए के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे एवं कारोबारी रतुल पुरी को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों ने उन्होंने बताया कि एजेंसी के समक्ष पेश होने के बाद पुरी को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत सोमवार को देर रात गिरफ्तार किया गया. सीबीआई द्वारा पिछले सप्ताह दर्ज प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद पुरी के और अन्य के खिलाफ एक नया आपराधिक मामला दर्ज किया गया था.
पुराने पड़ चुके भारतीय वायुसेना के विमान मिग-21 पर तंज कसते हुए वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बीएस धनोवा ने कहा कि वायुसेना अभी भी 44 साल पुराने मिग-21 विमान उड़ा रही है, जबकि इतने साल बाद कोई अपनी कार तक नहीं चलाता. वायुसेना का मिग 21 विमान चार दशक से ज्यादा पुराना हो गया है. लेकिन अभी भी यह विमान वायुसेना की रीढ़ की हड्डी बना हुआ है. दुनिया में शायद ही कोई देश इतना पुराना लड़ाकू विमान उड़ाता है. वजह है वायुसेना के पास मिग 21 के विकल्प के तौर पर कोई विमान नहीं हैं. इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वायुसेना पूरे दमखम के साथ इसके भरोसे न केवल सरहद की हिफाजत करती है बल्कि दुश्मन की चुनौतियों का जवाब भी देती है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से कश्मीर मामले में क्षेत्र में तनाव कम करने की अपील की. साथ ही स्थिति को ‘गंभीर' बताया. ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से सोमवार को फोन पर बात की और उन्हें भारत के खिलाफ संभल कर बयानबाजी करने को कहा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर करीब 30 मिनट बात करने के बाद उन्होंने खान से बात की. मोदी ने बातचीत के दौरान पाकिस्तानी नेताओं द्वारा ‘भारत विरोधी हिंसा के लिए उग्र बयानबाजी और उकसावे' का मुद्दा उठाया. ट्रम्प ने ट्वीट किया, ‘अपने दो अच्छे दोस्तों, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और सबसे अधिक महत्वपूर्ण भारत और पाकिस्तान के कश्मीर में तनाव कम करने को लेकर बात की. गंभीर स्थिति, लेकिन अच्छी बातचीत...'
Hasan Ali-Samiya Khan Wedding पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली (Hasan Ali) आज भारत की सामिया (Samiya Khan) से शादी करने जा रहे हैं. दुबई में बसी शामिया (Samyah Khan) एमिरेट्स एयरलाइन्स में फ्लाइट इंजीनियर हैं जबकि उनके परिवार के सदस्य भारत में रहते हैं. उन्होंने मानव रचना विश्वविद्यालय से एयरोनाटिक्स की डिग्री ली है और उन्होंने इंग्लैंड में भी पढ़ाई की है. शादी से पहले उनका प्री वेडिंग फोटो शूट वायरल हो रहा है. जिसको खूब शेयर किया जा रहा है. वायरल तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि वो दुबई (Dubai) में फोटो शूट करा रहे हैं. | संक्षिप्त पाठ: चांद की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान 2
एमपी के सीएम कमलनाथ ने कहा भांजे के कारोबार से कोई लेना-देना नहीं
डोनाल्ड ट्रंप ने की इमरान खान से बातचीत | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने सोमवार को ‘द ऑस्ट्रेलियन’ अखबार की ओर से स्कॉर्पीन पनडुब्बी संबन्धी डेटा को आगे प्रकाशित करने के खिलाफ अस्थायी आदेश जारी कर दिया. अदालत ने फ्रांसीसी कंपनी डीसीएनएस की ओर दायर आवेदन पर आदेश जारी किया.
अखबार का कहना है कि अदालत की ओर से अस्थायी आदेश दिया गया है. उसने पहले कहा था कि वह सोमवार को इस पनडुब्बी की शस्त्र प्रणाली से जुड़े दस्तावेजों को प्रकाशित करेगा, हालांकि उसने ऐसा नहीं किया.
पेरिस में कंपनी के मुख्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘डीसीएनएस ने आवेदन देकर मांग की है कि 'द ऑस्ट्रेलियन' उन दस्तावेजों को हटाए जो उसने अपनी वेबसाइट पर डाली हैं तथा अन्य दस्तावेजों का और कोई प्रकाशन रोके.’’ कंपनी के वकील ने रविवार को अखबार से कहा था कि अत्यधिक महत्वपूर्ण इन दस्तावेजों के प्रकाशन से संवदेनशील और प्रतिबंधित सूचनाओं एवं चित्रों के प्रसार के लिहाज से डीसीएनएस तथा उसकी छवि और उसके ग्राहक को सीधा नुकसान पहुंचता है.टिप्पणियां
इस फ्रांसीसी कंपनी के सहयोग से भारतीय नौसेना के लिए मुम्बई में बनायी जा रही छह उच्च उन्नत पनडुब्बियों की क्षमताओं के बारे में 22,000 से अधिक पन्नों के गुप्त आंकड़े लीक कर दिए गए हैं. फ्रांसीसी सरकारी अभियोजक ने इस डेटा लीक की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है. डीसीएनएस ने विश्वास का उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज करायी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अखबार का कहना है कि अदालत की ओर से अस्थायी आदेश दिया गया है. उसने पहले कहा था कि वह सोमवार को इस पनडुब्बी की शस्त्र प्रणाली से जुड़े दस्तावेजों को प्रकाशित करेगा, हालांकि उसने ऐसा नहीं किया.
पेरिस में कंपनी के मुख्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘डीसीएनएस ने आवेदन देकर मांग की है कि 'द ऑस्ट्रेलियन' उन दस्तावेजों को हटाए जो उसने अपनी वेबसाइट पर डाली हैं तथा अन्य दस्तावेजों का और कोई प्रकाशन रोके.’’ कंपनी के वकील ने रविवार को अखबार से कहा था कि अत्यधिक महत्वपूर्ण इन दस्तावेजों के प्रकाशन से संवदेनशील और प्रतिबंधित सूचनाओं एवं चित्रों के प्रसार के लिहाज से डीसीएनएस तथा उसकी छवि और उसके ग्राहक को सीधा नुकसान पहुंचता है.टिप्पणियां
इस फ्रांसीसी कंपनी के सहयोग से भारतीय नौसेना के लिए मुम्बई में बनायी जा रही छह उच्च उन्नत पनडुब्बियों की क्षमताओं के बारे में 22,000 से अधिक पन्नों के गुप्त आंकड़े लीक कर दिए गए हैं. फ्रांसीसी सरकारी अभियोजक ने इस डेटा लीक की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है. डीसीएनएस ने विश्वास का उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज करायी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पेरिस में कंपनी के मुख्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘डीसीएनएस ने आवेदन देकर मांग की है कि 'द ऑस्ट्रेलियन' उन दस्तावेजों को हटाए जो उसने अपनी वेबसाइट पर डाली हैं तथा अन्य दस्तावेजों का और कोई प्रकाशन रोके.’’ कंपनी के वकील ने रविवार को अखबार से कहा था कि अत्यधिक महत्वपूर्ण इन दस्तावेजों के प्रकाशन से संवदेनशील और प्रतिबंधित सूचनाओं एवं चित्रों के प्रसार के लिहाज से डीसीएनएस तथा उसकी छवि और उसके ग्राहक को सीधा नुकसान पहुंचता है.टिप्पणियां
इस फ्रांसीसी कंपनी के सहयोग से भारतीय नौसेना के लिए मुम्बई में बनायी जा रही छह उच्च उन्नत पनडुब्बियों की क्षमताओं के बारे में 22,000 से अधिक पन्नों के गुप्त आंकड़े लीक कर दिए गए हैं. फ्रांसीसी सरकारी अभियोजक ने इस डेटा लीक की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है. डीसीएनएस ने विश्वास का उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज करायी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस फ्रांसीसी कंपनी के सहयोग से भारतीय नौसेना के लिए मुम्बई में बनायी जा रही छह उच्च उन्नत पनडुब्बियों की क्षमताओं के बारे में 22,000 से अधिक पन्नों के गुप्त आंकड़े लीक कर दिए गए हैं. फ्रांसीसी सरकारी अभियोजक ने इस डेटा लीक की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है. डीसीएनएस ने विश्वास का उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज करायी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | डीसीएनएस ने विश्वास का उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज करायी है
फ्रांसीसी सरकारी अभियोजक ने डेटा लीक की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है
कंपनी की मांग, वेबसाइट से दस्तावेज हटाए 'द ऑस्ट्रेलियन' अखबार | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गाजियाबाद में बुधवार को एक व्यवसायी सहित उसके परिवार के छह लोग अपने ही घर में मृत पाए गए। पुलिस के अनुसार, यह घर गाजियाबाद की घनी आबादी वाले इलाके में पड़ता है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गाजियाबाद के व्यवसायी सतीश गोयल (62), पत्नी मंजू (60), बेटे सचिन (40) बहू रेखा (38) और पोते-पोती मेधा (13), हनी (11) और अमन घर में मृत पाए गए।टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरा घर तहस-नहस पाया गया है। टूटी हुई अलमारियों को देखने से लगता है कि अपराधियों ने घर में रखे कीमती सामान चुरा लिए हैं।
बुधवार को सुबह 8 बजे के करीब पड़ोसियों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ देखा और किसी अप्रिय घटना की आशंका होने पर पुलिस को सूचना दी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गाजियाबाद के व्यवसायी सतीश गोयल (62), पत्नी मंजू (60), बेटे सचिन (40) बहू रेखा (38) और पोते-पोती मेधा (13), हनी (11) और अमन घर में मृत पाए गए।टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरा घर तहस-नहस पाया गया है। टूटी हुई अलमारियों को देखने से लगता है कि अपराधियों ने घर में रखे कीमती सामान चुरा लिए हैं।
बुधवार को सुबह 8 बजे के करीब पड़ोसियों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ देखा और किसी अप्रिय घटना की आशंका होने पर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरा घर तहस-नहस पाया गया है। टूटी हुई अलमारियों को देखने से लगता है कि अपराधियों ने घर में रखे कीमती सामान चुरा लिए हैं।
बुधवार को सुबह 8 बजे के करीब पड़ोसियों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ देखा और किसी अप्रिय घटना की आशंका होने पर पुलिस को सूचना दी।
बुधवार को सुबह 8 बजे के करीब पड़ोसियों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ देखा और किसी अप्रिय घटना की आशंका होने पर पुलिस को सूचना दी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गाजियाबाद के व्यवसायी सतीश गोयल (62), पत्नी मंजू (60), बेटे सचिन (40) बहू रेखा (38) और पोते-पोती मेधा (13), हनी (11) और अमन घर में मृत पाए गए। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोल-गेट मामले पर पीएम मनमोहन सिंह ने अटार्नी जनरल जीई वाहनवती से मुलाकात की है। मुलाकात के दौरान इस मामले पर सरकारी पक्ष रखने के संबंध में चर्चा हुई। इस मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।टिप्पणियां
इससे पहले, मामले की जांच को लेकर सरकार और सीबीआई आमने−सामने नज़र आईं थीं।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में सीबीआई के वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया था कि स्टेटस रिपोर्ट को कोर्ट में दायर करने से पहले किसी को नहीं दिखाया गया है। बाद में यह खबर आई कि कानून मंत्रालय और पीएमओ की तरफ से रिपोर्ट में कुछ फेरबदल की गई थी जिसपर सीबीआई को कोर्ट में जवाब देना है।
इससे पहले, मामले की जांच को लेकर सरकार और सीबीआई आमने−सामने नज़र आईं थीं।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में सीबीआई के वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया था कि स्टेटस रिपोर्ट को कोर्ट में दायर करने से पहले किसी को नहीं दिखाया गया है। बाद में यह खबर आई कि कानून मंत्रालय और पीएमओ की तरफ से रिपोर्ट में कुछ फेरबदल की गई थी जिसपर सीबीआई को कोर्ट में जवाब देना है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में सीबीआई के वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया था कि स्टेटस रिपोर्ट को कोर्ट में दायर करने से पहले किसी को नहीं दिखाया गया है। बाद में यह खबर आई कि कानून मंत्रालय और पीएमओ की तरफ से रिपोर्ट में कुछ फेरबदल की गई थी जिसपर सीबीआई को कोर्ट में जवाब देना है। | यहाँ एक सारांश है:कोल-गेट मामले पर पीएम मनमोहन सिंह ने अटार्नी जनरल जीई वाहनवती से मुलाकात की है। मुलाकात के दौरान इस मामले पर सरकारी पक्ष रखने के संबंध में चर्चा हुई। इस मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: न्यूजीलैंड के नील ब्रूम ने बांग्लादेश के खिलाफ आज यहां दूसरे वनडे मैच को अपने लिए बेहद खास बनाया. नील ब्रूम ने वनडे में अपने डेब्यू के करीब आठ साल बाद शतक जड़ा और कीवी टीम को जीत दिला दी. ब्रूम (नाबाद 109) के करियर के पहले शतक की मदद से न्यूजीलैंड ने दूसरे वनडे मैच में आज बांग्लादेश को 67 रन से हराकर तीन वनडे मैचों की सीरीज में 2-0 की विजयी बढत बना ली.
इस मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251 रन बनाए, जवाब में बांग्लादेश ने 23वें ओवर तक एक विकेट पर 104 रन बना लिए थे लेकिन पूरी टीम 43वें ओवर में 184 रन पर आउट हो गई. उसके आखिरी नौ विकेट 80 रन के भीतर गिर गए.पहला मैच न्यूजीलैंड ने 77 रन से जीता था. आखिरी मैच शनिवार को नेल्सन में खेला जाएगा.टिप्पणियां
33 साल के नील ने जनवरी 2009 में ऑकलैंड में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था. न्यूजीलैंड के लिए कप्तान और अनियमित स्पिनर केन विलियमसन ने 22 रन देकर तीन विकेट लिए. इससे पहले इमरूल कायेस (59) , तमीम इकबाल और शब्बीर रहमान ने बांग्लादेश को अच्छी शुरुआत दी थी.
इन तीनों के आउट होने के बाद बांग्लादेशी पारी का पतन शुरू हो गया. लोकी फग्यरुसन ने महमूदुल्लाह (1) को पवेलियन भेजा, वहीं विलियमसन ने शाकिब अल हसन (7) , मुसद्देक हुसैन (3) और तनवीर हैदर (2) को आउट किया. इससे पहले न्यूजीलैंड के लिये ब्रूम के अलावा ल्यूक रोंची (35) ने उल्लेखनीय पारी खेली.उन्होंने ब्रूम के साथ छठे विकेट के लिये 64 रन की साझेदारी की थी. बांग्लादेश के लिये मशरेफ मुर्तजा ने 49 रन देकर तीन विकेट लिए.
इस मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251 रन बनाए, जवाब में बांग्लादेश ने 23वें ओवर तक एक विकेट पर 104 रन बना लिए थे लेकिन पूरी टीम 43वें ओवर में 184 रन पर आउट हो गई. उसके आखिरी नौ विकेट 80 रन के भीतर गिर गए.पहला मैच न्यूजीलैंड ने 77 रन से जीता था. आखिरी मैच शनिवार को नेल्सन में खेला जाएगा.टिप्पणियां
33 साल के नील ने जनवरी 2009 में ऑकलैंड में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था. न्यूजीलैंड के लिए कप्तान और अनियमित स्पिनर केन विलियमसन ने 22 रन देकर तीन विकेट लिए. इससे पहले इमरूल कायेस (59) , तमीम इकबाल और शब्बीर रहमान ने बांग्लादेश को अच्छी शुरुआत दी थी.
इन तीनों के आउट होने के बाद बांग्लादेशी पारी का पतन शुरू हो गया. लोकी फग्यरुसन ने महमूदुल्लाह (1) को पवेलियन भेजा, वहीं विलियमसन ने शाकिब अल हसन (7) , मुसद्देक हुसैन (3) और तनवीर हैदर (2) को आउट किया. इससे पहले न्यूजीलैंड के लिये ब्रूम के अलावा ल्यूक रोंची (35) ने उल्लेखनीय पारी खेली.उन्होंने ब्रूम के साथ छठे विकेट के लिये 64 रन की साझेदारी की थी. बांग्लादेश के लिये मशरेफ मुर्तजा ने 49 रन देकर तीन विकेट लिए.
33 साल के नील ने जनवरी 2009 में ऑकलैंड में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था. न्यूजीलैंड के लिए कप्तान और अनियमित स्पिनर केन विलियमसन ने 22 रन देकर तीन विकेट लिए. इससे पहले इमरूल कायेस (59) , तमीम इकबाल और शब्बीर रहमान ने बांग्लादेश को अच्छी शुरुआत दी थी.
इन तीनों के आउट होने के बाद बांग्लादेशी पारी का पतन शुरू हो गया. लोकी फग्यरुसन ने महमूदुल्लाह (1) को पवेलियन भेजा, वहीं विलियमसन ने शाकिब अल हसन (7) , मुसद्देक हुसैन (3) और तनवीर हैदर (2) को आउट किया. इससे पहले न्यूजीलैंड के लिये ब्रूम के अलावा ल्यूक रोंची (35) ने उल्लेखनीय पारी खेली.उन्होंने ब्रूम के साथ छठे विकेट के लिये 64 रन की साझेदारी की थी. बांग्लादेश के लिये मशरेफ मुर्तजा ने 49 रन देकर तीन विकेट लिए.
इन तीनों के आउट होने के बाद बांग्लादेशी पारी का पतन शुरू हो गया. लोकी फग्यरुसन ने महमूदुल्लाह (1) को पवेलियन भेजा, वहीं विलियमसन ने शाकिब अल हसन (7) , मुसद्देक हुसैन (3) और तनवीर हैदर (2) को आउट किया. इससे पहले न्यूजीलैंड के लिये ब्रूम के अलावा ल्यूक रोंची (35) ने उल्लेखनीय पारी खेली.उन्होंने ब्रूम के साथ छठे विकेट के लिये 64 रन की साझेदारी की थी. बांग्लादेश के लिये मशरेफ मुर्तजा ने 49 रन देकर तीन विकेट लिए. | यह एक सारांश है: नील ब्रूम ने न्यूजीलैंड के लिए नाबाद 109 रन की पारी खेली
मैच 67 रन से जीतकर न्यूजीलैंड ने सीरीज में अजेय बढ़त ली
न्यूजीलैंड के 251 के जवाब में 184 पर पर सिमटा बांग्लादेश | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अगर कोई कहे बिल्लियों की खातिर ब्रिटेन और रूस में जंग छिड़ी है तो यह बात थोड़ी अटपटी लगेगी, लेकिन पिछले दो दिनों से कुछ ऐसे ही हालात हैं. विदेश और राजनीतिक मामलों में ब्रिटेन और रूस के बीच संबंध तीखे रहे हैं. अब यही तीखापन बिल्लियों के एक खिताब को कब्जाने के लिए भी दिख रहा है. इसमें दोनों देशों के प्रशंसक जी-जान से लगे हुए हैं. अपनी-अपनी बिल्लियों को जिताने के लिए सोशल साइटों से लेकर तमाम हथकंडे इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
दरअसल, लंदन में दो दिनी कैट शो चल रहा है. इसमें कई देशों की बिल्लियों के बीच 'वर्ल्ड बेस्ट कैट' नामक खिताब के लिए प्रतियोगिता हो रही है.
ब्रिटेन की माओग्लीव्स स्टोनहेंज और रूस की स्कॉटिश फोल्ड ने शुरुआती राउंड पार करके अपनी दावेदारी पक्की कर दी है. टिप्पणियां
स्टोनहेंज के पास वल्र्ड बेस्ट कैट का मौजूदा खिताब है और इस बार फोल्ड उसे टक्कर दे रही है. प्रतियोगिता में दोनों देशों के लोगों की नजरें जजों के फैसले पर टिकी हैं.
मालूम हो कि दुनिया में बिल्लियों की 37 नस्लें पाई जाती हैं. इनमें से अधिकतर जंगलों में रहती हैं. हम शेर, बाघ, चीता और तेंदुओं के बारे में तो जानते ही हैं कि ये बिल्लियों की बड़ी नस्लें हैं.
दरअसल, लंदन में दो दिनी कैट शो चल रहा है. इसमें कई देशों की बिल्लियों के बीच 'वर्ल्ड बेस्ट कैट' नामक खिताब के लिए प्रतियोगिता हो रही है.
ब्रिटेन की माओग्लीव्स स्टोनहेंज और रूस की स्कॉटिश फोल्ड ने शुरुआती राउंड पार करके अपनी दावेदारी पक्की कर दी है. टिप्पणियां
स्टोनहेंज के पास वल्र्ड बेस्ट कैट का मौजूदा खिताब है और इस बार फोल्ड उसे टक्कर दे रही है. प्रतियोगिता में दोनों देशों के लोगों की नजरें जजों के फैसले पर टिकी हैं.
मालूम हो कि दुनिया में बिल्लियों की 37 नस्लें पाई जाती हैं. इनमें से अधिकतर जंगलों में रहती हैं. हम शेर, बाघ, चीता और तेंदुओं के बारे में तो जानते ही हैं कि ये बिल्लियों की बड़ी नस्लें हैं.
ब्रिटेन की माओग्लीव्स स्टोनहेंज और रूस की स्कॉटिश फोल्ड ने शुरुआती राउंड पार करके अपनी दावेदारी पक्की कर दी है. टिप्पणियां
स्टोनहेंज के पास वल्र्ड बेस्ट कैट का मौजूदा खिताब है और इस बार फोल्ड उसे टक्कर दे रही है. प्रतियोगिता में दोनों देशों के लोगों की नजरें जजों के फैसले पर टिकी हैं.
मालूम हो कि दुनिया में बिल्लियों की 37 नस्लें पाई जाती हैं. इनमें से अधिकतर जंगलों में रहती हैं. हम शेर, बाघ, चीता और तेंदुओं के बारे में तो जानते ही हैं कि ये बिल्लियों की बड़ी नस्लें हैं.
स्टोनहेंज के पास वल्र्ड बेस्ट कैट का मौजूदा खिताब है और इस बार फोल्ड उसे टक्कर दे रही है. प्रतियोगिता में दोनों देशों के लोगों की नजरें जजों के फैसले पर टिकी हैं.
मालूम हो कि दुनिया में बिल्लियों की 37 नस्लें पाई जाती हैं. इनमें से अधिकतर जंगलों में रहती हैं. हम शेर, बाघ, चीता और तेंदुओं के बारे में तो जानते ही हैं कि ये बिल्लियों की बड़ी नस्लें हैं.
मालूम हो कि दुनिया में बिल्लियों की 37 नस्लें पाई जाती हैं. इनमें से अधिकतर जंगलों में रहती हैं. हम शेर, बाघ, चीता और तेंदुओं के बारे में तो जानते ही हैं कि ये बिल्लियों की बड़ी नस्लें हैं. | यहाँ एक सारांश है:'वर्ल्ड बेस्ट कैट' प्रतियोगिता में रूस और ब्रिटेन आमने-सामने
दोनों देशों के लोग अपनी बिल्लियों को जिताने के लिए ताकत झोंकी
बिल्लियों को जिताने के लिए सोशल साइटों से लेकर हथकंडे अपनाए जा रहे | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट में खेलने पर संदेह हैं। 14 जुलाई से होने वाले पहले टेस्ट के लिए एंडरसन फिट नहीं हो सकेंगे। 33 साल के एंडरसन काउंटी चैंपियनशिप के दो मैच कंधे की चोट की वजह से नहीं खेल रहे हैं।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक वर्ल्ड नंबर एक तेज गेंदबाज के कंधे में लगी चोट पाकिस्तान के साथ होने वाले लॉर्ड्स टेस्ट से पहले ठीक होने की उम्मीद कम है। ईसीबी ने कहा, 'एंडरसन के कंधे की चोट का आकलन इंग्लिश टीम और लंकाशायर टीम के डॉक्टर करेंगे जिसके बाद उनके आगे खेलने पर फैसला लिया जाएगा।'टिप्पणियां
एंडरसन के दाहिने कंधे की मांस पेशियों में खिंचाव श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट में हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ इंग्लिश टीम की 2-0 से सीरीज़ जीत में एंडरसन का खास रोल रहा था। इंग्लैंड के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एंडरसन ने सीरीज़ के 3 टेस्ट में 21 विकेट झटके। एंडरसन की जगह बेन स्टोक्स को टीम में शामिल किया जा सकता है।
एंडरसन मांस पेशियों में खिंचाव की वजह से 2015 ऐशेज़ सीरीज़ के आखिरी 2 टेस्ट नहीं खेल सके थे। इससे पहले दिसंबर में भी वे जांघ की मांस पेशियों में खिंचाव की वजह से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में नहीं खेल सके।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक वर्ल्ड नंबर एक तेज गेंदबाज के कंधे में लगी चोट पाकिस्तान के साथ होने वाले लॉर्ड्स टेस्ट से पहले ठीक होने की उम्मीद कम है। ईसीबी ने कहा, 'एंडरसन के कंधे की चोट का आकलन इंग्लिश टीम और लंकाशायर टीम के डॉक्टर करेंगे जिसके बाद उनके आगे खेलने पर फैसला लिया जाएगा।'टिप्पणियां
एंडरसन के दाहिने कंधे की मांस पेशियों में खिंचाव श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट में हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ इंग्लिश टीम की 2-0 से सीरीज़ जीत में एंडरसन का खास रोल रहा था। इंग्लैंड के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एंडरसन ने सीरीज़ के 3 टेस्ट में 21 विकेट झटके। एंडरसन की जगह बेन स्टोक्स को टीम में शामिल किया जा सकता है।
एंडरसन मांस पेशियों में खिंचाव की वजह से 2015 ऐशेज़ सीरीज़ के आखिरी 2 टेस्ट नहीं खेल सके थे। इससे पहले दिसंबर में भी वे जांघ की मांस पेशियों में खिंचाव की वजह से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में नहीं खेल सके।
एंडरसन के दाहिने कंधे की मांस पेशियों में खिंचाव श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट में हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ इंग्लिश टीम की 2-0 से सीरीज़ जीत में एंडरसन का खास रोल रहा था। इंग्लैंड के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एंडरसन ने सीरीज़ के 3 टेस्ट में 21 विकेट झटके। एंडरसन की जगह बेन स्टोक्स को टीम में शामिल किया जा सकता है।
एंडरसन मांस पेशियों में खिंचाव की वजह से 2015 ऐशेज़ सीरीज़ के आखिरी 2 टेस्ट नहीं खेल सके थे। इससे पहले दिसंबर में भी वे जांघ की मांस पेशियों में खिंचाव की वजह से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में नहीं खेल सके।
एंडरसन मांस पेशियों में खिंचाव की वजह से 2015 ऐशेज़ सीरीज़ के आखिरी 2 टेस्ट नहीं खेल सके थे। इससे पहले दिसंबर में भी वे जांघ की मांस पेशियों में खिंचाव की वजह से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में नहीं खेल सके। | यहाँ एक सारांश है:कंधे में चोट के कारण नहीं खेल सकेंगे
चोट का आकलन करने के बाद होगा अंतिम फैसला
2015 में ऐशेज़ सीरीज़ के आखिरी 2 टेस्ट नहीं खेल सके थे | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने मंगलवार को परमाणु क्षमता सम्पन्न हत्फ मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस अवसर पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सशस्त्र बल की मीडिया शाखा ने बताया कि सतह से सतह तक मार करने वाली हत्फ-9 मिसाइल की मारक क्षमता 60 किलोमीटर है और यह परमाणु सामग्री ले जा सकता है।टिप्पणियां
'एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान' के अनुसार, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने हत्फ-9 के सफल परीक्षण के लिए विशेषज्ञों को बधाई दी है।
पाकिस्तन ने 1998 में पहला परमाणु परीक्षण किया था। बाद में उसने परमाणु क्षमता से सम्पन्न कई मिसाइलों का विकास एवं सफल परीक्षण किया।
सशस्त्र बल की मीडिया शाखा ने बताया कि सतह से सतह तक मार करने वाली हत्फ-9 मिसाइल की मारक क्षमता 60 किलोमीटर है और यह परमाणु सामग्री ले जा सकता है।टिप्पणियां
'एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान' के अनुसार, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने हत्फ-9 के सफल परीक्षण के लिए विशेषज्ञों को बधाई दी है।
पाकिस्तन ने 1998 में पहला परमाणु परीक्षण किया था। बाद में उसने परमाणु क्षमता से सम्पन्न कई मिसाइलों का विकास एवं सफल परीक्षण किया।
'एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान' के अनुसार, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने हत्फ-9 के सफल परीक्षण के लिए विशेषज्ञों को बधाई दी है।
पाकिस्तन ने 1998 में पहला परमाणु परीक्षण किया था। बाद में उसने परमाणु क्षमता से सम्पन्न कई मिसाइलों का विकास एवं सफल परीक्षण किया।
पाकिस्तन ने 1998 में पहला परमाणु परीक्षण किया था। बाद में उसने परमाणु क्षमता से सम्पन्न कई मिसाइलों का विकास एवं सफल परीक्षण किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान ने मंगलवार को परमाणु क्षमता सम्पन्न हत्फ मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस अवसर पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने स्टीव जॉब्स के निधन पर दुख जताते हुए कहा है कि दुनिया ने एक दूरदर्शी व्यक्ति को खो दिया है। ओबामा ने अपने शोक संदेश में कहा है स्टीव जॉब्स उन महान अमेरिकी खोजकर्ताओं में से थे जिनमें अलग सोचने का दमखम था जिनमें ये भरोसा था कि वो दुनिया को बदल सकते हैं और जिनमें अपने ख्वाब को सच कर दिखाने की काबिलियत थी। जॉब्स ने सूचना तकनीक के क्षेत्र में क्रांति लाकर इंटरनेट को हमारी जेब में डाल दिया। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने कहा है कि स्टीव जॉब्स का गहरा प्रभाव आने वाली कई पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा। हमारे जैसे कुछ किस्मत वाले लोग हैं जिन्हें उनके साथ काम करने का मौका मिला है। वहीं फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने जॉब्स को अपना गुरु और दोस्त बताते हुए कहा है कि आपकी कमी हमेशा खलेगी। आपने दिखाया कि किस तरह दुनिया को बदला जा सकता है। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने स्टीव जॉब्स के निधन पर दुख जताते हुए कहा है कि दुनिया ने एक दूरदर्शी व्यक्ति को खो दिया है। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को कहा कि जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) को विशेष दर्जा देने से संबंधित अनुच्छेद 370 (Article 370) को निष्प्रभावी बनाने से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पाकिस्तान परेशान हैं. हाल के समय में हरियाणा की अपनी दूसरी यात्रा के दौरान आदित्यनाथ ने हिसार, भिवानी, बादली और झज्जर में रैलियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस और उसके पूर्व प्रमुख राहुल गांधी को निशाना बनाया. राज्य में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव है. उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने से राहुल गांधी और पाकिस्तान परेशान हो गये हैं.''
भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार सोनाली फोगाट के समर्थन में आदमपुर में एक रैली में आदित्यनाथ ने कहा कि फोगाट हरियाणा की पहचान हैं और आदमपुर उनके मातृपक्ष से जुड़ा स्थान है. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले हरियाणा बालिका भ्रूणहत्या के लिए कुख्यात है.
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने देश में प्रमुखता से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया और इस अभियान को हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर सरकार सफलतापूर्वक आगे ले गयी. इससे राज्य की लड़कियों को आगे बढ़ने में मदद मिली.'' उन्होंने कहा, ‘‘हरियाणा की भूमि पाकिस्तान को सबक सिखाने में मददगार रही है. मोदीजी के लिए देश का हित सर्वोच्च है जबकि कांग्रेस को देश की बढ़ती ताकत पर गर्व नहीं होता है. इसी से स्पष्ट होता है कि क्यों कांग्रेस वाले राफेल लड़ाकू जेट के शस्त्र पूजन का उपहास उड़ा रहे हैं.'' | संक्षिप्त सारांश: योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
कहा- जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से राहुल गांधी परेशान
'हरियाणा की भूमि पाकिस्तान को सबक सिखाने में मददगार रही है' | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जार्ड कुशनर कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के कई सप्ताह बाद रूस के साथ गुप्त संचार माध्यम चाहते थे. 'वाशिंगटन पोस्ट' की खबर के अनुसार, कुशनर ने अमेरिका में रूस के राजदूत सर्जे किस्लयाक के साथ बैठक में अमेरिका में रूसी राजनयिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे क्रेमलिन और तत्तकाल सत्ता हस्तांतरण दल के बीच गुप्त एवं सुरक्षित संचार माध्यम स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की थी. दैनिक समाचार पत्र ने खुफिया रिपोर्ट्स पर एक बेनाम अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा कि किस्लयाक ने एक और दो दिसंबर को हुई बैठक के बाद जो जानकारी मास्को को दी थी उसे अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने पकड़ा था.
उन्होंने कहा कि उस बैठक में ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन भी शामिल थे. टिप्पणियां
दैनिक समाचार पत्र ने कहा, 'व्हाइट हाउस ने इसके महत्व को कम करते हुए बैठक के तथ्यों पर मार्च में जानकारी दी थी. मामले से परिचित लोगों का कहना है कि एफबीआई अब मामले को गंभीरता से ले रही है और इस मामले सहित कुशनर की एक रूसी बैंकर के साथ हुई मुलाकात की भी जांच कर रही है.' विपक्षी डेमोकट्रिक पार्टी ने भी ट्रंप से कुशनर को बख्रास्त करने का आह्वान किया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि उस बैठक में ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन भी शामिल थे. टिप्पणियां
दैनिक समाचार पत्र ने कहा, 'व्हाइट हाउस ने इसके महत्व को कम करते हुए बैठक के तथ्यों पर मार्च में जानकारी दी थी. मामले से परिचित लोगों का कहना है कि एफबीआई अब मामले को गंभीरता से ले रही है और इस मामले सहित कुशनर की एक रूसी बैंकर के साथ हुई मुलाकात की भी जांच कर रही है.' विपक्षी डेमोकट्रिक पार्टी ने भी ट्रंप से कुशनर को बख्रास्त करने का आह्वान किया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दैनिक समाचार पत्र ने कहा, 'व्हाइट हाउस ने इसके महत्व को कम करते हुए बैठक के तथ्यों पर मार्च में जानकारी दी थी. मामले से परिचित लोगों का कहना है कि एफबीआई अब मामले को गंभीरता से ले रही है और इस मामले सहित कुशनर की एक रूसी बैंकर के साथ हुई मुलाकात की भी जांच कर रही है.' विपक्षी डेमोकट्रिक पार्टी ने भी ट्रंप से कुशनर को बख्रास्त करने का आह्वान किया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फिर से चर्चा में हैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद
'वाशिंगटन पोस्ट' की खबर के बाद चर्चा में आए जार्ड कुशनर
रूस के साथ गुप्त संचार माध्यम चाहते थे जार्ड कुशनर | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मेजबान वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में ओपनरों ने टीम इंडिया के लिए एक बार फिर प्रदर्शन किया. गौरतलब हैं कि चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भी रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने टीम इंडिया के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था. टूर्नामेंट के फाइनल में ही ये दोनों बल्लेबाज, एक साथ नाकाम रहे और टीम इंडिया को इसका खामियाजा हार के साथ ही चैंपियंस ट्रॉफी खिताब हारकर चुकाना पड़ा.
वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया ने ओपनर रोहित शर्मा को आराम दिया है, ऐसे में शिखर धवन के साथ भारतीय पारी का आगाज अजिंक्य रहाणे ने किया. इस जोड़ी ने टीम ने भी टीम को ठोस शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 132 रन की साझेदारी की.टिप्पणियां
रहाणे के 62 रन के स्कोर पर अल्जारी जोसेफ की गेंद पर आउट होने के साथ ही यह साझेदारी टूटी लेकिन इस दौरान यह जोड़ी कुछ रिकॉर्ड अपने नाम पर करने में सफल रही. भारत की ओर से वेस्टइंडीज के खिलाफ इसके ही घरेलू मेदान में यह पहले विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है. इसके साथ ही वेस्टइंडीज में यह पहला अवसर रहा जब टीम इंडिया के लिए दोनों ओपनर ने एक साथ अर्धशतक जमाया. वैसे ओवरआल वनडे मैचों में यह 81वीं बार है जब दोनों ओपनर के खाते में अर्धशतक आया है.
भारत के लिए वेस्टइंडीज में प्रारंभिक साझेदारी का पिछला रिकॉर्ड रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी के नाम था जिसने वर्ष 2013 में पोर्ट ऑफ स्पेन में इंडीज टीम के खिलाफ 123 रन जोड़े थे. इसके अलावा मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने भी वर्ष 1997 में पोर्ट ऑफ स्पेन में ही 116* रन की साझेदारी की थी.
वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया ने ओपनर रोहित शर्मा को आराम दिया है, ऐसे में शिखर धवन के साथ भारतीय पारी का आगाज अजिंक्य रहाणे ने किया. इस जोड़ी ने टीम ने भी टीम को ठोस शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 132 रन की साझेदारी की.टिप्पणियां
रहाणे के 62 रन के स्कोर पर अल्जारी जोसेफ की गेंद पर आउट होने के साथ ही यह साझेदारी टूटी लेकिन इस दौरान यह जोड़ी कुछ रिकॉर्ड अपने नाम पर करने में सफल रही. भारत की ओर से वेस्टइंडीज के खिलाफ इसके ही घरेलू मेदान में यह पहले विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है. इसके साथ ही वेस्टइंडीज में यह पहला अवसर रहा जब टीम इंडिया के लिए दोनों ओपनर ने एक साथ अर्धशतक जमाया. वैसे ओवरआल वनडे मैचों में यह 81वीं बार है जब दोनों ओपनर के खाते में अर्धशतक आया है.
भारत के लिए वेस्टइंडीज में प्रारंभिक साझेदारी का पिछला रिकॉर्ड रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी के नाम था जिसने वर्ष 2013 में पोर्ट ऑफ स्पेन में इंडीज टीम के खिलाफ 123 रन जोड़े थे. इसके अलावा मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने भी वर्ष 1997 में पोर्ट ऑफ स्पेन में ही 116* रन की साझेदारी की थी.
रहाणे के 62 रन के स्कोर पर अल्जारी जोसेफ की गेंद पर आउट होने के साथ ही यह साझेदारी टूटी लेकिन इस दौरान यह जोड़ी कुछ रिकॉर्ड अपने नाम पर करने में सफल रही. भारत की ओर से वेस्टइंडीज के खिलाफ इसके ही घरेलू मेदान में यह पहले विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है. इसके साथ ही वेस्टइंडीज में यह पहला अवसर रहा जब टीम इंडिया के लिए दोनों ओपनर ने एक साथ अर्धशतक जमाया. वैसे ओवरआल वनडे मैचों में यह 81वीं बार है जब दोनों ओपनर के खाते में अर्धशतक आया है.
भारत के लिए वेस्टइंडीज में प्रारंभिक साझेदारी का पिछला रिकॉर्ड रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी के नाम था जिसने वर्ष 2013 में पोर्ट ऑफ स्पेन में इंडीज टीम के खिलाफ 123 रन जोड़े थे. इसके अलावा मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने भी वर्ष 1997 में पोर्ट ऑफ स्पेन में ही 116* रन की साझेदारी की थी.
भारत के लिए वेस्टइंडीज में प्रारंभिक साझेदारी का पिछला रिकॉर्ड रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी के नाम था जिसने वर्ष 2013 में पोर्ट ऑफ स्पेन में इंडीज टीम के खिलाफ 123 रन जोड़े थे. इसके अलावा मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने भी वर्ष 1997 में पोर्ट ऑफ स्पेन में ही 116* रन की साझेदारी की थी. | यहाँ एक सारांश है:शिखर धवन के साथ रहाणे ने पारी की शुरुआत की
पहले विकेट के लिए इन दोनों ने 132 रन जोड़े
वेस्टइंडीज में भारत की यह सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि पिछली कई तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट थाम ली गई है और अर्थव्यवस्था अगले छह महीने में पटरी पर आ जाएगी।टिप्पणियां
यस बैंक और फाइनेंशियल टाइम्स द्वारा आयोजित एक बैंकिंग सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम यह उम्मीद करते हैं कि साल की दूसरी छमाही में सरकार द्वारा किए गए कई उपायों से दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। मोंटेक ने कहा, चालू वर्ष के पहले छह महीनों में जीडीपी वृद्धि दर करीब 5.5 प्रतिशत रही और मुझे लगता है कि दूसरी छमाही में यह करीब छह प्रतिशत होगी। यह इससे थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है। अगस्त के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों में सुधार और हाल ही में पीएमआई के सर्वेक्षण के आधार पर अहलुवालिया ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, मैं इसे एक पारस पत्थर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा हूं। सरकार फिर से कार्रवाई करने के मूड में है। इसलिए, मैं औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में मामूली सुधार का अर्थ निकालते हुए यह कहना चाहूंगा कि गिरावट थम गई है।
यस बैंक और फाइनेंशियल टाइम्स द्वारा आयोजित एक बैंकिंग सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हम यह उम्मीद करते हैं कि साल की दूसरी छमाही में सरकार द्वारा किए गए कई उपायों से दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। मोंटेक ने कहा, चालू वर्ष के पहले छह महीनों में जीडीपी वृद्धि दर करीब 5.5 प्रतिशत रही और मुझे लगता है कि दूसरी छमाही में यह करीब छह प्रतिशत होगी। यह इससे थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है। अगस्त के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों में सुधार और हाल ही में पीएमआई के सर्वेक्षण के आधार पर अहलुवालिया ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, मैं इसे एक पारस पत्थर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा हूं। सरकार फिर से कार्रवाई करने के मूड में है। इसलिए, मैं औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में मामूली सुधार का अर्थ निकालते हुए यह कहना चाहूंगा कि गिरावट थम गई है।
उन्होंने कहा, मैं इसे एक पारस पत्थर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा हूं। सरकार फिर से कार्रवाई करने के मूड में है। इसलिए, मैं औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में मामूली सुधार का अर्थ निकालते हुए यह कहना चाहूंगा कि गिरावट थम गई है। | यह एक सारांश है: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि पिछली कई तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट थाम ली गई है और अर्थव्यवस्था अगले छह महीने में पटरी पर आ जाएगी। | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बिकवाली से बीएसई सेंसेक्स 118 अंक टूट गया। हालांकि, अनिल अंबानी समूह की कंपनियों ने बाजार को और गिरने से बचा लिया। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बढ़त के साथ 18,672.65 अंक पर खुला। दोपहर बाद बिकवाली दबाव से यह 117.70 अंक टूटकर 18,376.48 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 33.60 अंक की गिरावट के साथ 5,516.75 अंक पर बंद हुआ। बिकवाली की मार सबसे अधिक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर पड़ी। कंपनी का शेयर 1.65 प्रतिशत टूटकर 936.15 रुपये पर बंद हुआ। एशियाई बाजारों में नरमी के रुख से भी घरेलू बाजार की धारणा कमजोर हुई। हालांकि अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के शेयरों में तेजी ने बाजार को कुछ राहत दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के केजी बेसिन के डी6 ब्लॉक में घटते गैस उत्पादन को लेकर निवेशकों में चिंता थी। कंपनी के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने भी कंपनी की सालाना आम बैठक में इस चिंता को दूर करने के मामले में ठोस कुछ नहीं कहा। इससे भी निवेशकों में निराशा थी। | यहाँ एक सारांश है:बिकवाली की मार सबसे अधिक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर पड़ी। कंपनी का शेयर 1.65 प्रतिशत टूटकर 936.15 रुपये पर बंद हुआ। | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के मिशिगन राज्य में संदिग्ध परिस्थितियों में एक कार के भीतर भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. हेनरी फोर्ड अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में कार्यरत राकेश कुमार का शव गुरुवार देर शाम डेटरॉयट से करीब 90 किलोमीटर दूर एक कार में यात्री सीट पर मिला था. पुलिस उनकी मौत के कारणों की पुष्टि के लिए जांच कर रही है. कुमार के परिजनों का कहना है कि उन्हें किसी पर संदेह नहीं है. उन्होंने इसे घृणा अपराध मानने से भी इनकर कर दिया है. बेहद प्रभावी संगठन अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडियन ओरिजिन के पूर्व अध्यक्ष और डॉक्टर के पिता नरेन्द्र कुमार ने कहा, ‘हमें नहीं पता (हत्या के कारणों का). वह (पुलिस) अभी पता लगा रहे हैं.’
उन्होंने कहा, ‘हमें कोई संदेह नहीं है. हमें नहीं लगता कि यह घृणा अपराध है.’ राकेश ने कोच्चि के अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से डॉक्टरी की पढ़ाई की है. राकेश जब अस्पताल अपने काम पर नहीं पहुंचे तो एक सहकर्मी ने उनके पिता को फोन करके कारण जानना चाहा. नरेन्द्र ने कहा, ‘यह बहुत असमान्य था.’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'राकेश को कई फोन कॉल किये, संदेश भेजे लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. फिर वह अपने बेटे के घर गये, वहां मकान खाली पाकर उन्होंने पुलिस को सूचित किया. कुछ ही घंटे बाद पुलिस को राकेश का शव मिला. पुलिस घटना के बारे में कोई टिप्पणी करने से बच रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘हमें कोई संदेह नहीं है. हमें नहीं लगता कि यह घृणा अपराध है.’ राकेश ने कोच्चि के अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से डॉक्टरी की पढ़ाई की है. राकेश जब अस्पताल अपने काम पर नहीं पहुंचे तो एक सहकर्मी ने उनके पिता को फोन करके कारण जानना चाहा. नरेन्द्र ने कहा, ‘यह बहुत असमान्य था.’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'राकेश को कई फोन कॉल किये, संदेश भेजे लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. फिर वह अपने बेटे के घर गये, वहां मकान खाली पाकर उन्होंने पुलिस को सूचित किया. कुछ ही घंटे बाद पुलिस को राकेश का शव मिला. पुलिस घटना के बारे में कोई टिप्पणी करने से बच रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'राकेश को कई फोन कॉल किये, संदेश भेजे लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. फिर वह अपने बेटे के घर गये, वहां मकान खाली पाकर उन्होंने पुलिस को सूचित किया. कुछ ही घंटे बाद पुलिस को राकेश का शव मिला. पुलिस घटना के बारे में कोई टिप्पणी करने से बच रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: शव एक कार में यात्री सीट पर मिला था
परिजनों को किसी पर संदेह नहीं
पुलिस हत्या के कारणों की जांच कर रही है | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत के ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों की सेहत का ख्याल किए बिना केवल उनसे ज्यादा काम कराने की फिराक में रहते हैं. वहीं पड़ोसी देश चीन की जिनटियान इंवेस्टमेंट कंसल्टिंग कंपनी ने अपने कर्मचारियों की सेहत के लिए ऐसी पहल शुरू की है जो किसी मिसाल से कम नहीं है. इस कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए वेट लॉस रिवॉर्ड प्रोग्राम शुरू किया है. इसके तहत कंपनी हर महीने प्रतियोगिता आयोजित कर रही है. प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए कर्मचारियों को पहली बार कम से कम तीन किलो वजन कम करना होता है. इसके बाद कंपनी हर महीने कर्मचारियों को हर एक किलो वजन कम करने पर 1800 रुपए का बोनस देती है. यानी यहां काम करने वाले कर्मचारियों को खुद की फिटनेस के बदले मिलेंगे पैसे.
चीन के शांक्सी प्रांत स्थित इस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने मार्च से लेकर अब तक वजन कम कर बोनस ले चुके हैं. कुछ कर्मचारियों ने महज दो महीने में तीन किलो से ज्यादा वजन कम कर लिया है. दिलचस्प बात यह है कि जिनटियान इंवेस्टमेंट कंसल्टिंग कंपनी में इस ऑफर को लागू कराने वाले चेयरमैन वांग जियोबाओ अभी तक अपना वजन कम नहीं कर पाए हैं. टिप्पणियां
वांग कहते हैं 'मैंने देखा कि कंपनी में बड़ी संख्या में कर्मचारी अनफिट हो गए हैं. वह दिन भर ऑफिस में सीट पर बैठे रहते हैं. घर जाने पर भी वे वर्कआउट नहीं कर पाते हैं. शायद इसलिए उनका वजन नहीं कम हो पाया है.
उन्होंने बताया कि वे ऑफिस में ज्यादा काम की वजह से पूरा समय कुर्सी पर बैठे रहते हैं. घर जाने के बाद भी वे वर्कआउट नहीं कर पाते हैं. इस वजह से उनका वजन नहीं कम हो पाया है. मालूम हो कि करीब डेढ़ अरब की आबादी वाले देश चीन में लगभग 10.8 प्रतिशत पुरुष और 14.9 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं. चिंता की बात यह है कि 20 साल से कम उम्र के लोग भी मोटापे के शिकार हो रहे हैं.
चीन के शांक्सी प्रांत स्थित इस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने मार्च से लेकर अब तक वजन कम कर बोनस ले चुके हैं. कुछ कर्मचारियों ने महज दो महीने में तीन किलो से ज्यादा वजन कम कर लिया है. दिलचस्प बात यह है कि जिनटियान इंवेस्टमेंट कंसल्टिंग कंपनी में इस ऑफर को लागू कराने वाले चेयरमैन वांग जियोबाओ अभी तक अपना वजन कम नहीं कर पाए हैं. टिप्पणियां
वांग कहते हैं 'मैंने देखा कि कंपनी में बड़ी संख्या में कर्मचारी अनफिट हो गए हैं. वह दिन भर ऑफिस में सीट पर बैठे रहते हैं. घर जाने पर भी वे वर्कआउट नहीं कर पाते हैं. शायद इसलिए उनका वजन नहीं कम हो पाया है.
उन्होंने बताया कि वे ऑफिस में ज्यादा काम की वजह से पूरा समय कुर्सी पर बैठे रहते हैं. घर जाने के बाद भी वे वर्कआउट नहीं कर पाते हैं. इस वजह से उनका वजन नहीं कम हो पाया है. मालूम हो कि करीब डेढ़ अरब की आबादी वाले देश चीन में लगभग 10.8 प्रतिशत पुरुष और 14.9 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं. चिंता की बात यह है कि 20 साल से कम उम्र के लोग भी मोटापे के शिकार हो रहे हैं.
वांग कहते हैं 'मैंने देखा कि कंपनी में बड़ी संख्या में कर्मचारी अनफिट हो गए हैं. वह दिन भर ऑफिस में सीट पर बैठे रहते हैं. घर जाने पर भी वे वर्कआउट नहीं कर पाते हैं. शायद इसलिए उनका वजन नहीं कम हो पाया है.
उन्होंने बताया कि वे ऑफिस में ज्यादा काम की वजह से पूरा समय कुर्सी पर बैठे रहते हैं. घर जाने के बाद भी वे वर्कआउट नहीं कर पाते हैं. इस वजह से उनका वजन नहीं कम हो पाया है. मालूम हो कि करीब डेढ़ अरब की आबादी वाले देश चीन में लगभग 10.8 प्रतिशत पुरुष और 14.9 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं. चिंता की बात यह है कि 20 साल से कम उम्र के लोग भी मोटापे के शिकार हो रहे हैं.
उन्होंने बताया कि वे ऑफिस में ज्यादा काम की वजह से पूरा समय कुर्सी पर बैठे रहते हैं. घर जाने के बाद भी वे वर्कआउट नहीं कर पाते हैं. इस वजह से उनका वजन नहीं कम हो पाया है. मालूम हो कि करीब डेढ़ अरब की आबादी वाले देश चीन में लगभग 10.8 प्रतिशत पुरुष और 14.9 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं. चिंता की बात यह है कि 20 साल से कम उम्र के लोग भी मोटापे के शिकार हो रहे हैं. | संक्षिप्त पाठ: कर्मचारियों को फिट रखने के लिए चीन की कंपनी की पहल
फिट रहने वाले कर्मचारियों को देती है बोनस में 1800 रुपए
कर्मचारी तो फिट हो रहे पर, लेकिन चेयरमैन वांग जियोबाओ हैं जस के तस | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान खान ने भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर को सलाह दी है कि उन्हें चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और अच्छे फार्म में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहना चाहिए।
न्यूजीलैंड के साथ हाल ही में समाप्त दो मैचों की टेस्ट शृंखला में लगातार तीन मौकों पर बोल्ड होने के बाद सचिन पर संन्यास का दबाव बढ़ गया है। सचिन 39 साल के हो गए हैं।
इमरान ने कहा कि अगर वह सचिन के स्थान पर होते तो लय में रहते हुए क्रिकेट को अलविदा कह देते।
इमरान ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा, सचिन एक महान खिलाड़ी हैं, लेकिन मैं तो इतना ही कहूंगा कि अगर मैं उनकी जगह होता तो मैं शीर्ष पर रहते हुए संन्यास ले लेता। मैं कभी भी चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर नहीं रहता।
यह पूछे जाने पर कि क्या सचिन को कभी चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर रहना पड़ा है, इमरान ने कहा, नहीं, लेकिन आप खुद को ऐसी स्थिति में क्यों रखना चाहते हैं। मेरा मलतब यह है कि सचिन के नाम असाधारण रिकॉर्ड है, आखिर अब उन्हें और क्या चाहिए?" टिप्पणियां
इमरान ने कहा कि उन्हें यह बात चिंतित करती है कि क्या अब सचिन अपनी क्षमता के साथ न्याय कर सकेंगे?
इमरान बोले, यहां मैं फिर से खुद को इस स्थिति में रखना चाहूंगा। मेरा मानना है कि मैं इस उम्र में अपनी क्षमता के साथ कभी न्याय नहीं कर सकता। ऐसे में मैं चाहूंगा कि लोग मुझे उसी खिलाड़ी के तौर पर याद करें, जिसने देश के लिए कई शानदार पारियां खेलीं और शीर्ष पर रहते हुए क्रिकेट से संन्यास लिया।
न्यूजीलैंड के साथ हाल ही में समाप्त दो मैचों की टेस्ट शृंखला में लगातार तीन मौकों पर बोल्ड होने के बाद सचिन पर संन्यास का दबाव बढ़ गया है। सचिन 39 साल के हो गए हैं।
इमरान ने कहा कि अगर वह सचिन के स्थान पर होते तो लय में रहते हुए क्रिकेट को अलविदा कह देते।
इमरान ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा, सचिन एक महान खिलाड़ी हैं, लेकिन मैं तो इतना ही कहूंगा कि अगर मैं उनकी जगह होता तो मैं शीर्ष पर रहते हुए संन्यास ले लेता। मैं कभी भी चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर नहीं रहता।
यह पूछे जाने पर कि क्या सचिन को कभी चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर रहना पड़ा है, इमरान ने कहा, नहीं, लेकिन आप खुद को ऐसी स्थिति में क्यों रखना चाहते हैं। मेरा मलतब यह है कि सचिन के नाम असाधारण रिकॉर्ड है, आखिर अब उन्हें और क्या चाहिए?" टिप्पणियां
इमरान ने कहा कि उन्हें यह बात चिंतित करती है कि क्या अब सचिन अपनी क्षमता के साथ न्याय कर सकेंगे?
इमरान बोले, यहां मैं फिर से खुद को इस स्थिति में रखना चाहूंगा। मेरा मानना है कि मैं इस उम्र में अपनी क्षमता के साथ कभी न्याय नहीं कर सकता। ऐसे में मैं चाहूंगा कि लोग मुझे उसी खिलाड़ी के तौर पर याद करें, जिसने देश के लिए कई शानदार पारियां खेलीं और शीर्ष पर रहते हुए क्रिकेट से संन्यास लिया।
इमरान ने कहा कि अगर वह सचिन के स्थान पर होते तो लय में रहते हुए क्रिकेट को अलविदा कह देते।
इमरान ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा, सचिन एक महान खिलाड़ी हैं, लेकिन मैं तो इतना ही कहूंगा कि अगर मैं उनकी जगह होता तो मैं शीर्ष पर रहते हुए संन्यास ले लेता। मैं कभी भी चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर नहीं रहता।
यह पूछे जाने पर कि क्या सचिन को कभी चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर रहना पड़ा है, इमरान ने कहा, नहीं, लेकिन आप खुद को ऐसी स्थिति में क्यों रखना चाहते हैं। मेरा मलतब यह है कि सचिन के नाम असाधारण रिकॉर्ड है, आखिर अब उन्हें और क्या चाहिए?" टिप्पणियां
इमरान ने कहा कि उन्हें यह बात चिंतित करती है कि क्या अब सचिन अपनी क्षमता के साथ न्याय कर सकेंगे?
इमरान बोले, यहां मैं फिर से खुद को इस स्थिति में रखना चाहूंगा। मेरा मानना है कि मैं इस उम्र में अपनी क्षमता के साथ कभी न्याय नहीं कर सकता। ऐसे में मैं चाहूंगा कि लोग मुझे उसी खिलाड़ी के तौर पर याद करें, जिसने देश के लिए कई शानदार पारियां खेलीं और शीर्ष पर रहते हुए क्रिकेट से संन्यास लिया।
इमरान ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा, सचिन एक महान खिलाड़ी हैं, लेकिन मैं तो इतना ही कहूंगा कि अगर मैं उनकी जगह होता तो मैं शीर्ष पर रहते हुए संन्यास ले लेता। मैं कभी भी चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर नहीं रहता।
यह पूछे जाने पर कि क्या सचिन को कभी चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर रहना पड़ा है, इमरान ने कहा, नहीं, लेकिन आप खुद को ऐसी स्थिति में क्यों रखना चाहते हैं। मेरा मलतब यह है कि सचिन के नाम असाधारण रिकॉर्ड है, आखिर अब उन्हें और क्या चाहिए?" टिप्पणियां
इमरान ने कहा कि उन्हें यह बात चिंतित करती है कि क्या अब सचिन अपनी क्षमता के साथ न्याय कर सकेंगे?
इमरान बोले, यहां मैं फिर से खुद को इस स्थिति में रखना चाहूंगा। मेरा मानना है कि मैं इस उम्र में अपनी क्षमता के साथ कभी न्याय नहीं कर सकता। ऐसे में मैं चाहूंगा कि लोग मुझे उसी खिलाड़ी के तौर पर याद करें, जिसने देश के लिए कई शानदार पारियां खेलीं और शीर्ष पर रहते हुए क्रिकेट से संन्यास लिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या सचिन को कभी चयनकर्ताओं की दया पर निर्भर रहना पड़ा है, इमरान ने कहा, नहीं, लेकिन आप खुद को ऐसी स्थिति में क्यों रखना चाहते हैं। मेरा मलतब यह है कि सचिन के नाम असाधारण रिकॉर्ड है, आखिर अब उन्हें और क्या चाहिए?" टिप्पणियां
इमरान ने कहा कि उन्हें यह बात चिंतित करती है कि क्या अब सचिन अपनी क्षमता के साथ न्याय कर सकेंगे?
इमरान बोले, यहां मैं फिर से खुद को इस स्थिति में रखना चाहूंगा। मेरा मानना है कि मैं इस उम्र में अपनी क्षमता के साथ कभी न्याय नहीं कर सकता। ऐसे में मैं चाहूंगा कि लोग मुझे उसी खिलाड़ी के तौर पर याद करें, जिसने देश के लिए कई शानदार पारियां खेलीं और शीर्ष पर रहते हुए क्रिकेट से संन्यास लिया।
इमरान ने कहा कि उन्हें यह बात चिंतित करती है कि क्या अब सचिन अपनी क्षमता के साथ न्याय कर सकेंगे?
इमरान बोले, यहां मैं फिर से खुद को इस स्थिति में रखना चाहूंगा। मेरा मानना है कि मैं इस उम्र में अपनी क्षमता के साथ कभी न्याय नहीं कर सकता। ऐसे में मैं चाहूंगा कि लोग मुझे उसी खिलाड़ी के तौर पर याद करें, जिसने देश के लिए कई शानदार पारियां खेलीं और शीर्ष पर रहते हुए क्रिकेट से संन्यास लिया।
इमरान बोले, यहां मैं फिर से खुद को इस स्थिति में रखना चाहूंगा। मेरा मानना है कि मैं इस उम्र में अपनी क्षमता के साथ कभी न्याय नहीं कर सकता। ऐसे में मैं चाहूंगा कि लोग मुझे उसी खिलाड़ी के तौर पर याद करें, जिसने देश के लिए कई शानदार पारियां खेलीं और शीर्ष पर रहते हुए क्रिकेट से संन्यास लिया। | सारांश: न्यूजीलैंड के साथ हाल ही में समाप्त दो मैचों की टेस्ट शृंखला में लगातार तीन मौकों पर बोल्ड होने के बाद सचिन पर संन्यास का दबाव बढ़ गया है। सचिन 39 साल के हो गए हैं। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को भाजपा से आग्रह किया कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ हालिया विरोध प्रदर्शनों को ‘‘हिंदू-मुस्लिम'' रंग न दें. पार्टी ने कहा कि केरल से लेकर पश्चिम बंगाल तक, हर कोई इसके खिलाफ है. आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम भारत में रहने वाले सभी लोगों से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को इस मामले को हिंदू-मुस्लिम रंग नहीं देना चाहिए. आप और अन्य दल सीएए के खिलाफ हैं क्योंकि यह बी आर अंबेडकर के सिद्धांतों के खिलाफ है. यह मामला सिर्फ मुसलमानों का नहीं बल्कि हर उस व्यक्ति का है जो काम करने के लिए बाहर जाता है.'' सिंह ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल से लेकर केरल तक, हर कोई नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहा है
गौरतलब है कि रविवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हिंसा भड़क गयी थी, मंगलवार को दिल्ली के ही अन्य क्षेत्रों में भी जमकर हिंसा हुई थी. लगातार हो रही घटना के बाद से दिल्ली आप और बीजपी की तरफ से आरोप प्रत्यारोप के दौर चल रहे हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने हिंसा के लिए आप को जिम्मेदार बताया था. मनोज तिवारी के बयान के बाद आप की तरफ से भी इस मुद्दे पर पलटवार किया गया है. | संक्षिप्त सारांश: CAA के विरोध में चल रहे आंदोलन को हिंदू-मुस्लिम रंग न दे- संजय सिंह
आप नेता संजय सिंह का बीजेपी पर हमला
पूरे देश में CAA और NRC का पूरे देश में विरोघ हो रहा संजय सिंह | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी विदेशमंत्री जॉन कैरी ने आतंकवाद विरोधी अमेरिकी नीति का बचाव करते हुए कहा है कि ड्रोन हमलों से पाकिस्तान में अलकायदा को सफलतापूर्वक खत्म करने में मदद मिली।टिप्पणियां
इथोपिया दौरे के समय अदीस अबाबा विश्वविद्यालय के छात्रों की ओर से ड्रोन हमलों को लेकर पूछे गए सवाल पर कैरी ने सीआईए द्वारा संचालित मानवरहित विमान ड्रोन के इस्तेमाल का पुरजोर बचाव किया।
कैरी ने कहा, हम जिन स्थानों को निशाना बनाते हैं वे स्पष्ट तौर पर आतंकवादियों के ठिकाने होते हैं। हम सिर्फ यह सोचकर ड्रोन हमला नहीं करते कि वहां आतंकवादी हो सकते हैं। उन्होंने कहा, पिछले साल महज कुछ ड्रोन हमले क्यों हुए? इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान में हम अलकायदा को उखाड़ फेंकने में सफल रहे हैं।
इथोपिया दौरे के समय अदीस अबाबा विश्वविद्यालय के छात्रों की ओर से ड्रोन हमलों को लेकर पूछे गए सवाल पर कैरी ने सीआईए द्वारा संचालित मानवरहित विमान ड्रोन के इस्तेमाल का पुरजोर बचाव किया।
कैरी ने कहा, हम जिन स्थानों को निशाना बनाते हैं वे स्पष्ट तौर पर आतंकवादियों के ठिकाने होते हैं। हम सिर्फ यह सोचकर ड्रोन हमला नहीं करते कि वहां आतंकवादी हो सकते हैं। उन्होंने कहा, पिछले साल महज कुछ ड्रोन हमले क्यों हुए? इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान में हम अलकायदा को उखाड़ फेंकने में सफल रहे हैं।
कैरी ने कहा, हम जिन स्थानों को निशाना बनाते हैं वे स्पष्ट तौर पर आतंकवादियों के ठिकाने होते हैं। हम सिर्फ यह सोचकर ड्रोन हमला नहीं करते कि वहां आतंकवादी हो सकते हैं। उन्होंने कहा, पिछले साल महज कुछ ड्रोन हमले क्यों हुए? इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान में हम अलकायदा को उखाड़ फेंकने में सफल रहे हैं। | यह एक सारांश है: अमेरिकी विदेशमंत्री जॉन कैरी ने आतंकवाद विरोधी अमेरिकी नीति का बचाव करते हुए कहा है कि ड्रोन हमलों से पाकिस्तान में अलकायदा को सफलतापूर्वक खत्म करने में मदद मिली। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सिक्किम में इस वर्ष के शुरू में भारत और चीन के सैनिकों के बीच आमना-सामना हो गया जो कि बाद में दोनों के बीच बीयर और रसगुल्लों के मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान के साथ समाप्त हुआ।
सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच आमना-सामना पूर्वी सिक्किम में 16 हजार फुट की ऊंचाई पर तंगकार ला दर्रे के पास तब हुआ जब चीन का एक गश्ती दल भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया।
सूत्रों ने बताया कि हल्के वाहनों में सफर कर रहे चीन के गश्ती दल को वहां भारतीय सेना के उस दल ने देखा जिसमें एक युवा लेफ्टिनेंट के अलावा नौ जवान थे।
भारतीय गश्ती दल ने चीन के गश्ती दल को तंगकार ला दर्रे पर रोका और उसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को बैनर दिखाए और एक-दूसरे को क्षेत्र छोड़कर अपने अपने इलाके में चले जाने को कहा।
सूत्रों ने बताया कि चीन के सैनिकों ने वापस लौटते समय भारतीय सैनिकों को बडवाइजर बीयर के कैन दिए जबकि हमारे सैनिकों ने उन्हें रसगुल्ले के पैक दिए।
हाल के कुछ समय में चीनी सैनिकों द्वारा दोनों देशों के बीच उत्तर में जम्मू-कश्मीर के लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश तक वास्तविक नियंत्रण रेखा से घुसपैठ बढ़ी है।टिप्पणियां
चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ पर रक्षामंत्री एके एंटनी ने हाल में कहा था कि ‘‘भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा सामान्य रूप से अंकित नहीं है। सीमा पर ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में भारत और चीन की अलग अलग धारणाएं हैं तथा दोनों पक्ष उस स्थान पर अपने अपने गश्ती दल भेजते हैं।’’
उन्होंने कहा था, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा की धारणा पर मतभेद के चलते जमीन पर कुछ अतिक्रमण की घटनाएं होती हैं। सरकार कोई भी अतिक्रमण होने पर उसे चीनी पक्ष के साथ नियमित रूप से स्थापित व्यवस्था के जरिये उठाती है।’
सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच आमना-सामना पूर्वी सिक्किम में 16 हजार फुट की ऊंचाई पर तंगकार ला दर्रे के पास तब हुआ जब चीन का एक गश्ती दल भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया।
सूत्रों ने बताया कि हल्के वाहनों में सफर कर रहे चीन के गश्ती दल को वहां भारतीय सेना के उस दल ने देखा जिसमें एक युवा लेफ्टिनेंट के अलावा नौ जवान थे।
भारतीय गश्ती दल ने चीन के गश्ती दल को तंगकार ला दर्रे पर रोका और उसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को बैनर दिखाए और एक-दूसरे को क्षेत्र छोड़कर अपने अपने इलाके में चले जाने को कहा।
सूत्रों ने बताया कि चीन के सैनिकों ने वापस लौटते समय भारतीय सैनिकों को बडवाइजर बीयर के कैन दिए जबकि हमारे सैनिकों ने उन्हें रसगुल्ले के पैक दिए।
हाल के कुछ समय में चीनी सैनिकों द्वारा दोनों देशों के बीच उत्तर में जम्मू-कश्मीर के लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश तक वास्तविक नियंत्रण रेखा से घुसपैठ बढ़ी है।टिप्पणियां
चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ पर रक्षामंत्री एके एंटनी ने हाल में कहा था कि ‘‘भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा सामान्य रूप से अंकित नहीं है। सीमा पर ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में भारत और चीन की अलग अलग धारणाएं हैं तथा दोनों पक्ष उस स्थान पर अपने अपने गश्ती दल भेजते हैं।’’
उन्होंने कहा था, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा की धारणा पर मतभेद के चलते जमीन पर कुछ अतिक्रमण की घटनाएं होती हैं। सरकार कोई भी अतिक्रमण होने पर उसे चीनी पक्ष के साथ नियमित रूप से स्थापित व्यवस्था के जरिये उठाती है।’
सूत्रों ने बताया कि हल्के वाहनों में सफर कर रहे चीन के गश्ती दल को वहां भारतीय सेना के उस दल ने देखा जिसमें एक युवा लेफ्टिनेंट के अलावा नौ जवान थे।
भारतीय गश्ती दल ने चीन के गश्ती दल को तंगकार ला दर्रे पर रोका और उसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को बैनर दिखाए और एक-दूसरे को क्षेत्र छोड़कर अपने अपने इलाके में चले जाने को कहा।
सूत्रों ने बताया कि चीन के सैनिकों ने वापस लौटते समय भारतीय सैनिकों को बडवाइजर बीयर के कैन दिए जबकि हमारे सैनिकों ने उन्हें रसगुल्ले के पैक दिए।
हाल के कुछ समय में चीनी सैनिकों द्वारा दोनों देशों के बीच उत्तर में जम्मू-कश्मीर के लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश तक वास्तविक नियंत्रण रेखा से घुसपैठ बढ़ी है।टिप्पणियां
चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ पर रक्षामंत्री एके एंटनी ने हाल में कहा था कि ‘‘भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा सामान्य रूप से अंकित नहीं है। सीमा पर ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में भारत और चीन की अलग अलग धारणाएं हैं तथा दोनों पक्ष उस स्थान पर अपने अपने गश्ती दल भेजते हैं।’’
उन्होंने कहा था, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा की धारणा पर मतभेद के चलते जमीन पर कुछ अतिक्रमण की घटनाएं होती हैं। सरकार कोई भी अतिक्रमण होने पर उसे चीनी पक्ष के साथ नियमित रूप से स्थापित व्यवस्था के जरिये उठाती है।’
भारतीय गश्ती दल ने चीन के गश्ती दल को तंगकार ला दर्रे पर रोका और उसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को बैनर दिखाए और एक-दूसरे को क्षेत्र छोड़कर अपने अपने इलाके में चले जाने को कहा।
सूत्रों ने बताया कि चीन के सैनिकों ने वापस लौटते समय भारतीय सैनिकों को बडवाइजर बीयर के कैन दिए जबकि हमारे सैनिकों ने उन्हें रसगुल्ले के पैक दिए।
हाल के कुछ समय में चीनी सैनिकों द्वारा दोनों देशों के बीच उत्तर में जम्मू-कश्मीर के लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश तक वास्तविक नियंत्रण रेखा से घुसपैठ बढ़ी है।टिप्पणियां
चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ पर रक्षामंत्री एके एंटनी ने हाल में कहा था कि ‘‘भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा सामान्य रूप से अंकित नहीं है। सीमा पर ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में भारत और चीन की अलग अलग धारणाएं हैं तथा दोनों पक्ष उस स्थान पर अपने अपने गश्ती दल भेजते हैं।’’
उन्होंने कहा था, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा की धारणा पर मतभेद के चलते जमीन पर कुछ अतिक्रमण की घटनाएं होती हैं। सरकार कोई भी अतिक्रमण होने पर उसे चीनी पक्ष के साथ नियमित रूप से स्थापित व्यवस्था के जरिये उठाती है।’
सूत्रों ने बताया कि चीन के सैनिकों ने वापस लौटते समय भारतीय सैनिकों को बडवाइजर बीयर के कैन दिए जबकि हमारे सैनिकों ने उन्हें रसगुल्ले के पैक दिए।
हाल के कुछ समय में चीनी सैनिकों द्वारा दोनों देशों के बीच उत्तर में जम्मू-कश्मीर के लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश तक वास्तविक नियंत्रण रेखा से घुसपैठ बढ़ी है।टिप्पणियां
चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ पर रक्षामंत्री एके एंटनी ने हाल में कहा था कि ‘‘भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा सामान्य रूप से अंकित नहीं है। सीमा पर ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में भारत और चीन की अलग अलग धारणाएं हैं तथा दोनों पक्ष उस स्थान पर अपने अपने गश्ती दल भेजते हैं।’’
उन्होंने कहा था, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा की धारणा पर मतभेद के चलते जमीन पर कुछ अतिक्रमण की घटनाएं होती हैं। सरकार कोई भी अतिक्रमण होने पर उसे चीनी पक्ष के साथ नियमित रूप से स्थापित व्यवस्था के जरिये उठाती है।’
हाल के कुछ समय में चीनी सैनिकों द्वारा दोनों देशों के बीच उत्तर में जम्मू-कश्मीर के लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश तक वास्तविक नियंत्रण रेखा से घुसपैठ बढ़ी है।टिप्पणियां
चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ पर रक्षामंत्री एके एंटनी ने हाल में कहा था कि ‘‘भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा सामान्य रूप से अंकित नहीं है। सीमा पर ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में भारत और चीन की अलग अलग धारणाएं हैं तथा दोनों पक्ष उस स्थान पर अपने अपने गश्ती दल भेजते हैं।’’
उन्होंने कहा था, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा की धारणा पर मतभेद के चलते जमीन पर कुछ अतिक्रमण की घटनाएं होती हैं। सरकार कोई भी अतिक्रमण होने पर उसे चीनी पक्ष के साथ नियमित रूप से स्थापित व्यवस्था के जरिये उठाती है।’
चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ पर रक्षामंत्री एके एंटनी ने हाल में कहा था कि ‘‘भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा सामान्य रूप से अंकित नहीं है। सीमा पर ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में भारत और चीन की अलग अलग धारणाएं हैं तथा दोनों पक्ष उस स्थान पर अपने अपने गश्ती दल भेजते हैं।’’
उन्होंने कहा था, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा की धारणा पर मतभेद के चलते जमीन पर कुछ अतिक्रमण की घटनाएं होती हैं। सरकार कोई भी अतिक्रमण होने पर उसे चीनी पक्ष के साथ नियमित रूप से स्थापित व्यवस्था के जरिये उठाती है।’
उन्होंने कहा था, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा की धारणा पर मतभेद के चलते जमीन पर कुछ अतिक्रमण की घटनाएं होती हैं। सरकार कोई भी अतिक्रमण होने पर उसे चीनी पक्ष के साथ नियमित रूप से स्थापित व्यवस्था के जरिये उठाती है।’ | सारांश: सूत्रों ने बताया कि हल्के वाहनों में सफर कर रहे चीन के गश्ती दल को वहां भारतीय सेना के उस दल ने देखा जिसमें एक युवा लेफ्टिनेंट के अलावा नौ जवान थे। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक दिन पहले ही कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बिहार के कटिहार में एक ऐसा बयान दिया, जिसपर उनके खिलाफ एफआईआर हो गई. उन्होंने एक रैली में कहा, 'मैं आप सबको चेतावनी देने आया हूं, मुस्लिम भाइयों, आप 64% आबादी हो यहां पर...मेरे मुसलमान भाई जितने भी हैं, वो ये मेरी पगड़ी है....आप सब लोग पंजाब में भी काम करने जाते हो और पंजाब में आपको हमारी तरफ़ से प्यार मिलता है, मेहमान जो हमारा होता है वो जान से प्यारा होता है... मुस्लिम भाइयों यहां पर ओवैसी साहब जैसे लोगों को लाकर, एक नई पार्टी साथ में खड़ी करके आप लोगों की वोटें बांटकर ये जीतना चाहते हैं.. अगर तुम लोग इकट्ठा हुए 64% आपकी आबादी है माइनोरिटी मेजोरिटी में है यहां पर, यदि तुम इकट्ठा हुए और इकट्ठा होकर एकजुट होकर वोट डाला तो सब उलट जाएंगे, मोदी सुलट जाएगा...छक्का लग जाएगा...ऐसा छक्का मारो कि मोदी को यहां बाउंड्री से पार मार दो...
इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी के देवबंद में सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन की पहली चुनावी रैली में मुस्लिम मतदाताओं का आह्वान करते हुए कहा था कि भाजपा को कांग्रेस नहीं हरा सकती. उसे सिर्फ महागठबंधन हरा सकता है, लिहाजा मुस्लिम मतदाता कांग्रेस को वोट देकर उसे ज़ाया करने के बजाय महागठबंधन प्रत्याशियों के पक्ष में एक तरफा मतदान करें. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गहलोत ने दिया विवादित बयान
'वोट के लिए बनाया राष्ट्रपति'
ये कांग्रेस की ओछी सोच: बीजेपी | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बर्फीले तूफान के कारण पूर्वोत्तर अमेरिका में 650,000 से ज्यादा घरों में कड़ाके की सर्दी में भी बिजली गुल हो गई है, हजारों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और लोगों को सड़कों पर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। न्यूयार्क से बोस्टन तक बर्फ की कई फुट मोटी चादर बिछ चुकी है और जन जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
नेशनल वेदर सर्विस (एनडब्ल्यूएन) के मुताबिक शनिवार सुबह तक बर्फीले तूफान के कारण एक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी और न्यू इंग्लैंड और लांग आइलैंड में हर जगह करीब दो फीट बर्फ की मोटी परत जम गई थी। कनेक्टिकट में कई जगहों पर 20 इंच बर्फ की परत जमा हो गई।
पोउगहकीप्सिए में पुलिस ने बताया कि बर्फबारी के कारण 18 वर्षीया एक युवती अपने कार पर नियंत्रण नहीं रख पाई और सड़क के किनारे टहल रहे 74 वर्ष के एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी। बुजुर्ग की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक, भारी बर्फबारी के एक दिन बाद पांच प्रांतों -न्यूयार्क, मेसाचुसेट्स, कनेक्टिकट, न्यू हैम्पशायर और रोडे आईलैंड में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है।
तूफान शुक्रवार सुबह न्यूयार्क के कुछ हिस्से से शुरू हुआ था।
तूफान के कारण पूर्वी तट तथा आंतरिक हिस्से में कुछ 60 हवाई अड्डों पर हजारों उड़ानें रद्द हुईं तथा सरकार ने वाहन चालकों को सड़क पर न आने का निर्देश दिया है।
शाम ढलते-ढलते प्रमुख राजमार्ग पूरी तरह सूनसान हो गए और बर्फ तथा तूफान से घिरा बोस्टन एक भुतहा शहर में तब्दील हो गया।
न्यूयार्क के मेयर माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने लोगों को घरों में रहने के लिए कहा है, तथा घबराकर जरूरत से अधिक पेट्रोल खरीदने से मना किया है और उन्होंने कहा है पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है। लेकिन अक्टूबर के सैंडी तूफान की याद ताजा रहने के कारण लोगों ने खूब पेट्रोल संग्रह करने शुरू किए और कई स्टोर खाली हो गए।
समाचारपत्र बोस्टन हेराल्ड के मुताबिक मेसाचुसेट्स में 1,75,000 से अधिक घर और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। तूफान के शनिवार दोपहर तक समाप्त होने की संभावना है।टिप्पणियां
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
नेशनल वेदर सर्विस (एनडब्ल्यूएन) के मुताबिक शनिवार सुबह तक बर्फीले तूफान के कारण एक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी और न्यू इंग्लैंड और लांग आइलैंड में हर जगह करीब दो फीट बर्फ की मोटी परत जम गई थी। कनेक्टिकट में कई जगहों पर 20 इंच बर्फ की परत जमा हो गई।
पोउगहकीप्सिए में पुलिस ने बताया कि बर्फबारी के कारण 18 वर्षीया एक युवती अपने कार पर नियंत्रण नहीं रख पाई और सड़क के किनारे टहल रहे 74 वर्ष के एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी। बुजुर्ग की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक, भारी बर्फबारी के एक दिन बाद पांच प्रांतों -न्यूयार्क, मेसाचुसेट्स, कनेक्टिकट, न्यू हैम्पशायर और रोडे आईलैंड में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है।
तूफान शुक्रवार सुबह न्यूयार्क के कुछ हिस्से से शुरू हुआ था।
तूफान के कारण पूर्वी तट तथा आंतरिक हिस्से में कुछ 60 हवाई अड्डों पर हजारों उड़ानें रद्द हुईं तथा सरकार ने वाहन चालकों को सड़क पर न आने का निर्देश दिया है।
शाम ढलते-ढलते प्रमुख राजमार्ग पूरी तरह सूनसान हो गए और बर्फ तथा तूफान से घिरा बोस्टन एक भुतहा शहर में तब्दील हो गया।
न्यूयार्क के मेयर माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने लोगों को घरों में रहने के लिए कहा है, तथा घबराकर जरूरत से अधिक पेट्रोल खरीदने से मना किया है और उन्होंने कहा है पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है। लेकिन अक्टूबर के सैंडी तूफान की याद ताजा रहने के कारण लोगों ने खूब पेट्रोल संग्रह करने शुरू किए और कई स्टोर खाली हो गए।
समाचारपत्र बोस्टन हेराल्ड के मुताबिक मेसाचुसेट्स में 1,75,000 से अधिक घर और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। तूफान के शनिवार दोपहर तक समाप्त होने की संभावना है।टिप्पणियां
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
पोउगहकीप्सिए में पुलिस ने बताया कि बर्फबारी के कारण 18 वर्षीया एक युवती अपने कार पर नियंत्रण नहीं रख पाई और सड़क के किनारे टहल रहे 74 वर्ष के एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी। बुजुर्ग की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक, भारी बर्फबारी के एक दिन बाद पांच प्रांतों -न्यूयार्क, मेसाचुसेट्स, कनेक्टिकट, न्यू हैम्पशायर और रोडे आईलैंड में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है।
तूफान शुक्रवार सुबह न्यूयार्क के कुछ हिस्से से शुरू हुआ था।
तूफान के कारण पूर्वी तट तथा आंतरिक हिस्से में कुछ 60 हवाई अड्डों पर हजारों उड़ानें रद्द हुईं तथा सरकार ने वाहन चालकों को सड़क पर न आने का निर्देश दिया है।
शाम ढलते-ढलते प्रमुख राजमार्ग पूरी तरह सूनसान हो गए और बर्फ तथा तूफान से घिरा बोस्टन एक भुतहा शहर में तब्दील हो गया।
न्यूयार्क के मेयर माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने लोगों को घरों में रहने के लिए कहा है, तथा घबराकर जरूरत से अधिक पेट्रोल खरीदने से मना किया है और उन्होंने कहा है पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है। लेकिन अक्टूबर के सैंडी तूफान की याद ताजा रहने के कारण लोगों ने खूब पेट्रोल संग्रह करने शुरू किए और कई स्टोर खाली हो गए।
समाचारपत्र बोस्टन हेराल्ड के मुताबिक मेसाचुसेट्स में 1,75,000 से अधिक घर और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। तूफान के शनिवार दोपहर तक समाप्त होने की संभावना है।टिप्पणियां
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक, भारी बर्फबारी के एक दिन बाद पांच प्रांतों -न्यूयार्क, मेसाचुसेट्स, कनेक्टिकट, न्यू हैम्पशायर और रोडे आईलैंड में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है।
तूफान शुक्रवार सुबह न्यूयार्क के कुछ हिस्से से शुरू हुआ था।
तूफान के कारण पूर्वी तट तथा आंतरिक हिस्से में कुछ 60 हवाई अड्डों पर हजारों उड़ानें रद्द हुईं तथा सरकार ने वाहन चालकों को सड़क पर न आने का निर्देश दिया है।
शाम ढलते-ढलते प्रमुख राजमार्ग पूरी तरह सूनसान हो गए और बर्फ तथा तूफान से घिरा बोस्टन एक भुतहा शहर में तब्दील हो गया।
न्यूयार्क के मेयर माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने लोगों को घरों में रहने के लिए कहा है, तथा घबराकर जरूरत से अधिक पेट्रोल खरीदने से मना किया है और उन्होंने कहा है पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है। लेकिन अक्टूबर के सैंडी तूफान की याद ताजा रहने के कारण लोगों ने खूब पेट्रोल संग्रह करने शुरू किए और कई स्टोर खाली हो गए।
समाचारपत्र बोस्टन हेराल्ड के मुताबिक मेसाचुसेट्स में 1,75,000 से अधिक घर और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। तूफान के शनिवार दोपहर तक समाप्त होने की संभावना है।टिप्पणियां
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
तूफान शुक्रवार सुबह न्यूयार्क के कुछ हिस्से से शुरू हुआ था।
तूफान के कारण पूर्वी तट तथा आंतरिक हिस्से में कुछ 60 हवाई अड्डों पर हजारों उड़ानें रद्द हुईं तथा सरकार ने वाहन चालकों को सड़क पर न आने का निर्देश दिया है।
शाम ढलते-ढलते प्रमुख राजमार्ग पूरी तरह सूनसान हो गए और बर्फ तथा तूफान से घिरा बोस्टन एक भुतहा शहर में तब्दील हो गया।
न्यूयार्क के मेयर माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने लोगों को घरों में रहने के लिए कहा है, तथा घबराकर जरूरत से अधिक पेट्रोल खरीदने से मना किया है और उन्होंने कहा है पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है। लेकिन अक्टूबर के सैंडी तूफान की याद ताजा रहने के कारण लोगों ने खूब पेट्रोल संग्रह करने शुरू किए और कई स्टोर खाली हो गए।
समाचारपत्र बोस्टन हेराल्ड के मुताबिक मेसाचुसेट्स में 1,75,000 से अधिक घर और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। तूफान के शनिवार दोपहर तक समाप्त होने की संभावना है।टिप्पणियां
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
तूफान के कारण पूर्वी तट तथा आंतरिक हिस्से में कुछ 60 हवाई अड्डों पर हजारों उड़ानें रद्द हुईं तथा सरकार ने वाहन चालकों को सड़क पर न आने का निर्देश दिया है।
शाम ढलते-ढलते प्रमुख राजमार्ग पूरी तरह सूनसान हो गए और बर्फ तथा तूफान से घिरा बोस्टन एक भुतहा शहर में तब्दील हो गया।
न्यूयार्क के मेयर माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने लोगों को घरों में रहने के लिए कहा है, तथा घबराकर जरूरत से अधिक पेट्रोल खरीदने से मना किया है और उन्होंने कहा है पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है। लेकिन अक्टूबर के सैंडी तूफान की याद ताजा रहने के कारण लोगों ने खूब पेट्रोल संग्रह करने शुरू किए और कई स्टोर खाली हो गए।
समाचारपत्र बोस्टन हेराल्ड के मुताबिक मेसाचुसेट्स में 1,75,000 से अधिक घर और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। तूफान के शनिवार दोपहर तक समाप्त होने की संभावना है।टिप्पणियां
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
शाम ढलते-ढलते प्रमुख राजमार्ग पूरी तरह सूनसान हो गए और बर्फ तथा तूफान से घिरा बोस्टन एक भुतहा शहर में तब्दील हो गया।
न्यूयार्क के मेयर माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने लोगों को घरों में रहने के लिए कहा है, तथा घबराकर जरूरत से अधिक पेट्रोल खरीदने से मना किया है और उन्होंने कहा है पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है। लेकिन अक्टूबर के सैंडी तूफान की याद ताजा रहने के कारण लोगों ने खूब पेट्रोल संग्रह करने शुरू किए और कई स्टोर खाली हो गए।
समाचारपत्र बोस्टन हेराल्ड के मुताबिक मेसाचुसेट्स में 1,75,000 से अधिक घर और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। तूफान के शनिवार दोपहर तक समाप्त होने की संभावना है।टिप्पणियां
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
न्यूयार्क के मेयर माइकल आर. ब्लूमबर्ग ने लोगों को घरों में रहने के लिए कहा है, तथा घबराकर जरूरत से अधिक पेट्रोल खरीदने से मना किया है और उन्होंने कहा है पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है। लेकिन अक्टूबर के सैंडी तूफान की याद ताजा रहने के कारण लोगों ने खूब पेट्रोल संग्रह करने शुरू किए और कई स्टोर खाली हो गए।
समाचारपत्र बोस्टन हेराल्ड के मुताबिक मेसाचुसेट्स में 1,75,000 से अधिक घर और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। तूफान के शनिवार दोपहर तक समाप्त होने की संभावना है।टिप्पणियां
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
समाचारपत्र बोस्टन हेराल्ड के मुताबिक मेसाचुसेट्स में 1,75,000 से अधिक घर और कारोबारी प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। तूफान के शनिवार दोपहर तक समाप्त होने की संभावना है।टिप्पणियां
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
मेसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक ने वाहनों के सड़क पर निकलने को अवैध करार दिया और कहा कि अगले आदेश तक यही व्यवस्था रहेगी।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
गवर्नर के एक अधिकारी ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने वाले को एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है। | यहाँ एक सारांश है:बर्फीले तूफान के कारण पूर्वोत्तर अमेरिका में 650,000 से ज्यादा घरों में कड़ाके की सर्दी में भी बिजली गुल हो गई है, हजारों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और लोगों को सड़कों पर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में जारी मुठभेड़ में चार आतंकी ढेर हो गए हैं. दो जवान भी शहीद हुए हैं और दो अन्य घायल हो गए हैं. आज तड़के यह एनकाउंटर शुरू हुआ था. जिले के यारीपोरा-फ्रीजाल क्षेत्र में अभी भी दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी जारी है. इस आतंकी हमले में एक स्थानीय नागरिक भी मारा गया.टिप्पणियां
दरअसल सेना को बीती रात पुलिस ने आतंकियों के बारे में सूचना दी थी. उसके बाद सेना ने क्षेत्र के एक गांव को घेर रखा है. यह इलाका श्रीनगर से 60 किमी दूर है. सूत्रों ने इस संबंध में न्यूज एजेंसी PTI से कहा, ''माना जा रहा है कि तीन आतंकी घायल हुए हैं और वे घटनास्थल से भागकर पास के इलाके में छिपे हैं. उनको पकड़ने का ऑपरेशन चल रहा है.''
चार फरवरी को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में भी सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. उस गोलीबारी में दो पुलिसवाले जख्मी हुए थे. उस दौरान भी सेना को इलाके में आतंकियों के बारे में उपस्थिति की सूचना मिली थी.
दरअसल सेना को बीती रात पुलिस ने आतंकियों के बारे में सूचना दी थी. उसके बाद सेना ने क्षेत्र के एक गांव को घेर रखा है. यह इलाका श्रीनगर से 60 किमी दूर है. सूत्रों ने इस संबंध में न्यूज एजेंसी PTI से कहा, ''माना जा रहा है कि तीन आतंकी घायल हुए हैं और वे घटनास्थल से भागकर पास के इलाके में छिपे हैं. उनको पकड़ने का ऑपरेशन चल रहा है.''
चार फरवरी को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में भी सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. उस गोलीबारी में दो पुलिसवाले जख्मी हुए थे. उस दौरान भी सेना को इलाके में आतंकियों के बारे में उपस्थिति की सूचना मिली थी.
चार फरवरी को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में भी सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. उस गोलीबारी में दो पुलिसवाले जख्मी हुए थे. उस दौरान भी सेना को इलाके में आतंकियों के बारे में उपस्थिति की सूचना मिली थी. | जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हो रहा एनकाउंटर
तीन आतंकी घायल होकर पास इलाके में छिपे हैं
सेना इलाके को घेरकर इन आतंकियों को ढूंढ रही है | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि कांग्रेस किसी का बचाव नहीं करेगी और 1984 में भड़के सिख विरोधी दंगों में कथित भूमिका के आरोपों का सामना कर रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता जगदीश टाइटलर के मामले में कानून अपना काम करेगा।
मोइली ने संवाददाताओं से कहा, हमारा दिल पीड़ितों के लिए दुखी है। हम यहां किसी का बचाव करने के लिए नहीं हैं। कानून इस मामले में अपना काम करेगा। उन्होंने साथ ही ध्यान दिलाया कि कांग्रेस ने सिख विरोधी दंगों के मामले में 1985-86 में ही 'नैतिक जिम्मेदारी' स्वीकार कर ली थी।टिप्पणियां
मोइली ने हालांकि यह भी कहा कि टाइटलर के खिलाफ लगे आरोप उतने गंभीर नहीं हैं, जितने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगे आरोप थे और उन्होंने गुजरात में 2002 में हुए दंगों के मामले में खुद को निर्दोष साबित करने के लिए एक भी कदम नहीं उठाया।
टाइटलर को उस समय झटका लगा था, जब दिल्ली की एक अदालत ने सिख विरोधी दंगों के 29 वर्ष पुराने मामले में सीबीआई की कांग्रेस नेता को क्लीन चिट देते हुए मामला बंद करने की रिपोर्ट को दरकिनार कर दिया और तीन लोगों की हत्या के मामले की जांच फिर से करने का आदेश दिया।
मोइली ने संवाददाताओं से कहा, हमारा दिल पीड़ितों के लिए दुखी है। हम यहां किसी का बचाव करने के लिए नहीं हैं। कानून इस मामले में अपना काम करेगा। उन्होंने साथ ही ध्यान दिलाया कि कांग्रेस ने सिख विरोधी दंगों के मामले में 1985-86 में ही 'नैतिक जिम्मेदारी' स्वीकार कर ली थी।टिप्पणियां
मोइली ने हालांकि यह भी कहा कि टाइटलर के खिलाफ लगे आरोप उतने गंभीर नहीं हैं, जितने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगे आरोप थे और उन्होंने गुजरात में 2002 में हुए दंगों के मामले में खुद को निर्दोष साबित करने के लिए एक भी कदम नहीं उठाया।
टाइटलर को उस समय झटका लगा था, जब दिल्ली की एक अदालत ने सिख विरोधी दंगों के 29 वर्ष पुराने मामले में सीबीआई की कांग्रेस नेता को क्लीन चिट देते हुए मामला बंद करने की रिपोर्ट को दरकिनार कर दिया और तीन लोगों की हत्या के मामले की जांच फिर से करने का आदेश दिया।
मोइली ने हालांकि यह भी कहा कि टाइटलर के खिलाफ लगे आरोप उतने गंभीर नहीं हैं, जितने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगे आरोप थे और उन्होंने गुजरात में 2002 में हुए दंगों के मामले में खुद को निर्दोष साबित करने के लिए एक भी कदम नहीं उठाया।
टाइटलर को उस समय झटका लगा था, जब दिल्ली की एक अदालत ने सिख विरोधी दंगों के 29 वर्ष पुराने मामले में सीबीआई की कांग्रेस नेता को क्लीन चिट देते हुए मामला बंद करने की रिपोर्ट को दरकिनार कर दिया और तीन लोगों की हत्या के मामले की जांच फिर से करने का आदेश दिया।
टाइटलर को उस समय झटका लगा था, जब दिल्ली की एक अदालत ने सिख विरोधी दंगों के 29 वर्ष पुराने मामले में सीबीआई की कांग्रेस नेता को क्लीन चिट देते हुए मामला बंद करने की रिपोर्ट को दरकिनार कर दिया और तीन लोगों की हत्या के मामले की जांच फिर से करने का आदेश दिया। | यह एक सारांश है: पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि कांग्रेस किसी का बचाव नहीं करेगी और 1984 में भड़के सिख विरोधी दंगों में कथित भूमिका के आरोपों का सामना कर रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता जगदीश टाइटलर के मामले में कानून अपना काम करेगा। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पुणे नगर निगम (पीएमसी) ने 10 साल की अवधि के बांड बेचकर 200 करोड़ रुपए जुटाए. पीएमसी पिछले 14 साल में इस रास्ते से पैसा जुटाने वाला पहला नगर निकाय बन गया है. निगम 7.59 फीसद कूपन दर पर इससे जुटायी गयी रकम 2,300 करोड़ रुपए की जल परियोजना में खर्च करेगा. निगम आयुक्त कुणाल कुमार ने कहा कि हम इस परियोजना के भुगतान कार्यक््रम के अनुसार अगले पांच साल में क्रमबद्ध तरीके से धन जुटायेंगे.
इस मुद्दे को एसबीआई कैपिटल मार्केट द्वारा संभाला जा रहा था, जो 6 बार ओवर सब्सक्राइब्ड हुआ. इसने 1,200 करोड़ रुपये का मूल्य प्राप्त किया था. निगम आयुक्त कुणाल कुमार ने कहा, 'हमने वित्तीय ताकत दिखाई है. हमने अपने टैरिफ में वृद्धि करने के लिए 30 साल की योजना बनाई है, जो राजस्व का एक स्रोत है. हमने इस योजना के लिए राजनीतिक समर्थन भी हासिल किया है.' उन्होंने कहा कि दूसरे निकायों को इस तरीके को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. टिप्पणियां
निगम आयुक्त कुनाल कुमार ने कहा कि पुणे नगर निगम एक केस स्टडी तैयार करेगा, जिसमें इस तरीके पर काम करने के अनुभव और अन्य चीजों को दूसरे निकायों के साथ साझा किया जाएगा. ताकि इससे अन्य निकायों को भी फायदा हो. इसके बाद केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि म्यूनिसिपल फाइनेंस में नए युग की शुरुआत हो चुकी है. पुणे नगर निगम ने इतिहास रच दिया है.
इनपुट: भाषा
इस मुद्दे को एसबीआई कैपिटल मार्केट द्वारा संभाला जा रहा था, जो 6 बार ओवर सब्सक्राइब्ड हुआ. इसने 1,200 करोड़ रुपये का मूल्य प्राप्त किया था. निगम आयुक्त कुणाल कुमार ने कहा, 'हमने वित्तीय ताकत दिखाई है. हमने अपने टैरिफ में वृद्धि करने के लिए 30 साल की योजना बनाई है, जो राजस्व का एक स्रोत है. हमने इस योजना के लिए राजनीतिक समर्थन भी हासिल किया है.' उन्होंने कहा कि दूसरे निकायों को इस तरीके को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. टिप्पणियां
निगम आयुक्त कुनाल कुमार ने कहा कि पुणे नगर निगम एक केस स्टडी तैयार करेगा, जिसमें इस तरीके पर काम करने के अनुभव और अन्य चीजों को दूसरे निकायों के साथ साझा किया जाएगा. ताकि इससे अन्य निकायों को भी फायदा हो. इसके बाद केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि म्यूनिसिपल फाइनेंस में नए युग की शुरुआत हो चुकी है. पुणे नगर निगम ने इतिहास रच दिया है.
इनपुट: भाषा
निगम आयुक्त कुनाल कुमार ने कहा कि पुणे नगर निगम एक केस स्टडी तैयार करेगा, जिसमें इस तरीके पर काम करने के अनुभव और अन्य चीजों को दूसरे निकायों के साथ साझा किया जाएगा. ताकि इससे अन्य निकायों को भी फायदा हो. इसके बाद केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि म्यूनिसिपल फाइनेंस में नए युग की शुरुआत हो चुकी है. पुणे नगर निगम ने इतिहास रच दिया है.
इनपुट: भाषा
इनपुट: भाषा | संक्षिप्त सारांश: पुणे नगर निगम ने 200 करोड़ रुपए जुटाए
10 साल की अवधि के बांड बेचकर जुटाए रुपए
जल परियोजना में खर्च किए जाएंगे ये रुपए | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लाहौर में दो व्यक्तियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार रेमंड डेविस के बारे अमेरिका ने कहा है कि राजनयिक अधिकार का सम्मान करते हुए और विएना संधि के तहत पाकिस्तान को उसे रिहा कर देना चाहिए। लाहौर अदालत द्वारा राजनयिक अधिकार के रेमंड के दावे को खारिज किए जाने और उस पर मुकदमा चलाए जाने की खबरों के बाद विदेश विभाग के प्रवक्ता पीजे क्राउले ने संवाददाताओं से कहा, हम लोग इस मामले को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा, वास्तव में हम इस प्रक्रिया के बारे में टिप्पणी नहीं कर सकते हैं। हम लगातार पाकिस्तान सरकार पर इस बात के लिए दबाव बनाए हुए हैं कि डेविस को राजनयिक अधिकार प्राप्त हैं। अदालत ने संकेत दिया कि पाकिस्तान सरकार के पास डेविस के राजनयिक अधिकार संबंधी प्रमाणपत्र नहीं होने से यही माना जाएगा कि उसे इस तरह का कोई अधिकार प्राप्त नहीं है । क्राउले ने जोर देकर कहा कि जनवरी 2010 में पाकिस्तान सरकार को डेविस के वहां जाने और दूतावास में प्रशासनिक तथा तकनीकी कार्यों में नियुक्ति के बारे में सूचना दे दी गयी थी। हालांकि पाकिस्तान ने डेविस के राजनयिक होने का खंडन किया है। | यहाँ एक सारांश है:डेविस के बारे अमेरिका ने कहा है कि राजनयिक अधिकार का सम्मान करते हुए और विएना संधि के तहत पाकिस्तान को उसे रिहा कर देना चाहिए। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि राष्ट्र बदलाव के लिए ‘‘बेचैन’’ है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर तगड़ा हमला बोलते हुए उन्हें ज्वलंत मुद्दों पर सार्वजनिक बहस के लिए ललकारा और साथ ही उन पर पाकिस्तान के प्रति ‘‘कमजोर’’ रुख अपनाने का आरोप लगाया।
भाजपा की चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख और आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार समझे जा रहे मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से दिए गए भाषण के कुछ ही क्षण बाद अपने भाषण में सिंह को निशाने पर लिया।
अपने स्वत: स्फूर्त भाषण में मोदी ने पाकिस्तान और चीन को भारत के जवाब, भ्रष्टाचार, देश की अर्थव्यवस्था की हालत तथा खाद्य सुरक्षा विधेयक समेत विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री की आलोचना की।
उन्होंने कहा, राष्ट्र बदलाव के लिए बेचैन है। उन्होंने कहा, आप एक बड़े देश पर राज कर रहे हैं, हम एक छोटे राज्य को संभाल रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री को दिल्ली में बैठी सरकार और हमारी सरकार के बीच विकास तथा बेहतर प्रशासन के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती देता हूं।
मोदी ने भुज में लालन कॉलेज परिसर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपने भाषण के दौरान यह बातें कहीं। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा आज दिए गए प्रधानमंत्री के भाषणों के बीच तुलना की और अपने भाषण में पाकिस्तान के बारे में कड़ा रुख नहीं अपनाने के लिए मनमोहन सिंह की आलोचना की।
मोदी ने कहा, राष्ट्रपति हमारे पांच सैनिकों के मारे जाने के मुद्दे पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। मुझे उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री इसी प्रकार की चिंता जताएंगे लेकिन वह कड़ी बात करने में विफल रहे। मुखर्जी ने बुधवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि ‘‘संयम की सीमा होती है’’ और आतंरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा क्षेत्रीय अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए ‘‘जरूरी कदम ’’ उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री के भाषण को ‘‘बड़ी निराशा’’ बताते हुए मोदी ने कहा कि इसमें कोई जान नहीं थी और यह किसी प्रकार की प्रेरणा देने में विफल रहा है।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे इस बात पर हैरानी होती है कि सर्वाधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली हस्तियों में आपका नाम शामिल हो रहा है, लेकिन आप वही बातें कर रहे हैं जो पंडित नेहरू ने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कही थीं। मोदी ने कहा कि सिंह आज भी उन्हीं समस्याओं और चिंताओं का उल्लेख कर रहे हैं जिनका जिक्र नेहरू ने अपने पहले भाषण में किया था।
उन्होंने सवाल किया, सवाल यह उठता है कि आपने पिछले 60 साल में क्या किया। यदि हालात में मामूली-सा बदलाव भी नहीं आया है... तो आपने क्या किया है? मौजूदा आर्थिक हालात के लिए प्रधानमंत्री पर बरसते हुए मोदी ने कहा, श्रीमान प्रधानमंत्री, आपने देश की वर्तमान आर्थिक हालत का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव की बात की, लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि रुपये की कीमत जिस तरह से गिर रही है, यह संकट की ओर जा रहा है , उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
आर्थिक ‘गड़बड़ी’ को दुरुस्त करने के लिए उपचारात्मक कदम नहीं उठाने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि सिंह कम से कम इतना तो कर सकते थे कि वे देश को बताते कि वह कैसे रुपये को मजबूत करेंगे और अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
भाजपा की चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख और आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार समझे जा रहे मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से दिए गए भाषण के कुछ ही क्षण बाद अपने भाषण में सिंह को निशाने पर लिया।
अपने स्वत: स्फूर्त भाषण में मोदी ने पाकिस्तान और चीन को भारत के जवाब, भ्रष्टाचार, देश की अर्थव्यवस्था की हालत तथा खाद्य सुरक्षा विधेयक समेत विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री की आलोचना की।
उन्होंने कहा, राष्ट्र बदलाव के लिए बेचैन है। उन्होंने कहा, आप एक बड़े देश पर राज कर रहे हैं, हम एक छोटे राज्य को संभाल रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री को दिल्ली में बैठी सरकार और हमारी सरकार के बीच विकास तथा बेहतर प्रशासन के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती देता हूं।
मोदी ने भुज में लालन कॉलेज परिसर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपने भाषण के दौरान यह बातें कहीं। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा आज दिए गए प्रधानमंत्री के भाषणों के बीच तुलना की और अपने भाषण में पाकिस्तान के बारे में कड़ा रुख नहीं अपनाने के लिए मनमोहन सिंह की आलोचना की।
मोदी ने कहा, राष्ट्रपति हमारे पांच सैनिकों के मारे जाने के मुद्दे पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। मुझे उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री इसी प्रकार की चिंता जताएंगे लेकिन वह कड़ी बात करने में विफल रहे। मुखर्जी ने बुधवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि ‘‘संयम की सीमा होती है’’ और आतंरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा क्षेत्रीय अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए ‘‘जरूरी कदम ’’ उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री के भाषण को ‘‘बड़ी निराशा’’ बताते हुए मोदी ने कहा कि इसमें कोई जान नहीं थी और यह किसी प्रकार की प्रेरणा देने में विफल रहा है।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे इस बात पर हैरानी होती है कि सर्वाधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली हस्तियों में आपका नाम शामिल हो रहा है, लेकिन आप वही बातें कर रहे हैं जो पंडित नेहरू ने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कही थीं। मोदी ने कहा कि सिंह आज भी उन्हीं समस्याओं और चिंताओं का उल्लेख कर रहे हैं जिनका जिक्र नेहरू ने अपने पहले भाषण में किया था।
उन्होंने सवाल किया, सवाल यह उठता है कि आपने पिछले 60 साल में क्या किया। यदि हालात में मामूली-सा बदलाव भी नहीं आया है... तो आपने क्या किया है? मौजूदा आर्थिक हालात के लिए प्रधानमंत्री पर बरसते हुए मोदी ने कहा, श्रीमान प्रधानमंत्री, आपने देश की वर्तमान आर्थिक हालत का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव की बात की, लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि रुपये की कीमत जिस तरह से गिर रही है, यह संकट की ओर जा रहा है , उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
आर्थिक ‘गड़बड़ी’ को दुरुस्त करने के लिए उपचारात्मक कदम नहीं उठाने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि सिंह कम से कम इतना तो कर सकते थे कि वे देश को बताते कि वह कैसे रुपये को मजबूत करेंगे और अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
अपने स्वत: स्फूर्त भाषण में मोदी ने पाकिस्तान और चीन को भारत के जवाब, भ्रष्टाचार, देश की अर्थव्यवस्था की हालत तथा खाद्य सुरक्षा विधेयक समेत विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री की आलोचना की।
उन्होंने कहा, राष्ट्र बदलाव के लिए बेचैन है। उन्होंने कहा, आप एक बड़े देश पर राज कर रहे हैं, हम एक छोटे राज्य को संभाल रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री को दिल्ली में बैठी सरकार और हमारी सरकार के बीच विकास तथा बेहतर प्रशासन के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती देता हूं।
मोदी ने भुज में लालन कॉलेज परिसर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपने भाषण के दौरान यह बातें कहीं। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा आज दिए गए प्रधानमंत्री के भाषणों के बीच तुलना की और अपने भाषण में पाकिस्तान के बारे में कड़ा रुख नहीं अपनाने के लिए मनमोहन सिंह की आलोचना की।
मोदी ने कहा, राष्ट्रपति हमारे पांच सैनिकों के मारे जाने के मुद्दे पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। मुझे उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री इसी प्रकार की चिंता जताएंगे लेकिन वह कड़ी बात करने में विफल रहे। मुखर्जी ने बुधवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि ‘‘संयम की सीमा होती है’’ और आतंरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा क्षेत्रीय अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए ‘‘जरूरी कदम ’’ उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री के भाषण को ‘‘बड़ी निराशा’’ बताते हुए मोदी ने कहा कि इसमें कोई जान नहीं थी और यह किसी प्रकार की प्रेरणा देने में विफल रहा है।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे इस बात पर हैरानी होती है कि सर्वाधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली हस्तियों में आपका नाम शामिल हो रहा है, लेकिन आप वही बातें कर रहे हैं जो पंडित नेहरू ने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कही थीं। मोदी ने कहा कि सिंह आज भी उन्हीं समस्याओं और चिंताओं का उल्लेख कर रहे हैं जिनका जिक्र नेहरू ने अपने पहले भाषण में किया था।
उन्होंने सवाल किया, सवाल यह उठता है कि आपने पिछले 60 साल में क्या किया। यदि हालात में मामूली-सा बदलाव भी नहीं आया है... तो आपने क्या किया है? मौजूदा आर्थिक हालात के लिए प्रधानमंत्री पर बरसते हुए मोदी ने कहा, श्रीमान प्रधानमंत्री, आपने देश की वर्तमान आर्थिक हालत का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव की बात की, लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि रुपये की कीमत जिस तरह से गिर रही है, यह संकट की ओर जा रहा है , उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
आर्थिक ‘गड़बड़ी’ को दुरुस्त करने के लिए उपचारात्मक कदम नहीं उठाने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि सिंह कम से कम इतना तो कर सकते थे कि वे देश को बताते कि वह कैसे रुपये को मजबूत करेंगे और अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, राष्ट्र बदलाव के लिए बेचैन है। उन्होंने कहा, आप एक बड़े देश पर राज कर रहे हैं, हम एक छोटे राज्य को संभाल रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री को दिल्ली में बैठी सरकार और हमारी सरकार के बीच विकास तथा बेहतर प्रशासन के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती देता हूं।
मोदी ने भुज में लालन कॉलेज परिसर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपने भाषण के दौरान यह बातें कहीं। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा आज दिए गए प्रधानमंत्री के भाषणों के बीच तुलना की और अपने भाषण में पाकिस्तान के बारे में कड़ा रुख नहीं अपनाने के लिए मनमोहन सिंह की आलोचना की।
मोदी ने कहा, राष्ट्रपति हमारे पांच सैनिकों के मारे जाने के मुद्दे पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। मुझे उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री इसी प्रकार की चिंता जताएंगे लेकिन वह कड़ी बात करने में विफल रहे। मुखर्जी ने बुधवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि ‘‘संयम की सीमा होती है’’ और आतंरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा क्षेत्रीय अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए ‘‘जरूरी कदम ’’ उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री के भाषण को ‘‘बड़ी निराशा’’ बताते हुए मोदी ने कहा कि इसमें कोई जान नहीं थी और यह किसी प्रकार की प्रेरणा देने में विफल रहा है।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे इस बात पर हैरानी होती है कि सर्वाधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली हस्तियों में आपका नाम शामिल हो रहा है, लेकिन आप वही बातें कर रहे हैं जो पंडित नेहरू ने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कही थीं। मोदी ने कहा कि सिंह आज भी उन्हीं समस्याओं और चिंताओं का उल्लेख कर रहे हैं जिनका जिक्र नेहरू ने अपने पहले भाषण में किया था।
उन्होंने सवाल किया, सवाल यह उठता है कि आपने पिछले 60 साल में क्या किया। यदि हालात में मामूली-सा बदलाव भी नहीं आया है... तो आपने क्या किया है? मौजूदा आर्थिक हालात के लिए प्रधानमंत्री पर बरसते हुए मोदी ने कहा, श्रीमान प्रधानमंत्री, आपने देश की वर्तमान आर्थिक हालत का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव की बात की, लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि रुपये की कीमत जिस तरह से गिर रही है, यह संकट की ओर जा रहा है , उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
आर्थिक ‘गड़बड़ी’ को दुरुस्त करने के लिए उपचारात्मक कदम नहीं उठाने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि सिंह कम से कम इतना तो कर सकते थे कि वे देश को बताते कि वह कैसे रुपये को मजबूत करेंगे और अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
मोदी ने भुज में लालन कॉलेज परिसर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपने भाषण के दौरान यह बातें कहीं। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा आज दिए गए प्रधानमंत्री के भाषणों के बीच तुलना की और अपने भाषण में पाकिस्तान के बारे में कड़ा रुख नहीं अपनाने के लिए मनमोहन सिंह की आलोचना की।
मोदी ने कहा, राष्ट्रपति हमारे पांच सैनिकों के मारे जाने के मुद्दे पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। मुझे उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री इसी प्रकार की चिंता जताएंगे लेकिन वह कड़ी बात करने में विफल रहे। मुखर्जी ने बुधवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि ‘‘संयम की सीमा होती है’’ और आतंरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा क्षेत्रीय अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए ‘‘जरूरी कदम ’’ उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री के भाषण को ‘‘बड़ी निराशा’’ बताते हुए मोदी ने कहा कि इसमें कोई जान नहीं थी और यह किसी प्रकार की प्रेरणा देने में विफल रहा है।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे इस बात पर हैरानी होती है कि सर्वाधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली हस्तियों में आपका नाम शामिल हो रहा है, लेकिन आप वही बातें कर रहे हैं जो पंडित नेहरू ने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कही थीं। मोदी ने कहा कि सिंह आज भी उन्हीं समस्याओं और चिंताओं का उल्लेख कर रहे हैं जिनका जिक्र नेहरू ने अपने पहले भाषण में किया था।
उन्होंने सवाल किया, सवाल यह उठता है कि आपने पिछले 60 साल में क्या किया। यदि हालात में मामूली-सा बदलाव भी नहीं आया है... तो आपने क्या किया है? मौजूदा आर्थिक हालात के लिए प्रधानमंत्री पर बरसते हुए मोदी ने कहा, श्रीमान प्रधानमंत्री, आपने देश की वर्तमान आर्थिक हालत का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव की बात की, लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि रुपये की कीमत जिस तरह से गिर रही है, यह संकट की ओर जा रहा है , उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
आर्थिक ‘गड़बड़ी’ को दुरुस्त करने के लिए उपचारात्मक कदम नहीं उठाने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि सिंह कम से कम इतना तो कर सकते थे कि वे देश को बताते कि वह कैसे रुपये को मजबूत करेंगे और अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
प्रधानमंत्री के भाषण को ‘‘बड़ी निराशा’’ बताते हुए मोदी ने कहा कि इसमें कोई जान नहीं थी और यह किसी प्रकार की प्रेरणा देने में विफल रहा है।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे इस बात पर हैरानी होती है कि सर्वाधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली हस्तियों में आपका नाम शामिल हो रहा है, लेकिन आप वही बातें कर रहे हैं जो पंडित नेहरू ने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कही थीं। मोदी ने कहा कि सिंह आज भी उन्हीं समस्याओं और चिंताओं का उल्लेख कर रहे हैं जिनका जिक्र नेहरू ने अपने पहले भाषण में किया था।
उन्होंने सवाल किया, सवाल यह उठता है कि आपने पिछले 60 साल में क्या किया। यदि हालात में मामूली-सा बदलाव भी नहीं आया है... तो आपने क्या किया है? मौजूदा आर्थिक हालात के लिए प्रधानमंत्री पर बरसते हुए मोदी ने कहा, श्रीमान प्रधानमंत्री, आपने देश की वर्तमान आर्थिक हालत का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव की बात की, लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि रुपये की कीमत जिस तरह से गिर रही है, यह संकट की ओर जा रहा है , उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
आर्थिक ‘गड़बड़ी’ को दुरुस्त करने के लिए उपचारात्मक कदम नहीं उठाने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि सिंह कम से कम इतना तो कर सकते थे कि वे देश को बताते कि वह कैसे रुपये को मजबूत करेंगे और अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे इस बात पर हैरानी होती है कि सर्वाधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली हस्तियों में आपका नाम शामिल हो रहा है, लेकिन आप वही बातें कर रहे हैं जो पंडित नेहरू ने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कही थीं। मोदी ने कहा कि सिंह आज भी उन्हीं समस्याओं और चिंताओं का उल्लेख कर रहे हैं जिनका जिक्र नेहरू ने अपने पहले भाषण में किया था।
उन्होंने सवाल किया, सवाल यह उठता है कि आपने पिछले 60 साल में क्या किया। यदि हालात में मामूली-सा बदलाव भी नहीं आया है... तो आपने क्या किया है? मौजूदा आर्थिक हालात के लिए प्रधानमंत्री पर बरसते हुए मोदी ने कहा, श्रीमान प्रधानमंत्री, आपने देश की वर्तमान आर्थिक हालत का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव की बात की, लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि रुपये की कीमत जिस तरह से गिर रही है, यह संकट की ओर जा रहा है , उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
आर्थिक ‘गड़बड़ी’ को दुरुस्त करने के लिए उपचारात्मक कदम नहीं उठाने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि सिंह कम से कम इतना तो कर सकते थे कि वे देश को बताते कि वह कैसे रुपये को मजबूत करेंगे और अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने सवाल किया, सवाल यह उठता है कि आपने पिछले 60 साल में क्या किया। यदि हालात में मामूली-सा बदलाव भी नहीं आया है... तो आपने क्या किया है? मौजूदा आर्थिक हालात के लिए प्रधानमंत्री पर बरसते हुए मोदी ने कहा, श्रीमान प्रधानमंत्री, आपने देश की वर्तमान आर्थिक हालत का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव की बात की, लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि रुपये की कीमत जिस तरह से गिर रही है, यह संकट की ओर जा रहा है , उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
आर्थिक ‘गड़बड़ी’ को दुरुस्त करने के लिए उपचारात्मक कदम नहीं उठाने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि सिंह कम से कम इतना तो कर सकते थे कि वे देश को बताते कि वह कैसे रुपये को मजबूत करेंगे और अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
आर्थिक ‘गड़बड़ी’ को दुरुस्त करने के लिए उपचारात्मक कदम नहीं उठाने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि सिंह कम से कम इतना तो कर सकते थे कि वे देश को बताते कि वह कैसे रुपये को मजबूत करेंगे और अर्थव्यवस्था में नई जान डालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, इसके बजाय आप इसका ठीकरा वैश्विक आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं और कहते हैं कि भारत वैश्विक मंदी से अछूता नहीं रह सकता। मोदी ने कहा, भारतीय सैनिक मारे गए हैं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए कुछ उत्साहजनक बातें कही जानी चाहिए थीं। मैं नहीं समझता कि लाल किला पाकिस्तान को चुनौती देने के लिए उचित मंच है और न ही हमें इसमें समय बर्बाद करना चाहिए, लेकिन यह हमारे सैन्य बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए उचित मंच था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, यह मेरी भावना है... उन्हें (प्रधानमंत्री) हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए था। मोदी ने कहा, एक तरफ राष्ट्रपतिजी कह रहे हैं कि हमारे संयम की सीमा है लेकिन राष्ट्रपति जी इस संयम की क्या सीमा है? इसके लिए सीमा रेखा क्या है... इसका फैसला केंद्र की सरकार को करना होगा।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, क्या कारण है कि हमें नहीं पता कि... हमारी सीमा क्या है.... कब तक हम बर्दाश्त करते रहेंगे.. इसको साफ बताया जाना चाहिए। और यह केवल पाकिस्तान का सवाल नहीं है, आज राष्ट्र की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया, चीन ने क्या किया है? एक आजाद भारत में आज चीन घुस आता है और हमारी सीमा पर अवरोधक खड़े कर देता है... वह हमारे क्षेत्र में आकर डट जाता है।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, भारत के राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बुधवार को अपने भाषण में इस पर अपने दुख का इजहार किया। बेहतर होता कि लालकिले से भी भ्रष्टाचार के बारे में कुछ बोला जाता।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति जी की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करना आपका पहला अधिकार है, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा, हम भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध क्यों नहीं छेड़ सकते और... बहनों-भाइयों... इस भ्रष्टाचार का जन्म कहां से हुआ है ?... क्या देश को यह जानने की जरूरत नहीं है?। उन्होंने कहा, क्या देशवासी इस पर जवाब नहीं मांगेंगे? मैं राजनीतिक भाषा में बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार देश के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है...। यह हमारे देश का दर्द, और संताप है।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
मोदी ने कहा, पुराने जमाने के टेलीविजन धारावाहिकों में भाई भतीजावाद भ्रष्टाचार की मुख्य वजह होता था... समय बदलने के साथ यह बदल गया है... भ्रष्टाचार पर मामा और भांजे का नया धारावाहिक आया और अब यह सास, बहू और दामाद के सीरियल में परिवर्तित होने की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
मोदी ने गांधी परिवार को परोक्ष रूप से निशाना बनाते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमारे देश को नष्ट कर रहा है और जो देश पर राज कर रहे हैं, उनके परिवार आंकठ (भ्रष्टाचार में) डूबे हैं। जब तक उच्चतम न्यायालय उन्हें फटकार नहीं लगाता, वे लगातार चुप्पी साधे रहते हैं और इसमें जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, इसलिए, भाइयों और बहनों, राष्ट्रपतिजी का बयान हम सभी से आत्मावलोकन का आह्वान करता है और यह चिंता शीर्ष पर होनी चाहिए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने बुधवार को कहा था, भ्रष्टाचार एक मुख्य चुनौती बन गया है। देश के अमूल्य संसाधन काहिली तथा उदासीनता के कारण नष्ट हो रहे हैं। यह हमारे समाज की गतिशीलता को कुंद कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है। मोदी ने अपने घंटाभर के भाषण में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संसद को बाधित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, यदि विपक्षी दल अपनी आवाज उठाते हैं तो लोकतंत्र में इसे समझा जा सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि देश में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा नहीं चलने दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है। मोदी ने कहा, उन्होंने इसे अखाड़ा बना दिया है और यदि ऐसा सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा किया जाता है तो संकट गहरा हो जाता है और इसलिए राष्ट्रपति जी संसद के कामकाज के संबंध में आपके द्वारा जताई गई चिंता वास्तविक है। उन्होंने संसद में व्यवधान के संबंध में राष्ट्रपति की चिंता के जवाब में कहा, हमें लोकतंत्र के मंदिर, संसद का गर्व बनाए रखने में अपनी ओर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा केवल एक परिवार को याद करने और बाकी सभी अन्य महान नेताओं को भूलने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोला और कहा, प्रधानमंत्री जी, बड़ी निराशा की बात है कि लालकिले से आपने केवल एक परिवार के बारे में बोला। क्या यह बेहतर नहीं होता कि आज के दिन आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करना चाहिए था, एक व्यक्ति जिसने भारत को एकजुट किया, क्या यह बेहतर नहीं होता कि देश को एकजुट करने वाला अच्छा संदेश दिया जाता।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री जी, लाल बहादुर शास्त्री, आपकी अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री थे। क्या यह बेहतर नहीं होता कि जब आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा जी और राजीव जी का उल्लेख कर रहे थे तो आपने लाल बहादुर शास्त्री जी का भी उल्लेख किया होता। वह भी हमारे देश के प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और भारत के किसानों को प्रेरित किया और जो देश आजादी के बाद भी लोगों का पेट भरने के लिए अन्न आयात कर रहा था, तब, वही इंसान थे, जिन्होंने किसानों को प्रेरित किया। आपको शास्त्री जी का भी नाम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, आपके रास्ते में कोई राजनीति या वंशवाद की राजनीति नहीं आनी चाहिए थी। लेकिन आपने ऐसा क्यों किया.... मैं समझ सकता हूं कि आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम याद नहीं रहा होगा... मैं आपकी मजबूरियां समझता हूं, लेकिन आपको लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम क्यों नहीं याद आया.... मुझे यह बात हजम नहीं हो रही है।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
मोदी ने इसके बाद कहा, सरदार पटेल, जिन्होंने पूरा जीवन कांग्रेस की सेवा में लगा दिया, आपको वह भी याद नहीं रहे, इस पर हमें दिल में पीड़ा होती है। खाद्य सुरक्षा विधेयक और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री देश को यह बताते।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि खाद्य सुरक्षा विधेयक में कई खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हमने विधेयक का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम गरीबों की थाली में खाना परोसे जाने के खिलाफ नहीं हैं। इस विधेयक की कमियों को सही करना आपकी जिम्मेदारी है, लेकिन आप (प्रधानमंत्री) हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मोदी ने कहा, गरीब लोगों की थाली में खाना परोसने के बजाय यह सरकार गरीब लोगों की थाली में एसिड परोस रही है, नमक छिड़क रही है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा विधेयक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने में विफल रहा है, यह भोजन की कीमत कम करने में विफल रहा है... और इसके बावजूद आप दावा कर रहे हैं कि यह लोगों के लिए अच्छा है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा, इस विधेयक ने जिस तरह से हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद की अनदेखी की है, मैं उससे चिंतित हूं। यह कुछ कानूनी लड़ाई में फंस सकता है और गरीब लोग फिर से भोजन सुरक्षा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि यह विधेयक एक अच्छा विधेयक हो और इसके लिए मैंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि वह सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं। यदि आपको गरीबों की चिंता थी तो आपको बैठक बुलाकर विधेयक की कमियों पर विचार करना चाहिए था। | संक्षिप्त पाठ: मोदी ने कहा कि पीएम आज भी उन्हीं समस्याओं और चिंताओं का उल्लेख कर रहे हैं जिनका जिक्र नेहरू ने अपने पहले भाषण में किया था। उन्होंने सवाल किया, सवाल यह उठता है कि आपने पिछले 60 साल में क्या किया। | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में अमित शाह के भाषण को “तथ्यों के लिहाज से कमजोर और शब्दों के लिहाज से घटिया स्तर” का करार दिया. पार्टी ने कहा कि ऐसा लगता है कि भगवा दल बेचैन हो गया है और उसे यह अहसास हो गया है कि सत्ता में उसके गिनती के कुछ दिन बचे हैं. तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, “मालदा में भाजपा अध्यक्ष का भाषण सुनने के बाद यह स्वाभाविक है कि वे बेचैन हैं. वे जानते हैं कि उनके दिन गिनती के हैं. वे राजनीतिक रूप से डरे हुए हैं. उनके भाषणों में तथ्यों की कमी है और स्तर घटिया है.” उन्होंने कहा, “उन्हें (भाजपा) भारत के लोकाचलन का अंदाज नहीं है. उन्हें बंगाल के लोकाचलन का अंदाजा नहीं है. वे बड़े शून्य की तरफ बढ़ रहे हैं.”
तृणमूल कांग्रेस ने कहा, “कुछ कह रहे हैं वे हताश हैं, कुछ कह रहे हैं वे पागल हो गए हैं...या फिर यह दोनों का सम्मिश्रण है?” इससे पहले शाह ने मालदा में एक रैली के साथ पश्चिम बंगाल में भाजपा के लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की, जहां उन्होंने ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से हटाने की बात कही. अमित शाह ने मंगलवार को विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका प्रस्तावित महागठबंधन ‘लोभ-लालच' का गठबंधन है, जिसमें प्रधानमंत्री पद के नौ संभावित उम्मीदवार हैं. शाह ने दावा किया कि 20-25 नेताओं को एक मंच पर साथ ले आने से कोई फायदा नहीं होने वाला, क्योंकि नरेंद्र मोदी ही फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे.
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ब्रिगेड परेड मैदान में हुई रैली में शामिल हुए 23 नेताओं में से नौ नेता प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार हैं. विपक्ष की विशाल रैली के तीन दिनों बाद शाह ने यहां भाजपा की रैली में कहा, ‘‘लेकिन हमारे पास प्रधानमंत्री पद का एक ही उम्मीदवार है और वह हैं नरेंद्र मोदी.'' हालांकि, शाह ने विपक्षी के किसी नेता का नाम नहीं लिया. बंगाल में ‘गणतंत्र बचाओ यात्रा' की शुरुआत करते हुए शाह ने राज्य में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का इरादा जाहिर किया. | संक्षिप्त सारांश: टीएमसी का अमित शाह पर पलटवार
कहा- शाह का भाषण उनकी बेचैनी को दर्शाता है
टीएमसी ने कहा कि भगवा दल बेचैन हो गया है | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri) के रॉकस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) की नई फिल्म 'भाग खेसारी भाग' (Bhag Khesari Bhag) का टीजर रिलीज हो चुका है. इस फिल्म के टीजर ने रिलीज होते ही धूम मचा दी है. खेसारी लाल यादव के इस वीडियो को देखकर लग रहा है कि इस बार वो अपने भोजपुरी फैन्स को बड़ा सरप्राइज देने वाले हैं. 'भाग खेसार भाग' के टीजर को यूट्यूब (YouTube) पर खूब पसंद किया जा रहा है. इस वीडियो को कुछ ही घंटे में 14 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. खेसारी लाल यादव के इस वीडियो को खूब पसंद किया जा रहा है.
खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के अलावा इस फिल्म में भोजपुरी एक्ट्रेस स्मृति सिन्हा ( Smriti Sinha) भी लीड रोल में हैं. इस फिल्म में अयाज खान, अमित शुक्ला, संजय वर्मा जैसे कलाकार अपने अभिनय का जलवा बिखेरते दिखेंगे. खेसारी लाल यादव ने अपनी नई फिल्म के टीजर से धमाल मचा दिया है. भोजपुरी दर्शकों को बहुत समय के बाद खेसारी लाल यादव और स्मृति सिन्हा की जोड़ी फिर से एक साथ धमाल मचाती नजर आएगी.
खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के इस वीडियो को जेपी स्टार पिक्चर के बैनर तले रिलीज किया गया है. इस फिल्म को उमा शंकर प्रसाद प्रोड्यूस कर रहे हैं, जबकि प्रेमांशु सिंह इसे डायरेक्ट कर रहे हैं. खेसारी लाल यादव के इस फिल्म के टीजर की लोकप्रियता को देख अंदाजा लगाया जा रहा है उनकी फिल्म खूब धमाल मचाएगी. खेसारी लाल यादव इस फिल्म एथलीट के किरदार में नजर आ रहे हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खेसारी लाल यादव ने फिर मचाई धूम
'भाग खेसारी भाग' के टीजर ने मचाया धमाल
खूब पसंद किया जा रहा है खेसारी का नया वीडियो | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक में हंगामे के बाद सोमवार को अन्ना हजारे अपने गांव रालेगण सिद्धी के लिए रवाना हो गए। अन्ना ने कहा कि मोबाइल की मदद से मीटिंग की बात लीक हो रही थी, जो सही नहीं है। रामदेव के साथ साझा आंदोलन करने पर अन्ना ने कहा कि हम साथ नहीं घूमेंगे, लेकिन अलग−अलग आंदोलनों में एक जगह मुलाकात होती है, तो उन्हें रामदेव के साथ मंच साझा करने में कोई आपत्ति नहीं है। दोनों ही आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं और कालेधन के मुद्दे पर वह बाबा रामदेव के आंदोलन का समर्थन करते हैं।टिप्पणियां
टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक के बाद ही यह साफ हो गया था कि अन्ना और बाबा रामदेव साझा अभियान नहीं चलाएंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर दोनों एक-दूसरे की मदद करेंगे। इससे पहले शुक्रवार को अन्ना और रामदेव की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस से लगा था कि अन्ना और रामदेव साथ आ गए हैं और सरकार के खिलाफ मिलकर आंदोलन चलाएंगे, लेकिन रविवार को सब कुछ पलट गया। दरअसल अन्ना हजारे और बाबा रामदेव की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस और साथ−साथ लड़ने के ऐलान के बाद टीम अन्ना में मतभेद बढ़ गए थे, जिसके बाद ही यह बीच का रास्ता निकाला गया है।
रविवार को हुई टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक काफी हंगामेदार रही। हंगामा उस वक्त शुरू हुआ, जब कमेटी के सदस्य मुफ्ती शमीम कासमी को बैठक से बाहर जाने के लिए कहा गया। टीम अन्ना ने मुफ्ती पर आरोप लगाया कि वह मीटिंग में चल रही बातों की रिकॉर्डिंग कर रहे थे। मीटिंग से बेहद गुस्से में बाहर आए मुफ्ती ने कहा कि उन पर गलत आरोप लगाए गए हैं, इसलिए वह अन्ना के आंदोलन से अलग हो गए हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि टीम अन्ना को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया ने हाईजैक कर लिया है और वे किसी तानाशाह की तरह टीम अन्ना को चला रहे हैं।
टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक के बाद ही यह साफ हो गया था कि अन्ना और बाबा रामदेव साझा अभियान नहीं चलाएंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर दोनों एक-दूसरे की मदद करेंगे। इससे पहले शुक्रवार को अन्ना और रामदेव की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस से लगा था कि अन्ना और रामदेव साथ आ गए हैं और सरकार के खिलाफ मिलकर आंदोलन चलाएंगे, लेकिन रविवार को सब कुछ पलट गया। दरअसल अन्ना हजारे और बाबा रामदेव की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस और साथ−साथ लड़ने के ऐलान के बाद टीम अन्ना में मतभेद बढ़ गए थे, जिसके बाद ही यह बीच का रास्ता निकाला गया है।
रविवार को हुई टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक काफी हंगामेदार रही। हंगामा उस वक्त शुरू हुआ, जब कमेटी के सदस्य मुफ्ती शमीम कासमी को बैठक से बाहर जाने के लिए कहा गया। टीम अन्ना ने मुफ्ती पर आरोप लगाया कि वह मीटिंग में चल रही बातों की रिकॉर्डिंग कर रहे थे। मीटिंग से बेहद गुस्से में बाहर आए मुफ्ती ने कहा कि उन पर गलत आरोप लगाए गए हैं, इसलिए वह अन्ना के आंदोलन से अलग हो गए हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि टीम अन्ना को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया ने हाईजैक कर लिया है और वे किसी तानाशाह की तरह टीम अन्ना को चला रहे हैं।
रविवार को हुई टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक काफी हंगामेदार रही। हंगामा उस वक्त शुरू हुआ, जब कमेटी के सदस्य मुफ्ती शमीम कासमी को बैठक से बाहर जाने के लिए कहा गया। टीम अन्ना ने मुफ्ती पर आरोप लगाया कि वह मीटिंग में चल रही बातों की रिकॉर्डिंग कर रहे थे। मीटिंग से बेहद गुस्से में बाहर आए मुफ्ती ने कहा कि उन पर गलत आरोप लगाए गए हैं, इसलिए वह अन्ना के आंदोलन से अलग हो गए हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि टीम अन्ना को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया ने हाईजैक कर लिया है और वे किसी तानाशाह की तरह टीम अन्ना को चला रहे हैं। | यहाँ एक सारांश है:अन्ना ने कहा कि हम साथ नहीं घूमेंगे, लेकिन अलग-अलग आंदोलनों में एक जगह मुलाकात होती है, तो उन्हें रामदेव के साथ मंच साझा करने में कोई आपत्ति नहीं है। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: माइकल क्लार्क और रिकी पोंटिंग ने फिर से भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ जमकर रन बटोरे लेकिन ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने कहा कि उनकी टीम के गेंदबाज किसी तरह से मनोवैज्ञानिक दबाव में नहीं हैं तथा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मंगलवार से शुरू हुए चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में भाग्य ने भी भारत का साथ नहीं दिया।टिप्पणियां
ऑस्ट्रेलिया ने लचर शुरुआत से उबरते हुए पहले दिन तीन विकेट पर 335 रन बनाये जिससे भारत की चार मैच की श्रृंखला में कम से कम एक मैच में जीत दर्ज करने की उम्मीद कुछ धूमिल पड़ गयी। क्लार्क (नाबाद 140) और पोंटिंग (नाबाद 137) ने अब तक चौथे विकेट के लिये 251 रन जोड़े हैं।
इन दोनों ने इससे पहले सिडनी में भी इसी तरह से अपनी टीम को संकट से उबारा था। अश्विन से जब पूछा गया कि क्या इन दोनों के प्रति भारतीय गेंदबाजों के दिमाग में कोई मनोवैज्ञानिक दबाव बन गया है, उन्होंने न में जवाब दिया। पहले सत्र में दो विकेट लेने वाले अश्विन ने कहा, ‘मैं नहीं मानता कि हमारी गेंदबाजी इकाई में इसके प्रति मनोवैज्ञानिक अड़चन है। ऐसा दो टेस्ट मैचों हुआ है, पहले सिडनी और अब यहां एडिलेड में। हमें अब कल सुबह जल्दी दो विकेट हासिल करने होंगे।’ अश्विन का मानना है कि भारत दूसरे सत्र में रन प्रवाह नहीं रोक पाया जिससे वह पहला दिन अपने नाम करने में असफल रहा। उन्होंने कहा, ‘हम एक दूसरे से कह रहे थे कि दूसरे सत्र में हमें उन पर अंकुश लगाना होगा। यह बेहद महत्वपूर्ण था। हमने उन्हें कुछ आसान रन दिये और उन्होंने वहां से लय पकड़ ली। इसके बाद रन बनाना आसान हो गया।’
ऑस्ट्रेलिया ने लचर शुरुआत से उबरते हुए पहले दिन तीन विकेट पर 335 रन बनाये जिससे भारत की चार मैच की श्रृंखला में कम से कम एक मैच में जीत दर्ज करने की उम्मीद कुछ धूमिल पड़ गयी। क्लार्क (नाबाद 140) और पोंटिंग (नाबाद 137) ने अब तक चौथे विकेट के लिये 251 रन जोड़े हैं।
इन दोनों ने इससे पहले सिडनी में भी इसी तरह से अपनी टीम को संकट से उबारा था। अश्विन से जब पूछा गया कि क्या इन दोनों के प्रति भारतीय गेंदबाजों के दिमाग में कोई मनोवैज्ञानिक दबाव बन गया है, उन्होंने न में जवाब दिया। पहले सत्र में दो विकेट लेने वाले अश्विन ने कहा, ‘मैं नहीं मानता कि हमारी गेंदबाजी इकाई में इसके प्रति मनोवैज्ञानिक अड़चन है। ऐसा दो टेस्ट मैचों हुआ है, पहले सिडनी और अब यहां एडिलेड में। हमें अब कल सुबह जल्दी दो विकेट हासिल करने होंगे।’ अश्विन का मानना है कि भारत दूसरे सत्र में रन प्रवाह नहीं रोक पाया जिससे वह पहला दिन अपने नाम करने में असफल रहा। उन्होंने कहा, ‘हम एक दूसरे से कह रहे थे कि दूसरे सत्र में हमें उन पर अंकुश लगाना होगा। यह बेहद महत्वपूर्ण था। हमने उन्हें कुछ आसान रन दिये और उन्होंने वहां से लय पकड़ ली। इसके बाद रन बनाना आसान हो गया।’
इन दोनों ने इससे पहले सिडनी में भी इसी तरह से अपनी टीम को संकट से उबारा था। अश्विन से जब पूछा गया कि क्या इन दोनों के प्रति भारतीय गेंदबाजों के दिमाग में कोई मनोवैज्ञानिक दबाव बन गया है, उन्होंने न में जवाब दिया। पहले सत्र में दो विकेट लेने वाले अश्विन ने कहा, ‘मैं नहीं मानता कि हमारी गेंदबाजी इकाई में इसके प्रति मनोवैज्ञानिक अड़चन है। ऐसा दो टेस्ट मैचों हुआ है, पहले सिडनी और अब यहां एडिलेड में। हमें अब कल सुबह जल्दी दो विकेट हासिल करने होंगे।’ अश्विन का मानना है कि भारत दूसरे सत्र में रन प्रवाह नहीं रोक पाया जिससे वह पहला दिन अपने नाम करने में असफल रहा। उन्होंने कहा, ‘हम एक दूसरे से कह रहे थे कि दूसरे सत्र में हमें उन पर अंकुश लगाना होगा। यह बेहद महत्वपूर्ण था। हमने उन्हें कुछ आसान रन दिये और उन्होंने वहां से लय पकड़ ली। इसके बाद रन बनाना आसान हो गया।’ | यह एक सारांश है: माइकल क्लार्क और रिकी पोंटिंग ने फिर से भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ जमकर रन बटोरे लेकिन ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने कहा कि उनकी टीम के गेंदबाज किसी तरह से मनोवैज्ञानिक दबाव में नहीं हैं। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ताजमहल को दुनिया के टॉप 10 दर्शनीय स्थलों में से एक रखा गया है. एक सर्वेक्षण मे दुनिया के दस शीर्ष दर्शनीय स्थलों में भारत के ताजमहल को भी शामिल किया गया है.
इस साल के 'टॉप 10 ट्रेवलर्स चॉयस अवॉर्ड (लैंडमार्क)' में शामिल होने वाला ताजमहल एक मात्र भारतीय स्थल है. आगरा स्थित ताजमहल को प्रेम का प्रतीक कहा जाता है और यह दुनिया के प्रमुख आश्चर्यों में से एक है.
इस सूची में शीर्ष पर है कंबोडिया का अंगोर वाट. सूची में अबू धाबी स्थित शेख जायद ग्रांड मोस्क्यू सेंटर, स्पेन स्थित मेजक्युता कैथ्रेडल डे कोडरेबो व वेटिकल सिटी स्थित सेंट पीटर्स बासिलिया, माचू पिकू (पेरू) और चीन की महान दीवार शामिल हैं.
ट्रिप एडवाइजर इंडिया के कंट्री मैनेजर निखिल गंजू ने कहा, भारत में अनेक उल्लेखनीय लैंडमार्क हैं जिनकी यात्रा से देश के समृद्ध इतिहास को जानने का अच्छा मौका मिल सकता है. टिप्पणियां
वहीं एशिया सूची के अनुसार अंगोर वाट के बाद ताजमहल दूसरे स्थान पर है. एशिया सूची में भारत से आमेर का किला 12वें हरमंदर साहिब 16वें स्थान पर रखा गया है. सूची में भारत के दस सबसे दर्शनीय स्थलों में ताजमहल पहले स्थान पर है. इसके बाद क्रमश: आमेर किला (जयपुर), स्वामीनारायण अक्षरधाम (दिल्ली), बांद्रा वर्ली समुद्री मार्ग (मुंबई), कुतुब मीनार (दिल्ली), आगरा किला, हरमंदर साहिब (अमृतसर), हुमायूं का मकबरा (दिल्ली), गेटवे ऑफ इंडिया (मुंबई) व मेहरानगढ़ का किला (जोधपुर) को रखा गया है.
(भाषा की रिपोर्ट पर आधारित)
इस साल के 'टॉप 10 ट्रेवलर्स चॉयस अवॉर्ड (लैंडमार्क)' में शामिल होने वाला ताजमहल एक मात्र भारतीय स्थल है. आगरा स्थित ताजमहल को प्रेम का प्रतीक कहा जाता है और यह दुनिया के प्रमुख आश्चर्यों में से एक है.
इस सूची में शीर्ष पर है कंबोडिया का अंगोर वाट. सूची में अबू धाबी स्थित शेख जायद ग्रांड मोस्क्यू सेंटर, स्पेन स्थित मेजक्युता कैथ्रेडल डे कोडरेबो व वेटिकल सिटी स्थित सेंट पीटर्स बासिलिया, माचू पिकू (पेरू) और चीन की महान दीवार शामिल हैं.
ट्रिप एडवाइजर इंडिया के कंट्री मैनेजर निखिल गंजू ने कहा, भारत में अनेक उल्लेखनीय लैंडमार्क हैं जिनकी यात्रा से देश के समृद्ध इतिहास को जानने का अच्छा मौका मिल सकता है. टिप्पणियां
वहीं एशिया सूची के अनुसार अंगोर वाट के बाद ताजमहल दूसरे स्थान पर है. एशिया सूची में भारत से आमेर का किला 12वें हरमंदर साहिब 16वें स्थान पर रखा गया है. सूची में भारत के दस सबसे दर्शनीय स्थलों में ताजमहल पहले स्थान पर है. इसके बाद क्रमश: आमेर किला (जयपुर), स्वामीनारायण अक्षरधाम (दिल्ली), बांद्रा वर्ली समुद्री मार्ग (मुंबई), कुतुब मीनार (दिल्ली), आगरा किला, हरमंदर साहिब (अमृतसर), हुमायूं का मकबरा (दिल्ली), गेटवे ऑफ इंडिया (मुंबई) व मेहरानगढ़ का किला (जोधपुर) को रखा गया है.
(भाषा की रिपोर्ट पर आधारित)
इस सूची में शीर्ष पर है कंबोडिया का अंगोर वाट. सूची में अबू धाबी स्थित शेख जायद ग्रांड मोस्क्यू सेंटर, स्पेन स्थित मेजक्युता कैथ्रेडल डे कोडरेबो व वेटिकल सिटी स्थित सेंट पीटर्स बासिलिया, माचू पिकू (पेरू) और चीन की महान दीवार शामिल हैं.
ट्रिप एडवाइजर इंडिया के कंट्री मैनेजर निखिल गंजू ने कहा, भारत में अनेक उल्लेखनीय लैंडमार्क हैं जिनकी यात्रा से देश के समृद्ध इतिहास को जानने का अच्छा मौका मिल सकता है. टिप्पणियां
वहीं एशिया सूची के अनुसार अंगोर वाट के बाद ताजमहल दूसरे स्थान पर है. एशिया सूची में भारत से आमेर का किला 12वें हरमंदर साहिब 16वें स्थान पर रखा गया है. सूची में भारत के दस सबसे दर्शनीय स्थलों में ताजमहल पहले स्थान पर है. इसके बाद क्रमश: आमेर किला (जयपुर), स्वामीनारायण अक्षरधाम (दिल्ली), बांद्रा वर्ली समुद्री मार्ग (मुंबई), कुतुब मीनार (दिल्ली), आगरा किला, हरमंदर साहिब (अमृतसर), हुमायूं का मकबरा (दिल्ली), गेटवे ऑफ इंडिया (मुंबई) व मेहरानगढ़ का किला (जोधपुर) को रखा गया है.
(भाषा की रिपोर्ट पर आधारित)
ट्रिप एडवाइजर इंडिया के कंट्री मैनेजर निखिल गंजू ने कहा, भारत में अनेक उल्लेखनीय लैंडमार्क हैं जिनकी यात्रा से देश के समृद्ध इतिहास को जानने का अच्छा मौका मिल सकता है. टिप्पणियां
वहीं एशिया सूची के अनुसार अंगोर वाट के बाद ताजमहल दूसरे स्थान पर है. एशिया सूची में भारत से आमेर का किला 12वें हरमंदर साहिब 16वें स्थान पर रखा गया है. सूची में भारत के दस सबसे दर्शनीय स्थलों में ताजमहल पहले स्थान पर है. इसके बाद क्रमश: आमेर किला (जयपुर), स्वामीनारायण अक्षरधाम (दिल्ली), बांद्रा वर्ली समुद्री मार्ग (मुंबई), कुतुब मीनार (दिल्ली), आगरा किला, हरमंदर साहिब (अमृतसर), हुमायूं का मकबरा (दिल्ली), गेटवे ऑफ इंडिया (मुंबई) व मेहरानगढ़ का किला (जोधपुर) को रखा गया है.
(भाषा की रिपोर्ट पर आधारित)
वहीं एशिया सूची के अनुसार अंगोर वाट के बाद ताजमहल दूसरे स्थान पर है. एशिया सूची में भारत से आमेर का किला 12वें हरमंदर साहिब 16वें स्थान पर रखा गया है. सूची में भारत के दस सबसे दर्शनीय स्थलों में ताजमहल पहले स्थान पर है. इसके बाद क्रमश: आमेर किला (जयपुर), स्वामीनारायण अक्षरधाम (दिल्ली), बांद्रा वर्ली समुद्री मार्ग (मुंबई), कुतुब मीनार (दिल्ली), आगरा किला, हरमंदर साहिब (अमृतसर), हुमायूं का मकबरा (दिल्ली), गेटवे ऑफ इंडिया (मुंबई) व मेहरानगढ़ का किला (जोधपुर) को रखा गया है.
(भाषा की रिपोर्ट पर आधारित)
(भाषा की रिपोर्ट पर आधारित) | संक्षिप्त पाठ: ताजमहल को दुनिया के टॉप 10 दर्शनीय स्थलों में से रखा गया है
'टॉप 10 ट्रेवलर्स चॉयस अवॉर्ड (लैंडमार्क)' में ताजमहल इकलौता भारतीय स्थल
इस सूची में शीर्ष पर है कंबोडिया का अंगोर वाट. | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के खंडवा में पीएम मोदी (Narendra Modi) ने कांग्रेस (Congress) पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने हमारी धार्मिक विरासत को बदनाम करने के लिए ‘हिंदू आतंकवाद' की साजिश रची. मैं 5 साल की अपनी ईमानदारी और निष्ठा को लेकर मैदान में हूं और महामिलावटी झूठ, प्रपंच के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं.' उन्होंने कहा, ‘मेरे साथ मेरे काम हैं और उनके साथ उनके कारनामे हैं. हमने गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का काम किया, दूर-सुदूर को नेशनल हाईवे और रेलवे से जोड़ने का काम किया, हर गरीब परिवार को अपना पक्का घर मिले, हर बहन, बेटी को शौचालय मिले, गांव-गांव, घर-घर तक बिजली पहुंचे, हर गरीब बहन के घर पर रसोई गैस मिले, हर गरीब परिवार को हर वर्ष 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिले, इसके लिए हमने पांच साल पूरी ईमानदारी से प्रयास किया है. यही सबका साथ, सबका विकास है, जिस पर हमारा विश्वास है'
1984 में हुए सिख नरसंहार के मामले पर पीएम मोदी ने कहा, ‘1984 में सिखों के साथ अत्याचार हुआ, कत्लेआम हुआ, ये कहते हैं- हुआ तो हुआ. भोपाल में हजारों लोगों को जहरीली गैस के हवाले कर दिया गया, कई पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया गया, इस कांड के गुनहगार को भगा दिया गया. इस पर भी ये यही कहेंगे- हुआ तो हुआ.'
उन्होंने कहा, ‘ये कितने भी हवन करा दें, ये कितने भी जनेऊ दिखा दें, पुलिस को भगवा ड्रेस भी सिलवा दें, लेकिन भगवा में जो आतंक के दाग लगाने की इन्होंने साजिश की है, उस पाप से ये बच नहीं पाएंगे. देश सुरक्षित नहीं होगा तो विकसित भी नहीं होगा. विकास के लिए पहली शर्त सुरक्षा होती है. मिलावटी सरकार, खिचड़ी सरकार तो सुरक्षा बिल्कुल नहीं दे सकती.'पीएम ने कहा, ‘ आप यहां मध्य प्रदेश में ही देख लीजिए. यहां एक ही पार्टी के ढाई सीएम हैं. प्रशासन को पता ही नहीं चलता कि किसका आदेश मानना है. गुंडों, हत्यारों और डकैतों को खुला लाइसेंस दिया गया है. इनकी नीयत में खोट है इसलिए बहाने बनाते हैं, आपसे झूठ बोलते हैं. असल में आपका पैसा इन्होंने चुनाव प्रचार में उड़ा दिया है.'
पीएम ने कहा, ‘केंद्र से आदिवासी बहनों और बच्चों के पोषक आहार के लिए जो पैसा भेजा गया था, वो भी इन्होंने नामदारों को चुनाव प्रचार के लिए दे दिया. पूरे देश ने तुगलक रोड चुनाव घोटाले का सच देखा है. लेकिन मध्य प्रदेश के किसानों को इसका उतना लाभ नहीं मिल पाया. क्यों? क्योंकि यहां की कांग्रेस सरकार ने उन किसानों की लिस्ट ही नहीं भेजी, जिनके खाते में पैसे जमा कराने हैं. हमने इसी साल एक फरवरी को देश के 12 करोड़ छोटे किसानों के खाते में हर वर्ष 75 हज़ार करोड़ रुपए सीधे जमा करने की योजना का ऐलान किया. सिर्फ तीन हफ्ते बाद हमने इस योजना की शुरुआत भी कर दी और आज देश के करोड़ों किसान परिवारों के खाते में पैसे जमा हो रहे हैं.' | यह एक सारांश है: कांग्रेस पर पीएम मोदी ने जमकर साधा निशाना
कहा- कांग्रेस ने हिंदू आतंकवाद की साजिश रची
‘मेरे साथ मेरे काम हैं और उनके साथ उनके कारनामे हैं' | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के खेलकूद मंत्री उपेंद्र तिवारी ने रविवार को कहा कि राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार राष्ट्रीय खेल नीति को ही प्रदेश में लागू करेगी. तिवारी ने बलिया जिले के तुर्तीपार स्थित निरीक्षण भवन में संवाददाताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय खेल नीति को ही अपनाएगा. उन्होंने बताया कि केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजीजू की अध्यक्षता में कुछ दिन पहले दिल्ली में हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनाने के प्रयास किए गए कि सभी राज्य केंद्रीय खेल नीति को ही अपने यहां लागू करें. इस मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है.
बता दें, उत्तर प्रदेश सरकार की खेल नीति अब तक अमली जामा नहीं पहन सकी. समय-समय पर सरकारों ने खेल नीति बनाने की कोशिश की मगर वह अंजाम पर नहीं पहुंच सकी. तिवारी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय युवा महोत्सव 12 जनवरी से आयोजित होगा. इसमें देश के सभी राज्यों के 10 हजार लोग शिरकत करेंगे.
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के इतिहास में यह अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के उत्कृष्ट प्रतिभावान लोगों को सम्मानित किया जाएगा. तिवारी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए युवक मंगल दल के माध्यम से ग्राम स्तर पर खेल उपकरण फुटबॉल, बॉलीबाल और नेट आदि मुहैया कराया जाएगा. | यह एक सारांश है: योगी सरकार राष्ट्रीय खेल नीति को ही प्रदेश में लागू करेगी
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय खेल नीति को ही अपनाएगा
उत्तर प्रदेश की खेल नीति अब तक अमली जामा नहीं पहन सकी | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Surya Grahan / Solar Eclipse: 2 जुलाई दुनिया के कुछ हिस्सो में पूर्ण सूय्र ग्रहण (Total Solar Eclipse) का नजारा दिखाई देगा. यह साल 2019 का इकलौता पूर्ण सूर्य ग्रहण है. आषाढ़ महीने की अमावस्या (Ashadha Amavasya) के दिन ग्रहण (Grahan) कुल पांच घंटे तक दिखाई देगा. भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) 2 जुलाई की रात लगभग 10 बजकर 25 मिनट से शुरू होगा. इसके बाद 12 बजकर 53 मिनट पर ग्रहण का मध्य होगा और रात 3 बजकर 21 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा. वैसे तो सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) एक आकाशीय घटना है और इसके वैज्ञानिक कारण हैं लेकिन इसे लेकर कई तरह की धार्मिक मान्यताएं हैं. मान्यताओं के अनुसार ग्रहण (Eclipse) काल में सूतक रहता है और इस दौरान कुछ काम नहीं करने चाहिए. वहीं सूतक काल खत्म होने के बाद ग्रहण के दुष्प्रभाव को खत्म करने के लिए मान्यताओं के मुताबिक कुछ विशेष जतन करना फलदायी होता है.
वैसे यह पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ग्रहण के वक्त भारत में रात होगी इसलिए यहां इसका कोई प्रभाव नहीं होगा और न ही सूतक काल होगा. लेकिन फिर भी जो लोग विश्वास रखते हैं वे ग्रहण काल के बाद दान-दक्षिणा दे सकते हैं. आपको बता दें कि दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, दक्षिण मध्य अमेरिका और अर्जेंटीना में 2 जुलाई को लगभग पांच घंटे के लिए पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. | संक्षिप्त पाठ: सूर्य ग्रहण को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के वक्त घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए
ग्रहण के बाद पूजा-पाठ और दान-दक्षिणा का विधान है | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अनाज और पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी के बढ़ते बोझ के चलते केंद्र के पास राज्यों को अतिरिक्त सहायता देने के लिए धन नहीं है।
वित्त मंत्री ने यह बात ऐसे समय कही है जबकि उनके गृह राज्य पश्चिम बंगाल की सरकार भी भारी कर्ज से उबरने के लिए केंद्र से अतिरिक्त मदद की मांग कर रही है।
मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा कि जहां तक राज्यों को अतिरिक्त सहायता देने का प्रश्न है तो केंद्र के हाथ बंधे हुए है।टिप्पणियां
वित्त मंत्री ने कहा,‘हमें पेट्रोलियम उत्पादों और अनाज पर भारी सब्सिडी देनी पड़ रही है। ऐसे में राज्यों को अतिरिक्त मदद देने के मामले में हमारे हाथ बंधे हुए हैं।’
वित्त मंत्री ने कहा कि सीरिया और लीबिया में अशांति के चलते पेट्रोलियम उत्पादों और रासायनिक उर्वरकों की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा,‘पोटाश इन दो देशों से आता था पर राजनीतिक अशांति के चलते आपूर्ति ठप हो गई है।’ उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार देश की आर्थिक सामाजिक ढांचा मजबूत करने को प्रतिबद्ध है पर गठबंधन सरकार में सहयोगियों के साथ मतैक्य न बैठने से निर्णयों में विलम्ब हो जाता है।
वित्त मंत्री ने यह बात ऐसे समय कही है जबकि उनके गृह राज्य पश्चिम बंगाल की सरकार भी भारी कर्ज से उबरने के लिए केंद्र से अतिरिक्त मदद की मांग कर रही है।
मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा कि जहां तक राज्यों को अतिरिक्त सहायता देने का प्रश्न है तो केंद्र के हाथ बंधे हुए है।टिप्पणियां
वित्त मंत्री ने कहा,‘हमें पेट्रोलियम उत्पादों और अनाज पर भारी सब्सिडी देनी पड़ रही है। ऐसे में राज्यों को अतिरिक्त मदद देने के मामले में हमारे हाथ बंधे हुए हैं।’
वित्त मंत्री ने कहा कि सीरिया और लीबिया में अशांति के चलते पेट्रोलियम उत्पादों और रासायनिक उर्वरकों की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा,‘पोटाश इन दो देशों से आता था पर राजनीतिक अशांति के चलते आपूर्ति ठप हो गई है।’ उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार देश की आर्थिक सामाजिक ढांचा मजबूत करने को प्रतिबद्ध है पर गठबंधन सरकार में सहयोगियों के साथ मतैक्य न बैठने से निर्णयों में विलम्ब हो जाता है।
मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा कि जहां तक राज्यों को अतिरिक्त सहायता देने का प्रश्न है तो केंद्र के हाथ बंधे हुए है।टिप्पणियां
वित्त मंत्री ने कहा,‘हमें पेट्रोलियम उत्पादों और अनाज पर भारी सब्सिडी देनी पड़ रही है। ऐसे में राज्यों को अतिरिक्त मदद देने के मामले में हमारे हाथ बंधे हुए हैं।’
वित्त मंत्री ने कहा कि सीरिया और लीबिया में अशांति के चलते पेट्रोलियम उत्पादों और रासायनिक उर्वरकों की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा,‘पोटाश इन दो देशों से आता था पर राजनीतिक अशांति के चलते आपूर्ति ठप हो गई है।’ उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार देश की आर्थिक सामाजिक ढांचा मजबूत करने को प्रतिबद्ध है पर गठबंधन सरकार में सहयोगियों के साथ मतैक्य न बैठने से निर्णयों में विलम्ब हो जाता है।
वित्त मंत्री ने कहा,‘हमें पेट्रोलियम उत्पादों और अनाज पर भारी सब्सिडी देनी पड़ रही है। ऐसे में राज्यों को अतिरिक्त मदद देने के मामले में हमारे हाथ बंधे हुए हैं।’
वित्त मंत्री ने कहा कि सीरिया और लीबिया में अशांति के चलते पेट्रोलियम उत्पादों और रासायनिक उर्वरकों की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा,‘पोटाश इन दो देशों से आता था पर राजनीतिक अशांति के चलते आपूर्ति ठप हो गई है।’ उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार देश की आर्थिक सामाजिक ढांचा मजबूत करने को प्रतिबद्ध है पर गठबंधन सरकार में सहयोगियों के साथ मतैक्य न बैठने से निर्णयों में विलम्ब हो जाता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सीरिया और लीबिया में अशांति के चलते पेट्रोलियम उत्पादों और रासायनिक उर्वरकों की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा,‘पोटाश इन दो देशों से आता था पर राजनीतिक अशांति के चलते आपूर्ति ठप हो गई है।’ उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार देश की आर्थिक सामाजिक ढांचा मजबूत करने को प्रतिबद्ध है पर गठबंधन सरकार में सहयोगियों के साथ मतैक्य न बैठने से निर्णयों में विलम्ब हो जाता है। | यहाँ एक सारांश है:वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अनाज और पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी के बढ़ते बोझ के चलते केंद्र के पास राज्यों को अतिरिक्त सहायता देने के लिए धन नहीं है। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने मुंबई में दस्तक दे दी है। रविवार को मुंबई में हुई बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दिलाई, वहीं इसके कारण आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार सुबह पांच बजे तक दक्षिण मुंबई में 32 मिलीमीटर और कई उपनगरों में 36.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। अगले 24 घंटों में मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। बारिश के बाद शहर के तापमान में गिरावट आई है और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के साथ मौसम सुहावना हो गया है। वहीं अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।टिप्पणियां
अगले दो दिनों तक मौसन खुशगवार बने रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। शनिवार की रात से जारी बारिश के बाद शहर में कई जगहों पर पानी जमा हो गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (एमसीजीएम) के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि दादर पूर्व इलाके में रात भर हुई भारी वर्षा के बाद क्षेत्र में डेढ़ फुट तक पानी भर गया है।
जोगेश्वरी, विखरोली, मझगांव, मलाड जैसे दूसरे निचले इलाकों में भी बारिश के बाद पानी भर गया है। रविवार की सुबह मुंबई में यातायात एवं परिवहन भी प्रभावित रहा। हालांकि पश्चिमी और मध्य रेलवे की उपनगरीय रेल सेवाएं अपने निर्धारित समय पर चलती रहीं। राज्य के दूसरे जिलों में भी अच्छी वर्षा होने से गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार सुबह पांच बजे तक दक्षिण मुंबई में 32 मिलीमीटर और कई उपनगरों में 36.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। अगले 24 घंटों में मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। बारिश के बाद शहर के तापमान में गिरावट आई है और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के साथ मौसम सुहावना हो गया है। वहीं अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।टिप्पणियां
अगले दो दिनों तक मौसन खुशगवार बने रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। शनिवार की रात से जारी बारिश के बाद शहर में कई जगहों पर पानी जमा हो गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (एमसीजीएम) के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि दादर पूर्व इलाके में रात भर हुई भारी वर्षा के बाद क्षेत्र में डेढ़ फुट तक पानी भर गया है।
जोगेश्वरी, विखरोली, मझगांव, मलाड जैसे दूसरे निचले इलाकों में भी बारिश के बाद पानी भर गया है। रविवार की सुबह मुंबई में यातायात एवं परिवहन भी प्रभावित रहा। हालांकि पश्चिमी और मध्य रेलवे की उपनगरीय रेल सेवाएं अपने निर्धारित समय पर चलती रहीं। राज्य के दूसरे जिलों में भी अच्छी वर्षा होने से गर्मी से राहत मिली।
अगले दो दिनों तक मौसन खुशगवार बने रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। शनिवार की रात से जारी बारिश के बाद शहर में कई जगहों पर पानी जमा हो गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (एमसीजीएम) के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि दादर पूर्व इलाके में रात भर हुई भारी वर्षा के बाद क्षेत्र में डेढ़ फुट तक पानी भर गया है।
जोगेश्वरी, विखरोली, मझगांव, मलाड जैसे दूसरे निचले इलाकों में भी बारिश के बाद पानी भर गया है। रविवार की सुबह मुंबई में यातायात एवं परिवहन भी प्रभावित रहा। हालांकि पश्चिमी और मध्य रेलवे की उपनगरीय रेल सेवाएं अपने निर्धारित समय पर चलती रहीं। राज्य के दूसरे जिलों में भी अच्छी वर्षा होने से गर्मी से राहत मिली।
जोगेश्वरी, विखरोली, मझगांव, मलाड जैसे दूसरे निचले इलाकों में भी बारिश के बाद पानी भर गया है। रविवार की सुबह मुंबई में यातायात एवं परिवहन भी प्रभावित रहा। हालांकि पश्चिमी और मध्य रेलवे की उपनगरीय रेल सेवाएं अपने निर्धारित समय पर चलती रहीं। राज्य के दूसरे जिलों में भी अच्छी वर्षा होने से गर्मी से राहत मिली। | सारांश: दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने मुंबई में दस्तक दे दी है। रविवार को मुंबई में हुई बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दिलाई, वहीं इसके कारण आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ। | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: यूपी सरकार अगले 5 साल में 70 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य लेकर चल रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृतीय विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, 'उत्तर प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं. आगामी 5 वर्षों में प्रदेश सरकार का 70 लाख व्यक्तियों को रोजगार देने का लक्ष्य है.' टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'इनमें से 10 लाख लोगों को रोजगार व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के माध्यम से दिया जाना है.' योगी ने कहा कि इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कृषि, डेयरी, लघु उद्योग, औद्योगिक विकास आदि सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ प्रयास करने की आवश्यकता है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'इनमें से 10 लाख लोगों को रोजगार व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के माध्यम से दिया जाना है.' योगी ने कहा कि इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कृषि, डेयरी, लघु उद्योग, औद्योगिक विकास आदि सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ प्रयास करने की आवश्यकता है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:विश्व युवा कौशल दिवस पर मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
अगले पांच साल में लक्ष्य पूरा करेगी यूपी सरकार
70 लाख लोगों अलग-अलग क्षेत्रों में देगी नौकरी | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पांडिचेरी में चेमफैब अल्कलीज लिमिटेड संयंत्र की फैक्ट्री से बुधवार को क्लोरीन गैस के रिसाव के कारण आस-पास रहने वाले कम से कम 300 लोग बीमार हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इंदिरा गांधी सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने पांडिचेरी से फोन पर बताया, "अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों में से किसी की हालत गंभीर नहीं है। बुधवार दोपहर तक लगभग 70 लोग भर्ती किए गए। अब लगभग 300 लोग भर्ती हो चुके हैं। इनमें से करीब 250 लोगों को बाद में छुट्टी दे दी जाएगी। हम उनकी हालत की समीक्षा करेंगे।" संघ शासित प्रदेश के प्रशासन ने फैक्ट्री को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। पांडिचेरी के जिलाधिकारी राकेश चंद्र ने कहा, "सुबह करीब 7.30 बजे फैक्ट्री के कर्मचारी 900 किलोग्राम के सिलेंडरों में क्लोरीन गैस भर रहे थे। एक सिलेंडर में से गैस का रिसाव हुआ। गैस हवा में मिलकर निकटवर्ती गांव तक फैल गई। लोगों ने उल्टी होने और असहज महसूस करने की शिकायत की।" उनके अनुसार गैस के रिसाव से चेमफैब फैक्ट्री में मौजूद 300 कर्मचारी प्रभावित नहीं हुए, क्योंकि गैस हवा में घुलकर बाहर निकल गई। कुल 87.29 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली चेम्सफैब अल्कली फैक्ट्री में कास्टिक सोडा, द्रव क्लोरीन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, सोडियम हाइड्रोक्लोराइट, हाइड्रोजन गैस तथा बेरियम सल्फेट का उत्पादन होता है। पांडिचेरी प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती लोगों की संख्या 30 बताई है, जिनमें से तीन को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। कालापेट थाने के अधिकारियों के अनुसार लगभग 70 लोग स्पताल में भर्ती हैं। चंद्रा ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा सम्भवत: गुरुवार को की जाएगी। | संक्षिप्त सारांश: पांडिचेरी में चेमफैब अल्कलीज संयंत्र की फैक्ट्री से क्लोरीन गैस के रिसाव के कारण आस-पास रहने वाले कम से कम 300 लोग बीमार हो गए। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रक्षा मंत्री एके एंटनी ने भारतीय सैनिकों द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी जवानों पर अत्याचार करने व उनके सिर काटने की रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है।
भारतीय सेना द्वारा इस रिपोर्ट को गलत व अटकलों पर आधारित बताए जाने के अगले दिन गुरुवार को रक्षा मंत्री ने भी यही बात कही। एंटनी ने यहां एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा कि ये आरोप 'पूरी तरह से बेबुनियाद' हैं।
एक समाचार पत्र ने बुधवार को रिपोर्ट दी थी कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में अपना विरोध जताते हुए भारतीय सैनिकों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एलओसी पर पाकिस्तानी जवानों पर अत्याचार किए और 1998 से अब तक कम से कम 12 पाकिस्तानी सैनिकों के सिर काटे हैं।
एलओसी पर 6 जनवरी को भारतीय सेना द्वारा एक पाकिस्तानी जवान को मार गिराए जाने और इसके दो दिन बाद पाकिस्तानी जवानों द्वारा दो भारतीय सैनिकों की हत्या किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी जवान मारे गए भारतीय सैनिकों में से एक का सिर काटकर अपने साथ ले गए थे, जबकि दूसरे सैनिक का शव भी क्षत-विक्षत हालत में मिला।
घटना के बाद उपजे तनाव को दूर करने के लिए दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच एलओसी पर 2003 से जारी युद्धविराम आगे भी जारी रखने पर सहमति बनी थी।
भारतीय सेना द्वारा इस रिपोर्ट को गलत व अटकलों पर आधारित बताए जाने के अगले दिन गुरुवार को रक्षा मंत्री ने भी यही बात कही। एंटनी ने यहां एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा कि ये आरोप 'पूरी तरह से बेबुनियाद' हैं।
एक समाचार पत्र ने बुधवार को रिपोर्ट दी थी कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में अपना विरोध जताते हुए भारतीय सैनिकों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एलओसी पर पाकिस्तानी जवानों पर अत्याचार किए और 1998 से अब तक कम से कम 12 पाकिस्तानी सैनिकों के सिर काटे हैं।
एलओसी पर 6 जनवरी को भारतीय सेना द्वारा एक पाकिस्तानी जवान को मार गिराए जाने और इसके दो दिन बाद पाकिस्तानी जवानों द्वारा दो भारतीय सैनिकों की हत्या किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी जवान मारे गए भारतीय सैनिकों में से एक का सिर काटकर अपने साथ ले गए थे, जबकि दूसरे सैनिक का शव भी क्षत-विक्षत हालत में मिला।
घटना के बाद उपजे तनाव को दूर करने के लिए दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच एलओसी पर 2003 से जारी युद्धविराम आगे भी जारी रखने पर सहमति बनी थी।
एक समाचार पत्र ने बुधवार को रिपोर्ट दी थी कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में अपना विरोध जताते हुए भारतीय सैनिकों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एलओसी पर पाकिस्तानी जवानों पर अत्याचार किए और 1998 से अब तक कम से कम 12 पाकिस्तानी सैनिकों के सिर काटे हैं।
एलओसी पर 6 जनवरी को भारतीय सेना द्वारा एक पाकिस्तानी जवान को मार गिराए जाने और इसके दो दिन बाद पाकिस्तानी जवानों द्वारा दो भारतीय सैनिकों की हत्या किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी जवान मारे गए भारतीय सैनिकों में से एक का सिर काटकर अपने साथ ले गए थे, जबकि दूसरे सैनिक का शव भी क्षत-विक्षत हालत में मिला।
घटना के बाद उपजे तनाव को दूर करने के लिए दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच एलओसी पर 2003 से जारी युद्धविराम आगे भी जारी रखने पर सहमति बनी थी।
एलओसी पर 6 जनवरी को भारतीय सेना द्वारा एक पाकिस्तानी जवान को मार गिराए जाने और इसके दो दिन बाद पाकिस्तानी जवानों द्वारा दो भारतीय सैनिकों की हत्या किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी जवान मारे गए भारतीय सैनिकों में से एक का सिर काटकर अपने साथ ले गए थे, जबकि दूसरे सैनिक का शव भी क्षत-विक्षत हालत में मिला।
घटना के बाद उपजे तनाव को दूर करने के लिए दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच एलओसी पर 2003 से जारी युद्धविराम आगे भी जारी रखने पर सहमति बनी थी।
पाकिस्तानी जवान मारे गए भारतीय सैनिकों में से एक का सिर काटकर अपने साथ ले गए थे, जबकि दूसरे सैनिक का शव भी क्षत-विक्षत हालत में मिला।
घटना के बाद उपजे तनाव को दूर करने के लिए दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच एलओसी पर 2003 से जारी युद्धविराम आगे भी जारी रखने पर सहमति बनी थी।
घटना के बाद उपजे तनाव को दूर करने के लिए दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच एलओसी पर 2003 से जारी युद्धविराम आगे भी जारी रखने पर सहमति बनी थी। | यहाँ एक सारांश है:रक्षा मंत्री एके एंटनी ने भारतीय सैनिकों द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी जवानों पर अत्याचार करने व उनके सिर काटने की रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुस्लिम आरक्षण को लेकर जारी सरगर्मी के बीच कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार पर सच्चर समिति की सिफारिशों पर जानबूझकर अमल नहीं करने का आरोप लगाया। राहुल ने उत्तर प्रदेश के दौरे के दूसरे दिन यहां आयोजित जनसभा में कहा, क्या आपको सच्चर समिति की रिपोर्ट का फायदा मिला। हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र जाइए, वहां इस रिपोर्ट पर अमल हो रहा है। उत्तर प्रदेश की सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। वह कुछ करना ही नहीं चाहती। गौरतलब है कि मुसलमानों के आर्थिक, सामाजिक तथा शैक्षणिक स्तर के अध्ययन के लिए वर्ष 2005 में गठित हुई सच्चर समिति ने अपनी रिपोर्ट में मुस्लिमों के अनेक वर्गों को दलितों से भी गई-गुजरी हालत में बताते हुए उनके कल्याण के लिए कई सिफारिशें की थीं। राहुल ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 20 वर्षों के दौरान सत्ता में आए लोगों ने दूरदर्शिता नहीं दिखाई जिसका नुकसान राज्य की जनता को हुआ। उन्होंने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने वर्ष 1980 में कंप्यूटर की बात शुरू की, जिसका फायदा आपको आज मिल रहा है। जब तक आपके नेता दूर की सोच नहीं रखेंगे तब तक राज्य प्रगति नहीं कर सकेगा। उत्तर प्रदेश सरकार पर केन्द्र द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भेजा जाने वाला धन हड़पने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, राजीव गांधी कहते थे कि सरकार द्वारा भेजे गए एक रुपए में से सिर्फ 15 पैसे ही जनता तक पहुंचते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में एक भी पैसा नहीं पहुंचता। लखनऊ में बैठा हाथी वह पैसा खा जाता है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राहुल गांधी ने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए मायावती सरकार पर सच्चर समिति की सिफारिशों पर जानबूझकर अमल नहीं करने का आरोप लगाया। | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी क्रिकेटर सोहेल तनवीर पर उनकी पहली पत्नी नौशीन आगा द्वारा जान से मारने की धमकी देने और गुजारा भत्ता नहीं देने का आरोप लगाया गया है। नौशीन ने इस्लामाबाद में शालीमार पुलिस स्टेशन में तनवीर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। तनवीर पिछले हफ्ते पाकिस्तानी टीम के साथ हांगकांग सुपर सिक्सेस टूर्नामेंट के लिए रवाना हुए। वह टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे, लेकिन नौशीन ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज करने के लिए बाध्य होना पड़ा, क्योंकि तनवीर उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है और उसने मीडिया को इस मामले से दूर रखने को कहा है। तनवीर ने नौशीन को बताए बिना इस साल 10 अक्टूबर को दूसरी शादी की थी। नौशीन ने अपनी शिकायत में दावा किया कि वह तनवीर की पहली पत्नी है और उनकी एक बेटी है। नौशीन ने कहा, मुझे पुलिस रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ी, क्योंकि उसने हमारी देखभाल के लिए गुजारा भत्ता देना बंद कर दिया है। वह हमसे संपर्क में नहीं है। मैं सिर्फ अब उसके बारे में इतना जानती हूं कि वह मुझे जान से मारने की धमकी दे रहा है। उन्होंने कहा, मैंने पुलिस को बता दिया है कि वह हमसे कैसा व्यवहार किया करता था। मैंने उसकी धमकियों के बारे में भी बता दिया है। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तानी क्रिकेटर सोहेल तनवीर पर उनकी पहली पत्नी नौशीन द्वारा जान से मारने की धमकी देने और गुजारा भत्ता नहीं देने का आरोप लगाया गया है। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में आज 100 दिन पूरे हो गए. भाजपा सरकार ने 19 मार्च को कामकाज संभाला था. भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने 403 सदस्यीय विधानसभा में 325 सीटों पर विजय हासिल की थी. किसानों की कर्ज माफी और कानून व्यवस्था जैसी बड़ी चुनौतियां सरकार के समक्ष थीं. चुनाव पूर्व अपने वादे के अनुरूप योगी सरकार ने किसानों की कर्ज माफी का ऐलान किया. इस फैसले से राजकोष पर 36,369 करोड़ रुपये का बोझ आया. इसके अलावा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से भी 34,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा.
पूर्वाचल एक्सप्रेसवे के लिए धन जुटाना भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती रही. योगी ने 15 जून तक राज्य की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का ऐलान किया था, हालांकि सरकार ने स्वीकारा कि इस दिशा में केवल 63 प्रतिशत कार्य ही किया जा सका. भाजपा ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का वादा किया है लेकिन अभी इस योजना को लेकर किसी तारीख का ऐलान नहीं किया गया.
कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूर्व की सपा सरकार को निशाने पर लेने वाली भाजपा की अपनी सरकार के समय जातीय एवं सांप्रदायिक संघर्ष हुए. बहरहाल, मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने उत्तर प्रदेश में सपा के जंगलराज का हवाला देते हुए व्यवस्था सुधारने के काम के लिए और समय की मांग की. सौ दिन पूरे होने के बाद उपलब्धियों को सार्वजनिक करने की राज्य की भाजपा सरकार की तैयारियों के बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने वादे तो किये लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाई.
बसपा प्रमुख मायावती का आरोप है कि दलितों, अन्य पिछड़े वर्ग तथा ब्राहमण सहित सवर्णों पर अत्याचार हो रहा है. एक्सप्रेसवे और रिवर फ्रंट परियोजनाओं की जांच कराने के योगी सरकार के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल किया कि ये सरकार कोई काम करेगी क्या? इस सरकार को तो हमसे बेहतर काम करके दिखाना चाहिए.टिप्पणियां
योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार के समय शुरू की गई कई परियोजनाओं की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई. सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सरकार अब जांच समिति बन गयी है और बदले की राजनीति से कार्य कर रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूर्वाचल एक्सप्रेसवे के लिए धन जुटाना भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती रही. योगी ने 15 जून तक राज्य की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का ऐलान किया था, हालांकि सरकार ने स्वीकारा कि इस दिशा में केवल 63 प्रतिशत कार्य ही किया जा सका. भाजपा ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का वादा किया है लेकिन अभी इस योजना को लेकर किसी तारीख का ऐलान नहीं किया गया.
कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूर्व की सपा सरकार को निशाने पर लेने वाली भाजपा की अपनी सरकार के समय जातीय एवं सांप्रदायिक संघर्ष हुए. बहरहाल, मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने उत्तर प्रदेश में सपा के जंगलराज का हवाला देते हुए व्यवस्था सुधारने के काम के लिए और समय की मांग की. सौ दिन पूरे होने के बाद उपलब्धियों को सार्वजनिक करने की राज्य की भाजपा सरकार की तैयारियों के बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने वादे तो किये लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाई.
बसपा प्रमुख मायावती का आरोप है कि दलितों, अन्य पिछड़े वर्ग तथा ब्राहमण सहित सवर्णों पर अत्याचार हो रहा है. एक्सप्रेसवे और रिवर फ्रंट परियोजनाओं की जांच कराने के योगी सरकार के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल किया कि ये सरकार कोई काम करेगी क्या? इस सरकार को तो हमसे बेहतर काम करके दिखाना चाहिए.टिप्पणियां
योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार के समय शुरू की गई कई परियोजनाओं की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई. सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सरकार अब जांच समिति बन गयी है और बदले की राजनीति से कार्य कर रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूर्व की सपा सरकार को निशाने पर लेने वाली भाजपा की अपनी सरकार के समय जातीय एवं सांप्रदायिक संघर्ष हुए. बहरहाल, मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने उत्तर प्रदेश में सपा के जंगलराज का हवाला देते हुए व्यवस्था सुधारने के काम के लिए और समय की मांग की. सौ दिन पूरे होने के बाद उपलब्धियों को सार्वजनिक करने की राज्य की भाजपा सरकार की तैयारियों के बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने वादे तो किये लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाई.
बसपा प्रमुख मायावती का आरोप है कि दलितों, अन्य पिछड़े वर्ग तथा ब्राहमण सहित सवर्णों पर अत्याचार हो रहा है. एक्सप्रेसवे और रिवर फ्रंट परियोजनाओं की जांच कराने के योगी सरकार के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल किया कि ये सरकार कोई काम करेगी क्या? इस सरकार को तो हमसे बेहतर काम करके दिखाना चाहिए.टिप्पणियां
योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार के समय शुरू की गई कई परियोजनाओं की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई. सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सरकार अब जांच समिति बन गयी है और बदले की राजनीति से कार्य कर रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बसपा प्रमुख मायावती का आरोप है कि दलितों, अन्य पिछड़े वर्ग तथा ब्राहमण सहित सवर्णों पर अत्याचार हो रहा है. एक्सप्रेसवे और रिवर फ्रंट परियोजनाओं की जांच कराने के योगी सरकार के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल किया कि ये सरकार कोई काम करेगी क्या? इस सरकार को तो हमसे बेहतर काम करके दिखाना चाहिए.टिप्पणियां
योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार के समय शुरू की गई कई परियोजनाओं की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई. सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सरकार अब जांच समिति बन गयी है और बदले की राजनीति से कार्य कर रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार के समय शुरू की गई कई परियोजनाओं की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई. सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सरकार अब जांच समिति बन गयी है और बदले की राजनीति से कार्य कर रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: सड़कों के गड्ढे भरने का काम 63 फीसदी ही हो पाया
छात्रों को मुफ्त लैपटॉप की योजना का अब तक ऐलान नहीं
कांग्रेस बोली- वादे पूरे नहीं कर पाई योगी सरकार | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सेना के एक रिटायर्ड कर्नल जिसने 1965 और 1971 की लड़ाई में अपनी वीरता दिखाई, उसे वीरता के लिए 18 मेडल मिले, उसे 76 साल की उम्र में पुलिस ने उन्हें एक एडीएम की पत्नी की शिकायत पर छेड़खानी के केस में हथकड़ी लगाकर जेल भिजवा दिया. लेकिन जब उनकी बेगुनाही के सबूत सौपें गए तो पुलिस ने अब एडीएम और उसकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज लिया और वो दोनों फरार हैं. सेना से रिटायर्ड कर्नल 76 साल के बीएस चौहान ने 1965 और 1971 की लड़ाई में वीरता दिखाई, वीरता के लिए उन्हें 18 मेडल मिल चुके हैं. लेकिन इस उम्र में उन्हें मुंह छिपाना पड़ा. उन्हें दूसरे अपराधियों के साथ हथकड़ी लगाकर जेल भिजवा दिया गया.
लेकिन उनके पड़ोसी एसडीएम की पत्नी द्वारा चौहान के खिलाफ छेड़खानी और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया, सीसीटीवी फुटेज में वो आरोप सही नहीं पाए गए. दरसअल नोएडा के सेक्टर 29 में रिटायर्ड कर्नल बीएस चौहान रहते हैं और उनके ऊपर वाले फ्लोर पर मुज़फ्फरनगर के अपर जिलाधिकारी हरीश चंद्र का परिवार रहता है. हरीश चंद्र के मकान में अवैध निर्माण को लेकर दोनों के बीच झगड़ा था.टिप्पणियां
आरोप है कि 14 अगस्त को घर के सामने बने पार्क में चौहान और हरीश चंद्र की पत्नी के बीच विवाद हो गया, जिस पर हरीश चंद्र अपने गनर और कुछ और कर्मचारियों के साथ वहां पहुंच गए. सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि उस समय पार्क में कई लोग खड़े हैं. इसी बीच एडीएम ने रिटायर्ड कर्नल बीएस चौहान को मुक्का मारते हुए गिरा दिया. आरोप है कि बाद में अपने रसूख का इस्तेमाल कर एडीएम ने फर्ज़ी केस दर्ज करवा दिया.
पुलिस ने बिना जांच किये रिटार्यड कर्नल को अपराधियों के साथ हथकड़ी लगाकर जेल भिजवा दिया. लेकिन जब नोएडा में रिटायर्ड सेना के अधिकरियों ने इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया और एसएसपी और डीएम को सीसीटीवी फुटेज दिखाई. तब जाकर एडीएम, उसकी पत्नी और उसके कर्मचारियों खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया गया और एडीएम के गनर राहुल और नौकर जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में कोर्ट ने भी फटकार लगाई है. वहीं मुख्य आरोपी एडीएम हरीश चंद्र और उसकी पत्नी फरार हो गए हैं. उनके घर में ताला पड़ा है. बीएस चौहान की ज़मानत अर्ज़ी पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई होगी.
लेकिन उनके पड़ोसी एसडीएम की पत्नी द्वारा चौहान के खिलाफ छेड़खानी और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया, सीसीटीवी फुटेज में वो आरोप सही नहीं पाए गए. दरसअल नोएडा के सेक्टर 29 में रिटायर्ड कर्नल बीएस चौहान रहते हैं और उनके ऊपर वाले फ्लोर पर मुज़फ्फरनगर के अपर जिलाधिकारी हरीश चंद्र का परिवार रहता है. हरीश चंद्र के मकान में अवैध निर्माण को लेकर दोनों के बीच झगड़ा था.टिप्पणियां
आरोप है कि 14 अगस्त को घर के सामने बने पार्क में चौहान और हरीश चंद्र की पत्नी के बीच विवाद हो गया, जिस पर हरीश चंद्र अपने गनर और कुछ और कर्मचारियों के साथ वहां पहुंच गए. सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि उस समय पार्क में कई लोग खड़े हैं. इसी बीच एडीएम ने रिटायर्ड कर्नल बीएस चौहान को मुक्का मारते हुए गिरा दिया. आरोप है कि बाद में अपने रसूख का इस्तेमाल कर एडीएम ने फर्ज़ी केस दर्ज करवा दिया.
पुलिस ने बिना जांच किये रिटार्यड कर्नल को अपराधियों के साथ हथकड़ी लगाकर जेल भिजवा दिया. लेकिन जब नोएडा में रिटायर्ड सेना के अधिकरियों ने इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया और एसएसपी और डीएम को सीसीटीवी फुटेज दिखाई. तब जाकर एडीएम, उसकी पत्नी और उसके कर्मचारियों खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया गया और एडीएम के गनर राहुल और नौकर जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में कोर्ट ने भी फटकार लगाई है. वहीं मुख्य आरोपी एडीएम हरीश चंद्र और उसकी पत्नी फरार हो गए हैं. उनके घर में ताला पड़ा है. बीएस चौहान की ज़मानत अर्ज़ी पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई होगी.
आरोप है कि 14 अगस्त को घर के सामने बने पार्क में चौहान और हरीश चंद्र की पत्नी के बीच विवाद हो गया, जिस पर हरीश चंद्र अपने गनर और कुछ और कर्मचारियों के साथ वहां पहुंच गए. सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि उस समय पार्क में कई लोग खड़े हैं. इसी बीच एडीएम ने रिटायर्ड कर्नल बीएस चौहान को मुक्का मारते हुए गिरा दिया. आरोप है कि बाद में अपने रसूख का इस्तेमाल कर एडीएम ने फर्ज़ी केस दर्ज करवा दिया.
पुलिस ने बिना जांच किये रिटार्यड कर्नल को अपराधियों के साथ हथकड़ी लगाकर जेल भिजवा दिया. लेकिन जब नोएडा में रिटायर्ड सेना के अधिकरियों ने इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया और एसएसपी और डीएम को सीसीटीवी फुटेज दिखाई. तब जाकर एडीएम, उसकी पत्नी और उसके कर्मचारियों खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया गया और एडीएम के गनर राहुल और नौकर जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में कोर्ट ने भी फटकार लगाई है. वहीं मुख्य आरोपी एडीएम हरीश चंद्र और उसकी पत्नी फरार हो गए हैं. उनके घर में ताला पड़ा है. बीएस चौहान की ज़मानत अर्ज़ी पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई होगी.
पुलिस ने बिना जांच किये रिटार्यड कर्नल को अपराधियों के साथ हथकड़ी लगाकर जेल भिजवा दिया. लेकिन जब नोएडा में रिटायर्ड सेना के अधिकरियों ने इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया और एसएसपी और डीएम को सीसीटीवी फुटेज दिखाई. तब जाकर एडीएम, उसकी पत्नी और उसके कर्मचारियों खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया गया और एडीएम के गनर राहुल और नौकर जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में कोर्ट ने भी फटकार लगाई है. वहीं मुख्य आरोपी एडीएम हरीश चंद्र और उसकी पत्नी फरार हो गए हैं. उनके घर में ताला पड़ा है. बीएस चौहान की ज़मानत अर्ज़ी पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई होगी. | यहाँ एक सारांश है:हनान ने कहा जरूरत के समय मेरी भी लोगों ने की थी मदद
हनान ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराए पैसे
सोशल मीडिया पर जमकर हुई हनान की तारीफ | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के सचिव एवं निकट सहयोगी को नरसंहार का दोषी पाए जाने पर फांसी पर लटका दिया गया। इराक के न्याय मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
सद्दाम के प्रमुख सहयोगी रहे अबेद हामिद हमूद अल-तिकरिती को अदालत ने 1980 के दौरान धार्मिक समूहों का सफाया करने का दोषी पाया था और उसे 26 अक्टबूर 2010 को मौत की सजा सुनाई गई थी।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से बताया, "न्याय मंत्रालय ने आज (गुरुवार) को सद्दाम हुसैन के सचिव अबेद हामिद हमूद अल-तिकरिती को फांसी दे दी गई।"
सद्दाम को भी 148 शियाओं की हत्या का दोषी पाया गया था और उन्हें 30 दिसम्बर 2006 को फांसी पर लटका दिया गया।
सद्दाम के प्रमुख सहयोगी रहे अबेद हामिद हमूद अल-तिकरिती को अदालत ने 1980 के दौरान धार्मिक समूहों का सफाया करने का दोषी पाया था और उसे 26 अक्टबूर 2010 को मौत की सजा सुनाई गई थी।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से बताया, "न्याय मंत्रालय ने आज (गुरुवार) को सद्दाम हुसैन के सचिव अबेद हामिद हमूद अल-तिकरिती को फांसी दे दी गई।"
सद्दाम को भी 148 शियाओं की हत्या का दोषी पाया गया था और उन्हें 30 दिसम्बर 2006 को फांसी पर लटका दिया गया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से बताया, "न्याय मंत्रालय ने आज (गुरुवार) को सद्दाम हुसैन के सचिव अबेद हामिद हमूद अल-तिकरिती को फांसी दे दी गई।"
सद्दाम को भी 148 शियाओं की हत्या का दोषी पाया गया था और उन्हें 30 दिसम्बर 2006 को फांसी पर लटका दिया गया।
सद्दाम को भी 148 शियाओं की हत्या का दोषी पाया गया था और उन्हें 30 दिसम्बर 2006 को फांसी पर लटका दिया गया। | इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के सचिव एवं निकट सहयोगी को नरसंहार का दोषी पाए जाने पर फांसी पर लटका दिया गया। इराक के न्याय मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दक्षिण चीन सागर में चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि में युद्ध के लिए तैयार सेना के निर्माण की जरूरत और साझा युद्ध कमान प्रणाली के निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया. सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और केन्द्रीय सैन्य आयोग के चेयरमैन शी ने शुक्रवार को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के दक्षिणी थिएटर कमान के निरीक्षण के दौरान यह टिप्पणी की और उन्होंने एक मजबूत सेना के निर्माण पर जोर दिया, जो भ्रष्ट ना हो.
कम्युनिस्ट पार्टी, सेना और सरकार का नेतृत्व करने वाले सबसे प्रभावशाली नेता माने जाने वाले 63 वर्षीय शी इस वर्ष अपना पहला पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा करेंगे और उनके इस वर्ष पार्टी की 19वीं कांग्रेस के दौरान दूसरे पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए फिर से चुने जाने की संभावना है.
शी ने सैन्य कर्मियों से युद्ध के लिए तैयारी में सक्रियता बढ़ाने, स्थितियों में बदलाव पर करीबी नजर रखने और युद्ध क्षमताएं बढ़ाने में अनवरत प्रयास करने के लिए कहा.
चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने शी के हवाले से कहा कि चीनी राष्ट्रपति ने साझा युद्ध कमान प्रणाली के निर्माण में तेजी लाने की जररत पर जोर दिया. दक्षिण चीन सागर में अपने पड़ोसियों के साथ चीन के विवाद के मद्देनजर शी की यह टिप्पणी सामने आयी है.टिप्पणियां
चीन पड़ोसी देश जैसे कि फिलीपीन, मलेशिया, ब्रूनेई और वियतनाम की आपत्तियों के बावजूद चीनी सरजमीं से 800 से ज्यादा मील दूर स्थित द्वीपों समेत दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर अपना दावा जताता है.
चीन ने इलाके में कृत्रिम द्वीप भी बना लिए है जिनमें से कुछ पर सैन्य उपकरण भी तैनात कर दिए हैं. यह मुद्दा इस क्षेत्र में चल रहे तनाव और आक्रोश की जड़ है.
कम्युनिस्ट पार्टी, सेना और सरकार का नेतृत्व करने वाले सबसे प्रभावशाली नेता माने जाने वाले 63 वर्षीय शी इस वर्ष अपना पहला पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा करेंगे और उनके इस वर्ष पार्टी की 19वीं कांग्रेस के दौरान दूसरे पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए फिर से चुने जाने की संभावना है.
शी ने सैन्य कर्मियों से युद्ध के लिए तैयारी में सक्रियता बढ़ाने, स्थितियों में बदलाव पर करीबी नजर रखने और युद्ध क्षमताएं बढ़ाने में अनवरत प्रयास करने के लिए कहा.
चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने शी के हवाले से कहा कि चीनी राष्ट्रपति ने साझा युद्ध कमान प्रणाली के निर्माण में तेजी लाने की जररत पर जोर दिया. दक्षिण चीन सागर में अपने पड़ोसियों के साथ चीन के विवाद के मद्देनजर शी की यह टिप्पणी सामने आयी है.टिप्पणियां
चीन पड़ोसी देश जैसे कि फिलीपीन, मलेशिया, ब्रूनेई और वियतनाम की आपत्तियों के बावजूद चीनी सरजमीं से 800 से ज्यादा मील दूर स्थित द्वीपों समेत दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर अपना दावा जताता है.
चीन ने इलाके में कृत्रिम द्वीप भी बना लिए है जिनमें से कुछ पर सैन्य उपकरण भी तैनात कर दिए हैं. यह मुद्दा इस क्षेत्र में चल रहे तनाव और आक्रोश की जड़ है.
शी ने सैन्य कर्मियों से युद्ध के लिए तैयारी में सक्रियता बढ़ाने, स्थितियों में बदलाव पर करीबी नजर रखने और युद्ध क्षमताएं बढ़ाने में अनवरत प्रयास करने के लिए कहा.
चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने शी के हवाले से कहा कि चीनी राष्ट्रपति ने साझा युद्ध कमान प्रणाली के निर्माण में तेजी लाने की जररत पर जोर दिया. दक्षिण चीन सागर में अपने पड़ोसियों के साथ चीन के विवाद के मद्देनजर शी की यह टिप्पणी सामने आयी है.टिप्पणियां
चीन पड़ोसी देश जैसे कि फिलीपीन, मलेशिया, ब्रूनेई और वियतनाम की आपत्तियों के बावजूद चीनी सरजमीं से 800 से ज्यादा मील दूर स्थित द्वीपों समेत दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर अपना दावा जताता है.
चीन ने इलाके में कृत्रिम द्वीप भी बना लिए है जिनमें से कुछ पर सैन्य उपकरण भी तैनात कर दिए हैं. यह मुद्दा इस क्षेत्र में चल रहे तनाव और आक्रोश की जड़ है.
चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने शी के हवाले से कहा कि चीनी राष्ट्रपति ने साझा युद्ध कमान प्रणाली के निर्माण में तेजी लाने की जररत पर जोर दिया. दक्षिण चीन सागर में अपने पड़ोसियों के साथ चीन के विवाद के मद्देनजर शी की यह टिप्पणी सामने आयी है.टिप्पणियां
चीन पड़ोसी देश जैसे कि फिलीपीन, मलेशिया, ब्रूनेई और वियतनाम की आपत्तियों के बावजूद चीनी सरजमीं से 800 से ज्यादा मील दूर स्थित द्वीपों समेत दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर अपना दावा जताता है.
चीन ने इलाके में कृत्रिम द्वीप भी बना लिए है जिनमें से कुछ पर सैन्य उपकरण भी तैनात कर दिए हैं. यह मुद्दा इस क्षेत्र में चल रहे तनाव और आक्रोश की जड़ है.
चीन पड़ोसी देश जैसे कि फिलीपीन, मलेशिया, ब्रूनेई और वियतनाम की आपत्तियों के बावजूद चीनी सरजमीं से 800 से ज्यादा मील दूर स्थित द्वीपों समेत दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर अपना दावा जताता है.
चीन ने इलाके में कृत्रिम द्वीप भी बना लिए है जिनमें से कुछ पर सैन्य उपकरण भी तैनात कर दिए हैं. यह मुद्दा इस क्षेत्र में चल रहे तनाव और आक्रोश की जड़ है.
चीन ने इलाके में कृत्रिम द्वीप भी बना लिए है जिनमें से कुछ पर सैन्य उपकरण भी तैनात कर दिए हैं. यह मुद्दा इस क्षेत्र में चल रहे तनाव और आक्रोश की जड़ है. | दक्षिण चीन सागर में चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि में
युद्ध कमान प्रणाली के निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया
दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर अपना दावा जताता है. | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि घरेलू स्तर पर अनेक चुनौतियों के बाद भी देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी की दर से हो सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक समुदाय से यूरोपीय कर्ज संकट के समाधान और दोहा दौर की व्यापार उदारीकरण की वार्ता को जल्द से जल्द पूरा करने का अनुरोध किया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की 'वैश्विक आर्थिक और वित्तीय हालात 2012' बहस में उन्होंने गुरुवार को कहा, "हमें विश्वास है कि भारत अगले 20 सालों तक आठ से नौ फीसदी की दर से आर्थिक विकास कर सकता है और वह भी समावेशी तरीके से।"
उन्होंने कहा, "घरेलू स्तर पर कई चुनौतियां हैं, लेकिन हमारा विश्वास है कि हम ऐसा कर सकते हैं।" उन्होंने कहा, "इसके लिए हम दूसरों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।"
आर्थिक संकट से पहले पांच साल के दौरान देश की आर्थिक विकास दर औसत नौ फीसदी रही थी और आर्थिक संकट के बाद यह सात फीसदी से थोड़ी अधिक रही है। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी के बीच रह सकता है और वह भी समावेशी विकास के साथ रह सकता है।" टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "हम जिस आर्थिक समस्या का सामना कर रहे हैं उसे तक तक सुलझाया नहीं जा सकता, जब तक कि विकसित देश आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करें।" इसके लिए उन्होंने यूरोपीय संघों के कर्ज संकट का जल्द समाधान की जरूरत बताई और कहा कि दुनिया भर में संसाधनों का वितरण करने वाले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की जरूरत है।
अहलूवालिया ने विश्व व्यापार को और भी उदारीकृत करने के लिए दोहा दौर की वार्ता को जल्द पूरा किए जाने की भी जरूरत बताई। अन्य बातों के साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में प्रमुख विकासशील देशों की सहभागिता बढ़ाने की भी वकालत की।
इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक समुदाय से यूरोपीय कर्ज संकट के समाधान और दोहा दौर की व्यापार उदारीकरण की वार्ता को जल्द से जल्द पूरा करने का अनुरोध किया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की 'वैश्विक आर्थिक और वित्तीय हालात 2012' बहस में उन्होंने गुरुवार को कहा, "हमें विश्वास है कि भारत अगले 20 सालों तक आठ से नौ फीसदी की दर से आर्थिक विकास कर सकता है और वह भी समावेशी तरीके से।"
उन्होंने कहा, "घरेलू स्तर पर कई चुनौतियां हैं, लेकिन हमारा विश्वास है कि हम ऐसा कर सकते हैं।" उन्होंने कहा, "इसके लिए हम दूसरों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।"
आर्थिक संकट से पहले पांच साल के दौरान देश की आर्थिक विकास दर औसत नौ फीसदी रही थी और आर्थिक संकट के बाद यह सात फीसदी से थोड़ी अधिक रही है। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी के बीच रह सकता है और वह भी समावेशी विकास के साथ रह सकता है।" टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "हम जिस आर्थिक समस्या का सामना कर रहे हैं उसे तक तक सुलझाया नहीं जा सकता, जब तक कि विकसित देश आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करें।" इसके लिए उन्होंने यूरोपीय संघों के कर्ज संकट का जल्द समाधान की जरूरत बताई और कहा कि दुनिया भर में संसाधनों का वितरण करने वाले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की जरूरत है।
अहलूवालिया ने विश्व व्यापार को और भी उदारीकृत करने के लिए दोहा दौर की वार्ता को जल्द पूरा किए जाने की भी जरूरत बताई। अन्य बातों के साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में प्रमुख विकासशील देशों की सहभागिता बढ़ाने की भी वकालत की।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की 'वैश्विक आर्थिक और वित्तीय हालात 2012' बहस में उन्होंने गुरुवार को कहा, "हमें विश्वास है कि भारत अगले 20 सालों तक आठ से नौ फीसदी की दर से आर्थिक विकास कर सकता है और वह भी समावेशी तरीके से।"
उन्होंने कहा, "घरेलू स्तर पर कई चुनौतियां हैं, लेकिन हमारा विश्वास है कि हम ऐसा कर सकते हैं।" उन्होंने कहा, "इसके लिए हम दूसरों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।"
आर्थिक संकट से पहले पांच साल के दौरान देश की आर्थिक विकास दर औसत नौ फीसदी रही थी और आर्थिक संकट के बाद यह सात फीसदी से थोड़ी अधिक रही है। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी के बीच रह सकता है और वह भी समावेशी विकास के साथ रह सकता है।" टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "हम जिस आर्थिक समस्या का सामना कर रहे हैं उसे तक तक सुलझाया नहीं जा सकता, जब तक कि विकसित देश आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करें।" इसके लिए उन्होंने यूरोपीय संघों के कर्ज संकट का जल्द समाधान की जरूरत बताई और कहा कि दुनिया भर में संसाधनों का वितरण करने वाले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की जरूरत है।
अहलूवालिया ने विश्व व्यापार को और भी उदारीकृत करने के लिए दोहा दौर की वार्ता को जल्द पूरा किए जाने की भी जरूरत बताई। अन्य बातों के साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में प्रमुख विकासशील देशों की सहभागिता बढ़ाने की भी वकालत की।
उन्होंने कहा, "घरेलू स्तर पर कई चुनौतियां हैं, लेकिन हमारा विश्वास है कि हम ऐसा कर सकते हैं।" उन्होंने कहा, "इसके लिए हम दूसरों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।"
आर्थिक संकट से पहले पांच साल के दौरान देश की आर्थिक विकास दर औसत नौ फीसदी रही थी और आर्थिक संकट के बाद यह सात फीसदी से थोड़ी अधिक रही है। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी के बीच रह सकता है और वह भी समावेशी विकास के साथ रह सकता है।" टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "हम जिस आर्थिक समस्या का सामना कर रहे हैं उसे तक तक सुलझाया नहीं जा सकता, जब तक कि विकसित देश आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करें।" इसके लिए उन्होंने यूरोपीय संघों के कर्ज संकट का जल्द समाधान की जरूरत बताई और कहा कि दुनिया भर में संसाधनों का वितरण करने वाले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की जरूरत है।
अहलूवालिया ने विश्व व्यापार को और भी उदारीकृत करने के लिए दोहा दौर की वार्ता को जल्द पूरा किए जाने की भी जरूरत बताई। अन्य बातों के साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में प्रमुख विकासशील देशों की सहभागिता बढ़ाने की भी वकालत की।
आर्थिक संकट से पहले पांच साल के दौरान देश की आर्थिक विकास दर औसत नौ फीसदी रही थी और आर्थिक संकट के बाद यह सात फीसदी से थोड़ी अधिक रही है। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी के बीच रह सकता है और वह भी समावेशी विकास के साथ रह सकता है।" टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "हम जिस आर्थिक समस्या का सामना कर रहे हैं उसे तक तक सुलझाया नहीं जा सकता, जब तक कि विकसित देश आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करें।" इसके लिए उन्होंने यूरोपीय संघों के कर्ज संकट का जल्द समाधान की जरूरत बताई और कहा कि दुनिया भर में संसाधनों का वितरण करने वाले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की जरूरत है।
अहलूवालिया ने विश्व व्यापार को और भी उदारीकृत करने के लिए दोहा दौर की वार्ता को जल्द पूरा किए जाने की भी जरूरत बताई। अन्य बातों के साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में प्रमुख विकासशील देशों की सहभागिता बढ़ाने की भी वकालत की।
उन्होंने कहा, "हम जिस आर्थिक समस्या का सामना कर रहे हैं उसे तक तक सुलझाया नहीं जा सकता, जब तक कि विकसित देश आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करें।" इसके लिए उन्होंने यूरोपीय संघों के कर्ज संकट का जल्द समाधान की जरूरत बताई और कहा कि दुनिया भर में संसाधनों का वितरण करने वाले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की जरूरत है।
अहलूवालिया ने विश्व व्यापार को और भी उदारीकृत करने के लिए दोहा दौर की वार्ता को जल्द पूरा किए जाने की भी जरूरत बताई। अन्य बातों के साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में प्रमुख विकासशील देशों की सहभागिता बढ़ाने की भी वकालत की।
अहलूवालिया ने विश्व व्यापार को और भी उदारीकृत करने के लिए दोहा दौर की वार्ता को जल्द पूरा किए जाने की भी जरूरत बताई। अन्य बातों के साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में प्रमुख विकासशील देशों की सहभागिता बढ़ाने की भी वकालत की। | यहाँ एक सारांश है:योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि घरेलू स्तर पर अनेक चुनौतियों के बाद भी देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी की दर से हो सकता है। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन के एक सरकारी समाचार पत्र ने बीजिंग से आग्रह किया है कि वह चीन का मुकाबला करने की दुस्साहसपूर्ण कोशिश करने से भारत को रोके। अखबार ने इस तरह की बातें तब कही हैं, जब भारत ने दक्षिण चीन सागर में तेल की खोज के लिए वियतनाम के साथ हाल ही में समझौता किया है। समाचार पत्र 'ग्लोबल टाइम्स' ने भारत और वियतनाम के बीच पिछले बुधवार को हुए समझौते का जिक्र करते हुए एक टिप्पणी में कहा है, "दोनों देश इस बात को स्पष्ट रूप से जानते हैं कि चीन के लिए इसके क्या अर्थ हैं।" अखबार ने लिखा है, "चीन अपने रुख को जाहिर करने के लिए तथा चीन का मुकाबला करने की अन्य दुस्साहसपूर्ण कोशिशों को रोकने के लिए कार्रवाई करने पर विचार कर सकता है।" अखबार ने कहा है कि भारत, लाभ की खातिर दक्षिण चीन सागर के जटिल क्षेत्र में सक्रिय होना चाहता है, जिससे वह चीन के साथ अन्य मुद्दों पर मोल-तोल कर सके। अखबार ने लिखा है कि चीन को सख्त जवाबी कार्रवाई के जरिए इसका जवाब देना चाहिए। अखबार ने कहा है कि क्षेत्र में भारत महत्वाकांक्षाएं तो रखता है, लेकिन उसकी राष्ट्रीय क्षमता फिलहाल इन महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति में ठोस मदद नहीं कर पाती। भारत ऐसी जगह हाथ-पांव मार रहा है, जो उससे सम्बंधित नहीं है। अखबार ने वियतनाम की भी तीखी आलोचना की है। अखबार ने लिखा है कि वियतनाम ने समुद्री विवादों के समाधान के लिए जमीनी नियमों पर चीन के साथ समझौता करने के ठीक एक दिन बाद भारत के साथ समझौता किया है। अखबार ने लिखा है, "इस बारे में कहना कठिन है कि यह वियतनाम की दोहरी मानसिकता को प्रदर्शित करता है या वियतनाम के शीर्ष नीति निर्माताओं में असहमति को। भारत को चंद बैरल तेल और गैस की आकांक्षा रखने के बदले अपनी क्षेत्रीय रणनीति पर अधिक विचार करना चाहिए।" अखबार ने कहा है कि तेल अनुसंधान परियोजना के पीछे मजबूत राजनीतिक प्रेरणा है। चीन की जुबानी चेतावनियों का हो सकता है असर न हो। अखबार ने चीन से व्यावहारिक कार्रवाई करने का आह्वान किया है। अखबार ने कहा है कि चीन को चाहिए कि वह इस समझौते को अवैध करार दे। यदि भारत और वियतनाम अपना अनुसंधान शुरू करते हैं तो चीन उनके कार्य में बाधा पहुंचाने के लिए असैन्य बलों को भेज सकता है और परियोजना को रोकने के लिए विवाद खड़ा कर सकता है। चीन को उन्हें बता देना चाहिए कि ऐसे सहयोग से होने वाला आर्थिक लाभ इससे होने वाले जोखिम की तुलना में बहुत कम है। | यहाँ एक सारांश है:चीन के एक सरकारी समाचार पत्र ने बीजिंग से आग्रह किया है कि वह चीन का मुकाबला करने की दुस्साहसपूर्ण कोशिश करने से भारत को रोके। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चक्रवात ‘नीलम’ के प्रभाव में आंध्र प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण 24 लोग मारे गए हैं। कई इलाके भारी बारिश की चपेट में हैं। आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाके में प्रकृति का कहर जारी है और छोटी नदियों के उफान पर आने से कई गांवों एवं शहरों में पानी घुस गया है।
पश्चिम गोदावरी जिले के नरसापुर में पिछले 24 घंटे में 31 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि अमलापुरम में 27 सेंटीमीटर, राजामुंदरी में 25 सेंटीमीटर, येलामनचिली में 25 सेंटीमीटर और कोदेरू में 23 सेंटीमीटर बारिश हुई।
करीब दो लाख 43 हजार 634 हेक्टेयर में धान की खड़ी फसल बर्बाद हुई। राज्य के आपदा प्रबंधन आयुक्त टीराधा ने संवाददाताओं से कहा कि बारिश जनित घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने 86 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जिसमें करीब 68 हजार लोगों को आवास मुहैया कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव मिनी मैथ्यू को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखें और बाढ़ एवं भारी बारिश की स्थिति पर नजर बनाए रखें।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, उन्होंने नई दिल्ली से फोन पर मुख्य सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से बात की।
अधिकारियों ने बताया कि 472 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 718 घरों को आंशिकतौर पर नुकसान पहुंचा है। 21 मवेशियों की भी मौत हो गई है। इसके अलावा कई सड़कों को भी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण कई ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ है।टिप्पणियां
उधर, तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि राज्य जब भारी बारिश का सामना कर रहा है, ऐसे समय मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री रैली के सिलसिले में दिल्ली में हैं।
भाजपा ने नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजे जाने की मांग की है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे।
पश्चिम गोदावरी जिले के नरसापुर में पिछले 24 घंटे में 31 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि अमलापुरम में 27 सेंटीमीटर, राजामुंदरी में 25 सेंटीमीटर, येलामनचिली में 25 सेंटीमीटर और कोदेरू में 23 सेंटीमीटर बारिश हुई।
करीब दो लाख 43 हजार 634 हेक्टेयर में धान की खड़ी फसल बर्बाद हुई। राज्य के आपदा प्रबंधन आयुक्त टीराधा ने संवाददाताओं से कहा कि बारिश जनित घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने 86 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जिसमें करीब 68 हजार लोगों को आवास मुहैया कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव मिनी मैथ्यू को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखें और बाढ़ एवं भारी बारिश की स्थिति पर नजर बनाए रखें।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, उन्होंने नई दिल्ली से फोन पर मुख्य सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से बात की।
अधिकारियों ने बताया कि 472 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 718 घरों को आंशिकतौर पर नुकसान पहुंचा है। 21 मवेशियों की भी मौत हो गई है। इसके अलावा कई सड़कों को भी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण कई ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ है।टिप्पणियां
उधर, तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि राज्य जब भारी बारिश का सामना कर रहा है, ऐसे समय मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री रैली के सिलसिले में दिल्ली में हैं।
भाजपा ने नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजे जाने की मांग की है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे।
करीब दो लाख 43 हजार 634 हेक्टेयर में धान की खड़ी फसल बर्बाद हुई। राज्य के आपदा प्रबंधन आयुक्त टीराधा ने संवाददाताओं से कहा कि बारिश जनित घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने 86 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जिसमें करीब 68 हजार लोगों को आवास मुहैया कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव मिनी मैथ्यू को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखें और बाढ़ एवं भारी बारिश की स्थिति पर नजर बनाए रखें।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, उन्होंने नई दिल्ली से फोन पर मुख्य सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से बात की।
अधिकारियों ने बताया कि 472 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 718 घरों को आंशिकतौर पर नुकसान पहुंचा है। 21 मवेशियों की भी मौत हो गई है। इसके अलावा कई सड़कों को भी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण कई ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ है।टिप्पणियां
उधर, तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि राज्य जब भारी बारिश का सामना कर रहा है, ऐसे समय मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री रैली के सिलसिले में दिल्ली में हैं।
भाजपा ने नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजे जाने की मांग की है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी ने मुख्य सचिव मिनी मैथ्यू को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखें और बाढ़ एवं भारी बारिश की स्थिति पर नजर बनाए रखें।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, उन्होंने नई दिल्ली से फोन पर मुख्य सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से बात की।
अधिकारियों ने बताया कि 472 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 718 घरों को आंशिकतौर पर नुकसान पहुंचा है। 21 मवेशियों की भी मौत हो गई है। इसके अलावा कई सड़कों को भी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण कई ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ है।टिप्पणियां
उधर, तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि राज्य जब भारी बारिश का सामना कर रहा है, ऐसे समय मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री रैली के सिलसिले में दिल्ली में हैं।
भाजपा ने नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजे जाने की मांग की है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, उन्होंने नई दिल्ली से फोन पर मुख्य सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से बात की।
अधिकारियों ने बताया कि 472 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 718 घरों को आंशिकतौर पर नुकसान पहुंचा है। 21 मवेशियों की भी मौत हो गई है। इसके अलावा कई सड़कों को भी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण कई ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ है।टिप्पणियां
उधर, तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि राज्य जब भारी बारिश का सामना कर रहा है, ऐसे समय मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री रैली के सिलसिले में दिल्ली में हैं।
भाजपा ने नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजे जाने की मांग की है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि 472 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 718 घरों को आंशिकतौर पर नुकसान पहुंचा है। 21 मवेशियों की भी मौत हो गई है। इसके अलावा कई सड़कों को भी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण कई ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ है।टिप्पणियां
उधर, तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि राज्य जब भारी बारिश का सामना कर रहा है, ऐसे समय मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री रैली के सिलसिले में दिल्ली में हैं।
भाजपा ने नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजे जाने की मांग की है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे।
उधर, तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि राज्य जब भारी बारिश का सामना कर रहा है, ऐसे समय मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री रैली के सिलसिले में दिल्ली में हैं।
भाजपा ने नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजे जाने की मांग की है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे।
भाजपा ने नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजे जाने की मांग की है। वहीं आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे। | सारांश: चक्रवात ‘नीलम’ के प्रभाव में आंध्र प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण 24 लोग मारे गए हैं। कई इलाके भारी बारिश की चपेट में हैं। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हिमाचल प्रदेश के एक संस्थान में रैगिंग के दौरान मेडिकल के छात्र अमन काचरू की मौत के दोषी चार युवकों को चार वर्ष सश्रम कारावास की सजा पूरी होने से पहले ही रिहा कर दिया गया।
राज्य सरकार के एक फैसले के कारण इन दोषियों की रिहाई तय समय से तीन दिन पहले ही हो गई।
मेडिकल कालेज में अमन के वरिष्ठ साथी रहे इन दोषियों की रिहाई का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इनकी सजा बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दायर याचिका हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।
ज्ञात हो कि शराब के नशे में धुत्त चार वरिष्ठ साथियों द्वारा रैगिंग के बाद अमन की मौत आठ मार्च 2009 को हो गई थी। दोषियों को सात महीने बाद ही छोड़ दिया गया था लेकिन अमन के प्रति सहानुभूति रखने वालों के लगातार प्रदर्शनों के कारण उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया था।
अमन के पिता राजेंद्र काचरू ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि समय से पहले दोषियों की रिहाई से देश में रैगिंग के खिलाफ चल रही लड़ाई को गहरा धक्का लगा है।
राजेंद्र ने कहा, "रैगिंग हमारे देश में एक गंभीर मुद्दा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसको नजरअंदाज किया, जिससे मैं दुखी हूं।"टिप्पणियां
इस मामले में कांगड़ा जिले के टांडा कस्बे स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज के छात्र अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा और मुकुल शर्मा को 11 नवम्बर 2010 को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने दोषियों की रिहाई को न्यायसंगत बताते हुए कहा, "चारों दोषियों को जेल के नियम के अनुसार 15 अगस्त को रिहा किया गया।" उन्होंने कहा, "इन दोषियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई, जबकि उन्होंने सजा कम करने का दावा छोड़ दिया था। यह सामान्य प्रक्रिया है। इन्हें जेल में अच्छे आचरण के कारण रिहा किया गया। इन्हें किसी पैरोल का लाभ नहीं मिला है।" लेकिन, राजेंद्र काचरू ने इन दोषियों की रिहाई को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमन की मौत के बाद से देशभर में 35 छात्र रैगिग के कारण खुदकुशी कर चुके हैं। पिछले एक महीने के भीतर ऐसी दो घटनाएं हुई हैं।
राज्य सरकार के एक फैसले के कारण इन दोषियों की रिहाई तय समय से तीन दिन पहले ही हो गई।
मेडिकल कालेज में अमन के वरिष्ठ साथी रहे इन दोषियों की रिहाई का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इनकी सजा बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दायर याचिका हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।
ज्ञात हो कि शराब के नशे में धुत्त चार वरिष्ठ साथियों द्वारा रैगिंग के बाद अमन की मौत आठ मार्च 2009 को हो गई थी। दोषियों को सात महीने बाद ही छोड़ दिया गया था लेकिन अमन के प्रति सहानुभूति रखने वालों के लगातार प्रदर्शनों के कारण उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया था।
अमन के पिता राजेंद्र काचरू ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि समय से पहले दोषियों की रिहाई से देश में रैगिंग के खिलाफ चल रही लड़ाई को गहरा धक्का लगा है।
राजेंद्र ने कहा, "रैगिंग हमारे देश में एक गंभीर मुद्दा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसको नजरअंदाज किया, जिससे मैं दुखी हूं।"टिप्पणियां
इस मामले में कांगड़ा जिले के टांडा कस्बे स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज के छात्र अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा और मुकुल शर्मा को 11 नवम्बर 2010 को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने दोषियों की रिहाई को न्यायसंगत बताते हुए कहा, "चारों दोषियों को जेल के नियम के अनुसार 15 अगस्त को रिहा किया गया।" उन्होंने कहा, "इन दोषियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई, जबकि उन्होंने सजा कम करने का दावा छोड़ दिया था। यह सामान्य प्रक्रिया है। इन्हें जेल में अच्छे आचरण के कारण रिहा किया गया। इन्हें किसी पैरोल का लाभ नहीं मिला है।" लेकिन, राजेंद्र काचरू ने इन दोषियों की रिहाई को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमन की मौत के बाद से देशभर में 35 छात्र रैगिग के कारण खुदकुशी कर चुके हैं। पिछले एक महीने के भीतर ऐसी दो घटनाएं हुई हैं।
मेडिकल कालेज में अमन के वरिष्ठ साथी रहे इन दोषियों की रिहाई का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इनकी सजा बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दायर याचिका हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।
ज्ञात हो कि शराब के नशे में धुत्त चार वरिष्ठ साथियों द्वारा रैगिंग के बाद अमन की मौत आठ मार्च 2009 को हो गई थी। दोषियों को सात महीने बाद ही छोड़ दिया गया था लेकिन अमन के प्रति सहानुभूति रखने वालों के लगातार प्रदर्शनों के कारण उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया था।
अमन के पिता राजेंद्र काचरू ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि समय से पहले दोषियों की रिहाई से देश में रैगिंग के खिलाफ चल रही लड़ाई को गहरा धक्का लगा है।
राजेंद्र ने कहा, "रैगिंग हमारे देश में एक गंभीर मुद्दा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसको नजरअंदाज किया, जिससे मैं दुखी हूं।"टिप्पणियां
इस मामले में कांगड़ा जिले के टांडा कस्बे स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज के छात्र अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा और मुकुल शर्मा को 11 नवम्बर 2010 को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने दोषियों की रिहाई को न्यायसंगत बताते हुए कहा, "चारों दोषियों को जेल के नियम के अनुसार 15 अगस्त को रिहा किया गया।" उन्होंने कहा, "इन दोषियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई, जबकि उन्होंने सजा कम करने का दावा छोड़ दिया था। यह सामान्य प्रक्रिया है। इन्हें जेल में अच्छे आचरण के कारण रिहा किया गया। इन्हें किसी पैरोल का लाभ नहीं मिला है।" लेकिन, राजेंद्र काचरू ने इन दोषियों की रिहाई को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमन की मौत के बाद से देशभर में 35 छात्र रैगिग के कारण खुदकुशी कर चुके हैं। पिछले एक महीने के भीतर ऐसी दो घटनाएं हुई हैं।
ज्ञात हो कि शराब के नशे में धुत्त चार वरिष्ठ साथियों द्वारा रैगिंग के बाद अमन की मौत आठ मार्च 2009 को हो गई थी। दोषियों को सात महीने बाद ही छोड़ दिया गया था लेकिन अमन के प्रति सहानुभूति रखने वालों के लगातार प्रदर्शनों के कारण उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया था।
अमन के पिता राजेंद्र काचरू ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि समय से पहले दोषियों की रिहाई से देश में रैगिंग के खिलाफ चल रही लड़ाई को गहरा धक्का लगा है।
राजेंद्र ने कहा, "रैगिंग हमारे देश में एक गंभीर मुद्दा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसको नजरअंदाज किया, जिससे मैं दुखी हूं।"टिप्पणियां
इस मामले में कांगड़ा जिले के टांडा कस्बे स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज के छात्र अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा और मुकुल शर्मा को 11 नवम्बर 2010 को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने दोषियों की रिहाई को न्यायसंगत बताते हुए कहा, "चारों दोषियों को जेल के नियम के अनुसार 15 अगस्त को रिहा किया गया।" उन्होंने कहा, "इन दोषियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई, जबकि उन्होंने सजा कम करने का दावा छोड़ दिया था। यह सामान्य प्रक्रिया है। इन्हें जेल में अच्छे आचरण के कारण रिहा किया गया। इन्हें किसी पैरोल का लाभ नहीं मिला है।" लेकिन, राजेंद्र काचरू ने इन दोषियों की रिहाई को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमन की मौत के बाद से देशभर में 35 छात्र रैगिग के कारण खुदकुशी कर चुके हैं। पिछले एक महीने के भीतर ऐसी दो घटनाएं हुई हैं।
अमन के पिता राजेंद्र काचरू ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि समय से पहले दोषियों की रिहाई से देश में रैगिंग के खिलाफ चल रही लड़ाई को गहरा धक्का लगा है।
राजेंद्र ने कहा, "रैगिंग हमारे देश में एक गंभीर मुद्दा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसको नजरअंदाज किया, जिससे मैं दुखी हूं।"टिप्पणियां
इस मामले में कांगड़ा जिले के टांडा कस्बे स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज के छात्र अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा और मुकुल शर्मा को 11 नवम्बर 2010 को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने दोषियों की रिहाई को न्यायसंगत बताते हुए कहा, "चारों दोषियों को जेल के नियम के अनुसार 15 अगस्त को रिहा किया गया।" उन्होंने कहा, "इन दोषियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई, जबकि उन्होंने सजा कम करने का दावा छोड़ दिया था। यह सामान्य प्रक्रिया है। इन्हें जेल में अच्छे आचरण के कारण रिहा किया गया। इन्हें किसी पैरोल का लाभ नहीं मिला है।" लेकिन, राजेंद्र काचरू ने इन दोषियों की रिहाई को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमन की मौत के बाद से देशभर में 35 छात्र रैगिग के कारण खुदकुशी कर चुके हैं। पिछले एक महीने के भीतर ऐसी दो घटनाएं हुई हैं।
राजेंद्र ने कहा, "रैगिंग हमारे देश में एक गंभीर मुद्दा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसको नजरअंदाज किया, जिससे मैं दुखी हूं।"टिप्पणियां
इस मामले में कांगड़ा जिले के टांडा कस्बे स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज के छात्र अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा और मुकुल शर्मा को 11 नवम्बर 2010 को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने दोषियों की रिहाई को न्यायसंगत बताते हुए कहा, "चारों दोषियों को जेल के नियम के अनुसार 15 अगस्त को रिहा किया गया।" उन्होंने कहा, "इन दोषियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई, जबकि उन्होंने सजा कम करने का दावा छोड़ दिया था। यह सामान्य प्रक्रिया है। इन्हें जेल में अच्छे आचरण के कारण रिहा किया गया। इन्हें किसी पैरोल का लाभ नहीं मिला है।" लेकिन, राजेंद्र काचरू ने इन दोषियों की रिहाई को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमन की मौत के बाद से देशभर में 35 छात्र रैगिग के कारण खुदकुशी कर चुके हैं। पिछले एक महीने के भीतर ऐसी दो घटनाएं हुई हैं।
इस मामले में कांगड़ा जिले के टांडा कस्बे स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज के छात्र अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा और मुकुल शर्मा को 11 नवम्बर 2010 को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने दोषियों की रिहाई को न्यायसंगत बताते हुए कहा, "चारों दोषियों को जेल के नियम के अनुसार 15 अगस्त को रिहा किया गया।" उन्होंने कहा, "इन दोषियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई, जबकि उन्होंने सजा कम करने का दावा छोड़ दिया था। यह सामान्य प्रक्रिया है। इन्हें जेल में अच्छे आचरण के कारण रिहा किया गया। इन्हें किसी पैरोल का लाभ नहीं मिला है।" लेकिन, राजेंद्र काचरू ने इन दोषियों की रिहाई को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमन की मौत के बाद से देशभर में 35 छात्र रैगिग के कारण खुदकुशी कर चुके हैं। पिछले एक महीने के भीतर ऐसी दो घटनाएं हुई हैं।
पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने दोषियों की रिहाई को न्यायसंगत बताते हुए कहा, "चारों दोषियों को जेल के नियम के अनुसार 15 अगस्त को रिहा किया गया।" उन्होंने कहा, "इन दोषियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई, जबकि उन्होंने सजा कम करने का दावा छोड़ दिया था। यह सामान्य प्रक्रिया है। इन्हें जेल में अच्छे आचरण के कारण रिहा किया गया। इन्हें किसी पैरोल का लाभ नहीं मिला है।" लेकिन, राजेंद्र काचरू ने इन दोषियों की रिहाई को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमन की मौत के बाद से देशभर में 35 छात्र रैगिग के कारण खुदकुशी कर चुके हैं। पिछले एक महीने के भीतर ऐसी दो घटनाएं हुई हैं। | सारांश: हिमाचल प्रदेश के एक संस्थान में रैगिंग के दौरान मेडिकल के छात्र अमन काचरू की मौत के दोषी चार युवकों को चार वर्ष सश्रम कारावास की सजा पूरी होने से पहले ही रिहा कर दिया गया। | 33 | ['hin'] |
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