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एक सारांश बनाओ: नेपाल में भारतीय मुद्रा की तंगी को दूर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) को 100 रुपये के नोट में करीब एक अरब रुपये उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है. नेपाल राष्ट्र बैंक के भारत से 100 रुपये के नोट मंगाने की योजना पहले से थी, लेकिन भारत सरकार के अचानक नोटबंदी के फैसले से इसमें देरी हो गई. हिमालयान टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, नोटबंदी की घोषणा के बाद रिजर्व बैंक नकदी व्यवस्था को लेकर दबाव में आ गया. तब रिजर्व बैंक ने नेपाल के केंद्रीय बैंक से स्थिति सामान्य होने तक प्रतीक्षा करने को कहा. समाचार पत्र ने कहा है, लेकिन रिजर्व बैंक ने हाल ही में नेपाल राष्ट्र बैंक को पत्र लिखकर कहा है कि वह 100 रुपये के नोट में एक अरब रुपये की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा सकता है. रिजर्व बैंक के एक अरब रुपये की भारतीय मुद्रा उपलब्ध कराने पर सहमत होने के बाद नेपाली केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने कहा कि वह इस राशि को जनवरी में ही नेपाल लाने की तैयारी कर रहा है. टिप्पणियां भारत में नोटबंदी की घोषणा के बाद नेपाल में भी भारतीय बैंक नोट को बदलने की सीमा कम कर दी गई. नागरिकता पहचान पत्र के साथ नेपाली बैंक 2,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा रहा है. भारत जाने वाले यात्रियों को बैंक 10,000 रुपये और बीमारी का इलाज कराने के लिए भारत जाने वालों को 25,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा दी जा रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नेपाल राष्ट्र बैंक के भारत से 100 रुपये के नोट मंगाने की योजना पहले से थी, लेकिन भारत सरकार के अचानक नोटबंदी के फैसले से इसमें देरी हो गई. हिमालयान टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, नोटबंदी की घोषणा के बाद रिजर्व बैंक नकदी व्यवस्था को लेकर दबाव में आ गया. तब रिजर्व बैंक ने नेपाल के केंद्रीय बैंक से स्थिति सामान्य होने तक प्रतीक्षा करने को कहा. समाचार पत्र ने कहा है, लेकिन रिजर्व बैंक ने हाल ही में नेपाल राष्ट्र बैंक को पत्र लिखकर कहा है कि वह 100 रुपये के नोट में एक अरब रुपये की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा सकता है. रिजर्व बैंक के एक अरब रुपये की भारतीय मुद्रा उपलब्ध कराने पर सहमत होने के बाद नेपाली केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने कहा कि वह इस राशि को जनवरी में ही नेपाल लाने की तैयारी कर रहा है. टिप्पणियां भारत में नोटबंदी की घोषणा के बाद नेपाल में भी भारतीय बैंक नोट को बदलने की सीमा कम कर दी गई. नागरिकता पहचान पत्र के साथ नेपाली बैंक 2,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा रहा है. भारत जाने वाले यात्रियों को बैंक 10,000 रुपये और बीमारी का इलाज कराने के लिए भारत जाने वालों को 25,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा दी जा रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिमालयान टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, नोटबंदी की घोषणा के बाद रिजर्व बैंक नकदी व्यवस्था को लेकर दबाव में आ गया. तब रिजर्व बैंक ने नेपाल के केंद्रीय बैंक से स्थिति सामान्य होने तक प्रतीक्षा करने को कहा. समाचार पत्र ने कहा है, लेकिन रिजर्व बैंक ने हाल ही में नेपाल राष्ट्र बैंक को पत्र लिखकर कहा है कि वह 100 रुपये के नोट में एक अरब रुपये की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा सकता है. रिजर्व बैंक के एक अरब रुपये की भारतीय मुद्रा उपलब्ध कराने पर सहमत होने के बाद नेपाली केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने कहा कि वह इस राशि को जनवरी में ही नेपाल लाने की तैयारी कर रहा है. टिप्पणियां भारत में नोटबंदी की घोषणा के बाद नेपाल में भी भारतीय बैंक नोट को बदलने की सीमा कम कर दी गई. नागरिकता पहचान पत्र के साथ नेपाली बैंक 2,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा रहा है. भारत जाने वाले यात्रियों को बैंक 10,000 रुपये और बीमारी का इलाज कराने के लिए भारत जाने वालों को 25,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा दी जा रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) समाचार पत्र ने कहा है, लेकिन रिजर्व बैंक ने हाल ही में नेपाल राष्ट्र बैंक को पत्र लिखकर कहा है कि वह 100 रुपये के नोट में एक अरब रुपये की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा सकता है. रिजर्व बैंक के एक अरब रुपये की भारतीय मुद्रा उपलब्ध कराने पर सहमत होने के बाद नेपाली केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने कहा कि वह इस राशि को जनवरी में ही नेपाल लाने की तैयारी कर रहा है. टिप्पणियां भारत में नोटबंदी की घोषणा के बाद नेपाल में भी भारतीय बैंक नोट को बदलने की सीमा कम कर दी गई. नागरिकता पहचान पत्र के साथ नेपाली बैंक 2,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा रहा है. भारत जाने वाले यात्रियों को बैंक 10,000 रुपये और बीमारी का इलाज कराने के लिए भारत जाने वालों को 25,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा दी जा रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रिजर्व बैंक के एक अरब रुपये की भारतीय मुद्रा उपलब्ध कराने पर सहमत होने के बाद नेपाली केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने कहा कि वह इस राशि को जनवरी में ही नेपाल लाने की तैयारी कर रहा है. टिप्पणियां भारत में नोटबंदी की घोषणा के बाद नेपाल में भी भारतीय बैंक नोट को बदलने की सीमा कम कर दी गई. नागरिकता पहचान पत्र के साथ नेपाली बैंक 2,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा रहा है. भारत जाने वाले यात्रियों को बैंक 10,000 रुपये और बीमारी का इलाज कराने के लिए भारत जाने वालों को 25,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा दी जा रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत में नोटबंदी की घोषणा के बाद नेपाल में भी भारतीय बैंक नोट को बदलने की सीमा कम कर दी गई. नागरिकता पहचान पत्र के साथ नेपाली बैंक 2,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा उपलब्ध करा रहा है. भारत जाने वाले यात्रियों को बैंक 10,000 रुपये और बीमारी का इलाज कराने के लिए भारत जाने वालों को 25,000 रुपये तक की भारतीय मुद्रा दी जा रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: नेपाल राष्ट्र बैंक के भारत से 100 रुपये के नोट मंगाने की योजना पहले से थी RBI ने नेपाल से स्थिति सामान्य होने तक प्रतीक्षा करने को कहा था. राशि को जनवरी में ही नेपाल लाने की तैयारी कर रहे है- नेपाली केंद्रीय बैंक
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारी बारिश के चलते दिल्‍ली-गुड़गांव एक्‍सप्रेस वे पर गुरुवार को भारी जाम की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई। इसके चलते लोग घंटे जाम में फंसे रहे। हीरो होंडा चौक पूरी तरह से जलमग्‍न हो गया। इस जाम के चलते कार से लेकर मोटर-साइकिल, बस और सार्वजनिक परिवहन के अन्‍य साधन सड़कों पर फंसे रहे। विशेष रूप से दिल्‍ली-जयपुर मार्ग पर लोग चार घंटे से भी अधिक फंसे रहे। एक राहगीर ने मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को संबोधित करते हुए ट्वीट किया, 'सर गुड़गांव के सुभाष चौक के निकट सोहना रोड पर चार घंटे से अधिक जाम में फंसे रहते हुए हम लोग महज दो किमी का रास्‍ता पार कर पाए हैं।   इसी तरह एक दूसरे मुसाफिर सत्‍य प्रकाश गुप्‍ता ने ट्ववीट किया, 'गुड़गांव में प्रशासन पूरी तरह से विफल हो गया है। हीरो होंडा चौक पर लोग तीन घंटों से फंसे हुए हैं।'  टिप्पणियां इस मसले पर गुड़गांव पुलिस कमिश्‍नर नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि पूरी ट्रैफिक और जिला पुलिस फोर्स राहगीरों की मदद करने के लिए सड़कों पर  है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक राहगीर ने मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को संबोधित करते हुए ट्वीट किया, 'सर गुड़गांव के सुभाष चौक के निकट सोहना रोड पर चार घंटे से अधिक जाम में फंसे रहते हुए हम लोग महज दो किमी का रास्‍ता पार कर पाए हैं।   इसी तरह एक दूसरे मुसाफिर सत्‍य प्रकाश गुप्‍ता ने ट्ववीट किया, 'गुड़गांव में प्रशासन पूरी तरह से विफल हो गया है। हीरो होंडा चौक पर लोग तीन घंटों से फंसे हुए हैं।'  टिप्पणियां इस मसले पर गुड़गांव पुलिस कमिश्‍नर नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि पूरी ट्रैफिक और जिला पुलिस फोर्स राहगीरों की मदद करने के लिए सड़कों पर  है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस मसले पर गुड़गांव पुलिस कमिश्‍नर नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि पूरी ट्रैफिक और जिला पुलिस फोर्स राहगीरों की मदद करने के लिए सड़कों पर  है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: दिल्‍ली-गुड़गांव एक्‍सप्रेस वे पर रही भारी जाम की स्थिति हीरो होंडा चौक पूरी तरह से जलमग्‍न हो गया दिल्‍ली-जयपुर मार्ग पर लोग चार घंटे से भी अधिक फंसे रहे
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद व उनके परिवार के आवास पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई की) के छापे से बढ़े राजनीतिक तापमान के बीच बिहार की राजधानी से दूर राजगीर में तीन दिन बिताने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को पटना लौट आए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, "नीतीश कुमार राजगीर व नालंदा जिले में तीन दिन बिताने के बाद पटना वापस आ गए हैं." नीतीश कुमार के पटना आने के बाद अब सभी की आंखें इस बात पर लगी हैं कि वह राजद प्रमुख लालू यादव व उनके परिवार पर सीबीआई की छापेमारी पर क्या कहेंगे. मुख्यमंत्री व जद (यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद पर सीबीआई के छापेमारी पर चुप्पी साधी हुई है. नीतीश के करीबी माने जाने वाले एक जद (यू) नेता ने कहा, "वह जल्द ही अपनी चुप्पी तोड़ सकते हैं." बिहार में राजद, जदयू व कांग्रेस सत्तारूढ़ महागठबंधन के घटक दल हैं, जिसकी अगुवाई नीतीश कुमार कर रहे हैं. बीते दो दिनों में विपक्षी दल भाजपा ने नीतीश कुमार से मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने को कहा है और लालू के दोनों बेटों के कथित तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. नीतीश के मंत्रिमंडल में लालू के बेटे तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री व तेज प्रताप स्वास्थ्य मंत्री हैं. कुछ भाजपा नेताओं ने मांग की कि नीतीश कुमार को राजद के साथ गठबंधन तोड़ देना चाहिए. जद(यू) के नेताओं के अनुसार पटना से 100 किमी दूर राजगीर में नीतीश कुमार ने कई दर्शनीय स्थानों का भ्रमण किया. पार्टी के एक अधिकारी ने कहा, "शनिवार को नीतीश कुमार घोर कटोरा गए और शुक्रवार को दूसरे पर्यटक स्थल पर गए." यह उम्मीद है कि जद (यू) नीतीश कुमार के निर्देश के अनुसार सीबीआई छापों पर अपनी प्रतिक्रिया देगी. जद (यू) के प्रवक्ता भी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और उन्होंने छापों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. पार्टी के अधिकारी ने कहा, "जद (यू) के प्रवक्ता नीतीश कुमार के निर्देश का अनुसरण कर रहे हैं और इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं." सीबीआई ने लालू प्रसाद व उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े पटना, दिल्ली, रांची व गुरुग्राम के 12 ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की.टिप्पणियां सीबीआई ने लालू प्रसाद, उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पूर्व भारतीय रेल खान-पान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के प्रबंध निदेशक पी.के. गोयल व लालू प्रसाद के विश्वासपात्र प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन पर कथित तौर पर रांची व पुरी में 2006 में होटलों के रखरखाव, विकास व संचालन की निविदा देने का आरोप है. इसी साल यह सभी होटल आईआरसीटीसी को स्थांतरित किए गए थे. लालू प्रसाद 2004-09 के बीच रेल मंत्री थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बिहार में राजद, जदयू व कांग्रेस सत्तारूढ़ महागठबंधन के घटक दल हैं, जिसकी अगुवाई नीतीश कुमार कर रहे हैं. बीते दो दिनों में विपक्षी दल भाजपा ने नीतीश कुमार से मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने को कहा है और लालू के दोनों बेटों के कथित तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. नीतीश के मंत्रिमंडल में लालू के बेटे तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री व तेज प्रताप स्वास्थ्य मंत्री हैं. कुछ भाजपा नेताओं ने मांग की कि नीतीश कुमार को राजद के साथ गठबंधन तोड़ देना चाहिए. जद(यू) के नेताओं के अनुसार पटना से 100 किमी दूर राजगीर में नीतीश कुमार ने कई दर्शनीय स्थानों का भ्रमण किया. पार्टी के एक अधिकारी ने कहा, "शनिवार को नीतीश कुमार घोर कटोरा गए और शुक्रवार को दूसरे पर्यटक स्थल पर गए." यह उम्मीद है कि जद (यू) नीतीश कुमार के निर्देश के अनुसार सीबीआई छापों पर अपनी प्रतिक्रिया देगी. जद (यू) के प्रवक्ता भी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और उन्होंने छापों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. पार्टी के अधिकारी ने कहा, "जद (यू) के प्रवक्ता नीतीश कुमार के निर्देश का अनुसरण कर रहे हैं और इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं." सीबीआई ने लालू प्रसाद व उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े पटना, दिल्ली, रांची व गुरुग्राम के 12 ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की.टिप्पणियां सीबीआई ने लालू प्रसाद, उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पूर्व भारतीय रेल खान-पान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के प्रबंध निदेशक पी.के. गोयल व लालू प्रसाद के विश्वासपात्र प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन पर कथित तौर पर रांची व पुरी में 2006 में होटलों के रखरखाव, विकास व संचालन की निविदा देने का आरोप है. इसी साल यह सभी होटल आईआरसीटीसी को स्थांतरित किए गए थे. लालू प्रसाद 2004-09 के बीच रेल मंत्री थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जद(यू) के नेताओं के अनुसार पटना से 100 किमी दूर राजगीर में नीतीश कुमार ने कई दर्शनीय स्थानों का भ्रमण किया. पार्टी के एक अधिकारी ने कहा, "शनिवार को नीतीश कुमार घोर कटोरा गए और शुक्रवार को दूसरे पर्यटक स्थल पर गए." यह उम्मीद है कि जद (यू) नीतीश कुमार के निर्देश के अनुसार सीबीआई छापों पर अपनी प्रतिक्रिया देगी. जद (यू) के प्रवक्ता भी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और उन्होंने छापों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. पार्टी के अधिकारी ने कहा, "जद (यू) के प्रवक्ता नीतीश कुमार के निर्देश का अनुसरण कर रहे हैं और इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं." सीबीआई ने लालू प्रसाद व उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े पटना, दिल्ली, रांची व गुरुग्राम के 12 ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की.टिप्पणियां सीबीआई ने लालू प्रसाद, उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पूर्व भारतीय रेल खान-पान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के प्रबंध निदेशक पी.के. गोयल व लालू प्रसाद के विश्वासपात्र प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन पर कथित तौर पर रांची व पुरी में 2006 में होटलों के रखरखाव, विकास व संचालन की निविदा देने का आरोप है. इसी साल यह सभी होटल आईआरसीटीसी को स्थांतरित किए गए थे. लालू प्रसाद 2004-09 के बीच रेल मंत्री थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पार्टी के अधिकारी ने कहा, "जद (यू) के प्रवक्ता नीतीश कुमार के निर्देश का अनुसरण कर रहे हैं और इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं." सीबीआई ने लालू प्रसाद व उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े पटना, दिल्ली, रांची व गुरुग्राम के 12 ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की.टिप्पणियां सीबीआई ने लालू प्रसाद, उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पूर्व भारतीय रेल खान-पान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के प्रबंध निदेशक पी.के. गोयल व लालू प्रसाद के विश्वासपात्र प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन पर कथित तौर पर रांची व पुरी में 2006 में होटलों के रखरखाव, विकास व संचालन की निविदा देने का आरोप है. इसी साल यह सभी होटल आईआरसीटीसी को स्थांतरित किए गए थे. लालू प्रसाद 2004-09 के बीच रेल मंत्री थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीबीआई ने लालू प्रसाद, उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पूर्व भारतीय रेल खान-पान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के प्रबंध निदेशक पी.के. गोयल व लालू प्रसाद के विश्वासपात्र प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन पर कथित तौर पर रांची व पुरी में 2006 में होटलों के रखरखाव, विकास व संचालन की निविदा देने का आरोप है. इसी साल यह सभी होटल आईआरसीटीसी को स्थांतरित किए गए थे. लालू प्रसाद 2004-09 के बीच रेल मंत्री थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
CBI ने लालू परिवार से जुड़े 12 ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की थी जदयू नीतीश के निर्देश के अनुसार CBI छापों पर प्रतिक्रिया दे सकती है नीतीश के करीबी माने जाने वाले नेता ने कहा, 'वह जल्द चुप्पी तोड़ सकते हैं'
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट विराट कोहली ने मैदान पर अपने बर्ताव को लेकर गलती मानते हुए माफी मांग ली है। सिडनी टेस्ट के दूसरे दिन कोहली ने स्टेंड्स में खड़े कुछ दर्शकों की ओर अश्लील इशारा किया था। गलती मानने के बाद कोहली पर उनकी मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया है। साथ ही उन्हें आगे इस तरह की हरकत ना करने की चेतावनी भी दी गई है। कोहली की इस हरकत को लेकर मैच रेफरी ने बीसीसीआई को नोटिस भेजा था हालांकि कोहली ने अपने इस बर्ताव को लेकर टि्वटर पर सफाई दी थी। कोहली ने लिखा था कि जब कोई आपके परिवारवालों के बार में उल्टा−सीधा बोलता है तो उसका जवाब देना पड़ता है। कोहली की इस हरकत को लेकर मैच रेफरी ने बीसीसीआई को नोटिस भेजा था हालांकि कोहली ने अपने इस बर्ताव को लेकर टि्वटर पर सफाई दी थी। कोहली ने लिखा था कि जब कोई आपके परिवारवालों के बार में उल्टा−सीधा बोलता है तो उसका जवाब देना पड़ता है।
भारतीय क्रिकेट विराट कोहली ने मैदान पर अपने बर्ताव को लेकर गलती मानते हुए माफी मांग ली है। उन पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया है।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद विजय बहादुर सिंह को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की 'कुत्ते के बच्चे' वाली टिप्पणी को जायज ठहराना बहुत भारी पड़ा और पार्टी सुप्रीमो मायावती ने उन्हें निष्कासित कर दिया है। उधर, बीजेपी में मोदी की इस टिप्पणी का टीवी पर सार्वजनिक रूप से विरोध करने वाले पार्टी के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष आमिर रजा हुसैन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हुसैन ने कहा कि इस्तीफा देने के लिए उन पर किसी ने दबाव नहीं डाला था। उन्होंने कहा, मैं नहीं समझता कि 'पीएम-इन-वेटिंग' के तौर पर खुद को प्रोजेक्ट करने से किसी को देश की 15 फीसदी आबादी को नाराज करने की छूट मिल जाती है। इससे पहले, हुसैन ने कथित तौर पर एक टीवी इंटरव्यू में भी कहा था कि बीजेपी चुनाव समिति के अध्यक्ष चुने गए नरेंद्र मोदी गुजरात दंगों की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह चाहते हैं कि वरिष्ठ पार्टी नेता लालकृष्ण आडवाणी या विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज को पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार हों। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में 2002 के गुजरात दंगों के संदर्भ में कहा था, यदि मैं कार की पिछली सीट पर हूं और कुत्ते का एक बच्चा पहिये के नीचे आ जाए, तो क्या मुझे दुख नहीं होगा... बिल्कुल होगा। मैं मुख्यमंत्री हूं या नहीं, इंसान तो हूं, इसलिए कहीं भी कुछ बुरा होगा, तो दुख होगा ही। आश्चर्यजनक रूप से हमीरपुर लोकसभा सीट से बसपा सांसद विजय बहादुर सिंह ने कहा था कि इस टिप्पणी से जाहिर होता है कि नरेंद्र मोदी एक 'संवेदनशील' व्यक्ति हैं और उनकी आलोचना कर रहे लोग 'राष्ट्र विरोधी' हैं। मायावती ने इस बयान के बाद तीन दिन पहले ही कह दिया था कि विजय बहादुर सिंह पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। उधर, बीजेपी में मोदी की इस टिप्पणी का टीवी पर सार्वजनिक रूप से विरोध करने वाले पार्टी के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष आमिर रजा हुसैन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हुसैन ने कहा कि इस्तीफा देने के लिए उन पर किसी ने दबाव नहीं डाला था। उन्होंने कहा, मैं नहीं समझता कि 'पीएम-इन-वेटिंग' के तौर पर खुद को प्रोजेक्ट करने से किसी को देश की 15 फीसदी आबादी को नाराज करने की छूट मिल जाती है। इससे पहले, हुसैन ने कथित तौर पर एक टीवी इंटरव्यू में भी कहा था कि बीजेपी चुनाव समिति के अध्यक्ष चुने गए नरेंद्र मोदी गुजरात दंगों की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह चाहते हैं कि वरिष्ठ पार्टी नेता लालकृष्ण आडवाणी या विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज को पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार हों। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में 2002 के गुजरात दंगों के संदर्भ में कहा था, यदि मैं कार की पिछली सीट पर हूं और कुत्ते का एक बच्चा पहिये के नीचे आ जाए, तो क्या मुझे दुख नहीं होगा... बिल्कुल होगा। मैं मुख्यमंत्री हूं या नहीं, इंसान तो हूं, इसलिए कहीं भी कुछ बुरा होगा, तो दुख होगा ही। आश्चर्यजनक रूप से हमीरपुर लोकसभा सीट से बसपा सांसद विजय बहादुर सिंह ने कहा था कि इस टिप्पणी से जाहिर होता है कि नरेंद्र मोदी एक 'संवेदनशील' व्यक्ति हैं और उनकी आलोचना कर रहे लोग 'राष्ट्र विरोधी' हैं। मायावती ने इस बयान के बाद तीन दिन पहले ही कह दिया था कि विजय बहादुर सिंह पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। इससे पहले, हुसैन ने कथित तौर पर एक टीवी इंटरव्यू में भी कहा था कि बीजेपी चुनाव समिति के अध्यक्ष चुने गए नरेंद्र मोदी गुजरात दंगों की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह चाहते हैं कि वरिष्ठ पार्टी नेता लालकृष्ण आडवाणी या विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज को पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार हों। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में 2002 के गुजरात दंगों के संदर्भ में कहा था, यदि मैं कार की पिछली सीट पर हूं और कुत्ते का एक बच्चा पहिये के नीचे आ जाए, तो क्या मुझे दुख नहीं होगा... बिल्कुल होगा। मैं मुख्यमंत्री हूं या नहीं, इंसान तो हूं, इसलिए कहीं भी कुछ बुरा होगा, तो दुख होगा ही। आश्चर्यजनक रूप से हमीरपुर लोकसभा सीट से बसपा सांसद विजय बहादुर सिंह ने कहा था कि इस टिप्पणी से जाहिर होता है कि नरेंद्र मोदी एक 'संवेदनशील' व्यक्ति हैं और उनकी आलोचना कर रहे लोग 'राष्ट्र विरोधी' हैं। मायावती ने इस बयान के बाद तीन दिन पहले ही कह दिया था कि विजय बहादुर सिंह पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। उल्लेखनीय है कि नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में 2002 के गुजरात दंगों के संदर्भ में कहा था, यदि मैं कार की पिछली सीट पर हूं और कुत्ते का एक बच्चा पहिये के नीचे आ जाए, तो क्या मुझे दुख नहीं होगा... बिल्कुल होगा। मैं मुख्यमंत्री हूं या नहीं, इंसान तो हूं, इसलिए कहीं भी कुछ बुरा होगा, तो दुख होगा ही। आश्चर्यजनक रूप से हमीरपुर लोकसभा सीट से बसपा सांसद विजय बहादुर सिंह ने कहा था कि इस टिप्पणी से जाहिर होता है कि नरेंद्र मोदी एक 'संवेदनशील' व्यक्ति हैं और उनकी आलोचना कर रहे लोग 'राष्ट्र विरोधी' हैं। मायावती ने इस बयान के बाद तीन दिन पहले ही कह दिया था कि विजय बहादुर सिंह पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। आश्चर्यजनक रूप से हमीरपुर लोकसभा सीट से बसपा सांसद विजय बहादुर सिंह ने कहा था कि इस टिप्पणी से जाहिर होता है कि नरेंद्र मोदी एक 'संवेदनशील' व्यक्ति हैं और उनकी आलोचना कर रहे लोग 'राष्ट्र विरोधी' हैं। मायावती ने इस बयान के बाद तीन दिन पहले ही कह दिया था कि विजय बहादुर सिंह पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उधर, बीजेपी में मोदी की कुत्ते वाली टिप्पणी का विरोध करने वाले पार्टी के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष आमिर रजा हुसैन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग को ‘शर्मनाक’ करार देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में आईपीएल मैचों की स्वीकृति नहीं देगी।टिप्पणियां चौहान ने कहा, ‘‘आईपीएल खेल के नाम पर कलंक और समाज में बहुत शर्मनाक है।’’ उन्होंने साथ ही कि कहा कि राज्य में किसी क्रिकेट टूर्नामेंट में चीयरलीडर्स को रखने की स्वीकृति भी नहीं दी जाएगी। उन्होंने आईपीएल में स्पाट फिक्सिंग और दिल्ली के होटल में महिला के साथ छेड़छाड़ के आरोपों की सीबीआई जांच की भी मांग की। चौहान ने कहा, ‘‘आईपीएल खेल के नाम पर कलंक और समाज में बहुत शर्मनाक है।’’ उन्होंने साथ ही कि कहा कि राज्य में किसी क्रिकेट टूर्नामेंट में चीयरलीडर्स को रखने की स्वीकृति भी नहीं दी जाएगी। उन्होंने आईपीएल में स्पाट फिक्सिंग और दिल्ली के होटल में महिला के साथ छेड़छाड़ के आरोपों की सीबीआई जांच की भी मांग की। उन्होंने आईपीएल में स्पाट फिक्सिंग और दिल्ली के होटल में महिला के साथ छेड़छाड़ के आरोपों की सीबीआई जांच की भी मांग की।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंडियन प्रीमियर लीग को ‘शर्मनाक’ करार देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में आईपीएल मैचों की स्वीकृति नहीं देगी।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षकों (UP Assistant Teacher) के 69 हजार पदों पर भर्ती परीक्षा 6 जनवरी को आयोजित की जाएगी. भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड सोमवार को जारी कर दिया गया. उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड (UP Assistant Teacher Admit Card 2018) ऑफिशियल वेबसाइट atrexam.upsdc.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं. सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा  उत्तर प्रदेश के 900 केंद्रों पर होगी. परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक होगी. सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में 4 लाख 30 हजार 479 उम्मीदवार भाग लेंगे. परीक्षा (UP Assistant Teacher Exam) की तारीख नजदीक है, ऐसे में उम्मीदवारों को अपनी तैयारी तेज कर देनी चाहिए.  69 हजार पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षा का पैटर्न नीचे दिया गया है.  भाषा (हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत)- 40 सवाल, 40 अंक विज्ञान-  10 सवाल, 10 अंक गणित-  20 सवाल, 20 अंक पर्यावरण और सामाजिक अध्ययन-  10 सवाल, 10 अंक शैक्षणिक कौशल-  10 सवाल, 10 अंक बाल मनोविज्ञान-  10 सवाल, 10 अंक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी- 05 सवाल, 05 अंक करंट अफेयर-  30 सवाल, 30 अंक जीवन कौशल प्रबंधन और योग्यता (Life Skill Management And Aptitute)- 10 सवाल, 10 अंक रीजनिंग एप्टीट्यूड-  05 सवाल, 05 अंक कुल सवाल- 150 कुल अंक- 150 समय- 150 मिनट जिन उम्मीदवारों ने अभी तर अपना एडमिट कार्ड (UP Teacher Admit Card) डाउनलोड नहीं किया है, वे नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.UP Assistant Teacher Admit Card
यह एक सारांश है: परीक्षा 6 जनवरी को होगी. परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी हो चुका है. भर्ती परीक्षा में 4 लाख 30 हजार 479 उम्मीदवार भाग लेंगे.
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: व्हाइट हाउस ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंध जटिल लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे. कार्नी ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, पाकिस्तान के साथ हमारे संबंध जटिल हैं लेकिन ये अहम और महत्वपूर्ण हैं। कार्नी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ये अहम और महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे अमेरिका अमेरिकी नागरिकों, विदेशों में मौजूद संपत्तियों और हमारे सहयोगियों की सुरक्षा में मदद मिलती है। पाकिस्तान अलकायदा को परास्त करने तथा उखाड़ फेंकने के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है। उन्होंने कहा, इसीलिए हम इस संबंध पर लगातार काम कर रहे हैं। कार्नी ने हालांकि इस सवालों का जवाब देने से परहेज किया कि उत्तर कोरिया ने गोपनीय परमाणु प्रौद्योगिकी और उपकरण हासिल करने के लिए पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों को कथित तौर पर धन दिया था। उन्होंने कहा, मैं इस तथ्य से परे कुछ नहीं कह सकता कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को हमने गंभीरता से लिया है।
संक्षिप्त सारांश: व्हाइट हाउस ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंध जटिल लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुजफ्फरपुर में दलित समुदाय के युवकों के साथ पिछले दिनों घटी घटना का मामला आज लोकसभा में उठा और इसे दलित समुदाय के प्रति अत्याचार का गंभीर मामला बताते हुए इसकी केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग की गई। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के चिराग पासवान ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि बिहार सरकार की शह पर दलित समुदाय पर अत्याचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना में मोटरसाइकिल चोरी के आरोपों को लेकर दलित समुदाय के दो युवकों को कमरे में बंद कर घंटों पीटा गया और उसके बाद जबरन उनका मुंह खुलवा कर पेशाब किया गया। उन्होंने बिहार के किशनगंज और दरभंगा में भी पिछले दिनों इसी प्रकार की घटनाएं होने का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूसरे राज्यों में दलितों पर अत्याचार की घटनाओं पर तो घड़ियाली आंसू बहाती है लेकिन अपने प्रदेश में उसकी खुद की शह पर दलित समुदाय को प्रताड़ित किया जा रहा है। चिराग पासवान ने कहा कि देश की 20 करोड़ की दलित आबादी आज अगर मदद के लिए देखे तो कहां देखे? उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 1996 में बथानी टोला की घटना में 21 दलितों को, लक्ष्मणपुर बाथे की घटना में 58 दलितों को मार डाला गया और वहां दलित नरसंहार का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने दलित समुदाय की दयनीय हालत का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सचिव स्तर के 149 अधिकारियों में एक भी दलित समुदाय से नहीं है। उन्होंने मुजफ्फपुर घटना की सीबीआई जांच की मांग की।टिप्पणियां जन अधिकार मोर्चा के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने खुद को चिराग पासवान के मुद्दे से सबद्ध करते हुए कहा कि दलितों पर देश में अत्याचार बढ़ रहे हैं और गृह युद्ध की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो समुदायों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है तो अन्य राज्यों में दलितों को प्रताड़ित किया जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के चिराग पासवान ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि बिहार सरकार की शह पर दलित समुदाय पर अत्याचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना में मोटरसाइकिल चोरी के आरोपों को लेकर दलित समुदाय के दो युवकों को कमरे में बंद कर घंटों पीटा गया और उसके बाद जबरन उनका मुंह खुलवा कर पेशाब किया गया। उन्होंने बिहार के किशनगंज और दरभंगा में भी पिछले दिनों इसी प्रकार की घटनाएं होने का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूसरे राज्यों में दलितों पर अत्याचार की घटनाओं पर तो घड़ियाली आंसू बहाती है लेकिन अपने प्रदेश में उसकी खुद की शह पर दलित समुदाय को प्रताड़ित किया जा रहा है। चिराग पासवान ने कहा कि देश की 20 करोड़ की दलित आबादी आज अगर मदद के लिए देखे तो कहां देखे? उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 1996 में बथानी टोला की घटना में 21 दलितों को, लक्ष्मणपुर बाथे की घटना में 58 दलितों को मार डाला गया और वहां दलित नरसंहार का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने दलित समुदाय की दयनीय हालत का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सचिव स्तर के 149 अधिकारियों में एक भी दलित समुदाय से नहीं है। उन्होंने मुजफ्फपुर घटना की सीबीआई जांच की मांग की।टिप्पणियां जन अधिकार मोर्चा के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने खुद को चिराग पासवान के मुद्दे से सबद्ध करते हुए कहा कि दलितों पर देश में अत्याचार बढ़ रहे हैं और गृह युद्ध की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो समुदायों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है तो अन्य राज्यों में दलितों को प्रताड़ित किया जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बिहार के किशनगंज और दरभंगा में भी पिछले दिनों इसी प्रकार की घटनाएं होने का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूसरे राज्यों में दलितों पर अत्याचार की घटनाओं पर तो घड़ियाली आंसू बहाती है लेकिन अपने प्रदेश में उसकी खुद की शह पर दलित समुदाय को प्रताड़ित किया जा रहा है। चिराग पासवान ने कहा कि देश की 20 करोड़ की दलित आबादी आज अगर मदद के लिए देखे तो कहां देखे? उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 1996 में बथानी टोला की घटना में 21 दलितों को, लक्ष्मणपुर बाथे की घटना में 58 दलितों को मार डाला गया और वहां दलित नरसंहार का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने दलित समुदाय की दयनीय हालत का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सचिव स्तर के 149 अधिकारियों में एक भी दलित समुदाय से नहीं है। उन्होंने मुजफ्फपुर घटना की सीबीआई जांच की मांग की।टिप्पणियां जन अधिकार मोर्चा के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने खुद को चिराग पासवान के मुद्दे से सबद्ध करते हुए कहा कि दलितों पर देश में अत्याचार बढ़ रहे हैं और गृह युद्ध की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो समुदायों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है तो अन्य राज्यों में दलितों को प्रताड़ित किया जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चिराग पासवान ने कहा कि देश की 20 करोड़ की दलित आबादी आज अगर मदद के लिए देखे तो कहां देखे? उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 1996 में बथानी टोला की घटना में 21 दलितों को, लक्ष्मणपुर बाथे की घटना में 58 दलितों को मार डाला गया और वहां दलित नरसंहार का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने दलित समुदाय की दयनीय हालत का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सचिव स्तर के 149 अधिकारियों में एक भी दलित समुदाय से नहीं है। उन्होंने मुजफ्फपुर घटना की सीबीआई जांच की मांग की।टिप्पणियां जन अधिकार मोर्चा के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने खुद को चिराग पासवान के मुद्दे से सबद्ध करते हुए कहा कि दलितों पर देश में अत्याचार बढ़ रहे हैं और गृह युद्ध की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो समुदायों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है तो अन्य राज्यों में दलितों को प्रताड़ित किया जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने दलित समुदाय की दयनीय हालत का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सचिव स्तर के 149 अधिकारियों में एक भी दलित समुदाय से नहीं है। उन्होंने मुजफ्फपुर घटना की सीबीआई जांच की मांग की।टिप्पणियां जन अधिकार मोर्चा के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने खुद को चिराग पासवान के मुद्दे से सबद्ध करते हुए कहा कि दलितों पर देश में अत्याचार बढ़ रहे हैं और गृह युद्ध की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो समुदायों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है तो अन्य राज्यों में दलितों को प्रताड़ित किया जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जन अधिकार मोर्चा के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने खुद को चिराग पासवान के मुद्दे से सबद्ध करते हुए कहा कि दलितों पर देश में अत्याचार बढ़ रहे हैं और गृह युद्ध की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो समुदायों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है तो अन्य राज्यों में दलितों को प्रताड़ित किया जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुजफ्फरपुर दलित कांड का मुद्दा लोकसभा में उठा। चिराग पासवान ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। 'सरकार की शह पर दलितों पर अत्याचार हो रहे।'- चिराग
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बाजार की प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनी बीएसएनएल ने 1,099 रपये में एक राष्ट्रीय 3जी अनलिमिटेड मोबाइल डाटा प्लान की घोषणा की है. इसके अलावा उसने अपने कुछ मौजूदा प्लानों पर डाटा उपयोग की सीमा को दोगुना कर दिया है.टिप्पणियां कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा कि नेटवर्क में बेहतरी के साथ ही बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है. हम इस उद्योग क्षेत्र में पहली ऐसी कंपनी है जो 1,099 रुपये में अनलिमिटेड 3जी डाटा प्लान दे रही है. इससे कंपनी के ग्राहकों का अनुभव बढ़िया होगा. इसके अलावा बाजार में निजी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए कंपनी ने अपने 549 रपये के 3जी डाटा प्लान में डाटा उपयोग की सीमा को पांच जीबी से बढ़ाकर 10 जीबी कर दिया है. इसी तरह उसने अपने अन्य प्लानों के तहत भी डाटा उपयोग की सीमा बढ़ाई है. कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा कि नेटवर्क में बेहतरी के साथ ही बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है. हम इस उद्योग क्षेत्र में पहली ऐसी कंपनी है जो 1,099 रुपये में अनलिमिटेड 3जी डाटा प्लान दे रही है. इससे कंपनी के ग्राहकों का अनुभव बढ़िया होगा. इसके अलावा बाजार में निजी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए कंपनी ने अपने 549 रपये के 3जी डाटा प्लान में डाटा उपयोग की सीमा को पांच जीबी से बढ़ाकर 10 जीबी कर दिया है. इसी तरह उसने अपने अन्य प्लानों के तहत भी डाटा उपयोग की सीमा बढ़ाई है. इसके अलावा बाजार में निजी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए कंपनी ने अपने 549 रपये के 3जी डाटा प्लान में डाटा उपयोग की सीमा को पांच जीबी से बढ़ाकर 10 जीबी कर दिया है. इसी तरह उसने अपने अन्य प्लानों के तहत भी डाटा उपयोग की सीमा बढ़ाई है.
संक्षिप्त पाठ: बाजार की प्रतिस्पर्धा में बने रहने का प्रयास कुछ मौजूदा प्लानों पर डाटा उपयोग की सीमा को दोगुना किया नेटवर्क में बेहतरी के साथ ही ग्राहकों की संख्या बढ़ोतरी का दावा
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजधानी दिल्ली के मंडावली इलाके में मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल से रिटायर्ड 67 साल के गणेश प्रसाद शुक्ला को अपने इकलौते बेटे की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है. बीते हफ्ते गणेश ने अपने बेटे महेंद्र शुक्ला की निजी बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस के मुताबिक पूर्वी दिल्ली के मंडावली में रहने वाले और मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल से रिटायर्ड गणेश प्रसाद शुक्ला अपनी पत्नी, बेटे, बहू और दो पोतों के साथ मंडावली इलाके में रहता है. गणेश शुक्ला की बहू का आरोप है कि गणेश शुक्ला उसे छोटी-छोटी बातों पर अक्सर टोका करता है. उस पर कई पाबंदियां भी लगा रखी थीं.टिप्पणियां बीते शुक्रवार की दोपहर में चप्पल रखने को लेकर गणेश शुक्ला ने बहू को टोका और इसी विवाद में उसे डंडे से पीटा. बहू ने इसकी जानकारी अपने पति महेंद्र शुक्ला को दी तो गणेश शुक्ला बेहद नाराज हो गया और उसने अपने बेटे महेन्द्र के आते ही उसके सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस बीच मौके का फायदा उठाकर आरोपी पिता फरार हो गया था. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक गणेश शुक्ला के पास लाइसेंसी बंदूक है और उसी से उसने बेटे को गोली मार दी. पुलिस का कहना है गणेश प्रसाद शुक्ला सनकी किस्म का इंसान है और छोटी-छोटी बातों को लेकर घर में  झगड़ा किया करता था. पुलिस के मुताबिक पूर्वी दिल्ली के मंडावली में रहने वाले और मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल से रिटायर्ड गणेश प्रसाद शुक्ला अपनी पत्नी, बेटे, बहू और दो पोतों के साथ मंडावली इलाके में रहता है. गणेश शुक्ला की बहू का आरोप है कि गणेश शुक्ला उसे छोटी-छोटी बातों पर अक्सर टोका करता है. उस पर कई पाबंदियां भी लगा रखी थीं.टिप्पणियां बीते शुक्रवार की दोपहर में चप्पल रखने को लेकर गणेश शुक्ला ने बहू को टोका और इसी विवाद में उसे डंडे से पीटा. बहू ने इसकी जानकारी अपने पति महेंद्र शुक्ला को दी तो गणेश शुक्ला बेहद नाराज हो गया और उसने अपने बेटे महेन्द्र के आते ही उसके सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस बीच मौके का फायदा उठाकर आरोपी पिता फरार हो गया था. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक गणेश शुक्ला के पास लाइसेंसी बंदूक है और उसी से उसने बेटे को गोली मार दी. पुलिस का कहना है गणेश प्रसाद शुक्ला सनकी किस्म का इंसान है और छोटी-छोटी बातों को लेकर घर में  झगड़ा किया करता था. बीते शुक्रवार की दोपहर में चप्पल रखने को लेकर गणेश शुक्ला ने बहू को टोका और इसी विवाद में उसे डंडे से पीटा. बहू ने इसकी जानकारी अपने पति महेंद्र शुक्ला को दी तो गणेश शुक्ला बेहद नाराज हो गया और उसने अपने बेटे महेन्द्र के आते ही उसके सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस बीच मौके का फायदा उठाकर आरोपी पिता फरार हो गया था. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक गणेश शुक्ला के पास लाइसेंसी बंदूक है और उसी से उसने बेटे को गोली मार दी. पुलिस का कहना है गणेश प्रसाद शुक्ला सनकी किस्म का इंसान है और छोटी-छोटी बातों को लेकर घर में  झगड़ा किया करता था. इस बीच मौके का फायदा उठाकर आरोपी पिता फरार हो गया था. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक गणेश शुक्ला के पास लाइसेंसी बंदूक है और उसी से उसने बेटे को गोली मार दी. पुलिस का कहना है गणेश प्रसाद शुक्ला सनकी किस्म का इंसान है और छोटी-छोटी बातों को लेकर घर में  झगड़ा किया करता था.
दिल्ली के मंडावली इलाके में हुई वारदात सनकी ससुर ने बहू पर लगा रखी थीं अनेक पाबंदियां पहले बहू को डंडे से पीटा और फिर बेटे को जान ले ली
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की भ्रष्टाचार रोधी इकाई नें पाकिस्तान के तीन खिलाड़ियों मोहम्मद इरफान, जुल्फीकार बाबर और शाहजेब हसन से पाकिस्तान सुपर लीग में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में पूछताछ की है. इससे पहले शरजील खान और खालिद लतीफ को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया जा चुका है. सलामी बल्लेबाज शरजील हाल ही में न्यूजीलैंड और ऑसट्रेलिया दौरे पर गए थे. वह पिछले साल पीएसएल एलिमिनेटर में शतक जमाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं. दोनों खिलाड़ी गत चैम्पियन इस्लामाबाद युनाइटेड टीम में हैं. पीएसएल में भ्रष्टाचार की खबरें शुक्रवार को सामने आई थीं. पीसीबी ने इस बात का खुलासा करते हुए बताया था कि उसने शरजील और लतीफ को निलंबित कर दिया है और दोनों खिलाड़ियों को दुबई से वापस घर लौटने को कहा है. बोर्ड ने कहा है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, ये खिलाड़ी निलंबित रहेंगे.  वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक पीएसएल के चेयरमैन नजम सेठी ने अपने ट्विटर पर इन तीनों खिलाड़ियों से पूछताछ किए जाने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि लीग को साफ-सुथरा रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं. यह कार्रवाई इसी मुहिम के तहत की गई है.  सेठी ने अपने ट्वीट में इरफान के बारे में लिखा है, "पूछताछ जारी रहेगी, लेकिन उन्हें अभी निलंबित नहीं किया गया है." जुल्फिकार और शाहजेब के बारे में सेठी ने लिखा है, "यह दोनों खिलाड़ी खेलना जारी रखेंगे." शरजील और लतीफ के साथ ही इरफान पीएसएल की मौजूदा विजेता इस्लामाबाद युनाइटेड के लिए खेलते हैं, जबकि बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज जुल्फीकार क्वेटा ग्लेडिएटर्स और शाहजेब कराची किंग के लिए खेलते हैं. मो. इरफान और खालिद तीनों ही पाकिस्तानी टीम से खेल चुके हैं. शरजील हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गयी पाक टीम का हिस्सा थे. जबकि खालिद और मो. इरफान  सितंबर 2016 में आखिरी बार खेले. सेठी ने कराची किंग्स और पेशावर जल्मी को इस पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया था. बाद में कराची किंग्स के मालिक सलमान इकबाल ने आयोजकों से अपनी टीम को संबोधित करने की अनुमति मांगी थी.टिप्पणियां माना जाता है कि जुल्फिकार का नाम इस पूरे घटनाक्रम में संदेश के आधार पर सामने आया. क्वेटा ग्लेडिएटर्स ने उन्हें स्वेच्छा से अपने आरोपों पर सफाई देने के लिए कहा था. इरफान ने पाकिस्तान के लिए चार टेस्ट, 60 वनडे और 20 टी-20 मैच खेले हैं, वहीं जुल्फिकार ने 15 टेस्ट, 5 वनडे और 7 टी-20 तो शाहजेब ने मात्र 3 वनडे और 10 टी-20 खेले हैं. गौरतलब है कि आमिर उन तीन खिलाड़ियों में थे, जिन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में बैन किया था. बाकी दो खिलाड़ी कप्तान सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ थे. इन पर पांच साल का बैन लगा था. बोर्ड ने बट्ट और आसिफ को तो शामिल नहीं किया है. लेकिन आमिर को बुला लिया. पीएसएल में भ्रष्टाचार की खबरें शुक्रवार को सामने आई थीं. पीसीबी ने इस बात का खुलासा करते हुए बताया था कि उसने शरजील और लतीफ को निलंबित कर दिया है और दोनों खिलाड़ियों को दुबई से वापस घर लौटने को कहा है. बोर्ड ने कहा है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, ये खिलाड़ी निलंबित रहेंगे.  वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक पीएसएल के चेयरमैन नजम सेठी ने अपने ट्विटर पर इन तीनों खिलाड़ियों से पूछताछ किए जाने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि लीग को साफ-सुथरा रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं. यह कार्रवाई इसी मुहिम के तहत की गई है.  सेठी ने अपने ट्वीट में इरफान के बारे में लिखा है, "पूछताछ जारी रहेगी, लेकिन उन्हें अभी निलंबित नहीं किया गया है." जुल्फिकार और शाहजेब के बारे में सेठी ने लिखा है, "यह दोनों खिलाड़ी खेलना जारी रखेंगे." शरजील और लतीफ के साथ ही इरफान पीएसएल की मौजूदा विजेता इस्लामाबाद युनाइटेड के लिए खेलते हैं, जबकि बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज जुल्फीकार क्वेटा ग्लेडिएटर्स और शाहजेब कराची किंग के लिए खेलते हैं. मो. इरफान और खालिद तीनों ही पाकिस्तानी टीम से खेल चुके हैं. शरजील हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गयी पाक टीम का हिस्सा थे. जबकि खालिद और मो. इरफान  सितंबर 2016 में आखिरी बार खेले. सेठी ने कराची किंग्स और पेशावर जल्मी को इस पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया था. बाद में कराची किंग्स के मालिक सलमान इकबाल ने आयोजकों से अपनी टीम को संबोधित करने की अनुमति मांगी थी.टिप्पणियां माना जाता है कि जुल्फिकार का नाम इस पूरे घटनाक्रम में संदेश के आधार पर सामने आया. क्वेटा ग्लेडिएटर्स ने उन्हें स्वेच्छा से अपने आरोपों पर सफाई देने के लिए कहा था. इरफान ने पाकिस्तान के लिए चार टेस्ट, 60 वनडे और 20 टी-20 मैच खेले हैं, वहीं जुल्फिकार ने 15 टेस्ट, 5 वनडे और 7 टी-20 तो शाहजेब ने मात्र 3 वनडे और 10 टी-20 खेले हैं. गौरतलब है कि आमिर उन तीन खिलाड़ियों में थे, जिन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में बैन किया था. बाकी दो खिलाड़ी कप्तान सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ थे. इन पर पांच साल का बैन लगा था. बोर्ड ने बट्ट और आसिफ को तो शामिल नहीं किया है. लेकिन आमिर को बुला लिया. जुल्फिकार और शाहजेब के बारे में सेठी ने लिखा है, "यह दोनों खिलाड़ी खेलना जारी रखेंगे." शरजील और लतीफ के साथ ही इरफान पीएसएल की मौजूदा विजेता इस्लामाबाद युनाइटेड के लिए खेलते हैं, जबकि बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज जुल्फीकार क्वेटा ग्लेडिएटर्स और शाहजेब कराची किंग के लिए खेलते हैं. मो. इरफान और खालिद तीनों ही पाकिस्तानी टीम से खेल चुके हैं. शरजील हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गयी पाक टीम का हिस्सा थे. जबकि खालिद और मो. इरफान  सितंबर 2016 में आखिरी बार खेले. सेठी ने कराची किंग्स और पेशावर जल्मी को इस पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया था. बाद में कराची किंग्स के मालिक सलमान इकबाल ने आयोजकों से अपनी टीम को संबोधित करने की अनुमति मांगी थी.टिप्पणियां माना जाता है कि जुल्फिकार का नाम इस पूरे घटनाक्रम में संदेश के आधार पर सामने आया. क्वेटा ग्लेडिएटर्स ने उन्हें स्वेच्छा से अपने आरोपों पर सफाई देने के लिए कहा था. इरफान ने पाकिस्तान के लिए चार टेस्ट, 60 वनडे और 20 टी-20 मैच खेले हैं, वहीं जुल्फिकार ने 15 टेस्ट, 5 वनडे और 7 टी-20 तो शाहजेब ने मात्र 3 वनडे और 10 टी-20 खेले हैं. गौरतलब है कि आमिर उन तीन खिलाड़ियों में थे, जिन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में बैन किया था. बाकी दो खिलाड़ी कप्तान सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ थे. इन पर पांच साल का बैन लगा था. बोर्ड ने बट्ट और आसिफ को तो शामिल नहीं किया है. लेकिन आमिर को बुला लिया. मो. इरफान और खालिद तीनों ही पाकिस्तानी टीम से खेल चुके हैं. शरजील हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गयी पाक टीम का हिस्सा थे. जबकि खालिद और मो. इरफान  सितंबर 2016 में आखिरी बार खेले. सेठी ने कराची किंग्स और पेशावर जल्मी को इस पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया था. बाद में कराची किंग्स के मालिक सलमान इकबाल ने आयोजकों से अपनी टीम को संबोधित करने की अनुमति मांगी थी.टिप्पणियां माना जाता है कि जुल्फिकार का नाम इस पूरे घटनाक्रम में संदेश के आधार पर सामने आया. क्वेटा ग्लेडिएटर्स ने उन्हें स्वेच्छा से अपने आरोपों पर सफाई देने के लिए कहा था. इरफान ने पाकिस्तान के लिए चार टेस्ट, 60 वनडे और 20 टी-20 मैच खेले हैं, वहीं जुल्फिकार ने 15 टेस्ट, 5 वनडे और 7 टी-20 तो शाहजेब ने मात्र 3 वनडे और 10 टी-20 खेले हैं. गौरतलब है कि आमिर उन तीन खिलाड़ियों में थे, जिन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में बैन किया था. बाकी दो खिलाड़ी कप्तान सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ थे. इन पर पांच साल का बैन लगा था. बोर्ड ने बट्ट और आसिफ को तो शामिल नहीं किया है. लेकिन आमिर को बुला लिया. माना जाता है कि जुल्फिकार का नाम इस पूरे घटनाक्रम में संदेश के आधार पर सामने आया. क्वेटा ग्लेडिएटर्स ने उन्हें स्वेच्छा से अपने आरोपों पर सफाई देने के लिए कहा था. इरफान ने पाकिस्तान के लिए चार टेस्ट, 60 वनडे और 20 टी-20 मैच खेले हैं, वहीं जुल्फिकार ने 15 टेस्ट, 5 वनडे और 7 टी-20 तो शाहजेब ने मात्र 3 वनडे और 10 टी-20 खेले हैं. गौरतलब है कि आमिर उन तीन खिलाड़ियों में थे, जिन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में बैन किया था. बाकी दो खिलाड़ी कप्तान सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ थे. इन पर पांच साल का बैन लगा था. बोर्ड ने बट्ट और आसिफ को तो शामिल नहीं किया है. लेकिन आमिर को बुला लिया. गौरतलब है कि आमिर उन तीन खिलाड़ियों में थे, जिन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में बैन किया था. बाकी दो खिलाड़ी कप्तान सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ थे. इन पर पांच साल का बैन लगा था. बोर्ड ने बट्ट और आसिफ को तो शामिल नहीं किया है. लेकिन आमिर को बुला लिया.
संक्षिप्त सारांश: मोहम्मद इरफान, जुल्फीकार बाबर और शाहजेब हसन से पूछताछ इससे पहले शरजील खान और खालिद लतीफ को निलंबित किया गया था सलामी बल्लेबाज शरजील हाल ही में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चॉकलेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी! एक नए अध्ययन में कहा गया है कि चॉकलेट खाना कसरत करने जितना ही असरकारक होता है। अमेरिका के वायन स्टेट विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पाया कि डार्क चॉकलेट की हल्की मात्रा स्वास्थ्य के लिए कसरत जैसी ही लाभदायक हो सकती है। 'डेली टेलीग्राफ' की खबर में बताया गया कि अनुसंधानकर्ताओं ने कोशिकाओं के ऊर्जा केंद्र माइटोकॉंड्रिया का अध्ययन किया और पाया कि चॉकलेट में पाये जाने वाला तत्व इपिकाटेचिन व्यायाम की तरह मांसपेशियों पर असर करता है। चूहों पर परीक्षण करने वाले डॉ मोह मलेक ने बताया कि माइटोकॉंड्रिया ऊर्जा पैदा करता है, जिसका इस्तेमाल कोशिकाएं करती हैं। ज्यादा माइटोकॉंड्रिया का मतलब ज्यादा ऊर्जा, जिससे ज्यादा काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा, हमारे अध्ययन में पाया गया कि इपिकाटेचिन दिल और अन्य मांसपेशियों में माइटोकॉंड्रिया की संख्या को बढा़ते है, जैसे साइकलिंग और दूसरे कसरतें बढा़ती हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका के वायन स्टेट विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पाया कि डार्क चॉकलेट की हल्की मात्रा स्वास्थ्य के लिए कसरत जैसी ही लाभदायक हो सकती है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'टाइम' पत्रिका के मुताबिक दो दिन पहले वीकली वर्ल्ड न्यूज द्वारा दी गई सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के 15 मार्च को बंद होने की खबर महज अफवाह है। 'टाइम' पत्रिका ने फेसबुक के करोड़ों प्रशंसकों को ट्विटर पर बताया है कि इसके बंद होने की खबर अफवाह है और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक का अस्तित्व इसके बाद भी कायम रहेगा। दो दिन पहले 'वीकली वर्ल्ड न्यूज' ने अपनी खबर में कहा था कि फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने इस वेबसाइट को 15 मार्च को बंद करने की घोषणा की है, क्योंकि उनके लिए इस वेबसाइट को संभाल पाना कठिन होता जा रहा है। इस खबर के मुताबिक जुकरबर्ग ने कहा था, फेसबुक नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। इसे संभालने के तनाव से मेरा व्यक्तिगत जीवन बर्बाद हो रहा है, मैं इस पागलपन को खत्म करना चाहता हूं। मुझे पैसों की चिंता नहीं है, मैं बस अपनी पुरानी जिंदगी वापस पाना चाहता हूं। खबर में फेसबुक के तकनीकी मामलों के उपाध्यक्ष अवरात ह्यूमैर्थी के हवाले से कहा गया था कि 15 मार्च के बाद पूरी वेबसाइट बंद हो जाएगी, इसलिए सभी यूजर्स इस पर से 15 मार्च के पहले अपनी सारी व्यक्तिगत जानकारी हटा लें। इस खबर के बाद टाइम पत्रिका ने बताया है कि यह एक अफवाह है और फेसबुक 15 मार्च को बंद नहीं होने जा रही है। टाइम के मुताबिक, वर्ल्ड वीकली, लंबे समय से अपने कटाक्षों के लिए पहचानी जाने वाली पत्रिका, ने दावा किया है कि फेसबुक को चलाना जुकरबर्ग के लिए मुसीबत बन गया है और वह इसे बंद करने जा रहे हैं। मुझे इस स्टोरी की कॉमेडी की प्रशंसा करनी पड़ेगी। अप्रैल फूल बनाने वाली स्टोरी। यह पूरी तरह फिक्शन है। टाइम के अनुसार, फेसबुक बंद नहीं होने जा रहा। हालांकि टाइम ने अपनी इस खबर को न तो कोई स्रोत बताया है और न ही 'वर्ल्ड वीकली' ने 9 जनवरी को दी गई इस खबर के बाद इस संबंध में कोई और खबर दी है।
दो दिन पहले 'वीकली वर्ल्ड न्यूज' ने अपनी खबर में कहा था कि फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने इस वेबसाइट को 15 मार्च को बंद करने की घोषणा की है, क्योंकि उनके लिए इस वेबसाइट को संभाल पाना कठिन होता जा रहा है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रेसलर बबीता फोगाट बीजेपी में शामिल हो गई हैं. हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले बबीता का बीजेपी में शामिल होना वोटरों पर ठीक-ठाक असर डाल सकता है. हरियाणा जैसे प्रदेश के एक छोटे से गांव में रहने के बावजूद बेटियों को इंटरनैशनल रेसलर बनाने वाले बबीता के पिता महावीर फोगाट भी बीजेपी में शामिल हुए हैं. बता दें कि इससे पहले वह जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) को सपोर्ट कर रहे थे. आपको बता दें कि 30 साल की बबीता ने वर्ष 2014 और 2018 के कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में गोल्‍ड मेडल जीता था. वर्ष 2010 के कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में वे सिल्‍वर भी जीत चुकी है. 2012 में आयोजित वर्ल्‍ड रेसलिंग चैंपियनशिप में बबीता ने ब्रॉन्‍ज मेडल हासिल किया था. 2013 की एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भी उन्‍हें ब्रॉन्‍ज मिला था.  बबीता का बीजेपी में शामिल होना पार्टी के लिए चुनाव के लिहाज से बड़ी उपलब्धि हो सकती है. बबीता और उनकी बहन गीता की उपल्धियों पर फिर दंगल भी बन चुकी है. जिसमें महावीर फोगाट की भूमिका आमिर खान ने निभाई थी. इस फिल्म को देश विदेश में काफी पसंद किया गया था और कमाई के सारे रिकॉर्ड भी तोड़ दिए थे.
यहाँ एक सारांश है:हरियाणा विधानसभा चुनाव बबिता फोगाट बीजेपी में शामिल महावीर फोगाट भी बीजेपी में
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति ने भारतीय ओलिंपिक संघ को खत लिखकर कहा है कि अगर 31 अक्टूबर तक भारतीय ओलिंपिक संघ से दागी अधिकारियों की छुट्टी नहीं हुई, तो भारत से निलंबन नहीं हटेगा। एनडीटीवी के पास इस चिट्ठी की प्रति है, जिसमें साफ तौर लिखा गया है कि दागी अधिकारियों को हटाने के बाद ही भारतीय ओलिंपिक संघ के संविधान को मान्यता मिलेगी। इतना ही नहीं, आईओसी ने भारतीय संघ को 15 दिसंबर तक नए चुनाव कराने की भी डेडलाइन दे दी है। अगर इन निर्देशों को नहीं माना गया तो ओलिंपिक में भारत की वापसी संभव नहीं हो पाएगी।टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) अपनी आरोपपत्र संबंधी शर्त पर कायम है। उसने साफ किया है कि भारतीय ओलिंपिक संघ को सुशासन के लिए यह शर्त स्वीकार करनी होगी। आईओए ने पिछले महीने विशेष आम सभा की बैठक में आईओसी के सामने समझौता फार्मूला पेश किया जिसमें आरोपी व्यक्तियों को चुनाव लड़ने की छूट देने के लिए कहा गया था। आईओए के प्रस्ताव के अनुसार यह नियम उन्हीं अधिकारियों पर लागू होना चाहिए जिन्हें दो साल से अधिक की जेल की सजा मिली हो। लेकिन, आईओसी अपने रवैये पर कायम है। उसने 125वें आईओसी सत्र से पूर्व बुधवार को अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए से चुनाव कराने से पहले उसकी सभी मांगों को स्वीकार करने के लिए कहा। एनडीटीवी के पास इस चिट्ठी की प्रति है, जिसमें साफ तौर लिखा गया है कि दागी अधिकारियों को हटाने के बाद ही भारतीय ओलिंपिक संघ के संविधान को मान्यता मिलेगी। इतना ही नहीं, आईओसी ने भारतीय संघ को 15 दिसंबर तक नए चुनाव कराने की भी डेडलाइन दे दी है। अगर इन निर्देशों को नहीं माना गया तो ओलिंपिक में भारत की वापसी संभव नहीं हो पाएगी।टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) अपनी आरोपपत्र संबंधी शर्त पर कायम है। उसने साफ किया है कि भारतीय ओलिंपिक संघ को सुशासन के लिए यह शर्त स्वीकार करनी होगी। आईओए ने पिछले महीने विशेष आम सभा की बैठक में आईओसी के सामने समझौता फार्मूला पेश किया जिसमें आरोपी व्यक्तियों को चुनाव लड़ने की छूट देने के लिए कहा गया था। आईओए के प्रस्ताव के अनुसार यह नियम उन्हीं अधिकारियों पर लागू होना चाहिए जिन्हें दो साल से अधिक की जेल की सजा मिली हो। लेकिन, आईओसी अपने रवैये पर कायम है। उसने 125वें आईओसी सत्र से पूर्व बुधवार को अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए से चुनाव कराने से पहले उसकी सभी मांगों को स्वीकार करने के लिए कहा। इतना ही नहीं, आईओसी ने भारतीय संघ को 15 दिसंबर तक नए चुनाव कराने की भी डेडलाइन दे दी है। अगर इन निर्देशों को नहीं माना गया तो ओलिंपिक में भारत की वापसी संभव नहीं हो पाएगी।टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) अपनी आरोपपत्र संबंधी शर्त पर कायम है। उसने साफ किया है कि भारतीय ओलिंपिक संघ को सुशासन के लिए यह शर्त स्वीकार करनी होगी। आईओए ने पिछले महीने विशेष आम सभा की बैठक में आईओसी के सामने समझौता फार्मूला पेश किया जिसमें आरोपी व्यक्तियों को चुनाव लड़ने की छूट देने के लिए कहा गया था। आईओए के प्रस्ताव के अनुसार यह नियम उन्हीं अधिकारियों पर लागू होना चाहिए जिन्हें दो साल से अधिक की जेल की सजा मिली हो। लेकिन, आईओसी अपने रवैये पर कायम है। उसने 125वें आईओसी सत्र से पूर्व बुधवार को अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए से चुनाव कराने से पहले उसकी सभी मांगों को स्वीकार करने के लिए कहा। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) अपनी आरोपपत्र संबंधी शर्त पर कायम है। उसने साफ किया है कि भारतीय ओलिंपिक संघ को सुशासन के लिए यह शर्त स्वीकार करनी होगी। आईओए ने पिछले महीने विशेष आम सभा की बैठक में आईओसी के सामने समझौता फार्मूला पेश किया जिसमें आरोपी व्यक्तियों को चुनाव लड़ने की छूट देने के लिए कहा गया था। आईओए के प्रस्ताव के अनुसार यह नियम उन्हीं अधिकारियों पर लागू होना चाहिए जिन्हें दो साल से अधिक की जेल की सजा मिली हो। लेकिन, आईओसी अपने रवैये पर कायम है। उसने 125वें आईओसी सत्र से पूर्व बुधवार को अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए से चुनाव कराने से पहले उसकी सभी मांगों को स्वीकार करने के लिए कहा। आईओए के प्रस्ताव के अनुसार यह नियम उन्हीं अधिकारियों पर लागू होना चाहिए जिन्हें दो साल से अधिक की जेल की सजा मिली हो। लेकिन, आईओसी अपने रवैये पर कायम है। उसने 125वें आईओसी सत्र से पूर्व बुधवार को अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए से चुनाव कराने से पहले उसकी सभी मांगों को स्वीकार करने के लिए कहा।
यहाँ एक सारांश है:आईओसी ने भारतीय ओलिंपिक संघ को 15 दिसंबर तक नए चुनाव कराने की भी डेडलाइन दे दी है। अगर इन निर्देशों को नहीं माना गया तो ओलिंपिक में भारत की वापसी संभव नहीं हो पाएगी।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कोलकाता पुलिस ने शनिवार को बताया कि भोजपुरी फिल्म के एक सीन की फर्जी फोटो (Fake Image) शेयर करके सांप्रदायिक हिंसा फैलाने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है. इस तस्वीर के चलते पश्चिम बंगाल (West Bengal Violence) के उत्तरी हिस्से में स्थित 24 परगना में फैली हिंसा में एक शख्स की जान चली गई है. पुलिस ने बताया कि जिस तस्वीर को पश्चिम बंगाल को बताया जा रहा है, वह वास्तव में 2014 में रिलीज हुई भोजपुरी फिल्म 'औरत खिलौना नहीं' का एक सीन है. हरियाणा की भाजपा नेता ने अपने फेसबुक वॉल पर भोजपुरी फिल्म के एक सीन की तस्वीर शेयर करते हुए उसे बंगाल में भड़के सांप्रदायिक दंगे का बताया था.  शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta banerjee) ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ सहित अन्य हिंसा फैलाने वाले संगठनों की विचारधार को मानती है. उन्होंने कहा कि जिस किसी ने फर्जी तस्वीर और वीडियो को शेयर किया है उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा. इनके साथ कानून अपना काम करेगी. सीएम ममता ने कहा, 'मैं बंगाल की जनता की आभारी हूं कि उन्होंने अफवाहों और सांप्रदायिक नफरत फैलाने वालों को पहचानने में मदद की. शांति बहाल कर दी गई है.' उन्होंने कहा कि लोगों को भड़काने के लिए भोजपुरी फिल्म के साथ बांग्लादेश की तस्वीरों का भी सहारा लिया गया. टिप्पणियां पश्चिम बंगाल पुलिस के आधिकारिक ट्विटर पेज से ट्वीट किया गया है, 'कुछ लोग पश्चिम बंगाल में अन्य देशों और क्षेत्रों के पुराने वीडियो पोस्ट कर रहे हैं. यह अत्यधिक निंदाजनक है.' अगले ट्वीट में अपील की है, 'कृपया हमेशा तथ्यों की जांच करें. हम सभी से अपील करते हैं कि दुर्भावनापूर्ण वीडियो को ध्यान न दें, जिससे कि समुदायों में अविश्वास पैदा हो.' ' मालूम हो कि पिछले सोमवार की रात पश्चिम बंगाल में एक किशोर ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी. इसके बाद उत्तरी 24 परगना के बदुरिया और जिले के बशीरहाट उप-संभाग में दो समुदायों के बीच हिंसा हो गई थी. बीजेपी की महिला नेता नेत्री मलिक ने इसी हिंसा के बाद अपना फेसबुक पोस्ट लिखा था. महिला नेता की ओर से शेयर की गई तस्वीर भोजपुरी फिल्म का एक सीन निकला है. शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta banerjee) ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ सहित अन्य हिंसा फैलाने वाले संगठनों की विचारधार को मानती है. उन्होंने कहा कि जिस किसी ने फर्जी तस्वीर और वीडियो को शेयर किया है उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा. इनके साथ कानून अपना काम करेगी. सीएम ममता ने कहा, 'मैं बंगाल की जनता की आभारी हूं कि उन्होंने अफवाहों और सांप्रदायिक नफरत फैलाने वालों को पहचानने में मदद की. शांति बहाल कर दी गई है.' उन्होंने कहा कि लोगों को भड़काने के लिए भोजपुरी फिल्म के साथ बांग्लादेश की तस्वीरों का भी सहारा लिया गया. टिप्पणियां पश्चिम बंगाल पुलिस के आधिकारिक ट्विटर पेज से ट्वीट किया गया है, 'कुछ लोग पश्चिम बंगाल में अन्य देशों और क्षेत्रों के पुराने वीडियो पोस्ट कर रहे हैं. यह अत्यधिक निंदाजनक है.' अगले ट्वीट में अपील की है, 'कृपया हमेशा तथ्यों की जांच करें. हम सभी से अपील करते हैं कि दुर्भावनापूर्ण वीडियो को ध्यान न दें, जिससे कि समुदायों में अविश्वास पैदा हो.' ' मालूम हो कि पिछले सोमवार की रात पश्चिम बंगाल में एक किशोर ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी. इसके बाद उत्तरी 24 परगना के बदुरिया और जिले के बशीरहाट उप-संभाग में दो समुदायों के बीच हिंसा हो गई थी. बीजेपी की महिला नेता नेत्री मलिक ने इसी हिंसा के बाद अपना फेसबुक पोस्ट लिखा था. महिला नेता की ओर से शेयर की गई तस्वीर भोजपुरी फिल्म का एक सीन निकला है. पश्चिम बंगाल पुलिस के आधिकारिक ट्विटर पेज से ट्वीट किया गया है, 'कुछ लोग पश्चिम बंगाल में अन्य देशों और क्षेत्रों के पुराने वीडियो पोस्ट कर रहे हैं. यह अत्यधिक निंदाजनक है.' अगले ट्वीट में अपील की है, 'कृपया हमेशा तथ्यों की जांच करें. हम सभी से अपील करते हैं कि दुर्भावनापूर्ण वीडियो को ध्यान न दें, जिससे कि समुदायों में अविश्वास पैदा हो.' ' मालूम हो कि पिछले सोमवार की रात पश्चिम बंगाल में एक किशोर ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी. इसके बाद उत्तरी 24 परगना के बदुरिया और जिले के बशीरहाट उप-संभाग में दो समुदायों के बीच हिंसा हो गई थी. बीजेपी की महिला नेता नेत्री मलिक ने इसी हिंसा के बाद अपना फेसबुक पोस्ट लिखा था. महिला नेता की ओर से शेयर की गई तस्वीर भोजपुरी फिल्म का एक सीन निकला है. अगले ट्वीट में अपील की है, 'कृपया हमेशा तथ्यों की जांच करें. हम सभी से अपील करते हैं कि दुर्भावनापूर्ण वीडियो को ध्यान न दें, जिससे कि समुदायों में अविश्वास पैदा हो.' ' मालूम हो कि पिछले सोमवार की रात पश्चिम बंगाल में एक किशोर ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी. इसके बाद उत्तरी 24 परगना के बदुरिया और जिले के बशीरहाट उप-संभाग में दो समुदायों के बीच हिंसा हो गई थी. बीजेपी की महिला नेता नेत्री मलिक ने इसी हिंसा के बाद अपना फेसबुक पोस्ट लिखा था. महिला नेता की ओर से शेयर की गई तस्वीर भोजपुरी फिल्म का एक सीन निकला है.
संक्षिप्त पाठ: पश्चिम बंगाल में फर्जी तस्वीर की मदद से फैलाई जा रही अफवाह पुलिस ने फर्जी तस्वीर मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है इस अफवाह के बाद फैली हिंसा में एक शख्स की मौत हो गई है
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रियो ओलंपिक में रविवार के दिन भी भारत की निराशाजनक शुरुआत हुई. महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्‍टल इवेंट में पदक की दावेदार मानी जा रहीं हिना सिद्धू फाइनल के लिए क्‍वालिफाई नहीं कर सकीं. वे निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए 14वें स्‍थान पर रहीं. वर्ल्‍ड नंबर वन शूटर रह चुकीं  हिना ने 380 प्‍वाइंट स्‍कोर किये जो कि फाइनल राउंड में जगह बनाने के लिहाज से नाकाफी साबित हुए. इस इवेंट के क्‍वालिफाइंग राउंड में वितेलिना बतसरश्‍किना ने 390 अंक के साथ पहला स्‍थान हासिल किया. रूस की ही इकेटेनिना कोरुशुनोव 387 अंक के साथ दूसरे स्‍थान पर रहीं. ग्रीस की एना कोराकाकी ने भी इकेटेनिनाा के बराबर अंक स्‍कोर किऐ लेकिन बुल आई शॉट में कम नंबर हासिल करने के कारण उन्‍हें तीसरा स्‍थान मिला.टिप्पणियां इससे ओलिंपिक की निशानेबाजी प्रतियोगिता में महिला वर्ग में अपूर्वी चंदेल और आयोनिका पाल भी अपने इवेंट में फाइनल राउंड में जगह नहीं बना पाई थीं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस इवेंट के क्‍वालिफाइंग राउंड में वितेलिना बतसरश्‍किना ने 390 अंक के साथ पहला स्‍थान हासिल किया. रूस की ही इकेटेनिना कोरुशुनोव 387 अंक के साथ दूसरे स्‍थान पर रहीं. ग्रीस की एना कोराकाकी ने भी इकेटेनिनाा के बराबर अंक स्‍कोर किऐ लेकिन बुल आई शॉट में कम नंबर हासिल करने के कारण उन्‍हें तीसरा स्‍थान मिला.टिप्पणियां इससे ओलिंपिक की निशानेबाजी प्रतियोगिता में महिला वर्ग में अपूर्वी चंदेल और आयोनिका पाल भी अपने इवेंट में फाइनल राउंड में जगह नहीं बना पाई थीं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे ओलिंपिक की निशानेबाजी प्रतियोगिता में महिला वर्ग में अपूर्वी चंदेल और आयोनिका पाल भी अपने इवेंट में फाइनल राउंड में जगह नहीं बना पाई थीं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: फाइनल के लिए क्‍वालिफाई नहीं कर सकीं, 14वें स्‍थान पर रहीं पूर्व नंबर वन शूटर हिना 380 प्‍वाइंट ही स्‍कोर कर सकीं रूस की वितेलिना क्‍वालिफाइंग राउंड में पहले नंबर पर रहीं
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तेलंगाना क्षेत्र के लोगों की पांच दशक पुरानी मांग को पूरा करते हुए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने मंगलवार को आंध्रप्रदेश को विभाजित कर तेलंगाना को अलग राज्य बनाने की स्वीकृति देने का निर्णय लिया। संप्रग के इस निर्णय से तेलुगूभाषी लोगों के लिए दो राज्य बन जाएंगे। संप्रग की समन्वय समिति ने नई दिल्ली में पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री के निवास पर मंगलवार को हुई बैठक के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने कहा, "सभी दलों ने सर्वसम्मति से तेलंगाना के पक्ष में निर्णय लिया है।" बैठक में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), नेशनल कांफ्रेंस और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नेताओं ने हिस्सा लिया। संप्रग की समन्वय समिति की बैठक के बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने भी एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आंध्र प्रदेश को विभाजित कर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का अनुरोध किया। पृथक तेलंगाना के गठन की मांग वाले प्रस्ताव में सीडब्ल्यूसी ने कहा है कि अगले 10 वर्ष के लिए हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी रहने दिया जाए। सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी का अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की तथा बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। माकन ने पारित प्रस्ताव पढ़कर बताया, "केंद्र सरकार से यह अनुरोध प्रस्तावित है कि वह पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए कदम उठाए।" केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने इससे पहले संकेत दिया था कि कांग्रेस के नेता पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लेने के पक्ष में हैं। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। संप्रग के इस निर्णय से तेलुगूभाषी लोगों के लिए दो राज्य बन जाएंगे। संप्रग की समन्वय समिति ने नई दिल्ली में पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री के निवास पर मंगलवार को हुई बैठक के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने कहा, "सभी दलों ने सर्वसम्मति से तेलंगाना के पक्ष में निर्णय लिया है।" बैठक में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), नेशनल कांफ्रेंस और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नेताओं ने हिस्सा लिया। संप्रग की समन्वय समिति की बैठक के बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने भी एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आंध्र प्रदेश को विभाजित कर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का अनुरोध किया। पृथक तेलंगाना के गठन की मांग वाले प्रस्ताव में सीडब्ल्यूसी ने कहा है कि अगले 10 वर्ष के लिए हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी रहने दिया जाए। सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी का अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की तथा बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। माकन ने पारित प्रस्ताव पढ़कर बताया, "केंद्र सरकार से यह अनुरोध प्रस्तावित है कि वह पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए कदम उठाए।" केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने इससे पहले संकेत दिया था कि कांग्रेस के नेता पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लेने के पक्ष में हैं। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। प्रधानमंत्री के निवास पर मंगलवार को हुई बैठक के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने कहा, "सभी दलों ने सर्वसम्मति से तेलंगाना के पक्ष में निर्णय लिया है।" बैठक में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), नेशनल कांफ्रेंस और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नेताओं ने हिस्सा लिया। संप्रग की समन्वय समिति की बैठक के बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने भी एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आंध्र प्रदेश को विभाजित कर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का अनुरोध किया। पृथक तेलंगाना के गठन की मांग वाले प्रस्ताव में सीडब्ल्यूसी ने कहा है कि अगले 10 वर्ष के लिए हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी रहने दिया जाए। सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी का अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की तथा बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। माकन ने पारित प्रस्ताव पढ़कर बताया, "केंद्र सरकार से यह अनुरोध प्रस्तावित है कि वह पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए कदम उठाए।" केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने इससे पहले संकेत दिया था कि कांग्रेस के नेता पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लेने के पक्ष में हैं। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। बैठक में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), नेशनल कांफ्रेंस और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नेताओं ने हिस्सा लिया। संप्रग की समन्वय समिति की बैठक के बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने भी एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आंध्र प्रदेश को विभाजित कर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का अनुरोध किया। पृथक तेलंगाना के गठन की मांग वाले प्रस्ताव में सीडब्ल्यूसी ने कहा है कि अगले 10 वर्ष के लिए हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी रहने दिया जाए। सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी का अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की तथा बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। माकन ने पारित प्रस्ताव पढ़कर बताया, "केंद्र सरकार से यह अनुरोध प्रस्तावित है कि वह पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए कदम उठाए।" केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने इससे पहले संकेत दिया था कि कांग्रेस के नेता पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लेने के पक्ष में हैं। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। संप्रग की समन्वय समिति की बैठक के बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने भी एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आंध्र प्रदेश को विभाजित कर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का अनुरोध किया। पृथक तेलंगाना के गठन की मांग वाले प्रस्ताव में सीडब्ल्यूसी ने कहा है कि अगले 10 वर्ष के लिए हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी रहने दिया जाए। सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी का अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की तथा बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। माकन ने पारित प्रस्ताव पढ़कर बताया, "केंद्र सरकार से यह अनुरोध प्रस्तावित है कि वह पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए कदम उठाए।" केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने इससे पहले संकेत दिया था कि कांग्रेस के नेता पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लेने के पक्ष में हैं। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। पृथक तेलंगाना के गठन की मांग वाले प्रस्ताव में सीडब्ल्यूसी ने कहा है कि अगले 10 वर्ष के लिए हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी रहने दिया जाए। सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी का अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की तथा बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। माकन ने पारित प्रस्ताव पढ़कर बताया, "केंद्र सरकार से यह अनुरोध प्रस्तावित है कि वह पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए कदम उठाए।" केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने इससे पहले संकेत दिया था कि कांग्रेस के नेता पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लेने के पक्ष में हैं। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी का अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की तथा बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया। माकन ने पारित प्रस्ताव पढ़कर बताया, "केंद्र सरकार से यह अनुरोध प्रस्तावित है कि वह पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए कदम उठाए।" केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने इससे पहले संकेत दिया था कि कांग्रेस के नेता पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लेने के पक्ष में हैं। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। माकन ने पारित प्रस्ताव पढ़कर बताया, "केंद्र सरकार से यह अनुरोध प्रस्तावित है कि वह पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए कदम उठाए।" केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने इससे पहले संकेत दिया था कि कांग्रेस के नेता पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लेने के पक्ष में हैं। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने इससे पहले संकेत दिया था कि कांग्रेस के नेता पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लेने के पक्ष में हैं। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। आंध्र स्टेट और तेलंगाना (तब का हैदराबाद स्टेट) को मिलाकर एक नवंबर 1956 को गठित किए गए राज्य आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से ही चले आ रहे इस मुद्दे का संप्रग के इस निर्णय के साथ ही पटाक्षेप हो गया। भाषिक आधार पर गठित आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा जिसका विभाजन होगा। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। राज्य बनने के बाद तेलंगाना का क्षेत्रफल 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर होगा तथा इसकी आबादी 35.38 करोड़ होगी। आंध्र प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 117 विधानसभा सीट तेलंगाना में हैं, तथा तेलंगाना क्षेत्र से लोकसभा में 17 सांसद हैं। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए 'जय तेलंगाना' आंदोलन में 1969 में 300 से अधिक लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर युवा छात्र शामिल थे। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। पृथक तेलंगाना के गठन के लिए केंद्र सरकार ने 2009 से सक्रिय प्रयास शुरू किए और इस दौरान किसी ठोस निर्णय पर न पहुंच पाने के कारण सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को राज्य के चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। राज्य में कांग्रेस के अनेक सांसद तेलंगाना के लिए संघर्ष कर रही पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो गए। टीआरएस और अन्य दलों ने केंद्र सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य गठित किए जाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। पिछले महीने कांग्रेस के दो सासंदों और वरिष्ठ नेता के. केशव राव के इस मुद्दे पर कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पर इस पर कोई ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ गया। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। अंतत: संप्रग के सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव से पहले सर्वसम्मति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई, जिसमें पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। संप्रग की समन्वय समिति में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को सीमांध्रा और तेलंगाना से अनेक नेता दिल्ली पहुंचे। सीमांध्रा से केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसद एवं राज्य के अनेक मंत्री राज्य के विभाजन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। तेलंगाना के नेताओं ने एक पृथक बैठक के बाद विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस क्षेत्र के लोगों के इतने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करेगी। केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और सांसद एल. राजगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरासिम्हा और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायणा आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे तथा पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह एवं अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की।टिप्पणियां दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। दूसरी तरफ, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री तथा संप्रग के घटक दल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आंदोलन के आधार पर नए राज्य के गठन से 'खतरनाक परिपाटी' बनेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों में उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलेगा। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी। आंध्र प्रदेश के ही कुछ कांग्रेस सांसद भी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे हैं, और इस संबंध में पिछले सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी और राज्य को विभाजित न करने की मांग की थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तेलंगाना क्षेत्र के लोगों की पांच दशक पुरानी मांग को पूरा करते हुए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने मंगलवार को आंध्रप्रदेश को विभाजित कर तेलंगाना को अलग राज्य बनाने की स्वीकृति देने का निर्णय लिया।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब में ड्रग रैकेट में शामिल पंजाब पुलिस के एक इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है. देर रात कोर्ट ने उन्हें 19 जून तक पुलिस रिमांड में भेज दिया. फगवाड़ा में उनके क्वार्टर से 4 किलो हेरोइन और 3 किलो स्मैक बरामद की गई है. साथ ही जालंधर में उनके घर से 9 एमएम की इटैलियन पिस्टल, एक एके-47 और 400 ज़िंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. 16.50 लाख कैश और 3550 ब्रिटिश पाउंड और एक कार भी जब्त की गई है. एसटीएफ के एडीजी के मुताबिक़- इंद्रजीत सिंह के सर्विस रिकॉर्ड से पता चला कि वह जहां भी गए वहां ड्रग्स खेप की बरामदगी बढ़ी. तरनतारन में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने 13 बार ड्रग की बड़ी खेप बरामद की. बावजूद उसके कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया. जून में यह मामला IG बॉर्डर ज़ोन और तरतारन के एसएसपी को भेजा गया, जिसके बाद ख़ुलासा हुआ कि इंस्पेक्टर बरामदगी के बाद ड्रग का एक हिस्सा अपने पास रख लेता था. इसके साथ ही वह अपने पास रखे नशीले पदार्थ उन्हीं तस्करों को बेच देता था और अपना मोटा कमीशन रखता था. आरोपियों का मुंह बंद करने के लिए उन्हें जल्द रिहा कराने का वादा करता था. जाहिर है उन पर केस इस तरह का बनाया जाता था कि आरोपियों की रिहाई जल्द हो जाती थी.टिप्पणियां   एसटीएफ के एडीजी के मुताबिक़- इंद्रजीत सिंह के सर्विस रिकॉर्ड से पता चला कि वह जहां भी गए वहां ड्रग्स खेप की बरामदगी बढ़ी. तरनतारन में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने 13 बार ड्रग की बड़ी खेप बरामद की. बावजूद उसके कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया. जून में यह मामला IG बॉर्डर ज़ोन और तरतारन के एसएसपी को भेजा गया, जिसके बाद ख़ुलासा हुआ कि इंस्पेक्टर बरामदगी के बाद ड्रग का एक हिस्सा अपने पास रख लेता था. इसके साथ ही वह अपने पास रखे नशीले पदार्थ उन्हीं तस्करों को बेच देता था और अपना मोटा कमीशन रखता था. आरोपियों का मुंह बंद करने के लिए उन्हें जल्द रिहा कराने का वादा करता था. जाहिर है उन पर केस इस तरह का बनाया जाता था कि आरोपियों की रिहाई जल्द हो जाती थी.टिप्पणियां
सारांश: वह जहां गया ड्रग्स खेप की बरामदगी बढ़ी आरोपियों के केस को कमजोर बनाता था ​खेप का एक हिस्सा अपने पास रखता था
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जेट एयरवेज ने बुधवार को अपनी प्रतिद्वंद्वी स्पाइसजेट की तर्ज पर यात्री किरायों में 25 फीसदी की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। डॉलर के मुकाबले रुपये में भारी गिरावट के असर को कम करने तथा विमान ईंधन के दाम में बढ़ोतरी के मद्देनजर कंपनी ने यह कदम उठाया है। जेट एयरवेज के एक सूत्र ने कहा, ‘एयरलाइन ने तत्काल प्रभाव से किरायों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी की है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या बढ़ोतरी ईंधन अधिभार या मूल किराए में हुई है, सू़त्र ने कहा कि यह कुल किराए में हुई है।टिप्पणियां डॉलर के मुकाबले रुपये में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट तथा विमान ईंधन कीमतों में 6.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। पिछले कुछ माह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम 105 से 115 डॉलर प्रति बैरल के बीच चल रहे हैं। सीरिया संकट के बाद तेल कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कल बजट एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट ने इन्हीं कारणों से किरायों में लगभग 25 फीसदी की ही बढ़ोतरी की थी। निकट भविष्य में कई अन्य एयरलाइंस यह कदम उठा सकती हैं। जेट एयरवेज के एक सूत्र ने कहा, ‘एयरलाइन ने तत्काल प्रभाव से किरायों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी की है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या बढ़ोतरी ईंधन अधिभार या मूल किराए में हुई है, सू़त्र ने कहा कि यह कुल किराए में हुई है।टिप्पणियां डॉलर के मुकाबले रुपये में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट तथा विमान ईंधन कीमतों में 6.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। पिछले कुछ माह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम 105 से 115 डॉलर प्रति बैरल के बीच चल रहे हैं। सीरिया संकट के बाद तेल कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कल बजट एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट ने इन्हीं कारणों से किरायों में लगभग 25 फीसदी की ही बढ़ोतरी की थी। निकट भविष्य में कई अन्य एयरलाइंस यह कदम उठा सकती हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट तथा विमान ईंधन कीमतों में 6.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। पिछले कुछ माह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम 105 से 115 डॉलर प्रति बैरल के बीच चल रहे हैं। सीरिया संकट के बाद तेल कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कल बजट एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट ने इन्हीं कारणों से किरायों में लगभग 25 फीसदी की ही बढ़ोतरी की थी। निकट भविष्य में कई अन्य एयरलाइंस यह कदम उठा सकती हैं। कल बजट एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट ने इन्हीं कारणों से किरायों में लगभग 25 फीसदी की ही बढ़ोतरी की थी। निकट भविष्य में कई अन्य एयरलाइंस यह कदम उठा सकती हैं।
सारांश: जेट एयरवेज ने बुधवार को अपनी प्रतिद्वंद्वी स्पाइसजेट की तर्ज पर यात्री किरायों में 25 फीसद की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। डॉलर के मुकाबले रुपये में भारी गिरावट के असर को कम करने तथा विमान ईंधन के दाम में बढ़ोतरी के मद्देनजर कंपनी ने यह कदम उठाया है।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: डेक्कन चार्जर्स ने पुणे वारियर्स के खिलाफ छह विकेट से जीत दर्ज कर छह दिन पहले हैदराबाद में इसी टीम से मिली हार का बदला चुकता किया। कप्तान कुमार संगकारा का आईपीएल चार का यह आखिरी मैच है, जिसका अंत वह निश्चित रूप से जीत से करके खुश होंगे क्योंकि उनकी टीम पहले ही प्ले ऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी। वहीं पुणे वारियर्स के पास जो मामूली उम्मीद बची थी, वह भी इस मैच में मिली हार से खत्म हो गई। संगकारा ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया और पुणे वारियर्स ने लचर बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद भी नौ विकेट पर 136 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। पिछले मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 10 रन की जीत के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत डेक्कन चार्जर्स ने इस लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.2 ओवर में चार विकेट पर 138 रन बनाकर छह विकेट से जीत दर्ज की। कप्तान युवराज सिंह की पुणे वारियर्स 12 मैचों में चार जीत और आठ हार से आठ अंक लेकर नौंवे स्थान पर खिसक गई जबकि डेक्कन चार्जर्स 13 मुकाबलों में पांच जीत और आठ हार से 10 अंक हासिल कर आठवें नंबर पर पहुंच गई है। डेक्कन चार्जर्स को अंतिम तीन ओवर में जीत के लिए 13 रन की जरूरत थी, लेकिन 18वें ओवर में जेपी डुमिनी अपने द. अफ्रीकी साथी पार्नेल की शानदार गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने 26 गेंद में एक छक्का लगाकर 23 रन जोड़े।
संक्षिप्त सारांश: डेक्कन चार्जर्स ने पुणे वारियर्स के खिलाफ छह विकेट से जीत दर्जकर छह दिन पहले हैदराबाद में इसी टीम से मिली हार का बदला चुकता किया।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लम्बे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम के स्ट्राइक गेंदबाज की भूमिका निभा चुके जहीर खान ने स्वीकार किया है कि फिटनेस उनके लिए बड़ी समस्या रही है और इसके कारण खासतौर पर हाल के दिनों में उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। जहीर ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य टीम में वापसी करना है और वह इसके लिए हरसम्भव प्रयास कर रहे हैं। जहीर कुछ दिन पहली ही भारत के छह खिलाड़ियों के साथ फ्रांस में 15 दिन के अभ्यास सम्बंधी शिविर में हिस्सा लेकर लौटे हैं।टिप्पणियां जहीर ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, "हर आदमी देश का प्रतिनिधित्व करना चाहता है। अगर मैं फिट हूं और टीम की जरूरतों को पूरी करता हूं कि मेरे लिए स्थान सुरक्षित है। मेरी फिटनेस ने मेरा काम खराब किया है और इसे लेकर मैं काफी मेहनत कर रहा हूं। मेरी अगली परीक्षा रणजी ट्रॉफी में होनी है और इसके माध्यम से ही मैं राष्ट्रीय टीम में वापसी करना चाहता हूं।" जहीर को बीते साल दिसम्बर में इंग्लैंड के साथ खेली गई टेस्ट शृंखला के दौरान टेस्ट टीम से बाहर किया गया था। भारत वह शृंखला हार गया था। उन्होंने अपना अंतिम एकदिवसीय मैच अक्टूबर 2012 में खेला था। जहीर चोट के कारण लम्बे समय तक घरेलू क्रिकेट से भी बाहर रहे और फिर आईपीएल-6 के लिए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम को अपना सेवाएं दीं। जहीर ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य टीम में वापसी करना है और वह इसके लिए हरसम्भव प्रयास कर रहे हैं। जहीर कुछ दिन पहली ही भारत के छह खिलाड़ियों के साथ फ्रांस में 15 दिन के अभ्यास सम्बंधी शिविर में हिस्सा लेकर लौटे हैं।टिप्पणियां जहीर ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, "हर आदमी देश का प्रतिनिधित्व करना चाहता है। अगर मैं फिट हूं और टीम की जरूरतों को पूरी करता हूं कि मेरे लिए स्थान सुरक्षित है। मेरी फिटनेस ने मेरा काम खराब किया है और इसे लेकर मैं काफी मेहनत कर रहा हूं। मेरी अगली परीक्षा रणजी ट्रॉफी में होनी है और इसके माध्यम से ही मैं राष्ट्रीय टीम में वापसी करना चाहता हूं।" जहीर को बीते साल दिसम्बर में इंग्लैंड के साथ खेली गई टेस्ट शृंखला के दौरान टेस्ट टीम से बाहर किया गया था। भारत वह शृंखला हार गया था। उन्होंने अपना अंतिम एकदिवसीय मैच अक्टूबर 2012 में खेला था। जहीर चोट के कारण लम्बे समय तक घरेलू क्रिकेट से भी बाहर रहे और फिर आईपीएल-6 के लिए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम को अपना सेवाएं दीं। जहीर ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, "हर आदमी देश का प्रतिनिधित्व करना चाहता है। अगर मैं फिट हूं और टीम की जरूरतों को पूरी करता हूं कि मेरे लिए स्थान सुरक्षित है। मेरी फिटनेस ने मेरा काम खराब किया है और इसे लेकर मैं काफी मेहनत कर रहा हूं। मेरी अगली परीक्षा रणजी ट्रॉफी में होनी है और इसके माध्यम से ही मैं राष्ट्रीय टीम में वापसी करना चाहता हूं।" जहीर को बीते साल दिसम्बर में इंग्लैंड के साथ खेली गई टेस्ट शृंखला के दौरान टेस्ट टीम से बाहर किया गया था। भारत वह शृंखला हार गया था। उन्होंने अपना अंतिम एकदिवसीय मैच अक्टूबर 2012 में खेला था। जहीर चोट के कारण लम्बे समय तक घरेलू क्रिकेट से भी बाहर रहे और फिर आईपीएल-6 के लिए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम को अपना सेवाएं दीं। जहीर को बीते साल दिसम्बर में इंग्लैंड के साथ खेली गई टेस्ट शृंखला के दौरान टेस्ट टीम से बाहर किया गया था। भारत वह शृंखला हार गया था। उन्होंने अपना अंतिम एकदिवसीय मैच अक्टूबर 2012 में खेला था। जहीर चोट के कारण लम्बे समय तक घरेलू क्रिकेट से भी बाहर रहे और फिर आईपीएल-6 के लिए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम को अपना सेवाएं दीं।
यहाँ एक सारांश है:लम्बे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम के स्ट्राइक गेंदबाज की भूमिका निभा चुके जहीर खान ने स्वीकार किया है कि फिटनेस उनके लिए बड़ी समस्या रही है और इसके कारण खासतौर पर हाल के दिनों में उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' (The Accidental Prime Minister) फिल्म पर मचे घमासान के बीच अभिनेता अनुपम खेर (Anupam kher) ने कहा कि इस फिल्म को 'ऑस्कर' के लिए नॉमिनेट होना चाहिए. बजाय इसके हम इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि फिल्म रिलीज होनी चाहिए या नहीं. अनुपम खेर ने दावा किया कि दर्शकों को मनमोहन सिंह का किरदार बहुत पसंद आएगा. अनुपम खेर ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) की तरह नकल करने के लिए मैंने किताब पढ़ीं. मैंने पहली अपने करियर की पहली फिल्म में 28 साल की उम्र में 65 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाया था. मेरे 25 साल के करियर की यह सबसे कठिन फिल्म है. इस फिल्म ऑस्‍कर के लिए होनी चाहिए, लेकिन इस पर विवाद शुरू हो गया है. आज से 25 साल बाद जब फिल्मों का इतिहास लिखा जाएगा तो इस फिल्म का नाम सबसे पहले लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस के लीडर ने इस बारे में एक खत लिखा, लेकिन पहले मैंने इग्‍नोर कर दिया. हमने फिल्म सेंसर बोर्ड को दिखाई और फिर वहां से मंजूरी मिली है.. इसलिए फिल्म को किसी और दिखाने का कोई मतलब नहीं है.  बता दें कि ट्रेलर के सामने आने के बाद कांग्रेस इस फिल्म को बीजेपी का एजेंडा करार दे रही है, वहीं महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस ने रिलीज से पहले फिल्म दिखाए जाने की मांग की है. फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' पर हो रहे विरोध के बाद मुख्य अभिनेता अनुपम खेर का कहना है, 'जितना ज़्यादा वे (कांग्रेस नेता) विरोध करेंगे, उतना ही ज़्यादा प्रचार फिल्म को हासिल होगा. पुस्तक वर्ष 2014 से बाज़ार में है, तब से अब तक तो कोई विरोध नहीं किया गया, सो, फिल्म भी उसी पर आधारित है.' बता दें कि ये फिल्म, संजय बारू की किताब 'The Accidental Prime Minister' पर आधारित है. यह फिल्‍म 11 जनवरी को रिलीज हो रही है. संजय मई 2004 से अगस्त 2008 तक पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार पद पर कार्यरत रह चुके हैं. किताब में संजय बारू का दावा था कि मनमोहन सिंह ने सोनिया गांधी के सामने घुटने टेक दिए थे. फिल्म में संजय बारू का किरदार अक्षय खन्ना निभा रहे हैं.
संक्षिप्त पाठ: 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' फिल्म पर बोले अनुपम खेर कहा- इस फिल्म को ऑस्कर के लिए भेजना चाहिए था फिल्म के ट्रेलर रिलीज होने के बाद से मचा है घमासान
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 17 सितंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) की लिकुड पार्टी ने मतदाताओं को रिझाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) तथा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी तस्वीर वाले बैनर लगाए हैं. तेल अवीव में लिकुड पार्टी का मुख्यालय चुनाव प्रचार के बैनरों से अटा पड़ा है, जिसमें नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) की विश्व के तीन नेताओं के साथ नजदीकियों को दिखाया गया है. नेतन्याहू का प्रचार विश्व के नेताओं के साथ उनके करीबी तालमेल को प्रदर्शित करने की कोशिश है. प्रचार अभियान में यह कोशिश की जा रही है नेतन्याहू को इजराइल की राजनीति में एक ऐसे नेता के तौर पर पेश किया जाए, जिसका कोई जोड़ा न हो. अफगानिस्तान में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के कार्यालय पर हमला, धमाके में दो लोगों की मौत इजराइली प्रधानमंत्री नौ सितंबर को एक दिन की यात्रा पर भारत जाएंगे, जहां वह मोदी से मुलाकात करेंगे. उनकी यह यात्रा मध्यावधि चुनाव से ठीक आठ दिन पहले होगी. कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई दिल्ली की उनकी यात्रा की तस्वीरों से यह दिखाने की कोशिश होगी कि उनकी विश्व भर में स्वीकार्यता है और इससे मतदान से कुछ दिन पहले उनके प्रचार अभियान को गति भी मिलेगी.
यह एक सारांश है: इजराइल में PM नेतन्याहू के चुनाव प्रचार का अनोखा तरीका वोटरों को रिझाने के लिए लगाए पीएम मोदी के बैनर डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भी लगाए बैनर
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की फोन टैपिंग के मामले में राज्य के डीजीपी आईडी भंडारी को हटा दिया गया है। उनकी जगह बी कमल कुमार को राज्य का नया डीजीपी बनाया गया है। सत्ता में आते ही कांग्रेस के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धूमल सरकार के कार्यकाल में फोन टैपिंग की जांच शुरू करवा दी थी। इस जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बीजेपी के कार्यकाल में एक हजार फोनों की टैपिंग हुई थी। वीरभद्र सिंह ने फोन टैपिंग के अलावा बीजेपी सरकार पर और भी तरीके से उनकी जासूसी कराने का आरोप लगाया है। सत्ता में आते ही कांग्रेस के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धूमल सरकार के कार्यकाल में फोन टैपिंग की जांच शुरू करवा दी थी। इस जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बीजेपी के कार्यकाल में एक हजार फोनों की टैपिंग हुई थी। वीरभद्र सिंह ने फोन टैपिंग के अलावा बीजेपी सरकार पर और भी तरीके से उनकी जासूसी कराने का आरोप लगाया है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की फोन टैपिंग के मामले में राज्य के डीजीपी आईडी भंडारी को हटा दिया गया है। उनकी जगह बी कमल कुमार को राज्य का नया डीजीपी बनाया गया है।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुरमीत राम रहीम को कोर्ट ने दोषी पाया। इस फ़ैसले से आम इंसान का न्याय-व्यवस्था में भरोसा मजबूत होगा। संदेश जाएगा कि कानून से बड़ा कोई नहीं। योगेंद्र यादव के इस फेसबुक पोस्‍ट को 3000 से ज्‍यादा लोग शेयर कर चुके हैं. अपने फेसबुक पोस्‍ट में योगेंद्र यादव ने लिखा, 'उन्होंने मुझे पहली बार एक साध्वी द्वारा बाबा के खिलाफ यौन शोषण के आरोप के बारे में बताया. डेरे के अंदर की बहुत ऐसी बातें बतायीं जो मैं यहाँ लिख नहीं सकता. यह सुनकर मैंने कहा 'अगर ये धर्म है तो अधर्म क्या है?' उन्‍होंने छत्रपति से हुई अपनी बात का जिक्र करते हुए लिखा, ' सब चुप हैं लेकिन 'पूरा सच' में हमने साध्वी की चिठ्ठी छाप दी है. उससे बाबा बौखलाए हुए हैं. चिठ्ठी छपने के महीने के अंदर उसे लीक करने के शक में भाई रंजीत सिंह की हत्या कर दी गयी. सुनकर मैं सिहर गया.'   योगेंद्र यादव ने बताया कि कैसे उन्‍हें रामचंद्र छत्रपति की चिंता हुई और कुछ दिनों बाद ही उनकी 5 हमलावरों द्वारा गोलियां मार कर हत्‍या कर देने की खबर आई. उन्‍होंने इस मामले पर सरकार के रवैये और इस मामले पर हुई राजनीति के बारे में भी लिखा है. अपने पोस्‍ट के आखिर में उन्‍होंने लिखा था, 'आज पंचकुला में साध्वी के यौन शोषण वाले मामले का फैसला आना है. आरोप सही है या नहीं, प्रमाण पुख्ता हैं या नहीं, यह तो जज साहब ही बता पाएंगे. लेकिन इतना जरूर जान लें कि कटघरे में बाबा राम रहीम नहीं, बल्कि हमारी न्याय व्यवस्था है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम रेप केस मे हैं आरोपी. 28 अगस्त को सजा का ऐलान 4 राज्यों के कुछ इलाकों में हुई हिंसा.
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बुधवार को घर में मनु पंजाबी और प्रियंका जग्‍गा की एंट्री हो गई. अभी तक यह लोग घर के सीक्रेट रूम में बैठे घरवालों पर नजर रखे हुए थे. लेकिन मनु ने घर में आते ही कोशिश की कि मनवीर और मोना के बीच की दूरी कम हो और उन तीनों की दोस्‍ती एक बार फिर हो जाए. वहीं गौरव पूरा दिन घर में रूठी बानी को मनाने की कोशिश में रहे. इसी बीच मनु और मनवीर ने मोना को भोजपुरी का सनी लियोेनी कह दिया.टिप्पणियां बुधवार को 'बिग बॉस' के घर में दिन की शुरुआत 'गोलमाल है भई सब गोलमाल है' गीत के साथ हुई. दिन की शुरुआत में ही नितिभा, मनवीर और मोना बातें करते हुए दिखे. इस बीच किसी बात पर मनवीर ने मोना को एक दिन पहले हुए जकूजी वाले टास्‍क पर ताना मारा जो मोना को अच्‍छा नहीं लगा. वहीं घर के सीक्रेट रूम में बैठे प्रियंका और मनु, घर के भीतर बचे इंडियावालों में बिगड़ते रिश्‍ते और मनवीर के बदले व्‍यवहार पर बात करते हुए दिखे.   मनु ने प्रियंका को कहा कि अब बाहर से देखने के बाद मुझे सेलेब्रिटीज से कोई समस्‍या नहीं है. मैं घर में जाते ही उनके ही साथ हो जाउंगा. वहीं कल जहां मनु मोना से थोड़े नाराज और गौरव के साथ बढ़ती नजदीकियों से खफा दिखें वहीं आज के दिन वह प्रियंका के सामने एक बार फिर मोना की तारीफ करते दिखे. मनु ने कहा कि वह प्‍लानिंग नहीं करती हैं बल्कि वह सच में ऐसी ही हैं. वहीं घर के भीतर मोना लोपामुद्रा से बातें करती दिखीं जिसमें उन्‍होंने मनवीर द्वारा जकूजी को लेकर किए गए कमेंट की चर्चा की. मोना इस बात पर रो भी गईं. वहीं गौरव बानी को ढूंढते दिखे जो उनसे काफी नाराज थीं. घर में अचानक अलार्म बजा तो सब चौंक गए और बाद में पता चला कि स्‍वामी ओम जेल के भीतर बने टॉयलेट में योगा मेट बिछा कर सोते हुए मिले. घर में बीबी लोकतंत्र टास्‍क दूसरे दिन भी शुरू रहा जिसमें बिग बॉस ने पूछा कि क्‍या रोहन की कप्‍तानी पर सीजन के अंत तक का लगाया गया प्रतिबंध क्‍या हटा देना चाहिए. इस पर मनु और प्रियंका में फिर बहस हुई क्‍योंकि प्रियंका इसके लिए मना करना चाहती थीं जबकि मनु  ने कहा कि वह ऐसा नहीं चाहता. आखिर में प्रियंका को मानना पड़ा और दोनों ने फैसला हां में किया जिससे रोहन काफी खुश हुए.   अगले आदेश पर बिग बॉस ने घरवालों से पूछा कि कौन दो लोग अगले आदेश तक एक दूसरे से बंधे रहेंगे. इसमें विकल्‍प में बानी-गौरव और राहुल देव-स्‍वामी ओम थे. इसमें मनु और प्रियंका ने राहुल देव और स्‍वामी ओम को चुना और इससे स्‍वामी ओम काफी खुश दिखे. टास्‍क के बाद मोना ने गौरव से कहा कि उसने बानी और गौरव को एक बंधन में बंधे रहने के लिए वोट किया था ताकि उन दोनों को साथ में रहने का मौका मिलता.   वहीं बानी मनवीर से गौरव के व्‍यवहार की बुराई करती और नितिभा के नोमिनेशन की बात करते हुए दिखीं. अगले फैसले के दौरान बिग बॉस ने पूछा कि किन तीन सदस्‍यों के बीच में कप्‍तानी की अगली जंग होगी. इसमें विकल्‍प के तौर पर मनवीर-बानी-लोपामुद्रा, नितिभा-गौरव-मोना और रोहन-राहुल-स्‍वामी ओम का नाम दिया गया. इसमें मनु और प्रियंका ने कन्‍फेशन रूम में बैठकर मनवीर-बानी-लोपा का नाम दिया और स्‍क्रीन पर घरवालों ने देख लिया कि सारे फैसले घरवाले बहुमत से नहीं बल्कि प्रियंका और मनु ले रहे थे.   घर में आते ही मनु ने सब को बताया कि उनकी मां का देहांत हो गया था और वह इसलिए घर से बाहर गए थे. बाहर वह काफी बेचैन थे और इसलिए वापिस आ गए. घर में आते ही मनु जहां सब से मिले वहीं प्रियंका स्‍वामी ओम पर चिल्‍लाई और कहा कि वह उन्‍हें बेटी न कहें. घर में आते ही मनु ने मनवीर और मोना के बीच सुलह कराने की कोशिश की. मनु ने मनवीर और मोना को बताया कि बाहर उन तीनों को लोग बहुत पसंद करते हैं. मनु ने मनवीर को कहा कि वह इतने पॉपुलर हो गए हैं कि 'बिग बॉस' के 'बी' हो गए हैं. लेकिन कुछ गलतियां भी कर रहे हैं. मोना ने कहा कि वह हमेशा लॉयल रही हैं लेकिन मनवीर का व्‍यवहार बदल गया है था.   आपस में बंधे हुए राहुल और स्‍वामी ओम में से स्‍वामी ओम अचानक बंधन छोड़कर जेल के बाथरूम में चले गए. घरवालों ने उन्‍हें बाहर आने को कहा तो उन्‍होंने कहा कि प्रियंका उन्‍हें गाली दे रही है. प्रियंका और स्‍वामी ओम के बीच फिर झगड़ा हुआ. वहीं मोना ने मनु से पूछा कि घर से बाहर उन दोनों के बारे में क्‍या बात हो रही है और पीकू यानी मनु की मंगेतर उनके बारे में क्‍या कहती हैं. इस पर मनु ने कहा कि पीकू से कई गुना ज्‍यादा तकलीफ मोना के बॉयफ्रेंड विक्रांत को है. मनु ने मोना से कहा कि क्‍योंकि वह सेलेब्रिटी हैं और मनु से बाकी सभी सेलेब्रिटी बात करते हैं इसलिए मनवीर थोड़ा बुरा महसूस करते हैं.   वहीं घर से बाहर मनवीर, नितिभा और प्रियंका और मनु के बीच में बातें हो रही थी जिसमें मनवीर ने कहा कि मोना भोजपुरी सिनेमा की सनी लियोनी की तरह है. इसपर मनु ने कहा कि सनी लियोनी की इमेज ज्‍यादा साफ है. लाइट बंद होने के बाद रात में मोना, मनु और मनवीर एक ही बिस्‍तर में सोते और बातें करते दिखे. बुधवार को 'बिग बॉस' के घर में दिन की शुरुआत 'गोलमाल है भई सब गोलमाल है' गीत के साथ हुई. दिन की शुरुआत में ही नितिभा, मनवीर और मोना बातें करते हुए दिखे. इस बीच किसी बात पर मनवीर ने मोना को एक दिन पहले हुए जकूजी वाले टास्‍क पर ताना मारा जो मोना को अच्‍छा नहीं लगा. वहीं घर के सीक्रेट रूम में बैठे प्रियंका और मनु, घर के भीतर बचे इंडियावालों में बिगड़ते रिश्‍ते और मनवीर के बदले व्‍यवहार पर बात करते हुए दिखे.   मनु ने प्रियंका को कहा कि अब बाहर से देखने के बाद मुझे सेलेब्रिटीज से कोई समस्‍या नहीं है. मैं घर में जाते ही उनके ही साथ हो जाउंगा. वहीं कल जहां मनु मोना से थोड़े नाराज और गौरव के साथ बढ़ती नजदीकियों से खफा दिखें वहीं आज के दिन वह प्रियंका के सामने एक बार फिर मोना की तारीफ करते दिखे. मनु ने कहा कि वह प्‍लानिंग नहीं करती हैं बल्कि वह सच में ऐसी ही हैं. वहीं घर के भीतर मोना लोपामुद्रा से बातें करती दिखीं जिसमें उन्‍होंने मनवीर द्वारा जकूजी को लेकर किए गए कमेंट की चर्चा की. मोना इस बात पर रो भी गईं. वहीं गौरव बानी को ढूंढते दिखे जो उनसे काफी नाराज थीं. घर में अचानक अलार्म बजा तो सब चौंक गए और बाद में पता चला कि स्‍वामी ओम जेल के भीतर बने टॉयलेट में योगा मेट बिछा कर सोते हुए मिले. घर में बीबी लोकतंत्र टास्‍क दूसरे दिन भी शुरू रहा जिसमें बिग बॉस ने पूछा कि क्‍या रोहन की कप्‍तानी पर सीजन के अंत तक का लगाया गया प्रतिबंध क्‍या हटा देना चाहिए. इस पर मनु और प्रियंका में फिर बहस हुई क्‍योंकि प्रियंका इसके लिए मना करना चाहती थीं जबकि मनु  ने कहा कि वह ऐसा नहीं चाहता. आखिर में प्रियंका को मानना पड़ा और दोनों ने फैसला हां में किया जिससे रोहन काफी खुश हुए.   अगले आदेश पर बिग बॉस ने घरवालों से पूछा कि कौन दो लोग अगले आदेश तक एक दूसरे से बंधे रहेंगे. इसमें विकल्‍प में बानी-गौरव और राहुल देव-स्‍वामी ओम थे. इसमें मनु और प्रियंका ने राहुल देव और स्‍वामी ओम को चुना और इससे स्‍वामी ओम काफी खुश दिखे. टास्‍क के बाद मोना ने गौरव से कहा कि उसने बानी और गौरव को एक बंधन में बंधे रहने के लिए वोट किया था ताकि उन दोनों को साथ में रहने का मौका मिलता.   वहीं बानी मनवीर से गौरव के व्‍यवहार की बुराई करती और नितिभा के नोमिनेशन की बात करते हुए दिखीं. अगले फैसले के दौरान बिग बॉस ने पूछा कि किन तीन सदस्‍यों के बीच में कप्‍तानी की अगली जंग होगी. इसमें विकल्‍प के तौर पर मनवीर-बानी-लोपामुद्रा, नितिभा-गौरव-मोना और रोहन-राहुल-स्‍वामी ओम का नाम दिया गया. इसमें मनु और प्रियंका ने कन्‍फेशन रूम में बैठकर मनवीर-बानी-लोपा का नाम दिया और स्‍क्रीन पर घरवालों ने देख लिया कि सारे फैसले घरवाले बहुमत से नहीं बल्कि प्रियंका और मनु ले रहे थे.   घर में आते ही मनु ने सब को बताया कि उनकी मां का देहांत हो गया था और वह इसलिए घर से बाहर गए थे. बाहर वह काफी बेचैन थे और इसलिए वापिस आ गए. घर में आते ही मनु जहां सब से मिले वहीं प्रियंका स्‍वामी ओम पर चिल्‍लाई और कहा कि वह उन्‍हें बेटी न कहें. घर में आते ही मनु ने मनवीर और मोना के बीच सुलह कराने की कोशिश की. मनु ने मनवीर और मोना को बताया कि बाहर उन तीनों को लोग बहुत पसंद करते हैं. मनु ने मनवीर को कहा कि वह इतने पॉपुलर हो गए हैं कि 'बिग बॉस' के 'बी' हो गए हैं. लेकिन कुछ गलतियां भी कर रहे हैं. मोना ने कहा कि वह हमेशा लॉयल रही हैं लेकिन मनवीर का व्‍यवहार बदल गया है था.   आपस में बंधे हुए राहुल और स्‍वामी ओम में से स्‍वामी ओम अचानक बंधन छोड़कर जेल के बाथरूम में चले गए. घरवालों ने उन्‍हें बाहर आने को कहा तो उन्‍होंने कहा कि प्रियंका उन्‍हें गाली दे रही है. प्रियंका और स्‍वामी ओम के बीच फिर झगड़ा हुआ. वहीं मोना ने मनु से पूछा कि घर से बाहर उन दोनों के बारे में क्‍या बात हो रही है और पीकू यानी मनु की मंगेतर उनके बारे में क्‍या कहती हैं. इस पर मनु ने कहा कि पीकू से कई गुना ज्‍यादा तकलीफ मोना के बॉयफ्रेंड विक्रांत को है. मनु ने मोना से कहा कि क्‍योंकि वह सेलेब्रिटी हैं और मनु से बाकी सभी सेलेब्रिटी बात करते हैं इसलिए मनवीर थोड़ा बुरा महसूस करते हैं.   वहीं घर से बाहर मनवीर, नितिभा और प्रियंका और मनु के बीच में बातें हो रही थी जिसमें मनवीर ने कहा कि मोना भोजपुरी सिनेमा की सनी लियोनी की तरह है. इसपर मनु ने कहा कि सनी लियोनी की इमेज ज्‍यादा साफ है. लाइट बंद होने के बाद रात में मोना, मनु और मनवीर एक ही बिस्‍तर में सोते और बातें करते दिखे. घर में बीबी लोकतंत्र टास्‍क दूसरे दिन भी शुरू रहा जिसमें बिग बॉस ने पूछा कि क्‍या रोहन की कप्‍तानी पर सीजन के अंत तक का लगाया गया प्रतिबंध क्‍या हटा देना चाहिए. इस पर मनु और प्रियंका में फिर बहस हुई क्‍योंकि प्रियंका इसके लिए मना करना चाहती थीं जबकि मनु  ने कहा कि वह ऐसा नहीं चाहता. आखिर में प्रियंका को मानना पड़ा और दोनों ने फैसला हां में किया जिससे रोहन काफी खुश हुए.   अगले आदेश पर बिग बॉस ने घरवालों से पूछा कि कौन दो लोग अगले आदेश तक एक दूसरे से बंधे रहेंगे. इसमें विकल्‍प में बानी-गौरव और राहुल देव-स्‍वामी ओम थे. इसमें मनु और प्रियंका ने राहुल देव और स्‍वामी ओम को चुना और इससे स्‍वामी ओम काफी खुश दिखे. टास्‍क के बाद मोना ने गौरव से कहा कि उसने बानी और गौरव को एक बंधन में बंधे रहने के लिए वोट किया था ताकि उन दोनों को साथ में रहने का मौका मिलता.   वहीं बानी मनवीर से गौरव के व्‍यवहार की बुराई करती और नितिभा के नोमिनेशन की बात करते हुए दिखीं. अगले फैसले के दौरान बिग बॉस ने पूछा कि किन तीन सदस्‍यों के बीच में कप्‍तानी की अगली जंग होगी. इसमें विकल्‍प के तौर पर मनवीर-बानी-लोपामुद्रा, नितिभा-गौरव-मोना और रोहन-राहुल-स्‍वामी ओम का नाम दिया गया. इसमें मनु और प्रियंका ने कन्‍फेशन रूम में बैठकर मनवीर-बानी-लोपा का नाम दिया और स्‍क्रीन पर घरवालों ने देख लिया कि सारे फैसले घरवाले बहुमत से नहीं बल्कि प्रियंका और मनु ले रहे थे.   घर में आते ही मनु ने सब को बताया कि उनकी मां का देहांत हो गया था और वह इसलिए घर से बाहर गए थे. बाहर वह काफी बेचैन थे और इसलिए वापिस आ गए. घर में आते ही मनु जहां सब से मिले वहीं प्रियंका स्‍वामी ओम पर चिल्‍लाई और कहा कि वह उन्‍हें बेटी न कहें. घर में आते ही मनु ने मनवीर और मोना के बीच सुलह कराने की कोशिश की. मनु ने मनवीर और मोना को बताया कि बाहर उन तीनों को लोग बहुत पसंद करते हैं. मनु ने मनवीर को कहा कि वह इतने पॉपुलर हो गए हैं कि 'बिग बॉस' के 'बी' हो गए हैं. लेकिन कुछ गलतियां भी कर रहे हैं. मोना ने कहा कि वह हमेशा लॉयल रही हैं लेकिन मनवीर का व्‍यवहार बदल गया है था.   आपस में बंधे हुए राहुल और स्‍वामी ओम में से स्‍वामी ओम अचानक बंधन छोड़कर जेल के बाथरूम में चले गए. घरवालों ने उन्‍हें बाहर आने को कहा तो उन्‍होंने कहा कि प्रियंका उन्‍हें गाली दे रही है. प्रियंका और स्‍वामी ओम के बीच फिर झगड़ा हुआ. वहीं मोना ने मनु से पूछा कि घर से बाहर उन दोनों के बारे में क्‍या बात हो रही है और पीकू यानी मनु की मंगेतर उनके बारे में क्‍या कहती हैं. इस पर मनु ने कहा कि पीकू से कई गुना ज्‍यादा तकलीफ मोना के बॉयफ्रेंड विक्रांत को है. मनु ने मोना से कहा कि क्‍योंकि वह सेलेब्रिटी हैं और मनु से बाकी सभी सेलेब्रिटी बात करते हैं इसलिए मनवीर थोड़ा बुरा महसूस करते हैं.   वहीं घर से बाहर मनवीर, नितिभा और प्रियंका और मनु के बीच में बातें हो रही थी जिसमें मनवीर ने कहा कि मोना भोजपुरी सिनेमा की सनी लियोनी की तरह है. इसपर मनु ने कहा कि सनी लियोनी की इमेज ज्‍यादा साफ है. लाइट बंद होने के बाद रात में मोना, मनु और मनवीर एक ही बिस्‍तर में सोते और बातें करते दिखे.
संक्षिप्त सारांश: मनु ने मनवीर और मोना के बीच दूरियां कम करने की कोशिश स्‍वामी ओम से नाराज हुई प्रियंका जग्‍गा गौरव से नाराज रहीं बानी, मनवीर से की गौरव के व्‍यवहार की शिकायत
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 2जी मामलों की सुनवाई कर रही दिल्ली की विशेष अदालत रिलायंस एडीएजी के अध्यक्ष अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी और कुछ अन्य को अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर तलब करने की जांच एजेंसी सीबीआई की अर्जी पर फैसला 19 जुलाई को सुनाएगी। सीबीआई की विशेष अदालत ओपी सैनी ने सीबीआई और बचाव पक्ष की याचिका पर सुनवाई करने के बाद कहा, दलीलें सुन ली गई हैं। फैसला 19 जुलाई को सुनाया जाएगा। आज की सुनवाई के दौरान विशेष सरकारी वकील यूयू ललित ने कहा कि अनिल अंबानी ही वह व्यक्ति हैं, जो स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड में रिलायंस एडीएजी कंपनियों के 990 करोड़ रुपये से अधिक के कथित निवेश से जुड़े मामले और अन्य मामलों पर रोशनी डाल सकते हैं। स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा इसी अदालत में चल रहा है।टिप्पणियां ललित ने आरोप लगाया ‘‘शायद वह (अनिल अंबानी) उस बैठक में शामिल नहीं थे, जिसमें यह फैसला किया गया, लेकिन वह इस बात से वाकिफ थे और मेरे हिसाब से इतना काफी है। 992 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। उन्हें इस घटनाक्रम के बारे में पता था। वह ऐसे व्यक्ति हैं, जो इस मामले में रोशनी डाल सकते हैं। उन्होंने अदालत से यह भी कहा कि जहां तक बैठक का सवाल है तो टीना अंबानी ने इससे जुड़ी बैठकों की अध्यक्षता की थी। सीबीआई की याचिका का विरोध करते हुए वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने इस मामले में फंसे रिलायंस एडीएजी के तीन शीर्ष कार्यकारियों की ओर से पेश करते हुए कहा कि जांच एजेंसी की ओर से आवेदन करने में देरी से पता चलता है कि यह सच्ची नहीं है। उन्होंने कहा, यह याचिका सुनवाई के आखिर में आई, जिससे पता चलता है कि यह आवश्यक या महत्वपूर्ण नहीं है। सीबीआई की विशेष अदालत ओपी सैनी ने सीबीआई और बचाव पक्ष की याचिका पर सुनवाई करने के बाद कहा, दलीलें सुन ली गई हैं। फैसला 19 जुलाई को सुनाया जाएगा। आज की सुनवाई के दौरान विशेष सरकारी वकील यूयू ललित ने कहा कि अनिल अंबानी ही वह व्यक्ति हैं, जो स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड में रिलायंस एडीएजी कंपनियों के 990 करोड़ रुपये से अधिक के कथित निवेश से जुड़े मामले और अन्य मामलों पर रोशनी डाल सकते हैं। स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा इसी अदालत में चल रहा है।टिप्पणियां ललित ने आरोप लगाया ‘‘शायद वह (अनिल अंबानी) उस बैठक में शामिल नहीं थे, जिसमें यह फैसला किया गया, लेकिन वह इस बात से वाकिफ थे और मेरे हिसाब से इतना काफी है। 992 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। उन्हें इस घटनाक्रम के बारे में पता था। वह ऐसे व्यक्ति हैं, जो इस मामले में रोशनी डाल सकते हैं। उन्होंने अदालत से यह भी कहा कि जहां तक बैठक का सवाल है तो टीना अंबानी ने इससे जुड़ी बैठकों की अध्यक्षता की थी। सीबीआई की याचिका का विरोध करते हुए वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने इस मामले में फंसे रिलायंस एडीएजी के तीन शीर्ष कार्यकारियों की ओर से पेश करते हुए कहा कि जांच एजेंसी की ओर से आवेदन करने में देरी से पता चलता है कि यह सच्ची नहीं है। उन्होंने कहा, यह याचिका सुनवाई के आखिर में आई, जिससे पता चलता है कि यह आवश्यक या महत्वपूर्ण नहीं है। ललित ने आरोप लगाया ‘‘शायद वह (अनिल अंबानी) उस बैठक में शामिल नहीं थे, जिसमें यह फैसला किया गया, लेकिन वह इस बात से वाकिफ थे और मेरे हिसाब से इतना काफी है। 992 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। उन्हें इस घटनाक्रम के बारे में पता था। वह ऐसे व्यक्ति हैं, जो इस मामले में रोशनी डाल सकते हैं। उन्होंने अदालत से यह भी कहा कि जहां तक बैठक का सवाल है तो टीना अंबानी ने इससे जुड़ी बैठकों की अध्यक्षता की थी। सीबीआई की याचिका का विरोध करते हुए वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने इस मामले में फंसे रिलायंस एडीएजी के तीन शीर्ष कार्यकारियों की ओर से पेश करते हुए कहा कि जांच एजेंसी की ओर से आवेदन करने में देरी से पता चलता है कि यह सच्ची नहीं है। उन्होंने कहा, यह याचिका सुनवाई के आखिर में आई, जिससे पता चलता है कि यह आवश्यक या महत्वपूर्ण नहीं है। सीबीआई की याचिका का विरोध करते हुए वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने इस मामले में फंसे रिलायंस एडीएजी के तीन शीर्ष कार्यकारियों की ओर से पेश करते हुए कहा कि जांच एजेंसी की ओर से आवेदन करने में देरी से पता चलता है कि यह सच्ची नहीं है। उन्होंने कहा, यह याचिका सुनवाई के आखिर में आई, जिससे पता चलता है कि यह आवश्यक या महत्वपूर्ण नहीं है।
यह एक सारांश है: 2जी घोटाले की जांच के सिलसिले में गवाही के लिए अनिल और टीना अंबानी को बतौर गवाह बुलाने पर अदालत ने अपना फैसला 19 तारीख तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एमसीए अधिकारियों के साथ झगड़े और बदसलूकी के आरोप के बाद शाहरुख खान के वानखेड़े स्टेडियम में घुसने पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। एमसीए अध्यक्ष विलासराव देशमुख के मुताबिक चूंकि शाहरुख को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं, और उन्होंने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया था, इसलिए उन पर पांच साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला आमराय से लिया गया। उन्होंने हालांकि कहा कि वैसे पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी। दूसरी ओर, इस मसले पर महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इस मुद्दे पर उस वक्त बंटे हुए नज़र आए, जब आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने कहा कि एमसीए को इस प्रकार का प्रतिबंध लगाने की सिर्फ सिफारिश करने का हक है, और एमसीए का यह फैसला तब तक लागू नहीं हो सकता, जब तक बीसीसीआई उसे मंजूर न कर दे, यानि आखिरी फैसला बीसीसीआई का ही होगा।टिप्पणियां उधर, शाहरुख खान के मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों के साथ हुए झगड़े के मामले में मुंबई पुलिस आज कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को अभी तक पूरे बवाल का सीसीसीटीवी फुटेज भी नहीं मिला है। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल शाहरुख के खिलाफ धारा 326, जो मारपीट और धमकाने से जुड़ी धारा है, के तहत शिकायत दर्ज की है। दूसरी ओर, इस मसले पर महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इस मुद्दे पर उस वक्त बंटे हुए नज़र आए, जब आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने कहा कि एमसीए को इस प्रकार का प्रतिबंध लगाने की सिर्फ सिफारिश करने का हक है, और एमसीए का यह फैसला तब तक लागू नहीं हो सकता, जब तक बीसीसीआई उसे मंजूर न कर दे, यानि आखिरी फैसला बीसीसीआई का ही होगा।टिप्पणियां उधर, शाहरुख खान के मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों के साथ हुए झगड़े के मामले में मुंबई पुलिस आज कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को अभी तक पूरे बवाल का सीसीसीटीवी फुटेज भी नहीं मिला है। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल शाहरुख के खिलाफ धारा 326, जो मारपीट और धमकाने से जुड़ी धारा है, के तहत शिकायत दर्ज की है। उधर, शाहरुख खान के मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों के साथ हुए झगड़े के मामले में मुंबई पुलिस आज कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को अभी तक पूरे बवाल का सीसीसीटीवी फुटेज भी नहीं मिला है। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल शाहरुख के खिलाफ धारा 326, जो मारपीट और धमकाने से जुड़ी धारा है, के तहत शिकायत दर्ज की है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को अभी तक पूरे बवाल का सीसीसीटीवी फुटेज भी नहीं मिला है। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल शाहरुख के खिलाफ धारा 326, जो मारपीट और धमकाने से जुड़ी धारा है, के तहत शिकायत दर्ज की है।
यह एक सारांश है: एमसीए अध्यक्ष विलासराव देशमुख ने प्रतिबंध की घोषणा की, लेकिन आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला के मुताबिक एमसीए को सिर्फ सिफारिश का हक है, और आखिरी फैसला बीसीसीआई का ही होगा।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शाही शादी को लेकर लोगों की दीवानगी बढ़ती जा रही है। प्रिंस विलियम और केट मिडिलटन की एक झलक देखने को लोग बेताब हैं। कई ऐसे लोग भी हैं जो 1981 में प्रिंस चार्ल्स और डायना की शादी को देखने इसी तरह पहुंचे थे। एक महिला उस हेट को लेकर आई है जो उसने 1981 में शाही शादी के वक्त खरीदा था। वैसे मौसम विभाग ने लोगों को थोड़ा निराश किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आज बारिश हो सकती है। लंदन में लोग उन जगहों पर डेरा जमाए बैठे हैं जहां से उन्हें रॉयल कपल प्रिंस विलियम और केट की एक झलक देखने को मिल सके। लोग टैंट और तंबू गाड़कर सड़कों के किनारे जम गए हैं। हर रोज़ टेंटों की संख्या बढ़ती जा रही है। मौसम ठंडा है लेकिन इसका असर फैन्स पर बिल्कुल नहीं दिख रहा है।ब्रिटेन में शाही शादी के मौके पर हर कोई झुमना नाचना चाहता है। इसलिए कई जगह सड़कों पर पार्टी तो हो ही रही है वहीं लोग भांगड़े की धुन पर जमकर थिरकेंगे यानी लंदन और आसपास के इलाकों में कई जगह सड़कें जाम रहेंगी। लंदन में करीब 825 सड़कें बंद रहने की घोषणा कर दी गई है। ज्यादातर पार्टियों का आयोजन एशिया से जाकर रह रहे लोग कर रहे हैं। इनकी मदद के भी इंतज़ाम किए गए हैं।
यह एक सारांश है: शाही शादी को लेकर लोगों की दीवानगी बढ़ती जा रही है। प्रिंस विलियम और केट मिडिलटन की एक झलक देखने को लोग बेताब हैं।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र स्कूल बस मालिक संघ (एसबीओए) ने शुक्रवार से शुरू की गई अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को समाप्त कर दी, जिससे राज्य में स्कूल बस सेवाएं बहाल हो गईं। हड़ताल समाप्त करने का निर्णय शुक्रवार रात राज्य सरकार की इस चेतावनी के बाद किया गया कि हड़ताल खत्म न होने पर कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, बस मालिकों और संचालकों का कहना है कि वह राज्य सरकार के विरोध के तौर पर बसों में काले झंडे लगाकर बस चलाएंगे। एसबीओए के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने कहा, ‘‘हमें हमारे सभी सदस्यों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और राज्य में हड़ताल सफल रही। लेकिन यह सोचकर हमने हड़ताल समाप्त कर दी कि इससे स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी होगी। हम अपनी सेवाएं तत्काल बहाल कर देंगे और अपनी बसों में विरोध स्वरूप काले झंडे लगाकर उन्हें चलाएंगे।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मुद्दा पहले ही उच्च न्यायालय में है और हम इसे आगे बढ़ाएंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है।’’ एसोसिएशन ने महाराष्ट्र मोटर वाहन (स्कूली बसों का नियमन) अधिनियम, 2011 के नियमों में संशोधन की मांग को लेकर कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। एक गैर सरकारी संगठन ‘फोरम फॉर फेयरनेस इन एजुकेशन’ ने भी शुक्रवार को एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय में दाखिल कर हड़ताल को चुनौती दी। याचिका में कहा गया है कि यह नियम इसलिए लागू किए गए थे, ताकि दुर्घटनाएं कम हों, क्योंकि हादसों में बच्चों की जान भी जाती है। बहरहाल, बस मालिकों और संचालकों का कहना है कि वह राज्य सरकार के विरोध के तौर पर बसों में काले झंडे लगाकर बस चलाएंगे। एसबीओए के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने कहा, ‘‘हमें हमारे सभी सदस्यों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और राज्य में हड़ताल सफल रही। लेकिन यह सोचकर हमने हड़ताल समाप्त कर दी कि इससे स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी होगी। हम अपनी सेवाएं तत्काल बहाल कर देंगे और अपनी बसों में विरोध स्वरूप काले झंडे लगाकर उन्हें चलाएंगे।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मुद्दा पहले ही उच्च न्यायालय में है और हम इसे आगे बढ़ाएंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है।’’ एसोसिएशन ने महाराष्ट्र मोटर वाहन (स्कूली बसों का नियमन) अधिनियम, 2011 के नियमों में संशोधन की मांग को लेकर कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। एक गैर सरकारी संगठन ‘फोरम फॉर फेयरनेस इन एजुकेशन’ ने भी शुक्रवार को एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय में दाखिल कर हड़ताल को चुनौती दी। याचिका में कहा गया है कि यह नियम इसलिए लागू किए गए थे, ताकि दुर्घटनाएं कम हों, क्योंकि हादसों में बच्चों की जान भी जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मुद्दा पहले ही उच्च न्यायालय में है और हम इसे आगे बढ़ाएंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है।’’ एसोसिएशन ने महाराष्ट्र मोटर वाहन (स्कूली बसों का नियमन) अधिनियम, 2011 के नियमों में संशोधन की मांग को लेकर कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। एक गैर सरकारी संगठन ‘फोरम फॉर फेयरनेस इन एजुकेशन’ ने भी शुक्रवार को एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय में दाखिल कर हड़ताल को चुनौती दी। याचिका में कहा गया है कि यह नियम इसलिए लागू किए गए थे, ताकि दुर्घटनाएं कम हों, क्योंकि हादसों में बच्चों की जान भी जाती है। एक गैर सरकारी संगठन ‘फोरम फॉर फेयरनेस इन एजुकेशन’ ने भी शुक्रवार को एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय में दाखिल कर हड़ताल को चुनौती दी। याचिका में कहा गया है कि यह नियम इसलिए लागू किए गए थे, ताकि दुर्घटनाएं कम हों, क्योंकि हादसों में बच्चों की जान भी जाती है।
यह एक सारांश है: महाराष्ट्र स्कूल बस मालिक संघ ने शुक्रवार से शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को समाप्त कर दी, जिससे राज्य में स्कूल बस सेवाएं बहाल हो गईं।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव (lok sabha election 2019) के दौरान अपने बयानों को लेकर विवादों में रही भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Pragya Singh Thakur) से लेकर सपा के आजम खान (Azam Khan) तक ने अपनी-अपनी सीट पर जीत दर्ज की है. लगभग दो महीनों से अधिक समय तक चले चुनाव प्रचार के दौरान विवादित टिप्पणी करने वाले उम्मीदवारों में भाजपा के गिरिराज सिंह, नलिन कुमार कतील, अनंतकुमार हेगड़े, तेजस्वी सूर्या, सनी देओल और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह भी शामिल हैं. उनकी विवादित टिप्पणी के चलते कई बार चुनाव आयोग ने उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक भी लगाई. साथ ही, उन्हें उनकी पार्टी ने फटकार भी लगाई. वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले की आरोपी एवं मध्य प्रदेश में भोपाल सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने 3,64,822 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. वह महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को ‘‘देशभक्त '' बताने को लेकर हाल ही में विवादों में रही थी. भाजपा का गढ़ माने जाने वाले भोपाल में प्रज्ञा को 8,66,482 वोट मिले. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं कांग्रेस उम्मीदवार दिग्जिवय सिंह को हराया. सिंह को 5,01,279 वोट मिले. हालांकि, प्रज्ञा को 26/11 मुंबई हमलों में शहीद हुए आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे पर अपनी ‘शाप' संबंधी टिप्पणी को लेकर माफी मांगनी पड़ी. चुनाव आयोग ने उनकी नफरत भरी टिप्पणी को लेकर उनके चुनाव प्रचार करने पर पाबंदी लगा दी थी. वर्ष 2014 में भाजपा के आलोक संजर ने 3,70,696 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. चुनावों के लिए देश के तैयार होने से ठीक पहले कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने इस साल मार्च में कहा कि पुलवामा हमला एक ‘‘दुर्घटना'' थी. वहीं, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान भी रामपुर सीट से एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत गए. उन्हें अपनी पूर्व सहकर्मी और अदाकारा से नेता बनी जया प्रदा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने को लेकर व्यापक रोष का सामना करना पड़ा. जया प्रदा, चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गई थी और इस सीट पर उनकी प्रतिद्वंद्वी थी. अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर प्राथमिकी का सामना कर रहे खान को 5,59,177 वोट मिले, जबकि जया प्रदा को 4,49,180 वोट मिले. इस सीट पर भाजपा के नेपाल सिंह ने 2014 के चुनाव में 23,435 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. बिहार में भाजपा के गिरिराज सिंह बेगूसराय में 4,22,217 वोटों के अंतर से विजयी घोषित हुए हैं. जबकि वहां उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कन्हैया कुमार को 2,69, 976 वोट मिले. सिंह को कुल 6,92,193 वोट मिले. मार्च में सिंह ने कथित तौर पर कहा था कि प्रधानमंत्री की आगामी रैली में शामिल नहीं होने को ‘‘राष्ट्र विरोधी'' माना जाएगा जबकि वह खुद उस रैली में नहीं गए थे. बेगूसराय सीट पर 2014 में भाजपा के भोला सिंह ने 58,335 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. उधर, दक्षिण भारत में भाजपा के नलिन कुमार कतील कर्नाटक की दक्षिण कन्नड सीट से चुनाव जीत गए हैं. भाजपा उम्मीदवार एवं दक्षिण कन्नड सीट से मौजूदा सांसद भी गोडसे विवाद में कूद गए. दरअसल, उन्होंने गोडसे की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से की थी. कतील ने ट्वीट किया, ‘‘गोडसे ने एक को मारा, कसाब ने 72 को, राजीव गांधी ने 17,000 की हत्या की. '' हालांकि बाद में वह अपने बयान से मुकर गए थे. कतील इस सीट पर 2,74,621 वोटों के अंतर से विजयी घोषित हुए हैं. उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मिथुन एम राय थे. कतील को 7,74,285 वोट मिले. भाजपा ने उन्हें और कर्नाटक की उत्तर कन्नड़ सीट से अपने उम्मीदवार एवं केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े को भी उनकी टिप्पणियों को लेकर फटकार लगाई. मौजूदा सांसद हेगड़े ने 7,86,042 वोट हासिल कर इस सीट पर जीत हासिल की और जेडीएस उम्मीदवार आनंद अस्नोतीकर को हराया. वहीं, कर्नाटक में बेंगलुरू दक्षिण सीट से भाजपा के युवा नेता तेजस्वी सूर्या भी चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने पिछले एक साल में कई विवादास्पद बयान दिए थे. हालांकि, कई बयान से मुकर गए जबकि कुछ को ट्विटर पर मिटा दिया. उन्होंने हाल ही में ट्वीट किया था, ‘‘उफ हिंदू ! आप कब समझेंगे कि आज कांग्रेस को वोट देना कल के मुस्लिम लीग के लिए वोट है ?...'' सूर्या को 7,39,229 वोट मिले और उन्होंने कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को हराया. वर्ष 2014 में यह सीट भाजपा के अनंत कुमार ने जीती थी, जिनकी पिछले साल मृत्यु हो गई. पंजाब में गुरदासपुर से भाजपा उम्मीदवार सन्नी देओल को 5,58,719 वोट मिले और उन्होंने कांग्रेस के सुनील जाखड़ को हराया, जिन्हें 4,76,260 वोट मिले. देओल बालाकोट एयरस्ट्राइक पर अपने एक असमान्य जवाब के चलते चर्चा में रहे थे. दरअसल उन्होंने कहा था कि वह ज्यादा कुछ नहीं जानते लेकिन सिर्फ लोगों की सेवा करना चाहते हैं. इस सीट पर भाजपा के विनोद खन्ना ने 2014 में जीत हासिल की थी. (इनपुट भाषा से)
यह एक सारांश है: अनंतकुमार हेगड़े, तेजस्वी सूर्या, सनी देओल ने दिया विवादों को जन्म कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह भी विवाद पैदा करने वालों में शामिल चुनाव प्रचार के दौरान वार-प्रतिवार में सीमाएं लांघते रहे कई नेता
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देशभर के दवा दुकानदार आज (30 मई) एक दिन की हड़ताल पर हैं. दवा दुकानदारों की ये हड़ताल ऑनलाइन दवाएं बेचे जाने के विरोध में है. इस दौरान दवा विक्रेता संघ के कार्यकर्ता दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी करेंगे. महाराष्ट्र FDA ने हड़ताल से निपटने के खास इंतजाम किए हैं. 13 सहायक आयुक्तों की एक टीम बनाई गई है जो पूरी स्थिति पर नजर रखेगी. आम जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. इसके अलावा डे नाइट मेडिकल स्टोर चालू रहेंगे. अस्पताल के आसपास मेडिकल स्टोर खुला रखने की हिदायत दी गई है. एक अनुमान के मुताबिक देशभर के करीब 9 लाख केमिस्ट दुकानें बंद रहेंगे. दवाई दुकानदारों की हड़ताल के बाद लोगों के जेहन में एक ही सवाल है कि भला जरूरत पड़ने पर वे दवाइयां कहां से खरीदें? आइए जानें किन जगहों से आप जरूरी दवाइयां खरीद सकेंगे.टिप्पणियां इस हड़ताल में देश भर के दवा दुकानदार भले ही शामिल हैं, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली, राज्यों की राजधानी सहित देश भर के बड़े अस्पतालों के बाहर की दवा दुकानें बंद नहीं होंगी. उदारहण के तौर पर दिल्ली के सफदरजंग, आरएमएल, एलएनजेपी, एम्स जैसे अस्पतालों के बाहर की दवाई दुकानें खुली रहेंगी. इसी तरह पटना के पीएमसीएच, कुर्सी, एनएमसीएच और लखनऊ में पीजीआई सहित अन्य बड़े अस्पतालों के बाहर की दुकानें  खुली रहेंगी. इसके अलावा सरकारी अस्पतालों या बड़े निजी अस्पतालों के कैंपस के अंदर की केमिस्ट से दवाइयां खरीदी जा सकेंगी. इसके अलावा आप ऑनलाइन भी आप दवाई बुकिंग कर सकेंगे. दवाई दुकानदारों की हड़ताल के बाद लोगों के जेहन में एक ही सवाल है कि भला जरूरत पड़ने पर वे दवाइयां कहां से खरीदें? आइए जानें किन जगहों से आप जरूरी दवाइयां खरीद सकेंगे.टिप्पणियां इस हड़ताल में देश भर के दवा दुकानदार भले ही शामिल हैं, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली, राज्यों की राजधानी सहित देश भर के बड़े अस्पतालों के बाहर की दवा दुकानें बंद नहीं होंगी. उदारहण के तौर पर दिल्ली के सफदरजंग, आरएमएल, एलएनजेपी, एम्स जैसे अस्पतालों के बाहर की दवाई दुकानें खुली रहेंगी. इसी तरह पटना के पीएमसीएच, कुर्सी, एनएमसीएच और लखनऊ में पीजीआई सहित अन्य बड़े अस्पतालों के बाहर की दुकानें  खुली रहेंगी. इसके अलावा सरकारी अस्पतालों या बड़े निजी अस्पतालों के कैंपस के अंदर की केमिस्ट से दवाइयां खरीदी जा सकेंगी. इसके अलावा आप ऑनलाइन भी आप दवाई बुकिंग कर सकेंगे. इस हड़ताल में देश भर के दवा दुकानदार भले ही शामिल हैं, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली, राज्यों की राजधानी सहित देश भर के बड़े अस्पतालों के बाहर की दवा दुकानें बंद नहीं होंगी. उदारहण के तौर पर दिल्ली के सफदरजंग, आरएमएल, एलएनजेपी, एम्स जैसे अस्पतालों के बाहर की दवाई दुकानें खुली रहेंगी. इसी तरह पटना के पीएमसीएच, कुर्सी, एनएमसीएच और लखनऊ में पीजीआई सहित अन्य बड़े अस्पतालों के बाहर की दुकानें  खुली रहेंगी. इसके अलावा सरकारी अस्पतालों या बड़े निजी अस्पतालों के कैंपस के अंदर की केमिस्ट से दवाइयां खरीदी जा सकेंगी. इसके अलावा आप ऑनलाइन भी आप दवाई बुकिंग कर सकेंगे. इसके अलावा सरकारी अस्पतालों या बड़े निजी अस्पतालों के कैंपस के अंदर की केमिस्ट से दवाइयां खरीदी जा सकेंगी. इसके अलावा आप ऑनलाइन भी आप दवाई बुकिंग कर सकेंगे.
यहाँ एक सारांश है:30 मई को देशभर में दवा दुकानदारों की हड़ताल ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल देश के बड़े अस्पतालों के बाहर की दुकानें नहीं होंगी बंद
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेता सलमान खान का कहना है कि वह सेलेब्रिटी रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ सीजन सात की मेजबानी के लिए प्रति एपिसोड पांच करोड़ रुपये नहीं, जैसा कि खबरें हैं, बल्कि उससे भी ज्यादा ले रहे हैं।टिप्पणियां बताया जाता है कि अभिनेता इस शो के लिए पिछले सीजन के लिए जितना पैसे ले रहे थे, उसे उन्होंने दोगुना कर दिया है, लेकिन यह राशि कितनी है, उसके बारे में वह चाहते हैं कि मीडिया अटकल लगाता रहे। जब पूछा गया कि क्या वह प्रति एपिसोड पांच करोड़ रुपये ले रहे हैं तब सलमान ने कहा, कम है, यह आंकड़ा कम है। ज्यादा चार्ज कर रहा हूं। वह चौथी बार इस शो के मेजबान बनने जा रहे हैं। बताया जाता है कि अभिनेता इस शो के लिए पिछले सीजन के लिए जितना पैसे ले रहे थे, उसे उन्होंने दोगुना कर दिया है, लेकिन यह राशि कितनी है, उसके बारे में वह चाहते हैं कि मीडिया अटकल लगाता रहे। जब पूछा गया कि क्या वह प्रति एपिसोड पांच करोड़ रुपये ले रहे हैं तब सलमान ने कहा, कम है, यह आंकड़ा कम है। ज्यादा चार्ज कर रहा हूं। वह चौथी बार इस शो के मेजबान बनने जा रहे हैं। जब पूछा गया कि क्या वह प्रति एपिसोड पांच करोड़ रुपये ले रहे हैं तब सलमान ने कहा, कम है, यह आंकड़ा कम है। ज्यादा चार्ज कर रहा हूं। वह चौथी बार इस शो के मेजबान बनने जा रहे हैं।
सारांश: कहा जा रहा है कि इस शो के लिए सलमान पिछले सीजन से दोगुना पैसा ले रहे हैं, लेकिन यह राशि कितनी है, उसके बारे में वह चाहते हैं कि मीडिया अटकल लगाता रहे।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा अभिनेता आमिर खान पर किए गए हमले की आलोचना करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने कहा है कि मंत्री ने इसका संकेत दिया है कि 'मोदी सरकार में क्या गलत है.' सीपीएम ने अपने जर्नल पीपल्स डेमोक्रेसी में लिखा, 'मंत्रिमंडल के एक प्रमुख पद पर होने के बावजूद पर्रिकर ने असहिष्णुता और कट्टरता को उगला, पाकिस्तान के खिलाफ झगड़ालू बयान दिया और सुरक्षा बलों की छवि से समझौता किया.' सीपीएम ने कहा कि पर्रिकर ने एक के बाद एक कट्टर टिप्पणियां कीं. 'उनका नवीनतम विवादास्पद बयान अभिनेता आमिर खान पर किया गया हमला है, जिसमें उन्होंने कहा कि वह अभिमानी है और उसे सबक सिखाया जाना चाहिए.' पत्रिका में कहा गया, 'आमिर खान के बारे में उनका यह बयान इस बात को लेकर था कि देश में बढ़ती असहिष्णुता के मद्देनजर आमिर खान ने यह टिप्पणी की थी कि उनकी पत्नी पूछ रही है कि क्या भारत में रहना सही होगा?' इसमें कहा गया, 'पर्रिकर ने इसके अलावा एक निजी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ अभियान चलानेवालों की सराहना की जिन्होंने कंपनी पर दवाब डाला कि वे आमिर खान की स्पॉन्सरशिप रद्द कर दे. ऐसा कर पर्रिकर ने ना सिर्फ उन लोगों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई का समर्थन किया जो कथित 'राष्ट्र विरोधी' है, बल्कि धर्माध व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया कि वे उनलोगों को सबक सिखाएं जो देशभक्ति के बारे में उनके हिंदुत्व ब्रांड से जुदा राय रखते हैं.' टिप्पणियां इस संपादकीय में ध्यान दिलाया गया कि पिछले साल जून में पर्रिकर ने दावा किया था कि भारतीय सेनाओं के लिए सम्मान में कमी आ गई है, क्योंकि इसे पिछले 40-50 साल से कोई लड़ाई नहीं लड़ी है. मुखपत्र में कहा गया, 'यह युद्धप्रिय रुख इस बात के खिलाफ है कि सेनाएं देश की रक्षा करने और शांति बनाए रखने के लिए है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीपीएम ने अपने जर्नल पीपल्स डेमोक्रेसी में लिखा, 'मंत्रिमंडल के एक प्रमुख पद पर होने के बावजूद पर्रिकर ने असहिष्णुता और कट्टरता को उगला, पाकिस्तान के खिलाफ झगड़ालू बयान दिया और सुरक्षा बलों की छवि से समझौता किया.' सीपीएम ने कहा कि पर्रिकर ने एक के बाद एक कट्टर टिप्पणियां कीं. 'उनका नवीनतम विवादास्पद बयान अभिनेता आमिर खान पर किया गया हमला है, जिसमें उन्होंने कहा कि वह अभिमानी है और उसे सबक सिखाया जाना चाहिए.' पत्रिका में कहा गया, 'आमिर खान के बारे में उनका यह बयान इस बात को लेकर था कि देश में बढ़ती असहिष्णुता के मद्देनजर आमिर खान ने यह टिप्पणी की थी कि उनकी पत्नी पूछ रही है कि क्या भारत में रहना सही होगा?' इसमें कहा गया, 'पर्रिकर ने इसके अलावा एक निजी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ अभियान चलानेवालों की सराहना की जिन्होंने कंपनी पर दवाब डाला कि वे आमिर खान की स्पॉन्सरशिप रद्द कर दे. ऐसा कर पर्रिकर ने ना सिर्फ उन लोगों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई का समर्थन किया जो कथित 'राष्ट्र विरोधी' है, बल्कि धर्माध व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया कि वे उनलोगों को सबक सिखाएं जो देशभक्ति के बारे में उनके हिंदुत्व ब्रांड से जुदा राय रखते हैं.' टिप्पणियां इस संपादकीय में ध्यान दिलाया गया कि पिछले साल जून में पर्रिकर ने दावा किया था कि भारतीय सेनाओं के लिए सम्मान में कमी आ गई है, क्योंकि इसे पिछले 40-50 साल से कोई लड़ाई नहीं लड़ी है. मुखपत्र में कहा गया, 'यह युद्धप्रिय रुख इस बात के खिलाफ है कि सेनाएं देश की रक्षा करने और शांति बनाए रखने के लिए है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीपीएम ने कहा कि पर्रिकर ने एक के बाद एक कट्टर टिप्पणियां कीं. 'उनका नवीनतम विवादास्पद बयान अभिनेता आमिर खान पर किया गया हमला है, जिसमें उन्होंने कहा कि वह अभिमानी है और उसे सबक सिखाया जाना चाहिए.' पत्रिका में कहा गया, 'आमिर खान के बारे में उनका यह बयान इस बात को लेकर था कि देश में बढ़ती असहिष्णुता के मद्देनजर आमिर खान ने यह टिप्पणी की थी कि उनकी पत्नी पूछ रही है कि क्या भारत में रहना सही होगा?' इसमें कहा गया, 'पर्रिकर ने इसके अलावा एक निजी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ अभियान चलानेवालों की सराहना की जिन्होंने कंपनी पर दवाब डाला कि वे आमिर खान की स्पॉन्सरशिप रद्द कर दे. ऐसा कर पर्रिकर ने ना सिर्फ उन लोगों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई का समर्थन किया जो कथित 'राष्ट्र विरोधी' है, बल्कि धर्माध व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया कि वे उनलोगों को सबक सिखाएं जो देशभक्ति के बारे में उनके हिंदुत्व ब्रांड से जुदा राय रखते हैं.' टिप्पणियां इस संपादकीय में ध्यान दिलाया गया कि पिछले साल जून में पर्रिकर ने दावा किया था कि भारतीय सेनाओं के लिए सम्मान में कमी आ गई है, क्योंकि इसे पिछले 40-50 साल से कोई लड़ाई नहीं लड़ी है. मुखपत्र में कहा गया, 'यह युद्धप्रिय रुख इस बात के खिलाफ है कि सेनाएं देश की रक्षा करने और शांति बनाए रखने के लिए है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसमें कहा गया, 'पर्रिकर ने इसके अलावा एक निजी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ अभियान चलानेवालों की सराहना की जिन्होंने कंपनी पर दवाब डाला कि वे आमिर खान की स्पॉन्सरशिप रद्द कर दे. ऐसा कर पर्रिकर ने ना सिर्फ उन लोगों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई का समर्थन किया जो कथित 'राष्ट्र विरोधी' है, बल्कि धर्माध व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया कि वे उनलोगों को सबक सिखाएं जो देशभक्ति के बारे में उनके हिंदुत्व ब्रांड से जुदा राय रखते हैं.' टिप्पणियां इस संपादकीय में ध्यान दिलाया गया कि पिछले साल जून में पर्रिकर ने दावा किया था कि भारतीय सेनाओं के लिए सम्मान में कमी आ गई है, क्योंकि इसे पिछले 40-50 साल से कोई लड़ाई नहीं लड़ी है. मुखपत्र में कहा गया, 'यह युद्धप्रिय रुख इस बात के खिलाफ है कि सेनाएं देश की रक्षा करने और शांति बनाए रखने के लिए है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस संपादकीय में ध्यान दिलाया गया कि पिछले साल जून में पर्रिकर ने दावा किया था कि भारतीय सेनाओं के लिए सम्मान में कमी आ गई है, क्योंकि इसे पिछले 40-50 साल से कोई लड़ाई नहीं लड़ी है. मुखपत्र में कहा गया, 'यह युद्धप्रिय रुख इस बात के खिलाफ है कि सेनाएं देश की रक्षा करने और शांति बनाए रखने के लिए है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: सीपीएम ने जर्नल पीपल्स डेमोक्रेसी में मनोहर पर्रिकर की आलोचना की सीपीएम ने कहा कि पर्रिकर ने एक के बाद एक कट्टर टिप्पणियां कीं अभिनेता आमिर खान को लेकर पर्रिकर के बयान पर हुआ था विवाद
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में अरहर की सर्वाधिक पैदावार के बाद राज्य की फडणवीस सरकार को दाल की खरीद में घपले की चिंता सता रही है. इसलिए राज्य सरकार सर्वाधिक अरहर बेचने वाले 1000 किसानों पर नजर रखे है. अरहर की बम्पर फसल खरीदने के लिए महाराष्ट्र सरकार का योजना गड़बड़ा गई है. पिछले साल के 25 लाख 60 हजार टन के मुकाबले देश में इस साल 42 लाख 30 हजार टन अरहर का उत्पादन हुआ है. जिसमें से अकेले महाराष्ट्र के किसानों ने 20 लाख टन से ज्यादा अरहर दाल पैदा की है. इस दाल को खरीदने में हो रही देरी से किसान परेशान हैं. ऐसे में राज्य के सहकारिता विभाग ने अरहर बेचने वाले किसानों की जांच-पड़ताल करने का फैसला लिया है. सरकार को शक है कि कहीं ज्यादा कमाई के लिए व्यापारी किसानों की आड़ में अपना माल सरकार को तो नहीं बेच रहे. फसल के बाद व्यापारियों ने महाराष्ट्र में 3500 रुपये प्रति क्विंटल का दाम दिया था. जबकि सरकार 5050 रुपये प्रति क्विंटल का दाम दे रही है. ऐसे में सरकार जानना चाहती है कि अरहर बेचने पहुंचे किसानों ने क्या सचमुच वह फसल लगाई भी थी या नहीं?टिप्पणियां इस बात की सूचना देते हुए राज्य के सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख ने NDTV इंडिया को बताया कि अरहर की खरीद में अधिकारियों और व्यापारियों ने मिलीभगत की है, जिसकी जांच के आदेश दिए हैं. जो दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी. उधर, एनसीपी सरकारी फरमान से बौखलाई हुई है. उसने किसानों की जांच के आदेश को अन्यायपूर्ण बताया है. महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता विपक्ष धनंजय मुंडे ने मांग की है कि सरकार ऐसे फरमान को तुरंत वापस ले. अरहर की बम्पर फसल खरीदने के लिए महाराष्ट्र सरकार का योजना गड़बड़ा गई है. पिछले साल के 25 लाख 60 हजार टन के मुकाबले देश में इस साल 42 लाख 30 हजार टन अरहर का उत्पादन हुआ है. जिसमें से अकेले महाराष्ट्र के किसानों ने 20 लाख टन से ज्यादा अरहर दाल पैदा की है. इस दाल को खरीदने में हो रही देरी से किसान परेशान हैं. ऐसे में राज्य के सहकारिता विभाग ने अरहर बेचने वाले किसानों की जांच-पड़ताल करने का फैसला लिया है. सरकार को शक है कि कहीं ज्यादा कमाई के लिए व्यापारी किसानों की आड़ में अपना माल सरकार को तो नहीं बेच रहे. फसल के बाद व्यापारियों ने महाराष्ट्र में 3500 रुपये प्रति क्विंटल का दाम दिया था. जबकि सरकार 5050 रुपये प्रति क्विंटल का दाम दे रही है. ऐसे में सरकार जानना चाहती है कि अरहर बेचने पहुंचे किसानों ने क्या सचमुच वह फसल लगाई भी थी या नहीं?टिप्पणियां इस बात की सूचना देते हुए राज्य के सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख ने NDTV इंडिया को बताया कि अरहर की खरीद में अधिकारियों और व्यापारियों ने मिलीभगत की है, जिसकी जांच के आदेश दिए हैं. जो दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी. उधर, एनसीपी सरकारी फरमान से बौखलाई हुई है. उसने किसानों की जांच के आदेश को अन्यायपूर्ण बताया है. महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता विपक्ष धनंजय मुंडे ने मांग की है कि सरकार ऐसे फरमान को तुरंत वापस ले. इस बात की सूचना देते हुए राज्य के सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख ने NDTV इंडिया को बताया कि अरहर की खरीद में अधिकारियों और व्यापारियों ने मिलीभगत की है, जिसकी जांच के आदेश दिए हैं. जो दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी. उधर, एनसीपी सरकारी फरमान से बौखलाई हुई है. उसने किसानों की जांच के आदेश को अन्यायपूर्ण बताया है. महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता विपक्ष धनंजय मुंडे ने मांग की है कि सरकार ऐसे फरमान को तुरंत वापस ले. उधर, एनसीपी सरकारी फरमान से बौखलाई हुई है. उसने किसानों की जांच के आदेश को अन्यायपूर्ण बताया है. महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता विपक्ष धनंजय मुंडे ने मांग की है कि सरकार ऐसे फरमान को तुरंत वापस ले.
संक्षिप्त पाठ: किसानों की आड़ में सरकार को व्यापारियों द्वारा अरहर बेचने का शक व्यापारी 3500 और सरकार 5050 रुपये प्रति क्विंटल खरीद रही अरहर खरीद में अधिकारियों और व्यापारियों की मिलीभगत की जांच होगी
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह ने ‘खामियों’ की जांच की जरूरत बताई जिसके चलते उरी में सेना के शिविर पर हमला हुआ और साथ ही सलाह दी कि भारतीय सेना उपयुक्त योजना के साथ ‘ठंडे दिमाग से’ जवाब देने पर निर्णय करें. विदेश राज्यमंत्री ने कहा, सेना को काफी नजदीक से देखे होने के कारण मेरा मानना है कि यह विश्लेषण करने की जरूरत है कि वहां क्या हुआ..जांच करने की जरूरत है कि कैसे घटना हुई और क्या खामियां रहीं.’ सिंह ने कहा, ‘‘..सेना की तरफ से सतर्क रहने की जरूरत है. कश्मीर की स्थिति पर सोचने की जरूरत है। भावनाओं, गुस्से से प्रभावित हुए बगैर कार्रवाई करने की जरूरत है. इसे शांत तरीके से और उपयुक्त योजना के साथ करना होगा.’’ उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की जाने वाली कार्रवाई पर बात की है. टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसे (कार्रवाई को) सरकार पर छोड़ देना होगा.’’ उरी आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए पीएम मोदी ने रविवार को कहा था कि ‘घिनौने’ कृत्य में जिनका भी हाथ है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमले में 18 सैनिक शहीद हो गए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विदेश राज्यमंत्री ने कहा, सेना को काफी नजदीक से देखे होने के कारण मेरा मानना है कि यह विश्लेषण करने की जरूरत है कि वहां क्या हुआ..जांच करने की जरूरत है कि कैसे घटना हुई और क्या खामियां रहीं.’ सिंह ने कहा, ‘‘..सेना की तरफ से सतर्क रहने की जरूरत है. कश्मीर की स्थिति पर सोचने की जरूरत है। भावनाओं, गुस्से से प्रभावित हुए बगैर कार्रवाई करने की जरूरत है. इसे शांत तरीके से और उपयुक्त योजना के साथ करना होगा.’’ उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की जाने वाली कार्रवाई पर बात की है. टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसे (कार्रवाई को) सरकार पर छोड़ देना होगा.’’ उरी आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए पीएम मोदी ने रविवार को कहा था कि ‘घिनौने’ कृत्य में जिनका भी हाथ है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमले में 18 सैनिक शहीद हो गए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की जाने वाली कार्रवाई पर बात की है. टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसे (कार्रवाई को) सरकार पर छोड़ देना होगा.’’ उरी आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए पीएम मोदी ने रविवार को कहा था कि ‘घिनौने’ कृत्य में जिनका भी हाथ है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमले में 18 सैनिक शहीद हो गए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसे (कार्रवाई को) सरकार पर छोड़ देना होगा.’’ उरी आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए पीएम मोदी ने रविवार को कहा था कि ‘घिनौने’ कृत्य में जिनका भी हाथ है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमले में 18 सैनिक शहीद हो गए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: शांत तरीके से उपयुक्त योजना बनानी होगी घटना कैसे हुई ये जांच करने की जरूरत सेना की तरफ से सतर्क रहने की जरूरत है
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के मध्यपश्चिमी क्षेत्र में जमा देने वाली ठंड की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. अंटार्कटिका से भी ज्यादा ठंड यहां पड़ रही है. ठंड के कारण विमानों की सेवा भी बाधित हुई है. अमेरिका के शिकागो में सुबह के समय तापमान शून्य से 30 डिग्री नीचे चला गया. बर्फीली हवाओं की वजह से जन-जीवन बिल्कुल ठप पड़ गया. अलास्का की राजधानी और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों से भी ज्यादा ठंड यहां महसूस की जा रही है. शहर के दो बड़े एयरपोर्ट पर 1500 से ज्यादा उड़ानों को रद्द करना पड़ा. रेल सेवा भी बाधित हो गयी. शिकागो समेत पूरे उत्तरी इल्योनिस खतरनाक ठंड की चपेट में है, अनुमान के मुताबिक तापमान शून्य से 27 डिग्री तक जा सकता है जबकि हवा की ठंड़क 55 डिग्री तक नीचे हो सकती है. हालात को देखते हुए शिकागो के चिड़ियाघर को मंगलवार की दोपहर ही बंद कर दिया था जो अगले दो दिन तक बंद ही रखा गया. वही स्थानीय यात्रियों की सुविधा के लिए रेल सेवाओं में गैस हीटर का इस्तेमाल किया जा रहा है. अमेरिका के 10 राज्यों में भारी बर्फ़बारी हो रही है. तापमान शून्य से 20 डिग्री नीचे चला गया है, जिससे ठिठुरन काफ़ी ज़्यादा बढ़ गई है. ठंड ऐसी है कि अगर इंसान 10 मिनट तक बाहर रहे तो हाथ-पैर गल सकते हैं. लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपील की जा रही है. भारी बर्फ़बारी और कड़ाके की सर्दी की वजह से कई ट्रेनें रद्द हैं. सड़क और हवाई यातायात भी प्रभावित है. अमेरिका में कोलोराडो के डेनवर में भारी बर्फबारी की वजह से आम जनजीवन पर असर पड़ा है. कई इंच बर्फ़बारी की वजह से लोगों को सुबह काम पर जाने में परेशानी हुई. सड़कों पर बर्फ़ जमा होने की वजह से कई हादसों की खबर है. बसें और रेलगाड़ियां लगातार लेट चल रही हैं. अपने कुत्ते को बचाने के लिए जमी हुई लेक मिशीगन में कूदे शख्स को शिकागो पुलिस के अफ़सरों ने बचा लिया. ये शख्स अपने कुत्ते के साथ सुबह की सैर पर निकला था उसी वक्त कुत्ता झील में कूद गया. पुलिस अफसरों के बॉडीकैम से मिली फुटेज से शख्स को बचने की चमत्कारिक तस्वीरें सामने आई हैं. शख्स कमर तक पानी में फंसकर मदद के लिये चिल्ला रहा था. अमेरिका में ठंड और बर्फबारी से हालात और खराब होने की चेतावनी मौसम वैज्ञानिक दे रहे हैं. जीरो से नीचे तापमान की शुरुआत मंगलवार को हुई और आगे हालात और खराब होने के आसार हैं. इलिनॉइस में ठंडी हवाएं तापमान को शून्य से 55 डिग्री तक नीचे ले जा सकती हैं. नेशनल वेदर सर्विस इसे जानलेवा बताकर चेतावनी दे रही है.  अमेरिका में आए बर्फीले तूफान का असर वहां बर्फ से मूर्तियां बनाने वाली प्रतियोगिता पर भी पड़ा है. बेहद ठंड की वजह से इसके लिए बर्फ जमा करने का काम बुधवार को पूरा हो सका, साथ ही ठंड के कारण बर्फ बेहद सूखी है जो मूर्तियों को कमजोर करती है. इसके आयोजकों के मुताबिक उन्होंने प्रतियोगिता को बेहतर बनाने के लिहाज से देर से शुरू करने का फैसला लिया है.
सारांश: ठंड ने कई साल का रिकॉर्ड तोड़ा अगले कुछ दिनों में मिल सकती है ठंड से राहत सरकार ने जारी किया अलर्ट
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रत्‍युषा बनर्जी ने पिछले साल मुंबई के ओशीवारा स्थित अपने घर में फांसी लगा कर आत्‍महत्‍या कर ली थी. प्रत्‍युषा ने साल 2010 में टीवी सीरियल 'रक्‍त संबंध' से अपने करियर की शुरुआत की थी. इसी साल वह सीरियल 'बालिका वधु' में आनंदी के किरदार में नजर आईं. तीन साल बाद उन्‍होंने डांसिंग शो 'झलक दिखला जा' में भाग लेने के लिए 'बालिका वधु' छोड़ दिया था. प्रत्‍युषा 'बिग बॉस' के 7वें सीजन में नजर आ चुकी थीं. प्रत्‍युषा बनर्जी और काम्‍या पंजाबी इसी शो में एक दूसरे से मिली थीं. प्रत्‍युषा बनर्जी ने पिछले साल मुंबई के ओशीवारा स्थित अपने घर में फांसी लगा कर आत्‍महत्‍या कर ली थी. प्रत्‍युषा ने साल 2010 में टीवी सीरियल 'रक्‍त संबंध' से अपने करियर की शुरुआत की थी. इसी साल वह सीरियल 'बालिका वधु' में आनंदी के किरदार में नजर आईं. तीन साल बाद उन्‍होंने डांसिंग शो 'झलक दिखला जा' में भाग लेने के लिए 'बालिका वधु' छोड़ दिया था. प्रत्‍युषा 'बिग बॉस' के 7वें सीजन में नजर आ चुकी थीं. प्रत्‍युषा बनर्जी और काम्‍या पंजाबी इसी शो में एक दूसरे से मिली थीं.
संक्षिप्त पाठ: प्रत्‍युषा बनर्जी पर बनी शॉर्ट फिल्‍म उनकी पुण्‍यतिथि पर हुई रिलीज मरने से पहले इस फिल्‍म के लिए आखिरी बार प्रत्‍युषा ने की थी शूटिंग रिएलिटी शो 'बिग बॉस' पर काम्‍या पंजाबी से मिली थीं प्रत्‍युषा
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में पोर्टेबिलिटी से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और जिससे ग्राहकों को बेहतर मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता की सेवाएं मिल सकेंगी। पोर्टेबिलिटी के तहत ग्राहक पालिसी के नियमों के साथ समझौता किए बगैर सेवा प्रदाता बदल सकेंगे। बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी दिशानिर्देशों से ग्राहक 1 जुलाई से बीमा कंपनी बदल सकेंगे। आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस के प्रमुख (स्वास्थ्य) संजय दत्ता ने कहा, यह मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी जैसा है। ग्राहकों का इंतजार खत्म होगा। उन्होंने कहा कि जहां इससे ग्राहकों को राहत मिलेगी, वहीं बीमा कंपनियों के बीच बेहतर सेवा देने की होड़ बढ़ेगी। भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक अमरनाथ अतंतनारायणन ने कहा, क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बेहतर गुणवत्ता की सेवाएं मिलेंगी। प्रीमियम दरों में बार-बार फेरबदल एवं जरूरत से अधिक शुल्क वसूली की प्रवृत्ति घटेगी। बीमा नियामक इरडा ने स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी के लिए अपने दिशानिर्देशों में यह अनिवार्य किया है कि मौजूदा बीमा कंपनियों के ऐसे ग्राहक जो पहले ही बीमारी से ग्रसित हैं, पोर्टेबिलिटी की स्थिति में नई बीमा कंपनियां उन ग्राहकों को बीमा कवर देंगी।
यहाँ एक सारांश है:स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में पोर्टेबिलिटी से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और जिससे ग्राहकों को बेहतर मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता की सेवाएं मिल सकेंगी।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मांग की है कि दिल्ली सरकार द्वारा वापस लौटाई जाने वाली बिजली की आपूर्ति उनके राज्य को की जाए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री ने 23 अक्टूबर को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है, "दिल्ली सरकार ने पहली नवम्बर, 2012 से 31 मार्च, 2013 के बीच 24 घंटे 230 मेगावाट और रात 12 बजे से से सुबह छह बजे तक 1,491 मेगावाट बिजली लौटाने का प्रस्ताव रखा है।" यह पत्र बुधवार को सार्वजनिक किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के विद्युत विभाग ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से दिल्ली द्वारा लौटाई जाने वाली बिजली की पूरी मात्रा तमिलनाडु को देने के लिए निवेदन किया है। जयललिता ने कहा कि बारिश नहीं होने के कारण राज्य में बिजली की भीषण किल्लत है। मुख्यमंत्री ने 23 अक्टूबर को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है, "दिल्ली सरकार ने पहली नवम्बर, 2012 से 31 मार्च, 2013 के बीच 24 घंटे 230 मेगावाट और रात 12 बजे से से सुबह छह बजे तक 1,491 मेगावाट बिजली लौटाने का प्रस्ताव रखा है।" यह पत्र बुधवार को सार्वजनिक किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के विद्युत विभाग ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से दिल्ली द्वारा लौटाई जाने वाली बिजली की पूरी मात्रा तमिलनाडु को देने के लिए निवेदन किया है। जयललिता ने कहा कि बारिश नहीं होने के कारण राज्य में बिजली की भीषण किल्लत है। उन्होंने कहा कि राज्य के विद्युत विभाग ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से दिल्ली द्वारा लौटाई जाने वाली बिजली की पूरी मात्रा तमिलनाडु को देने के लिए निवेदन किया है। जयललिता ने कहा कि बारिश नहीं होने के कारण राज्य में बिजली की भीषण किल्लत है।
यहाँ एक सारांश है:तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मांग की है कि दिल्ली सरकार द्वारा वापस लौटाई जाने वाली बिजली की आपूर्ति उनके राज्य को की जाए।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूर्वोत्तर का राज्य सिक्किम क्षेत्रफल में देश के सिर्फ एक प्रदेश गोवा से बड़ा है. यहां लोकसभा की एक सीट है. यह सीट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करती है. सिक्किम लोकसभा क्षेत्र सामान्य वर्ग के लिए है, यानी कि अनारक्षित है. यहां राज्यसभा के लिए भी एक सीट है.   सिक्किम में लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र मात्र एक है. यहां राज्यसभा के लिए भी एक सीट है. विधानसभा की 32 सीटें हैं. सिक्किम में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) सहित कुछ छोटे स्थानीय राजनीतिक दल हैं.हालांकि यहां बीजेपी, कांग्रेस, तृणमूल जैसे राष्ट्रीय दल भी सक्रिय हैं. सिक्किम में कुल 3,70,731 मतदाता हैं जिनमें 1,79,650 महिलाएं शामिल हैं. सिक्किम की आबादी 5,40,493 है. इसमें पुरुषों की संख्या 2,88,217 और महिलाओं की संख्या 2,52,276 है. सिक्किम में जनसंख्या का घनत्व 76 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है जो कि भारत में न्यूनतम है. सिक्किम भारत के पूर्वोत्तर का एक पर्वतीय राज्य है. यह राज्य पश्चिम में नेपाल, उत्तर तथा पूर्व में चीनी तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र तथा दक्षिण-पूर्व में भूटान से सटा हुआ है. पश्चिम बंगाल राज्य इसके दक्षिण में है. यहां अंग्रेजी, गोर्खा खस भाषा, लेप्चा, भूटिया, लिंबू तथा हिन्दी आधिकारिक भाषाएं हैं. हिन्दू तथा बज्रयान बौद्ध धर्म सिक्किम के प्रमुख धर्म हैं. गंगटोक प्रदेश की राजधानी तथा यहां का सबसे बड़ा शहर है. सिक्किम पहले नाम ग्याल राजतंत्र का एक स्वतंत्र राज्य था.  प्रशासनिक समस्यायों के कारण और जनमत संग्रह के आधार पर सन 1975 में इसका भारत में विलय हो गया. सिक्किम की जनसंख्या भारत के राज्यों में सबसे कम है और इसका क्षेत्रफल सिर्फ गोवा से अधिक है. सिक्किम भौगोलिक दृष्टि से काफी विविधतापूर्ण है. दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा सिक्किम के उत्तरी पश्चिमी भाग में नेपाल की सीमा पर है. प्राकृतिक सुंदरता सहित कई विशेषताओं के कारण सिक्किम पर्यटन का प्रमुख केन्द्र है. सिक्किम में चार जनपद (जिला) हैं. चीन की सीमा से लगे होने के कारण यहां भारतीय सेना का बाहुल्य है. कई क्षेत्रों में प्रवेश निषेध है और लोगों को घूमने के लिए परमिट लेना पड़ता है. सिक्किम में कुल आठ कस्बे एवं नौ उप-विभाग हैं. यहां के चार जिले पूर्व सिक्किम, पश्चिम सिक्किम, उत्तरी सिक्किम एवं दक्षिणी सिक्किम हैं.
यहाँ एक सारांश है:सिक्किम की आबादी सिर्फ 5,40,493 सिक्किम में कुल 3,70,731 मतदाता महिला मतदाताओं की संख्या 1,79,650
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उप्र के नरैनी सीट से बीएसपी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी पर यौन उत्पीड़न मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सीबीसीआईडी जांच के आदेश दे दिए हैं। इससे पहले विधायक पर आरोप लगाने वाली 17 साल की एक लड़की का मेडिकल परीक्षण किया गया। तीन डॉक्टरों की टीम ने लड़की की मेडिकल जांच की। बांदा के एसपी के कहने पर मुख्य चिकित्साअधिकारी ने तीन डॉक्टरों की टीम बनाई जिसमें दो महिला डॉक्टर शामिल की गईं। जांच के बाद अब मेडिकल रिपोर्ट का इंतज़ार है। लड़की ने विधायक पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने गुर्गों के साथ मिलकर उसका यौन शोषण किया और विरोध करने पर चोरी के इल्जाम में उसे जेल में डलवा दिया जबकि विधायक उसे पार्टी कार्यकर्ता की बेटी बता रहे हैं जो उनके ही घर में 'बेटी' की तरह रहती थी लेकिन पैसे और राइफल चुराकर भाग गई। इस मामले पर अब सियासत शुरू हो गई है समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने बसपा सरकार में असुरक्षित होती महिलाओं की बात कही है।
यह एक सारांश है: नरैनी सीट से बीएसपी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी पर यौन उत्पीड़न मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सीबीसीआईडी जांच के आदेश दे दिए हैं।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिमी प्रशांत में उत्तरी मारियाना द्वीप के पास आज 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, लेकिन सुनामी संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप सुबह करीब सात बजकर 18 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर आया, जिसका केंद्र एग्रीहान द्वीप के दक्षिण पश्चिम में करीब 31 किलोमीटर दूर 212 किलोमीटर गहराई में था।टिप्पणियां सुनामी संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप सुबह करीब सात बजकर 18 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर आया, जिसका केंद्र एग्रीहान द्वीप के दक्षिण पश्चिम में करीब 31 किलोमीटर दूर 212 किलोमीटर गहराई में था।टिप्पणियां सुनामी संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुनामी संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: सुनामी संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है भूकंप सुबह करीब सात बजकर 18 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर आया भूकंप का केंद्र एग्रीहान द्वीप के साउथ-वेस्‍ट में करीब 31 किलोमीटर दूर था
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह जारी होने वाले सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख से तय होगी। मार्च तिमाही के जीडीपी के आंकड़े शुक्रवार को आने हैं। गुरुवार को मई, 2013 के वायदा एवं विकल्प अनुबंध समाप्त होने हैं, जिसके कारण सप्ताह के शुरुआती दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। 31 मई यानी शुक्रवार को सरकार सार्वजनिक रूप से पिछले वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों की घोषणा करेगी। तीसरी तिमाही (दिसंबर, 2013) में भारत का सकल घरेलू उत्पाद 4.5 फीसदी रहा, जबकि दूसरी तिमाही (सितंबर 2013) में यह आंकड़ा 5.3 फीसदी रहा था। निकट भविष्य में निवेशकों की रुचि घरेलू बाजारों में होने वाले विदेश निधि प्रवाह की ओर होगी। मई माह में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने घरेलू शेयरों पर 18,197.70 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि अप्रैल में 5,414.10 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक (22 मई) घरेलू बाजारों में एफआईआई द्वारा कुल 79,234.10 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। सरकार द्वारा मौद्रिक नीति सरल कर देने के बाद से भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोर्लियो निवेशकों द्वारा निवेश बढ़ा है। गत वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही के मुनाफा अर्जित करने की अवधि लगभग समाप्ति की ओर है। टिप्पणियां चौथी तिमाही के परिणाम सूची के अनुसार, कोल इंडिया आगामी 27 मई (सोमवार) को समेकित वित्तीय वर्ष 2013 के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेगी। वॉकहार्ड अपने चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों की घोषणा 27 मई (सोमवार) को करेगी। सन फार्मा, गेल इंडिया, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और एचपीसीएल 28 मई (मंगलवार) को अपने चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। 28 मई (बुधवार) को बीपीसीएल, केनरा बैंक, सिप्ला और ओएनजीसी अपनी चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। गुरुवार, 30 मई को डीएलएफ, इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन और भारत इलेक्ट्रिकल्स अपनी चौथी तिमाही (मार्च 2013) के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगे। अब तक घोषित चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों के मुताबिक साल 2011-12 की समान अवधि के मुकाबले 2012-13 में 1,379 कंपनियों द्वारा 6.9 फीसदी यानी 7,82,289 करोड़ की बिक्री का कुल शुद्ध लाभ 3.8 फीसदी यानी 75,830 करोड़ रुपये है। गुरुवार को मई, 2013 के वायदा एवं विकल्प अनुबंध समाप्त होने हैं, जिसके कारण सप्ताह के शुरुआती दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। 31 मई यानी शुक्रवार को सरकार सार्वजनिक रूप से पिछले वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों की घोषणा करेगी। तीसरी तिमाही (दिसंबर, 2013) में भारत का सकल घरेलू उत्पाद 4.5 फीसदी रहा, जबकि दूसरी तिमाही (सितंबर 2013) में यह आंकड़ा 5.3 फीसदी रहा था। निकट भविष्य में निवेशकों की रुचि घरेलू बाजारों में होने वाले विदेश निधि प्रवाह की ओर होगी। मई माह में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने घरेलू शेयरों पर 18,197.70 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि अप्रैल में 5,414.10 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक (22 मई) घरेलू बाजारों में एफआईआई द्वारा कुल 79,234.10 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। सरकार द्वारा मौद्रिक नीति सरल कर देने के बाद से भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोर्लियो निवेशकों द्वारा निवेश बढ़ा है। गत वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही के मुनाफा अर्जित करने की अवधि लगभग समाप्ति की ओर है। टिप्पणियां चौथी तिमाही के परिणाम सूची के अनुसार, कोल इंडिया आगामी 27 मई (सोमवार) को समेकित वित्तीय वर्ष 2013 के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेगी। वॉकहार्ड अपने चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों की घोषणा 27 मई (सोमवार) को करेगी। सन फार्मा, गेल इंडिया, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और एचपीसीएल 28 मई (मंगलवार) को अपने चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। 28 मई (बुधवार) को बीपीसीएल, केनरा बैंक, सिप्ला और ओएनजीसी अपनी चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। गुरुवार, 30 मई को डीएलएफ, इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन और भारत इलेक्ट्रिकल्स अपनी चौथी तिमाही (मार्च 2013) के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगे। अब तक घोषित चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों के मुताबिक साल 2011-12 की समान अवधि के मुकाबले 2012-13 में 1,379 कंपनियों द्वारा 6.9 फीसदी यानी 7,82,289 करोड़ की बिक्री का कुल शुद्ध लाभ 3.8 फीसदी यानी 75,830 करोड़ रुपये है। तीसरी तिमाही (दिसंबर, 2013) में भारत का सकल घरेलू उत्पाद 4.5 फीसदी रहा, जबकि दूसरी तिमाही (सितंबर 2013) में यह आंकड़ा 5.3 फीसदी रहा था। निकट भविष्य में निवेशकों की रुचि घरेलू बाजारों में होने वाले विदेश निधि प्रवाह की ओर होगी। मई माह में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने घरेलू शेयरों पर 18,197.70 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि अप्रैल में 5,414.10 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक (22 मई) घरेलू बाजारों में एफआईआई द्वारा कुल 79,234.10 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। सरकार द्वारा मौद्रिक नीति सरल कर देने के बाद से भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोर्लियो निवेशकों द्वारा निवेश बढ़ा है। गत वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही के मुनाफा अर्जित करने की अवधि लगभग समाप्ति की ओर है। टिप्पणियां चौथी तिमाही के परिणाम सूची के अनुसार, कोल इंडिया आगामी 27 मई (सोमवार) को समेकित वित्तीय वर्ष 2013 के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेगी। वॉकहार्ड अपने चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों की घोषणा 27 मई (सोमवार) को करेगी। सन फार्मा, गेल इंडिया, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और एचपीसीएल 28 मई (मंगलवार) को अपने चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। 28 मई (बुधवार) को बीपीसीएल, केनरा बैंक, सिप्ला और ओएनजीसी अपनी चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। गुरुवार, 30 मई को डीएलएफ, इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन और भारत इलेक्ट्रिकल्स अपनी चौथी तिमाही (मार्च 2013) के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगे। अब तक घोषित चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों के मुताबिक साल 2011-12 की समान अवधि के मुकाबले 2012-13 में 1,379 कंपनियों द्वारा 6.9 फीसदी यानी 7,82,289 करोड़ की बिक्री का कुल शुद्ध लाभ 3.8 फीसदी यानी 75,830 करोड़ रुपये है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक (22 मई) घरेलू बाजारों में एफआईआई द्वारा कुल 79,234.10 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। सरकार द्वारा मौद्रिक नीति सरल कर देने के बाद से भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोर्लियो निवेशकों द्वारा निवेश बढ़ा है। गत वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही के मुनाफा अर्जित करने की अवधि लगभग समाप्ति की ओर है। टिप्पणियां चौथी तिमाही के परिणाम सूची के अनुसार, कोल इंडिया आगामी 27 मई (सोमवार) को समेकित वित्तीय वर्ष 2013 के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेगी। वॉकहार्ड अपने चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों की घोषणा 27 मई (सोमवार) को करेगी। सन फार्मा, गेल इंडिया, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और एचपीसीएल 28 मई (मंगलवार) को अपने चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। 28 मई (बुधवार) को बीपीसीएल, केनरा बैंक, सिप्ला और ओएनजीसी अपनी चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। गुरुवार, 30 मई को डीएलएफ, इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन और भारत इलेक्ट्रिकल्स अपनी चौथी तिमाही (मार्च 2013) के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगे। अब तक घोषित चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों के मुताबिक साल 2011-12 की समान अवधि के मुकाबले 2012-13 में 1,379 कंपनियों द्वारा 6.9 फीसदी यानी 7,82,289 करोड़ की बिक्री का कुल शुद्ध लाभ 3.8 फीसदी यानी 75,830 करोड़ रुपये है। चौथी तिमाही के परिणाम सूची के अनुसार, कोल इंडिया आगामी 27 मई (सोमवार) को समेकित वित्तीय वर्ष 2013 के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेगी। वॉकहार्ड अपने चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों की घोषणा 27 मई (सोमवार) को करेगी। सन फार्मा, गेल इंडिया, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और एचपीसीएल 28 मई (मंगलवार) को अपने चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। 28 मई (बुधवार) को बीपीसीएल, केनरा बैंक, सिप्ला और ओएनजीसी अपनी चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगे। गुरुवार, 30 मई को डीएलएफ, इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन और भारत इलेक्ट्रिकल्स अपनी चौथी तिमाही (मार्च 2013) के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगे। अब तक घोषित चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों के मुताबिक साल 2011-12 की समान अवधि के मुकाबले 2012-13 में 1,379 कंपनियों द्वारा 6.9 फीसदी यानी 7,82,289 करोड़ की बिक्री का कुल शुद्ध लाभ 3.8 फीसदी यानी 75,830 करोड़ रुपये है। गुरुवार, 30 मई को डीएलएफ, इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन और भारत इलेक्ट्रिकल्स अपनी चौथी तिमाही (मार्च 2013) के कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगे। अब तक घोषित चौथी तिमाही के कारोबारी परिणामों के मुताबिक साल 2011-12 की समान अवधि के मुकाबले 2012-13 में 1,379 कंपनियों द्वारा 6.9 फीसदी यानी 7,82,289 करोड़ की बिक्री का कुल शुद्ध लाभ 3.8 फीसदी यानी 75,830 करोड़ रुपये है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शेयर बाजारों की दिशा जीडीपी के आंकड़ों और विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख से तय होगी। मार्च तिमाही के जीडीपी के आंकड़े शुक्रवार को आने हैं।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय के कार्यालय में रविवार दोपहर में लगी आग को बुझा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि घटना में कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।टिप्पणियां दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि आग इमारत की ऊपरी मंजिल पर लगी थी। दमकल की करीब 10 गाड़ियों की मदद से उस पर काबू पाया जा सका। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एके शर्मा ने कहा, "हमें 2.20 बजे सूचना मिली। अग्निशमन कर्मियों ने 10 मिनट के अंदर आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।" उन्होंने कहा, "बालकनी में आग शार्ट सर्किट के कारण लगी। इस अग्निकांड से न तो मंत्री के कार्यालय और न ही किसी भी कागजात को नुकसान पहुंचा है।" कहा जा रहा है कि देश के सबसे सुरक्षित ऑफ़िस कॉम्प्लेक्स नॉर्थ ब्लॉक में भी फाइलें क्यों सुरक्षित नहीं हैं। दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि आग इमारत की ऊपरी मंजिल पर लगी थी। दमकल की करीब 10 गाड़ियों की मदद से उस पर काबू पाया जा सका। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एके शर्मा ने कहा, "हमें 2.20 बजे सूचना मिली। अग्निशमन कर्मियों ने 10 मिनट के अंदर आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।" उन्होंने कहा, "बालकनी में आग शार्ट सर्किट के कारण लगी। इस अग्निकांड से न तो मंत्री के कार्यालय और न ही किसी भी कागजात को नुकसान पहुंचा है।" कहा जा रहा है कि देश के सबसे सुरक्षित ऑफ़िस कॉम्प्लेक्स नॉर्थ ब्लॉक में भी फाइलें क्यों सुरक्षित नहीं हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एके शर्मा ने कहा, "हमें 2.20 बजे सूचना मिली। अग्निशमन कर्मियों ने 10 मिनट के अंदर आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।" उन्होंने कहा, "बालकनी में आग शार्ट सर्किट के कारण लगी। इस अग्निकांड से न तो मंत्री के कार्यालय और न ही किसी भी कागजात को नुकसान पहुंचा है।" कहा जा रहा है कि देश के सबसे सुरक्षित ऑफ़िस कॉम्प्लेक्स नॉर्थ ब्लॉक में भी फाइलें क्यों सुरक्षित नहीं हैं।
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय के कार्यालय में रविवार दोपहर में लगी आग को बुझा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि घटना में कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रविवार की शाम को कैलिफोर्निया स्थित लॉस एंजेलिस के डॉल्बी थिएटर में होने वाले 89वें अकादमी अवॉर्ड्स में आखिर कौन विजेता है, किस फिल्‍म का बेस्‍ट फिल्‍म का पुरस्‍कार मिलेगा या क्‍या 20 वीं बार बेस्‍ट एक्‍ट्रेस के लिए नोमिनेट होकर इतिहास रचने वाली मेरिल स्‍ट्रीप क्‍या इस बार यह पुरस्‍कार जीत पाएंगी... यह सारे सवाल हर किसी के मन में हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि ऑस्‍कर के इस भव्‍य समारोह से पहले ही दो व्‍यक्ति ऐसे भी हैं जो सारे पुरस्‍कारों के बारे में जानते हैं? जी हां, मार्था रूज और ब्रायन कलिनन ऐसे ही दो इंसान हैं जो इन अवॉर्ड्स के बारे में सब कुछ जानते हैं. इन अवॉर्ड्स का टेलिकास्‍ट दुनिया के 121 देशों में होने वाला है लेकिन इसके लाइव प्रसारण से पहले ही मार्था और ब्रायन वह दो इंसान हैं जो इन अवॉर्ड्स के विजेताओं के बारे में सारी जानकारी रखते हैं.टिप्पणियां दरअसल मार्था और ब्रायन प्रोफेश्‍नल सर्विसेज फर्म 'प्रिंस वॉटर हाउस कूपर्स' में पार्टनर हैं. यही कंपनी ऑस्‍कर के लिए पड़ने वाले वोटों की गिनती करती है. इस गिनती की जिम्‍मेदारी मार्था और ब्रायन पर ही है और यही दोनों वह शख्‍स हैं जो पूरी दुनिया से पहले ही अवॉर्ड्स के सभी विजेताओं के नाम जानते हैं. इन दोनों ने कई बार वोटों की गिनती की है ताकी यह किसी भी वजह से गलत न हो. बता दें कि पिछले 83 सालों से यही कंपनी ऑस्‍कर के वोटों की गिनती कर रही है. ब्रायन कलिनन का कहना है कि हर साल सिर्फ दो ही लोग होते हैं जो इस पूरी प्रकिया को लीड करते हैं और जिन्‍हें इन पुरस्‍कारों के बारे में पता होता है.   द मीडियम साइट के अनुसार मार्था कहती हैं, 'मुझसे पूछा जाता है कि मुझे सबसे ज्यादा आनंद किस बात में आता है. कार में समारोह स्थल तक जाने का समय वाकई में मज़ेदार होता है. जब सब विजेताओं को लेकर अटकलें लगा रहे होते हैं और मुझे पता होता है कि विजेता कौन हैं.' एकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंस के सात हजार सदस्य ऑस्कर विजेताओं का चुनाव करते हैं. ये सात हजार सदस्य पोस्टल या इलेक्ट्रॉनिकली माध्यम से अपना वोट देते हैं. द मीडियम के अनुसार मार्था का कहना है कि ज्‍यादातर सदस्य आजकल इलेक्ट्रॉनिकली ही वोटिंग करते हैं. इसके बावजूद 24 श्रेणियों में हुई गिनती कम्प्यूटर के बजाय हाथ से ही हुई है. दरअसल मार्था और ब्रायन प्रोफेश्‍नल सर्विसेज फर्म 'प्रिंस वॉटर हाउस कूपर्स' में पार्टनर हैं. यही कंपनी ऑस्‍कर के लिए पड़ने वाले वोटों की गिनती करती है. इस गिनती की जिम्‍मेदारी मार्था और ब्रायन पर ही है और यही दोनों वह शख्‍स हैं जो पूरी दुनिया से पहले ही अवॉर्ड्स के सभी विजेताओं के नाम जानते हैं. इन दोनों ने कई बार वोटों की गिनती की है ताकी यह किसी भी वजह से गलत न हो. बता दें कि पिछले 83 सालों से यही कंपनी ऑस्‍कर के वोटों की गिनती कर रही है. ब्रायन कलिनन का कहना है कि हर साल सिर्फ दो ही लोग होते हैं जो इस पूरी प्रकिया को लीड करते हैं और जिन्‍हें इन पुरस्‍कारों के बारे में पता होता है.   द मीडियम साइट के अनुसार मार्था कहती हैं, 'मुझसे पूछा जाता है कि मुझे सबसे ज्यादा आनंद किस बात में आता है. कार में समारोह स्थल तक जाने का समय वाकई में मज़ेदार होता है. जब सब विजेताओं को लेकर अटकलें लगा रहे होते हैं और मुझे पता होता है कि विजेता कौन हैं.' एकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंस के सात हजार सदस्य ऑस्कर विजेताओं का चुनाव करते हैं. ये सात हजार सदस्य पोस्टल या इलेक्ट्रॉनिकली माध्यम से अपना वोट देते हैं. द मीडियम के अनुसार मार्था का कहना है कि ज्‍यादातर सदस्य आजकल इलेक्ट्रॉनिकली ही वोटिंग करते हैं. इसके बावजूद 24 श्रेणियों में हुई गिनती कम्प्यूटर के बजाय हाथ से ही हुई है. एकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंस के सात हजार सदस्य ऑस्कर विजेताओं का चुनाव करते हैं. ये सात हजार सदस्य पोस्टल या इलेक्ट्रॉनिकली माध्यम से अपना वोट देते हैं. द मीडियम के अनुसार मार्था का कहना है कि ज्‍यादातर सदस्य आजकल इलेक्ट्रॉनिकली ही वोटिंग करते हैं. इसके बावजूद 24 श्रेणियों में हुई गिनती कम्प्यूटर के बजाय हाथ से ही हुई है.
संक्षिप्त सारांश: मार्था रूज और ब्रायन कलिनन ने की है ऑस्‍कर अवॉर्ड्स के वोटों की गिनती प्रिंस वॉटर हाउस कूपर्स 83 सालों से कर रही है वोटों को गिनने का काम रविवार को लॉस ऐंजलिस में आयोजित होंगे 89वें ऑस्‍कर अवॉर्ड्स
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: खिताब अपने नाम करने के लिए जीत की तलाश में जुटे विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद शनिवार को सांदेस में अंतिम दौर में चीन के वैंग हाओ के हाथों शिकस्त के साथ नार्वे सुपर शतरंज टूर्नामेंट में निराशाजनक चौथे स्थान पर रहे। आनंद को खिताब जीतने के लिए हाओ के खिलाफ अंतिम दौर में जीत की जरूरत थी लेकिन विरोधी खिलाड़ी 38 चाल में मुकाबला अपने नाम करने में सफल रहा। आनंद अंतिम दौर से पहले आठवें दौर में स्थानीय खिलाड़ी जान लुडविग हमर को हराकर संयुक्त दूसरे स्थान पर चल रहे थे। शीर्ष पर चल रहे सर्जेई कर्जाकिन और दुनिया के नंबर एक मैगनस कार्लसन की आठवें दौर में हार ने भी आनंद को खिताब जीतने का अच्छा मौका दिया था लेकिन इस दिग्गज भारतीय ने निराश किया। हाओ ने अंतिम दौर में आनंद का दिल तोड़ दिया जिससे इस भारतीय खिलाड़ी को पीटर स्विडलर और लेवोन अरोनियन के साथ संयुक्त चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। इन सभी खिलाड़ियों के पांच-पांच अंक रहे। रूस के कर्जाकिन ने छह अंक के साथ खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अंतिम दौर में बुल्गारिया के वेसलीन टोपालोव के खिलाफ ड्रॉ खेला। अमेरिका के हिकारू नाकामूरा ने हमर को हराया। वह खिताब के प्रबल दावेदार स्थानीय खिलाड़ी कार्लसन के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे। इन दोनों के साढ़े पांच अंक रहे।टिप्पणियां कार्लसन को सिर्फ 30 चाल के बाद लेवोन अरोनियन के साथ बाजी ड्रॉ करने को मजबूर होना पड़ा। आनंद के खिलाफ जीत के बाद हाओ साढ़े चार अंक जुटाकर सातवें स्थान पर रहे। टोपालोव ने चार अंक के साथ आठवां स्थान हासिल किया जबकि उनके बाद तैमूर रादजाबोव (3) और हमर (1.5) अंतिम दो स्थान पर रहे। आनंद को खिताब जीतने के लिए हाओ के खिलाफ अंतिम दौर में जीत की जरूरत थी लेकिन विरोधी खिलाड़ी 38 चाल में मुकाबला अपने नाम करने में सफल रहा। आनंद अंतिम दौर से पहले आठवें दौर में स्थानीय खिलाड़ी जान लुडविग हमर को हराकर संयुक्त दूसरे स्थान पर चल रहे थे। शीर्ष पर चल रहे सर्जेई कर्जाकिन और दुनिया के नंबर एक मैगनस कार्लसन की आठवें दौर में हार ने भी आनंद को खिताब जीतने का अच्छा मौका दिया था लेकिन इस दिग्गज भारतीय ने निराश किया। हाओ ने अंतिम दौर में आनंद का दिल तोड़ दिया जिससे इस भारतीय खिलाड़ी को पीटर स्विडलर और लेवोन अरोनियन के साथ संयुक्त चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। इन सभी खिलाड़ियों के पांच-पांच अंक रहे। रूस के कर्जाकिन ने छह अंक के साथ खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अंतिम दौर में बुल्गारिया के वेसलीन टोपालोव के खिलाफ ड्रॉ खेला। अमेरिका के हिकारू नाकामूरा ने हमर को हराया। वह खिताब के प्रबल दावेदार स्थानीय खिलाड़ी कार्लसन के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे। इन दोनों के साढ़े पांच अंक रहे।टिप्पणियां कार्लसन को सिर्फ 30 चाल के बाद लेवोन अरोनियन के साथ बाजी ड्रॉ करने को मजबूर होना पड़ा। आनंद के खिलाफ जीत के बाद हाओ साढ़े चार अंक जुटाकर सातवें स्थान पर रहे। टोपालोव ने चार अंक के साथ आठवां स्थान हासिल किया जबकि उनके बाद तैमूर रादजाबोव (3) और हमर (1.5) अंतिम दो स्थान पर रहे। आनंद अंतिम दौर से पहले आठवें दौर में स्थानीय खिलाड़ी जान लुडविग हमर को हराकर संयुक्त दूसरे स्थान पर चल रहे थे। शीर्ष पर चल रहे सर्जेई कर्जाकिन और दुनिया के नंबर एक मैगनस कार्लसन की आठवें दौर में हार ने भी आनंद को खिताब जीतने का अच्छा मौका दिया था लेकिन इस दिग्गज भारतीय ने निराश किया। हाओ ने अंतिम दौर में आनंद का दिल तोड़ दिया जिससे इस भारतीय खिलाड़ी को पीटर स्विडलर और लेवोन अरोनियन के साथ संयुक्त चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। इन सभी खिलाड़ियों के पांच-पांच अंक रहे। रूस के कर्जाकिन ने छह अंक के साथ खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अंतिम दौर में बुल्गारिया के वेसलीन टोपालोव के खिलाफ ड्रॉ खेला। अमेरिका के हिकारू नाकामूरा ने हमर को हराया। वह खिताब के प्रबल दावेदार स्थानीय खिलाड़ी कार्लसन के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे। इन दोनों के साढ़े पांच अंक रहे।टिप्पणियां कार्लसन को सिर्फ 30 चाल के बाद लेवोन अरोनियन के साथ बाजी ड्रॉ करने को मजबूर होना पड़ा। आनंद के खिलाफ जीत के बाद हाओ साढ़े चार अंक जुटाकर सातवें स्थान पर रहे। टोपालोव ने चार अंक के साथ आठवां स्थान हासिल किया जबकि उनके बाद तैमूर रादजाबोव (3) और हमर (1.5) अंतिम दो स्थान पर रहे। शीर्ष पर चल रहे सर्जेई कर्जाकिन और दुनिया के नंबर एक मैगनस कार्लसन की आठवें दौर में हार ने भी आनंद को खिताब जीतने का अच्छा मौका दिया था लेकिन इस दिग्गज भारतीय ने निराश किया। हाओ ने अंतिम दौर में आनंद का दिल तोड़ दिया जिससे इस भारतीय खिलाड़ी को पीटर स्विडलर और लेवोन अरोनियन के साथ संयुक्त चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। इन सभी खिलाड़ियों के पांच-पांच अंक रहे। रूस के कर्जाकिन ने छह अंक के साथ खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अंतिम दौर में बुल्गारिया के वेसलीन टोपालोव के खिलाफ ड्रॉ खेला। अमेरिका के हिकारू नाकामूरा ने हमर को हराया। वह खिताब के प्रबल दावेदार स्थानीय खिलाड़ी कार्लसन के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे। इन दोनों के साढ़े पांच अंक रहे।टिप्पणियां कार्लसन को सिर्फ 30 चाल के बाद लेवोन अरोनियन के साथ बाजी ड्रॉ करने को मजबूर होना पड़ा। आनंद के खिलाफ जीत के बाद हाओ साढ़े चार अंक जुटाकर सातवें स्थान पर रहे। टोपालोव ने चार अंक के साथ आठवां स्थान हासिल किया जबकि उनके बाद तैमूर रादजाबोव (3) और हमर (1.5) अंतिम दो स्थान पर रहे। हाओ ने अंतिम दौर में आनंद का दिल तोड़ दिया जिससे इस भारतीय खिलाड़ी को पीटर स्विडलर और लेवोन अरोनियन के साथ संयुक्त चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। इन सभी खिलाड़ियों के पांच-पांच अंक रहे। रूस के कर्जाकिन ने छह अंक के साथ खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अंतिम दौर में बुल्गारिया के वेसलीन टोपालोव के खिलाफ ड्रॉ खेला। अमेरिका के हिकारू नाकामूरा ने हमर को हराया। वह खिताब के प्रबल दावेदार स्थानीय खिलाड़ी कार्लसन के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे। इन दोनों के साढ़े पांच अंक रहे।टिप्पणियां कार्लसन को सिर्फ 30 चाल के बाद लेवोन अरोनियन के साथ बाजी ड्रॉ करने को मजबूर होना पड़ा। आनंद के खिलाफ जीत के बाद हाओ साढ़े चार अंक जुटाकर सातवें स्थान पर रहे। टोपालोव ने चार अंक के साथ आठवां स्थान हासिल किया जबकि उनके बाद तैमूर रादजाबोव (3) और हमर (1.5) अंतिम दो स्थान पर रहे। रूस के कर्जाकिन ने छह अंक के साथ खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अंतिम दौर में बुल्गारिया के वेसलीन टोपालोव के खिलाफ ड्रॉ खेला। अमेरिका के हिकारू नाकामूरा ने हमर को हराया। वह खिताब के प्रबल दावेदार स्थानीय खिलाड़ी कार्लसन के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे। इन दोनों के साढ़े पांच अंक रहे।टिप्पणियां कार्लसन को सिर्फ 30 चाल के बाद लेवोन अरोनियन के साथ बाजी ड्रॉ करने को मजबूर होना पड़ा। आनंद के खिलाफ जीत के बाद हाओ साढ़े चार अंक जुटाकर सातवें स्थान पर रहे। टोपालोव ने चार अंक के साथ आठवां स्थान हासिल किया जबकि उनके बाद तैमूर रादजाबोव (3) और हमर (1.5) अंतिम दो स्थान पर रहे। कार्लसन को सिर्फ 30 चाल के बाद लेवोन अरोनियन के साथ बाजी ड्रॉ करने को मजबूर होना पड़ा। आनंद के खिलाफ जीत के बाद हाओ साढ़े चार अंक जुटाकर सातवें स्थान पर रहे। टोपालोव ने चार अंक के साथ आठवां स्थान हासिल किया जबकि उनके बाद तैमूर रादजाबोव (3) और हमर (1.5) अंतिम दो स्थान पर रहे। आनंद के खिलाफ जीत के बाद हाओ साढ़े चार अंक जुटाकर सातवें स्थान पर रहे। टोपालोव ने चार अंक के साथ आठवां स्थान हासिल किया जबकि उनके बाद तैमूर रादजाबोव (3) और हमर (1.5) अंतिम दो स्थान पर रहे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खिताब अपने नाम करने के लिए जीत की तलाश में जुटे विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद शनिवार को अंतिम दौर में चीन के वैंग हाओ के हाथों शिकस्त के साथ नार्वे सुपर शतरंज टूर्नामेंट में निराशाजनक चौथे स्थान पर रहे।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: बता दें कि पिछले हफ्ते ओडिशा के संबलपुर में रैली के लिए पहुंचे पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच (PM Modi Chopper) को करने को लेकर मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया गया था. चुनाव आयोग (Election Commission) ने एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों के लिए उसके निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए ओडिशा के संबलपुर में अपने महापर्यवेक्षक को पिछले हफ्ते निलंबित कर दिया था. हालांकि, विपक्षी दलों ने इस कदम पर नाराजगी व्यक्त की थी, जिसमें कहा गया था कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो चुनावों के दौरान किसी को भी इस तरह की चेकिंग से छूट देता हो. मोहम्मद मोहसिन से निलंबन पर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे. कांग्रेस ने कहा था कि वो अधिकारी अपनी ड्यूटी कर रहा था. उसे आखिर क्यों हटाया क्या. आखिर पीएम मोदी अपने हेलीकॉप्टर में ऐसा क्या लेकर जा रहे थे जो देश से छिपाना चाहते थे. बता दें कि एक दिन पहले ही मोहम्मद मोहसिन को वापस कर्नाटक भेज दिया गया था. वह कर्नाटक काडर के 1996 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. रिपोर्टों में कहा गया है कि संबलपुर निर्वाचन क्षेत्र में इस चेकिंग के कारण प्रधानमंत्री को 15 मिनट की देरी हुई थी. 1996 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन पर आदेश की उवहेलना और ड्यूटी के दौरान निर्देशों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया गया था.
यह एक सारांश है: IAS अधिकारी के निलंबन पर लगी रोक केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने लगाई रोक एक दिन पहले ही मोहसिन को कर्नाटक वापस भेजा गया था
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: पहले चरण के चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस, बीजेपी बीएसपी और सपा सभी दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है। सभी पार्टियों ने अपने स्टार प्रचारकों को उतारकर चुनाव प्रचार को और रोमांचक बना दिया है। आज राहुल गांधी वाराणसी में प्रचार करेंगे जबकि प्रियंका गांधी अमेठी में रैली करेंगी। इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी बलिया, गाज़ीपुर और खलिलाबाद में रैली करेंगे। मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश आईं उमा भारती भी बाराबंकी, गाज़ियाबाद और आजमगढ़ में रैली कर बीजेपी के लिए वोट मांगेंगी। इसी के साथ बीजेपी के लिए आज मुरली मनोहर जोशी राजनाथ सिंह और सुशील कुमार मोदी जैसे वरिष्ठ नेता भी अलग-अलग जगह प्रचार करेंगे। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ और मऊ में रैली करेंगी जबकि अखिलेश यादव बहराइच और सीतापुर जाएंगे। मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश आईं उमा भारती भी बाराबंकी, गाज़ियाबाद और आजमगढ़ में रैली कर बीजेपी के लिए वोट मांगेंगी। इसी के साथ बीजेपी के लिए आज मुरली मनोहर जोशी राजनाथ सिंह और सुशील कुमार मोदी जैसे वरिष्ठ नेता भी अलग-अलग जगह प्रचार करेंगे। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ और मऊ में रैली करेंगी जबकि अखिलेश यादव बहराइच और सीतापुर जाएंगे।
यहाँ एक सारांश है:आज राहुल गांधी वाराणसी में प्रचार करेंगे जबकि प्रियंका गांधी अमेठी में रैली करेंगी। इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी बलिया, गाज़ीपुर और खलिलाबाद में रैली करेंगे।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केयर्न एनर्जी और वेदांता रिसोर्सेज के बीच 9.6 अरब डॉलर के सौदे पर सहमति होने के दस महीने बाद सरकार ने गुरुवार को आखिरकार शर्तों के साथ इस सौदे को मंजूरी दे दी। सरकार ने इस शर्त के साथ सौदे को मंजूरी दी है कि केयर्न इंडिया के नए मालिक को राजस्थान तेल फील्ड पर अपने हिस्से की रायल्टी एवं तेल उपकर का भुगतान करने को राजी होना होगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने केयर्न एनर्जी द्वारा केयर्न इंडिया में अपनी बहुलांश हिस्सेदारी वेदांता रिसोर्सेज को बेचने के सौदे को इस शर्त के साथ मंजूरी दी कि केयर्न या उसके उत्तराधिकारी को राजस्थान तेल फील्ड पर रायल्टी भुगतान की वसूली कच्चे तेल की बिक्री से करनी होगी, यानी इसे परियोजना खर्च में शामिल करना होगा। केयर्न इंडिया से यह भी कहा गया है कि उसे अपने हिस्से के उपकर भुगतान मामले में पंचाट में दिया विवाद वापस लेना होगा। केयर्न इंडिया क्षेत्र से उत्पादित कच्चे तेल पर 2,500 रुपये प्रति टन के उपकर भुगतान से इनकार करते हुये मामले को पंचाट में लेकर गया है। कैबिनेट कमेटी की बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि सौदे की मंजूरी के साथ केयर्न इंडिया को अपने भागीदारी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) से भी अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। ओएनजीसी केयर्न इंडिया के साथ उसके सभी तीन तेल एवं गैस उत्पादक क्षेत्रों के साथ सात में से पांच उत्खनन परिसंपत्तियों में भागीदार है। रेड्डी ने कहा कि इस सौदे को सुरक्षा मंजूरी की भी जरूरत होगी। उन्होंने कहा, आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने फिलहाल वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह की सिफारिश को ही माना है। मंत्रिसमूह ने इस सौदे को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी देने की सिफारिश की थी। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय द्वारा वेदांता समूह की कंपनी सेसा गोवा की जांच रपट के बारे में बैठक में विचार विमर्श के बारे में पूछे जाने पर रेड्डी ने कहा कि बैठक में जो निर्णय किए गए, वह उन्होंने बता दिए हैं।
सारांश: केयर्न इंडिया से यह भी कहा गया है कि उसे अपने हिस्से के उपकर भुगतान मामले में पंचाट में दिया विवाद वापस लेना होगा।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हालांकि यूपी सरकार का दावा है कि किसी भी क़ीमत पर घर ख़रीददारों के हितों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा. साथ ही रीयल एस्‍टेट कानून को मज़बूती से लागू कराया जाएगा और इसके साथ ही यूपी सरकार ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का सीएजी ऑडिट का फ़ैसला लिया है ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगे. यूपी सरकार के मंत्री सतीश महाना का कहना है, "हम सीएजी का ऑडिट करा रहे हैं ताकि भ्रष्टाचार का पता चले, रेरा कानून को सख़्ती से लागू किया जाएगा हम बॉयर्स के घर का सपना पूरा करेंगे.'' हम जब बिल्डरों का पक्ष जानने के लिए आम्रपाली के दफ़्तर पहुंचे तो उनके कॉरपोरेट ऑफिस में कोई नहीं था ना कोई अधिकारी और ना कोई चपरासी. पूरा दफ़्तर खाली पड़ा हुआ था, केंद्र और राज्य दोनों में सरकारें बदल गई हैं पर फ्लैट मालिकों के लिए कुछ नहीं बदला. बैंक की क़िश्त और किराया का बोझ हर महीने इनकी कमर तोड़ रहा है. हम जब बिल्डरों का पक्ष जानने के लिए आम्रपाली के दफ़्तर पहुंचे तो उनके कॉरपोरेट ऑफिस में कोई नहीं था ना कोई अधिकारी और ना कोई चपरासी. पूरा दफ़्तर खाली पड़ा हुआ था, केंद्र और राज्य दोनों में सरकारें बदल गई हैं पर फ्लैट मालिकों के लिए कुछ नहीं बदला. बैंक की क़िश्त और किराया का बोझ हर महीने इनकी कमर तोड़ रहा है.
सारांश: शनिवार को खरीदारों ने बिल्‍डर के खिलाफ किए प्रदर्शन सत्‍ता बदली लेकिन फिर भी नहीं बदले हालात पिछले आठ साल से कर रहे फ्लैट मिलने का इंतजार
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Samsung ने अपनी Galaxy M सीरीज़ के स्मार्टफोन को लेकर बेहद ही आक्रामक रही है। मार्केट में कंपनी के Samsung Galaxy M10, Samsung Galaxy M20, Samsung Galaxy M30 और Samsung Galaxy M40 हैंडसेट पहले ही लॉन्च हो चुके हैं। इन स्मार्टफोन को आज के युवाओं के लिए बनाया गया है। अब जानकारी सामने आई है कि सैमसंग गैलेक्सी एम30 के एक नए वेरिएंट पर काम चल रहा है। याद रहे कि Galaxy M30 को करीब 4 महीने पहले लॉन्च किया गया था। कंपनी इसके अपग्रेड के बजाय नया वेरिएंट लाने की तैयारी कर रही है। SamMobile की रिपोर्ट के मुताबिक, Samsung, SM-M307F मॉडल नंबर वाले एक स्मार्टफोन पर काम कर रही है। बता दें कि मार्केट में बिक रहे Galaxy M30 का मॉडल नंबर SM-M305F है। संभव है कि अगला फोन इसी का एक वेरिएंट हो। खबर तो यह भी है कि Samsung इसी तरह से गैलेक्सी ए सीरीज़ के वेरिएंट पर भी काम कर रही है। Galaxy A50 और Galaxy A70 के वेरिएंट लाने की तैयारी है। यह वेरिएंट सैमसंग गैलेक्सी एम30 के मौज़ूदा मॉडल से कैसे अलग होगा? इस संबंध में कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। मौज़ूदा Samsung Galaxy M30 हैंडसेट एक्सीनॉस 7904 प्रोसेसर, 4 जीबी रैम और 6 जीबी रैम से लैस है। यह एंड्रॉयड 8.1 ओरियो पर आधारित सैमसंग एक्सपीरियंस 9.5 के साथ आता है। गैलेक्सी एम30 के 4 जीबी रैम वेरिएंट की कीमत 14,990 रुपये है और 6 जीबी रैम वेरिएंट की 17,990 रुपये। फिलहाल, यह नहीं पता है कि गैलेक्सी एम30 का नया वेरिएंट किस तरह से कंपनी की रणनीति पर असर डालेगा। हो सकता है कि यह अलग कैमरे या अलग प्रोसेसर के साथ आए। Samsung नए गैलेक्सी एम30 को एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित वन यूआई के साथ लॉन्च कर सकती है। लेकिन ये कयास मात्र हैं। हालांकि, यह साफ है कि गैलेक्सी एम30 की तरह ही नया वेरिएंट 64 जीबी और 128 जीबी स्टोरेज के साथ आएगा। स्मार्टफोन के बारे में कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। ऐसे में इंतज़ार करना ज़्यादा बेहतर होगा।
सारांश: Galaxy M30 एक्सीनॉस 7904 प्रोसेसर, 4 जीबी रैम या 6 जीबी रैम से लैस है गैलेक्सी एम30 के 4 जीबी रैम वेरिएंट की कीमत 14,990 रुपये है Samsung Galaxy M30 का फ्रंट कैमरा 16 मेगापिक्सल का है
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टीम इंडिया के कोच न बनने पर रवि शास्त्री ने नाराज़गी जताई है। इंडियन एक्सप्रेस को इंटरव्यू देते हुए रवि शास्त्री ने कहा है कि कोच न बनने पर वह बहुत निराश हैं। शास्त्री ने यह खुलासा किया है कि उनके इंटरव्यू के दौरान वहां सौरभ गांगुली मौजूद नहीं थे, वह बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन किसी मीटिंग में व्यस्त थे। शास्त्री का कहना है कि पिछले 18 महीने में उन्होंने टीम के लिए काफी मेहनत की थी और उनके समय में टीम ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। शास्त्री का कहना है पिछले 18 महीने में टीम में काफी कुछ बदलाव आया है। युवा खिलाड़ियों के अंदर एक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।  टिप्पणियां शास्त्री ने इस इंटरव्यू में बताया है कि उनका वह इंटरव्यू काफी अच्छा हुआ था। सचिन तेंदुलकर,वीवीएस और बीसीसीआई के संयोजक संजय जगदाले ने उनका इंटरव्यू लिया, कई शानदार सवाल उन्हें पूछा गया। अनिल कुंबले कोच बनने पर रवि शास्त्री ने कहा कि कुंबले के सामने एक शानदार टीम है और अब उनका काम है इस टीम को आगे ले जाना। आप को याद दिला दें कि 23 जून  को कोच के पद के लिए इंटरव्यू हुआ था। अनिल कुंबले, रवि शास्त्री, प्रवीण आमरे  के साथ-साथ कई खिलाड़ियों का इंटरव्यू लिया गया था। कुछ महीने पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं, टीम डायरेक्टर के रुप में सफल रवि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बन सकते हैं। लेकिन अनिल कुंबले कोच के रेस में आने के बाद समीकरण बदल गया था। सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्षण ने टीम इंडिया के कोच के लिए अनिल कुंबले के नाम पर मोहर लगाई थी।  शास्त्री ने इस इंटरव्यू में बताया है कि उनका वह इंटरव्यू काफी अच्छा हुआ था। सचिन तेंदुलकर,वीवीएस और बीसीसीआई के संयोजक संजय जगदाले ने उनका इंटरव्यू लिया, कई शानदार सवाल उन्हें पूछा गया। अनिल कुंबले कोच बनने पर रवि शास्त्री ने कहा कि कुंबले के सामने एक शानदार टीम है और अब उनका काम है इस टीम को आगे ले जाना। आप को याद दिला दें कि 23 जून  को कोच के पद के लिए इंटरव्यू हुआ था। अनिल कुंबले, रवि शास्त्री, प्रवीण आमरे  के साथ-साथ कई खिलाड़ियों का इंटरव्यू लिया गया था। कुछ महीने पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं, टीम डायरेक्टर के रुप में सफल रवि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बन सकते हैं। लेकिन अनिल कुंबले कोच के रेस में आने के बाद समीकरण बदल गया था। सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्षण ने टीम इंडिया के कोच के लिए अनिल कुंबले के नाम पर मोहर लगाई थी।  आप को याद दिला दें कि 23 जून  को कोच के पद के लिए इंटरव्यू हुआ था। अनिल कुंबले, रवि शास्त्री, प्रवीण आमरे  के साथ-साथ कई खिलाड़ियों का इंटरव्यू लिया गया था। कुछ महीने पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं, टीम डायरेक्टर के रुप में सफल रवि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बन सकते हैं। लेकिन अनिल कुंबले कोच के रेस में आने के बाद समीकरण बदल गया था। सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्षण ने टीम इंडिया के कोच के लिए अनिल कुंबले के नाम पर मोहर लगाई थी।
शास्त्री ने कहा है कि उनका वह इंटरव्यू काफी अच्छा हुआ था उनके इंटरव्यू के दौरान सौरभ गांगुली मौजूद नहीं थे, बोले शास्त्री 23 जून को हुआ था उनका इंटरव्यू
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) आज शाम तक 12वीं की परीक्षा के परिणाम जारी करने की तारीख घोषित करेगा. सूत्रों के मुताबिक CBSE Class 12th Result 2017 को लेकर बोर्ड मॉडरेशन पॉलिसी पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट न जाने के फैसले के बाद वह जल्द ही रिजल्ट जारी करने की तारीख भी घोषि‍त कर देगा. CBSE Class 12th Result 25 मई को जारी किए जाने थे. इस साल 12वीं की परीक्षाएं 9 मार्च 2017 से 29 अप्रैल 2017 के बीच आयोजित की गई थीं, जिसमें 10,98,981 छात्रों ने हिस्‍सा लिया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.82 फीसदी ज्‍यादा थी. देश भर में 10,678 केंद्रों पर 12वीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजन किया गया था.     रिजल्‍ट जारी करने की तारीख का ऐलान बोर्ड अपनी वेबसाइट पर कर सकता है. इसे आप cbse.nic.in या cbseresults.nic.in पर देख सकते हैं. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार 27 मई को 12वीं के नतीजे घोष‍ित किए जा सकते हैं.टिप्पणियां हालांकि सीबीएसई 12वीं के नतीजों पर सस्पेंस को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देशभर के विद्यार्थियों को आश्वासन देते हुए कहा था कि फ्रिक की बात नहीं है, किसी भी छात्र के साथ नाइंसाफी नहीं होगी. रिजल्ट समय पर घोषित होंगे. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश को लेकर विद्यार्थियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.  दरअसल मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीएसई को मुश्किल प्रश्नों के लिए ग्रेस मार्क्स देने संबंधी अपनी मॉडरेशन पॉलिसी सत्र 2016-17 के लिए जारी रखने का अंतरिम आदेश दिया था. जिसे बोर्ड पहले खत्म कर चुका था. इसे खत्म करने के पीछे की वजह थी कि इससे छात्रों को लगभग 8 से 10 अंक अधिक मिलते थे, जिसकी वजह से 95 फीसदी और इससे अधिक अंक स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की संख्‍या बढ़ गई थी. कॉलेज एडमिशन में बढ़ते कॉम्पिटीशन और 95 फीसदी से अधिक नंबर स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए बोर्ड ने इस तरह का फैसला लिया था. पिछले साल दिसंबर में इस बारे में सीबीएसई ने एमएचआरडी को रिक्वेस्ट की थी कि मॉडरेशन पॉलिसी को खत्म किया जाए.     रिजल्‍ट जारी करने की तारीख का ऐलान बोर्ड अपनी वेबसाइट पर कर सकता है. इसे आप cbse.nic.in या cbseresults.nic.in पर देख सकते हैं. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार 27 मई को 12वीं के नतीजे घोष‍ित किए जा सकते हैं.टिप्पणियां हालांकि सीबीएसई 12वीं के नतीजों पर सस्पेंस को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देशभर के विद्यार्थियों को आश्वासन देते हुए कहा था कि फ्रिक की बात नहीं है, किसी भी छात्र के साथ नाइंसाफी नहीं होगी. रिजल्ट समय पर घोषित होंगे. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश को लेकर विद्यार्थियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.  दरअसल मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीएसई को मुश्किल प्रश्नों के लिए ग्रेस मार्क्स देने संबंधी अपनी मॉडरेशन पॉलिसी सत्र 2016-17 के लिए जारी रखने का अंतरिम आदेश दिया था. जिसे बोर्ड पहले खत्म कर चुका था. इसे खत्म करने के पीछे की वजह थी कि इससे छात्रों को लगभग 8 से 10 अंक अधिक मिलते थे, जिसकी वजह से 95 फीसदी और इससे अधिक अंक स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की संख्‍या बढ़ गई थी. कॉलेज एडमिशन में बढ़ते कॉम्पिटीशन और 95 फीसदी से अधिक नंबर स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए बोर्ड ने इस तरह का फैसला लिया था. पिछले साल दिसंबर में इस बारे में सीबीएसई ने एमएचआरडी को रिक्वेस्ट की थी कि मॉडरेशन पॉलिसी को खत्म किया जाए. हालांकि सीबीएसई 12वीं के नतीजों पर सस्पेंस को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देशभर के विद्यार्थियों को आश्वासन देते हुए कहा था कि फ्रिक की बात नहीं है, किसी भी छात्र के साथ नाइंसाफी नहीं होगी. रिजल्ट समय पर घोषित होंगे. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश को लेकर विद्यार्थियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.  दरअसल मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीएसई को मुश्किल प्रश्नों के लिए ग्रेस मार्क्स देने संबंधी अपनी मॉडरेशन पॉलिसी सत्र 2016-17 के लिए जारी रखने का अंतरिम आदेश दिया था. जिसे बोर्ड पहले खत्म कर चुका था. इसे खत्म करने के पीछे की वजह थी कि इससे छात्रों को लगभग 8 से 10 अंक अधिक मिलते थे, जिसकी वजह से 95 फीसदी और इससे अधिक अंक स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की संख्‍या बढ़ गई थी. कॉलेज एडमिशन में बढ़ते कॉम्पिटीशन और 95 फीसदी से अधिक नंबर स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए बोर्ड ने इस तरह का फैसला लिया था. पिछले साल दिसंबर में इस बारे में सीबीएसई ने एमएचआरडी को रिक्वेस्ट की थी कि मॉडरेशन पॉलिसी को खत्म किया जाए. दरअसल मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीएसई को मुश्किल प्रश्नों के लिए ग्रेस मार्क्स देने संबंधी अपनी मॉडरेशन पॉलिसी सत्र 2016-17 के लिए जारी रखने का अंतरिम आदेश दिया था. जिसे बोर्ड पहले खत्म कर चुका था. इसे खत्म करने के पीछे की वजह थी कि इससे छात्रों को लगभग 8 से 10 अंक अधिक मिलते थे, जिसकी वजह से 95 फीसदी और इससे अधिक अंक स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की संख्‍या बढ़ गई थी. कॉलेज एडमिशन में बढ़ते कॉम्पिटीशन और 95 फीसदी से अधिक नंबर स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए बोर्ड ने इस तरह का फैसला लिया था. पिछले साल दिसंबर में इस बारे में सीबीएसई ने एमएचआरडी को रिक्वेस्ट की थी कि मॉडरेशन पॉलिसी को खत्म किया जाए.
रिजल्‍ट जारी करने की तारीख का ऐलान बोर्ड अपनी वेबसाइट पर कर सकता है. खबरों के अनुसार 27 मई को 12वीं के नतीजे घोष‍ित किए जा सकते हैं. पिछले साल सीबीएसई ने रिक्वेस्ट की थी कि मॉडरेशन पॉलिसी को खत्म किया जाए.
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: पेट की दो सर्जरी के बाद घर पर स्वास्थ्य लाभ कर रहे बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन छोटे पर्दे के कार्यक्रम 'होमलैंड' का लुत्फ उठा रहे रहे हैं और चूंकि यह कार्यक्रम समाप्ति की ओर है, इसलिए वह तय नहीं कर पा रहे हैं कि आगे वह कैसे स्वयं को व्यस्त रखेंगे।टिप्पणियां ज्ञात हो कि मनोरंजक कार्यक्रम 'होमलैंड' का निर्माण गिडोन रॉफ ने किया है जिसमें क्लेयर डेन्स, डेमिअन लेविस और मोरेना बेकारिन मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस कार्यक्रम ने बेस्ट टेलीविजन सीरीज ड्रामा के लिए वर्ष 2011 का गोल्डन ग्लोब पुरस्कार जीता। 69 वर्षीय अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "जब होमलैंड की कड़ी खत्म हो जाती है, तो मुझे चिढ़ होने लगती है क्योंकि अब देखने के लिए कुछ भी नहीं होता..यह बहुत संक्रामक और मनोरंजक है।" यक रोमांचक कार्यक्रम एक  ऐसे आदमी की कहानी है, जो आठ वर्षों तक इराक में लापता होने के बाद वापस अमेरिका लौट आता है। ज्ञात हो कि मनोरंजक कार्यक्रम 'होमलैंड' का निर्माण गिडोन रॉफ ने किया है जिसमें क्लेयर डेन्स, डेमिअन लेविस और मोरेना बेकारिन मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस कार्यक्रम ने बेस्ट टेलीविजन सीरीज ड्रामा के लिए वर्ष 2011 का गोल्डन ग्लोब पुरस्कार जीता। 69 वर्षीय अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "जब होमलैंड की कड़ी खत्म हो जाती है, तो मुझे चिढ़ होने लगती है क्योंकि अब देखने के लिए कुछ भी नहीं होता..यह बहुत संक्रामक और मनोरंजक है।" यक रोमांचक कार्यक्रम एक  ऐसे आदमी की कहानी है, जो आठ वर्षों तक इराक में लापता होने के बाद वापस अमेरिका लौट आता है। 69 वर्षीय अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "जब होमलैंड की कड़ी खत्म हो जाती है, तो मुझे चिढ़ होने लगती है क्योंकि अब देखने के लिए कुछ भी नहीं होता..यह बहुत संक्रामक और मनोरंजक है।" यक रोमांचक कार्यक्रम एक  ऐसे आदमी की कहानी है, जो आठ वर्षों तक इराक में लापता होने के बाद वापस अमेरिका लौट आता है।
संक्षिप्त सारांश: पेट की दो सर्जरी के बाद घर पर स्वास्थ्य लाभ कर रहे बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन छोटे पर्दे के कार्यक्रम 'होमलैंड' का लुत्फ उठा रहे रहे हैं।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत सरकार में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मंत्री विजय गोयल ने बताया कि बिना कैश के भुगतान संभव है. पहले लोग मोबाइल चलाना नहीं जानते थे, लेकिन अब मोबाइल गांव में भी लोग चलाना जानते हैं. ये ट्रेनिंग पाए लोग उन्हें इस बारे में ट्रेनिंग देंगे. दिल्ली के अलावा नेहरू युवा केंद्र के सभी इकाई इस प्रकार की ट्रेनिंग देंगे. गोयल ने कहा कि पहले वह भी कैश से लेन-देन करते थे, लेकिन अब मोबाइल के जरिए यह काम करते हैं.टिप्पणियां लेकिन देश में अस्सी फीसदी लोगों की जिंदगी अब भी कैश पर टिकी है. इसकी तस्दीक एम्स के कर्मचारियों की ये कतार करती है. हमने जब पूछा कि आप मोबाइल वॉलेट क्यों नहीं रखते तो ये जवाब मिला. इसमें दो राय नहीं है कि कैशलेस भुगतान से लेन-देन में पारदर्शिता आएगी. लेकिन, जब तक ये बदलाव नहीं होता, तब तक क्या लोगों को धक्के खाने के लिए छोड़ दिया जाए? लेकिन देश में अस्सी फीसदी लोगों की जिंदगी अब भी कैश पर टिकी है. इसकी तस्दीक एम्स के कर्मचारियों की ये कतार करती है. हमने जब पूछा कि आप मोबाइल वॉलेट क्यों नहीं रखते तो ये जवाब मिला. इसमें दो राय नहीं है कि कैशलेस भुगतान से लेन-देन में पारदर्शिता आएगी. लेकिन, जब तक ये बदलाव नहीं होता, तब तक क्या लोगों को धक्के खाने के लिए छोड़ दिया जाए? इसमें दो राय नहीं है कि कैशलेस भुगतान से लेन-देन में पारदर्शिता आएगी. लेकिन, जब तक ये बदलाव नहीं होता, तब तक क्या लोगों को धक्के खाने के लिए छोड़ दिया जाए?
यहाँ एक सारांश है:स्मार्ट फोन से लैस हजारों युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है महीने भर की ट्रेनिंग हो रही है. इसमें सर्टिफिकेट में भी मिलेगा और एक कार्ड भी मिलेगा.
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुखौटा कंपनियों (शेल कंपनियों) के खिलाफ देशव्यापी अभियान छेड़ते हुए शनिवार को 16 राज्यों में 100 स्थानों पर इनके परिसरों की व्यापक तलाशी ली. अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय की कई टीमों ने करीब 300 मुखौटा कंपनियों के परिसरों पर छापा मारा और तलाशी अभियान चलाया. ये छापे दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, चंडीगढ़, पटना, रांची, अहमदाबाद, भुवनेश्वर और बेंगलुरू सहित विभिन्न स्थानों पर मारे गए. अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई मनी लॉन्‍ड्रिंग रोधी अधिनियम (पीएमएलए) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत की गई ताकि देश में मनी लॉन्‍ड्रिंग करने और विदेशी मुद्रा के अवैध लेनदेन के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सरकार द्वारा गठित विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय को इसके अधिकार दिए हैं. एजेंसी ने पिछले एक सप्ताह के दौरान इस तरह की कंपनियों की करोड़ों रुपये की संपत्ति कुर्क की है. मुखौटा कंपनियां ऐसी कंपनियों को कहा जाता है, जिनका गठन मामूली चुकता पूंजी के साथ किया जाता है. उनके पास काफी रकम रिजर्व के तौर पर होती है और ऊंचे शेयर प्रीमियम के रूप में अधिशेष राशि भी उपलब्ध होती है. इन कंपनियों का ज्यादातर गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश होता है, कोई लाभांश आय नहीं होती, हाथ में काफी नकदी रहती है और निजी कंपनियां इनकी बहुमत हिस्सेदार होती हैं. इनका कामकाज भी कुछ ज्यादा नहीं होता, खर्च भी कम होता है और कई बार अवैध काम के लिए भी इस तरह की कंपनियों का इस्तेमाल किया जाता है. अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय की कई टीमों ने करीब 300 मुखौटा कंपनियों के परिसरों पर छापा मारा और तलाशी अभियान चलाया. ये छापे दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, चंडीगढ़, पटना, रांची, अहमदाबाद, भुवनेश्वर और बेंगलुरू सहित विभिन्न स्थानों पर मारे गए. अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई मनी लॉन्‍ड्रिंग रोधी अधिनियम (पीएमएलए) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत की गई ताकि देश में मनी लॉन्‍ड्रिंग करने और विदेशी मुद्रा के अवैध लेनदेन के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सरकार द्वारा गठित विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय को इसके अधिकार दिए हैं. एजेंसी ने पिछले एक सप्ताह के दौरान इस तरह की कंपनियों की करोड़ों रुपये की संपत्ति कुर्क की है. मुखौटा कंपनियां ऐसी कंपनियों को कहा जाता है, जिनका गठन मामूली चुकता पूंजी के साथ किया जाता है. उनके पास काफी रकम रिजर्व के तौर पर होती है और ऊंचे शेयर प्रीमियम के रूप में अधिशेष राशि भी उपलब्ध होती है. इन कंपनियों का ज्यादातर गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश होता है, कोई लाभांश आय नहीं होती, हाथ में काफी नकदी रहती है और निजी कंपनियां इनकी बहुमत हिस्सेदार होती हैं. इनका कामकाज भी कुछ ज्यादा नहीं होता, खर्च भी कम होता है और कई बार अवैध काम के लिए भी इस तरह की कंपनियों का इस्तेमाल किया जाता है. अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई मनी लॉन्‍ड्रिंग रोधी अधिनियम (पीएमएलए) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत की गई ताकि देश में मनी लॉन्‍ड्रिंग करने और विदेशी मुद्रा के अवैध लेनदेन के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सरकार द्वारा गठित विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय को इसके अधिकार दिए हैं. एजेंसी ने पिछले एक सप्ताह के दौरान इस तरह की कंपनियों की करोड़ों रुपये की संपत्ति कुर्क की है. मुखौटा कंपनियां ऐसी कंपनियों को कहा जाता है, जिनका गठन मामूली चुकता पूंजी के साथ किया जाता है. उनके पास काफी रकम रिजर्व के तौर पर होती है और ऊंचे शेयर प्रीमियम के रूप में अधिशेष राशि भी उपलब्ध होती है. इन कंपनियों का ज्यादातर गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश होता है, कोई लाभांश आय नहीं होती, हाथ में काफी नकदी रहती है और निजी कंपनियां इनकी बहुमत हिस्सेदार होती हैं. इनका कामकाज भी कुछ ज्यादा नहीं होता, खर्च भी कम होता है और कई बार अवैध काम के लिए भी इस तरह की कंपनियों का इस्तेमाल किया जाता है. प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सरकार द्वारा गठित विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय को इसके अधिकार दिए हैं. एजेंसी ने पिछले एक सप्ताह के दौरान इस तरह की कंपनियों की करोड़ों रुपये की संपत्ति कुर्क की है. मुखौटा कंपनियां ऐसी कंपनियों को कहा जाता है, जिनका गठन मामूली चुकता पूंजी के साथ किया जाता है. उनके पास काफी रकम रिजर्व के तौर पर होती है और ऊंचे शेयर प्रीमियम के रूप में अधिशेष राशि भी उपलब्ध होती है. इन कंपनियों का ज्यादातर गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश होता है, कोई लाभांश आय नहीं होती, हाथ में काफी नकदी रहती है और निजी कंपनियां इनकी बहुमत हिस्सेदार होती हैं. इनका कामकाज भी कुछ ज्यादा नहीं होता, खर्च भी कम होता है और कई बार अवैध काम के लिए भी इस तरह की कंपनियों का इस्तेमाल किया जाता है. मुखौटा कंपनियां ऐसी कंपनियों को कहा जाता है, जिनका गठन मामूली चुकता पूंजी के साथ किया जाता है. उनके पास काफी रकम रिजर्व के तौर पर होती है और ऊंचे शेयर प्रीमियम के रूप में अधिशेष राशि भी उपलब्ध होती है. इन कंपनियों का ज्यादातर गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश होता है, कोई लाभांश आय नहीं होती, हाथ में काफी नकदी रहती है और निजी कंपनियां इनकी बहुमत हिस्सेदार होती हैं. इनका कामकाज भी कुछ ज्यादा नहीं होता, खर्च भी कम होता है और कई बार अवैध काम के लिए भी इस तरह की कंपनियों का इस्तेमाल किया जाता है.
ED ने मुखौटा कंपनियों के परिसरों पर छापा मार तलाशी अभियान चलाया. पीएमएलए और फेमा के तहत की गई कार्रवाई. दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, चंडीगढ़, पटना, रांची और अन्‍य शहरों में छापेमारी
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: अगर आपका ईपीएफ खाता है तो घर खरीदने की आपकी कोशिश अब रंग ला सकती है. सेवानिवृत्ति निधि निकाय यानि  ईपीएफओ अपने करीब चार करोड़ सदस्यों के लिए अगले महीने आवास योजना की शुरुआत कर रहा है जिसमें उसके सदस्य घर खरीदने के लिए अपने ईपीएफ खाते से भुगतान कर सकते हैं या ईएमआई भी दे सकते हैं.टिप्पणियां सूत्रों की मानें तो ईपीएफओ ने अपने ग्राहकों के लिए आवास योजना को ठोस रूप दे दिया है. इस स्कीम को आठ मार्च के बाद किसी भी समय पेश किया जा सकता है. आठ मार्च तक पांच राज्यों के चुनाव समाप्त हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि योजना के तहत ईपीएफओ अपने सदस्यों के लिए सहायता प्रदाता के रूप में काम करेगा ताकि वे अपनी सेवाअवधि के दौरान अपने लिए घर खरीद सकें. उन्होंने कहा कि ईपीएफओ के ग्राहक सदस्यों के साथ साथ उनके नियोक्ताओं को एक ग्रुप हाउसिंग सोसायटी बनाने की जरूरत होगी जो आगे बैंकों और बिल्डरों या विक्रेताओं से गठजोड़ करेंगे ताकि सदस्य घर खरीद सकें. इस योजना के तहत इस बात की परिकल्पना की गई है कि ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में कम से कम 20 सदस्य हों ताकि इस सुविधा का लाभ लिया जा सके. सूत्रों के अनुसार ग्राहक सदस्य विभिन्न आवास योजनाओं जैसे कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले लाभों को एक साथ जोड़ सकते हैं ताकि सरकार के सभी के लिये आवास के लक्ष्य पाने में आगे बढ़ा जा सके. सूत्रों की मानें तो ईपीएफओ ने अपने ग्राहकों के लिए आवास योजना को ठोस रूप दे दिया है. इस स्कीम को आठ मार्च के बाद किसी भी समय पेश किया जा सकता है. आठ मार्च तक पांच राज्यों के चुनाव समाप्त हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि योजना के तहत ईपीएफओ अपने सदस्यों के लिए सहायता प्रदाता के रूप में काम करेगा ताकि वे अपनी सेवाअवधि के दौरान अपने लिए घर खरीद सकें. उन्होंने कहा कि ईपीएफओ के ग्राहक सदस्यों के साथ साथ उनके नियोक्ताओं को एक ग्रुप हाउसिंग सोसायटी बनाने की जरूरत होगी जो आगे बैंकों और बिल्डरों या विक्रेताओं से गठजोड़ करेंगे ताकि सदस्य घर खरीद सकें. इस योजना के तहत इस बात की परिकल्पना की गई है कि ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में कम से कम 20 सदस्य हों ताकि इस सुविधा का लाभ लिया जा सके. सूत्रों के अनुसार ग्राहक सदस्य विभिन्न आवास योजनाओं जैसे कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले लाभों को एक साथ जोड़ सकते हैं ताकि सरकार के सभी के लिये आवास के लक्ष्य पाने में आगे बढ़ा जा सके. उन्होंने कहा कि ईपीएफओ के ग्राहक सदस्यों के साथ साथ उनके नियोक्ताओं को एक ग्रुप हाउसिंग सोसायटी बनाने की जरूरत होगी जो आगे बैंकों और बिल्डरों या विक्रेताओं से गठजोड़ करेंगे ताकि सदस्य घर खरीद सकें. इस योजना के तहत इस बात की परिकल्पना की गई है कि ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में कम से कम 20 सदस्य हों ताकि इस सुविधा का लाभ लिया जा सके. सूत्रों के अनुसार ग्राहक सदस्य विभिन्न आवास योजनाओं जैसे कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले लाभों को एक साथ जोड़ सकते हैं ताकि सरकार के सभी के लिये आवास के लक्ष्य पाने में आगे बढ़ा जा सके.
संक्षिप्त सारांश: EPFO अगले महीने आवास योजना की शुरूआत कर रहा है यह योजना वह करीब चार करोड़ सदस्यों के लिए लेकर आ रहा है योजना के तहत EPFO अपने सदस्यों के लिए सहायता प्रदाता के रूप में काम करेगा
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीबीआई ने पूर्व दूरसंचार मंत्री को आरोपी करार देते हुए अपने पहले आरोप पत्र में कहा कि ए राजा ने एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सहित शीर्ष नौकरशाहों और कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों के साथ साठगांठ कर 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में 30,984 करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचाया। सीबीआई ने राजा को आठ अन्य तथा तीन टेलीकाम कंपनियों सहित अभियोगी बनाया है। दिल्ली की एक अदालत में पेश किए गए इस आरोप पत्र में आरोप लगाया गया है कि पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, राजा के निजी सचिव आरके चंदोलिया और स्वान टेलीकाम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा तथा संजय चंद्र :यूनीटेक वायरलेस के प्रबंध निदेशक: ने स्वान टेलीकाम तथा यूनीटेक ग्रुप जैसी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए एक साजिश रची। स्टील के सात बक्सों में लाये गये लगभग 80,000 पृष्ठों के आरोप पत्र को इस मामले की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश ओ पी सैनी के समक्ष पेश किया गया। अटार्नी जनरल गुलाम ई वाहनवती और कारपोरेट लाबिस्ट नीरा राडिया 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में सीबीआई के आरोप पत्र के 125 गवाहों में शामिल हैं। यह पहली बार है जब देश के किसी शीषर्स्थ विधि अधिकारी को भ्रष्टाचार के एक मामले में बतौर गवाह पेश होना पड़ रहा है। सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय को आश्वासन दिया था कि 25 अप्रैल को पूरक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और इस मामले की जांच 31 मई तक पूरी कर ली जाएगी। इस मामले को लेकर दूसरी बार सत्ता में आयी संप्रग सरकार जबर्दस्त आलोचना के घेरे में है। आरोप पत्र में शामिल अन्य लोगों में मुंबई की डीबी रियलिटी के निदेशक विनोद गोयनका, :यह कंपनी एतिसालात डीबी की प्रमोटर भी थी:, गुड़गांव की रीयल एस्टेट कंपनी यूनीटेक और यूनीटेक वायरलेस :तमिलनाडु: प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्र और गौतम दोषी, हरि नायर तथा सुरेन्द्र पिपरा, समूह प्रबंध निदेशक और मुंबई की रिलायंस टेलीकाम कंपनी के दो वरिष्ठ उपाध्यक्ष शामिल हैं। द्रमुक के 47 वर्षीय नेता पर भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और आधिकारिक पद के दुरूपयोग का आरोप लगाया गया है। राजा पर अधिकारियों और उद्योगपतियों के साथ मिल कर प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि राजा ने निजी तौर पर उद्योगपतियों को पुनर्निर्धारित तिथि की जानकारी दी और अपात्र आवेदकों को लाइसेंस जारी किये। सीबीआई के आरोप पत्र में कहा गया है कि रिलायंस एडीएजी के लिए मुखौटा कंपनी के तौर पर काम कर रही स्वान टेलीकाम और यूनीटेक वायरलेस :तमिलनाडु: को लाइसेंस हासिल करने की पात्रता तक नहीं थी। सीबीआई ने कहा कि आरोपी कंपनियों स्वान टेलीकाम और यूनीटेक को नये एकीकृत पहुंच सेवा लाइसेंस के लिए आवेदन हासिल करने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ाने सहित अपराधों का विस्तार पांच आयामों में था। एजेंसी ने पहले आओ, पहले पाओ, की नीति के संबंध में राजा और दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा फैसला करने की प्रक्रिया में शामिल आपराधिक परिस्थितियों पर भी गौर किया। आरोप पत्र में आगे कहा गया है कि इन लोगों ने टेलीकाम कंपनियों को दोहरी तकनीक की मंजूरी दी और अपात्र कंपनियों को लाइसेंस मंजूर किये तथा राजस्व को नुकसान पहुंचाया।
यहाँ एक सारांश है:राजा ने शीर्ष नौकरशाहों और कॉरपोरेट दिग्गजों के साथ साठगांठ कर 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में 30,984 करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचाया।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बैंकों पर नकदी की तंगी का दबाव कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक केंद्रीय रिजर्व बैंक ने संकेत दिया कि वह आरक्षित नकदी अनुपात (सीआरआर) कुछ और कम कर सकता है। सीआरआर वह व्यवस्था है जिसके तहत बैंकों को अपने पास जमा राशियों का एक तय हिस्सा रिजर्व बैंक के पास रखना होता है और उसपर उन्हें ब्याज नहीं मिलता। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा, ‘हम नकदी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं... मुझे लगता है कि मध्य तिमाही समीक्षा के दौरान सीआरआर में और कटौती का फैसला किया जाएगा। एक बार कटौती के बार मुझे लगता है कि अगली कटौती की संभावना हमेशा सामने होती है।’टिप्पणियां प्रणाली में तरलता की समस्या कम करने के लिए आरबीआई ने इस महीने मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा सीआरआर में कटौती कर इसे छह फीसद से 5.5 फीसद कर दिया। इस तरह बैंकों को ऋण देने के लिए और 32,000 करोड़ रुपये की नकदी मिल गई है। रिजर्व बैंक 15 मार्च को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा करने वाला है। सीआरआर वह व्यवस्था है जिसके तहत बैंकों को अपने पास जमा राशियों का एक तय हिस्सा रिजर्व बैंक के पास रखना होता है और उसपर उन्हें ब्याज नहीं मिलता। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा, ‘हम नकदी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं... मुझे लगता है कि मध्य तिमाही समीक्षा के दौरान सीआरआर में और कटौती का फैसला किया जाएगा। एक बार कटौती के बार मुझे लगता है कि अगली कटौती की संभावना हमेशा सामने होती है।’टिप्पणियां प्रणाली में तरलता की समस्या कम करने के लिए आरबीआई ने इस महीने मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा सीआरआर में कटौती कर इसे छह फीसद से 5.5 फीसद कर दिया। इस तरह बैंकों को ऋण देने के लिए और 32,000 करोड़ रुपये की नकदी मिल गई है। रिजर्व बैंक 15 मार्च को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा करने वाला है। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा, ‘हम नकदी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं... मुझे लगता है कि मध्य तिमाही समीक्षा के दौरान सीआरआर में और कटौती का फैसला किया जाएगा। एक बार कटौती के बार मुझे लगता है कि अगली कटौती की संभावना हमेशा सामने होती है।’टिप्पणियां प्रणाली में तरलता की समस्या कम करने के लिए आरबीआई ने इस महीने मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा सीआरआर में कटौती कर इसे छह फीसद से 5.5 फीसद कर दिया। इस तरह बैंकों को ऋण देने के लिए और 32,000 करोड़ रुपये की नकदी मिल गई है। रिजर्व बैंक 15 मार्च को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा करने वाला है। प्रणाली में तरलता की समस्या कम करने के लिए आरबीआई ने इस महीने मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा सीआरआर में कटौती कर इसे छह फीसद से 5.5 फीसद कर दिया। इस तरह बैंकों को ऋण देने के लिए और 32,000 करोड़ रुपये की नकदी मिल गई है। रिजर्व बैंक 15 मार्च को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा करने वाला है। रिजर्व बैंक 15 मार्च को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा करने वाला है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बैंकों पर नकदी की तंगी का दबाव कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक केंद्रीय रिजर्व बैंक ने संकेत दिया कि वह आरक्षित नकदी अनुपात (सीआरआर) कुछ और कम कर सकता है।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ बोलने से रोकने पर कांग्रेस छोड़ने की धमकी दी है। वर्मा ने कहा कि वह नाराज हैं और गुस्से में भी है। फिलहाल उन्होंने पार्टी न छोड़ने की बात कही है। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के खिलाफ एक बार फिर विवादास्पद टिप्पणी करके आफत मोल लेने वाले केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा को बुधवार को ही कांग्रेस नेतृत्व ने आगाह किया जिसके बाद उन्होंने अपने बयान के लिए खेद जताया था तथा फिर से इसे नहीं दोहराने का वायदा किया था। कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश में पार्टी मामलों के प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने कहा मीडिया को बताया था, ‘‘बेनी प्रसाद वर्मा ने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ अपने बयान पर खेद जताया है और कहा है कि इस तरह की चीजें नहीं दोहराई जाएंगी। उन्हें चेतावनी देते हुए कहा गया था कि यह कांग्रेस की संस्कृति नहीं है और उन्हें इस तरह के बयानों से बचना चाहिए।’’ मिस्त्री ने कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस विषय को बहुत गंभीरता से लिया है। टिप्पणियां उन्होंने कल सुबह बेनी को अपने आवास पर बुलाया और उनकी टिप्पणी को लेकर पार्टी की नाखुशी उनसे जाहिर की थी। मिस्त्री ने कहा, ‘‘यह मामला यहीं समाप्त हो जाता है।’’ बेनी प्रसाद वर्मा ने मंगलवार को फैजाबाद में एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘‘मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। लेकिन उन्हें पहले प्रधानमंत्री के घर पर झाड़ू देने वाले की नौकरी पाने की कोशिश करनी चाहिए।’’ सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के खिलाफ एक बार फिर विवादास्पद टिप्पणी करके आफत मोल लेने वाले केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा को बुधवार को ही कांग्रेस नेतृत्व ने आगाह किया जिसके बाद उन्होंने अपने बयान के लिए खेद जताया था तथा फिर से इसे नहीं दोहराने का वायदा किया था। कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश में पार्टी मामलों के प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने कहा मीडिया को बताया था, ‘‘बेनी प्रसाद वर्मा ने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ अपने बयान पर खेद जताया है और कहा है कि इस तरह की चीजें नहीं दोहराई जाएंगी। उन्हें चेतावनी देते हुए कहा गया था कि यह कांग्रेस की संस्कृति नहीं है और उन्हें इस तरह के बयानों से बचना चाहिए।’’ मिस्त्री ने कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस विषय को बहुत गंभीरता से लिया है। टिप्पणियां उन्होंने कल सुबह बेनी को अपने आवास पर बुलाया और उनकी टिप्पणी को लेकर पार्टी की नाखुशी उनसे जाहिर की थी। मिस्त्री ने कहा, ‘‘यह मामला यहीं समाप्त हो जाता है।’’ बेनी प्रसाद वर्मा ने मंगलवार को फैजाबाद में एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘‘मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। लेकिन उन्हें पहले प्रधानमंत्री के घर पर झाड़ू देने वाले की नौकरी पाने की कोशिश करनी चाहिए।’’ कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश में पार्टी मामलों के प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने कहा मीडिया को बताया था, ‘‘बेनी प्रसाद वर्मा ने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ अपने बयान पर खेद जताया है और कहा है कि इस तरह की चीजें नहीं दोहराई जाएंगी। उन्हें चेतावनी देते हुए कहा गया था कि यह कांग्रेस की संस्कृति नहीं है और उन्हें इस तरह के बयानों से बचना चाहिए।’’ मिस्त्री ने कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस विषय को बहुत गंभीरता से लिया है। टिप्पणियां उन्होंने कल सुबह बेनी को अपने आवास पर बुलाया और उनकी टिप्पणी को लेकर पार्टी की नाखुशी उनसे जाहिर की थी। मिस्त्री ने कहा, ‘‘यह मामला यहीं समाप्त हो जाता है।’’ बेनी प्रसाद वर्मा ने मंगलवार को फैजाबाद में एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘‘मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। लेकिन उन्हें पहले प्रधानमंत्री के घर पर झाड़ू देने वाले की नौकरी पाने की कोशिश करनी चाहिए।’’ मिस्त्री ने कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस विषय को बहुत गंभीरता से लिया है। टिप्पणियां उन्होंने कल सुबह बेनी को अपने आवास पर बुलाया और उनकी टिप्पणी को लेकर पार्टी की नाखुशी उनसे जाहिर की थी। मिस्त्री ने कहा, ‘‘यह मामला यहीं समाप्त हो जाता है।’’ बेनी प्रसाद वर्मा ने मंगलवार को फैजाबाद में एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘‘मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। लेकिन उन्हें पहले प्रधानमंत्री के घर पर झाड़ू देने वाले की नौकरी पाने की कोशिश करनी चाहिए।’’ उन्होंने कल सुबह बेनी को अपने आवास पर बुलाया और उनकी टिप्पणी को लेकर पार्टी की नाखुशी उनसे जाहिर की थी। मिस्त्री ने कहा, ‘‘यह मामला यहीं समाप्त हो जाता है।’’ बेनी प्रसाद वर्मा ने मंगलवार को फैजाबाद में एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘‘मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। लेकिन उन्हें पहले प्रधानमंत्री के घर पर झाड़ू देने वाले की नौकरी पाने की कोशिश करनी चाहिए।’’ मिस्त्री ने कहा, ‘‘यह मामला यहीं समाप्त हो जाता है।’’ बेनी प्रसाद वर्मा ने मंगलवार को फैजाबाद में एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘‘मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। लेकिन उन्हें पहले प्रधानमंत्री के घर पर झाड़ू देने वाले की नौकरी पाने की कोशिश करनी चाहिए।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ बोलने से रोकने पर कांग्रेस छोड़ने की धमकी दी है। वर्मा ने कहा कि वह नाराज हैं और गुस्से में भी है। फिलहाल उन्होंने पार्टी न छोड़ने की बात कही है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ग्रेटर नोएडा में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिलने बुधवार अल सुबह प्रशासन को जानकारी दिए बिना अचानक ही मोटर साइकिल पर सवार होकर भट्टा-पारसौल गांव पहुंच गए। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एक समाचार चैनल से बातचीत में राहुल के इस दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि राहुल बिना किसी को बताए बुधवार सुबह भट्टा-पारसौल गांव पहुंचे और उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों से मुलाकात की। राहुल गांधी मोटर साइकिल पर सवार होकर किस रास्ते से यहां पहुंचे किसी को इस बात की खबर नहीं लगी। भट्टा-पारसौल पहुंचने तक राहुल को किसी ने नहीं पहचाना क्योंकि वह मोटर साइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचे थे। दिग्विजय ने कहा कि राहुल का यह दौरा किसानों से उनके लगाव का उदाहरण है। मायावती सरकार पर आरोप लगाते हुए सिंह ने कहा कि मायावती किसानों को 500 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा दे रही हैं जबकि वह स्वयं जमीन अधिग्रहण के बदले अनैतिक तौर पर 3,000 वर्ग मीटर के हिसाब से चंदा वसूल रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा के पास ही हरियाणा में भी जमीन अधिग्रहण होता है लेकिन वहां कोई परेशानी नहीं होती और उत्तर प्रदेश में जब भी जमीन अधिग्रहण होता है तब इसी तरह किसानों का गला घोंटा जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों का गला घोंटकर उद्योगपतियों को मालमाल करना विकास नहीं है। दिग्विजय ने कहा कि नोएडा में जमीनों का जो घोटाला हो रहा है वह 2-जी घोटाले से कम से कम तीन गुना बड़ा है। उन्होंने कहा कि जब से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का शासन समाप्त हुआ है तब से पिछले बीस साल में उत्तर प्रदेश में जात-पात, धर्म के नाम पर बंटवारे, भ्रष्टाचार और कुशासन का बोलबाला है। उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से असंवेदनशील है और यही समस्या की जड़ है।
सारांश: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बताया कि राहुल बिना किसी को बताए भट्टा-पारसौल गांव पहुंचे और किसानों से मुलाकात की।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में राजघाट पर नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज के देशभक्ति गीत पर नाचने पर भले ही पूरी भारतीय जनता पार्टी उनका बचाव कर रही हो मगर पार्टी के ही राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांता कुमार नाचने को अच्छी बात नहीं मानते हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन कर रहे बाबा रामदेव व उनके समर्थकों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राजघाट पर आयोजित भाजपा के सत्याग्रह के दौरान सुषमा स्वराज व अन्य नेताओं के देशभक्ति गीतों पर नाचने को लेकर संवाददाताओं ने शांता कुमार से जब उनकी राय जानना चाही तो उनका कहना था कि कहीं भी हो यह (नाचना) अच्छी बात नहीं है, वह भी धरने पर बैठे थे जहां महिलाओं ने लोकगीत आदि गाए थे, इस दौरान कुछ महिलाएं झूमी, मगर उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। बाद में अपने जवाब को सम्भालते हुए शांता कुमार ने आगे कहा कि नाचना इतना बड़ा मसला नहीं है कि इस पर इतना शोर मचाया जाए, मूल मुद्दा तो भ्रष्टाचार व काले धन को वापस लाने का है। भ्रष्टाचार व काले धन को लेकर अन्ना हजारे व बाबा रामदेव द्वारा आवाज उठाए जाने को शांता कुमार राजनीति की विफलता मानते हैं। उनका कहना है कि इन मुद्दों को उठाने का काम राजनीतिक दलों का है, वह तो सन्यासी हैं और उनका यह काम नहीं है। इसके बावजूद उन्हें इसके लिए आगे आना पड़ा है, यह तो राजनीति की विफलता ही है। उन्होंने आगे कहा है कि भाजपा का भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी है और वह अपने अभियान को आगे भी जारी रखेगी।
सारांश: बाद में अपने जवाब को सम्भालते हुए शांता कुमार ने कहा कि नाचना इतना बड़ा मसला नहीं है कि इस पर इतना शोर मचाया जाए।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन के नियंत्रण वाले हांगकांग के प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के साथ काम कर चुके एडवर्ड स्नोडेन को गिरफ्तार करने के अमेरिका के अनुरोध को ठुकरा दिया। इसके बाद स्नोडेन हांगकांग से क्यूबा या वेनेजुएजा में शरण लेने के लिए रवाना हो गया। चीन ने स्नोडेन के हांगकांग से निकलने के मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी और कहा कि वह चीनी संस्थानों पर अमेरिकी साइबर हमलों को लेकर स्नोडेन द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर ‘अत्यंत चिंतित’ है।टिप्पणियां चीन के विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक बयान में कहा, ‘हांगकांग के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के मूल कानून और ‘एक देश, दो व्यवस्थाओं’ की नीति के तहत केंद्र सरकार ने मुद्दों से कानून के मुताबित निबटने में हांगकांग एसएआर सरकार का हमेशा ही सम्मान किया है।’ उन्होंने कहा कि चीन स्नोडेन के खुलासों को लेकर अत्यंत चिंतित है और इससे ‘एक बार फिर यह साबित हुआ है कि चीन साइबर हमलों का शिकार है और हम अमेरिकी पक्ष के समक्ष अपनी बात पहले ही रख चुके हैं।’ हांगकांग को चीन से कुछ प्रशासनिक स्वायत्तता प्राप्त है लेकिन उसके विदेशी और रक्षा मामले चीन द्वारा नियंत्रित हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि स्नोडेन की गिरफ्तारी की अमेरिका की मांग को खारिज करने का हांगकांग का निर्णय चीन की केंद्रीय सरकार से मशविरे के बिना नहीं लिया गया होगा। चीन ने स्नोडेन के हांगकांग से निकलने के मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी और कहा कि वह चीनी संस्थानों पर अमेरिकी साइबर हमलों को लेकर स्नोडेन द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर ‘अत्यंत चिंतित’ है।टिप्पणियां चीन के विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक बयान में कहा, ‘हांगकांग के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के मूल कानून और ‘एक देश, दो व्यवस्थाओं’ की नीति के तहत केंद्र सरकार ने मुद्दों से कानून के मुताबित निबटने में हांगकांग एसएआर सरकार का हमेशा ही सम्मान किया है।’ उन्होंने कहा कि चीन स्नोडेन के खुलासों को लेकर अत्यंत चिंतित है और इससे ‘एक बार फिर यह साबित हुआ है कि चीन साइबर हमलों का शिकार है और हम अमेरिकी पक्ष के समक्ष अपनी बात पहले ही रख चुके हैं।’ हांगकांग को चीन से कुछ प्रशासनिक स्वायत्तता प्राप्त है लेकिन उसके विदेशी और रक्षा मामले चीन द्वारा नियंत्रित हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि स्नोडेन की गिरफ्तारी की अमेरिका की मांग को खारिज करने का हांगकांग का निर्णय चीन की केंद्रीय सरकार से मशविरे के बिना नहीं लिया गया होगा। चीन के विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक बयान में कहा, ‘हांगकांग के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के मूल कानून और ‘एक देश, दो व्यवस्थाओं’ की नीति के तहत केंद्र सरकार ने मुद्दों से कानून के मुताबित निबटने में हांगकांग एसएआर सरकार का हमेशा ही सम्मान किया है।’ उन्होंने कहा कि चीन स्नोडेन के खुलासों को लेकर अत्यंत चिंतित है और इससे ‘एक बार फिर यह साबित हुआ है कि चीन साइबर हमलों का शिकार है और हम अमेरिकी पक्ष के समक्ष अपनी बात पहले ही रख चुके हैं।’ हांगकांग को चीन से कुछ प्रशासनिक स्वायत्तता प्राप्त है लेकिन उसके विदेशी और रक्षा मामले चीन द्वारा नियंत्रित हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि स्नोडेन की गिरफ्तारी की अमेरिका की मांग को खारिज करने का हांगकांग का निर्णय चीन की केंद्रीय सरकार से मशविरे के बिना नहीं लिया गया होगा। हांगकांग को चीन से कुछ प्रशासनिक स्वायत्तता प्राप्त है लेकिन उसके विदेशी और रक्षा मामले चीन द्वारा नियंत्रित हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि स्नोडेन की गिरफ्तारी की अमेरिका की मांग को खारिज करने का हांगकांग का निर्णय चीन की केंद्रीय सरकार से मशविरे के बिना नहीं लिया गया होगा।
संक्षिप्त सारांश: चीन के नियंत्रण वाले हांगकांग के प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के साथ काम कर चुके एडवर्ड स्नोडेन को गिरफ्तार करने के अमेरिका के अनुरोध को ठुकरा दिया। इसके बाद स्नोडेन हांगकांग से क्यूबा या वेनेजुएजा में शरण लेने के लिए रवाना हो गया।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव (General Election 2019) जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, नेताओं की बदजुबानी भी बढ़ती जा रही है. इस लिस्ट में नया नाम उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल (Anupma Jaiswal) का जुड़ गया है. अनुपमा जायसवाल ने विपक्ष की तुलना जानवरों के झुंड से की और बीएसपी सुप्रीमो मायावती को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की. बीजेपी की आईटी सेल द्वारा आयोजित 'साइबर योद्धा' सम्मेलन में अनुपमा जायसवाल (Anupma Jaiswal) ने सपा, बसपा और रालोद गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब कुत्ते, बिल्ली, ऊंट, खच्चर आदि एक घाट पर पानी पीने लगें तो समझ लो दूसरी तरफ शेर पानी पीने आ रहा है. अपने अस्तित्व के संकट को देखकर सभी विपक्षी पार्टियां एक हो रही हैं. जो कभी एक दूसरे को फूटी आंखों नहीं सुहाते थे, वे आज एक दूसरे के लिए वोट मांग रहे हैं.  अनुपमा जायसवाल (Anupma Jaiswal) ने बसपा प्रमुख मायावती को ‘माया महाठगनी' बताते हुए कहा कि व्यक्ति का 'नेचर' और 'सिग्नेचर' कभी नहीं बदलता. उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम, पार्टी प्रमुख मायावती और उनके दल के नेताओं पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा 'आप सबने सुना होगा साहब, बीवी और गुलाम. उनकी पार्टी के मुखिया रहे साहब इस दुनिया को छोड़ चुके हैं. अब केवल बीवी और उसके गुलाम बचे हैं. अकेली बीवी कुर्सी पर बैठती है और गुलाम उसके सामने जमीन पर बैठते हैं. इस पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव में जीरो मिला था, इस बार अंडा मिलेगा'. अनुपमा जायसवाल ने मायावती पर तंज कसते हुए कहा कि देश में ऐसे भी नेता हैं जिनकी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा तो है, लेकिन चुनाव नहीं लड़ेंगे क्योंकि उन्हें अपनी जीत का भरोसा नहीं है.
यह एक सारांश है: यूपी सरकार में मंत्री हैं अनुपमा जायसवाल सपा-बसपा गठबंधन पर साधा निशाना बीएसपी प्रमुख मायावती को 'महाठगनी' बताया
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पेट्रोल के दामों में वृद्धि और बढ़ती महंगाई के खिलाफ एनडीए ने 31 मई को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। सरकार की सहयोगी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि पेट्रोल के दाम में इतनी भारी बढ़ोतरी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि सरकार के इस फैसले के बावजूद वह समर्थन वापस नहीं लेंगी। उधर, समाजवादी पार्टी ने भी कहा है कि उसे सरकार का यह फैसले मंज़ूर नहीं है और वह पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन करेगी। विपक्षी दल बीजेपी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 'कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ' का नारा देने वाली पार्टी आम जनता के साथ बार-बार धोखा कर रही है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री और अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि सरकार के इस फैसले ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और उसे इस फैसले को जल्द से जल्द वापस ले लेना चाहिए। डीएमके नेता करुणानिधि ने भी कहा है कि वह अपने सांसदों को प्रधानमंत्री से बात करने के लिए भेजेंगे। टिप्पणियां पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों के विरोध में बीजेपी ने बुधवार रात दिल्ली और जयपुर में प्रदर्शन किया। भोपाल और हैदराबाद में भी विपक्षी कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंपों पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भी लोगों ने पेट्रोलियम मंत्री और यूपीए सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाए। वहीं केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने इस फैसले के विरोध में आज हड़ताल का ऐलान किया है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने सफाई देते हुए कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ाना एक मुश्किल फैसला था, लेकिन यह फैसला तेल कंपनियों का है और सरकार का इससे कोई लेना−देना नहीं है। उधर, समाजवादी पार्टी ने भी कहा है कि उसे सरकार का यह फैसले मंज़ूर नहीं है और वह पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन करेगी। विपक्षी दल बीजेपी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 'कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ' का नारा देने वाली पार्टी आम जनता के साथ बार-बार धोखा कर रही है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री और अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि सरकार के इस फैसले ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और उसे इस फैसले को जल्द से जल्द वापस ले लेना चाहिए। डीएमके नेता करुणानिधि ने भी कहा है कि वह अपने सांसदों को प्रधानमंत्री से बात करने के लिए भेजेंगे। टिप्पणियां पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों के विरोध में बीजेपी ने बुधवार रात दिल्ली और जयपुर में प्रदर्शन किया। भोपाल और हैदराबाद में भी विपक्षी कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंपों पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भी लोगों ने पेट्रोलियम मंत्री और यूपीए सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाए। वहीं केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने इस फैसले के विरोध में आज हड़ताल का ऐलान किया है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने सफाई देते हुए कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ाना एक मुश्किल फैसला था, लेकिन यह फैसला तेल कंपनियों का है और सरकार का इससे कोई लेना−देना नहीं है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री और अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि सरकार के इस फैसले ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और उसे इस फैसले को जल्द से जल्द वापस ले लेना चाहिए। डीएमके नेता करुणानिधि ने भी कहा है कि वह अपने सांसदों को प्रधानमंत्री से बात करने के लिए भेजेंगे। टिप्पणियां पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों के विरोध में बीजेपी ने बुधवार रात दिल्ली और जयपुर में प्रदर्शन किया। भोपाल और हैदराबाद में भी विपक्षी कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंपों पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भी लोगों ने पेट्रोलियम मंत्री और यूपीए सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाए। वहीं केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने इस फैसले के विरोध में आज हड़ताल का ऐलान किया है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने सफाई देते हुए कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ाना एक मुश्किल फैसला था, लेकिन यह फैसला तेल कंपनियों का है और सरकार का इससे कोई लेना−देना नहीं है। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों के विरोध में बीजेपी ने बुधवार रात दिल्ली और जयपुर में प्रदर्शन किया। भोपाल और हैदराबाद में भी विपक्षी कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंपों पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भी लोगों ने पेट्रोलियम मंत्री और यूपीए सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाए। वहीं केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने इस फैसले के विरोध में आज हड़ताल का ऐलान किया है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने सफाई देते हुए कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ाना एक मुश्किल फैसला था, लेकिन यह फैसला तेल कंपनियों का है और सरकार का इससे कोई लेना−देना नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने सफाई देते हुए कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ाना एक मुश्किल फैसला था, लेकिन यह फैसला तेल कंपनियों का है और सरकार का इससे कोई लेना−देना नहीं है।
सारांश: ममता बनर्जी ने दाम बढ़ोतरी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है, जबकि मुलायम सड़कों पर उतरने की बात कह रहे हैं। एनडीए ने 31 मई को देशव्यापी बंद का भी आह्वान किया है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि हार हमेशा दुखद होता है और कांग्रेस हरियाणा में हिसार लोकसभा उपचुनाव में हुई पराजय की समीक्षा करेगी। हरियाणा जनहित कांग्रेस (एचजेसी) के उम्मीदवार, कुलदीप सिंह बिश्नोई की जीत स्पष्ट हो जाने, और कांग्रेस उम्मीदवार के तीसरे स्थान पर जाने की स्थिति साफ हो जाने के बाद मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, "चुनावों में पार्टी की हार हमेशा दुखदायी होती है। और हमें इस बात का विश्लेषण करना होगा कि उपचुनाव में हमारी हार क्यों हुई।" मुखर्जी ने यहां एक औद्योगिक कार्यक्रम के इतर मौके पर कहा, "लेकिन मेरे लिए तत्काल कोई टिप्पणी कर पाना सम्भव नहीं है।"  हिसार लोकसभा सीट, पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के निधन के कारण जून में रिक्त हुई थी। इस सीट के लिए हुए उपचुनाव में लगभग 40 उम्मीदवार मैदान में थे। इस चुनाव को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों ने कांग्रेस के खिलाफ वोट देने की मतदाताओं से अपील की थी। इस सीट पर 13 अक्टूबर को 70 प्रतिशत मतदान हुआ था। कुल 13.32 लाख मतदाताओं में से लगभग 9.3 लाख मतदाताओं ने वोट डाले थे।
प्रणब ने कहा कि हार हमेशा दुखद होता है और कांग्रेस हरियाणा में हिसार लोकसभा उपचुनाव में हुई पराजय की समीक्षा करेगी।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ‘जासूसी' विवाद को लेकर केंद्र पर निशाना साधा और मांग की कि सरकार इजराइल से पूछें कि उसकी प्रौद्योगिकी कंपनी ने भारतीयों की व्हाट्सऐप बातचीत कैसे सुनी. एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने शनिवार देर रात यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इजराइली राजदूत को तलब किया जाना चाहिए और मामले में सवाल किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘अब यह पता चला है कि एक इजराइली कंपनी ने व्हाट्सऐप की बातचीत सुनी. इजराइली राजदूत को तलब किया जाना चाहिए और पूछा जाना चाहिए कि उनकी कंपनी ने हमारे फोन क्यों सुने? लेकिन आप (सरकार) इजराइली कंपनी से नहीं पूछ रहे हैं, इसके बजाय आप व्हाट्सऐप से सवाल कर रहे हैं. आप पूछने से डर क्यों रहे हैं.'' फेसबुक के स्वामित्व वाली व्हाट्सऐप ने बृहस्पतिवार को कहा कि इजराइली स्पाईवेयर ‘पेगासस' का इस्तेमाल करके अज्ञात इकाइयों द्वारा वैश्विक स्तर पर जासूसी की गई. भारत के कुछ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं. व्हाट्सऐप ने कहा है कि वह एनएसओ ग्रुप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है. यह इजराइली कंपनी है जो निगरानी करने का काम करती है. समझा जाता है कि यह कंपनी उस प्रौद्योगिकी के पीछे है, जिसके जरिये जासूसों ने करीब 1400 लोगों के फोन हैक किए हैं. इस खुलासे के बाद भारतीय सरकार ने व्हाट्सऐप से यह मामला समझाने और यह बताने के लिए भी कहा है कि उसने लाखों भारतीयों की निजता की रक्षा के लिए क्या उपाय किये हैं.  ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि देश में गरीबी और महंगाई बढ़ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को इसकी न तो चिंता और न ही कोई परवाह है. उन्होंने भरपेट भोजन नहीं मिलने के कारण उत्पन्न भूख की स्थिति संबंधी वैश्विक सूचकांक (जीएचआई) में भारत के 102वें स्थान पर पहुंचने को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा. भारत 117 देशों के जीएचआई में 2018 में 95वें स्थान पर था और अब 2019 में 102वें स्थान पर पहुंच गया है. भारत के पड़ोसी देशों नेपाल, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश की रैंकिंग उससे बेहतर है.  उन्होंने कहा, ‘‘आप (नरेंद्र मोदी) पांच वर्षों से प्रधानमंत्री हैं. आपको (लोकसभा) 300 से अधिक सीटें मिली हैं. मोदीजी हम आपसे एक सवाल पूछना चाहते हैं यह कैसे हुआ?'' ओवैसी ने कहा कि जो राष्ट्रवाद की बातें करते हैं उन्हें कुछ शर्म आनी चाहिए. ओवैसी ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘आप भारत को एक ऐसी स्थिति में ले आये हैं. क्या यह है आपका राष्ट्रवाद. आपको शर्म आनी चाहिए. हमारे देश में 20 करोड़ लोग भूखे पेट सोते हैं और आप बड़ी बातें करते हैं. भाजपा और आरएसएस गरीबों का मजाक उड़ाते हैं.'' उन्होंने कहा, ‘‘स्नातकोत्तर और डिग्री धारियों के बीच बेरोजगारी की दर 24 प्रतिशत है. सुस्ती है. लोग निराश हैं. लेकिन हमारे प्रधानमंत्री थाईलैंड में हैं. वह आरसीईपी समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे हैं.'' महाराष्ट्र में अगली सरकार गठन को लेकर भाजपा और उसकी सहयोगी शिवसेना के बीच जारी गतिरोध को लेकर ओवैसी ने कहा, ‘‘वे (भाजपा और शिवसेना) साथ मिलकर (चुनाव) लड़े. अब चुनाव के बाद 50:50... उन्हें महाराष्ट्र के लोगों के बारे में सोचना चाहिए. सतारा (जिले) में वर्षा से फसलों को नुकसान हुआ है और किसान मुश्किल में हैं लेकिन उन्हें इसकी चिंता नहीं है.'' ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम ने निर्णय किया है कि वह राज्य में सरकार गठन में न तो भाजपा न ही शिवसेना का ही समर्थन करेगी.   ओवैसी ने कहा, ‘‘उद्धव ठाकरे पहले दिल्ली (केंद्र सरकार) से अपने मंत्री से इस्तीफा लें. यदि आप अपना मुख्यमंत्री चाहते हैं तब आप दो घोड़ों की सवारी नहीं कर सकते. शिवसेना, आप निर्णय करें. ऐसा लगता है कि उद्धव ठाकरे मोदी से डरते हैं.'' तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मचारियों की अनिश्चित हड़ताल पर ओवैसी ने उनसे अपील की कि वे तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की अपील स्वीकार करके अपना आंदोलन समाप्त कर दें और पांच नवम्बर मध्यरात्रि तक काम पर लौट आयें.
संक्षिप्त पाठ: ओवैसी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना कहा- जासूसी मामले में इजराइल से पूछें सवाल कहा- इजराइली राजदूत को तलब किया जाना चाहिए
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ओबामा प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव की पूरी प्रक्रिया के दौरान अमेरिका ने भारत के साथ नजदीक से विचार-विमर्श किया था। दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लैक ने बीबीसी की सिंहली भाषा की सेवा को दिए साक्षत्कार में कहा, ‘‘हमने पूरी प्रक्रिया के दौरान भारत के साथ बहुत नजदीक से काम किया और भारत की ओर से प्रस्ताव में किए गए कुछ बदलावों का हमने स्वागत किया।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘भारत की ओर से मिले सहयोग से हम बहुत संतुष्ट हैं। मेरा मानना है कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के साथ काम करना जारी रखना होगा क्योंकि भारत का इस क्षेत्र में खासा असर है।’’ ब्लैक के इस साक्षात्कार का लिखित ब्यौरा अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी किया है। पिछले दिनों अमेरिका समर्थित प्रस्ताव के पक्ष में भारत सहित 25 देशों ने मतदान किया था। प्रस्ताव के विपक्ष में 13 मत पड़े थे। दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लैक ने बीबीसी की सिंहली भाषा की सेवा को दिए साक्षत्कार में कहा, ‘‘हमने पूरी प्रक्रिया के दौरान भारत के साथ बहुत नजदीक से काम किया और भारत की ओर से प्रस्ताव में किए गए कुछ बदलावों का हमने स्वागत किया।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘भारत की ओर से मिले सहयोग से हम बहुत संतुष्ट हैं। मेरा मानना है कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के साथ काम करना जारी रखना होगा क्योंकि भारत का इस क्षेत्र में खासा असर है।’’ ब्लैक के इस साक्षात्कार का लिखित ब्यौरा अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी किया है। पिछले दिनों अमेरिका समर्थित प्रस्ताव के पक्ष में भारत सहित 25 देशों ने मतदान किया था। प्रस्ताव के विपक्ष में 13 मत पड़े थे। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की ओर से मिले सहयोग से हम बहुत संतुष्ट हैं। मेरा मानना है कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के साथ काम करना जारी रखना होगा क्योंकि भारत का इस क्षेत्र में खासा असर है।’’ ब्लैक के इस साक्षात्कार का लिखित ब्यौरा अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी किया है। पिछले दिनों अमेरिका समर्थित प्रस्ताव के पक्ष में भारत सहित 25 देशों ने मतदान किया था। प्रस्ताव के विपक्ष में 13 मत पड़े थे। ब्लैक के इस साक्षात्कार का लिखित ब्यौरा अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी किया है। पिछले दिनों अमेरिका समर्थित प्रस्ताव के पक्ष में भारत सहित 25 देशों ने मतदान किया था। प्रस्ताव के विपक्ष में 13 मत पड़े थे।
सारांश: ओबामा प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव की पूरी प्रक्रिया के दौरान अमेरिका ने भारत के साथ नजदीक से विचार-विमर्श किया था।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजकुमार संतोषी की फिल्म 'फटा पोस्टर निकला हीरो' में मुख्य भूमिका निभाई है शाहिद कपूर, इलियाना डिक्रूज़, पद्मिनी कोल्हापुरी, दर्शन ज़रीवाला, मुकेश तिवारी, संजय मिश्रा और सौरभ शुक्ला ने। यह कहानी एक ऐसे इंसान की है जो फिल्मों में हीरो बनना चाहता है पर ग़लती से लोग उसे पुलिस ऑफिसर समझ बैठते हैं। इसी ’मिस्टेकन आइडेन्टिटी’ से शुरू होता है कॉमेडी का सिलसिला। फिल्म का कॉन्सेप्ट अच्छा है पर इसे फैलाने में सेकंड हाफ में थोड़ी ढ़िलाई हो गई। हालांकि आपको कुछ चीजें अटपटी लग सकती हैं पर शायद डायरेक्टर संतोषी ने जानबूझकर दशर्कों को हंसाने के लिए इन्हें रखा है। यह फ़िल्म देखते हुए मुझे लगा कि संतोषी को कॉमेडी में थोड़ा सा अपना अंदाज़ बदल लेना चाहिए क्योंकि कई बार वह खुद को दोहराते हुए लगते हैं। लेकिन, बड़ी बात यह है कि ये फिल्म आपको मनोरंजन देने का वादा करती है और देती है। शाहिद कपूर की कॉमिक टाइमिंग न सिर्फ बहुत अच्छी है बल्कि बड़ी सहजता से वह अपनी लाइन्स में पंच दे जाते हैं। यहां उनकी कॉमेडी, उनका एक्शन, उनका डांस सब कुछ बेहतरीन है। हालांकि इलियाना के पास करने को कुछ ज़्यादा नहीं था फिल्म में और उन्होंने भी अपने अभिनय के साथ ज़्यादा प्रयोग नहीं किए हैं। दर्शन ज़रीवाला, संजय मिश्रा और सौरभ शुक्ला... वो एक्टर हैं जो इस फिल्म की बुनियाद को मज़बूत करते हैं। फिल्म के पास एक मां भी है ... पदमिनी कोल्हापुरी  यानी बॉलीवुड को मिल गई है एक और मां... जो इस फिल्म से वापसी भी कर रही हैं और इनका काम भी अच्छा है। फिल्म के दो गाने… 'तू मेरे अगल-बगल है…' और 'तू रंग शर्बतों का...' पहले ही हिट हैं।टिप्पणियां कुल मिलाकर 'फटा पोस्टर निकला हीरो' वह फिल्म है जो आपका पैसा वसूल करा जाएगी। ... मेरी ओर से इस फिल्म को 3 स्टार्स। यह कहानी एक ऐसे इंसान की है जो फिल्मों में हीरो बनना चाहता है पर ग़लती से लोग उसे पुलिस ऑफिसर समझ बैठते हैं। इसी ’मिस्टेकन आइडेन्टिटी’ से शुरू होता है कॉमेडी का सिलसिला। फिल्म का कॉन्सेप्ट अच्छा है पर इसे फैलाने में सेकंड हाफ में थोड़ी ढ़िलाई हो गई। हालांकि आपको कुछ चीजें अटपटी लग सकती हैं पर शायद डायरेक्टर संतोषी ने जानबूझकर दशर्कों को हंसाने के लिए इन्हें रखा है। यह फ़िल्म देखते हुए मुझे लगा कि संतोषी को कॉमेडी में थोड़ा सा अपना अंदाज़ बदल लेना चाहिए क्योंकि कई बार वह खुद को दोहराते हुए लगते हैं। लेकिन, बड़ी बात यह है कि ये फिल्म आपको मनोरंजन देने का वादा करती है और देती है। शाहिद कपूर की कॉमिक टाइमिंग न सिर्फ बहुत अच्छी है बल्कि बड़ी सहजता से वह अपनी लाइन्स में पंच दे जाते हैं। यहां उनकी कॉमेडी, उनका एक्शन, उनका डांस सब कुछ बेहतरीन है। हालांकि इलियाना के पास करने को कुछ ज़्यादा नहीं था फिल्म में और उन्होंने भी अपने अभिनय के साथ ज़्यादा प्रयोग नहीं किए हैं। दर्शन ज़रीवाला, संजय मिश्रा और सौरभ शुक्ला... वो एक्टर हैं जो इस फिल्म की बुनियाद को मज़बूत करते हैं। फिल्म के पास एक मां भी है ... पदमिनी कोल्हापुरी  यानी बॉलीवुड को मिल गई है एक और मां... जो इस फिल्म से वापसी भी कर रही हैं और इनका काम भी अच्छा है। फिल्म के दो गाने… 'तू मेरे अगल-बगल है…' और 'तू रंग शर्बतों का...' पहले ही हिट हैं।टिप्पणियां कुल मिलाकर 'फटा पोस्टर निकला हीरो' वह फिल्म है जो आपका पैसा वसूल करा जाएगी। ... मेरी ओर से इस फिल्म को 3 स्टार्स। फिल्म का कॉन्सेप्ट अच्छा है पर इसे फैलाने में सेकंड हाफ में थोड़ी ढ़िलाई हो गई। हालांकि आपको कुछ चीजें अटपटी लग सकती हैं पर शायद डायरेक्टर संतोषी ने जानबूझकर दशर्कों को हंसाने के लिए इन्हें रखा है। यह फ़िल्म देखते हुए मुझे लगा कि संतोषी को कॉमेडी में थोड़ा सा अपना अंदाज़ बदल लेना चाहिए क्योंकि कई बार वह खुद को दोहराते हुए लगते हैं। लेकिन, बड़ी बात यह है कि ये फिल्म आपको मनोरंजन देने का वादा करती है और देती है। शाहिद कपूर की कॉमिक टाइमिंग न सिर्फ बहुत अच्छी है बल्कि बड़ी सहजता से वह अपनी लाइन्स में पंच दे जाते हैं। यहां उनकी कॉमेडी, उनका एक्शन, उनका डांस सब कुछ बेहतरीन है। हालांकि इलियाना के पास करने को कुछ ज़्यादा नहीं था फिल्म में और उन्होंने भी अपने अभिनय के साथ ज़्यादा प्रयोग नहीं किए हैं। दर्शन ज़रीवाला, संजय मिश्रा और सौरभ शुक्ला... वो एक्टर हैं जो इस फिल्म की बुनियाद को मज़बूत करते हैं। फिल्म के पास एक मां भी है ... पदमिनी कोल्हापुरी  यानी बॉलीवुड को मिल गई है एक और मां... जो इस फिल्म से वापसी भी कर रही हैं और इनका काम भी अच्छा है। फिल्म के दो गाने… 'तू मेरे अगल-बगल है…' और 'तू रंग शर्बतों का...' पहले ही हिट हैं।टिप्पणियां कुल मिलाकर 'फटा पोस्टर निकला हीरो' वह फिल्म है जो आपका पैसा वसूल करा जाएगी। ... मेरी ओर से इस फिल्म को 3 स्टार्स। यह फ़िल्म देखते हुए मुझे लगा कि संतोषी को कॉमेडी में थोड़ा सा अपना अंदाज़ बदल लेना चाहिए क्योंकि कई बार वह खुद को दोहराते हुए लगते हैं। लेकिन, बड़ी बात यह है कि ये फिल्म आपको मनोरंजन देने का वादा करती है और देती है। शाहिद कपूर की कॉमिक टाइमिंग न सिर्फ बहुत अच्छी है बल्कि बड़ी सहजता से वह अपनी लाइन्स में पंच दे जाते हैं। यहां उनकी कॉमेडी, उनका एक्शन, उनका डांस सब कुछ बेहतरीन है। हालांकि इलियाना के पास करने को कुछ ज़्यादा नहीं था फिल्म में और उन्होंने भी अपने अभिनय के साथ ज़्यादा प्रयोग नहीं किए हैं। दर्शन ज़रीवाला, संजय मिश्रा और सौरभ शुक्ला... वो एक्टर हैं जो इस फिल्म की बुनियाद को मज़बूत करते हैं। फिल्म के पास एक मां भी है ... पदमिनी कोल्हापुरी  यानी बॉलीवुड को मिल गई है एक और मां... जो इस फिल्म से वापसी भी कर रही हैं और इनका काम भी अच्छा है। फिल्म के दो गाने… 'तू मेरे अगल-बगल है…' और 'तू रंग शर्बतों का...' पहले ही हिट हैं।टिप्पणियां कुल मिलाकर 'फटा पोस्टर निकला हीरो' वह फिल्म है जो आपका पैसा वसूल करा जाएगी। ... मेरी ओर से इस फिल्म को 3 स्टार्स। दर्शन ज़रीवाला, संजय मिश्रा और सौरभ शुक्ला... वो एक्टर हैं जो इस फिल्म की बुनियाद को मज़बूत करते हैं। फिल्म के पास एक मां भी है ... पदमिनी कोल्हापुरी  यानी बॉलीवुड को मिल गई है एक और मां... जो इस फिल्म से वापसी भी कर रही हैं और इनका काम भी अच्छा है। फिल्म के दो गाने… 'तू मेरे अगल-बगल है…' और 'तू रंग शर्बतों का...' पहले ही हिट हैं।टिप्पणियां कुल मिलाकर 'फटा पोस्टर निकला हीरो' वह फिल्म है जो आपका पैसा वसूल करा जाएगी। ... मेरी ओर से इस फिल्म को 3 स्टार्स। फिल्म के दो गाने… 'तू मेरे अगल-बगल है…' और 'तू रंग शर्बतों का...' पहले ही हिट हैं।टिप्पणियां कुल मिलाकर 'फटा पोस्टर निकला हीरो' वह फिल्म है जो आपका पैसा वसूल करा जाएगी। ... मेरी ओर से इस फिल्म को 3 स्टार्स। कुल मिलाकर 'फटा पोस्टर निकला हीरो' वह फिल्म है जो आपका पैसा वसूल करा जाएगी। ... मेरी ओर से इस फिल्म को 3 स्टार्स। ... मेरी ओर से इस फिल्म को 3 स्टार्स।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यह कहानी एक ऐसे इंसान की है जो फिल्मों में हीरो बनना चाहता है पर ग़लती से लोग उसे पुलिस ऑफिसर समझ बैठते हैं। इसी ’मिस्टेकन आइडेन्टिटी’ से शुरू होता है कॉमेडी का सिलसिला।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रतिबंध के बावजूद सुरक्षा बलों में पेन ड्राइव एक प्रमुख खतरे के रूप में सामने आए हैं क्योंकि तीनों सैन्य सेवाओं में हुई सुरक्षा चूकों के 70 प्रतिशत मामलों में यही उपकरण जिम्मेदार है।टिप्पणियां सेना के एक अधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में पेन ड्राइव का इस्तेमाल बढ़ गया है क्योंकि यह सूचना भंडारण और उन्हें आसानी से कहीं भी ले जाने वाला उपकरण है। आतंरिक रपटों में इस बात की पुष्टि हुई है कि सशस्त्र सेनाओं में 70 प्रतिशत साइबर सुरक्षा चूकें इसके अनधिकृत उपयोग के कारण हुई। उन्होंने कहा कि ये पेन ड्राइव, जिनमें से अधिकतर चीन में बनी होती है, साइबर सुरक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरी हैं। सूत्रों ने बताया कि सेना मुख्यालय ने ताजा साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं ताकि हैकिंग करने वालों से संवेदनशील सैन्य नेटवर्क की सुरक्षा की जा सके। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में पेन ड्राइव का इस्तेमाल बढ़ गया है क्योंकि यह सूचना भंडारण और उन्हें आसानी से कहीं भी ले जाने वाला उपकरण है। आतंरिक रपटों में इस बात की पुष्टि हुई है कि सशस्त्र सेनाओं में 70 प्रतिशत साइबर सुरक्षा चूकें इसके अनधिकृत उपयोग के कारण हुई। उन्होंने कहा कि ये पेन ड्राइव, जिनमें से अधिकतर चीन में बनी होती है, साइबर सुरक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरी हैं। सूत्रों ने बताया कि सेना मुख्यालय ने ताजा साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं ताकि हैकिंग करने वालों से संवेदनशील सैन्य नेटवर्क की सुरक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि ये पेन ड्राइव, जिनमें से अधिकतर चीन में बनी होती है, साइबर सुरक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरी हैं। सूत्रों ने बताया कि सेना मुख्यालय ने ताजा साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं ताकि हैकिंग करने वालों से संवेदनशील सैन्य नेटवर्क की सुरक्षा की जा सके।
यहाँ एक सारांश है:प्रतिबंध के बावजूद सुरक्षा बलों में पेन ड्राइव एक प्रमुख खतरे के रूप में सामने आए हैं क्योंकि तीनों सैन्य सेवाओं में हुई सुरक्षा चूकों के 70 प्रतिशत मामलों में यही उपकरण जिम्मेदार है।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: विकिलीक्स का दवा है कि वर्ष 2008 में गोवा के समुद्री तट भी लश्कर के संदिग्ध आतंकवादी नासिर रियाजुद्दीन के निशाने पर थे, जिसके खिलाफ बेंगलुरु में वर्ष 2008 में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के सिलसिले में कार्रवाई चल रही है। विकिलीक्स ने यह दावा हाल ही में जारी अमेरिकी राजनयिक संदेश के जरिये किया है। फरवरी 2008 के इस राजनयिक संदेश में डेविड टी हॉपर को उद्धृत किया है, जो उस वक्त चेन्नई में अमेरिकी वाणिज्य दूत थे। हॉपर ने पुलिस अधिकारियों का हवाला देते हुए उन इलाकों के बारे में बताया है, जिसे रियाजुद्दीन ने कर्नाटक में अपनी गिरफ्तारी से पहले हमले के लिए चिह्न्ति किया था। हॉपर के अनुसार, रियाजुद्दीन ने पूछताछ के दौरान पुलिस से बताया कि उसने प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्यों के साथ मिलकर देशभर में बम विस्फोट करने के लिए कई स्थानों को चिह्न्ति किया। इनमें से एक गोवा के समुद्री तट भी थे, जहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों का अक्सर आना-जाना लगा रहता है। मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले के बाद गोवा में हाईअलर्ट जारी किया गया था, जहां के समुद्री तट सालाना करीब 26 लाख पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिनमें से आधे विदेशी होते हैं। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों में इस्राइली नागरिकों की बड़ी संख्या के कारण भी सुरक्षा एजेंसियों को लगा कि गोवा आतंकवादियों के निशाने पर हो सकता है। गोवा की सरकार ने हालांकि संभावित आतंकवादी हमले को लेकर किसी तरह की खुफिया सूचना होने से इनकार किया है। राजनयिक संदेश के मुताबिक, रियाजुद्दीन के निशाने पर आंध्र प्रदेश का पुलिस मुख्यालय, बेंगलुरु तथा मंगलोर में इंफोसिस का परिसर भी था। संदेश में कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शंकर बिदारी, कर्नाटक के दावणगेरे जिले के पुलिस अधीक्षक रवेंद्र प्रसाद तथा राज्य की गृह सचिव वत्सला वत्स को उद्धृत किया गया है। हॉपर ने यह भी कहा कि कर्नाटक की पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया सूचना साझा की थी।टिप्पणियां संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था। संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है। विकिलीक्स ने यह दावा हाल ही में जारी अमेरिकी राजनयिक संदेश के जरिये किया है। फरवरी 2008 के इस राजनयिक संदेश में डेविड टी हॉपर को उद्धृत किया है, जो उस वक्त चेन्नई में अमेरिकी वाणिज्य दूत थे। हॉपर ने पुलिस अधिकारियों का हवाला देते हुए उन इलाकों के बारे में बताया है, जिसे रियाजुद्दीन ने कर्नाटक में अपनी गिरफ्तारी से पहले हमले के लिए चिह्न्ति किया था। हॉपर के अनुसार, रियाजुद्दीन ने पूछताछ के दौरान पुलिस से बताया कि उसने प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्यों के साथ मिलकर देशभर में बम विस्फोट करने के लिए कई स्थानों को चिह्न्ति किया। इनमें से एक गोवा के समुद्री तट भी थे, जहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों का अक्सर आना-जाना लगा रहता है। मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले के बाद गोवा में हाईअलर्ट जारी किया गया था, जहां के समुद्री तट सालाना करीब 26 लाख पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिनमें से आधे विदेशी होते हैं। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों में इस्राइली नागरिकों की बड़ी संख्या के कारण भी सुरक्षा एजेंसियों को लगा कि गोवा आतंकवादियों के निशाने पर हो सकता है। गोवा की सरकार ने हालांकि संभावित आतंकवादी हमले को लेकर किसी तरह की खुफिया सूचना होने से इनकार किया है। राजनयिक संदेश के मुताबिक, रियाजुद्दीन के निशाने पर आंध्र प्रदेश का पुलिस मुख्यालय, बेंगलुरु तथा मंगलोर में इंफोसिस का परिसर भी था। संदेश में कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शंकर बिदारी, कर्नाटक के दावणगेरे जिले के पुलिस अधीक्षक रवेंद्र प्रसाद तथा राज्य की गृह सचिव वत्सला वत्स को उद्धृत किया गया है। हॉपर ने यह भी कहा कि कर्नाटक की पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया सूचना साझा की थी।टिप्पणियां संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था। संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है। हॉपर के अनुसार, रियाजुद्दीन ने पूछताछ के दौरान पुलिस से बताया कि उसने प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्यों के साथ मिलकर देशभर में बम विस्फोट करने के लिए कई स्थानों को चिह्न्ति किया। इनमें से एक गोवा के समुद्री तट भी थे, जहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों का अक्सर आना-जाना लगा रहता है। मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले के बाद गोवा में हाईअलर्ट जारी किया गया था, जहां के समुद्री तट सालाना करीब 26 लाख पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिनमें से आधे विदेशी होते हैं। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों में इस्राइली नागरिकों की बड़ी संख्या के कारण भी सुरक्षा एजेंसियों को लगा कि गोवा आतंकवादियों के निशाने पर हो सकता है। गोवा की सरकार ने हालांकि संभावित आतंकवादी हमले को लेकर किसी तरह की खुफिया सूचना होने से इनकार किया है। राजनयिक संदेश के मुताबिक, रियाजुद्दीन के निशाने पर आंध्र प्रदेश का पुलिस मुख्यालय, बेंगलुरु तथा मंगलोर में इंफोसिस का परिसर भी था। संदेश में कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शंकर बिदारी, कर्नाटक के दावणगेरे जिले के पुलिस अधीक्षक रवेंद्र प्रसाद तथा राज्य की गृह सचिव वत्सला वत्स को उद्धृत किया गया है। हॉपर ने यह भी कहा कि कर्नाटक की पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया सूचना साझा की थी।टिप्पणियां संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था। संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है। मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले के बाद गोवा में हाईअलर्ट जारी किया गया था, जहां के समुद्री तट सालाना करीब 26 लाख पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिनमें से आधे विदेशी होते हैं। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों में इस्राइली नागरिकों की बड़ी संख्या के कारण भी सुरक्षा एजेंसियों को लगा कि गोवा आतंकवादियों के निशाने पर हो सकता है। गोवा की सरकार ने हालांकि संभावित आतंकवादी हमले को लेकर किसी तरह की खुफिया सूचना होने से इनकार किया है। राजनयिक संदेश के मुताबिक, रियाजुद्दीन के निशाने पर आंध्र प्रदेश का पुलिस मुख्यालय, बेंगलुरु तथा मंगलोर में इंफोसिस का परिसर भी था। संदेश में कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शंकर बिदारी, कर्नाटक के दावणगेरे जिले के पुलिस अधीक्षक रवेंद्र प्रसाद तथा राज्य की गृह सचिव वत्सला वत्स को उद्धृत किया गया है। हॉपर ने यह भी कहा कि कर्नाटक की पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया सूचना साझा की थी।टिप्पणियां संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था। संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है। गोवा की सरकार ने हालांकि संभावित आतंकवादी हमले को लेकर किसी तरह की खुफिया सूचना होने से इनकार किया है। राजनयिक संदेश के मुताबिक, रियाजुद्दीन के निशाने पर आंध्र प्रदेश का पुलिस मुख्यालय, बेंगलुरु तथा मंगलोर में इंफोसिस का परिसर भी था। संदेश में कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शंकर बिदारी, कर्नाटक के दावणगेरे जिले के पुलिस अधीक्षक रवेंद्र प्रसाद तथा राज्य की गृह सचिव वत्सला वत्स को उद्धृत किया गया है। हॉपर ने यह भी कहा कि कर्नाटक की पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया सूचना साझा की थी।टिप्पणियां संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था। संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है। राजनयिक संदेश के मुताबिक, रियाजुद्दीन के निशाने पर आंध्र प्रदेश का पुलिस मुख्यालय, बेंगलुरु तथा मंगलोर में इंफोसिस का परिसर भी था। संदेश में कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शंकर बिदारी, कर्नाटक के दावणगेरे जिले के पुलिस अधीक्षक रवेंद्र प्रसाद तथा राज्य की गृह सचिव वत्सला वत्स को उद्धृत किया गया है। हॉपर ने यह भी कहा कि कर्नाटक की पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया सूचना साझा की थी।टिप्पणियां संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था। संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है। हॉपर ने यह भी कहा कि कर्नाटक की पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया सूचना साझा की थी।टिप्पणियां संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था। संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है। संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था। संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है। संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है।
विकिलीक्स का दवा है कि वर्ष 2008 में गोवा के समुद्री तट भी लश्कर के संदिग्ध आतंकवादी नासिर रियाजुद्दीन के निशाने पर थे, जिसके खिलाफ बेंगलुरु में वर्ष 2008 में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के सिलसिले में कार्रवाई चल रही है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: त्र्यंबकेश्वर देवस्थान न्यास ने नीले नस्साक हीरे को वापस लाने की मांग की है. यह हीरा किसी समय त्र्यंबकेश्वर मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा के मुकुट में जड़ा था. त्र्यंबकेश्वर देवस्थान की न्यासी ललिता शिंदे ने पीटीआई-भाषा को आज बताया कि प्राचीन काल में इस हीरे को कथित रूप से कई शासकों ने लूटा था लेकिन अब यह लेबनान में एक निजी संग्रहालय में रखा हुआ है. शिंदे ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अन्य संबद्ध विभागों को पत्र लिखकर हीरा वापस लाने की मांग की है. नीले नस्साक हीरे को भगवान शिव का ‘नेत्र’ भी कहा जाता है. इसका वजन 43.38 कैरट या 8,676 ग्राम है. इसे 15वीं सदी में तेलंगाना के महबूबनगर स्थित अमारागिरी खदान से निकाला गया था.टिप्पणियां शिंदे ने कहा कि हीरे को वापस लाने की मांग को लेकर वे अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगी. यह दुनिया के सबसे बड़े हीरों में से एक है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) त्र्यंबकेश्वर देवस्थान की न्यासी ललिता शिंदे ने पीटीआई-भाषा को आज बताया कि प्राचीन काल में इस हीरे को कथित रूप से कई शासकों ने लूटा था लेकिन अब यह लेबनान में एक निजी संग्रहालय में रखा हुआ है. शिंदे ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अन्य संबद्ध विभागों को पत्र लिखकर हीरा वापस लाने की मांग की है. नीले नस्साक हीरे को भगवान शिव का ‘नेत्र’ भी कहा जाता है. इसका वजन 43.38 कैरट या 8,676 ग्राम है. इसे 15वीं सदी में तेलंगाना के महबूबनगर स्थित अमारागिरी खदान से निकाला गया था.टिप्पणियां शिंदे ने कहा कि हीरे को वापस लाने की मांग को लेकर वे अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगी. यह दुनिया के सबसे बड़े हीरों में से एक है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिंदे ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अन्य संबद्ध विभागों को पत्र लिखकर हीरा वापस लाने की मांग की है. नीले नस्साक हीरे को भगवान शिव का ‘नेत्र’ भी कहा जाता है. इसका वजन 43.38 कैरट या 8,676 ग्राम है. इसे 15वीं सदी में तेलंगाना के महबूबनगर स्थित अमारागिरी खदान से निकाला गया था.टिप्पणियां शिंदे ने कहा कि हीरे को वापस लाने की मांग को लेकर वे अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगी. यह दुनिया के सबसे बड़े हीरों में से एक है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नीले नस्साक हीरे को भगवान शिव का ‘नेत्र’ भी कहा जाता है. इसका वजन 43.38 कैरट या 8,676 ग्राम है. इसे 15वीं सदी में तेलंगाना के महबूबनगर स्थित अमारागिरी खदान से निकाला गया था.टिप्पणियां शिंदे ने कहा कि हीरे को वापस लाने की मांग को लेकर वे अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगी. यह दुनिया के सबसे बड़े हीरों में से एक है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिंदे ने कहा कि हीरे को वापस लाने की मांग को लेकर वे अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगी. यह दुनिया के सबसे बड़े हीरों में से एक है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: त्र्यंबकेश्वर मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा के मुकुट में जड़ा था हीरे को कथित रूप से कई शासकों ने लूटा था 43.38 कैरट का हीरा 15वीं सदी में तेलंगाना की अमारागिरी खदान से निकला था
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व बैंक के प्रमुख रॉबर्ट जोलिक ने चेतावनी दी कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए और नए और खतरनाक दिन आने वाले हैं, क्योंकि ज्यादातर विकसित देशों के पास शायद ही कोई गुंजाइश बची है और कर्ज संकट ने पूरे यूरोप को अपनी चपेट में ले लिया है। जोलिक ने कहा कि यूरोपीय क्षेत्र के सरकारी कर्ज, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक समस्या के मुकाबले ज्यादा मुश्किलदेह हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह स्टैंडर्ड एंड पूअर्स द्वारा अमेरिका की साख घटाए जाने के बाद वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी मच गई। जोलिक ने वैश्विक वित्तीय संकट का जिक्र करते हुए कहा, हम नए और अलग तरह के तूफान की शुरुआत देख रहे हैं। यह 2008 जैसा नहीं है। उन्होंने एक ऑस्ट्रेलियाई अखबार को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में दुनिया संकटग्रस्त बहुवेगीय सुधार प्रक्रिया में तब्दीली आ गई है, क्योंकि उभरते बाजारों और ऑस्ट्रेलिया जैसी कुछ अर्थव्यवस्थाओं में अच्छा विकास हो रहा है और विकसित बाजार नए और पहले से ज्यादा खतरनाक चरण की ओर बढ़ते हुए संघर्ष कर रहे हैं। विश्व बैंक के प्रमुख ने कहा यूरोपीय संघ ने अब तक जो कदम उठाए हैं, वह जरूरत के मुकाबले बहुत कम है। जोलिक ने कहा, 2008 का सबक यही है कि जितनी देर की जाए, उतनी ज्यादा कोशिश करनी पड़ेगी।
संक्षिप्त पाठ: विश्व बैंक के प्रमुख जोलिक ने कहा कि ज्यादातर विकसित देशों के पास शायद ही कोई गुंजाइश बची है और कर्ज संकट ने यूरोप को चपेट में ले लिया है।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने शीर्ष विज्ञापन गुरूओं, ब्रांड रणनीतिकारों और प्रबंधकों से ‘ब्रांड भारत’ को विश्व में ले जाने का आग्रह करते हुए आज कहा कि समय की जरूरत प्रभावित करना नहीं प्रेरित करना है। मोदी ने यहां एक वैश्विक विपणन सम्मेलन में कहा, कुछ स्वयं निर्मित समस्याओं के चलते हम ब्रांड भारत को विश्व के सामने पेश करने में असफल रहे हैं। मोदी सम्मेलन के रात्रि भोज सत्र में अतिथि वक्ता थे, जिसका आयोजन इंटरनेशनल एडवर्टाइजिंग एसोसिएशन ने किया था। उन्होंने कहा, भारत को लोगों को केवल प्रभावित करने की बजाय उन्हें प्रेरित करना चाहिए। मोदी ने यहां एक वैश्विक विपणन सम्मेलन में कहा, कुछ स्वयं निर्मित समस्याओं के चलते हम ब्रांड भारत को विश्व के सामने पेश करने में असफल रहे हैं। मोदी सम्मेलन के रात्रि भोज सत्र में अतिथि वक्ता थे, जिसका आयोजन इंटरनेशनल एडवर्टाइजिंग एसोसिएशन ने किया था। उन्होंने कहा, भारत को लोगों को केवल प्रभावित करने की बजाय उन्हें प्रेरित करना चाहिए।
संक्षिप्त पाठ: भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने शीर्ष विज्ञापन गुरूओं, ब्रांड रणनीतिकारों और प्रबंधकों से ‘ब्रांड भारत’ को विश्व में ले जाने का आग्रह करते हुए आज कहा कि समय की जरूरत प्रभावित करना नहीं प्रेरित करना है।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ यूपी राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) की वित्तीय जांच (ऑडिट) नियंत्रक एवं लेखा महारीक्षक (सीएजी) से कराने का फैसला किया है. औद्योगिक विकास विभाग ने इस संबंध में सीएजी के अकाउंटेंट जनरल को पत्र भेजा है. सीएजी ने पिछली अखिलेश यादव सरकार में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के ऑडिट की अनुमति मांगी थी, जो नहीं मिली थी. प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक सिन्हा ने सीएजी की अकाउंटेंट जनरल विनीता मिश्रा को पत्र लिखकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के साथ यूपी राज्य औद्योगिक विकास निगम की भी सीएजी जांच कराने के सरकार के निर्णय की जानकारी दी है. सिन्हा ने सरकार के निर्णय की जानकारी सीईओ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण व यूपीएसआईडीसी के एमडी को भी दे दी है. टिप्पणियां अवस्थापना व औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना का कहना है कि पिछली सपा सरकार ने भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी है. औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ यूपीएसआईडीसी की सीएजी जांच इसी मुहिम का हिस्सा है. सरकार कहीं भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी. (इनपुट आईएएनएस से) सीएजी ने पिछली अखिलेश यादव सरकार में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के ऑडिट की अनुमति मांगी थी, जो नहीं मिली थी. प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक सिन्हा ने सीएजी की अकाउंटेंट जनरल विनीता मिश्रा को पत्र लिखकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के साथ यूपी राज्य औद्योगिक विकास निगम की भी सीएजी जांच कराने के सरकार के निर्णय की जानकारी दी है. सिन्हा ने सरकार के निर्णय की जानकारी सीईओ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण व यूपीएसआईडीसी के एमडी को भी दे दी है. टिप्पणियां अवस्थापना व औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना का कहना है कि पिछली सपा सरकार ने भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी है. औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ यूपीएसआईडीसी की सीएजी जांच इसी मुहिम का हिस्सा है. सरकार कहीं भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी. (इनपुट आईएएनएस से) प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक सिन्हा ने सीएजी की अकाउंटेंट जनरल विनीता मिश्रा को पत्र लिखकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के साथ यूपी राज्य औद्योगिक विकास निगम की भी सीएजी जांच कराने के सरकार के निर्णय की जानकारी दी है. सिन्हा ने सरकार के निर्णय की जानकारी सीईओ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण व यूपीएसआईडीसी के एमडी को भी दे दी है. टिप्पणियां अवस्थापना व औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना का कहना है कि पिछली सपा सरकार ने भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी है. औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ यूपीएसआईडीसी की सीएजी जांच इसी मुहिम का हिस्सा है. सरकार कहीं भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी. (इनपुट आईएएनएस से) सिन्हा ने सरकार के निर्णय की जानकारी सीईओ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण व यूपीएसआईडीसी के एमडी को भी दे दी है. टिप्पणियां अवस्थापना व औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना का कहना है कि पिछली सपा सरकार ने भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी है. औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ यूपीएसआईडीसी की सीएजी जांच इसी मुहिम का हिस्सा है. सरकार कहीं भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी. (इनपुट आईएएनएस से) अवस्थापना व औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना का कहना है कि पिछली सपा सरकार ने भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी है. औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ यूपीएसआईडीसी की सीएजी जांच इसी मुहिम का हिस्सा है. सरकार कहीं भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी. (इनपुट आईएएनएस से) (इनपुट आईएएनएस से)
यह एक सारांश है: सीएजी ने पिछली अखिलेश सरकार में प्राधिकरणों के ऑडिट की अनुमति मांगी थी. इस संबंध में सीएजी के अकाउंटेंट जनरल को पत्र भेजा गया है. पिछली सपा सरकार ने भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया था- सतीश महाना
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुवाहाटी में एक नाबालिग के साथ कथित रूप से गैंगरेप हुआ है। इस मामले में पुलिस ने पांच लड़कों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये सभी लड़के भी नाबालिग हैं, जिनकी उम्र 15 से 16 साल के बीच है। पुलिस के मुताबिक,. पीड़ित बच्ची इन लड़कों के साथ खेल रही थी। उसी दौरान आरोपियों ने बच्ची को नशीला पदार्थ खिलाया और सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया। लड़की के परिजनों को वह अगले दिन मिली, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। शुरुआती जांच में लड़की के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। पूरी जांच अभी की जा रही है। पांचों आरोपियों को पुलिस की निगरानी में रखा गया है।टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि आरोपियों की उम्र पता लगाने के लिए बोन मैरो टेस्ट करवाया जाएगा। इस घटना के बाद एक बार फिर नाबालिग की उम्र को लेकर बहस छिड़ गई है। दिल्ली गैंगरेप में भी सबसे अधिक क्रूरता दिखाने वाले जुवेनाइल को तीन साल की सजा मिली है। पुलिस के मुताबिक,. पीड़ित बच्ची इन लड़कों के साथ खेल रही थी। उसी दौरान आरोपियों ने बच्ची को नशीला पदार्थ खिलाया और सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया। लड़की के परिजनों को वह अगले दिन मिली, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। शुरुआती जांच में लड़की के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। पूरी जांच अभी की जा रही है। पांचों आरोपियों को पुलिस की निगरानी में रखा गया है।टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि आरोपियों की उम्र पता लगाने के लिए बोन मैरो टेस्ट करवाया जाएगा। इस घटना के बाद एक बार फिर नाबालिग की उम्र को लेकर बहस छिड़ गई है। दिल्ली गैंगरेप में भी सबसे अधिक क्रूरता दिखाने वाले जुवेनाइल को तीन साल की सजा मिली है। शुरुआती जांच में लड़की के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। पूरी जांच अभी की जा रही है। पांचों आरोपियों को पुलिस की निगरानी में रखा गया है।टिप्पणियां पुलिस का कहना है कि आरोपियों की उम्र पता लगाने के लिए बोन मैरो टेस्ट करवाया जाएगा। इस घटना के बाद एक बार फिर नाबालिग की उम्र को लेकर बहस छिड़ गई है। दिल्ली गैंगरेप में भी सबसे अधिक क्रूरता दिखाने वाले जुवेनाइल को तीन साल की सजा मिली है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की उम्र पता लगाने के लिए बोन मैरो टेस्ट करवाया जाएगा। इस घटना के बाद एक बार फिर नाबालिग की उम्र को लेकर बहस छिड़ गई है। दिल्ली गैंगरेप में भी सबसे अधिक क्रूरता दिखाने वाले जुवेनाइल को तीन साल की सजा मिली है। इस घटना के बाद एक बार फिर नाबालिग की उम्र को लेकर बहस छिड़ गई है। दिल्ली गैंगरेप में भी सबसे अधिक क्रूरता दिखाने वाले जुवेनाइल को तीन साल की सजा मिली है।
सारांश: पुलिस के मुताबिक,. पीड़ित बच्ची इन लड़कों के साथ खेल रही थी। उसी दौरान आरोपियों ने बच्ची को नशीला पदार्थ खिलाया और सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कल्याणपुर इलाके में एक लड़के की कथित छेड़छाड़ से तंग आकर कक्षा 11 में पढ़ने वाली एक छात्रा ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली। लड़की के घरवालों ने पुलिस को बताया कि उसका एक दूर का रिश्तेदार लड़का उसे मोबाइल फोन पर परेशान करता था तथा कॉलेज जाते समय भी उसे तंग करता था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कल्याणपुर के बैरीखेड़ा गांव निवासी 16वर्षीय छात्रा रात को घर में अकेली थी। उसकी मां बाजार गई थी, जबकि पिता काम पर गया था। लौटने पर मां ने जब बेटी के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो वह अंदर से बंद था और अंदर से जलने की बदबू आ रही थी। मां ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो कमरे में छात्रा बुरी तरह से आग में झुलसी मिली। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।टिप्पणियां कल्याणपुर के एसओ आनंद मिश्रा जब मौके पर पहुंचे तो लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि छात्रा के मोबाइल फोन पर बारा सिरोही का रहने वाला उनका दूर का रिश्तेदार गुडडू उसे बार-बार धमकियां दे रहा था। वह छात्रा को कॉलेज जाते समय रास्ते में परेशान करता था। इसी से तंग होकर उसने आत्महत्या की है। पुलिस आरोपी गुड्डू को तलाश कर रही है। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच आरंभ कर दी गई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कल्याणपुर के बैरीखेड़ा गांव निवासी 16वर्षीय छात्रा रात को घर में अकेली थी। उसकी मां बाजार गई थी, जबकि पिता काम पर गया था। लौटने पर मां ने जब बेटी के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो वह अंदर से बंद था और अंदर से जलने की बदबू आ रही थी। मां ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो कमरे में छात्रा बुरी तरह से आग में झुलसी मिली। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।टिप्पणियां कल्याणपुर के एसओ आनंद मिश्रा जब मौके पर पहुंचे तो लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि छात्रा के मोबाइल फोन पर बारा सिरोही का रहने वाला उनका दूर का रिश्तेदार गुडडू उसे बार-बार धमकियां दे रहा था। वह छात्रा को कॉलेज जाते समय रास्ते में परेशान करता था। इसी से तंग होकर उसने आत्महत्या की है। पुलिस आरोपी गुड्डू को तलाश कर रही है। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच आरंभ कर दी गई है। कल्याणपुर के एसओ आनंद मिश्रा जब मौके पर पहुंचे तो लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि छात्रा के मोबाइल फोन पर बारा सिरोही का रहने वाला उनका दूर का रिश्तेदार गुडडू उसे बार-बार धमकियां दे रहा था। वह छात्रा को कॉलेज जाते समय रास्ते में परेशान करता था। इसी से तंग होकर उसने आत्महत्या की है। पुलिस आरोपी गुड्डू को तलाश कर रही है। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच आरंभ कर दी गई है। पुलिस आरोपी गुड्डू को तलाश कर रही है। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच आरंभ कर दी गई है।
कल्याणपुर इलाके में एक लड़के की कथित छेड़छाड़ से तंग आकर कक्षा 11 में पढ़ने वाली एक छात्रा ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जो लोग पुराना प्रगति मैदान टूटता देख मायूस हैं, वे शायद यह जानकर खुश हों कि प्रगति मैदान की भव्यता नए अंदाज़ में भी बनी रहेगी. आने वाले दो साल में प्रगति मैदान बिल्कुल बदल जाएगा. 7 हजार लोगों की क्षमता वाले कन्वेंशन सेंटर में ग्लास फेसेड लगा होगा और यहां से इंडिया गेट भी दिखेगा. इतना ही नहीं 32 मीटर ऊंचे कन्वेंशन सेंटर के ऊपर तीन हेलीपैड भी होंगे. इसमें करीब 2250 करोड़ की लागत आएगी. दो साल में पूरा करेंगे. इसके अलावा ट्रैफिक इंटरवेंशन पर 800 करोड़ की लागत आएगी. इसके अलावा एक लाख वर्ग मीटर में कुछ इस तरह के सात आधुनिक एक्जीबिशन सेंटर बनेंगे. साथ ही 15 एकड़ के ओपन एक्जीबिशन एरिया में 3000 लोगों की क्षमता वाले 4 एम्पीथियेटर्स बनकर तैयार होंगे. गाड़ियों की आवाजाही के लिए पुराना किला रोड से रिंग रोड तक करीब 1 किलोमीटर लंबी सुरंग बनेगी जो प्रगति मैदान के ठीक नीचे से निकलेगी. यहीं से प्रगति मैदान की 4800 गाड़ियों की पार्किंग तक जाया जा सकेगा. काम के दौरान भी यहां होने वाले कार्यरम चलते रहेंगे. आईआईटीएफ में थोड़ी कटौती करनी पड़ेगी, फिर भी वो आयोजन भी यहां होगा.   टिप्पणियां इंतजाम यहां ऐसे होंगे कि ट्रैफिक में कोई रुकावट न आए. इसको लेकर प्रगति मैदान को चारों तरफ से जोड़ने वाली सड़कों पर कई अंडरपास भी बनाए जाएंगे ताकि रोड सिग्नल फ्री रहे. लागत के भार को कम करने के लिए प्रगति मैदान का एक हिस्सा प्राइवेट सेंटर को होटल बनाने के लिए बेचा जाएगा. बेशक-वक्त बदल रहा है. जरूरतें बदल रही हैं। तो नए लुक को लेकर प्रगति मैदान भी प्रगति के पथ पर है. पुराने लुक से जुड़ाव मुमकिन है पर जब बात बढ़ती जरूरतों और समय के हिसाब से चलने की हो तो बदलाव भी लाजिमी है. इसके अलावा एक लाख वर्ग मीटर में कुछ इस तरह के सात आधुनिक एक्जीबिशन सेंटर बनेंगे. साथ ही 15 एकड़ के ओपन एक्जीबिशन एरिया में 3000 लोगों की क्षमता वाले 4 एम्पीथियेटर्स बनकर तैयार होंगे. गाड़ियों की आवाजाही के लिए पुराना किला रोड से रिंग रोड तक करीब 1 किलोमीटर लंबी सुरंग बनेगी जो प्रगति मैदान के ठीक नीचे से निकलेगी. यहीं से प्रगति मैदान की 4800 गाड़ियों की पार्किंग तक जाया जा सकेगा. काम के दौरान भी यहां होने वाले कार्यरम चलते रहेंगे. आईआईटीएफ में थोड़ी कटौती करनी पड़ेगी, फिर भी वो आयोजन भी यहां होगा.   टिप्पणियां इंतजाम यहां ऐसे होंगे कि ट्रैफिक में कोई रुकावट न आए. इसको लेकर प्रगति मैदान को चारों तरफ से जोड़ने वाली सड़कों पर कई अंडरपास भी बनाए जाएंगे ताकि रोड सिग्नल फ्री रहे. लागत के भार को कम करने के लिए प्रगति मैदान का एक हिस्सा प्राइवेट सेंटर को होटल बनाने के लिए बेचा जाएगा. बेशक-वक्त बदल रहा है. जरूरतें बदल रही हैं। तो नए लुक को लेकर प्रगति मैदान भी प्रगति के पथ पर है. पुराने लुक से जुड़ाव मुमकिन है पर जब बात बढ़ती जरूरतों और समय के हिसाब से चलने की हो तो बदलाव भी लाजिमी है. इंतजाम यहां ऐसे होंगे कि ट्रैफिक में कोई रुकावट न आए. इसको लेकर प्रगति मैदान को चारों तरफ से जोड़ने वाली सड़कों पर कई अंडरपास भी बनाए जाएंगे ताकि रोड सिग्नल फ्री रहे. लागत के भार को कम करने के लिए प्रगति मैदान का एक हिस्सा प्राइवेट सेंटर को होटल बनाने के लिए बेचा जाएगा. बेशक-वक्त बदल रहा है. जरूरतें बदल रही हैं। तो नए लुक को लेकर प्रगति मैदान भी प्रगति के पथ पर है. पुराने लुक से जुड़ाव मुमकिन है पर जब बात बढ़ती जरूरतों और समय के हिसाब से चलने की हो तो बदलाव भी लाजिमी है. बेशक-वक्त बदल रहा है. जरूरतें बदल रही हैं। तो नए लुक को लेकर प्रगति मैदान भी प्रगति के पथ पर है. पुराने लुक से जुड़ाव मुमकिन है पर जब बात बढ़ती जरूरतों और समय के हिसाब से चलने की हो तो बदलाव भी लाजिमी है.
संक्षिप्त पाठ: कन्वेंशन सेंटर के ऊपर तीन हेलीपैड भी होंगे पुराना किला रोड से रिंग रोड तक करीब 1 किलोमीटर लंबी सुरंग सड़क पर कई अंडरपास बनाए जाएंगे
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र सरकार को बड़ी राहत देते हुए आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने कहा है कि जिस भूमि पर विवादित इमारत का निर्माण हुआ, वह सेना की नहीं बल्कि राज्य की है। दो सदस्यीय समिति ने पिछले शुक्रवार को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। समिति ने यह भी कहा कि इमारत युद्ध नायकों और कारगिल विधवाओं के लिए आरक्षित नहीं थी। महाराष्ट्र कैबिनेट ने आज अंतरिम रिपोर्ट पर चर्चा की । सूत्रों ने बताया कि आज इसके विधानसभा में पेश होने की संभावना है। आयोग में बंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जेए पाटिल के अलावा पूर्व प्रदेश मुख्य सचिव पी सुब्रह्मण्यम थे।टिप्पणियां सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कोलाबा की भूमि के मालिकाना हक पर प्रकाश डाला गया है जहां 31 मंजिली इमारत का निर्माण हुआ और क्या यह युद्ध नायकों और कारगिल विधवाओं के लिए आरक्षित था। मामले में आरोप यह है कि प्रदेश सरकार ने आदर्श सोसाइटी को भूमि आवंटित की जबकि यह रक्षा मंत्रालय की थी और इमारत का निर्माण कई कानूनों और पर्यावरण नियमों को तोड़ कर किया गया। प्रदेश सरकार ने मालिकाना हक और आरक्षण पर अंतरिम रिपोर्ट के लिए कुछ महीने पहले आयोग का रुख किया था । महाराष्ट्र सरकार ने पिछले साल जनवरी में आदर्श सोसाइटी घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय आयोग का गठन किया था। आयोग को घोटाले के हर पहलुओं की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। आयोग जमीन के मालिकाना हक, आवंटन सहित निर्माण में विभिन्न नियमों के उल्लंघन की जांच कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कोलाबा की भूमि के मालिकाना हक पर प्रकाश डाला गया है जहां 31 मंजिली इमारत का निर्माण हुआ और क्या यह युद्ध नायकों और कारगिल विधवाओं के लिए आरक्षित था। मामले में आरोप यह है कि प्रदेश सरकार ने आदर्श सोसाइटी को भूमि आवंटित की जबकि यह रक्षा मंत्रालय की थी और इमारत का निर्माण कई कानूनों और पर्यावरण नियमों को तोड़ कर किया गया। प्रदेश सरकार ने मालिकाना हक और आरक्षण पर अंतरिम रिपोर्ट के लिए कुछ महीने पहले आयोग का रुख किया था । महाराष्ट्र सरकार ने पिछले साल जनवरी में आदर्श सोसाइटी घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय आयोग का गठन किया था। आयोग को घोटाले के हर पहलुओं की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। आयोग जमीन के मालिकाना हक, आवंटन सहित निर्माण में विभिन्न नियमों के उल्लंघन की जांच कर रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने पिछले साल जनवरी में आदर्श सोसाइटी घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय आयोग का गठन किया था। आयोग को घोटाले के हर पहलुओं की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। आयोग जमीन के मालिकाना हक, आवंटन सहित निर्माण में विभिन्न नियमों के उल्लंघन की जांच कर रहा है।
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र सरकार को बड़ी राहत देते हुए आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने कहा है कि जिस भूमि पर विवादित इमारत का निर्माण हुआ, वह सेना की नहीं बल्कि राज्य की है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सर्बिया के वोज्वोदिना में आयोजित छठे गोल्डन ग्लव मुक्केबाजी टूर्नामेंट में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने दो स्वर्ण सहित 10 पदक जीते. प्रतियोगिता में दो स्वर्ण के अलावा भारतीय टीम ने 4 रजत और 4 कांस्य पदक अपने नाम किए. यह भी पढ़ें : पीएसजी की ओर से डेब्यू मैच में चमके नेमार, बने मैन ऑफ द मैच  टिप्पणियां ज्योति ने 51 किलोग्राम में और वानलालहरितपुई 60 किलोग्राम में स्वर्ण पदक जीता. वहीं, अंजलि (48 किलोग्राम), साक्षी (54 किलोग्राम), आस्था (69 किलोग्राम) और अनुपमा (81 किलोग्राम) ने रजत पदक हासिल किए. सेमीफाइनल में हार के बाद मंदीप (57 किलोग्राम), निशा ( 64 किलोग्राम) श्रुति (75 किलोग्राम) और नेहा (81 किलोग्राम से अधिक) को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह भी पढ़ें : पीएसजी की ओर से डेब्यू मैच में चमके नेमार, बने मैन ऑफ द मैच  टिप्पणियां ज्योति ने 51 किलोग्राम में और वानलालहरितपुई 60 किलोग्राम में स्वर्ण पदक जीता. वहीं, अंजलि (48 किलोग्राम), साक्षी (54 किलोग्राम), आस्था (69 किलोग्राम) और अनुपमा (81 किलोग्राम) ने रजत पदक हासिल किए. सेमीफाइनल में हार के बाद मंदीप (57 किलोग्राम), निशा ( 64 किलोग्राम) श्रुति (75 किलोग्राम) और नेहा (81 किलोग्राम से अधिक) को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ज्योति ने 51 किलोग्राम में और वानलालहरितपुई 60 किलोग्राम में स्वर्ण पदक जीता. वहीं, अंजलि (48 किलोग्राम), साक्षी (54 किलोग्राम), आस्था (69 किलोग्राम) और अनुपमा (81 किलोग्राम) ने रजत पदक हासिल किए. सेमीफाइनल में हार के बाद मंदीप (57 किलोग्राम), निशा ( 64 किलोग्राम) श्रुति (75 किलोग्राम) और नेहा (81 किलोग्राम से अधिक) को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: भारत की महिला मुक्केबाजों ने प्रतियोगिता में 10 पदक जीते इनमें 2 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं सेमीफाइनल में हारने से चार मुक्केबाजों को कांस्य मिला
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चेन्नई में समंदर में फैले तेल को साफ़ करने के लिए सैंकड़ों लोग मदद के लिए सामने आ रहे हैं. कोस्ट गार्ड के अलावा इंजीनियरिंग के छात्र और मछुआरे भी इसमें शामिल है. गौरतलब है कि दो जहाजों की टक्कर के कारण समुद्र में फैले तेल को साफ करने का काम किया जा रहा है और जल्द ही इसके पूरा होने की उम्मीद है. इस मामले में तिरूवल्लूर की जिलाधिकारी ई सुंदरवल्ली ने जानकारी दी है कि ‘अधिकारियों की हमारी टीम यहां है और वे तेजी से काम कर रहे हैं. उन्होंने आकलन किया है कि करीब 20 टन तेल अब भी वहां फैला है और तेल उपरी सतह पर बह रहा है. हम इसे जल्द साफ करने के लिए काम कर रहे हैं.’ बहरहाल, स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि स्थानीय अधिकारी, तटरक्षक अधिकारी, स्वयंसेवक और मछुआरे एन्नौर तटरेखा के इर्द-गिर्द फैले हुए तेल को साफ करने के लिए काम कर रहे हैं.टिप्पणियां दो मालवाहक जहाज 28 जनवरी को टकरा गए थे जिससे तेल रिसाव हुआ था. एन्नौर से कई किलोमीटर दूर तटरेखा के इर्द-गिर्द मछलियां और कछुए मृत पाए गए. हादसे और बाद में तेल रिसाव होने के कारण समुद्र में तेल फैल गया जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस मामले में तिरूवल्लूर की जिलाधिकारी ई सुंदरवल्ली ने जानकारी दी है कि ‘अधिकारियों की हमारी टीम यहां है और वे तेजी से काम कर रहे हैं. उन्होंने आकलन किया है कि करीब 20 टन तेल अब भी वहां फैला है और तेल उपरी सतह पर बह रहा है. हम इसे जल्द साफ करने के लिए काम कर रहे हैं.’ बहरहाल, स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि स्थानीय अधिकारी, तटरक्षक अधिकारी, स्वयंसेवक और मछुआरे एन्नौर तटरेखा के इर्द-गिर्द फैले हुए तेल को साफ करने के लिए काम कर रहे हैं.टिप्पणियां दो मालवाहक जहाज 28 जनवरी को टकरा गए थे जिससे तेल रिसाव हुआ था. एन्नौर से कई किलोमीटर दूर तटरेखा के इर्द-गिर्द मछलियां और कछुए मृत पाए गए. हादसे और बाद में तेल रिसाव होने के कारण समुद्र में तेल फैल गया जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दो मालवाहक जहाज 28 जनवरी को टकरा गए थे जिससे तेल रिसाव हुआ था. एन्नौर से कई किलोमीटर दूर तटरेखा के इर्द-गिर्द मछलियां और कछुए मृत पाए गए. हादसे और बाद में तेल रिसाव होने के कारण समुद्र में तेल फैल गया जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: चेन्नई के समुद्र तट पर तेल तेज़ी से फैल रहा है दो जहाजों की टक्कर के कारण यह तेल फैल गया है बड़े स्तर पर सफाई का काम जारी है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज दिए एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें ‘सम्राट’ की तरह व्यवहार करने के बजाय संसद में आना चाहिए और बहस में भाग लेना चाहिए तथा नोटबंदी पर विपक्ष की चिंताओं पर जवाब देना चाहिए. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्लैकमेल करने की जरूरत नहीं है, डराने की जरूरत नहीं है. लोकसभा चुनाव में 52 करोड़ लोगों ने वोट डाला था और भाजपा को केवल 17 करोड़ लोगों के वोट मिले थे. उन्होंने कहा, ‘‘आप (मोदी) यह समझ रहे हैं कि आप सम्राट हैं, और सम्राट के कहे अनुसार देश चलेगा, यह ठीक नहीं है. ’’ खड़गे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें संसद में आना चाहिए और बहस में भाग लेना चाहिए एवं नोटबंदी पर विपक्ष की चिंताओं पर जवाब देना चाहिए.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी और सरकार संसद में नोटबंदी पर चर्चा ही नहीं करना चाहते हैं, जिस फैसले के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इसके कारण बैंकों एवं एटीएम की कतारों में 70 लोगों की मौत हो चुकी है. कांग्रेस नेता ने कहा कि हम आम लोगों, गरीबों, छात्रों, महिलाओं, किसानों की परेशानियों और तकलीफों की बात करते हैं तो कहा जाता है कि हम कालेधन के समर्थक हैं. प्रधानमंत्री इस तरह के गलत आरोप लगाना बंद करें और संसद में आकर बोलें. खड़गे ने आरोप लगाया कि बड़े नोटों को अमान्य करने के फैसले को चुनिंदा तरीके से लीक किया गया है और कालेधन की आड़ में सरकार अपने लोगों को मजबूत कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह एक पुस्तक विमोचन समारोह में कहा कि नोटबंदी के ऐलान से पहले सरकार की तैयारी नहीं होने की आलोचना करने वाले लोगों की पीड़ा यह है कि उन्हें खुद तैयारी का मौका नहीं मिला. प्रधानमंत्री पर हमला जारी रखते हुए खड़गे ने कहा कि आप अपने लोगों की चिंता करें जो कालाधन छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. जिस ढंग से एक राज्य में जमीन की खरीदारी की गई है, यह उसका उदाहरण है. संसद में इन्हीं चीजों को हम उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम इन विषयों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हमें मौका नहीं दिया गया. हमने स्पीकर से भी विनती की लेकिन हमें अवसर नहीं मिला. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री बाहर बोल रहे हैं, वह सदन में नहीं बोल रहे हैं. अगर लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं तो सदन में बोलें. संसद में चर्चा करना ही तो लोकतंत्र का हिस्सा है. लेकिन हर चीज की घोषणा बाहर हो रही है. सदन की अनदेखी की जा रही है.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि हम सदन में चर्चा चाहते हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनकी गलती क्या है? देश को क्या नुकसान हुआ है? लेकिन वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे और बाहर आरोप लगा रहे हैं. उनकी नीति ‘मारो और भागो’ की है. यह ठीक नहीं है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्लैकमेल करने की जरूरत नहीं है, डराने की जरूरत नहीं है. लोकसभा चुनाव में 52 करोड़ लोगों ने वोट डाला था और भाजपा को केवल 17 करोड़ लोगों के वोट मिले थे. उन्होंने कहा, ‘‘आप (मोदी) यह समझ रहे हैं कि आप सम्राट हैं, और सम्राट के कहे अनुसार देश चलेगा, यह ठीक नहीं है. ’’ खड़गे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें संसद में आना चाहिए और बहस में भाग लेना चाहिए एवं नोटबंदी पर विपक्ष की चिंताओं पर जवाब देना चाहिए.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी और सरकार संसद में नोटबंदी पर चर्चा ही नहीं करना चाहते हैं, जिस फैसले के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इसके कारण बैंकों एवं एटीएम की कतारों में 70 लोगों की मौत हो चुकी है. कांग्रेस नेता ने कहा कि हम आम लोगों, गरीबों, छात्रों, महिलाओं, किसानों की परेशानियों और तकलीफों की बात करते हैं तो कहा जाता है कि हम कालेधन के समर्थक हैं. प्रधानमंत्री इस तरह के गलत आरोप लगाना बंद करें और संसद में आकर बोलें. खड़गे ने आरोप लगाया कि बड़े नोटों को अमान्य करने के फैसले को चुनिंदा तरीके से लीक किया गया है और कालेधन की आड़ में सरकार अपने लोगों को मजबूत कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह एक पुस्तक विमोचन समारोह में कहा कि नोटबंदी के ऐलान से पहले सरकार की तैयारी नहीं होने की आलोचना करने वाले लोगों की पीड़ा यह है कि उन्हें खुद तैयारी का मौका नहीं मिला. प्रधानमंत्री पर हमला जारी रखते हुए खड़गे ने कहा कि आप अपने लोगों की चिंता करें जो कालाधन छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. जिस ढंग से एक राज्य में जमीन की खरीदारी की गई है, यह उसका उदाहरण है. संसद में इन्हीं चीजों को हम उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम इन विषयों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हमें मौका नहीं दिया गया. हमने स्पीकर से भी विनती की लेकिन हमें अवसर नहीं मिला. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री बाहर बोल रहे हैं, वह सदन में नहीं बोल रहे हैं. अगर लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं तो सदन में बोलें. संसद में चर्चा करना ही तो लोकतंत्र का हिस्सा है. लेकिन हर चीज की घोषणा बाहर हो रही है. सदन की अनदेखी की जा रही है.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि हम सदन में चर्चा चाहते हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनकी गलती क्या है? देश को क्या नुकसान हुआ है? लेकिन वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे और बाहर आरोप लगा रहे हैं. उनकी नीति ‘मारो और भागो’ की है. यह ठीक नहीं है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘आप (मोदी) यह समझ रहे हैं कि आप सम्राट हैं, और सम्राट के कहे अनुसार देश चलेगा, यह ठीक नहीं है. ’’ खड़गे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री लोकतंत्र में यकीन रखते हैं तो उन्हें संसद में आना चाहिए और बहस में भाग लेना चाहिए एवं नोटबंदी पर विपक्ष की चिंताओं पर जवाब देना चाहिए.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी और सरकार संसद में नोटबंदी पर चर्चा ही नहीं करना चाहते हैं, जिस फैसले के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इसके कारण बैंकों एवं एटीएम की कतारों में 70 लोगों की मौत हो चुकी है. कांग्रेस नेता ने कहा कि हम आम लोगों, गरीबों, छात्रों, महिलाओं, किसानों की परेशानियों और तकलीफों की बात करते हैं तो कहा जाता है कि हम कालेधन के समर्थक हैं. प्रधानमंत्री इस तरह के गलत आरोप लगाना बंद करें और संसद में आकर बोलें. खड़गे ने आरोप लगाया कि बड़े नोटों को अमान्य करने के फैसले को चुनिंदा तरीके से लीक किया गया है और कालेधन की आड़ में सरकार अपने लोगों को मजबूत कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह एक पुस्तक विमोचन समारोह में कहा कि नोटबंदी के ऐलान से पहले सरकार की तैयारी नहीं होने की आलोचना करने वाले लोगों की पीड़ा यह है कि उन्हें खुद तैयारी का मौका नहीं मिला. प्रधानमंत्री पर हमला जारी रखते हुए खड़गे ने कहा कि आप अपने लोगों की चिंता करें जो कालाधन छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. जिस ढंग से एक राज्य में जमीन की खरीदारी की गई है, यह उसका उदाहरण है. संसद में इन्हीं चीजों को हम उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम इन विषयों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हमें मौका नहीं दिया गया. हमने स्पीकर से भी विनती की लेकिन हमें अवसर नहीं मिला. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री बाहर बोल रहे हैं, वह सदन में नहीं बोल रहे हैं. अगर लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं तो सदन में बोलें. संसद में चर्चा करना ही तो लोकतंत्र का हिस्सा है. लेकिन हर चीज की घोषणा बाहर हो रही है. सदन की अनदेखी की जा रही है.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि हम सदन में चर्चा चाहते हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनकी गलती क्या है? देश को क्या नुकसान हुआ है? लेकिन वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे और बाहर आरोप लगा रहे हैं. उनकी नीति ‘मारो और भागो’ की है. यह ठीक नहीं है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कांग्रेस नेता ने कहा कि हम आम लोगों, गरीबों, छात्रों, महिलाओं, किसानों की परेशानियों और तकलीफों की बात करते हैं तो कहा जाता है कि हम कालेधन के समर्थक हैं. प्रधानमंत्री इस तरह के गलत आरोप लगाना बंद करें और संसद में आकर बोलें. खड़गे ने आरोप लगाया कि बड़े नोटों को अमान्य करने के फैसले को चुनिंदा तरीके से लीक किया गया है और कालेधन की आड़ में सरकार अपने लोगों को मजबूत कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह एक पुस्तक विमोचन समारोह में कहा कि नोटबंदी के ऐलान से पहले सरकार की तैयारी नहीं होने की आलोचना करने वाले लोगों की पीड़ा यह है कि उन्हें खुद तैयारी का मौका नहीं मिला. प्रधानमंत्री पर हमला जारी रखते हुए खड़गे ने कहा कि आप अपने लोगों की चिंता करें जो कालाधन छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. जिस ढंग से एक राज्य में जमीन की खरीदारी की गई है, यह उसका उदाहरण है. संसद में इन्हीं चीजों को हम उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम इन विषयों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हमें मौका नहीं दिया गया. हमने स्पीकर से भी विनती की लेकिन हमें अवसर नहीं मिला. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री बाहर बोल रहे हैं, वह सदन में नहीं बोल रहे हैं. अगर लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं तो सदन में बोलें. संसद में चर्चा करना ही तो लोकतंत्र का हिस्सा है. लेकिन हर चीज की घोषणा बाहर हो रही है. सदन की अनदेखी की जा रही है.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि हम सदन में चर्चा चाहते हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनकी गलती क्या है? देश को क्या नुकसान हुआ है? लेकिन वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे और बाहर आरोप लगा रहे हैं. उनकी नीति ‘मारो और भागो’ की है. यह ठीक नहीं है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह एक पुस्तक विमोचन समारोह में कहा कि नोटबंदी के ऐलान से पहले सरकार की तैयारी नहीं होने की आलोचना करने वाले लोगों की पीड़ा यह है कि उन्हें खुद तैयारी का मौका नहीं मिला. प्रधानमंत्री पर हमला जारी रखते हुए खड़गे ने कहा कि आप अपने लोगों की चिंता करें जो कालाधन छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. जिस ढंग से एक राज्य में जमीन की खरीदारी की गई है, यह उसका उदाहरण है. संसद में इन्हीं चीजों को हम उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम इन विषयों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हमें मौका नहीं दिया गया. हमने स्पीकर से भी विनती की लेकिन हमें अवसर नहीं मिला. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री बाहर बोल रहे हैं, वह सदन में नहीं बोल रहे हैं. अगर लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं तो सदन में बोलें. संसद में चर्चा करना ही तो लोकतंत्र का हिस्सा है. लेकिन हर चीज की घोषणा बाहर हो रही है. सदन की अनदेखी की जा रही है.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि हम सदन में चर्चा चाहते हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनकी गलती क्या है? देश को क्या नुकसान हुआ है? लेकिन वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे और बाहर आरोप लगा रहे हैं. उनकी नीति ‘मारो और भागो’ की है. यह ठीक नहीं है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री पर हमला जारी रखते हुए खड़गे ने कहा कि आप अपने लोगों की चिंता करें जो कालाधन छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. जिस ढंग से एक राज्य में जमीन की खरीदारी की गई है, यह उसका उदाहरण है. संसद में इन्हीं चीजों को हम उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम इन विषयों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हमें मौका नहीं दिया गया. हमने स्पीकर से भी विनती की लेकिन हमें अवसर नहीं मिला. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री बाहर बोल रहे हैं, वह सदन में नहीं बोल रहे हैं. अगर लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं तो सदन में बोलें. संसद में चर्चा करना ही तो लोकतंत्र का हिस्सा है. लेकिन हर चीज की घोषणा बाहर हो रही है. सदन की अनदेखी की जा रही है.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि हम सदन में चर्चा चाहते हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनकी गलती क्या है? देश को क्या नुकसान हुआ है? लेकिन वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे और बाहर आरोप लगा रहे हैं. उनकी नीति ‘मारो और भागो’ की है. यह ठीक नहीं है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री बाहर बोल रहे हैं, वह सदन में नहीं बोल रहे हैं. अगर लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं तो सदन में बोलें. संसद में चर्चा करना ही तो लोकतंत्र का हिस्सा है. लेकिन हर चीज की घोषणा बाहर हो रही है. सदन की अनदेखी की जा रही है.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि हम सदन में चर्चा चाहते हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनकी गलती क्या है? देश को क्या नुकसान हुआ है? लेकिन वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे और बाहर आरोप लगा रहे हैं. उनकी नीति ‘मारो और भागो’ की है. यह ठीक नहीं है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि हम सदन में चर्चा चाहते हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि उनकी गलती क्या है? देश को क्या नुकसान हुआ है? लेकिन वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे और बाहर आरोप लगा रहे हैं. उनकी नीति ‘मारो और भागो’ की है. यह ठीक नहीं है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ब्लैकमेल करने की जरूरत नहीं है नोटबंदी पर विपक्ष की चिंताओं पर जवाब देना चाहिए अगर लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं तो सदन में बोलें
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री शरद पवार और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आयोजित कृषि प्रदर्शनी ‘एग्रो विजन 2013’ में सौर उर्जा से चलने वाली एक ऑटोरिक्शे की सवारी की। पवार ने गडकरी द्वारा प्रवर्तित इस प्रदर्शनी में लगभग 40 मिनट बिताए। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनी का दौरा किया और प्रतिभागियों से बातचीत की।टिप्पणियां बाद में पवार ने कहा कि कृषि मंत्रालय दीवाली के आसपास दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की एक कृषि प्रदर्शनी आयोजित करने की संभावनाएं तलाश रहा है जिससे कृषि से जुड़े कई विषयों के बारे में लोगों को जानकारी देने में मदद मिलेगी। पवार ने कहा, ‘योजना को अंतिम रूप देने के लिए अगले 15 दिनों में नई दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जाएगी।’ पवार ने गडकरी द्वारा प्रवर्तित इस प्रदर्शनी में लगभग 40 मिनट बिताए। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनी का दौरा किया और प्रतिभागियों से बातचीत की।टिप्पणियां बाद में पवार ने कहा कि कृषि मंत्रालय दीवाली के आसपास दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की एक कृषि प्रदर्शनी आयोजित करने की संभावनाएं तलाश रहा है जिससे कृषि से जुड़े कई विषयों के बारे में लोगों को जानकारी देने में मदद मिलेगी। पवार ने कहा, ‘योजना को अंतिम रूप देने के लिए अगले 15 दिनों में नई दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जाएगी।’ बाद में पवार ने कहा कि कृषि मंत्रालय दीवाली के आसपास दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की एक कृषि प्रदर्शनी आयोजित करने की संभावनाएं तलाश रहा है जिससे कृषि से जुड़े कई विषयों के बारे में लोगों को जानकारी देने में मदद मिलेगी। पवार ने कहा, ‘योजना को अंतिम रूप देने के लिए अगले 15 दिनों में नई दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जाएगी।’ पवार ने कहा, ‘योजना को अंतिम रूप देने के लिए अगले 15 दिनों में नई दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जाएगी।’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय मंत्री शरद पवार और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आयोजित कृषि प्रदर्शनी ‘एग्रो विजन 2013’ में सौर उर्जा से चलने वाली एक ऑटोरिक्शे की सवारी की।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मात्र चार साल की उम्र में एक बाल कलाकार के रूप में अपने फिल्मी पारी की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री श्रीदेवी ने कहा है कि वह नहीं चाहती कि उनकी बेटी जाह्नवी इस उम्र में फिल्मों में पदार्पण करे।टिप्पणियां करीब 15 साल के बाद फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ के जरिये वापसी करने जा रही श्रीदेवी ने कहा, फिल्मों में उसका आना अभी जल्दीबाजी होगी। कई सारे कार्यक्रमों में वह एक बेटी, एक मित्र के रूप में मेरे साथ आती है और मैं उसे लाना पसंद करती हूं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह फिल्मों में आने जा रही है। गौरतलब है कि ऐसी अफवाहें उड़ रही थी कि श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी (15) करण जौहर की तेलगू फिल्म के साथ अभिनय जगत में पदार्पण करने जा रही है, जो श्रीदेवी और चिरंजीवी अभिनीत फिल्म ‘जगदेका वीरूदू अथिलोका सुंदरी’ की सीक्वल होगी। इस फिल्म को बाद में ‘आदमी और अप्सरा’ नाम से हिन्दी में डब किया गया था। अभिनेत्री ने कहा, ऐसा नहीं है कि मैं उसे आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हूं या वह चर्चा में रहना पसंद करती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई बार लोग गलत समझ लेते हैं। उल्लेखनीय है कि श्रीदेवी ने वर्ष 1967 में चार साल की उम्र में तमिल फिल्म ‘कंदन करूनाई’ के जरिये अभिनय की दुनिया में कदम रखा था और बाद में कई तमिल, तेलगू और मलयालम फिल्मों में काम किया था। उन्होंने वर्ष 1975 में अपनी पहली हिन्दी फिल्म ‘जूली’ में काम किया था। करीब 15 साल के बाद फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ के जरिये वापसी करने जा रही श्रीदेवी ने कहा, फिल्मों में उसका आना अभी जल्दीबाजी होगी। कई सारे कार्यक्रमों में वह एक बेटी, एक मित्र के रूप में मेरे साथ आती है और मैं उसे लाना पसंद करती हूं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह फिल्मों में आने जा रही है। गौरतलब है कि ऐसी अफवाहें उड़ रही थी कि श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी (15) करण जौहर की तेलगू फिल्म के साथ अभिनय जगत में पदार्पण करने जा रही है, जो श्रीदेवी और चिरंजीवी अभिनीत फिल्म ‘जगदेका वीरूदू अथिलोका सुंदरी’ की सीक्वल होगी। इस फिल्म को बाद में ‘आदमी और अप्सरा’ नाम से हिन्दी में डब किया गया था। अभिनेत्री ने कहा, ऐसा नहीं है कि मैं उसे आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हूं या वह चर्चा में रहना पसंद करती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई बार लोग गलत समझ लेते हैं। उल्लेखनीय है कि श्रीदेवी ने वर्ष 1967 में चार साल की उम्र में तमिल फिल्म ‘कंदन करूनाई’ के जरिये अभिनय की दुनिया में कदम रखा था और बाद में कई तमिल, तेलगू और मलयालम फिल्मों में काम किया था। उन्होंने वर्ष 1975 में अपनी पहली हिन्दी फिल्म ‘जूली’ में काम किया था। अभिनेत्री ने कहा, ऐसा नहीं है कि मैं उसे आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हूं या वह चर्चा में रहना पसंद करती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई बार लोग गलत समझ लेते हैं। उल्लेखनीय है कि श्रीदेवी ने वर्ष 1967 में चार साल की उम्र में तमिल फिल्म ‘कंदन करूनाई’ के जरिये अभिनय की दुनिया में कदम रखा था और बाद में कई तमिल, तेलगू और मलयालम फिल्मों में काम किया था। उन्होंने वर्ष 1975 में अपनी पहली हिन्दी फिल्म ‘जूली’ में काम किया था।
यहाँ एक सारांश है:मात्र चार साल की उम्र में एक बाल कलाकार के रूप में अपने फिल्मी पारी की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री श्रीदेवी ने कहा है कि वह नहीं चाहती कि उनकी बेटी जाह्नवीव इस उम्र में फिल्मों में पदार्पण करे।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में निलम्बित पाकिस्तान के तीन खिलाड़ियों- मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद आमेर और सलमान बट्ट को सजा देने या नहीं देने को लेकर शनिवार को अपना फैसला सुनाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि घटना की गम्भीरता को देखते हुए दोषी पाए जाने की सूरत में आईसीसी इन दागी खिलाड़ियों के खिलाफ कठिन से कठिन सजा सुनाएगी। आईसीसी मुख्य रूप इस बात की घोषणा करेगी कि उसकी भ्रष्टाचार निरोधी इकाई ने इन खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग का दोषी माना है या नहीं। जनवरी में इन खिलाड़ियों की छह दिवसीय पेशी हुई थी। इस दौरान आईसीसी द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय न्यायाधिकरण ने इस मामले को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान न्यायाधिकरण के सदस्यों ने खिलाड़ियों की दलील को नकार दिया था। बट्ट, आसिफ और आमेर को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया गया था। इसका खुलासा एक समाचार पत्र ने सटोरिये पर किए गए अपने स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से किया था। मामले का खुलासा होने और इस सम्बंध में जांच शुरू होने के बाद आईसीसी ने तीनों को निलम्बित कर दिया था। बाद में आईसीसी ने तीनों खिलाड़ियों को अपने निलम्बन के खिलाफ अपील करने की छूट दी थी। बट्ट और आमेर ने इसके खिलाफ अपील की थी लेकिन आसिफ ने इससे इंकार कर दिया था। इन दागी खिलाड़ियों ने लंदन टेस्ट के बाद कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। इन्हें विश्व कप टीम से भी बाहर रखा गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आईसीसी स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में निलम्बित पाकिस्तान के तीन खिलाड़ियों- आसिफ, आमेर और बट्ट को सजा देने को लेकर शनिवार को फैसला सुनाएगी।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दूसरे ऑटो जीपी रेस में यहां मुगेलो सर्किट में रविवार को केविन जियोवेसी को 25 सेकंड का मैच पूर्व पेनाल्टी दिए जाने के कारण नारायण कार्तिकेयन को विजेता घोषित कर दिया गया। भारतीय रेसर कार्तिकेयन को चैम्पियनशिप के पांचवें दौर की समाप्ति पर शनिवार को तीसरे स्थान पर रहने के साथ यह जीत हासिल हुई। सुपरनोवा टीम के चालक कार्तिकेयन ने 5.2 किलोमीटर के इस रेस में दोहरा पोडियम स्थान हासिल करके चैम्पियनशिप में अपनी जीत के अवसर में काफी इजाफा कर लिया था।टिप्पणियां कार्तिकेयन द्वारा 1:35.790 के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ दर्ज किए गए जीत ने उन्हें अतिरिक्त अंक (20) अर्जित करने में मदद की। पहले रेस में उन्हें 15 अंक हासिल हुए तथा कुल 96 अंकों के साथ वह चौथे स्थान पर रहे। ग्रांप्री के पूर्व चालक कार्तिकेयन ने अपने परिणाम से संतुष्टि जाहिर की, लेकिन रेस के दौरान उन्होंने आई परेशानियों को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। सुपरनोवा टीम के चालक कार्तिकेयन ने 5.2 किलोमीटर के इस रेस में दोहरा पोडियम स्थान हासिल करके चैम्पियनशिप में अपनी जीत के अवसर में काफी इजाफा कर लिया था।टिप्पणियां कार्तिकेयन द्वारा 1:35.790 के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ दर्ज किए गए जीत ने उन्हें अतिरिक्त अंक (20) अर्जित करने में मदद की। पहले रेस में उन्हें 15 अंक हासिल हुए तथा कुल 96 अंकों के साथ वह चौथे स्थान पर रहे। ग्रांप्री के पूर्व चालक कार्तिकेयन ने अपने परिणाम से संतुष्टि जाहिर की, लेकिन रेस के दौरान उन्होंने आई परेशानियों को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। कार्तिकेयन द्वारा 1:35.790 के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ दर्ज किए गए जीत ने उन्हें अतिरिक्त अंक (20) अर्जित करने में मदद की। पहले रेस में उन्हें 15 अंक हासिल हुए तथा कुल 96 अंकों के साथ वह चौथे स्थान पर रहे। ग्रांप्री के पूर्व चालक कार्तिकेयन ने अपने परिणाम से संतुष्टि जाहिर की, लेकिन रेस के दौरान उन्होंने आई परेशानियों को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। ग्रांप्री के पूर्व चालक कार्तिकेयन ने अपने परिणाम से संतुष्टि जाहिर की, लेकिन रेस के दौरान उन्होंने आई परेशानियों को लेकर नाराजगी भी जाहिर की।
यह एक सारांश है: दूसरे ऑटो जीपी रेस में यहां मुगेलो सर्किट में रविवार को केविन जियोवेसी को 25 सेकंड का मैच पूर्व पेनाल्टी दिए जाने के कारण नारायण कार्तिकेयन को विजेता घोषित कर दिया गया।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने आय से कथित रूप से अधिक संपत्ति के मामले में वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगनमोहन रेड्डी की जमानत याचिका आज खारिज कर दी। इस मामले में प्रमुख आरोपी जगन को 27 मई को गिरफ्तार किया गया था और वह यहां की चंचलगुडा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। न्यायाधीश समुद्राला गोविंदराजुलु ने 27 जून को याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली थी और आज तक के लिए अपना आदेश सुरक्षित रखा था। इस मामले में चर्चित वकील राम जेठमलानी जगन की ओर से पेश हुए थे जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक भान सीबीआई के वकील थे। सीबीआई के वकील ने दलील दी थी कि यह मामला 43 हजार करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं से जुड़ा है और एजेंसी जगन की कंपनियों में धन आने की जांच कर रही है। भान ने कहा था कि इस समय आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है क्योंकि जांच एजेंसी को इस मामले में कुछ और आरोप पत्र दाखिल करने हैं। वहीं दूसरी ओर, जेठमलानी ने दलील दी थी कि कडप्पा के सांसद जगन की गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है और उनके मुवक्किल के खिलाफ इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वह सीबीआई के साथ सहयोग नहीं करता है या वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।टिप्पणियां जेठमलानी ने आरोप लगाया था कि जगन को सीबीआई द्वारा उनके राजनीतिक बॉसों के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है। सीबीआई ने जगन और अन्य के खिलाफ अपने तीन आरोप पत्रों में आरोप लगाया कि जगन और उनके पिता आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर राजशेखर रेड्डी ने सरकार के साथ धोखा करने की साजिश रची थी और बेटे ने अपने पिता को प्रभावित करके विभिन्न उद्योगों को फायदा पहुंचाया जिसके बदले जगन के कारोबार में करोड़ों रुपयों का निवेश किया गया। इसी मामले में गिरफ्तार जगन के करीबी सहयोगी और आडिटर विजय साई रेड्डी को एक स्थानीय सीबीआई विशेष अदालत ने जमानत दी थी। इस मामले में प्रमुख आरोपी जगन को 27 मई को गिरफ्तार किया गया था और वह यहां की चंचलगुडा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। न्यायाधीश समुद्राला गोविंदराजुलु ने 27 जून को याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली थी और आज तक के लिए अपना आदेश सुरक्षित रखा था। इस मामले में चर्चित वकील राम जेठमलानी जगन की ओर से पेश हुए थे जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक भान सीबीआई के वकील थे। सीबीआई के वकील ने दलील दी थी कि यह मामला 43 हजार करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं से जुड़ा है और एजेंसी जगन की कंपनियों में धन आने की जांच कर रही है। भान ने कहा था कि इस समय आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है क्योंकि जांच एजेंसी को इस मामले में कुछ और आरोप पत्र दाखिल करने हैं। वहीं दूसरी ओर, जेठमलानी ने दलील दी थी कि कडप्पा के सांसद जगन की गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है और उनके मुवक्किल के खिलाफ इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वह सीबीआई के साथ सहयोग नहीं करता है या वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।टिप्पणियां जेठमलानी ने आरोप लगाया था कि जगन को सीबीआई द्वारा उनके राजनीतिक बॉसों के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है। सीबीआई ने जगन और अन्य के खिलाफ अपने तीन आरोप पत्रों में आरोप लगाया कि जगन और उनके पिता आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर राजशेखर रेड्डी ने सरकार के साथ धोखा करने की साजिश रची थी और बेटे ने अपने पिता को प्रभावित करके विभिन्न उद्योगों को फायदा पहुंचाया जिसके बदले जगन के कारोबार में करोड़ों रुपयों का निवेश किया गया। इसी मामले में गिरफ्तार जगन के करीबी सहयोगी और आडिटर विजय साई रेड्डी को एक स्थानीय सीबीआई विशेष अदालत ने जमानत दी थी। न्यायाधीश समुद्राला गोविंदराजुलु ने 27 जून को याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली थी और आज तक के लिए अपना आदेश सुरक्षित रखा था। इस मामले में चर्चित वकील राम जेठमलानी जगन की ओर से पेश हुए थे जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक भान सीबीआई के वकील थे। सीबीआई के वकील ने दलील दी थी कि यह मामला 43 हजार करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं से जुड़ा है और एजेंसी जगन की कंपनियों में धन आने की जांच कर रही है। भान ने कहा था कि इस समय आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है क्योंकि जांच एजेंसी को इस मामले में कुछ और आरोप पत्र दाखिल करने हैं। वहीं दूसरी ओर, जेठमलानी ने दलील दी थी कि कडप्पा के सांसद जगन की गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है और उनके मुवक्किल के खिलाफ इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वह सीबीआई के साथ सहयोग नहीं करता है या वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।टिप्पणियां जेठमलानी ने आरोप लगाया था कि जगन को सीबीआई द्वारा उनके राजनीतिक बॉसों के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है। सीबीआई ने जगन और अन्य के खिलाफ अपने तीन आरोप पत्रों में आरोप लगाया कि जगन और उनके पिता आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर राजशेखर रेड्डी ने सरकार के साथ धोखा करने की साजिश रची थी और बेटे ने अपने पिता को प्रभावित करके विभिन्न उद्योगों को फायदा पहुंचाया जिसके बदले जगन के कारोबार में करोड़ों रुपयों का निवेश किया गया। इसी मामले में गिरफ्तार जगन के करीबी सहयोगी और आडिटर विजय साई रेड्डी को एक स्थानीय सीबीआई विशेष अदालत ने जमानत दी थी। सीबीआई के वकील ने दलील दी थी कि यह मामला 43 हजार करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं से जुड़ा है और एजेंसी जगन की कंपनियों में धन आने की जांच कर रही है। भान ने कहा था कि इस समय आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है क्योंकि जांच एजेंसी को इस मामले में कुछ और आरोप पत्र दाखिल करने हैं। वहीं दूसरी ओर, जेठमलानी ने दलील दी थी कि कडप्पा के सांसद जगन की गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है और उनके मुवक्किल के खिलाफ इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वह सीबीआई के साथ सहयोग नहीं करता है या वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।टिप्पणियां जेठमलानी ने आरोप लगाया था कि जगन को सीबीआई द्वारा उनके राजनीतिक बॉसों के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है। सीबीआई ने जगन और अन्य के खिलाफ अपने तीन आरोप पत्रों में आरोप लगाया कि जगन और उनके पिता आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर राजशेखर रेड्डी ने सरकार के साथ धोखा करने की साजिश रची थी और बेटे ने अपने पिता को प्रभावित करके विभिन्न उद्योगों को फायदा पहुंचाया जिसके बदले जगन के कारोबार में करोड़ों रुपयों का निवेश किया गया। इसी मामले में गिरफ्तार जगन के करीबी सहयोगी और आडिटर विजय साई रेड्डी को एक स्थानीय सीबीआई विशेष अदालत ने जमानत दी थी। भान ने कहा था कि इस समय आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है क्योंकि जांच एजेंसी को इस मामले में कुछ और आरोप पत्र दाखिल करने हैं। वहीं दूसरी ओर, जेठमलानी ने दलील दी थी कि कडप्पा के सांसद जगन की गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है और उनके मुवक्किल के खिलाफ इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वह सीबीआई के साथ सहयोग नहीं करता है या वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।टिप्पणियां जेठमलानी ने आरोप लगाया था कि जगन को सीबीआई द्वारा उनके राजनीतिक बॉसों के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है। सीबीआई ने जगन और अन्य के खिलाफ अपने तीन आरोप पत्रों में आरोप लगाया कि जगन और उनके पिता आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर राजशेखर रेड्डी ने सरकार के साथ धोखा करने की साजिश रची थी और बेटे ने अपने पिता को प्रभावित करके विभिन्न उद्योगों को फायदा पहुंचाया जिसके बदले जगन के कारोबार में करोड़ों रुपयों का निवेश किया गया। इसी मामले में गिरफ्तार जगन के करीबी सहयोगी और आडिटर विजय साई रेड्डी को एक स्थानीय सीबीआई विशेष अदालत ने जमानत दी थी। वहीं दूसरी ओर, जेठमलानी ने दलील दी थी कि कडप्पा के सांसद जगन की गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है और उनके मुवक्किल के खिलाफ इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वह सीबीआई के साथ सहयोग नहीं करता है या वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।टिप्पणियां जेठमलानी ने आरोप लगाया था कि जगन को सीबीआई द्वारा उनके राजनीतिक बॉसों के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है। सीबीआई ने जगन और अन्य के खिलाफ अपने तीन आरोप पत्रों में आरोप लगाया कि जगन और उनके पिता आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर राजशेखर रेड्डी ने सरकार के साथ धोखा करने की साजिश रची थी और बेटे ने अपने पिता को प्रभावित करके विभिन्न उद्योगों को फायदा पहुंचाया जिसके बदले जगन के कारोबार में करोड़ों रुपयों का निवेश किया गया। इसी मामले में गिरफ्तार जगन के करीबी सहयोगी और आडिटर विजय साई रेड्डी को एक स्थानीय सीबीआई विशेष अदालत ने जमानत दी थी। जेठमलानी ने आरोप लगाया था कि जगन को सीबीआई द्वारा उनके राजनीतिक बॉसों के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है। सीबीआई ने जगन और अन्य के खिलाफ अपने तीन आरोप पत्रों में आरोप लगाया कि जगन और उनके पिता आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर राजशेखर रेड्डी ने सरकार के साथ धोखा करने की साजिश रची थी और बेटे ने अपने पिता को प्रभावित करके विभिन्न उद्योगों को फायदा पहुंचाया जिसके बदले जगन के कारोबार में करोड़ों रुपयों का निवेश किया गया। इसी मामले में गिरफ्तार जगन के करीबी सहयोगी और आडिटर विजय साई रेड्डी को एक स्थानीय सीबीआई विशेष अदालत ने जमानत दी थी। इसी मामले में गिरफ्तार जगन के करीबी सहयोगी और आडिटर विजय साई रेड्डी को एक स्थानीय सीबीआई विशेष अदालत ने जमानत दी थी।
संक्षिप्त सारांश: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने आय से कथित रूप से अधिक संपत्ति के मामले में वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगनमोहन रेड्डी की जमानत याचिका आज खारिज कर दी।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बनारस से सटे चंदौली को 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने बनारस से अलग करके जिला बनाया था. इसमें मुगलसराय, सकलडीहा, सैयदराजा और वाराणसी की अजगरा के साथ शिवपुर विधानसभा को शामिल किया गया. जिला बनने के 22 साल बाद भी चंदौली क्षेत्र बदहाली की हालत झेल रहा है. हालात यह है कि अभी तक इसका मुख्यालय तक पूरी तरह से नहीं बन पाया है. हालांकि पूर्वांचल की जो कुछ हाईप्रोफाईल सीट हैं उसमे चंदौली का भी नाम आता है. साल 2014  में यहां से भाजपा के महेन्द्र नाथ पांडेय ने बसपा के अनिल मौर्या को तकरीबन डेढ़ लाख वोट से पटकनी दी थी.   धान का कटोरा कहे जाने वाले चंदौली जिले का अधिकांश हिस्सा ग्रामीण है. लोगों की जीविका खेतीबाड़ी पर निर्भर है.  लेकिन यहां सिंचाई के साधन नहीं थे, लिहाजा किसान परेशान थे और लोगों का पलायन तेजी से हुआ. इस इलाके में अकेले कमलापति त्रिपाठी को छोड़ दें तो किसी की राजनीतिक इच्छाशक्ति ने यहां काम नहीं किया. कमलापति त्रिपाठी ने यहां नहरों का जाल बिछाया जिसकी वजह से यह पूर्वांचल का धान का कटोरा कहलाया. लेकिन उनके बाद किसी ने इस इलाके की  कृषि, शिक्षा, रोज़गार, पर्यटन, जिसमें ये पिछड़ा है, को बढ़ाने की ज़रुरत नहीं समझी. यही वजह है कि शुरू के दौर में, यानी आज़ादी के बाद 1952 से लेकर 1971 बीच में एक टर्म 1967 को छोड़ दें जिसमें सोशलिस्ट पार्टी जीत गई थी, नहीं तो लगातार चार बार कांग्रेस ही यहां से जीतती रही.  लेकिन 1971 के बाद ये इलाका लगातार अपनी दशा और दिशा को सुधारने के लिए प्रत्याशी बदलता रहा लेकिन इसकी बदहाली में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ.   चूंकि किसी पार्टी ने यहां के विकास में कोई बड़ा योगदान नहीं दिया लिहाजा यहां के चुनाव पर हमेशा जातीय गणित ही हावी रही. चंदौली यादव बाहुल्य क्षेत्र है जिनकी संख्या तकरीबन दो लाख पचहत्तर हज़ार के आसपास है. उसके बाद दलित बिरादरी है जो कि करीब दो लाख साठ हज़ार के आसपास है. फिर पिछड़ी जाति में मौर्या हैं जिनकी संख्या एक लाख पचहत्तर हज़ार के आसपास है. ब्राह्मण, राजपूत, मुस्लिम, राजभर भी तकरीबन एक लाख से कुछ अधिक हैं. आज़ादी के बाद से अब तक अगर इस सीट पर ये देखते हैं कि यहां कौन-कौन सी पार्टी अपना परचम लहरा चुकी हैं तो उसमें सबसे ज़्यादा कांग्रेस है जो 6 दफे यहां से जीती है. लेकिन 1984 के बाद से कांग्रेस यहां पर जीत का स्वाद नहीं चख पाई है तो इसकी बड़ी वजह क्षेत्रीय पार्टियों का उदय और जातीय समीकरण ही रहा है. कांग्रेस के बाद चार बार बीजेपी यहां से अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है. मौजूदा समय में भी यह सीट बीजेपी के पास है. दो बार यहां से सपा और जनता पार्टी जीती है तो एक दफे सोशलिस्ट पार्टी और बसपा ने जीत हासिल की है.   साल 2014 में चंदौली लोकसभा सीट पर हुए चुनाव के समय कुल मतदाताओं की संख्या पर ध्यान दें तो वह 15 लाख 93 हजार 133 थी. बीजेपी के महेंद्र नाथ पाण्डेय ने 4 लाख 14 हजार 135 वोट पाकर इस चुनाव में जीत हासिल की थी. दूसरी ओर बसपा के उम्मीदवार अनिल कुमार मौर्य ने 2 लाख 57 हजार 379 वोट पाए और वह इस चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे. इसके साथ ही सपा के कैंडिडेट रामकिशुन ने 2 लाख 4 हजार 145 वोट प्राप्त किए और कांग्रेस के प्रत्याशी तरुण पटेल को 27 हाजर 194 वोट मिले. यानि सभी पार्टियों के मतों का प्रतिशत देखें तो बीजेपी सबसे अधिक 42.23 प्रतिशत वोट मिला था उसके बाद बहुजन समाज पार्टी को 26. 25 और सपा को 20. 82 प्रतिशत मत मिला था. जबकि कांग्रेस सिर्फ अपनी 2. 77 प्रतिशत मतों से दस्तक ही दे पाई थी. सन 1999 से 2009 तक के तीन चुनाव में सपा-बसपा आपस में इस सीट को एक-दूसरे से छीनते रहे हैं लेकिन 2014 की मोदी लहर में अपना दल और राजभर पार्टी से भाजपा के गठबंधन ने इस सीट को सपा से छीन लिया था और तकरीबन डेढ़ लाख से ज़्यादा मतों से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र पांडेय यहां विजयी हुए. इस बार फिर बीजेपी ने अपने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय को ही मैदान में उतारा है पर इस बार समीकरण बदल गए हैं.  सपा और बसपा के गठबंधन में ये सीट सपा के पास गई है दोनों के पिछले लोकसभा के चुनाव के मिले मतों के प्रतिशत को मिला दे तो ये तक़रीन 47 प्रतिशत होता है जो बीजेपी के 42 परसेंट से कहीं ज़्यादा है. मतों के इन प्रतिशत के अलावा बीजेपी के लिए ओम प्रकाश राजभर से समझौता न होना भी इस सीट पर उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है.   साफ़ है कि 2019 में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंदौली सीट पर यहां के जातीय समीकरण के चक्रव्यूह में घिरते नज़र आ रहे हैं और फिलहाल अभी इसको तोड़कर निकलने का कोई साफ़ रास्ता भी नज़र नहीं आ रहा है लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है रिजल्ट क्या आएगा ये देखने वाली बात होगी.
यहाँ एक सारांश है:बीजेपी से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय फिर उम्मीदवार पिछले चुनाव में सपा और बसपा के कुल मत तकरीबन 47 प्रतिशत थे बीजेपी को सन 2014 के चुनाव में 42 प्रतिशत वोट मिले थे
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिल्ली जा रहे स्पाइस जेट के एक विमान में सवार करीब 180 यात्री तालिबान के रॉकेट हमले की जद में आने से बाल-बाल बच गए. रॉकेट हमले के समय स्पाइस जेट की उड़ान संख्या एसजी-22 उड़ने के लिए तैयार थी. पढ़ें- मुंबई में भारी बारिश से रनवे पर फिसला स्पाइसजेट का विमान स्पाइस जेट का विमान दिन में करीब 11:20 बजे उड़ान भरने वाला था, लेकिन काबुल हवाई अड्डे पर हमले के बाद यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल की इमारत में ले जाया गया. स्पाइस जेट काबुल के लिए सप्ताह में पांच उड़ानों का परिचालन करती है. स्पाइस जेट के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘काबुल से दिल्ली के बीच चलने वाली स्पाइस जेट की उड़ान संख्या एसजी-22 के बोर्डिंग का काम तकरीबन पूरा हो गया था, उसी दौरान यह घटना हुई. यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को विमान से उतारकर टर्मिनल की इमारत में ले जाया गया.’ टिप्पणियां काबुल में बुधवार को कई रॉकेट दागे गए. एक रॉकेट हवाई अड्डे के निकट एक मकान पर गिरा जिससे पांच लोग घायल हो गए. तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. पढ़ें- मुंबई में भारी बारिश से रनवे पर फिसला स्पाइसजेट का विमान स्पाइस जेट का विमान दिन में करीब 11:20 बजे उड़ान भरने वाला था, लेकिन काबुल हवाई अड्डे पर हमले के बाद यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल की इमारत में ले जाया गया. स्पाइस जेट काबुल के लिए सप्ताह में पांच उड़ानों का परिचालन करती है. स्पाइस जेट के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘काबुल से दिल्ली के बीच चलने वाली स्पाइस जेट की उड़ान संख्या एसजी-22 के बोर्डिंग का काम तकरीबन पूरा हो गया था, उसी दौरान यह घटना हुई. यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को विमान से उतारकर टर्मिनल की इमारत में ले जाया गया.’ टिप्पणियां काबुल में बुधवार को कई रॉकेट दागे गए. एक रॉकेट हवाई अड्डे के निकट एक मकान पर गिरा जिससे पांच लोग घायल हो गए. तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. स्पाइस जेट का विमान दिन में करीब 11:20 बजे उड़ान भरने वाला था, लेकिन काबुल हवाई अड्डे पर हमले के बाद यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल की इमारत में ले जाया गया. स्पाइस जेट काबुल के लिए सप्ताह में पांच उड़ानों का परिचालन करती है. स्पाइस जेट के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘काबुल से दिल्ली के बीच चलने वाली स्पाइस जेट की उड़ान संख्या एसजी-22 के बोर्डिंग का काम तकरीबन पूरा हो गया था, उसी दौरान यह घटना हुई. यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को विमान से उतारकर टर्मिनल की इमारत में ले जाया गया.’ टिप्पणियां काबुल में बुधवार को कई रॉकेट दागे गए. एक रॉकेट हवाई अड्डे के निकट एक मकान पर गिरा जिससे पांच लोग घायल हो गए. तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. स्पाइस जेट के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘काबुल से दिल्ली के बीच चलने वाली स्पाइस जेट की उड़ान संख्या एसजी-22 के बोर्डिंग का काम तकरीबन पूरा हो गया था, उसी दौरान यह घटना हुई. यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को विमान से उतारकर टर्मिनल की इमारत में ले जाया गया.’ टिप्पणियां काबुल में बुधवार को कई रॉकेट दागे गए. एक रॉकेट हवाई अड्डे के निकट एक मकान पर गिरा जिससे पांच लोग घायल हो गए. तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. काबुल में बुधवार को कई रॉकेट दागे गए. एक रॉकेट हवाई अड्डे के निकट एक मकान पर गिरा जिससे पांच लोग घायल हो गए. तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. काबुल में बुधवार को कई रॉकेट दागे गए. एक रॉकेट हवाई अड्डे के निकट एक मकान पर गिरा जिससे पांच लोग घायल हो गए. तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
संक्षिप्त पाठ: काबुल में बुधवार को कई रॉकेट दागे गए काबुल के हवाई अड्डे पर एक रॉकेट की जद में आने से बचा स्पाइसजेट विमान 180 यात्री थे विमान में सवार
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की महिला हॉकी टीम ने शनिवार को मलेशिया की राजधानी कुलाआलम्पुर में जारी आठवें एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के पहले दिन पूल-ए के अपने पहले मैच में हांगकांग चाइना को 13-0 से हराकर शानदार आगाज किया। भारत के लिए फारवर्ड खिलाड़ी रानी ने सबसे अधिक सात गोल किए। मध्यांतर तक भारतीय टीम 9-0 से आगे चल रही थी। रानी ने दूसरे, छठे, 23वें, 24वें, 26वें, 34वें और 58वें मिनट में गोल किए।टिप्पणियां इसके अलावा वंदना कटारिया ने 13वें, 18वें और 39वें मिनट में गोल किए। जॉयदीप कौर ने 70वें और किरणदीप कौर ने पांचवें मिनट में एक-एक गोल किया। भारत का अगले मैच में रविवार को चीन के साथ सामना होगा। मध्यांतर तक भारतीय टीम 9-0 से आगे चल रही थी। रानी ने दूसरे, छठे, 23वें, 24वें, 26वें, 34वें और 58वें मिनट में गोल किए।टिप्पणियां इसके अलावा वंदना कटारिया ने 13वें, 18वें और 39वें मिनट में गोल किए। जॉयदीप कौर ने 70वें और किरणदीप कौर ने पांचवें मिनट में एक-एक गोल किया। भारत का अगले मैच में रविवार को चीन के साथ सामना होगा। इसके अलावा वंदना कटारिया ने 13वें, 18वें और 39वें मिनट में गोल किए। जॉयदीप कौर ने 70वें और किरणदीप कौर ने पांचवें मिनट में एक-एक गोल किया। भारत का अगले मैच में रविवार को चीन के साथ सामना होगा। भारत का अगले मैच में रविवार को चीन के साथ सामना होगा।
संक्षिप्त पाठ: भारत की महिला हॉकी टीम ने शनिवार को मलेशिया की राजधानी कुलाआलम्पुर में जारी आठवें एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के पहले दिन पूल-ए के अपने पहले मैच में हांगकांग चाइना को 13-0 से हराकर शानदार आगाज किया।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 26/11 के मुम्बई हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद के राजनीति में उतरने की अटकलों के बीच भारत महसूस करता है कि पाक सेना उसे मुख्य धारा में लाने का प्रयास कर रही है और उसके साथ संवाद की संभावना नजर नहीं आ रही है। सूत्रों ने बताया कि सईद के मामले में काफी लंबा सफर तय करना होगा। भारत मानता है कि मुम्बई हमले के पीछे सईद की ही हाथ था। नवंबर, 2008 के इस हमले में 166 लोग मारे गए थे।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि इमरान खान एक अन्य हस्ती है जिसे सेना अब सामने ला रही है। बारह साल तक वह कुछ नहीं थे लेकिन अब वह अचानक एक बड़ी हस्ती बन गए हैं। भारत महसूस कर रहा है कि पाकिस्तान सत्ता के कई केंद्रों की समस्या से जूझ रहा है जिसमें उच्चतम न्यायालय अब थोड़ा शक्तिशाली हो गया है और सेना का प्रभाव थोड़ा घटा है। सूत्रों ने बताया कि सईद के मामले में काफी लंबा सफर तय करना होगा। भारत मानता है कि मुम्बई हमले के पीछे सईद की ही हाथ था। नवंबर, 2008 के इस हमले में 166 लोग मारे गए थे।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि इमरान खान एक अन्य हस्ती है जिसे सेना अब सामने ला रही है। बारह साल तक वह कुछ नहीं थे लेकिन अब वह अचानक एक बड़ी हस्ती बन गए हैं। भारत महसूस कर रहा है कि पाकिस्तान सत्ता के कई केंद्रों की समस्या से जूझ रहा है जिसमें उच्चतम न्यायालय अब थोड़ा शक्तिशाली हो गया है और सेना का प्रभाव थोड़ा घटा है। सूत्रों ने बताया कि इमरान खान एक अन्य हस्ती है जिसे सेना अब सामने ला रही है। बारह साल तक वह कुछ नहीं थे लेकिन अब वह अचानक एक बड़ी हस्ती बन गए हैं। भारत महसूस कर रहा है कि पाकिस्तान सत्ता के कई केंद्रों की समस्या से जूझ रहा है जिसमें उच्चतम न्यायालय अब थोड़ा शक्तिशाली हो गया है और सेना का प्रभाव थोड़ा घटा है। भारत महसूस कर रहा है कि पाकिस्तान सत्ता के कई केंद्रों की समस्या से जूझ रहा है जिसमें उच्चतम न्यायालय अब थोड़ा शक्तिशाली हो गया है और सेना का प्रभाव थोड़ा घटा है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 26/11 हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद के राजनीति में उतरने की अटकलों के बीच भारत महसूस करता है कि पाक सेना उसे मुख्य धारा में लाने का प्रयास कर रही है।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को बढ़त का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 94.75 अंकों की बढ़त के साथ 17,728.20 पर और निफ्टी 32.45 अंकों की बढ़त के साथ 5,380.35 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1.81 अंक की गिरावट के साथ 17,631.64 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 4.65 अंकों की गिरावट के साथ 5,343.25 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 18.26 अंकों की तेजी के साथ 6,147.67 पर और स्मॉलकैप 16.48 अंकों की तेजी के साथ 6,596.40 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1.81 अंक की गिरावट के साथ 17,631.64 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 4.65 अंकों की गिरावट के साथ 5,343.25 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 18.26 अंकों की तेजी के साथ 6,147.67 पर और स्मॉलकैप 16.48 अंकों की तेजी के साथ 6,596.40 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 18.26 अंकों की तेजी के साथ 6,147.67 पर और स्मॉलकैप 16.48 अंकों की तेजी के साथ 6,596.40 पर बंद हुआ।
देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को बढ़त का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 94.75 अंकों की बढ़त के साथ 17,728.20 पर और निफ्टी 32.45 अंकों की बढ़त के साथ 5,380.35 पर बंद हुआ।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्लैकबेरी फोन निर्माता कम्पनी रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) के कमजोर तिमाही नतीजों के कारण इसके शेयर मूल्य में लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद कम्पनी ने 200 कर्मचारियों को सेवामुक्त करने का फैसला किया है। आरआईएम ने कर्मचारियों की छंटनी की पुष्टि नहीं की है लेकिन स्थानीय मीडिया के मुताबिक कम्पनी के 200 विनिर्माण कर्मचारियों को इसकी सूचना दी गई है। दुनियाभर में आरआईएम के 17,500 कर्मचारी हैं और इसके मुख्यालय और आस-पास स्थित कार्यालयों में 9,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। ब्लैकबेरी ने इस साल की पहली तिमाही में आय में गिरावट के परिणाम घोषित करने के बाद लागत अनुकूलन कार्यक्रम की घोषत किया है। कम्पनी का मुनाफा इस तिमाही में घटकर 69.5 करोड़ डॉलर हो गया जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 76.9 करोड़ डॉलर था। दो दिन की गिरावट के बाद मंगलवार को आरआईएम के शेयर में करीब नौ प्रतिशत का सुधार हुआ और यह 27.74 डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। जानकारों का मानना है कि गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कम्पनियां ब्लैकबेरी का अधिग्रहण कर सकती हैं। जानकारों का कहना है कि छोटी अवधि में ब्लैकबेरी के लिए संभावनाएं काफी क्षीण हैं क्योंकि उसके उत्पाद पुराने पड़ चुके हैं और एप्पल और गूगल एंड्रायड के उत्पाद उसकी बाजार हिस्सेदारी तेजी से हथिया रहे हैं।
आरआईएम ने कर्मचारियों की छंटनी की पुष्टि नहीं की है लेकिन स्थानीय मीडिया के मुताबिक कम्पनी के 200 विनिर्माण कर्मचारियों को इसकी सूचना दी गई है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि टेंडर की शर्तों में 2003 में बदलाव हुए, जब बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार सत्ता में थी और ब्रजेश मिश्रा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। वहीं, बीजेपी का कहना है कि ब्रजेश मिश्रा ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी की सलाह पर बदलाव की मांगें की थीं, क्योंकि जिन वीवीआईपी लोगों के लिए ये हेलीकॉप्टर खरीदे जाने थे, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी पर ही है। बीजेपी का यह भी कहना है कि हेलीकॉप्टर के सौदे पर 2010 में हस्ताक्षर हुए, जिस वक्त कांग्रेस नीत यूपीए सरकार सत्ता में थी और इसलिए सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सौदे से फायदा उठाने वाले लोगों के नाम जाहिर करने चाहिए। इस बीच, सरकार ने इस कंपनी को होने वाले बकाया तकरीबन 24 सौ करोड़ रुपये के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी। यह रोक तब तक लगी रहेगी जब तक सीबीआई जांच के परिणाम नहीं आते। दरअसल, हेलीकॉप्टरों के सौदे में कथित घोटालों को लेकर छिड़े विवाद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2003 में टेंडर की गुणात्मक जरूरतों में बदलाव किया गया था। बदलाव के समय एनडीए सरकार में जॉर्ज फर्नांडिस रक्षामंत्री थे। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि फर्नांडिस के कार्यकाल में 3600 करोड़ रुपये के सौदे की अवधारणा बनी थी। साथ ही 2003 में एयर स्टाफ गुणात्मक जरूरतों (एसक्यूआर) में बदलाव किए गए।टिप्पणियां अधिकारियों ने कहा कि निविदा जरूरतों में यह बड़ा बदलाव भी किया गया कि एयर सीलिंग को 18 हजार फुट से बदलकर 15 हजार फुट कर दिया गया। आरोप है कि यह बदलाव इसलिए किया गया, ताकि इतालवी हेलीकॉप्टर दौड़ में बना रह सके। फर्नाडिंस अक्टूबर, 2001 से मई, 2004 तक रक्षामंत्री थे, जबकि 2003 में एयर चीफ मार्शल एके कृष्णास्वामी वायुसेना प्रमुख थे। वहीं, बीजेपी का कहना है कि ब्रजेश मिश्रा ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी की सलाह पर बदलाव की मांगें की थीं, क्योंकि जिन वीवीआईपी लोगों के लिए ये हेलीकॉप्टर खरीदे जाने थे, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी पर ही है। बीजेपी का यह भी कहना है कि हेलीकॉप्टर के सौदे पर 2010 में हस्ताक्षर हुए, जिस वक्त कांग्रेस नीत यूपीए सरकार सत्ता में थी और इसलिए सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सौदे से फायदा उठाने वाले लोगों के नाम जाहिर करने चाहिए। इस बीच, सरकार ने इस कंपनी को होने वाले बकाया तकरीबन 24 सौ करोड़ रुपये के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी। यह रोक तब तक लगी रहेगी जब तक सीबीआई जांच के परिणाम नहीं आते। दरअसल, हेलीकॉप्टरों के सौदे में कथित घोटालों को लेकर छिड़े विवाद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2003 में टेंडर की गुणात्मक जरूरतों में बदलाव किया गया था। बदलाव के समय एनडीए सरकार में जॉर्ज फर्नांडिस रक्षामंत्री थे। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि फर्नांडिस के कार्यकाल में 3600 करोड़ रुपये के सौदे की अवधारणा बनी थी। साथ ही 2003 में एयर स्टाफ गुणात्मक जरूरतों (एसक्यूआर) में बदलाव किए गए।टिप्पणियां अधिकारियों ने कहा कि निविदा जरूरतों में यह बड़ा बदलाव भी किया गया कि एयर सीलिंग को 18 हजार फुट से बदलकर 15 हजार फुट कर दिया गया। आरोप है कि यह बदलाव इसलिए किया गया, ताकि इतालवी हेलीकॉप्टर दौड़ में बना रह सके। फर्नाडिंस अक्टूबर, 2001 से मई, 2004 तक रक्षामंत्री थे, जबकि 2003 में एयर चीफ मार्शल एके कृष्णास्वामी वायुसेना प्रमुख थे। बीजेपी का यह भी कहना है कि हेलीकॉप्टर के सौदे पर 2010 में हस्ताक्षर हुए, जिस वक्त कांग्रेस नीत यूपीए सरकार सत्ता में थी और इसलिए सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सौदे से फायदा उठाने वाले लोगों के नाम जाहिर करने चाहिए। इस बीच, सरकार ने इस कंपनी को होने वाले बकाया तकरीबन 24 सौ करोड़ रुपये के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी। यह रोक तब तक लगी रहेगी जब तक सीबीआई जांच के परिणाम नहीं आते। दरअसल, हेलीकॉप्टरों के सौदे में कथित घोटालों को लेकर छिड़े विवाद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2003 में टेंडर की गुणात्मक जरूरतों में बदलाव किया गया था। बदलाव के समय एनडीए सरकार में जॉर्ज फर्नांडिस रक्षामंत्री थे। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि फर्नांडिस के कार्यकाल में 3600 करोड़ रुपये के सौदे की अवधारणा बनी थी। साथ ही 2003 में एयर स्टाफ गुणात्मक जरूरतों (एसक्यूआर) में बदलाव किए गए।टिप्पणियां अधिकारियों ने कहा कि निविदा जरूरतों में यह बड़ा बदलाव भी किया गया कि एयर सीलिंग को 18 हजार फुट से बदलकर 15 हजार फुट कर दिया गया। आरोप है कि यह बदलाव इसलिए किया गया, ताकि इतालवी हेलीकॉप्टर दौड़ में बना रह सके। फर्नाडिंस अक्टूबर, 2001 से मई, 2004 तक रक्षामंत्री थे, जबकि 2003 में एयर चीफ मार्शल एके कृष्णास्वामी वायुसेना प्रमुख थे। इस बीच, सरकार ने इस कंपनी को होने वाले बकाया तकरीबन 24 सौ करोड़ रुपये के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी। यह रोक तब तक लगी रहेगी जब तक सीबीआई जांच के परिणाम नहीं आते। दरअसल, हेलीकॉप्टरों के सौदे में कथित घोटालों को लेकर छिड़े विवाद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2003 में टेंडर की गुणात्मक जरूरतों में बदलाव किया गया था। बदलाव के समय एनडीए सरकार में जॉर्ज फर्नांडिस रक्षामंत्री थे। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि फर्नांडिस के कार्यकाल में 3600 करोड़ रुपये के सौदे की अवधारणा बनी थी। साथ ही 2003 में एयर स्टाफ गुणात्मक जरूरतों (एसक्यूआर) में बदलाव किए गए।टिप्पणियां अधिकारियों ने कहा कि निविदा जरूरतों में यह बड़ा बदलाव भी किया गया कि एयर सीलिंग को 18 हजार फुट से बदलकर 15 हजार फुट कर दिया गया। आरोप है कि यह बदलाव इसलिए किया गया, ताकि इतालवी हेलीकॉप्टर दौड़ में बना रह सके। फर्नाडिंस अक्टूबर, 2001 से मई, 2004 तक रक्षामंत्री थे, जबकि 2003 में एयर चीफ मार्शल एके कृष्णास्वामी वायुसेना प्रमुख थे। दरअसल, हेलीकॉप्टरों के सौदे में कथित घोटालों को लेकर छिड़े विवाद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2003 में टेंडर की गुणात्मक जरूरतों में बदलाव किया गया था। बदलाव के समय एनडीए सरकार में जॉर्ज फर्नांडिस रक्षामंत्री थे। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि फर्नांडिस के कार्यकाल में 3600 करोड़ रुपये के सौदे की अवधारणा बनी थी। साथ ही 2003 में एयर स्टाफ गुणात्मक जरूरतों (एसक्यूआर) में बदलाव किए गए।टिप्पणियां अधिकारियों ने कहा कि निविदा जरूरतों में यह बड़ा बदलाव भी किया गया कि एयर सीलिंग को 18 हजार फुट से बदलकर 15 हजार फुट कर दिया गया। आरोप है कि यह बदलाव इसलिए किया गया, ताकि इतालवी हेलीकॉप्टर दौड़ में बना रह सके। फर्नाडिंस अक्टूबर, 2001 से मई, 2004 तक रक्षामंत्री थे, जबकि 2003 में एयर चीफ मार्शल एके कृष्णास्वामी वायुसेना प्रमुख थे। अधिकारियों ने कहा कि निविदा जरूरतों में यह बड़ा बदलाव भी किया गया कि एयर सीलिंग को 18 हजार फुट से बदलकर 15 हजार फुट कर दिया गया। आरोप है कि यह बदलाव इसलिए किया गया, ताकि इतालवी हेलीकॉप्टर दौड़ में बना रह सके। फर्नाडिंस अक्टूबर, 2001 से मई, 2004 तक रक्षामंत्री थे, जबकि 2003 में एयर चीफ मार्शल एके कृष्णास्वामी वायुसेना प्रमुख थे। फर्नाडिंस अक्टूबर, 2001 से मई, 2004 तक रक्षामंत्री थे, जबकि 2003 में एयर चीफ मार्शल एके कृष्णास्वामी वायुसेना प्रमुख थे।
संक्षिप्त पाठ: रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि टेंडर की शर्तों में 2003 में बदलाव हुए, जब बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार सत्ता में थी और ब्रजेश मिश्रा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: शिवसेना ने यह मांग भी की है कि सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आदेश दे. दावा किया गया है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में गठबंधन के पास 144 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है. याचिका के साथ ही लगाई एक अर्जी में तीनों पार्टियों ने 288 सदस्यीय सदन में 154 विधायकों के समर्थन का दावा किया है और  सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि कोर्ट तुंरत रविवार को विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट का निर्देश दे ताकि साफ हो सके कि बहुमत उद्धव ठाकरे के पास है या देवेंद्र फडणवीस के पास. अर्जी में कहा गया है कि कर्नाटक मामले की तरह महाराष्ट्र के राज्यपाल से देवेंद्र फडणवीस को निमंत्रण देने और राज्यपाल को दिए गए समर्थन पत्र समेत सारा रिकॉर्ड अदालत के सामने रखा जाए. प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर तुरंत फ्लोर टेस्ट हो और इसकी वीडियोग्राफी हो. फ्लोर टेस्ट डिवीजन ऑफ वोट के जरिए हो. तीनों पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की. कोर्ट इस मामले पर कल सुनवाई करेगा.
संक्षिप्त पाठ: मांग की- राज्यपाल का फडणवीस को आमंत्रित करने का आदेश रद्द हो राज्यपाल का फैसला असंवैधानिक, मनमाना और गैरकानूनी गठबंधन के पास 144 से ज्यादा विधायकों का समर्थन का दावा
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: झारखंड विधानसभा में सोमवार को अपनी मांग पर दबाव बनाने के लिए एक विधायक ने अपना कुर्ता फाड़ डाला और बाकी विधायकों ने जमकर हंगामा किया जिसके बाद बैठक को स्थगित कर देना पड़ा। सुबह 11 बजे बैठक प्रारंभ होते ही विपक्षी झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक, कांग्रेस और राजद के विधायकों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर शोरगुल और नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक के विधायक समरेश सिंह ने अपनी मांग पर दबाव बनाने के लिए अपना कुर्ता फाड़ डाला जिसके कारण अध्यक्ष सीपी सिंह को बैठक करीब एक घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। 12 बजे जब बैठक फिर शुरू हुई तब भी हंगामा जारी रहा जिसके कारण बैठक को साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर देना पड़ा। विपक्षी सदस्य राज्य में कार्यरत अर्धशिक्षण कर्मचारियों को नियमित करने, विस्थापित लोगों की समस्याओं पर विचार के लिए आयोग बनाने और रांची के बाहरी इलाके में स्थित नागरी गांव के लोगों की अधिग्रहीत की गई भूमि उन्हें लौटाने समेत विभिन्न मांगें उठा रहे थे। विधायक प्रदीप यादव और समरेश सिंह के नेतृत्व में अध्यक्ष के आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे थे तभी समरेश सिंह ने अध्यक्ष के आसन के सामने आकर अपना कुर्ता फाड़कर विरोध जताया।टिप्पणियां सदन की कार्यवाही दोबारा स्थगित होते ही विपक्षी दलों के अधिकतर सदस्य सदन के मुख्य द्वार पर आ गए और उन्होंने वहां भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। आज इन्हीं मसलों पर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा और विपक्ष झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक और कुछ अन्य संगठनों ने रांची के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन के साथ रांची बंद का आयोजन किया जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हो गया। सुबह 11 बजे बैठक प्रारंभ होते ही विपक्षी झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक, कांग्रेस और राजद के विधायकों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर शोरगुल और नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक के विधायक समरेश सिंह ने अपनी मांग पर दबाव बनाने के लिए अपना कुर्ता फाड़ डाला जिसके कारण अध्यक्ष सीपी सिंह को बैठक करीब एक घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। 12 बजे जब बैठक फिर शुरू हुई तब भी हंगामा जारी रहा जिसके कारण बैठक को साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर देना पड़ा। विपक्षी सदस्य राज्य में कार्यरत अर्धशिक्षण कर्मचारियों को नियमित करने, विस्थापित लोगों की समस्याओं पर विचार के लिए आयोग बनाने और रांची के बाहरी इलाके में स्थित नागरी गांव के लोगों की अधिग्रहीत की गई भूमि उन्हें लौटाने समेत विभिन्न मांगें उठा रहे थे। विधायक प्रदीप यादव और समरेश सिंह के नेतृत्व में अध्यक्ष के आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे थे तभी समरेश सिंह ने अध्यक्ष के आसन के सामने आकर अपना कुर्ता फाड़कर विरोध जताया।टिप्पणियां सदन की कार्यवाही दोबारा स्थगित होते ही विपक्षी दलों के अधिकतर सदस्य सदन के मुख्य द्वार पर आ गए और उन्होंने वहां भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। आज इन्हीं मसलों पर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा और विपक्ष झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक और कुछ अन्य संगठनों ने रांची के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन के साथ रांची बंद का आयोजन किया जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हो गया। 12 बजे जब बैठक फिर शुरू हुई तब भी हंगामा जारी रहा जिसके कारण बैठक को साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर देना पड़ा। विपक्षी सदस्य राज्य में कार्यरत अर्धशिक्षण कर्मचारियों को नियमित करने, विस्थापित लोगों की समस्याओं पर विचार के लिए आयोग बनाने और रांची के बाहरी इलाके में स्थित नागरी गांव के लोगों की अधिग्रहीत की गई भूमि उन्हें लौटाने समेत विभिन्न मांगें उठा रहे थे। विधायक प्रदीप यादव और समरेश सिंह के नेतृत्व में अध्यक्ष के आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे थे तभी समरेश सिंह ने अध्यक्ष के आसन के सामने आकर अपना कुर्ता फाड़कर विरोध जताया।टिप्पणियां सदन की कार्यवाही दोबारा स्थगित होते ही विपक्षी दलों के अधिकतर सदस्य सदन के मुख्य द्वार पर आ गए और उन्होंने वहां भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। आज इन्हीं मसलों पर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा और विपक्ष झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक और कुछ अन्य संगठनों ने रांची के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन के साथ रांची बंद का आयोजन किया जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हो गया। विपक्षी सदस्य राज्य में कार्यरत अर्धशिक्षण कर्मचारियों को नियमित करने, विस्थापित लोगों की समस्याओं पर विचार के लिए आयोग बनाने और रांची के बाहरी इलाके में स्थित नागरी गांव के लोगों की अधिग्रहीत की गई भूमि उन्हें लौटाने समेत विभिन्न मांगें उठा रहे थे। विधायक प्रदीप यादव और समरेश सिंह के नेतृत्व में अध्यक्ष के आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे थे तभी समरेश सिंह ने अध्यक्ष के आसन के सामने आकर अपना कुर्ता फाड़कर विरोध जताया।टिप्पणियां सदन की कार्यवाही दोबारा स्थगित होते ही विपक्षी दलों के अधिकतर सदस्य सदन के मुख्य द्वार पर आ गए और उन्होंने वहां भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। आज इन्हीं मसलों पर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा और विपक्ष झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक और कुछ अन्य संगठनों ने रांची के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन के साथ रांची बंद का आयोजन किया जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हो गया। विधायक प्रदीप यादव और समरेश सिंह के नेतृत्व में अध्यक्ष के आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे थे तभी समरेश सिंह ने अध्यक्ष के आसन के सामने आकर अपना कुर्ता फाड़कर विरोध जताया।टिप्पणियां सदन की कार्यवाही दोबारा स्थगित होते ही विपक्षी दलों के अधिकतर सदस्य सदन के मुख्य द्वार पर आ गए और उन्होंने वहां भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। आज इन्हीं मसलों पर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा और विपक्ष झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक और कुछ अन्य संगठनों ने रांची के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन के साथ रांची बंद का आयोजन किया जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हो गया। सदन की कार्यवाही दोबारा स्थगित होते ही विपक्षी दलों के अधिकतर सदस्य सदन के मुख्य द्वार पर आ गए और उन्होंने वहां भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। आज इन्हीं मसलों पर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा और विपक्ष झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक और कुछ अन्य संगठनों ने रांची के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन के साथ रांची बंद का आयोजन किया जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हो गया। आज इन्हीं मसलों पर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा और विपक्ष झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक और कुछ अन्य संगठनों ने रांची के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन के साथ रांची बंद का आयोजन किया जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हो गया।
झारखंड विधानसभा में सोमवार को अपनी मांग पर दबाव बनाने के लिए एक विधायक ने अपना कुर्ता फाड़ डाला और बाकी विधायकों ने जमकर हंगामा किया जिसके बाद बैठक को स्थगित कर देना पड़ा।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीते 17 मार्च को भागलपुर में प्रशासन की इजाजत के बगैर झांकी निकालने के मामले में दर्ज प्राथमिकी में अरिजित को नामजद किया गया है. अरिजित के पिता अश्विनी कुमार चौबे भाजपा के नेता और केंद्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री हैं. हिंदू नव वर्ष की पूर्वसंध्या पर भारतीय नव वर्ष जागरण समिति की ओर से झांकी निकाली गई थी. इससे जिले के नाथनगर पुलिस थाना क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव कायम हो गया था. इस घटना में दो पुलिसकर्मी सहित कुछ अन्य लोग जख्मी हो गए थे. भागलपुर की घटना पर विरोध जताते हुए विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने पिछले हफ्ते बिहार विधानसभा की कार्यवाही ठप कर दी थी. दोनों पार्टियों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की थी.   हिंदू नव वर्ष की पूर्वसंध्या पर भारतीय नव वर्ष जागरण समिति की ओर से झांकी निकाली गई थी. इससे जिले के नाथनगर पुलिस थाना क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव कायम हो गया था. इस घटना में दो पुलिसकर्मी सहित कुछ अन्य लोग जख्मी हो गए थे. भागलपुर की घटना पर विरोध जताते हुए विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने पिछले हफ्ते बिहार विधानसभा की कार्यवाही ठप कर दी थी. दोनों पार्टियों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की थी.
संक्षिप्त पाठ: भागते वो है, खोजना उनको पड़ता है जो कहीं गायब हो गए हो. मैं समाज के बीच में हूं. कोर्ट ने अरिजित शाश्वत एवं आठ अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है
22
['hin']